SIR पर बयान को लेकर विवाद में घिरे कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 24 घंटे के भीतर सफाई जारी की है. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया और वे राहुल गांधी के रुख के साथ मजबूती से खड़े हैं.
'किसान नहीं होंगे तो दूध कहां से मिलेगा?': सीएम डीके शिवकुमार ने कैबिनेट के फैसले का किया बचाव, वजह भी गिनाई karnataka milk price hike nandini dk shivakumar defends cabinet decision
जारकीहोली ने एक इंटरव्यू में कहा कि कर्नाटक में एसआईआर सही तरीके से संपन्न हुआ क्योंकि पार्टी ने अपने कैडर को अच्छी ट्रेनिंग दी थी।
MLC चुनावों में UP और कर्नाटक में BJP का दबदबा, महाराष्ट्र में विपक्ष ने 3 सीटें जीतीं
चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में राजग ने 16 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि आईएनडीआईए को 9 सीटें मिलीं।
बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही कर्नाटक सरकार: भाजपा
Bengaluru, 29 अक्टूबर . कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Thursday को राज्य Government पर बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने…
रणजी ट्रॉफी: मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने अपने-अपने मुकाबले जीते, मध्य प्रदेश ने बिहार को रौंदा
मुंबई, बंगाल और कर्नाटक ने गुरुवार को राणजी ट्रॉफी टूर्नामेंट के अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज की। वहीं मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र ने बड़ी जीत हासिल की।
दरभंगा से RJD के अनिल झा जीते, कर्नाटक में दूध 8 रुपये महंगा; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
बिहार में दरभंगा स्नातक सीट पर RJD के अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार सिंह को 450 वोट के छोटे अंतर से हरा दिया। कर्नाटक सरकार ने किसानों की मदद के नाम पर दूध की कीमत 1 नवंबर से 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है।
8 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ दूध, 1 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; कर्नाटक कैबिनेट ने दी मंजूरी
कर्नाटक कैबिनेट ने दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो 1 नवंबर से लागू होगी। इस फैसले से किसानों को 7 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
Varanasi और Nagpur MLC चुनाव में BJP की हार, Congress सांसद Mallu Ravi ने गिनाई जीत
1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की मेगा रैली से पहले, कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस के एक अन्य सांसद, मल्लू रवि ने हाल ही में हुए MLC चुनावों के नतीजों का जिक्र किया, जिसमें वाराणसी में समाजवादी पार्टी और नागपुर में कांग्रेस की जीत हुई है। INDIA गठबंधन की रैली के बारे में बात करते हुए, शैलजा ने कहा कि लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार की लड़ाई को जनता के बीच ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन देश को 'महाभियोग' (impeachment) के महत्व के बारे में बताना चाहता है। शैलजा ने कहा कि यह लड़ाई जनता की अदालत में है। लोकतंत्र जनता का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar वोट देने का अधिकार जनता का है, यह हर नागरिक का अधिकार है। हमने पहले भी कहा था कि यह प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। ज्ञानेश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए - यही हमारी मांग थी। चुनाव आयोग में जो मामले सामने आए हैं, उन्हें देखते हुए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, इसलिए हम देश के सामने यह बात रखना चाहते हैं कि महाभियोग कितना महत्वपूर्ण है और यह क्यों किया जाना चाहिए। इस बीच, कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने दो दिनों में घोषित 28 MLC सीटों के नतीजों का जिक्र करते हुए दावा किया कि INDIA गठबंधन ने 10 सीटें जीती हैं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुने गए हैं। रवि ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है, इसलिए उनकी जीत को पूरे गठबंधन की जीत माना जाना चाहिए। उन्होंने नागपुर में कांग्रेस की जीत का भी जिक्र किया। इसे काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी गहरा जुड़ाव है। रवि ने कहा, समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka MLC Election में जीत के बाद बोली BJP, बैलेट पेपर पर भी हारा विपक्ष समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है। इसलिए, जब हमारे गठबंधन के साथी जीतते हैं, तो यह हमारी भी जीत होती है। नागपुर RSS का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी प्रभाव है। इन बड़े BJP नेताओं की मौजूदगी के बावजूद, कांग्रेस ने नागपुर में एक MLC सीट जीती है।
Karnataka MLC Election में जीत के बाद बोली BJP, बैलेट पेपर पर भी हारा विपक्ष
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने चुनावों में फिर से पेपर बैलेट का इस्तेमाल करने की कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की बार-बार की जा रही मांग पर निशाना साधा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वोट डालने का तरीका चाहे जो भी हो, जीत भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ही होगी। कई राज्यों में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में BJP के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, करंदलाजे ने कहा कि EVM पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के दावों में कोई दम नहीं है। करंदलाजे ने ANI से कहा, पूरे देश में कांग्रेस पार्टी मांग कर रही है कि चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएं। 'इंडिया' गठबंधन भी यही मांग कर रहा है। हाल ही में, बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके MLC चुनाव कराए गए थे—खास तौर पर, 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' (वरीयता आधारित मतदान प्रणाली) के जरिए। इसे भी पढ़ें: CJP-कांग्रेस के प्रदर्शन पर बवाल, क्या BJP की पदयात्रा से व्यापार को नहीं हुआ कोई नुकसान? त्योहार से पहले राजनीतिक कार्यक्रमों पर उठे सवाल चुनाव नतीजों पर बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर-आधारित मतदान प्रणाली में भी जनादेश भाजपा के पक्ष में रहा। उन्होंने कहा, कर्नाटक में हमने सभी चार सीटें जीतीं। 20 जिलों में चुनाव हुए और हम जीते। हमने महाराष्ट्र और गुजरात में भी जीत हासिल की। जहाँ-जहाँ बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ, वहाँ भाजपा जीती। मतदाताओं के बीच पार्टी को मिल रहे व्यापक समर्थन पर जोर देते हुए करंदलाजे ने कहा, इससे पता चलता है कि चाहे बैलेट पेपर हों या EVM, जीत भाजपा की ही होगी। इससे पहले, कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की शानदार जीत और सभी चार सीटें जीतने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा। PM मोदी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 4 बड़े राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए। ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? इसे भी पढ़ें: वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को चुनौती दी कि वे संसदीय चुनाव बैलेट पेपर से करवाकर दिखाएं। उन्होंने ANI से कहा, वे बैलेट पेपर की मांग का मजाक उड़ा रहे हैं। तो फिर ऐसा करके दिखाएं! अगर हिम्मत है, तो संसद भंग करें और बैलेट पेपर से चुनाव करवाएं। बुधवार को कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में NDA गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की। भाजपा और JD(S) ने कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया है। उन्होंने 4-0 के इस नतीजे को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक सीधा तमाचा और 2028 के विधानसभा चुनावों का 'ट्रेलर' बताया है।
8 रुपये महंगा होगा दूध, कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कीमतें बढ़ाने का लिया फैसला
कर्नाटक सरकार के इस फैसले से जहां पशुपालकों और डेयरी किसानों को काफी राहत मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर आम जनता पर महंगाई की बड़ी मार पड़ने वाली है।
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को मिली पारी से जीत
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को अपने प्रतिद्वंदियों पर पारी से जीत मिली है वहीं बंगाल को केरल पर 287 रनों की बड़ी जीत मिली है।
एक लाख मेजबान को, ₹50 हजार मेहमान को; शादी की दावत पर कर्नाटक के गांवों का सख्त फरमान
कर्नाटक के कई गांवों ने शादी के बाद होने वाली बड़ी नॉन-वेज दावत बीगर ऊटा पर बैन लगा दिया है। शिकारीपुरा तालुक के गुडवी गांव में गांववालों ने फैसला किया है कि दावत कराने वाले परिवार पर 1 लाख रुपये और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर 50000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
SIR को लेकर कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं. राहुल गांधी जहां वोटर लिस्ट रिवीजन प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं, वहीं कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 1 करोड़ वोट हटाए जाने को सही ठहराया है। बीके हरिप्रसाद ने उनके बयान को पार्टी लाइन के खिलाफ बताया है.
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
एमएलसी चुनाव में कर्नाटक जैसे राज्य में कांग्रेस का खाता न खुलना, बैलेट पेपर से वोटिंग के बावजूद विपक्ष का नुकसान और जनसुराज पार्टी की तीन महीने के अंदर दूसरी जीत के क्या मायने हैं? जानिए यूपी, बिहार और कर्नाटक के नतीजों का पूरा राजनीतिक विश्लेषण।
कर्नाटक: कर्नाटक के बीदर (Bidar) जिले के एक साइंस टीचर ने सभी के लिए बहुत बड़ी मिसाल पेश कर दी है शिक्षक किताबों के अलावा अपने काम से भी बच्चों को बहुत कुछ सिखा सकता है। ऐसा ही कुछ कर्नाटक में देखने को मिला है। टीचर ने अपने 8 छात्रों को हवाई जहाज से घुमाया। इसके लिए उन्होंने अपनी जेब से करीब 50 हजार रुपये खर्च किए।खबर के मुताबिक, कर्नाटक हाई स्कूल (Karnataka High School) में पढ़ाने वाले रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने ये कदम छात्रों की मेहनत का सम्मान करने और उन्हें बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित करने के लिए उठाया।अच्छे नंबर लाने पर मिला हवाई सफर का इनामइन छात्रों ने सेकेंडरी स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (SSLC) परीक्षा में बहुत अच्छे नंबर हासिल किए थे। इसी खुशी में टीचर ने उन्हें इनाम देने का सोचा। अक्सर स्कूलों में अच्छे नंबर लाने पर मेडल या सर्टिफिकेट दिया जाता है, लेकिन रफीक (Rafiq) ने कुछ अलग करने का सोचा और बच्चों को हवाई यात्रा कराने का फैसला किया।दो छात्र रह गए, 8 ने की हवाई यात्राशुरुआत में रफीक तालिकोटे (Rafiq Talikote) ने 10 बच्चों को हवाई सफर कराने की योजना बनाई थी। लेकिन किसी वजह से 2 छात्र नहीं जा पाए। इसके बाद 4 लड़के और 4 लड़कियों समेत कुल 8 छात्र 27 अक्टूबर को अपने टीचर के साथ बीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) के लिए रवाना हुए। ये सभी छात्र कर्नाटक नेशनल एजुकेशन सोसाइटी (Karnataka National Education Society) के स्कूल में पढ़ते हैं।अपनी कमाई से बच्चों को दी खुशियांखास बात ये है कि रफीक (Rafiq) ने इस यात्रा के लिए किसी से मदद नहीं ली। उन्होंने अपनी बचत से पूरे सफर का खर्च उठाया। उनका कहना है कि ये सिर्फ घूमना नहीं था, बल्कि बच्चों की मेहनत की कदर करना और उन्हें आगे और अच्छा करने के लिए हौसला देना था।पहली बार हवाई जहाज में बैठे बच्चेबीदर (Bidar) से बेंगलुरु (Bengaluru) तक हवाई जहाज से करीब सवा घंटे का सफर है। इस रूट पर स्टार एयर (Star Air) की सीधी फ्लाइट चलती है। इन सभी 8 छात्रों के लिए ये पहली हवाई यात्रा थी, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे। इस पहल ने दिखाया कि बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए महंगे तोहफों से ज्यादा एक नया अनुभव ज्यादा काम करता है।यह हमें सिखाती है कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाई ही नहीं, बल्कि हमें सपने देखना भी सिखाते हैं। रफीक (Rafiq) ने आज उन तमाम बच्चों के जीवन में खुशियां भर दी हैं, जो सपने देखते हैं। उनकी यह छोटी सी पहल उन बच्चों के लिए जीवन भर की याद बन गई है। ऐसे शिक्षक ही बच्चों के भविष्य को सही दिशा दिखाते हैं।
उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र में विधान परिषद की 28 सीटों पर हुए द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस पार्टी एक भी सीट जीतने में असफल रही।
4 राज्यों में Congress शून्य पर ढेर, Karnataka की सभी 4 सीटें जीतकर मजबूत हुआ BJP-JD(S) गठबंधन
उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और कर्नाटक में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। पार्टी को सबसे बड़ा झटका कर्नाटक में लगा, जहां वह सत्ता में है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन ने सभी चार सीटों पर जीत हासिल की। इनमें वह सीट भी शामिल है, जिस पर कांग्रेस के मौजूदा MLC का कब्जा था। इस नतीजे ने डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार की संगठनात्मक ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं, और यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सरकार अपनी सत्ता का इस्तेमाल करके स्नातकों और शिक्षकों के बीच समर्थन जुटाने में सक्षम है या नहीं। 28 अक्टूबर को मतगणना के दौरान घोषित या सामने आ रहे नतीजे, चार राज्यों में जनता की राय को पूरी तरह से नहीं दर्शाते हैं। इन चुनावों में केवल पंजीकृत स्नातक और शिक्षक ही वोट डालते हैं, और अक्सर स्थानीय राजनीतिक समीकरण निर्णायक भूमिका निभाते हैं। फिर भी, 28 निर्वाचन क्षेत्रों में एक भी सीट न जीत पाना कांग्रेस के लिए एक बड़ी बात है, जिसे वह आसानी से नज़रअंदाज़ नहीं कर सकती। खासकर तब, जब उसे सबसे करारी हार उस राज्य में मिली है जहाँ वह खुद सत्ता में है—और वह भी ऐसे समय में जब यह पुरानी पार्टी, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ ज़ोर-शोर से प्रचार कर रही थी। इसे भी पढ़ें: बताइए, कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? MLC चुनाव पर पीएम मोदी ने ली कांग्रेस की मौज कर्नाटक में भाजपा-JD(S) ने सभी 4 सीटें जीतीं: कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका कर्नाटक के नतीजे बाकी राज्यों के नतीजों से अलग हैं, क्योंकि यहाँ कांग्रेस कोई ऐसी विपक्षी पार्टी नहीं है जो किसी लंबे समय से सत्ता में बैठी सरकार से लड़ रही हो। यहाँ कांग्रेस खुद सत्ताधारी पार्टी है, जिसके पास राज्य प्रशासन की कमान है और जो 2023 से सत्ता में है। इसलिए, भाजपा-JD(S) की इस जीत ने कांग्रेस सरकार के कामकाज, उसके स्थानीय नेटवर्क और चुनाव के लिहाज से अहम दो समूहों के बीच उसके प्रचार की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह नतीजा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए भी एक झटका है, जो कर्नाटक में पार्टी के संगठन और चुनाव प्रचार कार्यों में गहराई से जुड़े रहे हैं। चुनाव 23 अक्टूबर को हुए थे, और इनका परिणाम यह परखने के लिए एक अहम परीक्षा बन गया कि क्या सत्ताधारी पार्टी विधानसभा मतदाताओं के दायरे से बाहर भी समर्थन जुटा सकती है। डीके शिवकुमार - जिन्हें लोग डीकेएस के नाम से भी जानते हैं - ने मंत्रियों को अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर प्रचार करने का निर्देश दिया था, जिससे पता चलता है कि कांग्रेस इस मुकाबले को कितनी अहमियत दे रही थी। कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका बेंगलुरु शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में लगा, जहां JD(S) के उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के मौजूदा MLC पुट्टन्ना को 908 वोटों से हरा दिया। रंगनाथ को 10,810 वोट मिले, जबकि पुट्टन्ना को 9,902 वोट मिले। इस तरह JD(S) ने वह सीट कांग्रेस से छीन ली, जो पहले कांग्रेस के पास थी। यह हार इसलिए भी अहम है क्योंकि न केवल एक मौजूदा सदस्य चुनाव हार गया, बल्कि BJP और JD(S) ने यह भी दिखा दिया कि वे सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ मिलकर प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। NDA की इस जीत से राज्य में उनके गठबंधन सहयोगियों का हौसला बढ़ेगा, जहां दो साल से भी कम समय में चुनाव होने वाले हैं। इसे भी पढ़ें: UP में फरवरी-मार्च में होंगे Assembly Elections, बोले केंद्रीय मंत्री Pankaj Chaudhary अन्य तीन निर्वाचन क्षेत्रों में BJP ने अपनी बढ़त बनाए रखी। शशिल जी. नमोशी ने उत्तर-पूर्व शिक्षक सीट जीती, SV संकानूर ने पश्चिम स्नातक निर्वाचन क्षेत्र जीता, और KM सुरेश ने दक्षिण-पूर्व स्नातक सीट पर जीत हासिल की। नमोशी की जीत इसलिए भी खास है क्योंकि इस निर्वाचन क्षेत्र में कलबुर्गी भी आता है, जो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गृह क्षेत्र है। राज्य में NDA की शानदार जीत ने कांग्रेस के सामने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह अपने चुनावी जनादेश और कल्याणकारी वादों को संगठित पेशेवर समूहों के बीच समर्थन में बदल पाई है। BJP की कर्नाटक इकाई के नेताओं ने इस नतीजे को भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और पूरे न किए गए वादों को जनता द्वारा खारिज किए जाने के रूप में देखा है। MLC चुनावों के नतीजे कांग्रेस सरकार के तत्काल अस्तित्व के लिए कोई खतरा नहीं हैं। साथ ही, सीमित मतदाताओं वाले चुनाव को पूरे राज्य के लिए जनमत संग्रह नहीं माना जा सकता। लेकिन इस हार ने BJP-JD(S) गठबंधन का हौसला बढ़ाया है और उन्हें 2028 में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव से पहले खुद को एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में पेश करने का मौका दिया है। केंद्रीय मंत्री और JD(S) प्रमुख HD कुमारस्वामी ने इस जीत को 2028 के लिए एक जनादेश बताया है और गठबंधन के प्रदर्शन को उनकी बढ़ती ताकत का संकेत करार दिया है। इसे भी पढ़ें: लाइसेंस-कोटा राज ने दबाया था उद्योग, Tata पर राहुल के आरोपों पर Nirmala Sitharaman ने दिया जवाब कर्नाटक के बाहर कांग्रेस की शून्य सीटें तीन अन्य राज्यों — महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश में हुए MLC चुनावों के नतीजे बताते हैं कि कांग्रेस का खराब प्रदर्शन एक व्यापक चुनावी चुनौती का हिस्सा है, हालांकि यहां के राजनीतिक हालात कर्नाटक से अलग हैं। इन तीनों राज्यों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है, और यहां की चुनावी लड़ाई क्षेत्रीय दलों, गठबंधनों और स्थानीय उम्मीदवारों की ताकत से तय होती है। उत्तर प्रदेश में, जहाँ 11 सीटों पर चुनाव हुआ, मुख्य मुकाबला भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच रहा। भाजपा ने मेरठ, बरेली-मुरादाबाद और लखनऊ की सीटें अपने पास बरकरार रखीं, जबकि समाजवादी पार्टी ने वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और आगरा शिक्षक सीट पर जीत हासिल की। इस लेख के प्रकाशित होने के समय कई निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना चल रही थी, और परिणाम घोषित होने पर उन्हें अपडेट कर दिया जाएगा। हालाँकि, उत्तर प्रदेश से सामने आ रही तस्वीर से संकेत मिलता है कि भाजपा की स्थिति मजबूत है, जबकि समाजवादी पार्टी ने कुछ अहम सीटों पर बढ़त बनाई है। बिहार की आठ सीटों के चुनाव परिणाम काफी मिले-जुले रहे। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र जीता, भाजपा ने तिरहुत शिक्षक सीट जीती, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (JSP) ने दरभंगा में अपनी पहली विधान परिषद जीत दर्ज की, और निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की। JSP की इस जीत से मौजूदा कांग्रेस MLC मदन मोहन झा को हार का सामना करना पड़ा, जिससे कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतगणना जारी थी, इसलिए इस लेख के प्रकाशन के समय तक पूरी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
पहले ईवीएम और अब वोट चोरी का आरोप लगाने वाली कांग्रेस को अपने ही राज्य में शर्मनाक हार मिली है। कर्नाटक विधानपरिषद चुनाव में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई है। भाजपा नीत एनडीए ने 4-0 से क्लीन स्वीप किया है। वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा, “हमें बैलेट पेपर चाहिए। कई […]
