Updates: कर्नाटक PSC अनियमितता मामले में IAS अफसर ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार से पूछताछ; झारखंड की नदियों में उफान
मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कर्नाटक की राजनीति में उबाल, कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोपित मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कांग्रेस भाजपा में वार पलटवार शुरू हो गया है।
Lakhimpur Kheri News: नेपाल में कर्नाटक के दो पुलिसकर्मी पकड़े
नेपाल पुलिस ने कर्नाटक के दो पुलिसकर्मियों को पकड़ा है। आरोप है कि दोनों नेपाल के दोधरा चांदनी गांव में कर्नाटक में वांछित आरोपी को पकड़ने के लिए बिना अनुमति उसके घर में घुस गए थे। घटना शनिवार की है।
DK Shivakumar ने CEC को लिखा पत्र, कर्नाटक SIR में मतदाता सत्यापन के लिए मांगा और समय
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने शनिवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर आग्रह किया कि राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान मतदाताओं को सत्यापन के लिए पर्याप्त समय देने के साथ निर्धारित प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाए। शिवकुमार ने सीईसी से दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि बढ़ाने, सत्यापन का सामना कर रहे मतदाताओं को पर्याप्त समय देने तथा कर्नाटक में एसआईआर के लिए निर्धारित प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करने का आग्रह भी किया है। उन्होंने मतदाताओं को सत्यापन के लिए अधिक समय देने का अनुरोध किया। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर शिवकुमार का पत्र साझा करते हुए कहा, ‘‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री का सीईसी को लिखा पत्र है, जिसमें एसआईआर प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची से नामों को बड़े पैमाने पर और अनुचित तरीके से काटे जाने का मुद्दा उठाया गया है।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि सीईसी मुख्यमंत्री द्वारा उठाई गई चिंताओं पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे।’’ज्ञानेश कुमार को लिखे पत्र में शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में एसआईआर के दौरान सामने आए आंकड़े गंभीरता से ध्यान देने योग्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कर्नाटक में 5.54 करोड़ मतदाताओं में से करीब 1.08 करोड़ (लगभग हर पांच में से एक) को अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, दोहराव वाले और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा, 24 अगस्त को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद करीब 43.8 लाख मतदाताओं को ‘तार्किक विसंगतियों’ या 2002 की मतदाता सूची से लिंक नहीं होने के कारण सत्यापन नोटिस जारी किए जाने की संभावना है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेले बेंगलुरु में 46.88 लाख मतदाताओं को एएसडीडीओ श्रेणी में रखा गया है। उनका कहना था कि इस हिसाब से कर्नाटक में करीब 1.5 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने का खतरा है, जब तक कि वे अपना नाम बनाए रखने या नए सिरे से शामिल किए जाने के लिए दावे दाखिल नहीं करते। शिवकुमार ने कहा कि ‘‘अनुपस्थित’’ की श्रेणी में रखे गए लोगों में बड़ी संख्या ऐसे वास्तविक मतदाताओं की हो सकती है, जो काम, स्वास्थ्य या अन्य वैध कारणों से उस समय घर पर मौजूद नहीं थे जब बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) उनके यहां गए और वे गणना प्रपत्र जमा नहीं कर सके। उन्होंने कहा कि इसी तरह, जो मतदाता किसी अन्य मतदान केंद्र के क्षेत्र में स्थानांतरित हो गए, उन्हें अपने नए पते पर प्रपत्र जमा करने का अवसर नहीं मिला और उनके नाम पुराने पते से हटा दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेंगलुरु और अन्य शहरों में सड़क के दूसरी ओर भी घर बदलने पर मतदान केंद्र बदल सकता है और ‘‘अनुपस्थित तथा स्थानांतरित’’ श्रेणियों के तहत लाखों वास्तविक मतदाताओं के मताधिकार से वंचित होने का खतरा है। ऐसे मतदाताओं को अब नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 दाखिल करना होगा। उन्होंने कहा, ‘‘यह विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि जीवंत समाज में लोग और परिवार काम, विवाह तथा अन्य कारणों से नियमित रूप से मोहल्लों, शहरों, कस्बों और गांवों के बीच स्थानांतरित होते रहते हैं। स्थानांतरण का मतलब मताधिकार से वंचित किया जाना नहीं होना चाहिए।’’शिवकुमार ने कहा कि यह चिंता गरीब और वंचित नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो आजीविका के लिए बार-बार स्थानांतरित हो सकते हैं और अपनी पात्रता साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज आसानी से हासिल या उपलब्ध नहीं कर पाते। उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए एसआईआर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची की सटीकता और अखंडता बनाए रखने के साथ-साथ हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा हो।’’कांग्रेस नेता ने कहा कि निर्वाचन आयोग की दोहरी जिम्मेदारी है कि सटीक मतदाता सूची तैयार हो और कोई वास्तविक और पात्र मतदाता सूची से बाहर न हो। उन्होंने कहा कि ये दोनों उद्देश्य परस्पर विरोधी नहीं हैं और पर्याप्त समय तथा उचित प्रक्रियाओं के जरिए दोनों को हासिल किया जा सकता है।
समुद्री कटाव रोकने के लिए ओडिशा में कर्नाटक मॉडल, 6 तटीय जिलों के लिए 2500 करोड़ का मेगा प्लान
ओडिशा सरकार ने तटीय कटाव से निपटने के लिए कर्नाटक मॉडल अपनाने का फैसला किया है।
भाजपा एक सितंबर से कर्नाटक सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकालेगी
Bengaluru, 29 अगस्त . कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 1 से 10 सितंबर तक नौ विधानसभा क्षेत्रों में विरोध मार्च निकालेगी. पूर्व मंत्री और भाजपा नेता बी. श्रीरामुलु ने Saturday को Bengaluru स्थित पार्टी के राज्य कार्यालय, जगन्नाथ भवन में पदयात्रा का लोगो जारी करते हुए यह घोषणा की. यह मार्च 1 सितंबर को लिंगासगुड़ ... Read more
