भारत के स्टार जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा लुसाने डायमंड लीग में दूसरे स्थान पर रहे। उन्होंने दूसरे प्रयास में 88.05 मीटर भाला फेंका। वहीं, श्रीलंका के रुमेश पथिरागे 88.14 मीटर के साथ खिताब जीता। (हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं।)
कैसे जन्मा और वायरल हुआ हायरॉक्स खेल
हायरॉक्स, हाल के बरसों में दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाला फिटनेस स्पोर्ट्स है. कोई खेल कैसे जन्म लेता है और फिर कैसे लोकप्रिय हो जाता है, ये जानने के लिए आपको करीब 9 साल के हायरॉक्स को देखना चाहिए.
Neeraj Chopra Javelin Live: दूसरे प्रयास में नीरज का धमाका, 88.05 मीटर के थ्रो से बने नंबर-1
Neeraj Chopra Javelin Throw Live Updates: नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है।
FIH Women's World Cup में नीदरलैंड से 0-2 से हारी भारतीय टीम, डिफेंस ने दिखाया दम
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 21 अगस्त एक बार फिर भारतीय गोलकीपरों सविता और बिछू की अगुवाई में भारतीय डिफेंस ने साहसिक प्रदर्शन किया लेकिन पेरिस ओलंपिक और पिछले तीन बार की विश्व चैम्पियन नीदरलैंड की टीम ने एफआईएच विश्व कप के दूसरे दौर के पहले मुकाबले में शुक्रवार को 2 - 0 से जीत दर्ज की। इंग्लैंड के खिलाफ पिछले मैच में बारह पेनल्टी कॉर्नर बचाने वाले भारतीय गोलकीपरों और डिफेंडरों ने दुनिया की नंबर एक टीम को खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम पर खुलकर खेलने नहीं दिया। पहले दौर में तीन मैचों में पंद्रह गोल करने वाली डच टीम के लिये दूसरे मिनट में यिब्बी यानसेन ने और 38वें मिनट में फ्रेडरिक माल्टा ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल दागे। नीदरलैंड को आखिरी सेकंडों में भी पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसे सविता ने रोक दिया। भारत को अब रविवार को आस्ट्रेलिया से खेलना है और सेमीफाइनल की उम्मीदें बचाये रखने के लिये उसे हर हालत में यह मैच जीतना होगा। नीदरलैंड टीम पेरिस ओलंपिक और पिछले विश्व कप में एक भी मैच नहीं हारी। इसके अलावा एफआईएच प्रो लीग के पिछले सत्र में सिर्फ दो मैच गंवाये थे। वेगनेर स्टेडियम पर डच समर्थक आरेंज जर्सी पहनकर आये थे जो आज भारत की जर्सी का रंग था जबकि सह मेजबान टीम नीली जर्सी में खेली। नीदरलैंड ने पहले दौर में जापान को 9-0 से, आस्ट्रेलिया को 4-2 से और चिली को 2-0 से हराया था जबकि भारतीय टीम भी अपराजेय रहते हुए दूसरे दौर में पहुंची। भारत ने चीन को 2-2 से और इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोका जबकि दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से मात दी। नीदरलैंड ने अपेक्षा के अनुरूप बेहद आक्रामक शुरूआत करते हुए दूसरे ही मिनट में पेनल्टी कॉर्नर बनाया जिस पर टूर्नामेंट में अब तक सर्वाधिक छह गोल कर चुकी उसकी ड्रैग फ्लिकर यिब्बी यानसेन ने सातवां गोल दागा। पहला गोल जल्दी गंवाने के बाद भारतीय डिफेंस ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड के स्ट्राइकरों को बांधे रखा। पांचवें मिनट में इंग्लैंड को सर्कल में बाधित होने के कारण रेफरल पर पेनल्टी कॉर्नर मिला जिस पर यिब्बी के तूफानी शॉट को बिछू ने बायां पैर आगे करके कुशलता से रोका। इंग्लैंड के खिलाफ आखिरी पूल मैच में अंतिम 30 सेकंड में गोल बचाने वाली बिछू ने उसी लय को कायम रखते हुए अगले मिनट फिर शानदार बचाव किया। भारतीय खिलाड़ी आठवें मिनट में पहली बार डच हाफ में घुसे फाउल से नीदरलैंड को फ्रीहिट मिल गई। बारहवें मिनट में नीदरलैंड की पियेन सैंडर्स का निशाना चूक गया। इसके अगले मिनट पलटवार में सलीमा टेटे गेंद लेकर आगे बढी लेकिन सर्कल पर से उनका शॉट सटीक निशाने पर नहीं लगा। मेजबान टीम को इसी मिनट मिले पास पर यिब्बी का शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया। दूसरे क्वार्टर में गोल के सामने सविता पूनिया का अनुभव काम आया और डच टीम कई हमलों के बावजूद गोल नहीं कर सकी। भारत को 19वें मिनट में लालरेम्सियामी ने पेनल्टी कॉर्नर दिलाया जिस पर गेंद पहले रशर से टकराने के बाद लगातार दूसरा पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन दीपिका के शॉट पर गेंद पहले रशर की स्टिक से टकराकर बाहर निकल गई। भारत को लांग कॉर्नर मिला लेकिन गेंद हाथ से निकल गई। नवनीत ने 22वें मिनट में हवा में आई गेंद को रोककर गोल पर शॉट लगाया लेकिन गेंद बाहर की ओर निकल गई। डच खिलाड़ी 28वें मिनट में बायीं ओर से हमला करने बढे और सर्कल के बीच में पास दिया। गोल के सामने प्रयास किया लेकिन सविता को चकमा नहीं दे सके। अगले ही मिनट पियेन डिके के शॉट को सविता ने आगे की ओर दौड़कर रोक दिया। गेंद अभी भी सर्कल में थी और सलीमा ने रिबाउंड पर प्रयास को नाकाम कर दिया। दूसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में ब्यूटी डुंगडुंग को ग्रीन कार्ड मिलने से भारत के दस खिलाड़ी ही दो मिनट तक मैदान पर थे। हाफटाइम तक नीदरलैंड के पास सिर्फ एक गोल की बढत थी। आधे घंटे से अधिक समय में गोल नहीं कर सकी नीदरलैंड टीम ने तीसरे क्वार्टर में तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किये। ब्रेक के बाद तीसरे ही मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर पर यिब्बी के प्रयास को फर्स्ट रशर सलीमा ने विफल किया। पलटवार में सुनेलिटा टोप्पो गेंद लेकर डी के भीती गई लेकिन डच गोलकीपर ने पैर से रोककर गेंद आराम से बाहर निकाल दी। इसके तीन मिनट बाद नीदरलैंड को मिले पांचवें पेनल्टी कॉर्नर पर फ्रेडरिक माल्टा के शॉट पर गेंद भारतीय डिफेंडर के पैर से टकराकर गोल के भीतर गई। दो मिनट बाद माल्टा पेनल्टी कॉर्नर तब्दील नहीं कर सकी। चौथे क्वार्टर में भारतीयों ने प्रयास किये लेकिन फिनिश तक नहीं ले जा सके। गेंद पर नियंत्रण गंवाने की कमजोरी भारतीय टीम पर भारी पड़ी। वहीं हूटर से पांच मिनट पहले नीदरलैंड के स्ट्राइकरों ने भारतीय गोल पर लगातार हमले बोले लेकिन सविता ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहला और रिबाउंड प्रयास रोक दिया।
लुसाने डायमंड लीग में सभी नीरज चोपड़ा ने की अच्छी शुरुआत, पहला थ्रो 83.54 मीटर का फेंका
डायमंड लीग के मौजूदा सीजन का अगला चरण लुसाने में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें सभी की नजरें जैवलिन थ्रो के इवेंट में नीरज चोपड़ा पर हैं।
भारतीय महिला हॉकी टीम हॉकी वर्ल्ड कप के राउंड-2 का पहला मैच हार गई है। उसे वर्ल्ड नंबर-1 नीदरलैंड ने 2-0 के अंतर से हराया। इसी के साथ मेजबान टीम सेमीफाइनल में पहुंच गई है। इस हार के बाद इंडिया के लिए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अगला मैच जीतना जरूरी हो गया है। जोकि 23 अगस्त को रात 10:30 बजे से खेला जाएगा। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में शुक्रवार को भारतीय टीम 0-1 से पिछड़ रही थी। उसके बाद टीम वापसी नहीं कर सकी। मेजबान टीम से यिबी यानसन और फ्रेंडरिक माटला ने एक-एक गोल किए। तीसरे मिनट में गोल, मेजबानों ने बढ़त बनाई नीदरलैंड्स की महिला टीम ने तेज शुरुआत की। सर्कल के अंदर सुशीला के पैर पर गेंद लगने के बाद नीदरलैंड्स को पेनल्टी कॉर्नर मिला। यिबी यानसन ने इस मौके को गोल में बदल दिया। यानसन ने जोरदार ड्रैगफ्लिक लगाई, जो पोस्ट डिफेंडर के पैरों के बीच से निकलकर गोल में चली गई। यह टूर्नामेंट में यानसन का 7वां गोल है और उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए हैं। हाफ टाइम तक भारत 0-1 से पीछे था हाफ टाइम तक भारतीय टीम 0-1 से पीछे चल रही थी। हालांकि, टीम ने शुरुआती मिनट में गोल खाने के बाद नीदरलैंड्स के हमलों का मजबूती से सामना किया। बिचु देवी और सविता ने दोनों क्वार्टर में कुछ शानदार बचाव किए। माटला ने गोलकर बढ़त दोगुनी की तीसरे क्वार्टर ने नीदरलैंड की फ्रेंडरिक माटला ने 38वें मिनट पर मिले पेनल्टी कॉर्नर पर जोरदार ड्रैग फ्लिक लगाकर अपनी टीम की बढ़त को दोगुना कर दिया। उन्होंने इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल दागा। तीसरे क्वार्टर के बाद स्कोर 2-0 रहा। नवनीत का शॉर्ट, गोलकीपर के हेलमेट पर लगा 59वें मिनट में भारतीय टीम ने गोल का अच्छा मौका मिलाया। नवनीत कौर ने सेंटर से पास लिया और जोरदार हिट लगाई, लेकिन नीदरलैंड्स की गोलकीपर विनेंदाल ने शानदार बचाव किया। गेंद विनेंदाल के हेलमेट से टकराकर बाहर चली गई। इस बचाव के दौरान विनेंदाल को चोट लगी। वे कुछ समय बाद उठकर दोबारा गोलकीपिंग करने लगी। इस तरह आखिरी क्वार्टर गोल रहित रहा।
फीफा ने विश्व कप 2026 के अलग-अलग मैचों के दौरान सामने आई घटनाओं को लेकर अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन और कई खिलाड़ियों, अधिकारियों पर कड़े प्रतिबंध और जुर्माने लगाए हैं। लियान्द्रो परेडेज पर 10 मैचों का बैन लगा है।
'हमने अपना सब कुछ झोंक दिया', बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर होने के बाद बोले सात्विक-चिराग
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के स्टार डबल्स शटलर सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को शुक्रवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ ही भारतीय जोड़ी का टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया।
फोर्टिस ने की 'फिट गुरुग्राम' पहल की शुरुआत, 4 अक्टूबर को होगा मैराथन का आयोजन
गुरुग्राम, 21 अगस्त (आईएएनएस)। फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफएमआरआई), गुरुग्राम ने शहरवासियों को स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूक करने के लिए 'फिट गुरुग्राम' नामक एक सामुदायिक पहल की शुरुआत की है। इस पहल के तहत 4 अक्टूबर को इसके पहले संस्करण के रूप में एक मैराथन का आयोजन किया जाएगा।
महिला डीपीएल 2026 : नॉर्थ दिल्ली का विजयी आगाज, ईस्ट दिल्ली को एकतरफा मुकाबले में 9 विकेट से रौंदा
ईस्ट दिल्ली की शुरुआत खराब रही और सिर्फ 17 रन पर ही टीम ने अपने 2 अहम विकेट गंवा दिए। वंशिका लीला और सोनाक्षी ने पारी को संभालने की कोशिश की और तीसरे विकेट के लिए 30 रन जोड़े, जिससे ईस्ट दिल्ली को एक अच्छा स्कोर बनाने की उम्मीद जगी।
ब्राजील जैसी दुनिया की दिग्गज फुटबॉल टीम के खिलाफ भारत को खेलते देखने का सपना देश के करोड़ों प्रशंसकों का हो सकता है, लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान बाइचुंग भूटिया ने इस मुकाबले को लेकर ही अलग राय रखी है। उन्होंने प्रशंसकों से प्रस्तावित दोस्ताना मुकाबले का बहिष्कार करने की अपील की है। भूटिया का कहना है कि इस आयोजन पर खर्च होने वाली रकम को भारतीय और खासकर पश्चिम बंगाल के फुटबॉल विकास में लगाया जाना ज्यादा फायदेमंद होगा। बाइचुंग भूटिया ने 420 ग्राम्स कार्यक्रम में कहा कि अगर प्रशंसक इस मुकाबले का बहिष्कार करते हैं तो इससे आयोजकों और फुटबॉल संघों को बड़ा संदेश जाएगा। उनके मुताबिक, इससे भविष्य में किसी बड़े आयोजन पर पैसा खर्च करने से पहले संबंधित संस्थाएं उसके फायदे पर भी विचार करेंगी। भूटिया ने पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राज्य सरकार इस मुकाबले के लिए पैसा देने या जुटाने की कोशिश कर रही है, तो उसी रकम को राज्य के खिलाड़ियों को तैयार करने में लगाया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रमंडल खेलों में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की नई पीढ़ी तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया। गौरतलब है कि भारत ने शुरुआती दक्षिण-पूर्व एशिया कप में खेलने का मौका छोड़कर ब्राजील के खिलाफ दोस्ताना मुकाबला खेलने का फैसला किया है। इंडोनेशिया की मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट में भारत को आमंत्रित किया गया था। इसमें इंडोनेशिया के अलावा सिंगापुर और मलेशिया भी शामिल हैं। टूर्नामेंट का फाइनल 4 अक्टूबर को होना है, जबकि भारत और ब्राजील के बीच दोस्ताना मुकाबला 3 अक्टूबर को प्रस्तावित है। मौजूद जानकारी के अनुसार, इस मुकाबले के आयोजन पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की चर्चाएं हैं। हालांकि, भूटिया ने कहा कि इतनी बड़ी रकम को सिर्फ 90 मिनट के एक मुकाबले पर खर्च करने के बजाय लंबे समय की योजना के तहत इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि 30 करोड़ रुपये से अगले चार वर्षों में पश्चिम बंगाल के खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा उन्होंने राज्य से ओलंपिक पदक विजेता तैयार करने और अलग-अलग क्षेत्रों में फुटसल के करीब 100 छोटे मैदान बनाने का सुझाव भी दिया। भूटिया का तर्क है कि बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले से एक दिन के लिए उत्साह जरूर पैदा होगा। दर्शक स्टेडियम पहुंचेंगे, मीडिया में चर्चा होगी और सरकार तथा आयोजकों को भी इससे प्रचार मिलेगा, लेकिन मुकाबला खत्म होने के बाद वह पैसा वापस नहीं आएगा। उनके अनुसार, अगर यही रकम आधारभूत ढांचे और खिलाड़ियों की तैयारी पर खर्च की जाए तो उसका लाभ कई वर्षों तक मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राजील के खिलाफ मुकाबला होने पर प्रशंसक उत्साहित होंगे, लेकिन इसके बाद भारतीय फुटबॉल के सामने मौजूद बुनियादी समस्याएं खत्म नहीं होंगी। इसलिए उनका जोर एक बड़े मुकाबले के बजाय ऐसी योजना पर है, जिससे आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, मैदान और सुविधाएं मिल सकें। उनके बयान ने भारतीय फुटबॉल में तात्कालिक रोमांच और दीर्घकालिक विकास के बीच चल रही बहस को फिर सामने ला दिया है।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के फैंस के लिए नए सीजन की शुरुआत से पहले अच्छी खबर सामने आई है। पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर शादी के बाद अल-नस्र के अभ्यास सत्र में लौट आए हैं और अब उनके सीजनके पहले मुकाबले में मैदान पर उतरने की संभावना जताई जा रही है। टीम के नए मुख्य कोच एंजे पोस्टेकोग्लू ने रोनाल्डो की फिटनेस और उपलब्धता को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। अल-नस्र शनिवार को सऊदी प्रो लीग के नए सीजनके अपने पहले मुकाबले में अल-फतेह का सामना करेगा। यह मुकाबला पोस्टेकोग्लू के लिए भी खास होगा, क्योंकि अल-नस्र के मुख्य कोच के रूप में यह उनका पहला आधिकारिक मुकाबला होगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या रोनाल्डो शुरुआती मैच में खेल सकते हैं, तो उन्होंने कहा, रोनाल्डो हमेशा तैयार रहते हैं। बता दें कि 41 वर्षीय रोनाल्डो हाल ही में जॉर्जीना रोड्रिगेज के साथ शादी के बाद टीम के अभ्यास से दूर थे। अब उन्होंने टीम के साथ दोबारा अभ्यास शुरू कर दिया है। वापसी के दौरान उनके नए हेयरकट की तस्वीरें भी चर्चा में रही हैं। अभ्यास सीजनमें पोस्टेकोग्लू ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं। रोनाल्डो के लिए आगामी सीजनव्यक्तिगत उपलब्धि के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। मौजूद जानकारी के अनुसार, उन्होंने क्लब और देश के लिए अब तक 1326 मुकाबलों में कुल 976 गोल किए हैं। यानी वह 1000 गोल के ऐतिहासिक आंकड़े से सिर्फ 24 गोल दूर हैं। अगर वह इस उपलब्धि तक पहुंचते हैं तो पेशेवर फुटबॉल में यह एक असाधारण व्यक्तिगत रिकॉर्ड होगा। पिछले सत्र में भी रोनाल्डो का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा था। उन्होंने सऊदी प्रो लीग में 28 गोल किए और सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में तीसरे स्थान पर रहे। उनकी मौजूदगी अल-नस्र के लिए नए सीजनमें भी सबसे बड़े हथियारों में से एक होगी। गौरतलब है कि अल-नस्र ने पिछले सत्र के अंतिम दिन शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया था। टीम ने अल-हिलाल को दो अंकों से पीछे छोड़कर लीग जीती थी। अब उसकी कोशिश नए सीजनमें भी इस प्रदर्शन को बरकरार रखने की होगी। पोस्टेकोग्लू को इस चुनौती के लिए 3 जुलाई को टीम की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और उनके साथ दो साल का करार हुआ है। इससे पहले वह जॉर्जे जीसस की जगह टीम के मुख्य कोच बने हैं। नए कोच का लक्ष्य मौजूदा खिलाड़ियों के साथ मजबूत टीम तैयार करना और खिताब की रक्षा करना है। पोस्टेकोग्लू का कहना है कि टीम के सभी खिलाड़ी उपलब्ध हैं और उनके बीच स्थान के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी हुई है। ऐसे में अब सबकी नजरें अल-फतेह के खिलाफ मुकाबले पर हैं, जहां रोनाल्डो की संभावित वापसी नए कोच के कार्यकाल की शुरुआत को और खास बना सकती हैं।
