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भूपालसागर: भील समाज की बैठक में शिक्षा और सामाजिक सुधार पर चर्चा

राजस्थान भील समाज विकास समिति ने झाझडो का खेड़ा में बैठक आयोजित कर नाता प्रथा और शराब जैसी कुरीतियों को त्यागने एवं युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का संकल्प लिया।

प्रातःकाल 13 Mar 2026 1:22 pm

सेंट जेवियर्स कॉलेज में एआई के युग में मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर व्याख्यान

भास्कर न्यूज | सिमडेगा सेंट जेवियर्स कॉलेज में एआई के युग में मूल्य आधारित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उच्च शिक्षा में अवसर और चुनौतियां विषय पर एक दिवसीय विशेष व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सेंट जेवियर्स कॉलेज, कोलकाता के रेक्टर फादर जयराज वेलुस्वामी उपस्थित थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज के दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाएं और चुनौतियां लेकर आई है। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए योग्य और समर्पित शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, जो विद्यार्थियों को सही दिशा प्रदान करते हैं। फादर वेलुस्वामी ने सेंट जेवियर्स कॉलेज कोलकाता के इतिहास का संक्षिप्त उल्लेख करते हुए बताया कि इसके बाद रांची और सिमडेगा में भी सेंट जेवियर्स कॉलेज की स्थापना की गई, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने विद्यार्थियों को पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब का अधिक उपयोग करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन करते रहने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने कहा कि एआई और चैट जीपीटी जैसे तकनीकी साधनों का सही उपयोग कर छात्र अपनी पढ़ाई को और अधिक प्रभावी बना सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्राचार्य फादर रोशन बा ने अतिथि का गमछा और पौधा भेंट कर स्वागत किया। मौके पर कॉलेज के शिक्षकगण,छात्र-छात्र ाएं और अन्य अतिथि उपस्थित थे। कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा। कार्यक्रम में भाग लेने वाले अतिथि व प्रतिभागी।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

उन्मुखीकरण कार्यशाला में शिक्षा सुदृढ़ करने पर जोर

लोहरदगा|ग्राम पंचायत भौरों के पंचायत भवन में गुरुवार को एक दिवसीय ग्राम पंचायत उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन मुखिया सुमंति तिग्गा और प्रजायत्न संस्था के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यशाला में उप मुखिया, ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, वार्ड सदस्य, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्य, आंगनवाड़ी सेविका-सहायिका तथा ग्रामीणों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान पंचायत क्षेत्र में बच्चों की शिक्षा की स्थिति, विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान, आंगनवाड़ी और विद्यालयों के संचालन व समुदाय की भागीदारी पर विस्तार से चर्चा की। उपस्थित प्रतिनिधियों ने कहा कि पंचायत में ज्ञान केंद्र की स्थापना और संचालन से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा व उनकी शैक्षणिक प्रगति में सुधार होगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि पंचायत क्षेत्र में विद्यालय से बाहर रह रहे बच्चों की पहचान कर उन्हें विद्यालय और ज्ञान केंद्र से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सप्ताह में दो दिन घर-घर जाकर बच्चों को चिह्नित किया जाएगा और पंचायत स्तर पर बैठक कर आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

एसआईआर के काम से रिलीव होंगे शिक्षा विभाग के कार्मिक

उदयपुर | गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) में लगे शिक्षा विभाग के कर्मचारी अब रिलीव किए जाएंगे। इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक सीताराम जाट ने गुरुवार को आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि प्रभावित कार्मिकों का कार्यग्रहण या कार्यमुक्ति सुनिश्चित किया जाए। संबंधित नियंत्रण अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी कार्मिक को चुनाव या जनगणना कार्य का दायित्व सौंपा गया है, तो वह केवल जिला निर्वाचन अधिकारी या सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही कार्यमुक्त किया जा सके। निदेशक ने इसे प्राथमिकता देने और समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

शहर में जमीन, फिर भी शिक्षा विभाग जाएगा 9 किमी दूर, बढ़ेगी परेशानी

सिटी िरपोर्टर| बेगूसराय अगर आपको शिक्षा विभाग से जुड़ा कोई काम है तो जल्द ही बेगूसराय मुख्यालय के चक्कर लगाने से काम नहीं चलेगा। आने वाले दिनों में आपको शहर से करीब 9 किलोमीटर दूर शाहपुर जाना होगा। यही नहीं, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी समाहरणालय में होने वाली बैठकों में शामिल होने के लिए पांच मिनट पहले नहीं, बल्कि कम से कम आधे घंटे पहले अपने कार्यालय से निकलना पड़ेगा। वजह है कि जिला शिक्षा विभाग का पूरा कार्यालय अब शहर से दूर शाहपुर स्थित पीटीईसी परिसर में बनाए जा रहे नए शिक्षा भवन में शिफ्ट होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार अप्रैल महीने में जिला मुख्यालय से शिक्षा विभाग के कार्यालय को शाहपुर स्थित पीटीईसी कॉलेज परिसर में स्थानांतरित करने की तैयारी चल रही है। सवाल यह उठ रहा है कि जब शिक्षा विभाग की अपनी जमीन शहर में उपलब्ध है तो फिर 9 किलोमीटर दूर भवन निर्माण की जरूरत क्यों पड़ी। शहर की जमीन छोड़, शाहपुर में बना शिक्षा भवन बताया जाता है कि शाहपुर में पीटीईसी कॉलेज संचालित होता है और उसी परिसर की जमीन पर शिक्षा भवन बनाने की अनुमति दी गई थी। इस संबंध में तत्कालीन शिक्षा विभाग के अपर सचिव के. के. पाठक ने शिक्षा भवन निर्माण का प्रस्ताव दिया था, जिस पर तत्कालीन जिला शिक्षा पदाधिकारी शर्मिला राय ने अपनी सहमति प्रदान की थी। दिलचस्प बात यह है कि शिक्षा भवन के लिए शहर में स्थित बेसिक स्कूल की जमीन को भी पहले चिन्हित किया गया था। लेकिन बाद में इस प्रस्ताव को नजरअंदाज कर दिया गया और भवन निर्माण की प्रक्रिया शाहपुर में शुरू कर दी गई। इतना ही नहीं, माध्यमिक शिक्षा कार्यालय जिस स्थान पर वर्तमान में संचालित है, वह जमीन भी शिक्षा विभाग की अपनी है। पूर्व जिलाधिकारी तुषार सिंगला के कार्यकाल में इस परिसर में अन्य कार्यालय खोलने की चर्चा भी हुई थी। लेकिन आज भी वहां खंडहरनुमा भवन में डीपीओ माध्यमिक शिक्षा का कार्यालय चल रहा है। शिक्षा विभाग के शाहपुर शिफ्ट होने से सबसे ज्यादा परेशानी आम लोगों और शिक्षकों को होगी। अभी तक शिक्षक और अभिभावक अपनी समस्याओं को लेकर सीधे जिला शिक्षा पदाधिकारी से मिलने मुख्यालय पहुंच जाते हैं। कई बार देर शाम तक लोग अपनी समस्याओं को लेकर विभागीय कार्यालय में आते हैं। लेकिन शाहपुर जाने की स्थिति में लोगों को अतिरिक्त समय और खर्च दोनों उठाना पड़ेगा।

दैनिक भास्कर 13 Mar 2026 4:00 am

वीरपुर प्रखंड के प्रारंभिक विद्यालयों में वार्षिक परीक्षा शुरू:19 मार्च तक चलेगी, ई-शिक्षा कोष से प्रश्नपत्र डाउनलोड

बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में गुरुवार से वार्षिक परीक्षा शुरू हो गई है। यह परीक्षा प्रखंड के कुल 43 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में दो पालियों में आयोजित की जा रही है, जो 19 मार्च तक चलेगी। परीक्षा के पहले दिन, प्रथम पाली में कक्षा तीन से आठ तक के विद्यार्थियों ने पर्यावरण अध्ययन विषय की परीक्षा दी। वहीं, दूसरी पाली में कक्षा एक और दो के बच्चों के लिए हिंदी एवं उर्दू विषय की मौखिक परीक्षा आयोजित की गई। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ) स्नेहलता वर्मा ने बताया कि इस वर्ष प्रश्न पत्र ई-शिक्षा कोष के माध्यम से डाउनलोड किए जा रहे हैं और ब्लैकबोर्ड पर लिखकर परीक्षा कराई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा को शांतिपूर्ण और नकलमुक्त बनाने के लिए एक विद्यालय के शिक्षकों को दूसरे विद्यालय में वीक्षक के रूप में तैनात किया गया है। पहले दिन कई विद्यालयों का निरीक्षण किया गया, जहां परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संचालित होती पाई गई।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 9:01 pm

नई शिक्षा नेतृत्व की दिशा:IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली रणनीतिक सोच और मैनेजमेंट की समझ

जब शिक्षा में आधुनिक प्रबंधन और नई तकनीकों का समावेश होता है, तब संस्थान छात्रों के समग्र विकास का मजबूत आधार बनते हैं। कृष्णकेशव ग्रुप ऑफ स्कूल्स के वाइस चेयरमैन अनुराग सिंह चौहान अजमेर, राजस्थान से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय हैं और नर्सरी से सीनियर सेकेंडरी स्तर तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्किल-बेस्ड लर्निंग पर विशेष ध्यान देते हैं। IIM इंदौर में दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित उद्यम संवाद बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम उनके लिए एक उत्कृष्ट सीख का अवसर रहा। कार्यक्रम में मेंटर्स ने प्रैक्टिकल केस स्टडी के माध्यम से टीम मैनेजमेंट, ब्रांड बिल्डिंग और संस्थान को रणनीतिक रूप से आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझाया। इस अनुभव ने उन्हें अपने संस्थान के विकास के लिए अधिक संरचित और दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा दी। अनुराग सिंह चौहान के अनुसार भविष्य के सफल लीडर के लिए तीन गुण अत्यंत आवश्यक हैं—एडैप्टेबिलिटी, स्ट्रेटेजिक विजन और मजबूत टीम कोऑर्डिनेशन। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी शिक्षा क्षेत्र में छात्रों की प्रगति का बेहतर आकलन और प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनका संदेश है—निरंतर सीखते रहें, बदलाव के साथ विकसित होते रहें और स्पष्ट उद्देश्य के साथ टीम को साथ लेकर आगे बढ़ें।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 3:20 pm

ग्रामीण शिक्षा से नेतृत्व तक:IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली प्रबंधन और भविष्य की नई समझ

जब शिक्षा को मिशन बनाकर काम किया जाए, तो उसका प्रभाव केवल संस्थान तक नहीं बल्कि पूरे समाज तक पहुंचता है। कृष्णकेशव ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन भानु प्रताप सिंह चौहान अजमेर, राजस्थान से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कार्य कर रहे हैं। IIM इंदौर में दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित उद्यम संवाद बिजनेस लीडरशिप प्रोग्राम में भाग लेना उनके लिए एक समृद्ध अनुभव रहा। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स और अनुभवी मेंटर्स के साथ संवाद से उन्हें शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। भानु प्रताप सिंह चौहान के अनुसार भविष्य के सफल लीडर के लिए तीन गुण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं—स्पष्ट विजन, मजबूत नेतृत्व क्षमता और प्रभावी कम्युनिकेशन स्किल्स। साथ ही, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में कार्यक्षमता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनका संदेश है स्पष्ट लक्ष्य तय करें, कड़ी मेहनत करें और निरंतर सीखते हुए अपने उद्देश्य को हासिल करें।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 3:19 pm

नई शिक्षा नेतृत्व की सोच:IIM इंदौर उद्यम संवाद से मिली प्रबंधन और डिजिटल लर्निंग की समझ

जब शिक्षा क्षेत्र में नेतृत्व और प्रबंधन की आधुनिक समझ जुड़ती है, तो संस्थान छात्रों के लिए बेहतर अवसरों का माध्यम बनते हैं। इंदिरा हैप्पी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करतल से जुड़े डायरेक्टर पंकज खुराना के लिए IIM इंदौर का उद्यम संवाद लीडरशिप प्रोग्राम एक महत्वपूर्ण सीख का अनुभव रहा। दैनिक भास्कर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर से आए शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स के साथ संवाद ने उन्हें संस्थान प्रबंधन, पैरेंट्स कम्युनिकेशन और लीडरशिप के नए दृष्टिकोण समझने का अवसर दिया। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने जाना कि यदि इस सीख का आधा भी संस्थान में लागू किया जाए तो स्कूल के विकास में बड़ा बदलाव संभव है। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के महत्व को भी करीब से समझने का अवसर मिला। उनका मानना है कि आज के समय में स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, पीपीटी आधारित शिक्षण और आधुनिक तकनीक का उपयोग शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पंकज खुराना का संदेश है सीखना जरूरी है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है उस सीख को व्यवहार में उतारना।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 3:18 pm

डॉ. पवन कुमार ने संभाला भिवानी बोर्ड अध्यक्ष का कार्यभार:तीसरी बार नियुक्ति, बोले- नई शिक्षा नीति पर सक्रिय रूप से करेंगे कार्य

डॉ. पवन कुमार ने तीसरी बार हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष के पद पर कार्य ग्रहण कर लिया है। अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के लिए डॉ. पवन कुमार ने मुख्यमंत्री नायब सैनी एवं शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे। उन्होंने कहा कि बोर्ड उपाध्यक्ष, बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को और उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। इस अवसर पर बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों, शिक्षा जगत से जुड़े विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों व शिक्षाविदों ने बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार का फूल-मालाओं से स्वागत किया। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने बोर्ड की लॉबी में स्थापित मां सरस्वती की पूजा अर्चना करने उपरांत कार्यग्रहण किया। उन्होंने शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद पर पुन: कार्यभार ग्रहण करने उपरांत कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोको अभियान व बोर्ड की कार्यप्रणाली में उल्लेखनीय सुधार लाने के अथक प्रयास किए जाएंगे। शैक्षिक क्षेत्र में अभूतपूर्व दीर्घकालीन अनुभवों के चलते हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार ने कहा कि प्रदेश की शैक्षिक क्षेत्र में बहुआयामी व सार्थक सुधार लाकर इसका स्तर और ऊंचा उठाएंगे। गुणात्मक सुधार के सार्थक प्रयास रहेंगे उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर पूर्ण अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को ओर अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सतत व सार्थक प्रयास जारी रहेंगे। नकल रहित परीक्षा करवाना उद्देश्य बोर्ड अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान में बोर्ड की परीक्षाएं सुचारू रूप से चल रही है और जो भी नकल से संबंधित मामले हमारे सामने आ रहे हैं उन पर बोर्ड तुरन्त प्रभाव से कड़ी कार्रवाई कर रहा है। वर्तमान में चल रही परीक्षाओंं में कुछ जगहों पर जहां भी नकल के मामले सामने आ रहे हैं, आरोपी लोगों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करवाई जा रही है। इसके अलावा संलिप्त कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही के लिए लिखा जा रहा है। शिक्षा बोर्ड का उद्देश्य बोर्ड परीक्षाओं को पूर्णतया नकल रहित संचालित करवाना है। शिक्षा प्रणाली को लचीचा बनाएंगे उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति पर सक्रिय रूप से कार्य करते हुए शिक्षा प्रणाली को आधुनिक, लचीला और समावेशी बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिक्षार्थियों के भविष्य को सशक्त बनाने के लिए तकनीकी कौशल शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 12:29 pm

लखनऊ में खीरी के छात्र-शिक्षक सम्मानित:बालिका शिक्षा में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला पुरस्कार

लखनऊ में आयोजित एक समारोह में लखीमपुर खीरी जनपद के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान बालिका शिक्षा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट कार्य और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदान किया गया। पुरस्कृत होने वालों में उच्च प्राथमिक विद्यालय थरिया के छात्र अनुज कुमार और उनकी शिक्षिका पूनम गुप्ता शामिल थे। इसी तरह, उच्च प्राथमिक विद्यालय पहाड़ापुर की छात्रा मानसी त्रिवेदी और उनकी शिक्षिका नमिता श्रीवास्तव को भी सम्मानित किया गया। केजीबीवी बेहजम की छात्रा छवि सिंह और उनकी शिक्षिका अपर्णा पाण्डेय को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया। यह सम्मान उप निदेशक बालिका शिक्षा उत्तर प्रदेश डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने प्रदान किया। बालिका शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान के लिए मास्टर ट्रेनर कुहू बनर्जी को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया। जनपद में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए जिला समन्वयक रेनू श्रीवास्तव और जनपद नोडल शिक्षक जसपाल सिंह को भी उप निदेशक बालिका शिक्षा द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस उपलब्धि पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इसे जनपद के लिए गर्व का विषय बताया।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 9:33 am

चंडीगढ़ स्कूल लिस्ट ऑनलाइन-बाजार में नहीं मिल रहीं किताबें:पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से की शिकायत, शिक्षा विभाग के आदेश का नहीं हुआ पालन

