जोशीमठ हेलीकॉप्टर हादसे पर कर्नाटक की राज्यपाल ने जताया शोक, पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने का भरोसा
सहरसा के 26 वर्षीय मजदूर संतोष ठाकुर की 20 अक्टूबर को कर्नाटक में हत्या कर दी गई। शनिवार को कर्नाटक पुलिस एंबुलेंस से उनका शव सहरसा लेकर पहुंची। परिजनों ने पत्नी के दूसरे व्यक्ति से संबंध को हत्या की वजह बताया है। मामले में पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि दूसरा फरार बताया जा रहा है। संतोष सहरसा नगर निगम के धमसैनी वार्ड नंबर 46 के रहने वाले थे। वह सत्यनारायण ठाकुर के बेटे और चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं। 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे संतोष संतोष करीब डेढ़ साल से कर्नाटक के कोप्पल थाना क्षेत्र की एक फैक्ट्री में मजदूरी कर रहे थे। उनके बड़े भाई गौतम कुमार ने बताया कि संतोष 9 अक्टूबर को काम के लिए कर्नाटक गए थे। परिवार से उनकी आखिरी बार 19 अक्टूबर को बात हुई थी। गौतम के मुताबिक, 20 अक्टूबर से संतोष का फोन नहीं लग रहा था। उन्होंने फोन की लोकेशन पता की, जो कर्नाटक के कोप्पल में दिख रही थी। इसके बाद उन्होंने कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास से संपर्क किया। सुपरवाइजर ने बताया कि संतोष पांच दिनों से काम पर नहीं आ रहे थे। सुपरवाइजर से पूछताछ में सामने आई हत्या की बात गौतम ने बताया कि कंपनी के सुपरवाइजर ने संतोष के दोस्तों राजकिशोर और मनीष से पूछताछ की। इस दौरान राजकिशोर ने कथित तौर पर बताया कि फैक्ट्री में काम करने के दौरान मनीष का संतोष की पत्नी से संबंध हो गया था। इसकी जानकारी संतोष को मिलने पर दोनों के बीच विवाद हुआ था। राजकिशोर के मुताबिक, मनीष को लगता था कि संतोष उनके संबंधों में रुकावट बन रहे हैं। इसी वजह से वह संतोष से नाराज था और उसने उनकी हत्या की योजना बनाई। राजकिशोर ने बताया कि मनीष ने इस काम में उससे भी सहयोग मांगा था। गमछे से गला घोंटा, पत्थर से सिर पर किए वार राजकिशोर ने सुपरवाइजर को कथित तौर पर बताया कि 20 अक्टूबर की शाम करीब 7 बजे वह और मनीष संतोष को फैक्ट्री के पास स्थित एक पहाड़ी पर ले गए। वहां मनीष ने संतोष के गले में गमछा डालकर उनका गला घोंट दिया, जबकि राजकिशोर ने उनके दोनों हाथ पीछे से पकड़ रखे थे। इसके बाद मनीष ने वहां पड़े पत्थर से संतोष के सिर पर कई वार किए। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राजकिशोर के अनुसार, हत्या के बाद दोनों शव को पास के एक गड्ढे में डालकर वहां से भाग गए। उसने यह भी बताया कि मनीष ने घटना की जानकारी किसी को देने पर उसे जान से मारने की धमकी दी थी। इसी डर से उसने अब तक किसी को कुछ नहीं बताया था। एक आरोपी पुलिस के हवाले, दूसरा फरार कंपनी के सुपरवाइजर अमिताभ दास ने घटना की जानकारी कोप्पल पुलिस को दी। इसके बाद राजकिशोर को कंपनी के सुपरवाइजर ने पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि मनीष फरार हो गया। संतोष की मौत की खबर मिलने के बाद उनके बड़े भाई गौतम समेत परिवार के अन्य सदस्य 27 अक्टूबर को कर्नाटक पहुंचे। शव की पहचान और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद 31 अक्टूबर को वे संतोष का शव लेकर सहरसा पहुंचे। इसके बाद उनके बेटे ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की संतोष के भाई रंजीत ठाकुर ने बताया कि हत्या में सहरसा नगर निगम के वार्ड नंबर 46 के रहने वाले राजकिशोर यादव और मनीष यादव शामिल हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय पासवान ने बताया कि घटना दूसरे राज्य की है। आरोपी सहरसा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
उडुपी में प्रेमिका के परिवार की बेरहमी से पिटाई और धमकियों से परेशान 27 वर्षीय युवक प्रदीप ने अस्पताल के शौचालय में आत्महत्या कर ली।
सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामला: कर्नाटक एसआईटी ने 14 साल पुराने क्राइम सीन को री-क्रिएट किया
सनसनीखेज सौजन्या दुष्कर्म और हत्या मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने शनिवार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर की गई नई जांच के तहत क्राइम सीन को री-क्रिएट किया। इसके साथ ही घटनास्थल से मिट्टी के नमूने एकत्र किए।
Diwali Guidelines: कर्नाटक में दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे फोड़ सकेंगे पटाखे, ग्रीन क्रैकर्स अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
