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आज उच्च शिक्षा को विश्व इकोनॉमी से जोड़ना जरूरी

बड़वानी | ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में सोमवार को सुबह 10 बजे पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन का वेबिनार प्राध्यापकों व विद्यार्थियों को लाइव दिखाया गया। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने बताया पीएम ने व्याख्यान में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने के लिए अनुशासन, संयम व ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा आज उच्च शिक्षा को विश्व इकोनॉमी से जोड़ना बहुत जरूरी है। इसलिए एआई, डिजाइन, ऑटोमेशन व डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना होगा। वेबिनार में प्राध्यापकों व विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त कर फीडबैक भी तैयार किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीएस मुझाल्दा ने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि वे वेबिनार में विषय-विशेषज्ञों दी गई जानकारी को नोट्स के रूप में संकलित करें और यह विचार करें कि वे अपने क्षेत्र में क्या बेहतर कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 5:20 am

शिकायत के बाद शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई

बिलासपुर | विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में पदस्थ दो कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर विभाग ने विभागीय कार्रवाई की है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल को रोकने से संबंधित बातचीत का एक ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया था। इस मामले में सहायक ग्रेड-2 अनुपम शुक्ला को पहले निलंबित किया गया था। उनकी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। डीईओ विजय टांडे ने बताया कि निलंबन समाप्त करते हुए अनुपम शुक्ला को शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केन्दा, विकासखंड कोटा में पदस्थ किया गया है। इसी मामले में सहायक ग्रेड-3 शिल्पा शर्मा के खिलाफ भी शिकायत मिली थी। जांच में उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने उनकी भी एक वेतन वृद्धि प्रभाव से रोक दी है। निलंबन से बहाल करते हुए उन्हें हाई स्कूल सिंधी कॉलोनी जरहाभाठा में पदस्थ किया गया है। वहीं संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल की जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:39 am

बालिका शिक्षा प्रोत्साहन के लिए थ्रीमा साहू का सम्मान

बालोद|रायपुर में आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में बालिका शिक्षा प्रोत्साहन सम्मान श्रेणी के अंतर्गत राज्यपाल रमेन डेका ने बालोद निवासी थ्रीमा विनोद साहू को सम्मानित किया। थ्रीमा ने एक अनाथ बालिका को अपने परिवार का हिस्सा बनाकर पालन पोषण कर शिक्षा की जिम्मेदारी ली है। इस वजह से राज्यपाल ने सम्मानित किया। थ्रीमा ने कहा कि यह सम्मान निश्चित ही हमें और अधिक प्रेरित करेगा कि हम बालिका शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर कुछ नए आयाम स्थापित करें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास जारी रखें।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:37 am

निदेशालय ने नहीं माने आदेश:शिक्षा विभाग; आरटीई प्रवेश के लिए आयु सीमा में छूट नहीं दी, कक्षा 1 में आवेदन से 50 हजार बच्चे वंचित

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग आयु सीमा में छूट देना भूल गया। विभाग को पहली कक्षा में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को आयु सीमा में 4 महीने की छूट देनी थी और 31 जुलाई तक आयु सीमा में आ रहे विद्यार्थियों से आवेदन लेने थे, लेकिन विभाग छूट देना भूल गया। पहली कक्षा के लिए 6 से 7 साल तक का विद्यार्थी ही आवेदन कर सकता है। आरटीई गाइडलाइन में 31 मार्च को आधार मानकर आयुसीमा की गणना की जा रही है, जबकि विभाग को 4 महीने की छूट देते हुए 31 जुलाई तक आयु सीमा में आ रहे विद्यार्थियों से भी आवेदन लेने थे। इस गलती से करीब 50 हजार बच्चों के आवेदन से वंचित होने की संभावना है। शिक्षा विभाग की 1 दिसंबर को तैयारी बैठक हुई थी। इसमें शिक्षा सचिव, राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षा निदेशालय बीकानेर सहित आरटीई से जुड़े अधिकारी और निजी स्कूल संचालक मौजूद थे। बैठक में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा में शिथिलता देने का निर्णय हुआ। कार्यवाही विवरण में भी उल्लेख है। निदेशालय ने आरटीई गाइडलाइन जारी की तो प्रवेश के लिए आयु सीमा में छूट ही नहीं दी। बच्चे का जन्म 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के मध्य (दोनों तिथियों को शामिल करते हुए) हुआ हो तो वह पहली कक्षा में आवेदन का पात्र है। पिछले साल पहली कक्षा के लिए आए थे 1.75 लाख आवेदन पिछले साल शिक्षा विभाग ने केवल दो कक्षाओं पीपी 3 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे थे। तब आयु सीमा की गणना 31 जुलाई 2025 के आधार पर की गई थी। पिछले साल पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 1.75 लाख आवेदन हुए थे। इस साल आयु सीमा में छूट नहीं मिलने के कारण अभी तक पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 1.25 लाख आवेदन ही जमा हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर आयु सीमा में छूट मिलने पर करीब 50 हजार विद्यार्थी और आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि आज, अब तक 5.77 लाख आवेदन निदेशालय ने 20 फरवरी से आरटीई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च है। सोमवार शाम तक करीब 5.77 लाख विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे। प्रवेश का वरियता क्रम तय करने के लिए 12 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। इस साल विभाग ने चार कक्षाओं, पीपी 3 प्लस, पीपी 4 प्लस, पीपी 5 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:12 am

नया शिक्षा सत्र 2026 -27 एक अप्रैल से शुरू:12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद होंगे महात्मा गांधी स्कूलों में प्रवेश

प्रदेश में संचालित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद शुरू की जाएगी। 12वीं बोर्ड की परीक्षा 11 मार्च को खत्म होगी। नया शिक्षा सत्र 2026 -27 एक अप्रैल से शुरू होने के कारण इस बार महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी प्रवेश की प्रक्रिया पिछले सत्र के मुकाबले दो माह पहले शुरू की जा रही है। प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू की जाएगी। अभ्यर्थी 23 मार्च तक आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन आने पर 25 मार्च को लॉटरी के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। प्रदेश में संचालित 3737 स्कूलों में से अनेक में 50% से अधिक सीटें रिक्त हैं। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश के संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को टाइम फ्रेम घोषित कर दिया है। इंग्लिश स्कूलों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। लेकिन बोर्ड परीक्षा और होम एग्जाम होने के कारण महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया 11 मार्च के बाद शुरू की जाएगी। यह रहेगा प्रवेश का शेड्यूल 3737 इंग्लिश मीडियम स्कूलों 6.81 लाख अभ्यर्थी अध्ययनरत : प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी स्कूलों में लगभग 6.81 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लगभग 50% से अधिक रिक्त सीटों को भरने के लिए 14 मार्च से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले साल शिक्षा निदेशालय की ओर से इन स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 7 मई से शुरू हुई थी। इस बार आवेदन मार्च में ही लिए जाएंगे। बीकानेर जिले में 171 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्र में संचालित किए जा रहे महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अनेक सीटें रिक्त हैं। बीकानेर में सबसे अधिक नामांकन वर्तमान में मुरलीधर व्यास नगर में स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में 679 विद्यार्थियों का है। जिले के ब्लॉकों में कई स्कूल ऐसे भी संचालित हैं जहां 50 से कम नामांकन है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:00 am

दिलावर ने कहा:डोटासरा ने भांग खाकर स्कूल खोले थे, जूली ने कहा- शिक्षा मंत्री हो, जवाब भी भांग खाकर दे रहे

विधानसभा में सोमवार को महात्मा गांधी स्कूलों में पद सृजन और डूंगरपुर में पुलिस के रवैये को लेकर सदन में कांग्रेस व भाजपा विधायकों के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा व कांग्रेस विधायकों ने एक दूसरे पर आरोप -प्रत्यारोप लगाए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यहां तक कह दिया कि जीरो बच्चों पर भी विद्यालय चलते हैं क्या? दस बच्चों पर भी विद्यालय चलते हैं क्या? पूर्व सरकार के समय भांग खा कर विद्यालय खोल दिए। डोटासरा ने भांग खाई हुई थी। इस पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री जिस प्रकार से बात कर रहे हैं भांग खा कर...। आप प्रदेश के शिक्षा मंत्री हो, जवाब तो आप भांग खाकर दे रहे हो। इस पर दिलावर और जूली व डोटासरा के बीच बहुत देर तक तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान खोले गए अंग्रेजी माध्यम और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों को लेकर भी सदन में बहस हुई। भाजपा विधायक बालकनाथ के प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 3,737 स्कूलों को महात्मा गांधी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बदल दिया, लेकिन एक भी नया शिक्षक पद सृजित नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई जो खुद अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हुए नहीं थे। वहीं जूली ने कहा कि 10–20 छात्रों वाले स्कूलों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और सरकार पर ड्रॉपआउट बढ़ने का आरोप लगाया। इस पर दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि जब डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने लक्ष्मणगढ़ में ही 203 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया, लेकिन उनके लिए पद सृजित नहीं किए। वर्तमान सरकार अब पदों को स्वीकृत कर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर स्थिति सुधार रही है। 140 स्थायी और 700 अस्थायी कोच भर्ती होंगे खेल विभाग में 140 स्थायी और 700 अस्थायी कोच की भर्ती होगी। निर्दलीय विधायक युनूस खान के सवाल के जवाब में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि खेल विभाग ने 2012 के बाद पहली बार भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 140 स्थाई कोच की भर्ती के लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। कर्मचारी चयन बोर्ड आगे कार्यवाही कर रहा है। अब 700 अस्थाई कोच भी लेंगे, जिससे प्रदेश के ज्यादातर खेल प्रशिक्षण केंद्रों पर कोच लग जाएंगे।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:00 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

उच्च शिक्षा का नया शिखर: क्या है 'Honours' डिग्री और क्यों यह भविष्य के शोधार्थियों के लिए है एक वरदान?

जानिए क्या है ऑनर्स डिग्री और कैसे यह 4 साल का कोर्स आपको बिना मास्टर्स के सीधे पीएचडी (PhD) तक पहुँचा सकता है। उच्च शिक्षा के बदलते नियमों की पूरी जानकारी।

प्रातःकाल 9 Mar 2026 5:35 pm

बच्चों को शिक्षा में एजुकेशन, पेंशन योजना की मांग:ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, 10 सूत्री मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

ड्राइवरों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले जेपी स्मारक के समीप एक विशाल शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। धरने में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन चालकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के नेता और सदस्य अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान ड्राइवरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष बोले- परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका अहम धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरेराम भाई ने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क पर जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए, ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके। ‘ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए’ ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग के गठन और ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए और स्थायी अपंगता पर 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने 60 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग की। वाहनों में आगे और पीछे कैमरा लगाने की मांग की इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने, सभी वाहनों में आगे और पीछे छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने तथा उस दिन ड्राइवरों को अवकाश देने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। धरने में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 3:42 pm

लड़कियों की शिक्षा की शुरुआत कैसे हुई? सावित्रीबाई फुले की 129वीं पुण्यतिथि पर जानिए उनके अद्भुत संघर्ष की कहानी

आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की 129वीं पुण्यतिथि 10 मार्च को मनाई जा रही है। लड़कियों की शिक्षा, जातिगत भेदभाव के खिलाफ संघर्ष और समाज सुधार में उनके ऐतिहासिक योगदान ने भारतीय समाज को नई दिशा दी। पढ़ें उनके जीवन, संघर्ष और प्रेरणादायक विरासत की विस्तृत कहानी।

प्रातःकाल 9 Mar 2026 3:14 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

नालंदा में 12 मार्च से सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा:​ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 40 मिनट पहले आएगा क्वेश्चन पेपर; 30 मार्च को पीटीएम का आयोजन

