हरदा के टिमरनी स्थित भाऊ साहब भुस्कुटे महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय खेल दिवस पर ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानमंत्री मोदी का युवाओं के साथ सीधा ऑनलाइन संवाद दिखाया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी. उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष गजेंद्र शाह, समेत कई अधिकारी और विद्यार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ानी होगी। 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करें। मोदी ने कहा कि 15 अगस्त को देश के सामने स्पोर्ट्स विजन रखा। यह सिर्फ मेडल जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि विकसित भारत और देश की खेल शक्ति बढ़ाने का अभियान है। वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री डी.डी उइके ने कहा कि युवा देश के भविष्य के साथ वर्तमान में भी राष्ट्र निर्माण में भागीदार हैं। कार्यक्रम में उइके के साथ युवाओं और विद्यार्थियों ने नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने खुद नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में भूमिका निभाने का संकल्प लिया। छात्रों ने दिए कई सुझाव एनएसएस छात्रा कश्यपी शर्मा ने प्रतिभावान खिलाड़ियों की समय पर पहचान के लिए व्यवस्थित व्यवस्था बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को लगातार अवसर और मार्गदर्शन देने की बात कही। कृष्णिका अग्रवाल ने स्वयंसेवा को कौशल आधारित अवसरों से जोड़ने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि इससे युवा सामाजिक सेवा के साथ उपयोगी कौशल भी सीख सकेंगे। एनएसएस छात्र आयुष बौरासी ने प्रशासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने की बात कही। उन्होंने प्रशासनिक इंटर्नशिप शुरू करने और ‘वन कॉलेज, वन विलेज’ जैसी पहल का सुझाव दिया। पीएम के संवाद की 6 बड़ी बातें… नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर- 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है। ओलंपिक में नए खेलों पर- देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं हैं। ओलिंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। लंबी समुद्री तटरेखा के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है। खेलो इंडिया संवाद पर- सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे। स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर- स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चैंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है। शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर- शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल ने जम्मू-कश्मीर और देश को गौरवान्वित किया। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की।
हॉकी वर्ल्ड कप (FIH) में भारतीय महिला हॉकी टीम का आज वीरवार को जर्मनी के टीम के साथ मैच होगा। अब सभी की इस मैच पर नजरें रहेंगी, क्योंकि भारतीय टीम 5वें और छठे स्थान के लिए खेलेगी। यदि भारतीय टीम मैच जीतेगी तो 5वें स्थान पर पहुंच जाएगी और मैच में हार मिली तो छठा स्थान मिलेगा। टीम में सिरसा की सविता पूनिया भी खेल रही है, जो बाकी खिलाड़ियों में सीनियर होने के साथ-साथ गोलकीपर की अहम भूमिका निभा रही है। सविता जर्मनी की टीम से होने वाले मैच के लिए अभ्यास में जुटी है। वीरवार शाम करीब साढ़े 6 बजे इस मैच का लाइव प्रसारण चलेगा। कप्तान सलीमा टेटे और गोलकीपर सविता पूरी टीम के साथ जीत के इरादे से उतरेगी। सविता पूनिया का कहना है कि उनकी टीम 5वें और छठे स्थान के लिए जर्मनी के खिलाफ खेलेगी और जीत के लिए फोकस रहेगा। चीन और ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच ड्रॉ होने के कारण उनकी टीम सेमी फाइनल से बाहर हो गई है। इससे टीम पर प्रेशर आ गया और खिलाड़ियों को जीत हासिल नहीं हो सकी। अभी भी टीम अपने अगले मैच की जीत के लिए खेलने को मैदान में उतरेगी। चीन के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन था सविता का इंटरनेशनल हॉकी प्लेयर सविता पूनिया ने चीन के खिलाफ इस मैच में उप कप्तान और एक सीनियर खिलाड़ी के रूप में भूमिका निभाई। भारत की 'ग्रेट वॉल' कही जाने वाली सविता पूनिया ने चीनी फॉरवर्ड्स के कई खतरनाक हमलों को नाकाम कर दिखाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच 0-0 से ड्रॉ हो गया था। टीम में ये खिलाड़ी शामिल भारत: सलीमा टेटे (कप्तान), इशिका चौधरी, निक्की प्रधान, बिचू देवी खरीबाम (गोलकीपर), सविता (गोलकीपर), शिल्पी डबास, लालरेमसियामी, दीपिका सोरेंग, बलजीत कौर, इशिका, ज्योति, नवनीत कौर, सुशीला चानू पुखरंबम, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, रुतुजा दादासो पिसल, लालथंतलुआंगी, साक्षी राणा, ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका।
Olympic Sports के आधे हिस्से से दूर क्यों है भारत? PM Modi ने National Sports Day पर दिया बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है।शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए।मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।’’ उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया।उन्होंने कहा, ‘‘और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था।’’ मोदी ने कहा, ‘‘दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।’’ पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था।ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं।मोदी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’ मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके।प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’ मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।’’ युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।उन्होंने कहा, ‘‘खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना... खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।’’उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।’’प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है।उन्होंने कहा, ‘‘दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है... यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।’’मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है।उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।
पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद को किया याद
New Delhi, 27 अगस्त . Prime Minister Narendra Modi ने Thursday को ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम के दौरान भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दिनों के सबसे चर्चित नाम रहे मेजर ध्यानचंद को याद किया. पीएम ने एक सदी पहले न्यूजीलैंड के India के हॉकी दौरे में मेजर ध्यानचंद की भूमिका को याद करते हुए कहा कि ... Read more
पीएम मोदी ने 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के दौरान मेजर ध्यानचंद को किया याद
नई दिल्ली, 27 अगस्त (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'खेलो इंडिया संवाद' कार्यक्रम के दौरान भारतीय हॉकी के स्वर्णिम दिनों के सबसे चर्चित नाम रहे मेजर ध्यानचंद को याद किया।
PM Narendra Modi बोले, Olympic में भारत की भागीदारी और पदक संख्या बढ़ाने के लिए नए खेल जरूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को ओलंपिक में शामिल आधे खेलों में भारत की भागीदारी नहीं होने पर अफसोस जताया और कहा कि देश की पदक संख्या तभी बढ़ सकती है जब सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग जैसे उन खेलों में भी भारतीय खिलाड़ी तैयार हों जिनमें अब तक उन्होंने हिस्सा नहीं लिया है। शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले ‘खेलो इंडिया संवाद’ के लिए विभिन्न स्थानों पर जुटे सैकड़ों खिलाड़ियों, छात्रों और स्वयंसेवकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि खेलों को लेकर उनका दृष्टिकोण केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है बल्कि खेलों को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा बनाना है। इस कार्यक्रम में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी हिस्सा लिया। वह गांधीनगर स्थित आईआईटी से इसमें शामिल हुए। मोदी ने कहा, ‘‘ओलंपिक में कई अलग-अलग खेल होते हैं... भारतीय टीमें इनमें से आधे खेलों में भी हिस्सा नहीं लेतीं जिसका मतलब है कि हम पदकों की कुल संख्या के एक बड़े हिस्से के लिए प्रतिस्पर्धा ही नहीं करते।’’उन्होंने इसे ‘कड़वी सच्चाई’ बताया। उन्होंने कहा, ‘‘और दशकों से ऐसा ही होता आ रहा है। हमने 2012 में केवल 13 खेलों में हिस्सा लिया था। 20 से अधिक खेलों में हमारी भागीदारी नहीं थी और देश में भी बहुत से लोगों को इन प्रतियोगिताओं के बारे में पता तक नहीं था।’’मोदी ने कहा, ‘‘दूसरे देश इन खेलों में पदक जीतते हैं और हम उनमें हिस्सा तक नहीं लेते। अपने पदकों की संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी सुधार करना होगा।’’पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत ने खेलों की सूची में शामिल 32 में से 16 खेलों में हिस्सा लिया था। ओलंपिक की सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग प्रतियोगिताओं में अब तक किसी भारतीय ने हिस्सा नहीं लिया है। ये दोनों खेल 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के कार्यक्रम का हिस्सा हैं। मोदी ने कहा, ‘‘उदाहरण के लिए सर्फिंग और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग को ही लें। हमारे पास इतना लंबा समुद्र तट और इतने विशाल पहाड़ी क्षेत्र हैं जहां इन जैसे खेलों के प्रति स्वाभाविक रुचि हो सकती है। जल खेलों से लेकर शीतकालीन खेलों तक हमारे पास इसके लिए जरूरी जनसंख्या और भौगोलिक परिस्थितियां भी हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद दुनिया में इन खेलों में कहीं भी भारतीय नजर नहीं आते। इसलिए हमें अलग-अलग क्षेत्रों में इन खेलों को बढ़ावा देने के अवसर तलाशने होंगे। अपनी पदक संख्या बढ़ाने के लिए हमें इन खेलों में भी महारत हासिल करनी होगी।’’मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए अपने भाषण में पांच से 15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए देशव्यापी प्रतिभा खोज अभियान शुरू करने की घोषणा की थी जिससे कि ओलंपिक में भारत की भागीदारी बढ़ाई जा सके। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘इस 15 अगस्त को मैंने लाल किले की प्राचीर से देश के लिए भारत के खेल संबंधी दृष्टिकोण को सामने रखा। जब मैं खेलों की बात करता हूं तो इसका मतलब केवल पदक जीतना नहीं है।’’मोदी ने कहा, ‘‘यह विकसित भारत के निर्माण में भारत की खेल शक्ति और युवा शक्ति को एक साथ जोड़ने का अभियान है।’’युवाओं में चरित्र निर्माण के लिए खेलों को जरूरी बताते हुए मोदी ने कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को दूर रखने में भी खेलों की बड़ी भूमिका है। उन्होंने कहा कि नशे का सेवन देश के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा, ‘‘खेल हमें सिर्फ चैंपियन बनना नहीं सिखाता बल्कि बेहतर प्रतियोगी बनना भी सिखाता है। गिरना, फिर उठना और दोबारा आगे बढ़ना... खेल हमारे भीतर यही जज्बा पैदा करता है।’’उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘स्क्रीन से अधिक खेल केंद्रों की अहमियत है। प्ले स्टेशन से अधिक खेल के मैदानों की अहमियत है।’’प्रधानमंत्री ने हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को भी श्रद्धांजलि दी जिनकी जयंती 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने कहा, ‘‘दो दिन बाद 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है... यह दिन मेजर ध्यानचंद को याद करने का भी अवसर है। करीब 100 साल पहले भारतीय हॉकी टीम न्यूजीलैंड के दौरे पर गई थी और उस टीम में ध्यानचंद भी शामिल थे। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड के खेल संबंधों के शताब्दी समारोह की नींव है।’’मोदी ने कहा, ‘‘कुछ दिन पहले जब मैं न्यूजीलैंड गया था तब मैंने उन्हें याद किया था।’’प्रधानमंत्री ने कहा कि पैरा खिलाड़ी इस बात की बेहतरीन मिसाल हैं कि खेल ना केवल खिलाड़ियों बल्कि उनके परिवारों, आसपास के लोगों और यहां तक कि उनके शहरों का जीवन भी बदल सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘जब कोई खिलाड़ी सफल होता है तो यह सिर्फ उसकी सफलता नहीं होती बल्कि इससे उसके परिवार, स्कूल, कॉलेज और जिले का भी गौरव बढ़ता है। दुनिया को उस स्थान के बारे में पता चलता है जहां से वह आता है। जब कोई स्थान वैश्विक मानचित्र पर आता है तो उस जगह के प्रति लोगों की धारणा भी बदल जाती है।’’प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यकीन है कि आप सभी शीतल देवी (जम्मू-कश्मीर की पैरालंपिक कांस्य पदक विजेता बिना हाथों वाली तीरंदाज), पैरा निशानेबाज अवनि लेखरा (पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता) और पावरलिफ्टर झंडू कुमार (राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता) को जानते होंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि पैरा भाला फेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल, ये सभी मुझे प्रेरित करते हैं।