विश्व बैंक की भारत में गरीबी संबंधी निष्कर्षों पर कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बोले-‘वादे नहीं, ठोस प्रगति’
Bengaluru, 31 अक्टूबर . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बी. वाई. विजयेंद्र ने Saturday को विश्व बैंक की ‘इंडिया पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ’ (India गरीबी और समानता संक्षिप्त…
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर बड़े सियासी उलटफेर की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पूर्व प्रधानमंत्री एवं जनता दल (सेक्युलर) के सुप्रीमो एच डी देवेगौड़ा से एक महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस बैठक के बाद येदियुरप्पा ने स्पष्ट संकेत दिए कि राज्य के आगामी चुनावों में कांग्रेस को मात देने के लिए भाजपा और जेडीएस को एक साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरना होगा। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य में सत्ता में वापसी के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) को भविष्य के चुनाव मिलकर लड़ने चाहिए। उन्होंने यह बात पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एच डी देवेगौड़ा से मुलाकात के बाद कही। यहां पद्मनाभनगर स्थित देवेगौड़ा के आवास पर उनसे मुलाकात के बाद कर्नाटक में भाजपा के वरिष्ठ नेता येदियुरप्पा ने कहा कि दोनों नेताओं ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की और देवेगौड़ा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का सुझाव दिया। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में दूध 8 रुपये प्रति लीटर महंगा, 1 November से लागू होंगी नई दरें येदियुरप्पा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘केवल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) के साथ मिलकर चुनाव लड़ने पर ही हम अपना लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उनका भी यही सुझाव था और मेरी भी यही राय है।’’ उन्होंने कहा कि देवेगौड़ा मौजूदा सरकार से नाखुश हैं। येदियुरप्पा ने कहा, सरकार को जल्द से जल्द बदला जाना चाहिए और इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमें मिलकर कड़ी मेहनत करनी चाहिए। उनका यही सुझाव था। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने करीब 30 मिनट तक इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। भाजपा-जनता दल (सेक्युलर) गठबंधन के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर येदियुरप्पा ने कहा, नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और देवेगौड़ा साथ बैठकर चर्चा करने के बाद जो भी फैसला करेंगे, हम उसके लिए प्रतिबद्ध हैं। राजनीतिक मायने और गठबंधन का असर कर्नाटक के राजनीतिक परिदृश्य में बी एस येदियुरप्पा (लिंगायत समुदाय के सर्वमान्य नेता) और एच डी देवेगौड़ा (वोक्कालिगा समुदाय के प्रभावशाली नेता) का एक साथ आना एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक समीकरण का निर्माण करता है। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में PDS अनाज तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, 215 गिरफ्तार मजबूत वोट बैंक का एकीकरण: लिंगायत और वोक्कालिगा वोटों का यह संभावित ध्रुवीकरण कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक के लिए बड़ी चुनौती पेश कर सकता है। पुराने मैसूर क्षेत्र में पकड़: जेडीएस का प्रभाव मुख्य रूप से दक्षिण कर्नाटक (पुराने मैसूर क्षेत्र) में है, जहां भाजपा ऐतिहासिक रूप से अपेक्षाकृत कमजोर रही है। इस गठबंधन से भाजपा को उस क्षेत्र में सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Karnataka Voter List विवाद: Congress Minister बोले- SIR पूरी तरह सही, 1 करोड़ नाम कटना जायज सशक्त विपक्ष का निर्माण: दोनों दलों के एक मंच पर आने से राज्य में विपक्ष की आवाज और अधिक मुखर होगी, जिससे आगामी स्थानीय और आम चुनावों में कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी जा सकेगी। इस बैठक ने कर्नाटक की भावी राजनीति की दिशा तय कर दी है। अब सभी की नजरें दिल्ली में होने वाली शीर्ष नेताओं की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस गठबंधन के औपचारिक स्वरूप और चुनावी रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जाएगा।
SIR पर बयान को लेकर विवाद में घिरे कर्नाटक के मंत्री सतीश जारकीहोली ने 24 घंटे के भीतर सफाई जारी की है. उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया और वे राहुल गांधी के रुख के साथ मजबूती से खड़े हैं.
