विश्व हिंदू परिषद द्वारा मेरठ क्षेत्र का दस दिवसीय परिषद शिक्षा वर्ग मथुरा में आयोजित किया है। इस शिक्षा वर्ग में मेरठ, बृज और उत्तराखंड प्रांत के 200 से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस दस दिवसीय शिक्षा वर्ग का शुभारंभ विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी द्वारा किया गया। उदघाटन सत्र से पहले अतिथियों ने गौ माता का पूजन किया। दीप प्रज्वलन कर हुआ शुभारंभ उद्घाटन सत्र से पूर्व मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र जी अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिन्दू परिषद, महंत प्रहलाद दास महाराज, जगतगुरु भैया जी महाराज, स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर,प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, वर्ग प्रमुख यशपाल, वर्ग पालक रविन्द्र लांबा द्वारा संयुक्त रूप से गौ पूजन एवं भारत माता का पूजन किया गया। तत्पश्चात उद्घाटन सत्र का प्रारंभ अतिथियों द्वारा राम दरबार, चक्र धारी कृष्ण एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण करके व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उद्घाटन सत्र में उपस्थित संतो ने अपना आशीर्वचन दिये। यह रहे मौजूद उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि वर्ग से कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है और संगठन को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के दौरान मुकेश खांडेकर क्षेत्र संगठन मंत्री, मुकेश शुक्ला क्षेत्र सेवा प्रमुख, प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल प्रांत संगठन मंत्री, राजेश कुमार, प्रांत सह मंत्री, राकेश त्यागी, अभय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष गोकुलेश गौतम एडवोकेट,वत्सल भाटिया ,नितिन चौधरी, पवन शर्मा, आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्यभर में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। विभाग ने 28 अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) पदस्थ किए गए हैं, जबकि कुछ अधिकारियों को लोक शिक्षण संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग का कहना है कि यह बदलाव शिक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने, जिलों में प्रशासनिक समन्वय मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए किया गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रायपुर और बिलासपुर में बदले DEO जारी सूची के अनुसार, एमजी सतीश कुमार को रायपुर का नया प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वहीं, अब तक रायपुर DEO रहे हिमांशु भारतीय को प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय में पदस्थ किया गया है। बिलासपुर में रमेश्वर जायसवाल को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी की जिम्मेदारी दी गई है। वे विजय कुमार ताण्डे का स्थान लेंगे। इन जिलों में भी नए प्रभारी DEO महासमुंद, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी), कोरिया, बलौदाबाजार-भाटापारा, रायगढ़, गरियाबंद, धमतरी, बेमेतरा, बीजापुर, नारायणपुर और बालोद समेत कई जिलों में नए प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। महासमुंद में बीएल देवांगन को प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। वे पहले लोक शिक्षण संचालनालय में प्रभारी उप संचालक के पद पर कार्यरत थे। BEO और सहायक संचालकों को भी नई जिम्मेदारी तबादला सूची में कई विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (BEO), सहायक संचालकों और प्राचार्यों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को जिला स्तर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि कुछ को संचालनालय और संभागीय कार्यालयों में भेजा गया है। शिक्षा मंत्री बोले- कामकाज में आएगी तेजी स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विभागीय पुनर्संरचना का उद्देश्य शिक्षा प्रशासन को और मजबूत करना है। इससे शैक्षणिक योजनाओं की मॉनिटरिंग बेहतर होगी और जिलों में कामकाज की गति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नए पदस्थापनों से शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगी।
दिल्ली जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के धरने को समर्थन देने गई रोहतक की लेडी टीचर सुलेखा दलाल को सस्पेंड कर दिया गया है। उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो मीडिया से बातचीत के दौरान NEET व प्रतियोगी एग्जाम के पेपर लीक मामले पर नाराजगी जता रहीं थी। 10 जून को रोहतक के जिला एलिमेंट्री एजुकेशन ऑफिसर (DEEO) की ओर से उनका सस्पेंशन लेटर जारी हुआ। इस लेटर में 8 जून से सस्पेंशन के आदेश लागू होने की बात कही गई है। लेटर में सस्पेंशन का भी कोई कारण नहीं बताया गया है। सुलेखा दलाल रोहतक के रैनकपुरा कॉलोनी के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल में प्राइमरी (पीआरटी) गेस्ट टीचर हैं। अब उसने शिक्षा विभाग से सस्पेंड करने का रीजन मांगा है, लेकिन उन्हें कोई भी जवाब नहीं मिल रहा। दैनिक भास्कर से बातचीत में सुलेखा ने कहा- मैं खुद हैरान हूं। मैं अपने निलंबन का कारण जानना चाहती हूं। मैं अपने बेटे व ऐसे बच्चों के हक के लिए आवाज उठाने गई थी। बेटा दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट है और कंपीटिशन की तैयारी कर रहा है। बच्चे मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो जाते हैं। बेटे के लिए मरते दम तक लड़ती रहूंगी। रोहतक शिक्षा विभाग की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर की कॉपी… जंतर मंतर पर सुलेखा दलाल की वीडियो वायरल कॉकरोच जनता पार्टी का 6 जून को दिल्ली के जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें गेस्ट टीचर सुलेखा दलाल भी पहुंची थी। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा था कि युवा आर-पार की लड़ाई के लिए आए है। वह किसी के साथ नहीं है, लेकिन अपने बच्चों के साथ है। एक मां के तौर पर वह आई हैं और एक मां पूरे देश की मां होती है। यह वीडियो वायरल हो रहा है। लेडी टीचर सुलेखा दलाल ने सस्पेंड करने पर कही ये बातें… बोलीं- मैं 2007 से गेस्ट टीचर, कभी कोई शिकायत नहीं सुलेखा दलाल 2007 से गेस्ट टीचर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वह फरीदाबाद, झज्जर, गुरुग्राम के बाद 2018 से रोहतक के प्राइमरी स्कूल में गेस्ट टीचर के रूप में कार्यरत है। जिस भी स्टेशन पर वह रही, वहां कभी कोई शिकायत नहीं दी। अब उन्हें बिना कोई रीजन दिए सस्पेंड किया गया है। इस बारे में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बिजेंद्र हुड्डा से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। --------------------------------ये खबर भी पढ़ें… एल्विश यादव ने खरगोश जनता पार्टी बनाई:लिखा- सबका विकास गाजर के साथ, कॉकरोच पार्टी वालों से बहस नहीं करता गुरुग्राम के रहने वाले बिग बॉस OTT सीजन-2 के विनर एल्विश यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जवाब में खरगोश जनता पार्टी (KJP) का पोस्टर जारी किया है। बुधवार को उन्होंने अपने X हैंडल पर CJP पर तंज कसते हुए KJP का पोस्टर और मैनिफेस्टो शेयर किया। (पूरी खबर पढ़ें)
शेखपुरा जिला प्रशासन ने ईंट-भट्ठा श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक अभियान शुरू किया है। बुधवार को जिला हब फॉर विमेन टीम ने सुदूर क्षेत्रों में शिक्षा का अलख जगाने और मजदूरों के बच्चों व महिलाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यह पहल की। इस अभियान के तहत सदर प्रखंड के पैन पंचायत, शेखोपुरसराय प्रखंड के वेलाव पंचायत और बरबीघा प्रखंड के सामसखुर्द पंचायत के ईंट-भट्टों पर संचालित 'अक्षर लर्निंग सेंटर' के 125 बच्चों को विशेष स्कूल किट वितरित किए गए। यह वितरण 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' योजना के अंतर्गत किया गया।बच्चों को स्कूल बैग, पानी की बोतल, कॉपियां, स्लेट, किताबें, ड्राइंग बुक, पेंसिल बॉक्स और क्रेयॉन रंग जैसी पाठ्य सामग्री दी गई। सामग्री पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी दिखी, जिससे उन्हें पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ईंट-भट्टों पर काम करने वाली महिलाओं और किशोरियों के बीच एक विशेष जागरूकता बैठक भी आयोजित की गई। इस दौरान उन्हें माहवारी के दौरान साफ-सफाई के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया, जिससे बीमारियों का खतरा कम हो सके। महिलाओं को अपने बेटों के साथ-साथ बेटियों को भी नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगी। टीम ने उपस्थित सभी लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की अन्य कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी। ताकि वे पात्रता जानकर उनका लाभ उठा सकें।इस अवसर पर जिला हब फॉर विमेन के जिला मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा ने बच्चों और उनके अभिभावकों को बताया कि शिक्षा ही एकमात्र ऐसा माध्यम है जिससे बच्चे आत्मनिर्भर बनकर अपने पैरों पर खड़े हो सकते हैं। एक शिक्षित बच्चा न केवल अपना, बल्कि अपने पूरे परिवार और समाज का भविष्य बदलने की ताकत रखता है। साथ ही, जब तक हमारी माताएं-बहनें स्वास्थ्य और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं होंगी, तब तक समाज आगे नहीं बढ़ सकता। इसलिए सभी माता-पिता से अपील है कि वे बच्चों को हर दिन केंद्र पर पढ़ने के लिए जरूर भेजें।डीएम शेखर आनंद के निर्देशों पर जाकर इन महादलित और वंचित परिवारों के बच्चों और महिलाओं को तथा ईंट भट्ठा श्रमिक के परिवारों को स्वास्थ्य, अधिकार और शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सुदूर ग्रामीण इलाकों तक विकास की यह अलख मजबूती से जलती रहे।कार्यक्रम मे मिशन समन्वयक पंकज कुमार वर्मा के साथ कई हब कर्मी एवं शिक्षक गण सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद थे।
शिक्षा विभाग 29 जून को करेगा भामाशाहों का सम्मान
जयपुर। शिक्षा विभाग आगामी 29 जून को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भामाशाहों का सम्मान करने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने के उद्देश्य से श्री राधाकृष्णन शिक्षा संकुल स्थित मंथन सभागार में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक राजस्थान सीताराम जाट की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक में कार्यक्रम की […] The post शिक्षा विभाग 29 जून को करेगा भामाशाहों का सम्मान appeared first on Sabguru News .
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को प्री-डीएलएड एग्जाम का रिजल्ट जारी कर दिया है। परीक्षा का आयोजन BSTC की करीब 23000 सीटों के लिए किया गया था। परीक्षा 20 मई को हुई थी। श्रीगंगानगर जिले की मुस्कान चौधरी ने टॉप किया है, जबकि दूसरे स्थान पर अजमेर की चंचल वैष्णव रहे। परीक्षा का आयोजन वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय ने करवाया था। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने फोन पर बातचीत की और उन्हें बधाई भी दी। ओपन यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया- परीक्षा में 605242 परीक्षार्थियों ने आवेदन किया था। इनमें से 4 लाख 97 हजार 178 (4,97,178) अभ्यर्थी यानी 82.16 फीसदी ने परीक्षा दी। परीक्षा के दौरान अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया था। अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र और प्रश्न पत्रों पर क्यूआर कोड आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई। वहीं फोटो, हस्ताक्षर और अंगूठे के निशान वाली पर्सनलाइज्ड ओएमआर शीट के जरिए फर्जीवाड़े और नकल की संभावनाओं को लगभग खत्म किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं शिक्षा मंत्री दिलावर ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा- राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षक शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रारम्भिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रशिक्षित एवं योग्य शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- वह 1000 स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू करने वाले हैं। नई भर्तियों के सवाल पर मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि लगातार टीचर्स सेवानिवृत्ति होते हैं, कुछ का देहांत हो जाता है और कुछ नए स्कूल भी खुलते हैं। ऐसे में जैसे जैसे टीचर्स की जरूरत होती है उसके अनुसार ही नई भर्ती की जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अब अगले महीने होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा की तैयारी में स्कूल शिक्षा विभाग जुट गया है। विभाग के अफसरों ने शिक्षक संगठनों को आश्वस्त किया है कि जो भी परीक्षा ली जाएगी, उसकी पाठ्य सामग्री ऑनलाइन माध्यम से शिक्षकों को उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसका अध्ययन कर शिक्षक परीक्षा दे सकें। इसके साथ ही विभाग परीक्षा की तैयारी के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के आधार पर गाइडलाइन जारी करने की तैयारी में भी जुटा है। साथ ही विभाग विधि विशेषज्ञों से यह राय भी ले रहा है कि 2005 से 2009 के बीच व्यापमं के माध्यम से परीक्षा लेकर जिन्हें शिक्षक बनाया गया था, उन्हें भी पात्रता परीक्षा के दायरे में रखा जाएगा या नहीं रखा जाएगा। शिक्षक पात्रता परीक्षा के दायरे में आने वाले डेढ़ लाख से अधिक शिक्षकों की परीक्षा की तैयारी में जुटे लोक शिक्षण आयुक्त ने यह जानकारी शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल को दी है। इसके पहले अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्य प्रदेश द्वारा भोपाल में सभी संबद्ध प्रांत अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में सुप्रीम कोर्ट में दायर सभी रिव्यू याचिकाओं के खारिज होने के बाद बने हालातों विचार-विमर्श किया गया। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया कि टीईटी के मुद्दे को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक संघर्ष किया जाएगा। आंदोलन की तैयारी इसी क्रम में 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का आंदोलन करने का प्रस्ताव पारित किया गया। इसके लिए देशभर के विभिन्न शिक्षक संगठनों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। साथ ही जून माह के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में एक राष्ट्रीय बैठक आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया। यह भी तय हुआ कि शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) संघर्ष को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रदेश भर में जागरुकता यात्रा भी निकाली जाएगी। स्कूल शिक्षा मंत्री, आयुक्त और कर्मचारी कल्याण समिति अध्यक्ष से मिला प्रतिनिधि मंडल बैठक के बाद प्रतिनिधि मंडल ने वल्लभ भवन में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह से मुलाकात कर टीईटी, सेवा अवधि की गणना सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधि मंडल ने कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष रमेशचंद्र शर्मा से भी मुलाकात कर शिक्षकों की समस्याओं से अवगत कराया तथा 5 बिंदुओं का ज्ञापन सौंपा। शर्मा ने प्रतिनिधि मंडल को आश्वस्त किया कि वे इस विषय में आवश्यक पहल करेंगे। प्रतिनिधि मंडल ने लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त अभिषेक सिंह से भी टीईटी एवं अन्य विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा कर ज्ञापन दिया। प्रतिनिधि मंडल में मनोहर दुबे, जगदीश यादव, राकेश नायक, राकेश दुबे, परमानंद डेहरिया, डीके सिंगौर, दर्शन ओट, राकेश पटेल, शालिग राम चौधरी, राकेश पांडे, सुरेश यादव, उपेंद्र कौशल, अखिलेश कुमार तिवारी, रामचरण वर्मा, नरेंद्र त्रिपाठी, वीरेंद्र , नीलेश आर्य, हीरानंद नरवरिया उपस्थित रहे। ये खबर भी पढ़ें… MP के 1.5 लाख शिक्षकों को TET पास करना अनिवार्य मध्यप्रदेश के डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) देनी ही पड़ेगी। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को रिव्यू पिटीशनों पर फैसला सुनाते हुए कहा कि बच्चों के बेहतर शैक्षणिक विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शिक्षकों का TET पास करना जरूरी है।पूरी खबर पढ़ें
पंचायतीराज एवं शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बुधवार को ग्राम पंचायत सीमलवाड़ा के पंचायत समिति सभागार में एक वर्चुअल जनसुनवाई की। इस दौरान विकास अधिकारी, निवर्तमान प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में ग्रामीणों ने मंत्री को अपनी विभिन्न समस्याएं बताईं, जिस पर मंत्री ने अधिकारियों को उनके निस्तारण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्रामीणों ने सीमलवाड़ा तालाब के ओटे पर फैली गंदगी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने, झूलते विद्युत तारों को ठीक कराने, खराड़ी फला में सड़क किनारे उगी झाड़ियों की कटाई कराने और तालाब के ओवरफ्लो होने पर नाले के संकरे होने से उत्पन्न समस्या बताते हुए नाले को चौड़ा करने जैसी शिकायतें रखीं। मंत्री दिलावर ने सभी मामलों में संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी प्राप्त कर समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके। इस मौके पर मंत्री मदन दिलावर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा है कि आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी जयपुर के चक्कर नहीं लगाने पड़ें। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधे गांवों तक पहुंचकर जनता की समस्याएं सुन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता के द्वार तक पहुंचकर पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मंत्री दिलावर ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जनहित के कार्यों के लिए सदैव तत्पर हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्षों को देशहित, विकास और जनकल्याण के लिए समर्पित बताते हुए कहा कि इन वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। जनसुनवाई के दौरान मंत्री ने ग्राम पंचायतों को स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गांवों में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा उन्होंने पंचायत क्षेत्र में रोड लाइट लगाने एवं उनके विस्तार, एक पेड़ मां के नाम अभियान को सफल बनाने, जल संरक्षण और भूजल स्तर बढ़ाने के प्रयास करने, आबादी क्षेत्र में स्थित मंदिरों को पट्टे जारी करने, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चारागाह भूमि पर विकास कार्य कराने, मवेशियों के लिए शेड निर्माण और तालाबों के संरक्षण एवं संवर्धन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित मांस की दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और ऐसी दुकानों को बंद कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में एक दिव्यांग मां के संघर्ष की कहानी सामने आने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया। आर्थिक तंगी और दस्तावेजी त्रुटि के कारण बेटे की पढ़ाई को लेकर परेशान परिवार को अब बड़ी राहत मिली है। क्षेत्र के एक निजी स्कूल ने बच्चे की पूरी शिक्षा निशुल्क कराने की जिम्मेदारी उठाई है। मामला ग्राम पंचायत सारबहरा के वार्ड नंबर 10 स्थित सरकारी टोला निवासी रेशमा वंशकार का है। तीन फीट की दिव्यांग रेशमा वंशकार और उनके पति मुकेश वंशकार अपने बेटे शौर्य वंशकार के बेहतर भविष्य के लिए उसे आरटीई (राइट टू एजुकेशन) के तहत अच्छे स्कूल में दाखिला दिलाना चाहते थे। आय प्रमाण पत्र की गलती बनी बाधा परिवार के अनुसार, पटवारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र में उनकी वास्तविक आय से अधिक 80 हजार रुपए वार्षिक आय दर्ज कर दी गई थी। इसी वजह से शौर्य का आरटीई के तहत प्रवेश नहीं हो पा रहा था और परिवार लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहा था। मामला सार्वजनिक होने के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ। पेंड्रारोड तहसीलदार शेष नारायण जायसवाल ने आय प्रमाण पत्र में जल्द सुधार कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रमाण पत्र में संशोधन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी थी। शिक्षा विभाग की पहल से मिली राहत इसी दौरान जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी की पहल पर क्षेत्र के निजी विद्यालय अमिता शिक्षा निकेतन ने परिवार की मदद के लिए आगे कदम बढ़ाया। स्कूल के प्राचार्य पार्थ चट्टोपाध्याय और वाइस प्रिंसिपल मोनी चट्टोपाध्याय ने शौर्य वंशकार को कक्षा दूसरी में प्रवेश दे दिया। स्कूल प्रबंधन ने सिर्फ प्रवेश ही नहीं दिया, बल्कि बच्चे की पूरी शिक्षा निशुल्क कराने का भी निर्णय लिया है। मां का सपना हुआ पूरा बेटे को अच्छे स्कूल में पढ़ाने का सपना संजोए बैठी दिव्यांग मां रेशमा वंशकार के लिए यह किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। आर्थिक परेशानियों और सरकारी दस्तावेजों की त्रुटियों के बीच जो सपना अधूरा लग रहा था, वह अब पूरा होता नजर आ रहा है। परिवार ने शिक्षा विभाग और स्कूल प्रबंधन के प्रति आभार जताया है। वहीं, इस पहल को क्षेत्र में संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का सकारात्मक उदाहरण माना जा रहा है।
