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मंत्री कपिलदेव अग्रवाल ने 'स्कूल चलो अभियान' का मोर्चा संभाला:मुजफ्फरनगर की झुग्गी-झोपड़ियों में बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया

मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश सरकार के 'स्कूल चलो अभियान' को प्रभावी बनाने के लिए राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्वयं मोर्चा संभाला। बुधवार को वे रुड़की रोड स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में शिक्षा विभाग की टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों और बच्चों से सीधा संवाद कर उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। दरअसल, हाल ही में भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर मंत्री ने इसी क्षेत्र का दौरा किया था। उस दौरान बातचीत में यह सामने आया कि कई बच्चे नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रहे थे। अभिभावकों ने बताया था कि स्कूल लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर होने के कारण छोटे बच्चों को आने-जाने में परेशानी होती है, जिससे वे पढ़ाई से वंचित हो रहे थे। इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए मंत्री कपिल देव अग्रवाल दोबारा मौके पर पहुंचे। उन्होंने घर-घर जाकर अभिभावकों को जागरूक किया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का अधिकार है और इसे किसी भी कीमत पर छीना नहीं जाएगा। उन्होंने बाबा साहब अंबेडकर के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में बदलाव और प्रगति का मार्ग शिक्षा से ही प्रशस्त होता है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अभिभावकों से अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने की अपील की। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही ऐसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे बच्चों को स्कूल पहुंचने में कोई कठिनाई न हो। उन्होंने बताया कि बच्चों को स्कूल बैग, ड्रेस, किताबें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल के दौरान शिक्षा विभाग की टीम ने भी अभिभावकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी और उन्हें बच्चों की शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस प्रयास से झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों में यह उम्मीद जगी है कि अब उनके बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर प्राप्त हो सकेगा।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 12:43 pm

रख्यावल में संत सेन महाराज का 741वां जन्मोत्सव मनाया:सामाजिक कुरीतियों को त्यागने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में आपसी एकता को मजबूत करने का आह्वान किया

मावली क्षेत्र के रख्यावल में मंगलवार को संत शिरोमणि सेन जी महाराज का 741वां जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस मौके पर सेन समाज के सैकड़ों श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह महाराज की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। समाज के वरिष्ठजनों ने आरती उतारी और सभी की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद स्थानीय भजन मंडलियों ने संत सेन जी महाराज के जीवन चरित्र पर आधारित भजनों की प्रस्तुति दी। इस मौके पर विधायक पुष्कर डांगी और प्रधान नरेंद्र चंडालिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अतिथियों ने संत सेन जी महाराज के जीवन और उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक कुरीतियों को त्यागने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में आपसी एकता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से आए समाज के प्रतिष्ठित व्यक्तियों, युवाओं और मातृशक्ति ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें सभी ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति ने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 11:11 am

ओडिशा में ‘आरोहण’ पहल की शुरुआत: शुरुआती शिक्षा मजबूत करने और बच्चों के सुचारू विकास पर फोकस

ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिदा ने औपचारिक रूप से अभिनव 'आरोहण' पहल शुरू की

देशबन्धु 15 Apr 2026 10:04 am

बच्चों के दाखिले से पहले जांचें स्कूल की मान्यता:सिद्धार्थनगर में माध्यमिक शिक्षा परिषद ने पोर्टल पर अपडेट की सूची

माध्यमिक शिक्षा परिषद ने अभिभावकों की सुविधा के लिए जिले के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों का डाटा अपने पोर्टल पर अपडेट कर दिया है। अब बच्चे का दाखिला कराने से पहले अभिभावक घर बैठे ही स्कूल की मान्यता जांच सकेंगे। परिषद के अंतर्गत जिले में संचालित कुल 222 विद्यालयों की विस्तृत जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। इसमें प्रत्येक विद्यालय का यू-डायस कोड भी दर्ज है, जिससे अधिकारी, शिक्षक और अभिभावक स्कूल की पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सूची परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। अक्सर देखा जाता है कि कुछ विद्यालय बिना मान्यता के ही छात्रों को प्रवेश दे देते हैं। बाद में जब यह बात सामने आती है, तो बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाता है और अभिभावकों को सत्र के बीच में ही बच्चों का स्कूल बदलना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए परिषद ने सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों की सूची सार्वजनिक की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र गैर-मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश न ले और फर्जी विद्यालयों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। प्रभारी डीआईओएस दयाशंकर यादव ने इस संबंध में बताया कि सभी विद्यालयों का डाटा बोर्ड के पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है। अभिभावक वेबसाइट के माध्यम से आसानी से विद्यालय की मान्यता और अन्य आवश्यक जानकारी की पुष्टि कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 8:44 am

शिक्षा विभाग की लिस्ट में लड़कों के रामप्यारी-गंगोत्री जैसे नाम:2950 नामों में 'बासकरन', 'अहंकार', 'दहीभाई' और 'बेचारादास' भी शामिल, मंत्री बोले- गलत नाम हटवाएंगे

राजस्थान के स्कूलों में पढ़ने वाले ‘घसीटाराम’, ‘नाहर’ और ‘शैतान’ जैसे अजीब नाम वाले बच्चों को हीन भावना से बचाने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू किया है। बाकायदा 2950 नामों की सूची जारी की गई है। इनमें 409 नाम लड़कों और 1541 नाम लड़कियों के हैं। विभाग का दावा है कि नाम अद्वितीय, राजस्थानी संस्कृति एवं परम्परा के अनुरूप हैं। इन नामों पर गौर किया गया तो शिक्षा विभाग की हास्यास्पद कारगुजारी सामने आई। सूची में गलतियों की भरमार है। सामान्य हिंदी शब्द भी गलत लिखे गए हैं। सूची में शामिल तमाम नाम ‘अजीबोगरीब’ हैं। जैसे- बीकानेर, दहीभाई, अहंकार, अहित और बेचारादास। ये ऐसे नाम हैं, जिन्हें सुनकर बच्चा आत्मविश्वास से भरेगा नहीं, बल्कि सहम जाएगा। लिस्ट को केवल लंबा करने के लिए एक ही नाम के पीछे सिंह, चंद, कुमार और दास जोड़कर संख्या बढ़ाई गई है। हद तो यह है कि लड़कों की लिस्ट में लड़कियों के और लड़कियों की लिस्ट में लड़कों के नाम जोड़ दिए गए हैं। सूची में लड़कों के लिए गंगोत्री, गोदावरी, रामप्यारी जैसे नाम सुझाए गए हैं। सूची में अकबर नाम भी है। इसका मतलब महान मुगल सम्राट बताया गया है। ‘अहंकार’ और ‘दहीभाई’ से बढ़ेगा आत्मविश्वास?विभाग का तर्क है कि नाम व्यक्ति की सामाजिक छवि का दर्पण होता है। लेकिन कक्षा पहली से 9वीं के बच्चों के लिए विभाग की सुझाई लिस्ट में ऐसे नाम भी शामिल हैं, जिन्हें सुनकर किसी को भी हैरानी हो सकती है। अटपटे नाम : बीकानेर, दहीभाई, अहंकार, अहित, बेचारादास। इनके अलावा मक्खन, अंतरद्वीप, आविष्कार, अवकाश, बासकरन, फकीराम, दत्त (उपनाम), धीमान (उपनाम) और टोडरमल भी शामिल हैं। जेंडर का घालमेल : लड़कों के लिए सुझाए गए नामों में गंगोत्री, गोदावरी और रामप्यारी जैसे नाम शामिल हैं। कॉपी-पेस्ट का कमाल: कई नाम तो हूबहू रिपीट किए गए हैं। जैसे दीनानाथ और दीनानाथ दो बार, जयपाल और जयपाल सिंह। गिनती बढ़ाने के लिए 'सरनेम' का सहाराविभाग ने 1409 लड़कों और 1541 लड़कियों के नामों की लिस्ट जारी की है। इसमें रचनात्मकता की जगह 'फॉर्मूले' का इस्तेमाल ज्यादा दिखा है। अंग्रेजी वर्णमाला- ए, बी, सी, डी (अ,ब,स,द) के क्रम में नाम लिखे हैं। गोपाल सीरीज : गोपालदास, गोपालकिशोर, गोपाललाल, गोपालप्रसाद और गोपालसिंह। हरि सीरीज: हरिगोपाल, हरिनारायण, हरिदत्त, हरिकांत, हरिकुमार, हरिमंगल, हरिनाथ, हरिपाल, हरिराज, हरिसिंह। इसी तरह कैलाश, मंगल, मथुरा और अयोध्या के साथ भी अलग-अलग उपनाम जोड़कर लिस्ट लंबी की गई है। ये कुछ उदाहरण हैं… अयोध्या प्रसाद और अयोध्या सिंह। बुद्धिमाल, बुद्धिप्रकाश, बुद्धिराम और बुद्धिसिंह। दलपत और दलपतसिंह। दयाल, दयालदास और दयालसिंह। दीनानाथ और दीनानाथ। ध्रुवकुमार, ध्रुवलाल, ध्रुवराज और ध्रुवसिंह। द्वारकानाथ, द्वारकाधीश, द्वारकाप्रसाद और द्वारकासिंह। गंभीर और गंभीरसिंह। गोपालदास, गोपालकिशोर, गोपाललाल, गोपालप्रसाद और गोपालसिंह। गोवर्धन और गोवर्धनसिंह। गोविंदचंद, गोविंदलाल, गोविंदप्रसाद और गोविंदसिंह। हरिगोपाल, हरिनारायण, हरिदत्त, हरिकांत, हरिकुमार, हरिमंगल, हरिनाथ, हरिपाल, हरिराज, हरिसिंह। जगतपाल, जगतराम और जगतसिह। जयपाल और जयपाल सिंह। जयसिंह और जयसिंहराज। कैलाशचंदर कैलाश सिंह, कैलाश प्रसाद और कैलाशचंद। कालीदत्त, कालीप्रसाद, कालीराम और कालीसिंह। मंगलदास, मंगलदेव, मंगललाल, मंगलप्रसाद और मंगलसिह। मथुरा, मथुराप्रसाद, मथुरासिंह और मथुरादास। भोला, भोलानाथ। चेतन और चेतन देव। हिम्मत और हिम्मतसिंह। जितेंदर और जितेंद्र, कुंवर और कुंवरसिंह। रतन और रतनलाल, संग्राम और संग्रामसिंह। सवाई और सवाईसिंह, श्याम, श्यामलाल और श्यामसिंह। ठाकुर और ठाकुर सिंह। उदय और उदयसिंह। उत्तम और उत्तमसिंह। विजय और विजयसिंह। स्वरूप और स्वरूपसिंह। शार्दूल और शार्दूलसिंह। शेर और शेरसिंह। टीकम, टीकमचंद और टीकमसिंह। अजित,अजितदेव और अजित सिंह। अमोघ और अमोघलाल। अमृत, अमृतलाल और अमृतराज। आनंद कुमार और आनंदलाल। अभियान का असल मकसद क्या?संयुक्त शासन सचिव की तरफ से शिक्षा विभाग के निदेशक को भेजे गए पत्र में लिखा है- व्यक्ति का नाम उसके व्यक्तित्व, संस्कार और सामाजिक छवि का दर्पण होता है। नाम सुनते ही हमारे मन में उस व्यक्ति की एक छवि बनने लगती है। नाम व्यक्ति की पहचान और विशिष्टता को दर्शाता है। प्रत्येक नाम के साथ एक अर्थ, एक भावना एवं सांस्कृतिक संदर्भ जुड़ा होता है। नाम का व्यक्ति के आत्मविश्वास और व्यवहार पर भी प्रभाव पड़ता है। एक अच्छा, सरल और सकारात्मक अर्थ वाला नाम व्यक्ति में गर्व और आत्मबल बढ़ाता है, जबकि जटिल या नकारात्मक अर्थ वाले नाम कभी-कभी संकोच का कारण बन सकते हैं। इस सम्बन्ध में निर्देशानुसार राजकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले ऐसे विद्यार्थी जिनके नाम अर्थहीन अथवा नकारात्मक लगते हैं, जिससे उनके आत्मविश्वास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, ऐसे विद्यार्थियों के नामों को अधिक सार्थक, सरल एवं शुद्ध बनाने के उद्देश्य से ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू किया जाना है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे नामों का चयन कर संशोधन करना है, जो सकारात्मक अर्थ लिए हुए हों तथा विद्यार्थियों के आत्मसम्मान एवं व्यक्तित्व विकास में सहायक सिद्ध हों। शिक्षा विभाग के सुझाए नामों पर उठ रहे सवाल… --------- यह खबर भी पढ़िए… स्कूलों में घसीटाराम, नाहर जैसे अटपटे नाम बदल सकेंगे बच्चे, सरकार देगी नए नामों का ऑप्शन घसीटाराम, नाहर, नन्नूमल, शैतान, खोजाराम…ये कुछ ऐसे नाम हैं, जो स्कूलों के रजिस्टर में दर्ज रहते हैं। कई बार सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को 'अटपटे' और 'अर्थहीन-अजीब' नामों के कारण शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। ऐसे नामों को लेकर शिक्षा विभाग ने नई पहल की है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 7:52 am

जो शिक्षा की बात करेगा वही अंबेडकर का सच्चा सिपाही होगा : जय प्रकाश शर्मा

लोहरदगा|लोहरदगा झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता जय प्रकाश शर्मा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर समाहरणालय स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो शिक्षा की बात करेगा, वही आंबेडकर का सच्चा सिपाही होगा। अपने संबोधन में शर्मा ने कहा कि बाबा साहेब ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया था। उन्होंने कहा था कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो पियेगा वही दहाड़ेगा और पैरों में चप्पल मत पहनो, लेकिन हाथों में किताब जरूर रखो। उन्होंने बताया कि डॉ. आंबेडकर के पास हजारों किताबों का विशाल संग्रह था और उन्होंने अपना जीवन अध्ययन में समर्पित कर दिया। शर्मा ने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकारी विद्यालयों के बंद होने से सबसे अधिक नुकसान दलित, आदिवासी, गरीब और पिछड़े वर्ग के बच्चों को हो रहा है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी तो देश को दूसरा आंबेडकर मिलना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने समानता, सामाजिक न्याय और एकता पर आधारित भारत का सपना देखा था, लेकिन आज समाज जाति, धर्म और क्षेत्रवाद में बंटता जा रहा है। उन्होंने आह्वान किया कि आंबेडकर के विचारों को अपनाकर ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

अशोक बने भाजपा जिला शिक्षा प्रकोष्ठ सहसंयोजक

राजिम| भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय की अनुमति तथा शिक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कांतिलाल जैन जिला संगठन प्रभारी अमित चिमनानी और जिलाध्यक्ष अनिल चंद्राकर की सहमति से शिक्षा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक मुन्नालाल देवदास ने सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अशोक मिश्रा को भाजपा जिला गरियाबंद शिक्षा प्रकोष्ठ का सहसंयोजक (उपाध्यक्ष) नियुक्त किया है। अशोक मिश्रा की नियुक्ति पर राजिम मंडल अध्यक्ष रिकेश साहू, नवदीप जनकल्याण सेवा समिति के सदस्य मोहन साहू, हेमकुमार साहू, ओंकार शुक्ला, अवधराम साहू, जी.आर. पारकर, अशोक गुप्ता, शिक्षक संघ के संभागीय अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा आदि ने हर्ष जताया है।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा और समानता पर जोर दिया

भास्कर संवाददाता | मुरैना शहर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मंगलवार को धूमधाम और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर में निकाले गए भव्य चल समारोह ने पूरे नगर का माहौल भक्तिमय और जोशपूर्ण बना दिया। हजारों की संख्या में विभिन्न समाजों के लोग इसमें शामिल हुए। दोपहर के समय एमएस रोड से चल समारोह का शुभारंभ किया गया,जो शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। चल समारोह में डॉ. अंबेडकर और भारतीय संविधान से जुड़ी आकर्षक झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। डीजे की धुन पर युवा जय भीम के नारों के साथ नाचते-गाते नजर आए। पूरे मार्ग में जगह-जगह स्वागत पंडाल लगाए गए थे, जहां लोगों ने चल समारोह का पुष्प वर्षा कर अभिनंदन किया। आयोजन में सामाजिक एकता और उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर वक्ताओं ने डॉ अंबेडकर के जीवन, संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने समाज में समानता, शिक्षा और भाईचारे को मजबूत करने पर जोर दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान नगर में सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम रहे। चल समारोह शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ, जिसने एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा सिर्फ तरक्की नहीं, सामाजिक बदलाव का माध्यम: डॉ. चौधरी

भास्कर संवाददाता| रायसेन भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को वन परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी, जनपद अध्यक्ष अर्चना पोर्ते, नगर पालिका अध्यक्ष सविता सेन ने किया। इस अवसर पर विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा और समानता के माध्यम से गरीबों, पिछड़ों, वंचितों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि बाबा साहेब का जन्म मध्यप्रदेश के महू में हुआ। विधायक ने कहा कि डॉ. अंबेडकर शिक्षा को सबसे सशक्त हथियार मानते थे। उनके लिए शिक्षा केवल व्यक्तिगत उन्नति का साधन नहीं थी। यह सामाजिक परिवर्तन, समानता, न्याय का मार्ग थी। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने वंचित वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए अतुलनीय प्रयास किए। उन्होंने स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व के मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी को बाबा साहेब के आदर्शों पर चलना चाहिए। डॉ. चौधरी ने बताया कि सरकार गरीब और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है। इनका उद्देश्य उन्हें सशक्त बनाना है। उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सविता सेन ने भी अपने विचार रखे। वहीं जनजातीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक सीपी सोनी ने विभागीय योजनाओं, कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान छात्राओं द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। इससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना। अंत में विधायक डॉ. चौधरी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता बालिकाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित कई अधिकारी, कर्मचारी, छात्र-छात्राएं, बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

जीवन रतन मॉडर्न स्कूल को मिली सीबीएसई मान्यता, अब राष्ट्रीय शिक्षा का मार्ग प्रशस्त

उदयपुर। जीवन रतन मॉडर्न स्कूल को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की आधिकारिक मान्यता प्राप्त हो गई है, जिसे विद्यालय परिवार ने ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। चेयरमैन मंगला राम देवासी ने कहा कि सीबीएसई से जुड़ने के बाद विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक पाठ्यक्रम और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, जिससे उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी जा सकेगी। डायरेक्टर बी.आर. देवासी ने इसे नई जिम्मेदारी बताते हुए चुनौतियों को स्वीकार कर संस्थान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प व्यक्त किया। प्रिंसिपल प्रियंका शर्मा ने इसे टीम वर्क का परिणाम बताया।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

मार्च में पैसों की निकासी नहीं हुई:समग्र शिक्षा: ट्रेजरी में 593 करोड़ फंसे, मानदेय समेत कई भुगतान लटक गए

समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के लगभग 593 करोड़ रुपए की निकासी मार्च में नहीं हो पाई। इसमें केंद्रांश और राज्यांश दोनों हैं। केंद्रांश लगभग 356 करोड़ है, जबकि राज्यांश लगभग 237 करोड़ रुपए हैं। 31 मार्च को ट्रेजरी से इन पैसों की निकासी तकनीकी कारणों से नहीं हो पाई। ऐसे में बैंक खाता खाली है। शिक्षकों और कर्मियों के मानदेय और कई प्रकार के भुगतान पर ताला लटक गया है। करीब दो हजार कंप्यूटर और व्यावसायिक शिक्षकों को पिछले चार महीने से मानदेय नहीं मिला है। खाते में राशि नहीं होने के कारण किताब-कॉपी, साइकिल आदि के भुगतान तथा निर्माण कार्य पर असर पड़ रहा है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी सच्चिदानंद द्विवेंदु तिग्गा ने प्राथमिक शिक्षा निदेशक को इस बारे में पूर्व में पत्र भेजा था। जेईपीसी ने इस पूरे मामले को लेकर एक बार फिर से प्राथमिक शिक्षा निदेशक को वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। जेईपीसी ने रिमाइंडर भेजकर कहा है कि वर्तमान में समग्र शिक्षा के एकल नोडल बैंक खाते में बहुत ही कम राशि है। इस कारण सभी स्तरों पर होने वाले खर्च बाधित हैं। आगामी केंद्रांश की विमुक्ति बाधित राशि की निकासी नहीं होने के कारण आगामी केंद्रांश की विमुक्ति भी बाधित रहेगी। जब तक निकासी नहीं हो जाती, तब तक केंद्र सरकार को इस वित्तीय वर्ष के पहले किस्त की विमुक्ति का अनुरोध भी नहीं भेजा जा सकता है। ऐसे में झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के सामने एक अजीबोगरीब संकट खड़ा हो गया है। हालांकि यह राशि तकनीकी रूप से ‘लैप्स' नहीं हुई है। लेकिन, निकासी नहीं होने के कारण राज्य के हजारों शिक्षकों का मानदेय और कई महत्वपूर्ण योजनाएं अधर में लटक गई हैं। राज्य का शैक्षणिक ढांचा प्रभावित भले ही पैसा सरकारी खजाने में सुरक्षित है, लेकिन समय पर प्रक्रिया पूरी न होने से न केवल झारखंड का शैक्षणिक ढांचा प्रभावित हो रहा है, बल्कि पूरी तरह मानदेय पर निर्भर हजारों परिवारों के लिए मानसिक तनाव का कारण बन गया है। संकट गहराया : समग्र शिक्षा जैसी योजनाओं का फंड लैप्स नहीं होता और इसे अगले वित्तीय वर्ष में उपयोग किया जा सकता है। लेकिन संकट गहरा गया है। 31 मार्च तक ट्रेजरी से फंड नहीं निकल पाने के कारण जेईपीसी के पास वर्तमान में भुगतान के लिए राशि की कमी हो गई है। आगे क्या... ट्रेजरी घोटाले के कारण राशि की निकासी में और विलंब संभव वर्तमान में विभिन्न जिलों के ट्रेजरी से करोड़ों की अवैध निकासी की सूचना ने हड़कंप मचा दिया है। वर्षों से हो रहे इस गोरखधंधे को सीएजी की एक रिपोर्ट ने सामने लाया है। ट्रेजरी घोटाले के कारण विभिन्न विभागों के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन की निकासी अभी नहीं हो पा रही है। ऐसे में समग्र शिक्षा अभियान के पैसे की निकासी में भी विलंब होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। ऐसे हुआ तो संकट और भी गहरा सकता है।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

