कोरबा जिले में सिकल सेल के 550 से अधिक मरीज चिन्हित हैं, लेकिन पेंशन और शिक्षा सहायता का लाभ किसी को नहीं मिल रहा है। जानकारी के अभाव और दिव्यांगता प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण मरीज योजनाओं से वंचित हैं। बीमारी के कारण बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है, जिससे आर्थिक दबाव बढ़ता है। बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है, छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल रहा।
JNU में छात्रों की भूख हड़ताल: MP John Brittas ने राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री से की दखल की मांग
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल सोमवार को 17वें दिन में प्रवेश करने और इसमें शामिल छात्रों की सेहत बिगड़ने का हवाला देते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी से हस्तक्षेप का आग्रह किया है। ब्रिटास ने रविवार को राष्ट्रपति और शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन के आदेश वापस लेने, मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय (सीपीओ) नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को वापस लेने और छात्रों की शिकायतों का शीघ्र समाधान करने की मांग की। ब्रिटास ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जेएनयू के छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल अब 17वें दिन में प्रवेश कर गई है और इसमें शामिल छात्रों की बिगड़ती सेहत तत्काल हस्तक्षेप की मांग करती है।’’उन्होंने कहा, ‘‘जेएनयू का पूर्व छात्र होने के नाते मैं मौजूदा स्थिति को लेकर बेहद चिंतित हूं। जिस विश्वविद्यालय ने बहस और असहमति को बढ़ावा दिया, उसे इसके लिए दंडित नहीं करना चाहिए। इसकी लोकतांत्रिक परंपराओं को संरक्षित किया जाना चाहिए और छात्रों की आवाज को दबाने के बजाय सुना जाना चाहिए।’’ब्रिटास ने अपने पत्र में कहा कि भूख हड़ताल तीन अक्टूबर को शुरू हुई थी और इसकी वजह विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्र समुदाय की ‘‘वास्तविक और लंबे समय से लंबित चिंताओं’’ का कथित तौर पर समाधान नहीं करना था। उन्होंने कहा कि छात्र संघ के निर्वाचित प्रतिनिधियों के निष्कासन ने गंभीर चिंताएं पैदा की हैं। ब्रिटास ने लिखा, ‘‘निर्वाचित प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय से बाहर करने का सीधा असर छात्र संघ के कामकाज पर पड़ता है और इससे उस व्यवस्था को कमजोर किया जाता है, जिसके जरिये छात्र सामूहिक रूप से अपनी शिकायतें सामने रखते हैं।’’उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय अधिनियम, 1966 का उल्लेख करते हुए कहा कि इस कानून में सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक जीवन पद्धति को विश्वविद्यालय के बुनियादी सिद्धांतों में शामिल किया गया है। अधिनियम में राष्ट्रपति को विश्वविद्यालय का ‘विजिटर’ नामित किया गया है। माकपा राष्ट्रपति मुर्मू से अधिनियम की धारा आठ के तहत हस्तक्षेप करने और निष्कासन के आदेश वापस लेने, सीपीओ नियमावली के कथित आपत्तिजनक प्रावधानों को हटाने तथा छात्रों की लंबित शिकायतों का तत्काल समाधान करने के लिए उचित कदम उठाने का आग्रह किया।
जयपुर: दशहरे पर बच्चों ने कार्डबोर्ड से बनाया रावण, सीखीं नैतिक शिक्षाएं
ब्राइट बिगिनिंग्स न्यू डॉन वेलफेयर फाउंडेशन की गतिविधि के जरिए बच्चों को रामायण के आदर्शों, सत्य और सदाचार के महत्व से परिचित कराया गया।
वाराणसी में कन्या पूजन आयोजित:भारत चेतना ट्रस्ट की पहल, बेटियों के शिक्षा सशक्तीकरण दिया संदेश
वाराणसी में भारत चेतना ट्रस्ट की ओर से शारदीय नवरात्र के अवसर पर कन्या पूजन का आयोजन किया गया। इस दौरान कन्याओं का पूजन कर उन्हें सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति सम्मान बढ़ाने के साथ समाज में बेटियों के सम्मान, शिक्षा और सशक्तीकरण का संदेश दिया गया। भारत चेतना ट्रस्ट शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रहा है। ट्रस्ट का मानना है कि बेटियों का सम्मान केवल पूजा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर भी मिलने चाहिए।
भारत के रक्षा मंत्रालय की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड यानी कि बीईएल में प्रोजेक्ट इंजीनियर-1 के रिक्त पदों पर भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर निकाली गई है...
PC: KALINGA TV बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) जल्द ही 33,320 पोस्ट के लिए अपनी रिक्रूटमेंट प्रोसेस बंद करने वाला है, जो 26 अक्टूबर को खत्म होगी। यह रिक्रूटमेंट एजुकेशन डिपार्टमेंट, बिहार के तहत चौथा फेज़ है क्योंकि म्यूज़िक टीचर की वैकेंसी बढ़ाने की मांग की जा रही थी। खास टीचर पोस्ट बढ़कर 111 हो गई है। एग्जाम के लिए रजिस्टर करने के लिए एप्लीकेंट्स को ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर एप्लीकेशन फॉर्म भरना होगा। एप्लीकेशन फीस: जनरल, OBC, EWS, दूसरे राज्य के कैंडिडेट: Rs 750 SC, ST: Rs 200 बिहार के रहने वाले महिला कैंडिडेट और PwD: Rs 200 एग्जाम से जुड़ी डिटेल्स: MCQ बेस्ड 150 सवाल, हर सवाल एक नंबर का होगा एग्जाम टाइमिंग: 2 घंटे 30 मिनट इसमें नेगेटिव मार्किंग भी है अप्लाई कैसे करें: BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएं अब होमपेज पर, “BPSC TRE 4.0 एप्लीकेशन फॉर्म” टाइटल वाले लिंक पर क्लिक करें वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करें। रजिस्ट्रेशन होने के बाद, ज़रूरी क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके लॉग इन करें। अब फॉर्म में पर्सनल और एकेडमिक डिटेल्स भरें। बताए गए फॉर्मेट में डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस पे करें और फॉर्म सबमिट करें। कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें और इसे भविष्य के लिए सेव कर लें।
BREAKING : यूरोप के 6 देशों में बड़ा आंदोलन: शिक्षा और महंगाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, फ्रांस में हिंसा
चंदौली जिले के पड़या गांव में बन रहे मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय का बारजा गिर गया। यह विद्यालय 1 करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से बन रहा है। रविवार को अचानक बिल्डिंग का 10 फीट लंबा बारजा नीचे आ गिरा। इस मामले की जांच शुरू हो गई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने बारजा गिरने की जांच के लिए तीन अधिकारियों की टीम बनाई है। इसमें लोक निर्माण विभाग से एक टेक्निकल इंजीनियर और दो प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। बीएसए सचिन कुमार ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच होगी। बिल्डिंग मैटेरियल को लैब टेस्ट के लिए भी भेजा जाएगा। अगर जांच में कोई गड़बड़ी मिली, तो कार्यदाई संस्था के लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
जर्मनी में पढ़ाई: मुफ्त नहीं है शिक्षा, जानें खर्च और नियम
सरकारी यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस नहीं होने के बावजूद सेमेस्टर फीस और जीवनयापन के लिए छात्रों को करना होता है प्रबंध।
NMC New Update: मेडिकल शिक्षा के 2023 वाले नियम वापस, कॉलेजों के लिए ADR जमा करना अब भी जरूरी
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हिमाचल प्रदेश के नौ गांवों के 486 परिवारों पर हुए अध्ययन में रोजगार और शिक्षा को पलायन की प्रमुख वजह बताया गया। अध्ययन के अनुसार, लोग गांव लौटते रहे और परिवारों को पैसे भेजते रहे।
पंचायत चुनाव और सृजनात्मक प्रतियोगिताएं एक साथ, शिक्षा विभाग के सामने शिक्षकों की व्यवस्था की चुनौती
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उत्तरी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश अल्जीरिया अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए एक उभरते हुए उच्च शिक्षा हब के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। अपनी समृद्ध ऐतिहासिक विरासत, भूमध्यसागरीय आबोहवा और वैश्विक स्तर पर किफायती ट्यूशन फीस के चलते भारत सहित एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के छात्र अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों का रुख कर रहे हैं। हालांकि, यहां दाखिला लेने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए सबसे अहम पड़ाव भाषा का नियम और माध्यम समझना होता है। अल्जीरिया की उच्च शिक्षा प्रणाली बहुभाषी ढांचे पर आधारित है, जहां अलग-अलग संकायों के अनुसार पढ़ाई का माध्यम तय किया जाता है। यदि आप भी अल्जीरिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से डिग्री लेने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन से पहले वहां के आधिकारिक भाषा नियमों और प्रोफिशिएंसी शर्तों को बारीकी से समझना अनिवार्य है।