नालंदा में सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने इस बार व्यवस्था में परिवर्तन किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब छात्रों को प्रश्नपत्र के बजाय ब्लैक बोर्ड पर लिखे सवालों को देखकर अपनी कॉपियों में उत्तर देने होंगे। इस पारदर्शी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल का सहारा लिया जाएगा, जहां परीक्षा शुरू होने से महज 40 मिनट पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित विक्षकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे उन प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर अंकित करें। जिले के सभी सरकारी स्कूलों में यह परीक्षा आगामी 12 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित की जाएगी। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के तहत पहली और दूसरी कक्षा के छोटे बच्चों के लिए केवल मौखिक परीक्षा का प्रावधान किया गया है, जबकि तीसरी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा की कसौटी पर उतरना होगा। इस नई प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के बोझ और तनाव को कम करना तथा मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक सरल बनाना है। आंकड़ों के अनुसार, इस वार्षिक मूल्यांकन में पहली व दूसरी कक्षा के लगभग 57 हजार और तीसरी से आठवीं कक्षा के दो लाख 93 हजार छात्र शामिल होंगे। परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद मूल्यांकन कार्य पर जोर दिया जाएगा। 30 मार्च को पीटीएम का आयोजन शिक्षकों को 19 से 24 मार्च के बीच उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि समय पर परिणाम तैयार किए जा सके। इसके साथ ही 25 मार्च तक नामांकन पंजी को अपडेट करने का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी विजय आनंद ने बताया कि ई-शिक्षाकोष के माध्यम से प्रश्नपत्रों के वितरण से गोपनीयता बनी रहेगी और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित होगी। छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन का लेखा-जोखा साझा करने के लिए 30 मार्च का दिन बेहद खास होगा। इस दिन जिले के सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्रों को उनका रिपोर्ट कार्ड सौंपा जाएगा। इस बैठक के माध्यम से न केवल बच्चों की प्रगति पर चर्चा होगी, बल्कि विद्यालय के बेहतर प्रबंधन के लिए अभिभावकों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। फिलहाल, सभी स्कूलों में परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 11:24 am

शिक्षा मंत्री बोले- डोटासरा ने भांग खाकर स्कूल खोले:दिलावर और जूली में नोकझोंक; राजस्थान में 140 स्थायी और 700 टेंपरेरी कोच भर्ती होंगे

कांग्रेस राज में खोले गए अंग्रेजी मीडियम और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में खाली पदों से जुड़े सवाल पर विधानसभा में नोकझोंक और हंगामा हुआ। बीजेपी विधायक बालकनाथ के सवाल पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- कांग्रेस सरकार ने 3737 स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम में बदल दिया। लेकिन एक भी पद सृजित नहीं किया। शिक्षा मंत्री के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा- कांग्रेस राज में महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूलों का कैडर बना दिया था, उनका क्या हुआ? विवेकानंद मॉडल स्कूलों में अभी कितने पद खाली हैं? दिलावर ने कहा- कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां एक बच्चा, दो बच्चे, 10 बच्चे हैं। वहां आप चाहते हैं सारे ग्रेड के टीचर लगाएं, ऐसा कैसे संभव है? जीरो, दो, 10 बच्चों पर स्कूल चलते हैं क्या? पता नहीं भांग खाकर स्कूल खोल दिए। शिक्षा मंत्री रहते डोटासराजी ने भांग खाई हुई थी। दिलावर के कमेंट पर जूली ने आपत्ति जताते हुए कहा- आप शिक्षा मंत्री हो। आप यह क्या जवाब दे रहे हो? लगता है आप भांग खाकर जवाब दे रहे हो? इस पर दिलावर ने कहा- आपको नहीं, डोटासराजी के लिए कहा है। उस समय डोटासरा शिक्षा मंत्री थे। 140 स्थायी और 700 टेंपरेरी कोच भर्ती होंगे खेल विभाग में 140 स्थायी और 700 टेंपरेरी कोच की भर्ती होगी। निर्दलीय विधायक युनूस खान के सवाल के जवाब में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा- खेल विभाग ने 2012 के बाद पहली बार भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। 140 परमानेंट कोच की भर्ती के लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। कर्मचारी चयन बोर्ड आगे कार्यवाही कर रहा है। 700 टेंपरेरी कोच भी हम लेंगे, जिससे प्रदेश के ज्यादातर खेल प्रशिक्षण केंद्रों पर कोच लग जाएंगे। किरोड़ी ने माना मनरेगा में समय पर भुगतान नहीं होता विधानसभा में ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने माना है कि मनरेगा में समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं होता। अलग-अलग कारणों से मजदूरी के भुगतान में देरी होती है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक सवाल के जरिए मंत्री से पूछा था कि मनरेगा मजदूरों को 15 दिन में मजदूरी का भुगतान करना होता है, लेकिन देरी हो रही है। डॉ. किरोड़ी ने कहा कि केंद्रीय अंशदान नहीं मिलने के कारण मजदूरी भुगतान में देरी हुई है। केंद्र सरकार से अंशदान लेने के लिए चिट्ठी लिखी गई है। मैं खुद व्यक्तिगत रूप से भी मिलूंगा। जरूरी दस्तावेज की पूर्ति नहीं होने के कारण केंद्रीय अंशदान में देरी होती है। मैटेरियल सप्लाई के टेंडर समय पर नहीं होते। इन सबके कारण भुगतान लेट हो जाते हैं। जैसे ही केंद्रीय अंशदान का पैसा मिलेगा, बकाया मजदूरी का भुगतान कर दिया जाएगा। … पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 10:56 am

जब मदद के लिए रास्ते नहीं दिखे,तो खुद मददगार बने:अब वृद्धा आश्रम शुरू कर रहे ऋतुराज, धमतरी में शिक्षा, स्वास्थ्य-सेवा का विस्तारित मिशन

कभी हालात ऐसे थे जब जरूरतमंदों के लिए मदद के रास्ते सीमित दिखाई देते थे, लेकिन ऋतुराज पवार ने परिस्थितियों का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करने का निर्णय लिया। धमतरी के इस सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने अनुभव, संघर्ष और संसाधनों को समाज के हित में समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि व्यवस्था में कमी दिखे तो केवल आलोचना नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई पहलें शुरू कीं। जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग, स्कूलों में मूलभूत संसाधनों की व्यवस्था, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच कैंप जैसे प्रयासों ने सैकड़ों परिवारों तक राहत पहुंचाई। उनका मिशन केवल तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि स्थायी और संगठित सामाजिक बदलाव की नींव रखना है। अब वे अपने अगले कदम के रूप में वृद्धा आश्रम की शुरुआत की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्नेहपूर्ण वातावरण मिल सके। ऋतुराज पवार की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले में परिवर्तन की नई कहानी लिख सकता है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 9:42 am

शिक्षा पाठक ने UPSC में 453वीं रैंक हासिल की:बलिया में मां को दिया सफलता का श्रेय, परिवार और जिले को गर्व

बलिया की शिक्षा पाठक ने यूपीएससी 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। सफलता के बाद वह अपने पैतृक आवास पियरौटा पहुंचीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शिक्षा पाठक ने बताया कि उनकी प्राथमिक से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा वाराणसी में हुई और वहीं से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी एक लंबा चक्र होता है, जिसमें तीन चरण होते हैं। शिक्षा ने बताया कि वह आमतौर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन परीक्षा नजदीक आने पर आठ से नौ घंटे तक पढ़ती थीं। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें पहला प्रयास 2023 में था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार, खासकर अपनी मां को दिया। शिक्षा ने कहा कि सभी ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए करियर पर ध्यान देने की सलाह दी। रिजल्ट आने के बाद उन्हें काफी राहत मिली और सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को सूचित किया। शिक्षा ने बताया कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और परिवार का पूरा सहयोग मिला, जो किसी भी लड़की के लिए बहुत जरूरी है। शिक्षा की मां ने कहा कि बेटी की सफलता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा शुरू से ही मेधावी रही है। पिता अरुण कुमार पाठक ने कहा कि उनकी बेटी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने बेटी की सफलता में उसकी मां के अहम योगदान को भी स्वीकार किया। शिक्षा को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 8:01 am

शिक्षा विभाग:उदयपुर के 109 सरकारी स्कूलों में 2-2 प्रिंसिपल, 245 में पद खाली

उदयपुर जिले के 109 सरकारी स्कूलों में एक ही समय में दो-दो प्रिंसिपल कार्यरत हैं, जबकि जिले में प्रिंसिपल के 245 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह कैसी व्यवस्था है, जिसमें एक ओर 109 स्कूलों में दो-दो प्रिंसिपल हैं और दूसरी ओर 245 पद खाली पड़े हैं। दरअसल, 24 जनवरी 2025 को प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्यों को प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति दे दी गई थी, लेकिन अब तक उनका पदस्थापन नहीं किया गया। इसके कारण कई स्कूलों में पहले से कार्यरत प्रिंसिपल के साथ पदोन्नत प्राचार्य भी उसी विद्यालय में कार्य कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार उदयपुर जिले में प्रिंसिपल के 689 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 444 प्राचार्य कार्यरत हैं, जबकि 245 पद अभी भी रिक्त हैं। यदि ब्लॉक स्तर पर स्थिति देखें तो दूरदराज कोटड़ा ब्लॉक में प्रधानाचार्य के 44 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल 8 पर ही प्राचार्य कार्यरत हैं और 36 पद खाली हैं। राज्य स्तर पर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजस्थान में प्राचार्य के कुल 19,860 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में लगभग 12,415 प्राचार्य ही कार्यरत हैं। इस प्रकार प्रदेश में करीब 5,445 पद रिक्त पड़े हैं। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले उप-प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य के पदों पर काउंसलिंग कर पदस्थापन कर दिया जाए तो यह विद्यार्थियों के हित में होगा। अब अधिकारों को लेकर खींचतान एक ही विद्यालय में दो प्राचार्य होने से प्रशासनिक अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बन रही है। इससे स्टाफ में असमंजस और धड़ेबाजी की स्थिति पैदा हो रही है। इसका असर स्कूल के वातावरण और विद्यार्थियों के अनुशासन पर भी पड़ रहा है। अंदरखाने चर्चा यह भी है कि शहर के नजदीकी स्कूलों में अपने चहेते चेहरों को लगाने के लिए पदस्थापन में देरी की जा रही है। हालांकि स्थानीय अधिकारी इसे बीकानेर स्थित निदेशालय का निर्णय बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। शहर से गांव तक एक जैसे हालउच्च माध्यमिक विद्यालय जगदीश चौक, फतेह स्कूल, सवीना खेड़ा, सुखेर, डाकन कोटड़ा, सरू, बलीचा, केवड़ा खुर्द, दातीसर (कुराबड़ ब्लॉक), वली (कुराबड़), बछार, एकलिंगपुरा, नाईघासा और पिपली सहित जिले के कुल 109 स्कूलों में दो-दो प्रिंसिपल कार्यरत हैं। इसी प्रकार जिले के कुछ विद्यालयों में एक ही संस्थान में 5-5 वाइस प्रिंसिपल भी कार्यरत हैं। इन स्कूलों में कुर्सियों पर नहीं हैं प्रिंसिपल राउमावि खाखरिया-कोटड़ा, राउमावि उमरिया-कोटड़ा, राउमावि जूनापदार-कोटड़ा, राउमावि खोजावाड़ा-ऋषभदेव, राउमाव ढेलाणा-ऋषभदेव, राउमावि बिछीवाड़ा-ऋषभदेव, राउमावि गुड़ली-कुराबड़, राउमावि बम्बोरा-कुराबड़, राउमावि सोमखेड़ा-कुराबड़, राउमावि ओबराकला-गोगुंदा, राउमावि डाडिया-गोगुंदा, राउमावि मोरवाल-गोगुंदा, राउमावि आकोला-भींडर, राउमावि आमलिया-भींडर, राउमावि अमरपुरा जागिर-भींडर सहित जिले के 245 स्कूलों में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त पड़े हैं। निदेशालय से होगा निर्णय“पदोन्नतियां तो कर दी गई हैं, लेकिन काउंसलिंग के बाद ही पदस्थापन किया जाएगा। इसके लिए निर्णय बीकानेर स्थित निदेशालय स्तर पर ही होगा।” -डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 5:36 am

