'देखिए ना सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया', तेजस्वी पर Jitan Ram Manjhi का तंज
जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद सियासत जारी है। मंगलवार को मुख्य आरोपी नंदन यादव का पुलिस के साथ हाफ एनकाउंटर हुआ, जिसमें उसके पैर में गोली लगी। इस घटना के बाद हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के संस्थापक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोल दिया। मांझी ने एक्स पर लिखा कि HAM बोलते नहीं करके दिखलाते हैं। जमुई वाले मामले की जानकारी तो सबको लग ही गई होगी। पर इसमें हम आपको लेटेस्ट जानकारी दे देतें हैं। इसे भी पढ़ें: Election Commission का शेड्यूल जारी: UP, Bihar, Maharashtra और Karnataka में 23 अक्टूबर को Voting राजद नेता पर वार करते हुए मांझी ने कहा कि तेजस्वी जी कहते रहें हैं ना कि बिहार-यूपी का हर “यादव” उनका भाई है। तो उन्हीं भाईयों में से कुछ भाईयों ने जमुई में लड़की छेड़कर विडियो बनाया था ताकि हमारी सरकार को बदनाम किया जा सके। अब तेजस्वी यादव कहेंगें “देखिए ना सम्राट चौधरी ने मेरे भाई को ठोकवा दिया।” मैं अभी भी कहूँगा तेजस्वी जी अपने भाईयों को सचेत कर दिजिए,नहीं तो सम्राट की सरकार किसी को बख़्शने वाली नहीं है। “सम्राट का सुशासन” है भाई…। आपको बता दें कि जमुई में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव मंगलवार को बिहार पुलिस के साथ हुई एक 'हाफ एनकाउंटर' में घायल हो गया। आरोपी के पैर में गोली लगी। यह घटना तब सामने आई जब जमुई ज़िले में सड़क किनारे लोगों के एक समूह द्वारा एक लड़के और लड़की के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो वायरल हुआ। जमुई में 10वीं कक्षा के एक लड़के और लड़की को कुछ लोगों के समूह द्वारा परेशान किए जाने के वीडियो ऑनलाइन सामने आए थे। इसे भी पढ़ें: Jamui Case: Bihar Police की SIT का एक्शन, Half Encounter में पकड़ा गया आरोपी नंदन यादव पुलिस ने 'बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण' (POCSO) अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 19 सितंबर को शाम करीब 7 बजे हुई, जब कोचिंग क्लास के बाद दो नाबालिग (जो दोस्त हैं) उस इलाके में गए थे। इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मांग की थी कि वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान की जाए और उन पर POCSO के तहत मुकदमा चलाया जाए।
Election Commission का शेड्यूल जारी: UP, Bihar, Maharashtra और Karnataka में 23 अक्टूबर को Voting
भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने मंगलवार को चार राज्यों में विधान परिषद की 28 सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित किया। सदस्यों के कार्यकाल की समाप्ति को देखते हुए होने वाले इन चुनावों में उत्तर प्रदेश की 11 सीटें (पांच ग्रेजुएट और छह टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र), बिहार की आठ सीटें (चार ग्रेजुएट और चार टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र), महाराष्ट्र की पांच सीटें (तीन ग्रेजुएट और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र) और कर्नाटक की चार सीटें (दो ग्रेजुएट और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र) शामिल हैं। शेड्यूल के अनुसार, इन सीटों के लिए वोटिंग 23 अक्टूबर को होगी, जबकि वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को की जाएगी। ये चुनाव लेजिस्लेटिव काउंसिल की खाली हुई सीटों को भरने के लिए कराए जा रहे हैं। इस घोषणा के साथ ही चारों राज्यों में चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया में नॉमिनेशन दाखिल करना, नॉमिनेशन पेपर्स की जांच, उम्मीदवारी वापस लेना और वोटिंग शामिल होगी; ये सभी चरण चुनाव आयोग द्वारा घोषित शेड्यूल के अनुसार पूरे किए जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Upasana Konidela ने अयोध्या के 'राम लल्ला' के मूर्तिकार अरुण योगीराज से बनवाई भगवान राम की मूर्ति, दादाजी को समर्पित किया विशेष प्रोजेक्ट पूरा शेड्यूल इस प्रकार है: नोटिफिकेशन जारी होना: 29 सितंबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की आखिरी तारीख: 6 अक्टूबर, 2026 (मंगलवार) नॉमिनेशन की जांच: 7 अक्टूबर, 2026 (बुधवार) उम्मीदवारी वापस लेने की आखिरी तारीख: 9 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) वोटिंग की तारीख: 23 अक्टूबर, 2026 (शुक्रवार) सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक वोटों की गिनती: 27 अक्टूबर, 2026 (मंगलवार), शाम 5:00 बजे से चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की आखिरी तारीख: 31 अक्टूबर, 2026 (शनिवार) बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों के लिए वोटिंग विधान परिषद की जिन 28 सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से आठ सीटें बिहार की हैं। इस चुनाव में ग्रेजुएट्स (स्नातक) के लिए चार और टीचर्स (शिक्षक) के लिए चार निर्वाचन क्षेत्रों में वोटिंग होगी। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उनमें पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में भी चुनाव होंगे। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को खत्म हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Saudi Arabia की अपील के बाद भी Donald Trump ने बदला फैसला, Yemen में Houthi पर हमला टाला कर्नाटक विधान परिषद चुनाव कर्नाटक विधान परिषद में कुल 75 सदस्य होते हैं। मौजूदा सदस्यों में चुने गए और मनोनीत सदस्य शामिल हैं, और 7 अगस्त, 2026 के पार्टी-स्थिति डेटा के अनुसार परिषद में पांच सीटें खाली हैं। राज्य आगामी चुनाव प्रक्रिया में चार सदस्यों को चुनेगा, जिसमें दो ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र और दो टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र शामिल होंगे। जिन निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव होने हैं, उनमें कर्नाटक दक्षिण-पूर्व ग्रेजुएट्स, कर्नाटक पश्चिम ग्रेजुएट्स, कर्नाटक उत्तर-पूर्व टीचर्स और बैंगलोर टीचर्स निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
108 एम्बुलेंस हड़ताल मामला : कर्नाटक भाजपा ने सेवा में रुकावट के खिलाफ चेतावनी दी, तुरंत कार्रवाई की मांग
बाइक पर 5 बच्चों को बांधकर बैठाया.. कर्नाटक का चौंकाने वाला Video
कर्नाटक से एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है, जहां एक शख्स बाइक पर लगी टोकरी में 5 बच्चों को ले जाता हुआ दिख रहा है, जबकि एक बच्चा बाइक की आगे वाली सीट पर भी बैठा है. वीडियो देख कर लोग सड़क सुरक्षा और नियमों के उल्लंघन पर सवाल उठा रहे हैं.
