डिजिटल समाचार स्रोत

...

राजस्थान शिक्षा विभाग में 5 हजार कर्मचारियों के ट्रांसफर:ग्रेड सेकेंड टीचर, लाइब्रेरियन और कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर बदले

राजस्थान शिक्षा विभाग में ट्रांसफर का सिलसिला शुरू हो गया है। पहले ही दिन करीब 5 हजार शिक्षकों और कर्मचारियों के ट्रांसफर किए है। आदेश मंगलवार (7 जुलाई) देर रात को जारी किए गए। इनमें सबसे ज्यादा ग्रेड सेकंड शिक्षकों के साथ बेसिक कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर और लाइब्रेरियन भी शामिल हैं। विभाग ने ट्रांसफर किए गए कर्मचारियों को 10 दिन में नई जगह जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि प्रोबेशन पीरियड वाले और ट्राइबल-नॉन ट्राइबल एरिया से जुड़े कुछ ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगाई गई है। प्रोबेशन और ट्राइबल एरिया से जुड़े ट्रांसफर पर फिलहाल रोकशिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों का नाम तबादला सूची में है लेकिन वे अभी प्रोबेशन पीरियड में हैं, उन्हें नए स्थान पर कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा। इसी तरह ट्राइबल एरिया से नॉन-ट्राइबल एरिया या नॉन-ट्राइबल एरिया से ट्राइबल एरिया में हुए ट्रांसफर के मामलों में भी फिलहाल कार्यभार ग्रहण नहीं कराया जाएगा। 10 दिन में जॉइन करने के निर्देश, कुछ आदेश नहीं होंगे प्रभावीविभाग ने सभी स्थानांतरित कर्मचारियों को आदेश जारी होने के 10 दिन के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। वहीं जिन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति हो चुकी है या जिनकी सेवाएं समाप्त हो चुकी हैं, अगर उनका नाम गलती से तबादला सूची में शामिल हो गया है तो ऐसे आदेश प्रभावी नहीं माने जाएंगे।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:58 am

कॉलेजों के प्राचार्य संघ ने शिक्षा मंत्री को सौंपा मांग-पत्र

पानीपत | हरियाणा राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय प्रिंसिपल संघ ने प्रधान विक्रम सिंह के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा को मांग-पत्र सौंपकर सहायता प्राप्त कॉलेजों की लंबित प्रशासनिक और सेवा संबंधी समस्याओं की ओर ध्यान दिलाया। सतवीर सिंह ने कहा कि जो एसोसिएट प्रोफेसर प्राचार्य पद का कार्यभार संभालते हैं, उन्हें कार्यभार ग्रहण करते ही प्राचार्य पद से जुड़े सभी वित्तीय और सेवा लाभ मिलें। उन्होंने यह भी मांग रखी कि सेवानिवृत्ति के बाद ऐसे प्राचार्यों के बकाया लाभों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। सतवीर सिंह ने बताया कि कई कॉलेजों में शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पद लंबे समय से खाली हैं। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का स्वागत करते हुए उन्होंने रिक्त पदों पर चयन जल्द पूरा कराने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिल सके।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:14 am

CM आज शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करेंगे:वाराणसी से यूपी के शिक्षक-शिक्षामित्र, अनुदेशकों को बड़ी सौगात देंगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज बुधवार को दूसरे दिन भी वाराणसी में हैं। वाराणसी से ही ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ को हरी झंडी देंगे। शहर के TFC के हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 25 लोगों को कैशलेस चिकित्सा संबंधित प्रतीकात्मक कार्ड देंगे। वाराणसी में आयोजित इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण सभी जनपद मुख्यालयों पर होगा। साल 2025 में शिक्षक दिवस के मौके पर योगी ने इस योजना की घोषणा की थी। 10 लाख शिक्षकों और संविदा कर्मियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के साथ MoU होगा। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के 12 प्रधानाचार्यों का सम्मान भी किया जाएगा। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी भी मौजूद रहेंगी। 12 लाख शिक्षकों को मिलेगा ‘चिकित्सकीय कवच’ जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि शिक्षकों को इलाज की चिंताओं से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री 'मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना' का शुभारंभ करेंगे। आयुष्मान भारत योजना की तर्ज पर शुरू हो रही इस योजना से प्रदेश के लगभग 12 लाख शिक्षकों और उनके परिवारों को ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकार ने इसमें समानता और सामाजिक सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा है। नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी इस सुरक्षा घेरे में शामिल किया गया है।बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत अकेले वाराणसी जनपद के 1,54,634 विद्यार्थी लाभान्वित होंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री प्रदेश भर के 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के माता पिता के डीबीटी के जरिए 1200 रुपये भी ट्रांसफर करेंगे। यह धनराशि विद्यार्थियों को ड्रेस, जूते मोजे व स्टेशनरी के सामान आदि के लिए दिए जाते हैं। मंडल के 66,205 शिक्षक-कर्मचारियों को मिलेगा लाभ वाराणसी मंडल के 7,417 बेसिक विद्यालयों में कार्यरत कुल 66,205 पात्र कर्मचारियों को सीधे तौर पर इस कैशलेस चिकित्सा सुविधा से प्रभावित होंगे। इसमें नियमित शिक्षकों के साथ-साथ शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया और कस्तूरबा विद्यालयों के स्टाफ को भी शामिल कर सरकार ने सबको सामाजिक एवं समान सुरक्षा की गारंटी दी है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री परिषदीय विद्यालयों के करीब 1.10 करोड़ छात्र छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये की धनराशि भी भेजेंगे। रसोइया व स्पेशल एजुकेटर्स की भी मौजूदगी इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल नियमित शिक्षक ही नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को संभालने वाले हर कर्मचारी का ध्यान रखा गया है। मंडल भर के 22,708 रसोइयों, 8,559 शिक्षामित्रों, 1,904 अनुदेशकों, 811 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की शिक्षिकाओं व स्टाफ व 210 स्पेशल एजुकेटर्स को भी इस योजना का पात्र बनाया गया है। स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से मुक्त होने के बाद शिक्षक और अन्य कर्मचारी पूरी ऊर्जा व समर्पण के साथ नौनिहालों के भविष्य को संवारने में योगदान दे सकेंगे। मुख्यमंत्री के इस कदम से पूरे वाराणसी मंडल के शिक्षा जगत में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है। 8 जुलाई को होने वाले इस भव्य कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक तैयारियां की जा रही हैं। वाराणसी मंडल के लाभार्थियों की संख्या

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 6:00 am

30 खाद डीलरों को बांटे सर्टिफिकेट, 80 शिक्षार्थियों के नए बैच शुरू

भास्कर न्यूज |लुधियाना पंजाब के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने मंगलवार को पंजाब कृषि प्रबंधन और विस्तार प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित एक राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने 15 दिवसीय सर्टिफिकेट कोर्स इन इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले तीसरे बैच के 30 खाद डीलरों को सर्टिफिकेट बांटे। इसके साथ ही कृषि मंत्री ने इनपुट डीलरों के लिए डिप्लोमा इन एग्रीकल्चरल एक्सटेंशन सर्विसेज के एक वर्षीय कोर्स के दो नए बैचों की भी शुरुआत की, जिसमें कुल 80 शिक्षार्थी हिस्सा ले रहे हैं। समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि कृषि इनपुट डीलरों और विस्तार कार्यकर्ताओं की क्षमता का लगातार विकास होना आज के समय की मुख्य जरूरत है। चूंकि खाद, बीज और कीटनाशक बेचने वाले डीलर ही किसानों के सबसे पहले संपर्क में आते हैं, इसलिए यदि डीलर खुद तकनीकी और वैज्ञानिक रूप से सक्षम होंगे, तो वे किसानों को सही सलाह दे सकेंगे। इससे पंजाब की खेती आधुनिक, वैज्ञानिक और पर्यावरण के अनुकूल बनेगी। कृषि मंत्री ने सभी खाद डीलरों से अपील की कि वे पंजाब कृषि विश्वविद्यालय और कृषि विशेषज्ञों द्वारा तैयार किया गया प्रमाणित कृषि साहित्य अपनी दुकानों पर रखें। इससे किसानों को संतुलित खाद प्रबंधन, मिट्टी की सेहत और बेहतर खेती के तरीकों के बारे में भरोसेमंद जानकारी मिलेगी, जिससे फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों की आमदन में इजाफा होगा। इससे पहले पामेटी के निदेशक डॉ. केबी सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डीएईएसआई प्रोग्राम डीलरों के तकनीकी ज्ञान और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करने की एक बड़ी पहल है। इस मौके पर पामेटी की डिप्टी डायरेक्टर वंदना भगत, डिप्टी डायरेक्टर कम प्रोजेक्ट डायरेक्टर (कृषि विस्तार) डॉ. बलविंदर सिंह लखेवाली, डिप्टी डायरेक्टर रवनीत सिंह, डॉ. बलदेव सिंह नॉर्थ, डॉ. दमनजीत कौर सहित संस्थान के कई वरिष्ठ अधिकारी, फैकल्टी मेंबर्स और प्रशिक्षण ले रहे डीलर उपस्थित थे। खाद डीलरों को सम्मानित करते हुए कृषि मंत्री।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का प्रचार करेगी मोबाइल वैन

लुधियाना| श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पंजाब सरकार के सालभर चलने वाले कार्यक्रमों के तहत डिप्टी कमिश्नर (डीसी) हिमांशु जैन ने एक विशेष मोबाइल डॉक्यूमेंट्री वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन लुधियाना जिले के गांवों में जाकर लोगों को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, उनकी शिक्षाओं और दर्शन (फिलासफी) पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाएगी। इस अवसर पर उनके साथ एडीसी (ग्रामीण विकास) नरिंदर सिंह धालीवाल भी मौजूद थे। डीसी हिमांशु जैन ने बताया कि पंजाब सरकार ने लुधियाना जिले के लिए दो विशेष रूप से डिजाइन की गईं डॉक्यूमेंट्री वैन भेजी हैं। हर वैन रोजाना दो गांवों को कवर करेगी, जिससे श्री गुरु रविदास जी का समानता, सामाजिक न्याय, भक्ति और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश सीधे लोगों तक पहुंच सके। शुरुआती चरण में ये वैन समराला और रायकोट सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले गांवों का दौरा करेंगी। इन विशेष वैनों में हाई-टेक एलईडी स्क्रीन पर 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

वीएमओयू: प्रवेश शुरू, महिलाओं और छात्राओं को देंगे मुफ्त शिक्षा

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) ने जुलाई 2026 सत्र के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, ऑनलाइन डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों में ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी है। क्षेत्रीय केंद्र निदेशक डॉ. रश्मि बोहरा ने बताया कि राज्य सरकार की बालिका दूरस्थ शिक्षा योजना के तहत महिला-छात्राओं की फीस प्रवेश के बाद राज्य सरकार पुनर्भरण करेगी, जिससे उनकी पढ़ाई निशुल्क रहेगी। अभ्यर्थी स्वयं या ई-मित्र केंद्र से विवि की आधिकारिक वेबसाइट पर 31 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं। विवि में स्नातक स्तर पर कला, विज्ञान, पुस्तकालय विज्ञान और पत्रकारिता, स्नातकोत्तर में अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, पुलिस प्रशासन, हिंदी, इतिहास, अंग्रेजी, संस्कृत, राजस्थानी, गणित, शिक्षा, वाणिज्य, समाजशास्त्र, भूगोल, कंप्यूटर विज्ञान और एमबीए, डिप्लोमा में संस्कृति एवं पर्यटन, जलग्रहण प्रबंधन, मास कम्युनिकेशन आदि में प्रवेश लिया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 8 Jul 2026 5:30 am

PGI इंडेक्स में चंडीगढ़ देश में नंबर-1:पंजाब, दिल्ली और केरल दूसरे नंबर पर; स्कूल शिक्षा पर केंद्र की रिपोर्ट जारी

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) 2025-26 में स्कूली शिक्षा के मामले में चंडीगढ़ ने देशभर में बाजी मारी है और वह टॉप पर रहा है। वहीं पंजाब, केरल, दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। क्या है PGI 2.0 और कैसे तय होते हैं ग्रेड? इस बार राज्यों को कोई फिक्स रैंक देने के बजाय अलग-अलग 'ग्रेड्स' यानी परफॉर्मेंस बैंड में बांटा गया है। इसका फायदा यह है कि एक जैसी परफॉर्मेंस वाले कई राज्य एक ही बैंड में आ सकते हैं, जिससे हेल्दी कॉम्पिटिशन बढ़ता है। यह इंडेक्स कुल 70 इंडिकेटर्स (संकेतकों) आधारित है, जिन्हें 2 मुख्य कैटेगरी (आउटकम और गवर्नेंस-मैनेजमेंट) के तहत 6 डोमेन में परखा गया है, इनमें लर्निंग आउटकम और क्वालिटी, एक्सेस (पहुंच), इन्फ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएं, इक्विटी (समानता), गवर्नेंस प्रोसेस और टीचर्स एजुकेशन और ट्रेनिंग शामिल है। टॉप पर चंडीगढ़, 'उत्कर्ष' और 'उत्तम-1' में कोई नहीं रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार के ग्रेडिंग सिस्टम का नामकरण कुछ इस तरह किया गया है उत्कर्ष: 90% से ज्यादा स्कोर (कोई भी राज्य/UT इस तक नहीं पहुंच सका) उत्तम-1: 81 से 90% (इस कैटेगरी में भी कोई राज्य नहीं) उत्तम-2: 71 से 80% (खाली रहा) उत्तम-3: 61 से 70% (सिर्फ चंडीगढ़ इस कैटेगरी में जगह बना पाया, इसलिए वह टॉप पर है) बाकी राज्यों का हाल: दूसरे नंबर पर रहने वाले पंजाब, दिल्ली, केरल और दादरा-नगर हवेली 'प्रचेश्टा-1' (51-60%) कैटेगरी में रहे। वहीं, सबसे निचले पायदानों यानी आकांक्षी-1 और आकांक्षी-2 में भी कोई राज्य नहीं है। जिलों का रिपोर्ट कार्ड (PGI-D): किसने किया सुधार? जिलों की ग्रेडिंग (PGI-D) कुल 600 अंकों और 70 इंडिकेटर्स पर की गई है, जिन्हें 11 अलग-अलग डोमेन (जैसे डिजिटल लर्निंग, स्कूल सेफ्टी, फंड यूटिलाइजेशन) में बांटा गया था। देश के 462 जिलों ने अपने आउटकम स्कोर में सुधार किया है, जिनमें से 50 जिलों ने अपना ग्रेड लेवल भी सुधारा है। देश के कुल 19 जिलों ने 70% से ज्यादा स्कोर कर 'उत्तम-2' ग्रेड हासिल किया है। 2024-25 में ऐसे जिलों की संख्या 16 थी। कहां के कितने जिले टॉप पर? पंजाब: 7 जिले दिल्ली: 4 जिले केरल: 3 जिले महाराष्ट्र: 2 जिले चंडीगढ़, दीव और हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश): 1-1 जिला

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 9:37 pm

DDC ने शिक्षा विभाग को पौधारोपण का दिया निर्देश:शेखपुरा में जल-जीवन-हरियाली दिवस पर परिचर्चा, 44701 पौधे लगाने का टारगेट

शेखपुरा में मंगलवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जल-जीवन-हरियाली दिवस के अवसर पर शिक्षा विभाग द्वारा एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता शेखपुरा के डीडीसी संजय कुमार ने की। इस अवसर पर डीडीसी, डीआरडीए निदेशक और डीईओ मो तनवीर आलम को जल-जीवन-हरियाली प्रतीक चिन्ह पौधे देकर सम्मानित किया गया। कुल 44,701 पौधे लगाने का लक्ष्य सौंपा गया सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने और पर्यावरण संरक्षण को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। परिचर्चा को संबोधित करते हुए डीडीसी ने बताया कि इस अभियान के तहत शिक्षा विभाग को जिले में कुल 44,701 पौधे लगाने का लक्ष्य सौंपा गया है। इन सभी पौधों को जिले के विभिन्न सरकारी विद्यालयों के परिसरों में लगाया जाएगा। डीडीसी ने सभी बीईओ को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों में वृक्षारोपण कार्य को पूरी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने भूजल स्तर सुधारने और पानी की बर्बादी रोकने के लिए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए। सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से सोख्ता का निर्माण निर्देशों में कहा गया कि जिले के सभी सरकारी भवनों में अनिवार्य रूप से सोख्ता का निर्माण कराया जाए। साथ ही, सभी सरकारी एवं सार्वजनिक चापाकलों (हैंडपंपों) और कुओं के पास भी सोख्ता निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि बेकार बहने वाला पानी वापस जमीन के अंदर जा सके। डीडीसी ने जिले में पानी की लगातार घटती उपलब्धता पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक संवेदनशील मामला है और इस पर सभी जिलेवासियों को सामूहिक रूप से ध्यान देने तथा जागरूक होने की आवश्यकता है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पानी की हर एक बूंद कीमती है, इसलिए अधिक से अधिक पानी बचाएं। पर्यावरण को सुरक्षित करने के लिए सभी जिलेवासी 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ें और अनिवार्य रूप से वृक्षारोपण कर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी लें।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 8:29 pm

दुष्कर्म का आरोपी प्रिंसिपल सस्पेंड:थाने में मामला दर्ज होने के बाद शिक्षा मंत्री दिलावर ने दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश

डीग जिले के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, बरौली चौथ के प्रिंसिपल रणधीर सिंह को दुष्कर्म के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए निलंबन के निर्देश दिए। जानकारी के अनुसार प्रिंसिपल रणधीर सिंह के खिलाफ भरतपुर जिले के उद्योग नगर थाने में एक युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट को तत्काल निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में कार्यरत अधिकारी या कर्मचारी द्वारा इस प्रकार का अनैतिक और गंभीर कृत्य किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की गरिमा बनाए रखने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए आरोपी के खिलाफ त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई आवश्यक थी। मंत्री ने यह भी कहा कि नैतिक पतन और विभाग की छवि धूमिल करने वाले कार्मिकों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और ऐसे मामलों में किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 7:31 pm

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा का बदलेगा चेहरा: 5वीं, 7वीं और 8वीं का सिलेबस बदलने की तैयारी

छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में आने वाले दिनों में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिलने वाला है। राज्य सरकार और शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए कमर कस ली है। इसी कड़ी में प्रदेश की सरकारी और संबद्ध स्कूलों में कक्षा 5वीं, 7वीं और 8वीं के सिलेबस (पाठ्यक्रम) को पूरी तरह से बदलने का फैसला किया गया है। नए सत्र और आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे प्रोजेक्ट को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।3 महीने का अल्टीमेटम और युद्ध स्तर पर तैयारीशिक्षा विभाग के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, नई किताबों को तैयार करने और पुराने पाठ्यक्रम में जरूरी संशोधन करने के लिए केवल 3 महीने का समय तय किया गया है। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) के विशेषज्ञों की एक विशेष टीम इस काम में जुट गई है। इस सीमित समय में नई पाठ्यपुस्तकों का लेखन, संपादन और छपाई का काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई समय पर शुरू हो सके और उन पर कोई अतिरिक्त मानसिक दबाव न पड़े।आखिर नए सिलेबस में क्या कुछ बदलेगा?अभिभावकों और शिक्षकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस नए सिलेबस में क्या बदलाव होने जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि नए पाठ्यक्रम में रटने की प्रवृत्ति को खत्म करके व्यावहारिक ज्ञान, नैतिक शिक्षा, और छत्तीसगढ़ की स्थानीय संस्कृति व गौरवशाली इतिहास को प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही, आधुनिक दौर की जरूरत को देखते हुए गणित, विज्ञान और पर्यावरण के विषयों में नए और रोचक व्यावहारिक अध्यायों को जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों का मानसिक और तार्किक विकास तेजी से हो सके।राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप होगा बदलावविशेषज्ञों का मानना है कि छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मापदंडों के अनुकूल है। नई किताबों को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वे बच्चों के लिए बोझिल न हों, बल्कि चित्रों और कहानियों के माध्यम से पढ़ाई को अधिक रोचक और गतिविधि-आधारित बनाया जा सके। इस बदलाव से छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में निजी स्कूलों के छात्रों को कड़ी टक्कर दे सकेंगे।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 4:28 pm

किशनगंज में सैनिक स्कूल का शुभारंभ:मंत्री ने किया उद्घाटन, अब जिले में मिलेगी अनुशासित शिक्षा, NDA की भी होगी तैयारी

किशनगंज में मंगलवार को शहर के मोतीबाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के प्रथम शैक्षणिक सत्र का विधिवत शुभारंभ किया गया। बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विद्यालय का उद्घाटन किया। यह आयोजन वैदिक मंत्रोच्चार के बीच दीप प्रज्वलित कर संपन्न हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान और मां सरस्वती की वंदना से हुई। विद्यालय प्रबंधन ने मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगाअपने संबोधन में मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके अनुशासित, संस्कारित और राष्ट्रभक्त युवाओं में निहित होती है। उन्होंने जोर दिया कि सैनिक शिक्षा केवल सेना में भर्ती होने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है। व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगाउन्होंने बताया कि पहले ऐसे संस्थानों में पढ़ाई के लिए छात्रों को बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता था। अब क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों को अपने जिले में ही बेहतर अवसर मिल सकेंगे। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, संस्थान में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, योग, शारीरिक प्रशिक्षण और व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगाविद्यार्थियों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी तैयार किया जाएगा। स्थानीय शिक्षाविदों का मानना है कि इस संस्थान की शुरुआत सीमांचल में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी अतिथियों और अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया और संस्थान की भावी योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर धनंजय जायसवाल, प्रधानाचार्य नागेंद्र तिवारी, अनिल केजरीवाल, देवदास सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 4:00 pm