विश्व कप फाइनल का रोमांच खत्म होने के बाद मैदान पर हुई एक झड़प अब अर्जेंटीना और स्पेन के खिलाड़ियों के लिए परेशानी का कारण बन गई है। फाइनल के कुछ ही क्षण बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हुए विवाद पर फीफा ने शुक्रवार को कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। मौजूद जानकारी के अनुसार, अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेदेस को इस मामले में सबसे बड़ी सजा मिली है। फीफा ने उन्हें 10 मैचों के लिए निलंबित कर दिया है। इसका मतलब है कि वह अर्जेंटीना के अगले 10 मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं बन सकेंगे। इस फैसले से अर्जेंटीना की आने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और मुकाबलों में उसकी टीम संयोजन पर असर पड़ सकता है। अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना पर भी कड़ी कार्रवाई हुई है। उन्हें सात मैचों के लिए निलंबित किया गया है। वहीं, थियागो अल्मादा को एक मैच के लिए प्रतिबंधित किया गया है। तीनों अर्जेंटीना खिलाड़ियों में अल्मादा की सजा सबसे कम है, जबकि परेदेस पर लगाया गया 10 मैच का प्रतिबंध सबसे बड़ा है। गौरतलब है कि फीफा की कार्रवाई केवल अर्जेंटीना तक सीमित नहीं रही है। स्पेन के मिडफील्डर गावी को भी फाइनल के बाद हुई घटना में उनकी भूमिका के लिए निलंबित किया गया है। इसके अलावा अर्जेंटीना के एक कोच पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। फीफा ने खिलाड़ियों और टीम अधिकारी पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, अलग-अलग लोगों पर लगाए गए जुर्माने की रकम उनकी संबंधित सजा के आधार पर अलग रखी गई है। बता दें कि यह विवाद विश्व कप फाइनल खत्म होने के तुरंत बाद शुरू हुआ था। मुकाबले के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ी मैदान पर मौजूद थे और इसी दौरान उनके बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हो गई। घटना ने मैच के रोमांचक अंत के बाद मैदान के माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था। फीफा की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों का वास्तविक असर अर्जेंटीना के आने वाले मुकाबलों पर इस बात से तय होगा कि इन सजाओं को किस तारीख से लागू किया जाता है। अगर प्रतिबंध तत्काल प्रभाव से लागू होते हैं तो परेदेस को लंबे समय तक टीम से बाहर रहना पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में खिलाड़ियों के बीच मुकाबले के दौरान जोश और आक्रामकता आम बात है, लेकिन मैच खत्म होने के बाद अनुशासन बनाए रखना भी नियमों का अहम हिस्सा है। इसी वजह से फीफा ने घटना की समीक्षा के बाद खिलाड़ियों और टीम अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की है। अब अर्जेंटीना को अपने आगामी मुकाबलों में परेदेस और मोलिना जैसे खिलाड़ियों की अनुपस्थिति के बीच टीम संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना होगा।
पाकिस्तान की हार पर कप्तान ने बल्लेबाजों पर मढ़ा हार का दोष, कबूला - अनुभवहीन थी हमारी बल्लेबाजी
पाकिस्तान की टीम के लिए इंग्लैंड दौरे का आगाज काफी शर्मनाक रहा, जिसमें उनको तीन दिनों के अंदर ही पारी और 103 रनों से हार का सामना करना पड़ा। इस टेस्ट में बाबर आजम की जगह कप्तानी कर रहे सलमान आगा ने खराब बल्लेबाजी को हार का बड़ा कारण बताया।
फीफा ने फुटबॉल वर्ल्ड कप फाइनल में लड़ाई करने वाले 4 खिलाड़ियों पर बैन लगाया है। इनमें अर्जेंटीना के तीन और स्पेन के एक खिलाड़ी शामिल हैं। दरअसल, 19 जुलाई को स्पेन के खिलाफ 0-1 से हारने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने मैदान पर स्पेनिश प्लेयर्स के साथ लड़ना शुरू कर दिया था। इस घटना के करीब एक महीने बाद फीफा ने कारवाई की है। परेडेस को रेड कार्ड भी मिला था फीफा ने अर्जेंटीना के मिडफील्डर लिएंड्रो परेडेस को 10 मैचों के लिए सस्पेंड किया है। जो सबसे बड़ी सजा है। डिफेंडर नाहुएल मोलिना को 7 मैचों के लिए निलंबित किया गया है। जबकि थियागो अल्मादा पर 1 मैच का बैन लगाया गया है। स्पेन के गावि को भी फीफा ने सजा दी है। हालांकि, इसमें मैच का उल्लेख नहीं है। झड़प में क्या हुआ? टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल दागा था एक्स्ट्रा टाइम के 107वें मिनट में स्पेन ने मैच का पहला गोल किया। निको विलियम्स ने दूर से आए क्रॉस पर बैक पोस्ट पर शानदार हेडर से गेंद नीचे गिराई। इस पर फेरान टोरेस ने रनिंग शॉट लगाकर गेंद को गोलपोस्ट में पहुंच दिया। यह स्पेन की जीत का गोल साबित हुआ। स्पेन 16 साल बाद वर्ल्ड चैंपियन बना था स्पेन 16 साल बाद फुटबॉल का वर्ल्ड चैंपियन बना था। उसने दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप जीता था। स्पेन ने पहली बार 2010 में नीदरलैंड को हराकर यह ट्रॉफी जीती थी। -------------------------------------- फुटबॉल फाइनल विवाद से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप जीता, अर्जेंटीना को 1-0 से हराया स्पेन ने 16 साल बाद फुटबॉल वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। उसने न्यूयॉर्क के न्यू जर्सी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में 2022 की चैंपियन अर्जेंटीना को 1-0 से हराया। स्पेन के लिए फेरन टोरेस ने एक्स्ट्रा टाइम में गोल किया। पढ़ें पूरी खबर वर्ल्डकप फाइनल में स्पेन-अर्जेंटीना के खिलाड़ी भिड़े, 2 को रेडकार्ड; फोटो देखिए स्पेन ने फाइनल में अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फुटबॉल वर्ल्ड कप जीत लिया। मैच खत्म होने के बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच धक्का-मुक्की भी देखने को मिली। पढ़ें पूरी खबर
पाकिस्तान को इंग्लैंड के खिलाफ हेडिंग्ले के स्टेडियम में खेले गए तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में एक पारी और 103 रनों से हार का सामना करना पड़ा है। इसी के साथ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के मौजूदा संस्करण में वह आखिरी पायदान पर पहुंच गए हैं।
भारत की बेटियों ने खत्म किया 15 साल का सूखा! त्रीसा-गायत्री ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पक्का किया मेडल
भारत की बेटियों ने खत्म किया 15 साल का सूखा! त्रीसा-गायत्री ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में पक्का किया मेडल
AUS vs BAN के बीच दूसरे टेस्ट पर सभी की नजरें, कब-कहां और कैसे देखें ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच में खेली जा रही 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला मैके में 22 अगस्त से खेला जाएगा, जिसमें मेजबान ऑस्ट्रेलियाई टीम की नजरें इस मैच को जीतकर सीरीज 1-1 से बराबरी पर खत्म करने पर रहने वाली है।
वर्ल्ड नंबर 1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने दाएं घुटने की चोट के कारण इस महीने होने वाले यूएस ओपन से नाम वापस ले लिया है। वे सीजन के आखिरी ग्रैंड स्लैम में नहीं खेलेंगे। 25 साल के सिनर ने दाएं घुटने की चोट के कारण सिनसिनाटी ओपन से भी नाम वापस लिया था। सिनर ने कहा था कि उनका ध्यान न्यूयॉर्क में खेलने के लिए तैयार होने पर रहेगा। सिनर ने इस पोस्ट के जरिए ग्रैंडस्लैम से हटने की जानकारी दी… सोशल पोस्ट पर लिखा- ‘बहुत दुखी और निराश हूं’ सिनर ने सोशल मीडिया पर लिखा- ‘मैं अपनी टीम और मेडिकल स्टाफ के साथ कड़ी मेहनत कर रहा था, लेकिन अब हमें यह मुश्किल फैसला लेना पड़ा है कि मैं इस साल यूएस ओपन में नहीं खेल पाऊंगा।’ उन्होंने कहा- ‘पिछले कुछ दिनों से हम मोंटे कार्लो में फिर से कोर्ट पर अभ्यास कर रहे थे। इस दौरान हमें पता चला कि दाएं घुटने की समस्या से उबरने के लिए मुझे अभी और समय चाहिए।’ सिनर ने लिखा, ‘मैं जाहिर तौर पर बहुत दुखी और निराश हूं, क्योंकि न्यूयॉर्क मेरे दिल में खास जगह रखता है। मैं वहां लौटकर शानदार प्रशंसकों के सामने जोशीले माहौल में खेलने का बेसब्री से इंतजार कर रहा था।’ सिनर ने पिछले महीने विंबलडन जीता था सिनर ने पिछले महीने विंबलडन के मेंस सिंगल्स का खिताब जीता था। उन्होंने फाइनल में जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-7(7), 7-6(2), 6-3, 6-4 से हराया था। सिनर लगातार दूसरी बार विंबलडन चैंपियन बने थे। वे ओपन एरा में इस चैंपियनशिप का खिताब बचाने वाले इतिहास के सिर्फ 10वें खिलाड़ी हैं। -------------------------------------------------- टेनिस से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… अल्काराज US ओपन से वापसी करेंगे, कलाई की चोट के कारण 4 महीने से टेनिस से दूर थे स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज चार महीने बाद कोर्ट पर वापसी करेंगे। दाहिनी कलाई की चोट के कारण वे अप्रैल से टेनिस से दूर हैं। अल्काराज ने 30 अगस्त से न्यूयॉर्क में शुरू होने वाले US ओपन में खेलने की पुष्टि की है। वे टूर्नामेंट के डिफेंडिंग चैंपियन हैं। पढ़ें पूरी खबर
फोर्टिस ने शुरू किया ‘फिट गुरुग्राम’ अभियान, 4 अक्टूबर को होगी मैराथन; रजिस्ट्रेशन 22 से शुरू
फोर्टिस हॉस्पीटल गुरुग्राम ने शुक्रवार 21 अगस्त को हेल्थ एवं वैलेनस मूवमेंट लॉन्च किया है, जो मिलेनियम सिटी में एक्टिव लिविंग और प्रीवेंटिव हेल्थकेयर को बढ़ावा देगा। फिट गुरुग्राम इसे नाम दिया है, जिसमें मुख्य 4 अक्टूबर को होने वाली मैराथन है।
सात्विक-चिराग की जोड़ी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में हारी, चीनी खिलाड़ियों से मिली हार
सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक जीतने का सपना शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल में टूट गया। चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग ने उन्हें बुरी तरह हराया।
कुलदीप यादव को मौका मिलेगा या नहीं? स्पिन गेंदबाजी कोच ने कोलंबो टेस्ट से पहले दिया बड़ा बयान
भारतीय टीम को श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज का अगला मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के स्टेडियम में खेलना है, जिसमें कुलदीप यादव की जगह प्लेइंग 11 में खतरे में मानी जा रही है, जिसको लेकर अब स्पिन गेंदबाजी कोच साइराज बहुतुले का बयान सामने आया है।
Mohammad Azhar ने जीता Kolar Open, करियर का पहला पेशेवर गोल्फ खिताब किया नाम
मोहम्मद अजहर ने एक करोड़ रुपये इनामी कोलार ओपन में शुक्रवार को यहां शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए एक अंडर 71 का कार्ड खेला और अपने करियर का पहला पेशेवर खिताब जीत लिया। हैदराबाद के 27 वर्षीय गोल्फर ने चार दौर में 70, 68, 70 और 71 का स्कोर करते हुए कुल नौ अंडर 279 का स्कोर बनाया और दो शॉट के अंतर से खिताब अपने नाम किया। उन्हें विजेता के तौर पर 15 लाख रुपये की पुरस्कार राशि मिली। इसे भी पढ़ें: Mohammad Riyas ने CMRL धन ट्रांसफर की खबर को झूठा बताया, करेंगे कानूनी कार्रवाई इस जीत से ‘2026 डीपी वर्ल्ड पीजीटीआई ऑर्डर ऑफ मेरिट’ में भी अजहर सात पायदान ऊपर चढ़कर 17वें से 10वें स्थान पर पहुंच गए। उनकी सत्र की कुल कमाई अब 35,14,675 रुपये हो गई है। चंडीगढ़ के चार बार के टूर विजेता अंगद चीमा (73-68-67-73) और दिल्ली के तीन बार के विजेता शौर्य भट्टाचार्य (68-67-71-75) सात अंडर 281 के स्कोर के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे।
Harmanpreet Singh ने कहा नीदरलैंड के खिलाफ 60 मिनट बेहतर खेलना जरूरी
