सेंसर बोर्ड और आधिकारिक पाबंदियों के बावजूद विवादों में घिरी फिल्म 'सतलुज' को लेकर पंजाब की सियासत और सामाजिक गलियारों में एक नया मोड़ आ गया है। कड़े विरोध और सरकारी रोक के बाद भी पंजाब के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों के गुरुद्वारों में इस फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जा रही है। फिल्म को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और सिख श्रद्धालु जुट रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।प्रतिबंध के बाद भी गुरुद्वारों के परिसरों में उमड़ी भारी भीड़सेंसर बोर्ड द्वारा फिल्म की रिलीज और प्रदर्शन पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को दरकिनार करते हुए कुछ स्थानीय कमेटियों और धार्मिक संगठनों ने इसे सीधे जनता के बीच ले जाने का फैसला किया है। पंजाब के विभिन्न जिलों के गुरुद्वारों के सामुदायिक हॉलों और खुले परिसरों में प्रोजेक्टर लगाकर फिल्म 'सतलुज' को दिखाया जा रहा है। आयोजकों का तर्क है कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास, पानी के संकट और सामाजिक सच्चाई को बयां करती है, इसलिए इसे लोगों तक पहुंचाना बेहद जरूरी है।फिल्म देखकर रो पड़े दर्शक, पंजाब के पुराने जख्म हुए हरेइस फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान बेहद भावुक कर देने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं। पंजाब के काले दौर और सामाजिक त्रासदियों पर आधारित दृश्यों को देखकर हॉल में मौजूद बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं की आंखें नम हो गईं। फिल्म देखकर बाहर निकले दर्शकों ने अपनी प्रतिक्रिया में बेहद संजीदगी से कहा कि पंजाब ने अतीत में जो संताप और दर्द झेला है, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोगों ने हाथ जोड़कर दुआ की कि भगवान करे पंजाब की धरती पर वो खौफनाक और काला दौर कभी दोबारा वापस न आए।कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपीलबिना अनुमति के हो रही इस स्क्रीनिंग ने स्थानीय प्रशासन और पंजाब पुलिस की चिंताएं बढ़ा दी हैं। संवेदनशील इलाकों और धार्मिक स्थलों के आस-पास सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी कीमत पर राज्य का माहौल या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। खुफिया तंत्र भी इस बात की जांच कर रहा है कि फिल्म के प्रदर्शन के पीछे किन संगठनों का हाथ है, वहीं दूसरी तरफ दर्शकों से भी शांति और कानून का पालन करने की लगातार अपील की जा रही है।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने शुक्रवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और भारतीय जनता पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के दौरान कथित वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं और यह करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी एक राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं हैं और उनके नाम का राजनीतिक लाभ नहीं उठाया जाना चाहिए। 2027 का चुनाव गुरु नानक देव जी के वचन व श्रीराम के नाम पर लड़ेगी कांग्रेस पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की मौजूदगी में श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और भगवान राम के आदर्शों को लेकर जनता के बीच जाएगी। उन्होंने फिल्म 'सतलुज' से जुड़े विवाद का भी जिक्र किया और कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। श्रीनेत ने आरोप लगाया कि राम मंदिर ट्रस्ट का गठन ऐसे लोगों के साथ किया गया, जो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि ट्रस्ट को जानबूझकर सूचना के अधिकार (RTI) के दायरे से बाहर रखा गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। निजी सुरक्षा एजेंसी पर भी उठाए सवाल कांग्रेस प्रवक्ता ने ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए पहले से केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बल तैनात हैं, तो निजी सुरक्षा एजेंसी रखने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एजेंसी भाजपा से जुड़े एक व्यक्ति की है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किया। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संभव हुआ, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका पूरा राजनीतिक श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं, किसी एक दल के नहीं। पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर दिया जवाब पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर श्रीनेत ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि चुनाव आते ही पार्टी के सभी नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर चुनाव लड़ते हैं। कांग्रेस में हर नेता को अपनी बात रखने की आजादी है।
करनाल जिले में बसताड़ा टोल प्लाजा के पास सड़क हादसे में अमेरिका से लौट रहे 79 वर्षीय एनआरआई बुजुर्ग केवल सिंह की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उन्हें किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। मृतक के परिजन बिजेंद्र सिंह ने बताया कि केवल सिंह अपने बेटे और दामाद के साथ अमेरिका से भारत आए थे और पंजाब के नवांशहर जा रहे थे। वे रात करीब 9 बजे दिल्ली पहुंचे थे। वहां से उन्होंने टैक्सी ली और मुरथल के एक ढाबे पर खाना खाया। इसके बाद वे आगे के लिए रवाना हुए और रात करीब 2 बजे बसताड़ा टोल प्लाजा के पास पहुंचे। CNG भरवाने के दौरान परिवार से हुए अलग परिजनों के अनुसार, टोल के पास गाड़ी में सीएनजी भरवाई जा रही थी। इसी दौरान केवल सिंह बाथरूम के लिए गाड़ी से नीचे उतर गए। जब वे वापस नहीं लौटे, तो परिवार ने उन्हें आसपास काफी तलाश किया, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। काफी देर इंतजार करने के बाद परिवार वहां से आगे निकल गया। 6 घंटे बाद लौटने पर मिला शव जब केवल सिंह घर नहीं पहुंचे, तो परिजन करीब छह घंटे बाद दोबारा बसताड़ा पहुंचे। वहां पास के एक पेट्रोल पंप के नजदीक उनका शव मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मानसिक बीमारी का चल रहा था इलाज परिजनों ने बताया कि केवल सिंह पिछले काफी समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और अमेरिका में उनका इलाज चल रहा था। इसी बीमारी के कारण वह दिशा का सही अंदाजा नहीं लगा पाए और परिवार से अलग हो गए। किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि कुछ ही देर में यह बिछड़ना हमेशा के लिए जुदाई बन जाएगा। बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे जांच अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि केवल सिंह अमेरिका में रहते थे और मानसिक रूप से परेशान थे। उनका वहां इलाज भी चल रहा था। वे अपने बेटे और दामाद के साथ पंजाब जा रहे थे। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हादसा किस वाहन से हुआ। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामला दर्ज कर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि हादसे की सच्चाई सामने आ सके।
मानसा: आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने 10 जुलाई को 'मांग पत्र दिवस' को 'काला दिवस' के रूप में मनाया। इस दौरान मानसा जिला कचहरी में सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। कर्मचारियों ने मानदेय बढ़ाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में वह बड़ा आंदोलन करेंगी। प्रदर्शन के दौरान आंगनवाड़ी कर्मचारी नेताओं रंजीत कौर (प्रधान), सोनम गुप्ता और परमजीत कौर ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रही हैं, लेकिन पंजाब सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने पहले आंगनवाड़ी कर्मचारियों के मानदेय में बढ़ोतरी की थी। पंजाब सरकार ने सत्ता में आने से पहले मानदेय दोगुना करने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से एफआरएस (FRS) योजना बंद करने की मांग की। उनका कहना था कि आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को भोजन वितरित करते समय आधार कार्ड लिंक न होने के कारण कई परेशानियां आती हैं। 1000 रुपये देने की योजना में आंगनवाड़ी वर्करों की अनदेखी इसके अतिरिक्त, उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को 1000 रुपये देने की योजना में आंगनवाड़ी हेल्परों की सेवाओं की अनदेखी की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा नियुक्त 'सखियों' को प्रति फॉर्म 300 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर वे आंगनवाड़ी हेल्परों की सहायता के बिना काम नहीं कर पातीं। उचित मानदेय नहीं मिलने का लगाया आरोप इसके बावजूद, हेल्परों को कोई उचित मानदेय या अतिरिक्त भुगतान नहीं मिल रहा है। आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने सरकार से जल्द उनकी मांगों को स्वीकार करने की अपील की और चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
गयाजी में जिला पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। बाराचट्टी थाना क्षेत्र के अंतर्गत चेकपोस्ट डोभी पर एक एक ट्रक से भारी मात्रा में 860 किलो गांजा बरामद किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। मौके से 2 तस्करों की भी गिरफ्तारी हुई है। जानकारी के मुताबिक बिहार STF और स्थानीय पुलिस को गुरुवार शाम गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप इस मार्ग से गुजरने वाली है। सूचना के आधार पर तुरंत एक्शन लेते हुए टीम ने डोभी चेकपोस्ट पर कड़ा पहरा लगा दिया। आने-जाने वाले संदिग्ध वाहनों की सघन तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान ओडिशा की तरफ से आ रहे एक ट्रक को रोका गया। जांच करने पर उसमें छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। ओडिशा से पंजाब ले जाई जा रही थी खेप बाराचट्टी के थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अमरेंद्र किशोर ने ट्रक(PB 05AB 9181) ओडिशा से गांजे की खेप लेकर पंजाब की ओर जा रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में पुलिस ने मौके से ड्राइवर परमिंदर सिंह और खलासी जस्सी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये दोनों पंजाब के रहने वाले हैं, इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के अहम हिस्से के रूप में काम कर रहे थे। पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी पुलिस थानाध्यक्ष अमरेंद्र किशोर ने बताया कि गिरफ्तार तस्करों से गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में एक और मुख्य तस्कर की गिरफ्तारी होने की पूरी संभावना है, जिसके लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इस गिरोह के तार ओडिशा से लेकर बिहार और पंजाब तक जुड़े हुए हैं। पूछताछ के आधार पर जल्द ही इस पूरे बड़े नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच जारी है।
पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच प्रदेश प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की चुनौती बढ़ती नजर आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने बघेल से सीधे मुलाकात करने से फिलहाल इनकार कर दिया है। चंडीगढ़ में चार दिन से डटे बघेल लगातार नेताओं से मुलाकात कर संगठन में चल रहे विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि उनका पांच दिन का दौरा अब तीन दिन और बढ़ सकता है। चन्नी ने मुलाकात के लिए रखी दो शर्ते सूत्रों के मुताबिक, चन्नी गुट ने मुलाकात से पहले दो शर्तें रखी हैं। पहली, बैठक कांग्रेस भवन में नहीं होगी और दूसरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बैठक में मौजूद नहीं रहेंगे। चन्नी की ओर से दो प्रतिनिधियों के जरिए बातचीत की पेशकश की गई है, जिसमें सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी शामिल हो सकते हैं। कांग्रेस हाईकमान के हस्तक्षेप के बावजूद पंजाब में गुटबाजी पूरी तरह खत्म होती नहीं दिख रही। हालांकि, चन्नी के बातचीत के लिए तैयार होने से पार्टी नेतृत्व पर बना तत्काल दबाव कुछ कम हुआ है। दूसरी ओर, राजा वड़िंग लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करते नजर आ रहे हैं। भूपेश बघेल भी पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर सभी पक्षों को साथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। राहुल गांधी से मुलाकात करना चाहते है चन्नी बताया जा रहा है कि सांसद चन्नी फिलहाल सीधे प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल से मिलने के बजाय कांग्रेस नेता राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात करना चाहते हैं। उनका मानना है कि भविष्य में किसी भी बड़ी जिम्मेदारी या राजनीतिक फैसले पर अंतिम सहमति राहुल गांधी से ही होनी चाहिए। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि भूपेश बघेल पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी को जल्द नहीं सुलझा पाए, तो आने वाले समय में संगठन के भीतर विवाद और गहरा सकता है। ऐसे में पंजाब में कांग्रेस को एकजुट रखना अब बघेल के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा बन गया है।
केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने गुरुवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर निशाना साधा
कांग्रेस पंजाब में 'अगली सरकार' बनाएगी: भूपेश बघेल
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने 2027 के विधानसभा चुनावों में राज्य में सरकार बनाने की पार्टी की संभावनाओं पर विश्वास जताया।
आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने बृहस्पतिवार को जींद में मीडिया से बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जुबानी हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि AAP के जो सांसद लालच और डर में भाजपा में शामिल हुए हैं, वे पंचायत चुनाव भी नहीं जीत पाएंगे। गुप्ता ने यह भी कहा कि पंजाब की जनता भाजपा को एक भी सीट नहीं देगी। गुप्ता ने भाजपा को वोट चोर, विधायक चोर, सांसद चोर और चंदा चोर बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पंजाब में एक बार फिर मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी। इंजन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को लेकर झूठ बोल रहे केंद्रीय मंत्री : गुप्ता उन्होंने इथेनॉल के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 2023 से पहले बने पेट्रोल इंजन इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से नहीं चल सकते, जिससे वाहनों में दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस समस्या का समाधान करने के बजाय झूठ बोल रहे हैं और कुछ कार निर्माता कंपनियों से भी झूठ बुलवा रहे हैं। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को जनता और केंद्र सरकार के सामने उठाया है। हरियाणा में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता व्यक्त की हरियाणा को लेकर सुशील गुप्ता ने बताया कि प्रदेश में पार्टी संगठन को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने हरियाणा की कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। कहा कि हरियाणा में कानून व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। जींद समेत प्रदेश के सभी जिलों में अपहरण, हत्या, फिरौती और लूटपाट की वारदातें लगातार हो रही हैं। उनके अनुसार, हरियाणा अपराधियों के लिए सबसे सुरक्षित स्थान बन गया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उनके गुर्गों पर अमेरिका और कनाडा समेत कई देशों में एफबीआई द्वारा की गई कार्रवाई पर गुप्ता ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि केवल गुर्गों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा, क्योंकि उनके आकाओं को भारत सरकार खुद संरक्षण दे रही है। गुप्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार भारत की जेलों में गैंगस्टरों की पूरी सेवा कर रही है।
पानीपत के समालखा में एंटी नारकोटिक्स सेल पुलिस टीम ने 60 ग्राम हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान करनाल के गांव पोपड़ा निवासी दिनेश के रूप में हुई है, जिसे सिवाह बस अड्डा के सामने फ्लाईओवर पुल के नीचे से पकड़ा गया। एंटी नारकोटिक्स सेल इंचार्ज सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि बुधवार दोपहर गश्त के दौरान उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, करनाल निवासी एक युवक मादक पदार्थ लेकर सिवाह बस अड्डा के सामने फ्लाईओवर पुल के नीचे घूम रहा था। इस सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और युवक को काबू किया। नशा करने का आदी है आरोपी युवक पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान दिनेश निवासी पोपड़ा, करनाल के रूप में बताई। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार बापौली जोगिंद्र धनखड़ की मौजूदगी में उसकी तलाशी ली गई। दिनेश की लोअर की जेब से पॉलीथिन में पैक 60 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। सब इंस्पेक्टर सुभाष के अनुसार, पूछताछ में आरोपी दिनेश ने बताया कि वह नशे का आदी है। नशे की लत पूरी करने और जल्दी पैसे कमाने के लिए वह एक दिन पहले पंजाब के अमृतसर से एक युवक से कम कीमत पर 60 ग्राम हेरोइन खरीदकर लाया था। बुधवार को वह पानीपत के सिवाह बस अड्डा के पास हेरोइन बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में घूम रहा था। पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया आरोपी दिनेश के खिलाफ थाना औद्योगिक सेक्टर-29 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 3 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से नशा सप्लायर के ठिकानों का पता लगाकर उन्हें काबू करने का प्रयास करेगी।