चंडीगढ़ के कई निजी स्कूलों में तय की गई किताबों को लेकर अभिभावकों की परेशानी बढ़ रही है। पेरेंट्स एसोसिएशन ने इस मामले में चंडीगढ़ प्रशासन के शिक्षा विभाग के डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि कुछ निजी स्कूल अपनी बुक लिस्ट तो वेबसाइट पर डाल रहे हैं, लेकिन ऐसे कम जाने-पहचाने पब्लिशर्स की किताबें निर्धारित कर रहे हैं जो खुले बाजार में उपलब्ध ही नहीं हैं। इससे अभिभावकों को मजबूरन उन्हीं चुनिंदा दुकानों से किताबें खरीदनी पड़ रही हैं जिनसे स्कूलों का टाईअप है। एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा विभाग के आदेशों के बावजूद कई स्कूल जानबूझकर ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिससे किताबें केवल एक-दो दुकानों पर ही उपलब्ध हों और बाकी बुक सैलर्स को सप्लाई ही नहीं मिलती। शिक्षा विभाग के आदेश का नहीं हुआ पालन चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन गोयल ने बताया कि प्रशासन का उद्देश्य था कि स्कूल पहले से बुक लिस्ट सार्वजनिक करें, ताकि शहर के अलग-अलग बुक सैलर्स किताबें मंगाकर स्टॉक कर सकें और अभिभावकों को आसानी से उपलब्ध हो सकें। लेकिन कुछ स्कूल ऐसे पब्लिशर्स की किताबें लगाकर इस व्यवस्था को ही बेअसर करने की कोशिश कर रहे हैं। एसोसिएशन के मुताबिक कई स्थानीय बुक सैलर्स ने भी बताया है कि वे स्कूलों को कमीशन देने की बजाय अभिभावकों को डिस्काउंट देने को तैयार हैं, लेकिन कुछ पब्लिशर्स उन्हें किताबों की सप्लाई देने से ही मना कर रहे हैं। इससे फिर वही स्थिति बन जाती है कि किताबें सिर्फ एक तय दुकान पर ही उपलब्ध होती हैं। चार अलग-अलग बुकशॉप्स के नाम बताने की मांग चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग से मांग की है कि स्कूलों को कम से कम चार अलग-अलग बुकशॉप्स के नाम बताने के लिए बाध्य किया जाए, जहां निर्धारित किताबें उपलब्ध हों। इसके साथ ही जिन स्कूलों ने कम जाने-पहचाने पब्लिशर्स की किताबें लगाई हैं, उनसे लिखित एफिडेविट लिया जाए कि वे शहर के किसी भी बुकसेलर को किताबों की सप्लाई देंगे। एसोसिएशन ने यह भी मांग की है कि ऐसे पब्लिशर्स की किताबें निर्धारित करने से बचने के निर्देश दिए जाएं जिनकी सप्लाई केवल एक ही दुकान तक सीमित हो। स्कूल एजुकेशन डायरेक्टर की 3 बड़ी बातें… नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर जानकारी देना जरूरी: स्कूल एजुकेशन चंडीगढ़ की डायरेक्टर नितिश सिंघला ने कहा कि सभी प्राइवेट स्कूलों को किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी गई है। स्कूलों को यह जानकारी नोटिस बोर्ड और वेबसाइट पर देना अनिवार्य किया गया है। 24 घंटे के भीतर कार्रवाई होगी: उन्होंने कहा कि यदि कोई स्कूल अभिभावकों को किसी निश्चित दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर करता है, तो अभिभावक इसकी शिकायत सीधे जिला शिक्षा अधिकारी से कर सकते हैं। ऐसे मामलों में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट शिक्षा सचिव को भेजनी होगी। स्कूल की मान्यता भी रद्द हो सकती है: डायरेक्टर ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। हर साल प्राइवेट स्कूलों में किताबों और यूनिफॉर्म को लेकर अभिभावकों को परेशान करने की शिकायतें आती रही हैं। इस बार प्रशासन ने ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई करने का फैसला लिया है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 9:15 am

शिक्षा मंत्री टाइगर रिजर्व क्षेत्र में निकालेंगे पद यात्रा:पुलिस व प्रशासन को पत्र लिख सुरक्षा व्यवस्था की मांग की, वन विभाग से नहीं मिली अनुमति

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की 13 से 16 मार्च तक मुकंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व एरिया निकलने वाली पद यात्रा विवादों में आ गई है। वन विभाग ने फिलहाल यात्रा की अनुमति नहीं दी है। उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा है। दरअसल मंत्री के पद यात्रा टाइगर रिजर्व के उन गांवों से गुजरेगी, जहां पर बाघों का मूवमेंट है। वाइल्ड लाइफ एक्ट के जानकारों के अनुसार, कोर एरिया से पद यात्रा निकालना तो दूर, किसी एक व्यक्ति की आवाजाही की अनुमति भी शर्तों के साथ होती है। ऐसे में मंत्री की ओर से कोर एरिया में पूरे लवाजमे के साथ पद यात्रा निकालना गैरकानूनी है। इलाका संवेदनशील है, क्योंकि 4 बाघ-बाघिन और एक शावक का मूवमेंट है। एसपी को लिखा-वन क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करें पद यात्रा के लिए मंत्री ने रूट चार्ट जारी किया है। कोटा ग्रामीण एसपी सहित सभी विभागों को भेजे गए पत्र में उन्होंने साफ लिखा है कि इस क्षेत्र का अधिकांश इलाका वन क्षेत्र में आता है। इसलिए सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। यह पत्र उन्होंने कोटा और मुकंदरा टाइगर रिजर्व के उप वन संरक्षक सहित 14 विभागों को भेजा है। इसमें उन्होंने सभी अधिकारियों को यह भी लिखा है कि आप अपने अधीनस्थ सभी कर्मचारी-अधिकारियों को अपने स्तर पर यात्रा में उपस्थित रहने के लिए भी पाबंद करें। 13 मार्च - नयागांव से शुरू होकर डोबडा,पदमपुरा कोथला,धोलपुरा,डडवाड़ा, भंवरिया, कंवरपुरा, हरिपुरा, रांवठा और सोहनपुरा तक 14 किलोमीटर सोहनपुरा में भोजन और रात्रि विश्राम होगा। 14 मार्च - सोहनपुरा, मोहनपुरा मंदरगढ़, देवनली, दामोदरपुरा तक 12 किलोमीटर भोजन व रात्रि विश्राम देवनली, दामोदरपुरा में होगा। 15 मार्च देवनली दामोदरपुरा,से केशवपुरा, जसपुरा,किशनपुरा, डोलिया, गुर्जर ढाणी, चांद बावड़ी, गिरधरपुरा तक की 21 किलोमीटर भोजन व रात्रि विश्राम गिरधरपुरा में है। 16 मार्च - गिरधरपुरा से कोलीपुरा,भेरूपुरा, बोराबास,कोटा डेम की टपरिया, जामुनिया बावड़ी और बलिंडा तक 23 किलोमीटर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का कहना है कि यह पद यात्रा पैदल इसलिए रखी है, ताकि गांव की समस्याओं का समाधान किया जा सके। दामोदरपुरा, कोलीपुरा और गिरधरपुरा में वन विभाग संबंधी इश्यू है तो देखेंगे। मुथु एस, डीसीएफ, मुकंदरा का कहना है कि चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन से मार्गदर्शन मांगा है। वहां से अनुमति नहीं आई है। गिरधरपुरा, कोलीपुरा और दामोदरपुरा गांव मुकंदरा टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में हैं। यहां पदयात्रा निकालना मुश्किल है।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 8:32 am

गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर नगर पहुंचे पूर्व शिक्षा मंत्री

जालंधर | पंजाब के पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा गुरुद्वारा नवमी पातशाही दुख निवारण साहिब गुरु तेग बहादुर नगर में नतमस्तक हुए। गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधक कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष कंवलजीत सिंह टोनी ने धर्म प्रचार और गुरु तेग बहादुर चैरिटेबल अस्पताल में किए जा रहे कार्यों संबंधी जानकारी दी। यहां मनजीत सिंह ठुकराल, गगनदीप सिंह गग्गी आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 5:27 am

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों से बदलेगी ग्रामीण शिक्षा की तस्वीर: संदीप सिंह

प्रदेश में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

देशबन्धु 12 Mar 2026 5:00 am

महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर दिया

लुधियाना| हेलो किड्स प्लेवे में कर्नाटक की प्रमुख प्री-स्कूल चेन हेलो किड्स ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विशेष लाइव इंटरएक्टिव सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में पंजाब सरकार के खाद्य प्रसंस्करण विभाग की प्रिंसिपल सेक्रेटरी राखी गुप्ता भंडारी (आईएएस) मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुईं। इस सत्र का विषय शिक्षा और समाज में परिवर्तन की वाहक के रूप में महिलाएं था। कार्यक्रम के दौरान हेलो किड्स के संस्थापक प्रीतम कुमार अग्रवाल ने राखी गुप्ता भंडारी से बातचीत की और शिक्षा, नेतृत्व व समाज के निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा की। सत्र में देशभर से हेलो किड्स के 1100 से अधिक ब्रांच ओनर्स, टीचर और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सत्र के दौरान ध्यानपूर्वक विचार सुने और बातचीत में हिस्सा लिया, जिससे कार्यक्रम काफी रोचक और ज्ञानवर्धक बना। राखी गुप्ता भंडारी ने अपने प्रशासनिक और सार्वजनिक सेवा के अनुभव साझा करते हुए महिला सशक्तिकरण, नेतृत्व, दृढ़ता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने टीचरों और अभिभावकों को बच्चों में बचपन से ही आत्मविश्वास, रचनात्मकता और नेतृत्व के गुण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 4:56 am

सरकारें बदलीं, मंत्री बदले पर नहीं बदले हालात:25 साल में 8 उच्च शिक्षा मंत्री वादे करते रह गए, पर प्रोफेसर का एक पद भी नहीं भर पाए

छत्तीसगढ़ के गठन को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस दौरान उच्च शिक्षा के 8 मंत्री बने। सरकारें बदलीं, मंत्री बदले लेकिन शासकीय कॉलेजों में स्थायी प्रोफेसर भर्ती का संकट जस का तस बना रहा। हैरानी की बात यह है कि इनते वर्षों में प्रोफेसर के लिए केवल एक बार वर्ष 2021 में, जब कांग्रेस सत्ता में थी और मंत्री उमेश पटेल थे, तब भर्ती निकाली गई, लेकिन पांच साल बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। दस्तावेज सत्यापन के बाद पांच महीने से पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की लिस्ट जारी नहीं हुई है। इंटरव्यू की प्रक्रिया भी लंबित है। इसकी वजह से कई कॉलेजों में नए विषय, पीजी कोर्स, रिसर्च सेंटर शुरू नहीं कर पा रहे। वहीं नैक और एनआईआरएफ रैंकिंग पर असर पड़ा है। शेष|पेज 11 कॉलेजों की संख्या बढ़ाते गए, लेकिन नियमित फैकल्टी पर ध्यान नहीं :प्रदेश में शासकीय कॉलेजों की संख्या साल दर साल बढ़ती गई, उसकी तुलना में नियमित फैकल्टी की संख्या कम है। अभी राज्य में 335 शासकीय काॅलेज हैं। जबकि 2008-09 में 154 कॉलेज हैं। 10 साल में यानी 2018-19 तक 100 नए कॉलेज बने और संख्या 254 हो गई। इसके बाद 2024-25 तक 81 और कॉलेज खुल गए। इनकी तुलना में यदि प्रोफेसर की बात करें तो सीधी भर्ती में कुल स्वीकृत पद 779 हैं, यह सभी खाली है। इसी तरह असिस्टेंट प्रोफेसर के 5335 पद में से 2302 पोस्ट खाली है। 2021 में निकली थी प्राेफेसर की वैकेंसी प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए 2021 में वैकेंसी निकली थी। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) के माध्यम से 13 सितंबर से 12 अक्टूबर 2021 तक आवेदन मंगाए गए, लेकिन विभिन्न विवादों के चलते भर्ती प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। फिर 2024 में प्रक्रिया दोबारा शुरू हुई, लेकिन अब इसमें भी लगातार देरी हो रही है। पिछले साल सितंबर तक विभिन्न विषयों के लिए दस्तावेज सत्यापन हुआ। इसके बाद संभावना बनी थी कि कुछ दिनों में पात्र-अपात्र की लिस्ट जारी हो जाएगी और फिर इंटरव्यू होगा। लेकिन मार्च 2026 शुरू है, अब तक पात्र अपात्र की लिस्ट नहीं आई है। प्रोफेसर की इन विषयों- अंग्रेजी, माइक्रोबॉयोलॉजी, लोक प्रशासन, प्राचीन भारतीय इतिहास, बायोटेक्नोलॉजी, सैन्य विज्ञान, ज्योतिष, दर्शन शास्त्र, मानव शास्त्र, इतिहास, संस्कृत, विधि, गृह विज्ञान, वनस्पति शास्त्र, भौतिक शास्त्र, हिन्दी, रसायन शास्त्र, प्राणीशास्त्र, भूगोल, समाज शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र भूगर्भशास्त्र, मनोविज्ञान आदि के लिए भर्ती होगी। प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर की कमी से यह असर असि. प्रोफेसर भर्ती सुस्त सिस्टम की भेंटप्रदेश में प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया जहां पिछले पांच वर्षों से अधर में लटकी है, वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती भी अब सरकारी सिस्टम की सुस्ती का शिकार हो गई है। छह साल बाद सितंबर 2025 में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की घोषणा तो हुई, लेकिन मार्च शुरू होने के बावजूद अब तक विज्ञापन जारी नहीं हो सका। इसका सीधा नुकसान अभ्यर्थियों को हुआ है, कई योग्य उम्मीदवार एज बार हो चुके हैं। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. जवाहर सूरिसेट्टी, शिक्षाविद स्थायी शिक्षकों का अभाव, उच्च शिक्षा के लिए चुनौतीछत्तीसगढ़ में पिछले दो दशकों से स्थायी प्रोफेसरों की नियुक्ति का अभाव और एड-हॉक (तदर्थ) व्यवस्था पर निर्भरता, राज्य की उच्च शिक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है। अब जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू की जा रही है, यह कमी शिक्षा की गुणवत्ता को कई तरीके से प्रभावित करेगी।

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 4:00 am

उच्च शिक्षा विभाग ने कहा- 2026-27 से लागू होगी व्यवस्था:अब विषय बदलकर यूजी करने पर छात्रों को देनी होगी पात्रता परीक्षा

मप्र में अब विषय बदलकर अंडर ग्रेजुएट (यूजी) करने वाले छात्रों को पात्रता परीक्षा देनी होगी। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य स्तरीय एकीकृत परीक्षा कराने की तैयारी शुरू कर दी है। विभाग ने बुधवार को आयुक्त और सभी विश्वविद्यालयों को सर्कुलर जारी कर शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी सम्राट विक्रमादित्य विवि, उज्जैन को सौंपी है। परीक्षा में सफल छात्र प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेज में प्रवेश ले सकेंगे। नई व्यवस्था के अनुसार यदि किसी छात्र ने 12वीं गणित या विज्ञान विषय से की है और वह यूजी में आर्ट्स या किसी अन्य संकाय से पढ़ाई करना चाहता है, तो उसे संबंधित विषय की पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। यह निर्णय यूजीसी रेगुलेशन-2025 के आधार पर विवि समन्वय समिति की स्थायी समिति की अनुशंसा पर लिया है। पिछले सत्र से ही पीजी में भी यह व्यवस्था लागू है, लेकिन विवि स्तर पर कोई परीक्षा नहीं हो सकी। विशेषज्ञ डॉ. एचएस त्रिपाठी के अनुसार 25% छात्र 12वीं के बाद विषय बदलते हैं। इसलिए यूजी में व्यवस्था लागू करने से पहले अध्यादेश संशोधन जरूरी है। 28 जनवरी 2026 की बैठक में राज्य स्तरीय परीक्षा कराने पर सहमति बनी थी। समिति के अनुसार परीक्षा चक्रानुक्रम से विश्वविद्यालय कराएंगे और एक विश्वविद्यालय लगातार दो साल तक परीक्षा आयोजित करेगा। प्रदेश में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत 18 विश्वविद्यालय हैं। 1 जनवरी को कहा था- सभी विवि अपने स्तर पर कराएं परीक्षा...उच्च शिक्षा विभाग 1 जनवरी 2026 को सभी विश्वविद्यालयों को सिर्फ पीजी के लिए अपने-अपने स्तर पात्रता परीक्षा कराने के निर्देश दिए थे। इसके अनुसार यह परीक्षा मार्च में आयोजित होनी है और 1 मई से परीक्षा होनी है। कुछ विश्वविद्यालयों ने इसके लिए तैयारी करना शुरू कर दिया था लेकिन विश्वविद्यालयों ने इस संबंध में कोई सूचना जारी नहीं की है। यूजी के अध्यादेश में अभी प्रावधान नहीं, पीजी में यह व्यवस्था मौजूद

दैनिक भास्कर 12 Mar 2026 4:00 am

संस्कृति स्कूल को बनाया जाएगा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का मॉडल: एसपी गोयल

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में बुधवार को सीएसआई एजुकेशनल सोसाइटी की कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई

देशबन्धु 11 Mar 2026 10:32 pm

'सही मार्गदर्शन से विद्यार्थी बनेंगे राष्ट्र निर्माता':जोधपुर में कार्यक्रम में अतिथि बोले- शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं

जोधपुर में कार्यक्रम में अतिथियों ने कहा- शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, संस्कार और जीवन में सही दिशा प्रदान करने का सशक्त आधार है। यदि विद्यार्थियों को प्रारंभ से ही सही मार्गदर्शन, अनुशासित वातावरण और सकारात्मक प्रेरणा मिले तो वे न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। बुधवार को कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित शिक्षा एकेडमी का उद्घाटन किया गया। इस दौरान क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे तथा संस्थान की इस शैक्षणिक पहल का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। कुड़ी ग्राम पंचायत के सरपंच चंद्रलाल खावा, उपसरपंच सुरेंद्र मेवारा, उद्यमी रामचंद्र चौधरी, युवा नेता भोमाराम सियोल, समाजसेवी मोहनलाल, नराराम और महावीर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने संस्थान के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। संस्थान के निदेशक मंडल में सुरेश जान्नी (मैनेजिंग डायरेक्टर एवं केमिस्ट्री फैकल्टी), पीयूष सिंह (अकादमिक डायरेक्टर, केमिस्ट्री फैकल्टी) तथा शरवान चौधरी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर, एग्रीकल्चर फैकल्टी) ने विद्यार्थियों को मजबूत शैक्षणिक आधार, स्पष्ट अवधारणा और अनुशासित वातावरण प्रदान करने का उद्देश्य बताया, जिससे वे बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। संस्थान में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए प्री-फाउंडेशन एवं फाउंडेशन कोर्स संचालित किए जाएंगे, जिनमें बोर्ड परीक्षाओं के साथ-साथ IIT-JEE, NEET-UG, JET, CUET, ICAR सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी। संस्थान प्रबंधन द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रथम 50 विद्यार्थियों के लिए विशेष छात्रवृत्ति योजना की भी घोषणा की गई है। समारोह के अंत में संस्थान प्रबंधन की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया गया तथा विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ शिक्षा ग्रहण कर उज्ज्वल भविष्य निर्माण का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 10:18 pm

हाथरस में डीएम ने की बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा:प्रगति न मिलने पर BDO को नोटिस, खंड शिक्षा अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि

जिलाधिकारी अतुल वत्स ने हाथरस में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में उन्होंने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, छात्र-छात्राओं के नामांकन और मूलभूत सुविधाओं की प्रगति का जायजा लिया। अपेक्षित प्रगति न मिलने पर जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी मुरसान को कारण बताओ नोटिस और खंड शिक्षा अधिकारी सिकंदराराऊ को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। अन्य खंड शिक्षा अधिकारियों को भी चेतावनी पत्र जारी करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में नामांकित छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान कर उन्हें फिर से विद्यालय से जोड़ने का निर्देश दिया। खंड शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण कर नामांकन और उपस्थिति की समीक्षा करने तथा सुधारात्मक कदम उठाने के लिए कहा गया। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों में चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने 19 निर्धारित बिंदुओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा। इनमें स्वच्छ शौचालय, शुद्ध पेयजल, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की साफ-सफाई, फर्नीचर, हैंडवॉश यूनिट, बाउंड्रीवाल, रसोईघर और खेल मैदान जैसी सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में इन सुविधाओं की कमी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि बच्चों को स्वच्छ, सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिल सके। मिड-डे मील योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों को समय पर पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा और स्पष्ट किया कि इस योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी और अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 8:22 pm

बुंदेलखंड में शिक्षा का लिखा जा रहा है नया अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में मातृ सत्ता प्रधान संस्कृति है। भारत की छवि विश्व गुरू की रही है। दुनिया में केवल भारतीय संस्कृति है, जिसने अपने मूल्यों के आधार पर ज्ञान की धारा को तक्षशिला और नालंदा विश्वविद्यालयों के माध्यम से विश्व ...