बिना NCET परीक्षा पास किए नहीं मिलेगा दाखिला, शिक्षा मंत्रालय की सख्त एडवाइजरी जारी

देशभर के शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में संचालित होने वाले 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे छात्रों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश को लेकर एक नई और बेहद सख्त एडवाइजरी जारी की है। इस नए आदेश के तहत साफ कर दिया गया है कि अब किसी भी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में बिना नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (NCET 2026) मेरिट के सीधे या किसी अन्य माध्यम से एडमिशन नहीं दिया जाएगा।नियमों की अनदेखी पर रद्द होगी मान्यता: NCTE का कड़ा रुखएनसीटीई ने अपनी ताजा गाइडलाइन में सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड्स, केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और संबद्ध कॉलेजों को चेताया है कि वे मैरिट और तय नियमों का पूरी तरह पालन करें। अगर कोई भी संस्थान नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित NCET 2026 के स्कोरकार्ड और काउंसिलिंग प्रक्रिया से बाहर जाकर पिछले दरवाजे से या डोनेशन बेसिस पर आईटीईपी कोर्स में दाखिला देता है, तो उस छात्र का रजिस्ट्रेशन तो अमान्य होगा ही, साथ ही उस कॉलेज की मान्यता भी तुरंत प्रभाव से रद्द कर दी जाएगी। सरकार का यह कदम शिक्षक भर्ती और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए उठाया गया है।क्या है 4-वर्षीय ITEP कोर्स और क्यों है यह जरूरी?राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शुरू किया गया आईटीईपी (ITEP) एक फ्लैगशिप प्रोग्राम है। यह कोर्स इंटरमीडिएट (12वीं) के बाद सीधे बीए-बीएड, बीएससी-बीएड और बीकॉम-बीएड की कंबाइंड डिग्री देता है, जिससे छात्रों का एक साल बचता है। केंद्र सरकार के नए नियमों के अनुसार आने वाले समय में स्कूलों में परमानेंट शिक्षक बनने के लिए इस 4-वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को अनिवार्य योग्यता बनाया जा रहा है। यही वजह है कि इस कोर्स में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए केवल नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट पास उम्मीदवारों को ही शॉर्टलिस्ट करने का सख्त फैसला लिया गया है।एडमिशन प्रोसेस और काउंसलिंग को लेकर छात्रों के लिए जरूरी सलाहइस सख्त एडवाइजरी के बाद अब छात्रों को भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार केवल नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और संबंधित मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ही काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लें। किसी भी निजी संस्थान या कंसलटेंट के झांसे में आकर डायरेक्ट एडमिशन का रिस्क न लें, क्योंकि काउंसिलिंग डेटा का सीधा मिलान एनटीए (NTA) के आधिकारिक परीक्षा परिणामों से किया जाएगा। योग्य उम्मीदवार अपनी रैंक के आधार पर ही कॉलेजों के विकल्पों का चयन करें ताकि भविष्य में उनकी डिग्री पर कोई कानूनी संकट न आए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 7 Jul 2026 3:06 pm

सिरसा में स्कूली में जाकर वैन-वाहनों के जांचे दस्तावेज:ट्रैफिक पुलिस शिक्षा विभाग और आरटीए से लेगा रिपोर्ट, 22000 का चालान काटा

सिरसा में गर्मी की छुटि्टयों के बाद स्कूल खुलने के साथ ही स्कूली वाहनों पर भी सख्ती हो गई है। ट्रैफिक पुलिस स्कूल में जाकर वैन की चेकिंग कर रही है तो रोड से गुजरने वाले स्कूल वाहनों की भी रूकवाकर चेकिंग की जा रही है। सर्वे में कुछ स्कूली वैन में सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र व दस्तावेजों की खामियां मिल रही है। इस पर कुछ वाहनों का चालान भी किया है। जानकारी के अनुसार, इन दिनों पुलिस ने रानियां और सिरसा ब्लॉक में पांच से छह स्कूलों में स्कूली वाहनों की चेकिंग की है। इस दौरान कई तरह की खामियां मिली है। कुछ वैन के कागज नहीं तो किसी की फिटनेस नहीं मिली। एक वैन के दस्तावेज नहीं थे तो उसका 22 हजार रुपए का चालान किया गया। कुछ वैन में तो अग्निशमन यंत्र तक नहीं मिले, जो कि प्राथमकि है। ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इन स्कूलों वाहनों का रिकॉर्ड शिक्षा विभाग एवं आरटीए से लिया जाएगा। उसी में पता चल पाएगा कि जिले में कितने स्कूली वाहन है। इसे लेकर पुलिस स्कूलों में जाकर अभियान चलाएगा। यदि किसी वाहन के दस्तावेज नहीं मिले तो उसे जब्त भी किया जा सकता है। एसआई शैलेंद्र सिंह की टीम स्कूल और फील्ड से इन स्कूली वाहनों की जांच करेगी। पुलिस ने एक माह पहले दी थी चेतावनी पुलिस के अनुसार, सभी स्कूल संचालकों और वैन ड्राइवर को करीब डेढ माह पहले ही नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई थी कि सभी अपने-अपने वाहनों की गर्मियों की छुटि्टयों में फिटनेस एवं दस्तावेज प्रक्रिया पूरी करवा ले। इसके बाद किसी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने कहा था कि बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ सहन नहीं किया जाएगा। सरकार व पुलिस की ओर से जो मापदंड तय किए है, उनको मानकों को पूरा करना होगा। कुछ स्कूल संचालकों ने कराई प्रक्रिया पूरी दरअसल, पिछले दिनों छुट्टियों में कुछ स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूली वाहनों की फिटनेस व दस्तावेज प्रक्रिया पूरी करवा ली है। काफी वैन की आरटीए में पासिंग हुई है। इन वाहनों की फिटनेस जांची और दस्तावेज चेक किए। शुरू में आरटीए टीम ने राहत देते हुए मानक एवं दस्तावेज पूरे करने को कहा गया। थाना प्रभारी बोले-सिरसा व रानियां में की जांच ट्रैफिक पुलिस थाना प्रभारी बलराज सिंह ने बताया कि अभी स्कूली वाहनों की चेकिंग चल रही है। हमने रानियां व सिरसा ब्लॉक में कुछ स्कूलों में जाकर वाहनों की जांच की है। उनमें से कुछ वाहनों की फिटनेस व दस्तावेज पूरी नहीं मिली तो उनको चेतावनी दी है। कुछ वाहन का चालान किया है। इस बारे में शिक्षा विभाग से भी जानकारी मांगी जाएगी।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 1:00 pm

RTE छात्रा की टीसी रोकने का आरोप, पहुंची जनसुनवाई:बोली- प्रिंसिपल फीस मांग रहे; गुना कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को जांच सौंपी

गुना शहर के एक निजी स्कूल द्वारा RTE के तहत एडमिशन होने के बावजूद भी आदिवासी छात्रा की TC नहीं दी जा रही है। छात्रा ने मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचकर आवेदन दिया है। उसका कहना है कि स्कूल वाले फीस भरने का दबाव बना रहे हैं, जबकि RTE के तहत एडमिशन वालों को फीस नहीं भरनी होती है। श्रीराम कॉलोनी में रहने वाली छात्रा सुमोना आदिवासी ने मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन सौंपा। उसने बताया कि उसने दयाल पब्लिक हायर सेकेंड्री स्कूल, श्रीराम कॉलोनी से कक्षा 8वीं उत्तीर्ण कर ली है। अब उसे आगे की पढ़ाई के लिए विद्यालय से टीसी की आवश्यकता है, लेकिन विद्यालय के प्राचार्य द्वारा टीसी देने से मना किया जा रहा है। उसने बताया कि प्रिंसिपल द्वारा पहले फीस जमा करने के लिए कहा जा रहा है। उसका विद्यालय में प्रवेश शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत हुआ था। आरटीई के तहत अध्ययनरत विद्यार्थियों से इस प्रकार फीस की मांग करना और टीसी रोकना नियमों के विपरीत है। विद्यालय के इस व्यवहार के कारण उसके आगे के प्रवेश और शिक्षा में अनावश्यक बाधा उत्पन्न हो रही है। कलेक्टर ने जल्द जांच के लिए कहाछात्रा ने आवेदन सौंपकर मामले की जांच कर संबंधित विद्यालय को तत्काल बिना किसी अवैध फीस की मांग किए उसका स्थानांतरण प्रमाण-पत्र (टीसी) जारी करने की मांग की है। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को मामले में जांच कर जल्द सुलझाने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 12:47 pm

समर कैंप में योगदान पर शिक्षा सेविकाएं सम्मानित:बेगूसराय सदर के राजकीयकृत मध्य विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह

बेगूसराय सदर के राजकीयकृत मध्य विद्यालय, सांख में मंगलवार को प्रार्थना सभा के दौरान एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह समारोह समर कैंप के सफल समापन के अवसर पर आयोजित किया गया था, जिसमें शिक्षा सेविकाओं नीतू कुमारी और स्वाति कुमारी को सम्मानित किया गया। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. जे.पी. ज्योति ने उन्हें सम्मानित किया। इन शिक्षा सेविकाओं को समर कैंप में बच्चों के शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिह्न, विद्यालय का प्रतीक चिह्न (लोगो) और प्रोत्साहन राशि भेंट की गई। दोनों सेविकाओं ने पूरे 30 दिनों तक समर्पण, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ बच्चों के पठन-पाठन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया था। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक डॉ. जे.पी. ज्योति ने कहा कि नीतू कुमारी और स्वाति कुमारी का योगदान विद्यालय के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने उनकी सेवाओं की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान समारोह के दौरान उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं ने तालियां बजाकर दोनों शिक्षा सेविकाओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक अरविंद कुमार ने किया। इस मौके पर समर कैंप समन्वयक संतोष कुमार ठाकुर, गीता कुमारी, नीतीश कुमार, राजीव कुमार, जुबैदा खातून, मंगलम, पूनम कुमारी, कंचन कुमारी, राजकिशोर जी, पूजा भारती सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 11:39 am

छत्तीसगढ़ में स्कूलों के समय में बदलाव की मांग:फेडरेशन ने शिक्षा सचिव को लिखा पत्र; बोले- पढ़ाई और प्रशासनिक काम हो रहे प्रभावित

छत्तीसगढ़ में स्कूलों के समय को लेकर नई मांग उठी है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर सभी सरकारी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने की मांग की है। फेडरेशन ने कहा है कि शनिवार को हायर सेकेंडरी (12वीं तक) स्कूल भी सुबह की पाली (मॉर्निंग शिफ्ट) में चलाए जाएं। फेडरेशन का कहना है कि युक्तियुक्तकरण (रैशनलाइजेशन) और संकुल व्यवस्था लागू होने के बाद ज्यादातर प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल, हायर सेकेंडरी स्कूलों से जुड़े हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से पढ़ाई और प्रशासनिक काम में दिक्कत हो रही है। इसलिए सभी स्कूलों का समय एक जैसा किया जाए। अलग-अलग टाइमिंग से बढ़ रही दिक्कत फेडरेशन ने कहा है कि प्राचार्य, शिक्षक और कर्मचारी पढ़ाई के साथ-साथ सरकारी योजनाओं का काम, ऑनलाइन एंट्री, परीक्षा, वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी संभालते हैं। इसके अलावा संकुल स्तर की बैठकों में भी शामिल होना पड़ता है। अलग-अलग स्कूलों की अलग-अलग टाइमिंग होने से इन सभी कामों को समय पर करना मुश्किल हो जाता है। शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट से काम होगा आसान फेडरेशन का कहना है कि अगर शनिवार को हायर सेकेंडरी स्कूल भी सुबह की पाली में चलें और सभी स्कूलों का समय एक जैसा हो जाए, तो बच्चों की पढ़ाई पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वहीं, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन को बैठकें करने, रिपोर्ट तैयार करने, प्रशासनिक काम निपटाने और अगले सप्ताह की पढ़ाई की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। शिक्षा विभाग से जल्द फैसला लेने की मांग फेडरेशन ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि हायर सेकेंडरी स्कूलों में भी शनिवार को मॉर्निंग शिफ्ट की अनुमति दी जाए। साथ ही प्राथमिक, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों की टाइमिंग एक जैसी करने के लिए जल्द जरूरी आदेश जारी किए जाएं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 11:39 am

शिक्षा का उद्देश्य अच्छे अंक नहीं संस्कार विकसित करना भी है

भास्कर न्यूज | जालंधर कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल में आध्यात्मिक मार्गदर्शक, शिक्षाविद् और लेखक पद्मभूषण एमके सान्निध्य में आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया।इस दौरान स्कूल परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में एमके कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक या नौकरी प्राप्त करना नहीं है, बल्कि व्यक्ति के भीतर आत्मबोध, करुणा, विवेक और अच्छे संस्कार विकसित करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा को आत्म विकास और समाज की सेवा का माध्यम बनाने का आह्वान किया। उनके विचारों ने उपस्थित सभी लोगों को प्रेरित किया। एम को विश्व शांति, राष्ट्रीय एकता और भाईचारे के संदेश के लिए जाना जाता है। उनकी कन्याकुमारी से कश्मीर तक करीब 7,500 किलोमीटर लंबी वॉक ऑफ होप पदयात्रा देश में सद्भाव और एकता का प्रतीक मानी जाती है। इस अवसर पर एलडब्ल्यूईएस की एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन जे.के. कोहली, प्रबंधन सदस्य मोहिंदर चोपड़ा, एलडब्ल्यूईएस की प्रेसिडेंट मोना भाटिया, कैम्ब्रिज इनोवेटिव स्कूल के प्रबंधन सदस्य सनी सप्रा तथा एलडब्ल्यूईएस की डायरेक्टर (एचआर, मैनेजमेंट एवं एडमिनिस्ट्रेशन) प्रियंका भाटिया भी मौजूद रहीं। कार्यक्रम के अंत में सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें एम ने जीवन, अध्यात्म और सत्य की खोज से जुड़े विषयों पर उपस्थित लोगों से संवाद किया।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:51 am

नक्सली विचारधारा की जगह योजना जत्था ने ली, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर जोर

भास्कर न्यूज | सुकमा कभी सुकमा के दूरस्थ गांवों में नक्सलियों की जन नाट्य मंडली सांस्कृतिक कार्यक्रम और नुक्कड़ प्रस्तुतियों से लोगों को अपनी विचारधारा से जोड़ती थी। अब उन्हीं इलाकों में प्रशासन का योजना जत्था पहुंच रहा है। ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसे जिले के बदलते सामाजिक माहौल और शासन की बढ़ती पहुंच का संकेत माना जा रहा है। पहली बार सुकमा जिले के कोर्रा और सोना कूकानार के राउतपारा में योजना जत्था पहुंचा। गांव में जत्था देखकर ग्रामीण हैरान हुए। कुछ ही देर में वे टीम के सदस्यों से हिल-मिल गए। नीति आयोग के तत्वावधान में संचालित योजना जत्था अभियान के तहत रविवार को सुकमा विकासखंड की ग्राम पंचायत कोर्रा और ग्राम पंचायत सोना कूकानार के राऊतपारा में मॉडल साक्षरता कार्यक्रम हुआ। कोर्रा में 76 ग्रामीण शामिल हुए। राऊतपारा में 155 ग्रामीण पहुंचे। लगातार बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम में टीम ने नाटक, संवाद, जनसंपर्क के जरिए जानकारी दी। बरसात में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बताईं। स्वच्छता के उपाय बताए। मौसमी बीमारियों से बचाव के तरीके समझाए। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। पात्रता बताई। आवेदन प्रक्रिया समझाई। ^अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव के अंतिम छोर पर रहने वाले ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं की जानकारी पहुंचाना है। लोगों को साक्षरता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना है। योजनाओं से जरूरतमंद ग्रामीणों को जोड़कर ही उनके जीवन में बदलाव लाना संभव है। योजना जत्था इसी उद्देश्य के साथ लगातार संवेदनशील गांवों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। नक्सल प्रभाव वाले इलाकों में यह पहल विकास और शासन के प्रति ग्रामीणों में विश्वास बढ़ाने की दिशा में कदम है। - अमित कुमार, कलेक्टर सुकमा

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

टीचर्स एसोसिएशन ने नवपदस्थ डीईओ का किया सम्मान, शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर

भास्कर न्यूज| महासमुंद छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन की जिला इकाई ने बीआरसीसी भवन, महासमुंद में सम्मान समारोह किया। इसमें महासमुंद, रायपुर, गरियाबंद के नवपदस्थ जिला शिक्षा अधिकारियों का एसोसिएशन पदाधिकारियों ने शॉल, स्मृति-चिह्न देकर स्वागत किया। महासमुंद के जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल. देवांगन, रायपुर के डीईओ एम.जी. सतीश नायर, गरियाबंद के डीईओ राजेश चंद्राकर को सम्मानित किया गया। नवपदस्थ विकासखंड शिक्षा अधिकारी भोपाल सिंह बंजारा, डाइट प्राचार्य अरुण प्रधान, बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा को भी पुष्पगुच्छ, प्रतीक-चिह्न देकर सम्मान मिला। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नारायण चौधरी ने की। डीईओ बी.एल. देवांगन, एम.जी. सतीश नायर, राजेश चंद्राकर ने आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा, शैक्षिक दायित्व निभाते हुए ही हम इन पदों तक पहुंचे हैं। प्राथमिकता यह है कि शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे। प्रदेश में स्वस्थ, गुणवत्तापूर्ण शैक्षिक माहौल बने। संचालन जिला सचिव नंदकुमार साहू ने किया। मौके पर लालजी साहू, प्रदीप वर्मा, जगदीश सिन्हा, तुलेंद्र सागर, पुष्पलता भार्गव, सम्पा बोस, प्रदीप वर्मा मौजूद रहे। एसोसिएशन के प्रांतीय प्रतिनिधि सुधीर प्रधान और केशवराम साहू ने अधिकारियों को आश्वस्त किया कि शिक्षा के स्तर को सुधारने और उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम लाने के लिए शिक्षक सदैव तत्पर हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा सेतु योजना के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं में नवीन प्रवेश शुरू

प्रतापगढ़ | निदेशालय महिला अधिकारिता विभाग राजस्थान जयपुर द्वारा महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करने, निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने एवं शिक्षा से वंचित, विद्यालय छोड़ चुकी (ड्रॉप आउट) अथवा किसी कारणवश औपचारिक शिक्षा से दूर रह गई महिलाओं एवं बालिकाओं को पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से शिक्षा सेतु योजना संचालित की जा रही है। महिला अधिकारिता विभाग की सहायक निदेशक नेहा माथुर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत महिला अधिकारिता विभाग, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं का कक्षा 10वीं एवं 12वीं में निशुल्क पंजीयन कराता है। इस प्रणाली में वर्ष में दो बार परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं तथा कक्षा उत्तीर्ण करने के लिए अभ्यर्थियों को पांच वर्षों में कुल नौ अवसर प्रदान किए जाते हैं। शिक्षा सेतु योजना के अंतर्गत 45 वर्ष तक की महिलाएं राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल के पोर्टल पर ई-मित्र के माध्यम से अथवा स्वयं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। वर्ष 2026 के लिए स्ट्रीम-2 में प्रवेश/पंजीयन की तिथियां 10 जुलाई से 31 जुलाई तक (बिना विलंब शुल्क) व 1 अगस्त से 10 अगस्त तक (250 रुपए विलंब शुल्क सहित) निर्धारित की गई हैं। इसी प्रकार स्ट्रीम-1 में प्रवेश/पंजीयन की तिथियां 1 जुलाई से 31 अगस्त तक (बिना विलंब शुल्क), 1 सितम्बर से 15 सितम्बर तक (250 रुपए विलंब शुल्क सहित), 16 सितम्बर से 30 सितम्बर तक (350 रुपए विलंब शुल्क सहित) तथा 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक (500 रुपए विलंब शुल्क सहित) निर्धारित हैं। महिलाओं एवं बालिकाओं से शिक्षा सेतु योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने एवं समय पर आवेदन करने का आग्रह किया गया है। योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए कार्यालय सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, बगवास में संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा से बदलेगी जिंदगी: वीएसएसएल हर साल खर्च करेगा 25 लाख रुपए

भास्कर न्यूज | लुधियाना वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड ने अपने सीएसआर प्रोजेक्ट'दिशा' के तहत झुग्गी-बस्ती में रहने वाले 101 बच्चों को जीवन भर मुफ्त शिक्षा देने की पहल की है। ये बच्चे वर्धमान स्पेशल स्टील्स लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत बीसीएम स्कूल, फोकल पॉइंट में शिक्षा प्राप्त करेंगे। लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन और वर्धमान स्टील्स के सीएसआर, एडमिन हेड अमित धवन ने इन बच्चों की शिक्षा के लिए बीसीएम स्कूल के अधिकारियों को 16.75 लाख रुपये का चेक सौंपा। डिप्टी कमिश्नर ने जरूरतमंद बच्चों के लिए वीएसएसएल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सौम्या जैन और चेयरमैन सचित जैन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। सीएसआर हेड अमित धवन ने बताया कि वीएसएसएल इन बच्चों की जीवन भर की शिक्षा में मदद कर रहा है और इस प्रोजेक्ट पर हर साल लगभग 25 लाख रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