फाइल फोटो के साथ) ... मोना पार्थसारथी ... एम्सटेलवीन, 21 अगस्त पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ शनिवार को विश्व कप के दूसरे दौर के मुकाबले को ‘करो या मरो’ का बताते हुए भारतीय पुरूष हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि उन्होंने टीम से इतना ही कहा है कि पूरे 60 मिनट अच्छी हॉकी खेलनी पड़ेगी। पूल डी में पहले दौर में वेल्स और पाकिस्तान को हराने वाली भारतीय टीम इंग्लैंड से हार गई थी जिससे दूसरे दौर में उसके पास एक भी अंक नहीं होगा। इंग्लैंड पूल डी में भारत पर मिली जीत के तीन अंक लेकर दूसरे दौर में उतरेगा जबकि पूल ए से नीदरलैंड के पास भी तीन अंक है लिहाजा भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें बनाये रखने के लिये नीदरलैंड और अर्जेंटीना को हराना होगा। हरमनप्रीत ने से बातचीत में कहा, ‘‘एक क्वार्टर में अच्छा खेलने से नहीं चलेगा, 60 मिनट अहम हैं और पूरे मैच में अच्छा खेलना है। बढ़त बनाने के बाद भी शैली और तेवर में बदलाव नहीं होना चाहिये। जब तक आखिरी सीटी नहीं बजती है हमारी बॉडी लैंग्वेज और जज्बा समान रहे।’’ उन्होंने कहा , ‘‘हमने पिछले तीन मैचों में अपनी गलतियों का वीडियो विश्लेषण किया है और फोकस यही रहेगा कि उन्हें दोहराया नहीं जाये। डिफेंस मजबूत रहेगा तो हमें पता है कि हम विरोधी सर्कल में जाकर मौके बना सकते हैं और पीसी हासिल कर सकते हैं। अपनी गलती से गोल नहीं गंवाने हैं।’’ एफआईएच प्रो लीग में जून में भारत ने नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था और हरमनप्रीत ने कहा कि उसी रणनीति और चतुराई से खेलकर उस प्रदर्शन को दोहराया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘एफआईएच प्रो लीग में हमने गेंद पर नियंत्रण बनाये रखा था और अपने हाफ में उन्हें गेंद आसानी से नहीं लेने दी थी। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup में Netherlands से भिड़ेगी भारतीय टीम, सेमीफाइनल के लिए जीत जरूरी अगर हम उसी रणनीति और ऊर्जा के साथ चतुराई से खेल सके तो उसे दोहरा सकते हैं। एक टीम के तौर पर हम रोटेशन, रफ्तार और तालमेल पर फोकस करेंगे। राजिंदर, जुगराज, दिलप्रीत जैसे युवा खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं और हर लाइन में हमारे पास अनुभवी खिलाड़ी है और यह हम सभी पर हैं कि जिम्मेदारी से खेलकर उनका मार्गदर्शन करें।’’ टूर्नामेंट में अभी तक सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हरमनप्रीत डच टीम के निशाने पर होंगे लेकिन उन्होंने कहा कि टीम पर या उन पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘कोई दबाव नहीं है , स्पष्टता है कि मैच जीतना ही है। जब आपके पास विकल्प नहीं होते तो करो या मरो के मुकाबले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना ही होता है। व्यक्तिगत तौर पर मुझ पर भी कोई दबाव नहीं है क्योंकि अच्छा खेलना मेरी जिम्मेदारी है। इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Singh की अगुवाई में India ने Pakistan को हराया, डिफेंस में सुधार पर दिया जोर अगर विरोधी टीम एक पर ज्यादा फोकस कर रही है तो हमारे पास और भी हथियार हैं जिनका इस्तेमाल कर सकते हैं। ’’ हरमनप्रीत ने यह भी कहा कि उनकी टीम को ‘अंडरडॉग’ के रूप में उतरने का फायदा ही मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘रैंकिंग मायने रखती है लेकिन हम पेरिस में अपने से ऊंची रैंकिंग वाली टीमों को हरा चुके हैं। अंडरडॉग कहलाने के बावजूद मैच जीतने से अलग ही आत्मविश्वास मिलता है। हमारे पास यह अच्छा मौका है और हम कर सकते हैं।’’ मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने इस बात से इनकार किया कि खचाखच भरे वेगनेर स्टेडियम में सह मेजबान नीदरलैंड को मिलने वाले अपार समर्थन से उनकी टीम पर दबाव बनेगा। उन्होंने कहा ,‘‘हम भारत से बाहर काफी हॉकी खेलते हैं और इस तरह के हालात के लिये तैयार रहते हैं। दर्शकों के सहयोग से मदद मिलती है जैसे हमें राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलते समय लगता है कि 12वां खिलाड़ी भी दीर्घा में है। इसका जवाब हम गोल करके ही दे सकते हैं ताकि दबाव हम पर नहीं , उन पर रहे।’’ उन्होंने कहा कि भारत को अपने रक्षात्मक ढांचे को बेहतर रखकर खेलना होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ नीदरलैंड ओलंपिक चैम्पियन है और दुनिया की शीर्ष तीन टीमों में किसी कारण से ही है। इसे भी पढ़ें: Jamie Dwyer ने Indian Hockey Team को दी लगातार बेहतर प्रदर्शन करने की सलाह उसका पेनल्टी कॉर्नर और पेनल्टी कॉर्नर बचाव बहुत अच्छा है। हमें डिफेंस में काफी मेहनत करनी होगी।’’ फुल्टोन ने कहा कि भारतीय टीम शीर्ष टीमों को हराने में सक्षम है और प्रो लीग में भी नीदरलैंड पर जीत दर्ज कर चुकी है। उन्होंने कहा ,‘‘ हमने पेरिस ओलंपिक में आस्ट्रेलिया पर पचास साल में पहली जीत दर्ज की थी। लेकिन ये सब आंकड़े हैं और अब हमें अगले चौबीस घंटे में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। यह बेहतरीन मौका है और हम अंडरडॉग के रूप में खेलेंगे जिससे दबाव उन पर रहेगा।
जो रूट ने अब बल्ले से नहीं फील्डिंग में दिखाया कमाल, स्मिथ को पीछे छोड़ हासिल की अब नंबर-1 की कुर्सी
इंग्लैंड टेस्ट टीम के कप्तान जो रूट जो अपने बल्ले से लगातार कई रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं उन्होंने अब पाकिस्तान के खिलाफ हेडिंग्ले टेस्ट मैच के तीसरे दिन जब अजान आवेश का कैच पकड़ा उसी के साथ वह टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच पकड़ने वाले फील्डर बन गए।
लीड्स टेस्ट : ब्रूक-कॉक्स की दमदार पारी, 409 रनों पर सिमटी इंग्लैंड की पहली इनिंग
इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का पहला टेस्ट मैच लीड्स के हेडिंग्ले क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। पहली पारी में इंग्लैंड की पूरी टीम 409 रन बनाकर ऑलआउट हुई।
BWF World Championship: भारतीय शटलर्स का कमाल! China को रौंद Semifinal में धमाकेदार एंट्री!
नई दिल्ली में चल रही BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में, शुक्रवार को भारत की महिला डबल्स जोड़ी ट्रेसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फ़ाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान के ख़िलाफ़ शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की और सेमीफ़ाइनल में जगह बनाई, साथ ही कम से कम ब्रॉन्ज़ मेडल पक्का कर लिया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 70 मिनट से ज़्यादा चले मैच में भारतीय जोड़ी ने पहला गेम हारने के बाद वापसी करते हुए 16-21, 21-15, 21-13 से जीत हासिल की। इसे भी पढ़ें: World Championship: PV Sindhu और Ayush Shetty बाहर, Treesa-Gayatri ने क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह जिया और झांग ने मज़बूत शुरुआत की और पहले गेम में खेल की रफ़्तार पर अपना नियंत्रण बनाए रखा; उन्होंने भारतीय जोड़ी की गलतियों का फ़ायदा उठाते हुए 1-0 की बढ़त बना ली। ट्रीसा और गायत्री ने दूसरे गेम में शानदार खेल दिखाया; उन्होंने अपने डिफ़ेंस को बेहतर किया और नेट पर खेल को कंट्रोल करते हुए शुरुआती बढ़त बना ली। उन्होंने अपनी बढ़त बनाए रखी और स्कोर 21-15 करके मुकाबला बराबरी पर ला दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में भी अपनी लय बनाए रखी और तेज़ी से 10-5 की बढ़त हासिल कर ली, साथ ही चीनी जोड़ी पर दबाव भी बनाए रखा। आखिरकार, उन्होंने 21-13 से गेम जीतकर यादगार वापसी की। इस जीत के साथ, ट्रेसा और गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला डबल्स जोड़ी बन गईं। उनसे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीता था। इसे भी पढ़ें: Satwik-Chirag को मिला Walkover, BWF World Championship 2026 में सीधे प्री-क्वार्टर में एंट्री इससे पहले, गुरुवार को ट्रेसा और गायत्री ने शानदार खेल दिखाते हुए सीधे गेम में जीत हासिल की और वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फ़ाइनल में जगह बनाई। उन्होंने राउंड ऑफ़ 16 के मुक़ाबले में जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी, रिन इवानागा और की नाकानिशी को 21-16, 21-12 से हराया। ट्रेसा और गायत्री ने पहले गेम की शुरुआत से ही अपनी पकड़ मज़बूत कर ली और शानदार खेल का प्रदर्शन किया। जापानी जोड़ी के अनुशासित डिफ़ेंस के बावजूद, भारतीय जोड़ी ने बढ़त बनाए रखी और पहला गेम 21-16 से जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी ने तेज़ी से बढ़त बना ली। अपनी लय को बरक़रार रखते हुए, उन्होंने 21-12 से जीत हासिल की और टूर्नामेंट के अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की कर ली। For more Sports News in Hindi Today please click here.
त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में विश्व की चौथे नंबर की जोड़ी जिया यी फैन और झांग शू जियान के खिलाफ पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए जीत हासिल की। इस जीत के साथ ही वे सेमीफाइनल में पहुंच गई हैं और टूर्नामेंट में भारत का पहला मेडल पक्का हो गया है।
जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की बराबरी की, टेस्ट में 68वीं फिफ्टी; दो मिनट के वीडियो में जाने कप्तान के तौर पर भी बनाया बड़ा रिकॉर्ड
भारत बनाम अफगानिस्तान टी20 सीरीज का बदल सकता है शेड्यूल, BCCI और ACB में क्यों हो रही है चर्चा
भारत और श्रीलंका के बीच तीन टी20 मैचों की जो सीरीज सितंबर में खेली जानी है, उसका शेड्यूल आ चुका है, लेकिन अब इसमें बदलाव किया जा सकता है। इसको लेकर बीसीसीआई और एसीबी के बीच बातचीत चल रही है।
नीरज चोपड़ा लुसाने डायमंड लीग में होंगे एक्शन में, कब-कहां और कितने बजे से देखें लाइव?
भारतीय स्टार जैवलिन थ्रो एथलीट नीरज चोपड़ा 21 अगस्त की रात डायमंड लीग का अगला चरण जो लुसाने में होगा उसमें एक्शन में दिखाई देंगे जहां पर उनका सामना एकबार फिर से शानदार फॉर्म में चल रहे श्रीलंका के रुमेश पथिरागे से होगा।
15 साल का इंतजार खत्म! भारत ने बैडमिंटन चैम्पियनशिप में रचा इतिहास
तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने वर्ल्ड चैम्पियनशिप महिला डबल्स क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फान और झांग शू शियान को 16-21, 21-15, 21-13 से हराया. इस जीत से भारत का 15 साल बाद महिला डबल्स में वर्ल्ड चैम्पियनशिप मेडल पक्का हो गया. चोट के बाद वापसी कर रहीं तृषा ने गायत्री के साथ शानदार प्रदर्शन किया.
ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच दूसरा टेस्ट मैच 22 अगस्त से खेला जाना है। इस बीच बांग्लादेशी टीम अपने खिलाड़ियों की चोट से जूझ रही है। पहला मैच जीतकर बांग्लादेशी टीम ने इतिहास रच दिया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर जैकब मार्टिन को 22 साल पुराने एक आपराधिक मामले में राहत देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि उनके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं।
अफगानिस्तान और भारत के बीच अगले महीने होने वाली तीन मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तारीखें बदली जा सकती हैं। इस मामले में अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के बीच बातचीत चल रही है। हालांकि, अभी शेड्यूल बदलने पर कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है। पहले ये मैच पहले 13, 15 और 17 सितंबर को होने थे। अब BCCI को इन्हें 11, 13 और 14 सितंबर को कराने का प्रस्ताव मिला है। सभी मैच नई दिल्ली का अरुण जेटली स्टेडियम में होने हैं। 11, 13 और 14 सितंबर को मैच का प्रस्ताव ACB ने BCCI के सामने यह प्रस्ताव अपने स्टेकहोल्डर्स के कहने पर रखा है। उसका कहना है कि बदली तारीखों पर मैच कराने से दर्शकों की संख्या और स्टेडियम में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ेगी। पहली बार अफगानिस्तान भारत के खिलाफ बाइलैटलर सीरीज की मेजबानी करेगा, हालांकि सभी मैच भारत में ही खेले जाएंगे। बांग्लादेश दौरा टल सकता है, BCCI के प्रस्ताव मानने की उम्मीद अफगानी बोर्ड के अधिकारियों को उम्मीद है कि BCCI यह प्रपोजल स्वीकार कर सकता है। क्योंकि, टीम इंडिया के बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज होने की संभावना लगभग खत्म मानी जा रही है। श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 27 अगस्त को खत्म होगी। जबकि एशियन गेम्स 24 सितंबर से शुरू होंगे। इन दोनों आयोजनों के बीच भारतीय टीम के पास खाली समय है। तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं दोनों देश जून में भारत ने अफगानिस्तान की मेजबानी की थी। तब दोनों टीमों के बीच एक टेस्ट और तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी। आने वाली टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के बाद भारत और अफगानिस्तान तीनों फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके होंगे। पहले की तारीखों का ऐलान करते समय BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने कहा था- ‘हमने जून में अफगानिस्तान की मेजबानी की थी, जिसमें टेस्ट और वनडे सीरीज खेली गई थी। इस टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के बाद दोनों टीमें तीनों फॉर्मेट में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुकी होंगी।’ ----------------------------------------------- टीम इंडिया के शेड्यूल से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है; BCB प्रेसिडेंट बोले- दोनों बोर्ड में बातचीत जारी बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के प्रेसिडेंट तमीम इकबाल ने संकेत दिया है कि भारत का बांग्लादेश दौरा फिर टल सकता है। भारत को अगस्त 2025 में बांग्लादेश का दौरा करना था, लेकिन सीरीज को बाद में सितंबर 2026 तक टाल दिया गया। पढ़ें पूरी खबर
कोलंबो टेस्ट के लिए 14 सदस्यीय टीम का किया ऐलान: श्रीलंका
नई दिल्ली, श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) ने भारत के खिलाफ रविवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम की घोषणा कर दी है।
Treesa-Gayatri ने World Championship में पदक पक्का किया, चीन को हराया
भारत की त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को यहां पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए महिला युगल क्वार्टरफाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का किया। भारत की गैर-वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एक घंटे नौ मिनट तक चले मैच में 16-21 21-15 21-13 से जीत हासिल की। उन्होंने अंतिम चार में पहुंचकर अपने लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया। भारत ने पिछली बार 2011 में महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था। तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था। भारतीय जोड़ी ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच पहला गेम हारने के बाद बेहतर स्मैश और साफ-सुथरे नेट प्ले के दम पर मैच का रुख पलट दिया। भारतीय टीम इस मैच में चीन की प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 0-3 के रिकॉर्ड के साथ उतरी थी। त्रीसा और गायत्री शुरुआत में 1-6 से पिछड़ गईं, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार छह अंक हासिल करके स्कोर 8-9 कर दिया। चीन की टीम ने हालांकि इंटरवल तक तीन अंक की बढ़त बना ली थी। भारतीय जोड़ी ने अपना संघर्ष जारी रखा और कुछ बेहतरीन रैलियों के बाद 13-15 के स्कोर पर चीनी खिलाड़ियों के करीब पहुंच गई। हालांकि झांग और जिया ने 17-14 की बढ़त हासिल करने के बाद पहला गेम जीत लिया। झांग और जिया ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और पहले 5-1 और फिर 10-7 से बढ़त ले ली। भारतीय जोड़ी ने हालांकि जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-10 कर दिया। मुकाबला काफी कड़ा रहा और एक समय स्कोर 15-14 तक पहुंच गया लेकिन भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 19-14 की बढ़त बना ली और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। तीसरे और निर्णायक गेम में त्रीसा और गायत्री ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 11-5 की बढ़त हासिल की और फिर लगातार तीन अंक जीतकर इसे 14-7 तक पहुंचा दिया। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद कुछ गलतियों के कारण अंक गंवाए लेकिन यह सिलसिला लंबे समय तक नहीं चला और उन्होंने 17-9 की बढ़त बना ली। गायत्री और जिया व झांग के बीच तीखी नोकझोंक मैच के मुख्य आकर्षणों में से एक थी। भारतीय जोड़ी ने इसके बाद नौ मैच प्वाइंट हासिल किए। जिया और झांग ने दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन वह भारतीय टीम को जीत हासिल करने से नहीं रोक पाई। त्रीसा जश्न मनाते हुए कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री को विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का कर लिया है।
