Asian Market Today: एशिया बाजारों में आज बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है। निवेशक शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट पर टेक शेयरों में आई भारी गिरावट का असर नए हफ्ते में भी लेकर आए। साथ ही, निवेशक कंपनियों की कमाई के आंकड़ों और चीन के आर्थिक डेटा के आने से पहले सतर्क नजर आ रहे है।जापान के बाजार पर सबसे बुरा असर पड़ा, जहां निक्केई 225 इंडेक्स 2.15% गिर गया, जबकि व्यापक टोपिक्स (Topix) इंडेक्स में 1.17% की गिरावट आई। दक्षिण कोरिया में कोस्पी (Kospi) 1.60% नीचे आ गया। भारत में, GIFT निफ्टी (जो यह संकेत देता है कि दिन की शुरुआत कैसी होगी) ने बाजार के लाल निशान (गिरावट) के साथ खुलने का अनुमान जताया है ।चीन पर बाजार की नजरइस बीच चीन के बाजारों पर भी सबकी नजरें थीं। पिछले हफ्ते, वहां के अधिकारियों ने शेयरों को सहारा देने के लिए कदम उठाए थे। उन्होंने कंपनियों और सरकारी फंडों से शेयर खरीदने को कहा और कुछ निवेशकों को बिकवाली करने से रोका। ये कदम टेक शेयरों में आई उस गिरावट के बाद उठाए गए थे, जिसने CSI 300 इंडेक्स को अगस्त 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा दिया था।जापानी येन 157.89 प्रति डॉलर के स्तर पर लगभग स्थिर रहा, और ऑफशोर युआन 6.6839 पर बना रहा।शुक्रवार को US INDICES में रही तेज गिरावटशुक्रवार को हुए नुकसान के बाद, अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स ने कुछ राहत दी। S&P 500 इंडेक्स के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.2% और नैस्डैक 100 के कॉन्ट्रैक्ट्स में 0.5% की बढ़त दिखी। शुक्रवार को ये दोनों इंडेक्स गिरे थे, और उस दिन फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 3.8% की भारी गिरावट आई थी।इस हफ्ते S&P 500 की 70 से ज्यादा कंपनियां अपने नतीजे जारी करेंगी, जिनमें टेस्ला और मेटा प्लेटफॉर्म्स शामिल हैं। पिछले हफ्ते की उठापटक के बाद, अब AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से जुड़े शेयरों पर फिर से सबकी नजरें टिकी हैं। सोमवार को चीन के तीसरी तिमाही के GDP (सकल घरेलू उत्पाद) के आंकड़े और अन्य डेटा भी जारी होने वाले हैं।इस बात को लेकर भी चिंताएं हैं कि क्या AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर किया जा रहा भारी खर्च पर्याप्त रिटर्न दे पाएगा। बॉन्ड मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, और ईंधन तथा खाद्य पदार्थों की लगातार बढ़ती महंगाई केंद्रीय बैंकों पर दबाव डाल रही है।अमेरिकी फेडरल रिजर्व 28 अक्टूबर को अपनी नीतिगत फैसले की घोषणा करेगा। इससे पहले, फेड ने 'कम्युनिकेशंस ब्लैकआउट' (संवाद पर रोक) लागू कर दिया है, जिसका मतलब है कि नीति-निर्माताओं की ओर से फिलहाल ट्रेडर्स को कोई दिशा-निर्देश नहीं मिलेगा। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर आरोप लगाया कि वे कीव को रूस के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहे हैं। इस आरोप ने दोनों नेताओं के बीच एक हफ्ते से चल रहे विवाद को और बढ़ा दिया है।ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए इस दावे को खारिज करते हुए कहा, मैं रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में शांति के लिए बातचीत कर रहा हूँ। मैं ऐसा कुछ भी नहीं करना चाहता जिससे रूस बातचीत की मेज़ से दूर हो जाए—ऐसा करना मूर्खता होगी। बातचीत में अच्छी प्रगति हो रही है।क्रूड में नरमीइस बीच, तेल की कीमतों में कुछ गिरावट आई, लेकिन ये अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। शुक्रवार को बढ़त के बाद, सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 0.7% की गिरावट आई और यह 108 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुँच गया। इस स्तर से महंगाई को लेकर चिंताएँ बढ़ती हैं और ब्याज दरों को लेकर स्थिति और जटिल हो जाती है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत 0.2% घटकर 101.16 डॉलर प्रति बैरल रह गई।(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Jind News: हुड्डा खाप ने एशियाई गेम्स में पदक जीतने पर किया सम्मानित
Hudda Khap felicitated
जापान में Asian Para Games शुरू, 168 भारतीय खिलाड़ी 18 खेलों में दिखाएंगे दम
जापान के आइची-नागोया में आज से एशियाई पैरा खेलों का आगाज होने जा रहा है। इस महाद्वीपीय खेल आयोजन में भारत की नजरें पिछले संस्करण में मिले शानदार नतीजों को आगे बढ़ाने पर रहेंगी। इस बार प्रतियोगिता में 45 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियों के करीब 3,000 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 24 अक्टूबर तक चलने वाले इन खेलों में 18 खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। पांचवें एशियाई पैरा खेलों का उद्घाटन समारोह जापान के नागोया स्थित पालोमा मिजुहो स्टेडियम में होगा। समारोह की शुरुआत भारतीय समय के अनुसार दोपहर 2:30 बजे निर्धारित की गई है। इस बार समारोह की मुख्य थीम ‘वाबी: वी आर ब्यूटीफुल इंडिविजुअल्स’ रखी गई है, जिसका संदेश हर व्यक्ति की अपनी पहचान और खूबसूरती को सम्मान देना है। इन खेलों के जरिए एशिया के दिव्यांग खिलाड़ी अपनी मेहनत, हुनर और खेल के प्रति समर्पण दिखाएंगे। बता दें कि उद्घाटन समारोह से पहले ही कुछ खेलों के मुकाबले शुरू हो जाएंगे। इनमें नेत्रहीन फुटबॉल, पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस और बोच्चिया शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ी पदक जीतने के साथ अपनी टीमों के लिए अच्छी शुरुआत करने की कोशिश करेंगे। उद्घाटन समारोह में भारत की ओर से पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और धाविका सिमरन शर्मा तिरंगा लेकर भारतीय दल का नेतृत्व करेंगी। पहले इस जिम्मेदारी के लिए पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल का नाम तय था, लेकिन कल होने वाले उनके क्वार्टर फाइनल मुकाबले को देखते हुए उन्हें आराम देने का फैसला किया गया। इसी वजह से सिमरन शर्मा को ध्वजवाहक बनाया गया है। भारत ने इन खेलों के लिए 281 सदस्यों का दल भेजा है। इसमें 168 खिलाड़ी और 113 अधिकारी व सहयोगी कर्मचारी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ियों में 112 पुरुष और 56 महिलाएं हैं, जो 11 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे। भारतीय दल में भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनी लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी, धाविका सिमरन शर्मा और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी भाविना पटेल जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। गौरतलब है कि चीन के हांगझोऊ में 2023 में आयोजित पिछले एशियाई पैरा खेलों में भारत ने अपने प्रदर्शन से नया रिकॉर्ड बनाया था। भारतीय खिलाड़ियों ने कुल 111 पदक जीते थे, जिनमें 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल थे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था। इससे पहले भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2018 में जकार्ता में रहा था, जब देश ने 72 पदक जीते थे। अब भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर एशिया के मजबूत खिलाड़ियों के सामने चुनौती पेश करने उतरेंगे। देश को उम्मीद है कि खिलाड़ी पिछले प्रदर्शन से आगे बढ़ते हुए नए रिकॉर्ड बनाएंगे और भारत का नाम रोशन करेंगे।
Asian Para Games में 100 पदक जीतने का लक्ष्य, कोच Satyanarayana को एथलीटों पर पूरा भरोसा
पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण ने खिलाड़ियों की तैयारियों और उनके जज्बे पर भरोसा जताते हुए कहा कि भारत का लक्ष्य यहां एशियाई पैरा खेलों में 100 पदक जीतना है। खेलों का आधिकारिक आगाज रविवार को हुआ लेकिन बैडमिंटन, टेबल टेनिस और बोकिया सहित कुछ स्पर्धाएं कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई हैं। भारत ने 2023 में हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई पैरा खेलों में रिकॉर्ड 111 पदक जीते थे। जापान में 18 से 24 अक्टूबर तक होने वाले इन खेलों के पांचवें आयोजन में भारत ने 168 खिलाड़ियों का दल उतारा है। पिछली बार भारत के दल में 300 से अधिक खिलाड़ी शामिल थे। सत्यनारायण ने कहा कि खिलाड़ी उत्साहित हैं और अपनी तैयारियों को पदकों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ हम भारत के लिए लगभग 100 पदक जीतने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं और हमें विश्वास है कि हमारे खिलाड़ियों में इसे हासिल करने की क्षमता और दृढ़ संकल्प है। पदक अभियान में पैरा एथलेटिक्स की अहम भूमिका होगी। हमें कल एथलेटिक्स में छह पदक जीतने की उम्मीद है, जिनमें दो से तीन स्वर्ण पदक हो सकते हैं।’’पैरा ऊंची कूद के खिलाड़ी और दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार की तैयारियों पर भी कोच ने भरोसा जताया। सत्यनारायण ने कहा, ‘‘निषाद कुमार भी अच्छी लय में दिख रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे और संभव है कि खेलों का रिकॉर्ड भी तोड़ दें। हमारे अभियान की मजबूत शुरुआत के लिए ये अहम अवसर हैं।’’उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं। कोच ने कहा, ‘‘प्रतियोगिता कड़ी होगी, क्योंकि पूरे एशिया के कुछ सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी इसमें हिस्सा ले रहे हैं। लेकिन हमारे खिलाड़ी अच्छी तरह तैयार हैं और अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने, पदक जीतने तथा देश को गौरवान्वित करने पर ध्यान दे रहे हैं।’’सत्यनारायण ने नागोया में खिलाड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं पर भी संतोष जताया। उन्होंने कहा कि सुविधाओं, आवास और अन्य सहयोग से टीम को सकारात्मक माहौल मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय दल के खिलाड़ी यहां की व्यवस्थाओं से बेहद खुश हैं। सुविधाओं, रहने की व्यवस्था और यहां मिल रहे सहयोग से टीम के लिए अच्छा माहौल बना है। खिलाड़ी सहज महसूस कर रहे हैं, उनका मनोबल ऊंचा है और वे अपनी स्पर्धाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’भारतीय दल में भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, पैरा बैडमिंटन चैंपियन प्रमोद भगत, पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा, पैरा तीरंदाज शीतल देवी और धाविका सिमरन शर्मा सहित कई प्रमुख खिलाड़ी शामिल हैं।