Samay Raina के बिहारी-Kashmiri Pandit Joke पर भड़के Mithilesh Tiwari, बताया असहनीय अपमान
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शनिवार को कॉमेडियन समय रैना के शो में कश्मीरी पंडितों और बिहार के लोगों के बारे में किए गए मज़ाक की निंदा की। उन्होंने नागरिकों के ख़िलाफ़ अपमानजनक टिप्पणियों को असहनीय बताया और चेतावनी दी कि ऐसी टिप्पणियां देश में बंटवारा पैदा कर सकती हैं। मीडिया से बात करते हुए मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि हमारे देश के किसी भी नागरिक के खिलाफ कोई भी अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी; जो लोग ऐसी बातें करते हैं, वे असल में देश को तोड़ने की बात कर रहे हैं। हम एक अखंड भारत की कल्पना करते हैं; हमारे लिए राजा और आम नागरिक बराबर हैं, और देश में जाति या धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं होना चाहिए। यह बीजेपी का स्पष्ट रुख है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने BJP पर साधा निशाना, नागेंद्र के इस्तीफे का राजनीतिक इस्तेमाल बीजेपी विधायक राम कदम ने भी इन बयानों की आलोचना की और कहा कि जो लोग विवादित बयान देते हैं, वे सिर्फ़ पब्लिसिटी पाना चाहते हैं। कदम ने कहा कि समाज में कुछ ऐसी ताकतें हैं जो सिर्फ़ पब्लिसिटी पाने के लिए जान-बूझकर विवादित बयान देती हैं। उनका एकमात्र मकसद मशहूर होना होता है। हमें यह समझना होगा कि सनातन हिंदू धर्म के देवी-देवताओं और कश्मीरी पंडितों का मज़ाक नहीं उड़ाया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि कोई जान-बूझकर आपत्तिजनक काम करे और फिर बाद में बस माफ़ी मांग ले, ऐसा नहीं हो सकता। इस बीच, उन्हें पूरे देश में वह पब्लिसिटी मुफ़्त में मिल जाती है जो वे चाहते थे। शुक्रवार को 'इंडियाज़ गॉट लेटेंट' सीज़न 2 का नया एपिसोड रिलीज़ होने के बाद ये प्रतिक्रियाएं आईं। रैना और स्टैंड-अप कॉमेडियन शेरोन वर्मा के बीच हुई बातचीत के क्लिप सोशल मीडिया पर खूब शेयर किए गए। इसे भी पढ़ें: BJP नेता R Ashoka ने Karnataka सरकार को घेरा, B Nagendra के बचाव पर उठाए सवाल वर्मा का परिचय देते हुए, रैना ने उनके बिहार से होने का ज़िक्र किया और कहा कि वह बिहार से हैं। वह इतनी बिहारी हैं कि उन्हें लगता है 'इबोला' (ebola) का मतलब है किसी ने कुछ कहा है। वर्मा ने रैना के कश्मीरी मूल का ज़िक्र करते हुए जवाब दिया कि समय इतने कश्मीरी हैं कि उन्हें 'स्टोन' होना (नशे में धुत होना) पसंद है। फिर रैना ने कहा कि शेरोन वर्मा एक बिहारी हैं जो नौकरी की तलाश में मुंबई आईं। बस बिहारी वाली बातें। वर्मा ने जवाब दिया कि कम से कम, मैंने अपनी मर्ज़ी से अपना राज्य छोड़ा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कुणाल कामरा के बेंगलुरु शो के विरोध में पोस्ट करने वाले एक्टिविस्ट मोहन गौड़ा को हिरासत में लेने पर कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्हाइटफील्ड पुलिस से सवाल किए. जानें पूरा मामला.
BJP नेता R Ashoka ने Karnataka सरकार को घेरा, B Nagendra के बचाव पर उठाए सवाल
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता आर. अशोक ने शनिवार को कर्नाटक की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह बी. नागेंद्र (जिन्होंने इस्तीफा दे दिया है) का बचाव करने के लिए ‘दलित पहचान’ के मुद्दे का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मंत्री ने तभी इस्तीफा दिया, जब विपक्ष ने कथित वाल्मीकि कॉर्पोरेशन घोटाले में दस्तावेजी सबूत पेश किए। नागेंद्र ने शुक्रवार को इस्तीफा दे दिया था। विपक्ष लगातार मांग कर रहा था कि उन्हें राज्य कैबिनेट से हटाया जाए, क्योंकि उन पर 89 करोड़ रुपये के महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम घोटाले का आरोप था। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा कि सरकार पी. चंद्रशेखरन को न्याय दिलाने में नाकाम रही है। चंद्रशेखरन निगम में लेखा अधीक्षक के पद पर थे और जून 2024 में उनकी मौत के बाद ही कथित अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद नागेंद्र को पीड़ित के तौर पर क्यों दिखाया जा रहा है। खासकर विपक्षी भाजपा-जनता दल (सेक्युलर) के बढ़ते दबाव के कारण नागेंद्र ने इस्तीफा दिया, लेकिन उन्होंने उन पर एक ‘दलित’ का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपनी पार्टी को शर्मिंदा नहीं करना चाहते और न ही ‘मनुवादियों’ को हावी होने देना चाहते हैं। नागेंद्र अनुसूचित जनजाति से हैं, लेकिन कर्नाटक में ‘दलित’ शब्द का इस्तेमाल व्यापक अर्थ में (खासकर राजनेताओं द्वारा) किया जाता है, जिसमें दबे-कुचले समुदायों को शामिल किया जाता है। अशोक ने आरोप लगाया, ‘‘पी. चंद्रशेखरन भी एक दलित थे, जिन्होंने घोटाले का खुलासा करने के बाद आत्महत्या कर ली। आप उन्हें न्याय नहीं प्रदान कर रहे हैं। उनके परिवार को कोई न्याय नहीं मिला है। उनके बच्चे बेसहारा हो गए हैं।’’उन्होंने दावा किया कि चंद्रशेखरन की मौत से ही फंड के दुरुपयोग का मामला सामने आया और कहा कि अगर ऐसा न होता तो भुगतान के समायोजन के जरिए इस मामले को दबा दिया जाता। उन्होंने मृत अधिकारी के परिवार को पेंशन और ग्रेच्युटी न देने, और उनके बेटे को वादा की गई सरकारी नौकरी दिलाने में सरकार के नाकाम रहने को लेकर सवाल उठाए। अशोक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा और मीडिया के सामने 37 दस्तावेज जारी किए हैं। इनमें कथित तौर पर किए गए तबादले, मृत व्यक्ति का आधिकारिक नोट, बैंक से किए गए संवाद और फोन पर हुई बातचीत से जुड़ी फॉरेंसिक जांच का चार्ट शामिल है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रभारी मंत्री के शामिल हुए बिना या बगैर उनकी जानकारी के लगभग 600 खातों में पैसे कैसे अंतरित किए जा सकते थे। साथ ही उन्होंने कथित ‘सुसाइड नोट’ का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें मंत्री के ज़ुबानी निर्देशों के आधार पर तबादला किए जाने की बात कही गई है। अशोक ने यह भी आरोप लगाया कि 4 मार्च से 23 मार्च के बीच बैंकों को भेजे गए सरकारी पत्रों से एक ऐसी व्यवस्था का पता चलता है, जिसके तहत बैंकों में जमा पैसे का इस्तेमाल कथित तौर पर उतनी ही रकम का कर्ज लेने के लिए किया गया था। कांग्रेस के इस तर्क को खारिज करते हुए कि नागेंद्र को ‘दलित’ होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है, अशोक ने कहा कि गलत काम के आरोपों से बचने के लिए जातिगत पहचान को ढाल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