'किसान नहीं होंगे तो दूध कहां से मिलेगा?': सीएम डीके शिवकुमार ने कैबिनेट के फैसले का किया बचाव, वजह भी गिनाई karnataka milk price hike nandini dk shivakumar defends cabinet decision
जारकीहोली ने एक इंटरव्यू में कहा कि कर्नाटक में एसआईआर सही तरीके से संपन्न हुआ क्योंकि पार्टी ने अपने कैडर को अच्छी ट्रेनिंग दी थी।
MLC चुनावों में UP और कर्नाटक में BJP का दबदबा, महाराष्ट्र में विपक्ष ने 3 सीटें जीतीं
चार राज्यों के विधान परिषद चुनावों में राजग ने 16 सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि आईएनडीआईए को 9 सीटें मिलीं।
बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डाल रही कर्नाटक सरकार: भाजपा
Bengaluru, 29 अक्टूबर . कर्नाटक में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने Thursday को राज्य Government पर बार-बार दूध की कीमतें बढ़ाकर जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने…
Karnataka की Uma Kashvi बनीं WPL की सबसे युवा खिलाड़ी Delhi Capitals ने 10 लाख में जोड़ा
भारतीय महिला क्रिकेट को एक नई युवा प्रतिभा मिली है। कर्नाटक की 15 साल की उमा काश्वी ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2027 की नीलामी में इतिहास रच दिया है। 28 अक्टूबर को कोच्चि में हुई नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 10 लाख रुपये में खरीदा। इसके साथ ही काश्वी इस लीग की नीलामी में बिकने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी बन गई हैं। उनकी उम्र उस समय 15 साल और 202 दिन थी। उन्होंने दीया यादव का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्हें पिछले साल 16 साल की उम्र में खरीदा गया था। पुरुष क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपने प्रदर्शन से सबका ध्यान खींचा है। अब महिला क्रिकेट में काश्वी भी अपनी पहचान बनाने की राह पर हैं। वह दाएं हाथ की ऑफ स्पिन गेंदबाज हैं और मध्यक्रम में बल्लेबाजी भी कर सकती हैं। कर्नाटक की आयु वर्ग टीमों से आगे बढ़ते हुए वह 2026 में श्रीलंका के खिलाफ भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रह चुकी हैं। काश्वी कर्नाटक की अंडर-15 टीम की कप्तानी कर चुकी हैं। उन्होंने राज्य की महिला टी20 प्रतियोगिता महारानी ट्रॉफी में बेंगलुरु ब्लास्टर्स की अगुआई भी की। 2025 में मैसूर वॉरियर्स के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 48 रन बनाए थे। इसके अलावा, वह कर्नाटक की अंडर-19 टी20 टीम और महिला अंडर-19 एकदिवसीय ट्रॉफी के सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली टीम का हिस्सा रही हैं। 2025-26 सत्र की महिला अंडर-15 एकदिवसीय ट्रॉफी में काश्वी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। उन्होंने 172 के औसत से 516 रन बनाए, जिसमें 3 शतक और 1 अर्धशतक शामिल थे। 10 जनवरी 2026 को मणिपुर के खिलाफ उन्होंने केवल 66 गेंदों पर नाबाद 158 रन बनाए थे। इस पारी में 23 चौके और 7 छक्के शामिल थे। कर्नाटक ने 35 ओवर में 321 रन बनाए और मुकाबला 275 रन से जीता। गेंदबाजी में भी काश्वी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। 22 अक्टूबर 2026 को विदर्भ के खिलाफ अंडर-19 टी20 ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल में उन्होंने 4 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट लिए। साथ ही 13 गेंदों पर 11 रन बनाए। कर्नाटक ने 140 रन का बचाव करते हुए 6 रन से जीत दर्ज की और काश्वी को मुकाबले की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच जोनाथन बैटी ने कहा कि टीम काफी समय से काश्वी पर नजर रख रही थी। उन्होंने बताया कि टीम उन्हें भविष्य की बड़ी खिलाड़ी मानती है, लेकिन 15 साल की उम्र में उनसे तुरंत बड़े नतीजों की उम्मीद नहीं की जा रही है। टीम का लक्ष्य उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों और कोचों के साथ सीखने का मौका देना है। नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने काश्वी के अलावा किरण नवगिरे, नजमा खान और स्कॉटलैंड की स्पिन गेंदबाज कर्स्टी गॉर्डन को भी खरीदा। नवगिरे के लिए टीम ने 75 लाख रुपये खर्च किए, जबकि काश्वी, नजमा और गॉर्डन को 10-10 लाख रुपये में खरीदा गया। टीम ने नीलामी में कुल 1.05 करोड़ रुपये खर्च किए और 13 पहले से चुनी गई खिलाड़ियों के साथ उसका कुल खर्च 14.95 करोड़ रुपये हो गया है। काश्वी को अब अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने का मौका मिलेगा, जो उनके आगे के क्रिकेट सफर के लिए अहम साबित हो सकता है।
दरभंगा से RJD के अनिल झा जीते, कर्नाटक में दूध 8 रुपये महंगा; पढ़ें शाम की बड़ी खबरें
बिहार में दरभंगा स्नातक सीट पर RJD के अनिल झा ने BJP के सर्वेश कुमार सिंह को 450 वोट के छोटे अंतर से हरा दिया। कर्नाटक सरकार ने किसानों की मदद के नाम पर दूध की कीमत 1 नवंबर से 8 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है।
8 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ दूध, 1 नवंबर से लागू होंगी नई कीमतें; कर्नाटक कैबिनेट ने दी मंजूरी
कर्नाटक कैबिनेट ने दूध की कीमतों में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है, जो 1 नवंबर से लागू होगी। इस फैसले से किसानों को 7 रुपये प्रति लीटर अधिक मिलेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
Varanasi और Nagpur MLC चुनाव में BJP की हार, Congress सांसद Mallu Ravi ने गिनाई जीत
1 नवंबर को होने वाली INDIA गठबंधन की मेगा रैली से पहले, कांग्रेस नेता कुमारी शैलजा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। कांग्रेस के एक अन्य सांसद, मल्लू रवि ने हाल ही में हुए MLC चुनावों के नतीजों का जिक्र किया, जिसमें वाराणसी में समाजवादी पार्टी और नागपुर में कांग्रेस की जीत हुई है। INDIA गठबंधन की रैली के बारे में बात करते हुए, शैलजा ने कहा कि लोकतंत्र और वोट देने के अधिकार की लड़ाई को जनता के बीच ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गठबंधन देश को 'महाभियोग' (impeachment) के महत्व के बारे में बताना चाहता है। शैलजा ने कहा कि यह लड़ाई जनता की अदालत में है। लोकतंत्र जनता का अधिकार है। इसे भी पढ़ें: वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar वोट देने का अधिकार जनता का है, यह हर नागरिक का अधिकार है। हमने पहले भी कहा था कि यह प्रक्रिया आगे बढ़नी चाहिए। ज्ञानेश कुमार को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए - यही हमारी मांग थी। चुनाव आयोग में जो मामले सामने आए हैं, उन्हें देखते हुए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए था। लेकिन वे इस्तीफा नहीं दे रहे हैं, इसलिए हम देश के सामने यह बात रखना चाहते हैं कि महाभियोग कितना महत्वपूर्ण है और यह क्यों किया जाना चाहिए। इस बीच, कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने दो दिनों में घोषित 28 MLC सीटों के नतीजों का जिक्र करते हुए दावा किया कि INDIA गठबंधन ने 10 सीटें जीती हैं, जबकि दो निर्दलीय उम्मीदवार भी चुने गए हैं। रवि ने बताया कि समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है, इसलिए उनकी जीत को पूरे गठबंधन की जीत माना जाना चाहिए। उन्होंने नागपुर में कांग्रेस की जीत का भी जिक्र किया। इसे काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि नागपुर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी गहरा जुड़ाव है। रवि ने कहा, समाजवादी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में BJP को हराकर दो MLC सीटें जीती हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka MLC Election में जीत के बाद बोली BJP, बैलेट पेपर पर भी हारा विपक्ष समाजवादी पार्टी, INDIA गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी है। इसलिए, जब हमारे गठबंधन के साथी जीतते हैं, तो यह हमारी भी जीत होती है। नागपुर RSS का मुख्यालय है और यहाँ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी जैसे वरिष्ठ BJP नेताओं का भी प्रभाव है। इन बड़े BJP नेताओं की मौजूदगी के बावजूद, कांग्रेस ने नागपुर में एक MLC सीट जीती है।