बक्सर में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने और बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में मंगलवार को ब्रह्मपुर के बगेन में आइसा (ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन) और आरवाईए (रिवोल्यूशनरी यूथ एसोसिएशन) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विरोध प्रदर्शन का संचालन आइसा छात्र नेता विवेक कुमार ने किया, जबकि आरवाईए नेता मुकेश कुमार राम ने इसकी अध्यक्षता की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा के छात्र नेता पवन कुमार भारती ने कहा कि देश का युवा बढ़ती बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से जूझ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता खत्म हो रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अनिश्चित हो गया है। 70 से अधिक कॉम्पिटेटिव एग्जाम का पेपर लीक पवन कुमार भारती ने बताया कि पिछले सात वर्षों में 70 से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं, जिससे छात्रों और युवाओं में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है और उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। भारती ने कहा कि लगातार भर्ती घोटालों और परीक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार के कारण युवाओं का भरोसा टूट रहा है। रोजगार के अवसर हो रहे कम वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि देश में रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। वहीं, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत करने वाले छात्रों को बार-बार पेपर लीक की घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे युवाओं में निराशा बढ़ रही है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दें। आइसा और आरवाईए नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक और बेरोजगारी के मुद्दे पर गंभीर कदम नहीं उठाती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। पुतला दहन कार्यक्रम में साहिल, कृष्णा, प्रदीप, सूरज, भरत, समीर, अमित, विकास, पुतुल, राहुल, ब्रजेश, लालू, पंकज, मनीष समेत दर्जनों छात्र-युवा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक (बीकानेर) ने बड़ा फैसला लेते हुए राज्य, जिला और क्षेत्रीय स्तर की विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों (ट्रेनिंग कैंप) में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के दैनिक भोजन और खुराक भत्ते (डाइट मनी) में 100 रुपए बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी सरकार ने 7 साल बाद की है। अब मैदान पर पसीना बहाने वाले छात्र-खिलाड़ियों को पहले के मुकाबले 100 प्रतिदिन ज्यादा मिलेंगे। शिक्षा विभाग का यह आदेश आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पूरी तरह प्रभावी हो जाएगा। यह संशोधन विद्यालयीय खेलकूद प्रतियोगिताएं नियमावली एवं मार्गदर्शिका 2005 और 2022 के प्रावधानों के अंतर्गत किया गया है। भत्ते के अलावा खेलकूद से जुड़े अन्य सभी नियम और निर्देश पहले की तरह यथावत लागू रहेंगे। भास्कर नॉलेज-ऐसे बढ़ी राशि निर्णय स्वागत योग्य शारीरिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री डॉ. भैरूसिंह राठौड़ ने बताया कि संघ लंबे समय से खिलाड़ियों का खुराक भत्ता 250 प्रतिदिन करने की मांग कर रहा था। विभाग का निर्णय स्वागत योग्य है। महंगाई के दौर में खिलाड़ियों को बेहतर पोषण b डाइट की सख्त जरूरत थी।
परीक्षा परिणाम आज, शिक्षा मंत्री दिलावर घोषित करेंगे
जयपुर| वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित प्री-डीएलएड परीक्षा-2026 का परिणाम बुधवार को खुला विश्वविद्यालय स्थित गांधी भवन में घोषित किया जाएगा। परिणाम की घोषणा शिक्षा मंत्री मदन दिलावर करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता परीक्षा के मुख्य समन्वयक एवं कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा करेंगे। पहले इसका आयोजन 10 जून को जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित वीएमओयू के क्षेत्रीय केंद्र पर दोपहर बाद 3 बजे होना था। अपरिहार्य कारणों से यह कार्यक्रम अब कोटा में इसी दिन दोपहर बाद 3 बजे जारी होगा। कुलगुरु प्रो. बीएल वर्मा ने बताया कि परीक्षा में कुल 6 लाख 5 हजार 242 आवेदन प्राप्त हुए थे और परीक्षा में कुल चार लाख 97 हजार 178 परीक्षार्थी उपस्थित हुए हैं। परीक्षा 41 जिलों में संपन्न हुई है। प्रदेश के कुल 1774 परीक्षा केन्द्रों पर दो पारियों में परीक्षा 20 मई हुई थी।
वरिष्ठ शिक्षकों के तबादलों की मांग, शिक्षा संकुल पर प्रदर्शन, रैली निकाली
जयपुर | वरिष्ठ अध्यापकों की तबादला सूची जारी करवाने की मांग को लेकर मंगलवार को राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) के बैनर तले शिक्षकों ने शिक्षा संकुल में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया। प्रदेशभर से आए शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। रेस्टा प्रदेश अध्यक्ष हरलाल गढ़वाल ने कहा कि सरकार बने ढाई साल बीतने को हैं, लेकिन वरिष्ठ अध्यापकों के तबादले अभी तक नहीं हुए हैं। प्रदेश महामंत्री सुरेश बिश्नोई ने शिक्षा मंत्री के उस बयान को याद दिलाया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘बड़े भाई (व्याख्याता-प्रिंसिपल) की शादी के बाद छोटे भाई (वरिष्ठ अध्यापक) का नंबर आता है’। प्रदेश सचिव धनाराम मिल व संगठन मंत्री रामनिवास शर्मा ने चेतावनी दी कि जल्द तबादले नहीं हुए, तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।
रामपुर के भमरौआ गांव में एक सरकारी स्कूल के खेल मैदान से तीन मजारों को हटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रशासन ने मृतक एहसन रजा के परिजनों को शिक्षा विभाग के माध्यम से नोटिस जारी किया है। यह मजारें पति-पत्नी और उनके बेटे की बताई जा रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एहसन रजा गांव में धार्मिक शिक्षा देते थे। उनकी मृत्यु लगभग 50 वर्ष पहले हुई थी, जबकि उनकी पत्नी का निधन करीब 30 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके बेटे की मौत लगभग 18 वर्ष पहले हुई थी। तीनों को उसी स्थान पर दफनाया गया था जहां एहसन रजा लोगों को दीनी तालीम देते थे। गांव के प्रधान लाइक ने बताया कि एहसन रजा अपने पिता की इकलौती संतान थे और उनके परिवार में वर्तमान में तीन बेटे और एक बेटी हैं। प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, यह भूमि सरकारी प्राथमिक विद्यालय के खेल मैदान का हिस्सा है। इसी आधार पर शिक्षा विभाग ने परिजनों को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्धारित समय का नोटिस दिया है। नोटिस के बाद से परिवार की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इस संबंध में रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सरकारी स्कूल की जमीन पर अतिक्रमण पाया गया है। उन्होंने कहा कि पहले यहां मदरसा बनाने का प्रयास किया गया था जिसे हटाया गया था, और अब एक स्थान पर तीन मजारें बनी हुई हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि संबंधित पक्ष को नोटिस दिया जा चुका है और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। नोटिस जारी होने के बाद गांव में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कुछ ग्रामीण नाम न छापने की शर्त पर प्रशासन की कार्रवाई के समय पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि लोगों ने एहसन रजा को वहीं दफनाया था क्योंकि वह अपनी इच्छा व्यक्त करते थे कि उन्हें उसी स्थान पर दफनाया जाए जहां वे तालीम देते थे।
कृषि विभाग में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की हालिया कार्रवाई को लेकर प्रदेश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पर आरोप लगाए। अब उनका बचाव करते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा- ‘अगर किरोड़ीलाल मीणा बेईमान हैं, तो फिर मदन दिलावर कभी ईमानदार हो ही नहीं सकता है।’ उन्होंने कहा- मैं किरोड़ीलाल मीणा को विद्यार्थी जीवन से जानता हूं। उनकी छवि हमेशा साफ-सुथरी और निष्पक्ष रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को दूसरों पर अंगुली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। दिलावर ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि JJM घोटाले में अशोक गहलोत को कितने रुपए मिले थे। उन्होंने यह भी कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा भी महेश जोशी की तरह जेल जाएंगे। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही सरकार कृषि विभाग में ACB की कार्रवाई पर शिक्षा मंत्री ने कहा- किसी भी विभाग में कोई भी व्यक्ति भ्रष्ट हो सकता है। लेकिन उसके खिलाफ कार्रवाई होना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा- किसी व्यक्ति का किसी मंत्री या अधिकारी से मिलना-जुलना इस बात का प्रमाण नहीं हो सकता कि वह भ्रष्टाचार में भी शामिल है। बीजेपी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर काम कर रही है। भ्रष्टाचार के मामलों में किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। गहलोत को घोटाले के कितने रुपए पहुंचाए गए थे? मदन दिलावर ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत से सवाल पूछते हुए कहा कि जल जीवन मिशन से जुड़े घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी ने उन्हें कितनी राशि पहुंचाई थी, इसका जवाब जनता को मिलना चाहिए। पूर्व आईएएस अधिकारी सुबोध अग्रवाल से जुड़े मामलों पर भी गहलोत को स्पष्टीकरण देना चाहिए। जोशी के बाद डोटासरा को भी जाना पड़ेगा जेल शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा- डोटासरा के खिलाफ फिलहाल स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) में जांच जारी है। उन्होंने दावा किया कि जांच पूरी होने के बाद डोटासरा को भी महेश जोशी की तरह कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और वह भी जेल जाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं को बीजेपी सरकार पर सवाल उठाने के बजाय पहले अपने कार्यकाल के दौरान लगे आरोपों का जवाब देना चाहिए। सचिन पायलट से जुड़े सवाल पर दिलावर ने कांग्रेस के अंदरूनी विवादों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा- कोई व्यक्ति अपने ही साथी या भाई समान नेता को निकम्मा, नकारा या मक्कार कैसे कह सकता है। ऐसी भाषा और व्यवहार राजनीति में उचित नहीं माना जा सकता। सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण मदन दिलावर ने कृषि विभाग में नकली बीज और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में एसीबी की कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह सरकार की पारदर्शी कार्यशैली का उदाहरण है। भाजपा सरकार का स्पष्ट संदेश है कि भ्रष्टाचार चाहे किसी भी स्तर पर हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। निकाय और पंचायत चुनावों पर दिलावर ने कहा- कांग्रेस को इस मुद्दे पर सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उनके शासनकाल में लंबे समय तक चुनाव नहीं कराए गए थे। उन्होंने कहा- हाल में कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार विधि विशेषज्ञों से राय लेकर चुनाव कराने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इस विषय पर मंत्रिमंडल की बैठक में भी चर्चा होगी और उसके बाद सरकार आगे की प्रक्रिया तय करेगी। --- ये खबर भी पढ़िए- कृषि विभाग के कर्मचारियों से मारपीट पर सियासत गरमाई:डोटासरा बोले-छापेमारी की आड़ में कमीशनखोरी, किरोड़ी का पलटवार-भ्रष्टाचार सिद्ध कर दो, इस्तीफा दे दूंगा सीकर में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और कृषि मंत्री आमने-सामने हो गए हैं। (पढ़िए पूरी खबर)
पटना में हुए खान सर और रौशन सर कंट्रोवर्सी के बीच पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बयान दिया है । पप्पू यादव के मुताबिक कोटा के शिक्षा माफिया बिहार के शिक्षकों को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं । सांसद का कहना है कि देश में 80 बार पेपर लीक हो चुका है और बच्चे इस कारण सुसाइड जैसा कदम उठा रहे हैं। दरअसल, आज पूर्णिया में दरोगा बहाली में चयनित हुई छात्राओं के सम्मान समारोह में सांसद पहुंचे। यहां पप्पू यादव ने कोचिंग उद्योग और व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना और बिहार के उभरते कोचिंग संस्थानों की सफलता से घबराकर दिल्ली, कोटा और बेंगलुरु के बड़े कोचिंग माफिया यहां के शिक्षकों और संस्थानों को बदनाम करने की गहरी साजिश रच रहे हैं। सांसद बोले- शिक्षक को बनाया जा रहा निशाना पप्पू यादव ने कहा कि बिहार के शिक्षक देश ही नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। लेकिन स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के बजाय उन्हें एक सोची-समझी रणनीति के तहत निशाना बनाया जा रहा है। पप्पू यादव ने देश में बार-बार हो रहे पेपर लीक पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में 80 से अधिक बार पेपर लीक हो चुके हैं। दिल्ली में बैठकर सरकार के साथ सांठ-गांठ करने वाले असली कोचिंग माफिया ही प्रश्नपत्र तय करते हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्रों के मानसिक तनाव और सुसाइड पर चिंता सांसद पप्पू यादव ने NEET परीक्षा में हो रही धांधली के कारण छात्रों के बीच बढ़ते मानसिक तनाव का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि हमारे बच्चे इस अव्यवस्था से टूट चुके हैं और आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। छात्र अपने माता-पिता को पत्र लिखकर कह रहे हैं कि उनमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं बची है। शिक्षकों को अपराधियों की तरह पेश करना बंद करें- पप्पू यादव खान सर और रौशन सर का जिक्र करते हुए सांसद ने सोशल मीडिया और बड़े यूट्यूब चैनलों की ओर से चलाए जा रहे दुष्प्रचार की निंदा की। उन्होंने कहा, गलतियां किसी से भी हो सकती हैं और कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन देश के गौरव माने जाने वाले एक शिक्षक को अपराधियों की तरह उनका नामकरण करना । उनके साथ वैसा व्यवहार करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने स्पष्ट किया कि यह पूरा विवाद एक प्रायोजित प्रोपेगैंडा है। इसमें बड़े चैनलों के मालिक, बिचौलिए और पूरी व्यवस्था का एक हिस्सा शामिल है, जो पटना के कोचिंग उद्योग को आगे बढ़ने से रोकना चाहता है, क्योंकि यहां की कोचिंग्स पूरे देश और कोटा को टक्कर दे रही हैं। सांसद की छात्रों से अपील- नकारात्मकता से रहें दूर पूर्णिया के कोचिंग पहुंचे पप्पू यादव ने दरोगा बहाली में चयनिति सभी छात्र छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि कि व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए, न कि किसी को गिराने की साजिश होनी चाहिए। उन्होंने बिहार के युवाओं और शिक्षकों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। आधार सेवा केंद्र का भी किया निरीक्षण दूसरी ओर पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने आज स्थानीय आधार सेवा केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान केंद्र पर पसरी भारी अव्यवस्था, भीषण गर्मी में परेशान हो रहे आम लोगों की बेबसी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को देखकर सांसद का पारा चढ़ गया। उन्होंने मौके से ही आधार के उच्च अधिकारियों को फोन मिलाकर न सिर्फ कड़ी फटकार लगाई, बल्कि व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की चेतावनी भी दी। भीषण धूप में कतार में खड़े थे हजारों लोग सांसद पप्पू यादव जब अचानक आधार सेवा केंद्र पहुंचे, तो वहां का नजारा बेहद चिंताजनक था। बिहार की इस भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में हजारों लोग बाहर लंबी कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इनमें भारी संख्या में महिलाएं, गोद में बच्चे लिए माताएं, बुजुर्ग और युवा शामिल थे। केंद्र के भीतर का हाल भी कुछ अलग नहीं था। अंदर कुल 8 काउंटर थे, लेकिन आवेदकों की भारी भीड़ के कारण वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी। न तो बैठने की सही व्यवस्था थी और न ही इस चिलचिलाती गर्मी से राहत पाने का कोई साधन। सांसद ने हर काउंटर की जांच की, जनता का दर्द सुन हुए भावुक सांसद ने केंद्र के भीतर जाकर सभी 8 काउंटरों का खुद मुआयना किया। उन्होंने वहां मौजूद आम जनता, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों से बातचीत की। लोगों ने सांसद को बताया कि वे सुबह से ही भूखे-प्यासे लाइनों में खड़े हैं, लेकिन उनका काम नहीं हो पा रहा है। बुजुर्गों और महिलाओं की परेशानी देख पप्पू यादव बेहद संवेदनशील नजर आए और उन्होंने केंद्र के कर्मियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उच्च अधिकारी को फोन कर लगाई फटकार, उठाए गंभीर सवाल निरीक्षण के दौरान ही सांसद पप्पू यादव ने अपने मोबाइल से आधार (UIDAI) के उच्च अधिकारियों को फोन लगाया। उन्होंने बेहद कड़े लहजे में अधिकारी से कहा कि - इतनी भीषण गर्मी में हजारों लोग बाहर लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं। आखिर ये लोग कैसे रहेंगे? तुरंत बाहर वेटिंग एरिया की व्यवस्था कीजिए, टेंट लगवाइए और लोगों के लिए एसी तथा ठंडे पानी का इंतजाम सुनिश्चित कीजिए। सांसद ने बिहार में आधार केंद्रों की भारी कमी का मुद्दा उठाते हुए नीतिगत व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने अधिकारी से फोन पर कहा कि - पूरे बिहार की आबादी लगभग 13 करोड़ है, और आप कह रहे हैं कि पूरे राज्य में सिर्फ 5 बड़े सेंटर हैं। 13 करोड़ की आबादी के लिए महज 5 सेंटर कैसे काफी हो सकते हैं? इस व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त कीजिए। लड़कियां, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सब परेशान हो रहे हैं, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता ने सांसद के एक्शन की सराहना की पप्पू यादव के इस औचक निरीक्षण और त्वरित कार्रवाई से वहां मौजूद आम जनता को बड़ी राहत की उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि आधार कार्ड में सुधार या नया कार्ड बनवाने के लिए उन्हें हफ्तों चक्कर काटने पड़ते हैं। सांसद के इस कड़े रुख के बाद उम्मीद है कि आधार के अधिकारी पूर्णिया केंद्र पर सुविधाओं को बढ़ाएंगे, ताकि लोगों को इस प्रताड़ना से मुक्ति मिल सके। सांसद ने साफ कर दिया है कि अगर जल्द ही आम जनता के लिए छांव, ठंडे पानी और सुचारू व्यवस्था का प्रबंध नहीं किया गया, तो वे इसके खिलाफ आगे का कड़ा रुख अख्तियार करेंगे।
