एशियाई खेलों की शुरुआत होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। बीसीसीआई जापान में क्रिकेट सुविधाओं से संतुष्ट नहीं है। बताया जा रहा है कि बोर्ड इन खेलों के लिए भारत की 'बी' टीम भेजने पर भी विचार कर रहा है।
Asian Games में इस तारीख से शुरु होंगे भारतीय पुरुष और महिला टीम के मुकाबले
एशियन गेम्स में अपने खिताब की रक्षा के लिए भारत की तैयारियां क्रिकेट अभियान शुरू होने से काफी पहले ही शुरू हो जाएंगी। पुरुष और महिला दोनों टीमों के सितंबर के मध्य में जापान जाने की उम्मीद है, ताकि वे वहां के माहौल में ढल सकें और अपनी तैयारियों को बेहतर बना सकें। भारतीय टीमों के 14 या 15 सितंबर के आसपास नागोया के लिए रवाना होने की संभावना है, जिससे उन्हें प्रतियोगिता शुरू होने से पहले वहां सेटल होने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। महिला टूर्नामेंट 17 सितंबर से शुरू होगा, जबकि पुरुषों का अभियान 28 सितंबर से शुरू होगा। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली महिला टीम को अपना अभियान जल्दी शुरू करने का अतिरिक्त फायदा मिलेगा और उनका पहला मुकाबला 18 सितंबर को मेजबान जापान से होगा। श्रेयस अय्यर की कप्तानी वाली पुरुष टीम प्रतियोगिता में उतरने से पहले अपनी तैयारियों के तहत दो क्लब टीमों और जापान के खिलाफ प्रैक्टिस मैच खेल सकती है। कई रिपोर्टों के अनुसार, एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) का एक प्रतिनिधिमंडल भी जापान का दौरा कर सकता है ताकि भाग लेने वाले टेस्ट खेलने वाले देशों के लिए लॉजिस्टिकल व्यवस्थाओं का जायजा लिया जा सके। दोनों भारतीय टीमें डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर प्रतियोगिता में उतरेंगी और उन्हें क्वार्टर फाइनल में सीधे एंट्री मिली है। भारत ने चीन में हुए पिछले संस्करण में पुरुष और महिला दोनों इवेंट में गोल्ड मेडल जीता था। शुरुआती चरण पूरे होने के बाद, पुरुष टीम का मुकाबला ग्रुप ए की दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम से होगा, जिसमें अफगानिस्तान, जापान और नेपाल शामिल हैं। पुरुषों की प्रतियोगिता में भारत, बंगलादेश, पाकिस्तान और श्रीलंका चार सीडेड टीमें हैं। महिला इवेंट में, भारत के लिए क्वार्टर फाइनल का प्रतिद्वंद्वी पहले ही तय हो चुका है, जिसमें डिफेंडिंग चैंपियन सहित आठ टीमें सीडेड हैं। महिला फाइनल 22 सितंबर को होना है, जबकि पुरुषों का गोल्ड-मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेला जाएगा। एशियन गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी 19 सितंबर को नागोया के पास कोरोगी एथलेटिक पार्क में होनी है।
एशियाई खेलों की तैयारी में जुटीं भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन नाइजीरियाई दिग्गज बॉक्सर पैट्रीशिया म्बाता के साथ तैयारी नहीं कर पाएंगी। इसके लिए साई से मंजूरी मिलने में देरी कारण है।
Asian Market Today: अच्छे नतीजों के बाद Nvidia में 9% के उछाल ने अमेरिकी बाजारों का सेटीमेंट सुधरा है। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट दौड़ा है। S&P में भी रौनक है। बाजार की अब आज शाम को जैक्सन होल में फेड चेयरमैन के बयानों पर नजर रखे हुए है। शुक्रवार, 28 अगस्त को शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला।दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय बाजार रहा, जिसमें 1.04% की गिरावट आई, जबकि MSCI का व्यापक एशिया-पैसिफिक इंडेक्स भी थोड़ा नीचे आया। हैंग सेंग फ्यूचर्स में 0.5% की गिरावट आई, जिससे हांगकांग के बाजारों में कमजोर शुरुआत का संकेत मिला।हालांकि, जापानी शेयरों ने व्यापक क्षेत्रीय रुझान के विपरीत प्रदर्शन किया। निक्केई 225 में 0.66% और टॉपिक्स (Topix) में 1.04% की बढ़त हुई, जबकि जापानी येन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 159.33 के स्तर पर लगभग स्थिर रहा।वॉल स्ट्रीटगुरुवार रात S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, क्योंकि निवेशक कॉर्पोरेट नतीजों पर नजर रखे हुए थे और फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के ताजा बयानों का इंतजार कर रहे थे।बेंचमार्क इंडेक्स से जुड़े फ्यूचर्स में 0.1% की मामूली गिरावट आई, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.2% नीचे आए। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स भी 28 अंक गिरे, जिससे कुल मिलाकर बहुत कम हलचल का संकेत मिला।गुरुवार को वॉल स्ट्रीट शेयरों में बढ़त हुई, जिसकी मुख्य वजह एनवीडिया (Nvidia) के शेयरों में नतीजों के बाद लगभग 9% की तेजी थी। टेक्नोलॉजी सेक्टर के साथ-साथ S&P 500 और नैस्डैक कम्पोजिट ने 4 अगस्त के बाद से अपना सबसे मजबूत एक-दिवसीय प्रदर्शन दर्ज किया।जैक्सन होल में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषणट्रेडर्स जैक्सन होल, व्योमिंग में सेंट्रल बैंक के सालाना सम्मेलन में वॉर्श के आगामी भाषण का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि यह कार्यक्रम किसी औपचारिक नीति बैठक से जुड़ा नहीं है, लेकिन निवेशक ब्याज दरों की भविष्य की दिशा के बारे में संकेत पाने के लिए उनके बयानों पर बारीकी से नजर रखेंगे।CME के फेडवॉच टूल के अनुसार, फेड फंड्स फ्यूचर्स वर्तमान में लगभग 64% संभावना का संकेत दे रहे हैं कि सेंट्रल बैंक अगले महीने होने वाली बैठक में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखेगा।अमेरिका-ईरान युद्धवॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने मध्यस्थों को बार-बार बताया है कि उसे जून में हुए समझौते (मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग) को फिर से शुरू करने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जिससे कूटनीतिक बातचीत शुरू करने की चुनौतियां और बढ़ गई हैं।इससे पहले गुरुवार को वाशिंगटन ने कहा कि वह ईरान के साथ बातचीत में शामिल नहीं है, जबकि कई देशों ने दोनों पक्षों को बातचीत की मेज पर वापस लाने की कोशिशें की थीं।इस बीच, सोमवार को अमेरिका ने ईरान पर ऐसे प्रतिबंध लगाए जिन्हें उसने इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध बताया। तेहरान ने इस कदम की निंदा करते हुए इसे अमानवीय और शत्रुतापूर्ण कृत्य करार दिया और दावा किया कि ये प्रतिबंध बेअसर हो गए हैं।कच्चे तेल की कीमतेंशुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई और वे तीन हफ्तों में पहली बार साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ रही थीं। इससे पहले के सत्र में कीमतों में बढ़त हुई थी, जब एक रिपोर्ट में संकेत मिला था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ समझौते की पुरानी शर्तों पर लौटने को तैयार नहीं हैं।ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 25 सेंट या 0.3% गिरकर $89.45 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 22 सेंट या 0.3% गिरकर $83.31 प्रति बैरल पर आ गया।दोनों बेंचमार्क में साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई; इस सप्ताह ब्रेंट में 5.3% और WTI में 4.3% की गिरावट आई।आज सोने की कीमतशुक्रवार को शुरुआती एशियाई कारोबार में सोने की कीमतें स्थिर रहीं क्योंकि निवेशक जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बहुप्रतीक्षित बयानों का इंतजार कर रहे थे।0041 GMT तक स्पॉट गोल्ड 0.2% गिरकर $4,589.85 प्रति औंस पर आ गया, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.5% गिरकर $4,642.60 पर आ गया।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत खुल सकते है भारतीय बाजार(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
मुंबई में मंगलवार का दिन भारतीय शतरंज के लिए बेहद खास रहा। एक ही आयोजन में देश के दो युवा खिलाड़ियों ने एशियाई जूनियर शतरंज चैंपियनशिप के शास्त्रीय वर्ग का खिताब अपने नाम किया। असम के 17 वर्षीय मयंक चक्रवर्ती ने लड़कों के वर्ग में स्वर्ण पदक जीता, जबकि 13 साल की प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों के वर्ग में बाजी मार ली। खास बात यह रही कि मयंक पिछले कुछ महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण भी दे रहे थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, मयंक चक्रवर्ती पिछले मार्च में भारत के 94वें ग्रैंडमास्टर बने थे। वह पूर्वोत्तर भारत से यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले खिलाड़ी भी हैं। इतनी कम उम्र में ग्रैंडमास्टर बनने के बावजूद मयंक से बातचीत करने पर उनके जवाबों में उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता नजर आती है। एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में मयंक पहले से ही शीर्ष वरीय खिलाड़ी के तौर पर उतरे थे। इससे पहले वह इस प्रतियोगिता के तीव्र शतरंज वर्ग का खिताब भी जीत चुके हैं। हालांकि, उनके लिए शास्त्रीय वर्ग का खिताब ज्यादा महत्वपूर्ण है। मयंक के मुताबिक, शास्त्रीय शतरंज वही प्रारूप है जिसमें विश्व चैंपियन बनने की राह तय होती है और इसमें जीत हासिल करना दूसरे खिलाड़ियों पर अपनी श्रेष्ठता साबित करने जैसा है। उन्होंने बताया कि तीव्र शतरंज प्रतियोगिता एक दिन में समाप्त हो जाती है, जबकि शास्त्रीय मुकाबले छह से सात दिन तक चल सकते हैं। इस वजह से इसमें ज्यादा मेहनत, मानसिक तैयारी और शुरुआती चालों की गहरी तैयारी की जरूरत होती है। उनके अनुसार, तीव्र शतरंज में मुख्य रूप से तेजी से खेलना होता है, जबकि शास्त्रीय शतरंज में तैयारी और धैर्य दोनों की बड़ी भूमिका होती है। इसी प्रतियोगिता में 13 वर्षीय प्रतीति बोरदोलोई ने लड़कियों का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया। बेंगलुरु में रहने वाली प्रतीति के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने इसी साल इटली के मोंटे सिल्वानो में आयोजित विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उस प्रतियोगिता में वह भारत की एकमात्र पदक विजेता रही थीं। गौरतलब है कि मयंक पिछले तीन से चार महीनों से प्रतीति को प्रशिक्षण दे रहे हैं। दोनों की तैयारी इटली में आयोजित विश्व युवा चैंपियनशिप के दौरान शुरू हुई थी। हालांकि, मुंबई में चल रही प्रतियोगिता के दौरान मयंक खुद भी मुकाबले खेल रहे थे, इसलिए वह प्रतीति की ज्यादा मदद नहीं कर सके। प्रतीति ने बताया कि प्रतियोगिता से पहले मयंक ने खास तौर पर शुरुआती चालों की तैयारी में उनकी मदद की थी। प्रतीति इस प्रतियोगिता में लड़कियों के वर्ग की शीर्ष वरीय खिलाड़ी थीं। ऐसे में उन पर उम्मीदों का दबाव भी था। उनकी मां प्रांती दत्ता बोरदोलोई ने कहा कि शीर्ष वरीय होने पर दबाव से बचना आसान नहीं होता। उनके मुताबिक, जब किसी खिलाड़ी को सबसे आगे रखा जाता है तो उससे हर हाल में जीत की उम्मीद जुड़ जाती है। प्रतीति की जीत के साथ उन्हें महिला ग्रैंडमास्टर की उपाधि के लिए जरूरी मानकों में से एक मानदंड भी हासिल हुआ है। मयंक के लिए यह उपलब्धि इसलिए और खास रही क्योंकि उनके अपने खिताब के साथ उनकी शिष्या भी उसी दिन चैंपियन बनीं। उन्होंने कहा कि खुद चैंपियन बनने की खुशी तो है ही, लेकिन अपने विद्यार्थी को चैंपियन बनते देख खुशी और बढ़ गई है। बता दें कि ग्रैंडमास्टर बनने के बाद भी मयंक की दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। उनका कहना है कि संघर्ष अब भी जारी है और जिंदगी पहले जैसी ही है। वह समय का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए तय दिनचर्या का पालन करते हैं। सोशल मीडिया और दूसरी गैरजरूरी चीजों से दूरी बनाकर वह पढ़ाई, शतरंज और प्रशिक्षण पर ध्यान देते हैं। मयंक की अगली चुनौती भी ज्यादा दूर नहीं है। अगले पांच दिनों में उन्हें तुर्किये और उसके बाद मलेशिया में होने वाली अंतरराष्ट्रीय शतरंज प्रतियोगिताओं के लिए रवाना होना है। वहीं प्रतीति और उनका परिवार इस जीत और महिला ग्रैंडमास्टर मानदंड से संतुष्ट है। उनकी मां का कहना है कि भारत में रहकर तैयारी और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना विदेशों की तुलना में काफी कम खर्चीला है। विदेश में इसी तरह की गतिविधियों पर करीब दस गुना अधिक खर्च हो सकता है। इस तरह मयंक और प्रतीति की यह साझी सफलता भारतीय शतरंज के लिए नई पीढ़ी की मजबूत तस्वीर पेश कर रही है।
