'कर्नाटक सरकार किसानों के साथ': सीएम शिवकुमार ने किन वादों-फैसलों का जिक्र किया, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में क्या?karnataka kasturirangan report farmers shivakumar
भारतीय रेलवे ने महाराष्ट्र के मुकुटबन और गढ़चंदूर के बीच 38.21 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन को मंजूरी दी है. इससे महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी.
Video: कभी 50 रुपये रोज कमाकर चलाता था परिवार, आज Fortuner से ड्यूटी जाता है कर्नाटक का ये सफाईकर्मी
कर्नाटक के बंटवाल के बीसी रोड पर सुबह का नजारा इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रहा है। सड़क किनारे एक महंगी टोयोटा फॉर्च्यूनर आकर रुकती है। दरवाजा खुलता है और उससे एक सफाईकर्मी उतरता है। कुछ ही पलों में वह हाथ में झाड़ू लेकर अपनी रोज की ड्यूटी में जुट जाता है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर और इससे जुड़े वीडियो ने खूब चर्चा बटोरी। लेकिन इस कहानी का असली आकर्षण फॉर्च्यूनर नहीं, बल्कि उस शख्स का सफर है, जो कभी सिर्फ 50 रुपये रोज की मजदूरी पर परिवार चलाता था।तीसरी कक्षा तक पढ़ाई और 50 रुपये की कमाईनवूर निवासी सेसप्पन्ना ने 1996 में बंटवाल नगर निकाय में काम शुरू किया था। उस वक्त उन्होंने केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी और उन्हें रोजाना 50 रुपये मजदूरी मिलती थी। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि कई बार परिवार के लिए पर्याप्त खाना जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। जिंदगी अभावों के बीच गुजर रही थी और आगे का रास्ता भी साफ नजर नहीं आता था।2005 में आया जिंदगी बदलने वाला मोड़सेसप्पन्ना की जिंदगी में साल 2005 एक अहम मोड़ लेकर आया। उस समय बंटवाल थाने में सब-इंस्पेक्टर रहे के. यू. बेलियप्पा ने उन्हें शराब छोड़ने और अपने काम व परिवार पर ध्यान देने की सलाह दी। सेसप्पन्ना ने इस सलाह को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। उन्होंने शराब छोड़ दी और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। यहीं से उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगी।झाड़ू से लेकर कचरा वाहन चलाने तकसमय के साथ उनकी नगर निकाय की नौकरी स्थायी हो गई। काम भी केवल सड़कों की सफाई तक सीमित नहीं रहा। जरूरत पड़ने पर वह नगर निकाय का कचरा निपटाने वाला वाहन चलाते और दूसरी जिम्मेदारियां भी संभालते। आमतौर पर उनकी ड्यूटी सुबह करीब 5 बजे शुरू होती और दोपहर तक चलती। नगर निकाय की ड्यूटी खत्म होने के बाद भी उनका दिन खत्म नहीं होता था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वह अतिरिक्त काम और कमाई के दूसरे रास्ते तलाशते रहे।मारुति 800 से शुरू हुआ कारों का सफरआज भले ही उनकी फॉर्च्यूनर सुर्खियों में हो, लेकिन कार खरीदने का उनका शौक नया नहीं है। उन्होंने अलग-अलग समय पर मारुति 800, ओमनी, ऑल्टो, रिट्ज और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां खरीदीं। पुरानी गाड़ी बेचकर और जरूरत पड़ने पर कर्ज लेकर वह धीरे-धीरे अगली गाड़ी तक पहुंचते गए। हाल में उन्होंने अपनी ऑल्टो और स्कॉर्पियो बेचकर तथा कुछ रकम उधार लेकर सेकेंड हैंड फॉर्च्यूनर खरीदी।सबसे मुश्किल दिन: पिता के अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थेसेसप्पन्ना की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब उनके पास अपने पिता के अंतिम संस्कार तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। हालात इतने कठिन थे कि उन्होंने अपने पिता का शव खुद उठाकर नेत्रावती नदी के किनारे पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया। यह घटना उनकी जिंदगी की सबसे कड़वी यादों में से एक रही। शायद यही वजह है कि आज वह अपने परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य बनाने को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। View this post on Instagram A post shared by Just Indian Things (@just.indian.things) अब सपना है अपने परिवार के लिए नया घरआज सेसप्पन्ना अपनी पत्नी, दो बेटियों और बेटे के साथ रहते हैं। फॉर्च्यूनर खरीदना उनके सफर का एक पड़ाव जरूर है, लेकिन उनकी नजर अब इससे आगे है। वह अपने परिवार के लिए नया घर बनाने की तैयारी में हैं एक ऐसा घर, जहां उनके बच्चों को उन आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, जिनसे उन्होंने खुद जिंदगी भर संघर्ष किया।