गणेश प्रतिमा हटाए जाने को लेकर भाजपा ने कर्नाटक सरकार की आलोचना की
Bengaluru, 26 सितंबर . प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट के खिलाफ किसानों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सड़क जाम हटाने के ऑपरेशन में कर्नाटक Police द्वारा गणेश प्रतिमा हटाए जाने से Political विवाद खड़ा हो गया है. भाजपा ने कांग्रेस Government पर किसानों की चिंताओं और धार्मिक भावनाओं, दोनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है. यह ... Read more
‘गृह लक्ष्मी’ योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
Bengaluru, 26 सितंबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Saturday को आरोप लगाया कि राज्य Government नई तकनीकी शर्तें लागू करके और मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) का हवाला देकर ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है. आर. अशोक ने ... Read more
'गृह लक्ष्मी' योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
'गृह लक्ष्मी' योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
'बेंगलुरु आने वाले विधायक वापस नहीं जाते, 2 शादियां...’, कर्नाटक सीएम के बयान पर बवाल
CM डीके शिवकुमार ने विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आने वाले कई विधायक वापस नहीं जाते और कुछ ने दो शादियां की हैं. उन्होंने ऐसे विधायकों की लिस्ट होने का दावा किया. इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने विरोध जताया. उन्होंने सीएम से नाम सार्वजनिक करने की मांग की.
DK Shivakumar Remark: '12 विधायकों की दो शादियां', कर्नाटक CM के बयान पर BJP ने मांगे नाम
DK Shivakumar Remark: '12 विधायकों की दो शादियां', कर्नाटक CM के बयान पर BJP ने मांगे नाम
भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार की विधायकों के दो विवाहों पर टिप्पणी की आलोचना की
Bengaluru, 25 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार द्वारा विधानसभा में की गई उस टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य के अन्य हिस्सों से Bengaluru आए कई विधायकों ने दो विवाह किए हैं. विपक्ष के नेता आर. अशोक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एस. ... Read more
केदारनाथ धाम स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती दो यात्रियों की तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार को उन्हें हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से तमिलनाडु को कम पानी छोड़ने को लेकर एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
वित्त विभाग की सलाह का मतलब सरकार का दिवालिया होना नहीं: कर्नाटक सरकार
वित्त विभाग की सलाह का मतलब सरकार का दिवालिया होना नहीं: कर्नाटक सरकार
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि राज्य सरकार तमिलनाडु को रोजाना कावेरी का 4,000 क्यूसेक पानी छोड़ने के निर्देश के खिलाफ अपील दायर करेगी। शिवकुमार ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई पर अंतिम फैसला लेगी। इसके साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि बारिश में कमी और जलाशयों में पानी की आवक घटने के कारण राज्य के लिए पानी छोड़ना बेहद मुश्किल हो रहा है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कावेरी जल नियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने बृहस्पतिवार को सिफारिश की थी कि कर्नाटक अगले 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोजाना 4,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह सुनिश्चित करे। बाद में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने भी इस सिफारिश को बरकरार रखा। शिवकुमार ने एक सवाल के जवाब में पत्रकारों से कहा, हम (इस आदेश के खिलाफ) अपील दायर करेंगे। अगर हमारे पास पानी होगा, तभी तो हम छोड़ेंगे। हमारे पास पानी नहीं है और जलाशयों में पानी की आवक पूरी तरह रुक गई है। हम पर काफी दबाव है और बारिश भी थम चुकी है। मैं पूरी स्थिति की समीक्षा करूंगा। जल संसाधन मंत्री के साथ भी इस पर चर्चा करूंगा और फिर हम आगे उठाए जाने वाले कदम की जानकारी देंगे।