Harmanpreet Kaur बोलीं, Asia Cup में भारत किसी एक टीम के बजाय अच्छे खेल पर केंद्रित
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने गुरुवार को कहा कि उनकी टीम महिला टी20 एशिया कप में किसी विशेष प्रतिद्वंद्वी को निशाने पर रखकर नहीं चल रही है और इसके बजाय वह अच्छा क्रिकेट खेलने पर ध्यान केंद्रित करेगी। एशिया कप में भारत, पाकिस्तान, मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, मेजबान यूएई, थाईलैंड, हांगकांग, चीन और इंडोनेशिया की टीम भाग ले रही हैं। वनडे विश्व चैंपियन भारत महिला टी20 एशिया कप में प्रबल दावेदारों में से एक है, लेकिन हरमनप्रीत ने पांच सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अपने बहुप्रतीक्षित मुकाबले को लेकर बने माहौल को खास तवज्जो नहीं दी। हरमनप्रीत ने शुक्रवार से शुरू होने वाले टूर्नामेंट से पहले कप्तानों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘हम किसी एक विशेष टीम पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। सभी टीम अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं और हमारा ध्यान अच्छा क्रिकेट खेलने पर है। हम किसी भी टीम को हल्के से नहीं ले रहे हैं। हमारा ध्यान केवल अच्छी क्रिकेट खेलने पर है। हम खेल से इतर की बातों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।’’हरमनप्रीत ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि वह पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाएगी या नहीं। भारतीय कप्तान ने कहा कि वे इस महाद्वीपीय टूर्नामेंट को दबाव में खुद को परखने और अपने हाल के अनुभवों से मिले सबक पर आगे बढ़ने के अवसर के रूप में देख रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘एशिया कप एक ऐसा मंच है जहां आप वास्तव में खुद को परख सकते हैं और खुद पर काफी दबाव डाल सकते हैं ताकि आप उस स्तर पर प्रदर्शन कर सकें जिसकी आप अपनी टीम से बहुत उम्मीद करते हैं।’’हरमनप्रीत ने कहा, ‘‘इस टूर्नामेंट में एक टीम के रूप में हमारे लिए अच्छा प्रदर्शन करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमने पिछले दो-तीन वर्षों में सभी टीम में जबरदस्त सुधार देखा है। जब भी हम उनके खिलाफ खेलते हैं तो वह कड़ी चुनौती पेश करते हैं। लेकिन मुझे विश्वास है कि हमारा अनुभव काम आएगा।’’भारत का टी20 विश्व कप का अभियान निराशाजनक रहा, लेकिन हरमनप्रीत का मानना है कि पिछले मैचों से मिले अनुभव टीम के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले मैचों से हमें जो भी अनुभव मिला है, वह हमारी मदद करेगा और उम्मीद है कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और यहां खेल का पूरा आनंद लेंगे।’’दुबई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के लिए भारत की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर हरमनप्रीत ने कहा कि टीम अपने शुरुआती मैच से पहले अभ्यास सत्रों में यहां की परिस्थितियों का आकलन करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम कल (बुधवार) ही पहुंचे हैं और हमने अभी तक मैदान नहीं देखा है। लेकिन कल (शुक्रवार) हम अभ्यास करेंगे। अच्छी बात यह है कि हमसे पहले दो टीमें खेल रही हैं। इसलिए हमें उनका खेल देखने को मिलेगा और फिर हम समझ पाएंगे कि परिस्थितियां कैसी होंगी। फिर उसी के अनुसार हम अपनी रणनीति बनाएंगे।’’पाकिस्तान की कप्तान सना फातिमा ने कहा कि उनका इरादा ‘बेखौफ क्रिकेट’ खेलने का है। बर्मिंघम फीनिक्स के लिए ‘द हंड्रेड’ में खेलने वाली पहली पाकिस्तानी महिला खिलाड़ी सना ने कहा, ‘‘हम भारत के खिलाफ पांच सितंबर को होने वाले मैच का पूरा आनंद लेना चाहते हैं। टी20 क्रिकेट ऐसा खेल है कि जो भी उस दिन बेहतर खेल का प्रदर्शन करता है, वही जीतता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारी टीम दुबई की परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी हैं जो इन परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हमारे पास अच्छे बल्लेबाज हैं। उम्मीद है कि वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे।’’यूएई की कप्तान ईशा ओजा ने कहा, ‘‘यह किसी को कुछ साबित करने से नहीं बल्कि अपने खेल का आनंद लेने से जुड़ा है। हमने कड़ी मेहनत की है और अब उसको अंजाम तक पहुंचाना है।
AFC U17 Asian Cup Qualifiers: भारत ग्रुप ई में शामिल, मलेशिया और सिंगापुर से होगी भिड़ंत
भारतीय फुटबॉल टीम को बृहस्पतिवार को कुआलालंपुर स्थित एएफसी मुख्यालय में हुए आधिकारिक ड्रॉ के बाद एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप 2027 क्वालीफायर के ग्रुप ई में मलेशिया, फलस्तीन, सिंगापुर और गुआम के साथ रखा गया।मुख्य टूर्नामेंट अगले साल उज्बेकिस्तान में आयोजित होगा जबकि ग्रुप ई के क्वालीफायर 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे।भारत अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगा। इसके बाद 14 नवंबर को गुआम, 17 नवंबर को फलस्तीन और 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया से मुकाबला होगा।क्वालीफायर के ड्रॉ में 35 टीम को पांच-पांच टीम के सात ग्रुप में बांटा गया है। प्रत्येक ग्रुप की विजेता टीम एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए क्वालीफाई करेगी जिसका आयोजन 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में होगा।भारत ने 2026 में सऊदी अरब में हुए टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई किया था जहां वह ग्रुप चरण में बाहर हो गया था। अब भारत लगातार दूसरी बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप में जगह बनाने और इतिहास में 11वीं बार इस टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करेगा।सातों ग्रुप की विजेता टीमें एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 में जगह बनाएंगी जहां वे 2026 फीफा अंडर-17 विश्व कप कतर के लिए स्वत: क्वालीफाई करने वाली एएफसी की नौ टीम से जुड़ेंगी। इन टीम में ऑस्ट्रेलिया, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, कतर, सऊदी अरब, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। एएफसी अंडर-17 एशियाई कप उज्बेकिस्तान 2027 क्वालीफायर ड्रॉ:ग्रुप ए: इंडोनेशिया, म्यांमार (मेजबान), अफगानिस्तान, फिलिपींस, कंबोडियाग्रुप बी: थाईलैंड (मेजबान), इराक, हांगकांग, चीनी ताइपेग्रुप सी: यूएई (मेजबान), बांग्लादेश, सीरिया, भूटान, मकाऊग्रुप डी: ईरान, लाओस (मेजबान), जोर्डन, पाकिस्तान, श्रीलंकाग्रुप ई: भारत, मलेशिया (मेजबान), फलस्तीन, सिंगापुर, गुआमग्रुप एफ: यमन, तुर्कमेनिस्तान, किर्गिज गणराज्य (मेजबान), मंगोलिया, उत्तरी मारियाना द्वीपसमूहग्रुप जी: ओमान (मेजबान), कुवैत, बहरीन, लेबनान, ब्रुनेई दारुस्सलाम।
शशि थरूर का बड़ा बयान: दक्षिण एशियाई देशों में Gen Z के विरोध प्रदर्शन और भारत की स्थिति पर दिया विश्लेषण
एशियाई खेलों के शुरू होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। इससे पहले ही भारतीय घुड़सवार आहान मुश्किल में फंस गए हैं। एशियाई खेलों के दल में शामिल घुड़सवार आहान कुमार का घोड़ा इटली में अनिवार्य बीमारी के टेस्ट में फेल हो गया है।
बिहार की दो महिला रग्बी खिलाड़ी आरती कुमारी और गुड़िया कुमारी का चयन 2026 में होने वाले एशियाई खेलों के लिए भारतीय महिला रग्बी सेवन्स टीम में हो गया है। नवादा जिले की आरती और बिहार की गुड़िया जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले 20वें एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय के खेल विभाग द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से भारतीय महिला रग्बी टीम के चयन को अंतिम रूप दिया गया है। ये दोनों खिलाड़ी इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। उन्होंने अपनी गति, फिटनेस, ताकत और तकनीकी क्षमता के दम पर लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। KIIT विश्वविद्यालय परिसर में होगा आयोजित एशियाई खेलों की तैयारियों के लिए भारतीय महिला रग्बी टीम का विशेष राष्ट्रीय प्रशिक्षण शिविर भुवनेश्वर के केआईआईटी विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 26 जुलाई से 1 सितंबर तक चलेगा, जिसमें खिलाड़ियों को शारीरिक फिटनेस, तकनीक, रणनीति और मुकाबले के अभ्यास का गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम चयन का प्रमुख आधार खिलाड़ियों का प्रदर्शन और फिटनेस रहा। इसी प्रशिक्षण शिविर के दौरान आरती और गुड़िया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय टीम में अपनी जगह सुनिश्चित की।
Asian Games 2026: क्रिकेट मुकाबलों का शेड्यूल हुआ जारी, भारतीय पुरुष टीम 28 सितंबर से करेगी आगाज
