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Karnataka Ganesh Chaturthi की शोभायात्रा बनी सियासी मुद्दा, पुलिस की सलाह के बाद बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान शोभायात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह शोभायात्रा को लेकर कुछ निर्देश देते नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारी वीडियो में कहते हैं कि मस्जिद के सामने से शोभायात्रा नहीं निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहार को त्योहार की तरह ही मनाना चाहिए और दूसरों की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर मस्जिद के सामने जाकर पटाखे बजाए जाएंगे, तो वह मामले से अपने तरीके से निपटेंगे। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उसे हिंदू विरोधी बताया है। बीजेपी सांसद यदुवीर वाडियार ने कहा कि सड़क सभी के लिए होती है। उनके मुताबिक, प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए, न कि शोभायात्रा को रोकने पर। उन्होंने कहा कि कोई यह तय नहीं कर सकता कि शोभायात्रा कहां से निकलेगी और कहां से नहीं। इसे भी पढ़ें: BRICS मेहमानों की थाली बनी सियासी मुद्दा, Rahul Gandhi की टिप्पणी का Kiren Rijiju ने दिया जवाब आर. अशोक ने भी उठाए सवाल कर्नाटक बीजेपी विधायक और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग जिलों में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए आने वाले लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद के सामने से जुलूस निकलने पर दिक्कत होती है, तो गुरुद्वारे या जैन समुदाय के मंदिर के सामने से जुलूस निकलने पर ऐसी परेशानी क्यों नहीं होती? आर. अशोक ने कहा कि अगर किसी जगह पर दिक्कत हो रही है तो कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि असल में समाज के लिए परेशानी पैदा करने वाले लोग कौन हैं। इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स समिट के बीच अखिलेश यादव का तीखा प्रहार, बोले- सवाल पूछने की आजादी के बिना Vikasit Bharat संभव नहीं त्योहारों को लेकर पहले भी जारी होती रही हैं गाइडलाइन हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का वीडियो सामने आया है या त्योहारों के दौरान ऐसे निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर अलग-अलग त्योहारों को देखते हुए प्रशासन की ओर से ऐसी गाइडलाइन जारी की जाती रही हैं। गणेश उत्सव के दौरान भी प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी तरह के विवाद से बचने पर रहता है। इस बार पुलिस अधिकारी के वीडियो के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

प्रभासाक्षी 13 Sep 2026 6:29 pm

'मस्जिद के सामने से न ले जाएं गणेशोत्सव जुलूस', पुलिस के निर्देश के बाद कर्नाटक में सियासत तेज

मैसूर में गणेश उत्सव के जुलूस को मस्जिद के पास से न ले जाने के पुलिस निर्देश पर विवाद खड़ा हो गया है।

जागरण 13 Sep 2026 4:40 pm

Karnataka में Ganesh Utsav शोभायात्राओं पर शर्तों को लेकर Congress सरकार पर बरसे BJP नेता R Ashoka

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के नेता आर. अशोक ने रविवार को कांग्रेस सरकार पर राज्यभर में गणेशोत्सव मनाने को लेकर लोगों को ‘‘परेशान’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि पुलिस शोभा यात्राओं पर प्रतिबंध लगा रही है, जबकि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार त्योहार को लेकर ‘‘एकतरफा’’ रवैया अपना रही है। उन्होंने टी. नरसीपुर में गणेशोत्सव के आयोजकों को कथित तौर पर धमकाने वाले एक पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की। अशोक ने कहा, ‘‘अगर हिंदुओं से कहा जा रहा है कि वे अपने ही देश में खुले तौर पर और श्रद्धापूर्वक गणेशोत्सव नहीं मना सकते, तो हम इस सरकार से क्या कहें? पटाखे मत फोड़ो, शंख मत बजाओ, बोलो मत- यह कैसा न्याय है?’’ टी. नरसीपुर में एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित बातचीत का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि श्रद्धालुओं से मस्जिदों के सामने से शोभायात्रा नहीं निकालने, पटाखे नहीं फोड़ने और नृत्य नहीं करने तथा केवल शांतिपूर्ण जुलूस निकालने को कहा गया था। भाजपा नेता एक वायरल वीडियो का हवाला दे रहे थे, जिसमें कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी को गणेश पूजा समिति के सदस्यों को चेतावनी देते हुए सुना जा सकता है। अधिकारी ने कथित तौर पर कहा, “अगर तुमने ऐसा नहीं किया तो मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगा। मैं तुम्हें ठीक कर दूंगा।’’ अशोक ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से उक्त पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग की। अशोक ने आरोप लगाया कि मद्दूर और कोलार समेत कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा मस्जिदों के पास से गुजरती हैं तो आपत्ति क्यों जताई जाती है, जबकि गिरजाघर, गुरुद्वारे, जैन मंदिर या बौद्ध पूजा स्थलों के पास से गुजरने पर ऐसी समस्याएं सामने नहीं आतीं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केवल इन जगहों पर ही अशांति पैदा होती है, तो कांग्रेस सरकार को समझना चाहिए कि असामाजिक तत्व कौन हैं।’’ अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने और शोभायात्रा निकालने के लिए आयोजकों पर कई तरह की अनुमति लेने की शर्तें थोप रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आयोजकों को अलग-अलग विभागों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर ‘‘दिखावटी हिंदुत्व’’ की राजनीति करने का आरोप लगाया और शिवकुमार को ‘‘चुनावी हिंदू’’ करार दिया। अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान ही मंदिरों में जाते हैं और खुद को हिंदू के रूप में दिखाते हैं। उन्होंने गणेशोत्सव के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि मस्जिदों के मामले में इसी तरह के प्रतिबंध लागू नहीं किए जा रहे हैं। अशोक ने कहा कि वह पुलिस के कथित बर्ताव के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए टी. नरसीपुर जाएंगे। उन्होंने इसे पूरे कर्नाटक के अधिकारियों के लिए ‘‘चेतावनी की घंटी’’ बताया। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य में ‘‘तालिबान शैली’’ का शासन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा देने के बजाय उन्हें धमकाया जा रहा है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यदि राज्य में कहीं भी गणपति उत्सव मनाने में अधिकारियों द्वारा परेशानी पैदा की गई तो वह उस स्थान पर जाएंगे।

प्रभासाक्षी 13 Sep 2026 2:54 pm

बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन? कर्नाटक और गोवा सरकार उठाने जा रही हैं कड़ा कदम, जानिए क्या है 16 साल वाला नया 'Age-Limit' प्लान

स्मार्टफोन की बढ़ती लत, साइबर बुलिंग और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों के बीच भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध के बाद अब भारत के राज्य भी इसी दिशा में सख्त कदम उठाने की ओर अग्रसर हैं। भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले राज्य कर्नाटक और तटीय राज्य गोवा ने 16 वर्ष से कम आयु के किशोरों के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर कानूनी रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। दोनों राज्य सरकारों का मानना है कि सोशल मीडिया की एल्गोरिदम बच्चों के बचपन, पढ़ाई और मानसिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।कर्नाटक और गोवा का नया 'एज-लिमिट' प्लान: क्या है प्रस्ताव?दोनों राज्यों में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर अलग-अलग स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक मसौदे तैयार किए गए हैं:कर्नाटक सरकार का रुख: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने के इरादे को स्पष्ट किया है। राज्य का आईटी और गृह विभाग इस बात का अध्ययन कर रहा है कि कैसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्त आयु सत्यापन (Age Verification) अनिवार्य किया जाए।गोवा सरकार की विस्तृत रिपोर्ट: गोवा के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग ने ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट एक्ट' के मॉडल का गहराई से अध्ययन कर एक व्यापक मसौदा रिपोर्ट तैयार की है। गोवा सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर केंद्र सरकार और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी में है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस गाइडलाइन बन सके।आंध्र प्रदेश भी कतार में: कर्नाटक और गोवा के अलावा आंध्र प्रदेश सरकार भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन और ग्रेडेड एक्सेस (Graded Access) के विकल्पों पर विचार कर रही है।सरकारों को क्यों उठाना पड़ रहा है यह सख्त कदम?सरकारों, बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और मनोचिकित्सकों की ओर से लंबे समय से चेतावनी दी जा रही थी कि अनियंत्रित सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के विकास को रोक रहा है:मानसिक तनाव और एंग्जायटी: सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'व्यूज' की अंधी दौड़ बच्चों में हीनभावना, डिप्रेशन और बेचैनी पैदा कर रही है।साइबर बुलिंग और शोषण: नाबालिग बच्चे अक्सर ऑनलाइन प्रीडेटर्स, साइबर फ्रॉड, अश्लील सामग्री और ऑनलाइन बदमाशी (Cyber Bullying) के आसान शिकार बन जाते हैं।स्क्रीन एडिक्शन और नींद की कमी: देर रात तक रील्स और शॉर्ट्स देखने के कारण बच्चों का स्लीप साइकिल बिगड़ रहा है, जिससे उनकी याददाश्त और स्कूल के प्रदर्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई है।फिजिकल एक्टिविटी का खत्म होना: खेल के मैदानों से कटने के कारण किशोरों में कम उम्र में ही मोटापा, आंखों की रोशनी कमजोर होना और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।कैसे लागू होगा बैन: क्या तकनीक अपनाई जाएगी?यदि यह कानून धरातल पर उतरता है, तो इसके क्रियान्वयन (Implementation) की जिम्मेदारी सीधे सोशल मीडिया कंपनियों पर डाली जाएगी:मजबूत एज-वेरिफिकेशन (Age Verification): नए अकाउंट बनाने या मौजूदा अकाउंट्स को जारी रखने के लिए आधार, जन्म प्रमाण पत्र या सरकारी पहचान पत्र से उम्र का सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है।एआई-आधारित फेशियल एज एस्टिमेशन: कई वैश्विक कंपनियां अब सेल्फी और फेशियल बायोमेट्रिक्स स्कैन के जरिए यूजर की सटीक उम्र का अनुमान लगाने वाली तकनीकों का सहारा ले रही हैं।अंडर-16 अकाउंट्स को डी-एक्टिवेट करना: 16 वर्ष से कम आयु के पाए जाने वाले मौजूदा प्रोफाइल को कंपनियों को निष्क्रिय करना होगा।एजुकेशनल टूल्स रहेंगे चालू: यह बैन केवल सोशल मीडिया और मनोरंजन आधारित एल्गोरिदम वाले प्लेटफॉर्म्स पर केंद्रित होगा, जबकि गूगल, विकिपीडिया या ऑनलाइन शैक्षणिक पोर्टल्स के उपयोग पर कोई रोक नहीं रहेगी।कंपनियों और टेक एक्सपर्ट्स के सामने चुनौतियांहालांकि इस योजना की हर तरफ सराहना हो रही है, लेकिन टेक विशेषज्ञों का मानना है कि इसे लागू करने में कई कानूनी और तकनीकी अड़चनें आ सकती हैं:राज्य बनाम केंद्र का अधिकार क्षेत्र: इंटरनेट, टेलीकॉम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स केंद्र सरकार (Union List) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में कोई भी राज्य अकेले इसे पूरी तरह ब्लॉक नहीं कर सकता; इसके लिए केंद्र के 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन' (DPDP) नियमों और आईटी कानूनों के समन्वय की जरूरत होगी।वीपीएन (VPN) और फेक प्रोफाइल्स: बच्चे उम्र छिपाने के लिए माता-पिता के आईडी या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर इन पाबंदियों को आसानी से बायपास कर सकते हैं, जिसे रोकना एक बड़ी तकनीकी चुनौती है।भविष्य की डिजिटल पीढ़ी को बचाने की नई पहलतमाम चुनौतियों के बावजूद, कर्नाटक और गोवा की यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नीति-निर्माता अब बच्चों के डिजिटल भविष्य को लेकर अत्यधिक गंभीर हो चुके हैं। यदि यह प्रस्ताव केंद्रीय स्तर पर कानूनों का रूप लेता है, तो भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जाएगा जहां बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए कानूनी सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Sep 2026 9:52 am