Hockey World Cup में सातवें स्थान के लिए Belgium से भिड़ेगी भारतीय टीम, जीत से विदाई का लक्ष्य
(मोना पार्थसारथी)वॉवरे (बेल्जियम), 27 अगस्त पांच दशक बाद विश्व कप में पदक जीतने का सपना टूटने के बाद भारतीय पुरूष हॉकी टीम आखिरी मैच में जीत के साथ स्वदेश लौटना चाहेगी लेकिन शुक्रवार को होने वाले इस मुकाबले में उसके सामने सह मेजबान और मौजूदा प्रो लीग चैम्पियन बेल्जियम को उसके मैदान पर हराने की कठिन चुनौती है। नीदरलैंड के एम्सटेलवीन में पहले और दूसरे चरण के मैच खेलने वाली भारतीय टीम पूल ई में चौथे स्थान पर रहने के बाद सातवें / आठवें स्थान का क्लासीफिकेशन मुकाबला खेलने यहां आई है। लेकिन हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम की राह इतनी आसान नहीं है क्योंकि उसके सामने 2018 विश्व कप चैम्पियन दुनिया की दूसरे नंबर की टीम है जो टूर्नामेंट शुरू होने से पहले खिताब की प्रबल दावेदार मानी जा रही थी। बेल्जियम भी सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के झटके से उबरकर आखिरी मैच जीतने का पूरा प्रयास करेगी। अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे दौर के आखिरी मैच में हारकर बाहर हुई भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में धीमी शुरूआत और 60 मिनट तक लय बरकरार नहीं रख पाने के लिये आलोचना झेल रही है। भारत को सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद बनाये रखने के लिये अर्जेंटीना को बड़े अंतर से हराना था लेकिन 39वें सेकंड में ही गोल गंवाने के बाद बने दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी। डिफेंस लगातार चरमराता रहा और फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल का अभाव दिखा जबकि मिडफील्ड में गैप का पूरा फायदा उठाकर अर्जेंटीना ने 5 -3 से जीत दर्ज करके भारत को अंतिम चार की दौड़ से बाहर कर दिया था।भारत ने टूर्नामेंट में 14 गोल किये और 16 गंवाये। विश्व कप में सातवां स्थान हासिल करने के अलावा भारत को अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराकर अपना खोया आत्मविश्वास भी हासिल करना होगा। विश्व कप में निराशा के बाद अब जापान के आइची नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिये सीधे क्वालीफाई करना ही पिछले दो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता टीम का लक्ष्य होगा। भारत को पेनल्टी कॉर्नर में भी विविधता लानी होगी चूंकि कप्तान हरमनप्रीत पर अत्यधिक निर्भरता भारी पड़ रही है। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह और हार्दिक सिंह को अपने अनुभव का इस्तेमाल करना होगा जो अभी तक नजर नहीं आया है। पेरिस ओलंपिक चैम्पियन नीदरलैंड के खिलाफ भी 40 मिनट तक उम्दा खेल दिखाने के बाद भारत ने आखिरी बीस मिनट में तीन गोल गंवाये और 1 -3 से पराजय का सामना करना पड़ा। पूल चरण में भारत ने पाकिस्तान को 5 -3 से और वेल्स को 3 -1 से हराया था लेकिन इंग्लैंड से 4 -2 से हार गया था। बड़ी उम्मीदों और तैयारियों के साथ विश्व कप में उतरी भारतीय टीम से 1975 के बाद पहली बार पोडियम पर रहने की उम्मीद थी लेकिन अपनी गलतियों और खराब खेल से भारत का सपना टूटा। भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन का मानना है कि बेल्जियम के खिलाफ गलतियों की गुंजाइश नहीं होगी और उनकी टीम को सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाना होगा। उन्होंने कहा ,‘‘ मैं अपनी टीम की बात करूं तो हम जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने की कोशिश करेंगे। हमारा काम अभी पूरा नहीं हुआ है और हमें अच्छा प्रदर्शन करना ही होगा। ’’उन्होंने आगे कहा ,‘‘ बेल्जियम बेहतरीन टीम है और दुनिया की तीन शीर्ष टीमों में से है। वे भी टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन से खुश नहीं होंगे। उनका खेलने का अलग तरीका है और उनके पास शानदार खिलाड़ी हैं। उनका पेनल्टी कॉर्नर अटैक और डिफेंस लाजवाब है और हमें अनुशासित प्रदर्शन करना होगा। हमें डिफेंस में सुधार की जरूरत है जिसके आधार पर आगे अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।’’यह पूछने पर कि बेल्जियम ने अपने सारे मैच इसी मैदान पर खेले हैं जबकि भारतीय टीम टूर्नामेंट का एकमात्र मैच यहां खेल रही है तो इससे क्या असर पड़ेगा , फुल्टेान ने कहा ,‘‘ एम्सटर्डम में अलग माहौल था और मेजबान टीम के खिलाफ उसके मैदान पर खेलना काफी रोमांचक होता है। यह भारत के खिलाफ राउरकेला या भुवनेश्वर में खेलने जैसा होगा और हम इस शानदार माहौल में खेलने को बेताब हैं।’’दूसरी ओर पहले चरण में दो मैच जीतने और एक हारने के बाद बेल्जियम ने दूसरे चरण में आस्ट्रेलिया और स्पेन से ड्रॉ खेले जिससे अपने देश में खिताब जीतने का उसका सपना टूट गया। बेल्जियम ने प्रो लीग के पिछले सत्र में भारत को फरवरी में राउरकेला में 4 -2 और 3 -1 से हराया था। बेल्जियम के टॉम बून 19 गोल करके प्रो लीग के इस सत्र में सर्वाधिक गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी रहे और इस विश्व कप में भी पांच गोल कर चुके हैं। वहीं उनके साथी पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ अलेक्जेंडर हेंडरिक्स ने प्रो लीग में 15 गोल दागे थे।
Lalitpur News: मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 को स्टेडियम में होंगी खेलकूद प्रतियोगिताएं
ललितपुर। हॉकी के महानतम खिलाड़ी और हॉकी के जादूगर के नाम से प्रसिद्ध स्व. मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 29 अगस्त को स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेलकूद प्रतियोगिताएं एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रथम विश्वयुद्ध के पहले से जारी है उमरिया हॉकी का स्वर्णिम सफर, अब एस्ट्रोटर्फ का इंतजार
यह वह दौर था जब मेजर ध्यानचंद की कप्तानी में भारतीय हॉकी टीम ने 1928, 1932 और 1936 के ओलंपिक में लगातार तीन स्वर्ण पदक जीते। इसका असर उमरिया पर भी पड़ा और बच्चों के हाथों में हॉकी स्टिक आम दृश्य बन गई।
Women's Hockey World Cup: 5वें स्थान के लिए Germany से भिड़ेगी भारतीय टीम
(मोना पार्थसारथी)एम्सटेलवीन, 26 अगस्त पूरे टूर्नामेट में सिर्फ एक मैच हारने वाली भारतीय महिला हॉकी टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने के गम को भुलाकर बृहस्पतिवार को यहां अपने से ऊंची रैंकिंग वाली जर्मनी को हराते हुए विश्व कप में पांचवें स्थान के साथ विदा लेने के इरादे से उतरेगी और मैच का नतीजा चाहे जो हो, यह पिछले 52 साल में उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। इस साल शानदार फॉर्म में चल रही भारतीय महिला टीम ने अपने प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया है। आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे पूल चरण का आखिरी मैच अगर गोलरहित ड्रॉ नहीं रहता तो भारतीय टीम सेमीफाइनल खेल रही होती। तीन दिन के ब्रेक ने उस हार की मायूसी को भुलाने में मदद की होगी और अब पांचवीं रैंकिंग वाली दो बार की चैम्पियन जर्मन टीम की कठिन चुनौती का सामना करना है जो विश्व कप से पहले दो अभ्यास मैचों में उसे हरा चुकी है। इससे पहले हुए 15 विश्व कप में से आठ ही खेल सकी भारतीय टीम का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 1974 में फ्रांस में ही पहले टूर्नामेंट में रहा था जब अजिंदर कौर की कप्तानी में टीम चौथे स्थान पर रही थी। एम्सटेलवीन और स्पेन के टेरेसा में खेले गए विश्व कप में भारतीय टीम नौवें स्थान पर रही थी। पहली बार विश्व कप खेल रही 11 युवा खिलाड़ियों को लेकर उतरे कोच शोर्ड मारिन की टीम ने अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है और अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों से पहले उसका आत्मविश्वास बढा होगा जहां स्वर्ण पदक जीतकर लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिये सीधे क्वालीफाई करने का मौका है। टूर्नामेंट की शुरूआत में ही ओलंपिक रजत पदक विजेता चीन को 2 -2 से ड्रॉ पर रोकने वाली भारतीय टीम ने दूसरे मैच में दक्षिण अफ्रीका को 6 -1 से हराया और छह अलग अलग खिलाड़ियों ने गोल किये। आखिरी पूल मैच गोलरहित ड्रॉ रहने पर भारत ने पूल डी में दूसरे स्थान पर रहकर दूसरे दौर में जगह बनाई थी। दूसरे दौर में ओलंपिक और विश्व कप चैम्पियन नीदरलैंड को भारत ने खुलकर खेलने नहीं दिया और मेजबान टीम पेनल्टी कॉर्नर पर ही दो गोल कर सकी। यह टूर्नामेंट में भारत की एकमात्र हार थी और उसे अगले मैच में हर हालत में आस्ट्रेलिया को हराना था लेकिन वह मैच भी गोलरहित ड्रॉ रहा जिससे सेमीफाइनल खेलने का सपना टूट गया। कोच मारिन ने कहा कि टीम अब तरोताजा होकर आखिरी मैच में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा ,‘‘ पिछले मैच में मिले झटके से उबरने के लिये यह विश्राम बहुत जरूरी था। अब नये जोश और ताजगी के साथ टीम जर्मनी के खिलाफ खेलेगी।’उन्होंने कहा ,‘‘ सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाने की निराशा से टीम उबर चुकी है और अब पूरा फोकस जर्मनी को हराकर जीत के साथ टूर्नामेंट से विदा लेने पर है। हम अपने खेल में सुधार और एशियाई खेलों के लिये बेहतर प्रदर्शन करना चाहते हैं।’’भारतीय डिफेंडरों खासकर गोलकीपर बिछू देवी और सविता ने टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करके कई गोल बचाये हैं। कप्तान सलीमा टेटे की रशिंग बेहतरीन रही है जबकि मिडफील्ड में अनुभवी नेहा के साथ सुनेलिटा टोप्पो और साक्षी ने अच्छा प्रदर्शन किया और फॉरवर्ड पंक्ति में नवनीत कौर, दीपिका और लालरेम्सियामी के साथ इशिका और बलजीत जैसी युवा खिलाड़ियों ने प्रभावित किया। जर्मनी जैसी शीर्ष टीम के खिलाफ उन्हें हालांकि हर मौके को भुनाना होगा क्योंकि ऐसी टीमों से ज्यादा मौके नहीं मिलते। जर्मन टीम की कोच यानिके शॉपमैन हैं जो पहले भारतीय टीम की कोच रह चुकी हैं और इन खिलाड़ियों को बखूबी जानती हैं। तोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर पहुंचने के भारतीय टीम के सफर में शॉपमैन मुख्य कोच मारिन की सहायक रह चुकी हैं। उनके इस्तीफे के बाद 2021 में वह भारतीय महिला टीम की मुख्य कोच बनी लेकिन पेरिस ओलंपिक के लिये टीम के क्वालीफाई नहीं कर पाने के बाद इस्तीफा दे दिया था। जर्मनी की टीम पूल एफ में अर्जेंटीना और सह मेजबान बेल्जियम के बाद तीसरे स्थान पर रही थी। पहले दौर के मुकाबले बेल्जियम के वॉवरे में खेलने वाली जर्मन टीम ने स्कॉटलैंड और अमेरिका को हराया लेकिन अर्जेंटीना से हार गई। दूसरे दौर में उसे सह मेजबान बेल्जियम ने हराया लेकिन आखिरी मैच में स्पेन को हराकर वह पूल एफ में तीसरे स्थान पर रही। भारतीय कोच मारिन ने जर्मनी को कठिन प्रतिद्वंद्वी बताते हुए कहा कि उनके खिलाड़ियों का फोकस अपने प्रदर्शन पर रहेगा। उन्होंने कहा ,‘‘ जर्मनी बहुत अच्छी टीम है और विश्व कप से पहले हम दो अभ्यास मैचों में उसे हरा नहीं सके थे। हमारा फोकस हालांकि अपने प्रदर्शन में सुधार पर रहेगा। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि सामने कौन सी टीम है।
खेल को खेल ही रहने दें, जंग का नाम दें
ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भी भारत-पाकिस्तान की हॉकी टीमें कई बार एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुकी हैं. इन तमाम मुकाबलों में खिलाड़ियों ने हाई-फाइव किए, गले मिले और कभी-कभार एक-दूसरे की पीठ भी थपथपाई. लेकिन किसी ने इस पर नाराजगी नहीं जताई.