वेब दुनिया 11 Mar 2026 8:13 pm

जगराओं में पंजाब के शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका:असिस्टेंट प्रोफेसर और लाइब्रेरियन भर्ती रद्द करने का विरोध, स्थायी नौकरी की मांग

पंजाब में 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर और लाइब्रेरियन की भर्ती को लेकर विवाद एक बार फिर गरमा गया है। लुधियाना के जगराओं में बुधवार को 1158 असिस्टेंट प्रोफेसर और लाइब्रेरियन फ्रंट पंजाब के नेतृत्व में असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन्स ने रोष मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने बस स्टैंड चौक पर पंजाब सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला फूंका। प्रदर्शनकारी परमजीत सिंह और करमजीत सिंह ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 14 जुलाई 2025 को भर्ती रद्द करने के फैसले से उन्हें गहरी चिंता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल भर्ती हुए उम्मीदवारों और उनके परिवारों के लिए, बल्कि पंजाब की उच्च शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। फ्रंट के प्रतिनिधियों ने इस बात पर जोर दिया कि सरकारी कॉलेजों में शिक्षकों की भारी कमी है। ऐसे में पहले से कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की सेवाएं समाप्त करना उचित नहीं है। उन्होंने पंजाब सरकार से मांग की कि 1158 भर्ती के तहत नियुक्त सभी असिस्टेंट प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की नौकरी को स्थायी किया जाए। हायर एजुकेशन डिपार्टमेंट द्वारा जारी लेटर रद्द करने की मांग इसके अतिरिक्त, फ्रंट ने हायर एजुकेशन विभाग द्वारा 4 नवंबर 2025 को जारी किए गए पत्र को तत्काल रद्द करने की मांग की। उन्होंने इन कर्मचारियों की नियमित छुट्टियां बहाल करने और दूरस्थ स्टेशनों पर कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसरों व लाइब्रेरियनों के लिए नजदीकी स्टेशनों पर तबादले हेतु ट्रांसफर पोर्टल खोलने की भी अपील की। फ्रंट के नेताओं ने पंजाब के मुख्यमंत्री से सार्वजनिक बयान जारी कर यह आश्वासन देने की मांग की कि भर्ती किए गए 1158 प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की नौकरी सुरक्षित रहेगी। साथ ही, उन्होंने कॉलेजों में प्रिंसिपल और प्रशासन द्वारा इन कर्मचारियों के साथ हो रहे भेदभाव को तुरंत बंद करने की भी अपील की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती है, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:10 pm

सरकारी स्कूल छात्राओं को कराई हेलिकॉप्टर से सैर, VIDEO:शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रिंसिपल ने भामाशाह के सहयोग से की पहल

डीडवाना-कुचामन जिले में सरकारी स्कूल की टॉपर छात्राओं को हेलिकॉप्टर से हवाई सैर करवाई गई। प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रिंसिपल ने भामाशाह के सहयोग से यह अनूठी पहल की। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल, ललासरी की 12वीं क्लास की 5 छात्राओं ने बुधवार को हेलिकॉप्टर से ललासरी, खाखोली और डीडवाना क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरी। प्रिंसिपल डॉ. हरवीर सिंह जाखड़ ने बताया- पिछले पांच वर्षों में कक्षा 12 में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाली छात्राओं को हेलिकॉप्टर से हवाई यात्रा कराई गई। यह विशेष आयोजन भामाशाह ओमप्रकाश पावड़िया के सहयोग से संभव हो पाया। इन छात्राओं ने किया हवाई सफर हेलिकॉप्टर में हवाई सैर करने वाली छात्राओं में जिंकल जांगिड़, लक्ष्मी गुर्जर, गीतांजली मेघवाल, कोमल गुर्जर और मुन्नी मेघवाल शामिल थीं। जिंकल जांगिड़ ने वर्ष 2022-23 में 96.60 प्रतिशत अंक, लक्ष्मी गुर्जर ने वर्ष 2023-24 में 96 प्रतिशत और गीतांजली मेघवाल ने वर्ष 2024-25 में 92 प्रतिशत अंक अर्जित किए। कोमल गुर्जर और मुन्नी मेघवाल को वर्ष 2025-26 की संभावित टॉपर मानते हुए उन्हें भी प्रोत्साहन स्वरूप यह हवाई सैर करवाई गई। स्कूल परिसर में उतारा हेलिकॉप्टर प्रिंसिपल जाखड़ के अनुसार छात्राओं को हवाई यात्रा का अवसर देने के लिए हेलिकॉप्टर को सीधे स्कूल परिसर में उतारा गया था। हेलिकॉप्टर ने ललासरी, खाखोली और डीडवाना क्षेत्र के ऊपर उड़ान भरी। इस दौरान स्कूल स्टाफ, विद्यार्थियों और आसपास के ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। 5 वर्षों से बोर्ड परीक्षा का शत-प्रतिशत परिणाम प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल में वर्तमान में लगभग 200 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। पिछले पांच वर्षों से यहां का बोर्ड परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा है। नवाचार, उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम, भामाशाहों का सहयोग और प्रतिभा प्रोत्साहन जैसे प्रयासों के कारण यह स्कूल पहले भी सुर्खियों में रहा है। विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति बढ़ेगी प्रेरणा प्रिंसिपल जाखड़ ने उम्मीद जताई कि इस पहल से विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति प्रेरणा बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि यह मॉडल प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन सकता है। इस आयोजन में हेलिकॉप्टर की व्यवस्था पर लगभग 2 से 3 लाख रुपए का खर्च आया।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:07 pm

जालमपुरा स्कूल में छात्राओं को साइकिल वितरण: शिक्षा को मिला प्रोत्साहन

राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जालमपुरा में सत्र 2025-26 की पात्र छात्राओं को राज्य सरकार की योजना के तहत नई साइकिलें प्रदान की गईं।

प्रातःकाल 11 Mar 2026 6:52 pm

उदयपुर सांसद ने 5 नए एकलव्य स्कूल मांगे:आदिवासी बहुल पंचायत समितियों में एकलव्य स्कूल खोलने की मांग उठाई, जनजाति विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने पर दिया जोर

उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने लोकसभा में नियम 377 के जरिए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के बच्चों के लिए बड़ी मांग उठाई है। उन्होंने जिले की पांच प्रमुख पंचायत समितियों-ओगणा, सुलाव, देवला, नाई और कल्याणपुर में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS) खोलने का प्रस्ताव संसद में रखा। डॉ. रावत ने जोर देकर कहा कि इन दुर्गम क्षेत्रों में जनजातीय आबादी की बहुलता होने के बावजूद अभी तक एक भी एकलव्य स्कूल संचालित नहीं है, जिससे यहां के प्रतिभाशाली बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए दर-बदर भटकना पड़ता है। सांसद ने सदन के पटल पर आंकड़े रखते हुए बताया कि जनगणना 2011 के अनुसार इन सभी पांचों पंचायत समितियों में अनुसूचित जनजाति की जनसंख्या का प्रतिशत बहुत अधिक है। सुलाव में 95 प्रतिशत, देवला में 98 प्रतिशत, ओगणा में 68 प्रतिशत, नाई में 86 प्रतिशत और कल्याणपुर में 88 प्रतिशत जनजाति आबादी निवास करती है। डॉ. रावत ने तर्क दिया कि ये सभी क्षेत्र एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जाने की हर तरह की पात्रता रखते हैं, फिर भी अब तक इन्हें इस सुविधा से वंचित रखा गया है। संसद में डॉ. मन्नालाल रावत ने कहा कि ये पंचायत समितियां भौगोलिक दृष्टि से बेहद चुनौतीपूर्ण और दुर्गम इलाकों में स्थित हैं। पहाड़ों और जंगलों के बीच बसे इन गांवों में रहने वाले जनजाति बालक-बालिकाओं के पास बेहतर आवासीय शिक्षा के समुचित अवसर नहीं हैं। इस वजह से आदिवासी छात्र उच्च शिक्षा की दौड़ में पिछड़ रहे हैं और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर भी बुरा असर पड़ रहा है। स्थानीय ग्रामीण और समाज के लोग लंबे समय से यहां सरकारी आवासीय स्कूलों की मांग कर रहे हैं ताकि उनके बच्चों का भविष्य संवर सके। डॉ. रावत ने केंद्र सरकार से मांग की है कि संविधान के अनुच्छेद 275 (1) के तहत इन पांचों पंचायत समितियों में नवीन एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों की तुरंत स्वीकृति प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के खुलने से न केवल जनजाति विद्यार्थियों को सुलभ और मुफ्त शिक्षा मिलेगी, बल्कि उनके समग्र विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। सांसद की इस पहल के बाद अब इन पिछड़े क्षेत्रों के हजारों आदिवासी परिवारों में अपने बच्चों की बेहतर पढ़ाई और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 8:37 am

आज सागर आएंगे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव:जेरई में ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी और रोजगार मेले का करेंगे उद्धाटन, उच्च शिक्षा मंत्री भी होंगे शामिल

सागर के नरयावली रोड पर जेरई के पास स्थित ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी का उद्घाटन करने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 मार्च बुधवार को सागर आ रहे हैं। इस दौरान सीएम रोजगार मेले का भी शुभारंभ करेंगे। वे करीब 1.25 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे। कार्यक्रम में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी शामिल होंगे। सीएम के प्रस्तावित दौरे को लेकर तैयारियां कर ली गई हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों के साथ कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने हेलीपैड, मंच, बैठक व्यवस्था, पार्किंग, आवागमन मार्ग समेत अन्य व्यवस्थाओं को देखा। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी सागर जिले और आसपास के क्षेत्रों के लिए विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र बेहतर सुविधा देगी। अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। बल्कि उन्हें आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सागर में ही उपलब्ध हो सकेगी। प्रतिवर्ष रोजगार मेले और प्लेसमेंट के माध्यम से युवाओं का रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। रोजगार मेले में इंटरव्यू से होगा युवाओं को चयन युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर दिलाने बुधवार को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। रोजगार मेला ज्ञानवीर यूनिवर्सिटी परिसर में सुबह 11 बजे से शुरू होगा। मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। मेले में देश और प्रदेश की कंपनियां हिस्सा लेंगी। जिसमें कंपनियों की प्रतिनिधि युवाओं का इंटरव्यू लेकर अलग-अलग पदों के लिए चयन करेंगे।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 7:43 am

खेलों में छात्रों ने दिखाया दम, शिक्षा के साथ फिटनेस का संदेश दिया

छात्रों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया. ● एथलेटिक्स: 50 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर और रिले रेस। ● शक्ति और कौशल: टग-ऑफ-वार (रस्साकशी), आर्म रेसलिंग (पंजालड़ा), शॉट पुट (गोला फेंक) और लॉन्ग जंप। ● मनोरंजक खेल: विभिन्न फन रेस और अन्य गतिविधियां। ‌ मुख्य अतिथि सरदार गुरदर्शन सिंह ने छात्रों की ऊर्जावान भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों को शिक्षा और शारीरिक फिटनेस के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया। डॉ. एसपी सिंह (अध्यक्ष,जीकेईसी और पूर्व कुलपति, जीएनडीयू) ने जोर देकर कहा कि खेल छात्रों के व्यक्तित्व को आकार देने और उनमें दृढ़ता और टीम वर्क जैसे मूल्यों को स्थापित करने के लिए आवश्यक हैं। प्रो. मंजीत सिंह छाबड़ा (निदेशक, जीजीएनआईएमटी) ने कहा कि एंथुसिया छात्रों के लिए अपनी शारीरिक क्षमताओं और प्रतिस्पर्धी भावना को प्रदर्शित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। खेल उत्सव का समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ, जहां विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पदक और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। भास्कर न्यूज | लुधियाना गुजरांवाला गुरु नानक इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ने अपने परिसर के विशाल मैदान में वार्षिक खेल उत्सव एंथुसिया 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में छात्रों और संकाय सदस्यों के बीच भारी उत्साह देखा गया, जो खेल भावना, टीम वर्क और शारीरिक फिटनेस का उत्सव मनाने के लिए एकत्रित हुए थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि सरदार गुरदर्शन सिंह, आईपीएस के औपचारिक स्वागत के साथ हुई। समारोह का शुभारंभ खेल ध्वज फहराने के साथ हुआ। खेल उत्सव की औपचारिक घोषणा के बाद, छात्रों ने प्रतियोगिताओं के दौरान निष्पक्ष खेल, अखंडता और खेल कौशल के मूल्यों को बनाए रखने की शपथ ली। मार्च पास्ट के दौरान दर्शकों ने विभिन्न विभागों के छात्रों को पूरे आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ कदमताल करते देखा।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 5:05 am

शिक्षा विभाग ने बताया:डर व शर्मिंदगी में जिंदगी बिता रही हैं बच्चियां; किसी की पढ़ाई छूटी, किसी को घर बदलना पड़ा

स्कूल ही बच्चियों के लिए डर और असुरक्षा का कारण बन जाएं, तो यह सिस्टम की लाचारी और विफलता की कहानी बन जाती है। विधानसभा में शिक्षा विभाग ने बताया है कि वर्ष 2020 से 2024 तक सरकारी स्कूलों में 61 जगह बच्चियों के साथ शिक्षकों द्वारा छेड़छाड़, दुष्कर्म जैसे मामले आए हैं। भास्कर पड़ताल में आया कि कई बच्चियों को मजबूरी में पढ़ाई छोड़नी पड़ी, तो शर्मिंदगी से बचने के लिए कई परिवारों को घर बदलना पड़ा। इन्हीं बच्चियों का दर्द पढ़ें इस स्पेशल रिपोर्ट में : झिझक के कारण 3 बच्चियों ने छोड़ दिया स्कूल सीकर के एक गांव में हेडमास्टर तीन सहेलियों से अश्लील हरकत करता था। उन्हें गलत तरीके से छूता था। इससे बच्चियां डर गईं। उन्होंने स्कूल जाने से मना कर दिया। परिवारों ने कारण पूछा, तो उन्हें हेडमास्टर की करतूत का पता लगा। इसके बाद परिजनों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शिकायत की। घटना के बाद तीनों बच्चियों की जिंदगी बदल गई है। वे स्कूल जाने से मना करती हैं। मां स्कूल जाने के लिए कहती हैं, तो रोने लगती हैं। समझा-बुझाकर उन्हें स्कूल भेजा जाता है, तो वे वहां दूसरी बच्चियों से बात करने में हिचकिचाती हैं। दिनभर गुमसुम रहती हैं। ऐसी दिनचर्या से एक बच्ची का स्वास्थ्य भी बिगड़ चुका है। रात के समय वह अचानक डरकर रोने लगती है। डर ऐसा कि साढ़े चार साल बाद भी डिप्रेशन में है बेटी अक्टूबर 2021 में झुंझुनूं के स्कूल के प्रधानाध्यापक ने बच्ची से स्कूल में दरिंदगी की। सदमे के कारण उसका व्यवहार बदल गया है और वह घुट-घुटकर जी रही है। घरवालों ने स्कूल बदल दिया, लेकिन वह लगातार स्कूल भी नहीं जा पा रही है। शर्मिंदगी के कारण रिश्तेदारी में जाने से भी संकोच करती है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:44 am

शिक्षा, स्वास्थ्य व स्वरोजगार से महिलाएं बनें आत्मनिर्भर

बोकारो | विश्व महिला दिवस सप्ताह के तहत मंगलवार को चास प्रखंड कार्यालय के सभागार में महिला सशक्तिकरण, समानता और अधिकारों के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढांडा, प्रखंड प्रमुख बेला देवी एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला प्रशासन बोकारो के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में महिला मुखिया, महिला पंचायत सदस्य, पंचायत सचिव, आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहायिकाएं, स्वयं सहायता समूह की सदस्य, जल सहिया तथा प्रखंड व अंचल के महिला कर्मियों ने भाग लिया। एसडीओ प्रांजल ढांडा ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना समाज के समग्र विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 4:00 am

अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा दो माह में निर्णय लें:शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण का मामला, तीन हफ्ते में प्रत्यावेदन दें-हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा मित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में राज्य सरकार को निर्णय लेने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह आदेश सुप्रीम कोर्ट के जागो व श्रीपाल केस में दिये गये फैसले के आधार पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि 115 याचीगण अपना अलग अलग प्रत्यावेदन तीन हफ्ते में अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उ प्र लखनऊ को देंगे और वह दो माह में विचार कर सहायक अध्यापक के पद पर शिक्षा मित्रों के नियमितीकरण मामले में फैसला लेंगे। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान की एकलपीठ ने तेज बहादुर मौर्य व 114 अन्य शिक्षा मित्रों की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। याचिका पर कहना था कि याचीगण बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षा मित्र के रूप में वर्षों से कार्यरत हैं।लंबी सेवा को देखते हुए उन्हें सहायक अध्यापक के रूप में नियमित किया जाए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश व केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के आदेश 11 जून 25 के अनुसार याचीगण नियमित किए जाने के हकदार हैं। सरकार की तरफ से कहा गया कि ऐसे ही मामले में विशेष अपील हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। यह सरकार का नीतिगत मामला है।कोर्ट को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। याची अधिवक्ता ने कहा कि बदली परिस्थितियों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में याचीगण नियमित होने के हकदार हैं। विचार किया जाना चाहिए। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को दो माह में निर्णय लेने का आदेश दिया है।

दैनिक भास्कर 11 Mar 2026 12:22 am

डॉ. मल्लिका सक्सेना को 'सक्षम भारत अवार्ड 2026':शिक्षा और दिव्यांग समावेशी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय की डॉ. मल्लिका सक्सेना को 'सक्षम भारत अवार्ड 2026' से सम्मानित किया गया। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने हेतु यह सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह लेट्स गिव होप फाउंडेशन की ओर से कैसरबाग स्थित राय उमनाथ बली ऑडिटोरियम में आयोजित 'लीडरशिप स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम फॉर वुमेन' के दौरान हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईपीएस अधिकारी प्रकाश डी. रहे, जबकि डिप्टी डायरेक्टर दिव्यांगजन सशक्तिकरण डॉ. अमित राय विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद थे। शैक्षणिक संसाधनों को सुलभ बनाने की दिशा में सक्रिय इस अवसर पर वक्ताओं ने समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की गई। डॉ. मल्लिका सक्सेना वर्तमान में डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के इतिहास एवं पुरातत्व विभाग की विभागाध्यक्ष हैं। वह लंबे समय से समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक संसाधनों को सुलभ बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 8:46 pm

