उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अब नई प्राधिकरण तय करेगी अल्पसंख्यक शिक्षा का सिलेबस
उत्तराखंड सरकार जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड खत्म करने जा रही है। नई व्यवस्था में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।
नालंदा जिले की छात्राओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने जा रहे हैं। केंद्रीय बजट में प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय के साथ ही बिहार सरकार ने भी वंचित वर्ग की छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। सावित्रीबाई फुले छात्रावास जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं के लिए पांच करोड़ रुपए की लागत से 100 छात्राओं की क्षमता वाले सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शहर के करगिल चौक के निकट एक एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है। जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कैबिनेट से छात्रावास निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। बिहारशरीफ सर्कल ऑफिसर की ओर से भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा छात्रावास छात्रावास में छात्राओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेलकूद के लिए खेल मैदान, सुसज्जित पुस्तकालय और आधुनिक अध्ययन कक्षों की व्यवस्था की जाएगी। निशुल्क आवास सुविधा के साथ-साथ अनाज और अनुदान राशि भी प्रदान की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर छात्रावास में पुख्ता व्यवस्था रहेगी। गेट पर ही आगंतुकों का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जिले का पहला बालिका छात्रावास नालंदा जिले में अभी तक छात्राओं के लिए एक भी छात्रावास नहीं था। यह जिले का पहला बालिका छात्रावास होगा, जो वंचित वर्ग की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, राजगीर में डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में अनुसूचित जाति और जनजाति की 600 छात्राएं पहली से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब तक कोई छात्रावास सुविधा नहीं थी। केंद्रीय बजट से मिलेगी और मजबूती केंद्रीय बजट में बिहार के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय से इस दिशा में और गति आएगी। इस छात्रावास की खास बात यह होगी कि इसमें सभी समाज और वर्ग की बालिकाएं एक साथ रहकर नीट, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगी। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा में समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने इसे बेहद सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि दोनों छात्रावासों के निर्माण से न केवल वंचित वर्ग की छात्राओं को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की सभी वर्गों की बालिकाएं उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगी।
शिक्षा सचिव का निर्देश... बोर्ड परीक्षा में एक भी बच्चा फेल न हो, इनोवेटिव एप्रोच पर जोर दें
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया बोर्ड परीक्षाओं में एक भी बच्चा फेल न हो, इसके लिए स्कूलों में इनोवेटिव एप्रोच अपनाते हुए छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराएं। इससे छात्र-छात्राएं पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होंगे। जिसका बेहतर और सकारात्मक परिणाम उनके रिजल्ट में भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में निरंतर और प्रभावी रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया।जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उनके प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान राज्य में संचालित सभी पीएमश्री विद्यालयों में बजटीय गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिसमें लापरवाही पर खूंटी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) एवं सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एडीपीओ) को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। राज्य के 363 पीएमश्री स्कूलों का निरीक्षण करेगी टीम सचिव उमाशंकर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि 17 फरवरी से पूर्व सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का कोई भी शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों की संतृप्ति हेतु निर्धारित 21 संकेतकों का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि एक सप्ताह के भीतर राज्यस्तरीय टीम पीएमश्री विद्यालयों का भ्रमण करेगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह अथवा मार्च में केंद्रीय टीम द्वारा पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण प्रस्तावित है।
झारखंड का शिक्षा विभाग गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। विभाग के पास शिक्षकों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। 10 जिलों के 68 उत्क्रमित (अपग्रेडेड) हाई स्कूलों के 161 शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इनके 6.18 करोड़ रुपए बकाया वेतन का भुगतान कब तक होगा, अधिकारी स्पष्ट रूप से यह भी नहीं बता पा रहे हैं। फंड की कमी का असर सिर्फ वेतन पर ही नहीं पड़ा रहा है। पैसों की कमी के कारण बच्चों की पोशाक योजना और स्कूल किट योजना भी प्रभावित हुई है। सत्र बीतने वाला है, लेकिन बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। कई स्कूलों में तो हैंड वॉश और सफाई जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। 2016-17 में अपग्रेड हुए थे 189 स्कूल वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में माध्यमिक शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए 189 स्कूलों को अपग्रेड किया था। इसके बाद 2022-23 में इन स्कूलों में पदों का सृजन कर शिक्षकों को पदस्थापित किया गया। लेकिन इनके वेतन भुगतान की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। वर्ष 2025-26 में योजना मद के लिए पर्याप्त आवंटन नहीं मिला और अनुपूरक बजट में भी राशि स्वीकृत नहीं हुई। इसी कारण वेतन का भुगतान अटक गया। ये योजनाएं भी बेपटरी... पोशाक योजना: प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के बच्चों के लिए पोशाक योजना चल रही है। लेकिन चालू वितीय वर्ष में कई जिलों को इसकी राशि नहीं मिली। नतीजा यह है कि हजारों बच्चों को बिना ड्रेस या पुरानी ड्रेस में स्कूल आना पड़ता है। या फिर अभिभावकों को अपनी जेब से ड्रेस पर खर्च करना पड़ता है। शिक्षकों का कहना है कि इससे बच्चों की उपस्थिति और आत्मविश्वास, दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल किट: सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लागू स्कूल किट योजना भी अधूरी है। योजना के तहत बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री दी जानी थी। लेकिन बच्चों को अब तक यह किट नहीं मिली। इसके बिना पढ़ाई कराना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। विकास अनुदान: विद्यालयों के रोजमर्रा संचालन के लिए मिलने वाला अनुदान भी लंबे समय से नहीं मिला है। इसी राशि से हैंडवॉश, साबुन, साफ-सफाई, पेयजल और छोटे रखरखाव के कार्य होते हैं। इस मद में अनुदान नहीं मिलने से स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। इससे स्कूली बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है।
लखनऊ में 'पठन संस्कृति उत्सव':शिक्षा विभाग और नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया आयोजन
लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में सोमवार को 'पठन संस्कृति उत्सव' का आयोजन किया गया। इस उत्सव ने विद्यालय परिसर को शिक्षा, साहित्य और कला के केंद्र में बदल दिया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में पठन, चिंतन तथा रचनात्मकता की संस्कृति को बढ़ावा देना था। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा के मार्गदर्शन में यह उत्सव आयोजित हुआ। उन्होंने पठन संस्कृति को शिक्षा की आत्मा बताते हुए इसे केवल एक औपचारिक आयोजन के बजाय विचार और संवाद के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया। पठन संस्कृति एक सतत प्रक्रिया है पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनका तथा उपस्थित रचनाकारों, लेखकों और साहित्यकारों का सम्मान किया गया। पुस्तकालय प्रकोष्ठ की विशेष कार्याधिकारी सांत्वना तिवारी ने कहा कि पठन संस्कृति एक सतत प्रक्रिया है, जिसे विद्यालय, शिक्षक और पुस्तकालय मिलकर ही सकारात्मक रूप दे सकते हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तकें विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से परे व्यापक ज्ञान से जोड़ती हैं। उप शिक्षा निदेशक रेखा दिवाकर ने पठन को व्यक्तित्व विकास की आधारशिला बताया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय को पुस्तक, कला और संवाद का केंद्र बनना चाहिए। विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया उत्सव के प्रथम सत्र में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने पठन संस्कृति और वर्तमान शिक्षा सुधारों पर अपने विचार साझा किए।द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय कला उत्सव और स्कूल बैंड प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वायलिन वादन, कथक और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। कथावाचक हिमांशु बाजपेई और वैष्णवी की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भावनात्मक गहराई जोड़ी। मीडिया कोऑर्डिनेटर दिनेश कुमार ने बताया कि यह उत्सव इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि पुस्तकें समाज की चेतना और विवेक का आधार हैं।
धार जिले के राजगढ़ में भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसान मजदूर जागरूकता अभियान के तहत बस स्टैंड पर आयोजित इस धरने के बाद नायब तहसीलदार के.एस. वास्केल को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। धरने में क्षेत्र के कई किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। ज्ञापन में देश में लागू तीन प्रकार की शिक्षा प्रणाली पर आपत्ति जताई गई। यूनियन ने कहा कि गरीबों के लिए हिंदी माध्यम, मध्यम वर्ग के लिए अंग्रेजी माध्यम और धनवान परिवारों के बच्चों के लिए सीबीएसई शिक्षा प्रणाली लागू है, जो भेदभावपूर्ण है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। ‘मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा’भारतीय किसान यूनियन ने 'एक देश, एक किताब, एक समान शिक्षा प्रणाली' लागू करने की मांग की। उनका तर्क है कि वर्तमान शिक्षा नीतियों से गरीब मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। यदि सरकार यह लागू नहीं कर सकती, तो सभी नेताओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के परिवारों के लिए सरकारी शिक्षा और सरकारी अस्पतालों में इलाज अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन में किसान व मजदूरों के हित में कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि यह 'किसान मजदूर जागरूकता अभियान' धार जिले की पांच तहसीलों में चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान हित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में सभी वर्गों को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए और तीन प्रकार की शिक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
आमेट: मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बार एसोसिएशन पदाधिकारियों का किया स्वागत
सीबीईओ श्री नारायण सिंह राव और बार एसोसिएशन के बीच शैक्षिक एवं विधिक सहयोग के लिए बैठक आयोजित, संस्मरण साझा कर भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा।
