कृषि कानून से टूटा रिश्ता फिर जुड़ेगा? Punjab में BJP-SAD 'Comeback' की तैयारी
अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले, शिरोमणि अकाली दल (SAD) लगातार BJP के साथ अपना गठबंधन फिर से शुरू करने की इच्छा जता रहा है। हालांकि, BJP ने साफ़ कर दिया है कि किसी भी गठबंधन में पार्टी की भूमिका बड़े भाई वाली होगी। अकाली दल के महासचिव बिक्रम सिंह मजीठिया कहा कि पंजाब के लिए दोनों पार्टियों का गठबंधन समय की ज़रूरत है। इससे एक दिन पहले उनकी बहन और पूर्व केंद्रीय मंत्री व बठिंडा की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने संगरूर में एक रैली में इसी तरह के संकेत दिए थे। इसे भी पढ़ें: Pune के कॉलेज में Rahul Gandhi के कार्यक्रम से पहले बवाल, ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच झड़प, 50 से अधिक पर केस दर्ज मजीठिया ने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सद्भाव, कानून-व्यवस्था, विकास और रोज़गार से जुड़ी चिंताओं के कारण लोग अब चाहते हैं कि BJP और SAD साथ आएं। उन्होंने कहा कि अंतिम फ़ैसला दोनों पार्टियों का नेतृत्व करेगा और आने वाले दिनों में स्थिति और साफ़ हो जाएगी। उन्होंने कहा कि विवादित कृषि कानूनों की वजह से गठबंधन टूट गया था, लेकिन तब से हालात बदल गए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अब हालात बदल गए हैं और तरीका भी बदलना होगा। पंजाब में चार-तरफ़ा चुनावी मुक़ाबला पिछले लोकसभा चुनाव में, BJP और SAD ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। BJP पंजाब की 13 में से कोई भी सीट नहीं जीत पाई, लेकिन उसे 18.56 प्रतिशत वोट मिले। SAD ने 13.42 प्रतिशत वोट के साथ एक सीट जीती। इन पार्टियों को कुल मिलाकर लगभग 32 प्रतिशत वोट मिले थे। बीजेपी नेताओं का मानना है कि अगर कुछ और वोट मिल जाएं, तो यह गठबंधन सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) को कड़ी टक्कर दे सकता है, क्योंकि उनके अनुसार AAP को 'एंटी-इनकंबेंसी' (सरकार के खिलाफ नाराजगी) का सामना करना पड़ रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में आंकड़े अलग थे। SAD ने 18.38 प्रतिशत वोट के साथ 117 में से तीन सीटें जीती थीं, जबकि BJP ने 6.60 प्रतिशत वोट के साथ दो सीटें जीती थीं। इसलिए, BJP का लोकसभा वोट शेयर उसके विधानसभा वोट शेयर से लगभग तीन गुना था। अगर गठबंधन पक्का होता है, तो उम्मीद है कि BJP पिछली बार की तुलना में ज़्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग करेगी। इसे भी पढ़ें: दिल्ली में BJP राष्ट्रीय पदाधिकारियों की हाई-लेवल बैठक: आगामी विधानसभा चुनावों की बिछी बिसात, पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं बीजेपी ने 38 सीटों पर मज़बूत प्रदर्शन किया लोकसभा चुनाव में बीजेपी 23 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही, जबकि SAD नौ सीटों पर आगे रही। BJP लगभग 17 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे नंबर पर रही और SAD 14 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। BJP पांच सीटें 5,000 से कम वोटों के अंतर से और 10 सीटें 10,000 से कम वोटों के अंतर से हारी। BJP का मानना है कि इससे पता चलता है कि 38 विधानसभा सीटों पर उसकी स्थिति मज़बूत और स्वतंत्र है। दोनों पार्टियों के बीच 1996 से 2020 तक गठबंधन रहा। 1997 में उन्हें भारी जीत मिली, जब SAD ने 75 और BJP ने 18 सीटें जीतीं। 2007 में, SAD ने 49 और BJP ने 19 सीटें जीतीं। 2012 में, उन्होंने लगातार दूसरी बार जीतकर इतिहास रचा; SAD को 56 और BJP को 12 सीटें मिलीं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन, देखें पंजाब आजतक
पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है... जगतार सिंह हवारा की पैरोल और जेलों में बंद सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर पंजाब बंद रहा... सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक कई जिलों में बाजार बंद रहे, स्कूल बंद रहे और कई जगह हाईवे तक जाम किए गए... इस बंद को अकाली दल समेत कई सिख संगठनों का समर्थन मिला... वहीं प्रदर्शनकारियों ने भगवंत मान सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर निशाना साधा...
Punjab Weather 22nd Augsut: पंजाब में आज भारी बारिश का अलर्ट; कल से मानसून पकड़ेगा जोर!
पंजाब में शनिवार को पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। 23 अगस्त के बाद बारिश घटेगी और 24-25 अगस्त को मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा।
Chandigarh News: पंजाब बंद........... बंद के आगे थमे पहिये, बस अड्डों पर ठिठकी जिंदगी
पंजाब बंद...........बंद के आगे थमे पहिये, बस अड्डों पर ठिठकी जिंदगी
Mohali News: जीरकपुर में पंजाब बंद का मिला-जुला असर, मुख्य बाजारों में गिरे शटर
जीरकपुर में पंजाब बंद का मिला-जुला असर, मुख्य बाजारों में गिरे शटर
Panchkula News: पंजाब बंद से रामगढ़ से डेराबस्सी तक बस सेवा ठप
Bus service from Ramgarh to Derabassi disrupted due to Punjab bandh
Ambala News: इंस्टाग्राम पर घोड़े की फर्जी तस्वीर डालकर 7 लाख रुपये ठगे, पंजाब से आरोपी काबू
इंस्टाग्राम पर घोड़े की फर्जी तस्वीर डालकर 7 लाख रुपये ठगे, पंजाब से आरोपी काबू
Una News: पंजाब बंद से हिमाचल में थमे एचआरटीसी बसों के पहिये, 20 रूट प्रभावित
पंजाब में बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को बुलाए गए बंद की तपिश हिमाचल तक पहुंची।
सज्जन कुमार को रोल मॉडल बताने पर भड़की पंजाब भाजपा, कहा- कांग्रेस की सिख-विरोधी सोच उजागर
चंडीगढ़, 21 अगस्त . पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने Friday को कांग्रेस नेताओं के उन बयानों की निंदा की, जिनमें 1984 के सिख-विरोधी दंगों के आरोपी और पूर्व सांसद सज्जन कुमार को ‘रोल मॉडल’ बताया गया था. उन्होंने कहा कि इस बयान ने एक बार फिर पार्टी की सिख-विरोधी सोच को उजागर कर ... Read more
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के नामों की घोषणा हो गई है, जिसमें देश के ज्यादातर राज्यों से शिक्षकों का चयन किया गया है।
आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब ने राज्य में संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के लिए प्रवक्ताओं और टीवी पैनलिस्टों के साथ-साथ पदाधिकारियों की एक और नई सूची जारी की है। पार्टी के राज्य प्रभारी मनीष सिसोदिया और पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा द्वारा जारी इस सूची में विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों (हलकों) के लिए नए संगठन प्रभारी, ब्लॉक अध्यक्ष और ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए गए हैं। 23 प्रवक्ता, 29 टीवी पैनलिस्ट और 19 संगठनात्मक पदाधिकारियों की सूची की जारी पार्टी द्वारा जारी की गई सूची में कुल 23 प्रवक्ता घोषित किए हैं। जिनमें गुरमीत सिंह मीत हेयर, डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, मालविंदर सिंह कंग, दिनेश चड्ढा, डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर, जगदीप गोल्डी कंबोज, देवेंद्र सिंह लड्डी ढोस आदि शामिल हैं। 4 हलका प्रभारी, 14 ब्लॉक अध्यक्ष और 1 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त जबकि, कुल 29 टीवी पैनलिस्टों में अरविंदर सिंह भट्टी, रणबीर सिंह ढींडसा, करमजीत कौर संधू, कंचन देओल, अमंदीप संधू आदि शामिल हैं। इसके अलावा, 19 संगठनात्मक पदाधिकारियों में 4 हलका प्रभारी, 14 ब्लॉक अध्यक्ष और 1 ब्लॉक कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया है।
Deepender Hooda के Role Model बयान पर मची रार, Sajjan Kumar विवाद में Punjab Congress ने झाड़ा पल्ला
पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने पार्टी सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के उस बयान से खुद को अलग कर लिया, जिसमें उन्होंने पूर्व कांग्रेस सांसद और 1984 के सिख-विरोधी दंगों के दोषी सज्जन कुमार को देश भर के लिए रोल मॉडल बताया था। पार्टी नेताओं गुरजीत सिंह औजला और राज कुमार वेरका ने कहा कि वे हिंसा के पीड़ितों के साथ खड़े हैं। अमृतसर में बोलते हुए कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि कुमार को उनके कामों के लिए सज़ा मिली है और पार्टी उन लोगों के साथ है जिनकी जान गई। इसे भी पढ़ें: क्या कैप्टन ने सरकार के 'कप्तान' पर ही सवाल उठा दिये हैं? अमरिंदर ने Modi-ism का जिक्र कर क्या संदेश दिया? औजला ने कहा कि सज्जन कुमार ने गलत काम किए। उन्हें उनके कामों के लिए सज़ा मिली है। कोई नेता दूसरों को नुकसान पहुँचाने का काम नहीं करता। हम उन लोगों के साथ हैं जिनकी मौत उनकी वजह से हुई। हुड्डा की टिप्पणी पर औजला ने कहा, यह हुड्डा जी की निजी राय हो सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि जो कुछ भी हुआ और जिसके साथ भी हुआ, हम उनके यानी पीड़ितों के साथ खड़े हैं। पंजाब कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष राज कुमार वेरका ने भी कहा कि पार्टी की प्राथमिकता पीड़ितों और हिंसा से प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना है। वेरका ने कहा सज्जन कुमार का जीवन विवादों से भरा रहा है। यह मामला पंजाब से जुड़ा है और पंजाबियों को इससे दुख पहुंचा है। अगर इसके लिए सज्जन कुमार को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, तो हम सबसे पहले उन बेगुनाह लोगों के समर्थन में खड़े हैं। इसे भी पढ़ें: Punjab Bandh से थमी रफ्तार, बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर बाजार और सड़कें बंद हुड्डा की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि किसने क्या कहा। हम पंजाबी हैं और पंजाबियों के साथ खड़े रहेंगे। वहीं, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने हुड्डा के बयान पर सीधे तौर पर टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा मैंने वह बयान नहीं पढ़ा है, इसलिए उस पर टिप्पणी करना सही नहीं होगा... अगर वह कुछ कह रहे हैं, तो वह उस पर बात करने में सक्षम हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया शुक्रवार को सीकर आए। उन्होंने कहा- ओबीसी रिजर्वेशन को लेकर जो भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता विरोध कर रहे हैं, वो अपवाद हो सकते हैं। ऐसा कुछ है तो उस पर विचार किया जाएगा। पूनिया ने कहा- शहरों में भाजपा की विचारधारा ज्यादा मजबूत है, ऐसा माना जाता है। शहर में बीजेपी को लगभग हर चुनाव में किसी न किसी रूप में सफलता मिलती है। आगामी निकाय चुनाव में भाजपा आलाकमान ने केंद्रीय नेतृत्व की पूरी टीम को यहां लगाया है, जो पहली बार अंतिम कार्यकर्ता से संवाद करेगी। पूनिया ने बताया- पंजाब प्रभारी के तौर पर भाजपा ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। पंजाब में भाजपा के कार्यकर्ता मजबूत हैं, वहां विधानसभा चुनाव में अकाली दल से गठबंधन के बारे में कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी। ये फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर होगा। गुड गवर्नेंस के लिए बीजेपी को करेंगे वोट सतीश पूनिया ने कहा- पिछले ढाई साल में भजनलाल सरकार ने पेपर लीक, ERCP और यमुना जल समझौते जैसे मामलों को अंजाम तक पहुंचाया है। नगर निकायों में रहने वाले लोग डबल इंजन की सरकार से जुड़ने और गुड गवर्नेंस के लिए वोट करेंगे। पिछली कांग्रेस सरकारों ने नगर निकायों को कमजोर करने का काम किया है। पंजाब में भाजपा कार्यकर्ता मजबूत सतीश पूनिया पंजाब प्रभारी बनने के बाद पहली बार सीकर पहुंचे। स्थानीय भाजपा जिला ऑफिस में उनका स्वागत-सम्मान किया गया। सीकर पहुंचने भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस मौके पर पूर्व विधायक रतन जलधारी, पूर्व विधायक राजकुमारी शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष महेश शर्मा आदि मौजूद थे। भाजपा के मुख्य संगठन के साथ ही भाजपा युवा मोर्चा, महिला मोर्चा और विभिन्न प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने गुलाब का फूल और बड़ी फूलमाला पहनाकर राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया का स्वागत किया।
जेलों में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा की अगुआई में आज पंजाब बंद किया गया। विभिन्न सिख संगठनों के नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे जिससे बंद का व्यापक असर देखने को मिला। मोहाली में जहां हाईवे जाम हो गया तो वहीं जालंधर से फगवाड़ा हाईवे पर कौमी इंसाफ मोर्चे के प्रदर्शन के दौरान शादी के लिए जा रहे दूल्हे को पहले रोका गया और फिर उन्हें वहां से भेज दिया गया। दूल्हे को रोकने की वीडियो वहां पर मौजूद लोगों ने बना ली और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। उधर, मोहाली में प्रदर्शन के दौरान निहंग सुक्खा सिंह माणकपुर बंदर को लेकर पहुंचे। ऊपर क्लिक कर VIDEO में देखें पंजाब बंद….