पीजी में नई शिक्षा नीति का पहला रिजल्ट:एमकॉम में 88 प्रतिशत से ज्यादा उत्तीर्ण 1200 में से 1055 से ज्यादा छात्र सफल

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद पहली बार हुई पीजी (दो वर्षीय कोर्स) की परीक्षा का पहला परिणाम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने घोषित कर दिया। सबसे पहले एमकॉम का रिजल्ट जारी हुआ है। इसमें 88 फीसदी से ज्यादा छात्र पास हो गए। परीक्षा में 1200 छात्र बैठे थे, जिनमें से 1055 से ज्यादा छात्र पास हुए हैं। फेल होने वाले छात्रों की संख्या सिर्फ 22 रही। करीब 120 छात्रों को एटीकेटी आई है। 2021 में लागू हुई नई शिक्षा नीति 2025 में पहली बार पीजी कोर्स में पहुँची। एमए, एमकॉम, एमएससी सहित सभी परंपरागत पीजी कोर्स की फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है और रिजल्ट आने शुरू हो चुके हैं। दरअसल, पीजी में 2025-26 के इन छात्रों के लिए बरसों पुराना परीक्षा रिजल्ट सिस्टम खत्म कर दिया गया था। नई शिक्षा नीति के तहत अब इन छात्रों को इसी फर्स्ट सेमेस्टर के रिजल्ट से मार्क्स नहीं दिए जा रहे हैं, बल्कि मार्कशीट पर क्रेडिट दिए जा रहे हैं। मार्कशीट अब ग्रेड शीट कहलाएगी। थ्योरी पेपर 60 अंकों का दिसंबर में हुई परीक्षाओं में थ्योरी पेपर 85 अंकों के बजाय सिर्फ 60 अंकों का था। इंटरनल 15 के बजाय 40 अंकों के हुए। नए सिस्टम में थ्योरी पेपर व इंटरनल दोनों में न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने अनिवार्य किए गए। हर थ्योरी पेपर में 60 में से न्यूनतम 24 अंक व इंटरनल में 40 में से न्यूनतम 16 अंक लाना जरूरी था। अब बचे हुए तीनों सेमेस्टर में यही सिस्टम रहेगा डीएवीवी इन्हीं कोर्स की दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं अगले माह से शुरू करने जा रही है। 1 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू होंगी। डीएवीवी के अनुसार जो नया पैटर्न फर्स्ट सेमेस्टर में लागू हुआ है, वही अब बचे हुए तीनों सेमेस्टर में भी लागू रहेगा। दरअसल, 2021-22 में जिन छात्रों ने बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए व बीसीए में प्रवेश लिया था, उन्हीं छात्रों ने अब पीजी में एडमिशन लिया है। उनकी यूजी-पीजी डिग्री नई शिक्षा नीति की रहेगी। हालाँकि, अभी तक एमबीए, बीएड, एमसीए व एलएलबी जैसे कोर्स में नई शिक्षा नीति लागू नहीं हो पाई है। एमए, एमएससी के रिजल्ट भी जल्द घोषित होंगे परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि एमए, एमएससी के रिजल्ट भी जल्द घोषित किए जाएंगे। शिक्षाविद् डॉ. जयंतीलाल भंडारी का कहना है कि 2021 में यूजी में शुरू हुई एजुकेशन पॉलिसी में पढ़ाई करने वाले छात्र ही पीजी में पहुँचे, इसलिए उनके लिए यह बदलाव नए नहीं थे। वे इसके लिए मानसिक तौर पर भी तैयार थे। इसी कारण रिजल्ट 90 फीसदी के आसपास रहा है। सेकंड सेमेस्टर में यह रिजल्ट और बेहतर हो सकता है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:41 am

दसवंध की मिसाल : आमदनी का दसवां हिस्सा समाज के नाम, नशा मुक्ति से लेकर शिक्षा तक सेवा निभा रहे

दसवंध यानी अपनी आमदनी का दसवां समाज की सेवा में अर्पित करना। इसी उद्देश्य से दसवंध फाउंडेशन अपने प्रोजेक्ट चला रही है। संस्था का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी कार्य नशा मुक्ति अभियान है। अब तक पंजाब के 100 से ज्यादा मेल और कनाडा की दो फीमेल का इलाज किया जा चुका है। दावा है कि सभी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। यहां जरूरतमंद लोगों को नशा छोड़ने की दवाई मुफ्त दी जाती है और उनके जरूरी मेडिकल टेस्ट भी बिना किसी शुल्क के करवाए जाते हैं। हालांकि इसके लिए एक अहम शर्त है कि दवा लेने वाला व्यक्ति खुद नशा छोड़ने के लिए तैयार होना चाहिए। संस्था के सदस्यों का मानना है कि नशे की लत छोड़ना तभी संभव है, जब व्यक्ति स्वयं इसके लिए इच्छुक हो। कई बार ऐसे लोग भी उनके पास पहुंचते हैं, जिनके पास इलाज करवाने या आने-जाने का खर्च तक नहीं होता। ऐसे जरूरतमंद लोगों को संस्था की ओर से दवाई के साथ-साथ आने-जाने का किराया भी दिया जाता है। बटाला के एक गांव से भी कई लोग नशा मुक्ति उपचार के लिए संपर्क कर चुके हैं। इसके अलावा आर्गेनाइजेशन की तरफ से अन्य रोगों का भी इलाज भी करवाया जाता है। दसवंध फाउंडेशन 2007 में शुरू हुई। संस्था का मूल सिद्धांत आमदनी का दसवां हिस्सा (दसवंध) समाज की भलाई के लिए समर्पित करना है। संस्था की शुरुआत फाउंडर मेंबर केवल बेदी और बेटी डॉ. लवप्रीत कौर (होम्योपैथिक डॉक्टर) ने की थी। बेदी तब कॉलेज में लाइब्रेरियन थीं। उन्होंने सबसे पहले अपनी आय का दसवां हिस्सा समाज सेवा के लिए देना शुरू किया। आज संस्था में 30 से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें संस्था की प्रेसिडेंट डॉ. लवप्रीत कौर, वाइस प्रेसिडेंट रिटायर्ड प्रिं. बलजीत सिंह रंधावा, रिटायर्ड एसडीओ गुरदीप सिंह, गवर्नमेंट हाई स्कूल आधी के प्रिंसिपल कुलबीर सिंह, रिटायर्ड जेसीओ हजारा सिंह घुम्मन, चंडीगढ़ से डॉ. मीरा कैस्ट्रो, गतका कोच गुरविंदर कौर, कपूरथला से दलजीत सिंह और अमेरिका से डॉ. नवनीत रंधावा हैं।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा मंत्रालय; आईकेएस परियोजना में वीडीआरओ चुनेगी 16 शोध इंटर्न

विज्ञान दर्शन रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (वीडीआरओ) कुचामन सिटी को शिक्षा मंत्रालय की इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (आईकेएस) डिविजन की 2026 सूची में अनुसंधान परियोजना मिली है। संस्था विज्ञान और संस्कृत से जुड़े 16 युवा शोध इंटर्न का चयन करेगी। चयनित इंटर्न को मानदेय और मंत्रालय से प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। परियोजना आधुनिक विज्ञान के आयामों में पारंपरिक भारतीय ज्ञान-विज्ञान और समकालीन दृष्टिकोण के समन्वय पर केंद्रित रहेगी। प्रधान अन्वेषक रवीन्द्र गौड़ और सह-प्रधान अन्वेषक गोपाल दीक्षित के अकादमिक मार्गदर्शन में छह माह की इस परियोजना के लिए केंद्र से वित्तीय स्वीकृति व अनुदान जारी होगा, जिससे राज्य में शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा विभाग:अधूरी तैयारी से अटका डेढ़ लाख अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन, 2 दिन की देरी से होगा

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में दस्तावेज सत्यापन के लिए शिक्षा विभाग तैयारी पूरी नहीं कर पाया है। इस कारण इसमें अब दो दिन की देरी होगी। पहले यह काम 9 मार्च से प्रारंभ होना था। अब नए शेड्यूल के अनुसार दस्तावेज सत्यापन 11 मार्च से प्रारंभ होंगे। पहले विभाग 22 दिन में दस्तावेज सत्यापन का काम पूरा करता। अब नए शेड्यूल में यह काम 23 दिन में पूरा होगा। कर्मचारी चयन बोर्ड ने विभाग को दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों की सूची सौंप दी है। शिक्षा विभाग इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन मंडल स्तर पर कराएगा। विभाग के सभी 9 मंडलों को इसकी जिम्मेदारी दी है। इन मंडलों में 7 चरणों में दस्तावेज सत्यापन 11 मार्च से 13 अप्रैल तक होंगे। जरूरत पड़ने पर 8वां चरण 15 से 20 अप्रैल तक होगा। इस दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन भी होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी, वही अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन के लिए आया है। अगर किसी ने डमी अभ्यर्थी बैठाया था, जो जांच से वह पकड़ा जाएगा। बायोमेट्रिक सत्यापन की रिपोर्ट रोजाना तैयार होगी दस्तावेज सत्यापन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार होगी। इसमें रोल नंबर, अभ्यर्थी का नाम, डीवी की तारीख, बायोमेट्रिक सत्यापन हां या ना, पात्र है या अपात्र, कोई अन्य टिप्पणी, अभ्यर्थी के हस्ताक्षर व उसकी फोटो के साथ यह रिपोर्ट तैयार होगी। इस रिपोर्ट पर सत्यापन करने वाली टीम के सदस्यों के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे। 53750 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन जयपुर मंडल में 32374 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन होंगे, जो सभी मंडलों में सबसे अधिक है। बोर्ड ने 53750 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। पिछले दिनों चयन बोर्ड ने इस भर्ती का प्रारंभिक परिणाम जारी किया था। इसमें पदों के मुकाबले दो गुणा अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया। दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रत्येक मंडल पर संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा। हर मंडल में कंट्रोल रूम भी बनेगा।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

अग्रवाल सम्मेलन में होली उत्सव, अग्र पिता सम्मानित:दो हजार से अधिक सदस्य शामिल हुए, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवा का भी निर्णय

आगरा में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा रंगोत्सव का आयोजन किया गया। इस होली मिलन समारोह में महाराजा अग्रसेन के अग्र पिता 92 वर्षीय गिर्राज अग्रवाल को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जनपद के दो हजार से अधिक सदस्यों ने भाग लिया। अग्रधाम सेवा सदन, सेवला में आयोजित इस रंगोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि सुरेश चंद गर्ग, कामता प्रसाद अग्रवाल, राजेश मित्तल, छोटेलाल बंसल और रीतेश अग्रवाल ने किया। उन्होंने महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर और गुलाल उड़ाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। राष्ट्रीय मंत्री विनय अग्रवाल ने सभी सदस्यों को चंदन लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बताया कि समाज के निर्धन परिवारों को शिक्षा और स्वास्थ्य की निःशुल्क सेवा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। ब्रज प्रदेश के चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति के तीज-त्योहारों से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि भावी पीढ़ी को अपनी परंपरा और संस्कृति की सही जानकारी मिल सके। इस अवसर पर ब्रज की मण्डली ने होली और फाग गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। कृष्ण कन्हैया ने राधा संग मयूर नृत्य किया, जिससे 'श्रीराधे' के जयकारे गूंज उठे। 'चारों धामों से निराला ब्रजधाम दर्शन कर लो जी...', 'मेरे सिर पर गागर भारी, उतारो रे बनबारी...', और 'फूलों में सज रहे श्रीबांके बिहारी...' जैसे भजनों पर सभी भक्ति में झूम उठे। फूलों की होली ने सभी सदस्यों को श्रीहरि की भक्ति में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम में तांतपुर के 92 वर्षीय गिर्राज अग्रवाल को 'अग्र पिता' के रूप में स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ब्रजप्रदेश अध्यक्ष रामकिशन अग्रवाल, जिलाध्यक्ष संजय सिंघल, राजकुमार गर्ग, विनय अग्रवाल, राजेश कुमार अग्रवाल, मुरारीप्रसाद अग्रवाल, दिनेश अग्रवाल, रमेश चंद मित्तल, पंकज गोयल, अशोक कुमार मित्तल, संरक्षक भगवान दास बंसल, विवेक गर्ग, विनोद अग्रवाल, उमेश अग्रवाल, गणेश कुमार बंसल, अम्बुज अग्रवाल, पवन अग्रवाल, सचिन गोयल, हेमलता अग्रवाल, निशा सिंघल, राकेश गोयल, राम अग्रवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 9:06 pm