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नंगल से कीरतपुर साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दिलाई है। श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस परियोजना की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। इसके जल्द शुरू होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। यह मार्ग पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा को जोड़ता है। यह माता बगलामुखी, बाबा बालक नाथ और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार सड़क हादसों के कारण स्थानीय लोग इसे 'किलर रोड' भी कहते रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। 2022 में हुआ था सड़क का सर्वे मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि जुलाई 2022 में इस सड़क परियोजना का सर्वे कराया गया था। इसके उपरांत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सड़क की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया। वर्ष 2023 में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई, जिसके बाद सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त की गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उन्होंने दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। अब रिकॉर्ड समय में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और अगले दो महीनों के भीतर किसानों के खातों में मुआवजे की राशि जमा करा दी जाएगी। इसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मंत्री बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंत्री बैंस ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आसपास के 100 से 150 गांवों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी तेजी से जारी हैं।
भीलवाड़ा: सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी राम सहाय सैनी का गंगापुर में सम्मान
शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी राम सहाय सैनी को माली सैनी समाज द्वारा सम्मानित किया गया और उन्होंने समाज सेवा का संकल्प लिया।
प्रदेश के लगभग 36 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1 अप्रैल से निशुल्क विद्यार्थियों को प्रवेश में संशय की स्थिति बन रही है। राज्य सरकार इस बार नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है। जिसके तहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी निशुल्क सीटों पर होने वाले प्रवेश के लिए भी इस बार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होनी थी। फरवरी माह शुरू हो गया है मगर राज्य सरकार ने अभी तक निशुल्क प्रवेश का टाइम फ्रेम घोषित नहीं किया है। छात्र-छात्राएं पिछले एक माह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में दिसंबर माह में राज्य सरकार को निशुल्क प्रवेश के प्रस्ताव भिजवाए थे। लेकिन राज्य सरकार ने उन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देते हुए शिक्षा विभाग से दोबारा प्रस्ताव मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा प्रस्ताव बना कर भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। उसी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी की तिथि निर्धारित की जाएगी। पिछले साल 9 अप्रैल को निकली लॉटरी पिछले साल 9 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया गया। आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 31 अगस्त को किया गया। जिसमें सामने आया कि 308064 अभ्यर्थियों में से 237407 को प्रदेश के 31720 स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है। “इस बार प्रवेश प्रक्रिया जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी और प्रवेश में भी विलंब होगा। -गिरिराज खैरीवाल, प्रदेश समन्वयक, प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस “आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियां चल रही है।-चंद्र किरण पंवार, आरटीई प्रभारी, प्रारंभिक शिक्षा
धर्म सम्मेलन में गुरु महाराज की शिक्षाएं याद कीं
भास्कर न्यूज | जालंधर धर्म सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में विशाल धर्म सम्मेलन का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करते हुए की गई। गुरु तेग बहादर जी के 350वें बलिदान दिवस को समर्पित इस आयोजन में मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने संबोधित किया। उन्होंने गुरु तेग बहादर जी के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार गुरु जी ने अपने 22 हुक्मनामों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का बलिदान भारत की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा के लिए था। अन्याय के विरुद्ध अहिंसक रहते हुए भी धर्म पर अडिग रहना गुरु जी की महान शिक्षाओं में से एक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बंसी दास महाराज ने कहा कि सशक्त और समर्थ समाज के निर्माण के लिए ऐसे धर्म सम्मेलनों का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता पर बल देते हुए कहा कि जातिगत विभाजन के कारण ही देश को विभाजन का दर्द सहना पड़ा। अक्षरधाम मंदिर युवा मंडल की ओर से प्रस्तुत लघु नाटिका ‘फ्रीडम का मोह’ में दो पीढ़ियों के बीच सोच के अंतर को दर्शाते हुए संयुक्त परिवार की स्वीकार्यता और आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि स्वामी जय तीर्थ ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ रहना परिवार को सुखी और समृद्ध बनाता है। संघ की 100 वर्ष की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए प्रचारक चंद्रकांत ने कहा कि अनेक कठिनाइयों के बावजूद संघ के स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समाज और भारत माता के प्रति समर्पित होकर देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। विभाग प्रचारक नवदीप ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पंच परिवर्तन- ‘परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य’ विषयों को जनमानस के समक्ष रखा गया। प्रसिद्ध भजन गायक केवल खन्ना ने संकीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया तथा गुरु तेग बहादर जी को समर्पित शबद गायन किया। इस अवसर पर श्रीराम मंदिर प्रबंधक कमेटी, श्री अयप्पा मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और क्षेत्र की सोसाइटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रबंधक कमेटियों को सम्मानित किया गया।
गुरु जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में योगदान का संकल्प लिया
भास्कर न्यूज | जालंधर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के मौके पर सिविल सर्जन कार्यालय में धार्मिक कार्यक्रम करवाया गया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग के नेतृत्व में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुरु रविदास जी की तस्वीर के आगे माथा टेका और उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राकेश चोपड़ा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा, जिला डेंटल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलजीत कौर रूबी, अधीक्षक योगराज, अधीक्षक गुरपिंदर कौर और कार्यालय के अन्य स्टाफ ने हिस्सा लिया। सभी ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई दी और स्वस्थ समाज की कामना की। उन्होंने स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने हमें जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया है। हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। हमें बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें अच्छी शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर देश की तरक्की में अपना कीमती योगदान दे सकें।
गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में कवि दरबार करवाया, संगत को गुरु महाराज की शिक्षाओं से जोड़ा
जालंधर | गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष दीवान सजाए गए। गुरु रविदास जी के जीवन को समर्पित पंजाबी लेखक सभा द्वारा कवि दरबार का आयोजन भी किया। कवि दरबार में मास्टर महिंदर सिंह अनेजा, कुलविंदर सिंह गाखल, उर्मिलजीत सिंह वालिया, बीबी कुलजीत कौर, गुरदीप सिंह उजाला, हरजिंदर सिंह जिंदी, सतपाल सिंह अलग, नगीना सिंह तथा सारंगी वादक सोहन सिंह ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संगत को निहाल किया। इसके उपरांत चल रही सहज पाठों की शृंखला के तहत महिंदर सिंह धालीवाल और अजीत सिंह के परिवारों द्वारा सहज पाठों के भोग संपन्न करवाए। गुरु घर द्वारा दोनों परिवारों को सम्मानित किया गया। मासिक पूर्णिमा को समर्पित दोपहर तक दीवान सजाए गए, जिसमें कथा विचारों के माध्यम से गुरु जी के संघर्षपूर्ण जीवन से संगतों को अवगत करवाया। बीबी रजिंदर कौर और भाई मनसंजम सिंह के जत्थे ने कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। स्टेज की सेवा जनरल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह ने निभाई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलवंतबीर सिंह कालड़ा, अमरीक सिंह, सेक्रेटरी इंदरपाल सिंह, जगजीत सिंह खजांची, चरणजीत सिंह लुबाणा, सुरिंदर सिंह सियाल, हरबंस सिंह, गुरजीत सिंह पोपली, गुरदीप सिंह बवेजा, बिशन सिंह, जसबीर सिंह सेठी मौजूद रहे।
शहर-जिले में विस्तार, शिक्षा-चिकित्सा पर जोर
पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी की वार्षिक योजना बैठक प्रधान कार्यालय, पिछोली में हुई। अध्यक्षता समाज अध्यक्ष यशवंत पालीवाल ने की। महामंत्री सुरेंद्र पालीवाल ने बताया कि इसमें वर्षभर के कार्यक्रम तय कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उदयपुर शहर को छह खंडों- पुराना शहर, हिरण मगरी, सुंदरवास, कालका माता रोड, शोभागपुरा मीरा नगर और बड़गांव बेदला में विभाजित किया गया। इसमें जिले के बाहर रहने वाले समाज बंधुओं को जोड़ने का भी निर्णय लिया गया। चिकित्सा क्षेत्र में हर माह दो निशुल्क परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित होंगे। शिक्षा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने, संस्कारयुक्त शिक्षा पर संगोष्ठियां और परीक्षा अवधि में निशुल्क कोचिंग की योजना बनाई गई। वर्षभर के सामाजिक आयोजन के तहत मार्च में होली मिलन और नव संवत्सर स्वागत, अप्रैल में परशुराम जयंती, सितंबर में झल झूलनी एकादशी पर रामरेवाड़ी कार्यक्रम, अक्टूबर में नवरात्रि गरबा और कन्या पूजन, नवंबर में दीपावली स्नेह सम्मेलन तथा दिसंबर में संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें समाज पत्रिका शुरू करने, सदस्यता और विज्ञापन संबंधी निर्णय लिए गए। रियायती दर पर भूमि लेकर छात्रावास, कौशल विकास केंद्र, वरिष्ठ नागरिक, महिला और बाल केंद्र स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। प्रचार प्रमुख महेश जोशी ने बताया कि बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन हुआ। इस मौके पर समाज कार्यकारिणी और संरक्षक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन करते पदाधिकारी व सदस्य।
आदेश की पालना करें, अन्यथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक आगामी सुनवाई पर हाजिर हों
जयपुर | हाईकोर्ट ने रिटायर स्कूल प्रिंसिपल के मामले में आदेश की पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। वहीं आगामी सुनवाई तक आदेश की पालना नहीं होने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा है। अदालत ने कहा है कि वे बताएं कि उन्होंने आदेश की पालना क्यों नहीं की। अदालत ने यह निर्देश महेन्द्र तिवाड़ी की अवमानना याचिका पर दिया। मामले से जुड़े अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि प्रार्थी जयपुर जिले के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल, राम नगर कोटखावदा से प्रिंसिपल पद से सितंबर 2022 में रिटायर हुआ था। इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2018-19 का परीक्षा परिणाम तय मापदंड से कम होने पर उसे 2021 में नोटिस दिया।
बुरहानपुर में सहायक संचालक शिक्षा और अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक रोहिणी पवार को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) नियुक्त किया गया है। कलेक्टर हर्ष सिंह ने सोमवार को इस संबंध में आदेश जारी किए। यह पद 31 जनवरी को तत्कालीन प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी रविंद्र महाजन के सेवानिवृत्त होने के बाद खाली हुआ था। इसके बाद रोहिणी पवार को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ-साथ यह अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। उन्हें अगले आदेश तक अस्थायी रूप से बुरहानपुर के जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार और आहरण-संवितरण के अधिकार दिए गए हैं। पवार ने सोमवार को ही प्रभारी डीईओ के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के बाद कर्मचारी संगठनों और पालक महासंघ ने डीईओ कार्यालय पहुंचकर उनका स्वागत किया। पालक महासंघ की ओर से अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, पंकज पटेल, प्रेमलता सांकले, राजीव खेड़कर, नंदकिशोर वाणे, अता उल्ला खान, मोहन दलाल, मंसूर सेवक, राजकुमार बच्छानी और रियाजुल हक अंसारी मौजूद थे। कर्मचारी संगठन की ओर से ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित, डॉ. अशफाक खान, धर्मेंद्र चौकसे और विजय राठौड़ आदि ने भी स्वागत किया।
