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Karnataka में गंभीर सूखा, 200 से ज्यादा तालुका प्रभावित होने पर बोले DK Shivakumar

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है और 200 से ज़्यादा तालुका इससे प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित तालुकाओं को केंद्र के नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा। कनकपुरा में अपने आवास पर बोलते हुए शिवकुमार ने कहा कि कई इलाकों में फसलें बर्बाद हो गई हैं, भूजल स्तर गिर गया है और कई जगहों पर बुआई नहीं हो पाई है। शिवकुमार ने कहा इस बार हम गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं; 200 से ज़्यादा तालुका सूखे से प्रभावित हैं। सूखे से प्रभावित तालुकाओं को केंद्र के नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर फसलें बर्बाद हो गई हैं और भूजल का स्तर गिर गया है। कई जगहों पर बुआई नहीं हो पाई। आने वाले दिनों में पीने के पानी और बिजली की कमी और बढ़ने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान शिवकुमार ने बताया कि राज्य में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है और सरकार को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ़्ते 19,000 मेगावाट से ज़्यादा बिजली की मांग थी। 11-12 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदना मजबूरी थी। रात के समय बिजली की खपत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मंत्रियों को बिजली की उपलब्धता के बारे में पड़ोसी राज्यों से बातचीत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा, कई कंपनियाँ हमारे राज्य में निवेश करने आ रही हैं और उन्होंने बिजली, पानी और ज़मीन की मांग की है। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में 100 तालुकों में सूखा घोषित, DK Shivakumar ने बिजली और पानी संकट पर जताई चिंता कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने गौरी और गणेश त्योहारों के मौके पर राज्य के लोगों को बधाई दी और कहा कि सरकार सूखे की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से और सरकार की ओर से कर्नाटक के लोगों को गौरी और गणेश त्योहार की हार्दिक बधाई देता हूँ। मैंने कई जगहों का दौरा किया है और सूखे की स्थिति का जायज़ा लिया है। पहले ही 102 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है और बाकी जगहों पर सर्वे चल रहा है। किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है। गणेश त्योहार के मौके पर शिवकुमार ने लोगों से अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सूखे का असर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विघ्न निवारक विनायक त्योहार के मौके पर हमें अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। आने वाले दिनों में सूखे की मार और बढ़ेगी। कीमतें आसमान छू रही हैं। जेली की कीमत 40 प्रतिशत बढ़ गई है; हम काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 5:44 pm

गणेश शोभायात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों का सम्मान करें, कर्नाटक के गृह मंत्री की अपील

Bengaluru, 14 सितंबर . कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने Monday को जनता से गणेश उत्सव के दौरान तैनात Policeकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने राज्य भर में शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किए गए बलिदानों को रेखांकित किया. उन्होंने पिछले वर्ष के उत्सव ... Read more

डेली किरण 14 Sep 2026 5:03 pm

Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान

अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खास‍ियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार व‍िजयनगर साम्राज्‍य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्‍पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 2:10 pm

गणेश चतुर्थी पर कर्नाटक सीएम शिवकुमार और आंध्र सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं

New Delhi, 14 सितंबर . गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के Chief Minister चंद्रबाबू नायडू सहित कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं. कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार की ओर से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा गया, “राज्य की समस्त जनता को गौरी-गणेश उत्सव ... Read more

डेली किरण 14 Sep 2026 10:28 am

हाथी लाने की केंद्र ने दी मंजूरी:जंगलों की सुरक्षा के लिए कर्नाटक से आएंगे 3 हाथी

प्रदेश टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने और रेस्क्यू अभियानों के लिए कर्नाटक से 3 प्रशिक्षित हाथी मप्र लाए जाएंगे। इन हाथियों की तैनाती रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में की जा सकेगी। ये हाथी कर्नाटक के शिमोगा (शिवागोमा) वन्यप्राणी मंडल स्थित सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से लाए जाएंगे। इसके लिए 4 हाथियों का चयन भी कर लिया गया है। इनमें नर हाथी धनुष, इरावत, आले और मादा हाथी हेमावती शामिल हैं। इन्हीं में से 3 हाथी मप्र आएंगे। मप्र की पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) समीता राजौरा ने कर्नाटक सरकार के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) को पत्र लिखकर हाथी मप्र भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है। गौरतलब है कि मप्र वन विभाग को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कर्नाटक से कुल 14 हाथी लाने की अनुमति दी थी। इसके तहत अब तक 11 हाथी पूर्व में ही मप्र लाए जा चुके हैं। अब बचे हुए 3 हाथियों को लाने की कवायद शुरू की गई है। जो हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल होते हैं वे जंगली नहीं होते, बल्कि उन्हें बचपन से ही प्रशिक्षित (ट्रेनिंग) किया जाता है। यह महावतों के नियंत्रण में रहकर काम करते हैं। जनवरी-फरवरी 2023 में कर्नाटक के सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से ''''रवि'''' और ''''शिवा'''' नाम के दो नर हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व लाए गए थे। इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2022 में कर्नाटक के ही बांदीपुर टाइगर रिजर्व के रामपुरा कैंप से 4 हाथी (कृष्ण, गजा, मरीशा और पूजा) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लाए गए थे। दिसंबर 2022 में मडीकेरी के दुबारी एलिफेंट कैंप से 5 नर हाथी—जनरल थिम्मैया, जनरल करियप्पा, बाली, लावा और मारुति को ​पेंच टाइगर रिजर्व लाया गया था।

दैनिक भास्कर 14 Sep 2026 5:44 am

Karnataka Ganesh Chaturthi की शोभायात्रा बनी सियासी मुद्दा, पुलिस की सलाह के बाद बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने

कर्नाटक में गणेश उत्सव के दौरान शोभायात्रा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर एक पुलिस अधिकारी का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह शोभायात्रा को लेकर कुछ निर्देश देते नजर आ रहे हैं। पुलिस अधिकारी वीडियो में कहते हैं कि मस्जिद के सामने से शोभायात्रा नहीं निकाली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि त्योहार को त्योहार की तरह ही मनाना चाहिए और दूसरों की भावनाओं का भी सम्मान करना चाहिए। अधिकारी ने यह भी कहा कि अगर मस्जिद के सामने जाकर पटाखे बजाए जाएंगे, तो वह मामले से अपने तरीके से निपटेंगे। बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना वीडियो सामने आने के बाद बीजेपी ने कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए उसे हिंदू विरोधी बताया है। बीजेपी सांसद यदुवीर वाडियार ने कहा कि सड़क सभी के लिए होती है। उनके मुताबिक, प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए, न कि शोभायात्रा को रोकने पर। उन्होंने कहा कि कोई यह तय नहीं कर सकता कि शोभायात्रा कहां से निकलेगी और कहां से नहीं। इसे भी पढ़ें: BRICS मेहमानों की थाली बनी सियासी मुद्दा, Rahul Gandhi की टिप्पणी का Kiren Rijiju ने दिया जवाब आर. अशोक ने भी उठाए सवाल कर्नाटक बीजेपी विधायक और नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अलग-अलग जिलों में गणेश चतुर्थी मनाने के लिए आने वाले लोगों को परेशान कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर मस्जिद के सामने से जुलूस निकलने पर दिक्कत होती है, तो गुरुद्वारे या जैन समुदाय के मंदिर के सामने से जुलूस निकलने पर ऐसी परेशानी क्यों नहीं होती? आर. अशोक ने कहा कि अगर किसी जगह पर दिक्कत हो रही है तो कांग्रेस सरकार को यह समझना चाहिए कि असल में समाज के लिए परेशानी पैदा करने वाले लोग कौन हैं। इसे भी पढ़ें: ब्रिक्स समिट के बीच अखिलेश यादव का तीखा प्रहार, बोले- सवाल पूछने की आजादी के बिना Vikasit Bharat संभव नहीं त्योहारों को लेकर पहले भी जारी होती रही हैं गाइडलाइन हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का वीडियो सामने आया है या त्योहारों के दौरान ऐसे निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर अलग-अलग त्योहारों को देखते हुए प्रशासन की ओर से ऐसी गाइडलाइन जारी की जाती रही हैं। गणेश उत्सव के दौरान भी प्रशासन का जोर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी तरह के विवाद से बचने पर रहता है। इस बार पुलिस अधिकारी के वीडियो के सामने आने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है।

प्रभासाक्षी 13 Sep 2026 6:29 pm

Karnataka में Ganesh Utsav शोभायात्राओं पर शर्तों को लेकर Congress सरकार पर बरसे BJP नेता R Ashoka

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के नेता आर. अशोक ने रविवार को कांग्रेस सरकार पर राज्यभर में गणेशोत्सव मनाने को लेकर लोगों को ‘‘परेशान’’ करने का आरोप लगाया और दावा किया कि पुलिस शोभा यात्राओं पर प्रतिबंध लगा रही है, जबकि माहौल खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि सरकार त्योहार को लेकर ‘‘एकतरफा’’ रवैया अपना रही है। उन्होंने टी. नरसीपुर में गणेशोत्सव के आयोजकों को कथित तौर पर धमकाने वाले एक पुलिस अधिकारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की। अशोक ने कहा, ‘‘अगर हिंदुओं से कहा जा रहा है कि वे अपने ही देश में खुले तौर पर और श्रद्धापूर्वक गणेशोत्सव नहीं मना सकते, तो हम इस सरकार से क्या कहें? पटाखे मत फोड़ो, शंख मत बजाओ, बोलो मत- यह कैसा न्याय है?’’ टी. नरसीपुर में एक पुलिस अधिकारी के साथ कथित बातचीत का जिक्र करते हुए अशोक ने कहा कि श्रद्धालुओं से मस्जिदों के सामने से शोभायात्रा नहीं निकालने, पटाखे नहीं फोड़ने और नृत्य नहीं करने तथा केवल शांतिपूर्ण जुलूस निकालने को कहा गया था। भाजपा नेता एक वायरल वीडियो का हवाला दे रहे थे, जिसमें कथित तौर पर एक पुलिस अधिकारी को गणेश पूजा समिति के सदस्यों को चेतावनी देते हुए सुना जा सकता है। अधिकारी ने कथित तौर पर कहा, “अगर तुमने ऐसा नहीं किया तो मैं तुम्हें सबक सिखाऊंगा। मैं तुम्हें ठीक कर दूंगा।’’ अशोक ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से उक्त पुलिस अधिकारी को निलंबित करने की मांग की। अशोक ने आरोप लगाया कि मद्दूर और कोलार समेत कई अन्य स्थानों पर भी इसी तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि जब गणेश प्रतिमाओं की शोभायात्रा मस्जिदों के पास से गुजरती हैं तो आपत्ति क्यों जताई जाती है, जबकि गिरजाघर, गुरुद्वारे, जैन मंदिर या बौद्ध पूजा स्थलों के पास से गुजरने पर ऐसी समस्याएं सामने नहीं आतीं। उन्होंने कहा, ‘‘अगर केवल इन जगहों पर ही अशांति पैदा होती है, तो कांग्रेस सरकार को समझना चाहिए कि असामाजिक तत्व कौन हैं।’’ अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार गणेश प्रतिमाएं स्थापित करने और शोभायात्रा निकालने के लिए आयोजकों पर कई तरह की अनुमति लेने की शर्तें थोप रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आयोजकों को अलग-अलग विभागों और कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार पर ‘‘दिखावटी हिंदुत्व’’ की राजनीति करने का आरोप लगाया और शिवकुमार को ‘‘चुनावी हिंदू’’ करार दिया। अशोक ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री चुनाव के दौरान ही मंदिरों में जाते हैं और खुद को हिंदू के रूप में दिखाते हैं। उन्होंने गणेशोत्सव के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर लगाए गए प्रतिबंधों की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि मस्जिदों के मामले में इसी तरह के प्रतिबंध लागू नहीं किए जा रहे हैं। अशोक ने कहा कि वह पुलिस के कथित बर्ताव के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने के लिए टी. नरसीपुर जाएंगे। उन्होंने इसे पूरे कर्नाटक के अधिकारियों के लिए ‘‘चेतावनी की घंटी’’ बताया। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर राज्य में ‘‘तालिबान शैली’’ का शासन करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षा देने के बजाय उन्हें धमकाया जा रहा है। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि यदि राज्य में कहीं भी गणपति उत्सव मनाने में अधिकारियों द्वारा परेशानी पैदा की गई तो वह उस स्थान पर जाएंगे।