आजमनगर जीविका कार्यालय में महिला दिवस पर रंगोली प्रतियोगिता:महिलाओं ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों का संदेश दिया

आजमनगर जीविका कार्यालय में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जीविका से जुड़ी महिलाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें रंगोली प्रतियोगिता प्रमुख थी। कार्यक्रम की शुरुआत रंगोली प्रतियोगिता से हुई। जीविका समूह की सदस्यों ने आकर्षक और संदेशात्मक रंगोलियां बनाईं। इन रंग-बिरंगी रंगोलियों के माध्यम से महिलाओं ने समाज में अपनी भूमिका, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों के महत्व को दर्शाया। इस अवसर पर पूजा कुमारी, सुमन सिन्हा (सीएफ), नमिता देवी (अध्यक्ष), प्रतिमा देवी (सचिव) सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने एक-दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान गीत, नृत्य और प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। जीविका कार्यालय के पदाधिकारियों ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और महिला सशक्तिकरण का संकल्प लिया, साथ ही समाज में महिलाओं के सम्मान व अधिकार को मजबूत करने की बात कही।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 6:40 pm

केरल की राष्ट्रीय युवा नेतृत्व यात्रा में आशीष कुमार शामिल:28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य पर फोकस

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लछनपुर महंत निवासी आशीष कुमार ने केरल सरकार के अंतर्गत केरल यूथ लीडरशिप अकादमी (KYLA) के “सी केरल, नो केरल” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह दस दिवसीय राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन यात्रा 19 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित हुई। इस कार्यक्रम में भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक युवा प्रतिनिधि का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल के आठ जिलों का दौरा किया और राज्य के विकास मॉडल को करीब से समझा। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वशासन पर फोकस अध्ययन यात्रा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय स्वशासन जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहा। प्रतिभागियों को केरल की आधुनिक सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं, विकेंद्रीकृत स्थानीय शासन प्रणाली के बारे में जानकारी मिली। कुडुम्बश्री नेटवर्क और स्टार्टअप पहल की जानकारी यात्रा के दौरान विश्व के सबसे बड़े महिला सशक्तिकरण अभियानों में शामिल ‘कुडुम्बश्री’ नेटवर्क के कार्यों को समझने का अवसर मिला। साथ ही केरल स्टार्टअप मिशन, जिम्मेदार पर्यटन जैसी पहलों की जानकारी भी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष और अधिकारियों से चर्चा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए.एन. शमसीर, विभिन्न जिलों के कलेक्टरों, केरल राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. वी.के. रामचंद्रन से मुलाकात की। इस दौरान शासन, विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। देशभर के युवाओं के लिए सीखने का मंच आशीष कुमार के अनुसार यह कार्यक्रम देशभर के युवा नेताओं के लिए सीखने, संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। TISS से की पढ़ाई, स्वास्थ्य क्षेत्र में कर रहे काम आशीष कुमार ने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से सोशल वर्क में स्नातक, परास्नातक की पढ़ाई की है। फिलहाल उज्जैन के एक एनजीओ के साथ मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अनुभव से मिला नया दृष्टिकोण आशीष कुमार के अनुसार इस अनुभव से समावेशी विकास, नेतृत्व, सामाजिक बदलाव को लेकर नया दृष्टिकोण मिला। भविष्य में इन सीखों को अपने कार्यों में लागू करने की योजना है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 1:06 pm

मीटिंग में शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी की टिप्पणी:शिक्षक नेताओं से बात करते हुए भड़के, कहा - “कलेक्टर गया तेल लेने”; विवाद बढ़ने पर दी सफाई

शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी बीके गुप्ता की कथित टिप्पणी खुब चर्चा में है। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में शिक्षक संघ के नेताओं के साथ उनकी चल रही ​मीटिंग में गुप्ता ने आवेश में कहा था कि “कलेक्टर गया तेल लेने”। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा कि उनके आशय ऐसा नहीं था और अनजाने में यह बातचीत के प्रवाह में निकल गई थी। ऐसी मंशा नहीं थी। दरअसल नए शिक्षा सत्र की तैयारियों और नामांकन बढ़ाने से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। जयपुर में हुई बैठक के दौरान शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी बीके गुप्ता की जुबान फिसल गई और उन्होंने चर्चा के बीच “कलेक्टर गया तेल लेने” कह दिया। बैठक में निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि सुझाव दे रहे थे। तभी पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने नए सत्र में नामांकन बढ़ाने में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सायरा ब्लॉक के भानपुरा उच्च माध्यमिक विद्यालय के गणित शिक्षक पिछले करीब 12 वर्षों से गोगुंदा उपखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। इस पर विशेषाधिकारी गुप्ता ने कहा कि यदि शिक्षक के स्कूल नहीं आने की जानकारी संघ की ओर से लिखित में दे दी जाए तो अगले दिन ही समाधान कर दिया जाएगा। चौहान ने जवाब में कहा कि इस मामले में समय-समय पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिए गए हैं। इस पर पूरी बात सुने बिना गुप्ता ने कह दिया, “कलेक्टर गया तेल लेने।” बाद में उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन अपनी बात शिक्षा विभाग से संबंधित रखें। पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने कहा कि जब संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया जाता है तो उनकी पूरी बात सुननी चाहिए। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और यह समस्या प्रदेशभर में है, जिसे सरकार को गंभीरता से दूर करना चाहिए।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 12:52 pm

मां की हत्या, पिता कोमा में,फिर भी नहीं छोड़ी पढ़ाई:बच्चों की शिक्षा, महिला रोजगार के लिए जीवन समर्पित, शिल्पा शेट्‌टी ने भी सराहा

भरतपुर की 35 साल की ऊषा सोलंकी बचपन में परिवार पर हुए हमले में मां, दादी और चाची को खो चुकी थीं। पिता लंबे समय कोमा में रहे। मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। आज वे 50 से अधिक सरकारी स्कूलों और 62 आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़कर टॉयलेट-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की शिक्षा व महिलाओं के रोजगार के लिए काम कर रही हैं। अभिनेत्री शिल्पा शेट्‌टी भी उनके कामों की सराहना कर चुकी हैं। महिला दिवस पर पढ़िए उनके संघर्ष और सफलता की कहानी… ऊषा की जिंदगी में संघर्ष बहुत छोटी उम्र से शुरू हो गया था। 1993 में उनके दादा की हत्या हो गई थी। गांव में एक विवाद हो गया था। इसके बाद गांव के ही एक आदमी ने उषा के दादा की हत्या कर दी थी। यह घाव अभी भरा भी नहीं था कि 1995 में एक और दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर में घुसकर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनकी मां, दादी और चाची की मौत हो गई। पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता की जान तो बच गई, लेकिन वो कोमा में चले गए। लंबे समय तक उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा। उस समय उषा सिर्फ 7 साल की थीं। घर में सगे-चचेरे भाई-बहनों को मिलाकर कुल 7 बच्चे थे। एक ही छत के नीचे रहते थे। अचानक सबके सिर से मां का साया उठ गया। परिवार के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। बुआ बनीं सहारा, ऊषा ने की MBAऊषा बताती हैं- इतनी बड़ी त्रासदी के बाद बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उनकी बुआ ने उठाई। उन्होंने न सिर्फ बच्चों को सहारा दिया बल्कि उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत भी दी। बुआ की शादी उत्तर प्रदेश के गांव में हो गई थी। बच्चों की परवरिश के लिए बुआ लंबे समय तक भरतपुर ही रहीं। जब बच्चे कुछ बड़े हो गए उसके बाद ही वह वापस अपने ससुराल गईं। ऊषा कहती हैं कि उस समय आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की चुनौतियां थीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को घर में ही रहना पड़ता था। स्कूलिंग घर से ही हुई थी। कठिन हालातों के बावजूद ऊषा ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। एमबीए (MBA) और एमएसडब्ल्यू (MSW) किया। इसके बाद उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए सोशल वर्क में पीएचडी शुरू की। उनका मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, समाज में बदलाव लाने का सबसे मजबूत रास्ता है। 2010 से बच्चों की शिक्षा के लिए कामऊषा ने साल 2010 से इस दिशा में सक्रिय रूप से काम शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर साफ पानी नहीं होता। शौचालयों की स्थिति खराब होती है। इन समस्याओं का सबसे ज्यादा असर लड़कियों की पढ़ाई पर पड़ता है। कई बार छात्राएं स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। इसी को देखते हुए ऊषा ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल की। आज ऊषा 50 से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही हैं। इसके साथ ही वह 62 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी जुड़ी हुई हैं। वह स्कूलों में टॉयलेट और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बेहतर करवाने के लिए स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संस्थाओं के साथ मिलकर काम करती हैं। ऊषा का कहना है कि बच्चों को पढ़ने के लिए सुरक्षित और साफ वातावरण मिलेगा, तभी वे अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहलबच्चों के साथ काम करने के अलावा ऊषा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। ग्रामीण और दिव्यांग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने मावली कॉउचर नाम की संस्था की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिलाओं को सिलाई और अन्य कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके अलावा अपने सामाजिक कार्यों को संगठित रूप देने के लिए ऊषा ने दरख्त छांव फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। इसके जरिए सैकड़ों बच्चों और महिलाओं तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। शिल्पा शेट्टी ने भी सराहा ऊषा का कामऊषा सोलंकी के काम की सराहना अब देशभर में होने लगी है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी उनकी मदद की। ऊषा बताती हैं कि एक दिन अचानक उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऊषा के काम का वीडियो देखा है और उनके प्रयासों से काफी प्रभावित हैं। ऊषा के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि यह कॉल सच में शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से है। बाद में फाउंडेशन की ओर से उनसे विस्तार से बातचीत की गई और उनके काम की जानकारी ली गई। इसके बाद शिल्पा शेट्टी की ओर से ऊषा के कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया गया, ताकि वह बच्चों और महिलाओं के लिए चल रहे अपने प्रयासों को और आगे बढ़ा सकें। ऊषा कहती हैं कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ मदद नहीं, बल्कि उनके काम की बड़ी सराहना और प्रेरणा भी है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 10:22 am

महेंद्रगढ़ के खेड़ी में खुलेगा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज:स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से मिली मंजूरी; युवाओं को मिलेगी तकनीकी शिक्षा

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा क्षेत्र के कनीना ब्लॉक के गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से मिली है। कॉलेज के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। गांव खेड़ी में बनने वाला यह पॉलिटेक्निक कॉलेज आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। कॉलेज के शुरू होने से युवाओं को घर के पास ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल शिक्षा सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। महंगी फीस और लंबी दूरी से मिलेगी राहत ग्रामीणों के अनुसार, अब तक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों में महंगी फीस देनी पड़ती थी या फिर लंबी दूरी तय करके शहरों में जाना पड़ता था। इससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से विद्यार्थियों को इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और अधिक युवा तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होंगे। ग्रामीणों ने मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मंत्री के प्रयासों से अटेली क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है और शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा स्थानीय लोगों ने विश्वास जताया है कि गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निर्णय अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 9:28 am

प्राथमिक विद्यालय कठौता निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप:ग्रामीणों ने डीएम और बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग की