झाड़ोल की नीतू कुमावत ने पास की नीट परीक्षा, कर्नाटक में मिला MBBS दाखिला
सीमित संसाधनों के बीच राजकीय विद्यालय की छात्रा नीतू को अंत्योदय फाउंडेशन और दानदाताओं का सहयोग मिला, जिससे उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा हुआ।
कावेरी जल विवाद पर कर्नाटक का रुख सख्त, डीके शिवकुमार बोले- पानी छोड़ना मुश्किल
चित्रदुर्ग, 24 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Thursday को कहा कि राज्य संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने संकेत दिया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के हालिया निर्देश के तहत तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी छोड़ना मुश्किल होगा. कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 4,000 क्यूसेक ... Read more
पति की गर्लफ्रेंड रिश्तेदार नहीं, Karnataka HC ने रद्द किया BNS के तहत दर्ज क्रूरता का केस
कर्नाटक हाई कोर्ट ने हाल ही में कहा है कि भारतीय न्याय संहिता के तहत पति की गर्लफ्रेंड पर पत्नी के साथ क्रूरता करने और उसे डराने-धमकाने का आरोप नहीं लगाया जा सकता। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति की महिला साथी के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द करते हुए की; उस व्यक्ति पर उसकी पत्नी ने BNS की धारा 85 के तहत क्रूरता का आरोप लगाया था। BNS, 2023 की धारा 85 के तहत, किसी महिला के साथ क्रूरता करने वाले पति या उसके रिश्तेदार को सज़ा का प्रावधान है, जिसमें अधिकतम तीन साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। इसे भी पढ़ें: Calcutta High Court का आदेश, Milan Pradhan को नंदीग्राम उपचुनाव लड़ने दिया जाए कोर्ट ने प्रेमी के ख़िलाफ़ कार्यवाही क्यों रद्द कर दी? जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने 'देचम्मा आईएम देचम्मा कौशिक बनाम कर्नाटक राज्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का आधार लिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कहा था कि किसी शादीशुदा आदमी की गर्लफ्रेंड को उसका रिश्तेदार नहीं माना जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने तब कहा था, सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट किए गए कानून के मूल सिद्धांतों को ध्यान में रखते हुए, अगर इस मामले के तथ्यों को देखा जाए, तो आरोपी नंबर 1 (पति) की प्रेमिका को पति का रिश्तेदार नहीं कहा जा सकता। इसे भी पढ़ें: Allahabad High Court का फैसला, पीड़ित की बिना अर्जी भी अदालतें बढ़ा सकती हैं मुआवजा यह मामला क्या था? एक शादीशुदा आदमी की महिला साथी ने कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया, जब एक ट्रायल कोर्ट ने उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले का संज्ञान लिया। शिकायत में BNS के तहत कई अपराधों का आरोप लगाया गया था, जिनमें पत्नी के साथ क्रूरता करना, मारपीट या आपराधिक बल का प्रयोग, आपराधिक धमकी और जानबूझकर अपमान करना शामिल था। शिकायत में उस पर दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत दहेज लेने का आरोप भी लगाया गया था। बार एंड बेंच के अनुसार, याचिकाकर्ता की ओर से वकील गगनदीप ई और अजीत पीबी पेश हुए, जबकि पत्नी की ओर से वकील पीएम गोपी पेश हुए। कर्नाटक हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गर्लफ्रेंड या ऐसी कोई भी महिला जिसके साथ पति के संबंध रहे हों, उसे रिश्तेदार नहीं माना जा सकता। इस वजह से BNS की धारा 85 के तहत केस का आधार कमज़ोर हो जाता है। कोर्ट ने कहा कि अगर IPC की धारा 498A के तहत उस महिला (प्रेमिका) के खिलाफ केस दर्ज भी किया जाता है, तो रिकॉर्ड में मौजूद सबूतों से यह साबित होना चाहिए कि बुरा बर्ताव पति या किसी रिश्तेदार ने किया था और यह बर्ताव दहेज की मांग पूरी न होने से जुड़ा था। हाई कोर्ट ने कहा FIR या चार्जशीट में मौजूद सभी आरोपों और सबूतों को अगर सही भी मान लिया जाए, तो भी ऐसा कोई दावा या सबूत नहीं मिलता जिससे यह साबित हो सके कि अपीलकर्ता का प्रतिवादी नंबर 2 को दहेज की मांग पूरी न होने पर परेशान करने से कोई लेना-देना था।
