गोपालगंज में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विजन और नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी पर अपनी राय रखी। उनका स्वागत सदर विधायक सुभाष सिंह और कार्यकर्ताओं ने किया। मंत्री तिवारी ने केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का लक्ष्य 2047 तक देश को 'विकसित भारत' बनाना है। उन्होंने जोर दिया कि विकास की नींव मजबूत हो चुकी है, जिस पर एक भव्य और समृद्ध भारत का निर्माण होगा। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार और देशवासी मिलकर काम कर रहे हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दियानीट परीक्षा में हुई धांधली के मामले पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सरकार की विफलता नहीं, बल्कि सिस्टम की खामी है। उन्होंने विपक्ष और आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस मामले में त्वरित और कड़ा एक्शन लिया है। गड़बड़ी सामने आने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के चेयरमैन को बदल दिया गया। मंत्री ने युवाओं को भरोसा दिलाया कि भविष्य में सभी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं एक नई और सुरक्षित प्रणाली के तहत आयोजित की जाएंगी। कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगाउन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के विकास कार्यों से कुछ लोगों को परेशानी हो रही है, और वे सरकार को बदनाम करने की साजिशों में लगे रहते हैं, व्यवस्था में घुसपैठ करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि सरकार अपने सिस्टम को इतना अभेद्य और मजबूत बनाएगी कि भविष्य में कोई भी अराजक तत्व इसमें घुसपैठ नहीं कर पाएगा। मंत्री ने बताया कि परीक्षाओं और प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए बड़े राज्यों के सफल मॉडलों का अध्ययन किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार में भी 'महाराष्ट्र की तर्ज' पर कड़े नियम और बेहतरीन प्रणालियां लागू करने की योजना है, ताकि युवाओं के भविष्य से कोई खिलवाड़ न हो।
NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक को लेकर को पटना में शनिवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पुतले का जनाजा निकाला। इस दौरान पार्टी प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम जनाजे को कंधा देते नजर आए। सदाकत आश्रम से शव यात्रा निकाली गई है। पटना में कांग्रेस के प्रदर्शन की तस्वीर… गोसाई टोला मोड़ के पास करेंगे पुतला दहन नीट परीक्षा में हुई व्यापक अनियमितताओं, धांधली और युवाओं के भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ के खिलाफ कांग्रेस आज प्रदर्शन कर रही है। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश राम के नेतृत्व में कांग्रेसियों द्वारा गोसाई टोला मोड़ के पास केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया जाएगा। पेपर लीक के कारण रद्द हुई NEET-UG परीक्षा 3 मई को NEET-UG-2026 की परीक्षा हुई। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द कर दी गई थी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 21 जून को दोबारा एग्जाम कराने का फैसला लिया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'हम नहीं चाहते थे कि कोई गलत कैंडिडेट सिलेक्ट हो जाए। इसलिए हमने बड़ी जिम्मेदारी से परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया। अब यह परीक्षा रविवार 21 जून को होगी। 7 मई को गड़बड़ी का पता चला था। फिर 12 मई को रीएग्जाम का फैसला लिया गया।' अगले सत्र से NEET-UG परीक्षा ऑनलाइन होगी। राहुल गांधी पटना में 11 जुलाई को करेंगे स्टूडेंट सम्मेलन दूसरी ओर कांग्रेस ने पेपर लीक, परीक्षा अनियमितताओं और बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र सरकार के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 11 जुलाई को पटना में छात्र सम्मेलन आयोजित करेंगे। इस सम्मेलन में छात्रों, उम्मीदवारों, युवा संगठनों, शिक्षकों और परीक्षा घोटालों से सीधे प्रभावित सभी लोगों को एक साथ लाया जाएगा। पेपरलीक और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी स्टूडेंट्स से बात करेंगे।
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने और बच्चों को बीच में ही पढ़ाई छोड़ने (ड्रॉपआउट) से रोकने के लिए केजरीवाल सरकार के शिक्षा निदेशालय ने एक बेहद बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। नए नियमों के मुताबिक, अब परीक्षाओं में असफल या फेल होने वाले छात्रों को स्कूल से बाहर नहीं निकाला जाएगा और न ही उनकी पढ़ाई अधूरी छूटेगी। अक्सर देखा जाता था कि नौवीं या ग्यारहवीं कक्षा में फेल होने के बाद छात्र निराश होकर स्कूल छोड़ देते थे या स्कूल प्रशासन उन्हें दोबारा दाखिला देने में आनाकानी करता था। इस गंभीर समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने अब नीतिगत स्तर पर बड़ा बदलाव कर दिया है।क्लास में फेल होने वाले हर बच्चे को मिलेगा दोबारा रेगुलर एडमिशन दिल्ली शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education) द्वारा जारी किए गए नए सर्कुलर के अनुसार, अब राजधानी के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रिंसिपलों को यह कड़ा निर्देश दिया गया है कि वे फेल होने वाले किसी भी छात्र को री-एडमिशन (दोबारा दाखिला) देने से मना नहीं कर सकते। इन बच्चों को भी अन्य नियमित छात्रों की तरह ही स्कूल आने, कक्षाओं में बैठने और सभी शैक्षणिक गतिविधियों में भाग लेने का पूरा अधिकार होगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बच्चों के मन से असफलता का डर निकालना और उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़े रखना है।कमजोर छात्रों के लिए स्कूलों में चलेंगी स्पेशल रेमेडियल क्लासेज सिर्फ दोबारा दाखिला देना ही इस नियम का हिस्सा नहीं है, बल्कि फेल हुए छात्रों की पढ़ाई को मजबूत करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति बनाने को कहा गया है। इन बच्चों के लिए स्कूल के समय के दौरान या बाद में स्पेशल रेमेडियल क्लासेज (अतिरिक्त कक्षाएं) आयोजित की जाएंगी। इसमें शिक्षकों द्वारा उन विषयों पर खास ध्यान दिया जाएगा जिनमें छात्र कमजोर हैं या फेल हुए हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यक्तिगत ध्यान और अतिरिक्त सहयोग से छात्र न केवल अपनी कमियों को सुधार सकेंगे, बल्कि अगली परीक्षा में बेहतर अंकों के साथ पास भी हो सकेंगे।ड्रॉपआउट रेट को जीरो पर लाने के लिए दिल्ली सरकार का बड़ा मास्टरस्ट्रोक शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली सरकार का यह फैसला नई शिक्षा नीति (NEP) और शिक्षा के अधिकार (RTE) के मूल सिद्धांतों को जमीन पर उतारने जैसा है। अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे एक बार फेल होने के बाद मजदूरी या अन्य कामों में लग जाते थे, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता था। इस नए नियम के आने के बाद दिल्ली के सरकारी स्कूलों में ड्रॉपआउट रेट में भारी गिरावट आने की उम्मीद है। दिल्ली के अभिभावकों और शिक्षक संगठनों ने सरकार के इस छात्र-हितैषी फैसले का स्वागत किया है और इसे बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम बताया है।
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और लगातार मिल रही शिकायतों के चलते हल्लोमाजरा हाई स्कूल में तैनात एक जेबीटी शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। शिक्षिका समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के तहत अनुबंध पर नियुक्त थी। विभाग का कहना है कि कई बार चेतावनी और शोकॉज नोटिस जारी करने के बावजूद उसके व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया, जिसके बाद यह सख्त कार्रवाई की गई। विभागीय सूत्रों के अनुसार शिक्षिका के खिलाफ स्कूल प्रशासन की ओर से लगातार शिकायतें भेजी जा रही थीं। आरोप था कि शिक्षिका पढ़ाई पर पूरा ध्यान देने की बजाय अलग-अलग मंचों और गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहती थी। इससे स्कूल में पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो रहा था। कुछ मामलों में विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले को गंभीर मानते हुए शिक्षा विभाग ने 15 मई को शिक्षिका को शोकॉज नोटिस जारी किया था। नोटिस में उस पर लगे आरोपों का जवाब देने और अपने व्यवहार में सुधार लाने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि विभाग के अनुसार न तो कोई संतोषजनक जवाब मिला और न ही उसके कामकाज में अपेक्षित बदलाव दिखाई दिया। इसके बाद स्कूल प्रशासन की रिपोर्ट और जांच में मिले सबूतों के आधार पर विभाग ने शिक्षिका की सेवाएं समाप्त कर दीं। स्कूल समय में यूनियन गतिविधियों पर भी सख्ती शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग ने सभी एसएसए शिक्षकों को स्पष्ट संदेश दिया है कि स्कूल समय के दौरान किसी भी प्रकार की यूनियन या सार्वजनिक गतिविधियों में भागीदारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विभाग का कहना है कि शिक्षकों का मुख्य काम बच्चों को अच्छी शिक्षा देना और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना है। शिक्षा विभाग इससे पहले भी इसी तरह के एक मामले में कार्रवाई कर चुका है। फरवरी-मार्च में डेपुटेशन पर आई एक शिक्षिका को भी वापस पंजाब भेज दिया गया था। उस पर बार-बार छुट्टी लेने, बीमारी का बहाना बनाने और काम में रुचि न दिखाने के आरोप थे। स्कूल प्रशासन ने उसके खिलाफ कई शिकायतें भी की थीं। अधिकारियों से मिलने का समय तय शिक्षा विभाग में विभिन्न कर्मचारी और शिक्षक यूनियनें सक्रिय हैं, जो समय-समय पर अपनी मांगें उठाती रहती हैं। स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए स्कूल शिक्षा निदेशक नितिश सिंगला पहले ही निर्देश जारी कर चुके हैं कि शिक्षक और कर्मचारी किसी भी मांग या समस्या को लेकर अधिकारियों से दोपहर तीन बजे के बाद ही मुलाकात करें।
स्कूल शिक्षा की समस्याओं के लिए 15 से 17 जून तक शिविर
भास्कर न्यूज | बलरामपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विकासखंड स्तर पर जनसमस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। शिविर जिला शिक्षाधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित होंगे। इनमें आम नागरिक, शिक्षक, सेवानिवृत्त कर्मचारी, पालक और विद्यार्थी अपनी शिकायतें और आवेदन जमा कर सकेंगे। शिविर की तिथियां तय कर दी गई हैं। राजपुर और शंकरगढ़ में 15 जून को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर होगा। कुसमी और बलरामपुर में 16 जून को शिविर लगेगा। रामचन्द्रपुर और वाड्रफनगर में 17 जून को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय परिसर में शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, ग्रेच्युटी, अवकाश नकदीकरण और अन्य सेवा निवृत्ति लाभ से जुड़े प्रकरण लिए जाएंगे। सामान्य भविष्य निधि और अन्य वित्तीय दावों, वेतन निर्धारण, वेतन विसंगति, एरियर्स भुगतान और सेवा पुस्तिका से जुड़े मामलों पर भी आवेदन स्वीकार होंगे। पदोन्नति, क्रमोन्नति, समयमान वेतनमान, वरिष्ठता और अवकाश स्वीकृति से जुड़े प्रकरण भी रहेंगे। एचआरएमआईएस पोर्टल, कर्मचारी प्रोफाइल और अनुकम्पा नियुक्ति से जुड़ी समस्याएं भी दर्ज की जाएंगी। आवेदनों की जांच के बाद अधिकतम 15 दिनों के भीतर नियम अनुसार निराकरण का लक्ष्य रखा है। त्रिपाठी ने समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के निर्देश दिए हैं।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में कुलगुरु प्रो. एसके जैन के खिलाफ चल रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के आंदोलन के बीच शुक्रवार को उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार विवि परिसर पहुंचे। मंत्री ने कहा कि प्रो. जैन अब अपना कार्यकाल पूरा होने तक विश्वविद्यालय नहीं आएंगे। उनका अवकाश राजभवन द्वारा स्वीकृत कर दिया गया है। वे 15 दिन अवकाश पर रहेंगे। वहीं प्रभारी कुलगुरु के रूप में प्रो. विवेक शर्मा को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। मंत्री परमार ने बताया कि सीएम और राज्यपाल दोनों चाहते थे कि वे सम्मानजनक स्थिति में इस्तीफा दें या अवकाश पर चले जाएं। उन्होंने छात्र सुविधाओं की जांच के लिए 3 सदस्यीय समिति गठित करने, मंगलवार को स्वयं विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण करने की घोषणा भी की। इसके बाद एबीवीपी ने धरना खत्म कर दिया। छात्राओं ने बताई समस्याएं, मंत्री बोले-जांच कराएंगेधरने के दौरान छात्राओं ने हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें मंत्री के सामने रखीं। उनका कहना था कि हॉस्टल में नवीनीकरण केवल पुताई तक सीमित है, आपात स्थिति में डॉक्टर उपलब्ध नहीं होते। शिकायतों के बाद मंत्री ने डॉ. विनिशा सिंह को इंदिरा गांधी गर्ल्स हॉस्टल के वार्डन के पद से हटा दिया है। धारा 52 पर विचार, सीएम को भी दे दी है जानकारी मंत्री ने कहा कि विवि की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री को पूरी जानकारी दे दी गई है। धारा-52 लागू करने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है, हालांकि इसके लिए राजभवन के साथ समन्वय आवश्यक है।
बिहार सरकार के शिक्षा विभाग एससीईआरटी के राज्य स्तरीय विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने शुक्रवार को वीरपुर स्थित पीएम श्री विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं का भी गहन जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में पदाधिकारी ने विद्यालय परिसर के बरामदे, खेल मैदान, वर्ग कक्ष, पुस्तकालय, पेयजल व्यवस्था, शौचालय और उपस्कर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई, रंग-रोगन और रखरखाव की स्थिति का भी जायजा लिया तथा संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नीरज कुमार ने पदाधिकारी को वर्तमान स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि छात्रों की संख्या अधिक होने के कारण पर्याप्त कक्षाओं का अभाव है। कई विद्यार्थियों को बरामदे में बैठकर पढ़ाई करनी पड़ती है। उन्होंने अतिरिक्त कक्ष निर्माण, चहारदीवारी और अन्य आवश्यक संसाधनों की जरूरत पर भी ध्यान दिलाया। विशेष कार्य पदाधिकारी आरूप सिन्हा ने विद्यालय की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। विद्यालय की आवश्यकताओं से संबंधित प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान आईसीटी वीरपुर प्रखंड समन्वयक सोनी कुमारी, डंडारी प्रखंड के आईसीटी के प्रखंड समन्वयक आलोक कुमार, पीएम श्री विद्यालय के शिक्षक पुनीत कुमार सहित विद्यालय के अन्य शिक्षक एवं कर्मी उपस्थित रहे।
