मेरठ-सहारनपुर खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के चलते जिले में 23 अक्टूबर को सभी स्कूल बंद रहेंगे। जिला प्रशासन के निर्देश पर बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी और जिला विद्यालय निरीक्षक ने विशेष अवकाश का आदेश गुरुवार देर शाम जारी किया है। 23 अक्टूबर शुक्रवार को विधान परिषद के मेरठ-सहारनपुर, मेरठ-गाजियाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए मतदान होना है। इसी वजह से नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी, निजी, सहायता प्राप्त और मान्यता प्राप्त स्कूलों में छुट्टी रहेगी। CBSE, ICSE समेत सभी बोर्ड के स्कूल इस आदेश के दायरे में आएंगे। अधिकारियों ने कहा है कि मतदान के दिन आदेश का कड़ाई से पालन कराया जाए।
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जल्द ही विभाग के मंत्री और अफसरों के साथ बैठक करेंगे। इस बैठक में शिक्षक पात्रता परीक्षा के मामले में अधिक से अधिक शिक्षकों को राहत दिलाने और विभाग की नीतियों पर निर्णय लिए जाएंगे। इसके साथ ही अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के आंदोलन को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए आश्वासन पर अमल के मामले में भी अधिकारी मुख्यमंत्री को नीतिगत तथ्यों से अवगत कराएंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री समेत कई अन्य अफसर बैठक में शामिल हुए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा ली जाने वाली विभाग की समीक्षा बैठक के मद्देनजर गुरुवार को सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह और विभागीय अफसरों के साथ बैठक की। उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा तय प्राथमिकताओं की जानकारी देकर प्लानिंग तैयार करने को कहा। इसमें अध्यापकों की नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना का मामला भी शामिल है, जिस पर सरकार निर्णय ले सकती है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को विभाग के 954 दिवंगत कर्मचारियों के परिजनों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति के पत्र बांटे थे। उन्होंने कहा था कि जल्द ही 20 हजार शिक्षकों के पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इन मांगों के निराकरण के आश्वासन के बाद खत्म हुआ था आंदोलन अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने मुख्यमंत्री यादव से मुलाकात के बाद जिन प्रमुख मुद्दों पर कार्रवाई के आश्वासन मिलने पर आंदोलन खत्म किया था, उनमें शिक्षक पात्रता परीक्षा के मामले में केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से राज्य सरकार द्वारा बात करने का मुद्दा भी शामिल था। सीएम ने आश्वस्त किया था कि शिक्षक पात्रता परीक्षा के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में दायर क्यूरेटिव याचिका में राज्य सरकार भी शिक्षकों के पक्ष में अपना मत रखेगी। इसके साथ ही कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना तत्काल लागू करने और सेवाकाल में शिक्षक की मृत्यु होने पर उसके परिवार को 30 मार्च 2021 से प्रभावी परिवार पेंशन योजना का लाभ दिए जाने की मांग भी शामिल थी। ई-अटेंडेंस व्यवस्था में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग भी की गई थी। इसमें सुधार का आश्वासन दिया गया था।
महिला थानाधिकारी आशा सिंह बारहठ ने गुरुवार को बारां के गवर्नमेंट जनजाति छात्रावास में छात्राओं से बात की। इस दौरान छात्राओं ने शिक्षा, करियर और महिला सुरक्षा से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने आसानी से जवाब दिया। आशा सिंह ने छात्राओं को शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन को सही दिशा देती है और मेहनत से ही सफलता मिलती है। उन्होंने छात्राओं को अपने सपने पूरे करने और आत्मविश्वास से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आत्मरक्षा के तरीके, महिला सुरक्षा और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी दी। किसी भी परेशानी में पुलिस की मदद लेने, हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करने और हमेशा सतर्क रहने की सलाह भी दी। छात्राओं ने अपने अनुभव बताए और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। आखिर में छात्राओं ने थानाधिकारी का आभार जताया। इस बातचीत से छात्राओं में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता बढ़ी।
दीपावली पर स्कूलों में होगी लाइटिंग:सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में होगी साफ-सफाई
राजस्थान के शिक्षा विभाग ने स्कूलों और कार्यालयों के लिए जारी किए निर्देश, शौचालयों की सफाई भी जरूरी दिवाली पर्व को देखते हुए राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में साफ-सफाई और रोशनी की व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए गए हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर ने अधिकारियों और संस्था प्रधानों को जरूरी कार्रवाई करने के लिए कहा है। हालांकि, इन व्यवस्थाओं के लिए अलग से कोई अतिरिक्त बजट नहीं दिया गया है। स्कूल परिसर, कक्षा-कक्ष और शौचालयों की होगी सफाई निर्देशों के अनुसार, सभी सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग के कार्यालयों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्कूल परिसर, कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल स्थल और आसपास के क्षेत्रों की उचित सफाई करवाई जाएगी। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार रोशनी की व्यवस्था भी सुनिश्चित करनी होगी, ताकि स्वच्छ और स्वास्थ्यप्रद वातावरण बना रहे। अधिकारियों को प्राथमिकता से पालना कराने के निर्देश प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधीनस्थ अधिकारियों और संस्था प्रधानों को जारी निर्देशों की अक्षरश: पालना सुनिश्चित कराने के लिए कहा है। इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए हैं। ये निर्देश स्कूल शिक्षा (ग्रुप-5) के संयुक्त शासन सचिव के 16 अक्टूबर 2026 के पत्र के क्रम में जारी किए गए हैं। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित शिक्षा अधिकारियों, समग्र शिक्षा के अधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है। स्रोत के सभी तथ्य सुरक्षित रखकर कॉपी सुधारेंहेडलाइन और स्लग के एंगल अलग करें
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए मेघालय सरकार प्रतिबद्ध, 2,000 से अधिक स्कूलों को किया गया अपग्रेड
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए मेघालय सरकार प्रतिबद्ध, 2,000 से अधिक स्कूलों को किया गया अपग्रेड
भारत-कनाडा शिक्षा क्षेत्र में करेंगे सहयोग, भारत में खुल सकते हैं कनाडाई विश्वविद्यालयों के कैंपस
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गांधीनगर स्थित प्रांत प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित सात दिवसीय कार्यक्रम में वक्ताओं ने पंचकोशीय विकास और भारतीय शिक्षा दर्शन के महत्व को रेखांकित किया।
PC: JAGRAN उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ओर से राज्य में स्केलर भर्ती के तहत आवेदन करने का आज अंतिम दिन है। 22 अक्टूबर के बाद एप्लीकेशन विंडो पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। जो अभ्यर्थी किसी कारणवश अब तक अपना फॉर्म नहीं भर पाए हैं, वे आज ही ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लें। फॉर्म में करेक्शन की सुविधा यदि आवेदन करते समय किसी उम्मीदवार से कोई गलती हो गई है, तो उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। आयोग 26 से 27 अक्टूबर 2026 तक करेक्शन विंडो (Correction Window) ओपन करेगा, जिसके माध्यम से उम्मीदवार अपने फॉर्म में सुधार कर सकेंगे। पात्रता एवं मानदंड शैक्षणिक योग्यता: उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड/परिषद या उत्तराखंड स्थित स्कूल से इंटरमीडिएट (12वीं) या इसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु सीमा: अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 28 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। उत्तराखंड के मूल निवासी (आरक्षित वर्ग) को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट प्रदान की जाएगी। शारीरिक योग्यता (Physical Standards) सामान्य वर्ग: पुरुष उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 163 सेमी और महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम लंबाई 152 सेमी तय की गई है। अनुसूचित जनजाति और पर्वतीय क्षेत्र के अभ्यर्थी (गोरखा, गढ़वाली, कुमाऊंनी आदि): पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम लंबाई 152 सेमी तथा महिलाओं के लिए 145 सेमी निर्धारित है। आवेदन शुल्क (Application Fee) अनारक्षित (General) / उत्तराखंड ओबीसी: ₹300 उत्तराखंड के एससी / एसटी / ईडब्ल्यूएस / दिव्यांग अभ्यर्थी: ₹150 अनाथ अभ्यर्थी: निशुल्क (कोई फीस नहीं) चयन प्रक्रिया और सैलरी चयन प्रक्रिया: अभ्यर्थियों को सबसे पहले शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) देनी होगी। इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा में शामिल होना होगा। दोनों चरणों के प्रदर्शन के आधार पर अंतिम मेरिट लिस्ट जारी होगी। कुल पद: 200 रिक्तियां वेतनमान: चयनित उम्मीदवारों को ₹19,900 से ₹63,200 (पे मैट्रिक्स लेवल-2) का मासिक वेतन मिलेगा। आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide) सबसे पहले यूकेएसएसएससी की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट ukssscrecruitment.in पर जाएं। होमपेज पर स्केलर भर्ती से जुड़े 'Apply Now' लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई सभी व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक जानकारियां सही-सही भरें। अपनी श्रेणी के अनुसार निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करने के बाद उसका एक फाइनल प्रिंटआउट निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में लीगल असिस्टेंट के पदों पर निकली भर्ती, 31 अक्टूबर तक करें आवेदन
pc: jagran सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शानदार अवसर निकाला है। यहाँ लीगल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके तहत योग्य उम्मीदवार 31 अक्टूबर तक अपना आवेदन भेज सकते हैं। इस भर्ती से जुड़ी मुख्य बातें इस प्रकार हैं: पदों का विवरण इस अभियान के माध्यम से कुल 11 पदों पर भर्तियां की जाएंगी। इनमें अनारक्षित (General) वर्ग के लिए 6, एससी (SC) के लिए 2, एसटी (ST) के लिए 2 और ओबीसी (OBC) वर्ग के लिए 1 पद आरक्षित है। वेतनमान : चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 30,000 रुपये का वेतन दिया जाएगा। योग्यता : आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से लॉ (कानून) में ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। आयु सीमा उम्मीदवारों की आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर होगी। न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है, जबकि आरक्षित श्रेणियों के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी। आवेदन प्रक्रिया इन पदों के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से किए जाएंगे। इसके लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड करके भरना होगा। इसके बाद अपने जरूरी दस्तावेजों (जैसे आईडी प्रूफ, मार्कशीट और पासपोर्ट साइज फोटो) के साथ फॉर्म को तय पते पर पोस्ट करना होगा। सभी के लिए यह जरूरी है कि आवेदन 31 अक्टूबर से पहले संबंधित पते पर पहुंच जाए।
योगी सरकार की पहल से समावेशी शिक्षा को नई दिशा, 9.20 लाख शिक्षक प्रशस्त 2.0 से जुड़े
लखनऊ , 22 अक्टूबर 2026। उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने के लिए प्रशस्त 2.0 के माध्यम से शिक्षकों को डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस पहल का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करना और उनकी शैक्षिक जरूरतों को […] The post योगी सरकार की पहल से समावेशी शिक्षा को नई दिशा, 9.20 लाख शिक्षक प्रशस्त 2.0 से जुड़े appeared first on Rashtriya Ujala .