दक्षिण भारत के आसमान पर घिरे काले बादल, आज आंध्र से कर्नाटक तक झमाझम बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा|
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट; आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु में गरज-चमक की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के धर्मस्थल में 2012 के नाबालिग दुष्कर्म और हत्या मामले में नए सिरे से एसआईटी जांच का आदेश दिया है।
वंदे मातरम विवाद पर प्रह्लाद जोशी का कर्नाटक सरकार पर हमला, संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी
Bengaluru, 21 सितंबर . केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने Monday को कर्नाटक की कांग्रेस Government को चेतावनी देते हुए कहा कि वंदे मातरम के गायन को केवल दो अंतरों तक सीमित करने के फैसले का मुद्दा भाजपा संसद में उठाएगी. दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान जोशी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक की ... Read more
आदिवासी कल्याण घोटाला: कर्नाटक सीएम का बड़ा बयान, बोले- बेगुनाह को देना पड़ा इस्तीफा
Bengaluru, 21 सितंबर . आदिवासी कल्याण घोटाले के सिलसिले में कांग्रेस विधायक बी. नागेंद्र के कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफे का जिक्र करते हुए कर्नाटक के Chief Minister डीके शिवकुमार ने Monday को कहा कि विपक्ष के दबाव के कारण Government को एक ‘बेगुनाह’ व्यक्ति से इस्तीफा लेने के लिए मजबूर होना पड़ा. उन्होंने भाजपा ... Read more
Bengaluru, 21 सितंबर . कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर ने Monday को कहा कि फाइजर की सीएंडएफ एजेंसी नकली दवा रैकेट की जांच कर रहे अधिकारियों के साथ सहयोग करने में विफल रही है. खादर ने कहा कि उसने अधिकारियों द्वारा मांगी गई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी है. Bengaluru में पत्रकारों से बात करते ... Read more
CM Yogi के नेतृत्व में UP में कानून का राज, Meerut में बोले BJP अध्यक्ष Nitin Nabin
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने 21 सितंबर को कहा कि बीजेपी सरकार के तहत उत्तर प्रदेश में भरोसे का माहौल है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज है; उन्होंने इसकी तुलना पहले के अनिश्चितता और विकास के रुके होने के दौर से की। मेरठ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नवीन ने कहा कि आज हम कह सकते हैं कि बीजेपी सरकार के तहत भरोसे का माहौल है; एक समय था जब यहाँ अनिश्चितता का माहौल था। आज हम कह सकते हैं कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कानून का राज है। एक समय था जब यहाँ विकास रुक गया था—ठप पड़ गया था—लेकिन आज हम कह सकते हैं कि उत्तर प्रदेश विकास के रास्ते पर चल पड़ा है और एक विकसित राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसे भी पढ़ें: Balotra Municipal Council में BJP के योगेश गहलोत जीते, कांग्रेस उम्मीदवार को हराया उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर बाबा साहेब अंबेडकर का कभी सम्मान न करने और उनकी सरकारों को गिराने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। नवीन ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के नेता राज्य को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि लेकिन, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें कभी सम्मान नहीं दिया; इसके बजाय, उन्होंने उनकी सरकारों को गिराने का काम किया। अभी भी, समाजवादी पार्टी के नेता पूरे उत्तर प्रदेश में घूम रहे हैं और एक बार फिर राज्य को बांटने की कोशिश कर रहे हैं... अंग्रेज चले गए, लेकिन उनकी 'फूट डालो और राज करो' की नीति को पहले कांग्रेस ने और बाद में SP ने अपनाया। नवीन आगामी विधानसभा चुनावों से पहले 21 और 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं। उनके कार्यक्रम में संगठनात्मक बैठकें, सार्वजनिक कार्यक्रम और चुनाव की तैयारियों से जुड़ी कॉन्फ्रेंस शामिल हैं। वे आशीर्वाद लेने के लिए ऐतिहासिक स्थलों और प्रमुख मंदिरों का दौरा करने की योजना बना रहे हैं, जो सेवा, समर्पण और आस्था के प्रति BJP की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 22 सितंबर को, वे मेरठ में प्रमुख हस्तियों और प्रतिष्ठित नागरिकों से मिलेंगे और उसके बाद प्रार्थना के लिए औघड़नाथ मंदिर जाएंगे। इसे भी पढ़ें: Karnataka Assembly में वंदे मातरम् का ऑडियो रुकने पर BJP विधायकों ने पूरा राष्ट्रगीत गाया सहारनपुर में, नवीन एक BJP कार्यकर्ता के घर पर दोपहर का भोजन करेंगे, जो ज़मीनी स्तर पर लोगों से जुड़ने की पार्टी की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। इसके बाद वे क्षेत्र के पूर्व सांसदों और विधायकों से बातचीत करेंगे, और फिर चुनाव रणनीति पर चर्चा करने के लिए राज्य और क्षेत्रीय पदाधिकारियों, ज़िला अध्यक्षों, ज़िला प्रभारियों और ज़िला महासचिवों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक करेंगे। इस दौरे का समापन नबिन द्वारा सिद्धपीठ शाकंभरी देवी मंदिर में मां भगवती की पूजा-अर्चना के साथ होगा, जिसमें वे सभी नागरिकों की सुख-समृद्धि और शांति तथा देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना करेंगे, और इस तरह ज़मीनी स्तर पर पार्टी संगठन को मज़बूत करेंगे।
IRGC कमांडर Hossein Mohebbi बोले, US और सहयोगियों के खिलाफ लंबी लड़ाई की तैयारी