आम आदमी पार्टी (AAP) हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने गुरुवार को पानीपत के सेक्टर-25 स्थित जिला कार्यालय में जला के सक्रिय सदस्यों की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक ली। इस बैठक के दौरान सांगठनिक समीक्षा करने के साथ-साथ पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के चुनाव की प्रक्रिया को सर्वसम्मति से पूरा करवाया गया। बैठक में आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत को सर्वसम्मति से राष्ट्रीय परिषद का सदस्य चुना गया, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका जोरदार स्वागत किया। कांग्रेस और बीजेपी एक ही सिक्के के दो पहलू, AAP ही एकमात्र विकल्प बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आप प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर जमकर राजनीतिक बाण चलाए। उन्होंने कहा कि आज पूरे हरियाणा में आम आदमी पार्टी के संगठन विस्तार और समीक्षा का अभियान युद्ध स्तर पर चल रहा है। कार्यकर्ता गांव-गांव और शहर-शहर जाकर जनता को जोड़ रहे हैं। बीजेपी पर निशाना साधते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि आज हरियाणा अपराधियों के लिए आरामगाह बन चुका है। प्रदेश में भ्रष्टाचार अपनी चरम सीमा पर है। नेता और ब्यूरोक्रेसी मिलकर जनता को लूट रहे हैं। जब भी कोई घोटाला सामने आता है, तो सरकार केवल छोटे अधिकारियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति करती है, जबकि असली रसूखदार दोषी बच निकलते हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता का कांग्रेस और बीजेपी दोनों से मोहभंग हो चुका है और अब आम आदमी पार्टी ही प्रदेश में बीजेपी का एकमात्र व स्वाभाविक विकल्प है। अमित शाह की एक कॉल पर होता है हरियाणा के पानी का सौदा डॉ. सुशील गुप्ता ने प्रदेश में पानी के संकट पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज हरियाणा के किसानों और आम जनता को जरूरत के मुताबिक पानी नहीं मिल रहा है। लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सिर्फ एक कॉल आने पर प्रदेश की भाजपा सरकार हरियाणा के हितों का सौदा कर देती है। पानी जैसे बुनियादी हक पर भी केंद्र और राज्य सरकार की मिलीभगत साफ उजागर हो रही है। मुख्यमंत्री नायब सैनी पर कसा तंज- पंजाब में नकली सरदार बनकर घूम रहे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर सीधा हमला बोलते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने प्रदेश की सुध लेने के बजाय यहां से गायब रहते हैं और पंजाब में नकली सरदार बनकर घूम रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री ने हरियाणा में ऐसा क्या विकास कर दिया है, जिसका हिसाब वे पंजाब में जाकर दे रहे हैं? नायब सैनी के शासनकाल में हरियाणा की जनता को न तो पानी मिला, न रोजगार और न ही सुरक्षा मिला तो सिर्फ अपराध और भ्रष्टाचार। राष्ट्रीय परिषद सदस्य बनने पर सुरेंद्र अहलावत ने जताया आभार आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य चुने जाने पर एडवोकेट सुरेंद्र अहलावत ने पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुशील गुप्ता और पानीपत के सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, वे उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगे।
पंजाब की एक युवती का विदेश भेजने का झांसा देकर लाखों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने युवती को वर्क वीजा पर यूरोप भेजने का झांसा दिया और पैसे हड़प लिए। मामला श्रीगंगानगर जिले के सदर थाना क्षेत्र का है। यूरोप के लिए वीजा लगाना था एसपी को दी शिकायत में जसप्रीत कौर निवासी परस राम नगर, बठिंडा (पंजाब) ने बताया- वह वर्क वीजा पर यूरोप जाना चाहती थी। इस दौरान उसे श्रीगंगानगर के कपिल बंसल इंटरनेशनल एजुकेशन ग्रुप के बारे में पता चला। जिसके बाद जसप्रीत कौर ने 29 दिसंबर 2025 को श्रीगंगानगर आकर कपिल बंसल को अपने सारे डॉक्यूमेंट और शुरुआती 20 हजार कैश दे दिए। बाद में 11 जनवरी 2026 तक टोटल 3.50 लाख रुपए कैश व ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से दिए। युवती को यूरोप जाने का टोटल खर्च 9.50 लाख रुपए बताया गया था। बाकी पैसे यूरोप पहुंचने पर जमा करने की बात हुई थी। दुबई रूट से भेजने की बात कही कपिल बंसल की पत्नी पूनम ने जसप्रीत को बताया कि वीजा दुबई रूट से लगेगा। वहां काम करने के बाद एम्प्लॉयी आईडी बनाकर यूरोप भेज दिया जाएगा। 18 जनवरी 2026 को आरोपी ने जसप्रीत कौर को 2 फरवरी की दुबई टिकट बुक करने को कहा। टिकट बुक हो गई, लेकिन कुछ दिन बाद एंट्री पास न आने का बहाना बनाकर वापस बुला लिया। फोन उठाना बंद किया जसप्रीत कौर ने बार-बार फॉलोअप किया तो आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगे। फोन उठाना बंद कर दिया। ऑफिस में जाने पर मिलते ही नहीं थे। आखिरकार 30 मई 2026 तक भेजने का आश्वासन दिया और कहा कि अगर नहीं भेज पाए तो सारा पैसा लौटा देंगे। 30 मई के बाद भी जब कुछ नहीं हुआ तो जसप्रीत कौर ने ऑफिस और घर पर कई बार जाकर पैसे वापस मांगे। आरोपी टालमटोल करते रहे और अंत में पैसे लौटाने से मना कर दिया। जिसके बाद जसप्रीत ने पहले सदर थाना, श्रीगंगानगर में शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में एसपी के समक्ष पेश हुई। फिलहाल सपा के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सतवीर सिंह कर रहे हैं।
नाबालिग से रेप का आरोपी पंजाब से गिरफ्तार:कुचामन सिटी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पकड़ा
डीडवाना-कुचामन पुलिस ने नाबालिग से रेप के एक मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार आरोपी को पंजाब के फरीदकोट से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और फील्ड इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपी को पकड़ने में सफलता हासिल की। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के निर्देशन में की गई। इसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विमल सिंह नेहरा और वृत्ताधिकारी गरिमा चौधरी का सुपरविजन रहा, जबकि थाना कुचामन सिटी प्रभारी उप निरीक्षक महावीर प्रसाद मीणा ने टीम का नेतृत्व किया। पुलिस के अनुसार, 29 जून 2026 को एक परिवादी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी नाबालिग बेटी के साथ आरोपी ने रेप किया है। इस रिपोर्ट के आधार पर 30 जून 2026 को कुचामन सिटी थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान टीम ने आरोपी के ठिकाने का पता लगाया और उसे फरीदकोट, पंजाब से हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और आगे का अनुसंधान जारी है।
सिरसा में तीन लाख नशीली गाेलियों से भरा पार्सल पकड़ा गया है। इसकी मार्केट वैल्यू करीब लाखों रुपए हैं। ये गोलियां पंजाब से बठिंडा से यहां मेडिकल स्टोर के नाम से बुक पार्सल में भेजी गई थी। बठिंडा से गाड़ी लेकर शहर पहुंचा तो एएनसी टीम ने मौक पर पकड़ लिया। पार्सल की तलाश ली तो उसमें करीब तीन लाख नशीली गोलियां बरादम हुई। इस पर ड्राइवर बोला-उसे नहीं पता, वह तो पार्सल लेकर आया था। पार्सल के बारे में पता नहीं। जानकारी के अनुसार, ये कार्रवाई सिरसा एएनसी की संयुक्त टीम ने की है। पुलिस टीम ने ड्राइवर को हिरासत में ले लिया और उस पार्सल देने वाले का पता लगाने के लिए पंजाब के बठिंडा में गई हुई है। वहीं से पार्सल देने वाले का पता चलेगा कि किस दिया जाना था। पुलिस मेडिकल संचालक का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने ड्राइवर पर ही शक जताया है और उसे पूछताछ जारी है। पुलिस मामले में जल्द खुलासा करेगी। मामले में एएसपी आदर्शदीप सिंह का कहना है कि पुलिस टीम जांच में जुटी है और नशीली गोलियां बरामद कर ली है। वहीं, इसके अलावा सीआईए और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने जिले में दो जगह और मेडिकल स्टोर पर छापा मारा। मेडिकल संचालक के घर से 6.5 लाख की 33800 नशीली गोलियां व कैप्सूल और कन्फेक्शनरी दुकान से 5100 नशीली दवाएं बरामद की है। पहला केस:जयदेव चौक से ड्राइवर की गाड़ी से मिली तीन लाख नशीली गोलियां सूत्रों की मानें तो एएनसी और ड्रग विभाग टीम की ओर से शहर के जयदेव चौक के पास से तीन लाख नशीली गोलियां पकड़ी है। इन गोलियों की मार्केट कीमत लाखों रुपए हैं। ये गोलियां ड्राइवर के पास से मिली है और गाड़ी में पार्सल में पैक थी। बताया जा रहा है कि ड्राइवर पंजाब के बठिंडा से पार्सल लेकर यहां सिरसा ला रहा था। इसकी रिपोर्ट एएनसी को लगी और ड्राइवर को यहां जयदेव चौक के पास आने पर पकड़ लिया। पार्सल में चेक किया तो तीन लाख नशीली गोलियां मिली। ड्राइवर से पता लगाया जा रहा है कि वह यह पार्सल कहां से और किससे लेकर आया। बठिंडा से सिरसा के मेडिकल स्टोर के नाम से भेजा गया है। ड्राइवर से पूछताछ जारी है और उसे लेकर जांच में शामिल पुलिस बठिंडा लेकर गई है। ये कार्रवाई मंगलवार रात्रि को की है। दूसरा केस:प्रताप नगर में मेडिकल संचालक के घर पर रेड सीआईए ऐलनाबाद पुलिस तथा औषधि नियंत्रक विभाग की संयुक्त टीम ने ऐलनाबाद थाना क्षेत्र के गांव प्रताप नगर स्थित मकान पर छापा मारकर करीब 6.5 लाख रुपये कीमत की 23,510 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां तथा 10,290 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद किए हैं। प्रताप नगर निवासी लवप्रीत सिंह पुत्र गुरबाज सिंह को काबू किया। आरोपी गांव संत नगर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है और मेडिकल की आड़ में अपने घर से युवाओं को नशीली दवाइयों की सप्लाई करता है। तलाशी में भारी मात्रा में नशीली गोलियां और कैप्सूल की खेप बरारमद हुई। आरोपी को आगामी कार्रवाई के लिए ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया और नोटिस जारी किया है। तीसरा केस: बेगू रोड दुकान पर छापेमारी सीआईए सिरसा पुलिस ने बीती रात्रि बेगू रोड स्थित एक कन्फेक्शनरी की दुकान पर छापेमारी कर 5100 नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए। दुकान मालिक कृष्ण कुमार सहित तीन युवकों को हिरासत में लेकर तलाशी शुरू की। 3300 टेपेंटाडोल की नशीली गोलियां और 1800 प्रेगाबालिन कैप्सूल बरामद हुए। ड्रग कंट्रोल विभाग के इंस्पेक्टर सुनील कुमार को मौके पर बुलाया। पुलिस ने कल्याण नगर निवासी आरोपी कृष्ण कुमार और पारस और सन्नी निवासी संगरिया (जिला हनुमानगढ़, राजस्थान) को बरामद दवाइयों सहित ड्रग इंस्पेक्टर के हवाले कर दिया।
केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने आज पंजाबी सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ पर सीधा हमला बोला है। जसवंत सिंह खालड़ा पर आधारित हालिया फिल्म और OTT विवाद पर बोलते हुए बिट्टू ने दिलजीत को बहुरूपिया और पैसों का लालची करार दिया। लुधियाना में अपने निजी दौरे पर पहुंचे बिट्टू ने स्पष्ट किया कि यह फिल्म कोई सिख पंथ या पंजाब की सेवा नहीं है बल्कि करोड़ों रुपये कमाने की एक सोची-समझी स्क्रिप्ट और पब्लिसिटी स्टंट है। अपने बयान में बिट्टू ने फिल्म चमकीला,1984 के सिख दंगों और अमिताभ बच्चन का जिक्र करते हुए दिलजीत को बुरी तरह से घेरा। रवनीत बिट्टू ने दिलजीत दोसांझ पर दागे गए सीधे तंज: तू बहुरूपिया है, जिधर पैसा दिखता है उधर चल पड़ता है: बिट्टू ने कड़े शब्दों में कहा,विदेशों में तू (दिलजीत) उन लोगों को बाहर निकालने को कहता है जो खालिस्तान का झंडा लेकर आते हैं। तू है क्या यार? तू हर तरफ से बहुरूपिया है। जहां से तुझे पैसा आता दिखता है, तेरा झोला उधर ही उठ कर चल पड़ता है। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर घेरा: बिट्टू ने कहा,जिस अमिताभ बच्चन ने 1984 में (राजीव गांधी का दोस्त होने के नाते) सिखों का सबसे बड़ा घाण (नरसंहार) करवाया, ये दिलजीत जाकर उसके पैरों में गिरता है, पैरियां पौंदा है (पैर छूता है)। उस इंसान के पैरियां हाथ लाता है, और आज ये सिखों के दर्द की बात करता है। महलों में बैठकर पंजाब का दर्द बता रहा है: बिट्टू ने तंज कसते हुए कहा,इसे (दिलजीत) क्या दर्द है? विदेश के बड़े-बड़े महलों में बैठकर मजे ले रहा है। जब पंजाब में खालड़ा साहब संघर्ष कर रहे थे तब ये कहां था? इसका पूरा परिवार सरकारी नौकरियां करता था सरकार की ऐश लूटता था और आज इन्हें बातें आ रही हैं। चमकीला और 'गंदे गानों' का जिक्र: बिट्टू ने कहा,यही वो बंदा है जिसने आज तक के सबसे गंदे गाने गाए। जिस चमकीला ने पंजाब की बेटियों-बहनों के लिए सबसे गंदे गाने बनाए और जिसे आतंकवादियों ने मारा था, उस पर इसने फिल्म बनाई। अगर इसे बेटियों-बहनों की इतनी ही फिक्र होती तो कभी चमकीला फिल्म न बनाता। सबसे गंदी पिक्चर का ये किरदार बना और आज ये संत बन रहा है। OTT से फिल्म हटाना सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट': बिट्टू ने खुलासा किया कि फिल्म को OTT से हटाना कोई सरकारी दबाव नहीं था। इन्हें पता था कि दो-तीन दिन में इनका पैसा पूरा हो जाएगा। जब इनका 199 या 399 रुपये वाला टारगेट पूरा हो गया, तो पब्लिक स्टंट के लिए बोल दिया कि फिल्म हटाई जा रही है। OTT (Over The Top) पर सरकार का कोई कंट्रोल नहीं होता,ये जब चाहें फिल्म डाल सकते हैं आज डालें, कल डालें,कोई नहीं रोक रहा। यह सिर्फ इनका ड्रामा है। शहीद बेअंत सिंह और BJP पर क्या बोले बिट्टू?बेअंत सिंह के समय खालड़ा पर केस नहीं: बिट्टू ने इतिहास साफ करते हुए कहा,जब तक सरदार बेअंत सिंह मुख्यमंत्री रहे,जसवंत सिंह खालड़ा पर न तो कोई केस हुआ,न ही पुलिस ने उन्हें कभी बुलाया। 31 अगस्त को बेअंत सिंह जी की शहादत हुई और उसके बाद 6 सितंबर को खालड़ा को उठाया गया। जो लोग बिना जानकारी के बेअंत सिंह जी पर उंगली उठा रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि उनके समय में खालड़ा साहब को किसी ने उंगली तक नहीं लगाई थी। अपनी ही पार्टी (BJP) को नसीहत - हमारा क्या लेना-देना?: रवनीत बिट्टू ने पंजाब बीजेपी के नेताओं को भी खरी-खरी सुनाई। उन्होंने कहा,मैं पंजाब बीजेपी की लीडरशिप से कहना चाहता हूं कि हर बात पर बैकफुट पर जाने की जरूरत नहीं है। 1980 से लेकर 95 तक पंजाब में या तो कांग्रेस की सरकार थी या गवर्नर रूल था। बीजेपी तब न केंद्र में थी, न पंजाब में। बीजेपी को क्यों सफाई देनी पड़ रही है? छाती तानकर मीडिया और लोगों के सामने आओ और कहो कि इसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
कांगड़ा जिले की नूरपुर जिला पुलिस की सीआईए टीम ने नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने डमटाल थाना क्षेत्र में नाकाबंदी के दौरान पंजाब के एक अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 274 ग्राम हेरोइन बरामद की। इस मामले में अमृतसर और बटाला के 3 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को सीआईए स्टाफ नूरपुर की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें एक मुखबिर से सूचना मिली कि अमृतसर और बटाला से 3 युवक एक स्विफ्ट कार (PB06U-7122) में भारी मात्रा में हेरोइन लेकर भदरोआ, कंडवाल और आसपास के सीमावर्ती क्षेत्रों में सप्लाई करने आ रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत भदरोआ के समीप वन विभाग विश्राम गृह के पास नाकाबंदी की। कुछ ही देर बाद संदिग्ध कार वहां पहुंची, जिसे पुलिस ने घेरकर रोक लिया। तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट कार की जब्त कार की तलाशी लेने पर, पीछे की सीट पर बैठे आरोपी कुनाल अरोड़ा के काले रंग के स्लिंग बैग से 274 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पुलिस ने मौके पर ही नशीले पदार्थ का वजन कर उसे जब्त कर लिया। तस्करी में इस्तेमाल स्विफ्ट कार को भी कब्जे में ले लिया गया है। इस संबंध में डमटाल थाने में एफआईआर संख्या 116/2026 (एनडीपीएस एक्ट की धारा 21, 25 और 29 के तहत) दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है: गहन पूछताछ जारी, खुलेंगे कई बड़े राज जांच में यह साफ तौर पर अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क का मामला लग रहा है। पुलिस अब आरोपियों से रिमांड के दौरान गहनता से पूछताछ कर रही है कि वे यह खेप पंजाब में कहां से लाए थे और यहां स्थानीय स्तर पर इसे किन-किन पैडलर्स या युवाओं को सप्लाई किया जाना था। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
जाखल में पंजाब की महिला नशा तस्कर गिरफ्तार:कट्टे में डोडा पोस्त लेकर आई, पुलिस को देख बदला रास्ता