जनरल काउंसलरों की योग्यता में बदलाव के खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल, नोटिस जारी
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि काउंसलर का मुख्य कार्य वैवाहिक विवादों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े पारिवारिक मामलों में मध्यस्थता व व्यवहार संबंधी आकलन (बिहेवियरल पैटर्न असेसमेंट) करना है, जिसके लिए मनोविज्ञान की गहन समझ आवश्यक है।
Punjab Bandh से थमी रफ्तार, बंदी सिंहों की रिहाई की मांग पर बाजार और सड़कें बंद
‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान का शुक्रवार को व्यापक असर देखने को मिला और राज्य में कई स्थानों पर दुकानें एवं बाजार बंद रहे तथा राजमार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमृतसर, लुधियाना, मोहाली और जालंधर समेत पंजाब में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। बंद का आह्वान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए किया गया था। पटियाला, मोहाली और जालंधर समेत कई स्थानों पर कौमी इंसाफ मोर्चा और विभिन्न किसान संगठनों के समर्थकों ने सड़कों को अवरुद्ध कर दिया, जिससे कार्यालय जाने वाले लोगों और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कई सड़कों के बीच ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और अन्य वाहन खड़े कर मार्ग अवरुद्ध कर दिए तथा कुछ स्थानों पर यात्री प्रदर्शनकारियों से उन्हें उनके गंतव्य तक जाने देने का अनुरोध करते नजर आए। मोर्चा नेताओं ने कहा कि चिकित्सकीय आपात स्थिति, हवाई अड्डे की यात्रा, परीक्षाओं और विवाह समारोहों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई थी। प्रदर्शनकारियों ने सिख कैदियों की रिहाई नहीं होने के विरोध में जालंधर, लुधियाना के लाढोवाल, होशियारपुर और फिरोजपुर में धरने दिए। उन्होंने शहरों में दोपहिया वाहनों से मार्च भी निकाले। संगरूर, लुधियाना और मोहाली समेत कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं। ‘फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स’ ने बंद के मद्देनजर अवकाश की घोषणा की थी जिसके कारण शुक्रवार को निजी स्कूल बंद रहे। मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर लगाए गए अवरोधकों के पास चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों के अलावा त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया। पटियाला में कौमी इंसाफ मोर्चा के नेता गुरचरण सिंह के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुख्य बस अड्डे के बाहर सड़क पर वाहन खड़े कर दिए जिससे दोनों ओर यातायात ठप हो गया। इस नाकेबंदी के कारण पटियाला से बठिंडा, फिरोजपुर, फरीदकोट और राज्य के अन्य हिस्सों की ओर जाने वाली बसों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। बस अड्डे से बाहर निकलने वाली बसों को भी रोक दिया गया जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्री फंस गए। पटियाला बस अड्डा शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में से एक है और वहां रास्ता अवरुद्ध किए जाने का शहर के यातायात पर सीधा असर पड़ा। फिरोजपुर में शहर और छावनी क्षेत्र के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में दुकानें बंद रहीं। व्यापारियों ने बंद का स्वेच्छा से समर्थन किया। सुबह खुले कुछ प्रतिष्ठानों को प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने जीरा और लुधियाना की ओर जाने वाले शहर के प्रमुख निकास मार्ग ‘चुंगी नंबर सात’ को भी अवरुद्ध कर दिया जिससे यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग की, जिनके बारे में उनका दावा है कि वे अपनी सजा बहुत पहले पूरी कर चुके हैं। बंद के कारण शहर की कई सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में यातायात काफी कम रहा। फिरोजपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) भूपिंदर सिंह ने कहा कि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं और जिले में अभी तक किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। पटियाला में गुरचरण सिंह ने कहा कि ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई का मुद्दा काफी समय से लंबित है और सरकार को इस मामले पर गंभीरता से विचार कर निर्णायक कदम उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को वर्षों तक जेल में नहीं रखा जाना चाहिए। मोर्चा नेता के अनुसार, ऐसे कैदियों के लंबे समय से जेल में रहने के कारण उनके परिवारों को बहुत कष्ट झेलना पड़ रहा है और यह मामला सिख समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन किसी विशेष समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य न्याय और संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों को लागू कराना है। उन्होंने सरकार से ‘बंदी सिंहों’ के मुद्दे का स्थायी समाधान निकालने की भी अपील की। फगवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लुधियाना और जालंधर के बीच वाहनों को स्थानीय चीनी मिल से फगवाड़ा-नकोदर मार्ग की ओर मोड़ दिया गया, जिससे लोगों को अपेक्षाकृत अधिक दूरी तय करनी पड़ी और परेशानी हुई। यातायात प्रभारी निरीक्षक अमन कुमार ने बताया कि अन्य क्षेत्रों से आए प्रदर्शनकारियों द्वारा जालंधर ग्रामीण जिले में एक भोजनालय के पास राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध किए जाने के कारण यातायात को दूसरे मार्ग पर भेजा गया। राजमार्ग के एक ओर माल से लदे ट्रकों और निजी वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं क्योंकि उन्हें तीखा बायां मोड़ लेना पड़ रहा था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत जनरल) और शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे समेत कई संगठनों ने बंद के आह्वान का समर्थन किया। भारती किसान यूनियन (राजेवाल) जैसे किसान संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया, जबकि किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से इसे सफल बनाने की अपील की। कौमी इंसाफ मोर्चा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल की मांग कर रहा है। हवारा के अलावा मोर्चा बलवंत सिंह राजोआना और देविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई की मांग कर रहा है। राजोआना 1995 में बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है, जबकि भुल्लर दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट के मामले में सजा काट रहा है।
घुसपैठ रोको! Amit Shah बोले – ममता ने BSF-SSB को जमीन नहीं दी, CM Adhikari ने तेजी दिखाई
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को सिलीगुड़ी में SSB फ्रंटियर हेडक्वार्टर में SSB के कई प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी। साथ ही, उन्होंने बॉर्डर फोर्स को ज़मीन देने में देरी के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना भी की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछली राज्य सरकार से बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) के लिए ज़मीन देने का कई बार अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि हमने ममता बनर्जी से BSF को ज़मीन देने की लगातार अपील की, लेकिन उनके कार्यकाल के दौरान ऐसा नहीं किया गया। मैंने एक बार उनके ऑफिस जाकर उन्हें यह भी समझाया था कि यह ज़मीन BSF के लिए है, न कि BJP के लिए। इसे भी पढ़ें: Jaipur में CJP टीम पर हमला! अभिजीत दिपके बोले - BJP का डर है, स्कूल सुधार से डरते हैं उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को पद संभालने के 45 दिनों के अंदर BSF और SSB को 1,129 एकड़ ज़मीन तेज़ी से देने का श्रेय दिया। शाह ने आगे कहा कि काम में यह तेज़ी इसलिए नहीं है कि वह BJP के मुख्यमंत्री हैं। वह समझते हैं कि जब तक घुसपैठ नहीं रुकेगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित है। शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर के रणनीतिक महत्व पर ज़ोर दिया और खुली सीमाओं की सुरक्षा करने के लिए SSB जवानों की तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा कहता हूँ कि सबसे मुश्किल काम SSB जवानों का होता है जो खुली सीमा की सुरक्षा करते हैं। PM मोदी की सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से सिलीगुड़ी कॉरिडोर के महत्व को समझा है। यह एक संवेदनशील कॉरिडोर है जो 8 राज्यों को जोड़ता है, और यहाँ नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की तीन अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ मिलती हैं। हमने चोपड़ा, किशनगंज और धुबरी में अपनी मौजूदगी बढ़ाई है। केंद्रीय मंत्री ने सीमा सुरक्षा और प्रबंधन से जुड़े कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लगभग 60 किलोमीटर लंबा और 22 किलोमीटर चौड़ा सिलीगुड़ी कॉरिडोर रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत के आठ पूर्वोत्तर राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। 'चिकन नेक' के नाम से जाना जाने वाला यह संकरा रास्ता अपनी स्थिति के कारण बड़ी चुनौतियां पेश करता है; यह दक्षिण और पश्चिम में बांग्लादेश, उत्तर में तिब्बत (चीन) के बीच स्थित है और नेपाल, बांग्लादेश व भूटान के करीब है। इसे भी पढ़ें: ‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी? शनिवार को शाह सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में सीमा प्रबंधन में शामिल सुरक्षा बलों और एजेंसियों के बीच तालमेल बेहतर करने और इलाके की सुरक्षा तैयारियों का जायजा लेने पर ध्यान केंद्रित किए जाने की उम्मीद है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कौमी इंसाफ मोर्चे के आह्वान पर शुक्रवार को पंजाब बंद का फरीदकोट जिले में व्यापक असर देखने को मिला। फरीदकोट शहर के अलावा कोटकपूरा और जैतो में भी अधिकांश बाजार बंद रहे। सड़कों पर सामान्य दिनों की तुलना में आवाजाही काफी कम रही। बंद के कारण लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा। फरीदकोट में विभिन्न सिख संगठनों की ओर से शहर के बाजारों में रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर खुली दुकानों को भी बंद करवाया गया। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के विधायक डिंपी ढिल्लों की न्यू दीप कंपनी की बस को भी प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और स्थिति को संभालते हुए बस को वापस बस स्टैंड भेज दिया। बंद के चलते जिले में ट्रांसपोर्ट सेवाएं भी प्रभावित रहीं। कई यात्रियों को बसों की आवाजाही कम होने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए और लगातार स्थिति पर नजर रखी। सिख संगठनों का दावा- आम लोगों का मिला समर्थन सिख संगठनों के नेताओं दलेर सिंह डोड, शरणजीत सिंह सरां और अन्य नेताओं ने कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई, भाई जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने तथा डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह खालसा सहित अन्य सिख नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर बंद का आह्वान किया गया था। उन्होंने दावा किया कि बंद को आम लोगों का समर्थन मिला। कोटकपूरा में अकाली दल वारिस पंजाब के नेता रछपाल सिंह सोसन के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। जैतो में भी अधिकांश दुकानें बंद रहीं और बाजारों में चहल-पहल कम रही। बंद को देखते हुए जिला पुलिस ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया। फरीदकोट के एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस ने जिले का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों को अमन-शांति बनाए रखने के निर्देश दिए।
Jaipur में CJP टीम पर हमला! अभिजीत दिपके बोले - BJP का डर है, स्कूल सुधार से डरते हैं
जयपुर में CJP सदस्यों पर हुए हमले पर इसके फाउंडर अभिजीत दिपके का बड़ा बयान सामने आया है। अभिजीत दिपके ने कहा कि आशुतोष पर हुआ हमला BJP के डर को दिखाता है। उन्हें डर है कि अगर गरीब बच्चों के स्कूलों में सुधार हुआ, तो लोग उनकी सरकार से सवाल पूछने लगेंगे। आशुतोष और उनकी टीम को तब निशाना बनाया गया जब वे एक सरकारी स्कूल की हालत दिखाने के लिए वहां गए थे; कहा जाता है कि यह स्कूल एक गौशाला में चल रहा था। टीम पर पत्थर फेंके गए, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया और एक वॉलंटियर घायल हो गया। इसे भी पढ़ें: BJP और JDS विधायकों ने Vidhana Soudha तक निकाला मार्च, मंत्री नागेंद्र का मांगा इस्तीफा अभिजीत दिपके ने कहा कि जब सरकारी स्कूलों में पीने के पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है, तो कोई चिंता नहीं करता, लेकिन जैसे ही कोई सरकार की नाकामियों को उजागर करता है, उन पर हमला किया जाता है। हम गरीब बच्चों के लिए बेहतर स्कूलों और बेहतर भविष्य की बात करते रहेंगे। बीजेपी ने उन आरोपों से इनकार किया है कि उसके कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जयपुर के बगरू विधानसभा क्षेत्र में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) की टीम पर हमला किया। CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका और वॉलंटियर्स का दावा है कि रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक जर्जर सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने जाते समय उन पर हमला किया गया। रांका और CJP के फाउंडर अभिजीत दिपके ने कहा कि इस हमले के पीछे BJP के गुंडे थे। रंका ने X पर कहा कि CJP सदस्यों की हत्या करने के लिए बाहर से BJP के गुंडे भेजे गए थे। यह घटना रामपुर कंवरपुरा गांव के पास हुई, जहां CJP की टीम एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का निरीक्षण करने और वहां के इंफ्रास्ट्रक्चर व सुविधाओं का जायजा लेने वाली थी। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी। इसे भी पढ़ें: ‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी? राजस्थान बीजेपी मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ता CJP की आड़ में काम कर रहे हैं। बेढम ने ANI से कहा कि कांग्रेस के लोग अलग-अलग मुखौटे पहनकर गांवों में जाते हैं और वहां शांति भंग करना चाहते हैं। लोग उन्हें जवाब दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के लोग CJP का मुखौटा पहने हुए हैं... कांग्रेस की कोई परवाह नहीं करता, इसलिए वे किसी और का मुखौटा पहन रहे हैं। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
बीजेपी ने पंजाब के स्कूलों की बदहाल स्थिति का पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर किया
बूम ने पाया कि पंजाब बीजेपी द्वारा आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाते हुए शेयर किया गया वीडियो असल में 2018 का है. उस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार थी.
पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह ने व्यक्ति-केंद्रित राजनीति पर सवाल उठाते हुए एक बड़ा राजनीतिक सवाल दागा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पिछले एक दशक की उपलब्धियों को स्वीकार करते हुए कैप्टन ने अंग्रेजी समाचार-पत्र में अपने आलेख के जरिए यह संकेत दिया है कि अब भाजपा और देश की राजनीति को सिर्फ एक नाम और एक व्यक्ति के इर्द-गिर्द सिमटने की बजाय मजबूत संस्थाओं, जवाबदेही और स्थायी लोकतांत्रिक ढांचे की ओर बढ़ना चाहिए। एक तरह से कैप्टन ने भाजपा को भी सलाह दे डाली है कि मोदी-इज़्म की अगली मंजिल केवल मोदी के नाम पर आगे बढ़ना नहीं, बल्कि ऐसी संस्था-केंद्रित व्यवस्था खड़ी करना होनी चाहिए, जो किसी एक नेता से परे जाकर देश की राजनीतिक और प्रशासनिक ताकत को स्थायी आधार दे सके। अपने आलेख में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने साफ तौर पर कहा है कि नरेंद्र मोदी के दौर ने भारतीय राजनीति और शासन की दिशा बदल दी है। उनके अनुसार, मोदी ने भारतीय जनता पार्टी को राजनीति के एक सीमित दायरे से निकालकर देशव्यापी शक्ति में बदला। डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, वित्तीय समावेशन, स्वच्छता, आवास, बिजली और बुनियादी ढांचे जैसे क्षेत्रों में हुए कामों का उल्लेख करते हुए उन्होंने माना कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि सरकार की पहुंच और डिलीवरी क्षमता का विस्तार रही है। इसे भी पढ़ें: ‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी? लेकिन कैप्टन का असली संदेश इससे आगे जाता है। उनका तर्क है कि किसी भी लोकतंत्र की सफलता को केवल एक शक्तिशाली नेता की उपलब्धियों से नहीं मापा जा सकता। मजबूत सरकार और मजबूत नेता महत्वपूर्ण हैं, लेकिन लोकतंत्र की असली मजबूती मजबूत संस्थाओं, जवाबदेही और संवैधानिक संतुलन से आती है। उन्होंने सवाल उठाया कि मोदी-इज़्म की अगली यात्रा आखिर किस दिशा में होगी? क्या वह एक व्यक्ति के नेतृत्व के इर्द-गिर्द सीमित रहेगा या फिर ऐसी संस्थागत व्यवस्था खड़ी करेगा, जो किसी भी व्यक्ति के सत्ता से हटने के बाद भी देश को आगे बढ़ाती रहे? यहीं से कैप्टन अमरिंदर सिंह का आलेख राजनीतिक रूप से और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। भाजपा के वरिष्ठ नेता होते हुए भी उन्होंने संसद की भूमिका, संसदीय समितियों की जांच, संघीय विमर्श, संवैधानिक संस्थाओं की स्वायत्तता और नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दों को खुलकर उठाया है। उनका कहना है कि लोकतंत्र केवल नियमित चुनावों का नाम नहीं है। चुनावी जीत किसी सरकार को जनादेश जरूर देती है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि सत्ता के इस्तेमाल पर संस्थागत नियंत्रण कितना प्रभावी है। कैप्टन ने विशेष रूप से संसद की समितियों और संसदीय जांच की भूमिका पर जोर दिया है। उनके अनुसार, बड़े फैसलों से पहले गंभीर विचार-विमर्श और समितियों की जांच को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। संघीय ढांचे के सवाल पर भी उनका संकेत साफ है कि केंद्र और राज्यों के बीच शक्ति संतुलन तथा संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता लोकतंत्र की दीर्घकालिक मजबूती के लिए जरूरी है। उनका एक और महत्वपूर्ण तर्क कल्याणकारी योजनाओं को लेकर है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि खाद्य सुरक्षा, आवास, छात्रवृत्ति और सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं को किसी नेता की उदारता या राजनीतिक उपहार के रूप में नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकार और राज्य के दायित्व के रूप में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, जब शासन का आधार व्यक्ति की छवि से आगे बढ़कर संस्थागत अधिकारों और जवाबदेही पर टिकेगा, तभी विकास की प्रक्रिया स्थायी और निष्पक्ष बन सकेगी। आलेख में कैप्टन ने संविधान की मूल अवधारणाओं पर भी अपनी बात रखी है। उनका कहना है कि बहुलतावाद, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद जैसे शब्दों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन संवैधानिक व्यवस्था को केवल राजनीतिक नारों के आधार पर नहीं आंका जा सकता। उनका तर्क है कि समाजवाद का अर्थ निजी क्षेत्र का विरोध या राज्य का पूर्ण नियंत्रण नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक न्याय तथा अवसरों की समानता भी है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मोदी सरकार की उपलब्धियों को नकारने की बजाय उन्हें भारत की नई राजनीतिक वास्तविकता का हिस्सा माना है। उनका कहना है कि पिछले एक दशक में भारत ने ऊर्जा, महत्वाकांक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान हासिल की है। लेकिन उन्होंने यह भी चेताया है कि किसी नेता की ऐतिहासिक सफलता का अंतिम पैमाना केवल उसकी व्यक्तिगत लोकप्रियता या चुनावी जीत नहीं होती। असली कसौटी यह होती है कि उसके बाद देश की संस्थाएं कितनी मजबूत, स्वायत्त और सक्षम बनकर उभरती हैं। यानी, कैप्टन का संदेश सीधे तौर पर मोदी के नेतृत्व को खारिज करने का नहीं, बल्कि उसकी अगली मंजिल तय करने का है। उनका मानना है कि मोदी-इज़्म का अगला चरण व्यक्ति-केंद्रित राजनीति से संस्था-केंद्रित राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ना चाहिए। मजबूत नेतृत्व अपनी जगह जरूरी है, लेकिन उसे संविधान, संसद, न्यायिक एवं संवैधानिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों की मजबूती के साथ आगे बढ़ना होगा। देखा जाये तो पंजाब के चुनावी माहौल में एक वरिष्ठ भाजपा नेता और दो बार के पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से उठाया गया यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह केवल पंजाब की राजनीति तक सीमित नहीं है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने आलेख के जरिए राष्ट्रीय राजनीति के सामने एक बुनियादी सवाल रखा है कि क्या भारत का अगला विकास चरण केवल मजबूत नेता के भरोसे आगे बढ़ेगा, या फिर ऐसा संस्थागत ढांचा तैयार करेगा जो किसी भी नेता से बड़ा, ज्यादा टिकाऊ और आने वाली पीढ़ियों के लिए अधिक जवाबदेह हो? कुल मिलाकर देखें तो कैप्टन के शब्दों का सार यही है कि भारत को मजबूत नेतृत्व चाहिए, लेकिन उससे भी ज्यादा मजबूत लोकतांत्रिक संस्थाएं। और शायद यही वह बहस है, जिसे उन्होंने पंजाब चुनावों से पहले अपने आलेख के जरिए राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। -नीरज कुमार दुबे
‘ऐसे समझौते...’: Harsimrat Badal ने SAD-BJP Alliance की अटकलों को फिर दी हवा, Punjab में होगी वापसी?
शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने BJP के साथ फिर से गठबंधन की नई अटकलों को हवा दी है। उन्होंने ऐसे समझौतों के बारे में रहस्यमयी बातें कहीं जिनसे दिल्ली से पंजाब में विकास और तरक्की आ सकती है। लोंगोवाल में संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं शहादत की बरसी पर एक सभा को संबोधित करते हुए, हरसिमरत बादल—जो मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुकी हैं—ने कहा कि वह इस मामले पर खुलकर बात करने से बच रही हैं और संकेत दिया कि लोगों को इसके बारे में खुद ही पता चल जाएगा। इसे भी पढ़ें: खूनी झड़प, गाड़ियों के टूटे शीशे, फाड़े गए कपड़े, जयपुर में स्कूल इंस्पेक्शन पर बवाल, CJP कार्यकर्ताओं पर ग्रामीणों ने फेंके पत्थर कौर ने कहा कि भगवान का आशीर्वाद बना रहे और लोग हमें हिम्मत दें। ऐसे समझौतों के ज़रिए विकास और तरक्की से जुड़े काम दिल्ली से किए जाते थे, और एक बार फिर पंजाब में उसी विकास और तरक्की की नींव रखी जा रही है, जिससे पंजाब और वहां के लोगों को फ़ायदा होगा। SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इन अटकलों पर अपनी बात रखी और दोनों पार्टियों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को याद किया। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, मजीठिया ने कहा कि हमें यह समझना चाहिए कि शिरोमणि अकाली दल और BJP ने साथ मिलकर काम किया है। वाजपेयी जी और बादल जी ने इस गठबंधन को मज़बूत किया और मोदी जी के समय में भी यह जारी रहा। उन्होंने कहा कि कृषि कानूनों को लेकर दोनों पार्टियां अलग हो गई थीं, लेकिन तर्क दिया कि पंजाब के सीमावर्ती राज्य होने और सामाजिक सद्भाव व राज्य के सामाजिक ताने-बाने को लेकर चिंताओं के कारण दोनों पार्टियों के एक साथ आने की मांग फिर से उठी है। इसे भी पढ़ें: BJP से गठबंधन के कयासों को Harsimrat Kaur ने दी हवा, कहा पंजाब के विकास के लिए दिल्ली जरूरी मजीठिया ने कहा कि लोग चाहते हैं कि दोनों पार्टियां एक साथ आएं। वे एक साथ आएंगे या नहीं, यह बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल का नेतृत्व तय करेगा। हरसिमरत बादल ने लोगों की भावनाओं को व्यक्त किया है। इसका नतीजा क्या होगा, यह तो समय ही बताएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कपूरथला में आज कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के सभी प्रमुख बाजार और व्यापारिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे। बंद को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस शहर के संवेदनशील स्थानों और प्रमुख बाजारों में तैनात रहीं। पंजाब बंद का असर कपूरथला बस स्टैंड पर भी साफ दिखाई दिया। कई बसें खड़ी रहीं, जबकि यात्री बस सेवा शुरू होने का इंतजार करते नजर आए। बसों की आवाजाही सामान्य दिनों के मुकाबले काफी प्रभावित रही, जिससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में परेशानी हुई। वहीं, बंद का आह्वान करने वाली धार्मिक जत्थेबंदियों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता स्टेट गुरुद्वारा साहिब में एकत्र हुए। इसके बाद उन्होंने बंद के समर्थन में मार्च निकाला। कौमी इंसाफ मोर्चा ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल-कॉलेज और सड़क व रेल यातायात बंद रखने की अपील की थी। यह बंद बंदी सिंहों की रिहाई, जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था। आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जारी रही बंद के कारण व्यापारिक गतिविधियां पूरी तरह प्रभावित रहीं। लोगों की सुविधा को देखते हुए आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं। शहर में मेडिकल स्टोर, लैब और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं खुली रहीं, ताकि मरीजों और परिजनों को परेशानी न हो। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की। प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया जत्थेबंदियों ने लोगों से बंद को सफल बनाने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करवाने की अपील की। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी सक्रिय रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद बंद के कारण कपूरथला के बाजारों में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। आमतौर पर व्यस्त रहने वाले प्रमुख बाजारों और व्यापारिक क्षेत्रों में दुकानों के शटर बंद नजर आए। हालांकि, मेडिकल स्टोर, लैब और अन्य आवश्यक सेवाएं खुली रहने से लोगों को जरूरी सामान और स्वास्थ्य सुविधाएं मिलती रहीं। अब देखें बंद की PHOTOS:-
मोगा में पंजाब बंद का व्यापक असर:सुबह नहीं खुलीं दुकानें, बंदी सिंहों की रिहाई को लेकर सरकार घिरी
बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान को मोगा में व्यापक समर्थन मिला। विभिन्न सिख और किसान संगठनों के सहयोग से मोगा शहर पूरी तरह बंद रहा। सुबह 9 बजे तक बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। बंद के मद्देनजर मोगा पुलिस ने विभिन्न चौकों पर भारी पुलिस बल तैनात किया। थाना सिटी मोगा के मुख्य अधिकारी गुरविंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि एसएसपी मोगा के सख्त निर्देश हैं कि किसी भी शरारती तत्व को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने लोगों और संगठनों से शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने की अपील की। किसान नेता ने सरकार को दी चेतावनी इस अवसर पर किसान नेता सुखजिंदर सिंह खोसा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब के लोग एकजुट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार बंदी सिंहों को पैरोल नहीं देती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा। खोसा ने आगे कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संगठन संघर्ष को और तेज करेंगे और सरकार पर दबाव बढ़ाएंगे। उन्होंने मोगा निवासियों और दुकानदारों द्वारा मिले समर्थन को इस बात का प्रमाण बताया कि लोग बंदी सिंहों की रिहाई की मांग के साथ खड़े हैं।