भारत की महिला डबल्स जोड़ी त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में उलटफेर करते हुए दुनिया की नंबर 4 चीनी जोड़ी जी यिफान और झांग शुक्सियन को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। त्रिसा-गायत्री की जीत ने देश के लिए मेडल पक्का कर दिया है।
त्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल में पहुंचीं, विश्व चैंपियनशिप में 15 साल बाद पदक हुआ पक्का
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को हराकर बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक पक्का किया।
काजल धोचक ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए यहां अंडर-20 कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में लगातार दूसरी बार खिताब जीता, जबकि तनु शर्मा और सविता को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। काजल ने फाइनल में चीन की जिंगरू सन को 7-0 से हराकर 76 किलोग्राम वर्ग का खिताब अपने नाम किया। इस 18 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले साल 72 किलोग्राम वर्ग में अंडर-20 विश्व खिताब जीता था। काजल पहले ही सीनियर स्तर पर पहुंच चुकी हैं। उन्होंने इस साल जून में मंगोलिया में रैंकिंग सीरीज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद उन्होंने जुलाई में बुडापेस्ट प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक हासिल किया। उन्होंने पटाया में अंडर-20 एशियाई चैंपियनशिप भी जीती।इस बीच तनु ने 72 किलोग्राम वर्ग में जापान की चिसातो योशिदा के खिलाफ स्वर्ण पदक के मैच में कड़ा मुकाबला किया, लेकिन आखिर में 3-5 से हार गईं। सविता 62 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में जापान की साकुरा ओनीशी से तकनीकी श्रेष्ठता (2-12) से हार गईं।मानसी लादर भी 68 किलोग्राम वर्ग में स्वर्ण पदक की दावेदार हैं। फाइनल में उनका मुकाबला चीन की चेनलिंग सोंग से होगा, जबकि कोमल 59 किलोग्राम वर्ग के रेपचेज राउंड में स्पेन की रोजा मोलिना रोड्रिगेज से भिड़ेंगी।भारत के किसी भी ग्रीको रोमन पहलवान ने पदक नहीं जीता।
भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने शुक्रवार को इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीनी जोड़ी जिया यी फान और झांग शु शियान को हराया। त्रिसा और गायत्री ने यह मुकाबला 16-21, 21-15, 21-13 से जीता। इसके साथ ही भारत का विमेंस डबल्स में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का हो गया। इस कैटेगरी में भारत का 15 साल बाद पहला मेडल पक्का हुआ है। इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने ब्रॉन्ज जीता था। त्रिसा-गायत्री वर्ल्ड चैंपियनशिप में मेडल जीतने वाली सिर्फ दूसरी भारतीय विमेंस डबल्स जोड़ी बन गई हैं। राउंड ऑफ-16 में जापानी जोड़ा को हराया त्रिसा-गायत्री की जोड़ी ने राउंड ऑफ 16 में जापान की 7वीं सीड रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराया था। सात्विक-चिराग का मुकाबला आज सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी मेंस डबल्स के क्वार्टर फाइनल में आज उतरेगी। भारतीय जोड़ी ने राउंड ऑफ 16 में मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप को 21-23, 21-19, 21-17 से हराया था। भारत लगातार 11 संस्करणों में कम से कम एक मेडल जीता बैडमिंटन इन दिनों लगातार अच्छे नतीजे दे रहा है। 2010 से भारत बैडमिंटन में तीन ओलिंपिक और 14 वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीत चुका है। साइना, श्रीकांत और सात्विक-चिराग की जोड़ी के रूप में भारत तीन कैटेगरी में वर्ल्ड नंबर-1 बन चुका है और सिंधु वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। संयोग से ये सभी सफलताएं 2009 में वर्ल्ड चैंपियनशिप की मेजबानी मिलने के बाद शुरू हुईं। इससे पहले वर्ल्ड चैंपियनशिप में एकमात्र मेडल 1983 में प्रकाश पादुकोण (ब्रॉन्ज) ने जीता था। भारत ने 2011 से वर्ल्ड चैंपियनशिप के लगातार 11 संस्करणों में कम से कम एक मेडल जीता है। भारत ने अब तक 15 मेडल जीते भारत ने अब तक 15 मेडल जीते हैं। त्रिसा-गायत्री की जोड़ी के सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ 16 हो गए हैं। इनमें एक गोल्ड, 4 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज शामिल हैं। इस टूर्नामेंट में भारत को पहला मेडल प्रकाश पादुकोण ने 1983 ने दिलाया था। जबकि, एकलौता गोल्ड पीवी सिंधु ने दिलाया है।
भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप में विमेंस डबल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में वर्ल्ड नंबर-4 चीनी जोड़ी जिया यी फान और झांग शु शियान को हराया। त्रिसा और गायत्री ने यह मुकाबला 16-21, 21-15, 21-13 से जीता। इस जीत के साथ दोनों ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत का मेडल पक्का कर दिया है। यह भारत का वर्ल्ड चैंपियनशिप में विमेंस डबल्स का पहला मेडल होगा। राउंड ऑफ-16 में जापानी जोड़ा को हराया त्रिसा-गायत्री की जोड़ी ने राउंड ऑफ 16 में जापान की 7वीं सीड रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराया था। पहला गेम चीनी जोड़ी ने जीता त्रिसा और गायत्री ने पहले गेम में शुरुआत में पिछड़ने के बाद वापसी की। अपनी चीनी प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 2-6 से पीछे रहने के बाद, भारतीय जोड़ी ने बेहतर स्मैश और नेट पर सटीक खेल के साथ लय हासिल की, बराबरी की और खेल आगे बढ़ने के साथ बढ़त भी बनाई। लेकिन चीन ने अंतिम में बाजी मारी पहला गेम 21-15 से जीत लिया।
गिल का ‘लेफ्ट’ संकट! 11 बार OUT, स्पिनरों ने पकड़ी कमजोर नस
शुभमन गिल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले अपनी सबसे बड़ी कमजोरी पर खास काम किया है. गॉल टेस्ट में प्रभात जयसूर्या ने उन्हें दोनों पारियों में आउट किया था. कोलंबो में गिल ने मानव सुथार, रवींद्र जडेजा और स्थानीय स्पिनरों के खिलाफ लंबे समय तक अभ्यास किया.
pc: tv9 पिछले कुछ सालों से भारत और पाकिस्तान के रिश्ते बहुत खराब रहे हैं। इसका असर राजनीति से लेकर मनोरंजन तक, हर लेवल पर देखा गया है। खेल की दुनिया भी इसमें पीछे नहीं रही। पाकिस्तान के स्पॉन्सर्ड पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से कोई रिश्ता न रखने का फैसला किया। इसका असर क्रिकेट के मैदान पर भी देखने को मिला। पिछले साल एशिया कप 2025 टूर्नामेंट में भारत ने मैदान पर पाकिस्तान को शर्मिंदा किया था। उसने पहले मैच से ही नो-हैंडशेक पॉलिसी बनाए रखी। फाइनल में पाकिस्तान को हराने के बाद उसने पाकिस्तानी मंत्री और एशियन क्रिकेट काउंसिल के प्रेसिडेंट मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया। इसके बाद नकवी ट्रॉफी लेकर फरार हो गए। अब विमेंस एशिया कप 2026 टूर्नामेंट में भी कुछ ऐसा ही होने की संभावना बढ़ गई है। विमेंस एशिया कप 2026 टूर्नामेंट विमेंस एशिया कप टूर्नामेंट 28 अगस्त से शुरू होगा और इसकी मेजबानी UAE कर रहा है। इस टूर्नामेंट में भारत समेत कुल 8 टीमें हिस्सा लेंगी। लेकिन असल में टाइटल के लिए मुकाबला इंडिया, पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच होगा। ऐसे में इंडिया को टाइटल का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हरमनप्रीत कौर की लीडरशिप में इंडियन टीम के फाइनल में पहुंचने की पूरी संभावना है। इसमें इंडिया और पाकिस्तान एक ही ग्रुप में होने की वजह से आमने-सामने होंगे। ऐसे में सवाल यह है कि नो हैंडशेक पॉलिसी और फाइनल मैच जीतने के बाद मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी ली जाए या नहीं। इस बीच, 5 सितंबर को इंडिया और पाकिस्तान के बीच एक हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा। क्या वही होगा जो मेन्स एशिया कप 2025 के फाइनल में हुआ था? इंडिया और पाकिस्तान आमने-सामने आए थे। इस मैच में इंडिया ने पाकिस्तान को हरा दिया था। लेकिन इंडियन टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था। नकवी ने भी उन्हें देने की जिद की थी। लेकिन इंडियन टीम का इरादा पक्का होता देख वह ट्रॉफी लेकर भाग गए। इंडियन टीम को यह ट्रॉफी अभी तक नहीं मिली है। अब महिला एशिया कप के दौरान भी ऐसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी स्थिति में BCCI क्या कदम उठाएगा, इस पर ध्यान दिया जा रहा है।
शुभमन गिल की कप्तानी में कोलंबो पहुंची भारतीय टीम, इंडिया हाउस में यादगार शाम, जबरदस्त स्वागत
भारतीय क्रिकेट टीम शुभमन गिल की कप्तानी में श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए कोलंबो पहुंच चुकी है। गुरुवार शाम को भारतीय टीम इंडिया हाउस भी पहुंची, जहां खिलाड़ियोंं का जबरदस्त स्वागत किया गया।
जालंधर वॉरियर्स टी20 लीग में हर चुनौती के लिए तैयार
चंडीगढ़, शेर-ए-पंजाब टी20 लीग का पहला संस्करण 30 अगस्त से चंडीगढ़ के आई.एस. बिंद्रा स्टेडियम में शुरू होने वाला है।
भूटिया का कहना है कि 90 मिनट के इस एग्जीबिशन मैच पर करोड़ों रुपए खर्च करना इस समय पैसों का गलत इस्तेमाल होगा। उनका मानना है कि इस समय भारतीय फुटबॉल को ग्रासरूट और क्लब लेवल पर इन्वेस्टमेंट की सख्त जरूरत है।
World Championship: PV Sindhu और Ayush Shetty बाहर, Treesa-Gayatri ने क्वार्टर फाइनल में बनाई जगह
भारत को विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में बृहस्पतिवार को बड़ा झटका लगा जब पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी को अपने-अपने प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा जिससे प्रतियोगिता के एकल वर्ग में देश का अभियान समाप्त हो गया। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूट गया जब उन्हें महिला एकल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 11-21, 21-15, 17-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। वांग ने दोनों पैरों में जकड़न की समस्या से जूझने के बावजूद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। शुरुआती दौर में गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीन के शी यू कि को हराकर उलटफेर करने वाले 21 वर्षीय शेट्टी को दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी फरहान ने आसानी से 21-19, 21-11 से शिकस्त दी। यह 11वीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठ मुकाबलों में शेट्टी की पांचवीं हार है। इस नतीजे के साथ भारत का पुरुष एकल अभियान समाप्त हो गया। लक्ष्य सेन बुधवार को ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे। इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया। वर्ष 2015 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद पहली बार किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी ने अंतिम आठ में जगह बनाई है। अपनी 11वीं विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहीं सिंधू ने इससे पहले वांग के खिलाफ आठ में से तीन मुकाबले जीते थे जबकि पांच बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ अच्छी रैलियां देखने को मिलीं और पहले 14 अंक बराबर-बराबर बंटे। 8-7 के स्कोर पर 41 शॉट की लंबी रैली का अंत वांग के सटीक फोरकोर्ट ड्रॉप से हुआ। चीनी की खिलाड़ी ने इसके बाद 14-9 की बढ़त बना ली लेकिन एक शॉट नेट में मार बैठीं। सिंधू की गलतियां बढ़ने लगीं और वह 10-18 से पिछड़ गईं। भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दो तेज क्रॉस कोर्ट स्मैश लगाकर वापसी की कोशिश की,लेकिन अगला शॉट लंबा चला गया और वांग ने 19-11 की बढ़त बना ली। सिंधू के एक और शॉट नेट पर मारने से वांग को नौ गेम प्वाइंट मिले। इसके बाद सिंधू ने नेट पर फिर गलती की और पहला गेम गंवा दिया। दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार शुरुआत की और 3-0 की बढ़त बना ली और प्रभावी प्रदर्शन करते हुए ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बना ली। सिंधू की नेट और बैकलाइन पर हुई गलतियों का फायदा उठाकर वांग ने लगातार तीन अंक हासिल किए और अंतर खत्म कर दिया। सिंधू ने नेट के पास अच्छा खेल दिखाया लेकिन आसान गलतियों के कारण वह दबाव बनाए रखने में मुश्किल महसूस कर रही थीं। सिंधू ने फोरहैंड क्रॉस कोर्ट स्मैश से जवाब दिया और लंबी रैली के बाद एक और जोरदार विनर लगाकर 15-13 की बढ़त हासिल कर ली। वांग के दो शक्तिशाली स्मैश से स्कोर 15-15 हो गया। हालांकि इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार दो शॉट बाहर मार दिए और सिंधू 17-15 से आगे हो गईं। नेट के पास एक और पुश से सिंधू को अंक मिला। इसके बाद वांग का लिफ्ट लंबा चला गया जिससे सिंधू को पांच गेम प्वाइंट मिल गए। सिंधू ने अगला अंक जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। सिंधू ने तीसरे गेम में भी लय बरकरार रखी और पहले 4-1 तथा फिर 7-4 की बढ़त बना ली। वह खेल की गति नियंत्रित कर रही थीं और मौका मिलते ही आक्रामक रुख अपना रही थीं। वांग ने वापसी करते हुए स्कोर 7-8 किया। पूरे मैच के दौरान लगातार खुद से बात करती रहीं वांग ने स्मैश लगाकर स्कोर 9-9 कर दिया। सिंधू ने हालांकि ब्रेक तक 11-10 की बढ़त बना ली और फिर बढ़त को 13-10 तक पहुंचाया लेकिन वांग ने एक बार फिर वापसी की। बॉडी स्मैश और फिर सिंधू के बाहर गए शॉट की मदद से वांग आगे हो गईं। भारतीय खिलाड़ी की एक और गलती ने वांग को लगातार पांच अंक दिला दिए। सिंधू ने स्मैश से आखिरकार वांग के लगातार अंक बनाने का सिलसिला तोड़ा और स्कोर 15-15 कर दिया। इसके बाद वांग का शॉट लंबा चला गया और उनकी सिंधू ने 16-15 की बढ़त हासिल कर ली। अगले अंक पर सिंधू का शॉट बाहर चला गया। शटल का पीछा करते हुए वांग कोर्ट पर गिर पड़ीं और तुरंत अपनी जांघ पकड़ लीं। ऐसा लगा कि उन्हें ऐंठन हुई है। मेडिकल टाइमआउट के बाद वांग 16-16 के स्कोर पर फिर खेल में लौटीं। स्मैश की मदद से वांग ने 18-17 की बढ़त बना ली। इसके बाद 54 शॉट की एक और बेहद लंबी रैली हुई जिसका अंत सिंधू के शॉट के लंबा चले जाने से हुआ। हालांकि इस दौरान वांग अपनी दाईं जांघ पकड़ती नजर आईं। इसके बाद सिंधू ने स्मैश नेट में मार दिया जिससे वांग को तीन मैच प्वाइंट मिल गए। अगले अंक में जीत हासिल करने के बाद चीनी खिलाड़ी जोर से चीखीं और फिर कोर्ट पर गिर पड़ीं।