झारखंड की मंत्री शिल्पी ने कर्नाटक के कृषि मॉडल की सराहना की, बोलीं- किसानों और पशुपालकों को मिलेगा फायदा
नागेंद्र के इस्तीफे पर कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया और पूछा, ‘दलितों को क्या न्याय मिला’
Bengaluru, 29 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने Saturday को कांग्रेस के उन आरोपों का जवाब दिया, जिनमें कहा गया था कि भाजपा दलित नेता और योजना एवं सांख्यिकी विभाग के पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र को निशाना बना रही है. उन्होंने सवाल किया कि क्या कथित ... Read more
नागेंद्र के इस्तीफे पर कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया और पूछा, 'दलितों को क्या न्याय मिला'
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को कांग्रेस के उन आरोपों का जवाब दिया
नागेंद्र के इस्तीफे पर कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया और पूछा, 'दलितों को क्या न्याय मिला'
नागेंद्र के इस्तीफे पर कर्नाटक भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया और पूछा, 'दलितों को क्या न्याय मिला'
बाढ़ प्रभावित नेपाल में इन्फोसिस पब्लिक सर्विसेज के सीईओ गोपीसेट्टी समेत कर्नाटक के 17 लोग लापता
Bengaluru, 29 अगस्त . नेपाल में आई भयानक बाढ़ और भूस्खलन के कारण देश के कई हिस्सों में संचार और परिवहन व्यवस्था ठप हो गई है. इस वजह से Saturday तक इंफोसिस पब्लिक सर्विसेज के सीईओ लक्ष गोपीसेट्टी समेत कर्नाटक के 17 लोग लापता हैं. कर्नाटक Government आज इन लोगों के बारे में जानकारी जारी ... Read more
बी. नागेंद्र के इस्तीफे के बाद कर्नाटक में सियासी घमासान, आर. अशोक ने कांग्रेस से मांगा ‘187 करोड़’ का हिसाब
दक्षिण भारत पर मानसून का फिर दिखा असर, केरल से कर्नाटक तक बारिश और तेज हवाओं की दस्तक|
आईएमडी के ताजा बुलेटिन के अनुसार दक्षिण भारत के कई राज्यों में व्यापक बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
कांग्रेस शासित कर्नाटक सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पथ संचलन कार्यक्रम में भाग लेने वाले दो सरकारी शिक्षकों को दंडस्वरूप निलंबित कर दिया है।
B Nagendra ने पार्टी हित में दिया इस्तीफा, Karnataka के सीएम ने की पुष्टि
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री बी. नागेंद्र ने कांग्रेस और सरकार को किसी भी तरह की असहज स्थिति से बचाने के लिए इस्तीफा देने की इच्छा जताई है। शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं से नागेंद्र का कोई संबंध नहीं है। शिवकुमार ने नागेंद्र से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है लेकिन इस पर अंतिम फैसला पार्टी आलाकमान से चर्चा के बाद लिया जाएगा। शिवकुमार ने कहा, ‘‘वह आरोपों से बेहद आहत हैं और खुद को निर्दोष बता रहे हैं। मैंने पूरे मामले को समझा है और मेरे वकीलों ने भी मुझे इसकी जानकारी दी है। उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है और उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि नागेंद्र ने पार्टी के हित में दूसरी बार मंत्री पद का त्याग किया है। उन्होंने राज्यपाल द्वारा नागेंद्र के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगे जाने के मुद्दे पर कहा कि कानूनी प्रावधानों का अध्ययन करने के बाद ही कोई फैसला किया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नागेंद्र के इस्तीफे को वाल्मीकि विकास निगम के कथित घोटाले के खिलाफ अपने आंदोलन की ‘‘जीत’’ बताया। कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने नयी दिल्ली में कहा कि नागेंद्र का इस्तीफा शिवकुमार के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार का ‘‘पहला विकेट’’ गिरने जैसा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का आंदोलन केवल नागेंद्र के खिलाफ नहीं, बल्कि दलितों के लिए निर्धारित धन की कथित हेराफेरी के खिलाफ है और पार्टी इस मामले में जवाबदेही तय होने तक अपना आंदोलन जारी रखेगी। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी. वाई. विजयेंद्र ने कहा कि नागेंद्र इस कथित घोटाले में केवल ‘‘छोटी मछली’’ हैं और इसमें ‘‘बड़े खिलाड़ी’’ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा का आंदोलन केवल नागेंद्र के इस्तीफे तक सीमित नहीं है। कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने वाल्मीकि निगम घोटाले को लेकर आरोपों के कारण पद संभालने के 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की शुक्रवार को घोषणा कर दी। उन्होंने कथित वित्तीय अनियमितताओं में अपनी किसी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो वह विधानसभा की सदस्यता भी छोड़ने को तैयार हैं। नागेंद्र ने इससे पहले 2024 में भी इसी विवाद के बीच मंत्री पद से इस्तीफा दिया था और बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्हें बाद में जमानत मिल गई थी।
नागेंद्र का इस्तीफा जनता के दबाव का नतीजा: कर्नाटक भाजपा
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने शुक्रवार को कहा कि मंत्री बी नागेंद्र का इस्तीफा जनता के लगातार बढ़ते दबाव और कथित वाल्मीकि विकास निगम घोटाले...
वाल्मीकि निगम घोटाला: कर्नाटक के मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा, कहा- दलित होने के कारण बन रहा निशाना
कर्नाटक के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि कथित वाल्मीकि जनजातीय कल्याण निगम घोटाले को...