Bengaluru, 24 सितंबर . कर्नाटक Government, कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में वेटनरी ऑफिसर की भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनाने के हाई कोर्ट के आदेश को Supreme Court में चुनौती देने जा रही है. हाई कोर्ट ने इस टीम में शामिल किए जाने वाले खास अधिकारियों ... Read more
BJP नेता माधवी लता के कर्नाटक के बागलकोट जिले में घुसने पर रोक लगा दिया गया है। जिले के डिप्टी कमिश्नर ने ये आदेश जारी किया है। माधवी लता यहां गणपति विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने वाली थीं।
Karnataka में 200 से अधिक तालुकों में सूखा, PM Modi से Relief Fund मांगेंगे DK Shivakumar
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घोषणा की कि वह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का समय मांगेंगे। वे केंद्र सरकार से राज्य को सूखा राहत फंड देने का आग्रह करेंगे, क्योंकि राज्य के 200 से ज़्यादा तालुकों में सूखे जैसे हालात हैं। शिवकुमार ने कहा कि निश्चित रूप से, कर्नाटक की मदद करना माननीय प्रधानमंत्री का कर्तव्य है। यहाँ 200 से ज़्यादा तालुक प्रभावित हैं। कई तरह की समस्याएँ पैदा हो गई हैं। लोगों की फ़सलें बर्बाद हो गई हैं और पानी व बिजली की भी समस्याएँ हैं। इसे भी पढ़ें: Maithili Thakur बोलीं- बिहार में सुरक्षित हूं, तो भड़के लेखक Neeraj Pandey ने याद दिला दी जमीनी हकीकत! मुख्यमंत्री ने कर्नाटक में बिजली की गंभीर स्थिति का ज़िक्र किया, जहाँ बिजली की माँग लगभग 20,000 मेगावाट तक पहुँच गई है, जिससे लोगों को अपनी बिजली की ज़रूरतें पूरी करने में मुश्किल हो रही है। उन्होंने कहा कि हर कोई परेशान है। हम स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ राज्यों में बिजली ₹20 से ₹22 प्रति यूनिट के हिसाब से खरीदी जा रही है। बिजली उपलब्ध नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने ऊर्जा विभाग को स्थिति पर बारीकी से नज़र रखने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए ज़रूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने ऊर्जा विभाग से इस मामले को देखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है। शिवकुमार ने यह भी कहा कि उन्होंने चीनी मिल मालिकों से बात की है और बिजली संकट से निपटने में उनसे सहयोग करने को कहा है। उन्होंने बताया कि मैंने कुछ किसानों और चीनी मिलों को भी बुलाया है ताकि यह देखा जा सके कि क्या किया जा सकता है और कुछ पाबंदियां लगाई जा सकें। वे बिजली बेच नहीं सकते; उन्हें यह सरकार को देनी होगी। थर्मल पावर बनाने के लिए ज़रूरी कोयले की उपलब्धता पर चिंता जताते हुए, उन्होंने कोयले के स्टॉक को लेकर सतर्क रहने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। इसे भी पढ़ें: Nandigram Bypoll: BJP प्रत्याशी की उम्र विवाद पर Calcutta High Court में सुनवाई उन्होंने कहा कि जहां भी थर्मल पावर प्लांट हैं, हमें वहां कोयले के स्टॉक पर नज़र रखनी होगी। हमें इस मामले में बहुत सावधान रहना होगा। यह सिर्फ़ हमारे राज्य की बात नहीं है; मैं दूसरे राज्यों के हालात पर भी नज़र रख रहा हूं। ऊर्जा मंत्री के तौर पर अपनी पिछली भूमिका का ज़िक्र करते हुए, शिवकुमार ने कहा कि वह अब भी रोज़ाना देश भर में बिजली की उपलब्धता पर नज़र रखते हैं। उन्होंने कहा कि जब से मैं ऊर्जा मंत्री था, तब से मैं रोज़ाना नज़र रख रहा हूं कि कहां और कितनी बिजली उपलब्ध है।
