भारत मंडपम की तर्ज पर कर्नाटक मंडपम: इन शहरों में खोजी जा रही जमीन, मुख्यमंत्री ने बताया निर्माण का मकसद- Karnataka Mandapam modeled after Bharat Mandapam Land being scouted CM explains why government is building it
IMD Weather Update: देश के अलग हिस्सों में मौसमी प्रणालियों के बने रहने से सोमवार 28 सितंबर को भी बारिश और तूफानी गतिविधियों का दौर जारी रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा पूर्व अनुमान के मुताबिक सोमवार को उत्तराखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके साथ ही देश के बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की गई है।उत्तराखंड, कर्नाटक और अंडमान में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा रहेगा। राज्य के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार पानी गिरने के आसार हैं। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश की प्रबल संभावना बनी हुई है।अंडमान में 60 किमी/घंटे की रफ्तार से थंडरस्कवॉल का अलर्टअंडमान और निकोबार द्वीप समूह के आसपास बने मौसमी तंत्र के चलते वहां का मौसम बेहद खराब रहेगा। IMD ने चेतावनी दी है कि द्वीप समूह में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की आशंका है, जिसके झोंके और तेज हो सकते हैं। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।पूर्वोत्तर, हिमाचल और राजस्थान में 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएंउत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ बारिश और बिजली कड़कने का अलर्ट है। असम व मेघालय, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, राजस्थान और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग जगहों पर आकाशीय बिजली चमकने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तूफानी हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान के मैदानी इलाकों से लेकर हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों तक बादलों की आवाजाही और गर्जना के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है।बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना में 40 किमी/घंटे की गति से आंधी का अनुमानदेश के मध्य और पूर्वी राज्यों में भी आंधी और बिजली गिरने का जोखिम बना हुआ है। आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, ओडिशा और तेलंगाना के विभिन्न जिलों में पृथक स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। मध्य भारत के मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ राज्यों में अलग जगहों पर बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। वहीं तटीय आंध्र प्रदेश के इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलती रहेंगी।समुद्र में तूफानी हवाएं: मछुआरों के लिए विशेष चेतावनीसमुद्र और तटीय क्षेत्रों में चक्रवाती हवाओं की वजह से स्थिति काफी प्रतिकूल बनी रहेगी। मौसम विभाग ने विभिन्न समुद्री क्षेत्रों के लिए हवा की गति और चेतावनी जारी की है। सोमालिया तट के पास और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।उत्तरी अंडमान सागर तथा दक्षिणी म्यांमार तट के आसपास 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने का अनुमान है जहां झोंके 60 किमी/घंटे तक जा सकते हैं। उत्तरी म्यांमार तट और उससे सटे पूर्व-मध्य व उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के हिस्सों में 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। इनके झोंके 55 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकते हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन इलाकों में समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।
हम दूरदर्शन के उस शो की बात करे रहे हैं जिसकी धुन ही उसका इंट्रोडक्शन हुआ करती थी. आपके कान में आज भी अगर वो धुन पड़ जाए तो आपको उस शो की याद आ जाएगी. इस शो की पॉपुलैरिटी ऐसी थी कि इसके नाम पर एक रेलवे स्टेशन का नाम रखा गया था.
न्यूज डायरी: कर्नाटक के सीएम बोले- 12 विधायकों की दो शादियां; एमपी केदिव्यांग रामबरन ने फतह किया इंग्लिश चैनल
Gorakhpur News: अंडर-14 और 17 में कर्नाटक बना विजेता
Karnataka emerges winner in Under-14 and Under-17 categories.
Chandigarh News: कचरा प्रबंधन सीखने चंडीगढ़ पहुंचा कर्नाटक का दल
कचरा प्रबंधन सीखने चंडीगढ़ पहुंचा कर्नाटक का दल
‘गृह लक्ष्मी’ योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
Bengaluru, 26 सितंबर . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Saturday को आरोप लगाया कि राज्य Government नई तकनीकी शर्तें लागू करके और मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (एसआईआर) का हवाला देकर ‘गृह लक्ष्मी’ योजना के तहत भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है. आर. अशोक ने ... Read more
'गृह लक्ष्मी' योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
'गृह लक्ष्मी' योजना के भुगतान में जानबूझकर देरी कर रही है कर्नाटक सरकार : आर. अशोक
'बेंगलुरु आने वाले विधायक वापस नहीं जाते, 2 शादियां...’, कर्नाटक सीएम के बयान पर बवाल
CM डीके शिवकुमार ने विधानसभा में कहा कि बेंगलुरु आने वाले कई विधायक वापस नहीं जाते और कुछ ने दो शादियां की हैं. उन्होंने ऐसे विधायकों की लिस्ट होने का दावा किया. इस बयान पर बीजेपी नेताओं ने विरोध जताया. उन्होंने सीएम से नाम सार्वजनिक करने की मांग की.
