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शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा का समावेश जरूरी : प्रो. नंदिता

Integration of Indian knowledge tradition into education is essential: Prof. Nandita

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:44 am

Pilibhit News: कस्तूरबा विद्यालयों में बढ़ेगा डिजिटल शिक्षा का दायरा

स्कूल समय के बाद भी ई-विद्या के निशुल्क चैनलों से पढ़ सकेंगी छात्राएं

अमर उजाला 4 Sep 2026 1:06 am

लखनऊ में मर्सिडीज-बेंज ने एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स दिए:एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के साथ मिलकर शिक्षाविदों को किया सम्मानित

लखनऊ के गोमतीनगर में मर्सिडीज-बेंज और एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के सहयोग से मर्सिडीज-बेंज एजुकेशनिस्ट एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह का आयोजन किया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रधानाचार्यों, शिक्षाविदों, अकादमिक नेतृत्वकर्ताओं और करियर गाइडेंस विशेषज्ञों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ. दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक समारोह सराहनीय हैं। अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को भारतीय परिवेश, सभ्यता और संस्कृति का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा परंपरा के मूल तत्वों को समझना जरूरी है। भारतीय शिक्षा व्यवस्था में ज्ञान के साथ नैतिकता और गुरु-शिष्य परंपरा को भी महत्व दिया गया है। इसमें मानव कल्याण की भावना समाहित है। समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है कार्यक्रम की शुरुआत पिहू द्विवेदी की सरस्वती वंदना से हुई। एकाग्रता इंटरनेशनल फाउंडेशन के निदेशक डॉ. शक्ति कुमार पाण्डेय ने कहा कि राष्ट्र और समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है। भावी पीढ़ी तैयार करने में उनके योगदान का सम्मान किया जाना जरूरी है। विशिष्ट अतिथि शसौमित्र गौर ने कहा कि अगली पीढ़ी के मजबूत भविष्य की नींव तैयार करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षा और उद्योग जगत के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। शिक्षा में नवाचार, तकनीक, कौशल और मूल्यों का संतुलन होना चाहिए। डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप विकसित करना होगा हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की कार्यकारी निदेशक समिता सिंह बफीला ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्य पुस्तकों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। संस्थानों को AI और डिजिटल परिवर्तन के अनुरूप खुद को विकसित करना होगा। हालांकि शिक्षा के केंद्र में विद्यार्थी और मानवीय मूल्य हमेशा बने रहने चाहिए। समारोह में गैरी डोमिनिक एवरेट, सोमा चंद्रा, डॉ. मंजुला गोस्वामी, गुंजन साहनी, दिव्या सिंह, गुंजन दनानी, मधुलिका अग्रवाल, डॉ. मांडवी त्रिपाठी, पूजा सिंह, डॉ. प्रेरणा मित्रा, डॉ. धीरज मेहरोत्रा, रचना मिश्रा, डॉ. विभा आहूजा, रुद्रेन्द्र बसाक, अंजना स्वामी, पूनम अरोड़ा, प्रेरणा त्रिपाठी, सिंधु तिवारी, मितुशी नेगी और आशा यादव समेत अन्य लोगों को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 11:25 pm

ई-शिक्षाकोष में अटेंडेंस लगाकर छुट्टी लेने का आरोप:UP की शिक्षिका पूजा सिंह सस्पेंड, विभाग ने दी जानकारी

उत्तर प्रदेश की शिक्षिका पूजा सिंह को अररिया के प्राथमिक विद्यालय झौवा बटुरबाड़ी से निलंबित कर दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने ई-शिक्षाकोष पर हाजिरी दर्ज की, लेकिन छुट्टी ले ली। साथ ही, संबंधित अधिकारी की मंजूरी के बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का भी इस्तेमाल किया। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने यह कार्रवाई की है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, अररिया ने 29 अगस्त 2026 को स्कूल का अचानक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ई-शिक्षाकोष में पाया गया कि शिक्षिका पूजा सिंह ने 29 अगस्त को अपनी हाजिरी लगाई थी। वहीं, स्कूल के दफ्तर में इसी तारीख का आकस्मिक छुट्टी का आवेदन भी मिला। 31 अगस्त को मांगी गई थी सफाई हाजिरी रजिस्टर की जांच में यह भी सामने आया कि शिक्षिका ने संबंधित अधिकारी से मंजूरी लिए बिना क्षतिपूर्ति छुट्टी का इस्तेमाल किया था। विभाग के आदेश में आरोप लगाया गया है कि यह काम प्रधान शिक्षक से मिलीभगत करके किया गया। यह मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय ने 31 अगस्त को शिक्षिका से सफाई मांगी थी। विभागीय कार्रवाई शुरू की गई विभाग के मुताबिक, पूजा सिंह ने तय समय तक अपना जवाब दफ्तर में जमा नहीं किया। इसे उच्च अधिकारी के आदेश की बात न मानना माना गया। इसके बाद जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), अररिया ने बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत पूजा सिंह को तुरंत निलंबित कर दिया। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र, फारबिसगंज तय किया गया है। उन्हें नियमों के हिसाब से जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। विभाग की ओर से आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ अलग से दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 10:06 pm

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में अधिकारी लेंगे क्लास:सप्ताह में एक दिन बच्चों को पढ़ाएंगे, बेहतर शिक्षा और गाइडेंस मिलेगा

कटिहार के 20 मॉडल स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए अब जिले के 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। सभी नामित अधिकारी सप्ताह में एक दिन अपने-अपने मॉडल स्कूल में पहुंचकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इस दौरान वे बच्चों को विषय आधारित शिक्षा देंगे। साथ ही उनके प्रदर्शन का अध्ययन कर उन्हें बेहतर करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया इसी क्रम में गुरुवार को सरस्वती विद्या निकेतन माहेश्वरी एकेडमी मॉडल स्कूल में कटिहार के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राहुल कुमार सिंह ने पढ़ाने की शुरुआत की। उन्होंने बच्चों के बीच क्लास लेकर पढ़ाया और उनकी रुचि तथा प्रतिभा को समझने की कोशिश की। साथ ही बच्चों को अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर राहुल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षक की भूमिका निभाकर वह गर्व महसूस कर रहे हैं। 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई उन्होंने कहा कि बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उन्हें उसी दिशा में बेहतर करने के लिए प्रेरित करना जरूरी है। बच्चों को बेहतर बनाना ही इस पहल का मुख्य मकसद है। वहीं, जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि जिले के सभी 20 मॉडल स्कूलों में शिक्षा और मार्गदर्शन देने के लिए 20 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है और इस पहल की शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि कटिहार में शुरू की गई इस पहल की पूरे बिहार में तारीफ हो रही है। राज्य सरकार भी इस मॉडल को पूरे बिहार में लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। अधिकारियों के स्कूलों में नियमित रूप से पहुंचने से बच्चों को न केवल पढ़ाई में बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा, बल्कि उन्हें प्रशासनिक अधिकारियों के अनुभव और प्रेरणा से अपने भविष्य के लिए लक्ष्य तय करने में भी मदद मिलेगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:51 pm

प्रशांत किशोर बोले-नीतीश के शासन में शिक्षा व्यवस्था बदहाल रही:कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा; शिक्षकों से कहा- आपको सबने ठगा

गया में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर जन सुराज की ओर से शिक्षक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम गया शहर के ऐतिहासिक हरिदास सेमिनरी विद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। इसमें जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर शामिल हुए। प्रशांत किशोर ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। शिक्षक समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी समस्या स्कूली शिक्षा का लगातार कमजोर होना है। यदि शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरी तो आने वाली कई पीढ़ियों का भविष्य प्रभावित होगा। ‘शिक्षा की बदौलत परिवार में बने आईएएस-आईपीएस’ प्रशांत किशोर ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा मजदूरी और बैलगाड़ी चलाने का काम करते थे। परिवार ने मिलकर उनके पिता को पढ़ाया। शिक्षा की बदौलत आज उनके परिवार में बड़ी संख्या में आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर और डॉक्टर हैं। उन्होंने कहा कि यही शिक्षा की ताकत है और बिहार को बदलने का सबसे प्रभावी रास्ता भी शिक्षा ही है। नीतीश कुमार के शासनकाल पर उठाए सवाल नीतीश कुमार के लंबे शासनकाल पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि इतिहास जब उनके शासन का मूल्यांकन करेगा तो बिहार की बदहाल शिक्षा व्यवस्था उसका सबसे बड़ा अध्याय होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से शिक्षक समान वेतनमान समेत अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकारों ने उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया। ‘आपको सबने ठगा, मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए’ शिक्षकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “आपको नीतीश कुमार ने ठगा, सुशील कुमार मोदी ने ठगा, तेजस्वी यादव ने ठगा- अब मुझे भी ठगने का मौका मत दीजिए।” उन्होंने कहा कि बिहार में छह लाख से अधिक शिक्षक हैं। इसके बावजूद सरकारें उनकी बात क्यों नहीं मानतीं, यह बड़ा सवाल है। प्रशांत किशोर ने शिक्षकों से जाति और दल से ऊपर उठकर अपने पेशे और भविष्य के मुद्दों पर मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जन सुराज का लक्ष्य बिहार को फिर से ज्ञान की भूमि बनाना, शिक्षकों को सम्मानजनक स्थान दिलाना और राज्य को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है। प्रशांत किशोर ने जीडीपी के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सरकारी आंकड़ों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन से हुई कार्यक्रम की शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सभी अतिथियों और शिक्षकों का स्वागत किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा करना और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षकों के सुझाव जानना था। शिक्षक समाज की भूमिका सबसे अहम : रवि रंजन दांगी कार्यक्रम की अध्यक्षता जन सुराज के नेता और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य रवि रंजन दांगी ने की। वे गया जिला अध्यक्ष भी हैं। अपने संबोधन में उन्होंने शिक्षक समाज की भूमिका को बेहद महत्वपूर्ण बताया। दांगी ने कहा कि किसी भी समाज और देश के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को सम्मान के साथ पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराना जरूरी है। साथ ही, उन्हें बेहतर कार्य माहौल भी मिलना चाहिए। शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने रखे सुझाव कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी। बातचीत के दौरान शिक्षक सम्मान और स्कूलों में पढ़ाई के बेहतर माहौल जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए। छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और शिक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधारों को लेकर भी चर्चा हुई। शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में अहम पहल शिक्षक दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम को जन सुराज की एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसे शिक्षकों के साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षकों और प्रबुद्धजनों की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। हरिदास सेमिनरी के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जन सुराज के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी शिक्षकों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षक समाज के सम्मान और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार की जरूरत को प्रमुखता से उठाया गया। शिक्षक संवाद के इस मंच से शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल और आए सुझाव आने वाले दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन सकते हैं। गया में प्रशांत किशोर की मौजूदगी में आयोजित यह कार्यक्रम जन सुराज के शिक्षक संवाद अभियान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 9:39 pm

'जो लोग क्रांतिकारी...', CM योगी ने सुनाया सपा सरकार के शिक्षामंत्री का वो किस्सा

'पंचायत आजतक' मथुरा के विशेष सत्र 'योगी की चुनावी लीला' में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की. इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा पर तीखा हमला बोला. साथ ही CM योगी ने सपा सरकार के शिक्षामंत्री का एक किस्सा भी सुनाया. देखें Video.

आज तक 3 Sep 2026 7:41 pm

'बिस्मिल और बिस्मिल्ला खान...', जब CM योगी ने सुनाया सपा कार्यकाल के शिक्षा मंत्री का किस्सा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकार में शिक्षा से लेकर नौकरियों तक व्यवस्था बदहाल थी और नकल करना जन्मसिद्ध अधिकार जैसा माहौल बना दिया गया था. उन्होंने राम प्रसाद बिस्मिल को बिस्मिल्लाह खान बताए जाने का किस्सा सुनाते हुए सपा पर हमला बोला और कहा कि अब यूपी में नीतिगत फैसलों में कोई भेदभाव नहीं होता.

आज तक 3 Sep 2026 7:23 pm

माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व

सुप्रीम कोर्ट : राजस्थान और उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बाहरी लोगों की एंट्री, फोटो-वीडियो और रिकॉर्डिंग पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका […] The post माननीय न्यायाधीश महोदय जर्जर शिक्षा व्यवस्था विरुद्ध याचिका सुनवाई पर पुनर्विचार की जरूरत है: छात्रों के बेहतर व्यवस्था के विरुद्ध है तो शिक्षा विभाग को सामूहिक अर्थ दंड भुगतना होगा first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .

नवसंचार समाचार 3 Sep 2026 6:56 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार: गीतांजलि आंग्मो (आईएएन

भुवनेश्वर, 3 सितंबर . जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने Thursday को कहा कि Government को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधारों को सक्रिय रूप से लागू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को छोटा या अलग-थलग ... Read more

डेली किरण 3 Sep 2026 6:48 pm

विरोध प्रदर्शनों को वेक-अप कॉल माने सरकार, शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से लागू करे सुधार गीतांजलि आंग्मो

जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने गुरुवार को कहा कि सरकार को जारी विरोध प्रदर्शनों को एक ‘वेक-अप कॉल’ के रूप में लेना चाहिए और परीक्षा तथा

खास खबर 3 Sep 2026 6:44 pm

ऑटो ड्राइवर के बेटे ने आईआईटी-मद्रास में बनाई जगह, 90 प्रतिशत रीढ़ की हड्डी की विकलांगता और सेरेब्रल पाल्सी से पीड़ित

अक्सर कहा जाता है कि सपने देखना तो आसान है, लेकिन उन्हें हकीकत में बदलना उतना ही मुश्किल

खास खबर 3 Sep 2026 6:04 pm

RGPV की बदनामी हुई, इसलिए 3 हिस्सों में बांटा:शिक्षामंत्री बोले- यूनिवसिटी पर 585 कॉलेजों का दबाव था; छात्रसंघ चुनाव पर जल्द लेंगे फैसला

राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) को तीन यूनिवर्सिटी में बांटने के फैसले पर कांग्रेस के सवालों का स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जवाब दिया है। उन्होंने बताया कि आरजीपीवी पर 585 से ज्यादा कॉलेजों का दबाव था। इस दबाव के कारण परीक्षा और नतीजे समय पर नहीं आ पाते थे। इससे पिछले दो सालों में यूनिवर्सिटी की बदनामी भी हुई। इसी को देखते हुए सरकार ने टेक्निकल एजुकेशन को तीन हिस्सों में बांटने का फैसला किया है। शिक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश परमार ने कहा कि यह फैसला किसी व्यक्ति का नाम हटाने के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा को बेहतर बनाने और स्टूडेंट्स को अच्छी सुविधा देने के लिए किया गया है। मध्य प्रदेश की इलाके की बनावट के हिसाब से तीन यूनिवर्सिटी के नाम महाकौशल, मध्य भारत और मालवा रखे गए हैं। कांग्रेस ने इसे 'ओछी मानसिकता' बताया था। इस पर मंत्री ने कहा कि सरकार नई शिक्षा नीति-2020 के हिसाब से शिक्षा में बदलाव और विस्तार कर रही है। उन्होंने फिर दोहराया कि आरजीपीवी इतना बड़ा हो गया था कि काम का दबाव बहुत बढ़ गया था। परीक्षा और नतीजों में देरी जैसी समस्याओं के कारण यूनिवर्सिटी की बदनामी हुई, इसलिए इसे तीन भागों में बांटना जरूरी था। नाम हटाना नाम का मुद्दा नहीं राजीव गांधी का नाम हटाने के सवाल पर परमार ने कहा कि यह किसी व्यक्ति के नाम का मुद्दा नहीं है। महाकौशल, मध्य भारत और मालवा मध्य प्रदेश की पुरानी क्षेत्रीय पहचान हैं। सरकार ने इसी बनावट को ध्यान में रखकर नाम तय किए हैं। छात्रसंघ चुनाव को लेकर कोर्ट के आदेश के सवाल पर मंत्री ने कहा कि विभाग कोर्ट के आदेश की जांच कर रहा है। सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा। चुनाव सीधे होंगे या परोक्ष, इस पर अभी सरकार ने कोई फैसला नहीं लिया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 6:01 pm

हरियालो राजस्थान अभियान के तहत भुसावर शिक्षा कार्यालय परिसर में लगाए 51 पेड़

हरियालो राजस्थान के विशेष अभियान के तहत भुसावर में गुरुवार को शिक्षा विभाग के कार्यालय परिसर में 51 पेड़ लगाए गए। सीबीईओ बृजेंद्र सिंह कोली के निर्देशन में सरकारी विद्यालयों में भी वृक्षारोपण किया गया।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 5:58 pm

खेरोदा के उदय शिक्षा मंदिर में हर्षोल्लास से मना कृष्ण जन्माष्टमी पर्व

स्कूली बच्चों ने राधा-कृष्ण के स्वरूप में दीं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, मटकी व बांसुरी सज्जा प्रतियोगिता आयोजित।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 5:24 pm

बाढ़ से रास्ते बंद, शिक्षामित्र ने संभाली स्कूल की कमान:चांदपुर का प्राथमिक विद्यालय दो दिन से बंद, पढ़ाई हो रही प्रभावित

रामपुर जिले में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद गांवों में जलभराव और खराब रास्तों की समस्या बनी हुई है। इसका असर अब स्कूलों की पढ़ाई पर भी दिख रहा है। पसियापुर प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक खराब रास्ते के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाए। ऐसे में गांव में मौजूद शिक्षामित्र गीता ने स्कूल की कमान संभाली और बच्चों को पढ़ाया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पसियापुर के शिक्षक खराब सड़क और आने-जाने की समस्या के चलते स्कूल नहीं पहुंच पाए थे। शिक्षामित्र गीता ने बुधवार और गुरुवार को स्कूल खोला और बच्चों को पढ़ाया। इससे विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने से बच गई, हालांकि स्कूल में उपस्थिति बहुत कम रही। वहीं, पसियापुर के पास स्थित चांदपुर गांव का प्राथमिक विद्यालय जलभराव के कारण गुरुवार को पूरे दिन बंद रहा। इससे पहले बुधवार को भी स्कूल नहीं खुल सका था। स्कूल तक पहुंचने वाले रास्ते पर पानी भरा होने से शिक्षक विद्यालय नहीं पहुंच पाए। 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था गौरतलब है कि मंगलवार-बुधवार की रात रामनगर बैराज, बहराइच से करीब 45 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके बाद रामपुर की कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया और पसियापुर व चांदपुर समेत आसपास के गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया था। हालांकि अब नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन गांवों के संपर्क मार्गों पर अभी भी जगह-जगह पानी भरा है। खराब और पानी में डूबे रास्तों के कारण ग्रामीणों के साथ-साथ शिक्षकों को भी आने-जाने में परेशानी हो रही है। शुक्रवार को छुट्टी होने के बाद शनिवार को विद्यालय खुलने हैं। प्रशासन और शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि तब तक पानी कम हो जाएगा और स्कूल तक जाने वाला रास्ता भी ठीक हो सकेगा। फिलहाल पसियापुर में शिक्षामित्र के स्कूल संभालने से बच्चों की पढ़ाई जारी रही, जबकि चांदपुर में जलभराव के कारण दो दिन से विद्यालय बंद रहा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:08 pm

कोंडागांव के दो शिक्षकों को मिलेगा राज्य शिक्षक सम्मान:नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 5 सितंबर को रायपुर में होगा सम्मान

कोंडागांव जिले के दो शिक्षकों सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र को इस वर्ष राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए गए लगातार प्रयासों को देखते हुए उनका चयन किया गया है। 5 सितंबर यानी शिक्षक दिवस के मौके पर रायपुर के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव उन्हें सम्मानित करेंगे। पारंपरिक शिक्षा,नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर शिक्षक सूरज नेताम विकासखंड कोंडागांव के जनपद प्राथमिक शाला बुनागांव में पदस्थ हैं। वहीं हीरालाल चुरेंद्र उच्च प्राथमिक शाला डोंगरीपारा, चिपावंड में सेवाएं दे रहे हैं। दोनों शिक्षक लंबे समय से बच्चों को पारंपरिक शिक्षा के साथ नए और गतिविधि आधारित तरीकों से पढ़ाने पर जोर दे रहे हैं। दोनों ने बच्चों की रुचि और क्षमता को पहचानकर उन्हें रचनात्मक गतिविधियों, शैक्षणिक प्रयोगों और अलग-अलग सीखने के अवसरों से जोड़ा। इससे विद्यार्थियों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ने के साथ आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और प्रतिस्पर्धा की भावना भी विकसित हुई। किताबों से आगे ले गए पढ़ाई दोनों शिक्षकों ने पढ़ाई को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और गतिविधि आधारित शिक्षण को अपनाकर बच्चों के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक बनाया। इसका असर विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ उनके व्यक्तित्व विकास में भी देखने को मिला। उनके प्रयासों से स्कूलों में विद्यार्थियों के दाखिले में बढ़ोतरी हुई और परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहे। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर प्रदर्शन किया। स्कूल में सकारात्मक माहौल बनाने और शैक्षणिक गतिविधियों में बच्चों की भागीदारी बढ़ाने में दोनों शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अभिभावकों और समुदाय को स्कूल से जोड़ा सूरज नेताम और हीरालाल चुरेंद्र ने स्कूल और समुदाय के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी काम किया। उन्होंने अभिभावकों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाकर उन्हें स्कूल की गतिविधियों से जोड़ा। इसके अलावा विभागीय कार्यों को जिम्मेदारी से पूरा करने के साथ वे शिक्षकों के नए शिक्षण समूह से जुड़े रहे और सामाजिक सेवा से संबंधित गतिविधियों में भी योगदान देते रहे। इन प्रयासों के लिए दोनों शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुना गया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 4:48 pm

छत्तीसगढ़ के कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर बनने की रुकावटें होंगी दूर, जानिए 700 पदों की भर्ती प्रक्रिया पर क्या बोले उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने मंत्रालय में विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के कामकाज पर असंतोष जताया। उन्होंने 15 सितंबर तक 700 सहायक प्राध्यापकों की भर्ती और पदोन्नति प्रक्रिया की रुकावटें दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही महाविद्यालयों में कम प्रवेश संख्या, लंबित अदालती मामलों और बजट से जुड़ी अधूरी जानकारियों पर भी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।

दैनिक जागरण 3 Sep 2026 3:54 pm

UPSC भर्ती 2026: साइंटिस्ट सहित 122 पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू, यहां जानें वैकेंसी से जुड़ी पूरी डिटेल

देश के लाखों युवा आज भी प्राइवेट सेक्टर की नौकरियों के मुकाबले सरकारी नौकरियों को प्राथमिकता देते हैं।

खास खबर 3 Sep 2026 3:47 pm

सवाई माधोपुर: जिला शिक्षा अधिकारी ने किया चौथ का बरवाड़ा के स्कूलों का निरीक्षण

डीईओ श्रीदेवी लाल मीणा ने राजकीय विद्यालयों की व्यवस्थाएं जांचीं, शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण और लाडो योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 3:41 pm

आउट‍िंग से पार्टीज तक... ऐसे कॉर्पोरेट जॉब छोड़ने का बनाया प्लान

रिया नाम की इस सोशल मीडिया यूजर (@riahassomethingtosay) ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपना यह अनुभव शेयर किया, जि‍स पर काफी चर्चा हो रही है. इस यूजर ने बताया कि कैसे उसने अपनी कई आदतों पर ब्रेक लगाकर 40 हजार रुपये महीने जोड़े और 18 महीने बाद नौ से पांच वाली जॉब छोड़ दी.. जानें पूरी कहानी...

आज तक 3 Sep 2026 3:35 pm

सुकमा में 5 करोड़ से बनेंगे 3 नए पोटा केबिन:शिक्षा मंत्री बोले- स्कूलों में सुधार के साथ बेहतर माहौल देना सरकार की प्राथमिकता

प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव गुरुवार को सुकमा पहुंचे। उन्होंने केरलापाल में पंचायत कैफे का उद्घाटन किया। इसके बाद कलेक्टर कार्यालय में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले के स्कूलों और आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को विद्यार्थियों के लिए बेहतर पढ़ाई का माहौल तैयार करने और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। बैठक में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से 3 नए पोटा केबिन बनाने की जानकारी भी दी गई। स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार बैठक के बाद पत्रकारों से चर्चा में मंत्री ने कहा कि पूरे बस्तर के विकास, खासकर स्कूल शिक्षा को लेकर योजना तैयार की गई है। भारत सरकार को भेजे जाने वाले प्रस्तावों में जरूरी सुधार किए जाएंगे। जिन जगहों पर स्कूलों की इमारतें मौजूद हैं, उन्हें और बेहतर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जहां स्कूल बंद होने की स्थिति बन रही थी, वहां शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। धीरे-धीरे खुल रहे स्कूल, बदल रहे हालात मंत्री ने कहा कि सुकमा में धीरे-धीरे स्कूल खुल रहे हैं। एक समय लोग सुकमा आने से डरते थे, लेकिन अब स्थिति बदल रही है और लोगों की आवाजाही भी बढ़ी है। सरकार शिक्षा के साथ अन्य क्षेत्रों में भी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर काम कर रही है। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारियों के अटैचमेंट का दिया उदाहरण अटैचमेंट के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पहले कई जगहों पर इसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा था। 10 हजार से ज्यादा कर्मचारी अपने मूल विभाग छोड़कर दूसरे विभागों में अटैच थे। अब बिना जरूरत के अटैचमेंट नहीं किया जाएगा। जरूरत होने पर जिला प्रशासन और कलेक्टर के पत्र के आधार पर ही नियुक्ति की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर सरकार सीधे ट्रांसफर भी करेगी। नए पोटा केबिन में करीब 5 करोड़ रुपए होंगे खर्च आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान नए पोटा केबिन बनाने पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिले में 3 नए पोटा केबिन बनाए जाने की जानकारी दी। इनकी नई इमारतों के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालयों और स्कूलों की व्यवस्थाओं में चरणबद्ध तरीके से सुधार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सुकमा के स्कूलों में बच्चों को बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ाई के लिए अच्छा माहौल मिल सके।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 3:34 pm

इंडियन ओवरसीज बैंक में 291 पदों पर भर्ती, 15 सितंबर तक करें आवेदन; 1 लाख से ज्यादा सैलरी

सरकारी बैंक में नौकरी के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडियन ओवरसीज बैंक में जेनरलिस्ट और स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया...