बिहार: शिक्षा विभाग में कैसे हुआ 98 लाख का फर्जीवाडा़, अब DEO-DPO सस्पेंड
दरअसल भागलपुर में जिलाधिकारी के आदेश पर की गई जांच में गड़बड़ी का पता चला। जानकारी के मुताबिक, नौ अक्टूबर 2026 को सौंपी गई रिपोर्ट में डीईओ कार्यालय से सुल्तानगंज प्रखंड की फर्जी विशिष्ट शिक्षिका तनुश्री के नाम पर अवैध भुगतान के मामले सामने आए।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की सूचना जारी की है।
अम्बेडकरनगर में बेरोजगार युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए 27 और 30 अक्टूबर को दो विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। जिला सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित इन मेलों में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई सहित अन्य उच्च शैक्षिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी प्रतिभाग कर सकेंगे। विभाग का उद्देश्य योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। जिला सेवायोजन अधिकारी अनुपमा रानी ने बताया कि विधानसभा आलापुर का रोजगार मेला 27 अक्टूबर को पं. रामलखन शुक्ल राजकीय पीजी कॉलेज, आलापुर परिसर में आयोजित किया जाएगा। वहीं, विधानसभा टांडा का रोजगार मेला 30 अक्टूबर को चौधरी हनुमान प्रसाद कृषक पीजी कॉलेज, रुद्रपुर भगाही, बरियावन में लगेगा। दोनों मेलों में इच्छुक अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर प्राप्त करने का मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, आईटीआई उत्तीर्ण के साथ अन्य उच्च शैक्षिक योग्यता रखने वाले युवक-युवतियां भी अपनी योग्यता के अनुसार प्रतिभाग कर सकेंगे। पंजीकरण कराना अनिवार्य जिला सेवायोजन अधिकारी ने बताया कि रोजगार मेले में प्रतिभाग करने के लिए अभ्यर्थियों को रोजगार संगम पोर्टल rojgaarsangam.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण के मेले में शामिल होने का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने जिले के इच्छुक बेरोजगार युवाओं से अपील की कि वे समय से पोर्टल पर पंजीकरण कर निर्धारित तिथि और स्थान पर पहुंचें तथा रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं।
यूपी TGT भर्ती के लिए TET पास होना जरूरी, शिक्षामित्रों को आयुसीमा में बड़ी छूट
UP TGT New Rules 2026: यूपी में शिक्षक भर्ती के नियमों में बदलाव किया गया है. इसमें उन अभ्यर्थियों को झटका लगा है, जो टीजीटी परीक्षा में पुरानी नियमावली लागू करने की मांग कर रहे थे. हालांकि शिक्षा मित्रों को राहत दी गई है.
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संचालन के लिए राष्ट्रीय कौशल विकास निगम से संबद्ध योग्य एजेंसियों का चयन किया जाएगा। इन एजेंसियों के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार,
श्री साई ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट्स, बधानी में नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए फ्रेशर पार्टी का भव्य आयोजन किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन एस.के. पुंज ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि मैनेजिंग डायरेक्टर तृप्ता पुंज, सीएमडी कुंवर तुषार पुंज और रिया पुंज गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में उपस्थित रहे। हमारे छात्र देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में उच्च पदों पर कार्यरत: एस.के. पुंज कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ग्रुप चेयरमैन एस.के. पुंज ने नए विद्यार्थियों का स्वागत किया और कहा कि हमारा संस्थान सैद्धांतिक और व्यावहारिक दोनों पहलुओं की रणनीतिक शिक्षा देकर छात्रों को एक अच्छा इंसान और सफल प्रोफेशनल बनाने पर केंद्रित है। कॉलेज से पास आउट छात्र आज देश और दुनिया के प्रतिष्ठित संगठनों में उच्च पदों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने गर्व जताते हुए बताया कि आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी की टॉप-10 मेरिट सूची में संस्थान के एम.टेक के 4 छात्रों ने स्थान हासिल किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान छात्र भी इसी तरह सफलता की बुलंदियों को छुएंगे। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों से हो रहा सर्वांगीण विकास चेयरमैन ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ कॉलेज छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण, सामाजिक मूल्यों और खेलकूद पर भी विशेष ध्यान देता है। सेमेस्टर परीक्षाओं के बाद हर साल जनवरी में वार्षिक खेल प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। संस्थान के कई छात्र बास्केटबॉल और फुटबॉल में राष्ट्रीय स्तर पर कॉलेज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ छात्र-छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वहीं, सीएमडी कुंवर तुषार पुंज ने भी नए छात्रों को संबोधित कर उनका मार्गदर्शन किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। समारोह में यह गणमान्य रहे मौजूद इस अवसर पर डायरेक्टर रणजीत सिंह, डॉ. विपिन गुप्ता, डॉ. दिनेश महाजन, डॉ. नवदीप सांवला, श्रीमती पुनीत सांवला, मुकेश गुप्ता, संजय पंडित, डॉ. राजेश गुप्ता, डॉ. गिरीश गुप्ता, डॉ. दीपक शर्मा, समिंदर तरवाल, सुलक्ष्य कुमार, अश्वनी शर्मा सहित सभी विभागों के एचओडी, प्राध्यापक, स्टाफ सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
संस्कृति बचाने व शिक्षा-रोजगार का संकल्प
भास्कर न्यूज | मुड़ागांव (कोरासी) ग्राम करचाली में बुधवार, 21 अक्टूबर को आदिवासी ध्रुव गोंड़ समाज ने 28 परिवारों की सहभागिता के साथ पारंपरिक उल्लास से नुआखाई पर्व मनाया। सामूहिक पर्व और वार्षिक मिलन समारोह में समाजजनों ने सांस्कृतिक विरासत सहेजने के साथ नई पीढ़ी को शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत बाजे-गाजे के साथ पारंपरिक वेशभूषा में बूढ़ादेव पालो निकालकर की गई। समाजजन नवनिर्मित बूढ़ादेव ठाना पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर नए अनाज का भोग चढ़ाया गया। समाजजनों ने परिवारों की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की उन्नति की कामना की। इसके बाद एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। वार्षिक मिलन समारोह में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने, युवाओं को व्यवसाय और स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने तथा रोजगार के नए अवसर तलाशने पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों, संस्कृति और सामाजिक संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत बताई। समाजजनों ने कहा कि आपसी सहयोग और एकजुटता से सामाजिक चुनौतियों का सामना किया जा सकता है। समारोह में आसाराम ध्रुव, चेतराम ध्रुव, भंवर लाल ध्रुव, रखु राम ध्रुव, कमल सिंह ध्रुव, गंगाराम नेताम, बाबूराम ध्रुव, दीपक नेताम और संतोष ध्रुव सहित समाजजन शामिल हुए। वहीं सुशीला बाई ध्रुव, रेवती बाई ध्रुव, कीर्ति बाई ध्रुव, मैना बाई ध्रुव, गौरी बाई, अनिता, मीना, साधना बाई और ज्योति नेताम सहित बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी निभाई।
11 साल बाद सिंह राशि में गुरु, शिक्षा-शासन पर असर
रायसेन| ज्योतिषीय गणना के अनुसार, अक्टूबर में दो प्रमुख ग्रहों की चाल में बदलाव होने जा रहा है। बुध 24 अक्टूबर को दोपहर 12:42 बजे तुला राशि में वक्री होंगे, जबकि देवगुरु बृहस्पति 31 अक्टूबर को दोपहर 12:02 बजे कर्क से सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में गुरु का पिछला गोचर 2015 में हुआ था। गुरु को ज्ञान, शिक्षा, धर्म, न्याय और धन का कारक माना जाता है। सिंह राशि में प्रवेश से शिक्षा, शासन-प्रशासन, कारोबार और सामाजिक-धार्मिक विषय चर्चा में रह सकते हैं। वहीं, बुध 12 नवंबर तक वक्री रहेंगे और 13 नवंबर को मार्गी होंगे। इस दौरान लंबित कार्यों की समीक्षा और पुराने प्रस्तावों पर दोबारा विचार के संकेत हैं। गुरु 2027 में वक्री गति के चलते फिर कर्क राशि में लौट सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन ग्रह परिवर्तनों का प्रभाव कुंडली में उनकी स्थिति के आधार पर अलग-अलग हो सकता है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में छात्राओं का नामांकन छात्रों के मुकाबले 5 लाख अधिक है। विभाग के नामांकन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक केवल नर्सरी कक्षा में ही छात्रों की संख्या छात्राओं से अधिक है। अन्य सभी कक्षाओं में छात्राओं की संख्या अधिक है। सबसे अधिक अंतर दसवीं कक्षा में है। इस कक्षा में छात्राओं की संख्या छात्रों से 66 हजार 495 अधिक है। वर्तमान में सरकारी स्कूलों में नामांकन 72,48,752 विद्यार्थियों का नामांकन है। इनमें 38 लाख 74 हजार 349 लड़कियां और 33 लाख 74 हजार 394 लड़के हैं। यानी बेटियों की संख्या बेटों से 4 लाख 99 हजार 955 अधिक है। प्रदेश के सभी जिलों में यही स्थिति है। छात्राओं के नामांकन के पीछे बड़ी वजह इनके लिए चलने वाली योजनाएं है। विभाग में बालिका शिक्षा फाउंडेशन की ओर से छात्राओं के लिए गार्गी पुरस्कार, बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार, मुख्यमंत्री हमारी बेटियां, पद्माक्षी पुरस्कार सहित कई योजनाएं संचालित है। इसके अलावा लाडो प्रोत्साहन योजना, साइकिल योजना, स्कूटी योजनाओं के चलते भी नामांकन बढ़ा है। पहली कक्षा से बढ़ने लगता है अंतर 10वीं में 66,495 बच्चियां ज्यादा कक्षा 10वीं में लड़कियों की संख्या लड़कों से सबसे अधिक 66,495 ज्यादा है। इस कक्षा में छात्राओं की संख्या 3 लाख 20 हजार 391 है, जबकि छात्रों की संख्या 2 लाख 53 हजार 896 है। इसके अलावा कक्षा 12 छात्राओं की संख्या 58,145 और कक्षा 8 में 56,846 अधिक है। अन्य सभी कक्षाओं में यह अंतर 50 हजार से कम है। जयपुर में 27 हजार अधिक
