Karnataka की Uma Kashvi बनीं WPL की सबसे युवा खिलाड़ी Delhi Capitals ने 10 लाख में जोड़ा
भारतीय महिला क्रिकेट को एक नई युवा प्रतिभा मिली है। कर्नाटक की 15 साल की उमा काश्वी ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 की नीलामी में इतिहास रच दिया है। 28 अक्टूबर को कोच्चि में हुई नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 10 लाख रुपये में खरीदा। इसके साथ ही काश्वी इस लीग की नीलामी में बिकने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी उम्र उस समय 15 साल और 202 दिन थी। उन्होंने दीया यादव का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्हें पिछले साल 16 साल की उम्र में खरीदा गया था। पुरुष क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। अब महिला क्रिकेट में काश्वी भी अपनी पहचान बनाने की राह पर हैं। वह दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं और मध्यक्रम में बल्लेबाजी भी कर सकती हैं। कर्नाटक की आयु वर्ग टीमों से आगे बढ़ते हुए वह 2026 में श्रीलंका के खिलाफ भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। काश्वी कर्नाटक की अंडर-15 टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। उन्होंने राज्य की महिला टी20 प्रतियोगिता महारानी ट्रॉफी में बेंगलुरु ब्लास्टर्स की अगुआई भी की। 2025 में मैसूर वॉरियर्स के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 48 रन बनाए थे। इसके अलावा, वह कर्नाटक की अंडर-19 टी20 टीम और महिला अंडर-19 एकदिवसीय ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीम का हिस्सा रही हैं। 2025-26 सत्र की महिला अंडर-15 एकदिवसीय ट्रॉफी में काश्वी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 172 के औसत से 516 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 1 अर्धशतक शामिल थे। 10 जनवरी 2026 को मणिपुर के खिलाफ उन्होंने केवल 66 गेंदों पर नाबाद 158 रन बनाए थे। इस पारी में 23 चौके और 7 छक्के शामिल थे। कर्नाटक ने 35 ओवर में 321 रन बनाए और मुकाबला 275 रन से जीता। गेंदबाजी में भी काश्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 22 अक्टूबर 2026 को विदर्भ के खिलाफ अंडर-19 टी20 ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट लिए। साथ ही 13 गेंदों पर 11 रन बनाए। कर्नाटक ने 140 रन का बचाव करते हुए 6 रन से जीत दर्ज की और काश्वी को मुकाबले की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच जोनाथन बैटी ने कहा कि टीम काफी समय से काश्वी पर नजर रख रही थी। उन्होंने बताया कि टीम उन्हें भविष्य की बड़ी खिलाड़ी मानती है, लेकिन 15 साल की उम्र में उनसे तुरंत बड़े नतीजों की उम्मीद नहीं की जा रही है। टीम का लक्ष्य उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों और कोचों के साथ सीखने का मौका देना है। नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने काश्वी के अलावा किरण नवगिरे, नजमा खान और स्कॉटलैंड की स्पिन गेंदबाज कर्स्टी गॉर्डन को भी खरीदा। नवगिरे के लिए टीम ने 75 लाख रुपये खर्च किए, जबकि काश्वी, नजमा और गॉर्डन को 10-10 लाख रुपये में खरीदा गया। टीम ने नीलामी में कुल 1.05 करोड़ रुपये खर्च किए और 13 पहले से चुनी गई खिलाड़ियों के साथ उसका कुल खर्च 14.95 करोड़ रुपये हो गया है। काश्वी को अब अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने का मौका मिलेगा, जो उनके आगे के क्रिकेट सफर के लिए अहम साबित हो सकता है।
रणजी ट्रॉफी: मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने अपने-अपने मुकाबले जीते, मध्य प्रदेश ने बिहार को रौंदा
मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने गुरुवार को राणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र ने बड़ी जीत हासिल की।
दरभंगा से RJD के अनिल झा जीते, कर्नाटक में दूध 8 रुपये महंगा; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
बिहार में दरभंगा स्नातक सीट पर RJD के अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार सिंह को 450 वोट के छोटे अंतर से हरा दिया। कर्नाटक सरकार ने किसानों की मदद के नाम पर दूध की कीमत 1 नवंबर से 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है।
8 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ दूध, 1 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; कर्नाटक कैबिनेट ने दी मंजूरी
कर्नाटक कैबिनेट ने दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो 1 नवंबर से लागू होगी। इस फैसले से किसानों को 7 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
Varanasi और Nagpur MLC चुनाव में BJP की हार, Congress सांसद Mallu Ravi ने गिनाई जीत
1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की मेगा रैली से पहले, कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस के एक अन्य सांसद, मल्लू रवि ने हाल ही में हुए MLC चुनावों के नतीजों का जिक्र किया, जिसमें वाराणसी में समाजवादी पार्टी और नागपुर में कांग्रेस की जीत हुई है। INDIA गठबंधन की रैली के बारे में बात करते हुए, शैलजा ने कहा कि लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार की लड़ाई को जनता के बीच ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन देश को 'महाभियोग' (impeachment) के महत्व के बारे में बताना चाहता है। शैलजा ने कहा कि यह लड़ाई जनता की अदालत में है। लोकतंत्र जनता का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar वोट देने का अधिकार जनता का है, यह हर नागरिक का अधिकार है। हमने पहले भी कहा था कि यह प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। ज्ञानेश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए - यही हमारी मांग थी। चुनाव आयोग में जो मामले सामने आए हैं, उन्हें देखते हुए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, इसलिए