श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने शुक्रवार को बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ काफी अभ्यास किया। यह ट्रेनिंग कोलंबो में हुई। गिल ने पहले टेस्ट में बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या की गेंदों पर दो बार अपना विकेट गंवाया था। उन्होंने 16 और 8 रन बनाए थे, हालांकि भारत ने यह मुकाबला 165 रन से जीता था। दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से खेला जाएगा। गिल ने जडेजा-सुथार के खिलाफ किया अभ्यास टेस्ट क्रिकेट में गिल 42 मैचों में बाएं हाथ के स्पिनरों की गेंदों पर 11 बार आउट हुए हैं। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब के नेट्स में उन्होंने मानव सुथार, रवींद्र जडेजा और दो स्थानीय गेंदबाजों का सामना किया। कुलदीप ने गेंदबाजी और बल्लेबाजी नहीं की कुलदीप यादव नेट्स में पहुंचे, लेकिन उन्होंने न तो गेंदबाजी की और न ही बल्लेबाजी की। ऑफ स्पिनर सारांश जैन ने ऋषभ पंत और शुभमन गिल को कुछ ओवर गेंदबाजी की। उन्होंने पंत को भी दो मौकों पर चकमा दिया। फिलहाल इसे दूसरे टेस्ट के लिए कुलदीप की जगह सारांश जैन को अंतिम 11 में शामिल करने का संकेत मानना सही नहीं होगा। गॉल टेस्ट में कुलदीप प्रभाव नहीं छोड़ सके थे। उन्होंने 25 रन में 103 रन दिए और सिर्फ एक विकेट लिया था। राहुल नेट्स से दूर, जुरेल देर से पहुंचे ओपनर और उपकप्तान केएल राहुल नेट्स में नहीं आए। मिडिल ऑर्डर बैटर ध्रुव जुरेल अभ्यास में थोड़ी देर से पहुंचे। राहुल और जुरेल दोनों ने पहले टेस्ट में अर्धशतक लगाए थे। सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच का मिजाज सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब की पिच को आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए अनुकूल माना जाता है, जहां शुरुआत में अच्छा बाउंस और स्पिड देखने को मिलता है। हालांकि, जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच पुरानी होने के साथ स्पिनरों के लिए मददगार साबित हो सकती है, क्योंकि इसमें टूट-फूट के कारण टर्न और उछाल देखने को मिल सकता है। भारत गॉल टेस्ट 165 रन से जीता भारतीय टीम ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट मैच में श्रीलंका को 165 रनों से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। अब भारतीय टीम की नजरें इस दूसरे टेस्ट को जीतकर सीरीज में 2-0 से क्लीन स्वीप करने पर हैं।
PC: TV9 क्रिकेट के मैदान में समय के साथ कई रिकॉर्ड बने और टूटे। सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट के एक दौर पर राज किया। उनके नाम आज भी कई रिकॉर्ड हैं। सचिन का दौर खत्म होने के बाद विराट कोहली का दौर शुरू हुआ। उन्होंने क्रिकेट में कई रिकॉर्ड बनाए हैं। इसलिए, वह दौर क्रिकेटरों के लिए सुनहरा दौर बन गया है। लेकिन साउथ अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स ने इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों की तुलना की है। उन्होंने कहा है कि विराट कोहली टेस्ट क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर से बेहतर हैं। एबी डिविलियर्स की इस तुलना से भारतीय खेल प्रशंसक थोड़े परेशान हो गए हैं। उन्हें इस बात में कोई दिलचस्पी नहीं है कि उन्होंने क्या कहा। लेकिन एबी डिविलियर्स ने यह बयान किस आधार पर दिया? आइए आंकड़ों से पता लगाते हैं कि उनका बयान सही है या गलत… विदेशी धरती पर सचिन तेंदुलकर का सिक्का चलता है टेस्ट क्रिकेट में विदेशी धरती पर विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के आंकड़ों में बड़ा अंतर है। आंकड़ों के मामले में सचिन तेंदुलकर विराट कोहली से आगे हैं। सचिन तेंदुलकर ने 176 पारियों में 54.74 की औसत से 8705 रन बनाए हैं। विराट कोहली ने विदेश में 119 पारियों में 41.5 की औसत से 4774 रन बनाए हैं। ऑस्ट्रेलिया में भी सचिन तेंदुलकर विराट कोहली से आगे हैं। मेजबान देशों यानी साउथ अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में सचिन तेंदुलकर का सिक्का खूब चला है। सचिन ने ऑस्ट्रेलिया में 53.20 की औसत से 1809 रन बनाए हैं। विराट कोहली ने 46.72 की औसत से 1542 रन बनाए हैं। इंग्लैंड में सचिन तेंदुलकर ने 54.31 की औसत से 1575 टेस्ट रन बनाए हैं, जबकि विराट कोहली ने 33.21 की औसत से 1096 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका में सचिन ने 46.44 की औसत से 1161 रन बनाए हैं, जबकि विराट कोहली ने 49.5 की औसत से 891 रन बनाए हैं। न्यूजीलैंड में सचिन ने 49.52 की औसत से 842 रन बनाए हैं, जबकि विराट कोहली ने 36 की औसत से 252 रन बनाए हैं। इसलिए, आंकड़ों के मामले में सचिन विराट कोहली से बेहतर हैं। इसलिए, एबी डिविलियर्स जो कहते हैं वह उनकी निजी राय हो सकती है। अगर यह सवाल खुद विराट कोहली से पूछा जाए, तो यह कहना ज़रूरी नहीं है कि उनका जवाब क्या होगा। लेकिन फिलहाल, एबी डिविलियर्स की बातों में कोई सच्चाई नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन का ऐलान किया
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ शनिवार से दक्षिण मैके में शुरू हो रहे सीरीज के दूसरे और आखिरी टेस्ट के लिए अपनी प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। मैथ्यू रेनशॉ की टीम में वापसी हुई है। वह ट्रेविस हेड के साथ पारी शुरुआत करेंगे। मार्नस लाबुशेन और नाथन लियोन भी प्लेइंग इलेवन में जगह बचाने में कामयाब रहे हैं।
रूट बनाम तेंदुलकर, अब सचिन के किन रिकॉर्ड के पीछे पड़ा है इंग्लैंड का बल्लेबाज
जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ 66 रन की पारी खेली और सचिन तेंदुलकर के सबसे ज्यादा टेस्ट अर्धशतक लगाने के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। अभी भी बहुत से रिकॉर्ड में वो तेंदुलकर के पीछे हैं।
Hockey World Cup में Netherlands से भिड़ेगी भारतीय टीम, सेमीफाइनल के लिए जीत जरूरी
(मोना पार्थसारथी) एम्सटेलवीन, 21 अगस्त भारत शनिवार को यहां जब विश्व कप हॉकी के दूसरे दौर के अपने पहले मैच में सह-मेजबान और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड से भिड़ेगा तो उसकी रक्षात्मक कमजोरियों की सबसे बड़ी परीक्षा तब होगी और हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम यह अच्छी तरह से जानती है कि अगर उसे सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं है। भारतीय टीम को न सिर्फ एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी का सामना करना होगा बल्कि वैगनर स्टेडियम में नीदरलैंड के लिए बनने वाले माहौल की चुनौती से भी पार पाना होगा। इस 10,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में नीदरलैंड के समर्थकों के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। स्थानीय दर्शकों ने अभी तक अपनी टीम के प्रति पूरी प्रतिबद्धता दिखाई है और वह बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे हैं। ऐसे में स्टैंड में ‘ओरेंज’ रंग का विशाल जनसमूह, लगातार नारे लगाना और घरेलू टीमके लिए जोशीला समर्थन भारत के लिए माहौल को बेहद चुनौतीपूर्ण बना सकता है। भारतीय टीम को हालांकि विचलित नहीं होना चाहिए। उसके लिए सबसे बड़ी चिंता अच्छी शुरुआत के बाद नियंत्रण खो देना है। पाकिस्तान के खिलाफ 3-0 और 4-1 से बढत बनाने के बाद भारत ने पकड़ ढीली की, जबकि इंग्लैंड के खिलाफ पहले हाफ में 2-1 की बढ़त तीसरे क्वार्टर में दो गोल खाने के बाद हाथ से निकल गई और आखिर में टीम 2-4 से हार गई। नीदरलैंड जैसी टीमों के खिलाफ इस तरह की गलती भारी पड़ सकती है। इसे भी पढ़ें: Harmanpreet Singh की अगुवाई में India ने Pakistan को हराया, डिफेंस में सुधार पर दिया जोर भारत ने पूल डी में वेल्स को 3 -1 से और पाकिस्तान को 5-3 से हराया जबकि इंग्लैंड से हार उसे भारी पड़ सकती है। पहले चरण में इंग्लैंड से हारने के कारण भारतीय टीम दूसरे दौर में उसके खिलाफ नहीं खेलेगी जबकिइंग्लैंड पहले दौर के तीन अंक लेकर इस दौर में पहुंची है। इसके मायने हैं कि भारत को बाकी दोनों टीमों से जीतना ही होगा। दूसरी तरफ नीदरलैंड की टीम ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है। उसने न्यूजीलैंड को 5-1, अर्जेंटीना को 3-1 और जापान को 4-1 से हराकर तीनों मैच में अपना दबदबा बनाया। ऐसे में दुनिया की सबसे आक्रामक टीम के खिलाफ भारतीय रक्षापंक्ति की कड़ी परीक्षा होगी। नये प्रारूप के तहत पूल डी की दोनों शीर्ष टीमें और पूल ए की दो शीर्ष टीमों से पूल ई बना है जिसमें से पहली दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी। वहीं पूल बी और सी की शीर्ष दो टीमें पूल एफ में एक दूसरे से खेलेंगी और पहले दो स्थान की टीमें अंतिम चार में पहुंचेंगी। पूल ए में शीर्ष पर रही नीदरलैंड ने 1973 में इसी मैदान पर भारत को हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब जीता था और 1990 और 1998 में भी ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसे भी पढ़ें: India vs Netherlands Hockey: दूसरे दौर की चुनौती, क्या 'Knockout' जैसे मुकाबलों में डिफेंस सुधार पाएगी Team India? शीर्ष स्तर पर उनकी निरंतरता उन्हें सबसे कठिन प्रतिद्वंद्वियों में से एक बनाती है। तीन विश्व कप के अलावा तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुकी नीदरलैंड को उसके गढ में हराने की चुनौती भारत के लिये आसान नहीं होगी। अपनी मजबूत हॉकी संस्कृति के लिये मशहूर नीदरलैंड टीम दर्शकों के अपार समर्थन का भी पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेगी। लेकिन भारत ने यह साबित कर दिया है कि नीदरलैंड की टीम अजेय नहीं है। भारतीय टीम ने जून में रोटरडम में एफआईएच प्रो लीग के 2025-26 सत्र के आखिरी मैच में नीदरलैंड को 3 -2 से हराया था। पहला मैच इसी अंतर से हारने के बाद भारत ने जु्गराज सिंह, अभिषेक और राजिंदर सिंह जैसे युवा खिलाड़ियों के गोल के दम पर जीत दर्ज की थी। इसे भी पढ़ें: Hockey World Cup: England के खिलाफ 32 साल का सूखा खत्म करने से चूका India, अब Pakistan से महामुकाबला ये तीनों खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं और खासकर अभिषेक शानदार फॉर्म में हैं जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ दो बेहतरीन फील्ड गोल भी किये थे। वहीं कप्तान हरमनप्रीत अभी तक टूर्नामेंट में सर्वाधिक पांच गोल कर चुके हैं और एक बार फिर उन पर बड़ा दारोमदार होगा जबकि 420 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह और 291 मैच खेल चुके फॉरवर्ड मनदीप सिंह से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। भारतीय कप्तान हालांकि यह जानते हैं कि अगर टीम को प्रतियोगिता में आगे तक जाना है तो उसे रक्षात्मक रूप से मजबूत होना होगा। हरमनप्रीत ने पाकिस्तान के खिलाफ मैच के बाद कहा था, ‘‘आगे के कठिन मैचों के लिए हमें अपनी रक्षात्मक रणनीति में सुधार करना होगा। अगर गेंद 25 मीटर के दायरे में आती है, तो हमें उसे अपने पास रखना होगा। हमने कुछ ऐसी गलतियां कीं जिनकी वजह से पाकिस्तान को स्कोर करने का मौका मिला। हमें इनसे सीख लेनी चाहिए और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करना चाहिए।’’ नीदरलैंड की टीम भी भारत से मिलने वाली चुनौती से अच्छी तरह वाकिफ है और वह किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतना चाहेगी। नीदरलैंड के कप्तान थियरी ब्रिंकमैन ने अंतिम ग्रुप मैच में जापान को हराने के बाद कहा, ‘‘भारत एक खतरनाक टीम है, जैसा कि हम एफआईएच प्रो लीग में देख चुके हैं। अपने दिन वे किसी भी टीम को हरा सकते हैं और उसके कप्तान हरमनप्रीत सिंह बेहतरीन फॉर्म में दिख रहे हैं।’’ नीदरलैंड के खिलाफ भारत को हर विभाग में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी, खासकर तब जब वे गेंद पर अपना नियंत्रण खो देते हैं और जब डच टीम दबाव बनाना शुरू कर देती है।
Satwik-Chirag पहुंचे World Championships के क्वार्टर फाइनल में, PV Sindhu हारीं
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने पुरुष युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक जीतने की ओर एक कदम बढ़ाया लेकिन पीवी सिंधू और आयुष शेट्टी के एकल मुकाबलों से बाहर होने के कारण बृहस्पतिवार को भारत को बड़ा झटका लगा। वर्ष 2022 और 2025 में दो कांस्य पदक जीत चुके सात्विक और चिराग ने प्री क्वार्टर फाइनल में मलेशिया की दुनिया की 19वें नंबर की जोड़ी जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को कड़े मुकाबले में 21-23, 21-19, 21-17 से हराया। पहले दौर में बाई और दूसरे दौर में वॉकओवर मिलने के बाद यह टूर्नामेंट में उनका पहला मुकाबला था। हालांकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू का विश्व चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठा पदक जीतने का सपना टूट गया जब उन्हें महिला एकल में चीन की दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग झी यी के खिलाफ कड़े मुकाबले में 11-21, 21-15, 17-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। वांग ने दोनों पैरों में जकड़न की समस्या से जूझने के बावजूद क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। सिंधू ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उन्हें चोट लगी थी या नहीं, शायद यह उनकी रणनीति और इसे करने का उनका तरीका था। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपना ध्यान केंद्रित रखना था और मैं ऐसा कर रही थी, लेकिन फिर हर अंक मायने रखता है, है ना? उस समय वह ब्रेक लेती हैं या नहीं, उन्हें चोट लगी है या नहीं, आप कभी नहीं जान सकते। सिंधू ने कहा, ‘‘यह हार ज्यादा तकलीफ देती है क्योंकि इतने लंबे समय तक ट्रेनिंग करने और कड़ी मेहनत करने के बाद इस तरह के मुकाबला हारना निश्चित रूप से दुख देता है। लेकिन मुझे लगता है कि यह खेल है और इसे इसी तरह होना है। शुरुआती दौर में गत चैंपियन और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी चीन के शी यू कि को हराकर उलटफेर करने वाले 21 वर्षीय शेट्टी को दुनिया के 12वें नंबर के खिलाड़ी फरहान ने आसानी से 21-19, 21-11 से शिकस्त दी। यह 11वीं वरीयता प्राप्त इंडोनेशियाई खिलाड़ी के खिलाफ आठ मुकाबलों में शेट्टी की पांचवीं हार है। इस नतीजे के साथ भारत का पुरुष एकल अभियान समाप्त हो गया। लक्ष्य सेन बुधवार को ही प्रतियोगिता से बाहर हो गए थे। इससे पहले त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इसे भी पढ़ें: PV Sindhu विश्व चैंपियनशिप से बाहर, Wang Zhi Yi के खिलाफ हार पर जताई निराशा भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया। वर्ष 2015 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के बाद पहली बार किसी भारतीय महिला युगल जोड़ी ने अंतिम आठ में जगह बनाई है। अपनी 11वीं विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहीं सिंधू ने इससे पहले वांग के खिलाफ आठ में से तीन मुकाबले जीते थे जबकि पांच बार उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था। शुरुआत में दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ अच्छी रैलियां देखने को मिलीं और पहले 14 अंक बराबर-बराबर बंटे। 