विज्ञान के साथ आत्म तत्व की चेतना जरूरी, शिक्षा में उपनिषद शामिल करना चाहते थे डॉ. कोठारी

उदयपुर। शान्तिपीठ भारत संस्थान की ओर से प्रख्यात वैज्ञानिक और शिक्षाविद् डॉ. दौलत सिंह कोठारी की जयंती पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसका विषय ‘व्यवहार में नैतिकता: उपस्थित चुनौतियों की चाबी’ था। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों ने डॉ. कोठारी की तस्वीर पर माल्यार्पण किया। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कैलाश डागा ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में डॉ. कोठारी का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। वे पूरे विश्व के शिक्षा जगत में शीर्ष स्थान रखते हैं। प्रो. डागा ने समन्वय, सच्ची सहिष्णुता और राजकार्य में आचार्य चाणक्य की आचार संहिता को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि उदयपुर नगर विधायक तारा चंद्र जैन ने कहा कि डॉ. कोठारी राजस्थान के र| और भारत के मनीषी थे । उन्होंने विश्व को विज्ञान के साथ ही अहिंसा और शांति की राह दिखाई । इस दौरान शान्तिपीठ के संस्थापक अनन्त गणेश त्रिवेदी ने विधायक जैन से शिल्पग्राम के पीछे बने तारामंडल का नामकरण डॉ. कोठारी के नाम पर करने का आग्रह किया, जिस पर विधायक ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रमुख वक्ता सामाजिक विज्ञान व मानविकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. नीरज शर्मा ने कहा कि ज्ञान और विज्ञान के समन्वय में हमेशा से नैतिकता की चेतना रही है। उन्होंने कर्म, अकर्म, विक्रम और सद्धर्म की व्याख्या की। शान्तिपीठ के संस्थापक अनंत गणेश त्रिवेदी ने कहा कि डॉ. कोठारी विज्ञान के साथ ही उपनिषद को भी शिक्षा में शामिल करना चाहते थे। वे प्रतिरक्षा विज्ञान और मानवीय संवेदना के आधार पर सशक्त राष्ट्र का सपना देखते थे। सुविवि के भौतिक विज्ञान विभाग अध्यक्ष प्रो. के.बी. जोशी, शांतिपीठ के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पायरोटेक इंटरनेशनल के प्रमुख डॉ. पी.एस. तलेसरा, नगर निगम के पूर्व आयुक्त दिनेश कोठारी, सिंचाई विभाग के पूर्व मुख्य अभियन्ता जी.पी. सोनी, शिक्षाविद् डॉ. परितोष दुग्गड़, एडवोकेट समर्थ लाल साहू, डॉ. हेमलता, पूर्व वन अधिकारी लक्ष्मीकांत जोशी और मांगीलाल मेघवाल ने भी विचार व्यक्त किए।

दैनिक भास्कर 7 Jul 2026 5:30 am

बीएचयू में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन:डॉ.मुखर्जी विरासत से संवरेगी 21वीं सदी की शिक्षा; राज्यपाल बोले- डिग्री-रोजगार तक सीमित न रहे पढ़ाई

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के यूनेस्को चेयर फॉर पीस एंड इंटरकल्चरल अंडरस्टैंडिंग तथा मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की विरासत के आलोक में इक्कीसवीं सदी के लिए शैक्षिक सुधार : शिक्षा की पुनर्कल्पना विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारम्भ मालवीय मूल्य अनुशीलन केन्द्र में हुआ। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के भारतीय राष्ट्रीय यूनेस्को सहयोग आयोग के सहयोग से आयोजित यह सम्मेलन डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 125वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। शिक्षकों को उत्तरदायी भी बनना होगा - राज्यपाल बिहारउद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन ने कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केन्द्र नहीं, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करने वाले रणनीतिक संस्थान हैं। उन्होंने विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान, नवाचार, अंतर्विषयी अध्ययन और उद्योग-जगत से सहयोग पर आधारित शैक्षिक सुधारों की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार नहीं, बल्कि विश्लेषणात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और उत्तरदायी नागरिकों का निर्माण होना चाहिए। जलवायु परिवर्तन सबसे बड़ी चुनौती विशिष्ट अतिथि यूनेस्को महात्मा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन फॉर पीस एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट के निदेशक प्रो. ओबिजियोफोर अगिनम ने शिक्षा को पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि करुणा, सहानुभूति और समालोचनात्मक चिंतन से युक्त नागरिक तैयार करना शिक्षा का मूल उद्देश्य होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सराहना करते हुए शिक्षार्थी-केंद्रित शिक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जलवायु परिवर्तन तथा सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था विकसित करने पर बल दिया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तीव्र तकनीकी बदलाव के दौर में शिक्षण पद्धति, पाठ्यक्रम, परीक्षा प्रणाली तथा कक्षा सहभागिता की पुनर्समीक्षा समय की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वविद्यालयों को शैक्षिक सुधारों का नेतृत्व करने वाला संस्थान बताते हुए विद्यार्थियों के बीच संवाद, शांति और संघर्ष-समाधान की संस्कृति विकसित करने पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 8:29 pm

गोंडा के तीन खंड शिक्षा अधिकारियों का ट्रांसफर:पदोन्नति के साथ दूसरे जिलों में मिली नई तैनाती, उपेंद्र कुमार त्रिपाठी बने वरिष्ठ प्रवक्ता डायट संतकबीर नगर

गोंडा में तैनात तीन खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का आज सोमवार 2 बजे एक आदेश जारी करके तबादला कर दिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव अवधेश कुमार तिवारी ने आज 6 जुलाई को यह आदेश जारी किया। इन अधिकारियों को पदोन्नति के साथ दूसरे जिलों में भेजा गया है, जबकि तीन नए वरिष्ठ प्रवक्ता गोंडा आए हैं। स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों में उपेंद्र कुमार त्रिपाठी शामिल हैं, जिन्हें गोंडा से संत कबीर नगर भेजा गया है। उन्हें वहां जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) संत कबीर नगर में वरिष्ठ प्रवक्ता बनाया गया है। चंद्रभूषण पांडेय का तबादला अयोध्या किया गया है, जहां वे डायट अयोध्या में वरिष्ठ प्रवक्ता का पद संभालेंगे। इसी तरह, रामखेलावन सिंह को भी गोंडा से बाराबंकी भेजा गया है, जहां उन्हें डायट बाराबंकी में वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में पदोन्नत किया गया है। विशेष सचिव के आदेशानुसार, इन तीनों खंड शिक्षा अधिकारियों को तत्काल अपने वर्तमान कार्यस्थल से कार्यमुक्त होकर नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें खंड शिक्षा अधिकारी से वरिष्ठ प्रवक्ता डायट के पद पर पदोन्नति मिली है। वहीं, रायबरेली में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात वीरेंद्र नाथ और अयोध्या में तैनात अमित श्रीवास्तव को भी पदोन्नति के बाद गोंडा भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, संत कबीर नगर में खंड शिक्षा अधिकारी रहे अर्जुन प्रसाद को भी पदोन्नति देकर गोंडा में वरिष्ठ प्रवक्ता डायट दर्जी कुआं बनाया गया है। गोंडा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि तीन खंड शिक्षा अधिकारियों को पदोन्नति मिली थी और उनका गोंडा से तबादला हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि तीन वरिष्ठ प्रवक्ता डायट दर्जीकुआँ, गोंडा में आए हैं। स्थानांतरित हुए अधिकारियों को कार्यमुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:36 pm

जहानाबाद में वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग:शिक्षकों ने नियमित वेतनमान, सेवा और सुरक्षा को लेकर दिया धरना, ज्ञापन सौंपा

जहानाबाद जिला मुख्यालय में सोमवार को वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने और शिक्षकों व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा व पेंशन की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया गया। यह कार्यक्रम बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के राज्यव्यापी महाआंदोलन के छठे चरण का हिस्सा था। प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक मांगपत्र सौंपा। इसमें वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के समायोजन, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष और रामलखन सिंह यादव कॉलेज, जहानाबाद के प्रभारी प्राचार्य डॉ. संजय यादव ने कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति केवल शिक्षकों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से भी जुड़ा है। उन्होंने सरकार से इन संस्थानों का समायोजन कर कर्मचारियों को सम्मानजनक सुविधाएं देने की अपील की। डॉ. यादव ने बताया कि राज्य के विभिन्न जिलों में इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। उन्होंने जहानाबाद के सभी वित्त रहित डिग्री कॉलेजों, इंटर कॉलेजों और विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षकेत्तर कर्मचारियों, प्राचार्यों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, अधिवक्ताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षा प्रेमियों से आंदोलन में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जहानाबाद से उठी यह आवाज पूरे बिहार में शिक्षक सम्मान और शिक्षा न्याय की लड़ाई को नई मजबूती प्रदान करेगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 3:22 pm

जहानाबाद में कांग्रेस का धरना-प्रदर्शन:वित्त रहित शिक्षा नीति समाप्त करने की मांग

जहानाबाद में सोमवार को कांग्रेस सेवा दल के नेतृत्व में कारगिल चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने, वित्त रहित कॉलेजों के समायोजन और शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के राज्यव्यापी महाआंदोलन के छठे चरण का हिस्सा था। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से वर्षों से उपेक्षित शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा में लाने की अपील की। वक्ताओं ने बताया कि वित्त रहित संस्थानों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी लंबे समय से आर्थिक असुरक्षा और असमानता का सामना कर रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के संयोजक संजय कुमार ने इस अवसर पर कहा कि वित्त रहित शिक्षा नीति का मुद्दा केवल शिक्षकों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था, लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और सामाजिक न्याय से जुड़ा एक गंभीर विषय है। उन्होंने सरकार से वित्त रहित कॉलेजों और शिक्षण संस्थानों का समायोजन कर वहां कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को नियमित वेतनमान, सेवा सुरक्षा, पेंशन और कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा जैसे लाभ उपलब्ध कराने की मांग की। संजय कुमार ने आरोप लगाया कि वर्षों से वित्त रहित शिक्षण संस्थानों से जुड़े शिक्षक और कर्मचारी उपेक्षा का शिकार हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी सरकार से इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहानाबाद से उठी यह आवाज पूरे बिहार में शिक्षक सम्मान और शिक्षा न्याय की लड़ाई को नई दिशा देगी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 3:04 pm

सोनीपत में NIFTM-K और मैसी यूनिवर्सिटी के बीच समझौता:खाद्य प्रौद्योगिकी, अनुसंधान और उच्च शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा, 5 सालों तक वैध रहेगा

सोनीपत जिले के कुंडली में स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम-कुंडली) ने न्यूजीलैंड की मैसी विश्वविद्यालय के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह करार 2 जुलाई 2026 को हुआ, जिसका उद्देश्य खाद्य प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अकादमिक और अनुसंधान सहयोग को मजबूत करना है। इस समझौता ज्ञापन पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव एपी दास जोशी, संयुक्त सचिव देवेश देवल और निफ्टम-कुंडली के निदेशक डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय सहित वरिष्ठ टीम की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। 5 वर्षों तक वैध रहेगा एमओयू सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाएं, तृतीय-पक्ष वित्तपोषण के लिए संयुक्त आवेदन, सेमिनारों और अकादमिक बैठकों में भागीदारी, संकाय और शोधकर्ताओं का आदान-प्रदान, और छात्र गतिशीलता कार्यक्रम शामिल हैं। दोनों संस्थानों के समर्पित समन्वयक इन सहयोगात्मक पहलों के कार्यान्वयन में सहायता करेंगे। यह समझौता 5 वर्षों तक वैध रहेगा और आपसी सहमति से इसे अगले 5 वर्षों के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है। यह एमओयू दोनों पक्षों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करता है और भविष्य में शैक्षणिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-बाध्यकारी ढांचा प्रदान करता है। इस सहयोग से अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग में वृद्धि होने, खाद्य प्रौद्योगिकी और प्रसंस्करण में नवाचार को बढ़ावा मिलने, ज्ञान के आदान-प्रदान में सुगमता आने और दोनों संस्थानों के छात्रों, शोधकर्ताओं और संकाय सदस्यों के लिए अधिक अवसर प्राप्त होने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 2:21 pm

BHU में रुद्राभिषेक:नए सेमेस्टर के दाखिले से पहले प्रोफेसर-अधिकारी शामिल हुए, कुलपति बोले- छात्रों की शिक्षा और सुरक्षा बेहतर होगी

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू होने से पहले कैंपस स्थित श्रीविश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की गई‌। इस दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन मौजूद रहा। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नया सत्र सभी के लिए शुभकारी हो, इसकी भी कामना की गई। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आज भगवान विश्वनाथ की पूजा-अर्चना कर विश्वविद्यालय की उन्नति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई। उन्होंने कहा कि उनकी कामना है कि विश्वविद्यालय पूरे तन, मन और धन से अध्ययन-अध्यापन के कार्य में निरंतर समर्पित रहे। साथ ही, छात्रों, शिक्षकों और सभी कर्मचारियों के हित में कार्य होते रहें तथा विश्वविद्यालय लगातार प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। शैक्षणिक माहौल और सुरक्षा होगा बेहतर पिछले महीने हुई छात्र से जुड़ी घटना के संबंध में पूछे गए सवाल पर कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन, छात्र और सभी संबंधित पक्ष मिलकर कार्य कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो। उन्होंने विश्वास जताया कि आपसी सामंजस्य और संवाद के माध्यम से विश्वविद्यालय का शैक्षणिक माहौल और अधिक बेहतर बनाया जाएगा। क्षेत्रफल के लिहाज से एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय BHU क्षेत्रफल के लिहाज ये एशिया का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय है। 13 सौ एकड़ में बने इस विश्ववविद्यालय में 6 संस्थान 14 संकाय के साथ ही 140 से अधिक विभाग मौजूदा समय में कार्यरत है। कैंपस के मध्य में भगवान शंकर का विशाल मंदिर है। जिसे मशहूर उद्योगपति युगल किशोर बिरला ने बनवाया है।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 12:41 pm

शिक्षा, खेल और संस्कृति में अव्वल छात्रों का सम्मान

मनेंद्रगढ़ | एकेडेमिक हाइट्स पब्लिक स्कूल में वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्यालय संचालकों ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन व वंदना के साथ किया। समारोह में शैक्षणिक, खेल, सांस्कृतिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ट्रॉफी व प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित कर कहा कि पुरस्कार केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम और उत्कृष्टता की प्रेरणा भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत व सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने का आह्वान किया। विद्यालय के संचालकों ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करना है। कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका काजल रजक ने किया। कार्यक्रम में शामिल मुख्य अतिथि, शिक्षक और विद्यार्थी।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

बच्चों को बांटे टाई-बेल्ट शिक्षा पर भी चर्चा की गई

सूरजपुर | शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय बेगारीडांड़ में विद्यार्थियों के अनुशासन, एकरूपता व आत्मविश्वास को बढ़ावा देने प्रेरणादायक पहल की। विद्यालय की शिक्षिका विनिता कोराम ने सभी विद्यार्थियों को टाई-बेल्ट बांटा। विद्यालय परिसर में कार्यक्रम के साथ-साथ पैरेंट्स मीटिंग (अभिभावक बैठक) का भी आयोजन किया, जिसमें अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। बिहारपुर सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र है, जहां विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी रहती है। वहां शिक्षिका विनीता कोराम ने कहा विद्यालयीन वेशभूषा में एकरूपता से अनुशासन के साथ-साथ आत्मसम्मान और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। उन्होंने आगे बताया कि शिक्षा के साथ-साथ व्यक्तित्व विकास भी आवश्यक है और ऐसे छोटे-छोटे प्रयास बच्चों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करते हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संस्कार और रोजगार जरूरी : डॉ. सुनील

विशेष संवाददाता | रांची विप्र फाउंडेशन जोन-6 की झारखंड प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकारिणी के सदस्यों ने रविवार को पदभार ग्रहण किया। मारवाड़ी भवन में आयोजित पदभार ग्रहण सह अभिनंदन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मुंबई से आए विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सीए डॉ. सुनील शर्मा ने पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण कराया। अध्यक्षता नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष सीए जयप्रकाश शर्मा ने की। समारोह में प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ रांची, जमशेदपुर, सिमडेगा, गिरिडीह, रामगढ़ और देवघर जिला इकाइयों के अध्यक्ष व महामंत्रियों के नामों की औपचारिक घोषणा की गई। प्रदेश अध्यक्ष सीए जयप्रकाश शर्मा ने संगठन की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि विप्र फाउंडेशन का उद्देश्य समाज को संगठित करना, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास करना तथा विभिन्न सामाजिक प्रकल्पों के माध्यम से अंतिम पंक्ति के जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाना है। मुख्य अतिथि डॉ. सुनील शर्मा ने कहा कि ब्राह्मण समाज के उत्थान के लिए शिक्षा, संस्कार और रोजगार सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि विप्र फाउंडेशन देशभर में इन क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। समाज की एकता से उसकी सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी भी सशक्त होगी।क्षेत्रीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा, झारखंड प्रभारी एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य निरंजन लाल शर्मा, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री शरद शर्मा व प्रदेश संगठन मंत्री प्रदीप शर्मा ने भी संगठन की गतिविधियों की सराहना करते हुए युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। मंच संचालन शशांक भारद्वाज ने किया। समारोह में अजय दाधीच, गणेश दायमा, अमित मणि शर्मा, प्रमोद सारस्वत, पवन शर्मा, रमेश चंद्र शर्मा, बबलू हरित, किशन शर्मा, रेखा शर्मा, अशोक पुरोहित, ललित शर्मा सहित विभिन्न जिलों से लोग उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 6 Jul 2026 5:30 am

CCSU से निकाला गया कांग्रेस का छात्र आक्रोश मार्च:केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग, 9 अगस्त तक लाखों युवाओं को जोड़ने का दावा

कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत रविवार को मेरठ में छात्रों और युवाओं ने शिक्षा, रोजगार और युवाओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर छात्र आक्रोश मार्च निकाला। अभियान के मेरठ शहर संयोजक अवनीश काजला और महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में निकले मार्च में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मार्च की शुरुआत चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) के मुख्य द्वार से हुई। इसके बाद मार्च तेजगढ़ी होते हुए वापस विश्वविद्यालय परिसर पहुंचकर समाप्त हुआ। पूरे मार्ग में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार की छात्र एवं युवा विरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, पेपर लीक बंद करो, युवाओं को रोजगार दो और शिक्षा बचाओ, भविष्य बचाओ जैसे नारे लगाए गए। मार्च को संबोधित करते हुए अभियान के शहर संयोजक अवनीश काजला ने कहा कि देश का छात्र और युवा वर्ग शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, लगातार हो रहे पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और अवसरों की कमी से परेशान है। उनका आरोप था कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि 'छात्रों की गूंज' अभियान छात्रों की आवाज को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाने का माध्यम है और मेरठ में इसे व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अवनीश काजला ने दावा किया कि मेरठ में अब तक करीब सात हजार छात्र-युवा इस अभियान से जुड़ चुके हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि 9 अगस्त तक चलने वाले अभियान के दौरान जिले से लाखों छात्र-युवा शिक्षा, रोजगार और अपने अधिकारों की लड़ाई में शामिल होंगे। मार्च में जाहिद अंसारी, धूम सिंह गुर्जर, हेमंत प्रधान, अल्तमस त्यागी, सुमित विकल, सहरयाब मुखिया, संजय कटारिया, राज केशरी, विनोद सोनकर, रवि कुमार, रीना शर्मा, मुस्ताजब चौधरी, अजीम प्रधान, सरताज चौधरी, राहत चौहान, यूसुफ अंसारी, इकराम चौधरी, दिनेश उपाध्याय, राजेंद्र जाटव, शिवकुमार शर्मा, विकास शर्मा, सोनम रानी, बबली देवी, अनिल प्रेमी, नसीम राजपूत, निशांत तोमर, शहबाज अली, इकरामुद्दीन अंसारी, हिमांशु शर्मा, जितेंद्र भारद्वाज, प्रवीण कुमार, अवधेश सक्सेना, मुजाहिद और यासिर सैफी समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा एवं कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 11:02 pm

ग्वालियर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम:युवाओं ने रैप, कविता और ओपन माइक के जरिए शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी पर उठाई आवाज