हम देश के सामने यह बात रखना चाहते हैं कि महाभियोग कितना महत्वपूर्ण है और यह क्यों किया जाना चाहिए। इस बीच, कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने दो दिनों में घोषित 28 MLC सीटों के नतीजों का जिक्र करते हुए दावा किया कि INDIA गठबंधन ने 10 सीटें जीती हैं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुने गए हैं। रवि ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है, इसलिए उनकी जीत को पूरे गठबंधन की जीत माना जाना चाहिए। उन्होंने नागपुर में कांग्रेस की जीत का भी जिक्र किया। इसे काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी गहरा जुड़ाव है। रवि ने कहा, समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka MLC Election में जीत के बाद बोली BJP, बैलेट पेपर पर भी हारा विपक्ष समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है। इसलिए, जब हमारे गठबंधन के साथी जीतते हैं, तो यह हमारी भी जीत होती है। नागपुर RSS का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी प्रभाव है। इन बड़े BJP नेताओं की मौजूदगी के बावजूद, कांग्रेस ने नागपुर में एक MLC सीट जीती है।
8 रुपये महंगा होगा दूध, कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कीमतें बढ़ाने का लिया फैसला
कर्नाटक सरकार के इस फैसले से जहां पशुपालकों और डेयरी किसानों को काफी राहत मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर आम जनता पर महंगाई की बड़ी मार पड़ने वाली है।
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को मिली पारी से जीत
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को अपने प्रतिद्वंदियों पर पारी से जीत मिली है वहीं बंगाल को केरल पर 287 रनों की बड़ी जीत मिली है।
एक लाख मेजबान को, ₹50 हजार मेहमान को; शादी की दावत पर कर्नाटक के गांवों का सख्त फरमान
कर्नाटक के कई गांवों ने शादी के बाद होने वाली बड़ी नॉन-वेज दावत बीगर ऊटा पर बैन लगा दिया है। शिकारीपुरा तालुक के गुडवी गांव में गांववालों ने फैसला किया है कि दावत कराने वाले परिवार पर 1 लाख रुपये और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर 50000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
Karnataka Voter List विवाद: Congress Minister बोले- SIR पूरी तरह सही, 1 करोड़ नाम कटना जायज
कर्नाटक में कांग्रेस मंत्री सतीश जारकीहोली द्वारा मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का सार्वजनिक रूप से बचाव करने के बाद एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में यह प्रक्रिया सही ढंग से पूरी की गई है। उनका यह बयान, अन्य राज्यों में SIR को लेकर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा की गई आलोचना से अलग नजर आता है। 27 अक्टूबर को जारी कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदाताओं की संख्या में 99.32 लाख की कमी आई है—यानी यह 5.54 करोड़ से घटकर लगभग 4.55 करोड़ रह गई है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court का निर्देश, दिल्ली वोटर लिस्ट से हटाए गए 43 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक करे आयोग जारकीहोली ने इस संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि सूची में डुप्लिकेट नाम थे, और कुछ मतदाता ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जो कहीं और चले गए थे। SIR के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जारकीहोली ने कहा कि पार्टी की आपत्तियां पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार में की गई कवायद को लेकर थीं। उन्होंने कहा कि हमारे विरोध और प्रशिक्षण की वजह से कर्नाटक में SIR का काम ठीक से हुआ। हमारा तर्क यह है कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह से यह कवायद की जानी चाहिए थी। मंत्री ने मतदाता सूची से लगभग एक करोड़ नाम हटाए जाने का बचाव करते हुए कहा कि ये उन मतदाताओं के नाम थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, जो कहीं और चले गए थे, या जिनका नाम एक से अधिक बार दर्ज था। उन्होंने कहा कि हां, ये वे मतदाता हैं जो कहीं और चले गए, जिनकी मृत्यु हो गई या जिनके नाम दो बार दर्ज थे। जारकीहोली की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने राज्य में SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची की आलोचना की है। इसे भी पढ़ें: Himachal Pradesh के नाहन में दो गुटों में हिंसक झड़प के बाद 29 अक्टूबर तक धारा 144 लागू हरिप्रसाद ने कहा कि लगभग एक करोड़ मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है। हमारा विरोध इसी बात को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को मृत और दो बार दर्ज मतदाताओं के नाम हटाए जाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने मतदाताओं को अनुपस्थित (absent) की श्रेणी में रखे जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हमारा सवाल उन मतदाताओं के बारे में है जिन्हें ‘अनुपस्थित’ (absent) के रूप में चिह्नित किया गया है। ये मतदाता कहाँ गए? इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिला है। चुनाव आयोग के अनुसार, कर्नाटक में SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) के दौरान 19 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘अनुपस्थित’ माना गया, जबकि 65.45 लाख मतदाताओं को ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (permanently shifted) की श्रेणी में रखा गया।
SIR को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. राहुल गांधी जहां वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वहीं कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 1 करोड़ वोट हटाए जाने को सही ठहराया है। बीके हरिप्रसाद ने उनके बयान को पार्टी लाइन के खिलाफ बताया है.
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
एमएलसी चुनाव में कर्नाटक जैसे राज्य में कांग्रेस का खाता न खुलना, बैलेट पेपर से वोटिंग के बावजूद विपक्ष का नुकसान और जनसुराज पार्टी की तीन महीने के अंदर दूसरी जीत के क्या मायने हैं? जानिए यूपी, बिहार और कर्नाटक के नतीजों का पूरा राजनीतिक विश्लेषण।
कर्नाटक: कर्नाटक के बीदर (Bidar) जिले के एक साइंस टीचर ने सभी के लिए बहुत बड़ी मिसाल पेश कर दी है शिक्षक किताबों के अलावा अपने काम से भी बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकता है। ऐसा ही कुछ कर्नाटक में देखने को मिला है। टीचर ने अपने 8 छात्रों को हवाई जहाज से घुमाया। इसके लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 50 हजार रुपये खर्च किए।खबर के मुताबिक, कर्नाटक हाई स्कूल (Karnataka High School) में पढ़ाने वाले रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने ये कदम छात्रों की मेहनत का सम्मान करने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया।अच्छे नंबर लाने पर मिला हवाई सफर का इनामइन छात्रों ने सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) परीक्षा में बहुत अच्छे नंबर हासिल किए थे। इसी खुशी में टीचर ने उन्हें इनाम देने का सोचा। अक्सर स्कूलों में अच्छे नंबर लाने पर मेडल या सर्टिफिकेट दिया जाता है, लेकिन रफीक (Rafiq) ने कुछ अलग करने का सोचा और बच्चों को हवाई यात्रा कराने का फैसला किया।दो छात्र रह गए, 8 ने की हवाई यात्राशुरुआत में रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने 10 बच्चों को हवाई सफर कराने की योजना बनाई थी। लेकिन किसी वजह से 2 छात्र नहीं जा पाए। इसके बाद 4 लड़के और 4 लड़कियों समेत कुल 8 छात्र 27 अक्टूबर को अपने टीचर के साथ बीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) के लिए रवाना हुए। ये सभी छात्र कर्नाटक नेशनल एजुकेशन सोसाइटी (Karnataka National Education Society) के स्कूल में पढ़ते हैं।अपनी कमाई से बच्चों को दी खुशियांखास बात ये है कि रफीक (Rafiq) ने इस यात्रा के लिए किसी से मदद नहीं ली। उन्होंने अपनी बचत से पूरे सफर का खर्च उठाया। उनका कहना है कि ये सिर्फ घूमना नहीं था, बल्कि बच्चों की मेहनत की कदर करना और उन्हें आगे और अच्छा करने के लिए हौसला देना था।पहली बार हवाई जहाज में बैठे बच्चेबीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) तक हवाई जहाज से करीब सवा घंटे का सफर है। इस रूट पर स्टार एयर (Star Air) की सीधी फ्लाइट चलती है। इन सभी 8 छात्रों के लिए ये पहली हवाई यात्रा थी, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। इस पहल ने दिखाया कि बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए महंगे तोहफों से ज्यादा एक नया अनुभव ज्यादा काम करता है।यह हमें सिखाती है कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि हमें सपने देखना भी सिखाते हैं। रफीक (Rafiq) ने आज उन तमाम बच्चों के जीवन में खुशियां भर दी हैं, जो सपने देखते हैं। उनकी यह छोटी सी पहल उन बच्चों के लिए जीवन भर की याद बन गई है। ऐसे शिक्षक ही बच्चों के भविष्य को सही दिशा दिखाते हैं।
4 राज्यों में Congress शून्य पर ढेर, Karnataka की सभी 4 सीटें जीतकर मजबूत हुआ BJP-JD(S) गठबंधन
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। पार्टी को सबसे बड़ा झटका कर्नाटक में लगा, जहां वह सत्ता में है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की। इनमें वह सीट भी शामिल है, जिस पर कांग्रेस के मौजूदा MLC का कब्जा था। इस नतीजे ने डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार की संगठनात्मक ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सरकार अपनी सत्ता का इस्तेमाल करके स्नातकों और शिक्षकों के बीच समर्थन जुटाने में सक्षम है या नहीं। 28 अक्टूबर को मतगणना के दौरान घोषित या सामने आ रहे नतीजे, चार राज्यों में जनता की राय को पूरी तरह से नहीं दर्शाते हैं। इन चुनावों में केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक ही वोट डालते हैं, और अक्सर स्थानीय राजनीतिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभाते हैं। फिर भी, 28 निर्वाचन क्षेत्रों में एक भी सीट न जीत पाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी बात है, जिसे वह आसानी से नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। खासकर तब, जब उसे सबसे करारी हार उस राज्य में मिली है जहाँ वह खुद सत्ता में है—और वह भी ऐसे समय में जब यह पुरानी पार्टी, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ ज़ोर-शोर से प्रचार कर रही थी। इसे भी पढ़ें: बताइए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? MLC चुनाव पर पीएम मोदी ने ली कांग्रेस की मौज कर्नाटक में भाजपा-JD(S) ने सभी 4 सीटें जीतीं: कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका कर्नाटक के नतीजे बाकी राज्यों के नतीजों से अलग हैं, क्योंकि यहाँ कांग्रेस कोई ऐसी विपक्षी पार्टी नहीं है जो किसी लंबे समय से सत्ता में बैठी सरकार से लड़ रही हो। यहाँ कांग्रेस खुद सत्ताधारी पार्टी है, जिसके पास राज्य प्रशासन की कमान है और जो 2023 से सत्ता में है। इसलिए, भाजपा-JD(S) की इस जीत ने कांग्रेस सरकार के कामकाज, उसके स्थानीय नेटवर्क और चुनाव के लिहाज से अहम दो समूहों के बीच उसके प्रचार की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह नतीजा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए भी एक झटका है, जो कर्नाटक में पार्टी के संगठन और चुनाव प्रचार कार्यों में गहराई से जुड़े रहे हैं। चुनाव 23 अक्टूबर को हुए थे, और इनका परिणाम यह परखने के लिए एक अहम परीक्षा बन गया कि क्या सत्ताधारी पार्टी विधानसभा मतदाताओं के दायरे से बाहर भी समर्थन जुटा सकती है। डीके शिवकुमार - जिन्हें लोग डीकेएस के नाम से भी जानते हैं - ने मंत्रियों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर प्रचार करने का निर्देश दिया था, जिससे पता चलता है कि कांग्रेस इस मुकाबले को कितनी अहमियत दे रही थी। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लगा, जहां JD(S) के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हरा दिया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले। इस तरह JD(S) ने वह सीट कांग्रेस से छीन ली, जो पहले कांग्रेस के पास थी। यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि न केवल एक मौजूदा सदस्य चुनाव हार गया, बल्कि BJP और JD(S) ने यह भी दिखा दिया कि वे सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ मिलकर प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। NDA की इस जीत से राज्य में उनके गठबंधन सहयोगियों का हौसला बढ़ेगा, जहां दो साल से भी कम समय में चुनाव होने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: UP में फरवरी-मार्च में होंगे Assembly Elections, बोले केंद्रीय मंत्री Pankaj Chaudhary अन्य तीन निर्वाचन क्षेत्रों में BJP ने अपनी बढ़त बनाए रखी। शशिल जी. नमोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट जीती, SV संकानूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र जीता, और KM सुरेश ने दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर जीत हासिल की। नमोशी की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी भी आता है, जो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह क्षेत्र है। राज्य में NDA की शानदार जीत ने कांग्रेस के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह अपने चुनावी जनादेश और कल्याणकारी वादों को संगठित पेशेवर समूहों के बीच समर्थन में बदल पाई है। BJP की कर्नाटक इकाई के नेताओं ने इस नतीजे को भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पूरे न किए गए वादों को जनता द्वारा खारिज किए जाने के रूप में देखा है। MLC चुनावों के नतीजे कांग्रेस सरकार के तत्काल अस्तित्व के लिए कोई खतरा नहीं हैं। साथ ही, सीमित मतदाताओं वाले चुनाव को पूरे राज्य के लिए जनमत संग्रह नहीं माना जा सकता। लेकिन इस हार ने BJP-JD(S) गठबंधन का हौसला बढ़ाया है और उन्हें 2028 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले खुद को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश करने का मौका दिया है। केंद्रीय मंत्री और JD(S) प्रमुख HD कुमारस्वामी ने इस जीत को 2028 के लिए एक जनादेश बताया है और गठबंधन के प्रदर्शन को उनकी बढ़ती ताकत का संकेत करार दिया है। इसे भी पढ़ें: लाइसेंस-कोटा राज ने दबाया था उद्योग, Tata पर राहुल के आरोपों पर Nirmala Sitharaman ने दिया जवाब कर्नाटक के बाहर कांग्रेस की शून्य सीटें तीन अन्य राज्यों — महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश में हुए MLC चुनावों के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस का खराब प्रदर्शन एक व्यापक चुनावी चुनौती का हिस्सा है, हालांकि यहां के राजनीतिक हालात कर्नाटक से अलग हैं। इन तीनों राज्यों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है, और यहां की चुनावी लड़ाई क्षेत्रीय दलों, गठबंधनों और स्थानीय उम्मीदवारों की ताकत से तय होती है। उत्तर प्रदेश में, जहाँ 11 सीटों पर चुनाव हुआ, मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच रहा। भाजपा ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और लखनऊ की सीटें अपने पास बरकरार रखीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और आगरा शिक्षक सीट पर जीत हासिल की। इस लेख के प्रकाशित होने के समय कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना चल रही थी, और परिणाम घोषित होने पर उन्हें अपडेट कर दिया जाएगा। हालाँकि, उत्तर प्रदेश से सामने आ रही तस्वीर से संकेत मिलता है कि भाजपा की स्थिति मजबूत है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कुछ अहम सीटों पर बढ़त बनाई है। बिहार की आठ सीटों के चुनाव परिणाम काफी मिले-जुले रहे। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जीता, भाजपा ने तिरहुत शिक्षक सीट जीती, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने दरभंगा में अपनी पहली विधान परिषद जीत दर्ज की, और निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। JSP की इस जीत से मौजूदा कांग्रेस MLC मदन मोहन झा को हार का सामना करना पड़ा, जिससे कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना जारी थी, इसलिए इस लेख के प्रकाशन के समय तक पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
पहले ईवीएम और अब वोट चोरी का आरोप लगाने वाली कांग्रेस को अपने ही राज्य में शर्मनाक हार मिली है। कर्नाटक विधानपरिषद चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई है। भाजपा नीत एनडीए ने 4-0 से क्लीन स्वीप किया है। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, “हमें बैलेट पेपर चाहिए। कई […]
केंद्रीय मंत्री और JD(S) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तलाशी के दौरान अत्याचार करने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम नोट कर लें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी कानून के दायरे से बाहर जाकर काम कर रहे हैं, उन्हें तब अंजाम भुगतना पड़ेगा जब उनकी पार्टी फिर से सत्ता में आएगी। राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और JD(S) कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पुलिस से न डरें, और साथ ही यह भी कहा कि जो अधिकारी कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं, उनका सम्मान करें। उन्होंने कहा JD(S) कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है। जो पुलिस अधिकारी आपको परेशान कर रहे हैं, उनसे न डरें। राजनीतिक दबाव में आकर जो अधिकारी आपके घरों में गैर-कानूनी तरीके से काम कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लें। समय आने पर उन्हें खुद ही जवाब मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Karnataka विधान परिषद चुनाव में NDA ने किया क्लीन स्वीप, BJP और JDS की 4-0 से जीत पुलिस अधिकारी क्या कर रहे हैं? यह सबको पता है कि वे किसके दबाव में मनमानी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है। बस एक साल और रुक जाइए। फिर हम खुद सत्ता में आएंगे। तब हम हिसाब-किताब बराबर करेंगे। लेकिन, जो अधिकारी कानून का पालन करते हुए लोगों के लिए काम करते हैं, उनका सम्मान करें, उन्होंने आगे कहा। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के इस बयान का जिक्र करते हुए कि 'समय आने पर हर चीज का जवाब मिलेगा', कुमारस्वामी ने कहा कि यही बात उन अधिकारियों और राजनेताओं पर भी लागू होगी, जिन्होंने कथित तौर पर कानून तोड़ा है। मौजूदा मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि समय आने पर हर चीज का जवाब मिल जाएगा। हमारा भी समय आएगा। वह समय खुद ऐसे अधिकारियों और राजनेताओं को जवाब देगा। कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करने वाले हर अधिकारी को उसकी सजा जरूर मिलेगी। चाहे वे अभी नौकरी में हों या रिटायर होकर घर पर बैठे हों, उन्हें इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी,मंत्री ने सीधे तौर पर चेतावनी दी। कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार कुछ चुनिंदा अधिकारियों के जरिए पहले से तय की गई जांच करवा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस जांच से जुड़े दो-तीन ईमानदार अधिकारियों ने पहले ही इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उनके अनुसार यह एक अन्यायपूर्ण जांच है। उन्होंने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पुलिस विभाग का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: MLC Election नतीजों पर DK Shivakumar बोले, लोगों ने हमें संदेश दिया है; सुधारात्मक कदम उठाएंगे कुमारस्वामी ने विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की चारों सीटों पर हार का जिक्र करते हुए कहा कि यह गृह मंत्री के कुशासन और सत्ता के दुरुपयोग का जवाब है। कुमारस्वामी ने प्रियांक खड़गे पर तीखा हमला बोला विधान परिषद चुनाव की चारों सीटों पर कांग्रेस की हार, इस गृह मंत्री के कुशासन और सत्ता के दुरुपयोग का जवाब है। वे पुलिस विभाग को कठपुतली बनाकर अपने इशारों पर नचा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को JD(S) कार्यकर्ता चंदन को भेजे गए एक नोटिस का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि नोटिस जारी होने से पहले ही पुलिस गैर-कानूनी तरीके से उसे ढूंढ रही थी। दिल्ली आने से पहले मैंने गृह मंत्री से कहा था कि मैं पांच दिन बाद वापस आऊंगा और आपके खिलाफ आवाज उठाऊंगा। कुछ लोग पूछ रहे थे कि कुमारस्वामी पिछले तीन दिनों से कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अब उन्हें जवाब मिल गया है। कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सीधे तौर पर प्रियांक खड़गे से सवाल किया और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच की मांग की। कांग्रेस की वह महिला नेता, जिसे सिद्धारमैया सरकार के दौरान जून 2015 में 'महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण समिति' की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, वही इस पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार है।
Supreme Court का निर्देश, दिल्ली वोटर लिस्ट से हटाए गए 43 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक करे आयोग
दिल्ली मतदाता सूची मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सवाल उठाया कि जो मतदाता पहले से ही 2026 की मतदाता सूची में शामिल हैं, उनसे 'फॉर्म 6' क्यों भरवाया जा रहा है जबकि यह फॉर्म विशेष रूप से पहली बार मतदान करने वालों के लिए है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दो सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। ड्राफ्ट मतदाता सूची से लगभग 43 लाख (4.3 मिलियन) नाम हटा दिए गए हैं; ऐसा या तो इसलिए हुआ क्योंकि वे लोग वहां मौजूद नहीं थे, या फिर वे कहीं और चले गए हैं। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया है कि वह समय-सीमा खत्म होने के बाद जमा किए गए फॉर्मों को स्वीकार करने पर विचार करेगा, और जरूरत पड़ने पर 30 अक्टूबर की कट-ऑफ तारीख को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: Maharashtra MLC Election: महायुति तीन सीटों पर आगे, NCP SP दो पर बनाई बढ़त सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि फॉर्म 6 पहली बार वोट देने वालों के लिए है सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फॉर्म 6 पहली बार वोट देने वालों के लिए है। जो लोग पहले से ही 2026 की मतदाता सूची में शामिल हैं और उन्होंने केवल अपना पता बदला है, उन्हें फॉर्म 8 भरने की अनुमति दी जानी चाहिए। उनसे यह घोषणा करने के लिए नहीं कहा जाना चाहिए कि वे पहले कभी मतदाता के रूप में पंजीकृत नहीं थे। कोर्ट ने कहा कि काम के सिलसिले में एक-दो महीने के लिए बाहर जाने को मतदाता का स्थायी रूप से निवास बदलना नहीं माना जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे लोग भी हो सकते हैं जिन्होंने अपना निवास स्थान नहीं बदला है, लेकिन उन्हें मतदाता सूची का फॉर्म नहीं मिला; ऐसे मामलों के लिए कोई समाधान निकाला जाना चाहिए। कोर्ट ने सवाल किया कि क्या केवल समय पर फॉर्म जमा न कर पाने की वजह से किसी व्यक्ति का वोट देने का अधिकार हमेशा के लिए खत्म हो जाना चाहिए? कोर्ट ने जोर देकर कहा कि जब तक मतदाता सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जाता, तब तक केवल देर से फॉर्म जमा करने के आधार पर आवेदनों को खारिज नहीं किया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: Karnataka विधान परिषद चुनाव में NDA ने किया क्लीन स्वीप, BJP और JDS की 4-0 से जीत चुनाव आयोग को सख्त समय-सीमा पर बहुत अधिक जोर नहीं देना चाहिए चूंकि दिल्ली में अभी तुरंत चुनाव नहीं होने वाले हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया कि चुनाव आयोग को सख्त समय-सीमा पर बहुत अधिक जोर नहीं देना चाहिए; समय-सीमा को आगे बढ़ाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया कि दिल्ली में कई मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले और दिहाड़ी मजदूर काम के सिलसिले में अक्सर एक जगह से दूसरी जगह जाते रहते हैं। चुनाव आयोग को खुद पहल करके उन तक पहुंचना चाहिए, न कि सारा बोझ उन लोगों पर ही डाल देना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की सूची सार्वजनिक की जानी चाहिए। यह जानकारी सरल हिंदी और स्थानीय भाषाओं में दी जानी चाहिए, जिसमें नाम हटाने का कारण और जवाब न देने के परिणाम बताए गए हों। जस्टिस बागची ने कहा कि बिहार के मामले में पहले दिए गए आदेश 'SIR' (समरी रिवीजन/वेरिफिकेशन) प्रक्रिया से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं। इसके अलावा, मतदाता सूची में तार्किक विसंगतियों की जांच (स्क्रूटनी) प्रक्रिया की वैधता को लेकर अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
Karnataka विधान परिषद चुनाव में NDA ने किया क्लीन स्वीप, BJP और JDS की 4-0 से जीत