फतेहाबाद जिले में जाखल पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक महिला को डोडा चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई को महिला एएसआई सिलोचना अपनी टीम के साथ अपराध रोकथाम और गश्त पर थीं। वे बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन जाखल की ओर जा रही थीं, तभी अग्रसेन चौक के पास रेलवे स्टेशन की तरफ से एक महिला हाथ में सफेद प्लास्टिक का कट्टा लेकर आती दिखी। पंजाब की रहने वाली पुलिस वाहन को देखकर महिला घबरा गई और तेजी से गली की ओर जाने लगी। शक के आधार पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की, जिसमें महिला ने अपनी पहचान सुखजीत कौर, निवासी गांव भलाईयाना, जिला मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में बताई। 8 किलो 756 ग्राम डोडा पोस्त बरामद महिला के पास नशीला पदार्थ होने के संदेह पर उसके हाथ में पकड़े कट्टे की तलाशी ली गई। कट्टे के अंदर रखी काले रंग की पॉलिथीन से डोडा चूरा पोस्त बरामद हुआ, जिसका वजन इलेक्ट्रॉनिक कांटे से करने पर 8 किलो 756 ग्राम पाया गया। पुलिस ने नियमानुसार सैंपलिंग और सीलिंग की कार्रवाई पूरी कर मादक पदार्थ को कब्जे में ले लिया। मामले की जांच कर रही पुलिस पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर यह पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है कि बरामद डोडा चूरा पोस्त कहां से लाया गया था और इसे किसे सप्लाई किया जाना था। साथ ही इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जाखल थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और नशे के कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म 'सतलुज' अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है। गुरुद्वारा प्रबंधकों का दावा- इतिहास दबाने की कोशिश हुईपठानकोट के गुरुद्वारा प्रबंधक मनप्रीत सिंह का कहना है कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। उनका आरोप है कि पंजाब के इतिहास के एक अहम अध्याय को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए फिल्म को जानबूझकर OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया। उनका कहना है कि अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म नहीं दिखाई जाएगी तो गुरुघरों के माध्यम से इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी खालड़ा के संघर्ष, मानवाधिकारों की लड़ाई और उनके बलिदान से परिचित हो सके। सीनियर वकील बोले- गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग गैरकानूनी नहींOTT से हटाने के बावजूद इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर पठानकोट के सीनियर एडवोकेट विशाल कोहली ने कहा कि गुरुद्वारों में संगत के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग करना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म की सामग्री पहले ही अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों पर लोगों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से इसका प्रदर्शन करना गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। DSGMC का ऐलान- गुरुद्वारों के साथ स्कूल-कॉलेजों में भी दिखाई जाएगी फिल्मदिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) भी फिल्म के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी इस फिल्म को रोकना इतिहास को दबाने की कोशिश है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली के गुरुद्वारों में फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग कराई जाएगी। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, संघर्ष और मानवाधिकारों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सभी गुरुद्वारा कमेटियों से फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई है। दिलजीत की फिल्म में क्या दिखाया गया, जिस पर एतराज?दिलजीत की इस फिल्म में पूर्व CM बेअंत सिंह की बम ब्लास्ट में हत्या का सीन भी दिखाया गया है। फिल्म की कहानी के लिए इस सीन को पुलिस की क्रूरता के एक टर्निंग पॉइंट के रूप में दिखाया गया है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कैसे पुलिस की क्रूरता और निर्दोष लोगों पर बढ़ते अत्याचारों के कारण एक आम आदमी अंदर से टूट जाता है और आतंकवाद या इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाता है। इसमें तत्कालीन DGP केपीएल गिल को IPS बिट्टा के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है 31 अगस्त 1995 को तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या होती है और इस घटना के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 6 सितंबर 1995 को जसवंत सिंह खालड़ा का भी अपहरण कर लिया जाता है। मुख्यमंत्री की मौत के बाद जब राजनीतिक माहौल बदला, तो पुलिस को डर था कि खालड़ा उनके इस 25 हजार अवैध दाह-संस्कार के काले राज को दुनिया के सामने न ले आएं, इसलिए वे खालड़ा का अपहरण करने का कदम उठाते हैं। फिल्म हटाने को लेकर केंद्र की क्या चिंता, आगे क्या फैसला लिया?केंद्र ने फिल्म हटाने को लेकर अभी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि सरकारी सोर्सेज के जरिए मीडिया के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है। खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। हालांकि केंद्र ने भाजपा के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की अपील के बाद इस पर रिव्यू कमेटी बनाई है। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानिए, जिनके जीवन पर यह फिल्म बनी बैंक में काम करते थे, लावारिश लाशें खोजनी शुरू कर दीं1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार' में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में जलाई जा रही लावारिस लाशों के बीच कनेक्शन खोजना शुरू किया। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों में जली लाशों के डिटेल्स इकट्ठा किए। खालड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर 4 बड़े दावे किए इस मामले में खालड़ा का कहना था कि पुलिस अधिनियम 1861 के तहत पंजाब पुलिस रूल्स, 1934 के चैप्टर 25 में नियम है कि किसी लाश का अंतिम संस्कार तभी हो सकता है, जब उसकी पहचान तय हो, लेकिन यहां तो सिस्टम खुद ही पहचान मिटा रहा था। दो दिन बाद DGP केपीएस गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया, 'हजारों सिख युवा फर्जी दस्तावेजों से विदेश चले गए हैं। उन्हीं की गुमशुदगी को खालड़ा पुलिस पर थोप रहे हैं।' इसके बाद खालड़ा ने गिल को ओपन डिबेट की चुनौती दी। उनके दावों के आधार पर पंजाब के लोकल अखबार खबरें छाप रहे थे। प्रशासन पर दबाव बढ़ा, तो उसने उल्टा खालड़ा से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच 31 अगस्त को सीएम बेअंत सिंह की खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’(BKI) ने बम धमाके में हत्या कर दी। इसके बाद 6 सितंबर 1995 का दिन आया। जसवंत सिंह अमृतसर के कबीर पार्क स्थित अपने घर के बाहर कार धो रहे थे। तभी एक सफेद गाड़ी आई। इसमें मौजूद हथियारबंद लोग उन्हें अगवा कर ले गए। पुलिस का कहना था कि जसवंत कैसे गायब हुए, इसकी जानकारी नहीं है। खालड़ा के मामले में जांच के बाद CBI ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, 'जसवंत सिंह ने लावारिस लाशों के मामले में आवाज उठाई। स्थानीय पुलिस को ये पसंद नहीं आया और उन्हें घर से अगवा कर लिया। उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने के बाद उनकी हत्या करके लाश हरीके इलाके में नहर में फेंक दी गई।' खालड़ा की हत्या का खुलासा कैसे हुआ6 सितंबर को ही जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके पति को पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों ने अगवा किया है। किडनैपिंग का मामला दर्ज किया गया। जसवंत का सुराग देने पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया। हालांकि पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई, तो परमजीत ने कोर्ट का रुख किया और नवंबर 1995 में कोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया। CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत के पड़ोसी किरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि जिस गाड़ी से जसवंत का अपहरण हुआ, उसमें 5 पुलिस अधिकारी- DSP जसपाल सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, SHO जसबीर सिंह, प्रिथीपाल सिंह और अमृतसर के झबाल थाने के SHO सतनाम सिंह थे। इन्हीं ने जसवंत को अगवा किया। दो दिन पहले, यानी 4 सितंबर को अवैध ड्रग्स के मामले में एक आरोपी कुलवंत सिंह झबाल थाने लाया गया था। उसने भी CBI को बताया कि DSP जसपाल सिंह और SHO सतनाम सिंह ही खालड़ा को थाने लाए थे। इस मामले में सबसे अहम गवाह बने स्पेशल पुलिस अफसर कुलदीप सिंह। उनकी तैनाती झबाल थाने में सतनाम सिंह के साथ ही थी। कुलदीप ने खालड़ा की हत्या तक के पूरे ब्योरे दिए… कुलदीप को थाने में खालड़ा को खाना खिलाने का काम मिला था। खालड़ा की सेहत बहुत खराब हो चली थी। एक शाम SSP अजीत सिंह संधू, DSP जसपाल सिंह, उनके बॉडीगार्ड अरविंदर सिंह एक बिना नंबर वाली कार में आए। दूसरी कार में SHO सतनाम सिंह, SHO जसबीर सिंह और प्रिथीपाल सिंह आए। सारे लोग खालड़ा के कमरे में गए। संधू ने खालड़ा से अपनी सारी एक्टिविटी बंद करने को कहा और उनकी पिटाई भी की। 3 दिन बाद सतनाम सिंह, खालड़ा को तरनतारन में संधू के घर ले गए। यहां बंद कमरे में बातचीत के बाद खालड़ा को वापस थाने लाया गया। कुछ दिन बाद DSP जसपाल सिंह, अरविंदर सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, जसबीर और प्रिथीपाल दोबारा थाने आए और खालड़ा को पीटना शुरू कर दिया। कुलदीप सिंह को गर्म पानी लाने के लिए कहा गया। वो कमरे से बाहर निकले, तो उन्होंने 2 गोलियां चलने की आवाज सुनी। खालड़ा की मौत हो गई थी। शरीर से खून बह रहा था। उनकी लाश को वैन की डिक्की में रखा गया। फिर कुलदीप सिंह समेत 7 पुलिस वाले तीन कारों से पास के गांव हरीके गए। जहां खालड़ा की लाश नहर में फेंक दी गई। कुलदीप सिंह की गवाही इस केस के लिए बहुत अहम साबित हुई। नवंबर 2005 में पटियाला की एक कोर्ट ने 4 आरोपी- सतनाम सिंह , सुरिंदर पाल, जसबीर और प्रिथीपाल को किडनैपिंग के आरोप में 7 साल जेल की सजा सुनाई। जबकी DSP जसपाल सिंह और अमरजीत सिंह को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा मिली। जबकि संधू ने मामले में फैसला होने से पहले ही 23 मई 1997 को खुदकुशी कर ली थी। जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की। 2007 में पंजाब हाईकोर्ट ने अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि 7 साल की सजा पाने वाले चारों आरोपियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। आरोपी पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल 2011 को उनकी अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा। CBI ने अंतरिम रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘2097 लाशों का लावारिस की तरह अंतिम संस्कार किया गया था। अकेले तरनतारन में 984 लाशों को 'लावारिस' के बतौर जलाया गया। पुलिस ने बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों की हत्या की थी।’ *************ये खबरें भी पढ़ें… दिलजीत की 2 दिन पहले रिलीज 'सतलुज' OTT से हटाई, दोसांझ ने पायरेसी की अपील की पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित दिलजीत दोसांझ की फिल्म को अचानक OTT प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया। खालड़ा ने आतंकवाद के दौर में पंजाब में फेक एनकाउंटर में 25 हजार युवाओं को मारने का दावा किया था। यह फिल्म 3 साल की रोक के बाद 2 दिन पहले ही नाम बदलकर रिलीज की गई थी। पहले इसका नाम 'पंजाब 95' था, जिसे 'सतलुज' नाम से OTT प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था (पढ़ें पूरी खबर)
पंजाब के पूर्व आईएएस अधिकारी और भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को एक पत्र लिखकर पंजाब में सत्य, जवाबदेही एवं मेल-मिलाप आयोग गठित करने की मांग की है। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब फिल्म सतलुज के रिलीज होने और बाद में अचानक वापस लिए जाने के बाद एक बार फिर पंजाब के 1980 से 2000 के दौर को लेकर बहस तेज हो गई है। डॉ. राजू ने मंगलवार को लिखे पत्र में कहा कि चार दशक बीत जाने के बावजूद पंजाब आज भी उस दौर की घटनाओं को लेकर अलग-अलग और परस्पर विरोधी धारणाओं में बंटा हुआ है। जब तक उस समय की सच्चाई निष्पक्ष और विश्वसनीय तरीके से सामने नहीं आएगी, तब तक स्थायी शांति और सामाजिक मेल-मिलाप संभव नहीं होगा। पीड़ितों को मिलेगा अपनी बात रखने का मंच पत्र में राज्यपाल से आग्रह किया गया है कि वे पंजाब सरकार को एक स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोग बनाने के लिए प्रेरित करें। प्रस्तावित आयोग का उद्देश्य वर्ष 1980 से 2000 के बीच पंजाब में उग्रवाद और हिंसा से जुड़े घटनाक्रमों का प्रामाणिक रिकॉर्ड तैयार करना होगा। साथ ही उस दौर के पीड़ितों, उनके परिवारों और अन्य संबंधित पक्षों को अपनी बात और साक्ष्य रखने का अवसर भी दिया जाए। डॉ. राजू ने यह भी सुझाव दिया है कि आयोग आतंकवाद के पीड़ितों, मानवाधिकार उल्लंघनों से प्रभावित लोगों और अन्य सभी प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे, पुनर्वास व राहत संबंधी सिफारिशें करे। इसके अलावा आयोग राजनीतिक जवाबदेही तय करने, संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने, मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कानून के शासन को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक सुधारों की भी अनुशंसा करे। अतीत से सीख, भविष्य की राह पत्र के अंत में डॉ. जगमोहन सिंह राजू ने कहा कि पंजाब अपने अतीत को बदल नहीं सकता, लेकिन उसे ईमानदारी से समझकर उससे सीख अवश्य ले सकता है। उनका मानना है कि सच्चाई, जवाबदेही और मेल-मिलाप के रास्ते पर आगे बढ़कर ही पंजाब आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक शांतिपूर्ण, एकजुट और विश्वास से भरा भविष्य तैयार कर सकता है।
चंडीगढ़ में ड्रंकन ड्राइव नाके पर एक महिला कांस्टेबल को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद ड्राइवर मौके से फरार हो गया। घायल महिला कांस्टेबल को तुरंत सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। फिलहाल वह घर पर आराम कर रही हैं। घायल महिला कांस्टेबल की पहचान मोनिका के रूप में हुई है, जो चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस में तैनात हैं। हादसे में उनके दोनों हाथों और पीठ में चोट आई हैं। पीड़ित महिला कांस्टेबल मोनिका ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शनिवार रात किसान भवन चौक के पास ट्रैफिक पुलिस की ओर से रात 10 से सुबह 3 बजे तक ड्रंकन ड्राइव का नाका लगाया गया था। नाका समाप्त होने के बाद सभी पुलिसकर्मी बैरिकेड हटाने और सरकारी वाहन में सामान रखने का काम कर रहे थे। सड़क पार करते समय हादसा मोनिका ने बताया कि वह भी अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद सड़क पार कर दूसरी ओर जा रही थीं। इसी दौरान करीब 3:15 से 3:20 बजे के बीच सेक्टर-22/23 की तरफ से एक तेज रफ्तार कार आई। कार ड्राइवर ने न तो वाहन की रफ्तार कम की और न ही सड़क पार कर रही महिला पुलिसकर्मी को देखकर ब्रेक लगाए। तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। घटना के बाद कार ड्राइवर फरार टक्कर इतनी तेज थी कि मोनिका कई फीट दूर सड़क किनारे जा गिरीं। हादसे में उनके दोनों हाथों और पीठ पर गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद कार ड्राइवर मौके पर रुके बिना फरार हो गया। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मी तुरंत उनकी मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने मोनिका को उठाकर सेक्टर-16 अस्पताल पहुंचाया और साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को हादसे की सूचना दी। साथी पुलिसकर्मियों ने अस्पताल पहुंचाया हादसे के तुरंत बाद नाके पर मौजूद अन्य ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और घायल महिला कांस्टेबल को संभाला। उस समय उन्हें दोनों हाथों और पीठ में तेज दर्द हो रहा था। साथी पुलिसकर्मियों ने बिना देरी किए उन्हें सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका मेडिकल परीक्षण कर उपचार दिया। घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दी गई। सेक्टर-36 थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। जांच अधिकारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सड़क पर मौजूद साक्ष्यों की जांच की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ली। इसके बाद पुलिस टीम अस्पताल पहुंची, जहां घायल महिला कांस्टेबल मोनिका के बयान दर्ज किए गए। उ लुधियाना की निकली कार पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में पता चला कि हादसा करने वाली कार पंजाब नंबर की है और उसका पंजीकरण लुधियाना का है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि कार एक युवक चला रहा था। सेक्टर-36 थाना पुलिस का कहना है कि वाहन और उसके ड्राइवर की पहचान कर ली गई है। ड्राइवर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है
मिशन क्लीन पंजाब के तहत निगम कमिश्नर ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया
लुधियाना| मिशन क्लीन पंजाब के तहत नगर निगम के निगम कमिश्नर ओजस्वी अलंकार ने मंगलवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किया और जमीनी स्तर पर सेवाओं में सुधार के लिए निवासियों से सीधे फीडबैक लिया। नगर निगम की टीम ने आरके रोड, शेरपुर गांव, जमालपुर कॉलोनी, मेट्रो रोड और चीमा चौक सहित अन्य इलाकों में जाकर सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। आयुक्त ने आंतरिक क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से बातचीत की और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी जुटाई। ओजस्वी अलंकार ने बताया कि स्थानीय निकाय मंत्री हरजोत सिंह बैन्स के नेतृत्व में चल रहे मिशन क्लीन पंजाब के तहत अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सफाई के मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि नियमित फीडबैक से वास्तविक स्थिति का पता चलता है और सेवाओं को अधिक दक्षता व पारदर्शिता के साथ लागू किया जा सकता है। साथ ही, जोनल आयुक्तों और स्वास्थ्य शाखा के अधिकारियों को भी रोजाना मैदान में उतरने के निर्देश दिए गए हैं।