उच्च व तकनीकी शिक्षा के अनाथ व दिव्यांग छात्रों की सालाना 10 लाख तक की ट्यूशन फीस झारखंड सरकार भरेगी, 1 मई से आवेदन

वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 से उच्च एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे अनाथ व दिव्यांग छात्रों की ट्यूशन फीस राज्य सरकार देगी। इसके लिए एक मई से झारखंड सरकार वाल्मीकि छात्रवृत्ति योजना शुरू कर रही है। छात्र इसके पोर्टल पर जाकर 1 मई से ऑनलाइन आवेदन दे सकेंगे। यह योजना मूलत: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की है, पर इसमें समाज कल्याण एवं महिला बाल विकास के साथ कल्याण विभाग भी सहयोगी है। एक वर्ष में ट्यूशन फीस के रूप में सरकार अधिकतम 10 लाख रुपए तक देगी। इससे अधिक होने पर छात्रों को खुद वहन करना होगा। हॉस्टल, भोजन और अन्य शुल्क छात्रों को ही देना होगा। -शेष पेज 7 पर भास्कर एक्सप्लेनर - जितने भी छात्र शर्तें पूरी करेंगे, सबको मिलेगा लाभ किस छात्र को अनाथ माना जाएगा? सरकार ने तय किया है कि 18 वर्ष की आयु से पहले जिन छात्रों के माता-पिता का निधन हो चुका है, उसे अनाथ माना जाएगा। इसके लिए सत्यापित दस्तावेज अनिवार्य रूप से जमा करना होगा। दिव्यांग छात्र की परिभाषा क्या होगी? दिव्यांग जन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार बेंचमार्क दिव्यांगता होना अनिवार्य है। यानी कम से कम 40 प्रतिशत दिव्यांग की श्रेणी में होना चाहिए। ऐसे छात्रों के पास यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य रूप से होना चाहिए। कितने लाभार्थियों को मिलेगा लाभ? छात्रों की कोई अधिकतम संख्या तय नहीं है। जितने भी शर्तें पूरी करेंगे, उन सबको छात्रवृत्ति मिलेगी। एक अनुमान के अनुसार राज्य में दिव्यांग छात्रों की संख्या 45 हजार है। पर, इनमें से कितने उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, इसकी डेटा सरकार के पास नहीं है। अनाथ बच्चों की भी संख्या सरकार के पास नहीं है। कोविड के समय अनाथ हुए बच्चों की संख्या छोड़ दें, तो ऐसा कोई आंकड़ा सरकार के पास नहीं है। झारखंड का हो, या झारखंड से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की हो? लाभार्थी को झारखंड का स्थानीय निवासी होना चाहिए या झारखंड के मान्यता प्राप्त संस्थान से 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की हो। वार्षिक नवीनीकरण के अंतर्गत योजना का लाभ प्राप्त करना जारी रखने के लिए छात्रों को पिछले वर्ष की अंक सूची और अगली कक्षा में प्रवेश का प्रमाण पत्र अपलोड करना होगा। किस संस्थान में पढ़नेवालों को मिलेगा? छात्रवृत्ति का लाभ लेने के लिए झारखंड में स्थित किसी मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थान का छात्र होना चाहिए। पर, राज्य के बाहर वाले संस्थान को देश के ओवरऑल रैंकिंग में टॉप 200 में होना चाहिए। इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, प्रबंधन और फार्मेसी जैसी श्रेणियों में टॉप 100 रैंकिंग के भीतर होना चाहिए।

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:30 am

जोधपुर में रैली से दिया बालिका शिक्षा का संदेश:सैन जयंती पर निकली शोभायात्रा में 100 से ज्यादा झांकियां हुईं शामिल

जोधपुर शहर में मंगलवार को संत शिरोमणि सैन जी महाराज का प्रकटोत्सव (सैन जयंती) मनाया गया। मारू नाई विकास समिति जोधपुर और सैन जयंती महोत्सव समिति-2026 के संयुक्त तत्वावधान में बालिका शिक्षा और नशा उन्मूलन का संदेश देती विशाल शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा से पहले गुलाब सागर स्थित सैन मंदिर में यज्ञ का आयोजन कर खुशहाली की कामना की गई। इसके बाद सैन जी महाराज की तस्वीर की पूजा-अर्चना कर रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया गया। शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी 100 से अधिक झांकियां महोत्सव समिति के अध्यक्ष बालकिशन चौहान और प्रमुख संयोजक विक्रम परिहार ने बताया- इस बार शोभायात्रा में जोधपुर शहर सहित कुड़ी, बोरानाडा, मसूरिया, नांदड़ी और बनाड़ से 100 से अधिक झांकियां शामिल हुईं। शोभायात्रा सैन मंदिर (गुलाब सागर) से रवाना होकर घंटाघर, नई सड़क, सोजती गेट, स्टेशन रोड, रणछोड़ जी का मंदिर, जालोरी गेट अंदर, खांडा फलसा, आड़ा बाजार, त्रिपोलिया और घंटाघर होते हुए पुनः सैन मंदिर पहुंचकर विसर्जित हुई। रास्तेभर सर्व समाज और क्षौरकार बंधुओं ने कचोरी, मीठी लस्सी, शरबत और आइसक्रीम से लोगों का स्वागत किया। महापुरुषों और समाज सुधार का दिया गया संदेश धार्मिक झांकियों के अलावा सैन समाज के 12 महापुरुषों की झांकियां मुख्य आकर्षण रहीं। इनमें चक्रवर्ती सम्राट महापद्मनंद, बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर, नारायणी माता, सैन जी महाराज, पंज प्यारे साहिब सिंह और लोक कलाकार भिखारी ठाकुर की झांकियां शामिल थीं। इसके अलावा श्री सैन मारू शिक्षण संस्थान (कागा) द्वारा बालिका शिक्षा, नशा उन्मूलन और बाल विवाह की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर समाज सुधार का संदेश देती शिक्षाप्रद झांकियां भी निकाली गईं। चिकित्सा जगत ने किया विशेष स्वागत चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी 'सर्व एंड इंप्रूव नेशन सेवा संस्था' के अध्यक्ष उदय सैन और मधुसूदन भाटी ने समिति के पदाधिकारियों का विशेष स्वागत किया। इस दौरान डॉक्टर संजय मकवाना और डॉक्टर रेणु मकवाना ने शोभायात्रा में पात्र बने बालक-बालिकाओं से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में संत सत्यनारायण महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेंद्र पालीवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राजेंद्रसिंह सोलंकी, कांग्रेस लोकसभा प्रत्याशी करणसिंह उचियारड़ा, पूर्व विधायक मनीषा पंवार, पूर्व महापौर कुंती देवड़ा और वरिष्ठ नेता नरेश जोशी ने शिरकत की। साथ ही श्री सैन मारू शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष लूणाराम सैन, सचिव दिलीप चौहान, पार्षद महेश परिहार, पार्षद सुमन सैन, जगदीश भाटी, सुरेंद्र सैन एमआर, रामचंद्र रजलीवाल, धीरज चौहान, किशनराम फूलडालिया, दीपक बागड़ी, नरेंद्र और रवि चौहान उपस्थित रहे। इनके अलावा विजयलक्ष्मी परिहार, सुशीला मकवाना, भगवती पंवार, उषा पंवार, रामरतन गहलोत कुड़ी, शेर सिंह, धर्मेश सैन, राकेश सैन, देवेंद्र स्वरूप, बजरंग सैन, राजेंद्र कुमार सैन, गोरू सैन और बाबूलाल सहित अनेक गणमान्य लोगों ने दर्शन लाभ लिया। अंत में सैन जयंती समारोह समिति 2026 के अध्यक्ष संजय पंवार ने सभी का धन्यवाद दिया। कांग्रेस ओबीसी विभाग और संस्थान ने किया स्वागत सैन जयंती की शोभायात्रा का जोधपुर शहर जिला कांग्रेस ओबीसी विभाग और राजस्थान अन्य पिछड़ा वर्ग विकास संस्थान द्वारा संयुक्त रूप से स्वागत किया गया। ओबीसी विभाग के जिलाध्यक्ष नरेंद्र शर्मा और संस्थान के अध्यक्ष दिलीप परिहार के नेतृत्व में रणछोड़ जी मंदिर के सामने बड़ी संख्या में मौजूद पदाधिकारियों और सदस्यों ने सैन समाज के गणमान्य लोगों का साफे पहनाकर और पुष्प हार से अभिनंदन किया। इस दौरान पूरी शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की गई और श्रद्धालुओं के लिए ठंडे जल की व्यवस्था की गई। स्वागत समारोह में ये रहे उपस्थित इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश बोराणा, भंवरलाल प्रजापत, गंगा सिंह गोयल, भगवानाराम फौजी, डॉ. संतोष परिहार, विजय रामावत, जगदीश सांखला और लक्ष्मण सिंह सिसोदिया मौजूद रहे। इनके अलावा विजय लक्ष्मी पटेल, डॉ. अनीता परिहार, अरुण बलाई, त्रिलोक मेहरा, कमलेश तंवर, सुरेश सागर, छोटूराम गुर्जर, डॉ. धनपत गुर्जर, कुलदीप मरवण, ब्रह्मप्रकाश गहलोत, अशोक गहलोत, मुकेश गहलोत, विमलेश गहलोत, प्रेमप्रकाश जांगिड़, भगवती पंवार, रामनिवास कुमावत और शबनम अब्बासी सहित कांग्रेस व संस्थान के अनेक पदाधिकारियों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 10:02 pm

लखनऊ में अंबेडकर जयंती पर शिक्षा-समानता का संदेश:मदरसा बहरुल उलूम में बच्चों को मिठाई बांटी, विचार सुने

लखनऊ के कमलापुर स्थित मदरसा बहरुल उलूम में भीमराव अंबेडकर जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शिक्षा और समानता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में मिठाई बांटी गई और बाबा साहेब के विचारों को स्मरण किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को बताया कि कैसे डॉ. अंबेडकर ने देश को संविधान प्रदान कर सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहेब ने सदैव इंसानियत और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता दी। बाबा साहब के विचारों से अवगत कराया इस अवसर पर बच्चों को बाबा साहेब के प्रसिद्ध विचारों से अवगत कराया गया। उन्हें समझाया गया कि समाज में भाईचारा, समान अधिकार और न्याय की भावना ही राष्ट्र को सशक्त बनाती है। वक्ताओं ने यह भी बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता मिलना बाबा साहेब की दूरदर्शिता का ही परिणाम है। बच्चों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रोत्साहित किया कार्यक्रम में विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर बल दिया गया। बच्चों को पढ़ने-लिखने और अपने समाज व देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। बताया गया कि बाबा साहेब का मानना था कि एक शिक्षित समाज ही सशक्त समाज होता है, जिससे एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण संभव है।अंत में, उपस्थित सभी लोगों ने बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 9:20 pm

जहानाबाद में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी का परीक्षा:डीएम ने परीक्षा सेंटरों का लिया जायजा, 15 केंद्रों पर दो पालियों में संपन्न

जहानाबाद में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा 2026 का प्रथम चरण मंगलवार को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हो गया। जिले के 15 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में लगभग 4 हजार अभ्यर्थियों ने भाग लिया। परीक्षा के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी (डीएम) अलंकृता पाण्डेय ने आदर्श मध्य विद्यालय, ऊँटा स्थित एक परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिए कि परीक्षा को 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराया जाए। प्रशासन के अनुसार, किसी भी परीक्षा केंद्र से कदाचार की कोई सूचना नहीं मिली और न ही किसी अभ्यर्थी को निष्कासित किया गया। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए अनुमंडल कार्यालय में एक जिला नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। अभ्यर्थी किसी भी समस्या या शिकायत के लिए दूरभाष संख्या 06114-223013 पर संपर्क कर सकते हैं। निरीक्षण के समय अपर समाहर्ता (विभागीय जांच) और अनुमंडल पदाधिकारी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने परीक्षा के निष्पक्ष एवं व्यवस्थित आयोजन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 9:07 pm

डीएड अभ्यर्थियों के आमरण अनशन का 112 वां दिन:अंबेडकर जयंती पर संविधान लेकर शिक्षा मंत्री का आवास घेरने निकले, पुलिस ने रोका

छत्तीसगढ़ में डीएड कैंडिडेट्स का अपनी नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन आमरण अनशन मंगलवार को 112वें दिन में पहुंच गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर अभ्यर्थियों ने संविधान की प्रतियां हाथ में लेकर शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव करने के लिए रैली निकाली। कैंडिडेट्स ने बताया उनका उद्देश्य हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराना और अपने अधिकारों की मांग करना था। हालांकि पुलिस ने धरना स्थल के पास बैरिकेडिंग कर रैली को आगे बढ़ने से रोक दिया। कैंडिडेट्स का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया गया, जिससे उनमें नाराजगी बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि वे पहले भी कई बार रैली, प्रदर्शन और ज्ञापन के जरिए अपनी बात सरकार तक पहुंचा चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि जब वे संविधान और न्यायालय के आदेशों के पालन की मांग कर रहे हैं, तब उन्हें रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने राज्य सरकार पर असंवेदनशील और निरंकुश रवैया अपनाने का भी आरोप लगाया। नियुक्ति तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी डीएड अभ्यर्थियों ने साफ किया है कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति नहीं दी जाती, तब तक उनका आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 8:01 pm

डीग: ब्रज सरस्वती शिक्षा समिति के सम्मेलन में सामाजिक परिवर्तन का आह्वान

अखिल भारतीय संयोजक रामस्वरूप शर्मा ने सेवा को कुरीतियों से मुक्ति का मार्ग बताया, डॉ. बृजमोहन वर्मा ने एकता और भाईचारे पर दिया जोर।

प्रातःकाल 14 Apr 2026 7:40 pm

नवादा DM ने एग्जाम सेंटरों का निरीक्षण किया:सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा के दौरान स्थिति का जायजा लिया

आज 14 अप्रैल 2026 को बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा के सुव्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए नवादा के जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश ने जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कन्या इंटर विद्यालय, गांधी इंटर स्कूल और राजकीय मध्य विद्यालय, नवादा सहित अन्य केंद्रों का जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं जैसे पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का गहन अवलोकन किया। उन्होंने सभी केंद्राधीक्षकों को निर्देश दिया कि परीक्षा का संचालन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुचारू रूप से किया जाए, ताकि किसी भी परीक्षार्थी को कोई असुविधा न हो। जिला पदाधिकारी ने केंद्राधीक्षकों और प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराई जाए।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 6:25 pm

डॉ. अंबेडकर जयंती विकास भवन सभागार में मनाई गई:सामाजिक एकता और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया गया

उत्तर प्रदेश शासन के राष्ट्रीय एकीकरण अनुभाग के तत्वावधान में 14 अप्रैल, मंगलवार को विकास भवन सभागार में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह, जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन, मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह और सांसद डुमरियागंज प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। इसके उपरांत, उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष शीतल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर केवल संविधान निर्माता ही नहीं, बल्कि शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के महान प्रतीक थे। उन्होंने शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो के संदेश को आत्मसात करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर देश को मजबूत और विकसित बनाने में योगदान देना चाहिए। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में शिक्षा को अपना हथियार बनाकर सफलता प्राप्त की। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं, ताकि वे देश के विकास में भागीदार बन सकें। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय संविधान सभी को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रदान करता है, और हमें संविधान के सिद्धांतों का पालन कर देश को सशक्त बनाना चाहिए। सांसद प्रतिनिधि एस.पी. अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा दिया गया संविधान हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी विविधताओं के बावजूद एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है, और देश में शांति तथा सद्भाव बनाए रखने में संविधान की महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए आजीवन संघर्ष किया। उन्होंने जाति प्रथा के उन्मूलन के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए और संविधान निर्माण में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हम अपने कर्तव्यों का पालन कर ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष को भारत के संविधान की उद्देशिका भेंट की गई। वहीं एसएसबी के जवानों सहित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. अंबेडकर के जीवन और विचारों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन सिद्धार्थ शंकर पांडेय ने किया। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी नौगढ़ विश्वजीत सौरयान, पीडी नागेंद्र मोहन राम त्रिपाठी, डीसी मनरेगा संदीप सिंह, उप कृषि निदेशक अरविंद कुमार विश्वकर्मा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:37 pm

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मनाई डॉ. अंबेडकर जयंती:शिक्षाविद आमेटा बोले- सामाजिक समरसता को केवल नारों तक ना रखें, व्यवहार में उतारा जाए

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की सलूंबर इकाई द्वारा भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के उपलक्ष्य में दूदर स्थित खंड कार्यालय में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। ‘सामाजिक समरसता’ विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों और समाजजनों ने भाग लिया। गोष्ठी में शिक्षाविद महेश चंद्र आमेटा ने कहा कि बाबासाहेब का जीवन दर्शन तभी सार्थक होगा, जब सामाजिक समरसता को केवल नारों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारा जाए। उन्होंने डॉ. अंबेडकर के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी प्रतिभा और गुरुजनों के मार्गदर्शन से दलित और पिछड़े वर्ग में शिक्षा की अलख जगाई। ‘शिक्षा शेरनी के दूध के समान है’ आमेटा ने बाबासाहेब के प्रसिद्ध कथन “शिक्षा शेरनी के दूध के समान है, जो पिएगा वह दहाड़ेगा” को दोहराते हुए समाज से अस्पृश्यता, असमानता और जातिगत भेदभाव जैसी कुरीतियों को समाप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने एक सशक्त और एकजुट समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प लेने पर जोर दिया। जिला और खंड स्तर के पदाधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर जिला अध्यक्ष हिमांशु भट्ट मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जबकि कृष्णकांत पानेरी और झल्लारा खंड अध्यक्ष लक्ष्मण लाल मीणा अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में ओम प्रकाश भट्ट, रमेश चाष्टा, विमल भट्ट, जिला कोषाध्यक्ष कन्हैया लाल सेवक, जिला मंत्री कमल आमेटा, जिला सभा अध्यक्ष देवीलाल मेहता, नरेंद्र पटेल, भगवती लाल, रमेश टेलर, ललिता पुरबिया, हेमलता शर्मा और मुकेश चाष्टा सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। गोष्ठी के अंत में खंड अध्यक्ष गजेंद्र चौबीसा ने सभी अतिथियों और उपस्थितजनों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन खंड मंत्री नरेश चाष्टा ने किया। अंत में डॉ. अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:31 pm

किशनगंज में मनाई गई डॉ. अंबेडकर जयंती:शिक्षा और समानता के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया गया

किशनगंज में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर ठाकुरगंज स्थित डीडीसी मार्केट परिसर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें बड़ी संख्या में राजनीतिक, गैर-राजनीतिक हस्तियों, समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने और उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान की रचना कर देश को एक मजबूत लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया। उन्होंने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि बाबा साहेब ने अपने जीवन में अनेक कठिनाइयों का सामना करते हुए शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बनाया। उन्होंने समाज को यह संदेश दिया कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे व्यक्ति अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकता है। वकील संघ के अध्यक्ष शिशिर कुमार दास ने कहा कि शिक्षा के बिना व्यक्ति का कोई सच्चा मित्र नहीं होता और न ही वह एक बेहतर अभिभावक बन सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाने की अपील की। समाज के दबे-कुचले वर्गों को आवाज दी अधिवक्ता कौशल किशोर यादव ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के दबे-कुचले वर्गों को आवाज दी और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनके विचारों को केवल भाषणों तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारने की आवश्यकता है। बिजली प्रसाद सिंह ने डॉ. अंबेडकर के जीवन को प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष करते रहना ही उनकी सबसे बड़ी सीख है। अमरजीत चौधरी ने कहा कि बाबा साहेब के विचार आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक हैं और उन्हें जन-जन तक पहुंचाना आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. अंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने तथा शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के मूल्यों को अपनाने का संकल्प दोहराया। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:23 pm