लुधियाना में पंजाब बंद का मिला जुला असर
लुधियाना में पंजाब बंद का मिला जुला असर
कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर आज 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। सुबह सात बजे से ही पंजाब में बंद का असर नजर आ रहा है। मार्केट-दुकानें बंद है और सार्वजनिक वाहनों की पहिये थम गए हैं। दोपहर दो बजे तक स्थिति इसी तरह रहेगी।
कौमी इंसाफ मोर्चा के पंजाब बंद के आह्वान का शुक्रवार को मोहाली के लालड़ू, हंडेसरा और आसपास के क्षेत्रों में मिला-जुला असर देखा गया। अकाली दल वारिस पंजाब ने भी इस बंद का समर्थन किया। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर यह बंद बुलाया गया था। लालड़ू में बाजार और निजी स्कूल बंद रहे, जबकि अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर यातायात सामान्य बना रहा। दूसरी ओर, हंडेसरा में प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग उठाई। अंबाला-नारायणगढ़ मार्ग पर स्थित हंडेसरा में अकाली दल वारिस पंजाब के वरिष्ठ नेता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के सदस्य निर्मैल सिंह जौला के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना दिया। वाहनों ड्राइवरों को हुई परेशानी इस प्रदर्शन के कारण सड़क जाम हो गई, जिससे वाहन ड्राइवरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बंद के आह्वान के चलते लालड़ू मंडी और हंडेसरा के बाजारों में सुबह से ही अधिकांश दुकानें बंद रहीं। क्षेत्र के निजी स्कूल भी बंद रहे। हालांकि, दवा की दुकानें, चिकित्सकों के क्लीनिक, दूध और डेयरी से जुड़ी दुकानें खुली रहीं। सरकारी कार्यालयों में भी सामान्य रूप से कामकाज जारी रहा। प्रदर्शन के दौरान निर्मैल सिंह जौला ने कहा कि कई बंदी सिंह अपनी सजाएं पूरी करने के बावजूद जेलों में बंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर विभिन्न सरकारों का रवैया एक जैसा रहा है। जौला ने सरकार से बंदी सिंहों की रिहाई के मामले में जल्द निर्णय लेने की मांग की।
कौमी इंसाफ मोर्चा के आह्वान पर बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर किए गए पंजाब बंद का मानसा में पूर्ण असर देखने को मिला। व्यापारियों, दुकानदारों और बस ट्रांसपोर्टरों ने अपने कारोबार बंद रखकर बंद का समर्थन किया। शहर के बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। इस दौरान राष्ट्रीय इंसाफ मोर्चे के सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शहर में मार्च भी निकाला। सिख नेताओं इंदरजीत सिंह, परविंदर सिंह, सहजप्रीत सिंह और अभि मौड़ ने कहा कि कई बंदी सिंह सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें रिहा नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से उनकी वापसी का इंतजार कर रहे हैं। सरकारों से बंदी सिंहों को तुरंत रिहा करने की मांग नेताओं ने सरकारों से बंदी सिंहों को तुरंत रिहा करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि 1984 के दौरान निहत्थे लोगों की हत्या के आरोपियों को पैरोल दी जा रही है, जबकि सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों को पैरोल तक नहीं मिल रही। उन्होंने बंद को समर्थन देने के लिए शहर के दुकानदारों और व्यापारियों का धन्यवाद किया। देखें बंद के कुछ PHOTO:-
बरवाला डेराबस्सी मार्ग पर स्थित पंजाब सीमा सील
बरवाला डेराबस्सी मार्ग पर स्थित पंजाब सीमा सील
Punjab Election 2027:पंजाब चुनाव से पहले BJP का बड़ा दांव! बदलेंगे सियासी समीकरण ? | AAP | Akali Dal | Congress
फाजिल्का में पंजाब बंद का असर, व्यापार मंडल ने किया समर्थन
फाजिल्का में पंजाब बंद का असर, व्यापार मंडल ने किया समर्थन
जगराओं में निहंगों ने मार्च निकाल की पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी
जगराओं में निहंगों ने मार्च निकाल की पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी
भारतीय जनता पार्टी के चंडीगढ़ स्थित स्टेट ऑफिस को आज धमकी भरा ई-मेल मिला है। ई-मेल में 21 अगस्त को बंद के दौरान खुले रहने वाले शहरों में बम धमाके करने की धमकी दी गई है। इसके अलावा 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने और शहीद दिलावर सिंह बब्बर को याद करने की बात कही गई है। सुरक्षा एजेंसियों ने ई-मेल की जांच शुरू कर दी है। भाजपा स्टेट ऑफिस चंडीगढ़ के आधिकारिक ई-मेल पर यह संदेश भेजा गया। ई-मेल में ‘21 अगस्त पंजाब बंद’ और ‘31 अगस्त स्कूल बंद’ जैसे संदेश लिखे गए हैं। भेजने वाले ने पंजाब को खालिस्तान से जोड़ते हुए धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया है। खुले शहरों में बम धमाके करने की धमकी ई-मेल में 21 अगस्त को पंजाब बंद रखने की मांग की गई है। साथ ही धमकी दी गई है कि जिन शहरों में बंद नहीं होगा, वहां बम धमाके किए जाएंगे। संदेश में 31 अगस्त को स्कूल बंद रखने और शहीद दिलावर सिंह बब्बर को याद करने की अपील भी की गई है। DGP के नाम का जिक्र, प्रतिबंधित संगठनों के नाम भी धमकी भरे ई-मेल में पंजाब के डीजीपी के नाम का भी उल्लेख किया गया है। इसमें खालिस्तान नेशनल आर्मी और बब्बर खालसा से जुड़े बताए गए कुछ लोगों के नाम लिखे गए हैं। ई-मेल में बम और आईईडी को लेकर भी कई दावे किए गए हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू की जांच जांच एजेंसियां मेल भेजने वाले की पहचान और उसके स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। ई-मेल में किए गए दावों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि धमकी देने वाला वास्तव में किसी संगठन से जुड़ा है या फर्जी पहचान के जरिए यह संदेश भेजा गया है। फिलहाल ई-मेल में दी गई धमकियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यहां देखें मेल में क्या लिखा… B”00mb Blast BJP State Office चंडीगढ़ @ 1:11PM Shaki Sd adshaki539@gmail.comto me, contact B”0mb धमाका 21 अगस्तपंजाब बंद पंजाब हुल खालिस्तान 21 अगस्त पंजाब बंद रखोनहीं जेहरा शहर खुलिया होयाउठे B”0mb धमाके होंगे BJP Office @1:11pmचंडीगढ़ वाला 31 अगस्त नु शहीद दिलावर सिंह बब्बर नु याद करोगे 31 अगस्त हर “स्कूल बंद” रखो शहीद दिलावर सिंह बब्बर नु याद करोगे - DGP यादव हिंदू गांडू भैया कह रहे हैं 600mg IED रोके13.5 किलो लेगे KNA-BKI वालेठोकना कोई होर से हूँ तेरा पौ भांड मान ठोकना 21 अगस्त “पंजाब बंद” 31 अगस्त “स्कूल बंद” खालिस्तान नेशनल आर्मी• इंजीनियर गुरनक सिंहरुकन शाहवाला• डॉ. गुरनिहवर सिंहखान राजदा बब्बर खालसा (परमार-कनाडा)• प्रो. गुरकाल सिंह PhDखेम करण पहले भी हो चुका है हमला चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित पंजाब भाजपा मुख्यालय के बाहर 1 अप्रैल 2026 की शाम करीब 5 बजे संदिग्ध विस्फोटक हमला हुआ था। हमलावरों ने कार्यालय के पास एक छोटा क्रूड बम/ग्रेनेड फेंका और मौके से फरार हो गए थे। धमाके में आसपास खड़ी गाड़ियों को नुकसान पहुंचा था, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं थी। घटना के समय का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें हमलावर ग्रेनेड की पिन निकालकर उसे फेंकते और वीडियो बनाते नजर आए थे। घटना के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू की थी। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने भी घटनास्थल का जायजा लिया था। 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था जांच के दौरान चंडीगढ़ पुलिस और पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस जांच में आईएसआई समर्थित मॉड्यूल और विदेश में बैठे हैंडलर के इशारे पर हमला किए जाने की बात सामने आई थी। आरोपियों के कब्जे से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किए गए थे।
जालंधर में कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से दी गई पंजाब बंद की कॉल के दौरान सिख जत्थेबंदी के लोगों के साथ झड़प देखने को मिली। मकसूदां की सर्विस रोड पर पत्नी का डायलसिस करवाने जाते व्यक्ति की बहस हो गई जिसके बाद दोनों पक्षों में थप्पड़ चले।वहीं बंद का शहर में मिलाजुला असर देखने को मिला। बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा के सदस्यों ने गुरुनानक मिशन चौक में धरना दिया और कीर्तन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर दरियां बिछाकर बैठ गए और दुकानदारों व लोगों से बंद के समर्थन की अपील की। सुरक्षा के मद्देनजर जगह-जगह पुलिस तैनात रही। वहीं, गुरुनानकपुरा इलाके में सड़कों पर सामान्य चहल-पहल दिखाई दी। पेट्रोल पंपों पर भीड़ रही, जबकि दूध, ब्रेड और बेकरी की दुकानें खुली रहीं। निहंग जत्थेबंदियों के लोग पैदल और वाहनों में घूमते नजर आए। लाउड स्पीकर के जरिए लोगों से बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बंद का समर्थन करने की अपील की गई। वहीं, जालंधर बस स्टैंड से सुबह से कोई बस नहीं चली। बस सेवा प्रभावित होने के कारण पंजाब और हिमाचल जाने वाले 100 से अधिक यात्री बस स्टैंड पर फंसे हुए हैं। कई यात्री खाली खड़ी बसों में अपनी सीट बुक करते नजर आए। देखें पंजाब बंद के 10 PHOTO:-
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब बंद, अमृतसर में भी दिखा व्यापक असर
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए पंजाब बंद, अमृतसर में भी दिखा व्यापक असर
ग्वालियर में अग्निवीर पर शादी का झांसा देकर रेप करने, जबरन अबॉर्शन कराने और जहरीला पदार्थ खिलाकर हत्या करने का केस दर्ज किया गया है। युवती के मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने पंजाब रवाना हो गई है। आरोपी अग्निवीर विकास बघेल चीनौर के खुर्दपाल का रहने वाला है। उसकी 19 वर्षीय पीड़ित युवती से करीब 3 साल पहले शादी की बातचीत चली थी। दोनों परिवार सहमत नहीं हुए तो रिश्ता तय नहीं हुआ लेकिन विकास युवती के संपर्क में बना रहा। पुलिस के मुताबिक, विकास ने शादी का भरोसा देकर युवती से 3 साल में कई बार दुष्कर्म किया। अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। बाद में इनके जरिए वो युवती को ब्लैकमेल करने लगा। लगातार संबंध बनाने के चलते 2025 में युवती प्रेग्नेंट हो गई। विकास ने प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर उसका गर्भपात करा दिया। इसके बाद वह विकास पर शादी करने का दबाव बनाने लगी। फोटो-वीडियो डिलीट कराने को लेकर विवाद विकास ने 7 अगस्त 2026 को युवती को बात करने के लिए बुलाया। वह परिजन को बिना बताए घर से निकली। ममेरे भाई ने उसे पोसम्पा कैफे के पास छोड़ा। यहां से विकास उसे हजार बिस्तर अस्पताल के पास एक कमरे में ले गया। युवती ने विकास को अपने अश्लील फोटो और वीडियो डिलीट करने के लिए कहा। इसको लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि विकास ने इसी दौरान उसे जबरदस्ती जहरीला पदार्थ खिलाकर पानी पिला दिया। फिर वहां से भाग गया और पंजाब जाकर ड्यूटी जॉइन कर ली। मौत से पहले रिकॉर्ड बयान बना अहम सबूत तबीयत बिगड़ने पर युवती ने परिजन को फोन किया। वे उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले अस्पताल में युवती ने पुलिस को दिए बयान में विकास पर आरोप लगाए थे। युवती के परिजन ने पुलिस को उसका एक वीडियो भी सौंपा है, जिसमें वह विकास द्वारा जहर दिए जाने की बात कह रही है। आरोपी गिरफ्तार, ग्वालियर ला रही पुलिस सिरोल थाना प्रभारी गोविंद बगोली ने कहा- युवती के बयान, परिजन की गवाही और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों के आधार पर विकास के खिलाफ हत्या, दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। हमारी टीम पंजाब से उसे गिरफ्तार कर ग्वालियर ला रही है। ये खबर भी पढ़ें… लुटेरा दूल्हा…3 देशों की 11 महिलाओं से करोड़ों ठगे आपने 'लुटेरी दुल्हनों' की कई कहानियां सुनी होंगी लेकिन यह मामला एक ऐसे 'लुटेरे दूल्हे' का है, जिसने भारत समेत तीन देशों की 11 महिलाओं को शादी और प्रेम का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठग लिए। पीड़ितों में अधिकांश 40 वर्ष से अधिक उम्र की फर्स्ट क्लास अधिकारी, एडवोकेट, डॉक्टर और शिक्षक हैं। पढे़ं पूरी खबर…
जालंधर से अमृतसर तक पंजाब बंद का असर, कई इलाकों में पुलिस बल तैनात
सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहे 'कौमी इंसाफ मोर्चा' ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है. पंजाब में कई स्कूल शुक्रवार को बंद हैं. पंजाब यूनिवर्सिटी ने 21 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं का समय बदल दिया है. कई इलाकों में पुलिस बल तैनात किया गया है.
सिख कैदियों ('बंदी सिंहों') की रिहाई की मांग को लेकर 'कौमी इंसाफ मोर्चा' की ओर से बुलाए गए 7 घंटे के पंजाब बंद से शुक्रवार को राज्य भर में जनजीवन और व्यापारिक कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। मोर्चे को विभिन्न धार्मिक, सामाजिक, किसान संगठनों और कई सिख राजनीतिक दलों का पूर्ण समर्थन प्राप्त है। मोर्चे ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पूरे राज्य में कमर्शियल प्रतिष्ठान बंद रखने और मुख्य हाईवे व रेलवे ट्रैक जाम करने का फैसला किया है। हालांकि पंजाब की शिक्षा सचिव सोनाली गिरी ने कहा कि शिक्षण संस्थानों को बंद करने का कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, लेकिन 'प्राइवेट अनएडेड स्कूल्स एसोसिएशन' और 'फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब' ने अपने सदस्यों को छात्रों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए शुक्रवार को अपने संस्थान बंद रखने की सलाह दी है। हालांकि, राज्य और केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे कॉलेजों और विश्वविद्यालयों ने छुट्टी का कोई नोटिस जारी नहीं किया है। छात्रों को परेशानी से बचाने के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी ने शुक्रवार को होने वाली परीक्षाओं को टालने की घोषणा की। ये परीक्षाएं अब 10 सितंबर को होंगी। सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर मोर्चा 7 जनवरी, 2023 से मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर अनिश्चितकालीन धरना दे रहा है। इसके नेताओं ने 15 अगस्त को पंजाब बंद की घोषणा की थी, जब चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब के गवर्नर के आवास की ओर मार्च के दौरान बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया था। इसे भी पढ़ें: Somalia Cargo Ship Hijacking | सोमालिया तट पर तुर्की के सैन्य हथियार ले जा रहे कार्गो जहाज का अपहरण, 6 भारतीय समेत 10 क्रू मेंबर सवार थे मेडिकल इमरजेंसी, एयरपोर्ट जाने, परीक्षाओं और शादियों को छूट मोर्चा नेताओं ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों, कमर्शियल प्रतिष्ठानों, ट्रांसपोर्टरों और शिक्षण संस्थानों सहित समाज के हर वर्ग से समर्थन मांगा है। हालांकि, मोर्चा नेताओं ने कहा है कि मेडिकल इमरजेंसी जैसी ज़रूरी सेवाओं के साथ-साथ एयरपोर्ट जाने, परीक्षाओं और शादी समारोहों के लिए आने-जाने की अनुमति होगी। मोर्चा के संयोजक पाल सिंह फ्रांस ने कहा, ट्रांसपोर्ट, दुकानें और अन्य कमर्शियल आउटलेट सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बंद रहेंगे। अस्पताल और केमिस्ट की दुकानें खुली रहेंगी। एम्बुलेंस, शव वाहन और शादी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को छूट दी जाएगी। इमरजेंसी में किसी भी व्यक्ति या यात्री को रोका नहीं जाएगा। उन्होंने कहा, हम जनता को परेशान नहीं करना चाहते और न ही रोज़मर्रा की ज़िंदगी और कारोबार में कोई रुकावट डालना चाहते हैं। इस बंद का मकसद उन सिख कैदियों के लिए न्याय मांगना है जो दशकों से अलग-अलग जेलों में बंद हैं। उन्हें पैरोल तक नहीं दी गई है। इसे भी पढ़ें: पुणे में गूंजेगी ‘छात्रों की आवाज’, राहुल गांधी के दौरे पर देवेंद्र फडणवीस और हर्षवर्धन सपकाल आमने-सामने SGPC और सिख राजनीतिक पार्टियों का बंद को समर्थन इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी, किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी समेत किसान संगठनों, कर्मचारी यूनियनों और SAD (पुनर्जीवित), SAD (अमृतसर) और अकाली दल वारिस पंजाब दे जैसी राजनीतिक पार्टियों का समर्थन मिला है। बंद को देखते हुए, SGPC ने अमृतसर स्थित अपने मुख्यालय में होने वाली एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक को भी 22 अगस्त तक के लिए टाल दिया है। SGPC के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि बंद के समर्थन में 21 अगस्त को SGPC के सभी दफ़्तर और संस्थान बंद रहेंगे: SGPC सिख कैदियों की रिहाई के लिए लगातार कोशिशें कर रही है और इस मकसद के लिए किए जाने वाले हर शांतिपूर्ण संघर्ष को पूरा समर्थन देती रहेगी। जिन सिख कैदियों की समय से पहले रिहाई या सज़ा कम करने की मांग की जा रही है, उनमें जगतार सिंह हवारा (2007 में दोषी करार, 2010 में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला गया), बलवंत सिंह राजोआना (2007, मौत की सज़ा), परमजीत सिंह भ्योरा (2010, उम्रकैद), जगतार सिंह तारा (2018, उम्रकैद) शामिल हैं। ये सभी 1995 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी ठहराए गए थे। इनके साथ ही आतंकी गतिविधियों के दोषी गुरदीप सिंह खेरा (1991, उम्रकैद) और दविंदरपाल सिंह भुल्लर (2001 में दोषी करार, 2014 में मौत की सज़ा को उम्रकैद में बदला गया) भी शामिल हैं। हाल ही में, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया से मुलाक़ात की और हवारा को 10 दिन की पैरोल देने का समर्थन किया ताकि वह अपनी बीमार माँ से मिल सके। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi #WATCH | Moga, Punjab: On Punjab Bandh called by the Qaumi Insaaf Morcha, Inspector Gurwinder Singh Bhullar (SHO City 1 Moga) says, Since this morning, the Moga police, acting under the instructions of our SSP, have deployed a heavy police force here. I want to assure the public… pic.twitter.com/bDQ3HatjYU — ANI (@ANI) August 21, 2026
फिरोजपुर में पंजाब बंद के बावजूद सब्जी मंडी में चहल-पहल
फिरोजपुर में पंजाब बंद के बावजूद सब्जी मंडी में चहल-पहल
जगराओं में पंजाब बंद के दाैरान दुकानें बंद
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आज पंजाब बंद: मोहाली-चंडीगढ़ के बाॅर्डर सील, पंजाब में दुकानों के शटर नहीं उठे; भारी पुलिस बल तैनात
कौमी इंसाफ मोर्चा ने आज पंजाब बंद का आह्वान किया है।
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से आज 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। बंद का असर अब अमृतसर में भी दिखाई देना शुरू हो गया है। मोर्चा सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग कर रहा है। शहर के कई इलाकों में आवाजाही प्रभावित नजर आ रही है, वहीं अमृतसर के बस स्टैंड पर भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस स्टैंड पर कई यात्री बसों का इंतजार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बंद के चलते बसों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है। सुबह से ही यात्री बसों के आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें काफी समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। बस स्टैंड पर मौजूद यात्री जसकीरत कौर ने बताया कि वह देहरादून से अमृतसर पहुंची हैं और उन्हें हरगोबिंदपुर जाना है। उन्होंने बताया कि सुबह से वह बस का इंतजार कर रही हैं, लेकिन अभी तक उन्हें हरगोबिंदपुर जाने के लिए कोई बस नहीं मिली है। जसकीरत कौर के मुताबिक, वह काफी समय से बस स्टैंड पर इंतजार कर रही हैं और बस मिलने का इंतजार कर रही हैं। इसी तरह कई अन्य यात्री भी अमृतसर के बस स्टैंड पर बसों का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। कुछ यात्री अपने सामान के साथ बसों के आने की उम्मीद में खड़े हैं, जबकि कुछ यात्री बसों की जानकारी लेने के लिए इधर-उधर पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं।
कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने पंजाब बंद का किया आह्वान
कई धार्मिक और राजनीतिक संगठनों ने पंजाब बंद का किया आह्वान
राहुल गांधी की पंजाब बस यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह में, अमृतसर से हुसैनीवाला तक जाने की संभावना
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच राहुल गांधी सितंबर के पहले सप्ताह में पंजाब की बस यात्रा शुरू कर सकते हैं। प्रस्तावित यात्रा अमृतसर से शुरू होकर हुसैनीवाला बॉर्डर तक जाने की संभावना है।
कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से पंजाब बंद की कॉल का असर पठानकोट में देखने को मिला। शहर के सभी मुख्य बाजार और सरकारी स्कूल बंद रखे गए हैं। अधिकतर निजी स्कूलों के प्रबंधकों ने भी सुबह-सुबह अभिभावकों को छुट्टी का मैसेज भेज दिया था। पठानकोट के बस स्टैंड पर भी आम दिनों की तरह भीड़ नजर नहीं आ रही है। बस स्टैंड खाली पड़ा है। सरकारी बसें भी स्टैंड पर नहीं पहुंच रही हैं। बस स्टैंड पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न संगठनों की ओर से टोल प्लाजा पर धरने दिए जा रहे हैं। इसके चलते टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम होने और लोगों को परेशानी का सामना करने की आशंका है। लोगों की परेशानी को देखते हुए बसों का संचालन दोपहर 2 बजे तक बंद रखा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर 2 बजे के बाद सभी बसें आम दिनों की तरह चलेंगी। कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद को समर्थन अकाली दल वारिस पंजाब के जिला प्रधान उमराव सिंह कंग ने प्रेस बयान जारी कर पठानकोट और आसपास के क्षेत्र की जनता से 21 अगस्त को कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से दिए गए पंजाब बंद के आह्वान को सफल बनाने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी बंद का पूर्ण समर्थन करती है। व्यापारियों और आम जनता से सहयोग की अपील जिला प्रधान उमराव सिंह कंग ने पठानकोटवासियों और सभी वर्गों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की थी। उन्होंने व्यापार मंडल के नेताओं और दुकानदारों से दुकानें, कारोबार और निजी संस्थान बंद रखकर कौमी इंसाफ मोर्चे का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सड़क यातायात बंद रखकर विरोध दर्ज कराने की भी अपील की। प्रशासन से सहयोग की मांग कंग ने स्थानीय प्रशासन से भी शांतिपूर्ण तरीके से सहयोग करने की अपील की थी, ताकि कौमी इंसाफ मोर्चे की मांगों के समर्थन में एकजुटता का संदेश दिया जा सके। बता दें कि, कौमी इंसाफ मोर्चा सजा पूरी होने के बावजूद जेल में बंद सिख कैदियों की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग कर रहा है।
लुधियाना में पंजाब बंद का असर, जगह-जगह पुलिस तैनात, दुकानें नहीं खुली
लुधियाना में पंजाब बंद का असर, जगह-जगह पुलिस तैनात, दुकानें नहीं खुली
BJP से गठबंधन के कयासों को Harsimrat Kaur ने दी हवा, कहा पंजाब के विकास के लिए दिल्ली जरूरी
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने बृहस्पतिवार को पंजाब की तरक्की के लिए दिल्ली से बेहतर संबंध की इच्छा जताकर एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन की अटकलों को हवा दे दी है। सांसद ने यह संकेत यहां संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की शहादत की 41वीं बरसी के मौके पर आयोजित शिअद के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। उन्होंने कहा, ‘‘गुरु साहिब कृपा करें। बोलना मेरा काम नहीं है, इसलिए मैं अपनी जुबान रोक रही हूं। आपको खुद ही पता चल जाएगा।’’हरसिमरत ने कहा, ‘‘ईश्वर हम पर कृपा करें और लोग हमें हिम्मत दें। ऐसे समझौतों के जरिए, जिनसे विकास और तरक्की से जुड़े काम दिल्ली से किए जाते थे, एक बार फिर पंजाब में उसी विकास और तरक्की की नींव रखी जा रही है, जिससे पंजाब और पंजाब के लोगों को लाभ होगा।’’इस महीने की शुरुआत में, शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उनके कार्यालय में मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से शिअद के भाजपा के साथ गठबंधन करने की अटकलें शुरू हो गई थीं। शिअद पहले भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा था लेकिन अब रद्द हो चुके तीन कृषि कानूनों को लेकर वह गठबंधन से अलग हो गया था।
विदेशी जमीन से कई गैंगस्टरों की नजर पंजाब की जवानी पर है। ये लोग युवाओं को सूबे में अपना गुर्गा बनाने के लिए हर तरह के हथकंडे अपना रहे हैं।
आज पंजाब बंद: जेलों में बंद बंदी सिंहों को रिहा करने की मांग, सात घंटे प्रभावित रह सकती है आवाजाही
कौमी इंसाफ मोर्चा ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। मोर्चे का कहना है कि कई बंदी सिंह अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें जेलों से रिहा नहीं किया गया जिस कारण पंजाब बंद का आह्वान किया गया।
पंजाब में जरूरतमंद मरीजों को तुरंत रक्त उपलब्ध कराने के लिए हर जिले में रक्तदाताओं की डायरेक्टरी बनेगी। सरकार अब रक्तदान के साथ अंगदान के लिए भी जागरूक करेगी।
Punjab University ने टालीं परीक्षाएं, पंजाब के निजी स्कूलों में भी छुट्टी
‘कौमी इंसाफ मोर्चा’ के पंजाब बंद के आह्वान के मद्देनजर राज्य के निजी विद्यालयों के एक महासंघ ने बृहस्पतिवार को छुट्टी की घोषणा की। वहीं पंजाब विश्वविद्यालय ने 21 अगस्त को होने वाली परीक्षाओं का समय बदल दिया। मोर्चा ने ‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को बंद का आह्वान किया है। राज्य में शुक्रवार को सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक बंद रहेगा। छात्रों को होने वाली असुविधा से बचाने के लिए पंजाब विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को होने वाली उन परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है, जिनमें कुछ विद्यार्थी पहले शामिल नहीं हो पाए थे। अब ये परीक्षाएं 10 सितंबर को आयोजित की जाएंगी। राज्य के 7,500 से अधिक निजी विद्यालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘फेडरेशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स एंड एसोसिएशन ऑफ पंजाब’ (एफएपी) ने कहा कि उसने 21 अगस्त को सभी विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा की है। एफएपी के अध्यक्ष जगजीत सिंह धुरी ने एक बयान में कहा कि यह निर्णय छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है। मोर्चा नेताओं ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों, परिवहन संचालकों और शिक्षण संस्थानों समेत समाज के सभी वर्गों से समर्थन मांगा है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश के बाद मोती नगर पुलिस ने लुधियाना ईस्ट सब-डिवीजन में वर्ष 2013 से 2016 के बीच कथित तौर पर कम कीमत पर रजिस्टर्ड कराए गए 134 जमीन सौदों के मामले में 256 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों में पंजाब हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। इस कार्रवाई के बाद सब-रजिस्ट्रार ईस्ट कार्यालय में अब तक दर्ज करीब 2.5 लाख जमीन सौदे भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। पुलिस ने यह मामला सब-रजिस्ट्रार (ईस्ट) की शिकायत पर दर्ज किया है। FIR में विवादित संपत्तियों के खरीदारों और विक्रेताओं के नाम शामिल हैं। संपत्तियों का कथित तौर पर कम मूल्यांकन कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं। हालांकि, अभी तक राजस्व विभाग के किसी अधिकारी को आरोपी नहीं बनाया गया है। पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ:-
FBI ने लॉरेंस बिश्नोई ऑर्गेनाइज्ड क्राइम ग्रुप से जुड़े भारतीय नागरिक कमल को वांटेड घोषित किया है. उस पर रंगदारी से जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क में शामिल होने का आरोप है.
आज (21 अगस्त) कौमी इंसाफ मोर्चा का पंजाब बंद है। 7 घंटे तक पंजाब बंद का ऐलान किया गया है। कौमी इंसाफ मोर्चा सजा पूरी होने के बाद भी जेल में बंद सिखों की रिहाई और पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार हवारा की पैरोल की मांग कर रहा है। बंद कब से कब तक रहेगा?कौमी इंसाफ मोर्चा के कन्वीनर भाई पाल सिंह फ्रांस ने बताया कि पंजाब बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। आज क्या-क्या बंद रहेगा? इन पर बंद का ऐलान नहीं लेकिन असर पड़ेगा बंद को किस-किसका समर्थन?इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल (वारिस पंजाब दे), दल खालसा, हवारा कमेटी के अलावा विभिन्न पंथक संगठनों और किसान-मजदूर संगठनों का भी समर्थन है। कौमी इंसाफ मोर्चा का बंद क्यों, उनकी 4 मांगें..
आज पंजाब बंद : मोहाली-चंडीगढ़ के स्कूलों में छुट्टी, हाईवे-रेल ट्रैक पर बैठेंगे प्रदर्शनकारी
आज पंजाब बंद : मोहाली-चंडीगढ़ के स्कूलों में छुट्टी, हाईवे-रेल ट्रैक पर बैठेंगे प्रदर्शनकारी
Mohali News: टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज से हत्यारोपियों की तलाश, पंजाब के कई जिलों में छापे
टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज से हत्यारोपियों की तलाश, पंजाब के कई जिलों में छापे
नशे के खिलाफ पंजाब पुलिस का महाअभियान, फाजिल्का में 924 मामलों में 1,331 गिरफ्तार
पंजाब पुलिस ने 924 एनडीपीएस मामले, 1331 गिरफ्तारियां और 41 किलोग्राम से अधिक हेरोइन, अफीम और गांजा जब्त करने की रिपोर्ट दी
कौमी इंसाफ मोर्चे के आह्वान पर 21 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को बुलाए गए 'पंजाब बंद' को सफल बनाने के लिए फरीदकोट में विभिन्न सिख और पंथक संगठनों ने अपनी कमर कस ली है। संगठनों ने अपनी तैयारियां पूरी करते हुए आम जनता, व्यापारियों और समाज के सभी वर्गों से इस बंद को शांतिपूर्ण ढंग से सफल बनाने की पुरजोर अपील की है। नेताओं ने स्पष्ट किया है कि यह बंद कल दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगा और इस दौरान आम जनता की सहूलियत के लिए आपातकालीन व जरूरी सेवाओं को पूरी छूट दी गई है। इन मांगों को लेकर बुलाया गया है पंजाब बंद फरीदकोट में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सिख संगठनों के प्रतिनिधियों—रणजीत सिंह, मनप्रीत सिंह खालसा सहित अन्य पंथक नेताओं ने बंद के मुख्य कारणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कौमी इंसाफ मोर्चे द्वारा यह बंद मुख्य रूप से दो बड़ी मांगों को लेकर बुलाया गया है। जेलों में बंद नजरबंद सिख कैदी जगतार सिंह हवारा को अपनी बीमार मां से मिलने के लिए कम से कम 10 दिन की पैरोल दी जाए। अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके सभी 'बंदी सिंहों' को तुरंत जेलों से रिहा किया जाए। हवारा ने ठुकराई एक दिन की पैरोल, संगठनों ने जताया रोष प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पंथक नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि जगतार सिंह हवारा की माता काफी लंबे समय से गंभीर रूप से बीमार हैं। उनसे मुलाकात के लिए खुद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब के राज्यपाल से मुलाकात कर पैरोल की पैरवी की थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन द्वारा कथित तौर पर हवारा को केवल एक दिन की ही पैरोल दी जा रही है। नेताओं के मुताबिक, जगतार सिंह हवारा ने इस एक दिन की पैरोल को नाकाफी बताते हुए इसे लेने से साफ इनकार कर दिया है। शहर में निकाला जाएगा रोष मार्च, समाज के सभी वर्गों से सहयोग की अपील रणजीत सिंह और मनप्रीत सिंह खालसा ने कहा कि अमानवीय आधार पर हवारा को कम से कम 10 दिन की पैरोल मिलनी चाहिए ताकि वह अपनी मां की देखभाल कर सकें। उन्होंने घोषणा की कि बंद के दौरान कल 21 अगस्त को संगठनों की ओर से फरीदकोट शहर में एक विशाल रोष मार्च भी निकाला जाएगा। पंथक नेताओं ने फरीदकोट के समस्त दुकानदारों, कारोबारियों, ट्रांसपोर्टरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर 2 बजे तक अपने प्रतिष्ठान और कामकाज बंद रखकर इस संघर्ष में अपना योगदान दें, ताकि जेलों में बंद सिखों की रिहाई की आवाज को सरकार के कानों तक मजबूती से पहुंचाया जा सके।
कौमी इंसाफ मोर्चा द्वारा बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर कल पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। इस आह्वान के मद्देनजर गुरदासपुर पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और पूरी तरह से मुस्तैद है। गुरदासपुर के एसपी-डी मनोज कुमार ने बताया कि बंद के आह्वान को देखते हुए पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शहर में लगभग 200 पुलिस जवानों को तैनात किया जाएगा ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। एसपी-डी मनोज कुमार ने यह भी जानकारी दी कि बंद सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक प्रभावी रहेगा। उन्होंने शहर के लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
चंडीगढ़, 20 अगस्त . पंजाब के Governor गुलाब चंद कटारिया ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब लोक भवन में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की रजत पदक विजेता और इंटरनेशनल वेटलिफ्टर हरजिंदर कौर को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए सम्मानित किया. इस अवसर पर Governor ने हरजिंदर कौर को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी सफलता से न ... Read more
कल पंजाब बंद, मोहाली-चंडीगढ़ के कई स्कूलों की छुट्टी; एयरपोर्ट जाने वालों को नहीं रोकेगा कोई
कौमी इंसाफ मोर्चा ने बंदी सिखों की रिहाई की मांग को लेकर 21 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। इसके चलते मोहाली और चंडीगढ़ के कई स्कूलों ने छुट्टी की घोषणा कर दी है।
पंजाब सरकार पर वादाखिलाफी और लंबित मांगों के समाधान में हो रही देरी के आरोप लगाकर कंप्यूटर शिक्षकों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कंप्यूटर टीचर्स यूनियन पंजाब (जिला पठानकोट) के बैनर तले बड़ी संख्या में पहुंचे शिक्षकों ने जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार की टालमटोल नीति के विरोध में पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। शिक्षकों का आरोप है कि 70 से अधिक बैठकें होने और 'टीचर्स गारंटी प्रोग्राम' के वादों के बावजूद सरकार उनकी जायज मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है। 70 से अधिक बैठकें बेनतीजा, 13 और 18 अगस्त की मीटिंग रद्द होने से रोष युनियन नेताओं राकेश सैनी और अमनदीप सिंह की अगुवाई में पहुंचे शिक्षकों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को हल करने के बजाय बैठकों का झांसा देकर टालमटोल की नीति अपना रही है। ताओं ने बताया कि सरकार के साथ अब तक 70 से अधिक बैठकें हो चुकी हैं। हाल ही में 13 और 18 अगस्त को तय बैठकों को बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक स्थगित कर दिया गया। डीए से संबंधित फाइल पर सहमति बनने के बावजूद वित्त विभाग ने उसे मंजूरी देने के बजाय वापस भेज दिया, जिससे शिक्षकों में भारी निराशा है। 'टीचर्स गारंटी प्रोग्राम' का वादा निभाने में विफल रही सरकार शिक्षकों ने आम आदमी पार्टी की सरकार को उनके चुनावी वादों की याद दिलाते हुए कहा कि चुनाव के दौरान 'टीचर्स गारंटी प्रोग्राम' के तहत कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करने की गारंटी दी गई थी, लेकिन साढ़े चार साल से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। वर्ष 2022 में घोषित छठे वेतन आयोग का लाभ और बकाया डीए आज तक जारी नहीं किया गया। आंदोलन को व्यापक बनाने की चेतावनी प्रदर्शन के बाद यूनियन पदाधिकारियों ने आगामी रणनीति पर चर्चा की। नेताओं ने स्पष्ट किया कि अब केवल खोखले आश्वासन और बैठकों से काम नहीं चलेगा। यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र ठोस और समयबद्ध निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेश स्तर पर आंदोलन को और अधिक तीव्र और व्यापक बनाया जाएगा।
भाजपा ने ईडी के मामले पर पंजाब पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाए, सीबीआई जांच की मांग की
चंडीगढ़, 20 अगस्त . Enforcement Directorate (ईडी) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जांच सामग्री पंजाब के Police महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव को भेजी है. ईडी ने कहा है कि सामग्री संज्ञेय अपराधों के होने का संकेत देती है. Police ने पिछले 13 दिनों से ईडी के मामले को लंबित रखा है, जिससे ... Read more
पीजीजीसी-11 के 60 छात्रों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का शैक्षणिककिया दौरा
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर-11, चंडीगढ़ के 60 छात्रों ने यूएन अवॉर्डी सामाजिक कार्यकर्ता और कॉलेज के पूर्व छात्र वकील तनुज गोयल के मार्गदर्शन में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का शैक्षणिक दौरा किया। यह दौरा राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 के तहत अनुभवात्मक और संस्थागत शिक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
भाजपा पुराना वीडियो वायरल कर पंजाब के स्कूलों को बदनाम कर रही : हरजोत बैंस
भाजपा पुराना वीडियो वायरल कर पंजाब के स्कूलों को बदनाम कर रही : हरजोत बैंस
किशनगंज में विवाहिता लापता:ससुर ने दर्ज कराई FIR, पति पंजाब में करता है मजदूरी
किशनगंज के सिमलबाड़ी ब्लॉक चौक वार्ड से एक विवाहिता संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। महिला के ससुर ने इस संबंध में किशनगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर महिला की तलाश और जांच शुरू कर दी है। लापता महिला की पहचान पूनम देवी के रूप में हुई है। उनके पति मजदूरी के सिलसिले में अक्सर पंजाब में रहते हैं। परिजनों के अनुसार, पूनम देवी 12 अगस्त की रात करीब 11 बजे अपने दो बेटों और एक बेटी को घर में सुलाकर बाहर निकली थीं। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजनों ने अपने आवेदन में आशंका जताई है कि किसी व्यक्ति ने पूनम देवी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले लिया होगा। जल्द से जल्द बरामदगी की मांग की घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने अपने स्तर पर रिश्तेदारों और परिचितों सहित कई संभावित स्थानों पर पूनम की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। लापता होने की सूचना पूनम देवी के पति को भी दे दी गई है, जो इस समय पंजाब में मजदूरी कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों ने महिला के साथ किसी अनहोनी की आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस से जल्द से जल्द उनकी बरामदगी की मांग की है। संभावित ठिकानों पर भी तलाश अभियान चला रही पुलिस पुलिस को दिए गए आवेदन में लापता महिला का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया गया है। इससे पुलिस तकनीकी माध्यमों से उसकी लोकेशन और संपर्क सूत्रों की जांच कर सकेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर सभी संभावित पहलुओं से जांच की जा रही है। फिलहाल, महिला के लापता होने की वास्तविक वजह और किन परिस्थितियों में वह घर से निकली, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के साथ-साथ संभावित ठिकानों पर भी तलाश अभियान चला रही है।
जेलों में सजा पूरी कर चुके 'बंदी सिखों' की रिहाई की मांग और 15 अगस्त को शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में 'राष्ट्रीय न्याय मोर्चा' (कौमी इंसाफ मोर्चा) ने 21 अगस्त को 'पंजाब बंद' का आह्वान किया है। मोर्चे के नेताओं ने जालंधर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि यह बंद 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहेगा। इस दौरान स्कूल, कॉलेज, बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान और हाईवे पर सामान्य आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी, जबकि एम्बुलेंस, अस्पताल और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। पंजाब प्रेस क्लब जालंधर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कौमी इंसाफ मोर्चा के संयोजक भाई पाल सिंह फ्रांस और विभिन्न पंथक, किसान व दलित संगठनों के नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की।सरकार मानव अधिकारों का कर रही उल्लंघन भाई पाल सिंह फ्रांस ने कहा कि चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर 7 जनवरी 2023 से बंदी सिखों की रिहाई के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से मोर्चा चल रहा है। इसके बावजूद सरकारें लगातार संवैधानिक और मानव अधिकारों का उल्लंघन कर रही हैं। उन्होंने बताया कि 32-32 वर्षों की लंबी सजा काट चुके बंदी सिखों को न तो रिहा किया जा रहा है और न ही उन्हें पैरोल का बनता कानूनी हक दिया जा रहा है।सरकार पैरोल नहीं दे रही नेताओं ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार भाई जगतार सिंह हवारा की 83 वर्षीय बुजुर्ग मां की गंभीर हालत का जिक्र करते हुए कहा कि एक मां अपने बेटे से मिलने के लिए आखिरी सांसें गिन रही है, लेकिन सरकार उन्हें पैरोल जैसा बुनियादी अधिकार भी नहीं दे रही है। पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई बेहद अमानवीय और शर्मनाक इसके अलावा, मोर्चे ने 15 अगस्त को राजभवन की ओर जा रहे शांतिपूर्ण विरोध मार्च पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को बेहद अमानवीय और शर्मनाक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए तथा जहरीले रासायनिक पानी की बौछारें की गईं। इस पुलिस कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कवरेज कर रहे दो पत्रकार भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सरकार की इसी तानाशाही और अत्याचारी कार्रवाई के जवाब में मोर्चे ने 21 अगस्त को सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक पूरे राज्य में बंद का फैसला लिया है। बंद के दायरे को स्पष्ट करते हुए नेताओं ने बताया कि इस अवधि में सभी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, व्यावसायिक संस्थान, बाजार, दुकानें और हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पूरी तरह ठप रहेगी। हालांकि, आम जनता की सुविधा और मानवीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एम्बुलेंस, अस्पताल, मेडिकल स्टोर, फायर ब्रिगेड और अन्य सभी आपातकालीन सेवाओं को पूरी तरह से छूट दी गई है।2 बजे तक अपने कामकाज और वाहन बंद रखे मोर्चे ने पंजाब के व्यापार मंडलों, ट्रांसपोर्ट यूनियनों, किसान-मजबूर जत्थेबंदियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे जात-पात और राजनीति से ऊपर उठकर दोपहर 2 बजे तक अपने कामकाज और वाहन बंद रखकर इस साझा संघर्ष का समर्थन करें।
भिवानी के थाना सिविल लाइन पुलिस ने डेरे में रखें बैग से लाखों रुपए चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने आरोपी से चोरी की गई रकम में से 4 लाख रुपए बरामद किए हैं। शिकायतकर्ता ने थाना सिविल लाइन पुलिस को शिकायत दी कि राजीव कॉलोनी में उनके समाज का डेरा है। जहां राहुल नामक युवक खाना बनाने का काम करता था। राहुल ने अलग-अलग तारीखों में उनके बैग से करीब 8-9 लाख रुपए चोरी कर लिए। शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया। 4 लाख रुपए बरामद भिवानी थाना सिविल लाइन की पुलिस चौकी सेक्टर-13 के मुख्य सिपाही अशोक कुमार ने डेरे से बैग में रखे लाखों रुपए चोरी करने की वारदात में शामिल आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पंजाब के संगरूर की रामनगर बस्ती निवासी राहुल के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई रकम में से 4 लाख रुपए बरामद किए हैं। शौक पूरा करने व पैसों के लालच में चोरी की प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अपने शौक पूरे करने और पैसों के लालच में आकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 2 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया जाएगा। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी से पूछताछ कर चोरी की गई शेष राशि तथा वारदात से संबंधित अन्य तथ्यों का पता लगाया जाएगा।
8 माह में 924 केस, 1331 आरोपी गिरफ्तार... पंजाब की फाजिल्का पुलिस का एक्शन
पंजाब की फाजिल्का पुलिस ने 38 वाहनों को जब्त किया है और 252 लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में भर्ती कराया. साइबर अपराध जागरुकता, तकनीक आधारित पुलिसिंग और सामुदायिक संपर्क के माध्यम से कानून व्यवस्था मजबूत की जा रही है.
सत्येंद्र जैन अरेस्ट, BJP पर बरसी AAP और मान सरकार, देखें पंजाब आजतक
पंजाब आजतक में आज आपको दिखाएंगे कैसे आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र कुमार जैन की गिरफ्तारी पर पंजाब में सियासत गर्मा गई है. दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच ने बुधवार को पूर्व जल मंत्री और सत्येंद्र कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है. ये कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट टेंडर घोटाले में की गई है.
सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई, जगजीत सिंह हवारा को पैरोल देने और 15 अगस्त को मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त (शुक्रवार) को पूरे पंजाब बंद रखने का ऐलान किया है। मोर्चे ने सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक राज्य के सभी बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्कूल-कॉलेजों और सड़क व रेल यातायात को बंद करने का ऐलान किया। मोर्चे ने लोगों से अपील की है कि बंद में सहयोग करें। उन्होंने सप्ष्ट कर दिया कि पंजाब के सभी मार्गों पर यातायात पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। उधर, कौमी मोर्चा के इस बंद को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), वारिस पंजाब दे, दल खालसा, हवारा कमेटी सहित विभिन्न पंथक, किसान-मजदूर और सामाजिक संगठनों का खुला समर्थन मिला है। SGPC ने अपने सभी शैक्षणिक संस्थानों और दफ्तरों को 21 अगस्त को बंद रखने की घोषणा की है। कौमी इंसाफ मोर्चा ने आम जनता से बंद को शांतिपूर्ण तरीके से सफल बनाने की अपील की है और कहा है कि वो खुद ही अपने संस्थानों को बंद रखें ताकि किसी को भी जबरन बंद न करवाने पड़े। कौमी इंसाफ मोर्चा के बंद की कॉल में क्या-क्या सेवाएं प्रभावित होंगी, जानिए.. कौमी इंसाफ मोर्चा की प्रमुख डिमांड, जानिए.. पंथक व किसान संगठनों का व्यापक समर्थन बंद को व्यापक समर्थन मिला है। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने आधिकारिक तौर पर समर्थन देते हुए कहा कि बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर पूरा पंथ एकजुट है। इसके अतिरिक्त ज्ञानी हरप्रीत सिंह, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर), अकाली दल 'वारिस पंजाब दे', हवारा कमेटी, दल खालसा और मान दल के अलावा मालवा व माझा क्षेत्र के कई किसान और मजदूर संघों ने भी बंद में सहयोग देने की बात कही है। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि बंद के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे।
तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, रेप केस में 10 साल की सजा मिली थी
तहलका के पूर्व एडिटर तरुण तेजपाल ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। उन्होंने 2013 के रेप केस में बॉम्बे हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें दोषी ठहराते हुए 10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई गई थी। हाई कोर्ट ने 2021 में उन्हें बरी करने के फैसले को पलट दिया था और कहा था कि ट्रायल कोर्ट ने मामले के अहम सबूतों का सही ढंग से आकलन नहीं किया था। गोवा सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और तेजपाल की सज़ा को 10 साल से बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है। सरकार का तर्क है कि यह सज़ा अपराध की गंभीरता के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। इसे भी पढ़ें: BJP ने UP, Punjab और गुजरात के लिए नए प्रभारी नियुक्त किए, विनोद तावड़े को यूपी की कमान गोवा में 2013 में हुए 'थिंकफेस्ट' इवेंट से जुड़े इस मामले की अब सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा, जिससे एक और अहम कानूनी लड़ाई की शुरुआत होगी।
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर पंजाब की सियासत गरमाई, भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना
चंडीगढ़, 20 अगस्त 2026 । सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद पंजाब की राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि चुनाव […] The post सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी पर पंजाब की सियासत गरमाई, भगवंत मान ने BJP पर साधा निशाना appeared first on Rashtriya Ujala .
जालंधर में पंजाब गौ सेवा कमीशन के वाइस चेयरमैन कीमती भगत ने जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर 21 अगस्त को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वह हवारा की पैरोल के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन बंद के समर्थन में नहीं हैं। कीमती भगत ने कहा कि हवारा की पैरोल के मामले को मानवता के दृष्टिकोण से देखा जाना चाहिए। अदालती फैसलों और अतीत की गलतियों में जाए बिना वह पंजाब और केंद्र सरकार से अपील करते हैं कि हवारा सजा का बड़ा हिस्सा काट चुके हैं। उनकी माता बेहद बुजुर्ग और गंभीर रूप से बीमार हैं। ऐसे में उन्हें पैरोल देने से कोई कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं होगी। वहीं, वारिस पंजाब दे की ओर से 21 अगस्त को दिए गए पंजाब बंद के आह्वान का विरोध करते हुए कीमती भगत ने कहा कि इसका समर्थन नहीं किया जाना चाहिए बंद को लेकर कीमती भगत ने कहा… चंडीगढ़ गिरफ्तारी को लेकर केंद्र पर साधा निशाना कौमी मोर्चा के नौजवानों की गिरफ्तारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन केंद्र सरकार के अधीन आता है। लोकतंत्र में सभी को ज्ञापन देने का अधिकार है। यदि नौजवान शांतिपूर्ण तरीके से राज्यपाल को ज्ञापन देने जा रहे थे, तो केंद्र सरकार और स्थानीय प्रशासन को मामले को संवेदनशीलता से संभालना चाहिए था।
चंडीगढ़-मनाली हाईवे पर दवाड़ा टनल में गुरुवार सुबह करीब 6:30 बजे दो ट्रकों की भीषण टक्कर हो गई। हादसे में पंजाब के चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सात लोग घायल हुए हैं। घायलों का नगवाई अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पंजाब नंबर का ट्रक मंडी की तरफ से कुल्लू जा रहा था। उसमें कुल नौ लोग सवार थे। वहीं, हिमाचल नंबर का दूसरा ट्रक कुल्लू से मंडी की ओर आ रहा था। दवाड़ा टनल के भीतर दोनों ट्रकों की टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को नगवाईं अस्पताल पहुंचाया हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों ने भी घायलों को बाहर निकालने में मदद की। सभी घायलों को इलाज के लिए सिविल अस्पताल नगवाईं पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। शीशा लेकर कुल्लू साइड जा रहे थे हादसे के बाद मंडी-कुल्लू हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाए। प्रारंभिक सूचना के अनुसार, पंजाब के लोग शीशा लेकर कुल्लू की तरफ जा रहे थे। ये लोग मकान में शीशा लगाने का काम करते है। हादसे के कारणों की जांच शुरू हादसा किस वजह से हुआ, इसका अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मंडी के एसपी विनोद कुमार ने चार लोगों की मौत और सात लोगों के घायल होने की पुष्टि की है। पुलिस मृतकों और घायलों की पहचान के साथ उनके निवास स्थान की जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपे जाएंगे शव पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।
पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बुधवार को चंडीगढ़ में आयोजित खिलाड़ियों के राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की हौसला-अफ़ज़ाई की और खेल प्रोत्साहन नीतियों के सकारात्मक परिणामों को साझा किया।
Punjab Weather 20th August: पंजाब के लोग रहें सावधान! अगले 4 दिन बारिश के आसार, जारी हुआ पूर्वानुमान
पंजाब में कोई भारी चेतावनी तो नहीं है, लेकिन अगले चार दिनों तक विभिन्न जिलों में बारिश के आसार हैं। बुधवार को बठिंडा सबसे गर्म रहा, जबकि रोपड़ में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई।
पठानकोट में गुरुवार सुबह से तेज बारिश हो रही है। पंजाब के सभी जिलों में आज हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। चंडीगढ़ में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। एक-दो बार गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बारिश के कारण पंजाब में अधिकतम तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे तापमान अब सामान्य के करीब पहुंच गया है। राज्य में सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, मोगा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं। फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पंजाब-चंडीगढ़ में मौसम सक्रिय बना हुआ है मानसून ट्रफ इस समय फिरोजपुर से होकर उत्तर भारत के कुछ हिस्सों से गुजर रही है। इसके प्रभाव से पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम सक्रिय बना हुआ है। कई जगह बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना है। 19 अगस्त को रोपड़ में सबसे ज्यादा बारिश IMD के अनुसार, 19 अगस्त को सुबह 8:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक रोपड़ KVK में सबसे अधिक 8.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। भाखड़ा डैम में 4.0 मिमी, लुधियाना में 3.4 मिमी और पठानकोट KVK में 3.0 मिमी बारिश हुई। इस दौरान चंडीगढ़ में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं फिरोजपुर, अमृतसर, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, जालंधर, लुधियाना AWS, मोहाली और संगरूर में बारिश नहीं हुई।
डीसीएम यंग एंटरप्रेन्योर स्कूल का स्टार्टअप पंजाब के साथ एमओयू
छात्रों में एंटरप्रेन्योरशिप की सोच विकसित करने और नए आइडिया पर काम करने का मंच देने के लिए डीसीएम यंग एंटरप्रेन्योर्स स्कूल (यस) ने पंजाब सरकार के स्टार्टअप पंजाब के साथ एमओयू साइन किया। इस पर डीसीएम ग्रुप ऑफ स्कूल्स के सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता और डायरेक्टर इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स जसप्रीत सिंह ने हस्ताक्षर किए। कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा भी मौजूद रहे। प्रिंसिपल मीनू चोपड़ा ने बताया कि एमओयू के तहत छात्रों को मेंटरशिप, इनक्यूबेशन सपोर्ट, इंडस्ट्री कनेक्ट, नेटवर्किंग, आइडिएशन और एक्सीलरेशन सपोर्ट मिलेगा। वे उद्यमियों, इनक्यूबेटर्स और स्टार्टअप विशेषज्ञों से भी जुड़ सकेंगे। स्कूल में एंटरप्रेन्योरशिप वर्कशॉप, प्रतियोगिताएं और इनोवेशन गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे छात्रों को अपने आइडिया पर काम करने और उन्हें वास्तविक प्रोजेक्ट या बिजनेस वेंचर में बदलने का अवसर मिलेगा। डीसीएम ग्रुप के सीईओ डॉ. अनिरुद्ध गुप्ता ने कहा कि एंटरप्रेन्योरशिप का उद्देश्य सिर्फ बिजनेस शुरू करना नहीं, बल्कि छात्रों में समस्याओं को पहचानकर उनके समाधान तलाशने की सोच विकसित करना है। स्टार्टअप पंजाब के साथ साझेदारी से छात्रों को आइडिएशन से लेकर इनोवेशन और इनक्यूबेशन तक आगे बढ़ने का मंच मिलेगा।
मुल्लांपुर कौंसिल में कांग्रेस के धरने पर शिअद वारिस पंजाब ने उठाए सवाल
मुल्लांपुर के विकास कार्यों को लेकर कांग्रेस के धरने पर अकाली दल वारिस पंजाब के नेताओं बलवीर चंद बीरा, सज्जन बांसल और अमरजीत सिंह मुल्लांपुर ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि नगर कौंसिल के 13 में से 8 पार्षद कांग्रेस से संबंधित हैं और प्रधानगी भी कांग्रेस के पास है। ऐसे में विकास के लिए धरना देने का औचित्य कांग्रेस को जनता को बताना चाहिए। नेताओं ने कहा कि गौशाला रोड स्थित श्मशानघाट के विकास के लिए 81 लाख रुपए का एस्टीमेट तैयार किया गया था, जिस पर कांग्रेसी पार्षदों ने आपत्ति जताकर सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग की। संशोधित एस्टीमेट बाद में पास किया गया। डॉ. बीआर अंबेडकर भवन के विकास के दो एस्टीमेटों पर भी आपत्तियां उठाने का दावा किया। नगर कौंसिल के ईओ ने भी श्मशानघाट के एस्टीमेट पर आपत्ति की पुष्टि की। एनओसी पर उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की तकनीकी जांच के बाद नियमों के अनुसार एनओसी जारी होती है। अकाली नेताओं ने कैप्टन संदीप संधू और कांग्रेसी पार्षदों से अपनी भूमिका स्पष्ट करने की मांग की।उन्होंने कहा कि नगर कौंसिल के विकास कार्यों को लेकर सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द काम शुरू करवाने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।
बंदी सिंहों की रिहाई का मामला: कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का दिया आह्वान
बंदी सिंहों की रिहाई का मामला: कौमी इंसाफ मोर्चा ने 21 अगस्त को पंजाब बंद का दिया आह्वान
Panchkula News: पंजाब परिवहन विभाग ने डीएल, आरसी के 18.27 लाख आवेदन निपटाए
Punjab Transport Department processed 18.27 lakh applications for DLs and RCs.
Panchkula News: पंजाब के वित्त मंत्री ने कर्मचारी यूनियनों से की बैठक, मांगों पर विचार का आश्वासन
Punjab Finance Minister holds meeting with employee unions; assures consideration of demands.
‘खेडां वतन पंजाब दियां’ में 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य
चंडीगढ़, 19 अगस्त . पंजाब के Chief Minister भगवंत सिंह मान ने Wednesday को ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे संस्करण की घोषणा की. खेलों का आयोजन 5 सितंबर से 29 नवंबर तक किया जाएगा और इसमें सभी आयु वर्गों के 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. खेल संस्कृति ... Read more
बीजेपीने हरियाणा में माइक्रो मैनेजमेंट के जिस मॉडल को अपनाया, अब उसे पंजाब में आजमाने की तैयारी है. जानिए क्या है पंजाब प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया का ब्लूप्रिंट.
Punjab Weather 20th August: मानसून का रहेगा जोर! कुछ जिलों तक सीमित हुई बारिश, कोई अलर्ट नहीं
वीरवार को पंजाब में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में कई जगह बारिश, जबकि पांच जिलों में छिटपुट बारिश के आसार हैं।
चुनाव से पहले पंजाब कांग्रेस में दरार? CWC बैठक में नहीं पहुंचे चन्नी
पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियों और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच चन्नी का बैठक छोड़ना पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को एक बार फिर सतह पर ले आया है।
पंजाब के कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों को लेकर संघर्ष तेज होता जा रहा है। 7 अगस्त को चंडीगढ़ में आयोजित महारैली के बाद अब कर्मचारी संगठनों ने 27 अगस्त को पंजाब बंद का आह्वान किया है। इस बंद को सफल बनाने के लिए अमृतसर में विभिन्न विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, शिक्षा बोर्डों और अन्य संस्थानों में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। अमृतसर में नॉन-टीचिंग एम्प्लाइज के प्रधान हरदीप सिंह नागरा ने बताया कि साझा कर्मचारी मंच के कोऑर्डिनेटर सुखचैन सिंह खैहरा के साथ बैठक में कर्मचारियों की लंबित मांगों और आगामी संघर्ष की रणनीति पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त की महारैली में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर शामिल हुए थे, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग- 18 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता (डीए) लागू हो कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में 18 प्रतिशत लंबित महंगाई भत्ता (डीए) जारी करना, तीन वर्ष की प्रोबेशन अवधि समाप्त करना, वेतन संबंधी लंबित मामलों का समाधान तथा कच्चे कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। नागरा ने कहा कि पहले प्रोबेशन अवधि एक वर्ष की होती थी, जिसे बढ़ाकर तीन वर्ष कर दिया गया है। इससे नए कर्मचारियों को इंक्रीमेंट और अन्य वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिल पाते। पूर्व प्रधान बलवीर सिंह गरचा ने बताया कि पंजाब बंद को लेकर विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर एसोसिएशनों और शैक्षणिक संस्थानों के कर्मचारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि बंद को व्यापक समर्थन मिल रहा है। साझा कर्मचारी मंच के कोऑर्डिनेटर सुखचैन सिंह खैहरा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार ने अब तक कोई संतोषजनक कदम नहीं उठाया है। उन्होंने सभी कर्मचारी संगठनों से एकजुट होकर 27 अगस्त के पंजाब बंद को सफल बनाने की अपील की। उनका कहना है कि एकजुट संघर्ष के माध्यम से ही कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों का समाधान संभव है।
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कैथल में पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट कैथल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से 488 किलो 600 ग्राम डोडा पोस्त बरामद किया है। मध्य प्रदेश से ग्लूकोज के डिब्बों से भरे ट्रक में छुपाकर यह नशा पंजाब भेजा जा रहा था। पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लिया है। बरामद नशे की कीमत करीब 90 लाख रुपए आंकी जा रही है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव सफदरपुर जिला पटियाला, हाल राजपुरा पंजाब निवासी संदीप सिंह के रूप में हुई। नारनौल की तरफ से आ रहा था ट्रक एसडीयू प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने बताया कि यूनिट से एएसआई जसबीर सिंह की टीम अपराधों की रोकथाम के संबंध में गश्त पर थी। गांव मोहना क्षेत्र में पुलिस टीम को एक गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि एनएच -152 डी पर नारनौल की तरफ से एक लाल रंग का आईसर 6 टायरी ट्रक नंबर PB-11-CN-9737 आ रहा है, जिसमें भारी मात्रा में डोडा पोस्त रखा हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम द्वारा एन एच -152डी पर मोहना टोल से अम्बाला की तरफ लगभग एक किलोमीटर दूरी पर नाकाबंदी शुरू कर दी। नाकाबंदी के दौरान पुलिस टीम नारनौल की तरफ से आने वाले वाहनों पर नजर रख रही थी। ट्रक में ग्लूकोज के डिब्बे लदे हुए दिखाई दिए कुछ समय बाद एक लाल रंग का आईसर 6 टायरी ट्रक आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने ट्रक को रुकवाकर जांच की। ट्रक चालक की पहचान संदीप सिंह निवासी गांव सफदरपुर, जिला पटियाला, हाल निवासी राजपुरा, पंजाब के रूप में हुई। पुलिस सूचना उपरांत मौके पर पहुंचे डीएसपी सुशील प्रकाश के समक्ष ट्रक की तलाशी की गई। ट्रक में ग्लूकोज के डिब्बे लदे हुए दिखाई दिए। ट्रक के अंदर ग्लूकोज के डिब्बों के पीछे काले रंग के प्लास्टिक के कट्टे छिपाकर रखे हुए दिखाई दिए। ट्रक से कुल 22 कट्टे बरामद हुए। 22 कट्टों से 488.600 किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ जांच के दौरान 22 कट्टों से 488.600 किलो डोडा पोस्त बरामद हुआ। आरोपी के खिलाफ थाना पूंडरी में मामला दर्ज करके आरोपी को गिरफ्तार कर नशा तस्करी में प्रयुक्त ट्रक जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह नशीले पदार्थ की खेप मध्य प्रदेश से पंजाब क्षेत्र में सप्लाई की जानी थी। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।