अब खुद डाउनलोड करें हेल्थ कार्ड, जिलेवार अस्पताल की लिस्ट भी पोर्टल पर देख सकेंगे
मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने अब सरकारी पोर्टल https://sha.punjab.gov.in/shapunjab/index.php को और अधिक यूजर-फ्रेंडली बना दिया है। इस बदलाव के बाद अब मरीजों को अपने हेल्थ कार्ड के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। लाभार्थी अब अपना आधार कार्ड, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर या हेल्थ कार्ड नंबर डालकर पलक झपकते ही अपना हेल्थ कार्ड सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का मुख्य उद्देश्य इलाज की प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी और सुगम बनाना है, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उनको किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिले में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत लाभार्थियों को 10 लाख तक के केशलैस इलाज की गारंटी दी जा रही है। लुधियाना जिले में अब तक करीब 5.5 लाख से अधिक लोगों के यह सेहत कार्ड बनाए भी जा चुके हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत जिले में 101 अस्पतालों (21 सरकारी- 82 प्राइवेट) अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। लेकिन पोर्टल में ठीक जानकारी न होने के चलते मरीजों को कई तरह की परेशानी आ रही थी। इस मुद्दे को दैनिक भास्कर ने 26 मई के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित पोर्टल की खामियों को उजागर किया था। इसका संज्ञान लेते हुए अब विभाग की तरफ से धीरे-धीरे पोर्टल को दुरुस्त किया जा रहा है। हेल्थ कार्ड डाउनलोड होने के फायदे अब कार्ड पाने के लिए सरकारी दफ्तरों या केंद्रों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। आवेदन करने के बाद घर पर बैठे-बैठे, पलक झपकते ही इसे डाउनलोड कर सकते हैं। यदि अचानक इलाज की आवश्यकता पड़े, तो डिजिटल कार्ड होने से अस्पताल में एडमिशन और भर्ती की प्रक्रिया बहुत तेज और सुगम हो जाती है। मरीज को समय पर उपचार जाएगा पोर्टल में ये बदलाव हुए जून महीने में मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत 17 प्रोसीजर को डी-रिजर्वेशन कैटेगरी में रख दिया गया था जिसके तहत अब यह प्रोसीजर सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में होंगे। इन 17 प्रोसीजर्स नाक की हड्डी को ठीक करना (फ्रैक्चर), एडेनोइडेक्टोमी, हाइड्रोसील का ऑपरेशन, फोड़े को चीरा लगाकर मवाद निकालना, पित्त की थैली का ओपन ऑपरेशन, पित्त की थैली का लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन द्वारा) ऑपरेशन आदि शामिल थे। जुलाई में पोर्टल पर हेल्थ कार्ड डाउनलोड करने और प्रत्येक जिले में इंपैनल अस्पतालों की लिस्ट और उसमें मिलने वाला इलाज की सूची जारी की है। ऐसे कर सकते हैं अपना हेल्थ कार्ड डाउनलोड एक क्लिक पर इलाज की जानकारी मिलेगी: अभी तक पोर्टल पर योजना के तहत प्रदेश के इंपैनल अस्पतालों की पीडीएफ पड़ी हुई थी। इसके चलते मरीजों को अपने जिले के अस्पताल खोजने और इलाज की जानकारी मिलने में परेशानी आती थी। लेकिन, अब पोर्टल पर बदलाव हुआ है। मरीज अपने जिले की लिस्ट और उसमें सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मिलने वाले इलाज की जानकारी एक क्लिक पर ले सकते हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। लाभार्थी को https://sha.punjab.gov.in/ में जाना होगा। इसमें डाउन लोड हेल्थ कार्ड पर क्लिक करना होगा। इसके बाद लाभार्थी अब अपना आधार कार्ड, फैमिली आईडी, मोबाइल नंबर, हेल्थ कार्ड नंबर में से किसी एक को डालना होगा। इसके बाद रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी आएगा, जिससे पोर्टल पर डालना होगा और आपका हेल्थ कार्ड डाउनलोड हो जाएगा।
कौन हैं विनायक शुक्ला? कानपुर में जन्मे इस खिलाड़ी को ओमान क्रिकेट टीम की मिली कप्तानी
Vinayak Shukla Appointed Oman Cricket Team Captain: उत्तर प्रदेश के कानपुर में जन्मे विनायक शुक्ला ने अपने क्रिकेट करियर में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। ओमान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें राष्ट्रीय टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। कभी भारत में क्रिकेट खेलने का सपना देखने वाले विनायक अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ओमान की कप्तानी करते नजर आएंगे। उत्तर प्रदेश के कानपुर के श्यामनगर में रहने वाले 32 वर्षीय विनायक शुक्ला को ओमान क्रिकेट टीम का नया कप्तान बनाया गया है। ओमान क्रिकेट बोर्ड ने पिछले कल सोमवार (6 जुलाई) को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसकी आधिकारिक घोषणा की। विकेटकीपर-बल्लेबाज विनायक अब टीम की कमान जतिंदर सिंह की जगह संभालेंगे। इससे पहले वह ओमान टीम के उपकप्तान भी रह चुके हैं और एशिया कप के साथ-साथ टी20 वर्ल्ड कप में भी देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। Oman appoints Vinayak Shukla as captain of men's cirkcet team KNOW MORE: https://t.co/Mbcbs32UvT Indian-origin wicketkeeper-batter Vinayak Shukla has been appointed captain of the Oman men's cricket team, succeeding Jatinder Singh. The Kanpur-born cricketer now leads Oman into… YesPunjab.com (yespunjab) July 7, 2026 विनायक की क्रिकेट यात्रा काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने सिर्फ 8 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ाई के दौरान उन्होंने अंडर-16 और अंडर-19 राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। कई राज्यों की ओर से क्रिकेट खेलने का मौका मिला, लेकिन भारतीय टीम तक पहुंचने का सपना पूरा नहीं हो सका। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी। उनके क्रिकेट कोच प्रकाश ने परिवार को सलाह दी कि अगर बेहतर अवसर चाहिए तो उन्हें ओमान जाना चाहिए। इसके बाद वर्ष 2021 में विनायक ओमान चले गए और वहां घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया। शुरुआती दिनों में उन्होंने अपनी आजीविका चलाने के लिए नेशनल मेटल कैन्स कंपनी में डेटा ऑपरेटर की नौकरी भी की, लेकिन क्रिकेट से उनका रिश्ता कभी नहीं टूटा। लगातार मेहनत का फल उन्हें 2024 में मिला, जब ओमान की राष्ट्रीय टीम में विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में उनका चयन हुआ। उन्होंने 14 दिसंबर 2024 को अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मुकाबला खेला, जबकि 10 फरवरी 2025 को वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया। Also Read: LIVE Cricket Score अब तक विनायक शुक्ला 15 वनडे मैचों में 26.00 की औसत से 312 रन बना चुके हैं। वहीं टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने 23 मुकाबलों में 26.29 की औसत से 447 रन अपने नाम किए हैं। शानदार प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए ओमान क्रिकेट बोर्ड ने अब उन्हें टीम की कप्तानी सौंप दी है।
रोहतक में भारतीय किसान यूनियन (नैन) की राज्य स्तरीय मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों पर रोष प्रकट किया। किसानों ने सरकार के खिलाफ राष्ट्र स्तर पर आगामी आंदोलन की घोषणा भी की। भारतीय किसान यूनियन (नैन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता 24 फसलों पर एमएसपी देने की बात कर रही है। किसान चैलेंज देते हैं कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा में होने वाली 24 फसलों के नाम गिनवा दें। जो फसल हरियाणा में पैदा ही नहीं होती, उन फसलों को सरकार कहां से खरीदेगी। किसानों को फसलों पर नहीं मिल रहा एमएसपी जोगेंद्र नैन ने कहा कि भाजपा जूट, नारियल, रबड़ का नाम लेती है। साथ ही उन फसल व सब्जियों की बात करती है, जो हरियाणा में पैदा ही नहीं होती। जबकि किसानों को धान, कपास, गन्ना व गेंहू पर एमएसपी नहीं दे रही। सीएम नायब सैनी का हरियाणा के किसानों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। हरियाणा ही खुशहाल नहीं, पंजाब को कैसे करेंगे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा के सीएम नायब सैनी रोजाना पगड़ी बांधकर पंजाब में पहुंच जाते हैं। सीएम सैनी पंजाब जाकर भाषण दे रहे हैं कि पंजाब में हरियाणा जैसा माहौल बना देंगे। हरियाणा में तो कहीं खुशहाली नहीं है, फिर पंजाब को कैसे खुशहाल बनाएंगे। हरियाणा के किसान पानी के लिए तरस रहे जोगेंद्र नैन ने कहा कि हरियाणा का किसान पानी के लिए तरस रहा है। सीएम नायब सैनी ने पीएम नरेंद्र मोदी के दबाव में आकर राजस्थान को पानी देने की बात की है, जिसका किसान विरोध कर रहे हैं। वहीं हरियाणा के चैनत गांव को भी शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में बांटने का प्रयास कर रहे हैं। किसान मंत्री श्रुति चौधरी से पूछना चाहते है कि भाखड़ा के पानी को यमुना के क्षेत्र में क्यों पहुंचाया जा रहा है। भाजपा सांसदों को दिए जाएंगे ज्ञापन जोगेंद्र नैन ने कहा कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील के विरोध में 22 से 24 जुलाई तक भाजपा के सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों को ज्ञापन दिया जाएगा। 28-29 जुलाई को दिल्ली के तालकटोर स्टेडियम में ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन होगा। साथ ही 10 अगस्त को ट्रेड डील के विरोध में जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। किसानों को 2-2 महीने तक नहीं मिली पेमेंट जोगेंद्र नैन ने कहा कि सरकार किसानों को फसल का भुगतान 24 घंटे में होने का दावा करती है, लेकिन किसानों को 2-2 माह तक पेमेंट नहीं मिलती। सरकार ने खरीद के नए नियम लागू किए, जिससे किसान परेशान हुआ। लंबी-लंबी ट्रालियों की लाइन लगी। सरकार बताए कि नए नियमों से क्या फायदा हुआ। चैनत गांव के लोगों से सरकार ने किया धोखा भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान रणधीर सिंह ने चैनत गांव को लेकर कहा कि सरकार ने उन लोगों के साथ धोखा कर रही है। चैनत के ग्रामीणों को भारतीय किसान यूनियन ने समर्थन दिया है। आज हरियाणा के 70 प्रतिशत गांवों में पीने का पानी नहीं है। नहरों को पक्का करने के कारण उनके साथ लगे हैंडपंप भी खत्म हो गए हैं, जिससे किसान परेशान हैं।
साल 1995, पंजाब का अमृतसर। ह्यूमन-राइट एक्टिविस्ट जसवंत सिंह खालड़ा ने दावा किया कि पुलिस ने 25 हजार से ज्यादा लोगों की हत्या करके लावारिस की तरह उनकी लाशें जला दीं। इस दावे के 7 महीने बाद जसवंत को भी घर से अगवा करके बेरहमी से मार दिया गया था। आज तक उनकी लाश बरामद नहीं हुई है। पंजाब की इसी कहानी पर बनी फिल्म 4 साल से थिएटर में रिलीज नहीं हो पाई है। 3 जुलाई को इसे चुपचाप OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 पर रिलीज किया गया, लेकिन 48 घंटे के अंदर वहां से भी हटाना पड़ा। फिल्म के लीड एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर ‘सतलुज’ नाम की इस फिल्म का एक वीडियो शेयर करके लिखा, ‘सतलुज के साथ जो हुआ, वही जसवंत सिंह खालड़ा के साथ हुआ था।’ आखिर कौन थे जसवंत सिंह, उनके खुलासे और उनकी हत्या की पूरी कहानी क्या है, फिल्म में ऐसा क्या है, जिसका देश-विरोधी एक्टिविटीज में इस्तेमाल होने का डर है; जानेंगे आज के एक्सप्लेनर में... सवाल-1: कौन हैं जसवंत सिंह खालड़ा और उनके साथ पंजाब में क्या हुआ था? जवाब: 1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार' में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में जलाई जा रही लावारिस लाशों के बीच कनेक्शन खोजना शुरू किया। उन्होंने अमृतसर और तरनतारन के श्मशान घाटों में जली लाशों के डिटेल्स इकट्ठा किए। 16 जनवरी 1995 को जसवंत ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी और 4 बड़े दावे किए.. प्रोफेसर मल्लिका कौर की किताब, 'फेथ, जेंडर, एंड एक्टिविज्म इन द पंजाब कॉन्फ्लिक्ट के मुताबिक, इस अपराध में साथ न देने वाले 2000 पुलिस वालों को भी मार दिया गया। जसवंत का कहना था कि पुलिस अधिनियम 1861 के तहत पंजाब पुलिस रूल्स, 1934 के चैप्टर 25 में नियम है कि किसी लाश का अंतिम संस्कार तभी हो सकता है, जब उसकी पहचान तय हो, लेकिन यहां तो सिस्टम खुद ही पहचान मिटा रहा था। दो दिन बाद DGP केपीएस गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब दिया, 'हजारों सिख युवा फर्जी दस्तावेजों से विदेश चले गए हैं। उन्हीं की गुमशुदगी को खालड़ा पुलिस पर थोप रहे हैं।' इसके बाद खालड़ा ने गिल को ओपन डिबेट की चुनौती दी। उनके दावों के आधार पर पंजाब के लोकल अखबार खबरें छाप रहे थे। प्रशासन पर दबाव बढ़ा, तो उसने उल्टा खालड़ा से पूछताछ शुरू कर दी। इसी बीच 31 अगस्त को सीएम बेअंत सिंह की खालिस्तानी आतंकी संगठन ‘बब्बर खालसा इंटरनेशनल’, BKI ने बम धमाके में हत्या कर दी। इसके बाद 6 सितंबर 1995 का दिन आया। जसवंत सिंह अमृतसर के कबीर पार्क स्थित अपने घर के बाहर कार धो रहे थे। तभी एक सफेद गाड़ी आई। इसमें मौजूद हथियारबंद लोग उन्हें अगवा कर ले गए। पुलिस का कहना था कि जसवंत कैसे गायब हुए, इसकी जानकारी नहीं है। शायद वो गैंगवॉर का शिकार हुए। खालड़ा के मामले में जांच के बाद CBI ने अपनी रिपोर्ट में लिखा, 'जसवंत सिंह ने लावारिस लाशों के मामले में आवाज उठाई। स्थानीय पुलिस को ये पसंद नहीं आया और उन्हें घर से अगवा कर लिया। उन्हें गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने के बाद उनकी हत्या करके लाश हरीके इलाके में नहर में फेंक दी गई।' सवाल-2: जसवंत सिंह की हत्या का खुलासा कैसे हुआ, पत्नी ने कैसे दिलाई सजा? जवाब: 6 सितंबर को ही जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने शिकायत दर्ज करवाई कि उनके पति को पुलिस की वर्दी में कुछ लोगों ने अगवा किया है। किडनैपिंग का मामला दर्ज किया गया। जसवंत का सुराग देने पर एक लाख रुपए का इनाम भी रखा गया। हालांकि पुलिस ने जांच आगे नहीं बढ़ाई, तो परमजीत ने कोर्ट का रुख किया और नवंबर 1995 में कोर्ट ने CBI को जांच का आदेश दिया। CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, जसवंत के पड़ोसी किरपाल सिंह रंधावा ने बताया कि जिस गाड़ी से जसवंत का अपहरण हुआ, उसमें 5 पुलिस अधिकारी- DSP जसपाल सिंह, सुरिंदर पाल सिंह, SHO जसबीर सिंह, प्रिथीपाल सिंह और अमृतसर के झबाल थाने के SHO सतनाम सिंह थे। इन्हीं ने जसवंत को अगवा किया। दो दिन पहले, यानी 4 सितंबर को अवैध ड्रग्स के मामले में एक आरोपी कुलवंत सिंह झबाल थाने लाया गया था। उसने भी CBI को बताया कि DSP जसपाल सिंह और SHO सतनाम सिंह ही खालड़ा को थाने लाए थे। इस मामले में सबसे अहम गवाह बने स्पेशल पुलिस अफसर कुलदीप सिंह। उनकी तैनाती झबाल थाने में सतनाम सिंह के साथ ही थी। कुलदीप ने खालड़ा की हत्या तक के पूरे ब्योरे दिए… कुलदीप सिंह की गवाही इस केस के लिए बहुत अहम साबित हुई। नवंबर 2005 में पटियाला की एक कोर्ट ने 4 आरोपी- सतनाम सिंह , सुरिंदर पाल, जसबीर और प्रिथीपाल को किडनैपिंग के आरोप में 7 साल जेल की सजा सुनाई। जबकी DSP जसपाल सिंह और अमरजीत सिंह को हत्या के आरोप में उम्रकैद की सजा मिली। जबकि संधू ने मामले में फैसला होने से पहले ही 23 मई 1997 को खुदकुशी कर ली थी। जसवंत की पत्नी परमजीत कौर ने हाईकोर्ट में 4 आरोपियों की सजा बढ़ाने की अपील की। 2007 में पंजाब हाईकोर्ट ने अमरजीत सिंह को बरी कर दिया, जबकि 7 साल की सजा पाने वाले चारों आरोपियों की सजा बढ़ाकर उम्रकैद कर दी। आरोपी पुलिस अधिकारी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 11 अप्रैल 2011 को उनकी अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा। CBI ने अंतरिम रिपोर्ट में सुप्रीम कोर्ट को बताया, ‘2097 लाशों का लावारिस की तरह अंतिम संस्कार किया गया था। अकेले तरनतारन में 984 लाशों को 'लावारिस' के बतौर जलाया गया। पुलिस ने बड़ी संख्या में बेकसूर लोगों की हत्या की थी।’ जसवंत की कहानी को फिल्म सतलुज के लिए लिखने वाले नीरेन भट्ट का कहना है, ‘इसमें एंटी-नेशनल जैसा कुछ नहीं है, ये एक बैंकर की कहानी है, जो गैर-कानूनी तरीके से मारे गए लोगों के परिवारों के लिए लड़े। फिर भी इसे रिलीज के बाद महज 48 घंटे में हटा दिया गया। सवाल-3: सतलुज को रिलीज के 48 घंटे के भीतर हटाना क्यों पड़ा? जवाब: 'सतलुज' फिल्म का मूल नाम 'घल्लूघारा' था, इसका मतलब होता है- नरसंहार। पंजाब में सिखों के कथित नरसंहार को लेकर ये शब्द प्रचलित है। फिल्म के घल्लूघारा से पंजाब 95 और सतलुज तक 3 बार नाम बदलने और रिलीज को लेकर 4 साल से विवाद चल रहा है… रिलीज के एक ही दिन बाद फिल्म में लीड एक्टर दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘अबतक सतलुज नहीं देखी, तो जल्द देख लें। सोमवार, 6 जुलाई तक इसे हटाया जा सकता है।’ इससे पहले ही रविवार शाम को सतलुज ZEE5 पर भारत में स्ट्रीम होना बंद हो गई। ZEE5 ने बयान में कहा, 'मौजूदा घटनाक्रम को देखते हुए, सतलुज भारत में अगली इन्फॉर्मेशन तक अवेलेबल नहीं होगी। हम इसको जल्दी वापस लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया के तहत हरसंभव कोशिश करेंगे।' नीरेन भट्ट कहते हैं, 'ZEE5 से किसी ने फिल्म रोकने के लिए कहा। साफ है कि CBFC या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में किसी अधिकारी ने इसमें दखल दिया। CBFC वाले नहीं बताते कि उन्हें फिल्म में क्या आपत्तिजनक लगा या ये फैसले कौन ले रहा है। RSVP मूवीज के एक प्रवक्ता के मुताबिक, ‘फिल्म को सरकार ने हटाया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ’ये फैसला इसलिए हुआ, क्योंकि फिल्म के कुछ हिस्सों का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हो सकता है।' एक सरकारी ऑफिसर ने कहा, 'CBFC के सर्टिफिकेट के बिना फिल्म चुपचाप OTT पर रिलीज हुई। OTT CBFC के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। इसलिए सरकार के संज्ञान में आने के बाद ZEE5 से फिल्म हटाने को कहा गया।' सवाल-4: आखिर कैसे तय होता है कि कोई फिल्म देश-विरोधी है? जवाब: सिनेमाघरों में किसी फिल्म को रिलीज करने के लिए सर्टिफिकेट मिलेगा या नहीं, यह सिनेमैटोग्राफ एक्ट, 1952 के प्रावधानों से तय होता है। इस कानून में ‘एंटी-इंडिया फिल्म’ जैसा कोई शब्द नहीं है। हालांकि इसकी धारा 5B के मुताबिक, CBFC किसी फिल्म की रिलीज पर तभी रोक लगा सकता है, जब वह- वहीं OTT पर रिलीज होने वाले कॉन्टेंट की निगरानी IT एक्ट के जरिए होती है। धारा 69A से केंद्र सरकार को देश की संप्रभुता, सुरक्षा वगैरह के आधार पर कॉन्टेंट का ब्रॉडकास्ट रोकने की ताकत मिलती है। OTT प्लेटफॉर्म खुद भी कंटेंट हटा सकते हैं। कोर्ट में जसवंत सिंह खालड़ा का केस लड़ चुके सीनियर एडवोकेट राजविंदर सिंह बेंस कहते हैं, ‘अगर फिल्म की कोई बात पसंद न आए, तो उसे दबा देना समाधान नहीं है। यह फिल्म कहानी का दूसरा पहलू दिखाती है। केपीएस गिल कई लोगों के लिए हीरो हैं, जबकि पंजाब में सबसे बड़े विलेन हैं। फिल्म को दबाने से साफ है कि सच बाहर आने का डर है।’ वहीं सुप्रीम कोर्ट में सीनियर एडवोकेट विनीत जिंदल के मुताबिक, 'फिल्म में अलगाववादी या आतंकवादी विचारधारा के लिए सहानुभूति वाले सीन हो, तो सवाल उठना भी जरूरी है। अभिव्यक्ति की आजादी के साथ नेशनल सिक्योरिटी और संवेदनशील ऐतिहासिक घटनाओं के लिए भी जिम्मेदार होना चाहिए।' सवाल-5: क्या ये फिल्म दोबारा रिलीज हो सकती है? जवाब: हां, इसके दो तरीके हैं- या तो CBFC के मुताबिक, फिल्म में कट्स लगा दिए जाएं या हाईकोर्ट में अपील की जाए। नीरेन भट्ट का कहना है कि वे लोग हाईकोर्ट जाने की तैयारी में है। जी-5 का भी कहना है कि वे फिल्म को वापिस अपने प्लेटफॉर्म पर लाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। पहले भी ऐसे मामले हुए हैं, जब CBFC के सर्टिफिकेट न देने पर फिल्म मेकर्स कोर्ट गए और केस जीते। 2016 में आई फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ में CBFC ने 94 कट्स लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि कोर्ट ने सिर्फ 1 कट और 3 डिस्क्लेमर के साथ रिलीज की इजाजत दे दी थी। ---------- ये खबर भी पढ़िए… आज का एक्सप्लेनर:गुलाबी पेट्रोल, टैंक में चींटी के वीडियो वायरल; सरकार पेट्रोल में जबरन एथेनॉल मिलाने पर क्यों तुली है, पीछे की पूरी कहानी कहीं गुलाबी रंग का पेट्रोल, कहीं टैंक से चिपकी चीटियां, कहीं पेट्रोल के साथ दिखता पानी। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियोज वायरल हैं और सभी के साथ एक ही नाम जुड़ा है- एथेनॉल। इन वीडियोज की असलियत संदिग्ध हो सकती है, लेकिन देश में एथेनॉल पर बहस बिल्कुल असली है। पूरी खबर पढ़िए…
पंजाब की सियासत में आगामी विधानसभा चुनावों (Punjab Assembly Elections) की आहट के साथ ही शह-मात का खेल बेहद आक्रामक हो गया है। हमेशा से गुटबाजी और अंदरूनी कलह से जूझती आ रही पंजाब कांग्रेस का घरेलू विवाद एक बार फिर पूरी तरह से चौराहे पर आ चुका है। केंद्रीय आलाकमान द्वारा भेजे गए प्रभारी भूपेश बघेल के सामने ही पार्टी दो फाड़ नजर आ रही है। जहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा जैसे दिग्गजों ने प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को हटाने के लिए खुली बगावत कर दी है, वहीं इस कलह ने विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सूबे की राजनीति में एक बड़ा और अप्रत्याशित मौका दे दिया है।राजा वड़िंग बनाम चन्नी गुट: क्यों आर-पार की जंग पर आमादा हैं कांग्रेसी दिग्गजविवाद की मुख्य जड़ हाल ही में कांग्रेस आलाकमान द्वारा किए गए सांगठनिक फेरबदल और राजा वड़िंग को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने का फैसला है। चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक नेताओं का मानना है कि राजा वड़िंग के नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनाव नहीं जीत सकती। इसी नाराजगी के चलते चन्नी और रंधावा के गुट ने प्रभारी भूपेश बघेल की महत्वपूर्ण बैठकों का खुला बहिष्कार कर दिया और अलग से समानांतर बैठकें कर अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल फूंक दिया। वरिष्ठ सांसद मनीष तिवारी को भी इन समितियों से बाहर रखा गया है, जिससे पार्टी का एक बड़ा हिंदू चेहरा और उनका समर्थक वर्ग भी नेतृत्व से बुरी तरह नाराज चल रहा है।बीजेपी के लिए क्यों 'गोल्डन चांस' साबित हो रहा है कांग्रेस का यह कलहपंजाब में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के कमजोर होने और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ बढ़ते सत्ता विरोधी रुझान (Anti-Incumbency) के बीच, बीजेपी खुद को सूबे में एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का इस तरह बिखरना बीजेपी के लिए संजीवनी बूटी जैसा काम कर रहा है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं ने तुरंत फ्रंटफुट पर आकर राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस की सांगठनिक स्थिरता पर करारे हमले शुरू कर दिए हैं। बीजेपी जनता के बीच यह नैरेटिव सेट करने में सफल हो रही है कि जो पार्टी खुद को और अपने नेताओं को नहीं संभाल सकती, वह पंजाब को स्थिर और सुरक्षित सरकार कैसे देगी।सुखजिंदर रंधावा और अमित शाह की मुलाकात ने बढ़ाई कांग्रेस की धड़कनेंइस पूरे ड्रामे के बीच सबसे बड़ा सियासी झटका तब लगा जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर ली। हालांकि, रंधावा ने इस मुलाकात को पंजाब की कानून व्यवस्था और सीमावर्ती सुरक्षा से जुड़ा हुआ बताया, लेकिन राजनीति के चतुर खिलाड़ी भली-भांति जानते हैं कि चुनाव से ठीक पहले ऐसी मुलाकातों के क्या मायने होते हैं। इस मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि कांग्रेस आलाकमान ने बागियों को नहीं मनाया, तो कांग्रेस के कई बड़े और कद्दावर चेहरे पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम सकते हैं।दलित और हिंदू वोट बैंक खिसकने का बीजेपी को मिलेगा सीधा फायदाभौगोलिक और सामाजिक समीकरणों (Geographical & Social Equations) की बात करें तो पंजाब में दलित और हिंदू मतदाता बेहद निर्णायक भूमिका निभाते हैं। चरणजीत सिंह चन्नी को दरकिनार किए जाने से सूबे का एक बड़ा दलित वर्ग कांग्रेस से छिटक सकता है, जिसका झुकाव हाल के दिनों में बीजेपी की तरफ बढ़ता देखा गया है। वहीं मनीष तिवारी जैसे कद्दावर हिंदू नेता की अनदेखी से पंजाब के शहरी इलाकों का करीब 38 फीसदी हिंदू वोट बैंक भी कांग्रेस के हाथ से निकलकर सीधे तौर पर बीजेपी के पाले में जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो मालवा, मांझा और दोआबा तीनों ही क्षेत्रों में बीजेपी को अभूतपूर्व राजनीतिक बढ़त मिल सकती है।2022 का इतिहास दोहराने की राह पर कांग्रेस, बीजेपी की राह हुई आसानराजनीतिक विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि कांग्रेस बिल्कुल उसी आत्मघाती रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जिस पर वह 2022 के विधानसभा चुनावों के वक्त चली थी। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू की लड़ाई ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था और अब राजा वड़िंग बनाम चन्नी-रंधावा की यह जंग बची-कुची उम्मीदों पर भी पानी फेर रही है। विपक्षी खेमे, विशेष रूप से बीजेपी के लिए यह स्थिति बेहद मुफीद है, क्योंकि मजबूत और एकजुट विपक्ष की अनुपस्थिति में बीजेपी के लिए पंजाब की सत्ता के शिखर तक पहुंचने का रास्ता बहुत हद तक आसान होता दिखाई दे रहा है।
पंजाब कांग्रेस के भीतर सुलग रही अंदरूनी सियासत की आग एक बार फिर पूरी तरह भड़क उठी है। पार्टी आलाकमान की तमाम कोशिशों के बावजूद राज्य के शीर्ष नेताओं के बीच की कड़वाहट और गुटबाजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। ताजा विवाद कांग्रेस के वरिष्ठ राष्ट्रीय नेता और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के दौरान सामने आया है। पंजाब में पार्टी की कमान और समन्वय को मजबूत करने पहुंचे भूपेश बघेल के स्वागत के लिए आयोजित बेहद महत्वपूर्ण कार्यक्रम से सूबे के दो सबसे बड़े कांग्रेसी चेहरों—पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा—ने पूरी तरह दूरी बना ली। इन दोनों दिग्गजों की अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर मचे घमासान को एक बार फिर सरेआम उजागर कर दिया है।बघेल का स्वागत और बड़े चेहरों की रहस्यमयी अनुपस्थितिपार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा पंजाब में गुटबाजी खत्म करने के लिए भेजे गए भूपेश बघेल का स्वागत करने के लिए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई नेता और कार्यकर्ता पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू हुआ, वहां मौजूद नेताओं और मीडिया की नजरें उन खाली कुर्सियों पर टिक गईं जो चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा के लिए सुरक्षित रखी गई थीं। इन दोनों कद्दावर नेताओं का ऐन वक्त पर स्वागत समारोह से नदारद रहना केवल एक संयोग नहीं, बल्कि पार्टी आलाकमान और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों के खिलाफ एक बड़ा और सीधा सियासी संदेश माना जा रहा है।चन्नी और रंधावा की इस नाराजगी के पीछे की असली वजहराजनीतिक गलियारों और अंदरूनी सूत्रों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, पंजाब कांग्रेस के भीतर टिकट बंटवारे, संगठनात्मक नियुक्तियों और हालिया सांगठनिक फेरबदल को लेकर पुराने दिग्गजों में भारी असंतोष पनप रहा है। चरणजीत सिंह चन्नी और सुखजिंदर सिंह रंधावा का धड़ा पिछले काफी समय से महसूस कर रहा है कि राज्य के महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों में उनकी राय को तवज्जो नहीं दी जा रही है। भूपेश बघेल के स्वागत कार्यक्रम से दूरी बनाकर इन दोनों नेताओं ने साफ कर दिया है कि वे दिल्ली दरबार या केंद्रीय पर्यवेक्षकों के एकतरफा फैसलों को आसानी से स्वीकार करने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।केंद्रीय आलाकमान की सुलह की कोशिशों को लगा करारा झटकाकांग्रेस आलाकमान ने भूपेश बघेल जैसे सुलझे हुए और अनुभवी नेता को पंजाब की गुटबाजी पर काबू पाने और आगामी स्थानीय व आम चुनावों के लिए जमीन तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। लेकिन चन्नी और रंधावा के इस खुले 'बायकॉट' ने केंद्रीय नेतृत्व की इन कोशिशों को बहुत बड़ा झटका दिया है। पार्टी के भीतर चल रही यह खींचतान तब और गंभीर हो जाती है, जब सामने आम आदमी पार्टी (AAP) और शिरोमणि अकाली दल जैसे मजबूत सियासी प्रतिद्वंद्वी खड़े हों। नेताओं के इस रवैये से साफ है कि कांग्रेस को बाहर से ज्यादा अपने ही घर के भीतर छिड़े 'अपनों के युद्ध' से निपटना होगा।विपक्षी दलों को मिला बैठे-बिठाए बड़ा राजनीतिक मुद्दापंजाब कांग्रेस के इस ताजा घटनाक्रम ने राज्य की विपक्षी पार्टियों को हमला करने का एक और सुनहरा मौका दे दिया है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और भाजपा ने तंज कसते हुए कहा है कि जो पार्टी अपने शीर्ष नेताओं को एक मंच पर नहीं ला सकती, वह पंजाब की जनता का भला क्या करेगी। बहरहाल, भूपेश बघेल अब पंजाब के इस सियासी हालात की पूरी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंपने की तैयारी में हैं, जिसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी हाईकमान इन नाराज दिग्गजों को मनाने के लिए क्या कदम उठाता है।
अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने पंजाब सरकार के निर्देशों पर बड़ी कार्रवाई की है। एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन आईएएस और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत (पीसीएस) के आदेशों के तहत, एडीए के रेगुलेटरी विंग ने 7 जुलाई 2026 को थाना कंबो पुलिस की मौजूदगी में 3 नई अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई गांव कंबो (रामतीर्थ रोड), गांव खैराबाद (मीरांकोट चौक से रामतीर्थ रोड, वेलकम सिटी के साथ) और गांव दालम (अजनाला रोड) में विकसित की जा रही कॉलोनियों में की गई। इन स्थानों पर किए गए सभी अवैध निर्माण कार्यों को बुलडोजर की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया। जिला टाउन प्लानर ने बताया कि योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित करने के लिए कॉलोनी डेवलपर्स को पापरा एक्ट-1995 के तहत पहले ही नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए गए थे। नोटिसों के बावजूद निर्माण जारी रहने पर 3 जुलाई 2026 को ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए गए, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई। गांव कंबो स्थित अवैध कॉलोनी के खिलाफ इससे पहले 10 अक्टूबर 2025 को भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी थी और पुलिस विभाग को कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा गया था। इसी प्रकार, गांव दालम में 12 जून, 2026 को भी अवैध निर्माण हटाया गया था, लेकिन डेवलपर्स ने दोबारा निर्माण शुरू कर दिया था, जिसे अब फिर से ध्वस्त कर दिया गया है। अवैध कॉलोनियां बनाने पर कैद और जुर्माने का प्रावधान जिला टाउन प्लानर के अनुसार, पापरा एक्ट-1995 (संशोधन-2024) के तहत अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों को 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस संबंध में, राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर जमीन मालिकों और कॉलोनी डेवलपर्स के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी सूचित किया जा रहा है। एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी में प्लॉट खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उसे पुडा/एडीए से विधिवत मंजूरी प्राप्त है। साथ ही, एडीए की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों की सूची अवश्य देखें, ताकि किसी भी प्रकार के आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुडा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य है।
तरनतारन में अकाली दल वारिस पंजाब ने ZEE5 ओटीटी प्लेटफॉर्म से फिल्म सतलुज हटाए जाने के विरोध में एक विशाल मार्च निकाला। इस दौरान पंजाब के राज्यपाल को डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से एक मांग पत्र भी भेजा गया। यह फिल्म शहीद भाई जसवंत सिंह खालरा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। अकाली दल वारिस पंजाब ने इसे ऐतिहासिक सच्चाई और मानवाधिकारों की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। उनका कहना है कि फिल्म को पहले लंबे समय तक रिलीज होने से रोका गया और फिर रिलीज के महज दो दिन बाद हटा दिया गया। सांसद अमृतपाल सिंह के पिता ने किया मार्च का नेतृत्व इस मार्च का नेतृत्व सांसद अमृतपाल सिंह के पिता बापू तरसेम सिंह और हल्का दाखा के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने किया। उनके साथ भाई अमरजीत सिंह वांचिरी, भाई हरभजन सिंह तूर, एडवोकेट करमवीर सिंह, भाई सुखदेव सिंह कादियां सहित कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे। कदम है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से यह आभास होता है कि सिख समुदाय से जुड़े संवेदनशील ऐतिहासिक और मानवाधिकार मुद्दों को लोगों तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र की सच्ची भावना ऐतिहासिक सत्य को दबाने के बजाय उसे लोगों तक पहुंचने देना है। पार्टी नेताओं ने मांग की कि फिल्म सतलुज को ZEE5 OTT प्लेटफॉर्म पर तुरंत बहाल किया जाए, इसे हटाने के वास्तविक कारणों का सार्वजनिक स्पष्टीकरण दिया जाए और भविष्य में इस तरह से मानवाधिकार संबंधी किसी भी फिल्म को ब्लॉक करने की प्रवृत्ति से बचा जाए।
कुल्लू जिले की मनाली पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। थाना मनाली क्षेत्र के झाड़ग, अलेऊ स्थित एक किराए के कमरे से 26.200 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है। इस मामले में अमृतसर निवासी 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 26.200 ग्राम हेरोइन के साथ ₹20,000/- नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल तराजू, सिल्वर फॉइल, लाइटर और नशीले पदार्थों के सेवन व व्यापार में प्रयुक्त अन्य सामग्री भी बरामद हुई। इस संबंध में मनाली थाने में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। डीएसपी मनाली केडी शर्मा ने बताया कि आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह (35 वर्ष) पुत्र बलदेव सिंह निवासी फतेहगढ़ राजपूतां, गहनेशाह उर्फ अंश (22 वर्ष) पुत्र हरबंश सिंह, मनप्रीत कौर उर्फ काया (20 वर्ष) पत्नी गहनेशाह और गीता (35 वर्ष) पत्नी लवीश महाजन के रूप में हुई है। ये सभी अमृतसर, पंजाब के निवासी हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस डीएसपी शर्मा ने आगे बताया कि मामले की गहन छानबीन जारी है। पुलिस इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों, सप्लायरों और पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है। मनाली पुलिस नशा तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का पर्दाफाश करने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है। नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त पर सख्ती मनाली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई व्यक्ति नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या किसी अन्य अवैध गतिविधि में संलिप्त पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें।