वोटर लिस्ट विवाद: कर्नाटक में SIR के सोशल ऑडिट के लिए अभियान शुरु करेंगे प्रकाश राज

अभिनेता प्रकाश राज कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सोशल ऑडिट के लिए 20 से 30 सितंबर तक राज्यव्यापी अभियान शुरू करेंगे।

जागरण 13 Sep 2026 4:00 am

'वंदे मातरम' विवाद को लेकर कर्नाटक भाजपा पांच दिन की करेगी पदयात्रा

'वंदे मातरम' विवाद को लेकर कर्नाटक भाजपा पांच दिन की करेगी पदयात्रा

समाचार नामा 12 Sep 2026 11:33 pm

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’

Bengaluru, 12 सितंबर . कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने Saturday को कहा कि पार्टी राज्य में Prime Minister मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी. Bengaluru के राज्य भाजपा मुख्यालय जगन्नाथ भवन में विजयेंद्र ... Read more

डेली किरण 12 Sep 2026 6:08 pm

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प अभियान'

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प अभियान'

समाचार नामा 12 Sep 2026 5:59 pm

उत्तराखंड: हरीश रावत ने कांग्रेस के पदों से इस्तीफ़े के दावे का खंडन किया

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सदस्यता उनके लिए बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून-रगों में बसी है। आज हरीश रावत जो कुछ भी हैं, वह कांग्रेस की ही देन है और यह सदस्यता मेरे साथ स्वर्ग तक जाएगी। इसे भी पढ़ें: BRICS पर पी चिदंबरम के बयान का पवन खेड़ा ने किया बचाव, IMF रिपोर्ट को लेकर सरकार को घेरा रावत ने साफ़ किया कि उन्होंने केवल उन संगठनात्मक पदों—प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) वर्किंग कमेटी के सदस्य—से इस्तीफ़ा देने की इच्छा जताई थी, जिन पर वे अभी हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब देहरादून में हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से पार्टी के भ्रष्टाचार-विरोधी नैरेटिव पर बुरा असर पड़ने की आशंका हुई। उन्होंने कहा कि हाँ, अगर देहरादून में कल या परसों ED के पाखंडपूर्ण तमाशे का कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार-विरोधी नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी में मेरे जो पद हैं—राज्य कार्यकारिणी का सदस्य और AICC वर्किंग कमेटी का सदस्य—मैं उन पदों से इस्तीफ़ा देना चाहूँगा। उन्होंने मीडियाकर्मियों से आग्रह किया कि वे उनके बयान को पूरा पढ़ें और उसी के अनुसार अपनी रिपोर्ट में सुधार करें। ED ने रावत के पर्सनल असिस्टेंट, चंदन सिंह जीना के पास से काफी मात्रा में कैश, गहने और दूसरी कीमती चीज़ें बरामद कीं। रावत ने कहा कि मामले की सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि उसने देहरादून में कई जगहों पर तलाशी ली है। ये तलाशी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों से जुड़ी थीं। 10 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई तलाशी में चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये का बेहिसाब कैश, सोना और महंगी घड़ियाँ बरामद हुईं। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप UKSSSC के तत्कालीन चेयरमैन और सेक्रेटरी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग करने वाली प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और साजिश में कथित तौर पर शामिल बिचौलियों के घरों पर भी तलाशी ली गई। ED ने बताया कि जीना पहले हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान (2014 से 2017 तक) उनके 'ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 2:20 pm

Social Media पर समय बर्बाद न करें और ज्ञानवर्धक किताबें पढ़ें, लखनऊ Book Festival में बोले सीएम योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 सितंबर को लखनऊ यूनिवर्सिटी में पांचवें गोमती बुक फेस्टिवल का उद्घाटन किया। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर समय बिताने के बजाय पढ़ने की आदत डालने के लिए प्रोत्साहित किया। बुक फेस्टिवल का विचार सामने आने पर अपनी शुरुआती हिचकिचाहट को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि जब युवराज मलिक जी ने पहली बार लखनऊ में बुक फेस्टिवल आयोजित करने का प्रस्ताव रखा, तो मुझे शुरुआत में इसके नतीजों को लेकर संदेह था। उस समय अवनीश अवस्थी एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे थे; उन्होंने सुझाव दिया कि हमें इस पहल को बढ़ावा देना चाहिए। मैंने सहमति जताई और कहा कि मैं इसके पक्ष में हूं और इसका आयोजन होना चाहिए। इसे भी पढ़ें: BRICS पर पी चिदंबरम के बयान का पवन खेड़ा ने किया बचाव, IMF रिपोर्ट को लेकर सरकार को घेरा उन्होंने बताया कि इस फेस्टिवल का मकसद युवाओं, लेखकों और पब्लिशर्स के लिए विचारों के आदान-प्रदान का एक मंच तैयार करना था। उन्होंने कहा कि युवराज जी ने विस्तार से बताया कि इसमें कई पब्लिशर्स और लेखक हिस्सा लेंगे, स्थानीय युवाओं को एक मंच मिलेगा और विचारों का आदान-प्रदान होगा—जिससे लेखकों को अपनी बात कहने और उनकी कहानियों को समझने का मौका मिलेगा। हमने इसे शुरू करने की मंज़ूरी दे दी। सीएम योगी ने इस बुक फेस्टिवल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न से जोड़ा, जिसमें भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को आधुनिक ज्ञान से जोड़ने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि जब ज्ञान का दायरा सीमित था, तब उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट का सामना करना पड़ा और उसे बीमारू राज्य का दर्जा दिया गया, लेकिन पिछले एक दशक में की गई कोशिशों के अच्छे नतीजे सामने आए हैं। आज के युवाओं में पढ़ने के प्रति दिलचस्पी न होने की धारणा पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं इस बात को बिल्कुल नहीं मानता कि आज के युवा किताबें नहीं पढ़ते। हमने तो उन्हें किताबें पहुँचाने की कोशिश ही नहीं की। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप फेस्टिवल के पिछले आयोजनों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लखनऊ के मुकाबले गोरखपुर में लोगों का रिस्पॉन्स ज़्यादा अच्छा रहा, जहाँ ज़्यादा लोग आए और किताबें खरीदीं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे सोशल मीडिया पर अपना समय बर्बाद न करें और इसके बजाय अपनी पढ़ाई-लिखाई के अलावा दूसरी किताबें पढ़ने की आदत डालें। मुख्यमंत्री योगी ने छात्रों को ऐसी किताबें खरीदने की सलाह दी जो क्रिएटिविटी और अच्छे विचारों को बढ़ावा देती हों और घर पर अपना बुक बैंक बनाने को कहा। उन्होंने बच्चों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किताब 'एग्जाम वॉरियर्स' पढ़ने की भी सलाह दी; उन्होंने कहा कि यह किताब जीवन की मुश्किल चुनौतियों के समय मार्गदर्शन देती है।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 12:35 pm

उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल! PA के घर ED की रेड में मिले ₹32 लाख कैश, सोना और रोलेक्स, Harish Rawat ने दिया इस्तीफा!

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शुक्रवार को पार्टी के दो प्रमुख संगठनात्मक पदों से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। यह कदम प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनके निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद उठाया गया है। यह कार्रवाई 2016 के उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। रावत ने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि उनके किसी करीबी सहयोगी से जुड़े विवाद की वजह से भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की नैतिक और राजनीतिक लड़ाई कमजोर पड़े। इस कारण उन्होंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) की कार्यकारिणी सदस्यता और कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटने का निर्णय लिया। जीना के घर पर ED की छापेमारी और बरामदगी ED ने बताया कि उसने गुरुवार को देहरादून में कई जगहों पर तलाशी ली। इनमें UKSSSC के पूर्व अधिकारियों, OMR शीट की प्रोसेसिंग करने वाली एक प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों से जुड़ी जगहें शामिल थीं। तलाशी के दौरान, एजेंसी ने जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद, सोना और महंगी घड़ियां बरामद कीं। ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज चार FIR से जुड़ा है। ये FIR 2016 में UKSSSC द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में दर्ज की गई थीं। एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर OMR आंसर शीट को सुरक्षित कस्टडी से निकालकर आयोग के तत्कालीन सचिव के घर ले जाया गया था। वहां, अधूरे भरे हुए आंसर शीट के रोल नंबर नोट किए गए और एक प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिए गए। इन कर्मचारियों ने बिचौलियों के जरिए अवैध भुगतान लेकर आंसर बबल को धोखाधड़ी से भरा और उनमें बदलाव किया, जिसके बाद शीट को फिर से सील कर दिया गया। ED ने बताया कि जीना के घर पर तलाशी के दौरान 32 लाख रुपये का बिना हिसाब-किताब वाला कैश, सोने के सिक्के और चेन (वजन लगभग 200.5 ग्राम - 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन) और 12 महंगी घड़ियां जब्त की गईं। इन घड़ियों में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफिस जैसे ब्रांड शामिल थे। एजेंसी ने जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया, जिनमें 52.16 लाख रुपये थे, और फोरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। ED का आरोप है कि जीना ने भारी मात्रा में नकद खर्च किया था, जिसके लिए आय का कोई वैध स्रोत नहीं बताया जा सका। एजेंसी ने यह भी कहा कि UKSSSC के कुछ पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास से बिना हिसाब-किताब वाला नकद, गहने और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया। जीना अभी रावत के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और इससे पहले, जब रावत 2014 से 2017 के बीच मुख्यमंत्री थे, तब वे उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के तौर पर काम कर चुके हैं। रावत का कहना है कि उन्हें इन आरोपों पर यकीन नहीं है इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए रावत ने X पर एक लंबी पोस्ट में जीना के साथ अपने जुड़ाव को तो माना, लेकिन कहा कि उन पर लगे आरोपों पर यकीन करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा, टीवी पर खबरें दिखाई जा रही हैं कि देहरादून में मेरे PA के घर से भारी मात्रा में नकद और गहने मिले हैं या बरामद दिखाए गए हैं। इसकी सच्चाई आने वाले दिनों में सामने आएगी। यह सच है कि मिस्टर जीना मेरे OSD रहे हैं और जब भी मैं सरकार या पार्टी में रहा हूं, उन्होंने अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। जीना को बहुत ही भले, विनम्र और मेहनती व्यक्ति बताते हुए रावत ने कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की है, तो उन्हें ऐसे व्यवहार पर शर्म आएगी। रावत ने कहा, अगर उन्होंने ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की है और ऐसी गड़बड़ी के सबूत मिलते हैं, तो मुझे इस कथित हरकत पर शर्म आएगी। हालांकि, मुझे इस आरोप पर बिल्कुल भी यकीन नहीं है। रावत ने कांग्रेस के पदों से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला क्यों किया? पार्टी के पदों से इस्तीफ़ा देने के अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए रावत ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति चुनावी दौर में प्रवेश कर रही है और उनके ख़िलाफ़ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, जब भी लोग मुझसे पूछते थे कि चुनाव कब होंगे, तो मैं मज़ाक में कहता था कि चुनाव की घोषणा तब होगी जब CBI मेरे दरवाज़े पर दस्तक देगी। इस बार, मेरे घर के बजाय, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक हुई है और एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है।इसे भी पढ़ें: BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा रावत ने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं, जबकि राहुल गांधी अपने 'छात्रों की गूंज' अभियान के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ऐसे समय में, अगर मुझसे जुड़ी कोई कार्रवाई पार्टी की लड़ाई को कमज़ोर करती है, तो मैं ऐसा कभी नहीं चाहूंगा। इसलिए, मैंने एक बड़ा फ़ैसला लिया है। यह बताते हुए कि उनके पास कोई सरकारी पद नहीं है जिससे वे इस्तीफ़ा दे सकें, रावत ने घोषणा की कि वे कांग्रेस में अपनी संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों से हट जाएंगे।इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप उन्होंने कहा, मैं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्य समिति का स्थायी आमंत्रित सदस्य हूं। मैं विनम्रतापूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से पार्टी की लड़ाई पर कोई असर पड़े। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 11:05 am

वंदे मातरम विवाद पर बोले कर्नाटक सीएम शिवकुमार- कांग्रेस का रुख हमेशा से साफ रहा है

Bengaluru, 11 सितंबर . कर्नाटक Government द्वारा राज्य के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ को केवल दो छंदों तक सीमित करने के विवाद के बीच Chief Minister डीके शिवकुमार ने Friday को कहा कि कांग्रेस ने हमेशा राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, आजादी, लोकतंत्र और संविधान का सम्मान किया है. उन्होंने जोर देकर कहा कि राष्ट्रीय ... Read more

डेली किरण 11 Sep 2026 10:53 pm

कावेरी जल बंटवारे पर कर्नाटक की याचिका पर Supreme Court 14 सितंबर को करेगा सुनवाई

मांड्या (कर्नाटक), 11 सितंबर . तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ कर्नाटक की अपील पर Monday को Supreme Court में सुनवाई होगी. यह जानकारी जल संसाधन मंत्री एन. चेलुवरयास्वामी ने Friday को दी. मांड्या में पत्रकारों से बात करते हुए चेलुवरायस्वामी ने कहा कि राज्य Government को कानूनी विशेषज्ञों ने सलाह ... Read more

डेली किरण 11 Sep 2026 7:33 pm

कांग्रेसी मंत्री के ठिकानों से 3.3 करोड़ रुपये कैश बरामद, कर्नाटक में सतीश जारकीहोली के खिलाफ ED का बड़ा एक्शन

कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली और उनके परिजनों के ठिकानों पर ईडी ने शुक्रवार को भी छापेमारी की और तीन करोड़ से ज्यादा कैश बरामद करने का दावा किया। ईडी के मुताबिक, छापेमारी में विदेशी मुद्रा भी जब्त की गई है।

खबर इंडिया टीवी 11 Sep 2026 7:33 pm

नकली दवा रैकेट पर कर्नाटक एसआईटी का बड़ा एक्शन, 6 राज्यों में 10 ठिकानों पर छापेमारी

नकली दवा रैकेट पर कर्नाटक एसआईटी का बड़ा एक्शन, 6 राज्यों में 10 ठिकानों पर छापेमारी

समाचार नामा 11 Sep 2026 7:00 pm

Multipolar World में India: विनय सहस्रबुद्धे ने बताया संतुलन का 'मंत्र', BRICS में अहम संदेश

ऐसे समय में जब भारत ब्रिक्स समिट की मेज़बानी कर रहा है और भू-राजनीतिक तनाव तथा वैश्विक व्यवस्था को लेकर खींचतान बढ़ रही है, बीजेपी के पूर्व सांसद और विदेश नीति के जानकार विनय सहस्रबुद्धे ने सचमुच बहुध्रुवीय दुनिया की वकालत की है। उन्होंने चेतावनी दी कि एक प्रभुत्वशाली शक्ति की जगह दूसरी शक्ति को नहीं लेने देना चाहिए। ब्रिक्स संवाद के दौरान बोलते हुए सहस्रबुद्धे ने कहा कि वैश्विक कूटनीति में भारत का नज़रिया ऐसा होना चाहिए जो कई शक्ति केंद्रों के साथ जुड़ने की उसकी क्षमता पर आधारित हो, न कि वह किसी एक गुट के साथ पूरी तरह जुड़ जाए। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप सहस्रबुद्धे ने कहा कि हम सब बराबर हैं। हम एक लोकतांत्रिक दुनिया में रहते हैं। फिर किसी तरह का दबदबा बनाने या एकाधिकार वाली सोच क्यों होनी चाहिए? उनकी यह बात ऐसे समय में आई है जब चीन का बढ़ता आर्थिक, कूटनीतिक और रणनीतिक असर बदलती वैश्विक व्यवस्था की एक अहम पहचान बनता जा रहा है। ब्रिक्स (BRICS) पर चर्चा करते हुए सहस्रबुद्धे ने इस बात पर ज़ोर दिया कि कई समूहों में भारत की भागीदारी रणनीतिक संतुलन बनाए रखने की उसकी कोशिश को दिखाती है। उन्होंने कहा कि हम ब्रिक्स के सदस्य हैं। दूसरी ओर, हम क्वाड (Quad) के भी सदस्य हैं, और यही वह संतुलन है जो आपको बनाना होता है। मेरा मतलब है, आप अपनी सारी उम्मीदें या दांव एक ही जगह नहीं लगा सकते। सहस्रबुद्धे ने तर्क दिया कि भारत को अलग-अलग जियोपॉलिटिकल ग्रुप्स के साथ संबंध बनाते रहना चाहिए। उनका मानना ​​है कि देश की डिप्लोमैटिक ताकत इस बात में है कि वह किसी एक ताकत पर निर्भर हुए बिना अलग-अलग ताकतों के साथ काम कर सकता है। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि भारत को ऐसा करना चाहिए क्योंकि हम एक मल्टीपोलर दुनिया में हैं, और मेरी समझ से मल्टीपोलैरिटी ही आने वाले समय की दुनिया का मुख्य आधार होगी। उन्होंने आगे कहा कि भारत को व्यापक डिप्लोमैटिक पार्टनरशिप बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए और साथ ही यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि उसकी विदेश नीति ज़्यादा से ज़्यादा देशों को स्वीकार्य हो। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 5:33 pm

पश्चिम बंगाल में 15000 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट शुरू, सीएम ने Robotic Fire-Fighting System का किया ऐलान

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 11 सितंबर को राज्य में विकास की कई अहम योजनाओं के बारे में बताया। इनमें 15,000 करोड़ रुपये का एक प्रोजेक्ट, 600 करोड़ रुपये की अमूल सुविधा और रोबोटिक फायर-फाइटिंग सिस्टम शामिल हैं। यह सिस्टम ऐसी जगहों तक पहुँचने के लिए बनाया गया है जहाँ आम फायर टेंडर नहीं पहुँच पाते। पिछले चार महीनों में हुई प्रगति का ज़िक्र करते हुए अधिकारी ने कहा कि पिछले चार महीनों में हमने कई अहम प्रोजेक्ट देखे हैं; जैसे, गंगोनी में एक प्रोजेक्ट के लिए 700 करोड़ रुपये का बड़ा वादा किया गया था। 15,000 करोड़ रुपये का एक बहुत बड़ा प्रोजेक्ट भी शुरू हो चुका है। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप रोबोटिक फायर-फ़ाइटिंग सिस्टम के बारे में उन्होंने कहा कि हम रोबोटिक फ़ायर-फ़ाइटिंग सिस्टम जैसे प्रोजेक्ट्स में तरक्की देख रहे हैं, जो ऐसी जगहों पर काम कर सकते हैं जहाँ बड़ी फ़ायर ट्रक नहीं पहुँच सकतीं। अधिकारी ने अमूल के 600 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने का भी ज़िक्र किया और कहा, तीसरा बड़ा प्रोजेक्ट अमूल से जुड़ा है, जिसमें 600 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। काम पहले ही शुरू हो चुका है और एक बड़ी फ़ैसिलिटी बनाई जा रही है। उन्होंने लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के एक बड़े डेटा सेंटर के उद्घाटन का भी ज़िक्र किया और कहा कि हमने L&T के एक बड़े डेटा सेंटर का उद्घाटन किया; कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट को पहले ही मंज़ूरी दे दी है। मुख्यमंत्री ने ये बातें कोलकाता में सॉल्ट लेक सिटी सेंटर के पास स्टाइल बाज़ार में आयोजित 'फ़ैशन वॉर्डरोब' इवेंट में कहीं, जहाँ वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता भी मौजूद थे। उनके ये बयान पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव से पहले आए हैं, जो 6 अक्टूबर को होने हैं (इसमें नंदीग्राम सीट भी शामिल है) और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी। नंदीग्राम सीट तब खाली हुई थी जब अधिकारी ने, जिन्होंने विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटें जीती थीं, भवानीपुर सीट अपने पास रखने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: Bengal CID ने जमीन घोटाले में Sumit Roy को Medinipur कोर्ट में पेश किया इससे पहले, आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने नंदीग्राम में अधिकारी के प्रभाव पर भरोसा जताते हुए कहा कि अगर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस सीट से चुनाव लड़ती हैं, तो अधिकारी का उम्मीदवार जीतेगा। इस बीच, पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने नंदीग्राम में कथित तौर पर विकास न होने के लिए राज्य सरकार की आलोचना की और कहा कि मुख्यमंत्री को यह सीट अपने पास रखनी चाहिए थी।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 5:13 pm

UP की सड़कों पर CM Yogi का एक्शन, Survey कर Permanent Repair के निर्देश जारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे भारी बारिश और बाढ़ से खराब हुई सड़कों की तुरंत मरम्मत कराएं ताकि उन पर गाड़ियां चल सकें, और जहां जरूरी हो, वहां मॉनसून के मौसम के बाद सड़कों की पक्की मरम्मत की जाए। 11 सितंबर को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान, मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश का ज़िक्र किया और सड़कों की हालत पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने हाल ही में खराब हुई सड़कों का सर्वे करने का आदेश दिया ताकि उन हिस्सों की पहचान की जा सके जहां तुरंत मरम्मत की ज़रूरत है। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप आने वाले त्योहारों के मौसम में बड़ी संख्या में यात्रियों के आने की उम्मीद है, इसलिए मुख्यमंत्री योगी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मुख्य रास्तों पर कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दिवाली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा जैसे त्योहारों से पहले मुख्य रास्तों की मरम्मत और नवीनीकरण के काम को प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने साफ़ किया कि गड्ढा-मुक्त सड़क अभियान सिर्फ़ अस्थायी मरम्मत (पैचवर्क) तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। बुरी तरह क्षतिग्रस्त सड़कों को तुरंत चलने लायक बनाया जाना चाहिए और बारिश के बाद उनका स्थायी नवीनीकरण किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि सड़कों को नुकसान न केवल ज़्यादा बारिश के कारण हुआ है, बल्कि एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे जैसी निर्माण परियोजनाओं से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही के कारण भी हुआ है। क्षतिग्रस्त हिस्सों की पहचान करने के लिए अलग-अलग विभागों में सर्वे चल रहे हैं और गड्ढों की मरम्मत के लिए लक्ष्य तय किए जा रहे हैं। अधिकारियों ने राज्य भर में प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत के लिए 681 महत्वपूर्ण रास्तों की पहचान की है। इसमें उन सड़कों पर खास ध्यान दिया गया है जिन पर त्योहारों के दौरान ज़्यादा ट्रैफ़िक होने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: BRICS Summit पर सवाल उठाने पर BJP का Congress पर तीखा हमला मुख्यमंत्री योगी ने केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की कार्य योजनाओं के साथ-साथ मंडी परिषद, पंचायती राज, सिंचाई, ग्रामीण विकास, शहरी विकास, आवास और शहरी नियोजन, और बुनियादी ढांचा और औद्योगिक विकास विभागों के प्रस्तावों की भी समीक्षा की। लोक निर्माण विभाग 'गड्ढा-मुक्त अभियान' के तहत नौ विभागों के अंतर्गत लगभग 436,000 किलोमीटर सड़कों का प्रबंधन करता है। वर्तमान लक्ष्य लगभग 50,000 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा-मुक्त बनाना है, जिसमें से लगभग 5,751 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। लक्ष्यों में 30,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 5,000 किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत शामिल है; अब तक की प्रगति में 14,000 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण और 700 किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का काम पूरा हो चुका है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 4:58 pm

Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप

भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता और कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने 11 सितंबर को सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। उन्होंने पार्टी पर यू-टर्न सरकार होने का आरोप लगाया और कहा कि वह राज्य भर में बुनियादी ढांचे और कामकाज से जुड़े अहम वादों को पूरा करने में नाकाम रही है। पत्रकारों से बात करते हुए, अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कार्यकाल के पहले 100 दिनों के जश्न को फ्लॉप शो बताया और कहा कि इसमें उपलब्धियों की कमी थी और सिर्फ़ बहुत ज़्यादा प्रचार किया गया। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म उन्होंने कहा कि डीके शिवकुमार के 100 दिन कर्नाटक कांग्रेस पार्टी सरकार के लिए एक फ्लॉप शो रहे हैं। यह एक फ्लॉप शो है। यह 'यू-टर्न' लेने वाली सरकार है। टनल रोड — यू-टर्न। 'हम लालबाग का इस्तेमाल नहीं करेंगे' — यू-टर्न। गृह लक्ष्मी 5000 करोड़ का घोटाला — यू-टर्न। ब्रांड बेंगलुरु — यू-टर्न। बेंगलुरु कचरे का ढेर बन गया — यू-टर्न। गड्ढों वाला बेंगलुरु — यू-टर्न। कर्नाटक में कोई सीधी-सादी सरकार नहीं है। कर्नाटक सरकार कंगाल हो चुकी है, पैसे नहीं हैं। कोई विकास नहीं हो रहा है। अशोक ने 100 दिन के जश्न के औचित्य पर सवाल उठाए। उन्होंने वाल्मीकि कॉर्पोरेशन वित्तीय घोटाले के बीच पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे और राज्य विधानसभा में बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) के विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि वे 100 दिन का जश्न क्यों मना रहे हैं? क्योंकि नागेंद्र का विकेट गिर गया है। विधानसभा में, बीजेपी और जेडीएस ने कांग्रेस मंत्री नागेंद्र के खिलाफ लड़ाई लड़ी। पहला विकेट बीजेपी की वजह से गिरा। क्या आप उसी के लिए 100 दिन का जश्न मना रहे हैं? दो और विकेट लाइन में हैं। क्या इसीलिए आप 100 दिन का जश्न मना रहे हैं? क्या उपलब्धि है? इसे भी पढ़ें: Mundhwa land deal: Rohit Pawar बोले, Parth Pawar को अब पता चलेगी BJP की राजनीति पिछले महीने, बी. नागेंद्र ने राज्य कैबिनेट से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह उनका स्वेच्छा से लिया गया फैसला है ताकि विवाद के कारण पार्टी को शर्मिंदगी न उठानी पड़े या सरकार के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। शिवकुमार की और आलोचना करते हुए, अशोक ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सत्ता में अपने शुरुआती 100 दिनों का इस्तेमाल कर्नाटक में विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के बजाय रियल एस्टेट माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए किया।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 4:42 pm

राहुल गांधी से मिले सिद्दारमैया, कर्नाटक की राजनीति पर की चर्चा

नई दिल्ली, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी तथा कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

देशबन्धु 11 Sep 2026 4:23 pm

सिद्दारमैया के दिल्ली दौरे से नाराजगी नहीं : कर्नाटक डिप्टी सीएम

बेंगलुरु, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी सदस्य सिद्दारमैया के दिल्ली दौरे के पीछे कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने कहा, अगर वह नाखुश होते तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते।

देशबन्धु 11 Sep 2026 4:11 pm

सिद्धारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात की, कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को नई दिल्ली में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मुलाकात की और पार्टी तथा कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।

खास खबर 11 Sep 2026 3:17 pm

सिद्दारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात की, कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

सिद्दारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात की, कर्नाटक की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

समाचार नामा 11 Sep 2026 3:07 pm

Siddaramaiah नाराज होते तो इस्तीफा नहीं देते, बोले कर्नाटक के डिप्टी सीएम

कर्नाटक के डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने कहा है कि पूर्व सीएम सिद्धारमैया के दिल्ली दौरे को लेकर कोई नाराजगी नहीं थी। सदाशिवनगर में अपने घर के पास बात करते हुए, परमेश्वर ने जोर देकर कहा कि सिद्धारमैया हमेशा पार्टी हाईकमान के फैसलों को मानने के लिए तैयार रहे हैं और उसी के अनुसार इस्तीफा दिया था। परमेश्वर ने कहा कि अगर वह नाराज होते, तो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने कहा कि मामला सुलझ गया है और इस पर बार-बार चर्चा नहीं होनी चाहिए। परमेश्वर ने बताया कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य के तौर पर सिद्धारमैया का दिल्ली दौरा उनके राजनीतिक कर्तव्यों का एक सामान्य हिस्सा है। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan ने Karnataka सरकार के Vande Mataram फैसले को असंवैधानिक बताया उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। हम बिना आत्मविश्वास खोए उनका सामना करेंगे और अच्छा शासन देना जारी रखेंगे। एपेक्स बैंक के अध्यक्ष की नियुक्ति के बारे में परमेश्वर ने कहा कि पार्टी इस बात पर सहमत थी कि चुनाव से बचने के लिए यह पद सर्वसम्मति से भरा जाना चाहिए। अंतिम चरण में MLC एस. रवि को KN राजन्ना की सहमति से चुना गया, जो उस निर्णायक बैठक में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इसलिए, इस मामले में किसी भी तरह की नाराजगी का सवाल ही नहीं उठता। जब उनसे एपेक्स बैंक के अध्यक्ष पद के लिए 2.5-2.5 साल के सत्ता-साझाकरण (पावर-शेयरिंग) समझौते और अगर बाद में कांग्रेस सत्ता में नहीं रहती है तो KN राजन्ना पर पड़ने वाले संभावित असर के बारे में पूछा गया, तो परमेश्वर ने एपेक्स बैंक को एक स्वतंत्र और गैर-पक्षपाती संस्था बताया। उन्होंने कहा कि इसके बोर्ड के निदेशक भविष्य में उचित निर्णय लेंगे। तुमकुरु ज़िले के पावगाडा में नक्सली गतिविधियों से जुड़े पोस्टर मिलने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए, परमेश्वर ने पुष्टि की कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मैं आज तुमकुरु का दौरा कर रहा हूँ और पुलिस अधीक्षक के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करूँगा। अगर ऐसी गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो अतिरिक्त बल तैनात किए जाएँगे। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्नाटक को नक्सल-मुक्त घोषित किए जाने के बाद करकला स्थित एंटी-नक्सल फोर्स को पूरी तरह से भंग नहीं किया गया था। परमेश्वर ने आगे कहा, बल के आधे हिस्से को सांप्रदायिक अशांति से निपटने के लिए स्पेशल एक्शन फोर्स में बदल दिया गया था, जबकि बाकी आधा हिस्सा एंटी-नक्सल फोर्स के रूप में काम करना जारी रखे हुए है। अगर पावगाडा में नक्सली गतिविधियों की पुष्टि होती है, तो हम तुमकुरु में एंटी-नक्सल फोर्स तैनात करेंगे। सामाजिक कल्याण उपायों पर, परमेश्वर ने कहा कि बेघर पूर्व सैनिकों को राज्य सरकार की उस योजना में शामिल किया जाएगा जिसके तहत हर ज़िले में 30 गुणा 40 फीट आकार के 50,000 आवासीय भूखंड वितरित किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि पहले चरण में, अगले दो महीनों में पूरे राज्य में 5 लाख भूखंड वितरित किए जाएँगे। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 3:06 pm

DUSU Election: ABVP ने उतारा अपना 'केंद्रीय पैनल', Yash Dabas अध्यक्ष पद के प्रत्याशी घोषित

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) चुनाव 2026-27 के लिए अपने पैनल का ऐलान कर दिया है, जिससे एक और अहम छात्र चुनाव की तैयारी शुरू हो गई है। संगठन ने X पर एक पोस्ट के ज़रिए अहम पदों के लिए चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। यश डबास को प्रेसिडेंट पद का उम्मीदवार बनाया गया है, जबकि इशू मौर्य वाइस प्रेसिडेंट पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। रिया छावड़ी सेक्रेटरी पद के लिए चुनाव लड़ेंगी और लक्ष्यराज सिंह को जॉइंट सेक्रेटरी पद का उम्मीदवार बनाया गया है। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म इस घोषणा से चुनाव प्रचार शुरू होने से पहले ही ये चारों नाम चर्चा में आ गए हैं और उम्मीद है कि ये उम्मीदवार दिल्ली यूनिवर्सिटी के कॉलेजों में छात्रों से संपर्क करेंगे। आने वाले दिनों में उनके अलग-अलग एकेडमिक, कैंपस और ऑर्गनाइज़ेशनल प्रोफ़ाइल इस कैंपेन को आकार दे सकते हैं। DUSU चुनाव देश के सबसे अहम छात्र चुनावों में से एक बने हुए हैं। इसमें शामिल राजनीतिक संगठनों की वजह से यूनिवर्सिटी कैंपस के बाहर भी इन पर लोगों का ध्यान रहता है। ABVP द्वारा अपना पूरा पैनल घोषित किए जाने के बाद, अब सारा ध्यान चुनाव प्रचार, छात्रों से जुड़े मुद्दों और विरोधी गुटों के साथ मुकाबले पर केंद्रित होगा।दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (DUSU) के चुनाव पास आ रहे हैं। ऐसे में सत्य निकेतन की घटना के बाद छात्रों की सुरक्षा और रहने की सुविधा जैसे मुद्दे कैंपेन के मुख्य विषय बन गए हैं। इसी बीच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने आज सात संभावित उम्मीदवारों के लिए नॉमिनेशन फाइल किए। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra आलोक अत्री, इशू मौर्य, लक्ष्य राज सिंह, नितिन तंवर, रिया छावरी, तान्या मावी और यश डबास ने अपने नॉमिनेशन पेपर जमा किए। स्क्रूटनी के बाद, इन संभावित उम्मीदवारों में से ही प्रेसिडेंट, वाइस-प्रेसिडेंट, सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी के लिए फाइनल उम्मीदवारों को चुना जाएगा। ABVP ने कैंपस से जुड़े मुद्दों पर छात्रों की राय जानने के लिए यूनिवर्सिटी में अपने PG से PG और क्लास से क्लास संपर्क अभियान को और तेज़ कर दिया है। अपने आखिर कब तक? अभियान के तहत, संगठन सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देते हुए पेइंग गेस्ट (PG) आवासों का सर्वे कर रहा है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:31 pm

Shivraj Singh Chouhan ने Karnataka सरकार के Vande Mataram फैसले को असंवैधानिक बताया

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाने के कर्नाटक सरकार के फैसले की शुक्रवार को आलोचना की और इसे असंवैधानिक व देश का अपमान करार दिया। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने आदेश दिया है कि राज्य में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के केवल शुरुआती दो अंतरे गाए जाएं। छत्तीसगढ़ के एक दिवसीय दौरे पर यहां स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पहुंचने के बाद चौहान ने संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करते-करते अब देश का विरोध करने लगी है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा और दुनिया में बढ़ते सम्मान को पचा नहीं पा रहा है। चौहान ने कर्नाटक सरकार के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और कांग्रेस पर संविधान का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ‘‘संसद ने विधेयक पारित किया और इसे कानून बनाया। क्या कांग्रेस संविधान से ऊपर है? क्या वह संसद से ऊपर है? यह फैसला असंवैधानिक, अलोकतांत्रिक और अनुचित है।’’चौहान ने कर्नाटक सरकार के फैसले को ‘‘भारत माता’’ का अपमान बताते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ ने उन क्रांतिकारियों को प्रेरित किया था, जो स्वतंत्रता संग्राम के दौरान फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय गीत का पूरा संस्करण गाने की सराहना कराते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसे कदम पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘इसके लिए जनता कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’’कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम द्वारा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर उठाए गए सवालों के बारे में पूछे जाने पर चौहान ने कहा कि कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग अक्सर भारत की उपलब्धियों पर सवाल उठाता है और ‘‘देश का अपमान करता है।’’उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत खास मौका है, जब दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करने वाले देशों के नेता नयी दिल्ली में भारत की पवित्र धरती पर एकत्र हो रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में तैयारियां शानदार हैं और पूरी दुनिया ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को देख रही है।’’चौहान ने कहा, ‘‘लेकिन जब भी देश का सम्मान और कद बढ़ता है, तो कांग्रेस और चिदंबरम जी बेचैन हो जाते हैं। कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग ऐसा है, जो भारत की प्रतिष्ठा पर सवाल उठाता रहता है और देश का अपमान करता है।’’उन्होंने कांग्रेस नेताओं सैम पित्रोदा और मणिशंकर अय्यर पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने बार-बार ऐसे बयान दिए, जिनसे देश की बदनामी हुई। चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री का विरोध करते-करते वे देश का विरोध करने लगे हैं। वे भारत की प्रगति और विकास से कभी खुश नहीं हो सकते।’’उन्होंने छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने राज्य को ‘‘बर्बाद’’ कर दिया और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के घर बनाने के लिए केंद्र द्वारा भेजी गई राशि रोक दी। चौहान ने कहा, ‘‘कांग्रेस सरकार के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा गरीबों के घरों के लिए भेजा गया पैसा भी रोक दिया गया था। घर नहीं बन पाए। तब भाजपा ने ‘मोर आवास मोर अधिकार’ (मेरा आवास, मेरा अधिकार) आंदोलन शुरू किया। हमारे कार्यकर्ताओं को लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा और जेल जाना पड़ा, लेकिन हमारा संकल्प था कि हर गरीब व्यक्ति के पास घर हो।’’चौहान ने कहा कि वह शुक्रवार को बाद में सक्ती जिले में प्रस्तावित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को 3.65 लाख से अधिक घरों के लिए मंजूरी पत्र सौंपेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में गरीब परिवारों के लिए 17 लाख से अधिक घरों को मंजूरी दी गई है। हमारा संकल्प हर गरीब व्यक्ति को पक्का घर बनाने के लिए धन उपलब्ध कराना है। राज्य में हर दिन लगभग 1,600 नए घर बनाए जा रहे हैं।’’चौहान ने कहा कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी ‘विकसित भारत-जी राम जी’ के तहत केंद्र का हिस्सा 3,300 करोड़ रुपये से अधिक है और राज्य के योगदान को मिलाकर छत्तीसगढ़ में पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विभाग के माध्यम से छत्तीसगढ़ के लोगों के कल्याण के लिए केंद्र ने लगभग 29 हजार करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।’’चौहान ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने संकल्प लिया था कि राज्य 31 मार्च तक नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा। अब यह मुक्त हो चुका है। बस्तर में अब बारूदी सुरंगों का डर नहीं है और वहां विकास की नयी गंगा बह रही है।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:23 pm

BRICS पर सरकार का एकाधिकार नहीं: Salman Khurshid ने Delhi Summit में विपक्ष को शामिल करने की मांग की

सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने गुरुवार को कहा कि 18वें ब्रिक्स समिट में भारत का प्रतिनिधित्व सिर्फ़ केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि पूरे देश का होना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाले इस समिट के लिए बातचीत में विपक्ष को भी शामिल किया जाए। ANI से बात करते हुए खुर्शीद ने ब्रिक्स के महत्व पर ज़ोर दिया और कहा कि यह समूह दुनिया की आबादी, व्यापार और उभरती हुई आर्थिक ताकत के एक बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर कोई ब्रिक्स के महत्व को समझता और मानता है। जब दुनिया की आधी आबादी ब्रिक्स से जुड़ी हो, तो आप बस आँखें बंद करके उस आधी आबादी को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकते। इसे भी पढ़ें: Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म खुर्शीद ने बताया कि BRICS उन उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ लाता है जिनके भविष्य में ग्लोबल इकॉनमी पर छा जाने की उम्मीद है, साथ ही यह छोटे विकासशील देशों और 'ग्लोबल साउथ' के देशों का भी प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि ये वे अर्थव्यवस्थाएं हैं जो आने वाले समय में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं बनेंगी। साथ ही, ये छोटे देशों और 'ग्लोबल साउथ' का भी प्रतिनिधित्व करती हैं। BRICS को विकसित देशों और विकासशील देशों के बीच एक संभावित पुल बताते हुए खुर्शीद ने कहा कि BRICS को एक पुल के तौर पर भी देखा जा सकता है—ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ के बीच का पुल, और वह पुल BRICS है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह अत्यधिक विकसित, विकासशील और उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं को आपस में जोड़ता है। उन्होंने आगे कहा कि 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता मिलने से भारत की ज़िम्मेदारी बढ़ गई है और नई दिल्ली से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उम्मीदें भी हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra खुर्शीद ने कहा कि अगर हम इस भूमिका को पूरी तरह से निभाते हैं—और आज हमसे ऐसी उम्मीदें हैं; दुनिया चाहती है कि भारत इस भूमिका को निभाए—तो हमारी अध्यक्षता में यह भूमिका भारत के लिए और भी अहम हो जाती है। इसीलिए हर कोई बड़ी उम्मीदों के साथ भारत की ओर देख रहा है। कांग्रेस नेता ने आग्रह किया कि ब्रिक्स की अध्यक्षता को मौजूदा सरकार की पहल से आगे बढ़कर एक राष्ट्रीय ज़िम्मेदारी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम विपक्ष में हैं और हमें उम्मीद है कि यह प्रतिनिधित्व सिर्फ़ सरकार का नहीं होगा; यह पूरे देश का, पूरे भारत का प्रतिनिधित्व होगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:19 pm

Dhirendra Shastri के बयान के बीच Suvendu Adhikari ने खाई मछली, BJP बोली- मांसाहार विवाद अब खत्म

पश्चिम बंगाल के नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को कौशिकी अमावस्या के मौके पर कोलकाता के कालीघाट मंदिर में देवी काली की पूजा की और बाद में मंदिर का पारंपरिक भोग ग्रहण किया, जिसमें मछली और बसंती पुलाव शामिल था। कालीघाट मंदिर में अधिकारी ज़मीन पर बैठकर पारंपरिक भोग खाया, जिसमें मछली का सिर, तली हुई मछली और बसंती पुलाव शामिल था। कालीघाट में देवी काली को पारंपरिक रूप से मछली और मांस का भोग लगाया जाता है, और बाद में यह प्रसाद भक्तों में बांटा जाता है। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा गुरुवार को पूजा-अर्चना करने के बाद अधिकारी ने कहा कि सनातन संस्कृति में कौशिकी अमावस्या एक महत्वपूर्ण अवसर है और पश्चिम बंगाल के प्रमुख मंदिरों, जिनमें कालीघाट और तारापीठ शामिल हैं, में इस त्योहार को विशेष पूजा के साथ मनाया जा रहा है। अधिकारी का यह दौरा बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणियों को लेकर हुए विवाद के बीच हुआ है, जिन्होंने बंगाली हिंदुओं से दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहारी भोजन से बचने की अपील की थी और जो लोग इसे खाते रहे, उन्हें पाखंडी बताया था। शास्त्री की बातों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारी ने कहा कि धार्मिक उपदेशक को अपनी निजी राय रखने का हक है और लोग तय कर सकते हैं कि वे इसे मानें या नहीं। अधिकारी ने कहा कि एक संत ने अपनी राय रखी है। जो लोग इसे मानना ​​चाहते हैं, वे मानेंगे; जो नहीं मानना ​​चाहते, वे नहीं मानेंगे। उन्होंने अपनी धार्मिक आदतों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि महाअष्टमी और कार्तिक महीने के दौरान वे सात्विक भोजन करते हैं, लेकिन साथ ही वे मां काली को चढ़ाए जाने वाले मांसाहारी भोजन का भी सेवन करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक सनातनी हिंदू हूं। महाअष्टमी पर, जब मैं मां दुर्गा की पूजा करता हूं, तो सात्विक भोजन करता हूं। कार्तिक महीने में भी मैं सात्विक भोजन ही करता हूं। साथ ही, मैं मां काली को चढ़ाए जाने वाले मांसाहारी भोजन, जैसे कि बकरे का मांस, का भी सेवन करता हूं। बंगाली खान-पान की आदतों और धार्मिक परंपराओं को लेकर चल रही बहस के बीच इस घटना ने राजनीतिक महत्व ले लिया है। बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई ने भी इस बात को खारिज कर दिया है कि राज्य के लोगों को क्या खाना चाहिए, यह कोई बाहरी धार्मिक व्यक्ति तय करे। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra अधिकारी के वीडियो से संकेत लेते हुए, सत्ताधारी पार्टी ने सुझाव दिया कि शाकाहारी-मांसाहारी वाली बहस खत्म होनी चाहिए। बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि इस विवाद को वहीं खत्म होने दें जहां इसे खत्म होना चाहिए। कालीघाट में, सुवेंदु अधिकारी मां काली के पारंपरिक मछली भोग में शामिल होते हैं - जो बंगाल की आस्था, परंपराओं और जीवन शैली के प्रति सम्मान दिखाता है। उनके नेतृत्व में, बीजेपी हमेशा बंगाल के हितों, बंगाल की परंपराओं और बंगाल के लिए जो सही है, उसके लिए मजबूती से खड़ी रहेगी। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर। Let the controversy end where it should. At Kalighat, CM @SuvenduWB takes part in Maa Kali’s traditional Fish Bhog — respecting Bengal’s faith, traditions and way of life. Under his leadership, the BJP will always stand firmly for Bengal’s interests, Bengal’s traditions and… pic.twitter.com/aFgTw0gzsb — Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) September 10, 2026

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:09 pm

कानून मानें या कश्मीरियों को जेल भेजें..., वंदे मातरम विवाद पर Omar Abdullah का Congress को दो टूक

श्रीनगर में इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में 'वंदे मातरम' को पूरा गाए जाने पर कांग्रेस की आपत्ति के बाद, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पलटवार किया है। कांग्रेस ने नेशनल कॉन्फ़्रेंस से आग्रह किया था कि वह राष्ट्रीय गीत के केवल दो पद गाने के अपने 1937 के प्रस्ताव का पालन करे। कांग्रेस ने फ़िल्म फ़ेस्टिवल में इसके पूरे संस्करण को बजाए जाने पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि गठबंधन सहयोगी को पार्टी के अपनाए गए रुख का सम्मान करना चाहिए। इसे भी पढ़ें: BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कांग्रेस की सलाह पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि अब कानून के तहत देश भर में सरकारी कार्यक्रमों में 'वंदे मातरम' का पूरा गायन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि इसका पालन न करने पर कार्रवाई हो सकती है। अब्दुल्ला ने कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर एक कानून बनाया गया है। 'वंदे मातरम' के सभी छंदों का गायन अनिवार्य हो गया है। यह नियम सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए है; यह देश भर में सरकारी कार्यक्रमों के लिए प्रोटोकॉल है। इसका पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीर के लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़े। उन्होंने अपने सहयोगी से तीखे लहजे में पूछा कि क्या कांग्रेस चाहती है कि इस मुद्दे पर कश्मीरियों को जेल में डाल दिया जाए? नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन में सहयोगी हैं और कांग्रेस उमर अब्दुल्ला सरकार को बाहर से समर्थन भी दे रही है। अब्दुल्ला ने आगे कहा कि इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के समापन समारोह में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत, दोनों ही गाए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra मुख्यमंत्री ने कहा कि एक पार्टी के तौर पर हमने कभी 'वंदे मातरम' को नहीं अपनाया और न ही भविष्य में ऐसा करेंगे, लेकिन हमें कानूनी नियमों का पालन करना होगा। उनके ये बयान कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल के 8 सितंबर के उस बयान के बाद आए हैं, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'वंदे मातरम' का पूरा संस्करण भारत के स्वतंत्रता सेनानियों की मिली-जुली और विविधतापूर्ण सोच के साथ मेल नहीं खाता। उन्होंने पार्टी के सहयोगियों से यह भी कहा था कि वे राष्ट्रगीत के उस संस्करण का पालन करें जिसे कांग्रेस ने 1937 में अपनाया था। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 1:21 pm

BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने ब्रिक्स समिट की तारीफ़ की है, जिससे भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस के ख़िलाफ़ एक नया मुद्दा मिल गया है। यह घटनाक्रम वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम के उस सवाल के एक दिन बाद हुआ है जिसमें उन्होंने पूछा था कि भारत को असल में इस समूह से क्या फ़ायदा हुआ है। गुरुवार को जहाँ चिदंबरम ने ब्रिक्स से होने वाले फ़ायदों पर सवाल उठाए थे, वहीं थरूर ने भारत द्वारा समिट की मेज़बानी को बहुत सम्मान की बात बताया। बीजेपी ने इसी अंतर को पकड़कर कांग्रेस पर निशाना साधा है। इसे भी पढ़ें: Karnataka में Shivakumar सरकार के 100 दिन बिना उपलब्धि के बीते: Vijayendra बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने X पर कहा कि कांग्रेस ने कांग्रेस की ही पोल खोल दी! कांग्रेस सांसद ने पार्टी के उस ‘नाराज़ फूफा’ का पर्दाफश किया, जो राहुल गांधी के कहने पर ब्रिक्स (BRICS) का विरोध कर रहे थे! दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले बोलते हुए, थरूर ने इस समूह को 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया और इस ब्लॉक के बड़े पैमाने पर ज़ोर दिया। थरूर ने ब्रिक्स (BRICS) की अहमियत बताते हुए कहा कि सबसे पहले तो हम 'ग्लोबल साउथ' के लिए एक अहम मंच मुहैया करा रहे हैं। आप जानते हैं कि 'ग्लोबल साउथ' में 100 से ज़्यादा देश शामिल हैं, लेकिन यहाँ हमारे साथ 'ग्लोबल साउथ' के 11 अहम देश हैं। ये देश मिलकर विचारों की विविधता और उन देशों की श्रेणी का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिनकी अध्यक्षता हम इस खास मौके पर कर रहे हैं। ब्रिक्स के ये 11 देश दुनिया की ज़्यादातर आबादी और ग्लोबल GDP के 41 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav थरूर ने समिट की मेज़बानी करने के भारत के फैसले का भी समर्थन किया और दिल्ली में कई विश्व नेताओं की मौजूदगी को अपने आप में एक कूटनीतिक फ़ायदा बताया। उन्होंने कहा कि दूसरी बात यह है कि एक दर्जन राष्ट्राध्यक्षों और सरकारों के प्रमुखों का आना - जिनमें न सिर्फ़ ब्रिक्स (BRICS) के सदस्य शामिल हैं, बल्कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री स्तर के कुछ ऑब्ज़र्वर भी हैं - हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है। यह भारत की कूटनीतिक स्तर पर नेताओं को एक साथ लाने की क्षमता को दिखाता है, जिसकी वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग अहमियत है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 12:30 pm

दही मिलाकर बनाएं कर्नाटक की फेमस कद्दू कडुबू, नोट करें रेसिपी

कद्दू की सब्जी तो बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार नाश्ते में कर्नाटक की फेमस डिश पंपकिन कडुबू बनाकर खाएं. इस रेसिपी को बनाने में बिल्कुल मेहनत नहीं लगती है और न ही घंटों रसोई में खड़े होना पड़ता है. इस डिश को आप झटपट ब्रेकफास्ट में बना सकते हैं. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.

आज तक 11 Sep 2026 11:30 am

भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की

भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की

समाचार नामा 10 Sep 2026 11:39 pm

ये न्यायिक अधिकारी बनेंगे दिल्ली, झारखंड व कर्नाटक हाई कोर्ट के जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी

कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी को भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की भी सिफारिश की।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Sep 2026 11:17 pm

Marital Rape मामले पर Supreme Court में जबरदस्त घमासान, Parliament के पाले में आई गेंद!

वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग पर चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट के सामने उस बुनियादी सवाल तक पहुंच गई है, जहां अदालत को यह तय करना है कि क्या वह मौजूदा आपराधिक कानून की स्पष्ट सीमा को बदलकर एक नया अपराध लागू कर सकती है। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसी सवाल पर गंभीर टिप्पणी की और केंद्र सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि इस अत्यंत संवेदनशील और जटिल मुद्दे पर अंतिम फैसला संसद को करना चाहिए। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 20(1) का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब मौजूदा कानून किसी कृत्य को अपराध के रूप में परिभाषित ही नहीं करता, तो उसके लिए किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से दंडित कैसे किया जा सकता है। हम आपको बता दें कि अनुच्छेद 20(1) स्पष्ट करता है कि किसी व्यक्ति को उस समय लागू कानून के उल्लंघन के अलावा किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसे भी पढ़ें: Karnataka Case: 'सेक्स स्लेव' फैसले को चुनौती, Supreme Court में Personal Liberty पर बहस मौजूदा कानून में यही सबसे महत्वपूर्ण पेच है। भारतीय दंड संहिता की धारा 375 में Exception 2 के तहत पत्नी के साथ पति द्वारा यौन संबंध को बलात्कार की परिभाषा से बाहर रखा गया था। पत्नी की उम्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले के बाद यह सीमा 18 वर्ष से संबंधित हो गई। अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63(2) में भी इसी प्रकार का अपवाद मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद अहम सवाल उठाया कि जब कानून ने किसी आचरण को अपराध की श्रेणी में रखा ही नहीं है, तो अदालत उसे अपराध मानकर अभियोजन की अनुमति कैसे दे सकती है? पिछली सुनवाई में भी पीठ ने पूछा था कि क्या संवैधानिक अदालतें खुद आपराधिक कानून को दोबारा लिखकर नया अपराध बना सकती हैं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामला सामाजिक, कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत जटिल है और इसका समाधान संसद के स्तर पर होना चाहिए। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि यदि सरकार को लगता है कि मौजूदा कानून में समस्या है, तो उसे संसद की मंजूरी के साथ कानून को दोबारा तैयार करना चाहिए। यानी सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सीमा रेखा खींच दी है कि कानून की व्याख्या अदालत कर सकती है, लेकिन संसद द्वारा स्पष्ट रूप से बनाए गए आपराधिक प्रावधान को बदलकर नया अपराध बनाना अलग प्रश्न है। हालांकि अदालत ने महिलाओं की पीड़ा को किसी भी तरह कमतर नहीं आंका। पीठ ने साफ कहा कि पति द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध के लिए मजबूर की गई महिला “निश्चित रूप से पीड़िता” है। असली सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में पति पर बलात्कार का मुकदमा चलाने का कानूनी आधार क्या होगा, जब वर्तमान कानून स्वयं वैवाहिक संबंध के लिए अपवाद प्रदान करता है। हम आपको बता दें कि कर्नाटक से जुड़े एक मामले ने इस बहस को और पेचीदा बना दिया है। वहां हाई कोर्ट ने ऐसे पति के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी थी जिस पर पत्नी के साथ लगभग “सेक्स स्लेव” जैसा व्यवहार करने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले को पहले सुनने पर विचार कर रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि मौजूदा कानून की व्याख्या के जरिए अभियोजन संभव है या नहीं। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विवाह किसी महिला की शारीरिक स्वायत्तता और सहमति के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नुंडी ने कहा कि अदालत को नया अपराध बनाने की जरूरत नहीं है; बलात्कार पहले से परिभाषित अपराध है और सवाल केवल इतना है कि क्या पतियों को उससे संवैधानिक संरक्षण देना उचित है। उधर, केंद्र सरकार इसके विपरीत विवाह की भारतीय सामाजिक संरचना, आपराधिक कानून के संभावित दुरुपयोग और सबूत जुटाने की कठिनाइयों को प्रमुख आधार मान रही है। सरकार का तर्क है कि पति-पत्नी के बीच बंद दरवाजों के भीतर सहमति या असहमति साबित करना सामान्य यौन अपराधों की तुलना में अधिक जटिल होगा। वैवाहिक विवादों में गंभीर आपराधिक धाराओं के इस्तेमाल की आशंका भी सरकार की चिंता का हिस्सा है। केंद्र सरकार का यह भी कहना है कि पश्चिमी देशों के कानूनी मॉडल को भारत की सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि व्यापक पारिवारिक और सामाजिक ढांचे से जुड़ी संस्था है। इसी आधार पर सरकार “पश्चिमी मॉडल की अंधी नकल” से बचने की बात करती है। वहीं बहस का एक वैचारिक पक्ष भी है। दरअसल वैवाहिक बलात्कार की पश्चिमी अवधारणा को भारतीय पारिवारिक व्यवस्था पर उसी रूप में लागू करने की कोशिश भारतीय विवाह संस्था को कमजोर कर सकती है। देखा जाये तो ऐसी अवधारणाएं भारतीय सामाजिक व्यवस्था को व्यक्तिगत अधिकारों की अत्यधिक कानूनी व्याख्या के जरिए छिन्न-भिन्न कर सकती हैं। दूसरी ओर, वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने की मांग के पीछे भारतीय महिलाओं के अधिकार और शारीरिक स्वायत्तता से जुड़े तर्क भी हैं। फिलहाल केंद्र का रुख स्पष्ट है कि घरेलू हिंसा, क्रूरता और शारीरिक हमले जैसी मौजूदा कानूनी धाराओं के तहत पीड़ित पत्नी को संरक्षण उपलब्ध है; बलात्कार की कानूनी परिभाषा में बदलाव करना हो तो वह व्यापक सामाजिक विमर्श, विशेषज्ञों से परामर्श और संसद में बहस के बाद होना चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की है। इसलिए अब असली लड़ाई केवल “वैवाहिक बलात्कार अपराध है या नहीं” की नहीं, बल्कि इस बड़े संवैधानिक प्रश्न की है कि भारत में आपराधिक कानून की नई सीमा कौन तय करेगा, न्यायपालिका या संसद? -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 1:38 pm