नालंदा में राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में 25 से 28 अक्टूबर तक भारतीय सामाजिक विज्ञान संस्थान संघ (आईएएसएसआई) के 25वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन होगा। चार दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वान, अर्थशास्त्री, नीति निर्माता और विकास विशेषज्ञ शामिल होंगे। सम्मेलन में विकास से जुड़ी चुनौतियों, सामाजिक विज्ञान के भविष्य और नीतिगत सुधारों पर चर्चा की जाएगी। विश्वामित्रालय में होगा उद्घाटन सत्र सम्मेलन का उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के विश्वामित्रालय सभागार में आयोजित होगा। इसमें प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (ईएसी-पीएम) के अध्यक्ष प्रोफेसर एस. महेंद्र देव मुख्य वक्ता होंगे। इसके अलावा नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति और आईएएसएसआई के अध्यक्ष प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी, दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के निदेशक और सम्मेलन के अध्यक्ष प्रोफेसर राम सिंह तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर), नई दिल्ली के सदस्य-सचिव प्रोफेसर धनंजय सिंह भी अपने विचार रखेंगे। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा पर चर्चा चार दिवसीय सम्मेलन में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सामाजिक सुरक्षा, क्षेत्रीय संसाधन और वर्ष 2030 के बाद के वैश्विक लक्ष्यों जैसे विषयों पर तकनीकी और वैचारिक सत्र आयोजित होंगे। इसमें विशेष व्याख्यान और पैनल चर्चाएं भी होंगी। सम्मेलन का उद्देश्य सामाजिक चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान तलाशना और अलग-अलग विषयों को जोड़कर अनुसंधान को बढ़ावा देना है। तैयारियों को दिया जा रहा अंतिम रूप ऐतिहासिक नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में होने वाले इस सम्मेलन से नीति निर्माण के क्षेत्र में नए विचारों और समाधानों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। सम्मेलन को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आयोजक तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।
यूपी टीचर भर्ती 2026: शिक्षामित्रों को आयु सीमा में बड़ी राहत, शासन ने जारी किया सरकारी आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 11,508 पदों पर भर्ती में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक छूट देने का निर्णय लिया है।
समाज की उन्नति के लिए शिक्षा जरूरी : अदीब अहमद
समाज की उन्नति के लिए शिक्षा जरूरी : अदीब अहमद
हिमाचल में सरकारी स्कूल में गाइड बुक से पढ़ाते पकड़े गए टीचर, शिक्षा विभाग ने लिया कड़ा एक्शन
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में दो प्रवक्ताओं को निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के बजाय व्यावसायिक गाइड बुक से पढ़ाते हुए पकड़ा गया।
राजस्थान में कक्षा 5वीं और 8वीं की वर्ष 2027 की परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन से वंचित रहे स्टूडेंट्स को शिक्षा विभाग ने राहत दी है। पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं (राजस्थान, बीकानेर) ने ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट 21 अक्टूबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2026, शनिवार रात 11:59 बजे तक कर दी है। इस संबंध में विभाग ने आदेश जारी कर सभी अधिकारियों को जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, कक्षा 8वीं और कक्षा 5वीं की परीक्षाओं के लिए पात्र एवं नियमित स्टूडेंट्स के ऑनलाइन आवेदन शाला दर्पण पोर्टल के माध्यम से भरे जाएंगे। विभाग ने साफ किया है कि स्टूडेंट्स के लिए आवेदन पूरा करने का यह आखिरी मौका है। विभाग ने सभी मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों, डाइट प्राचार्यों और मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को आवेदन प्रक्रिया की सख्त निगरानी के निर्देश दिए हैं। सरकारी, संस्कृत, मूक-बधिर, प्राइवेट स्कूलों और मदरसों में पढ़ रहे सभी पात्र स्टूडेंट्स के आवेदन समय पर पूरे कराने को कहा गया है। यदि 31 अक्टूबर रात 11:59 बजे तक किसी स्कूल प्रमुख द्वारा अपने स्टूडेंट्स के शत-प्रतिशत ऑनलाइन आवेदन पूरे नहीं किए जाते हैं, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। स्टूडेंट्स को मिल सकेगी राहतशिक्षक संघ 'रेसटा' के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने तिथि बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि तकनीकी दिक्कतों या दस्तावेजों की कमी से छूटे स्टूडेंट्स के लिए यह एक बेहतरीन मौका है। उन्होंने सभी स्कूल प्रमुखों से समय पर शत-प्रतिशत आवेदन सुनिश्चित करने की अपील की। साथ ही अभिभावकों को सलाह दी कि वे स्कूल से संपर्क कर अपने बच्चों के आवेदन की स्थिति की जांच जरूर कर लें।
छत्तीसगढ़ में सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने इसके लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग ने साल में कम से कम एक बार सामान्य TET परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। इसमें सेवारत शिक्षक और अन्य पात्र अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के फैसलों के मुताबिक कक्षा पहली से आठवीं तक पढ़ाने वाले ऐसे सेवारत शिक्षकों, जिनकी नौकरी में 5 साल या उससे अधिक सेवा शेष है, उन्हें संबंधित स्तर की TET पास करना जरूरी है। इन शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए TET परीक्षा पास करनी होगी। पहले व्यापमं कराता था परीक्षा प्रदेश में अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) की ओर से समय-समय पर किया जाता रहा है। अब सेवारत ऐसे नियमित शिक्षक, जिन्होंने TET पास नहीं की है, और अन्य गैर-सेवारत अभ्यर्थियों के लिए सामान्य TET आयोजित करने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल को दी गई है। साल में कम से कम एक बार होगी परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग ने कर्मचारी चयन मंडल के परीक्षा नियंत्रक को निर्देश दिया है कि सामान्य TET परीक्षा साल में कम से कम एक बार आयोजित की जाए। इससे संबंधित शिक्षकों और अन्य पात्र अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल सकेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग की बैठक में पहली कक्षा से नैतिक शिक्षा शुरू करने के निर्देश दिए।
गोपालगंज में बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर हो रहे चुनाव को लेकर प्रचार अभियान अंतिम चरण में पहुंच गया है। बुधवार को प्रचार के आखिरी दिन गोपालगंज में राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने जिले में अलग-अलग जगहों पर शिक्षक संवाद कार्यक्रम किए। शिक्षा मंत्री ने NDA प्रत्याशी के पक्ष में मांगे वोट शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थानीय मैरेज हॉल में आयोजित शिक्षक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने शिक्षकों से NDA समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप NDA प्रत्याशी को अपना आशीर्वाद दीजिए, आपकी हर समस्या का समाधान सरकार पूरी ईमानदारी से करेगी।” बोले- विपक्ष के पास दावे, हमारे पास हर समस्या की दवा शिक्षा मंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास सिर्फ दावे हैं, जबकि NDA के पास हर समस्या की सटीक दवा है। उन्होंने शिक्षकों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए सरकार गंभीरता से काम करेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दी चेतावनी कार्यक्रम के दौरान मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गलत काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि गलत काम करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के दायरे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रचार के आखिरी दिन सभी दलों ने झोंकी ताकत MLC चुनाव के प्रचार के अंतिम दिन राजनीतिक दलों और निर्दलीय प्रत्याशियों ने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत लगाई। गोपालगंज में NDA नेताओं की सक्रियता और जन सुराज के शिक्षक संवाद कार्यक्रमों से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है। अब सबकी नजर मतदान और चुनाव परिणाम पर है।
21 अक्टूबर, बुधवार, गोपालगंज: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रबुद्ध मतदाता संवाद में शिक्षक व स्नातक मतदाताओं से विधान परिषद चुनाव में एनडीए के सभी आठ प्रत्याशियों को जिताने की अपील की। वित्तरहित शिक्षकों के लिए 195 करोड़ जारी हुए, नवंबर के दूसरे सप्ताह में ट्रांसफर पोर्टल खुलेगा।
योगी सरकार का शिक्षा पर जोर, शिक्षक संकुल बैठकों से परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्ता सुधार
योगी सरकार उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए शिक्षक संकुल बैठकों को प्रभावी बना रही है। इन बैठकों से शिक्षकों की क्षमता बढ़ेगी, नवाचार साझा होंगे और बच्चों में तार्किक सोच विकसित होगी, जिससे निपुण लक्ष्य प्राप्त होंगे।
Girl Student Education: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बालिका शिक्षा को आधुनिक शिक्षण संसाधनों से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में खान एकेडमी के ...