पंजाब के करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लंबे समय से लंबित महंगाई भत्ता (DA) और वेतन आयोग (पे-कमिशन) एरियर से जुड़े मामले पर आज पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। यह मामला पिछले कई दिनों से सूची में शामिल था, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में आज की सुनवाई पर कर्मचारियों और पेंशनरों की नजरें टिकी हुई हैं। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने 8 अप्रैल को पंजाब सरकार को 30 जून तक लंबित डीए का भुगतान करने का निर्देश दिया था। इस आदेश को सरकार ने डिवीजन बेंच में चुनौती दी। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के फैसले पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सरकार से सीलबंद लिफाफे में भुगतान की योजना पेश करने को कहा था। अब सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि सरकार ने बकाया डीए के भुगतान के लिए क्या रोडमैप तैयार किया है। यह भी स्पष्ट होगा कि सरकार किस्तों में भुगतान का प्रस्ताव रखती है या वित्तीय स्थिति का हवाला देकर और समय की मांग करती है। केंद्र से 18% पीछे पंजाब के कर्मचारी फिलहाल पंजाब के कर्मचारियों को 42 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तुलना में 18 प्रतिशत डीए अभी भी लंबित है। कर्मचारी संगठन लंबे समय से इस अंतर को समाप्त करने और बकाया राशि जारी करने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों की ओर से पेश वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि महंगाई भत्ता कोई बोनस या अनुग्रह राशि नहीं, बल्कि कर्मचारियों के वेतन का हिस्सा है। इसी आधार पर कर्मचारी बकाया डीए के भुगतान की मांग कर रहे हैं। कर्मचारी संगठन हो रहे लामबंद कर्मचारी संगठनों ने पहले ही सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिलती और भुगतान को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं आता, तो 17 जुलाई को पंजाब में महारैली और महाबंद का ऐलान किया जा सकता है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि कर्मचारियों और पेंशनरों के परिवारों को जोड़ दिया जाए तो यह संख्या करीब 40 लाख लोगों तक पहुंचती है। ऐसे में इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी आगामी समय में देखने को मिल सकता है।
एशिया टच बॉल चैंपियनशिप में पंजाब पुलिस की कुलदीप कौर टीम कप्तान
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब पुलिस की खिलाड़ी कुलदीप कौर को 9 से 12 जुलाई तक ताइवान (चाइनीज ताइपे) में होने वाली एशिया पैसिफिक टच बॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय महिला टीम की कप्तान नियुक्त किया गया है। उसके साथ पंजाब पुलिस की मनदीप कौर को टीम की उप-कप्तान बनाया गया है। इस अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप में भारतीय टीम देश का प्रतिनिधित्व करेगी। भारतीय टीम में कुलदीप कौर और मनदीप कौर के अलावा कृष्णा राठौर, दलजीत कौर, सोनम कुमारी, सरबजीत कौर, जगरूप कौर, खुशबीर कौर, मंजू गिल, मुस्कान और ममता सिंह को भी शामिल किया गया है। इस मौके पर इंडियन टच बॉल फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रधान एमएफ़ फारूकी एडिश्नल डीजीपी व भारतीय टच बॉल टीम की महासचिव डॉ. रश्मि विज ने सभी खिलाड़ियों को बधाई देते हुए चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं दी और शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। टीम के साथ कोच गौरव शर्मा और मैनेजर राकेश कुमार भी ताइवान रवाना होंगे। एडिश्नल डीजीपी एमएफ फारूकी ने कहा कि भारत की टीम लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर रही है, जिसमें पंजाब के खिलाड़ियों का काफी अहम योगदान है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को हर संभव मदद मुहैया करवाई जा रही है और आने वाले दिनों में भारत की टीम कई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के खिलाड़ी लगातार अलग-अलग खेलों में राज्य का नाम रोशन कर रहे है।
तरलोचन, सुखविंदर और मनदीप सिंह बैंस समर्थकों सहित ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
लुधियाना| आत्म नगर विधानसभा क्षेत्र स्थित एक पैलेस, डाबा रोड में आयोजित कार्यक्रम में तरलोचन सिंह बैंस, सुखविंदर सिंह बैंस, मनदीप सिंह बैंस अपने समर्थकों सहित अकाली दल वारिस पंजाब दे में शामिल हो गए। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बापू तरसेम सिंह खालसा, वरिष्ठ नेता एवं विधायक मनप्रीत सिंह अयाली तथा अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। बापू तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि पार्टी से जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है और लोग रास्ते में रोककर नीतियों के प्रति समर्थन जताते हैं तथा भाई अमृतपाल सिंह खालसा की वापसी के बारे में पूछते हैं। उन्होंने बताया कि गिल विधानसभा क्षेत्र से दर्शन सिंह शिवालिक पहले ही समर्थकों सहित पार्टी में शामिल हुए थे। मनप्रीत सिंह अयाली ने कहा कि अकाली दल वारिस पंजाब दे पर पंजाब के लोग भरोसा करते हैं और पंथ व पंजाब हितैषी सोच रखने वालों का स्वागत है। अमरजीत सिंह विंचड़ी पंच प्रधाननी, भाई हरभजन सिंह तोड़ पंच प्रधाननी, मुख्य प्रवक्ता जसकरण सिंह काहन सिंह वाला और समन्वयक परमजीत सिंह जौहल ने भी संबोधित किया।
11 साल पुराने कोटकपूरा गोलीकांड मामले में सुखबीर बादल को चंडीगढ़ जिला अदालत से विदेश जाने की अनुमति मिल गई है। अदालत ने उन्हें 7 से 11 जुलाई तक विदेश यात्रा की इजाजत दी है। साथ ही स्पष्ट किया है कि उन्हें अगली सुनवाई से पहले भारत लौटना होगा। मामले की अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। सुनवाई के दौरान सुखबीर बादल के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल की जान को खतरा है और उन्हें जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है। सुरक्षा कारणों से उन्होंने उस देश का नाम सार्वजनिक नहीं किया, जहां सुखबीर बादल को जाना है। वहीं पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने विदेश जाने की अनुमति का विरोध किया। सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी इस मामले के मास्टरमाइंड हैं। आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने के लिए गैरकानूनी तरीके अपनाए गए और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर कई वर्षों तक जांच प्रभावित की गई। सरकार ने यह भी कहा कि विदेश यात्रा का कारण स्पष्ट नहीं बताया गया है, इसलिए अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने सुखबीर बादल की विदेश यात्रा की अर्जी मंजूर कर ली और उन्हें 18 जुलाई की सुनवाई से पहले लौटने के निर्देश दिए। 2015 में प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग यह मामला 14 अक्टूबर 2015 का है। इस घटना के दौरान फरीदकोट जिले के बरगाड़ी बेअदबी कांड के विरोध में कोटकपूरा और बहिबल कलां में लोग प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की थी। फायरिंग में बहिबल कलां के गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी, जबकि कोटकपूरा में कई लोग घायल हुए थे। Punjab and Haryana High Court के निर्देश पर इस मामले का ट्रायल चंडीगढ़ की अदालत में चल रहा है।
बठिंडा से सांसद और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की वरिष्ठ नेता हरसिमरत कौर बादल ने 'खालड़ा कमीशन' (जसवंत सिंह खालड़ा) पर बनी फिल्म पर प्रतिबंध लगाने को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोला है। मानसा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों के दौरे के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने इस प्रतिबंध की कड़े शब्दों में निंदा की। फिल्म पर प्रतिबंध दुर्भाग्यपूर्ण, 'आप' सरकार पंजाब विरोधी: हरसिमरत हरसिमरत कौर बादल ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने खुद केंद्र को पत्र लिखकर इस फिल्म पर रोक लगवाई है। उन्होंने कहा कि यह फिल्म पंजाब के इतिहास और उस दौर की परिस्थितियों को लोगों के सामने लाने के लिए बनाई गई थी, ताकि सिख समुदाय पर हुए अत्याचारों और युवाओं की हत्याओं का सच सामने आ सके। फिल्म पर प्रतिबंध लगाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और यह साबित करता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब विरोधी है। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को एक ही सिक्के के दो पहलू करार देते हुए कहा कि दोनों ही दल पंजाब के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं। उन्होंने एलान किया कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनने पर गांव-गांव में ऐसी फिल्में दिखाई जाएंगी ताकि आने वाली पीढ़ी को सिखों के साथ हुए घटनाक्रम की सही जानकारी मिल सके। फर्जी एनकाउंटर और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल पंजाब की कानून व्यवस्था पर राज्य सरकार को घेरते हुए सांसद ने डीजीपी के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक पंजाब में 350 से अधिक एनकाउंटर हो चुके हैं। अकेले पिछले वर्ष नवंबर से जनवरी के बीच 34 एनकाउंटर दर्ज किए गए।उन्होंने आरोप लगाया कि जिस तरह पहले कांग्रेस सरकार के समय हुआ था, ठीक उसी तरह आज 'आप' सरकार भी पंजाब के युवाओं को निशाना बना रही है। कांग्रेस पर भी साधा निशाना: सभी नेता सीएम बनने की दौड़ में हरसिमरत कौर बादल ने कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी नेता मुख्यमंत्री बनने की होड़ में लगे हैं और उनका एकमात्र मकसद पंजाब के खजाने पर कब्जा करना है। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर राज्य में गैंगस्टरवाद को बढ़ावा देने का भी गंभीर आरोप लगाया। अपने इस दौरे के दौरान हरसिमरत कौर बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ अहम बैठकें कीं और शिरोमणि अकाली दल के उन कार्यकर्ताओं के परिवारों से मिलकर शोक व्यक्त किया, जिनके घरों में हाल ही में मौतें हुई थीं।
पंजाब के टांडा स्थित व्यस्त जालंधर-जम्मू हाईवे के जाजा बाईपास चौक पर नशे में धुत एक युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। करीब डेढ़ मिनट के इस वीडियो में युवक नशे की हालत में पूरी तरह लड़खड़ाता और खड़े-खड़े ही सोने का प्रयास करता दिखाई दे रहा है। राहगीरों द्वारा बनाए गए इस वीडियो को देखकर अंदेशा लगाया जा रहा है कि युवक ने संभवतः 'चिट्टे' या किसी अन्य भारी नशीले पदार्थ का सेवन किया हुआ था। दिन-रात ट्रकों और बसों की आवाजाही वाले इस व्यस्त चौक पर, जहाँ अक्सर पुलिस की गाड़ी भी तैनात रहती है, युवक की ऐसी हालत देखकर स्थानीय लोगों और राहगीरों ने गहरी चिंता और हैरानी जताई है। सरकारी दावों और जमीनी हकीकत पर उठे सवाल यह वीडियो पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा राज्य को नशा मुक्त करने के बड़े-बड़े दावों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब टांडा पुलिस हर महीने नशामुक्त अभियान के तहत 20 से 25 मामले दर्ज कर रही है, तो इसके बावजूद नशा तस्करों के नेटवर्क के जरिए युवाओं तक नशीले पदार्थ आसानी से कैसे पहुंच रहे हैं? ओवरडोज़ से हो सकती है मौत: SMO डॉ. करण सैनी इस वायरल वीडियो के संबंध में जब सिविल हॉस्पिटल टांडा के सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) डॉ. करण सैनी से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि मेडिकल नशे की ओवरडोज़ और 'चिट्टे' का प्रभाव लगभग एक जैसा होता है। इसमें व्यक्ति का शरीर सुन्न हो जाता है और वह अजीब हरकतें करने लगता है। यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगती है, जो कई बार नशेड़ियों की मौत का कारण भी बनती है। डॉ. सैनी ने लोगों से अपील की कि केवल वीडियो बनाने के बजाय युवक की जान बचाने का प्रयास करें। ऐसे मामलों में तुरंत 108 एम्बुलेंस को फोन करें या मरीज को नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। जमानत पर छूटकर दोबारा धंधे में उतर रहे तस्कर: थाना प्रभारी थाना टांडा के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने बताया कि सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार नशा विरोधी अभियान मुस्तैदी से चलाया जा रहा है और तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने एक व्यावहारिक चुनौती का जिक्र करते हुए कहा कि कई आरोपी अदालत से जमानत पर रिहा होने के बाद दोबारा नशा बेचने के धंधे में संलिप्त हो जाते हैं। इंस्पेक्टर नागरा के मुताबिक, अकेले पिछले एक वर्ष के दौरान टांडा पुलिस ने लगभग 250 से 300 नशा करने वाले युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए नशा मुक्ति केंद्रों में दाखिल करवाया है।
फरीदकोट में बॉयफ्रेंड को घर बुलाकर हत्या कर दी गई। परिजनों के अनुसार, महिला ने उसे मिलने के लिए बुलाया था, लेकिन महिला के पति-भाई और उसने ने मिलकर युवक के हाथ-पैर और मुंह बंधा। इसके बाद कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन काट दी। मृतक की पहचान पहचान धारा सिंह कॉलोनी निवासी अर्शदीप सिंह (26) के रूप में हुई है। वह मूलरूप से गांव हसनभट्टी का रहने वाला था। पिता हरनेक सिंह ने बताया कि वह पंजाब पुलिस की कमांडो बटालियन में हेड कांस्टेबल हैं और उनकी ड्यूटी चंडीगढ़ में है। उनका बड़ा बेटा अर्शदीप सिंह जो शादीशुदा था, पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान था। संबंध रखने का दबाव बना रही थी महिला पिता ने कहा कि पूछने पर अर्शदीप ने बताया था कि गांव मचाकी कलां में विवाहित गांव पिपली की हरप्रीत कौर उस पर अपने साथ संबंध रखने का दबाव बना रही है। इस पर उन्होंने बेटे से कहा था कि वे पंचायत लेकर महिला के मायके गांव जाएंगे। हरनेक सिंह ने बताया कि रविवार को उनका बेटा घर पर नहीं मिला। काफी तलाश करने के बाद उन्हें शक होने पर वह गांव पिपली पहुंचे, जहां हरप्रीत कौर के घर से अर्शदीप सिंह का शव बरामद हुआ। कुल्हाड़ी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या उसके हाथ-पैर और मुंह बंधे हुए थे तथा कुल्हाड़ी से वार कर उसकी बेरहमी से हत्या की हुई थी। हरनेक सिंह ने आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या हरप्रीत कौर, उसके पति सिमरजीत सिंह, पिता चमकौर सिंह उर्फ कौर सिंह और भाई सतनाम सिंह ने मिलकर की है। उनके बयान के आधार पर थाना सदर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए -: एसएचओ थाना सदर के एसएचओ इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अर्शदीप सिंह को घर बुलाया गया था, जहां उसके हाथ-पैर और मुंह बांधकर तेजधार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। केस दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। ------------------- हत्या से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें:- अमृतसर रेलवे स्टेशन के सामने युवक की हत्या:तेजधार हथियार से मारा, मुख्य आरोपी को पुलिस ने पकड़ा; पैसों का था लेन-देन अमृतसर रेलवे स्टेशन के सामने सोमवार सुबह एक युवक की हत्या कर दी गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। यह भी पढ़ें:-
चंडीगढ़ में 13 को पंजाब के पानी व फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ निकलेगा किसान मोटरसाइकिल मार्च
भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की मीटिंग में पंजाब के पानी और भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के खिलाफ चंडीगढ़ में 13 जुलाई को मोटरसाइकिल मार्च निकालने का फैसला किया गया। यहां हुई भारतीय किसान यूनियन राजेवाल की मीटिंग बलबीर सिंह राजेवाल की अध्यक्षता में हुई। मीटिंग में सभी की राय थी कि एक तरफ पंजाब का पानी बुरी तरह गंदा हो गया है। सरकारों को कोई चिंता नहीं है। पंजाब का पानी खत्म होने वाला है, लेकिन केंद्र सरकार सरकारी दबाव में पंजाब का पानी गैर-कानूनी तरीके से दूसरे राज्यों को दे रही है। धरती की दूसरी परत यानी गंदा पानी बहुत जल्द खत्म हो जाएगा और पानी की तीसरी परत न तो इंसानों के इस्तेमाल के लायक है और न ही फसल उगाने के लायक। अफसोस की बात है कि पंजाब की सभी राजनीतिक पार्टियां लोगों के ऐसे मुद्दों पर चुप हैं। राजेवाल ने कहा कि भारत सरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अंडर आ गई है और बहुत जल्द अमेरिका के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट साइन करने जा रही है, जिसमें भारत का मार्केट अमेरिका को अपना माल बेचने के लिए खोलने की तैयारी है। अमेरिकी किसानों के पास हजारों एकड़ खेत हैं, जिन पर अमेरिकी सरकार भारी सब्सिडी देती है, दूसरी तरफ भारत में 86% किसान पांच एकड़ से भी कम जमीन के मालिक हैं, जिस पर भारत सरकार सब्सिडी देने के बजाय कम दाम तय करके 40% प्रॉफिट लूट लेती है, ऐसी पॉलिसियों के कारण हमारे किसान अमेरिकी किसानों का मुकाबला नहीं कर सकते, अगर यह एग्रीमेंट हो गया तो भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे। अगर भारत सरकार अमेरिका के साथ यह ट्रेड एग्रीमेंट साइन करती है तो देश के सभी किसान संगठन अगले ही दिन पूरे भारत में चक्का जाम कर देंगे। राजेवाल ने कहा कि यूरिया को लेकर घोटाला कोऑपरेटिव फीड फैक्ट्रियों के अलावा शराब फैक्ट्रियों और प्लाईवुड फैक्ट्रियों में भी होता है। उन्होंने घोटाले की जांच सीबीआई से भी करवाने की मांग की है और जल्द ही यूनियन का एक डेलीगेशन केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर मांग करेगा कि इसकी जांच केंद्रीय एजेंसियों से गंभीरता से करवाई जाए। मीटिंग में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट बलदेव सिंह मियांपुर, वाइस प्रेसिडेंट नेक सिंह, जनरल सेक्रेटरी परमिंदर सिंह, सेक्रेटरी घुमन सिंह राजगढ़, वाइस प्रेसिडेंट सुखविंदर सिंह भट्टियां, सेक्रेटरी प्रमदीप सिंह, वाइस प्रेसिडेंट कश्मीर सिंह जटाना, पब्लिक सेक्रेटरी हरदीप सिंह, मनमोहन सिंह, डिस्ट्रिक्ट प्रेसिडेंट गुरमीत सिंह, प्रेसिडेंट नगिंदर सिंह बबला, परगट सिंह, डिस्ट्रिक्ट पब्लिक सेक्रेटरी परगट सिंह कोट पनैच, मनप्रीत सिंह सिद्धू लुधियाना, रणधीर सिंह, मोहन सिंह फौजी के अलावा जिलों और ब्लॉकों के प्रेसिडेंट आदि मौजद रहे।