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ टकराव खत्म नहीं हुआ है और अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है, तो वे लंबे समय तक चलने वाले टकराव के लिए तैयार हैं। अल-आलम न्यूज़ नेटवर्क को दिए एक इंटरव्यू में, IRGC के दूसरे ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेब्बी ने कहा कि ईरानी सेना ने लंबे समय तक चलने वाले युद्ध की तैयारी की है और अगर टकराव और ज़्यादा तनावपूर्ण दौर में पहुँचता है, तो वे जवाब देने के लिए तैयार रहेंगे। मोहेब्बी ने कहा कि हमारी नज़र में युद्ध तो युद्ध ही होता है; इसके अलग-अलग चरण हो सकते हैं, लेकिन युद्ध युद्ध है और यह खत्म नहीं हुआ है, यह जारी है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने खुद को लंबे समय तक चलने वाले युद्ध के लिए तैयार किया है; वे पहले भी तैयार थे और अब और भी बेहतर ढंग से तैयार हैं। यह कोई नया चरण नहीं है, लेकिन अगर किसी और चरण में हमें फिर से आक्रामकता का सामना करना पड़ता है, तो हम बिना किसी शक के तैयार हैं और अपना बचाव करेंगे। आईआरजीसी के प्रवक्ता ने यह भी दावा किया कि ईरान के साथ टकराव के दौरान अमेरिका, इज़राइल और उनके सहयोगी अपने मकसद में नाकाम रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka Assembly का 3 दिवसीय विशेष सत्र 21 सितंबर से, सूखे और Kasturirangan Report पर होगी चर्चा मोहेब्बी ने कहा कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का मानना है कि अमेरिका, ज़ायोनी शासन और उनके सहयोगियों के साथ हुई लड़ाई में अमेरिका नाकाम रहा है। उसकी हार ऐतिहासिक और शर्मनाक है, लेकिन उसमें इस हार को मानने और स्वीकार करने की हिम्मत नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की नाकामी के इस आकलन से सैन्य और राजनीतिक विशेषज्ञ भी सहमत हैं, जिनमें खुद अमेरिका के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ज़ायोनी शासन की नाकामी ऐसी है जिसे सभी सैन्य और राजनीतिक विशेषज्ञ—यहाँ तक कि खुद अमेरिका के विशेषज्ञ भी—मानते हैं; वे ज़रा सा ध्यान देने पर ही इस नाकामी को देख, छू और महसूस कर सकते हैं। बेशक, उन्होंने यह बात मानी है, लेकिन इस मामले में अहम बात यह है कि कुछ लोग अमेरिका की नाकामी को तय लक्ष्यों को हासिल न कर पाने के तौर पर देखते हैं। चूँकि उनका कहना है कि अमेरिका उन लक्ष्यों को हासिल नहीं कर पाया जो मुख्य रूप से ज़ायोनी शासन ने तय किए थे, इसलिए अमेरिका नाकाम रहा है। इसे भी पढ़ें: Imphal Trip: Kangla Fort से लेकर Ima Market तक, Imphal में देखने लायक हैं ये प्रमुख स्थल मोहेब्बी ने एक अहम बात रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बारे में कही। उन्होंने कहा कि अपनी सैन्य ताकत और नेविगेशन की आज़ादी व ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े घोषित लक्ष्यों के बावजूद, अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में नाकाम रहा। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नाकामियों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से न खोल पाना है। दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना होने और इस क्षेत्र व दुनिया में अपनी मौजूदगी का मकसद ऊर्जा आपूर्ति और नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना बताने के बावजूद, इस युद्ध में यह साफ़ हो गया कि अमेरिका में सबसे पहले तो जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की क्षमता ही नहीं थी; उसने अपने सभी साधनों का इस्तेमाल किया, फिर भी वह ऐसा नहीं कर सका। यह एक नाकामी है। मोहेब्बी ने आगे कहा कि दूसरी बात, उसने अलग-अलग जलमार्गों में ऊर्जा आपूर्ति और नेविगेशन की आज़ादी की सुरक्षा सुनिश्चित करने का नारा दिया था, और वह इस नारे को पूरा करने में नाकाम रहा। और इससे भी अहम बात यह है कि जो देश सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहता था, वही खुद सुरक्षा के लिए खतरा बन गया।
Balotra Municipal Council में BJP के योगेश गहलोत जीते, कांग्रेस उम्मीदवार को हराया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को राजस्थान के बालोतरा ज़िले में सभी सात चेयरपर्सन पद जीत लिए। पार्टी ने बालोतरा म्युनिसिपल काउंसिल और छह म्युनिसिपल बोर्ड - जसोल, सिवाना, समदड़ी, सिंदहारी, गुडामालानी और धोरीमन्ना - के चुनाव जीते। बालोतरा म्युनिसिपल काउंसिल में, BJP के योगेश गहलोत ने 30 वोट हासिल करके जीत दर्ज की और कांग्रेस उम्मीदवार अंकिता को हराया, जिन्हें 25 वोट मिले थे। जसोल म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP की निर्मला प्रजापत 13 वोटों से जीतीं, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ममता को सात वोट मिले। सिवाना म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP के भगवत सिंह ने 15 वोट पाकर कांग्रेस उम्मीदवार को हराया, जिन्हें 10 वोट मिले थे। समदड़ी म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP के सुरेश कुमार 17 वोटों से जीते, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार विक्रम बुनकर को आठ वोट मिले। सिंधारी म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP की चंपा देवी को 14 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार भंवराराम को छह वोट मिले। गुडामालानी म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP की शीतल भरत जैन 13 वोटों से जीतीं, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कल्पना शेखावत को सात वोट मिले। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Assembly में जबरदस्त हंगामा, विधानसभा अध्यक्ष भी बोले पड़े, 'गुंडागर्दी नहीं चलेगी' धोरीमन्ना म्युनिसिपल बोर्ड में, BJP की कीर्ति गोसाईंवाल निर्विरोध चेयरपर्सन चुनी गईं। जयपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेयर का चुनाव 25 सितंबर को होना है। यह चुनाव म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के चुने हुए सदस्यों की वोटिंग से होगा। राजस्थान चुनाव आयोग ने मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। उम्मीदवारों ने 18 और 19 सितंबर को अपने नॉमिनेशन पेपर दाखिल किए, जबकि नॉमिनेशन की जांच 21 सितंबर को होगी। नॉमिनेशन वापस लेने की आखिरी तारीख 22 सितंबर है। इस बीच, राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों में, BJP ने जयपुर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन बोर्ड में बहुमत हासिल किया। जिन 146 वार्डों के नतीजे घोषित हुए, उनमें से BJP ने 78 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस को 53 सीटें मिलीं और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 15 वार्ड जीते। BJP अब मेयर चुनाव की तैयारी कर रही है और पार्टी नेताओं ने सुनील कोठारी की उम्मीदवारी पर भरोसा जताया है। इसे भी पढ़ें: Karnataka Assembly में वंदे मातरम् का ऑडियो रुकने पर BJP विधायकों ने पूरा राष्ट्रगीत गाया राज्य चुनाव आयोग ने 15 सितंबर को सुबह 7:00 बजे सभी 305 शहरी स्थानीय निकायों में चेयरपर्सन के चुनाव के लिए सार्वजनिक सूचना जारी की। इसमें जयपुर, जोधपुर और कोटा के नगर निगमों के साथ-साथ सुकेत नगरपालिका को शामिल नहीं किया गया है।
Karnataka Assembly में वंदे मातरम् का ऑडियो रुकने पर BJP विधायकों ने पूरा राष्ट्रगीत गाया