हरदोई के शाहाबाद विधानसभा क्षेत्र में बुधवार, 21 अक्टूबर को पूर्व विधायक स्वर्गीय उपेंद्र तिवारी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। अंबेडकर पार्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हिंदू धर्म, भगवान राम, समाजवादी पार्टी की विचारधारा और विपक्ष के राजनीतिक आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। आरएसएस और महिलाओं की आस्था से जुड़े राहुल गांधी के बयान पर योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि राहुल गांधी हिंदू धर्म के बारे में कुछ नहीं जानते। उन्होंने राहुल गांधी के परिवार की धार्मिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उनका उपनिषद, वेद-पुराण और हिंदू धर्म की बात करना हास्यास्पद है। यह टिप्पणी मंत्री ने राजनीतिक प्रतिक्रिया के तौर पर की। बोले- सपा अब भगवानों में भी विभाजन करने लगी सपा के राष्ट्रीय महासचिव राजकुमार भाटी की ब्रह्मा, विष्णु और महेश को नहीं मानने संबंधी टिप्पणी पर मंत्री ने कहा कि भगवान बुद्ध भी विष्णु के अवतार हैं। उन्होंने मत्स्य, कच्छप, वराह, नरसिंह, वामन, परशुराम, श्रीराम, कृष्ण और बुद्ध के अवतारों का उल्लेख किया। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी पहले जनता में विभाजन करती थी और अब भगवानों में भी विभाजन करने लगी है। भगवान विष्णु और भगवान शंकर को मानने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सपा की सोच भगवान को मानने की नहीं है। रामराज्य के बयान पर अखिलेश यादव को घेरा अखिलेश यादव के समाजवादी विचारधारा को असली रामराज्य बताने वाले बयान पर योगेंद्र उपाध्याय ने अयोध्या में रामभक्तों पर गोली चलवाने की घटना का जिक्र करते हुए उन पर तंज कसा। आगरा में पीठासीन अधिकारी की नियुक्ति को लेकर सपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर मंत्री ने कहा कि आरोप लगाने वाले नाम और तथ्य सामने रखें। विपक्षी नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात और वोट चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने साक्ष्य देने की बात कही। एमएलसी चुनाव में भाजपा की जीत का दावा एमएलसी चुनाव को लेकर योगेंद्र उपाध्याय ने भाजपा प्रत्याशी की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि चुनाव कई जिलों में फैला है और पार्टी के कार्यकर्ता लगातार जनता के संपर्क में रहते हैं। अखिलेश यादव के आगामी घोषणा पत्र पर मंत्री ने कहा कि घोषणाओं के साथ उनके क्रियान्वयन का ब्योरा भी जारी किया जाना चाहिए। उन्होंने सैफई में कलाकारों के कार्यक्रमों पर भी सवाल उठाए। श्रद्धा दुबे से जुड़े मामले और शिवपाल यादव पर बयानबाजी के संबंध में उपाध्याय ने कहा कि पुलिस की विवेचना के बाद तथ्य सामने आएंगे।
शिक्षा व्यक्तित्व को निखारती है, युवा देश का भविष्य और शक्ति का मुख्य केंद्र : अनिल विज
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारती है तथा हमें अपने संस्कारों को जीवंत रखते हुए नई तकनीक को साथ लेकर...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में खान एकेडमी के माध्यम से छात्राओं को गणित और विज्ञान में डिजिटल अभ्यास का अवसर मिल रहा है। इस पहल से 96% केजीबीवी पंजीकृत हुए हैं और हजारों छात्राएं मासिक लक्ष्य प्राप्त कर अपनी प्रतिभा निखार रही हैं, जिससे बालिका शिक्षा को नई गति मिली है।
टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को जल्द ही संशोधित प्रमाणपत्र मिलेंगे; पुराने गलत प्रमाणपत्रों से आवेदन न करने की सलाह दी गई है।
MPPSC भर्ती 2026: विधि अधिकारी के पदों पर मौका, 1.77 लाख रुपये तक मिलेगी सैलरी
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से विधि अधिकारी के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है जिसमें शामिल होने के लिए 5 नवंबर 2026 तक (बिना लेट फीस) आवेदन किया जा सकता है...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित अनुकंपा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम का सीएम डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने ...
PC: JAGRAN राजस्थान के प्रतिष्ठित सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ के विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए बेहतरीन है जो शिक्षा और प्रशासन के क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। रिक्तियों का विवरण इस भर्ती अभियान के जरिए निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी: टीचिंग पद: टीजीटी मैथमेटिक्स, टीजीटी साइंस, टीजीटी इंग्लिश, टीजीटी कंप्यूटर साइंस। नॉन-टीचिंग पद: मेस मैनेजर। पात्रता एवं आयु सीमा टीचिंग पद (TGT): NCTE से मान्यता प्राप्त संस्थान से संबंधित विषय में 50% अंकों के साथ 4 वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री या 50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन + B.Ed होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार का CTET Paper-2 क्वालीफाई होना आवश्यक है। आयु सीमा: 21 वर्ष से 35 वर्ष के बीच। नॉन-टीचिंग पद (मेस मैनेजर): न्यूनतम 10वीं कक्षा पास होने के साथ किसी कैटरिंग ऑर्गनाइजेशन में 5 साल का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा: 31 अक्टूबर 2026 को आधार मानकर न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 50 वर्ष तय की गई है। कैसे और कहां करें आवेदन? आवेदन का माध्यम: फॉर्म केवल ऑफलाइन स्वीकार किया जाएगा। स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट sschittorgarh.edu.in पर जाकर आवेदन पत्र डाउनलोड करें। स्टेप 2: फॉर्म को पूरी तरह भरें और अपने सभी आवश्यक शैक्षणिक व अनुभव प्रमाण पत्रों की फोटोकॉपी अटैच करें। स्टेप 3: ₹500 का डिमांड ड्राफ्ट (DD) Sainik School Chittorgarh, payable at Chittorgarh के फेवर में बनवाकर फॉर्म के साथ संलग्न करें। फॉर्म भेजने का पता: To, The Principal, Sainik School Chittorgarh, Bhilwara Road, Rajasthan - 312021 अंतिम तिथि: भरा हुआ फॉर्म 7 नवंबर 2026 तक निर्धारित पते पर पहुँच जाना चाहिए। चयन प्रक्रिया प्राप्त आवेदनों के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थियों को चयन प्रक्रिया के अगले चरणों—लिखित परीक्षा (Written Test), क्लास डेमोंस्ट्रेशन, स्किल टेस्ट और इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। परीक्षा के एडमिट कार्ड उम्मीदवार की ईमेल आईडी और स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।
PC: jagran सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में शानदार मौका सामने आया है। डीयू की ओर से प्रशासनिक और गैर-शैक्षणिक (Non-Teaching) पदों पर कुल 126 रिक्तियों को भरने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 23 अक्टूबर 2026 आवेदन करने की अंतिम तिथि: 9 नवंबर 2026 रिक्तियों का विवरण इस भर्ती अभियान के तहत कुल 126 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी: सीनियर असिस्टेंट: 46 पद असिस्टेंट: 80 पद भर्ती ओवरव्यू विवरण महत्वपूर्ण जानकारी भर्ती संगठन दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) पद का नाम असिस्टेंट (Assistant) एवं सीनियर असिस्टेंट (Senior Assistant) कुल पद 126 पद आवेदन की शुरुआती तिथि 23 अक्टूबर 2026 आवेदन की अंतिम तिथि 9 नवंबर 2026 आवेदन का तरीका केवल ऑनलाइन (ऑफिशियल वेबसाइट: du.ac.in ) चयन प्रक्रिया भर्ती परीक्षा के आधार पर आवेदन शुल्क • जनरल / अनरिजर्व्ड: ₹1,000 • OBC (NCL) / EWS / महिला: ₹800 • SC / ST / PwBD: ₹600 शैक्षणिक योग्यता एवं आयु सीमा असिस्टेंट पद के लिए: उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा, जूनियर असिस्टेंट या समकक्ष पद पर 2 साल का अनुभव, साथ ही हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट या अंग्रेजी में 35 शब्द प्रति मिनट की टाइपिंग स्पीड अनिवार्य है। इस पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष तय की गई है। सीनियर असिस्टेंट पद के लिए: आवेदक के पास स्नातक की डिग्री और असिस्टेंट या समकक्ष पद पर 3 वर्ष कार्य करने का अनुभव होना चाहिए। साथ ही कंप्यूटर पर कार्य करने की बेसिक जानकारी जरूरी है। इस पद के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदन शुल्क इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को कैटेगरी के अनुसार निम्नलिखित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन करना होगा: जनरल / अनारक्षित वर्ग: ₹1000/- ओबीसी (NCL) / ईडब्ल्यूएस / महिला वर्ग: ₹800/- एससी / एसटी / पीडब्ल्यूबीडी वर्ग: ₹600/- चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गई मेरिट लिस्ट के अनुसार किया जाएगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे डीयू की आधिकारिक वेबसाइट du.ac.in पर जाकर विस्तृत नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ लें।