ज्ञानपुर विकासखंड के कठौता स्थित प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों के रखरखाव के लिए बजट जारी किया था, जिसके तहत इस प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए 13 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं किया गया है। ग्रामीण विकास कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि भवन निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया है और सीमेंट-बालू का मिश्रण भी सही नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो निर्माण कार्य में बड़े घोटाले का खुलासा होगा और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि इससे भविष्य में ठेकेदार ऐसी गलतियां करने से बचेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच कराई जाएगी और यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 9:24 am

वाराणसी की शिक्षा की UPSC में 453वीं रैंक:बोलीं- मां के सपनों को पूरा करने के लिए दिया एग्जाम, एजुकेशन सेक्टर में करना है काम

‘बचपन से ही मां ने एक चीज दिल में डाली थी की अधिकारी बनना है। UPSC क्रेक करना है, तो उसी समय से दिल में इस बात को ठाना था कि मां का सपना पूरा करना है। बस इसी के साथ तैयारी शुरू की। उस समय इंटर में थी और कोरोना काल था। ' 'लाॅकडाउन में मैंने UPSC की तैयारी शुरू की पर पहले अटेम्प्ट में नहीं हुआ तो सोचा की शायद हमारे लिए यह परीक्षा नहीं बनी पर दूसरे अटेम्प्ट में भी नहीं हुआ लेकिन तीसरे मुझे 453वीं रैंक मिली है। अब लगता है मां का सपना पूरा कर सकी।’ ये कहना है वाराणसी के महेशपुर के रहने वाले रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक की तीन बेटियों और एक बेटे में में सबसे छोटी बेटी शिक्षा पाठक का; शिक्षा ने UPSC परीक्षा में हाल ही में आये रिजल्ट में 453वीं रैंक हासिल कर दो जिलों का नाम रौशन किया है। साल 2009 से वाराणसी में रह रहे रिटयर्ड सब इन्स्पेक्टर अरुण पाठक मूल रूप से बलिया के दोआबा क्षेत्र के रहने वाले हैं। लेकिन बेटी ने वाराणसी से ही परीक्षा दी थी। ऐसे में इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दैनिक भास्कर ने वाराणसी की होनहार और मेधावी शिक्षा पाठक से उनकी UPSC की तैयारियों और उनकी सफलता को जाना; साथ ही उनकी मां और बहनों से भी बात किया। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए UPSC में 453वीं रैंक लाने वाली शिक्षा पाठक से उनकी सफलता की कहानी… वाराणसी के मंडुआडीह थानाक्षेत्र के महेशपुर में साल 2009 में घर बनवाने वाले यूपी पुलिस से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक और उनकी पत्नी शीला पाठक के चार बच्चे हैं। एक बेटे और तीन बेटियां जिसमें शिक्षा पाठक सबसे छोटी हैं। महेशपुर स्थित अरुण पाठक के मकान जब हम पहुंचे तो वो हमारा इंतजार ही कर रहे थे। दरवाजे पर मिले और कहा - आइये आप का ही इंतजार था। आज दोपहर में सोया भी नहीं की आप लोग आ रहे हैं। घर के अंदर खुशी का माहौल था। टेबल पर मिठाइयां और उनके डिब्बे रखे थे। शिक्षा की मां और बहनों के चेहरे से खुशी झलक रही थी। पर शिक्षा के मन में अभी भी एक द्वन्द चल रहा था। हमने शिक्षा और उसकी मां और बहन से बात की और शिक्षा की सफलता की कहानी जानी। लॉकडाउन से घर में शुरू की पढ़ाई शिक्षा पाठक पहले तो संकुचाई पर फिर एक अधिकारी की तरह सभी सवालों के जवाब दिए। शिक्षा ने बताया - मम्मी का सपना था जिसे आअज मैंने पूरा किया है। मम्मी स्कूल टाइम से ही कहती थी की बेटा आप को यूपीएससी क्रेक करना है। पहले उनकी बातों को कभी सीरियस नहीं लिया। बात उस वक्त की है जब कोरोना काल आया और मै इंटर सेकेंड ईयर में थी। लॉकडाउन में मैंने UPSC की पढ़ाई घर में ही शुरू कर दी। तीसरे अटेम्प्ट में मिली रैंक शिक्षा ने बताया - पहली बार जब मैंने UPSC परीक्षा दी थी। उस वक्त मेरी उम्र काफी कम थी। मैंने साल 2023 में UPSC का दिया पर प्रीलिम्स नहीं निकला। उसके बाद 2024 में फिर दिया तब 13 नंबर से रुक गया। इसके बाद साल 2025 में तीसरे अटेम्प्ट में मुझे 453वीं रैंक मिली है और अब मुझे लगता है कि मां के सपने को पूरा कर पाई हूं। सेल्फ स्टडी से हासिल किया मुकाम शिक्षा ने बताया - मैंने यह तय किया था कि हम दिल्ली जाकर तैयारी न करके सेल्फ स्टडी से ही पढ़ाई करेंगे। इसके बाद UPSC का एग्जाम देंगे। हमने अपनी फाउंडेशन सेल्फ स्टडी से करनी थी। इसलिए हमने लॉकडाउन में ही पढ़ाई स्टार्ट कर दी थी। क्योंकि उस वक्त हमारे पास काफी समय था। तो हमने उसी समय शुरू कर दिया क्योंकि कॉलेज भी ऑफलाइन नहीं बल्कि ऑनलाइन थे। एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट फिल्ड में करना चाहती है काम शिक्षा पाठक ने बताया - एग्जाम क्रेक करने के बाद थोड़ा रिलीफ लग रहा है। हम आगे अपनी रैंक बेहतर करने के लिए फिर पढ़ाई करेंगे। लेकिन अगर इस रैंक से हमें कोई पद मिलता है तो हम एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट पर कार्य करना चाहेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और बहनों को दिया। पहली बार के बाद छोड़ दिया था मन शिक्षा ने बताया - मैंने UPSC के लिए इलिजिबल होने के पहले से पढ़ाई शुरू कर दी। पहले अटेम्प्ट में जब नहीं हुआ तो मुझे लगा कि शायद ये पढ़ाई हम लोगों के लिए नहीं बनी है। पर मेरी मां और भाई-बहनों ने सपोर्ट किया। इसके बाद सेकेंड अटेम्प्ट में जब करीब पहुंची तो विश्वास आया और आज उसका परिणाम सामने है। घर का हमेशा मिला सहयोग, भतीजा-भतीजी खास शिक्षा ने बताया - पढ़ाई के दौरान कई बार स्ट्रेस भी आया पर मेरे भतीजे और भतीजी ने वो स्ट्रेस छूमंतर कर दिया। इसके आलावा मेरी मां, भाई और दोनों बहनों ने हर समय मेरा सपोर्ट किया और मुझे भरोसा दिलाया कि मै पास हो जाऊंगी जिसके दम पर मै आगे बढ़ गई। सेल्फ स्टडी पर ज्यादा करें फोकस UPSC के थर्ड अटेम्प्ट में क्रेक करने वाली शिक्षा ने तैयारी कर रहे लोगों को टिप्स देते हुए कहा - लोगों को जो अभी भी तैयारी कर रहे हैं। वो कन्सेंसटेन्सी बनाए रखें। वो काफी ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा सेल्फ स्टडी मस्ट है। बिना उसके आगे बढ़ पाना संभव नहीं है। अब जानिए शिक्षा की मां और बड़ी बहन ने क्या बताया? मोहल्ले और समाज को क्या दिया जवाब?… परिवार और समाज का मुंह किया बंद बेटी की सफलता से सबसे अधिक उनकी मां शीला पाठक खुश दिखीं। शिला ने कहा - आज मेरी बेटी ने UPSC क्रेक करके परिवार और समाज के उन लोगों का मुंह बंद कर दिया जो लोग कहते थे कि खाना बनाना सिखाओ। बेटियां खाना नहीं बनाएंगी तो परिवार कैसे चलाएंगी पर आज शिक्षा ने मेरा सपना पूरा कर दिया है। उसने अपनी रैंक से परिवार और समाज का मुंह बंद कर दिया है। कभी नहीं कहा खाना बनाओ शीला ने बताया- मेरी तीन बेटियां हैं; रौशनी, दीक्षा और शिक्षा। रौशनी बीएचयू से पीएचडी कर रही। इसके अलावा दीक्षा और शिक्षा UPSC की तैयारी कर रही हैं। लेकिन कभी आज तक मैंने अपनी बेटियों को खाना बनाने के लिए नहीं कहा। सब मैं करती हूं। लड़कियां सिर्फ चाय बना लेती हैं। जब खाना बनाने की आवश्यकता होगी तो वो भी सीख लेंगी और अफसर बन गयी तो उसकी भी कोई जरूरत नहीं। जहां जाएंगी वहां उन्हें खाना बनाने वाले भी मिलेंगे। किताबों से है दोस्ती और प्यार शिक्षा की बड़ी बहन दीक्षा ने बताया - शिक्षा बचपन से ही बहुत मेहनती रही है। कभी उसने स्कूल या बाहर कोई दोस्त नहीं बनाया। स्कूल या कालेज में भी खाली समय में लाइब्रेरी में ही गुजारा और कह सकते हैं कि किताबों से ही उसे दोस्ती और प्यार है। आज पूरा परिवार बहुत खुश है। और ये सिर्फ उसकी वजह से है तो वो डिजर्व करती है हर चीज।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 6:39 am

उच्च शिक्षा में बेटियों का दबदबा:डीएसपीएमयू के लैंग्वेज विषयों में 85% तक पहुंची हिस्सेदारी, अन्य स्ट्रीम में भी आगे

रांची | उच्च शिक्षण संस्थानों में बेटियों की मौजूदगी अब अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य होती जा रही है। रांची स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) के पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों के नामांकन के आंकड़े इस बदलती तस्वीर को स्पष्ट रूप से सामने रखते हैं। विश्वविद्यालय में कई ऐसे विषय हैं, जहां छात्राओं की भागीदारी 70-85% तक पहुंच चुकी है। स्नातकोत्तर स्तर पर छात्राओं की उपस्थिति और अधिक सशक्त दिखाई देती है। हिंदी, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान जैसे विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारी 70 से 85% के बीच दर्ज की गई है। ये आंकड़े बताते हैं कि बेटियां अब न केवल उच्च शिक्षा में बड़ी संख्या में दाखिला ले रही हैं, बल्कि विभिन्न विषयों में मजबूत भागीदारी भी दर्ज करा रही हैं। स्नातक के तीन शैक्षणिक सत्र 2023-27, 2024-28 और 2025-29 के नामांकन के आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि विश्वविद्यालय के कई विषयों में छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। खासतौर पर भाषा से जुड़े विषयों में छात्राओं का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। आंकड़ों के अनुसार हिंदी विषय में सबसे अधिक छात्राएं नामांकित हैं, जहां औसतन 72.4 प्रतिशत नामांकन छात्राओं का है। वहीं अंग्रेजी में यह आंकड़ा 70.9 प्रतिशत और उर्दू में 64.7 प्रतिशत दर्ज किया गया है। ये आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भाषा विषयों के प्रति छात्राओं की रुचि लगातार मजबूत बनी हुई है। यूजी में छात्राओं की भागीदारीहिंदी – 72.4%अंग्रेजी – 70.9%उर्दू – 64.7%इतिहास – 61.4%मनोविज्ञान – 54.9%समाजशास्त्र – 53.8% पीजी के पांच विषयों में छात्राओं की हिस्सेदारीहिंदी – 83.7%मनोविज्ञान – 75.8%समाजशास्त्र – 69.1%अंग्रेजी – 67.5%कॉमर्स – 66.5% इतिहास में छात्राएं सर्वाधिकइतिहास – 61.4%समाजशास्त्र – 53.8%मनोविज्ञान – 54.9% सोशल साइंस में मजबूत उपस्थितिइतिहास, समाजशास्त्र और मनोविज्ञान समेत सोशल साइंस के अन्य विषयों में भी छात्राओं की भागीदारी छात्रों से अधिक है। मनोविज्ञान में पिछले तीन वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। 2023-27 सत्र में जहां छात्राओं की हिस्सेदारी 49.5% थी, वहीं 2025-29 सत्र में यह बढ़कर 62.1% हो गई। कॉमर्स विषय में भी बढ़ रही छात्राओं की भागीदारीकॉमर्स विषय विश्वविद्यालय के सबसे बड़े विषयों में से एक है। तीन सत्रों का औसत देखें तो कॉमर्स में छात्राओं की भागीदारी 48.2% है। यहां भी छात्राओं की उपस्थिति काफी बढ़ी है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 5:07 am