भारतीय युवा कांग्रेस के देशव्यापी छात्रों की गूंज अभियान के तहत रविवार शाम ग्वालियर के बैजाताल (मोतीमहल) पर ग्वालियर की GOONJ (Voices Turn Into Movements) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रैप, कविता, शायरी और ओपन माइक के माध्यम से छात्र-छात्राओं और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, बेरोजगारी और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी। कार्यक्रम का नेतृत्व भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं अभियान के संयोजक मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, युवा, कवि, कलाकार और युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से प्रस्तुत रचनात्मक प्रस्तुतियों के जरिए शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से सामने रखा गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था— “शब्द नहीं... ये आवाज़ है देश के युवाओं की।” अपने संबोधन में मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि देश का युवा अब केवल सुनने वाला नहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने वाला युवा है। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET, CBSE और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक, भ्रष्टाचार और अनियमितताओं ने लाखों छात्रों के सपनों को तोड़ा है। उनका कहना था कि जब मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य सुरक्षित नहीं होगा, तो देश का भविष्य भी सुरक्षित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि छात्रों की गूंज अभियान का उद्देश्य युवाओं को ऐसा लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे बिना किसी भय के अपनी बात रख सकें। उनके अनुसार ग्वालियर की GOONJ ने यह साबित किया है कि युवाओं की आवाज़ अब आंदोलन का रूप ले रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग पूरे देश में मजबूती से उठ रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों और परीक्षा प्रणाली पर सवाल उठाते हुए परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, पेपर लीक के मामलों में कठोर कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। समापन अवसर पर मितेंद्र दर्शन सिंह यादव ने कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के युवाओं की चेतना और परिवर्तन का मंच है। उन्होंने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और उनके भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होती, तब तक छात्रों की गूंज अभियान पूरे देश में जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 10:22 pm

खगड़िया में 5 हजार स्नातकों से संवाद:रजनीश रंजन ने रखे 7 वादे, रोजगार-शिक्षा के मुद्दों पर मांगा समर्थन

खगड़िया में कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद चुनाव-2026 के मद्देनजर रविवार को खगड़िया जिला मुख्यालय स्थित केएन क्लब में एक जिला स्तरीय स्नातक मतदाता संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से लगभग पांच हजार स्नातक मतदाता शामिल हुए। इसे कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के 74 वर्षों के इतिहास में पहली बार आयोजित ऐसा संवाद कार्यक्रम बताया गया है। कार्यक्रम में पहुंचते ही हुआ भव्य स्वागत कार्यक्रम स्थल पर पहुंचते ही संभावित एमएलसी प्रत्याशी रजनीश रंजन (कोसी पुत्र) का समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में उपस्थित स्नातक मतदाताओं को संबोधित करते हुए रजनीश रंजन ने कहा कि यदि उन्हें कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की जनता का समर्थन मिला, तो वे विधान परिषद में स्नातकों, शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों और बेरोजगार युवाओं के हितों की आवाज मजबूती से उठाएंगे। 'सात निश्चय' के जरिए रखीं अपनी प्राथमिकताएं उन्होंने अपने 'सात निश्चय' का उल्लेख करते हुए बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 5 लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराना होगी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 'एक पाठ्यक्रम-एक वेतनमान' लागू करने, वित्तरहित शिक्षा व्यवस्था की समस्या समाप्त करने, सभी स्नातकों के लिए जीवन सुरक्षा बीमा तथा शिक्षकों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों, संविदाकर्मियों एवं बेरोजगार स्नातकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करने का भी वादा किया। पुस्तकालय, हेल्थ सेंटर और भत्ते का भी किया जिक्र रजनीश रंजन ने अधिवक्ताओं के लिए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना, जिला, अनुमंडल एवं प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी की स्थापना तथा बेरोजगार स्नातकों के लिए मासिक भत्ता लागू कराने को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल बताया। रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर पूछे गए सवाल संवाद कार्यक्रम के दौरान स्नातक मतदाताओं ने रोजगार, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसरोकारों से जुड़े कई प्रश्न पूछे। रजनीश रंजन ने सभी सवालों का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि युवाओं का पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार पर लगातार दबाव बनाया जाएगा। उन्होंने जोर दिया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के प्रतिनिधि की भूमिका केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि स्नातकों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष करना भी आवश्यक है। कार्यक्रम में कई अन्य स्नातक मतदाताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और रजनीश रंजन के प्रति समर्थन जताया। कोर टीम ने जताया भरोसा, मनीषा रंजन ने किया आभार व्यक्त इस दौरान कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न जिलों से पहुंचे कोर टीम के सदस्यों ने आगामी चुनाव में उनके पक्ष में मजबूती से काम करने का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम के अंत में रेडियो ईस्ट एंड वेस्ट की महानिदेशिका एवं भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय की सीनेट सदस्या मनीषा रंजन ने सभी स्नातक मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि रजनीश रंजन एमएलसी बनते हैं तो वे खगड़िया सहित पूरे कोसी क्षेत्र के स्नातकों के हक और अधिकार की लड़ाई सड़क से लेकर सदन तक मजबूती से लड़ेंगे। कार्यक्रम का संचालन अमरजीत राठौर ने किया। मौके पर वरिष्ठ अधिवक्ता, शिक्षाविद, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्नातक मतदाता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 9:22 pm

राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान में पहुंचीं डिप्टी सीएम दीया कुमारी:बोलीं- शिक्षा से ही बनेगा विकसित भारत, मेधावी स्टूडेंट्स को आगे बढ़ाना समाज की जिम्मेदारी

राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान समारोह में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों का सम्मान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि शिक्षा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव है और मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ाना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। उन्होंने युवाओं को शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। स्वर्णकार सेवा दल की ओर से रविवार को बिड़ला सभागार में राष्ट्रीय शिक्षा रत्न सम्मान-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह के दौरान विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र, मेडल, स्मृति-चिह्न और स्टेशनरी सामग्री भेंट कर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई। समारोह में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक एवं समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर सम्मान मिलने की खुशी साफ दिखाई दी, वहीं अभिभावकों ने भी अपने बच्चों की सफलता पर गर्व महसूस किया। दिया कुमारी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर करती है। शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार, संस्कारी और जागरूक नागरिक बनाने की प्रक्रिया है। आज का विद्यार्थी कल का बनाएगा भारत उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भारत बनाएगा। इसलिए युवाओं को केवल पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रति भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा। सिर्फ अंक नहीं, संस्कार भी जरूरी दीया कुमारी ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी सबसे महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे अंक प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी अच्छा इंसान बनना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने माता-पिता, गुरुजनों और समाज के प्रति सम्मान बनाए रखने तथा अपनी प्रतिभा का उपयोग देश और समाज के विकास में करने का आह्वान किया। डिप्टी सीएम ने की स्वर्णकार सेवा दल की इस पहल की सराहना डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने स्वर्णकार सेवा दल की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना अत्यंत प्रेरणादायी कार्य है। ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब समाज अपने मेधावी बच्चों को पहचान देता है, तो वे और अधिक आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ते हैं और दूसरे विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बनते हैं। दीया कुमारी ने अपने संबोधन में सभी सामाजिक संगठनों और समाजों से आग्रह किया कि वे भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए ऐसे सम्मान समारोह आयोजित करें। होनहार बच्चों के सम्मान से शिक्षा का स्तर बेहतर होगा उन्होंने कहा कि अगर हर समाज अपने होनहार बच्चों का सम्मान करेगा, तो निश्चित रूप से शिक्षा का स्तर और बेहतर होगा और युवाओं में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा पैदा होगी। समारोह के दौरान सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। मेधावी छात्र-छात्राओं ने इसे अपने जीवन का यादगार पल बताया। वहीं अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के सम्मान बच्चों को आगे बढ़ने की नई प्रेरणा देते हैं और उनकी मेहनत को नई पहचान मिलती है।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:39 pm

आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के लिए जुटें कार्यकर्ता:तूल में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन में बोले शिक्षा मंत्री, 2047 तक विकसित भारत बनाने का आह्वान किया

भारतीय जनता पार्टी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मरण पखवाड़े के तहत रविवार को बैतूल के मैरीज गार्डन में जिला स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। डॉ. मुखर्जी के विचारों को बताया प्रेरणा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने राष्ट्रवाद के लिए अपना जीवन समर्पित किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रिमंडल में रहते हुए भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। जनसंघ की स्थापना कर उन्होंने जिस विचारधारा की शुरुआत की, वही आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाना डॉ. मुखर्जी के सपने को साकार करने वाला कदम है। मंत्री ने कार्यकर्ताओं से वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के लिए पूरी निष्ठा से काम करने की अपील की। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की सीख केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बैतूल सांसद दुर्गादास उइके ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और देश की एकता व अखंडता के मजबूत पक्षधर थे। उनके जीवन से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और सेवा व समर्पण की प्रेरणा मिलती है। बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर जिला संगठन प्रभारी एवं पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने स्मरण पखवाड़े के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और प्रत्येक बूथ पर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करने पर जोर दिया। औद्योगिक नीति में योगदान का किया उल्लेख भाजपा जिलाध्यक्ष सुधाकर पंवार ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने संविधान निर्माण के साथ स्वतंत्र भारत की औद्योगिक नीति को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने देश की पहली औद्योगिक नीति की रूपरेखा तैयार करने में उनकी भूमिका का उल्लेख किया।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:31 pm

'ई-अटेंडेंस में ढील नहीं, सभी शिक्षकों को लगाना पड़ेगा':बैतूल में बोले स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, चेक पोस्ट फिर हो सकते हैं चालू

बैतूल में रविवार को स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह एक पार्टी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी), ई-अटेंडेंस व्यवस्था और परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर सरकार का पक्ष रखा। टीईटी पर बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले का करेंगे पालन शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर मंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट जो भी निर्देश देगा, सरकार उसका पालन करेगी। विभाग इसके लिए तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी हो। अभी कोर्ट का अंतिम फैसला नहीं आया है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की मुख्य चिंता यह है कि जिस मापदंड के आधार पर उनकी नियुक्ति हुई थी, अब नए मापदंड क्यों लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इस मामले में सबसे पहले सुप्रीम कोर्ट गई थी। सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से कोर्ट को बताया गया है कि शिक्षकों का चयन तत्कालीन नियमों के अनुसार हुआ था। इसके बावजूद यदि कोर्ट परीक्षा कराने का निर्देश देता है तो सरकार उसका पालन करेगी। ई-अटेंडेंस पर सख्त रुख ई-अटेंडेंस को लेकर मंत्री ने कहा कि सभी शिक्षकों को तय समय पर स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। उन्होंने कहा कि सुबह स्कूल आना और शाम तक अपनी जिम्मेदारी निभाना सभी के लिए अनिवार्य है। ई-अटेंडेंस का पालन भी ईमानदारी से करना होगा। उन्होंने बताया कि करीब 98 प्रतिशत अतिथि शिक्षक और 90 प्रतिशत नियमित शिक्षक ई-अटेंडेंस दर्ज कर रहे हैं। कुछ लोगों की वजह से पूरी व्यवस्था नहीं रोकी जा सकती। नेटवर्क वाले क्षेत्रों में मिलेगी राहत मंत्री ने कहा कि उपस्थिति मोबाइल या अन्य स्वीकृत माध्यम से दर्ज करना अनिवार्य है। जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की समस्या है, वहां छूट दी जा रही है। महिलाओं, बीमारी की स्थिति और मातृत्व अवकाश पर रहने वाली महिला अतिथि शिक्षकों को भी आवश्यक राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के करीब एक हजार गांवों में नेटवर्क की समस्या है। ऐसे लगभग 7 से 8 प्रतिशत शिक्षकों को राहत दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य विसंगतियों को दूर कर शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना है। इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट फिर शुरू हो सकते हैं परिवहन विभाग के इंटीग्रेटेड चेक पोस्टों को लेकर मंत्री ने कहा कि भविष्य में इन्हें फिर से शुरू किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार ने रिव्यू पिटिशन दायर की है। मंत्री ने कहा कि सरकार इस पर अध्ययन कर रही है कि जिन चेक पोस्टों पर पहले से बड़ा निवेश हुआ है, वहां परिवहन, खनिज, कृषि और वाणिज्य विभागों का संयुक्त अमला तैनात कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाए। यदि यह व्यवस्था पारदर्शी और प्रभावी साबित होती है तो इसे लागू करने पर विचार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:53 pm

नालंदा में 'भामाशाह सम्मान समारोह' मनाया, 70 मेधावी छात्र सम्मानित:समाज को संगठित-शिक्षित बनाने का लिया संकल्प, मंत्री बोले- शिक्षा ही समाज के उत्थान का माध्यम

बिहारशरीफ में रविवार को 'भामाशाह सम्मान समारोह' का भव्य आयोजन किया गया। नालंदा जिला तैलिक महासभा के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के 70 मेधावी छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन का आधार- मंत्री समारोह के मुख्य अतिथि बिहार सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि शिक्षा ही समाज के उत्थान का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने समाज के लोगों से आह्वान किया कि वे अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा, वैश्य समाज का गौरव लगातार बढ़ रहा है। सरकार की नीतियों के कारण आज समाज को राजनीति और प्रशासन में उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है। मंत्री ने समाज को हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। भामाशाह के त्याग से लेनी होगी प्रेरणा कार्यक्रम के संयोजक प्रद्युम्न कुमार ने कहा कि दानवीर भामाशाह का जीवन त्याग, राष्ट्रभक्ति और परोपकार का प्रतीक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब समाज संगठित होगा, तभी राष्ट्र सशक्त बनेगा। उन्होंने युवाओं को आगे बढ़ाने और सामाजिक एकजुटता को मजबूत करने पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता कर रहे प्रो. अनिल कुमार ने कहा कि भामाशाह ने लोककल्याण के लिए जो मिसाल पेश की, वह आज भी प्रासंगिक है। वर्तमान पीढ़ी को उनके जीवन दर्शन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। राजनीतिक हस्तियों ने की सराहना कार्यक्रम में बिहार विधानसभा के सचेतक संजीव चौरसिया ने समाज को नेतृत्व के लिए तैयार होने की सीख दी। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ-साथ राजनीति और प्रशासन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना आज की जरूरत है। वहीं, जदयू नेता संजय सर्राफ ने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी में संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। मेधावियों का हुआ सम्मान समारोह का मुख्य आकर्षण बी.एससी. परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 70 मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। उन्हें प्रशस्ति-पत्र देकर भविष्य के लिए प्रोत्साहित किया गया। सम्मानित छात्रों ने इसे अपने लिए बड़ा प्रोत्साहन बताया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित गणमान्य नागरिकों, बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार और भामाशाह के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर शैलेंद्र जी, अवधेश मुखिया, अरुण सैनी, विनोद वर्णवाल, डॉ. श्याम बिहारी, डॉ. सचिन, वार्ड पार्षद सोनू, विनीत चौधरी, राजेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 3:30 pm

उत्तराखंड में शिक्षा और कौशल विकास को बड़ा बढ़ावा, CM धामी ने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के नए एकेडमिक ब्लॉक का किया लोकार्पण

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नैनीताल जनपद के भीमताल में स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के नवनिर्मित एकेडमिक ब्लॉक और अत्याधुनिक ऑडिटोरियम का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने ग्राफिक एरा कौशल ज्योति योजना का भी शुभारंभ किया, ...

वेब दुनिया 5 Jul 2026 9:19 am

70 हजार टीचर्स को टीईटी से बचाने की कोशिश:MP में 2005 से 2009 के बीच भर्ती शिक्षकों के लिए फिर सुप्रीम कोर्ट जाएगा स्कूल शिक्षा विभाग

एमपी के करीब 70 हजार टीचरों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) से राहत दिलाने स्कूल शिक्षा विभाग सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाएगा। विभाग का तर्क है कि साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए शिक्षकों ने पहले ही सरकारी चयन परीक्षा पास कर नौकरी हासिल की थी, इसलिए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। यदि सुप्रीम कोर्ट यह दलील स्वीकार करता है, तो हजारों शिक्षकों को राहत मिल सकती है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के सितंबर 2025 के आदेश के बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने अप्रैल में निर्देश जारी कर प्रदेश के स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के उन सभी शिक्षकों के लिए जुलाई-अगस्त में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) आयोजित कराने को कहा है, जिनकी नियुक्ति साल 1998 से 2009 के बीच, यानी शिक्षा का अधिकार (आरटीई) कानून लागू होने से पहले हुई थी। इस आदेश से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि पांच साल से कम है, उन्हें परीक्षा से छूट मिलेगी। वहीं, पांच साल से अधिक सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना जरूरी होगा। परीक्षा पास नहीं करने वाले टीचरों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति का सामना करना पड़ेगा। कोर्ट ने TET पास करने की समयसीमा पहले 31 अगस्त 2027 तय की थी। जिसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2028 कर दी गई है। 2005 से 2009 में भर्ती शिक्षकों को राहत दिलाने की तैयारी स्कूल शिक्षा विभाग साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती हुए करीब 70 हजार शिक्षकों को पात्रता परीक्षा से राहत दिलाने के लिए नया कानूनी प्रयास कर रहा है। इन शिक्षकों की नियुक्ति सरकार द्वारा आयोजित भर्ती परीक्षा के आधार पर हुई थी। हालांकि, यह परीक्षा शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) नहीं थी और न ही इसे नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) के निर्धारित मानकों के अनुरूप आयोजित किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, विधि विभाग और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ताओं से राय लेने के बाद राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर कर सकती है। याचिका में अदालत से अनुरोध किया जाएगा कि साल 2005 से 2009 के बीच भर्ती शिक्षकों ने पहले ही सरकारी चयन परीक्षा पास कर नियुक्ति प्राप्त की है, इसलिए उन्हें दोबारा पात्रता परीक्षा देने से छूट दी जाए। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इस याचिका में राहत मिलने की संभावना सीमित है, लेकिन शिक्षकों के हित को देखते हुए यह कानूनी पहल की जा रही है। यदि सुप्रीम कोर्ट राहत देता है, तो पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले करीब आधे शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकता है। फिलहाल मामला विचाराधीन होने के कारण विभाग के अधिकारी आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। व्यापमं के माध्यम से इन वर्षों में हुई शिक्षक भर्ती स्कूल शिक्षा विभाग ने साल 2005-06 में पहली बार व्यापमं (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) के माध्यम से शिक्षकों की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। इसके बाद 2008-09 में भी व्यापमं के जरिए भर्ती परीक्षा कराकर शिक्षकों की नियुक्तियां की गईं। वहीं 2010-11 और 2012-13 में गुरुजी और अनुदेशकों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई, जिसके बाद उन्हें अध्यापक के रूप में नियुक्त किया गया। दोबारा याचिका पर भी नहीं मिली राहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने पात्रता परीक्षा कराने के निर्देश जारी किए तो शिक्षक संगठनों ने इसका विरोध किया। इसके बाद विभाग और शिक्षक संगठनों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर आदेश में राहत की मांग की, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट कर दिया कि पात्रता परीक्षा देना अनिवार्य होगा और इस शर्त में कोई छूट नहीं दी जा सकती। हालांकि, कोर्ट ने शिक्षकों को आंशिक राहत देते हुए परीक्षा आयोजित करने की समय-सीमा एक साल बढ़ाकर अगस्त 2028 तक कर दी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि जो शिक्षक पहली बार में परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाएंगे, उन्हें बाद में होने वाली प्रत्येक पात्रता परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिलेगा। ऐसे में अब स्कूल शिक्षा विभाग के पास निर्धारित समय-सीमा के भीतर पात्रता परीक्षा आयोजित कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। 65 से अधिक याचिकों का खारिज कर चुका है सुप्रीम कोर्ट शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) को लेकर सुप्रीम कोर्ट 65 से अधिक पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर चुका है। ये याचिकाएं राज्य सरकारों, शिक्षक संगठनों और व्यक्तिगत शिक्षकों ने दायर की थीं। सभी ने 2025 के फैसले पर पुनर्विचार मांगा था। RTE एक्ट में पहले से न्यूनतम योग्यता हासिल करने की व्यवस्था अलग-अलग पुनर्विचार याचिकों पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा था कि TET परीक्षा कराने में समय और संसाधन लगते हैं, इसलिए दो साल की अवधि बढ़ाकर तीन साल की गई है। मामला उन शिक्षकों से जुड़ा है जिन्हें RTE एक्ट 2009 लागू होने से पहले नियुक्त किया गया था और जिनके रिटारमेंट में पांच साल से अधिक समय बाकी है। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 के फैसले में कहा था कि ऐसे शिक्षकों को 1 सितंबर 2025 से दो साल के भीतर TET पास करना होगा। कोर्ट ने कहा कि राइट ऑफ चिल्ड्रन टू फ्री एंड कंपल्सरी एजुकेशन (RTE) एक्ट में पहले से व्यवस्था है कि सेवा में मौजूद शिक्षक भी तय समय में न्यूनतम योग्यता हासिल करें। कानून लागू होने के समय सेवा में रहे शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान था और उन्हें आवश्यक योग्यता हासिल करने का समय दिया गया था। इससे स्पष्ट है कि संसद चाहती थी कि सभी शिक्षक न्यूनतम मानकों को पूरा करें। कोर्ट ने कहा कि नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) की अधिसूचनाएं या अधीनस्थ नियम मूल कानून से ऊपर नहीं हो सकते, इसलिए किसी छूट के आधार पर TET की अनिवार्यता खत्म नहीं की जा सकती। बेंच ने कहा कि केवल नौकरी जाने की आशंका के आधार पर फैसला निष्प्रभावी नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे बिना TET योग्यता वाले शिक्षक सेवा में बने रहेंगे और इसका असर आने वाली पीढ़ियों की शिक्षा पर पड़ेगा। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया था कि 2011 के संशोधन से पहले नियुक्त शिक्षकों को करियर के बीच में TET पास करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता और इससे सेवा शर्तों में अनुचित बदलाव होगा। सुप्रीम कोर्ट ने यह दलील भी खारिज कर दी। यह खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य:SC ने कहा- बच्चों के भविष्य से समझौता नहीं, पात्रता परीक्षा जरूरी; 1 साल का अतिरिक्त समय मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 6:47 am