गुलाबगंज में रविदास जयंती पर मंत्री अहिरवार शामिल:शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश
विदिशा जिले के गुलाबगंज में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अपने संबोधन में मंत्री अहिरवार ने संत रविदास के जीवन, विचारों और समाज सुधार के संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संकट से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग सुनाया, जिसमें संतों के मार्गदर्शन से पत्थर हटाने पर जलधारा फूट पड़ी थी। मंत्री ने इस कथा के माध्यम से बताया कि सही दिशा, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। मंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत रविदास जयंती पर जालंधर में आयोजित कार्यक्रम में भी संत को सम्मानित किया गया और समाज के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान, सम्मान और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। मंत्री बोले- नशामुक्त समाज की आवश्यकताअहिरवार ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने का कार्य किया और आजादी के बाद उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके महान योगदान का प्रतीक है। मंत्री ने शिक्षा को सामाजिक सम्मान और आत्मगौरव का सबसे बड़ा माध्यम बताया, इसलिए बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, कोचिंग और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्य मंत्री ने नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन समाज की भागीदारी के बिना यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक, शैक्षणिक और जनहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
उत्तर प्रदेश में RTE Act 2009 के तहत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया 2 फरवरी 2026 से शुरू हो गई है। लगभग 6 लाख सीटों पर होने वाले इस दाखिले के लिए गरीब और वंचित वर्ग के अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानिए तीन चरणों वाली आवेदन प्रक्रिया, पात्रता नियम और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी इस विस्तृत रिपोर्ट में, जो आपके बच्चे के भविष्य को बदल सकती है।
बक्सर विधानसभा के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को बिहार विरोधी और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से आम जनता को निराशा हाथ लगी है, क्योंकि यह न तो बक्सर की जरूरतों को समझता है और न ही बिहार की समस्याओं को। तिवारी ने आरोप लगाया कि बिहार की शिक्षा और रोजगार के साथ एक बार फिर गंभीर अन्याय हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्षों से पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग लंबित है, जिसे बजट में नजरअंदाज कर दिया गया। यह दर्शाता है कि सरकार बिहार के छात्रों के प्रति गंभीर नहीं है। शिक्षा मजबूत होगी तो समाज मजबूत होगापूर्व विधायक ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि “शिक्षा मजबूत होगी तभी समाज और प्रदेश मजबूत होगा।” उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस बजट में शिक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है और उच्च शैक्षणिक संस्थाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। किसानों के लिए इस बजट को पूरी तरह खोखला बताते हुए मुन्ना तिवारी ने कहा कि इसमें सिंचाई की स्थायी व्यवस्था, फसलों के वाजिब दाम की गारंटी और खाद, बीज व डीजल के बढ़ते खर्च से राहत देने का कोई ठोस प्रावधान नहीं है। बक्सर सहित पूरे बिहार के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बजट में नौकरी देने की योजना नहींयुवाओं के संबंध में, तिवारी ने कहा कि बजट में केवल भाषण और घोषणाएं हैं, जबकि जमीन पर नौकरी देने की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने बेरोजगारी के रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद सरकार को युवाओं के भविष्य के प्रति असंवेदनशील बताया और कहा कि यह बजट युवाओं के सपनों पर चोट करने वाला है। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि यह बजट आम आदमी का नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों का है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी जनसंघर्ष की विचारधारा पर चलते हुए ऐसे जनविरोधी बजट का पुरजोर विरोध करती है और जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से उठाती रहेगी। मझोले उद्योग बर्बादी के कगार परसाथ ही उन्होंने कहा कि बजट पेश करने के दौरान निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपए डूब जाना ये स्पष्ट करता है कि केंद्रीय नेतृत्व पर आम निवेशकों को भरोसा नहीं है। सोने चांदी के थोक मूल्य में लगातार महंगाई और बजट से पूर्व बिकवाली ने भी लगन के वक्त आम लोगों को अतिरिक्त बोझ में डाला। देश को पूरी तरीके से इस सरकार ने अस्थिर कर दिया है और छोटे और मझोले उद्योग पूरी तरीके से बर्बादी के कगार पर है। कपड़ा सिलाई और निर्माण उद्योग को अतिरिक्त मदद की आवश्यकता को भी इस बजट में दरकिनार किया गया।
केन्द्रीय बजट 2026: शिक्षा बजट में 8.27% की वृद्धि और रोजगार पर फोकस
बजट में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 3 आयुर्वेद एम्स और 15 हजार स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना सहित शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।
राजसमंद: निजी स्कूलों की समस्याओं और आरटीई भुगतान पर शिक्षा विभाग की बैठक
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल बाल्दी की अध्यक्षता में आरटीई बजट और लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों एवं संगठन पदाधिकारियों के साथ चर्चा।
सोनीपत जिले के गोहाना में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने देश की आम जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला बजट बताया है। गोहाना में मीडिया से बातचीत करते हुए बड़ौली ने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के अनुरूप है और इसमें समाज के किसी भी वर्ग की अनदेखी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सेना, उद्योग और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने दावा किया कि बजट में शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आम लोगों की जरूरतें पूरी होगी। रेल, तीर्थ और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बजट में सात नए रेल कॉरिडोर शुरू करने का प्रावधान किया गया है। इन कॉरिडोरों के माध्यम से तेज गति की ट्रेनों द्वारा राजधानी को प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों से जोड़ा जाएगा। इससे तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आयुष्मान योजना मजबूत स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए बड़ौली ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन नए आयुर्वेद कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है, जिन्हें एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर विशेष जोर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास खोलने की योजना लेकर आई है। इससे दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। किसानों के लिए आधुनिक खेती की योजना कृषि क्षेत्र को लेकर बडौली ने कहा कि सरकार सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 500 आधुनिक तालाबों के निर्माण की योजना लाई है। इनमें वर्षा जल संग्रहण और पुनः उपयोग की व्यवस्था होगी। इससे गन्ना, नारियल और अन्य फसलों की उन्नत खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उद्योग, AI और रोजगार पर फोकस उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सोनीपत के IMT क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा के ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाने का भी उल्लेख किया। बुनियादी ढांचे के विकास को मिलेगी रफ्तार मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि बजट में नई सड़कें, शैक्षणिक संस्थान और औद्योगिक परियोजनाएं हरियाणा से जोड़ी जाएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद सोनीपत को भी मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। हिसार में एयरपोर्ट शुरू होने के बाद अंबाला में भी जल्द एयरपोर्ट सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई है। टैक्स स्लैब और विपक्ष पर जवाब टैक्स स्लैब में बड़ी छूट न मिलने के सवाल पर बड़ौली ने कहा कि सरकार पहले ही जीएसटी सुधारों के माध्यम से आम जनता को राहत दे चुकी है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास बजट के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे केवल नकारात्मक बयानबाजी कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि आने वाला हरियाणा का राज्य बजट भी प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और विकास की रफ्तार को और तेज करेगा।
राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और क्लासरूम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल से कहा- आप स्वच्छ भारत मिशन की बात करते हो, लेकिन आप स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं। टॉयलेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चियां स्कूल में पानी भी नहीं पीती, क्योंकि उन्हें बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। हम बच्चों और समाज को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कोर्ट में सोमवार को झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई थी। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को निर्देश दिया कि वह मुख्य सचिव और वित्त सचिव से मिलकर बजट में इस फंड का प्रावधान करवाएं। कोर्ट ने कहा- यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और निदेशक सीताराम जाट मौजूद रहे। शिक्षा सचिव ने कहा- हम इस मुद्दे पर चिंतित है। फिलहाल हम पेड़ों के नीचे और निजी भवनों में बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा- आप 7 महीने से क्या चिंता कर रहे हैं, वो दिख रहा है। सितंबर से आप यही जवाब देते आ रहे हैं। कई स्थानों पर तो पेड़ ही नहीं है, वहां आपने क्या व्यवस्था कर रखी है। कोर्ट ने कहा- आज समय पहले जैसा नहीं रहा है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए इस तरह की तकनीक आ गई है कि यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं। शिक्षा सचिव बोले- केंद्र सरकार बजट नहीं दे रही शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा- सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत और नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता है। केंद्र सरकार हमें बजट नहीं दे रही है। राज्य सरकार अपने स्तर पर सीएसआर फंड से बजट जुटा रही है। हमने एमपी-एमएलए फंड से भी 20 प्रतिशत राशि स्कूलों में देने का आदेश दिया है। इस पर कोर्ट ने कहा- फिर भी आप लोग फंड की व्यवस्था नहीं कर पाए। राजनेता सिर्फ ट्रांसफर पर ध्यान रखते हैं कोर्ट ने कहा- रातभर में सड़क तैयार हो जाती है, लेकिन आप बच्चों के लिए व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों से कहा- आप राजनेताओं की बात मत करो। राजनेता तो सिर्फ ट्रांसफरों पर ध्यान रखते हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट ने कहा- अधिकारी आग से नहीं खेलें:झालावाड़ हादसे के बाद भी जर्जर भवन में चल रहे स्कूल, शिक्षा सचिव और निदेशक तलब झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद भी जर्जर भवनों में स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- विभाग के अधिकारी आग से नहीं खेलें। कोर्ट ने कहा- हमने जर्जर भवन में क्लासेज संचालित करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बाद भी बूंदी के भैंसखेड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने की घटना हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)