उत्तर प्रदेश की अटल आवासीय विद्यालय योजना: आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए शिक्षा का नया अवसर
उत्तर प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस योजना के तहत, छात्रों को निःशुल्क शिक्षा, हॉस्टल, भोजन, किताबें, और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कोविड-19 के दौरान अनाथ हुए बच्चों को भी इस योजना का लाभ मिल सकता है। जानें इस योजना के लाभ, पात्रता, और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से।
UP News:बेटियों को कक्षा6से12वीं तक मुफ्त शिक्षा,हॉस्टल और भोजन;जानें अटल आवासीय विद्यालय योजना की पात्रता
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने भागलपुर में प्रशांत किशोर पर सियासी हमला किया। उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री नहीं बनाया है। अगर चुनाव लड़ना है, तो चुपचाप मैदान में उतरें और जनता से वोट मांगें। दरअसल, मंगलवार को मिथिलेश तिवारी कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के समर्थन में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने प्रशांत किशोर को लेकर ये बातें कही। मिथिलेश तिवारी ने साफ किया कि बिहार के मुख्यमंत्री भाजपा और एनडीए के नेता हैं। उन्होंने प्रशांत किशोर को मुख्यमंत्री को लेकर लगातार बयानबाजी करने के बजाय जनता का समर्थन हासिल करने पर ध्यान देने को कहा। मंत्री ने कहा कि चुनाव केवल किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाने या हटाने की लड़ाई नहीं है। यह मतदाताओं के बीच विचारों और राजनीतिक दृष्टिकोण की प्रतिस्पर्धा है। उनका संदेश था कि राजनीति में जनता का विश्वास जीतना सबसे जरूरी है। आठों सीटों पर जीत का दावा, एनडीए को बताया मजबूत कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनावी माहौल के बीच शिक्षा मंत्री ने बिहार की सभी आठ सीटों पर एनडीए की जीत का दावा किया। उन्होंने कहा कि एनडीए के प्रत्याशी अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं। हालांकि, कार्यक्रम का आयोजन एनडीए प्रत्याशी डॉ. एनके यादव के पक्ष में किया गया था, लेकिन शिक्षा मंत्री ने अपने राजनीतिक विरोधियों पर निशाना साधने के साथ ही चुनावी जीत को लेकर भी बड़ा दावा कर दिया। अनंत सिंह प्रकरण पर बोले- पारिवारिक मामला, परिणाम पर असर नहीं अनंत सिंह से जुड़े मामले पर पूछे गए सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने इसे पारिवारिक मामला बताया। उनका कहना था कि इस प्रकरण को लेकर चल रही चर्चाओं का चुनाव परिणाम पर असर नहीं पड़ेगा और परिवार के लोग इसे आपस में सुलझा लेंगे।उन्होंने यह भी कहा कि नीरज जी की स्थिति को लेकर थोड़ी असमंजस की बात जरूर सामने आई है, लेकिन वह ठीक हैं। हालांकि, इस संबंध में विस्तृत परिस्थितियों को लेकर उन्होंने अलग से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। TRE-4 पर शिक्षा मंत्री बोले- बीपीएससी को भेज दी गई अधियाचना सियासी हमलों के बीच शिक्षा मंत्री ने शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी अहम जानकारी दी। उन्होंने TRE-4 शिक्षक बहाली को लेकर फैले असमंजस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिक्त पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेज दी गई है। पिछले कुछ समय से शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच भर्ती प्रक्रिया को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। युवाओं को यह चिंता सता रही थी कि शिक्षक बहाली में देरी होगी या प्रक्रिया आगे बढ़ेगी भी अथवा नहीं। शिक्षा मंत्री के अनुसार, विभाग की ओर से अधियाचना भेजे जाने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इस घोषणा से उन अभ्यर्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती की तैयारी में जुटे हैं। हालांकि, रिक्तियों की कुल संख्या, विषयवार पदों और परीक्षा की तारीख जैसी जानकारियों के लिए बीपीएससी की आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा। हर साल 20 हजार शिक्षकों की बहाली का लक्ष्य शिक्षा मंत्री ने राज्य में रोजगार और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हर साल लगभग 20 हजार शिक्षकों की बहाली के लक्ष्य का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार देने और विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। यदि इस लक्ष्य के अनुरूप नियमित रूप से बहाली होती है, तो शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं को हर साल अवसर मिल सकता है। साथ ही विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। TRE-4 की अधियाचना भेजे जाने का दावा ऐसे समय आया है, जब शिक्षक अभ्यर्थी भर्ती की अगली प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी चाहते हैं। अब उनकी नजर बीपीएससी की आधिकारिक घोषणा और भर्ती के अगले चरण पर रहेगी।
जहां से की पढ़ाई, वहां अपने बच्चों को नहीं भेजना चाहते IIT-IIM ग्रेजुएट
बड़े संस्थान से पढ़ाई करना जितना सम्मानजनक दिखता क्या वाकई उतना अच्छा है. सोशल मीडिया पर इसे लेकर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसने IIT-IIM में एडमिशन और मौके को लेकर तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं. IIM अहमदाबाद से पढ़े एक शख्स ने बताया कि वह अपने बच्चों को कभी इन संस्थानों में नहीं भेजेगा.
भारतीय तटरक्षक बल भर्ती 2026 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख आज 21 अक्तूबर है। कुल 365 पदों पर नाविक, यांत्रिक और स्वच्छताकर्मी के पदों पर भर्ती होगी। इच्छुक अभ्यर्थी शाम 5:30 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
आईआईटी में दाखिला दिलाने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस्ड में आने वाले वर्षों में अटेम्प्ट की सीमा दो से बढ़ाकर तीन की जा सकती है। आईआईटी कानपुर के डायरेक्टर ने इसके संकेत दिए हैं।
एनईपी-2020: 55 जिलों में सिर्फ बोर्ड बदले, न प्रोफेसर मिले न लैब; उच्च शिक्षा के छात्र YouTube के भरोसे
आज का राशिफल: मीन राशिवालों को करियर और उच्च शिक्षा में मिलेंगे नए अवसर, पढ़ें 21 अक्तूबर का राशिफल
बढ़ते खर्चों पर नियंत्रण रखें और सेहत को नजरअंदाज न करें। विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अपनी गलतियों को स्वीकार कर समझदारी से आगे बढ़ें।
Scorpio Daily Horoscope, 21 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: मन को शांत रख कर काम करें, रुके हुए काम बनेंगे, करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, अपने खान-पान का ख्याल रखें.