अल्जीरियाई उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय (Ministry of Higher Education and Scientific Research) ने विदेशी छात्रों के प्रवेश को सुगम बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म ('Study in Algeria') की शुरुआत की है। इस पोर्टल के जरिए आवेदन करने वाले छात्रों को अपने पसंदीदा पाठ्यक्रम के अनुसार भाषा दक्षता साबित करनी होती है। देश में मुख्य रूप से तीन भाषाएं—अरबी, फ्रेंच और हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ रही अंग्रेजी—उच्च शिक्षण संस्थानों के अकादमिक पाठ्यक्रम का आधार हैं। विषय के चयन के आधार पर ही यह निर्धारित होता है कि छात्र को किस भाषा में परीक्षा देनी होगी या किस भाषा का प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना होगा।कोर्स और संकाय के आधार पर बंटा है माध्यम: अरबी, फ्रेंच और अंग्रेजी का त्रिकोणअल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में भाषाओं का वर्गीकरण संकाय के आधार पर काफी स्पष्ट रखा गया है। मानविकी, सामाजिक विज्ञान, कानून, इस्लामी अध्ययन, राजनीति विज्ञान और साहित्य जैसे विषयों की पूरी पढ़ाई और परीक्षाएं आधिकारिक तौर पर अरबी भाषा में आयोजित की जाती हैं। यदि कोई विदेशी छात्र इन विषयों में स्नातक (Licence), स्नातकोत्तर (Master) या डॉक्टरेट की डिग्री लेना चाहता है, तो उसके लिए आधुनिक मानक अरबी (Modern Standard Arabic) में मजबूत पकड़ होना पहली और अनिवार्य शर्त है। अरबी माध्यम के पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए छात्रों को संबंधित भाषा में संवाद, लेखन और शोध का प्रमाण देना होता है।दूसरी ओर, चिकित्सा (Medicine), फार्मेसी, दंत चिकित्सा, इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, कंप्यूटर साइंस और प्राकृतिक विज्ञान जैसे तकनीकी पाठ्यक्रमों में दशकों से फ्रेंच भाषा का प्रमुख प्रभाव रहा है। भले ही अल्जीरिया की राष्ट्रीय भाषा अरबी और तमाज़िट हैं, लेकिन अधिकांश तकनीकी और मेडिकल कॉलेजों में आज भी व्याख्यान, रिसर्च पेपर और प्रैक्टिकल का माध्यम फ्रेंच बना हुआ है। इसके साथ ही, अल्जीरिया सरकार द्वारा अपनी उच्च शिक्षा प्रणाली का तेजी से अंतरराष्ट्रीयकरण करने की नीति के तहत अब कई प्रमुख विश्वविद्यालयों, नेशनल पॉल ऑफ़ एक्सीलेंस और तकनीकी संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी के कोर्सेज पूरी तरह अंग्रेजी माध्यम में संचालित किए जा रहे हैं।विदेशी छात्रों के लिए भाषा दक्षता प्रमाण पत्र (Language Proficiency Requirements)अल्जीरियाई विश्वविद्यालयों में सीधे डिग्री प्रोग्राम में दाखिला पाने के लिए विदेशी छात्रों को अपनी भाषा योग्यता का आधिकारिक प्रमाण देना होता है। यदि आप किसी ऐसे पाठ्यक्रम में आवेदन कर रहे हैं जिसका माध्यम फ्रेंच है, तो आपको DELF (Diplme d'Etudes en Langue Franaise) या DALF अथवा TCF (Test de Connaissance du Franais) का कम से कम B2 स्तर का स्कोरकार्ड प्रस्तुत करना आवश्यक माना जाता है। यह प्रमाणपत्र यह सुनिश्चित करता है कि छात्र क्लासरूम में होने वाले जटिल वैज्ञानिक विमर्श और थ्योरी को आसानी से समझ सके।अंग्रेजी माध्यम से संचालित होने वाले डिग्री प्रोग्राम्स के लिए छात्रों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य टेस्ट जैसे आईईएलटीएस (IELTS) या टॉफेल (TOEFL) स्कोर की मांग की जाती है। सामान्य तौर पर न्यूनतम 6.0 से 6.5 बैंड का स्कोर अधिकांश इंजीनियरिंग और रिसर्च प्रोग्राम्स के लिए मान्य होता है। वहीं, जिन छात्रों की पूर्व शिक्षा अंग्रेजी माध्यम में पूरी हुई है, उन्हें संबंधित संस्थान द्वारा जारी 'मीडियम ऑफ इंस्ट्रक्शन' (MOI) सर्टिफिकेट के आधार पर सशर्त छूट भी मिल सकती है। अरबी भाषा के कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी का एडमिशन बोर्ड छात्र का प्रत्यक्ष ऑनलाइन इंटरव्यू या भाषा परीक्षण ले सकता है।प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर: भाषा में कमजोर छात्रों के लिए विशेष फाउंडेशन कोर्सकई बार ऐसा होता है कि भारत या गैर-अरबी/गैर-फ्रेंच भाषी देशों के प्रतिभाशाली छात्रों के पास उत्कृष्ट शैक्षणिक रिकॉर्ड तो होता है, लेकिन वे अल्जीरिया की शिक्षण भाषाओं में दक्ष नहीं होते। ऐसे छात्रों के लिए अल्जीरियाई उच्च शिक्षा प्रणाली में 'प्रिपरेटरी लैंग्वेज ईयर' (Preparatory / Intensive Language Year) का विशेष प्रावधान रखा गया है। इसके तहत छात्र को मुख्य डिग्री कोर्स शुरू करने से पहले एक साल का गहन भाषा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पूरा करना होता है।इस एक वर्ष के दौरान छात्र को विश्वविद्यालय के इंटेंसिव लैंग्वेज टीचिंग सेंटर (CEIL) में नामांकित किया जाता है, जहां उन्हें प्रतिदिन कई घंटों तक अरबी या फ्रेंच की व्याकरण, शब्दावली और अकादमिक लेखन का गहन अभ्यास कराया जाता है। वर्ष के अंत में आयोजित होने वाले मानकीकृत मूल्यांकन को उत्तीर्ण करने के बाद छात्र को स्वतः उसके मुख्य डिग्री प्रोग्राम (जैसे मेडिसिन, इंजीनियरिंग या आर्ट्स) में नियमित कक्षाएं शुरू करने की अनुमति दे दी जाती है। यह व्यवस्था विदेशी छात्रों को स्थानीय संस्कृति में ढलने और भाषा के डर को पूरी तरह खत्म करने का बेहतरीन अवसर देती है।वीजा, स्कॉलरशिप और स्थानीय जीवन के लिए भाषा का व्यावहारिक महत्वअल्जीरिया के लिए स्टूडेंट वीजा आवेदन के दौरान भी भाषा की तैयारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। दूतावास में वीजा साक्षात्कार के समय अधिकारियों द्वारा छात्र से अध्ययन के माध्यम और उनकी तैयारी को लेकर सवाल पूछे जा सकते हैं। अल्जीरियाई सरकार द्वारा दी जाने वाली विभिन्न द्विपक्षीय छात्रवृत्तियों (Government Scholarships) में भी भाषा दक्षता को मेरिट का एक अहम पैमाना माना जाता है।कैंपस के बाहर रोजमर्रा की जिंदगी की बात करें तो अल्जीरिया में स्थानीय बोलचाल की भाषा 'दरिजा' (अल्जीरियाई अरबी) और फ्रेंच का व्यापक प्रभाव है। हॉस्टल, सुपरमार्केट, सार्वजनिक परिवहन और स्थानीय बाजारों में बातचीत करने के लिए बेसिक फ्रेंच या अरबी के रोजमर्रा के वाक्यों की जानकारी होना विदेशी छात्रों के लिए जीवन को बेहद सहज बना देता है। इसलिए अल्जीरिया जाने का मन बना रहे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने प्रस्थान से पहले ही बुनियादी भाषा प्रशिक्षण शुरू कर दें ताकि वे एक सुरक्षित, समृद्ध और तनाव-मुक्त अकादमिक यात्रा का आनंद ले सकें।
TET News Update: MP में 62 हजार शिक्षकों के हक की लड़ाई तेज, स्कूल शिक्षा सचिव से मिलकर रखेंगे बात
शिक्षकों ने प्रदेश सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में बताई जा रही 10 तकनीकी कमियों को दूर कराने की मांग उठाई।
पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ भर्ती 2026 के तहत 60 पदों पर आवेदन करने का आज आखिरी मौका है। मल्टी टास्किंग स्टाफ, फार्मासिस्ट, चिकित्सा अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर समेत विभिन्न पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 19 अक्तूबर को समाप्त हो रही है।
शिक्षा, आरक्षण और रोजगार... CM नायब सैनी ने OBC समाज को दी गारंटी; गिनाए हित में लिए गए कई फैसले
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ओबीसी समाज को शिक्षा, आरक्षण और रोजगार के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने नामदेव भवन के लिए 21 लाख रुपये की घोषणा की।
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
कौंधियारा की शिक्षा व्यवस्था को बनाएंगे बेहतर : खंड शिक्षा अधिकारी
Deoria News: बालिकाओं की शिक्षा व सुरक्षा का दिया संदेश
Conveyed a message regarding the education and safety of girls
Hisar News: खेलों के जरिये बच्चों को शिक्षा से जोड़ेगी विलेज चैंपियन लीग
ओआईटीएम रूट्स फाउंडेशन ने विलेज चैंपियन लीग (वीसीएल) के तहत कैमरी क्षेत्र के 10 गांवों में खेल जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों के बच्चों को खेल गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा से जोड़ना और उनका सर्वांगीण विकास करना है।
Kannauj News: शिक्षामित्र की तबीयत बिगड़ी, इलाज के दौरान मौत
तालग्राम। ब्लॉक के पीएमश्री स्कूल में तैनात शिक्षामित्र स्कूल पहुंचने के बाद तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें लेकर फर्रुखाबाद पहुंचे, जहां पर इलाज के दौरान मौत हो गई। शव घर पहुंचते ही चीख-पुकार मच गई।
विचार: सार्थक बनाई जाए उच्च शिक्षा नीति
छात्रों को सही सवाल पूछना, समस्या को ठीक ढंग से परिभाषित करना और फिर उसका हल निकालना आना चाहिए।
सेवा भारती अजमेर ने किया 151 कन्याओं का पूजन, शिक्षा और सम्मान का दिया संदेश
कचहरी रोड स्थित बीसिट में हुआ आयोजन, हवन-यज्ञ के बाद कन्याओं को कराया भोजन अजमेर। सेवा भारती अजमेर महानगर इकाई की ओर से रविवार को कचहरी रोड स्थित बीसिट परिसर में कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 151 कन्याओं का पूजन कर भारतीय संस्कृति और नारी सम्मान का संदेश दिया गया। धार्मिक अनुष्ठान […] The post सेवा भारती अजमेर ने किया 151 कन्याओं का पूजन, शिक्षा और सम्मान का दिया संदेश appeared first on Sabguru News .
