अलवर में दो युवकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उपद्रवियों ने थाने पर हमला किया
अलवर। राजस्थान में अलवर जिले के गोबिंदगढ़ थाने में बुधवार रात 100 से अधिक लोगों ने हमला करके पुलिस हिरासत से दो युवकों को छुड़ाने के प्रयास में जमकर पथराव किया, जिससे थाना प्रभारी सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात करीब 12 बजे गोविंदगढ़ में भाटडा सिख समाज के […] The post अलवर में दो युवकों को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए उपद्रवियों ने थाने पर हमला किया appeared first on Sabguru News .
प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में सम्राट कैबिनेट के 32 नए मंत्रियों ने शपथ ली
पटना। बिहार में सम्राट सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए आज 32 नए मंत्रियों को शामिल किया है। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले काबीना मंत्रियों में श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, निशांत, […] The post प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में सम्राट कैबिनेट के 32 नए मंत्रियों ने शपथ ली appeared first on Sabguru News .
तेलंगाना के सिद्दीपेट में डूबने से तीन युवकों की मौत
सिद्दीपेट। तेलंगाना में सिद्दीपेट जिले से एक दुखद घटना सामने आई है जहां वरगल मंडल के नचाराम के पास एक जलधारा में तैरने के दौरान तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार यह घटना बुधवार को उस समय हुई जब ये युवक एक विवाह समारोह में शामिल होने के लिए तूपरान […] The post तेलंगाना के सिद्दीपेट में डूबने से तीन युवकों की मौत appeared first on Sabguru News .
हैदराबाद ने पंजाब को ना केवल 33 रनों से हराया बल्कि शीर्ष स्थान भी छीना
PBKSvsSRH हाइनरिक क्लासन (69), इशान किशन (55), ट्रेविस हेड (38) और अभिषेक शर्मा ( 35) की विस्फोटक बल्लेबाजी के बाद गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन की बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने बुधवार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के 49वें मुकाबले में पंजाब किंग्स को 33 रनों से शिकस्त दी। यह टूर्नामेंट में पंजाब किंग्स की लगातार तीसरी है। इस जीत के साथ ही सनराइजर्स हैदराबाद ने पंजाब किंग्स को एक पायदान पिछले धकेलते हुए अंक तालिका में 14 अंक के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है।कूपर कॉनली (नाबाद 107) का शतक बेकार गया। 236 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की शुरुआत अच्छी नहीं रही महज चार रन पर अपने दो विकेट गंवा दिये। प्रियांश आर्य (एक) और प्रभसिमरन सिंह (तीन) रन बनाकर आउट हुये। चौथे ओवर में ईशान मलिंगा ने कप्तान श्रेयस अय्यर (पांच) को आउटकर पंजाब को तीसरा झटका दिया। इसके बाद मार्कस स्टॉयनिस और कूपर कॉनली की जोड़ी ने पारी को संभलाने का प्रयास किया। सातवें ओवर में शिवांग कुमार ने स्टॉयनिस का शिकार कर लिया। स्टॉयनिस ने 14 गेंदों में तीन चौके और दो छक्के उड़ाते हुए (28) रन बनाये। सूर्यांश शेडगे 17 गेंदों में (25) और और शशांक सिंह (चार) रन बनाकर आउट हुये। Presenting the Turning Point of #SRHvPBKS by the New AI Mode in Google Search #TATAIPL | #KhelBindaas | #AIMode | @GoogleIndia pic.twitter.com/aLf438anFF — IndianPremierLeague (@IPL) May 7, 2026 20वें ओवर की पहली गेंद पर शिवांग कुमार ने मार्को यानसन (19) को आउट कर पवेलियन भेज दिया। सनराइजर्स हैदराबाद की टीम निर्धारित 20 ओवरों में सात विकेट पर 202 रन हीं बना सकी और मुकाबला 33 रनों से हार गई। कूपर कॉनली ने मैच के आखिरी ओवर में आईपीएल का अपना पहला शतक पूरा किया। कॉनली ने 59 गेंदों में सात चौके और आठ छक्के उड़ाते हुए नाबाद 107 रन की पारी खेली।सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पैट कमिंस और शिवांग कुमार ने दो-दो विकेट लिये। नीतीश कुमार रेड्डी , इशान मलिंगा और साकिब हुसैन ने एक-एक बल्लेबाज को आउट किया। ALSO READ: पंजाब के सामने किशन और क्लासेन का प्रहार, हैदराबाद पहुंचा 235 रनों तक
कंगना रनौट की 'भारत भाग्य विधाता' इस दिन हो रही रिलीज, अस्पताल के गुमान नायकों की दिखेगी कहानी
बॉलीवुड की 'क्वीन' और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौट एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक बेहद संजीदा और शक्तिशाली कहानी के साथ वापसी करने के लिए तैयार हैं। उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'भारत भाग्य विधाता' की आधिकारिक रिलीज डेट की घोषणा कर दी गई है। 'भारत भाग्य विधाता' 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। फिल्म का पहला पोस्टर जारी होते ही सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि यह उन नायकों को समर्पित है जो अक्सर इतिहास की मुख्यधारा में पीछे छूट जाते हैं। A post shared by Manikarnika Films Production (@manikarnikafilms) कंगना ने फिल्म का पोस्टर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, आम लोगों की असाधारण कहानी! उस रात की कहानी, जब इंसानियत डर से कहीं ज़्यादा बड़ी साबित हुई। जब ज़िम्मेदारी ही बलिदान बन गई। जब एकता ही फ़र्ज़ बन गई। और हिम्मत ने जानें बचाईं। भारत के असली नायकों की अनकही कहानी भारत भाग्य विधाता 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हो रही है। 'भारत भाग्य विधाता' केवल एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन आम नागरिकों के प्रति एक भावुक श्रद्धांजलि है, जिन्होंने संकट की घड़ी में असाधारण साहस का परिचय दिया। फिल्म की कहानी एक शहर पर हुए आतंकी हमले की पृष्ठभूमि पर आधारित है। अक्सर ऐसी फिल्मों में केवल सुरक्षा बलों और हथियारों की लड़ाई को प्रमुखता दी जाती है, लेकिन यह फिल्म अपना रुख सरकारी अस्पतालों के उन गलियारों की ओर मोड़ती है, जहां असली जंग लड़ी जा रही थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें यह फिल्म उन 'गुमनाम नायकों' की कहानी कहती है जो अस्पताल के भीतर दिन-रात काम करते हैं। इसमें न केवल डॉक्टर, बल्कि नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर और सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं। जब पूरा शहर दहशत में था और हमलावर सक्रिय थे, तब इन लोगों ने डर के आगे घुटने टेकने के बजाय अपने कर्तव्य को चुना। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना यह सुनिश्चित किया कि मरीजों की जान बचे और मानवता की जीत हो। फिल्म के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा, हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस अक्सर शांत होता है। वह सामने आता है, ठहरता है और जिम्मेदारी निभाता है। 'भारत भाग्य विधाता' साहस, त्याग और एकता की एक ऐसी कहानी है जो अब तक अनकही रही है। यह देशभक्ति का सबसे शुद्ध रूप है। फिल्म का लेखन और निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। फिल्म में कंगना रनौट के साथ-साथ कई प्रतिभाशाली कलाकार नजर आएंगे, जिनमें गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान शामिल हैं। फिल्म का निर्माण दिग्गज निर्माता डॉ. जयंतीलाल गडा की 'पेन स्टूडियोज' के साथ मणिकर्णिका फिल्म्स और परमांश क्रिएशंस ने किया है।
तीर्थराज पुष्कर में पुष्करम ज्योतिष चक्रे मासिक पत्रिका का विमोचन
पुष्कर। तीर्थराज पुष्कर के प्रकाशित होने वाली भारतीय प्राच्य विद्याओं की मासिक पत्रिका पुष्करम ज्योतिष चक्रे का विमोचन बुधवार को पुष्करम रिसोर्ट में आयोजित समारोह में किया गया। पत्रिका की प्रकाशक एवं मुद्रक आईडीएसएमटी कोलोनी चन्द्रा देवी तथा मानद सम्पादक ज्योतिषाचार्य एवं जोगणियाधाम संस्थापक भंवरलाल हैं। पुष्करम ज्योतिष चक्रे के विमोचन अवसर पर पुष्कर के […] The post तीर्थराज पुष्कर में पुष्करम ज्योतिष चक्रे मासिक पत्रिका का विमोचन appeared first on Sabguru News .
जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया अरेस्ट
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पूर्व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री महेश जोशी को जल जीवन मिशन (जेजेएम) घोटाले मामले में गुरुवार को गिरफ्तार किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीबी के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जेजेएम में करीब नौ सौ करोड़ रुपए के घोटाले मामले में जोशी को सुबह उनके जयपुर स्थित आवास […] The post जेजेएम घोटाला : पूर्व मंत्री महेश जोशी को एसीबी ने किया अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
देहरादून में रह रहा राजस्थान के बांसवाड़ा का शातिर अपराधी अरेस्ट
बांसवाड़ा/देहरादून। राजस्थान राज्य में अपहरण और लूट की घटना को अंजाम देकर 12 वर्ष से फरार चल रहा एक शातिर अपराधी को उत्तराखंड के देहरादून से विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। वह यहां पहचान बदलकर सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर रहा था। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने गुरुवार […] The post देहरादून में रह रहा राजस्थान के बांसवाड़ा का शातिर अपराधी अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
बंगाल में मिली जीत के बाद यूपी में भाजपा बदलेगी रणनीति, सुनील बंसल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की अगली चुनावी लड़ाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी के भीतर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के अंदर यह चर्चा जोर पकड़ रही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल को प्रदेश में अधिक सक्रिय और प्रत्यक्ष भूमिका दी जा सकती है, ताकि 2027 […] The post बंगाल में मिली जीत के बाद यूपी में भाजपा बदलेगी रणनीति, सुनील बंसल को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी appeared first on Sabguru News .
सरके चुनर सॉन्ग विवाद: संजय दत्त के बाद अब नोरा फतेही होंगी NCW के सामने पेश
कन्नड़ फिल्म 'केडी द डेविल' के एक गाने 'सरके चुनर' को लेकर जबरदस्त विवाद हुआ था। इस गाने को लेकर चल रहे कानूनी और सामाजिक विवाद में एक बड़ा मोड़ आने वाला है। गाने में अपने सिजलिंग डांस मूव्स दिखाते नजर आई नोरा फतेही 7 मई को राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) के समक्ष पेश होने जा रही हैं। 'सरके चुनर' गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए हैं। गाने के रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर इसके बोल और कोरियोग्राफी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई थीं। आलोचकों और कई सामाजिक संगठनों ने इसे महिलाओं का अपमानजनक चित्रण और अश्लीलता की नई हद करार दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस मामले पर 'सुओ मोटो' संज्ञान लेते हुए इसे सार्वजनिक शालीनता और नाबालिगों पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव के लिहाज से गंभीर माना। आयोग की अध्यक्ष विजया रहातकर ने स्पष्ट किया है कि क्रिएटिविटी के नाम पर महिलाओं की गरिमा से समझौता नहीं किया जा सकता। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें संजय दत्त ने भी मांगी माफी इस मामले में फिल्म के मुख्य अभिनेता संजय दत्त पहले ही आयोग के सामने पेश हो चुके हैं। उन्होंने न केवल अपनी ओर से लिखित माफीनामा जमा किया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। संजय दत्त ने जिम्मेदारी लेते हुए एक सराहनीय कदम भी उठाया। उन्होंने प्रायश्चित के तौर पर 50 आदिवासी बालिकाओं की शिक्षा को स्पॉन्सर करने का संकल्प लिया। साथ ही, उन्होंने आयोग को आश्वासन दिया कि भविष्य में उनके साथ जुड़ने वाले किसी भी प्रोजेक्ट में कानूनी और नैतिक मापदंडों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। नोरा फतेही को इससे पहले भी आयोग ने तलब किया था, लेकिन विदेश में होने के कारण उन्होंने नई तारीख की मांग की थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, नोरा इस बात पर जोर दे सकती हैं कि एक कलाकार के तौर पर उनका काम केवल निर्देशक और कोरियोग्राफर के विजन को फॉलो करना था। हालांकि, आयोग अब कलाकारों की 'जवाबदेही' पर सवाल उठा रहा है कि क्या उन्हें कंटेंट की संवेदनशीलता का अंदाजा नहीं था?
पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक, पहली बरसी पर जानिए पूरा घटनाक्रम
The Full Story of Operation Sindoor: 7 मई 2026 को उस जवाबी कार्रवाई यानी 'ऑपरेशन सिंदूर' के शुरू होने का ठीक एक साल पूरा हो गया है। ऑपरेशन सिंदूर की कहानी भारतीय कूटनीति और साहस का एक ऐसा अध्याय है जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। पहलगाम ...
अक्षय कुमार ने कराई आंखों की सर्जरी, काम से ब्रेक लेकर अब करेंगे कुछ दिन आराम
बॉलीवुड के सबसे बिजी एक्टर्स में शुमार अक्षय कुमार अक्सर अपनी बैक-टू-बैक फिल्मों और बिजली जैसी फुर्ती के लिए जाने जाते हैं। वह इन दिनों अपनी हालिया रिलीज फिल्म 'भूत बंगला' को लेकर सुर्खियों में हैं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है। लेकिन अब अक्षय थोड़े दिन के लिए काम से ब्रेक लेने जा रहे हैं। दरअसल, अक्षय कुमार ने 6 मई की सुबह मुंबई के एक अस्पताल में अपनी आंखों की एक माइनर सर्जरी कराई है। ये सर्जरी उनके विजन करेक्शन के लिए हैं। अब अक्षय काम से ब्रेक लेंगे और आराम करेंगे। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अक्षय कुमार पिछले काफी समय से निर्देशक अनीस बज्मी की अगली फिल्म की शूटिंग में व्यस्त थे। इस फिल्म का एक बड़ा हिस्सा केरल के मुन्नार और मरायूर जैसे खूबसूरत लोकेशंस पर शूट किया गया। 5 मई को सोशल मीडिया पर शूटिंग खत्म होने की जानकारी देते हुए अक्षय ने अपनी टीम के साथ एक खुशनुमा फोटो शेयर की थी। बॉलीवुड की अन्य लेटेस्ट खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें हालांकि, शूटिंग के दौरान ही उन्हें आंखों में कुछ समस्या महसूस हो रही थी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत मुंबई लौटकर सर्जरी कराने का फैसला लिया। यह सर्जरी ऐसे समय में हुई है जब अक्षय अपनी हालिया फिल्म 'भूत बंगला' की ऐतिहासिक सफलता का जश्न मना रहे हैं। डॉक्टर्स ने अक्षय को कुछ दिनों तक पूरी तरह आराम करने और तेज रोशनी से बचने की सलाह दी है। अक्षय कुमार के लाइनअप की बात करें तो 2026 उनके लिए काफी बड़ा साल होने वाला है। वह वेलकम टू द जंगल, हैवान और गोलमाल 5 में नजर आने वाले हैं।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (07 मई, 2026)
मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 07 May 2026: करियर: कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ेगा, नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लव: प्रेम संबंधों में उत्साह रहेगा, संवाद बेहतर होगा। धन: आमदनी में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: ऊर्जा बनी रहेगी, जल्दबाजी से बचें। उपाय: हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं। ALSO READ: Jyeshtha Month Bada Mangal 2026: अधिक मास में अद्भुत संयोग: ज्येष्ठ माह में 8 बड़े मंगल, जानें महत्व वृषभ (Taurus) करियर: नौकरी और बिजनेस में स्थिरता रहेगी। लव: रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। धन: धन संचय का योग है। स्वास्थ्य: खानपान पर ध्यान दें। उपाय: लक्ष्मी जी को कमल का फूल अर्पित करें। मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में कार्यरत लोगों को मेहनत से उन्नति के योग हैं। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में गंभीरता आएगी। धन: रुपये के निवेश से फायदा हो सकता है। स्वास्थ्य: जोड़ों में दर्द संभव है। उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल चढ़ाएं। कर्क (Cancer) करियर: कारोबार में मेहनत का पूरा फल मिलेगा। लव: भावनात्मक लगाव बढ़ेगा। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: पेट से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। सिंह (Leo) करियर: नौकरीपेशा को नेतृत्व क्षमता से लाभ होगा। लव: रोमांटिक समय बिताने का अवसर मिलेगा। धन: धन लाभ के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: थकान महसूस हो सकती है। उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें। कन्या (Virgo) करियर: नौकरीपेशा के कार्य में एकाग्रता बढ़ेगी। लव: प्रेमीसंग रिश्तों में भरोसा मजबूत होगा। धन: सोच-समझकर निवेश करें। स्वास्थ्य: आज नींद पूरी लें। उपाय: गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (04 से 10 मई): जानें इस हफ्ते आपकी राशि क्या संकेत दे रही है? तुला (Libra) करियर: करियर के प्रोजेक्ट या व्यापार में साझेदारी में लाभ मिलेगा। लव: दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। धन: रुका हुआ पैसा मिल सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द से बचें। उपाय: माता दुर्गा का ध्यान करें। वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: भावनात्मक संतुलन बनाए रखें। धन: खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: आंखों की देखभाल करें। उपाय: भगवान विष्णु का स्मरण करें। धनु (Sagittarius) करियर: यात्रा और शिक्षा से लाभ होगा। लव: प्रेम प्रस्ताव सफल हो सकता है। धन: आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। स्वास्थ्य: व्यायाम लाभदायक रहेगा। उपाय: केले के पेड़ को जल दें। मकर (Capricorn) करियर: कारोबार तथा नौकरी में नई योजनाएं बनेंगी, सफलता मिलेगी। लव: प्रेम जीवन में स्पष्टता आएगी। धन: खर्च बढ़ सकता है, सावधान रहें। स्वास्थ्य: मानसिक थकान हो सकती है। उपाय: तुलसी को जल अर्पित करें। कुंभ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर नई तकनीक और विचारों से लाभ होगा। लव: मित्रता प्रेम में बदल सकती है। धन: आय में वृद्धि के संकेत हैं। स्वास्थ्य: तनाव से बचें। उपाय: शिव जी को नीले फूल अर्पित करें। मीन (Pisces) करियर: कारोबार के गोपनीय कार्यों में सफलता मिलेगी। लव: प्रेमीजन भावनाओं पर नियंत्रण रखें। धन: आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य: ब्लड प्रेशर पर ध्यान दें। उपाय: लाल चंदन का तिलक करें। ALSO READ: Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु
'जुलाई 2022 की वो रात… जिस रात के लिए ज्यादातर लोग सपने बुनते हैं। उस दिन मेरी सुहागरात थी। कमरा सज चुका था। रिश्तेदार थककर सो गए थे। दुल्हन मेरे कमरे में इंतजार कर रही थी। मैं उसके कमरे में गया और उससे बात किए बिना बगल में लेट गया। रात के करीब 3 बजे, चुपचाप उठा और घर से बाहर निकल गया। न पत्नी को कुछ बताया, न घरवालों को। एक सुनसान नुक्कड़ पर जाकर बैठा। जेब से शराब निकाली और पी… फिर गांजा पिया और दूसरे कई ड्रग्स लिया। एक के बाद एक… इतना नशा कर लिया कि वहां से उठ नहीं पाया। मुझे याद ही नहीं रहा कि उस रात मेरी सुहागरात थी’, 39 साल के मनोजीत चौधरी यह बताते हुए काफी अफसोस से भर जाते हैं। स्याह कहानियों की सीरीज ब्लैकबोर्ड में आज ऐसे लोगों की कहानी, जो काफी पढ़े-लिखे होने के बावजूद नशे की लत में तबाह हो गए। शादी टूट गई। घर छूटा और नौकरी चली गई। अब रिहैबिलिटेशन सेंटर यानी पुनर्वास केंद्र में भर्ती हैं। मैं गुजरात के नाडियाड में हूं। यहां ‘लाइफ लाइव’ नाम के एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में 39 साल के मनोजित चौधरी पिछले चार महीनों से भर्ती हैं। मनोजित सुहागरात की बात आगे बताते हुए कहते हैं, 'सुबह जब पत्नी की आंख खुली, तो मैं कमरे में नहीं था। नई-नवेली दुल्हन घबरा गई। उसने घरवालों को बताया। कुछ ही देर में पूरे घर में हलचल मच गई। मां लगातार मुझे फोन करती रहीं, लेकिन मैंने एक भी कॉल नहीं उठाया। कई घंटे बाद घर लौटा। मुझे देखते ही सब समझ गए कि बुरी तरह नशे में हूं। घर का माहौल, जो कुछ घंटे पहले तक शादी की खुशियों से भरा था, अब चीख-पुकार में बदल चुका था। पत्नी ने मुझसे सवाल पूछे, लेकिन जवाब देने के बजाय उससे झगड़ा शुरू कर दिया। बात इतनी बढ़ गई कि उसे थप्पड़ मार दिया। हमारे रिश्ते में दरार सुहागरात के दिन ही पड़ गई। मेरी पत्नी उस वक्त सॉफ्टवेयर डेवलपर थी। फिलहाल, मामला किसी तरह शांत हुआ। उसके बाद भी अक्सर पत्नी से मारपीट करता। नशे में उससे अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड्स की बातें करता। कहता- मुझे उस गर्लफ्रेंड के साथ ज्यादा मजा आता था… तुम वैसी नहीं हो। भला कौन पत्नी ये सब बर्दाश्त करेगी? एक वक्त ऐसा भी आया, जब मैंने पत्नी के गहने बेचकर शराब और ड्रग्स में उड़ा दिए। करीब दो साल तक हम साथ रहे, लेकिन रिश्ते में रोज दरार बढ़ती गई। एक दिन पत्नी ने साफ कह दिया- मनोजित , तुम्हें मुझसे नहीं… ड्रग्स से प्यार है। अब तुम ड्रग्स के साथ ही रहो। इतना कहकर वह मायके चली गई। वहीं से उसने तलाक की अर्जी दाखिल कर दी। तलाक के वक्त एक रुपया भी नहीं मांगा। आखिरकार 2024 में आपसी सहमति से हमारा रिश्ता खत्म हो गया। अब पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है- मैंने सिर्फ अपनी ही नहीं, पत्नी की भी जिंदगी बर्बाद कर दी। आखिर कौन पति अपनी सुहागरात पर पत्नी को सोता छोड़कर ड्रग्स लेने जाएगा? परिवार, शादी, नौकरी सब खत्म हो गया। मेरी आखिरी नौकरी 25 लाख रुपए के पैकेज की थी। मनोजित दिखने में बिल्कुल हट्टे-कट्टे हैं, किसी बाउंसर से कम नहीं। बात करते-करते अचानक कहते हैं- रुकिए… आपको अपनी पुरानी तस्वीरें दिखाता हूं। फैमिली की फोटो भी है। वह मोबाइल उठाते हैं। स्क्रीन ऑन करते हैं। पासवर्ड डालने की कोशिश करते हैं, फिर रुक जाते हैं। कुछ सेकेंड तक स्क्रीन को देखते रहते हैं। फिर दूसरा पासवर्ड डालते हैं। वह भी गलत निकलता है। तीसरी बार कोशिश करते हैं… और फिर हल्की-सी मुस्कान के साथ बेहद टूटे हुए अंदाज में कहते हैं- ‘याद ही नहीं आ रहा…’ इस दौरान रिहैबिलिटेशन सेंटर में आस-पास बैठे बाकी लोग हंसने लगते हैं। मनोजित कुछ पल के लिए चुप हो जाते हैं। सिर झुकाकर धीमी आवाज में कहते हैं- ये लोग मुझे ऐसे देखते हैं, जैसे मैं कोई जाहिल हूं। इन्हें नहीं पता कि पढ़ा-लिखा हूं। एमटेक किया है… उसके बाद एमबीए भी। अच्छी नौकरी थी, लेकिन ड्रग्स की लत मुझे यहां तक ले आई। सच कहूं तो ये रिहैबिलिटेशन सेंटर मुझे जेल लगता है। इतना कहकर वह कमरे की दीवारों की तरफ देखने लगते हैं… जैसे उन दीवारों में अपनी बिखरी हुई जिंदगी तलाश रहे हों। इस दौरान कमरे में लोगों का तंज और हंसी जारी रहती है। परेशान होकर मनोजित अचानक उठते हैं और कहते हैं- आइए… यहां नहीं, दूसरे कमरे में बात करते हैं। वह मुझे सेंटर के भीतर बने दूसरे कमरे में लेकर जाते हैं। दरवाजा बंद करते हैं। फिर बोलना शुरू करते हैं- मैं असम के डिब्रूगढ़ का रहने वाला हूं। मम्मी-पापा दोनों रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में बड़े पद पर थे। अब रिटायर हो चुके हैं। असम में शराब पीना आम बात है। मेरे पापा हर रविवार को शराब पीते थे। मैं तब करीब 10-12 साल का था। एक दिन देखा कि वह एक बोतल से गिलास में कुछ डाल रहे थे। फिर उसमें बर्फ डाली… और एक ही सांस में पी गए। मैंने पूछा- पापा, ये क्या पी रहे हो? मुझे भी पिलाओ। उन्होंने जोर से डांटते हुए कहा- ये बच्चों की चीज नहीं है… भूलकर भी इसे मत छूना। एक दिन पापा घर पर नहीं थे। मैं चुपके से उस अलमारी तक पहुंचा, जहां शराब रखी थी। बोतल निकाली… गिलास में डाली… और पी लिया। पहला घूंट बहुत कड़वा लगा। बोतल वापस अलमारी में रख दी, लेकिन कहानी वहीं खत्म नहीं हुई। थोड़ी देर बाद जब नशा चढ़ा… तो अच्छा लग रहा था। अगले दिन फिर उस बोतल को निकाला। इस बार पहले से ज्यादा पी। शाम को जब पापा घर लौटे, तो उन्हें सब समझ आ गया। उन्होंने मुझे बुलाया और पूछने लगे। डरकर सच बता दिया। इसके बाद उन्होंने मेरी बहुत पिटाई की। कहने लगे- तू मेरा इकलौता बेटा है… शराब पीकर सब बर्बाद करेगा? उसके बाद घर में रखी बोतल को फिर कभी हाथ नहीं लगाया, लेकिन मन बार-बार उसी तरफ खींचता था। उस वक्त मेरे स्कूल के कुछ लड़के चोरी-छिपे नशा करते थे। उनसे दोस्त कर ली। तब 14 साल का हो चुका था। इसके बाद उनके साथ इतना पीने लगा कि अकेले दो-दो बोतल शराब खत्म कर देता था। दोस्त भी नए-नए ‘जुगाड़’ सिखाते थे। कहते- शराब पीने के बाद गुटखा खा लिया करो, फिर घरवालों को पता नहीं चलेगा। रोज दोस्तों के साथ पीता और गुटखा खाकर घर पहुंचता। सोचता था कि राज छिप जाएगा, लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता था। पापा अक्सर समझ जाते कि नशे में हूं और पिटाई शुरू कर देते थे। हालांकि, पढ़ाई में बहुत तेज था। स्कूल में हमेशा नंबर अच्छे आते थे। फिर आया साल 2007। 12वीं अच्छे अंकों से पास की। रिजल्ट देखकर पापा बेहद खुश हुए। उन्हें लगा- शायद बेटा अब संभल रहा है। इसी उम्मीद में उन्होंने मुझे गुवाहाटी में बीटेक करने भेज दिया। अब नया शहर… घर से दूरी… और आजादी। गुवाहाटी में और ज्यादा शराब पीने लगा… लेकिन पढ़ाई भी अच्छे से करता रहा। इंजीनियरिंग पूरी हुई… और फिर 2011 में बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी मिल गई। करियर की शुरुआत शानदार थी, लेकिन नहीं पता था कि असली बर्बादी अभी बाकी है। पहली बार हाथ में अच्छी सैलरी आई… और वहीं से मेरी जिंदगी ने खतरनाक मोड़ ले लिया। पहले सिर्फ शराब पीता था … अब गांजा भी जुड़ गया… और धीरे-धीरे दूसरे ड्रग्स भी लेने लगा। जिस कंपनी में काम करता था, वहां हर महीने कारोबार का नया टारगेट दिया जाता था। नए टारगेट के साथ शुरू होता मेरा नया तनाव। मैं टारगेट तो पूरा कर लेता था… लेकिन उसके लिए खुद को नशे में धकेलता जाता था। दिन में ऑफिस… रात में नशा। सैलरी अच्छी थी… लेकिन टिकती नहीं थी। जितना कमाता था, सब नशे में उड़ा देता था। महीने के करीब 80 हजार रुपए सिर्फ ड्रग्स और शराब में चले जाते थे। पैसे कम पड़ते, तो घर पर फोन करता। मां को अलग-अलग बहाने बताता- कभी घूमने जाने का, तो कभी तबीयत खराब होने का। अक्सर उनसे 50 हजार मंगवा लेता। इकलौता बेटा था, इसलिए भेज भी देती थीं। उन पैसों को बार-पब में उड़ाता। वहां ड्रग्स लेता और लड़कियों के साथ नाचता। कई बार तो वहीं बेहोश पड़ा रह जाता। मनोजित एक कड़वी हंसी के साथ कहते हैं- तब लगता था कि वाह, क्या जिंदगी जी रहा हूं… लेकिन धीरे-धीरे खुद को खत्म कर रहा था। हालात इतने बिगड़ गए कि ऑफिस भी नशा करके जाने लगा। मेरा परफॉर्मेंस अच्छा था, इसलिए कंपनी शुरू में बर्दाश्त करती रही, लेकिन बाद में चेतावनी देकर तीन बार नौकरी से निकाल दिया। एचआर वाले कहते- मनोजित, आपका काम अच्छा है, लेकिन हम कंपनी पॉलिसी से समझौता नहीं कर सकते। आप इस तरह नशा करके ऑफिस नहीं आ सकते। अब तक साल 2012 खत्म होने वाला था और यहीं से मेरी जिंदगी एक और लत की गिरफ्त में आ चुकी थी। अब नशे के साथ मुझे जिस्म की भी आदत लग गई थी। अच्छी सैलरी पाता था, हैंडसम था ही और बिंदास लाइफस्टाइल थी। नई-नई लड़कियों से मिलता, उन पर पैसे खर्च करता और जल्दी-जल्दी रिश्ते बदलता। हफ्तेभर में किसी नई लड़की से जुड़ जाता था और फिर आगे बढ़ जाता। यह सिलसिला एक-दो महीने नहीं, करीब आठ साल तक चला। सच कहूं तो मैं प्लेबॉय बन चुका था। एक रिश्ते में टिकता ही नहीं था। उधर मेरा करियर भी बिखरता गया। कई नई नौकरियां मिलीं, लेकिन कुछ दिन ही ऑफिस जाता… फिर नशा हावी हो जाता और नौकरी छोड़ देता था। एक समय तो ऐसा आया कि मेरी जिंदगी का पूरा रूटीन ही उल्टा हो गया। सुबह सोकर उठता और नाश्ते में खाना नहीं, शराब और ड्रग्स लेता। फिर घंटों सोता रहता। फिर उठता… तो वही नशा करता। दिन-रात यही जिंदगी बन गई थी। उस दौरान घर पर लड़कियां भी आतीं। मेरी जिंदगी 24 घंटे सिर्फ दो चीजों के आसपास घूम रही थी- नशा और लड़कियां। इसी हालत में करीब 12 साल नौकरी किया। फिर आया साल 2022। परिवार को मेरी हालत का पता चल चुका था। उन्हें लगा- शायद शादी मेरी जिंदगी को बदल दे। इसी उम्मीद में उन्होंने घर से करीब 40 किलोमीटर दूर एक लड़की से मेरा रिश्ता तय कर दिया। शादी तय होने के बाद होने वाली पत्नी से रोज बातें करता था। वह एक नई जिंदगी के सपने देख रही थी, लेकिन मैं दिनभर शराब, गांजा और ड्रग्स में डूबा रहता था। मैं उससे ज्यादातर चैट पर ही बात करता था, ताकि उसे मेरी हालत का पता न चले। रोज उससे वादा करता- रात 10 बजे के बाद वीडियो कॉल करूंगा, लेकिन रात होते-होते बहाना तैयार रहता। जैसे ही वीडियो कॉल की बात आती, कह देता- कल सुबह ऑफिस जाना है… बहुत नींद आ रही है। उसे लगता था कि वाकई काम में व्यस्त हूं… और मान जाती थी। लेकिन असलियत कुछ और थी। उससे बात खत्म होते ही शराब, गांजा और ड्रग्स लेने बैठ जाता। फिर पूरी रात नशा चलता था। कभी-कभी उसे शक भी होता। वह पूछती- ‘तुम कुछ छिपा तो नहीं रहे?’ हर बार बात टाल देता- अरे नहीं… बस कभी-कभार शराब पी लेता हूं। असम में तो ये सब आम बात है न। लेकिन झूठ ज्यादा दिन नहीं चला। शादी हुई… वह घर आई… और फिर वो सुहागरात आई, जिसकी बात मैंने ऊपर की है। सुहागरात वाले दिन घर से गायब रहा था… और दो साल बाद रिश्ता टूट गया था। आप गुजरात के नाडियाड कैसे पहुंचे? मनोजित बताते हैं- घर वालों ने मुझे करीब 4 महीने पहले इस रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती कराया है। दिसंबर 2025 की बात है। अहमदाबाद की एक कंपनी में 25 लाख रुपए सालाना पैकेज पर नौकरी लगी। बहुत खुश था। तय किया था कि अब नशा नहीं करूंगा। करीब 10-15 दिनों तक कोई नशा नहीं किया। एक दिन अचानक मन हुआ- एक पेग पी लेता हूं… क्या ही हो जाएगा। गुजरात में शराब पर बैन है, इसलिए आसानी से मिलती नहीं थी। ऑटो किया और एक एजेंट के पास पहुंच गया। उसने मुझे अवैध शराब पिलाई और काफी पैसे ले लिए। अगले दिन फिर उसी एजेंट के पास पहुंचा। इस बार उसने शराब के अलावा दूसरे कई ड्रग्स भी दिए। मैं एक सड़क किनारे गया और वहां बैठकर शराब पी… फिर गांजा और अलग-अलग तरह के ड्रग्स लिया। फिर क्या हुआ… मुझे कुछ पता नहीं। रातभर वहीं बेहोश पड़ा रहा। सुबह आंख खुली, तो देखा कि ऑफिस का लैपटॉप, मोबाइल, मेरा सूट-बूट… सब गायब था। यहां तक कि किसी ने मेरे कपड़े तक उतार लिए थे। सिर्फ अंडरवियर में पड़ा था। उस घटना के बाद फिर वही पुराना सिलसिला शुरू हो गया। रोज शराब पीने लगा। ऑफिस से निकलते ही सीधे ड्रग्स खोजने निकल जाता। मम्मी-पापा को शक हुआ। एक दिन वे अहमदाबाद आए और मुझे इस रिहैबिलिटेशन सेंटर में डाल दिया। तब से यहीं पड़ा हूं। मनोजित कमरे की दीवारों को देखते हुए कहते हैं- सब कहते हैं ये इलाज की जगह है… लेकिन मुझे ये जेल लगती है। मनोजित के साथ ही इस रिहैबलिशेन सेंटर में विनेश भी पिछले ढाई महीने से भर्ती हैं। वह वडोदरा के रहने वाले हैं। विनेश बताते हैं- पापा डॉक्टर हैं और मां बिजनेसमैन और मैंने बीबीए की पढ़ाई की है। पहली शादी टूटने के बाद पापा ने दूसरी शादी कर ली थी। पढ़ाई के दौरान ही दिल्ली के एक दोस्त के साथ पहले शराब पीना शुरू किया, फिर धीरे-धीरे ड्रग्स लेने की आदत लगी। जब शराब पीकर घर आता, तब पापा मम्मी से कहते- देखो अपने संस्कारी बेटे को। तुमने शराबी बेटा पैदा किया है। जब मुझे लगने लगा कि मेरी वजह से मम्मी-पापा के बीच लड़ाई हो रही है, तब मैंने घर जाना बंद कर दिया। एक बार तो 23 दिन तक अपने दोस्त के फ्लैट पर रहा। वहां शराब, गांजा, नशे के लिए तमाम तरह के ड्रग्स ले रहा था। फ्लैट पर लड़कियां भी आती थीं। वे भी नशा करती थीं। उन्हीं में से एक लड़की से प्यार हो गया था। मेरा एक दोस्त पहले से उसे पसंद करता था। मैं लड़की को एक ग्राम ड्रग्स देता, तो मेरा दोस्त उसे 5 ग्राम ड्रग्स देता। आखिर में वह मुझे छोड़कर उस लड़के के साथ रहने लगी। उसके बाद और ज्यादा नशा करने लगा था। ड्रग्स लेकर पूरे दिन कमरे में बंद रहता। एक दिन घर वालों को पता चल गया। मम्मी मुझसे मिलने आईं। मेरी हालत देखर बहुत नाराज हुईं। उसके बाद यहां रिहैबिलेशन सेंटर लेकर आईं और भर्ती कर दिया। तब से यहीं हूं। सोचता हूं आखिरकार मेरे साथ के लड़के कनाडा, अमेरिका में अच्छी नौकरी कर रहे हैं और मैं ड्रग्स की वजह से इस जेलखाने में पड़ा हूं। खुद को बर्बाद कर लिया। विनेश के साथ ही सूरत के रहने वाले 22 साल के हिमांशु भी बैठे हैं। कहते हैं- दोस्तों ने पहले शराब पिलाना सिखाया, फिर ड्रग्स की लत लगाई। हालात इतनी खराब हो गई कि मेरे मौसा को पता चल गया। वह मुझे बहुत मानते हैं। उन्होंने इस रिहैबिलेशन सेंटर में लाकर भर्ती कर दिया। सोचता हूं, अच्छा हुआ कि समय रहते यहां आ गया, नहीं तो बाकी लोगों की तरह और ज्यादा बर्बाद हो जाता। ‘लाइफ लाइव’ रिहैबिलिटेशन सेंटर के फाउंडर हरिश केनी कहते हैं- 'ये हाल गुजरात का है, जहां शराब पर बैन है। हमारे पास इस समय 100 से ज्यादा पेशेंट हैं। इनमें डॉक्टर, इंजीनियर, डिफेंस समेत कई बड़े पेशे के लड़के शामिल हैं। ये नशे के आदी हो चुके हैं। सभी गांजा, चरस, अफीम और तरह-तरह के ड्रग्स लेते थे। अगर सरकार इसे कंट्रोल नहीं करती, तो कुछ ही सालों में गुजरात नशे के मामले में पंजाब को पीछे छोड़ देगा। नोट- पहचान छिपाने के लिए सभी नाम बदल दिए गए हैं। ---------------------------------------------- 1- ब्लैकबोर्ड-पत्नी के घरवालों ने नंगा करके पीटा, नस काटकर सुसाइड:पत्नी ने कॉलर पकड़कर मांगे 20 लाख तो फांसी लगाई; तंग पतियों की स्याह कहानियां ‘20 जनवरी 2025 की बात है। शाम के 4 बजे थे। मैं अपने दोनों पोतों को स्कूल से लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में मेरा छोटा बेटा नितिन बाइक से आ रहा था। उसने कहा- मम्मी, बाइक पर बैठ जाओ। फिर हम उसके साथ घर आए। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- ब्लैकबोर्ड-जान बचानी थी, तो सिर पर बांध ली भगवा पट्टी:दंगे की तस्वीर ने मेरी जिंदगी बर्बाद की- हिंदुत्व का चेहरा बना, लेकिन मिला कुछ नहीं 2002 गुजरात दंगे के दो पोस्टर बॉय की कहानी, जिनमें हिंदुत्व का चेहरा बने मोची अशोक परमार आज दो वक्त की रोटी को मोहताज हैं। सर्दी, गर्मी, बरसात सड़क पर सोते हैं। वे उस वक्त 27 साल के थे। आज 51 साल के हैं। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें
भवानीपुर की गलियों में कदम रखते ही महसूस होता है कि कुछ बदल गया। एक तरफ जश्न, दूसरी तरफ खामोशी। ममता की हार के बाद सड़क पर कई जगह TMC के झंडे पड़े दिखे। थोड़ा आगे डीजे की तेज आवाज आई। ‘जय श्री राम’ का उद्घोष और गानों पर नाचते लोग दिखे। बोले, ‘खेला खत्म हो गया, अब शांति से रहेंगे।’ भवानीपुर ममता बनर्जी का घर है। यहीं जन्मीं। तीन बार चुनाव जीतीं। इस बार सुवेंदु अधिकारी से हार गईं। BJP ने TMC के डर और भवानीपुर की बदहाली, कचरे के ढेर को ममता के खिलाफ सबसे बड़ा मुद्दा बना दिया। लेकिन ये हुआ कैसे… उससे पहले हालात की एक कहानी सुवेंदु घर आए तो TMC वालों ने BJP कार्यकर्ता की पत्नी को सफेद साड़ी भेजी कालीघाट के टर्फ रोड एरिया में रहने वाली रीता दत्ता के पति 38 साल से BJP में हैं। एक दिन सुवेंदु अधिकारी उनसे मिलने घर आए। रीता बताती हैं कि सुवेंदु दा के लौटने के 10 मिनट बाद ही तीन लड़के आए। उम्र 20-22 साल होगी। हाथ में एक पैकेट था। बोले- TMC की तरफ से है। पैकेट में सफेद साड़ी थी। उस पर लिखा था- सुवेंदु दो दिन, TMC सारा जीवन। रीता बताती हैं, ‘इसके बाद भी हमें धमकियां मिलती रहीं। कहा गया कि 4 तारीख के बाद देख लेंगे। हाथ-पैर तोड़ देंगे। हमने ये बात सुवेंदु दा तक पहुंचाई। उनकी मदद से कालीघाट पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई। उन लोगों को अरेस्ट करवाया।’ ये हालात बदले कैसे…शुरुआत BJP के ऑफिस बनवाने से राजस्थान के BJP लीडर राजेंद्र राठौड़ भवानीपुर के प्रभारी थे। अमित शाह और सुनील बंसल के करीबी हैं। 7 बार के विधायक हैं। नेता प्रतिपक्ष भी रहे। वे करीब 50 दिन भवानीपुर में रहे। राठौड़ भवानीपुर पहुंचे, तो पता चला कि यहां BJP का ऑफिस ही नहीं है। उनके साथी विधायक गुरबीर बराड़ बताते हैं, ‘TMC के लोग ऑफिस बनने नहीं देते थे। हमने एक जगह तलाशी। उसके मालिक को ऑफिस बनाने के लिए तैयार किया।’ ‘ऑफिस बनाना अब भी मुश्किल था। कंस्ट्रक्शन का सामान पुलिस ने रास्ते में रोक लिया। वहां से गाड़ी छूटी, तो TMC के लोगों ने घेर लिया। धमकाने लगे। हमने CRPF की मदद ली और 4-5 दिन में ऑफिस बनकर तैयार हो गया। ममता को हराने से पहले हमने भवानीपुर में ऑफिस बनाकर उनके गुंडों को चैलेंज किया।’ 8 रणनीतियां, जिन्होंने भवानीपुर की कहानी बदल दी 1. वोटर से मिलने हर घर तक पहुंचीं तीन-तीन लोगों की टीम BJP ने कैसे ममता के मजबूत किले में बिना शोर मचाए सेंध लगा दी। इसका जवाब छिपा है, घर-घर पहुंचने वाली रणनीति में। BJP ने प्रचार के लिए डायरेक्ट कनेक्शन पर जोर दिया। तीन-तीन लोगों की टीमें बनाईं, दो पुरुष और एक महिला। इनका काम था हर घर तक पहुंचना, वोटर से बात करना और महसूस कराना कि उसका वोट मायने रखता है। इसके उलट TMC के लोग झुंड में चुनाव प्रचार के लिए जाते थे। इस वजह से लोग उनसे कतराते थे। 2. गलियों से ज्यादा हाईराइज बिल्डिंगों में प्रचार भवानीपुर की पहचान बहुमंजिला इमारतों से भी है। यहां प्रचार आसान नहीं होता। BJP कार्यकर्ता बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड को साथ लेते, फिर लिफ्ट से सबसे ऊपर जाते और वहां से नीचे आते हुए हर फ्लैट में दस्तक देते। हर घर में प्रधानमंत्री का लेटर, संकल्प पत्र और सुवेंदु अधिकारी की प्रोफाइल वाला पर्चा दिया जाता। पूरे प्रचार का सबसे अहम पहलू था सोशल मीडिया से दूरी। BJP ने घर-घर संपर्क की न फोटो पोस्ट कीं और न मीटिंग की जानकारी दी गई। किसी नेता के दौरे को हाईलाइट नहीं किया। पूरा अभियान खामोशी से चला। इससे बिना रुकावट प्रचार चलता रहा। 3. सुबह 10 से शाम 5 बजे का वक्त महिलाओं के लिए प्रचार के दौरान समझ आया कि सुबह जल्दी या देर शाम जाने पर अक्सर घर के पुरुष ही मिलते हैं। इससे घर की महिलाओं तक पहुंच नहीं बन पाती। तय किया गया कार्यकर्ता सुबह 10 बजे के बाद और शाम 5 बजे से पहले घर-घर जाएंगे। इससे सीधे महिलाओं से बात की गई। उनके मुद्दे सुने गए। पुरुषों के लिए सुबह का वक्त चुना, जब वे टहलने निकलते थे। बुद्धिजीवियों, डॉक्टरों, एडवोकेट, पत्रकारों, शिक्षकों, रिटायर्ड कर्मचारियों के साथ अलग से मीटिंग की गई। 4. पुराने कार्यकर्ताओं के लिए कॉलसेंटर, फोन करके एक्टिव किया एक कॉल सेंटर बनाकर पुराने कार्यकर्ताओं को फोन किया गया। उनसे पूछा गया कि वे BJP से कब जुड़े थे। किसने मेंबर बनाया था। अब एक्टिव हैं या नहीं। अगर मीटिंग में बुलाया जाए तो आएंगे या नहीं। ये निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को एक्टिव करने का अभियान था। 5. 5 हजार नए और साइलेंट वोटर, जिन्होंने गेम बदल दिया SIR की वजह से भवानीपुर में वोटर लिस्ट से करीब 40 हजार नाम कट गए। 5 हजार से ज्यादा नए नाम जुड़े। इनमें ज्यादातर ऐसे युवा थे, जो पढ़ाई या नौकरी के लिए बाहर चले गए थे और चुनाव के लिए लौटे थे। इन लोगों को खास तौर पर टारगेट किया गया और उनसे संपर्क बनाया गया। भवानीपुर के रहने वाले गौतम कुमार बताते हैं, ‘लोग खुलकर कुछ नहीं बोल रहे थे, लेकिन अंदर ही अंदर फैसला कर चुके थे। इस बार साइलेंट वोटर सबसे बड़ा फैक्टर बने। वे सामने कुछ नहीं बोले, लेकिन वोटिंग के दिन फैसला दे दिया।’ 6. गुजराती, मारवाड़ी, राजस्थानी वोटर के हिसाब से टीमें बनाईं भवानीपुर में लगभग 42% वोटर बंगाली हिंदू और 34% गैर-बंगाली हिंदू हैं। लगभग एक चौथाई वोटर मुस्लिम हैं। बिहार, ओडिशा और झारखंड से आए प्रवासियों के अलावा सिख, मारवाड़ी और राजस्थान के लोग भी रहते हैं। इसलिए टीम में सिख, मारवाड़ी और राज्यों के हिसाब से लीडर रखे गए, ताकि वोटर से सीधा कनेक्ट कर पाएं। 8 वार्ड में 8 अलग-अलग प्रवासी अध्यक्ष भी बनाए। ये सभी राजस्थान से थे। 7. लोगों को भरोसा दिया, जीतें या हारें, सुरक्षा देते रहेंगे भवानीपुर सीट के प्रभारी राजेंद्र राठौड़ बताते हैं, ‘पिछले चुनाव में जिन लोग पर BJP को वोट डालने का शक था, नतीजे आने के बाद उनके घर की पाइपलाइन कटवा दी गई थी। उनके घरों के सामने कचरा फिंकवाया गया था। काउंसलर्स ने इनसे माफीनामा लिखवाया था। इस बार भी लोग हाथ जोड़कर कहते थे कि आप हमारे घर न आएं। अगर TMC फिर जीती, तो हमें जीने नहीं देंगे। हमने लोगों की सुरक्षा के लिए कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल फोर्स की मदद ली। कहा कि BJP जीते या हारे, आपकी सुरक्षा होगी। 8. गंदी नाली, कचरे के ढेर को ममता के खिलाफ मुद्दा बना दिया राजेंद्र राठौड़ बताते हैं, 'हमने गंदी नालियों और कचरे के ढेर को मुद्दा बनाया। हमने कहा कि क्या ममता बनर्जी के इलाके के लोग गंदी नालियों और कचरे के ढेर के बीच रहने के हकदार हैं।' और इससे हासिल क्या हुआ… ममता हार गईं। 15,105 वोट से। भवानीपुर में पहली बार। 20 राउंड की काउंटिंग में ममता सिर्फ 7 राउंड और सुवेंदु 15 राउंड में आगे रहे, यानी एकतरफा जीत। इससे पहले यहां 5 बार चुनाव हुए थे, हर बार TMC जीती थी। BJP की जीत को कुछ लोग बदलाव और राहत मान रहे हैं, कुछ फिक्रमंद हैं, यानी हर गली की अपनी कहानी है। बबलू दास कहते हैं, ‘माहौल ठीक नहीं है। बहुत तोड़फोड़ हुई है। वहीं राजेश बर्मन कहते हैं, ‘अभी माहौल शांत है, लेकिन लोग थोड़े नाराज जरूर हैं।’ कई महिलाएं और बुजुर्ग मायूस भी नजर आए। कालीघाट की एक गली में मिली लीला शाह बोलीं, ‘हम चाहते थे दीदी जीतें। हमें लक्ष्मी भंडार से फायदा मिलता था, अब पता नहीं क्या होगा।’ ………………………..बंगाल में BJP की जीत पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल में दीदी को हराने वाले BJP के 5 किरदार, मंच से पुलिस को धमकी भी स्ट्रैटजी बंगाल में BJP की मौजूदा जीत के 5 किरदार हैं। पहले अमित शाह, दूसरे उनका दाहिना हाथ रहे सुनील बंसल, फिर शिवप्रकाश सिंह, अमित मालवीय और भूपेंद्र यादव। अमित शाह की टीम ने बंगाल में ममता दीदी के खौफ से लेकर BJP के भरोसे तक के सफर के लिए नारे गढ़ने का काम किया। पुलिस को कैसे सरेआम चेतावनी दी जाए। कैसे जनता के बीच ममता के ऊपर शाह की दबंग छवि गढ़ी जाए, ये सब प्लानिंग का हिस्सा थी। पढ़िए पूरी खबर...
गर्मी में पारा भले ही चढे, शेक से तर करें गला
मौसम के बदले मिजाज के साथ ही पारा चढता जा रहा है। ऐसे में शीतल पेय जरूरत बन चुका है। बडी समस्या यह है कि हम जल्द से जल्द ऐसा कौनसा ड्रिंक तैयार कर सकें जिससे हलक तत्काल तर हो जाएं। जो लिजिए पेश है कुछ शेक बनाने के टिप्स मैंगो शेक मैंगो शेक गर्मियों […] The post गर्मी में पारा भले ही चढे, शेक से तर करें गला appeared first on Sabguru News .
पति-पत्नी के जोरदार हंसाने वाले चुटकुले
पत्नी: सुनो जी, अगर मैं मर जाऊं तो आप क्या करोगे? पति: मैं पागल हो जाऊंगा… पत्नी: मतलब दूसरी शादी नहीं करोगे? पति: पागल आदमी कुछ भी कर सकता है पत्नी: मैं तुमसे बहुत नाराज़ हूँ! पति: क्यों? पत्नी: तुमने मुझे कभी “चाँद” नहीं कहा… पति: अरे, डॉक्टर ने कहा है रात में बाहर निकलना […] The post पति-पत्नी के जोरदार हंसाने वाले चुटकुले appeared first on Sabguru News .