टोल टैक्स पर मंत्री का ज्ञान:बागेश्वर बाबा की शरण में शिक्षा मंत्री, प्रिंसिपल का 'पॉकेट मनी' प्रेम

बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:38 am

अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना : फॉर्म 12 तक

बलौदाबाजार| कृषि क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार हेतु 31 जुलाई 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के लिए चयनित किसानों को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह सम्मान 1 नवंबर 2026 को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिया जाएगा। महासमुंद| बीएनवाईएस प्रथम व द्वितीय वर्ष की पूरक परीक्षा 20 से 24 जुलाई तक, सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्र श्री महावीर प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय, नगपुरा निर्धारित है। 2024-25 बैच के छात्र ऑनलाइन और पूर्व छात्र ऑफलाइन आवेदन 9 जुलाई तक कर सकते हैं। महासमुंद| श्रमिकों के बच्चों के लिए संचालित 'अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना' में आवेदन की अंतिम तिथि 3 जुलाई से बढ़ाकर 12 जुलाई कर दी गई है। इस योजना के तहत कक्षा 5वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी उत्कृष्ट आवासीय विद्यालयों में निशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी पोर्टल shramevjayate. cg. gov .in या चॉइस सेंटर के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

शिक्षा, चिकित्सा व पर्यावरण के लिए बढ़ाया सेवा का दायरा

बाड़मेर | महावीर इंटरनेशनल एपेक्स के स्थापना दिवस पर महावीर इंटरनेशनल केंद्र बाड़मेर ने महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्रेजी माध्यम में कार्यक्रम किया। संस्था ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। एक पौधा मां के नाम अभियान के तहत सघन पौधरोपण किया। नए शिक्षण सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के स्वागत के लिए विद्यालय प्रवेश कार्यक्रम भी हुआ। महावीर इंटरनेशनल एपेक्स ने इस साल 4 जुलाई को स्थापना दिवस पर पूरे भारत में शिक्षा व पर्यावरण को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। देश के चुनिंदा स्कूलों की शिक्षण व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर के विशेष कार्यक्रम में शामिल किया गया। इसमें बाड़मेर के महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालय को भी शामिल किया गया। कार्यक्रम को यादगार बनाने के लिए संस्था ने स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं को कॉपियां मुफ्त बांटी। महावीर इंटरनेशनल बाड़मेर के अध्यक्ष बाबूलाल संखलेचा ने कहा कि इस साल सेवा कार्यों का दायरा बढ़ाया गया है। पर्यावरण को सुरक्षित रखना है। सचिव गौतम बोथरा ने कहा महावीर इंटरनेशनल समय-समय पर सेवा प्रकल्प चलाता है। सामाजिक कार्यक्रम करता है। यह सेवा यात्रा आगे भी जारी रहेगी।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

भारतीय शिक्षा व्यवस्था में संस्कृति को केंद्र में रखना जरूरी

भास्कर संवाददाता | बड़वानी शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास व शासकीय आदर्श कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को न्यास का स्थापना दिवस भारतीय शिक्षा दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम में भारतीय शिक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय शिक्षा नीति व भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा के केंद्र में रखने पर जोर दिया। मुख्य वक्ता मप्र लोक सेवा आयोग इंदौर के परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा भारतीय संस्कृति व ज्ञान परंपरा को शिक्षा का आधार बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वैदिक गणित, भारतीय ज्ञान परंपरा, पर्यावरण, शिक्षक शिक्षा व आत्मनिर्भरता जैसे विषयों को शामिल करने में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय लोकनायकों, लोकभाषाओं व लोक परंपराओं को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जोड़ना है। भारतीय ग्रंथों में निहित वैज्ञानिक दृष्टि को लंबे समय तक उचित महत्व नहीं मिला। अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा को पुनः स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने की। उन्होंने कहा भारतीय शिक्षा दिवस हमारी ज्ञान परंपरा, संस्कृति व संस्कारों के प्रति समर्पण का प्रतीक है। मुख्य अतिथि राजेश गुप्ता ने कहा ज्ञान तभी सार्थक होता है, जब उसके साथ विवेक और संस्कार जुड़े हों। जो जीवन जीने की सही दिशा दे, वही वास्तविक गुरु है। विशिष्ट अतिथि रामसागर मिश्र ने कहा शिक्षा में ज्ञान, स्वाभिमान और स्वावलंबन का समावेश जरूरी है। उन्होंने प्राचीन गुरुकुल परंपरा को व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम की शुरुआत वंदे मातरम्, सरस्वती पूजन व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। डॉ. दिनेश पाटीदार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। संचालन डॉ. अनिल पाटीदार ने किया, जबकि आभार डॉ. बीएस मुझाल्दा ने व्यक्त किया। अतिथियों का स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 5 Jul 2026 5:30 am

UP के 10-लाख शिक्षक–कर्मचारियों का 1 करोड़ तक का बीमा:बेसिक शिक्षा विभाग और SBI के बीच 8 जुलाई को होगा ऐतिहासिक समझौता

उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को 1 करोड़ तक का बीमा कवच मिलने जा रहा है। 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच इस पर समझौता होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक इस समझौते के तहत विभाग में कार्यरत 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा, दोनों तरह के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए बस इन कर्मचारियों का सैलरी खाता एसबीआई में खोलना होगा। इसका लाभ नियमित शिक्षक, अन्य सहयोगी कर्मचारी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मी, मिड–डे मील से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों ये लाभ मिलेंगे– बच्चों के लिए एड-ऑन कवर किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए अलग से वित्तीय सहायता (एड-ऑन कवर) का प्रावधान भी इस समझौते में किया गया है। योगी सरकार ने संविदा कर्मियों का भी पूरा ध्यान रखा है। इन्हें वेतन के आधार पर दो श्रेणियों में लाभ मिलेगा। श्रेणी 1: 10,000 से अधिक मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी श्रेणी 2: 10,000 से कम मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ?

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 9:39 pm

जेएनयू छात्रसंघ संयुक्त सचिव की तबीयत बिगड़ी:अस्पताल में भर्ती कराए गए दानिश अली, प्रदर्शनकारियों ने की शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली। जेएनयू छात्रसंघ के संयुक्त सचिव दानिश अली की तबीयत शनिवार को भूख हड़ताल के सातवें दिन गंभीर रूप से बिगड़ गई। छात्र संगठन आइसा के अनुसार, शाम करीब 5.30 बजे उन्हें डॉ राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल में भर्ती कराया गया। संगठन का दावा है कि लगातार उपवास के कारण उनका ब्लड शुगर स्तर घटकर 46 एमजी/डीएल पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल ले जाना पड़ा और आईवी फ्लूइड चढ़ाया गया। अस्पताल ले जाते समय जंतर-मंतर पर मौजूद बड़ी संख्या में छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की। छात्र संगठन का कहना है कि दानिश अली समेत आंदोलन में शामिल छात्र लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। 20 से अधिक प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल आइसा के मुताबिक, दानिश अली के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद सोनम वांगचुक सहित 20 से अधिक प्रदर्शनकारी अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं। संगठन ने आरोप लगाया कि आंदोलन को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारियों की स्वास्थ्य स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। आइसा ने कहा, दानिश अली की बिगड़ती तबीयत आंदोलन की गंभीरता को दिखाती है। सरकार को तत्काल छात्रों की मांगों पर संवाद शुरू करना चाहिए।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 8:48 pm

NCZCC में कला शिक्षा, रोजगार पर विमर्श:डॉ. सचिन सैनी बोले: कला शिक्षा बनाती है आत्मनिर्भर युवा, नई नीति में भूमिका अहम

प्रयागराज में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) द्वारा आयोजित संवाद श्रृंखला 'विमर्श' के तहत शनिवार को 'कला शिक्षा से रोजगार तक की यात्रा' विषय पर एक परिचर्चा हुई। इस कार्यक्रम में कला शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने जोर दिया कि बदलते समय में कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता का मजबूत आधार बन रही है। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा, उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय, मुख्य वक्ता डॉ. सचिन सैनी और राज्य ललित कला अकादमी के अभिनव दीप ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डॉ. सचिन सैनी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के दृश्य कला विभाग में सहायक आचार्य हैं। मुख्य वक्ता डॉ. सचिन सैनी ने कहा कि कला हमारी सांस्कृतिक धरोहर की पहचान है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कला शिक्षा का उद्देश्य केवल कलाकार तैयार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, कौशल, संवेदनशीलता और नवाचार की क्षमता विकसित करना भी है। डॉ. सैनी के अनुसार, यदि कला को तकनीक, नवाचार और उद्यमिता से जोड़ा जाए, तो यह युवाओं के लिए सम्मानजनक आजीविका का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने अपने व्याख्यान में कला शिक्षा की पारंपरिक विरासत से लेकर आधुनिक समय में उसके बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। डॉ. सैनी ने डिजाइन, डिजिटल आर्ट, एनीमेशन, संग्रहालय, कला संरक्षण, सांस्कृतिक संस्थानों, कला शिक्षण, शोध और रचनात्मक उद्योगों जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार की व्यापक संभावनाएँ बताईं। डॉ. सैनी ने नई शिक्षा नीति के संदर्भ में कला शिक्षा की बढ़ती उपयोगिता पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में कला शिक्षा की भूमिका पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता को व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए निरंतर प्रयास करने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने कला शिक्षा और करियर से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका डॉ. सैनी ने सरल और तथ्यपरक उत्तर दिए। कार्यक्रम के अंत में केंद्र निदेशक सुदेश शर्मा ने मुख्य वक्ता को अंगवस्त्र एवं पौधा भेंटकर सम्मानित किया। इस परिचर्चा में बड़ी संख्या में कला प्रेमी, विद्यार्थी, शोधार्थी और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 8:11 pm

'सनातन परंपरा को जीवंत रखने में गुरुकुल महत्वपूर्ण':पूर्व राजद प्रत्याशी ने शिवहर में वैदिक शिक्षा व्यवस्था की सराहना की

शिवहर विधानसभा के पूर्व राजद प्रत्याशी नवनीत कुमार झा ने शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ वैदिक गुरुकुलम वेद विद्यालय, बभनटोली का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने गुरुकुल में अध्ययनरत बटुकों से मुलाकात की और वैदिक शिक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया। विद्यालय परिसर में नवनीत कुमार झा ने बटुकों से वेद, वेदांग, संस्कृत अध्ययन, दैनिक दिनचर्या और गुरुकुल परंपरा के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों के वैदिक अध्ययन की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन ज्ञान परंपरा को जीवंत बनाए रखने में ऐसे गुरुकुलों की महत्वपूर्ण भूमिका है। झा ने कहा कि शिवहर जैसे जिले में वैदिक शिक्षा का यह केंद्र स्थापित होना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने इसे केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने गुरुकुल के संचालकों और आचार्यों के प्रयासों की प्रशंसा की। पूर्व राजद प्रत्याशी ने जोर दिया कि आज के दौर में जहां युवा अपनी सांस्कृतिक विरासत से दूर हो रहे हैं, वहीं इस प्रकार के गुरुकुल उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में यह संस्थान वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा। गुरुकुल के प्राचार्य पंडित जयकांत शास्त्री ने बताया कि यहां वेद, व्याकरण, धर्मशास्त्र, संस्कार, कर्मकांड, ज्योतिष और संस्कृत सहित अन्य सामान्य विषयों की विशेष तैयारी कराई जाती है। गुरुकुल परिवार ने नवनीत कुमार झा का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। उन्हें संस्थान की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया गया। उनके आगमन से बटुकों और गुरुकुल परिवार में उत्साह का माहौल देखा गया।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 7:58 pm

शिक्षा मंत्री बोले- अंग्रेजी मीडियम स्कूल बंद नहीं होंगे:यह केवल अफवाहें हैं; जहां स्टूडेंट्स नहीं होंगे, ऐसी जगह निर्णय लिया जा सकता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पचपदरा रिफाइनरी के लोकार्पण के अवसर पर कोटा में भी जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। शहर के सियाम ऑडिटोरियम में हुए आयोजन में शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी और भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश जैन सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। समारोह के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- पचपदरा रिफाइनरी राजस्थान के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से करीब 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और लगभग एक लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलने की संभावना है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मंत्री ने बताया- यमुना जल परियोजना का लाभ शेखावाटी क्षेत्र के कई जिलों तक पहुंचेगा, जिससे लगभग 75 लाख लोगों को पेयजल राहत मिलेगी। अंग्रेजी माध्यम स्कूल बंद नहीं होंगे शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को बंद किए जाने की खबरों पर लोगों को ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल अफवाहें हैं। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में विद्यार्थी ही नहीं होंगे, ऐसे विद्यालयों के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जा सकता है, लेकिन जहां बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां के विद्यालय किसी भी स्थिति में बंद नहीं किए जाएंगे। साथ ही उन्होंने बताया कि प्रदेशभर के जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और आवश्यक निर्माण कार्यों पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और इस संबंध में विभाग को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 7:19 pm

प्रभारी डॉक्टर और फार्मासिस्ट पर कार्रवाई के निर्देश:मिर्जापुर में डीएम को निरीक्षण में मिली अनियमितताएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुधार के निर्देश

मिर्जापुर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार ने शनिवार को मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) हलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार बिना पूर्व स्वीकृत अवकाश के अनुपस्थित मिले। साथ ही वे बिना अनुमति जिला मुख्यालय से बाहर पाए गए। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए जिलाधिकारी ने उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने के निर्देश दिए। दवा वितरण कक्ष की जांच में फार्मासिस्ट अजय कुमार कुशवाहा द्वारा दवाओं के वितरण का इंडेक्स तैयार न किए जाने तथा अभिलेखों का समुचित रखरखाव न होने की बात सामने आई। इस पर जिलाधिकारी ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए फार्मासिस्ट को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार, दवा वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने तथा मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी ने हलिया क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भटवारी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई से संबंधित जानकारी ली और शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिक्षकों से विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर विशेष ध्यान देने और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:42 pm

कांग्रेस का वित्त रहित शिक्षा नीति के खिलाफ धरना-प्रोटेस्ट:कैमूर में मांगें नहीं मानने पर 24 अगस्त को कफन यात्रा की चेतावनी

बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल ने वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त करने और शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना भभुआ में आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व सेवा दल के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय यादव ने किया। मीडिया से बात करते हुए डॉ. यादव ने बताया कि यह आंदोलन पूरे बिहार में चलाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 30 जुलाई को अरवल से हुई थी, जिसके बाद आरा, बक्सर और सासाराम में भी प्रदर्शन किए गए। भभुआ में यह इसी कड़ी का हिस्सा था। ''सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा'' उन्होंने सरकार की वर्तमान शिक्षा नीति पर सवाल उठाए। डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री का हर प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने का सपना है, लेकिन उन्हें सही मार्गदर्शन नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज चार-चार कमरों में डिग्री कॉलेज खोले जा रहे हैं, जबकि वित्त रहित शिक्षकों के पास करोड़ों रुपये की भूमि और भवन उपलब्ध हैं, जो माननीय राज्यपाल के नाम पर पंजीकृत हैं। कांग्रेस सेवा दल की मुख्य मांग है कि सरकार इन कॉलेजों और स्कूलों का अधिग्रहण करे। साथ ही, वित्त रहित शिक्षा नीति को समाप्त कर शिक्षकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा प्रदान करे। मुख्यमंत्री आवास के सामने कफन पदयात्रा निकाली जाएगी - डॉ. यादव डॉ. यादव ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती है, तो सभी 38 जिलों का दौरा पूरा करने के बाद 24 अगस्त को पटना में मुख्यमंत्री आवास के सामने 'कफन पदयात्रा' निकाली जाएगी। उन्होंने कहा कि 40 वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक अब सेवानिवृत्ति के करीब हैं और भुखमरी की कगार पर हैं। इसलिए सरकार या तो उन्हें नियत वेतनमान दे या फिर कफन।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 4:57 pm

केटीयू में बनेगा सेंटर ऑफ एक्सीलेंस:रायपुर और हिसार विश्वविद्यालय मिलकर करेंगे जनसंचार शिक्षा में सहयोग, रिसर्च और टेक्नोलॉजी पर फोकस

रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में जनसंचार शिक्षा और शोध को मजबूत करने के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का विशेष दौरा किया। यहां उन्होंने कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई के साथ बैठक की और इस पूरे प्रोजेक्ट पर विस्तार से चर्चा की। जनसंचार में बनेगा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ बैठक में दोनों विश्वविद्यालयों के बीच इस बात पर सहमति बनी कि जनसंचार शिक्षा, उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में मिलकर काम किया जाएगा। इसी के तहत रायपुर विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने का निर्णय लिया गया। नई तकनीक और रिसर्च से जुड़ेंगे छात्र चर्चा के दौरान यह भी तय हुआ कि इस सेंटर के जरिए शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाएगा और इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। साथ ही, छात्रों को नई तकनीक, आधुनिक मीडिया और रिसर्च से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। कुलपति प्रो. मनोज दयाल ने कहा कि इस पहल का मकसद जनसंचार शिक्षा में नया रोडमैप तैयार करना है, जिसमें अकादमिक सुधार, रिसर्च को बढ़ावा और रणनीतिक विकास शामिल रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया इंडस्ट्री और अकादमिक क्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव मिल सके। इस सहयोग के तहत दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त शोध परियोजनाएं शुरू की जाएंगी। इसके साथ ही छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान (एक्सचेंज प्रोग्राम) के नए अवसर भी बनाए जाएंगे, जिससे शिक्षा और शोध दोनों स्तरों पर नई संभावनाएं खुलेंगी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 3:58 pm

कानपुर सांसद रमेश अवस्थी बोले:प्राथमिक स्कूल में पार्टी का बैनर लगाना गलत, सपा विधायक ने शिक्षा के मंदिर को बनाया राजनीति का अखाड़ा

कानपुर सांसद ने परमट के प्राथमिक स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के बच्चों को वितरित की गई स्कूल ड्रेस, और हेडमास्टर को सस्पेंड किए जाने पर विधायक पर स्कूल को राजनीतिक अखाड़ा बनाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एक जुलाई को प्रधानाचार्य नवीन कुमार त्रिपाठी को मेरे द्वारा स्कूल में ड्रेस वितरित किए जाने की बात की गई थी। जिसका पेमेंट कर ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन प्रिंसिपल ने कहा कि 1 और 2 जुलाई को स्टाफ बाहर रहेगा, इसलिए दो दिन बाद का कार्यक्रम रख लीजिए। फिर एक जुलाई को अखिलेश का जन्मदिन मनाकर वहां ड्रेस वितरित किया जाना। स्कूल के क्लासरूम में राजनीतिक बैनर लगाकर बर्थ-डे मनाना, ये ठीक नहीं है। दैनिक भास्कर ऐप से कानपुर के सांसद ने शनिवार को दोपहर 12 बजे फोन पर बातचीत में बताया कि परमट के प्राथमिक विद्यालय के हेडमास्टर नवीन से बात हुई थी कि एक जुलाई को विद्यालय में बच्चों को ड्रेस वितरित करनी है। लेकिन हेडमास्टर ने बताया कि स्कूल स्टाफ कहीं ट्रेनिंग पर बाहर जा रहा है, इसलिए उस दिन रहने दीजिए। उन्होंने मुझे 6 जुलाई की तारीख दी, क्योंकि 3 जुलाई को मुझे दिल्ली जाना था। इस पर मैंने कहा ठीक है। ड्रेस की बात भी हो गई थी, पेमेंट कर 30 जून को ही ड्रेस भी मंगा दी गई थी। लेकिन परमट स्थित प्राथमिक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे सपा विधायक पॉलिटिक्स का अखाड़ा बना रहे हैं। स्कूल पर राजनीति करने का काम कर रहे हैं। जब इन्हें पता लग गया कि सांसद वहां स्कूल में ड्रेस वितरित करने जा रहे हैं, तो किसी तरह इन्हें खबर लग गई होगी। तो ये खुद ही वहां राजनीति करने पहुंच गए। अगर ड्रेस ही बच्चों के हित में वितरित करनी थी, तो वहां पार्टी और अखिलेश का बैनर लगाने की क्या जरूरत थी। विधायक लगातार उसी स्कूल को लेकर राजनीति कर रहे हैं। बस वो तो चाहते हैं कि बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी के घर के सामने पत्थर लग जाए। इस तरह की राजनीति कर रहे हैं। इसलिए केवल परमट स्कूल को राजनीति के लिए केंद्रित कर लिया है। शहर में कई प्राथमिक स्कूल थे, जहां जाकर वो स्कूल ड्रेस वितरित कर सकते थे। सपा विधायक से मेरा यही कहना है कि अगर विकास के कार्यों को देखकर आपका भी उसी तरह से काम करने का मन है, तो करिए, लेकिन इस तरह की राजनीति मत करिए कि बच्चों और एक स्कूल, जो शिक्षा का मंदिर है, उसे केंद्र बनाकर वहां राजनीति की जाए। स्कूल में जब उस दिन गए, तो वहां न नरेंद्र मोदी पढ़ाने की बात पढ़ाई गई थी। वहां तो अचानक पहुंचे, तो बच्चों से बातचीत में भारत के प्रधानमंत्री का नाम पूछा। बच्चों ने प्रधानमंत्री का नाम बताया, वहीं बोर्ड पर लिखा गया। एक स्कूल में अखिलेश यादव का बैनर लगा रहे हो, क्या इस तरह की राजनीति ठीक है? स्कूल के हेडमास्टर की बात की जाए, तो अगर स्कूल में कोई इस तरह से बैनर-पोस्टर अंदर लगा रहा था, तो इसकी सूचना अपने अधिकारी को देने की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन उन्होंने नहीं दी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 1:00 pm