योगी सरकार में उच्च शिक्षा के विस्तार को नई गति, अलीगढ़ में प्रस्तावित सांई ग्लोबल विश्वविद्यालय को मिला आशय पत्र
चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग को 154 नए जेबीटी मिलेंगे, जिससे लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को भी जल्द राहत मिलेगी। इसके बाद टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की नियुक्तियों और पदोन्नति की प्रक्रिया भी शुरू होगी।
शहर के कालीबाड़ी स्थित जय मां काली दुर्गा पूजा समिति का पंडाल इस वर्ष अपनी अनूठी थीम के कारण श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रहा है। समिति ने इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी की थीम पर पंडाल तैयार किया है। इसमें पुरातन शिक्षा व्यवस्था से लेकर आधुनिक शिक्षा प्रणाली तक के सफर को दर्शाया गया है। पंडाल के माध्यम से शिक्षा के बदलते स्वरूप, उसके महत्व और विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों को सामने लाने का प्रयास किया गया है। पंडाल में अजंता शैली में निर्मित मां दुर्गा की प्रतिमा भी विशेष आकर्षण का केंद्र है। श्रद्धालु यहां माता के दर्शन के साथ पंडाल की कलात्मक सजावट और संदेशपरक प्रस्तुति को देख रहे हैं। हजारीबाग की महारानी के नाम से जुड़ी इस पूजा समिति में हर वर्ष अलग-अलग थीम के साथ मां दुर्गा का आगमन होता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए समिति ने इस बार शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय को चुना है। शिक्षा व्यवस्था के बदलाव और विद्यार्थियों की चुनौतियों को किया प्रदर्शित समिति ने पंडाल की थीम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि शिक्षा सभी लोगों के लिए समान रूप से जरूरी है। पंडाल में मूर्तियों और विभिन्न प्रॉप्स के माध्यम से आधुनिक शिक्षा व्यवस्था की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई है। इसमें शिक्षकों, स्कूलों और विद्यार्थियों पर पढ़ाई के बढ़ते दबाव को दिखाया गया है। साथ ही एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को भी प्रस्तुति का हिस्सा बनाया गया है। इसके जरिए लोगों का ध्यान विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति और पढ़ाई के दौरान उनके सामने आने वाली परेशानियों की ओर खींचने का प्रयास किया गया है। पंडाल की थीम केवल शिक्षा व्यवस्था को प्रदर्शित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से शिक्षा के उद्देश्य पर भी सवाल उठाए गए हैं। समिति का संदेश है कि पढ़ाई को केवल किताबी ज्ञान और परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए, जिससे व्यक्ति का समग्र विकास हो और वह जीवन की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम बन सके। सभी धर्मों और वर्गों के लिए समान शिक्षा पर जोर जय मां काली दुर्गा पूजा समिति के सदस्य इंद्रजीत अग्रवाल ने बताया कि शिक्षा सभी धर्मों और सभी लोगों के लिए समान रूप से आवश्यक है। समिति ने इसी विचार को पंडाल के माध्यम से प्रदर्शित करने का प्रयास किया है। उनका उद्देश्य लोगों तक शिक्षा की समानता और उसके महत्व का संदेश पहुंचाना है। समिति हर वर्ष किसी अलग और संदेशपरक विषय पर पंडाल तैयार करती है, ताकि दुर्गा पूजा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक मुद्दों पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया जा सके। इस बार शिक्षा और शिक्षार्थी को केंद्र में रखकर तैयार की गई थीम के माध्यम से विद्यार्थियों, शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को एक साथ प्रस्तुत किया गया है। समिति का मानना है कि शिक्षा व्यक्ति के जीवन को दिशा देने के साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए हर व्यक्ति तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करना और पढ़ाई के लिए समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। पर्यावरण संरक्षण के लिए कपड़े की थैलियों का उपयोग शिक्षा के संदेश के साथ समिति ने पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी पहल में शामिल किया है। पंडाल में भोग के लिए आने वाले सदस्यों को कपड़े की थैलियां दी जा रही हैं, ताकि प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम किया जा सके। पूजा जैसे बड़े आयोजन में छोटे-छोटे बदलावों के जरिए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरह कालीबाड़ी का यह पंडाल आस्था, कला, शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का संगम बनकर सामने आया है। अजंता शैली की मां दुर्गा की प्रतिमा, शिक्षा व्यवस्था पर आधारित कलात्मक प्रस्तुति और पर्यावरण हितैषी पहल इसे इस वर्ष हजारीबाग के प्रमुख पूजा आकर्षणों में शामिल कर रही हैं।
बेगूसराय के सिंघौल स्थित हर्ष गार्डन में विवेकानंद विचार मंच के तत्वावधान में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी सर्वेश कुमार एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. घनश्याम राय के समर्थन में सभा आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने राज्य के शिक्षकों, पुस्तकालय अध्यक्षों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार में इस समय लगभग 75 हजार नियोजित शिक्षक हैं, जिनका प्रशासनिक नियंत्रण अब तक पंचायती राज विभाग के अधीन रहा है। बिहार सरकार ने कैबिनेट स्तर पर इस विषय पर गंभीर विचार-विमर्श किया है और यह निर्णय लिया गया है कि नियोजित शिक्षकों का पूरा नियंत्रण पंचायती राज विभाग से हटाकर शिक्षा विभाग के अधीन लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले एक सप्ताह के भीतर यह नियंत्रण प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। जैसे ही नियंत्रण शिक्षा विभाग के पास आएगा, उसके तुरंत बाद सभी पात्र शिक्षकों के लंबित प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए शिक्षकों को किसी दफ्तर या अधिकारी के चक्कर काटने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी व्यवस्थाएं खुद बन जाएगी। मांग, आवश्यकता के अनुसार बीपीएससी को रिक्तियां भेजी हैं- मिथिलेश तिवारी शिक्षा मंत्री ने कहा है कि राज्य सरकार ने मांग और आवश्यकताओं के अनुसार ही बीपीएससी (BPSC) को रिक्तियां भेजी है। पूर्व में 20 हजार भर्तियों का इरादा था, लेकिन अब तक लगभग 34 हजार पदों के लिए अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। वर्तमान में जारी ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होते ही जहां भी नए पद रिक्त होंगे, उन सभी रिक्तियों को तुरंत बीपीएससी को भेजा जाएगा। जिससे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के युवाओं और अभ्यर्थियों को रोजगार के भरपूर अवसर मिल सके। पुस्तकालय व्यवस्था और लाइब्रेरियन बहाली को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 19 वर्षों से बिहार में पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली नहीं हुई थी। सरकार ने अब निर्णय लिया है कि 19 साल के लंबे इंतजार के बाद पुस्तकालय अध्यक्षों की बहाली की जाएगी। सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू, आवेदन प्राप्त किए जा रहे इसके लिए सक्षमता परीक्षा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आवेदन प्राप्त किए जा रहे हैं। जब ट्रांसफर का सामान्य पोर्टल खुलेगा, तो उसमें पुस्तकालय अध्यक्षों, प्रधान शिक्षकों तथा मॉडल स्कूलों के शिक्षकों के स्थानांतरण का भी स्पष्ट विकल्प उपलब्ध रहेगा। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों की आशंकाओं को दूर करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक के ट्रांसफर के लिए कोई बाधा या बैरियर नहीं रहेगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूरी व्यवस्था को पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त बनाया गया है। शिक्षकों का शोषण करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं गया है और उन पर कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर वे स्वयं संज्ञान लेते हैं और देर रात तक सचिवालय में बैठकर फैसले लेते हैं।
Bhagalpur Education Department Show Cause To Dead Teachers: भागलपुर शिक्षा विभाग ने मृत शिक्षकों को प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने पर नोटिस जारी कर दिया, जिससे विभाग की घोर लापरवाही उजागर हुई है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सोनीपत के गोहाना में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे और कांग्रेस पर निशाना साधा। मीडिया से बातचीत में उन्होंने भाजपा सरकार के दो साल के कार्यकाल, कल्याणकारी योजनाओं, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति और रोजगारपरक शिक्षा को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कांग्रेस के वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए ठोस सबूत पेश करने की मांग की। इसके साथ ही पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा की रणनीति बताते हुए नशे पर रोक, किसानों की फसलों की एमएसपी पर खरीद और विकास को प्रमुख मुद्दा बताया। भाजपा ने घोषणा पत्र के वादे पूरे किए : महिपाल ढांडा शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपने दो साल के कार्यकाल में घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम किया है। उन्होंने लाडो लक्ष्मी योजना का जिक्र करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को लाभ देने के लिए आय सीमा बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये तक की गई है। इसके अलावा जरूरतमंद परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य गरीब से गरीब व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनता का भरोसा बनाए रखना है। नई शिक्षा नीति लागू, रोजगारपरक शिक्षा पर जोर महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की जा चुकी है। सरकार का जोर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ युवाओं को रोजगार के योग्य बनाने पर है। उन्होंने बताया कि उद्योगों की जरूरतों के अनुसार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 509 एमओयू किए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने परीक्षा परिणामों में सुधार का दावा करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव आया है और आने वाले वर्षों में रोजगारपरक शिक्षा के सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस से मांगे सबूत कांग्रेस की ओर से लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों पर शिक्षा मंत्री ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को खुद पर भरोसा नहीं है और उसके पास आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है। उन्होंने बैलेट पेपर से हुए चुनावों का हवाला देते हुए कांग्रेस के दावों पर सवाल उठाए। ढांडा ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले आरोपों के समर्थन में तथ्य सामने रखने चाहिए। एसआईआर प्रक्रिया का किया समर्थन महिपाल ढांडा ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मृत मतदाताओं के नाम हटाने और स्थान बदल चुके लोगों के रिकॉर्ड दुरुस्त करने का अवसर मिलता है। उन्होंने कांग्रेस से अपने आरोपों के समर्थन में ठोस सबूत पेश करने की मांग करते हुए कहा कि चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों के आधार पर बात करनी चाहिए। पंजाब चुनाव में नशा, एमएसपी और विकास होंगे मुद्दे पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा पूरी तैयारी के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी पंजाब में नशे की समस्या पर रोक लगाने, किसानों की फसलों की एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित करने और आतंकवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा विकास और अपने वादों को पूरा करने के आधार पर जनता का विश्वास हासिल करना चाहती है।
संत नामदेव जी की शिक्षाएं मानवता, समानता और श्रम के सम्मान का संदेश देती हैं : नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत शिरोमणि नामदेव जी महाराज की शिक्षाएं आज भी समाज को आपसी भाईचारे, प्रेम, समानता, मानवता और श्रम के सम्मान का...