राष्ट्रपति से सम्मानित शिक्षिकाएं अपनी शिक्षा से रच रही इतिहास

बोकारो | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन महिलाओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने कार्य और समर्पण से समाज को नई दिशा दी है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत ऐसी ही तीन प्रेरक शिक्षिकाएं डॉ. हेमलता एस मोहन, डॉ. निरुपमा कुमारी और आशा रानी हैं, जिन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षिकाओं ने शिक्षा के प्रति समर्पण, निरंतर शोध और समाज के प्रति जिम्मेदारी ने उन्हें न केवल सम्मान दिलाया है, बल्कि वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी बनी हैं। महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुई डॉ. निरुपमा डॉ. निरुपमा कुमारी हिंदी विषय की अनुभवी शिक्षिका है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। लगभग 18 वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ उन्होंने पाठ्यक्रम विकास, पाठ्यपुस्तक लेखन और शैक्षणिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीआरटी) के साथ मिलकर विभिन्न पुस्तकों, प्रश्न बैंकों और शिक्षक पुस्तिकाओं के निर्माण में योगदान दिया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त करने वाली डॉ. निरुपमा शिक्षा में नवाचार और शोध आधारित शिक्षण की पक्षधर हैं। पूर्व राष्ट्रपति के हाथों डॉ. हेमलता एस. मोहन को मिला है सम्मान डीपीएस बोकारो की पूर्व प्राचार्या सह डीपीएस चास की चीफ मेंटर डॉ. हेमलता एस. मोहन शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में गिनी जाती हैं। वर्ष 2004 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि 2002 में तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने उन्हें सीबीएसई टीचर अवार्ड प्रदान किया। वह 2010 से 2013 तक झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं। शिक्षा को संस्कृति से जोड़ने की उनकी सोच और ‘जॉय ऑफ गिविंग’ जैसी अवधारणा से सकारात्मक संदेश दिया। संस्कृत विषय को रोचक व प्रभावी बना रही शिक्षिका डॉ. आशा रानी संस्कृत विषय की शिक्षिका डॉ. आशा रानी ने अपने अभिनव शिक्षण कार्यों और शोध गतिविधियों से शिक्षा जगत में विशेष पहचान बनाई है। उन्हें वर्ष 2024 में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्कृत शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने कई नवाचारी प्रयोग किए तथा विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें, प्रश्न बैंक और मॉड्यूल तैयार किए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर और संसाधन व्यक्ति के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। उनके प्रयासों ने संस्कृत को नई ऊर्जा दी है। हजारों महिलाओं को साक्षर कर चुकी हैं दांतू कसमार की मालती कसमार के दांतू गांव निवासी विवेकानंद नायक की प|ी मालती ने वर्ष 2000 में सामाजिक क्षेत्र में उन दिनों कदम रखा, जब बोकारो के तत्कालीन डीसी विमल कीर्ति सिंह के नेतृत्व में साक्षरता अभियान ने जोर पकड़ा था। महिला नेतृत्व के बिना इस अभियान को सफल बनाना संभव नहीं था। इसी परिस्थिति में मालती नायक अपने पति की प्रेरणा से घर की देहरी लांघकर बाहर निकली और साक्षरता अभियान से जुड़कर महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। मालती ने अभियान को सफल बनाने के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया और प्रखंड की हजारों महिलाओं को साक्षर बनाया।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 4:00 am

नारी को सम्मान और शिक्षा मिले बिना समाज प्रगति नहीं कर सकता : अनीता भदेल

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी अजमेर। भारतीय समाज की जड़ें सनातन संस्कृति में निहित हैं और इस संस्कृति का मूल आधार वेद हैं। महर्षि दयानंद सरस्वती ने उस समय नारी शिक्षा और अधिकारों की बात की, जब महिलाओं को शिक्षा से वंचित किया जा रहा था। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जिस समाज की आधी […] The post नारी को सम्मान और शिक्षा मिले बिना समाज प्रगति नहीं कर सकता : अनीता भदेल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 7 Mar 2026 9:14 pm

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जयपुर पहुंचे विनोद:बोले- बेरोजगारी, शिक्षा और ड्रग्स जैसे मुद्दों पर देशभर में करेंगे आंदोलन

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद विनोद जाखड़ शनिवार को जयपुर पहुंचे। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों और छात्र नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से उनका काफिला रैली के रूप में राजस्थान यूनिवर्सिटी तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत रैली के दौरान राजस्थान यूनिवर्सिटी में उनके पूर्व प्रतिद्वंदी रहे रणवीर सिंघानिया भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी बड़ी संख्या में छात्रों के साथ जाखड़ का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने मिलकर राजस्थान में NSUI को और मजबूत बनाने की बात कही। इस दौरान दैनिक भास्कर से बातचीत में जाखड़ ने कहा कि देश और प्रदेश में कई ऐसी समस्याएं हैं, जिन पर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन इस पर गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती ड्रग्स की लत भी चिंता का विषय है, जिससे उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार कमजोर होता जा रहा है। शिक्षा का बजट कम किए जाने के कारण देशभर के विश्वविद्यालयों की स्थिति बिगड़ रही है। जाखड़ ने कहा- ये सभी मुद्दे NSUI की प्राथमिकता में हैं और संगठन देशभर में जाकर छात्रों की समस्याओं को उठाएगा तथा आंदोलन के माध्यम से न्याय दिलाने का प्रयास करेगा। जाखड़ ने अपने छात्र राजनीति के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे खुद छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव लड़कर अध्यक्ष बने थे। उनके अनुसार छात्रसंघ चुनाव छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे कैंपस में लोकतांत्रिक माहौल बनता है। छात्रों की समस्याओं को उठाने का मंच मिलता है। उन्होंने कर्नाटक सरकार का जिक्र करते हुए कहा- वहां कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जो स्वागत योग्य कदम है। वहीं, राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर NSUI लगातार आंदोलन कर रही है। जाखड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उससे पीछे हट गई। जाखड़ ने कहा कि वे राजस्थान यूनिवर्सिटी से प्रदेश के युवाओं को संदेश देना चाहते हैं कि छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए वे संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर आंदोलन करेंगे और छात्रसंघ चुनाव करवाकर ही दम लेंगे। उनका मानना है कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीति के लिए ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि कैंपस के माहौल और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए भी अहम है। राजस्थान में नए NSUI प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर जाखड़ ने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष करेगा और आम छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएगा, उसे संगठन में आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस के सभी नेता सम्मानित है। फिलहाल संगठन एक नेता के नेतृत्व में काम कर रहा है और वह हैं राहुल गांधी। जाखड़ ने कहा- राहुल गांधी देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। संविधान तथा संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा- देश के युवा भी उनके विचारों और रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 8:04 pm

महिला दिवस पर विशेष: डोंबिवली की सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक श्रीमती अपर्णा सतीश पुराणिक निःशुल्क संस्कृत शिक्षा से समाज को कर रहीं सशक्त

डोंबिवली, ठाणे जिले की सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक श्रीमती अपर्णा सतीश पुराणिक अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रेरणा का प्रतीक बनकर उभरी हैं। जलगांव के चाळीसगांव में जन्मी पुराणिक ने पंजाब नेशनल बैंक में 38 वर्षों तक सेवा के बाद अब ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से समाज को निःशुल्क संस्कृत शिक्षा देकर सांस्कृतिक जागरूकता का संदेश दे रही हैं।

प्रातःकाल 7 Mar 2026 7:08 pm

चंदौसी में शिक्षामंत्री आवास पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन:कोरोना काल के बकाया वेतन, एरियर भुगतान की मांग

संभल में सफाई कर्मचारियों ने कोरोना काल के बकाया वेतन, बोनस, वर्दी और एरियर समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी स्थित आवास पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सफाई कर्मचारी संघ के सदस्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी कोतवाली स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कोरोना महामारी के दौरान किए गए काम के लिए बकाया वेतन, बोनस और अन्य सुविधाओं का भुगतान न होने का जिक्र था। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की साफ-सफाई का काम किया, लेकिन उन्हें उस अवधि का बकाया भुगतान नहीं मिला। उन्होंने पालिका प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मंत्री गुलाब देवी ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में पालिका प्रशासन से बात कर उचित मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगी। इस आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारी शांतिपूर्वक लौट गए। सफाई कर्मचारी संघ यूनियन ट्रेड कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नंदू वाल्मीकि ने बताया कि कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों को अभी तक बकाया भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में संविदा कर्मचारियों से एरियर भुगतान के लिए एफिडेविट नहीं लिया जाता, लेकिन यहां ऐसा किया जा रहा है। अखिल भारतीय मजदूर सभा कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने भी इस बात पर जोर दिया कि संविदा कर्मचारियों को बिना एफिडेविट के एरियर मिलना चाहिए, जैसा कि पूरे उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों को वर्दी भी नहीं मिल रही है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 6:40 pm

भामाशाह रमेश चंद गुप्ता के ट्रस्ट ने राजकीय बालिका विद्यालय को दान में दिया कंप्यूटर, शिक्षा कार्यों में मिलेगी राहत

भुसावर के गांव छौंकरवाडा कलां स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को भामाशाह रमेश चंद गुप्ता के ट्रस्ट ऋषि किरण लॉजिस्टिक प्राइवेट लिमिटेड द्वारा करीब 47 हजार रुपए की लागत से एक कंप्यूटर दान किया गया। कंप्यूटर के अभाव में ऑनलाइन शिक्षा कार्यों में आ रही परेशानी को देखते हुए यह सहयोग दिया गया, जिससे विद्यालय के शैक्षणिक कार्यों को नई सुविधा मिलेगी।

प्रातःकाल 7 Mar 2026 6:02 pm

ब्लॉक स्तरीय निशुल्क साइकिल वितरण समारोह में शिक्षा के लिए 977 बालिकाओं का सशक्तीकरण

झाड़ोल के मगवास में ब्लॉक स्तरीय निशुल्क साइकिल वितरण समारोह आयोजित हुआ, जिसमें 977 कक्षा 9 की बालिकाओं को शिक्षा सशक्तिकरण के लिए साइकिल प्रदान की गई। केबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी और स्थानीय नेताओं ने बालिकाओं को उच्च शिक्षा प्राप्ति के लिए प्रेरित किया

प्रातःकाल 7 Mar 2026 4:47 pm

मोदी बोले- कोटा शिक्षा का ही नहीं,ऊर्जा का भी केंद्र:CM ने कहा- एयर कनेक्टिविटी होने पर कोटा की गरम कचोरी दिल्ली पहुंचेगी

