सलाखों के पीछे भेज दो या फांसी पर चढ़ा दो, हम वंदे मातरम के दो ही पद गाएंगे: कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष
New Delhi/बेंगलुरू, 18 अगस्त . वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने Tuesday को इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का बचाव किया. उनका कहना कि अगर केंद्र Government हमें सलाखों के पीछे भी भेज दे या हमें फांसी पर लटका दे, तब भी हम ... Read more
वंदे मातरम को लेकर चल रहे विवाद के बीच कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने मंगलवार को इस मुद्दे पर अपनी पार्टी का बचाव किया।
‘क्या विजय सिर्फ ईसाई मुख्यमंत्री हैं?’, चामराजनगर मुठभेड़ पर कर्नाटक भाजपा का तमिलनाडु सीएम पर निशाना
तमिलनाडु विधानसभा में गूंजा कर्नाटक में तीन तमिल युवकों की मौत का मामला, सीबीआई जांच की मांग
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Umashree बनीं Karnataka Legislative Council की नई उपसभापति, सर्वसम्मति से हुआ चयन
कर्नाटक विधानपरिषद में मंगलवार को कांग्रेस की सदस्य उमाश्री को सर्वसम्मति से उप-सभापति चुना गया। उमाश्री ने सोमवार को इस पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था। उमाश्री तुमकुरु जिले के तिप्तुर तालुक के नवनकर गांव की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1957 में हुआ था और बेहद गरीब परिवार से होने के कारण वह सिर्फ 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई कर पाईं, लेकिन बाद में उन्होंने राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उन्हें 2001 में विधानपरिषद के लिए मनोनीत किया गया था और इस पद पर उन्होंने 2007 तक सेवा दी। उन्होंने 2008 में टेराडल से विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं। बाद में 2013 में उन्होंने यह सीट जीती और सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में मंत्री बनीं। उमाश्री ने महिला एवं बाल विकास, दिव्यांगजन सशक्तीकरण, वरिष्ठ नागरिक कल्याण और कन्नड़ एवं संस्कृति विभागों की जिम्मेदारी संभाली तथा 2016 में उनके विभाग के अच्छे काम के लिए उन्हें सम्मानित किया गया। विधानपरिषद में उमाश्री को बधाई देते हुए, सदन के नेता यतींद्र सिद्धरमैया ने उन्हें उन महिलाओं के लिए आदर्श बताया जिन्होंने गरीबी और कई चुनौतियों का सामना करते हुए खुद को एक अभिनेत्री और नेता के तौर पर स्थापित किया। यतींद्र ने कहा कि उमाश्री ने अपनी आजीविका चलाने के लिए नाट्यमंच का रुख किया, लेकिन आखिरकार वह भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में से एक बनकर उभरीं। उन्होंने कहा कि उन्हें छह बार कर्नाटक राज्य फिल्म पुरस्कार, कर्नाटक नाटक अकादमी पुरस्कार और गुलाबी टॉकीज़ में उनके अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिला। उन्होंने कहा कि उमाश्री 2023 में विधानपरिषद में लौटीं। उन्होंने उन्हें ‘बहुत स्नेहपूर्ण व्यक्तित्व’ वाला बताया, जो हर किसी से मुस्कुराहट और गर्मजोशी के साथ बात करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि उन्होंने सिर्फ़ 10वीं कक्षा तक ही पढ़ाई की थी, लेकिन 54 साल की उम्र में उन्होंने कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि शिक्षा और ज्ञान हासिल करने की कोई उम्र सीमा नहीं होती।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कर्नाटक और अहमदाबाद में 21 जगहों पर तलाशी ली। यह कार्रवाई कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के ज़रिए वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत की गई। ED के बेंगलुरु ऑफिस ने 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत ये तलाशी अभियान चलाए। ये छापे KPSC ऑफिस, सस्पेंड किए गए KPSC चेयरमैन शिवशंकरप्पा एस. साहूकार और सदस्य शांता होसमनी के घरों, कथित बिचौलियों, वेटनरी अधिकारी के तौर पर चुने गए उम्मीदवारों और परीक्षा पेपर के डिजिटल मूल्यांकन के लिए ज़िम्मेदार एजेंसी 'एडुटेस्ट सॉल्यूशंस' के ऑफिस में मारे गए। गुजरात के अहमदाबाद के अलावा, बेंगलुरु, हासन, चित्रदुर्ग, दावणगेरे, रायचूर, कारवार, कलबुर्गी और बेलगावी में भी तलाशी ली गई। इसे भी पढ़ें: Jharkhand Exam Controversy | छात्रों का विरोध खत्म होने के बाद अब JSSC-CGL से नियुक्त सरकारी कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, फैसले को दी चुनौती ED की यह कार्रवाई बेंगलुरु में दर्ज चार FIR के बाद हुई है, जिनमें वेटेरनरी अधिकारियों की अंतिम चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। आरोपों के अनुसार, कुछ बिचौलियों ने शिकायतकर्ता समेत कई उम्मीदवारों से संपर्क किया और उनके चयन को पक्का करने के बदले प्रति उम्मीदवार 70 लाख से 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। कहा जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने इन कथित बिचौलियों के साथ हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसियों को सौंपी है। इस जांच में परीक्षा का पेपर लीक होने, OMR आंसर शीट के साथ छेड़छाड़ करने और KPSC अधिकारियों के रिश्तेदारों के चयन में मदद के लिए भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर करने के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है। इसे भी पढ़ें: JSSC-CGL रद्द होने पर Devendra Mahto ने तोड़ा अनशन, बताया छात्रों की बड़ी जी ED परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में शामिल लोगों और संस्थाओं की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही, एजेंसी कथित वित्तीय लेन-देन, भर्ती प्रक्रिया में हेरफेर और संदिग्ध मनी ट्रेल (पैसे के लेन-देन का रास्ता) से जुड़े दस्तावेजी और डिजिटल सबूत भी तलाश रही है। कर्नाटक के गवर्नर थावरचंद गहलोत ने जुलाई में साहूकार को KPSC भर्ती के ज़रिए उनकी बेटियों के चयन से जुड़े कदाचार के आरोपों के कारण सस्पेंड कर दिया था।