जोमैटो में डिलीवरी पार्टनर कैसे बनें? होती है इतनी कमाई, करना होगा ये काम
आजकल के युवा केवल पढ़ाई या नौकरी ही नहीं करना चाहते हैं. उन्हें चाहिए कि सैलरी के साथ-साथ कुछ एक्स्ट्रा इनकम भी हो. इसके लिए वह पार्ट-टाइम नौकरी करते या फ्रीलांस से जुड़े काम करते हैं. उनके काम के इस लिस्ट में डिलीवरी का काम भी शामिल रहता है. लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर , युवाओं को ये काम कैसे मिलता है, क्या इसके लिए भी पैसे देने होते है और चयन के बाद कितनी कमाई होती है.
जेएनयू में आरएसएस के पथ संचलन का भाजपा ने किया समर्थन, विपक्ष बोला-शिक्षा व्यवस्था होगी खराब
New Delhi, 18 अक्टूबर . जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में विजयादशमी उत्सव के अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) द्वारा पथ संचलन का आयोजन किया गया. इसे…
बिलासपुर के सरकंडा स्थित श्री प्लाजा में नवरात्र के अवसर पर मां आदि शक्ति की प्रतीक कन्याओं का पारंपरिक विधि-विधान से पूजन किया गया। इस दौरान 5 हजार से ज्यादा कन्याओं के पैर पूजकर उन्हें उपहार के रूप में किताबें भेंट की गईं। श्री बुक डिपो और श्री प्रकाशन की ओर से कन्याओं को ये पुस्तकें दी गईं। आयोजन में कन्याओं को आध्यात्मिक शिक्षा और अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई। कन्याओं के सम्मान और सेवा का संदेश कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही बालिकाओं के प्रति सम्मान और सेवा भाव को बढ़ावा देना था। शहर के लोगों ने उत्साह के साथ आयोजन में हिस्सा लिया और कन्याओं का पूजन कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर बिलासपुर के कमिश्नर सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक आरपी गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, नगर निगम कमिश्नर प्रकाश कुमार सर्वे और डीआईजी रामकश्यप सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में शहर के विधायक अमर अग्रवाल, पूर्व विधायक शैलेष पांडेय, जिला अध्यक्ष दीपक सिंह, गहोई समाज के संरक्षक मनोहरलाल बरंसइया और वरिष्ठ समाजसेवी अनिल टाह भी शामिल हुए। इसके अलावा साहित्यकार और समाजसेवियों ने भी आयोजन में भाग लिया। इनमें डॉ. मदन देशपांडे, मधुश्री देशपांडे, डॉ. ओम माखीजा और डॉ. समर शर्मा प्रमुख रूप से शामिल रहे। आयोजन में बसंत साड़ी सेंटर परिवार और लालाजी परिवार सहित कई लोगों ने सहयोग किया। गुप्ता परिवार के पीयूष गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, प्रतीक गुप्ता, प्रवीण गुप्ता, डॉ. पारस गुप्ता, अधिवक्ता पुष्प गुप्ता, आयुषी गुप्ता, पारुल गुप्ता और सियाश्री गुप्ता का विशेष योगदान रहा। इंडियन कॉफी हाउस परिवार ने भी सेवा कार्य में भागीदारी निभाई।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड ने आर्टिजन ग्रेड चार के 660 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। ऑनलाइन आवेदन 21 अक्तूबर 2026 से शुरू होंगे और 18 नवंबर 2026 तक चलेंगे। उम्मीदवारों को दसवीं पास होने के साथ
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पैरामेडिकल भर्ती 2026 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा का संभावित कार्यक्रम जारी कर दिया है। परीक्षा 23 और 25 नवंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार परीक्षा शहर और तारीख की
रेलवे भर्ती बोर्ड ने आरआरबी जूनियर इंजीनियर सीबीटी-1 परीक्षा 2026 की परीक्षा शहर सूचना पर्ची जारी कर दी है। 27 अक्तूबर को परीक्षा देने वाले उम्मीदवार पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि की मदद से अपनी परीक्षा का
झारखंड शिक्षक भर्ती 2026: 7299 पदों पर आवेदन की आज आखिरी तारीख, मौका चूकने से पहले भरें फॉर्म
झारखंड में सहायक शिक्षक बनने का मौका तलाश रहे उम्मीदवारों के लिए आज महत्वपूर्ण दिन है। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से सहायक शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि आज यानी 18 अक्तूबर है।
साहित्य, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण में योगदान के लिए डॉ. प्रियंका ‘सौरभ’ सम्मानित
साहित्य और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उन्हें आईपीएस मनुमुक्त ‘मानव’ पुरस्कार, नारी रत्न पुरस्कार, हरियाणा की शक्तिशाली महिला पुरस्कार, विश्व हिंदी साहित्य रत्न पुरस्कार, सुपर वुमन अवार्ड, ग्लोबल सुपर वुमन अवार्ड, महिला रत्न सम्मान, नागरिक पत्रकारिता नारद पुरस्कार और साहित्यांचल राष्ट्रीय पुरस्कार सहित अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानद डॉक्टरेट उपाधियां भी मिली हैं।
फ्रांस में अनियंत्रित महंगाई और स्कूलों की बदहाली के खिलाफ जनता का गुस्सा विस्फोटक रूप ले चुका है। शनिवार को देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के दौरान भारी हिंसा भड़क उठी।
वर्ल्ड डायरी: सऊदी की एअर इंडिया उड़ानें 24 तक रद्द; अल्बानिया में छात्र आंदोलन, शिक्षा मंत्रालय का घेराव
छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में सक्रिय तबादला सिंडिकेट के एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। विभागीय लेटरहेड, मंत्रालय की जाली सील और अवर सचिव आरपी वर्मा के फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर 19 शिक्षकों व कर्मचारियों के मनचाही जगहों पर ट्रांसफर आदेश जारी कर दिए गए। हैरत की बात यह है कि इस जाली सूची में शामिल सहायक शिक्षक, व्याख्याता, प्रधान पाठक और व्यायाम शिक्षक श्रेणी के कर्मचारियों के तबादले की भनक 15 जिलों के जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) तक को नहीं लगी।मामला सामने आते ही लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) में हड़कंप मच गया है। शासन को अंदेशा है कि इन कर्मचारियों ने सिंडिकेट से सांठगांठ कर या अनुचित माध्यमों से यह आदेश तैयार करवाया है। डीपीआई ने मामले की जांच बैठाते हुए सभी 15 डीईओ को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है और तीन प्रमुख बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर फर्जीवाड़े में संलिप्त सभी शासकीय सेवकों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन बिंदुओं पर मांगा गया है जवाब : यह फर्जी आदेश उनके कार्यालय में किस माध्यम से पहुंचा? इसके आधार पर कितने कर्मचारियों ने कार्यमुक्ति/ कार्यभार ग्रहण करने हेतु आवेदन दिया और कितनों को रिलीव/ जॉइन कराया गया? फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही जिला स्तर पर क्या कार्रवाई की गई? इन जिलों के डीईओ से मांगी गई रिपोर्ट: बलौदा बाजार, दुर्ग, बेमेतरा, बस्तर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, रायपुर, राजनांदगांव, कांकेर, कबीरधाम, बालोद, धमतरी, सरगुजा, गौरेला- पेंड्रा- मरवाही, बलरामपुर- रामानुजगंज, खैरागढ़- छुईखदान- गंडई। सवाल: बिना वेरिफिकेशन कैसे मिली रिलीविंग और जॉइनिंग?फर्जी आदेश जारी होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी दफ्तरों के अफसरों ने बिना किसी मंत्रालयिक सत्यापन के फर्जी आदेशों को असली मानकर ज्वॉइनिंग या रिलीविंग कैसे दे दी? 2020 में भी हो चुका है ऐसा फर्जी ट्रांसफरस्कूल शिक्षा विभाग में फर्जी ट्रांसफर का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के फर्जी ट्रांसफर आदेश निकल चुके हैं। इससे पहले 30 मार्च 2020 को स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार के नाम से 21 व्याख्याताओं, शिक्षकों व एक क्लर्क का तबादला कर दिया। इसमें व्याख्याता, शिक्षक एलबी और सहायक ग्रेड दो के नाम शामिल हैं। इस फर्जी आदेश में बस्तर के शिक्षक व महिला शिक्षक ज्यादा हैं। उन्हें बालोद, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग आदि स्थानों पर भेजा गया है। मामला उजागर होने के बाद अवर सचिव ने नवा रायपुर के राखी थाने में इसकी लिखित में शिकायत की थी। भास्कर एक्सपर्ट - मुकेश चौधरी, एक्सपर्ट, साइबर क्राइम AI के सुरक्षित इस्तेमाल की ट्रेनिंग जरूरीकिसी भी तरह के सरकारी आदेश को ई मेल के जरिए भेजा जाना चाहिए। इसके अलावा सरकारी विभाग के वेबसाइट पर आदेश को अपलोड किया जाना चाहिए जारी आदेशों का जिला स्तर पर ऑनलाइन पोर्टल से क्रॉस-वेरिफिकेशन करने के बाद ही जॉइनिंग/ रिलीविंग दी जानी चाहिए। जरूरी बात कि सरकारी विभागों के अफसरों व कर्मियों को एआई एथिक्स की ट्रेनिंग देनी चाहिए।
Kanpur News: 23 बिंदुओं पर परखी गई शिक्षा विभाग की तैयारी
परिषदीय स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की शनिवार को समीक्षा हुई।
Aquarius Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Kumbh Rashifal in Hindi: योजना बना कर काम करने का समय है, शिक्षा के क्षेत्र में ध्यान देना होगा, जल्दबाजी में फैसला ना करें, करियर के मामले में सोच समझ कर निर्णय लें, अपने मन की बात सबसे ना कहें.