जालंधर के डेरा सच्चखंड बल्लां में भाजपा के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों पहुंचे। सोमवार शाम 4 बजे के करीब पहुंचे पंजाब भाजपा प्रधान ने डेरे की मैनेजमेंट से मुलाकात की और माथा टेक संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद लिया। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भाजपा लगातार धर्म स्थलों के दौरे कर रही है। 5 महीने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी डेरे में नतमस्तक हो चुके हैं। अभी फिर से 13 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी का जालंधर दौरा प्रस्तावित है। एक हफ्ता पहले ही राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने डेरा बल्लां प्रमुख संत निरंजन दास जी को पद्मश्री से सम्मानित किया था।भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के डेरे में पहुंचने के कई राजनीतिक संदेश भी हैं। इसका बड़ा कारण दोआबा की 23 सीटें हैं। इन सीटों पर रविदासिया समाज के साथ-साथ दलित भाइचारे का 32 फीसदी के करीब वोटबैंक है। पहले माथा टेका, संत निरंजन दास से करेंगे मुलाकातजालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्लां पहुंचे। यहां उन्होंने पहले डेरा में नतमस्तक होकर माथा टेका। इसके बाद उनका डेरा प्रमुख संत निरंजन दास महाराज से मुलाकात करेंगे। इस अवसर पर भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। राजनीतिक हलकों में इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता लगातार डेरा सचखंड बल्लां पहुंचकर आशीर्वाद ले रहे हैं।
जालंधर के ऐतिहासिक शहर नूरमहल और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या स्थानीय निवासियों के लिए एक बड़ी जी का जंजाल बन चुकी है। शहर के मुख्य बाजारों, रिहायशी कॉलोनियों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों पर सुबह से लेकर रात तक आवारा कुत्तों के बड़े-बड़े झुंड डेरा जमाए रहते हैं, जिससे स्थानीय लोगों का सड़कों पर निकलना दुश्वार हो गया है। इन आवारा और हिंसक हो रहे कुत्तों के कारण सबसे ज्यादा डर छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों में देखा जा रहा है। राहगीरों पर अचानक हमला करने और उन्हें काटने की घटनाएं दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। रात के समय स्थिति और भी भयानक हो जाती है, जब ये कुत्ते मुख्य सड़कों से गुजरने वाले साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों के पीछे दौड़ पड़ते हैं। कुत्तों से खुद को बचाने के चक्कर में कई वाहन चालक अपना संतुलन खो बैठते हैं और गंभीर रूप से चोटिल हो रहे हैं। गंदगी और बीमारियों का बढ़ रहा खतरा आवारा कुत्तों की इस समस्या ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को भी पूरी तरह चरमरा दिया है। ये जानवर सड़कों और चौकों पर बिखरे कूड़े-कचरे के ढेरों को खंगालकर पूरी सड़क पर फैला देते हैं, जिससे चारों तरफ गंदगी का माहौल बना रहता है। सड़कों पर कुत्तों की गंदगी (मल-मूत्र) के कारण पैदल चलने वाले राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों को डर है कि इस गंदगी के कारण शहर में कोई भयंकर संक्रामक बीमारी पैर न पसार ले। नगर कौंसिल और सरकार के खिलाफ रोष, जल्द कार्रवाई की मांग प्रशासन की इस ढुलमुल कार्यप्रणाली को लेकर शहरवासियों में नगर कौंसिल और पंजाब सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश और विरोध देखा जा रहा है। स्थानीय समाजसेवियों और नागरिकों ने सरकार से इस गंभीर समस्या का तत्काल और स्थायी हल निकालने की पुरजोर मांग की है। शहर के सभी आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी (Sterilization) करवाई जाए, ताकि इनकी बढ़ती आबादी पर रोक लग सके।इन कुत्तों को रिहायशी इलाकों से हटाकर किसी सुरक्षित स्थान या डॉग शेल्टर में स्थानांतरित करने की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। निवासियों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे आने वाले दिनों में उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। जब तक प्रशासन कोई कदम नहीं उठाता, तब तक विशेषकर रात के समय दोपहिया वाहन चलाते वक्त सतर्क रहें और बच्चों को गलियों में अकेले न छोड़ें।
पंजाब कांग्रेस के अंदर चल रही खींचतान के बाद अब टिकट बिक्री की एंट्री हो गई है। मध्य प्रदेश के एक नेता ने इस संबंधी बयान दिया। इसी बहाने आम आदमी पार्टी के महासचिव बलतेज पन्नू ने कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि पिछले पंजाब में डिफेंडर व बड़ी गाड़ियां फार्रच्यूर लेकर टिकटें बांटी गई थी। इस बार क्या पता नहीं हैलिकैप्टरों पर न जाए। डिफेंडरों से ऊपर अब क्या होगा। उन्होने बताया कि वह मध्य प्रदश के एक नेता को सुन रहे थे। जिन्होंने प्रेस कांफ्रेस यह आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर ने कुछ समय पहले सार्वजनिक रूप मे आरोप लगाया कि उनके पास 500 करोड़ नही है। वहां पर तो 500 करोड़ से चीफ मिनिस्ट कर पद मिलता है। 500 करोड़ का अटैची किसने दिया या कितने तैयारी में है। रंधावा शाह से क्यों मिले सब जानते हैं पन्नू ने आरोप लगाया कि सीनियर कांग्रेस नेता व गुरुदासपुर के सासंद सुखजिंद सिंह रंधावा पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मलाकात करके आए हैं। हालांकि वह कह रहे है कि वह किसी और विषय में मुलाकात करके आए है। लेकिन सब जानते है कि वहां पर क्या चल रहा है। हैरानी की बात है कि यह है कि भारतीय जनता पार्टी में क्या चल रहा है। उसका जवाब कांग्रेस वाले दे रहे है। इसी तरह बीजेपी में क्या चल रहा है, उसका जवाब कांग्रेस की तरफ से आ रहा है। दोनों मिलकर खेल रहे है। भारतीय जनता पार्टी मे पहले ही कांग्रेस विंग बना हुआ। जिसमें कांग्रेस से गए हुए लोग वहां पर है। असली भापाई तो वहां पर मिलते ही नहीं है। और बहुत सारे जाने को जांपते है। दो चार से ज्यादा लोग कांग्रेस में नहीं रहेंगे पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी दल हमेशा कहते है कि आम आदमी पार्टी के नेता दिल्ली वाले है। पन्नू ने कहा, “राहुल गांधी क्या जंडियाला गुरु से आते हैं? जो इनके भूपेश बघेल है। वह कहा से आने वाले है। बड़ी पार्टियों के फैसले दिल्ली से आते हैं। राष्ट्रीय पार्टी इसी तरह चलती है।”उन्होंने कहा, एक व्यक्ति खुद को पंजाब का सबसे बड़ा हितैषी बताता है और कहता है कि पंजाब के फैसले पंजाब से होने चाहिए। लेकिन मौजूदा हालात को देखकर मुझे नहीं लगता कि इनमें से दो-चार से ज्यादा लोग कांग्रेस में रहेंगे। पन्नू ने आरोप लगाया, कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सांठगांठ चल रही है। दोनों के बीच किसी तरह की सौदेबाजी हो रही है। जिस दिन यह पूरी हो जाएगी, उसके बाद इनमें से कई नेता भारतीय जनता पार्टी में जाकर कांग्रेस विंग का हिस्सा बन जाएंगे।
पंजाब के वित्त एवं कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने राज्य की वित्तीय स्थिति और विकास कार्यों को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। चीमा ने पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए मौजूदा आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के कार्यकाल के दौरान टैक्स कलेक्शन में हुए ऐतिहासिक सुधार का दावा किया है। कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि पंजाब में जब कांग्रेस पार्टी का राज था, तब 5 सालों में कुल टैक्स कलेक्शन (जीएसटी संग्रह) सिर्फ ₹64 हजार करोड़ हुआ था। इसकी तुलना में, मौजूदा 'आप' सरकार ने महज 4 सालों में ही लगभग ₹94 हजार करोड़ का जीएसटी कलेक्शन कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी हर साल पंजाब के खजाने में लगभग ₹10 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी लगातार हो रही है। इस साल के लिए हमने ₹32 हजार करोड़ का टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य रखा है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब की जनता एक ईमानदार सरकार का पूरा साथ दे रही है और टैक्स का एक-एक पैसा सीधे सरकारी खजाने में ईमानदारी से पहुंच रहा है। चीमा ने साफ किया कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के सख्त निर्देश हैं कि खजाने में आने वाले एक-एक पैसे को पूरी पारदर्शिता के साथ सीधे जनता की भलाई और उनके वेलफेयर (कल्याण) पर ही खर्च किया जाए। राज्य में हो रहे विकास कार्य और सुविधाएं सरकारी खजाने में हुई इस बढ़ोतरी के बदौलत राज्य में चल रहे विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए उन्होंने निम्नलिखित प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं। पंजाब के अंदर वर्तमान में 45,000 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण और मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार: सरकारी स्कूलों की कायाकल्प की जा रही है, जिनमें आधुनिक क्लासरूम, शानदार लैब, लाइब्रेरी और बच्चों के लिए प्ले-ग्राउंड बनाए जा रहे हैं। गांवों में 3,000 से ज्यादा ग्राउंड बनकर तैयार हो चुके हैं और 6,000 नए ग्राउंड्स पर काम जारी है। मुफ्त बिजली: पिछले साढ़े चार सालों से पंजाब के हर परिवार को 300 यूनिट मुफ्त बिजली लगातार दी जा रही है। स्वास्थ्य सुविधाएं: पूरे राज्य में मोहल्ला क्लीनिक खोले जा चुके हैं, जिससे लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है। थर्मल प्लांट की खरीद: सरकार ने एक निजी कंपनी से 'गोइंदवाल साहिब थर्मल प्लांट' (GVK Thermal Plant) खरीदकर उसे पंजाब की जनता के नाम समर्पित किया है। 'आप' ने पूरी की अपनी 5वीं और आखिरी गारंटी हरपाल सिंह चीमा ने गर्व जताते हुए कहा कि अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 'आप' ने चुनाव के समय पंजाब की जनता को 5 मुख्य गारंटियां दी थीं। सरकार का कार्यकाल खत्म होने से करीब 8 महीने पहले ही इन सभी 5 गारंटियों को पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि आखिरी और पांचवीं गारंटी ‘मामा-धीयां सत्कार योजना’ के तहत भी पैसे जारी कर दिए गए हैं, जिससे पंजाब की महिलाएं और बेटियां बेहद खुश हैं। अंत में उन्होंने समय-समय पर सही मार्गदर्शन देने के लिए पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान का धन्यवाद व्यक्त किया।
पलवल में 5 हजार का इनामी बदमाश गिरफ्तार:थाने से लौट रहे लोगों पर किया था हमला; पंजाब से पकड़ा
एसटीएफ ने हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में दर्ज मुकदमे में फरार चल रहे 5 हजार रुपए के इनामी बदमाश मोहम्मद युसुफ को पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी जनवरी 2021 से फरार था। एसटीएफ टीम ने उसे आगे की कार्रवाई के लिए एवीटी स्टाफ हथीन को सौंप दिया है। एसटीएफ प्रभारी अनिल छिल्लर ने बताया कि यह मामला जनवरी 2021 का है। उस समय रनियाला खुर्द गांव के हारून और उसके दो बेटे इरशाद व रजाउल्ला पलवल थाने से घर लौट रहे थे। गांव के करीब 15 लोगों ने उनका रास्ता रोककर अवैध हथियारों से हमला कर दिया था। जनवरी 2021 से चल रहा था फरार घायल इरशाद की शिकायत पर उटावड़ थाना पुलिस ने मोहम्मद युसुफ सहित 15 लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148, 149, 323, 325, 307, 341 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। मोहम्मद युसुफ तभी से फरार चल रहा था। कई टीमें तलाश में जुटी हुई थी रनियाला खुर्द निवासी मोहम्मद युसुफ पुत्र फत्ते मोहम्मद की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिदेशक, दक्षिण मंडल रेवाड़ी की ओर से 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जिले की पुलिस, क्राइम ब्रांच और एसटीएफ सहित कई टीमें उसकी तलाश में जुटी हुई थी। एसटीएफ टीम पलवल लेकर पहुंची एसटीएफ प्रभारी अनिल छिल्लर के अनुसार, टीम को सूचना मिली कि आरोपी पंजाब में छिपा हुआ है। इसके बाद टीम पंजाब पहुंची और उसे जिला एसएएस नगर (मोहाली) के खरड़ से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पलवल लाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एवीटी स्टाफ हथीन को सौंप दिया गया है।
करतारपुर से चोर गिरोह के 2 बदमाश अरेस्ट:ऊना पुलिस ने 2 वारदातों को सुलझाया; आरोपी पंजाब के रहने वाले
ऊना जिला पुलिस ने टाहलीवाल क्षेत्र में हुई सिलसिलेवार चोरी की घटनाओं को सुलझाने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जालंधर जिले के करतारपुर से एक अंतरराज्यीय चोर गिरोह के 2 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों आरोपी रूपनगर जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ काकू पुत्र गुरचैन सिंह निवासी नंगल और परमिंदर कुमार उर्फ अंकु निवासी सैजोवाल के रूप में हुई है। पुलिस दोनों को गिरफ्तार कर टाहलीवाल थाना ले आई है।टाहलीवाल क्षेत्र में 6, 12 और 13 जून को सिलसिलेवार घर चोरी की घटनाएं हुई थीं। इन वारदातों के बाद, पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए चार विशेष टीमों का गठन कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान, पुलिस को कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 'आईना' से भी महत्वपूर्ण इनपुट मिले। इसके बाद, पुलिस टीमों ने पंजाब के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, कपूरथला और करतारपुर में 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान करतारपुर में चोर गिरोह के 2 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गए। तीसरे आरोपी की तलाश में रेड पुलिस तीसरे आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और उसकी धरपकड़ के लिए टीमें लगातार काम कर रही हैं। प्रारंभिक पूछताछ में, गिरफ्तार आरोपियों ने टाहलीवाल क्षेत्र में हुई चोरियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। पुलिस को संदेह है कि उन्होंने पड़ोसी राज्यों में भी इसी तरह के अपराध किए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश किया गया ऊना के एसपी सचिन हिरेमठ ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपियों को पुलिस हिरासत के लिए अदालत में पेश किया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और चोरी की संपत्ति बरामद होने की उम्मीद है।
आरा के रहने वाले 26 साल के युवक ने पंजाब के लुधियाना में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मरने से पहले उसने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने कहा- फोन उठा लो, नहीं तो मेरा मरा हुआ मुंह देखोगे। हालांकि, उसने यह वीडियो किसके लिए बनाया, किसे भेजा और आत्महत्या क्यों की, इसका पता अभी नहीं चल पाया है। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले मृतक ने अपने चाचा को फोन कर तुरंत घर आने को कहा। जब उसका चचेरा भाई घर पहुंचा तो युवक फंदे पर लटका मिला। फिलहाल लुधियाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही सुसाइड के पीछे के कारणों का पता लगाने में जुट गई है। मृतक के चाचा ने पुलिस को ये जानकारी दी 3 बहनों का इकलौता भाई था मृतक मामला लुधियाना के ग्यासपुरा स्थित हरि गोबिंद नगर की गली नंबर-9 का है। मृतक की पहचान बिहार के आरा निवासी 26 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके माता-पिता आरा में रहते हैं, जबकि दीपक लुधियाना में किराए के कमरे में अकेले रहता था। वह ग्यासपुरा स्थित ओसवाल धागा प्लांट में काम करता था। चाचा को फोन कर बुलाया मृतक के चाचा प्रमोद शर्मा ने बताया कि शनिवार को वह ड्यूटी पर थे। इसी दौरान उनके भतीजे दीपक कुमार का फोन आया। फोन पर दीपक ने कहा, चाचा, आधे घंटे या एक घंटे में आ जाइए, नहीं तो फिर मेरा मुंह नहीं देख पाएंगे। प्रमोद शर्मा के अनुसार, दीपक पहले भी शराब के नशे में इस तरह की बातें कर चुका था, इसलिए उन्होंने शुरुआत में उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। हालांकि, मन में शंका होने पर उन्होंने अपने बड़े बेटे सनी कुमार को तुरंत बाइक से दीपक के किराए के कमरे पर भेजा। जब सनी कुमार ग्यासपुरा स्थित कमरे पर पहुंचा तो वहां अंधेरा था। उसने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद उसने आसपास के लोगों से पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब 10 मिनट पहले तक दीपक उनसे बातचीत कर रहा था। वीडियो में बोला- फोन उठा लो… चाचा प्रमोद के अनुसार, “दीपक ने फंदा लगाने से ठीक पहले अपने मोबाइल में एक वीडियो रिकॉर्ड किया था। उसका मोबाइल पास ही पड़ा था। हालांकि, उसने यह वीडियो किसे भेजा या वह किसे फोन करने की बात कर रहा था, इस बात का हमें कोई अंदाजा नहीं है। हमने पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो उसका रिकॉर्ड किया वीडियो वाला फोन भी हमने पुलिस को सौंप दिया।” चाचा प्रमोद शर्मा ने यह भी बताया कि शनिवार सुबह ही भतीजा दीपक उनके पास आया था और खाना खाकर गया। वह थोड़ा बीमार था और उसने बताया था कि वह ग्लूकोज चढ़वा कर आया है। इस पर चाचा ने उसे फल और दवाइयों के लिए 500 रुपये भी दिए थे। चाचा का कहना है कि दीपक का किसी के साथ कोई लड़ाई-झगड़ा या विवाद नहीं था। उसने ऐसा आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इस बारे में उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश कर रही है।
