ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कर्नाटक में 7 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान
ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कर्नाटक में 7 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
मैसूर से कर्नाटक तक का सफर- 71वें स्थापना दिवस पर जानिए इस दक्षिण राज्य की अनूठी संस्कृति और इतिहास|
1 नवंबर 1956 को मैसूर राज्य के रूप में गठित कर्नाटक अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसे पूरे राज्य में कर्नाटक राज्योत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
New Delhi, 1 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह,…
'क्या इसके लिए भी मैं जिम्मेदार?': ओवैसी ने कर्नाटक सरकार को घेरा, बीदर की गरीबी और कम आय के आंकड़े किए पेश asaduddin-owaisi-bidar-poverty-income-gap-congress-karnataka-census-2027-asks-Am-I-responsible-for-this-too
ओवैसी ने SIR पर कांग्रेस को घेरा, कहा- कर्नाटक में कुछ, दिल्ली में कुछ और
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक में कांग्रेस पर SIR को लेकर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अलग-अलग राज्यों में SIR को लेकर अलग-अलग बयान देते हैं.
जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक की राज्यपाल ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
सहरसा के 26 वर्षीय मजदूर संतोष ठाकुर की 20 अक्टूबर को कर्नाटक में हत्या कर दी गई। शनिवार को कर्नाटक पुलिस एंबुलेंस से उनका शव सहरसा लेकर पहुंची। परिजनों ने पत्नी के दूसरे व्यक्ति से संबंध को हत्या की वजह बताया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। संतोष सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के बेटे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे संतोष संतोष करीब डेढ़ साल से कर्नाटक के कोप्पल थाना क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे थे। उनके बड़े भाई गौतम कुमार ने बताया कि संतोष 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार से उनकी आखिरी बार 19 अक्टूबर को बात हुई थी। गौतम के मुताबिक, 20 अक्टूबर से संतोष का फोन नहीं लग रहा था। उन्होंने फोन की लोकेशन पता की, जो कर्नाटक के कोप्पल में दिख रही थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संपर्क किया। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। सुपरवाइजर से पूछताछ में सामने आई हत्या की बात गौतम ने बताया कि कंपनी के सुपरवाइजर ने संतोष के दोस्तों राजकिशोर और मनीष से पूछताछ की। इस दौरान राजकिशोर ने कथित तौर पर बताया कि फैक्ट्री में काम करने के दौरान मनीष का संतोष की पत्नी से संबंध हो गया था। इसकी जानकारी संतोष को मिलने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को लगता था कि संतोष उनके संबंधों में रुकावट बन रहे हैं। इसी वजह से वह संतोष से नाराज था और उसने उनकी हत्या की योजना बनाई। राजकिशोर ने बताया कि मनीष ने इस काम में उससे भी सहयोग मांगा था। गमछे से गला घोंटा, पत्थर से सिर पर किए वार राजकिशोर ने सुपरवाइजर को कथित तौर पर बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह और मनीष संतोष को फैक्ट्री के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए। वहां मनीष ने संतोष के गले में गमछा डालकर उनका गला घोंट दिया, जबकि राजकिशोर ने उनके दोनों हाथ पीछे से पकड़ रखे थे। इसके बाद मनीष ने वहां पड़े पत्थर से संतोष के सिर पर कई वार किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राजकिशोर के अनुसार, हत्या के बाद दोनों शव को पास के एक गड्ढे में डालकर वहां से भाग गए। उसने यह भी बताया कि मनीष ने घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर से उसने अब तक किसी को कुछ नहीं बताया था। एक आरोपी पुलिस के हवाले, दूसरा फरार कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास ने घटना की जानकारी कोप्पल पुलिस को दी। इसके बाद राजकिशोर को कंपनी के सुपरवाइजर ने पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि मनीष फरार हो गया। संतोष की मौत की खबर मिलने के बाद उनके बड़े भाई गौतम समेत परिवार के अन्य सदस्य 27 अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचे। शव की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को वे संतोष का शव लेकर सहरसा पहुंचे। इसके बाद उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की संतोष के भाई रंजीत ठाकुर ने बताया कि हत्या में सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के रहने वाले राजकिशोर यादव और मनीष यादव शामिल हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय पासवान ने बताया कि घटना दूसरे राज्य की है। आरोपी सहरसा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
उडुपी में प्रेमिका के परिवार की बेरहमी से पिटाई और धमकियों से परेशान 27 वर्षीय युवक प्रदीप ने अस्पताल के शौचालय में आत्महत्या कर ली।
सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामला: कर्नाटक एसआईटी ने 14 साल पुराने क्राइम सीन को री-क्रिएट किया
सनसनीखेज सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई नई जांच के तहत क्राइम सीन को री-क्रिएट किया। इसके साथ ही घटनास्थल से मिट्टी के नमूने एकत्र किए।
Diwali Guidelines: कर्नाटक में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे फोड़ सकेंगे पटाखे, ग्रीन क्रैकर्स अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-‘वादे नहीं, ठोस प्रगति’
Bengaluru, 31 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी. वाई. विजयेंद्र ने Saturday को विश्व बैंक की ‘इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ (India गरीबी और समानता संक्षिप्त…
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-'वादे नहीं, ठोस प्रगति'
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-'वादे नहीं, ठोस प्रगति'
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के बाद येदियुरप्पा ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य के आगामी चुनावों में कांग्रेस को मात देने के लिए भाजपा और जेडीएस को एक साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरना होगा। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सत्ता में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) को भविष्य के चुनाव मिलकर लड़ने चाहिए। उन्होंने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच डी देवेगौड़ा से मुलाकात के बाद कही। यहां पद्मनाभनगर स्थित देवेगौड़ा के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद कर्नाटक में भाजपा के वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा ने कहा कि दोनों नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और देवेगौड़ा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का सुझाव दिया। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में दूध 8 रुपये प्रति लीटर महंगा, 1 November से लागू होंगी नई दरें येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केवल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर ही हम अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उनका भी यही सुझाव था और मेरी भी यही राय है।’’ उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा मौजूदा सरकार से नाखुश हैं। येदियुरप्पा ने कहा, सरकार को जल्द से जल्द बदला जाना चाहिए और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें मिलकर कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उनका यही सुझाव था। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने करीब 30 मिनट तक इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। भाजपा-जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर येदियुरप्पा ने कहा, नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और देवेगौड़ा साथ बैठकर चर्चा करने के बाद जो भी फैसला करेंगे, हम उसके लिए प्रतिबद्ध हैं। राजनीतिक मायने और गठबंधन का असर कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में बी एस येदियुरप्पा (लिंगायत समुदाय के सर्वमान्य नेता) और एच डी देवेगौड़ा (वोक्कालिगा समुदाय के प्रभावशाली नेता) का एक साथ आना एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक समीकरण का निर्माण करता है। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में PDS अनाज तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 215 गिरफ्तार मजबूत वोट बैंक का एकीकरण: लिंगायत और वोक्कालिगा वोटों का यह संभावित ध्रुवीकरण कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। पुराने मैसूर क्षेत्र में पकड़: जेडीएस का प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण कर्नाटक (पुराने मैसूर क्षेत्र) में है, जहां भाजपा ऐतिहासिक रूप से अपेक्षाकृत कमजोर रही है। इस गठबंधन से भाजपा को उस क्षेत्र में सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Karnataka Voter List विवाद: Congress Minister बोले- SIR पूरी तरह सही, 1 करोड़ नाम कटना जायज सशक्त विपक्ष का निर्माण: दोनों दलों के एक मंच पर आने से राज्य में विपक्ष की आवाज और अधिक मुखर होगी, जिससे आगामी स्थानीय और आम चुनावों में कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी जा सकेगी। इस बैठक ने कर्नाटक की भावी राजनीति की दिशा तय कर दी है। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली शीर्ष नेताओं की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस गठबंधन के औपचारिक स्वरूप और चुनावी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
रणजी ट्रॉफी: मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने अपने-अपने मुकाबले जीते, मध्य प्रदेश ने बिहार को रौंदा
मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने गुरुवार को राणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र ने बड़ी जीत हासिल की।
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को मिली पारी से जीत
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को अपने प्रतिद्वंदियों पर पारी से जीत मिली है वहीं बंगाल को केरल पर 287 रनों की बड़ी जीत मिली है।
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
MLC Election Results 2026: यूपी में BJP का दबदबा, कर्नाटक में कांग्रेस को झटका; बिहार में कई सीटों पर उलटफेर
डीग जिले के बरौली चौथ गांव की पहलवान रोहिणी ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के देवराहिप्परगी में 26 अक्टूबर को श्री रावुतराया मल्लय्या जात्रा महोत्सव के तहत आयोजित महिला जंगी निकाली कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में रोहिणी ने रेवंती पंवार को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में करीब 20 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहिणी फाइनल तक पहुंचीं और निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। रोहिणी की जीत ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन के दम पर खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। सरपंच प्रीति फौजदार ने जताई खुशीबरौली चौथ की सरपंच प्रीति फौजदार ने गांव की बेटी रोहिणी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रोहिणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। यह बरौली चौथ के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बताते हैं कि पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों ने ठगी का यह खेल दो साल पहले शुरू किया था। पटना के किसी फाउंडेशन से जुड़कर ठगी का गुर सीखा।
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...