प्रभासाक्षी 13 Sep 2026 2:54 pm

बच्चों के लिए सोशल मीडिया होगा बैन? कर्नाटक और गोवा सरकार उठाने जा रही हैं कड़ा कदम, जानिए क्या है 16 साल वाला नया 'Age-Limit' प्लान

स्मार्टफोन की बढ़ती लत, साइबर बुलिंग और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभावों के बीच भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को लेकर एक ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। ऑस्ट्रेलिया द्वारा 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर लगाए गए कड़े प्रतिबंध के बाद अब भारत के राज्य भी इसी दिशा में सख्त कदम उठाने की ओर अग्रसर हैं। भारत की सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले राज्य कर्नाटक और तटीय राज्य गोवा ने 16 वर्ष से कम आयु के किशोरों के लिए इंस्टाग्राम, फेसबुक, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और स्नैपचैट जैसे प्लेटफॉर्म्स के इस्तेमाल पर कानूनी रोक लगाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। दोनों राज्य सरकारों का मानना है कि सोशल मीडिया की एल्गोरिदम बच्चों के बचपन, पढ़ाई और मानसिक संतुलन को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।कर्नाटक और गोवा का नया 'एज-लिमिट' प्लान: क्या है प्रस्ताव?दोनों राज्यों में बच्चों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर अलग-अलग स्तर पर कानूनी और प्रशासनिक मसौदे तैयार किए गए हैं:कर्नाटक सरकार का रुख: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाने के इरादे को स्पष्ट किया है। राज्य का आईटी और गृह विभाग इस बात का अध्ययन कर रहा है कि कैसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्त आयु सत्यापन (Age Verification) अनिवार्य किया जाए।गोवा सरकार की विस्तृत रिपोर्ट: गोवा के सूचना प्रौद्योगिकी (IT) विभाग ने ऑस्ट्रेलिया के 'ऑनलाइन सेफ्टी अमेंडमेंट एक्ट' के मॉडल का गहराई से अध्ययन कर एक व्यापक मसौदा रिपोर्ट तैयार की है। गोवा सरकार इस प्रस्ताव को अंतिम रूप देकर केंद्र सरकार और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) के समक्ष प्रस्तुत करने की तैयारी में है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर एक ठोस गाइडलाइन बन सके।आंध्र प्रदेश भी कतार में: कर्नाटक और गोवा के अलावा आंध्र प्रदेश सरकार भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन और ग्रेडेड एक्सेस (Graded Access) के विकल्पों पर विचार कर रही है।सरकारों को क्यों उठाना पड़ रहा है यह सख्त कदम?सरकारों, बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और मनोचिकित्सकों की ओर से लंबे समय से चेतावनी दी जा रही थी कि अनियंत्रित सोशल मीडिया का उपयोग बच्चों के विकास को रोक रहा है:मानसिक तनाव और एंग्जायटी: सोशल मीडिया पर 'लाइक्स' और 'व्यूज' की अंधी दौड़ बच्चों में हीनभावना, डिप्रेशन और बेचैनी पैदा कर रही है।साइबर बुलिंग और शोषण: नाबालिग बच्चे अक्सर ऑनलाइन प्रीडेटर्स, साइबर फ्रॉड, अश्लील सामग्री और ऑनलाइन बदमाशी (Cyber Bullying) के आसान शिकार बन जाते हैं।स्क्रीन एडिक्शन और नींद की कमी: देर रात तक रील्स और शॉर्ट्स देखने के कारण बच्चों का स्लीप साइकिल बिगड़ रहा है, जिससे उनकी याददाश्त और स्कूल के प्रदर्शन में भारी गिरावट दर्ज की गई है।फिजिकल एक्टिविटी का खत्म होना: खेल के मैदानों से कटने के कारण किशोरों में कम उम्र में ही मोटापा, आंखों की रोशनी कमजोर होना और सामाजिक अलगाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।कैसे लागू होगा बैन: क्या तकनीक अपनाई जाएगी?यदि यह कानून धरातल पर उतरता है, तो इसके क्रियान्वयन (Implementation) की जिम्मेदारी सीधे सोशल मीडिया कंपनियों पर डाली जाएगी:मजबूत एज-वेरिफिकेशन (Age Verification): नए अकाउंट बनाने या मौजूदा अकाउंट्स को जारी रखने के लिए आधार, जन्म प्रमाण पत्र या सरकारी पहचान पत्र से उम्र का सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है।एआई-आधारित फेशियल एज एस्टिमेशन: कई वैश्विक कंपनियां अब सेल्फी और फेशियल बायोमेट्रिक्स स्कैन के जरिए यूजर की सटीक उम्र का अनुमान लगाने वाली तकनीकों का सहारा ले रही हैं।अंडर-16 अकाउंट्स को डी-एक्टिवेट करना: 16 वर्ष से कम आयु के पाए जाने वाले मौजूदा प्रोफाइल को कंपनियों को निष्क्रिय करना होगा।एजुकेशनल टूल्स रहेंगे चालू: यह बैन केवल सोशल मीडिया और मनोरंजन आधारित एल्गोरिदम वाले प्लेटफॉर्म्स पर केंद्रित होगा, जबकि गूगल, विकिपीडिया या ऑनलाइन शैक्षणिक पोर्टल्स के उपयोग पर कोई रोक नहीं रहेगी।कंपनियों और टेक एक्सपर्ट्स के सामने चुनौतियांहालांकि इस योजना की हर तरफ सराहना हो रही है, लेकिन टेक विशेषज्ञों का मानना है कि इसे लागू करने में कई कानूनी और तकनीकी अड़चनें आ सकती हैं:राज्य बनाम केंद्र का अधिकार क्षेत्र: इंटरनेट, टेलीकॉम और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स केंद्र सरकार (Union List) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में कोई भी राज्य अकेले इसे पूरी तरह ब्लॉक नहीं कर सकता; इसके लिए केंद्र के 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन' (DPDP) नियमों और आईटी कानूनों के समन्वय की जरूरत होगी।वीपीएन (VPN) और फेक प्रोफाइल्स: बच्चे उम्र छिपाने के लिए माता-पिता के आईडी या वीपीएन टूल्स का सहारा लेकर इन पाबंदियों को आसानी से बायपास कर सकते हैं, जिसे रोकना एक बड़ी तकनीकी चुनौती है।भविष्य की डिजिटल पीढ़ी को बचाने की नई पहलतमाम चुनौतियों के बावजूद, कर्नाटक और गोवा की यह पहल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि नीति-निर्माता अब बच्चों के डिजिटल भविष्य को लेकर अत्यधिक गंभीर हो चुके हैं। यदि यह प्रस्ताव केंद्रीय स्तर पर कानूनों का रूप लेता है, तो भारत दुनिया के उन गिने-चुने देशों में शामिल हो जाएगा जहां बच्चों को डिजिटल खतरों से बचाने के लिए कानूनी सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 13 Sep 2026 9:52 am