भाजपा नेता माधवी लता की कर्नाटक के बागलकोट जिले में एंट्री बैन, प्रशासन ने उल्लंघन पर कार्रवाई की दी चेतावनी
108 एम्बुलेंस हड़ताल मामला : कर्नाटक भाजपा ने सेवा में रुकावट के खिलाफ चेतावनी दी, तुरंत कार्रवाई की मांग
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, रांची देश के सबसे अधिक आबादी वाले 100 जिलों में शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से वंचित (NEET) युवाओं की सबसे कम दर वाले जिलों में शामिल है। 15-29 आयु वर्ग के केवल 16.5% युवा NEET श्रेणी में हैं।
धान रोपाई को कर्नाटक गई उत्तराखंड की ललिता, सांप के काटने से मौत... सवा लाख रुपये में मिली एंबुलेस
कर्नाटक में धान की पौध लगाते समय उत्तराखंड की एक महिला ललिता मंडल को जहरीले सांप ने डस लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
देश के महान इंजीनियर रहे एम विश्वेश्वरैया का 15 सितंबर को जन्म हुआ था। वह देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक थे। उनको भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने का काम किया था। विश्वेश्वरैया ने सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया था, जिसको इंजीनियरिंग का अब तक का अद्भुत कारनामा माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम विश्वेश्वरैया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मैसूर राज्य के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1860 को एम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। वह तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखते थे। शुरूआती शिक्षा गांव से पूरी होने के बाद 1880 में उन्होंने बीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसूर सरकार की सहायता से पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहला स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर कर्नाटक का भगीरथ टॉरर होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने विश्वेश्वरैया को सहायक इंजीनियर के पद के लिए चुना। विश्वेश्वरैया के नाम मैसूर और कर्नाटक के क्षेत्रो में कृष्णराजसागर बांध सहित बहुत से निर्माण कार्य किए। जिसने कर्नाटक को एक नई ऊंचाइयों पर खड़ा कर दिया और आज भी विश्वेश्वरैया को कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। उपलब्धियां वहीं कर्नाटक से बाहर विश्वेश्वरैया के नाम कम उपलब्धियां नहीं रही हैं। ग्वालियर का टिगरी डैम हो, सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की आपूर्ति की योजना हो या साल 1952 में पटना में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के निर्माण की योजना हो। विश्वेश्वरैया ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि मिस्र, कनाडा, अदन, अमेरिका और रूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नियोजन पर किताबें देश के शुरूआती विकास का आधार रही पंचवर्षीय योजनाओं को शुरू करने की प्रेरणा रूस की पंचवर्षीय योजना से ली गई थी। साल 1928 में रूस द्वारा ऐसी योजनाएं शुरू की थी। लेकिन इससे 8 साल पहले साल 1920 में उन्होंने रीकंस्ट्रक्टिंग इंडिया पर ऐसी योजनाओं का जिक्र किया था। वहीं साल 1935 प्लांड इकोनॉमी ऑफि इंडिया किताब लिखी। विश्वेश्वरैया को लंबी और सेहतमंद उम्र के लिए भी जाना जाता है। 92 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने पटना के राजेंद्र सेतु का निर्माण करवाया था। साल 1955 में उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाया गया था। जब विश्वेश्वरैया 100 साल के लिए तो उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। मृत्यु वहीं 14 अप्रैल 1962 को 101 साल की उम्र में एम विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