वृश्चिक राशि वालों के आज शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, शुभ रंग- हल्का पीला
Scorpio Daily Horoscope, 18 October 2026 Aaj Ka Vrishchik Rashifal in Hindi: करियर से संबंधित फैसला सोच समझ कर करें, अपने काम सावधानी से करें, शिक्षा से जुड़े काम बनेंगे, किसी बात को लेकर अड़े ना रहें, लंबी दूरी की यात्रा से बचें, व्यापार में निवेश की स्थिति बनेगी.
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने चिकित्सा शिक्षा मानकों के रखरखाव संबंधी विनियम, 2023 को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है। हालांकि, मेडिकल कॉलेजों के लिए सालाना डिस्क्लोजर रिपोर्ट (एडीआर) जमा करने की शर्त को बरकरार रखा है।
Pilibhit News: डीएम ने स्कूलों में बच्चों से पढ़वाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ता
अमरिया। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने शनिवार को अमरिया तहसील क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय बारातबोझ और राजकीय इंटर कॉलेज अमरिया का औचक निरीक्षण किया।
Azamgarh News: पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
पीडीए पंचायत में आरक्षण, महंगाई और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा में शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की घोषणा की है। उन्होंने स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं, मेडिकल कॉलेजों के विस्तार, रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण योजनाओं पर भी प्रकाश डाला।
फ्रांस में तेजी से बढ़ती महंगाई और शिक्षा के गिरते स्तर के खिलाफ जनता और छात्रों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा है। शनिवार को राजधानी पेरिस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और दंगा-रोधी पुलिस के बीच तीखी झड़पें हुईं।
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का नया दौर, बढ़ीं 321 सीटें, तीन नए राजकीय कालेज खुले
उत्तराखंड में नर्सिंग शिक्षा का व्यापक विस्तार हुआ है, जिसमें 321 नई सीटें जोड़ी गई हैं और तीन नए राजकीय नर्सिंग कॉलेज स्थापित हुए हैं। इससे युवाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़े हैं, खासकर जापान और जर्मनी में।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह शिक्षा की घोषित दुश्मन है। शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा और शिक्षकों का अपमान उसकी राजनीति का आधार रहा है।
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में दिवाली की छुट्टी अब छह दिन की होगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने अवकाश में एक दिन की बढ़ोतरी करते हुए 6 से 11 नवंबर 2026 तक छुट्टी घोषित की है। पहले 6 से 10 नवंबर तक पांच दिन का अवकाश तय किया गया था। संशोधित आदेश से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। स्कूल शिक्षा विभाग ने 16 अक्टूबर को इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किया। इससे पहले 21 सितंबर 2026 को जारी शैक्षणिक कैलेंडर में दिवाली की छुट्टी पांच दिन निर्धारित की गई थी। अब इसमें आंशिक संशोधन कर अवकाश की अवधि 11 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। डीएड, बीएड कॉलेजों में भी अवकाश यह आदेश प्रदेश के शासकीय, अनुदान प्राप्त और गैर अनुदान प्राप्त स्कूलों पर लागू होगा। इसके साथ ही डीएड, बीएड और एमएड महाविद्यालयों में भी संशोधित कार्यक्रम के अनुसार दिवाली का अवकाश रहेगा। इस तरह स्कूलों और संबंधित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में छह दिन छुट्टी रहेगी। दिवाली के मौके पर छुट्टियों की अवधि बढ़ने से विद्यार्थियों और शिक्षकों को त्योहार की तैयारियों के लिए एक अतिरिक्त दिन मिलेगा। अवकाश की तारीखों में बदलाव के बाद संस्थानों को संशोधित आदेश के अनुसार शैक्षणिक गतिविधियों की योजना बनानी होगी।
एआईएचईआर के दीक्षांत समारोह में फडणवीस बोले, उच्च शिक्षा को नवाचार का केंद्र बनना होगा
एआईएचईआर के दीक्षांत समारोह में फडणवीस बोले, उच्च शिक्षा को नवाचार का केंद्र बनना होगा
मुजफ्फरपुर की सोनल कुमारी को अखिल भारतीय पंचायत परिषद का राष्ट्रीय सचिव नियुक्त किया गया है। नई दिल्ली के मयूर विहार स्थित परिषद के केंद्रीय कार्यालय पंचायत धाम में आयोजित विशेष बैठक में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपा गया। परिषद की कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने अध्यक्ष सुबोध कांत सहाय के निर्देश पर सोनल कुमारी को यह जिम्मेदारी दी। इस मौके पर बिहार और गुजरात से आए कई लोग मौजूद रहे। सोनल कुमारी मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले की निवासी हैं। वह पिछले आठ वर्षों से गुजरात में सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। गुजरात को अपनी कर्मभूमि मानने वाली सोनल ग्रामीण शिक्षा, महिला सशक्तीकरण और स्वच्छता अभियान से जुड़े कार्यों में योगदान देती रही हैं। राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिलने के बाद सोनल कुमारी ने कहा कि आने वाले समय में पंचायतों में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगी। उनका प्रयास महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें पंचायत व्यवस्था से जोड़ने पर रहेगा। परिषद की कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने उम्मीद जताई कि सोनल कुमारी की नियुक्ति से बिहार में महिलाओं का परिषद से जुड़ाव बढ़ेगा। साथ ही गुजरात में भी अधिक महिलाओं को परिषद के साथ जोड़ने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर परिषद के महामंत्री ध्यान पाल सिंह, राष्ट्रीय सचिव जमादार राय समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। सोनल कुमारी को नई जिम्मेदारी मिलने पर परिषद के सदस्यों और शुभचिंतकों ने बधाई दी।
मोतिहारी में चंद्रा फाउंडेशन की शुरुआत:महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए करेगा काम
मोतिहारी के बेलबनवा स्थित चंद्रा लाइफलाइन हॉस्पिटल परिसर में शनिवार को चंद्रा लाइफलाइन सोशल वेलफेयर फाउंडेशन का शुभारंभ हुआ। इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि डॉ. स्वस्ति सिन्हा, विशिष्ट अतिथि डॉ. विनीता वर्मा और संस्था अध्यक्ष डॉ. हेना चंद्रा ने दीप जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। समाधान के लिए प्रयास करेगा फाउंडेशन फाउंडेशन का लक्ष्य महिलाओं के स्वास्थ्य, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक सम्मान के लिए काम करना है। डॉ. हेना चंद्रा ने बताया कि फाउंडेशन महिलाओं की चुनौतियों को समझकर उनके समाधान के लिए प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए सिर्फ चिकित्सा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और समान अवसर भी जरूरी हैं। ध्येय वाक्य का जिक्र डॉ. चंद्रा ने बताया कि फाउंडेशन स्वास्थ्य जागरूकता, शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जुड़े अवसर महिलाओं तक पहुंचाएगा। उन्होंने ‘Empowering Women, Building a Brighter Tomorrow’ ध्येय वाक्य का जिक्र किया। कार्यक्रम में अवकाश प्राप्त शिक्षिका नलिनी श्रीवास्तव, निशा, अंशु ठाकुर, सबिता सिंह, अधिवक्ता रूपम राज और प्रियंका सिंह समेत कई महिलाओं ने अपने विचार रखे।
'समाजवादी' शिक्षा के घोषित दुश्मन, ऐसी-तैसी कर दी; CM योगी का सपा पर बड़ा हमला
सीएम योगी ने लखनऊ में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन में सपा पर हमला बोलते हुए समाजवादियों को शिक्षा का घोषित दुश्मन बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने शिक्षा की ऐसी-तैसी की और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा किया। उन्होंने सपा की तुलना मगरमच्छ से करते हुए तंज कसा।
ग्रेटर नोएडा, 17 अक्टूबर . महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट Police की ओर से मिशन शक्ति अभियान…
मिशन शक्ति अभियान 6.0: शिक्षा, सहयोग और स्वावलंबन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाएं और बालिकाएं सम्मानित
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा: एटा में मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्यक्रम
अलीगंज में बहू-बेटी सम्मेलन के दौरान डीएम ने बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और अधिकारों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया।