नोएडा: सुपरटेक केपटाउन में डांडिया नाइट्स का आयोजन, मुकेश शर्मा ने दिया बेटियों की शिक्षा का संदेश
नोएडा के सेक्टर-74 स्थित सुपरटेक केपटाउन सोसाइटी में शारदीय नवरात्र के उपलक्ष्य में डांडिया और गरबा महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। पारंपरिक परिधानों में सजे निवासियों और बच्चों ने गरबा की धुनों पर जमकर डांडिया खेला।
विजयादशमी पर मंगलवार को शहर के नौरंगाबाद क्षेत्र के छावनी इलाके में बच्चों ने शिक्षा के बढ़ते व्यावसायीकरण के खिलाफ अनोखे अंदाज में विरोध दर्ज कराया। यहां बच्चों ने करीब 4 फीट ऊंचा ‘शिक्षा माफिया’ का रावण बनाकर उसका दहन किया। बच्चों का कहना था कि शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। निजी स्कूलों और शिक्षा संस्थानों में पढ़ाई का खर्च लगातार बढ़ने से गरीब और आम परिवारों के लिए बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाना मुश्किल होता जा रहा है।बच्चों ने रावण दहन के जरिए सरकार से शिक्षा को सस्ता और जरूरतमंदों के लिए मुफ्त करने की मांग उठाई। साथ ही शिक्षा के नाम पर मनमानी फीस वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की। बच्चों का कहना था कि विजयादशमी पर रावण के पुतले का दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इसी भावना के तहत उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त कथित अनियमितताओं और महंगाई को रावण के रूप में प्रदर्शित किया। ‘शिक्षा इतनी महंगी कि गरीबों के लिए पढ़ना मुश्किल’पुतला दहन में शामिल मेहुल ने कहा कि आज शिक्षा माफियाओं ने पढ़ाई का व्यापार बना दिया है। शिक्षा इतनी महंगी हो गई है कि आम और गरीब परिवारों के बच्चे आसानी से पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं। शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है, लेकिन बढ़ते खर्च के कारण कई परिवारों के सामने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने का संकट खड़ा हो जाता है। इसी मुद्दे को सामने लाने के लिए दशहरा पर शिक्षा माफिया का पुतला जलाया गया।‘मिलकर बनाया शिक्षा माफिया का पुतला’पुतला बनाने में शामिल अभिषेक ने बताया कि उसने अपने साथियों के सहयोग से शिक्षा माफिया का रावण तैयार किया। बच्चों ने मिलकर करीब चार फीट का पुतला बनाया और विजयादशमी के दिन उसका दहन किया। उनका उद्देश्य लोगों का ध्यान शिक्षा के महंगे होने की समस्या की ओर खींचना है, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा हो और जिम्मेदार लोग कार्रवाई के लिए आगे आएं।चंचल ने भी उठाया पढ़ाई महंगी होने का मुद्दाचंचल ने भी शिक्षा के बढ़ते खर्च पर चिंता जताई। उसने कहा कि पढ़ाई महंगी होने का असर आम परिवारों पर पड़ता है। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिसे हर बच्चा हासिल कर सके। पैसे की कमी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए। बच्चों ने सरकार से अपील की कि शिक्षा को सुलभ बनाया जाए और गरीब परिवारों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।गांधी पार्क थाना क्षेत्र के छावनी, नौरंगाबाद इलाके में हुए इस प्रतीकात्मक पुतला दहन के जरिए बच्चों ने दशहरे पर सामाजिक बुराई के रूप में शिक्षा के व्यापारीकरण के खिलाफ संदेश देने की कोशिश की।
Muzaffarpur Education Department : भागलपुर वेतन घोटाले के बाद मुजफ्फरपुर में शिक्षकों के वेतन डेटा की पड़ताल शुरू हुई है, लेकिन कुढ़नी को छोड़कर अन्य प्रखंडों से मास्टर डेटा मिलने में सुस्ती है।
‘बुराइयों और नशे की लत का करें दहन’, दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
भागलपुर, 20 अक्टूबर . बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दशहरे के अवसर पर युवाओं से अपने अंदर की बुराइयों और नशे की लत को खत्म करने…
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
'बुराइयों और नशे की लत का करें दहन', दशहरे पर युवाओं से शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अपील
फ्रांस में भड़की हिंसा, शिक्षा में बदहाली से 2027 चुनाव तक; जानें मुख्य वजहें
फ्रांस में भड़की हिंसा के पीछे शिक्षा बजट में कटौती, बढ़ती महंगाई और 2027 के राष्ट्रपति चुनाव की सियासी खींचतान मुख्य वजह है. 18 सितंबर को शुरू हुआ छात्र आंदोलन बजट कटौती और शिक्षकों की कमी के खिलाफ था, जो धीरे-धीरे उग्र प्रदर्शन में बदल गया. राजनीतिक दल भी आगामी चुनाव को ध्यान में रखकर अपने हित साध रहे हैं. जानिए क्यों भड़का फ्रांस में जनाक्रोश.
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विद्यालयी शिक्षा को तकनीक, संवेदनशीलता और समावेशन से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इसरो-एसडीएससी शार भर्ती 2026: टेक्निकल असिस्टेंट सहित 97 पदों पर 9 नवंबर तक करें आवेदन
भारत सरकार के भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का प्रमुख प्रक्षेपण केंद्र और स्पेसपोर्ट, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (एसडीएससी) शार, जो आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित है, ने टेक्निकल असिस्टेंट सहित विभिन्न 97 पदों पर योग्य और इच्छुक उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके आवेदन आमंत्रित किए हैं।
ताजिकिस्तान के स्टैटिस्टिकल कॉलेज ऑफ वंदत सिटी में प्रो. अनुकृति शर्मा ने सांख्यिकी छात्रों को पर्यटन और यात्रा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
उच्च शिक्षा की पढ़ाई को डिजिटल माध्यम से आसान बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग 23 विषयों का ई-कंटेंट तैयार कर रहा है। इसमें वीडियो, टेक्स्ट, चार्ट और एनिमेशन के जरिए पढ़ाई में मदद मिलेगी। विषय विशेषज्ञ सामग्री की गुणवत्ता और तथ्यों की जांच करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया की सीनियर पर्सनल असिस्टेंट भर्ती 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया आज 20 अक्तूबर से शुरू हो रही है। कुल 65 पदों पर भर्ती की जाएगी।
मैं डरी हुई हूं... HR ने छोड़ी नौकरी, दिल्ली से पहुंची गोवा, बताई वजह
MBA की पढ़ाई पूरी की, साढ़े चार साल नौकरी की और फिर जिंदगी को वापस से शुरू करने के लिए दिल्ली छोड़कर गोवा पहुंच गईं. पूर्व HR प्रोफेशनल अर्पिता साहू के लिए यह फैसला बाहर से भले ही सपने जैसा लगे, लेकिन नई जगह पर जिंदगी शुरू करना उनके लिए आसान नहीं रहा. इसे लेकर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने कई बातें बताई हैं.
कोरबा में कृष्ण पालनहार जन सेवा समिति ने वनांचल के गढ़-उपरोड़ा गांव में 151 कन्याओं का भोज कराया। यह गांव शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर है। कार्यक्रम में कन्याओं को भोजन कराने के साथ शैक्षणिक स्टेशनरी किट और श्रृंगार सामग्री भी उपहार में दी गई। समिति का उद्देश्य कन्याओं के प्रति सम्मान बढ़ाना, उन्हें शिक्षा के लिए प्रेरित करना और समाज में सेवा-संस्कार की भावना मजबूत करना है। शैक्षणिक सामग्री देकर बच्चों की पढ़ाई में सहयोग का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गांव के लोगों ने उत्साह दिखाया और इस सेवा कार्य की सराहना की। सरपंच समेत कई ग्रामीण रहे मौजूद कार्यक्रम में गढ़-उपरोड़ा गांव के सरपंच अंशुमान बिंझवार, राजा राम राठिया और दिनेश देवांगन समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे। कन्याओं ने खुशी-खुशी भोज में हिस्सा लिया। आगे भी जारी रहेंगे सामाजिक कार्य संस्था के भरत पटेल, शिवा प्रतीक, साकेत शर्मा समेत कई कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम की व्यवस्था संभाली और कन्याओं का सम्मान किया। समिति ने कहा कि आगे भी इस तरह के सामाजिक कार्य जारी रखे जाएंगे।
900+ सरकारी नौकरियां: इन पांच भर्तियों की अंतिम तिथि आज; जल्द भर दें अपनी पसंद की नौकरी का फॉर्म
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पांच भर्तियों में आवेदन का मौका है। सेल भिलाई में 710 प्रशिक्षु, अरुणाचल प्रदेश में 135 और एनआईटी अगरतला में 51 पदों पर भर्ती है। इग्नू और गुजरात उच्च न्यायालय में भी नियुक्तियां होंगी।
व्यापार बढ़ेगा, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में होंगे फायदे
मंगलवार को ताड़ोकी-रावघाट रेल लाइन के शुभारंभ के साथ ही क्षेत्रवासियों को रावघाट से रायपुर के बीच पहली बार 12 बोगी वाली नई मेमू ट्रेन की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। दोपहर 1:30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 7 और रावघाट स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव (दिल्ली से) और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (रायपुर से) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस नई रेल सेवा का शुभारंभ करेंगे। डीआरएम दयानंद ने बताया कि उद्घाटन के बाद यह स्पेशल ट्रेन रावघाट से रवाना होकर दल्लीराजहरा और बालोद होते हुए रायपुर पहुंचेगी। बुधवार से ट्रेन अपने निर्धारित समय सारणी के अनुसार नियमित रूप से चलेगी। रेलवे द्वारा तय दरों के अनुसार रावघाट से रायपुर (219 किमी) का किराया 55 रूपए होगा। रायपुर से रावघाट: दोपहर 1.20 बजे रायपुर से चलेगी, शाम 4.06 बजे बालोद पहुंचेगी और मात्र 2 मिनट के ठहराव के बाद 4.40 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। वहां से यह ट्रेन 4.45 बजे छूटेगी और 7 बजे रावघाट पहुंचेगी। बालोद और दल्ली राहजरा के थोक व खुदरा व्यापारियों का सीधा संपर्क भानुप्रतापपुर और रावघाट क्षेत्र के हाट-बाजारों से जुड़ेगा। वनोपज और स्थानीय उत्पादों की आवाजाही आसान होगी, जिससे दोनों ओर के स्थानीय कारोबार को बड़ा सहारा मिलेगा। दुर्ग-भिलाई, रायपुर प्रदेश के प्रमुख एजुकेशन हब माने जाते हैं। रावघाट व अंदरूनी इलाकों के साथ बालोद जिले के छात्र-छात्राएं अब उच्च शिक्षा और कोचिंग के लिए इन शहरों तक आसानी से आ-जा सकेंगे। साथ ही, भिलाई स्टील प्लांट और रावघाट माइंस प्रोजेक्ट से जुड़े कर्मचारियों व तकनीशियनों के लिए सुरक्षित सफर का रास्ता साफ होगा। बालोद, बस्तर और कांकेर क्षेत्र की प्राकृतिक वादियों, जलप्रपातों और ऐतिहासिक धरोहरों तक रायपुर-दुर्ग-भिलाई के सैलानियों की पहुंच अब सीधी और सुरक्षित हो सकेगी। रावघाट से रायपुर: सुबह 6.30 बजे रावघाट से छूटेगी, और 8.02 बजे दल्ली राजहरा पहुंचेगी। यहां 5 िमनट के स्टॉपेज के बाद आगे 8.28 बजे बालोद पहुंचेगी। बालोद में मात्र 2 िमनट रूकने के बाद दुर्ग- भिलाई होते रायपुर के लिए रवाना होगी। यह ट्रेन दोपहर 1.05 बजे रायपुर पहुंचेगी।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय: हिमाचल में खुलेंगे नए निजी आईटीआई, एआई और ड्रोन तकनीक के होंगे कोर्स
हिमाचल प्रदेश में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में आधुनिक तकनीक और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुसार कोर्स शुरू किए जाएंगे।
Jammu News: अंतर-विभागीय क्रिकेट में जूलॉजी और शिक्षा विभाग जीते
अंतर-विभागीय क्रिकेट में जूलॉजी और शिक्षा विभाग जीते
Kaithal News: खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
खंड शिक्षा अधिकारी ने राजौंद के विद्यालयों का निरीक्षण किया
Siddharthnagar News: कपिलवस्तु में सड़क, सिंचाई और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा
कपिलवस्तु। नेपाल के कपिलवस्तु क्षेत्र में सड़क, सिंचाई, शिक्षा और सीमा पार व्यापार से जुड़ी विकास योजनाओं को लेकर चर्चा हुई।
Rewari News: समग्र शिक्षा के बिलों का भुगतान एसएनए स्पर्श पोर्टल से होगा
Payments for Samagra Shiksha bills will be made through the SNA Sparsh portal.