क्या है कर्नाटक का वाल्मीकि स्कैम? एक सुसाइड लेटर से खुली पोल, अब मंत्री का इस्तीफा
Karnataka Valmiki scam: कर्नाटक सरकार में मंत्री नागेंद्र ने वाल्मीकि स्कैम को लेकर इस्तीफा दिया है। ED का आरोप है कि नागेंद्र ने ही अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके इस घोटाले की साजिश रची और इसको अंजाम तक पहुंचाया।
Karnataka Minister B Nagendra ने पद संभालने के 25 दिन बाद दिया इस्तीफा
कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने शुक्रवार को वाल्मीकि निगम घोटाले के आरोपों के चलते पद संभालने के 25 दिन के भीतर ही राज्य मंत्रिमंडल से इस्तीफे की घोषणा कर दी। इससे पहले नागेंद्र ने कहा था कि वह मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से मुलाकात करेंगे और प्रेस वार्ता में अपना फैसला बताएंगे। भावुक नागेंद्र ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज मैं अपनी मर्जी से मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं।’’नागेंद्र ने बताया कि उन्होंने शिवकुमार को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। विपक्षी दल भाजपा और जनता दल (सेक्युलर) नागेंद्र की मंत्रिमंडल में वापसी का विरोध कर रहे थे। इसी मुद्दे पर दो साल पहले भी उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। विपक्षी दल कर्नाटक राज्य महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम में 89 करोड़ रुपये के कथित घोटाले में नागेंद्र की संलिप्तता का आरोप लगा रहे थे। नागेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘मनुवादियों (भाजपा की ओर इशारा करते हुए) ने मुझे निशाना बनाया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि देश में कोई आदिवासी व्यक्ति तरक्की करे।’’नागेंद्र ने भाजपा द्वारा उन्हें निशाना बनाए जाने की तुलना रामायण में भगवान राम द्वारा शंबूक के वध से की। वाल्मीकि रामायण के उत्तर कांड में शंबूक नाम के एक तपस्वी का जिक्र है। ग्रंथ के अनुसार, तपस्या करने की वजह से राम ने उनका वध कर दिया था। नागेंद्र ने कहा कि वह अपनी पार्टी को शर्मिंदा नहीं करना चाहते थे और न ही राज्य की राजनीति में ‘‘मनुवादियों और घटिया सांप्रदायिक ताकतों’’ की साजिशों को हावी होने देना चाहते थे। कर्नाटक विधानमंडल के दोनों सदनों में भाजपा के विरोध प्रदर्शन के कारण मानसून सत्र को निर्धारित समय से तीन दिन पहले 24 अगस्त को अचानक अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करना पड़ा। विपक्ष ने एक से 10 सितंबर तक रायचूर से बल्लारी तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। नागेंद्र ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों द्वारा दाखिल किए गए दूसरे आरोपपत्र में उनका नाम ‘‘जल्दबाजी में’’ शामिल किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘वाल्मीकि निगम घोटाले में मेरी कोई भूमिका नहीं है। क्या मैंने कहीं हस्ताक्षर किए या कोई निर्देश दिया?’’नागेंद्र ने कहा कि वह विधायक पद से इस्तीफा देने और ‘‘जनता की अदालत’’ में जाने के लिए भी तैयार हैं।
भोपाल बायपास ओवरब्रिज पर हुए स्लीपर बस हादसे में कर्नाटक के साइबर इंस्पेक्टर समेत 4 की मौत, 12 घायल
भोपाल बायपास ओवरब्रिज पर बड़ा हादसा हो गया। लखनऊ-कानपुर से इंदौर जा रही स्लीपर बस अनियंत्रित होकर ब्रिज की सेफ्टी वॉल और डिवाइडर से टकरा गई।
वाल्मीकि स्कैम: बी नागेंद्र ने दूसरी बार दिया कर्नाटक कैबिनेट से इस्तीफा, प्रेस ब्रीफिंग में रो पड़े
कर्नाटक के मंत्री बी. नागेंद्र ने 89 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपों के बीच डीके शिवकुमार कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया। यह दो साल में उनका दूसरा इस्तीफा है, जिसके दौरान वे भावुक होकर रो पड़े।
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
'नफरत भरी कार्रवाई', शिक्षकों को सस्पेंड करने पर कर्नाटक सरकार पर भड़के शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने आरएसएस मार्च में भाग लेने वाले दो सरकारी शिक्षकों के निलंबन पर कर्नाटक सरकार पर 'घृणा' से काम करने का आरोप लगाया और कार्रवाई वापस लेने की मांग की।
भाजपा की धमकियों से नहीं डरूंगा, पार्टी को शर्मिंदा नहीं होने दूंगा: कर्नाटक मंत्री बी नागेंद्र
Bengaluru, 28 अगस्त . कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र Friday को दिल्ली से Bengaluru लौटे. उन्होंने कहा कि वे Chief Minister डी.के. शिवकुमार से मिलेंगे और आदिवासी कल्याण में कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर चल रहे विवाद पर विस्तार से चर्चा करेंगे. इस्तीफे की संभावना का संकेत देते हुए नागेंद्र ने ... Read more
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) भर्ती घोटाले में पूरी राज्य सरकार का तंत्र शामिल था। उन्होंने दावा किया कि सरकारी नौकरियों की भर्ती में हुई गड़बड़ियों के लिए डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली सरकार जिम्मेदार है। यहां पत्रकारों से बात करते हुए जोशी ने कहा सरकारी नौकरियों में धोखाधड़ी के लिए कौन जिम्मेदार है? इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। सरकार इसमें शामिल है क्योंकि वे उस IAS अधिकारी को भी नहीं ढूंढ पा रहे हैं जो फरार है। इसका मतलब है कि इसमें पूरी सरकारी मशीनरी शामिल है। इसे भी पढ़ें: Sonia Gandhi की आत्मकथा पर विवाद: Congress ने Penguin India पर दबाव का आरोप लगाया कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे आरोप लगाया, अगर अधिकारी को ED या CID की हिरासत में लिया जाता है, तो पूरी सरकार का घोटाला सामने आ जाएगा। आज कांग्रेस सरकार बहुत गंभीर स्थिति में है और कांग्रेस सरकार में कोई स्थिरता नहीं है। जोशी का यह बयान तब आया है जब KPSC में वेटनरी अधिकारियों की भर्ती में कथित गड़बड़ियों की जांच के सिलसिले में बेंगलुरु स्थित IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के घर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तलाशी के बाद वे कथित तौर पर लापता हो गए हैं। जांच के तहत, एजेंसी ने इससे पहले KPSC के पूर्व चेयरमैन शिवशंकरप्पा साहूकार और कई वेटनरी अधिकारियों के ठिकानों पर तलाशी ली थी। साहूकार को पहले कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत के आदेश पर सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए नकली इनकम सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया था। बाद में कर्नाटक हाई कोर्ट ने सस्पेंशन पर रोक लगा दी और उन्हें बहाल करने का आदेश दिया। इस बीच, केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के इस्तीफे की मांग की।