कर्नाटक विधानसभा और विधान परिषद में सोमवार को कार्यवाही की शुरुआत में आधिकारिक रूप से वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे बजाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों ने राष्ट्रगीत का पूरा संस्करण गाया। कर्नाटक सरकार ने राज्य में गंभीर सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट पर डॉ. कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के प्रभावों पर चर्चा के लिए विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। विधानसभा में सत्र की शुरुआत वंदे मातरम् से हुई, लेकिन इसका ऑडियो दो अंतरों के बाद बंद कर दिया गया। इसके तुरंत बाद विधानसभा अध्यक्ष जी.एस. पाटिल ने उन प्रमुख हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिनका निधन हाल में हुआ। भाजपा विधायकों ने हालांकि, राष्ट्रगीत का गायन जारी रखा और ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाते हुए इसका पूरा संस्करण गाया। तत्पश्चात, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पूर्व विधायक आर बी शिरियन्नावर को श्रद्धांजलि देकर शोक प्रस्ताव पर बात रखनी शुरू की जिनका 27 अगस्त को निधन हो गया था। इसी तरह, विधान परिषद में सभापति सलीम अहमद ने वंदे मातरम् की रिकॉर्डिंग बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार संविधान की प्रस्तावना को पढ़ना शुरू किया जबकि भाजपा सदस्य राष्ट्रगीत के बाकी अंतरे गाते रहे। इसके बाद भाजपा सदस्यों ने वंदे मातरम् का पूरा संस्करण नहीं बजाए जाने को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विधान परिषद में इस मुद्दे को लेकर हंगामा देखने को मिला और विपक्षी सदस्यों ने आसन के निकट आकर विरोध जताया। कर्नाटक की कांग्रेस सरकार के आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर अन्य सभी सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल पहले दो अंतरे ही गाए या बजाए जाएंगे। विधान परिषद में ‘वंदे मातरम्’ का पूरा संस्करण गाने के बाद भाजपा सदस्यों ने अलग से संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। कांग्रेस के विधान परिषद सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताते हुए विपक्षी सदस्यों पर अनादर करने और सभापति के निर्देशों का पालन न करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भाजपा सदस्य उस प्रस्तावना को दोबारा पढ़ रहे हैं, जिसे सदन में पहले ही पढ़ा जा चुका है। बीच-बचाव करते हुए सभापति अहमद ने कहा कि प्रस्तावना पहले ही पढ़ी जा चुकी है और राष्ट्रगीत का गायन सरकार द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार ही हुआ। सदन के नेता एवं मंत्री यतींद्र सिद्धरमैया ने कहा कि सरकार ने निर्णय लिया है कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राज्यपाल की उपस्थिति वाले कार्यक्रमों को छोड़कर, सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो शुरुआती अंतरे ही गाए जाने चाहिए। उसी अनुसार दोनों सदनों में केवल दो अंतरों का गायन हुआ। भाजपा सदस्यों ने सरकार पर ‘वंदे मातरम्’ और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस छिड़ गई। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने हस्तक्षेप करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट जैसे जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने में कोई रुचि नहीं है, बल्कि वह केवल राजनीति में रुचि रखता है। इससे भाजपा सदस्य भड़क गए और सदन में हंगामा बढ़ गया। जैसे ही परमेश्वर ने कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा शुरू की, भाजपा सदस्य वंदे मातरम्’ को दो अंतरों तक सीमित करने के विरोध में आसन के निकट आ गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। परमेश्वर का बयान पूरा होने के बाद सभापति ने सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही पुन: शुरू होने पर सभापति ने कहा कि उन्होंने वंदे मातरम् के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों से बात की है और हर कोई इस विषय पर चर्चा चाहता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वह सरकार के साथ इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे और आगे की कार्यवाही तय करेंगे। पीठ के सुझाव को स्वीकार करते हुए भाजपा सदस्यों ने अपना विरोध वापस ले लिया।
Karnataka Assembly का 3 दिवसीय विशेष सत्र 21 सितंबर से, सूखे और Kasturirangan Report पर होगी चर्चा
कर्नाटक विधानसभा का तीन दिन का विशेष सत्र 21 सितंबर से शुरू होगा। इसमें राज्य के सामने मौजूद दो अहम मुद्दों पर चर्चा होगी: सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट में पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों पर कस्तूरीरंगन रिपोर्ट। जहां सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां BJP और JD(S) कस्तूरीरंगन रिपोर्ट का विरोध करने पर मोटे तौर पर सहमत दिख रही हैं, वहीं सूखे के मुद्दे पर तीखी बहस होने की संभावना है। विपक्ष ने सरकार पर स्थिति को संभालने और किसानों को पर्याप्त राहत देने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है, जबकि कांग्रेस ने केंद्र से सहयोग न मिलने की बात कही है। यह विशेष सत्र इसलिए बुलाया गया है क्योंकि पिछले महीने हुए मॉनसून सत्र के दौरान विधानसभा सूखे की स्थिति और पश्चिमी घाट के पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील इलाके पर केंद्र के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन पर राज्य की प्रतिक्रिया पर चर्चा नहीं कर पाई थी। इसे भी पढ़ें: Ramanagara में POCSO आरोपी शिक्षक ने SP ऑफिस की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दी मंत्री बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध के कारण वह सत्र बाधित हुआ और उसे समय से पहले खत्म करना पड़ा। कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर आधारित सातवां ड्राफ्ट केंद्र सरकार ने 27 जुलाई, 2026 को जारी किया था और इस पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 60 दिन का समय दिया था। कर्नाटक ने केंद्र के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को बार-बार खारिज किया है। नए ड्राफ्ट में छह राज्यों में फैले 56,000 वर्ग किलोमीटर इलाके को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव है। कर्नाटक में, 10 जिलों - बेलगावी, चामराजनगर, चिकमगलूर, कोडगु, हासन, उत्तर कन्नड़, दक्षिण कन्नड़, मैसूरु, शिवमोग्गा और उडुपी - के 33 तालुकों और 1,449 गांवों का 20,668 वर्ग किलोमीटर इलाका इसके दायरे में आता है। राज्य का कहना है कि इससे किसानों की आजीविका और भविष्य के विकास पर बुरा असर पड़ेगा। इसे भी पढ़ें: Kasturirangan Report पर भौतिक सत्यापन की मांग पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार: DK Shivakumar यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब कर्नाटक के कई इलाके सूखे की चपेट में हैं। अब तक 124 तालुकों को सूखा-प्रभावित घोषित किया जा चुका है और दूसरे इलाकों में भी आकलन का काम चल रहा है। रविवार को सकलेशपुरा में पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने कस्तूरीरंगन रिपोर्ट समेत लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए यह विशेष सत्र बुलाया है। उन्होंने कहा कि दोनों सदनों के सदस्यों को अपनी राय रखने का मौका दिया जाएगा। शिवकुमार ने बताया कि कई जिलों के विधायकों और जन-प्रतिनिधियों के साथ पहले ही चर्चा हो चुकी है और उडुपी, चिकमगलूर, हासन और शिवमोग्गा जिलों में लोगों की राय भी ली गई है। उन्होंने कहा कि सरकार फैसला लेते समय प्रभावित इलाकों के निवासियों की समस्याओं पर भी विचार करेगी।
IMD Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार 21 सितंबर के लिए देश भर का विस्तृत मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक आज दक्षिण भारत, मध्य भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियों में काफी तेजी रहेगी। तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ समेत देश के 7 प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज रफ्तार हवाएं चलने का पूर्वानुमान जताया गया है।आज इन 7 राज्यों और क्षेत्रों में भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग के आज के बुलेटिन के मुताबिक देश के 7 प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। जिन इलाकों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना शामिल हैं।40 से 50 kmph की रफ्तार से आंधी और बिजली का अलर्टदक्षिण भारत, पूर्वी भारत और द्वीपीय क्षेत्रों के कई हिस्सों में आज गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। यह मौसमी असर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल, तेलंगाना, झारखंड और ओडिशा के पृथक स्थानों पर देखने को मिलेगा। इन सभी क्षेत्रों में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है।तटीय आंध्र और बंगाल में 30 से 40 kmph की हवाएंदेश के कुछ अन्य राज्यों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। मध्य, पश्चिमी और पूर्वोत्तर भारत में आकाशीय बिजली चमकने की आशंकामौसम विभाग ने देश के एक बड़े भूभाग में केवल गरज-चमक और आकाशीय बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया है। जिन राज्यों में बिजली गिरने की संभावना है, उनमें असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कोंकण व गोवा, पूरे गुजरात राज्य, पूर्वी राजस्थान, केरल व माहे और लक्षद्वीप शामिल हैं।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, रांची देश के सबसे अधिक आबादी वाले 100 जिलों में शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से वंचित (NEET) युवाओं की सबसे कम दर वाले जिलों में शामिल है। 15-29 आयु वर्ग के केवल 16.5% युवा NEET श्रेणी में हैं।
कर्नाटक के हासन जिले के प्रभारी मंत्री के.एम. शिवलिंगेगौड़ा के सरकारी अधिकारियों को 'टिप' देने संबंधी बयान पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान का बीजेपी और स्थानीय किसानों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद मंत्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया।
Karnataka FDA ने फर्जी दवा गिरोह पर कसा शिकंजा, 16 विक्रेताओं के लाइसेंस किए रद्द
कर्नाटक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने रविवार को बताया कि नकली दवाओं के कथित रूप से वितरण और बिक्री के मामले में 16 खुदरा एवं थोक विक्रेताओं के दवा लाइसेंस रद्द कर दिए गए जबकि आठ अन्य दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिये गये। यह कार्रवाई प्रशासन के औषधि प्रवर्तन दल की 18 अगस्त को की गई जांच के बाद हुई। जांच के दौरान बेंगलुरु दक्षिण जिले के बिदादी स्थित कुरुबरकेरनहल्ली में एक फार्महाउस पर बिना लाइसेंस वाली दवाओं की दोबारा पैकिंग और लेबल बदलने की गतिविधि का खुलासा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी के दौरान करीब 5.05 करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग सामग्री जब्त की गई। विभाग ने एक विज्ञप्ति में बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि पड़ोसी राज्यों से खरीदी गई कम कीमत वाली दवाओं को नई शीशियों में कथित रूप से दोबारा पैक किया गया और उन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियों की महंगी जीवनरक्षक दवाओं के रूप में नए लेबल के साथ बेचा गया। विभाग के मुताबिक, इनमें ‘फाइजर’ ब्रांड के नाम वाले कथित रूप से उत्पाद भी शामिल थे। विभाग ने बताया कि नकली लेबल पर क्यूआर या स्कैनिंग कोड भी लगाए गए थे लेकिन सत्यापन के दौरान ये काम नहीं कर रहे थे। विभाग के मुताबिक, जब्त किए गए उत्पाद सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैंविभाग ने बताया कि औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। अधिनियम की धारा 17बी के तहत नकली दवाओं को मिलावटी (स्प्यूरियस) दवाओं की श्रेणी में रखा गया है। विभाग ने बताया कि ऐसी दवाओं के निर्माण, बिक्री, भंडारण या वितरण से जुड़े अपराधों के लिए धारा 27 के तहत कठोर सजा का प्रावधान है, जिसमें कठोर कारावास और जुर्माना शामिल है।
धान रोपाई को कर्नाटक गई उत्तराखंड की ललिता, सांप के काटने से मौत... सवा लाख रुपये में मिली एंबुलेस
कर्नाटक में धान की पौध लगाते समय उत्तराखंड की एक महिला ललिता मंडल को जहरीले सांप ने डस लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश, गरज और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।
कर्नाटक शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी कॉलेजों द्वारा आयोजित किए जाने वाले शैक्षणिक भ्रमण के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत छात्रों के यात्रा के दौरान सेल्फी लेने, वीडियो रिकॉर्ड करने और इंटरनेट मीडिया के लिए रील्स बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