कॉलेज में गूंजा सावित्रीबाई फुले का संदेश:शिक्षा और समानता से ही संभव है सामाजिक परिवर्तन, पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने युवाओं को दी मोबाइल त्याग करने की सीख

महिला शिक्षा की अलख जगाने वाली और आधुनिक भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को चिड़ावा कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के स्वर मुखर हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद संतोष अहलावत उपस्थित रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संघर्ष और साहस का प्रतीक है सावित्रीबाई का जीवन: संतोष अहलावत पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में महिलाओं और वंचितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, जब समाज में इसके प्रति घोर विरोध था। उनके द्वारा जलाया गया शिक्षा का दीप आज भी करोड़ों महिलाओं के जीवन को रोशन कर रहा है। अहलावत ने वर्तमान पीढ़ी को सचेत करते हुए कहा कि आज के युवाओं को मोबाइल की आभासी दुनिया और समय की बर्बादी से बाहर निकलना होगा। यदि हम वास्तव में सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें कुछ नया और सकारात्मक करने का संकल्प लेना चाहिए। युवाओं की ऊर्जा ही समाज में वास्तविक परिवर्तन का आधार बनेगी। प्रतियोगिताओं के विजेताओं का हुआ सम्मान यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर हाल ही में आयोजित हुई निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा की गई। मुख्य अतिथियों ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कौशल की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां महाविद्यालय की छात्राओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और उनके साहसी व्यक्तित्व पर आधारित कई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाटकों और गीतों के माध्यम से दर्शाया गया कि किस प्रकार सावित्रीबाई ने सामाजिक कुरीतियों का सामना करते हुए नारी शिक्षा की नींव रखी। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी किया। प्राचार्या रेखा कुलश्रेष्ठ ने कार्यक्रम अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई का जीवन समर्पण की एक अद्भुत मिसाल है और विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने चरित्र में ढालना चाहिए। पवन पूनिया (उपनिदेशक, सामाजिक न्याय विभाग) ने सरकारी योजनाओं और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने पर बल दिया। हिंमाशु सिंह (जिला जनसंपर्क अधिकारी) ने विद्यार्थियों को सूचना और सही ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। सामूहिक संकल्प के साथ समापन कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार और समानता की भावना को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रभुशरण तिवारी, शंभु पंवार, मनोज शर्मा, महेश आजाद, निर्मला शर्मा, पूनम जांगिड़, पूनम नुनिया, गुड्डी सोमरा, अभिषेक मुरारका सहित भारी संख्या में विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 8:39 pm

बरौनी रिफाइनरी ने अफवाहों से बचने की अपील की:घरेलू ग्राहकों को मिलेगी प्राथमिकता, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवा नहीं होगी प्रभावित

ग्लोबल लेवल पर जारी जीयो-पॉलिटिकल टेंशन की वजह से कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति में बाधा आ रही है। इसका सीधा असर भारत में एलपीजी की उपलब्धता पर पड़ा है। स्थिति को देखते हुए भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय और प्रमुख तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) ने बड़ा फैसला लिया है। अब घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं और अस्पतालों जैसे अनिवार्य संस्थानों को गैस आपूर्ति में प्राथमिकता दी जाएगी। इंडियन ऑयल (IOCL) की ओर से शेयर की गई जानकारी के मुताबिक मौजूदा ग्लोबल कंडिशन ने एलपीजी की सप्लाई चेन को प्रभावित किया है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही उथल-पुथल से देश में स्टॉक की कमी नहीं हो, इसके लिए राशनिंग और प्राथमिकता की नीति अपनाई जा रही है। रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य नई गाइडलाइंस के अनुसार, तेल कंपनियों ने अपनी प्राथमिकता तय कर दी है। आम जनता के घरों में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस की सप्लाई को बिना किसी बाधा के जारी रखने का लक्ष्य रखा गया है। अनिवार्य गैर-घरेलू क्षेत्र अस्पताल, नर्सिंग होम और शैक्षणिक संस्थानों (स्कूल-कॉलेज) को भी प्राथमिकता श्रेणी में रखा गया है, जिससे स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाएं प्रभावित नहीं हो। अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों होटल, रेस्तरां, कारखाने आदि के लिए गैस की सप्लाई अब इतनी आसान नहीं होगी। तेल कंपनियों ने हाई लेवल कमेटी का किया गठन तेल कंपनियों ने एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जिसमें तीन कार्यकारी निदेशक (Executive Directors) इंडियन ऑयल से के. शैलेंद्र, भारत पेट्रोलियम से टी.वी. पांडियन एवं हिंदुस्तान पेट्रोलियम से ध्रुव कपिल को शामिल किया गया है। यदि किसी अन्य क्षेत्र को गैस की तत्काल आवश्यकता है, तो उन्हें इन अधिकारियों को सीधे ई-मेल के माध्यम से आवेदन करना होगा। यह कमेटी मेरिट और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर ही आपूर्ति का फैसला करेगी। राहत की बात यह है कि सरकार का पूरा जोर घरेलू बजट को बचाने पर है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि आयातित उत्पादों की कमी के कारण गैर-घरेलू सेक्टर में सप्लाई में देरी हो सकती है। बरौनी रिफाइनलरी ने अफवाहों से बचने की अपील की बरौनी रिफाइनरी ने अपील किया है कि अफवाहों से बचें। मंत्रालय ने घरों में घरेलू एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है। जमाखोरी/कालाबाजारी से बचने के लिए 25 दिन की अंतर-बुकिंग अवधि शुरू की है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को आयातित एलपीजी से गैर-घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 8:32 pm

भिंड में सरकारी स्कूल के राशन में गड़बड़ी:बिकने के संदेह में पुलिस थाने में रखवाया, शिक्षा विभाग ने प्राचार्य को नोटिस थमाया

भिंड जिले के गोहद कस्बे में स्थित सीएम राइज स्कूल से मध्यान्ह भोजन के राशन को प्राचार्य द्वारा बेचे जाने के संदेह में पुलिस ने ई-रिक्शा सहित अनाज को पकड़कर थाने में रखवा दिया है। मामले की शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने मंगलवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय से स्कूल के प्राचार्य को नोटिस थमाकर उनका पक्ष मांगा है। पड़ोसी ने वीडियो बनाकर की शिकायत मामला सोमवार दोपहर का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार गोहद स्थित सीएम राइज स्कूल से मध्यान्ह भोजन के लिए आए गेहूं की बोरियां एक ई-रिक्शा में लोड कर ले जाई जा रही थीं। उसी दौरान आसपास रहने वाले एक व्यक्ति ने इसका वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दे दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ई-रिक्शा में रखी गेहूं की बोरियों को जब्त कर थाने में रखवा दिया। बताया जा रहा है कि राशन स्कूल परिसर से करीब कुछ दूरी तक ले जाया जा रहा था। शिकायतकर्ता को संदेह था कि मध्यान्ह भोजन का राशन बेचने के लिए बाहर भेजा जा रहा है। इसी संदेह के आधार पर पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद कार्रवाई करते हुए राशन और ई-रिक्शा को थाने ले जाया गया। शिक्षा विभाग ने शुरू कराई जांच घटना की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग भी सक्रिय हो गया। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के प्राचार्य को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में उनसे पूरे घटनाक्रम को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि राशन को किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसमें किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं। दैनिक भास्कर से चर्चा करते हुए गोहद ब्लॉक के विकासखंड शिक्षा अधिकारी विजय शर्मा ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। स्कूल के प्राचार्य को नोटिस थमाकर उनका पक्ष मांगा गया है। जांच के बाद जो भी निष्कर्ष सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब तक प्राचार्य से हुई बातचीत में उन्होंने कहा है कि स्कूल परिसर में राशन रखने की पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। इसी कारण राशन को साफ कराने और गेहूं पिसवाने के लिए स्कूल के चपरासी के साथ भेजा गया था। इसी दौरान शिकायत मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई की। उनका कहना है कि शिकायत में राशन बेचने के लिए ले जाने का संदेह जताया गया है, लेकिन जांच के बाद ही पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 12:14 pm

चित्तौड़गढ़: कैलाश चंद्र माहेश्वरी महेश शिक्षा निकेतन संस्थान के अध्यक्ष निर्वाचित

चित्तौड़गढ़ में महेश शिक्षा निकेतन संस्थान की निर्विरोध कार्यकारिणी गठित, नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने ली शपथ और शिक्षा संबंधी गतिविधियों पर हुआ महत्वपूर्ण निर्णय।

प्रातःकाल 10 Mar 2026 11:28 am

आज उच्च शिक्षा को विश्व इकोनॉमी से जोड़ना जरूरी

बड़वानी | ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में सोमवार को सुबह 10 बजे पीएम नरेंद्र मोदी के संबोधन का वेबिनार प्राध्यापकों व विद्यार्थियों को लाइव दिखाया गया। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने बताया पीएम ने व्याख्यान में युवा शक्ति को राष्ट्र शक्ति बनाने के लिए अनुशासन, संयम व ऊर्जा के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा आज उच्च शिक्षा को विश्व इकोनॉमी से जोड़ना बहुत जरूरी है। इसलिए एआई, डिजाइन, ऑटोमेशन व डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना होगा। वेबिनार में प्राध्यापकों व विद्यार्थियों से सुझाव प्राप्त कर फीडबैक भी तैयार किया। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीएस मुझाल्दा ने विद्यार्थियों को सुझाव दिया कि वे वेबिनार में विषय-विशेषज्ञों दी गई जानकारी को नोट्स के रूप में संकलित करें और यह विचार करें कि वे अपने क्षेत्र में क्या बेहतर कर सकते हैं।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 5:20 am

शिकायत के बाद शिक्षा विभाग के दो कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकी गई

बिलासपुर | विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बिल्हा में पदस्थ दो कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर विभाग ने विभागीय कार्रवाई की है। चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिल को रोकने से संबंधित बातचीत का एक ऑडियो वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया था। इस मामले में सहायक ग्रेड-2 अनुपम शुक्ला को पहले निलंबित किया गया था। उनकी एक वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोक दी गई है। डीईओ विजय टांडे ने बताया कि निलंबन समाप्त करते हुए अनुपम शुक्ला को शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय केन्दा, विकासखंड कोटा में पदस्थ किया गया है। इसी मामले में सहायक ग्रेड-3 शिल्पा शर्मा के खिलाफ भी शिकायत मिली थी। जांच में उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं पाया गया। विभाग ने उनकी भी एक वेतन वृद्धि प्रभाव से रोक दी है। निलंबन से बहाल करते हुए उन्हें हाई स्कूल सिंधी कॉलोनी जरहाभाठा में पदस्थ किया गया है। वहीं संकुल समन्वयक साधेलाल पटेल की जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:39 am

निदेशालय ने नहीं माने आदेश:शिक्षा विभाग; आरटीई प्रवेश के लिए आयु सीमा में छूट नहीं दी, कक्षा 1 में आवेदन से 50 हजार बच्चे वंचित

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए शिक्षा विभाग आयु सीमा में छूट देना भूल गया। विभाग को पहली कक्षा में प्रवेश के लिए विद्यार्थियों को आयु सीमा में 4 महीने की छूट देनी थी और 31 जुलाई तक आयु सीमा में आ रहे विद्यार्थियों से आवेदन लेने थे, लेकिन विभाग छूट देना भूल गया। पहली कक्षा के लिए 6 से 7 साल तक का विद्यार्थी ही आवेदन कर सकता है। आरटीई गाइडलाइन में 31 मार्च को आधार मानकर आयुसीमा की गणना की जा रही है, जबकि विभाग को 4 महीने की छूट देते हुए 31 जुलाई तक आयु सीमा में आ रहे विद्यार्थियों से भी आवेदन लेने थे। इस गलती से करीब 50 हजार बच्चों के आवेदन से वंचित होने की संभावना है। शिक्षा विभाग की 1 दिसंबर को तैयारी बैठक हुई थी। इसमें शिक्षा सचिव, राज्य परियोजना निदेशक, शिक्षा निदेशालय बीकानेर सहित आरटीई से जुड़े अधिकारी और निजी स्कूल संचालक मौजूद थे। बैठक में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आयु सीमा में शिथिलता देने का निर्णय हुआ। कार्यवाही विवरण में भी उल्लेख है। निदेशालय ने आरटीई गाइडलाइन जारी की तो प्रवेश के लिए आयु सीमा में छूट ही नहीं दी। बच्चे का जन्म 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के मध्य (दोनों तिथियों को शामिल करते हुए) हुआ हो तो वह पहली कक्षा में आवेदन का पात्र है। पिछले साल पहली कक्षा के लिए आए थे 1.75 लाख आवेदन पिछले साल शिक्षा विभाग ने केवल दो कक्षाओं पीपी 3 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे थे। तब आयु सीमा की गणना 31 जुलाई 2025 के आधार पर की गई थी। पिछले साल पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 1.75 लाख आवेदन हुए थे। इस साल आयु सीमा में छूट नहीं मिलने के कारण अभी तक पहली कक्षा में प्रवेश के लिए 1.25 लाख आवेदन ही जमा हुए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर आयु सीमा में छूट मिलने पर करीब 50 हजार विद्यार्थी और आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि आज, अब तक 5.77 लाख आवेदन निदेशालय ने 20 फरवरी से आरटीई में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ की थी। आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च है। सोमवार शाम तक करीब 5.77 लाख विद्यार्थी आवेदन कर चुके थे। प्रवेश का वरियता क्रम तय करने के लिए 12 मार्च को लाटरी निकाली जाएगी। इस साल विभाग ने चार कक्षाओं, पीपी 3 प्लस, पीपी 4 प्लस, पीपी 5 प्लस और पहली कक्षा में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:12 am

नया शिक्षा सत्र 2026 -27 एक अप्रैल से शुरू:12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद होंगे महात्मा गांधी स्कूलों में प्रवेश

प्रदेश में संचालित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया 12वीं बोर्ड परीक्षा के बाद शुरू की जाएगी। 12वीं बोर्ड की परीक्षा 11 मार्च को खत्म होगी। नया शिक्षा सत्र 2026 -27 एक अप्रैल से शुरू होने के कारण इस बार महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में भी प्रवेश की प्रक्रिया पिछले सत्र के मुकाबले दो माह पहले शुरू की जा रही है। प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 14 मार्च से शुरू की जाएगी। अभ्यर्थी 23 मार्च तक आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन आने पर 25 मार्च को लॉटरी के जरिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। प्रदेश में संचालित 3737 स्कूलों में से अनेक में 50% से अधिक सीटें रिक्त हैं। इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश के संबंध में माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को टाइम फ्रेम घोषित कर दिया है। इंग्लिश स्कूलों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश और विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन स्कूलों में नया शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। लेकिन बोर्ड परीक्षा और होम एग्जाम होने के कारण महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में प्रवेश की प्रक्रिया 11 मार्च के बाद शुरू की जाएगी। यह रहेगा प्रवेश का शेड्यूल 3737 इंग्लिश मीडियम स्कूलों 6.81 लाख अभ्यर्थी अध्ययनरत : प्रदेश के 3737 महात्मा गांधी स्कूलों में लगभग 6.81 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। लगभग 50% से अधिक रिक्त सीटों को भरने के लिए 14 मार्च से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पिछले साल शिक्षा निदेशालय की ओर से इन स्कूलों में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया 7 मई से शुरू हुई थी। इस बार आवेदन मार्च में ही लिए जाएंगे। बीकानेर जिले में 171 महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल संचालित किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के स्कूलों को छोड़कर ब्लॉक और ग्रामीण क्षेत्र में संचालित किए जा रहे महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अनेक सीटें रिक्त हैं। बीकानेर में सबसे अधिक नामांकन वर्तमान में मुरलीधर व्यास नगर में स्थित महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल में 679 विद्यार्थियों का है। जिले के ब्लॉकों में कई स्कूल ऐसे भी संचालित हैं जहां 50 से कम नामांकन है।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:00 am

दिलावर ने कहा:डोटासरा ने भांग खाकर स्कूल खोले थे, जूली ने कहा- शिक्षा मंत्री हो, जवाब भी भांग खाकर दे रहे

विधानसभा में सोमवार को महात्मा गांधी स्कूलों में पद सृजन और डूंगरपुर में पुलिस के रवैये को लेकर सदन में कांग्रेस व भाजपा विधायकों के बीच नोकझोंक हुई। भाजपा व कांग्रेस विधायकों ने एक दूसरे पर आरोप -प्रत्यारोप लगाए। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने यहां तक कह दिया कि जीरो बच्चों पर भी विद्यालय चलते हैं क्या? दस बच्चों पर भी विद्यालय चलते हैं क्या? पूर्व सरकार के समय भांग खा कर विद्यालय खोल दिए। डोटासरा ने भांग खाई हुई थी। इस पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि मंत्री जिस प्रकार से बात कर रहे हैं भांग खा कर...। आप प्रदेश के शिक्षा मंत्री हो, जवाब तो आप भांग खाकर दे रहे हो। इस पर दिलावर और जूली व डोटासरा के बीच बहुत देर तक तीखी नोकझोंक हुई। प्रश्नकाल के दौरान पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान खोले गए अंग्रेजी माध्यम और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों में रिक्त पदों को लेकर भी सदन में बहस हुई। भाजपा विधायक बालकनाथ के प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि पिछली सरकार ने 3,737 स्कूलों को महात्मा गांधी सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बदल दिया, लेकिन एक भी नया शिक्षक पद सृजित नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई जो खुद अंग्रेजी माध्यम से पढ़े हुए नहीं थे। वहीं जूली ने कहा कि 10–20 छात्रों वाले स्कूलों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकार है और सरकार पर ड्रॉपआउट बढ़ने का आरोप लगाया। इस पर दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि जब डोटासरा शिक्षा मंत्री थे, तब उन्होंने लक्ष्मणगढ़ में ही 203 स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में बदल दिया, लेकिन उनके लिए पद सृजित नहीं किए। वर्तमान सरकार अब पदों को स्वीकृत कर योग्य शिक्षकों की नियुक्ति कर स्थिति सुधार रही है। 140 स्थायी और 700 अस्थायी कोच भर्ती होंगे खेल विभाग में 140 स्थायी और 700 अस्थायी कोच की भर्ती होगी। निर्दलीय विधायक युनूस खान के सवाल के जवाब में खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि खेल विभाग ने 2012 के बाद पहली बार भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब 140 स्थाई कोच की भर्ती के लिए वित्त विभाग से मंजूरी मिल चुकी है। कर्मचारी चयन बोर्ड आगे कार्यवाही कर रहा है। अब 700 अस्थाई कोच भी लेंगे, जिससे प्रदेश के ज्यादातर खेल प्रशिक्षण केंद्रों पर कोच लग जाएंगे।

दैनिक भास्कर 10 Mar 2026 4:00 am

समग्र शिक्षा: 3 दिव्यांग बच्चों का मुफ्त ऑपरेशन:10 और बच्चों की होगी सर्जरी, कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल

बिलासपुर समग्र शिक्षा अभियान के तहत जिले के तीन दिव्यांग बच्चों का बिलासपुर हॉस्पिटल में मुफ्त ऑपरेशन किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगला स्थित अस्पताल पहुंचकर बच्चों से मुलाकात की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को आवश्यक उपकरण और उपहार भी भेंट किए। जिले के 10 अन्य दिव्यांग बच्चों की भी जल्द ही सर्जरी की जाएगी। कलेक्टर अग्रवाल ने बच्चों के अभिभावकों को लगातार देखभाल के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जोर दिया कि उपचार के बाद बच्चों की नियमित देखरेख और थेरेपी बेहद महत्वपूर्ण है ताकि वे पूरी तरह से स्वस्थ हो सकें। ऑपरेशन के लिए 13 बच्चे किये गए चिन्हित समग्र शिक्षा के समावेशी शिक्षा कार्यक्रम के तहत दिव्यांग बच्चों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। इसी क्रम में प्रतिवर्ष स्वास्थ्य परीक्षण और आकलन शिविर लगाए जाते हैं। वर्ष 2025-26 में विकासखंड और जिला स्तर पर आयोजित ऐसे शिविरों में चिकित्सकों ने कुल 13 बच्चों को शल्य चिकित्सा के लिए चिन्हित किया था। कलेक्टर के निर्देश पर हुआ बचो का स्वास्थ परिक्षण इन बच्चों का समग्र स्वास्थ्य परीक्षण कलेक्टर के निर्देश पर कराया गया और आयुष्मान योजना के तहत उनकी सर्जरी की प्रक्रिया शुरू की गई। मंगला स्थित बिलासपुर हॉस्पिटल में अब तक तीन बच्चों की सफल सर्जरी हो चुकी है। फिजियोथेरेपिस्ट को भी दिए निर्देश इनमें तखतपुर विकासखंड की प्राथमिक शाला अमेरी से पिया पात्रे, कोटा विकासखंड की प्राथमिक शाला लारीपारा से संध्या साहू और बिल्हा विकासखंड की प्राथमिक शाला शहीद भगत सिंह, बंधवापारा से प्रतीश कुमार शामिल हैं।कलेक्टर ने समग्र शिक्षा के तहत कार्यरत ब्लॉक रिसोर्स पर्सन और फिजियोथेरेपिस्ट को भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को नियमित थेरेपी उपलब्ध कराई जाए और समय-समय पर उनके स्वास्थ्य की जानकारी लेने के लिए उनसे मुलाकात की जाए।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 8:15 pm

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

बच्चों को शिक्षा में एजुकेशन, पेंशन योजना की मांग:ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार का धरना, 10 सूत्री मांग को लेकर डीएम को सौंपा ज्ञापन

ड्राइवरों के अधिकार, सुरक्षा और सामाजिक कल्याण से जुड़ी मांगों को लेकर सोमवार को ड्राइवर एसोसिएशन ऑफ बिहार के बैनर तले जेपी स्मारक के समीप एक विशाल शांतिपूर्ण धरना आयोजित किया गया। धरने में जिले के विभिन्न इलाकों से बड़ी संख्या में कमर्शियल वाहन चालकों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के नेता और सदस्य अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी करते हुए सरकार का ध्यान ड्राइवरों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया। कार्यक्रम के अंत में एसोसिएशन की ओर से 10 सूत्री मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। संगठन के जिलाध्यक्ष बोले- परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका अहम धरने को संबोधित करते हुए संगठन के जिलाध्यक्ष हरेराम भाई ने कहा कि सड़क परिवहन व्यवस्था में ड्राइवरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सड़क पर जोखिम भरे माहौल में काम करने वाले ड्राइवरों के लिए सरकार को ठोस नीतियां बनानी चाहिए, ताकि उनकी जिंदगी सुरक्षित और सम्मानजनक बन सके। ‘ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल किया जाए’ ड्राइवर एसोसिएशन ने अपनी मांगों में सड़क दुर्घटना में ड्राइवर की मृत्यु को आपदा की श्रेणी में शामिल करने, ड्राइवर आयोग के गठन और ड्राइवर वेलफेयर फंड की व्यवस्था करने की मांग उठाई। इसके साथ ही दुर्घटना में मृत्यु होने पर 20 लाख रुपए और स्थायी अपंगता पर 10 लाख रुपए मुआवजा देने तथा दुर्घटना की स्थिति में मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। संगठन ने 60 वर्ष की आयु के बाद ड्राइवरों के लिए पेंशन योजना लागू करने और दुर्घटना में मृत्यु होने पर आश्रितों को तत्काल पेंशन देने की भी मांग की। वाहनों में आगे और पीछे कैमरा लगाने की मांग की इसके अलावा ड्राइवरों के बच्चों को उच्च शिक्षा में विशेष आरक्षण देने, सभी वाहनों में आगे और पीछे छह कैमरे लगाने की व्यवस्था करने, 1 सितंबर को ड्राइवर दिवस घोषित करने तथा उस दिन ड्राइवरों को अवकाश देने की भी मांग की गई। एसोसिएशन ने ड्राइवरों को द्वितीय श्रेणी सैनिक का दर्जा देने, सड़क दुर्घटनाओं में घायलों के बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के आईसीयू में एक बेड ड्राइवरों के लिए आरक्षित करने तथा ड्राइवरों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा कानून बनाने की मांग भी सरकार के समक्ष रखी। धरने में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से आए ड्राइवरों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई की मांग की।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 3:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

नालंदा में 12 मार्च से सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा:​ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर 40 मिनट पहले आएगा क्वेश्चन पेपर; 30 मार्च को पीटीएम का आयोजन

नालंदा में सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक के छात्र-छात्राओं की वार्षिक मूल्यांकन परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग ने इस बार व्यवस्था में परिवर्तन किया है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब छात्रों को प्रश्नपत्र के बजाय ब्लैक बोर्ड पर लिखे सवालों को देखकर अपनी कॉपियों में उत्तर देने होंगे। इस पारदर्शी व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल का सहारा लिया जाएगा, जहां परीक्षा शुरू होने से महज 40 मिनट पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद संबंधित विक्षकों की यह जिम्मेदारी होगी कि वे उन प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर अंकित करें। जिले के सभी सरकारी स्कूलों में यह परीक्षा आगामी 12 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित की जाएगी। विभाग की ओर से जारी निर्देशों के तहत पहली और दूसरी कक्षा के छोटे बच्चों के लिए केवल मौखिक परीक्षा का प्रावधान किया गया है, जबकि तीसरी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को लिखित परीक्षा की कसौटी पर उतरना होगा। इस नई प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य परीक्षा के बोझ और तनाव को कम करना तथा मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक सरल बनाना है। आंकड़ों के अनुसार, इस वार्षिक मूल्यांकन में पहली व दूसरी कक्षा के लगभग 57 हजार और तीसरी से आठवीं कक्षा के दो लाख 93 हजार छात्र शामिल होंगे। परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद मूल्यांकन कार्य पर जोर दिया जाएगा। 30 मार्च को पीटीएम का आयोजन शिक्षकों को 19 से 24 मार्च के बीच उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पूरी करने का लक्ष्य दिया गया है, ताकि समय पर परिणाम तैयार किए जा सके। इसके साथ ही 25 मार्च तक नामांकन पंजी को अपडेट करने का कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा। जिला शिक्षा पदाधिकारी विजय आनंद ने बताया कि ई-शिक्षाकोष के माध्यम से प्रश्नपत्रों के वितरण से गोपनीयता बनी रहेगी और पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से संचालित होगी। छात्रों के शैक्षणिक प्रदर्शन का लेखा-जोखा साझा करने के लिए 30 मार्च का दिन बेहद खास होगा। इस दिन जिले के सभी विद्यालयों में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छात्रों को उनका रिपोर्ट कार्ड सौंपा जाएगा। इस बैठक के माध्यम से न केवल बच्चों की प्रगति पर चर्चा होगी, बल्कि विद्यालय के बेहतर प्रबंधन के लिए अभिभावकों से सुझाव भी आमंत्रित किए जाएंगे। विभाग का मानना है कि इस पहल से शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी। फिलहाल, सभी स्कूलों में परीक्षा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 11:24 am

जब मदद के लिए रास्ते नहीं दिखे,तो खुद मददगार बने:अब वृद्धा आश्रम शुरू कर रहे ऋतुराज, धमतरी में शिक्षा, स्वास्थ्य-सेवा का विस्तारित मिशन

कभी हालात ऐसे थे जब जरूरतमंदों के लिए मदद के रास्ते सीमित दिखाई देते थे, लेकिन ऋतुराज पवार ने परिस्थितियों का इंतजार करने के बजाय खुद पहल करने का निर्णय लिया। धमतरी के इस सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने अनुभव, संघर्ष और संसाधनों को समाज के हित में समर्पित कर दिया। उनका स्पष्ट मानना है कि यदि व्यवस्था में कमी दिखे तो केवल आलोचना नहीं, बल्कि समाधान का हिस्सा बनना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कई पहलें शुरू कीं। जरूरतमंद विद्यार्थियों को सहयोग, स्कूलों में मूलभूत संसाधनों की व्यवस्था, रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य जांच कैंप जैसे प्रयासों ने सैकड़ों परिवारों तक राहत पहुंचाई। उनका मिशन केवल तात्कालिक सहायता देना नहीं, बल्कि स्थायी और संगठित सामाजिक बदलाव की नींव रखना है। अब वे अपने अगले कदम के रूप में वृद्धा आश्रम की शुरुआत की तैयारी कर रहे हैं, ताकि बुजुर्गों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्नेहपूर्ण वातावरण मिल सके। ऋतुराज पवार की यह यात्रा बताती है कि जब इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी पूरे जिले में परिवर्तन की नई कहानी लिख सकता है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 9:42 am

शिक्षा-हेल्थकेयर से अब फूड चेन तक,मेघा ग्रुप का मल्टी-सेक्टर विस्तार:4 कंप्यूटर से 500+ कर्मचारियों तक का सफर; मनीष पारख बना रहे इंटीग्रेटेड बिजनेस मॉडल

दुर्ग-भिलाई से शुरू हुआ एक छोटा सा प्रशिक्षण केंद्र आज शिक्षा, हेल्थकेयर, डिजाइनिंग, मल्टी-ब्रांड रिटेल और अब फूड चेन सेक्टर तक अपना विस्तार कर चुका है। मेघा ग्रुप के चेयरमैन मनीष पारख ने सीमित संसाधनों के साथ शुरुआत की, लेकिन स्पष्ट विजन और स्ट्रक्चर्ड प्लानिंग के दम पर उन्होंने एक मल्टी-सेक्टर बिजनेस नेटवर्क खड़ा कर दिया। चार कंप्यूटर से शुरू हुआ यह सफर आज 50 से अधिक कोर्स, एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाओं, NABL और NABH प्रमाणित हेल्थकेयर सेवाओं, 500 से अधिक कर्मचारियों और तेजी से बढ़ती फूड चेन ब्रांड उपस्थिति तक पहुंच चुका है। उनकी रणनीति केवल व्यापार विस्तार तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्थानीय जरूरतों को समझते हुए क्वालिटी सर्विस और रोजगार सृजन पर केंद्रित रही है। शिक्षा मॉडल को इंडस्ट्री-ओरिएंटेड बनाना हो, सुपर डायग्नोस्टिक हब स्थापित करना हो या अब उपभोक्ताओं के लिए संगठित फूड चेन विकसित करना हो, हर कदम में दीर्घकालिक सोच और प्रोफेशनल मैनेजमेंट साफ दिखाई देता है। मनीष पारख का यह मॉडल छत्तीसगढ़ में इंटीग्रेटेड और सस्टेनेबल बिजनेस ग्रोथ की नई मिसाल बन रहा है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 9:05 am

शिक्षा पाठक ने UPSC में 453वीं रैंक हासिल की:बलिया में मां को दिया सफलता का श्रेय, परिवार और जिले को गर्व

बलिया की शिक्षा पाठक ने यूपीएससी 2025 में 453वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। सफलता के बाद वह अपने पैतृक आवास पियरौटा पहुंचीं। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शिक्षा पाठक ने बताया कि उनकी प्राथमिक से लेकर ग्रेजुएशन तक की शिक्षा वाराणसी में हुई और वहीं से उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी की। उन्होंने कहा कि यूपीएससी एक लंबा चक्र होता है, जिसमें तीन चरण होते हैं। शिक्षा ने बताया कि वह आमतौर पर चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं, लेकिन परीक्षा नजदीक आने पर आठ से नौ घंटे तक पढ़ती थीं। यह उनका तीसरा प्रयास था, जिसमें पहला प्रयास 2023 में था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय पूरे परिवार, खासकर अपनी मां को दिया। शिक्षा ने कहा कि सभी ने उन्हें हमेशा प्रेरित किया। उन्होंने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए करियर पर ध्यान देने की सलाह दी। रिजल्ट आने के बाद उन्हें काफी राहत मिली और सबसे पहले उन्होंने अपनी मां को सूचित किया। शिक्षा ने बताया कि उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है और परिवार का पूरा सहयोग मिला, जो किसी भी लड़की के लिए बहुत जरूरी है। शिक्षा की मां ने कहा कि बेटी की सफलता को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। बेटी की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा शुरू से ही मेधावी रही है। पिता अरुण कुमार पाठक ने कहा कि उनकी बेटी ने न केवल परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है और उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है। उन्होंने बेटी की सफलता में उसकी मां के अहम योगदान को भी स्वीकार किया। शिक्षा को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 8:01 am

शिक्षा विभाग:उदयपुर के 109 सरकारी स्कूलों में 2-2 प्रिंसिपल, 245 में पद खाली

उदयपुर जिले के 109 सरकारी स्कूलों में एक ही समय में दो-दो प्रिंसिपल कार्यरत हैं, जबकि जिले में प्रिंसिपल के 245 पद रिक्त पड़े हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यह कैसी व्यवस्था है, जिसमें एक ओर 109 स्कूलों में दो-दो प्रिंसिपल हैं और दूसरी ओर 245 पद खाली पड़े हैं। दरअसल, 24 जनवरी 2025 को प्रधानाचार्य और उप-प्रधानाचार्यों को प्रिंसिपल पद पर पदोन्नति दे दी गई थी, लेकिन अब तक उनका पदस्थापन नहीं किया गया। इसके कारण कई स्कूलों में पहले से कार्यरत प्रिंसिपल के साथ पदोन्नत प्राचार्य भी उसी विद्यालय में कार्य कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार उदयपुर जिले में प्रिंसिपल के 689 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 444 प्राचार्य कार्यरत हैं, जबकि 245 पद अभी भी रिक्त हैं। यदि ब्लॉक स्तर पर स्थिति देखें तो दूरदराज कोटड़ा ब्लॉक में प्रधानाचार्य के 44 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से केवल 8 पर ही प्राचार्य कार्यरत हैं और 36 पद खाली हैं। राज्य स्तर पर भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। राजस्थान में प्राचार्य के कुल 19,860 पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में लगभग 12,415 प्राचार्य ही कार्यरत हैं। इस प्रकार प्रदेश में करीब 5,445 पद रिक्त पड़े हैं। राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेर सिंह चौहान ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र से पहले उप-प्रधानाचार्य और प्रधानाचार्य के पदों पर काउंसलिंग कर पदस्थापन कर दिया जाए तो यह विद्यार्थियों के हित में होगा। अब अधिकारों को लेकर खींचतान एक ही विद्यालय में दो प्राचार्य होने से प्रशासनिक अधिकारों को लेकर टकराव की स्थिति बन रही है। इससे स्टाफ में असमंजस और धड़ेबाजी की स्थिति पैदा हो रही है। इसका असर स्कूल के वातावरण और विद्यार्थियों के अनुशासन पर भी पड़ रहा है। अंदरखाने चर्चा यह भी है कि शहर के नजदीकी स्कूलों में अपने चहेते चेहरों को लगाने के लिए पदस्थापन में देरी की जा रही है। हालांकि स्थानीय अधिकारी इसे बीकानेर स्थित निदेशालय का निर्णय बताकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। शहर से गांव तक एक जैसे हालउच्च माध्यमिक विद्यालय जगदीश चौक, फतेह स्कूल, सवीना खेड़ा, सुखेर, डाकन कोटड़ा, सरू, बलीचा, केवड़ा खुर्द, दातीसर (कुराबड़ ब्लॉक), वली (कुराबड़), बछार, एकलिंगपुरा, नाईघासा और पिपली सहित जिले के कुल 109 स्कूलों में दो-दो प्रिंसिपल कार्यरत हैं। इसी प्रकार जिले के कुछ विद्यालयों में एक ही संस्थान में 5-5 वाइस प्रिंसिपल भी कार्यरत हैं। इन स्कूलों में कुर्सियों पर नहीं हैं प्रिंसिपल राउमावि खाखरिया-कोटड़ा, राउमावि उमरिया-कोटड़ा, राउमावि जूनापदार-कोटड़ा, राउमावि खोजावाड़ा-ऋषभदेव, राउमाव ढेलाणा-ऋषभदेव, राउमावि बिछीवाड़ा-ऋषभदेव, राउमावि गुड़ली-कुराबड़, राउमावि बम्बोरा-कुराबड़, राउमावि सोमखेड़ा-कुराबड़, राउमावि ओबराकला-गोगुंदा, राउमावि डाडिया-गोगुंदा, राउमावि मोरवाल-गोगुंदा, राउमावि आकोला-भींडर, राउमावि आमलिया-भींडर, राउमावि अमरपुरा जागिर-भींडर सहित जिले के 245 स्कूलों में प्रधानाचार्यों के पद रिक्त पड़े हैं। निदेशालय से होगा निर्णय“पदोन्नतियां तो कर दी गई हैं, लेकिन काउंसलिंग के बाद ही पदस्थापन किया जाएगा। इसके लिए निर्णय बीकानेर स्थित निदेशालय स्तर पर ही होगा।” -डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक)

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 5:36 am

पीजी में नई शिक्षा नीति का पहला रिजल्ट:एमकॉम में 88 प्रतिशत से ज्यादा उत्तीर्ण 1200 में से 1055 से ज्यादा छात्र सफल

नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद पहली बार हुई पीजी (दो वर्षीय कोर्स) की परीक्षा का पहला परिणाम देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने घोषित कर दिया। सबसे पहले एमकॉम का रिजल्ट जारी हुआ है। इसमें 88 फीसदी से ज्यादा छात्र पास हो गए। परीक्षा में 1200 छात्र बैठे थे, जिनमें से 1055 से ज्यादा छात्र पास हुए हैं। फेल होने वाले छात्रों की संख्या सिर्फ 22 रही। करीब 120 छात्रों को एटीकेटी आई है। 2021 में लागू हुई नई शिक्षा नीति 2025 में पहली बार पीजी कोर्स में पहुँची। एमए, एमकॉम, एमएससी सहित सभी परंपरागत पीजी कोर्स की फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है और रिजल्ट आने शुरू हो चुके हैं। दरअसल, पीजी में 2025-26 के इन छात्रों के लिए बरसों पुराना परीक्षा रिजल्ट सिस्टम खत्म कर दिया गया था। नई शिक्षा नीति के तहत अब इन छात्रों को इसी फर्स्ट सेमेस्टर के रिजल्ट से मार्क्स नहीं दिए जा रहे हैं, बल्कि मार्कशीट पर क्रेडिट दिए जा रहे हैं। मार्कशीट अब ग्रेड शीट कहलाएगी। थ्योरी पेपर 60 अंकों का दिसंबर में हुई परीक्षाओं में थ्योरी पेपर 85 अंकों के बजाय सिर्फ 60 अंकों का था। इंटरनल 15 के बजाय 40 अंकों के हुए। नए सिस्टम में थ्योरी पेपर व इंटरनल दोनों में न्यूनतम पासिंग मार्क्स लाने अनिवार्य किए गए। हर थ्योरी पेपर में 60 में से न्यूनतम 24 अंक व इंटरनल में 40 में से न्यूनतम 16 अंक लाना जरूरी था। अब बचे हुए तीनों सेमेस्टर में यही सिस्टम रहेगा डीएवीवी इन्हीं कोर्स की दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं अगले माह से शुरू करने जा रही है। 1 अप्रैल से परीक्षाएं शुरू होंगी। डीएवीवी के अनुसार जो नया पैटर्न फर्स्ट सेमेस्टर में लागू हुआ है, वही अब बचे हुए तीनों सेमेस्टर में भी लागू रहेगा। दरअसल, 2021-22 में जिन छात्रों ने बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए व बीसीए में प्रवेश लिया था, उन्हीं छात्रों ने अब पीजी में एडमिशन लिया है। उनकी यूजी-पीजी डिग्री नई शिक्षा नीति की रहेगी। हालाँकि, अभी तक एमबीए, बीएड, एमसीए व एलएलबी जैसे कोर्स में नई शिक्षा नीति लागू नहीं हो पाई है। एमए, एमएससी के रिजल्ट भी जल्द घोषित होंगे परीक्षा नियंत्रक डॉ. अशेष तिवारी का कहना है कि एमए, एमएससी के रिजल्ट भी जल्द घोषित किए जाएंगे। शिक्षाविद् डॉ. जयंतीलाल भंडारी का कहना है कि 2021 में यूजी में शुरू हुई एजुकेशन पॉलिसी में पढ़ाई करने वाले छात्र ही पीजी में पहुँचे, इसलिए उनके लिए यह बदलाव नए नहीं थे। वे इसके लिए मानसिक तौर पर भी तैयार थे। इसी कारण रिजल्ट 90 फीसदी के आसपास रहा है। सेकंड सेमेस्टर में यह रिजल्ट और बेहतर हो सकता है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:41 am

दसवंध की मिसाल : आमदनी का दसवां हिस्सा समाज के नाम, नशा मुक्ति से लेकर शिक्षा तक सेवा निभा रहे

दसवंध यानी अपनी आमदनी का दसवां समाज की सेवा में अर्पित करना। इसी उद्देश्य से दसवंध फाउंडेशन अपने प्रोजेक्ट चला रही है। संस्था का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी कार्य नशा मुक्ति अभियान है। अब तक पंजाब के 100 से ज्यादा मेल और कनाडा की दो फीमेल का इलाज किया जा चुका है। दावा है कि सभी पहले से काफी बेहतर महसूस कर रहे हैं। यहां जरूरतमंद लोगों को नशा छोड़ने की दवाई मुफ्त दी जाती है और उनके जरूरी मेडिकल टेस्ट भी बिना किसी शुल्क के करवाए जाते हैं। हालांकि इसके लिए एक अहम शर्त है कि दवा लेने वाला व्यक्ति खुद नशा छोड़ने के लिए तैयार होना चाहिए। संस्था के सदस्यों का मानना है कि नशे की लत छोड़ना तभी संभव है, जब व्यक्ति स्वयं इसके लिए इच्छुक हो। कई बार ऐसे लोग भी उनके पास पहुंचते हैं, जिनके पास इलाज करवाने या आने-जाने का खर्च तक नहीं होता। ऐसे जरूरतमंद लोगों को संस्था की ओर से दवाई के साथ-साथ आने-जाने का किराया भी दिया जाता है। बटाला के एक गांव से भी कई लोग नशा मुक्ति उपचार के लिए संपर्क कर चुके हैं। इसके अलावा आर्गेनाइजेशन की तरफ से अन्य रोगों का भी इलाज भी करवाया जाता है। दसवंध फाउंडेशन 2007 में शुरू हुई। संस्था का मूल सिद्धांत आमदनी का दसवां हिस्सा (दसवंध) समाज की भलाई के लिए समर्पित करना है। संस्था की शुरुआत फाउंडर मेंबर केवल बेदी और बेटी डॉ. लवप्रीत कौर (होम्योपैथिक डॉक्टर) ने की थी। बेदी तब कॉलेज में लाइब्रेरियन थीं। उन्होंने सबसे पहले अपनी आय का दसवां हिस्सा समाज सेवा के लिए देना शुरू किया। आज संस्था में 30 से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें संस्था की प्रेसिडेंट डॉ. लवप्रीत कौर, वाइस प्रेसिडेंट रिटायर्ड प्रिं. बलजीत सिंह रंधावा, रिटायर्ड एसडीओ गुरदीप सिंह, गवर्नमेंट हाई स्कूल आधी के प्रिंसिपल कुलबीर सिंह, रिटायर्ड जेसीओ हजारा सिंह घुम्मन, चंडीगढ़ से डॉ. मीरा कैस्ट्रो, गतका कोच गुरविंदर कौर, कपूरथला से दलजीत सिंह और अमेरिका से डॉ. नवनीत रंधावा हैं।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा मंत्रालय; आईकेएस परियोजना में वीडीआरओ चुनेगी 16 शोध इंटर्न

विज्ञान दर्शन रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (वीडीआरओ) कुचामन सिटी को शिक्षा मंत्रालय की इंडियन नॉलेज सिस्टम्स (आईकेएस) डिविजन की 2026 सूची में अनुसंधान परियोजना मिली है। संस्था विज्ञान और संस्कृत से जुड़े 16 युवा शोध इंटर्न का चयन करेगी। चयनित इंटर्न को मानदेय और मंत्रालय से प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। परियोजना आधुनिक विज्ञान के आयामों में पारंपरिक भारतीय ज्ञान-विज्ञान और समकालीन दृष्टिकोण के समन्वय पर केंद्रित रहेगी। प्रधान अन्वेषक रवीन्द्र गौड़ और सह-प्रधान अन्वेषक गोपाल दीक्षित के अकादमिक मार्गदर्शन में छह माह की इस परियोजना के लिए केंद्र से वित्तीय स्वीकृति व अनुदान जारी होगा, जिससे राज्य में शोध व नवाचार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

शिक्षा विभाग:अधूरी तैयारी से अटका डेढ़ लाख अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन, 2 दिन की देरी से होगा

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती में दस्तावेज सत्यापन के लिए शिक्षा विभाग तैयारी पूरी नहीं कर पाया है। इस कारण इसमें अब दो दिन की देरी होगी। पहले यह काम 9 मार्च से प्रारंभ होना था। अब नए शेड्यूल के अनुसार दस्तावेज सत्यापन 11 मार्च से प्रारंभ होंगे। पहले विभाग 22 दिन में दस्तावेज सत्यापन का काम पूरा करता। अब नए शेड्यूल में यह काम 23 दिन में पूरा होगा। कर्मचारी चयन बोर्ड ने विभाग को दस्तावेज सत्यापन के लिए अभ्यर्थियों की सूची सौंप दी है। शिक्षा विभाग इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन मंडल स्तर पर कराएगा। विभाग के सभी 9 मंडलों को इसकी जिम्मेदारी दी है। इन मंडलों में 7 चरणों में दस्तावेज सत्यापन 11 मार्च से 13 अप्रैल तक होंगे। जरूरत पड़ने पर 8वां चरण 15 से 20 अप्रैल तक होगा। इस दौरान प्रत्येक अभ्यर्थी का बायोमेट्रिक सत्यापन भी होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जिस अभ्यर्थी ने परीक्षा दी थी, वही अभ्यर्थी दस्तावेज सत्यापन के लिए आया है। अगर किसी ने डमी अभ्यर्थी बैठाया था, जो जांच से वह पकड़ा जाएगा। बायोमेट्रिक सत्यापन की रिपोर्ट रोजाना तैयार होगी दस्तावेज सत्यापन के लिए आने वाले अभ्यर्थियों की रिपोर्ट प्रतिदिन तैयार होगी। इसमें रोल नंबर, अभ्यर्थी का नाम, डीवी की तारीख, बायोमेट्रिक सत्यापन हां या ना, पात्र है या अपात्र, कोई अन्य टिप्पणी, अभ्यर्थी के हस्ताक्षर व उसकी फोटो के साथ यह रिपोर्ट तैयार होगी। इस रिपोर्ट पर सत्यापन करने वाली टीम के सदस्यों के हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे। 53750 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन जयपुर मंडल में 32374 अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन होंगे, जो सभी मंडलों में सबसे अधिक है। बोर्ड ने 53750 पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा का आयोजन किया था। पिछले दिनों चयन बोर्ड ने इस भर्ती का प्रारंभिक परिणाम जारी किया था। इसमें पदों के मुकाबले दो गुणा अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सूचीबद्ध किया। दस्तावेज सत्यापन के लिए प्रत्येक मंडल पर संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में 4 सदस्यीय कमेटी का गठन होगा। हर मंडल में कंट्रोल रूम भी बनेगा।

दैनिक भास्कर 9 Mar 2026 4:00 am

आजमनगर जीविका कार्यालय में महिला दिवस पर रंगोली प्रतियोगिता:महिलाओं ने शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों का संदेश दिया

आजमनगर जीविका कार्यालय में रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। इस अवसर पर जीविका से जुड़ी महिलाओं ने विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया, जिसमें रंगोली प्रतियोगिता प्रमुख थी। कार्यक्रम की शुरुआत रंगोली प्रतियोगिता से हुई। जीविका समूह की सदस्यों ने आकर्षक और संदेशात्मक रंगोलियां बनाईं। इन रंग-बिरंगी रंगोलियों के माध्यम से महिलाओं ने समाज में अपनी भूमिका, शिक्षा, आत्मनिर्भरता और समान अधिकारों के महत्व को दर्शाया। इस अवसर पर पूजा कुमारी, सुमन सिन्हा (सीएफ), नमिता देवी (अध्यक्ष), प्रतिमा देवी (सचिव) सहित दर्जनों महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने एक-दूसरे को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं और समाज में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान गीत, नृत्य और प्रेरणादायक विचारों के माध्यम से सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की गईं। जीविका कार्यालय के पदाधिकारियों ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भर बनकर समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को शिक्षा, स्वावलंबन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने कार्यक्रम में भाग लिया और महिला सशक्तिकरण का संकल्प लिया, साथ ही समाज में महिलाओं के सम्मान व अधिकार को मजबूत करने की बात कही।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 6:40 pm

सागर के सिद्धांत दुबे ने पहले प्रयास में MPPSC निकाला:वर्तमान में एकलव्य विद्यालय धार में हैं पदस्थ, अब उच्च शिक्षा विभाग में संभालेंगे कमान

सागर जिले की रहली तहसील में रहने वाले सिद्धांत दुबे ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) 2022 के परीक्षा परिणामों में सफलता हासिल की है। सिद्धांत ने अपने पहले ही प्रयास में लाइब्रेरियन के पद पर चयनित होकर क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। रहली के वार्ड नंबर 15 पटना ककरी के निवासी और पूर्व पटवारी नरेश दुबे के बेटे सिद्धांत दुबे ने एमपीपीएस की पहली बार परीक्षा दी थी। जिसके परिणाम घोषित होने पर उनका चयन लाइब्रेरियन के पद पर हुआ है। परिणाम घोषित होते ही उनके निवास पर बधाई देने वालों की भीड़ लग गई। परिजनों के लिए यह क्षण भावुक करने वाला रहा। अपनी सफलता पर सिद्धांत दुबे ने बताया कि यह मुकाम हासिल करने में माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुओं के सही मार्गदर्शन की भूमिका रही है। उन्होंने कहा लक्ष्य के प्रति निरंतर परिश्रम, धैर्य और परिवार का सहयोग ही मेरी सफलता का आधार है। मेरा मानना है कि यदि प्रयास सही दिशा में और पूरी ईमानदारी से किए जाएं तो वे कभी निष्फल नहीं होते। धार में दे रहे हैं सेवाएं, अब उच्च शिक्षा विभाग में संभालेंगे कमानसिद्धांत की शैक्षणिक यात्रा और करियर ग्राफ प्रेरणादायी है। वे वर्तमान में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय धार में लाइब्रेरियन के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन अब वह वह उच्च शिक्षा विभाग में लाइब्रेरियन के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 4:14 pm

केरल की राष्ट्रीय युवा नेतृत्व यात्रा में आशीष कुमार शामिल:28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से चुने गए युवा, शिक्षा, स्वास्थ्य पर फोकस

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लछनपुर महंत निवासी आशीष कुमार ने केरल सरकार के अंतर्गत केरल यूथ लीडरशिप अकादमी (KYLA) के “सी केरल, नो केरल” कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह दस दिवसीय राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन यात्रा 19 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित हुई। इस कार्यक्रम में भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक युवा प्रतिनिधि का चयन किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल के आठ जिलों का दौरा किया और राज्य के विकास मॉडल को करीब से समझा। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वशासन पर फोकस अध्ययन यात्रा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, स्थानीय स्वशासन जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहा। प्रतिभागियों को केरल की आधुनिक सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं, विकेंद्रीकृत स्थानीय शासन प्रणाली के बारे में जानकारी मिली। कुडुम्बश्री नेटवर्क और स्टार्टअप पहल की जानकारी यात्रा के दौरान विश्व के सबसे बड़े महिला सशक्तिकरण अभियानों में शामिल ‘कुडुम्बश्री’ नेटवर्क के कार्यों को समझने का अवसर मिला। साथ ही केरल स्टार्टअप मिशन, जिम्मेदार पर्यटन जैसी पहलों की जानकारी भी दी गई। विधानसभा अध्यक्ष और अधिकारियों से चर्चा कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए.एन. शमसीर, विभिन्न जिलों के कलेक्टरों, केरल राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. वी.के. रामचंद्रन से मुलाकात की। इस दौरान शासन, विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। देशभर के युवाओं के लिए सीखने का मंच आशीष कुमार के अनुसार यह कार्यक्रम देशभर के युवा नेताओं के लिए सीखने, संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। TISS से की पढ़ाई, स्वास्थ्य क्षेत्र में कर रहे काम आशीष कुमार ने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से सोशल वर्क में स्नातक, परास्नातक की पढ़ाई की है। फिलहाल उज्जैन के एक एनजीओ के साथ मिलकर स्वास्थ्य क्षेत्र में काम कर रहे हैं। अनुभव से मिला नया दृष्टिकोण आशीष कुमार के अनुसार इस अनुभव से समावेशी विकास, नेतृत्व, सामाजिक बदलाव को लेकर नया दृष्टिकोण मिला। भविष्य में इन सीखों को अपने कार्यों में लागू करने की योजना है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 1:06 pm

मीटिंग में शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी की टिप्पणी:शिक्षक नेताओं से बात करते हुए भड़के, कहा - “कलेक्टर गया तेल लेने”; विवाद बढ़ने पर दी सफाई

शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी बीके गुप्ता की कथित टिप्पणी खुब चर्चा में है। शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में शिक्षक संघ के नेताओं के साथ उनकी चल रही ​मीटिंग में गुप्ता ने आवेश में कहा था कि “कलेक्टर गया तेल लेने”। हालांकि विवाद बढ़ने के बाद गुप्ता ने सफाई देते हुए कहा कि उनके आशय ऐसा नहीं था और अनजाने में यह बातचीत के प्रवाह में निकल गई थी। ऐसी मंशा नहीं थी। दरअसल नए शिक्षा सत्र की तैयारियों और नामांकन बढ़ाने से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा के लिए शिक्षक संगठनों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। जयपुर में हुई बैठक के दौरान शिक्षा सचिव के विशेषाधिकारी बीके गुप्ता की जुबान फिसल गई और उन्होंने चर्चा के बीच “कलेक्टर गया तेल लेने” कह दिया। बैठक में निदेशक सीताराम जाट की मौजूदगी में विभिन्न शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि सुझाव दे रहे थे। तभी पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने नए सत्र में नामांकन बढ़ाने में आ रही समस्याओं का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सायरा ब्लॉक के भानपुरा उच्च माध्यमिक विद्यालय के गणित शिक्षक पिछले करीब 12 वर्षों से गोगुंदा उपखंड कार्यालय में प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहे हैं। इस पर विशेषाधिकारी गुप्ता ने कहा कि यदि शिक्षक के स्कूल नहीं आने की जानकारी संघ की ओर से लिखित में दे दी जाए तो अगले दिन ही समाधान कर दिया जाएगा। चौहान ने जवाब में कहा कि इस मामले में समय-समय पर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिए गए हैं। इस पर पूरी बात सुने बिना गुप्ता ने कह दिया, “कलेक्टर गया तेल लेने।” बाद में उन्होंने कहा कि शिक्षक संगठन अपनी बात शिक्षा विभाग से संबंधित रखें। पंचायतीराज व माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष शेरसिंह चौहान ने कहा कि जब संगठनों को चर्चा के लिए बुलाया जाता है तो उनकी पूरी बात सुननी चाहिए। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाने से पढ़ाई पर असर पड़ रहा है और यह समस्या प्रदेशभर में है, जिसे सरकार को गंभीरता से दूर करना चाहिए।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 12:52 pm

मां की हत्या, पिता कोमा में,फिर भी नहीं छोड़ी पढ़ाई:बच्चों की शिक्षा, महिला रोजगार के लिए जीवन समर्पित, शिल्पा शेट्‌टी ने भी सराहा