खास खबर 3 Sep 2026 3:21 pm

job news 2026: साइंटिफिक, टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर निकली हैं भर्ती, कर सकते हैं आवेदन

इंटरनेट डेस्क। आपको नौकरी की तलाश हैं और आप एक अच्छी जॉब करना चाहते हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की हैं, जी हां राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) में साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट के 376 पदों की भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इस भर्ती के लिए 30 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। पदों के नाम- साइंटिफिक/टेक्निकल असिस्टेंट पदों की संख्या- 376 आयु सीमा- उम्मीदवारों की अधिकतम 30 वर्ष होनी चाहिए। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 30 सितंबर 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc-cvireland.com

राजस्थान खबरे 3 Sep 2026 3:07 pm

UPSC की तैयारी कैसे करते हैं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के प्रश्न पर IAS अफसरों ने क्या दिया जवाब

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि जब मैं उत्सुकतावश अधिकारियों से और UPSC अभ्यर्थियों से पूछता हूं कि यूपीएससी की तैयारी कैसे करते हैं, तो ये लोग बोलते हैं कि एनसीईआरटी बुक से होती है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 3:05 pm

बेगूसराय: हरिपुर रुदौली मिडिल स्कूल में शिक्षा समिति की बैठक, बेहतर माहौल और सुरक्षा के लिए CCTV लगाने पर बनी सहमति

3 सितंबर, गुरुवार: बेगूसराय के बछवाड़ा में शिक्षा समिति की बैठक हुई। नए एचएम अरविंद चौधरी का स्वागत किया गया। स्कूल में बेहतर माहौल और सुरक्षा के लिए CCTV लगाने का निर्णय लिया गया।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 2:09 pm

करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी, अब शिक्षा अधूरी रहने का जताया अफसोस

करीना कपूर ने खुलासा किया कि फिल्मों में आने के लिए उन्होंने कक्षा 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। अभिनेत्री ने अधूरी शिक्षा का अफसोस जताते हुए अपने बेटों की पढ़ाई पूरी करने पर जोर देने की वजह भी बताई।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 2:02 pm

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बड़ी घोषणा: गांवों में सड़क, रोजगार, शिक्षा और कृषि पर जोर

राजस्थान के गांवों में सड़क, रोजगार, शिक्षा और कृषि विकास को गति मिलेगी। अटल ज्ञान केन्द्रों, प्रगति पथ और सिंचाई कार्यों पर जोर रहेगा।

प्रातःकाल 3 Sep 2026 12:45 pm

डीआरडीओ भर्ती 2026: 10वीं और आईटीआई पास युवाओं के लिए वैकेंसी, नहीं होगी लिखित परीक्षा; कैसे होगा चयन? जानें

डीआरडीओ ने आईटीआई पास युवाओं के लिए भर्ती का मौका दिया है। इस भर्ती के लिए 8 और 9 सितंबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख पर जरूरी दस्तावेजों के साथ इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 12:42 pm

कांगड़ा: लाहड़ गांव के सुभाष चंद को मिलेगा राज्य शिक्षक सम्मान, 20 साल की कंप्यूटर शिक्षा सेवा का मिला फल

कांगड़ा के लंबागांव खंड के लाहड़ गांव निवासी सुभाष चंद को राज्य शिक्षक पुरस्कार-2026 मिलेगा। 20 साल की कंप्यूटर शिक्षा सेवा और युवाओं के प्रशिक्षण के लिए चयन।

अमर उजाला 3 Sep 2026 12:32 pm

गोपालगंज: शिक्षा विभाग के गेट पर फर्जी पुलिसकर्मी बन बदमाशों ने होटल मालिक से छीनी 5 लाख की सोने की चेन और अंगूठी

3 सितंबर, गुरुवार: गोपालगंज में खुद को पुलिसकर्मी बताकर ठेकेदार मनीष रंजन से करीब ₹5 लाख के सोने के गहने ठग लिए गए। नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 12:23 pm

JEE Advanced में 2 नहीं 3 मौके देने की मांग, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय को भेजी याचिका

JEE Advanced में 2 नहीं 3 मौके देने की मांग, 12 हजार से ज्यादा छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय को भेजी याचिका

समाचार नामा 3 Sep 2026 12:20 pm

शिक्षा मंत्री के करीबी BJP नेता ने इंजीनियर्स को पीटा:कैश छीना, ऑनलाइन भी ट्रांसफर कराए पैसे; आरोपी कोर्ट में पेश, 3 फरार

नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में एनटीपीसी के दो इंजीनियरों से मारपीट, गाली-गलौज, धमकी और पैसे वसूलने के मामले में पुलिस ने भाजपा नेता अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार किया है। उसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामले में तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। भाजपा नेता को शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का करीबी बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई मामले में दर्ज शिकायत और आरोपों के आधार पर हुई है। चार लोगों ने घेरकर की थी मारपीट पुलिस के मुताबिक, घटना 30 अगस्त की शाम करीब 5 बजे की है। एनटीपीसी इंजीनियर रोहित गौतम और सैय्यद नूरुद्दीन को रेलवे स्टेशन स्थित साइकिल स्टैंड पर बुलाया गया था। आरोप है कि वहां चार लोगों ने दोनों इंजीनियरों के साथ मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपियों ने इंजीनियरों से 4 से 5 हजार रुपए नकद भी छीन लिए। इसके बाद उनसे जबरन यूपीआई के जरिए से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। BNS की धाराओं में केस दर्ज इंजीनियरों की शिकायत पर गाडरवारा थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 309(6), 351(3) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी अजीत उर्फ लकी कौरव को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश किए जाने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। तीन आरोपियों की तलाश जारी गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि दोनों पीड़ित एनटीपीसी में इंजीनियर हैं। उनकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने नकदी लेने के साथ ही पीड़ितों से ऑनलाइन पैसे भी ट्रांसफर कराए थे। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले में फरार तीन अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 12:03 pm

एनसीएल इंटर्नशिप: फोरमैन, क्लर्क समेत 73 पदों पर मौका; कितना मिलेगा स्टाइपेंड? छह सितंबर से पहले करें आवेदन

एनसीएल ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तीसरे चरण के तहत 73 पदों पर इंटर्नशिप का मौका दिया है। इन पदों के लिए डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले 18 से 25 वर्ष के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 10:49 am

करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस

करीना कपूर खान ने बताया क्यों छोड़ी थी पढ़ाई, वीडियो में बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी है अफसोस

समाचार नामा 3 Sep 2026 10:40 am

स्कूल की छात्राओं से रेप,2 टीचर्स ने बनाए अश्लील वीडियो:महीनों तक ब्लैकमेल कर बुलाते रहे, शिक्षा विभाग ने जांच कराई; सस्पेंड किया पर FIR नहीं कराई

बक्सर में सरकारी स्कूल के 2 टीचर्स पर स्कूल की छात्राओं से छेड़खानी और रेप का आरोप है। इन पर छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने, उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो के जरिए धमकी देने का भी आरोप है। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया है। मामला डुमरांव के एक सरकारी स्कूल का है। DEO इंद्रजीत कुमार कर्ण ने बताया, विभाग ने शुरुआती जांच में आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने और स्कूल के माहौल को खराब करने के आरोपों को सही पाया, जिसके बाद सहायक शिक्षक वीरेंद्र प्रसाद और टीचर अरविंद कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी हो रही है। पुलिस आज इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करेगी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी… वीडियो सामने आने के बाद हंगामा DEO के लेटर की माने तो दोनों शिक्षक पिछले कई महीनों से लड़कियों ये शर्मनाक काम कर रहे थे। आरोपी शिक्षकों ने छात्राओं को हवस का शिकार बनाने के साथ ही उनका अश्लील वीडियो भी बना लिया था। जब ये अश्लील वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, तब घटना की जानकारी परिजनों और ग्रामीणों को हुई। परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया। स्कूल में पोस्टेड टीचर वीरेंद्र प्रसाद और अरविंद कुमार के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में छात्राओं से छेड़खानी, आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने और ऑडियो से धमकी देने जैसे आरोप थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने शिकायत पर खुद संज्ञान लिया। जांच के बाद दोनों शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने नाबालिग से होटल में किया रेप आरोपों में ये भी है कि एक शिक्षक एक नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर होटल के कमरे में ले गया। वहां उसने छात्रा के साथ गलत हरकत की। इसके बाद उसका वीडियो बनाया। उसने इस वीडियो सको वायरल भी कर दिया। हालांकि, इन आरोपों की पूरी सच्चाई पुलिस और विभागीय जांच के बाद ही सामने आएगी। मामले को लेकर क्षेत्र में काफी आक्रोश है। अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। अलग-अलग आदेश जारी कर किया गया निलंबित 31 अगस्त 2026 को डुमरांव के BEO के जरिए ग्रामीणों के आवेदन को जिला शिक्षा विभाग को भेजा गया था। इसके बाद जिला स्तर पर मामले की जांच कराई गई। प्रथम दृष्टया आरोप सही साबित होने पर दोनों शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है। 2 सितंबर को दोनों शिक्षकों के संबंध में अलग-अलग कार्यालय से आदेश जारी किए गए। निलंबन के दौरान वrरेन्द्र प्रसाद का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र राजपुर और अरविन्द कुमार का मुख्यालय प्रखंड संसाधन केंद्र चक्की किया गया है। विभागीय जांच में तय होगी आगे की कार्रवाई शिक्षा विभाग अब दोनों शिक्षकों के खिलाफ विभागीय जांच कराने की तैयारी में है। जांच के लिए संचालन पदाधिकारी और उपस्थापन पदाधिकारी की नियुक्ति अलग-अलग की जाएगी। जांच के दौरान आरोपों से जुड़े तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित पक्षों के बयान की जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। इसमें आरोप साबित होने पर सेवा से बर्खास्तगी जैसी कठोर कार्रवाई भी संभव है। विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ अब पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। पोल में हिस्सा लेकर खबर पर अपनी राय दीजिए… ग्रामीणों की ओर से दिया जाएगा आवेदन कृष्णाब्रह्म के थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की ओर से आवेदन तैयार किया जा रहा है। आवेदन मिलने के बाद मामले के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी। वीडियो, ऑडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास करेगी कि आपत्तिजनक वीडियो किस तरह बनाया गया और सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा। वीडियो के आधार पर छात्रा की पहचान हुई है। परिजनों और छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 10:02 am

फर्जीवाड़ा: गैरहाजिरी पर भी नहीं कटा वेतन, यूनिक आईडी में कर दिया खेल; शिक्षा विभाग ने किया गजब कारनामा

शिक्षा विभाग के बाबुओं की कारगुजारी, 20 कार्मिकों के कोड ही फर्जी दर्शाए

अमर उजाला 3 Sep 2026 9:41 am

सीजी: गोंडी में बच्चों से संवाद, डिजिटल शिक्षा पर जोर; शिक्षा मंत्री बोले- काउंसलिंग से मिलेगी भविष्य की दिशा

बीजापुर प्रवास के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने पुसनार पोटा केबिन आवासीय विद्यालय का निरीक्षण कर शैक्षणिक, भोजन, स्वच्छता और बच्चों की सुविधाओं की जानकारी ली।

अमर उजाला 3 Sep 2026 8:32 am

बालोद की बदहाली: शिक्षा विभाग नींद में, ग्रामीणों ने बना ली स्कूल की छत

भास्कर न्यूज | बालोद डौंडी ब्लॉक के ग्राम कांडे में ग्रामीणों ने एकता की मिसाल पेश की है। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते जब शासकीय प्राथमिक शाला की बदहाल छत बच्चों के लिए खतरा बनने लगी और जिम्मेदारों से गुहार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने तय किया कि अब किसी हादसे का इंतजार नहीं करेंगे। गांव में बैठक हुई और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल की बदहाल छत बदलने का फैसला लिया। इसके बाद हर घर से 600 से 700 रुपए तक चंदा जुटाया गया। करीब 3 लाख रुपए एकत्र होने के बाद छत की ढलाई और भवन की मरम्मत कराई गई। शाला समिति अध्यक्ष सीता राम चुरेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक शाला का भवन बदहाल स्थिति में था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार छत का प्लास्टर भी गिर चुका था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को उसी भवन में बैठाकर पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद ग्रामीण स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का प्लान बनाया गया। मांग करने के बावजूद जब विभाग, प्रशासन, शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने हार मानने की बजाय बच्चों की समस्या दूर करने सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। गांव में बैठक आयोजित कर स्कूल की बदहाल छत को हटाने और नई छत बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। किसी ने 600 रुपए तो किसी ने 700 रुपए दिए। इस तरह ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से करीब 3 लाख रुपए जुटाए गए। इसी राशि से बदहाल छत को हटवाकर नई सीमेंट शीट की छत लगाई गई। साथ ही भवन की अन्य जरूरी मरम्मत भी कराई गई। उद्घाटन हुआ: नई छत बनने व मरम्मत काम पूरा होने के बाद मंगलवार को उद्घाटन किया गया। ग्रामीण रोमन साहू ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे गांव के ही हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की है। जब लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी ने मिलकर जिम्मेदारी उठाई। ग्रामीणों की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर देना था।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जताई नाराजगी:625 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की रफ्तार धीमी, घोषणा हुई पर विज्ञापन नहीं आया

प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 625 पदों पर भर्ती की घोषणा के करीब एक साल बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सितंबर शुरू होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती में आ रही रुकावटें तत्काल दूर करने और अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। राज्य शासन ने पिछले साल शासकीय कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इनमें 625 पद सहायक प्राध्यापक और 75 पद ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी के हैं। घोषणा के बाद 2025 में ही वैकेंसी आने की संभावना थी, लेकिन आरक्षण रोस्टर व अन्य कारणों से भर्ती अटक गई। इस साल उच्च शिक्षा विभाग ने सीजीपीएससी को प्रस्ताव भी भेजा, फिर भी अब तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ। मंत्री वर्मा ने बुधवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर भर्ती की स्थिति जानी। उन्होंने 1 जुलाई 2026 की पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी बिंदुवार समीक्षा की। समय-सीमा वाले कार्यों में देरी पर प्रशासनिक ढिलाई दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का औचक निरीक्षण होगा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। समीक्षा बैठक में शासकीय कॉलेजों में स्नातक प्राचार्यों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने यह प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों के मामलों की जांच और उन पर अब तक की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। भास्कर इनसाइट भर्ती प्रस्ताव में इन 9 बिंदुओं पर थी आपत्ति शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल अप्रैल में प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को भेजा था। आयोग ने 9 बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कर प्रस्ताव लौटा दिया। सबसे प्रमुख आपत्ति स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को लेकर थी। यह शर्त यूजीसी रेगुलेशन-2018 के अनुरूप नहीं थी। इसके कारण नेट, सेट और पीएचडी उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी पिछली भर्ती में आवेदन से वंचित रह गए थे। यूजीसी नियमों में संशोधन के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग के भर्ती नियम में यह शर्त बनी हुई थी, जिसे 11 साल पहले जोड़ा गया था। इसके अलावा आरक्षण रोस्टर, दिव्यांगता श्रेणी का विवरण, सह-विषयों की स्पष्टता और आयु सीमा में छूट सहित अन्य बिंदुओं पर भी आपत्तियां थीं। इनके निराकरण के लिए समिति गठित की गई थी। अब आपत्तियों का निराकरण कर संशोधित प्रस्ताव आयोग को भेजने की तैयारी है। इसके बाद भर्ती विज्ञापन जारी होने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एनडीए की नई टीम की आहट: मंत्रालय फेंटे जाएंगे, शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट; 70 पार वाले निशाने पर?