भोपाल में शाला पूर्व शिक्षा (ईसीई) को बच्चों के लिए अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी सभागार में ईसीई सेमिनार आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग की फंदा परियोजना और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बच्चों की पढ़ाई और सीखने को बेहतर बनाने के लिए किए गए अपने नवाचारों और अनुभवों को साझा किया। सेमिनार में फंदा परियोजना के सात सेक्टरों से 175 से अधिक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सुपरवाइजर, सीडीपीओ, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के विशेषज्ञ शामिल हुए। कार्यक्रम में 14 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने अपने केंद्रों पर किए गए कार्यों की प्रस्तुति दी। कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने खेल-खेल में पढ़ाई, गतिविधियों और स्थानीय संसाधनों से तैयार शिक्षण सामग्री (टीएलएम) का उपयोग कर बच्चों में भाषा, गणित, सामाजिक व्यवहार और समझ विकसित करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बच्चों की रुचि को समझकर और नियमित रूप से उनका अवलोकन करके सीखने का माहौल बेहतर बनाया जा सकता है। स्थानीय संसाधनों से तैयार की शिक्षण सामग्री सेमिनार के दौरान टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मैटेरियल) प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री से तैयार किए गए शिक्षण साधन प्रदर्शित किए। प्रतिभागियों ने इन सामग्रियों को देखा और उनके उपयोग पर चर्चा की। प्रदर्शनी में यह दिखाया गया कि कम खर्च में भी बच्चों के लिए उपयोगी और आकर्षक शिक्षण सामग्री तैयार की जा सकती है। बच्चों की सीख में दिखे सकारात्मक परिणाम प्रस्तुतियों में बताया गया कि समुदाय की भागीदारी बढ़ाने, बच्चों की जरूरतों को समझने और गतिविधि आधारित शिक्षण अपनाने से आंगनवाड़ी केंद्रों का वातावरण अधिक सीख-केंद्रित बना है। इससे बच्चों की भाषा, गणित और सामाजिक कौशल में सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। कार्यकर्ताओं को मिला अनुभव साझा करने का अवसर महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी कोमल उपाध्याय ने कहा कि ऐसे आयोजन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अपने अनुभव और सीख साझा करने का अवसर देते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने शाला पूर्व शिक्षा के विभिन्न पहलुओं पर किए गए कार्यों को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया, जो सराहनीय है। टीएलएम और गतिविधि आधारित शिक्षण के अच्छे परिणाम सामने आए हैं। इस अवसर पर सुपरवाइजर मधु मिश्रा, सुषमा पाटीदार, रजनी गुप्ता और जीतूबाला ने भी अपने अनुभव साझा किए। उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान कार्यक्रम के समापन पर प्रस्तुति देने वाली सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के जिला प्रमुख परेश पंडया, ब्लॉक समन्वयक सिद्धार्थ कुमार जैन सहित अन्य अधिकारी और सहयोगी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन और समन्वय पारुल डुग्गल, शुभ्रा मिश्रा, दीपा जोस, पूजा सक्सेना और रमाकांत प्रसाद ने किया। सेमिनार में इंद्रनील चक्रवर्ती, राखी सोनी, भुवन तिवारी, नेहा शर्मा, राजश्री पांडे, निवेदिता तिवारी, सुप्रिया सिंह और चंद्रकांत सहित बड़ी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।
सहरसा शिक्षा भवन में लगी आग:मीटिंग हॉल का सामान जलकर राख, 3 लाख का नुकसान
सहरसा में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय परिसर स्थित शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर मंगलवार सुबह आग लग गई। यह घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण हुई। आग लगने से कार्यालय में मौजूद कर्मियों और अन्य लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। आग शिक्षा भवन की दूसरी मंजिल पर स्थित मीटिंग हॉल में लगी थी। घटना की सूचना मिलते ही विभागीय कर्मियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते मीटिंग हॉल में रखा फर्नीचर, कुर्सियां, मेज, एलईडी टीवी सहित अन्य आवश्यक सामान इसकी चपेट में आ गए। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड के जवानों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से भवन के अन्य हिस्सों में आग फैलने से रोक लिया गया, जिससे बड़े नुकसान को टाला जा सका। घटना की जानकारी मिलने पर डायल-112 की पुलिस टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने अग्निशमन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग किया। तीन लाख के सामान जलकर राख डायल-112 में तैनात सब इंस्पेक्टर रमेश कुमार ने बताया कि शिक्षा विभाग के भवन में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई थी। तब तक फायर ब्रिगेड और विभागीय कर्मियों के प्रयासों से आग पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया था। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, आग लगने से मीटिंग हॉल में रखे तीन लाख रुपए से अधिक मूल्य के सामान जलकर नष्ट हो गए हैं। फिलहाल, आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जा रहा है। घटना के बाद शिक्षा भवन परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।
सूरजपुर जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासनिक अमला व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा है। सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर रेना जमील ने विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से आमजन तक पहुंचे। बैठक में खाद वितरण, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने खरीफ फसल को देखते हुए कृषि, सहकारिता और संबंधित विभागों को खाद के पर्याप्त भंडारण और सुचारु वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि किसानों को सहकारी समितियों के माध्यम से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्टॉक और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। साथ ही कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण पर रोक लगाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग को सक्रिय रहने को कहा।औचक निरीक्षण कर होगी सख्त कार्रवाई कलेक्टर ने अधिकारियों को लगातार औचक निरीक्षण करने और अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खाद वितरण व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पेयजल संकट नहीं होना चाहिए बैठक में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल स्रोतों के संधारण, खराब हैंडपंपों की मरम्मत और जरूरत वाले स्थानों पर राइजिंग पाइप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए। शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण किया गया। आकांक्षी विकासखंड प्रतापपुर समेत जिले के विद्यालयों के लिए 100 दिवसीय कार्ययोजना पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने और आगामी वर्षों में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य संस्थानों का होगा मूल्यांकन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर कलेक्टर ने जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के औचक निरीक्षण के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की वास्तविक स्थिति का आकलन कर आवश्यक सुधार संबंधी सुझाव प्रस्तुत किए जाएं, जिससे लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश बैठक में एग्रीस्टैक, राशन कार्ड पंजीयन, धान उठाव और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समय-सीमा की बैठक में खाद की उपलब्धता और कालाबाजारी पर नियंत्रण को लेकर प्रशासन की गंभीरता स्पष्ट दिखाई दी। राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं सोमवार को कलेक्टर रेना जमील ने राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि आम जनता से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने अधिकारियों को नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, अभिलेख सुधार, भू-अर्जन, पट्टा वितरण और अभिलेख दुरुस्तीकरण जैसे मामलों का समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहना चाहिए। बैठक में न्यायालयवार लंबित मामलों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े प्रकरणों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की स्थिति का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों को लंबित आवेदनों के शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बुजुर्ग को पहनाया श्रवण यंत्र कलेक्टर रेना जमील ने जनदर्शन कार्यक्रम में 81 साल के बुजुर्ग मकल राम डनसेना को श्रवण यंत्र प्रदान किया। बुजुर्ग कई सालों से सुनने की समस्या से जूझ रहे थे। कलेक्टर ने उनकी समस्या सुनकर तत्काल समाधान के निर्देश दिए। मकल राम डनसेना पिछले छह से सात सालों से श्रवण क्षमता में कमी के कारण सामान्य बातचीत और दैनिक कार्यों में कठिनाई महसूस कर रहे थे। वे अपनी समस्या लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे।कलेक्टर ने बुजुर्ग की स्थिति को गंभीरता से समझा। कलेक्टर के निर्देशों के बाद जनदर्शन की कार्यवाही समाप्त होने से पहले ही श्रवण यंत्र की व्यवस्था कर दी गई।
लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में अब मेधावी विद्यार्थियों को पूरी तरह निःशुल्क शिक्षा मिलेगी। कॉलेज के पुरातन छात्र और पुलिस महानिरीक्षक डॉ. अखिलेश निगम ने 'मेरिट बेस्ड स्कॉलरशिप' योजना शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को बेहतर अवसर प्रदान करना और शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। जुबिली इंटर कॉलेज प्रदेश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक है, जो अपनी समृद्ध शैक्षिक परंपराओं और अनुशासित वातावरण के लिए जाना जाता है। डॉ. अखिलेश निगम ने अपनी मातृसंस्था के विकास में योगदान देते हुए योग्य विद्यार्थियों की शिक्षा का आर्थिक दायित्व उठाने का निर्णय लिया है। इन विद्यार्थियों को निशुल्क शिक्षा मिलेगी नई योजना के तहत, प्रदेश स्तर पर बोर्ड परीक्षा में शीर्ष 20 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त शिक्षा मिलेगी। जनपद स्तर पर टॉप-20 में आने वाले छात्र भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, विद्यालय में शीर्ष 10 स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। यह योजना उन छात्रों को भी कवर करेगी जिन्होंने अपनी कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। खेलकूद, संगीत, साहित्य और अन्य क्षेत्रों में राज्य स्तरीय उपलब्धि हासिल करने वाले विद्यार्थियों की शिक्षा भी पूरी तरह निशुल्क होगी। छात्रों की सफलता ही विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी डॉ. अखिलेश निगम ने कहा कि जुबिली उनकी मातृसंस्था है और उसके विकास में योगदान देना उनके लिए गर्व की बात है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि छात्रों की सफलता ही किसी विद्यालय की सबसे बड़ी पूंजी होती है। योग्य विद्यार्थियों को अवसर मिलने से शिक्षा का स्तर और शैक्षणिक वातावरण दोनों बेहतर होंगे। यह योजना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई ऊर्जा देगी प्रधानाचार्य सुमीत कुमार श्रीवास्तव ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप है, जिसमें पुरातन छात्रों को अपनी मातृसंस्था से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नई ऊर्जा देगी और कॉलेज को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगी। सुमीत कुमार श्रीवास्तव इससे पहले वाराणसी के क्वींस कॉलेज में कई नवाचारों के लिए चर्चा में रहे हैं। उनके नेतृत्व में रोबोटिक्स लैब की स्थापना, बालिकाओं के लिए निःशुल्क शिक्षा और बोर्ड परीक्षा में प्रदेश स्तरीय टॉपर देने जैसे उल्लेखनीय कार्य हुए।
लखीसराय के पुरानी बाजार स्थित मध्य विद्यालय महिला विद्या मंदिर परिसर में संचालित स्थापना शाखा में सोमवार को विवाद और मारपीट की घटना हुई। कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार और चानन प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रायकुंडी के शिक्षक कैलाश कुमार के बीच कार्यालयी कार्य को लेकर शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार अपना कार्यालयी कार्य समाप्त कर भोजन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान शिक्षक कैलाश कुमार किसी काम से स्थापना शाखा पहुंचे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच किसी मुद्दे पर कहासुनी शुरू हो गई, जो जल्द ही हाथापाई में बदल गई। मारपीट की घटना से कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मियों और लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग किया और स्थिति को शांत करने का प्रयास किया। दोनों पक्षों को नगर थाना ले जाकर पूछताछ की गईघटना की सूचना तत्काल डायल-112 पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद दोनों पक्षों को नगर थाना ले जाकर पूछताछ की गई। स्थापना शाखा के प्रधान लिपिक आशुतोष कुमार ने भी मारपीट की घटना की पुष्टि की है। नगर थाना अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि दोनों व्यक्तियों की चिकित्सीय जांच और शराब जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में शिक्षक कैलाश कुमार के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगीपुलिस कंप्यूटर ऑपरेटर अमित कुमार द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद शिक्षा विभाग के कार्यालयों में भी इस मामले की चर्चा बनी हुई है।
प्रदेशभर के विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। शिक्षा विभाग ने गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया है। अब राज्य के सरकारी और निजी स्कूलों में 28 जून तक अवकाश रहेगा और स्कूल 29 जून से पुनः संचालित होंगे। इससे पहले शिक्षा विभाग ने 20 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित किया था। 21 जून को रविवार होने के कारण स्कूल 22 जून से खुलने थे, लेकिन लगातार पड़ रही गर्मी और शिक्षक संगठनों की मांग के बाद सरकार ने अवकाश अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया है। 43 दिन का होगा ग्रीष्मावकाश नए आदेश के अनुसार इस वर्ष स्कूलों में ग्रीष्मावकाश की कुल अवधि बढ़कर 43 दिन हो गई है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए आधिकारिक आदेश जारी कर सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। शिक्षक संगठनों की मांग लाई रंग हाल ही में जयपुर में शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात कर गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने की मांग रखी थी। उस दौरान शिक्षा मंत्री ने सकारात्मक आश्वासन दिया था। इसके बाद शिक्षा विभाग स्तर पर प्रस्ताव तैयार किया गया और शासन सचिव की स्वीकृति के बाद आदेश जारी कर दिया गया। संस्था प्रधानों को भी राहत आदेश में संस्था प्रधानों के लिए अधिकृत अवकाश को लेकर भी संशोधन किया गया है। पूर्व व्यवस्था में एक दिन का अधिकृत अवकाश निर्धारित था, जिसे बढ़ाकर पुनः दो दिन कर दिया गया है। भीषण गर्मी बनी वजह राजस्थान में इस बार मई और जून के दौरान कई जिलों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था। गर्मी और लू के कारण विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अवकाश बढ़ाने का फैसला लिया है। स्कूल खुलने के बाद शुरू होगी नियमित पढ़ाई अब सभी सरकारी और निजी विद्यालय 29 जून से नियमित रूप से संचालित होंगे। इसके साथ ही नए शैक्षणिक सत्र की गतिविधियां भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार शुरू की जाएंगी।
समर वेकेशन के बाद प्रदेश के स्कूल 16 जून से फिर से खुलने जा रहे हैं, लेकिन निजी स्कूलों के सामने पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने इस मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर निजी स्कूलों के लिए समय पर किताबें उपलब्ध कराने की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पाठ्यपुस्तक निगम ने सरकारी स्कूलों में किताबों की आपूर्ति शुरू कर दी है, लेकिन निजी स्कूलों के लिए अब तक कोई स्पष्ट शेड्यूल जारी नहीं किया गया है। ऐसे में नए सत्र की शुरुआत से पहले विद्यार्थियों को किताबें उपलब्ध कराना मुश्किल हो सकता है। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपना रहा है। संकुल स्तर पर ही पहुंचाई जा रही किताबें उनके मुताबिक सरकारी स्कूलों को संकुल स्तर पर ही किताबें पहुंचाई जा रही हैं। जबकि निजी स्कूलों को पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से स्वयं किताबें प्राप्त करनी पड़ेंगी। पत्र में कहा गया है कि प्रदेश के कई निजी स्कूलों को किताबें लेने के लिए 150 से 200 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। इससे समय और परिवहन लागत दोनों बढ़ेंगी। किताबें पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण साथ ही स्कूल खुलने से पहले सभी विद्यार्थियों तक किताबें पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण होगा। एसोसिएशन ने शिक्षा सचिव से मांग की है कि निजी स्कूलों के लिए भी जल्द पुस्तक वितरण का शेड्यूल जारी किया जाए और किताबों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि 16 जून से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बालाघाट के कुम्हारी गांव में ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए एक निःशुल्क आधुनिक लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया है। यह पहल जीएसटी कमिश्नर भोपाल लोकेश लिल्हारे ने अपनी माताश्री शांति बाई लिल्हारे की चौथी पुण्यतिथि पर की। इसका उद्देश्य ग्रामीण अंचल के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करना है। रविवार देर शाम बालाघाट मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत कुम्हारी में इस लाइब्रेरी का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम में बालाघाट रेंज के आईजी ललित कुमार शाक्यवार, जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे और एसपी आदित्य मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर अतिथियों ने परिसर में भगवान बिरसा मुंडा और गौ-माता की प्रतिमाओं का अनावरण भी किया। साथ ही, क्षेत्र के कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रतिभावान छात्रों को शील्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। युवाओं का मनोबल बढ़ता है आईजी ललित कुमार शाक्यवार ने कमिश्नर लिल्हारे के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जब ग्रामीण अंचल से कोई अधिकारी बनता है, तो वह पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल देता है। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण युवाओं का मनोबल बढ़ता है और देश का नाम रोशन करने की ललक पैदा होती है। समाज की तस्वीर बदलेगी एसपी आदित्य मिश्रा ने शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में इस पहल को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि जिस दिन लोग अन्य चीजों के बजाय लाइब्रेरी की मांग करने लगेंगे, उसी दिन समाज की तस्वीर बदल जाएगी। उन्होंने छात्रों से इस सुविधा का लाभ उठाकर अपने लक्ष्य हासिल करने का आग्रह किया। जीएसटी कमिश्नर लोकेश लिल्हारे ने कार्यक्रम और खेलकूद के क्षेत्र में चलाए जा रहे निःशुल्क अभियानों की जानकारी दी। उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, उन्हें केवल सही मार्गदर्शन और आत्मबल देने की आवश्यकता है। उन्होंने संकल्प लिया कि उनकी टीम भविष्य में भी इस दिशा में उत्साह के साथ कार्य करती रहेगी।
संस्कृत विश्वविद्यालय प्रशासन ने आचार्य और शिक्षाशास्त्री पाठ्यक्रमों की परीक्षाओं की तिथि घोषित कर दी है। विश्वविद्यालय मुख्यालय में 23 जून से 3 जुलाई तक परीक्षा आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) डॉ. निशिकांत ने बताया कि आचार्य द्वितीय सेमेस्टर (सत्र 2024-26), शिक्षा शास्त्री प्रथम वर्ष (सत्र 2025-27) और शिक्षा शास्त्री द्वितीय वर्ष (सत्र 2024-26) की परीक्षा विश्वविद्यालय मुख्यालय स्थित शिक्षा शास्त्र विभाग में होगी। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। आचार्य द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 23 जून से होगी उन्होंने बताया कि आचार्य द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा 23 जून से शुरू होगी। 23 जून को पहली पाली में सीसी-05 और दूसरी पाली में सीसी-06, 24 जून को सीसी-07, सीसी-08 और 25 जून को पहली पाली में सीसी-09 और दूसरी पाली में एईसीसी-02 पत्र की परीक्षा ली जाएगी। वहीं, शिक्षा शास्त्री प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षा 28 जून से 03 जुलाई तक होगी। 28 जून को पहली पाली में प्रथम वर्ष के प्रथम पत्र और दूसरी पाली में द्वितीय वर्ष के प्रथम पत्र की परीक्षा होगी। इसके बाद 29 जून से 02 जुलाई तक दोनों वर्षों के शेष पत्रों की परीक्षा होगी। 03 जुलाई को प्रथम पाली में प्रथम वर्ष के षष्ठ पत्र और दूसरी पाली में सप्तम पत्र की परीक्षा संपन्न होगी। दोबारा एग्जाम नहीं होगा परीक्षा नियंत्रक डॉ. निहार रंजन सिन्हा ने परीक्षा कार्यक्रम जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि किसी भी परिस्थिति में पुनर्परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लंबित सत्रों को नियमित करने के लिए लगातार परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों का शैक्षणिक सत्र समय पर संचालित हो सके।