CM भजनलाल ने कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। CM भजनलाल शर्मा ने कहा- कोटा की गरमा-गरम कचोरी बिरला जी (लोकसभा स्पीकर ओम बिरला) तक पहुंचेगी। क्योंकि जब एयर कनेक्टिविटी हो जाएगी तो आप कहेंगे, जाइए गरमा-गरम बनवाकर लाइए, यह काम भी हो जाएगा सीएम ने आगे कहा- एयर कनेक्टिविटी होने से कोटा की कचोरी दिल्ली में गरमा-गरम पहुंचेगी। आने वाले समय में कोटा उद्योग का हब बनने वाला है। एयरपोर्ट के साथ यहां उद्योग भी बढ़ेंगे। कोटा के शंभूपुरा में कार्यक्रम में PM नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश सुनाया गया। पीएम मोदी ने कहा- आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए नई आशा और एक नई उपलब्धि का दिन है। कोटा शिक्षा का ही नहीं, ऊर्जा का भी केंद्र है। कार्यक्रम में नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए भूमि पूजन भी किया। कार्यक्रम में किसने क्या कहा, 4 बड़े बयान 1. राजस्थान किस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है? वीडियो संदेश में PM मोदी ने कहा- पिछले हफ्ते मुझे राजस्थान आने का मौका मिला। अजमेर की पवित्र धरती से मैंने राजस्थान के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया। आज मुझे कोटा से जुड़े एक जरूरी प्रोजेक्ट को लॉन्च करने का मौका मिला है। एक ही हफ्ते में राजस्थान में 2 बड़े डेवलपमेंट प्रोग्राम का होना दिखाता है कि राजस्थान किस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 2. पीएम ने जो वादा किया था, उसको पूरा किया लोकसभा स्पीकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की मांग थी। इसे लेकर लंबे समय तक अलग-अलग सरकारों में प्रयास हुए। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा की धरती पर 2023 में जो वादा किया था, उसे पूरा किया। 3. हर 45 दिन में प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट खोलने का काम किया केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा- साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। तब देश में 74 एयरपोर्ट थे, जो पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 74 से बढ़कर 167 हो गए, मतलब दोगुनी से भी ज्यादा। इसका मैंने दूसरी तरीके से कैलकुलेशन किया। कैलकुलेशन के मुताबिक, हर 45 दिन में देश के प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट खोलने का काम किया है 4.सरकार मगरमच्छों की तरफ भी धीरे-धीरे बढ़ रही सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- पहले पेपर चोरी और लीक होते थे, जिससे युवाओं और उनके परिवारों के सपने टूट जाते थे। हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया गया है। कांग्रेस राज में अपनों को नौकरियां मिल जाती थीं, जिसके चलते 400 से ज्यादा लोग जेल की सलाखों में हैं। हमारी सरकार मगरमच्छों की तरफ भी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिनमें से कुछ को पकड़ लिया गया है और कुछ आने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा मगरमच्छ हो, उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 2:34 pm

कोरपना में शिक्षा को नई दिशा: जि.प. शाळा कोडशी(खु) में माजी विद्यार्थी संघ का गठन

कोरपना तालुका की जि.प. उच्च प्राथमिक शाळा कोडशी(खु) में मुख्याध्यापक कैलाश मस्के की अध्यक्षता में माजी विद्यार्थियों का संघ गठित, विभिन्न पदाधिकारियों का चयन किया गया।

प्रातःकाल 7 Mar 2026 1:07 pm

शिक्षा का अधिकार के तहत ऑनलाइन आवेदन 31 तक

भास्कर न्यूज | बिलाईगढ़ छत्तीसगढ़ के सभी गैर अनुदान प्राप्त और गैर अल्पसंख्यक प्राइवेट स्कूलों के प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीट दुर्बल और असुविधाग्रस्त परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित होता है। जरूरतमंद और पात्र छात्रों को नर्सरी से क्लास - बारहवीं तक नि:शुल्क शिक्षा दिया जाता है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च 2026 तक जमा किये जा सकते है, जिसका वेबसाईट आरटीई डॉट सीजी डॉट एन आई सी डॉट इन https://rte.cg.nic.i n/ है। इस अधिनियम के तहत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे किसी भी प्राइवेट स्कूल के प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश ले सकते है। आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने के लिए पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड, जाति, निवास जैसे कई दस्तावेज पालक की होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि भारतीय संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था तथा 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ। छत्तीसगढ़ मे आरटीई 12(1)(सी) योजना का लाभ सत्र 2010-11 से दिया जा रहा है। पूर्व मे अधिनियम का लाभ कक्षा – आठवीं तक ही दिया जाता था, परन्तु अब इसमे (छ. ग. राज्य स्तर पर) संसोधन कर सत्र 2019 मे इसकी मान्यता बढ़ाकर क्लास – बारहवीं तक कर दी गयी है। अब तक छत्तीसगढ़ मे लगभग 2.9 लाख छात्र इस योजना का लाभ ले रहे है। इसका मुख्य उदेश्य समाज मे सभी वर्ग के लोगो के मध्य सामाजिक समावेशन अर्थात सामाजिक समानता लाना, और सभी समूहों को मूल्यवान और महत्वपूर्ण महसूस करना है, ताकि पूरा लाभ मिले।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 4:29 am

शिक्षा भविष्य की नींव, यह चरित्र निर्माण, आत्म निर्माण सिखाती है'

अमृतसर | सरकारी मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स को स्टेशनरी का सामान वितरण किया। यह सामान रोटरी क्लब ईको के प्रधान हरबीर सिंह की अध्यक्षता बांटा गया। रोटरी इंटरनेशनल के साक्षरता मिशन के तहत क्लब की ओर से अजनाला के भोईवाल सरकारी स्कूल में सभी स्टूडेंट्स को पढ़ाई का सामान समेत अन्य सामान भी उपलब्ध करवाया गया। प्रधान हरबीर ने कहा कि शिक्षा भविष्य की नींव है, यह चरित्र निर्माण तथा आत्म निर्माण सिखाती है। शिक्षा एक महत्वपूर्ण साधन है जो ज्ञान और कौशल की जानकारी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कोई छीन नहीं सकता और न कोई चोरी कर सकता है। इसलिए शिक्षा को जितना अपने दिमाग में भरोगे उतना ही ज्ञान वर्धक बनोंगे। इस मौके पर क्लब सचिव पुनीत नागपाल ने स्टूडेंट्स को प्रेरित करते कहा कि शिक्षक बनोगे तो तुम दुनिया बदल सकोंगे। एक शिक्षित व्यक्ति कई लोगों को सिखा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 4:00 am

नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से, बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन के लिए चलेगा प्रवेशोत्सव अभियान

प्रदेश में आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-2027 की शुरुआत 1 अप्रैल से होने जा रही है। इसको लेकर शिक्षा विभाग पूरी तरह सक्रिय है। इसके लिए सत्र की शुरुआात में ही प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में 3 से 18 वर्ष तक के बच्चों को शत-प्रतिशत नामांकित करने के उद्देश्य से प्रवेशोत्सव अभियान चलाया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार, प्रवेशोत्सव को सफल बनाने के लिए हाउसहोल्ड सर्वे किया जाएगा। इसको चार विशेष चरणों में पूरा करने की योजना बनाई है, जो 27 मार्च, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल और 15 अप्रैल को किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य 3 से 18 वर्ष के उन सभी बालक-बालिकाओं को स्कूल से जोड़ना है, जो अभी तक शिक्षा की मुख्यधारा से बाहर हैं। इसकी जिम्मेदारी विभाग ने समस्त जिला शिक्षा अधिकारियों को दी है। उन्हें इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पीईईओ और यूसीईईओ को अपने क्षेत्रों में सर्वे की निगरानी करने और शैक्षिक स्टाफ को सर्वे कार्य में तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे कार्य की सटीक जानकारी के लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी किया गया है, जिसे भरकर डेटा अपडेट करना अनिवार्य होगा। जिला माध्यमिक शिक्षा अधिकारी डॉ. लोकेश भारती का कहना है कि शिक्षा विभाग का मुख्य फोकस स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने और प्रवेश प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 4:00 am

जिला प्रोबेशन अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप:डीएम ने जांच समिति बनाई, शिक्षामंत्री बोलीं- योगी सरकार में भ्रष्टाचारी बख्शे नहीं जाएंगे

उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' योजना और निराश्रित विधवाओं के पुनर्वास से जुड़ी योजनाओं में संभल के जिला प्रोबेशन कार्यालय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई है। आरोप है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी चंद्रभूषण द्वारा योजनाओं के बजट में धांधली की गई और वित्तीय तथा स्टॉक रजिस्टर को फर्जी तरीके से भरा गया। साथ ही लाखों रुपये के फर्जी बिल बनाकर सरकारी धन के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश देते हुए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में डिप्टी कलेक्ट्रेट नीतू रानी को अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि दो अन्य अधिकारियों को सदस्य नामित किया गया है, जिनके नाम मुनीश्वर प्रकाश, सहायक कोषाधिकारी, संभल एवं योगेंद्र सिंह, लेखाधिकारी, कार्यालय, जिला विकास अधिकारी, संभल है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह मामले की विस्तृत जांच कर 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे। प्रशासन को विभिन्न योजनाओं से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिनमें फर्जी बिलों के जरिए लाखों रुपये के खर्च दर्शाने और अभिलेखों में गड़बड़ी के आरोप शामिल थे। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह जांच कमेटी गठित की गई है। माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री गुलाब देवी ने भी इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। यदि किसी भी योजना, चाहे वह 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' हो या निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास से जुड़ी व्यवस्था, में भ्रष्टाचार पाया जाता है तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जिलाधिकारी की जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी। अब पूरे मामले की निगाहें जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं, जिससे यह साफ हो सकेगा कि सरकारी योजनाओं के बजट में कितनी बड़ी अनियमितता हुई है और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 10:01 pm

महिला दिवस से पहले महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने अभियान शुरू:किरण बेदी और अरुणिमा सिन्हा करेंगी बातचीत, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार पर होगी चर्चा

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से पहले महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए #तरक्कीकीतैयारी नाम से एक महीने का विशेष अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान ओडिशा और छत्तीसगढ़ में एक महीने तक चलेगा। इसमें विशेषज्ञों के कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिविर और समुदाय से जुड़ी कई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान किरण बेदी और अरुणिमा सिन्हा जैसे रोल मॉडल्स से बातचीत भी होगी। स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार पर चर्चा होगी इन कार्यक्रमों में महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। साथ ही सम्मान समारोह और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आसपास के गांवों में भी स्वास्थ्य शिविर और सामुदायिक कार्यक्रमों के जरिए महिलाओं को जोड़ा जाएगा। कार्यस्थलों पर महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर धातु और खनन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी अभी भी कम है। ऐसे में कार्यस्थलों पर महिलाओं को ज्यादा अवसर देने और नेतृत्व में उनकी भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। कई जगहों पर महिलाओं को तकनीकी और संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियां भी दी जा रही हैं। यह अभियान वेदांता एल्युमीनियम द्वारा शुरू किया गया है, जिसके तहत कार्यस्थलों के साथ-साथ आसपास के समुदायों में भी महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यक्रम पूरे महीने आयोजित किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस यानी 8 मार्च को महिलाओं की उपलब्धियों और उनकी भूमिका को दिखाने वाली एक विशेष फिल्म भी जारी की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 8:54 pm

हरियाणा के स्कूलों में नया नियम:पहली कक्षा में 6 साल के बच्चों का होगा दाखिला, विद्यालय शिक्षा निदेशालय के आदेश जारी

हरियाणा में पहली कक्षा में दाखिले के लिए अब बच्चे की उम्र कम से कम 6 वर्ष होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत यह बदलाव किया गया है। जिसके लिए आदेश जारी हो गए है। 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में यह नियम लागू होगा। इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए न्यूनतम आयु सीमा साढ़े 5 साल की गई थी। हालांकि नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए प्रतिवर्ष 6 माह की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां 5 साल के बच्चे का पहली कक्षा में दाखिला होता था, वहीं अब 6 साल के बच्चे का पहली कक्षा में दाखिला होगा। यहां पढ़िए जारी किए गए आदेश… विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया है। जिसमें कक्षा पहली में दाखिला लेने की आयु 6 वर्ष करने के आदेश दिए हैं। आदेशों में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रावधानों की अनुपालना में पहली कक्षा में नामांकन के लिए न्यूनतम आयु 6 वर्ष है। राज्य में 1 अप्रैल 2026 को शैक्षणिक सत्र 2026-27 प्रारंभ हो रहा है। सभी अधिकारी अपने क्षेत्राधिकार के विद्यालयों में नामांकन के दौरान यह सुनिश्चित करें कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की अनुपालना में बनाए गए हरियाणा निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार नियम 2011 का नियम 10 जो प्रवेश की विस्तारित अवधि (जो कि छः मास है) की व्याख्या करता है। उसकी भी अनुपालना सुनिश्चित की जाए। पहली कक्षा में नामांकन के लिए नियम 10 के प्रावधानों को लागू किया जाना अनिवार्य है।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 5:30 pm