सूरजपुर में स्कूली छात्र-छात्राओं के लिए 'कपी ध्वज मोटिवेशनल गाइडेंस कार्यक्रम' का आयोजन किया गया। जिसमें महिला-बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े शामिल हुईं। साथ ही कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे और शिक्षक शामिल हुए। मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए शिक्षा सबसे जरूरी है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रतिस्पर्धा के इस दौर में सही दिशा प्रदान करना था। आयोजकों का मानना है कि सही मार्गदर्शन के अभाव में कई होनहार बच्चे पीछे रह जाते हैं, जबकि वे कड़ी मेहनत करते हैं। आयोजकों ने इस प्रकार के आयोजन को बच्चों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को प्रतिस्पर्धाओं में भाग लेने और जीवन में नए आयाम स्थापित करने में सहायता करते हैं। शिक्षा के साथ-साथ ऐसे मार्गदर्शन कार्यक्रमों की भी आवश्यकता है, जो छात्रों को सही दिशा देकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। अभिभावकों से बच्चों को सही मार्गदर्शन देने की अपील कार्यक्रम के दौरान छात्रों में प्रख्यात शिक्षक नितिन विजय को अपने बीच पाकर उत्साह देखा गया। उन्होंने बताया कि सूरजपुर के बच्चों में पढ़ाई के प्रति उनकी अपेक्षा से अधिक रुझान देखने को मिला है। उन्होंने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा के इस दौर में पढ़ाई को सरल बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से भी अपने बच्चों के भविष्य को लेकर मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। आगामी परीक्षाओं पर जोर देते हुए नितिन विजय ने कहा कि परीक्षा केवल एक प्रतिस्पर्धा है, इसे छात्रों की काबिलियत से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हर छात्र अपने आप में खास होता है और सही दिशा मिलने पर वे अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने सोमवार को पलवल जिले के लघु सचिवालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम के समर्थन में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से यह ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से देवीदयाल सैनी, राधेश्याम सैनी और प्रहलाद पांचाल सहित कई सदस्य मौजूद थे। शिक्षा के भेदभाव को रोकना उद्देश्य ज्ञापन में बताया गया कि यूजीसी ने 'समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम, 2026' नामक एक नया नियम लागू किया है। यह नियम भारत के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होता है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित और अन्य प्रकार के भेदभाव को रोकना है। सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय के छात्रों के साथ भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों के मामलों में वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं ने न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी सवाल उठाए। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया, जिसे भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी ने इस कदम का दृढ़ समर्थन किया। भ्रामक प्रचार कर रहे स्वर्ण समाज के लोग लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने ज्ञापन में कहा कि स्वर्ण समाज के लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं। यह कमेटी ओबीसी और एससी समाज के छात्रों के लिए नौकरी और पदोन्नति में भेदभाव रोकने के लिए बनाई जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्वर्ण समाज के लोग यह भ्रामक प्रचार कर रहे हैं कि इस कमेटी से ओबीसी समाज के लोग स्वर्ण समाज के लोगों को एससी एक्ट की तरह इस्तेमाल करेंगे। निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यूजीसी कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं है। पार्टी ने कहा कि स्वर्ण समाज के लोग इसी कारण यूजीसी कमेटी को रद्द करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने इस यूजीसी कमेटी की सुरक्षा के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।
शिक्षा बजट 2026-27: टेक्नोलॉजी और स्किल पर आधारित नया रोडमैप
1.39 लाख करोड़ के बजट आवंटन के साथ सरकार ने स्कूलों में एआई लैब्स, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना पेश की है।
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24x7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पाली शहर के निकट खेतावास रोड स्थित सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम (गोल नीमड़ा शनि तीर्थ क्षेत्र) में रविवार को नट, भाट व वादी समाज की ओर से कार्यक्रम हुआ। जिसमें शनिधाम के स्वामी निज स्वरूपानंद पुरी (दाती महाराज) के सानिध्य में करीब पांच हजार लोगों ने नशामुक्ति का सामूहिक संकल्प लिया।इस मौके दाती महाराज ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो समाज, परिवार और विशेषकर युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण न केवल समाज की प्रगति बाधित हो रही है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं इस अभियान से नहीं जुड़ेंगी, तब तक समाज को नशामुक्त बनाना संभव नहीं है। नारी शक्ति की जागरूकता ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।कार्यक्रम के दौरान समाज के महिला-पुरुषों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज के युवाओं ने न केवल नशामुक्ति का प्रण लिया, बल्कि शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को समाप्त करने का भी संकल्प किया। रात में यहां भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। दाती महाराज ने पाली व जोधपुर में समाज की प्रतिभाओं के लिए छात्रावास निर्माण में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में नटराज भगवान मंदिर निर्माण विकास समिति पुष्कर के अध्यक्ष कैलाशचंद राजावत, जोधपुर छात्रावास निर्माण समिति अध्यक्ष सुगनाराम ओमप्रकाश लवेरा, मदनलाल पेमावत, नृसिंह भोलेचा, बद्रीलाल माणेचा, सुखदेव माणेचा, दाती सेवा संस्थान के भेराराम, रमेश लानेरा, नेमाराम पेमावत, हनुमानराम पेमावत, मांगीलाल सहित कई जने मौजूद रहे।
शिक्षा, विज्ञान और रिसर्च में बड़ा निवेश : गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आम बजट पर कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान में बड़े निवेश का संदेश लेकर आया है
निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है : एसएन पाठक
गढ़वा | निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है। यह पूरी तरह नीतिगत मामला है। उसपर सचिव स्तर पर, कैबिनेट में या न्यायालय में निर्णय होता है। जिला शिक्षा कार्यालय को उसका अनुपालन करना होता है। उसके विपरीत जिला शिक्षा कार्यालय प्रतिकूल आचरण कर रहा है। उक्त बातें प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एसएन पाठक ने एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति में निजी विद्यालय संचालकों में भ्रम और आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीई कानून बनने के बाद और उसके उपरांत झारखंड सरकार की मान्यता के लिए नियमावली 2011 में बनी। इसके बाद विद्यालयों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। इस आलोक में कुछ विद्यालयों को मान्यता दी गई। शेष आज भी इंतजार कर रहे हैं। निरीक्षण के बाद कुछ लोगों की फाइल निदेशालय में पड़ी हुई है। करीब 16 वर्षों से विद्यालय मान्यता के इंतजार में हैं। इसी बीच पूर्ववर्ती रघुबर दास की सरकार ने 2019 में नई नियमावली लाई। उसमें कुछ प्रावधान कठिन थे। उसके खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उस अधियाचना में राज्य सरकार के सचिव ने शपथ देकर कहा था कि 2019 का नियम पूर्व के विद्यालयों पर लागू नहीं होगा। यह 2019 के बाद के सरकारी और निजी सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। अब इस संबंध में दो मई को आए फैसले के बाद कुछ संगठन रिव्यू पिटीशन और कुछ लोग उच्चतम न्यायालय में भी गए। उच्चतम न्यायालय ने संदर्भ में झारखंड सरकार को नोटिस भी निर्गत किया है। वहीं रिव्यू पिटीशन को सुनते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। जबतक निर्णय नहीं आता तब तक 2019 के पहले के विद्यालयों पर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के स्टे के ऑर्डर के बाद भी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से जिले के सभी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को एक निजी पत्र 25 नवंबर को सामूहिक पटल पर भेजा गया। उसमें मान्यता लेने का निर्देश दिया गया। मान्यता नहीं लेने पर बंद करने की धमकी थी। उसके बाद से विद्यालय संचालक ऊहापोह में हैं कि वह उच्च न्यायालय की सुनें या शिक्षा कार्यालय को। विदित हो कि टेंडर हार्ट के न्यायकर्ता ने उच्च न्यायालय में मान्यता नहीं देने के कारण रिट याचिका दाखिल किया है। उसमें उच्च न्यायालय ने सरकार को शपथ पत्र देने को कहा गया है।
श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का संदेश लेकर निकला नगर कीर्तन
श्री गुरु रविदास सामाजिक सुधार सभा की ओर से मुस्तफाबाद में श्री गुरु रविदास जी महाराज का नगर कीर्तन निकाला गया। यह नगर कीर्तन मुस्तफाबाद के विभिन्न बाजारों व इलाकों से होकर निकला। नगर कीर्तन में क्षेत्र की समस्त संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और फूलों की वर्षा से नगर कीर्तन का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सेवादार बाबा काशी राम उपस्थित रहे। निशान साहिब की सेवा सुखविंदर सिंह द्वारा निभाई गई। कार्यक्रम में प्रधान सिम्पल, चेयरमैन जोगिंदर पाल, सेक्रेटरी हंस राज, जगदीश सिंह, हरजीत लाल, नेका, करमजीत सिंह रिंटू, प्रधान विक्की, अमरजीत सिंह, विक्की, मनी, सूरज कुमार, रिंकू, रोबल, जगप्रीत सिंह, पवित्र, मोनू, पिंकी, पवन, सुषमा, रेशमा सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।
शहर की गनी कॉलोनी स्थित नागौरी हाउस में 'ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश' की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समाज सुधार, फिजूलखर्ची पर लगाम और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण पर विशेष मंथन किया गया। इस दौरान समाज की प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें मंच प्रदान करने के लिए आगामी प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की रणनीति साझा की गई। मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रदेश अध्यक्ष नईमुद्दीन कुरैशी ने समाज के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई विकल्प नहीं है, यह केवल कड़ी मेहनत से ही हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरैशी की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां किसी भी ऊंचे मुकाम को छूने में सक्षम हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी सिराजुद्दीन कुरैशी के संदेश को दोहराते हुए अपील की कि समाज शादी-ब्याह के दिखावे और बेतहाशा खर्च को त्याग कर अपने बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दिलाने पर ध्यान केंद्रित करे। बिरला ऑडिटोरियम जयपुर में 15 फरवरी को जुटेगा प्रदेश भर का कुरैशी समाज जिला अध्यक्ष उमर कुरैशी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 15 फरवरी 2026 को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में न केवल प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा, बल्कि समाज के उत्थान के लिए काम करने वाली संस्थाओं का भी सम्मान होगा। बैठक में इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गईं। आपसी मतभेद छोड़ समाज हित को दें प्राथमिकता बैठक में समाज के विकास के लिए ठोस सुझाव भी सामने आए नवलगढ़ के पार्षद खालिक लंगा ने सुझाव दिया कि समाज के उत्थान के लिए अब एक स्पष्ट रोड मैप तैयार कर संगठित तरीके से काम करने का समय आ गया है। अल कुरैश के सचिव इमरान बडगूजर ने कहा कि समाज के हित में काम करते समय व्यक्तिगत और आपसी राजनीति को पूरी तरह त्यागना होगा, तभी हम प्रगति कर पाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ हाजी सफी नागौरी द्वारा कुरान-ए-तिलावत से हुआ। इसके पश्चात उपस्थित समाजबंधुओं ने अतिथियों का शॉल, साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच का सफल संचालन मास्टर मजीद कुरैशी द्वारा किया गया। जिले भर से आए प्रतिनिधि बैठक में झुंझुनूं जिले भर प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मंडावा, बिसाऊ, चिड़ावा, नवलगढ़, मंड्रेला, सूरजगढ़, पपूरणा, केड, सुल्ताना, धनूरी, डूंडलोद और मलसीसर के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि फसीहुद्दीन कुरैशी, सचिव हाजी शफी मोहम्मद नागौरी, हाजी फारुक कुरैशी, गफ्फार पपुरना, ठेकेदार नसरुद्दीन, मास्टर अब्दुल मजीद, वाइस चेयरमैन नवाब खत्री, डॉ. जब्बार कुरैशी, एडवोकेट नवाब खत्री, यूसुफ तंवर, आरिफ कुरैशी, शोएब गौरी, और रिजवान बेहलीम सहित अन्य गणमान्य नागरिक।