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लापता करण-अर्जुन की मां को आया फोन, कर्नाटक के अस्पताल में हैं बच्चे

धुर्वा थाना क्षेत्र से लापता दो भाई करण और अर्जुन का 12 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। बच्चों की मां डॉली देवी लगातार उनकी तलाश में भटक रही हैं और पुलिस पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा रही हैं। इसी बीच शुक्रवार रात करीब आठ बजे 9505487735 नंबर से एक फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को कर्नाटक से बताते हुए कहा कि बच्चों का एक्सीडेंट हो गया है और वे अस्पताल में भर्ती हैं। इस सूचना के बाद पूरा परिवार परेशान है। पुलिस उस मोबाइल नंबर की जांच कर रही है। डॉली देवी का कहना है कि उनके दोनों बेटे 12 दिनों से लापता हैं, लेकिन अब तक पुलिस उन्हें ढूंढ़ने में सफल नहीं हो सकी है। उनका आरोप है कि शुरुआत में पुलिस ने मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई और उन्हें खुद बच्चों की तलाश करने की बात कही। अखबारों में खबर छपने के बाद ही पुलिस ने कुछ सक्रियता दिखाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा और जगन्नाथपुर क्षेत्र से लापता बच्चों करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। आदित्य साहू ने कहा कि परिजनों के बयान और थाने में दर्ज प्राथमिकी के विवरण में विरोधाभास दिखाई देता है। उन्होंने बताया कि लापता बच्चों की बरामदगी की मांग को लेकर भाजपा ने शनिवार शाम छह बजे मशाल जुलूस निकालने का आह्वान किया है। पार्टी का कहना है कि यदि इसके बाद भी बच्चों का पता नहीं चलता है तो आगे की आंदोलनात्मक रणनीति बनाई जाएगी। भाजपा नेता परिजनों से मिले, बरामद करने की मांग पर आज मशाल जुलूस

दैनिक भास्कर 13 Jun 2026 5:30 am

ह्यूमन ट्रेफिकिंग की आशंका,सरगुजा में नाबालिग सहित 20 को रोका:झारखंड से कर्नाटक जा रहे थे,बस में सवार 17 लड़कियों व तीन लड़कों से पूछताछ

झारखंड के गढ़वा से दुर्ग के लिए चलने वाली रायल बस में सवार 17 लड़कियों एवं तीन लड़कों को ह्यूमन ट्रेफिकिंग की आशंका पर अंबिकापुर के बस स्टैंड में आईसीपीएस, चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम ने रोक लिया। इनमें से कम से कम पांच नाबालिग लड़कियां शामिल हैं। सभी ने कर्नाटक में काम करने के लिए जाना बताया है, हालांकि वे यह नहीं बता सके कि उन्हें जाना कहां था। सभी से पूछताछ की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, गढ़वा से अंबिकापुर के लिए चलने वाली रॉयल बस में बीती रात 17 लड़कियां एवं तीन लड़के सवार होकर अंबिकापुर आ रहे थे। इनमें से कई नाबालिग लड़कियां भी शामिल हैं। लड़कियों की गतिविधि एवं बातचीत संदिग्ध लगने पर बस के एक सवार ने एमएसएसव्हीपी संस्था के मनोज भारती को इसकी सूचना दी। संयुक्त टीम ने बस से उतारा, सभी से पूछताछ ह्यूमन ट्रेफिकिंग की आशंका पर जिला बाल संरक्षण ईकाई से विक्रमांत, चाइल्ड लाइन दिलीप जगते सहित कोआर्डिनेटर, एमएसएसव्हीपी के मनोज भारती की टीम पुलिस बल के साथ बस स्टैंड पहुंच गई। बस स्टैंड में बस के पहुंचते ही टीम ने बस में चढ़कर सवार लड़कियों से बात की और सभी को अंबिकापुर में उतार लिया गया। बस में सवार एक युवक ने बताया कि वह कर्नाटक में पहले भी काम करने जा चुका है। इस बार वह जींस कंपनी में पैकिंग का काम करने जा रहे हैं। युवक ने बताया कि वह पहली बार जींस कंपनी में काम करने जा रहा है। दूसरी कंपनी में उसे काम करने के प्रतिदिन उन्हें 500 रुपये मिलते थे। टीम में सिर्फ एक महिला मिली जो ज्यादा उम्र की है। वह अपने बेटे व बेटी के साथ कर्नाटक जा रही थी। अन्य 15 लड़कियों में कम से कम पांच नाबालिग हैं। दूसरे व्यक्ति ने कटाया टिकट पूछताछ में लड़कियां यह भी नहीं बता सकीं कि वे कर्नाटक के किस शहर में काम करने जा रही हैं। कुछ लड़कियों ने कहा कि वे निजी घरों में काम करने जा रही हैं। उन्हें काम के बदले अच्छी पगार दिलाने का आश्वासन दिया गया है। लड़कियों और उनके परिजनों से जिन लोगों ने बात की है, उनका पता नहीं चला। वे बस में सवार नहीं मिले। सभी ने बताया कि उनकी टिकट भी दूसरे युवक ने कटवाई थी। वह भी बस में सवार नहीं हुआ। सभी को रायपुर से कर्नाटक के लिए निकलना था। सभी से की जा रही पूछताछ-प्रधान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी जेआर प्रधान ने बताया कि बस में कुल 20 लोग सवार थे। इनमें तीन लड़के, एक महिला और 16 लड़कियां शामिल हैं। आधार कार्ड के हिसाब से कम से कम पांच लड़कियां नाबालिग हैं। अन्य के उम्र की तस्दीक की जा रही है। जेआर प्रधान ने कहा कि चूंकि उन्हें ले जाने वाले का भी पता नहीं हैं। इस कारण चाइल्ड लाइन की टीम सभी से जानकारी एकत्र कर रही है। यह प्रकरण पुलिस में जाएगा तो पता चलेगा कि वे गिरोह के माध्यम से जा रहे थे या स्वेच्छा से जा रहे थे।

दैनिक भास्कर 12 Jun 2026 5:24 pm

नीलगिरी क्षेत्र में 7-8 मार्च को होगी गिद्धों की गणना, तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक वन विभाग मिलकर करेंगे सर्वे

तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के वन विभाग 7 और 8 मार्च को नीलगिरी क्षेत्र में एक समन्वित गिद्ध गणना करेंगे

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:44 am