जनप्रतिनिधियों ने समानता और शिक्षा पर जोर दिया:बुरहानपुर में अंबेडकर जयंती पर विद्यार्थियों का सम्मान; हितग्राहियों को लाभ वितरित

बुरहानपुर में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम परमानंदजी गोविंदजीवाला ऑडिटोरियम में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर सांसद ज्ञानेश्वर पाटील, बुरहानपुर विधायक अर्चना चिटनिस, नेपानगर विधायक मंजू दादू, जिला अध्यक्ष मनोज माने सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनके अलावा कलेक्टर हर्ष सिंह, सीईओ जिला पंचायत सृजन वर्मा, अधिकारी, कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और स्कूली विद्यार्थी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सांसद बोले- 'अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया'सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर ने समाज के सभी वर्गों को समान अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बाबासाहेब के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा प्रदान करते हैं। पाटील ने विद्यार्थियों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने तथा महापुरुषों के विचारों को अपनाकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। विधायक अर्चना चिटनिस ने कहा कि बाबासाहेब ने देश को विश्व का सबसे बड़ा संविधान दिया, जो समानता, न्याय और अधिकारों का आधार है। उन्होंने जोर दिया कि हमें ऐसे कार्य करने चाहिए, जिनसे समाज में सकारात्मक बदलाव आए और हम बाबासाहेब के आदर्शों पर चलते हुए देश के विकास में योगदान दे सकें। चिटनिस ने एकता, अखंडता और मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि बताते हुए समाज में समरसता बनाए रखने का संदेश दिया। विधायक जागरुकता से आगे बढ़ने का आह्वान इसी कड़ी में नेपानगर विधायक मंजू दादू ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहेब ने समाज के वंचित वर्गों के उत्थान के लिए प्रयास किए। उन्होंने शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए कहा कि आज समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव बाबा साहेब के विचारों का ही परिणाम हैं। उन्होंने सभी से शिक्षा एवं जागरूकता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कलेक्टर हर्ष सिंह ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर हम अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं। बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन समाज में समानता, न्याय स्थापित करने के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और हमें उन्हें अपने जीवन में अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं का सम्मान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति व लाभ वितरण किया गया।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:15 pm

चंद्रशेखर आजाद बोले- शिक्षा और अधिकार ही असली ताकत:सहारनपुर में अंबेडकर जयंती पर हुए कार्यक्रम में पहुंचे, कहा- संघर्ष से मिली पहचान

सहारनपुर में मंगलवार को संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। अंबेडकर स्टेडियम सहित कई स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद पहुंचे, जहां उनके समर्थकों ने बड़ी संख्या में उनका स्वागत किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने अपने संघर्षपूर्ण जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने सहारनपुर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनके जीवन में इस धरती का विशेष योगदान रहा है। आजाद ने बताया कि 16 महीने जेल में रहने के दौरान उन्होंने डॉ. अंबेडकर के विचारों का गहन अध्ययन किया और उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन की दिशा निर्धारित की। अपने राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए आजाद ने कहा कि संसद तक पहुंचना उनका संकल्प था, जिसे उन्होंने पूरा किया। उन्होंने बताया कि संसद में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा के सामने खड़े होकर उन्होंने अपने वादों को दोहराया और समाज के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। आजाद ने डॉ. अंबेडकर को 'इतिहास और दर्पण' बताते हुए कहा कि उनके विचार इतने व्यापक हैं कि उन्हें समझने के लिए एक जीवन भी कम पड़ सकता है। आजाद ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों का भी विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि बचपन में भेदभाव और स्कूल में बाहर बैठने जैसी कठिन परिस्थितियों के बावजूद डॉ. अंबेडकर ने हार नहीं मानी। उनके द्वारा रचित संविधान ने देश के हर नागरिक को समान अधिकार प्रदान किए, जिसमें महिलाओं को मतदान और शिक्षा का अधिकार मिलना एक ऐतिहासिक देन है। चंद्रशेखर आजाद ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केवल नारेबाजी से बदलाव नहीं आएगा, बल्कि पढ़ने और समझने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वालों और संवैधानिक सुरक्षा दिलाने वालों के बारे में जानें। आजाद ने कहा कि आज के तकनीकी युग में जानकारी हासिल करना आसान है, इसलिए जागरूकता भी बढ़नी चाहिए। उन्होंने समाज में एकता, अनुशासन और भाईचारा बनाए रखने की अपील की।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 4:59 pm

अंबेडकर जयंती पर बच्चों ने डांस, नाटक और भाषण दिए:मैहर कलेक्टर ने कहा- बाबा साहेब ने शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए काम किया

मैहर के एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में स्कूल के बच्चों और टीचरों के साथ-साथ जिले के बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरुआत मां शारदा और बाबा साहेब की मूर्ति पर माल्यार्पण और दीप जलाकर की गई। वहां मौजूद सभी लोगों ने बाबा साहेब को याद किया और उनके बताए रास्तों पर चलने का संकल्प लिया। छात्रों ने दी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां स्कूल के छात्र-छात्राओं ने मेहमानों के स्वागत में गीत गाए। इसके बाद बच्चों ने डांस, नाटक और भाषण के जरिए बाबा साहेब के जीवन संघर्ष को दिखाया। अपनी प्रस्तुतियों के जरिए बच्चों ने बताया कि कैसे बाबा साहेब ने शिक्षा और सामाजिक समानता के लिए काम किया। अधिकारियों ने किया मार्गदर्शन मौके पर मौजूद अधिकारियों और नेताओं ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब का जीवन हर किसी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने बच्चों को अच्छी शिक्षा हासिल करने और समाज में बराबरी का संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। ये लोग रहे शामिल इस कार्यक्रम में कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी, विधायक श्रीकांत चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर संजना जैन, एसडीएम दिव्या पटेल और तहसीलदार जितेंद्र पटेल सहित स्कूल का स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 4:57 pm

सिवनी में बाबा साहब जयंती पर निकली रैली:एमएलबी में जिला स्तरीय कार्यक्रम; प्रभारी मंत्री वर्मा बोले- शिक्षा और स्वास्थ्य पर जाेर दें

सिवनी जिले में 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर महारानी लक्ष्मी बाई कन्या स्कूल में जिला स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिले के प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस दौरान विधायक दिनेश राय मुनमुन सहित भारी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। जनजातीय कार्य विभाग ने मनाया जागरूकता सप्ताह सहायक आयुक्त लालजी मीणा बताया कि जिले में 8 से 14 अप्रैल तक अंबेडकर जयंती सप्ताह मनाया गया। इस दौरान संविधान निर्माण और सामाजिक समरसता पर केंद्रित विभिन्न शैक्षणिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। जयंती के अवसर पर जिले की सभी ग्राम सभाओं में विशेष चर्चा हुई और छात्रावासों में विद्यार्थियों को विशेष भोजन दिया गया। शहर में रैली और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन जयंती के उपलक्ष्य में कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर चौक और सिद्धार्थ बुद्ध विहार में माल्यार्पण के बाद विशाल रैली निकाली गई। दोपहर में म्यूजिकल ग्रुप ने बुद्ध-भीम आधारित गीतों की प्रस्तुतियां दी। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री ढाल सिंह बिसेन, पूर्व सांसद नीता पटेरिया, कलेक्टर नेहा मीना और एसपी सुनील मेहता ने भी सहभागिता की। अपने संबोधन में मंत्री वर्मा ने शिक्षा और स्वास्थ्य के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि समाज के समग्र विकास के लिए इन दोनों क्षेत्रों में जागरूकता और प्रयास आवश्यक हैं। ब्लॉक मुख्यालयों पर भी हुए आयोजन अंबेडकर जयंती का उत्साह सिवनी शहर के साथ-साथ जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों में भी देखा गया। इन क्षेत्रों में रैलियां निकाली गईं और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ. अंबेडकर के योगदान को याद किया गया। इसी दिन समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती भी श्रद्धापूर्वक मनाई गई। देखें तस्वीरें…

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 4:53 pm

नवागत कलेक्टर बोलीं-स्वास्थ्य और शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं:नरयावली स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया, स्टोर रूम और उपस्थिति पंजी देखी

सागर की नवागत कलेक्टर प्रतिभा पाल ने पदभार संभाला लिया है। उन्होंने जिले में स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष काम करने की बात कहीं है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। मंगलवार को कलेक्टर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरयावली का निरीक्षण करने पहुंची। स्टोर रूम सहित उपस्थिती पंजी, मेडिसिन रिकॉर्ड की जांच की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद व्यक्तियों से चर्चा की और उनकी जांच भी कराई। कलेक्टर पाल ने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का स्टोर रूम और मेडिसिन की स्टॉक पंजी का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त मात्रा में दवाओं का स्टॉक रहे। समय पर स्वास्थ्य केंद्र खोले और सभी डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित कर्मचारी समय पर उपस्थित होकर स्वास्थ्य केंद्र में अपनी सेवाएं दें। स्वास्थ्य केंद्र परिसर और भवन की पुताई कराएं कलेक्टर पाल कहा कि आने वाली दवाओं का भी रजिस्टर संधारित करें। जिससे उपलब्धता की जानकारी मिल सके। उन्होंने निर्देश दिए कि संपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र परिसर और भवन की पुताई कराएं। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं से गर्भवती माता की जांच के संबंध में जानकारी ली और कहा कि हाई रिस्क गर्भवती माता के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किया जाए। उनकी समय-समय पर जांच करें।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 4:50 pm

कोटपूतली छात्रावास में मोटिवेशनल सेमिनार आयोजित:52 छात्राओं को ट्रैक सूट व शूज वितरित, बालिका शिक्षा पर जोर

कोटपूतली के श्री कृष्ण महिला छात्रावास में एक मोटिवेशनल जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रावास में अध्ययनरत 52 छात्राओं को ट्रैक सूट और शूज वितरित किए गए। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस सेमिनार में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए समाज के लोगों ने भाग लिया और समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने तथा बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। यह आयोजन पूर्व पीएमओ डॉ. आर.आर. यादव और पूर्व समाज अध्यक्ष गिरधारी लाल गुरुजी के सानिध्य में आयोजित किया गया। संस्कार और संस्कृति से जुड़ने पर दिया जोर मुख्य अतिथि अजीतगढ़ के प्रधान एडवोकेट शंकर लाल यादव ने कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों, परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने पारंपरिक नृत्य, संगीत और कला के महत्व को बताते हुए युवाओं को संस्कारवान बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष रामौतार यादव ने की, जबकि संयोजक प्रवक्ता डॉ. रामकरण यादव ने छात्राओं को ट्रैक सूट और शूज वितरित किए। शिक्षा के साथ अनुशासन और तकनीकी ज्ञान पर बल पूर्व पीएमओ डॉ. आर.आर. यादव ने अपने संबोधन में जीवन के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं को समझाते हुए छात्राओं को आधुनिक शिक्षा और तकनीकी बदलाव के अनुसार आगे बढ़ने की सलाह दी। महिला शिक्षा को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता अति विशिष्ट अतिथि झुंझुनूं जिला अध्यक्ष शकुंतला यादव ने महिला शिक्षा को वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत बताया और इसे बढ़ावा देने में समाज के सहयोग पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए समाज प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे और छात्राओं को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर नीमकाथाना, सीकर, जयपुर, शाहपुरा और श्रीमाधोपुर के समाज अध्यक्षों सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में अमित यादव ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 1:06 pm

शिक्षाविद, कर्मणायोगी, समाज को समर्पित स्व.आनंदस्वरूप मिश्र की स्मृति में व्याख्यानमाला का आयोजन

आशा पारस फॉर पीस एंड हारमनी फाउंडेशन, भारत एवं केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, भोपाल परिसर के संयुक्त तत्वावधान में स्व. श्री आनंदस्वरूप मिश्र स्मृति व्याख्यानमाला का प्रथम आयोजन “भारतीय ज्ञान परम्परा में सम्पूर्ण स्वास्थ्य की कल्पना एवं वर्तमान ...

वेब दुनिया 14 Apr 2026 12:42 pm

फतेहाबाद में धूमधाम से मनाई अंबेडकर जयंती:दुड़ाराम बोले-बाबा साहेब की बदौलत सबको अधिकार मिले; शिक्षा और समानता को बढ़ावा देना चाहिए

फतेहाबाद के लालबत्ती चौक पर स्थित अंबेडकर पार्क में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में सर्व समाज के लोगों ने एकजुट होकर बाबा साहेब को पुष्प अर्पित किए और उनके विचारों को याद किया। इस अवसर पर सामाजिक समरसता और संविधान के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक दुड़ाराम और भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा विशेष रूप से मौजूद रहे। मंच से वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्ष, शिक्षा के महत्व और समाज में समानता स्थापित करने के उनके योगदान पर प्रकाश डाला। दुड़ाराम बोले-डॉ.अंबेडकर ने हर व्यक्ति को अधिकार दिलाए इस दौरान पूर्व विधायक दुड़ाराम ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। उन्होंने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को अधिकार दिलाने का काम किया। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलते हुए शिक्षा और समानता को बढ़ावा देना चाहिए। आज जरूरत है कि हम उनके सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारें। उन्होंने कहा कि हर वर्ग को बाबा साहेब से प्रेरणा लेकर समाज में भाईचारे को बनाए रखना चाहिए। बाबा साहेब ने लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव रखी-जोड़ा भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने कहा कि बाबा साहेब ने देश को जो संविधान दिया, वही हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की नींव है। उनका जीवन हमें संघर्ष, आत्मसम्मान और कड़ी मेहनत की प्रेरणा देता है। समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। डॉ.अंबेडकर ने संगठित होने का भी संदेश दिया था। कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया। इस मौके पर जगदीश शर्मा, सुमन बजाज, विकास शर्मा समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 11:48 am

बेगूसराय में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती पर श्रद्धांजलि:लोगों ने समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के उनके आदर्श अपनाने का संकल्प लिया

बेगूसराय सदर प्रखंड की आदर्श पंचायत परना में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती मनाई गई। दुर्गा मंदिर प्रांगण स्थित शहीद स्मारकों पर सामाजिक सरोकार से जुड़े लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान परना निवासी राजीव शर्मा ने डॉ. आंबेडकर के जीवन को संघर्ष, समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि समाज के वंचित और कमजोर वर्गों को अधिकार दिलाने के लिए उनके कार्य आज भी प्रेरणास्रोत हैं। शर्मा ने लोगों से बाबा साहेब के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समतामूलक समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर हिमांशु कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर ही समाज में समानता, भाईचारा और एकता स्थापित की जा सकती है। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक हैं। इस मौके पर डाबर खान, श्याम पासवान, मोहम्मद हारून सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर शहीद स्मारकों पर पुष्प अर्पित कर बाबा साहेब को नमन किया और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 11:27 am

हाल-ए-शिक्षा विभाग:भ्रष्टाचार-डमी अभ्यर्थियों की जांचें वर्षों से लंबित, जिम्मेदार बोले- मुझे नहीं पता

प्रदेशभर में शिक्षकों और कार्मिकों के खिलाफ भ्रष्टाचार, डमी अभ्यर्थी बैठाने, दुराचरण और अन्य गंभीर अनियमितताओं से जुड़ी विभागीय जांचें बीते कई सालों से फाइलों में धूल फांक रही हैं। अकेले उदयपुर संभाग में ऐसे दर्जनों मामले पेंडिंग हैं, लेकिन सिस्टम की विडंबना देखिए कि संभाग के सबसे बड़े शिक्षा अधिकारी को इन पेंडिंग जांचों की भनक तक नहीं है। जब इस पूरे मामले को लेकर उदयपुर संभाग के संयुक्त निदेशक प्रमोद कुमार सुथार से बात की गई तो उन्होंने साफ मुकरते हुए कहा कि इन मामलों की उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने किसी राजकीय कार्य से बाहर होने की जानकारी देते हुए बात खत्म कर दी। विभाग भले ही यह बताने में नाकाम रहा हो कि संभाग में लंबित मामले किस श्रेणी के हैं, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती हो रही है। बता दें कि बांसवाड़ा में 22, प्रतापगढ़ में 22, उदयपुर में 10, राजसमन्द में 10, चितौड़गढ़ में 10 और डूंगरपुर जिले में 5 जांचें लंबित हैं। जटिल प्रक्रिया : जांच, अफसर की तैनाती और रिपोर्ट, दोषी हो तो फिर जांच किसी भी तरह का मामला सामने आने पर पहले प्राथमिक जांच होती है। प्राथमिक जांच होती है, इसे विभाग की ओर से संबंधित कार्मिक व प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए किसी स्तरीय अधिकारी को जांच के लिए लगाया जाता है। इसके बाद वह अपनी रिपोर्ट विभाग को देता है। फिर यदि ये स्थाई अधिकारी लगाया जाता है, दोष सिद्ध होने पर उसकी फिर से जांच होती है। इसके बाद उस दोषी कार्मिक को आरोप पत्र जिसे ज्ञापन कहा जाता है, वह दिया जाता है। तृतीय श्रेणी नियुक्ति अधिकारी के पास जाती है। प्रथम श्रेणी निदेशालय स्तर पर जांच की जाती है, द्वितीय श्रेणी की जांच संयुक्त निदेशक स्तर पर होती है, जबकि तृतीय श्रेणी या इससे नीचे के जिला स्तरीय अधिकारी करते हैं। अधिकारियों का कहना है कि इतनी जटिल प्रक्रिया के कारण जांच पूरी नहीं हो पाती है। प्राथमिक जांच में ही लापरवाही, यहीं सबसे ज्यादा मामले अटके सबसे ज्यादा मामले प्राथमिक जांच के स्तर पर ही अटके हैं। प्राथमिक जांच प्रथम के 541 और प्राथमिक जांच द्वितीय के 713 प्रकरण अब भी अवशेष (पेंडिंग) हैं। गंभीर आरोपों के तहत होने वाली इस विभागीय जांच के 423 मामले अभी भी पेंडिंग हैं। सीसीए-17 के इसके तहत 111 मामले निस्तारण का इंतजार कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा विभाग .छेड़छाड़ की घटनाओं के देखते हुए लिया निर्णय:बालिका स्कूल और छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों की एंट्री पर रोक

जयपुर| बालिकाओं से छेड़छाड़ की घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब बालिका स्कूलों और छात्रावासों में कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति प्रवेश नहीं कर सकेगा। निरीक्षण के दौरान भी महिला कर्मचारी की उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। विभाग के वरिष्ठ शासन उप सचिव ओपी वर्मा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। इस आदेश के बाद भी संयुक्त निदेशकों को निर्देश जारी किए कि प्रदेश के सभी सरकारी बालिका विद्यालय/ छात्रावासों में बाहरी व्यक्तियों को सक्षम स्तर की अनुमति के बिना अब प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अब बालिका स्कूलों एवं छात्रावास में किसी से मिलने आने वालों को बालिका के अभिभावकों की लिखित अनुमति दिखानी होगी। बिना अभिभावक की अनुमति के किसी भी व्यक्ति को किसी भी बालिका से मिलने नहीं दिया जाएगा। ना ही विद्यालय और छात्रावास परिसर में प्रवेश करने दिया जाएगा। प्रदेश के सभी केजीबी एवं अन्य बालिका विद्यालय, बालिका छात्रावास में सक्षम स्तर यथा प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापिका, अधीक्षक की लिखित अनुमति अनिवार्य रहेगी। साथ ही निरीक्षणकर्ता बालिका विद्यालय और बालिका छात्रावास में रात्रि विश्राम नहीं करेंगे। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने बताया कि विभाग ने यह निर्देश बालिका विद्यालयों एवं बालिका छात्रावास में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा के मध्य नजर लिए हैं। कमला लांबा , प्रदेशाध्यक्ष, राजस्थान महिला शिक्षक संघ वर्तमान मंें लगातार सामने आ रही घटनाओं को देखे तो विभाग का यह आदेश बालिका सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम है। बाहरी व्यक्तियों के स्कूल में बिना अनुमति प्रवेश पर रोक जरूरी है। इससे स्कूल परिसर और छात्रावासों में बालिकाओं को सुरक्षा मिलेगी और वे अपना अध्यापन कार्य बिना किसी डर के जारी रख सकेंगी। विभाग ने निरीक्षण के दौरान महिला कार्मिक की उपस्थित अनिवार्य की है। यह निर्णय भी बहुत अच्छा है।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:30 am