'कर्नाटक सरकार किसानों के साथ': सीएम शिवकुमार ने किन वादों-फैसलों का जिक्र किया, कस्तूरीरंगन रिपोर्ट में क्या?karnataka kasturirangan report farmers shivakumar
Video: कभी 50 रुपये रोज कमाकर चलाता था परिवार, आज Fortuner से ड्यूटी जाता है कर्नाटक का ये सफाईकर्मी
कर्नाटक के बंटवाल के बीसी रोड पर सुबह का नजारा इन दिनों लोगों का ध्यान खींच रहा है। सड़क किनारे एक महंगी टोयोटा फॉर्च्यूनर आकर रुकती है। दरवाजा खुलता है और उससे एक सफाईकर्मी उतरता है। कुछ ही पलों में वह हाथ में झाड़ू लेकर अपनी रोज की ड्यूटी में जुट जाता है। सोशल मीडिया पर इस तस्वीर और इससे जुड़े वीडियो ने खूब चर्चा बटोरी। लेकिन इस कहानी का असली आकर्षण फॉर्च्यूनर नहीं, बल्कि उस शख्स का सफर है, जो कभी सिर्फ 50 रुपये रोज की मजदूरी पर परिवार चलाता था।तीसरी कक्षा तक पढ़ाई और 50 रुपये की कमाईनवूर निवासी सेसप्पन्ना ने 1996 में बंटवाल नगर निकाय में काम शुरू किया था। उस वक्त उन्होंने केवल तीसरी कक्षा तक पढ़ाई की थी और उन्हें रोजाना 50 रुपये मजदूरी मिलती थी। आर्थिक तंगी का आलम यह था कि कई बार परिवार के लिए पर्याप्त खाना जुटाना भी मुश्किल हो जाता था। जिंदगी अभावों के बीच गुजर रही थी और आगे का रास्ता भी साफ नजर नहीं आता था।2005 में आया जिंदगी बदलने वाला मोड़सेसप्पन्ना की जिंदगी में साल 2005 एक अहम मोड़ लेकर आया। उस समय बंटवाल थाने में सब-इंस्पेक्टर रहे के. यू. बेलियप्पा ने उन्हें शराब छोड़ने और अपने काम व परिवार पर ध्यान देने की सलाह दी। सेसप्पन्ना ने इस सलाह को अपनी जिंदगी का हिस्सा बना लिया। उन्होंने शराब छोड़ दी और परिवार की जिम्मेदारियों के साथ अपने काम पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया। यहीं से उनकी जिंदगी धीरे-धीरे बदलने लगी।झाड़ू से लेकर कचरा वाहन चलाने तकसमय के साथ उनकी नगर निकाय की नौकरी स्थायी हो गई। काम भी केवल सड़कों की सफाई तक सीमित नहीं रहा। जरूरत पड़ने पर वह नगर निकाय का कचरा निपटाने वाला वाहन चलाते और दूसरी जिम्मेदारियां भी संभालते। आमतौर पर उनकी ड्यूटी सुबह करीब 5 बजे शुरू होती और दोपहर तक चलती। नगर निकाय की ड्यूटी खत्म होने के बाद भी उनका दिन खत्म नहीं होता था। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए वह अतिरिक्त काम और कमाई के दूसरे रास्ते तलाशते रहे।मारुति 800 से शुरू हुआ कारों का सफरआज भले ही उनकी फॉर्च्यूनर सुर्खियों में हो, लेकिन कार खरीदने का उनका शौक नया नहीं है। उन्होंने अलग-अलग समय पर मारुति 800, ओमनी, ऑल्टो, रिट्ज और स्कॉर्पियो जैसी गाड़ियां खरीदीं। पुरानी गाड़ी बेचकर और जरूरत पड़ने पर कर्ज लेकर वह धीरे-धीरे अगली गाड़ी तक पहुंचते गए। हाल में उन्होंने अपनी ऑल्टो और स्कॉर्पियो बेचकर तथा कुछ रकम उधार लेकर सेकेंड हैंड फॉर्च्यूनर खरीदी।सबसे मुश्किल दिन: पिता के अंतिम संस्कार के लिए भी पैसे नहीं थेसेसप्पन्ना की जिंदगी में एक ऐसा दौर भी आया, जब उनके पास अपने पिता के अंतिम संस्कार तक के लिए पर्याप्त पैसे नहीं थे। हालात इतने कठिन थे कि उन्होंने अपने पिता का शव खुद उठाकर नेत्रावती नदी के किनारे पहुंचाया और अंतिम संस्कार किया। यह घटना उनकी जिंदगी की सबसे कड़वी यादों में से एक रही। शायद यही वजह है कि आज वह अपने परिवार के लिए आर्थिक सुरक्षा और बेहतर भविष्य बनाने को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं। View this post on Instagram A post shared by Just Indian Things (@just.indian.things) अब सपना है अपने परिवार के लिए नया घरआज सेसप्पन्ना अपनी पत्नी, दो बेटियों और बेटे के साथ रहते हैं। फॉर्च्यूनर खरीदना उनके सफर का एक पड़ाव जरूर है, लेकिन उनकी नजर अब इससे आगे है। वह अपने परिवार के लिए नया घर बनाने की तैयारी में हैं एक ऐसा घर, जहां उनके बच्चों को उन आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े, जिनसे उन्होंने खुद जिंदगी भर संघर्ष किया।फॉर्च्यूनर बदली, काम नहींसोशल मीडिया पर उनकी फॉर्च्यूनर चर्चा का विषय जरूर बन गई, लेकिन सेसप्पन्ना के लिए उनकी नौकरी आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। वह महंगी गाड़ी से काम पर आएं या किसी साधारण वाहन से, ड्यूटी पर पहुंचने के बाद कहानी वही रहती है गाड़ी खड़ी होती है, हाथ में झाड़ू आती है और वह अपने काम में जुट जाते हैं।India’s Got Latent: भुवन बाम से YouTube को लेकर सवाल पूछना पड़ा भारी? समय रैना को मिला ऐसा जवाब, VIDEO हुआ वायरल
UPI Payment पर MDR Charge का विरोध, Ghaziabad के Traders ने लगाए 'No UPI' के पोस्टर
गाज़ियाबाद में व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर UPI पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा के नोटिस लगाने शुरू कर दिए हैं। यह विरोध 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज़्यादा के चुनिंदा UPI ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) के खिलाफ है। प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत चार्ज को लेकर व्यापारियों की चिंता के कारण दुकानों पर ये नोटिस देखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि भले ही सरकार ने कहा है कि MDR व्यापारियों से लिया जाएगा, लेकिन इस अतिरिक्त लागत का असर आखिरकार ग्राहकों पर पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: Kasturirangan Report पर भौतिक सत्यापन की मांग पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार: DK Shivakumar व्यापारी ग्राहकों को सलाह दे रहे हैं कि 15 अक्टूबर से खरीदारी करते समय, खासकर 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन के लिए, वे कैश साथ रखें। उनका तर्क है कि व्यापारी शायद अतिरिक्त लागत का बोझ खुद नहीं उठाना चाहेंगे और इसके बजाय बड़ी खरीदारी के लिए ग्राहकों से कैश में भुगतान करने के लिए कह सकते हैं। व्यापारियों के नोटिस असल में ग्राहकों के लिए एक चेतावनी हैं कि प्रस्तावित चार्ज लागू होने के बाद, ज़्यादा कीमत वाली कुछ खरीदारी के लिए UPI स्वीकार नहीं किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में फ्यूल पंप डीलरों के संगठन ने शुक्रवार को कहा कि जब तक प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को वापस नहीं लिया जाता, तब तक वे 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से