एनडीए की नई टीम की आहट: मंत्रालय फेंटे जाएंगे, शिक्षा मंत्रालय हॉट सीट; 70 पार वाले निशाने पर?

अमर उजाला 3 Sep 2026 4:09 am

'शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं': जनजातीय छात्रों से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी; क्या हैं उनकी मांगें?

'शिक्षा अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं': जनजातीय छात्रों से मुलाकात कर बोले राहुल गांधी; क्या हैं उनकी मांगें?

अमर उजाला 3 Sep 2026 3:16 am

Dehradun News: समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन

समग्र शिक्षा गतिविधियों में नामांकन नहीं तो प्रधानाचार्य का रुकेगा वेतन

अमर उजाला 3 Sep 2026 2:22 am

Kanpur News: आईआईटी छात्रों को जापान में शिक्षा-शोध के अवसर बताए

आईआईटी कानपुर के स्टूडेंट्स प्लेसमेंट ऑफिस (एसपीओ) में गुरुवार को ग्लोबल साउथ–जापान टेक टैलेंट इंटर्नशिप (जीएस-जेटीआई) कॅरिअर समिट 2026 के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया।

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:55 am

Lalitpur News: जंगल में बसे गांव में रहकर शिक्षा दे रहे शिक्षक

मड़ावरा। प्रदेश की सीमा पर वनांचल में स्थित ग्राम लखंजर और बारई के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद सफल संचालन कर रहे हैं।

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:44 am

Bhiwani News: नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा

नवंबर में एचटेट की कमान खुद संभालेगा शिक्षा बोर्ड, कंपनी को कहा अलविदा

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:43 am

Kanpur News: शिक्षक दिवस पर अध्यापकों के साथ सम्मानित होंगे शिक्षामित्र व अनुदेशक

जनपद स्तर पर पांच सितंबर को आयोजित होने वाले शिक्षक सम्मान समारोह में इस बार अध्यापकों के साथ शिक्षण कार्य में बेहतर कार्य करने वाले शिक्षामित्र व अनुदेशक भी सम्मानित किए जाएंगे।

अमर उजाला 3 Sep 2026 1:36 am

नासिक में आदिवासी छात्रों से मिले राहुल गांधी, शिक्षा और छात्र कल्याण के मुद्दों पर सुनीं समस्याएं

राहुल गांधी नासिक में कांग्रेस के 'संगठन सृजन अभियान' के तहत आयोजित 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन सत्र में शामिल होने पहुंचे। इस प्रशिक्षण शिविर में महाराष्ट्र के 78 नव-नियुक्त जिला और शहर कांग्रेस अध्यक्षों को संगठनात्मक प्रशिक्षण दिया गया।

खास खबर 2 Sep 2026 11:38 pm

आय से 88 गुना ज्यादा संपत्ति का मालिक निकला करप्शन का 'किंग'; जिला शिक्षा अधिकारी के घर छापेमारी में मिले 8 लाख कैश

देश के सरकारी विभागों में जब भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो जाती हैं, तो किस स्तर पर घपले-घोटाले और अवैध उगाही का खेल चलता है, इसका एक ताजा और सबसे डरावना उदाहरण हाल ही में सामने आया है। शिक्षा विभाग जैसे पवित्र क्षेत्र में बैठकर नौनिहालों के भविष्य को आकार देने की जिम्मेदारी संभालने वाले एक जिला शिक्षा अधिकारी के काले कारनामों का खुलासा हुआ है। भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो और विजिलेंस विभाग की टीमों ने जब इस भ्रष्ट अधिकारी के ठिकानों पर एक साथ औचक छापेमारी की, तो वहां से जो नजारा देखने को मिला उसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए। सामान्य सी सैलरी पाने वाले इस अधिकारी के पास अकूत संपत्ति का ऐसा साम्राज्य खड़ा मिला, जिसकी कल्पना आम आदमी तो क्या, बड़े-बड़े उद्योगपति भी आसानी से नहीं कर सकते। कागजों पर साधारण जीवन जीने का दिखावा करने वाला यह बाबू और अधिकारी दरअसल पर्दे के पीछे से करोड़ों के साम्राज्य का मालिक बन बैठा था, जिसके कारनामों की गूंज अब पूरे प्रशासनिक गलियारों में सुनाई दे रही है।छापेमारी के दौरान खुला राज, घर से मिले 8 लाख नगद और आधा किलो सोनाविजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की टीमों द्वारा की गई इस लंबी और मैराथन छापेमारी के दौरान अधिकारी के आवास और ठिकानों से जो शुरुआती बरामदगी हुई, वह अपने आप में हैरान करने वाली थी। घर के कोने-कोने की तलाशी लेने पर अधिकारियों को बक्से और तिजोरियों से करीब आठ लाख रुपये की भारी-भरकम नगद राशि बरामद हुई। इसके साथ ही, जब लॉकरों और अलमारियों को खंगाला गया, तो वहां सोने के जेवरात और बिस्कुटों का ऐसा जखीरा मिला जिसका कुल वजन आधा किलो यानी पांच सौ ग्राम से भी अधिक आंका गया। इतनी बड़ी मात्रा में कैश और सोने की मौजूदगी इस बात का स्पष्ट प्रमाण थी कि यह सब अवैध रूप से जमा की गई काली कमाई का हिस्सा है। अधिकारी और उनके परिजन इस अकूत संपत्ति के संबंध में कोई भी संतोषजनक दस्तावेज या आय का वैध स्रोत मौके पर पेश करने में पूरी तरह असमर्थ रहे, जिससे साफ हो गया कि यह सारा धन पूरी तरह से घूसखोरी और भ्रष्टाचार की काली कमाई से जुटाया गया है।40 से अधिक संपत्तियां और मकान, कागजों पर फैला रखा था बेनामी प्रॉपर्टी का जालनगद और सोने के अलावा जब जांच अधिकारियों ने इस भ्रष्ट अधिकारी के नाम दर्ज और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेजों की फाइलें खंगालनी शुरू कीं, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शुरुआती और दस्तावेजों की पड़ताल में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया कि इस जिला शिक्षा अधिकारी ने अकेले अपने और अपने परिवार के नाम पर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कुल 40 से अधिक बेशकीमती संपत्तियां और मकान खरीद रखे हैं। कहीं बड़े-बड़े कमर्शियल प्लॉट हैं, तो कहीं आलीशान बहुमंजिला मकान और फ्लैट्स का एक पूरा जाल बिछा हुआ है। इन संपत्तियों को खरीदने के लिए जिन पैसों का इस्तेमाल किया गया था, वे सभी सरकारी नौकरी के वेतन से कोसों दूर थे। अधिकारी ने अपनी काले धन की कमाई को छिपाने के लिए अलग-अलग रिश्तेदारों और करीबियों के नाम पर फर्जी बेनामी संपत्तियां बना रखी थीं, ताकि किसी को कानोकान खबर न हो सके कि शिक्षा विभाग में बैठकर किस पैमाने पर सरकारी धन और घूस का खेल खेला जा रहा है।आय से 88 गुना अधिक संपत्ति का रिकॉर्ड तोड़ मामला, जानकर सन्न रह गए जांच अधिकारीमामले की गंभीरता को देखते हुए जब विजिलेंस विभाग ने इस अधिकारी की पूरी वैध आय और उसकी कुल संपत्ति का गणितीय आकलन (Asset vs Income Calculation) किया, तो जो आंकड़ा सामने आया उसने भ्रष्टाचार के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। जांच में यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया कि इस जिला शिक्षा अधिकारी के पास उसकी ज्ञात और वैध आय से लगभग 88 गुना अधिक अनुपातहीन संपत्ति (Disproportionate Assets) मौजूद है। किसी भी सरकारी सेवक के लिए अपनी नौकरी के पूरे कार्यकाल में मिलने वाले कुल वेतन और भत्तों की तुलना में 88 गुना अधिक संपत्ति जमा कर लेना यह बताता है कि उसने अपनी कुर्सी का इस्तेमाल जनता के कल्याण और शिक्षा के विकास के लिए नहीं, बल्कि अपनी तिजोरी भरने के लिए पूरी बेशर्मी से किया है। इस खुलासे के बाद से विभाग के भीतर हड़कंप मच गया है और यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने लंबे समय तक इस अधिकारी के काले कारनामों पर पर्दा कैसे पड़ा रहा और इसके संरक्षण में कौन-कौन लोग शामिल थे।कानूनी शिकंजा और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रशासनिक मोर्चे पर उठ रहे सख्त कदमइस बड़े खुलासे के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ औपचारिक रूप से मुकदमा दर्ज कर लिया है और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस अकूत संपत्ति के साम्राज्य में और कौन-कौन से रिश्तेदार, बिचौलिए या विभाग के अन्य भ्रष्ट कर्मचारी शामिल हैं, जिनकी मदद से यह अवैध नेटवर्क चलाया जा रहा था। कोर्ट के आदेश पर तमाम संपत्तियों के कागजों को जब्त कर लिया गया है और बैंक खातों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संदेश दे दिया है कि कानून के हाथ भले ही लंबे हों, लेकिन भ्रष्टाचारियों के लिए अब बच निकलना नामुमकिन होता जा रहा है। आम जनता और ईमानदार नागरिकों का मानना है कि ऐसे दागी अधिकारियों को केवल निलंबित करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि उनकी पूरी अवैध संपत्ति को जब्त कर उन्हें कठोरतम सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी अधिकारी शिक्षा के मंदिर को इस तरह कलंकित करने की हिम्मत न जुटा सके।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 11:03 pm

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी; शिक्षा विभाग और गूगल के बीच ऐतिहासिक एमओयू कल, डिजिटल ट्रेनिंग से मजबूत होगी शिक्षण क्षमता