एसकेडी यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर प्रतियोगिता:विद्यार्थियों को स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए प्रेरित किया

हनुमानगढ़ के खुशाल दास विश्वविद्यालय (एसकेडी यूनिवर्सिटी) के फार्मेसी विभाग ने राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस पर एक स्लोगन लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय फार्मेसी शिक्षा के जनक प्रोफेसर महादेवा लाल श्रॉफ के योगदान को याद करना और देश में गुणवत्तापूर्ण फार्मेसी शिक्षा व अनुसंधान को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने फार्मासिस्टों की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस फार्मासिस्टों के महत्व को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। आज स्वास्थ्य सेवाओं में फार्मासिस्टों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। जुनेजा ने बताया कि फार्मासिस्ट केवल दवाइयों के वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोगों की रोकथाम, दवाओं के सही उपयोग के बारे में जानकारी देने और नई दवाओं के अनुसंधान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के माध्यम से स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दें। साथ ही, भारत को फार्मेसी और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। प्रो. डॉ. अमित गिरधर ने फार्मेसी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संस्थाओं और फार्मास्यूटिकल उद्योग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और आधुनिक तकनीकों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। फार्मेसी विभाग की प्राचार्य प्रो. डॉ. शिखा रहेजा ने बताया कि फार्मेसी का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और इसमें अनुसंधान व नवाचार की व्यापक संभावनाएं हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं और शोध गतिविधियों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम के दौरान आयोजित स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में यश शर्मा और गर्वित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि नवजोत सिंह व उपिष्ट सिंह द्वितीय स्थान पर रहे। देवेंद्र सिंह, जसकरण सिंह, अरबाज और सिमरन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अर्जुन और नवजोत सिंह को सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित किया गया। निर्णायक मंडल में डॉ. ज्योति धींगड़ा और डॉ. नवजोत सिंह शामिल थे। इस अवसर पर नरेंद्र शर्मा, डॉ. निपुण शर्मा, मोहित कुमार, दिनेश कुमार और डॉ. जगजीत सिंह सहित अन्य स्टाफ सदस्य व विद्यार्थी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Mar 2026 4:57 pm

कटारिया बोले- शिक्षा से होता चरित्र निर्माण:डबोक शाश्वत धाम में दीक्षांत समारोह में 23 छात्राओं को डिग्रियां बांटी

उदयपुर-डबोक नेशनल हाईवे स्थित शाश्वत धाम में जैनदर्शन कन्या महाविद्यालय का सातवां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया और इंदौर के ढाईद्वीप जिनायतन के अध्यक्ष ट्रस्टी पं. विपिन शास्त्री ने 23 छात्राओं को डिग्रियां बांटी। कटारिया ने कहा- शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और संस्कारों की स्थापना है। उन्होंने कहा- जैन दर्शन की अहिंसा, आत्मसंयम और नैतिकता की शिक्षाएं आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं। उन्होंने जैनदर्शन कन्या महाविद्यालय द्वारा बालिकाओं को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा- ऐसे संस्थान समाज के नैतिक और आध्यात्मिक भविष्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में ये रहे मौजूदविशिष्ट अतिथि उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन, कवि राव अजातशत्रु, पं. रमेश शास्त्री (सोनगढ़), ललित कुमार किकावत, चांदमल किकावत, भावेश कालिका, नरेंद्र दलावत, ध्रुवधाम बांसवाड़ा अध्यक्ष महिपाल जैन, समाजसेवी आई.एस.जैन मौजूद थे। प्राचार्य अमित जैन ने बताया- अतिथियों का स्वागत ट्रस्ट के मंत्री डॉ जिनेंद्र शास्त्री ने किया। वहीं संस्था का परिचय संस्था के संयोजक डॉ. अंकित शास्त्री ने दिया। संचालन डॉ. महावीर प्रसाद जैन और डॉ. तपिश शास्त्री ने किया एवं आभार प्रदर्शन महामंत्री भावेश कालिका ने जताया।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 9:27 pm

होली मिलन समारोह में बच्चों को किया गया सम्मानित:गोरखपुर में जायसवाल विकास समिति ने किया आयोजन, शिक्षा पर दिया जोर

गोरखपुर में जायसवाल विकास समिति की ओर से होली मिलन व सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देवनारायण सम्मान ज्ञान परीक्षा के विजेता बच्चों को सम्मानित किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं और आपसी सौहार्द व एकता का संदेश दिया। समारोह में आयोजित देवनारायण सम्मान ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को अतिथियों ने प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने कहा कि इस तरह की परीक्षाएं बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करती हैं और उनमें प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करती हैं। बच्चों की उपलब्धि पर अभिभावकों ने भी खुशी जताई। शिक्षा को समाज की तरक्की का आधार बतायाकार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ संस्कार भी देना जरूरी है, ताकि वे आगे चलकर समाज और देश के विकास में योगदान दे सकें। समाज के लोगों से बच्चों की पढ़ाई में सहयोग करने की अपील भी की गई। कार्यक्रम में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी, विक्रम चौधरी, समिति के अध्यक्ष बृजेंद्र स्वरूप जायसवाल सहित समाज के कई लोग मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 6:34 pm

अमृतसर में कांग्रेस का AAP सरकार पर हमला:शिक्षा-स्वास्थ्य और खराब कानून व्यवस्था पर घेरा, पूछा- महिलाओं को 1000 रुपए अबतक क्यों नहीं

पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार पर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला है। अमृतसर कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सांसद गुरजीत सिंह औजला, पूर्व मंत्री डॉ. राजकुमार वेरका, पूर्व विधायक सुनील दत्ती, पूर्व मंत्री अनिल जोशी और जिला अध्यक्ष सौरभ मदान मौजूद रहे। औजला ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार को सत्ता में आए चार साल पूरे हो गए हैं, लेकिन चुनाव के दौरान किए गए वादे पूरे नहीं हुए। खासकर महिलाओं को हर महीने 1000 रुपय देने की योजना पर उन्होंने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सबसे बड़ा धोकाधड़ी महिलाओं के साथ बताया। चुनाव से पहले सरकार ने महिलाओं को हर माह 1000 रुपय देने का वादा किया था, लेकिन चार साल में प्रति महिला 48,000 रुपय का बकाया रह गया। औजला ने कहा, मुख्यमंत्री को नए वादे करने से पहले पुराना भुगतान कर महिलाओं से माफी मांगनी चाहिए। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में कमी शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की स्थिति पर बोलते हुए औजला ने कहा कि 'स्कूल ऑफ एमीनेन्स' के नाम पर पहले से बने स्कूलों को केवल रंग-रोगन कर निजी कंपनियों को सौंप दिया गया। कई स्कूलों में स्थायी प्रिंसिपल तक नहीं हैं। कानून-व्यवस्था की बदहाल स्थिति कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में लॉ एंड ऑर्डर पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। व्यापारी भयभीत हैं और गांव में लोग शाम के बाद असुरक्षित महसूस करते हैं। भ्रष्टाचार में वृद्धि और दिल्ली की दखलअंदाजी से अधिकारी स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रहे। कांग्रेस की एकजुटता और जनता से अपील अंत में औजला ने कहा कि अकाली दल और भाजपा आंतरिक फूट झेल रहे हैं, जबकि कांग्रेस एकजुट है। जनता से अपील की कि पंजाब को बचाने के लिए कांग्रेस के धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण का समर्थन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जिसको भी टिकट देगी, पूरी पार्टी उसके जीतने के लिए एकजुट रहेगी।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 6:07 pm

झालावाड़ की बेटी को शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानित:पूजा को कला-पेंटिंग में उत्कृष्ट प्रतिभा के लिए मिला सम्मान

झालावाड़ जिले के पिपलिया गांव निवासी पूजा गाड़िया लोहार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने सम्मानित किया। यह सम्मान मोड़क गांव में आयोजित एक समारोह के दौरान प्रदान किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं की मंडल बैठक के अवसर पर शिक्षा मंत्री दिलावर ने क्षेत्रीय पिपलिया निवासी कुमारी पूजा गाड़िया लोहार का स्वागत और अभिनंदन किया। यह सम्मान राजाराम हिंदू के आग्रह पर किया गया। उल्लेखनीय है कि पूजा गाड़िया लोहार को विगत दिनों एक निजी संस्था द्वारा कला, पेंटिंग, काव्य और संगीत के क्षेत्र में उनकी उत्कृष्ट प्रतिभा के लिए सम्मानित किया जा चुका है।पूजा बचपन से ही प्रतिभा की धनी रही है। अपनी ड्राइंग, पेंटिंग और सशक्त लेखन के कारण वह झालावाड़ जिले में काफी चर्चित हैं। पूजा ने कविता भी सुनाईइस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने पूजा को आशीर्वाद देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पूजा से झालावाड़ विषय पर एक कविता सुनाने का आग्रह भी किया।पूजा ने बेहद प्रभावशाली ढंग से कविता प्रस्तुत की, जिस पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने खूब तालियां बजाईं। कार्यक्रम में मौजूद सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी कुमारी पूजा को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

दैनिक भास्कर 5 Mar 2026 1:06 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

लखीमपुर-खीरी में शिक्षामित्र ने की आत्महत्या:पराली के ढेर में आग लगाई, इलाज के दौरान मौत

लखीमपुर खीरी जिले के नीमगांव थाना क्षेत्र में आरोप है की पति की प्रताड़ना से तंग आकर एक शिक्षामित्र ने आत्महत्या कर ली। अतरौली गांव निवासी शिक्षामित्र सविता रानी ने पराली के ढेर में खुद को आग लगा ली थी। गंभीर रूप से झुलसी सविता रानी की मंगलवार देर रात लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। सविता रानी का विवाह 23 फरवरी 2018 को सदर कोतवाली लखीमपुर के हाथीपुर कोठार निवासी से हुआ था। उनका एक आठ वर्षीय पुत्र विराट है। विराट के जन्म के बाद से ही शशि भूषण और सविता रानी के बीच विवाद शुरू हो गया था, जो कोर्ट तक पहुंच गया था। इस दौरान पति ने दूसरी शादी भी कर ली थी। मृतका के भाई संतोष शुक्ला ने बताया कि लगभग एक सप्ताह पहले सविता रानी अपनी ससुराल हाथीपुर कोठार गई थीं। मृतका के भाई संतोष ने आरोप लगाया की वहां उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर घर से निकाल दिया गया और उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया। इस घटना के बाद से सविता रानी गुमसुम रहने लगी थीं। मंगलवार को सविता रानी ने अपने मकान के सामने लगे पराली के ढेर में खुद को आग लगा ली। पराली के ढेर को जलता देख ग्रामीणों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान ग्रामीणों ने ढेर के अंदर सविता रानी को देखा और उन्हें बाहर निकाला। ग्रामीणों और परिजनों ने तुरंत एंबुलेंस से सविता रानी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेहजम में भर्ती कराया। वहां उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल ओयल रेफर किया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए केजीएमयू लखनऊ रेफर कर दिया, जहां मंगलवार देर रात उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सविता रानी की मौत की खबर सुनते ही परिवार में शोक छा गया। उनके आठ वर्षीय पुत्र विराट का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि आलोक अवस्थी ने बताया कि सविता रानी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के पद पर तैनात थीं।

दैनिक भास्कर 4 Mar 2026 2:03 pm

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

rbi bank assistant vacancy : आरबीआई असिस्टेंट पद के लिए क्या योग्यता चाहिए? कौन इसमें अप्लाई कर सकता है? ये भी जान लें

How to apply for RBI Assistant 2026 : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक और नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। आरबीआई ने 650 पदों पर असिस्टेंट की रिक्तियां निकाली हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट opportunities.rbi.org.in पर भर्ती विज्ञापन जारी हो ...

वेब दुनिया 17 Feb 2026 4:09 pm

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

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मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

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मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm