शिवकुमार ने कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज करते हुए सवाल उठाया कि पूर्व सहकारिता मंत्री केएन राजन्ना मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को हटाने का मुद्दा क्यों उठा रहे हैं।
बीकानेर जिले के अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर कैपमॉर एफएक्स ऑनलाइन ठगी मामले में गवाही देकर लौट रहे कर्नाटक के लोगों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में घटना के दो दिन बाद भी पुलिस किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जबकि पुलिस के पास उस फॉर्च्यूनर गाड़ी के नंबर भी मौजूद हैं, जिसमें सवार होकर बदमाश आए थे और पीड़ितों के साथ मारपीट की थी। मामला रविवार रात का है। करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़े बहुचर्चित कैपमॉर एफएक्स प्रकरण में कर्नाटक के कुछ लोग श्रीगंगानगर में न्यायालय में गवाही देकर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान अरजनसर-पल्लू मेगा हाईवे पर रानीसर के पास एक फॉर्च्यूनर गाड़ी ने उनका पीछा किया और रास्ता रोक लिया। पीड़ितों के अनुसार गाड़ी में सवार तीन-चार बदमाश नीचे उतरे और लाठियों से उनकी गाड़ी पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से घबराए लोग अपनी गाड़ी वापस मोड़कर अरजनसर की तरफ भागे, लेकिन बदमाश लगातार पीछा करते रहे। रेलवे फाटक बंद मिला, खेतों में छिपकर बचाई जान जान बचाने के प्रयास में पीड़ित अरजनसर रेलवे फाटक तक पहुंचे, लेकिन वहां फाटक बंद मिला। इसके बाद वे गाड़ी को कच्चे रास्ते पर ले गए। आगे रास्ता बंद होने पर पीड़ित गाड़ी छोड़कर खेतों में छिप गए। बाद में सूचना मिलने पर महाजन पुलिस मौके पर पहुंची। करोड़ों की ऑनलाइन ठगी से जुड़ा है मामला जानकारी के अनुसार कैपमॉर एफएक्स कंपनी के खिलाफ गत वर्ष श्रीगंगानगर में करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि कंपनी ने कर्नाटक के लोगों से करीब चार से पांच करोड़ रुपए की ठगी की थी। हाल ही पुलिस द्वारा मामले में एफआर लगाए जाने से असंतुष्ट परिवादी न्यायालय में गवाही देने पहुंचे थे। पुलिस बोली- नंबर ट्रेस किए, तलाश जारी महाजन थाना प्रभारी भजनलाल लावा के अनुसार कर्नाटक निवासी कटप्पा की ओर से तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। हमलावरों ने चेहरे ढक रखे थे। पुलिस ने संदिग्ध फॉर्च्यूनर के नंबर ट्रेस कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश की जा रही है। हालांकि घटना के दो दिन बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
झारखंड व कर्नाटक व्यापार सहयोग को नई दिशा, चैंबरों के बीच एमओयू
रांची| झारखंड और कर्नाटक के बीच औद्योगिक व व्यापारिक सहयोग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को रांची स्थित चैंबर भवन में झारखंड चैंबर और बेल्लारी डिस्ट्रिक्ट चैंबर, कर्नाटक के बीच बैठक हुई। बैठक में दोनों राज्यों के उद्योग एवं व्यापार प्रतिनिधियों ने निवेश, उद्योग विस्तार और व्यापारिक संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान दोनों चैंबरों के बीच आपसी सहयोग को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए। बैठक में उद्योग सचिव अरवा राजकमल और उद्योग निदेशक विशाल सागर ने झारखंड की खनिज संपदा, औद्योगिक आधार और निवेश संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य में खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, कृषि और विनिर्माण क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं तथा सरकार निवेशकों को हरसंभव सहयोग देगी। एफजेसीसीआई अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि झारखंड लिथियम, मैंगनीज और बॉक्साइट जैसे महत्वपूर्ण खनिजों से समृद्ध राज्य है और नई औद्योगिक नीति निवेशकों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगी। महासचिव रोहित अग्रवाल ने कहा कि इस पहल से दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक संबंध और मजबूत होंगे तथा भविष्य में संयुक्त बिजनेस डेलिगेशन और बी2बी बैठकें आयोजित की जाएंगी। बेल्लारी चैंबर के अध्यक्ष अव्वरु मंजूनाथ ने झारखंड के उद्यमियों को कर्नाटक में निवेश के लिए आमंत्रित किया। बैठक में धार्मिक व साहसिक पर्यटन, कृषि उत्पादों के आदान-प्रदान, रेडीमेड वस्त्र, कोयला आपूर्ति और औद्योगिक कच्चे माल के व्यापार पर सहमति बनी। इस अवसर पर प्रवीण लोहिया, राम बांगड़, नवजोत अलंग, पवन शर्मा, धीरज तनेजा आदि मौजूद थे। नई औद्योगिक नीति बड़े अवसर लाएगी : आदित्य मल्होत्रा
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के वन विभाग 7 और 8 मार्च को नीलगिरी क्षेत्र में एक समन्वित गिद्ध गणना करेंगे
कांग्रेस आलाकमान को कर्नाटक नेतृत्व संकट जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए
जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व टालमटोल करता दिख रहा है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव दिया है।

