सूखे के मुद्दे पर केंद्र से सिर्फ औपचारिक बातचीत कर रही कर्नाटक सरकार: कुमारस्वामी
Bengaluru, 6 नवंबर . केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Friday को कर्नाटक की कांग्रेस Government की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राज्य Government…
बेंगलुरु, 6 नवंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक टीम में रोहन पाटिल, लवनीत सिसोदिया और मनीष पांडे की वापसी हुई है। तीनों बल्लेबाज सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2026/27 के शुरुआती तीन मुकाबले खेलेंगे। शुक्रवार को यह जानकारी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने दी।
तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी बंगाल के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में खेलते नजर आएंगे। वहीं कर्नाटक की टीम ने पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल और रणजी ट्रॉफी में मौजूदा कप्तान श्रेयस गोपाल को बाहर रखा है।
'E20 पेट्रोल में 30 प्रतिशत एथनॉल', कर्नाटक सरकार का दावा; उपभोक्ताओं के लिए राहत कोष की मांग
कर्नाटक सरकार ने दावा किया है कि E20 पेट्रोल में 20% के बजाय 30% से अधिक एथनॉल मिलाया जा रहा है।
'E20 नहीं, E30 पेट्रोल बिक रहा है': कर्नाटक सरकार का दावा, उपभोक्ताओं के लिए राहत कोष की मांग
एथेनॉल मामले पर सरकार का कहना है कि इससे लाखों वाहनों को नुकसान पहुंच सकता है और उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है.
पेट्रोल में 20% नहीं, 31.2% इथेनॉल! कर्नाटक सरकार की जांच में बड़ा दावा, 7 जिलों में 63 सैंपल फेल
कर्नाटक सरकार की जांच में 7 जिलों से लिए गए पेट्रोल के 63 सैंपलों में इथेनॉल 20% से ज्यादा मिला है. IOCL में 31.2% तक इथेनॉल पाया गया. राज्य सरकार ने केंद्र से ओवर-ब्लेंडिंग पर कार्रवाई की मांग की है.
Karnataka में गन्ने के लिए ₹5,500 प्रति टन की मांग, केंद्र से दखल की अपील
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने केंद्र सरकार से गन्ने का एक निश्चित मूल्य तय करने की मांग की है। राज्य के कई जिलों में किसान अपनी उपज के लिए 5,500 रुपये प्रति टन की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। ये प्रदर्शन 6 नवंबर को किसान संगठनों द्वारा आयोजित राज्यव्यापी बंद के दौरान हुए। शिवकुमार ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाया है और उन्हें इस प्रस्ताव के बारे में पत्र भी लिखा है। उन्होंने आगे कहा कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने भी इस मामले को सुलझाने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र सरकार का मामला है - उन्हें ही गन्ने का दाम और कीमत तय करनी है। मैंने प्रधानमंत्री से अपने प्रस्ताव के बारे में बात की है और उन्हें पत्र भी लिखा है। जोशी जी ने भी कहा है कि वे कोशिश कर रहे हैं। इसे भी पढ़ें: BJP के लोकतंत्र बचाओ अभियान पर Raj Thackeray ने उठाए सवाल, सत्ता में रहकर प्रदर्शन को बताया अजीब इससे एक दिन पहले, शिवकुमार ने राज्य के बुनियादी ढांचे, सिंचाई और गन्ना किसानों से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की थी। यह घटनाक्रम कन्नड़ राज्योत्सव के मौके पर दोनों नेताओं के बीच हुए पत्रों के आदान-प्रदान के बाद सामने आया है। मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि किसानों के आंदोलन को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्नाटक सरकार समाधान निकालने के लिए फैक्ट्री मालिकों और मंत्रियों के साथ बातचीत कर रही है। उन्होंने कहा कि हमने गन्ना किसानों के विरोध प्रदर्शन को लेकर एक अनुरोध किया है। हमें किसानों के मामले को प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाना चाहिए। उन्होंने बताया