Karnataka MLC Election में जीत के बाद बोली BJP, बैलेट पेपर पर भी हारा विपक्ष
केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे ने चुनावों में फिर से पेपर बैलेट का इस्तेमाल करने की कांग्रेस और विपक्षी 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की बार-बार की जा रही मांग पर निशाना साधा। उन्होंने जोर देकर कहा कि वोट डालने का तरीका चाहे जो भी हो, जीत भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ही होगी। कई राज्यों में हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों में BJP के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए, करंदलाजे ने कहा कि EVM पर सवाल उठाने वाले विपक्ष के दावों में कोई दम नहीं है। करंदलाजे ने ANI से कहा, पूरे देश में कांग्रेस पार्टी मांग कर रही है कि चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए जाएं। 'इंडिया' गठबंधन भी यही मांग कर रहा है। हाल ही में, बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके MLC चुनाव कराए गए थे—खास तौर पर, 'प्रेफरेंशियल वोटिंग सिस्टम' (वरीयता आधारित मतदान प्रणाली) के जरिए। इसे भी पढ़ें: CJP-कांग्रेस के प्रदर्शन पर बवाल, क्या BJP की पदयात्रा से व्यापार को नहीं हुआ कोई नुकसान? त्योहार से पहले राजनीतिक कार्यक्रमों पर उठे सवाल चुनाव नतीजों पर बात करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पेपर-आधारित मतदान प्रणाली में भी जनादेश भाजपा के पक्ष में रहा। उन्होंने कहा, कर्नाटक में हमने सभी चार सीटें जीतीं। 20 जिलों में चुनाव हुए और हम जीते। हमने महाराष्ट्र और गुजरात में भी जीत हासिल की। जहाँ-जहाँ बैलेट पेपर का इस्तेमाल हुआ, वहाँ भाजपा जीती। मतदाताओं के बीच पार्टी को मिल रहे व्यापक समर्थन पर जोर देते हुए करंदलाजे ने कहा, इससे पता चलता है कि चाहे बैलेट पेपर हों या EVM, जीत भाजपा की ही होगी। इससे पहले, कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की शानदार जीत और सभी चार सीटें जीतने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर तंज कसा। PM मोदी ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 4 बड़े राज्यों - उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक में 28 सीटों पर MLC चुनाव हुए। ये चुनाव बैलेट पेपर के जरिए कराए गए थे। अंदाजा लगाइए कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? इसे भी पढ़ें: वोट चोरी नहीं जनता का फैसला है, Congress के खराब शासन पर बोले BJP नेता Rajeev Chandrasekhar हालांकि, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने PM मोदी को चुनौती दी कि वे संसदीय चुनाव बैलेट पेपर से करवाकर दिखाएं। उन्होंने ANI से कहा, वे बैलेट पेपर की मांग का मजाक उड़ा रहे हैं। तो फिर ऐसा करके दिखाएं! अगर हिम्मत है, तो संसद भंग करें और बैलेट पेपर से चुनाव करवाएं। बुधवार को कर्नाटक विधान परिषद चुनावों में NDA गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की। भाजपा और JD(S) ने कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया है। उन्होंने 4-0 के इस नतीजे को कांग्रेस आलाकमान के लिए एक सीधा तमाचा और 2028 के विधानसभा चुनावों का 'ट्रेलर' बताया है।
8 रुपये महंगा होगा दूध, कर्नाटक मंत्रिमंडल ने कीमतें बढ़ाने का लिया फैसला
कर्नाटक सरकार के इस फैसले से जहां पशुपालकों और डेयरी किसानों को काफी राहत मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर आम जनता पर महंगाई की बड़ी मार पड़ने वाली है।