बिहार की शिक्षा व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने और क्लासरूम की तस्वीर बदलने के लिए राज्य सरकार लगातार नए और क्रांतिकारी कदम उठा रही है। इसी कड़ी में आगामी पांच सितंबर यानी शिक्षक दिवस के पावन अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और मील का पत्थर साबित होने वाला समझौता होने जा रहा है। तकनीक की दुनिया की दिग्गज कंपनी गूगल और बिहार सरकार का शिक्षा विभाग मिलकर एक ऐसी पहल की शुरुआत करने जा रहे हैं जो प्रदेश के लाखों शिक्षकों और विद्यार्थियों का भविष्य पूरी तरह से बदल कर रख देगी। इस विशेष अवसर पर राज्य के शिक्षा मंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में एक आधिकारिक एमओयू यानी समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल टूल्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण पद्धतियों से लैस करना है, ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों के बच्चे आधुनिक युग की शिक्षा प्रणाली का पूरा लाभ उठा सकें।डिजिटल साक्षरता और आधुनिक क्लासरूम की जरूरत को पूरा करेगा गूगल का यह विशेष अभियानआज का दौर पूरी तरह से डिजिटल और तकनीकी नवाचारों का दौर बन चुका है, जहां ब्लैकबोर्ड और किताबों के साथ-साथ स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल माध्यमों की भूमिका बेहद अहम हो चुकी है। इस बात को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार ने यह महसूस किया कि जब तक राज्य का शिक्षक तकनीकी रूप से पूरी तरह मजबूत और सक्षम नहीं होगा, तब तक बच्चों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रसार सही मायने में नहीं पहुंच पाएगा। गूगल के साथ होने वाले इस एमओयू के जरिए शिक्षकों को गूगल के एडवांस एजुकेशनल टूल्स, जैसे कि गूगल क्लासरूम, डिजिटल लर्निंग रिसोर्सेज और ऑनलाइन ट्रेनिंग मॉड्यूल्स का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से शिक्षक न केवल अपनी पठन-पाठन की शैली को अधिक रोचक बना सकेंगे, बल्कि छात्रों की पंसद और उनकी सीखने की गति के अनुसार शिक्षण प्रक्रिया को भी कस्टमाइज करने में पूरी तरह माहिर हो जाएंगे। यह पहल डिजिटल डिवाइड को पाटने और सुदूर ग्रामीण अंचलों के बच्चों तक विश्वस्तरीय शिक्षण सामग्री पहुंचाने में एक बड़ा संबल बनेगी।शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में उठाया गया यह कदम राज्य के शिक्षकों के लिए होगा वरदानबिहार के शिक्षा मंत्री लगातार इस बात पर जोर देते आए हैं कि राज्य में शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए शिक्षकों का निरंतर कौशल विकास होना सबसे ज्यादा जरूरी है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए इस एमओयू को मूर्त रूप दिया गया है। पांच सितंबर को होने वाले इस कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और शिक्षा जगत से जुड़े दिग्गज लोग भी विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। सरकार का यह प्रयास है कि शिक्षकों को पारंपरिक प्रशिक्षण के दायरे से बाहर निकालकर वैश्विक स्तर की तकनीकी विशेषज्ञता से जोड़ा जाए। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत शिक्षकों को बिना किसी अतिरिक्त जटिलता के डिजिटल टूल्स का उपयोग करने के गुर सिखाए जाएंगे, जिससे वे अपने रोजमर्रा के पाठों को विजुअल और इंटरैक्टिव बना सकें। इससे क्लासरूम में बच्चों की उपस्थिति और उनकी पढ़ाई के प्रति रुचि में भारी इजाफा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।कैसे बदलेगी बिहार के सरकारी स्कूलों की तस्वीर और छात्रों को मिलेगा इसका क्या फायदाजब एक शिक्षक तकनीकी रूप से दक्ष हो जाता है, तो उसका सीधा असर उसके पढ़ाने के तरीके और छात्रों के सीखने के परिणामों पर दिखाई देता है। इस एमओयू के धरातल पर उतरने के बाद बिहार के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले करोड़ों छात्र भी अप्रत्यक्ष रूप से सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। बच्चों को जटिल से जटिल विषयों को समझने के लिए एनिमेशन, डिजिटल ग्राफिक्स और इंटरैक्टिव वीडियो का सहारा मिलेगा, जिससे रटने की प्रवृत्ति कम होगी और कॉन्सेप्ट्स ज्यादा स्पष्ट होंगे। इसके साथ ही, शिक्षकों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी जहाँ उन्हें ऑनलाइन मूल्यांकन तकनीक और डेटा-ड्रिवन टीचिंग के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। यह कदम न केवल शिक्षकों के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार के स्कूली शिक्षा ढांचे की एक नई और आधुनिक छवि को भी स्थापित करेगा।उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम, शिक्षा दिवस पर राज्य को मिलने जा रहा है अनमोल उपहारशिक्षक दिवस के मौके पर होने जा रहा यह समझौता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं है और वह अपने शिक्षकों तथा छात्रों को सर्वोत्तम संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस ऐतिहासिक पहल से यह साबित होता है कि सुदूर गांवों में पढ़ने वाला एक सामान्य छात्र भी अब दुनिया की आधुनिकतम तकनीकों के माध्यम से शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। एमओयू साइन होने के तुरंत बाद से ही इसके क्रियान्वयन की कार्ययोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का विशाल अभियान चलाया जाएगा। बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से यह न केवल एक तकनीकी बदलाव है, बल्कि यह एक नए और सशक्त युग का सूत्रपात है, जो आने वाले समय में राज्य के नौनिहालों के सुनहरे भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 2 Sep 2026 10:52 pm

जबलपुर बनेगा तकनीकी शिक्षा का नया केंद्र, छह विश्वविद्यालयों से जुड़ेगा चार संभागों का भविष्य

अब तकनीकी पढ़ाई के लिए महाकोशल-विध्य और बुंदेलखंड के विद्यार्थियों को भोपाल के चक्कर नहीं काटने होंगे। प्रवेश, परीक्षा से लेकर शोध के सारे कार्य जबलपुर में भी होंगे। इससे स्थानीय रोजगार बढ़ेगा और दूर-दूर से विद्यार्थी अध्ययन करने के लिए पहुंचेंगे। इन्फ्रास्ट्रक्चर भी बढ़ेंगा।

दैनिक जागरण 2 Sep 2026 10:28 pm

मोगा में महिलाओं के लिए डिजाइन वर्कशॉप शुरू:30 प्रशिक्षार्थियों को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग मिलेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे

मोगा में युवाओं और कारीगरों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला रोजगार, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग ने हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर, होशियारपुर के सहयोग से गांव घोलिया कलां में एक महीने की डिजाइन डेवलपमेंट वर्कशॉप शुरू की है। इसमें 30 महिला प्रशिक्षार्थियों को क्रोशिया सॉफ्ट टॉयज बनाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय की ओर से स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए देश के 100 जिलों में ‘चौपाल प्रोग्राम’ चलाया जा रहा है। इसके तहत स्थानीय कारीगरों की पहचान कर उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने पर जोर दिया जा रहा है। मोगा में भी कई गांवों में चौपाल कार्यक्रम आयोजित कर कारीगरों के आर्टिसन कार्ड बनाए गए हैं। DC बोलें- वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को हुनरमंद बनाना घोलिया कलां में शुरू हुई वर्कशॉप में महिलाओं को नए डिजाइन तैयार करने, उत्पादों की गुणवत्ता और आकर्षण बढ़ाने, सोशल मीडिया मार्केटिंग तथा तैयार सामान को बाजार तक पहुंचाने की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण मशहूर डिजाइनर आशीष श्रीवास्तव देंगे। डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने बताया कि वर्कशॉप का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों को बाजार की मांग के अनुरूप हुनरमंद बनाना और उनके लिए स्वरोजगार व आय के नए अवसर पैदा करना है। इस मौके पर जिला रोजगार कार्यालय के करियर काउंसलर बलराज सिंह, हैंडीक्राफ्ट सर्विस सेंटर के केशव, सरपंच एकमप्रीत सिंह, सुकृति मलिक और राउंड ग्लास फाउंडेशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 8:47 pm

दरभंगा में डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने वाले प्रशांत को मिलेगा राजकीय पुरस्कार

शिक्षक कुमार प्रशांत को बच्चों को प्रयोग और डिजिटल तकनीक से पढ़ाने के लिए राजकीय शिक्षक सम्मान-2026 मिलेगा। उन्होंने दरभंगा में वैज्ञानिक सोच और नवाचार को बढ़ावा दिया, जिससे छात्रों ने राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाई।

जागरण 2 Sep 2026 8:13 pm

सरकारी स्कूल का टीचर किताबें कबाड़ी को बेच रहा था:ग्रामीणों ने टैक्सी सहित पकड़ा, शिक्षा विभाग बोला- जांच कराएंगे

शिवपुरी जिले के नरवर ब्लॉक के टोरियाखुर्द गांव के सरकारी स्कूल की पुरानी किताबें कबाड़ में भेजे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने स्कूल के शिक्षक हरनाथ मौर्य को टैक्सी में किताबें भरकर ले जाते हुए रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 5 क्विंटल किताबें कबाड़ में बेचने के लिए ले जाई जा रही थीं। वहीं टीचर का कहना है कि किताबें विभाग की मंजूरी के बाद कबाड़ी को दी जा रही थीं। लोगों ने बताया कि स्कूल से करीब 5 क्विंटल पुरानी किताबें टैक्सी में भरकर ले जाई जा रही थीं। जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर टैक्सी रोक ली। ये सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाने वाली किताबें थीं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किताबों को हटाने और कबाड़ में देने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई थी या नहीं। शिक्षक बोले- जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा था प्रस्ताव शिक्षक हरनाथ मौर्य ने बताया कि पुरानी किताबों को हटाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव को प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव मंजूर होने के बाद ही कबाड़ी को बुलाकर पुरानी किताबें दी जा रही थीं। ग्रामीणों के विरोध के बाद किताबों को वापस स्कूल में रखवा दिया गया। DPC बोले- मंजूरी मिली होती तो जानकारी होती इस मामले में डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने कहा कि माध्यमिक विद्यालय की पुरानी किताबों को इस तरह हटाने या बेचने की कोई मंजूरी मिली होती तो उन्हें इसकी जानकारी होती। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। डीपीसी ने बताया कि गुरुवार को बीआरसी को विद्यालय भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी और जांच प्रतिवेदन तैयार कराया जाएगा। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 8:05 pm

कटिहार में 21 शिक्षकों ने दूसरे जिले से लगाई हाजिरी:ई-शिक्षा कोश पोर्टल से हुआ खुलासा, सभी को नोटिस; जवाब गलत मिला तो होगी कार्रवाई

कटिहार जिले में डिजिटल हाजिरी व्यवस्था में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच में 21 ऐसे शिक्षकों की पहचान हुई है, जिन्होंने अपने स्कूल में मौजूद नहीं रहने के बावजूद दूसरे जिले या दूसरे राज्य में रहते हुए डिजिटल तरीके से हाजिरी दर्ज की। मामले में जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही है। बिहार में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ और डिजिटल अटेंडेंस की व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शिक्षकों को स्कूल परिसर में मौजूद रहकर ही ई-शिक्षा कोश पोर्टल के माध्यम से अपनी डिजिटल हाजिरी दर्ज करनी होती है। पिछले महीने के आंकड़ों की जांच में सामने आई गड़बड़ी कटिहार में ई-शिक्षा कोश पोर्टल के पिछले महीने के आंकड़ों की जांच की गई। इस दौरान पता चला कि कुछ शिक्षक अपने निर्धारित स्कूल में मौजूद नहीं थे, इसके बावजूद उनकी डिजिटल हाजिरी दर्ज थी। जांच में ऐसे शिक्षक भी मिले, जो हाजिरी के समय दूसरे जिले और यहां तक कि दूसरे राज्य में मौजूद थे। 21 स्कूलों के 21 शिक्षक चिन्हित जांच के बाद जिले के करीब 21 स्कूलों के 21 शिक्षकों को चिन्हित किया गया है। विभाग की ओर से सभी संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीएम बोले- जवाब सही नहीं मिला तो होगी कार्रवाई जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि संबंधित शिक्षकों से मांगे गए जवाब की जांच की जाएगी। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो संबंधित शिक्षकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल निगरानी के बावजूद फर्जी हाजिरी पर सवाल सरकार और शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने और शिक्षकों की जवाबदेही तय करने के लिए डिजिटल निगरानी समेत कई कदम उठा रहे हैं। ऐसे में डिजिटल व्यवस्था का ही गलत इस्तेमाल कर हाजिरी दर्ज किए जाने का मामला इन प्रयासों पर सवाल खड़े करता है। अब विभाग की जांच और संबंधित शिक्षकों के जवाब के बाद यह स्पष्ट होगा कि इन मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 6:52 pm

करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी थी:बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी अफसोस; जानिए कपूर फैमिली में कौन कितना पढ़ा-लिखा

एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने हाल ही में बताया कि उन्होंने क्लास 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़कर फिल्मों में काम करना शुरू कर दिया था। हनुमान दास के यूट्यूब चैनल में बातचीत में करीना ने कहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की, जिसका अफसोस उन्हें सफलता मिलने के बाद भी रहा। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की और यह बात मेरे साथ बनी रही। मुझे मौका मिला था, लेकिन फिल्मों में आ गई और क्लास 11 के बाद आगे पढ़ाई नहीं की।” करीना ने माना कि लोग उनके पढ़ाई छोड़ने के फैसले पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन वह एक्ट्रेस के तौर पर खुद को साबित करना चाहती थीं। उन्होंने कहा कि वह अपने दिल की सुनकर आगे बढ़ना चाहती थीं। करीना ने साफ कहा कि शिक्षा पूरी न करना आज भी उनके लिए पछतावे की बात है। उन्होंने कहा, “एजुकेशन ऐसी चीज है, जिसे पूरा न करने का मुझे अफसोस है।” बच्चों को पहले पढ़ाई पूरी करने की सलाह दी करीना ने बताया कि उनके अपने अनुभव का असर इस बात पर भी पड़ा है कि वह अपने बेटों की परवरिश किस तरह करती हैं। वह चाहती हैं कि तैमूर और जेह अपनी पसंद के क्षेत्र में आगे बढ़ें, लेकिन उससे पहले अपनी शिक्षा पूरी करें। उन्होंने कहा, “इसीलिए मैंने अपने बेटों पर पहले अपनी शिक्षा पूरी करने और फिर अपने दिल की सुनने के लिए जोर दिया है।” बता दें कि करीना कपूर की शुरुआती पढ़ाई मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल और देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल से हुई थी इसके बाद उन्होंने मुंबई के मीठीबाई कॉलेज में कॉमर्स की पढ़ाई की। हालांकि, उन्होंने कॉलेज की डिग्री पूरी नहीं की। करीना ने हार्वर्ड समर स्कूल से माइक्रो कंप्यूटर का तीन महीने का कोर्स भी किया था। इसके बाद उन्होंने मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में दाखिला लिया। लेकिन एक्टिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। करीना शिक्षा के लिए काम करती हैं करीना ने बताया कि भारत में युवा लड़कियों की शिक्षा को सपोर्ट करने के लिए UNICEF से जुड़ने की एक वजह उनका अपना अनुभव भी है। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा यह अफसोस रहा कि उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की थी। करीना 2014 से UNICEF इंडिया से जुड़ी हुई हैं और लड़कियों की शिक्षा, जेंडर इक्वालिटी और बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए काम कर रही हैं। करीना के वर्कफ्रंट की बात करें तो वो आखिरी बार फिल्म सिंघम अगेन (2024) में नजर आई थीं। वहीं वो जल्द मेघना गुलजार द्वारा निर्देशित फिल्म दायरा में दिखाई देंगी। दायरा में करीना एक पुलिस अधिकारी की भूमिका में नजर आएंगी। दायरा 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। …………….. करीना से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… करीना कपूर ने प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर रिएक्शन दिया:फूले पेट की तस्वीर शेयर की, पैपराजी से बोलीं- ‘तुम लोग पागल कर देते हो’ करीना कपूर खान ने हाल ह में अपनी प्रेग्नेंसी की अफवाहों पर मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था। करीना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर मेकअप आर्टिस्ट मितेश राजानी की एक तस्वीर शेयर की थी, जिसमें वो अपना फूला हुआ पेट दिखा रहे हैं। पोस्ट के बैकग्राउंड में फिल्म ‘हम आपके हैं कौन..!’ का गाना ‘चॉकलेट लाइम जूस’ चल रहा था और इसके साथ हंसने वाले और पिज्जा वाले इमोजी लगाए गए थे। पूरी खबर यहां पढ़ें…