आरोप साबित हुए बगैर बर्खास्तगी सही नहीं : हाईकोर्ट:मनगढ़ंत आरोप का मामला, बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ का आदेश रद्द

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि जन्मतिथि में विसंगति के पीछे यदि याची की धोखाधड़ी की बात साबित नहीं होती है तो उसकी बर्खास्तगी जैसी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने कहा काल्पनिक व मनगढ़ंत आरोप पर अपराध साबित हुए बगैर किसी को बर्खास्त नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकलपीठ ने सहायक शिक्षक की बर्खास्तगी संबंधी बेसिक शिक्षा अधिकारी मऊ का आदेश रद्द कर दिया है। मऊ का है मामला मुकदमे से जुड़े तथ्य यह हैं कि याची विजय बहादुर यादव को सभी आवश्यक पात्रता मानदंडों को पूरा करने के उपरांत बीएसए मऊ के आठ अगस्त 2014 के आदेश से सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी गई। राजेश यादव ने 18 अक्टूबर 2018 को बीएसए से आरटीआइ के तहत याची के उन शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्रों और मार्कशीट की प्रतियों की मांग की , जिनके आधार पर नियुक्ति दी गई थी। याची के अनुसार यह आवेदन कानूनी रूप से मान्य नहीं था फिर भी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त निदेशक ने 26मार्च 2019 को जारी आदेश में उससे दस्तावेज मांगे। बीएसए ने 15 मई 2019 को नोटिस जारी किया, जिसमें याची को 30 मई 2019 को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया था। यह सुनवाई 30 अप्रैल 2019 को प्रस्तुत प्रमाणपत्रों और मार्कशीट में कथित विसंगतियों के संबंध में थी। याची ने तीन जून 2019 को विस्तृत उत्तर में आरोपों का जवाब दिया। इसके बाद 27 जून 2019 को बीएसए ने याची को सेवा से बर्खास्त करने तथा उसके खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया। इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। जन्म तिथि को लेकर फंसा पेंच याची के अनुसार विवादित आदेश इस गलत धारणा पर आधारित है कि 1998 के हाई स्कूल प्रमाणपत्र में दर्ज जन्मतिथि में विसंगति है। इसमें जन्मतिथि दो जुलाई 1984 बताई गई है, जबकि पूर्व माध्यमिक प्रमाणपत्र में यह सात जुलाई 1987 है। याची का कहना है कि हाई स्कूल प्रमाणपत्र का न तो उन्होंने कभी उपयोग किया है और न ही इसे किसी भी चरण में प्रस्तुत किया गया। यह उनके रिकार्ड का हिस्सा नहीं है। इसलिए पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और कानूनी रूप से अस्थिर है। कोर्ट ने पाया कि ऐसा कोई स्पष्ट या पुष्ट आरोप नहीं है कि याची द्वारा प्रतिवादियों के समक्ष प्रस्तुत शैक्षिक दस्तावेज जाली, मनगढ़ंत या अन्यथा झूठे थे। कोर्ट ने कहा मनगढ़ंत काल्पनिक आरोप के आधार पर बिना अपराध साबित हुए सहायक अध्यापक को बर्खास्त नहीं किया जा सकता।और बी एस ए के बर्खास्तगी आदेश को रद कर याची की सेवा बहाली का निर्देश दिया है। हालांकि कि कोर्ट ने काम नहीं तो दाम नहीं के सिद्धांत को अपनाते हुए कहा कि जितनी अवधि तक याची सेवा से बाहर रहा वेतन पाने का हकदार नहीं होगा।और याचिका स्वीकार कर ली।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 12:23 am

संभल में 7 खंड शिक्षा अधिकारी बदले:मुंशीलाल पटेल को 3 सर्किल का अतिरिक्त प्रभार, बीएसए ने आदेश जारी किया

संभल के शिक्षा विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। नए शिक्षा सत्र की शुरुआत के साथ ही सात खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) का तबादला कर दिया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अलका शर्मा ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किया। जारी तबादला सूची के अनुसार, मुंशीलाल पटेल को खंड शिक्षा अधिकारी बनियाखेड़ा नियुक्त किया गया है। उनके पास बहजोई और चंदौसी सर्किल का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। अन्य तबादलों में, पोप सिंह को खंड शिक्षा अधिकारी असमोली और विनोद कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी पंवासा बनाया गया है। विनोद कुमार मेहरा को रजपुरा की जिम्मेदारी दी गई है। अरुण कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी गुन्नौर नियुक्त किया गया है। अंशुल कुमार को संभल का खंड शिक्षा अधिकारी बनाया गया है, जहां वे नगर संभल का भी कार्यभार देखेंगे। देवेंद्र कुमार सिंह को जुनावई का खंड शिक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। गौरतलब है कि इस फेरबदल से एक दिन पहले, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने भी चार पीसीएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था। इसमें गुन्नौर और चंदौसी के एसडीएम भी शामिल थे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 11:33 pm

15 अप्रैल को जारी होगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट:शिक्षा मंत्री बोले- MP बोर्ड रिजल्ट 'फुलप्रूफ'; 16 लाख छात्रों का इंतजार होगा खत्म

मध्य प्रदेश में एमपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के लाखों छात्रों का इंतजार जल्द खत्म होगा। स्कूल शिक्षा विभाग के मुताबिक 15 अप्रैल सुबह 11 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। इस बार करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि रिजल्ट से पहले क्रॉस चेकिंग और वैरिफिकेशन तेजी से पूरा किया गया। हर स्तर पर जांच की गई, ताकि कोई गलती न रहे। रिजल्ट “फुलप्रूफ” रखा गया है, जिससे छात्रों को परेशानी न हो। 10वीं में 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में 16 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। इनमें करीब 9 लाख 7 हजार छात्र 10वीं और लगभग 7 लाख छात्र 12वीं में बैठे। परीक्षा के लिए 3856 केंद्र बनाए गए थे। 100 नकल प्रकरण, मुरैना में सबसे ज्यादा नकल रोकने के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड, सीसीटीवी और प्रश्नपत्र वितरण की वीडियोग्राफी की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद प्रदेश में करीब 100 नकल प्रकरण सामने आए। मुरैना में सबसे ज्यादा 41 और भोपाल में 20 मामले दर्ज हुए। एक्सपर्ट की सलाह- बच्चों पर दबाव न डालें डॉक्टरों और काउंसलर्स ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर दबाव न डालें और मानसिक सहयोग दें। गांधी मेडिकल कॉलेज की डॉ. रुचि सोनी ने कहा कि हर बच्चा अच्छा रिजल्ट चाहता है, लेकिन ऐसा हमेशा संभव नहीं होता। एक परीक्षा जीवन तय नहीं करती। बच्चों के तनाव में होने पर उनसे बात करें और उनका साथ दें। समय पर रिजल्ट से मिलेगी राहत शिक्षा विभाग का उद्देश्य समय पर रिजल्ट जारी करना है, ताकि छात्र बिना देरी अगली कक्षा या कोर्स में प्रवेश ले सकें। तय समय पर परिणाम आने से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 10:45 pm

कलेक्टर नेहा मीना ने विकास को बताया प्राथमिकता:स्वास्थ्य, शिक्षा पर जोर; अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ

सिवनी जिले की नवागत कलेक्टर नेहा मीना ने पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता दिखाई। उन्होंने सबसे पहले प्राचीन मठ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिन में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और शाम को मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक के दौरान कलेक्टर मीना ने स्पष्ट किया कि जिले के विकास को नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। कलेक्टर ने विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का सीधा संबंध नागरिकों के जीवन स्तर से है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संतुलित एवं समन्वित विकास के लिए सभी संबंधित विभागों और पक्षों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। कलेक्टर ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अपेक्षा जताई कि मीडिया जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक व तथ्यपरक संवाद के माध्यम से प्रशासन को रचनात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समय पर निराकरण भी संभव होगा। इस परिचयात्मक बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास, नागरिक सुविधाओं और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कलेक्टर ने इन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 8:57 pm

एलन शिक्षा संबल: नीट 2027 के लिए 126 विद्यार्थियों को मिलेगी फ्री कोचिंग

सरकारी स्कूलों के हिंदी माध्यम छात्रों के लिए आयोजित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से चयन, आवास और भोजन की सुविधा भी होगी नि:शुल्क।

प्रातःकाल 13 Apr 2026 8:13 pm

पाली में सरगरा समाज विकास के मुद्दों पर की चर्चा:बोले-शिक्षा से ही समाज और व्यक्तिव का विकास संभव

श्री सरगरा वेलफेयर सोसायटी ऑफ ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉईज पाली के तत्वावधान में 12 अप्रैल रविवार को शहर के नाकोड़ा फूड विला में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया। जिसमें नवगठित कार्यकारिणी को विधिवत शपथ दिलाई गई। समारोह राष्ट्रीय अध्यक्ष मदनलाल पंवार के सान्निध्य में हुआ। इस दौरान राष्ट्रीय महासचिव बंशीलाल गहलोत, सचिव अमृतलाल पवार सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। देश-प्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत एवं सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यक्रम में पहुंचे। आयोजन के दौरान समाज की एकजुटता को मजबूत करने, आपसी समन्वय बढ़ाने और विकास की नई दिशा तय करने को लेकर विशेष मंथन किया गया। बैठक में शिक्षा पर बल देते हुए कहा कि हमें हमारे बच्चों को उच्च शिक्षित करना चाहिए। ताकि वे अच्छे और सभ्य नागरिक बन सके और शिक्षा के जरिए अच्छा मुकाम हासिल कर सके। इस दौरान विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव साझा किए। इस दौरान आयोजन समिति के गोवर्धनलाल, कन्हैयालाल चौहान, धनराज चौहान, संजय कुमार सहित पूरी टीम व्यवस्थाओं में जुटी रही।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 7:39 pm

ज्ञानपुर के परिषदीय विद्यालयों में डेस्क-बेंच वितरित:विधायक ने प्राथमिक शिक्षा पर जोर दिया, छात्रों को मिली सुविधा

ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय चिट्ठईपुर और कंपोजिट विद्यालय नथईपुर में सोमवार को कुर्सी-मेज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए नए डेस्क-बेंच प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। यह वितरण कार्यक्रम स्व. रामसखी देवी और स्व. परमानंद श्रीवास्तव, ज्ञानपुर की स्मृति में आयोजित किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षकों ने अतिथियों का माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने बताया कि अब तक क्षेत्र के आठ विद्यालयों में कुर्सी-मेज वितरित किए जा चुके हैं। चिट्ठईपुर विद्यालय में जल्द ही कंप्यूटर और इनवर्टर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताया और भदोही के एक छात्र का उदाहरण दिया, जिसने प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली में आईएएस पद हासिल किया। समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी और शिक्षा को जीवन की मूल कुंजी बताया। उन्होंने अन्य समाजसेवियों से भी ऐसे पुनीत कार्यों में आगे आने की अपील की। विधायक दुबे ने यह भी कहा कि प्राथमिक विद्यालय का वातावरण परिवार जैसा होता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है। इसके विपरीत, कॉन्वेंट विद्यालयों में यह वातावरण नहीं मिल पाता और अभिभावकों का फीस के नाम पर आर्थिक शोषण किया जाता है। इस अवसर पर कैलाशपति शुक्ल, आनंद श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:40 pm

संभल पिता-पुत्र हत्याकांड में परिजनों ने डीएम को सौंपा ज्ञापन:अपराधियों के एनकाउंटर, बच्चों की शिक्षा और आर्थिक मदद की मांग की

संभल में पिता-पुत्र की हत्या के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट बहजोई पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया को सौंपा, जिसमें अपराधियों के एनकाउंटर, बच्चों की शिक्षा और आर्थिक मदद की मांग की गई है। यह घटना संभल के थाना धनारी क्षेत्र के गांव भिरावटी से संबंधित है। सोमवार दोपहर 1 बजे पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और ग्राम प्रधान डॉ. सुनील यादव के नेतृत्व में ग्रामीण और पीड़ित परिवार के सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। मृतक नरेश की पत्नी गीता और भीमसेन की पत्नी कुंतेश ने ज्ञापन में आर्थिक सहायता, बच्चों की शिक्षा का प्रबंध, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी या रोजगार, परिवार को स्थायी सुरक्षा और जघन्य अपराध में शामिल दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की मांग की। गीता देवी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पति नरेश और बेटे भीमसेन को अपराधियों ने मार डाला। उन्होंने अपनी गरीबी का हवाला देते हुए परिवार के गुजर-बसर के लिए सरकारी नौकरी और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे की पत्नी गर्भवती है। एक बदमाश को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया थापुलिस ने पिकअप लोडर लूटने और पिता-पुत्र की हत्या के मामले में एक बदमाश को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस घटना का मास्टरमाइंड अपने सगे भाई के साथ अभी भी फरार है। बुलडोजर कर्रवाई की मांग कीपूर्व छात्र संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील यादव ने बताया कि 2 अप्रैल को पिता-पुत्र का अपहरण किया गया था। पुलिस ने 6 अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज की और 7 अप्रैल को उनके शव बरामद हुए। उन्होंने योगी सरकार से पीड़ित परिवार को मदद और अपराधियों का एनकाउंटर कर उनकी संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की मांग की। गौरतलब है कि 2 अप्रैल को थाना कैलादेवी क्षेत्र के गांव सौंधन की साप्ताहिक बाजार से मेरठ से मजदूर लाने के बहाने गिरफ्तार हुए मनोज ने पिकअप लोडर बुक किया था। 6 अप्रैल को एसपी कार्यालय बहजोई पर धरना प्रदर्शन के बाद 7 अप्रैल को जनपद शामली के जंगल से दोनों के शव मिले थे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:36 pm

अंबेडकर जयंती पर 12वीं में टॉपर्स 123 छात्रा सम्मानित:सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने दिया पुरस्कार, कहा- शिक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी

पटना के बापू सभागार में बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती पर एससी/एसटी मंत्रालय ने बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर समग्र शिक्षा समागम कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा ने इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि पटना के गाईघाट क्षेत्र की 123 छात्राओं ने इंटरमीडिएट परीक्षा में शत-प्रतिशत प्रथम श्रेणी से सफलता हासिल कर एक नई मिसाल कायम की है। इन प्रतिभाशाली बेटियों की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे समाज के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि बेटियां शिक्षा के माध्यम से हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपने सपनों को साकार कर रही हैं। अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक- सम्राट चौधरी उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचार आज भी समाज को समतामूलक दिशा में आगे बढ़ाने की प्रेरणा देते हैं। यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और अंबेडकर जी के शैक्षिक दृष्टिकोण को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास है। समानता और शिक्षा से सशक्त समाज का निर्माण- विजय सिन्हा उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा, बाबासाहेब का जीवन सामाजिक न्याय, समानता और शिक्षा के माध्यम से सशक्त समाज के निर्माण के लिए समर्पित रहा। उनके विचार आज भी एक न्यायपूर्ण और जागरूक समाज के निर्माण की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि “समग्र शिक्षा समागम” जैसे आयोजन शिक्षा के महत्व को समाज में व्यापक रूप से स्थापित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से शिक्षित, आत्मनिर्भर बिहार और सशक्त भारत के निर्माण की नींव को और अधिक मजबूत करेंगे।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 4:54 pm

जयपुर: मातृभाषा में शिक्षा से संस्कृति का ज्ञान, सिन्धी विश्वविद्यालय की मांग

भारतीय सिन्धु सभा की संगोष्ठी में डॉ. रमेशचन्द अग्रवाल ने नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षण मातृभाषा में करने और जनगणना में सिन्धी लिखवाने पर जोर दिया।

प्रातःकाल 13 Apr 2026 4:30 pm

मूट कोर्ट प्रतियोगिता में जुटे स्टूडेंट्स:विधि शिक्षा के व्यावहारिक स्वरूप पर जोर; पढ़ें जयपुर की प्रमुख खबरें

जयपुर स्थित विवेकानंद ग्लोबल यूनिवर्सिटी में 5वीं रांका मूट कोर्ट प्रतियोगिता–2026 का आयोजन किया जा रहा है। रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से विधि विद्यार्थियों की 64 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जो इसकी व्यापकता और महत्व को दर्शाता है। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। स्वागत उद्बोधन में कुलपति (प्रो.) (डॉ.) एन. डी. माथुर ने कहा कि मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि शिक्षा को व्यावहारिक रूप प्रदान करती हैं और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट के अध्यक्ष ललित के. पवार ने अपने संबोधन में विधि शिक्षा की सामाजिक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता के रूप में राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता न्यायमूर्ति जे. के. रांका ने न्यायिक प्रक्रिया में नैतिकता और पेशेवर ईमानदारी के महत्व को रेखांकित किया। विशिष्ट अतिथि भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (राजस्थान उच्च न्यायालय) भारत व्यास ने कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में भागीदारी ही सबसे बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने आधुनिक विधि सिद्धांतों के साथ भारतीय न्यायशास्त्र और मीमांसा परंपरा के संतुलन पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कई बार सही समय पर मौन रहना भी परिपक्वता का प्रतीक होता है। मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्य न्यायाधीश, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने भारतीय संविधान को जीवन का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि संवैधानिक मूल्यों की रक्षा करना हर नागरिक का दायित्व है। कार्यक्रम के दौरान रांका पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया। बताया गया कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को न्यायालयीन प्रक्रियाओं का वास्तविक अनुभव प्रदान करती हैं, जिससे उनकी तर्कशक्ति, शोध क्षमता और आत्मविश्वास का विकास होता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ एक विशेष संवाद सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें विधिक करियर से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर मार्गदर्शन मिला। प्रो. पी. पी. मित्रा ने प्रतियोगिता की संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि सुरभि रांका ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। कार्यक्रम में डॉ. शिल्पा रस्तोगी ने प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह प्रतियोगिता आगामी दिनों में विधि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगी। आगे पढ़ें जयपुर की अन्य खबरें…

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 2:28 pm

जमुई में एडमिशन अभियान के तहत जागरूकता रैली:'हर बच्चा स्कूल जाए' और 'शिक्षा है सबका अधिकार' जैसे नारे लगे

जमुई जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, कल्याणपुर द्वारा नामांकन अभियान के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने हरी झंडी दिखाकर रैली का शुभारंभ किया। यह रैली विद्यालय परिसर से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी। इसमें शामिल छात्र-छात्राओं ने 'हर बच्चा स्कूल जाए' और 'शिक्षा है सबका अधिकार' जैसे नारे लगाए। बच्चों के इन नारों ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया और उन्हें शिक्षा के प्रति जागरूक किया। प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने अभिभावकों से अपील की इस अवसर पर प्रधानाचार्य संजीव कुमार सिन्हा ने अभिभावकों से अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों का नामांकन विद्यालय में कराने और उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजने का आग्रह किया। रैली को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षक सकलदेव प्रसाद, सुधा रानी, जितेंद्र शार्दुल और नेहा कुमारी ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन किया और पूरे अभियान को व्यवस्थित ढंग से संचालित किया। इस जागरूकता रैली का उद्देश्य नामांकन बढ़ाना और समाज में शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करना है।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 12:59 pm

पॉक्सो कोर्ट ने स्कूल के खिलाफ दिए जांच के आदेश:नाबालिग के उम्र के कागजों में हेराफेरी, शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं जांच