भोपाल में डाक्टर ने शादी का झांसा देकर जयपुर की युवती से किया रेप
जयपुर/भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक निजी त्वचा रोग क्लीनिक के संचालक डॉ. अभिनीत गुप्ता के विरुद्ध दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी पर जयपुर से इलाज के लिए आई युवती को विवाह का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने शिकायत में बताया कि […] The post भोपाल में डाक्टर ने शादी का झांसा देकर जयपुर की युवती से किया रेप appeared first on Sabguru News .
केएससीए ने आईपीएल टिकट घोटाले में अपनी भूमिका से किया इनकार किया
बेंगलूरु। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 के टिकटों की कथित कालाबाज़ारी के रैकेट को लेकर बढ़ती जांच-पड़ताल के बीच कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने बुधवार को खुद को चल रही जांच से अलग कर लिया। वहीं, बेंगलूरु पुलिस की जांच में कथित तौर पर एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया गया है, जिसमें […] The post केएससीए ने आईपीएल टिकट घोटाले में अपनी भूमिका से किया इनकार किया appeared first on Sabguru News .
हनुमानगढ़ में बालिका से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास
हनुमानगढ़। राजस्थान में हनुमानगढ़ की यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पोक्सो एक्ट) मामलों की विशेष अदालत (संख्या 01) ने एक बालिका से दुष्कर्म करने के आरोपी को बुधवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त जलंधर सिंह को बालिका से दुष्कर्म करने का दोषी मानते हुए […] The post हनुमानगढ़ में बालिका से रेप के दोषी को 20 वर्ष का कारावास appeared first on Sabguru News .
विवादास्पद घमूडवाली थाना प्रभारी को हटाया गया, 27 दिनों का धरना समाप्त
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले के घमूडवाली थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक राजेंद्र चारण को उनके पद से हटा दिया गया है। गत 10 अप्रैल से थाने के सामने लगातार धरना दे रहे परिवादियों और स्थानीय लोगों की मांग को मानते हुए पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव ने यह कार्रवाई की। राजेंद्र चारण अब कोई नया पदभार […] The post विवादास्पद घमूडवाली थाना प्रभारी को हटाया गया, 27 दिनों का धरना समाप्त appeared first on Sabguru News .
अलवर में बालक की दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के दोषी को उम्रकैद
अलवर। राजस्थान में अलवर की यौन अपराध बाल संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम मामलों की विशेष अदालत ने सात वर्ष के बालक से दुष्कर्म करके उसकी हत्या करने के आरोपी को बुधवार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारवास की सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश ने अभियुक्त को बालक से दुष्कर्म करके हत्या करने का दोषी मानते हुए […] The post अलवर में बालक की दुष्कर्म करने के बाद हत्या करने के दोषी को उम्रकैद appeared first on Sabguru News .
बारां में कृषि संयुक्त निदेशक 8000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
बारां। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को कृषि विस्तार बारां के संयुक्त निदेशक को आठ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरों के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एसीबी चौकी बारां ने कार्रवाई करते हुए संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा को परिवादियों से उनके खाद, बीज एवं कीटनाशक के स्टॉक […] The post बारां में कृषि संयुक्त निदेशक 8000 रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
होशियारपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला
होशियारपुर। पंजाब में होशियारपुर जिले के एक गांव में बुधवार सुबह आवारा कुत्तों के झुंड ने आठ वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला। पुलिस ने बताया कि मृतक बालिका की पहचान सलोनी के रूप में हुई है, जो प्यारे लाल की पुत्री थी। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला है और वर्तमान […] The post होशियारपुर में आवारा कुत्तों के झुंड ने 8 वर्षीय बालिका को नोच-नोचकर मार डाला appeared first on Sabguru News .
बेंगलूरु की जगह अहमदाबाद में होगा आईपीएल 2026 का फाइनल
मुम्बई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 का 31 मई को होने वाला फाइनल मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। बीसीसीआई ने इसी के साथ को प्लेऑफ मुकाबलों के शेड्यूल का ऐलान कर दिया। साथ ही प्वाइंट टेबल की टॉप दो टीमें 26 […] The post बेंगलूरु की जगह अहमदाबाद में होगा आईपीएल 2026 का फाइनल appeared first on Sabguru News .
कोटपुतली-बहरोड़ : पटवारी 40 हजार की रिश्वत लेते अरेस्ट
कोटपुतली-बहरोड़। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बुधवार को कोटपुतली-बहरोड़ जिले की पावटा तहसील के भैसलाना पटवार हल्के के पटवारी को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी भिवाडी को परिवादी से एक शिकायत मिली कि उसके पिताजी की […] The post कोटपुतली-बहरोड़ : पटवारी 40 हजार की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
अजमेर। श्री नौसर माता मंदिर परिसर में संपन्न हुए श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का समापन आध्यात्मिक उल्लास और भक्तिभाव के साथ ‘यज्ञान्त स्नान’ के रूप में किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद पीठाधीश्वर श्री रामाकृष्णादेव महाराज के सान्निध्य में यज्ञ सेवा मंडल के सदस्यों ने उत्तराखंड स्थित पवित्र गंगा नदी तट पर पहुंचकर सामूहिक […] The post श्री राजराजेश्वरी महालक्ष्मी यज्ञ का मंगल स्नान के साथ समापन, यज्ञ सेवा मण्डल के सदस्यों ने गंगा में लगाई डुबकी appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में
कोलकाता। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को कहा कि नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आगामी नौ मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहेंगे। भट्टाचार्य ने यहां संवाददाताओं से कहा कि शपथ ग्रहण समारोह 9 […] The post पश्चिम बंगाल में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को ब्रिगेड परेड ग्राउंड में appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद हिंसा जारी, मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़ी
मुर्शिदाबाद। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में मंगलवार देर रात भाजपा समर्थकों की भीड़ ने जियागंज इलाके में व्लादिमीर लेनिन की प्रतिमा तोड़े जाने के बाद तनाव बढ़ गया है। यह घटना हाल ही में आए विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद राज्य भर में हो रही चुनाव बाद की हिंसा की खबरों के बीच हुई […] The post पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत के बाद हिंसा जारी, मुर्शिदाबाद में लेनिन की प्रतिमा तोड़ी appeared first on Sabguru News .
खरगोन में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 7 वर्षीय बालिका की हत्या
खरगोन। मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के ऊन थाना क्षेत्र में पिता द्वारा सामान लेने भेजी गई 7 वर्ष की बालिका के साथ उसके एक रिश्तेदार और दोस्त ने सामूहिक दुष्कर्म कर हत्या कर दी। पुलिस ने बुधवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार 7 वर्षीय बालिका के गैंगरेप और […] The post खरगोन में सामूहिक दुष्कर्म के बाद 7 वर्षीय बालिका की हत्या appeared first on Sabguru News .
नागपुर में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर 17 वर्षीय लड़के की हत्या
नागपुर। महाराष्ट्र में नागपुर के कलमना पुलिस थाना क्षेत्र में एक कथित प्रेम प्रसंग से जुड़े विवाद के बाद 17 वर्षीय एक लड़के की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब 11 बजे कलमना पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत वाजपेयी नगर में हुई। मृतक […] The post नागपुर में कथित प्रेम प्रसंग को लेकर 17 वर्षीय लड़के की हत्या appeared first on Sabguru News .
Archery World Cup में बेहतर प्रदर्शन की तलाश में उतरेंगे भारतीय तीरंदाज
भारत ने अनुभवी खिलाड़ियों ज्योति सुरेखा वेन्नम और दीपिका कुमारी की अगुआई में आर्चरी वर्ल्ड कप 2026 स्टेज 2 के लिए 16 सदस्यीय टीम भेजी है, जो मंगलवार से इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी। यह विश्व कप शंघाई में आयोजित हो रहा है।चार चरणों वाले इस वर्ल्ड कप के दूसरे लेग में 44 देशों के 300 से ज्यादा तीरंदाज 5 से 10 मई तक मुकाबला करेंगे, जहां आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल के लिए क्वालिफिकेशन दांव पर होगा। भारत में इसके रिकर्व और कंपाउंड फाइनल्स की लाइव स्ट्रीमिंग उपलब्ध रहेगी। भारत ने पिछले महीने पुबेला में हुए पहले चरण में सिर्फ एक पदक जीता था, जहां महिला कंपाउंड टीम ज्योति, मधुरा धामनगांवकर और प्रगति ने गोल्ड मेडल हासिल किया।शंघाई में वही 16 सदस्यीय टीम उतरेगी, जिसका चयन फरवरी में कोलकाता में हुए ट्रायल्स के आधार पर हुआ था। भारत को इस वेन्यू से अच्छी उम्मीदें होंगी, क्योंकि पिछले साल यहां टीम ने दो गोल्ड समेत कुल सात पदक जीते थे। पिछले साल मधुरा धामनगांवकर ने शानदार प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत स्वर्ण और अभिषेक वर्मा के साथ मिक्स्ड टीम में कांस्य जीता था, जबकि महिला कंपाउंड टीम को सिल्वर से संतोष करना पड़ा। पुरुष कंपाउंड टीम, जिसने पिछले साल शंघाई में गोल्ड जीता था, इस बार कुशल दलाल, पूर्व विश्व चैंपियन ओजस देवतले, साहिल जाधव और अभिषेक वर्मा के साथ उतरेगी। महिला रिकर्व में दीपिका कुमारी एक और पोडियम फिनिश का लक्ष्य रखेंगी। चार बार की ओलंपियन दीपिका के नाम वर्ल्ड कप में 38 मेडल हैं और उन्होंने पिछले साल यहां व्यक्तिगत ब्रॉन्ज जीता था। भारत की पुरुष रिकर्व टीम में ओलंपियन अतानु दास और तरुणदीप राय शामिल हैं।सितंबर में होने वाले आर्चरी वर्ल्ड कप फाइनल 2026 में चारों वर्ल्ड कप चरणों के व्यक्तिगत चैंपियन (रिकर्व और कंपाउंड) हिस्सा लेंगे।
BJP की जीत के बाद बंगाल छोड़कर जाते रोहिंग्याओं के दावे से असंबंधित वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम से पहले के हैं. इनमें एक वीडियो बांग्लादेश और दूसरा पश्चिम बंगाल का है. दोनों वीडियो अलग-अलग धार्मिक यात्राओं से जुड़े हैं.
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर: 12 राशियों पर बड़ा असर, जानें आपका राशिफल
Venus Transit in Gemini: 14 मई 2026 को प्रेम, वैभव और ऐश्वर्य के कारक शुक्र अपनी राशि वृषभ को विदा कहकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश करेंगे। शुक्र का यह संचार कला, संवाद और बुद्धिमत्ता की नई ऊर्जा का संचार करेगा। आइए जानते हैं, इस ज्योतिषीय बदलाव का आपकी राशि पर क्या और कैसा असर होगा। ALSO READ: 163 दिन तक कुंभ राशि में वक्री प्लूटो: 5 राशियों को लाभ, 4 के लिए आत्ममंथन का दौर मेष: सामाजिक चमक और पराक्रम शुक्र आपके तीसरे भाव में दस्तक देंगे, जो साहस और संबंधों का स्थान है। इस दौरान आप सामाजिक रूप से काफी सक्रिय रहेंगे। दोस्तों के साथ पार्टियां और छोटी यात्राएं आपके मन को तरोताजा करेंगी। आपकी रचनात्मकता (लेखन या कला) आपको धन दिला सकती है। प्रेम जीवन में रोमांस बढ़ेगा, लेकिन जीवनसाथी के साथ संवाद में सावधानी बरतें। ALSO READ: शनिश्चरी अमावस्या 2026: ये 5 उपाय करना न भूलें, शनिदेव की बरसेगी विशेष कृपा वृषभ: धन वृद्धि और पारिवारिक सुख आपकी राशि के स्वामी शुक्र दूसरे भाव (धन भाव) में जा रहे हैं। यह समय आपके बैंक बैलेंस को बढ़ाने वाला है। आपकी वाणी में मधुरता आएगी, जिससे बिगड़े काम भी बन जाएंगे। स्वादिष्ट भोजन और शुभ उत्सवों का आनंद मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में सम्मान और प्रोत्साहन राशि मिलने के प्रबल योग हैं। मिथुन: निखरेगा व्यक्तित्व, बढ़ेगा आकर्षण शुक्र आपकी ही राशि (प्रथम भाव) में गोचर करेंगे। आपका व्यक्तित्व जादुई रूप से निखरेगा और लोग आपकी ओर आकर्षित होंगे। रुके हुए काम पूरे होंगे और आप विलासिता की वस्तुओं पर खर्च करेंगे। यदि आप वाहन या संपत्ति खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह श्रेष्ठ समय है। दांपत्य जीवन में प्रेम की नई लहर आएगी। कर्क: खर्चों में उछाल और सुख-सुविधाएं शुक्र का गोचर आपके 12वें भाव में होगा, जो खर्चों का स्थान है। अचानक सामने आने वाले खर्च आपको थोड़ा परेशान कर सकते हैं, लेकिन आय के नए स्रोत भी खुलेंगे। घर के रेनोवेशन या इंटीरियर पर पैसा खर्च होगा। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलेगी और जीवनसाथी के साथ तालमेल बेहतर होगा। ALSO READ: 163 दिन तक कुंभ राशि में वक्री प्लूटो: 5 राशियों को लाभ, 4 के लिए आत्ममंथन का दौर सिंह: इच्छाओं की पूर्ति और आय में लाभ शुक्र आपके 11वें भाव (लाभ भाव) में गोचर करेंगे। आपकी अधूरी महत्वाकांक्षाएं पूरी होने का समय आ गया है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रेम संबंधों के लिए यह सुनहरा दौर है। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा, हालांकि अत्यधिक व्यस्तता के कारण स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। कन्या: करियर में ऊंचाई और नई पहचान शुक्र आपके कर्म भाव (10वें भाव) में प्रवेश करेंगे। भाग्य का साथ मिलने से करियर की गाड़ी रफ्तार पकड़ेगी। नौकरीपेशा लोगों का मनचाहा ट्रांसफर या प्रमोशन हो सकता है। व्यापारियों के लिए विस्तार के नए द्वार खुलेंगे। घर का माहौल सकारात्मक रहेगा और समाज में आपकी साख बढ़ेगी। तुला: भाग्य का साथ और अचानक धन लाभ आपकी राशि के स्वामी नवम भाव (भाग्य स्थान) में गोचर करेंगे। आपको पैतृक संपत्ति या विरासत से अचानक धन मिल सकता है। धार्मिक यात्राओं के योग हैं। भाई-बहनों से रिश्ते सुधरेंगे, लेकिन पिता के स्वास्थ्य का ख्याल रखें। कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी होगी, जिसका फल मान-सम्मान के रूप में मिलेगा। वृश्चिक: रहस्यों की खोज और आर्थिक निवेश शुक्र आपके आठवें भाव में प्रवेश करेंगे। यह समय गुप्त संबंधों और आकस्मिक लाभ का है। शेयर बाजार या पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। निजी संबंधों में अंतरंगता बढ़ेगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखें। जीवनसाथी के साथ विवाद से बचें और अपनी वाणी पर संयम रखें। धनु: संबंधों में रोमांस और व्यापारिक उन्नति शुक्र आपके सप्तम भाव (विवाह और साझेदारी) में विराजेंगे। दांपत्य जीवन में प्रेम की खुशबू महकेगी और आप साथी के लिए उपहार खरीदेंगे। व्यापार में नई साझेदारियां लाभदायक रहेंगी। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें (विशेषकर महिलाएं) और सामाजिक मर्यादाओं का ध्यान रखें। मकर: स्वास्थ्य के प्रति सजगता और स्थिरता योगकारक शुक्र आपके छठे भाव में गोचर करेंगे। यहां आपको सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा; खान-पान में संतुलन बरतें। हालांकि, नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय बहुत अच्छा है, कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिल सकती है। कुंभ: प्रेम की बहार और संतान सुख शुक्र का पंचम भाव में आना प्रेम संबंधों के लिए वरदान है। पुराने गिले-शिकवे दूर होंगे और रिश्तों में मजबूती आएगी। संपत्ति से जुड़ा कोई बड़ा लाभ मिल सकता है। बेरोजगारों को नई नौकरी के अवसर मिलेंगे। संतान की ओर से खुशी मिलेगी, बस पेट से संबंधित दिक्कतों से सावधान रहें। मीन: भौतिक सुख-सुविधाएं और नया वाहन शुक्र आपके चतुर्थ भाव (सुख भाव) में गोचर करेंगे। घर में विलासिता की नई चीजें या वाहन आने के योग हैं। पारिवारिक जीवन में थोड़ी गलतफहमी हो सकती है, इसलिए स्पष्ट संवाद रखें। भाई-बहनों और ससुराल पक्ष का पूरा सहयोग मिलेगा। व्यापारियों के लिए मित्रों का साथ उन्नति का कारक बनेगा।
भारतीय लोकतंत्र में सत्ता क्यों हमेशा अस्थाई होती है और 'अपराजेय' एक मिथक
Indian Democracy: भारतीय लोकतंत्र की सबसे मौलिक सच्चाई यही है कि सत्ता स्वभावतः क्षणभंगुर है—और कोई भी नेता या दल चिरस्थायी विजेता नहीं हो सकता। Plato के रिपब्लिक में वर्णित ‘दार्शनिक-राजा’ की अवधारणा हो या Niccol Machiavelli की द प्रिंस में ...
भारत भाग्य विधाता: जब डर के सामने खड़ी हुई इंसानियत, कंगना रनौत की यह मूवी सच्ची कहानी पर आधारित
हर सुपरहीरो के पास केप नहीं होती और इसी सच्चाई को पर्दे पर लाने जा रही हैं कंगना रनौत अपनी नई फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के जरिए। 12 जून 2026 को रिलीज होने वाली यह फिल्म किसी काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि उस सच्चाई को दिखाती है जहां आम लोगों ने असाधारण हालात में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाई। यही वजह है कि फिल्म का पहला पोस्टर सामने आते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। कहानी: आतंक के बीच इंसानियत की जीत यह फिल्म एक भयावह रात की सच्ची घटनाओं पर आधारित है, जब शहर में आतंक का माहौल था। बाहर गोलियों और हमलों की गूंज थी, लेकिन अस्पताल के अंदर इंसानियत जिंदा थी। खास तौर पर कामा अस्पताल के भीतर करीब 400 लोगों की जान बचाई गई और यही इस कहानी का सबसे मजबूत पहलू है। फिल्म अस्पताल के गलियारों, वार्ड्स और इमरजेंसी के उन पलों को दिखाती है, जहां हर सेकंड भारी था, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने हिम्मत नहीं हारी। ‘भारत भाग्य विधाता’ सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, बल्कि उन गुमनाम नायकों की कहानी है, नर्स, वार्ड बॉय, सफाई कर्मचारी, लिफ्ट ऑपरेटर, सुरक्षा कर्मी और प्रशासनिक स्टाफ, जिन्होंने बिना हथियार के, सिर्फ अपने कर्तव्य और साहस के दम पर लोगों की जान बचाई। जब पूरा शहर डर के साए में था, तब इन लोगों ने दिखाया कि असली बहादुरी क्या होती है। कंगना रनौत का नजरिया फिल्म को लेकर कंगना रनौत का कहना है कि हम अक्सर दिखावटी वीरता का जश्न मनाते हैं, लेकिन असली साहस शांत होता है जो बिना शोर के अपनी जिम्मेदारी निभाता है। उनके मुताबिक, यह फिल्म देशभक्ति का सबसे सच्चा रूप दिखाती है, जहां आम लोग ही असली हीरो बन जाते हैं। मैं इस कहानी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हूं और 12 जून को इसे बड़े पर्दे पर दर्शकों के सामने लाने के लिए उत्साहित हूं।” फिल्म को मनोज तापड़िया ने लिखा और निर्देशित किया है, जबकि डॉ. जयंतीलाल गडा के पेन स्टूडियोज ने इसे प्रस्तुत किया है। मेकर्स का मानना है कि भारत की असली ताकत उसके आम लोग हैं, जो मुश्किल वक्त में बिना किसी पहचान के बड़ा काम कर जाते हैं। मनोज तापड़िया ने कहा, “12 जून को दर्शक एक ऐसा थ्रिलर देखेंगे जो तनाव से भरा, भावनात्मक और गहराई से इंसानी होगा। लेकिन इसकी असली कहानी सिर्फ आतंक के बारे में नहीं है, यह कहानी है उस साहस की जो डर पर जीत हासिल करता है, उस करुणा की जो अफरा-तफरी के बीच भी ज़िंदा रहती है, और उस बलिदान की जो खतरे के सामने दिया जाता है। फिल्म में कंगना रनौत के साथ गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा और जाहिद खान जैसे कलाकार नजर आएंगे। ‘भारत भाग्य विधाता’ 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी और दर्शकों को एक ऐसी कहानी से रूबरू कराएगी, जो दिल को छूने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर देगी। निर्देशक: मनोज तापड़िया कलाकार: कंगना रनौत, गिरीजा ओक, स्मिता तांबे, अमृता नामदेव, ईशा डे, प्रिया बेर्डे, आशा शेलार, सुहिता ठट्टे, रसीका आगाशे, आदित्य मिश्रा रिलीज डेट : 12 जून 2026
163 दिन तक कुंभ राशि में वक्री प्लूटो: 5 राशियों को लाभ, 4 के लिए आत्ममंथन का दौर
Pluto in Aquarius: ज्योतिष शास्त्र में प्लूटो (यम) को 'परिवर्तन और पुनर्जन्म' का ग्रह माना जाता है। कुंभ राशि में प्लूटो का 163 दिनों तक वक्री (Retrograde) होना एक बड़ी खगोलीय घटना है, जो वैश्विक और व्यक्तिगत स्तर पर गहरे बदलाव लाएगी। यहाँ आपके लिए इस गोचर का संक्षिप्त और प्रभावी विश्लेषण दिया गया है। प्रमुख प्रभाव: 5 भाग्यशाली राशियां इन राशियों के लिए यह समय पुरानी समस्याओं के अंत और नई उपलब्धियों का होगा: मेष (Aries): आर्थिक लाभ के नए स्रोत खुलेंगे और लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। मिथुन (Gemini): बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी और करियर में बड़े अवसर प्राप्त होंगे। सिंह (Leo): साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी और सामाजिक मान-प्रतिष्ठा बढ़ेगी। तुला (Libra): रचनात्मक कार्यों में यश मिलेगा और संतान पक्ष से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। धनु (Sagittarius): साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी, छोटी यात्राएं सुखद और लाभदायक रहेंगी। आत्म-मंथन का समय: 4 राशियां इन राशियों को बाहरी सफलता के बजाय अपने भीतर झांकने और सुधार करने की आवश्यकता होगी: वृषभ (Taurus): करियर और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती रहेगी। जल्दबाजी में निर्णय न लें। वृश्चिक (Scorpio): पुराने दबे हुए भावनात्मक मुद्दे सतह पर आ सकते हैं। क्षमा करना और आगे बढ़ना सीखना होगा। कुंभ (Aquarius): प्लूटो इसी राशि में वक्री है, अतः व्यक्तित्व और स्वभाव में बड़े बदलाव महसूस होंगे। अपनी आदतों का विश्लेषण करें। मीन (Pisces): मानसिक शांति के लिए एकांत और ध्यान की आवश्यकता होगी। अनावश्यक खर्चों और गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें। निष्कर्ष और उपाय वक्री प्लूटो हमें यह सिखाता है कि जो हमारे काम का नहीं है, उसे छोड़ देना ही बेहतर है। विशेष सुझाव: इ स अवधि में ॐ नमः शिवाय का जाप और असहाय लोगों की मदद करना सभी राशियों के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा।
सोशल मीडिया सेंसेशन ओरी चले 'खतरों के खिलाड़ी', करेंगे अपने डर का सामना
बॉलीवुड पार्टियों और वायरल सोशल मीडिया मोमेंट्स में लगातार नजर आते रहे इंटरनेट सेंसेशन ओरहान अवतरमणि उर्फ ओरी, अब एक बिल्कुल नए चैलेंज के लिए तैयार हैं। अपने रहस्यमयी पर्सोना और ए-लिस्टर्स के साथ हमेशा नज़र आनेवाले मशहूर ओरी ने बिना किसी पारंपरिक रास्ते के पॉप कल्चर में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। टॉप सेलेब्रिटीज़ के साथ तस्वीरें खिंचवाने से लेकर ऑनलाइन मीम्स का हिस्सा बनने तक, ओरी का सफर काफी अलग रहा है। अपने तेज़-तर्रार कैप्शन्स के साथ कैंडिड अपीयरेंस और हर जगह मौजूद रहने वाली छवि के कारण वे हाल के समय का सबसे चर्चित इंटरनेट पर्सनैलिटी बन चुके हैं। फिलहाल अपनी इस पहचान से परे वे अब रियलिटी टीवी की दुनिया में कदम रखने जा रहे हैं। खबरों के मुताबिक, ओरी मशहूर रिएलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी' के आगामी सीजन में शामिल होने जा रहे हैं। गौरतलब है कि 'खतरों के खिलाड़ी' एक ऐसा शो है, जो सेलिब्रिटीज़ को उनके कम्फर्ट ज़ोन से बाहर निकालकर खतरनाक स्टंट्स और डर से भरे चैलेंजेस का सामना करवाता है। मज़ेदार बात यह है कि जहां फैंस उन्हें इस नए अवतार में देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं शो के लिए अप्रोच किए जाने पर औरी का रिएक्शन रहा। अपने बेबाक और मजेदार अंदाज़ में ओरी ने कहा, जब उन्होंने मुझे 'खतरों के खिलाड़ी' करने के लिए कहा, तो मैं ऐसा था कि रुको, ये है क्या? उन्होंने कहा ये एक स्टंट शो है, तो मैंने कहा, मुझे तो पब्लिसिटी स्टंट्स बहुत पसंद हैं, फिर भी आप मुझे साइन कर लो। उन्होंने कहा, फिर जब मुझे पता चला कि ये असल में 'फियर फैक्टर' जैसा शो तो मैं थोड़ा डर गया, क्योंकि आमतौर पर मैं बहुत निडर नहीं हूं सो मैंने सोचा, चलो टेबल्स को पलटते हैं। हो सकता है ये मेरे कैरेक्टर डेवलपमेंट के लिए अच्छा हो, तो मैं यहां आ गया। अब मुझे नहीं पता क्या होने वाला है, लेकिन मैं पूरी तरह तैयार हूं। बस पकड़ो और कर डालो… और कोशिश करो कि मरें नहीं। दिलचस्प बात यह है कि हर बार की तरह ओरी का यह बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है, जहां फैंस उनके मजाकिया अंदाज और सेल्फ-अवेयरनेस को खूब पसंद कर रहे हैं। जहां ओरी अब तक अपने ग्लैमरस अपीयरेंस और सोशल मीडिया बज के लिए जाने जाते रहे हैं, वहीं 'खतरों के खिलाड़ी' में वह बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आएंगे, जो कैमरे की चमक-दमक से दूर, रोमांच से भरपूर होगा।
एकता कपूर ने अक्षय कुमार और जीतेंद्र को बताया मिसाल, कहा- इनकी मेहनत ने इंडस्ट्री को संभाला
एकता आर कपूर के बैनर बालाजी मोशन पिक्चर्स की फिल्म 'भूत बंगला', जिसमें अक्षय कुमार नजर आए, हाल ही में सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इस फिल्म के साथ अक्षय कुमार और निर्देशक प्रियदर्शन की जोड़ी भी फिर से साथ आई। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई है और लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही है। इसी बीच एकता ने इंस्टाग्राम पर अपने पिता जीतेंद्र और अक्षय कुमार के साथ कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए एक दिल छू लेने वाला पोस्ट लिखा। अपने नोट में एकता ने दोनों सितारों के बीच गजब की समानता बताई, खासकर उनका अनुशासन और निर्माता के विजन पर मजबूत भरोसा। उन्होंने कहा कि ऐसे कलाकार ही फिल्म इंडस्ट्री की कमर्शियल रीढ़ को मजबूत बनाए रखते हैं, क्योंकि एक्टर्स का लगातार काम करना हर स्तर के प्रोड्यूसर्स के लिए मौके पैदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि इसी तरह की मेहनत और समर्पण ने इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने, रोजगार देने और इसकी रफ्तार बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। A post shared by EktaaRkapoor (@ektarkapoor) पोस्ट शेयर करते हुए एकता ने लिखा, अब समय आ गया है कि मैं अपना धन्यवाद कहूं… पापा और अक्षय सर की यह तस्वीर मुझे बिल्कुल याद दिलाती है कि अनुशासन क्या कर सकता है। दोनों इतने एक जैसे हैं कि जब भी मैं अक्षय सर से बात करती हूं, मुझे लगता है जैसे मैं अपने पापा से बात कर रही हूं… उनका अनुशासन, निर्माता के विश्वास पर उनका भरोसा, और गहरा सम्मान व विश्वास सच में कमाल है। उन्होंने लिखा, काम की मात्रा में ही रोजगार पैदा होता है, और यही चीज़ वो साथ लेकर आते हैं। धन्यवाद अक्षय सर, आपने हर निर्माता को, बड़े से लेकर मिड-साइज़ तक, अपना सर्वश्रेष्ठ देने का मौका दिया। लव यू, गुरुजी! भूत बंगला ने सिनेमाघरों में जबरदस्त सफलता हासिल की है, जहां दर्शक इसकी हॉरर-कॉमेडी के सुनहरे दौर की याद दिलाने वाली कहानी को खूब पसंद कर रहे हैं। शानदार स्टारकास्ट के साथ पर्दे पर मस्ती और अफरा-तफरी लेकर आई यह फिल्म सिनेमाघरों में लगातार मजबूत पकड़ बनाए हुए है और साल की सबसे बड़ी बॉक्स ऑफिस एंटरटेनर फिल्मों में शामिल हो चुकी है। बालाजी टेलीफिल्म्स लिमिटेड के डिवीजन बालाजी मोशन पिक्चर्स, केप ऑफ गुड फिल्म्स के साथ मिलकर पेश करते हैं भूत बंगला। फिल्म में अक्षय कुमार, वामिका गब्बी, परेश रावल, तब्बू और राजपाल यादव नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है, जबकि इसे अक्षय कुमार, शोभा कपूर और एकता आर कपूर ने प्रोड्यूस किया है।
रिसाव जो दिखता नहीं, असर जो रुकता नहीं: मीथेन संकट और ऊर्जा सुरक्षा की अनदेखी कहानी
मीथेन उत्सर्जन पर IEA की Global Methane Tracker 2026 रिपोर्ट बताती है कि ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा रिसाव जारी है। जानिए कैसे यह जलवायु और ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर संकट है
Photo Credit : X मलयालम सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी बेहतरीन अदाकारी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले दिग्गज अभिनेता संतोष के नायर का एक दर्दनाक सड़क हादसे में निधन हो गया है। 65 वर्षीय संतोष नायर अपने पीछे अपनी पत्नी और एक बेटी को छोड़ गए हैं। संतोष नायर के निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है। यह घटना 5 मई की सुबह करीब 6:30 बजे केरल के पथानामथिट्टा जिले के एनाथु इलाके में हुई। संतोष नायर अपनी पत्नी शुभश्री के साथ कार में यात्रा कर रहे थे, तभी उनकी कार अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक से जा टकराई। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और संतोष नायर की छाती सीधे स्टीयरिंग व्हील से टकरा गई, जिससे उन्हें गंभीर आंतरिक चोटें आईं। दुर्घटना के बाद उन्हें तुरंत अडूर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्हें दिल का दौरा (Heart Attack) भी पड़ा। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे इस आघात को सहन नहीं कर पाए और उनका निधन हो गया। वहीं, इस हादसे में उनकी पत्नी शुभश्री को भी पसलियों में गंभीर चोटें आई हैं और वे फिलहाल अस्पताल में उपचाराधीन हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। संतोष नायर का जन्म 12 नवंबर 1960 को तिरुवनंतपुरम में हुआ था। उनके पिता सी. एन. केशवन नायर एक सेवानिवृत्त हेडमास्टर थे और उनकी माता पी. राजलक्ष्मी अम्मा एक सेवानिवृत्त शिक्षिका थीं। उनके माता-पिता के इथियोपिया चले जाने के कारण, उनका पालन-पोषण मुख्य रूप से उनके नाना-नानी द्वारा पेट्टा में उनकी दो बहनों के साथ किया गया था। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा तिरुवनंतपुरम के सेंट जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की। इसके बाद, उन्होंने महात्मा गांधी कॉलेज से गणित में उच्च शिक्षा प्राप्त की। कॉलेज के दिनों में वे छात्र राजनीति में भी काफी सक्रिय थे। संतोष नायर ने अपने शौक और कला के प्रति प्रेम को चुना और अभिनय की राह अपनाई। संतोष नायर ने साल 1982 में रिलीज हुई फिल्म 'इथु नंगलुडे कथा' से अपने करियर की शुरुआत की थी। चार दशकों से अधिक के अपने शानदार सफर में, उन्होंने 100 से अधिक फिल्मों में काम किया। उन्हें 'अप्रैल 18' और 'इविडे थुडंगन्नु' (1984) जैसी फिल्मों में उनके नकारात्मक किरदारों के लिए काफी सराहा गया। इसके अलावा, उन्होंने सुपरस्टार मोहनलाल के साथ 'चंद्रोत्सवम' (2005) और 'इरुपाथम नूतंदु' (1987) जैसी कई फिल्मों में भी यादगार भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने 'वसंता सेना', 'निशेधि', 'कृष्णा गोपालकृष्णन' और 'खाकी' जैसी फिल्मों में भी अपने अभिनय की छाप छोड़ी। इसके अलावा उन्होंने टीवी शो 'स्वप्नम' और 'श्रीकृष्णन' में भी अभिनय किया था।
बेटे जुनैद के करियर में दखल नहीं देते आमिर खान, बोले- बिना मदद बनाई अपनी पहचान
आमिर खान प्रोडक्शन्स की फिल्म 'एक दिन', जिसमें जुनैद खान और साई पल्लवी हैं, हाल ही में थिएटर्स में रिलीज़ हुई है। फिल्म के दौरान, आमिर ने इस बारे में बात की कि कैसे जुनैद ने उनकी मदद लिए बिना इंडस्ट्री में अपनी राह बनाई है। उन्होंने बताया कि कैसे जुनैद ने ट्रेनिंग ली, खुद ऑडिशन दिए और अपनी शर्तों पर आगे बढ़े। आमिर ने यह भी बताया कि जुनैद एक व्यक्ति के रूप में कितने अलग हैं और समय के साथ उनका रिश्ता कैसे बदला है। उन्होंने आगे कहा कि अपने बेटे को गले लगाना, भले ही वह अब बड़े हो गए हैं, उन्हें बहुत सुकून और मानसिक शांति देता है। जुनैद की स्क्रिप्ट न पढ़ने के बारे में बात करते हुए, आमिर ने खुलासा किया, नहीं, मैं जुनैद की स्क्रिप्ट नहीं पढ़ता। वह नहीं चाहते कि मैं उनके करियर में दखल दूं। वह थिएटर सीखने लॉस एंजिल्स गए। उन्होंने वहां दो साल पढ़ाई की और एक साल तक नाटक किए। फिर वह वापस आ गए और बॉम्बे में एक थिएटर शुरू किया। आमिर ने कहा, जुनैद कास्टिंग डायरेक्टर्स के पास ऑडिशन के लिए जाते थे। उस समय, किसी को नहीं पता था कि वह मेरे बेटे हैं। उन्होंने किसी को नहीं बताया, और मैंने भी किसी को नहीं बताया। आमिर ने शेयर किया कि उन्हें जुनैद के डेब्यू प्रोजेक्ट के बारे में कैसे पता चला। उन्होंने कहा, खैर, एक दिन मेरे पास आदि चोपड़ा (आदित्य चोपड़ा) का फोन आया। उन्होंने कहा कि वह जुनैद को फिल्म 'महाराज' में ले रहे हैं। मुझे इस फिल्म के बारे में बाहर से पता चला। उसने अच्छा काम किया। तो उसने अपना करियर खुद बनाया है। उन्होंने शेयर किया कि जुनैद इंसान के तौर पर कितने अलग हैं, जिन्होंने उनसे कभी कोई मदद नहीं ली। वह बोले, सच कहूं तो, एक पिता के तौर पर, उसने मुझे कुछ नहीं करने दिया। उसने मुझसे कभी कुछ नहीं लिया। मैंने उसे कई बार कार खरीदने के लिए कहा है। यह बहुत अजीब बात है कि मैं हमेशा अपने बच्चों को गले लगाता हूं। उन्होंने कहा, जैसे हम घर पर सोफे या बेड पर बैठे होते हैं। तो मैं आइरा, जुनैद और आजाद को कसकर गले लगाता हूँ। जब वह छोटा था, तब यह आसान था, लेकिन अब वह 6 फीट 2 इंच का है। लेकिन आज भी, जब मैं उसे कसकर गले लगाता हूँ और उसका सिर अपनी छाती पर रखता हूँ, तो मैं बता नहीं सकता कि मुझे कितना सुकून मिलता है। जुनैद खान और साई पल्लवी की फिल्म 'एक दिन' हाल ही में थिएटर्स में रिलीज़ हुई है जिसे बहुत अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है। दर्शक फिल्म के ताज़ा वाइब और लीड जोड़ी की नेचुरल और दिल छू लेने वाली केमिस्ट्री को बहुत पसंद कर रहे हैं। 'एक दिन' के ज़रिए आमिर खान और फिल्ममेकर मंसूर खान एक लंबे समय बाद फिर साथ आए हैं। आमिर खान प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी 'एक दिन' में साई पल्लवी और जुनैद खान हैं। इस फिल्म को सुनील पांडे ने डायरेक्ट किया है और इसे आमिर खान, मंसूर खान और अपर्णा पुरोहित ने प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म थिएटर्स में रिलीज़ हो चुकी है।
पुष्पा के बाद अब 'राका' में भी अल्लू अर्जुन का दिखेगा जलवा, किरदार के नाम पर ही होगा फिल्म का टाइटल!
'पुष्पा 2: द रूल' जैसी ब्लॉकबस्टर देने के बाद, नेशनल अवॉर्ड विनर अल्लू अर्जुन ने अपनी अगली फिल्म 'राका' के टाइटल और लुक रिवील के साथ पूरे देश में हलचल मचा दी है। एटली द्वारा निर्देशित इस फिल्म में दीपिका पादुकोण भी नजर आएंगी। इस मेगा रिवील ने आइकन स्टार के जन्मदिन को और भी खास बना दिया। इंटरनेट पर उनका लुक छा गया है, जिसमें वो गंजे, आंखों में काजल लगाए और हाथ में जानवरों के पंजे लिए कैमरे की तरफ घूर रहे हैं। जहां इस लुक ने सबको टाइटल के पीछे की वजह सोचने पर मजबूर कर दिया है, वहीं अब इसके उनके 'पुष्पा' किरदार से जुड़ा होने का एक दिलचस्प सुराग भी मिला है। एक इंडस्ट्री सोर्स के मुताबिक, राका के मेकर्स ने 'पुष्पा' फ्रैंचाइजी की बड़ी सफलता को देखते हुए, फिल्म का नाम अल्लू अर्जुन के टाइटल रोल पर रखने का एक सोच-समझकर फैसला लिया। अल्लू अर्जुन ने अपने किरदार को सिर्फ एक नाम से कहीं ज्यादा फिल्म की पहचान बना दिया, जो एक ऐसी घटना बन गई जिसने पूरे देश में असर डाला। और अब, राका के साथ, वह उसी जादू को दोहरा रहे हैं, और उनके किरदार की शक्ति के इर्द-गिर्द पूरी फिल्म बना रहे हैं। यह निश्चित रूप से अल्लू अर्जुन के ऑन-स्क्रीन औरा के प्रभाव को साबित करता है, जो अब राका के साथ एक बिल्कुल नए लेवल पर पहुंच गया है। 'पुष्पा 2: द रूल' के साथ रिकॉर्ड-तोड़ बेंचमार्क सेट करने के बाद, ऐसा लगता है कि इस फिल्म के साथ एक बिल्कुल नई दुनिया बनाई जा रही है। इसके अलावा, एटली के साथ उनका कोलैबोरेशन दो बड़ी ताकतों के मिलन को दर्शाता है, जो कुछ वाकई शानदार होने का वादा करता है।
चुनाव हारने के बावजूद सीएम ममता बनर्जी इस्तीफा देने से इनकार कर रही हैं। देश के राजनीतिक इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि चुनाव हारने के बाद कोई सीएम इस्तीफा देने से मना करे। बीजेपी का कहना है कि संवैधानिक प्रक्रिया में विश्वास करने वाला कोई भी व्यक्ति ऐसी बात नहीं कर सकता है। पश्चिम बंगाल की मौजदा स्थिति पर संविधान और जानकार क्या कहते हैं और अगर ममता का जाना तय है, फिर इस्तीफा न देने की चाल क्यों चली; जानेंगे भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल-1: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का क्या लॉजिक दिया है?जवाबः ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा… सवाल-2: अगर इस्तीफा नहीं देंती, तो संविधान क्या कहता है? जवाबः संविधान का अनुच्छेद 164 राज्य के मंत्रिपरिषद के गठन और इसमें राज्यपाल की शक्तियों से जुड़ा हुआ है। अनुच्छेद 164(1) कहता है कि मुख्यमंत्री 'राज्यपाल की इच्छा तक' पद पर बने रह सकते हैं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्री इस्तीफा नहीं देते, तो राज्यपाल अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए उनकी सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं। हालांकि इसकी भी नौबत नहीं आएगी। क्योंकि अनुच्छेद 172 कहता है, ‘हर राज्य की विधानसभा यदि पहले ही विघटित नहीं कर दी जाती है तो, अपने प्रथम अधिवेशन के लिए नियत तारीख से पांच वर्ष तक बनी रहेगी, इससे अधिक नहीं। और पांच वर्ष की उक्त अवधि की समाप्ति का परिणाम विधानसभा का विघटन होगा।’ मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 7 मई यानी कल तक ही है। उसके बाद न पुराने विधायक बचेंगे, न विधानसभा, न मंत्रिमंडल और न ही मुख्यमंत्री। सवाल-3: इस स्थिति पर एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं? जवाबः संविधान के जानकार और सुप्रीम कोर्ट में वकील विराग गुप्ता बताते हैं- विराग गुप्ता का कहना है कि अगर ममता बनर्जी प्रत्यक्ष जाकर राज्यपाल को इस्तीफा नहीं देना चाहतीं, तो वो ईमेल या चिट्ठी के माध्यम से भी भेज सकती हैं। ये भी मान्य होता है। सवाल-4: ममता बनर्जी ने इस्तीफा न देने का दांव क्यों चला? जवाबः ममता ने ये कदम संवैधानिक कम, राजनीतिक वजहों से ज्यादा उठाया है। TMC पहली बार इतनी बड़ी हार झेल रही है। हार के बाद पार्टी में भगदड़, दलबदल और स्थानीय नेताओं के BJP की ओर जाने का खतरा रहता है। ‘मैं नहीं झुकूंगी’ वाला संदेश कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की कोशिश हो सकता है। इसके अलावा भी एक्सपर्ट्स कुछ वजहें बताते हैं… ममता के इस्तीफा न देने की बात पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का कहना है, ‘अगर वे रिजाइन नहीं देना चाहती हैं, तो उन्हें डिसमिस कर देना चाहिए। देश उनके हिसाब ने नहीं चलेगा। ममता SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट गई। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप गलत हैं और चुनाव आयोग सही। इसका मतलब ये डिबेट पहले ही समाप्त हो चुकी है।’ ------------------------- ये खबर भी पढ़ें…बीजेपी की बंगाल जीत में SIR का कितना रोल:केरलम में 10 साल बाद कांग्रेस कैसे लौटी; नतीजों के पीछे 5 बड़े फैक्टर्स बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। पढ़ें पूरी खबर…
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP की जीत के बाद बदलेंगे ये 5 बड़े समीकरण, जानें क्या होगा असर
West Bengal Election Results 2026 CM: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 207 सीटों के साथ हुई ऐतिहासिक जीत ने राज्य के भविष्य के लिए एक नया रोडमैप तैयार कर दिया है। ज्योतिषीय भविष्यवाणियों और वर्तमान राजनीतिक घटनाक्रमों ...
स्मृति मंधाना के दोस्त का पलाश मुच्छल पर गंभीर आरोप, SC/ST एक्ट के तहत दर्ज कराया केस
संगीतकार-फिल्म निर्माता पलाश मुच्छल क्रिकेटर स्मृति मंधाना संग शादी टूटने के बाद से ही सुर्खियों में हैं। शादी के दिन ही स्मृति ने पलाश संग शादी कैंसिल कर दी थी। बाद में पलाश पर आरोप लगा था कि वह स्मृति को धोखा दे रहे थे। वहीं अब स्मृति मंधाना के दोस्त विद्यान माने ने पलाश के खिलाफ केस दर्ज कराया है। स्मृति के बचपन के दोस्त ने पलाश के खिलाफ अत्याचार अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया है। महाराष्ट्र के सांगली जिले में पलाश के खिलाफ अनुसूचित जाति और जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनपर आरोप है कि उन्होंने विद्यान से पैसे लिए, जातिसूचक गालियां दीं और अपमानजनक व्यवहार किया। माने का दावा है कि पलाश मुच्छल ने उनसे एक फिल्म के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये लिए थे। माने ने आरोप लगाया कि पलाश ने छह महीने में फिल्म पूरी करने का वादा किया था, लेकिन न तो फिल्म बनी और न ही पैसे वापस किए गए। जब माने ने अपने पैसे वापस मांगे, तो दोनों के बीच 22 नवंबर 2025 को सांगली-आस्था रोड के एक टोल प्लाजा पर तीखी बहस हो गई। इस दौरान पलाश मुच्छल ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। विद्यान प्रकाश माने की शिकायत पर सांगली पुलिस ने पलाश मुच्छल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पलाश पर अनुसूचित जाति और जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1) और भारतीय दंड संहिता/बीएनएस की धारा 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों को खंगाला जा रहा है। बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख और पलाश का पलटवार इस पूरे मामले के बीच पलाश मुच्छल ने भी अपने बचाव में कानूनी कदम उठाए हैं। पलाश का कहना है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार और झूठे हैं। पलाश की ओर से जारी बयान में बताया गया कि उनके वकीलों ने विद्यान प्रकाश माने को 10 करोड़ रुपये का मानहानि का नोटिस भेजा है। इसके अतिरिक्त, फरवरी 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने विद्यान प्रकाश माने को एक बड़ी चेतावनी दी थी। अदालत ने माने को पलाश मुच्छल और उनके परिवार के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी न करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने माना था कि यह मुख्य रूप से एक व्यावसायिक विवाद है, जिसे शादी टूटने की घटना से जोड़कर पलाश की छवि को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। नवंबर 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ओपनर स्मृति मंधाना और संगीतकार पलाश मुच्छल की शादी होने वाली थी। शादी की सभी रस्में और तैयारियां सांगली में चल रही थीं। अचानक, संगीत समारोह के दौरान स्मृति के पिता की तबीयत खराब होने के बाद शादी को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया। लेकिन जल्द ही, सोशल मीडिया पर पलाश मुच्छल को लेकर कुछ चौंकाने वाले दावे सामने आने लगे। उन पर कथित तौर पर किसी अन्य महिला से चैटिंग करने और धोखा देने के आरोप लगे। इसके बाद दोनों ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया और यह रिश्ता पूरी तरह से टूट गया।
Purushottam Maas: पुरुषोत्तम मास की महिमा (पुरुषोत्तम मास महात्म्य), जानें मुख्य 6 बिंदु
Purushottam Maas Spiritual Significance: पुरुषोत्तम मास हिन्दू पंचांग में एक अत्यंत शुभ और विशेष मास माना जाता है। इसे अधिक मास या Adhik Maas के समान ही महत्त्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान किए जाने वाले व्रत, पूजा और दान का फल सामान्य मासों की तुलना में कई गुना अधिक होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस मास में भगवान विष्णु की भक्ति और पूजा से व्यक्ति के पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। ALSO READ: साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य वर्ष 2026 में 17 मई से 15 जून तक पुरुषोत्तम/ अधिकमास होने के कारण इस वर्ष ज्येष्ठ का महीना लगभग साठ (60) दिनों का होगा। इस मास का मुख्य उद्देश्य आत्मा और परमात्मा के बीच संबंध को मजबूत करना है। इस दौरान किए जाने वाले अनुष्ठान, व्रत और दान का महत्व बहुत अधिक है। पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की विशेष आराधना, दान-पुण्य, और सत्य और धर्म के मार्ग पर चलना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। यहां पुरुषोत्तम मास के महात्म्य/ महिमा के संबंध में मुख्य 7 बिंदु दिए गए हैं: 1. इसका नाम 'पुरुषोत्तम' कैसे पड़ा? प्राचीन मान्यताओं के अनुसार, भारतीय काल गणना में सूर्य और चंद्र मास के बीच सामंजस्य बिठाने के लिए हर तीसरे वर्ष एक अतिरिक्त महीना जुड़ता है। पहले इसे 'मलमास' (मैल वाला मास) कहकर त्याज्य माना जाता था क्योंकि इसमें कोई देवता अधिपति नहीं थे। तब भगवान विष्णु ने इस मास को अपना स्वयं का नाम 'पुरुषोत्तम' दिया और कहा— 'जो फल अन्य महीनों में कठिन तपस्या से मिलता है, वह इस मास में केवल भक्ति और दान से प्राप्त होगा। इस मास का स्वामी मैं स्वयं हूं।' 2. आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्व इस मास की महिमा अपरंपार है क्योंकि यह पूरी तरह 'अध्यात्म' को समर्पित है: पुण्य की अनंतता: मान्यता है कि इस मास में किया गया एक छोटा सा शुभ कार्य (जैसे जप या दीपदान) सामान्य समय की तुलना में हजार गुना अधिक फल देता है। पापों का शमन: इस माह में पवित्र नदियों में स्नान और श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से जाने-अनजाने में हुए पापों से मुक्ति मिलती है। मोक्ष की प्राप्ति: जो साधक इस मास में पूर्ण सात्विकता और भक्ति के साथ व्रत रखते हैं, उन्हें मरणोपरांत वैकुंठ धाम (विष्णु लोक) की प्राप्ति होती है। 3. '33' के अंक का विशेष महत्व पुरुषोत्तम मास में '33' की संख्या को अत्यंत पवित्र माना गया है। महात्म्य के अनुसार: इस मास में 33 मालपुआ का दान करने का विधान है। ये 33 मालपुए 33 देवताओं (12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र, 1 प्रजापति और 1 वषट्कार) के प्रतीक माने जाते हैं। दान के समय 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का उच्चारण करने से दरिद्रता का नाश होता है। ALSO READ: पुरुषोत्तम मास का पौराणिक महत्व और कथा 4. वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक दृष्टि केवल धार्मिक ही नहीं, इस मास का व्यावहारिक महत्व भी है: आत्म-मंथन का समय: चूंकि इस महीने में विवाह या गृह-प्रवेश जैसे सांसारिक उत्सव नहीं होते, इसलिए यह समय व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा की ओर मुड़ने, ध्यान लगाने और मानसिक शांति प्राप्त करने का अवसर देता है। स्वास्थ्य लाभ: इस दौरान व्रत और सात्विक आहार लेने से शरीर का शुद्धिकरण (Detoxification) होता है, जो बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को तैयार करता है। 5. मुख्य कथा का सार पुरुषोत्तम मास के महात्म्य में राजा दृढ़धन्वा और अग्निदेव की कथाएं आती हैं, जहां यह बताया गया है कि कैसे एक अहंकारी व्यक्ति भी इस मास के नियमों का पालन कर परम पद को प्राप्त कर सकता है। यह मास सिखाता है कि ईश्वर की शरण में आने पर 'मैल' (मलमास) भी 'अमृत' (पुरुषोत्तम) बन जाता है। 6. पुरुषोत्तम मास का मूल संदेश 'न जातु कामान्न भयान्न लोभात्, धर्मं त्यजेज्जीवितस्यापि हेतोः।' (अर्थात: काम, भय या लोभ के कारण कभी धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए।) यह मास हमें अपने कर्तव्यों और ईश्वर के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Purushottam Maas 2026: पुरुषोत्तम मास में क्या करें और क्या नहीं?
साउथ इंडस्ट्री से एक दुखद खबर सामने आई है। जाने-माने फिल्म प्रोड्यूसर आर. बी. चौधरी का एक सड़क हादसे में दुखद निधन हो गया है। 5 मई को राजस्थान में उनकी कार एक भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई थी। 76 वर्षीय आरबी चौधरी की इस आकस्मिक मृत्यु से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। खबरों के अनुसार यह हादसा मंगलवार को दोपहर करीब 3 बजे राजस्थान के ब्यावर जिले में जूनथा गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। आर.बी. चौधरी लिलांबा गांव में अपने एक रिश्तेदार की शादी समारोह में शामिल होने के बाद अपने भतीजे के साथ लौट रहे थे। अचानक सड़क पर मवेशी आ जाने से उनकी कार का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क के किनारे एक दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि निर्माता आर.बी. चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद, उनके ड्राइवर गौतम सीरवी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया और इलाज के लिए जोधपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस प्रशासन के अनुसार, यह एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसा था। — Rajinikanth (@rajinikanth) May 5, 2026 दिग्गज फिल्मी और राजनीतिक हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि आर.बी. चौधरी के निधन पर टॉलीवुड और कॉलीवुड की कई बड़ी हस्तियों ने दुख व्यक्त किया है और उनके साथ बिताए पलों को याद किया है। सुपरस्टार रजनीकांत ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए लिखा, मेरे प्रिय मित्र, सुपर गुड फिल्म्स के आर.बी. चौधरी एक बेहतरीन निर्माता और अद्भुत इंसान हैं। उन्होंने अनगिनत युवा निर्देशकों को मौका दिया और फिल्म जगत को जीवंत रखा। उनका असामयिक निधन मेरे लिए बहुत बड़ा सदमा है। Deeply heartbroken to hear about the sudden and tragic loss of Legendary producer R.B. Choudary garu. I have known him for many years and was recently associated with him on my film “???????????? ????????????????????????” through Super Good Films. He has shaped the careers of many talented… pic.twitter.com/8AXgqF5hew — Chiranjeevi Konidela (@KChiruTweets) May 5, 2026 अभिनेता और राजनेता चिरंजीवी ने कहा, आर.बी. चौधरी गारू के निधन से मेरा दिल टूट गया है। मैं उन्हें कई वर्षों से जानता था। 'गॉडफादर' फिल्म के दौरान भी उनका सहयोग मिला। भारतीय सिनेमा में उनका योगदान शब्दों से परे है। आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी दुख जताते हुए कहा कि चौधरी का जाना दोनों फिल्म उद्योगों (तमिल और तेलुगु) के लिए एक बड़ी क्षति है। आर.बी. चौधरी ने 1988 में 'सुपर गुड फिल्म्स' की स्थापना की थी। उनका जन्म 1949 में हुआ था और फिल्मों में कदम रखने से पहले वे स्टील व आभूषण के व्यवसाय से जुड़े थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मलयालम फिल्म उद्योग से की थी, जिसके बाद 1989 में उन्होंने तमिल सिनेमा में प्रवेश किया। चौधरी ने अपने चार दशकों के लंबे करियर में कई ब्लॉकबस्टर और पारिवारिक फिल्में दीं। उनकी पहली तमिल फिल्म पुधु वसंतम् (1990) ने उन्हें बहुत सफलता दिलाई। इसके अलावा, नट्टामै (1994), सूर्यवंसम (1997), थुल्लथा मनममथुल्लुम (1999), आनंदहम (2001), जिला (2014) और मारिसन' (2025) जैसी फिल्में उनकी उत्कृष्ट निर्माण क्षमता का प्रमाण हैं। आर.बी. चौधरी के परिवार में उनकी पत्नी महजबीन और चार बेटे हैं। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए चेन्नई लाया जा रहा है, जहाँ फिल्म उद्योग के तमाम दिग्गज उन्हें अंतिम विदाई देंगे।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (06 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Rashifal 06 May 2026: करियर: आज किसी बड़े प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिलेगा। लव: प्रेम जीवन की समस्या को आसानी से हल कर सकते हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक शांति बनाए रखने के लिए ध्यान करें। उपाय: हनुमान जी के सामने दीपक जलाएं। ALSO READ: Purushottam Maas 2026: पुरुषोत्तम मास में क्या करें और क्या नहीं? 2. वृषभ (Taurus) करियर: आज कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। लव: प्रेम जीवन में सामंजस्य और खुशियां रहेंगी। धन: आज आर्थिक लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य: ज्यादा तनाव से बचें। उपाय: भगवान शिव को जल अर्पित करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: आज कार्यों में कुछ चुनौती आ सकती है। लव: प्रेम जीवन में थोड़ी उथल-पुथल हो सकती है। धन: आज धन में उतार-चढ़ाव हो सकता है। स्वास्थ्य: सेहत में कुछ कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: किसी गरीब को भोजन दान करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में आपको सफलता मिल सकती है। लव: प्रेम जीवन में खुशी का माहौल रहेगा। धन: धन के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है। स्वास्थ्य: शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और जल अर्पित करें। 5. सिंह (Leo) करियर: आज कार्यों में आप सफलता प्राप्त करेंगे। लव: प्रेम संबंधों में कुछ समस्याएं हो सकती हैं। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव से बचने के लिए आराम करें। उपाय: भगवान सूर्य देव को अर्घ्य दें। 6. कन्या (Virgo) करियर: कार्यक्षेत्र में आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लव: प्रेम जीवन में सुकून रहेगा। धन: धन की स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: हल्का व्यायाम करें और ताजे फल खाएं। उपाय: तुलसी के पौधे की पूजा करें। ALSO READ: Weekly Horoscope May 2026: साप्ताहिक राशिफल (04 से 10 मई): जानें इस हफ्ते आपकी राशि क्या संकेत दे रही है? 7. तुला (Libra) करियर: कार्यक्षेत्र में किसी नये प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो सकता है। लव: प्रेम जीवन में आपसी समझ बढ़ेगी। धन: वित्तीय मामलों में सफलता के संकेत हैं। स्वास्थ्य: सेहत में उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: पीपल के पेड़ में जल अर्पित करें। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज कार्य में सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में सामंजस्य रहेगा। धन: आर्थिक रूप से दिन अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य: सेहत सामान्य रहेगी। उपाय: हनुमान चालीसा का पाठ करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: कारोबार से सफलता प्राप्त करने के अच्छे संकेत हैं। लव: प्रेम जीवन में खुशियां और समझदारी बढ़ेगी। धन: धन की स्थिति में सुधार होगा। स्वास्थ्य: कुछ समय के लिए ध्यान और योग करें। उपाय: मंगलवार को बजरंग बली की पूजा करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: कार्यक्षेत्र में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। लव: प्रेम जीवन में कुछ मतभेद हो सकते हैं। धन: धन के मामले में स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सेहत में उतार-चढ़ाव हो सकता है। उपाय: काले तिल का दान करें। 11. कुम्भ (Aquarius) करियर: कार्यस्थल पर कोई नया अवसर मिल सकता है। लव: प्रेम जीवन में खुशी और संतुष्टि रहेगी। धन: आर्थिक स्थिति स्थिर रहेगी। स्वास्थ्य: शारीरिक आराम की आवश्यकता हो सकती है। उपाय: किसी गरीब को वस्त्र दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: आज कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। लव: प्रेम जीवन में नई ऊर्जा आएगी। धन: धन के मामले में लाभ के संकेत हैं। स्वास्थ्य: सेहत ठीक रहेगी, लेकिन थकावट महसूस हो सकती है। उपाय: सफेद फूलों का दान करें। ALSO READ: Vastu tips: क्या आपका बिजनेस स्टक महसूस कर रहा है? तो अपनाएं ये 10 टिप्स और देखें मुनाफे का जादू
30 अप्रैल 2026 की दोपहर, ढाका के बरिधारा डिप्लोमैटिक जोन में हलचल थी। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बधे को तलब किया। कूटनीति की भाषा में ‘तलब’ एक सीधा और सख्त संदेश होता है। वजह था एक बयान- ‘मैं हर सुबह भगवान से प्रार्थना करता हूं कि भारत-बांग्लादेश संबंधों में और सुधार न हो, ताकि अवैध प्रवासियों को सुविधाजनक जगहों पर ले जाकर रात के अंधेरे में सीमा पार धकेलना जारी रहे।’ यह बयान असम के मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का था। मौका असम के विधानसभा चुनाव, जहां हिंदू-मुसलमान और अवैध घुसपैठ बड़ा चुनावी मुद्दा है। मौजूदा बीजेपी में हिमंता का रुख कई बार कट्टर बीजेपी कार्यकर्ताओं से भी सख्त होता है। लेकिन वे हमेशा ऐसे नहीं थे। 2015 में भाजपा में आने से पहले वे असम की कांग्रेस सरकार में मंत्री थे और हिंदू-मुस्लिम भाई-भाई की राजनीति करते थे। उस दौर में हिमंता नरेंद्र मोदी के कट्टर आलोचक माने जाते थे। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार में उन्होंने मोदी पर हमला करते हुए कहा था कि ‘गुजरात में पानी के पाइपों से मुसलमानों का खून बहता है।’ हिमंता की राजनीति हालात और मौके दोनों से बदलती रही है, लेकिन चुनाव में कामयाबी इनकी मुख्य ताकत है। 2026 का चुनाव भी उन्होंने पहले से ज्यादा सीटों से जीता है। यह कहानी उन्हीं हिमंता की है, जो हर बार पाला बदलकर ताकतवर होते गए… 1 फरवरी 1969, असम का जोरहाट। एक शिक्षित ब्राह्मण परिवार में हिमंता का जन्म हुआ। उनके पिता कैलाश नाथ शर्मा जाने-माने लेखक और गीतकार थे। मां मृणालिनी देवी लेखिका थीं, जो आगे चलकर असम साहित्य सभा की उपाध्यक्ष बनीं। दिलचस्प विरोधाभास यह है कि ‘बाहरी बनाम असमिया’ की राजनीति करने वाले हिमंता के पूर्वज खुद उत्तर प्रदेश के कन्नौज से जाकर असम में बसे थे। एक अर्थ में, वे भी कभी 'बाहरी’ थे। शब्दों की विरासत घर से मिली। 10 साल की उम्र तक आते-आते भाषण देने की कला उनकी पहचान बन चुकी थी। कक्षा 5 में ही वे असमिया वक्ता के रूप में मशहूर हो गए थे। अक्सर अपने पिता के लिखे भाषण पढ़ते, लेकिन उसमें जान खुद भरते। कामरूप एकेडमी स्कूल की कक्षा 6 में वे AASU से जुड़ गए थे। इसी समय असम में भाषा और पहचान को लेकर आंदोलन तेज हो रहे थे। इसी दौरान वे AASU के उभरते नेताओं प्रफुल्ल कुमार महंत और भृगु कुमार फूकन के संपर्क में आए। 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद बड़ी संख्या में आए शरणार्थियों आए। इनसे असम की अस्मिता, संस्कृति और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दे जोर पकड़ने लगे। अप्रैल 1979 में असम के शिवसागर जिले में कुछ छात्रों ने एक हथियारबंद संगठन बनाया- यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम यानी ULFA। असम एक उबलते हुए बर्तन की तरह था और हिमंता इसी उबाल के बीच पल-बढ़ रहे थे। 1985 असम के इतिहास का एक निर्णायक साल था। AASU और ऑल असम गण संग्राम परिषद के नेतृत्व में बाहरियों के खिलाफ आंदोलन अपने चरम पर था। आंदोलनकारियों ने हाईवे बंद कर दिए। तेल की सप्लाई रुक गई, स्कूल-कॉलेज बंद हो गए और सरकारी कामकाज ठप पड़ गया। इससे भी पहले 1983 में नेल्ली नरसंहार हो चुका था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उसमें 2,000 से ज्यादा लोग मारे गए। गैर-सरकारी अनुमान 5,000 तक जाते हैं। इस खून-खराबे की चर्चा दुनियाभर में थी। राजीव गांधी इस चैप्टर को बंद करना चाहते थे। समझौते के दो महीने बाद AASU के नेताओं ने असम गण परिषद (AGP) बनाई। दिसंबर 1985 के चुनाव में AGP को बहुमत मिला और महज 32-33 साल की उम्र में प्रफुल्ल कुमार महंत किसी राज्य के सबसे युवा मुख्यमंत्री बने। और 16 साल का हिमंता? वह भी उस इतिहास के बनने की प्रक्रिया में थे। उसी साल उन्होंने गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज में दाखिला लिया। ये पूर्वोत्तर की राजनीति का असली पावर सेंटर था। अब तक असम के 7 मुख्यमंत्री इसी कॉलेज से निकले हैं। सीएम प्रफुल्ल महंत के करीबी होने के चलते उन्हें मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय तक सीधी पहुंच मिली। कम उम्र में ही उन्होंने देख लिया कि फाइलें कैसे चलती हैं, पुलिस-प्रशासन को कैसे साधा जाता है। कॉटन कॉलेज के छात्र संघ चुनाव में 1988 से 1992 तक लगातार तीन बार महासचिव चुने गए थे। ये एक रिकॉर्ड है। इस बीच 1990 में हालात बदलने लगे। ULFA ने असम में आतंक फैला दिया था। प्रफुल्ल सरकार बेबस दिखने लगी। केंद्र ने राष्ट्रपति शासन लगाया। उस साल AGP चुनाव हार गई और हिमंता की जिंदगी में आया एक बड़ा तूफान। 1990 में असम पुलिस ने उनके हॉस्टल पर छापा मारा। किचन के पीछे से एक रिवॉल्वर और 25 कारतूस बरामद हुए। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज हुआ। 1991 में उन पर ULFA से जुड़े होने के आरोप लगे। कहा गया कि वे व्यापारियों से वसूली कर रहे थे। जनवरी और मार्च 1991 में दो अलग-अलग थानों में आतंक विरोधी कानून TADA के तहत मामले दर्ज हुए। इसी दौरान कांग्रेस नेता मानवेंद्र शर्मा की हत्या हुई और इस केस में भी हिमंता का नाम आया। मार्च 1991 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, 15 दिन पुलिस हिरासत में रहे। 22 साल की उम्र में हिमंता समझ चुके थे कि केंद्र के समर्थन के बिना असम की राजनीति में लंबा सफर संभव नहीं है। इन संकटों में फंसे हिमंता ने एक चतुर कदम उठाया। उन्होंने AASU छोड़ा और तत्कालीन मुख्यमंत्री हितेश्वर सैकिया की शरण में चले गए। सैकिया उनके जमीनी नेटवर्क से प्रभावित थे। 1993 में हिमंता आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गए। 1996 तक उनसे जुड़े TADA मामलों की केस डायरी और रिकॉर्ड पुलिस स्टेशनों से रहस्यमय तरीके से गायब हो गए। 1996 में हिमंता ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा। सैकिया ने उन्हें जालुकबारी सीट से उतारा, जो AASU के बड़े नेता भृगु कुमार फुकन की सीट थी। रणनीति थी कि आंदोलन से निकला नया चेहरा, उसी आंदोलन के पुराने चेहरे को हरा दे। लेकिन हिमंता खुद हार गए। इस बीच सैकिया का भी निधन हो गया। एक झटके में वे उस नेता से वंचित हो गए, जिन्होंने उन्हें संरक्षण दिया था। निराशा इतनी गहरी थी कि हिमंता ने असम छोड़ने का मन बना लिया। दिल्ली जाकर सुप्रीम कोर्ट में वकालत करना चाहते थे। लेकिन तभी पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव ने उन्हें रोका। अजीत दत्त की किताब, हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम, के अनुसार राव ने कहा- ‘जब कोई विधायक अपने क्षेत्र में जाता है तो लोग ध्यान नहीं देते। लेकिन जब हारने वाला उम्मीदवार बार-बार लौटकर लोगों की मदद करता है, तो लोग उसे याद रखते हैं।’ हिमंता जालुकबारी वापस लौटे। सड़क, राशन, कागजी अड़चनों जैसी लोगों की छोटी-बड़ी समस्याएं सुलझाते रहे। जमीन से जुड़े रहे। इसी दौरान उन्होंने तरुण गोगोई के साथ गठबंधन को मजबूत किया, जो दिल्ली के 10 जनपथ के करीबी थे। गोगोई को ऐसे साथी की जरूरत थी, जो मैदान में उतरकर आक्रामक राजनीति कर सके। हिमंता बिल्कुल वैसे ही थे। उन्होंने अपने पुराने AASU नेटवर्क के जरिए यह पता लगाया कि प्रफुल्ल सरकार के दौर में हुई ‘गुप्त हत्याओं’ के पीछे ULFA के पुराने मेंबर्स के संगठन SULFA और राज्य पुलिस के कुछ अफसरों का हाथ था, जिन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय का मौन समर्थन था। गोगोई ने इसे अपना चुनावी हथियार बना लिया। हर सभा में एक ही जुमला गूंजता था- ‘असम की माताओं और बहनों, रात को आपके दरवाजे पर जो नकाबपोश दस्तक देते हैं, उन्हें सचिवालय से आशीर्वाद मिला हुआ है।’ इस एक लाइन ने माहौल बदल दिया। सीएम प्रफुल्ल की छवि खराब होती गई और 2001 में कांग्रेस सत्ता में लौटी। हिमंता ने जालुकबारी से भृगु कुमार फुकन को 10 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर 1996 की हार का बदला ले लिया। धीरे-धीरे हिमंता, तरुण गोगोई के परिवार जैसे हो गए। गोगोई की पत्नी डॉली गोगोई का भरोसा जीतना उनकी बड़ी सफलता थी। जब भी गोगोई गुवाहाटी आते, हिमंता सबसे पहले एयरपोर्ट पहुंचते। राज्य की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक जानकारी उन्हीं के जरिए गोगोई तक पहुंचती। 2002 में गोगोई सरकार के विस्तार में हिमंता राज्य मंत्री बने। कृषि, योजना, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा- एक के बाद एक बड़े विभाग उनके पास आते गए। धीरे-धीरे सरकार के ज्यादातर फैसले और विधायकों को संभालने का काम भी हिमंता देखने लगे। उन्हें असम का ‘सुपर सीएम’ कहा जाने लगा। 2011 के चुनाव में कांग्रेस ने 126 में से 78 सीटें जीतीं। पार्टी के अंदर सबको पता था- इस जीत के असली आर्किटेक्ट हिमंता थे। लेकिन गोगोई ने अपने बेटे गौरव गोगोई को आगे बढ़ाना शुरू किया। हिमंता को लगने लगा- वे उत्तराधिकारी नहीं, प्रतिद्वंद्वी समझे जा रहे हैं। फिर एक पल आया जिसने रिश्ते को लगभग खत्म कर दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब पत्रकारों ने हिमंता की भूमिका पर सवाल किया, तो गोगोई ने हल्की मुस्कान के साथ कहा- हिमंता बिस्वा सरमा कौन है? आखिरकार वो मेरे एक मंत्री ही तो हैं। हिमंता को साफ हो गया कि गोगोई के रहते मुख्यमंत्री बनना असंभव है। 2012 में तनाव और बढ़ा। असम कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव में गोगोई के उम्मीदवार हारे, हिमंता समर्थित जीत गए। हिमंता ने गुवाहाटी के एक होटल में 50 से ज्यादा कांग्रेस विधायकों को इकट्ठा कर ताकत दिखाई। दिल्ली को संदेश था कि गोगोई का नियंत्रण कमजोर पड़ रहा है। जब पर्यवेक्षक मल्लिकार्जुन खड़गे आए, हिमंता ने गुप्त मतदान की मांग रखी। लेकिन अंत में सोनिया गांधी ने यथास्थिति बनाए रखी। 2014 में हिमंता अपनी शिकायत लेकर राहुल गांधी से मिलने दिल्ली पहुंचे। लेकिन यह मुलाकात एक और झटका बन गई। हिमंता के मुताबिक, बातचीत के दौरान राहुल गांधी का ध्यान अपने पालतू कुत्ते ‘पिडी’ को बिस्कुट खिलाने में था। लेखक अजीत दत्ता अपनी किताब हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम में हिमंता के हवाले से लिखते हैं कि यहीं से रिश्तों में दरार शुरू हुई। जब हिमंता ने बताया की इस आपसी लड़ाई से कांग्रेस कमजोर हो सकती है और विपक्ष जीत सकता है, तो जवाब मिला- तो क्या हुआ? यह आखिरी संकेत था। अप्रैल 2013 में पश्चिम बंगाल में शारदा समूह का चिटफंड घोटाला सामने आया। लाखों गरीब निवेशकों के पैसे डूब गए। शारदा के मालिक सुदीप्त सेन के साथ हिमंता के संबंधों के आरोप लगे। केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद अगस्त 2014 में CBI ने उनके घर और न्यूज चैनल ‘न्यूज लाइव’ पर छापेमारी की। जुलाई 2015 में एक और मामला सामने आया। अमेरिकी कंपनी लुई बर्जर पर आरोप था कि उसने असम में जल आपूर्ति परियोजनाओं के ठेके लेने के लिए मंत्रियों को रिश्वत दी। हिमंता 2010-11 में गुवाहाटी विकास विभाग के मंत्री थे। गोगोई इन फाइलों का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए कर रहे थे।हिमंता को अहसास हो गया कि कांग्रेस में रहे तो ये फाइलें कभी भी जेल तक ले जा सकती हैं। कैरावैन रिपोर्ट में दर्हैंज है कि जब हिमंता बिस्वा सरमा कांग्रेस छोड़ना चाहते थे, तब वे बीजेपी के संगठन मंत्री राम माधव से मिले। राम माधव ने ही उन्हें बीजेपी में लाने का खाका खींचा। 21 जुलाई 2015 को जब दिल्ली में असम बीजेपी के नेता सर्बानंद सोनोवाल और किरेन रिजिजू प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिमंता की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उसी समय पर्दे के पीछे शाह से मुलाकात तय हो रही थी। 2016 में छपी कैरावैन की रिपोर्ट में छपा कि अमित शाह नें इस प्रेस वार्ता के बाद असम के बीजेपी अध्यक्ष सिद्धार्थ भट्टाचार्य से कहा- ‘ये तो गलती हुआ। फिर जो गलती हुआ तो उसको सुधारना है।‘ ‘हिमंता बिस्वा सरमा- फ्रॉम बॉय वंडर टू सीएम‘ किताब में अजीत दत्ता लिखते हैं कि मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और असम के प्रभारी दिग्विजय सिंह से जब हिमंता ने तकलीफ साझा की तो उन्होंने भाजपा जॉइन करने की सलाह दी। दिग्विजय का तर्क था कि इधर कांग्रेस में कुछ नहीं होने वाला है। बीजेपी का नेतृत्व गंभीर है। वही पार्टी तुम्हारे लिए बेहतर रहेगी। 23 अगस्त 2015 को दिल्ली में हिमंता ने अमित शाह से मुलाकात की। और आखिरकार हिमंता कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। हिमंता के आने के बाद भाजपा ने असम गण परिषद (AGP) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के साथ गठबंधन किया। वे इन दलों के नेताओं की नब्ज जानते थे। उन्होंने भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को ‘असमिया अस्मिता’ के साथ जोड़ा और चुनाव को नैरेटिव दिया- ‘35 बनाम 65’ यानी मुस्लिम-हिंदू और ‘स्थानीय बनाम घुसपैठिए’। अपने न्यूज चैनल की मदद से पूरे अभियान को एक इवेंट की तरह चलाया। इमका रैलियां और बयान 24 घंटे दिखती थीं। कई बार तो खुद मुख्यमंत्री उम्मीदवार सोनोवाल से भी ज्यादा। नतीजे आए और भाजपा गठबंधन को 86 सीटें मिलीं। विश्लेषकों का मानना था कि हिमंता के बिना यह आंकड़ा 40-45 पर ठहर जाता। सर्बानंद सोनोवाल मुख्यमंत्री बने। दिल्ली के गलियारों में एक लाइन बार-बार सुनाई देती- चेहरा सोनोवाल का है, दिमाग हिमंता का। कॉटन कॉलेज के दिनों का एक चर्चित किस्सा है। हिमंता की गर्लफ्रेंड रिनिकी भुइयां ने उनसे पूछा था- मैं अपनी मां को तुम्हारे बारे में क्या बताऊं?’ हिमंता ने बिना झिझक जवाब दिया था- मां से कह देना, तुम असम के होने वाले मुख्यमंत्री से शादी करने जा रही हो।’ उस वक्त यह दंभ लगता था। 2021 में यह भविष्यवाणी सच होने वाली थी। 2021 में बीजेपी की दोबारा जीत हुई। लेकिन 2 मई से 9 मई तक यानी ७ दिन असम का अगला मुख्यमंत्री तय नहीं हो पाया। भाजपा के इतिहास में यह दुर्लभ था कि जीतकर आए मौजूदा मुख्यमंत्री को बदलने की बात इतनी खुलकर हो। दिल्ली में तब के बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा के घर बैठकें हुईं। अमित शाह ने दोनों नेताओं से अलग-अलग बात की। हिमंता ने कहा- मैंने 20 साल इस दिन के लिए काम किया है। शाह ने सोनोवाल को समझाया। केंद्र में भूमिका के आश्वासन के बाद वे पीछे हट गए। विधायक दल की बैठक में खुद सोनोवाल ने हिमंता के नाम का प्रस्ताव रखा। 10 मई 2021 को शपथ ग्रहण हुआ। शपथ के बाद पत्नी रिनिकी भावुक हो गईं और बोलीं कि कॉटन कॉलेज में किया गया वादा आज पूरा हुआ। मुख्यमंत्री बनते ही हिमंता ने आक्रामक प्रशासक की छवि बनाई। दशकों से चल रहे उग्रवाद को कमजोर किया। दिसंबर 2023 में ULFA के शांति गुट के साथ समझौता एक ऐतिहासिक मोड़ माना गया। असम-मेघालय और असम-अरुणाचल सीमा विवादों को सुलझाने की दिशा में समझौते हुए। सरकारी मदरसों को सामान्य स्कूलों में बदला गया। कानून-व्यवस्था पर सख्ती के साथ ड्रग्स के खिलाफ बड़े अभियान चले। औद्योगिक मोर्चे पर 2024-25 में जागीरोड में टाटा समूह के 27 हजार करोड़ रुपए के सेमीकंडक्टर प्लांट की आधारशिला रखी गई। ‘ओरुनोदोई योजना’ के जरिए लाखों महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पैसे पहुंचे। माइक्रो फाइनेंस कर्ज माफी ने ग्रामीण इलाकों में बड़ा असर डाला। हिमंता ने 2026 का चुनाव भी जीत लिया है और लगातार दूसरी बार सीएम बनने की तैयारी कर रहे हैं। ******References and Further Readings: ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में BJP की सरकार बनती क्यों दिख रही:मछली का भोज, शाह की नई स्ट्रैटजी और SIR; BJP के 5 बड़े दांव पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद हुए ज्यादातर एग्जिट पोल में BJP की सरकार बनती दिख रही है। 7 में से 5 बड़ी एजेंसियों के सर्वे बीजेपी को बहुमत से ज्यादा सीटें दे रहे हैं। नतीजे 4 मई को आएंगे। पढ़ें पूरी खबर…
थलापति विजय का CM बनना तय, बस 11 सीढ़ी दूर:कांग्रेस के 5 विधायक तैयार, 6 के लिए तोड़ सकते हैं AIADMK
तमिलनाडु में थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी तो बन गई, लेकिन बहुमत से दूर है। सरकार बनाने के लिए 118 विधायक चाहिए। विजय दो सीटों पर जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़नी होगी, यानी TVK के पास 107 सीटें ही रहेंगी। ऐसे में 11 विधायक और चाहिए। TVK के सोर्स बताते हैं कि गठबंधन के लिए दूसरी पार्टियों से बात चल रही है। 5 विधायकों वाली कांग्रेस से डील लगभग फाइनल है। बाकी 6 विधायकों के लिए VCK, CPI और CPM से बात हो रही है। तीनों पार्टियों के पास 2-2 विधायक हैं। संभावना 1: विजय के लिए कांग्रेस DMK का साथ छोड़े विजय ने 5 मई को दिन भर पार्टी की कोर कमेटी के साथ मीटिंग की। उन्होंने DMK अलायंस तोड़ने की जिम्मेदारी अपने सबसे करीबी सलाहकार एसए चंद्र को दी है। समर्थन देने वाली पार्टियों को कौन से मंत्रालय दिए जाएंगे, इस पर भी बात होने लगी है। TVK के सोर्स बताते हैं कि कांग्रेस को 2 और बाकी पार्टियों के 3-4 मंत्री पद दिए जा सकते हैं। विजय गठबंधन सरकार चलाने पर सहमत हैं, इसलिए कोई अड़चन नहीं आएगी। वहीं, तमिलनाडु कांग्रेस के एक नेता के मुताबिक, ‘हमने समर्थन का वादा किया है। हाईकमान पहले से विजय के साथ गठबंधन चाहता था।‘ तो क्या DMK का साथ छोड़ देंगे? कांग्रेस नेता कहते हैं, ‘ये तो होना ही था। सरकार की कुछ तो कमी रही होगी, जो ऐसा जनादेश आया है।’ सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि विजय की पार्टी ने दो गठबंधनों को हराया है। 35% वोट हासिल किए हैं। दोनों में से कोई भी गठबंधन उन्हें सत्ता से बाहर रखने की कोशिश करेगा, तो TVK समर्थक उन्हें घेर लेंगे। इसलिए ऐसी गलती कोई पार्टी नहीं करना चाहेगी। संभावना 2: AIADMK के विधायक टूट जाएं TVK सोर्स बताते हैं कि कुछ पार्टियों से बाहर से समर्थन मांग रहे हैं। अभी कुछ तय नहीं हुआ है। अगर राज्यपाल समर्थन पत्र मांगते भी हैं, तो दिक्कत नहीं आएगी। TVK विधायक संगोटे श्रीनिवासन पहले AIADMK में थे। उनसे जुड़े एक सोर्स का दावा है कि वे AIADMK के नेताओं से बात कर रहे हैं। पहले पार्टी चीफ पलानीस्वामी को मना रहे हैं। वे राजी नहीं हुए तो विधायकों से बात करेंगे। AIADMK से विधायक तोड़ने की भी कोशिश की जा सकती है। पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार मानते हैं कि विजय के लिए AIADMK के साथ सरकार बनाना सबसे सुरक्षित और आसान विकल्प है। VCK, CPI, CPM के पास 2-2 और DMDK के पास एक सीट हैं। ये सभी DMK की सहयोगी हैं। इसलिए विजय के साथ जाने से बचेंगी। संभावना 3: DMK से गठबंधन मुश्किल, स्टालिन नहीं मानेंगे तमिलनाडु के CM रहे स्टालिन चुनाव हार गए हैं। उनके बेटे उदयनिधि जीते हैं। उदयनिधि तमिल फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े रहे हैं, इसलिए ऐसे कयास थे कि वे विजय को समर्थन दे सकते हैं। हालांकि DMK के सोर्स इसकी संभावना न के बराबर बता रहे हैं। पार्टी के एक नेता कहते हैं, ’हमारे लीडर स्टालिन को विजय की पार्टी को समर्थन देना कभी मंजूर नहीं होगा। हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है, हम अपनी भूमिका निभाएंगे।’ पॉलिटिकल एनालिस्ट राम कुमार भी मानते हैं कि DMK के विजय को समर्थन देने की गुंजाइश बहुत कम है। विजय का पूरा प्रचार स्टालिन सरकार के भ्रष्टाचार पर फोकस था। अगर वे उन्हीं का समर्थन लेंगे, तो ये बात लोगों को हजम नहीं होगी। संभावना 4: वोटिंग हो तो, विधायक सदन से वॉकआउट कर जाएं सरकार बनाने के लिए विजय को सदन में विश्वास मत हासिल करना होगा। एक संभावना ये भी है कि उस वक्त कुछ विधायक सदन में मौजूद न रहें। 30-32 विधायक हिस्सा न लें। इससे बहुमत के लिए जरूरी संख्या कम हो जाएगी। इसे ऐसे समझिए कि तमिलनाडु विधानसभा में 234 सीटें हैं। बहुमत के लिए 118 विधायकों का समर्थन चाहिए। अगर फ्लोर टेस्ट के वक्त विपक्ष के 30 विधायक सदन से बाहर चले जाते हैं, तो सदन की 'प्रभावी संख्या' 204 रह गई। अब सरकार बचाने के लिए 103 विधायकों की जरूरत होगी। ऐसा होने पर विजय मौजूदा नंबर्स में ही सरकार बना लेंगे। अगर पार्टियों ने सभी विधायकों को मौजूद रहने का व्हिप जारी किया, तब दिक्कत हो सकती है। विजय की पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड दावा करते हैं, ‘हम सरकार बना रहे हैं। विजय 7 मई को शपथ लेंगे। सरकार बनाने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, लेकिन अभी किसी की पुष्टि नहीं कर सकते। गवर्नर के पास दो विकल्प सीनियर जर्नलिस्ट डी. सुरेश कुमार कहते हैं कि तमिलनाडु में गवर्नर के पास दो विकल्प हैं। पहला: विजय से 118 विधायकों का समर्थन पत्र मांगें। उन्हें सरकार बनाने के लिए बुलाएं। इसमें विजय को दिक्कत होगी। उन्हें पहले गठबंधन बनाना होगा। कम वक्त की वजह से समर्थन करने वाली पार्टियों की शर्तें माननी पड़ेंगी। दूसरी: गवर्नर बिना समर्थन पत्र मांगे विजय को सरकार बनाने के लिए बुला लें और शपथ ग्रहण करवा दें। ऐसे में विजय को विधायकों का समर्थन हासिल करने और सदन में बहुमत साबित करने का वक्त मिल जाएगा। ……………… तमिलनाडु इलेक्शन रिजल्ट पर ये खबर भी पढ़ें… थलापति तमिलनाडु के किंग, लेकिन किंगमेकर कौन तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। पढ़िए पूरी खबर…
डूंगरपुर में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक एवं दलाल एक लाख रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट
डूंगरपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार को साईबर पुलिस थाना डूंगरपुर के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मदनलाल और दलाल डायालाल पाटीदार को एक मामले में एक लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी. डूंगरपुर को शिकायत मिली कि सहायक उप निरीक्षक साईबर […] The post डूंगरपुर में सहायक पुलिस उपनिरीक्षक एवं दलाल एक लाख रुपए की रिश्वत लेते अरेस्ट appeared first on Sabguru News .
जयपुर में पकड़े गए ठगी करने वाले भरतपुर के गिरोह के दो सदस्य
जयपुर/भरतपुर। राजस्थान भरतपुर के सेवर थाना क्षेत्र में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के जयपुर में गिरफ्तार तीन बदमाशों में से दो भरतपुर के निवासी हैं। भरतपुर पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीरेंद्र सिंह (25) निवासी रामपुरा थाना सेवर भरतपुर, सोनू (23) निवासी वेयर हाउस कॉलोनी, नदबई […] The post जयपुर में पकड़े गए ठगी करने वाले भरतपुर के गिरोह के दो सदस्य appeared first on Sabguru News .
पालघर में स्वयंभू चिकित्सक ने 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से किया रेप
पालघर। महाराष्ट्र में पालघर जिले में एक स्वयंभू चिकित्सक ने कथित तौर पर पारंपरिक जड़ी-बूटी वाली दवा देने के बहाने एक जंगल क्षेत्र में 13 वर्षीय नाबालिग लड़की का यौन उत्पीड़न किया। शिकायत के अनुसार पीड़िता की बहन मासिक धर्म की अनियमितता से जूझ रही थी। परिवार ने आरोपी शिवराम परश सावर से संपर्क किया, […] The post पालघर में स्वयंभू चिकित्सक ने 13 वर्षीय नाबालिग लड़की से किया रेप appeared first on Sabguru News .
हमें चुनाव जबरन हराया गया, लोकभवन जाकर नहीं दूंगी इस्तीफा : ममता बनर्जी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को चुनाव आयोग, केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी ने मिलकर जबरन हराया है और वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी। बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक दिन बाद मंगलवार […] The post हमें चुनाव जबरन हराया गया, लोकभवन जाकर नहीं दूंगी इस्तीफा : ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .
जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय : योगी आदित्यनाथ
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम के लिए वहां की जनता का अभिनंदन करते हुए इस परिणाम को जन उपेक्षा करने वाले राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सबक बताया है। मंगलवार दोपहर बाद गोरखपुर के जंगल बेनी माधव में पांच करोड़ रुपए की अधिक की लागत से […] The post जनता की उपेक्षा करने वालों का सूपड़ा साफ होना तय : योगी आदित्यनाथ appeared first on Sabguru News .
ईरानी हमलों को नाकाम कर होर्मुज से निकले दो अमरीकी युद्धपोत
वाशिंगटन। ईरान की ओर से की गई भारी गोलाबारी और हमलों के बीच अमरीकी नौसेना के दो युद्धपोत हॉर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर खाड़ी में प्रवेश कर गए हैं। सीबीएस न्यूज ने पेंटागन अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमरीकी नौसेना के युद्धपोत यूएसएस ट्रक्सटन और यूएसएस मेसन को […] The post ईरानी हमलों को नाकाम कर होर्मुज से निकले दो अमरीकी युद्धपोत appeared first on Sabguru News .
केरल : यूडीएफ में मुख्यमंत्री की दौड़ तेज, आलाकमान लेगा अंतिम फैसला
तिरुवनंतपुरम। कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) केरल विधानसभा चुनाव में निर्णायक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के बाद अगले मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए पार्टी के भीतर गहन विचार-विमर्श कर रहा है। राज्य की राजधानी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं, क्योंकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीडी सतीशन, रमेश चेन्नीथला […] The post केरल : यूडीएफ में मुख्यमंत्री की दौड़ तेज, आलाकमान लेगा अंतिम फैसला appeared first on Sabguru News .
भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की दलबदली करने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग
नई दिल्ली। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को दलबदल के मुद्दे पर सभी विधायकों के साथ एकजुटता दिखाते हुए राष्ट्रपति भवन पहुंचकर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भाजपा में शामिल होने वाले सात राज्यसभा सांसदों को पंजाब के गद्दार करार देते हुए उनकी सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग की। मुख्यमंत्री […] The post भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की दलबदली करने वाले सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग appeared first on Sabguru News .
कोलकाता DGP शांतनु सिन्हा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी
कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोलकाता पुलिस के अधिकारी शांतनु सिन्हा विश्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई दो जांचों के सिलसिले में केंद्रीय एजेंसी के भेजे गए कई समन के बावजूद उनके पेश न होने के बाद की गई है। ईडी सूत्रों के अनुसार यह निर्णय उन आशंकाओं के बीच लिया […] The post कोलकाता DGP शांतनु सिन्हा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी appeared first on Sabguru News .
तमिलनाडु : विजय ‘सरकार’के गुरुवार को शपथ लेने की संभावना
चेन्नई। अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) की सरकार के गुरुवार को शपथ लेने की संभावना है। इस बीच बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा जुटाने के उद्देश्य से टीवीके की कोर टीम ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) गठबंधन के संभावित सहयोगियों, विशेष रूप से कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और वामपंथी दलों […] The post तमिलनाडु : विजय ‘सरकार’ के गुरुवार को शपथ लेने की संभावना appeared first on Sabguru News .
चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक में धमाका, बड़ा हादसा टला
चंडीगढ़। हरियाणा एवं पंजाब की संयुक्त राजधानी चंड़ीगढ़ के इंटरनेशनल हवाई अड्डे में इंडिगो की एक उडान में उस समय हड़कंप मच गया जब एक यात्री के बैग में रखे पावर बैंक में अचानक धमाका हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पावर बैंक एक हैंड बैग में रखा हुआ था, जिसमें अचानक स्पार्किंग के बाद […] The post चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर इंडिगो फ्लाइट में पावर बैंक में धमाका, बड़ा हादसा टला appeared first on Sabguru News .
आबूरोड सदर बाजार में हंगामा, पौन घंटा बाधित रहा रास्ता
सबगुरु न्यूज-आबूरोड। मौसम का तूफानी मिजाज और उस पर नगर परिषद कार्मिकों और स्थानीय दुकानदार के बीच विवाद। आबूरोड के प्रमुख सदर बाजार में इस हंगामें ने लोगों का मजमा लगवा दिया। इसके चक्कर में ये मार्ग करीब पौन घंटे तक अवरूद्ध रहा। बाद में पुलिस ने अपने गर्म मिजाज दिखाए तो रास्ता खुला। आबूरोड […] The post आबूरोड सदर बाजार में हंगामा, पौन घंटा बाधित रहा रास्ता appeared first on Sabguru News .
अब तक सदमे में है न्यायाधीश अमन का परिवार
अलवर। राजस्थान के अलवर निवासी न्यायाधीश अमन शर्मा द्वारा दिल्ली में आत्महत्या करने के मामले में परिवार अभी भी पूरी तरह सदमे में है। न्यायाधीश अमन के पिता अलवर निवासी वरिष्ठ वकील प्रेम कुमार शर्मा पुत्र के साथ हुई घटना के बारे में बताया कि उनकी पुत्री दिल्ली में ही रहती है। उसे अमन के […] The post अब तक सदमे में है न्यायाधीश अमन का परिवार appeared first on Sabguru News .
अपहृत युवक की तलाश में हरियाणा गई जालौन पुलिस टीम हरियाणा में हादसे का शिकार, 5 की मौत
जालौन। उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से अपहृत युवक की बरामदगी के लिए हरियाणा गई पुलिस टीम मंगलवार सुबह भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई, जिसमें दो उपनिरीक्षकों समेत चार पुलिसकर्मियों और मुकदमे के वादी की मौत हो गई। घटना से पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस अधीक्षक जालौन विनय […] The post अपहृत युवक की तलाश में हरियाणा गई जालौन पुलिस टीम हरियाणा में हादसे का शिकार, 5 की मौत appeared first on Sabguru News .
सड़क दुर्घटना के बाद मलयालम अभिनेता संतोष नायर का निधन
पठानामथिट्टा। मलयालम अभिनेता संतोष नायर का मंगलवार तड़के निधन हो गया। वह एक सड़क हादसे में घायल हो गए थे और बाद में उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। वह इसी जिले के एनात्तु में मंगलवार को एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए थे और उन्हें अदूर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया […] The post सड़क दुर्घटना के बाद मलयालम अभिनेता संतोष नायर का निधन appeared first on Sabguru News .
कर्नाटक के हासन में एक शख्स ने यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर महिला नर्स की जान ली
बेंगलूरु। कर्नाटक के हासन जिले में एक शख्स ने यौन उत्पीड़न का विरोध कर रही महिला पर हमला करके उसकी जान ले ली। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि यह घटना सकलेशपुर तालुका के अट्टीहल्ली गांव की है। मृतका की पहचान एआर राम्या (35) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार वह अपनी सास […] The post कर्नाटक के हासन में एक शख्स ने यौन उत्पीड़न का विरोध करने पर महिला नर्स की जान ली appeared first on Sabguru News .
सरदारशहर : स्कूल से लौटे दो परिवारों के 3 मासूम बच्चों की डिग्गी में डूबने से मौत
चूरू। राजस्थान में चूरू जिले के सरदारशहर उपखंड क्षेत्र में रामसीसर गांव में सोमवार को खेत की डिग्गी में नहाने गए तीन बच्चों की डूबकर मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना अपराह्न करीब तीन बजे की बताई जा रही है। पन्द्रह वर्षीय यशोदा अपने पड़ोसी बच्चों 11 वर्षीय प्रांजल और 13 वर्षीय आशीष […] The post सरदारशहर : स्कूल से लौटे दो परिवारों के 3 मासूम बच्चों की डिग्गी में डूबने से मौत appeared first on Sabguru News .
आठ मई को रिलीज़ होगी राजस्थानी फिल्म ‘हमारी बेटियां’
जयपुर। महिला सशक्तीकरण पर बनी बहुप्रतीक्षित राजस्थानी फीचर फिल्म ‘हमारी बेटियां’ आठ मई को रिलीज होगी। फिल्म के निर्देशक उग्रसेन तंवर ने मंगलवार को यहां बताया कि फिल्म के प्रकाशन से पहले ही राजस्थान फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी हलचल मची हुई हैं और इसे शुक्रवार को जयपुर के जैम सिनेमा में प्रकाशित की जाएगी और […] The post आठ मई को रिलीज़ होगी राजस्थानी फिल्म ‘हमारी बेटियां’ appeared first on Sabguru News .
भीलवाड़ा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
भीलवाड़ा। राजस्थान के भीलवाड़ा में सोमवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है इससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बारिश का सर्वाधिक असर चंद्र शेखर आजाद पुलिया के पास देखने को मिला, जहां पुलिया के नीचे भारी जलजमाव होने के कारण रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। […] The post भीलवाड़ा में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त appeared first on Sabguru News .
चीन के हुनान प्रांत में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 21 लोगों की मौत
हुनान। चीन के हुनान प्रांत में एक पटाखा कारखाने में विस्फोट होने से 21 लोगों की मौत हो गयी है और 61 घायल हो गए। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार विस्फोट में 21 लोगों की मौत हो गई है और 61 लोग घायल हुए हैं। बीबीसी में प्रकाशित एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी […] The post चीन के हुनान प्रांत में पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 21 लोगों की मौत appeared first on Sabguru News .
पशुपालन से जुड़े किसान और डेयरी सेक्टर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं। आज डेयरी क्षेत्र उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। इसी क्रम में सीएम योगी की मंशा के अनुरूप प्रदेश के 18 मंडलों पर 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित करने की मेरठ से शुरुआत हो गई है। अपर मुख्य सचिव पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि डेयरी क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मंडल स्तर पर यह कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसका भव्य समापन जून में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में होगा। उन्होंने बताया कि मेरठ में मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में 'स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम' आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य दुग्ध विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि 'स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य-खुशहाल उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित इस आयोजन में मेरठ-सहारनपुर मंडल के किसान, पशुपालक और निवेशक एक मंच पर जुटे। कार्यक्रम में निजी एवं सहकारी डेयरी जैसे भारत स्किर, मधुसूदन, आनन्दा, मदर डेयरी, हरित प्रदेश, केएसएस डेयरी, अरविन्द डेयरी और पराग जैसे बड़े ब्रांड्स के स्टॉल लगाकार अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लिए दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नंद बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार और प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से संपूर्ण मंडलवार डेयरी कॉन्क्लेव का आयोजन किया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है यूपी कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि उत्तर प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है और इस स्थिति को बनाए रखने के राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है। दुग्ध विकास क्षेत्र में मिलेगा हजारों लोगों को रोजगार दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने बताया कि वर्ष 2023 से विभाग द्वारा दुग्ध विकास क्षेत्र में कुल 28,000 करोड़ से अधिक के 796 एमओयू किए गये हैं, जिसके जरिए 77,000 से अधिक रोजगार सृजन होंगे। उन्होंने बताया कि विगत वर्षों में नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ की धनराशि अनुदान के रूप में डीबीटी के माध्यम से वितरित की गई है। साथ ही 4000 से अधिक प्रारम्भिक दुग्ध सहकारी समिति गठित करते हुए लगभग 1,50,000 दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है। गोरखपुर में होगा समापन से जुड़ा भव्य आयोजन अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने बताया कि स्वर्ण जयंती डेयरी कॉनक्लेव के जरिए प्रदेश के सभी 18 मंडल और 75 जिलों के पशुपालकों और दुग्ध उत्पादन से जुड़े लोगों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार की मंशा के मुताबिक विभाग का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाभ पहुंचाना है। इस कार्यक्रम का समापन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में भव्य रूप से होगा। जून में वहां मंडल के कृषकों, गो-पालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों को बड़ा मंच प्रदान किया जाएगा। विभाग उस क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही विभाग की योजनाओं से जोड़ेगा। इस दौरान विभिन्न नवीनतम प्रौद्योगिकी, स्वदेशी नस्ल के गो-पालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर विचार विमर्श एवं अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां विशेषज्ञों द्वारा साझा की जाएगी। Edited by : Sudhir Sharma
प्रादेशिक परिवहन व सड़क सुरक्षा विभाग को कम्प्यूटर सिस्टम से वादी का वाहन ब्लॉक मुक्त करने का आदेश
खरीदी के 11 साल बाद बकाया टैक्स राशि वसूलने का नोटिस मिलने पर मालिक ने ली कोर्ट की शरण अजमेर। सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट अजमेर जिला बबीता वर्मा ने ग्यारह साल पहले खरीदी कार का बकाया कर (टैक्स) वसूलने के नोटिस पर कार मालिक ममता जोशी का वाद आंशिक रूप से स्वीकार किया और […] The post प्रादेशिक परिवहन व सड़क सुरक्षा विभाग को कम्प्यूटर सिस्टम से वादी का वाहन ब्लॉक मुक्त करने का आदेश appeared first on Sabguru News .
First Tuesday Remedies for Zodiac: ज्येष्ठ मास हिन्दू पंचांग का महत्वपूर्ण मास है और इस मास का पहला मंगलवार, जिसे 'बड़ा मंगल' कहा जाता है, विशेष रूप से हनुमान जी की आराधना और विशेष उपायों के लिए उत्तम माना जाता है। इस दिन किए गए पूजन और उपाय भक्तों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। हनुमान जी की कृपा से इस दिन किए गए उपाय और पूजा से संपत्ति, स्वास्थ्य, करियर और मानसिक शांति में वृद्धि होती है। यही कारण है कि ज्येष्ठ मास का पहला बड़ा मंगल सभी राशियों के लिए विशेष महत्व रखता है। ALSO READ: Bada Mangal 2026: क्यों लिया था बजरंगबली ने वृद्ध वानर का रूप? पढ़ें रोंगटे खड़े करने वाली 3 पौराणिक कथाएं यहां जानें राशिनुसार पूजन और उपाय • मेष: हनुमान जी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं। - 'ॐ अं अंगारकाय नमः' का जाप करें। • वृषभ: चमेली के तेल का दीपक जलाएं और सिंदूर चढ़ाएं। • सुंदरकांड का पाठ करें। • मिथुन: प्रभु को तुलसी दल (पत्ते) अर्पित करें। - 'ॐ नमो भगवते आंजनेयाय' का जाप करें। • कर्क: बजरंग बाण का पाठ करें और चोला चढ़ाएं। • सफेद मिठाई का भोग लगाएं। • सिंह: हनुमान जी को लाल फूल और गुड़ का भोग लगाएं। • आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें। • कन्या: मूंग की दाल के बड़े या लड्डू चढ़ाएं। • रामायण के किष्किंधा कांड का पाठ करें। • तुला: श्री राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करें। • शहद का भोग लगाना शुभ होगा। • वृश्चिक: सिंदूर का लेप लगाएं और बूंदी का प्रसाद बांटें। - 'ॐ हं हनुमते नमः' का जाप करें। • धनु: हनुमान जी को पीले वस्त्र या पीले फूल अर्पित करें। • हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। • मकर: सरसों के तेल का दीपक जलाएं और काली उड़द चढ़ाएं। • शनि दोष निवारण हेतु प्रार्थना करें। • कुंभ: हनुमान जी को मीठा पान (बीड़ा) अर्पित करें। • संकट मोचन हनुमानाष्टक का पाठ करें। • मीन: बूंदी के लड्डू चढ़ाएं और गरीबों में फल बांटें। - 'ॐ श्री हनुमते नमः' का जाप करें। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Budhwa Mangal 2026: 8 बड़े मंगल का अद्भुत संयोग! आज पहला 'बुढ़वा मंगल': भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां
Dignity, Denied: the State, and the Measure of a Civilization
A republic reveals itself not in its speeches but in its queues. There, in the fluorescent half-light of a bank branch or a government office, the distance between promise and practice is measured in forms, signatures, and the long patience of those who cannot afford to lose a day’s wage. India’s rise is narrated in […]
Vastu tips: क्या आपका बिजनेस स्टक महसूस कर रहा है? तो अपनाएं ये 10 टिप्स और देखें मुनाफे का जादू
Business ideas 2026: आज के समय में व्यापार और व्यवसाय केवल मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट रणनीति, सही दिशा और सकारात्मक ऊर्जा से भी चलता है। हर व्यवसायी का लक्ष्य होता है- मुनाफा बढ़ाना, ग्राहक संतुष्टि और ऑफिस का वातावरण सुधारना। चाहे वो घर से बिजनेस कर रहा हो, या शॉप से...ऐसे में वास्तु और डिज़ाइन का महत्व बढ़ जाता है। वास्तु शास्त्र केवल पुराने नियम नहीं बल्कि आधुनिक ऑफिस और व्यवसाय के लिए सकारात्मक ऊर्जा और वित्तीय सफलता लाने का विज्ञान है। ALSO READ: Main Door Vastu: मुख्य दरवाजे पर भूलकर भी न लगाएं ऐसी तस्वीरें, घर में आती है बदहाली सही तरीके से ऑफिस की व्यवस्था, डिज़ाइन, और डिजिटल मार्केटिंग की रणनीति आपके व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है। यहां बिजनेस में मुनाफा और सफलता पाने के लिए 10 अचूक वास्तु उपाय दिए गए हैं: 1. ऑफिस में बैठने की दिशा बिजनेस के मालिक या बॉस को हमेशा ऑफिस के दक्षिण-पश्चिम (South-West) कोने में बैठना चाहिए। बैठते समय आपका चेहरा उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा की ओर होना चाहिए। यह स्थिति नेतृत्व क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति को बढ़ाती है। 2. मुख्य द्वार को रखें बाधा मुक्त व्यापारिक संस्थान का मुख्य द्वार हमेशा साफ-सुथरा और सजा हुआ होना चाहिए। द्वार के सामने कोई खंभा, पेड़ या गड्ढा नहीं होना चाहिए, वास्तु के अनुसार इसे द्वार वेध माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा और ग्राहकों को आने से रोकता है। 3. भारी फर्नीचर की सही जगह ऑफिस या दुकान में भारी अलमारियां, शोकेस या भारी स्टॉक हमेशा दक्षिण (South) या पश्चिम (West) दीवारों के साथ रखना चाहिए। उत्तर और पूर्व दिशा को जितना हो सके खाली और हल्का रखें। 4. पानी की सही दिशा ऑफिस में पीने का पानी या छोटा वाटर फाउंटेन उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में रखें। बहता हुआ पानी धन के प्रवाह (Cash Flow) को सुचारू बनाए रखता है। 5. कैश काउंटर का वास्तु दुकान या ऑफिस का कैश बॉक्स/ तिजोरी इस तरह रखें कि वह उत्तर दिशा की ओर खुले। उत्तर दिशा धन के देवता कुबेर की दिशा मानी जाती है। ध्यान रहे कि कैश बॉक्स कभी खाली न रहे। 6. रोशनी का महत्व ऑफिस के केंद्र यानी ब्रह्मस्थान में पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए। प्राकृतिक रोशनी सबसे अच्छी है, लेकिन अगर खिड़की नहीं है, तो वहां चमकदार लाइट्स लगाएं। अंधेरा कोना बिजनेस में सुस्ती और मंदी लाता है। ALSO READ: Vastu Tips for Home: कैसे पता करें कि घर में वास्तु दोष है? जानें 13 काम की बातें 7. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जगह कंप्यूटर, सर्वर, प्रिंटर या बिजली के मेन बोर्ड को हमेशा दक्षिण-पूर्व (South-East) यानी आग्नेय कोण में रखें। यह अग्नि की दिशा है, जो मशीनों को खराब होने से बचाती है और कार्यक्षमता बढ़ाती है। 8. ईशान कोण में मंदिर ऑफिस में छोटा सा मंदिर या इष्ट देव की तस्वीर हमेशा उत्तर-पूर्व (North-East) कोने में लगाएं। यहां रोजाना सुबह दीया या अगरबत्ती जलाने से व्यापार में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं। 9. स्वागत कक्ष (Reception) ऑफिस में रिसेप्शन हमेशा उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में होना चाहिए। रिसेप्शनिस्ट का चेहरा उत्तर या पूर्व की ओर हो, ताकि आने वाले ग्राहकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़े। 10. रंगों का चयन बिजनेस में तरक्की के लिए ऑफिस की दीवारों पर क्रीम, सफेद, हल्का नीला या हरा रंग करवाएं। लाल या गहरे काले रंगों से बचें, क्योंकि ये आक्रामकता और तनाव पैदा कर सकते हैं। अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। ALSO READ: Vastu tips: किराए के घर में रह रहे हैं? तो जान लें ये 8 वास्तु टिप्स, जो बदल देंगे आपकी किस्मत
प्लेऑफ की उम्मीद में भिड़ेंगे चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स
CSKvsDC दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच मंगलवार को होने वाले लीग मुकाबले में दोनों टीमें प्लेऑफ में बनाये रखने की चुनौती का सामना करेंगी। दोनों टीमें के तालिका में समान अंक है। यह एक ऐसा अहम मोड़ लगता है जो यह तय कर सकता है कि प्लेऑफ की दौड़ में कौन बना रहेगा और कौन दबाव के चलते पैदा हुई अफ़रा-तफ़री में फंसता चला जाएगा।दोनों टीमों ने अपने नौ मैचों में से चार जीते हैं, दोनों के आठ-आठ अंक हैं, और दोनों जानती हैं कि गलती की गुंजाइश तेजी से कम होती जा रही है। फिर भी, यहां तक पहुंचने के लिए उन्होंने जो रास्ते अपनाए हैं, वे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। दिल्ली कैपिटल्स की बात करे तो वह एक ऐसी टीम रही है जिसमें सब कुछ या तो बहुत अच्छा होता है या बहुत बुरा। जब वे लक्ष्य का पीछा करते हैं, तो वे निडर दिखते हैं, और कभी-कभी तो उन्हें रोकना लगभग नामुमकिन लगता है। लेकिन जब वे पहले बल्लेबाज़ी करते हैं, तो उनका यह सीज़न अक्सर अस्थिरता का शिकार हो जाता है, जिसकी झलक उनके नेगेटिव नेट रन रेट में स्पष्ट दिखती है। केएल राहुल उनके बल्लेबाजी क्रम में एकमात्र ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिनका प्रदर्शन लगातार अच्छा रहा है। उन्होंने शांत और मजबूत अंदाज में टीम की ज़िम्मेदारी संभाली है। लक्ष्य का पीछा करते समय मैच पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की उनकी काबिलियत इस सीजन में दिल्ली के बेहतरीन प्रदर्शनों की मुख्य वजह रही है, और एक बार फिर, टीम की ज्यादातर उम्मीदें उन्हीं के कंधों पर टिकी हैं। उनके आस-पास, दिल्ली की बल्लेबाजी ने शानदार झलकियां दिखाई हैं। पथुम निसांका की हालिया फिफ्टी ने शीर्ष क्रम में लय ला दी है, जबकि ट्रिस्टन स्टब्स और अक्षर पटेल ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाए हैं। लेकिन चिंता वही बनी हुई है: क्या वे पूरे 20 ओवरों में एक मुकम्मल प्रदर्शन दे पाएंगे। उनकी गेंदबाजी आखिरी ओवरों में संघर्ष करती दिखी है, अक्सर तब रन लुटा देती है जब नियंत्रण की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स एक अलग पहचान के साथ मैदान में उतर रही है। उनका यह सीजन विस्फोटक खेल के बजाय एक मजबूत ढांचे पर आधारित रहा है। कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने लगातार असरदार पारियां खेलकर अपनी लय वापस पा ली है, जबकि संजू सैमसन चुपचाप उनके सबसे भरोसेमंद स्कोरर बन गए हैं। सीएसके की ताकत उनके बीच के ओवरों में है, जहां वे लगातार पारी को संभालते हैं और एक मजबूत फिनिश के लिए मंच तैयार करते हैं। उनके लिए सबसे बड़ा सवाल अभी भी लक्ष्य का पीछा करना बना हुआ है। जब लक्ष्य 180 के पार चला जाता है, तो इतिहास चेन्नई के पक्ष में नहीं रहा है, और यह मनोवैज्ञानिक बाधा अभी भी उन पर हावी है। भले ही वे अच्छी शुरुआत करें, लेकिन मैच खत्म करने का दबाव अक्सर उन्हें फिर से अनिश्चितता की ओर धकेल देता है।दोनों टीमों के बीच के पिछले मुकाबले (हेड-टू-हेड) इस मैच को और भी दिलचस्प बनाते हैं। सीएसके ने सीज़न की शुरुआत में दिल्ली कैपिटल्स को हराया था, लेकिन अब वह नतीजा काफी पुराना लगता है; अब दोनों टीमें काफी बदल चुकी हैं और उनकी नई कमजोरियां सामने आई हैं। पिच की बात की जाये तो अरुण जेटली स्टेडियम की पिच पर एक हाई-स्कोरिंग मुकाबले की उम्मीद है। छोटी बाउंड्री, सपाट पिच और ओस की संभावना का मतलब है कि बल्लेबाज मैच के ज़्यादातर हिस्से पर हावी रहेंगे। यहाँ 200 के आस-पास का स्कोर अब कोई अपवाद नहीं रहा; बल्कि अब यह एक आम उम्मीद बन गई है। इससे टॉस बहुत अहम हो जाता है, क्योंकि अक्सर लक्ष्य का पीछा करना ही पसंदीदा विकल्प साबित होता है। कई मायनों में, इस मैच का नतीजा दबाव में किए गए प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। दिल्ली की टीम मोमेंटम और निडर होकर लक्ष्य का पीछा करने पर निर्भर रहती है, जबकि सीएके एक मजबूत ढांचे और बड़ा स्कोर बनाने पर भरोसा करती है। एक टीम उथल-पुथल में बेहतर करती है, तो दूसरी टीम कंट्रोल में। जैसे-जैसे प्लेऑफ की दौड़ तेज़ होती जा रही है, यह मैच अब केवल फॉर्म या रणनीति के बारे में नहीं रह गया है। यह इस बारे में है कि कौन सी टीम तब भी अपना संयम बनाए रख पाती है, जब बाकी सभी चीज़ें बराबरी पर हों। एक मजबूत फिनिश, एक पारी का ढह जाना, या फिर आखिरी ओवरों में एक भी ओवर का खेल—सिर्फ़ इस मैच का ही नहीं, बल्कि दोनों टीमों के पूरे सीजन की दिशा तय कर सकता है। टीम इस प्रकार हैं: दिल्ली कैपिटल्स: अभिषेक पोरेल, केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिज़वी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल, आशुतोष शर्मा, दुष्मंथा चमीरा, कुलदीप यादव, मुकेश कुमार, विपराज निगम, मिचेल स्टार्क, डेविड मिलर, औकिब नबी डार, पथुम निसांका, लुंगी एनगिडी, साहिल पारख, पृथ्वी साव, काइल जैमीसन, त्रिपुराना विजय, माधव तिवारी, अजय जादव मंडल, करुण नायर, टी नटराजन। चेन्नई सुपर किंग्स: रुतुराज गायकवाड़ (कप्तान), डेवाल्ड ब्रेविस, एमएस धोनी, उर्विल पटेल, संजू सैमसन, शिवम दुबे, रामकृष्ण घोष, आयुष म्हात्रे, श्रेयस गोपाल, जेमी ओवरटन, अंशुल कंबोज, गुरजापनीत सिंह, मुकेश चौधरी, नूर अहमद, अकील होसेन, प्रशांत वीर, मैथ्यू शॉर्ट, सरफराज खान, मैट हेनरी, राहुल चाहर, जैकरी फॉल्क्स, स्पेंसर जॉनसन, कार्तिक शर्मा, अमन खान।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (05 मई, 2026)
1. मेष (Aries) Today Rashifal 05 May 2026 | करियर: कार्यस्थल पर सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। लव: पार्टनर के साथ किसी पुराने मुद्दे पर सुलह हो सकती है। धन: ऑनलाइन निवेश में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: सिरदर्द या माइग्रेन की शिकायत हो सकती है। उपाय: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें। ALSO READ: Bada Mangal 2026: बड़ा मंगल के दिनों में करें ये 10 विशेष कार्य, मिलेगा रामदूत हनुमान जी का आशीर्वाद 2. वृषभ (Taurus) करियर: बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। लव: प्रेम संबंधों में नयापन आएगा। धन: संपत्ति से जुड़े पुराने मामले हल होंगे। स्वास्थ्य: आज खान-पान संतुलित रखें। उपाय: शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनें या दान करें। 3. मिथुन (Gemini) करियर: ऑफिस में आपके सुझावों की सराहना होगी। लव: दाम्पत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी। धन: रुका हुआ पैसा मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: दिनभर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: भगवान गणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहें। लव: पार्टनर की सेहत को लेकर चिंता हो सकती है। धन: बचत की योजना पर काम करना फायदेमंद रहेगा। स्वास्थ्य: ठंडी चीजों के सेवन से परहेज करें। उपाय: शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए आज समय अनुकूल है। लव: जीवनसाथी के साथ विवाद हो सकता है। धन: निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। स्वास्थ्य: आंखों में जलन या थकान महसूस हो सकती है। उपाय: तांबे के पात्र से सूर्य देव को जल अर्पित करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरीपेशा को कड़ी मेहनत का परिणाम मिलेगा। लव: प्रेमी के साथ समय बिताना सुखद रहेगा। धन: लॉटरी या जोखिम भरे निवेश से बचें। स्वास्थ्य: कंधे या गर्दन में दर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: गाय को ताजी हरी घास खिलाएं। 7. तुला (Libra) करियर: नौकरीपेशा लोगों का ट्रांसफर हो सकता है। लव: पार्टनर के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: सुख-साधनों पर खर्च बढ़ेगा। स्वास्थ्य: शुगर के मरीजों को अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखना चाहिए। उपाय: किसी मंदिर में इत्र या सुगंधित वस्तु भेंट करें। ALSO READ: शनि का रेवती नक्षत्र में गोचर: 5 राशियों पर मंडरा रहा खतरा, बचने के लिए करें ये 3 उपाय 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: आज मार्केटिंग से जुड़े लोगों को सफलता मिलेगी। लव: प्रेम संबंधों में नया उत्साह देखने को मिलेगा। धन: अचानक धन लाभ के योग हैं। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से सतर्क रहें। उपाय: महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। 9. धनु (Sagittarius) करियर: शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत लोगों को पदोन्नति के योग हैं। लव: रिश्तों में नयापन लाने के लिए पार्टनर को गिफ्ट दें। धन: भूमि या वाहन खरीदने की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द की समस्या बढ़ सकती है। उपाय: भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नई नौकरी में संयम बनाए रखें। लव: जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलेगा। धन: अनावश्यक खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव के कारण थकान रहेगी। उपाय: शनिवार को शनि चालीसा का पाठ करें। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: आईटी में कार्यरत लोगों को विदेश से लाभ संभव है। लव: किसी तीसरे व्यक्ति की वजह से रिश्तों में तनाव आ सकता है। धन: आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। स्वास्थ्य: पैरों में सूजन या कमजोरी महसूस हो सकती है। उपाय: जरूरतमंदों को कंबल या काले तिल दान करें। 12. मीन (Pisces) करियर: कार्यक्षेत्र में आपकी नेतृत्व क्षमता की चर्चा होगी। लव: प्रेमी के साथ सुखद समय बीतेगा। धन: सुख-सुविधाओं पर धन खर्च होगा। स्वास्थ्य: गले या फेफड़ों से जुड़ी समस्या हो सकती है। उपाय: आज पीली वस्तुओं का दान करें। ALSO READ: 2026 में 2 ज्येष्ठ मास का दुर्लभ योग: राशि अनुसार करें ये अचूक उपाय, मिलेगा बड़ा लाभ
थलापति विजय। द्रविण राजनीति का नया सितारा। बचपन में एक्टर बने। जवानी में सुपरस्टार और पिछले दो साल में ही एक पूरी पार्टी खड़ी कर दी। विजय ने राज्य के नास्तिक मुख्यमंत्री स्टालिन की 50 साल पुरानी पार्टी DMK बनाम AIADMK की सियासत को किनारे लगा दिया। उनका तमिलनाडु का पहला ईसाई मुख्यमंत्री बनना तकरीबन तय है। कैसे एक फिल्मी हीरो राजनीति का असल हीरो बन बैठा, जानिए पूरी कहानी... ****** ग्राफिक्स: अंकुर बंसल
तमिलनाडु में एक्टर थलपति विजय की पार्टी TVK 107 सीटों पर आगे चल रही है। सिर्फ दो साल पहले बनी पार्टी बहुमत यानी 118 सीटों से सिर्फ 11 कदम पीछे रह गई। वहीं BJP के समर्थन वाला AIADMK गठबंधन 53 सीट और DMK गठबंधन 74 सीटों पर है। 1967 से अब तक तमिलनाडु में 6 बार DMK और 8 बार AIADMK की सरकार रही है। अब पहली बार किसी तीसरी पार्टी की सरकार बन सकती है। हालांकि इसके लिए TVK को 118 सीटों का आंकड़ा जुटाना होगा… इसके लिए 3 सिनैरियो बन सकते हैं… 1. TVK को AIADMK का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? 2. TVK को DMK की सहयोगी कांग्रेस और बाकी दलों का साथ मिल जाए ऐसा होने की संभावना कितनी? एक रेयरेस्ट सिनैरियो ये भी है कि TVK को DMK का समर्थन मिल जाए.. अगर DMK समर्थन दे दे, तो आंकड़ा कुछ इस तरह होगा…107 + 60 = 167 यानी बहुमत से 49 सीटें ज्यादा। इससे TVK और DMK की गठबंधन वाली सरकार बन जाएगी। हालांकि दोनों का साथ आना बेहद मुश्किल और अव्यावहारिक है। TVK, DMK के शासन का विरोध करके ही सबसे ज्यादा सीटें लाई है। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने तमिलनाडु सीएम MK स्टालिन को घेरा। स्टालिन के बेटे उदयनिधि और विजय पॉलिटिकल राइवल माने जाते हैं। अगर TVK बहुमत न साबित कर पाई, तो चौथा सिनैरियो भी हो सकता है… AIADMK और DMK मिल जाएं तो, आंकड़ा 127 सीटों का हो जाएगा। इससे पहली बार तमिलनाडु में दो विरोधी पार्टियों की गठबंधन सरकार बन सकती है। ऐसा कर पाना वैचारिक और राजनीतिक तौर पर लगभग असंभव होता है। हालांकि इससे पहले 2 बार ऐसा हो चुका है… 2018 का कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2019 का महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
एक्टर विजय थलपति तमिलनाडु के सबसे बड़े नेता बनकर उभरे हैं। सिर्फ दो साल पुरानी उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेत्त्री कझगम’ यानी TVK अपने पहले ही चुनाव में बहुमत के करीब पहुंच गई। राज्य की दोनों पुरानी पार्टियां DMK और AIADMK कहीं पीछे छूट गईं। दक्षिण भारत में लोग सुपरस्टार्स को सिर्फ एक्टर नहीं, बल्कि अपना लीडर, गार्जियन और कई बार भगवान तक मानने लगते हैं। दो फिल्मी सितारे MGR और जयललिता सीएम बन चुके हैं और अब विजय भी वही करिश्मा करने जा रहे हैं। एक्टर्स के पीछे इस तरह की दीवानगी को 'कल्ट स्टेटस' नाम दिया जाता है। इसके पीछे 6 बड़े फैक्टर्स हैं… साउथ के लोगों की एक्टर्स के लिए इस दीवानगी के पीछे 4 मनोवैज्ञानिक वजहें भी हैं... 1. लोगों का एक्टर्स से एकतरफा पैरासोशल रिश्ता 2. आर्केटाइप रोल से जनता के 'मसीहा, भगवान' बनते हैं एक्टर्स 3. कम/अधूरी जानकारी से आइकॉन बन जाते हैं एक्टर्स ---- ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 58% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके:बीजेपी ने सिर्फ 7% वोट से 121 सीटें कैसे बढ़ाईं; बंगाल नतीजों के 5 फैक्टर्स पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। शाम 4 बजे तक के रुझानों में बीजेपी 198 सीटों के साथ बहुमत से कहीं आगे है, जबकि टीएमसी 89 सीटों पर सिमटती दिख रही है। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 121 बढ़ती दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