कि हाल ही में फैक्ट्री मालिकों और राज्य के मंत्रियों के बीच बातचीत हुई है। उन्होंने आगे कहा कि आज फैक्ट्री मालिकों और हमारे मंत्रियों ने बैठकर चर्चा की। मैंने उनसे अनुरोध किया है। वे पेराई (क्रशिंग) के लिए सुरक्षा मांगने अदालत भी गए हैं। हम आज अदालत में इस मामले को लेकर भी पक्ष रख रहे हैं। शिवकुमार ने प्रदर्शन कर रहे किसानों से अपील की कि वे अपनी मांगें रखते समय शालीनता बनाए रखें और सरकार के प्रति टकराव वाला रवैया न अपनाएं। उन्होंने कहा, लेकिन अगर आप सरकार से भिड़ जाएं और कहें कि 'हम नहीं देंगे, हम विधानसभा से नहीं हटेंगे' - तो ऐसा नहीं होना चाहिए। थोड़ी शालीनता होनी चाहिए। किसी मीटिंग में जाकर 'अरे, इधर आओ' कहना - हमारे किसानों की तरफ से ऐसा असम्मानजनक व्यवहार नहीं होना चाहिए। मैं बस यही कह रहा हूं। इसे भी पढ़ें: INDIA गठबंधन रैली में न आने पर Youth Congress ने 7 राज्यों के 202 पदाधिकारी निलंबित किए, BJP ने कसा तंज 13 नवंबर को बेंगलुरु मेट्रो के उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री मोदी के कर्नाटक दौरे के बारे में शिवकुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने ही उन्हें आमंत्रित किया है। उन्होंने इस परियोजना का श्रेय लेने की कोशिश करने के लिए भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि अभी कई त्योहार हैं, इसलिए प्रधानमंत्री 13 तारीख को हमारी मेट्रो के लिए आ रहे हैं। हमने खुद ही उनसे आने का अनुरोध किया था। इसमें भाजपा का क्या लेना-देना है? वे बस पब्लिसिटी बटोरने की कोशिश कर रहे हैं। हमने उन्हें बुलाया है। यह हमारा पैसा है, जनता का पैसा है। हमने कर्ज लेकर इसे बनाया है। 13 तारीख को हम उनके सामने कुछ मुद्दे रखेंगे।
दक्षिण भारत के राजनीतिक गलियारों, औद्योगिक विकास और स्थानीय रोजगार के मोर्चे पर कर्नाटक से एक बेहद महत्वपूर्ण और चर्चा का विषय बनी खबर सामने आ रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) ने राज्य में निवेश करने वाली और काम कर रही तमाम निजी कंपनियों (Private Companies) से एक बड़ा और स्पष्ट आह्वान किया है। कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) से जुड़े एक उच्चस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेट जगत से यह पुरजोर अपील की है कि वे अपनी कंपनियों में नौकरी की भर्तियों के दौरान स्थानीय कन्नड़ युवाओं को सबसे पहले प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य में स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसरों को लेकर सुगबुगाहट तेज है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने कंपनियों को यह भी आश्वस्त किया है कि सरकार उन्हें हरसंभव प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेगी और किसी भी प्रकार की मोरल पुलिसिंग या अनावश्यक बाहरी दखलंदाजी से उनकी पूरी सुरक्षा करेगी। आइए विस्तार से जानते हैं कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस बयान के पीछे की मुख्य वजह क्या है और उन्होंने कॉरपोरेट जगत को क्या-क्या आश्वासन दिए हैं।निजी कंपनियों से मुख्यमंत्री की दो टूक: स्थानीय कन्नड़ उम्मीदवारों को दें पूरा महत्वराजधानी बेंगलुरु सहित पूरे कर्नाटक राज्य में देश-विदेश की तमाम दिग्गज आईटी, मैन्युफैक्चरिंग और खुदरा कंपनियां बड़े पैमाने पर कारोबार कर रही हैं। इन कंपनियों में देश के अलग-अलग हिस्सों से युवा रोजगार की तलाश में आते हैं। इसी संदर्भ में बोलते हुए मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कॉरपोरेट घरानों को राज्य की स्थानीय जनभावनाओं और यहां के युवाओं के भविष्य का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कंपनियों के प्रबंधकों और उद्योगपतियों से मुखातिब होते हुए कहा कि वे अपनी कंपनियों में कुशल युवाओं की भर्ती के समय स्थानीय कन्नड़ उम्मीदवारों को प्राथमिकता दें। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि यदि कंपनियों द्वारा स्थानीय स्तर पर युवाओं की अनदेखी की जाती है, तो इससे समाज में कई तरह की समस्याएं और नाराजगी सामने आने लगती हैं। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि सरकार हर निवेशक और कंपनी के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन कॉरपोरेट जगत की भी यह नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि वे स्थानीय लोगों को उनके ही गृह राज्य में रोजगार के पर्याप्त अवसर मुहैया कराएं।कंपनियों को सुरक्षा और पूर्ण सहयोग का भरोसा, मोरल पुलिसिंग से बचाने का किया वादास्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की बात कहने के साथ-साथ मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने उद्योग जगत को यह भी भरोसा दिलाया कि कर्नाटक में व्यापार करना पूरी तरह सुरक्षित और सुगम है। कई बार स्थानीय संगठनों या कार्यकर्ताओं द्वारा निजी कंपनियों पर दबाव बनाए जाने की घटनाओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार निवेशकों के साथ मजबूती से खड़ी है।मुख्यमंत्री ने कॉरपोरेट जगत को आश्वस्त करते हुए कहा कि यदि किसी कंपनी को कुशल युवाओं की भर्ती में या किसी अन्य प्रशासनिक कार्य में सहायता की आवश्यकता है, तो वे सीधे राज्य सरकार से संपर्क कर सकते हैं। सरकार उन्हें हरसंभव सुविधा और सिंगल-विंडो सिस्टम जैसी सहूलियतें मुहैया कराएगी। इसके अलावा, उन्होंने कंपनियों को यह भी गारंटी दी कि राज्य में किसी भी तरह की 'मोरल पुलिसिंग' (Moral Policing) या गैर-कानूनी दखलंदाजी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार हर हाल में निवेशकों और कंपनियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बशर्ते कंपनियां भी स्थानीय युवाओं के हितों का पूरा ख्याला रखें।कन्नड़ संगठनों के राज्यव्यापी अभियान और स्थानीय रोजगार की मांग के बीच आया बयानराजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का यह बयान बहुत ही रणनीतिक समय पर आया है। हाल ही में प्रसिद्ध कन्नड़ कार्यकर्ता टीए नारायण गौड़ा (TA Narayana Gowda) के नेतृत्व में 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' (Karnataka Rakshana Vedike) नामक संगठन की ओर से एक बड़ा राज्यव्यापी अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य निजी कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में कन्नड़ भाषियों को मिलने वाले रोजगार के अवसरों का आकलन करना और यह सुनिश्चित करना है कि स्थानीय लोगों को उनका उचित हक मिले।इस तरह के अभियानों और स्थानीय स्तर पर उठ रही मांगों के बाद सरकार की यह पहल संतुलन बनाने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखी जा रही है। एक तरफ जहां सरकार स्थानीय युवाओं के रोजगार के अधिकार का समर्थन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ वह निवेशकों के मन में किसी भी प्रकार की असुरक्षा की भावना को दूर करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रही है।आइकिया (IKEA) स्टोर के उद्घाटन पर भी स्थानीय कारोबारियों को बढ़ावा देने की उठाई मांगअपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध स्वीडिश फर्नीचर खुदरा विक्रेता 'आइकिया' (IKEA) के नए स्टोर का भी आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने मंच से एक और महत्वपूर्ण बात रखते हुए कहा कि कर्नाटक के स्थानीय छोटे उद्यमी और कारीगर उच्च गुणवत्ता वाले फर्नीचर और उत्पाद बनाने में पूरी तरह सक्षम हैं।उन्होंने आइकिया के प्रबंधन से अनुरोध किया कि वे अपने आपूर्ति और निर्माण श्रृंखला (Supply Chain) में स्थानीय कारोबारियों का अधिक से अधिक उपयोग करें और उन्हें प्रोत्साहित करें। मुख्यमंत्री ने दोहोरया कि कर्नाटक सरकार चाहती है कि राज्य में आने वाली हर बहुराष्ट्रीय कंपनी यहाँ के स्थानीय हुनर, स्थानीय संसाधनों और विशेष तौर पर कन्नड़ लोगों को ज्यादा से ज्यादा रोजगार और प्राथमिकता दे, जिससे राज्य का समग्र और समावेशी आर्थिक विकास सुनिश्चित हो सके।
Vijayapura Crime: कर्नाटक में अस्पताल के बाहर यासीन जुबेर की गोली मारकर हत्या
विजयपुरा (कर्नाटक), पांच नवंबर कर्नाटक के विजयपुरा जिले में बृहस्पतिवार शाम एक अस्पताल के बाहर अज्ञात हमलावरों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान विजयपुरा तालुक के टक्के गांव के निवासी यासीन जुबेर के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना मुंडेवाड़ी अस्पताल के पास हुई। यासीन अपनी पत्नी की चिकित्सकीय जांच कराने के बाद वहां से लौट रहा था। विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबार्गी ने संवाददाताओं को बताया कि शाम करीब पांच बजकर 15 मिनट पर जब यासीन अस्पताल से निकल रहा था, तभी उस पर गोलीबारी की गई। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अज्ञात लोग वहां पहुंचे और उस पर गोलियां चलाईं। आरोपियों का पता लगाने के लिए हमने चार टीम गठित की हैं। संदिग्धों के बारे में हमें शुरुआती जानकारी मिली है। हम जल्द से जल्द उनकी पहचान करके उन्हें गिरफ्तार करेंगे। पुलिस ने बताया कि शव को सरकारी अस्पताल ले जाया गया है, जहां जांच के जरिए चोटों की सही स्थिति और चलाई गई गोलियों की संख्या का पता लगाया जाएगा। निंबार्गी ने कहा, संभवतः करीब तीन गोलियां चलाई गईं। पुलिस ने बताया कि हत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
न्यूज अपडेट्स: कर्नाटक में महिला पर मगरमच्छ केहमले से बचाई गई महिला; तमिलनाडु में सीएम, जगन के पोस्टर हटाए गए
'नौकरी में कन्नड़ युवाओं को प्राथमिकता दें', कर्नाटक सीएम शिवकुमार ने कंपनियों से की अपील
'कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी' से जुड़े एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशल युवाओं को भर्ती करने की इच्छुक कंपनियां सरकार से संपर्क कर सकती हैं। सरकार उन्हें सुविधा मुहैया कराएगी।
दीपावली पर कर्नाटक सरकार की दोहरी सौगात, कर्मचारियों का डीए 18 प्रतिशत और किसानों को सूखा राहत
Bengaluru, 5 नवंबर . कर्नाटक Government ने राज्य Government के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) 15.75 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. यह…
दीपावली से पहले कर्नाटक सरकार ने किसानों को दी सूखा राहत की पहली किस्त, दूसरी किस्त भी जल्द होगी जारी
अमेरिका में अब्दुल अल-सैयद के पहले मुस्लिम सीनेटर चुने जाने का जश्न भारत के कर्नाटक के भटकल में भी मनाया जा रहा है, जहां उनकी पत्नी सारा का परिवार रहता है।
'गृह लक्ष्मी योजना' के बकाया पर तेजस्वी सूर्या का कर्नाटक सरकार पर हमला, 'सर्वर नहीं, सरकार की जेब खाली'
अमेरिकी सीनेट के पहले मुस्लिम सदस्य बने अब्दुल अल-सैयद की पत्नी डॉ. सारा जुकाकू का कर्नाटक के भटकल से गहरा पारिवारिक जुड़ाव है।
गारंटी योजनाओं की लागत से 10 गुना ज्यादा वसूल रही है कर्नाटक सरकार: प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया है कि मुफ्त गारंटी देने का दावा करते हुए बार-बार मूल्य वृद्धि करके सरकार कभी...
दिवाली से पहले कर्नाटक ने आरटीसी बसों का किराया बढ़ाया, बढ़ी हुई दरें आधी रात से लागू
Bengaluru, 4 नवंबर . कर्नाटक के परिवहन मंत्री बायराथी सुरेश ने Wednesday को राज्य द्वारा संचालित सभी चार सड़क परिवहन निगमों (बीएमटीसी, केएसआरटीसी, एनडब्ल्यूकेआरटीसी और केकेआरटीसी) के टिकट…
मिस्र से रिश्ता, कर्नाटक का दामाद, ट्रंप की नींद उड़ाने वाले अमेरिका के अब्दुल की कहानी!