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। उन्होंने रविवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो मैसेज जारी कर कहा- अगर 13 जून तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं तो मैं खुद अलग-अलग राज्यों और शहरों में प्रदर्शन के लिए जाऊंगा। उन्होंने कहा कि अगर इसके बाद भी शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो देशभर के छात्र फिर से दिल्ली जाएंगे और शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। CJP ने 6 जून को जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन किया था और परीक्षाओं में गड़बड़ियों को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। अभिजीत 6 जून को प्रदर्शन के लिए अमेरिका से भारत आए हैं। वे रविवार सुबह महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने घर पहुंचे। उन्होंने शाम को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा- पिछले 10-12 साल में देश की राजनीति हिंदू-मुस्लिम मुद्दों पर केंद्रित रही है। इससे रोजगार नहीं मिलेगा। 24 घंटे में 6 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़े कॉकरोच जनता पार्टी के इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या भी बढ़ गई है। प्रदर्शन से पहले उनके फॉलोअर्स की संख्या 2.21 करोड़ थी। 7 जून को दोपहर 3 बजे तक यह संख्या बढ़कर 2.27 करोड़ हो गई। X पर उनके 2.70 लाख फॉलोअर्स हैं। अभिजीत के सामने 3 बड़ी चुनौतियां कॉकरोच जनता पार्टी पर भास्कर के 2 कार्टून… CJI सूर्यकांत का बयान बना CJP के बनने की वजह CJP का जन्म चीफ जस्टिस सूर्यकांत के युवाओं पर दिए एक बयान के बाद हुआ। दरअसल CJI सूर्यकांत ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान देश के बेरोजगार युवाओं को कॉकरोच कहा था। उन्होंने कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं। CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने एक वकील की याचिका पर सुनवाई की, जिसमें उसने सीनियर एडवोकेट का दर्जा पाने मांग की थी। बेंच ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा- समाज में पहले से ही पैरासाइट (परजीवी) हैं, जो सिस्टम पर हमला करते हैं। इसके बाद 16 मई को अमेरिका से अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की। एक्स-इंस्टाग्राम पर अकाउंट बनाया। शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के लिए 22 मई को वेबसाइट पर ऑनलाइन पिटीशन लगाई। इस पिटीशन में 8 लाख से ज्यादा लोगों ने साइन किया था। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… जंतर-मंतर पर ‘मैं भी अन्ना’ की जगह ‘मैं हूं कॉकरोच’: 5 घंटे का प्रोटेस्ट, उम्मीद से कम भीड़; कॉकरोच जनता पार्टी को क्या मिला कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके 6 जून को अमेरिका से दिल्ली पहुंचे। जंतर-मंतर पर 5 घंटे प्रदर्शन किया। 2011 इसी जंतर-मंतर पर एक्टिविस्ट अन्ना हजारे ने आमरण अनशन से करप्शन के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। तब नारे लगे थे- मैं भी अन्ना। इस बार आंदोलन का मकसद एजुकेशन सिस्टम में बदलाव है। नारा है- मैं हूं कॉकरोच। पार्टी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 2.2 करोड़ फॉलोअर्स हैं। जंतर-मंतर पर उम्मीद के मुताबिक भीड़ नहीं आई, लेकिन पहली बार पार्टी जमीन पर दिखाई दी। पढ़ें पूरी खबर…
शिक्षा का उत्सव:सफलता मार्च... ट्रैक्टर ट्रॉली में बैठे मेधावी, फूल बरसाता चला पूरा गांव
उज्जैन जिले के ताजपुर की गलियों में रविवार शाम बैंड-बाजे गूंज रहे थे। घरों के बाहर रंगोलियां सजी थीं, रास्तों पर तोरण-द्वार लगे थे और लोग उत्सव के कपड़ों में सड़कों पर उमड़ पड़े थे। देखने वालों को लगा मानो गांव में कई शादियां एक साथ हो रही हों, लेकिन यहां कोई दूल्हा घोड़ी पर नहीं था। इस बार सम्मान की सवारी पर बैठे थे गांव के 38 मेधावी छात्र-छात्राएं और उनके माता-पिता। इस गांव ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों के सम्मान में ‘सफलता मार्च’ निकाला। इमली चौराहा से शुरू हुई यात्रा श्री वैष्णव गार्डन तक पहुंची। पूरे रास्ते गांव बाराती बना रहा। जगह-जगह फूलों की बारिश हुई, लस्सी व स्वल्पाहार के स्टॉल लगे। गांव ने यह संदेश दिया कि किसी बच्चे की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि परिवार और समाज के सामूहिक प्रयास का परिणाम होती है। ताजपुर पहले से ही अपनी अनूठी ‘बेटी की छांव’ पहल के लिए जाना जाता है। यहां बेटियों की शादी के समय उनसे एक पौधा लगवाया जाता है। समाज को लौटाने की दी सीखकार्यक्रम में गांव की बेटी एवं लोक निर्माण विभाग की एसडीओ नेहा राठौर और प्रधान आरक्षक सुनील पाटीदार ने बच्चों को सम्मानित किया। दोनों ने विद्यार्थियों से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और समाज को लौटाने का संदेश दिया। पूरा गांव एक परिवार यह पहल ऐसे समय में आई है, जब शिक्षा को अक्सर केवल अंकों और प्रतिस्पर्धा के नजरिए से देखा जाता है। गांव ने दिखाया कि जब पूरा समाज बच्चों की मेहनत को सम्मान देता है, तब शिक्षा सामूहिक गर्व और प्रेरणा का उत्सव बन जाती है। टेंट-पानी मुफ्त, चंदा इतना आया कि मना करना पड़ापूरा आयोजन जनसहयोग से हुआ। टेंट व्यवसायियों ने निःशुल्क टेंट लगाए, पानी व्यवसायियों ने ठंडे पानी की व्यवस्था संभाली और ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग के लिए बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। स्थिति यह रही कि पर्याप्त राशि जुट जाने के बाद आयोजकों को लोगों से अतिरिक्त सहयोग नहीं लेने की अपील करनी पड़ी। गांव के लोगों ने पारंपरिक तरीके से घर-घर जाकर निमंत्रण दिया। गलियों को ध्वज और तोरण से सजाया गया। आयोजन को डिजिटल मंचों से भी जोड़ा गया। सफलता मार्च का फेसबुक और यूट्यूब पर लाइव प्रसारण हुआ, जिसे गांव से बाहर रहने वाले लोगों ने भी देखा।
शिक्षाविद गर्ग ने राष्ट्रीय मंच पर उठाई श्रमिकों की आवाज
भास्कर न्यूज | कवर्धा विश्व पर्यावरण दिवस पर भोपाल के गांधी भवन में व्यावसायिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। कार्यक्रम में कबीरधाम की शिक्षाविद मालती गर्ग ने पर्यावरण संरक्षण और श्रमिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उनके सुझावों को सम्मेलन की रणनीतिक कार्ययोजना में शामिल किया गया, जिससे कबीरधाम की भागीदारी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बनी। सम्मेलन में कबीरधाम जिले का प्रतिनिधित्व शिक्षाविद मालती गर्ग और सामाजिक कार्यकर्ता चंद्रकांत यादव ने किया। मालती गर्ग ने कहा कि पर्यावरणीय असंतुलन और असुरक्षित कार्यस्थलों का सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण और श्रमिक वर्ग पर पड़ रहा है। उन्होंने श्रमिकों के स्वास्थ्य अधिकार को मजबूत करने और पर्यावरण संरक्षण को विकास नीति का अनिवार्य हिस्सा बनाने की आवश्यकता बताई। 12 राज्यों से जुटे विशेषज्ञ: जन स्वास्थ्य अभियान (जेएसए) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में 12 राज्यों के विशेषज्ञ जुटे थे। इनमें छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, दिल्ली, बिहार, जम्मू-कश्मीर, असम, ओडिशा, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मणिपुर सहित अन्य शामिल है। जलवायु परिवर्तन और स्वास्थ्य पर चर्चा की गई सम्मेलन के पर्यावरणीय सत्र में खनन, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन से उत्पन्न स्वास्थ्य संकट पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि वायु प्रदूषण, जल संकट और जैव विविधता के क्षरण का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। साथ ही पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय समुदायों द्वारा संरक्षित प्राकृतिक संसाधनों को टिकाऊ विकास का आधार बनाने पर भी जोर दिया गया। सम्मेलन में 12 राज्यों से पहुंचे विशेषज्ञों ने भविष्य की रणनीति बनाई।
टूट रही जाति की जंजीर...:शिक्षा, शहरीकरण और नई सोच से बढ़ रहे अंतरजातीय विवाह
छत्तीसगढ़ में विवाह को लेकर सामाजिक बदलाव की नई तस्वीर उभर रही है। विवाह के सबसे बड़ा आधार ‘जाति’ की जंजीर धीरे-धीरे टूटने लगी है। अब युवा शिक्षा, रोजगार और वैचारिक सामंजस्य को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी का असर अंतर्जातीय विवाहों के बढ़ते आंकड़ों में दिख रहा है। पिछले छह वर्ष में प्रदेश में 4490 ऐसे विवाह हुए, जिनमें पति या पत्नी में से एक अनुसूचित जाति और दूसरा सामान्य या अन्य पिछड़ा वर्ग से है। ऐसे विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य सरकार ने अब तक 112.57 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी है। अनुसूचित जाति वर्ग के युवक या युवती से विवाह करने वाले जोड़े को 2.50 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षित और आर्थिक रूप से सक्षम दंपती भी हैं, जो अंतरजातीय विवाह के बाद प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदन नहीं करते। नतीजा उनका रिकॉर्ड शासन तक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार अब युवाओं के लिए जाति से ज्यादा शिक्षा, करियर, जीवनशैली और आपसी समझ का महत्व हो गया है। नतीजा पहले जिन रिश्तों का परिवार और समाज विरोध करता था, उन्हें अब स्वीकार्यता मिलने लगी है। रायपुर, भिलाई और बिलासपुर में सबसे अधिक आवेदन आते हैं। वहीं बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा और गरियाबंद जैसे जिलों में इनकी संख्या काफी कम है। अंतरजातीय शादी की वजह...उच्च शिक्षा संस्थानों में बढ़ता मेलजोल। {सरकारी व निजी नौकरियों में सामाजिक मिश्रण। {सोशल मीडिया और डिजिटल संवाद । {आर्थिक आत्मनिर्भरता में वृद्धि। {युवाओं की बदलती प्राथमिकताएं। {परिवारों की बढ़ती सामाजिक स्वीकार्यता। {कानूनी संरक्षण और सरकारी प्रोत्साहन। {शहरीकरण और शिक्षा का प्रसार। केस-1: जनवरी 2026 कोरबा निवासी अभिनव आदिले अनुसूचित जाति समुदाय से हैं। उन्होंने जांजगीर-चांपा की 20 वर्षीय सुनीता देवांगन से शादी की। सुनीता ओबीसी वर्ग से हैं। उनके इस रिश्ते को दोनों के परिवारों ने सम्मान के साथ स्वीकार किया। केस-2: सितंबर 2025 दुर्ग निवासी दिनेश कुमार साहू ने गरियाबंद की पायल बेलदार से शादी की। पायल अनुसूचित जाति वर्ग से हैं। दोनों शिक्षित और सरकारी नौकरी में है। शादी के लिए घरवाले राजी नहीं थे। दोनों ने मिलकर समझाया तो परिजन मान गए। अंतर्जातीय विवाहों में वृद्धि सामाजिक दूरियों के कम होने और जातीय स्वीकार्यता बढ़ने का संकेत है। समाज में यह सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है।-डॉ. निस्टर कुजूर, समाजशास्त्री, प्रोफेसर, रविवि आज के युवा जाति से ज्यादा वैचारिक तालमेल, करियर और जीवनशैली को महत्व दे रहे हैं। यही बदलाव विवाह संबंधों में भी दिख रहा है।-डॉ. प्रियंवदा श्रीवास्तव, मनोवैज्ञानिक, प्रोफेसर, रविवि शहरों में अंतरजातीय विवाह के ज्यादा मामले आते रहे हैं। शिक्षित व्यक्तियों में शादी को लेकर जाति का बंधन नहीं है। यह बड़ा बदलाव है। - जितेंद्र गुप्ता, अपर संचालक, एससी-एसटी विभाग
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी एलोइना रोड्रिगेज गोमेज ने रविवार को प्रशांति निलयम में स्थित श्री सत्य साईं इंस्टीट्यूट ऑफ हायर लर्निंग (एसएसएसआईएचएल) का दौरा किया
रायसेन में वाल्मीकि समाज ने मृत्यु भोज पर लगाई रोक:संभागीय बैठक में शिक्षा और सामाजिक सुधार पर जोर
रायसेन शहर के सांची रोड स्थित एक निजी होटल में रविवार शाम वाल्मीकि समाज मोहाल साढ़े बारह गांव पंचायत की संभागीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त करने, बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और सामाजिक जागरूकता बढ़ाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। समाजजनों ने सर्वसम्मति से मृत्यु भोज जैसी कुप्रथा को तत्काल प्रभाव से बंद करने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता समाज के वरिष्ठ सदस्य रामविलास सरसवाल ने की। इस दौरान सुनील वाल्मीकि, नरेंद्र चौहान और हरिप्रकाश ने समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से मृत्यु भोज जैसी परंपराओं को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्णय पर जोर दिया। बैठक में यह भी तय किया गया कि समाज के जो बच्चे शिक्षा से वंचित हैं, उन्हें विद्यालयों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इसके साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने पर भी सहमति बनी। भारतीय संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। समाजजनों ने एक स्वर में कहा कि अब सामाजिक सुधार और शिक्षा को प्राथमिकता देने का समय है। आने वाली पीढ़ी को शिक्षित और जागरूक बनाकर समाज को नई दिशा देने का संकल्प लिया गया। इस बैठक में ओपी गोदिया, रमेश चावरिया, संतोष नहरिया, पीके चावला, निलेश सरवन, विनोद परोचे, आदित्य चावला, प्रभात चावला, संजय चावला और तरुण चावला सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
सहरसा में ईस्ट एंड वेस्ट टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज (TTC) के चेयरमैन डॉ. रजनीश रंजन ने रविवार को कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से संवाद किया। यह कार्यक्रम सहरसा के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया था। इस अवसर पर उन्होंने स्नातक मतदाताओं से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं और सुझावों को सुना, साथ ही अपनी भावी कार्ययोजना भी साझा की। मतदाताओं को संबोधित करते हुए डॉ. रजनीश रंजन ने कहा कि वर्ष 1952 से अब तक कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित कोई भी विधान पार्षद क्षेत्र की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर सका। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से इस क्षेत्र के स्नातकों और शिक्षित युवाओं की उपेक्षा की गई है। डॉ. रंजन ने बताया कि वर्ष 1952 में इस निर्वाचन क्षेत्र में मात्र 222 मतदाता थे, जो अब बढ़कर लगभग 80 हजार हो गए हैं। इसके बावजूद स्नातक मतदाताओं की समस्याओं के समाधान के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं किए गए। प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगीउन्होंने अपनी प्रस्तावित कार्ययोजना की जानकारी देते हुए कहा कि यदि उन्हें मतदाताओं का समर्थन मिलता है, तो उनकी प्राथमिकताएं जनता के सुझावों पर आधारित होंगी। उनकी एक प्रमुख योजना स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए 10 वर्षों तक पांच लाख रुपये का ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने हेतु सरकार पर दबाव बनाना है। इसके अतिरिक्त, स्नातक युवाओं, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और पत्रकारों के लिए जीवन बीमा एवं कैशलेस इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का भी प्रयास किया जाएगा। पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगाडॉ. रंजन ने कहा कि सभी वकालतखानों और प्रमंडलीय पुस्तकालयों की आधारभूत संरचना को मजबूत किया जाएगा। साथ ही, जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर आधुनिक पुस्तकालयों एवं ई-लाइब्रेरी की स्थापना को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने उच्च शिक्षा व्यवस्था में सुधार का भी वादा किया। सहरसा के एमएलटी कॉलेज, पूर्णिया कॉलेज, टीएनबी कॉलेज भागलपुर और आरडी एंड डीजे कॉलेज मुंगेर की शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पहल की जाएगी। साथ ही, सहरसा स्थित बीएड कॉलेज में सात माह के भीतर पुनः नियमित पढ़ाई शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा।
आम जनता को सुलभ, त्वरित और किफायती न्याय दिलाने के उद्देश्य से स्थायी लोक अदालत एक बेहद प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य कर रही है। लीगल सर्विस अथॉरिटी एक्ट, 1987 की धारा 22-B और लीगल सर्विस अथॉरिटी (संशोधन) एक्ट के तहत गठित यह अदालत नागरिकों के विभिन्न विवादों का बिना किसी प्रारंभिक खर्च के निपटारा कर रही है। डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विस अथॉरिटी पठानकोट के चेयरमैन सह डिस्ट्रिक्ट और सेशन जज रजनीश गर्ग ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत एक चेयरमैन और दो सदस्यों वाली पीठ है, जो सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े कई लंबित और नए मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा कर चुकी है। इन प्रमुख क्षेत्रों से जुड़े मामलों की होती है सुनवाई बिजली, पानी की आपूर्ति, डाक, टेलीफोन सेवा और परिवहन संस्थान। अस्पताल, डिस्पेंसरी सेवा और शिक्षा से जुड़े मामले बैंकिंग, बीमा, किराया और सूचना से संबंधित विवाद। सरकारी योजनाएं व दस्तावेज: [पहचान पत्र/दस्तावेज ओमिटेड], राशन कार्ड, विवाह प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, शगुन योजना, बेरोजगारी भत्ता और मानव संसाधन विकास से जुड़े विवाद। ₹1 करोड़ तक के मामलों का अधिकार क्षेत्र सेशंस जज ने बताया कि यह अदालत 1 करोड़ रुपये तक की राशि से जुड़े विवादों की सुनवाई और निपटारा कर सकती है। किसी भी अदालत में लंबित या नए विवाद, शिकायतें और मामले एक सादे कागज पर लिखकर सीधे स्थायी लोक अदालत के चेयरमैन के समक्ष प्रस्तुत किए जा सकते हैं। फैसले के खिलाफ नहीं होगी कोई अपील इस अदालत की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके फैसले दीवानी अदालत (Civil Court) के फैसलों के समान ही कानूनी रूप से मान्य होते हैं। इन फैसलों के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की जा सकती और न ही मामले को दोबारा खोलने का कोई प्रावधान है, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत होती है। प्रशासन की अपील:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने आम जनता से अपील की है कि वे उपरोक्त श्रेणियों में आने वाले अपने विवादों को सुलझाने के लिए स्थायी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं, ताकि कम लागत और बिना किसी मानसिक तनाव के त्वरित न्याय मिल सके।