ईद मिलाद के मौके पर लहराया फिलिस्तीन का झंडा, वीडियो भी बनाया; कर्नाटक में 3 पर FIR
शिवमोगा में ईद-ए-मिलाद समारोह के दौरान कटआउट पर चढ़कर फिलिस्तीनी झंडा लहराने और वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर करने के आरोप में पुलिस ने निहाल उर्फ बेक्कू, उमर और अब्राहर के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों पर BNS की धाराओं 353(2), 196(1) और 197 के तहत कार्रवाई की गई है।
झारखंड की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कर्नाटक के सीएम को बांधी राखी, बदले में मिला कौन सा गिफ्ट
झारखंड की मंत्री शिल्पी ने बताया कि कर्नाटक ने कृषि, पशुपालन, डेयरी क्षेत्र और सहकारिता के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। ऐसे सफल मॉडलों को अपनाना झारखंड के किसानों, पशुपालकों और सहकारी संस्थाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
हुबली, 28 अगस्त . कर्नाटक के हुबली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित रक्षाबंधन उत्सव मनाया गया, जिसमें Union Minister प्रह्लाद जोशी शामिल हुए. इस दौरान केंद्रीय शिक्ष मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस Government पर जमकर निशाना साधा. कर्नाटक कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के ... Read more
राजगढ़ के ब्यावरा में शुक्रवार सुबह करीब 8.30 बजे तेज रफ्तार बस भोपाल बायपास ब्रिज की सेफ्टी वॉल से टकरा गई। हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। मृतकों में कर्नाटक के साइबर इंस्पेक्टर समेत बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक, बस कानपुर से इंदौर जा रही थी। ब्रिज के कर्व पर बस अनियंत्रित होकर दीवार से टकरा गई। टक्कर का सबसे ज्यादा असर बस के ऊपर वाले स्लीपर हिस्से में हुआ। खिड़कियां टूटने से वहां बैठे कुछ यात्री ब्रिज के नीचे जा गिरे। कुछ यात्री ब्रिज पर ही गिर गए। हादसे के बाद सड़क पर शव पड़े थे और मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन की टीम के साथ मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए… मृतकों में ड्राइवर और सायबर इंस्पेक्टर हादसे में जान गंवाने वालों में बस ड्राइवर और बेंगलुरु में पदस्थ सायबर इंस्पेक्टर रवि केबी (45) शामिल हैं। रवि केबी अपनी सायबर टीम के साथ एक आरोपी को पकड़ने इंदौर आ रहे थे। उनकी टीम के विश्वनाथ और रमेश नायक भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार हादसे में 13 लोग शामिल हैं। इनमें जौनपुर, कानपुर, अलीगढ़, सीतापुर और बेंगलुरु के यात्री शामिल हैं। संख्या पुलिस या अस्पताल के रिकॉर्ड से मिलान के बाद ही अंतिम रूप से प्रकाशित की जानी चाहिए। चार गंभीर घायलों को किया रेफर सभी घायलों को ब्यावरा के सिविल अस्पताल ले जाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को रेफर किया गया। सुरेंद्र प्रताप सिंह, सुमन शर्मा, श्रीनिवास और केशव को गंभीर हालत में रेफर किया गया है। इनमें सुरेंद्र प्रताप सिंह और सुमन शर्मा को भोपाल भेजा गया है। बस हादसे में 13 यात्री घायल घायलों में अमित कुमार प्रताप विनोद कुमार सिंह (40), मीनू सिंह (37), रक्षित सिंह (13), सुरेंद्र प्रताप सिंह (68), रवि शर्मा (42), पार्थ शर्मा (8), सुमन शर्मा (36), श्रीनिवास (50), केशव (28), रमेश नायक, सोनू (39) और विश्वनाथ (39) शामिल हैं। अमित कुमार प्रताप विनोद कुमार सिंह, मीनू सिंह और रक्षित सिंह जौनपुर के रहने वाले हैं। रवि शर्मा, पार्थ शर्मा और सुमन शर्मा कानपुर के हैं। श्रीनिवास, रमेश नायक और विश्वनाथ बेंगलुरु से हैं। केशव अलीगढ़ और सोनू सीतापुर के रहने वाले हैं। ब्रिज के कर्व पर संकेतक लगाने की बात हादसे की जानकारी मिलने पर राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार और एसपी अमित तोलानी सिविल अस्पताल पहुंचे। दोनों ने घायलों से मुलाकात की और डॉक्टरों से इलाज की जानकारी ली। राज्यमंत्री नारायण सिंह ने बताया- ब्रिज के कर्व को लेकर संकेतक और ब्रेकर लगाने के संबंध में बात की जाएगी। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को उचित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। पुलिस जांच में ओवर स्पीड की बात एसपी अमित तोलानी ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा ओवर स्पीड के कारण होना लग रहा है। ब्रिज पर कर्व होने की वजह से बस के अनियंत्रित होने की आशंका है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी की जा रही है। ……………………………….. यह खबर भी पढ़ें स्कूटी सवार दादा और दो पोतियों समेत 4 की मौत रीवा के गुढ़ थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार बाइक और स्कूटी की जोरदार टक्कर में एक ही परिवार के दादा और उनकी दो पोतियों समेत 4 लोगों की मौत हो गई। हादसा भैरव बाबा मोड़ के पास हुआ। स्कूटी पर 55 वर्षीय विंध्यवासिनी तिवारी उर्फ बबलू अपनी दो पोतियों शिवी (4) और शक्ति (5) के साथ सवार थे। पढ़ें पूरी खबर…
सरकारी शिक्षकों को RSS के पथ संचलन में शामिल होना पड़ा भारी, कर्नाटक सरकार ने 2 को किया सस्पेंड