अमेरिका में टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में आई बड़ी गिरावट ने कई एशियाई शेयर बाजारों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। अमेरिका में सेमीकंडक्टर्स शेयरों में लगातार 8 सत्रों में बिकवाली देखने को मिली। यह 2008 के बाद बिकवाली का सबसे लंबा सिलसिला था। इसका असर नैस्डेक 100 पर भी पड़ा। अप्रैल 2005 के बाद इसमें सबसे बड़ी गिरावट आई।पिछले 1.5-2 सालों में अमेरिका में एआई और सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में जबर्दस्त तेजी आई है। इस सेक्टर को चिप और दूसरे हार्डवेयर सप्लाई करने वाली एशियाई कंपनियों के शेयरों में भी खूब तेजी आई है। इनमें दक्षिण कोरिया और ताइवान की कई कंपनियां शामिल हैं। अमेरिका में एआई बूम जारी रखने के लिए नए निवेश की जरूरत है। पहले ही इस सेक्टर में काफी ज्यादा निवेश हो चुका है।अगर अमेरिका में एआई में निवेश की रफ्तार सुस्त पड़ती है तो इसका असर इस सेक्टर से जुड़ी एशियाई कंपनियों पर भी पड़ेगा। इसका संकेत दिखने लगा है। नियोक्लाउड ऑफर करने वाली कंपनी CoreWeave के बॉन्ड्स की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। इससे इस सेक्टर पर बढ़ते दबाव का संकेत मिलता है। इनवेस्टर्स सवाल पूछ रहे है कि एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों ने जो निवेश किया है, क्या उसका रिटर्न मिलने जा रहा है? क्या AI की डिमांड इतनी है, जिससे इन कंपनियों के रेवेन्यू को सपोर्ट मिलेगा?CoreWeave के शेयरों में 16 अक्तूबर को 12 फीसदी गिरावट आई। क्रूड की बढ़ती कीमतों ने एआई और सेमीकंडक्टर्स कंपनियों के लिए चिंता और बढ़ा दी है। क्रूड में उछाल से महंगाई बढ़ रही है, जिससे काबू में करने के लिए केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट्स बढ़ा रहे हैं। इससे इससे एआई कंपनियों के लिए नए निवेश की लागत भी बढ़ रही है। पिछले महीने अमेरिकी केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ा चुका है। अब नजरें इस महीने की फेड की पॉलिसी पर लगी हैं।ताइवान की TSMC, दक्षिण कोरिया की SK Hynix और Samsung Electronics जैसी कंपनियां AI कंप्यूटिंग के लिए जरूरी चिप और मेमोरी की सप्लाई करती हैं। इन कंपनियों की कमाई एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में होने वाले इनवेस्टमेंटम पर निर्भर है। अगर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश घटता है तो इन कंपनियों की कमाई पर सीधा असर पड़ेगा। Gartner ने चेतावनी दी है कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 3.5 ट्रिलियन डॉलर के इनवेस्टमेंट को 2030 तक बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टमेंट के अनुपात में रेवेन्यू नहीं दिख रहा।Union Bancaire Privee में मैनेजिंग डायरेक्टर वी-सेर्न लिंग ने कहा, अगर हायरपरस्केलर्स और नियोक्लाउड्स को निवेश जारी रखने के लिए फंड नहीं मिलता है तो इसका असर टीएसएमसी, सैमसंग और SK Hynix जैसी एशियाई कंपनियों पर पड़ेगा। उन्हें मिलने वाले ऑर्डर्स घट जाएंगे। इस साल MSCI Asia-Pacific Index की सबसे ज्यादा चढ़ने वाली 10 कंपनियों से 8 कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियां हैं। इनमें से हर कंपनी का शेयर कम से कम 236 फीसदी चढ़ा है।जहां तक भारत की बात है तो इसका असर भारतीय शेयर बाजारों पर नहीं पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि भारत में एआई और सेमीकंडक्टर्स बनाने वाली कंपनियां नहीं हैं। यहीं वजह है कि पिछले 1-2 सालों में जब अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान के शेयर बाजारों में तेजी आई तब भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली है। यहां तक की एआई बूम का निगेटिव असर भारतीय आईटी कंपनियों पर पड़ा है। अब जब एआई और चिप शेयर गिर रहे हैं तो भारतीय आईटी शेयरों में तेजी दिख रही है।
Asian Para Games: मानसी जोशी और थुलासिमथि मुरुगेसन सेमीफाइनल में, भारत का पदक तय
मानसी जोशी और थुलासिमथि मुरुगेसन ने शनिवार को यहां एशियाई पैरा खेलों में महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग के सेमीफाइनल में जगह बनाकर लगातार दूसरी बार भारत के लिए पदक सुनिश्चित कर दिया। भारतीय जोड़ी ने 2023 में हांगझोउ में आयोजित पिछले चरण में रजत पदक जीता था। दोनों खिलाड़ियों ने चीन की यूमेई लियू और टोंगटोंग ली को 21-10, 21-17 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इसके साथ ही उन्होंने एक मुकाबला शेष रहते ग्रुप ए में शीर्ष दो स्थान में अपनी जगह पक्की कर ली। सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों जोड़ियों को कांस्य पदक मिलने के कारण इस जीत के साथ ही भारत का पदक पक्का हो गया। मानसी और थुलासिमथि ने इससे पहले शुक्रवार को इंडोनेशिया की राहायु वारिनिंग और कोनिताह इख्तियार स्याकुरोह को हराया था। भारतीय जोड़ी सोमवार को अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में चीन की यांग क्यूशिया और शियाओ जुशियान से भिड़ेगी। महिला युगल एसए3-एसयू5 स्पर्धा खड़े होकर खेलने वाली श्रेणी है जिसमें निचले या ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। तोक्यो पैरालंपिक चैंपियन कृष्णा नागर ने पुरुषों के एकल एसएच6 ग्रुप चरण में लगातार दूसरी जीत दर्ज करते हुए क्वार्टरफाइनल में स्थान सुनिश्चित किया। नागर ने इंडोनेशिया के सुभान को 21-13, 21-15 से हराकर ग्रुप सी में शीर्ष दो खिलाड़ियों में अपना स्थान सुनिश्चित किया। हालांकि, उनका एक ग्रुप मुकाबला अभी बाकी है। एसएच6 वर्ग कम कद वाले खिलाड़ियों के लिए होता है। भारत को एकल मुकाबलों में कई अन्य जीत भी मिलीं। पेरिस पैरालंपिक के चैंपियन नितेश कुमार और तोक्यो पैरालंपिक के विजेता प्रमोद भगत ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। नितेश ने थाईलैंड के नत्थापोल चमननवेट को 21-6, 21-7 से हराया जबकि भगत ने चीन के शियोंग लिचुआन को 21-17, 21-16 से मात दी। उमेश विक्रम कुमार ने भी फिलीपींस के खियान काइल अर्बानो को 21-10, 21-12 से पराजित किया। पुरुष एकल एसएल4 वर्ग में नवीन शिवकुमार ने इंडोनेशिया के हिकमत रमदानी को 21-12, 21-10 से हराया। वहीं, सूर्यकांत यादव ने जापान के कोकी ओगावा को 21-6, 21-19 से शिकस्त दी। इस वर्ग में निचले अंगों में अपेक्षाकृत कम गंभीर दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं। सुकांत कदम ने दक्षिण कोरिया के शिन क्यॉन्ग ह्वान को 21-17, 18-21, 21-9 से हराया। अभिजीत सखुजा ने भी शानदार वापसी करते हुए थाईलैंड के सिरिपोंग टीमारोम को 19-21, 21-16, 21-10 से पराजित किया। पुरुष एकल एसयू5 वर्ग (जिसमें ऊपरी अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर खेलते हैं) में रुथिक रघुपति ने जापान के वातरू कनाई को 21-12, 21-13 से हराया। हार्दिक मक्कर ने मलेशिया के अमिरुल याजिद बिन अहमद सिबी को 21-16, 16-21, 21-18 से मात दी। भारत ने व्हीलचेयर वर्गों में भी जीत दर्ज की। पुरुष एकल डब्ल्यूएच1 वर्ग (जिसमें धड़ और निचले अंगों में अधिक गंभीर दिव्यांगता वाले खिलाड़ी होते हैं) में प्रेम कुमार आले ने संयुक्त अरब अमीरात के ओमैर यूनुस को 20-22, 21-9, 21-10 से हराया। डब्ल्यूएच2 वर्ग (जिसमें अपेक्षाकृत कम गंभीर दिव्यांगता वाले व्हीलचेयर खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं) में हैरिस मिथिली ने इंडोनेशिया के विविन एंड्री को 21-13, 21-17 से हराया। हालांकि अबू हुबैदा को जापान के रियो ओयामा के खिलाफ 13-21, 11-21 से हार का सामना करना पड़ा। पुरुष एकल एसएच6 वर्ग में नागर की जीत के अलावा सिवाराजन सोलाइमलाई ने हांगकांग के वोंग चुन यिम को 21-13, 21-14 से शिकस्त दी। हालांकि सुदर्शन मुथुसामी को हांगकांग के चू मैन काई के खिलाफ 8-21, 6-21 से हार मिली। महिला एकल एसएच6 वर्ग में नित्या श्री सुमति सिवन ने चीन की लिन शुआंगबाओ को 21-18, 21-13 से हराया। वहीं एसयू5 वर्ग में थुलासिमथि मुरुगेसन ने ब्रुनेई की जैनब मोहम्मद को 21-2, 21-2 से करारी शिकस्त दी। इसी वर्ग में मनीषा रामदास ने अपनी हमवतन शांतिया विश्वनाथन को 21-8, 21-15 से पराजित किया। हालांकि महिला एकल एसएल3 वर्ग में भारत के कई खिलाड़ियों को हार का सामना करना पड़ा। इस वर्ग में निचले अंगों में दिव्यांगता वाले खिलाड़ी खड़े होकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। मानसी जापान की शिनो कावाई से 3-21, 3-21 से हार गईं। संजना कुमारी को इंडोनेशिया की कोनिताह इख्तियार स्याकुरोह ने 21-13, 21-6 से हराया, जबकि नीरज को चीन की शियाओ जुशियान के खिलाफ 5-21, 10-21 से हार मिली। मनदीप कौर को भी मलेशिया की सिती मैसाराह बी मैट लवानी ने 5-21, 13-21 से पराजित किया। महिला एकल एसएल4 वर्ग में कनक सिंह जादौन को चीन की हुआंग ज़िशुआन के खिलाफ 4-21, 3-21 से हार का सामना करना पड़ा। वहीं, व्हीलचेयर एकल डब्ल्यूएच1 वर्ग में पल्लवी कलुवेहल्ली चीन की यांग फैन से 13-21, 14-21 से हार गईं। पुरुष युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में सूर्यकांत और नवीन शिवकुमार की जोड़ी ने चीन के मिंगपान ली और लिचुआन शियोंग को 21-7, 21-19 से हराया। हालांकि, सुकांत कदम और प्रमोद भगत की जोड़ी दक्षिण कोरिया के शिन क्यॉन्ग ह्वान और चो नादान से 21-18, 19-21, 11-21 से हार गई। उमेश विक्रम कुमार और राकेश पांडे की जोड़ी को भी इंडोनेशिया के फ्रेडी सेतियावान और हिकमत रमदानी ने 21-14, 21-10 से हराया। महिला युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में मनदीप कौर और शांतिया विश्वनाथन की जोड़ी को चीन की हेफांग चेंग और जिशुआन हुआंग के खिलाफ 11-21, 12-21 से हार मिली। मिश्रित युगल डब्ल्यूएच1-डब्ल्यूएच2 वर्ग में अल्फिया जेम्स और प्रेम कुमार आले ने चीनी ताइपे की आई-चेन यांग और यू-यू ओंग को 21-9, 21-17 से हराया। हालांकि, मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग में मनीषा रामदास और प्रमोद भगत की जोड़ी को इंडोनेशिया की लियानी रत्री ओक्तिला और हिकमत रमदानी के खिलाफ 19-21, 16-21 से हार मिली। वहीं, रुथिक रघुपति और मानसी जोशी की जोड़ी चीन के मिंगपान ली और जुशियान शियाओ से 10-21, 17-21 से हार गई। मिश्रित युगल एसएच6 वर्ग में नागर और नित्या श्री की जोड़ी को भी चीन की नाइली लिन और फेंगमेई ली के खिलाफ 6-21, 10-21 से हार का सामना करना पड़ा।
महिला फुटबॉल का सबसे बड़ा यूथ टूर्नामेंट आज से शुरु हो रहा है। FIFA U-17 महिला वर्ल्ड कप का 10वां एडिशन शनिवार से मोरक्को में खेला जाएगा। 24 टीमों के बीच 22 दिनों तक खिताबी भिड़ंत होगी। वहीं डिफेंडिंग चैंपियन उत्तर कोरिया लगातार तीसरी ट्रॉफी जीतने उतरेगा। भारत इस एडिशन का हिस्सा नहीं है। टीम सिर्फ एक बार 2022 में खेली थी। इस स्टोरी में जानिए कौन-सी टीम किस ग्रुप में है, टूर्नामेंट पहली बार कब खेला गया, कौन-सी टीम कितनी बार चैंपियन बनी और 2022 में भारत का प्रदर्शन क्या रहा था… 24 टीमों को 6 ग्रुप में बांटा गया टूर्नामेंट में 24 टीमों को 6 ग्रुप में बांटा गया है। हर ग्रुप की टॉप-2 टीमें सीधे राउंड ऑफ 16 में जाएंगी। साथ ही सभी ग्रुप से मिलाकर बेस्ट 4 थर्ड-प्लेस टीमें भी अगले राउंड के लिए क्वालिफाई होंगी। सभी मैच रबात के मोहम्मद-6 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में होंगे। वहीं ब्रॉन्ज और फाइनल प्रिंस मौले एल हसन स्टेडियम में खेला जाएगा। 2008 में 16 टीमों से शुरु हुआ सफर उत्तर कोरिया सबसे ज्यादा 4 बार चैंपियन बना उत्तर कोरिया ने सबसे ज्यादा 4 बार खिताब जीता है। टीम 2008, 2016, 2024 और 2025 में चैंपियन बनी। टीम ने पिछले साल 2025 में नीदरलैंड को 3-0 से हराकर लगातार ट्रॉफी जीताई। स्पेन ने भी 2018 और 2022 में 2 बार खिताब अपने नाम किया। साउथ कोरिया, फ्रांस और जापान ने एक-एक बार ट्रॉफी उठाई है। भारत होस्ट नेशन के तौर पर 2022 में खेला भारत ने 2022 में होस्ट नेशन के रूप में अपना एकमात्र वर्ल्ड कप खेला। हालांकि टीम अपने तीनों ग्रुप मुकाबले हार गई। टीम को ग्रुप-A में अमेरिका से 0-8, मोरक्को से 0-3 और ब्राजील से 0-5 से हार झेलनी पड़ी थी। टीम टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं कर सका, जबकि 16 गोल खाए। पुएर्तो रिको ने पहली बार FIFA वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया इस बार पुएर्तो रिको पहली बार किसी भी FIFA वर्ल्ड कप में खेलेगी। टीम ने पुरुष या महिला कैटेगरी में पहली बार क्वालीफाई किया है। अर्जेंटीना और ऑस्ट्रेलिया भी पहली बार विमेंस U-17 के इस टूर्नामेंट में हिस्सा ले रहे हैं। कहां देख सकते हैं मुकाबले? FIFA U-17 विमेंस वर्ल्ड कप 2026 के सभी 52 मैच OTT प्लेटफॉर्म DAZN पर फ्री में देखे जा सकते हैं। FIFA+ ऐप और वेबसाइट पर भी मैच स्ट्रीम किए जाएंगे। भारत में इसका कोई आधिकारिक टीवी ब्रॉडकास्टर घोषित नहीं हुआ है।
Asian Para Games 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल तैयार, SAI केंद्रों में विशेष कैंप
एशियाई पैरा गेम्स 2026 के लिए 168 सदस्यीय भारतीय दल (जिसमें 112 पुरुष और 56 महिलाएँ शामिल हैं) को भारत सरकार की ओर से काफी मदद दी गई है, ताकि वे आइची-नागोया में होने वाले इस आयोजन में अपना बेहतर प्रदर्शन कर सकें। सरकारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस मदद में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के मौके, घरेलू प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण और विदेशों में प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल हैं। शुक्रवार को इन खेलों में भारतीय पैरा बैडमिंटन और पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ियों के साथ-साथ पुरुषों की ब्लाइंड फुटबॉल टीम ने भी अपने अभियान की शुरुआत की। इसे भी पढ़ें: Elon Musk ने दिखाई नई Tesla Roadster, SpaceX तकनीक से हवा में लगाई शानदार फ्लिप, देखें Video इस दल में 47 एथलीट 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) का हिस्सा हैं, 33 'खेलो इंडिया एथलीट' (KIAs) हैं, और 61 एथलीट एशियाई पैरा खेलों में पहली बार हिस्सा ले रहे हैं। टीम को मुख्य रूप से 'एनुअल कैलेंडर फॉर ट्रेनिंग एंड कॉम्पिटिशन' (ACTC) और TOPS के ज़रिए मदद दी गई है। इसके तहत ACTC में कुल 80.22 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि TOPS के अंतर्गत 18.34 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इसमें शामिल 11 खेलों की तैयारियों के लिए कई केंद्रों पर 'नेशनल कोचिंग कैंप' (NCC) आयोजित किए गए। विशेष रूप से, पैरा-आर्चरी टीम ने सितंबर और अक्टूबर के बीच जापान के कुरोबे आर्चरी सेंटर में एक अंतरराष्ट्रीय कैंप में हिस्सा लिया। देश के भीतर, पैरा-आर्चर्स ने सोनीपत स्थित 'स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया' (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र में प्रशिक्षण लिया। इसी दौरान, पैरा-स्विमर्स और पैरा-पावरलिफ्टर्स ने गांधीनगर स्थित SAI क्षेत्रीय केंद्र में कैंप लगाए। इसके अलावा, पैरा-एथलीटों ने नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, SAI सोनीपत और बेंगलुरु स्थित SAI क्षेत्रीय केंद्र में आयोजित NCC में भी भाग लिया। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान अक्टूबर के दौरान आयोजित अन्य शिविरों में डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में पैरा-शूटर्स की ट्रेनिंग, कोच्चि में ब्लाइंड फुटबॉल खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, और लखनऊ की इंडियन पैरा जूडो अकादमी में ब्लाइंड जूडो एथलीटों की ट्रेनिंग शामिल थी। पैरा-साइकिलिंग की तैयारियां नई दिल्ली के SAI इंदिरा गांधी स्टेडियम स्थित साइकिलिंग वेलोड्रोम में हुईं। भारत, आइची-नागोया गेम्स में पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-आर्चरी, पैरा-बैडमिंटन, पैरा-टेबल टेनिस, बोकिया, ब्लाइंड फुटबॉल, पैरा-साइकिलिंग, ब्लाइंड जूडो, पैरा-पावरलिफ्टिंग, पैरा-शूटिंग और पैरा-तैराकी में हिस्सा ले रहा है।
एशियाई खेलों के विजेता प्रधानमंत्री से मिले
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एशियाई खेल-2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल से मुलाकात की। उन्होंने एकही जगह
Asian Para Games: सुहास यथिराज ने जीत से किया आगाज, बांग्लादेश के जॉयतू धर को सीधे गेम में हराया
दो बार की पैरालम्पिक रजत पदक विजेता और गत चैम्पियन सुहास एल वाई ने एशियाई पैरा खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में जीत के साथ आगाज करते हुए पुरूषों के एकल एसएल4 ग्रुप ई मैच में बांग्लादेश के जॉयतू धर को सीधे गेम में हराया। प्रशासनिक अधिकारी सुहास ने तोक्यो और पेरिस पैरालम्पिक में रजत पदक जीता था जबकि पिछले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक हासिल किया था। उन्होंने यह मुकाबला 21 . 8, 21 . 11 से जीता। पुरूषों के एकल एसएल4 वर्ग में अभिजीत सखुजा ने चीनी ताइपै एन चुआन येह को 21 . 17, 21 . 12 से मात दी। तोक्यो पैरालम्पिक स्वर्ण पदक विजेता और एशियाई पैरा खेलों के रजत पदक विजेता कृष्णा नागर ने चीनी ताइपै के जिया सियांग लिंग को 21 . 5, 21 . 4 से हराकर जीत के साथ आगाज किया। एसएच6 वर्ग में एक और भारतीय सिवराजन सोलाइमलाइ ने ग्रुप डी में फिलीपींस के जॉन साइरस मेकलांग को 21 . 7, 21 . 6 से हराया। मिश्रित युगल एसएल3 और एसयू5 ग्रुप ए के मैच में भारत की मनीषा रामदास और प्रमोद भगत ने चीन के लिचुआन शियोंग और टोंगटोंग को 21-16 19-21 21-16 से मात दी। मानसी जोशी और रूत्विक रघुपति हालांकि अपना मुकाबला हार गए। महिला एकल एसएल3 वर्ग में पूर्व विश्व चैम्पियन मानसी जोशी को चीन की यूमेइ लियू ने 21 . 15, 14 . 21, 21 . 15 से हराया।
Asian Games मेडलवीरों से मिले PM Modi: बोले, जुनून जीत में बदले तो चमकता है New India
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय दल ने कुल 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल हैं। हालांकि, तीन साल पहले हांगझोऊ में जीते गए ऐतिहासिक 106 पदकों की तुलना में यह संख्या कुछ कम रही, फिर भी 2026 का प्रदर्शन ऐतिहासिक था, क्योंकि यह एशियाई खेलों में भारत का अब तक का दूसरा सबसे सफल प्रदर्शन रहा। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence 15 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी ने सभी खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस दौरान खिलाड़ियों ने उन्हें अपनी हस्ताक्षरित (साइन की हुई) जर्सी और हॉकी स्टिक भेंट की, साथ ही शॉल ओढ़ाकर उनका सम्मान भी किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हाल ही में हुए एशियाई खेल हमारे लिए कई मायनों में यादगार रहे हैं। इतने सारे पदक वीर और उन सबको एक साथ मिलना... ये कोई मामूली बात नहीं है। ये बहुत सुखद एहसास होता है। आप सब युवा एथलीट इस बात के उदाहरण हैं कि जुनून जब जीत में बदलता है तो वो कैसे मेडल के साथ साथ चेहरे की चमक भी लेकर आता है। और देश तो चमकता ही है। मोदी ने कहा कि हमारी पुरुष और महिला हॉकी, दोनों टीमें यहाँ मौजूद हैं; दोनों ही टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। खासकर हमारी महिला हॉकी टीम ने स्वर्ण पदक जीतकर 44 साल के लंबे इंतजार को खत्म किया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में, हमारी दोनों टीमों ने लगातार दूसरी बार पदक जीतकर अपने ही पिछले रिकॉर्ड को दोहराया है। कबड्डी में, हमारी पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते हैं। इसी तरह, हमने तीरंदाजी में पाँच स्वर्ण पदक हासिल किए। हमने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन देखा, और बॉक्सिंग तथा कुश्ती में भी बड़ी सफलताएँ हासिल कीं। हमारे खिलाड़ियों ने नए रिकॉर्ड बनाए, और हमने 28 साल बाद वेटलिफ्टिंग में भी एक पदक जीता है। उन्होंने कहा कि 1982 के बाद पहली बार, भारत ने मैराथन में सफलता हासिल की है। यह सचमुच बहुत खुशी की बात है। मैं विशेष रूप से हमारी बेटियों की तारीफ करना चाहूंगा। भारत ने जो 85 पदक जीते हैं, उनमें से 38 पदक हमारी महिला खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं, जिनमें 11 स्वर्ण पदक शामिल हैं। ये पदक केवल कुछ आंकड़े नहीं हैं; ये एक 'नए भारत' की सशक्त तस्वीर पेश करते हैं। आज भारत उन खेलों में भी पदक जीत रहा है, जिनमें एशियाई खेलों के इतिहास में हमने पहले कभी कुछ नहीं जीता था - जैसे कि मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, सॉफ्ट टेनिस और सेलिंग (नौकायन) के कुछ इवेंट्स। हमारे खिलाड़ियों ने इन खेलों में पहली बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया है... पिछले 12 वर्षों में, भारत ने अपने खिलाड़ियों और खेल इकोसिस्टम को समर्थन देने के लिए बहुत धैर्य, लगन और समर्पण के साथ काम किया है। इसे भी पढ़ें: FIFA सदस्य देशों को देगा 25 मिलियन डॉलर, 2027 से 2030 के लिए तैयार किया फंड प्लान उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में, देश ने एक दूरदर्शी सोच के साथ लगातार और समर्पित प्रयास किए हैं। हमने एक अधिक पारदर्शी और आधुनिक खेल इकोसिस्टम तैयार किया है। हमने 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (TOPS) और 'खेलो इंडिया' की शुरुआत की, और समय के साथ इन पहलों का विस्तार भी किया है। 'खेलो इंडिया' का विस्तार करने और खेल महासंघों को मजबूत बनाने के लिए, हमने 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की है। आज, पूरे देश में 1,000 से अधिक 'खेलो इंडिया' केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
Asian Champions Trophy की तैयारी में जुटे Abhishek Nain, LA Olympics 2028 पर टिकी नजरें
भारतीय हॉकी खिलाड़ी अभिषेक नैन ने कहा कि जापान में 2026 एशियाई खेलों में पुरुष और महिला टीमों का स्वर्ण पदक जीतना देश के लिए बहुत गर्व और प्रेरणा की बात है। उन्होंने इस सफर को चुनौतियों से भरा एक सीखने का अनुभव बताया और कहा कि इस ऐतिहासिक 'डबल गोल्ड' ने भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए टीम के संकल्प को और मजबूत किया है। भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने 2026 एशियाई खेलों में 'डबल गोल्ड' जीतकर इतिहास रच दिया। पुरुष टीम ने मलेशिया को 5-1 से हराकर अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा, जबकि महिला टीम ने चीन को 1-0 से हराकर एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए 44 साल का लंबा इंतजार खत्म किया। इसे भी पढ़ें: PM Modi ने Ladakh के युवाओं को दी सौगात, Leh में बनेगा बड़ा Center of Excellence नैन ने बताया कि जालंधर में होने वाली आगामी एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी के लिए तैयारियां चल रही हैं, जिसका दीर्घकालिक लक्ष्य 2028 के लॉस एंजिल्स ओलंपिक में अच्छा प्रदर्शन करना है। नैन ने कहा कि देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी प्रेरणा देता है; हमने हॉकी में दो स्वर्ण पदक जीते - एक महिला टीम के साथ और एक पुरुष टीम के साथ। यह हमारे लिए बहुत गर्व का क्षण है और हमारे भविष्य के लक्ष्यों की दिशा में पहला कदम है। इसने हमें प्रेरित किया है, और हम आने वाले टूर्नामेंटों के लिए तैयार हैं... यह एक शानदार सफर रहा। इसमें कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मैंने कदम-दर-कदम बहुत कुछ सीखा और हासिल किया। कुल मिलाकर, यह एक बेहतरीन सफर रहा... जालंधर में एशियन चैंपियंस ट्रॉफी होने वाली है, और हम अभी उसी की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद, हमारा लक्ष्य LA (लॉस एंजिल्स) ओलंपिक है, इसलिए हम अपनी तैयारियों को उसी पर केंद्रित करेंगे। एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का आयोजन 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक जालंधर और मोहाली में किया जाएगा। इस टूर्नामेंट के साथ पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी हो रही है। पंजाब एक ऐसा राज्य है जिसने इस खेल में बड़ा योगदान दिया है और कई महान खिलाड़ियों की पीढ़ियां तैयार की हैं। डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में, भारत का लक्ष्य अपनी हालिया सफलताओं को आगे बढ़ाना और एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में अपने मजबूत रिकॉर्ड को बनाए रखना है। भारत अब तक पांच बार यह खिताब जीत चुका है, जो किसी भी अन्य टीम के मुकाबले सबसे ज्यादा है। इसे भी पढ़ें: CRPF Recruitment: CRPF ने Head Constable और GD Constable के 521 पदों पर मांगे आवेदन, ऐसे करें अप्लाई यह प्रतियोगिता जालंधर में शुरू होगी, जहाँ ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में उद्घाटन समारोह और 27 अक्टूबर से 2 नवंबर तक लीग चरण के सभी मैच खेले जाएंगे। इसके बाद, 4 नवंबर को सेमीफाइनल और 5 नवंबर को मेडल मैच मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में आयोजित किए जाएंगे।
उपलब्धि: डाक बांटने वाली निधि अब एशियाई क्रिकेट में दिखाएंगी दमखम, भारतीय महिला टीम में हुआ चयन
हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर में घर-घर डाक पहुंचाने वाली निधि अब क्रिकेट के मैदान में भी देश का नाम रोशन करेंगी। मंडी मुख्य डाकघर में पोस्टमैन के पद पर तैनात उत्तर प्रदेश के बिजनौर की निधि का भारतीय महिला टेनिस बॉल क्रिकेट टीम में चयन हुआ है।
Agra News: एशियाई मास्टर्स तैराकी में राधेश्याम ने जीता रजत पदक
हाैसलों की लहरों पर सवार आगरा के 76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर ताजनगरी का नाम रोशन किया है।
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम
बेटियों का जलवा: एशियाई खेलों में भारत की स्वर्णिम कहानी, 10 में से 8 स्वर्ण महिला खिलाड़ियों के नाम asian-games-indian-women-athletes-eight-gold-medals-neeru-dhanda-trap-shooting-archery-kabaddi
Asian Games 2026: एशियन गेम्स में भारत ने जीते हैं अब तक कुल 60 मेडल
Asian Games 2026 Day 12 Live Updates: एशियन गेम्स का आज 12वां दिन है. कई खेलों में आज भारत को मेडल की उम्मीदें रहेंगी. वहीं कुछ खेल ऐसे हैं, जहां से मेडल पक्का हो सकता है, ऐसे में इस पेज को रिफ्रेश करते रहें.
पश्चिम एशियाई देशों के छात्रों के लिए सीबीएसई विशेष परीक्षा 2026 की एलओसी भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। छात्र 22 से LOC भर सकते हैं और एक या अधिक विषय चुन सकते हैं।
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई?
Rahul Gandhi Malasia PM Video: BRICS के बीच राहुल-प्रियंका से मिले मलेशिया के PM, क्या बात हुई? Rahul Gandhi Anwar Ibrahim Meeting को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को मलेशिया के प्रधानमं
गन्तव्य देशों के हालात खराब होने से दक्षिण एशियाई प्रवासन में कमी
आशीष विश्वास अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है। हाल के दिनों में अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में दक्षिण एशियाई लोगों के लिए प्रवासन और वहां जाकर नौकरी पाना मुश्किल होता जा रहा है, जो बड़े झगड़ों और लगातार सामाजिक उथल-पुथल और अशांति का सीधा नतीजा है। इस इलाके के बड़े देशों की तरह, भारत और बांग्लादेश पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। लंबे समय में दोनों देशों के सामने दोहरी चुनौती है: घरेलू श्रम बाजार में नौकरी के लिए बेचैनी और बढ़ जाएगी, क्योंकि वे बड़ी आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। साथ ही प्रवासी कामगारों द्वारा घर भेजे जाने वाली बड़ी राशि (रेमिटेंस) से होने वाली अच्छी-खासी आय भी समय के साथ कम हो जाएगी। खबरें हैं कि कम से कम 1500 और भारतीयों को अल्पावधि में अमेरिका से वापस भेजा जा रहा है और केनडा में भी हालात बेहतर नहीं दिख रहे हैं, क्योंकि नौकरी के मौके