समस्तीपुर वीमेंस कॉलेज की अर्थशास्त्र की प्रोफेसर डॉ. रिंकी कुमारी दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को समस्तीपुर में प्रचार-प्रसार के दौरान उन्होंने संवाददाता सम्मेलन आयोजित कर अपनी प्राथमिकताओं और चुनावी एजेंडे की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह छात्रों और महिलाओं की समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरी हैं। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि शिक्षक के रूप में लंबे समय से छात्रों के बीच रहने के कारण वह उनकी समस्याओं को बेहतर तरीके से समझती हैं। इसी अनुभव को देखते हुए उन्होंने स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए उनके पास कई योजनाएं हैं। निर्वाचित होने पर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के साथ-साथ कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के अवसर विकसित करने की दिशा में काम करेंगी। संवाददाता सम्मेलन के दौरान उन्होंने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें युवा और महिला मतदाताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है। इतना ही नहीं, विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग भी दलगत भावना से ऊपर उठकर उन्हें सम्मान दे रहे हैं। कई कॉलेजों में शुरू हो पीजी की पढ़ाई उन्होंने कहा कि समस्तीपुर, दरभंगा और बेगूसराय के कई कॉलेजों में अब तक पीजी की पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है। खासकर छात्राओं को दूरी और आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। उन्होंने कहा कि निर्वाचित होने पर क्षेत्र के सभी कॉलेजों में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की दिशा में प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में नहीं जाना पड़े। कौशल आधारित शिक्षा को मिलेगा बढ़ावा डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि मिथिलांचल क्षेत्र में कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद युवा नौकरी की तलाश में भटकने के बजाय अपना रोजगार शुरू कर सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार विस्तार के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़ी संख्या में छात्रों को दूसरे राज्यों और शहरों का रुख करना पड़ता है। खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए छात्र कोटा सहित अन्य शहरों में जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्तर पर मॉडल कॉलेज और बेहतर तैयारी की व्यवस्था विकसित कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर नहीं जाना पड़े। कॉलेजों में खेल मैदान और बेहतर संसाधन की व्यवस्था पर जोर उन्होंने कहा कि कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति, आवश्यक उपकरणों और प्रयोगशालाओं की व्यवस्था के साथ-साथ खेल मैदान उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किया जाएगा। सभी संकायों में पर्याप्त शिक्षक हों और कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई हो, इसके लिए भी वह आवाज उठाएंगी। डॉ. रिंकी कुमारी ने कहा कि वह लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में सेवा दे रही हैं। पिछले दो वर्षों से वह लगातार एमएलसी चुनाव को लेकर प्रचार-प्रसार में लगी हुई हैं। क्षेत्र भ्रमण के दौरान उन्हें लोगों का सहयोग और सम्मान मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एक सम्मेलन के दौरान वास्तु विहार में लोगों ने मिथिला की संस्कृति के अनुसार पाग और चादर भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
चीन : व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र जारी
बीजिंग, उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में 'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' शनिवार को आयोजित 'विश्व व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विकास सम्मेलन- 2026' में जारी किया गया। इसमें बताया गया है कि चीन में कुशल कर्मचारियों और प्रतिभाओं को तैयार करने की क्षमता में व्यापक सुधार हुआ है।
‘चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र’ जारी
बीजिंग, 17 अक्टूबर . उत्तरी चीन के थ्येनचिन शहर में ‘चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र’ Saturday को आयोजित ‘विश्व व्यावसायिक और तकनीकी शिक्षा विकास सम्मेलन- 2026’…
'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' जारी
'चीन में व्यावसायिक शिक्षा पर श्वेत पत्र' जारी
'SP और शिक्षा, नदी के दो छोर हैं जो कभी मिलते नही', CM योगी का सपा पर बड़ा हमला
लखनऊ में शिक्षक-स्नातक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने 'सैफई सिंडिकेट' पर नौकरी में सेंध लगाने और युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा करने का आरोप लगाया. योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में उपद्रव होता था, जबकि अब उत्सव का माहौल है.
पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय फर्रुखनगर में एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण हुआ। इकबालपुर, सुल्तानपुर और मुबारकपुर के 64 छात्र-छात्राएं अभिभावकों व शिक्षकों संग शामिल हुए। उन्हें स्कूल की शिक्षा प्रणाली व उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने लॉजिस्टिक, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान लैब, कंप्यूटर लैब और लाइब्रेरी देखी। शिक्षकों ने प्रयोगों, उपकरणों व लाइब्रेरी के फायदे बताए। बच्चे सुविधाएं देखकर उत्साहित थे। कक्षा 6 में प्रवेश प्रक्रिया समझाई शिक्षकों ने कक्षा छह में प्रवेश प्रक्रिया समझाई। जवाहर नवोदय विद्यालय चयन परीक्षा 2026 हेतु नमूना प्रश्न-पत्र व अभ्यास पुस्तिकाएं बांटी गईं। बच्चों को किताबें व पेन दिए गए। पेंटिंग प्रतियोगिता में विजेताओं को पुरस्कार मिले। भ्रमण के बाद विद्यार्थियों ने स्कूल की मेस देखी, साफ-सफाई व भोजन गुणवत्ता जानी। मेहमानों और स्टाफ ने साथ भोजन किया। कार्यक्रम प्राचार्य राधा कृष्ण पंवार और उप प्राचार्य पवन कुमार के नेतृत्व में हुआ।
कैमूर जिला प्रशासन ने मृतक रंजय कुमार उर्फ धनजि पासवान के परिवार को सहायता दी है। मृतक की माता मीरा कुंवर को 4 लाख 12 हजार 650 रुपये दिए गए। धनजि पासवान की कुछ दिनों पहले भभुआ की सब्जी मंडी में चाकू मारकर हत्या हुई थी। पुलिस ने इस मामले में दो नाबालिग समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मृतक की मां को हर महीने 8000 रुपए पेंशन प्रशासन के अनुसार, परिवार को कुल 8 लाख 25 हजार 150 रुपये का मुआवजा मिलना है। आरोप-पत्र दाखिल होते ही बाकी राशि तुरंत दे दी जाएगी। 'मुख्यमंत्री पारिवारिक लाभ योजना' के तहत परिवार को 20 हजार रुपये की तात्कालिक सहायता मिली है। सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा परिवार के दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए प्रशासन ने योजना बनाई है। मृतक की माता को हर महीने 8,000 रुपये पेंशन मिलेगी। उन्हें स्थानीय आवासीय विद्यालय में सुरक्षा प्रहरी की नौकरी का प्रस्ताव है, साथ ही सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया है। मृतक की बहनों की पढ़ाई जारी रखने के लिए उन्हें कल्याण विभाग के छात्रावास में दाखिल कराया जाएगा। हर महीने 2,000 रुपये सीधे उनके बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
Bihar: बड़हरिया के जमुनागढ़ देवी मंदिर में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की पूजा-अर्चना
17 अक्टूबर, शनिवार: सीवान जिले के बड़हरिया प्रखंड स्थित जमुनागढ़ देवी मंदिर में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जिला अध्यक्ष राहुल तिवारी के साथ पूजा-अर्चना कर सुखद भविष्य की कामना की।
दिल्ली मेट्रो में निकली नौकरी, 2.08 लाख तक मिलेगी सैलरी, जानें डिटेल्स
PC: INDIA.COM दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने विभिन्न विभागों में सुपरवाइजर, इंजीनियर और सीनियर इंजीनियर सहित कुल 73 पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती जयपुर फेज़-2 और दिल्ली-एनसीआर में प्रतिनियुक्ति (Deputation) और रिटायरमेंट के बाद संविदात्मक (Contractual) आधार पर की जाएगी। योग्य और अनुभवी उम्मीदवार 4 नवंबर 2026 तक डाक (Speed Post) या ईमेल के माध्यम से अपना ऑफलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस भर्ती से जुड़ी सभी जरूरी बातें: 1. पदों और विभागों का विवरण कुल पद: 73 पद विभाग: आर्किटेक्चर (वास्तुकला), सिविल एंड ट्रैक, सिग्नलिंग एंड टेलीकम्युनिकेशन और पर्यावरण विभाग। पद के नाम: सुपरवाइजर, इंजीनियर और सीनियर इंजीनियर। 2. योग्यता और अनुभव अनुभवी उम्मीदवारों के लिए: यह भर्ती मुख्य रूप से अनुभवी/रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए है, नए (Freshers) उम्मीदवार इसमें आवेदन नहीं कर सकते। वर्तमान/पूर्व सेवा: आवेदक वर्तमान में किसी सरकारी संगठन, भारतीय रेलवे, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) या मेट्रो संगठन में कार्यरत हों या वहां से सेवानिवृत्त (Retired) हो चुके हों। पात्रता की गणना: उम्मीदवार की योग्यता और सैलरी/अनुभव की गणना 1 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी। हालांकि, फॉर्म में ग्रेजुएशन और पोस्ट-ग्रेजुएशन की जानकारी देनी होगी। 3. आयु सीमा और कार्यकाल प्रतिनियुक्ति (Deputation): अधिकतम आयु 55 वर्ष (सामान्य अवधि 5 साल, जिसे विशेष परिस्थिति में 7 साल तक बढ़ाया जा सकता है)। रिटायरमेंट के बाद संविदा (PRCE): न्यूनतम आयु 55 वर्ष और अधिकतम आयु 62 वर्ष होनी चाहिए। 