कर्नाटक के यादगीर में दो सरकारी शिक्षकों को आरएसएस के पथ संचलन में भाग लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। शिक्षा विभाग ने इसे कर्नाटक सिविल सेवा नियमों का उल्लंघन मानते हुए विभागीय जांच लंबित रहने तक कार्रवाई की है।
RSS के पथ संचलन कार्यक्रम में शामिल हुए 2 शिक्षक, कर्नाटक सरकार ने किया सस्पेंड
शिक्षकों का कहना था कि आरएसएस का पथ संचलन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम था न कि कोई राजनीतिक गतिविधि। हालांकि शिक्षा विभाग ने इस सफाई को नियमों के विरुद्ध मानते हुए अस्वीकार कर दिया।
Pilibhit News: पूरनपुर के युवक की कर्नाटक में चाकू से प्रहार कर हत्या
बृहस्पतिवार को शव घर पहुंचने पर परिजन मेंं पसरा मातम, गांव निवासी ठेकेदार पर हुई कार्रवाई
बारिश की कमी के चलते कर्नाटक ने 101 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया
Bengaluru, 27 अगस्त . कर्नाटक Government ने Thursday को राज्य भर के 101 तालुकों को भारी बारिश की कमी के मद्देनजर सूखाग्रस्त घोषित कर दिया. Government ने किसानों की कठिनाइयों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर राहत उपाय शुरू करने का निर्देश दिया. Government के एक बयान के अनुसार, 1 ... Read more
‘दलितों का पैसा लूटा गया’, मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा निश्चित है: कर्नाटक भाजपा
Bengaluru, 27 अगस्त . भाजपा के वरिष्ठ नेता आर. अशोक ने Thursday को आरोप लगाया कि हमने सदन में मंत्री बी. नागेंद्र के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी है, जिन्होंने वाल्मीकि विकास निगम में अनियमितताएं की हैं. इसलिए उनका इस्तीफा निश्चित है. Thursday को Bengaluru में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ... Read more
'दलितों का पैसा लूटा गया', मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा निश्चित है: कर्नाटक भाजपा
'दलितों का पैसा लूटा गया', मंत्री नागेंद्र का इस्तीफा निश्चित है: कर्नाटक भाजपा
'पत्नी को सास-ससुर की सेवा करने या घर के काम के लिए मजबूर नहीं कर सकता पति', कर्नाटक HC का फैसला
कर्नाटक हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर के काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।
Bengaluru, 27 अगस्त . कर्नाटक Government ने Thursday को छात्रों की चिंताओं को सुनने और राज्य की शिक्षा प्रणाली में जरूरी सुधारों की सिफारिश करने के लिए एक कैबिनेट उप-समिति बनाने का फैसला किया. Chief Minister डीके शिवकुमार ने स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण और हज व वक्फ मंत्री यूटी खादर की अध्यक्षता में ... Read more
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बताया कि नेपाल में अचानक आई बाढ़ के बाद लगभग 130 से 140 भारतीयों के लापता होने की खबर है, हालांकि इन आंकड़ों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। राज्य सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ संपर्क बनाए हुए है ताकि नेपाल में फंसे हो सकने वाले कर्नाटक के लोगों के बारे में और सटीक जानकारी मिल सके। खड़गे ने कहा कि अभी तक नेपाल में आई बाढ़ में करीब 130 से 140 भारतीय लापता हुए हैं। लेकिन इन आंकड़ों की अभी पुष्टि होनी बाकी है। सरकार विदेश मंत्रालय (MEA) के संपर्क में है और मंत्रालय ने हमारे लोगों की मदद के लिए तीन नंबर जारी किए हैं, जो WhatsApp पर भी उपलब्ध हैं। इसे भी पढ़ें: UP में Ganga Expressway की गुणवत्ता पर सवाल, Akhilesh Yadav ने BJP को घेरा! उन्होंने कहा कि कर्नाटक के कितने लोग प्रभावित हुए हैं, यह अभी साफ़ नहीं है। शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि बेलगावी के कुछ लोग और कलबुर्गी ज़िले के चिंचोली के दो लोग नेपाल में फंसे हो सकते हैं। इन रिपोर्टों की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दे दी गई है। खड़गे ने कहा कि अभी हमें भी पक्का नहीं पता कि कर्नाटक के कितने लोग नेपाल में फंसे हैं। बेलगावी से ऐसी रिपोर्ट मिल रही हैं कि वहां कुछ लोग हैं, लेकिन यह पक्का नहीं है। कलबुर्गी में, चिंचोली के दो लोग नेपाल में बाढ़ के कारण फंसे हुए हैं, और इसकी जानकारी हमारे एसपी को दे दी गई है। मंत्री ने अपील की कि अगर किसी के पास नेपाल में लापता कर्नाटक के लोगों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वे तुरंत स्थानीय पुलिस स्टेशन या ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि अगर आपके पास हमारे लोगों, यानी नेपाल में लापता हमारे राज्य के लोगों के बारे में कोई जानकारी है, तो कृपया जल्द से जल्द स्थानीय पुलिस स्टेशन या कम से कम ज़िले के एसपी से संपर्क करें। और अगर आप हमें जानकारी देते हैं, तो हम यह पक्का करेंगे कि उनके रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए सही बातचीत के रास्ते खुले रहें। इसे भी पढ़ें: BJP नेता Amar Pal Maurya का Lucknow में जोरदार स्वागत, गिनाए सरकार के काम कर्नाटक सरकार ने नेपाल या तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में फंसे लोगों की मदद के लिए अपने राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के हेल्पलाइन नंबर 1070 और 080-22253707 चालू कर दिए हैं। नेपाल की भोटे कोशी नदी में आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद, कई राज्य सरकारों और काठमांडू में भारतीय दूतावास ने इमरजेंसी हेल्पलाइन शुरू की हैं। दूतावास ने मदद के लिए ये कॉन्टैक्ट नंबर उपलब्ध कराए हैं, जो WhatsApp पर भी काम करते हैं: +977 985 131 6807, +977 970 910 7500 और +977 981 032 6117। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