सरायपाली के दो कॉलेजों में युवा कनेक्ट कार्यक्रम 27 को
भास्कर न्यूज| महासमुंद महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर हर साल 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में इस वर्ष 27 अगस्त को देशभर में व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। युवा सहभागिता और खेल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महासमुंद जिले के स्व. जयदेव सत्पथी शासकीय महाविद्यालय और रामचंडी महाविद्यालय सरायपाली में खेलो इंडिया संवाद के तहत युवा कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन रहेगा। 27 अगस्त को सुबह 10 बजे देश के लगभग 1600 स्थानों पर मौजूद 8 लाख से अधिक युवाओं को प्रधानमंत्री संबोधित करेंगे। इस माध्यम से देश के युवाओं को एक साझा राष्ट्रीय मंच पर जोड़ा जाएगा। प्रधानमंत्री के संबोधन के बाद स्थानीय स्तर पर युवा संवाद आयोजित होगा। इसमें माय भारत वालंटियर्स और स्थानीय खिलाड़ियों के बीच विशेष सत्र होगा। युवाओं को खेल और राष्ट्र निर्माण से जुड़े अपने विचार, सुझाव और आकांक्षाएं साझा करने का अवसर मिलेगा।
छत्तीसगढ़ में हॉकी को नया प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म देने की तैयारी शुरू हो गई है। अक्टूबर में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को केवल बड़े नामों और ओलिंपिक सितारों के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए एक नई चयन व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है। लीग के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया में करीब 400 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। जिनमें से चयन प्रक्रिया के बाद 108 खिलाड़ियों को छह टीमों के लिए चुना जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को ओलिंपिक मेडलिस्ट्स के साथ फील्ड टैक्टिक्स सीखने का मौका मिलेगा। खिलाड़ियों को लीग से पहले 9 दिन के विशेष कैंप से भी गुजरना होगा। मंगलवार को उप मुख्यमंत्री-खेल मंत्री अरुण साव ने लीग के लोगो और मैस्कॉट का अनावरण किया। आयोजकों के अनुसार, यह हॉकी इंडिया से मान्यता प्राप्त राज्य-संचालित प्रोफेशनल हॉकी लीग है। जिसका पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रस्तावित है। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। छह टीमों में बंटेगा प्रदेश का टैलेंट लीग में राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटंस हिस्सा लेंगी। इन टीमों के जरिए रायपुर, बस्तर, राजनांदगांव, रायगढ़, बिलासपुर और सरगुजा अंचल की पहचान को लीग से जोड़ा गया है। इसके अलावा मैदान पर स्थानीय खिलाड़ियों को अनुभवी नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। आयोजकों के अनुसार, ओलिंपिक पदक विजेता गुरजंत सिंह, शमशेर सिंह और सुरेंदर कुमार सहित भारतीय हॉकी से जुड़े अन्य खिलाड़ी लीग का हिस्सा होंगे। जसकरण सिंह और देविंदर वाल्मीकि के नाम भी घोषित किए गए हैं। असली सवाल: लोकल टैलेंट को क्या फायदा? लीग की घोषणा के साथ सबसे बड़ा आकर्षण बड़े खिलाड़ियों के नाम हैं, लेकिन स्पोर्ट्स एक्सपर्ट की नजर इस बात पर रहेगी कि टूर्नामेंट प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए कितनी उपयोगी साबित होती है। 108 स्थानीय खिलाड़ियों को चयनित कर उन्हें प्रोफेशनल माहौल, हाई-इंटेंसिटी मुकाबलों और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का अवसर मिलेगा। यदि लीग नियमित रूप से आयोजित होती है और इसके जरिए खिलाड़ियों को आगे हॉकी इंडिया की नेशनल टूर्नामेंट और उच्च स्तरीय चयन शिविरों तक पहुंचने का रास्ता मिलता है, तो यह प्रदेश की हॉकी के लिए एक मजबूत टैलेंट पाइपलाइन बन सकती है।
SMS स्टेडियम में होंगे छह खेलों के फाइनल
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से 24 से 29 अगस्त तक एसएमएस स्टेडियम में बहु-खेल आयोजन हो रहा है। हैंडबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, बास्केटबॉल और रस्साकशी के मैच होंगे। 24 अगस्त को वॉलीबॉल में पुरुष वर्ग में आरवीए एकेडमी चैम्पियन और भवानी निकेतन स्कूल रनरअप रही। महिला वर्ग में महिला वॉलीबॉल एकेडमी चैम्पियन और आरवीए एकेडमी, जयपुर रनरअप रही। 27 अगस्त को हॉकी व रस्साकशी के मुकाबले होंगे। 29 अगस्त को हॉकी-बास्केटबॉल फाइनल, RSSC व युवा मामले एवं खेल विभाग कर्मचारियों का क्रिकेट मैच और पुरस्कार वितरण होगा। मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि और प्रभात फेरी निकाली जाएगी।
Pilibhit News: जनपदीय हॉकी प्रतियोगिता में जीजीआईसी और चिरौंजी लाल बने विजेता
शहर के गांधी स्टेडियम में हुआ आयोजन, खिलाड़ियों ने किया उम्दा प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ में हॉकी खिलाड़ियों को नया मंच देने के लिए राज्य स्तरीय हॉकी लीग शुरू होने जा रही है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का आयोजन किया जाएगा। लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा। आयोजकों के मुताबिक, यह देश में किसी राज्य की पहली राज्य स्तरीय हॉकी लीग होगी। इसे हॉकी इंडिया लीग की तरह प्रोफेशनल तरीके से आयोजित किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने मंगलवार को नवीन विश्राम भवन में लीग के लोगो, टैगलाइन और शुभंकर का अनावरण किया। उन्होंने कहा कि लीग का मकसद छत्तीसगढ़ के युवा हॉकी खिलाड़ियों को बड़ा मंच देना और उन्हें देश के बेहतर खिलाड़ियों के साथ खेलने का अनुभव दिलाना है। 6 टीमें, प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व लीग के पहले सीजन में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली 6 टीमें शामिल होंगी। इनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स शामिल हैं। इन टीमों के जरिए प्रदेश की अलग-अलग क्षेत्रीय पहचान और हॉकी प्रतिभाओं को एक मंच मिलेगा। टॉप-4 टीमें खेलेंगी सेमीफाइनल प्रतियोगिता में सभी 6 टीमें लीग मुकाबले खेलेंगी। मुकाबलों के बाद अंक तालिका में शीर्ष 4 स्थान पर रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। इसके बाद दोनों सेमीफाइनल के विजेता फाइनल में आमने-सामने होंगे। लीग के सभी मैचों में अंपायर और तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति हॉकी इंडिया की ओर से की जाएगी। छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का अनुभव उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की पुरानी और मजबूत परंपरा रही है। प्रदेश में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं, लेकिन उन्हें बड़े स्तर की प्रतिस्पर्धा और अनुभवी खिलाड़ियों के साथ खेलने के ज्यादा अवसर की जरूरत है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग इन खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुभव और प्रतिस्पर्धी माहौल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। लोगो में छत्तीसगढ़ का नक्शा, टैगलाइन 'चलव रे संगी, हॉकी खेलबो' लीग का लोगो छत्तीसगढ़ के नक्शे पर आधारित है। इसमें केसरिया और हरे रंग का इस्तेमाल किया गया है। आगे बढ़ती नारंगी रेखा प्रदेश के लगातार आगे बढ़ने और प्रगति का प्रतीक है। लीग की टैगलाइन ‘चलव रे संगी, हॉकी खेलबो’ रखी गई है। इसका अर्थ है- 'चलो दोस्त, हॉकी खेलते हैं।' शुभंकर 'बघवा', मनोरंजन कार्यक्रम भी होंगे लीग का आधिकारिक शुभंकर ‘बघवा’ है, जो बाघ पर आधारित है। इसे छत्तीसगढ़ के जंगलों और वन्यजीव विरासत के साथ साहस, शक्ति और निडरता का प्रतीक बताया गया है। टूर्नामेंट के दौरान हॉकी मैचों के साथ रोजाना विशेष मनोरंजन कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। खास बात यह है कि लीग के सभी मुकाबलों में दर्शकों का प्रवेश निःशुल्क रहेगा। इससे बड़ी संख्या में खेलप्रेमियों और युवाओं के स्टेडियम पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक आकांक्षा शिक्षा खलखो, संयुक्त संचालक प्रभाकर पाण्डेय और छत्तीसगढ़ हॉकी संघ के अध्यक्ष फिरोज अंसारी सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
रायपुर, 25 अगस्त . छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) का पहला संस्करण 21 अक्टूबर से 1 नवंबर तक रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेला जाएगा. इस फ्रेंचाइजी-आधारित लीग में राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिनमें राजधानी रॉयल्स, चित्रकूट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स ... Read more
कटिहार में खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम:DS कॉलेज में युवा करेंगे प्रधानमंत्री से खेल पर बात