वोटर लिस्ट विवाद: कर्नाटक में SIR के सोशल ऑडिट के लिए अभियान शुरु करेंगे प्रकाश राज

अभिनेता प्रकाश राज कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के सोशल ऑडिट के लिए 20 से 30 सितंबर तक राज्यव्यापी अभियान शुरू करेंगे।

जागरण 13 Sep 2026 4:00 am

'वंदे मातरम' विवाद को लेकर कर्नाटक भाजपा पांच दिन की करेगी पदयात्रा

'वंदे मातरम' विवाद को लेकर कर्नाटक भाजपा पांच दिन की करेगी पदयात्रा

समाचार नामा 12 Sep 2026 11:33 pm

Karnataka Police ने विशेष अभियान में 800 बाल मजदूरों को कराया मुक्त

कर्नाटक भर के विभिन्न प्रतिष्ठानों में कथित रूप से बाल श्रम में लगे आठ सौ बच्चों को शनिवार को चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान मुक्त कराया गया। अधिकारियों ने यह जानकार दी। उन्होंने बताया कि राज्यभर के 962 पुलिस थानों ने यह अभियान चलाया, जिसके दौरान विभिन्न जिलों में 16,951 परिसरों की जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को मजदूरी पर रखने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू की गई। बच्चों को पुलिस ने मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार के निर्देश पर चलाए गए राज्यव्यापी अभियान के तहत बचाया। मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु के एपीएमसी यार्ड के हालिया दौरे के दौरान बच्चों को काम करते देखा था, जिसके बाद उन्होंने बाल मजदूरों की पहचान के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया था। पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु में ही शहर पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के निर्देश पर पुलिस की 12 डिवीजन की टीमों द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों के दौरान 503 बच्चों को बचाया गया। पुलिस ने बताया कि अभियान के बाद बेंगलुरु में दुकानों में बच्चों से काम कराने वाले 18 दुकान मालिकों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। अभियान का उद्देश्य बाल श्रम को रोकना और ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें बचाना था। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मैसूरु शहर में 13 बच्चों को बचाया गया, जबकि हुब्बल्ली-धारवाड़ में 10, मंगलुरु में तीन, कलबुर्गी में 22 और बेंगलुरु ग्रामीण में नौ बच्चों को बचाया गया। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने कहा कि हर बच्चे को ऐसा बचपन मिलना चाहिए, जिसमें सीखने, सुरक्षा और सपने देखने की आजादी हो। बेंगलुरु के यशवंतपुर एपीएमसी बाजार के अपने हालिया दौरे को याद करते हुए उन्होंने कहा कि यह जानकर उन्हें गहरी चिंता हुई कि कुछ दुकानों पर 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराया जा रहा था। उन्होंने आठ सितंबर के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा, “मैंने तुरंत अधिकारियों को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिसके परिणामस्वरूप 19 बच्चों को बचाया गया। दुकान मालिकों के खिलाफ चार प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं।”पुलिस के अनुसार, बेंगलुरु में सेंट्रल क्षेत्र से 63 बच्चों को, दक्षिण क्षेत्र से 54, पश्चिम क्षेत्र से 84, उत्तर क्षेत्र से 62, दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र से 17, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र से 14, पूर्व क्षेत्र से 71, उत्तर-पूर्व क्षेत्र से 55, दक्षिण-पूर्व क्षेत्र से 13, इलेक्ट्रॉनिक सिटी से तीन, व्हाइटफील्ड से 22 और केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) के अधिकार क्षेत्र से 45 बच्चों को बचाया गया। पुलिस के अनुसार, राज्य के सभी पुलिस थाना क्षेत्रों में गोदामों, बाजारों, होटलों, लॉज, बेकरी, बस स्टॉप, रेलवे स्टेशनों, अपार्टमेंट, निर्माण स्थलों आदि की जांच के लिए श्रम निरीक्षकों सहित अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित की गई थीं। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त कार्यालय ने एक बयान में कहा, “कुल 5,897 परिसरों की जांच की गई और वहां मजदूरी कर रहे 503 बच्चों को बचाया गया।”पुलिस ने बताया कि मामले में जांच जारी है।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 10:23 pm