तीन तमिलों की मौत पर घिरी कर्नाटक सरकार, मुआवजा बढ़ाने की मांग
कर्नाटक के चामराजनगर और मैसूर में तीन तमिल लोगों की मौत को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्रियों एडप्पादी के. पलानीस्वामी और एम.के. स्टालिन ने मामले की CBI जांच की मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट ने अदाणी पावर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों की ₹1005 करोड़ के बकाया इनवॉइस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है।
Mallikarjun Kharge की रैली स्थल के शुद्धिकरण पर कर्नाटक विधान परिषद में निंदा प्रस्ताव पारित
कर्नाटक विधान परिषद ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की आठ अगस्त को आयोजित रैली के बाद श्री राम सेना द्वारा मंच के किये गए कथित ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान की निंदा करने के लिए सोमवार को एक प्रस्ताव पारित किया। आरोप है कि आठ अगस्त को खरगे की राजनीतिक रैली के दो दिन बाद, 10 अगस्त को श्री राम सेना ने उसी जगह पर गंगाजल का छिड़काव किया और ‘हवन’ किया। इस अनुष्ठान से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह दलितों के प्रति भेदभावपूर्ण सोच को दर्शाता है। कर्नाटक विधान परिषद में इस संबंध में कांग्रेस के विधान पार्षद (एमएलसी) एफ एच जक्कप्पनवर, डी थिमैया, थिपन्ना कामकनूर, डी टी श्रीनिवास, बालकीस बानू, जगदेव गुट्टेदार और अन्य ने निंदा प्रस्ताव पेश किया।जक्कप्पनावर ने प्रस्ताव को पढ़ा जिसमें कहा गया, ‘‘मनुवादियों ने उस जगह को ‘शुद्ध’ करने के लिए हवन किया जहां डॉ. मल्लिकार्जुन खरगे खड़े होकर भाषण दे रहे थे। एक सार्वजनिक अनुष्ठान किया गया, जिससे भारत के संविधान का अपमान हुआ।’’उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या आपको इस बात पर शर्म आती है कि आप दलितों से जुड़ी प्रथाओं का पालन कर रहे हैं? क्या आप दलितों को दूर रख रहे हैं? क्या आप उनके साथ भेदभाव कर रहे हैं? क्या आप उस जगह को शुद्ध कर रहे हैं जहां खरगे ने भाषण दिया था? क्या आपको शर्म नहीं आती?’’राज्य सरकार में मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग कर रही भाजपा के हंगामे के बीच, इस प्रस्ताव को सदन ने पारित कर दिया।
NGT ने Belagavi झील में मछलियों की मौत पर कर्नाटक सरकार से जवाब मांगा
राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कर्नाटक के बेलगावी जिले की एक झील में प्रदूषण के कारण बड़ी संख्या में मछलियों की मौत के मामले में राज्य सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण एक स्थानीय निवासी द्वारा दायर की गई उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दावा किया गया था कि जिले के अठानी शहर की एक झील में 29 जनवरी को ‘‘बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत’’ देखी गई थी। याचिका में दावा किया गया है, नाले के पानी, नगरपालिका के कचरे और संभावित रासायनिक अपशिष्टों के कारण झील का पानी अत्यधिक प्रदूषित हो गया और उसमें ऑक्सीजन की भारी कमी हो गई, जिसके कारण सैकड़ों मृत मछलियां (जिनमें बड़ी मछलियां भी शामिल थीं) सतह पर उतराती पाई गईं। इसमें दावा किया गया है, यह अठानी नगर पालिका अधिकारियों की लापरवाही का नतीजा है, जिन्होंने गटर के अनुपचारित पानी को झील में बहाने, कचरा फेंकने और रखरखाव में अनदेखी की, जिससे पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन हुआ। न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ए. सेंथिल वेल की पीठ ने 10 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि इस मामले ने पर्यावरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े किए हैं। इसकी प्रति सोमवार को उपलब्ध हुई। पीठ ने कहा, याचिका में किए गए दावों को ध्यान में रखते हुए, हम कर्नाटक सरकार, बेलगावी के जिला मजिस्ट्रेट, अठानी नगर परिषद, कर्नाटक झील संरक्षण एवं विकास प्राधिकरण और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जवाब मांगना उचित समझते हैं। अधिकरण ने इस मामले को कार्यवाही के लिए चेन्नई स्थित एनजीटी की दक्षिणी क्षेत्र की पीठ को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 अगस्त को होगी।
Junior National Hockey: झारखंड, हरियाणा और कर्नाटक ने जीते अपने मुकाबले, पुणे में प्रदर्शन जारी
हॉकी झारखंड, हॉकी हरियाणा और हॉकी कर्नाटक ने जूनियर महिला राष्ट्रीय हॉकी चैंपियनशिप में सोमवार को अपने-अपने मुकाबले जीतकर शानदार प्रदर्शन जारी रखा। हॉकी कर्नाटक ने डिवीजन बी के पूल बी मुकाबले में गोअन्स (गोवा) हॉकी को 9-0 से करारी शिकस्त दी जबकि इसी पूल के एक अन्य मुकाबले में हॉकी बिहार ने तमिलनाडु हॉकी इकाई को 5-1 से हराया। दिल्ली हॉकी ने डिवीजन बी के पूल ए में केरल हॉकी को 5-0 से मात दी, जबकि हॉकी मिजोरम ने हॉकी आंध्र प्रदेश के खिलाफ 4-1 से जीत दर्ज की। हॉकी झारखंड ने डिवीजन ए के पूल ए में हॉकी पंजाब को 3-1 से हराया जबकि पूल बी में हॉकी हरियाणा ने ओडिशा हॉकी संघ को 3-0 से शिकस्त दी। डिवीजन ए के पूल सी में उत्तर प्रदेश हॉकी ने हॉकी महाराष्ट्र को 3-0 से हराया। पूल डी में हॉकी मध्य प्रदेश ने छत्तीसगढ़ हॉकी पर 3-1 से जीत दर्ज की।
वाल्मीकि निगम घोटाला: भाजपा और जेडी-एस ने कर्नाटक मंत्री नागेंद्र को हटाने की मांग की
Bengaluru, 17 अगस्त . कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में अनियमितताओं का मामला एक बार फिर राज्य विधानसभा के मानसून सत्र में Political विवाद का कारण बन गया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) (जेडी-एस) ने मंत्री बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है. इस मुद्दे को ... Read more
आज क्या बनाऊं: हर खाने का स्वाद बढ़ा देगी कर्नाटक स्पेशल भिंडी की चटनी, देखें वीडियो
Bhindi Ki Chutney: बेंडेकायी चटनी कर्नाटक की एक फेमस और स्वादिष्ट रेसिपी है, जो भिंडी, दाल, मसाले, टमाटर और इमली से बनाई जाती है.