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को मिली पारी से जीत
रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र विदर्भ और कर्नाटक को अपने प्रतिद्वंदियों पर पारी से जीत मिली है वहीं बंगाल को केरल पर 287 रनों की बड़ी जीत मिली है।
एक लाख मेजबान को, ₹50 हजार मेहमान को; शादी की दावत पर कर्नाटक के गांवों का सख्त फरमान
कर्नाटक के कई गांवों ने शादी के बाद होने वाली बड़ी नॉन-वेज दावत बीगर ऊटा पर बैन लगा दिया है। शिकारीपुरा तालुक के गुडवी गांव में गांववालों ने फैसला किया है कि दावत कराने वाले परिवार पर 1 लाख रुपये और इसमें शामिल होने वाले लोगों पर 50000 रुपये का जुर्माना लगेगा।
Karnataka Voter List विवाद: Congress Minister बोले- SIR पूरी तरह सही, 1 करोड़ नाम कटना जायज
कर्नाटक में कांग्रेस मंत्री सतीश जारकीहोली द्वारा मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का सार्वजनिक रूप से बचाव करने के बाद एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में यह प्रक्रिया सही ढंग से पूरी की गई है। उनका यह बयान, अन्य राज्यों में SIR को लेकर कांग्रेस नेतृत्व द्वारा की गई आलोचना से अलग नजर आता है। 27 अक्टूबर को जारी कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, मतदाताओं की संख्या में 99.32 लाख की कमी आई है—यानी यह 5.54 करोड़ से घटकर लगभग 4.55 करोड़ रह गई है। इसे भी पढ़ें: Supreme Court का निर्देश, दिल्ली वोटर लिस्ट से हटाए गए 43 लाख लोगों के नाम सार्वजनिक करे आयोग जारकीहोली ने इस संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि सूची में डुप्लिकेट नाम थे, और कुछ मतदाता ऐसे थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी या जो कहीं और चले गए थे। SIR के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जारकीहोली ने कहा कि पार्टी की आपत्तियां पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार में की गई कवायद को लेकर थीं। उन्होंने कहा कि हमारे विरोध और प्रशिक्षण की वजह से कर्नाटक में SIR का काम ठीक से हुआ। हमारा तर्क यह है कि अन्य राज्यों में भी इसी तरह से यह कवायद की जानी चाहिए थी। मंत्री ने मतदाता सूची से लगभग एक करोड़ नाम हटाए जाने का बचाव करते हुए कहा कि ये उन मतदाताओं के नाम थे जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, जो कहीं और चले गए थे, या जिनका नाम एक से अधिक बार दर्ज था। उन्होंने कहा कि हां, ये वे मतदाता हैं जो कहीं और चले गए, जिनकी मृत्यु हो गई या जिनके नाम दो बार दर्ज थे। जारकीहोली की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने राज्य में SIR के बाद जारी अंतिम मतदाता सूची की आलोचना की है। इसे भी पढ़ें: Himachal Pradesh के नाहन में दो गुटों में हिंसक झड़प के बाद 29 अक्टूबर तक धारा 144 लागू हरिप्रसाद ने कहा कि लगभग एक करोड़ मतदाताओं को सूची से बाहर कर दिया गया है। हमारा विरोध इसी बात को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी को मृत और दो बार दर्ज मतदाताओं के नाम हटाए जाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उन्होंने मतदाताओं को अनुपस्थित (absent) की श्रेणी में रखे जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि हमारा सवाल उन मतदाताओं के बारे में है जिन्हें ‘अनुपस्थित’ (absent) के रूप में चिह्नित किया गया है। ये मतदाता कहाँ गए? इस सवाल का जवाब अभी तक नहीं मिला है। चुनाव आयोग के अनुसार, कर्नाटक में SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) के दौरान 19 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘अनुपस्थित’ माना गया, जबकि 65.45 लाख मतदाताओं को ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (permanently shifted) की श्रेणी में रखा गया।
MLC Election Results: Varanasi, Nagpur में BJP-RSS को झटका, Karnataka में Congress क्यों हारी?