उमरिया में जर्जर स्कूल भवन हटाने पर विवाद:पंचायत और शिक्षा विभाग आमने-सामने, गिराने की जिम्मेदारी पर गतिरोध

उमरिया जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच स्कूल भवनों की जर्जर स्थिति बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रही है। मानपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बरबसपुर स्थित शासकीय स्कूल में क्षतिग्रस्त भवन को हटाने का मामला पंचायत और शिक्षा विभाग के बीच विवाद का कारण बन गया है। बारिश में बढ़ा खतरा, कार्रवाई अधूरी जिले में कई स्कूल भवनों को पहले ही जर्जर घोषित कर हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक कई जगहों पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। बारिश के मौसम में इन भवनों के गिरने का खतरा बना हुआ है, जिससे छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पंचायत का आरोप, शिक्षकों पर सहयोग न करने की बात ग्राम पंचायत बरबसपुर के सरपंच सौखी लाल यादव ने आरोप लगाया कि विभाग के निर्देश पर जेसीबी लेकर स्कूल परिसर में जर्जर भवन गिराने की कोशिश की गई, लेकिन स्कूल स्टाफ के सहयोग नहीं करने से काम रोकना पड़ा। विभाग का पक्ष, जिम्मेदारी पंचायत की बताई जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि सभी जर्जर भवनों को हटाने के लिए पंचायतों को पत्र जारी किए जा चुके हैं और यह जिम्मेदारी उन्हीं की है। वहीं, सर्व शिक्षा अभियान के उपयंत्री मुमताज खान ने कहा कि मामले में शिक्षकों से चर्चा कर समाधान कराया जाएगा और भवन हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 11:44 am

रोहतक के सरकारी स्कूल में छात्रा से छेड़छाड़ की शिकायत:जिला शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच, प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंपने के दिए निर्देश

रोहतक के गांव ब्राह्मणवास में गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की शिकायत इंचार्ज की तरफ से जिला शिक्षा विभाग को दी गई है। इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने प्रिंसिपल से मामले में सभी सबूतों के साथ रिपोर्ट देने के निर्देश दिए है। सूचना अनुसार गांव ब्राह्मणवास के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्रा के साथ चपड़ासी द्वारा छेड़छाड़ करने की शिकायत स्कूल इंचार्ज राजरानी ने जिला शिक्षा अधिकारी को दी है। अपनी शिकायत में राजरानी ने कहा कि चपड़ासी एक छात्रा को लेकर छत पर गया हुआ था। शिकायत के अनुसार छत पर जब छात्रा के साथ चपड़ासी को देखा तो वह मौके से फरार हो गया। वहीं, छात्रा से भी इसके बारे में पूछताछ की गई, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। 2 जून से चपड़ासी गायब है, जो 3 जून को भी स्कूल नहीं आया। जबकि इस मामले में एक शिकायत पुलिस को भी दी गई थी। मामले में दोनों पक्षों के बीच हुआ समझौताछात्रा से छेड़छाड़ मामले में गांव ब्राह्मणवास व पास के गांव खिड़वाली की पंचायत सदर थाना पहुंची और दोनों ने आपस में बैठकर समझौता कर लिया। इस मामले में पुलिस को कोई शिकायत छात्रा व उसके परिजनों की तरफ से नहीं दी गई। जबकि स्कूल इंचार्ज की तरफ से थाने में शिकायत दी हुई है। स्कूल इंचार्ज की तरफ से शिकायत मिली खंड शिक्षा अधिकारी अशोक ने बताया कि गांव ब्राह्मणवास स्कूल इंचार्ज राजरानी की तरफ से एक शिकायत मिली है, जिसमें चपड़ासी द्वारा छात्रा से छेड़छाड़ बारे में लिखा गया है। इस मामले में स्कूल की प्रिंसिपल सुशीला को पूरी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए है। मामले में जांच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आया, जांच शुरू की जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक ने बताया कि स्कूल के अंदर एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आई है। इस मामले में खंड शिक्षा अधिकारी को जांच करने के निर्देश दिए गए है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी। अगर जांच में कोई दोषी मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 6:58 am

उत्तराखंड का शिक्षा मॉडल बना मिसाल, छत्तीसगढ़ ने मांगा अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट : शादाब शम्स

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उत्तराखंड के अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का ड्राफ्ट (आरएडब्ल्यू) मांगे जाने के बाद उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने इसे राज्य की शिक्षा सुधार नीति की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि उत्तराखंड की पहल अब देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रही है

देशबन्धु 4 Jul 2026 6:50 am

शिक्षा विभाग में रिजल्ट में गड़बड़ी, छात्रों का भविष्य खतरे में

विदिशा|लोक शिक्षण संचालनालय मध्य प्रदेश द्वारा घोषित कक्षा 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणामों में भारी तकनीकी खामियां सामने आई हैं, जिसे छात्र और अभिभावक रिजल्ट घोटाला करार दे रहे हैं। ईएमएस पोर्टल से जारी डिजिटल अंकसूचियों में घोषित फार्मूले 1+2+3 का पालन नहीं किया गया है, जिससे त्रैमासिक और अर्धवार्षिक परीक्षाओं के अंक पूरी तरह गायब हैं। विदिशा के पंकज भार्गव ने आयुक्त को शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि मार्कशीट में अंकों का योग भी त्रुटिपूर्ण है। मानवीय क्रॉस-वेरिफिकेशन के बिना ही परिणाम घोषित किए गए। इस रिजल्ट के कारण होनहार छात्र फेल घोषित कर दिए गए हैं या उन्हें कम अंक मिले हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:36 am

बीयू के शिक्षा संवाद में छलका कुलगुरु का दर्द...:बोले- ‘हाल बेहाल है, नींद और चैन दोनों छिन गए’

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में शुक्रवार को आयोजित शिक्षा संवाद समस्याओं और सुझावों का मंच बन गया। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार की मौजूदगी में शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने वर्षों पुरानी समस्याएं खुलकर उठाईं। कार्यवाहक कुलगुरु प्रो. विवेक शर्मा ने विश्वविद्यालय की स्थिति बताते हुए कहा- “लोग उनका हाल पूछते हैं तो वे कहते हैं, हाल नहीं, बेहाल है। कुलगुरु बनने से पहले जो चैन की नींद आती थी, वो नींद और चैन दोनों छिन गए हैं।” उन्होंने बताया कि कार्यभार संभालने के समय 258 परीक्षाओं के परिणाम लंबित थे, जिन्हें घटाकर 162 कर दिया गया है। हालांकि संबद्धता जारी करने में देरी की बात भी स्वीकार की। उच्च शिक्षा मंत्री ने रिक्त पदों पर भर्ती के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार हर जरूरी सहयोग करेगी। उन्होंने एनएसएस स्वयंसेवकों को सरकारी नौकरियों में वेटेज देने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को भेजने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. एसबी सिंह, कार्यपरिषद सदस्य, शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी, विद्यार्थी और एबीवीपी पदाधिकारी मौजूद रहे। ईसी मेंबर्स के सुझाव पर बोले- मेरा ही भविष्य नहीं मालूम कार्यपरिषद विवि की सुप्रीम अथॉरिटी होती है। इसके बावजूद राज्यपाल की नॉमिनी सदस्य डॉ. भारती सातनकर ने मंत्री के सामने समस्याएं-सुझाव दिए, जबकि इन्हें खुद ही कार्यपरिषद में निर्णय लेने का अधिकार है। हालांकि, मंत्री ने उन्हें लिखित में देने को कहा। डॉ. सातनकर ने हॉस्टल में असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई और साल में ईसी की दो बैठकें छात्रों पर केंद्रित करने का सुझाव दिया। इस पर कुलगुरु प्रो. शर्मा ने कहा, छात्रों के लिए मैं हमेशा उपलब्ध हूं। ईसी की कितनी बैठकें होंगी, मुझे नहीं मालूम। मैं कार्यवाहक कुलगुरु हूं, मेरा ही भविष्य तय नहीं है कि यहां कब तक हूं। शोध निर्देशक प्रशासनिक कार्य में व्यस्त रहते हैं... शोधार्थियों ने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहने के कारण शोध निर्देशक उन्हें पर्याप्त समय नहीं दे पाते, जिससे शोध की गुणवत्ता प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि लाइब्रेरी में किताबें तो हैं, लेकिन शोध और अध्ययन के लिए जरूरी नई व उपयोगी पुस्तकें नहीं हैं। कैंटीन नहीं होने का मुद्दा भी उठाया गया।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:30 am

आदर्श नगर स्थित जिला शिक्षा कार्यालय की ऐसी है हालत

भास्कर न्यूज | जालंधर मॉनसून की दस्तक के साथ शहर में जलभराव और जर्जर इमारतों को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। ऐसे में रैणक बाजार स्थित सरकारी स्मार्ट हाई स्कूल की स्थिति भी कई सवाल खड़े कर रही है। स्कूल के बाहर बड़े अक्षरों में सरकारी स्मार्ट हाई स्कूल का बोर्ड लगा है और परिसर में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं, लेकिन अंदर की तस्वीर कुछ और ही कहानी बयां करती है। स्कूल परिसर में प्रवेश करते ही एक पुरानी इमारत नजर आती है, जिसकी दीवारों से कई जगह ईंटें बाहर निकल चुकी हैं। आगे बढ़ने पर कुछ विद्यार्थी कक्षाओं के बाहर बैठकर पढ़ाई करते दिखाई देते हैं। यहां तक भवन अपेक्षाकृत ठीक नजर आता है, लेकिन इसके पीछे का हिस्सा पूरी तरह जर्जर स्थिति में है। स्कूल के बाईं ओर, जहां प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों की पढ़ाई होती है, उसके पीछे खंडहरनुमा भवन खड़ा है। भवन की दीवारों पर कई जगह दरारें दिखाई देती हैं और प्लास्टर उखड़ चुका है। छत पर बड़े-बड़े पेड़ और झाड़ियां उग आई हैं, जिनकी शाखाएं भवन पर झुकी हुई हैं। वर्ष 1960 में स्थापित इस स्कूल में वर्तमान में 132 विद्यार्थी (82 लड़के, 50 लड़कियां) और 13 स्टाफ सदस्य हैं। सिर्फ ग्रीन नेट का सहारा, जलभराव से बढ़ेगी मुसीबत प्रशासन ने जर्जर हिस्से को सिर्फ 'ग्रीन नेट' लगाकर अलग किया है, जिससे मॉनसून में खतरा बढ़ सकता है। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, बारिश में यहां भारी जलभराव होता है। जिला शिक्षा अधिकारी गुरिंदरजीत कौर ने बताया कि पिछले साल की भारी बारिश के कारण स्कूल के दो कमरे असुरक्षित हो गए थे, जिन्हें फिलहाल सुरक्षा के लिहाज से बंद रखा गया है।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:30 am

बॉर्डर इलाकों से आई लड़कियों को खाना, शिक्षा फ्री

भास्कर न्यूज | जालंधर भारत विकास परिषद जालंधर गौरव ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत सरस्वती सिन्धु न्यास, जालंधर में रह रही बेटियों के लिए राशन सामग्री भेंट की। इस न्यास में लेह-लद्दाख के सीमावर्ती (बॉर्डर) क्षेत्रों से आईं लगभग 50 बेसहारा लड़कियां रह रही हैं। न्यास दानी सज्जनों के सहयोग से इन बच्चियों के रहने, खाने-पीने और उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठा रहा है, ताकि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम के समापन पर डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर राकेश बब्बर ने सभी दानी सज्जनों और पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर एलके टंडन, गौरव गुप्ता, आरके मेहता, राज कुमार मदान, राजीव गुम्बर, केके शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। व्यवस्था की सराहना और आभार राशन वितरण के अवसर पर पहुंचे रीजनल जॉइंट जनरल सेक्रेटरी इंजीनियर राजिंदर रिषी ने न्यास के प्रबंधकों द्वारा की जा रही निस्वार्थ सेवा और वहां के अनुशासित सिस्टम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बॉर्डर एरिया के बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना देश सेवा का सबसे उत्तम मार्ग है। इस सेवा कार्य को सुचारू रूप से सफल बनाने में परिषद के वरिष्ठ सदस्य वीके दुग्गल का विशेष योगदान रहा।

दैनिक भास्कर 4 Jul 2026 5:30 am

बेगूसराय में AISF ने निकाला मशाल जुलूस:NEET पेपर लीक-शिक्षा नीति के खिलाफ प्रदर्शन, 15 जून को विधानसभा घेराव की चेतावनी

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने नई शिक्षा नीति 2020, नीट (NEET) जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक और लगातार बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज देर शाम संगठन की बेगूसराय जिला इकाई की ओर से दिनकर टाउन हॉल से कैंटीन चौक तक मशाल जुलूस निकाला। इस दौरान छात्रों और युवा कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ स्थानीय सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मशाल जुलूस का नेतृत्व जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार ने किया। मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे। AISF के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने देश की शिक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर तीखे हमले किए। धर्मेंद्र प्रधान के दौर में धूमिल हुई शिक्षा व्यवस्था ​अमीन हमजा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि जब से उन्होंने कार्यभार संभाला है, तब से देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से धूमिल हो चुकी है। देश की तमाम महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र धड़ल्ले से लीक हो रहे हैं। NEET जैसे लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षा का पेपर लीक हो जाना शर्मनाक है। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 और VBSA बिल को शिक्षा विरोधी बताते हुए कहा कि यह नीतियां शिक्षा का पूरी तरह से बाजारीकरण करने और इसे गरीब छात्रों के लिए बेहद महंगा बनाने की साजिश हैं, जिसे संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। ​सूखे नशे और अपराध की आगोश में बेगूसराय ​अमीन हमजा ने बेगूसराय जिले की बदहाल कानून व्यवस्था पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरा जिला इस समय स्मैक और अन्य ड्रग्स सहित सूखे नशे के कारोबार और बढ़ते अपराध की आगोश में समा रहा है। युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी सवाल उठाए। गलत हुआ भरत तिवारी के साथ ​उन्होंने कहा कि देश के भीतर संविधान और एक न्यायपालिका का सिस्टम है। सजा तय करना कोर्ट का काम है। कोर्ट के काम के बदले पुलिस खुद ही फैसला कर जहां-तहां गोली चलाएगी या एनकाउंटर करेगी तो यह पूरी तरह गलत है। ऐसी घटनाओं से पुलिसकर्मियों का मनोबल गलत दिशा में बढ़ता है, जिससे कानून का राज खत्म होने का खतरा रहता है। हम इसका कड़ा विरोध करते हैं। ​बेगूसराय में बढ़ते अपराध और सूखे नशे पर अविलंब लगाम लगाई जाए। ​बलात्कार पीड़िताओं को तत्काल न्याय दिया जाए। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हो और नई शिक्षा नीति 2020 को रद्द किया जाए। ​सार्वजनिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जाए। ​बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले या बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। कॉलेजों में आउटसोर्सिंग बहाली बंद कर स्थायी कर्मचारियों की भर्ती की जाए। राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा और जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार सहित सभी ने एक स्वर में सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गई, तो आने वाले 15 तारीख को पूरे बिहार के छात्रों को एकजुट कर पटना में बिहार विधानसभा का घेराव किया जाएगा। सरकार से आंख में आंख डालकर सीधा सवाल पूछा जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 9:31 pm

अगले 12 दिन में 70 सांदीपनि विद्यालयों का होगा लोकार्पण:स्कूल शिक्षा विभाग के 46 और जनजातीय कार्य विभाग के 24 सांदीपनि स्कूल

प्रदेश में 70 सांदीपनि विद्यालयों का निर्माण कार्य पूरा हो गया है और इन सभी विद्यालयों का लोकार्पण अगले 12 दिनों में 15 जुलाई तक कर लिया जाएगा ताकि यहां विधिवत कक्षाएं शुरू की जा सकें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण आनंद के उत्सव के रूप में मनाया जाए। यह सिर्फ नए भवनों का उद्घाटन नहीं, हमारे नौनिहालों के उज्ज्वल भविष्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए अध्याय का शुभारंभ है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह निर्णय शुक्रवार को मंत्रालय में लोकार्पण के लिए तैयार हो चुके प्रदेश के सभी सांदीपनि विद्यालयों की प्रगति की समीक्षा के दौरान लिया। उन्होंने स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन विद्यालयों का लोकार्पण औपचारिक कार्यक्रम न होकर शिक्षा, संस्कृति और जनभागीदारी का सामाजिक उत्सव बने। उन्होंने कहा कि वर्तमान में संचालित स्कूल चलें अभियान के दौरान आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में बच्चों, उनके अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय नागरिकों की व्यापक सहभागिता रखी जाए। सांदीपनि पर आधारित लघु पुस्तिका भी बांटेंगे मुख्यमंत्री ने गुरु सांदीपनि के प्रेरणादायी जीवन पर आधारित एक लघु पुस्तिका (पॉकेट बुक) प्रकाशित कर विद्यार्थियों में वितरित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु सांदीपनि ने जाति, वर्ग, रंग का भेद न करके अमीर-गरीब से लेकर राज परिवार के बच्चों सहित गरीबों और किसानों के बच्चों को शिक्षा-दीक्षा दी। सभी को समान रूप से दीक्षित किया। उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व के बारे में हम सबके विशेषकर विद्यार्थियों को जानना जरूरी है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण पहले ही हो चुका है, वहां प्रवेशोत्सव उत्साहपूर्वक आयोजित किया जाए, जिससे अधिक से अधिक बच्चों का विद्यालयों से जुड़ाव बढ़े। 70 विद्यालयों में स्कूल शिक्षा के 46, जनजातीय कार्य विभाग के 24 सांदीपनि स्कूल बैठक में स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. संजय गोयल ने बताया कि वर्तमान में 70 सांदीपनि विद्यालय भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसमें स्कूल शिक्षा विभाग के 46 एवं जनजातीय कार्य विभाग के 24 (कुल 70) सांदीपनि विद्यालय लोकार्पण के लिए तैयार हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिलों के प्रभारी मंत्री एवं अन्य जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में इनका लोकार्पण कराया जाए। उन्होंने कहा कि आने वाली गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के दिन हर जिले के एक सांदीपनि विद्यालय में प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाया जाए। इसमें विज्ञान प्रदर्शनी आयोजन, गुरुजनों का सम्मान, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा किए गए नवाचारों की जानकारी प्रदाय, विद्यार्थियों द्वारा डिजिटल एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रदर्शन सहित स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान जैसे आयोजन किए जाएं। श्रमोदय विद्यालय श्रम विभाग संचालित करेगा उधर, श्रमोदय विद्यालय के संचालन को लेकर चल रहे विवाद का पटाक्षेप भी हो गया है। बताया गया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने श्रम विभाग की डिमांड पर श्रमोदय विद्यालय के संचालित श्रम विभाग को ही संचालित करने पर सहमति दी है। यहां गौरतलब है कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर में श्रमोदय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा बनवाए गए हैं। इसके संचालन को लेकर विवाद की स्थिति बन रही थी। हालांकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय कार्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग और श्रम विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों के संचालन में युक्तियुक्तकरण के लिए कहा है।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 9:22 pm

दिल्ली यूनिवर्सिटी की कमान फिर प्रो. योगेश सिंह को:राष्ट्रपति ने दूसरे कार्यकाल को दी मंजूरी, 5 साल तक रहेंगे कुलपति, शिक्षा मंत्रालय ने जारी किया आदेश

नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए नियुक्त किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विश्वविद्यालय की विजिटर के रूप में उनके नाम को मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक प्रोफेसर योगेश सिंह का नया पांच वर्षीय कार्यकाल 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा। नियुक्ति के साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि उनके कार्यकाल की सभी सेवा शर्तें दिल्ली विश्वविद्यालय अधिनियम, विधियों और अध्यादेशों के अनुरूप पहले की तरह लागू रहेंगी। राष्ट्रपति सचिवालय की स्वीकृति के बाद जारी हुआ आदेश शिक्षा मंत्रालय की उप सचिव श्रेया भारद्वाज द्वारा विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भेजे गए आधिकारिक पत्र में बताया गया है कि राष्ट्रपति सचिवालय की स्वीकृति के बाद यह आदेश जारी किया गया है। आदेश की प्रतियां विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भारतीय विश्वविद्यालय संघ (एआईयू) और राष्ट्रपति सचिवालय को भी भेजी गई हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन में इसे निरंतरता और स्थिर नेतृत्व के तौर पर देखा जा रहा है। लगातार दूसरा कार्यकाल मिलने से यह संकेत भी मिला है कि विश्वविद्यालय के प्रशासन और शैक्षणिक प्रबंधन में प्रो योगेश सिंह के कार्यों पर केंद्र सरकार ने भरोसा बरकरार रखा है।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 5:44 pm