अमेरिका ने अपना पहला मुस्लिम सीनेटर चुना है। डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद ने 3 नवंबर के मध्यावधि चुनावों में मिशिगन सीनेट सीट जीतकर इतिहास रच दिया है। इन चुनावों में पूरे देश में 'ब्लू वेव' (डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर) देखने को मिली। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका कर्नाटक से भी संबंध है। उनकी पत्नी, डॉ. सारा जुकाकू, पूर्व मैसूर राज्य सरकार के एक पूर्व मंत्री की पोती हैं। सारा का परिवार कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल से ताल्लुक रखता है, जो मंगलुरु से लगभग 140 किमी उत्तर में स्थित एक तटीय शहर है। उनके दादा, जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू, एक जाने-माने वकील, शिक्षाविद और राजनेता थे। उन्होंने 1950 के दशक में तत्कालीन मैसूर राज्य सरकार में उप-वित्त मंत्री के रूप में काम किया था। संदर्भ के लिए, मैसूर राज्य का गठन तब हुआ था जब 1950 में मैसूर साम्राज्य को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया था। 1 नवंबर 1956 को 'राज्य पुनर्गठन अधिनियम' (States Reorganisation Act) के तहत इसका विस्तार किया गया और नवंबर 1973 में आधिकारिक तौर पर इसका नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया। इसे भी पढ़ें: US ने फिर हमले किए तो Middle East में और व्यापक होगा युद्ध, Iran की कड़ी चेतावनी जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू कौन थे? जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू भटकल के एक जाने-माने वकील और सार्वजनिक हस्ती थे, जो नवायात मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे। यह एक प्राचीन मुस्लिम व्यापारी समुदाय है, जो मुख्य रूप से अरब प्रायद्वीप, ईरान और इराक से आया था और पिछले 600 वर्षों के दौरान दक्षिण भारत के तटीय शहरों में बस गया। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, शम्सुद्दीन अपने समुदाय के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत की डिग्री हासिल की और बाद में मंत्री चुने गए। वे 1946 में बॉम्बे लेजिस्लेटिव असेंबली (विधान सभा) के लिए चुने गए थे। बाद में, उन्होंने मैसूर लेजिस्लेटिव असेंबली में होन्नावर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और 1957 तथा 1962 के चुनाव जीते। 1958 में, वे मुख्यमंत्री बी.डी. जत्ती के नेतृत्व वाली सरकार में वित्त उप-मंत्री बने। इसके बाद, उन्होंने मुख्यमंत्री एस. निजलिंगप्पा के कार्यकाल में बिजली उप-मंत्री के रूप में भी काम किया। 10 अक्टूबर को अमेरिकन बाज़ार में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, शम्सुद्दीन के गृहनगर भटकल के लोगों का मानना है कि भटकल और उसके आस-पास के इलाकों में बिजली और अन्य ज़रूरी बुनियादी सुविधाएं पहुँचाने में उनका बड़ा योगदान था। वे 'अंजुमन हामी-ए-मुस्लिमीन' नामक एक चैरिटेबल ट्रस्ट से भी गहराई से जुड़े हुए थे, जो इस शहर में शिक्षण संस्थान चलाता है। भटकल के रहने वाले इंजीनियर मोहम्मद तनवीर कसरकोड़, जो इस परिवार के इतिहास के बारे में जानते हैं, ने 'अमेरिकन बाज़ार' को बताया कि शम्सुद्दीन उस दौर में वकील बने थे, जब शिक्षा तक पहुँच बहुत सीमित थी। कई दशकों तक, भटकल का एक प्रमुख चौराहा 'शम्सुद्दीन सर्कल' के नाम से जाना जाता था, जो उन्हीं के नाम पर रखा गया था। हालाँकि, सड़क विकास कार्य के दौरान इस चौराहे पर बनी संरचना को बाद में हटा दिया गया, लेकिन इसका नाम आज भी पूर्व मंत्री के साथ जुड़ा हुआ है। 