गोपालगंज में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने रविवार को बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के महम्मदपुर स्थित त्रिगुणा मैरेज हॉल में जनता दर्शन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लोगों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों और गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत और जनहित से जुड़ी समस्याओं को सीधे मंत्री के समक्ष रखा। जनता दर्शन के दौरान सड़क, शिक्षा, बिजली, पेयजल, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, भूमि विवाद और स्वास्थ्य जैसी जनसुविधाओं से संबंधित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री श्री तिवारी ने प्रत्येक आवेदन और शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनता की सेवा ही जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्वइस अवसर पर श्री तिवारी ने कहा कि जनता की सेवा ही जनप्रतिनिधि का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए जनता और प्रशासन के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। मंत्री ने बताया कि जनता दर्शन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े और प्रशासनिक व्यवस्था उनके द्वार तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों के निष्पादन में संवेदनशीलता और पारदर्शिता बरती जाए। साथ ही, प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। मंत्री ने यह भी कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ आम लोगों की समस्याओं का निराकरण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समाधान की पहल करने के लिए मंत्री का आभार व्यक्त कियाकार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने अपनी बात सीधे मंत्री के समक्ष रखी। उन्होंने समस्याओं को गंभीरता से सुनने और समाधान की पहल करने के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया। जनता दर्शन के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन भी किया गया, जिससे लोगों में संतोष और उत्साह देखने को मिला। यह जनता दर्शन कार्यक्रम एक बार फिर इस बात का संदेश देता है कि सरकार जनता की समस्याओं के समाधान और सुशासन की भावना के साथ निरंतर कार्य कर रही है, तथा आम नागरिकों की आवाज को प्राथमिकता दे रही है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने रविवार को अपने विधानसभा क्षेत्र जनकपुरी में आयोजित भव्य साइक्लिंग अभियान पैडल द बीट – संडे ऑन साइकिल में हिस्सा लिया। उन्होंने इस साइकिल रैली का नेतृत्व किया। फिटनेस, स्वास्थ्य जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण को समर्पित इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह साइक्लिंग रैली एसकेवी (ए-ब्लॉक, जनकपुरी) से शुरू होकर सीएम श्री स्कूल (सी-4ई, जनकपुरी, गेट नं. 3) पर संपन्न हुई। अभियान में बच्चों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और फिटनेस प्रेमियों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली का संदेश दिया। स्वस्थ जीवन-जिम्मेदार नागरिकता की पहचान साइक्लिंग: मंत्री इस अवसर पर शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा- साइक्लिंग केवल एक खेल या व्यायाम नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ जीवन, स्वच्छ पर्यावरण और जिम्मेदार नागरिकता की पहचान है। आज के दौर में जब लोग मोटापा और विभिन्न बीमारियों का शिकार हो रहे हैं, ऐसे में स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना बेहद आवश्यक है। 'दैनिक जीवन में साइक्लिंग को जरूर शामिल करें' उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से फिटनेस को एक जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है और 'संडे ऑन साइकिल' उसी सोच को आगे बढ़ाने का एक सार्थक प्रयास है। आशीष सूद ने दिल्लीवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में साइक्लिंग और अन्य शारीरिक गतिविधियों को जरूर शामिल करें। इससे न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि शहर में प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम करने में भी मदद मिलेगी।
शहर की पढ़ाई-लिखाई को वर्ल्ड क्लास (विश्वस्तरीय) बनाने और पैरेंट्स की जेब पर पड़ने वाले बोझ को कम करने के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। 'मुस्कुराए कानपुर' मुहिम के तहत शहर में 'कानपुर एजुकेशन कमेटी' का गठन किया गया है। आवास विकास के एक होटल में शहर के नामचीन शिक्षाविदों और प्रशासनिक चेहरों ने मिलकर इस कमेटी का शुभारंभ किया। इस कमेटी का सबसे बड़ा मकसद एक ऐसा 'कानपुर मॉडल' तैयार करना है, जो न सिर्फ बच्चों को अच्छी और नैतिक शिक्षा दे, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक मिसाल बन सके। प्राइमरी से लेकर टेक्निकल एजुकेशन तक के 21 एक्सपर्ट्स शामिल इस खास कमेटी में कोई साधारण लोग नहीं, बल्कि शिक्षा जगत के उन 21 दिग्गजों को शामिल किया गया है जो जमीन से जुड़े हैं। इसमें प्राइमरी, माध्यमिक, उच्च और तकनीकी (टेक्निकल) शिक्षा से जुड़े अनुभवी प्रिसिंपल, मैनेजर, प्रोफेसर्स और ट्रेनर्स शामिल हैं। कमेटी में स्मार्ट सिटी के ब्रांड एंबेसडर डॉ. सिधांशु राय, भारत स्काउट एंड गाइड के सहायक राज्य आयुक्त डॉ. आर.सी. शर्मा, डॉ. अवध बिहारी मिश्रा, पी.सी. अग्निहोत्री, अमित अग्रवाल, प्रो. टी.एन. अग्रवाल, डॉ. राकेश राम त्रिपाठी, डॉ. बृजमोहन सिंह और डॉ. वनिता मेहरोत्रा जैसी हस्तियां शामिल हैं। इनके अलावा सुबोध कटियार, डॉ. सी डेनियल, गुरुशरण सिंह, डॉ. भक्ति विजय शुक्ला, प्रो. जी.एल. श्रीवास्तव, डॉ. संगीता सिंह, राजेश ग्रोवर, डॉ. माहे तलत, शाहिद कामरान, मनप्रीत सिंह, मलिका गुप्ता, डॉ. शिवा मिश्रा और किरण प्रजापति को भी इस मिशन से जोड़ा गया है। रोजगार और बजट में फीस दिलाएगी पैरेंट्स को संतुष्टि कमेटी के समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) बनाए गए डॉ. आर.सी. शर्मा ने साफ किया कि इस पूरी मुहिम का असली फोकस तीन चीजों पर रहेगा। पहला रोजगार, दूसरा बजट में आने वाला फीस स्ट्रक्चर और तीसरा अभिभावकों (पैरेंट्स) की संतुष्टि। आज के दौर में पैरेंट्स बच्चों की महंगी फीस और भविष्य में नौकरी न मिलने की चिंता से सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं, कमेटी इसी गैप को खत्म करेगी। वही, कमेटी के संस्थापक डॉ. सिधांशु राय का कहना है कि किसी भी शहर का भविष्य वहां की शिक्षा व्यवस्था से तय होता है। यह कमेटी सरकारी प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए वर्तमान दौर की जरूरतों के हिसाब से काम करेगी। क्या है यह 'कानपुर मॉडल'?अमित अग्रवाल, डॉ. जी.एल. श्रीवास्तव और राजेश ग्रोवर ने बताया कि 'कानपुर मॉडल' के जरिए एक ऐसी प्रैक्टिकल शिक्षा प्रणाली का ढांचा तैयार किया जा रहा है, जो बच्चों को किताबी कीड़ा बनाने के बजाय उनमें नैतिक सोच और हुनर (स्किल्स) पैदा करे। डॉ. अवध बिहारी मिश्रा और प्रेमचंद अग्निहोत्री ने भी इसे शहर के विकास के लिए एक अनोखी और बेहद जरूरी पहल बताया है। आने वाले दिनों में यह कमेटी शहर के स्कूलों और कॉलेजों के लिए नए सुझाव और ब्लूप्रिंट तैयार करेगी।
पीएयू में चल रही खुली पाठशाला में 25 बच्चे, अब तक 150 से अधिक बच्चों को शिक्षा से जोड़ा
पुशांत मोदगिल | लुधियाना एक तरफ गुरुद्वारा साहिब से आती गुरबाणी की सुरीली आवाजें, दूसरी तरफ खुली हवा में कॉपी-किताब लिए बैठे वो बच्चे जिनके हाथों में कभी किताब की जगह मिट्टी और मांगकर खाने की मजबूरी हुआ करती थी। पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (पीएयू) परिसर में पिछले 12 सालों से चल रही यह खुली पाठशाला किसी सरकारी योजना का हिस्सा नहीं बल्कि एक इंसान के दिल से उठी आवाज का नतीजा है। यही बात इस पूरे सामाजिक प्रयास को बाकी सब से अलग और खास बनाती है। वह बच्चे खुली पाठशाला में पढ़ाई की अपना भविष्य बना रहे हैं। इस पूरे सामाजिक प्रयास की कहानी साल 2014 से शुरू होती है। पीएयू के एंटोमोलॉजी विभाग में कार्यरत सिमरजीत सिंह पंघेर ने बताया कि उस समय यूनिवर्सिटी परिसर में नए हॉस्टल का निर्माण कार्य चल रहा था। वहां काम करने वाले प्रवासी मजदूरों के छोटे-छोटे बच्चे कॉपियों की जगह हाथों में मिट्टी और बालू लिए घूमते रहते थे। सिमरजीत सिंह ने इन बच्चों को इस आदत से हटाकर शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की सोची। शुरुआत में उन्होंने महज 5 बच्चों को इकट्ठा किया। उन्हें पढ़ाई से जोड़ने के लिए कभी प्यार का सहारा लिया तो कभी खेल-खेल में बिस्कुट व खाने-पीने की चीजों से पेड़ की छांव तले बिठाना शुरू किया। धीरे-धीरे ये बच्चे अक्षर पहचानने लगे तो इस टीम ने इनके आधार कार्ड बनवाने का काम किया ताकि सरकारी स्कूलों के जरिए मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ा जा सके। इस खुली पाठशाला की सबसे खूबसूरत और प्रभावशाली बात इसका समर्पित टीचिंग स्टाफ है। यहां बच्चों को पढ़ाने के लिए कोई पेशेवर या वेतनभोगी शिक्षक नहीं आते बल्कि यूनिवर्सिटी में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे देश के होनहार छात्र खुद आगे आकर अपनी सेवाएं देते हैं। जब ये छात्र शाम के समय गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने आते हैं तो खुली हवा में पढ़ते इन बच्चों को देखकर प्रभावित हुए बिना नहीं रह पाते और खुद ब्लैकबोर्ड का चॉक थाम लेते हैं। मौजूदा समय में यूनिवर्सिटी के तीन होनहार छात्र अपनी बेहद कठिन और व्यस्त पढ़ाई के बीच से रोज़ समय निकालकर इन बच्चों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं। इनमें रीना ठाकुर एमएससी इन बायोटेक्नोलॉजी के द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं, प्रभदीप सिंह बीएससी एग्रीकल्चर के तृतीय वर्ष में पढ़ाई कर रहे हैं और गुरवीर सिंह गडवासु से बीएससी फिशरीज साइंस के द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। इनसे पहले भी यूनिवर्सिटी के कई पीएचडी स्कॉलर्स लंबे समय तक इस मिशन का हिस्सा रह चुके हैं। समय के साथ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल बनकर तैयार हो गए और वहां काम करने वाली पुरानी लेबर आगे मूव कर गई, लेकिन यह खुली पाठशाला कभी बंद नहीं हुई। अब तक इस खुली पाठशाला से पढ़कर करीब 150 से अधिक बच्चे बुनियादी शिक्षा लेकर आगे बढ़ चुके हैं। वर्तमान में भी यहां करीब 25 बच्चे नियमित रूप से पढ़ रहे हैं। अब पीएयू कैंपस के अलावा बाहर के इलाकों से भी जो जरूरतमंद छात्र हैं वे भी इस खुली पाठशाला की जानकारी मिलने पर यहां आकर नियमित रूप से कक्षाएं ले रहे हैं। इस पूरी मुहिम में गुरुद्वारा साहिब की प्रबंधकीय कमेटी का विशेष सहयोग रहता है। बच्चों के बैठने की कुर्सियां, ब्लैकबोर्ड, अलमारी और नई कॉपियां व स्टेशनरी का सारा सामान गुरुद्वारा साहिब परिसर के अंदर ही सुरक्षित रखा जाता है। सिमरजीत सिंह पंघेर बताते हैं कि इस खुली पाठशाला का मकसद सिर्फ बच्चों को बुनियादी ज्ञान देना नहीं बल्कि उन्हें अच्छी शिक्षा के लिए तैयार करना भी है। शुरुआती पंजाबी और बुनियादी ज्ञान देने के बाद इन बच्चों का दाखिला पीएयू के ही सरकारी स्कूल में करवा दिया जाता है। इस प्रयास की सबसे बड़ी सफलता का चेहरा कंचन नाम की बच्ची है। कंचन कभी इसी पेड़ की छांव तले पहली बार वर्णमाला सीखने आई थी और आज वह अपनी मेहनत के दम पर 12वीं कक्षा में पढ़ रही है। कंचन का परिवार अब यूनिवर्सिटी परिसर से काफी दूर शिफ्ट हो चुका है लेकिन वह आज भी हफ्ते में दो-तीन दिन विशेष तौर पर खुली पाठशाला में आती है।
होम स्टेट कोटा खत्म होने पर शिक्षा मंत्री से मिलेगा चैंबर प्रतिनिधिमंडल
सिटी रिपोर्टर | रांची फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एजुकेशन उप समिति की बैठक में बीआईटी मेसरा द्वारा झारखंड के छात्रों के लिए 50 प्रतिशत होम स्टेट कोटा समाप्त किए जाने पर चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने इसे राज्य के विद्यार्थियों के हितों के विपरीत और उनके भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला बताया। उप समिति के चेयरमैन पारस अग्रवाल ने कहा कि इस सत्र से सभी सीटों पर ऑल इंडिया मेरिट के आधार पर नामांकन लेने का निर्णय अत्यंत चिंताजनक है। अब तक होम स्टेट कोटा के तहत झारखंड के विद्यार्थियों के लिए लगभग 650 सीटें आरक्षित थीं। ऑल इंडिया कोटा और होम स्टेट कोटा के कट-ऑफ में अंतर होने के कारण राज्य के कई प्रतिभाशाली और निम्नवर्गीय परिवारों के बच्चों को इस प्रतिष्ठित संस्थान में पढ़ने का अवसर मिलता था। चैम्बर का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री और विभागीय सचिव से मुलाकात करेगा। प्रतिनिधिमंडल राज्य सरकार से बीआईटी मेसरा के साथ आवश्यक पहल कर होम स्टेट कोटा पुनः बहाल कराने का आग्रह करेगा। बैठक में उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, मुकेश अग्रवाल और आलोक सिंह सहित कई सदस्य उपस्थित थे।
टोंक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रान्त के संघ शिक्षा वर्ग-2026 का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में धन्ना पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 बजरंगदेवाचार्य महाराज, पूज्य संत कोमलराम महाराज रामद्वारा टोंक के सान्निध्य एवं रिटायर्ड सहायक कस्टम कमिश्नर राजेन्द्र महावर उपस्थित रहे। समापन समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री थे। भारत सीना तानकर खड़ा है मुख्यवक्ता जसवंत खत्री ने दुनिया के वर्तमान हालातों की चर्चा करते हुए कहा- भारत अपनी ताकत के बल से दुनिया के सामने विपरीत परिस्थितियों में भी सीना तानकर खड़ा है। भारत न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक, सामाजिक एवं सैन्य दृष्टि से बड़ी मजबूती से दुनिया की बड़ी शक्तियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका में है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विश्व युद्ध के हालातों में दुनिया भारत की तरफ निहार रही है। खत्री ने अराष्ट्रवादी शक्तियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा- कुछेक ऐसी ताकते हैं जो भारत को तोड़ना चाहती हैं जिनसे सावधान होना पड़ेगा। भारतीयों को ऐसी ताकतों से सावधान होना पड़ेगा। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए संघ शिक्षा वर्ग सर्वाधिकारी अशोक कुमार मित्तल ने संघ शिक्षा वर्ग का प्रतिवेदन देते हुए कहा- श्रीमद् भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने सात्विककर्ता के लक्षण बताते हुए स्वयं कहा है कि जो कर्ता अनुराग से रहित अहंकार शून्य धैर्य एवं उत्साह से युक्त होता है तथा सफलता एवं असफलता में निर्विकार रहता है। वही सात्विककर्ता है। कार्यकर्ताओं में ऐसे उत्कृष्ट गुणों का विकास करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतिवर्ष समय-समय पर प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन करता है। देश समाज का कार्य करने के लिए राष्ट्रीय चिंतन और आचरण वाले ध्येय समर्पित कार्यकर्ताओं की सहज निर्मिति के लिए संघ शिक्षा वर्गों की महती भूमिका है। तीन वर्ग आयोजित हुए वर्ग प्रमुख ने बताया- जयपुर प्रान्त में तीन वर्ग आयोजित किए गए हैं। जिनमें पहला विद्यालय विद्यार्थी वर्ग टोंक में जिसमें 10वीं, 11वीं, 12वीं की परीक्षा में प्रविष्ट विद्यार्थियों का, दूसरा महाविद्यालय विद्यार्थी व तरूण व्यवसायी वर्ग का जामडोली जयपुर में ,तीसरा प्रौढ व्यवसायी वर्ग राजापार्क जयपुर 40 से 65 वर्ष तक के व्यवसायियों का किया है। टोंक में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग का जिक्र करते हुए बताया- टोंक में 22 मई को वर्ग का उद्घाटन डीएसपी मृत्यूंजय मिश्रा व सह प्रांत प्रचारक विशाल ने किया। 123 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया इस वर्ग में जयपुर प्रान्त के 24 जिलों के 123 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनमें मुख्य शिक्षक व शाखा कार्यवाह एवं ऊपर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी रही। वर्ग में 21 शिक्षक एवं 20 प्रबंधकों तथा 10 जिला प्रमुख ने पूरा समय रहकर वर्ग के सुचारू रूप से संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस 15 दिवसीय वर्ग में अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल का 4 दिन पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। प्रान्तीय अधिकारियों के अतिरिक्त क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम , प्रांत सह संघचालक हेमन्त सेठिया, प्रांत कार्यवाह रमेश पारीक, प्रांत प्रचारक बाबूलाल,सह प्रांत प्रचारक विशाल कुमार का सानिध्य भी वर्ग में मिला। समारोह में जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी,मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पंडित सुरेश दुबे,सेंट सोल्जर शिक्षा समिति टोंक के निदेशक बाबूलाल शर्मा, सहित काफी संख्या में महिला, पुरुष मौजूद थे।
बाड़मेर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) जोधपुर प्रांत का 15 दिन का संघ शिक्षा वर्ग (2026) पूरा हुआ। शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी को हुए समापन कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने देश की सेवा और सामाजिक संगठन का संकल्प लिया। इस दौरान उन्होंने शारीरिक व्यायाम का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारक मुख्य वक्ता निंबाराम ने कहा- संघ के काम को समझना है तो संघ में आकर देखिए, यहां रहकर अनुभव कीजिए। 21 जिलों के 316 स्वयंसेवकों ने ली ट्रेनिंग जानकारी के अनुसार- 21 मई से शुरू हुए कैंप में जोधपुर प्रांत के 7 विभागों और 21 जिलों के कुल 316 स्वयंसेवकों ने ट्रेनिंग ली। कैंप की दिनचर्या में सभी स्वयंसेवकों ने सुबह 4 बजे से रात 10:10 बजे तक कड़े अनुशासन का पालन किया। समापन समारोह की शुरुआत ध्वजारोहण और प्रार्थना के साथ हुई। इसके बाद स्वयंसेवकों ने व्यायाम किया। 15 दिन तक प्लास्टिक मुक्त रहा कैंप जानकारी के अनुसार- कैंप 15 दिन तक पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त रहा। इस दौरान पानी बचाने का संदेश देते हुए स्वयंसेवकों ने अपने भोजन के बर्तन रेत से मांझे। समापन कार्यक्रम में आए गेस्ट को 5021 सीड बॉल बांटे गए। गोबर से बने गमले में 500 तुलसी के पौधों बांटे गए। कैंप के दौरान 5000 नारियल के खोल में बीज बोए गए। सामाजिक जुड़ाव के लिए बाड़मेर शहर और नजदीकी गांवों से 15 दिन तक दोनों वक्त के भोजन के लिए रोटियों का संग्रह किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धोरीमन्ना के उद्योगपति-समाजसेवी मोहनलाल प्रजापति ने की। मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जोधपुर क्षेत्र के क्षेत्र प्रचारक निंबाराम रहे। निंबाराम बोले-सिर्फ इमरजेंसी और कोविड काल में नहीं हुआ कैंप मुख्य वक्ता निंबाराम ने कहा- 1927 में पहला शिक्षा वर्ग (कैंप) लगा था। तब से सिर्फ इमरजेंसी और कोविड काल के दौरान कैंप नहीं लगा। बाकी यह लगातार जारी रहा। वर्तमान में राजस्थान में 14 जगह और देशभर में 77 जगह ट्रेनिंग कैंपों में करीब 20 हजार स्वयंसेवक ट्रेनिंग ले रहे हैं। शाखा व्यक्ति निर्माण का केंद्र है। जिसमे देश और हिंदू धर्म के जागरण का काम किया जाता है। राजस्थान में वर्तमान में 11 हजार शाखाएं लग रही हैं। संघ का टारगेट- समाज जागरण करना है निंबाराम ने हर गांव में संस्कार पाठशाला, व्यायाम शाला और हर साल उनके महोत्सव की व्यवस्था की बात की। कहा- वर्तमान में शाखा के माध्यम से यह कार्य स्वयंसेवक कर रहे हैं। संघ शताब्दी वर्ष के दौरान व्यापक ग्रह संपर्क के निमित्त सभी विचारधारा के व्यक्तियों से संपर्क किया गया। हिंदू समाज के जागरण का कार्य किया गया। संघ का लक्ष्य सभी को संघ का स्वयंसेवक बनाना नहीं है, बल्कि समाज जागरण का कार्य करना है। जो तन, मन, धन से देश हित का कार्य करता है, वहीं संघ का कार्य है। इससे पहले वर्ग कार्यवाह ने वर्ग का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया- कैंप में 316 स्वयंसेवक, 46 ट्रेनर, 79 प्रबंधक लगातार 15 दिन तक काम करते रहे। बाड़मेर नगर से प्रतिदिन अलग-अलग श्रेणीयों के 753 नागरिक वर्ग दर्शन के लिए आए। इस समारोह कार्यक्रम में बाड़मेर नगर एवं आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं पुरुष उपस्थित रहे।
उमरिया जिले में 110 निजी स्कूलों ने जिला शिक्षा केंद्र (डीईसी) के निर्देशों की अनदेखी की है। दो माह पहले फीस, पुस्तकों और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत प्रवेश संबंधी जानकारी मांगी गई थी, लेकिन स्कूलों ने अभी तक विवरण उपलब्ध नहीं कराया है। अब डीईसी ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में, जिसमें जिला मुख्यालय भी शामिल है, लगभग 190 निजी स्कूल संचालित हैं। जिला शिक्षा केंद्र ने सभी स्कूलों को पत्र जारी कर वार्षिक फीस, छात्रों को दी जाने वाली पुस्तकों और आरटीई के तहत हुए प्रवेशों की विस्तृत जानकारी मांगी थी। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में स्कूलों ने निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी नहीं भेजी डीपीसी द्वारा कई बार स्मरण पत्र (रिमाइंडर) भी भेजे गए। इसके बावजूद, 110 स्कूलों ने कोई जवाब नहीं दिया। इससे विभागीय अधिकारियों में नाराजगी है। अधिकारियों का कहना है कि स्कूल संचालकों की मनमानी के कारण आवश्यक जानकारी संकलित नहीं हो पा रही है। जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि जिन स्कूलों ने अब तक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले को कलेक्टर के संज्ञान में लाया जाएगा और संबंधित समिति के माध्यम से कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। विभाग का कहना है कि निजी स्कूलों की फीस संरचना, पुस्तक वितरण और आरटीई प्रवेशों की निगरानी के लिए यह जानकारी आवश्यक है। समय पर जानकारी उपलब्ध न कराने वाले स्कूलों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