फॉर्च्यूनर बदली, काम नहींसोशल मीडिया पर उनकी फॉर्च्यूनर चर्चा का विषय जरूर बन गई, लेकिन सेसप्पन्ना के लिए उनकी नौकरी आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। वह महंगी गाड़ी से काम पर आएं या किसी साधारण वाहन से, ड्यूटी पर पहुंचने के बाद कहानी वही रहती है गाड़ी खड़ी होती है, हाथ में झाड़ू आती है और वह अपने काम में जुट जाते हैं।India’s Got Latent: भुवन बाम से YouTube को लेकर सवाल पूछना पड़ा भारी? समय रैना को मिला ऐसा जवाब, VIDEO हुआ वायरल
UPI Payment पर MDR Charge का विरोध, Ghaziabad के Traders ने लगाए 'No UPI' के पोस्टर
गाज़ियाबाद में व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर UPI पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा के नोटिस लगाने शुरू कर दिए हैं। यह विरोध 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज़्यादा के चुनिंदा UPI ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ है। प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत चार्ज को लेकर व्यापारियों की चिंता के कारण दुकानों पर ये नोटिस देखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही सरकार ने कहा है कि MDR व्यापारियों से लिया जाएगा, लेकिन इस अतिरिक्त लागत का असर आखिरकार ग्राहकों पर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Kasturirangan Report पर भौतिक सत्यापन की मांग पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार: DK Shivakumar व्यापारी ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि 15 अक्टूबर से खरीदारी करते समय, खासकर 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए, वे कैश साथ रखें। उनका तर्क है कि व्यापारी शायद अतिरिक्त लागत का बोझ खुद नहीं उठाना चाहेंगे और इसके बजाय बड़ी खरीदारी के लिए ग्राहकों से कैश में भुगतान करने के लिए कह सकते हैं। व्यापारियों के नोटिस असल में ग्राहकों के लिए एक चेतावनी हैं कि प्रस्तावित चार्ज लागू होने के बाद, ज़्यादा कीमत वाली कुछ खरीदारी के लिए UPI स्वीकार नहीं किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में फ्यूल पंप डीलरों के संगठन ने शुक्रवार को कहा कि जब तक प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे। कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने इस फ़ैसले को डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। संगठन के भोपाल ज़िला अध्यक्ष और मध्य प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि इससे राज्य के लगभग 4,700 पेट्रोल पंप प्रभावित हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka Cabinet ने तुलु को दी दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा के रूप में मान्यता उन्होंने कहा कि UPI को सालों से 'डिजिटल इंडिया', कैशलेस इकॉनमी और पारदर्शी बिज़नेस के एक अहम स्तंभ के तौर पर बढ़ावा दिया गया है, लेकिन अब व्यापारी प्रस्तावित MDR को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि 2,000 रुपये से ज़्यादा के योग्य UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR का प्रस्ताव रखा गया है, जिसका मतलब है कि 10,000 रुपये के पेमेंट पर 40 रुपये का खर्च आएगा; वहीं, फ्यूल ट्रांज़ैक्शन के मामले में 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लगाने की बात सामने आई है।
Kasturirangan Report पर भौतिक सत्यापन की मांग पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार: DK Shivakumar