कटिहार के युवाओं को राष्ट्रीय खेल आंदोलन से जोड़ने के लिए 'खेलो इंडिया संवाद – खेल की बात PM के साथ' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम 27 अगस्त को डी.एस. कॉलेज, कटिहार में होगा। इसका आयोजन राष्ट्रीय सेवा योजना, डी.एस. कॉलेज, कटिहार और मेरा युवा भारत (MY Bharat), कटिहार के संयुक्त तत्वावधान में किया जाएगा। कटिहार में जिला स्तरीय युवा कार्यक्रम यह राष्ट्रव्यापी युवा जुड़ाव कार्यक्रम भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय के युवा मामले विभाग के तहत 'मेरा युवा भारत' और राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को भारत की खेल और राष्ट्र-निर्माण की यात्रा के केंद्र में लाना है। यह राष्ट्रीय खेल दिवस की भावना के अनुरूप है, जो महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है। यह दिन खेल, फिटनेस और खेल में उत्कृष्टता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दोहराता है। 27 अगस्त को प्रधानमंत्री युवाओं से खेल पर सीधा संवाद करेंगे यह एक राष्ट्रीय स्तर का मंच है जो युवाओं को खिलाड़ियों, जन-प्रतिनिधियों और व्यापक खेल इकोसिस्टम से जोड़ता है। राष्ट्रीय स्तर पर यह विशेष कार्यक्रम 27 अगस्त को होना है, जहाँ प्रधानमंत्री युवाओं से खेल पर सीधा संवाद करेंगे। कटिहार में 27 अगस्त को आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम इसी संवाद के पूर्व अभ्यास और युवा जागरूकता के लिए है। इसमें बड़ी संख्या में एनएसएस स्वयंसेवक और 'मेरा युवा भारत' के युवा शामिल होंगे।
केंद्र सरकार ने 2026-31 के लिए नई खेलो इंडिया योजना में 36,441 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। यह पिछली योजना की तुलना में करीब 8 गुना अधिक है। सरकार का दावा है कि यह आजादी के बाद खेलों के क्षेत्र में किया गया सबसे बड़ा निवेश है। नई योजना से करीब 10 गुना ज्यादा खिलाड़ियों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। मंगलवार को स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) क्षेत्रीय केंद्र भोपाल और खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश की ओर से नई खेलो इंडिया योजना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग और SAI CRC भोपाल के क्षेत्रीय निदेशक अभिषेक सिंह चौहान मौजूद रहे। अभिषेक सिंह चौहान ने बताया कि नई योजना का फोकस केवल बड़े स्टेडियम या खेल सुविधाएं तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसमें जमीनी स्तर पर प्रतिभा की पहचान से लेकर खिलाड़ी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के लिए तैयार करने तक पूरी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया है। MP में 52 खेलो इंडिया सेंटर होंगे और मजबूत मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि मध्यप्रदेश में वर्तमान में 52 खेलो इंडिया सेंटर संचालित हैं। नई योजना के तहत इन सेंटरों को और सशक्त किया जाएगा। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद खेल प्रतिभाओं की पहचान कर स्थानीय जरूरत और खेल की संभावनाओं के हिसाब से सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि भोपाल को प्रदेश के बड़े हाई-परफॉर्मेंस स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। भोपाल में पहले से कई खेल सुविधाएं हैं और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहां प्रशिक्षण लेते हैं। इन्हें बेहतर तरीके से जोड़कर हाई-परफॉर्मेंस सिस्टम तैयार किया जाएगा। ग्रासरूट से हाई-परफॉर्मेंस सेंटर तक बनेगी सीधी कड़ी नई खेलो इंडिया योजना का एक बड़ा उद्देश्य जिला और ग्रामीण स्तर पर मिलने वाली प्रतिभाओं को हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग से जोड़ना है। शुरुआती स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की पहचान के बाद उन्हें आगे की ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइंस और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से निकलने वाले खिलाड़ियों के लिए एक स्पष्ट रास्ता तैयार होगा। यानी खिलाड़ी को स्कूल और जिला स्तर से लेकर खेलो इंडिया, राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और आगे ओलिंपिक स्तर तक पहुंचने के लिए अलग-अलग चरणों में सहायता मिल सकेगी। जिस इलाके में जिस खेल की ताकत, उसी हिसाब से बनेगी रणनीति इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन स्तर पर काम 1. स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर मेडल स्ट्रेटजी ओलिंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए जरूरी खेल सुविधाओं का विकास किया जाएगा। उन खेलों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें भारत पदक जीतने की क्षमता रखता है। 2. स्ट्रेंथनिंग स्ट्रेटेजिक स्पोर्ट्स एसेट्स पहले से मौजूद महत्वपूर्ण खेल परिसरों और सुविधाओं को आधुनिक बनाया जाएगा। केवल नई बिल्डिंग बनाने के बजाय मौजूदा खेल परिसंपत्तियों को बेहतर और उपयोगी बनाने पर भी ध्यान रहेगा। 3. स्टेट एक्शन प्लान फॉर स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट राज्यों को अपनी जरूरत और खेल प्राथमिकताओं के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार करने में ज्यादा भूमिका दी जाएगी। मध्यप्रदेश भी अपनी खेल क्षमता और जरूरत के हिसाब से योजना तैयार कर सकेगा। MP में पहले होगी इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग मध्यप्रदेश में ओलिंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में शामिल खेलों से जुड़े मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर की मैपिंग की जा सकेगी। इसके बाद गैप एनालिसिस के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि कहां सुविधाएं पर्याप्त हैं और कहां अपग्रेडेशन या नई सुविधा की जरूरत है। इससे पैसा उन जगहों पर खर्च करने में मदद मिलेगी जहां वास्तव में खेलों और खिलाड़ियों को इसकी जरूरत है। केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च स्टेट एक्शन प्लान के तहत खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में केंद्र और राज्य सरकार 60:40 के कॉस्ट शेयरिंग मॉडल पर काम करेंगे। हालांकि योजना का फोकस केवल स्टेडियम या बिल्डिंग बनाने तक नहीं रहेगा। फंडिंग को खिलाड़ियों को खेल से जोड़े रखने, उनकी ट्रेनिंग बेहतर करने, ग्रासरूट से एलीट स्तर तक पहुंचाने और प्रदर्शन में सुधार से भी जोड़ा जाएगा। स्कूल से ही होगी वैज्ञानिक तरीके से टैलेंट की पहचान सिर्फ कोचिंग नहीं, डाइट और पढ़ाई तक की मदद स्कूल से यूनिवर्सिटी और नेशनल स्तर तक ज्यादा प्रतियोगिताएं कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी किया जाएगा अपग्रेड फिट इंडिया से तैयार होगा मजबूत ग्रासरूट बेस AI और टेक्नोलॉजी से ट्रैक होगी खिलाड़ी की पूरी जर्नी MP के लिए क्या बदलेगा? नई योजना मध्यप्रदेश को अपने मौजूदा खेल ढांचे को मजबूत करने का बड़ा अवसर देती है। प्रदेश में पहले से मौजूद 52 खेलो इंडिया सेंटर, नए टैलेंट क्लस्टर, जरूरत के हिसाब से इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानिंग, वैज्ञानिक टैलेंट पहचान और ज्यादा प्रतियोगिताओं को एक सिस्टम में जोड़कर खिलाड़ियों की मजबूत पाइपलाइन तैयार की जा सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जिले या छोटे शहर में प्रतिभा की पहचान होने के बाद खिलाड़ी के लिए आगे बढ़ने के रास्ते स्पष्ट होंगे। खेल और शिक्षा को भी जोड़ा जाएगा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि नई योजना को खेलो भारत नीति 2025 और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार किया गया है। खेलों को शिक्षा, फिटनेस, टेक्नोलॉजी और हाई-परफॉर्मेंस ट्रेनिंग से जोड़ा जाएगा। स्कूलों में ही खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानकर उन्हें शुरुआती स्तर से प्रशिक्षण देने की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इससे पढ़ाई के साथ खेलों को आगे बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे। ग्रासरूट से ओलिंपिक तक बनेगा संरचित रास्ता मंत्री सारंग ने कहा कि नई योजना में प्रतिभा पहचान से लेकर वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतियोगिताओं, अंतरराष्ट्रीय अनुभव और ओलिंपिक तैयारी तक सभी स्तरों को जोड़ने की कोशिश की गई है। खिलाड़ियों की यात्रा जमीनी स्तर की प्रतियोगिताओं से शुरू होकर खेलो इंडिया कार्यक्रम और आगे टारगेट ओलिंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) तक पहुंचाने की दिशा में होगी। यानी प्रतिभा की पहचान और बड़े स्तर की ट्रेनिंग के बीच जो गैप कई बार खिलाड़ियों के सामने आता है, उसे कम करने का प्रयास किया जाएगा। 8 गुना बढ़ा खेल बजट, 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी होंगे लाभान्वित मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई खेलो इंडिया योजना का उद्देश्य जमीनी स्तर से लेकर ओलिंपिक स्तर तक खिलाड़ियों की पूरी विकास श्रृंखला तैयार करना है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार खेलों के लिए बजट में करीब 8 गुना वृद्धि हुई है और नई योजना से 10 गुना ज्यादा खिलाड़ी लाभान्वित होंगे। उनके मुताबिक खेल को केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे युवा विकास, राष्ट्र निर्माण और भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने के माध्यम के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सार्थक प्रयास करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोच और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी भी मौजूद रहे प्रेस कॉन्फ्रेंस में SAI CRC भोपाल के कोच और खिलाड़ी भी मौजूद रहे। इनमें अजय रुहिल, सीनियर जूडो कोच; शालिनी विश्वकर्मा, सीनियर हॉकी कोच; संजीब लाहकर, कयाकिंग एवं कैनोइंग कोच; अंतरराष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी रितिका और अंतरराष्ट्रीय कयाकिंग एवं कैनोइंग खिलाड़ी शिवानी वर्मा शामिल थीं। मंत्री सारंग ने कहा कि नई योजना का मूल उद्देश्य यही है कि देश के किसी भी हिस्से में मौजूद प्रतिभाशाली बच्चे को उसकी क्षमता के मुताबिक प्रशिक्षण, संसाधन और अवसर मिलें और वह आगे चलकर देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत सके।