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’

Bengaluru, 12 सितंबर . कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने Saturday को कहा कि पार्टी राज्य में Prime Minister मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक एक महीने का ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करेगी. Bengaluru के राज्य भाजपा मुख्यालय जगन्नाथ भवन में विजयेंद्र ... Read more

डेली किरण 12 Sep 2026 6:08 pm

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प अभियान'

पीएम मोदी की सेवा के 25 साल पूरे होने पर कर्नाटक भाजपा चलाएगी 'सेवा संकल्प अभियान'

समाचार नामा 12 Sep 2026 5:59 pm

उत्तराखंड: हरीश रावत ने कांग्रेस के पदों से इस्तीफ़े के दावे का खंडन किया

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि उन्होंने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सदस्यता उनके लिए बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सदस्यता मेरे खून-रगों में बसी है। आज हरीश रावत जो कुछ भी हैं, वह कांग्रेस की ही देन है और यह सदस्यता मेरे साथ स्वर्ग तक जाएगी। इसे भी पढ़ें: BRICS पर पी चिदंबरम के बयान का पवन खेड़ा ने किया बचाव, IMF रिपोर्ट को लेकर सरकार को घेरा रावत ने साफ़ किया कि उन्होंने केवल उन संगठनात्मक पदों—प्रदेश कांग्रेस कमेटी और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) वर्किंग कमेटी के सदस्य—से इस्तीफ़ा देने की इच्छा जताई थी, जिन पर वे अभी हैं। यह बात उन्होंने तब कही जब देहरादून में हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई से पार्टी के भ्रष्टाचार-विरोधी नैरेटिव पर बुरा असर पड़ने की आशंका हुई। उन्होंने कहा कि हाँ, अगर देहरादून में कल या परसों ED के पाखंडपूर्ण तमाशे का कांग्रेस पार्टी के भ्रष्टाचार-विरोधी नैरेटिव पर कोई असर पड़ता है, तो पार्टी में मेरे जो पद हैं—राज्य कार्यकारिणी का सदस्य और AICC वर्किंग कमेटी का सदस्य—मैं उन पदों से इस्तीफ़ा देना चाहूँगा। उन्होंने मीडियाकर्मियों से आग्रह किया कि वे उनके बयान को पूरा पढ़ें और उसी के अनुसार अपनी रिपोर्ट में सुधार करें। ED ने रावत के पर्सनल असिस्टेंट, चंदन सिंह जीना के पास से काफी मात्रा में कैश, गहने और दूसरी कीमती चीज़ें बरामद कीं। रावत ने कहा कि मामले की सच्चाई समय के साथ सामने आ जाएगी। शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बताया कि उसने देहरादून में कई जगहों पर तलाशी ली है। ये तलाशी उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर हुई गड़बड़ियों से जुड़ी थीं। 10 सितंबर को प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई तलाशी में चंदन सिंह जीना के घर से 32 लाख रुपये का बेहिसाब कैश, सोना और महंगी घड़ियाँ बरामद हुईं। इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप UKSSSC के तत्कालीन चेयरमैन और सेक्रेटरी, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR प्रोसेसिंग करने वाली प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और साजिश में कथित तौर पर शामिल बिचौलियों के घरों पर भी तलाशी ली गई। ED ने बताया कि जीना पहले हरीश रावत के मुख्यमंत्री रहने के दौरान (2014 से 2017 तक) उनके 'ऑफ़िसर ऑन स्पेशल ड्यूटी' (OSD) के तौर पर काम कर चुके थे।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 2:20 pm

उत्तराखंड में बड़ा सियासी भूचाल! PA के घर ED की रेड में मिले ₹32 लाख कैश, सोना और रोलेक्स, Harish Rawat ने दिया इस्तीफा!