Bengaluru, 17 अगस्त . कर्नाटक के चामराजनगर रिजर्व फॉरेस्ट में वन विभाग के कर्मियों की जवाबी फायरिंग में तीन शिकारी मारे गए. शिकारियों के गोली चलाने पर कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी. Government ने Monday को विधानसभा में यह जानकारी दी. विधानसभा में भाजपा नेताओं के सवालों का जवाब देते हुए वन और ... Read more
सुप्रीम कोर्ट ने कावेरी जल विवाद में कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु को तत्काल पानी छोड़ने का निर्देश दिया है। तमिलनाडु सरकर का आरोप है कि पर्याप्त पानी होने के बावजूद उसे अपना हिस्सा नहीं मिल रहा है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
आरएसएस पर कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया की टिप्पणी का सीपीआई सांसद ने किया समर्थन
आरएसएस पर कर्नाटक के मंत्री यतींद्र सिद्धारमैया की टिप्पणी का सीपीआई सांसद ने किया समर्थन
जंगल में तीन हत्याओं के बाद कर्नाटक और तमिलनाडु में नई रार, विजय थलपति ने बताया नरसंहार
कर्नाटक के कावेरी अभयारण्य में हुईं तीन हत्याओं पर तमिलनाडु और कर्नाटक में तनाव पैदा हो गया है। थलपति विजय ने इसे नरसंहार बताया है। वहीं कर्नाटक सरकार का कहना है कि ये लोग शिकार करने जंगल में घुसे थे।
दुनिया के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने पेशेवर फुटबॉल करियर को लेकर अब तक का सबसे बड़ा संकेत दिया है। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने कहा है कि 'शायद यह मेरा आखिरी साल है।' सऊदी अरब के क्लब 'अल-नस्र' के लिए खेल रहे रोनाल्डो ने इस बात को माना है कि वे 2026-27 सीज़न के अंत में अपने 25 साल लंबे और सुनहरे करियर पर विराम लगा सकते हैं, लेकिन उन्होंने अपने करियर के खत्म होने की कोई पक्की तारीख नहीं बताई थी। हालांकि, रविवार को 'वोग' (Vogue) में छपे एक इंटरव्यू में रोनाल्डो ने अपनी शादी के बाद जॉर्जीना रोड्रिग्ज के साथ अपनी ज़िंदगी और भविष्य के बारे में बात की। इस जोड़े ने पहली मुलाकात के ठीक 10 साल बाद, 11 अगस्त को पुर्तगाल के कास्केस में एक निजी समारोह में शादी की। इसे भी पढ़ें: Nag Panchami 2026: नाग पंचमी पर कैसे पाएं दोष से मुक्ति, जानें Nag Panchami 2026 की पूजा विधि 'शायद यह मेरा आखिरी साल है' रोनाल्डो ने 'वोग' से कहा, फुटबॉल में शायद यह मेरा आखिरी साल है, और मैं एक शानदार विरासत छोड़ना चाहता हूं। पांच बार बैलन डी'ओर (Ballon d'Or) जीतने वाले रोनाल्डो ने पिछले नवंबर में कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि वे 'एक या दो साल' और खेलेंगे और पुष्टि की थी कि 2026 वर्ल्ड कप इस टूर्नामेंट में उनकी आखिरी उपस्थिति होगी। पिछले महीने वर्ल्ड कप में स्पेन ने पुर्तगाल को बाहर कर दिया था, लेकिन उसके बाद रोनाल्डो ने यह नहीं बताया था कि वे प्रोफेशनल फुटबॉल से कब रिटायर होने की योजना बना रहे हैं। मैनचेस्टर यूनाइटेड और रियल मैड्रिड के पूर्व फॉरवर्ड ने अब कहा है कि उन्होंने फुटबॉल के बाद की ज़िंदगी की तैयारी शुरू कर दी है और वे अपने परिवार के साथ ज़्यादा समय बिताने के लिए उत्सुक हैं। रोनाल्डो ने आगे कहा, मैंने अपने भविष्य की पूरी योजना बना ली है। मेरे पास व्यस्त रहने के लिए इतनी सारी चीज़ें हैं कि सिर्फ़ एक चीज़ बताना मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: Karnataka में 3 ‘तमिल शिकारियों’ की मुठभेड़ पर मौत गरमाई राजनीति: विजय और स्टालिन ने साधा निशाना, शिवकुमार ने दिए जांच के आदेश | 10 Points क्योंकि फुटबॉल एक बड़ी कमी छोड़ सकता है, इसलिए आपको अपना समय अलग-अलग तरीकों से भरना होता है, न कि सिर्फ़ एक तरीके से। और साथ ही ज़्यादा मज़े करना, ज़्यादा घूमना-फिरना, पैडल (padel) देखना और खेलना - जो मुझे बहुत पसंद है - और जो मैंने कमाया है - जो हमने कमाया है - उसका आनंद लेना जारी रखना। क्योंकि आखिरकार, 25 साल का सफ़र बहुत सारे त्याग के साथ गुज़रा है। 25 साल का करियर जल्द ही खत्म हो सकता है रोनाल्डो के हालिया बयानों से साफ़ संकेत मिलता है कि वह इस साल प्रोफ़ेशनल फ़ुटबॉल से रिटायर हो सकते हैं, जिससे उनका शानदार 25 साल का खेल करियर खत्म हो जाएगा। उन्होंने अपने सीनियर करियर की शुरुआत स्पोर्टिंग CP के साथ की थी और उसके बाद मैनचेस्टर यूनाइटेड, रियल मैड्रिड और जुवेंटस जैसे दुनिया के कुछ सबसे बड़े क्लबों के लिए खेले। जनवरी 2023 से वह सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र के लिए खेल रहे हैं। रोनाल्डो के करियर का सबसे शानदार दौर रियल मैड्रिड के साथ रहा, जहाँ उन्होंने 438 मैचों में क्लब के लिए रिकॉर्ड 450 गोल किए। इस साल के वर्ल्ड कप में रोनाल्डो ने तीन गोल किए और पुर्तगाल को राउंड ऑफ़ 16 तक पहुँचने में मदद की। For the latest scores, match updates, and in-depthcoverage, exploreLive Cricket Updates in Hindi on Prabhasakshi
जंगल में मुठभेड़ या कुछ और?: CM विजय के सवालों से घिरे मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार; तमिलनाडु-कर्नाटक आमने-सामने- CM Vijay questions regarding encounter Tamil Nadu poachers Karnataka forests CM Shivakumar gice clarification
15 अगस्त को कर्नाटक के चामराजनगर ज़िले में राज्य वन विभाग द्वारा कथित तौर पर तीन शिकारियों की मौत के बाद तमिलनाडु और कर्नाटक के बीच भारी राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। मृतकों के परिजनों के कड़े विरोध और तमिलनाडु के प्रमुख राजनीतिक दलों के तीखे बयानों के बाद कर्नाटक सरकार बैकफुट पर आई है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा इस घटना की निंदा करने और इसे 'नरसंहार' बताने के बाद विवाद और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक वन विभाग द्वारा दी गई सफाई 'स्वीकार्य नहीं' है। विजय ने मांग की कि कर्नाटक सरकार को इस घटना पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। इसे भी पढ़ें: Ashokdham Temple Stampede | बिहार के लखीसराय में अशोकधाम मंदिर में बड़ा हादसा, बिजली का तार गिरने के बाद मची भगदड़ में 7 श्रद्धालुओं की मौत इस घटना के बारे में 10 मुख्य बातें यहां दी गई हैं: विजय ने 'X' पर तमिल भाषा में कहा, इस क्रूर घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। एक उच्च-स्तरीय जांच समिति बनाई जानी चाहिए और दोषियों को उचित सज़ा दी जानी चाहिए। कर्नाटक सरकार को पीड़ितों के परिवारों को हर ज़रूरी मदद देनी चाहिए। विजय को तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टियों, जिसमें द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) भी शामिल है, का समर्थन मिला। DMK ने निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की। DMK अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने एक बयान में कहा, कर्नाटक वन विभाग द्वारा राज्य के वन क्षेत्र में तीन तमिल लोगों की गोली मारकर हत्या किया जाना बेहद चौंकाने वाला है। डॉ. अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली PMK ने भी कर्नाटक वन विभाग और उसके स्पष्टीकरण पर सवाल उठाए और मांग की कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस घटना की जांच करे। मृतकों की पहचान एंटनी स्वामी, पीटर और कुमार के रूप में हुई। कर्नाटक वन विभाग के अनुसार, वे दत्ती जंगल में घुस गए थे और कथित तौर पर वन कर्मियों पर गोली चलाई थी, जिसके बाद मुठभेड़ हुई। इसी दौरान वे मारे गए। वन विभाग ने कहा कि उनके पास से बंदूकें और कुछ दस्तावेज़ भी बरामद किए गए। हालांकि, मृतकों के परिवारों ने वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और चामराजनगर में विरोध प्रदर्शन करते हुए माले महादेश्वरा बेट्टा जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। न्यूज़ एजेंसी PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने कहा, उन्हें हाथ या पैर में गोली मारी जानी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय, उन्होंने गर्दन में गोली मारी और तीनों की जान ले ली। जिन लोगों ने गोली चलाई, उन्हें घटना स्थल पर लाया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसे भी पढ़ें: Ashwini Vaishnaw ने Railway स्टेशनों पर सुरक्षित पेयजल तुरंत सुनिश्चित करने के दिए आदेश मृतकों में से एक की पत्नी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या की सज़ा) के तहत वन अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज कराई है। दोनों राज्यों के बीच तनाव बढ़ने के कारण, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि सरकार मृतकों के परिवार वालों को मुआवज़ा देगी। उन्होंने कहा, वन विभाग के अधिकारियों ने आकर मुझे घटना की पूरी जानकारी दी। शिकारियों की बंदूकें और जंगली जानवरों के मांस से भरे दो बैग ज़ब्त किए गए हैं... मैंने यह भी कहा है कि इस पर सही प्रतिक्रिया और उचित कार्रवाई होनी चाहिए। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलपति विजय ने कर्नाटक के चामराजनगर में तीन तमिल किसानों की मौत पर नाराजगी जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट आज तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें कर्नाटक से कावेरी जल का तत्काल वितरण करने का निर्देश मांगा गया है।
कर्नाटक के गडग जिले से बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मानसिक रूप से दिव्यांग महिला से दुष्कर्म और जबरन गर्भपात कराने के आरोप में डॉक्टर और नर्स समेत सात लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
Karnataka के हनूर में 3 लोगों की मौत पर भड़का जनआक्रोश, वनकर्मियों पर FIR दर्ज
कर्नाटक में 15 अगस्त को वनकर्मियों के साथ मुठभेड़ में मारे गए तीन कथित शिकारियों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर रविवार को चामराजनगर और मैसूरु में जिले में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। चामराजनगर जिले के हनूर में तनाव की स्थिति रही, जहां दत्ती वन क्षेत्र में वनकर्मियों के साथ कथित मुठभेड़ में मारे गए तीन लोगों के परिजनों और ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों ने वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए माले महादेश्वरा बेट्टा जाने वाली सड़क को जाम कर दिया। द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) सहित तमिलनाडु के दलों ने दावा किया कि मारे गए तीनों लोग तमिल थे और अधिकारियों के इस दावे पर सवाल उठाए कि वे शिकारी थे। ग्रामीणों ने मृतकों के लिए न्याय की मांग की। घटनास्थल की टेलीविजन पर प्रसारित तस्वीरों में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की होती दिखाई दी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि गोली चलाने वाले वनकर्मियों को मौके पर लाकर उनसे पूछताछ की जाए। वहीं, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और परिजनों तथा ग्रामीणों में बढ़ते आक्रोश को शांत करने के प्रयास किए। प्रदर्शनकारियों ने वन कर्मियों के तीनों लोगों को गोली मारने के अधिकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि भले ही वे शिकार के लिए जंगल में गए थे, फिर भी उन्हें मारना उचित नहीं था। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा, ‘‘उन्हें हाथ या पैर में गोली मारी जा सकती थी, लेकिन इसके बजाय उनकी गर्दन में गोली मारी गई। गोली चलाने वाले कर्मियों को मौके पर लाकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।’’परिजनों और ग्रामीणों ने तत्काल मुआवजे की आधिकारिक घोषणा करने और जानलेवा गोलीबारी में शामिल अधिकारियों की गिरफ्तारी की भी मांग की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्थानीय विधायक द्वारा प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने का भरोसा दिलाने के बाद विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया गया। उन्होंने कहा कि अब स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में से एक की पत्नी की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद हनूर पुलिस ने कथित घटना में शामिल वन अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या के लिए सजा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे पोस्टमार्टम से संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी सहमति दे दी। शव फिलहाल मैसूरु के के.आर. अस्पताल के शवगृह में रखे गए हैं। मैसुरु के पुलिस अधीक्षक मल्लिकार्जुन बाल्डंडी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि परिवारों ने पोस्टमार्टम के लिए सहमति दे दी है और केआर अस्पताल में दो शवों का पोस्टमार्टम पूरा हो चुका है। अधिकारियों ने बताया कि मैसुरु में भी विरोध प्रदर्शन हुए, जहां पुलिस प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को शांत करने की कोशिश करती दिखी। कोल्लेगाला उपमंडल के सहायक आयुक्त दिनेश कुमार मीणा ने संवाददाताओं को बताया कि उपायुक्त ने इस घटना की जांच एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट से कराने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘अभी जांच चल रही है और रिपोर्ट आने पर उसे उपायुक्त को सौंपा जाएगा।’’कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कोडागु में संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिए हैं और भरोसा दिलाया कि सरकार पीड़ित परिवारों को मुआवजा देगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर बात हर किसी को नहीं बता सकते। मुझे इस मामले की असल जानकारी आज सुबह ही मिली है। मुझे सभी दस्तावेज़ों के बारे में भी जानकारी दी गई है। वन विभाग के अधिकारी आए और उन्होंने मुझे पूरी और सीधी जानकारी दी।’’शिवकुमार के मुताबिक वन विभाग के कर्मचारियों ने हथियार और मांस से भरे दो बैग जब्त किए, जिनमें जंगली जानवरों का मांस भी शामिल है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे अधिकारियों के अनुसार, एक व्यक्ति फरार हो गया है। अधिकारी अब भी विवरण एकत्र कर रहे हैं।’’कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने मांग की कि शिवकुमार घटना के तथ्यों का पता लगाने के लिए न्यायिक जांच का आदेश दें। अशोक ने बेंगलुरु में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार के खिलाफ लगे आरोपों के कारण मुख्यमंत्री ने एक सहायक आयुक्त की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया है। उन्होंने कहा, ‘‘अगर अधिकारी ही अधिकारियों की जांच करेंगे, तो तय है कि जांच भटक जाएगी। अब तक जितनी भी जांच हुई हैं, वे सभी अधिकारियों के पक्ष में ही रही हैं। केवल न्यायिक जांच ही सच सामने ला सकती है।’’यह घटना शनिवार तड़के कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के तहत शाग्या रेंज के घने जंगल क्षेत्र में हुई, जहां शिकार की गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद वनकर्मियों का सामना चार लोगों से हुआ। इस बीच, तमिलनाडु की द्रमुक और पीएमके ने दावा किया कि मारे गए लोग तमिल थे और उनकी हत्या की कड़ी निंदा की। पार्टियों ने मामले की जांच और पीड़ितों के परिवारों को मुआवज़ा देने की मांग की।
'आंध्र प्रदेश में मिला दो मेरा इलाका...', कर्नाटक कांग्रेस विधायक ने क्यों रखी ऐसी मांग
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले के मोलकालमुरु विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक एनवाई गोपालकृष्ण ने क्षेत्र की उपेक्षा पर नाराजगी जताई है. उन्होंने कहा कि अगर मोलकालमुरु को उचित ध्यान नहीं दिया जाता है.
मंगलूरू में भाजपा नेता विकास पुत्तुर ने ‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ उरवा थाने में शिकायत दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की।
Supreme Court सोमवार को Cauvery water विवाद में तमिलनाडु की याचिका पर करेगा सुनवाई
उच्चतम न्यायालय तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा, जिसमें कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी नदी का जल तत्काल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। उच्चतम न्यायालय की 17 अगस्त की वाद सूची के अनुसार, मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ करेगी। शीर्ष अदालत ने 12 अगस्त को कहा था कि इस मामले में तमिलनाडु सरकार और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित अन्य पक्षों की ओर से दायर याचिकाओं पर 17 अगस्त को सुनवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Political Conspiracy के खिलाफ ढाल बनेगी TVK Government: CM Vijay बोले- सोशल जस्टिस और ईमानदारी ही हमारी ताकत इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने कहा था कि बारिश की कमी वाले साल में राज्य को कावेरी नदी के पानी का अपना उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने तीन अगस्त को उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के हिस्से का पानी तत्काल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दावा किया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) द्वारा तमिलनाडु के लिए निर्धारित जल की मात्रा और पड़ोसी राज्य कर्नाटक द्वारा छोड़ा गया पानी, दोनों ही तय हिस्से से काफी कम हैं। तमिलनाडु सरकार ने कहा कि 28 जुलाई को सीडब्ल्यूआरसी की बैठक में कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिन तक 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। उसने कहा कि हालांकि, 29 जुलाई से दो अगस्त के बीच बिलिगुंडलु में छोड़े गए पानी की मात्रा 158 से 550 क्यूसेक के बीच रही। तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि तीन अगस्त तक कर्नाटक में केआरएस, काबिनी, हरंगी और हेमावती जलाशयों में कुल मिलाकर 77.537 टीएमसी पानी उपलब्ध था। इसे भी पढ़ें: कावेरी जल विवाद पर Karnataka बंद के बीच प्रदर्शनकारियों ने Tamil Nadu के ट्रक ड्राइवरों को दिए गुलाब उसने कहा कि ऐसे में कर्नाटक को तमिलनाडु के हिस्से का पानी अनुपात के आधार पर छोड़ने में कोई कठिनाई नहीं होगी। इसमें कहा गया कि कर्नाटक में हाल में केआरएस और काबिनी बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद, बिलिगुंडलु में छोड़े जाने वाले पानी का अनुपातिक हिस्सा 26.954 टीएमसी होना चाहिए।
अंबुमणि रामदास ने कर्नाटक के वनकर्मियों द्वारा तीन तमिलों की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की
चेन्नई, 16 अगस्त . पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने चामराजनगर जिले में कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के समीप कर्नाटक वन विभाग के कर्मियों द्वारा तीन तमिल युवकों को गोली मारकर की गई हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. मृतकों की ... Read more
'बासी और बदबूदार चिकन', कस्टमर की शिकायत पर कर्नाटक FDA का एक्शन; KFC आउटलेट किया सील
मंगलुरु में केएफसी आउटलेट को बदबूदार चिकन की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सील कर दिया। यह कार्रवाई कर्नाटक में चल रहे व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है।
गुटखा प्रतिबंध का आदेश वापस नहीं लिया गया: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक Government द्वारा राज्य में गुटखा पर प्रतिबंध वापस लेने की अफवाहों के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने Saturday को स्पष्ट किया कि Government ने केवल निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है और इसे वापस नहीं लिया गया है. Bengaluru ... Read more
Karnataka मुठभेड़ में 3 संदिग्ध शिकारी ढेर, CM ने दिए मजिस्ट्रेट जांच के आदेश
कर्नाटक में चामराजनगर जिले के शाग्या रेंज के अंतर्गत दट्टी वन क्षेत्र में शनिवार को वनकर्मियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन कथित शिकारियों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने इस घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। वन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 5:10 बजे कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के अंतर्गत आने वाले घने वन क्षेत्र में हुई, जब शिकार की सूचना पर कार्रवाई कर रहे वनकर्मियों का सामना चार लोगों से हुआ। रेड्डी ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि दोनों पक्षों की बात सुनकर तथ्यों का पता लगाने के लिए मजिस्ट्रेट जांच की जाए। हमें यह पता लगाना होगा कि वास्तव में क्या हुआ और क्या गोलीबारी जानबूझकर की गई थी या आत्मरक्षा में की गई थी।’’उन्होंने कहा कि शिकारियों के शिकार के लिए जाने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की दो टीम इलाके में गईं और पीछा करते हुए उनका रास्ता रोक लिया। रेड्डी ने कहा कि उन लोगों के पास कथित तौर पर दो देसी पिस्तौल और चार थैले थे, जिनमें हिरण का मांस था। वन मंत्री ने कहा, ‘‘उस समय, उन्होंने कथित तौर पर गोली चलाने की कोशिश की। वनकर्मियों ने उनसे कहा, ‘हम आत्मरक्षा में गोली चलाएंगे’। उनमें से दो की मौके पर ही मौत हो गई। एक व्यक्ति घायल हो गया और उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां बताया जाता है कि उसकी मौत हो गई।’’उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति मौके से कथित तौर पर फरार हो गया। उन्होंने कहा कि दो देसी पिस्तौल और हिरण के मांस से भरे चार थैले जब्त किए गए हैं। शिवकुमार ने कहा कि कुछ सामान और वस्तुएं जब्त की गई हैं और मजिस्ट्रेट जांच के बाद सभी विवरण सामने आएगा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए लोग हनूर तालुक के थोमियारपल्या के निवासी थे। सूत्रों ने बताया कि शवों को मैसूरु के एक अस्पताल के शवगृह में ले जाया गया, जहां परिजनों के पहुंचने के बाद पोस्टमॉर्टम कराया गया। सूत्रों ने बताया कि मुठभेड़ के बाद मृतकों के परिजनों ने हनूर तालुक स्थित शाग्या वन कार्यालय में कथित तौर पर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय के फर्नीचर, उपकरण, एक मोटरसाइकिल और कार्यालय के बोर्ड को नुकसान पहुंचाया गया। सूत्रों ने कहा, ‘‘मुठभेड़ के बाद परिजनों ने गुस्से में वन विभाग के कार्यालय और उसके सामान को नुकसान पहुंचाया। फर्नीचर और अन्य वस्तुओं को सड़क पर फेंक दिया गया।’’कन्नड़ कार्यकर्ता वटल नागराज ने इस मुठभेड़ की निंदा की और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। नागराज ने कहा, “अगर संबंधित मंत्रियों को वास्तव में इसकी चिंता है, तो उन्हें सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए। उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उनके खिलाफ सामान्य मामला दर्ज नहीं किया जाना चाहिए; हत्या का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।”उन्होंने कहा कि वह वन विभाग कार्यालय के सामने सत्याग्रह करेंगे। सूत्रों ने बताया कि घटना के बाद पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
भाजपा का आरोप: कर्नाटक सरकार चोरी-छिपे तमिलनाडु को छोड़ रही कावेरी का पानी
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने Saturday को राज्य की कांग्रेस Government पर आरोप लगाया कि वह सार्वजनिक रूप से तमिलनाडु को एक बूंद भी कावेरी का पानी नहीं देने की बात कहने के बावजूद चोरी-छिपे पड़ोसी राज्य के लिए पानी छोड़ रही है. अशोक ने आरोप लगाया कि ... Read more
Karnataka: कार-बाइक चलाने वालों की ढीली होगी जेब! PUC की फीस बढ़ी, 15 अगस्त से लागू हुए नए नियम
कर्नाटक सरकार ने वाहनों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक (पीयूसी) जारी करने वाले अधिकृत केंद्रों की जांच फीस में बदलाव किया है। नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं। नई दरों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच फीस 65 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। वहीं, ऑटो रिक्शा की जांच फीस 75 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी से चलने वाली कारों की जांच फीस अब 115 रुपये की जगह 150 रुपये होगी। जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए यह फीस 160 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है।कर्नाटक में गाड़ी का PUC कराना हुआ महंगा!सरकार ने परिवहन आयुक्त और सड़क सुरक्षा आयुक्त के प्रस्ताव के बाद 13 अगस्त को पीयूसी जांच फीस बढ़ाने का आदेश जारी किया। यह बदलाव कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ की मांग के बाद किया गया है। संघ ने लंबे समय से मौजूदा फीस में बदलाव की मांग की थी। पीयूसी प्रमाणपत्र आमतौर पर छह महीने तक मान्य होता है। हालांकि, बीएस-4 और बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों के लिए नियमों के तहत पीयूसी की वैधता एक साल तक हो सकती है। कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ के अध्यक्ष योगेश ने फीस बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फीस में बदलाव की मांग काफी समय से की जा रही थी और यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था।बाइक-कार समेत जानें किस वाहन के लिए कितने रुपये देने होंगेसरकार ने कहा कि संचालन लागत बढ़ने की वजह से पीयूसी जांच की फीस बढ़ाना जरूरी हो गया था। इन लागतों में कच्चे माल, पेट्रोल-डीजल की कीमत, प्रदूषण जांच केंद्रों का किराया, इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का रखरखाव, प्रिंटर की स्याही, बिजली का खर्च और कर्मचारियों की सैलरी शामिल है। सरकार ने बताया कि नई फीस को कर्नाटक मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 231-बी(13) के तहत लागू किया गया है। नई दर के मुताबिक फीस लेने का अधिकार सिर्फ कंप्यूटर से चलने वाले अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों को होगा। यह फीस केवल वाहनों के उत्सर्जन की जांच करने और पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए ली जाएगी।आदेश में प्रदूषण जांच केंद्रों के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। केंद्रों को प्रदूषण जांच के लिए प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा। साथ ही, गैस की जांच करने वाली मशीन यानी गैस एनालाइजर की समय-समय पर सही तरीके से री-कैलिब्रेशन करानी होगी। केंद्र पर गैस एनालाइजर की सबसे हाल की री-कैलिब्रेशन की तारीख और समय साफ तौर पर दिखाई देने वाली जगह पर लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पीयूसी प्रमाणपत्र में किसी भी तरह की हाथ से लिखी गई एंट्री या बदलाव नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के मुताबिक, पीयूसी प्रमाणपत्र केवल उन्हीं वाहनों को जारी किया जा सकता है जिनका प्रदूषण स्तर तय सीमा के अंदर हो। आदेश में यह भी बताया गया है कि वाहन की श्रेणी और उसके उत्सर्जन मानकों के आधार पर पीयूसी प्रमाणपत्र कितने समय तक मान्य रहेगा, इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है।
ध्वजारोहण के बाद कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार बोले, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी सरकार
Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने Saturday को राज्य की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कर्नाटक भर में शांति, सद्भाव और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत Bengaluru स्थित अपने सदाशिवनगर आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद ... Read more
मुझे तुरंत चाहिए..., Pahalgam हमले पर PM Modi का पहला सवाल, NSA Doval ने किया खुलासा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बताया कि 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले यह पूछा था कि इस जानलेवा हमले के पीछे कौन था, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे; साथ ही उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई करने को भी कहा था। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर के लिए दिए गए एक इंटरव्यू में, डोभाल ने पाकिस्तान-समर्थित सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू होने से पहले की घटनाओं को याद किया। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ पूर्व इंटेलिजेंस ऑफ़िसर डोभाल ने बताया कि 88 घंटे चले इस मिलिट्री ऑपरेशन का मकसद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद दुश्मन के कैंपों को नष्ट करना था, खासकर उन कैंपों को जो पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए चलाया गया था। उस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी और यह दशकों में कश्मीर में आम नागरिकों पर हुआ सबसे घातक हमला था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल से कुछ ज़्यादा समय बाद अपने पहले इंटरव्यू में, अजीत डोभाल ने सऊदी अरब से अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाक़ात को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लौटे। विदेश सचिव उन्हें लेने आए थे। फिर, एयरपोर्ट पर ही हमारी मुलाक़ात हुई। सबसे पहले, वह सभी तथ्य जानना चाहते थे। NSA डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री हमले के बारे में जानकारी चाहते थे और यह जानना चाहते थे कि इसके पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि और फिर मुझसे उनका पहला सवाल था –– 'यह किसने किया है? कौन ज़िम्मेदार है? हमें बिल्कुल साफ़ पता होना चाहिए कि हमलावर कौन हैं। मुझे यह तुरंत चाहिए। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान दुनिया को एक साफ़ संदेश देते हुए, NSA ने फिर कहा कि भारत की उदारता को देश की कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए। दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ़ है – भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार भी कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों।
Independence Day पर PM Modi का विपक्ष से बड़ा आग्रह: Women Reservation पर Political Game छोड़ो!