भरतपुर की पॉस्को कोर्ट संख्या-2 ने नाबालिग से जुड़े मामले में स्कूल रिकॉर्ड में हेराफेरी पाए जाने पर शिक्षा अधिकारी को जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने छेड़छाड़ केस में नाबालिग की उम्र के दस्तावेज मंगवाए थे, जिनमें बाद में सील और सिग्नेचर पाए गए। मामले को गंभीर मानते हुए कोर्ट ने जांच कर संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई करने को कहा है। कोर्ट में पेश किए कागजों में थी हेराफेरी आरोपी पक्ष के वकील विवेक हथैनी ने बताया कि पॉस्को के मामले में कोर्ट स्कूल से लड़की के उम्र के रिकॉर्ड मंगवाता है। जब निजी स्कूल के टीचर कोर्ट में पेश हुए और कोर्ट में जब उनसे क्रॉस एग्जामिनेशन चल रहा था। कोर्ट में जब रिकॉर्ड पेश किए गए तो, रिकॉर्ड पर सील, सिग्नेचर और क्रमांक थे। जब केस के शुरूआती दौर में पुलिस को रिकॉर्ड दिया गया था तो, उस पर सील, सिग्नेचर और क्रमांक नंबर नहीं था। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया कोर्ट ने टीचर से पूछा की पहले के दस्तावेज में सील, सिग्नेचर और क्रमांक नहीं थे, अब क्यों डाले गए। इस बात को कोर्ट ने गंभीरता से लिया। कोर्ट ने कहा कि स्कूल के दस्तावेज में इस तरह से फेरबदल हो जाता है। इसके बारे में शिक्षा अधिकारी को नहीं पता। जबकि दस्तावेज बदलने से पहले शिक्षा अधिकारी को सूचना देनी पड़ती है। स्कूल के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद टीम बनाकर स्कूल में जांच कराई गई। इसमें पाया गया कि नाबालिग की उम्र से जुड़े रिकॉर्ड में पहले सील मोहर नहीं थी, जिसे बाद में जोड़कर कोर्ट में पेश किया गया। स्कूल को नोटिस जारी किया गया है और जवाब का इंतजार है। सील मोहर और क्रमांक डालकर कोर्ट में पेश किए कागज जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद एक टीम का गठन कर स्कूल में भेजी गई। जहां नाबालिग से सम्बंधित सभी रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच में पाया गया कि बच्ची के उम्र से सम्बंधित रिकॉर्ड में पहले सील मोहर नहीं थी। स्कूल की तरफ से बाद में सील मोहर लगाकर कोर्ट में पेश किया गया है। स्कूल को नोटिस भी दिया गया है। जिसका जवाब आना बाकी है। 15 साल की नाबालिग से हुई थी छेड़छाड़ दरअसल, 2025 में एक 15 साल की नाबालिग के साथ थाने में FIR दर्ज हुई थी। युवक ने एक नाबालिग से छेड़छाड़ की थी। जिसके बाद नाबालिग के परिजनों ने थाने में पॉस्को एक्ट में FIR दर्ज करवाई थी। यह मामला कोर्ट में चल रहा था।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 12:35 pm

पोर्टल के फेर में उलझा गांव:शिक्षा विभाग के टूर्नामेंट में सबकी एंट्री, पर CBSE स्कूलों के ग्राउंड में सरकारी स्कूलों के बच्चों को ना

प्रदेश के स्कूली खेल तंत्र में ऐसी विसंगति सामने आई है, जो सीधे तौर पर सरकारी स्कूलों के होनहार खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। खेल के मैदान पर समान अवसर की बात करने वाला शिक्षा विभाग खुद एकतरफा नियम का शिकार है। विडंबना यह है कि राज्य शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में सीबीएसई स्कूलों के विद्यार्थी तो खुलकर हिस्सा ले रहे हैं, लेकिन जब बारी सीबीएसई की प्रतियोगिताओं की आती है तो सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। समन्वय की इस कमी के कारण गांवों और सरकारी स्कूलों की हजारों प्रतिभाएं राष्ट्रीय स्तर के एक बड़े मंच से वंचित रह जाती हैं। प्रतियोगिताएं पूरी तरह इनके अपने पोर्टल पर पंजीकरण के आधार पर होती हैं। चूंकि राज्य के सरकारी स्कूल इस पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हैं, इसलिए वहां के छात्र चाहकर भी इन स्पर्धाओं में भाग नहीं ले पाते। वहीं सीबीएसई स्कूलों के छात्र यू-डाइस पोर्टल पर पंजीकृत होने के कारण शिक्षा विभाग की खेल प्रतियोगिताओं में आसानी से हिस्सा ले लेते हैं। नुकसान... प्रतिभाओं का गला घोंट रही यह पेचीदगी राजस्थान के गांवों में एथलेटिक्स, कबड्डी और फुटबॉल की बेहतरीन प्रतिभाएं हैं। सीबीएसई का क्लस्टर और नेशनल लेवल एक बड़ा एक्सपोजर देता है, जिससे सरकारी स्कूल के बच्चे वंचित हैं। सरकारी स्कूल के टूर्नामेंट्स में निजी और सीबीएसई स्कूलों के आने से प्रतियोगिता बढ़ जाती है, लेकिन सरकारी बच्चों को वह अनुभव लेने के लिए दूसरे मंच नहीं मिल रहे। सीबीएसई का ढांचा देशभर में फैला है। वहां खेलने से खिलाड़ियों को जो राष्ट्रीय पहचान मिल सकती है, वह केवल राज्य स्तरीय सिस्टम तक सीमित होकर रह जाती है। जिम्मेदार ये बोले सरकार से आग्रह करेंगे : डीईओयहां के खिलाड़ियों को सीबीएसई की प्रतियोगिताओं में मौका नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि गांवों की प्रतिभाओं को यह मंच मिले तो वे बहुत आगे जा सकते हैं। हम सरकार से आग्रह करेंगे कि सरकारी स्कूली बच्चों को भी इस पोर्टल पर पंजीकरण का अधिकार मिले।-डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी-माध्यमिक, उदयपुर सीबीएसई से बात करे सरकार ‌यह स्पष्ट रूप से एक बड़ी विसंगति है। राज्य सरकार को सीबीएसई के साथ समन्वय स्थापित कर करना चाहिए, ताकि सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी उनके पोर्टल पर पंजीकरण मिले और वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं से जुड़ सकें।-डॉ. भैरूसिंह राठौड़, प्रदेश महामंत्री, राजस्थान शारीरिक शिक्षक संघ

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:30 am

यूनिफॉर्म-बुक्स और स्टेशनरी खरीदने को मजबूर नहीं करें-DM:शिवहर में शिक्षा के व्यवसायीकरण पर सख्ती,कहा-बच्चों में भेदभाव न करें

शिवहर में शिक्षा के व्यवसायीकरण पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी-सह-जिला दंडाधिकारी प्रतिभा रानी ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं। ये निर्देश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत दिए गए हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, अब कोई भी विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों को किसी एक निर्धारित दुकान से यूनिफॉर्म, पुस्तकें या स्टेशनरी खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा। यह कदम बिहार निजी विद्यालय (शुल्क) अधिनियम 2019 के तहत किसी विशेष दुकान से सामान खरीदने की अनिवार्यता को पूर्णतः प्रतिबंधित करता है। यूनिफॉर्म का विवरण वेबसाइट पर अपलोड करें डीएम ने सभी निजी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक कक्षा के लिए निर्धारित पुस्तकों एवं यूनिफॉर्म का पूरा विवरण, दर सहित, 13 अप्रैल 2026 तक अपनी वेबसाइट पर अपलोड करें। साथ ही, यह जानकारी विद्यालय परिसर में भी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करनी होगी। बिना आवश्यकता के यूनिफॉर्म में बदलाव करने पर भी रोक लगाई गई है। विद्यालय वाहनों में सीसीटीव-मेडिकल किट अनिवार्य इसके अतिरिक्त, बच्चों को अपने बड़े भाई-बहनों की पुरानी किताबों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, विद्यालय वाहनों में सीसीटीवी, मेडिकल किट सहित आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य किए गए हैं। केवल पीले रंग के वाहनों का ही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत नामांकित कमजोर वर्ग के बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने का भी सख्त निर्देश दिया गया है।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 9:18 pm

'प्राइवेट स्कूलों हटा दें तो शिक्षा की बुनियाद हिल जाए':एसोसिएशन अध्यक्ष बोले- नए गजट को बताया एकतरफा, सरकार के नियमों के खिलाफ आंदोलन

गोपालगंज में राज्य सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए जारी किए गए नए गजट (नियमावली) को लेकर शिक्षा जगत में उबाल है। प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रन वेल्फेयर एसोसिएशन के बैनर तले शहर के काली स्थान रोड में निजी स्कूल संचालकों ने एक बैठक आयोजित की। इसमें सरकार के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए रणनीति तैयार की गई। सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार गजट बैठक में मुख्य रूप से सरकार पर यह आरोप लगाया गया कि नए नियम बनाते समय निजी स्कूलों की व्यावहारिक समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। संचालकों का तर्क है कि यह गजट केवल सरकारी हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे निजी शिक्षण संस्थानों का अस्तित्व खतरे में पड़ सकता है। सरकार के इस कदम को दमनकारी और एकपक्षीय बताते हुए जिले के निजी विद्यालय संचालक अब लामबंद हो गए हैं। संचालकों का कहना है कि सरकार ने बिना किसी पूर्व विमर्श या निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों की राय लिए नियम थोप दिए हैं। गजट में शामिल कड़े नियमों और बुनियादी ढांचे से जुड़ी शर्तों को पूरा करना छोटे और मध्यम दर्जे के स्कूलों के लिए लगभग असंभव है। नए मानकों को लागू करने से स्कूलों पर भारी वित्तीय दबाव पड़ेगा। मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा ज्ञापन बैठक में यह निर्णय लिया गया कि मांगों का एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को सौंपा जाएगा। निजी विद्यालय संचालकों का मानना है कि वे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ी हिस्सेदारी निभाते हैं, लेकिन सरकार उन्हें सहयोग देने के बजाय जटिल कानूनों के जाल में उलझा रही है। गोपालगंज के संचालकों ने एक स्वर में मांग की है कि शिक्षा का अधिकार तभी सफल होगा जब सरकार निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के प्रति समान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण रखेगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष फैज अहमद ने बताया कि सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के लिए पास किया गया गजट एक पक्षीय नियमों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के बारे में यह अफवाह फैलाई जाती है कि वे 'लूटने' का काम करते हैं, जबकि देश से निजी विद्यालयों को हटा दिया जाए तो शिक्षा की बुनियाद हिल जाएगी।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 7:07 pm

नारनौल में धूमधाम से मनाया गया परशुराम जन्मोत्सव:सांसद कार्तिकेय शर्मा ने ई-लाइब्रेरी पर दिया जोर, युवाओं को आधुनिक शिक्षा से जुड़ने का संदेश

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला के अटेली में गौड़ ब्राह्मण सभा की ओर से भगवान परशुराम जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके आदर्श हमें सत्य, धर्म और न्याय के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम ने सदैव अच्छाई के लिए लड़ाई लड़ी और बुराई पर विजय प्राप्त की, जो आज की पीढ़ी के लिए भी मार्गदर्शक है। ई-लाइब्रेरी करें स्थापित अपने संबोधन में सांसद कार्तिकेय शर्मा ने जिले की सामाजिक संस्थाओं से अपील की कि वे अपनी धर्मशालाओं में ई-लाइब्रेरी स्थापित करें, ताकि बच्चों को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दिशा में वह हर संभव सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि जिले के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और संसाधनों की है। ई-लाइब्रेरी के माध्यम से विद्यार्थी AI, IAS, UPSC, NEET और HCS जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर सकते हैं। संस्थाओं को दी सहयोग राशि इस दौरान उन्होंने विभिन्न संस्थाओं के लिए सहयोग राशि की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद प्रत्येक संस्था को ई-लाइब्रेरी के लिए 2-2 लाख रुपये तथा अटेली मंडी की संस्था को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। युवा दें विकास में योगदान सांसद ने यह भी कहा कि हमें अपनी संस्कृति और परंपराओं को संजोते हुए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा, ताकि नई पीढ़ी बेहतर अवसरों का लाभ उठा सके और देश के विकास में योगदान दे सके।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:13 pm

शिक्षामित्रों से संवाद, मानदेय बढ़ोतरी पर सरकार का संदेश:18 हजार मानदेय के साथ शिक्षामित्रों को मिलेगी नई ताकत

मैनपुरी के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कलेक्ट्रेट सभागार में शिक्षामित्रों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की आधारशिला बताया और कहा कि वे बच्चों के व्यक्तित्व, संस्कार और भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्री ने देश के समग्र विकास और वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाने में शिक्षा व्यवस्था की केंद्रीय भूमिका पर भी जोर दिया। प्रभारी मंत्री ने बताया कि जनपद में लगभग 1840 शिक्षामित्र सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षामित्रों के मानदेय में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2017 तक उन्हें मात्र 3500 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। बाद में इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया और अब बजट सत्र 2025-26 में यह मानदेय 18 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। मंत्री ने इसे शिक्षामित्रों के योगदान के प्रति सरकार का सम्मान बताया। मंत्री कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार के निर्णय अंतिम नहीं होते और समय व आवश्यकता के अनुसार उनमें बदलाव संभव है। उन्होंने शिक्षामित्रों से अपेक्षा की कि वे और अधिक निष्ठा के साथ बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक, अध्यापक और शिक्षामित्र सभी मूल रूप से 'गुरु' हैं, जिनका समाज में सर्वोच्च स्थान है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षामित्रों ने अपनी समस्याएं और सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिस पर मंत्री ने उन्हें शासन स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने मानदेय में 80 प्रतिशत की वृद्धि को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा। इस अवसर पर विधायक भोगांव राम नरेश अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:11 pm

18-19 अप्रैल को समस्तीपुर में माले का जिला सम्मेलन:नेताओं ने कहा- शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति पर आंदोलन करेंगे

भाकपा माले की ताजपुर प्रखंड कमेटी की बैठक गांधी चौक पर हुई। बैठक में समस्तीपुर में होने वाले दो दिवसीय जिला सम्मेलन की सफलता और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की गई। इसकी अध्यक्षता प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने की। जानकारी के अनुसार, भाकपा माले का जिला सम्मेलन 18 और 19 अप्रैल को कल्याणपुर थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर में आयोजित किया जाएगा। बैठक में आने वाले 15 अप्रैल को राज्य सम्मेलन के लिए डेलीगेट चुनाव और जिला सम्मेलन की तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में संगठनात्मक और आंदोलनात्मक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें संगठन को मजबूत करना, सदस्यता अभियान को तेज करना और जनसमस्याओं को लेकर आंदोलन चलाने का फैसला शामिल है। पर्चा वितरण करने की रणनीति भी तय की इसके अलावा, 16, 17 और 18 मई को दरभंगा में होने वाले राज्य सम्मेलन की सफलता के लिए कोष संग्रह करने का निर्णय भी लिया गया। पंचायत, लोकल कमेटी और शाखा स्तर पर नियमित बैठकें आयोजित करने, सम्मेलन का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और पर्चा वितरण करने की रणनीति भी तय की गई। सदस्यों ने महंगाई, बेरोजगारी, किसान-मजदूरों की बदहाली, बिजली आपूर्ति की अनियमितता, राशन वितरण में गड़बड़ी, और शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति जैसे मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। इन समस्याओं को लेकर गांव-गांव में अभियान चलाने, पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर लोगों को संगठित करने और चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। प्रखंड कमेटी ने सभी पंचायतों में शाखा कमेटियों को सक्रिय करने और नए सदस्यों को जोड़ने का भी संकल्प लिया। निकट भविष्य में प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की गई। बैठक में ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, संजीव राय, राजदेव प्रसाद सिंह, शंकर महतो, प्रभात रंजन गुप्ता, आसिफ होदा, मनोज कुमार सिंह, मो० एजाज, रंजू कुमारी, जीतेंद्र सहनी, ललन दास सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:07 pm

राजनांदगांव में 'लखपति ग्राम' और शिक्षा पर जोर:कोचिंग और समर कैंप की तैयारियां शुरू, कलेक्टर ने लखपति दीदियों का सम्मान किया

राजनांदगांव जिले के सर्वांगीण विकास के लिए कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने महिला सशक्तिकरण और शिक्षा सुधार पर ध्यान केंद्रित किया है। ग्राम सिंघोला 'लखपति ग्राम' बनने की दिशा में अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर जिले के बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए निशुल्क कोचिंग और समर कैंप की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने हाल ही में ग्राम सिंघोला का दौरा किया और महिला स्व-सहायता समूहों की ओर से संचालित अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों का अवलोकन किया। यह ग्राम जल्द ही जिले का शत-प्रतिशत 'लखपति ग्राम' बनने जा रहा है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गांव के कुल 31 समूहों की 318 महिलाएं अलग-अलग आयमूलक कार्यों से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। कलेक्टर ने इस दौरान लाया साहू की इलेक्ट्रिक दुकान और अनीता साहू की प्लास्टिक बोरी सिलाई इकाई का भ्रमण कर उनके प्रयासों की सराहना की। लखपति दीदियों का सम्मान इस अवसर पर 5 उत्कृष्ट 'लखपति दीदियों' को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन महिलाओं को प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना और महतारी वंदन योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत जिले में अब तक 39,771 'लखपति दीदियां' तैयार हो चुकी हैं। शिक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने की पहल शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में प्राचार्यों की एक बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि बच्चों का सर्वांगीण विकास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विकासखंड मुख्यालयों में शीघ्र ही निशुल्क कोचिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे। इन सेंटरों में शासकीय भवनों का उपयोग कर अनुभवी शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई कराई जाएगी। समर कैंप और आधुनिक कौशल विकास कार्यक्रम इसके अलावा ग्रीष्मकालीन अवकाश में विद्यार्थियों के लिए विशेष समर कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में योग और खेलकूद के साथ-साथ चैट जीपीटी (AI) का उपयोग, बैंकिंग प्रक्रिया, आपदा प्रबंधन और महत्वपूर्ण संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी शामिल होगा, जिससे बच्चों को आधुनिक ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्राप्त हो सके।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 10:21 am

महात्मा फुले सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता के लिए प्रतिबद्ध रहे : राठौर

भास्कर संवाददाता| सीहोर जिला कांग्रेस कार्यालय में जिलाध्यक्ष राजीव गुजराती के निर्देश पर नेता प्रतिपक्ष विवेक राठौर की अध्यक्षता में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। कांग्रेसजनों ने फुले के चित्र पर माल्यार्पण किया। विवेक राठौर ने कहा कि फुले सामाजिक न्याय, शिक्षा, समानता के लिए प्रतिबद्ध रहे। वे भारतीय समाज सुधार के अग्रदूतों में से एक थे। उनका जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। वे विचारक, लेखक, समाज सुधारक थे। उन्होंने जाति-भेद, छुआछूत, लैंगिक असमानता के खिलाफ संघर्ष किया। प्रीतम दयाल चौरसिया ने कहा कि फुले ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन माना। उन्होंने सावित्री बाई फुले के साथ 1848 में बालिकाओं के लिए पहला आधुनिक स्कूल खोला। यह उस समय क्रांतिकारी कदम था। उन्होंने दलितों, वंचित वर्गों को शिक्षा से जोड़ने का काम किया। हर्षदीप राठौर ने कहा कि फुले ने लेखन, कार्यों से सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकारों की वकालत की। उनका जीवन संघर्ष, सेवा का प्रतीक रहा। उन्होंने वंचित वर्गों के उत्थान के लिए जो काम किए, वे आज भी प्रेरणा देते हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे फुले के आदर्शों पर चलेंगे। सामाजिक समानता बढ़ाएंगे। भाईचारा बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में विवेक राठौर, प्रीतम दयाल चौरसिया, हर्षदीप राठौर, नरेन्द्र खंगराले, आरती खंगराले, केके रिछारिया, भगत सिंह तोमर, तुलसी राजकुमार राठौर, हरिओम सिसोदिया, अतीक चौधरी, ओम सोनी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 5:30 am

ज्योतिबा फुले की जयंती, देशभक्ति गीतों पर बच्चों का डांस:नीमच में वक्ता बोले- फूल माली सैनी समाज को आगे ले जाने शिक्षा जरूरी

नीमच के स्कीम नंबर 9 में शनिवार को फूल माली सैनी समाज ने समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती उत्साह के साथ मनाई। इस मौके पर सुबह से लेकर शाम तक कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें समाज के बच्चों और बड़ों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दिन की शुरुआत ज्योतिबा फुले की मूर्ति पर फूल मालाएं चढ़ाकर की गई। दोपहर में बच्चों के बीच ड्राइंग, रंगोली, चम्मच रेस और चेयर रेस जैसी कई प्रतियोगिताएं रखी गईं। इन खेलों के जरिए बच्चों ने अपनी प्रतिभा दिखाई और खूब आनंद लिया। सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान शाम के वक्त मुख्य समारोह आयोजित हुआ, जिसमें बच्चों ने देशभक्ति के गानों पर सुंदर प्रस्तुतियां दीं। इसके बाद समाज के वरिष्ठ जनों और अतिथियों ने प्रतियोगिताओं में जीतने वाले बच्चों को इनाम देकर उनका हौसला बढ़ाया। शिक्षा पर दिया जोर कार्यक्रम में समाज के अध्यक्ष राकेश सैनी के साथ ही रामचंद्र सैनी, मोहनलाल सैनी और अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। समाज अध्यक्ष ने अपने भाषण में महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए रास्तों पर चलने की बात कही। उन्होंने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि समाज को आगे ले जाने के लिए शिक्षा का प्रसार बहुत जरूरी है। इस आयोजन में सैनी समाज के कई परिवार शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 10:04 pm

देवास जिला शिक्षा अधिकारी वित्तीय अनियमितताओं के चलते निलंबित:जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पुष्टि के बाद कार्रवाई, उज्जैन संभागायुक्त ने दिया आदेश