पंजाब सरकार की तरफ से सीएम मावां धीयां सत्कार योजना में बड़ा फैसला किया गया है। जिन महिलाओं ने स्कीम के लिए 25 जून के बाद रजिस्ट्रेशन कराया है, उन्हें अब 1 अगस्त को 3 महीने की राशि जारी की जाएगी। इस दौरान उन्हें जुलाई, अगस्त और सितंबर की राशि भेजी जाएगी। जबकि इससे पहले 25 जून तक रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को 3 महीनों की राशि एडवांस भेजी जा चुकी है। अब 4 प्वाइंट में सारी योजना जानिए 36 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया रजिस्ट्रेशन इस स्कीम का शुभारंभ 1 जुलाई को सीएम भगवंत मान ने संगरूर जिले के धूरी से किया था। इस दौरान जनरल वर्ग की महिलाओं के खातों में ₹3,000 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं के खातों में ₹4,500 की पहली किस्त ट्रांसफर कर दी गई। 36 लाख से अधिक महिलाओं ने इस स्कीम में रजिस्ट्रेशन कराया था। जिन महिलाओं का पंजीकरण बाद में होगा, उन्हें भी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद योजना का लाभ दिया जाएगा। 18 साल से ऊपर की हर पात्र महिला के मोबाइल फोन पर पैसे क्रेडिट होने का मैसेज आ जाएगा। यह पैसा बिना किसी बिचौलिए या कट के सीधे बैंक खातों में जाएगा। पेंशनधारियों को डबल फायदा सरकार पहले ही साफ कर चुकी है कि जो बुजुर्ग, विधवा या दिव्यांग महिलाएं पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलता रहेगा। 97% आबादी होगी कवर सरकार का दावा है कि इस योजना के दायरे में पंजाब की करीब 97% महिलाएं आ जाएंगी। ₹9,300 करोड़ का बजट इस महा-योजना को जमीन पर उतारने के लिए पंजाब की आप सरकार ने बजट में ₹9,300 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है।
हरियाणा के पंचकूला में सेक्टर-20 से हुई पंजाब की क्लब डांसर हत्या पेमेंट विवाद के चलते हुई थी। कपूरथला में मोहल्ला जट्ट पुरा की रहने वाली माधरी उर्फ सिमरन मोहाली के जीरकपुर में लिव इन पार्टनर के साथ अक्तूबर 2025 से रह रही थी। पुलिस के मुताबिक माधरी उर्फ सिमरन जीरकपुर के क्लबों में डांस करती थी। उसका लिव इन पार्टनर इंद्र भी जीरकपुर में ही उसके साथ रहता था। 13 नवंबर की रात को माधुरी को यूपी के गोंडा निवासी कार मैकेनिक के साथ क्लब से आई थी। रास्ते में दोनों ने सेक्स भी किया। उसके बाद पेमेंट को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। माधुरी ने अपने लिव इन पार्टनर के नंबर पर 450 रुपए ट्रांसफर भी करवाए थे। 450 रुपए की पेमेंट ही आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस का जरिया बनी। फिलहाल आरोपी गुजरात के सूरत शहर में जॉब कर रहा था। जहां से पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जहां पर उसको 2 दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। 4 पॉइंट में समझिए हत्या की पूरी कहानी.. अब जानिए कैसे की हत्या… अन्य आरोपी की भूमिका तलाश रही पुलिस : ढाकापंचकूला स्थित सेक्टर-20 थाने के एसएचओ सोमबीर ढाका ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर मोटरसाइकिल बरामद करने व घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि इस हत्या में किसी अन्य व्यक्ति की भी संलिप्तता थी या नहीं। लगातार प्रयासों के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
पंजाब सरकार द्वारा पारित किए गए ‘द जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को लेकर सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब ने कड़ा रुख अपनाया है। गुरु खालसा पंथ की राय और सहमति के बिना इस कानून को पास करने पर अकाल तख्त साहिब ने अपनी गंभीर आपत्तियां और जरूरी सुझाव आधिकारिक तौर पर पंजाब सरकार को भेज दिए हैं। यह कदम 29 जून 2026 को सचिवालय श्री अकाल तख्त साहिब में हुई उच्च स्तरीय बैठक में लिए गए फैसले के बाद उठाया गया है। विधानसभा स्पीकर और मुख्य सचिव को भेजा गया मांग पत्र सचिवालय श्री अकाल तख्त साहिब के प्रभारी सरदार बगीचा सिंह ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि कानून में आवश्यक संशोधनों से संबंधित आदेश, आपत्तियां और महत्वपूर्ण बिंदुओं का एक विस्तृत पत्र आज पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह और पंजाब सरकार के मुख्य सचिव को उनके आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से भेज दिया गया है। इस पत्र को केवल ई-मेल तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसकी भौतिक प्रति (Hard Copy) रजिस्टर्ड पोस्ट (पंजीकृत डाक) के जरिए भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जा रही है, ताकि सरकार इन चिंताओं और सुझावों पर गंभीरता से विचार करे। धार्मिक मामलों में पंथ की सहमति अनिवार्य सचिवालय प्रभारी सरदार बगीचा सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गुरु खालसा पंथ की भावनाओं और सिखों के धार्मिक मामलों से जुड़े किसी भी कानून को तैयार या लागू करने से पहले पंथक विद्वानों और संस्थाओं की राय व सहमति लेना बेहद अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि पंजाब सरकार श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से भेजे गए इन सुझावों और आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करेगी और कानून में आवश्यक संशोधन करने की दिशा में जल्द ही सकारात्मक और सम्मानजनक कदम उठाएगी। सिख संगठनों की सरकार के इस कदम पर टिकीं नजरें गौरतलब है कि पंजाब सरकार द्वारा लाए गए ‘द जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को लेकर सिख संगठनों, बुद्धिजीवियों और पंथक हलकों में पहले दिन से ही लगातार तीखी चर्चा और विरोध जारी है। अब जबकि सिख पंथ के सर्वोच्च केंद्र श्री अकाल तख्त साहिब ने खुद इस मामले में दखल देते हुए सरकार को आधिकारिक पत्र सौंप दिया है, तो इस मुद्दे पर पंजाब सरकार और विधानसभा के अगले कदम पर पूरे देश-विदेश की सिख संगत की नजरें टिक गई हैं।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गोवा दौरे के दौरान राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि गोवा के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधा नहीं मिल रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की जरूरत है। केजरीवाल ने घोषणा की कि अगर गोवा में उनकी पार्टी की नीतियां लागू होती हैं, तो पंजाब मॉडल की तर्ज पर राज्य के हर परिवार को बिना किसी पात्रता शर्त के सालाना 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य सभी लोगों को बेहतर और मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध कराना है। इस दौरान दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी, गोवा के पार्टी विधायक वेन्जी वेगास, क्रूज सिल्वा और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। गोवा की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप: केजरीवाल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गोवा की 90% आबादी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है, क्योंकि निजी अस्पतालों में इलाज आम आदमी की पहुंच से बाहर है। उन्होंने कहा- गोवा में वर्तमान में केवल एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (GMC) है, जहां भारी भीड़ रहती है, बेड के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती हैं और दवाएं बाहर से खरीदनी पड़ती हैं। वहीं, दक्षिण गोवा जिला अस्पताल और पोंडा के अस्पतालों की हालत बेहद खराब है, जहां डॉक्टरों और बुनियादी उपकरणों (जैसे CT स्कैन और MRI) की भारी कमी है। 'दीनदयाल स्वास्थ्य सेवा योजना' (DDSSY) को बताया असफल केजरीवाल ने गोवा सरकार की वर्तमान स्वास्थ्य योजना 'DDSSY' पर गंभीर सवाल उठाए और इसे पूरी तरह विफल (Dysfunctional) करार दिया। उन्होंने इसके 4 मुख्य कारण बताए- कम बीमा राशि: इसमें केवल 4 से 6 लाख रुपए का कवर मिलता है, जो गंभीर बीमारियों के लिए नाकाफी है। सीमित बीमारियां: इस योजना के तहत केवल 447 प्रक्रियाएं और बीमारियां कवर हैं, जिसमें मोतियाबिंद (Cataract) और पेट स्कैन (PET scan) जैसी बुनियादी चीजें भी शामिल नहीं हैं। भुगतान में देरी: सरकार द्वारा निजी अस्पतालों को समय पर रीइम्बर्समेंट (भुगतान) नहीं दिया जाता, जिससे अस्पतालों ने इस कार्ड को स्वीकार करना बंद कर दिया है। पुरानी दरें: अस्पतालों को दिए जाने वाले रेट साल 2016 के नियमों पर आधारित हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी विफलता के कारण साल 2022-23 में जहां 2.95 लाख परिवारों के पास यह कार्ड था, वहीं 2025-26 में यह संख्या घटकर मात्र 1.81 लाख रह गई है। लगभग सवा लाख लोगों ने इस योजना का लाभ लेना छोड़ दिया है। क्या है आम आदमी पार्टी का ‘पंजाब स्वास्थ्य मॉडल’ गोवा के मुख्यमंत्री से पंजाब की अच्छी प्रथाओं को अपनाने की अपील करते हुए केजरीवाल ने अपनी योजना की मुख्य विशेषताएं सामने रखीं- 10 लाख का मुफ्त बीमा: गोवा के प्रत्येक निवासी परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा, जिसमें कोई आय सीमा या पात्रता मानदंड नहीं होगा। 2350 से अधिक बीमारियां कवर: पंजाब की तरह इस योजना में 2 हजार 350 से अधिक बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं को शामिल किया जाएगा, जो गोवा की वर्तमान योजना से छह गुना अधिक है। सभी बड़े अस्पतालों तक पहुंच: इस योजना के लागू होने से मनीपाल, विक्टर, गैलेक्सी और हेल्थवे जैसे राज्य के सबसे महंगे और प्रतिष्ठित निजी अस्पताल भी गरीब से गरीब व्यक्ति की पहुंच में होंगे। समय पर भुगतान: अस्पतालों को 15 दिनों के भीतर नई और बाजार दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। भ्रष्टाचार खत्म कर जुटाया जाएगा पैसा, गठबंधन के लिए भी 'आप' तैयार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब केजरीवाल से पूछा गया कि इस बड़ी योजना के लिए बजट कहां से आएगा, तो उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए कहा कि गोवा का प्रति व्यक्ति (Per Capita) बजट बहुत अच्छा है। अगर सरकार में जारी भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए, तो न सिर्फ 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा, बल्कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और अन्य जनकल्याणकारी योजनाएं आसानी से लागू की जा सकती हैं। उन्होंने घोषणा की कि यह स्वास्थ्य योजना अगस्त या सितंबर में लॉन्च होने वाले 'आप' के चुनावी घोषणापत्र (Manifesto) का मुख्य हिस्सा होगी। गठबंधन पर रुख आगामी चुनावों में गठबंधन के सवाल पर अरविंद केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि भाजपा को हराने के लिए आम आदमी पार्टी सैद्धांतिक रूप से (In Principle) गठबंधन के पक्ष में है। पार्टी की केंद्रीय कमान ने गोवा की स्थानीय लीडरशिप (वाल्मीकि नाइक और टीम) को अन्य दलों से बातचीत शुरू करने के लिए अधिकृत कर दिया है, और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
पंजाब में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी अपना एन्यूमरेशन (SIR) फॉर्म भर दिया है। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO Punjab) अनिंदिता मित्रा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। निर्वाचन विभाग ने मतदाताओं से भी अपील की है कि वे अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के सहयोग से समय पर SIR फॉर्म भरकर मतदाता सूची का सत्यापन पूरा करें। निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है। इसके तहत प्रदेशभर में घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जा रहा है तथा एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। पंजाब में मतदाता सूची के SIR 2026 अभियान के तहत अब तक 97.44% मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचाए जा चुके हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पंजाब अनुरूप, 1 जुलाई तक 2,14,61,043 मतदाताओं में से 2,09,12,619 को एन्यूमरेशन (SIR) फॉर्म वितरित किए जा चुके है। भरे हुए फॉर्मों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक नहीं हालांकि, भरे हुए फॉर्मों की सटीक संख्या अभी सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई है। चुनाव विभाग के मुताबिक भरे हुए फॉर्मों का संग्रहण शुरू हो चुका है और उन्हें डिजिटाइज भी किया जा रहा है, लेकिन अब तक कितने फॉर्म जमा हो चुके हैं, इसका आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया गया।
अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में शनिवार को नया विवाद हो गया। यहां मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत पंजाब के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान की तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर पहुंचे श्रद्धालुओं के गले से ये पहचान पत्र उतरवाए गए। गोल्डन टेंपल में मौजूद सेवादारों ने इन पहचान पत्रों पर कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से CM भगवंत मान को पंथ दोखी घोषित किया जा चुका है, इसलिए उनकी तस्वीर वाले पहचान पत्र पहनकर गुरु घर में प्रवेश नहीं किया जाना चाहिए। इसके बाद सेवादारों ने श्रद्धालुओं के गले से पहचान पत्र उतरवा दिए। वहीं, तीर्थ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने कहा कि ये पहचान पत्र उन्हें सरकारी व्यवस्था के तहत दिए गए थे। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य केवल श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकना और दर्शन करना था। अकाल तख्त ने CM मान को पंथ दोखी घोषित किया सिख कौम की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त साहिब ने 15 जून को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को पंथ दोषी (दोखी) और गुरु विरोधी घोषित किया। यह फैसला अकाल तख्त के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज ने अमृतसर में गोल्डन टेंपल परिसर स्थित अकाल तख्त सचिवालय की फसील (प्राचीर) से सुनाया। इस फैसले के पीछे भगवंत मान की कथित शराब वाली वायरल वीडियो का हवाला दिया गया। फैसला सुनाने के दौरान जत्थेदार गड़गज ने कहा- वायरल वीडियो की फॉरेंसिक लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद सामूहिक तौर पर सिखों ने कार्रवाई के लिए कहा था। अकाल तख्त जत्थेदार ने कहा- इस पर सिखों के पांचों तख्तों के सिंह साहिबानों ने मीटिंग कर इस मुद्दे पर चर्चा की और मान को गुरु विरोधी और खालसा पंथ विरोधी करार दिए जाने का फैसला लिया। पूरा खालसा पंथ और गुरु नामलेवा अब सीएम मान को मुंह न लगाए। CM मान के कथित वीडियो का मामला जानिए पंजाब CM के वीडियोकांड में कब-क्या हुआ ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… अकाल तख्त ने पंजाब CM को गुरुदोषी-पंथ विरोधी करार दिया, जत्थेदार बोले- शराब वाला वीडियो सही 15 जनवरी 2026 को CM मान को अकाल तख्त साहिब पर तलब किया गया था जहां पहुंचकर उन्होंने अपनी सफाई पेश की थी। उसके बाद अकाल तख्त ने वायरल वीडियो की लैब से जांच कराने का फैसला लिया और इससे जुड़ी जांच रिपोर्ट जत्थेदार ने पढ़कर सुनाई। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब यूथ कांग्रेस के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष शुभम शर्मा आज सायं 4:00 बजे अमृतसर स्थित गोल्डन गेट पहुंच रहे हैं। इस अवसर पर उनका भव्य स्वागत किया जाएगा, जिसमें यूथ कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, समर्थक बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। समारोह के दौरान शुभम शर्मा का फूल-मालाओं एवं पारंपरिक तरीके से अभिनंदन किया जाएगा। इसके उपरांत वे श्री हरिमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब) में माथा टेककर प्रदेश की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य, सामाजिक सौहार्द तथा देश-प्रदेश की उन्नति के लिए अरदास करेंगे। यूथ कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव में रिकॉर्ड जीत और ऐतिहासिक सफलता शुवम शर्मा पंजाब यूथ कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। संगठनात्मक चुनावों में उन्होंने लगभग 1. 60 लाख वोट प्राप्त कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया था तथा पूरे पंजाब में सर्वाधिक मत हासिल कर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उनकी इस ऐतिहासिक जीत के बाद संगरूर जिले के धूरी स्थित उनके निवास पर समर्थकों, कार्यकर्ताओं और शुभचिंतकों का तांता लग गया था। धूरी में जश्न और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की बधाई यात्रा शुभम शर्मा की जीत की खुशी साझा करने के लिए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग स्वयं उनके निवास पर पहुंचे थे। उन्होंने शुभम शर्मा का मुंह मीठा करवाकर नई जिम्मेदारी के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी थीं। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और मिठाइयों के साथ जीत का उत्सव मनाया था।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