मैनपुरी में अहिल्याबाई होलकर जयंती समारोह का आयोजन किया गया। इसमें केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने समाज को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया और इसे सबसे मजबूत हथियार बताया। शनिवार को शहर के गोला बाजार स्थित अहिल्याबाई होलकर चौक पर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री बघेल ने माल्यार्पण किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 5 बीघा जमीन बेचकर बच्चों को अच्छी डिग्री मिलती है, तो ऐसा अवश्य करना चाहिए। डिग्री और नौकरी हासिल होने के बाद बच्चा 5 बीघा से 50 बीघा भूमि भी खरीद सकेगा। केंद्रीय मंत्री ने अहिल्याबाई होलकर के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अहिल्याबाई ने शासनकाल में राज किया और उनके ससुर ने उन्हें आगे बढ़ाया। नारी सशक्तिकरण के लिए उनकी एक अलग पहचान बनी है। बघेल ने समाज से अच्छी शिक्षा, अच्छे संस्कार और अच्छी उपलब्धि हासिल करने की आशा व्यक्त की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल के साथ पर्यटन मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह, विधायक रामनरेश गंगोत्री, टूंडला विधायक प्रेमपाल सिंह धनगर, पूर्व मंत्री अयोध्या प्रसाद पाल, महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष परम प्रकाश पाल, हौसला प्रसाद पाल, राजेंद्र सिंह पाल, संध्या सिंह धनगर, गगन पाल, संयोजक बलवीर सिंह पाल, आलोक गुप्ता, ममता राजपूत, रोड पाल, आसान सिंह पाल, महेश सिंह पाल, प्रमोद पाल, मुनेंद्र पाल, निर्भय सिंह पाल, इनाम सिंह, रविंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, रामवीर सिंह, शेर सिंह, महेश चंदपाल, मनोज कुमार और साक्षी सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
दिल्ली में हुए कॉकरोच जनता पार्टी प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। देश के विभिन्न राज्यों और जिलों से बड़ी संख्या में युवा और छात्र दिल्ली पहुंचे। इसी क्रम में सोनीपत से भी युवाओं का एक दल नारेबाजी करते हुए दिल्ली के लिए रवाना हुआ। रवाना होने से पहले युवाओं ने बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों का समय और मेहनत लगाने के बावजूद बार-बार होने वाली अनियमितताओं से उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। दिल्ली में हुए प्रदर्शन को लेकर युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला और उन्होंने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाने का संकल्प लिया। NEET पेपर लीक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी, यानी CJP ने शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर 5 घंटे प्रदर्शन किया। पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि मंत्री 5 दिन के अंदर इस्तीफा दें, नहीं तो अगले शनिवार, यानी 13 जून को जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन करेंगे। पेपर लीक मामलों पर युवाओं ने जताया रोष कॉकरोच जनता पार्टी को समर्थन देने के लिए दल का नेतृत्व कर रहे विमल किशोर ने बातचीत में कहा कि आज का युवा लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों से बेहद परेशान है। उन्होंने कहा कि लाखों अभ्यर्थी दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा से पहले या बाद में पेपर लीक होने की घटनाएं उनकी मेहनत पर पानी फेर देती हैं। उनका कहना है कि इससे युवाओं का मनोबल टूटता है और भविष्य को लेकर असुरक्षा बढ़ती है। सरकार पर लगाए ठोस कार्रवाई न करने के आरोप विमल किशोर ने आरोप लगाया कि बार-बार पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी और सख्त कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाए जाने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार दोहराई जा रही हैं। युवाओं का मानना है कि यदि समय रहते कड़ी कार्रवाई होती तो परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल नहीं उठते। दिल्ली में बुलंद होगी युवाओं की आवाज उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाला प्रदर्शन केवल विरोध दर्ज कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसके माध्यम से युवा अपनी मांगों को मजबूती से सरकार और प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। प्रदर्शन में शामिल होने वाले छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाएंगे। सख्त कानून और जवाबदेही तय करने की मांग युवाओं का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पेपर लीक मामलों पर सख्त कानून लागू किए जाने चाहिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। रोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर सोनीपत से रवाना हुए युवाओं ने केवल पेपर लीक का मुद्दा ही नहीं उठाया, बल्कि रोजगार के अवसर बढ़ाने और भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग भी रखी। उनका कहना है कि लंबे समय से विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रियाएं लंबित हैं, जिससे योग्य युवाओं को नौकरी मिलने में देरी हो रही है और उनमें निराशा बढ़ रही है। वहीं, CJP के प्रदर्शन के मद्देनजर इंदिरा गांधी एयरपोर्ट, मुख्य रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और दिल्ली के बॉर्डर पॉइंट्स पर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। 1000 से ज्यादा पुलिस जवान पहले से तय पॉइंट्स पर तैनात किए गए थे। बाजारों और संवेदनशील इलाकों में कानून व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत दी गई थी। मंत्री के इस्तीफे के लिए 5 दिन की समय सीमा अभिजीत ने कहा- कॉकरोच जनता पार्टी अपनी मांग पर अड़ी है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने धमेंद्र को इस्तीफे के लिए 5 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर कॉकरोच जनता पार्टी की बात नहीं मानी जाती है, तो 13 जून को जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा।
अभिजीत दिपके ने उस सुबह इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अपने पहुंचने को याद करते हुए कहा कि उनकी फ्लाइट लैंड होने से ठीक पहले, उन्हें ऐसा लगा जैसे वह अपनी आज़ादी के आखिरी पल जी रहे हैं।
दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के बीच आगरा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक आगरा कॉलेज के सामने हाथ में पोस्टर लेकर खड़ा दिखाई दे रहा है। पोस्टर पर शिक्षा मंत्री रिजाइन दो लिखा है, जबकि सड़क के डिवाइडर पर लगे पोस्टरों में जागो आगरा, जागो आगरा और Stop Playing With The Life Studies जैसे संदेश नजर आ रहे हैं। साथ ही वीडियो में आगरा कॉलेज के 7 से 8 युवक भी एक साथ खड़े नजर आ रहे है। सोशल मीडिया पर दी जा रही जानकारी के अनुसार यह वीडियो 28 मई का बताया जा रहाा। वीडियो को आदित्य शर्मा नामक युवक द्वारा पोस्ट किया गया बताया जा रहा है और वीडियो में दिखाई देने वाला युवक भी आदित्य शर्मा ही बताया जा रहा है। जिस अकाउंट से वीडियो पोस्ट किया गया है उसके फॉलोअर्स 22.2K हैं, वीडियो पर 5,549 व्यूज हैं। और करीब 300 लोगों ने इस लाइक किया है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर बड़ी संख्या में प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कमेंट सेक्शन में कई यूजर CJP जिंदाबाद और छात्रों के समर्थन में नारे लिखते दिखाई दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय व्यक्त की है। वीडियो ऐसे समय वायरल हुआ है जब दिल्ली में शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। इसी कारण सोशल मीडिया पर कई लोग आगरा के इस वीडियो को भी उसी बहस का हिस्सा मानकर साझा कर रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक रूप से शेयर किया जा रहा है और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
गुरुग्राम जिले के एसजीटी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ नर्सिंग ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड स्टैंडर्ड्स (NRCeS) और सी-डैक, पुणे के सहयोग से एक तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया। यह कार्यक्रम 3 से 5 जून तक हेल्थ इंफॉर्मेशन एंड डिजिटल टेक्नोलॉजीज इन हेल्थकेयर विषय पर आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्घाटन एसजीटी विश्वविद्यालय के प्रॉ-वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) अतुल नासा ने किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल परिवर्तन के दौर में शिक्षकों और स्वास्थ्य पेशेवरों का आधुनिक तकनीकों से दक्ष होना समय की आवश्यकता है। उन्होंने डिजिटल तकनीकों को स्वास्थ्य शिक्षा और सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण बताया। इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड की जानकारी दी गई स्कूल ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. सुनील कुमार दुलार के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में मेडिकल, नर्सिंग, डेंटल, फिजियोथेरेपी, एलाइड हेल्थ साइंसेज, आयुर्वेद, नेचुरोपैथी तथा एसजीटी अस्पताल के संकाय सदस्यों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी की। एफडीपी के दौरान NRCeS एवं सी-डैक, पुणे के विशेषज्ञ डॉ. सुरेश कुमार शर्मा, सुश्री सयाली सटोकर, चिन्मय भुताड एवं सुश्री प्रीतम तांबे ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। इनमें इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR), डिजिटल हेल्थ स्टैंडर्ड्स, SNOMED CT, ICD-10, नर्सिंग डॉक्यूमेंटेशन स्टैंडर्ड्स, डेटा एनालिटिक्स, क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम, LOINC, FHIR, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM), नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (NHCX), DICOM स्टैंडर्ड्स तथा स्वास्थ्य डेटा की गोपनीयता एवं सुरक्षा शामिल थे। हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्वास्थ्य सूचना प्रणालियों के व्यावहारिक प्रदर्शन और हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण भी शामिल था। इससे प्रतिभागियों को डिजिटल हेल्थ तकनीकों एवं इंटरऑपरेबिलिटी मानकों की व्यवहारिक समझ विकसित करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की उपयोगिता और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन की सराहना की। समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। आयोजकों ने बताया कि यह पहल स्वास्थ्य क्षेत्र में डिजिटल तकनीकों के प्रभावी उपयोग, क्षमता निर्माण और भविष्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
वाराणसी के रामनगर स्थित राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज को केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत चयनित किया गया है। इसके साथ ही यह विद्यालय अब पीएम श्री विद्यालय के रूप में जाना जाएगा। इस दर्जे के मिलने से विद्यालय में आधुनिक शैक्षिक सुविधाओं का विस्तार होगा और छात्राओं को नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। पीएम श्री योजना के तहत विद्यालय में डिजिटल बोर्ड, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाएं, आईसीटी (ICT) लैब और टिंकरिंग लैब जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप यहां रटने की बजाय समझ और प्रयोग आधारित शिक्षा पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही खेल आधारित शिक्षण पद्धति को भी बढ़ावा मिलेगा। कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा पर रहेगा फोकस विद्यालय की छात्राओं को कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें। विद्यालय के विकास और संसाधनों को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जाएगा। करीब 2400 छात्राएं कर रही हैं अध्ययन विद्यालय की प्रधानाचार्य साधना राय ने बताया कि राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में कक्षा 5 से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई होती है और वर्तमान में करीब 2400 छात्राएं अध्ययनरत हैं। प्रदेश के तीन विद्यालयों को मिला दर्जा राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के अलावा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज संभल और राजकीय इंटर कॉलेज तकसारा, अयोध्या को भी पीएम श्री का दर्जा प्रदान किया गया है। वाराणसी में बढ़ी पीएम श्री विद्यालयों की संख्या इससे पहले वाराणसी में पीएम श्री राजकीय प्रभु नारायण इंटर कॉलेज, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज जक्खिनी, पीएम श्री राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज, पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मलदहिया और पीएम श्री राजकीय अभिनव इंटर कॉलेज को यह दर्जा मिल चुका है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) भोलेंद्र प्रताप सिंह ने इसे जिले के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि पीएम श्री का दर्जा मिलने से विद्यालय को विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट मिलेगा। इससे छात्राओं को आधुनिक, तकनीकी और कौशल आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
चंदनकियारी | विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर चंदनकियारी क्षेत्र चन्द्रा पंचायत सचिवालय के समीप शिक्षा सेवा समर्पण संस्थान की ओर से शुक्रवार को पौधरोपण व पर्यावरण जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान सदस्यों, कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों की सहभागिता से 200 पौधों का रोपण किया गया। मुख्य अतिथि बनगड़िया ओपी प्रभारी शुभम कुमार ने कहा कि पर्यावरण मानव जीवन का आधार है और इसकी रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिक्षाविद आचार्य श्यामलाल कुमावत की पुण्यतिथि मनाई
राष्ट्र निर्माण, शिक्षा और सामाजिक जागरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले आलोक संस्थान के संस्थापक आचार्य श्यामलाल कुमावत की आठवीं पुण्यतिथि पर गुरुवार को स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। समारोह का शुभारंभ प्रतिमा के दुग्धाभिषेक से हुआ। इसके बाद पहली बार 51 किलो गुलाब की पंखुड़ियों से वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विशेष पुष्पाभिषेक किया गया। स्मरणांजलि सभा में उदयपुर शहर विधायक ताराचंद जैन ने कहा कि कश्मीर आंदोलन के दौरान डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ संघर्ष करने वाले उदयपुर के प्रमुख कार्यकर्ताओं में आचार्य कुमावत भी शामिल थे। धारा 370 हटने से उनके संकल्प को पूर्णता मिली है। ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने उन्हें संगठन निर्माण का अग्रदूत बताया, जबकि राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति कर्नल प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि नई शिक्षा नीति जिन जीवन मूल्यों की बात करती है, उन्हें आचार्य कुमावत ने दशकों पहले अपने शैक्षिक कार्यों में अपनाया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता आलोक संस्थान के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमावत ने की।
शिक्षा विभाग की यह कैसी व्यवस्था... एक साल पहले पदोन्नत प्रिंसिपल को अब तक पोस्टिंग नहीं
शिक्षा विभाग में पदोन्नति हो रही है, लेकिन पोस्टिंग नहीं मिल रही। इस कारण पदोन्नति के बावजूद उन्हें उच्च पद नहीं मिल रहा और यथा स्थान कार्यग्रहण करा दिया गया। अधिकारियों की लापरवाही के कारण पदोन्नत कर्मचारी लंबे समय से पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। पिछले एक साल में विभाग में डीईओ, प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल के पद पर पदोन्नतियां तो की गई, लेकिन पोस्टिंग अब तक नहीं दी गई। पदोन्नत कर्मचारी आज भी उसी स्थान पर काम कर रहे हैं जहां से उनको पदोन्नत किया गया था। इससे पदोन्नत कर्मचारियों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। विभाग में पिछले साल मई में पदोन्नति के बाद 3800 नए प्रिंसिपल मिले थे। इनको यथा स्थान कार्यग्रहण कराया। इसके बाद इनकी पोस्टिंग के लिए 3 बार काउंसलिंग का शेड्यूल जारी किया। तीनों ही बार ऐनवक्त पर शेड्यूल को वापस ले लिया। अधिकारी बार-बार आदेश पर यू-टर्न ले रहे हैं। वहीं, प्रिंसिपल पोस्टिंग को लेकर भी विभाग ने यू-टर्न ले लिया। सितंबर 2025 में पदोन्नत हुए करीब 11 हजार वाइस प्रिंसिपल भी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। इनके वरिष्ठता निर्धारण में भी गड़बड़ी हुई। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया। पदोन्नति 144 जिला शिक्षा अधिकारी भी पोस्टिंग के अभाव में अपने पुराने पद पर ही काम कर रहे हैं। इसी तरह से कई अन्य पदों पर भी पोस्टिंग लंबित पड़ी है। अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ के प्रवक्ता देवकरण गुर्जर और राजस्थान प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष विपिन प्रकाश शर्मा का कहना है कि अप्रैल से नया सत्र प्रारंभ हो गया है। विभाग को चाहिए कि पोस्टिंग में आ रही अड़चनों को दूर करे, ताकि ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद पदोन्नति कर्मचारियों की पोस्टिंग का रास्ता खुल सके। पोस्टिंग नहीं होने से यह पड़ रहा है असर पोस्टिंग नहीं होने से कर्मचारी पुराने पद पर काम कर रहा है। वेतन पदोन्नति वाला ले रहा है। यानी सरकार काम निम्न पद का करा रही है और वेतन उच्च पद का दे रही है। इसके अलावा एक स्कूल में एक से अधिक वाइस प्रिंसिपल व प्रिंसिपल काम कर रहे हैं। इससे इनका सही उपयोग नहीं हो पा रहा है। अगर पोस्टिंग मिले तो स्कूलों में खाली पड़े इनके पद भर सकेंगे और स्कूलों की मॉनिटरिंग सही तरीके से हो सकेगी।
कॉलेज शिक्षा विभाग की भर्ती के साक्षात्कार में प्रार्थी को भी शामिल करें
हाईकोर्ट ने आरपीएससी की कॉलेज शिक्षा विभाग की भर्ती में प्रार्थी अंतिम वर्ष के छात्र को राहत देते हुए उसे फिजिकल इंस्ट्रक्टर के साक्षात्कार में शामिल करने का निर्देश दिया है। वहीं मामले में प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव, कॉलेज शिक्षा आयुक्त व आरपीएससी सचिव से जवाब देने के लिए कहा है। हाईकोर्ट ने यह निर्देश विवेक कुमार मिश्रा की याचिका पर दिया। अधिवक्ता राम प्रताप सैनी ने बताया कि प्रार्थी ने भर्ती में फिजिकल इंस्ट्रक्टर पद के लिए आवेदन किया था। उस समय वह अंतिम वर्ष का छात्र था। उसने भर्ती परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण कर ली। लेकिन उसे साक्षात्कार में शामिल करने से यह कहते हुए मना कर दिया कि आवेदन पत्र जमा कराने की तिथि तक उसका अंतिम वर्ष का परिणाम घोषित नहीं हुआ था। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि अंतिम वर्ष की परीक्षा में शामिल हो चुके अथवा शामिल होने वाले अभ्यर्थी आवेदन के लिए पात्र होंगे। इसलिए परीक्षा में सफल होने के बाद भी उसे साक्षात्कार से वंचित करना उसके वैधानिक अधिकारों का हनन है। इसलिए उसे साक्षात्कार सहित भर्ती परीक्षा में शामिल किया जाए। अदालत ने मामले में प्रार्थी को राहत देते हुए उसे साक्षात्कार में शामिल करने के लिए कहा।
मुफ्त शिक्षा के लिए दान की जगह पर बना डाली कोठी; घर से निकाला तो बुजुर्ग एनआरआई दंपती ने बिछाई दरी