मुरादाबाद में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को नवागत प्रथम महिला जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) रेणु तोमर और संयुक्त शिक्षा निदेशक शिवलाल का स्वागत किया। इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों ने उन्हें फूल-मालाएं और पुष्पगुच्छ भेंट कर शुभकामनाएं दीं। स्वागत कार्यक्रम में वरिष्ठ शिक्षक नेता डॉ. सुनीत गिरी, संघ के जिलाध्यक्ष राजीव कुमार पाठक, जिला मंत्री पुष्पेश मिश्र तथा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहे। डॉ. सुनीत गिरी बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधायक निर्वाचन के पूर्व प्रत्याशी भी हैं। इस अवसर पर डॉ. सुनीत गिरी ने कहा कि शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संगठनों के बीच समन्वय से शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं की व्यक्तिगत समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि दोनों पक्षों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था अधिक प्रभावी एवं छात्रोन्मुख बनती है, जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में सहायता मिलती है। कार्यक्रम में संगठन की संरक्षक डॉ. मधुबाला त्यागी, कोषाध्यक्ष आफताब आलम, प्रधानाचार्य राजीव कुमार शर्मा, अनिल कुमार, प्रधानाचार्य नरेश कुमार, फैसल मसरूर सिद्दीकी, संजीव कुमार बिश्नोई, वीरपाल सिंह तथा यशपाल सिंह सहित कई शिक्षक एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
नर्मदापुरम जिले के पिपरिया ब्लॉक में शिक्षकों के एरियर्स और छात्रवृत्ति राशि का गबन करने वाले ऑपरेटर पर अफसर मेहरबान है। गबन का आरोप सिद्ध होने और राशि वापस जमा कराने के बावजूद उसके खिलाफ एफआईआर नहीं हुई। करीब डेढ़ साल पहले गबन का मामला उजागर हुआ। तब तत्परता दिखाते अफसरों ने तत्काल उसे नौकरी से हटा दिया। राशि भी जमा कराई पर एफआईआर कराने के नाम पर रिजल्ट जीरो है। अभी बीईओ कार्यालय पिपरिया और मंगलवारा थाना के बीच 5700 पन्नो की जांच फाइल घूम रही है। अब स्थिति यह है कि पूरी जांच फाइल बीईओ कार्यालय की एक अलमारी में बंद है। बीईओ और थाना प्रभारी एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे। स्वयं, पत्नी और भाई के खाते में गबन की राशि का भुगतानजांच में पाया गया कि ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने स्वयं के तीन खाते और अपनी पत्नी रेवा अहिरवार, भाई अनिल अहिरवार के खाते में छात्रवृत्ति और एरियर्स की राशि ट्रांसफर कराई। कुल गबन राशि 9.48 लाख रुपए है। बीईओ रघुवंशी के मुताबिक जांच के दौरान ऑपरेटर कमलेश अहिरवार ने ब्याज समेत राशि वापस करके अपनी गलती स्वीकार की। बीईओ बोले- हमने अपनी तरफ से प्रक्रिया कीपिपरिया बीईओ श्रीलाल रघुवंशी का कहना है कि हमने थाना प्रभारी द्वारा चाही गई वांछित जानकारी तैयार कर ली थी। समस्त अभिलेखों सहित इस कार्यालय के प्रभारी लेखापाल एवं कार्यालयीन स्टाफ 6 मार्च 2026 को पुलिस थाना पिपरिया में उपस्थित हुए। लेकिन समयाभाव के कारण संबंधित कर्मचारी के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी है। इसके बाद 10 मार्च को भी मैं स्वयं 10 मार्च 2026 को मंगलवारा थाना पहुंचा। विवेचक उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह कुशवाहा के व्यस्तता के कारण आवश्यक कार्रवाई नहीं हो सकी। उपरोक्तानुसार कार्रवाई के संबंध में तिथि एवं समय का निर्धारण कर अवगत कराने का थाना प्रभारी से अनुरोध किया, लेकिन अब तक एफआईआर नहीं हो पाई है। मंगलवारा थाना थाना प्रभारी का पक्षथाना प्रभारी गिरीश त्रिपाठी का कहना है कि डेढ़ साल पहले हमें एफआईआर के लिए पत्र लिखा। प्राइमरी जांच के आधार पर हम एफआईआर दर्ज करा रहे थे। इसी बीच बीईओ पिपरिया ने ऑपरेटर कमलेश अहिरवार से गबन की राशि जमा करवा ली, जिसका एक पत्र हमें भेजा कि वरिष्ठ अधिकारियों से जांच कराने का मार्गदर्शन मांगा है, तब तक एफआईआर न की जाएं। हमने गबन के संबंध में ऑपरेटर का हाजिरी रजिस्टर, वेतन पर्ची, जिला कोषालय नर्मदापुरम की सम्पूर्ण मूल जांच रिपोर्ट, भुगतान की मानक प्रक्रिया, स्थापना, निलंबन, पदस्थापना की कॉपी समेत जरूरी दस्तावेज सत्यापित मांगे थे। इसके बाद भी बीईओ कार्यालय में हमें जो दस्तावेज भेजे, वो अधूरे दिए। कमियां होने से एफआईआर नहीं हो पाई। एफआईआर में देरी पर जेडी हो चुके नाराजगबन मामले में एफआईआर नहीं होने शिक्षा विभाग का संयुक्त संचालक डॉक्टर मनीष वर्मा ने नाराज़गी जताई थी। जांच के बाद 7 मार्च 2025 को कलेक्टर कार्यालय और जेडी ने ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर कराने के आदेश दिए। इसके बाद 24 अक्टूबर 2025 और तीसरी बार 9 दिसंबर 2025 को भी एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इस पर बीईओ और थाना प्रभारी दोनों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है।
जींद जिले में उचाना हलके के गांव डाहौला में संत शिरोमणि कबीर दास जयंती समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संत कबीर दास को नमन करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। विधायक ने धानक चौपाल के निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की घोषणा की। विधायक अत्री ने अपने संबोधन में कहा कि संत कबीर दास ने समाज को सत्य, मानवता, भाईचारे और समानता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। विधायक ने किया संत कबीर के आदर्शों को अपनाने का आह्वान उन्होंने बताया कि संत कबीर दास ने जात-पात, ऊंच-नीच और अन्य सामाजिक बुराइयों का विरोध करते हुए समाज को एकता और सद्भाव का मार्ग दिखाया। विधायक ने उपस्थित लोगों से संत कबीर दास के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। अत्री ने जोर दिया कि संतों और महापुरुषों की शिक्षाएं समाज को सही दिशा प्रदान करती हैं। उन्होंने नई पीढ़ी को इन विचारों से प्रेरणा लेने की सलाह दी। कार्यक्रम के दौरान संत कबीर दास के जीवन और शिक्षाओं पर भी प्रकाश डाला गया। आयोजकों ने विधायक अत्री का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस मौके पर क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर अशोक, अमन धानक, धर्मबीर सैन, शमशेर सैणी और जीतू शर्मा सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित थे।
विमान दुर्घटना स्थल को नयी पहचान ,स्वास्थ्य-शिक्षा केंद्र बनाने की तैयारी :प्रफुल पंशेरिया
गांधीनगर/अहमदाबाद गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार उस जगह पर दो बड़े संस्थान विकसित करेगी, जहां पिछले साल हुए विमान हादसे में 260 लोगों की मौत हो गई थी और अहमदाबाद में आस-पास के मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा था।
जमुई में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी शुक्रवार को एक दिवसीय दौरे पर जमुई पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परिसदन में मीडिया से बातचीत की। मंत्री ने शिक्षा व्यवस्था, सिमुलतला आवासीय विद्यालय, शिक्षक बहाली और कोचिंग संस्थानों के नियमन को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। मंत्री ने बताया कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट रहा है। इसकी स्थापना बड़े उद्देश्यों और उम्मीदों के साथ की गई थी, जिस पर सरकार ने पर्याप्त संसाधन खर्च किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पिछले कुछ वर्षों में विद्यालय की स्थिति को लेकर कई शिकायतें और चिंताजनक जानकारी सामने आई हैं। इसी कारण वे स्वयं विद्यालय का निरीक्षण करने जा रहे हैं, ताकि वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगीमंत्री ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक और कठोर निर्णय लिए जाएंगे। उनका उद्देश्य विद्यालय को उसकी मूल भावना और उद्देश्य के अनुरूप संचालित करना है। संभावित कार्रवाई के बारे में मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे सुधारात्मक कदमों और निर्णयों की विस्तृत जानकारी उनके मंत्री पद संभालने के 100 दिन पूरे होने पर सार्वजनिक की जाएगी। शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गएकोचिंग संस्थानों के संबंध में मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार नई नियमावली तैयार कर रही है। वर्तमान में सभी कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी शिक्षकों को विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर ध्यान केंद्रित करने और कोचिंग संस्थानों से दूरी बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विद्यालयों तक पहुंचने वाले संपर्क मार्गों की समस्या पर मंत्री ने कहा कि जल्द ही सभी जिलाधिकारियों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की जाएगी। इस विषय पर भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के साथ भी समन्वय किया जा रहा है। शिक्षक बहाली के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि विद्यालयों में जितने पद रिक्त होंगे, उतनी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहींपटना में खान सर कोचिंग विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा, “कोचिंग पढ़ाई के लिए होता है, लड़ाई के लिए नहीं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से देख रही है और मुख्यमंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, रायपुर द्वारा सत्र 2026-28 के लिए बी.एड. (विभागीय) पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अभ्यर्थियों की अनंतिम चयन सूची एवं अनंतिम प्रतीक्षा सूची जारी कर दी गई है। महाविद्यालय प्रशासन ने बताया कि अभ्यर्थी शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय की वेबसाइट तथा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चयन एवं प्रतीक्षा सूची देख सकते हैं। इससे अभ्यर्थियों को अपने चयन की स्थिति की जानकारी प्राप्त होगी। 18 जून तक प्रस्तुत कर सकेंगे दावा-आपत्तिआवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सूची के संबंध में दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। अभ्यर्थी 11 जून से 18 जून 2026 तक अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन या आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। प्रवेश प्रभारी के समक्ष करना होगा आवेदन प्रस्तुतदावा-आपत्ति दर्ज कराने के इच्छुक अभ्यर्थियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय, शंकर नगर, रायपुर के कक्ष क्रमांक-07 में प्रवेश प्रभारी के समक्ष कार्यालयीन समय में अपना आवेदन प्रस्तुत करना होगा। महाविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से निर्धारित अवधि के भीतर प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।
हरियाणा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की विदेश यात्राओं को लेकर सख्त रुख अपनाया है। राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अब विदेश जाना आसान नहीं होगा। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, पंचकूला की ओर से जारी आदेश के तहत सितंबर 2026 तक विदेश यात्रा संबंधी किसी भी आवेदन को मंजूरी के लिए आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। केवल गंभीर चिकित्सीय उपचार से जुड़े मामलों में ही राहत दी जाएगी। महानिदेशक माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह फैसला मुख्य सचिव, हरियाणा द्वारा 10 जून 2026 को जारी एडवाइजरी के अनुपालन में लिया गया है। आदेश के बाद राज्यभर के सरकारी स्कूलों, जिला शिक्षा कार्यालयों और शिक्षा विभाग के अधीन संस्थानों को स्पष्ट निर्देश दे दिए गए हैं कि वे अपने अधीन कार्यरत किसी भी कर्मचारी के विदेश दौरे के प्रस्ताव को सितंबर तक स्वीकृति के लिए अग्रेषित न करें। हजारों कर्मचारियों पर पड़ेगा असर इस फैसले का सीधा असर स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षकों, प्राचार्यों, शिक्षा अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों पर पड़ेगा। ऐसे कर्मचारी, जिन्होंने निजी कारणों, पारिवारिक कार्यक्रमों, पर्यटन या अन्य उद्देश्यों से विदेश यात्रा की योजना बनाई थी, उन्हें अब निर्धारित अवधि तक इंतजार करना पड़ सकता है। मेडिकल इमरजेंसी को दी गई छूट सरकार ने मानवीय आधार पर गंभीर बीमारियों और विदेश में आवश्यक चिकित्सा उपचार के मामलों को प्रतिबंध से बाहर रखा है। ऐसे मामलों में नियमानुसार आवेदन पर विचार किया जाएगा। सभी स्तरों पर सख्ती के निर्देश प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ), जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ), एससीईआरटी, डाइट, बीआईटीई, गेट्टी संस्थानों, निदेशालय मुख्यालय के अधिकारियों तथा विभागीय आईटी सेल को भेजी गई है। आईटी सेल को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश को विभागीय वेबसाइट पर भी अपलोड किया जाए, ताकि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक में चंडीगढ़ को समावेशी विकास और प्रभावी प्रशासन के सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया गया। चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने शहर की शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और शहरी विकास से जुड़ी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि चंडीगढ़ विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नई दिल्ली में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की। बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल और प्रशासकों ने भाग लिया। इस दौरान मानव विकास, बेहतर प्रशासन और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का किया उल्लेख कटारिया ने बताया कि चंडीगढ़ ने 99.93 प्रतिशत साक्षरता दर हासिल कर देश में एक नई मिसाल कायम की है। शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुधार के चलते शहर को शिक्षा मंत्रालय के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स 2.0 में लगातार दूसरे वर्ष सर्वोच्च ‘प्रचेष्टा-1’ ग्रेड मिला है। उन्होंने कहा कि ‘प्रोजेक्ट उड़ान’ और ‘शिखर-26’ जैसी पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को जेईई और नीट की निःशुल्क तैयारी करवाई जा रही है। साथ ही सरकारी स्कूलों में कौशल विकास आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और साइबर सुरक्षा जैसे आधुनिक विषयों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है। स्वास्थ्य सेवाओं में ‘प्रोजेक्ट सारथी’ बना मिसाल स्वास्थ्य सेवाओं का जिक्र करते हुए प्रशासक ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट सारथी’ के तहत हजारों एनएसएस स्वयंसेवक सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सहायता कर रहे हैं। इससे अस्पतालों में आने वाले लोगों को बेहतर मार्गदर्शन और सहयोग मिल रहा है। कटारिया ने कहा कि चंडीगढ़ देश का पहला आधिकारिक स्लम-फ्री शहर बन चुका है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध शहरी विकास, बेहतर बुनियादी सुविधाओं और समावेशी नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि चंडीगढ़ का विकास मॉडल देश के अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