इंटरनेट डेस्क। एशियन गेम्स का आयोजन जापान में होने जा रहा हैं और इस बार भारतीय क्रिकेट टीम भी शामिल हो रही है। एशियन गेम्स के लिए क्रिकेट मुकाबलों का शेड्यूल आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया गया है। सभी मैच कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे। इस टूर्नामेंट में भारतीय मेंस और विमेंस दोनों टीमें मेडल जीतने के मजबूत इरादे से मैदान में उतरेंगी। महिला क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत 17 सितंबर से होगी। भारतीय महिला टीम को श्रीलंका, मलेशिया, बांग्लादेश, पाकिस्तान, चीन और थाईलैंड जैसी टीमों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी है। भारत का पहला मुकाबला 18 सितंबर को जापान के खिलाफ खेला जाएगा। 18 सितंबर (शुक्रवार)- भारत बनाम जापान 20 सितंबर (रविवार)- सेमीफाइनल मुकाबले 22 सितंबर (मंगलवार)- ब्रॉन्ज मेडल मैच और फाइनल मुकाबला भारतीय पुरुष टीम सीधे क्वार्टर फाइनल में ठोकेगी ताल मेंस क्रिकेट स्पर्धा में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका को सीधे सीडेड टीमों के रूप में क्वार्टर फाइनल में प्रवेश मिला है। जबकि ग्रुप-ए (अफगानिस्तान, जापान, नेपाल) और ग्रुप-बी (हांगकांग, मलेशिया, ओमान) की टीमें पहले ग्रुप स्टेज के मैच खेलेंगी। भारतीय मेंस टीम अपना क्वार्टर फाइनल मुकाबलाब को ग्रुप-ए की दूसरे नंबर की टीम के खिलाफ खेलेगी। 28 सितंबर (सोमवार)- क्वार्टर-फाइनल 2 - भारत बनाम ग्रुप-ए की उपविजेता 1 अक्टूबर (गुरुवार)- सेमीफाइनल 2 3 अक्टूबर (शनिवार)- ब्रॉन्ज मेडल मैच और फाइनल मुकाबला एशियन गेम्स क्रिकेट का पूरा शेड्यूल महिला वर्ग 17 सितंबर: बांग्लादेश बनाम चीन | पाकिस्तान बनाम थाईलैंड 18 सितंबर: श्रीलंका बनाम मलेशिया | भारत बनाम जापान 20 सितंबर: सेमीफाइनल 1 | सेमीफाइनल 2 22 सितंबर: ब्रॉन्ज मेडल मैच | फाइनल मैच पुरुष वर्ग 24 से 26 सितंबर (ग्रुप स्टेज): अफगानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग, मलेशिया और ओमान के मुकाबले 28 सितंबर: QF1: पाकिस्तान बनाम ग्रुप-बी की उपविजेता | QF2: भारत बनाम ग्रुप-ए की उपविजेता 29 सितंबर: QF3: श्रीलंका बनाम ग्रुप-ए की विजेता | QF4: बांग्लादेश बनाम ग्रुप-बी की विजेता 1 अक्टूबर: सेमीफाइनल 1 | सेमीफाइनल 2 3 अक्टूबर: ब्रॉन्ज मेडल मैच | फाइनल मैच pc- cricinfo.com
रोहतास जिले के युवा एथलीट पियूष राज श्रीवास्तव ने 22वीं जूनियर एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता है। उन्होंने 4x400 मीटर रिले रेस में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए यह उपलब्धि हासिल की। उनकी इस सफलता पर बुधवार को रोहतास प्रखंड में एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया और अभिनंदन बाइक रैली निकाली गई। बंजारी निवासी पियूष ने गुरुवार को 4x400 मीटर रिले स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर बिहार और अपने पंचायत का नाम रोशन किया। बताया गया है कि वह एशियाई स्तर पर इस स्पर्धा में कांस्य पदक जीतने वाले बिहार के पहले खिलाड़ी हैं। उनकी इस उपलब्धि को क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण माना जा रहा है। मुखिया अली हसन के नेतृत्व में जनप्रतिनिधियों, युवाओं और स्थानीय लोगों ने तुंबा से रोहतास तक अभिनंदन बाइक रैली निकाली। इस दौरान पियूष राज श्रीवास्तव का जोरदार स्वागत किया गया। रैली में जगह-जगह लोगों ने उन्हें फूल-माला पहनाकर सम्मानित किया और उनकी उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उनकी उपलब्धि से बिहार को गर्व महसूस हुआ है स्थानीय लोगों ने कहा कि पियूष की सफलता ने क्षेत्र के युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित किया है। उनकी उपलब्धि से पूरे जिले और बिहार को गर्व महसूस हुआ है। सम्मान समारोह में विशाल कमार, पसवंती देवी, मीना देवी, मुखिया अनीता टोपे, अजय कुमार, राजू कुमार सोनी, बलजीत सोनी जैसे कई जनप्रतिनिधि, युवा और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। सभी ने पियूष राज श्रीवास्तव को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए देश के लिए आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
एशियाई खेलों का आयोजन होने में अब ज्यादा समय शेष नहीं रह गया है। इससे पहले, सभी देशों को अपने दल में कटौती करनी पड़ सकती है।
Asian Market: AI रैली में भरोसे के चलते एशिया के शेयर बाजार में तेजी, कोस्पी में 2%उछाल
Asian Market: गुरुवार, 27 अगस्त को एशियाई बाजारों में तेज़ी देखी गई। इसकी वजह Nvidia की मजबूत सेल्स का अनुमान था, जिससे यह उम्मीद और मजबूत हुई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से चलने वाली बाजार की तेजी आगे भी जारी रह सकती है।शुरुआती कारोबार में MSCI का एशिया-पैसिफिक इंडेक्स 0.6% ऊपर चढ़ा। इसमें दक्षिण कोरिया के Kospi इंडेक्स की अहम भूमिका रही, जिसमें 2.22% की बढ़त हुई; Kospi को अक्सर AI से जुड़े निवेश के रुझानों का एक मुख्य संकेतक माना जाता है। जापान के Nikkei 225 में 0.41% की बढ़त हुई, जबकि व्यापक Topix इंडेक्स 0.32% ऊपर चढ़ा। इसके उलट, Hang Seng फ्यूचर्स ने क्षेत्र के आम रुझान के विपरीत रुख दिखाया और इसमें 0.2% की गिरावट आई।वॉल स्ट्रीटबुधवार रात स्टॉक फ्यूचर्स में तेज़ी आई क्योंकि निवेशकों ने Nvidia और अन्य बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों की हालिया तिमाही कमाई का आकलन किया।Dow Jones Industrial Average फ्यूचर्स 242 अंक या 0.5% बढ़े, जबकि S&P 500 फ्यूचर्स में 0.6% की बढ़त हुई। Nasdaq 100 फ्यूचर्स ने बेहतर प्रदर्शन किया और 1.07% की बढ़त हासिल की।इस बीच, Wall Street के तीनों प्रमुख इंडेक्स बुधवार के रेगुलर सेशन में लगभग बिना किसी बदलाव के बंद हुए। कमाई के व्यस्त कैलेंडर के साथ-साथ, निवेशक व्योमिंग में Federal Reserve के सालाना Jackson Hole सिम्पोजियम की भी तैयारी कर रहे हैं, जो गुरुवार से शुरू हो रहा है।Nvidia की कमाईNvidia का रेवेन्यू साल-दर-साल दोगुने से ज़्यादा बढ़कर $96.22 बिलियन हो गया, जो एनालिस्ट्स के $92.17 बिलियन के अनुमान से कहीं ज़्यादा है। कंपनी ने $2.22 की अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी रिपोर्ट की, जो उम्मीद के मुताबिक $2.10 से ज़्यादा है।वित्त वर्ष 2028 को देखते हुए, Nvidia को उम्मीद है कि रेवेन्यू में लगभग 70% की वृद्धि होगी। अर्निंग्स कॉल के दौरान, CFO Colette Kress ने कहा कि ग्राहकों के अनुमान बताते हैं कि कंपनी की ग्रोथ अगले साल दोगुनी हो सकती है। वित्त वर्ष 2027 की चल रही तीसरी तिमाही के लिए, Nvidia ने $108 बिलियन के रेवेन्यू का अनुमान लगाया है, जिसमें दोनों तरफ 2% का संभावित अंतर हो सकता है।US-ईरान युद्धईरान के एक सीनियर अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ईरान और ओमान, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर कंट्रोल को लेकर एक समझौते की डिटेल्स तय करने के आखिरी दौर में हैं। यह घटनाक्रम ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के उस बयान के बाद हुआ है जिसमें कहा गया था कि दोनों देशों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि इस अहम समुद्री रास्ते - जो खाड़ी के बड़े तेल उत्पादकों को ग्लोबल मार्केट से जोड़ता है - और उससे होने वाली कमाई को कैसे बांटा जाएगा।28 फरवरी को ईरान के खिलाफ US-इजरायल युद्ध शुरू होने से पहले, होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया भर में होने वाली खपत का लगभग पांचवां हिस्सा तेल और नेचुरल गैस के रूप में भेजा जाता था। हालांकि, संघर्ष के जवाब में ईरान द्वारा इस अहम रास्ते को बंद करने के बाद, शिप-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इस जलडमरूमध्य से तेल का प्रवाह युद्ध से पहले के स्तर के लगभग एक-चौथाई तक गिर गया।कच्चे तेल की कीमतेंगुरुवार को तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही, क्योंकि ऐसी उम्मीदें बढ़ रही थीं कि ईरान और कतर के बीच बातचीत से अहम होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल सकता है और मध्य पूर्व संघर्ष के कारण सप्लाई में आई रुकावटें कम हो सकती हैं।ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 60 सेंट या 0.7% गिरकर $87.24 प्रति बैरल हो गया, जो लगातार चौथे दिन की गिरावट है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ्यूचर्स 56 सेंट या 0.7% गिरकर $81.67 प्रति बैरल हो गया, जिससे लगातार पांचवें सेशन में भी गिरावट जारी रही।आज सोने का भावसोने की कीमतें $4,600 प्रति औंस के आसपास स्थिर रहीं, क्योंकि निवेशकों ने इस हफ्ते होने वाले सालाना जैक्सन होल संगोष्ठी से पहले लगातार बनी हुई महंगाई पर फेडरल रिजर्व के रुख का आकलन किया।0032 GMT पर स्पॉट गोल्ड 0.5% बढ़कर $4,615.27 प्रति औंस हो गया, जबकि US गोल्ड फ्यूचर्स 0.4% बढ़कर $4,669.50 हो गया। बुधवार को इस कीमती धातु की कीमतों में गिरावट आई थी, जब डेटा से पता चला कि US में महंगाई का स्तर ऊंचा बना हुआ है।पिछले सेशन में 1.4% की गिरावट के बाद बुलियन की कीमतों में थोड़ी बढ़ोतरी हुई, जिससे इसकी पांच दिनों की लगातार बढ़त का सिलसिला खत्म हो गया। यह तेज गिरावट महंगाई के आंकड़ों के बाद आई, जिसने इस उम्मीद को और मजबूत किया कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को ऊंचा रख सकता है या उन्हें और बढ़ा सकता है, जिससे सोने जैसी बिना रिटर्न देने वाली एसेट्स पर दबाव बन रहा है। इस बीच, अमेरिकी डॉलर में दो हफ़्तों में सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की गई, जबकि इन आंकड़ों के बाद बॉन्ड यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर खुल सकते है भारतीय बाजार की शुरुआत(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Pakistan में अगले साल आयोजित होंगे South Asian Games, 3 से 11 अप्रैल तक होगा मुकाबला
पाकिस्तान छह साल के विलंब के बाद अगले साल तीन से 11 अप्रैल तक 14वें दक्षिण एशियाई खेलों की मेजबानी करेगा। इन खेलों का आयोजन इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में किया जाएगा। दक्षिण एशिया ओलंपिक परिषद (एसएओसी) ने इस्लामाबाद में हाल में हुई बैठक में इस बहु खेल प्रतियोगिता की तारीखों और आयोजन स्थलों को मंजूरी दी। दक्षिण एशियाई खेलों का आयोजन मूल रूप से 2021 में होना था लेकिन कोविड-19 महामारी समेत विभिन्न कारणों से इसे कई बार स्थगित किया गया। अगले साल मार्च में होने वाले खेलों की तारीखों को भी एक महीने आगे बढ़ाकर अप्रैल कर दिया गया। पाकिस्तान 2004 में इस्लामाबाद में क्षेत्रीय खेलों की मेजबानी करने के 23 साल बाद फिर इन खेलों की मेजबानी करेगा। एसएओसी ने रविवार को इस्लामाबाद में अपनी कार्यकारी समिति की बैठक में यह फैसला किया। बैठक की अध्यक्षता पाकिस्तान ओलंपिक संघ (पीओए) के अध्यक्ष और दक्षिण एशियाई संस्था के प्रमुख आरिफ सईद ने की। बैठक में खेलों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर को आयोजन स्थलों के रूप में मंजूरी दी गई। बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका के प्रतिनिधियों ने बैठक में व्यक्तिगत रूप से हिस्सा लिया। अधिकारियों ने बाद में इस्लामाबाद में प्रस्तावित खेल स्थलों का निरीक्षण भी किया। पीओए के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि भारत के प्रतिनिधि ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये बैठक में हिस्सा लिया। हालांकि उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मौजूदा राजनीतिक संबंधों को देखते हुए अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि भारत इन खेलों के लिए अपना दल भेजेगा या नहीं। उन्होंने कहा कि भारत के प्रतिनिधि का बैठक में शामिल होना और खेलों की तारीखों का समर्थन करना इस बात का सकारात्मक संकेत है कि भारत प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का इच्छुक है। हालांकि बैठक में शामिल एक अन्य अधिकारी ने कहा कि भारतीय प्रतिनिधि ने किसी भी स्तर पर भारत की भागीदारी का संकेत नहीं दिया और ना ही पुष्टि की। उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने हाल में इस्लामाबाद में हुए एक वॉलीबॉल टूर्नामेंट में भी अपनी टीम नहीं भेजी थी। नयी दिल्ली में एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) इस मामले में भारत सरकार की नीति का पालन करेगा। दक्षिण एशियाई खेलों में 28 खेलों की 346 पदक स्पर्धाएं होंगी और इनमें 3,200 से अधिक खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की उम्मीद है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खेलों के बजट को पहले ही मंजूरी दे चुके हैं और इसे अगले सप्ताह जारी किया जाएगा।