देवास में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी एच.एस. भारती को शनिवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उज्जैन संभागायुक्त आशीष सिंह ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत यह कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह ने एक जांच टीम का गठन किया था। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में कार्यालय में वित्तीय अनियमितताएं पाए जाने की पुष्टि की। कलेक्टर के प्रतिवेदन पर कार्रवाई हुई कलेक्टर देवास ऋतुराज सिंह के प्रतिवेदन पर संभाग आयुक्त उज्जैन आशीष सिंह ने एच.एस. भारती को निलंबित करने का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, उज्जैन कार्यालय रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शासन के आगामी आदेश तक, देवास के जिला परियोजना समन्वयक अजय मिश्रा को जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे इस पद के कार्यों का भी संपादन करेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:59 pm

झुंझुनूं जिलाध्यक्ष बोलीं-महात्मा फुले महिला शिक्षा के महानायक:हर्षिनी कुलहरी ने कहा-वे सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, अपने आप में विचार थे

महात्मा ज्योतिबा फूले की जयंती के अवसर पर झुंझुनू में भारतीय जनता पार्टी की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रीको स्थित भाजपा जिला कार्यालय में आयोजित इस समारोह में कार्यकर्ताओं ने फूले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। महात्मा फुले सिर्फ व्यक्ति नहीं, विचार थे भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी ने कहा- ज्योतिबा फूले मात्र एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार थे। जिन्होंने समाज के सबसे वंचित तबके और महिलाओं के अधिकारों के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। महात्मा फूले दलितों और महिलाओं के उत्थान के सच्चे अग्रदूत थे। उन्होंने उस दौर में समानता की अलख जगाई जब समाज कुरीतियों और भेदभाव की बेड़ियों में जकड़ा हुआ था। उनका जीवन हमें सिखाता है कि शिक्षा ही वह अस्त्र है जिससे किसी भी कुप्रथा का अंत किया जा सकता है। कुलहरी ने कहा- ज्योतिबा फूले और माता सावित्रीबाई फूले ने शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किए। महात्मा फूले ने भारी विरोध के बावजूद लड़कियों के लिए देश का पहला स्कूल खोलकर इतिहास रचा। कुलहरि ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे फूले के आदर्शों को आत्मसात करें और समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए कार्य करें। कार्यक्रम में जिला महामंत्री दिलीप सैनी, उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह शेखावत एवं अजय चाहर, शहर मण्डल अध्यक्ष कमल कांत शर्मा, पूर्व मण्डल अध्यक्ष राकेश सहल, सोशल मीडिया एवं आईटी जिला संयोजक चंद्र प्रकाश शुक्ला, सौरभ सोनी, ताराचंद सैनी, पार्षद विजय कुमार सैनी, रामनिवास सैनी, विकास पुरोहित, दयाराम सैनी, दीपक स्वामी, उमाशंकर महमिया, रामगोपाल महमिया, नरेन्द्र पूनिया, रमेश चौमाल, मनोहर धूपिया, अनिल जोशी, चंद्र प्रकाश जोशी आदि मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:53 pm

हर जिले में खुलेंगे महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श स्कूल: सीएम:कहा- सभी तक शिक्षा पहुंचाना लक्ष्य, विकास कार्यों का शिलान्यास-लोकार्पण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- प्रदेश के हर जिले में महात्मा ज्योतिबा फुले आदर्श स्कूल खोले जाएंगे। उन्होंने कहा- सरकार का लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा और सम्मान पहुंचे। सीएम शनिवार को जिले के हिंडोली में आयोजित महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने रामसागर झील के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री दोपहर तीन बजे हिंडोली कॉलेज के पास बने हेलीपैड पर उतरे। हेलीपैड से वे कार द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए रवाना हुए। वे पालबाग रोड होते हुए सवा तीन बजे रामसागर झील पहुंचे। झील की पाल पर पहुंचकर उन्होंने झील का निरीक्षण किया। इसके बाद सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास किया और श्रीराम प्रतिमा की आधारशिला रखी। वहां से मुख्यमंत्री अमरत्या चौराहे पर स्थित महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्री बाई फुले की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे। इसके बाद वे निकट लोकडेश्वर मंदिर के सामने महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर आयोजित सभा को संबोधित करने पहुंचे। सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार में माहिर है और उनकी सरकार भ्रष्टाचार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शेगी नहीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने युवाओं के साथ छल किया है, जिसके चलते 400 से अधिक लोग जेल की सलाखों के पीछे हैं। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि कांग्रेस तुष्टीकरण और भ्रष्टाचार के आधार पर राजनीति करती है। उन्होंने अपनी सरकार के दो साल के काम की तुलना कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल से करते हुए कहा कि आपका 5 साल का हिसाब मेरे 2 साल के हिसाब के बराबर है। दिल्ली दौरे पर कांग्रेस की टिप्पणी पर उन्होंने कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि दिल्ली से राज्य सरकार को कितना पैसा मिल रहा है, उनकी आंखों पर काला चश्मा लगा हुआ है। इस अवसर पर जिला प्रभारी एवं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, पूर्व कृषि मंत्री प्रभु लाल सैनी सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। जलदाय विभाग के मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रभु लाल सैनी, पूर्व विधायक चंद्रकांता मेघवाल, अशोक डोगरा, भाजपा जिला अध्यक्ष रामेश्वर मीणा, प्रधान पदम नागर, कृष्ण माहेश्वरी पूर्व जिला अध्यक्ष छितर लाल राणा हेमराज नागर, सहित कई वरिष्ठ नेता मोजुद रहे जयंती पर निकाली कलश यात्राइससे पूर्व महात्मा ज्योतिबा फुले की 200 वी जयंती पर ग्राम अमरतिया में दोपहर को कलश यात्रा निकाली, जिसके लिए आयोजन से जुड़े माली समाज के लोगों द्वारा तैयारियां की गई थी। आयोजन से जुड़े फूलचंद सैनी ने बताया कि कलश यात्रा गांव में ठाकुर जी के मंदिर से शुरू होकर अमरतिया चौराहे पर आऐ, वहां महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रतिमा स्थल पर झांकी सजाई गई ग्राम सिघाड़ी से समाज बंधु बैंडबाजे के साथ जुलूस में में शामिल हुए। यहां पर 501 महिलाएं, कलशयात्रा में शामिल हुईयह मिली विकास कार्य की सौगातमुख्यमंत्री ने हिंडोली क्षेत्र को 70 करोड़ विकास की कई सौगातें दी। उन्होंने रामसागर झील का सौंदर्यीकरण, भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापना, घाट और ट्रैक निर्माण कार्य का अवलोकन किया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:47 pm

कलेक्टर ने चार गांवों का दौरा किया:जल संकट, शिक्षा की समस्या देखी; अधिकारियों को पानी व्यवस्था के निर्देश

डिंडौरी। कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने शनिवार को जिला पंचायत सीईओ सहित अन्य अधिकारियों के साथ डिंडोरी और समनापुर जनपद के चार गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जोगी टिकरिया, ओरई, सिमरधा और अमरपुर के भाखा हेरिटेज वाइन प्लांट का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके निराकरण के निर्देश दिए। जोगी टिकरिया में कलेक्टर ने जबलपुर-अमरकंटक नेशनल हाईवे बायपास और जल गंगा संवर्धन के निर्माण कार्यों का जायजा लिया। ओरई गांव में उन्होंने निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास का निरीक्षण किया। यहां हितग्राही सुषमा मरकाम को रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए सराहा गया। कलेक्टर ने प्राथमिक शाला में बच्चों की पढ़ाई का अवलोकन किया और मध्याह्न भोजन के चावल की गुणवत्ता भी परखी। अमरपुर के भाखा हेरिटेज वाइन प्लांट के मैनेजर ने बताया कि प्लांट का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में है और यहां पानी की गंभीर समस्या है। इस पर कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री को दस दिन के भीतर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पानी के लिए जाना पड़ता है दूर सिमरधा गांव में लगभग 600 की आबादी के लिए केवल दो हैंडपंप हैं। बैगा आदिवासियों ने बताया कि उन्हें 900 मीटर दूर झिरिया से घाट के नीचे जाकर पानी लाना पड़ता है। कलेक्टर ने पीएचई विभाग को सोलर पैनल मोटर पंप लगाकर पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सिमरधा के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग भी की। उन्होंने आंगनबाड़ी और मिडिल स्कूल में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने की शिकायत भी दर्ज कराई। खामी गांव में महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि हैंडपंप से लाल पानी आता है, जिस पर कलेक्टर ने वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। किसान के प्रयास को सराहा झाकी गांव में किसान गणेश सिंह मार्को ने अपनी 'मां की बगिया' में आम, तेंदू और अन्य फलदार पौधों की 50 से अधिक प्रजातियां लगाई हैं। कलेक्टर ने किसान के इस प्रयास की सराहना की।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 7:23 pm

बांसवाड़ा कलेक्टर बोले-महात्मा फुले ने शिक्षा को हथियार बनाया:कहा-भेदभाव के खिलाफ पुरजोर आवाज उठाई; 200वीं जयंती मनाई

महात्मा ज्योतिबा फुले ने शिक्षा को हथियार बनाया और भेदभाव के खिलाफ उस दौर में पुरजोर आवाज उठाई जिसमें समाज सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। यह बात बांसवाड़ा कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर कलेक्ट्रेट सभागार में कही। जिले भर में शनिवार को ​समाज सुधारक और शिक्षा की अलख जगाने वाले महात्मा फुले की जयंती मनाई गई। जिला प्रशासन की ओर से कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष कार्यक्रम हुआ। आयोजित किया गया। समारोह में जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। ​चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की ​कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर और अन्य अधिकारियों ने महात्मा फुले के चित्र पर फूल अर्पित कर और दीप जलाकर की। इस दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके सामाजिक योगदान को याद किया और उनके द्वारा बताए गए समानता के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। ​फुले के विचार आज भी मार्गदर्शक: कलेक्टर ​समारोह को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव ने कहा- महात्मा फुले ने उस दौर में समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाई, जब सामाजिक सुधार की सबसे ज्यादा जरूरत थी। फुले ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार मानकर समाज को नई दिशा दी। उनके विचार और आदर्श आज के आधुनिक समाज के लिए भी उतने ही प्रासंगिक और मार्गदर्शक हैं। ​कार्यक्रम में जिला प्रशासन के साथ-साथ नगर परिषद और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने फुले के जीवन संघर्ष और महिला शिक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए क्रांतिकारी कार्यों पर प्रकाश डाला।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 6:57 pm

ज्योतिबा फुले जयंती पर समरसता का संदेश:सर्वसमाज ने पुष्पांजलि अर्पित कर शिक्षा व समानता का लिया संकल्प

हनुमानगढ़ में सामाजिक समरसता न्याय मंच के तत्वावधान में शनिवार को महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। जंक्शन स्थित सैन धर्मशाला में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न समाजों के नागरिकों ने भाग लिया। मौजूद लोगों ने महात्मा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंच के अध्यक्ष रामप्रताप भाट ने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव और कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना और महिलाओं व पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। भाट ने जोर दिया कि महात्मा फुले के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं और समाज को एकजुट रखने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने कहा कि यदि समाज को मजबूत और समरस बनाना है, तो उनके सिद्धांतों को अपनाना आवश्यक है। शिक्षा, समानता और भाईचारे को बढ़ावा देकर ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहकर संगठित होने की जरूरत पर भी बल दिया। कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महात्मा फुले के जीवन और उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि फुले ने सामाजिक न्याय और समानता के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उनके द्वारा शुरू किया गया शिक्षा आंदोलन वंचित वर्गों के लिए एक नई राह साबित हुआ और समाज में बदलाव की नींव रखी। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने और शिक्षा को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम में दुर्गादत्त सैनी, कृष्णलाल गहलोत, विजय भाट, बनवारीलाल पंवार, राजेंद्र, चंद्रपाल, सोहनलाल, मुकेश भार्गव, बलदेव सिंह, अनंतराम, रामकृष्ण माहर, हरकमल सिंह, चरणजीत डाल, बलवीर सिंह, विजय टाक, जसवंत कुमार, बनवारी लाल, दुर्गादत्त तंवर, देवीलाल सैनी, ताराचंद, शंकर तेनगरिया, अमित, राधेराम सुथार, महेंद्र सैनी, मुरलीधर सोनी, राजपाल ढुंढाड़ा, ओमप्रकाश सैन, सुरेंद्र जलंधरा, राधेश्याम टाक, ज्ञानचंद और प्रेम कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:40 pm

बलिया में महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती मनाई:मुख्य अतिथि बोले- शिक्षा से ही समाज का उत्थान संभव

बलिया के भृगु आश्रम स्थित आशीर्वाद गार्डेन में शनिवार को माली विकास कल्याण सेवा समिति द्वारा महात्मा ज्योतिबा राव फुले की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. एसके सैनी, प्रदेश अध्यक्ष, माली विकास कल्याण सेवा समिति, और संस्थापक प्रमोद माली ने महात्मा ज्योतिबा राव फुले व सावित्रीबाई फुले के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर तथा दीपक प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि डॉ. सैनी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे सुख-समृद्धि के साथ ही समाज का हर तरह से उत्थान संभव है। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपने बच्चों को शिक्षित करने का आग्रह किया। डॉ. सैनी ने यह भी कहा कि सरकार माली समाज पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि वे अपने अधिकारों को प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर संगठन के संस्थापक प्रमोद माली ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधान कन्हैया जी माली ने की, जबकि संचालन अखिलेश सैनी ने किया। मौके पर नवल जी माली, धर्मात्मा जी माली, प्रभु नाथ जी माली, नथुनी माली, विरेंद्र माली, शिवजी माली सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:24 pm

सपा ने मनाई ज्योतिराव फुले की जयंती:जिलाध्यक्ष बोले- उन्होंने पिछड़े-दलितों के शिक्षा अधिकार के लिए संघर्ष किया

समाजवादी पार्टी ने ज्ञानपुर स्थित जिला कार्यालय में सत्य शोधक ज्योतिराव गोविंद फुले की जयंती मनाई। इस अवसर पर उनके जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला गया। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने ज्योतिराव गोविंद फुले को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे सत्य शोधक समाज के संस्थापक थे। उन्होंने दलितों और पिछड़ों के शिक्षा के अधिकार के लिए जीवनभर संघर्ष किया। यादव ने बताया कि फुले एक प्रमुख समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक थे, जिन्होंने महिलाओं के अधिकारों के लिए भी लड़ाई लड़ी। उनका मुख्य उद्देश्य स्त्रियों को शिक्षा का अधिकार दिलाना, बाल विवाह का विरोध करना और विधवा विवाह का समर्थन करना था। फुले समाज को कुप्रथाओं और अंधविश्वास से मुक्त करना चाहते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन स्त्रियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने में समर्पित कर दिया। उन्होंने पुणे में कन्याओं के लिए भारत की पहली पाठशाला स्थापित की थी और अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले को स्वयं शिक्षा प्रदान की, जो भारत की प्रथम महिला अध्यापिका बनीं। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव हृदय नारायण प्रजापति ने किया। इस दौरान संतोष यादव, शैलेश सिंह मंटू, राजेंद्र दुबे, लालचंद बिंद, प्रदीप वियोगी, कंचन सोनकर, कमला महतो, प्रमोद पाल, करिया पाल, वीरू मिश्र, बच्चन पाल, सौरभ यादव, अजय यादव, विनोद यादव, कार्यालय सचिव गामा प्रसाद यादव और जिला मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र कुमार मिश्र पप्पू सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:21 pm

गुरुग्राम में महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती मनाई:प्रतिमा की स्थापना, पौधे वितरित किए गए, वक्ताओं ने महिला शिक्षा पर दिया जोर

गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर स्थित गांव मोजाबाद के राजकीय माध्यमिक विद्यालय में महात्मा ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और एकता का संदेश दिया गया। समारोह के दौरान महापुरुषों की प्रतिमा स्थापित की गई। साथ ही, पौधा वितरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे वितरित किए गए और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले के विचार आज भी प्रासंगिक : सुशील मानव निर्माण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी सुशील गिरी सच्चिदानंद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, महात्मा फुले का जीवन समाज में समानता और शिक्षा के अधिकार के लिए समर्पित था। उन्होंने जोर दिया कि उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और उनसे प्रेरणा लेकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम करना चाहिए। कथा व्यास पंडित देवेश कृष्ण सच्चिदानंद ने सावित्रीबाई फुले के योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य किए, जिससे समाज को नई दिशा मिली। यह लोग रहे उपस्थित इस अवसर पर समाज उत्थान न्यास के अध्यक्ष गगन सैनी, फर्रुखनगर नगर पालिका के चेयरमैन बीरबल सैनी, समाजसेवी मदन लाल सैनी, किशन कुमार सैनी, अमीर चंद सैनी सहित रामकिसन लीडर, फूलचंद, गोपाल, जयप्रकाश, शेरसिंह, रूपचंद, जयप्रकाश सेन, सुरज बान सैनी, रामलाल, किशन, सुरेश, सतबीर, कृष्ण, ईश्वर, हरिन्द्र सैनी, रामानंद (सरपंच, जैतपुर), सुबेदार पोहप सिंह और रामू सैनी (जैतपुर) समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने समाज में शिक्षा, समानता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दोहराया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 4:06 pm

ज्योतिबा फुले जयंती पर जरूरतमंदों को सहायक उपकरण वितरित:पानीपत में लोगों ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि, शिक्षा पर दिया जोर

पानीपत जिले में समालखा के देहरा गांव में शनिवार को सैनी सेवा ट्रस्ट ने महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले की 199वीं जयंती मनाई। इस अवसर पर सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा ज्योतिबा फुले के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसके बाद उपस्थित लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर सैनी सेवा ट्रस्ट की चेयरमैन माया देवी, एडवोकेट विशाल कौशिक, अनिल सैनी, मोहन लाल सैनी और अनीता सुनील सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान वहीं अपने संबोधन में एडवोकेट विशाल कौशिक ने कहा कि शिक्षा ही सेवा का माध्यम है और समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा का प्रसार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महात्मा ज्योतिबा फुले के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। बच्चों को वितरित की गई कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री माया देवी ने ज्योतिबा फुले के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज में समानता और जागरूकता की अलख जगाई, जो आज भी प्रेरणा देती है। कार्यक्रम के दौरान सेवा कार्य भी किए गए, जिसमें लगभग 200 बच्चों को शिक्षा के लिए कॉपियां और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। जरूरतमंद लोगों को वितरित की गई उपयोगी सामान इसके साथ ही, जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर, सहारा देने वाले डंडे, कमर बेल्ट और अन्य उपयोगी सामान भी प्रदान किए गए, जिससे उन्हें दैनिक जीवन में सुविधा मिल सके। बता दे कि महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 1827 में पुणे में हुआ था। महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज सुधार को दी प्राथमिकता महात्मा ज्योतिबा फुले ने अपने जीवन में शिक्षा और समाज सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने महिलाओं और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए तथा अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर बालिका शिक्षा की शुरुआत की। उन्होंने सत्यशोधक समाज की स्थापना कर समाज में समानता और न्याय का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में सैनी सेवा ट्रस्ट ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। ट्रस्ट ने समाज में शिक्षा, समानता और सेवा कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 3:05 pm

खैरथल में निकली बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकियां:भपंग वादकों की थाप और पारंपरिक नृत्य किया, वक्ता बोले- शिक्षा सबसे बड़ा हथियार

खैरथल में महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती पर शनिवार को खैरथल शहर भक्ति, उत्साह और सामाजिक जागरूकता के रंग में रंगा नजर आया। जिला सैनी महासभा खैरथल के देखरेख में खैरथल के शिवचरण गार्डन में आयोजित भव्य समारोह में हजारों लोगों की भागीदारी रही। जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी और एडवोकेट मुकेश सैनी ने बताया कि जयंती पर अंबेडकर सर्किल से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख रास्तों से होते हुए कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। शोभायात्रा में भगवान गणेश,शिव-पार्वती,रामदरबार,बजरंगबली,राधा-कृष्ण के साथ सावित्रीबाई फुले और महात्मा फुले की प्रेरणादायक झांकियां शामिल रहीं। बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष रही बेटियों की शिक्षा का संदेश देती झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भपंग वादकों की थाप और पारंपरिक नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया और राहगीरों के लिए मीठे पानी की छबील लगाई गई। शोभायात्रा के साथ बाइक और कार रैली ने आयोजन को और भव्यता प्रदान की। कार्यक्रम में हरियाणवी और राजस्थानी लोक नृत्य,झांकी नृत्य तथा स्कूली बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिलबाग सिंह सैनी मुख्य अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष तेजाराम सैनी ने की। समारोह में 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों,कलाकारों और सहयोगियों को सम्मानित किया गया। ‘समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई’ मुख्य अतिथि दिलबाग सिंह सैनी ने कहा,“महात्मा ज्योतिबा फुले ने समाज में व्याप्त कुरीतियों और भेदभाव के खिलाफ जो अलख जगाई, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है।उन्होंने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बताया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक ज्ञान पहुंचाने का काम किया।हमें उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना होगा।” अध्यक्षता कर रहे तेजाराम सैनी ने कहा, “फुले जी का जीवन हमें सिखाता है कि संगठित समाज ही प्रगति कर सकता है।आज जरूरत है कि हम शिक्षा, समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपनाकर आगे बढ़ें।” कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया और विशेष रूप से बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 1:40 pm