4. चयन प्रक्रिया उम्मीदवारों का चयन पर्सनल इंटरव्यू (Personal Interview) और मेडिकल फिटनेस टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। कैसे करें आवेदन? वेबसाइट पर जाएं: DMRC की आधिकारिक वेबसाइट delhimetrorail.com पर जाएं। नोटिफिकेशन डाउनलोड करें: विज्ञापन संख्या DMRC/PERS/22/HR/2026 (235) को डाउनलोड कर सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें। फॉर्म भरें: आवेदन पत्र का प्रिंट निकालकर अपनी पर्सनल, शैक्षणिक और वर्तमान जॉब/सैलरी डिटेल्स दर्ज करें। डॉक्यूमेंट्स अटैच करें: मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेजों की सेल्फ-अटेस्टेड कॉपियां साथ लगाएं। भेजने का पता: स्पीड पोस्ट से: अतिरिक्त महाप्रबंधक/मानव संसाधन/काउंसलेशन, दिल्ली मेट्रो रेल निगम लिमिटेड, मेट्रो भवन, फायर ब्रिगेड लेन, बाराखंबा रोड, नई दिल्ली। ईमेल से: आवेदन फॉर्म और डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी career@dmrc.org.in पर ईमेल भी कर सकते हैं। अंतिम तिथि: 4 नवंबर 2026।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.पी. सिंह ने इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के निदेशक डॉ. ए.के. निगम एवं अन्य 12 शिक्षकों द्वारा प्रस्तुत शैक्षणिक एवं शोध संबंधी कार्यों का अवलोकन किया। इस अवसर पर आयोजित विभागीय संवाद में उन्होंने फार्मेसी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुसंधान को प्रोत्साहित करने तथा विद्यार्थियों को औषधि उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष बनाने पर जोर दिया। कुलपति ने कहा कि फार्मेसी के विद्यार्थियों को नवीनतम वैज्ञानिक अनुसंधान और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ना समय की मांग है। इसके लिए संस्थान में शोधपरक एवं उद्योगोन्मुखी पाठ्यक्रम विकसित करने के साथ उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों के कौशल विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए नियमित शैक्षणिक कार्यक्रमों के साथ प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया। गुणवत्ता नियंत्रण, औषधि विश्लेषण तथा अनुसंधान एवं विकास जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अतिरिक्त व्यावसायिक ज्ञान और व्यावहारिक दक्षता प्रदान कर सकते हैं। प्रो. सिंह ने अकादमिक उत्कृष्टता के साथ नवाचार और कौशल-आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देने की आवश्यकता रेखांकित की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को उद्योग की वर्तमान जरूरतों से जोड़कर विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक अवसरों के लिए तैयार किया जा सकता है।
हरियाणा लोक सेवा आयोग ने एचसीएस परीक्षा 2025 का अंतिम परिणाम और सेवा आवंटन जारी किया है। कुल 102 पदों के मुकाबले 101 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है। अभिषेक सरोहा ने मेरिट सूची में पहला स्थान हासिल किया है।
संस्कृत विवि: कुलपति बोले- रोजगारपरक शिक्षा और महिला सशक्तीकरण से बनेगा आत्मनिर्भर भारत
आजीविका, रोजगारपरक शिक्षा, कौशल विकास और महिला सशक्तीकरण आत्मनिर्भर व विकसित भारत के निर्माण के प्रमुख आधार हैं।
दिल्ली आयकर विभाग ने उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए 119 पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें कर सहायक, आशुलिपिक और मल्टी-टास्किंग स्टाफ के पद शामिल हैं। आवेदन आज, 17 अक्तूबर से शुरू हो गए हैं। योग्य अभ्यर्थी 10 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
UPSC CRT 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के पदों के लिए कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (CRT) को पोस्टपोन कर दिया है। यह परीक्षा पहले 1 नवंबर, 2026 को आयोजित की जानी थी। लेकिन 16 अक्टूबर, 2026 के एक करिजेंडम नोटिस के अनुसार, अब इस परीक्षा का आयोजन 9 जनवरी, 2027 को होगा।यूपीएससी सीआरटी 2026 सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक सुबह के सत्र में होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 828 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। बदला हुआ शेड्यूल प्रिंसिपल के 124 पदों और वाइस-प्रिंसिपल के 704 पदों पर भर्ती के लिए लागू होगा। के लिए के लिए भर्ती पर लागू होता है।UPSC CRT 2026: पदों का विवरणभर्ती प्रक्रिया में ये पद शामिल हैं :प्रिंसिपल : एनसीटी दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 124 पद।वाइस-प्रिंसिपल : एनसीटी दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 704 पद। इन पदों को विज्ञापन संख्या 51/2026 के तहत नोटिफाई किया गया था।UPSC CRT 2026: संशोधित परीक्षा तारीखइवेंट डिटेल्सनियुक्ति करने वाली संस्था : यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशनपरीक्षा : कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्टपहले की परीक्षा तारीख : 1 नवंबर, 2026संशोधित परीक्षा तारीख : 9 जनवरी, 2027परीक्षा का समय : सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तककुल पद 828परीक्षार्थियों को आगे क्या करना चाहिए?कैंडिडेट को संशोधित तारीख पर ध्यान देना चाहिए और नए कार्यक्रम के हिसाब से तैयारी करनी चाहिए। उन्हें भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आगे के नोटिस और अपडेट के लिए संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, upsc.gov.in भी चेक करनी चाहिए। करिजेंडम के अनुसार परीक्षा की तारीख 1 नवंबर, 2026 से बदलकर 9 जनवरी, 2027 कर दी गई है। नोटिस में भर्ती विवरण में किसी और बदलाव का जिक्र नहीं है।प्रिंसिपल के पदों का वर्गों में बंटवारादिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के कुल 124 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें सामान्य यानी अनारक्षित वर्ग के लिए 69 पद निर्धारित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 11 पद हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों के लिए 18 रिक्तियां हैं। अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 पद और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 10 पद निर्धारित हैं। इस तरह सभी श्रेणियों को मिलाकर प्रिंसिपल के कुल 124 पद हैं।वाइस प्रिंसिपल के 704 पदयूपीएससी सीआरटी 2026 भर्ती में सबसे ज्यादा रिक्तियां वाइस प्रिंसिपल के पदों पर हैं। वाइस प्रिंसिपल के कुल 704 पदों में से सामान्य वर्ग के लिए 287 पद निर्धारित किए गए हैं। EWS वर्ग के लिए 71 रिक्तियां हैं। ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 189 पद रखे गए हैं। वहीं एससी वर्ग के लिए 103 और एसटी वर्ग के लिए 54 पद निर्धारित किए गए हैं। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर वाइस प्रिंसिपल के कुल 704 पदों पर भर्ती की जाएगी।कैसे होगा चयन?इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। यूपीएससी सीआरटी 2026 भर्ती परीक्षा के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन भी किया जाएगा। इस दौरान उम्मीदवारों के सभी जरूरी प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। सभी निर्धारित चरण पूरे होने के बाद अंतिम चयन किया जाएगा।Rajasthan Bus Accident: कोटा में श्रद्धालुओं से भरी बस पलटी, 8 की मौत, 6 से ज्यादा घायल
मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में शिक्षा विभाग की धीमी रफ्तार पर राज्य शिक्षा केंद्र सख्त हुआ है। UDISE के तहत विद्यार्थियों के नामांकन, छात्र और शिक्षक प्रोफाइल अपडेट न होने पर जिला परियोजना समन्वयक को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ है। संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि जिले में UDISE कार्यों की प्रगति बेहद कम है। इसे निर्देशों की अनदेखी और गंभीर लापरवाही माना गया। केंद्र ने 31 अगस्त 2026 तक शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने के निर्देश दिए थे। 2025-26 में 2,82,274 विद्यार्थी थे, 2026-27 में यह संख्या 2,63,072 रही। 19,202 विद्यार्थियों का अंतर लंबित है। 2,81,895 में से 1,32,721 छात्र प्रोफाइल लंबित हैं (53% पूर्णता)। 2,948 स्कूलों में से 804 की जानकारी भी लंबित है (73% पूर्णता)। यह सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन है। समन्वयक से सात दिन में स्पष्टीकरण मांगा है, जवाब न मिलने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
गर्भनिरोधक का प्रचार और यौन शिक्षा: रघुनाथ धोंडो कर्वे 'अश्लीलता' को यूं करते थे ख़ारिज
अश्लीलता किसी लेख, तस्वीर या दूसरी चीज़ की ख़ूबी नहीं होती. यह केवल उस व्यक्ति के मन में होती है, जो उस पर अश्लील होने का आरोप लगाता है. रघुनाथ धोंडो कर्वे की पत्रिका ‘समाजस्वास्थ्य’ में यह बात एक बॉक्स में लिखी होती थी. इसके नीचे पत्रिका का बाक़ी लेख होता था.
इंडियन ओवरसीज बैंक ने विशेषज्ञ और सामान्य अधिकारी भर्ती परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी कर दिए हैं। परीक्षा 31 अक्तूबर 2026 को होगी। अभ्यर्थी आधिकारिक भर्ती पोर्टल से अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर सकते हैं।
पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी चुनाव को लेकर बाढ़ में राजनीतिक माहौल गर्म है। जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर शुक्रवार को अपने समर्थित उम्मीदवारों के प्रचार के लिए बाढ़ पहुंचे। उन्होंने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. अनुज कुमार सिंह और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डॉ. दिव्या ज्योति के समर्थन में एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव में मतदाता अक्सर वेतन, शिक्षा और स्थानीय समस्याओं जैसे मुद्दों को भूल जाते हैं। वे जाति के आधार पर वोट देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग 10 हजार रुपए लेकर भी अपना वोट बेच देते हैं। ऐसी स्थिति में व्यवस्था में सुधार की उम्मीद करना मुश्किल है। प्रशांत किशोर ने जोर देकर कहा कि जब तक जनता अपने बच्चों के भविष्य और शिक्षा जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देकर वोट नहीं देगी, तब तक व्यवस्था में कोई सुधार नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कभी पांच किलो अनाज तो कभी आर्थिक प्रलोभन के कारण वोट देने की प्रवृत्ति लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। बदलाव के लिए मतदाताओं को जागरूक होकर अपने अधिकार का इस्तेमाल करना होगा। भाजपा लालू यादव के नाम से डराकर वोट लेती है- प्रशांत किशोर इस दौरान उन्होंने भाजपा, जदयू और राजद पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल मतदाताओं को जाति और धर्म के आधार पर प्रभावित करते हैं। भाजपा पर लालू प्रसाद यादव के नाम पर डराने और राजद पर मुस्लिम मतदाताओं को भाजपा का भय दिखाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की राजनीति में जनता के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। प्रशांत किशोर बोले- जनसुराज मुद्दों की लड़ाई लड़ रहा प्रशांत किशोर ने जातिगत राजनीति पर सवाल उठाते हुए यादव समुदाय के लोगों के कथित एनकाउंटर और नीट की छात्रा के मामले का जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे मामलों में संबंधित समुदायों के नेताओं ने कितनी मजबूती से आवाज उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि कई नेता समाज के बजाय अपने और अपने परिवार के हितों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि जन सुराज मुद्दों की लड़ाई लड़ रहा है और लोगों से दोनों उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अनुज कुमार सिंह ने बताया कि 18 अक्टूबर को बाढ़ में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें मोकामा विधायक अनंत कुमार सिंह भी शामिल होंगे।वहीं, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की उम्मीदवार डॉ. दिव्या ज्योति ने दोनों सीटों पर जीत का भरोसा जताया। उन्होंने बिहार में पिछले 30 वर्षों की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिक्षक लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से एकजुट होकर मतदान करने और बदलाव के लिए जन सुराज के पक्ष में समर्थन देने की अपील की।
गुना के निजी स्कूल में विवादित प्रस्तुति पर NHRC ने लिया संज्ञान, MP के स्कूल शिक्षा विभाग से मांगा जवाब
सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए केंद्रीय भंडारण निगम में नौकरी पाने का अवसर है। कुल 316 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया है। आवेदन 17 अक्तूबर से शुरू हो गए हैं।
सर सैयद अहमद खान जयंती: एक कॉलेज से AMU तक का सफर, कैसे बदली भारत में आधुनिक शिक्षा की तस्वीर?
Sir Syed Ahmad Khan Birth Anniversary:सर सैयद अहमद खान ने आधुनिक शिक्षा को समाज की तरक्की का माध्यम माना। उनके प्रयासों से 1875 में अलीगढ़ में शुरू हुआ शिक्षण आंदोलन आगे चलकर अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बना।
भास्कर न्यूज | बालोद आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) ने 'शिक्षा योजना-2026' की शुरुआत की है। योजना का उद्देश्य बच्चों को केवल स्कूल में दाखिला दिलाना ही नहीं, बल्कि पढ़ाई जारी रखने में आने वाली बाधाओं को दूर करना और आरटीई (शिक्षा का अधिकार) से जुड़े मामलों में मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है। डीईओ दीपक दुबे ने बताया कि नालसा की निगरानी में जिला व तहसील स्तर पर विशेष शिक्षा इकाइयां गठित करने की योजना है। ये इकाइयां आरटीई धारा 12(1)(ग) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दाखिले, दस्तावेज जुटाने और आवेदन भरने में मार्गदर्शन करेंगी। यदि कोई स्कूल नियम विरुद्ध शुल्क मांगता है या आवेदन खारिज करता है, तो अभिभावक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और वंचित समुदायों के बच्चों के लिए मददगार साबित होगी। स्कूल में दाखिले के बाद भी बच्चों की नियमित पढ़ाई पर नजर रखी जाएगी, ताकि ड्रॉपआउट रोका जा सके।
Agra News: मांगलिक शिक्षा केंद्र में पहुंची मून ओलंपिक मशाल, बच्चों के चेहरे खिले
खेल भावना और सद्भावना के एक नए संदेश के साथ रिया अस्थाना मेमोरियल मून स्कूल ओलंपिक की मशाल शुक्रवार को बमरौली कटारा के मांगलिक शिक्षा केंद्र पहुंची।
Kaushambi News: शिक्षा, जनसेवा और सुरक्षा में महिलाओं ने गाड़े सफलता के झंडे
Women have achieved remarkable success in the fields of education, public service, and security.
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इंटर लेवल भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिये इंटर लेवल पर कुल 1784 पदों पर भर्ती की जाएगी...
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) भर्ती-2022 के तहत अंग्रेजी विषय का अंतिम चयन परिणाम और हिन्दी विषय का संशोधित चयन परिणाम शुक्रवार की देर शाम जारी कर दिया। इसके साथ ही दोनों विषयों के लिए 1114 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। इनकी कटऑफ और अंतिम उत्तर कुंजी भी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। अभ्यर्थी अब अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज कर प्राप्तांक देख सकते हैं। हालांकि, प्राप्तांक देखने के लिए उपलब्ध लिंक केवल एक सप्ताह तक सक्रिय रहेगा। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि विज्ञापन संख्या 01/2022 के तहत प्रशिक्षित स्नातक के 3,539 पदों पर चयन प्रक्रिया के क्रम में अभिलेख सत्यापन कराया गया था। निर्धारित तिथि के साथ आयोग की ओर से दी गई अतिरिक्त तिथि पर भी सत्यापन के लिए उपस्थित नहीं होने वाले अभ्यर्थियों का अभ्यर्थन और चयन निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद नियमानुसार अंग्रेजी विषय का अंतिम चयन परिणाम जारी किया गया। इसमें 557 अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। वहीं हिन्दी विषय के परिणाम में संशोधन कर नया परिणाम घोषित किया गया है। इसमें भी रिक्त पदों को सापेक्ष 557 में अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। अंग्रेजी और हिन्दी दोनों विषयों के अभ्यर्थियों के लिए कटऑफ अंक और अंतिम उत्तर कुंजी भी जारी की गई है। अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर जाकर संबंधित विवरण देख सकते हैं। आयोग के उपसचिव संजय कुमार सिंह के अनुसार, प्राप्तांकों का विस्तृत विवरण देखने के लिए अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर उपलब्ध लिंक खोलकर अपना अनुक्रमांक और जन्मतिथि दर्ज करनी होगी। यह सुविधा परिणाम संबंधी विज्ञप्ति जारी होने की तिथि से एक सप्ताह तक ही उपलब्ध रहेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दोनों विषयों के चयन परिणाम उच्च न्यायालय में दायर विभिन्न याचिकाओं में पारित होने वाले अंतिम आदेशों के अधीन होंगे। प्राप्तांक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाने के कारण इनके संबंध में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत अलग से सूचना उपलब्ध नहीं कराई जाएगी।
विकसित भारत 2047 का लक्ष्य पाने में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा और उद्यमिता चार प्रमुख स्तंभ: नीति आयोग उपाध्यक्ष
सलूंबर में ‘नारी चौपाल’ का आयोजन, बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मरक्षा के प्रति किया जागरूक
सलूंबर में ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के तहत बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और आत्मरक्षा की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं, सहायता केंद्रों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई।
लद्दाख के विकास को मिलेगी नई रफ्तार, फुटेज में देंखे PM मोदी ने 3350 करोड़ की परियोजनाओं का किया उद्घाटन; युवाओं की शिक्षा पर दिया जोर
योगी सरकार का फोकस: शिक्षा के साथ हुनर, बेटियों के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
योगी सरकार 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को आधुनिक कौशल प्रशिक्षण देगी। यह पहल बेटियों को शिक्षा के साथ आत्मनिर्भर बनाकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी।
यूपी में शिक्षा की नैया डुबोने वाली पार्टी है सपा : योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। कहा कि सपा शिक्षा पर कितना भी उपदेश दे, उसका भरोसा नदी किनारे बैठे उस मगरमच्छ जैसा है, जो किसी को अपनी पीठ पर ...
बीएमसी स्कूलों के छात्रों में नागरिक कर्तव्यों और संवैधानिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री फडणवीस ने दो विशेष पुस्तकों का अनावरण किया।