Indian Hockey Team का शर्मनाक प्रदर्शन, World Cup Selection पर दिग्गजों ने उठाए गंभीर सवाल
विश्व कप में 51 साल बाद पदक जीतने का सपना लेकर गई भारतीय पुरूष हॉकी टीम के सेमीफाइनल में पहुंचने में भी नाकाम रहने के बाद पूर्व दिग्गजों ने युवा खिलाड़ियों को मौका नहीं देने और उसी कोर ग्रुप के साथ लगातार खेलने पर सवाल उठाये हैं।अर्जेंटीना से 3 -5 से हारने के बाद भारत की सेमीफाइनल की उम्मीदें भी खत्म हो गई और इससे वे कमजोरियां भी उजागर हुई जो पेरिस ओलंपिक के बाद से लगातार चली आ रही थी। पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि धीमी शुरूआत, मौके गंवाने और डिफेंस में चूक से आगे यह समस्या और बड़ी है और इसका हल काफी पहले निकाला जाना चाहिये था।भारतीय टीम विश्व कप से पहले स्विटजरलैंड में मानसिक दृढता बढाने के लिये बूट कैंप में गई लेकिन टूर्नामेंट में दबाव का सामना नहीं कर सकी। ड्रैग फ्लिकर और कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर अधिक निर्भरता का खामियाजा भुगतना पड़ा जबकि वह पूरी तरह फिट नहीं थे। मनप्रीत सिंह और मनदीप सिंह जैसे सीनियर अपेक्षाओं पर खरे नहीं उतर सके। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने के बाद संन्यास लेने वाले गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने जूनियर खिलाड़ियों को समय पर मौके नहीं दिये जाने का हवाला देते हुए से कहा ,‘‘सीनियर खिलाड़ियों के जाने के बाद उनकी जगह कौन लेगा। क्या हमने दूसरी जमात तैयार की है। लॉस एंजिलिस ओलंपिक में दो ही साल बचे हैं और उससे पहले करीब तीस अंतरराष्ट्रीय मैच ही होंगे। क्या ओलंपिक के लिये इससे खिलाड़ी तैयार हो सकते हैं। नहीं।’’ उन्होंने कहा ,‘‘ विश्व कप की टीम में भी भी वही कोर खिलाड़ी हैं जबकि मनमीत सिंह, आमिर अली, रोशन कुजूर, तालेम प्रियब्रत, रोहित, अर्शदीप जैसे कई प्रतिभाशाली जूनियर इंतजार ही कर रहे हैं।’’ पूर्व ओलंपियन जगबीर सिंह ने कहा कि चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे।उन्होंने कहा ,‘‘ जूनियर खिलाड़ियों को सही समय पर मौके मिलने चाहिये और चयन के कुछ फैसले बेहतर हो सकते थे। तैयारी ओलंपिक से ओलंपिक की होनी चाहिये। कोचिंग स्टाफ ने अनुभव को ही तरजीह दी जो काम नहीं आया। भारत के पास यह सर्वश्रेष्ठ मौका था लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता नहीं दिखी। हर दस मिनट में डिफेंस चरमरा रहा था।’’ ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता कप्तान रहे वासुदेवन भास्करन ने कहा ,‘‘ मैने पिछले चार साल में किसी भारतीय फॉरवर्ड को अच्छा खेलते नहीं देखा। बैक पास कहां थे, गोल पर कितने हमले किये और फुल प्रेस जाने के समय मिडफील्ड पूरा खाली छोड़ दिया।’’उन्होंने कहा ,‘‘ हमने नये खिलाड़ियों को मौके ही नहीं दिये। नीदरलैंड की पेरिस ओलंपिक टीम के छह स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी विश्व कप टीम में नहीं थे। हम हमदर्दी, पिछले रिकॉर्ड और आंकड़ों पर ही टीम चुन लेते हैं। कम से कम छह जूनियर खिलाड़ियों को प्रो लीग में आजमाना चाहिये था।’’ उन्होंने यह भी कहा कि जूनियर विश्व कप कांस्य पदक विजेता कोच श्रीजेश से सलाह क्यो नहीं ली गई जबकि दूसरे देशों में जूनियर कोच सबसे अहम होते हैं जो सीनियर कोचों को राय देते हैं।वहीं एक और दिग्गज परगट सिंह का मानना है कि भारतीय हॉकी का आंतरिक ढांचा इतना कमजोर है कि प्रतिभायें निकलती ही नहीं है।उन्होंने कहा ,‘‘ अच्छी घरेलू स्पर्धायें नहीं होने से हमारे पास अच्छी बेंच स्ट्रेंथ नहीं है। यूरोप में कई डिविजन की लीग होती है जो हमारे यहां नहीं है। पहले बेटन कप, आगा खान कप, बांबे गोल्ड कप, मुरूगप्पा कप, नेहरू हॉकी से अच्छी प्रतिभायें निकलती थी। सारा ढांचा ही खराब कर दिया है। इसके अलावा नये खिलाड़ियों को मौका देना था तो दो साल पहले ही बदलाव की शुरूआत कर देनी चाहिये थी।’’ एक अन्य ओलंपियन ने कहा कि क्षेत्रीय स्तर पर सफलता मिलने के बाद बड़े टूर्नामेंटों की नाकामी भूल जाते हैं जो चिंता का सबब है।उन्होंने कहा ,‘‘ एशियाई स्तर पर ही खुद का आकलन हो जाता है कि एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी जीत ली और एशिया कप जीत लिया तो हो गया। यूरोपीय टीमों के सामने टायं टायं फिस्स। यही कहानी चली आ रही है। प्रो लीग में नौ टीमों में आठवें नंबर पर रहते हैं।
पूर्व वर्ल्ड स्नूकर चैंपियन ग्रेम डॉट को बच्चों के यौन शोषण के दो मामलों में दोषी पाया गया है। 49 साल के डॉट के खिलाफ ग्लासगो हाई कोर्ट में पांच दिन तक सुनवाई चली। ज्यूरी ने उन्हें 1993 से 1996 के बीच एक लड़की और 2006 से 2010 के बीच एक लड़के के साथ किए गए यौन दुर्व्यवहार से जुड़े दोनों मामलों में दोषी माना। अदालत ने डॉट की सजा पर फैसला अगली सुनवाई में करने का आदेश दिया है। यह सुनवाई 29 सितंबर 2026 को एडिनबर्ग में होगी। तब तक डॉट हिरासत में रहेंगे। लड़की ने 1990 के दशक के दुर्व्यवहार के बारे में बताया सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि डॉट ने 1990 के दशक में एक स्कूली लड़की के साथ कई बार अनुचित व्यवहार किया। अब 40 की उम्र में पहुंच चुकी महिला ने आरोप लगाया कि डॉट ने उसे गलत तरीके से छुआ और उसे यौन गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की। महिला ने अदालत में बताया कि इन घटनाओं से वह डर गई और सदमे में थी। डॉट ने उसे एक टेडी बियर भी दिया था। पुलिस ने 2001 में इन आरोपों को लेकर डॉट से संपर्क किया था, लेकिन उस समय कोई चार्ज नहीं लगाया गया। दूसरे मामले में करीब 8 साल के लड़के के साथ दुर्व्यवहार दूसरे मामले में एक लड़के ने अदालत को बताया कि डॉट ने 2006 के बाद उसका यौन शोषण किया। उस समय उसकी उम्र करीब 8 साल थी। उसने अदालत में डॉट पर बाथरूम, कार और अन्य जगहों पर अनुचित तरीके से छूने और यौन दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। उसने यह भी बताया कि डॉट उसे चिप्स, सॉफ्ट ड्रिंक और एक बार 50 पाउंड देकर 'इनाम' देता था। डॉट ने सभी आरोपों को झूठा बताया था डॉट ने सुनवाई के दौरान आरोपों को गलत बताया था और कहा था कि उन्होंने कभी किसी के साथ अनुचित व्यवहार नहीं किया। इसके बावजूद ज्यूरी ने दोनों मामलों में उन्हें दोषी माना। पुलिस स्कॉटलैंड के डिटेक्टिव इंस्पेक्टर गैरी स्मिली ने डॉट को 'खतरनाक व्यक्ति' बताया। 2006 में वर्ल्ड चैंपियन बने थे डॉट ग्रेम डॉट ने 2006 में वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप का खिताब जीता था। वह 2004 और 2010 में भी वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल तक पहुंचे थे। स्नूकर संस्था ने हमेशा के लिए सदस्यता खत्म की दोषी पाए जाने के बाद वर्ल्ड प्रोफेशनल बिलियर्ड्स एंड स्नूकर एसोसिएशन (WPBSA) ने डॉट की सदस्यता तत्काल प्रभाव से स्थायी रूप से रद्द कर दी। संस्था ने उन्हें खेल से पूरी तरह हटाने का फैसला लिया है और वर्ल्ड स्नूकर से उन्हें हॉल ऑफ फेम से हटाने का अनुरोध भी किया है। डॉट को अप्रैल 2025 में ही प्रोफेशनल स्नूकर की सभी गतिविधियों से निलंबित कर दिया गया था। 2025-26 सीजन खत्म होने के बाद उन्हें प्रोफेशनल रैंकिंग से भी हटा दिया गया था। भारत में भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले खेलों में बच्चों के यौन शोषण के मामले भारत में भी सामने आए हैं। इनमें कई मामलों में कोच या ट्रेनर पर नाबालिग खिलाड़ियों के शोषण के आरोप लगे और कुछ मामलों में अदालत ने दोषी ठहराकर सजा भी सुनाई। 1. आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को 5 साल की सजा 2026 में हरियाणा की फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने राष्ट्रीय स्तर के आर्चरी कोच कुलदीप वेदवान को नाबालिग महिला तीरंदाज से यौन दुर्व्यवहार के मामले में 5 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने POCSO एक्ट के तहत उन्हें दोषी माना और 15 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। मामला 2023 की एक प्रतियोगिता के दौरान का था। 2. केरल के क्रिकेट कोच मनु एम के खिलाफ कई मामले केरल के तिरुवनंतपुरम में क्रिकेट कोच मनु एम के खिलाफ नाबालिग खिलाड़ियों के यौन शोषण के कई मामले सामने आए। 2024 में एक पूर्व प्रशिक्षु के शिकायत करने के बाद अन्य लड़कियां भी सामने आईं और कुल 6 मामले दर्ज हुए। अदालत ने 2026 में कई मामलों में उन्हें दोषी ठहराया। एक मामले में उन्हें 10 साल की कठोर कैद और 66 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। दूसरे मामले में उन्हें 48 साल की कठोर कैद सुनाई गई, जबकि जून 2026 में चौथे मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी कुल सजा 127 साल तक पहुंच गई; प्रभावी तौर पर उन्हें 42 साल जेल में रहना होगा। 3. शूटिंग कोच अंकुश भारद्वाज पर नाबालिग खिलाड़ी का आरोप 2026 में शूटिंग कोच और अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता अंकुश भारद्वाज के खिलाफ एक नाबालिग शूटर ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया। पुलिस ने POCSO के तहत मामला दर्ज किया और जांच शुरू हुई। 4. हॉकी ट्रेनिंग के दौरान नाबालिग खिलाड़ी से यौन दुर्व्यवहार का मामला BSF की 'प्रहरी बाल विकास योजना' के तहत हॉकी ट्रेनिंग ले रही 12 साल की नाबालिग खिलाड़ी से कथित यौन दुर्व्यवहार का मामला भी अदालत तक पहुंचा। 