Mirabai Chanu एशियाई खेलों की चुनौती के लिए तैयार, पदक जीतने के बाद ही मणिपुर जाएंगी
भारतीय भारोत्तोलक और ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में ओलंपिक जैसी चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हैं जहां उन्हें चीन, उत्तर कोरिया और थाईलैंड के शीर्ष खिलाड़ियों का सामना करना होगा। भारत की इस 32 वर्ष की खिलाड़ी ने विश्व स्तर पर लगभग प्रत्येक पदक जीता है जिसमें 2021 में ओलंपिक खेलों में जीता गया रजत पदक भी शामिल है। लेकिन वह अभी तक एशियाई खेलों में पदक नहीं जीत पाई हैं। मीराबाई ने हाल में ही राष्ट्रमंडल खेलों में तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने कहा एशियाई खेल बिल्कुल अलग तरह की प्रतियोगिता है, जिसमें राष्ट्रमंडल खेलों की तुलना में कहीं अधिक कड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है। मीराबाई ने 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों से पहले साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) मीडिया से कहा, ‘‘राष्ट्रमंडल खेलों में मेरे लिए प्रतिस्पर्धा कठिन नहीं थी। ग्लास्गो में मुझे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी। असली परीक्षा तो अब होनी है।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह देखना चाहती हूं कि जापान में मैं कितने आगे तक बढ़ सकती हूं। एशियाई खेल मेरे लिए सबसे कठिन रहे हैं। इस बार एशियाई खेलों में आपको शायद ओलंपिक जैसी प्रतिस्पर्धा देखने को मिले क्योंकि मेरे भार वर्ग में सबसे मजबूत भारोत्तोलक एशिया से हैं।’’मीराबाई का सर्वश्रेष्ठ एशियाई खेलों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2023 में हांगझोऊ में रहा, जहां उन्होंने 49 किलोग्राम वर्ग में चौथा स्थान हासिल किया था। वह चोटिल होने के कारण 2018 में जकार्ता में हुए एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाई थी। मीराबाई जानती हैं कि एशियाई खेलों में अपना पहला पदक जीतने के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। इसके लिए वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहती हैं। यही वजह है कि वह कोच विजय शर्मा और अमेरिका के ‘स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग’ कोच डॉ. आरोन हॉर्शिंग द्वारा निर्धारित दिनचर्या का पालन कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रत्येक बृहस्पतिवार को उनके साथ वीडियो कॉल करते हैं और प्रशिक्षण, रिकवरी और भविष्य के कार्यक्रम को लेकर चर्चा करते हैं। हर चीज की बारीकी से समीक्षा की जाती है। डॉ. हॉर्शिंग खुद एक भारोत्तोलक रह चुके हैं, इसलिए उन्हें शरीर की हर मांसपेशी की जानकारी है। इससे मैं फिटनेस बनाए रखने में सफल रही हूं।’’मीराबाई एशियाई खेलों में पदक जीतने के लिए इतनी बेताब है कि उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों से लौटने के बाद विश्राम नहीं किया और सीधे मोदीनगर स्थित अपने अभ्यास केंद्र के लिए रवाना हो गईं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभ्यास करने के लिए सीधे मोदीनगर वापस आ गई। दरअसल, मैं घर (मणिपुर) नहीं गई और मैं एशियाई खेलों में पदक जीतने के बाद ही घर जाऊंगी।
भारत की पूर्व कप्तान अंजुम चोपड़ा ने आगामी महिला एशिया कप के लिए भारतीय टी20 टीम में सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल को शामिल करने के फैसले पर हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस निर्णय के पीछे की वजह समझ नहीं आ रही है। प्रतिका को आगामी एशिया कप (जो 28 अगस्त को दुबई में शुरू हो रहा है) के लिए भारत की टीम में जेमिमा रोड्रिग्स की जगह शामिल किया गया है। जेमिमा 'द हंड्रेड' में सदर्न ब्रेव के लिए खेलते हुए दाहिने हैमस्ट्रिंग में गंभीर चोट (हाई-ग्रेड टियर) का शिकार हो गई थीं, जिसके कारण वह टूर्नामेंट का हिस्सा नहीं हैं। प्रतिका को पहली बार टी20 टीम में शामिल किया गया है। इसके अलावा, उन्होंने नवंबर 2024 में चैलेंजर ट्रॉफी के बाद से कोई टी20 मैच नहीं खेला है, जहां उन्होंने 111.81 के स्ट्राइक रेट से 142 रन बनाए थे। एशिया कप के लिए प्रतिका को अनुष्का शर्मा और हरलीन देओल से आगे चुना गया, जो पहले टी20 टीम का हिस्सा रही थीं। प्रतिका वनडे विश्व कप 2025 के दौरान टखने की चोट के कारण यूपी वॉरियर्स के लिए महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 नहीं खेल पाई थीं। अंजुम ने आईएएनएस के साथ खास बातचीत करते हुए कहा, यह विश्वास करना मुश्किल है कि भारतीय टीम के पास चुनने के लिए कोई और खिलाड़ी नहीं थी। जब मैं ऐसा कहती हूं, तो मेरा मतलब यह नहीं है कि प्रतिका टी20 नहीं खेल सकतीं, लेकिन आप किसी ऐसे खिलाड़ी को क्यों चुनेंगे जिसने लंबे समय से टी20 नहीं खेला है? जहां तक मुझे याद है, घरेलू क्रिकेट में भी शायद ही कोई टी20 मैच हुआ हो जिसमें वह खेली हों। वह डब्ल्यूपीएल का हिस्सा नहीं थीं। वह एक बेहतरीन क्रिकेटर हैं, लेकिन मेरे लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह असल में चोट से वापसी कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा, वह इंग्लैंड में वार्विकशायर के लिए खेलने वाली थीं, जो वन-डे फॉर्मेट था। वहां से वह अब भारतीय टी20 इंटरनेशनल टीम में खेलेंगी। अब इसके सवालिया निशान लगने की कुछ वजहें हैं। पहली बात, उन्होंने बहुत कम प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेला है। दूसरी बात, मुझे पूरा यकीन है कि भारतीय टीम उनसे भारत के लिए नंबर तीन पर बल्लेबाजी करने की उम्मीद नहीं कर रही है। अंजुम ने प्रतिका के बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठाते हुए कहा, अगर वह नंबर तीन पर बल्लेबाजी नहीं कर रही हैं, तो क्या वह निचले क्रम में बल्लेबाजी करेंगी? अगर ऐसा है, तो वह इस टीम में क्यों हैं? प्रतिका के टीम में आने से पहले अनुष्का शर्मा को आजमाया गया था। राघवी बिष्ट हैं जो चर्चा में रही हैं और वृंदा दिनेश हैं, जिन्होंने इंडिया 'ए' के लिए खेला है, और कई अन्य खिलाड़ी भी रही हैं। अगर आप किसी को मौका देना चाहते हैं, तो आप ऐसे खिलाड़ी को चुन सकते हैं जो डब्ल्यूपीएल का हिस्सा हो और जिसने उभरती हुई इंडिया 'ए' टीम के साथ यात्रा की हो। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, मुझे समझ नहीं आता कि प्रतिका रावल को इस टी20 टीम में क्यों चुना गया है, जबकि वनडे वर्ल्ड कप 2025 के बाद से उन्हें प्रतिस्पर्धी मैचों की प्रैक्टिस नहीं मिली है। वह वनडे और टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया गई थीं और चोटिल होने से पहले इंडिया 'ए' के लिए 50 ओवर के मैच खेले थे। यह चयन काफी हैरान करने वाला है। अंजुम के लिए एक बड़ी चिंता यह भी है कि क्या प्रतिका जैसी खिलाड़ी, जिसे परखा नहीं गया है और जो चोट से वापसी कर रही है, उसे सीधे प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जाना चाहिए। इंग्लैंड 'ए' के खिलाफ इंडिया 'ए' के 50 ओवर के मैच में फील्डिंग करते समय प्रतिका को चोट लग गई थी और वह जुलाई में लॉर्ड्स में ऐतिहासिक इकलौते टेस्ट नहीं खेल पाई थीं। यह समझना कोई रॉकेट साइंस नहीं है कि टी20 खिलाड़ी कौन हैं। इससे पहले भी एक चयन समिति रही है, और उनसे पहले भी दूसरी समितियां रही हैं। मैं यह नहीं कह रही कि आप किसी खिलाड़ी को इसलिए नहीं चुन सकते क्योंकि आप उनमें भरोसा करते हैं - यह ठीक है। उन्होंने कहा, प्रतिका रावल भारत की अब तक की सबसे बेहतरीन टी20 क्रिकेटर साबित हो सकती हैं। यह बात समय ही बताएगा, लेकिन यह सही समय नहीं है। वह चोट से वापसी कर रही हैं, उन्होंने ज्यादा प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेला है, और आप उम्मीद करते हैं कि वह सीधे नंबर तीन पर आ जाएं - एक ऐसी जगह जहां जेमिमा ने शायद अभी तक अपनी जगह पक्की नहीं की है। “आप कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि कोई युवा क्रिकेटर इतनी बड़ी जिम्मेदारी संभालेगी? अगर मौका देना ही है, तो ऋचा घोष को तीसरे नंबर पर बैटिंग करने का मौका दें। और भी कई विकल्प हैं। अगर किसी को तैयार करना है, तो वे किसी और को भी ले सकते हैं। मैं यह नहीं कहूंगी कि सिर्फ सिलेक्टर ही जिम्मेदार हैं - हो सकता है उन्हें कुछ ऐसी बातें पता हों जो हमें नहीं पता, लेकिन यह बात सबके सामने नहीं है। पूर्व भारतीय कप्तान ने आगे कहा, यह सोचना हैरान करने वाला है कि पिछले 24 महीनों में इतने सारे खिलाड़ियों को रोटेट करने के बाद भी, उनमें से कोई भी खिलाड़ी आज मुख्य भारतीय टीम में जगह नहीं बना पाया है, यहां तक कि बेंच पर भी नहीं। आप प्रोसेस पर सवाल उठाने लगते हैं। टीम के 50-ओवर का वर्ल्ड कप जीतने के बावजूद, यह बहुत हैरानी की बात है कि भविष्य की योजना या लंबे समय की सोच को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है। जेमिमा के न होने पर, तीसरे नंबर के लिए अंजुम का वैकल्पिक प्लान किसी एक नाम पर निर्भर नहीं है - बल्कि, यह उन विकल्पों की एक सूची है जिन्हें उन्हें लगता है कि किसी ऐसे खिलाड़ी के लिए नजरअंदाज कर दिया जाएगा जिसे अभी परखा नहीं गया है। अगर उन्हें खेलने का मौका मिलता है, तो मुझे सच में हैरानी होगी, क्योंकि यह उन दूसरे बल्लेबाजों के साथ बहुत नाइंसाफी होगी जिन्हें मौके नहीं मिले हैं। अगर आपको तीसरे नंबर पर किसी की जरूरत है, तो दीप्ति शर्मा को प्रमोट क्यों नहीं करते? स्मृति के बाएं हाथ से और शेफाली के दाएं हाथ से ओपनिंग करने के साथ, तीसरे नंबर पर दीप्ति के होने से बैटिंग ऑर्डर में संतुलन बना रहता है। अगर दीप्ति नहीं, तो ऋचा घोष को मौका दें। अगर वह भी विकल्प नहीं है, तो बेंच पर बैठीं उन बल्लेबाजों को मौका दें जिन्होंने अभी तक नहीं खेला है। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। इसके अलावा, कमलिनि को यास्तिका भाटिया की जगह टीम में शामिल किया गया था, जिनका इंग्लैंड के खिलाफ टी20 और टी20 वर्ल्ड कप में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था। हालांकि, उन्होंने लॉर्ड्स में एक ऐतिहासिक टेस्ट शतक जरूर लगाया था। यास्तिका का उदाहरण देते हुए, अंजुम ने एशियन गेम्स के लिए टीम के ऐलान से पड़ने वाले मानसिक असर पर सवाल उठाए। यह ऐलान भारत के टी20 वर्ल्ड कप कैंपेन के खत्म होने के ठीक दो दिन बाद किया गया था। नहीं तो, हो सकता है कि जी. कमलिनि खेलें, और फिर हम चर्चा करेंगे कि हम दो विकेटकीपर क्यों खिला रहे हैं। इस तरह के टूर्नामेंट और आने वाले एशियन गेम्स के लिए, आप उन खिलाड़ियों को ले सकते थे जो हाल ही में इंडिया 'ए' या उभरती हुई टीमों का हिस्सा रही हैं और उन्हें तीसरे नंबर पर आजमा सकते थे। Also Read: LIVE Cricket Score अंजुम ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा, हालांकि, सोचिए एक खिलाड़ी जो चोट से ठीक होकर लौटी है, टीम में चुनी जाती है, और फिर उसे बताया जाता है कि वह एशिया कप और एशियन गेम्स के लिए टीम के साथ नहीं जाएगी। ऐसे में कोई खिलाड़ी मानसिक रूप से कैसे ठीक रह सकता है जब कोई टूर चल रहा हो? यह मेरे लिए एक बड़ा सवाल था। अगर कोई विकल्प होता तो इस ऐलान को टाला जा सकता था । हाल ही में मैंने देखा कि पाकिस्तान ने एशियन गेम्स के लिए अपनी टीम का चयन काफी देर से किया। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंग्लैंड गई टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जिन्हें खेलने के लिए पर्याप्त मौके नहीं मिले और अगले दो टूर्नामेंटों में भी उन्हें अधिक मौके नहीं मिलेंगे। ऐसे फैसले टीम के लिए फायदेमंद नहीं होते, और इससे ऐसा माहौल बनता है जहां हर कोई बेचैन रहता है, यह जाने बिना कि आगे क्या होने वाला है। Article Source: IANS
Hillary Clinton बोलीं, West Asia विवाद को कूटनीति से सुलझा सकते हैं भारत और चीन
अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘‘आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति’’ का इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो भारत और चीन पश्चिम एशिया संघर्ष को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रमुख देशों में शामिल हो सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर बात करते हुए क्लिंटन ने ‘सी-स्पैन’ मीडिया नेटवर्क को दिए एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘रणनीतिक स्तर पर बनी गलत धारणाएं हमें उस स्थिति तक ले आई हैं, जहां हम आज हैं।’’अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर संयुक्त हमला किया था। इसके जवाब में ईरान ने भी हमले किए। इस संघर्ष के कारण महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में आवागमन बाधित हो गया। जून में अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम शांति समझौता किया था लेकिन पिछले महीने दोनों पक्षों की ओर से फिर से हमले शुरू होने के बाद यह समझौता टूट गया। क्लिंटन ने सोमवार को कहा, ‘‘अगर आप यह पता लगाना चाहते हैं कि ट्रंप इस स्थिति से कैसे बाहर निकल सकते हैं, तो मुझे लगता है कि इसकी कुंजी शायद चीन और भारत हैं। क्योंकि अगर आप देखें कि ईरान से सबसे ज्यादा तेल और गैस कौन खरीदता है, तो वे चीन और भारत हैं।’’बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान, ओमान और कतर सहित कई देश संघर्ष खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं। इस संघर्ष में सबसे बड़ा विवाद होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, जहां युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही बाधित हुई है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया की कुल ऊर्जा आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। क्लिंटन ने कहा कि चीन, विशेष रूप से तेहरान पर दबाव डाल सकता है, क्योंकि वह ईरान से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘चीन इस मामले में हमसे बहुत आगे है। उन्होंने समुद्री मार्ग से पहुंचने वाले जीवाश्म ईंधन का काफी मात्रा में भंडारण किया है... वे अपने भंडार बढ़ा रहे हैं... लेकिन उन्हें ईरान की जरूरत पड़ेगी।’’क्लिंटन ने कहा, ‘‘अगर ट्रंप वास्तव में आक्रामक बयानबाजी के बजाय कूटनीति का इस्तेमाल करने को तैयार हों, तो मुझे लगता है कि सबसे प्रभावी दबाव यहीं से बनाया जा सकता है।’’उनकी यह टिप्पणी अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा ईरान पर प्रतिबंधों के एक नए दौर की घोषणा के बाद आई है। बेसेंट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले हर देश को चेतावनी दी थी कि वह इस्लामिक गणराज्य के साथ अपने वित्तीय संबंध तोड़ दे, अन्यथा उसे अमेरिका की ओर से कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। वहीं, तेहरान ने अमेरिका की ओर से नए प्रतिबंध लगाए जाने की योजना के जवाब में सैन्य कार्रवाई की धमकी दी है। चीन, तुर्किये और संयुक्त अरब अमीरात ईरान के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में शामिल हैं। जब क्लिंटन से पूछा गया कि क्या वह चीन पर द्वितीयक प्रतिबंध लगाएंगी, तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं निश्चित रूप से चीनी नागरिकों से कहती कि अगर वे ईरानियों को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने और कम से कम पहले जैसी स्थिति बहाल करने के लिए तैयार करने में हमारी मदद नहीं करते हैं, तो मैं ऐसा जरूर करूंगी।’’द्वितीयक प्रतिबंध का मतलब है ऐसे प्रतिबंध जो सीधे किसी देश पर नहीं, बल्कि उन तीसरे देशों, कंपनियों या बैंकों पर लगाए जाते हैं जो प्रतिबंधित देश के साथ कारोबार या वित्तीय लेन-देन जारी रखते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 20 अगस्त को कहा था कि यदि तेहरान किसी समझौते पर पहुंचने में विफल रहता है तो वह ईरान के खिलाफ कड़ा आर्थिक अभियान शुरू करेंगे।
एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर से जापान की धरती पर होना है। टूर्नामेंट में इस बार क्रिकेट को भी शामिल किया गया है। टूर्नामेंट में महिलाओं के मुकाबले 17 सितंबर से शुरू हो जाएंगे, जबकि पुरुष टीम के मैचों की शुरुआत 24 सितंबर से होगी। भारतीय टीम टूर्नामेंट में सीधा क्वार्टर फाइनल राउंड में उतरेगी। दरअसल, एशियन गेम्स में पुरुष क्रिकेट में कुल 10 टीमें भाग ले रही हैं, जिनमें से 4 टीमों को बेहतर आईसीसी रैंकिंग के कारण डायरेक्ट क्वार्टर फाइनल का टिकट दिया गया है। इस लिस्ट में भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका का नाम शामिल है। वहीं, अफगानिस्तान, जापान, नेपाल, हांगकांग, मलेशिया और ओमान ग्रुप स्टेज में खेलेंगी। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम अपने अभियान का आगाज 28 सितंबर को ग्रुप ए के उपविजेता के खिलाफ करेगी। इसके बाद टीम 1 अक्टूबर को दूसरे सेमीफाइनल मैच खेलने मैदान पर उतरेगी। सेमीफाइनल जीतने पर भारतीय टीम 3 अक्टूबर को फाइनल मैच खेलेगी। इसी तारीख को तीसरे स्थान के लिए ब्रॉन्ज मेडल मैच भी होगा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम अपने अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को जापान के खिलाफ करेगी, जबकि 20 सितंबर को टीम अपना सेमीफाइनल मैच खेलने उतरेगी। 22 सितंबर को ब्रॉन्ज और फाइनल मुकाबला खेला जाना है। एशियन गेम्स 2026 में पुरुष क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 24 सितंबर - जापान बनाम अफगानिस्तान 24 सितंबर - मलेशिया बनाम हांग कांग 25 सितंबर - नेपाल बनाम अफगानिस्तान 25 सितंबर - ओमान बनाम हांग कांग 26 सितंबर - नेपाल बनाम जापान 26 सितंबर - ओमान बनाम मलेशिया 28 सितंबर - पहला क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की उपविजेता टीम बनाम भारत 28 सितंबर - दूसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की उपविजेता टीम बनाम पाकिस्तान 29 सितंबर - तीसरा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप बी की विजेता टीम बनाम बांग्लादेश 29 सितंबर - चौथा क्वार्टरफाइनल - ग्रुप ए की विजेता टीम बनाम श्रीलंका 1 अक्टूबर - पहला सेमीफाइनल 1 अक्टूबर - दूसरा सेमीफाइनल 3 अक्टूबर - ब्रॉन्ज मेडल मैच 3 अक्टूबर - गोल्ड मेडल मैच। एशियन गेम्स 2026 में महिला क्रिकेट टीम का पूरा शेड्यूल: 17 सितंबर - जापान बनाम भारत - पहला क्वार्टरफाइनल 17 सितंबर - चीन बनाम बांग्लादेश - दूसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - श्रीलंका बनाम मलेशिया - तीसरा क्वार्टरफाइनल 18 सितंबर - थाईलैंड बनाम पाकिस्तान - चौथा क्वार्टरफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल 20 सितंबर - दूसरा सेमीफाइनल 20 सितंबर - पहला सेमीफाइनल Also Read: LIVE Cricket Score 22 सितंबर - गोल्ड मेडल मैच Article Source: IANS
Asian Games में जगह की कमी, OCA ने भारत समेत अन्य देशों को दल सीमित रखने को कहा
(पूनम मेहरा)नयी दिल्ली, 26 अगस्त जापान द्वारा आगामी एशियाई खेलों में 15 हजार से अधिक प्रतिभागियों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद एशियाई ओलंपिक परिषद (ओसीए) ने भारत समेत सभी राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों (एनओसी) को सलाह दी है कि वे देर से खिलाड़ियों के नाम जोड़ने का अनुरोध नहीं करें और अपने दल की संख्या निर्धारित सीमा के भीतर रखें। भारत ने 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के लिए 492 खिलाड़ियों को मंजूरी दी है। सहयोगी स्टाफ के दल की घोषणा अभी नहीं की गई है क्योंकि इसकी संख्या तय करने के लिए विचार-विमर्श जारी है। ओसीए ने कहा कि पिछले महीने खिलाड़ियों के नामांकन की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद उसे कई सदस्य देशों से खिलाड़ियों के दल में देर से नाम जोड़ने के रोजाना कई आग्रह मिले हैं और उसने उनमें से कई अनुरोधों को स्वीकार भी किया है। हालांकि स्थानीय आयोजकों द्वारा 15 हजार की सीमा से अधिक लोगों को ठहराने में असमर्थता जताए जाने के बाद अब ऐसे किसी और अनुरोध को स्वीकार नहीं किया जाएगा। केवल चुने हुए खिलाड़ियों के स्थान पर दूसरे खिलाड़ियों को शामिल करने की अनुमति होगी। भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के एक सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की सूची पर अभी काम चल रहा है क्योंकि कुछ महासंघों ने अपनी सिफारिशों में खेल विज्ञान विशेषज्ञों के नाम नहीं दिए हैं। सूची भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को वापस भेजी गई है और इसमें कुछ और दिन लगेंगे। लेकिन हां, एक परामर्श भी आया है जिसमें दल का आकार निर्धारित सीमा से अधिक नहीं रखने को कहा गया है।’’सूत्र ने कहा, ‘‘सहयोगी स्टाफ की निर्धारित सीमा से अधिक लोगों को शामिल नहीं किया जा सकता। महासंघ छोटे दल के साथ भी कई लोगों को भेजना चाहते हैं लेकिन उन्हें संख्या कम करने और खिलाड़ियों की सहायता के लिए पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ सुनिश्चित करने को कहा गया है।’’नियमों के अनुसार सहयोगी स्टाफ की संख्या कुल दल के 33 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। मौजूदा 492 खिलाड़ियों के आधार पर भारत सहयोगी स्टाफ के अधिकतम 162 सदस्यों को भेज सकता है जब तक कि ओसीए इस सीमा में ढील नहीं देता। हालांकि ओसीए के परामर्श से स्पष्ट है कि आइची-नागोया में ठहरने की सीमित व्यवस्था को देखते हुए इसमें ढील मिलने की संभावना नहीं है। ओसीए द्वारा खिलाड़ियों और अधिकारियों की मौजूदा संख्या 15 हजार के आंकड़े से ‘काफी अधिक’ होने की बात स्वीकार किए जाने के बाद स्थानीय आयोजकों ने भी इतनी बड़ी संख्या में लोगों को संभालने में असमर्थता जताई है। ‘इनसाइड द गेम्स’ ने आइची प्रांत के गवर्नर हिदेआकी ओमुरा के हवाले से कहा, ‘‘हम इतने लोगों को ठहरा नहीं सकते। हमने मेजबान शहर समझौते में तय 15,000 लोगों की क्षमता के आधार पर व्यवस्था और बजट तैयार किया है। हमारे पास इससे अधिक लोगों को ठहराने के लिए जगह नहीं है इसलिए मुझे नहीं पता कि वे क्या करेंगे।’’आइची प्रांत की राजधानी नागोया है जो जापान का चौथा सबसे बड़ा शहर है। इस क्षेत्र में क्रिकेट, तैराकी, हॉकी, कुश्ती और तीरंदाजी समेत 43 खेलों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। भारत 35 खेलों में हिस्सा लेगा और उसके दल में सबसे अधिक 73 खिलाड़ी एथलेटिक्स के होंगे। खेलों को पर्यावरण अनुकूल बनाने के उद्देश्य से आयोजकों ने पारंपरिक खेल गांव बनाने के बजाय कंटेनरनुमा झोपड़ियों और नागोया बंदरगाह पर खड़े किए जाने वाले एक क्रूज जहाज में खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था की है। जहाज में करीब पांच हजार खिलाड़ियों को ठहराए जाने की उम्मीद है जबकि 2,400 अन्य खिलाड़ियों को कंटेनरनुमा आवास में ठहराया जाएगा। आयोजकों की योजना इन सुविधाओं का खेलों के बाद आपदा के समय आश्रय स्थल के रूप में इस्तेमाल करने की है।
Top-5 Players With Most Run's In A Series Women's T20 Asia Cup History: महिला एशिया कप 2026 का आगाज होने में अब कुछ ही दिनों का समय बचा है। ये टूर्नामेंट शुक्रवार, 28 अगस्त से दुबई में खेला जाएगा जिसमें कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। तो आइए इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले आज हम आपको अपने खास आर्टिकल के जरिए बताते हैं उन पांच खिलाड़ियों के नाम जिन्होंने महिला टी20 एशिया कप के एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का कारनामा किया। 5. हर्षिता समरविक्रमा (Harshitha Samarawickrama): महिला एशिया कप के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली टॉप-5 खिलाड़ियों की लिस्ट में नंबर-5 पर श्रीलंका की अनुभवी बल्लेबाज़ हर्षिता समरविक्रमा हैं। उन्होंने साल 2022/23 के महिला टी20 एशिया कप में 8 मैचों में 202 ठोककर ये पॉजिशन हासिल की। 4. हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur): भारतीय कप्तान और आक्रमक बल्लेबाज़ हरमनप्रीत कौर इस खास रिकॉर्ड लिस्ट में चौथी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2018 के एशिया कप में 6 मैचों में 53.75 की औसत और 111.39 की स्ट्राइक रेट से 215 रन ठोके थे। 3. जेमिमा रोड्रिग्स (Jemimah Rodrigues): टीम इंडिया की स्टार बल्लेबाज़ जेमिमा रोड्रिग्स ने भी इस शानदार लिस्ट में अपनी जगह बनाई है। उन्होंने साल 2022/23 के एशिया कप में अपनी बैटिंग से तूफान उठाया था। उन्होंने सीजन के 8 मैचों की 6 पारियों में 54.25 की औसत से 217 रन ठोके थे। 2. मिताजी राज (Mithali Raj): भारतीय महान बल्लेबाज़ मिताली राज जिन्हें क्रिकेट जगत में सचिन तेंदुलकर जैसा सम्मान मिलता है, वो भी रिकॉर्ड लिस्ट में मौजूद हैं। वो दूसरी पॉजिशन पर हैं। उन्होंने साल 2016/17 के सीजन में 5 मैचों की 4 पारियों में 110 की औसत से 220 रन ठोके थे। उन्होंने T20I में 89 मैचों की 84 पारियों में 2,364 रन बनाए हैं। Also Read: LIVE Cricket Score 1. चमारी अट्टापट्टू (Chamari Athapaththu): महिला टी20 एशिया कप के इतिहास में एक सीजन में सर्वाधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड श्रीलंका की लीजेंड चमारी अट्टापट्टू के नाम दर्ज है। उन्होंने साल 2024 के सीजन में 5 मुकाबले खेलकर 101.33 की औसत और 146.85 की तूफानी स्ट्राइक रेट से 304 रन बनाए थे। इसी सीजन चमारी अट्टापट्टू ने महिला टी20 एशिया कप के इतिहास की पहली सेंचुरी भी ठोकी थी।
Asian Games में नीरज चोपड़ा करेंगे 55 भारतीय एथलीटों की अगुवाई
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स 2026 में 73 सदस्यों वाली भारतीय एथलेटिक्स दल की अगुवाई करेंगे। भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर (भाला फेंकने वाले खिलाड़ी) नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स में दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन के तौर पर हिस्सा लेंगे। उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023 में गोल्ड मेडल जीता था। भारतीय जैवलिन थ्रोअर के साथ रोहित यादव भी होंगे, जिन्होंने शनिवार को भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर सिल्वर मीट में जीत हासिल करते हुए अपना पर्सनल बेस्ट 87.68 मीटर किया। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के कांस्य पदक विजेता यश वीर सिंह इसमें शामिल नहीं हो पाए हैं, क्योंकि इस प्रतियोगिता के लिए केवल दो भारतीयों को चुना गया है। आइची-नागोया 2026 के लिए चुनी गई भारत की एथलेटिक्स टीम के 16 खिलाड़ी हांगझोऊ में हुए पिछले एशियन गेम्स में मेडलिस्ट रहे थे। नीरज के अलावा, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह तूर, पारुल चौधरी और अन्नू रानी उन खिताबों को बचाने के लिए वापसी करेंगे जो उन्होंने तीन साल पहले व्यक्तिगत इवेंट्स में जीते थे।राजेश रमेश, जो हांगझोऊ में भारत की गोल्ड मेडल जीतने वाली पुरुषों की 4400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थे, वे भी वापसी करने वाले चैंपियंस में शामिल हैं। साबले ने हांगझोऊ में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था। नेशनल रिकॉर्ड होल्डर साबले को पिछले साल अपने दाहिने घुटने की सर्जरी के बाद चोटों से जूझना पड़ा और वे ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले पाए थे। वहीं, दो बार के डिफेंडिंग चैंपियन तजिंदरपाल सिंह तूर लगातार तीसरी बार शॉट पुट का खिताब जीतने की कोशिश करेंगे; उन्होंने जकार्ता 2018 और हांगझोऊ 2023, दोनों में टॉप स्थान हासिल किया था। पारुल चौधरी, जिन्होंने तीन साल पहले 5000 मीटर में स्वर्ण और 3000 मीटर स्टीपलचेज में रजत पदक जीता था, उन्हें 1500 मीटर, 5000 मीटर और 3000 मीटर स्टीपलचेज़ के लिए चुना गया है। ज्योति याराजी ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाई थीं, लेकिन वे एशियन गेम्स में 100 मीटर हर्डल्स (बाधा दौड़) में हिस्सा लेंगी। उन्होंने हांगझोऊ में इस स्पर्धा में रजत पदक जीता था। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में दूसरा रजत पदक जीतने के बाद मुरली श्रीशंकर जापान जा रहे हैं। उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में भी रजत पदक जीता था। तेजस्विन शंकर, गुलवीर सिंह, मोहम्मद अफसल, एंसी सोजन, प्रवीण चित्रवेल और विथ्या रामराज एशियन गेम्स में पदक जीतने वाले वे अन्य खिलाड़ी हैं जिन्हें आइची-नागोया के लिए चुना गया है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान बाएं पैर में दो स्ट्रेस फ्रैक्चर होने के बावजूद तेज शिर्से को 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में शामिल किया गया है। झगझोऊ में हुए एशियन गेम्स में भारत का एथलेटिक्स में अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा, जिसमें उसने कुल 29 पदक जीते – छह स्वर्ण, 14 रजत और नौ कांस्य। कुल मेडल की संख्या के हिसाब से 2023 के गेम्स में एथलेटिक्स भारत का सबसे सफल खेल रहा। एशियाई खेल 2026 के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम इस प्रकार है:- पुरुषों: -गुरिंदरवीर सिंह (100मी), अनिमेष कुजूर (100 मीटर, 200 मीटर, मिश्रित 4100 मीटर रिले), राजेश रमेश (400 मीटर, 4400 मीटर रिले), विशाल थेनारासु कयालविझी (400 मीटर, 4400 मीटर रिले), कृष्ण कुमार (800 मी), मोहम्मद अफसल पुलिककलाकथ (800मी), यूनुस शाह (1500 मी), अभिषेक पाल (5000 मी, 10000 मी), गुलवीर सिंह (1500 मीटर, 5000 मीटर, 10000 मीटर)। सावन बरवाल (मैराथन), कार्तिक कारकेरा (मैराथन), तेजस शिरसे (110 मीटर बाधा दौड़), यशस पलाक्ष (400 मीटर बाधा दौड़), संतोष कुमार तमिलारासन (400 मीटर बाधा दौड़), अविनाश साबले (3000 मीटर स्टीपलचेज), प्रणव प्रमोद गुरव (मिश्रित 4100 मीटर रिले), मोहम्मद अशफाक (4400 मीटर रिले), धर्मवीर चौधरी (4400 मीटर रिले), जय कुमार (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), मनु थेक्किनालिल साजी (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), आदर्श राम ज्योति शंकर (ऊंची कूद), सर्वेश कुशारे (ऊंची कूद) , कुलदीप कुमार (पोल वॉल्ट), देव मीना (पोल वॉल्ट), मुरली श्रीशंकर (लंबी कूद), शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप) कार्तिक उन्नीकृष्णन (ट्रिपल जंप), करणवीर सिंह (गोला फेंक), तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), दमनीत सिंह (हथौड़ा फेंक), नीरज चोपड़ा (भाला फेंक), रोहित यादव (भाला फेंकने का खेल), तौफीक नौशाद (डेकाथलॉन), तेजस्विन शंकर (डेकाथलॉन) (Image Source : X/Athletics Federation of India) महिला: - प्राची चौधरी (400 मी), गौतमी जयारमन (800 मी), पूजा (800मी, 1500मी), पारुल चौधरी (1500 मीटर, 5000 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज़), सीमा (5000 मी, 10000 मी), प्रियंका गोस्वामी (मैराथन रेस वॉक), मंजू रानी (मैराथन रेस वॉक), ज्योति याराजी (100 मीटर बाधा दौड़), नंदिनी कोंगन (100 मीटर बाधा दौड़), उन्नति अयप्पा बोलैंड (200मी), अनु राघवन (400 मीटर बाधा दौड़), विथ्या रामराज (400 मीटर बाधा दौड़), अंकिता ध्यानी (3000 मीटर स्टीपलचेज), तमन्ना (4100 मीटर रिले, मिश्रित 4100 मीटर रिले), नित्या गंधे (4100 मीटर रिले), सरबानी नंदा (4100 मीटर रिले), अबिनया राजराजन (4100 मीटर रिले) स्नेहा सत्यनारायण (4100 मीटर रिले, मिश्रित 4100 मीटर रिले), सुदेशना शिवंकर (4100 मीटर रिले), रशदीप कौर (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले), अनसा बाबू (4400 मीटर रिले, मिश्रित 4400 मीटर रिले),