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देता है। गरीब, वंचित व शोषित वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इस बजट से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। मंत्री मदन दिलावर ने बताया- बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना, तीन नए आयुर्वेदिक एम्स, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए श्री मार्ट और लखपति दीदी योजना के विस्तार जैसी घोषणाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी। साथ ही खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से खेल क्षेत्र में रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। मोटर यान दुर्घटना मुआवजे को कर मुक्त किया जाना भी आमजन के लिए राहतभरा कदम है। कोटा में 22 से ज्यादा जगह एलईडी लगाकर बजट देखा गया वहीं,, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला है। उन्होंने बताया- कोटा शहर में 22 से अधिक स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर आमजन ने केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण देखा। भाजपा जिला कार्यालय जीएमए प्लाजा के बाहर बड़ी स्क्रीन पर कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने चाय-कचोरी के साथ बजट सुना और मिठाई बांटकर खुशी जताई। राकेश जैन ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट इसका प्रमाण है। बजट में एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा, हाई-स्पीड रेल, आयुष संस्थान, मेडिकल टूरिज्म, खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के प्रस्ताव देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
रीवा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के रीवा दौरे के दौरान UGC को लेकर माहौल गरमा गया। बजट 2026 पर बयान देने पहुंचे पटवारी को सवर्ण समाज से जुड़े छात्रों ने घेर लिया और यूजीसी से जुड़े नए नियमों पर कांग्रेस का स्टैंड जानने की मांग की। छात्र इस मुद्दे पर जवाब लेने को लेकर अड़े रहे, जिससे कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। छात्रों के सवालों पर जीतू पटवारी ने कहा कि यूजीसी से जुड़े फैसलों पर सवाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार से पूछे जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सोच में किसी भी तरह का विभाजन लाना किसी भी देश के हित में नहीं है। मैं कोई गोल-मोल बात नहीं करता। मैं इधर उधर की बात भी नहीं करता। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट हुए और मामला शांत हुआ। UGC के विरोध में रीवा बंद, सड़कों पर उतरे छात्रUGC के खिलाफ विरोध यहीं नहीं थमा। मंगलवार को छात्रों और सामाजिक संगठनों ने रीवा बंद का आव्हान किया। बंद के दौरान बाजारों की दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि UGC के जरिए शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर लड़ा जाएगा। बजट 2026 में मध्य प्रदेश को कुछ नहीं मिला: पटवारीइस दौरान जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार के बजट 2026 पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बजट में मध्य प्रदेश के हिस्से कुछ भी नहीं आया है। पटवारी ने कहा 12 साल पहले रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर जो बड़े वादे किए गए थे, आज हालात उनसे भी बदतर हैं।
इस बजट में सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई बड़े एलान किए। वित्तीय अनुशासन के साथ विकास को गति देने की रणनीति स्पष्ट दिखी।
नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया
भास्कर न्यूज| लुधियाना देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन किदवई नगर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की तरफ से विकसित भारत@2047: अवसर और चुनौतियां विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के डीन कॉलेज विकास परिषद की तरफ से प्रायोजित किया गया। कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नंद कुमार जैन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार और मिलावट के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान करते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने पर बल दिया। संगोष्ठी में कुल 135 शिक्षाविदों, शोधार्थियों और स्टूडेंट्स ने भाग लिया। लगभग 40 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें छात्र कल्याण, समावेशी शिक्षा, नवाचार तंत्र, सतत नीति निर्माण और मानव संसाधन विकास जैसे विषय शामिल रहे। उद्घाटन सत्र दीप प्रज्ज्वलन और नमोकार मंत्र के उच्चारण से आरंभ हुआ। प्राचार्या डॉ. सरिता बहल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के निर्माण में शैक्षणिक संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्तव्य डॉ. राकेश शारदा, प्रधान वैज्ञानिक (प्लास्टिकल्चर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत@2047 का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए डिजिटल इंडिया, पीएम गति शक्ति और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों का उल्लेख किया तथा नवाचार और संस्थागत सहयोग पर बल दिया। तकनीकी सत्र प्रथम में डॉ. नीना सेठ पजनी प्राचार्या, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज, खन्ना और डॉ. एसपी शर्मा, प्रोफेसर मुख्य अर्थशास्त्री एनडीआईएम एनईओ रिसर्च सेंटर ने अपने विचार रखे। डॉ. पजनी ने उच्च शिक्षा सुधार, नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया। डॉ. एसपी शर्मा ने विकसित भारत@2047 के संदर्भ में भारत की सुधार-आधारित और नवाचार-प्रेरित आर्थिक वृद्धि को रेखांकित किया। तकनीकी सत्र दूसरे में डॉ. मोहम्मद सलीम, सेवानिवृत्त प्राचार्य, कमला लोहटिया सनातन धर्म कॉलेज, लुधियाना ने विकसित भारत के लिए शिक्षा, कौशल और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को तकनीक आधारित नवाचार के लिए प्रेरित किया। शोध-पत्र प्रस्तुतियों के उपरांत संगीता सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता तथा डॉ. प्राची बिष्ट एवं डॉ. रश्मी उपरति को सर्वश्रेष्ठ ऑफलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता घोषित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंतर ज्योति घई, एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रबंधक समिति ने आईक्यूएसी समन्वयकों डॉ. लोतिका गुप्ता (विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान) और डॉ. रोबिना (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र) तथा उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
जबलपुर में मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी) और सेंट अलाॅयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई के वर्तमान और भविष्य के उपयोगों पर व्याख्यान दिए, जबकि विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. रेनू पांडे ने कहा कि एआई भविष्य में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने एआई के पांच फायदे और पांच नुकसान भी बताए। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में एआई कुछ पारंपरिक नौकरियों को कम कर सकता है, लेकिन साथ ही डेटा एनालिस्ट, एआई इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी मैनेजर जैसी नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई बीमारी की प्रारंभिक पहचान, सटीक निदान, रोबोटिक सर्जरी और मरीजों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे इलाज अधिक तेज, सटीक और किफायती होगा, साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एआई व्यक्तिगत सीखने को बढ़ावा देगा। छात्रों की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम, ऑनलाइन ट्यूटर, वर्चुअल क्लासरूम और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी। कांफ्रेंस में सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर की छात्रा शिवांगी कुररिया और हर्षा जाटव ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार में एआई के उपयोग पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. राकेश बाजपेई (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर), डॉ. जे. बेन एंटॉस रोज (प्रिंसिपल, सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर), डायरेक्टर फादर थंकचन जोस सैट, डॉ. रश्मि जायसवाल, डॉ. आराधना धनराज, डॉ. हरकिरात कौर सहित अन्य गणमान्य अतिथि और प्राध्यापक उपस्थित रहे।
शेखपुरा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर जिले में लोगों के साथ-साथ जमुई सांसद अरुण कुमार भारती ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी केंद्रीय बजट में बिहार को एक बड़ा सौगात मिलेगा। सांसद भारती ने शनिवार को स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री कृषि, शिक्षा और आधारभूत संरचना के निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में बिहार को प्राथमिकता के आधार पर नई योजनाएं लाने की घोषणा करेंगी। नीट केस CBI को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की इसी बातचीत के दौरान, सांसद अरुण कुमार भारती ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की। वह आकांक्षी जिला योजना के तहत संपूर्णता अभियान के द्वितीय चरण का विधिवत शुभारंभ करने शेखपुरा आए थे। 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता की भावनाओं को समझते हुए और उनमें विश्वास पैदा करने के लिए इस मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा CBI को देने का निर्णय लिया है। सांसद भारती ने इस कदम को सराहनीय बताया। सांसद ने आगे कहा कि सरकार लगातार जनता के हित में बड़े कदम उठा रही है, जिसका उद्देश्य जनता में विश्वास पैदा करना और उनके जीवन को हर प्रकार से आसान बनाना है। उन्होंने जिले में आकांक्षी जिला योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की और बताया कि इस योजना के तहत 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ है।
बगड़ नगर पालिका में आयोजित समारोह में क्षेत्र के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकेश दाधीच बतौर अतिथि शामिल हुए। नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद सिंह राठौड़ ने सभी अतिथियों का साफा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। शिक्षा मंत्री के निशाने पर डोटासरा: “जेल तो भ्रष्टाचारी ही जाएंगे” कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने आक्रामक अंदाज में नजर आए। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना में करीब 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच की आंच उन मगरमच्छों तक जरूर पहुंचेगी जिन्होंने जनता की कमाई पर डाका डाला है। डोटासरा के 'जेल में मिलने' वाले बयान पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा, मैं उनका स्वागत करता हूँ। अगर मैं जेल गया भी तो सुपरविजन (निरीक्षण) के लिए जाऊँगा, क्योंकि मैंने न तो पेपर लीक में पैसे खाए हैं और न ही तबादलों में। डोटासरा चिंता न करें, भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया गया है। कांग्रेस सरकार पर प्रहार: उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को 'गूंगी और बहरी' बताते हुए कहा कि उनके समय शिक्षकों ने खुद मुख्यमंत्री के सामने तबादलों में पैसे लेने की बात स्वीकार की थी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार: 600 करोड़ का बजट और नई भर्तियाँ प्रदेश की जर्जर स्कूलों की स्थिति पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने अपनी सरकार का रोडमैप साझा किया। स्कूलों की मरम्मत और नए भवनों के लिए राज्य सरकार 600 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 1000 करोड़ रुपये भी जल्द मिलने वाले हैं, जिससे चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का कायाकल्प होगा। शिक्षक भर्ती: दिलावर ने बताया कि कांग्रेस ने बिना पद सृजित किए स्कूलों पर अंग्रेजी माध्यम के बोर्ड टांग दिए थे। हमारी सरकार ने 20 हजार पद भर दिए हैं और शेष रिक्तियों के लिए चयन बोर्ड को फाइलें भेज दी गई हैं। संगठन की मजबूती पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का जोर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने झुंझुनूं दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश भरा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अंता से प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन के वायरल पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी। हार की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया है। कौन क्या कह रहा है और किन कारणों से चुनाव प्रभावित हुए, इसकी गहन विवेचना संगठन स्तर पर की जा रही है। प्रत्येक कार्यकर्ता की बात सुनी जाएगी और निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार होगी। कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत जिले के विभिन्न स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
