चक्रवात प्रभावित आंध्र प्रदेश की मदद के लिए कर्नाटक सरकार ने बढ़ाया हाथ, भेजे 500 बिजलीकर्मी
कर्नाटक सरकार ने चक्रवात अर्नब से प्रभावित आंध्र प्रदेश की मदद के लिए बिजली आपूर्ति व्यवस्था बहाल करने में सहयोग देने का फैसला किया है...
आर्कबिशप की कॉन्ग्रेस अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। बैंगलुरु में हुई इस मुलाकात के बाद आर्कबिशप ने खुद अपनी माँगों को सार्वजनिक किया।
पुलिस का गलत इस्तेमाल कर रही कर्नाटक सरकार? मंत्री प्रियांक खड़गे ने दी सफाई
प्रियंक खड़गे ने पुलिस के गलत इस्तेमाल के एचडी कुमारस्वामी के आरोप खारिज करते हुए कहा कि सरकार कानून के दायरे में काम कर रही है. उन्होंने साफ किया कि सबूत मिलने पर कुमारस्वामी को समन भेजा जाएगा, जबकि जांच को प्रभावित करने वाली कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं होगी.
“मनीष अक्सर मुझे फोन करता था। संतोष घर पर नहीं भी रहते थे, तब भी मेरी मनीष से बात होती थी। वह कहता था कि मुझसे बात करके उसका मन बहुत खुश रहता है। संतोष को यह बात पसंद नहीं थी। मनीष ने कई बार धमकी दी थी कि अगर मैंने उससे बात करना बंद नहीं किया तो वह संतोष की हत्या कर देगा। घर पर कर्ज बहुत था, इसलिए मैंने ही संतोष को कमाने के लिए कर्नाटक भेजा था। मुझे नहीं पता था कि वहां उसकी हत्या कर दी जाएगी।” यह कहना है सहरसा नगर निगम की रहने वाली मृतक संतोष की पत्नी लक्ष्मी देवी का। 26 साल के संतोष की 20 अक्टूबर को कर्नाटक के कोप्पल में मौत हो गई थी। 31 अक्टूबर को उनका शव एंबुलेंस से सहरसा लाया गया। संतोष के परिवार ने उनके दोस्त मनीष यादव पर हत्या का आरोप लगाया है। संतोष कर्नाटक में मजदूरी करने क्यों गए थे और वापस लौटने के बाद वहां जाने से क्यों मना कर रहे थे? मनीष और संतोष के बीच किस बात को लेकर विवाद हुआ और 20 अक्टूबर की शाम क्या हुआ? संतोष की पत्नी और बड़े भाई ने मनीष पर क्या आरोप लगाए, पढ़िए पूरी रिपोर्ट पहले घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें.. अब सिलसिलेवार पढ़िए, पूरी खबर… संतोष कुमार सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के चार बेटों में सबसे छोटे थे। उनके परिवार में पत्नी लक्ष्मी देवी, दो बेटे और एक बेटी हैं। संतोष के बड़े भाई रंजीत ठाकुर के मुताबिक, संतोष की वार्ड में रहने वाले मनीष यादव और राजकिशोर यादव से दोस्ती थी। करीब डेढ़-दो साल पहले मनीष संतोष को मजदूरी कराने के लिए कर्नाटक की एक कंपनी में ले गया था। वहां काम करने के बाद संतोष सितंबर 2026 में वापस गांव लौट आए। इसके बाद वह दोबारा कर्नाटक जाने के लिए तैयार नहीं थे। रंजीत के मुताबिक, संतोष गांव में ही एक ठेला लेकर चाउमीन और बर्गर बेचने का काम शुरू करना चाहते थे। परिवार के मुताबिक, घर पर काफी कर्ज था। इसी वजह से पत्नी लक्ष्मी देवी चाहती थीं कि संतोष दोबारा कर्नाटक जाकर काम करें। मनीष भी उसी कंपनी में काम करता था, जहां संतोष पहले काम कर चुके थे। संतोष और मनीष की नजदीकी के कारण मनीष अक्सर उनके घर भी आता-जाता था। 9 अक्टूबर को दोबारा कर्नाटक गए थे संतोष परिवार के मुताबिक, संतोष 9 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के कोप्पल स्थित एक कंपनी में काम करने के लिए गए थे। वहां पहुंचने के बाद 19 अक्टूबर तक उनकी परिवार के लोगों से फोन पर बातचीत होती रही। 20 अक्टूबर के बाद संतोष से संपर्क नहीं हो पाया। संतोष के बड़े भाई गौतम ने उनकी तलाश शुरू की। उन्होंने इंटरनेट पर भी जानकारी जुटाई और अपने एक मित्र की मदद से संतोष की लोकेशन का पता किया। परिवार को जानकारी मिली कि संतोष की आखिरी लोकेशन 20 अक्टूबर को कर्नाटक के कोप्पल में थी। इसके बाद परिवार ने कंपनी के मालिक का नंबर पता किया और वहां संपर्क किया। 23 अक्टूबर को कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संतोष के बारे में बात हुई। परिवार ने उनसे पूछा कि संतोष कहां हैं और कई दिनों से उनसे संपर्क क्यों नहीं हो पा रहा है। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पिछले पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। इसके बाद परिवार ने उनसे संतोष के बारे में पता लगाने को कहा। परिवार के मुताबिक, संतोष वहां अपने दोस्तों के साथ रहते थे, इसलिए उनके साथियों से पूछताछ करने की बात कही गई। राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताई हत्या की कहानी परिवार के मुताबिक, कंपनी सुपरवाइजर अमिताभ दास ने संतोष के साथ रहने वाले मनीष और राजकिशोर से पूछताछ की। रंजीत ठाकुर का कहना है कि पूछताछ शुरू होने से पहले ही मनीष वहां से भाग गया। वहीं, राजकिशोर को सुपरवाइजर ने पकड़ लिया और उससे पूछताछ की। परिवार के अनुसार, राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताया कि संतोष और मनीष के बीच लक्ष्मी देवी से बातचीत को लेकर विवाद था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को संतोष का इस बातचीत पर आपत्ति जताना पसंद नहीं था। इसी वजह से मनीष ने संतोष की हत्या की योजना बनाई और इसमें राजकिशोर से भी साथ देने को कहा। राजकिशोर ने सुपरवाइजर को बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे मनीष और वह संतोष को कंपनी के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए थे। वहां मनीष शराब की बोतल लेकर आया था। तीनों ने शराब पी। इसके बाद मनीष ने संतोष से रील बनाने के लिए पोज देने को कहा। राजकिशोर ने बताया कि संतोष ने गले में गमछा डालकर रील बनाने के लिए पोज दिया। इसी दौरान मनीष ने गमछे से उनका गला घोंटना शुरू कर दिया। राजकिशोर का दावा है कि उसने संतोष के दोनों हाथ पकड़ रखे थे। गला घोंटने से संतोष की मौत हो गई। संतोष की पहचान छिपाने के लिए मनीष ने उनके सिर के पीछे पत्थर से वार किया। इसके बाद दोनों ने शव को पास के एक गड्ढे में डाल दिया और वहां से चले गए। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष ने उसे इस घटना के बारे में किसी को कुछ भी बताने से मना किया था। उसने धमकी दी थी कि अगर उसने किसी को बताया तो उसकी भी हत्या कर देगा। इसी डर से वह अब तक चुप रहा। यह जानकारी राजकिशोर ने कंपनी सुपरवाइजर को दी थी। परिवार के मुताबिक, इसके बाद सुपरवाइजर ने कोप्पल थाने की पुलिस को बुलाया और मामले की प्राथमिकी दर्ज कराई। राजकिशोर को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पत्नी बोलीं- मनीष फोन पर मुझसे करता था बात संतोष की पत्नी लक्ष्मी देवी ने भी मनीष पर हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मनीष अक्सर उनसे फोन पर बातचीत करता था। संतोष को यह बात पसंद नहीं थी। लक्ष्मी के मुताबिक, मनीष ने कई बार संतोष को धमकी दी थी कि अगर उसने उन्हें मनीष से बात करने से रोका तो वह उसकी हत्या कर देगा। लक्ष्मी ने बताया कि संतोष घर पर नहीं रहते थे, तब भी मनीष से उनकी बातचीत होती थी। मनीष उनसे कहता था कि उनसे बात करके उसका मन बहुत खुश होता है। लक्ष्मी के मुताबिक, संतोष के सामने भी मनीष के फोन आते थे और वह उससे बात करती थीं। लक्ष्मी ने यह भी बताया कि वह चाहती थीं कि संतोष कर्नाटक जाकर कमाएं, क्योंकि परिवार पर कर्ज था। संतोष गांव में चाउमीन का ठेला लगाकर काम करना चाहते थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने ही संतोष को कर्नाटक जाने के लिए कहा था, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि वहां उनकी हत्या कर दी जाएगी। 2 अक्टूबर को घर से चली गई थी लक्ष्मी लक्ष्मी देवी के मुताबिक, 2 अक्टूबर को वह घर से चली गई थीं और 7 अक्टूबर को वापस लौटी थीं। उनका कहना है कि संतोष ने उनके साथ मारपीट की थी, जिसके बाद गुस्से में वह घर छोड़कर चली गई थीं। उन्होंने बताया कि उस दौरान उन्होंने स्टेशन पर रात बिताई और फिर घर लौट आईं। वहीं, संतोष के बड़े भाई रंजीत ठाकुर का दावा है कि उस समय मनीष गांव में ही था और लक्ष्मी मनीष के साथ घर से गई थीं। रंजीत के मुताबिक, लक्ष्मी 7 अक्टूबर को वापस लौटी थीं। इस मामले में लक्ष्मी और रंजीत के बयान अलग-अलग हैं। 31 अक्टूबर को सहरसा पहुंचा संतोष का शव कंपनी सुपरवाइजर से संतोष की मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोग शव लेने के लिए 27 अक्टूबर को सहरसा से कर्नाटक रवाना हुए। परिवार के सदस्य हवाई जहाज से वहां पहुंचे। इसके बाद 31 अक्टूबर को संतोष का शव एंबुलेंस से सड़क मार्ग के जरिए सहरसा लाया गया। संतोष के बड़े बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। परिवार ने मनीष पर हत्या का आरोप लगाया है। कोप्पल रूरल थाना के एसएचओ बिरेश कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान कहा कि पुलिस ने राजकिशोर यादव को गिरफ्तार किया है, साथ ही राकेश यादव, राजेश यादव, रोहित यादव समेत एक अन्य युवक को डिटेन किया है। घटना का मुख्य आरोपी मनीष यादव फिलहाल फरार है। कर्नाटक पुलिस सहरसा पुलिस की मदद से उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु सीपी और कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा
स्टिंग ऑपरेशन विवाद: कुमारस्वामी ने बेंगलुरु सीपी और कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा
बेंगलुरु पुलिस ने स्टिंग में इस्तेमाल फोन एचडी कुमारस्वामी के आवास पर पहुंचने का दावा किया, जिस पर कुमारस्वामी ने पुलिस और सरकार को चुनौती दी है।
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
मोदी सरकार में रेलवे का कायाकल्प, कर्नाटक को विकास के लिए हर साल 7,700 करोड़ रुपए : प्रह्लाद जोशी
मैसूर से कर्नाटक तक का सफर- 71वें स्थापना दिवस पर जानिए इस दक्षिण राज्य की अनूठी संस्कृति और इतिहास|
1 नवंबर 1956 को मैसूर राज्य के रूप में गठित कर्नाटक अपना 71वां स्थापना दिवस मना रहा है, जिसे पूरे राज्य में कर्नाटक राज्योत्सव के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
New Delhi, 1 नवंबर . Prime Minister Narendra Modi ने कर्नाटक और केरल के स्थापना दिवस पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं. इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह,…
'क्या इसके लिए भी मैं जिम्मेदार?': ओवैसी ने कर्नाटक सरकार को घेरा, बीदर की गरीबी और कम आय के आंकड़े किए पेश asaduddin-owaisi-bidar-poverty-income-gap-congress-karnataka-census-2027-asks-Am-I-responsible-for-this-too
ओवैसी ने SIR पर कांग्रेस को घेरा, कहा- कर्नाटक में कुछ, दिल्ली में कुछ और
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कर्नाटक में कांग्रेस पर SIR को लेकर विरोधाभासी रुख अपनाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता अलग-अलग राज्यों में SIR को लेकर अलग-अलग बयान देते हैं.