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले इलाकों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी और उसके बाद कोई निर्णय लेगी। शिवकुमार ने शुक्रवार को उडुपी जिले के हेबरी में स्थानीय लोगों और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि सरकार केंद्र को अपना निर्णय बताने से पहले इस इलाके में रहने वाले लोगों की चिंताओं को समझना चाहती है। कस्तूरीरंगन समिति ने पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए पश्चिमी घाट के 37 प्रतिशत हिस्से को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश की है। इस सिफारिश के दायरे में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की करीब 60,000 वर्ग किलोमीटर जमीन आ रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, ‘‘हमें 27 सितंबर तक केंद्र को अपना फैसला भेजना है। हम यहां आपकी राय जानने और आपको हो रही दिक्कतों को समझने आए हैं। आपने केरलम मॉडल के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति बनाने और भौतिक सत्यापन करने का सुझाव दिया है। हम इन सुझावों पर विचार करेंगे और विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’सरकार ने किसानों, सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विधानमंडल का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। शिवकुमार ने कहा कि सत्र के पहले दिन कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह वहां के लोगों की राय जानने के लिए शिवमोगा और चिकमगलूर का भी दौरा करेंगे।
Karnataka Milk Price Hike: नवरात्रि-दिवाली से पहले बढ़ सकता है दूध का दाम, ₹8 बढ़ाने की मांग
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भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया
शिवमोग्गा, 18 सितंबर . भाजपा ने शिवमोग्गा जिले के शिकारीपुरा कस्बे में कर्नाटक Government की कथित किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने Government पर राज्य के किसानों की समस्याओं को न समझने और उनका समाधान न करने का आरोप लगाया. प्रदर्शन को संबोधित करते हुए विजयेंद्र ने कहा ... Read more
नूंह जिले के रोजकामेव थाना क्षेत्र में साल 2018 में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी सस्ते दाम में दिलाने का झांसा देकर 4 लाख 30 हजार रुपए और एक मोबाइल फोन लूट लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने करीब आठ साल से फरार चल रहे आरोपी सेकुल निवासी भीलमका, थाना डीग, जिला डीग (राजस्थान) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, 5 जनवरी 2018 को कर्नाटक निवासी मोहम्मद असरफ ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्हें फोन पर सात लाख रुपए में फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। गाड़ी खरीदने के लिए वह अपने साथी के साथ दिल्ली पहुंचे। वहां से कुछ लोग उन्हें स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर फिरोजपुर झिरका की ओर ले जाने लगे। रास्ते में रोककर 4.30 लाख और मोबाइल लूटा आरोप है कि सोहना क्षेत्र के पास रास्ते में गाड़ी रोककर आरोपियों ने पहले से मौजूद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से करीब 4 लाख 30 हजार रुपए से भरा बैग और उनके साथी का मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने स्कॉर्पियो और घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच में मुस्तकीम, शमशेर उर्फ दलशेर, राशिद, तैय्यब, मकसूद और सेकुल समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने पहले मुस्तकीम और शमशेर को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से लूटी गई रकम का कुछ हिस्सा और अन्य सबूत बरामद किए गए थे। अलग-अलग लोगों ने प्रयाेग किया लूटा गया मोबाइल जांच में लूटा गया मोबाइल फोन अलग-अलग लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन सेकुल द्वारा बेचे जाने और बाद में वापस लिए जाने की बात सामने आई, जिसके आधार पर मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट और भागोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जा चुकी थी। बाद में उसे प्रोडक्शन वारंट पर मामले की जांच में शामिल किया गया।
पत्रकार पर एफआईआर क्यों? कर्नाटक भाजपा ने सरकार से मांगा जवाब
Bengaluru, 18 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने Friday को गणेश विसर्जन जुलूस को लेकर टी. नरसीपुर Police निरीक्षक द्वारा की गई विवादित टिप्पणी को रिकॉर्ड कर उसकी रिपोर्टिंग करने वाले एक पत्रकार के खिलाफ First Information Report दर्ज किए जाने पर राज्य ... Read more