विधान परिषद चुनावों में 4-0 से मिली करारी हार के बाद, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बुधवार को शिक्षकों और स्नातकों के सभी चार निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि ये नतीजे कोई हैरानी की बात नहीं हैं, क्योंकि इनमें से तीन सीटें पहले से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास थीं। बैलेट पेपर का इस्तेमाल होने के बावजूद नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए, हरिप्रसाद ने कांग्रेस नेताओं, विधायकों, कार्यकर्ताओं और उन मतदाताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का समर्थन किया। हरिप्रसाद ने कहा कि हां, हम शिक्षकों और स्नातकों की चारों सीटें हार गए हैं। मैं स्नातकों और शिक्षकों, दोनों के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। यह हमारे लिए कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि तीन सीटें पहले से ही भाजपा के पास थीं। यह NDA की जीत है, न कि सिर्फ भाजपा की। मैं अपने सभी कांग्रेस नेताओं, विधायकों, MLCs, कार्यकर्ताओं और उन मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने पिछले 10 महीनों तक काम किया। इसे भी पढ़ें: MLC Election नतीजों पर DK Shivakumar बोले, लोगों ने हमें संदेश दिया है; सुधारात्मक कदम उठाएंगे उन्होंने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी अपनी कमियों की पहचान करेगी और उन्हें दूर करेगी। उन्होंने वाराणसी में बीजेपी पर समाजवादी पार्टी की जीत का जिक्र करते हुए कहा, जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हम जनादेश को स्वीकार करते हैं। हम अपनी कमियों को ठीक करेंगे। अगर यह अगले चुनावों के लिए कोई संकेत है, तो नरेंद्र मोदी के वाराणसी वाले 'टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र' (शिक्षकों के लिए आरक्षित सीट) में बीजेपी को समाजवादी पार्टी के हाथों बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। यह बीजेपी के लिए भी एक संकेत होना चाहिए। इस बीच, तुमकुरु में बोलते हुए कांग्रेस विधायक के.एन. राजनन्ना ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का विरोध करना पार्टी की एक राष्ट्रीय नीति थी, जिसे पार्टी आलाकमान ने तय किया था। राजनन्ना ने कहा, नहीं, नहीं, हमारी राष्ट्रीय नीति के तहत, हमारे आलाकमान ने इन EVM का विरोध करने का फैसला लिया था। इसलिए, जिन चुनावों में 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' (वरीयता आधारित मतदान प्रणाली) का इस्तेमाल होता है, वहां EVM काम नहीं करेंगी। इसी वजह से यहां बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि जहां भी 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' होता है, वहां बैलेट पेपर का इस्तेमाल होना अनिवार्य है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रस्तावित दिल्ली दौरे पर राजनन्ना ने कहा, सिद्धारमैया ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि जब वह दिल्ली जाएंगे, तो अगर राहुल गांधी उन्हें मिलने का समय (अपॉइंटमेंट) देते हैं, तो वह उनसे जरूर मिलेंगे। बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन, NDA ने कर्नाटक विधान परिषद के चुनावों में सभी चार सीटों (4-0) पर जीत हासिल की। ये चुनाव दो 'टीचर्स' (शिक्षकों) और दो 'ग्रेजुएट्स' (स्नातकों) की सीटों के लिए हुए थे। NDA ने तीन बीजेपी उम्मीदवार और एक JD(S) उम्मीदवार मैदान में उतारा था। बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में, JD(S) उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पांच बार के MLC पुट्टन्ना को हरा दिया। उत्तर-पूर्व टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में, बीजेपी उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों (15,596 बनाम 12,299 वोट) से हराकर पांचवीं बार जीत दर्ज की। इसे भी पढ़ें: Ballot Paper से चुनाव में भी Congress हुई 'शून्य', BJP ने कसा तीखा तंज, Sudhanshu Trivedi बोले- सैर-सपाटे से... कलबुर्गी में मतगणना पूरी हो गई है, जहाँ लगभग 30,253 लोगों ने मतदान किया था। इनमें से 28,380 वोट वैध पाए गए, जबकि 1,873 वोट खारिज कर दिए गए। ग्रेजुएट्स सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार एस.वी. संकानूर और के.एम. सुरेश ने जीत हासिल की, जिससे एनडीए ने सभी चारों सीटों पर जीत दर्ज कर ली। वेस्ट ग्रेजुएट्स सीट पर संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को हराकर लगातार तीसरी बार जीत हासिल की।
MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर: कर्नाटक की चारों सीटों पर NDA की जीत, बिहार में मौजूदा MLCs को झटका
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‘एआईसीसी की हर चीज पर नजर,’ बिहार और कर्नाटक एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले अखिलेश प्रसाद
New Delhi, 28 अक्टूबर . बिहार और कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने…
'एआईसीसी की हर चीज पर नजर,' बिहार और कर्नाटक एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले अखिलेश प्रसाद
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कर्नाटक एमएलसी चुनाव: भाजपा-जेडीएस गठबंधन का दबदबा, चारों सीटों पर दर्ज की जीत; कांग्रेस का सूपड़ा साफ karnataka-mlc-election-results-congress-loses-all-four-seats-bjp-jds-win
MLC Election Results 2026: यूपी में BJP का दबदबा, कर्नाटक में कांग्रेस को झटका; बिहार में कई सीटों पर उलटफेर
विधान परिषद चुनाव मतगणना LIVE: वाराणसी में सपा की जीत, कांग्रेस से बंगलूरू शिक्षक सीट छीनी, कौन आगे-कौन पीछे?--MLC Election vote counting LIVE update UP Bihar Maharashtra Karnataka Legislative Council constituencies news
Karnataka MLC Election: JDS ने कांग्रेस से छीनी बेंगलुरु शिक्षक सीट, 908 वोटों से जीते AP Ranganatha
कर्नाटक विधानपरिषद के द्विवार्षिक चुनाव में मंगलवार को जनता दल सेक्युलर (जदएस) ने सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस से ‘बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र’ छीन लिया जबकि उसकी सहयोगी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अन्य तीन सीट पर आगे चल रही है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसे कांग्रेस के लिए एक झटका माना जा रहा है। तेईस अक्टूबर को जिन अन्य तीन निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, वे दक्षिण-पूर्व स्नातक, पश्चिम स्नातक और उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र हैं। इन तीनों निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना अभी चल ही रही है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा समर्थित जदएस प्रत्याशी ए.पी. रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा विधानपरिषद सदस्य पुट्टन्ना को 908 वोटों के अंतर से हरा दिया। पुट्टन्ना फिर से चुनाव लड़ रहे थे। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट प्राप्त हुए। अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पूर्व स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, भाजपा उम्मीदवार के. एम. सुरेश, कांग्रेस प्रत्याशी शशि हुलिकुंटे मुट्ट से आगे चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर-पूर्व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में, कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर, भाजपा के मौजूदा एमएलसी शशिल जी. नमोशी से पीछे चल रहे हैं। नमोशी फिर से चुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने बताया कि पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में, मौजूदा भाजपा विधानपरिषद सदस्य एस.वी. संकानूर, कांग्रेस उम्मीदवार मोहन लिम्बिकाई से आगे चल रहे हैं। इस चुनावी मुकाबले को भाजपा और जदएस के बीच तालमेल की परीक्षा के रूप में देखा जा रहा था। इसे शिक्षकों और स्नातकों के बीच कांग्रेस के जनाधार की भी परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। भाजपा एवं जदएस राजग में सहयोगी हैं। चार में से तीन सीट पर भाजपा का कब्ज़ा था और अगर रुझान ऐसे ही बने रहते, तो वह इन सीट को अपने पास बनाए रखेगी। जदएस कांग्रेस से बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र छीनने में सफल रही। बेंगलुरु का यह मुकाबला इसलिए अहम था क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव से पहले पुट्टन्ना ने जदएस छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। पुट्टन्ना और रंगनाथ ही वोक्कालिगा समुदाय से हैं। इस चुनाव को इस बात की परीक्षा के तौर पर भी देखा जा रहा था कि क्या विपक्षी गठबंधन के दोनों सहयोगी दल एक-दूसरे के उम्मीदवारों को अपना समर्थन दिला पाते हैं या नहीं। हालांकि इन नतीजों से राज्य सरकार की स्थिरता पर कोई असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, लेकिन विपक्षी गठबंधन का मजबूत प्रदर्शन उसे 2023 में सत्ता में आई कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक हथियार दे देगा।
MLC चुनाव परिणाम 2026: उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में मतगणना
आज, 27 अक्टूबर 2026 को, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) चुनावों के लिए मतगणना की जा रही है। इस लेख में MLC और MLA के बीच के अंतर, चुनाव प्रक्रिया, और विभिन्न राज्यों में MLC के चुनाव के तरीके पर चर्चा की गई है। जानें कि बिहार विधान परिषद में सदस्यों का चुनाव कैसे होता है और MLC बनने के लिए क्या आवश्यकताएँ हैं।
एसआईआर के बाद कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची जारी, 99 लाख से अधिक नाम हटाए गए, अब कुल वोटर 4.55 करोड़
Bengaluru, 27 अक्टूबर . कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने Tuesday को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की, जिसमें 4,55,00,011 मतदाता शामिल हैं. यह सूची…
Karnataka Voter List: विशेष पुनरीक्षण के बाद 99 लाख नाम घटे, अब 4.55 करोड़ मतदाता
कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद मंगलवार को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें मतदाताओं की संख्या करीब एक करोड़ कम हो गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अनबुकुमार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि इस अंतिम मतदाता सूची में राज्य में 4.55 करोड़ मतदाता हैं। एसआईआर प्रक्रिया से पहले राज्य में 5,54,32,314 मतदाता थे। अब इनकी संख्या घटकर 4,55,00,011 रह गई है। इस तरह मतदाताओं की संख्या में 99.32 लाख की कमी आई है। सीईओ कार्यालय के अनुसार, अंतिम मतदाता सूची में 2,25,40,493 पुरुष, 2,29,12,355 महिला और 2,841 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। कार्यालय ने बताया कि 18 से 19 वर्ष के आयु वर्ग के मतदाताओं की संख्या 6.83 लाख से अधिक है जबकि 3,92,134 लोगों की उम्र 85 वर्ष या उससे अधिक है। इसके अलावा 3,252 प्रवासी मतदाता भी हैं। अनबुकुमार ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि निर्वाचन आयोग ने 30 जून से 27 अक्टूबर तक राज्य में एसआईआर कराने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया घोषित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की गई और 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित की गई। अनबुकुमार ने कहा, इसके बाद कई लोगों ने आवेदन जमा किए। नोटिस जारी करने, जांच करने और सुनवाई पूरी करने के बाद हमने आज अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी है। उन्होंने बताया कि मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के समय मतदाताओं की संख्या 4,46,80,151 थी। 16 जून से अब तक मतदाता सूची में 8,19,714 मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं। एक विशेष अभियान के तहत पात्र मतदाताओं से नाम शामिल कराने के लिए प्रपत्र-6, नाम हटाने के लिए प्रपत्र-7 और सुधार या अन्य बदलावों के लिए प्रपत्र-8 जमा करने का आग्रह किया गया था। उन्होंने बताया कि 16 जून से 26 अक्टूबर के बीच अधिकारियों को प्रपत्र-6 के 10,62,336 आवेदन, प्रपत्र-6ए के 4,872 आवेदन, प्रपत्र-7 के 2,29,235 आवेदन और प्रपत्र-8 के लगभग 13.27 लाख आवेदन प्राप्त हुए। इस तरह इस अवधि में कुल लगभग 26.23 लाख आवेदन प्राप्त हुए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि लगभग 26.23 लाख प्राप्त आवेदनों में से करीब 3.03 लाख आवेदन खारिज कर दिए गए जबकि 20.64 लाख आवेदन स्वीकार किए गए और 2.55 लाख आवेदन लंबित रहे। अनबुकुमार ने कहा, मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद प्रपत्र-6 के जरिए 8,77,104 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। प्रपत्र-6ए के माध्यम से 2,312 अन्य मतदाताओं के नाम शामिल किए गए। निवास स्थान बदलने से संबंधित प्रपत्र-8 के आवेदनों के जरिए 1,28,622 मतदाताओं के नाम उनके नए निर्वाचन क्षेत्रों में जोड़े गए। अनबुकुमार ने बताया कि इन श्रेणियों के तहत कुल 10,08,038 मतदाताओं के नाम जोड़े गए। मसौदा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि कुल 1,88,324 नाम हटाए गए। इनमें 1,091 मृत मतदाताओं, 184 अनुपस्थित मतदाताओं और 762 ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल थे, जिनके नाम पहले से मतदाता सूची में दर्ज थे या जिनकी प्रविष्टियां दोहरी थीं। उन्होंने बताया कि 1,24,327 नाम निवास स्थान बदलने से संबंधित थे, जिसके परिणामस्वरूप प्रपत्र-7 स्वत: तैयार हो गया।
MLC Election Results 2026: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 28 सीटों के रिजल्ट
देश के चार राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना हुई। बिहार में 8, कर्नाटक में 4, महाराष्ट्र में 5 और उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर मतगणना चल रही है। उत्तरप्रदेश विधान परिषद ...