पीड़ित एनआरआई प्रोफेसर दविंदर सिंह ग्रेवाल और उनकी पत्नी ने रुंधे गले से कहा इस उम्र में अब हमारी कोई ख्वाहिश नहीं बची है। हमें न तो धन-दौलत चाहिए और न ही कोई ऐश-ओ-आराम। हम तो बस अपने दिवंगत बेटे की याद में एक ऐसा एजुकेशन सेंटर बनाना चाहते हैं, जहां गरीब बच्चे मुफ्त में पढ़-लिख सकें। हमारा मकसद सिर्फ इतना है कि यहां से शिक्षा पाकर बच्चे जिंदगी में एक कामयाब और अच्छे इंसान बनें। लेकिन हमें क्या पता था कि भगवान के घर (धार्मिक संस्था) में ही हमारे साथ ऐसा धोखा हो जाएगा और हमारी भावना का तमाशा बना दिया जाएगा। भास्कर न्यूज | लुधियाना बाड़ेवाल रोड स्थित पंजाब कॉलोनी से रिश्तों को शर्मसार करने और एक तथाकथित धार्मिक संस्था के बाबा द्वारा बुजुर्गों से धोखाधड़ी का बेहद संवेदनशील मामला सामने आया है। एक पढ़े-लिखे एनआरआई बुजुर्ग प्रोफेसर दंपति, जिनकी उम्र 80 साल हो चुकी है, आज न्याय के लिए अपने ही घर के बाहर दरी बिछाकर धरने पर बैठने को मजबूर हैं। दिल के मरीज इस बुजुर्ग दंपति का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने अपने दिवंगत बेटे की याद में बच्चों की मुफ्त शिक्षा के लिए करोड़ों रुपये की जमीन दान कर दी थी। शुक्रवार को इस प्रताड़ना और धोखे से तंग आकर आज उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए अपने ही घर के बाहर दरी बिछा दी और पुलिस विभाग के खिलाफ रोष जाहिर किया। प्रोफेसर ग्रेवाल ने बताया कि उन्होंने इस धोखाधड़ी और कब्जे के खिलाफ अदालत में केस भी दायर कर दिया है। मामले का संज्ञान लेते हुए डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने लुधियाना पुलिस को तुरंत सख्त निर्देश जारी किए हैं। डीसी ने पुलिस को मार्क करते हुए कहा है कि दोनों बुजुर्गों को तुरंत पूर्ण न्याय दिलाया जाए और उन्हें सम्मानजनक तरीके से उनके घर के अंदर बिठाया जाए। मेरे दो बेटे थे। एक बेटे का कुछ समय पहले देहांत हो चुका है, जबकि दूसरा बेटा मुझे व मेरी पत्नी को बेसहारा छोड़कर अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहा है। हम दोनों पति पत्नी ने मृत बेटे की याद को जिंदा रखने के लिए बाड़ेवाल रोड की पंजाब कॉलोनी वाला 512 गज का करोड़ों रुपये का प्लॉट बारुंदी की एक धार्मिक संस्था के बाबा को दान कर दी थी। दान की शर्त यह थी कि बाबा वहां गरीब बच्चों के लिए एक एजुकेशन सेंटर बनाएंगे, जहां बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाएगी। लेकिन मुझे तब गहरा सदमा लगा, जब पता चला कि बाबा ने वहां कोई एजुकेशन सेंटर नहीं बनाया, बल्कि उस जमीन पर एक आलीशान कोठी खड़ी कर दी और उसे कमाई का साधन बनाते हुए किसी दूसरे को रहने के लिए दे दिया। जब मैं और पत्नी सच्चाई जानने बाबा के पास गए, तो उसने मिलने तक से मना कर दिया। मैंने मामले की शिकायत डीसी से की। प्रशासन के दखल के बाद हम दोनों अपने घर के अंदर तो चले गए, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया। हम दोनों को मेरे ही घर के मुख्य हिस्से से हटाकर एक छोटे से स्टोर रूम में रहने को मजबूर किया , जहां न तो सांस लेने के लिए पंखा है और न ही लेटने के लिए बेड। मुझे अपने ही घर में अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।- दविंदर सिंह ग्रेवाल पीड़ित प्रोफेसर
सोशल मीडिया पर एक मजाक के तौर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज अपना पहला प्रदर्शन करेगी। CJP का प्रदर्शन NEET-UG, CBSE, CUET और SSC-GD जैसी परिक्षाओं में हुई धांधलियों और पेपर लीक के खिलाफ है। पार्टी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करेगी। CJP ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले समर्थकों के लिए एक गाइडलाइन भी जारी की है। इसमें समर्थकों से सनस्क्रीन लगाकर, नाश्ता करके आने, हाथ में तिरंगा, फूल और किताब लाने जैसी 8 अपील की गई हैं। CJP फाउंडर अभिजीत दीपके सुबह 8 बजे भारत पहुंचेंगे। वे शुक्रवार को अमेरिका से रवाना हुए थे। उन्होंने X पर लिखा- अपना भाग्य संविधान के हाथों में छोड़कर भारत के लिए निकल रहा हूं। दीपके दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरेंगे। वहां से सीधे पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे और जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की इजाजत लेगें। अभिजीत ने समर्थकों से पुलिस स्टेशन पहुंचने की अपील की है। उन्होंने समर्थकों से कहा है कि एयरपोर्ट पर भीड़ जुटाने की जरूरत नहीं है। CJP ने समर्थकों को बताया- क्या करें, क्या न करें 5 जून की CJP से जुड़ीं अपडेट्स CJI का बयान, चर्चा में CJP 15 मई को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा- कॉकरोच की तरह ऐसे युवा हैं, जिन्हें इस पेशे में रोजगार नहीं मिल रहा है। इनमें से कुछ मीडिया, कुछ सोशल मीडिया और कुछ RTI तथा अन्य तरह के एक्टिविस्ट बन रहे हैं। ये हर किसी पर हमला करना शुरू कर देते हैं। इस बयान के अगले दिन, 16 मई को इंस्टाग्राम पर कॉकरोच जनता पार्टी नाम से एक प्लेटफॉर्म बनाया गया था। अभिजीत बोले- मजाक अब आगे निकल चुका दीपके 19 मई को एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था- यह आंदोलन एक मजाक के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह मजाक से आगे निकल चुका है। युवाओं की बेरोजगारी और व्यवस्था से निराशा ने आंदोलन को बड़ा बनाया। CJP को अब तक सोशल एक्टिविक्ट सोनम वांगचुक, एक्टर अतुल कुलकर्णी, दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) पूर्व प्रेसिडेंट रौनक खत्री समेत अन्य लोगों का समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भी शामिल होंगे। CJP इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में भाजपा-कांग्रेस, AAP से आगे 4 जून: CJP की पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की दिल्ली में पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई। पार्टी की तरफ से तीन सौरव दास (मुख्य प्रवक्ता), प्रवक्ता विजेता दहिया और आशुतोष रांका ने पार्टी की मांग रखीं। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफे मांगा। कहा कि CJP सरकार और विपक्ष दोनों से बातचीत को तैयार है। सौरव ने CBSE चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता के तबादले को सिर्फ दिखावा बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय होनी चाहिए और केवल तबादलों से समस्या का समाधान नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… महाराष्ट्र में दीपके के घर के बाहर पुलिस तैनात दीपके का परिवार महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहता है। वर्तमान में उनके घर पर 24 घंटे पुलिस की तैनाती है। पुलिस के मुताबिक, यह तैनाती एहतियान की गई है, क्योंकि सोशल मीडिया पर CJP का मुद्दा ट्रेंड कर रहा है, इसलिए उनके घर के बाहर भीड़ न जुटे, इसे देखते हुए यह कदम उठाया गया। अब जानिए उन पार्टियों के बारे में जो जन आंदोलन से जन्मी कॉकरोच जनता पार्टी के पॉलिटिकल पार्टी बनेगी या नहीं फिलहाल यह तय नहीं है। पार्टी को सोशल मीडिया पर जनता का भारी समर्थन है। लेकिन देश में 6 ऐसी पार्टियां रहीं, जो केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार का विरोध करके चर्चा में आई और राजनीति पार्टी बन गईं। जानिए ऐसी ही 6 पाटियों के बारे में… AAP और CJP की समानता और अंतर
नई दिल्ली। देश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए आईआईटी दिल्ली ने देशभर के 18 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआईटी) के साथ शैक्षणिक और शोध सहयोग नेटवर्क की शुरुआत की है। इस पहल के तहत संस्थानों के बीच छात्र एवं फैकल्टी एक्सचेंज, संयुक्त शोध, रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करने और उच्च शिक्षा के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आईआईटी दिल्ली परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव सौम्या गुप्ता, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी और विभिन्न एनआईटी के निदेशक शामिल हुए। इस दौरान 18 एनआईटी के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इनमें एनआईटी राउरकेला, वारंगल, तिरुचिरापल्ली, कालीकट, जालंधर, कुरुक्षेत्र, इलाहाबाद, जयपुर, भोपाल और नागपुर समेत कई प्रमुख संस्थान शामिल हैं। मेधावी छात्रों को मिलेगा आईआईटी दिल्ली में पढ़ने का मौका नई व्यवस्था के तहत भागीदार एनआईटी के मेधावी स्नातक छात्र अपने अंतिम वर्ष में विशेष एक्सचेंज स्टूडेंट के रूप में आईआईटी दिल्ली में पढ़ाई और रिसर्च कर सकेंगे। वहीं स्नातकोत्तर छात्रों को भी रिसर्च इमर्शन और अकादमिक सहयोग का अवसर मिलेगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गेट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा के बिना एमटेकए एमएस (रिसर्च) और पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश का अवसर दिया जाएगा। क्रेडिट ट्रांसफर से कम होगा डिग्री पूरा करने का समय सहयोग ढांचे में क्रेडिट ट्रांसफर और क्रेडिट शेयरिंग की व्यवस्था भी शामिल की गई है। इससे छात्र अपने संस्थान और आईआईटी दिल्ली दोनों जगह पढ़ाई कर प्राप्त क्रेडिट का उपयोग कर सकेंगे। इससे उच्च डिग्री पूरी करने में लगने वाला समय कम होगा और शैक्षणिक गुणवत्ता भी बरकरार रहेगी। आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. रंगन बनर्जी ने कहा कि यह पहल संस्थान-केंद्रित विकास से आगे बढ़कर सहयोग आधारित राष्ट्रीय उच्च शिक्षा मॉडल की दिशा में कदम है।
संस्कार शिविर में नैतिक शिक्षा पर दिया जोर
पानीपत| जिनवाणी विद्या भारती स्कूल में वर्धमान श्वेतांबर जैन सभा अग्रवाल मंडी द्वारा आयोजित दस दिवसीय संस्कार शिविर के पांचवें दिन नैतिक शिक्षा पर विचार व्यक्त किए गए। डॉ. एपी जैन ने कहा कि शिक्षा से प्राप्त बुद्धि भरोसेमंद साथी है, लेकिन गलत दिशा में जाने पर विनाशकारी हो सकती है। उन्होंने विश्व में बढ़ते युद्ध और विनाशकारी हथियारों का उल्लेख करते हुए मानवता आधारित नैतिकता की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में राजेंद्र जैन और सुशील जैन उपस्थित रहे।
सांसद निधि का 99.08% बजट विकास कार्यों में स्वीकृत, 82.14% शिक्षा पर खर्च
भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा संसदीय क्षेत्र के सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने अपने कार्यकाल के दो साल पूरे होने पर सांसद निधि के उपयोग का ब्यौरा जारी किया। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में कुल 10 करोड़ रुपए की सांसद निधि स्वीकृत हुई। इसमें से 9.80 करोड़ रुपए की राशि प्राप्त हुई। 9.71 करोड़ रुपए के कार्य स्वीकृत या प्रगतिरत हैं। यह कुल का 99.08 प्रतिशत है। बेनीवाल के अनुसार कुल खर्च का 82.14 प्रतिशत, करीब 7.98 करोड़ रुपए शिक्षा क्षेत्र में लगाया गया। इस राशि से स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्षाओं का विस्तार और आधारभूत सुविधाओं के काम कराए गए। शेष 17.86 प्रतिशत राशि अन्य विकास कार्यों पर खर्च की गई। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए तीन जिला अस्पतालों में एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कार्यों पर करीब 27 लाख रुपए खर्च किए गए। धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन स्थलों पर 77 लाख रुपए स्वीकृत किए गए।
आदर्श विद्या मंदिर में संघ शिक्षा वर्ग, तीन सौ स्वयंसेवक शामिल
बाड़मेर. संघ शिक्षा वर्ग के तहत पथ संचलन निकालते हुए। भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर में आदर्श विद्या मंदिर लंगेरा रोड पर 22 मई से चल रहा संघ शिक्षा वर्ग शालेय विद्यार्थी कार्यक्रम जारी है। इसके तहत विद्यार्थियों ने आदर्श विद्या मंदिर से लंगेरा गांव तक अभ्यास पथ संचलन किया। इसमें 300 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और स्वयंसेवक शामिल हुए। कार्यक्रम का समारोप शुक्रवार शाम 6 बजे होगा। समारोप में 15 दिन के वर्ग के दौरान सीखी गई गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोहनलाल प्रजापति करेंगे। मुख्य वक्ता क्षेत्र प्रचारक निंबाराम रहेंगे। विभाग संघ चालक मनोहरलाल बंसल के अनुसार पर्यावरण गतिविधि के तहत 5021 बीजारोपण किए गए। बीजारोपण नारियल के खोल में किया गया। 5000 बीज बॉल तैयार कर वर्ग में आए शिक्षार्थियों को वितरित किए गए। विद्यालय परिसर में 600 पौधों का सघन वन भी लगाया गया। नारियल के खोल में तैयार पौधों का रोपण लंगेरा गांव के तालाब क्षेत्र में किया जाएगा। संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में पंच परिवर्तन संदेश पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण संरक्षण और संगठन की गतिविधियों से जुड़े विषय शामिल रहे। सेवा कोने के माध्यम से सेवा भारती के कार्यों का प्रदर्शन किया गया। आयोजकों के अनुसार वर्ग दर्शन कराया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में उच्च शिक्षा की आवश्यकता के अनुसार नए महाविद्यालय प्रारंभ किए जाएं। जिन सघन आबादी वाले क्षेत्रों में महाविद्यालय संचालित हैं, वहां विद्यार्थी संख्या बढ़ने पर शिफ्ट व्यवस्था लागू कर शैक्षणिक सुविधा देने पर विचार किया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तर्ज पर राज्य परिषद अर्थात सैक के गठन की कार्यवाही प्रारंभ की जाए। उन्होंने कहा कि रोजगार परक पाठ्यक्रमों पर फोकस किया जाए। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आने वाला वर्ष युवा वर्ष होगा, इस नाते अन्य संबंधित विभागों के साथ विद्यार्थियों के हित में नए कार्यक्रमों और प्रकल्पों को लागू करने की तैयारी भी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उच्च शिक्षा विभाग के कामों की समीक्षा करते हुए प्रदेश में कृषि के स्नातक पाठ्क्रम की व्यवस्था सुनिश्चित कर इस विषय को लोकप्रिय बनाने के प्रयासों पर खुशी जताई है। उन्होंने कृषि पाठ्यक्रम से प्रदेश के लगभग 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने की सफलता के लिए उच्च शिक्षा विभाग को बधाई भी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा के राजा शंकर शाह विश्वविद्यालय में अच्छे विषयों का समावेश करें। इसके लिए राज्य सरकार आवश्यक आर्थिक सहयोग देगी। विशेष रूप से खाद्य प्रसंस्करण, आर्किटेक्चर और कृषि विज्ञान के कोर्स के लिए व्यवस्था की जाए। विद्यार्थियों की रूचि के अनुरूप नए पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएं। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता में निरंतर सुधार के कदम उठाए जाएं। पीएमश्री महाविद्यालयों में भी इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। अन्य सभी शासकीय महाविद्यालयों में भी शिक्षण और अन्य गतिविधियों का सुचारू संचालन होता रहे, इस पर ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए पाठ्यक्रमों को प्रारंभ करने की दिशा में हुए कार्यों की जानकारी प्राप्त की। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में इंदौर, उज्जैन और चित्रकूट में तीन वर्षीय विमानन पाठ्यक्रम बीबीए प्रारंभ किया गया है। प्रदेश की तीन अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं को भी नेशनल इन्स्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेम वर्क (एनआईआर एफ) द्वारा श्रेष्ठ व्यवस्थाओं के लिए सराहा गया है। स्वयं पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में पंजीयन के कार्य में मध्यप्रदेश ने जुलाई 2025 में 3 लाख 52 हजार 931 पंजीयन कर देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जुलाई 2026 के सेमेस्टर में यह संख्या 2 लाख 73 हजार 266 हो गई है। प्रदेश में गुना, खरगौन और सागर में नए विश्वविद्यालय और आगर मालवा में लॉ कॉलेज प्रारंभ किया गया। प्रदेश के 8 महाविद्यालयों में 28 विषयों में पीजी कक्षाएं प्रारंभ की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान सरकार की तारीफ करते हुए कहा है कि महज 4 साल में ही शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को नंबर वन बना दिया। केजरीवाल ने गुरुवार को कहा कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा में कभी 27वें स्थान पर रहा पंजाब आज पहले स्थान पर पहुंच गया है। यह सर्वे केंद्र सरकार के नीति आयोग का है, जिसके अनुसार, पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है। दिल्ली में शिक्षा क्रांति के बाद अब पंजाब के सरकारी स्कूलों में भी ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है। उन्होंने मान सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री भगवंत मान की बड़ी उपलब्धि है कि महज 4 साल में ही शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब को नंबर वन बना दिया। आज पंजाब के शिक्षा व्यवस्था में जबरदस्त आत्मविश्वास आने की वजह से सरकारी स्कूलों के बच्चे नीट और जेईई पास कर रहे हैं। '2020 में शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था पंजाब' आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नीति आयोग के ताजा सर्वे में पंजाब पूरे देश में पहले स्थान पर आया है। उन्होंने बताया कि यह कोई निजी सर्वे नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के नीति आयोग द्वारा किया गया सर्वे है, जिसमें सभी राज्यों की शिक्षा व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाता है। केजरीवाल ने कहा कि वर्ष 2020 में पंजाब शिक्षा के मामले में 27वें स्थान पर था, लेकिन अब राज्य ने बड़ी छलांग लगाते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। उन्होंने इसे पंजाब सरकार, शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत का परिणाम बताया। 'NEET-JEE जैसी परीक्षाएं पास कर रहे सरकारी स्कूलों के छात्र' उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शिक्षा और स्वास्थ्य को सबसे ज्यादा महत्व देती है। पंजाब में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। इसका असर अब दिखाई देने लगा है। सरकारी स्कूलों के छात्र NEET और JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर डॉक्टर और इंजीनियर बन रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि यह उपलब्धि पूरे शिक्षा तंत्र में नया आत्मविश्वास लेकर आई है। शिक्षक, प्रिंसिपल और विद्यार्थी उत्साह के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी बहुत काम बाकी है, लेकिन पंजाब का नंबर-1 बनना एक बड़ी सफलता है और यह साबित करता है कि सही नीयत और प्रयास से बड़े बदलाव संभव हैं।
रेवाड़ी में नीट परीक्षा रद्द होने और सीबीएसई परीक्षा में कथित धांधली के विरोध में युवाओं ने प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक यूथ ऑर्गनाइजेशन (एआईडीवाईओ) सहित कई सामाजिक संगठनों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार से खाली पदों को तुरंत भरने सोशल मीडिया पर बनी कॉकरोच जनता पार्टी पर अंकुश लगाने और रोजगार को संविधान में मौलिक अधिकार बनाने की भी मांग की। जान गंवाने वाले छात्रों को दी श्रद्धांजलि शहर की ब्रास मार्केट में विरोध प्रदर्शन के दौरान, नीट परीक्षा रद्द होने से प्रभावित परीक्षार्थियों और कथित तौर पर जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व अजय सिंह, सुरेंद्र कुमार रोहिल्ला और सोमेंद्र ने किया। कॉमरेड राजेंद्र सिंह, खेमचंद, हेमंत पिलानी, हरिओम, संजय शर्मा, कैलाश चंद, धर्मबीर बुलडोदिया, राजकुमार जलवा, गोविंद, संदीप, प्रदीप, सूबे सिंह, करतार सिंह, संतोष, सुमन देवी और रणबीर सिंह सहित कई अन्य लोगों ने भी अपने विचार रखे। वक्ता बोले- आज देश का युवा और छात्र परेशान वक्ताओं ने कहा कि आज देश और प्रदेश के छात्र तथा युवा परेशान हैं। उनकी मेहनत का फल नहीं मिल रहा है और उनके करियर को कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी इतनी अधिक है कि उच्च शिक्षा प्राप्त युवाओं को भी चतुर्थ श्रेणी की नौकरियां नहीं मिल पा रही हैं। वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों की जनविरोधी नीतियों को इस स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। कहा कि भारत में बड़ी संख्या में युवा डिप्रेशन का शिकार होकर आत्महत्या कर रहे हैं। वक्ताओं ने बेरोजगारी का मूल कारण पूंजीवादी व्यवस्था को बताया और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश द्वारा बेरोजगार युवाओं को 'कॉकरोच' और 'परजीवी' कहे जाने पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की। प्रदर्शनकारियों ने इन मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया और एआईडीवाईओ ने जनता से युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए आगे आने की अपील की।
सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा ने जिले के सभी सेजेस, पीएमश्री और डीपीआई पब्लिक स्कूलों के प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में वर्ष 2026 के बोर्ड परीक्षा परिणामों की समीक्षा की गई। साथ ही डीईओ ने स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। बैठक में डीईओ ने उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को बधाई देते हुए अन्य विद्यालयों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्राचार्यों को विद्यालयों में सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाने, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के साथ समन्वय बनाकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था देने के निर्देश दिए। खराब रिजल्ट पर जताई चिंता समीक्षा के दौरान कुछ विद्यालयों के परीक्षा परिणाम संतोषजनक नहीं मिलने पर डीईओ ने चिंता जताई। डीईओ ने विद्यार्थियों की दर्ज संख्या बढ़ाने, पालकों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से नामांकन में वृद्धि करने और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को प्रोत्साहित करने कहा। साथ ही शिक्षण कार्य में रुचि नहीं लेने वाले शिक्षकों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने कहा गया। बैठक में ड्रॉपआउट विद्यार्थियों का सर्वेक्षण कर उन्हें पुनः विद्यालय से जोड़ने और कक्षा 8वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके विद्यार्थियों को ओपन स्कूल के माध्यम से कक्षा 10वीं की परीक्षा दिलाने के प्रयास करने पर विशेष जोर दिया गया। सीट बढ़ाने के लिए मंगाया गया प्रस्ताव कुछ प्रिंसिपलों ने स्कूलों में सीटों की कमी के कारण प्रवेश में कठिनाइयों की जानकारी दिए जाने पर डीईओ ने सीट बढ़ाने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त विद्यालयों में नशामुक्ति अभियान चलाने, वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित करने और विद्यालय परिसरों में अनिवार्य रूप से ग्रीन फेंसिंग कराने के निर्देश भी दिए गए। अंत में डीईओ ने सभी प्रिंसिपलों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने एवं बेहतर रिजल्ट के लिए कार्य करने का निर्देश दिया।
केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर कानपुर के प्रभारी और उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सरकार की उपलब्धियां गिनाई। उनसे नीट समेत कई बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक और अन्य मुद्दों पर सवाल किया गया। तब मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार में पेपर लीक कम हुआ है, जबकि इससे पहले पेपर लीक ज्यादा होते थे। इतना ही नहीं मंत्री ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के सवाल पर कहा कि जिन्होंने पेपर लीक कराया, सबके खिलाफ कड़ा एक्शन हो रहा है। मंत्री का पेपर लीक कराने में कोई इन्वॉलमेंट होता तो उन्हें भी जेल भेज दिया जाता। इससे पहले किसी नेता ने इस्तीफा दिया है क्या, जो उनसे इस्तीफे की मांग की जा रही है। विपक्ष इसे जबरन मुद्दा बनाकर तूल दे रहा है। कहा- मर्डर करे दाड़ी वाला और जेल जाए मूछों वाला मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा- पेपर लीक सरकार की नाकामी नहीं है, पहले कितने ज्यादा पेपर लीक होते थे, अब पेपर लीक कम हो रहे हैं। आप पिछली सरकारों से तुलना कीजिए, पहले 100 पेपर लीक होते थे तो अब महज 10 पेपर लीक हो रहे हैं। 90 की कमी आई है और आगे भी कमी आएगी। पहले लोग अपराधियों और पेपर लीक कराने वाले को संरक्षित करते थे और हमारी सरकार दंडित करती है। मंत्री का इस्तीफा क्यों हो, इससे पहले किसी मंत्री ने इस्तीफा दिया है क्या? मंत्री जिम्मेदार नहीं हैं। दाड़ी वाला मर्डर करे और मूछ वाला पकड़ा जाए। मंत्री जी तो इसमें शामिल नहीं थे, अगर मंत्री जी शामिल होते तो जेल जाते। भारत आर्थिक मंदी की चपेट में है? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले भी आर्थिक मंदी आई थी और मोदी जी ने बहुत खूबसूरती से निपटा था। मौजूदा समय में यूक्रेन-रूस का युद्ध, ईरान और अमेरिका का युद्ध के चलते यह मंदी है। एक फिल्म का उदाहरण देते हुए बताया कि मंदी का असर विश्वव्यापी है, लेकिन मोदी जी हर चुनौती को स्वीकार करते हैं। मोदी है तो मुमकिन है। विश्व में जिस हिसाब से पेट्रोल की कीमतें बढ़ी हैं, लेकिन भारत में यह अनुपात बेहद कम है। आयुष्मान योजना को बेहतर बताया आयुष्मान योजना 70 साल के व्यक्ति को क्यों नहीं मिलती…? इस पर प्रभारी ने कहा कि पहले की सरकारों में तो 60 साल के लोगों को भी मुफ्त इलाज नहीं मिल रहा था। अब कम से कम इलाज तो मिल रहा है। आज उत्तर प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज है, जबकि पहले प्रदेश में सिर्फ 14 मेडिकल थे। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में पहले कोई सुविधा नहीं थी, लेकिन मौजूदा समय में हमारा मेडिकल कॉलेज एम्स को टक्कर दे रहा है। कॉकरोच पार्टी के सवाल पर कहा कि यह एक बुलबुला पार्टी है। इस पार्टी का कोई संविधान और अस्तित्व नहीं है।
समस्तीपुर के शिवाजीनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित सभागार में आज पंचायत समिति की सामान्य बैठक हुई। प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आलोक कुमार सिंह ने इसका संचालन किया। इसमें प्रखंड क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों, पंचायत समिति सदस्यों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में प्रखंड क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा हुई, जिसमें अधिकारियों ने संबंधित योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी। बता दें कि मीटिंग के दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार का आदेश दिया गया है। साथ ही प्राथमिक और उप प्राथमिक केंद्रों पर गरीब मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधा और विभिन्न पंचायतों में जर्जर सड़क को जल्द मरम्मती का निर्देश है। इसके अलावा राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष निगरानी देकर क्रियान्वयन करने को लेकर आदेश पारित किया गया है। सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा इसके अलावा, पंचायत स्तर पर चल रहे विकास काम, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, आवास योजना और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने पंचायत क्षेत्रों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने ग्रामीण सड़कों की मरम्मत, जलजमाव, पेयजल आपूर्ति, आवास योजना के लंबित मामलों और अन्य विकास संबंधी आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा। जनप्रतिनिधियों ने लंबित योजनाओं को शीघ्र पूरा करने और विकास काम में तेजी लाने की मांग की। योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आदेश प्रखंड प्रमुख डॉ. गोविंद कुमार ने कहा कि पंचायत समिति की बैठक जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करें और विकास योजनाओं का फायदा अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। बीडीओ आलोक कुमार सिंह ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता है और विकास काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पंजाब में लड़कियों की शिक्षा, किशोर स्वास्थ्य और लैंगिक-संवेदनशील शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाए है। सीएम भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में पढ़ रही लड़कियों के लिए भारत की सबसे बड़ी स्कूल-आधारित मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा पहलों में से एक की शुरुआत की है। 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार ने राज्य के सभी 23 जिलों के सरकारी हाई और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में “मासिक धर्म स्वच्छता पाठ्यक्रम” के चरणबद्ध राज्य स्तरीय विस्तार की घोषणा की। पाठ्यक्रम का पहला सत्र इन सरकारी स्कूलों में 29 मई को आयोजित किया गया। इस पहल से 3,600 से अधिक सरकारी स्कूलों में पढ़ रही छठी से 10वीं कक्षा की 3.4 लाख से अधिक छात्राओं को सीधे तौर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा को कक्षाओं तक पहुंचाया यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को आधुनिक और सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाती है। जहां लड़कियों को जागरूकता, आत्मविश्वास, सम्मान और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच प्रदान की जा रही है। मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा को इतने बड़े स्तर पर कक्षाओं तक पहुंचाकर पंजाब सरकार ने एक ऐसे विषय को संबोधित करने का प्रयास किया है, जो पारंपरिक रूप से चुप्पी, झिझक, मिथकों और सामाजिक भय से घिरा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मासिक धर्म कभी भी लड़कियों की शिक्षा, आत्मविश्वास, भागीदारी, कल्याण या स्कूल जीवन में बाधा न बने। यह कार्यक्रम भारत के सर्वोच्च न्यायालय की उन टिप्पणियों के अनुरूप है, जिनमें यह स्वीकार किया गया है कि मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता सीधे तौर पर किशोर लड़कियों की गरिमा, शिक्षा और समानता से जुड़ी हुई है। पंजाबी भाषा में तैयार किया “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट” भगवंत मान सरकार ने यह कार्यक्रम वॉश यूनाइटेड के सहयोग से शुरू किया है, जो मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में कार्यरत एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संस्था है। इस पहल के तहत “मेनस्ट्रुअल हाइजीन मैनेजमेंट” नामक एक संरचित पाठ्यक्रम के माध्यम से विशेष रूप से तैयार किए गए कक्षा सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिन्हें पंजाबी भाषा में तैयार किया गया है ताकि छात्राएं विषयवस्तु को बेहतर ढंग से समझ सकें। इस सत्र के अंतर्गत गाइड के मुख्य पात्र के रूप में 10 वर्षीय लड़की रूबी की कहानी प्रस्तुत की जाती है। साथ ही छात्राओं के लिए सीखने की प्रक्रिया को रोचक, सहभागितापूर्ण और सुरक्षित बनाने हेतु कक्षा में विचार-विमर्श तथा भागीदारी आधारित गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। यह सत्र छात्राओं को मासिक धर्म और शारीरिक परिवर्तनों को समझने, स्वच्छता एवं स्वयं की देखभाल संबंधी आदतों के बारे में जानकारी देने, आत्मविश्वास और आत्मसम्मान बढ़ाने तथा स्कूल एवं साथियों के बीच सहयोगी वातावरण तैयार करने पर केंद्रित हैं। 7,200 शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया राज्यभर में इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार द्वारा लगभग 7,200 शिक्षकों को पहले ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है ताकि वे इन सत्रों को कक्षाओं में सहज तरीके से संचालित कर सकें। यह कार्यक्रम एक संरचित तीन-सत्रीय हस्तक्षेप मॉडल के तहत कार्य करता है, जिसमें कहानी-आधारित शिक्षण और आयु-उपयुक्त मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा शामिल है। 100 स्टेट रिसोर्स पर्सन्स को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया भगवंत मान सरकार द्वारा राज्यभर में कार्यक्रम शुरू करने से पहले शिक्षकों को व्यापक स्तर पर तैयार किया गया है। लगभग 100 स्टेट रिसोर्स पर्सन्स को पहले मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया, जिसके बाद हजारों सरकारी स्कूल शिक्षकों को तैयार करने के लिए जिलों में क्रमिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि यह शिक्षक प्रशिक्षण सुरक्षित कक्षा वातावरण तैयार करने में मदद करेगा, जहां लड़कियां खुलकर सवाल पूछ सकेंगी और बिना शर्म या डर के सही जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। 23 जिलों के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में शुरुआत इस पहल की शुरुआत पंजाब के सभी 23 जिलों के 100 से अधिक सरकारी स्कूलों में चलाए गए एक पूर्व पायलट कार्यक्रम के उत्साहजनक परिणामों को देखते हुए की गई है, जिसमें 45,000 से अधिक छात्र शामिल थे। पंजाब सरकार द्वारा साझा किए गए परिणामों के अनुसार, इस पायलट कार्यक्रम में शामिल 97 प्रतिशत शिक्षकों ने कहा कि वे नए पाठ्यक्रम के माध्यम से पीरियड्स संबंधी शिक्षा प्रदान करने में सहज महसूस करते हैं, जबकि 94 प्रतिशत ने सिफारिश की कि इस कार्यक्रम का विस्तार पूरे पंजाब में किया जाना चाहिए। लगभग 88 प्रतिशत शिक्षकों ने पाठ्यक्रम को पहले के तरीकों की तुलना में अधिक सरल और प्रभावशाली बताया, जबकि 80 प्रतिशत ने कक्षा सत्रों के दौरान छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखी। 'पाठ्यक्रम के माध्यम से लड़कियां खुलकर चर्चा कर सकीं' पायलट कार्यक्रम से जुड़े शिक्षकों ने कहा कि पाठ्यक्रम के माध्यम से लड़कियां बिना किसी झिझक के माहवारी के बारे में खुलकर चर्चा कर सकीं और उन्हें माहवारी से जुड़े सामाजिक भय को दूर करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। फरीदकोट की एक अध्यापिका जसप्रीत कौर ने कहा, “माहवारी के दौरान स्वच्छता संबंधी यह पाठ्यक्रम लड़कियों के लिए सवाल पूछने और अपने अनुभव साझा करने हेतु एक सुरक्षित वातावरण तैयार करता है। जिससे माहवारी से जुड़े मिथकों को प्रभावी ढंग से दूर किया जा सकता है। कहानियों, खेलों और दृश्य सामग्री के माध्यम से अपनाई गई इंटरैक्टिव पद्धति सीखने की प्रक्रिया को अधिक सहज और आत्मीय बनाती है तथा डर और झिझक की भावना को कम करती है। यह निश्चित रूप से आत्मसम्मान और सहभागिता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।” 'कार्यक्रम के कारण कक्षाओं में माहवारी पर खुलकर बातचीत करना संभव हुआ' अमृतसर की एक अन्य अध्यापिका मोनिका सूद ने कहा कि लड़कियों ने सत्रों में उत्साहपूर्वक भाग लिया और खुलकर यह साझा किया कि घरों और समुदायों में माहवारी को किस प्रकार देखा और समझा जाता है। उन्होंने कहा कि माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी किशोरियों के लिए कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां पैदा कर सकती है, जबकि यह मार्गदर्शन उन्हें अपने शरीर को आत्मविश्वास और सम्मान के साथ समझने में सहायता करता है। शिक्षकों ने यह भी बताया कि इस कार्यक्रम के कारण कक्षाओं में माहवारी पर खुलकर बातचीत करना संभव हो पाया है। मोगा की एक अध्यापिका सिल्वी ने कहा कि लड़कियाँ ही नहीं, बल्कि वे अध्यापिकाएँ भी जो पहले माहवारी पर बात करने में झिझक महसूस करती थीं, अब सत्रों के दौरान खुलकर और आत्मविश्वास के साथ इस विषय पर चर्चा करने लगी हैं। इन सत्रों ने छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ाया कार्यक्रम में भाग लेने वाली छात्राओं ने भी सत्रों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। संगरूर की 9वीं कक्षा की छात्रा कोमल प्रीत कौर ने कहा कि इन सत्रों ने उसका आत्मविश्वास बढ़ाया और उसे यह समझने में मदद की कि माहवारी एक सामान्य जैविक प्रक्रिया है, कोई बीमारी नहीं। मोगा की एक अन्य छात्रा डिंपल रानी ने कहा कि उसे ये सत्र बहुत रोचक लगे और उसने घर जाकर अपनी मां के साथ अपने सीखने के अनुभव साझा किए। 10वीं कक्षा की छात्रा तनीशा ने कहा कि पाठ्यक्रम के कारण लड़कियां सत्रों के दौरान बिना शर्म महसूस किए खुलकर बात कर सकीं, क्योंकि इससे उनमें आत्मविश्वास विकसित हुआ। 'विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाना उद्देश्य' अधिकारियों ने बताया कि इस पहल के माध्यम से पंजाब न केवल माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता का विस्तार कर रहा है, बल्कि किशोरियों के लिए अधिक संवेदनशील, प्रगतिशील और सहयोगात्मक शिक्षा व्यवस्था का निर्माण भी कर रहा है। सरकारी स्कूलों में माहवारी स्वास्थ्य शिक्षा को संस्थागत रूप देने के जरिए पंजाब सरकार विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और कल्याण को बेहतर बनाने, शिक्षा में लड़कियों की भागीदारी को मजबूत करने तथा पूरे राज्य में अधिक जागरूक और सशक्त युवा पीढ़ी तैयार करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस पहल को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में किए जा रहे व्यापक शिक्षा सुधारों का हिस्सा भी माना जा रहा है, जिसके अंतर्गत पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढाँचे के विकास, अध्यापक प्रशिक्षण, विद्यार्थियों के कल्याण तथा आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आज, गुरुवार (4 जून) को अपने गृहक्षेत्र और पानीपत ग्रामीण विधानसभा के लोगों की शिकायतों तथा समस्याओं का निवारण करने के लिए एक विशेष जनता दरबार का आयोजन कर रहे हैं। इस जनता दरबार में पानीपत जिले के तमाम प्रशासनिक अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहेंगे, ताकि जनता की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निपटारा किया जा सके। शिक्षा मंत्री का यह जनसुनवाई कार्यक्रम सेक्टर 13-17 स्थित BJP जिला कार्यालय श्याम कमल में आयोजित किया जा रहा है। गृहक्षेत्र में सीधे संवाद करेंगे मंत्री कैबिनेट मंत्री बनने के बाद महिपाल ढांडा लगातार अपने क्षेत्र की जनता से जुड़े रहने और उनके मुद्दों को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज गुरुवार को आयोजित होने वाला यह जनता दरबार बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसमें पानीपत ग्रामीण और शहरी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों लोग बिजली, पानी, सड़क, सफाई, परिवार पहचान पत्र (PPP), और शिक्षा से जुड़ी अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचेंगे। शिक्षा मंत्री खुद एक-एक करके लोगों की समस्याएं सुनेंगे। चूंकि शिकायतें सीधे तौर पर प्रशासनिक विभागों से जुड़ी होती हैं, इसलिए सरकार के निर्देशों पर जिले के तमाम विभागों के बड़े अधिकारी (जैसे बिजली निगम, नगर निगम, जनस्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि) इस दौरान वहीं मौजूद रहेंगे। मौके पर ही समस्याओं का समाधान करने के निर्देश भाजपा कार्यालय श्याम कमल में सुबह से ही कार्यकर्ताओं और आम जनता के जुटने की उम्मीद है। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पहले ही प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि जनता दरबार में आने वाली ऐसी शिकायतें जिनका समाधान तुरंत संभव है, उन्हें मौके पर ही निपटाया जाए और जिन समस्याओं में नीतिगत फैसले की जरूरत है, उनकी फाइलें तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाए। जनता दरबार के जरिए आम लोगों को अपनी बात सीधे सरकार और प्रशासन के सामने रखने का एक बड़ा मंच मिलेगा।
त्रिभाषा फार्मूला है भारत की शिक्षा का नया क्षितिज
भारत केवल एक राष्ट्र नहीं, बल्कि भाषाओं, बोलियों, संस्कृतियों और परंपराओं का विराट संगम है। यहां भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि पहचान, संस्कृति, संवेदना और सामाजिक चेतना का आधार भी है। ऐसे बहुभाषी देश में शिक्षा व्यवस्था को किस भाषा में संचालित किया जाए और बच्चों को कौन-कौन सी भाषाएं पढ़ाई जाएं, यह ... Read more
ललित सुरजन की कलम से - शिक्षा और परीक्षा
'जब हम पढ़ रहे थे, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, आईआईटी, आईआईएम तब भी थे।
सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
कन्नड़ मूवी 'केडी: द डेविल' के गाने 'सरके चुनर' पर विवाद अभी भी जारी है। इस गाने के बोल और फिल्मांकन पर बढ़ते विवाद के बाद नोरा फतेही को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होना पड़ा। नोरा ने न केवल अपनी स्थिति स्पष्ट की, बल्कि भविष्य के लिए एक ...
समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले
10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more
आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं
महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है
शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा
देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more
गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश
पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।
4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'
बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...
दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन
नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म
बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट
बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क
स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग
शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान
यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।
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