‘ये चुनाव विजय Vs स्टालिन की लड़ाई है।’ 23 फरवरी, 2026 को थलापति विजय ने पहली बार ये बात कही। तमिलनाडु के वेल्लोर में उनकी रैली थी। इतने लोग आए कि नेशनल हाईवे-48 थम गया। ट्रैफिक इतना कि 4 घंटे तक गाड़ियां हिल नहीं पाईं। यही दीवानगी वोट में बदली और विजय की सिर्फ दो साल पुरानी पार्टी तमिझागा वेत्री कड़गम तमिलनाडु की सत्ता के करीब पहुंच गई। पॉलिटिक्स में विजय की बिल्कुल फिल्मी एंट्री। तमिलनाडु में 1967 से सत्ता सिर्फ DMK और AIADMK के पास रही। विजय ने इस दीवार को गिरा दिया। लोगों को एक विकल्प की तलाश में थी। सुपरस्टार रजनीकांत पार्टी बनाकर पीछे हट गए, कमल हासन बेअसर रहे, लेकिन विजय ने उस खाली जगह को भर दिया। 4 मई की रात 10 बजे तक TVK 107, DMK 60 और AIADMK 47 सीटें या तो जीत चुके हैं या बढ़त बनाए हुए थे। बहुमत के लिए 118 सीटें चाहिए। TVK को सरकार बनाने के लिए 11 सीटों की जरूरत है। अब सरकार बनने के दो सिनेरियो हैं… 1. AIADMK BJP से अलग होकर कुछ मंत्री पदों के बदले सरकार में शामिल हो सकती है। 2. कांग्रेस और PMK या कांग्रेस, कम्युनिस्ट और VCK सरकार को समर्थन दे सकते हैं। विजय को इतनी बड़ी जीत की 5 वजहें 1. विजय का स्टारडम, विजय ही पार्टी, विजय ही मुद्दा 28 साल के भास्कर चेन्नई में रहते हैं। DMK और स्टालिन के समर्थक थे। सरकार का काम भी पसंद करते थे। 23 अप्रैल को वोटिंग वाले दिन थलापति विजय की पार्टी TVK को वोट दे दिया। बोले कि माहौल बदल गया है। अब विजय ही इकलौते विकल्प हैं। वही तमिलनाडु में बदलाव ला सकते हैं। ये सिर्फ भास्कर की कहानी नहीं है। सेंट्रल और नॉर्थ तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में चुनाव से 2 दिन पहले वोटर का मूड बदल गया। चुनाव की कवरेज करते हुए हम थलापति विजय की लहर महसूस कर पा रहे थे। हमने विजय की कई रैलियां और रोड शो भी कवर किए। चेन्नई के टीनगर की रैली में विजय के लिए लोगों में दीवानगी देखी। विजय को देखते ही एक शख्स पहले जोर से चिल्लाया, फिर रोने लगा। विजय की एक झलक के लिए उसने 6 घंटे धूप में खड़े होकर इंतजार किया था। विजय का रोड शो शाम को 4 बजे था, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से जुटने लगी। पूरे इलाके में बैरिकेडिंग कर दी गई। हजारों लोग तेज धूप में बैरिकेड के पीछे खड़े रहे। मकसद सिर्फ एक, विजय की एक झलक मिल जाए। बस से 300 किमी सफर करके आया एक लड़का, बेटे को लेकर आई मां, 61 साल की बुजुर्ग महिला सभी को सिर्फ एक बार विजय को देखना था। इन लोगों को नहीं पता था कि विजय सरकार में आकर क्या करेंगे, उनके मेनिफेस्टो में क्या वादे हैं, वे स्टालिन सरकार से क्या अलग करेंगे। फिर भी वे विजय को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते थे। विजय की ये जीत उनके स्टारडम की ही जीत है। विचारधारा, पार्टी, चुनावी गुणा-गणित, लोकलुभावन वादे सब पीछे रह गए। विजय का थलापति कल्ट फिगर इन सब को पछाड़कर आगे निकल गया। पूरे तमिलनाडु में लोग विजय के अलावा न उनकी पार्टी के नेताओं को जानते हैं और न ही दूसरे नेताओं की पार्टी में कोई अहमियत है। विजय की पार्टी से चुनाव लड़े ज्यादातर नेता DMK और AIADMK के बागी या पूर्व नेता हैं। 2. MGR के रास्ते चले, पॉलिटिक्स के लिए फिल्में छोड़ी MGR के नाम से मशहूर एमजी रामचंद्रन भारत के पहले फिल्म स्टार थे, जो मुख्यमंत्री बने। 1977 से 1987 तक तमिलनाडु के CM रहे। उन्होंने ही AIADMK बनाई थी। विजय तमिल फिल्मों में मौजूदा दौर के सबसे बड़े स्टार हैं। करियर के पीक पर रहते हुए राजनीति में एंट्री की। उनसे पहले सुपरस्टार रजनीकांत और कमल हासन राजनीति में तब आए थे, जब उनकी फिल्में चलना बंद हो गई थीं। 2024 में आई GOAT फिल्म में विजय डबल रोल में थे। इसने बॉक्स ऑफिस पर 450 करोड़ से ज्यादा का बिजनेस किया और उनकी पॉलिटिकल एंट्री से पहले माहौल बना दिया। 2023 में आई लियो ने दुनियाभर में 600 करोड़ रुपए कमाए। 2023 में ही आई फिल्म वारिसु ने विजय को तमिलनाडु का बेटा और अन्ना यानी बड़ा भाई वाली इमेज दी। फिल्में सुपरहिट हो रही थीं, लेकिन अचानक विजय ने पॉलिटिक्स में एंट्री का ऐलान कर दिया। इसके बाद जन नायगम उनकी आखिरी फिल्म होती, लेकिन ये विवादों की वजह से रिलीज ही नहीं हो पाई। 3. फैन क्लब पॉलिटिक्स, लाखों फैन की कार्यकर्ता बन गए थलापति विजय ने भले दो साल पहले पार्टी बनाई हो, लेकिन वे अपने फैन क्लब के जरिए 20 साल से सोशल वर्क कर रहे थे। तमिलनाडु के अलग-अलग इलाकों में संगठन बनाना और फिर उनके जरिए सोशल वर्क करना। विजय 20 साल पहले से 2026 की तैयारी कर रहे थे। तमिलनाडु में फैन क्लब कल्चर बहुत बड़ा है। हर सुपरस्टार के इलाकों, शहरों के नाम से फैन क्लब होते हैं। ये क्लब पसंदीदा स्टार के नाम पर सोशल वर्क करते हैं, लेकिन इसके पीछे खुद स्टार ही होता है। विजय के तमिलनाडु में सैकड़ों फैन क्लब हैं। यही फैन क्लब पार्टी स्ट्रक्चर में बदल गए। फैन क्लब का ढांचा काफी हद तक किसी पॉलिटिकल पार्टी की तरह होता है। स्टेट लेवल पर लीडरशिप होती है। इसके बाद इलाकों के हिसाब से कोऑर्डिनेटर्स काम करते हैं। सबसे नीचे एरिया और बूथ वॉलंटियर्स होते हैं। विजय राजनीति में नहीं आए थे, तब तक ये फैन क्लब ब्लड डोनेशन कैंप, मेडिकल कैंप लगाने जैसे काम करते रहे। गरीबों को खाना-कपड़े देकर मदद करते रहे। सरकारी दफ्तरों, अस्पताल, पुलिस, कोर्ट के मामलों में मदद करते रहे। इससे लोगों का विजय पर भरोसा बढ़ता गया। TVK के चीफ स्पोक्सपर्सन फेलिक्स गेराल्ड बताते हैं, 'विजय ने पार्टी नहीं बनाई थी, तब से विजय का फैन क्लब थलापति विजय मक्कल इयक्कम नाम से चलता था। बाद में इसी को पार्टी में बदल दिया गया। 2021 में फैन क्लब से जुड़े 130 लोगों ने लोकल बॉडी चुनाव लड़ा था। इनमें से 115 जीत गए। विजय ने पार्टी लॉन्च करने के पहले ही जमीन का अंदाजा लगा लिया था। कहने को वे 2024 में राजनीति में आए, लेकिन ये उनके फैन क्लब की मेहनत का नतीजा है।’ चुनाव के करीब 2-3 साल पहले से विजय मौजूदा मुख्यमंत्री स्टालिन के खिलाफ प्रचार कर रहे थे। हालांकि BJP और AIADMK के लिए उनका रवैया थोड़ा नरम दिखा। हमने फेलिक्स से पूछा कि विजय BJP को लेकर नरम रवैया क्यों रखते हैं? फेलिक्स जवाब देते हैं, ‘हम भ्रष्टाचार के खिलाफ है। DMK सही मायने में सेक्युलर पार्टी भी नहीं है। हम BJP की भी आलोचना करते हैं। विजय ने साफ किया है BJP वैचारिक रूप से हमारी विरोधी है।’ 4. क्रिश्चियन-मुस्लिम वोट DMK से विजय की तरफ शिफ्ट विजय ने चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो TVK के मंच से पहली बार कहा- मेरा नाम है जोसेफ विजय। उन्होंने साफ कर दिया कि वे क्रिश्चियन है। तमिलनाडु में मुस्लिम और क्रिश्चियन मिलाकर करीब 12% वोटर हैं। अब तक ये वोट बैंक DMK का था। विजय की एंट्री ने क्रिश्चियन वोट तो काटे ही, मुस्लिमों के भी बड़े तबके को अपने पाले में किया। मुस्लिम और क्रिश्चियन वोट ज्यादातर शहरी इलाकों में हैं। यहीं TVK मजबूत बनकर उभरी है। सीनियर जर्नलिस्ट आर. रंगराज कहते हैं- विजय ने DMK के 13 से 14% और AIADMK के करीब 10% वोट काटकर अपना वोट बैंक बड़ा बना लिया। फर्स्ट टाइम वोटर्स भी विजय की तरफ चले गए। TVK ने 30-33% का बड़ा वोट बैंक अपने पाले में किया है। 5. युवाओं और महिलाओं का एकतरफा समर्थन युवाओं और महिलाओं में विजय के लिए अलग ही दीवानगी है। एक पूरी पीढ़ी उनकी फिल्में देखकर बड़ी हुई है। यही पीढ़ी फर्स्ट और सेकेंड टाइम वोटर है, जिन्होंने विजय को वोट दिया है। युवा और महिला आबादी करीब 2 करोड़ हैं। तमिलनाडु के करीब 20-25% वोटों पर विजय का सीधा असर है। विजय अपनी रैलियों और सभाओं में कास्ट पॉलिटिक्स करते नहीं दिखे। उनका फोकस महिला और युवा वोटबैंक पर रहा। उनकी पार्टी युवाओं और महिलाओं से सीधे जुड़ी। पहली बार वोट देने वाले 18-25 साल के युवाओं के लिए विजय स्टाइल आइकन के साथ-साथ उम्मीद भी थे। नीट का विरोध और शराब के खिलाफ सख्त रुख युवाओं-महिलाओं को विजय के करीब लाया। अल्पसंख्यक, यानी मुस्लिम-क्रिश्चियन और युवा-महिला वोट मिला लें, तो करीब 25% वोट विजय के पक्ष में एकतरफा एकजुट हुआ। बचे वोट DMK और AIADMK में बंट गए। यही विजय की जीत की सबसे बड़ी वजह है। …………………………..चुनाव नतीजों पर ये खबर भी पढ़ें बंगाल में पहली बार BJP सरकार, 206 सीटें जीतीं, TMC को 81 सीटें बंगाल की 293 सीटों के नतीजे आ गए। BJP राज्य में पहली बार सरकार बनाने जा रही है। उसे 206 सीटें मिलीं। ममता की पार्टी TMC सिर्फ 81 पर सिमट गई। 2021 विधानसभा चुनाव की तुलना में TMC को 134 सीटों का नुकसान हुआ है। कांग्रेस के खाते में 2 सीट आईं, वहीं दो सीटें हुमायूं कबीर की पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी ने जीतीं। दो अन्य के खाते में आईं। भवानीपुर से सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,114 वोटों से हराया। पढ़ें पूरी खबर
दो छोटी कहानी… पहली- जब एक ही धोती बदलकर आईं सास और बहू, दूसरी धोती थी ही नहीं साल 2021 का बंगाल चुनाव… ‘मैं मालदा के एक गांव में मिले परिवार को नहीं भूला हूं। परिवार के दो बेटों की हत्या कर दी गई थी। कमाने वाला कोई नहीं था। घर पहुंचा तो सिर्फ सास और बहू मिलीं। पहले सास मिलने आईं। तन पर सिर्फ एक धोती थी। फिर वो अंदर गईं, तो बहू मिलने आई। उन्होंने भी वही धोती पहन रखी थी।’ ’पूछने पर पता चला कि घर में सिर्फ दो धोतियां थीं। एक फटी थी, इसलिए दोनों बारी-बारी एक ही धोती पहनकर मिलने आईं। मकान गिरने की हालत में था। उस वक्त मेरे पास जितने पैसे थे, उन्हें देकर लौट आया। मैंने ये बात गृह मंत्री अमित शाह को बताई। तब उन्होंने ऐसे जरूरतमंद कार्यकर्ताओं की लिस्ट बनाकर खर्च के मुताबिक, उन्हें मदद पहुंचाने को कहा।’ ’इन परिवारों के लिए 8 से 10 हजार रु. महीने के तय किए गए और ये मदद अब तक जारी है। बंगाल में चुनाव के बाद नंदीग्राम, संदेशखाली, कूचबिहार, हावड़ा, हुगली और 24 परगना समेत कई जगहों पर रेप, हत्या और आगजनी की घटनाएं हुईं। आरोप TMC के गुंडों पर लगे। ये कार्यकर्ता और उनके परिवार उसी हिंसा के शिकार थे।’ दूसरी- जब BJP के जिला अध्यक्ष ने चार दिन मोबाइल बंद कर रखा था साल 2026 का बंगाल चुनाव… ‘आसनसोल में अमित शाह की एक चुनावी रैली का जिम्मा संभाल रहा था। यहां चार दिन से BJP जिला अध्यक्ष ने फोन बंद कर रखा था। सीधे रैली के दिन ऑन किया। रैली के बाद मैंने अमित शाह से इसकी शिकायत की। उन्होंने सारी बात सुनी और कहा कि ऐसे लोगों के नाम नोट कर लो, बाद में बात करेंगे।’ ‘अभी शिकायत नहीं, एक्शन का वक्त है। जो है, जितना है, उतने में लगे रहो। अबकी चूकना नहीं, जीतना है। चुनाव के वक्त किसने क्या नहीं किया, उस पर नहीं, किसने क्या किया और क्या करना है, उस पर फोकस करते हैं।’ ये दोनों किस्से यूपी BJP के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने सुनाए। ये बंगाल में पार्टी की मौजूदा जीत के चुनावी किरदार की कहानी है। इस जीत की कहानी के कई किरदार हैं। शुरुआत अमित शाह और उनका दायां हाथ रहे सुनील बंसल से। साथ ही तीसरे अहम किरदार शिवप्रकाश सिंह से, जो BJP के राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री हैं। पहला किरदार- अमित शाह2021 की हार की वजहों के निकाला जीत का रास्ता 2 मई 2021 को बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आए। दो दिन बाद रिव्यू हुआ। अमित शाह ने सुनील बंसल और शिवप्रकाश को जुलाई के पहले हफ्ते तक डिटेल रिव्यू रिपोर्ट बनाने को कहा। इस रिपोर्ट में हार के जिम्मेदार तीन बातें साफ हुईं। 1. चुनाव के बाद लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं में TMC की हिंसा का डर था। 2. ममता के घुसपैठियों ने कई सीटों पर BJP की रणनीति की जानकारी TMC को दी। 3. बंगाल में BJP के कैडर की बूथ लेवल तक पहुंच मजबूत करने की जरूरत है। दूसरा किरदार- सुनील बंसल2023 से ग्राउंड वर्क, 2025 में प्लान तैयार बंगाल में 2023 में पंचायत चुनाव थे। शाह ने फरवरी और अप्रैल में यहां 4-5 दौरे किए और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। फिर सुनील बंसल को पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए बंगाल भेजा। उन्हें 2026 के विधानसभा चुनाव तक वहीं डेरा डालने का आदेश मिला। मकसद पहले पंचायत चुनाव, फिर लोकसभा और फिर विधानसभा चुनाव साधना था। BJP के वरिष्ठ कार्यकर्ता कहते हैं, ‘इन 3 सालों में सुनील बंसल और अमित शाह के बीच सैकड़ों बैठकें हुईं। जनवरी 2025 से लेकर वोटिंग के पहले तक इन बैठकों का दौर बढ़ गया था। सुनील जी हर हफ्ते दिल्ली का चक्कर लगाते और बंगाल के हर छोटे-बड़े घटनाक्रम की जानकारी अमित शाह को देते थे। सुनील जी ने अपने भरोसेमंद लोगों की टीम बनाई, जिसमें राजस्थान के 15-18 सीनियर कार्यकर्ता और नेता चुने गए। शाह-बंसल के करीबी को ममता के गढ़ की कमान राजस्थान में 7 बार के विधायक और नेता प्रतिपक्ष रहे राजेंद्र राठौड़, शाह और बंसल के करीबी हैं। उन्हें भवानीपुर सीट की कमान सौंपी गई। राजेंद्र ने बताया, 'मैं चुनाव से 2-3 महीने पहले ही भवानीपुर आ गया था। मेरी टीम उसके पहले से यहां काम कर रही थी। डर के माहौल, गंदी नालियां और कचरे के ढेर को हमने मुद्दा बनाया। हमने कहा कि क्या ममता बनर्जी के इलाके के लोग गंदी नालियों और कचरे के ढेर के बीच रहने के हकदार हैं।' 'ये गुजरातियों और मारवाड़ियों का इलाका है। पिछले चुनाव में जिन पर BJP को वोट डालने का शक था, नतीजे आने के बाद उनके घर की पाइपलाइन कटवा दी गई थी। उनके घरों के सामने कचरा फेंकवा दिया गया था। काउंसलर्स ने इनसे माफीनामा लिखवाया था। इस बार हमने ये डर खत्म किया।' 'हमने लोगों की सुरक्षा में कार्यकर्ताओं के साथ सेंट्रल फोर्स की मदद ली। ये भी यकीन दिलाया कि चुनाव बाद भी कम से कम 60 दिन तक फोर्स आपकी सुरक्षा में तैनात रहेगी। यहां लोगों के लिए 8 वार्ड में 8 अलग-अलग प्रवासी अध्यक्ष नियुक्त किए गए, जो सभी राजस्थान से थे।' ममता के घुसपैठियों पर नकेल कसी…BJP का माइक्रोमैनेजटमेंट, प्रवासी प्रभारियों की पैरलल टीम बनाई बंगाल में BJP ने हर जिला प्रभारी के ऊपर एक प्रवासी प्रभारी बनाया। पार्टी का चेहरा स्थानीय प्रभारी होता, लेकिन निर्देश बाहरी प्रभारी का चलता ताकि BJP कार्यकर्ता बनकर शामिल हुए ममता के जासूस रणनीति लीक न कर दें। बंगाल की जादवपुर सीट पर प्रवासी प्रभारी अशोक सैनी राजस्थान के अलवर जिले के संगठन प्रभारी हैं। वो चुनाव के 3 महीने पहले से बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने जिले से लेकर बूथ तक के प्रबंधन के बारे में बारीकी से बताया। वे कहते हैं, जादवपुर लोकसभा सीट के प्रभारी दिल्ली के गृहमंत्री आशीष सूद थे। ओहदे के लिहाज से देखें तो सुनील बंसल, भूपेंद्र यादव, आशीष सूद और फिर मैं इस सीट का प्रभारी हूं। मेरे बाद 10 प्रवासी वार्ड प्रभारी भी हैं। हर वार्ड में पार्टी दफ्तर खोला, 1000 से ज्यादा बैठकें कीं - अशोक सैनी ने बताया, जादवपुर में 352 बूथ हैं। हर बूथ में हमने 3-4 मीटिंग कीं। कुल मिलाकर 3 महीनों में अपने जिले में हमने 1000 से ज्यादा बैठकें कीं। 4 से 5 बूथ मिलाकर एक शक्तिकेंद्र बनाया, जहां बैठकें हुईं। - जिले में 10 वार्ड थे और सभी में पार्टी दफ्तर खोला। वार्ड चुनाव में पार्टी कैंडिडेट बुरी तरह हारे, लेकिन हमने उन्हें अपना साथी बनाया और उनमें दोबारा जोश भरा। - सुनील जी और भूपेंद्र जी ने एक दिन भी गैप किए बगैर हमसे बात की और रोज की रिपोर्ट ली। - यहां भी TMC के गुंडे एक्टिव हुए और मारपीट की। हमने 3 महीनों में करीब 5-6 शिकायतें लिखित में दीं। - हमारी विधानसभा सीट में करीब 15 मंदिर कमेटियां और 12-14 क्लब हैं। पिछले तीन महीनों में मंदिर कमेटियों और क्लबों में रोज संपर्क किया। डर का माहौल खत्म किया…TMC के गुंडों और पुलिस को चेतावनी प्लानिंग का हिस्सा BJP के सीनियर लीडर ने बताया, 'अमित शाह की टीम ने बंगाल में ममता दीदी के खौफ से लेकर BJP के भरोसे तक के सफर के लिए नारे गढ़ने का काम किया। कई स्लोगन बनाए और कई सीन क्रिएट किए गए। जैसे- - 11 अप्रैल 2026: अमित शाह ने बांकुड़ा की एक रैली में TMC के गुंडों को चेतावनी देते हुए कहा- 'चुनाव के दिन TMC के गुंडे घर से बाहर न निकलें।' - 5 अप्रैल 2026: पूर्व वर्धमान जिले के जमालपुर में अमित शाह की जनसभा में पुलिस भीड़ की तरफ जैसे बढ़ी, तभी शाह ने भाषण रोका और कहा- 'ओ बंगाल पुलिस, जरा वापस जाओ।' वे आगे कहते हैं, ‘ये चेतावनी स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि प्लानिंग का हिस्सा थी। ममता के गुंडे यानी कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि पुलिस का खौफ पूरे बंगाल में था। पुलिस को कैसे सरेआम चेतावनी दी जाए। कैसे जनता के बीच ममता के ऊपर शाह की दबंग छवि गढ़ी जाए, ये सब प्लानिंग का हिस्सा थी।‘ तीसरा किरदार- शिवप्रकाश सिंहसंघ के ग्राउंड वर्क का लेखा जोखा रखा, BJP से तालमेल बैठाया BJP में राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश सिंह बंगाल की कोर टीम के अहम किरदार थे। उनका काम RSS कार्यकर्ताओं और BJP के बीच तालमेल बैठाना था। 2021 के विधानसभा चुनाव से एक साल पहले उन्होंने बंगाल को अपना ठिकाना बनाया। वे अब तक वहीं डटे हैं। उन्होंने ये काम किए… - राइट विंग को एक्टिव किया: VHP, RSS, बजरंग दल और हिंदूवादी दूसरे संगठनों की सक्रिय रखा। - धार्मिक संगठनों से बातचीत: जैसे नादिया में इस्कॉन का प्रभाव है, तो उनके साथ कई कार्यक्रम किए। इसी तरह हर क्षेत्र में प्रमुख मठों और मंदिरों के लोगों से संपर्क कर कार्यक्रम किए और वहां आने-जाने वालों से संपर्क बढ़ाया। - व्यापारी वर्ग से बातचीत: कमीशनखोरी से परेशान व्यापारी वर्ग के साथ गुपचुप मीटिंग की। ये वर्ग ममता दीदी के साथ दिखा, लेकिन इनका मन चुनाव करीब आते-आते बदलता गया। - संघ ने 2 लाख से ज्यादा बैठकें कीं: RSS और उसके आनुषांगिक संगठनों ने हर वर्ग के साथ पिछले 3 साल में 2 लाख छोटी-बड़ी बैठकें कीं। चौथा किरदार: अमित मालवीय 3000 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का नेटवर्क बनाया BJP आईटी सेल के मुखिया अमित मालवीय ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स (फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूबबर) का एक नेटवर्क बनाया। पूरे राज्य में छोटे-बढ़े मिलाकर 3000 से ज्यादा इंफ्लुएंसर हायर किए गए। क्राइटेरिया ये रखा गया कि इंफ्लुएंसर के पास कम से कम 5 हजार फॉलोअर्स हों। इन्हें स्टोरी और महीने के हिसाब से पैसा दिया गया। इंफ्लुएंसर्स की टीम पिछले 4 महीने से राज्य के 4 और 5 स्टार्स होटलों में रहकर काम कर रही है। पांचवा किरदार: भूपेंद्र यादवमंडल से बूथ तक के लिए लोगों की नियुक्तियां मंडल स्तर पर 4-5 महीने पहले 20 से 30 हजार रु. सैलरी पर लोगों की नियुक्ति की गई। इन्होंने बूथ स्तर पर अपनी टीमें बनाई और इन लोगों को हर महीने 500 से 2000 रु. दिए गए। इसके अलावा खाना-पीना और पेट्रोल दिया गया। ममता को हराने वाले सुवेंदु आज्ञापालक की भूमिका में.. ममता के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले और बंगाल में BJP के सबसे बड़े नेता सुवेंदु अधिकारी रणनीतिकार नहीं, बल्कि आज्ञापालक की भूमिका में रहे। उनके स्थानीय कनेक्शन और नेटवर्क का इस्तेमाल BJP ने रणनीति को अंजाम देने में किया। ……………..ये खबर भी पढ़ें… गढ़ में 62% सीटें हार रहीं ममता, क्या मुसलमान छिटके पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार होगी। 2021 के मुकाबले बीजेपी के महज 7% वोट बढ़े, लेकिन सीटें 129 बढ़ गईं। ममता अपना गढ़ भी नहीं बचा पाईं। जिन 119 सीटों पर टीएमसी पिछले 15 साल से लगातार काबिज थी, उनमें से 74 सीटें यानी करीब 62% सीटें बीजेपी छीन ली हैं। ये सब कैसे हुआ, पढ़िए पूरी खबर…
बंगाल में बीजेपी ने हिंदुत्व का वो रूप दिखाया जो उत्तर भारत से बिल्कुल अलग था- माछ भात खाते हुए, मां काली का नाम लेते हुए। असम में मुस्लिम वोट इस तरह बंटे कि विपक्ष का गणित ही बिगड़ गया। केरलम में राहुल गांधी ने भगवान अयप्पा के नाम पर वो नैरेटिव सेट किया, जिसे लेफ्ट काट नहीं पाया। और तमिलनाडु में विजय ने साबित किया कि स्टारडम अगर सही रणनीति से मिले, तो वो असली राजनीतिक ताकत बन जाता है। हर राज्य का अपना फॉर्मूला था। हर जीत के पीछे एक अलग कहानी। इलेक्शन एक्सप्लेनर में जानिए वो 5 फैक्टर, जो इन नतीजों की असली वजह बने… बंगाल में बीजेपी ने माछ-भात और मां काली के दम पर साधे हिंदू वोटर असम में मुस्लिम वोट बंटे, तो कामयाब हुई बीजेपी केरलम में UDF ने एकजुट किए मुस्लिम-ईसाई वोटर बंगाल में बीजेपी के पक्ष में रहा SIR असम में परिसीमन के बाद 36% मुस्लिम बहुल सीटें घटीं बंगाल में ममता की 15 साल की एंटी-इनकमबेंसी असम में हिमंता की बेतहाशा पॉपुलैरिटी सुपरस्टार से नेता बने विजय ने बदली तमिल राजनीति केरलम में विजयन विवादों में घिरे, 10 साल की एंटी-इनकमबेंसी बंगाल में बीजेपी ने महिलाओं को ₹3000 देने का वादा किया तमिलनाडु में विजय ने साधे महिला और युवा वोटर जहां टीएमसी ने 3 चुनाव जीते, वैसी 74 सीटें बीजेपी ने जीतीं तमिलनाडु में DMK के गढ़ में विजय ने वोट झटके ----------- चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… मोदी सरकार देशभर की महिलाओं को दे सकती है सीधा कैश, गंगोत्री से गंगासागर तक बीजेपी; चुनावी नतीजों से क्या क्या बदलेगा हिंदुत्व की राजनीति का बड़ा प्रतीक है गंगा। बंगाल में प्रचंड जीत के बाद अब गंगोत्री से गंगासागर तक, गंगा किनारे के चारों बड़े राज्यों में बीजेपी की सरकार होगी। अपवाद सिर्फ 45 किमी का वो इलाका है, जहां गंगा झारखंड में बहती है। अब देश के 22 राज्यों में एनडीए की सरकार और 17 में बीजेपी के मुख्यमंत्री होंगे। इससे पहले 2018 में 21 राज्यों में एनडीए की सरकार थी। अब बीजेपी ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़िए…
पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। राज्य के चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। इस प्रचंड जीत के साथ ही बंगाल की सत्ता पर तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत […] The post पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा सरकार, तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत appeared first on Sabguru News .
पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भाजपा की जीत पर झालमुड़ी का स्वाद चख मनाया जश्न
जयपुर। पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भारतीय जनता पार्टी एवं उसके राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की ऐतिहासिक जीत पर सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्यों और संगठन के पदाधिकारियों ने झालमुड़ी का स्वाद चखकर जश्न मनाया। इस ऐतिहासिक जीत पर मुख्यमंत्री निवास पर यह जश्न मनाया गया। इस अवसर पर […] The post पश्चिम बंगाल, असम और पुड्डुचेरी में भाजपा की जीत पर झालमुड़ी का स्वाद चख मनाया जश्न appeared first on Sabguru News .
आज से बंगाल भयमुक्त हुआ और विकास के भरोसे से युक्त हुआ : मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के भारतीय जनता पार्टी की जीत को राज्य की जनता की दशकों की प्रतीक्षा की पूर्ति बताते हुए सोमवार को कहा कि आज से बंगाल भय से मुक्त हुआ, राज्य अब विकास की राह पर आ गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में अब आयुष्मान कार्ड […] The post आज से बंगाल भयमुक्त हुआ और विकास के भरोसे से युक्त हुआ : मोदी appeared first on Sabguru News .
भवानीपुर सीट पर 15,105 वोटों से हार गईं ममता बनर्जी
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव हार गयी हैं। उन्हें उनके निकटतम विरोधी उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी ने 15,105 मतों से पराजित किया। इस सीट पर बीस चक्र तक मतों की गणना हुई। जब गणना शुरूआती दौर में थी तो अधिकारी ने बढ़त बना […] The post भवानीपुर सीट पर 15,105 वोटों से हार गईं ममता बनर्जी appeared first on Sabguru News .
जालौन के कालपी में भीषण सड़क हादसा, 6 की मौत, 4 गंभीर घायल
जालौन। उत्तर प्रदेश में जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में सोमवार को तेज रफ्तार एसयूवी के अज्ञात वाहन से टकराने से उसमें सवार छह लोगों की मौत हो गई जबकि चार अन्य गंभीर रुप से घायल हो गए। सभी हताहत अयोध्या में खंडित मूर्ति विसर्जित कर अपने घर लौट रहे थे कि उनकी कार […] The post जालौन के कालपी में भीषण सड़क हादसा, 6 की मौत, 4 गंभीर घायल appeared first on Sabguru News .
श्रीगंगानगर में सड़क दुर्घटना में कांस्टेबल और उसकी पुत्री की मौत, दो अन्य घायल
श्रीगंगानगर। राजस्थान में श्रीगंगानगर के सदर थाना क्षेत्र में सूरतगढ़ रोड स्थित जिला अस्पताल पुलिस चौकी में तैनात कांस्टेबल संदीपकुमार (30) और उसकी पुत्री राधा (पांच) की जोधपुर जिले के फलोदी क्षेत्र में सोमवार सुबह एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी पूनम (29) सहित दो अन्य लोग घायल हो गए। प्राप्त […] The post श्रीगंगानगर में सड़क दुर्घटना में कांस्टेबल और उसकी पुत्री की मौत, दो अन्य घायल appeared first on Sabguru News .

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