52 वर्ष की आयु में शम्सुद्दीन का निधन हो गया। उनके परिवार में छह बेटियाँ और चार बेटे थे। बाद में उनका परिवार भारत के अलग-अलग हिस्सों में चला गया, जिनमें से कई सदस्य बेंगलुरु में बस गए। इसे भी पढ़ें: Cabinet ने सांख्यिकी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए VISTAR योजना को दी मंजूरी भटकल से अमेरिका तक शम्सुद्दीन के बेटों में से एक, डॉ. जुकाकू एस. तैयब, उन लोगों में शामिल थे जो बेहतर मौकों की तलाश में भटकल से बाहर चले गए थे। नेफ्रोलॉजिस्ट (गुर्दा रोग विशेषज्ञ) तैयब ने 1976 में बैंगलोर मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, 1980 के दशक में अमेरिका जाने से पहले उन्होंने सऊदी अरब में काम किया था। उन्होंने 1984 से 1987 के बीच मिशिगन के बॉन सेकर्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन में अपनी रेजीडेंसी पूरी की, और उसके बाद 1987 से 1989 तक हेनरी फोर्ड अस्पताल में नेफरोलॉजी फेलोशिप की। इसके बाद उन्होंने डेट्रॉइट इलाके में अपनी मेडिकल प्रैक्टिस शुरू की। सारा का जन्म और पालन-पोषण मिशिगन में एक भारतीय प्रवासी परिवार में हुआ था। भले ही वह अमेरिका में पली-बढ़ीं, लेकिन उनके पिता ने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि उनके बच्चे अपनी जड़ों से जुड़े रहें; इसके लिए वे उन्हें बेंगलुरु और भटकल लेकर जाते थे। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, परिवार का कूर्ग से भी जुड़ाव रहा, जबकि उनके परिवार के कई अन्य सदस्य बाद में बेंगलुरु में बस गए। इसे भी पढ़ें: Kanika Kapoor का बड़ा फैसला, पति Gautam Hathiramani से शादी के चार साल बाद हुईं अलग सारा जुकाकू और अब्दुल अल-सैयद की मुलाकात कैसे हुई? सारा ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में पढ़ाई की, जहाँ उनकी मुलाकात अल-सैयद से हुई। दोनों यूनिवर्सिटी के 'मुस्लिम स्टूडेंट्स एसोसिएशन' से जुड़े हुए थे और मई 2006 में उन्होंने शादी कर ली। 'द अमेरिकन बाज़ार' के अनुसार, जब सारा और अल-सैयद की शादी हुई, तब सारा 19 साल की थीं और अल-सैयद 21 साल के थे। सारा ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से अपनी आगे की पढ़ाई की और 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी के 'वैगेलोस कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन्स' से मेडिकल की डिग्री हासिल की। इस प्रकाशन के अनुसार, बाद में उन्होंने मनोरोग विज्ञान (साइकियाट्री) के क्षेत्र में अपना करियर बनाया और 'यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन हेल्थ' में मनोरोग विभाग में एक नेतृत्वकारी पद पर भी रहीं। अल-सैयद ने अपनी पत्नी की भारतीय विरासत से अपने जुड़ाव के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है।
New Delhi, 4 नवंबर . दीपावली का त्योहार आते ही घरों से लेकर मंदिरों तक मां लक्ष्मी की पूजा की तैयारियां शुरू हो जाती हैं. इस दिन लोग…
सिद्धारमैया स्टिंग प्रकरण का असर 2028 के चुनावों में भी कांग्रेस पर पड़ेगा : कर्नाटक भाजपा
Bengaluru, 4 नवंबर . वरिष्ठ भाजपा नेता और विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Wednesday को दावा किया कि पूर्व Chief Minister सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन…
Ranji Trophy: KV Aneesh के शतक से कर्नाटक मजबूत, असम के खिलाफ 361 रन की बढ़त
गुवाहाटी, तीन नवंबर केवी अनीश के नाबाद 142 रन की शानदार पारी की बदौलत कर्नाटक ने मंगलवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप बी मुकाबले के दूसरे दिन अपनी पहली पारी में पांच विकेट पर 496 रन बना लिए और असम पर 361 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। अनीश ने 248 गेंदों पर 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से कर्नाटक की पारी को मजबूती दी। अब मेहमान टीम की नजरें असम को पारी से हराने पर होंगी। कर्नाटक की ओर से मयंक अग्रवाल (72), अनीश्वर गौतम (83) और मनवंत कुमार (नाबाद 53) ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं। असम की टीम पहले दिन अपनी पहली पारी में महज 135 रन पर सिमट गई थी। इसके जवाब में कर्नाटक ने दूसरे दिन दो विकेट पर 180 रन से आगे खेलना शुरू किया। एक अन्य मुकाबले में मेजबान त्रिपुरा ने पूर्व चैंपियन सौराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में 150 रन की बढ़त हासिल करने के बाद दूसरी पारी में चार विकेट पर 54 रन बना लिए। त्रिपुरा के पहली पारी में 268 रन के जवाब में सौराष्ट्र की टीम महज 118 रन पर आउट हो गई। त्रिपुरा की ओर से परवेज सुल्तान ने 25 रन देकर पांच विकेट झटके, जबकि संदीप सरकार ने 48 रन देकर चार विकेट हासिल किए। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत त्रिपुरा ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक कुल 204 रन की बढ़त बना ली थी। आंध्र ने एक अन्य मुकाबले में पंजाब के नौ विकेट पर 529 रन के स्कोर पर पारी घोषित करने के बाद पहली पारी में बिना किसी नुकसान के 20 रन बना लिए थे। पंजाब के विशेषज्ञ बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सलिल अरोड़ा ने 144, सनवीर सिंह ने 205 और इमनजोत सिंह चहल ने 122 रन की शानदार पारियां खेलीं। एक अन्य मुकाबले में छत्तीसगढ़ के पहली पारी में 284 रन के जवाब में हैदराबाद ने पहली पारी में नौ विकेट पर 275 रन बना लिए।
सहरसा के 26 वर्षीय मजदूर संतोष ठाकुर की 20 अक्टूबर को कर्नाटक में हत्या कर दी गई। शनिवार को कर्नाटक पुलिस एंबुलेंस से उनका शव सहरसा लेकर पहुंची। परिजनों ने पत्नी के दूसरे व्यक्ति से संबंध को हत्या की वजह बताया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। संतोष सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के बेटे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे संतोष संतोष करीब डेढ़ साल से कर्नाटक के कोप्पल थाना क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे थे। उनके बड़े भाई गौतम कुमार ने बताया कि संतोष 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार से उनकी आखिरी बार 19 अक्टूबर को बात हुई थी। गौतम के मुताबिक, 20 अक्टूबर से संतोष का फोन नहीं लग रहा था। उन्होंने फोन की लोकेशन पता की, जो कर्नाटक के कोप्पल में दिख रही थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संपर्क किया। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। सुपरवाइजर से पूछताछ में सामने आई हत्या की बात गौतम ने बताया कि कंपनी के सुपरवाइजर ने संतोष के दोस्तों राजकिशोर और मनीष से पूछताछ की। इस दौरान राजकिशोर ने कथित तौर पर बताया कि फैक्ट्री में काम करने के दौरान मनीष का संतोष की पत्नी से संबंध हो गया था। इसकी जानकारी संतोष को मिलने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को लगता था कि संतोष उनके संबंधों में रुकावट बन रहे हैं। इसी वजह से वह संतोष से नाराज था और उसने उनकी हत्या की योजना बनाई। राजकिशोर ने बताया कि मनीष ने इस काम में उससे भी सहयोग मांगा था। गमछे से गला घोंटा, पत्थर से सिर पर किए वार राजकिशोर ने सुपरवाइजर को कथित तौर पर बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह और मनीष संतोष को फैक्ट्री के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए। वहां मनीष ने संतोष के गले में गमछा डालकर उनका गला घोंट दिया, जबकि राजकिशोर ने उनके दोनों हाथ पीछे से पकड़ रखे थे। इसके बाद मनीष ने वहां पड़े पत्थर से संतोष के सिर पर कई वार किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राजकिशोर के अनुसार, हत्या के बाद दोनों शव को पास के एक गड्ढे में डालकर वहां से भाग गए। उसने यह भी बताया कि मनीष ने घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर से उसने अब तक किसी को कुछ नहीं बताया था। एक आरोपी पुलिस के हवाले, दूसरा फरार कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास ने घटना की जानकारी कोप्पल पुलिस को दी। इसके बाद राजकिशोर को कंपनी के सुपरवाइजर ने पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि मनीष फरार हो गया। संतोष की मौत की खबर मिलने के बाद उनके बड़े भाई गौतम समेत परिवार के अन्य सदस्य 27 अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचे। शव की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को वे संतोष का शव लेकर सहरसा पहुंचे। इसके बाद उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की संतोष के भाई रंजीत ठाकुर ने बताया कि हत्या में सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के रहने वाले राजकिशोर यादव और मनीष यादव शामिल हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय पासवान ने बताया कि घटना दूसरे राज्य की है। आरोपी सहरसा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