सावित्री बाइ पढ़ाने जाती तो उन पर गोबर फेंका गया:वहीं से महिला शिक्षा की शुरूआत हुई, ज्योतिराव फुले जयंती पर उनको याद किया

महात्मा ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले को भी बराबर याद किया गया। पहली महिला टीचर के रूप में महिलाओं को पढ़ाने के प्रति उनके कठिन संघर्ष को कोई नहीं भूला सकता। शनिवार को ज्योतिराव फुले जयंती पर उनकी प्रतिमा पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित सर्व समाज के लोगों ने माल्यार्पण किया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि ज्योतिराव फुले ने महिला शिक्षा की शुरूआत की। उनकी पत्नी सावित्री बाई फुले पहली शिक्षक बनी। उस समय महिला शिक्षा की बात करना गुनाह था। सावित्री बाइ फुले पढ़ाने जाती तो उन पर कीचड़ व गोबर फेंक दिया जाता था। इसकी वजह से उनको बाद में घर भी छोड़ना पड़ा। उन्होंने सामाजिक न्याय की बात की। केवल जाति व धर्म के आधार पर पढ़ने लिखने या व्यापार करने का अधिकार दिया जाना सही नहीं है। इस आवाज को आगे बढ़ाया। पिछड़ों को आगे लाने की अलख जगाई। उनके संघर्ष की बदौलत हम आगे भी आए हैं। वे चाहते थे कि सामाजिक, आर्थिक न्याय सबको मिले। उनके संघर्ष के बाद काफी बदलाव आ चुका है। बाबा साहेब का संविधान भी लागू हुआ है। हम उनके बताए कामों को आगे बढ़ाने में लगे हैं। यही सच्ची मानव सेवा है।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 1:28 pm

नवाबगंज में स्कूल चलो अभियान रैली:उन्नाव में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजन

उन्नाव के नवाबगंज विकासखंड में बेसिक शिक्षा विभाग ने 'स्कूल चलो अभियान' के तहत एक जागरूकता रैली का आयोजन किया। खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। क्षेत्रीय विधायक बृजेश रावत और ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी, श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व प्रवक्ता, बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं और पत्रकार भी मौजूद थे। रैली से पहले, ब्लॉक के कुंवर महेश सिंह सभागार में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए, जहाँ विद्यार्थियों ने शिक्षा के महत्व पर प्रस्तुतियाँ दीं। इसके बाद, खंड विकास अधिकारी कार्यालय परिसर से जागरूकता रैली शुरू हुई। छात्र-छात्राएं हाथों में प्रेरक स्लोगन लिखी तख्तियां और बैनर लेकर निकले, और उन्होंने लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान, नवाबगंज विकासखंड के 'निपुण विद्यालय' घोषित किए गए स्कूलों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया। विधायक बृजेश रावत, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शुचि गुप्ता, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य माधुरी और श्यामलाल इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनूप ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान किए। विधायक बृजेश रावत ने अपने संबोधन में अभिभावकों से परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सुधारों का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा विद्यालयों के भौतिक और शैक्षणिक वातावरण में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जिससे बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल रही है। रैली के दौरान, लोगों को सरकारी विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं जैसे प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डीबीटी के माध्यम से आर्थिक सहायता, पौष्टिक मध्याह्न भोजन, आधुनिक कक्षाएं, पुस्तकालय, कंप्यूटर और खेल सामग्री के बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक मीडिया प्रभारी मदन पांडे ने किया।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 12:54 pm

जिपं उपाध्यक्ष बोले- पोषण, शिक्षा और मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

भास्कर न्यूज | बालोद बालोद ब्लॉक के ग्राम अंगारी में बुधवार को नव निर्मित आंगनबाड़ी भवन का लोकार्पण समारोह हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने फीता काटकर भवन का लोकार्पण किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जनपद पंचायत बालोद की अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया ने की। समारोह में विशेष अतिथि के रूप में जनपद सदस्य सतीश भेंडिया, सरपंच ममता अश्वनी डड़सेना, भाजपा मंडल अध्यक्ष करहीभदर धर्मेंद्र साहू, ग्राम विकास समिति अध्यक्ष विजय सोनखुटिया एवं उपसरपंच दुलेश्वरी कोडप्पा उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन साहू ने कहा कि आंगनबाड़ी भवन का निर्माण ग्रामीण स्तर पर महिला एवं बाल विकास सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और मातृ-स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। एक ही स्थान पर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी: वहीं सरपंच ममता अश्वनी डड़सेना ने कहा कि नए भवन के प्रारंभ होने से गांव के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं को एक ही स्थान पर बेहतर पोषण, प्रारंभिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। समारोह के समापन पर सरपंच पति अश्विनी डड़सेना ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में पंच जागेश्वर पटेल, गंगाधर साहू, दिनेश्वरी सिन्हा, मीना बाई, नोमिता पटेल, धनेश्वरी निषाद, बसंती निषाद, हेमीन बाई निषाद, उपसरपंच दुलेश्वरी कोडप्पा, सचिव यज्ञभूषण भारद्वाज, रोजगार सहायक सोहनलाल सिन्हा, गजाधर सिन्हा, संतोष सिन्हा, दुर्योधन साहू, मनोज साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:30 am

कौआकोल में प्रधान शिक्षकों की बैठक:शिक्षा गुणवत्ता, शत-प्रतिशत नामांकन पर जोर

नवादा जिले के कौआकोल बीआरसी भवन में शुक्रवार को प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधान शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता बीसीओ सह प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) अजित कुमार ने की। बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र उपस्थिति और शत-प्रतिशत नामांकन अभियान पर विशेष जोर दिया गया। बीईओ अजित कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ना और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने सभी प्रधान शिक्षकों को 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में कोई बच्चा विद्यालय से बाहर नहीं रहना चाहिए। इसके लिए विद्यालय स्तर पर सर्वेक्षण कर छूटे हुए बच्चों की पहचान कर तत्काल उनका नामांकन कराने का निर्देश दिया गया। बीईओ ने नामांकन अभियान को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी बताया। प्रधान शिक्षकों को अपने-अपने पोषक क्षेत्रों में अभिभावकों से संपर्क स्थापित करने और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर बल दिया गया। विशेष रूप से उन छात्रों को पुनः विद्यालय से जोड़ने पर जोर दिया गया, जिन्होंने पढ़ाई छोड़ दी है या जिनकी उपस्थिति अनियमित रहती है। बैठक में डिजिटल उपस्थिति प्रणाली की भी समीक्षा की गई। बीईओ ने शिक्षकों को प्रतिदिन समय पर अपनी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दिया। इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रखंड के सभी प्रधान शिक्षक और शिक्षा विभाग के संबंधित कर्मी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 7:53 pm

जनता दरबार में भूमि, आवास और शिक्षा के मामले आए:डीएम ने सुनी 29 शिकायतें, कई का मौके पर निपटारा; अधिकारियों को निर्देश

जमुई में जिलाधिकारी नवीन ने शुक्रवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 29 से अधिक फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया। यह आयोजन राज्य सरकार के सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के संकल्प को साकार करने की दिशा में था। जनता दरबार में मुख्य रूप से भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, परिमार्जन, जमीन की नापी, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास योजना और पंचायत सरकार भवन निर्माण से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों का निपटारा तय समय सीमा के भीतर पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ सुनिश्चित किया जाए। जरूरतमंदों को बार-बार न आना पड़े उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य केवल कागजी प्रक्रिया पूरी करना नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन को आसान बनाना है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि समाधान ऐसा हो जिससे गरीब और जरूरतमंद लोगों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर न लगाना पड़े और उन्हें त्वरित राहत मिल सके। जिलाधिकारी की संवेदनशील कार्यशैली और सीधे संवाद से जनता दरबार में आए लोगों के बीच प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा। इस मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी और जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी विनोद प्रसाद समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने दोहराया कि सबका सम्मान, जीवन आसान का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्यायपूर्ण समाधान पहुंचेगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 7:22 pm

भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता और शिक्षा नीति पर सीआईएसटी में बैठक

विदिशा| सीआईएसटी कॉलेज परिसर स्थित महावीर अध्ययन केंद्र में बैठक हुई। भारतीय संस्कृति, आत्मनिर्भरता, शिक्षा नीति जैसे विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य वक्ता विनय दीक्षित रहे। धीरेन्द्र चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अध्यक्षता विभाग प्रमुख जनार्दन सिंह चौहान ने की। शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। दीप प्रज्वलन किया गया। इसके बाद संस्था प्रमुख, सेवा भारती के जिला प्रमुख आनंद शरण ने अतिथियों का स्वागत किया। बैठक में महावीर अध्ययन मंडल प्रमुख राहुल विश्वकर्मा मौजूद रहे। छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए। अध्ययन मंडल के सदस्यों ने पिछले चार माह की गतिविधियों की समीक्षा रखी। चर्चा में भारतीय संस्कृति के स्वरूप जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को भारत की संस्कृति, मूल्यों को समझना चाहिए। समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

आत्मानंद स्कूलों में अब लगेगी सालाना 1500 रुपए फीस:स्कूल शिक्षा मंत्री के साथ हुई बैठक में सेजेस स्कूलों के प्राचार्यों को नए प्रस्ताव की दी गई जानकारी

स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल (सेजेस) में अब पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त नहीं रहेगी। राज्य सरकार ने इन स्कूलों में शासकीय स्कूलों की तर्ज पर फीस लेने की तैयारी कर ली है। इसके तहत 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को सालाना करीब 1500 रुपए तक फीस देनी होगी। इसमें लगभग 450 रुपए स्कूल फीस और शेष राशि शाला विकास समिति के मद में ली जाएगी। राज्य में वर्ष 2020 से शुरू हुए आत्मानंद स्कूलों की संख्या बढ़कर अब 751 हो गई है। गुरुवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने प्रदेशभर के प्राचार्यों की बैठक लेकर स्कूलों की समीक्षा की। इस दौरान शासन की ओर से स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी और हिन्दी माध्यम स्कूल के प्राचार्यों को छात्रों से फीस लेने संबंधी व्यवस्था की जानकारी दी गई। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आत्मानंद स्कूलों की जो सकारात्मक छवि बनी है, उसे बनाए रखना जरूरी है। इन बिंदुओं पर हुई समीक्षाबोर्ड रिजल्ट, प्रतियोगी व प्रवेश परीक्षा के लिए लक्ष्य निर्धारण, एडमिशन, अंग्रेजी भाषा में विद्या​र्थियों की दक्षता पर विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, पीटीए आयोजन की सफलता की समीक्षा, पालक अधिकारी द्वारा किए गए प्रयास की समीक्षा, विद्यालय के वातावरण को आकर्षक बनाने में विद्यालय द्वारा किए गए प्रयास, स्मार्ट क्लास रूम व पुस्तकालय का उपयोग। अनुदान फिर से 5 लाख रुपएसरकार ने स्कूलों को मिलने वाले अनुदान को फिर से 5 लाख रुपए करने का निर्णय लिया है। पहले यह राशि घटाकर 2 लाख कर दी गई थी। प्राचार्यों ने बताया कि मौजूदा अनुदान से साफ-सफाई, स्टेशनरी, परीक्षा और रखरखाव जैसे जरूरी खर्च भी पूरे नहीं हो पाते हैं। माह में एक दिन इंग्लिश स्पीकिंग डेस्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्रों पर विशेष फोकस करें। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। विद्यालय परिसर में मोबाइल उपयोग पर नियंत्रण रखा जाए। प्रत्येक माह एक दिन निर्धारित कर इंग्लिश स्पीकिंग डे मनाया जाएगा। एआई आधारित शिक्षण प्रणाली को बढ़ावा दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

शिक्षा का द्वार : आज फिर घर-घर पहुंचेंगे शिक्षक, अब तक 10,841 बच्चों ने थामी सरकारी स्कूल की राह

उदयपुर| सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने और हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग का सघन प्रवेशोत्सव अभियान शुक्रवार को तीसरी बार आयोजित होने जा रहा है। इससे पहले 27 मार्च और 6 अप्रैल को भी यह अभियान चलाया जा चुका है, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। 10 अप्रैल को शिक्षक 'हाउस होल्ड सर्वे' के लिए घर-घर पहुंचेंगे और ड्रॉपआउट या शिक्षा से वंचित बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करेंगे। अभियान के इस सघन चरण से ठीक पहले, प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अब तक के आंकड़े उत्साहजनक हैं। दोनों विभागों की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में अब तक कुल 10,841 बच्चों का सरकारी स्कूलों में नामांकन हो चुका है। इस चरण में शिक्षकों की टीमें विशेष रूप से उन घरों को लक्षित करेंगी, जहाँ बच्चे किसी कारणवश स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। सर्वे के जरिए बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार उचित कक्षा में सीधे प्रवेश दिलाया जाएगा। विभाग को उम्मीद है कि इस तीसरे चरण के बाद नामांकन के आंकड़ों में बड़ा उछाल आएगा। जिला िशक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती ने बताया कि सभी शिक्षक पूरी मेहनत से नियमानुसार प्रवेशोत्सव का कार्य कर रहे हैं तो जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक चन्द्रशेखर जोशी का कहना है कि नव प्रवेश इतनी अच्छी संख्या में होना अच्छा संकेत है। अगले चरणों में भी इसका लाभ मिलेगा। नामांकन का गणित: अब तक कुल 10,841 प्रवेश कक्षा 1: 3,820 विद्यार्थी, कक्षा 2: 208 विद्यार्थी, कक्षा 3: 127 विद्यार्थी, कक्षा 4: 116 विद्यार्थी, कक्षा 5: 162 विद्यार्थी, कक्षा 6: 1,266 विद्यार्थी, कक्षा 7: 162 विद्यार्थी, कक्षा 8: 149 विद्यार्थी {प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8): जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक) की 9 अप्रैल 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक कुल 6,012 बच्चों ने प्रवेश लिया है। इनमें 3,100 छात्र और 2,912 छात्राएं शामिल हैं। {माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 1 से 12): माध्यमिक शिक्षा के तहत जिले के विभिन्न ब्लॉकों में अब तक कुल 4,829 बच्चों का दाखिला हुआ है। खेरवाड़ा ब्लॉक में सर्वाधिक 1,215 प्रवेश हुआ, भींडर ब्लॉक में 706 प्रवेश और वल्लभनगर ब्लॉक में 700 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले खोलने की तैयारी, शिक्षा मंत्री ने दिए संकेत

जयपुर | शिक्षा विभाग में वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले हो सकते हैं। शिक्षामंत्री मदन दिलावर ने इसके संकेत दिए हैं। हालांकि दिलावर ने यह नहीं बताया कि तबादले कब होंगे, लेकिन माना जा रहा है कि अप्रैल में नया सत्र प्रारंभ हुआ है। अभी तबादले करने पर नामांकन की प्रक्रिया बाधित हो सकती है। ऐसे में नामांकन की प्रक्रिया बाधित नहीं हो। इसलिए मई-जून में ही तबादले होने की संभावना है। तृतीय श्रेणी शिक्षकों को तबादलों के लिए इंतजार करना होगा। इन शिक्षकों के तबादले अंतिम बार अगस्त 2018 में हुए थे। इसके बाद से 8 साल से शिक्षक तबादले खुलने का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग में पिछले दिनों करीब 5 हजार प्रिंसिपल और 7 हजार स्कूल व्याख्याताओं के तबादले हुए थे।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

सहायक अध्यापक बने शिक्षामित्रों पर निर्णय लें:हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को दो माह का समय दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को पुरानी पेंशन का विकल्प भरने वाले शिक्षामित्र से सहायक अध्यापक बने याचियों की पेंशन के मामले में दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने अनूप कुमार सिंह व अन्य की याचिका सुनवाई करते हुए दिया है। सुनवाई के दौरान याचियों की ओर से दलील दी गई कि सरकार के 28 जून 2024 एवं 30 जुलाई 2025 के शासनादेशों के तहत पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र दिया गया है और याचियों का दावा संबंधित अधिकारियों के पास लंबित है लेकिन उस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हाईकोर्ट ने कहा फैसला लें सरकारी वकील ने याचियों की मांग पर कोई आपत्ति नहीं जताई। कोर्ट ने तथ्यों और पक्षकारों की दलीलों को सुनने के बाद याचिका का निस्तारण करते हुए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को याचियों के दावे पर नियमानुसार विचार कर उन्हें सुनवाई का समुचित अवसर प्रदान करते हुए दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि वर्ष 2005 तक चयनित ऐसे शिक्षा मित्र जो बाद की सीधी भर्तियों में अध्यापक बन गए हैं, उन्होंने पुरानी पेंशन के लिए विकल्प पत्र भरा है जिस पर शासन को निर्णय लेना है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 12:55 am

शिक्षा मंत्री ने किए मां बगलामुखी के दर्शन:कहा- बच्चों को स्कूल पहुंचाना सरकार का मुख्य लक्ष्य; टीईटी परीक्षा सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह गुरुवार देर शाम नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन कर विशेष पूजन-अर्चना की। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत कर माता की तस्वीर भेंट की। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री ने नए शिक्षा सत्र की प्राथमिकताओं और शिक्षकों से जुड़े कानूनी मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए संसाधन जुटाएगी सरकार मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए समय पर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदेश में छात्रों की संख्या बढ़ाने और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों को देंगे बेहतर माहौल शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश के शिक्षकों को बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। सरकार का ध्यान केवल दाखिले पर ही नहीं, बल्कि बच्चों को मिलने वाली शिक्षा के स्तर को भी ऊंचा उठाने पर है। इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। टीईटी परीक्षा को बताया सुप्रीम कोर्ट का निर्णय लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों की पात्रता परीक्षा (TET) के सवाल पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस परीक्षा के लिए बाध्य नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की पहल नहीं, बल्कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय है। यदि किसी को इस संबंध में आपत्ति या आग्रह है, तो उन्हें कोर्ट में अपनी बात रखनी होगी। विधायक और जिला पदाधिकारी रहे मौजूद मंदिर प्रवास के दौरान शाजापुर विधायक अरुण भीमावद और भाजपा के वरिष्ठ जिला पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिलीप सकलेचा और जिला महामंत्री रामेश्वर तेजरा सहित अन्य नेताओं ने मंत्री का स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ताओं ने आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों को लेकर भी चर्चा की।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:23 pm

बुरहानपुर पॉलिटेक्निक में 2.23 करोड़ से बनेगा आधुनिक वर्कशॉप भवन:बढ़ेगी तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता, छात्रों को अत्याधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिलेंगे

बुरहानपुर जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। जीजा माता शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय बुरहानपुर में कार्यशाला भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 23 लाख 75 हजार रुपए की पुनरीक्षित स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति न केवल संस्थान की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेगी, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक, उन्नत और गुणवत्तापूर्ण तकनीकी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में भी सहायक होगी। विधायक अर्चना चिटनिस के सतत प्रयासों से यह राशि स्वीकृत हुई है। उन्होंने इस विषय को शासन स्तर पर प्राथमिकता के साथ उठाया और महाविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगाविधायक ने बताया कि प्रस्तावित कार्यशाला भवन में आधुनिक मशीनरी, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और तकनीकी प्रशिक्षण के लिए उन्नत संसाधन स्थापित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और उन्हें बेहतर रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में सहायक सिद्ध होगी।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:20 pm

यूपी में शिक्षा मित्र-अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश जारी:एक अप्रैल से लागू; एक लाख 67 हजार कर्मियों को फायदा