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में महिला जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। मोदी ने संसद द्वारा पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ज़िक्र किया और पिछले 40 वर्षों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ी राजनीतिक चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने राजनीतिक दलों से आगे आने और महिलाओं के लिए ज़्यादा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान मोदी ने कहा कि महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के ज़रिए देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। मोदी ने कहा किमेरे प्यारे देशवासियों, आज पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में हमारी महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में देश का मार्गदर्शन कर रही हैं, स्थानीय चुनौतियों का समाधान कर रही हैं और बेहद काबिल व सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया। मोदी ने कहा कि पिछले चार दशकों में यह मुद्दा बार-बार राजनीतिक विवादों का हिस्सा बनता रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन किसी न किसी वजह से, पिछले 40 सालों में राजनीतिक क्षेत्र में यह सपना लगातार राजनीतिक खेल और राजनीतिक खींचतान का शिकार होता रहा है। इसके बाद उन्होंने लाल किले से राजनीतिक दलों से अपील की। मोदी ने कहा कि आज, लाल किले की प्राचीर से, तिरंगे की छाया में खड़े होकर, मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से पुरज़ोर अपील और आग्रह करता हूँ: आगे आइए और हमारी महिलाओं की ताकत और क्षमता का जश्न मनाइए। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ मोदी ने राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं के सम्मान में आगे बढ़ें और जितनी जल्दी हो सके, यह सुनिश्चित करें कि हमारी माताओं और बहनों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में 33% प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वे भारत की नीतियां बनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।
Karnataka AI Education: कर्नाटक सरकार ने स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को शामिल करने की पहल की है।
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
Mirzapur News: कैश वैन लूट कांड के आरोपियों के बयान व रिमांड के लिए टीम कर्नाटक रवाना
A team has left for Karnataka to record the statements of the accused in the cash van robbery case and to seek their remand.
Teacher Vacancy: सरकारी स्कूलों में 15,000 टीचर पदों पर बंपर भर्ती, TET पास 18 अगस्त से करें आवेदन
Sarkari Teacher Bharti 2026: कर्नाटक में 15,000 ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 18 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे हैं। योग्य उम्मीदवार schooleducation.karnataka.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
GPSTR Recruitment 2026: 15000 स्कूल टीचर पदों पर निकली भर्ती, जानें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: Safety Course at NISHE कर्नाटक स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट ने 12 अगस्त को ग्रेजुएट प्राइमरी स्कूल टीचर जॉब्स के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 18 अगस्त से शुरू होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (GPT), असिस्टेंट मास्टर (AM), प्राइमरी स्कूल टीचर (PST), फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET), कंप्यूटर साइंस टीचर (CST) पोस्ट के साथ 15,000 वैकेंसी शामिल हैं। इससे 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों के लिए टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं कि वे एलिजिबल हैं या नहीं और schooleducation.karnataka.gov.in पर 7 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 12 अगस्त एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 18 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 7 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 10 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है लिखित परीक्षा की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है वैकेंसी: कुल: 15,000 GPSTR: 8,500 असिस्टेंट मास्टर (AM): 4,500 प्राइमरी स्कूल टीचर (PST): 900 फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 600 कंप्यूटर साइंस टीचर (CST): 500 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इंस्टीट्यूशन से 12वीं, डिप्लोमा, डिग्री, ग्रेजुएशन होना चाहिए। पोस्ट के हिसाब से सब्जेक्ट की क्वालिफिकेशन की ज़रूरत जानने के लिए schooleducation.karnataka.gov.in वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें। कैंडिडेट भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा: जनरल: 21-40 साल 2A, 2B, 3A, 3B: 3 साल की छूट (43 साल तक) SC/ST: 5 साल की छूट (45 साल तक) एप्लीकेशन फीस: जनरल और पिछड़ा वर्ग: Rs 750 SC, ST और PwD: Rs 500 सिलेक्शन प्रोसेस: कॉम्पिटिटिव रिटन एग्जाम (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट / फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और मार्कशीट TET सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) आधार कार्ड या कोई दूसरा वैलिड पहचान का सबूत तालुक/जिले का डोमिसाइल/रेजिडेंस सर्टिफिकेट जाति सर्टिफिकेट (अगर रिजर्व्ड कैटेगरी में अप्लाई कर रहे हैं) पासपोर्ट-साइज़ फोटो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताया गया कोई दूसरा डॉक्यूमेंट अप्लाई कैसे करें: कर्नाटक स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं schooleducation.karnataka.gov.in. कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट 2026 एप्लीकेशन लिंक ढूंढें। वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और सभी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से एप्लीकेशन फीस भरें। फाइनल सबमिशन से पहले सभी भरी हुई डिटेल्स को ध्यान से देखें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या सॉफ्ट कॉपी रखें।
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