त्योहारों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले भारतीय परिवारों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पारंपरिक मिठाइयों और पकवानों के लिए इस्तेमाल होने वाली चीनी न केवल महंगी हो गई है, बल्कि इसकी उपलब्धता पर भी संकट मंडराने लगा है। ग्राहकों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है—एक तरफ बढ़ी हुई कीमतें और दूसरी तरफ खरीदारी पर लगाई गई सख्त सीमाएं। क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स जैसे Zepto, Blinkit और Swiggy Instamart से लेकर बड़े ऑफलाइन सुपरमार्केट्स तक, सभी ने चीनी की बिक्री पर कोटा (क्वांटिटी लिमिट) तय कर दिया है। ये सीमाएँ अलग-अलग उत्पादों और प्लेटफॉर्म्स पर अलग-अलग हैं। उदाहरण के लिए, Zepto पर कुछ चीनी उत्पादों की खरीद की संख्या पर सीमा है, और ऐप कुछ उत्पादों की सीमित उपलब्धता के बारे में भी जानकारी देता है। इसी तरह, Blinkit भी कुछ चीनी पैकेटों पर खरीद की सीमा दिखाता है। Swiggy Instamart पर, Supreme Harvest Crystal Sugar के लिए एक लिस्टिंग में प्रति ऑर्डर दो 1-किलो के पैकेट की सीमा दिखाई गई। ये सीमाएँ ऐसे समय में लगाई गई हैं जब चीनी की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं, जिससे ग्राहकों और रिटेलर्स दोनों पर दबाव बढ़ गया है, जबकि इसी समय मांग बढ़ने की उम्मीद है। और यह सिर्फ़ ऑनलाइन शॉपिंग तक ही सीमित नहीं है। ऑफलाइन स्टोर पर भी चीनी की खरीद पर सीमा खरीद पर लगी ये पाबंदियाँ फिजिकल रिटेल (दुकानों) तक भी पहुँच गई हैं। Times of India की रिपोर्ट के अनुसार, DMart और Reliance जैसी बड़ी ऑफलाइन रिटेल चेन ने कुछ स्टोर में प्रति ग्राहक चीनी की खरीद को लगभग 2-3 किलोग्राम तक सीमित कर दिया है। इसका मतलब है कि ग्राहकों को रिटेल मार्केट के दोनों तरफ़ पाबंदियों का सामना करना पड़ रहा है — चाहे वे क्विक डिलीवरी के लिए ऑनलाइन चीनी ऑर्डर करें या इसे खरीदने के लिए सुपरमार्केट जाएँ। यह समय महत्वपूर्ण है। त्योहारों के मौसम में आमतौर पर चीनी की मांग में भारी वृद्धि होती है क्योंकि घरों में मिठाइयाँ और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं, जबकि मिठाई की दुकानें, बेकरी और अन्य खाद्य व्यवसाय भी अपनी खरीद बढ़ाते हैं। चीनी क्यों महंगी हो रही है? चीनी की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण सरकार को आपूर्ति में सुधार और जमाखोरी को रोकने के लिए कदम उठाने पड़े हैं। सरकार ने कच्ची चीनी (raw sugar) के ड्यूटी-फ्री आयात के नियमों में बदलाव किया है, जिससे आयातकों को आयातित कच्ची चीनी को रिफाइंड चीनी में बदलने और घरेलू बाजार में बेचने के लिए अधिक समय मिल गया है। 20 अगस्त के ओरिजिनल नोटिफिकेशन के तहत, सरकार ने इजाज़त दी थी कि 31 अक्टूबर, 2026 तक टैरिफ-रेट कोटा (TRQ) के तहत 1 मिलियन टन कच्ची चीनी बिना किसी ड्यूटी के इम्पोर्ट की जा सके। इम्पोर्टर्स के लिए ज़रूरी था कि वे कच्ची चीनी को सफ़ेद या रिफ़ाइंड चीनी में बदलें और 31 अक्टूबर तक भारत में बेचें। सरकार ने अब उस शर्त में बदलाव किया है। नए नियमों के तहत, इम्पोर्टर्स को 'बिल ऑफ़ एंट्री' फ़ाइल करने की तारीख से दो महीने तक का समय मिलेगा ताकि वे कच्ची चीनी को रिफ़ाइंड चीनी में बदल सकें और घरेलू बाज़ार में बेच सकें। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब घरेलू बाज़ार में चीनी की कीमतें तेज़ी से बढ़ी हैं और सरकार जमाखोरी और सट्टेबाज़ी वाली खरीद को रोककर सप्लाई बेहतर करना चाहती है। सरकार सप्लाई बढ़ाना चाहती है बिना ड्यूटी के इम्पोर्ट की सुविधा का मकसद घरेलू बाज़ार में और चीनी लाना है, खासकर ऐसे समय में जब कीमतें दबाव में हैं। सरकार ने सप्लाई बेहतर करने की कोशिशों के तहत TRQ के तहत 1 मिलियन टन कच्ची चीनी के इम्पोर्ट की इजाज़त दी थी। 'बिल ऑफ़ एंट्री' फ़ाइल करने के बाद इम्पोर्टर्स को दो महीने का समय देकर, हालिया बदलाव से रिफ़ाइनर्स को इम्पोर्ट की गई चीनी को प्रोसेस करने और बेचने में ज़्यादा फ़्लेक्सिबिलिटी भी मिलती है। लेकिन इम्पोर्ट की गई चीनी को सप्लाई चेन से गुज़रकर ग्राहकों तक पहुँचने में समय लगेगा। इस बीच, रिटेलर्स अलग-अलग ग्राहकों को उपलब्ध चीनी की मात्रा को मैनेज करते दिख रहे हैं। यह बात त्योहारों के मौसम के नज़दीक होने के कारण खास तौर पर अहम है, क्योंकि इस दौरान आम तौर पर चीनी की मांग बढ़ जाती है। इसे भी पढ़ें: Karnataka सरकार ने Nepal और तिब्बत में फंसे लोगों का मांगा ब्योरा, हेल्पलाइन जारी घर के रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए चीनी के एक या दो पैकेट खरीदने वाले ग्राहक के लिए, इन सीमाओं से शायद ज़्यादा फ़र्क न पड़े। लेकिन त्योहारों की तैयारी कर रहे परिवारों, घर के लिए बड़ी मात्रा में खरीदारी करने वालों या कीमतें बढ़ने पर स्टॉक जमा करने की सोच रहे ग्राहकों के लिए, ये पाबंदियाँ ज़्यादा असरदार हो सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Nepal Floods Live Updates: अब तक 162 की मौत, 133 भारतीयों समेत सैकड़ों लोग लापता इन सीमाओं से एक बड़ा सवाल भी उठता है: अगर रिटेल लेवल पर चीनी की सप्लाई को बारीकी से मैनेज किया जा रहा है, तो सरकार के उपायों का असर ग्राहकों के लिए कम कीमतों के रूप में कितनी जल्दी दिखेगा? इसका जवाब इस बात पर निर्भर करेगा कि बाज़ार में अतिरिक्त सप्लाई कितनी जल्दी आती है और क्या सरकार के उपाय घरेलू कीमतों पर दबाव कम करने के लिए काफ़ी हैं। फिलहाल, स्थिति ग्राहकों के लिए एक अजीब तरह का दबाव पैदा कर रही है। चीनी तब महंगी हो रही है जब उसकी मांग बढ़ने वाली है — और कुछ मामलों में, ज़्यादा कीमत चुकाने के बाद भी आप उतनी चीनी नहीं खरीद सकते जितनी आप चाहते हैं। त्योहारों का मौसम पास आ रहा है, ऐसे में आने वाले हफ़्तों में यह पता चलेगा कि क्या सरकार के कदमों से बाज़ार में इतनी चीनी आ पाएगी जिससे कीमतों का दबाव और खरीद पर लगी पाबंदियां कम हो सकें।
Karnataka सरकार ने Nepal और तिब्बत में फंसे लोगों का मांगा ब्योरा, हेल्पलाइन जारी