MLC Election Results 2026: यूपी में BJP का दबदबा, कर्नाटक में कांग्रेस को झटका; बिहार में कई सीटों पर उलटफेर
डीग जिले के बरौली चौथ गांव की पहलवान रोहिणी ने कर्नाटक में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की महिला कुश्ती प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। कर्नाटक के देवराहिप्परगी में 26 अक्टूबर को श्री रावुतराया मल्लय्या जात्रा महोत्सव के तहत आयोजित महिला जंगी निकाली कुश्ती प्रतियोगिता के फाइनल में रोहिणी ने रेवंती पंवार को हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। प्रतियोगिता में करीब 20 महिला पहलवानों ने हिस्सा लिया। मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रोहिणी फाइनल तक पहुंचीं और निर्णायक मुकाबले में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल किया। रोहिणी की जीत ने ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है। उनकी उपलब्धि उन युवतियों के लिए प्रेरणा है, जो मेहनत और लगन के दम पर खेलों में आगे बढ़ना चाहती हैं। सरपंच प्रीति फौजदार ने जताई खुशीबरौली चौथ की सरपंच प्रीति फौजदार ने गांव की बेटी रोहिणी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि रोहिणी ने राष्ट्रीय स्तर पर जीत हासिल कर पूरे गांव का मान बढ़ाया है। यह बरौली चौथ के लिए गर्व और खुशी की बात है। उनकी सफलता से गांव की अन्य बेटियों को भी खेलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी।
बताते हैं कि पुलिस गिरफ्त में आए तीनों आरोपियों ने ठगी का यह खेल दो साल पहले शुरू किया था। पटना के किसी फाउंडेशन से जुड़कर ठगी का गुर सीखा।
कर्नाटक की लक्ष्मीबाई कही जाने वाली रानी चेन्नम्मा का 23 अक्टूबर को जन्म हुआ था। उनको घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी आदि का शौक था। उन्होंने हर एक कला को मन लगाकर सीखा और रानी चेन्नम्मा को अपनी धरती से गहरा लगाव था। हालांकि उन्होंने अपनी जीवन में बहुत दुख देखे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। कित्तूर की रानी चेनम्मा ने साल 1824 में अंग्रेजों से लोहा लिया था। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर कित्तूर की रानी चेन्नम्मा के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार कर्नाटक के काकती नाम के गांव में 23 अक्टूबर 1778 को रानी चेन्नम्मा का जन्म हुआ था। इनके पिता का नाम धुलप्पा गौड़ देसाई और माता का नाम पद्मावती था। रानी चेन्नम्मा ने उस जमाने में तीरंदाजी, तलवारबाजी और घुड़सवारी करती थीं, जब लड़कियों को इस तरह के प्रशिक्षण नहीं दिए जाते थे। इसे भी पढ़ें: R K Narayan Birth Anniversary: अंग्रेजी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे R K Narayan, अंग्रेजी में हो गए थे फेल विवाह चेन्नम्मा का विवाह कित्तूर के राजा मल्लसर्ज से हुआ। विवाह के बाद वह कित्तूर की रानी चेन्नम्मा बनीं और राज परिवार व राज्य के कामकाजों को देखने और समझने लगीं। रानी चेन्नम्मा सिर्फ महल तक ही सीमित नहीं थी, बल्कि वह लोगों की समस्याओं को सुनती और उसका समाधान करने का प्रयास करती थीं। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य में व्यवस्था औऱ न्याय को महत्व दिया था। पति और बेटे की मौत रानी चेन्नम्मा के जीवन में कई दुख आए, उनके पति राजा मल्लसर्ज का निधन हो गया और बेटे की मृत्यु से रानी को गहरा आघात पहुंचा। जब राज्य के सामने उत्तराधिकारी का सवाल उठा, तो उन्होंने शिवलिंगप्पा नाम के बालक को गोद लिया और उसको राज्य का उत्तराधिकारी माना। वहीं उस दौरान अंग्रेज ईस्ट इंडिया कंपनी भारत के अनेक राज्यों पर अपना कंट्रोल ले रही थी। वहीं ईस्ट इंडिया कंपनी ने शिवलिंगप्पा को कित्तूर का वैध उत्तराधिकारी मानने से मना कर दिया और अंग्रेजों ने कित्तूर पर अधिकार जमाने का प्रयास किया। अंग्रेजों को दिया दो टूक जवाब रानी चेन्नम्मा का अंग्रेजों को साफ संदेश था कि कित्तूर की सत्ता और उसके भविष्य का फैसला कित्तूर के लोग और उनका राज परिवार करेगा। रानी चेन्नम्मा ने अपने राज्य को बचाने के प्रयास में अधिकारियों से बातचीक की कोशिश की। लेकिन अंग्रेजों ने उनकी बात को नहीं माना। हार मानने की जगह पर रानी चेन्नम्मा ने अपने सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ खड़ा किया। उनके साथ राज्य के सरदार, सहयोगी और सेनापति खड़े हुए। आसान नहीं था कित्तूर संघर्ष साल 1824 में अंग्रेजी सेना ने कित्तूर पर हमला कर दिया। रानी चेन्नम्मा ने अपनी सेना का नेतृत्व किया और युद्ध के मैदान में डटी रहीं। वहीं रानी चेन्नम्मा के सैनिकों ने साहस के साथ अंग्रेजी सेना का मुकाबला किया। शुरूआती संघर्ष में कित्तूर की सेना ने अंग्रेजी सेना को कड़ी चुनौती दी और अंग्रेजी सेना के एक अधिकारी, सेंट जॉन ठाकरे को मार गिराया। इससे अंग्रेजों को बड़ा झटका लगा। अंग्रेजी सेना ने अधिक सैनिक और हथियार जुटाए और कित्तूर को चारों ओर से घेर लिया। रानी और उनके सहयोगियों ने कई दिनों कर इसका अंतर था वहीं, रानी के सैनिकों और साधनों में भी अंतर था। हालांकि उन्होंने कित्तूर की राज्य का रक्षा के लिए पूरी शक्ति लगा दी। मृत्यु लंबे संघर्ष के बाद कित्तूर पर अंग्रेजों ने कब्जा कर लिया और रानी चेन्नम्मा को गिरफ्तार कर बेलहोंगल के किले में रखा गया। रानी चेन्नम्मा कई वर्षों तक कैद में रहीं। वहीं 21 फरवरी 1829 को कित्तूर की रानी चेन्नम्मा का निधन हो गया।
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
आतंकी लिंक, हथियार और पाकिस्तान कनेक्शन... कर्नाटक में BBA छात्र गिरफ्तार
कर्नाटक के बीदर में पाकिस्तान स्थित प्रतिबंधित संगठन और अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क से कथित संपर्क के आरोप में 24 वर्षीय विशाल कुमार मेट्रे को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, उसके मोबाइल में पाकिस्तान स्थित कुछ लोगों और WhatsApp चैनलों से संपर्क मिला. मामले में UAPA और BNS की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है.
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