लखनऊ पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके रात्रि 2:20 पर एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड हुई । इको गार्डन में पेपर लीक को लेकर युवा आक्रोश प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। अभिजीत नीले रंग की इंडिया लिखा हुआ टी-शर्ट पहने हुए थे। इस दौरान दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के इको गार्डन में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने आए हैं। ‘शांतिपूर्ण तरीके से करेंगे प्रदर्शन’ अभिजीत ने कहा कि 6 जून दिल्ली में 12 जून पुणे में हमने शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया। सभी छात्रों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा। हम अपनी बातों को शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से रखेंगे । प्रदर्शन की अनुमति न होने के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि अगर ऐसा है तो सुबह हम लोकल पुलिस स्टेशन पर जाकर बात करेंगे। हम उनसे कहेंगे कि प्लीज हमें परमिशन दे दीजिए। पुराने प्रोटेस्ट का हवाला देकर लेंगे अनुमति अभिजीत ने कहा कि हम पुलिस को बताएंगे कि दिल्ली जंतर मंतर पर पीसफुल प्रोटेस्ट किया था और 11जून को पुणे में पीसफुल प्रोटेस्ट किया इसलिए लखनऊ में भी हम ऐसे ही करेंगे। हम कहीं से कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं बस लोकतंत्र में अपनी बात रख रहे हैं। जो कि हमारा संवैधानिक अधिकार है। एयरपोर्ट से जब बाहर निकले तो उनके हाथ में एक बैग था साथ में दो से तीन साथी और थे। एयरपोर्ट के अंदर और बाहर पहले से ही बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और इंटेलिजेंस के लोग मौजूद थे। एयरपोर्ट से निकलने के बाद गाड़ी में बैठकर अभिजीत अज्ञात जगह रवाना हो गए। पुलिस से अनुमति नहीं हालांकि इको गार्डन में पेपर लीक के विरोध में प्रस्तावित प्रदर्शन को लखनऊ पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। प्रदर्शन का आह्वान कॉकरोच जनता पार्टी और AISA की ओर से किया गया था। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने हर हाल में प्रदर्शन करने का दावा किया है। एसोसिएशन के लखनऊ यूनिट प्रेसिडेंट शांतम निधि इस संबंध में एक वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने कहा कि प्रोटेस्ट किसी भी हाल में रद्द होने वाला नहीं हम सभी लोग एक गार्डन जरूर पहुंचेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले साथी किसी भी धर्म का शिकार ना हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख उच्च शिक्षा केंद्र के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में शिक्षा, नवाचार और प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश में आयोजित दो दिवसीय ...
गन्ना विकास विभाग के सहयोग से 3500 विद्यार्थियों को मिलेगी रोजगारपरक शिक्षा व प्लेसमेंट सहयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रथम चरण में सहकारी गन्ना समितियों के सहयोग से संचालित इंटर कालेजों एवं महाविद्यालयों के जर्जर भवनों को ठीक कराया गया। यहां अतिरिक्त शैक्षणिक कक्षों का निर्माण भी कराया जा रहा है।
बचपन को श्रम नहीं, शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार मिलें
बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस-12 जून 2026 हर वर्ष 12 जून को मनाया जाने वाला बाल श्रम के विरुद्ध विश्व दिवस केवल एक औपचारिक दिवस नहीं, बल्कि मानवता के अंतःकरण को झकझोरने वाला अवसर है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि दुनिया का कोई भी बच्चा मजदूर बनने के लिए पैदा नहीं होता। ... Read more
बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक शिक्षण संस्थानों में पढ़ाने पर सख्ती दिखाई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को इस संबंध में निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग ने कहा है कि राज्य में बीपीएससी के माध्यम से बड़ी संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। अब विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं। ऐसे में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी अपने विद्यालय के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। कोचिंग में पढ़ाने को माना जाएगा नियमों का उल्लंघन विभाग के अनुसार, कुछ शिक्षक विद्यालय परिसर या अन्य स्थानों पर कोचिंग, निजी ट्यूशन और व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाने का कार्य करते हैं। इससे सरकारी विद्यालयों के छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए इसे शिक्षकों की आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। दोषी शिक्षकों पर होगी कड़ी कार्रवाई निर्देश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि कोई सरकारी शिक्षक कोचिंग, निजी ट्यूशन या व्यवसायिक संस्थानों में पढ़ाते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कोई भी सरकारी शिक्षक कोचिंग या निजी ट्यूशन में संलिप्त न रहे। विभाग ने इस मामले में निगरानी बढ़ाने को भी कहा है।
नई दिल्ली। ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित एक कोचिंग संस्थान के बेसमेंट में जुलाई 2024 में पानी भर जाने से कई विद्यार्थियों की मौत के बाद सामने आई गंभीर सुरक्षा खामियों तथा संरचनात्मक एवं आधारभूत सुविधाओं की कमियों के मद्देनजर दिल्ली सरकार ने कोचिंग संस्थानों के नियम की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसी संदर्भ में बुधवार को शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक की। बैठक में एमसीडी, दिल्ली अग्निशमन सेवा, उच्च शिक्षा निदेशालय, दिल्ली पुलिस, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और शहरी विकास विभाग सहित सभी प्रमुख नियामक एवं नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। शिक्षा मंत्री सूद ने कहा उक्त दुर्घटना के बाद भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के उद्देश्य से दिल्ली हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति आरके गौबा की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था। समिति को कोचिंग संस्थानों में मौजूद कमियों का परीक्षण कर व्यापक निवारक उपायों की सिफारिश करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गौबा समिति अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है। रिपोर्ट में प्रणालीगत कमियों की पहचान करते हुए कोचिंग संस्थानों के प्रभावी विनियमन और निगरानी के लिए एक व्यापक रूपरेखा सुझाई गई है। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार कोचिंग संस्थानों से जुड़े मुद्दों को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा यह बैठक दिल्ली में कोचिंग संस्थानों की प्रशासनिक एवं निगरानी व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है, जिसके माध्यम से बिखरी हुई निगरानी प्रणाली से आगे बढ़कर एक समन्वित शैक्षणिक एवं नियामक ढांचा विकसित किया जाएगा। सभी कोचिंग संस्थानों के लिए नियामक ढांचा तैयार हो रहा : सूद मंत्री ने आगे कहा इस प्रक्रिया के संचालन के लिए उच्च शिक्षा निदेशक को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सूद ने यह भी कहा बैठक में दिल्ली के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा तैयार कर उसे शीघ्र लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एक बहु-विषयक समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। इन दिशा-निर्देशों में कोचिंग संस्थानों की शुल्क संरचना, छात्र सुरक्षा एवं कल्याण, मानसिक स्वास्थ्य सहायता एवं परामर्श व्यवस्था, आधारभूत संरचना मानक, भवन सुरक्षा अनुपालन, अग्नि सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था, तथा शिक्षकों एवं कर्मचारियों के कल्याण एवं कार्य परिस्थितियों के मानकीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा दिल्ली सरकार का उद्देश्य केवल कोचिंग संस्थानों का विनियमन करना नहीं, बल्कि छात्रों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और उत्तरदायी शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली जल्द ही कोचिंग संस्थानों के संचालन और छात्रों के समग्र विकास के लिए व्यापक दिशा-निर्देश तैयार करने वाला देश का अग्रणी राज्य बनेगा।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने जनपद में नवागंतुक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) वीरेंद्र कुमार सिंह और वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक शिक्षा) आशीष वर्मा का स्वागत समारोह आयोजित किया। यह कार्यक्रम जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा, जिलामंत्री बाबू सिंह, जिला कोषाध्यक्ष सौरभ शर्मा, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी, जिला मीडिया प्रभारी तेजप्रकाश शर्मा, समस्त जिला कार्यसमिति, सभी ब्लॉक अध्यक्ष व ब्लॉक मंत्री सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अधिकारियों का अभिनंदन किया। बैठक हॉल में आयोजित कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा ने नवागंतुक अधिकारियों का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में जनपद की बेसिक शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के समयबद्ध निस्तारण की भी उम्मीद जताई। वित्त एवं लेखाधिकारी आशीष वर्मा ने शिक्षकों की वित्त संबंधी समस्याओं का समाधान समय पर पूरा करने का आश्वासन दिया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने भी संगठन के सहयोग से शासन की योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने और शिक्षकों की समस्याओं का न्यायसंगत निराकरण करने का भरोसा दिलाया। दोनों अधिकारियों ने उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा दिखाए गए इस स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला संरक्षक देवेंद्र भारद्वाज ने की, जबकि संचालन जिलामंत्री बाबू सिंह और श्रीमती गीतिका शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम के समापन पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार शर्मा और जिलामंत्री बाबू सिंह ने स्वागत समारोह में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष अनुपम शर्मा, अनिल कर्दम, देवेंद्र राणा, जिला संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, दिनेश शर्मा, सुधा आर्य, जिला प्रचार मंत्री तनुज शर्मा, संजीव शर्मा, कपिल सिंह, विनी कुमार, डॉ. नूतन गर्ग, प्रणव यादव, नीलमणि शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष उदयवीर सिंह, अखिलेश शर्मा, राकेश राठी, वीरेंद्र सिंह, सी.पी. सिंह, मनोज कुमार शर्मा, अमित शर्मा, रामप्रकाश, भूपेंद्र सिंह, मुकेश कुमार सिंह, देशराज सिंह, नीरज शर्मा और महावीर सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी व शिक्षक मौजूद रहे।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर को AI जनरेटेड बताया है। पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दीपके ने कहा- मैं PM से कैसे मिल सकता हूं? मैं अमेरिका में सिर्फ एक स्टूडेंट था। सभी जानते हैं कि PM से मिलने की प्रक्रिया कितनी सख्त होती है। दरअसल, शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया था कि दीपके भारत आने से पहले PM मोदी से मिले थे। उन्होंने कहा- मुझे किसी ने दीपके और मोदी की अमेरिकी में मीटिंग की एक फोटो भेजी है। लोग कह रहे हैं कि मोदी से मिलने के बाद दीपके यहां आए हैं। इधर, कॉकरोच जनता पार्टी ने आज से देशव्यापी प्रदर्शन शुरू करने का ऐलान किया है। प्रदर्शन की शुरुआत पुणे स्थित सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी कैंपस से होगी। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही है। दीपके के मुताबिक, पार्टी शिक्षा घोषणापत्र भी जारी करेगी। इसमें पेपर लीक रोकने, समय पर रिजल्ट घोषित करने, भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने जैसे मुद्दे शामिल होंगे। पुणे के बाद जयपुर-लखनऊ और अन्य शहरों में प्रदर्शन दीपके ने बताया कि आंदोलन संविधान के दायरे में और पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी इस अभियान में शामिल होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। पुणे के बाद CJP का प्रदर्शन जयपुर, लखनऊ, अमृतसर और बेंगलुरु समेत कई शहरों तक जाएगा। इसके बाद 20 जून को प्रदर्शनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेंगे। 6 जून को पार्टी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपना पहला प्रदर्शन किया था। CJI की टिप्पणी के बाद बनी CJP, युवाओं को कॉकरोच कहा था कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई। 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच की तरह होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करते हैं। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को अमेरिका में रह रहे अभिजीत दीपके ने CJP की शुरुआत की और सोशल मीडिया पर पार्टी के अकाउंट बनाए। इसके बाद 22 मई को उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एक ऑनलाइन याचिका शुरू की, जिसे 8 लाख से अधिक लोगों का समर्थन मिलने का दावा किया गया। CJP बनने के महज 26 दिनों में इंस्टाग्राम पर उसके फॉलोअर्स 2.27 करोड़ तक पहुंच गए हैं। यह संख्या भाजपा के 94 लाख और कांग्रेस के 1.37 करोड़ फॉलोअर्स से ज्यादा है। एक्स पर CJP के 2.75 लाख फॉलोअर्स हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर ‘मैं भी अन्ना’ की जगह ‘मैं हूं कॉकरोच’: 5 घंटे का प्रोटेस्ट, उम्मीद से कम भीड़; कॉकरोच जनता पार्टी को क्या मिला कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। जंतर-मंतर पर 5 घंटे प्रदर्शन किया। 2011 इसी जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने आमरण अनशन से करप्शन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। तब नारे लगे थे- मैं भी अन्ना। इस बार आंदोलन का मकसद एजुकेशन सिस्टम में बदलाव है। नारा है- मैं हूं कॉकरोच। पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं आई, लेकिन पहली बार पार्टी जमीन पर दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…