4 राज्य, 28 MLC सीट... यूपी-बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में काउंटिंग जारी; कौन आगे-कौन पीछे
उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की 28 विधान परिषद सीटों पर मतगणना जारी है। पटना में मतगणना केंद्र के बाहर हंगामे की खबर है।
डीग जिले के बरौली चौथ गांव की पहलवान रोहिणी ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के देवराहिप्परगी में 26 अक्टूबर को श्री रावुतराया मल्लय्या जात्रा महोत्सव के तहत आयोजित महिला जंगी निकाली कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में रोहिणी ने रेवंती पंवार को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में करीब 20 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहिणी फाइनल तक पहुंचीं और निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। रोहिणी की जीत ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन के दम पर खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। सरपंच प्रीति फौजदार ने जताई खुशीबरौली चौथ की सरपंच प्रीति फौजदार ने गांव की बेटी रोहिणी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रोहिणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। यह बरौली चौथ के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
MLC चुनाव: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 28 सीटों के लिए मतगणना जारी
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे वोटों की गिनती शुरू हो गई है। इन सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान हुआ था और शुरुआती रुझान गिनती के कुछ ही घंटों में आने की उम्मीद है।
एमएलसी चुनाव: यूपी, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में 28 सीटों के लिए मतगणना जारी
New Delhi, 27 अक्टूबर . उत्तर प्रदेश, बिहार, Maharashtra और कर्नाटक की विधान परिषद की 28 सीटों के लिए Tuesday सुबह 8 बजे वोटों की गिनती शुरू हो…
रणजी ट्रॉफी: Shikhar Shetty के 5 विकेट से Tripura 194 रन पर ढेर, कर्नाटक की मजबूत पकड़
बाएं हाथ के स्पिनर शिखर शेट्टी के पांच विकेट से कर्नाटक ने रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप-बी मुकाबले के पहले दिन सोमवार को अनुभवहीन त्रिपुरा को पहली पारी में 194 रन पर समेट दिया। शेट्टी ने 54 रन देकर पांच विकेट लिए। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने तीसरी बार पांच विकेट लेने का कारनामा किया। उनकी शानदार गेंदबाजी ने कर्नाटक को त्रिपुरा को पहली पारी में 200 रन के अंदर समेटने में मदद की। दिन का खेल समाप्त होने तक कर्नाटक ने एक विकेट गंवाकर 10 रन बना लिए थे। पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल तेज गेंदबाज अभिजीत सरकार का शिकार बने। कर्नाटक की टीम अब भी त्रिपुरा से 184 रन पीछे है। इक्कीस वर्षीय शेट्टी को तेज गेंदबाज मनवंत कुमार का अच्छा साथ मिला जिन्होंने 23 रन देकर तीन विकेट झटके। मनवंत ने पिछले सप्ताह सौराष्ट्र के खिलाफ मुश्किल परिस्थिति में कर्नाटक को संभाला था। उन्होंने अपने दूसरे ही प्रथम श्रेणी मैच में संघर्षपूर्ण शतक जड़कर टीम को संकट से उबारा था। कर्नाटक के दोनों गेंदबाजों ने लगातार दबाव बनाकर रखा जिसके सामने त्रिपुरा के बल्लेबाज नियमित अंतराल पर विकेट गंवाते रहे। त्रिपुरा की पहली पारी में सबसे बड़ी साझेदारी बिक्रमकुमार दास और ऋतुराज घोष रॉय के बीच हुई। दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 47 रन जोड़े। दास ने 51 रन बनाए जबकि घोष रॉय ने 13 रन का योगदान दिया। तेज गेंदबाज विशाक विजयकुमार ने दास को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। निचले क्रम में बिक्रम देबनाथ ने नाबाद 33 रन बनाकर संघर्ष किया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और त्रिपुरा की टीम बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही। त्रिपुरा को हालांकि मयंक अग्रवाल का विकेट लेकर कुछ राहत जरूर मिली है। अब उसे दूसरे दिन कर्नाटक पर दबाव बनाने के लिए सुबह के सत्र में जल्द विकेट हासिल करने होंगे। विजयवाड़ा में एक अन्य मैच में छत्तीसंगढ़ ने जयंत यादव (75 रन देकर चार विकेट) और अजय मंडल (56 रन देकर तीन विकेट) की मदद से आंध्र को 231 रन पर समेट दिया जिसके लिए राहुल सीराम ने 89 रन की अर्धशतकीय पारी खेली। छत्तीसगढ़ ने स्टंप तक एक विकेट खोकर 35 रन बना लिए थे। वहीं सिकंदराबाद में पंजाब ने प्रभसिमरन सिंह (81 रन), रमनदीप सिंह (52 रन) और सलील अरोड़ा (नाबाद 57 रन) के अर्धशतकों से हैदराबाद के खिलाफ स्टंप तक पहली पारी में छह विकेट गंवाकर 289 रन बना लिए। हैदराबाद के लिए रक्षण रेड्डी ने 53 रन देकर दो विकेट हासिल किए। राजकोट में असम ने दानिश दास (90 रन) और शिवशंकर रॉय (नाबाद 59 रन) के अर्धशतकों की बदौलत सौराष्ट्र के खिलाफ स्टंप तक 93 ओवर में छह विकेट गंवाकर 235 रन बना लिए थे।
बताते हैं कि पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों ने ठगी का यह खेल दो साल पहले शुरू किया था। पटना के किसी फाउंडेशन से जुड़कर ठगी का गुर सीखा।
मांझे से मौत: कर्नाटक के डिप्टी सीएम की चेतावनी, लापरवाही से इस्तेमाल पर लग सकते हैं आपराधिक आरोप
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'स्टिंग ऑपरेशन' को हल्के में ले रही कर्नाटक सरकार : एचडी कुमारस्वामी
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कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