संतों की शिक्षाएं समाज में समानता और सद्भाव का देती हैं संदेश : बेदी
मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि रामायण के रचयिता महर्षि वाल्मीकि की शिक्षाएं समाज को मानव सेवा और लोक कल्याण की प्रेरणा देती हैं। उनकी विचारधारा सर्वधर्म समभाव और समस्त मानव जाति के सम्मान पर आधारित है।
मेष राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें व्यापार में कैसी रहेगी स्थिति
Aries Daily Horoscope, 20 October 2026 Aaj Ka Mesh Rashifal in Hindi: सकारात्मक सोच से लाभ होगा, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, आपका उत्साह बढ़ेगा, घर में सुख-शांति रहेगी, घरवालों से मन की बात कह दें, व्यापार में स्थिति मजबूत होगी.
Budaun News: उच्च शिक्षा में स्वायत्तता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर चर्चा कर लौटे मनोज
बिसौली। जकार्ता से भारत लौटे शैक्षिक नवाचार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ टीचर्स ऑर्गनाइजेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कांफ्रेंस में वैश्विक शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
Azamgarh News: कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
कन्या पूजन में बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
नोएडा: एक्सपो सेंटर में 'जेन-जी डांडिया नाइट' का भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि रहे शिक्षाविद मुकेश शर्मा
शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सेक्टर-62 स्थित एक्सपो सेंटर में 'जेन-जी डांडिया नाइट' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में समाजसेवी एवं शिक्षाविद मुकेश शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनकी मौजूदगी से युवाओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग फरवरी तक 25-30 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी करेगा।
योगी सरकार में समावेशी शिक्षा को मिली नई दिशा, प्रशस्त 2.0 से जुड़े 9.20 लाख शिक्षक
उत्तर प्रदेश में योगी सरकार समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 'प्रशस्त 2.0' कार्यक्रम चला रही है। इसके तहत 9.20 लाख से अधिक शिक्षकों को विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और उनकी शैक्षिक जरूरतों को समझने के लिए डिजिटल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
शारदीय नवरात्र की महानवमी पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को परिवार के साथ कन्या पूजन किया। उन्होंने माता दुर्गा की आराधना कर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य और दिल्लीवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तिकरण को समाज के विकास का आधार बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियां शक्ति का स्वरूप हैं। कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति सम्मान और समाज में बेटियों के महत्व को स्वीकार करने का प्रतीक है। इसकी वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हर बेटी को सुरक्षित माहौल, बेहतर शिक्षा और अपने सपने पूरे करने के समान अवसर मिलें। उन्होंने कहा कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। परिवार और समाज को भी उनकी शिक्षा, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का प्रयास है कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हों, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपना भविष्य संवार सकें।
राजस्थान हाईकोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बी.एससी. एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम की काउंसलिंग प्रक्रिया में प्रवेश की मांग को लेकर दायर प्राइवेट एग्रीकल्चर कॉलेजों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। अब सत्र 2026-27 की काउंसलिंग प्रक्रिया में वे ही संस्थान भाग ले सकेंगे जो पूरी तरह से पारदर्शी और मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। न्यायाधीश डॉ. नूपुर भाटी की पीठ कहा कि शिक्षा के गिरते स्तर और तय मानकों की अनदेखी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोर्ट के इस सख्त रुख से उन तमाम निजी संस्थानों को बड़ा झटका लगा है जो जरूरी मानदंडों को पूरा किए बिना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे थे। इनमें एस.के.डी. एग्रीकल्चर कॉलेज और श्री विनय कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर समेत कई अन्य निजी संस्थानों ने कृषि विभाग के आदेश को चुनौती दी थी। कृषि विभाग ने कॉलेजों की एनओसी बढ़ाने से इन्कार किया दरअसल कृषि विभाग ने आदेश में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के मानकों, योग्य स्टाफ की नियुक्ति, बैंक खातों से वेतन भुगतान, पीएफ कटौती और बायोमेट्रिक उपस्थिति जैसी अनिवार्य शर्तों को पूरा न करने पर कॉलेजों की एनओसी अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया गया था। इधर याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि नीति के तहत उन्हें एक्रीडेशन प्राप्त करने के लिए छह साल का समय मिला है, इसलिए उनकी एनओसी रद्द नहीं की जा सकती। हालांकि कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि समय मिलने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है संस्थानों द्वारा नियमों की अवेहलना की जाए। कोर्ट ने कहा - निजी संस्थान मनमानी नहीं कर सकते कोर्ट ने अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि निजी संस्थानों की स्थापना के अधिकार का मतलब यह कतई नहीं है कि उन्हें बिना नियमों की पालना के स्वतः मान्यता या संबद्धता का अधिकार मिल जाए। कोर्ट ने यह भी कहा कि इन संस्थानों ने पहले भी शपथ पत्र देकर सभी मानकों को समय पर पूरा करने का वादा किया था, लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हट गए। इस आदेश के बाद अब सत्र 2026-27 की काउंसलिंग प्रक्रिया में वे ही संस्थान भाग ले सकेंगे जो पूरी तरह से पारदर्शी और मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं।
वाराणसी में कन्या पूजन आयोजित:भारत चेतना ट्रस्ट की पहल, बेटियों के शिक्षा सशक्तीकरण दिया संदेश
वाराणसी में भारत चेतना ट्रस्ट की ओर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ समाज में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। भारत चेतना ट्रस्ट शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि बेटियों का सम्मान केवल पूजा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिलने चाहिए।
भारत के रक्षा मंत्रालय की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी कि बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर-1 के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर निकाली गई है...