खगड़िया में 1100 छात्र दरी पर दे रहे परीक्षा:राजकीय विद्यालय में कमरों की कमी से खुली शिक्षा व्यवस्था की पोल

खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित राजकीय कृत जगन्नाथ राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सलारपुर में भवन की कमी के कारण 1100 छात्र-छात्राएं फर्श पर दरी बिछाकर परीक्षा देने को मजबूर हैं। यह स्थिति विद्यालय में आयोजित प्रथम सावधिक परीक्षा के दौरान सामने आई। विद्यालय में कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं की प्रथम सावधिक परीक्षा चल रही है। छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन विद्यालय भवन का विस्तार नहीं हो सका है। पर्याप्त कमरों के अभाव में सभी परीक्षार्थियों को बैठाना संभव नहीं हो पा रहा है। परीक्षा कक्षों के बाहर और बरामदों में दरी पर बैठे छात्र-छात्राएं पूरी एकाग्रता से अपनी उत्तर पुस्तिकाएं लिखते दिखे। यह दृश्य एक ओर संसाधनों की कमी को दर्शाता है, तो दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों के शिक्षा के प्रति समर्पण को भी उजागर करता है। विद्यालय के प्रधानाध्यापक नवीन कुमार ने बताया कि वर्तमान में कक्षा 9वीं, 10वीं और 12वीं को मिलाकर लगभग 1100 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। हर वर्ष नामांकन बढ़ रहा है, लेकिन भवन का विस्तार न होने से परेशानी बढ़ रही है। उन्होंने नए भवन निर्माण के लिए शिक्षा विभाग और संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र भेजा है। प्रधानाध्यापक के अनुसार, विद्यालय परिसर में पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध है, जिससे भूमि की कोई समस्या नहीं है। उन्होंने विभाग से जल्द स्वीकृति मिलने पर छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई। जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने भी विद्यालय की स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय पूरे इलाके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है और आसपास के कई गांवों के विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। ऐसे प्रतिष्ठित विद्यालय में भवन की कमी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग से शीघ्र नए भवन का निर्माण कराने की मांग करते हुए कहा कि इससे न केवल छात्रों को सुविधा मिलेगी, बल्कि विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता भी और बेहतर होगी।विद्यालय में बढ़ती छात्र संख्या का अंदाजा छुट्टी के समय लगने वाली भीड़ से भी लगाया जा सकता है। छुट्टी के बाद विद्यालय परिसर का नजारा किसी मेले जैसा दिखाई देता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चे कठिन परिस्थितियों में भी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी मूलभूत सुविधाओं की ओर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते अतिरिक्त भवन और कक्षाओं का निर्माण नहीं कराया गया, तो भविष्य में समस्या और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने सरकार एवं शिक्षा विभाग से मांग की है कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए राजकीय कृत जगन्नाथ राम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सलारपुर में जल्द से जल्द अतिरिक्त भवन का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को दरी पर बैठकर परीक्षा देने जैसी मजबूरी से छुटकारा मिल सके और उन्हें सम्मानजनक एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्राप्त हो सके।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 5:21 pm

127 साल का हुआ मुजफ्फरपुर का एलएस कॉलेज:शिक्षा, संस्कृति सहित गौरवशाली विरासत का जश्न; नई शिक्षा नीति पर हुई सेमिनार

मुजफ्फरपुर के ऐतिहासिक लंगट सिंह (एलएस) कॉलेज का 127वां स्थापना दिवस शुक्रवार को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कॉलेज की गौरवशाली शैक्षणिक विरासत को याद करते हुए भविष्य की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर चर्चा की गई। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. एन.के. अग्रवाल मुख्य अतिथि और बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय अध्यक्ष के रूप में शामिल हुए। नई शिक्षा नीति पर हुआ गंभीर विमर्श कॉलेज के आचार्य जे.बी. कृपलानी सभागार में आयोजित संगोष्ठी का विषय बिहार में शैक्षणिक और सामाजिक विकास को गति प्रदान करने में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भूमिका रखा गया। वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति केवल पाठ्यक्रम में बदलाव नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक और शोध आधारित शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। बिहार के शैक्षणिक विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। गौरवशाली इतिहास को किया गया याद कार्यक्रम के दौरान कॉलेज की 127 साल की गौरवशाली यात्रा को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि एलएस कॉलेज ने देश को अनेक महान शिक्षाविद, साहित्यकार, प्रशासक और जनप्रतिनिधि दिए हैं। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, स्वतंत्रता सेनानी जे.बी. कृपलानी, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर', पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र सहित अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों का इस संस्थान से जुड़ाव इसकी ऐतिहासिक पहचान को दर्शाता है। उच्च शिक्षा के नए लक्ष्यों पर दिया गया जोर मुख्य अतिथि प्रो. एन.के. अग्रवाल ने कहा कि बदलते समय में उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार, जांच और कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने कहा कि एलएस कॉलेज जैसे ऐतिहासिक संस्थान नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. दिनेश चंद्र राय ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य परंपरा और आधुनिकता के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि एलएस कॉलेज की गौरवशाली विरासत नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है और इसे उत्कृष्टता के नए आयाम तक पहुंचाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन स्थापना दिवस समारोह में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम के माध्यम से कॉलेज की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और विद्यार्थियों की प्रतिभा का भी शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। हेड मास्टर ने जताया आभार कॉलेज की प्राचार्य प्रो. कनुप्रिया ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि 127 साल का यह सफर केवल इतिहास नहीं, बल्कि नई उपलब्धियों की ओर बढ़ने का संकल्प भी है। उन्होंने कहा कि कॉलेज शिक्षा, शोध और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उत्कृष्टता की अपनी परंपरा को आगे भी बनाए रखेगा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. समीर कुमार शर्मा, प्रो. टी.के. डे, डॉ. शशिकांत पांडेय, डॉ. नवीन कुमार, डॉ. आनंद कुमार सिंह, संजीव चौधरी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, कर्मचारी, पूर्ववर्ती छात्र और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 5:05 pm

धार को दूसरे नवोदय विद्यालय की मंजूरी:संचालन 2027-28 से, हजारों छात्रों को मिलेगा निःशुल्क शिक्षा का लाभ

धार जिले को शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि मिली है। केंद्र सरकार ने जिले में दूसरे जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दे दी है। मध्य प्रदेश में धार एकमात्र ऐसा जिला है जिसे इस चरण में दूसरे नवोदय विद्यालय की स्वीकृति मिली है। इसका संचालन शैक्षणिक सत्र 2027-28 से शुरू करने का लक्ष्य है।नवोदय विद्यालय समिति ने मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर विद्यालय के लिए लगभग 30 एकड़ अतिक्रमण मुक्त भूमि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, शुरुआती वर्षों के लिए अस्थायी भवन की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। भूमि उपलब्ध होने के बाद स्थायी परिसर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।धार-महू लोकसभा क्षेत्र की सांसद और केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने बताया कि वे वर्ष 2024 से जिले में दूसरे जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। उनके सतत प्रयासों के बाद केंद्र सरकार से यह स्वीकृति मिली है।सांसद ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। नवोदय विद्यालय ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम हैं।उन्होंने मध्य प्रदेश शासन और जिला प्रशासन से आवश्यक भूमि एवं अस्थायी भवन की व्यवस्था समय पर उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि वर्ष 2027-28 से विद्यालय का संचालन शुरू किया जा सके। दूसरे नवोदय विद्यालय की स्थापना से धार जिले के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और उच्च शिक्षा के अवसर मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 4:58 pm

कांग्रेस ने राम मंदिर चंदा, नीट, उज्जैन घोटाले पर घेरा:मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की

हरदा में शुक्रवार दोपहर जिला कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार को चार प्रमुख मुद्दों पर घेरा। इन मुद्दों में राम मंदिर चंदा चोरी, नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ी और उज्जैन जमीन घोटाला शामिल थे। कांग्रेस ने इन मामलों में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन साई, जिला प्रवक्ता आदित्य गार्गव, ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास, सुरेंद्र पटेल और गोविंद सुरमा मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष साई ने नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर कहा कि इससे देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है, और कई छात्रों ने आत्महत्या कर ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने अब तक दोषियों की पहचान नहीं की है और न ही कोई ठोस कार्रवाई की है। साई ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों लोगों ने मंदिर निर्माण के लिए चंदा दिया, लेकिन ट्रस्ट में बैठे लोगों ने करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास ने आरोप लगाया कि भाजपा ने साजिश के तहत अयोध्या के श्री राम मंदिर पर आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद का कब्जा कर लिया है, जबकि अयोध्या संतों की नगरी है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा धीरे-धीरे देश के सभी प्रमुख मंदिरों पर कब्जा जमा रही है। जिला प्रवक्ता आदित्य गार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर निशाना साधते हुए उज्जैन में 350 एकड़ जमीन मुख्यमंत्री के परिजनों द्वारा खरीदने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि यह मुद्दा एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र ने उठाया है। गार्गव ने कहा कि जब कांग्रेस ने इस पर मुख्यमंत्री से जवाब मांगा, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का पुतला जलाया। उन्होंने नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की। गार्गव ने आगे कहा कि अयोध्या में जो कार्रवाई हो रही है, वह चंपत राय और उनके करीबियों को बचाने के लिए की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं कहा है और पूरे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 4:26 pm

संगरूर में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान:शिक्षा मंत्री बोले- यही हैं देश का भविष्य, डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल से बदलेगी शिक्षा की तस्वीर

संगरूर में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12वीं कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों को एक विशेष समारोह में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और शिक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उनके सुझाव भी मांगे। समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि ये प्रतिभावान छात्र देश का भविष्य हैं, जो भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, वकील और नेता बनेंगे। उन्होंने बताया कि छात्रों के साथ बातचीत में परीक्षा प्रणाली में सुधार, पढ़ाई के दौरान तनाव कम करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने जैसे महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं। जिन पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। 'डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल लेकर आई पंजाब सरकार' शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब सरकार डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डिजिटल यूनिवर्सिटी बिल लेकर आई है। उन्होंने कहा कि देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े संगठनों ने इस पहल में रुचि दिखाई है। 'आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार का लक्ष्य' शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित कई नियम राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों द्वारा निर्धारित किए जाते हैं, और उनमें समय के साथ आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। मंत्री ने आगे कहा कि सरकार का लक्ष्य छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना कर सकें।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 4:22 pm

हरियाणा कॉलेज एडमिशन: पहली मेरिट लिस्ट 22 जुलाई को:शिक्षा विभाग ने जारी किया नया शेड्यूल; 12 जुलाई तक आवेदन, 13 को संसोधन का मौका

हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग ने विभिन्न कॉलेजों में बीए, बीएससी, बीकॉम, बीबीए और बीसीए आदि स्नातक कक्षाओं के दाखिलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढाकर 12 जुलाई करने के बाद अब मेरिट लिस्ट जारी करने और फीस भरने का एक बार फिर नया शेड्यूल जारी कर दिया है। राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर के जनसंचार विभागाध्यक्ष और मीडिया प्रभारी डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि यदि विद्यार्थी अपने ऑनलाइन फार्म में कोई संशोधन करना चाहें तो अब 13 जुलाई तक कर सकते हैं। दस्तावेजों की ऑनलाइन वेरिफिकेशन 18 जुलाई तक होगी। ऑनलाइन वेरिफिकेशन के लिए कॉलेज में जाने की जरुरत नहीं है। यदि कोई ऑब्जेक्शन होगा तो एसएमएस से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर सूचना मिल जाएगी। आवेदक को ऑब्जेक्शन दूर करके ऑनलाइन फॉर्म में संशोधन करना होगा। 22 जुलाई को आएगी पहली मेरिट लिस्ट पहली प्रोविजनल मेरिट लिस्ट 21 जुलाई को जारी होगी ताकि कोई आपत्ति हो तो उसे दूर कर दिया जाए। पहली फाइनल मेरिट लिस्ट 22 जुलाई को आयेगी। इस लिस्ट में जिन विद्यार्थियों का नाम आएगा, वे 23 जुलाई से 27 जुलाई तक फीस भर सकेंगे। दूसरी प्रोविजनल मेरिट लिस्ट 28 जुलाई को जारी होगी, जबकि दूसरी फाइनल मेरिट लिस्ट 29 जुलाई को आयेगी। इस लिस्ट में जिन विद्यार्थियों का नाम आएगा, वे 30 जुलाई से 03 अगस्त तक फीस भर सकेंगे। 04 अगस्त से शुरू होगी ओपन काउंसलिंग पहली और दूसरी मेरिट लिस्ट के दाखिलों के बाद खाली बची सीटों को भरने के लिए ओपन काउंसलिंग 04 अगस्त से शुरू होगी। नए आवेदनों के लिए एडमिशन पोर्टल 05 अगस्त से दोबारा खुलेगा तथा 06 अगस्त से 12 अगस्त तक 100 रुपए लेट फीस के साथ दाखिले होंगे। इसके बाद 13 अगस्त से 19 अगस्त तक 100 रूपये लेट फीस के अलावा 100 रूपये प्रतिदिन अतिरिक्त फीस लगेगी। नेहरू कॉलेज में अब तक 1812 आवेदन राजकीय स्नातकोत्तर नेहरू महाविद्यालय, झज्जर में यूजी कक्षाओं की 1200 सीटों के लिए शुक्रवार शाम तक 1812 आवेदन किए गए हैं। इनमें से बीए की 480 सीटों के लिए 815, बीसीए की 80 सीटों के लिए 282, बीबीए की 80 सीटों के लिए 154, बीकॉम की 140 सीटों के लिए 161, बीएससी फिजिकल साइंस की 300 सीटों के लिए 150, बीएससी लाइफ साइंस की 80 सीटों के लिए 175 और बीएससी गणित की 40 सीटों के लिए 75 आवेदन किए गए हैं। आवेदन से दाखिले तक की प्रक्रिया सबसे पहले विद्यार्थियों को उच्चतर शिक्षा विभाग के एडमिशन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। अपना सही नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर भरें क्योंकि इनको बाद में नहीं बदला जा सकता। रजिस्ट्रेशन के बाद व्यक्तिगत विवरण, शिक्षा, वेटेज, दस्तावेज़, कॉलेज और कोर्स भरे जायेंगे। इसके लिए अपने फोटो और सिग्नेचर की स्कैन कॉपी, दसवीं और बारहवीं कक्षा का सर्टिफिकेट, स्कूल से जारी मूल चरित्र प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र, आरक्षण का लाभ लेने के लिए उस केटेगरी के जरूरी प्रमाण पत्र अपने साथ तैयार रखें। हरियाणा के सभी विद्यार्थियों के लिए परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। विद्यार्थी ध्यान से अपना ऑनलाइन आवेदन भरें। बीए जैसे जिन पाठ्यक्रमों में एक से ज्यादा सब्जेक्ट कॉम्बिनेशन हैं, वहां कम से कम पांच कॉम्बिनेशन भरने जरूरी हैं। पांच कॉलेज और प्रत्येक कॉलेज में पांच कोर्स यदि अभी बारहवीं का सर्टिफिकेट नहीं मिला है तो फॉर्म भरते समय ऑनलाइन रिजल्ट की कॉपी अपलोड कर सकते हैं। एक ही यूजर आईडी से अलग-अलग कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकते हैं। कोई भी विद्यार्थी अधिकतम पांच कॉलेज और प्रत्येक कॉलेज में अधिकतम पांच कोर्स चुन सकता है। हरियाणा से बाहर के विद्यार्थी अखिल भारतीय कोटे के तहत आवेदन कर सकते हैं। मेरिट से होंगे दाखिले दाखिला मेरिट के आधार पर होगा और बारहवीं के बेस्ट फाइव सब्जेक्ट्स के अंक और निर्धारित वेटेज को जोड़कर आरक्षण नीति के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी। वेटेज के लिए मुख्यत: बारहवीं कक्षा का एनएसएस मेरिट प्रमाण पत्र, एनसीसी का 'बी' प्रमाण पत्र, राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त भारत स्काउट एवं गाइड प्रमाण पत्र, राज्य या राष्ट्रीय खेल सर्टिफिकेट, ग्रामीण क्षेत्र से बारहवीं पास होना इत्यादि का लाभ दिया जाएगा। ऑनलाइन जमा होगी फीस एडमिशन पोर्टल पर ‘नो योर रिजल्ट’ टैब से पता लग जाएगा कि दाखिला किस कॉलेज के किस कोर्स में हुआ है। जिन अभ्यर्थियों का नाम मेरिट लिस्ट में आएगा, वे फीस जमा कर सकते हैं। सरकारी कॉलेजों की फीस ऑनलाइन जमा होगी जबकि प्राइवेट कॉलेजों की फीस ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से जमा की जा सकती है। फीस भरने के बाद एडमिशन पोर्टल से रसीद डाउनलोड करें। दाखिला शुरू में अस्थाई होगा और कॉलेज में सभी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। कोई कमी मिलने पर कॉलेज दाखिले को रद्द कर सकता है। सीट छोड़ने का विकल्प यदि किसी विद्यार्थी को पहली मेरिट लिस्ट में अपनी पहली पसंद का कॉलेज नहीं मिलता है तो वह सीट छोड़ सकता है और दूसरी मेरिट लिस्ट में उसके आवेदन पर विचार किया जा सकता है। सीट छोड़ने के लिए ऑनलाइन ऑप्शन भरना होगा।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 4:00 pm

औरंगाबाद में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल:कई विभागों में नए अधिकारियों की तैनाती, जिला शिक्षा पदाधिकारी बने दयाशंकर

औरंगाबाद जिले में प्रखंड से लेकर जिला स्तर तक कई अधिकारियों का तबादला और नई पदस्थापना की गई है। इस बदलाव का सबसे अधिक असर शिक्षा, ग्रामीण विकास, राजस्व, खनन और पशुपालन विभाग पर पड़ा है। कई नए अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कई पदाधिकारियों का अन्य जिलों में ट्रांसफर किया गया है। जिले में नए जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा कई प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचलाधिकारी (सीओ) भी बदले गए हैं। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाना बताया जा रहा है। नए अधिकारियों के पदभार ग्रहण करने के बाद विभिन्न विभागों की कार्यशैली में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। शिक्षा विभाग में बड़ा बदलाव, दया शंकर सिंह बने नए डीईओ शिक्षा विभाग में व्यापक फेरबदल करते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार का तबादला जहानाबाद कर दिया गया है। उनके स्थान पर पूर्व में औरंगाबाद में डीपीओ रहे दया शंकर सिंह को नया जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) बनाया गया है। इसके साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सीतामढ़ी के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनीष कुमार, वैशाली के संतोष कुमार और रोहतास की प्रियंका कुमारी को औरंगाबाद में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के रूप में पदस्थापित किया गया है। वहीं, पूर्व से प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत जमुई के अमृतेश आर्यन को नियमित रूप से औरंगाबाद का जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बनाया गया है। दूसरी ओर रवि कुमार रोशन का स्थानांतरण रोहतास और भोला कुमार का तबादला नालंदा कर दिया गया है। शिक्षा विभाग में हुए इस बदलाव को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए अधिकारियों के आने से विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। बीडीओ-सीओ सहित खनन और पशुपालन विभाग में भी बदलाव ग्रामीण विकास विभाग में भी कई अहम पदों पर बदलाव किया गया है। औरंगाबाद सदर के प्रखंड विकास पदाधिकारी रमन कुमार सिंह का स्थानांतरण घनश्यामपुर कर दिया गया है। उनकी जगह दुर्गावती की बीडीओ रिचा मिश्रा को औरंगाबाद सदर का नया प्रखंड विकास पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, कलेर के बीडीओ मनोज कुमार का तबादला कर दिया गया है, जबकि अररिया के परवेज आलम को गोह प्रखंड का नया बीडीओ नियुक्त किया गया है। राजस्व विभाग में दाउदनगर के अंचलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार यादव का स्थानांतरण सारण जिले के इसुआपुर कर दिया गया है। उनके स्थान पर वहां कार्यरत सतीश कुमार सिंह को दाउदनगर का नया अंचलाधिकारी बनाया गया है। अन्य विभागों में भी बदलाव किए गए हैं। विकास कुमार को औरंगाबाद का नया जिला खनन पदाधिकारी बनाया गया है, जबकि कामख्या दास को जिला पशुपालन पदाधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक हलकों में इस व्यापक फेरबदल को सरकार की नियमित प्रक्रिया के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में गति और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Jul 2026 7:05 am

3.5 लाख कर्मचारियों की जानकारी होगी जांच के बाद लॉक:बिना परमिशन के नहीं होगा बदलाव; गलत सूचना पर शिक्षा विभाग करेगा कार्रवाई