कम हो रहे हैं। अमेरिका और यूरोपीय देशों में अपनाई गई सरकारी नीति में नए ज़ोर की वजह से, लगभग बिना हुनर वाले आम दक्षिण एशियाई प्रवासियों के लिए स्थितियां असल में मुश्किल हो गई हैं। इसका मकसद सालों से वहां गैर-कानूनी ढंग से रह रहे एशियाई लोगों को बाहर निकालना है। ज़्यादातर मौजूदा सरकारों पर दक्षिणपंथियों का ज़ोरदार दबाव है, क्योंकि सत्तारूढ़ पार्टियों पर गैर-कानूनी प्रवासन को बढ़ावा देने का आरोप लगता है। आरोप है कि पहले से ही स्थानीय संस्कृति के कमज़ोर होने और गंभीर सुरक्षा चिंताओं जैसी स्थानीय समस्याएं हैं। ज़्यादातर हाथ से काम करने वाले अस्थायी कामों में लगे, हज़ारों प्रवासी ऐसे कमज़ोर लक्ष्य बन गए हैं जिन्हें तुरंत और बिना किसी औपचारिकता के वापस भेजा जा सकता है। यह विकसित देशों में अपनी मौजूदा समस्याओं के समाधान के लिए शासन और नीतिगत कदमों का नतीजा है। यूनाइटेड किंगडम से लेकर अमेरिका तक, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों और प्रवासियों के लिए वीज़ा मिलना नए कड़े कानूनों से प्रभावित हुआ है, पढ़ाई की फीस बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है और कानूनी तौर पर स्थायी रूप से रहने का अधिकार कम कर दिया गया है। प्रवासियों के खिलाफ नकारात्मक रूझान सिर्फ़ पश्चिमी देशों तक ही सीमित नहीं है। दिसंबर 2025 तक, सऊदी अरब से किसी न किसी वजह से करीब 11,000 से ज़्यादा भारतीयों को वापस उनके अपने देशों में भेजा जा चुका था, जो एक रिकॉर्ड है। अमेरिका ने उसी समय तक करीब 3800 भारतीयों को वापस भेजा था। साफ़ है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बहुत बढ़ा-चढ़ाकर कही गई अच्छी दोस्ती का अमेरिका-भारत के आपसी रिश्तों के सभी मामलों में कोई खास फ़र्क नहीं पड़ा। दिलचस्प बात यह है कि म्यांमार ने करीब 1600 'गैर-कानूनीÓ रूप से वहां रह रहे भारतीयों को वापस भेजा, जबकि मलेशिया और यूएई ने 2025 में करीब 1600 लोगों को वापस भेजा। भारत सरकार और अन्य स्रोतों का दावा है कि कई भारतीय अपनी मज़ीर् से भी अपने गोद लिए हुए देशों को छोड़ रहे हैं। इसकी वजहें हैं बेकाबू महंगाई, जिससे रहने का खर्च बढ़ रहा है, मुश्किल समय में काम का बोझ बढ़ रहा है, अधिकारियों की तरफ़ से बढ़ती परेशानी और घर पैसे भेजने में भारी कमी का आना। इसका मतलब यह नहीं है कि वे भारत के बाहर मौके नहीं देख रहे हैं। दुबई एक पसंदीदा नई जगह है। केनडा से 2025 में लगभग 2830 भारतीय लौटे, जबकि पिछले साल यह संख्या 2000 थी। कुछ मामलों में केनाडाई अधिकारियों के तरीकों पर शक जताते हुए, भारत सरकार ने प्रवासियों को वापस भेजने के दौरान अपनाए गए तरीकों पर भी कड़ी आपत्ति जताई है, जिसमें वापस भेजे गए लोगों को वापस आने के दौरान कोई सुविधाएं नहीं दी जाती हैं। यहां तक कि हमेशा मूलभूत मानवीय सुविधाएं भी नहीं दी जाती हैं, हालांकि लौटने वाला हर कोई घोषित अपराधी नहीं होता है। पड़ोसी बांग्लादेश की बात करें तो, इज़रायली हमलों के जारी रहने के कारण लेबनान में कम से कम 5000 लोगों की नौकरी चली गई। कम से कम 200 लोग स्वयं वापस चले गए क्योंकि प्रवासियों को जानलेवा काम के हालात में धकेला जा रहा था। यह स्थानीय श्रम कानूनों और नौकरी की शर्तों का खुला उल्लंघन था। साथ ही 'आपातकाल' के नाम पर अक्सर वेतन में कटौती भी की जाती थी। मध्य पूर्व में प्रवासी संगठनों के एच आर ग्रुपों और प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि लेबनान और आस-पास के इलाकों में 11 बांग्लादेशी कामगार मारे गए, जबकि कई घायल हुए, जिन पर स्थानीय अधिकारियों ने बहुत कम ध्यान दिया। अप्रशिक्षित कामगारों को सहयोगी, रेस्क्यू स्टाफ और दूसरे कामों के तौर पर समुद्री झड़पों में भी हिस्सा लेने के लिए मजबूर किया गया था। ऐसा लगता है कि ऐसे मामलों में कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं थी। सिर्फ़ एक मामले में फिलिपिनो कामगार के एक ग्रुप ने ऐसे आदेश मानने से मना कर दिया था। एचआर ग्रुपों का आरोप है कि कई बमबारी और मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरनाक आदान-प्रदान के दौरान मरने वाले ज़्यादातर पीड़ित आर्थिक रूप से कमज़ोर प्रवासी कामगारों के असुरक्षित ग्रुप से थे। अलग-अलग अन्तरराष्ट्रीय प्राधिकारी, देश के प्रमुखों, संयुक्त और दूसरी संस्थाओं से बार-बार गुहार लगाने पर कोई जवाब नहीं मिला। कामगारों के लिए एक और चिंता यह थी कि क्या प्रवासियों को रखने वाले देश उनके ज़िंदा रहते हुए उनकी बुरी हालत के प्रति लगभग पूरी तरह से बेपरवाह होने के मद्देनजर उनके बकाए का इंतज़ाम भी करेंगे। ऐसे डर से इन्कार नहीं किया जा सकता। न सिफ़र् आपूर्तिकर्ता देश को कानूनी तौर पर मिलने वाले पैसे के सवाल पर नुकसान होगा, बल्कि घर पर पीड़ितों के परिवारों को भी बहुत ज़्यादा तकलीफ़ होगी। कई परिवार विदेश में नौकरी करके पैसे कमाने के लिए किसी सदस्य को भेजने और सक्षम बनाने हेतु भारी-भरकम कर्ज भी लेते हैं।
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Cannes Film Festival 2024 : सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बनें संतोष सिवन
Cannes Film Festival 2024: बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक कान फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफी के लिए पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बन गए हैं। संतोष सिवन को 77वें कान फिल्म फेस्टिवल 2024 में 'सिनेमैटोग्राफी' में प्रतिष्ठित ...