8-7 के स्कोर पर 41 शॉट की लंबी रैली का अंत वांग के सटीक फोरकोर्ट ड्रॉप से हुआ। चीनी की खिलाड़ी ने इसके बाद 14-9 की बढ़त बना ली लेकिन एक शॉट नेट में मार बैठीं। सिंधू की गलतियां बढ़ने लगीं और वह 10-18 से पिछड़ गईं। भारतीय खिलाड़ी ने लगातार दो तेज क्रॉस कोर्ट स्मैश लगाकर वापसी की कोशिश की,लेकिन अगला शॉट लंबा चला गया और वांग ने 19-11 की बढ़त बना ली। सिंधू के एक और शॉट नेट पर मारने से वांग को नौ गेम प्वाइंट मिले। इसके बाद सिंधू ने नेट पर फिर गलती की और पहला गेम गंवा दिया। दूसरे गेम में सिंधू ने शानदार शुरुआत की और 3-0 की बढ़त बना ली और प्रभावी प्रदर्शन करते हुए ब्रेक तक तीन अंक की बढ़त बना ली। सिंधू की नेट और बैकलाइन पर हुई गलतियों का फायदा उठाकर वांग ने लगातार तीन अंक हासिल किए और अंतर खत्म कर दिया। इसे भी पढ़ें: PV Sindhu BWF World Championships के अंतिम 16 में पहुंचीं, लक्ष्य सेन बाहर सिंधू ने नेट के पास अच्छा खेल दिखाया लेकिन आसान गलतियों के कारण वह दबाव बनाए रखने में मुश्किल महसूस कर रही थीं। सिंधू ने फोरहैंड क्रॉस कोर्ट स्मैश से जवाब दिया और लंबी रैली के बाद एक और जोरदार विनर लगाकर 15-13 की बढ़त हासिल कर ली। वांग के दो शक्तिशाली स्मैश से स्कोर 15-15 हो गया। हालांकि इसके बाद चीनी खिलाड़ी ने लगातार दो शॉट बाहर मार दिए और सिंधू 17-15 से आगे हो गईं। नेट के पास एक और पुश से सिंधू को अंक मिला। इसके बाद वांग का लिफ्ट लंबा चला गया जिससे सिंधू को पांच गेम प्वाइंट मिल गए। सिंधू ने अगला अंक जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। सिंधू ने तीसरे गेम में भी लय बरकरार रखी और पहले 4-1 तथा फिर 7-4 की बढ़त बना ली। वह खेल की गति नियंत्रित कर रही थीं और मौका मिलते ही आक्रामक रुख अपना रही थीं। वांग ने वापसी करते हुए स्कोर 7-8 किया। पूरे मैच के दौरान लगातार खुद से बात करती रहीं वांग ने स्मैश लगाकर स्कोर 9-9 कर दिया। सिंधू ने हालांकि ब्रेक तक 11-10 की बढ़त बना ली और फिर बढ़त को 13-10 तक पहुंचाया लेकिन वांग ने एक बार फिर वापसी की। बॉडी स्मैश और फिर सिंधू के बाहर गए शॉट की मदद से वांग आगे हो गईं। भारतीय खिलाड़ी की एक और गलती ने वांग को लगातार पांच अंक दिला दिए। सिंधू ने स्मैश से आखिरकार वांग के लगातार अंक बनाने का सिलसिला तोड़ा और स्कोर 15-15 कर दिया। इसे भी पढ़ें: आखिर जन सुराज पार्टी और लोजपा रामविलास के बीच पक रही सियासी खिचड़ी के निहितार्थ क्या हैं? समझिए इसके बाद वांग का शॉट लंबा चला गया और उनकी सिंधू ने 16-15 की बढ़त हासिल कर ली। अगले अंक पर सिंधू का शॉट बाहर चला गया। शटल का पीछा करते हुए वांग कोर्ट पर गिर पड़ीं और तुरंत अपनी जांघ पकड़ लीं। ऐसा लगा कि उन्हें ऐंठन हुई है। मेडिकल टाइमआउट के बाद वांग 16-16 के स्कोर पर फिर खेल में लौटीं। स्मैश की मदद से वांग ने 18-17 की बढ़त बना ली। इसके बाद 54 शॉट की एक और बेहद लंबी रैली हुई जिसका अंत सिंधू के शॉट के लंबा चले जाने से हुआ। हालांकि इस दौरान वांग अपनी दाईं जांघ पकड़ती नजर आईं। इसके बाद सिंधू ने स्मैश नेट में मार दिया जिससे वांग को तीन मैच प्वाइंट मिल गए। अगले अंक में जीत हासिल करने के बाद चीनी खिलाड़ी जोर से चीखीं और फिर कोर्ट पर गिर पड़ीं।
स्टीव स्मिथ 50 रन बनाते ही टॉप-3 में मारेंगे एंट्री, दिग्गज स्टीव वॉ को पीछे छोड़ने का मौका
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज बल्लेबाज स्टीव स्मिथ के पास दूसरे टेस्ट में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करने का मौका होगा। वह ऑस्ट्रेलिया के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर पहुंच सकते हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ दूसरे टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन का ऐलान कर दिया है। दूसरा टेस्ट 22 अगस्त से शुरू होगा। टीम में एक बड़ा बदलाव हुआ है। मैथ्यू रेनशॉ की टीम में वापसी हुई है, जबकि जैक वेदराल्ड को बाहर कर दिया गया है। रेनशॉ 3 साल बाद टेस्ट खेलेंगे। इसके अलावा रिपोर्ट्स थी कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया नाथन लायन को ड्रॉप कर स्कॉट बोलैंड को दूसरे टेस्ट में मौका दे सकता है, हालांकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। पैट कमिंस, मिचेल स्टार्क, जोश हेजलवुड और नाथन लायन टीम में बने हुए हैं। दो मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया को डार्विन में खेले गए पहले टेस्ट में 9 विकेट से हार मिली थी। रेनशॉ ने आखिरी टेस्ट 2023 में खेला था रेनशॉ ने अपने 14 टेस्ट में से आखिरी 2023 में खेला, भारत में मिडिल ऑर्डर में बैटिंग की, लेकिन अब वह उसी ओपनिंग स्पॉट पर लौट आए हैं, जहां उन्होंने 2016-17 में पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरी लगाई थी। स्कॉट बोलैंड को बाहर रखा गया तेज गेंदबाज स्कॉट बोलैंड को प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट थी कि नाथन लायन की जगह बोलैंड को मौका मिल सकता है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूसरे टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन मैथ्यू रेनशॉ, ट्रैविस हेड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), ब्यू वेबस्टर, पैट कमिंस (कप्तान), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन और जोश हेजलवुड। सीरीज के लिए बांग्लादेश टीम का स्क्वॉड नजमुल हुसैन शान्तो (कप्तान), मेहदी हसन मिराज (उपकप्तान), सौम्या सरकार, शादमान इस्लाम, तंज़ीद हसन तमीम, मोमिनुल हक शोराब, मुशफिकुर रहीम, लिटन दास, अमित हसन, जैकर अली अनिक, तैजुल इस्लाम, तस्कीन अहमद, हसन महमूद, सैयद खालिद अहमद, एबादत हुसैन चौधरी, मुस्फिक हसन, लिटन दास, शोरीफुल इस्लाम।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026: नीदरलैंड के सामने होगी टीम इंडिया की कड़ी परीक्षा, गलती के लिए कोई गुंजाइश नहीं
Hockey World Cup 2026 में शनिवार 22 अगस्त को टीम इंडिया को मेजबान नीदरलैंड से भिड़ना है। अब यहां से गलती की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि ये सभी मैच अब नॉकआउट की तरह ही होंगे।
वर्ष के आखिरी ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन को शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। इससे पहले ही आयोजकों ने इसकी ईनामी राशि में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है।
भारत के स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों से पहले लुसाने डायमंड लीग में चुनौती पेश करेंगे। नीरज के सामने हालांकि, चुनौती आसान नहीं होगी क्योंकि रुमेश पथिरागे भी इसमें शामिल होंगे।
पाकिस्तान के खिलाफ जारी टेस्ट मैच में पहली पारी के आधार पर इंग्लैंड ने बढ़त बना ली है। इस दौरान हैरी ब्रूक ने शानदार 91 रनों की पारी खेलने में कामयाबी हासिल की है।
यूएस ओपन 2026: प्राइज मनी में भारी वृद्धि, एकल विजेता को मिलेगी इतनी बड़ी राशि
ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में खिलाड़ियों द्वारा प्राइज मनी बढ़ाने की मांग लंबे समय से चल रही है। यूएस ओपन 2026 में खिलाड़ियों की ये मांग पूरी होने वाली है। यूएस ओपन में इस बार खिलाड़ियों के प्राइज मनी में इजाफा होने वाला है।
कोलंबो में टीम इंडिया की मेजबानी:श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले इंडिया हाउस में यादगार शाम
श्रीलंका में भारत के हाई कमिश्नर संतोष झा ने दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया की मेजबानी की। यह कार्यक्रम कोलंबो स्थित इंडिया हाउस में हुआ। इस मौके से जुड़ी पोस्ट में कोलंबो की शाम को यादगार बताया गया। पोस्ट में टीम इंडिया के साथ भारत का झंडा भी लगाया गया। पोस्ट में इन अकाउंट्स को किया टैग पोस्ट में @MEAIndia, @IndiainSL और @santjha को टैग किया गया। इसमें भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मुकाबले से जुड़ा हैशटैग #SLvIND भी इस्तेमाल किया गया। भारत गॉल टेस्ट 165 रन से जीता भारत ने 15 अगस्त से खेले गए गॉल टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। यह भारत का 600वां टेस्ट मैच था। श्रीलंका को जीत के लिए 372 रन का टारगेट मिला था, लेकिन टीम दूसरी पारी में 206 रन पर ऑलआउट हो गई। भारत की जीत के हीरो 24 साल के स्पिनर मानव सुथार रहे। उन्होंने मैच में 10 विकेट लिए। दूसरी पारी में 55 रन देकर 6 विकेट लेने वाले सुथार ने श्रीलंका के आखिरी चार विकेट सिर्फ 10 गेंद में लेकर भारत को जीत दिलाई। देवदत्त पडिक्कल को उनकी 167 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
इंडिया वर्सेस श्रीलंका दूसरे टेस्ट के लिए कैसी होगी कोलंबो की पिच? SLC के अधिकारी ने दिया बड़ा बयान
भारत और श्रीलंका के बीच 23 अगस्त से दूसरा टेस्ट मैच खेला जाना है। भारतीय टीम पहले ही सीरीज में 1-0 से आगे है। टीम इंडिया दूसरा टेस्ट मैच जीतकर श्रीलंका का क्लीन स्वीप करना चाहेगी।
Doping: डोपिंग को लेकर नाडा की बड़ी कार्रवाई, इस भारतीय भाला फेंक एथलीट पर लगाया 10 साल का प्रतिबंध
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने डोपिंग को लेकर कड़ी कार्रवाई की है। ओलंपियन भाला फेंक एथलीट शिवपाल सिंह पर दूसरे डोपिंग अपराध के लिए 10 साल का प्रतिबंध लगाया गया है।
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप में हार गईं। सिंधू का महिला एकल वर्ग में सफर प्री क्वार्टर फाइनल में हार के साथ ही समाप्त हो गया। सिंधू को इस मुकाबले में चीन की वांग झी यी से शिकस्त मिली।
जो रूट ने रचा इतिहास, WTC में 3000 रन बनाने वाले बने पहले कप्तान
जो रूट बतौर कप्तान वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के इतिहास में 3000 रन का आंकड़ा पार करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस मामले में विराट कोहली और रोहित शर्मा जो रूट से काफी पीछे हैं।
Joe Root ने रचा नया इतिहास! WTC में ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के पहले क्रिकेटर बने, जानें क्या है रिकॉर्ड
स्पेन के स्टार टेनिस खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज चार महीने बाद कोर्ट पर लौटेंगे। दाहिनी कलाई की चोट के कारण अप्रैल से कोर्ट से बाहर चल रहे अल्कराज ने 30 अगस्त से न्यूयॉर्क में शुरू होने वाले US ओपन में खेलने की पुष्टि की है। वह डिफेंडिंग चैंपियन हैं। अल्काराज ने चोट के कारण फ्रेंच ओपन, विंबलडन और हार्ड-कोर्ट के टूर्नामेंट टोरंटो और सिनसिनाटी में हिस्सा नहीं लिया था। वह US ओपन से पहले कोई वार्म-अप टूर्नामेंट भी नहीं खेलेंगे। फैब्रिजियो रोमानो के साथ पोस्ट कर दी वापसी की पुष्टि अल्काराज ने अपनी वापसी की घोषणा फुटबॉल ट्रांसफर न्यूज के लिए मशहूर पत्रकार फैब्रिजियो रोमानो के साथ सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। अल्कराज ने भी X पर अमेरिकी झंडे और प्लेन की इमोजी के साथ पोस्ट किया। अप्रैल में बार्सिलोना ओपन के दौरान लगी थी चोट अल्काराज ने अप्रैल में बार्सिलोना ओपन से हटने के बाद कोई मैच नहीं खेला। दाहिनी कलाई की चोट के कारण उन्हें करीब चार महीने कोर्ट से दूर रहना पड़ा। इस दौरान उन्होंने फ्रेंच ओपन और विंबलडन जैसे दोनों बड़े ग्रैंड स्लैम मिस किए। वापसी से पहले उन्होंने स्पेन के मर्सिया में अभ्यास शुरू किया और हाल में डेनमार्क के होल्गर रूने के साथ भी ट्रेनिंग की। इसके बाद उन्होंने US ओपन में खेलने का फैसला किया। 2022 में US ओपना में ही जीता था पहला ग्रैंड स्लैम अल्काराज ने 2022 में US ओपन जीतकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब हासिल किया था। 2025 में भी उन्होंने फाइनल में इटली के जैनिक सिनर को हराकर खिताब जीता था। अब वह 2026 में अपने खिताब का बचाव करने उतरेंगे। ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतकर की थी 2026 की शानदार शुरुआत अल्काराज ने 2026 की शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतकर की थी। इस जीत के साथ उन्होंने करियर ग्रैंड स्लैम पूरा किया और चारों ग्रैंड स्लैम जीतने वाले सबसे कम उम्र के पुरुष खिलाड़ी बने। इसके बाद कलाई की चोट ने उनके सीजन को रोक दिया। रैंकिंग में अभी नंबर-2 पर अल्कराज चार महीने तक बाहर रहने के बावजूद अल्कराज अभी ATP रैंकिंग में नंबर-2 पर हैं। दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी जानिक सिनर हैं, जबकि अलेक्जेंडर ज्वेरेव नंबर-3 पर हैं। इसलिए US ओपन में वापसी अल्कराज के लिए सिर्फ खिताब बचाने की चुनौती नहीं, बल्कि रैंकिंग में सिनर से अंतर कम करने का भी मौका होगी। -------------------------------------------------- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जेवलिन थ्रोअर शिवपाल सिंह पर 10 साल का बैन:नाडा पैनल ने मेथेंडिएनोन मिलने पर कार्रवाई की, दूसरी बार डोपिंग टेस्ट में फेल भारत के जेवलिन थ्रोअर और टोक्यो ओलिंपियन शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का बैन लगाया गया है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के डिसिप्लिनरी पैनल ने प्रतिबंधित पदार्थ मेथेंडिएनोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह सजा सुनाई। 31 साल के शिवपाल के लिए यह बैन उनके करियर का अंत माना जा रहा है। पूरी खबर
Shivpal Singh पर दूसरे डोपिंग मामले में NADA ने लगाया 10 साल का प्रतिबंध
पूर्व एशियाई रजत पदक विजेता और ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह पर दूसरे डोपिंग अपराध के लिए राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के अनुशासनात्मक पैनल ने 10 साल का प्रतिबंध लगाया है। शिवपाल प्रतिबंधित पदार्थ मेथाएंडिएनोन के सेवन के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। 31 साल की उम्र में यह प्रतिबंध उनके खेल करियर का अंत कर सकता है। शिवपाल ने तोक्यो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि 2019 एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतना है। दोहा में उन्होंने 86.23 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए यह पदक हासिल किया था। हालिया मामलों में कार्रवाई का सामना करने वाले शिवपाल अकेले भारतीय एथलीट नहीं हैं। धाविका एमवी जिल्ना को भी दूसरे डोपिंग उल्लघंन के लिए अस्थायी रूप से निलंबित किया गया और वह मेफेंटरमाइन के लिए पॉजिटिव मिलीं। इससे पहले 2021 में शिवपाल का डोप नमूना प्रतियोगिता से बाहर की गई जांच में एक स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव आया था। नाडा के डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल ने अगस्त 2022 में उन्हें डोपिंग उल्लघंन का दोषी मानते हुए 2021 से चार साल का प्रतिबंध लगाया था। यह प्रतिबंध 2025 तक चलना था, लेकिन शिवपाल ने नाडा के अपील पैनल के सामने सफलतापूर्वक तर्क दिया कि उनकी डोप जांच में पॉजिटिव आने के पीछे ‘दूषित सप्लीमेंट्स’ जिम्मेदार थे। जनवरी 2023 में अपील पैनल ने उनकी दलील स्वीकार करते हुए प्रतिबंध को चार साल से घटाकर सिर्फ एक साल कर दिया। शिवपाल ने अप्रैल 2023 में वापसी की। उसी साल जून में भुवनेश्वर में आयोजित राष्ट्रीय अंतर-राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने कांस्य पदक जीता। इसके बाद उन्होंने गोवा में हुए 2023 राष्ट्रीय खेलों में स्वर्ण पदक भी हासिल किया।