स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए नया आदेश जारी किया है। अब हर कार्मिक को शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज अपनी पूरी जानकारी खुद जांचनी होगी और उसे प्रपत्र-10 में लॉक करना होगा। इसके बाद विभाग उस जानकारी का सरकारी रिकॉर्ड से मिलान करेगा। टोंक समेत पूरे प्रदेश के करीब साढ़े तीन लाख कार्मिक इस प्रक्रिया के दायरे में आएंगे। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने इसके आदेश जारी किए हैं। अगर कोई कार्मिक तय प्रक्रिया पूरी नहीं करता या गलत जानकारी देता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 10 जुलाई तक अपनी पूरी जानकारी जांचकर करनी होगी लॉक शिक्षा विभाग के निर्देशों के अनुसार सभी राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी शाला दर्पण पोर्टल पर अपने स्टाफ लॉगिन में जाकर स्टाफ प्रोफाइल के तहत उपलब्ध प्रपत्र-10 की सभी जानकारियां अपनी सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड के अनुसार जांचेंगे। इसके बाद व्यक्तिगत, शैक्षणिक, सेवा, पदोन्नति, पारिवारिक, बैंक, प्रशिक्षण समेत 15 अलग-अलग फॉर्मेट को 10 जुलाई तक लॉक करना होगा। 15 जुलाई तक अधिकारी करेंगे रिकॉर्ड से मिलान कार्मिक द्वारा जानकारी लॉक करने के बाद उसकी जांच होगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों में पीईईओ और यूसीईईओ, जबकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में संस्था प्रधान प्रपत्र-10 में दर्ज जानकारी का सेवा रिकॉर्ड से मिलान करेंगे। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में संबंधित कार्यालयाध्यक्ष यह सत्यापन करेंगे। यह पूरी प्रक्रिया 15 जुलाई तक पूरी करनी होगी। सत्यापन के बाद रिकॉर्ड में हमेशा के लिए रखा जाएगा प्रपत्र सत्यापन पूरा होने के बाद प्रपत्र-10 की प्रिंट कॉपी निकाली जाएगी। इस पर कार्मिक और संस्था प्रधान के हस्ताक्षर होंगे और इसे मूल व्यक्तिगत पत्रावली में रखा जाएगा। इसमें सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम और तारीख भी दर्ज होगी। यह दस्तावेज रिकॉर्ड का स्थायी हिस्सा रहेगा। बाद में यदि किसी जानकारी में बदलाव होता है तो उसकी संशोधित प्रति भी रिकॉर्ड में जोड़नी होगी। रिकॉर्ड और पोर्टल की जानकारी एक जैसी करना है उद्देश्य शिक्षक संघ रेसटा के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया - विभाग चाहता है कि शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज सभी जानकारियां सेवा पुस्तिका और व्यक्तिगत रिकॉर्ड से पूरी तरह मेल खाएं। इसी उद्देश्य से सभी कार्मिकों को पहले अपनी जानकारी जांचकर लॉक करने और फिर विभागीय स्तर पर उसका सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। लॉक होने के बाद सीधे नहीं बदल सकेंगे रिकॉर्ड एक बार प्रपत्र-10 लॉक और सत्यापित होने के बाद उसमें सीधे कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा। यदि भविष्य में किसी जानकारी में बदलाव की जरूरत पड़ती है तो संस्था प्रधान या कार्यालयाध्यक्ष को संबंधित ब्लॉक कार्यालय में दस्तावेजों के साथ आवेदन देकर पहले प्रपत्र-10 अनलॉक कराना होगा। इसके बाद ही नई जानकारी दर्ज कर दोबारा लॉक और सत्यापन किया जाएगा। इसलिए विभाग ने सभी कार्मिकों को जानकारी सावधानी से भरने और जांचने के निर्देश दिए हैं। प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत कर्मचारियों पर भी लागू होंगे नियम जो कर्मचारी नियम-144 (क) के तहत दूसरे विभागों में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत हैं, उन्हें भी शाला दर्पण के स्टाफ लॉगिन से अपनी जानकारी भरनी होगी। उनके प्रपत्र-10 का सत्यापन उनके अंतिम विद्यालय या कार्यालय के संस्था प्रधान, कार्यालयाध्यक्ष या पीईईओ द्वारा किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 8:51 pm

भारतीय शिक्षा दिवस पर राष्ट्रीय विमर्श:पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण पर हुई चर्चा

लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राकेश कुमार मित्तल सभागार, स्मृति भवन में गुरुवार को भारतीय शिक्षा दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रीय विमर्श का आयोजन किया गया। इस विमर्श का मुख्य विषय 'पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व का समग्र विकास: भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में' था। इसका आयोजन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, अवध प्रांत, एकम नॉलेज फाउंडेशन, अयोध्या और कबीर शांति मिशन के सहयोग में किया गया। इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों,विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों, शोधार्थियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, लोक सेवकों और बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। विमर्श का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती वंदना के साथ किया गया। पंचकोष आधारित ध्यान और नाम-संकीर्तन किया त्रिवेणी कला संगम, अवध की नितिका शर्मा और उनकी टीम ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।इसके बाद, भाग्य मंदिर की साधिका रजनी शुक्ला और उनकी टीम ने पंचकोष आधारित ध्यान और नाम-संकीर्तन का आयोजन किया, जिससे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हुआ। मुख्य अतिथि पूर्व प्रमुख सचिव (राज्यपाल) जी.बी पटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्रदान करना नहीं, बल्कि संस्कारित,चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ नागरिक तैयार करना है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में भारतीय जीवन मूल्यों को समाहित करने पर जोर दिया। भारतीय ज्ञान परंपरा शिक्षा की आधारशिला मुख्य वक्ता और सीबीएसई के पूर्व अध्यक्ष अशोक गांगुली ने इस बात पर बल दिया कि भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित शिक्षा ही विकसित भारत की मजबूत आधारशिला बन सकती है।उन्होंने पंचकोष आधारित शिक्षा प्रणाली को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का एक वैज्ञानिक और प्रभावी माध्यम बताया। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के केंद्रीय अधिकारी नितिन कासलीवाल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और भारतीय शिक्षा दर्शन की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। प्रांत संयोजक प्रमिल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय शिक्षा दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने का एक राष्ट्रीय अभियान है। चरित्र निर्माण को भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर प्रख्यात पत्रकार और साहित्यकार डॉ. मत्स्येंद्र प्रभाकर ने पंचकोष आधारित चरित्र निर्माण को भारतीय चिंतन की अमूल्य धरोहर बताया। चिंतामणि कौशिक ने व्यक्तित्व विकास की व्यावहारिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। कनाडा से अंतरराष्ट्रीय मनोवैज्ञानिक डॉ. अमरेश श्रीवास्तव का एक विशेष ऑडियो संदेश भी प्रसारित किया गया।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 8:48 pm

नवादा में डीएम ने डिग्री कॉलेजों की समीक्षा की:उच्च शिक्षा योजना के तहत तैयारियों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिए

नवादा समाहरणालय सभा कक्ष में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सात निश्चय-3 के चतुर्थ संकल्प उच्च शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य के अंतर्गत प्रस्तावित छह डिग्री महाविद्यालयों की तैयारियों से संबंधित थी। बैठक के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रस्तावित छह डिग्री महाविद्यालयों में की जा रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महाविद्यालयों के संचालन हेतु भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई, गृह-व्यवस्था (हाउसकीपिंग) तथा अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। छात्राओं के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए चार महाविद्यालयों में पिंक बस की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही, सुरक्षा एवं रख-रखाव के लिए चौकीदारों की प्रतिनियुक्ति भी की गई है। समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि महाविद्यालयों में उपलब्ध कराई जा रही सभी सामग्रियों, फर्नीचर एवं अन्य संसाधनों की गुणवत्ता की विधिवत जांच एवं सत्यापन के उपरांत ही उनका अधिष्ठापन/उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रस्तावित डिग्री महाविद्यालयों में शत-प्रतिशत बेंच-डेस्क की उपलब्धता समयबद्ध रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि शेष कार्यों एवं औपचारिकताओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करते हुए सभी व्यवस्थाएं गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि सात निश्चय-3 के अंतर्गत उच्च शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को उनके निकट गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए प्रस्तावित महाविद्यालयों के संचालन की दिशा में सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने का निर्देश दिया। बैठक में गोपनीय शाखा प्रभारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा), संबंधित विभागों के पदाधिकारी, प्रस्तावित डिग्री महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 7:02 pm

विकसित भारत के लिए शिक्षा- सरकार का मजबूत तालमेल जरूरी:नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक लाहिड़ी बोले- निर्माण, संस्थागत सहयोग से मिलेगी विकास को नई गति

नई दिल्ली। विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए शिक्षा जगत, सरकार, उद्योग और थिंक टैंकों के बीच मजबूत साझेदारी जरूरी है। नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने कहा कि साक्ष्य आधारित नीति-निर्माण, शोध आधारित नवाचार और संस्थागत सहयोग ही देश की दीर्घकालिक विकास यात्रा की मजबूत नींव बनेंगे। उन्होंने विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों से समकालीन नीतिगत चुनौतियों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार कर सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। डॉ. लाहिड़ी दिल्ली में रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज (आरआईएस) दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और एमएसएमई फॉर 2047 की ओर से आयोजित सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रशासन और सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में योगदान की सराहना कार्यक्रम में नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल, आरआईएस के महानिदेशक प्रो. सचिन कुमार शर्मा, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक प्रो राम सिंह सहित कई वरिष्ठ अर्थशास्त्री, शिक्षाविद और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वक्ताओं ने डॉ. लाहिड़ी के आर्थिक नीति, प्रशासन और सार्वजनिक वित्त के क्षेत्र में योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके अनुभव से देश की विकास रणनीतियों को नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में एमएसएमई क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने, तकनीकी नवाचार, नीतिगत सुधार और शिक्षा-उद्योग सहयोग को भी विकसित भारत की आधारशिला बताया गया। डॉ. लाहिड़ी ने कहा, शिक्षा जगत, उद्योग, थिंक टैंक और सरकार के बीच निरंतर संवाद व शोध आधारित नीति-निर्माण ही विकसित भारत के लक्ष्य को गति देगा।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 5:28 pm

संभागीय आयुक्त ने कोटपूतली में स्कूल-आंगनबाड़ी का निरीक्षण किया:शिक्षा, पोषण, मिड-डे-मील की व्यवस्थाएं परखीं, सुधार के निर्देश दिए

संभागीय आयुक्त एवं जिला प्रभारी सचिव वी. सरवण कुमार ने हाल ही में कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र के बजरंगपुरा स्थित सरकारी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, पोषण, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी शैक्षणिक प्रगति, सीखने की क्षमता, खेल गतिविधियों और स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। संभागीय आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता भी उपस्थित रहीं। स्कूल परिसर, क्लास रूम की व्यवस्था का अवलोकन कियाप्रभारी सचिव ने स्कूल परिसर की स्वच्छता, कक्षा-कक्षों की व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, खेल सामग्री, स्टाफ की उपस्थिति, छात्र नामांकन और नियमित उपस्थिति सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि स्कूल केवल शिक्षा प्राप्त करने का स्थान नहीं है, बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण की आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक छात्र को स्वच्छ, सुरक्षित, प्रेरणादायक और सीखने के अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। स्वास्थ्य और पोषण स्तर की निगरानी के निर्देशआंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों को दिए जा रहे पूरक पोषाहार, वजन मापन, पोषण ट्रैकिंग, प्री-स्कूल गतिविधियों और उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक बच्चे के स्वास्थ्य और पोषण स्तर की नियमित निगरानी करें तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए विशेष प्रयास करें। साथ ही, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विभागीय योजनाओं का समय पर लाभ सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को शिक्षाप्रद खिलौने और फल भी वितरित किए। स्कूल में मिड-डे-मील योजना की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए संभागीय आयुक्त ने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण और निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था का जायजा लिया। संभागीय आयुक्त विभिन्न कक्षाओं में भी पहुंचे और विद्यार्थियों की पाठ्य-पुस्तकों, कॉपियों एवं गृहकार्य का निरीक्षण कर उनकी शैक्षणिक स्थिति का आकलन किया। इस निरीक्षण के अवसर पर एसडीएम पावटा बृजेश चौधरी, एसडीएम विराटनगर लालाराम यादव, तहसीलदार विराटनगर मेनका, उप निदेशक आईसीडीएस सतपाल यादव सहित विद्यालय एवं आंगनबाड़ी का स्टाफ उपस्थित रहा।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 4:05 pm

बक्सर में नए जिला शिक्षा पदाधिकारी की पोस्टिंग:बिहार शिक्षा विभाग ने किया ऑफिसर्स का ट्रांस्फर

बिहार शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत कई अधिकारियों का तबादला किया है। इसी क्रम में बक्सर जिले को नए जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) मिल गए हैं। इन्द्र कुमार कर्ण को बक्सर का नया जिला शिक्षा पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, इन्द्र कुमार कर्ण इससे पहले मुजफ्फरपुर में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) के पद पर कार्यरत थे। प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए शिक्षा विभाग ने उन्हें अब बक्सर जिले की जिम्मेदारी सौंपी है। इन्द्र कुमार कर्ण मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के निवासी बताए जा रहे हैं। किसी प्रकार का अतिरिक्त वेतनमान लाभ नहीं विभाग ने उनकी तैनाती उनके वर्तमान वेतनमान में ही की है, यानी उन्हें पदस्थापन के साथ किसी प्रकार का अतिरिक्त वेतनमान लाभ नहीं दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस तबादले के दौरान उन्हें पारगमन काल (Joining Time) का लाभ नहीं मिलेगा। इसका मतलब है कि उन्हें बिना किसी देरी के तत्काल बक्सर पहुंचकर अपने नए पद का प्रभार ग्रहण करना होगा। विभाग ने निर्देश दिया है कि प्रभार ग्रहण करने के बाद इसकी सूचना बिहार शिक्षा विभाग को अनिवार्य रूप से भेजी जाए। फैसला राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लिया गया सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पदभार ग्रहण करने से संबंधित सभी आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि जिले में शिक्षा विभाग के कार्य प्रभावित न हों। यह आदेश शिक्षा विभाग के निदेशक रंजन कुमार द्वारा जारी किया गया है। विभागीय अधिसूचना में उल्लेख किया गया है कि यह फैसला राज्यपाल की स्वीकृति के बाद लिया गया है। बक्सर में नए जिला शिक्षा पदाधिकारी की नियुक्ति से जिले में शिक्षा व्यवस्था, स्कूलों की मॉनिटरिंग और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आने की उम्मीद है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नए डीईओ जिले की शिक्षा व्यवस्था में किस तरह के सकारात्मक बदलाव लेकर आते हैं।

दैनिक भास्कर 2 Jul 2026 12:21 pm

यूपी में शिक्षा सुधार की बड़ी पहल: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूल, शिक्षकों को मिलेगी ₹5 लाख की कैशलेस चिकित्सा

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य की बुनियादी शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख (Result-oriented) बनाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना पर काम शुरू हो गया है। इसी क्रम में अपर मुख्य सचिव ( ACS), बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने एक विशेष यूट्यूब लाइव सत्र के माध्यम से प्रदेशभर के शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, एआरपी, एसआरजी और डायट मेंटर्स से सीधा संवाद किया और सरकार की आगामी प्राथमिकताओं को साझा किया।इस संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों (सरकारी स्कूलों) के संचालन, शिक्षकों के कल्याण और छात्र नामांकन को लेकर कई बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की घोषणा की गई है।गर्मी के कारण पढ़ाई के नुकसान की भरपाई: अब हर साल 25 जून से खुलेंगे स्कूलअपर मुख्य सचिव ने बताया कि अक्सर अत्यधिक गर्मी और लू के कारण बार-बार स्कूलों की छुट्टियां बढ़ानी पड़ती हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई का भारी नुकसान होता है।220 शिक्षण दिवस का लक्ष्य: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानदंडों के अनुरूप बच्चों के लिए न्यूनतम 220 शिक्षण दिवस सुनिश्चित करना अनिवार्य है।नया नियम: इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए अब उत्तर प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय प्रत्येक वर्ष 25 जून से संचालित होंगे (यानी आज से स्कूल खुल चुके हैं)। उन्होंने शिक्षकों से अपील की है कि वे स्कूल आने वाले बच्चों का आत्मीय स्वागत करें और भीषण गर्मी को देखते हुए उनके स्वास्थ्य व सुरक्षा का विशेष प्रबंध करें।1 जुलाई से 'स्कूल चलो अभियान' का दूसरा चरण: ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोरराज्य में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले (Dropout) बच्चों की संख्या को शून्य पर लाने के लिए सरकार नई रणनीति अपना रही है:स्थानीय डेटा की मदद: 1 जुलाई से शुरू हो रहे 'स्कूल चलो अभियान' के दूसरे चरण में स्कूल से बाहर (Out of School) रह गए बच्चों की पहचान की जाएगी। इसके लिए आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध जन्म रिकॉर्ड और स्थानीय सूचनाओं की मदद ली जाएगी।निर्बाध प्रवेश: कक्षा 5 पास करने वाले प्रत्येक छात्र का कक्षा 6 में निर्बाध और अनिवार्य दाखिला सुनिश्चित किया जाएगा। जो बच्चे सीखने में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष 'कैच-अप शिक्षण' (Catch-up Classes) संचालित किए जाएंगे।निपुण भारत मिशन का कक्षा 5 तक विस्तार: 6 जुलाई को 'निपुण संकल्प'बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करने वाले 'निपुण भारत मिशन' को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:दायरा बढ़ा: पहले यह मिशन शुरुआती कक्षाओं के लिए था, लेकिन अब इसका दायरा कक्षा 5 तक बढ़ा दिया गया है। अब कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए भाषा, अंग्रेजी, गणित और पर्यावरण अध्ययन (EVS) के स्पष्ट लर्निंग आउटकम (अधिगम लक्ष्य) तय किए गए हैं।शिक्षकों की ट्रेनिंग: इसके लिए राज्य स्तर पर एसआरजी और डायट मेंटर्स का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है, जो ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों को ट्रेंड करेंगे। आगामी 6 जुलाई को प्रदेश के सभी जिलों में 'निपुण संकल्प कार्यशाला' का आयोजन होगा, जिसमें पूरे प्रशासनिक और अकादमिक तंत्र को झोंककर 'निपुण जनपद' बनाने का संकल्प लिया जाएगा।'DEAR' अभियान और वर्ष में दो बार मिलेगी होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्टअपर मुख्य सचिव ने स्कूलों में पठन-पाठन का माहौल बेहतर करने के लिए कई नए निर्देश दिए हैं:DEAR अभियान: स्कूलों में ‘ड्रॉप एवरीथिंग एंड रीड’ (DEAR) जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, जहां एक निश्चित समय के लिए सभी काम रोककर सिर्फ किताबें पढ़ने की संस्कृति विकसित की जाएगी।अभिभावक सहभागिता: बच्चों की 'होलिस्टिक प्रोग्रेस रिपोर्ट' (Holistic Progress Report) को अब और अधिक प्रभावी बनाकर वर्ष में दो बार अभिभावकों (Parents) के साथ अनिवार्य रूप से साझा किया जाएगा ताकि वे भी बच्चे की प्रगति का हिस्सा बन सकें।शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात: ₹5 लाख की कैशलेस इलाज सुविधा और 21,000 नई भर्तियांमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर शिक्षा विभाग के मानव संसाधन को मजबूत करने और शिक्षकों की सामाजिक सुरक्षा के लिए दो अत्यंत महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं:श्रेणी / योजनामुख्य विवरण और लाभकैशलेस चिकित्सा सुविधासभी शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा।नगरीय क्षेत्रों में नई भर्तीशहरी क्षेत्रों के स्कूलों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए लगभग 11 हजार शिक्षकों और 10 हजार अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।मुंशी प्रेमचंद का संदेश: संवाद के अंत में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद का उल्लेख करते हुए सभी शिक्षकों से निरंतर अध्ययन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक बेहतर शिक्षक वही है जो खुद हमेशा पढ़ता रहता है। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों की निष्ठा के दम पर उत्तर प्रदेश की बुनियादी शिक्षा पूरे देश के लिए एक रोल मॉडल बनकर उभरेगी।

न्यूज़ इंडिया लाइव 24 Jun 2026 9:05 am

शिक्षा में एक नये युग एवं शैक्षिक क्रांति की आहट

आज पूरी दुनिया शिक्षा के एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहां ज्ञान का विस्तार तो अभूतपूर्व हुआ है, लेकिन जीवन मूल्यों का क्षरण भी उतनी ही तेजी से दिखाई देता है। विज्ञान और तकनीक ने मानव जीवन को सुविधासंपन्न बनाया है, लेकिन मानसिक तनाव, हिंसा, प्रतिस्पर्धा, नैतिक संकट और मानवीय संवेदनाओं के क्षय जैसी ... Read more

अजमेरनामा 16 Jun 2026 5:09 am

विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया

गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।

देशबन्धु 12 Jun 2026 3:47 pm

बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें

बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more

अजमेरनामा 11 Jun 2026 8:12 pm

त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज

भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more

अजमेरनामा 31 May 2026 6:42 am

ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा

'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।

देशबन्धु 28 May 2026 3:20 am

सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य

शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।

देशबन्धु 16 May 2026 3:00 am

Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए

बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.

बूमलाइव 12 May 2026 6:20 pm

'सरके चुनर' गाना विवाद: संजय दत्त के बाद नोरा फतेही ने भी मांगी माफी, अनाथ बच्चियों की शिक्षा का उठाया जिम्मा

कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...

वेब दुनिया 7 May 2026 5:43 pm

पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है

बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.

बूमलाइव 29 Apr 2026 11:12 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am