job news 2026: आरबीआई में निकली हैं इन पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां फार्मेसी की पढ़ाई की है तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में नौकरी पाने का मौका मिल रहा है। आरबीआई को अपनी डिस्पेंसरी के लिए फार्मासिस्ट की जरूरत है। इसके लिए बैंक ने आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। यह जॉइनिंग रिजर्व बैंक अपनी मुंबई और नवी मुंबई ब्रांच के लिए कर रहा है। कुल पद- 22 पदों का नाम- फार्मासिस्ट आवेदन- ऑफलाइन आवेदन की लास्ट डेट-3 नवंबर 2026 को शाम 5 बजे योग्यता- मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा या समकक्ष परीक्षा पास की हो। फार्मेसी एक्ट 1948 से रजिस्टर्ड मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम फार्मेसी में डिप्लोमा किया हो। सैलेरी- पदों के अनुसार ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइटopportunities.rbi.org.in देख सकते हैं pc- naukri.com
चंदौली जिले के पड़या गांव में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का बारजा गिर गया। यह विद्यालय 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बन रहा है। रविवार को अचानक बिल्डिंग का 10 फीट लंबा बारजा नीचे आ गिरा। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने बारजा गिरने की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। इसमें लोक निर्माण विभाग से एक टेक्निकल इंजीनियर और दो प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी। बिल्डिंग मैटेरियल को लैब टेस्ट के लिए भी भेजा जाएगा। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्यदाई संस्था के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
NMC New Update: मेडिकल शिक्षा के 2023 वाले नियम वापस, कॉलेजों के लिए ADR जमा करना अब भी जरूरी
NMC New Update: मेडिकल शिक्षा के 2023 वाले नियम वापस, कॉलेजों के लिए ADR जमा करना अब भी जरूरी
हिमाचल प्रदेश के नौ गांवों के 486 परिवारों पर हुए अध्ययन में रोजगार और शिक्षा को पलायन की प्रमुख वजह बताया गया। अध्ययन के अनुसार, लोग गांव लौटते रहे और परिवारों को पैसे भेजते रहे।
उत्तरी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश अल्जीरिया अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक उभरते हुए उच्च शिक्षा हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भूमध्यसागरीय आबोहवा और वैश्विक स्तर पर किफायती ट्यूशन फीस के चलते भारत सहित एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के छात्र अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, यहां दाखिला लेने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए सबसे अहम पड़ाव भाषा का नियम और माध्यम समझना होता है। अल्जीरिया की उच्च शिक्षा प्रणाली बहुभाषी ढांचे पर आधारित है, जहां अलग-अलग संकायों के अनुसार पढ़ाई का माध्यम तय किया जाता है। यदि आप भी अल्जीरिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन से पहले वहां के आधिकारिक भाषा नियमों और प्रोफिशिएंसी शर्तों को बारीकी से समझना अनिवार्य है।अल्जीरियाई उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय (Ministry of Higher Education and Scientific Research) ने विदेशी छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ('Study in Algeria') की शुरुआत की है। इस पोर्टल के जरिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम के अनुसार भाषा दक्षता साबित करनी होती है। देश में मुख्य रूप से तीन भाषाएं—अरबी, फ्रेंच और हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ रही अंग्रेजी—उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक पाठ्यक्रम का आधार हैं। विषय के चयन के आधार पर ही यह निर्धारित होता है कि छात्र को किस भाषा में परीक्षा देनी होगी या किस भाषा का प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।कोर्स और संकाय के आधार पर बंटा है माध्यम: अरबी, फ्रेंच और अंग्रेजी का त्रिकोणअल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में भाषाओं का वर्गीकरण संकाय के आधार पर काफी स्पष्ट रखा गया है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून, इस्लामी अध्ययन, राजनीति विज्ञान और साहित्य जैसे विषयों की पूरी पढ़ाई और परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर अरबी भाषा में आयोजित की जाती हैं। यदि कोई विदेशी छात्र इन विषयों में स्नातक (Licence), स्नातकोत्तर (Master) या डॉक्टरेट की डिग्री लेना चाहता है, तो उसके लिए आधुनिक मानक अरबी (Modern Standard Arabic) में मजबूत पकड़ होना पहली और अनिवार्य शर्त है। अरबी माध्यम के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को संबंधित भाषा में संवाद, लेखन और शोध का प्रमाण देना होता है।दूसरी ओर, चिकित्सा (Medicine), फार्मेसी, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर साइंस और प्राकृतिक विज्ञान जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में दशकों से फ्रेंच भाषा का प्रमुख प्रभाव रहा है। भले ही अल्जीरिया की राष्ट्रीय भाषा अरबी और तमाज़िट हैं, लेकिन अधिकांश तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों में आज भी व्याख्यान, रिसर्च पेपर और प्रैक्टिकल का माध्यम फ्रेंच बना हुआ है। इसके साथ ही, अल्जीरिया सरकार द्वारा अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली का तेजी से अंतरराष्ट्रीयकरण करने की नीति के तहत अब कई प्रमुख विश्वविद्यालयों, नेशनल पॉल ऑफ़ एक्सीलेंस और तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के कोर्सेज पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में संचालित किए जा रहे हैं।विदेशी छात्रों के लिए भाषा दक्षता प्रमाण पत्र (Language Proficiency Requirements)अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में सीधे डिग्री प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए विदेशी छात्रों को अपनी भाषा योग्यता का आधिकारिक प्रमाण देना होता है। यदि आप किसी ऐसे पाठ्यक्रम में आवेदन कर रहे हैं जिसका माध्यम फ्रेंच है, तो आपको DELF (Diplme d'Etudes en Langue Franaise) या DALF अथवा TCF (Test de Connaissance du Franais) का कम से कम B2 स्तर का स्कोरकार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक माना जाता है। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि छात्र क्लासरूम में होने वाले जटिल वैज्ञानिक विमर्श और थ्योरी को आसानी से समझ सके।अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले डिग्री प्रोग्राम्स के लिए छात्रों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य टेस्ट जैसे आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) स्कोर की मांग की जाती है। सामान्य तौर पर न्यूनतम 6.0 से 6.5 बैंड का स्कोर अधिकांश इंजीनियरिंग और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए मान्य होता है। वहीं, जिन छात्रों की पूर्व शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में पूरी हुई है, उन्हें संबंधित संस्थान द्वारा जारी 'मीडियम ऑफ इंस्ट्रक्शन' (MOI) सर्टिफिकेट के आधार पर सशर्त छूट भी मिल सकती है। अरबी भाषा के कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी का एडमिशन बोर्ड छात्र का प्रत्यक्ष ऑनलाइन इंटरव्यू या भाषा परीक्षण ले सकता है।प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर: भाषा में कमजोर छात्रों के लिए विशेष फाउंडेशन कोर्सकई बार ऐसा होता है कि भारत या गैर-अरबी/गैर-फ्रेंच भाषी देशों के प्रतिभाशाली छात्रों के पास उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड तो होता है, लेकिन वे अल्जीरिया की शिक्षण भाषाओं में दक्ष नहीं होते। ऐसे छात्रों के लिए अल्जीरियाई उच्च शिक्षा प्रणाली में 'प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर' (Preparatory / Intensive Language Year) का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके तहत छात्र को मुख्य डिग्री कोर्स शुरू करने से पहले एक साल का गहन भाषा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना होता है।इस एक वर्ष के दौरान छात्र को विश्वविद्यालय के इंटेंसिव लैंग्वेज टीचिंग सेंटर (CEIL) में नामांकित किया जाता है, जहां उन्हें प्रतिदिन कई घंटों तक अरबी या फ्रेंच की व्याकरण, शब्दावली और अकादमिक लेखन का गहन अभ्यास कराया जाता है। वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले मानकीकृत मूल्यांकन को उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को स्वतः उसके मुख्य डिग्री प्रोग्राम (जैसे मेडिसिन, इंजीनियरिंग या आर्ट्स) में नियमित कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी जाती है। यह व्यवस्था विदेशी छात्रों को स्थानीय संस्कृति में ढलने और भाषा के डर को पूरी तरह खत्म करने का बेहतरीन अवसर देती है।वीजा, स्कॉलरशिप और स्थानीय जीवन के लिए भाषा का व्यावहारिक महत्वअल्जीरिया के लिए स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान भी भाषा की तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दूतावास में वीजा साक्षात्कार के समय अधिकारियों द्वारा छात्र से अध्ययन के माध्यम और उनकी तैयारी को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। अल्जीरियाई सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न द्विपक्षीय छात्रवृत्तियों (Government Scholarships) में भी भाषा दक्षता को मेरिट का एक अहम पैमाना माना जाता है।कैंपस के बाहर रोजमर्रा की जिंदगी की बात करें तो अल्जीरिया में स्थानीय बोलचाल की भाषा 'दरिजा' (अल्जीरियाई अरबी) और फ्रेंच का व्यापक प्रभाव है। हॉस्टल, सुपरमार्केट, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बाजारों में बातचीत करने के लिए बेसिक फ्रेंच या अरबी के रोजमर्रा के वाक्यों की जानकारी होना विदेशी छात्रों के लिए जीवन को बेहद सहज बना देता है। इसलिए अल्जीरिया जाने का मन बना रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रस्थान से पहले ही बुनियादी भाषा प्रशिक्षण शुरू कर दें ताकि वे एक सुरक्षित, समृद्ध और तनाव-मुक्त अकादमिक यात्रा का आनंद ले सकें।
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भर्ती 2026 के तहत 60 पदों पर आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। मल्टी टास्किंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर समेत विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्तूबर को समाप्त हो रही है।
शिक्षा, आरक्षण और रोजगार... CM नायब सैनी ने OBC समाज को दी गारंटी; गिनाए हित में लिए गए कई फैसले
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की।
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
Deoria News: बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा का दिया संदेश
Conveyed a message regarding the education and safety of girls
Hisar News: खेलों के जरिये बच्चों को शिक्षा से जोड़ेगी विलेज चैंपियन लीग
ओआईटीएम रूट्स फाउंडेशन ने विलेज चैंपियन लीग (वीसीएल) के तहत कैमरी क्षेत्र के 10 गांवों में खेल जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को खेल गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ना और उनका सर्वांगीण विकास करना है।
Kannauj News: शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत
तालग्राम। ब्लॉक के पीएमश्री स्कूल में तैनात शिक्षामित्र स्कूल पहुंचने के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।
विचार: सार्थक बनाई जाए उच्च शिक्षा नीति
छात्रों को सही सवाल पूछना, समस्या को ठीक ढंग से परिभाषित करना और फिर उसका हल निकालना आना चाहिए।