Hockey World Cup: भारत ने इंग्लैंड को ड्रॉ पर रोका, कोच मारिन ने गोलकीपरों को सराहा
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 20 अगस्त भारत ने बृहस्पतिवार को यहां एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप के पूल डी के अंतिम मैच में इंग्लैंड को गोलरहित ड्रॉ पर रोककर दूसरे दौर में जगह बनाई जिसके बाद कोच शोर्ड मारिन ने अपनी गोलकीपरों के शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की। भारत ने पहले हाफ में दबदबा बनाते हुए कई मौके बनाए और पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन ब्रेक के बाद टीम अपनी लय बरकरार नहीं रख सकी। इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाते हुए 12 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए लेकिन सविता पूनिया और बिछू देवी ने मजबूती से डटकर गोल नहीं होने दिया। मारिन ने मैच के बाद राहत भरे अंदाज में कहा, ‘‘नतीजे से बहुत खुश हूं। पहले हाफ में हमारा मैच पर पूरा नियंत्रण था। हमने मौके बनाए, पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए और बहुत अच्छी तरह बचाव किया, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में हम इसे बरकरार नहीं रख सके।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक प्रक्रिया है और हम चारों क्वार्टर में लय बनाए रखने पर काम कर रहे हैं। इंग्लैंड को भी श्रेय जाता है, जिसने बहुत अच्छा खेल दिखाया।’’मारिन ने इंग्लैंड को रोकने के लिए अपने दोनों गोलकीपरों को श्रेय दिया और इन अनुभवी खिलाड़ियों के बीच आपसी तालमेल की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘हां, हमने कई पेनल्टी कॉर्नर दिए लेकिन गोलकीपरों को श्रेय जाता है जिन्होंने शानदार बचाव किया। शीर्ष स्तर के खेल में यह इसका उदाहरण है कि दो खिलाड़ी एक-दूसरे के खेल को बेहतर बना सकते हैं। मैं उनसे और जिस तरह वे एक-दूसरे का समर्थन करती हैं, उससे बहुत खुश हूं।’’सविता ने इस मुकाबले को ‘नॉकआउट मैच’ बताते हुए कहा कि भारत का रक्षात्मक प्रदर्शन अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था। इस विश्व कप में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली सबसे अनुभवी महिला खिलाड़ी सविता ने कहा, ‘‘हमें पहले से पता था कि यह कठिन मुकाबला होगा। हमने पहले हाफ में दबदबा बनाया और कई पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए। हमें आक्रामक हॉकी जारी रखनी होगी और इन मौकों को गोल में बदलना होगा। हमारे लिए यह नॉकआउट मैच जैसा था और दबाव था, लेकिन एक टीम के रूप में हमने अच्छा खेला।’’उन्होंने कहा, ‘‘आज हमारा डिफेंस अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर था।’’सविता ने बिछू की विशेष रूप से तारीफ की जिन्होंने इंग्लैंड द्वारा विजयी गोल की तलाश में अपना गोलकीपर हटाने के बाद अंतिम 30 सेकेंड में महत्वपूर्ण बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘‘आखिरी 30 सेकेंड में बिछू का बचाव मेरे देखे सर्वश्रेष्ठ बचावों में से एक था। मैंने उसे कई बार गले लगाया है। हम एक-दूसरे की ताकत हैं।’’बिछू ने कहा कि इंग्लैंड के गोलकीपर को हटाने के बाद वह उसके आखिरी हमले के लिए तैयार थीं। उन्होंने कहा, ‘‘जब उन्होंने आखिरी मिनटों में गोलकीपर को हटा दिया तो मुझे लगा कि वे पूरी तरह से दबाव बनाएंगे। मैं इसके लिए तैयार थी और सिर्फ गेंद पर नजर रख रही थी। मैं डिफेंस के प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।’’विश्व कप में 11 खिलाड़ियों के पदार्पण वाली भारतीय टीम अब शुक्रवार को दूसरे दौर में मेजबान नीदरलैंड का सामना करेगी। मारिन ने माना कि लगातार मैच खेलना आदर्श स्थिति नहीं है, लेकिन टीम को परिस्थितियों के अनुसार ढलना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘अगर दूसरे दौर से पहले हमें थोड़ा आराम मिलता तो बेहतर होता, लेकिन स्थिति ऐसी ही है और हम इसे बदल नहीं सकते।’’कोच ने पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ नवनीत कौर और दीपिका के प्रदर्शन में सुधार का भरोसा भी जताया। खुद डच होने के कारण मारिन जानते हैं कि खचाखच भरे स्टेडियम में मेजबान टीम के खिलाफ मुकाबला पूरी तरह अलग चुनौती होगा। उन्होंने कहा, ‘‘कल हम खचाखच भरे स्टेडियम में नीदरलैंड के खिलाफ खेलेंगे और यह पूरी तरह अलग अनुभव होगा। मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह जानता हूं और वे बहुत, बहुत अच्छी टीम हैं। हमारे लिए इस मुकाबले से मिलने वाली सीख काफी महत्वपूर्ण होगी।’’सविता ने कहा कि एक सीनियर खिलाड़ी के तौर पर उनकी भूमिका युवा खिलाड़ियों को विश्व कप के दबाव से निपटने में मदद करना भी है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनसे कहती रहती हूं कि आपसे गलतियां होंगी, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है कि आप अच्छी तरह वापसी करें। एक मेंटर और वरिष्ठ खिलाड़ी के तौर पर मैं हमेशा उन्हें सहज महसूस कराने की कोशिश करती हूं। मैं उनके प्रदर्शन से बहुत खुश हूं।
नीदरलैंड और बेल्जियम में हो रहे वर्ल्ड हॉकी कप (FIH) में भारतीय टीम ने पाकिस्तान टीम से मैच जीतने के बाद अब दूसरे राउंड के लिए जगह पक्की कर ली है। सिरसा के राजिंदर सिंह का इस मैच में अहम योगदान रहा। इस मैच के दौरान राजिंदर सिंह को ग्रीन कार्ड भी झेलना पड़ा और कुछ देर बाहर रहे। इसके चलते भारतीय टीम को कुछ समय 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। बावजूद, इसके राजिंदर ने दोबारा वापसी करते हुए बेहतरीन तरीके से और भारतीय डिफेंस ने पाकिस्तान के लगातार पेनल्टी कॉर्नर हमलों को नाकाम किया। पेनल्टी कॉर्नर में भी राजिंदर को रखकर मौका दिया गया, उसमें अहम भूमिका निभाई। टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गेंद सिरसा के राजिंदर सिंह की तरफ बढ़ाई। इसके बाद राजिंदर ने बेहतरीन ड्रैग-फ्लिक शॉट लिया। हालांकि, पाकिस्तानी गोलकीपर ने उनका यह शॉट रोक लिया, लेकिन रिबाउंड पर हरमनप्रीत सिंह ने मुस्तैदी दिखाते हुए गेंद को गोल पोस्ट में डाला। वहीं, राजिंदर जहां सिरसा के शहीद भगत सिंह स्टेडियम में प्रैक्टिस करते थे। आज वहां खेलने वाले युवा-महिला खिलाड़ियों में राजिंदर के बाद जोश बढ़ गया है। राजिंदर के कोच हरविंदर सिंह उनको तैयार कर रहे हैं। कोच का विश्वासपात्र बना राजिंदर कोच के अनुसार, राजिंदर सिंह पूरी टीम में जूनियर होने के बावजूद बेहतर खेल रहे हैं और उनके कोच का भी राजिंदर पर पूरा भरोसा है। पाकिस्तान के खिलाफ मिडफिल्ड में विपक्षी टीम के डिफेंस पर दबाव बनाए रखा और उनके पाकिस्तानी टीम के पलटवार रोकने में अहम भूमिका निभाई। इससे अपनी टीम के खिलाड़ियों को गोल करने का अच्छा मौका मिला। कोरोना काल भी झेला- कोच कोच हरविंदर सिंह ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, जूनियर होने के बावजूद कोच ने उन पर विश्वास जताया है। सिरसा के बाकी खिलाड़ियों के लिए रोल मॉडल है। इस बार वर्ल्ड कप हॉकी में सिरसा से दो खिलाड़ी सविता पूनिया और राजिंदर सिंह खेल रहे हैं, जो जिले के लिए खुशी की बात है। कोरोना काल और कई ऐसी विपदा आई, पर राजिंदर अपनी मेहनत करता रहा और आज वो इंडिया टीम में इस मुकाम तक पहुंच गया है। राजिंदर ने गोल के बेहतर मौके बनाए- कोच हॉकी कोच हरविंदर सिंह के अनुसार, वेल्स के खिलाफ शुरुआती मैच में भी अभिषेक और मनदीप सिंह के साथ मिलकर विपक्षी टीम के डिफेंस पर लगातार दबाव बनाए रखा, जिससे भारत को जीत दर्ज करने में मदद मिली। राजिंदर सिंह मिडफील्ड में रहकर भारतीय फॉरवर्ड खिलाड़ियों (आक्रमण पंक्ति) के लिए गोल करने के बेहतरीन मौके बनाए। भारत के पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 5वें और 21वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से दो गोल किए और खिलाड़ी अभिषेक ने 11वें और 24वें मिनट में दो फील्ड गोल दागे और स्कोर बढ़ने से टीम को मजबूती मिली। प्लेयर हार्दिक सिंह ने भी एक गोल किया। वहीं, पाकिस्तान टीम की ओर से खिलाड़ी हनान शाहिद ने दो और सुफियान खान ने एक गोल दागा। इसी के साथ भारतीय टीम ने दूसरे राउंड के लिए पुल-ई में अपनी जगह पक्की कर ली है और पाकिस्तान की टीम इस राउंड से बाहर हो गई।
PV Sindhu विश्व चैंपियनशिप से बाहर, Wang Zhi Yi के खिलाफ हार पर जताई निराशा
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने घरेलू विश्व चैंपियनशिप में प्री-क्वार्टर फाइनल में मिली हार पर निराशा जताते हुए कहा कि उन्हें घर पर हारने का बहुत ज्यादा दुख है। उन्होंने साथ ही कहा कि चीन की वांग झी यी का मैच के आखिरी दौर में मासंपेशियों में खिंचाव से जूझना उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। सिंधू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें खुद थोड़ा और धैर्य रखना चाहिए था। सिंधू की विश्व चैंपियनशिप में छठा पदक जीतने की उम्मीद खत्म हो गई। उन्हें दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी वांग के खिलाफ कड़े मुकाबले में 11-21, 21-15, 17-21 से हार मिली। मैच के बाद पत्रकारों से सिंधू ने कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि उन्हें चोट लगी थी या क्या हुआ था। शायद यह उनकी रणनीति और उनका मैच खेलने का तरीका था। ’’उन्होंने कहा, ‘‘मुझे अपना ध्यान केंद्रित रखना था और मैं ऐसा कर भी रही थी। लेकिन हर अंक महत्वपूर्ण होता है। उस समय वह ब्रेक लें या नहीं लें, उन्हें चोट लगी है या नहीं, आप कभी नहीं जान सकते। ’’सिंधू ने कहा, ‘‘शायद यही उनकी खेलने की शैली है या यही उनकी रणनीति है। लेकिन मेरे लिए जरूरी था कि मैं अपना ध्यान केंद्रित रखूं, हर अंक के लिए खेलूं और हर अंक पर पूरा ध्यान दूं। ’’हालांकि वांग ने साफ किया कि उन्हें सही में मांसपेशियों में खिंचाव हुआ था और यह कोई रणनीति नहीं थी। वांग ने दुभाषिए के जरिए कहा, ‘‘मुझे खुद पर काफी जोर डालना पड़ा, इसी वजह से मुझे खिंचाव हुआ। मैं समझ सकती हूं कि उस समय सिंधू को ऐसा लगा होगा, लेकिन उस वक्त मुझे वास्तव में चोट लगी थी। ’’उन्होंने कहा, ‘‘आज का मुकाबला बहुत कठिन था। सिंधू बहुत मजबूत प्रतिद्वंद्वी हैं और उनका आक्रमण तेज है। मेरी रणनीति काम आई और मुझे आज अपने प्रदर्शन पर गर्व है।
Junior Hockey Championship: झारखंड, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और एमपी सेमीफाइनल में पहुंचे
झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और मध्य प्रदेश ने बृहस्पतिवार को यहां जूनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप के डिविजन ए के सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। झारखंड ने ओडिशा के खिलाफ निर्धारित समय में 1-1 से बराबरी के बाद शूटआउट में 4-3 से रोमांचक जीत दर्ज की। दूसरे क्वार्टर फाइनल में हरियाणा ने चंडीगढ़ को 3-1 से हराया। दुर्गा ने 14वें मिनट में गोल कर हरियाणा को बढ़त दिलाई, जिसके बाद दीक्षा ने 19वें मिनट में टीम की बढ़त दोगुनी कर दी। चंडीगढ़ के लिए अपराम ने 39वें मिनट में गोल किया लेकिन हरियाणा ने 59वें मिनट में कौर सुखप्रीत के गोल से अपनी दो गोल की बढ़त फिर हासिल कर ली। छत्तीसगढ़ ने उत्तर प्रदेश को 5-2 से हराकर अंतिम चार में प्रवेश किया। एक अन्य क्वार्टर फाइनल में मध्य प्रदेश ने मणिपुर को 3-1 से हराया। सेमीफाइनल में झारखंड का सामना मध्य प्रदेश से जबकि हरियाणा की भिड़ंत छत्तीसगढ़ से होगी।
: भारत के जेवलिन थ्रोअर और टोक्यो ओलिंपियन शिवपाल सिंह पर दूसरी बार डोपिंग का दोषी पाए जाने के बाद 10 साल का बैन लगाया गया है। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के डिसिप्लिनरी पैनल ने प्रतिबंधित पदार्थ मेथेंडिएनोन के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद यह सजा सुनाई। 31 साल के शिवपाल के लिए यह बैन उनके करियर का अंत माना जा रहा है। शिवपाल 2019 एशियन चैंपियनशिप में 86.23 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ सिल्वर मेडल जीत चुके हैं। वे टोक्यो ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। 2021 में भी डोपिंग में फंसे थे, 4 साल की सजा 1 साल हुई थी शिवपाल का सैंपल 2021 में हुए आउट-ऑफ-कंपटीशन टेस्ट में स्टेरॉयड के लिए पॉजिटिव आया था। अगस्त 2022 में NADA के डिसिप्लिनरी पैनल ने उन्हें दोषी मानते हुए 4 साल का बैन लगाया था। शिवपाल ने अपील में कहा था कि जिस सप्लीमेंट का उन्होंने इस्तेमाल किया था, उसमें प्रतिबंधित पदार्थ मिला हुआ था। जनवरी 2023 में NADA के अपील पैनल ने उनका पक्ष स्वीकार करते हुए बैन को 4 साल से घटाकर 1 साल कर दिया। इसके बाद उन्होंने अप्रैल 2023 में वापसी की। वापसी के बाद नेशनल गेम्स में जीता गोल्ड वापसी के बाद शिवपाल ने जून 2023 में भुवनेश्वर में नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीता। इसके बाद उन्होंने गोवा में हुए 2023 नेशनल गेम्स में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। एमवी जिल्ना भी दूसरे डोपिंग मामले में प्रोविजनली सस्पेंड स्प्रिंटर एमवी जिल्ना को भी दूसरे डोपिंग मामले में प्रोविजनली सस्पेंड किया गया है। उनका सैंपल प्रतिबंधित पदार्थ मेफेन्टरमाइन के लिए पॉजिटिव पाया गया है। --------------------------------------------- स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… हेप्टाथलॉन गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय डोप टेस्ट में पॉजिटिव:स्वप्ना बर्मन को NADA ने सस्पेंड किया; इसी महीने संन्यास लिया था भारत की एथलीट और 2018 एशियन गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाई गई हैं। नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। 29 साल की स्वप्ना के सैंपल में बोल्डेनोन नाम का प्रतिबंधित पदार्थ मिला है। पूरी खबर
कुलदीप OUT, सारांश IN... कोलंबो में बदलेगी टीम इंडिया की प्लेइंग 11
भारत और श्रीलंका के बीच 2 टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मैच 23 अगस्त से कोलंबो के एसएससी मैदान में होना है. श्रीलंका की टीम इस मैच में कई इंजर्ड खिलाड़ियों की समस्या से जूझ रही है. वहीं भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में भी बदलाव संभव है.