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने शुक्रवार को पार्टी के दो प्रमुख संगठनात्मक पदों से अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। यह कदम प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा उनके निजी सहायक (PA) चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर की गई छापेमारी के बाद उठाया गया है। यह कार्रवाई 2016 के उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (ग्राम सेवक) भर्ती परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी है। रावत ने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि उनके किसी करीबी सहयोगी से जुड़े विवाद की वजह से भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की नैतिक और राजनीतिक लड़ाई कमजोर पड़े। इस कारण उन्होंने उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी (PCC) की कार्यकारिणी सदस्यता और कांग्रेस कार्य समिति (CWC) के स्थायी आमंत्रित सदस्य के पद से हटने का निर्णय लिया। जीना के घर पर ED की छापेमारी और बरामदगी ED ने बताया कि उसने गुरुवार को देहरादून में कई जगहों पर तलाशी ली। इनमें UKSSSC के पूर्व अधिकारियों, OMR शीट की प्रोसेसिंग करने वाली एक प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के मालिक और कथित बिचौलियों से जुड़ी जगहें शामिल थीं। तलाशी के दौरान, एजेंसी ने जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद, सोना और महंगी घड़ियां बरामद कीं। ED का मनी लॉन्ड्रिंग मामला उत्तराखंड पुलिस और विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज चार FIR से जुड़ा है। ये FIR 2016 में UKSSSC द्वारा आयोजित ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के संबंध में दर्ज की गई थीं। एजेंसी के अनुसार, कथित तौर पर OMR आंसर शीट को सुरक्षित कस्टडी से निकालकर आयोग के तत्कालीन सचिव के घर ले जाया गया था। वहां, अधूरे भरे हुए आंसर शीट के रोल नंबर नोट किए गए और एक प्राइवेट कंप्यूटर एजेंसी के कर्मचारियों को दिए गए। इन कर्मचारियों ने बिचौलियों के जरिए अवैध भुगतान लेकर आंसर बबल को धोखाधड़ी से भरा और उनमें बदलाव किया, जिसके बाद शीट को फिर से सील कर दिया गया। ED ने बताया कि जीना के घर पर तलाशी के दौरान 32 लाख रुपये का बिना हिसाब-किताब वाला कैश, सोने के सिक्के और चेन (वजन लगभग 200.5 ग्राम - 13 सोने के सिक्के और 7 सोने की चेन) और 12 महंगी घड़ियां जब्त की गईं। इन घड़ियों में रोलेक्स, राडो, पियाजे, मोवाडो, टिसोट और कैसियो एडिफिस जैसे ब्रांड शामिल थे। एजेंसी ने जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया, जिनमें 52.16 लाख रुपये थे, और फोरेंसिक जांच के लिए उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया। ED का आरोप है कि जीना ने भारी मात्रा में नकद खर्च किया था, जिसके लिए आय का कोई वैध स्रोत नहीं बताया जा सका। एजेंसी ने यह भी कहा कि UKSSSC के कुछ पूर्व अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों के पास से बिना हिसाब-किताब वाला नकद, गहने और अन्य कीमती सामान बरामद किया गया। जीना अभी रावत के पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे हैं और इससे पहले, जब रावत 2014 से 2017 के बीच मुख्यमंत्री थे, तब वे उनके ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) के तौर पर काम कर चुके हैं। रावत का कहना है कि उन्हें इन आरोपों पर यकीन नहीं है इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए रावत ने X पर एक लंबी पोस्ट में जीना के साथ अपने जुड़ाव को तो माना, लेकिन कहा कि उन पर लगे आरोपों पर यकीन करना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा, टीवी पर खबरें दिखाई जा रही हैं कि देहरादून में मेरे PA के घर से भारी मात्रा में नकद और गहने मिले हैं या बरामद दिखाए गए हैं। इसकी सच्चाई आने वाले दिनों में सामने आएगी। यह सच है कि मिस्टर जीना मेरे OSD रहे हैं और जब भी मैं सरकार या पार्टी में रहा हूं, उन्होंने अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं। जीना को बहुत ही भले, विनम्र और मेहनती व्यक्ति बताते हुए रावत ने कहा कि अगर इस बात के सबूत मिलते हैं कि उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की है, तो उन्हें ऐसे व्यवहार पर शर्म आएगी। रावत ने कहा, अगर उन्होंने ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में OMR शीट के साथ छेड़छाड़ की है और ऐसी गड़बड़ी के सबूत मिलते हैं, तो मुझे इस कथित हरकत पर शर्म आएगी। हालांकि, मुझे इस आरोप पर बिल्कुल भी यकीन नहीं है। रावत ने कांग्रेस के पदों से इस्तीफ़ा देने का फ़ैसला क्यों किया? पार्टी के पदों से इस्तीफ़ा देने के अपने फ़ैसले के बारे में बताते हुए रावत ने कहा कि उत्तराखंड की राजनीति चुनावी दौर में प्रवेश कर रही है और उनके ख़िलाफ़ एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, जब भी लोग मुझसे पूछते थे कि चुनाव कब होंगे, तो मैं मज़ाक में कहता था कि चुनाव की घोषणा तब होगी जब CBI मेरे दरवाज़े पर दस्तक देगी। इस बार, मेरे घर के बजाय, मेरे एक सहयोगी के घर पर दस्तक हुई है और एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है।इसे भी पढ़ें: BRICS पर Congress में मतभेद, Shashi Tharoor ने Chidambaram पर उठाए सवाल, BJP ने घेरा रावत ने कहा कि कांग्रेस और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ रहे हैं, जबकि राहुल गांधी अपने 'छात्रों की गूंज' अभियान के ज़रिए शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का मुद्दा उठा रहे हैं। उन्होंने कहा, ऐसे समय में, अगर मुझसे जुड़ी कोई कार्रवाई पार्टी की लड़ाई को कमज़ोर करती है, तो मैं ऐसा कभी नहीं चाहूंगा। इसलिए, मैंने एक बड़ा फ़ैसला लिया है। यह बताते हुए कि उनके पास कोई सरकारी पद नहीं है जिससे वे इस्तीफ़ा दे सकें, रावत ने घोषणा की कि वे कांग्रेस में अपनी संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों से हट जाएंगे।इसे भी पढ़ें: Congress सरकार में विकास ठप, आर अशोक ने Karnataka के 100 दिनों को बताया फ्लॉप उन्होंने कहा, मैं उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी का सदस्य हूं और राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस कार्य समिति का स्थायी आमंत्रित सदस्य हूं। मैं विनम्रतापूर्वक इन दोनों पदों से हटना चाहता हूं क्योंकि मैं नहीं चाहता कि मेरी वजह से पार्टी की लड़ाई पर कोई असर पड़े। Read Latest National News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 11:05 am

कावेरी जल बंटवारे पर कर्नाटक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 सितंबर को करेगा सुनवाई

कावेरी जल बंटवारे पर कर्नाटक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 सितंबर को करेगा सुनवाई

समाचार नामा 11 Sep 2026 7:25 pm

दही मिलाकर बनाएं कर्नाटक की फेमस कद्दू कडुबू, नोट करें रेसिपी

कद्दू की सब्जी तो बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार नाश्ते में कर्नाटक की फेमस डिश पंपकिन कडुबू बनाकर खाएं. इस रेसिपी को बनाने में बिल्कुल मेहनत नहीं लगती है और न ही घंटों रसोई में खड़े होना पड़ता है. इस डिश को आप झटपट ब्रेकफास्ट में बना सकते हैं. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.