2021 की घटना में हॉकी कोच पर POCSO के तहत गंभीर यौन हमले का आरोप लगाया गया था। दुनिया में खेलों से जुड़े बड़े मामले 1. लैरी नासर, जिम्नास्टिक्स का सबसे बड़ा मामला अमेरिका में जिम्नास्टिक्स के पूर्व टीम डॉक्टर लैरी नासर का मामला दुनिया के सबसे चर्चित खेल यौन शोषण मामलों में शामिल है। नासर पर युवा महिला जिम्नास्टों के लंबे समय तक यौन शोषण के आरोप लगे थे। 2018 में उन्हें 40 साल तक की जेल की सजा सुनाई गई। 2. बैरी बेनेल, ब्रिटिश फुटबॉल का बड़ा मामला ब्रिटेन में पूर्व फुटबॉल कोच और स्काउट बैरी बेनेल पर बच्चों के यौन शोषण के कई मामले सामने आए। वह मैनचेस्टर सिटी से भी जुड़े रहे थे। 2018 में उन्हें 50 मामलों में दोषी ठहराकर 30 साल की जेल की सजा सुनाई गई। अदालत में बताया गया कि उन्होंने 1979 से 1990 के बीच 8 से 15 साल की उम्र के 11 लड़कों का शोषण किया था। 3. जेरी सैंडस्की, अमेरिकी कॉलेज फुटबॉल अमेरिका में पेन स्टेट के पूर्व असिस्टेंट फुटबॉल कोच जेरी सैंडस्की को 2012 में बच्चों के यौन शोषण के 45 मामलों में दोषी पाया गया। मामले में 10 लड़कों के साथ करीब 15 साल तक दुर्व्यवहार के आरोप साबित हुए। उन्हें 30 से 60 साल की जेल की सजा सुनाई गई। भारत और दुनिया के मामलों में एक पैटर्न इन मामलों को साथ रखने पर एक बात साफ दिखाई देती है। कई मामलों में आरोपी कोच, डॉक्टर या ट्रेनर जैसे भरोसे और अधिकार वाले पदों पर थे। यानी खिलाड़ी और खासकर नाबालिग खिलाड़ी अक्सर ऐसे लोगों पर निर्भर होते हैं, जिनके पास उनके करियर, ट्रेनिंग या टीम में जगह को लेकर प्रभाव होता है। इसी वजह से खेल संस्थाओं में सेफगार्डिंग, शिकायत की स्वतंत्र व्यवस्था, बैकग्राउंड चेक और नाबालिग खिलाड़ियों के साथ कोच-खिलाड़ी संबंधों के स्पष्ट नियम बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। POCSO एक्ट क्या है, बच्चों को यौन अपराधों से बचाने वाला कानून, शिकायत से लेकर सजा तक समझें ग्रेम डॉट मामले जैसे मामलों में नाबालिगों के खिलाफ यौन अपराधों की चर्चा के साथ यह समझना भी जरूरी है कि भारत में बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या कानूनी व्यवस्था है। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रंस फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस यानी POCSO 2012 में लागू किया गया था। यह 18 साल से कम उम्र के सभी बच्चों को यौन शोषण, यौन उत्पीड़न और पोर्नोग्राफी से सुरक्षा देता है। कानून में बच्चे के लिंग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। खेल अकादमी में बच्चे की सुरक्षा, दाखिला लेने से पहले इन 5 बातों की जांच करें खेलों में बच्चे लंबे समय तक कोच, ट्रेनर, फिजियो और दूसरे सपोर्ट स्टाफ के संपर्क में रहते हैं। इसलिए किसी अकादमी में दाखिला कराने से पहले सिर्फ उसकी ट्रेनिंग और सुविधाएं देखना काफी नहीं है। बच्चों की सेफगार्डिंग पॉलिसी के बारे में जानकारी लेना भी जरूरी है।
नंगे पैर और बांस की स्टिक से शुरुआत, आज विश्व पटल पर चमकीं ओडिशा की बेटी सुनेलिता टोप्पो
ओडिशा के सुंदरगढ़ की सुनेलिता टोप्पो ने सीमित संसाधनों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपनी पहचान बनाई है। नंगे पैर और बांस की स्टिक से शुरुआत कर, उन्होंने हाल ही में हॉकी विश्व कप में भारत के लिए गोल दागकर देश को गौरवान्वित किया।
सिरसा के रहने वाले हॉकी प्लेयर सविता पूनिया और राजिंदर सिंह भारतीय हॉकी टीम में खेलकर हॉकी वर्ल्ड कप (FIH) में बेहतर भूमिका रही है। सविता पूनिया अपनी टीम में सीनियर और राजिंदर सिंह अपनी टीम में जूनियर प्लेयर होने के बाजूवद कोच के विश्वासपात्र बने हैं। टीम को हर मैच में आगे ले जाने में अग्रणी भूमिका निभाई। कोच के अनुसार, यह इकलौते ऐसे हैं, जो एक ही जिले से हैं और दोनों टीमों में खेल रहे हैं। यह एफआईएच खेलकर देश-प्रदेश व जिले का प्रतिनिधित्व किया है। हालांकि, भारतीय टीम ( महिला एवं पुरुष वर्ग) दोनों ही सेमी फाइनल की रेस से बाहर हो गई है। अब होने वाले अगले मैच के लिए टीम और जिलेवासियों की इन दोनों खिलाड़ियों पर नजर रहेगी। राजिंद्र सिंह के माता-पिता ने विदेश ऑस्टेलिया में रहते ये लाइव मैच देखा। प्लेयर सविता पूनिया ने ऑस्ट्रेलिया के साथ मैच ड्रॉ होने के बाद परिवार से की बातचीत में बताया, उनका मैच अच्छा था, पर गोल नहीं कर पाए। टीम पर मैच को जीतने का प्रेशर भी था और विपक्षी टीम भी अच्छा खेल रही थी। इस बार सेमी के मैच गोल के आधार पर हो रहे हैं। उनका एक मैच पहले भी ड्रॉ हो गया था। इसलिए गोल के नंबर कम होने से उनकी टीम पिछड़ गई। अब अगले मैच की तैयारी करेंगे और जीतने के इरादे से मैदान में उतरेंगे। जानिएं दोनों टीम का अगला मैच किसके साथ 8वें स्थान के लिए खेलेगा भारत भारतीय टीम को अर्जेंटीना ने 5-3 से हरा दिया। भारत की ओर से सुखजीत सिंह ने दो गोल और हार्दिक सिंह ने एक गोल किया, परंतु जीत नहीं मिली। भारतीय टीम को दूसरे दौर के पुल-ई में इंग्लैंड, नीदरलैंड और अर्जेंटीना तीनों टीमों से मैच में हार का सामना करना पड़ा। इस कारण लगातार हार के चलते टीम सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाई। भारतीय टीम का अगला मैच बेल्जियम के साथ होना है और पुल-ई में टीम चौथे स्थान पर रही। ये मैच सातवें व 8वें स्थान के लिए खेला जाएगा और 28 अगस्त को खेला जाएगा। चीन व ऑस्ट्रेलिया से मैच ड्रॉ होने से बाहर हुई महिला टीम भारतीय महिला हॉकी टीम का आखिरी ग्रुप मैच 23 अगस्त को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हुआ था, जो 0-0 से ड्रॉ हो गया था। इससे पहले भी भारतीय टीम का चीन के खिलाफ ड्रॉ हो गया था। इसी के चलते भारतीय टीम सेमी फाइनल से बाहर से हो गई। अब पांचवें और छठे स्थान के लिए मैच होना है। अब भारतीय टीम का 27 तारीख को अगला मुकाबला जर्मनी के साथ होना है। इसका लाइव प्रसारण वैगनर हॉकी स्टेडियम (एम्सटेलवीन) से चलेगा। ये मैच 5वें स्थान के खेला जाएगा।
3-5 से अर्जेंटीना से हारकर भारतीय हॉकी टीम हुई विश्वकप से बाहर
एम्सटेलवीन में अपने सबसे ज़रूरी पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप 2026 पूल ई मुकाबले में भारत निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए सोमवार को अर्जेंटीना से 3-5 से हारकर सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गया। हालांकि भारत ने आखिरी मिनटों में दो गोल दागे लेकिन शुरूआती लड़खड़ाहट ने भारत का काम खराब किया। मैच के पहले तीनों गोल पहले क्वार्टर में हुए। अर्जेंटीना ने दो गोल की बढ़त बना ली थी, लेकिन भारत ने एक गोल वापस कर लिया। अर्जेंटीना के जोकिन टोस्कानी ने सिर्फ़ 39 सेकंड में गोल किया, और निकोलस डे ला टोरे ने छठे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल कर बढ़त दोगुनी कर दी। हालांकि, सुखजीत सिंह ने 34वें मिनट में भारत के लिए पहला गोल करके बढ़त कम कर दी। टॉमस डोमेन ने 33वें और 45वें मिनट में दो गोल दागकर बढ़त को 4-1 पहुंचकर भारत का संघर्ष समाप्त कर दिया। डोमेन ने तीसरा गोल मैदानी किया और उनका चौथा गोल पेनल्टी स्ट्रोक पर आया। लुकास टोस्कानी ने 53वें मिनट में अर्जेंटीना का पांचवां गोल दाग दिया। हालांकि भारत ने सुखजीत सिंह के जरिये 58वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत को आखिरी मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक मिला जिस पर हार्दिक सिंह ने भारत का तीसरा गोल किया। The Pool E table after India’s clash against Argentina at the FIH Hockey World Cup Belgium & Netherlands 2026. One game remains between the Netherlands and England to complete the Pool E standings. #HockeyIndia #IndiaKaGame #HWC2026 pic.twitter.com/HQTnpRI6sL — Hockey India (@TheHockeyIndia) August 24, 2026 पिछले मैच में नीदरलैंड से हारने के बाद भारत पूल ई से अंतिम चार की दौड़ से लगभग बाहर ही हो गया था लेकिन अर्जेंटीना की इंग्लैंड पर जीत के बाद तकनीकी तौर पर उसके रास्ते खुले थे । इसके लिये उसे कम से कम तीन गोल के अंतर से जीत दर्ज करनी थी । भारत ने पहले छह मिनट में ही दो गोल गंवा दिये और इस दबाव से टीम निकल ही नहीं सकी । खराब पासिंग, गेंद पर कब्जा गंवाने और डिफेंस में ढिलाई का खामियाजा भारत को भुगतना पड़ा । आखिर में भारत ने दो मिनट के भीतर दो गोल किये लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी । इस पूल से नीदरलैंड पहले ही सेमीफाइनल में पहुंच चुका है और अब दूसरी टीम का फैसला इंग्लैंड और नीदरलैंड के बीच होने वाले आखिरी पूल मैच से होगा ।
हॉकी वर्ल्ड कप 2026 से भारत के बाहर होने पर पीआर श्रीजेश भड़क उठे हैं। पूर्व दिग्गज गोलकीपर श्रीजेश ने जवाबदेही की मांग की है। भारत की पुरुष और महिला टीम टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में नहीं पहुंची।
'वर्ल्ड कप रिहर्सल नहीं', श्रीजेश का हॉकी मैनेजमेंट पर फूटा गुस्सा
भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों के वर्ल्ड कप से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर होने के बाद पूर्व गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने हॉकी मैनेजमेंट पर तीखा हमला बोला है. पुरुष टीम अर्जेंटीना से 3-5 से हारी और महिला टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद बाहर हुई. श्रीजेश ने कोचिंग, तैयारी और जवाबदेही पर गंभीर सवाल उठाए.