ज़्यादा के UPI पेमेंट स्वीकार नहीं करेंगे। कॉन्फेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ने इस फ़ैसले को डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया है। संगठन के भोपाल ज़िला अध्यक्ष और मध्य प्रदेश मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र शर्मा ने कहा कि इससे राज्य के लगभग 4,700 पेट्रोल पंप प्रभावित हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka Cabinet ने तुलु को दी दूसरी अतिरिक्त प्रशासनिक भाषा के रूप में मान्यता उन्होंने कहा कि UPI को सालों से 'डिजिटल इंडिया', कैशलेस इकॉनमी और पारदर्शी बिज़नेस के एक अहम स्तंभ के तौर पर बढ़ावा दिया गया है, लेकिन अब व्यापारी प्रस्तावित MDR को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि 2,000 रुपये से ज़्यादा के योग्य UPI मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 0.4% MDR का प्रस्ताव रखा गया है, जिसका मतलब है कि 10,000 रुपये के पेमेंट पर 40 रुपये का खर्च आएगा; वहीं, फ्यूल ट्रांज़ैक्शन के मामले में 2,000 रुपये से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लगाने की बात सामने आई है।
Kasturirangan Report पर भौतिक सत्यापन की मांग पर विचार करेगी कर्नाटक सरकार: DK Shivakumar
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने कहा है कि सरकार कस्तूरीरंगन रिपोर्ट के दायरे में आने वाले इलाकों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग पर अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी और उसके बाद कोई निर्णय लेगी। शिवकुमार ने शुक्रवार को उडुपी जिले के हेबरी में स्थानीय लोगों और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई एक बैठक में कहा कि सरकार केंद्र को अपना निर्णय बताने से पहले इस इलाके में रहने वाले लोगों की चिंताओं को समझना चाहती है। कस्तूरीरंगन समिति ने पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए पश्चिमी घाट के 37 प्रतिशत हिस्से को पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र घोषित करने की सिफारिश की है। इस सिफारिश के दायरे में गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु की करीब 60,000 वर्ग किलोमीटर जमीन आ रही है। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा, ‘‘हमें 27 सितंबर तक केंद्र को अपना फैसला भेजना है। हम यहां आपकी राय जानने और आपको हो रही दिक्कतों को समझने आए हैं। आपने केरलम मॉडल के आधार पर एक विशेषज्ञ समिति बनाने और भौतिक सत्यापन करने का सुझाव दिया है। हम इन सुझावों पर विचार करेंगे और विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे।’’सरकार ने किसानों, सूखे और कस्तूरीरंगन रिपोर्ट से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए विधानमंडल का तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया है। शिवकुमार ने कहा कि सत्र के पहले दिन कस्तूरीरंगन रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि वह वहां के लोगों की राय जानने के लिए शिवमोगा और चिकमगलूर का भी दौरा करेंगे।
Karnataka Milk Price Hike: नवरात्रि-दिवाली से पहले बढ़ सकता है दूध का दाम, ₹8 बढ़ाने की मांग
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नूंह जिले के रोजकामेव थाना क्षेत्र में साल 2018 में एक फॉर्च्यूनर गाड़ी सस्ते दाम में दिलाने का झांसा देकर 4 लाख 30 हजार रुपए और एक मोबाइल फोन लूट लिया गया था। इस मामले में पुलिस ने करीब आठ साल से फरार चल रहे आरोपी सेकुल निवासी भीलमका, थाना डीग, जिला डीग (राजस्थान) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार के अनुसार, 5 जनवरी 2018 को कर्नाटक निवासी मोहम्मद असरफ ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्हें फोन पर सात लाख रुपए में फॉर्च्यूनर गाड़ी बेचने का प्रस्ताव दिया गया था। गाड़ी खरीदने के लिए वह अपने साथी के साथ दिल्ली पहुंचे। वहां से कुछ लोग उन्हें स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर फिरोजपुर झिरका की ओर ले जाने लगे। रास्ते में रोककर 4.30 लाख और मोबाइल लूटा आरोप है कि सोहना क्षेत्र के पास रास्ते में गाड़ी रोककर आरोपियों ने पहले से मौजूद अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर शिकायतकर्ता से करीब 4 लाख 30 हजार रुपए से भरा बैग और उनके साथी का मोबाइल फोन छीन लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने स्कॉर्पियो और घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच में मुस्तकीम, शमशेर उर्फ दलशेर, राशिद, तैय्यब, मकसूद और सेकुल समेत अन्य लोगों के नाम सामने आए। पुलिस ने पहले मुस्तकीम और शमशेर को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से लूटी गई रकम का कुछ हिस्सा और अन्य सबूत बरामद किए गए थे। अलग-अलग लोगों ने प्रयाेग किया लूटा गया मोबाइल जांच में लूटा गया मोबाइल फोन अलग-अलग लोगों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस के मुताबिक, मोबाइल फोन सेकुल द्वारा बेचे जाने और बाद में वापस लिए जाने की बात सामने आई, जिसके आधार पर मामले में उसकी संलिप्तता सामने आई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। उसके खिलाफ कोर्ट की ओर से गिरफ्तारी वारंट और भागोड़ा घोषित करने की कार्रवाई की जा चुकी थी। बाद में उसे प्रोडक्शन वारंट पर मामले की जांच में शामिल किया गया।
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले युवक भूपेंद्र ढींगरा को यूपी पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, भूपेंद्र गुरुग्राम की कृष्णा कॉलोनी का रहने वाला है और हरियाणवी सिंगर-एक्टर है। जब पुलिस ने उसे अरेस्ट किया, वह कर्नाटक के बेंगलुरु में होटल में शेफ का कार्य कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त को अंकित बालियान की जिम के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ बाद ही भूपेंद्र ढींगरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर लिखा था- अंकित ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। उसे गंदी-गंदी गालियां दी थीं। इसी का बदला लेने के लिए उसने अंकित की हत्या कराई। यह हत्या दिनदहाड़े हुई और कोई उसे बचाने या रोकने के लिए सामने नहीं आया। इसके बाद वह लगातार अंकित बालियान और पुलिस को लेकर वीडियो डालता रहा। दो दिन पहले भी उसने कोर्ट में गोली मारेंगे पार्ट-2 सॉन्ग