कन्हैया कुमार का केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप, बोले- शिक्षा व्यवस्था में फैला भ्रष्टाचार
ओडिशा के संबलपुर में कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर तीखे आरोप लगाए
रतलाम के जावरा में मंगलवार को रिटायर्ड शिक्षक से सेवानिवृत्ति व पीपीओ प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर रिश्वत लेने वाले बाबू को निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग उज्जैन अनसिंह बघेल ने की है। जावरा में शासकीय कन्या कमला नेहरू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड 2 अनिल वर्मा को मंगलवार को उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेत पकड़ा था। बाबू के खिलाफ लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज होने के बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम के अंतर्गत उज्जैन संभागीय कार्यालय से तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई। रतलाम में किया अटैच निलंबन अवधि में अनिल वर्मा का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रतलाम रहेगा। जिला शिक्षा अधिकारी अशोक लोढ़ा ने बताया विभागीय संभागीय कार्यालय से बाबू को निलंबित कर दिया है। 20 हजार रुपए मांगे थे शिकायतकर्ता शिक्षक लक्ष्मीनारायण लोट शासकीय उमावि हाटपिपल्या (ब्लॉक जावरा) से 31 मई को उच्च माध्यमिक शिक्षक के पद से रिटायर हुए थे। जावरा के शासकीय कन्या हायर सेकेंडरी संकुल केंद्र में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 बाबू अनिल वर्मा ने उनका रिटायरमेंट सर्टिफिकेट और पीपीओ जारी करने के लिए 20 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में यह सौदा 10 हजार रुपए में तय हुआ था। टेबल की दराज में रखे थे रुपए शिकायत और वॉयस सैंपल के सत्यापन के बाद मंगलवार दोपहर लोकायुक्त टीम ने बाबू अनिल वर्मा को उसके ऑफिस में 10 हजार रुपए लेते ट्रेप किया था। बाबू ने रुपए लेकर अपनी टेबल की दराज में रजिस्टर के नीचे रख दिए थे, जिन्हें टीम ने मौके से बरामद कर लिया। लोकायुक्त ने बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था।
नमस्कार शिक्षा मंत्रीजी ने किसके लिए कहा कि किरोड़ीजी पर आरोप लगाने वाले गिरेबान में झांकें? पूनियाजी की रसीद वाली अपील सुनी? काबिले, काबिले गौर है। राजधानी में आग बुझाने के लिए धक्कामार दमकल पहुंच गई और अफसरों में एक सिफारिशी चिट्ठी की खास चर्चा है। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. निशाने पर 'चिर प्रतिद्वंद्वी' दो नेताओं की अदावत चरम पर है। एक हैं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर। दूसरे हैं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा। दिलावर कहते हैं- वे मेरे मित्र हैं। हालांकि बहुत ही बेशर्म आदमी हैं। डोटासरा तो ‘वे मेरे मित्र हैं’ वाली औपचारिकता भी नहीं करते। सीधे कहते हैं- उनसे घटिया इंसान धरती पर पैदा नहीं हुआ। ताजा मामला कृषि मंत्रीजी के छापों से जुड़ा है। उन्होंने डोटासराजी के एरिया में छापेमारी कर दी थी। ऐसे में चीफ साहब हमलावर हो गए। मंत्रीजी पर आरोप लगा दिया कि छापेमारी में उगाही का खेल चल रहा है। करोड़ों का खेल भी उजागर हो गया। डायरेक्टर समेत कई धरे गए। इसके बाद डोटासरा ने फिर अटैक किया। किरोड़ी बाबा ने भी ऐलान कर दिया- जिस दिन सबूत निकाल लोगे मंत्री पद से इस्तीफा देकर गिरफ्तार हो जाऊंगा। इस टकराव में शिक्षा मंत्रीजी भी कूद पड़े। उन्होंने चिर प्रतिद्वंद्वी को बहुत ही मीठे लहजे में कड़ी नसीहत दी- किरोड़ी जी पर आरोप लगाने वाले गिरेबान में झांक लें। साथ ही यह भी कह दिया- अगर किरोड़ी लाल जी बेईमान हैं तो मदन दिलावर ईमानदार नहीं हो सकता। इस बयान के बाद अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दोगुने उत्साह से किसी एक को बेईमान साबित करने की पुरजोर कोशिश में लगे हैं। जुबानों पर धार लगाई जा रही है। 2. लड्डू और अपील राज्यसभा का लड्डू खाने के बाद पूनिया को बधाई देने वालों का तांता लग गया। कोई बुके देकर फोटो खिंचवाना चाहता है। कोई भेंट करने और भेंट देने को उतावला है। किसी को साफा बांधकर सम्मान करना है तो किसी को मुलाकात के बहाने रील बनानी है। चूंकि पूनियाजी अब उच्च सदन के मेंबर बनेंगे। उच्च सदन भद्र नेतागण की सभा। ऐसे में उन्हें साफा-पटका-सम्मान, माला-गुलदस्ता पान सब कुछ तुच्छ लगने लगा है। उन्होंने जनता से अपील की- अगर मान-सम्मान उपहार-भेंट देना चाहते हैं तो इतना कीजिए कि गोशाला में दान देकर रसीद मुझे दे दीजिए। किसी जरूरतमंद की मदद कर दीजिए। किसी का उद्धार कर दीजिए। हो न हो, माखनलाल चतुर्वेदी जी के ‘पुष्प’ का भी राज्यसभा जाना तय हो गया होगा। इसीलिए उसकी अभिलाषा सुरबालाओं के गहनों में गूंथे जाने की नहीं रह गई थी। 3. धक्कामार सिस्टम बताइए। थाने की नाक के नीचे बारूद का खेल चलता रहा। पटाखे बनते रहे। बिकते रहे। लेकिन पुलिस सूंघ नहीं पाई। कई लोग जान से हाथ धो बैठे। जयपुर से खरगोश पकड़ा गया तभी पुलिस को सतर्क हो जाना चाहिए था। कम से कम थाना पुलिस को यह तो जानकारी होनी चाहिए कि अपने एरिया में क्या हो रहा है? हादसे के बाद तो पूरा अमला पहुंच गया। राख से सबूत जुटाए जा रहे हैं। अब मालिकों को तलाशा जा रहा है। क्या फायदा? जो चले गए वो तो नहीं लौटेंगे। सिस्टम की लाचारगी देखिए। आग लगने की सूचना पर पहुंची दमकल धक्का-स्टार्ट निकली। आग बुझाने के बजाए फायर कर्मी धक्का मारकर स्टार्ट करने की कोशिशें करते रहे। ये हाल इमरजेंसी सेवा के। चश्मदीद इस लाचारगी का वीडियो बनाने लगे। कितनी शर्मसार करने वाली तस्वीर रही होगी। जो मदद करने आए थे, उन्हें खुद मदद की जरूरत थी। 4. चलते-चलते.. एक बड़े नेताजी की सिफारिशी चिट्ठी चर्चा में है। नेताजी ने राजनीति में लंबी पारी खेली, लेकिन सिफारिश में गड़बड़ कर गए। उन्होंने सीधे फाइनेंस विभाग को लेटर लिख दिया कि फलां मैडम को यहां लगाया जाए। विभाग के अफसर सकते में। क्या करें? तबादला-डेपुटेशन का काम कार्मिक विभाग का। अफसरों में चर्चा- इतने बड़े नेताजी अगर बड़ों को ही चिट्ठी लिखते तो बेहतर होता। उनका कहा कौन टालता? चिट्ठी भी आई तो गलत पते पर। इसका क्या करें? चिट्ठी में नेताजी ने जिस तरह मैडम की सेवा और समर्पण का जिक्र किया, उससे लगता है कि जल्द ही चिट्ठी और मैडम दोनों सही मुकाम तक पहुंच जाएंगी। इनपुट सहयोग- ऋषभ सैनी, महेंद्र सैनी (जयपुर)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
कॉलेज शिक्षा: सरकारी कॉलेजों से घट रहा मोह, सीटों के मुकाबले 36% ही आवेदन
जिले के सबसे पुराने और बड़े राजकीय बहीर महाविद्यालय में इस वर्ष भी प्रवेश को लेकर अपेक्षित उत्साह दिखाई नहीं दिया। कॉलेज में उपलब्ध सीटों के मुकाबले महज 36 प्रतिशत आवेदन ही प्राप्त हुए हैं। वहीं जिले के सबसे बड़े कन्या महाविद्यालय गुलजार बाग में भी करीब 54 प्रतिशत सीटों के लिए ही आवेदन आए हैं। कुल मिलाकर सरकारी कॉलेजों में प्रवेश की स्थिति 40 से 60 प्रतिशत के बीच सिमटी हुई है। शिक्षाविदों का मानना है कि विद्यार्थियों का रुझान अब पारंपरिक बीए, बीकॉम और बीएससी पाठ्यक्रमों से हटकर प्रोफेशनल, स्किल आधारित और रोजगारोन्मुखी कोर्सों की ओर बढ़ रहा है। निजी विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थान आधुनिक सुविधाओं, नए पाठ्यक्रमों तथा बेहतर प्लेसमेंट के दावों के साथ विद्यार्थियों को आकर्षित कर रहे हैं। यही कारण है कि सरकारी कॉलेजों में प्रवेश संख्या लगातार घट रही है। करीब 66 वर्ष पुराने बहीर महाविद्यालय को कभी जिले के विद्यार्थियों की पहली पसंद माना जाता था। एक समय यहां प्रवेश के लिए प्रतिस्पर्धा रहती थी, लेकिन अब सीटें खाली रहना आम बात बन गई है। इस वर्ष कला संकाय में चित्रकला विषय शुरू होने से कुछ हद तक आवेदन बढ़े हैं, लेकिन विज्ञान और वाणिज्य संकायों में अपेक्षित रुचि नहीं दिखी। प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 6 जून थी। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. लोकेश कुमार शर्मा ने बताया कि आवेदन संख्या कम अवश्य है, लेकिन पूर्व वर्षों की तुलना में कुछ संकायों में स्थिति में सुधार हुआ है। वहीं कन्या महाविद्यालय की प्राचार्य सुलोचना मीणा ने बताया कि कला वर्ग में पिछले वर्षों की तुलना में आवेदन बढ़े हैं। विशेषज्ञों के अनुसार 12वीं के बाद बड़ी संख्या में विद्यार्थी नीट, जेईई, सीए, एसएससी, बैंकिंग, पुलिस भर्ती और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट जाते हैं। इसके अलावा डिजिटल शिक्षा के विस्तार से ऑनलाइन डिग्री, दूरस्थ शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों के विकल्प बढ़ने से भी नियमित कॉलेजों में प्रवेश प्रभावित हुआ है। यह स्थिति केवल टोंक तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान के अधिकांश सरकारी कॉलेजों में देखने को मिल रही है। कला वर्ग : 1500 सीटें, 551 आवेदन विज्ञान (मैथ्स) : 176 सीटें, 57 आवेदन विज्ञान (बायो) : 176 सीटें, 105 आवेदन वाणिज्य : 200 सीटें, 22 आवेदन बीबीए : 60 सीटें, 6 आवेदन कॉलेज में आवेदन अपेक्षाकृत कम आए हैं, लेकिन कुछ संकायों में पिछले वर्षों की तुलना में स्थिति में सुधार हुआ है। विद्यार्थियों को आकर्षित करने के लिए नए विषय और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। - प्रो. लोकेश शर्मा, प्राचार्य, बहीर महाविद्यालय
देश की नई शिक्षा नीति का मुख्य उद्देश्य रटने की प्रणाली को समाप्त करना, बच्चों की समझ बढ़ाना और नंबर-प्रतिशत का प्रेशर कम करना है। इसके उलट प्रदेश सरकार की नीतियां धरातल पर प्रतिशत का भारी दबाव बना रही हैं। शिक्षा विभाग अब शिक्षकों का प्रतिशत माप रहा है, जिसका अंतिम मानसिक दबाव स्कूली छात्रों पर ही आना तय है। अफसरों की इस मनमानी के दो ताजा मामले सामने आए हैं, जिनमें से एक में तो हाईकोर्ट ने विभाग पर जुर्माना तक लगा दिया है, फिर भी अधिकारी नहीं संभल रहे हैं। ताजा मामला शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह जिले कोटा का है, जहां जिला कलेक्टर के आदेश का हवाला देकर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन सभी सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका वर्ष 2026 का बोर्ड परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से कम रहा है। विभाग ने 79 प्रतिशत परिणाम लाने वाले प्रिंसिपलों को भी नोटिस थमा दिए हैं, जबकि सरकारी नियम के अनुसार केवल 60 प्रतिशत या उससे कम परिणाम रहने पर ही नोटिस देने का प्रावधान है। कोटा, लाडपुरा, खैराबाद, इटावा और सुल्तानपुर ब्लॉक के दर्जनों स्कूलों को इसके दायरे में लाकर तीन दिन में संस्था प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। ऐसा ही एक मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय ने भरतपुर के एक स्कूल की उप-प्राचार्य की याचिका स्वीकार करते हुए कुछ समय पहले उनकी सर्विस बुक से “सचेत रहें’ की टिप्पणी को हटाने और निरस्त करने का आदेश दिया था। मामला परीक्षा परिणाम से जुड़ा है। गणित की व्याख्याता अंजू के पास कक्षा 12वीं की भौतिक विज्ञान का अतिरिक्त प्रभार था। विभागीय परिपत्र के अनुसार अतिरिक्त विषय में न्यूनतम 35% परिणाम अनिवार्य था। उनके छात्रों का परीक्षा परिणाम 56.52% रहा। विभाग ने विभागीय कार्यवाही तो बंद कर दी लेकिन उनकी सर्विस बुक में “सचेत रहें’ की प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज कर दी। कोर्ट ने इसे बिना वजह परेशान करने वाली कार्रवाई और परिनिंदा का ही एक रूप माना। कोर्ट ने इस टिप्पणी को खारिज करते हुए विभाग पर ₹20,000 का हर्जाना लगाया है जिसे संबंधित अधिकारी से वसूलने की छूट दी गई है। आदेश क्या हैं : आदेश के तहत 80 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम वाले सभी स्कूलों के संस्था प्रधानों (प्रधानाचार्यों) को तीन दिन के भीतर कम परिणाम रहने के स्पष्ट कारणों सहित एक पेज का विस्तृत नोट प्रस्तुत करना होगा। कोटा, लाडपुरा, खैराबाद, इटावा और सुल्तानपुर ब्लॉक के दर्जनों स्कूल इस दायरे में आए हैं। इनमें न्यूनतम परिणाम वाले स्कूलों में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सकतपुर (45.45%) और भीमपुरा (52.78%) प्रमुख रूप से शामिल हैं । डीईओ ने साफ चेतावनी दी है कि इस सूचना को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए । तय समय में जवाब न भेजने या लापरवाही बरतने पर होने वाली किसी भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए संबंधित अधिकारी और संस्था प्रधान स्वयं जिम्मेदार होंगे।
भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी लुधियाना के कॉलेज ऑफ फिशरीज से स्नातक हुए 20 मत्स्य पालन स्टूडेंट्स को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड द्वारा प्रतिस्पर्धात्मक भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से मत्स्य पालन विभाग, पंजाब में मत्स्य पालन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। उन्हें नियुक्ति पत्र पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा चंडीगढ़ में आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह के दौरान प्रदान किए गए। इस अवसर पर पंजाब के पशुपालन, मत्स्य पालन एवं डेयरी विकास मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां और निदेशक एवं वार्डन, फिशरीज पंजाब भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों को ईमानदार एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया तथा उनकी पेशेवर योग्यता के आधार पर यह पद प्राप्त करने के लिए बधाई दी। वीसी डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल ने नियुक्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए मत्स्य पालन शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों में मत्स्य पालन के माध्यम से आत्मनिर्भरता के अनेक उद्यमशील अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय देश में मत्स्य पालन शिक्षा के क्षेत्र में अत्याधुनिक शैक्षणिक उत्कृष्टता वाला एक अग्रणी संस्थान है, जो भारत और विदेशों में विभिन्न पदों के लिए योग्य एवं कुशल मत्स्य पालन पेशेवर तैयार करने के लिए स्नातक, स्नातकोत्तर तथा डॉक्टरेट स्तर के कार्यक्रम संचालित करता है। कॉलेज ऑफ फिशरीज की डीन डॉ. मीरा डी आंसल ने इन प्रतिभाशाली पूर्व स्टूडेंट्स की उपलब्धि की सराहना करते हुए नव-नियुक्त अधिकारियों पर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें आशा है कि ये अधिकारी राज्य में उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग के माध्यम से मत्स्य पालन विकास के संभावित लक्ष्यों को प्राप्त करने में एक मूल्यवान संसाधन के रूप में योगदान देंगे। नियुक्ति पत्र देते मुख्यमंत्री भगवंत मान।