हॉकी विश्व कप से बाहर हुई टीम इंडिया, कोच क्रेग फुल्टोन ने बताई टीम की शर्मनाक हार की वजह
भारतीय हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने माना कि धीमी शुरुआत और सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए जरूरी मुकाबले के दबाव को नहीं संभाल पाना टीम पर भारी पड़ा। भारत हॉकी विश्व कप से बाहर हो गया है।
Pratapgarh News: हॉकी के ट्रायल में 35 खिलाड़ी का चयनित
सोमवार को मीराभवन स्थित स्टेडियम में हुआ ट्रायल
Basti News: रामपुर छात्रावास में गनेशपुर के हॉकी खिलाड़ी का हुआ चयन
Hockey player from Ganeshpur selected in Rampur hostel
Pilibhit News: मेजर ध्यानचंद की जयंती पर कराई जाएगी हॉकी खिलाड़ियों की प्रतियोगिता
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर जिला खेल कार्यालय की ओर से हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती पर 14 वर्ष आयु वर्ग के खिलाड़ियों की हॉकी प्रतियोगिता कराई जाएगी।
अर्जेंटीना के हाथों 3-5 से हारा भारत, Hockey World Cup 2026 में टीम इंडिया का सफर हुआ खत्म, सेमीफाइनल से चूकी टीम
FIH World Cup: Argentina से हारकर India सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर, टूटा भारत का सपना।
सोमवार को नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेले गए FIH वर्ल्ड कप के दूसरे राउंड के पूल मैच में भारतीय पुरुष हॉकी टीम अर्जेंटीना से 3-5 से हार गई और सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई। मुकाबले में बने रहने के लिए भारत को कम से कम दो गोल के अंतर से जीत की ज़रूरत थी, लेकिन टीम पूरे मैच के दौरान कभी भी लय में नहीं दिखी। अर्जेंटीना के लिए टोमास डोमेने (33वें और 45वें मिनट) और जोकिन टोस्कानी (पहले और 53वें मिनट) ने दो-दो गोल किए, जबकि निकोलस डेला टोरे ने छठे मिनट में एक गोल किया। भारत के लिए सुखजीत सिंह ने 34वें और 58वें मिनट में फील्ड गोल किए। सांत्वना के तौर पर, भारत को मैच खत्म होने से 36 मिनट पहले पेनल्टी स्ट्रोक मिला, जिसे हार्दिक सिंह ने गोल में बदलकर हार का अंतर कम किया।
टीम इंडिया हुई हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर, अर्जेंटीना ने 5-3 के अंतर से जीता मुकाबला
भारतीय पुरुष हॉकी टीम को वर्ल्ड कप के मुकाबले में अर्जेंटीना के खिलाफ 3-5 से हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही भारतीय टीम हॉकी वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है।
हॉकी विश्व कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंचा भारत, अर्जेंटीना ने हराकर खत्म कर दी उम्मीदें
एफआईएच पुरुष हॉकी विश्व कप 2026 में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है। भारतीय टीम सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो चुकी है। दूसरे चरण के मुकाबले में अर्जेंटीना ने टीम इंडिया को 5-3 की करारी शिकस्त दी और सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को धराशाई कर दिया।
अर्जेंटीना से हारकर बाहर हुआ भारत, टूटा खिताब जीतने का सपना
भारतीय हॉकी टीम अर्जेंटीना के खिलाफ दूसरे राउंड का मुकाबला जीतने में नाकाम रही. इस हार के साथ ही टीम विश्व कप से भी बाहर हो गई है. फैन्स को इस साल टीम के खिलाड़ियों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा हो नहीं सका.
हरदा जिले के 16 बालक हॉकी खिलाड़ियों का चयन राज्य स्तरीय नेहरू हॉकी प्रतियोगिता के लिए हुआ है। शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता के तहत चयनित सभी खिलाड़ी हरदा के सनराइज इंग्लिश मीडियम स्कूल से हैं। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता 23 से 28 अगस्त तक सिवनी जिले में आयोजित होगी। पहली बार बालक वर्ग में हरदा के 16 खिलाड़ी एक साथ राज्य स्तर पर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। सभी खिलाड़ी एक ही स्कूल से ब्लॉक समन्वयक सलमा खान के अनुसार, राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयनित हरदा के सभी 16 खिलाड़ी सनराइज इंग्लिश मीडियम स्कूल के हैं। इतनी बड़ी संख्या में बालक खिलाड़ियों का एक साथ राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना जिले के लिए गौरव की बात है। सिवनी के लिए रवाना हुई टीम चयनित खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए सिवनी रवाना हो गए हैं। टीम के साथ दल मैनेजर इमरान खान और हॉकी कोच संदीप सौदे भी गए हैं। प्रतियोगिता में खिलाड़ी हरदा जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। अधिकारियों और अभिभावकों ने बढ़ाया हौसला टीम के रवाना होने के दौरान जिले के अधिकारियों, स्कूल प्रबंधन, खेल प्रशिक्षकों, वरिष्ठ खिलाड़ियों और अभिभावकों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। सभी ने खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई। जिले का नाम रोशन करने की उम्मीद इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी, जिला खेल अधिकारी विकास खराड़कर, जिला क्रीड़ा अधिकारी रामनिवास जाट, ब्लॉक समन्वयक सलमा खान, व्यायाम शिक्षक राजेश बिलिया और वरिष्ठ फुटबॉल खिलाड़ी सुनील वर्मा सहित अभिभावकों ने टीम को शुभकामनाएं दीं। सभी ने विश्वास जताया कि हरदा के खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन करेंगे।
Asian Games Japan: 492 खिलाड़ियों की 'टीम इंडिया' को हरी झंडी, Cricket में भी होगी जंग
जापान के आइची-नागोया में होने वाले 20वें एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल को शनिवार को युवा मामले और खेल मंत्रालय से प्रशासनिक और वित्तीय मंज़ूरी मिल गई है; इन खेलों में 35 अलग-अलग खेलों में 492 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। ये खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे। मंज़ूरी पाने वाले इस दल में 265 पुरुष और 227 महिला एथलीट शामिल हैं। यह मंज़ूरी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अनुरोध पर दी गई है, जिसने इस महीने की शुरुआत में एक पत्र और बाद की बातचीत के ज़रिए सरकार से मंज़ूरी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: ऋषभ पंत बने WTC के 'रन किंग', शुभमन गिल को पछाड़कर रचा इतिहास! एथलेटिक्स में सबसे ज़्यादा 73 भारतीय एथलीट हिस्सा लेंगे, इसके बाद हॉकी में 40 और शूटिंग व क्रिकेट में 30 एथलीट शामिल होंगे। भारत तीरंदाज़ी, कबड्डी और बैडमिंटन जैसे खेलों में भी अपनी टीमें उतारेगा। साथ ही, एथलीटों को मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स, ई-स्पोर्ट्स और टेकबॉल जैसे नए उभरते खेलों में भी हिस्सा लेने की मंज़ूरी दी गई है। कोच, सपोर्ट स्टाफ़, मेडिकल स्टाफ़ और दल के अधिकारियों सहित टीम के अधिकारियों के लिए मंज़ूरी अलग से जारी की जाएगी। क्रिकेट में कुल 30 खिलाड़ी हैं – पुरुषों और महिलाओं की टीमों में 15-15 खिलाड़ी। पुरुषों की टीम में युवा वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और वरुण चक्रवर्ती शामिल हैं, लेकिन हार्दिक पांड्या नहीं हैं। महिलाओं की टीम की कप्तानी हरमनप्रीत कौर करेंगी। डोपिंग की वजह से सबसे ज़्यादा नुकसान कुश्ती और वेटलिफ्टिंग जैसे खेलों को हुआ है। असल में, पता चला है कि वेटलिफ्टर्स की शुरुआती लिस्ट में करीब 10 खिलाड़ी थे, जिसे घटाकर अब सिर्फ़ पांच कर दिया गया है। कुश्ती में भी हाल ही में एक रेसलर के टेस्ट में पॉज़िटिव पाए जाने के बाद कुछ नाम हटा दिए गए हैं। कुल मिलाकर 30 क्रिकेटर हैं – 15 पुरुष और 15 महिला। जूडो में, भले ही हाल ही में बनी अंतरिम जूडो फेडरेशन ऑफ़ इंडिया (JFI) ने दो और नामों की मांग की थी, लेकिन मंत्रालय और IOA ने एशिया में टॉप छह (व्यक्तिगत इवेंट्स में) और टॉप आठ (टीम इवेंट्स में) के नियम का पालन किया। वहीं, एथलेटिक्स में लगभग 73 नाम हैं, जिनकी अगुवाई दो बार के ओलंपिक और वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट नीरज चोपड़ा कर रहे हैं। जापान गेम्स में इस खेल में सबसे ज़्यादा खिलाड़ी हो सकते हैं। उम्मीद है कि एथलेटिक्स भारत की मेडल टैली को बढ़ावा देगा, क्योंकि महाद्वीप के ज़्यादातर टॉप एथलीट मेडल जीतने की दौड़ में हैं। एक्वेटिक्स में 12 खिलाड़ियों की टीम है जिसमें सभी पुरुष हैं, जबकि जूडो और ताइक्वांडो में तीन-तीन खिलाड़ियों की टीम है और सभी महिलाएँ हैं। अभी तक, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में एक महिला खिलाड़ी शामिल है, लेकिन ऐसी संभावना है कि अगली लिस्ट में और नाम जोड़े जा सकते हैं – कुल मिलाकर 25-30 एथलीट हो सकते हैं। सर्फिंग का मामला भी ऐसा ही है। कोर्ट केस की वजह से सर्फिंग में किसी नाम का ऐलान नहीं किया गया है, और एक बार मामला सुलझ जाने के बाद कम से कम दो सर्फर्स के नाम जोड़े जाएँगे। इसे भी पढ़ें: चोट के बावजूद Rishabh Pant का जलवा, MS Dhoni का Record तोड़ विदेशी Test में लिखा नया अध्याय शूटिंग, जिसमें भारत के कुछ मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें 30 खिलाड़ियों – 15 पुरुष और 15 महिला – के साथ अच्छी भागीदारी होगी। स्क्वैश, जो एक और ऐसा खेल है जिसमें मेडल जीतने की उम्मीद है, उसमें आठ सदस्य हैं – पुरुष और महिला कैटेगरी में चार-चार खिलाड़ी। तीरंदाजी टीम में भी छह पुरुष और छह महिला तीरंदाज शामिल हैं, जिसकी अगुवाई धीरज बोम्मादेवरा कर रहे हैं। इन 12 खिलाड़ियों में से छह कंपाउंड तीरंदाज हैं। फेंसिंग में खिलाड़ियों की संख्या काफी ज़्यादा है – कुल 20 खिलाड़ी, जिनमें आठ पुरुष और 12 महिलाएं शामिल हैं। बॉक्सिंग में भी विवाद देखने को मिले हैं और इसकी टीम में 11 खिलाड़ी हैं – पांच पुरुष और छह महिलाएं। For more Sports News in Hindi Today please click here.
