पीएम सूर्य घर योजना: कर्नाटक के लाभार्थी ने बिजली बिल शून्य आने पर आभार जताया
पीएम सूर्य घर योजना: कर्नाटक के लाभार्थी ने बिजली बिल शून्य आने पर आभार जताया
Ranji Trophy: KV Aneesh के शतक से कर्नाटक मजबूत, असम के खिलाफ 361 रन की बढ़त
गुवाहाटी, तीन नवंबर केवी अनीश के नाबाद 142 रन की शानदार पारी की बदौलत कर्नाटक ने मंगलवार को यहां रणजी ट्रॉफी एलीट ग्रुप बी मुकाबले के दूसरे दिन अपनी पहली पारी में पांच विकेट पर 496 रन बना लिए और असम पर 361 रन की विशाल बढ़त हासिल कर ली। अनीश ने 248 गेंदों पर 10 चौकों और दो छक्कों की मदद से कर्नाटक की पारी को मजबूती दी। अब मेहमान टीम की नजरें असम को पारी से हराने पर होंगी। कर्नाटक की ओर से मयंक अग्रवाल (72), अनीश्वर गौतम (83) और मनवंत कुमार (नाबाद 53) ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं। असम की टीम पहले दिन अपनी पहली पारी में महज 135 रन पर सिमट गई थी। इसके जवाब में कर्नाटक ने दूसरे दिन दो विकेट पर 180 रन से आगे खेलना शुरू किया। एक अन्य मुकाबले में मेजबान त्रिपुरा ने पूर्व चैंपियन सौराष्ट्र के खिलाफ पहली पारी में 150 रन की बढ़त हासिल करने के बाद दूसरी पारी में चार विकेट पर 54 रन बना लिए। त्रिपुरा के पहली पारी में 268 रन के जवाब में सौराष्ट्र की टीम महज 118 रन पर आउट हो गई। त्रिपुरा की ओर से परवेज सुल्तान ने 25 रन देकर पांच विकेट झटके, जबकि संदीप सरकार ने 48 रन देकर चार विकेट हासिल किए। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत त्रिपुरा ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक कुल 204 रन की बढ़त बना ली थी। आंध्र ने एक अन्य मुकाबले में पंजाब के नौ विकेट पर 529 रन के स्कोर पर पारी घोषित करने के बाद पहली पारी में बिना किसी नुकसान के 20 रन बना लिए थे। पंजाब के विशेषज्ञ बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन के बाद सलिल अरोड़ा ने 144, सनवीर सिंह ने 205 और इमनजोत सिंह चहल ने 122 रन की शानदार पारियां खेलीं। एक अन्य मुकाबले में छत्तीसगढ़ के पहली पारी में 284 रन के जवाब में हैदराबाद ने पहली पारी में नौ विकेट पर 275 रन बना लिए।
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कर्नाटक पुलिस को जनता का भरोसा खोने के प्रति किया आगाह
Bengaluru, 3 नवंबर . केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने Tuesday को Police को आगाह किया कि वे जनता का भरोसा न खोएं. उन्होंने आरोप…
Weather forecast for November 4: देश के कई राज्यों में 4 नवंबर को बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने मौसम बुलेटिन में छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि अन्य राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी चेतावनी दी है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्टIMD के मुताबिक 4 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश में कुछ स्थानों पर तेज सतही हवाएं चलने की भी आशंका जताई है। ऐसे में बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के साथ आंधी-तूफान की आशंकाछत्तीसगढ़ में भी 4 नवंबर को मौसम का मिजाज बदला रह सकता है। IMD ने राज्य में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान जताया है। बारिश के साथ राज्य के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। यानी छत्तीसगढ़ में बारिश के साथ आंधी जैसी स्थिति बनने की आशंका है।केरल और माहे में भी भारी बारिश की चेतावनीकेरल और माहे में 4 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई है। बारिश के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर पर मौसम अचानक बदल सकता है।कर्नाटक के दक्षिणी अंदरूनी हिस्सों में बरसेंगे बादलकर्नाटक के दक्षिणी अंदरूनी हिस्सों यानी साउथ इंटीरियर कर्नाटक में भी 4 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। IMD के मुताबिक कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं तटीय कर्नाटक में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने का अनुमान है।तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंकातमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 4 नवंबर को कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है। IMD के मुताबिक, इन क्षेत्रों में भारी बारिश के अलावा बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। इसलिए खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में रहने से बचना चाहिए।तेलंगाना में भी भारी बारिश का अनुमानतेलंगाना के कुछ हिस्सों में 4 नवंबर को भारी बारिश होने की संभावना है। IMD ने राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि इस बुलेटिन में तेलंगाना के लिए गरज-चमक या तेज हवाओं का अलग से उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए राज्य के लिए मुख्य चेतावनी भारी बारिश को लेकर है।ओडिशा और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बिजली गिरने का अलर्ट4 नवंबर को ओडिशा और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है। ओडिशा में इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी मध्य प्रदेश के लिए IMD ने गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।ये भी पढ़ें- Manasvi Vashishtha: दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर के बाहर प्रोटेस्ट करने वाले ACP मनस्वी वशिष्ठ सस्पेंड, हाई कोर्ट पहुंचे वकील
कांग्रेस ने अपमानजनक टिप्पणी मामले में कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ चलाया पोस्टर अभियान
Bengaluru, 3 नवंबर . कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने Tuesday को कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई. विजयेंद्र को निशाना बनाते हुए पोस्टर अभियान शुरू किया है. उन्होंने कांग्रेस नेताओं…
‘2028 में कर्नाटक में भाजपा सरकार बनाने का लक्ष्य’, कांग्रेस पर जमकर बरसे हरीश द्विवेदी
Bengaluru, 3 नवंबर . कर्नाटक भाजपा प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव हरीश द्विवेदी ने Tuesday को कहा कि भाजपा 2028 में राज्य में एक बार फिर Government बनाने के…
चक्रवात प्रभावित आंध्र प्रदेश की मदद के लिए कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया हाथ, भेजे 500 बिजलीकर्मी
कर्नाटक सरकार ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित आंध्र प्रदेश की मदद के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने में सहयोग देने का फैसला किया है...
आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
पुलिस का गलत इस्तेमाल कर रही कर्नाटक सरकार? मंत्री प्रियांक खड़गे ने दी सफाई
प्रियंक खड़गे ने पुलिस के गलत इस्तेमाल के एचडी कुमारस्वामी के आरोप खारिज करते हुए कहा कि सरकार कानून के दायरे में काम कर रही है. उन्होंने साफ किया कि सबूत मिलने पर कुमारस्वामी को समन भेजा जाएगा, जबकि जांच को प्रभावित करने वाली कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी.
“मनीष अक्सर मुझे फोन करता था। संतोष घर पर नहीं भी रहते थे, तब भी मेरी मनीष से बात होती थी। वह कहता था कि मुझसे बात करके उसका मन बहुत खुश रहता है। संतोष को यह बात पसंद नहीं थी। मनीष ने कई बार धमकी दी थी कि अगर मैंने उससे बात करना बंद नहीं किया तो वह संतोष की हत्या कर देगा। घर पर कर्ज बहुत था, इसलिए मैंने ही संतोष को कमाने के लिए कर्नाटक भेजा था। मुझे नहीं पता था कि वहां उसकी हत्या कर दी जाएगी।” यह कहना है सहरसा नगर निगम की रहने वाली मृतक संतोष की पत्नी लक्ष्मी देवी का। 26 साल के संतोष की 20 अक्टूबर को कर्नाटक के कोप्पल में मौत हो गई थी। 