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 4:56 pm

बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार दे रही योगी सरकार, कस्तूरबा विद्यालयों के कायाकल्प के लिए 101.49 करोड़ जारी

Lucknow, 2 सितंबर . उत्तर प्रदेश के Chief Minister योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश Government ने बेटियों की शिक्षा को मजबूत आधार देने की दिशा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के आधारभूत ढांचे को नई ताकत देने का बड़ा कदम उठाया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में 101.49 करोड़ रुपए की धनराशि जारी कर इन ... Read more

डेली किरण 2 Sep 2026 4:49 pm

कैंसर पीड़ित शिक्षकों को नहीं मिला तबादला, उत्तराखंड में शिक्षा विभाग पर सवाल

शिक्षा विभाग के पारदर्शिता के दावों के बावजूद, उत्तराखंड में कैंसर पीड़ित शिक्षकों और उनके परिजनों को तबादला नहीं मिल पा रहा है।

जागरण 2 Sep 2026 4:04 pm

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में ड्राइवर समेत 56 पदों पर भर्ती का अवसर, 18 सितंबर तक करें आवेदन

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में नौकरी करने के इच्छुक लोगों के लिए एक खास मौका सामने आया है।

खास खबर 2 Sep 2026 3:46 pm

कृत्रिम मेधा के युग में उच्च शिक्षा में समयानुकूल परिवर्तन की आवश्यकता

कृत्रिममेधाकेयुगमेंउच्चशिक्षामेंसमयानुकूलपरिवर्तन The post कृत्रिममेधाकेयुगमेंउच्चशिक्षामेंसमयानुकूलपरिवर्तनकीआवश्यकता appeared first on प्रवक्‍ता.कॉम - Pravakta.Com .

प्रवक्ता 2 Sep 2026 3:06 pm

UKSSSC Group C Recruitment 2026: उत्तराखंड में ग्रुप-सी के पदों पर आवेदन इस दिन से शुरू, 12वीं पास करें आवेदन

pc: jagran उत्तराखंड में सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए ज़रूरी खबर है। उत्तराखंड सबऑर्डिनेट सर्विस सिलेक्शन कमीशन (UKSSSC) ने ग्रुप C के अलग-अलग पोस्ट पर भर्ती के लिए एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, कुल 553 वैकेंसी के लिए एप्लीकेशन 8 सितंबर, 2026 से शुरू होंगे। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स 7 अक्टूबर, 2026 तक अपनी एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें एप्लीकेशन शुरू: 8 सितंबर, 2026 अप्लाई करने की आखिरी तारीख: 7 अक्टूबर, 2026 एप्लीकेशन करेक्शन विंडो: 2 अक्टूबर से 14 अक्टूबर, 2026 उम्र सीमा कैंडिडेट्स की उम्र 1 जुलाई, 2026 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। एप्लीकेंट्स की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए, जबकि ज़्यादा से ज़्यादा उम्र 42 साल है। रिज़र्व कैटेगरी के कैंडिडेट्स को लागू नियमों के मुताबिक ऊपरी उम्र सीमा में छूट मिलेगी। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन ग्रुप C के अलग-अलग पोस्ट के लिए अप्लाई करने वाले कैंडिडेट्स ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूशन से क्लास 12 पास की हो। बेसिक एजुकेशनल क्वालिफिकेशन के अलावा, एप्लिकेंट्स को संबंधित पोस्ट के लिए तय खास एलिजिबिलिटी की शर्तों को भी पूरा करना होगा। एग्जाम पैटर्न रिक्रूटमेंट प्रोसेस में एक रिटन एग्जाम होगा जिसमें संबंधित पोस्ट से जुड़े मल्टीपल-चॉइस सवाल होंगे। एग्जाम कुल 100 मार्क्स का होगा और कैंडिडेट्स को इसे पूरा करने के लिए दो घंटे का समय दिया जाएगा। रिटन एग्जाम के लिए क्वालिफाई करने के लिए, अनरिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को कम से कम 45 परसेंट मार्क्स लाने होंगे, जबकि रिज़र्व्ड कैटेगरी के कैंडिडेट्स को कम से कम 35 परसेंट मार्क्स लाने होंगे।

राजस्थान खबरे 2 Sep 2026 2:02 pm

ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती, विदिशा के सरकारी स्कूलों में 438 प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति

मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद जगी है, जहां चयन परीक्षा-2025 के परिणाम के आधार पर प्राथमिक शिक्षकों के पद पर 438 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की गई है।

दैनिक जागरण 2 Sep 2026 1:49 pm

IAS की नौकरी छोड़ी, यूट्यूब से शुरूआत, अब बिक गई Unacademy 

कभी यूट्यूब चैनल के जरिए पढ़ाने और सीखने का सफर शुरू करने वाली अनएकेडमी अब एक बड़ी डील का हिस्सा बन चुकी है. अपग्रेड ने Unacademy को करीब 200 मिलियन डॉलर में खरीद लिया है. दिलचस्प बात यह है कि जिस प्लेटफॉर्म ने एडटेक की दुनिया में अपनी पहचान बनाई, उसकी शुरुआत किसी बड़े ऑफिस या भारी निवेश से नहीं बल्कि एक यूट्यूब चैनल से हुई थी.

आज तक 2 Sep 2026 12:01 pm

जेकेएसएसबी एमटीएस भर्ती 2026: 8वीं और 10वीं पास के लिए 2863 नौकरियां, अभी भरें फॉर्म; कैसे होगा चयन? जानें

जम्मू-कश्मीर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जेकेएसएसबी ने एमटीएस भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत कक्षा IV के 2,863 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

अमर उजाला 2 Sep 2026 11:52 am

एग्जाम टिप्स: यूपीएससी सीडीएस-II परीक्षा में दो हफ्ते से भी कम समय बाकी, तैयारी के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स

यूपीएससी सीडीएस-II परीक्षा में अब दो हफ्ते से भी कम समय बचा है। ऐसे में उम्मीदवारों को नया पढ़ने के बजाय अब तक पढ़े हुए टॉपिक्स का रिवीजन और मॉक टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए।

अमर उजाला 2 Sep 2026 11:44 am

आंध्र प्रदेश के इस सरकारी स्कूल में पढ़ता है सिर्फ एक छात्र!

आंध्र प्रदेश में एक ऐसा स्कूल है जहां केवल एक बच्चे के लिए स्कूल खुलाता है, मिड डे मील बनता है और साफ-सफाई की व्यव्सथा भी अच्छी होती है. हालांकि, पिछले साल स्कूल में दो छात्र थे लेकिन कक्षा 2 तक पढ़ाई होने की वजह से उसे दूसरे स्कूल में एडमिशन लेना पड़ा.

आज तक 2 Sep 2026 11:23 am

10 लाख ज्यादा सैलरी लेकिन फिर भी कोई बचत नहीं! रहना आसान नहीं    

अच्छी नौकरी और ज्यादा सैलरी मिलने पर अक्सर लोग इसे आर्थिक तरक्की से जोड़कर देखते हैं लेकिन अगर नौकरी के लिए दूसरे शहर में जाना पड़े तो सिर्फ पैकेज बढ़ने से बचत भी बढ़े, यह जरूरी नहीं है. बेंगलुरु में काम करने वाले टेक प्रोफेशनल के एक विश्लेषण में इसी बात पर ध्यान दिलाया गया है.

आज तक 2 Sep 2026 10:28 am

मुंबई के American School of Bombay की फीस और शिक्षा प्रणाली का विस्तृत विश्लेषण

American School of Bombay, मुंबई में एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय स्कूल है, जो Pre-K से Grade 12 तक की शिक्षा प्रदान करता है। इसकी फीस संरचना और शिक्षा प्रणाली को समझना महत्वपूर्ण है, खासकर उन परिवारों के लिए जो अपने बच्चों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा दिलाना चाहते हैं। इस लेख में, हम ASB की फीस, एडमिशन प्रक्रिया और शिक्षा के तरीकों पर चर्चा करेंगे, जिससे आपको इस स्कूल के बारे में बेहतर जानकारी मिलेगी।

नौकरी नामा 2 Sep 2026 9:26 am

लापरवाही पर 6 खंड शिक्षा अधिकारियों का वेतन रोका:डीएम ने बेसिक शिक्षा विभाग की समीक्षा की; बीडीओ 20 स्कूलों का करेंगे औचक निरीक्षण

देवरिया डीएम मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार शाम 8 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़ी जिला टास्क फोर्स, शिक्षा समिति, प्रोजेक्ट अलंकार और आईजीआरएस की मीटिंग की। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की हाजिरी, डिजिटल अटेंडेंस, जरूरी सुविधाओं और छात्रों के लिए बनी योजनाओं की प्रगति के बारे में जानकारी ली। काम में लापरवाही मिलने पर खंड शिक्षा अधिकारी अर्बन, गौरी बाजार, रामपुर कारखाना, बनकटा, पथरदेवा और बरहज का एक दिन का वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि हर शिक्षक की हाजिरी ऑनलाइन टैबलेट से जरूर दर्ज की जाए और डिजिटल अटेंडेंस पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को 20-20 स्कूलों का अचानक निरीक्षण करने को कहा। निरीक्षण में पढ़ाई-लिखाई, शिक्षकों की हाजिरी और स्कूलों में मौजूद जरूरी सुविधाओं की हालत देखने को कहा गया। बिना मान्यता वाले स्कूलों को बंद कराने के लिए भी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि स्कूलों का निरीक्षण सिर्फ खानापूर्ति न हो। इसका असर पढ़ाई-लिखाई, नामांकन और छात्रों की नियमित हाजिरी में दिखना चाहिए। निपुण भारत मिशन के तहत कक्षा एक से तीन तक के बच्चों में मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान बढ़ाने के लिए लगातार मूल्यांकन और उसके हिसाब से शिक्षण गतिविधियां चलाने पर जोर दिया गया। मीटिंग में सीडीओ राजेश कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामजीयावन मौर्य, खंड शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, जिला समन्वयक, एसआरजी, एआरपी समेत संबंधित अधिकारी शामिल रहे।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 9:09 am

रायपुर में पांच सितंबर को 68 शिक्षकों को किया जाएगा सम्मानित, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री रहेंगे मौजूद

शिक्षक दिवस के अवसर पर पांच सितंबर को प्रदेश के 68 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।

दैनिक जागरण 2 Sep 2026 8:13 am

नई शिक्षा नीति: पॉलिटेक्निक विद्यार्थियों का अब अंकों के बजाय ग्रेड से होगा मूल्यांकन

हिमाचल प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब विद्यार्थियों को पारंपरिक तरीके से अंकों के बजाय ग्रेड दिए जाएंगे। नई शिक्षा नीति के अनुरूप तकनीकी शिक्षा में मूल्यांकन प्रणाली को बदला गया है।

अमर उजाला 2 Sep 2026 7:00 am

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर प्रतिदिन एमडीएम से लाभान्वित बच्चों की संख्या दर्ज करें

सदर प्रखंड के प्रखंड कॉलोनी स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सदर प्रखंड के एमडीएम प्रभारी अवध किशोर प्रसाद ने की। इसमें प्रखंड क्षेत्र के प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए एमडीएम प्रभारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि विद्यालय में मध्याह्न भोजन से प्रतिदिन लाभान्वित होने वाले बच्चों की संख्या दोपहर 12 बजे तक हर हाल में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में एनजीओ के माध्यम से मध्याह्न भोजन का संचालन हो रहा है, वहां के विद्यालय प्रधान भी प्रतिदिन पोर्टल पर लाभान्वित बच्चों की संख्या अनिवार्य रूप से अपलोड करें। इससे एमडीएम संचालन में पारदर्शिता और नियमितता बनी रहेगी। बैठक में विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और मध्याह्न भोजन की महत्ता पर भी विशेष चर्चा की गई। एमडीएम प्रभारी ने विद्यालयों में आयरन एवं फोलिक एसिड की गोलियों के वितरण तथा उसकी प्रविष्टि को बेहतर तरीके से दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आयरन एवं फोलिक एसिड वितरण से संबंधित रिपोर्ट प्रत्येक माह की 7 तारीख तक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर दर्ज करना सुनिश्चित करें। अवध किशोर प्रसाद ने स्पष्ट किया कि रसोइया का पे आईडी बनने के बाद ही उसके वेतन का भुगतान किया जाएगा। इसी तरह एमडीएम संचालन के लिए संबंधित वेंडर का भी पे आईडी बनना आवश्यक है। पे आईडी बनने के बाद ही वेंडर को भुगतान किया जाएगा। बैठक में प्रधान शिक्षक जतिन कुमार, आनंदी प्रसाद, चंदन कुमार, जितेंद्र कुमार, संजीत कुमार, अविनाश कुमार, मो. तारिक हसन, मीर जकी, शैला कुमारी, निकिता भारती सहित कई प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 6:25 am

साहित्य अकादमी भर्ती: स्टेनोग्राफर, जूनियर क्लर्क समेत सभी पदों के लिए बढ़ी आवेदन तिथि, क्या है आखिरी तारीख?