Asian Market Today: बुधवार को एशियाई बाज़ारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिल रहा है। वॉल स्ट्रीट पर रात भर हुई बढ़त के बाद, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और बॉन्ड यील्ड में कमी से बाज़ारों को सहारा मिला।Nvidia Corp. की अर्निंग्स रिपोर्ट से पहले निवेशकों ने सावधानी बरती, जिससे US इक्विटी-इंडेक्स फ्यूचर्स में थोड़ी गिरावट आई।इस रिपोर्ट से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेक्टर में भरोसे का पता चलने की उम्मीद है।वहीं, निक्केई करीब 0.56 फीसदी की बढ़त के साथ 66,228.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.31 फीसदी चढ़कर 45,308.25 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 0.99 फीसदी की बढ़त के साथ 25,764.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 0.87 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.50 फीसदी की बढ़त के साथ 3,909.04 के स्तर पर दिख रहा है।एशियाई बाज़ारों का रुख निवेशकों की मिली-जुली सोच को दिखाता है। जहां कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट ने बाज़ारों को सहारा दिया, वहीं अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता का असर निवेशकों के मूड पर अब भी बना हुआ है।वॉल स्ट्रीट पर रात भर अमेरिकी शेयर बाज़ार बढ़त के साथ बंद हुआ। AI की दिग्गज कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के नतीजों से पहले टेक्नोलॉजी शेयरों में आई तेजी ने बाजार को ऊपर उठाने में मदद की।US ट्रेजरी यील्ड में गिरावटUS ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई। US के 10-साल और 30-साल के बॉन्ड की यील्ड लगातार दूसरे दिन गिरी, क्योंकि ट्रेडर्स US ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट के पिछले हफ़्ते ट्रेजरी बायबैक बढ़ाने के फ़ैसले के असर पर विचार कर रहे थे।डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो जैसी कई करेंसी के मुकाबले डॉलर की वैल्यू मापता है, 0.1% गिरकर 98.87 पर आ गया, जबकि यूरो 0.13% बढ़कर $1.1677 पर पहुंच गया। जापानी येन के मुकाबले डॉलर 0.03% मजबूत होकर 159.13 पर पहुंच गया।क्रूड में नरमीइस बीच, ईरान के खिलाफ US के नए प्रतिबंधों की परवाह न करते हुए ट्रेडर्स के रुख के कारण कच्चे तेल की कीमतें एक हफ़्ते के निचले स्तर पर आ गई। ब्रेंट क्रूड फ़्यूचर्स 2.14% गिरकर $86.68 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड फ़्यूचर्स 1.91% गिरकर $80.79 पर आ गया।Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, क्रूड में नरमी(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Asian Games: 5 टेनिस खिलाड़ी चयन मानदंड पूरे नहीं कर पाए, SAI सूत्र ने दी जानकारी
(इंट्रो और तीसरे पैरा में सुधार के साथ)नयी दिल्ली, 25 अगस्त भारत की एशियाई खेलों की टेनिस टीम से बाहर किए गए पांच खिलाड़ियों के नाम अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) द्वारा भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) को भेजी गई संक्षिप्त सूची में शामिल नहीं थे। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के एक सूत्र ने मंगलवार को यह जानकारी दी और कहा कि निर्धारित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग मानदंड पूरा नहीं करने के कारण उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। मानस धामने (पुरुष एकल), वैष्णवी अडकर (महिला एकल), सहजा यमलापल्ली (महिला एकल), वैदेही चौधरी (महिला युगल) और प्रार्थना थोम्बारे (महिला युगल) सात सदस्यीय भारतीय टेनिस टीम में जगह नहीं बना सके क्योंकि वे महाद्वीपीय रैंकिंग में शीर्ष आठ में होने के मानदंड को पूरा नहीं करते थे। सूत्र ने पीटीआई से कहा, ‘‘खेल मंत्रालय को आईओए द्वारा साझा की गई अंतिम सूची में उनके नाम नहीं मिले थे। असल में एआईटीए द्वारा आईओए को भेजी गई संक्षिप्त सूची में भी उनके नाम नहीं थे।’’सूत्र के अनुसार इन खिलाड़ियों को बाहर किया जाना उचित है क्योंकि उनके हालिया प्रदर्शन से भी पदक जीतने की संभावना या प्रतियोगिता में प्रभावी भागीदारी की क्षमता नहीं झलकती। खेल मंत्रालय के चयन मानदंड के अनुसार एकल स्पर्धाओं में खिलाड़ियों का एशिया में शीर्ष छह में और युगल में शीर्ष आठ में होना जरूरी था। इसके लिए 12 महीने की अवधि में प्रदर्शन का आकलन किया गया। खेल मंत्रालय ने यह मानदंड पिछले साल सितंबर में जारी किया था। इन खिलाड़ियों को टीम से बाहर किए जाने की दो बार के एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता रोहन बोपन्ना ने कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ‘एक ऐसी समिति ने कागज पर उनका भाग्य तय कर दिया जो कभी उस स्थिति में खड़ी नहीं रही जहां वे खड़े हैं और खेलने से पहले ही उनका फैसला कर दिया गया।’सहजा (विश्व रैंकिंग 344) फिलहाल महिला एकल में भारत की नंबर एक खिलाड़ी हैं जबकि वैष्णवी (विश्व रैंकिंग 388) राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर हैं। प्रार्थना 2014 एशियाई खेलों की कांस्य पदक विजेता हैं जबकि वैदेही दो बार की राष्ट्रीय चैंपियन हैं और 18 वर्षीय मानस चैलेंजर स्तर के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुके हैं। खेल मंत्रालय ने सोमवार को स्पष्ट किया था कि कुछ वर्गों की ओर से दबाव बनाए जाने के बावजूद चयन मानदंड में ढील नहीं दी जाएगी। सूत्र ने कहा, ‘‘एशिया में 25वें से 40वें स्थान पर रहने वाले टेनिस खिलाड़ियों के लिए विवेकाधीन तरीके से पिछले दरवाजे से मंजूरी देना प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को खत्म कर देगा और अन्य राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) की ओर से बड़े पैमाने पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खोल देगा।’’प्रार्थना को युगल स्पर्धा में वैदेही के साथ जोड़ी बनानी थी लेकिन दोनों ने अब तक साथ में कोई टेनिस नहीं खेला है। सूत्र ने कहा, ’’इससे एशियाई खेलों से पहले उनकी तैयारी और प्रतिस्पर्धी जोड़ी बनाने के इरादे को लेकर उचित सवाल उठते हैं।’’बोपन्ना ने कहा था कि इन खिलाड़ियों को खेलने का अवसर नहीं देना खेल राष्ट्र बनाने के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने कहा था, ‘‘आप बोर्डरूम में यह तय करके खेल राष्ट्र या खेल अर्थव्यवस्था नहीं बन सकते कि कौन प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकता है।’’हालांकि साइ के सूत्र ने इसका जवाब देते हुए कहा, ‘‘खेल अनुभव हासिल करने के लिए आईटीएफ और चैलेंजर सर्किट होते हैं, एशियाई खेल नहीं।’’एशियाई खेलों के लिए अंतिम टेनिस टीम में एकल में केवल सुमित नागल को जगह मिली है, जबकि रामकुमार रामनाथन, साकेत माइनेनी, युकी भांबरी, ऋतुजा भोसले और अंकिता रैना युगल टीम का हिस्सा हैं।
पाकिस्तान को चीन और तुर्की के हथियारों की सप्लाई? 60 घंटे की रहस्यमयी 'सैन्य एयरलिफ्ट' से मची हलचल
South Asia strategic defense: 18 से 20 अगस्त के बीच पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में देखी गई अभूतपूर्व सैन्य गतिविधियों ने दक्षिण एशियाई सामरिक संतुलन पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले स्रोतों (OSINT) और भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के अनुसार, चीन (Xi'an Y-20) और तुर्की (Airbus A400M) के भारी सैन्य परिवहन विमानों ने करीब 60 घंटे तक पाकिस्तान के प्रमुख एयरबेसों पर दर्जनों उड़ानें भरीं और उतरते देखे गए। यह कोई साधारण उड़ानों का अभ्यास नहीं था। रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस (GHQ के पास) और कराची के मस्रूर एयरबेस पर इन विमानों की आपात लैंडिंग ने पूरी दुनिया की खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है। ALSO READ: क्या भारत को घेरने की तैयारी है? पाकिस्तान-तुर्की के ‘मक्का पैक्ट’ से बांग्लादेश का जुड़ना भारत के लिए कितना बड़ा खतरा? पाकिस्तान की ज़मीन पर क्या उतार रहे हैं चीन और तुर्की? सैन्य विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह भारी एयरलिफ्ट सिर्फ नियमित लॉजिस्टिक्स (Routine Logistics) का हिस्सा नहीं हो सकती। इस असामान्य हलचल के पीछे निम्नलिखित सैन्य आपूर्ति की संभावना जताई जा रही है। विश्लेषकों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस उच्च-स्तरीय लॉजिस्टिक ऑपरेशन में निम्नलिखित महत्वपूर्ण सैन्य सामग्रियों की डिलीवरी शामिल हो सकती है: सटीक मारक हथियार और उन्नत ड्रोन (UCAVs) : तुर्की के Bayraktar Akinci/TB2 और चीन के Wing Loong III ड्रोनों की नई खेप या उनके महत्वपूर्ण स्पेयर पार्ट्स। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) व राडार सिस्टम : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के लड़ाकू विमानों और ग्राउंड-बेस्ड राडार के लिए एडवांस्ड स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) व सिग्नल्स इंटेलिजेंस उपकरण। एयर-डिफेंस और मिसाइल स्पेयर-पार्ट्स : चीन से प्राप्त HQ-16 और HQ-9P मिसाइल रक्षा प्रणालियों के कलपुर्जे या त्वरित रिप्लेसमेंट हार्डवेयर। 'KAAN' 5th Gen फाइटर जेट कंपोनेंट्स : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट 'KAAN' में पाकिस्तान की साझेदारी के तहत तकनीकी हस्तांतरण। इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) और राडार उपकरण : पाकिस्तान वायु सेना (PAF) के स्टैंड-ऑफ जैमर्स (SOJ) और अर्ली वार्निंग एयरक्राफ्ट (AEW&C) के लिए आधुनिक जैमिंग उपकरण। सटीक मारक हथियार और स्पेयर पार्ट्स : जेएफ-17 ब्लॉक 3 (JF-17 Block 3) और जे-10सीई (J-10CE) फाइटर जेट्स के स्पेयर पार्ट्स व गाइडेड म्यूनिशन्स। ALSO READ: पाकिस्तान ने धोखे से हड़पा था बलूचिस्तान, क्यों कभी पाक सेना के आगे नहीं झुके धुरंधर बलोच? जानिए बलोच संघर्ष की पूरी कहानी भारत के लिए क्या हैं इसके मायने? भारतीय रक्षा एजेंसियों के लिए यह त्रिगुट (China-Pakistan-Trkiye Axis) कोई नई बात नहीं है, लेकिन इसका समय और तीव्रता चिंता का विषय है: त्वरित क्षमता निर्माण (Rapid Capability Replenishment) : किसी संभावित आपात स्थिति के लिए पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को तेजी से मजबूत करना। त्रिपक्षीय रक्षा गठबंधन : हाल ही में सामने आए तुर्की, पाकिस्तान और रणनीतिक सहयोगियों के बीच बढ़ते सैन्य समन्वय का यह एक व्यावहारिक प्रदर्शन हो सकता है। 'KAAN' फाइटर जेट प्रोजेक्ट : तुर्की के 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान प्रोजेक्ट में पाकिस्तान की भागीदारी के बाद तकनीकी ट्रांसफर और उपकरणों की आवाजाही। हाल ही में पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब द्वारा हस्ताक्षरित 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' के तुरंत बाद इस तरह की भारी सैन्य एयरलिफ्ट का होना संकेत देता है कि क्षेत्र में एक नया सैन्य ब्लॉक आकार ले रहा है। चीन की तकनीकी व वित्तीय ताकत, तुर्की की आधुनिक ड्रोन टेक्नोलॉजी और पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा—यह त्रिकोण दक्षिण एशिया के सामरिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है। भारत की खुफिया एजेंसियां इस 60 घंटे के रहस्यमयी एयरलिफ्ट ऑपरेशन्स के हर विवरण पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
Women's T20 Asia Cup 2026: श्रीलंका टीम में चोटिल विहंगा की जगह मीपेज शामिल