उत्तराखंड Uttarakhand में हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक के सीएम और राज्यपाल ने जताया शोक
कर्नाटक की राज्यपाल सुधा यादव और मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने उत्तराखंड में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में राज्य के पांच पर्यटकों की मौत पर शनिवार को शोक व्यक्त किया। शुक्रवार को उत्तराखंड के जोशीमठ में हुए हेलीकॉप्टर हादसे में मारे गए छह लोगों में बेंगलुरु पुलिस का एक निरीक्षक भी शामिल था। शिवकुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा कि उनकी सरकार प्रभावित लोगों को आवश्यक सहायता मुहैया कराने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने भी पिछले दो-तीन वर्षों के दौरान उस स्थान का दौरा किया है। इस स्थिति में कर्नाटक के हमारे लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली में सभी संबंधित सरकारें और अधिकारी भी इस मामले पर करीबी नजर रख रहे हैं। मैंने उन्हें सभी आवश्यक जानकारी दे दी है।’’हादसे में जान गंवाने वाले पांच पुरुष यात्रियों की पहचान हासन के व्यवसायी प्रताप, बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा के निरीक्षक अरुण सालुंके, अधिवक्ता शंकर गौड़ा और सुधीर के. तथा पोल्ट्री व्यवसायी एच. एस. नटराज के रूप में हुई है। हेलीकॉप्टर के पायलट कैप्टन हिमांशु की भी हादसे में मौत हो गई। इस घटना को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद’’ बताते हुए शिवकुमार ने कहा कि संबंधित लोग तीर्थाटन के लिए यात्रा पर निकले थे, जिससे यह त्रासदी और भी हृदयविदारक हो गई। उन्होंने कहा, ‘‘यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है। दिवंगत आत्माओं को शांति मिले। मैं प्रार्थना करता हूं कि हमारे सभी पर्यटक भविष्य में अधिक सावधानी बरतें। हमें आगे से ज्यादा सतर्क रहना होगा।’’दस अक्टूबर को मंदिरों को बंद किए जाने का जिक्र करते हुए शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने वहां के संतों से बात की थी, जिनमें केदारनाथ में रहने वाले कर्नाटक के संत भी शामिल थे। वहीं, राज्यपाल सुधा यादव ने शोकसंतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘जोशीमठ के पास हुए भीषण हेलीकॉप्टर हादसे से मैं बेहद दुखी हूं, जिसमें छह लोगों की जान चली गई। इस दुखद दुर्घटना में लोगों की जान जाने से गहरा दुख पहुंचा है। मैं दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करती हूं। इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।’’बयान में कहा गया, ‘‘राज्यपाल कार्यालय प्रभावित परिवारों को सभी आवश्यक सहायता और सहयोग मुहैया कराने तथा मृत तीर्थयात्रियों के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ कर्नाटक पहुंचाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ करीबी समन्वय बनाए हुए है।’’
जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक की राज्यपाल ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
सहरसा के 26 वर्षीय मजदूर संतोष ठाकुर की 20 अक्टूबर को कर्नाटक में हत्या कर दी गई। शनिवार को कर्नाटक पुलिस एंबुलेंस से उनका शव सहरसा लेकर पहुंची। परिजनों ने पत्नी के दूसरे व्यक्ति से संबंध को हत्या की वजह बताया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। संतोष सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के बेटे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे संतोष संतोष करीब डेढ़ साल से कर्नाटक के कोप्पल थाना क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे थे। उनके बड़े भाई गौतम कुमार ने बताया कि संतोष 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार से उनकी आखिरी बार 19 अक्टूबर को बात हुई थी। गौतम के मुताबिक, 20 अक्टूबर से संतोष का फोन नहीं लग रहा था। उन्होंने फोन की लोकेशन पता की, जो कर्नाटक के कोप्पल में दिख रही थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संपर्क किया। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। सुपरवाइजर से पूछताछ में सामने आई हत्या की बात गौतम ने बताया कि कंपनी के सुपरवाइजर ने संतोष के दोस्तों राजकिशोर और मनीष से पूछताछ की। इस दौरान राजकिशोर ने कथित तौर पर बताया कि फैक्ट्री में काम करने के दौरान मनीष का संतोष की पत्नी से संबंध हो गया था। इसकी जानकारी संतोष को मिलने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को लगता था कि संतोष उनके संबंधों में रुकावट बन रहे हैं। इसी वजह से वह संतोष से नाराज था और उसने उनकी हत्या की योजना बनाई। राजकिशोर ने बताया कि मनीष ने इस काम में उससे भी सहयोग मांगा था। गमछे से गला घोंटा, पत्थर से सिर पर किए वार राजकिशोर ने सुपरवाइजर को कथित तौर पर बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह और मनीष संतोष को फैक्ट्री के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए। वहां मनीष ने संतोष के गले में गमछा डालकर उनका गला घोंट दिया, जबकि राजकिशोर ने उनके दोनों हाथ पीछे से पकड़ रखे थे। इसके बाद मनीष ने वहां पड़े पत्थर से संतोष के सिर पर कई वार किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राजकिशोर के अनुसार, हत्या के बाद दोनों शव को पास के एक गड्ढे में डालकर वहां से भाग गए। उसने यह भी बताया कि मनीष ने घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर से उसने अब तक किसी को कुछ नहीं बताया था। एक आरोपी पुलिस के हवाले, दूसरा फरार कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास ने घटना की जानकारी कोप्पल पुलिस को दी। इसके बाद राजकिशोर को कंपनी के सुपरवाइजर ने पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि मनीष फरार हो गया। संतोष की मौत की खबर मिलने के बाद उनके बड़े भाई गौतम समेत परिवार के अन्य सदस्य 27 अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचे। शव की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को वे संतोष का शव लेकर सहरसा पहुंचे। इसके बाद उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की संतोष के भाई रंजीत ठाकुर ने बताया कि हत्या में सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के रहने वाले राजकिशोर यादव और मनीष यादव शामिल हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय पासवान ने बताया कि घटना दूसरे राज्य की है। आरोपी सहरसा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामला: कर्नाटक एसआईटी ने 14 साल पुराने क्राइम सीन को री-क्रिएट किया
सनसनीखेज सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई नई जांच के तहत क्राइम सीन को री-क्रिएट किया। इसके साथ ही घटनास्थल से मिट्टी के नमूने एकत्र किए।
Diwali Guidelines: कर्नाटक में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे फोड़ सकेंगे पटाखे, ग्रीन क्रैकर्स अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-‘वादे नहीं, ठोस प्रगति’
Bengaluru, 31 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी. वाई. विजयेंद्र ने Saturday को विश्व बैंक की ‘इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ (India गरीबी और समानता संक्षिप्त…
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-'वादे नहीं, ठोस प्रगति'
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-'वादे नहीं, ठोस प्रगति'
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
MLC Election Results 2026: यूपी में BJP का दबदबा, कर्नाटक में कांग्रेस को झटका; बिहार में कई सीटों पर उलटफेर
डीग जिले के बरौली चौथ गांव की पहलवान रोहिणी ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के देवराहिप्परगी में 26 अक्टूबर को श्री रावुतराया मल्लय्या जात्रा महोत्सव के तहत आयोजित महिला जंगी निकाली कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में रोहिणी ने रेवंती पंवार को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में करीब 20 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहिणी फाइनल तक पहुंचीं और निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। रोहिणी की जीत ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन के दम पर खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। सरपंच प्रीति फौजदार ने जताई खुशीबरौली चौथ की सरपंच प्रीति फौजदार ने गांव की बेटी रोहिणी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रोहिणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। यह बरौली चौथ के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