बीकानेर की बेटी शिक्षा सहारण ने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। 15 वर्षीय शिक्षा सहारण का चयन 10 मीटर एयर पिस्टल सब-यूथ वूमन कैटेगरी में भारतीय शूटिंग टीम में हुआ है। वर्तमान में वह 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। शिक्षा फरवरी माह में नई दिल्ली में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वे देश के लिए पदक जीतने के इरादे से निशाने साधेंगी। महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में कर रहीं कड़ी तैयारी एशियन चैंपियनशिप को लेकर शिक्षा इन दिनों तुगलकाबाद स्थित महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में भारतीय शूटिंग दल के साथ कड़ी तैयारियों में जुटी हुई हैं। शिक्षा का कहना है कि वे देश के लिए मेडल जीतकर उसे हर उस बेटी को समर्पित करना चाहती हैं, जिसे आज भी बेटों से कम समझा जाता है। नेशनल और SGFI गेम्स में दिखा चुकी हैं दम शिक्षा सहारण इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।पिछली नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 3 पदक अपने नाम किए थे। वहीं SGFI गेम्स, भोपाल में भी शिक्षा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर बीकानेर का मान बढ़ाया। परिवार और कोच को किया गौरवान्वित शिक्षा के पिता मनोज सहारण बताते हैं कि इस उपलब्धि से दादा-दादी, माता-पिता, परिवारजनों और उनके शूटिंग कोच रघुवीर सिंह में खुशी का माहौल है। सभी ने शिक्षा की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
भंडारों में गायत्री परिवार ने चलाया शिक्षा व नशा उन्मूलन अभियान
भास्कर न्यूज |गिरिडीह जमुआ प्रखंड अंतर्गत भंडारों गांव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के बैनर तले शिक्षा एवं नशा उन्मूलन आंदोलन के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गायत्री परिवार के प्रखंड समन्वयक बलदेव प्रसाद ने किया।स्कूली बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।बलदेव प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नशा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बल्कि पढ़ाई, परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर देती है और जीवन के लक्ष्य से भटका देती है। इसलिए विद्यार्थियों को शुरू से ही नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करते हुए गायत्री मंत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बलदेव प्रसाद ने बताया कि गायत्री मंत्र का नियमित जप मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मबल को मजबूत करता है।
जिपं सदस्य ने बच्चों को शिक्षा व विकास का महत्व बताया
पामगढ़ | भारतीय ज्ञान गंगा पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री में वार्षिक उत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संतोषी मनोज रात्रे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे और बच्चों को शिक्षा ग्रहण कर अपने भविष्य को उज्जवल बनाने की प्रेरणा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी विद्यालय नहीं आ रहे, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने साथ ही स्कूल के शौचालय, भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। समारोह की अध्यक्षता उप सरपंच प्रभा देवी साहू ने की। कार्यक्रम में स्कूल संचालक विनोद खरे, रमेश खरे, मनोज ज्योति, शिक्षक-शिक्षिकाएं नेतराम खरे, नेहा लहरे, सीमा सुनहरे, निशा यादव, हेमा यादव, प्लाज्मा और सोनम खरे, माया भट्ट के साथ छात्र-छात्राओं, पालकों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक शर्मा (बाबूजी) को दी श्रद्धांजलि
उदयपुर | राजस्थान बाल कल्याण समिति झाड़ोल मुख्यालय पर संस्था के संस्थापक और आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक पं. जीवतराम शर्मा (बाबूजी) की 10वीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, संत-महंतों, संस्था पदाधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बाबूजी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. गिरिजाशंकर शर्मा ने इस अवसर पर बाबूजी के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा में संस्था के संयुक्त निदेशक डॉ. एसबी सिंह, जनरल मैनेजर हेमकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
पूर्वी राजस्थान के दस जिलों के क्षत्रियों का खेड़लीमें कल महासमागम, शिक्षा-रोजगार पर होगा मंथन
सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में पहली बार खेड़ली में रविवार को पूर्वी राजस्थान के दस जिलों के क्षत्रिय समाज का पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम का आयोजन होगा। महासमागम में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग खेड़ली स्थित कृषि उपज मंडी मैदान पहुंचेंगे। समाजबंधुओं के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। पिछले एक माह से सामाजिक एकता मंच के ध्वजवाहकों की ओर से गांव-गांव जाकर समाजबंधुओं को पीले चावल वितरित कर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। मंच के मुख्य ध्वजवाहक शक्ति सिंह बांदीकुई ने बताया कि जनसंपर्क के दौरान समाज ने सामाजिक एकता के बल पर लोकतंत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति और सामूहिक ताकत प्रदर्शित करने का संकल्प लिया। इस आयोजन में पूर्वी राजस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार और मांगें रखी जाएगी।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त गोयल ने नर्सिंग से जुड़े मुद्दों पर ली बैठक
राजकीय नर्सिंग कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने नर्सिंग शिक्षा एवं सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर बैठक ली। इस दौरान प्राचार्य एवं समस्त नर्सिंग फैकल्टी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों एवं नर्सिंग पेशेवरों की समस्याओं को समझना तथा उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में बजट आवंटन, छात्रावास एवं भवन संबंधी समस्याएं, नर्सिंग पेशेवरों के उन्नयन हेतु सीएनई/सेमिनार तथा शैक्षणिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। राजकीय नर्सिंग कॉलेज, जयपुर के प्राचार्य डॉ. जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि आयुक्त ने सभी नर्सिंग शिक्षकों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर टीएनएआई राजस्थान राज्य शाखा की ओर से पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया कि राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेजों में भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नियमानुसार नियमित भर्ती की जाए। सभी नर्सिंग कॉलेजों में सिमुलेशन लैब की स्थापना की जाए। नर्सिंग पेशेवरों को अन्य राज्यों एवं एम्स की तर्ज पर सेमिनार में भाग लेने हेतु आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
डिंडौरी में शुक्रवार को जोगी टिकरिया गांव के पास वन विभाग की नर्सरी में 'अनुभूति कार्यक्रम' रखा गया। इसमें विधायक ओमकार मरकाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार और पुलिस-वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें प्रकृति के करीब रहने की सीख दी। नवोदय विद्यालय और मुड़की हाई स्कूल के करीब 136 छात्र-छात्राएं सुबह ही नर्सरी पहुंच गए थे। वन विभाग के ट्रेनरों ने बच्चों को अलग-अलग टोलियों में बांटा और उन्हें जंगल की सैर कराई। इस दौरान बच्चों को वन्यजीवों और पेड़-पौधों के बारे में कई दिलचस्प बातें बताई गईं। कार्यक्रम को मजेदार बनाने के लिए बच्चों से सवाल-जवाब भी किए गए। विधायक ने दी बेहतर शिक्षा और संस्कारों की सीख विधायक ओमकार मरकाम ने छात्रों को पर्यावरण बचाने का तरीका समझाया। उन्होंने कहा कि इंसान के लिए ऑक्सीजन और भोजन के साथ-साथ अच्छी शिक्षा और संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिले में करीब डेढ़ लाख छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन उन्हें वह शिक्षा और संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं जो एक विकसित भारत के लिए जरूरी हैं। ट्रैफिक नियमों और नशे से दूर रहने की अपील एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बच्चों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने घर-परिवार के लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और गाड़ी धीरे चलाने के लिए कहें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि वे अपने बड़ों को नशे की हालत में गाड़ी न चलाने की सलाह दें, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके और हर कोई सुरक्षित घर पहुंचे। प्लास्टिक मुक्त रहा पूरा आयोजन रेंजर अतुल सिंह ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम में प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया। बच्चों को भी यही सिखाया गया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक से दूरी बनाएं ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे। इस मौके पर स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मंदसौर में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन के साथ ही जिले के विकास को नई गति मिलने के संकेत मिले हैं। विधायक विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ा विस्तृत और बहुआयामी मांग-पत्र सौंपते हुए आगामी बजट सत्र (16 फरवरी से प्रारंभ) में स्वीकृति देने का आग्रह किया। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह मांग-पत्र केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि मंदसौर के भविष्य का विजन डॉक्यूमेंट है, जिसमें आस्था, कृषि, यातायात, शिक्षा और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा गया है। विधायक ने बताया कि पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। अब श्रद्धालुओं की सुविधा और परिसर की भव्यता को और बढ़ाने के लिए द्वितीय चरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया गया। 19 सड़कों का जाल, गांव-गांव तक विकास की पहुंचमंदसौर विधानसभा क्षेत्र की 19 महत्वपूर्ण सड़कों को स्वीकृत करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इनमें बनी-माउखेड़ी, सरसोद मगरे-भीमरुंडी, पलसोड़ा-धंधोंडा, भालोट-अचेरा, पटेला-सरसोद, जवासिया-डोराना, भंडारिया-गरोड़ा, दलोदा सगरा-लखमाखेड़ी, सिंदपन-साबाखेड़ा, धारियाखेड़ी-रलायता सहित कई प्रमुख ग्रामीण मार्ग शामिल हैं, जिनकी मांग लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। वर्ष 2019-20 की अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी मजबूती से उठाया गया। विधायक ने बताया कि स्वीकृत मुआवजा राशि में से अब भी 27 करोड़ 47 लाख 55 हजार 734 रुपए की राशि शेष है, जो 15,186 किसानों को मिलना बाकी है। मुख्यमंत्री से किसानों को शीघ्र भुगतान कराने का अनुरोध किया गया। दलौदा-अकोदड़ा मार्ग टू-लेन, मंडी और मंदिर दोनों को राहतदलौदा एलची होते हुए सेमलिया, अकोदड़ा और करजू तक जाने वाला मार्ग वर्तमान में सिंगल है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में किसान मंडी आते हैं और अकोदड़ा का प्रसिद्ध माताजी मंदिर भी इसी मार्ग पर है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसे टू-लेन करने की मांग रखी गई। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पशुपतिनाथ पहुंच मार्ग चौड़ा करने की मांगमहाराणा प्रताप चौराहा से नयापुरा रोड, शुक्ला चौक, धान मंडी, प्रतापगढ़ पुलिया होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंच मार्ग को सिंहस्थ मद 2028 के अंतर्गत चौड़ा कर सीसी निर्माण कराने का आग्रह किया गया। विधायक ने कहा कि सिंहस्थ में लाखों श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेंगे, ऐसे में यह कार्य अत्यंत आवश्यक है। राजाराम फैक्ट्री से काबरा पेट्रोल पंप तक का मार्ग, जो शहर का प्रमुख व्यापारिक और अत्यधिक यातायात वाला क्षेत्र है, आए दिन जाम से जूझता है। इसे सिक्स लेन करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। रामजानकी मंदिर निम्बोद-देहरी के लिए राशि स्वीकृति का आग्रहप्राचीन और ऐतिहासिक श्री रामजानकी मंदिर निम्बोद (20.33 लाख) और देहरी (17.92 लाख) के जीर्णोद्धार हेतु प्राक्कलन तैयार कर धर्मस्व विभाग को भेजा जा चुका है। सिंहस्थ पूर्व राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया। विधानसभा क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों दलौदा सगरा, आक्या, कटलार, जमालपुरा, नंदावता, बादाखेड़ी, राकोदा, लालाखेड़ा, अघोरिया, भावगढ़, एलची और अरनिया निजामुद्दीन में नवीन मांगलिक भवन स्वीकृत करने की सूची भी मुख्यमंत्री को सौंपी गई। खजुरिया सारंग और निम्बोद स्कूल होंगे हायर सेकेंडरीग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए खजुरिया सारंग और निम्बोद के हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। विधायक विपिन जैन ने कहा कि “मंदसौर के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। किसानों का हक, श्रद्धालुओं की सुविधा और युवाओं का भविष्य तीनों हमारी प्राथमिकता हैं।”
उन्नाव में युवाओं को निःशुल्क AI शिक्षा:फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी कर रही आत्मनिर्भर बनाने की पहल
उन्नाव में युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा प्रदान कर रही है। यह पहल आधुनिक तकनीक से जुड़कर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में सहायक है। वर्तमान में, नगर क्षेत्र में करीब 75 छात्र-छात्राएं इस केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अकादमी का लक्ष्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कोर्स नहीं कर पाते। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम टीचर दिव्या गुप्ता के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में छात्रों को एक वर्ष का AI आधारित कोर्स कराया जा रहा है। तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स और इंग्लिश स्पीकिंग की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद कौशल भी विकसित कर सकें। अकादमी में आधुनिक डिजिटल लर्निंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीखने के लिए 10 लैपटॉप और 15 टैबलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन डिजिटल संसाधनों के माध्यम से छात्रों को रियल टाइम प्रोजेक्ट्स, ऑनलाइन टूल्स और AI से जुड़े नए प्रयोगों की जानकारी दी जाती है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की कक्षाएं पुरवा नगर के मोहल्ला बेगमगंज में संचालित हो रही हैं। यहां स्थानीय युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों का कहना है कि इस कोर्स से उन्हें नई दिशा मिली है और वे भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर की उम्मीद कर रहे हैं। अकादमी के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित शुक्ला ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में और अधिक छात्रों को जोड़ने तथा नए तकनीकी कोर्स शुरू करने की योजना है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की यह पहल उन्नाव के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। उन्हें तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
गाजीपुर जिले के रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'शिक्षा के साथ सेहत' अब धरातल पर साकार हो रही है।लगभग तीन वर्षों के इंतजार के बाद परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत कम्पोजिट विद्यालय विसुनपुरा परिसर में लगभग दो बिस्वा क्षेत्रफल में किचन गार्डन विकसित किया गया है।इसमें आधा दर्जन से अधिक किस्म की हरी सब्जियों की खेती की जा रही है,जिसका सीधा लाभ अब बच्चों को मध्याह्न भोजन में मिल रहा है। उन्हें मौसम के अनुसार ताज़ी,हरी और गर्मागर्म सब्जियां परोसी जा रही हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेवतीपुर ब्लॉक के अंतर्गत अब तक 24 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं।इन गार्डनों में उगाई जा रही सब्जियों को मध्याह्न भोजन में शामिल किया जा रहा है,जिससे छात्रों को पोषणयुक्त और संतुलित आहार मिल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र का यह प्रयास अब गाजीपुर जिले के अन्य परिषदीय विद्यालयों के लिए एक मॉडल बन गया है। खास बात यह है कि किचन गार्डन में उगाई जा रही सभी सब्जियां रासायनिक खाद से मुक्त हैं। इन्हें पूरी तरह जैविक और कम्पोस्ट खाद के माध्यम से तैयार किया जा रहा है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। इन किचन गार्डनों में प्रमुख रूप से सरपुतिया, तरोई, बोड़ा, भिंडी, बैंगन, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, लहसुन, धनिया, टमाटर, मूली, पालक, गाजर, सोया, मेथी और सौंफ जैसी पौष्टिक सब्जियां उगाई जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, कम्पोजिट विद्यालय विसुनपुरा में 72 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में कुल 104 विद्यालय हैं, जहाँ लगभग 10,000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विसुनपुरा कम्पोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक संत कुमार गुप्ता, मंगलदीप सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अरशद हसन और धर्मेंद्र कनौजिया जैसे शिक्षक कार्यरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम ने बताया, किचन गार्डन योजना अब रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में मूर्त रूप ले चुकी है। यहां उगाई जा रही जैविक सब्जियों को मध्याह्न भोजन में शामिल किया जा रहा है, जिससे बच्चों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार मिल रहा है।
पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा का केंद्र बनकर उभर रहा त्रिपुरा: सीएम माणिक साहा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां सात विश्वविद्यालय, तीन इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन मेडिकल कॉलेज और कई अन्य उच्च शिक्षा और व्यावसायिक संस्थान उच्च कुशल कार्यबल का उत्पादन कर रहे हैं।
रासा पंजाब ने आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का किया सम्मान
भास्कर न्यूज | अमृतसर रिकॉग्नाइज़्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल एसोसिएशन (रजि.) रासा पंजाब की ओर से आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का विशेष रूप से सम्मान किया गया। इस दौैरान शिक्षा विंग के माझा जोन इंचार्ज सर्बजोत सिंह धंजल और हरपिंदर पाल सिंह संधू को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रासा पंजाब के अध्यक्ष जगतपाल महाजन, जनरल सेक्रेटरी सुजीत शर्मा बबलू, मुख्य सलाहकार जगजीत सिंह सहित रासा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान रासा के प्रतिनिधियों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों, निजी स्कूलों की समस्याओं और शिक्षा सुधारों को लेकर गुलशन छाबड़ा के साथ विस्तृत चर्चा की। गुलशन छाबड़ा ने रासा पंजाब को आश्वासन दिया कि स्कूलों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा उन्हें उचित स्तर पर हल करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार और स्कूल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मेडिकल शिक्षा विभाग; गणतंत्र दिवस पर सम्मान, अगले दिन थमाए नोटिस
मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया और अगले ही दिन काम में लापरवाही के कारण नोटिस जारी कर दिए। विभाग ने तीन अस्पतालों के अधीक्षकों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत भर्ती मरीजों के इलाज की एवज में उठाए जाने वाले क्लेम के रिजेक्ट होने पर नोटिस दिया है। विभाग की बनीपार्क सेटेलाइट अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीडी मीणा, सेठी कॉलोनी जयपुर के अधीक्षक डॉ. गोवर्धन मीणा, राज बहादुर मेमोरियल हॉस्पिटल भरतपुर के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और अजमेर स्थित महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. पूर्णिमा पंचौरी को सम्मानित किया गया था। गणतंत्र दिवस पर एक निजी क्षेत्र के व्यक्ति को सम्मानित करना भी चर्चा में है। मेडिकल शिक्षा विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल का कहना है कि सम्मान करना एक सामान्य प्रक्रिया है।
माध्यमिक शिक्षा में 10 साल बाद 50 हजार से अधिक पद बढ़ेंगे
सरकार 10 साल बाद माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न करने जा रही है। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। अब सरकार को भेजेंगे। स्वीकृति मिलते ही लागू करने का काम शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि नए सत्र 2026-27 में यह लागू हो जाएगा। इससे पहले पिछली भाजपा सरकार में शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया था। इसका मतलब है कि स्कूलों में नामांकन के हिसाब से पद देना। 10 साल पहले माध्यमिक शिक्षा में 20 लाख से अधिक नामांकन था। अब 50 लाख से अधिक है। ऐसे में शिक्षक व अन्य की संख्या में बढ़ोतरी तय है। नामांकन के हिसाब से देखा जाए तो स्कूलों में 50 हजार से अधिक पदों की बढ़ोतरी संभव है। शेष | पेज 8
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
कोंच प्रखंड के श्री गांव में बच्चों के सर्वांगीण विकास और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक बाल मेले का आयोजन किया गया। श्रीगांव प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस मेले का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह बाल मेला गुरुवार शाम चार बजे शुरू हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजेंद्र यादव, शिक्षक भूपेंद्र कुमार और श्री गांव पंचायत के उप मुखिया पति लालू यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विद्यालय के समस्त शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और स्थानीय व्यक्ति मनोज वर्मा ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चों ने किया अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन बाल मेले में बच्चों ने विभिन्न स्टॉल लगाए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीखते हैं। श्री गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया और बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि बाल मेलों का आयोजन सरकारी निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इस मेले ने बच्चों को खुशी देने के साथ-साथ समुदाय को विद्यालय से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।