तुमकुरु, 18 सितंबर . पूर्व Chief Minister सिद्दारमैया के करीबी सहयोगी और कांग्रेस विधायक केएन राजन्ना ने Friday को तंज कसते हुए कहा कि अब पार्टी को वोट सिर्फ Chief Minister डीके शिवकुमार की वजह से ही मिलेंगे. उन्होंने यह बात दोनों नेताओं और उनके समुदायों की तुलना करते हुए कही. राजन्ना ने तुमकुरु में ... Read more
सिद्दारमैया के करीबी राजन्ना का कर्नाटक के सीएम पर तंज, 'अब सिर्फ शिवकुमार ही सारे वोट दिला सकते हैं'
तटीय इलाके को टूरिज्म हब बनाने के लिए केरल और गोवा मॉडल पर विचार कर रही कर्नाटक सरकार
कर्नाटक के मंगलुरु में शुक्रवार को हो रही कर्नाटक कैबिनेट की पहली बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए राज्य के मंत्रियों ने कहा कि सरकार तटीय इलाके की जरूरी समस्याओं को हल करने और केरल व गोवा जैसे प्रमुख तटीय पर्यटन स्थलों की तर्ज पर इसके विकास का रोडमैप तैयार करने पर विचार कर रही है।
कर्नाटक कांग्रेस में सत्ता और नेतृत्व को लेकर चल रही खींचतान थमने का नाम नहीं ले रही है। कलबुर्गी में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया की नौ फीट ऊंची प्रतिमा का रातोंरात स्थापित होना और मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के पहुंचने से पहले ही नगर निगम द्वारा उसे हटाया जाना इसी अंदरूनी उथल-पुथल का नया प्रतीक बन गया है। हम आपको बता दें कि हाई कोर्ट चौराहे पर बुधवार देर रात सिद्धरमैया समर्थकों के एक समूह ने बिना प्रशासनिक अनुमति के प्रतिमा स्थापित कर दी। अधिकारियों को इसकी जानकारी मिलते ही पुलिस की मौजूदगी में कार्रवाई की गई और प्रतिमा हटा दी गई। सूत्रों के मुताबिक करीब दस लोग इस स्थापना के पीछे थे। यही समूह पिछले कई वर्षों से इस चौराहे का नाम सिद्धरमैया के नाम पर रखने की मांग करता रहा है। करीब तीन वर्ष पहले भी इसी स्थान पर सिद्धरमैया की प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे प्रशासन ने हटा दिया था। इस बार मामला इसलिए ज्यादा राजनीतिक रंग ले गया क्योंकि प्रतिमा उसी रास्ते पर स्थापित की गई थी, जहां से मुख्यमंत्री शिवकुमार को कल्याण कर्नाटक उत्सव के कार्यक्रम के लिए गुजरना था। राहगीरों में भी भ्रम पैदा हुआ और कई लोगों को लगा कि प्रतिमा प्रशासन की अनुमति से लगाई गई है। प्रतिमा के साथ सिद्धरमैया के नाम पर चौराहे का संकेतक भी लगाए जाने की बात सामने आई। इस घटनाक्रम ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी पर बहस को और तेज कर दिया है। इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi को PM Modi पर बोलने का नैतिक हक नहीं, BJP नेता Basavaraj Bommai का तीखा हमला इसी बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री के.एन. राजन्ना के बयान ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को और धार दे दी है। राजन्ना ने साफ कहा है कि कर्नाटक में केवल शिवकुमार के प्रभाव के आधार पर वोक्कालिगा मतों का आकलन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि मतदाता अब भी जनता दल सेक्युलर के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवगौड़ा की ओर देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में अपने व्यक्ति के होने से कुछ अतिरिक्त समर्थन मिल सकता है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त मत जुटाना अलग बात है। राजन्ना ने सिद्धरमैया को कांग्रेस के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि राज्य में समुदाय आधारित राजनीतिक प्रभाव के लिहाज से सिद्धरमैया कांग्रेस के लिए, बी.एस. येदियुरप्पा भारतीय जनता पार्टी के लिए और देवगौड़ा जनता दल सेक्युलर के लिए मत जुटाने की क्षमता रखने वाले प्रमुख नेता हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि सिद्धरमैया मजबूत हैं तो कांग्रेस मजबूत है और सिद्धरमैया कमजोर हैं तो कांग्रेस भी कमजोर होगी। देखा जाये तो राजन्ना के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब शिवकुमार खेमे से जुड़े नेताओं और सिद्धरमैया समर्थक नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। हाल में राजन्ना ने भी संगठनात्मक नियुक्तियों और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल उठाए थे। इसके अलावा राज्य कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद और मुख्यमंत्री शिवकुमार के बीच भी सत्ता तथा संगठन को लेकर सार्वजनिक मतभेद सामने आ चुके