केंद्रीय मंत्री और JD(S) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे तलाशी के दौरान अत्याचार करने वाले पुलिस अधिकारियों के नाम नोट कर लें। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी कानून के दायरे से बाहर जाकर काम कर रहे हैं, उन्हें तब अंजाम भुगतना पड़ेगा जब उनकी पार्टी फिर से सत्ता में आएगी। राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी राजनीतिक दबाव में काम कर रहे हैं और JD(S) कार्यकर्ताओं को डरा-धमका रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पुलिस से न डरें, और साथ ही यह भी कहा कि जो अधिकारी कानून के दायरे में रहकर काम करते हैं, उनका सम्मान करें। उन्होंने कहा JD(S) कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है। जो पुलिस अधिकारी आपको परेशान कर रहे हैं, उनसे न डरें। राजनीतिक दबाव में आकर जो अधिकारी आपके घरों में गैर-कानूनी तरीके से काम कर रहे हैं, उनके नाम नोट कर लें। समय आने पर उन्हें खुद ही जवाब मिल जाएगा। इसे भी पढ़ें: Karnataka विधान परिषद चुनाव में NDA ने किया क्लीन स्वीप, BJP और JDS की 4-0 से जीत पुलिस अधिकारी क्या कर रहे हैं? यह सबको पता है कि वे किसके दबाव में मनमानी कर रहे हैं। कार्यकर्ताओं को डरने की जरूरत नहीं है। बस एक साल और रुक जाइए। फिर हम खुद सत्ता में आएंगे। तब हम हिसाब-किताब बराबर करेंगे। लेकिन, जो अधिकारी कानून का पालन करते हुए लोगों के लिए काम करते हैं, उनका सम्मान करें, उन्होंने आगे कहा। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के इस बयान का जिक्र करते हुए कि 'समय आने पर हर चीज का जवाब मिलेगा', कुमारस्वामी ने कहा कि यही बात उन अधिकारियों और राजनेताओं पर भी लागू होगी, जिन्होंने कथित तौर पर कानून तोड़ा है। मौजूदा मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि समय आने पर हर चीज का जवाब मिल जाएगा। हमारा भी समय आएगा। वह समय खुद ऐसे अधिकारियों और राजनेताओं को जवाब देगा। कानून के दायरे से बाहर जाकर काम करने वाले हर अधिकारी को उसकी सजा जरूर मिलेगी। चाहे वे अभी नौकरी में हों या रिटायर होकर घर पर बैठे हों, उन्हें इसकी कीमत चुकानी ही पड़ेगी,मंत्री ने सीधे तौर पर चेतावनी दी। कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार कुछ चुनिंदा अधिकारियों के जरिए पहले से तय की गई जांच करवा रही है। उन्होंने दावा किया कि इस जांच से जुड़े दो-तीन ईमानदार अधिकारियों ने पहले ही इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया है, क्योंकि उनके अनुसार यह एक अन्यायपूर्ण जांच है। उन्होंने कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए पुलिस विभाग का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: MLC Election नतीजों पर DK Shivakumar बोले, लोगों ने हमें संदेश दिया है; सुधारात्मक कदम उठाएंगे कुमारस्वामी ने विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की चारों सीटों पर हार का जिक्र करते हुए कहा कि यह गृह मंत्री के कुशासन और सत्ता के दुरुपयोग का जवाब है। कुमारस्वामी ने प्रियांक खड़गे पर तीखा हमला बोला विधान परिषद चुनाव की चारों सीटों पर कांग्रेस की हार, इस गृह मंत्री के कुशासन और सत्ता के दुरुपयोग का जवाब है। वे पुलिस विभाग को कठपुतली बनाकर अपने इशारों पर नचा रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को JD(S) कार्यकर्ता चंदन को भेजे गए एक नोटिस का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि नोटिस जारी होने से पहले ही पुलिस गैर-कानूनी तरीके से उसे ढूंढ रही थी। दिल्ली आने से पहले मैंने गृह मंत्री से कहा था कि मैं पांच दिन बाद वापस आऊंगा और आपके खिलाफ आवाज उठाऊंगा। कुछ लोग पूछ रहे थे कि कुमारस्वामी पिछले तीन दिनों से कुछ क्यों नहीं बोल रहे हैं। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि अब उन्हें जवाब मिल गया है। कुमारस्वामी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर सीधे तौर पर प्रियांक खड़गे से सवाल किया और इसके पीछे शामिल लोगों की जांच की मांग की। कांग्रेस की वह महिला नेता, जिसे सिद्धारमैया सरकार के दौरान जून 2015 में 'महिला एवं बाल अधिकार संरक्षण समिति' की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, वही इस पूरी साजिश की मुख्य सूत्रधार है।
Karnataka विधान परिषद चुनाव में NDA ने किया क्लीन स्वीप, BJP और JDS की 4-0 से जीत
विधान परिषद चुनावों में 4-0 से मिली करारी हार के बाद, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने बुधवार को शिक्षकों और स्नातकों के सभी चार निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की हार स्वीकार कर ली। उन्होंने कहा कि ये नतीजे कोई हैरानी की बात नहीं हैं, क्योंकि इनमें से तीन सीटें पहले से ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास थीं। बैलेट पेपर का इस्तेमाल होने के बावजूद नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए, हरिप्रसाद ने कांग्रेस नेताओं, विधायकों, कार्यकर्ताओं और उन मतदाताओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी का समर्थन किया। हरिप्रसाद ने कहा कि हां, हम शिक्षकों और स्नातकों की चारों सीटें हार गए हैं। मैं स्नातकों और शिक्षकों, दोनों के फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं। यह हमारे लिए कोई हैरानी की बात नहीं है, क्योंकि तीन सीटें पहले से ही भाजपा के पास थीं। यह NDA की जीत है, न कि सिर्फ भाजपा की। मैं अपने सभी कांग्रेस नेताओं, विधायकों, MLCs, कार्यकर्ताओं और उन मतदाताओं को धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने पिछले 10 महीनों तक काम किया। इसे भी पढ़ें: MLC Election नतीजों पर DK Shivakumar बोले, लोगों ने हमें संदेश दिया है; सुधारात्मक कदम उठाएंगे उन्होंने कहा कि जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि पार्टी अपनी कमियों की पहचान करेगी और उन्हें दूर करेगी। उन्होंने वाराणसी में बीजेपी पर समाजवादी पार्टी की जीत का जिक्र करते हुए कहा, जीत और हार लोकतंत्र का हिस्सा हैं। हम जनादेश को स्वीकार करते हैं। हम अपनी कमियों को ठीक करेंगे। अगर यह अगले चुनावों के लिए कोई संकेत है, तो नरेंद्र मोदी के वाराणसी वाले 'टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र' (शिक्षकों के लिए आरक्षित सीट) में बीजेपी को समाजवादी पार्टी के हाथों बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा है। यह बीजेपी के लिए भी एक संकेत होना चाहिए। इस बीच, तुमकुरु में बोलते हुए कांग्रेस विधायक के.एन. राजनन्ना ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) का विरोध करना पार्टी की एक राष्ट्रीय नीति थी, जिसे पार्टी आलाकमान ने तय किया था। राजनन्ना ने कहा, नहीं, नहीं, हमारी राष्ट्रीय नीति के तहत, हमारे आलाकमान ने इन EVM का विरोध करने का फैसला लिया था। इसलिए, जिन चुनावों में 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' (वरीयता आधारित मतदान प्रणाली) का इस्तेमाल होता है, वहां EVM काम नहीं करेंगी। इसी वजह से यहां बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया है। सिर्फ कर्नाटक में ही नहीं, बल्कि जहां भी 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' होता है, वहां बैलेट पेपर का इस्तेमाल होना अनिवार्य है। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रस्तावित दिल्ली दौरे पर राजनन्ना ने कहा, सिद्धारमैया ने बिल्कुल साफ कर दिया है कि जब वह दिल्ली जाएंगे, तो अगर राहुल गांधी उन्हें मिलने का समय (अपॉइंटमेंट) देते हैं, तो वह उनसे जरूर मिलेंगे। बीजेपी और जनता दल (सेक्युलर) के गठबंधन, NDA ने कर्नाटक विधान परिषद के चुनावों में सभी चार सीटों (4-0) पर जीत हासिल की। ये चुनाव दो 'टीचर्स' (शिक्षकों) और दो 'ग्रेजुएट्स' (स्नातकों) की सीटों के लिए हुए थे। NDA ने तीन बीजेपी उम्मीदवार और एक JD(S) उम्मीदवार मैदान में उतारा था। बेंगलुरु टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में, JD(S) उम्मीदवार एपी रंगनाथ ने कांग्रेस के पांच बार के MLC पुट्टन्ना को हरा दिया। उत्तर-पूर्व टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र में, बीजेपी उम्मीदवार शशील जी. नमोशी ने कांग्रेस उम्मीदवार शरणप्पा मत्तूर को 3,297 वोटों (15,596 बनाम 12,299 वोट) से हराकर पांचवीं बार जीत दर्ज की। इसे भी पढ़ें: Ballot Paper से चुनाव में भी Congress हुई 'शून्य', BJP ने कसा तीखा तंज, Sudhanshu Trivedi बोले- सैर-सपाटे से... कलबुर्गी में मतगणना पूरी हो गई है, जहाँ लगभग 30,253 लोगों ने मतदान किया था। इनमें से 28,380 वोट वैध पाए गए, जबकि 1,873 वोट खारिज कर दिए गए। ग्रेजुएट्स सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार एस.वी. संकानूर और के.एम. सुरेश ने जीत हासिल की, जिससे एनडीए ने सभी चारों सीटों पर जीत दर्ज कर ली। वेस्ट ग्रेजुएट्स सीट पर संकानूर ने कांग्रेस के मोहन लिम्बिकाई को हराकर लगातार तीसरी बार जीत हासिल की।
MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर: कर्नाटक की चारों सीटों पर NDA की जीत, बिहार में मौजूदा MLCs को झटका
MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर: कर्नाटक की चारों सीटों पर NDA की जीत, बिहार में मौजूदा MLCs को झटका
‘एआईसीसी की हर चीज पर नजर,’ बिहार और कर्नाटक एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले अखिलेश प्रसाद
New Delhi, 28 अक्टूबर . बिहार और कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस के सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने…
'एआईसीसी की हर चीज पर नजर,' बिहार और कर्नाटक एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले अखिलेश प्रसाद
'एआईसीसी की हर चीज पर नजर,' बिहार और कर्नाटक एमएलसी चुनाव नतीजों पर बोले अखिलेश प्रसाद
MLC चुनाव में बड़ा उलटफेर: बिहार में 30 साल बाद पटना शिक्षक सीट हारी BJP, RJD की जीत; कर्नाटक में कांग्रेस का सूपड़ा साफ
MLC Election Results 2026: यूपी में BJP का दबदबा, कर्नाटक में कांग्रेस को झटका; बिहार में कई सीटों पर उलटफेर
विधान परिषद चुनाव मतगणना LIVE: वाराणसी में सपा की जीत, कांग्रेस से बंगलूरू शिक्षक सीट छीनी, कौन आगे-कौन पीछे?--MLC Election vote counting LIVE update UP Bihar Maharashtra Karnataka Legislative Council constituencies news
डीग जिले के बरौली चौथ गांव की पहलवान रोहिणी ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के देवराहिप्परगी में 26 अक्टूबर को श्री रावुतराया मल्लय्या जात्रा महोत्सव के तहत आयोजित महिला जंगी निकाली कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में रोहिणी ने रेवंती पंवार को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में करीब 20 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहिणी फाइनल तक पहुंचीं और निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। रोहिणी की जीत ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन के दम पर खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। सरपंच प्रीति फौजदार ने जताई खुशीबरौली चौथ की सरपंच प्रीति फौजदार ने गांव की बेटी रोहिणी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रोहिणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। यह बरौली चौथ के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