आईटीआई शिक्षार्थियों पर अत्याचार के विरोध में उतरा पीआईसीएमसी, जमकर किया प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | लुधियाना पेंशनर इंफॉर्मेशन सेंटर मैनेजमेंट कमेटी (पीआईसीएमसी) लुधियाना' की ओर से चेयरमैन सुशील कुमार की अध्यक्षता में डिप्टी कमिश्नर कार्यालय, लुधियाना तक रोष प्रदर्शन किया गया। यह रोष प्रदर्शन पिछले दिनों पटियाला में अपरेंटिस (आईटीआई) के शिक्षार्थियों पर पंजाब पुलिस पटियाला द्वारा किए गए अंधाधुंध अत्याचार की पुरज़ोर निंदा और दोषियों को सख्त सजा दिए जाने की मांग के पक्ष में किया गया। सभा ने पेंशनरों की मांगों के संबंध में पंजाब सरकार द्वारा हाई कोर्ट में पेश की गई लिफाफा बंद रिपोर्ट, जो कि कर्मचारी/पेंशनर विरोधी है, की फोटोस्टेट कॉपियां डिप्टी कमिश्नर लुधियाना दफ्तर के आगे जला दीं। पेंशनर भवन लुधियाना के जनरल सेक्रेटरी गुरचरण सिंह दुग्गा ने बताया कि कर्मचारियों/पेंशनरों का डीए (महंगाई भत्ता) 42% से बढ़ाकर 60% किया जाए, पेंशनरों की पेंशन 2.59 के गुणांक (मल्टीप्लिकेशन फैक्टर) के साथ तय की जाए, और पे-कमिशन (वेतन आयोग) के बकाए का एकमुश्त भुगतान किया जाए, जिसके आदेश हाईकोर्ट ने भी दिए हैं।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा मेरठ क्षेत्र का दस दिवसीय परिषद शिक्षा वर्ग मथुरा में आयोजित किया है। इस शिक्षा वर्ग में मेरठ, बृज और उत्तराखंड प्रांत के 200 से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस दस दिवसीय शिक्षा वर्ग का शुभारंभ विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी द्वारा किया गया। उदघाटन सत्र से पहले अतिथियों ने गौ माता का पूजन किया। दीप प्रज्वलन कर हुआ शुभारंभ उद्घाटन सत्र से पूर्व मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र जी अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिन्दू परिषद, महंत प्रहलाद दास महाराज, जगतगुरु भैया जी महाराज, स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर,प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, वर्ग प्रमुख यशपाल, वर्ग पालक रविन्द्र लांबा द्वारा संयुक्त रूप से गौ पूजन एवं भारत माता का पूजन किया गया। तत्पश्चात उद्घाटन सत्र का प्रारंभ अतिथियों द्वारा राम दरबार, चक्र धारी कृष्ण एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण करके व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उद्घाटन सत्र में उपस्थित संतो ने अपना आशीर्वचन दिये। यह रहे मौजूद उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि वर्ग से कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है और संगठन को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के दौरान मुकेश खांडेकर क्षेत्र संगठन मंत्री, मुकेश शुक्ला क्षेत्र सेवा प्रमुख, प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल प्रांत संगठन मंत्री, राजेश कुमार, प्रांत सह मंत्री, राकेश त्यागी, अभय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष गोकुलेश गौतम एडवोकेट,वत्सल भाटिया ,नितिन चौधरी, पवन शर्मा, आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने 28 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पदस्थ किए गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को लोक शिक्षण संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने, जिलों में प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रायपुर और बिलासपुर में बदले DEO जारी सूची के अनुसार, एमजी सतीश कुमार को रायपुर का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं, अब तक रायपुर DEO रहे हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ किया गया है। बिलासपुर में रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वे विजय कुमार ताण्डे का स्थान लेंगे। इन जिलों में भी नए प्रभारी DEO महासमुंद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी), कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद समेत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। महासमुंद में बीएल देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वे पहले लोक शिक्षण संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर कार्यरत थे। BEO और सहायक संचालकों को भी नई जिम्मेदारी तबादला सूची में कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), सहायक संचालकों और प्राचार्यों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को जिला स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में भेजा गया है। शिक्षा मंत्री बोले- कामकाज में आएगी तेजी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विभागीय पुनर्संरचना का उद्देश्य शिक्षा प्रशासन को और मजबूत करना है। इससे शैक्षणिक योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और जिलों में कामकाज की गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नए पदस्थापनों से शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। 10 जून को रोहतक के जिला एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) की ओर से उनका सस्पेंशन लेटर जारी हुआ। इस लेटर में 8 जून से सस्पेंशन के आदेश लागू होने की बात कही गई है। लेटर में सस्पेंशन का भी कोई कारण नहीं बताया गया है। सुलेखा दलाल रोहतक के रैनकपुरा कॉलोनी के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में प्राइमरी (पीआरटी) गेस्ट टीचर हैं। अब उसने शिक्षा विभाग से सस्पेंड करने का रीजन मांगा है, लेकिन उन्हें कोई भी जवाब नहीं मिल रहा। दैनिक भास्कर से बातचीत में सुलेखा ने कहा- मैं खुद हैरान हूं। मैं अपने निलंबन का कारण जानना चाहती हूं। मैं अपने बेटे व ऐसे बच्चों के हक के लिए आवाज उठाने गई थी। बेटा दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है और कंपीटिशन की तैयारी कर रहा है। बच्चे मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाते हैं। बेटे के लिए मरते दम तक लड़ती रहूंगी। रोहतक शिक्षा विभाग की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर की कॉपी… जंतर मंतर पर सुलेखा दलाल की वीडियो वायरल कॉकरोच जनता पार्टी का 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल भी पहुंची थी। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा था कि युवा आर-पार की लड़ाई के लिए आए है। वह किसी के साथ नहीं है, लेकिन अपने बच्चों के साथ है। एक मां के तौर पर वह आई हैं और एक मां पूरे देश की मां होती है। यह वीडियो वायरल हो रहा है। लेडी टीचर सुलेखा दलाल ने सस्पेंड करने पर कही ये बातें… बोलीं- मैं 2007 से गेस्ट टीचर, कभी कोई शिकायत नहीं सुलेखा दलाल 2007 से गेस्ट टीचर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम के बाद 2018 से रोहतक के प्राइमरी स्कूल में गेस्ट टीचर के रूप में कार्यरत है। जिस भी स्टेशन पर वह रही, वहां कभी कोई शिकायत नहीं दी। अब उन्हें बिना कोई रीजन दिए सस्पेंड किया गया है। इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। --------------------------------ये खबर भी पढ़ें… एल्विश यादव ने खरगोश जनता पार्टी बनाई:लिखा- सबका विकास गाजर के साथ, कॉकरोच पार्टी वालों से बहस नहीं करता गुरुग्राम के रहने वाले बिग बॉस OTT सीजन-2 के विनर एल्विश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जवाब में खरगोश जनता पार्टी (KJP) का पोस्टर जारी किया है। बुधवार को उन्होंने अपने X हैंडल पर CJP पर तंज कसते हुए KJP का पोस्टर और मैनिफेस्टो शेयर किया। (पूरी खबर पढ़ें)
शेखपुरा जिला प्रशासन ने ईंट-भट्ठा श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया है। बुधवार को जिला हब फॉर विमेन टीम ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने और मजदूरों के बच्चों व महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की। इस अभियान के तहत सदर प्रखंड के पैन पंचायत, शेखोपुरसराय प्रखंड के वेलाव पंचायत और बरबीघा प्रखंड के सामसखुर्द पंचायत के ईंट-भट्टों पर संचालित 'अक्षर लर्निंग सेंटर' के 125 बच्चों को विशेष स्कूल किट वितरित किए गए। यह वितरण 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत किया गया।बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, कॉपियां, स्लेट, किताबें, ड्राइंग बुक, पेंसिल बॉक्स और क्रेयॉन रंग जैसी पाठ्य सामग्री दी गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखी, जिससे उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ईंट-भट्टों पर काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों के बीच एक विशेष जागरूकता बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान उन्हें माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो सके। महिलाओं को अपने बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। टीम ने उपस्थित सभी लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। ताकि वे पात्रता जानकर उनका लाभ उठा सकें।इस अवसर पर जिला हब फॉर विमेन के जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा ने बच्चों और उनके अभिभावकों को बताया कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जिससे बच्चे आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। एक शिक्षित बच्चा न केवल अपना, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। साथ ही, जब तक हमारी माताएं-बहनें स्वास्थ्य और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए सभी माता-पिता से अपील है कि वे बच्चों को हर दिन केंद्र पर पढ़ने के लिए जरूर भेजें।डीएम शेखर आनंद के निर्देशों पर जाकर इन महादलित और वंचित परिवारों के बच्चों और महिलाओं को तथा ईंट भट्ठा श्रमिक के परिवारों को स्वास्थ्य, अधिकार और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सुदूर ग्रामीण इलाकों तक विकास की यह अलख मजबूती से जलती रहे।कार्यक्रम मे मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा के साथ कई हब कर्मी एवं शिक्षक गण सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्री-डीएलएड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा का आयोजन BSTC की करीब 23000 सीटों के लिए किया गया था। परीक्षा 20 मई को हुई थी। श्रीगंगानगर जिले की मुस्कान चौधरी ने टॉप किया है, जबकि दूसरे स्थान पर अजमेर की चंचल वैष्णव रहे। परीक्षा का आयोजन वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय ने करवाया था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फोन पर बातचीत की और उन्हें बधाई भी दी। ओपन यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया- परीक्षा में 605242 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 4 लाख 97 हजार 178 (4,97,178) अभ्यर्थी यानी 82.16 फीसदी ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया था। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और प्रश्न पत्रों पर क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। वहीं फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाली पर्सनलाइज्ड ओएमआर शीट के जरिए फर्जीवाड़े और नकल की संभावनाओं को लगभग खत्म किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं शिक्षा मंत्री दिलावर ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा- राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रारम्भिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- वह 1000 स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं। नई भर्तियों के सवाल पर मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि लगातार टीचर्स सेवानिवृत्ति होते हैं, कुछ का देहांत हो जाता है और कुछ नए स्कूल भी खुलते हैं। ऐसे में जैसे जैसे टीचर्स की जरूरत होती है उसके अनुसार ही नई भर्ती की जाएगी।
बलरामपुर जिले की नवपदस्थ कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने पदभार संभालने के बाद पहली बार पत्रकारों से संवाद किया। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने जिले के विकास की प्राथमिकताओं, प्रशासनिक कार्ययोजना और आगामी रणनीति की जानकारी साझा की। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा के दौरान कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, कुपोषण उन्मूलन, बाल विवाह की रोकथाम और पर्यटन विकास प्रशासन के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। विभागों की समीक्षा, विकासखंडों का दौरा शुरू कलेक्टर त्रिपाठी ने बताया कि पदभार ग्रहण करने के बाद से विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की जा रही है। इसके साथ ही उन्होंने जिले के अलग-अलग विकासखंडों का दौरा कर स्थानीय समस्याओं, जरूरतों और विकास संबंधी चुनौतियों को समझने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला भौगोलिक दृष्टि से बड़ा और विविधताओं से भरपूर है। यहां विकास की कई चुनौतियां हैं, लेकिन संभावनाएं भी उतनी ही व्यापक हैं, जिन्हें योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचेंगी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं कलेक्टर ने कहा कि जिले के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। विशेष रूप से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, अस्पतालों की व्यवस्थाओं में सुधार लाने और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर रहेगा फोकस शिक्षा क्षेत्र को लेकर उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और बेहतर शिक्षण वातावरण तैयार करने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कुपोषण और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इको-टूरिज्म की अपार संभावनाएं कलेक्टर त्रिपाठी ने कहा कि बलरामपुर जिले के घने जंगल, प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता इसे पर्यटन के लिए विशेष बनाते हैं। जिले में इको-टूरिज्म के विकास की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वन विभाग और जिला वनमंडलाधिकारी (DFO) के साथ प्रारंभिक चर्चा भी की जा चुकी है। आने वाले समय में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योजनाबद्ध पहल की जाएगी। जिले की परिस्थितियों से पहले से हैं परिचित कलेक्टर ने बताया कि वे पूर्व में राजपुर और वाड्रफनगर क्षेत्र में कार्य कर चुके हैं, इसलिए जिले की भौगोलिक और सामाजिक परिस्थितियों की उन्हें अच्छी जानकारी है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनभागीदारी से मिलेगा विकास को नया आयाम पत्रकार वार्ता के दौरान कलेक्टर ने जनप्रतिनिधियों, मीडिया और आम नागरिकों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रशासन और जनता के सामूहिक प्रयासों से ही बलरामपुर जिले को विकास की नई पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने भरोसा जताया कि जनभागीदारी के माध्यम से जिले में बेहतर प्रशासन, प्रभावी योजनाएं और समावेशी विकास सुनिश्चित किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब अगले महीने होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी में स्कूल शिक्षा विभाग जुट गया है। विभाग के अफसरों ने शिक्षक संगठनों को आश्वस्त किया है कि जो भी परीक्षा ली जाएगी, उसकी पाठ्य सामग्री ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसका अध्ययन कर शिक्षक परीक्षा दे सकें। इसके साथ ही विभाग परीक्षा की तैयारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में भी जुटा है। साथ ही विभाग विधि विशेषज्ञों से यह राय भी ले रहा है कि 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से परीक्षा लेकर जिन्हें शिक्षक बनाया गया था, उन्हें भी पात्रता परीक्षा के दायरे में रखा जाएगा या नहीं रखा जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की परीक्षा की तैयारी में जुटे लोक शिक्षण आयुक्त ने यह जानकारी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल को दी है। इसके पहले अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में सभी संबद्ध प्रांत अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी रिव्यू याचिकाओं के खारिज होने के बाद बने हालातों विचार-विमर्श किया गया। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि टीईटी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक संघर्ष किया जाएगा। आंदोलन की तैयारी इसी क्रम में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए देशभर के विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही जून माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। यह भी तय हुआ कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संघर्ष को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में जागरुकता यात्रा भी निकाली जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री, आयुक्त और कर्मचारी कल्याण समिति अध्यक्ष से मिला प्रतिनिधि मंडल बैठक के बाद प्रतिनिधि मंडल ने वल्लभ भवन में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर टीईटी, सेवा अवधि की गणना सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल ने कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा से भी मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया तथा 5 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। शर्मा ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे इस विषय में आवश्यक पहल करेंगे। प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह से भी टीईटी एवं अन्य विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में मनोहर दुबे, जगदीश यादव, राकेश नायक, राकेश दुबे, परमानंद डेहरिया, डीके सिंगौर, दर्शन ओट, राकेश पटेल, शालिग राम चौधरी, राकेश पांडे, सुरेश यादव, उपेंद्र कौशल, अखिलेश कुमार तिवारी, रामचरण वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र , नीलेश आर्य, हीरानंद नरवरिया उपस्थित रहे। ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है।पूरी खबर पढ़ें
पंचायतीराज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को ग्राम पंचायत सीमलवाड़ा के पंचायत समिति सभागार में एक वर्चुअल जनसुनवाई की। इस दौरान विकास अधिकारी, निवर्तमान प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी विभिन्न समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने सीमलवाड़ा तालाब के ओटे पर फैली गंदगी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने, झूलते विद्युत तारों को ठीक कराने, खराड़ी फला में सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराने और तालाब के ओवरफ्लो होने पर नाले के संकरे होने से उत्पन्न समस्या बताते हुए नाले को चौड़ा करने जैसी शिकायतें रखीं। मंत्री दिलावर ने सभी मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के द्वार तक पहुंचकर पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री दिलावर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनहित के कार्यों के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्षों को देशहित, विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि इन वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने ग्राम पंचायतों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पंचायत क्षेत्र में रोड लाइट लगाने एवं उनके विस्तार, एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने, जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास करने, आबादी क्षेत्र में स्थित मंदिरों को पट्टे जारी करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह भूमि पर विकास कार्य कराने, मवेशियों के लिए शेड निर्माण और तालाबों के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मांस की दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी दुकानों को बंद कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
बक्सर में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में मंगलवार को ब्रह्मपुर के बगेन में आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और आरवाईए (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का संचालन आइसा छात्र नेता विवेक कुमार ने किया, जबकि आरवाईए नेता मुकेश कुमार राम ने इसकी अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा के छात्र नेता पवन कुमार भारती ने कहा कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म हो रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। 70 से अधिक कॉम्पिटेटिव एग्जाम का पेपर लीक पवन कुमार भारती ने बताया कि पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे छात्रों और युवाओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारती ने कहा कि लगातार भर्ती घोटालों और परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भरोसा टूट रहा है। रोजगार के अवसर हो रहे कम वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार पेपर लीक की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। आइसा और आरवाईए नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर गंभीर कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में साहिल, कृष्णा, प्रदीप, सूरज, भरत, समीर, अमित, विकास, पुतुल, राहुल, ब्रजेश, लालू, पंकज, मनीष समेत दर्जनों छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक (बीकानेर) ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य, जिला और क्षेत्रीय स्तर की विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों (ट्रेनिंग कैंप) में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के दैनिक भोजन और खुराक भत्ते (डाइट मनी) में 100 रुपए बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी सरकार ने 7 साल बाद की है। अब मैदान पर पसीना बहाने वाले छात्र-खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले 100 प्रतिदिन ज्यादा मिलेंगे। शिक्षा विभाग का यह आदेश आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। यह संशोधन विद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताएं नियमावली एवं मार्गदर्शिका 2005 और 2022 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। भत्ते के अलावा खेलकूद से जुड़े अन्य सभी नियम और निर्देश पहले की तरह यथावत लागू रहेंगे। भास्कर नॉलेज-ऐसे बढ़ी राशि निर्णय स्वागत योग्य शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. भैरूसिंह राठौड़ ने बताया कि संघ लंबे समय से खिलाड़ियों का खुराक भत्ता 250 प्रतिदिन करने की मांग कर रहा था। विभाग का निर्णय स्वागत योग्य है। महंगाई के दौर में खिलाड़ियों को बेहतर पोषण b डाइट की सख्त जरूरत थी।
परीक्षा परिणाम आज, शिक्षा मंत्री दिलावर घोषित करेंगे
जयपुर| वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित प्री-डीएलएड परीक्षा-2026 का परिणाम बुधवार को खुला विश्वविद्यालय स्थित गांधी भवन में घोषित किया जाएगा। परिणाम की घोषणा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परीक्षा के मुख्य समन्वयक एवं कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा करेंगे। पहले इसका आयोजन 10 जून को जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित वीएमओयू के क्षेत्रीय केंद्र पर दोपहर बाद 3 बजे होना था। अपरिहार्य कारणों से यह कार्यक्रम अब कोटा में इसी दिन दोपहर बाद 3 बजे जारी होगा। कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया कि परीक्षा में कुल 6 लाख 5 हजार 242 आवेदन प्राप्त हुए थे और परीक्षा में कुल चार लाख 97 हजार 178 परीक्षार्थी उपस्थित हुए हैं। परीक्षा 41 जिलों में संपन्न हुई है। प्रदेश के कुल 1774 परीक्षा केन्द्रों पर दो पारियों में परीक्षा 20 मई हुई थी।
वरिष्ठ शिक्षकों के तबादलों की मांग, शिक्षा संकुल पर प्रदर्शन, रैली निकाली
जयपुर | वरिष्ठ अध्यापकों की तबादला सूची जारी करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) के बैनर तले शिक्षकों ने शिक्षा संकुल में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। प्रदेशभर से आए शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। रेस्टा प्रदेश अध्यक्ष हरलाल गढ़वाल ने कहा कि सरकार बने ढाई साल बीतने को हैं, लेकिन वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले अभी तक नहीं हुए हैं। प्रदेश महामंत्री सुरेश बिश्नोई ने शिक्षा मंत्री के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘बड़े भाई (व्याख्याता-प्रिंसिपल) की शादी के बाद छोटे भाई (वरिष्ठ अध्यापक) का नंबर आता है’। प्रदेश सचिव धनाराम मिल व संगठन मंत्री रामनिवास शर्मा ने चेतावनी दी कि जल्द तबादले नहीं हुए, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
रामपुर के भमरौआ गांव में एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान से तीन मजारों को हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने मृतक एहसन रजा के परिजनों को शिक्षा विभाग के माध्यम से नोटिस जारी किया है। यह मजारें पति-पत्नी और उनके बेटे की बताई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एहसन रजा गांव में धार्मिक शिक्षा देते थे। उनकी मृत्यु लगभग 50 वर्ष पहले हुई थी, जबकि उनकी पत्नी का निधन करीब 30 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके बेटे की मौत लगभग 18 वर्ष पहले हुई थी। तीनों को उसी स्थान पर दफनाया गया था जहां एहसन रजा लोगों को दीनी तालीम देते थे। गांव के प्रधान लाइक ने बताया कि एहसन रजा अपने पिता की इकलौती संतान थे और उनके परिवार में वर्तमान में तीन बेटे और एक बेटी हैं। प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, यह भूमि सरकारी प्राथमिक विद्यालय के खेल मैदान का हिस्सा है। इसी आधार पर शिक्षा विभाग ने परिजनों को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समय का नोटिस दिया है। नोटिस के बाद से परिवार की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस संबंध में रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सरकारी स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले यहां मदरसा बनाने का प्रयास किया गया था जिसे हटाया गया था, और अब एक स्थान पर तीन मजारें बनी हुई हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष को नोटिस दिया जा चुका है और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ ग्रामीण नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन की कार्रवाई के समय पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों ने एहसन रजा को वहीं दफनाया था क्योंकि वह अपनी इच्छा व्यक्त करते थे कि उन्हें उसी स्थान पर दफनाया जाए जहां वे तालीम देते थे।
कुशीनगर जिले में मंगलवार को तमकुहीराज तहसील मुख्यालय पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेपर लीक, बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था में कथित अव्यवस्थाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की छात्र और युवा विरोधी नीतियों के कारण लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस नेता अमित सिंह और डॉ. प्रभु गुप्ता ने किया। बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता तख्तियां लेकर तहसील परिसर पहुंचे और अपनी नाराजगी व्यक्त की। नेताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई महत्वपूर्ण भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं। इससे परीक्षा प्रणाली में युवाओं का विश्वास कम हो रहा है। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। कांग्रेस नेता चंद्रशेखर आर्य ने नई शिक्षा नीति और केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा और रोजगार जैसे मूलभूत मुद्दों से ध्यान भटका रही है, और युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें अनिश्चितता की ओर धकेल रही है। वक्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में हुए विभिन्न परीक्षा विवादों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने परीक्षा प्रबंधन और सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम आकांक्षा मिश्रा को राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और युवाओं के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की गई। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