कर्नाटक सरकार ने नेपाल और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र (टीएआर) में अचानक आई बाढ़ तथा सीमा क्षेत्र और आसपास के इलाकों में उत्पन्न अन्य व्यवधानों के कारण फंसे राज्य के लोगों की जानकारी मांगी है। राजस्व विभाग के आपदा प्रबंधन सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह फंसे लोगों का ब्योरा जुटा रहा है ताकि बचाव, सुरक्षित निकासी और अन्य जरूरी सहायता के लिए समन्वय किया जा सके। विभाग ने कहा, ‘‘फंसे हुए लोगों, उनके परिजनों और यात्रा संचालकों से अनुरोध है कि वे गूगल फॉर्म के जरिए जानकारी उपलब्ध कराएं।’’विभाग ने कहा कि इस जानकारी के आधार पर राज्य सरकार विदेश मंत्रालय, नेपाल में भारतीय दूतावास और बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय कर सकेगी। मदद चाहने वाले लोगों से राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के 1070 या 080-22253707 नंबर पर संपर्क करने को कहा गया है। गूगल फॉर्म पर कर्नाटक सरकार के राजस्व विभाग के राहत आयुक्त, सचिव मनोज कुमार मीणा (आईएएस) के हस्ताक्षर हैं।
Vande Mataram Karnataka government stance unchanged CM Shivakumar says stick decision BJP targets government
102 तालुकों में सूखे जैसे हालात, केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री
102 तालुकों में सूखे जैसे हालात, केंद्र को रिपोर्ट सौंपी जाएगी: कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
बीना जीआरपी ने कर्नाटक एक्सप्रेस में यात्री का ट्रॉली बैग चोरी करने के मामले में विदिशा निवासी नितिन यादव (37) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से चोरी का आईपैड और कुल 36 मोबाइल बरामद किए गए हैं।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka AI Education: कर्नाटक सरकार ने स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को शामिल करने की पहल की है।
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
Teacher Vacancy: सरकारी स्कूलों में 15,000 टीचर पदों पर बंपर भर्ती, TET पास 18 अगस्त से करें आवेदन
Sarkari Teacher Bharti 2026: कर्नाटक में 15,000 ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 18 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे हैं। योग्य उम्मीदवार schooleducation.karnataka.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।
GPSTR Recruitment 2026: 15000 स्कूल टीचर पदों पर निकली भर्ती, जानें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: Safety Course at NISHE कर्नाटक स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट ने 12 अगस्त को ग्रेजुएट प्राइमरी स्कूल टीचर जॉब्स के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 18 अगस्त से शुरू होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (GPT), असिस्टेंट मास्टर (AM), प्राइमरी स्कूल टीचर (PST), फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET), कंप्यूटर साइंस टीचर (CST) पोस्ट के साथ 15,000 वैकेंसी शामिल हैं। इससे 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों के लिए टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं कि वे एलिजिबल हैं या नहीं और schooleducation.karnataka.gov.in पर 7 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 12 अगस्त एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 18 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 7 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 10 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है लिखित परीक्षा की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है वैकेंसी: कुल: 15,000 GPSTR: 8,500 असिस्टेंट मास्टर (AM): 4,500 प्राइमरी स्कूल टीचर (PST): 900 फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 600 कंप्यूटर साइंस टीचर (CST): 500 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इंस्टीट्यूशन से 12वीं, डिप्लोमा, डिग्री, ग्रेजुएशन होना चाहिए। पोस्ट के हिसाब से सब्जेक्ट की क्वालिफिकेशन की ज़रूरत जानने के लिए schooleducation.karnataka.gov.in वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें। कैंडिडेट भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा: जनरल: 21-40 साल 2A, 2B, 3A, 3B: 3 साल की छूट (43 साल तक) SC/ST: 5 साल की छूट (45 साल तक) एप्लीकेशन फीस: जनरल और पिछड़ा वर्ग: Rs 750 SC, ST और PwD: Rs 500 सिलेक्शन प्रोसेस: कॉम्पिटिटिव रिटन एग्जाम (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट / फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और मार्कशीट TET सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) आधार कार्ड या कोई दूसरा वैलिड पहचान का सबूत तालुक/जिले का डोमिसाइल/रेजिडेंस सर्टिफिकेट जाति सर्टिफिकेट (अगर रिजर्व्ड कैटेगरी में अप्लाई कर रहे हैं) पासपोर्ट-साइज़ फोटो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताया गया कोई दूसरा डॉक्यूमेंट अप्लाई कैसे करें: कर्नाटक स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं schooleducation.karnataka.gov.in. कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट 2026 एप्लीकेशन लिंक ढूंढें। वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और सभी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से एप्लीकेशन फीस भरें। फाइनल सबमिशन से पहले सभी भरी हुई डिटेल्स को ध्यान से देखें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या सॉफ्ट कॉपी रखें।
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
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बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