श्रीलंका को विमेंस टी20 एशिया कप 2026 से पहले एक झटका लगा है। टीम की ऑल-राउंडर देवमी विहंगा अभ्यास सत्र के दौरान दाहिने घुटने में चोट लगने के की वजह से टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। क्रिकइन्फो की रिपोर्ट के मुताबिक विहंगा इंजरी की वजह से टीम के साथ यूएई नहीं गई हैं। श्रीलंका ने 15 सदस्यों वाली टीम में उनकी जगह बाएं हाथ की स्पिनर निमाशा मीपेज को शामिल किया है। बता दें कि विहंगा को सीनियर टीम के साथ डेब्यू का इंतजार था। चमारी अथापट्टू 15 सदस्यों वाली श्रीलंका टीम की कप्तान हैं। हर्षिता समरविक्रमा को उपकप्तान बनाया गया है। डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को ग्रुप बी में बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा इंडोनेशिया के साथ रखा गया है। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक यूएई में होना है। सभी मैच दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जाएंगे। सभी 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप ए में हांगकांग, भारत, पाकिस्तान और थाइलैंड है। ग्रुप बी में श्रीलंका के अलावा बांग्लादेश, मेजबान यूएई और पहली बार टूर्नामेंट का हिस्सा बनी इंडोनेशिया है। हर ग्रुप से टॉप दो टीमें 10 और 11 सितंबर को होने वाले सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, और फाइनल मुकाबला 13 सितंबर को होगा। श्रीलंका 29 अगस्त को यूएई, 2 सितंबर को इंडोनेशिया और 6 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका की उम्मीदें तेज गेंदबाज मिताली अयोध्या और चेतना विमुक्ति की वापसी से भी बढ़ी हैं। दोनों हंबनटोटा में पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका की हालिया टी20 सीरीज का हिस्सा नहीं थीं। श्रीलंका ने यह सीरीज 2-1 से जीती थी। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए श्रीलंका की अपडेटेड टीम: चमारी अथापट्टू (कप्तान), इमेशा दुलानी, संजना कविंदी, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा (उप-कप्तान), कविशा दिलहारी, नीलाक्षिका सिल्वा, हसिनी परेरा, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), निमाशा मीपेज, सुगंधिका दसनायका, चामुडी प्रबोदा, चेतना विमुक्ति, काव्या कविंदी और मिताली अयोध्या। Article Source: IANS
भारतीय टीम के पूर्व क्रिकेटर ने अपनी पसंदीदा एशिया टेस्ट एकादश का चयन किया, जिसमें इमरान खान को कप्तान चुना जबकि सचिन तेंदुलकर को उप-कप्तान बनाया।
West Asia Crisis: हेगसेथ बोले- जरूरत पड़ी तो ईरान पर मिसाइल से हमला; सख्ती पर इस्राइली PM नेतन्याहू क्या बोले?- US encirclement on Iran intensifies Hegseth says funds will be blocked and missiles fired if necessary
Asian Games Japan: 492 खिलाड़ियों की 'टीम इंडिया' को हरी झंडी, Cricket में भी होगी जंग
जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल को शनिवार को युवा मामले और खेल मंत्रालय से प्रशासनिक और वित्तीय मंज़ूरी मिल गई है; इन खेलों में 35 अलग-अलग खेलों में 492 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। मंज़ूरी पाने वाले इस दल में 265 पुरुष और 227 महिला एथलीट शामिल हैं। यह मंज़ूरी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुरोध पर दी गई है, जिसने इस महीने की शुरुआत में एक पत्र और बाद की बातचीत के ज़रिए सरकार से मंज़ूरी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: ऋषभ पंत बने WTC के 'रन किंग', शुभमन गिल को पछाड़कर रचा इतिहास! एथलेटिक्स में सबसे ज़्यादा 73 भारतीय एथलीट हिस्सा लेंगे, इसके बाद हॉकी में 40 और शूटिंग व क्रिकेट में 30 एथलीट शामिल होंगे। भारत तीरंदाज़ी, कबड्डी और बैडमिंटन जैसे खेलों में भी अपनी टीमें उतारेगा। साथ ही, एथलीटों को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, ई-स्पोर्ट्स और टेकबॉल जैसे नए उभरते खेलों में भी हिस्सा लेने की मंज़ूरी दी गई है। कोच, सपोर्ट स्टाफ़, मेडिकल स्टाफ़ और दल के अधिकारियों सहित टीम के अधिकारियों के लिए मंज़ूरी अलग से जारी की जाएगी। क्रिकेट में कुल 30 खिलाड़ी हैं – पुरुषों और महिलाओं की टीमों में 15-15 खिलाड़ी। पुरुषों की टीम में युवा वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती शामिल हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या नहीं हैं। महिलाओं की टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर करेंगी। डोपिंग की वजह से सबसे ज़्यादा नुकसान कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों को हुआ है। असल में, पता चला है कि वेटलिफ्टर्स की शुरुआती लिस्ट में करीब 10 खिलाड़ी थे, जिसे घटाकर अब सिर्फ़ पांच कर दिया गया है। कुश्ती में भी हाल ही में एक रेसलर के टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने के बाद कुछ नाम हटा दिए गए हैं। कुल मिलाकर 30 क्रिकेटर हैं – 15 पुरुष और 15 महिला। जूडो में, भले ही हाल ही में बनी अंतरिम जूडो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (JFI) ने दो और नामों की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय और IOA ने एशिया में टॉप छह (व्यक्तिगत इवेंट्स में) और टॉप आठ (टीम इवेंट्स में) के नियम का पालन किया। वहीं, एथलेटिक्स में लगभग 73 नाम हैं, जिनकी अगुवाई दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा कर रहे हैं। जापान गेम्स में इस खेल में सबसे ज़्यादा खिलाड़ी हो सकते हैं। उम्मीद है कि एथलेटिक्स भारत की मेडल टैली को बढ़ावा देगा, क्योंकि महाद्वीप के ज़्यादातर टॉप एथलीट मेडल जीतने की दौड़ में हैं। एक्वेटिक्स में 12 खिलाड़ियों की टीम है जिसमें सभी पुरुष हैं, जबकि जूडो और ताइक्वांडो में तीन-तीन खिलाड़ियों की टीम है और सभी महिलाएँ हैं। अभी तक, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक महिला खिलाड़ी शामिल है, लेकिन ऐसी संभावना है कि अगली लिस्ट में और नाम जोड़े जा सकते हैं – कुल मिलाकर 25-30 एथलीट हो सकते हैं। सर्फिंग का मामला भी ऐसा ही है। कोर्ट केस की वजह से सर्फिंग में किसी नाम का ऐलान नहीं किया गया है, और एक बार मामला सुलझ जाने के बाद कम से कम दो सर्फर्स के नाम जोड़े जाएँगे। इसे भी पढ़ें: चोट के बावजूद Rishabh Pant का जलवा, MS Dhoni का Record तोड़ विदेशी Test में लिखा नया अध्याय शूटिंग, जिसमें भारत के कुछ मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें 30 खिलाड़ियों – 15 पुरुष और 15 महिला – के साथ अच्छी भागीदारी होगी। स्क्वैश, जो एक और ऐसा खेल है जिसमें मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें आठ सदस्य हैं – पुरुष और महिला कैटेगरी में चार-चार खिलाड़ी। तीरंदाजी टीम में भी छह पुरुष और छह महिला तीरंदाज शामिल हैं, जिसकी अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा कर रहे हैं। इन 12 खिलाड़ियों में से छह कंपाउंड तीरंदाज हैं। फेंसिंग में खिलाड़ियों की संख्या काफी ज़्यादा है – कुल 20 खिलाड़ी, जिनमें आठ पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। बॉक्सिंग में भी विवाद देखने को मिले हैं और इसकी टीम में 11 खिलाड़ी हैं – पांच पुरुष और छह महिलाएं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
क्या पाकिस्तान में एशियाई टूर्नामेंट खेलने जाएंगे भारतीय खिलाड़ी? सामने आई बड़ी रिपोर्ट
भारतीय खिलाड़ी अगले साल पाकिस्तान में एक एशियाई इवेंट में खेलते हुए नजर आ सकते हैं। भारत ने साउथ एशियन गेम्स का समर्थन किया है। हालांकि, अभी आधिकारित तौर पर भारत सरकार ने इस पर कुछ नहीं कहा है।
चोटिल नजीहा अल्वी महिला Asia Cup 2026 से बाहर, सदफ शमास को मिली पाकिस्तान टीम में जगह
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज नजीहा अल्वी घुटने की चोट के कारण आगामी एसीसी महिला टी20 एशिया कप 2026 से बाहर हो गई हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। नजीहा ने अपने बाएं घुटने के पिछले हिस्से में दर्द बताया, जबकि बाद में स्कैन में मोच आने का पता चला। पीसीबी की मेडिकल टीम के जांच के बाद नजीहा तुरंत अपना रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम शुरू करेंगी, जिसके चार हफ्ते तक चलने की उम्मीद है। नेशनल विमेंस सिलेक्शन कमिटी ने सदफ को एशिया कप टीम में शामिल किया है। जनवरी 2023 में डेब्यू करने के बाद से वह अब तक 12 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल चुकी हैं। नजीहा अल्वी की जगह पर दाएं हाथ की बल्लेबाज सदफ शमास को टीम में शामिल किया गया है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के एक बयान के मुताबिक, मेडिकल जांच में जोड़ों में दिक्कत की पुष्टि होने के बाद यह फैसला लिया गया, जिसके बाद सिलेक्शन कमिटी ने इस बड़े महाद्वीपीय इवेंट के लिए सदफ को टीम में शामिल किया। Also Read: LIVE Cricket Score महिला एशिया कप के लिए पाकिस्तान टीम: फातिमा सना (कप्तान), आयशा जफर, इमान नसीर, इमान फातिमा, गुल फिरोजा, मोमिना रियासत, मुनीबा अली सिद्दीकी (विकेटकीपर), सदफ शमास, नशरा सुंधू, सादिया इकबाल, सायरा जबीन, शवाल जुल्फिकार, तुबा हसन, उम्म-ए-हानी, और वहीदा अख्तर। Article Source: IANS
Agra News: चयन प्रक्रिया बदली, एशियाई खेलों में जाने से चूके बॉक्सर आदित्य
राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से चूकने के बाद एशियाई खेलों की तैयारी कर रहे मुक्केबाज आदित्य प्रताप सिंह को निराशा हाथ लगी है।
पानीपत जिले के नौल्था गांव के रहने वाले कबड्डी खिलाड़ी अंकित जागलान का जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई गेम्स 2026 के लिए भारतीय टीम में चयन हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है। अंकित जागलान ने अपनी कड़ी मेहनत और शानदार खेल के दम पर गांव और जिले का नाम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उनके नाम पहले भी कई रिकॉर्ड दर्ज हैं, जिसमें प्रो कबड्डी में पटना पाइरेट्स का प्रतिनिधित्व करना शामिल है। उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा अंकित के पिता सुल्तान सिंह जागलान ने बताया कि अंकित ने 8 साल की उम्र में खेलों में कदम रखा था। परिवार ने उनकी खेल के प्रति रुचि को देखते हुए हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। सुल्तान सिंह ने यह भी बताया कि आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवार ने अंकित को कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी। पटना पाइरेट्स के कप्तान बने अंकित पहली बार प्रो कबड्डी में गांव के 7 अन्य खिलाड़ियों के साथ चुने गए थे। इसके बाद, उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें अगले साल प्रो कबड्डी की पटना पाइरेट्स टीम का कप्तान बनाया गया, जिस पद पर वह लगातार 2 साल तक रहे। इस साल हैदराबाद में एशियाई टीम के चयन के लिए 25 खिलाड़ियों का एक समूह गया था, जिसमें से 12 खिलाड़ियों का चयन हुआ और अंकित भी उनमें शामिल हैं। गांव में जश्न का माहौल अंकित की सफलता की खबर सुनकर पूरे गांव में जश्न का माहौल है। उनके पिता ने कहा कि अंकित ने केवल परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे गांव और जिले का नाम रोशन किया है। सभी को उम्मीद है कि अंकित एशियाई खेलों में भी बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे।
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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