इंग्लैंड के हेडिंग्ले मैदान पर इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन पाकिस्तान के स्पिनर अली उस्मान ने 5 विकेट लिए। वे हेडिंग्ले में 1972 के बाद 5 विकेट लेने वाले पहले विदेशी स्पिनर बने। उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया के एशले मैलेट ने 1972 एशेज में यह उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि, इंग्लैंड ने दिन का खेल खत्म होने तक 8 विकेट पर 366 रन बनाकर पाकिस्तान के पहली पारी के 171 रन के जवाब में 195 रन की बढ़त हासिल कर ली। उसके 2 विकेट बाकी हैं। बारिश के कारण दूसरे दिन सिर्फ 57 ओवर का खेल हो सका। दूसरे दिन 4 बल्लेबाजों ने फिफ्टी लगाई बारिश के कारण खेल दोपहर 2:45 बजे शुरू हुआ। इंग्लैंड ने 112/2 से आगे खेलना शुरू किया। जो रूट ने 66 और जॉर्डन कॉक्स ने 73 रन बनाए। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 150 रन की साझेदारी की। इसके बाद डैन लॉरेंस ने 51 और हैरी ब्रूक ने 91 रन बनाए। ब्रूक और लॉरेंस ने पांचवें विकेट के लिए 120 रन जोड़े। ब्रूक फिर हेडिंग्ले में शतक से चूके हैरी ब्रूक ने 93 गेंदों पर 91 रन बनाए। वे लगातार दूसरे हेडिंग्ले टेस्ट में घरेलू मैदान पर शतक से चूक गए। पिछले साल भारत के खिलाफ भी उन्होंने 99 रन बनाए थे। इस बार अली उस्मान ने उन्हें बोल्ड कर दिया। आखिरी आधे घंटे में 3 विकेट लेकर पूरा किया 5 विकेट हॉल अली उस्मान ने दिन के आखिरी हिस्से में ब्रूक, गस एटकिंसन और ऑली रॉबिन्सन को आउट किया। रॉबिन्सन को बोल्ड कर उन्होंने अपना पहला टेस्ट 5 विकेट हॉल पूरा किया। पाकिस्तान के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इंग्लैंड के अभी 2 विकेट बाकी हैं। वह 195 रन आगे है। तीसरे दिन पाकिस्तान की कोशिश इंग्लैंड को जल्दी आउट करने की होगी, ताकि दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए ज्यादा समय और मौका मिल सके। ------------------------------------------------------- मैच से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंचे रूट, 68वां टेस्ट अर्धशतक लगाया:चंद्रपाल-बॉर्डर और द्रविड़ को पीछे छोड़ा; पाकिस्तान के खिलाफ बनाया रिकॉर्ड इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। 35 साल के रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स में चल रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन 66 रन की पारी खेली। उन्होंने 68वां टेस्ट अर्धशतक लगाया। पूरी खबर
जूनियर विमेंस हॉकी नेशनल: हरियाणा, छत्तीसगढ़, झारखंड और एमपी सेमीफाइनल में पहुंचे
पुणे, 20 अगस्त (आईएएनएस)। झारखंड, मध्य प्रदेश, हरियाणा और छत्तीसगढ़ ने 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर विमेंस नेशनल चैंपियनशिप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
भारत ने आखिरकार वह कर दिखाया जिसकी उसे जरूरत थी। महिला हॉकी विश्व कप के पूल डी के आखिरी मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलते हुए भारतीय टीम ने दूसरे दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। मुकाबला भले ही गोलरहित रहा, लेकिन आखिरी सीटी तक दोनों टीमों के बीच तनाव बना रहा। इंग्लैंड को आगे बढ़ने के लिए हर हाल में जीत चाहिए थी, जबकि भारत के लिए बराबरी भी काफी थी। इस नतीजे के साथ भारत ने तीन मैचों में पांच अंक जुटाए और पूल डी में दूसरे स्थान पर रहा। चीन सात अंकों के साथ पूल में पहले स्थान पर रहा और भारत के साथ अगले दौर में पहुंच गया। इंग्लैंड चार अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा और उसका विश्व कप अभियान यहीं समाप्त हो गया। गौरतलब है कि भारत ने प्रतियोगिता की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 की बराबरी से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराकर शानदार प्रदर्शन किया। इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले में भी भारत ने शुरुआती मिनटों में बेहतर आक्रमण किया और पहले दस मिनट के दौरान तीन पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन टीम उन्हें गोल में नहीं बदल सकी। इसके बाद इंग्लैंड ने धीरे-धीरे मुकाबले पर पकड़ बनानी शुरू कर दी। दूसरे क्वार्टर में इंग्लैंड को तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, जबकि भारत को एक मौका मिला। दोनों टीमों के गोलकीपरों ने कई अच्छे बचाव किए और मध्यांतर तक स्कोर 0-0 ही रहा। दूसरे हाफ में इंग्लैंड का दबाव और बढ़ गया। तीसरे क्वार्टर में उसने पांच पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जबकि भारत को सिर्फ एक मिला। भारतीय टीम धीरे-धीरे अपने घेरे के आसपास ज्यादा समय बिताने लगी और डिफेंस लाइन को मजबूत रखते हुए इंग्लैंड के हमलों को रोकती रही। मौजूद जानकारी के अनुसार, पूरे मुकाबले में इंग्लैंड ने कुल 12 पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, जबकि भारत को छह मिले। इसके बावजूद इंग्लैंड एक भी मौका गोल में नहीं बदल पाया। बिचु देवी और अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने कई अहम मौकों पर भारत को बचाया। असली परीक्षा आखिरी क्वार्टर में हुई। इंग्लैंड को पता था कि बराबरी उसके लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए उसने गोलकीपर को मैदान से बाहर बुलाकर एक अतिरिक्त मैदानी खिलाड़ी उतार दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने 11 खिलाड़ियों के साथ भारतीय घेरे पर लगातार हमला किया। भारत लगभग पूरी तरह रक्षात्मक भूमिका में आ गया। भारतीय खिलाड़ियों ने इस दबाव के बावजूद अपनी एकाग्रता नहीं खोई। इंग्लैंड के हमले लगातार भारतीय रक्षापंक्ति से टकराते रहे। मुकाबला खत्म होने से कुछ सेकंड पहले टेसा हॉवर्ड के पास इंग्लैंड को जीत दिलाने का शानदार मौका आया, लेकिन बिचु देवी ने बेहतरीन बचाव करते हुए गेंद को रोक दिया। उनका यह बचाव भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ। अंतिम सीटी बजते ही भारतीय खिलाड़ियों ने राहत की सांस ली। इंग्लैंड ने मैच के बड़े हिस्से में दबदबा बनाया और भारत की तुलना में दोगुने पेनल्टी कॉर्नर हासिल किए, लेकिन गोल करने में नाकाम रहा। बता दें कि भारत अब तक विश्व कप में अजेय है। टीम ने एक जीत और दो ड्रॉ के साथ पांच अंक हासिल किए हैं। अगले दौर में चुनौती और कठिन होगी, लेकिन इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम के खिलाफ दबाव में डटे रहने से भारतीय टीम का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा होगा। अब भारत की नजर टूर्नामेंट के अगले चरण में बेहतर प्रदर्शन करते हुए खिताब की दौड़ को आगे बढ़ाने पर होगी।
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को संविधान के अनुच्छेद 21ए के तहत 'खेल के अधिकार' को मौलिक अधिकार के तौर पर मान्यता देने की मांग वाली एक जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता डॉ. कनिष्क पांडे ने कोर्ट से आग्रह किया कि खेल तक पहुंच से जुड़े बड़े संवैधानिक सवाल को 'फिजिकल लिटरेसी' जैसी सीमित अवधारणा में न बदला जाए।
नई दिल्ली, 20 अगस्त (आईएएनएस)। बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में पीवी सिंधु का सफर गुरुवार को थम गया। सिंधु को महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में चीन की वांग झी यी ने 21-11, 15-21, 21-17 से हराया। सिंधु अपने प्रदर्शन से निराश नजर आईं और उन्होंने हार के बाद कहा कि उन्हें थोड़ा और सब्र रखने की जरूरत थी।
इंग्लैंड के डिफेंडर एज़री कोंसा के आर्सेनल में जाने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। आर्सेनल और एस्टन विला के बीच कोंसा को करीब 51 मिलियन पाउंड में खरीदने पर सहमति बन गई है। इसमें आगे मिलने वाली अतिरिक्त रकम भी शामिल हो सकती है। कोंसा ने बुधवार को एस्टन विला के अपने साथियों को विदाई दी और गुरुवार को उनकी मेडिकल जांच होने की उम्मीद है। मौजूद जानकारी के अनुसार, आर्सेनल लंबे समय से कोंसा पर नजर रख रहा था। क्लब की दिलचस्पी की बड़ी वजह उनकी बहुमुखी क्षमता है। वह मुख्य रूप से सेंटर बैक की भूमिका निभाते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर राइट बैक के तौर पर भी मैदान में उतर सकते हैं। आर्सेनल के लिए यह खास तौर पर अहम है क्योंकि विलियम सलीबा और ज्यूरियन टिम्बर इस समय चोटिल हैं। गौरतलब है कि कोंसा 28 साल के हैं और उनके एस्टन विला के साथ करार में अभी दो साल बाकी हैं। उन्होंने सितंबर 2023 में क्लब के साथ पांच साल का नया करार किया था। इसके बावजूद आर्सेनल उन्हें अपनी टीम में लाने के लिए बड़ी रकम खर्च करने को तैयार हुआ है। कोंसा ने 2019 में ब्रेंटफोर्ड से एस्टन विला का रुख किया था। तब से वह क्लब की डिफेंस लाइन का अहम हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने विला के लिए सभी प्रतियोगिताओं में 286 मुकाबले खेले हैं। पिछले सत्र में उन्होंने 48 मुकाबलों में हिस्सा लिया और टीम के अच्छे प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई। एस्टन विला ने पिछले सत्र में यूरोपा लीग का खिताब जीता और इंग्लिश प्रीमियर लीग में चौथा स्थान हासिल किया। इससे पहले 2024-25 के सत्र में कोंसा ने विला के चैंपियंस लीग के लगभग सभी मुकाबलों में शुरुआत की थी। टीम क्वार्टर फाइनल तक पहुंची, जहां उसे बाद में विजेता बनी पेरिस सेंट जर्मेन से हार का सामना करना पड़ा था। बता दें कि कोंसा इंग्लैंड की उस टीम का भी हिस्सा थे, जो इस गर्मी के विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंची। उन्होंने अर्जेंटीना के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले टीम के सभी मुकाबलों में शुरुआत की थी। अर्जेंटीना के खिलाफ उन्हें 72वें मिनट में मैदान पर उतारा गया था। सेंटर बैक के अलावा उन्होंने राइट बैक की जिम्मेदारी भी संभाली थी। आर्सेनल ने इस ट्रांसफर के लिए एस्टन विला के साथ क्लब स्तर पर बातचीत तेज की थी। दोनों क्लबों के बीच खिलाड़ी की कीमत को लेकर अंतर था, जिसे मालिकाना स्तर पर हुई बातचीत के बाद कम किया गया। आर्सेनल ने इस दौरान बायर लेवरकुसेन के डिफेंडर जेरेल क्वांसा में भी दिलचस्पी दिखाई थी, लेकिन कोंसा अब उसकी प्राथमिक पसंद बन गए हैं। आर्सेनल के मुख्य प्रशिक्षक मिकेल आर्टेटा पहले ही कह चुके हैं कि टीम अपने दल को और मजबूत करना चाहती है। विलियम सलीबा की पीठ की चोट और ज्यूरियन टिम्बर की चोट से वापसी में देरी ने डिफेंस लाइन को लेकर आर्सेनल की चिंता बढ़ाई है। ऐसे में कोंसा का अनुभव टीम के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। आर्सेनल पिछले कुछ सत्रों से इंग्लिश प्रीमियर लीग के शीर्ष स्थानों के लिए लगातार चुनौती पेश कर रहा है। कोंसा को शामिल करने का फैसला भी इसी कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है, क्योंकि क्लब 2026-27 के सत्र में अपनी डिफेंस लाइनको मजबूत रखते हुए खिताब की दौड़ में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता है।
शिलांग, 20 अगस्त (आईएएनएस)। मोहन बागान सुपर जाइंट ने 135वें इंडियनऑयल डूरंड कप के फाइनल में जगह बना ली है। टीम को खिताबी मैच तक पहुंचाने में विशाल कैथ का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शूटआउट में दो अहम बचाव किए। गुरुवार को शिलांग के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल में तय समय तक स्कोर 0-0 था, जिसके बाद पेनाल्टी शूटआउट में 'मैरिनर्स' (मोहन बागान) ने नॉर्थईस्ट यूनाइटेड को 4-3 से मात दी।
ग्लास्गो का हिसाब चुकाने उतरेंगे नीरज, फिर पथिरागे से टक्कर
ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के स्टार भाला फेंक खिलाड़ी रुमेश पथिरागे एक बार फिर आमने-सामने होंगे. लुसाने डायमंड लीग में शुक्रवार को होने वाली यह टक्कर ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रेस के लिहाज से भी बेहद अहम है.
जो रूट ने की सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी, इतिहास रचने से अब सिर्फ एक कदम दूर
जो रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ जारी हेडिंग्ले टेस्ट मैच में इंग्लैंड टीम की पहली पारी में 66 रन बनाकर आउट हो गए जिसके दम पर उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा अर्धशतकीय पारी खेलने के सचिन तेंदुलकर के वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने सचिन तेंदुलकर के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा फिफ्टी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। 35 साल के रूट ने पाकिस्तान के खिलाफ लीड्स में चल रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन 66 रन की पारी खेली। उन्होंने 68वां टेस्ट शतक लगाया। इंग्लैंड ने पाकिस्तान पर बढ़त हासिल की हेडिंग्ले मैदान पर टी-ब्रेक तक इंग्लैंड का स्कोर 239/4 है। उसने पाकिस्तान पर 68 रन की बढ़त हासिल कर ली है। हैरी ब्रूक और डैन लॉरेंस नाबाद हैं। इंग्लैंड ने दूसरे दिन की शुरुआत 112/2 के स्कोर से की थी। टीम पाकिस्तान के पहली पारी के 171 रन से 59 रन पीछे थी। यहां से जॉर्डन कॉक्स और जो रूट ने शतकीय साझेदारी की। कॉक्स ने 73 रन बनाए और अली उस्मान की गेंद पर आउट हुए। इसके कुछ समय बाद रूट भी 112 गेंदों पर 66 रन बनाकर आउट हो गए। टेस्ट में सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर रूट और सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में 68-68 अर्धशतक हैं। वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल 66 अर्धशतकों के साथ इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं। पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान एलन बॉर्डर और भारत के राहुल द्रविड़ के नाम 63-63 अर्धशतक हैं। रूट 50+ स्कोर बनाने वाले कप्तानों में 5वें स्थान पर 42 साल के रूट टेस्ट में कप्तान के तौर पर सबसे ज्यादा 50 प्लस स्कोर बनाने वालों की सूची में भी पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। पूर्व साउथ अफ्रीकी कप्तान ग्रीम स्मिथ 61 स्कोर के साथ शीर्ष पर हैं। रिकी पोंटिंग 54 स्कोर के साथ दूसरे, बॉर्डर 51 के साथ तीसरे और पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक 43 स्कोर के साथ चौथे स्थान पर हैं। पाकिस्तान पहली पारी में 171 रन पर ऑलआउट इससे पहले टॉस जीतकर इंग्लैंड ने गेंदबाजी चुनी थी। पाकिस्तान की टीम पहली पारी में 171 रन पर ऑलआउट हो गई। ऑली रॉबिन्सन और जोश टंग ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच-पांच विकेट लिए। रॉबिन्सन ने 5/51 और टंग ने 5/46 के गेंदबाजी आंकड़े दर्ज किए। पाकिस्तान की बल्लेबाजी को अब्दुल्ला शफीक ने संभालने की कोशिश की। उन्होंने 61 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और पाकिस्तान को कम स्कोर पर आउट कर दिया। स्टोक्स के संन्यास के बाद रूट की कप्तानी में वापसी तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का यह पहला मुकाबला है। बेन स्टोक्स के संन्यास के बाद जो रूट इंग्लैंड के कप्तान के तौर पर वापस लौटे हैं। रूट की टीम अब पहली पारी की बढ़त को बड़ा करने और पाकिस्तान पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगी। पाकिस्तान को इंग्लैंड को बड़ी बढ़त लेने से रोकने के लिए जल्दी विकेट लेने होंगे।
श्रीलंका क्रिकेट टीम ने भारत के खिलाफ गॉल टेस्ट में मिली एकतरफा हार के बाद अब कोलंबो में खेले जाने वाले दूसरे मुकाबले को लेकर अपने स्क्वाड में दो बदलाव किए हैं, जिसमें कामिल मिशारा और सहान अराचिगे की एंट्री हुई है।
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बांग्लादेश टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 अगस्त से टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेलना है, जिसमें उससे पहले उनकी टेंशन पहले मैच में शानदार शतकीय पारी खेलने वाले ओपनिंग बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम की गर्दन में आए खिंचाव की समस्या के चलते बढ़ गई है।
एमस्टवीन (नीदरलैंड्स), 20 अगस्त (आईएएनएस)। एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप में भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया पूल डी का मुकाबला गोलरहित ड्रॉ पर समाप्त हुआ। भारत की गोलकीपर सविता पूनिया इंग्लैंड के सामने 'दीवार' बनकर खड़ी रहीं। इस ड्रॉ के साथ ही भारतीय टीम ने अगले दौर में जगह बना ली है।
भारत ने महिला हॉकी विश्व कप के दूसरे दौर में बनाई जगह, इंग्लैंड को किया बाहर
भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप में पहले दौर के पूल डी के अंतिम मैच में इंग्लैंड के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ खेलने के बाद अगले दौर में पहुंच गई।