हैं। बहरहाल, कलबुर्गी की प्रतिमा भले ही कुछ घंटों में हटा दी गई हो, लेकिन उसने कर्नाटक कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति का वह चेहरा फिर सामने ला दिया है जिसे पार्टी नेतृत्व लगातार नियंत्रित रखने की कोशिश करता दिखाई देता है। प्रतिमा हट गई, लेकिन सवाल वहीं का वहीं है कि कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व, प्रभाव और सत्ता का असली संतुलन आखिर किसके हाथ में है? फिलहाल इतना साफ है कि कांग्रेस के भीतर मचा घमासान शांत नहीं हुआ है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई से पहले देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां एक बार फिर तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, सिक्किम, पूर्वी राजस्थान, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरलम सहित 8 राज्यों में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
आरएसएस दफ्तर पर पेट्रोल बम: रांची में हमले की जांच के बीच मनी लॉन्ड्रिंग एंगल, चार राज्यों में ईडी की छापेमारी- ED initiated investigation attack RSS office Ranchi conducting raids four states including Delhi and Karnataka
RSS के दफ्तर पर हमले को लेकर ED का एक्शन, दिल्ली-बिहार से कर्नाटक तक ताबड़तोड़ रेड
इससे पहले इस मामले में NIA ने भी कई ठिकानों पर छापेमारी की है। RSS के दफ्तर पर इसी साल जून महीने में हमला हुआ था। हमलावरों ने संघ के रांची स्थित कार्यालय को निशाना बनाया था।
गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान मस्जिद-मदरसे पर पथराव! कर्नाटक में बवाल
कर्नाटक के भटकल इलाके में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान मस्जिद और मदरसे पर पथराव का मामला सामने आया है. इस दौरान खिड़कियों के शीशे टूट गए जिसके बाद स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया. स्थानीय लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. पुलिस ने किसी तरह उन्हें शांत कराया और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिलाया.
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले युवक भूपेंद्र ढींगरा को यूपी पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, भूपेंद्र गुरुग्राम की कृष्णा कॉलोनी का रहने वाला है और हरियाणवी सिंगर-एक्टर है। जब पुलिस ने उसे अरेस्ट किया, वह कर्नाटक के बेंगलुरु में होटल में शेफ का कार्य कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त को अंकित बालियान की जिम के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ बाद ही भूपेंद्र ढींगरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर लिखा था- अंकित ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। उसे गंदी-गंदी गालियां दी थीं। इसी का बदला लेने के लिए उसने अंकित की हत्या कराई। यह हत्या दिनदहाड़े हुई और कोई उसे बचाने या रोकने के लिए सामने नहीं आया। इसके बाद वह लगातार अंकित बालियान और पुलिस को लेकर वीडियो डालता रहा। दो दिन पहले भी उसने कोर्ट में गोली मारेंगे पार्ट-2 सॉन्ग का एक पोस्टर जारी किया था। इसी को देखते पुलिस ने एक टीम उसे पीछे लगाई, जिसने बुधवार को ढींगरा को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फेमस होने के लिए यह वीडियो डाला था। अंकित बालियान की 26 अगस्त को जिम के बाहर हुई थी हत्या 26 अगस्त को शामली के नालापटरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को चार हथियारबंद बदमाशों ने अंजाम दिया था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी। जांच में पता चला कि जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो भूपेंद्र ढींगरा के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था। हालांकि, शामली पुलिस ने हत्याकांड के पांच दिन बाद ही मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो शार्प शूटर मोहित और सुमित मारे गिराए थे। दोनों सोनीपत के रहने थे। पुलिस के अनुसार, दोनों अंकित की हत्या करने वाली टीम का हिस्सा थे। दो अन्य शूटर सत्यम कादियान और आर्यन संधु की पांच राज्यों में तलाश जारी है। ये दोनों भी हरियाणा के इस तरह ली थी अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी… मशहूर होने के लिए फर्जी वीडियो बनाया भूपेंद्र ढींगरा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। इंस्टाग्राम पर उसने 233 पोस्ट डाल रखी हैं। 