साहित्य अकादमी ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। स्टेनोग्राफर, जूनियर क्लर्क, एमटीएस समेत अन्य पदों के लिए अब उम्मीदवार समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

अमर उजाला 2 Sep 2026 6:00 am

शिक्षा विभाग में 4 महीने में 5 IAS ऑफिसर बदले:दो महीने में हटाए गए गुंजियाल, क्या शिक्षा मंत्री की अफसरों से नहीं बन रही

15 अप्रैल 2026 को मिथिलेश तिवारी बिहार के शिक्षा मंत्री बने। इसके बाद 4 महीने में शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव, सचिव और निदेशक स्तर के 5 IAS अधिकारी बदले गए। सीनियर अधिकारियों को हटाकर, जूनियर ऑफिसर को बड़ी जिम्मेदारी दी गई। 28 अगस्त 2026 को 2015 बैच के IAS अधिकारी सज्जन राजशेखर को हटाकर 2018 बैच के IAS अधिकारी नितिन कुमार सिंह को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाया गया। वह वेटिंग फॉर पोस्टिंग में थे। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में पढ़िए, मिथिलेश तिवारी के शिक्षा मंत्री बनने के बाद किन IAS अधिकारियों को बदला गया। शिक्षा विभाग में क्यों इतने अधिक तबादले हुए? सीनियर अधिकारियों को हटाकर जूनियर को दी गई जिम्मेदारी बीते चार महीने में शिक्षा विभाग में 5 IAS अधिकारी बदले गए। सीनियर अधिकारियों को विदाई देकर जूनियर अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। सियासी गलियारों और विभाग में चर्चा है कि शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी अपनी प्राथमिकताओं के मुताबिक अधिकारियों की नई टीम तैयार कर रहे हैं। ऐसे अधिकारी ला रहे हैं जिनके साथ बेहतर तालमेल हो और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े फैसलों को तेजी से लागू कराया जा सके। 15 अप्रैल के बाद शुरू हुआ बदलाव का दौर मिथिलेश तिवारी ने 15 अप्रैल 2026 को शिक्षा मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद से शिक्षा विभाग में प्रशासनिक स्तर पर लगातार बदलाव हुए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से भी शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए मंत्री को काम करने की आजादी मिलने की बात कही गई है। मिथिलेश तिवारी खुले हाथ से काम कर रहें हैं। शिक्षा व्यवस्था में सुधारों को लागू करने के लिए मंत्री और अधिकारियों के बीच तालमेल जरूरी है। पिछले चार महीने में अधिकारियों के लगातार बदलाव ने इसी तालमेल को लेकर चर्चा शुरू की है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या अधिकारियों के साथ मंत्री की नहीं बन रही है? शिक्षा विभाग से हटाए गए 5 IAS अधिकारी 1. IAS डॉ. बी राजेंद्र; एस. सिद्धार्थ की जगह मिला था पद 30 अगस्त 2025 को आईएएस एस. सिद्धार्थ की जगह डॉ. बी राजेंद्र शिक्षा विभाग में ACS बने थे। सिद्धार्थ शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव थे। करीब एक साल दो महीने तक उन्होंने विभाग की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान काम करने के तरीके के चलते चर्चा में रहे। 2. विनोद सिंह गुंजियाल; दो महीने रहे शिक्षा विभाग के सचिव IAS विनोद सिंह गुंजियाल 15 मई 2026 को शिक्षा विभाग के सचिव बनाए गए थे। उनकी जिम्मेदारी में विभाग के प्रशासनिक कामकाज को आगे बढ़ाना, सरकार की प्राथमिकताओं के मुताबिक फैसलों को लागू कराना और विभाग के अलग-अलग स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखना शामिल था। शिक्षा सचिव के पद पर उनका कार्यकाल लंबा नहीं रहा। करीब 60 दिन बाद ही जुलाई में शिक्षा विभाग की कमान 2010 बैच के IAS अधिकारी राजीव रौशन को सौंप दी गई। 3. आईएएस आनंद किशोर; BSEB अध्यक्ष पद से हटाए गए 18 जून 2026 की रात IAS आनंद किशोर को BSEB (बिहार विद्यालय परीक्षा समिति) के अध्यक्ष पद से हटाया गया। चर्चा है कि मंत्री और आनंद किशोर के बीच नहीं बनती थी। 4. आईएएस सज्जन राजशेखर; मंत्री के साथ नहीं बन रही थी सहमति 28 अगस्त 2026 को 2015 बैच के IAS अधिकारी सज्जन राजशेखर को माध्यमिक शिक्षा निदेशक पद से हटाया गया। वह 8 अक्टूबर 2025 से इस पद पर थे। 5. IAS विक्रम विरकर; खगड़िया के डीएम बनाए गए 18 जून को बिहार कैडर के 2019 बैच के आईएएस अधिकारी विक्रम विरकर का तबादला किया गया। वह दिसंबर 2025 में प्राथमिक शिक्षा निदेशक बने थे। विक्रम को खगड़िया का डीएम बनाया गया है। इन अधिकारियों को मिली शिक्षा विभाग में जिम्मेदारी 1. आईएएस डॉ. त्यागराजन; बनाए गए BSEB अध्यक्ष 2011 बैच के IAS अधिकारी डॉ. त्यागराजन 18 जून 2026 को मिथिलेश तिवारी की टीम का हिस्सा बने। उन्होंने 20 जून 2026 को BSEB अध्यक्ष पद संभाला। मूल रूप से तमिलनाडु के कोयंबटूर के रहने वाले त्यागराजन ने 2008 में MBBS की पढ़ाई पूरी की है। 2010 में IPS चुने गए और ओडिशा कैडर में सेवा दी। 2011 में दोबारा UPSC परीक्षा पास कर IAS बने और बिहार कैडर हासिल की। 2. IAS राजीव रौशन; शिक्षा मंत्री के एजेंडे को जमीन पर उतारने की चुनौती शिक्षा विभाग में 2010 बैच के IAS अधिकारी राजीव रौशन की जिम्मेदारी बढ़ाई गई। वह उच्च शिक्षा के सचिव रहे हैं। अब शिक्षा विभाग की भी जिम्मेदारी दी गई है। इनके सामने शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के सुधार एजेंडे को जमीन पर लागू कराने की बड़ी चुनौती है। 3. IAS धर्मेंद्र कुमार, शिक्षा मंत्री के साथ है अच्छा तालमेल 2013 बैच के IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार शिक्षा विभाग में विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। धर्मेंद्र विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इनमें बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (BMSICL) के प्रबंध निदेशक (MD) और नगर विकास एवं आवास विभाग में अपर सचिव जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। विभागीय स्तर पर माना जाता है कि शिक्षा मंत्री के साथ उनका तालमेल बेहतर है। शिक्षा सचिव की गैरमौजूदगी में विभागीय कामकाज को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहती है। अब सबसे बड़ा सवाल; इतने IAS अधिकारी क्यों बदले गए? विभागीय सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारियों के काम करने के तरीके और मंत्री की प्राथमिकताओं के बीच अंतर रहा है। खासकर शिक्षक ट्रांसफर, स्कूलों में सुविधाएं और कुछ नीतिगत फैसलों को लेकर अलग-अलग स्तर पर सहमति की कमी की बात सामने आती रही। यही कारण है कि मंत्री अब ऐसे अधिकारियों के साथ काम करना चाहते हैं, जिनके साथ उनकी कार्यशैली और प्राथमिकताओं का बेहतर तालमेल हो। शिक्षा विभाग में पिछले चार महीने में सीनियर अधिकारियों को हटाकर जूनियर अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। डॉ. बी. राजेंद्र और आनंद किशोर जैसे सीनियर अधिकारियों की महत्वपूर्ण पदों से विदाई हुई। 2018 बैच के नितिन कुमार सिंह जैसे अपेक्षाकृत युवा IAS अधिकारी को माध्यमिक शिक्षा निदेशक जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई। यानी शिक्षा विभाग में वरिष्ठता के साथ-साथ मंत्री के भरोसे और काम करने के तालमेल को भी महत्व मिलता दिखाई दे रहा है।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:36 am

संगठन की मजबूती और संस्कारयुक्त शिक्षा पर मंथन, चार सत्रों में बनी वर्षभर की कार्ययोजना

लोहरदगा, शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर, लोहरदगा में अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम अरावकर के त्रिदिवसीय प्रवास के दौरान अखिल भारतीय व प्रांतीय अधिकारियों, पूर्णकालिक, प्रवासी व समयदानी कार्यकर्ताओं की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन को सुदृढ़ बनाने, शैक्षणिक गुणवत्ता को प्रभावी करने तथा वर्षभर की कार्ययोजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। विद्यालय की वंदना सभा में अखिल भारतीय मंत्री ब्रह्मा जी राव, अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम अरावकर, प्रदेश मंत्री डॉ. ब्रजेश कुमार, क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्याली राम, प्रदेश सचिव नकुल कुमार शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष रामावतार नारसरिया एवं प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शशिधर लाल अग्रवाल ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती, ॐ एवं भारत माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्पार्चन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सभी अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार झा ने कराया। बैठक चार सत्रों में आयोजित हुई, जिसमें पूर्णकालिक अधिकारियों, प्रवासी एवं समयदानी कार्यकर्ताओं के साथ वर्षभर की योजनाओं, संगठनात्मक गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों पर गहन चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने, विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति व संस्कारों का विकास करने तथा संगठनात्मक दायित्वों के निर्वहन में सक्रियता बढ़ाने का मार्गदर्शन दिया। बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा निर्धारित कार्ययोजनाओं को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही विद्यालयों में पठन-पाठन की गुणवत्ता, अनुशासन एवं संस्कार आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत किया गया। अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं के साथ संवाद करते हुए आगामी शैक्षणिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन की शक्ति कार्यकर्ताओं की सक्रियता, समर्पण एवं आपसी समन्वय में निहित है। अखिल भारतीय अधिकारियों के प्रवास एवं मार्गदर्शन से विद्यालय परिवार में उत्साह का संचार हुआ। बैठक का उद्देश्य आगामी वर्ष की योजनाओं को स्पष्ट दिशा देते हुए उन्हें प्रभावी व परिणामपरक रूप में धरातल पर उतारना रहा।

दैनिक भास्कर 2 Sep 2026 5:30 am

Bhiwani News: डीएलएड प्रवेश वर्ष 2021-22 के छात्र-अध्यापकों को शिक्षा बोर्ड ने दिया मर्सी चांस

डीएलएड प्रवेश वर्ष 2021-22 के छात्र-अध्यापकों को शिक्षा बोर्ड ने दिया मर्सी चांस

अमर उजाला 2 Sep 2026 1:13 am

Agra News: आगरा मंडल के शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर शिक्षा निदेशक सख्त

आगरा मंडल के शिक्षकों की लंबित समस्याओं पर शिक्षा निदेशक सख्त

अमर उजाला 2 Sep 2026 1:11 am

वायु सेना की शिक्षा शाखा की अधिकारी शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल

नई दिल्ली। एयर वाइस मार्शल शक्ति शर्मा भारतीय रक्षा बलों के गैर-चिकित्सा वर्ग से एयर वाइस मार्शल या समकक्ष पद हासिल करने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं। एयर वाइस मार्शल शर्मा की पदोन्नति को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है। रक्षा मंत्रालय […] The post वायु सेना की शिक्षा शाखा की अधिकारी शक्ति शर्मा बनीं पहली महिला एयर वाइस मार्शल appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 1 Sep 2026 10:20 pm

यूपी PET-2026: उम्मीदवारों को बड़ी राहत, आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ी

यूपी PET-2026 अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत है. UPSSSC ने ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 1 सितंबर से बढ़ाकर 7 सितंबर 2026 कर दी है. अभ्यर्थी 7 सितंबर तक शुल्क जमा कर आवेदन सबमिट कर सकेंगे, जबकि आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 8 सितंबर रहेगी.

आज तक 1 Sep 2026 9:51 pm

एसबीआई में ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के पदों पर निकली भर्ती, 90 हजार से ज्यादा मिलेगी सैलरी

सरकारी बैंक में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से ट्रेड फाइनेंस ऑफिसर के पदों पर आवेदन शुरू हो गए हैं...