31 अक्टूबर को उनका शव एंबुलेंस से सहरसा लाया गया। संतोष के परिवार ने उनके दोस्त मनीष यादव पर हत्या का आरोप लगाया है। संतोष कर्नाटक में मजदूरी करने क्यों गए थे और वापस लौटने के बाद वहां जाने से क्यों मना कर रहे थे? मनीष और संतोष के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और 20 अक्टूबर की शाम क्या हुआ? संतोष की पत्नी और बड़े भाई ने मनीष पर क्या आरोप लगाए, पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें.. अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… संतोष कुमार सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के चार बेटों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी लक्ष्मी देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं। संतोष के बड़े भाई रंजीत ठाकुर के मुताबिक, संतोष की वार्ड में रहने वाले मनीष यादव और राजकिशोर यादव से दोस्ती थी। करीब डेढ़-दो साल पहले मनीष संतोष को मजदूरी कराने के लिए कर्नाटक की एक कंपनी में ले गया था। वहां काम करने के बाद संतोष सितंबर 2026 में वापस गांव लौट आए। इसके बाद वह दोबारा कर्नाटक जाने के लिए तैयार नहीं थे। रंजीत के मुताबिक, संतोष गांव में ही एक ठेला लेकर चाउमीन और बर्गर बेचने का काम शुरू करना चाहते थे। परिवार के मुताबिक, घर पर काफी कर्ज था। इसी वजह से पत्नी लक्ष्मी देवी चाहती थीं कि संतोष दोबारा कर्नाटक जाकर काम करें। मनीष भी उसी कंपनी में काम करता था, जहां संतोष पहले काम कर चुके थे। संतोष और मनीष की नजदीकी के कारण मनीष अक्सर उनके घर भी आता-जाता था। 9 अक्टूबर को दोबारा कर्नाटक गए थे संतोष परिवार के मुताबिक, संतोष 9 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कोप्पल स्थित एक कंपनी में काम करने के लिए गए थे। वहां पहुंचने के बाद 19 अक्टूबर तक उनकी परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत होती रही। 20 अक्टूबर के बाद संतोष से संपर्क नहीं हो पाया। संतोष के बड़े भाई गौतम ने उनकी तलाश शुरू की। उन्होंने इंटरनेट पर भी जानकारी जुटाई और अपने एक मित्र की मदद से संतोष की लोकेशन का पता किया। परिवार को जानकारी मिली कि संतोष की आखिरी लोकेशन 20 अक्टूबर को कर्नाटक के कोप्पल में थी। इसके बाद परिवार ने कंपनी के मालिक का नंबर पता किया और वहां संपर्क किया। 23 अक्टूबर को कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संतोष के बारे में बात हुई। परिवार ने उनसे पूछा कि संतोष कहां हैं और कई दिनों से उनसे संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पिछले पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। इसके बाद परिवार ने उनसे संतोष के बारे में पता लगाने को कहा। परिवार के मुताबिक, संतोष वहां अपने दोस्तों के साथ रहते थे, इसलिए उनके साथियों से पूछताछ करने की बात कही गई। राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताई हत्या की कहानी परिवार के मुताबिक, कंपनी सुपरवाइजर अमिताभ दास ने संतोष के साथ रहने वाले मनीष और राजकिशोर से पूछताछ की। रंजीत ठाकुर का कहना है कि पूछताछ शुरू होने से पहले ही मनीष वहां से भाग गया। वहीं, राजकिशोर को सुपरवाइजर ने पकड़ लिया और उससे पूछताछ की। परिवार के अनुसार, राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताया कि संतोष और मनीष के बीच लक्ष्मी देवी से बातचीत को लेकर विवाद था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को संतोष का इस बातचीत पर आपत्ति जताना पसंद नहीं था। इसी वजह से मनीष ने संतोष की हत्या की योजना बनाई और इसमें राजकिशोर से भी साथ देने को कहा। राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मनीष और वह संतोष को कंपनी के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए थे। वहां मनीष शराब की बोतल लेकर आया था। तीनों ने शराब पी। इसके बाद मनीष ने संतोष से रील बनाने के लिए पोज देने को कहा। राजकिशोर ने बताया कि संतोष ने गले में गमछा डालकर रील बनाने के लिए पोज दिया। इसी दौरान मनीष ने गमछे से उनका गला घोंटना शुरू कर दिया। राजकिशोर का दावा है कि उसने संतोष के दोनों हाथ पकड़ रखे थे। गला घोंटने से संतोष की मौत हो गई। संतोष की पहचान छिपाने के लिए मनीष ने उनके सिर के पीछे पत्थर से वार किया। इसके बाद दोनों ने शव को पास के एक गड्ढे में डाल दिया और वहां से चले गए। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष ने उसे इस घटना के बारे में किसी को कुछ भी बताने से मना किया था। उसने धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी भी हत्या कर देगा। इसी डर से वह अब तक चुप रहा। यह जानकारी राजकिशोर ने कंपनी सुपरवाइजर को दी थी। परिवार के मुताबिक, इसके बाद सुपरवाइजर ने कोप्पल थाने की पुलिस को बुलाया और मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। राजकिशोर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पत्नी बोलीं- मनीष फोन पर मुझसे करता था बात संतोष की पत्नी लक्ष्मी देवी ने भी मनीष पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मनीष अक्सर उनसे फोन पर बातचीत करता था। संतोष को यह बात पसंद नहीं थी। लक्ष्मी के मुताबिक, मनीष ने कई बार संतोष को धमकी दी थी कि अगर उसने उन्हें मनीष से बात करने से रोका तो वह उसकी हत्या कर देगा। लक्ष्मी ने बताया कि संतोष घर पर नहीं रहते थे, तब भी मनीष से उनकी बातचीत होती थी। मनीष उनसे कहता था कि उनसे बात करके उसका मन बहुत खुश होता है। लक्ष्मी के मुताबिक, संतोष के सामने भी मनीष के फोन आते थे और वह उससे बात करती थीं। लक्ष्मी ने यह भी बताया कि वह चाहती थीं कि संतोष कर्नाटक जाकर कमाएं, क्योंकि परिवार पर कर्ज था। संतोष गांव में चाउमीन का ठेला लगाकर काम करना चाहते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ही संतोष को कर्नाटक जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वहां उनकी हत्या कर दी जाएगी। 2 अक्टूबर को घर से चली गई थी लक्ष्मी लक्ष्मी देवी के मुताबिक, 2 अक्टूबर को वह घर से चली गई थीं और 7 अक्टूबर को वापस लौटी थीं। उनका कहना है कि संतोष ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद गुस्से में वह घर छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्होंने स्टेशन पर रात बिताई और फिर घर लौट आईं। वहीं, संतोष के बड़े भाई रंजीत ठाकुर का दावा है कि उस समय मनीष गांव में ही था और लक्ष्मी मनीष के साथ घर से गई थीं। रंजीत के मुताबिक, लक्ष्मी 7 अक्टूबर को वापस लौटी थीं। इस मामले में लक्ष्मी और रंजीत के बयान अलग-अलग हैं। 31 अक्टूबर को सहरसा पहुंचा संतोष का शव कंपनी सुपरवाइजर से संतोष की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग शव लेने के लिए 27 अक्टूबर को सहरसा से कर्नाटक रवाना हुए। परिवार के सदस्य हवाई जहाज से वहां पहुंचे। इसके बाद 31 अक्टूबर को संतोष का शव एंबुलेंस से सड़क मार्ग के जरिए सहरसा लाया गया। संतोष के बड़े बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने मनीष पर हत्या का आरोप लगाया है। कोप्पल रूरल थाना के एसएचओ बिरेश कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान कहा कि पुलिस ने राजकिशोर यादव को गिरफ्तार किया है, साथ ही राकेश यादव, राजेश यादव, रोहित यादव समेत एक अन्य युवक को डिटेन किया है। घटना का मुख्य आरोपी मनीष यादव फिलहाल फरार है। कर्नाटक पुलिस सहरसा पुलिस की मदद से उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु सीपी और कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा
स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु सीपी और कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा
बेंगलुरु पुलिस ने स्टिंग में इस्तेमाल फोन एचडी कुमारस्वामी के आवास पर पहुंचने का दावा किया, जिस पर कुमारस्वामी ने पुलिस और सरकार को चुनौती दी है।
ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कर्नाटक में 7 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान
ग्रामीण सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए कर्नाटक में 7 प्रतिशत आरक्षण का ऐलान
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