7,640 लोग उसे फॉलो करते हैं। सिंगर यो-यो हनी सिंह सहित सात लोगों को वह फॉलो करता है। यूट्यूब पर भी भूपेंद्र ढींगरा नाम से उसका चैनल है, जिस पर 290 वीडियो डाले गए है। करीब दो हजार लोगों ने चैनल को सब्सक्राइब किया हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर मशहूर होना चाहता था। उसे पता था कि चर्चित आपराधिक घटनाओं से जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल होती हैं। इसी वजह से उसने फॉलोअर्स और लाइक बढ़ाने के लिए अंकित बालियान हत्याकांड की फर्जी जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो बना दिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो पोस्ट करते समय आरोपी नशे में था। उसने सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया, जिससे लोगों को लगा कि उसका अंकित की हत्या से कोई संबंध है। सोनीपत का बदमाश भोलू भी ले चुका हत्या करने की जिम्मेदारी वहीं, सोनीपत निवासी भोलू शाहपुरिया भी इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले चुका है। भोलू के खिलाफ सोनीपत समेत कई स्थानों पर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। उसने खुद को ‘गोगी गैंग’ का मेंबर बताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था- ये जो शामली में अंकित बालियान का मर्डर हुआ है, इसकी पूरी जिम्मेदारी मैं भोलू शाहपुरिया (सोनीपत) लेता हूं। ये हमारे दुश्मनों का साथ देता था। हमारे गोगी भाई के साथ हुई घटना पर इसने गाना बनाया था। हमारे दुश्मनों का आपराधिक कामों में साथ देता था। इसका अंजाम इसको मिल गया। जो भी हमारे दुश्मनों का साथ देगा, उन सबका यही हाल होगा। ये तो शुरुआत है, सबका यही हाल होगा…। हत्याकांड की जांच कई एंगल पर जारी यूपी पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में भूपेंद्र ढींगरा का अंकित बालियान हत्याकांड से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। उसकी ओर से सोशल मीडिया पर किया गया दावा केवल पुलिस जांच को गुमराह करने वाला था। वहीं, अंकित बालियान हत्याकांड की मुख्य जांच में पुलिस शूटरों और रेकी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अन्य पोस्ट और दावों की भी पुलिस जांच कर रही है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर की हत्या का जश्न मनाता नजर आया ढींगरा,VIDEO:रात को लाइव आया एक्टर, फ्रेंड्स पूछ रहे-ये क्या चल रहा; बालियान की पत्नी बोलीं-एनकाउंटर हो हरियाणवी गायक और एक्टर अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई हत्या जिम्मेदारी लेने वाले एक्टर भूपेंद्र ढींगरा शुक्रवार को भी सोशल मीडिया पर लाइव आया। इसमें वह हंसता और मनाता नजर आ रहा है। कुछ लोग उसे बधाई दे रहे है। (पूरी खबर पढ़ें)
देश के महान इंजीनियर रहे एम विश्वेश्वरैया का 15 सितंबर को जन्म हुआ था। वह देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक थे। उनको भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने का काम किया था। विश्वेश्वरैया ने सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया था, जिसको इंजीनियरिंग का अब तक का अद्भुत कारनामा माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम विश्वेश्वरैया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मैसूर राज्य के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1860 को एम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। वह तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखते थे। शुरूआती शिक्षा गांव से पूरी होने के बाद 1880 में उन्होंने बीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसूर सरकार की सहायता से पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहला स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर कर्नाटक का भगीरथ टॉरर होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने विश्वेश्वरैया को सहायक इंजीनियर के पद के लिए चुना। विश्वेश्वरैया के नाम मैसूर और कर्नाटक के क्षेत्रो में कृष्णराजसागर बांध सहित बहुत से निर्माण कार्य किए। जिसने कर्नाटक को