खास खबर 1 Sep 2026 9:42 pm

15 कॉलेजों के 30 शिक्षक शिक्षा रत्न सम्मान से सम्मानित:उच्च शिक्षा में योगदान के लिए मिला सम्मान, निजी महाविद्यालय प्राचार्य-कल्याण संघ ने किया आयोजन

निजी महाविद्यालय प्राचार्य कल्याण संघ छत्तीसगढ़ की ओर से शिक्षक दिवस से पहले 1 सितंबर को शिक्षा रत्न सम्मान-2026 समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में ट्रिपल आईटी के डायरेक्टर डॉ. ओम प्रकाश व्यास मुख्य अतिथि रहे, जबकि महाविद्यालय शिक्षण समिति के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने अध्यक्षता की। समारोह में वरिष्ठ शिक्षाविद अजय तिवारी, अग्रसेन महाविद्यालय पुरानी बस्ती प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. विट्ठल अग्रवाल, निजी महाविद्यालय प्राचार्य संघ के अध्यक्ष डॉ. मेघेश तिवारी, सचिव डॉ. देवाशीष मुखर्जी सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्य मौजूद रहे। समारोह में पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के प्रोफेसर डॉ. राजीव चौधरी को राष्ट्रीय शिक्षक सम्मान मिलने पर अतिथियों ने सम्मानित कर अभिनंदन किया। इसके साथ ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट और उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को उनके शैक्षणिक, सामाजिक और अकादमिक कार्यों के लिए शिक्षा रत्न सम्मान प्रदान किया गया। दुर्गा महाविद्यालय के टीचर भी सम्मानित आयोजकों के अनुसार, समारोह में 15 महाविद्यालयों के कुल 30 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इनमें दुर्गा महाविद्यालय की सुनीता चंसोरिया और डॉ. विजय कुमार चौबे भी शामिल रहे। शिक्षकों के योगदान को रेखांकित करते हुए अतिथियों ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों को भी प्रेरित करता है। इस कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रुति और प्रीतम ने किया। आभार प्रदर्शन डॉ. यूलेंद्र राजपूत ने किया। समारोह में निजी महाविद्यालयों से जुड़े शिक्षकों और प्राचार्यों ने भाग लिया।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 7:55 pm

युवा जिला कलेक्टरों के साथ मुख्य सचिव ने की बैठक, शिक्षा-स्वास्थ्य से लेकर साइबर अपराध पर हुई चर्चा

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को शासन सचिवालय में युवा जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर शिक्षा, स्वास्थ्य, साइबर अपराध की रोकथाम, हरियालो राजस्थान तथा जल जीवन...

खास खबर 1 Sep 2026 7:32 pm

शिवपुरी को ₹17.50 करोड़ से अधिक की विकास सौगातें, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और सड़क सुविधाओं को मिली नई गति: केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

शिवपुरी। केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज शिवपुरी प्रवास के दौरान क्षेत्र को ₹17.50 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने अनुसूचित जाति के 50-सीटर प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, तानपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिंहनिवास विद्युत उपकेन्द्र और थर्रा उपतहसील का लोकार्पण किया। साथ ही नगर पालिका की विभिन्न सड़कों तथा सिंहनिवास में सरकारी मिडिल स्कूल भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। शिवपुरी के बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम केन्द्रीय मंत्री ने ₹4.99 करोड़ की लागत से निर्मित अनुसूचित जाति के 50-सीटर प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर मानते थे कि शिक्षा सामाजिक सशक्तिकरण का सबसे बड़ा माध्यम है। इसी भावना के साथ यह छात्रावास बच्चों को बेहतर शिक्षा, सुविधाओं और व्यक्तित्व विकास का वातावरण उपलब्ध कराएगा, जिससे वे अपने सपनों को नई उड़ान दे सकेंगे। स्वास्थ्य और बिजली सुविधाओं को मिली नई मजबूती इसके बाद केन्द्रीय मंत्री ने तानपुर में ₹2.95 करोड़ की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सिंहनिवास में ₹2.77 करोड़ की लागत से निर्मित विद्युत उपकेन्द्र का लोकार्पण किया। सिंधिया ने विश्वास व्यक्त किया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं तथा अधिक सुदृढ़ और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। सड़कों, स्कूल और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार केन्द्रीय मंत्री ने नगर पालिका की विभिन्न सड़कों के ₹5 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इसके साथ ही सिंहनिवास में ₹51 लाख की लागत से बनने वाले सरकारी मिडिल स्कूल भवन तथा ठर्रा में ₹1.24 करोड़ की लागत से निर्मित उपतहसील का लोकार्पण किया। उपतहसील के प्रारंभ होने से क्षेत्रवासियों को राजस्व एवं अन्य प्रशासनिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी। सिंधिया ने कहा कि शिवपुरी में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य, बिजली, सड़क और प्रशासनिक सुविधाओं तक विकास का लाभ हर परिवार तक पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में शिवपुरी सहित पूरे क्षेत्र में विकास कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है।

प्रभासाक्षी 1 Sep 2026 6:46 pm

गुरु रविदास महाराज की शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी : हरविन्द्र कल्याण

हरियाणा विधान सभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को सदन में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर व्यापक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से सदन...

खास खबर 1 Sep 2026 6:41 pm

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट में स्कूली शिक्षा के डेटा की सटीकता पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की बुकलेट में स्कूली शिक्षा के डेटा की सटीकता पर उठाए सवाल

समाचार नामा 1 Sep 2026 5:37 pm

डीसी ने पांडु-पिंडारा में स्कूलों का किया निरीक्षण:छात्रों से पूछे सवाल, कॉपियां जांचने के निर्देश; बोलीं-बच्चों को शिक्षा के साथ दे संस्कार

जींद जिले के पांडु-पिंडारा में डीसी डॉ. वैशाली शर्मा ने मंगलवार को राजकीय हाई स्कूल और राजकीय प्राथमिक पाठशाला का दौरा किया। उन्होंने यहां विद्यार्थियों को मिल रही पढ़ाई और दूसरी सुविधाओं का जायजा लिया। डीसी ने अलग-अलग रजिस्टर भी चेक किए और कक्षाओं में जाकर पढ़ाई के तरीके को भी देखा। दौरे के दौरान डीसी ने बच्चों से पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने अध्यापकों से भी पूछा कि बच्चों को कौन-सा विषय और पाठ पढ़ाया गया है। जब बच्चों ने सही जवाब दिए, तो डीसी ने उनकी तारीफ की और उनका हौसला बढ़ाया। 'बच्चों को रोज क्लास वर्क और होमवर्क दें' डीसी ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों को रोज क्लास वर्क और होमवर्क दें। साथ ही, उनकी कॉपियां भी हर दिन चेक करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी बच्चे के काम में गलती मिलती है, तो उसे डांटने के बजाय दोबारा समझाकर सही तरीके से काम करवाएं। डीसी ने जोर दिया कि शिक्षक बच्चों का भविष्य बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं, इसलिए उन्हें पूरी जिम्मेदारी, लगन और संवेदनशीलता से अच्छी शिक्षा देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं है। इसका उद्देश्य बच्चों में अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना भी है। डीसी ने कहा कि बच्चों को खेलकूद और क्रिएटिव कामों में हिस्सा लेने के लिए भी बढ़ावा दिया जाए, ताकि उनका पूरा विकास हो सके। 'मिड-डे मील की क्वालिटी पर रखे नजर' डीसी ने स्कूल की प्रिंसिपल को निर्देश दिए कि वे बच्चों में अनुशासन की भावना पैदा करें। साथ ही, यह भी पक्का करें कि बच्चे साफ-सुथरी स्कूल ड्रेस पहनकर आएं। उन्होंने मिड-डे मील की क्वालिटी और पौष्टिकता पर नजर रखने को भी कहा। भोजन बनाने और परोसने के दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। डीसी ने स्कूल कैंपस, क्लासरूम और शौचालयों में रोज साफ-सफाई रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि स्कूल के रिकॉर्ड और अलग-अलग रजिस्टरों को सही तरीके से रखा जाए और उन्हें अपडेट किया जाए। बच्चों की पढ़ाई और सुविधाओं से जुड़े कामों में कोई लापरवाही न बरतने की चेतावनी भी दी गई।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 5:08 pm

पंजाब में 20 पुलिस अफसरों का तबादला:6 जिलों के SSP बदले, शिक्षा मंत्री की पत्नी को बठिंडा से PAP चंडीगढ़ भेजा

पंजाब सरकार ने मंगलवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। एक साथ 8 IPS और 12 पीपीएस अफसरों का तबादला कर दिया गया। सरकार ने 6 जिलों- मलेरकोटला, पठानकोट, पटियाला, मोहाली, बठिंडा और मानसा के SSP का तबादला किया है। गुरप्रीत सिंह भुल्लर को नया आईजीपी बॉर्डर रेंज (अमृतसर) नियुक्त किया गया है। साथ ही शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस की पत्नी ज्योति यादव को बठिंडा के SSP के पद से हटाकर कमांडर 82वीं वाहिनी PAP, चंडीगढ़ भेज दिया गया है। इन 6 जिलों के SSP बदले 8 IPS अफसरों के तबादले का आदेश पढ़ें… 12 PPS अफसरों के तबादले का आदेश पढ़ें… ************** ये खबर भी पढ़ें: BJP के खिलाफ AAP का प्रदर्शन: लुधियाना में बैरिकेड तोड़े; जालंधर में पंजाब प्रभारी के कार्यक्रम तक पहुंचे; अमृतसर में बैरिकेडिंग पर रोके सिख विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार के भोग में 3 भाजपा सांसदों के शामिल होने को लेकर पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने 4 शहरों में प्रदर्शन किया। लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में AAP के वर्करों ने भाजपा का दफ्तर घेरने की कोशिश की। (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 4:38 pm

मधेपुरा में ब्राह्मण समाज की बैठक:शिक्षा-नौकरी-राजनीति में उचित भागीदारी की उठी मांग; नवंबर में पटना में पदयात्रा का ऐलान

मधेपुरा जिला परिषद विवाह भवन में लोकमंच के बैनर तले ब्राह्मण समाज की बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे समाज के बुद्धिजीवी, युवा और बुजुर्ग शामिल हुए। बैठक में शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में ब्राह्मण समाज को उचित भागीदारी देने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से सरकार और राजनीतिक नेतृत्व के सामने अपनी मांग रखनी होगी। बैठक में ब्राह्मण समाज को आर्थिक रूप से संपन्न मानने की धारणा पर भी आपत्ति जताई गई। वक्ताओं ने कहा कि समाज के कई परिवार आज भी आर्थिक रूप से कमजोर हैं। 'कई परिवार मजदूरी कर रहे, योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए' बैठक में कहा गया कि कई परिवारों के पास रहने के लिए पर्याप्त जमीन तक नहीं है, जबकि कुछ परिवार मेहनत-मजदूरी कर जीवनयापन कर रहे हैं। जरूरतमंद परिवारों को उनकी वास्तविक सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आधार पर सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। 'ब्राह्मणों ने दूसरों को ताज पहनाया, अब उचित भागीदारी मिले' सीमांचल कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर अजय झा ने कहा कि ब्राह्मण समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है और समाज ने देश की उन्नति में हमेशा योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणों ने कभी ताज पाने की राजनीति नहीं की, बल्कि दूसरों को ताज पहनाने का काम किया। अब समाज को शिक्षा, सरकारी नौकरी, राजनीति और सरकारी योजनाओं में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए। 'दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं, अपनी समस्याओं पर ध्यान चाहिए' लोकमंच के संस्थापक एवं मुख्य अतिथि आशीष कुमार झा उर्फ बब्बू झा ने कहा कि कोसी और सीमांचल क्षेत्र के ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्वतंत्रता आंदोलन, शिक्षा, समाज सुधार और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि लोकमंच समाज की आवाज बनकर ब्राह्मणों से जुड़े मुद्दों को सरकार और राजनीतिक नेतृत्व तक पहुंचाएगा। आशीष झा ने स्पष्ट किया कि समाज किसी दूसरे वर्ग को पीछे करने की मांग नहीं कर रहा है, बल्कि अपनी समस्याओं पर भी सरकार का ध्यान चाहता है। नवंबर में पटना से निकलेगी पदयात्रा आशीष झा ने बताया कि लोकमंच की मांगों के समर्थन में नवंबर में पटना के मिलर हाई स्कूल से पदयात्रा निकाली जाएगी। इसमें राज्यभर के ब्राह्मण समाज के लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।

दैनिक भास्कर 1 Sep 2026 3:57 pm

क्या भारत की तरह अमेरिका में भी है ट्यूशन कल्चर? 

भारत में स्कूल के बाद बच्चों के ट्यूशन जाना बेहद आम है. स्कूल में जो चीजें उन्हें समझ नहीं उसके लिए छात्र अलग से कोचिंग या ट्यूटर की मदद लेते हैं. लेकिन क्या अमेरिका में भी बच्चों के लिए ऐसा ही ट्यूशन कल्चर है? इस सवाल पर इंस्टाग्राम पर ‘Sarika in America’ नाम के अकाउंट से शेयर किए गए एक वीडियो में 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अपने अनुभव के बारे में बताया.

आज तक 1 Sep 2026 3:48 pm

ऑफिस में ज्यादा ईमानदारी से काम करने वालों पर छ‍िड़ी बहस

समय पर काम, बेहतरीन क्वालिटी और बॉस का भरोसा... पहली नजर में यह परफेक्ट एम्प्लॉई की पहचान है, लेकिन कॉर्पोरेट दुनिया में यही आपकी सबसे बड़ी कमजोरी बन सकती है. इंस्टाग्राम पर वायरल एक वीडियो ने दफ़्तर के इस कड़वे सच पर तीखी बहस छेड़ दी है. जानिए कैसे आपकी ओवर-एफिशिएंसी आपको पहचान देने के बजाय अतिरिक्त काम के जाल में फंसा देती है और इससे बचने के लिए सीमाएं तय करना क्यों जरूरी है.

आज तक 1 Sep 2026 3:39 pm