UGC को लेकर गाजियाबाद में आज गुरुवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए। जहां कलेक्ट्रेट में महिलाओं ने दिन भर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस मामले में डासना मंदिर के प्रमुख और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिर नसिंहानंद ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि देश के कानून में दम होता तो जातीय नरसंहार की योजना बनाने वाले धर्मेंद्र प्रधान और उसके राजनीतिक आकाओं को फांसी की सजा दी जाती। नरसिंहानंद ने यूजीसी पर यह बयान केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने देश को गृहयुद्ध से बचा लिया यति नरसिंहानंद गिरी ने वीडियो बयान जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट का बहुत बहुत धन्यवाद। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश को गृहयुद्ध से बचा लिया। जो आज की टिप्पणी है, वह उनके लिए जिन्होंने यूजीसी एक्ट बनाया उनके मुंह पर थप्पड़ के समान है। जो लोग इस देश को जातीय गृहयुद्ध के लिए धकेल रहे थे, उनमें यदि शर्म होगी तो उन्हें यह टिप्पणी बहुत चुभेगी। जो भी लोग इस लड़ाई में लड़े, उनके लिए बहुत बहुत साधुवाद। मैंने तो इस कानून के बारे में जाना। इस कानून के बारे में बात करनी आरंभ की। बहुत लोग इस विनाशकारी काले कानून के बारे में जानें। वे सभी लोग जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए सोशल मीडिया पर लड़े, जो लोग जमीन पर उतरकर लड़े उनके लिए भी बहुत बहुत साधुवाद। जो लोग इन जातियों में पैदा हुए। इन जातियों के बूते पर नेता बने, विधायक बने, सांसद बने। लेकिन अपने लोगों और बच्चों के भविष्य के बारे में एक शब्द नहीं बोल सके, लानत है। धन्य है तुम्हारी माताएं, धन्य हैं वह पिता जो ऐसे बेटों को पैदा करते हैं। अलंकार अग्निहोत्री लाख गुना अच्छा है यति नरसिंहानंद ने आगे कहा यदि तुम जैसे बेटे पैदा होते ही नपेत हो जाते तो धरती या तुम्हारे वंश का कोई नुकसान नहीं होता। क्योंकि तुम केवल कुलकलंक और कुलघातक है। तुमसे से लाख गुना अच्छा अलंकार अग्निहोत्री है, जो अपनी मेहनत से सिटी मजिस्ट्रेट बना, जिसने न झुकते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। मैं राकेश टिकैत और उनके जैसे बहुत सारे लोग जिनके बच्चे इस योजना से लाभान्वित होने थे। लेकिन उन्होंने फिर भी सत्य और न्याय का साथ दिया है। मेरे बहुत सारे शिष्य यादव हैं। बहुत सारे शिष्य खुलकर सामने आए और मेरे साथ खड़े हैं। धर्मेंद्र प्रधान जैसे फांसी पर टंगते यह समय है सनातन धर्म के लिए लड़ने का। हिंदुओं एक बात याद रखो, धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग और उसके राजनीतिक आंका जिन्होंने यह कानून बनाया। अगर किसी ईमानदार देश में होते तो इन पर नरसंहार की तैयारी का आरोप लगता, और इनकी सारी जिंदगी जेल में जाती। या यह फांसी पर टंगते। भारत में यह तो कभी भी नहीं होगा, कि कोई धर्मेंद्र प्रधान या उसके राजनीतिक आकाओं से यह पूछ सके कि तुमने यह कानून बनाया क्यों। लेकिन भगवान की अदालत है, मेरी मां की अदालत है, मेरे महादेव की अदालत है। उनमें इनकी, धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोगों की और उनके राजनीतिक आकाओं की सजा निश्चित की जायेंगी, और इन्हें सजा जरूर मिलेगी।
नयागांव पंचायत समिति में मुख्यमंत्री निःशुल्क साइकिल योजना के तहत राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पहाड़ा की 30 छात्राओं को साइकलें वितरित की गईं। यह वितरण कक्षा 9 में अध्ययनरत बालिकाओं के लिए किया गया। सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की मेधावी और आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को विद्यालय तक पहुंचने में सुविधा प्रदान करना है। इसका लक्ष्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और ड्रॉपआउट दर को कम करना है। साइकल वितरण कार्यक्रम विद्यालय के पीटीए अध्यक्ष की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर चंद्रभान सिंह, विक्रम कुमार सालवी, बंशी लाल सालवी, हितेश दरोगा, संस्था प्रधान डिंपल परमार, अध्यापक बाबूलाल मीणा, भरत कुमार,और अध्यापिका किरणबाला ,प्रतिभा खराड़ी सहित अन्य स्कूल स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। साइकल मिलने से छात्राओं को अब घर से विद्यालय आने-जाने में आसानी होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें समय पर विद्यालय पहुंचने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
यूपी में माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों के टीचर्स और कर्मचारी अब 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज करा पाएंगे। इससे करीब 10 लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज मिलेगा। यह नियम बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों भी लागू होगा। बेसिक शिक्षा विभाग से फाइनेंस और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक, अंशकालिक शिक्षकों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार कैशलेस इलाज की सुविधा देगी। इसके अलावा, मेरठ के मवाना गोसाईं में 107 बांग्लादेशी विस्थापित हिंदू परिवार को विस्थापित और सीएम फेलोशिप वालों को सरकारी नौकरी में अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने को मंजूरी दी गई। एक साल फेलोशिप वालों को लिखित परीक्षा में 1.5 अंक, दो साल वालों को 3 अंक और तीन साल वालों को 4.5 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे पहले, सीएम योगी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्ताव पास हुए। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट में 32 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। 3 प्रस्ताव आउट ऑफ एजेंडा थे। यह भी बताया गया कि विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से होगा। 9 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को दो विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद सदन स्थगित कर दिया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। अब अन्य प्रस्तावों को जानिए… नोएडा में बनेगा मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन बरेली में विज्ञान पार्क बनाया जाएगा बांग्लादेशी हिंदू बंगाली परिवारों को बसाएगी सरकार ------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का कनपटी पर बंदूक रखने का इशारा:पहले विक्ट्री साइन दिखाई, फिर जान को खतरा जताया; समर्थक पुलिसवालों से भिड़े अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पुलिस उनके आवास से लेकर गई। गेट पर मजिस्ट्रेट के 400 समर्थक जुट गए। जैसे ही तीन गाड़ियां बाहर निकलीं, समर्थक गाड़ियों के सामने लेट गए। वे नारेबाजी करने लगे और कुछ लोग कारों पर चढ़ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। एक इंस्पेक्टर के ऊपर अलंकार का समर्थक गिर पड़ा। दोनों सड़क पर औंधे मुंह गिर गए। इंस्पेक्टर ने वर्दी पर हाथ डालने और स्टार नोचने का आरोप लगाया। हाथापाई की नौबत आ गई। लोगों ने बीच-बचाव कराया। पढ़ें पूरी खबर…
अयोध्या जिला जेल से दो कैदी दीवार तोड़कर फरार हो गए। दोनों स्पेशल सेल में बंद थे। दोनों ने रातभर में सेल की पीछे की दीवार की 25-30 ईंटें उखाड़ीं। भागकर जेल की बाउंड्री वॉल तक गए। फिर कंबल और मफलर से रस्सी बनाकर 20 फीट ऊंची दीवार फांद गए। कैदियों के भागने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और शेर अली उर्फ रफीक अली के रूप में हुई है। गोलू अमेठी और रफीक सुलतानपुर का रहने वाला है। दोनों हत्या और रेप के आरोप में बंद थे। डीजी जेल पीसी मीणा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के वरिष्ठ अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेड वार्डर और तीन वार्डर को सस्पेंड कर दिया। विभागीय जांच के आदेश भी दिए। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर जिला जेल पहुंचे। जेल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पहले सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए... जेल की दीवार तोड़कर भागेपुलिस के मुताबिक, दोनों कैदी जेल की स्पेशल सेल नंबर-एक की 4 नंबर कोठरी में बंद थे। बुधवार की शाम 6 बजे बैरक को बंद किया गया। उस वक्त तक दोनों कैदी बैरक में ही थे। आज सुबह यानी गुरुवार सुबह 6 बजे कैदियों की गिनती शुरू हुई। इसमें कैदियों को नाम बुलाया गया तो दोनों कैदी नहीं मिले। इसके बाद टीम ने अंदर जाकर देखा तो जेल के पीछे की दीवार पर लगे जंगले से कुछ ईटें निकली दिखाई पड़ी। यानी दोनों दीवार तोड़कर भाग गए। टीम पहुंची तो जंगले की लगभग 25 से 30 ईंटें निकली पाई गईं। जेल में जगह-जगह सर्च किया गया। सीसीटीवी चेक किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस का मानना है कि कोठरी के पीछे की दीवार पर लगे जंगले से जिस तरह से ईंटें निकाली गई हैं और कंबल-मफलर के सहारे रस्सी बनाई गई है, उससे लग रहा है कि दोनों लंबे समय से जेल ब्रेक करने की तैयारी कर रहे थे। अब 4 AI तस्वीरों की मदद से पूरी वारदात देखिए... अब कैदियों के बारे में जानिए कैदी शेर अली पुत्र रफीक अली, निवासी अमरे मऊ, सुलतानपुर और गोलू अग्रहरि पुत्र साधूराम, निवासी मुसाफिर खाना, अमेठी के रहने वाले हैं। गोलू पर अमेठी और अयोध्या में पॉक्सो समेत कई मामले दर्ज हैं। शेर अली पर अयोध्या, जौनपुर, सुलतानपुर में हत्या समेत 11 मामले दर्ज हैं। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर HS 24A है। सीओ कादीपुर ने बताया- पत्नी ने उसे छोड़ रखा है, रिश्तेदारी में पुलिस टीम दबिश दे रही है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए दरोगा की पिस्टल छिनकर भाग रहा बदमाश अरबाज मारा गया:सीने में गोली लगी, आगरा में पुलिस तमंचा बरामद कराने ले गई थी आगरा में राज चौहान मर्डर केस में गिरफ्तार अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस अरबाज को मर्डर में इस्तेमाल तमंचे की बरामदगी के लिए रात 2 बजे ले गई थी। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया- अरबाज को जीप से उतारकर 6 पुलिसकर्मी ले जा रहे थे, तभी अचानक उनसे दरोगा को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। पूरी खबर पढ़िए
हाईकोर्ट ने विशेष शिक्षा सहायक आचार्य नियुक्ति में आरक्षण मामले में मांगा जवाब
झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति में आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और जेएसएससी से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि इस मामले में कोर्ट के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। इससे पूर्व प्रार्थी जाहिद इकबाल एवं अन्य की ओर से अदालत को बताया गया कि उक्त विशेष शिक्षकों के लिए केंद्र की नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता (मार्क्स) में 5% छूट दिए जाने का नियम है। लेकिन राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञापन में उक्त शर्त को नहीं रखा गया है। ऐसे में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस नियुक्ति के लिए पांच फरवरी अंतिम तिथि है। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं प्रिंस कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है। मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी। नवीन केडिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मालूत हो कि नवीन केडिया के फरार होने के बाद उसके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। आईएलएस छात्रों की याचिका पर 4 हफ्ते में आरयू प्रशासन को जवाब देने का निर्देश झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को आरयू के अंतर्गत संचालित इंस्टीच्युट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) के छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरयू प्रशासन को चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि आईएलएस के छात्र अंबेश चौबे, आर्यन देव, तुषार दुबे और देवेश नंद तिवारी सहित अन्य छात्रों की ओर से यह याचिका दाखिल की है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें नियमों के खिलाफ गलत डिग्रियां दी जा रही हैं। लंबे समय से उठाई जा रही उनकी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार नजरअंदाज करता रहा है।
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
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10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड की परीक्षा आपके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही रणनीति और अनुशासन के साथ आप न केवल अच्छे अंक ला सकते हैं, बल्कि अपना आत्मविश्वास भी बढ़ा सकते हैं। यहीं से तय होता है छात्रों के करियर चुनने का रास्ता और ...
सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक
-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
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नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड
ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
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शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
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