DK Shivakumar Remark: '12 विधायकों की दो शादियां', कर्नाटक CM के बयान पर BJP ने मांगे नाम
DK Shivakumar Remark: '12 विधायकों की दो शादियां', कर्नाटक CM के बयान पर BJP ने मांगे नाम
भाजपा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री शिवकुमार की विधायकों के दो विवाहों पर टिप्पणी की आलोचना की
Bengaluru, 25 सितंबर . कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार द्वारा विधानसभा में की गई उस टिप्पणी ने विवाद खड़ा कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि राज्य के अन्य हिस्सों से Bengaluru आए कई विधायकों ने दो विवाह किए हैं. विपक्ष के नेता आर. अशोक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक एस. ... Read more
सूखा प्रभावित किसानों को 25 हजार रुपये मुआवजा दे कर्नाटक सरकारः चलवाडी नारायणस्वामी
सूखा प्रभावित किसानों को 25 हजार रुपये मुआवजा दे कर्नाटक सरकारः चलवाडी नारायणस्वामी
केदारनाथ धाम स्थित स्वामी विवेकानंद धर्मार्थ चिकित्सालय में भर्ती दो यात्रियों की तबीयत बिगड़ने पर शुक्रवार को उन्हें हेली एंबुलेंस से एम्स ऋषिकेश भेजा गया।
कावेरी जल विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक की कांग्रेस सरकार से तमिलनाडु को कम पानी छोड़ने को लेकर एक सप्ताह के भीतर जवाब तलब किया है।
देश के महान इंजीनियर रहे एम विश्वेश्वरैया का 15 सितंबर को जन्म हुआ था। वह देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक थे। उनको भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने का काम किया था। विश्वेश्वरैया ने सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया था, जिसको इंजीनियरिंग का अब तक का अद्भुत कारनामा माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम विश्वेश्वरैया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मैसूर राज्य के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1860 को एम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। वह तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखते थे। शुरूआती शिक्षा गांव से पूरी होने के बाद 1880 में उन्होंने बीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसूर सरकार की सहायता से पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहला स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर कर्नाटक का भगीरथ टॉरर होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने विश्वेश्वरैया को सहायक इंजीनियर के पद के लिए चुना। विश्वेश्वरैया के नाम मैसूर और कर्नाटक के क्षेत्रो में कृष्णराजसागर बांध सहित बहुत से निर्माण कार्य किए। जिसने कर्नाटक को एक नई ऊंचाइयों पर खड़ा कर दिया और आज भी विश्वेश्वरैया को कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। उपलब्धियां वहीं कर्नाटक से बाहर विश्वेश्वरैया के नाम कम उपलब्धियां नहीं रही हैं। ग्वालियर का टिगरी डैम हो, सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की आपूर्ति की योजना हो या साल 1952 में पटना में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के निर्माण की योजना हो। विश्वेश्वरैया ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि मिस्र, कनाडा, अदन, अमेरिका और रूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नियोजन पर किताबें देश के शुरूआती विकास का आधार रही पंचवर्षीय योजनाओं को शुरू करने की प्रेरणा रूस की पंचवर्षीय योजना से ली गई थी। साल 1928 में रूस द्वारा ऐसी योजनाएं शुरू की थी। लेकिन इससे 8 साल पहले साल 1920 में उन्होंने रीकंस्ट्रक्टिंग इंडिया पर ऐसी योजनाओं का जिक्र किया था। वहीं साल 1935 प्लांड इकोनॉमी ऑफि इंडिया किताब लिखी। विश्वेश्वरैया को लंबी और सेहतमंद उम्र के लिए भी जाना जाता है। 92 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने पटना के राजेंद्र सेतु का निर्माण करवाया था। साल 1955 में उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाया गया था। जब विश्वेश्वरैया 100 साल के लिए तो उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। मृत्यु वहीं 14 अप्रैल 1962 को 101 साल की उम्र में एम विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
दही मिलाकर बनाएं कर्नाटक की फेमस कद्दू कडुबू, नोट करें रेसिपी
कद्दू की सब्जी तो बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार नाश्ते में कर्नाटक की फेमस डिश पंपकिन कडुबू बनाकर खाएं. इस रेसिपी को बनाने में बिल्कुल मेहनत नहीं लगती है और न ही घंटों रसोई में खड़े होना पड़ता है. इस डिश को आप झटपट ब्रेकफास्ट में बना सकते हैं. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