योगी सरकार ने शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाने का आदेश गुरुवार शाम जारी कर दिया है। शिक्षा मित्रों की सैलरी 10 हजार और अनुदेशकों की सैलरी 9 हजार रुपए बढ़ाई गई है। अब शिक्षा मित्रों को 18 हजार और अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मिलेंगे। यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल से लागू हो चुकी है। 1 मई से बढ़ा हुआ मानदेय खातों में आना शुरू हो जाएगा। अभी अनुदेशकों को 9,000 रुपए, जबकि शिक्षा मित्रों को 10,000 रुपए मिलते थे। प्रदेश में 1,42,229 शिक्षा मित्र और 24,717 हजार अनुदेशक हैं। इस तरह एक लाख 67 हजार कर्मचारियों को फायदा मिला है। 9 साल बाद शिक्षा मित्रों की सैलरी बढ़ी है। बीते दिनों CM योगी ने कहा था, अब शिक्षा मित्रों का ट्रांसफर भी होगा। शिक्षा मित्र और उनके परिवार को पांच लाख रुपए तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। बीते मंगलवार को CM योगी ने कैबिनेट मीटिंग में सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव पास किया था। गुरुवार को शासन के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा को आदेश की कॉपी भेज दी है। सरकार का ऑर्डर पढ़िए… शिक्षा मित्रों के नाम अखिलेश ने लिखा लेटर कहा- हमारे समय में 40 हजार मिलता था यूपी विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की सैलरी बढ़ाए जाने पर सियासत तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि हमारे समय में 40 हजार मिलता था, लेकिन 9 साल की प्रताड़ना और शिक्षा मित्रों की एकजुटता के बाद और चुनाव में हार के डर से एक हजार रुपए का एहसान किया है। उन्होंने अपील की कि आने वाले चुनाव में हर विधानसभा से शिक्षा मित्र परिवार 22000 वोट कटवाएं। अखिलेश ने शिक्षा मित्रों के नाम एक लेटर भी लिखा है। हूबहू पढ़िए... प्रिय शिक्षा मित्रों, हमारे समय में आपको 40,000 मिलता था और 9 साल की प्रताड़ना के बाद, शिक्षा मित्रों की एकता, एकजुटता और रोष से डरकर भाजपा सरकार ने एहसान दिखाते हुए पैसे बढ़ाए भी तो केवल 18,000, वो भी हार के डर से। अगर भाजपा सच में हितैषी है तो पिछले सालों का बकाया भी दे। भाजपा सरकार की उपेक्षा के कारण शिक्षा मित्रों को 22000 हर महीने का जो घाटा, सालों साल हुआ है, उसको सांकेतिक संख्या मानकर हर विधानसभा के सारे पीड़ित शिक्षा मित्र मिलकर अपने परिवार, रिश्ते-नातेदारों, शुभचिंतकों और आसपास के लोगों के 22000 वोट भाजपा के खिलाफ डलवाकर भाजपा को हराने का संकल्प लेकर ‘पीडीए सरकार’ बनवाएंगे, क्योंकि सबसे ज्यादा ज्यादती शिक्षा मित्रों और उनके परिवारवालों के ही साथ हुई है। जिन शिक्षा मित्रों को इस भाजपाई प्रताड़ना के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी, हम भविष्य में उनके परिजनों के सहयोग-समर्थन के लिए वचनबद्ध हैं। हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट काटकर शिक्षा मित्र भाजपा का SIR कर देंगे। इस SIR में ‘S’ को ‘शिक्षा मित्र’ पढ़ा-समझा जाए। जब हर विधानसभा में भाजपा के 22000 वोट घट जाएंगे तो भाजपा हारकर कहां मुंह छिपाएगी? पीडीए सरकार आने पर शिक्षा मित्रों के मान-सम्मान-मानदेय सबमें वृद्धि होगी। शिक्षा की दुश्मन भाजपा से शिक्षा मित्र कोई उम्मीद न करें। शिक्षा मित्र कहे आजका, नहीं चाहिए भाजपा! छोटी चिट्ठी, बड़ा संदेश! आपका अखिलेश अब 3 पॉइंट में जानिए शिक्षा मित्रों का अब तक का सफर… 2017 में दोगुना हुआ था अनुदेशकों का मानदेय, नहीं हुआ लागूअनुदेशकों का मानदेय वर्ष 2017 में करीब 9 हजार रुपए से बढ़ाकर 17,000 रुपए किया गया था। लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद इस निर्णय को लागू नहीं किया गया। इसके विरोध में अनुदेशकों ने लखनऊ हाईकोर्ट की बेंच में याचिका दायर की थी। लखनऊ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के तत्कालीन न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान ने अनुदेशकों को 17,000 रुपए मानदेय 9 प्रतिशत ब्याज सहित देने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस आदेश को चुनौती देते हुए अपील दायर की। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने केवल एक वर्ष के लिए 17,000 रुपए मानदेय भुगतान का निर्देश दिया, जिसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। 5 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की वह अपील खारिज कर दी, जिसमें यूपी सरकार अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने के खिलाफ थी। साथ ही यह आदेश दिया है कि अनुदेशकों की नौकरी खत्म न की जाए। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने साफ कहा कि संविदा की निर्धारित अवधि खत्म होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी। 10 साल से लगातार काम करने की वजह से यह पद ऑटोमैटिक तरीके से सृजित है। अनुदेशकों को 17 हजार रुपए मानदेय 2017 से लागू किया जाए। शिक्षा मित्रों का 25 जुलाई 2017 को हुआ था समायोजन रद्दयूपी में 2001 से शिक्षा मित्रों की नियुक्ति शुरू हुई थी। सपा की सरकार ने 2013-14 में शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक के पद पर समायोजित किया था। जिनका समायोजन नहीं हुआ। उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में इसके खिलाफ याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने 12 सितंबर 2015 को इन शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द करने का आदेश दिया। सपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए शिक्षा मित्रों का समायोजन रद्द कर दिया। सहायक अध्यापक से फिर शिक्षा मित्र बना दिए गएसुप्रीम कोर्ट के आदेश से एक साथ 1.78 लाख सहायक अध्यापक फिर शिक्षा मित्र बना दिए गए। 50 हजार रुपए वेतन पाने वाले फिर 3500 रुपए महीने के मानदेय पर आ गए। इसके खिलाफ प्रदेश भर से आए शिक्षा मित्रों ने लखनऊ में गोमती के तट पर बड़ा आंदोलन किया। आंदोलन के बाद सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए महीने करने की घोषणा की। शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती में वरीयता देने के लिए 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा भी की। शिक्षा मित्रों को आयु सीमा के साथ 25 बोनस अंक भी दिए गए। उसके बाद 2019 में फिर 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती की घोषणा की। इसमें भी शिक्षा मित्रों को आयु सीमा में छूट के साथ बोनस अंक दिए गए। दोनों भर्ती में करीब 13 हजार से अधिक शिक्षा मित्र सहायक अध्यापक बने। --------------------- आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… --------------------- ये खबर भी पढ़िए… गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे को मार डाला:पति के पास जाने की जिद कर रही थी; झांसी में गोली मारकर पुलिस ने पकड़ा झांसी में गर्लफ्रेंड और उसके 3 साल के बेटे की हत्या के आरोपी को पुलिस ने बुधवार रात एनकाउंटर में गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। 40 साल के आरोपी चतुर्भुज पटेल उर्फ दीपक ने 2 अप्रैल की रात लिव-इन में रहने वाली नीलू देवी (30) और उसके बेटे कृष्णा को कुल्हाड़ी से काट डाला था। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:27 pm

शिवहर में 'शिक्षा चौपाल' अभियान शुरू:गांव-गांव जाकर बच्चों को स्कूल से जोड़ने की कोशिश

शिवहर जिले में शिक्षा को बढ़ावा देने और हर बच्चे को स्कूल से जोड़ने के उद्देश्य से एक व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। 'शिक्षाग्रह अभियान' के तहत 'मंत्रा4 चेंज' कार्यक्रम के अंतर्गत सृष्टि महिला समस्या, शिवहर द्वारा जिले के सभी पांचों प्रखंडों के 207 गांवों के वंचित टोलों में 6 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक 'शिक्षा चौपाल' का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से टीम गांव-गांव पहुंचकर अभिभावकों, किशोर-किशोरियों और समुदाय के लोगों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक कर रही है। चौपालों में बच्चों के स्कूल में नामांकन, उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सामाजिक कुरीतियों जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जा रही कार्यक्रम के दौरान केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि बाल विवाह, लैंगिक भेदभाव और अन्य सामाजिक कुरीतियों जैसे मुद्दों पर भी खुलकर चर्चा की जा रही है। इससे समाज में जागरूकता बढ़ाने और सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। संगठन के प्रतिनिधियों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर परिवार शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाए।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 3:17 pm

कोडरमा में सरकारी CBSE स्कूल बना मॉडल:अब 1-12वीं तक होगी पढ़ाई, नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से अभिभावकों को राहत

कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया स्थित सीडी गर्ल्स मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस अब पूरी तरह से सीबीएसई आधारित विद्यालय बन गया है। यह जिले का पहला सरकारी स्कूल है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक की छात्राओं को सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जा रही है। इस पहल से उन गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिली है। पहले इस विद्यालय में केवल कक्षा 9वीं से 12वीं तक सीबीएसई के तहत पढ़ाई होती थी, लेकिन अब शिक्षा विभाग के निर्णय के बाद इसे प्राथमिक स्तर तक विस्तारित कर दिया गया है। इससे छात्राओं को शुरुआती कक्षाओं से ही बेहतर और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा का अवसर मिलेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस स्कूल, अंग्रेजी माध्यम पर जोर राज्य सरकार की मुख्यमंत्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत इस विद्यालय को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। यहां स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब, लैंग्वेज लैब, बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स लैब जैसी उन्नत शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसके साथ ही इंडोर स्पोर्ट्स रूम और तीन आईसीटी रूम भी बनाए गए हैं। अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। विद्यालय के प्राचार्य शशि कुमार ने बताया कि सीबीएसई मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल छोटे बच्चों के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है, ताकि वे अपनी सुविधा के अनुसार चयन कर सकें। नि:शुल्क शिक्षा और सस्ती किताबों से राहत इस सरकारी स्कूल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां शिक्षा पूरी तरह नि:शुल्क है और एनसीईआरटी की सस्ती किताबों के माध्यम से पढ़ाई कराई जाती है। वर्तमान में निजी सीबीएसई स्कूलों की बढ़ती फीस और महंगी किताबों के कारण अभिभावकों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है। ऐसे में यह स्कूल एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आया है। विद्यालय में कुल 42 शिक्षक कार्यरत हैं, जो विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित हैं। नामांकन के लिए भी पर्याप्त सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 1 से 7 तक प्रत्येक वर्ग में 40-40 सीटें निर्धारित हैं, जबकि 11वीं में आर्ट्स में 120, साइंस और कॉमर्स में 60-60 सीटें हैं। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 10:49 am

पंजाब के स्कूलों में ऑनलाइन ट्रैकर सिस्टम शुरू:बच्चों की गैरहाजिरी पर पेरेंट्स को आएगा मैसेज, शिक्षा मंत्री ने समर्थ प्रोजेक्ट किया लॉन्च

पंजाब सरकार की तरफ से आज से राज्य के 18,000 सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन अटेंडेंस ट्रैकर सिस्टम लागू किया गया है। जिससे अब बच्चों के स्कूल से गैरहाजिर रहने पर उनके पेरेंट्स के पास मैसेज जाएगा। अगर बच्चा तीन दिन से ज्यादा गैरहाजिर रहता है, तो स्कूल की तरफ से पेरेंट्स को कॉल की जाएगी। यदि यह सिलसिला बढ़ता है तो 15 दिन के बाद जिला व फिर मुख्यालय के अधिकारी बात करेंगे। यह दावा पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने किया। उन्होंने बताया कि आज यह सिस्टम लॉन्च कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे बच्चों की सिक्योरिटी भी मजबूत होगी। इसमें सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सारे स्टूडेंट्स कवर होंगे। सरकारी स्कूलों में 30 लाख स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। वहीं, समर्थ प्रोजेक्ट लॉन्च किया गया है। प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबें मुहैया करवाईं शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि 2022 में जब वह मंत्री बने थे तो उन्हें पता चला था कि सितंबर-अक्टूबर तक किताबें स्कूलों में नहीं पहुंचती थीं और फोटोस्टेट से बच्चों को पढ़ाया जाता था। लेकिन आप सरकार के आते ही सिस्टम में सुधार किया गया। इसके लिए स्ट्रेटजी बनाकर काम किया गया है। इस बार फरवरी में किताबें स्कूलों तक पहुंचाई गईं। इसके बाद अब प्राइवेट स्कूलों की तरह किताबों के बंडल बनाकर एक अप्रैल को बच्चों को सौंपा गया है, जिससे अब पढ़ाई शुरू हो गई है। शिक्षा क्षेत्र में नंबर एक पर शिक्षा विभाग का दावा है कि PARAKH 2024 सर्वे में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में देश में नंबर एक स्थान पर रहा है। पिछले तीन वर्षों की उपलब्धियों के बाद अब मिशन समर्थ के अगले चरण का शुभारंभ किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, चार वर्षों के कार्यकाल में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं और स्कूलों में कई नई पहल शुरू की गई हैं, जिनके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। शिक्षा विभाग ने यह काम भी किया पंजाब का शिक्षा बजट बढ़कर 19,279 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। राज्य सरकार ने ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत 118 आधुनिक स्कूल स्थापित किए हैं। इसके अलावा, प्रिंसिपलों और शिक्षकों को सिंगापुर, फिनलैंड तथा IIM अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग दी गई है। सरकार ने 14,500 से अधिक नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की है। NAS 2024 की रैंकिंग में पंजाब देश में शीर्ष स्थान पर रहा, जबकि सरकारी स्कूलों के रिकॉर्ड संख्या में छात्रों ने JEE Main जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 9:56 am

'दरभंगा को शिक्षा का हब बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध':जिले में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी; सांसद बोले- छात्रों के लिए वरदान साबित होगा

केंद्र सरकार से दरभंगा में तीसरे केंद्रीय विद्यालय के संचालन को मंजूरी मिल गई है। इस पर स्थानीय सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने खुशी जताई है। इसे क्षेत्र के शैक्षणिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है। सांसद ने कहा कि भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालयों को मंजूरी दी थी, जिसमें दरभंगा का केंद्रीय विद्यालय-3 (एम्स) भी शामिल है। अब इस विद्यालय को शुरू करने की स्वीकृति मिलना केंद्र की मोदी सरकार की दूरदर्शी पहल का प्रमाण है। प्रारंभिक चरण में कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई हनुमाननगर प्रखंड स्थित +2 उच्च विद्यालय, कोलहंटा पटोरी में संचालित की जाएगी। साथ ही सभी आवश्यक औपचारिकताओं को एक माह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार दरभंगा को शैक्षणिक गरिमा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रों के लिए वरदान साबित होगा गोपालजी ठाकुर ने आगे कहा कि एम्स के पास गोढ़इला मौजा के पटोरी में स्वीकृत केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन निर्माण में तेजी लाने और शिक्षण कार्य शीघ्र प्रारंभ कराने को लेकर लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री से संपर्क में रहे हैं। उनके प्रयासों का सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहा है। जब तक विद्यालय का स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पढ़ाई शुरू करने का केंद्र सरकार का निर्णय क्षेत्र के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा। मिथिला क्षेत्र में शिक्षा, ज्ञान परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है, जिसका परिणाम अब दिखने लगा है।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 8:34 am

नूंह DEEO को हरियाणा शिक्षा निदेशालय की फटकार:प्रमोशन केस भेजने में देरी, कल तक नहीं भेजने पर होगी कार्रवाई

हरियाणा स्कूल शिक्षा निदेशालय ने मेवात (नूंह) जिले में टीजीटी/सीएंडवी से पीजीटी पदों पर पदोन्नति मामलों में देरी को गंभीरता से लिया है। विभाग ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, नूंह को कड़े निर्देश जारी करते हुए 10 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित मामलों की पूरी रिपोर्ट भेजने को कहा है। मौलिक शिक्षा निदेशालय के पत्र अनुसार, विभाग ने पहले भी 30 दिसंबर 2025 और 11 मार्च 2026 को इस संबंध में निर्देश दिए थे। इसके बावजूद 24 मार्च 2026 तक मांगी गई जानकारी विभाग को प्राप्त नहीं हुई, जिससे आदेशों की अनदेखी सामने आई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक सभी आवश्यक दस्तावेजों सहित पदोन्नति केस नहीं भेजे गए, तो इसे जान-बूझकर देरी मानते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जानिए निर्देशों में क्या कहा गया…

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 7:51 am

पात्रता परीक्षा रोकने सरकार सुप्रीम कोर्ट में रखेगी पक्ष:कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल को स्कूल शिक्षा मंत्री ने किया आश्वस्त; कहा- अहित नहीं होने देंगे

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने राज्य कर्मचारी संघ और शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल से कहा है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में शिक्षकों की विपरीत कोई भी निर्णय नहीं करेगी। शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ एवं शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप से मुलाकात कर समस्याएं बताईं। प्रतिनिधि मंडल ने संयुक्त रूप शिक्षा मंत्री से पात्रता परीक्षा को लेकर प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखा तथा सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट मे पक्ष रखने का आग्रह किया। इसके बाद शिक्षा मंत्री ने आश्वस्त किया कि सरकार शिक्षकों के साथ है, हम शिक्षकों के पक्ष में पूरी तरह से खड़े हुए हैं। सरकार जल्दबाजी में कोई निर्णय नहीं करेगी राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनिल भार्गव वायु ने जानकारी दी है कि तकनीकी एवं विधि सम्मत कार्यवाही की प्रकिया के उपरांत सरकार शीघ्र ही उच्चतम न्यायालय में प्रदेश के शिक्षकों का पक्ष रखेगी। सरकार जल्दबाजी में कोई भी शिक्षकों की विपरीत निर्णय नहीं करेगी। प्रतिनिधि मंडल मे भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर, मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़, मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव एवं प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह उपस्थित रहे। प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं मध्य प्रदेश राज्य कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत श्रीवास्तव ने कहा कि “प्रदेश के समस्त शिक्षक एकजुट हैं और अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। हमें विश्वास है कि सरकार शिक्षकों के हितों की रक्षा करते हुए न्याय दिलाएगी।” शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखेंगे मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौड़ ने भी कहा कि “शिक्षकों का पक्ष पूरी मजबूती से रखा है और हमें पूर्ण विश्वास है कि सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि “सरकार के सकारात्मक रुख से प्रदेश के शिक्षकों में विश्वास मजबूत हुआ है। हम सभी शिक्षक एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं और न्याय मिलने की पूरी आशा है।”

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 5:30 am

वार्षिक बैठक में शिक्षा, रोजगार व सामाजिक चेतना पर जोर दिया गया

भास्कर न्यूज | पाण्डुका अखिल भारतीय आदिवासी हल्बा/हल्बी समाज गड़ बिंद्रा नवागढ़ परिक्षेत्र की वार्षिक बैठक पोंड पाण्डुका में आयोजित की गई। बैठक में जिले के लगभग 25 गांवों के सभी सामाजिक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, मातृशक्ति/पितृशक्ति, कर्मचारी प्रकोष्ठ, युवा और युवती प्रभाग की उपस्थिति रही। बैठक की शुरुआत आराध्य देवी माई दंतेश्वरी, महात्मा सावित्री ज्योतिबा फूले, भारत रत्न बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर, शहीद गैंदसिंह नायक और सुखदेव (पातर) हल्बा के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण पूजा अर्चना से हुई। तत्पश्चात सभी अतिथियों का स्वागत पीला चावल का टीका और गुलाल लगाकर किया गया। नन्हीं बच्चियों ने आदिवासी संस्कृति से जुड़ी गीत और नृत्य प्रस्तुत कर सभा को मनमोहक बनाया और उपस्थित लोगों ने तालियों से उनका उत्साह बढ़ाया। बैठक का उद्देश्य सालभर का आय-व्यय का लेखा-जोखा प्रस्तुत करना, समाज को संगठित करना, स्वतंत्रता, समानता, मानवता, एकता और भाईचारे की भावना जागृत करना था। साथ ही समाज में शिक्षा, रोजगार के अवसर प्रदान करना, मोबाइल फोन का सदुपयोग, नशा निवारण और सामाजिक प्रकरणों पर चर्चा की गई। मातृशक्ति ने आगामी जाति जनगणना पर ध्यान देने और शिक्षा, रोजगार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर ठोस कदम उठाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने समाज में दुर्व्यसन की ओर बढ़ते कदम पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रत्येक गांव में कार्यशाला आयोजित कर इसके दुष्परिणाम रोकने और आदिवासी रीति-नीति, संस्कृति एवं परंपराओं को संजोकर रखने पर जोर दिया। बैठक में गढ़ अध्यक्ष जैतराम नाग ने समाज को संगठित करने पर अपने विचार रखे। गढ़ सचिव पोखराज चिंडा द्वारा सामाजिक विकास उत्थान पर चर्चा की गई। सलाहकार बोधन कांशी ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। सिहावा संभाग उपाध्यक्ष लीलाम्बर सोम ने सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर अपनी चिंता जाहिर किये। कर्मचारी प्रकोष्ठ अध्यक्ष रोहित बोर्झा ने महिलाओ को रोजगार सृजन कर शसक्त समाज निर्माण पर अपनी बाते रखी। बैठक में सभी ने समाज को संगठित करने, सामाजिक विकास को बढ़ावा देने और परंपराओं को संरक्षित रखने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 9 Apr 2026 5:30 am

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am