भरतपुर की 35 साल की ऊषा सोलंकी बचपन में परिवार पर हुए हमले में मां, दादी और चाची को खो चुकी थीं। पिता लंबे समय कोमा में रहे। मुश्किल हालातों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी। आज वे 50 से अधिक सरकारी स्कूलों और 62 आंगनवाड़ी केंद्रों से जुड़कर टॉयलेट-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं और बच्चों की शिक्षा व महिलाओं के रोजगार के लिए काम कर रही हैं। अभिनेत्री शिल्पा शेट्‌टी भी उनके कामों की सराहना कर चुकी हैं। महिला दिवस पर पढ़िए उनके संघर्ष और सफलता की कहानी… ऊषा की जिंदगी में संघर्ष बहुत छोटी उम्र से शुरू हो गया था। 1993 में उनके दादा की हत्या हो गई थी। गांव में एक विवाद हो गया था। इसके बाद गांव के ही एक आदमी ने उषा के दादा की हत्या कर दी थी। यह घाव अभी भरा भी नहीं था कि 1995 में एक और दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को झकझोर दिया। घर में घुसकर कुछ लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनकी मां, दादी और चाची की मौत हो गई। पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। पिता की जान तो बच गई, लेकिन वो कोमा में चले गए। लंबे समय तक उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहा। उस समय उषा सिर्फ 7 साल की थीं। घर में सगे-चचेरे भाई-बहनों को मिलाकर कुल 7 बच्चे थे। एक ही छत के नीचे रहते थे। अचानक सबके सिर से मां का साया उठ गया। परिवार के सामने भविष्य को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। बुआ बनीं सहारा, ऊषा ने की MBAऊषा बताती हैं- इतनी बड़ी त्रासदी के बाद बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी उनकी बुआ ने उठाई। उन्होंने न सिर्फ बच्चों को सहारा दिया बल्कि उन्हें आगे बढ़ने की हिम्मत भी दी। बुआ की शादी उत्तर प्रदेश के गांव में हो गई थी। बच्चों की परवरिश के लिए बुआ लंबे समय तक भरतपुर ही रहीं। जब बच्चे कुछ बड़े हो गए उसके बाद ही वह वापस अपने ससुराल गईं। ऊषा कहती हैं कि उस समय आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह की चुनौतियां थीं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी बच्चों को घर में ही रहना पड़ता था। स्कूलिंग घर से ही हुई थी। कठिन हालातों के बावजूद ऊषा ने पढ़ाई नहीं छोड़ी। एमबीए (MBA) और एमएसडब्ल्यू (MSW) किया। इसके बाद उन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए सोशल वर्क में पीएचडी शुरू की। उनका मानना है कि शिक्षा केवल डिग्री नहीं, समाज में बदलाव लाने का सबसे मजबूत रास्ता है। 2010 से बच्चों की शिक्षा के लिए कामऊषा ने साल 2010 से इस दिशा में सक्रिय रूप से काम शुरू किया। ग्रामीण क्षेत्रों के कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। कई जगहों पर साफ पानी नहीं होता। शौचालयों की स्थिति खराब होती है। इन समस्याओं का सबसे ज्यादा असर लड़कियों की पढ़ाई पर पड़ता है। कई बार छात्राएं स्कूल छोड़ने को मजबूर हो जाती हैं। इसी को देखते हुए ऊषा ने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की पहल की। आज ऊषा 50 से अधिक सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए काम कर रही हैं। इसके साथ ही वह 62 आंगनबाड़ी केंद्रों से भी जुड़ी हुई हैं। वह स्कूलों में टॉयलेट और स्वच्छ पानी की व्यवस्था बेहतर करवाने के लिए स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संस्थाओं के साथ मिलकर काम करती हैं। ऊषा का कहना है कि बच्चों को पढ़ने के लिए सुरक्षित और साफ वातावरण मिलेगा, तभी वे अपने सपनों को पूरा कर पाएंगे। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहलबच्चों के साथ काम करने के अलावा ऊषा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। ग्रामीण और दिव्यांग महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए उन्होंने मावली कॉउचर नाम की संस्था की शुरुआत की। इस पहल के तहत महिलाओं को सिलाई और अन्य कौशल का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इसके अलावा अपने सामाजिक कार्यों को संगठित रूप देने के लिए ऊषा ने दरख्त छांव फाउंडेशन की स्थापना की। यह संस्था शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम कर रही है। इसके जरिए सैकड़ों बच्चों और महिलाओं तक मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। शिल्पा शेट्टी ने भी सराहा ऊषा का कामऊषा सोलंकी के काम की सराहना अब देशभर में होने लगी है। उनके प्रयासों से प्रभावित होकर फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी ने भी उनकी मदद की। ऊषा बताती हैं कि एक दिन अचानक उनके पास एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऊषा के काम का वीडियो देखा है और उनके प्रयासों से काफी प्रभावित हैं। ऊषा के मुताबिक, शुरुआत में उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ कि यह कॉल सच में शिल्पा शेट्टी के फाउंडेशन से है। बाद में फाउंडेशन की ओर से उनसे विस्तार से बातचीत की गई और उनके काम की जानकारी ली गई। इसके बाद शिल्पा शेट्टी की ओर से ऊषा के कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग भी दिया गया, ताकि वह बच्चों और महिलाओं के लिए चल रहे अपने प्रयासों को और आगे बढ़ा सकें। ऊषा कहती हैं कि यह सहयोग उनके लिए सिर्फ मदद नहीं, बल्कि उनके काम की बड़ी सराहना और प्रेरणा भी है।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 10:22 am

महेंद्रगढ़ के खेड़ी में खुलेगा सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज:स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से मिली मंजूरी; युवाओं को मिलेगी तकनीकी शिक्षा

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की अटेली विधानसभा क्षेत्र के कनीना ब्लॉक के गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थापित करने को मंजूरी मिल गई है। यह मंजूरी हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के प्रयासों से मिली है। कॉलेज के निर्माण से क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा के लिए अब दूर शहरों में नहीं जाना पड़ेगा। गांव खेड़ी में बनने वाला यह पॉलिटेक्निक कॉलेज आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित होगा। कॉलेज के शुरू होने से युवाओं को घर के पास ही तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल शिक्षा सुविधाओं में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। महंगी फीस और लंबी दूरी से मिलेगी राहत ग्रामीणों के अनुसार, अब तक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को निजी कॉलेजों में महंगी फीस देनी पड़ती थी या फिर लंबी दूरी तय करके शहरों में जाना पड़ता था। इससे उन्हें समय और आर्थिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से विद्यार्थियों को इन समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी और अधिक युवा तकनीकी शिक्षा की ओर आकर्षित होंगे। ग्रामीणों ने मंत्री आरती सिंह राव का जताया आभार इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मंत्री के प्रयासों से अटेली क्षेत्र में लगातार विकास कार्यों को गति मिल रही है और शिक्षा के क्षेत्र में यह कदम बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई दिशा स्थानीय लोगों ने विश्वास जताया है कि गांव खेड़ी में पॉलिटेक्निक कॉलेज की स्थापना से पूरे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। यह निर्णय अटेली विधानसभा क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे युवाओं को अपने क्षेत्र में ही गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा मिलेगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 9:28 am

प्राथमिक विद्यालय कठौता निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप:ग्रामीणों ने डीएम और बेसिक शिक्षा अधिकारी से जांच की मांग की

ज्ञानपुर विकासखंड के कठौता स्थित प्राथमिक विद्यालय के निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिक्षा विभाग ने जर्जर भवनों के रखरखाव के लिए बजट जारी किया था, जिसके तहत इस प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए 13 लाख रुपये आवंटित किए गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य मानक के अनुरूप नहीं किया गया है। ग्रामीण विकास कुमार और मनोज कुमार ने बताया कि भवन निर्माण में पुरानी ईंटों का इस्तेमाल किया गया है और सीमेंट-बालू का मिश्रण भी सही नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है, तो निर्माण कार्य में बड़े घोटाले का खुलासा होगा और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी। उनका कहना है कि इससे भविष्य में ठेकेदार ऐसी गलतियां करने से बचेंगे। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडे ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही जांच कराई जाएगी और यदि गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 9:24 am

वाराणसी की शिक्षा की UPSC में 453वीं रैंक:बोलीं- मां के सपनों को पूरा करने के लिए दिया एग्जाम, एजुकेशन सेक्टर में करना है काम

‘बचपन से ही मां ने एक चीज दिल में डाली थी की अधिकारी बनना है। UPSC क्रेक करना है, तो उसी समय से दिल में इस बात को ठाना था कि मां का सपना पूरा करना है। बस इसी के साथ तैयारी शुरू की। उस समय इंटर में थी और कोरोना काल था। ' 'लाॅकडाउन में मैंने UPSC की तैयारी शुरू की पर पहले अटेम्प्ट में नहीं हुआ तो सोचा की शायद हमारे लिए यह परीक्षा नहीं बनी पर दूसरे अटेम्प्ट में भी नहीं हुआ लेकिन तीसरे मुझे 453वीं रैंक मिली है। अब लगता है मां का सपना पूरा कर सकी।’ ये कहना है वाराणसी के महेशपुर के रहने वाले रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक की तीन बेटियों और एक बेटे में में सबसे छोटी बेटी शिक्षा पाठक का; शिक्षा ने UPSC परीक्षा में हाल ही में आये रिजल्ट में 453वीं रैंक हासिल कर दो जिलों का नाम रौशन किया है। साल 2009 से वाराणसी में रह रहे रिटयर्ड सब इन्स्पेक्टर अरुण पाठक मूल रूप से बलिया के दोआबा क्षेत्र के रहने वाले हैं। लेकिन बेटी ने वाराणसी से ही परीक्षा दी थी। ऐसे में इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर दैनिक भास्कर ने वाराणसी की होनहार और मेधावी शिक्षा पाठक से उनकी UPSC की तैयारियों और उनकी सफलता को जाना; साथ ही उनकी मां और बहनों से भी बात किया। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए UPSC में 453वीं रैंक लाने वाली शिक्षा पाठक से उनकी सफलता की कहानी… वाराणसी के मंडुआडीह थानाक्षेत्र के महेशपुर में साल 2009 में घर बनवाने वाले यूपी पुलिस से रिटायर्ड सब इंस्पेक्टर अरुण पाठक और उनकी पत्नी शीला पाठक के चार बच्चे हैं। एक बेटे और तीन बेटियां जिसमें शिक्षा पाठक सबसे छोटी हैं। महेशपुर स्थित अरुण पाठक के मकान जब हम पहुंचे तो वो हमारा इंतजार ही कर रहे थे। दरवाजे पर मिले और कहा - आइये आप का ही इंतजार था। आज दोपहर में सोया भी नहीं की आप लोग आ रहे हैं। घर के अंदर खुशी का माहौल था। टेबल पर मिठाइयां और उनके डिब्बे रखे थे। शिक्षा की मां और बहनों के चेहरे से खुशी झलक रही थी। पर शिक्षा के मन में अभी भी एक द्वन्द चल रहा था। हमने शिक्षा और उसकी मां और बहन से बात की और शिक्षा की सफलता की कहानी जानी। लॉकडाउन से घर में शुरू की पढ़ाई शिक्षा पाठक पहले तो संकुचाई पर फिर एक अधिकारी की तरह सभी सवालों के जवाब दिए। शिक्षा ने बताया - मम्मी का सपना था जिसे आअज मैंने पूरा किया है। मम्मी स्कूल टाइम से ही कहती थी की बेटा आप को यूपीएससी क्रेक करना है। पहले उनकी बातों को कभी सीरियस नहीं लिया। बात उस वक्त की है जब कोरोना काल आया और मै इंटर सेकेंड ईयर में थी। लॉकडाउन में मैंने UPSC की पढ़ाई घर में ही शुरू कर दी। तीसरे अटेम्प्ट में मिली रैंक शिक्षा ने बताया - पहली बार जब मैंने UPSC परीक्षा दी थी। उस वक्त मेरी उम्र काफी कम थी। मैंने साल 2023 में UPSC का दिया पर प्रीलिम्स नहीं निकला। उसके बाद 2024 में फिर दिया तब 13 नंबर से रुक गया। इसके बाद साल 2025 में तीसरे अटेम्प्ट में मुझे 453वीं रैंक मिली है और अब मुझे लगता है कि मां के सपने को पूरा कर पाई हूं। सेल्फ स्टडी से हासिल किया मुकाम शिक्षा ने बताया - मैंने यह तय किया था कि हम दिल्ली जाकर तैयारी न करके सेल्फ स्टडी से ही पढ़ाई करेंगे। इसके बाद UPSC का एग्जाम देंगे। हमने अपनी फाउंडेशन सेल्फ स्टडी से करनी थी। इसलिए हमने लॉकडाउन में ही पढ़ाई स्टार्ट कर दी थी। क्योंकि उस वक्त हमारे पास काफी समय था। तो हमने उसी समय शुरू कर दिया क्योंकि कॉलेज भी ऑफलाइन नहीं बल्कि ऑनलाइन थे। एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट फिल्ड में करना चाहती है काम शिक्षा पाठक ने बताया - एग्जाम क्रेक करने के बाद थोड़ा रिलीफ लग रहा है। हम आगे अपनी रैंक बेहतर करने के लिए फिर पढ़ाई करेंगे। लेकिन अगर इस रैंक से हमें कोई पद मिलता है तो हम एजुकेशन और वीमेन डेवलेपमेंट पर कार्य करना चाहेंगे। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां और बहनों को दिया। पहली बार के बाद छोड़ दिया था मन शिक्षा ने बताया - मैंने UPSC के लिए इलिजिबल होने के पहले से पढ़ाई शुरू कर दी। पहले अटेम्प्ट में जब नहीं हुआ तो मुझे लगा कि शायद ये पढ़ाई हम लोगों के लिए नहीं बनी है। पर मेरी मां और भाई-बहनों ने सपोर्ट किया। इसके बाद सेकेंड अटेम्प्ट में जब करीब पहुंची तो विश्वास आया और आज उसका परिणाम सामने है। घर का हमेशा मिला सहयोग, भतीजा-भतीजी खास शिक्षा ने बताया - पढ़ाई के दौरान कई बार स्ट्रेस भी आया पर मेरे भतीजे और भतीजी ने वो स्ट्रेस छूमंतर कर दिया। इसके आलावा मेरी मां, भाई और दोनों बहनों ने हर समय मेरा सपोर्ट किया और मुझे भरोसा दिलाया कि मै पास हो जाऊंगी जिसके दम पर मै आगे बढ़ गई। सेल्फ स्टडी पर ज्यादा करें फोकस UPSC के थर्ड अटेम्प्ट में क्रेक करने वाली शिक्षा ने तैयारी कर रहे लोगों को टिप्स देते हुए कहा - लोगों को जो अभी भी तैयारी कर रहे हैं। वो कन्सेंसटेन्सी बनाए रखें। वो काफी ज्यादा जरूरी है। इसके अलावा सेल्फ स्टडी मस्ट है। बिना उसके आगे बढ़ पाना संभव नहीं है। अब जानिए शिक्षा की मां और बड़ी बहन ने क्या बताया? मोहल्ले और समाज को क्या दिया जवाब?… परिवार और समाज का मुंह किया बंद बेटी की सफलता से सबसे अधिक उनकी मां शीला पाठक खुश दिखीं। शिला ने कहा - आज मेरी बेटी ने UPSC क्रेक करके परिवार और समाज के उन लोगों का मुंह बंद कर दिया जो लोग कहते थे कि खाना बनाना सिखाओ। बेटियां खाना नहीं बनाएंगी तो परिवार कैसे चलाएंगी पर आज शिक्षा ने मेरा सपना पूरा कर दिया है। उसने अपनी रैंक से परिवार और समाज का मुंह बंद कर दिया है। कभी नहीं कहा खाना बनाओ शीला ने बताया- मेरी तीन बेटियां हैं; रौशनी, दीक्षा और शिक्षा। रौशनी बीएचयू से पीएचडी कर रही। इसके अलावा दीक्षा और शिक्षा UPSC की तैयारी कर रही हैं। लेकिन कभी आज तक मैंने अपनी बेटियों को खाना बनाने के लिए नहीं कहा। सब मैं करती हूं। लड़कियां सिर्फ चाय बना लेती हैं। जब खाना बनाने की आवश्यकता होगी तो वो भी सीख लेंगी और अफसर बन गयी तो उसकी भी कोई जरूरत नहीं। जहां जाएंगी वहां उन्हें खाना बनाने वाले भी मिलेंगे। किताबों से है दोस्ती और प्यार शिक्षा की बड़ी बहन दीक्षा ने बताया - शिक्षा बचपन से ही बहुत मेहनती रही है। कभी उसने स्कूल या बाहर कोई दोस्त नहीं बनाया। स्कूल या कालेज में भी खाली समय में लाइब्रेरी में ही गुजारा और कह सकते हैं कि किताबों से ही उसे दोस्ती और प्यार है। आज पूरा परिवार बहुत खुश है। और ये सिर्फ उसकी वजह से है तो वो डिजर्व करती है हर चीज।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 6:39 am

राष्ट्रपति से सम्मानित शिक्षिकाएं अपनी शिक्षा से रच रही इतिहास

बोकारो | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन महिलाओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने अपने कार्य और समर्पण से समाज को नई दिशा दी है। शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत ऐसी ही तीन प्रेरक शिक्षिकाएं डॉ. हेमलता एस मोहन, डॉ. निरुपमा कुमारी और आशा रानी हैं, जिन्हें उत्कृष्ट शैक्षणिक योगदान के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। शिक्षिकाओं ने शिक्षा के प्रति समर्पण, निरंतर शोध और समाज के प्रति जिम्मेदारी ने उन्हें न केवल सम्मान दिलाया है, बल्कि वे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा भी बनी हैं। महत्वपूर्ण योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हुई डॉ. निरुपमा डॉ. निरुपमा कुमारी हिंदी विषय की अनुभवी शिक्षिका है, जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। लगभग 18 वर्षों के शिक्षण अनुभव के साथ उन्होंने पाठ्यक्रम विकास, पाठ्यपुस्तक लेखन और शैक्षणिक प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीआरटी) के साथ मिलकर विभिन्न पुस्तकों, प्रश्न बैंकों और शिक्षक पुस्तिकाओं के निर्माण में योगदान दिया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार सहित कई सम्मान प्राप्त करने वाली डॉ. निरुपमा शिक्षा में नवाचार और शोध आधारित शिक्षण की पक्षधर हैं। पूर्व राष्ट्रपति के हाथों डॉ. हेमलता एस. मोहन को मिला है सम्मान डीपीएस बोकारो की पूर्व प्राचार्या सह डीपीएस चास की चीफ मेंटर डॉ. हेमलता एस. मोहन शिक्षा जगत की प्रतिष्ठित और प्रेरणादायी व्यक्तित्वों में गिनी जाती हैं। वर्ष 2004 में उन्हें तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के हाथों उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया, जबकि 2002 में तत्कालीन मानव संसाधन मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने उन्हें सीबीएसई टीचर अवार्ड प्रदान किया। वह 2010 से 2013 तक झारखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं। शिक्षा को संस्कृति से जोड़ने की उनकी सोच और ‘जॉय ऑफ गिविंग’ जैसी अवधारणा से सकारात्मक संदेश दिया। संस्कृत विषय को रोचक व प्रभावी बना रही शिक्षिका डॉ. आशा रानी संस्कृत विषय की शिक्षिका डॉ. आशा रानी ने अपने अभिनव शिक्षण कार्यों और शोध गतिविधियों से शिक्षा जगत में विशेष पहचान बनाई है। उन्हें वर्ष 2024 में शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार की ओर से राष्ट्रपति के हाथों राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्कृत शिक्षण को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने कई नवाचारी प्रयोग किए तथा विद्यार्थियों के लिए पुस्तकें, प्रश्न बैंक और मॉड्यूल तैयार किए। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत करने के साथ-साथ वे राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर और संसाधन व्यक्ति के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं। उनके प्रयासों ने संस्कृत को नई ऊर्जा दी है। हजारों महिलाओं को साक्षर कर चुकी हैं दांतू कसमार की मालती कसमार के दांतू गांव निवासी विवेकानंद नायक की प|ी मालती ने वर्ष 2000 में सामाजिक क्षेत्र में उन दिनों कदम रखा, जब बोकारो के तत्कालीन डीसी विमल कीर्ति सिंह के नेतृत्व में साक्षरता अभियान ने जोर पकड़ा था। महिला नेतृत्व के बिना इस अभियान को सफल बनाना संभव नहीं था। इसी परिस्थिति में मालती नायक अपने पति की प्रेरणा से घर की देहरी लांघकर बाहर निकली और साक्षरता अभियान से जुड़कर महत्वपूर्ण हिस्सा बनी। मालती ने अभियान को सफल बनाने के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित कर दिया और प्रखंड की हजारों महिलाओं को साक्षर बनाया।