कृषि विभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हालिया कार्रवाई को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर आरोप लगाए। अब उनका बचाव करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- ‘अगर किरोड़ीलाल मीणा बेईमान हैं, तो फिर मदन दिलावर कभी ईमानदार हो ही नहीं सकता है।’ उन्होंने कहा- मैं किरोड़ीलाल मीणा को विद्यार्थी जीवन से जानता हूं। उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी और निष्पक्ष रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। दिलावर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि JJM घोटाले में अशोक गहलोत को कितने रुपए मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा भी महेश जोशी की तरह जेल जाएंगे। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही सरकार कृषि विभाग में ACB की कार्रवाई पर शिक्षा मंत्री ने कहा- किसी भी विभाग में कोई भी व्यक्ति भ्रष्ट हो सकता है। लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा- किसी व्यक्ति का किसी मंत्री या अधिकारी से मिलना-जुलना इस बात का प्रमाण नहीं हो सकता कि वह भ्रष्टाचार में भी शामिल है। बीजेपी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गहलोत को घोटाले के कितने रुपए पहुंचाए गए थे? मदन दिलावर ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत से सवाल पूछते हुए कहा कि जल जीवन मिशन से जुड़े घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी ने उन्हें कितनी राशि पहुंचाई थी, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से जुड़े मामलों पर भी गहलोत को स्पष्टीकरण देना चाहिए। जोशी के बाद डोटासरा को भी जाना पड़ेगा जेल शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- डोटासरा के खिलाफ फिलहाल स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में जांच जारी है। उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी होने के बाद डोटासरा को भी महेश जोशी की तरह कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और वह भी जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बीजेपी सरकार पर सवाल उठाने के बजाय पहले अपने कार्यकाल के दौरान लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। सचिन पायलट से जुड़े सवाल पर दिलावर ने कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा- कोई व्यक्ति अपने ही साथी या भाई समान नेता को निकम्मा, नकारा या मक्कार कैसे कह सकता है। ऐसी भाषा और व्यवहार राजनीति में उचित नहीं माना जा सकता। सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण मदन दिलावर ने कृषि विभाग में नकली बीज और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण है। भाजपा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। निकाय और पंचायत चुनावों पर दिलावर ने कहा- कांग्रेस को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में लंबे समय तक चुनाव नहीं कराए गए थे। उन्होंने कहा- हाल में कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार विधि विशेषज्ञों से राय लेकर चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस विषय पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा होगी और उसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी। --- ये खबर भी पढ़िए- कृषि विभाग के कर्मचारियों से मारपीट पर सियासत गरमाई:डोटासरा बोले-छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी, किरोड़ी का पलटवार-भ्रष्टाचार सिद्ध कर दो, इस्तीफा दे दूंगा सीकर में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और कृषि मंत्री आमने-सामने हो गए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)
पटना में हुए खान सर और रौशन सर कंट्रोवर्सी के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बयान दिया है । पप्पू यादव के मुताबिक कोटा के शिक्षा माफिया बिहार के शिक्षकों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं । सांसद का कहना है कि देश में 80 बार पेपर लीक हो चुका है और बच्चे इस कारण सुसाइड जैसा कदम उठा रहे हैं। दरअसल, आज पूर्णिया में दरोगा बहाली में चयनित हुई छात्राओं के सम्मान समारोह में सांसद पहुंचे। यहां पप्पू यादव ने कोचिंग उद्योग और व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना और बिहार के उभरते कोचिंग संस्थानों की सफलता से घबराकर दिल्ली, कोटा और बेंगलुरु के बड़े कोचिंग माफिया यहां के शिक्षकों और संस्थानों को बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहे हैं। सांसद बोले- शिक्षक को बनाया जा रहा निशाना पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के शिक्षक देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। लेकिन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बजाय उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है। पप्पू यादव ने देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में 80 से अधिक बार पेपर लीक हो चुके हैं। दिल्ली में बैठकर सरकार के साथ सांठ-गांठ करने वाले असली कोचिंग माफिया ही प्रश्नपत्र तय करते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्रों के मानसिक तनाव और सुसाइड पर चिंता सांसद पप्पू यादव ने NEET परीक्षा में हो रही धांधली के कारण छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमारे बच्चे इस अव्यवस्था से टूट चुके हैं और आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। छात्र अपने माता-पिता को पत्र लिखकर कह रहे हैं कि उनमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है। शिक्षकों को अपराधियों की तरह पेश करना बंद करें- पप्पू यादव खान सर और रौशन सर का जिक्र करते हुए सांसद ने सोशल मीडिया और बड़े यूट्यूब चैनलों की ओर से चलाए जा रहे दुष्प्रचार की निंदा की। उन्होंने कहा, गलतियां किसी से भी हो सकती हैं और कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन देश के गौरव माने जाने वाले एक शिक्षक को अपराधियों की तरह उनका नामकरण करना । उनके साथ वैसा व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि यह पूरा विवाद एक प्रायोजित प्रोपेगैंडा है। इसमें बड़े चैनलों के मालिक, बिचौलिए और पूरी व्यवस्था का एक हिस्सा शामिल है, जो पटना के कोचिंग उद्योग को आगे बढ़ने से रोकना चाहता है, क्योंकि यहां की कोचिंग्स पूरे देश और कोटा को टक्कर दे रही हैं। सांसद की छात्रों से अपील- नकारात्मकता से रहें दूर पूर्णिया के कोचिंग पहुंचे पप्पू यादव ने दरोगा बहाली में चयनिति सभी छात्र छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि कि व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, न कि किसी को गिराने की साजिश होनी चाहिए। उन्होंने बिहार के युवाओं और शिक्षकों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। आधार सेवा केंद्र का भी किया निरीक्षण दूसरी ओर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज स्थानीय आधार सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर पसरी भारी अव्यवस्था, भीषण गर्मी में परेशान हो रहे आम लोगों की बेबसी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखकर सांसद का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके से ही आधार के उच्च अधिकारियों को फोन मिलाकर न सिर्फ कड़ी फटकार लगाई, बल्कि व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की चेतावनी भी दी। भीषण धूप में कतार में खड़े थे हजारों लोग सांसद पप्पू यादव जब अचानक आधार सेवा केंद्र पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक था। बिहार की इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में हजारों लोग बाहर लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें भारी संख्या में महिलाएं, गोद में बच्चे लिए माताएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे। केंद्र के भीतर का हाल भी कुछ अलग नहीं था। अंदर कुल 8 काउंटर थे, लेकिन आवेदकों की भारी भीड़ के कारण वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी। न तो बैठने की सही व्यवस्था थी और न ही इस चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने का कोई साधन। सांसद ने हर काउंटर की जांच की, जनता का दर्द सुन हुए भावुक सांसद ने केंद्र के भीतर जाकर सभी 8 काउंटरों का खुद मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद आम जनता, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत की। लोगों ने सांसद को बताया कि वे सुबह से ही भूखे-प्यासे लाइनों में खड़े हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी देख पप्पू यादव बेहद संवेदनशील नजर आए और उन्होंने केंद्र के कर्मियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उच्च अधिकारी को फोन कर लगाई फटकार, उठाए गंभीर सवाल निरीक्षण के दौरान ही सांसद पप्पू यादव ने अपने मोबाइल से आधार (UIDAI) के उच्च अधिकारियों को फोन लगाया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में अधिकारी से कहा कि - इतनी भीषण गर्मी में हजारों लोग बाहर लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। आखिर ये लोग कैसे रहेंगे? तुरंत बाहर वेटिंग एरिया की व्यवस्था कीजिए, टेंट लगवाइए और लोगों के लिए एसी तथा ठंडे पानी का इंतजाम सुनिश्चित कीजिए। सांसद ने बिहार में आधार केंद्रों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए नीतिगत व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अधिकारी से फोन पर कहा कि - पूरे बिहार की आबादी लगभग 13 करोड़ है, और आप कह रहे हैं कि पूरे राज्य में सिर्फ 5 बड़े सेंटर हैं। 13 करोड़ की आबादी के लिए महज 5 सेंटर कैसे काफी हो सकते हैं? इस व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त कीजिए। लड़कियां, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब परेशान हो रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता ने सांसद के एक्शन की सराहना की पप्पू यादव के इस औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई से वहां मौजूद आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि आधार कार्ड में सुधार या नया कार्ड बनवाने के लिए उन्हें हफ्तों चक्कर काटने पड़ते हैं। सांसद के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद है कि आधार के अधिकारी पूर्णिया केंद्र पर सुविधाओं को बढ़ाएंगे, ताकि लोगों को इस प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके। सांसद ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही आम जनता के लिए छांव, ठंडे पानी और सुचारू व्यवस्था का प्रबंध नहीं किया गया, तो वे इसके खिलाफ आगे का कड़ा रुख अख्तियार करेंगे।
सहरसा शिक्षा भवन में लगी आग:मीटिंग हॉल का सामान जलकर राख, 3 लाख का नुकसान
सहरसा में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर मंगलवार सुबह आग लग गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। आग लगने से कार्यालय में मौजूद कर्मियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित मीटिंग हॉल में लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते मीटिंग हॉल में रखा फर्नीचर, कुर्सियां, मेज, एलईडी टीवी सहित अन्य आवश्यक सामान इसकी चपेट में आ गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से भवन के अन्य हिस्सों में आग फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया। तीन लाख के सामान जलकर राख डायल-112 में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के भवन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई थी। तब तक फायर ब्रिगेड और विभागीय कर्मियों के प्रयासों से आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग लगने से मीटिंग हॉल में रखे तीन लाख रुपए से अधिक मूल्य के सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा भवन परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंचे। बैठक में खाद वितरण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने खरीफ फसल को देखते हुए कृषि, सहकारिता और संबंधित विभागों को खाद के पर्याप्त भंडारण और सुचारु वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्टॉक और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग को सक्रिय रहने को कहा।औचक निरीक्षण कर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल संकट नहीं होना चाहिए बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल स्रोतों के संधारण, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर राइजिंग पाइप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर समेत जिले के विद्यालयों के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और आगामी वर्षों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों का होगा मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश बैठक में एग्रीस्टैक, राशन कार्ड पंजीयन, धान उठाव और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक में खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं सोमवार को कलेक्टर रेना जमील ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, भू-अर्जन, पट्टा वितरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण जैसे मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में न्यायालयवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बुजुर्ग को पहनाया श्रवण यंत्र कलेक्टर रेना जमील ने जनदर्शन कार्यक्रम में 81 साल के बुजुर्ग मकल राम डनसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया। बुजुर्ग कई सालों से सुनने की समस्या से जूझ रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। मकल राम डनसेना पिछले छह से सात सालों से श्रवण क्षमता में कमी के कारण सामान्य बातचीत और दैनिक कार्यों में कठिनाई महसूस कर रहे थे। वे अपनी समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे।कलेक्टर ने बुजुर्ग की स्थिति को गंभीरता से समझा। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जनदर्शन की कार्यवाही समाप्त होने से पहले ही श्रवण यंत्र की व्यवस्था कर दी गई।
लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में अब मेधावी विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा मिलेगी। कॉलेज के पुरातन छात्र और पुलिस महानिरीक्षक डॉ. अखिलेश निगम ने 'मेरिट बेस्ड स्कॉलरशिप' योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करना और शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। जुबिली इंटर कॉलेज प्रदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो अपनी समृद्ध शैक्षिक परंपराओं और अनुशासित वातावरण के लिए जाना जाता है। डॉ. अखिलेश निगम ने अपनी मातृसंस्था के विकास में योगदान देते हुए योग्य विद्यार्थियों की शिक्षा का आर्थिक दायित्व उठाने का निर्णय लिया है। इन विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा मिलेगी नई योजना के तहत, प्रदेश स्तर पर बोर्ड परीक्षा में शीर्ष 20 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी। जनपद स्तर पर टॉप-20 में आने वाले छात्र भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। यह योजना उन छात्रों को भी कवर करेगी जिन्होंने अपनी कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। खेलकूद, संगीत, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में राज्य स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा भी पूरी तरह निशुल्क होगी। छात्रों की सफलता ही विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी डॉ. अखिलेश निगम ने कहा कि जुबिली उनकी मातृसंस्था है और उसके विकास में योगदान देना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्रों की सफलता ही किसी विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी होती है। योग्य विद्यार्थियों को अवसर मिलने से शिक्षा का स्तर और शैक्षणिक वातावरण दोनों बेहतर होंगे। यह योजना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई ऊर्जा देगी प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप है, जिसमें पुरातन छात्रों को अपनी मातृसंस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई ऊर्जा देगी और कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी। सुमीत कुमार श्रीवास्तव इससे पहले वाराणसी के क्वींस कॉलेज में कई नवाचारों के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके नेतृत्व में रोबोटिक्स लैब की स्थापना, बालिकाओं के लिए निःशुल्क शिक्षा और बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तरीय टॉपर देने जैसे उल्लेखनीय कार्य हुए।
लखीसराय के पुरानी बाजार स्थित मध्य विद्यालय महिला विद्या मंदिर परिसर में संचालित स्थापना शाखा में सोमवार को विवाद और मारपीट की घटना हुई। कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार और चानन प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रायकुंडी के शिक्षक कैलाश कुमार के बीच कार्यालयी कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार अपना कार्यालयी कार्य समाप्त कर भोजन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान शिक्षक कैलाश कुमार किसी काम से स्थापना शाखा पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच किसी मुद्दे पर कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। मारपीट की घटना से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मियों और लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। दोनों पक्षों को नगर थाना ले जाकर पूछताछ की गईघटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को नगर थाना ले जाकर पूछताछ की गई। स्थापना शाखा के प्रधान लिपिक आशुतोष कुमार ने भी मारपीट की घटना की पुष्टि की है। नगर थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि दोनों व्यक्तियों की चिकित्सीय जांच और शराब जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में शिक्षक कैलाश कुमार के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगीपुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भी इस मामले की चर्चा बनी हुई है।
प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। अब राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में 28 जून तक अवकाश रहेगा और स्कूल 29 जून से पुनः संचालित होंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग ने 20 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित किया था। 21 जून को रविवार होने के कारण स्कूल 22 जून से खुलने थे, लेकिन लगातार पड़ रही गर्मी और शिक्षक संगठनों की मांग के बाद सरकार ने अवकाश अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। 43 दिन का होगा ग्रीष्मावकाश नए आदेश के अनुसार इस वर्ष स्कूलों में ग्रीष्मावकाश की कुल अवधि बढ़कर 43 दिन हो गई है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। शिक्षक संगठनों की मांग लाई रंग हाल ही में जयपुर में शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग रखी थी। उस दौरान शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया गया और शासन सचिव की स्वीकृति के बाद आदेश जारी कर दिया गया। संस्था प्रधानों को भी राहत आदेश में संस्था प्रधानों के लिए अधिकृत अवकाश को लेकर भी संशोधन किया गया है। पूर्व व्यवस्था में एक दिन का अधिकृत अवकाश निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर पुनः दो दिन कर दिया गया है। भीषण गर्मी बनी वजह राजस्थान में इस बार मई और जून के दौरान कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। गर्मी और लू के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवकाश बढ़ाने का फैसला लिया है। स्कूल खुलने के बाद शुरू होगी नियमित पढ़ाई अब सभी सरकारी और निजी विद्यालय 29 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की गतिविधियां भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू की जाएंगी।
भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड कार्यालय पर सोमवार को हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) के अभ्यर्थियों ने बॉयोमैट्रिक मिसमैच की समस्या को लेकर घेराव किया। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वे कई बार बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी बॉयोमैट्रिक सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही। इसके कारण करीब 3 से 4 हजार अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम रुका हुआ है। बोर्ड ने 8 और 9 जून को बॉयोमैट्रिक सत्यापन के लिए बुलाया था, लेकिन सोमवार को भी कई अभ्यर्थियों की बॉयोमैट्रिक मिसमैच रही। प्रदर्शन में हरियाणा के अलावा पंजाब, यूपी, गुजरात और चंडीगढ़ आदि प्रदेशों से आए अभ्यर्थी शामिल हुए। मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। गुजरात से पहुंची अभ्यार्थीगुजरात से पहुंची अभ्यार्थी सीमा ने कहा कि पहले जब लिस्ट लगी थी, तब भी वे आई थी, अब भी बॉयोमैट्रिक के लिए आई हैं। उस समय भी फिंगर प्रिंट नहीं हो पाए। आज भी फिंगर प्रिंट नहीं आ रहा। 2 बच्चों के साथ यहां पहुंची हैं, जो परेशान हो रखे हैं इतनी गर्मी में। अधिकारी तो अंदर आराम से बैठे हैं, लेकिन हमें परेशानी हो रही है, उसका क्या। या तो हमें बुलाया क्यों, अगर बुलाया तो यह नहीं सोचा कि जिनकी बॉयोमैट्रिक नहीं होगी, उनका समाधान क्या है। इतने बच्चे बुला लिए और अभी भी कोई समाधान नहीं कर रहे। इतनी दूर से कैसे पहुंचे। उन्हें यहां पहुंचने में दो दिन का समय लगता है। वे 6 जून को ट्रेन में बैठकर हरियाणा आए और 7 जून को पहुंचे। बच्चे छोटे होने के कारण रिजर्वेशन करवानी पड़ती है। यूपी से पहुंचा बिहार का शिक्षकउत्तर प्रदेश के हाथरस जिला निवासी अभ्यार्थी लखन सिंह ने बताया कि वह फिलहाल बिहार में टीचर की नौकरी करता है। वह अपने जिले से काफी दूर है, इसलिए चाहता है कि हरियाणा में नौकरी मिल जाए। जिसके बाद उसने एचटेट की परीक्षा 2025 में दी। वहां पर बॉयोमैट्रिक ली, लेकिन अब वैरिफिकेशन के लिए दोबारा करवाते हैं। कुछ महीने के बाद वैरिफिकेशन के लिए बुलाया, लेकिन उस समय बॉयोमैट्रिक वैरिफिकेशन नहीं हुआ। नवंबर के महीने में दोबारा बुलाया तो वह यहां शिक्षा बोर्ड में आया, लेकिन बॉयोमैट्रिक नहीं हुआ, लेकिन उस समय एप्लीकेशन लिखवाई थी। 5-6 हजार रुपए किराया लगाकर पहुंचालखन सिंह ने कहा कि अब फिर से बॉयोमैट्रिक के लिए मैसेज आया। वे अब शिक्षा बोर्ड में पहुंचे और आज भी नहीं हुई। अब शिक्षा बोर्ड के अधिकारी व कर्मचारी कुछ भी स्पष्ट नहीं बता रहे। उन्होंने कहा कि जब भी वे आते हैं तो उन्हें छुट्टी भी लेनी पड़ती है और आने-जाने का करीब 5-6 हजार रुपए किराया भी लग जाता है। उनका समाधान किया जाए। बॉयोमैट्रिक नहीं होने से रिजल्ट अटकाजिला कैथल निवासी अजय सिंह ने बताया कि एचटेट-2024 का नवंबर में रिजल्ट जारी किया गया था। जिसमें करीब 3-4 हजार अभ्यार्थी रह गए थे, जो बिना बॉयोमैट्रिक के थे। उनका रिजल्ट जारी नहीं हुआ था। एक सप्ताह का समय पहले दिया गया था। बॉयोमैट्रिक होने के बाद रिजल्ट जारी कर दिया था, जिनमें से करीब 3 हजार बच्चे बचे थे। उनको 6 महीने के बाद आज समय दिया गया है कि 8 व 9 जून को अंतिम बार है। इस दौरान काफी अभ्यार्थियों की बॉयोमैट्रिक नहीं हुई। अगले एचटेट की तैयारी करे या बोर्ड के चक्कर काटेंअजय सिंह ने कहा कि इन अभ्यार्थियों की बॉयोमैट्रिक या तो आधार कार्ड से डाटा उठाकर करवा लें। या फिर जो परीक्षा के दौरान वीडियोग्राफी हुई थी, उससे करवा लें। या फिर हस्ताक्षर, आंख या फिंगर प्रिंट से उठाएं। किसी भी तरीके से समाधान किया जाए। समाधान नहीं होने तक वे उठने वाले नहीं हैं। यह प्रशासन का फेलियर है। अब अगले एचटेट की डेट दे दी है, अब अभ्यार्थी उसकी तैयारी करें या फिर बोर्ड में धक्के खाएं। जब तक रिजल्ट घोषित नहीं होगा, तब तक शांतिपूर्वक विरोध जारी रहेगा। सचिव बोले- कर रहे समाधानहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव मुनीश शर्मा ने कहा कि कुछ अभ्यार्थियों का बॉयोमैट्रिक डाटा कैप्चर नहीं हुआ था। काफी जगह बारिश थी, जिससे बॉयोमैट्रिक के लिए अंगूठे के निशान लिए थे, वे मैच नहीं हो रहे। इसके अलावा हमारे पास दूसरा तरिका भी है। हमारे पास वीडियो रिकॉर्ड है, जिससे हम अभ्यार्थी फेस देखकर फोटो से मिलान करके रिजल्ट जारी कर सकते हैं। यह अंतिम मौका शिक्षा बोर्ड के खर्चे पर दिया गया था। पहले भी 2 बाद मौका दिया गया है। इसके बाद कोई दिक्कत है और इन डेट पर उपस्थित रहा है तो उससे फाइन चार्ज नहीं करेंगे। लेकिन कोई कोई नहीं आया तो उसको 10 हजार रुपए फीस ली जाएगी। वह पहले भी ली जाती है। अब तक 2 मौके दिए जाते रहे हैं, लेकिन अबकी बार तीन मौके दिए गए हैं। जिनका मैच हो जाएगा उनका रिजल्ट लाइव हो जाएगा। जिनका नहीं हुआ, उनको फॉरेंसिक लैब में भेजा जाएगा। जिस एजेंसी ने पेपर करवाया था, उसको शिक्षा बोर्ड द्वारा भुगतान नहीं किया गया।
समर वेकेशन के बाद प्रदेश के स्कूल 16 जून से फिर से खुलने जा रहे हैं, लेकिन निजी स्कूलों के सामने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर निजी स्कूलों के लिए समय पर किताबें उपलब्ध कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पाठ्यपुस्तक निगम ने सरकारी स्कूलों में किताबों की आपूर्ति शुरू कर दी है, लेकिन निजी स्कूलों के लिए अब तक कोई स्पष्ट शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में नए सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराना मुश्किल हो सकता है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। संकुल स्तर पर ही पहुंचाई जा रही किताबें उनके मुताबिक सरकारी स्कूलों को संकुल स्तर पर ही किताबें पहुंचाई जा रही हैं। जबकि निजी स्कूलों को पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से स्वयं किताबें प्राप्त करनी पड़ेंगी। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के कई निजी स्कूलों को किताबें लेने के लिए 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ेंगी। किताबें पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण साथ ही स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यार्थियों तक किताबें पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण होगा। एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि निजी स्कूलों के लिए भी जल्द पुस्तक वितरण का शेड्यूल जारी किया जाए और किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बालाघाट के कुम्हारी गांव में ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए एक निःशुल्क आधुनिक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया है। यह पहल जीएसटी कमिश्नर भोपाल लोकेश लिल्हारे ने अपनी माताश्री शांति बाई लिल्हारे की चौथी पुण्यतिथि पर की। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करना है। रविवार देर शाम बालाघाट मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कुम्हारी में इस लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में बालाघाट रेंज के आईजी ललित कुमार शाक्यवार, जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे और एसपी आदित्य मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने परिसर में भगवान बिरसा मुंडा और गौ-माता की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया। साथ ही, क्षेत्र के कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रतिभावान छात्रों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। युवाओं का मनोबल बढ़ता है आईजी ललित कुमार शाक्यवार ने कमिश्नर लिल्हारे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब ग्रामीण अंचल से कोई अधिकारी बनता है, तो वह पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देता है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं का मनोबल बढ़ता है और देश का नाम रोशन करने की ललक पैदा होती है। समाज की तस्वीर बदलेगी एसपी आदित्य मिश्रा ने शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में इस पहल को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि जिस दिन लोग अन्य चीजों के बजाय लाइब्रेरी की मांग करने लगेंगे, उसी दिन समाज की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने छात्रों से इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य हासिल करने का आग्रह किया। जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने कार्यक्रम और खेलकूद के क्षेत्र में चलाए जा रहे निःशुल्क अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उन्हें केवल सही मार्गदर्शन और आत्मबल देने की आवश्यकता है। उन्होंने संकल्प लिया कि उनकी टीम भविष्य में भी इस दिशा में उत्साह के साथ कार्य करती रहेगी।
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु का रिश्वत लेते हुए वीडियो फर्जी और एआई जनरेटेड है
बूम ने पाया कि ब्रात्य बसु का वीडियो गूगल के SynthId का उपयोग करके एआई द्वारा जनरेट किया गया है.
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश
पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा
राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