आज तक 11 Sep 2026 11:30 am

भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की

भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की

समाचार नामा 10 Sep 2026 11:39 pm

ये न्यायिक अधिकारी बनेंगे दिल्ली, झारखंड व कर्नाटक हाई कोर्ट के जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी

कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी को भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की भी सिफारिश की।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Sep 2026 11:17 pm

Marital Rape मामले पर Supreme Court में जबरदस्त घमासान, Parliament के पाले में आई गेंद!

वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग पर चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट के सामने उस बुनियादी सवाल तक पहुंच गई है, जहां अदालत को यह तय करना है कि क्या वह मौजूदा आपराधिक कानून की स्पष्ट सीमा को बदलकर एक नया अपराध लागू कर सकती है। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसी सवाल पर गंभीर टिप्पणी की और केंद्र सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि इस अत्यंत संवेदनशील और जटिल मुद्दे पर अंतिम फैसला संसद को करना चाहिए। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 20(1) का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब मौजूदा कानून किसी कृत्य को अपराध के रूप में परिभाषित ही नहीं करता, तो उसके लिए किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से दंडित कैसे किया जा सकता है। हम आपको बता दें कि अनुच्छेद 20(1) स्पष्ट करता है कि किसी व्यक्ति को उस समय लागू कानून के उल्लंघन के अलावा किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसे भी पढ़ें: Karnataka Case: 'सेक्स स्लेव' फैसले को चुनौती, Supreme Court में Personal Liberty पर बहस मौजूदा कानून में यही सबसे महत्वपूर्ण पेच है। भारतीय दंड संहिता की धारा 375 में Exception 2 के तहत पत्नी के साथ पति द्वारा यौन संबंध को बलात्कार की परिभाषा से बाहर रखा गया था। पत्नी की उम्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले के बाद यह सीमा 18 वर्ष से संबंधित हो गई। अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63(2) में भी इसी प्रकार का अपवाद मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद अहम सवाल उठाया कि जब कानून ने किसी आचरण को अपराध की श्रेणी में रखा ही नहीं है, तो अदालत उसे अपराध मानकर अभियोजन की अनुमति कैसे दे सकती है? पिछली सुनवाई में भी पीठ ने पूछा था कि क्या संवैधानिक अदालतें खुद आपराधिक कानून को दोबारा लिखकर नया अपराध बना सकती हैं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामला सामाजिक, कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत जटिल है और इसका समाधान संसद के स्तर पर होना चाहिए। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि यदि सरकार को लगता है कि मौजूदा कानून में समस्या है, तो उसे संसद की मंजूरी के साथ कानून को दोबारा तैयार करना चाहिए। यानी सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सीमा रेखा खींच दी है कि कानून की व्याख्या अदालत कर सकती है, लेकिन संसद द्वारा स्पष्ट रूप से बनाए गए आपराधिक प्रावधान को बदलकर नया अपराध बनाना अलग प्रश्न है। हालांकि अदालत ने महिलाओं की पीड़ा को किसी भी तरह कमतर नहीं आंका। पीठ ने साफ कहा कि पति द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध के लिए मजबूर की गई महिला “निश्चित रूप से पीड़िता” है। असली सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में पति पर बलात्कार का मुकदमा चलाने का कानूनी आधार क्या होगा, जब वर्तमान कानून स्वयं वैवाहिक संबंध के लिए अपवाद प्रदान करता है। हम आपको बता दें कि कर्नाटक से जुड़े एक मामले ने इस बहस को और पेचीदा बना दिया है। वहां हाई कोर्ट ने ऐसे पति के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी थी जिस पर पत्नी के साथ लगभग “सेक्स स्लेव” जैसा व्यवहार करने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले को पहले सुनने पर विचार कर रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि मौजूदा कानून की व्याख्या के जरिए अभियोजन संभव है या नहीं। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विवाह किसी महिला की शारीरिक स्वायत्तता और सहमति के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नुंडी ने कहा कि अदालत को नया अपराध बनाने की जरूरत नहीं है; बलात्कार पहले से परिभाषित अपराध है और सवाल केवल इतना है कि क्या पतियों को उससे संवैधानिक संरक्षण देना उचित है। उधर, केंद्र सरकार इसके विपरीत विवाह की भारतीय सामाजिक संरचना, आपराधिक कानून के संभावित दुरुपयोग और सबूत जुटाने की कठिनाइयों को प्रमुख आधार मान रही है। सरकार का तर्क है कि पति-पत्नी के बीच बंद दरवाजों के भीतर सहमति या असहमति साबित करना सामान्य यौन अपराधों की तुलना में अधिक जटिल होगा। वैवाहिक विवादों में गंभीर आपराधिक धाराओं के इस्तेमाल की आशंका भी सरकार की चिंता का हिस्सा है। केंद्र सरकार का यह भी कहना है कि पश्चिमी देशों के कानूनी मॉडल को भारत की सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि व्यापक पारिवारिक और सामाजिक ढांचे से जुड़ी संस्था है। इसी आधार पर सरकार “पश्चिमी मॉडल की अंधी नकल” से बचने की बात करती है। वहीं बहस का एक वैचारिक पक्ष भी है। दरअसल वैवाहिक बलात्कार की पश्चिमी अवधारणा को भारतीय पारिवारिक व्यवस्था पर उसी रूप में लागू करने की कोशिश भारतीय विवाह संस्था को कमजोर कर सकती है। देखा जाये तो ऐसी अवधारणाएं भारतीय सामाजिक व्यवस्था को व्यक्तिगत अधिकारों की अत्यधिक कानूनी व्याख्या के जरिए छिन्न-भिन्न कर सकती हैं। दूसरी ओर, वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने की मांग के पीछे भारतीय महिलाओं के अधिकार और शारीरिक स्वायत्तता से जुड़े तर्क भी हैं। फिलहाल केंद्र का रुख स्पष्ट है कि घरेलू हिंसा, क्रूरता और शारीरिक हमले जैसी मौजूदा कानूनी धाराओं के तहत पीड़ित पत्नी को संरक्षण उपलब्ध है; बलात्कार की कानूनी परिभाषा में बदलाव करना हो तो वह व्यापक सामाजिक विमर्श, विशेषज्ञों से परामर्श और संसद में बहस के बाद होना चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की है। इसलिए अब असली लड़ाई केवल “वैवाहिक बलात्कार अपराध है या नहीं” की नहीं, बल्कि इस बड़े संवैधानिक प्रश्न की है कि भारत में आपराधिक कानून की नई सीमा कौन तय करेगा, न्यायपालिका या संसद? -नीरज कुमार दुबे