दैनिक भास्कर 8 Mar 2026 4:00 am

छत्तीसगढ़ के युवा ने ‘सी केरल,नो केरल’ में किया प्रतिनिधित्व:10 दिवसीय अध्ययन यात्रा में सीखे विकास, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के मॉडल

छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लछनपुर महंत निवासी आशीष कुमार ने केरल सरकार के अंतर्गत केरल यूथ लीडरशिप अकादमी (KYLA) द्वारा आयोजित “सी केरल, नो केरल” कार्यक्रम में भाग लिया। यह दस दिवसीय राष्ट्रीय युवा नेतृत्व अध्ययन यात्रा 19 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में भारत के 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों से एक-एक युवा प्रतिनिधि को चुना गया था। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल के आठ जिलों का दौरा किया और राज्य के विकास मॉडल को करीब से समझा।अध्ययन यात्रा के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय स्वशासन जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया। प्रतिभागियों को केरल की आधुनिक सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था, मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं और विकेंद्रीकृत स्थानीय शासन प्रणाली के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान विश्व के सबसे बड़े महिला सशक्तिकरण अभियानों में से एक ‘कुडुम्बश्री’ नेटवर्क के कार्यों को भी समझने का अवसर मिला। साथ ही केरल स्टार्टअप मिशन और जिम्मेदार पर्यटन जैसी पहलों के बारे में भी जानकारी प्राप्त हुई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने केरल विधानसभा के अध्यक्ष ए.एन. शमसीर, विभिन्न जिलों के कलेक्टरों और केरल राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रो. वी.के. रामचंद्रन से मुलाकात कर शासन और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। आशीष कुमार ने बताया कि यह कार्यक्रम देशभर के युवा नेताओं के लिए सीखने, संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। आशीष कुमार ने मुंबई स्थित टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) से सोशल वर्क में स्नातक और परास्नातक की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे उज्जैन के एक एनजीओ के साथ मिलकर स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि इस अनुभव से उन्हें समावेशी विकास, नेतृत्व और सामाजिक बदलाव के लिए नए दृष्टिकोण प्राप्त हुए, जिन्हें वे भविष्य में अपने कार्यों में लागू करना चाहेंगे।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 11:24 pm

NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद जयपुर पहुंचे विनोद:बोले- बेरोजगारी, शिक्षा और ड्रग्स जैसे मुद्दों पर देशभर में करेंगे आंदोलन

नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद विनोद जाखड़ शनिवार को जयपुर पहुंचे। जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों और छात्र नेताओं ने जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से उनका काफिला रैली के रूप में राजस्थान यूनिवर्सिटी तक पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में छात्र कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्वागत रैली के दौरान राजस्थान यूनिवर्सिटी में उनके पूर्व प्रतिद्वंदी रहे रणवीर सिंघानिया भी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे। उन्होंने भी बड़ी संख्या में छात्रों के साथ जाखड़ का स्वागत किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने मिलकर राजस्थान में NSUI को और मजबूत बनाने की बात कही। इस दौरान दैनिक भास्कर से बातचीत में जाखड़ ने कहा कि देश और प्रदेश में कई ऐसी समस्याएं हैं, जिन पर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी इस समय देश का सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन इस पर गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा। इसके अलावा युवाओं में बढ़ती ड्रग्स की लत भी चिंता का विषय है, जिससे उनके भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि देश में शिक्षा का स्तर लगातार कमजोर होता जा रहा है। शिक्षा का बजट कम किए जाने के कारण देशभर के विश्वविद्यालयों की स्थिति बिगड़ रही है। जाखड़ ने कहा- ये सभी मुद्दे NSUI की प्राथमिकता में हैं और संगठन देशभर में जाकर छात्रों की समस्याओं को उठाएगा तथा आंदोलन के माध्यम से न्याय दिलाने का प्रयास करेगा। जाखड़ ने अपने छात्र राजनीति के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि वे खुद छात्र राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति तक पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि वे राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव लड़कर अध्यक्ष बने थे। उनके अनुसार छात्रसंघ चुनाव छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे कैंपस में लोकतांत्रिक माहौल बनता है। छात्रों की समस्याओं को उठाने का मंच मिलता है। उन्होंने कर्नाटक सरकार का जिक्र करते हुए कहा- वहां कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू करने की घोषणा की है, जो स्वागत योग्य कदम है। वहीं, राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर NSUI लगातार आंदोलन कर रही है। जाखड़ ने कहा कि राज्य सरकार ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उससे पीछे हट गई। जाखड़ ने कहा कि वे राजस्थान यूनिवर्सिटी से प्रदेश के युवाओं को संदेश देना चाहते हैं कि छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए वे संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर आंदोलन करेंगे और छात्रसंघ चुनाव करवाकर ही दम लेंगे। उनका मानना है कि छात्रसंघ चुनाव केवल राजनीति के लिए ही जरूरी नहीं हैं, बल्कि कैंपस के माहौल और छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए भी अहम है। राजस्थान में नए NSUI प्रदेश अध्यक्ष को लेकर पूछे गए सवाल पर जाखड़ ने कहा कि जो व्यक्ति संघर्ष करेगा और आम छात्रों की आवाज को मजबूती से उठाएगा, उसे संगठन में आगे बढ़ने का मौका दिया जाएगा। वहीं, प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान कांग्रेस के सभी नेता सम्मानित है। फिलहाल संगठन एक नेता के नेतृत्व में काम कर रहा है और वह हैं राहुल गांधी। जाखड़ ने कहा- राहुल गांधी देश को नई दिशा देने का काम कर रहे हैं। संविधान तथा संवैधानिक संस्थाओं की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा- देश के युवा भी उनके विचारों और रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 8:04 pm

चंदौसी में शिक्षामंत्री आवास पर सफाई कर्मियों का प्रदर्शन:कोरोना काल के बकाया वेतन, एरियर भुगतान की मांग

संभल में सफाई कर्मचारियों ने कोरोना काल के बकाया वेतन, बोनस, वर्दी और एरियर समेत विभिन्न मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी स्थित आवास पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की। शनिवार दोपहर करीब 3 बजे सफाई कर्मचारी संघ के सदस्य मंत्री गुलाब देवी के चंदौसी कोतवाली स्थित आवास पर पहुंचे। उन्होंने मंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कोरोना महामारी के दौरान किए गए काम के लिए बकाया वेतन, बोनस और अन्य सुविधाओं का भुगतान न होने का जिक्र था। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर शहर की साफ-सफाई का काम किया, लेकिन उन्हें उस अवधि का बकाया भुगतान नहीं मिला। उन्होंने पालिका प्रशासन से कई बार शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मंत्री गुलाब देवी ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस संबंध में पालिका प्रशासन से बात कर उचित मांगों को पूरा कराने का प्रयास करेंगी। इस आश्वासन के बाद सफाई कर्मचारी शांतिपूर्वक लौट गए। सफाई कर्मचारी संघ यूनियन ट्रेड कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नंदू वाल्मीकि ने बताया कि कोरोना काल में जान जोखिम में डालकर काम करने वाले कर्मचारियों को अभी तक बकाया भुगतान नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में संविदा कर्मचारियों से एरियर भुगतान के लिए एफिडेविट नहीं लिया जाता, लेकिन यहां ऐसा किया जा रहा है। अखिल भारतीय मजदूर सभा कांग्रेस के प्रदेश सचिव ने भी इस बात पर जोर दिया कि संविदा कर्मचारियों को बिना एफिडेविट के एरियर मिलना चाहिए, जैसा कि पूरे उत्तर प्रदेश में होता है। उन्होंने यह भी बताया कि कर्मचारियों को वर्दी भी नहीं मिल रही है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 6:40 pm

मोदी बोले- कोटा शिक्षा का ही नहीं,ऊर्जा का भी केंद्र:CM ने कहा- एयर कनेक्टिविटी होने पर कोटा की गरम कचोरी दिल्ली पहुंचेगी

CM भजनलाल ने कोटा-बूंदी ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया। CM भजनलाल शर्मा ने कहा- कोटा की गरमा-गरम कचोरी बिरला जी (लोकसभा स्पीकर ओम बिरला) तक पहुंचेगी। क्योंकि जब एयर कनेक्टिविटी हो जाएगी तो आप कहेंगे, जाइए गरमा-गरम बनवाकर लाइए, यह काम भी हो जाएगा सीएम ने आगे कहा- एयर कनेक्टिविटी होने से कोटा की कचोरी दिल्ली में गरमा-गरम पहुंचेगी। आने वाले समय में कोटा उद्योग का हब बनने वाला है। एयरपोर्ट के साथ यहां उद्योग भी बढ़ेंगे। कोटा के शंभूपुरा में कार्यक्रम में PM नरेंद्र मोदी का वीडियो संदेश सुनाया गया। पीएम मोदी ने कहा- आज का दिन कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़ सहित पूरे हाड़ौती क्षेत्र के लिए नई आशा और एक नई उपलब्धि का दिन है। कोटा शिक्षा का ही नहीं, ऊर्जा का भी केंद्र है। कार्यक्रम में नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए भूमि पूजन भी किया। कार्यक्रम में किसने क्या कहा, 4 बड़े बयान 1. राजस्थान किस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है? वीडियो संदेश में PM मोदी ने कहा- पिछले हफ्ते मुझे राजस्थान आने का मौका मिला। अजमेर की पवित्र धरती से मैंने राजस्थान के विकास से जुड़े हज़ारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और उद्घाटन किया। आज मुझे कोटा से जुड़े एक जरूरी प्रोजेक्ट को लॉन्च करने का मौका मिला है। एक ही हफ्ते में राजस्थान में 2 बड़े डेवलपमेंट प्रोग्राम का होना दिखाता है कि राजस्थान किस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 2. पीएम ने जो वादा किया था, उसको पूरा किया लोकसभा स्पीकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि इस क्षेत्र के लोगों की ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की मांग थी। इसे लेकर लंबे समय तक अलग-अलग सरकारों में प्रयास हुए। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोटा की धरती पर 2023 में जो वादा किया था, उसे पूरा किया। 3. हर 45 दिन में प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट खोलने का काम किया केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा- साल 2014 में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। तब देश में 74 एयरपोर्ट थे, जो पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 74 से बढ़कर 167 हो गए, मतलब दोगुनी से भी ज्यादा। इसका मैंने दूसरी तरीके से कैलकुलेशन किया। कैलकुलेशन के मुताबिक, हर 45 दिन में देश के प्रधानमंत्री ने एयरपोर्ट खोलने का काम किया है 4.सरकार मगरमच्छों की तरफ भी धीरे-धीरे बढ़ रही सीएम भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा- पहले पेपर चोरी और लीक होते थे, जिससे युवाओं और उनके परिवारों के सपने टूट जाते थे। हमारी सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया गया है। कांग्रेस राज में अपनों को नौकरियां मिल जाती थीं, जिसके चलते 400 से ज्यादा लोग जेल की सलाखों में हैं। हमारी सरकार मगरमच्छों की तरफ भी धीरे-धीरे बढ़ रही है, जिनमें से कुछ को पकड़ लिया गया है और कुछ आने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि किसी को भी नहीं छोड़ा जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा मगरमच्छ हो, उसे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 2:34 pm

शिक्षा विभाग को 6 लाख किताबें मिलीं:संतकबीर नगर में अब सीधे विद्यालयों में भेजी जाएंगी, पहले बीआरसी जाती थी

संतकबीरनगर जिले में नए शैक्षणिक सत्र की तैयारियां तेज हो गई हैं, जो अप्रैल से शुरू होगा। सत्र शुरू होने से पहले ही शिक्षा विभाग को करीब छह लाख पुस्तकें प्राप्त हो गई हैं। इस बार किताबें सीधे विद्यालयों में भेजी जाएंगी, जिससे सत्र के पहले ही दिन छात्र-छात्राओं को मिल सकेंगी। जिले में कुल 1246 प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालय हैं, जिनमें एक लाख सात हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। शासन द्वारा हर वर्ष बच्चों को निःशुल्क किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से इस बार कक्षा चार तक एनसीईआरटी की किताबें लागू की गई हैं। अगले सत्र में कक्षा पांच तक एनसीईआरटी की किताबें लागू करने की योजना है। शिक्षा विभाग ने जनवरी से पहले ही कक्षा एक से आठ तक के विभिन्न विषयों की करीब 11 लाख से अधिक किताबों की मांग शासन को भेजी थी। इसके सापेक्ष अब तक लगभग छह लाख किताबें जिले को प्राप्त हो चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, शेष किताबें भी एक सप्ताह के भीतर आ जाएंगी। इसके बाद पुस्तकों का सत्यापन कर उन्हें संबंधित विद्यालयों तक पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पहले किताबें बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) पर आती थीं, जिससे विद्यार्थियों को किताबें मिलने में देरी होती थी। अब यह प्रक्रिया बदलकर सीधे विद्यालयों को किताबें भेजी जाएंगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) अमित सिंह ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि वे एक अप्रैल से पहले विद्यालयों में किताबें सुरक्षित रूप से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि नए सत्र के पहले दिन सभी बच्चों को नई किताबें वितरित कर दी जाएंगी और इस बार कोई भी छात्र पुरानी किताबों से पढ़ाई नहीं करेगा।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 9:15 am

शिक्षा का अधिकार के तहत ऑनलाइन आवेदन 31 तक

भास्कर न्यूज | बिलाईगढ़ छत्तीसगढ़ के सभी गैर अनुदान प्राप्त और गैर अल्पसंख्यक प्राइवेट स्कूलों के प्रारंभिक कक्षाओं में 25% सीट दुर्बल और असुविधाग्रस्त परिवार के बच्चों के लिए आरक्षित होता है। जरूरतमंद और पात्र छात्रों को नर्सरी से क्लास - बारहवीं तक नि:शुल्क शिक्षा दिया जाता है इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 31 मार्च 2026 तक जमा किये जा सकते है, जिसका वेबसाईट आरटीई डॉट सीजी डॉट एन आई सी डॉट इन https://rte.cg.nic.i n/ है। इस अधिनियम के तहत 3 से 6 वर्ष तक के बच्चे किसी भी प्राइवेट स्कूल के प्रारंभिक कक्षा में प्रवेश ले सकते है। आवेदन पत्र ऑनलाइन भरने के लिए पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड, जाति, निवास जैसे कई दस्तावेज पालक की होनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि भारतीय संसद द्वारा 4 अगस्त 2009 को पारित किया गया था तथा 1 अप्रैल 2010 से प्रभावी हुआ। छत्तीसगढ़ मे आरटीई 12(1)(सी) योजना का लाभ सत्र 2010-11 से दिया जा रहा है। पूर्व मे अधिनियम का लाभ कक्षा – आठवीं तक ही दिया जाता था, परन्तु अब इसमे (छ. ग. राज्य स्तर पर) संसोधन कर सत्र 2019 मे इसकी मान्यता बढ़ाकर क्लास – बारहवीं तक कर दी गयी है। अब तक छत्तीसगढ़ मे लगभग 2.9 लाख छात्र इस योजना का लाभ ले रहे है। इसका मुख्य उदेश्य समाज मे सभी वर्ग के लोगो के मध्य सामाजिक समावेशन अर्थात सामाजिक समानता लाना, और सभी समूहों को मूल्यवान और महत्वपूर्ण महसूस करना है, ताकि पूरा लाभ मिले।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 4:29 am

शिक्षा भविष्य की नींव, यह चरित्र निर्माण, आत्म निर्माण सिखाती है'

अमृतसर | सरकारी मिडिल स्कूल के स्टूडेंट्स को स्टेशनरी का सामान वितरण किया। यह सामान रोटरी क्लब ईको के प्रधान हरबीर सिंह की अध्यक्षता बांटा गया। रोटरी इंटरनेशनल के साक्षरता मिशन के तहत क्लब की ओर से अजनाला के भोईवाल सरकारी स्कूल में सभी स्टूडेंट्स को पढ़ाई का सामान समेत अन्य सामान भी उपलब्ध करवाया गया। प्रधान हरबीर ने कहा कि शिक्षा भविष्य की नींव है, यह चरित्र निर्माण तथा आत्म निर्माण सिखाती है। शिक्षा एक महत्वपूर्ण साधन है जो ज्ञान और कौशल की जानकारी प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा को कोई छीन नहीं सकता और न कोई चोरी कर सकता है। इसलिए शिक्षा को जितना अपने दिमाग में भरोगे उतना ही ज्ञान वर्धक बनोंगे। इस मौके पर क्लब सचिव पुनीत नागपाल ने स्टूडेंट्स को प्रेरित करते कहा कि शिक्षक बनोगे तो तुम दुनिया बदल सकोंगे। एक शिक्षित व्यक्ति कई लोगों को सिखा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 Mar 2026 4:00 am

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

rbi bank assistant vacancy : आरबीआई असिस्टेंट पद के लिए क्या योग्यता चाहिए? कौन इसमें अप्लाई कर सकता है? ये भी जान लें

How to apply for RBI Assistant 2026 : रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने एक और नई भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया है। आरबीआई ने 650 पदों पर असिस्टेंट की रिक्तियां निकाली हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट opportunities.rbi.org.in पर भर्ती विज्ञापन जारी हो ...

वेब दुनिया 17 Feb 2026 4:09 pm

गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, ... Read more

अजमेरनामा 13 Feb 2026 4:33 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है 7000 युवा

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm