एक टिकट… और उससे चार बार सफर! सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन मरुधर एक्सप्रेस में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी टिकट बनाकर यात्रा कर रहे दो यात्री टीटीई की सतर्कता से पकड़े गए। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, सोमवार को ट्रेन संख्या 14863 वाराणसी सिटी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस के जोधपुर पहुंचने पर प्लेटफॉर्म पर सघन टिकट जांच की जा रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सीटीटीसी अनिकेत रामदेव को दो यात्रियों के मोबाइल टिकट पर संदेह हुआ। पहली नजर में टिकट सामान्य दिख रहा था, लेकिन शक होने पर जब हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन में यूटीएस नंबर डाला गया तो पूरा मामला खुल गया। 45 रुपए का टिकट, चार बार इस्तेमाल जांच में सामने आया कि जो टिकट जोधपुर तक का दिखाया जा रहा था, वह असल में 22 मार्च को कर्नाटक के कुनिगल से चन्नारायपटना के बीच एक यात्री के लिए मात्र 45 रुपए में जारी हुआ था और उस पर यात्रा भी की जा चुकी थी। इसके बाद उसी यूटीएस नंबर (XT6PEBG006) को AI टूल्स की मदद से एडिट कर अलग-अलग तारीख और रूट के फर्जी टिकट तैयार किए गए। इनमें जयपुर-आगरा (1 मार्च), आसरवा-उदयपुर (28 मार्च) और आगरा फोर्ट-जोधपुर (20 अप्रैल) की यात्राएं शामिल हैं। एक नंबर बना सबसे बड़ा सुराग सीनियर डीसीएम के मुताबिक, हर टिकट का नंबर अलग होता है, लेकिन यहां एक ही नंबर बार-बार इस्तेमाल हुआ। यही गड़बड़ी पकड़ में आने का सबसे बड़ा कारण बनी। स्टेशन पर ही कार्रवाई फर्जीवाड़ा सामने आते ही दोनों यात्रियों को बिना टिकट चार्ज करने के बाद वाणिज्य निरीक्षक रतन सिंह गुर्जर की रिपोर्ट के साथ जीआरपी के हवाले कर दिया गया। दोनों की उम्र करीब 25 साल बताई जा रही है और वे कर्नाटक के निवासी हैं। AI का बढ़ता दुरुपयोग, रेलवे की चेतावनी डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर जोधपुर मंडल में सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी से रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है और टिकटिंग प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। यह मामला केवल टिकट फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि तकनीक के खतरनाक दुरुपयोग का संकेत भी है। रेलवे ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
औरंगाबाद जिले के नवीनगर प्रखंड के सिमरी गांव का एक युवक 5 महीने से लापता है। पत्नी उर्मिला देवी अपने दो छोटे-छोटे बच्चों के साथ पिछले लापता पति की तलाश में दर-दर भटकने को मजबूर हैं। प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस मदद नहीं मिल सकी है। उर्मिला देवी ने बताा कि पति पवन भुइंया 1 नवंबर 2025 को गांव के ही युगेश्वर भुइयां और छतरपुर निवासी ठेकेदार विकास कुमार के साथ काम करने के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उठाने के लिए रोजगार की तलाश में बाहर गए थे, लेकिन उनके जाने के बाद से ही संपर्क नहीं हो सका है। कोई पता नहीं चल पाया है। चार महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो कोई फोन आया और न ही उनके बारे में कोई जानकारी मिल सकी है। इस संबंध में साथ गए लोगों और ठेकेदार से जानकारी लेने की कोशिश की, तो सभी ने अपना पल्ला झाड़ लिया। इससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। पति के अचानक लापता हो जाने से परिवार की स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। घर वाले किसी अनहोनी की आशंका से भयभीत हैं। परिवार के सामने आर्थिक संकट भी गहराता जा रहा है। घर में खाने-पीने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है, जबकि छोटे-छोटे बच्चे अपने पिता को याद कर रोते रहते हैं। एसपी को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग उर्मिला देवी ने इस मामले में टंडवा थाना में आवेदन भी दिया, लेकिन पुलिस ने यह कहते हुए प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया कि मामला दूसरे राज्य से जुड़ा हुआ है। इस रवैये से निराश होकर अब उन्होंने वरीय अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है। पीड़िता ने एसपी को भी आवेदन देकर पति की बरामदगी की गुहार लगाई है। साथ ही उन्होंने संबंधित विभाग को आवेदन देकर अपने पति की आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीणों ने भी इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते जांच शुरू नहीं की गई, तो पीड़ित परिवार को न्याय मिलना मुश्किल हो जाएगा। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की पीड़ा को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े करता है।
आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले के चिलकलाडोना के पास एक लॉरी और कार की टक्कर हो गई। इस हादसे में आठ लोगों की मौत हो गई है। 10-12 लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए एम्मिगनूर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कुरनूल पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतकों की पहचान कर्नाटक (चिक्कमगलुरु क्षेत्र) के तीर्थयात्रियों के रूप में हुई है। आज की अन्य बड़ी खबरें… दिल्ली में BRICS की पहली हेल्थ वर्किंग ग्रुप बैठक; चीन, रूस, भारत समेत 9 देशों के स्वास्थ्य अधिकारी शामिल दिल्ली में बुधवार को BRICS फ्रेमवर्क के तहत 2026 की पहली हेल्थ वर्किंग ग्रुप (HWG) बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने की। इस बैठक में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, यूएई और इंडोनेशिया के वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी, विशेषज्ञ और प्रतिनिधि शामिल हुए। स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि हेल्थ वर्किंग ग्रुप सार्वजनिक स्वास्थ्य सहयोग को आगे बढ़ाने का अहम मंच है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में BRICS देशों के बीच संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों से निपटने, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने और सस्ती दवाओं तक पहुंच बढ़ाने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा है। कश्मीर के व्यापारियों के लिए दिल्ली-बडगाम के बीच 17 अप्रैल से चलेगी पार्सल ट्रेन जम्मू डिवीजन की नॉर्दर्न रेलवे ने बुधवार को कहा कि 17 अप्रैल से नई दिल्ली के आदर्श नगर और कश्मीर के बडगाम के बीच जॉइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस (JPP-RCS) ट्रेन चलाई जाएगी। रेलवे के मुताबिक, ये सेवा फिलहाल 31 मई तक ट्रायल बेसिस पर नियमित रूप से संचालित की जाएगी। इसके बाद यात्रियों और व्यापारियों की मांग तथा उपयोग के आधार पर इसे स्थायी सेवा के रूप में शामिल किया जा सकता है। ट्रेन नंबर 00462 बडगाम से सुबह 6:15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5 बजे दिल्ली के आदर्श नगर पहुंचेगी। रास्ते में लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा के लिए यह ट्रेन बाड़ी ब्राह्मणा और अंबाला कैंट स्टेशन पर भी रुकेगी। बाड़ी ब्राह्मणा स्टेशन पर समय में बदलाव कर व्यापारियों के लिए इसे और सुविधाजनक बनाया गया है। भारत-उज्बेकिस्तान सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक 2026’ शुरू; संयुक्त ऑपरेशन और तकनीक पर जोर भारत और उज्बेकिस्तान के बीच वार्षिक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास ‘डस्टलिक 2026’ का सातवां संस्करण बुधवार को उज्बेकिस्तान के नमंगन के गुरुमसराय फील्ड ट्रेनिंग एरिया में शुरू हुआ। भारतीय सेना के मुताबिक, यह अभ्यास 12 अप्रैल से 25 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इस सैन्य अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय सेना और उज्बेकिस्तान सेना के बीच ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करना है। खासतौर पर यह संयुक्त विशेष अभियानों (जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस) पर केंद्रित है, जिनका लक्ष्य गैरकानूनी सशस्त्र समूहों को निष्क्रिय करना है।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन न्यायिक अधिकारियों को कर्नाटक हाई कोर्ट के जज बनाने की सिफारिश की
भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली कॉलेजियम ने मंगलवार को कर्नाटक हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में तीन न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति की सिफारिश की
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के वन विभाग 7 और 8 मार्च को नीलगिरी क्षेत्र में एक समन्वित गिद्ध गणना करेंगे
कांग्रेस आलाकमान को कर्नाटक नेतृत्व संकट जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए
जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व टालमटोल करता दिख रहा है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव दिया है।