100 दिन तो सिर्फ शुरुआत है, कर्नाटक के विकास की यात्रा अभी शुरू हुई : सीएम शिवकुमार

100 दिन तो सिर्फ शुरुआत है, कर्नाटक के विकास की यात्रा अभी शुरू हुई : सीएम शिवकुमार

समाचार नामा 10 Sep 2026 10:28 am

'जारकीहोली पर ईडी की छापेमारी को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा', कर्नाटक भाजपा का कांग्रेस पर हमला

'जारकीहोली पर ईडी की छापेमारी को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा', कर्नाटक भाजपा का कांग्रेस पर हमला

समाचार नामा 9 Sep 2026 7:02 pm

पाकुड़ के मंटू पाल की कर्नाटक में हत्या:गांव लाया गया शव, परिजनों ने बेरहमी से हत्या का आरोप लगाया; जल्द गिरफ्तारी की मांग

पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बासमती प्रधान टोला के रहने वाले मंटू कुमार पाल की कर्नाटक में हत्या कर दी गई है। बुधवार को युवक का शव उसके गांव लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिजन हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मंटू कुमार पाल के भाई हरे कृष्ण पाल ने बताया कि 30 साल का मंटू शादीशुदा था। वह 30 अगस्त को गांव के ही विजय पाल के कहने पर रोजगार के लिए ओडिशा जाने की बात कहकर कर्नाटक गया था। हरे कृष्ण पाल के मुताबिक, 2 सितंबर को कर्नाटक में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि मंटू गायब है। इसके बाद परिवार को चिंता होने लगी। कुछ दिनों बाद कर्नाटक के सेदम पुलिस स्टेशन से खबर मिली कि मंटू कुमार पाल की हत्या कर दी गई है और परिवार आकर शव ले जाए। परिवार डर की वजह से सीधे कर्नाटक नहीं गया। उन्होंने अमड़ापाड़ा थाना में घटना की जानकारी दी। अमड़ापाड़ा पुलिस ने कर्नाटक के सेदम पुलिस स्टेशन से संपर्क कर पूरी जानकारी ली। कर्नाटक पुलिस ने बताया कि परिजनों के पहुंचने के बाद ही शव भेजा जाएगा। इसके बाद अमड़ापाड़ा थाना ने कर्नाटक पुलिस को ईमेल भेजा। बुधवार को मंटू का शव उसके गांव भेजा गया, जहां परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया। हरे कृष्ण पाल ने बताया कि उनके भाई की बेरहमी से हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। मृतक के माता-पिता की मौत साल 2022 में हो चुकी है। मंटू की शादी 7 से 8 साल पहले हुई थी और उसका एक 5 साल का बेटा भी है।

दैनिक भास्कर 9 Sep 2026 6:24 pm

छत्तीसगढ़ महिला टीम ने झारखंड को 5 रन से हराया:कशिश ने खेली शानदार पारी; पुरुष टीम ने कर्नाटक के 7 विकेट गिराए

छत्तीसगढ़ क्रिकेट टीम के लिए सोमवार का दिन मिला-जुला, लेकिन शानदार प्रदर्शन वाला रहा। राजस्थान में चल रही MPMSC सीनियर विमेंस इनविटेशनल टी-20 ट्रॉफी में छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने झारखंड को 5 रन से हराकर टूर्नामेंट में दूसरी जीत दर्ज की। वहीं, कर्नाटक में चल रहे डॉ. कैप्टन के. थिम्मप्पियाह मेमोरियल इनविटेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ की पुरुष टीम के गेंदबाजों ने कर्नाटक सेक्रेटरी इलेवन के 7 विकेट गिरा दिए। महिला टीम ने 5 रन से जीता मैच उदयपुर के मिराज क्रिकेट ग्राउंड में खेले गए मुकाबले में झारखंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। छत्तीसगढ़ ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 141 रन बनाए। कशिश अग्रवाल ने 34 गेंदों में 49 रन की शानदार पारी खेली। शिवी पांडे ने 25 रन बनाए, जबकि ओपनर प्रत्युषा और शिल्पा साहू ने 20-20 रन का योगदान दिया। झारखंड की ओर से शांति कुमारी ने 2 विकेट लिए। 142 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी झारखंड की टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 136 रन ही बना सकी। कप्तान सोनिया ने 46 रन बनाए, जबकि रश्मि ने 27 और अश्वनी कुमारी ने 25 रन का योगदान दिया। छत्तीसगढ़ की गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर झारखंड के बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी नहीं बनाने दी। कप्तान कृति गुप्ता ने 3 विकेट लिए, जबकि प्रीति यादव ने 2 विकेट झटके। उर्मिला हरिना और श्रद्धा वैष्णव को 1-1 विकेट मिला। कृति गुप्ता को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। पुरुष टीम के गेंदबाजों का दबदबा बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में डॉ. कैप्टन के. थिम्मप्पियाह मेमोरियल इनविटेशनल क्रिकेट टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ का मुकाबला कर्नाटक सेक्रेटरी इलेवन से है। पहले दिन कर्नाटक सेक्रेटरी इलेवन ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी की। टीम की शुरुआत खराब रही और सिर्फ 21 रन के स्कोर पर उसके 2 विकेट गिर गए। इसके बाद करुण नायर ने पारी को संभाला और 104 रन बनाए। रितेश भटकाल 62 रन बनाकर नाबाद रहे, जबकि रक्षित ने 30 रन का योगदान दिया। कर्नाटक सेक्रेटरी इलेवन ने पहले दिन 90 ओवर में 7 विकेट पर 277 रन बनाए। छत्तीसगढ़ की ओर से देव आदित्य सिंह ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके। रुद्र प्रताप देहरी को 2 विकेट मिले। दिन का खेल खत्म होने तक कर्नाटक सेक्रेटरी इलेवन 277 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 7:41 pm

भिवानी के 2 बेटों ने कर्नाटक में जीते पदक:YAI चैंपियनशिप, विनय ने जीता गोल्ड; भास्कर को मिला सिल्वर मेडल

भिवानी के बेटों ने कर्नाटक में आयोजित YAI यूथ एंड जूनियर मल्टीक्लास चैंपियनशिप 2026 में 2 मेडल जीते। भिवानी के गांव कसुंभी निवासी विनय ने गेम सेलिंग टेक्नो अंडर-15 प्रतियोगिता में भाग लिया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इसके अलावा अंडर-15 गेम सेलिंग टेक्नो प्रतियोगिता में भास्कर शर्मा ने सिल्वर मेडल जीता। दोनों युवा खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए है। मेडल जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया। दोनों खिलाड़ी काफी अभ्यास करते हैं- कोच कोच नितिन ने कहा कि दोनों खिलाड़ी काफी अभ्यास करते हैं और पूरी लग्न व मेहनत के साथ सीखने के जज्बे के साथ लगे रहते हैं। इसी की बदौलत वे यहां इस स्तर तक पहुंच पाए है। उम्मीद है कि दोनों खिलाड़ी आगे भी इसी तरह अपने खेल का प्रदर्शन दिखाते रहेंगे और मेडल अपने नाम करते रहेंगे। दोनों का खेल के प्रति रुझान दोनों खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर अंकुरम पब्लिक स्कूल कसुंभी के डायरेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कहा कि दोनों का खेल के प्रति खासा रुझान है। खेल के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छे है। इस उपलब्धि के बाद खुशी का माहौल है। साथ ही सभी ने दोनों खिलाड़ियों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी पहले भी कई मेडल अपने नाम कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि विनय व भास्कर शर्मा आगे भी इसी तरह मेहनत के बल पर मेडल जीतते रहेंगे। हम चाहते है कि आसपास के और भी बच्चे इस गेम से जुड़े व अपने भविष्य को संवारे।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 9:55 am

Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!

कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 8:26 pm

Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge

कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Aug 2026 7:14 pm

Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:12 pm

क्या आपने चखा है कर्नाटक का फेमस मद्दुर वड़ा? इसका कुरकुरा स्वाद शाम की चाय का मजा कर देगा दोगुना, नोट करें रेसिपी

अगर आप रोज-रोज एक ही तरह के पकौड़े या नमकीन खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कर्नाटक के मशहूर मद्दुर वड़े को जरूर ट्राई करें।

खबर इंडिया टीवी 25 Aug 2026 5:43 pm

Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन

pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

राजस्थान खबरे 24 Aug 2026 2:07 pm

कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर

तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.

आज तक 17 Aug 2026 2:12 pm

Karnataka: कर्नाटक के स्कूलों में शुरू होगी AI की पढ़ाई, मुख्यमंत्री ने किया 'एआई अक्षरा अभियान' का एलान

Karnataka AI Education: कर्नाटक सरकार ने स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को शामिल करने की पहल की है।

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:24 pm

Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge

क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:11 pm

यश की 'टॉक्सिक' रचेगी इतिहास! कर्नाटक में सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज, पहले दिन रिकॉर्ड स्क्रीनिंग्स का दावा

साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...

वेब दुनिया 7 Aug 2026 12:07 pm

आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

आज तक 31 Jul 2026 6:10 pm

फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो

बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

बूमलाइव 18 Jun 2026 3:38 pm