एक नई ऊंचाइयों पर खड़ा कर दिया और आज भी विश्वेश्वरैया को कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। उपलब्धियां वहीं कर्नाटक से बाहर विश्वेश्वरैया के नाम कम उपलब्धियां नहीं रही हैं। ग्वालियर का टिगरी डैम हो, सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की आपूर्ति की योजना हो या साल 1952 में पटना में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के निर्माण की योजना हो। विश्वेश्वरैया ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि मिस्र, कनाडा, अदन, अमेरिका और रूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नियोजन पर किताबें देश के शुरूआती विकास का आधार रही पंचवर्षीय योजनाओं को शुरू करने की प्रेरणा रूस की पंचवर्षीय योजना से ली गई थी। साल 1928 में रूस द्वारा ऐसी योजनाएं शुरू की थी। लेकिन इससे 8 साल पहले साल 1920 में उन्होंने रीकंस्ट्रक्टिंग इंडिया पर ऐसी योजनाओं का जिक्र किया था। वहीं साल 1935 प्लांड इकोनॉमी ऑफि इंडिया किताब लिखी। विश्वेश्वरैया को लंबी और सेहतमंद उम्र के लिए भी जाना जाता है। 92 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने पटना के राजेंद्र सेतु का निर्माण करवाया था। साल 1955 में उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाया गया था। जब विश्वेश्वरैया 100 साल के लिए तो उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। मृत्यु वहीं 14 अप्रैल 1962 को 101 साल की उम्र में एम विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।
Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान
अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खासियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार विजयनगर साम्राज्य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।
हाथी लाने की केंद्र ने दी मंजूरी:जंगलों की सुरक्षा के लिए कर्नाटक से आएंगे 3 हाथी
प्रदेश टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने और रेस्क्यू अभियानों के लिए कर्नाटक से 3 प्रशिक्षित हाथी मप्र लाए जाएंगे। इन हाथियों की तैनाती रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में की जा सकेगी। ये हाथी कर्नाटक के शिमोगा (शिवागोमा) वन्यप्राणी मंडल स्थित सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से लाए जाएंगे। इसके लिए 4 हाथियों का चयन भी कर लिया गया है। इनमें नर हाथी धनुष, इरावत, आले और मादा हाथी हेमावती शामिल हैं। इन्हीं में से 3 हाथी मप्र आएंगे। मप्र की पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) समीता राजौरा ने कर्नाटक सरकार के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) को पत्र लिखकर हाथी मप्र भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है। गौरतलब है कि मप्र वन विभाग को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कर्नाटक से कुल 14 हाथी लाने की अनुमति दी थी। इसके तहत अब तक 11 हाथी पूर्व में ही मप्र लाए जा चुके हैं। अब बचे हुए 3 हाथियों को लाने की कवायद शुरू की गई है। जो हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल होते हैं वे जंगली नहीं होते, बल्कि उन्हें बचपन से ही प्रशिक्षित (ट्रेनिंग) किया जाता है। यह महावतों के नियंत्रण में रहकर काम करते हैं। जनवरी-फरवरी 2023 में कर्नाटक के सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से ''''रवि'''' और ''''शिवा'''' नाम के दो नर हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व लाए गए थे। इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2022 में कर्नाटक के ही बांदीपुर टाइगर रिजर्व के रामपुरा कैंप से 4 हाथी (कृष्ण, गजा, मरीशा और पूजा) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लाए गए थे। दिसंबर 2022 में मडीकेरी के दुबारी एलिफेंट कैंप से 5 नर हाथी—जनरल थिम्मैया, जनरल करियप्पा, बाली, लावा और मारुति को पेंच टाइगर रिजर्व लाया गया था।
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
अगर आप रोज-रोज एक ही तरह के पकौड़े या नमकीन खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कर्नाटक के मशहूर मद्दुर वड़े को जरूर ट्राई करें।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