महिला हॉकी विश्व कप 2026 से भारतीय टीम बाहर हो गई है। ऑस्ट्रेलिया से ड्रा खेलने के बाद सेमीफाइनल में पहुंचने की तमाम संभावनाओं पर ताला लग गया है। विश्व कप से बाहर होने के बाद टीम इंडिया काफी इमोशनल नजर आई।
मेडल के इतने करीब आकर चूकीं... रो पड़ीं भारत की बेटियां
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गोलरहित ड्रॉ के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम विश्व कप के सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गई. पदक के बेहद करीब आकर सपना टूटने के बाद सविता पूनिया, नेहा गोयल समेत कई खिलाड़ियों की आंखों से आंसू छलक पड़े.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 अगस्त को देशभर में 1,500 से ज्यादा जगहों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, PM के साथ’ अभियान के तहत आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम 29 अगस्त को होने वाले नेशनल स्पोर्ट्स डे से दो दिन पहले होगा। 29 अगस्त को हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती होती है। इसी दिन देश में नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट से मिल चुके हैं मोदी इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की रील भी इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार खिलाड़ियों और युवाओं के साथ संवाद वर्चुअल होगा। दिल्ली में 4-5 जगहों पर कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कार्यक्रम 4-5 जगहों पर आयोजित किए जाएंगे। इनमें IIT दिल्ली भी शामिल है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया IIT दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह 27 अगस्त को IIT दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। दिग्गज खिलाड़ी भी युवाओं से करेंगे बातचीत भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी तथा अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी युवाओं से संवाद करेंगे। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं। कुछ क्रिकेटर भी कार्यक्रम में युवाओं से बातचीत करेंगे।------------------ स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़ेंबारिश के कारण मैच में देरी:श्रीलंका के खिलाफ भारत 475/8; जुरेल 95 रन बनाकर नाबाद, सुथार 18 रन पर आउट श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने 8 विकेट पर 475 रन बना लिए हैं। कोलंबो में बारिश के कारण टी-ब्रेक के बाद तीसरे सेशन का खेल शुरू नहीं हो सका है। ध्रुव जुरेल 95 रन बनाकर नाबाद हैं, जबकि मोहम्मद सिराज उनका साथ दे रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर.…
pc: navrashtra शनिवार, 22 अगस्त को भारत और नीदरलैंड्स के बीच मैच खेला गया। पूल ‘E’ का यह मैच एम्सटेलवीन के वैगनर स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में भारत को नीदरलैंड्स से 3-1 से करारी हार मिली। जिससे कॉम्पिटिशन के सेमीफाइनल में पहुंचने का उनका रास्ता काफी मुश्किल हो गया है। मैच के पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें एक भी गोल नहीं कर पाईं, फिर तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने अपना खाता खोला, जबकि आखिरी क्वार्टर में मैच 3-1 के अंतर से खत्म हुआ। इस मैच में भारतीय टीम को 6 पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन वह उनमें से सिर्फ एक को ही गोल में बदल सकी। हालांकि, भारत का वर्ल्ड कप जीतने का सपना अभी खत्म नहीं हुआ है। पूल E में हालात रोमांचक हो गए हैं पूल E के आंकड़े अब रोमांचक मोड़ पर हैं। नीदरलैंड्स ने अपने दोनों मैच बड़े अंतर से जीते हैं, छह गोल किए हैं। इसके साथ ही उसने सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस बीच, अर्जेंटीना इंग्लैंड को हराकर दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। अर्जेंटीना और इंग्लैंड दोनों के तीन-तीन पॉइंट हैं। इंडिया ज़ीरो पॉइंट्स के साथ टेबल में सबसे नीचे है। इंडिया दो मैच हार चुका है और सात गोल खा चुका है। गोल डिफरेंस की वजह से टीम माइनस पॉइंट्स में है। इंडिया सेमी-फ़ाइनल में कैसे पहुंचेगा? नीदरलैंड्स ने सेमी-फ़ाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब, ‘पूल E’ से सिर्फ़ एक और टीम सेमी-फ़ाइनल में जाएगी। इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच मैच पहले ही खेला जा चुका है। इंग्लैंड अर्जेंटीना से 1-3 से हार गया। अर्जेंटीना की जीत ने इंडिया का सपना ज़िंदा रखा है। अब, इंडिया को टेबल में एक पॉइंट ऊपर जाने के लिए अर्जेंटीना को कम से कम पाँच गोल से हराना होगा। इसके अलावा, उन्हें यह भी दुआ करनी होगी कि नीदरलैंड्स इंग्लैंड को बड़े अंतर से हरा दे। अगर ये दोनों चीज़ें हो जाती हैं, तो इंडिया मज़बूत स्थिति से सेमी-फ़ाइनल में पहुँच जाएगा। नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ निराशा इंडियन टीम नीदरलैंड्स के ख़िलाफ़ काफ़ी निराश करने वाली रही। इंडिया के लिए इकलौता गोल कैप्टन हरमनप्रीत सिंह ने 52वें मिनट में किया। कोई और गोल नहीं कर सका। नीदरलैंड्स के लिए डुको टेलगेनकैंप ने 41वें मिनट में, यिप होडेमेकर्स ने 51वें मिनट में और वैन डैम यिप ने 55वें मिनट में गोल किए। नीदरलैंड्स के खिलाफ 3-1 से मिली हार के बाद भारत का सेमीफाइनल में पहुंचना और भी मुश्किल हो गया है। टीम इंडिया अब अपना अगला मैच 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ खेलेगी।
नीदरलैंड्स से हार के बाद भी जिंदा भारत की उम्मीद, ऐसे मिलेगा सेमीफाइनल का टिकट, जानें पूरा समीकरण
भारतीय पुरुष हॉकी टीम की हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, लेकिन इसके लिए उसे जीत के अलावा नीदरलैंड्स बनाम इंग्लैंड मैच पर भी निर्भर रहना होगा।
Agra News: हॉकी में भारत की हार ने दी पूर्व कप्तान को टीस
हॉकी वर्ल्ड कप में नीदरलैंड के हाथों भारत की 3-1 से हार ने आगरा निवासी पूर्व कप्तान और ओलिंपियन जगबीर सिंह को निराश किया।
Jhansi News: एथलेटिक्स में ‘लंबी छलांग’ लगाने काे तैयार झांसी
झांसी। हॉकी के जादूगर दद्दा मेजर ध्यानचंद की नगर झांसी एथलेटिक्स में छोटे-छोटे कदमों से लंबी छलांग लगाने के लिए तैयार है। लंबी कूद की एथलीट शैली सिंह 6.76 मीटर की छलांग लगाकर देश की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट बन चुकी हैं।
Varanasi News: राष्ट्रीय हॉकी में बरेका केवी के 22 और प्रयागराज केवी मनौरी के छह खिलाड़ी
22 players from Bareka KV and six from Prayagraj KV Manauri in national hockey.
हिसार। महाराष्ट्र के पुणे में 12 अगस्त से चल रही जूनियर महिला हॉकी प्रतियोगिता में हरियाणा की टीम ने फाइनल में जगह बना ली है। खिताबी मुकाबला रविवार को हरियाणा और झारखंड के बीच खेला जाएगा।
Kushinagar News: प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे जिले के खिलाड़ी
कुशीनगर के खिलाड़ियों ने कुश्ती और हॉकी में बेहतर प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन करने की राह बनाई है।
Live: भारत-पाकिस्तान टक्कर को तैयार, थोड़ी देर में शुरू होगा मैच
Ind Vs Pak Hockey World Cup 2026 Live Score: भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए ही हॉकी वर्ल्ड कप का यह मुकाबला जीतना बेहद जरूरी है. आज हारने वाली टीम के लिए आगे के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे.
स्टिक का जादू, बल्ले का जुनून, भाले की उड़ान... 80 साल में बदला खेल
भारत अपनी आजादी का 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. इन आठ दशकों में देश के साथ-साथ भारतीय खेलों की पहचान भी पूरी तरह बदल गई. हॉकी के स्वर्णिम दौर से लेकर क्रिकेट की बादशाहत और फिर ओलंपिक खेलों में बढ़ती कामयाबी तक, भारत का खेल सफर बदलते सपनों की कहानी बन चुका है.
हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलना गलत
भारतीय हॉकी टीम की जर्सी के रंग में बदलाव को लेकर विवाद गलत नहीं। यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि टीम की पहचान और खेल परंपरा से जुड़ी गंभीर चिंताओं का संकेत है। जर्सी के रंग बदलने का विरोध वाजिब है और…
'भगवा' जर्सी विवाद पर हॉकी इंडिया में दो फाड़, तिर्की ने पूछे कड़े सवाल
हॉकी इंडिया ने क्या राष्ट्रीय टीम की पहचान से जुड़े इतने अहम फैसले में अपने संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पालन किया था, ये अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है. अगर दिलीप तिर्की का दावा सही साबित होता है, तो आने वाले दिनों में हॉकी इंडिया को सिर्फ जर्सी के रंग पर नहीं, बल्कि फैसले लेने के तरीके और पारदर्शिता पर भी जवाब देना पड़ सकता है.
जहीर खान और उनकी पत्नी सागरिका घाटगे ने ‘Akutee’ ब्रांड की शुरुआत की
बेंगलुरु। पल्लू, दुपट्टे और जैकेट पर खूबसूरत रंगों में की गई कढ़ाई और पेंटिंग घाटगे शाही परिवार का एक रहस्य रहा होगा, जिसका इस्तेमाल प्रियजनों के कपड़ों को प्यार से सजाने के लिए किया जाता था। हालांकि क्रिकेटर जहीर खान की व्यावसायिक समझ से अब यह एक ब्रांड अकुती में तब्दील हो गया है। अभिनेत्री, मॉडल एवं राष्ट्रीय स्तर की पूर्व हॉकी चैंपियन सागरिका घाटगे अकुती ब्रांड को अपनी मां उर्मिला घाटगे के साथ चलाती हैं। सागरिका घाटगे ने कहा, “हाथ से पेंटिंग मेरे बचपन का हिस्सा रहे हैं। मेरी मां लंबे समय से यह करती रही हैं। हालांकि शुरू में मैं इसे उतनी गंभीरता से नहीं लेती थी, लेकिन मेरे पति (जहीर खान) ने मुझे इसे एक विशेष कलेक्शन बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। मां-बेटी की जोड़ी ने बेंगलुरु में ‘फोर सीजन्स’ में अपने कलेक्शन की शुरुआत की। सोलह मई को होटल में एक दिन के लिए साड़ियों, दुपट्टों और ब्लेजर का संग्रह प्रदर्शित किया गया। घाटगे ने कहा कि जब उन्होंने लगभग एक साल पहले इसकी शुरुआत करने का फैसला किया, तो एक ब्रांड नाम के लिए ‘अकुती’ एक स्वाभाविक पसंद बन गई, जिसका मराठी में अर्थ राजकुमारी होता है। इसे भी पढ़ें: Cannes Film Festival में दिखाई गई श्याम बेनेगल की फिल्म मंथन, अभिनेता नसीरुद्दीन शाह मौजूद खान ने कहा, ‘‘हां, वह एक राजकुमारी है। घाटगे ने कहा कि यह नाम सिर्फ उनके खानदान का संकेत नहीं है, बल्कि उनके परिवार की सभी महिलाओं के लिए एक सम्मान भी है। घाटगे ने कहा, अकुती समय में पीछे ले जाता है। उन्होंने कहा कि डिज़ाइन की प्रेरणा सीधे कोल्हापुर के शाही घाटगे परिवार के बगीचों से आती है। घाटगे ने कहा, मेरी मां वास्तव में बागवानी में रुचि रखती हैं और हमारे बगीचे में खिलने वाले फूल हमारे कपड़ों पर हाथ से पेंट की गई डिजाइन में तब्दील हो जाते हैं।