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 1:38 pm

100 दिन तो सिर्फ शुरुआत है, कर्नाटक के विकास की यात्रा अभी शुरू हुई : सीएम शिवकुमार

100 दिन तो सिर्फ शुरुआत है, कर्नाटक के विकास की यात्रा अभी शुरू हुई : सीएम शिवकुमार

समाचार नामा 10 Sep 2026 10:28 am

पाकुड़ के मंटू पाल की कर्नाटक में हत्या:गांव लाया गया शव, परिजनों ने बेरहमी से हत्या का आरोप लगाया; जल्द गिरफ्तारी की मांग

पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बासमती प्रधान टोला के रहने वाले मंटू कुमार पाल की कर्नाटक में हत्या कर दी गई है। बुधवार को युवक का शव उसके गांव लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार किया गया। मृतक के परिजन हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। मंटू कुमार पाल के भाई हरे कृष्ण पाल ने बताया कि 30 साल का मंटू शादीशुदा था। वह 30 अगस्त को गांव के ही विजय पाल के कहने पर रोजगार के लिए ओडिशा जाने की बात कहकर कर्नाटक गया था। हरे कृष्ण पाल के मुताबिक, 2 सितंबर को कर्नाटक में रहने वाले कुछ लोगों ने बताया कि मंटू गायब है। इसके बाद परिवार को चिंता होने लगी। कुछ दिनों बाद कर्नाटक के सेदम पुलिस स्टेशन से खबर मिली कि मंटू कुमार पाल की हत्या कर दी गई है और परिवार आकर शव ले जाए। परिवार डर की वजह से सीधे कर्नाटक नहीं गया। उन्होंने अमड़ापाड़ा थाना में घटना की जानकारी दी। अमड़ापाड़ा पुलिस ने कर्नाटक के सेदम पुलिस स्टेशन से संपर्क कर पूरी जानकारी ली। कर्नाटक पुलिस ने बताया कि परिजनों के पहुंचने के बाद ही शव भेजा जाएगा। इसके बाद अमड़ापाड़ा थाना ने कर्नाटक पुलिस को ईमेल भेजा। बुधवार को मंटू का शव उसके गांव भेजा गया, जहां परिवार ने उसका अंतिम संस्कार किया। हरे कृष्ण पाल ने बताया कि उनके भाई की बेरहमी से हत्या की गई है। उन्होंने पुलिस से हत्यारों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है। मृतक के माता-पिता की मौत साल 2022 में हो चुकी है। मंटू की शादी 7 से 8 साल पहले हुई थी और उसका एक 5 साल का बेटा भी है।

दैनिक भास्कर 9 Sep 2026 6:24 pm

Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!

कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया

लाइव हिन्दुस्तान 31 Aug 2026 8:26 pm

Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge

कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।

लाइव हिन्दुस्तान 28 Aug 2026 7:14 pm

Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman

कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 8:12 pm

क्या आपने चखा है कर्नाटक का फेमस मद्दुर वड़ा? इसका कुरकुरा स्वाद शाम की चाय का मजा कर देगा दोगुना, नोट करें रेसिपी

अगर आप रोज-रोज एक ही तरह के पकौड़े या नमकीन खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कर्नाटक के मशहूर मद्दुर वड़े को जरूर ट्राई करें।

खबर इंडिया टीवी 25 Aug 2026 5:43 pm

Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन

pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।

राजस्थान खबरे 24 Aug 2026 2:07 pm

कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर

तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.

आज तक 17 Aug 2026 2:12 pm

मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न

80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.

आज तक 15 Aug 2026 10:07 pm

Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge

क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:11 pm

यश की 'टॉक्सिक' रचेगी इतिहास! कर्नाटक में सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज, पहले दिन रिकॉर्ड स्क्रीनिंग्स का दावा

साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...

वेब दुनिया 7 Aug 2026 12:07 pm

आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

आज तक 31 Jul 2026 6:10 pm

फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो

बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

बूमलाइव 18 Jun 2026 3:38 pm