का एक पोस्टर जारी किया था। इसी को देखते पुलिस ने एक टीम उसे पीछे लगाई, जिसने बुधवार को ढींगरा को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फेमस होने के लिए यह वीडियो डाला था। अंकित बालियान की 26 अगस्त को जिम के बाहर हुई थी हत्या 26 अगस्त को शामली के नालापटरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को चार हथियारबंद बदमाशों ने अंजाम दिया था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी। जांच में पता चला कि जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो भूपेंद्र ढींगरा के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था। हालांकि, शामली पुलिस ने हत्याकांड के पांच दिन बाद ही मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो शार्प शूटर मोहित और सुमित मारे गिराए थे। दोनों सोनीपत के रहने थे। पुलिस के अनुसार, दोनों अंकित की हत्या करने वाली टीम का हिस्सा थे। दो अन्य शूटर सत्यम कादियान और आर्यन संधु की पांच राज्यों में तलाश जारी है। ये दोनों भी हरियाणा के इस तरह ली थी अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी… मशहूर होने के लिए फर्जी वीडियो बनाया भूपेंद्र ढींगरा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। इंस्टाग्राम पर उसने 233 पोस्ट डाल रखी हैं। 7,640 लोग उसे फॉलो करते हैं। सिंगर यो-यो हनी सिंह सहित सात लोगों को वह फॉलो करता है। यूट्यूब पर भी भूपेंद्र ढींगरा नाम से उसका चैनल है, जिस पर 290 वीडियो डाले गए है। करीब दो हजार लोगों ने चैनल को सब्सक्राइब किया हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर मशहूर होना चाहता था। उसे पता था कि चर्चित आपराधिक घटनाओं से जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल होती हैं। इसी वजह से उसने फॉलोअर्स और लाइक बढ़ाने के लिए अंकित बालियान हत्याकांड की फर्जी जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो बना दिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो पोस्ट करते समय आरोपी नशे में था। उसने सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया, जिससे लोगों को लगा कि उसका अंकित की हत्या से कोई संबंध है। सोनीपत का बदमाश भोलू भी ले चुका हत्या करने की जिम्मेदारी वहीं, सोनीपत निवासी भोलू शाहपुरिया भी इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले चुका है। भोलू के खिलाफ सोनीपत समेत कई स्थानों पर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। उसने खुद को ‘गोगी गैंग’ का मेंबर बताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था- ये जो शामली में अंकित बालियान का मर्डर हुआ है, इसकी पूरी जिम्मेदारी मैं भोलू शाहपुरिया (सोनीपत) लेता हूं। ये हमारे दुश्मनों का साथ देता था। हमारे गोगी भाई के साथ हुई घटना पर इसने गाना बनाया था। हमारे दुश्मनों का आपराधिक कामों में साथ देता था। इसका अंजाम इसको मिल गया। जो भी हमारे दुश्मनों का साथ देगा, उन सबका यही हाल होगा। ये तो शुरुआत है, सबका यही हाल होगा…। हत्याकांड की जांच कई एंगल पर जारी यूपी पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में भूपेंद्र ढींगरा का अंकित बालियान हत्याकांड से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। उसकी ओर से सोशल मीडिया पर किया गया दावा केवल पुलिस जांच को गुमराह करने वाला था। वहीं, अंकित बालियान हत्याकांड की मुख्य जांच में पुलिस शूटरों और रेकी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अन्य पोस्ट और दावों की भी पुलिस जांच कर रही है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर की हत्या का जश्न मनाता नजर आया ढींगरा,VIDEO:रात को लाइव आया एक्टर, फ्रेंड्स पूछ रहे-ये क्या चल रहा; बालियान की पत्नी बोलीं-एनकाउंटर हो हरियाणवी गायक और एक्टर अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई हत्या जिम्मेदारी लेने वाले एक्टर भूपेंद्र ढींगरा शुक्रवार को भी सोशल मीडिया पर लाइव आया। इसमें वह हंसता और मनाता नजर आ रहा है। कुछ लोग उसे बधाई दे रहे है। (पूरी खबर पढ़ें)
देश के महान इंजीनियर रहे एम विश्वेश्वरैया का 15 सितंबर को जन्म हुआ था। वह देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक थे। उनको भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने का काम किया था। विश्वेश्वरैया ने सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया था, जिसको इंजीनियरिंग का अब तक का अद्भुत कारनामा माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम विश्वेश्वरैया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मैसूर राज्य के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1860 को एम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। वह तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखते थे। शुरूआती शिक्षा गांव से पूरी होने के बाद 1880 में उन्होंने बीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसूर सरकार की सहायता से पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहला स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर कर्नाटक का भगीरथ टॉरर होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने विश्वेश्वरैया को सहायक इंजीनियर के पद के लिए चुना। विश्वेश्वरैया के नाम मैसूर और कर्नाटक के क्षेत्रो में कृष्णराजसागर बांध सहित बहुत से निर्माण कार्य किए। जिसने कर्नाटक को एक नई ऊंचाइयों पर खड़ा कर दिया और आज भी विश्वेश्वरैया को कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। उपलब्धियां वहीं कर्नाटक से बाहर विश्वेश्वरैया के नाम कम उपलब्धियां नहीं रही हैं। ग्वालियर का टिगरी डैम हो, सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की आपूर्ति की योजना हो या साल 1952 में पटना में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के निर्माण की योजना हो। विश्वेश्वरैया ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि मिस्र, कनाडा, अदन, अमेरिका और रूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नियोजन पर किताबें देश के शुरूआती विकास का आधार रही पंचवर्षीय योजनाओं को शुरू करने की प्रेरणा रूस की पंचवर्षीय योजना से ली गई थी। साल 1928 में रूस द्वारा ऐसी योजनाएं शुरू की थी। लेकिन इससे 8 साल पहले साल 1920 में उन्होंने रीकंस्ट्रक्टिंग इंडिया पर ऐसी योजनाओं का जिक्र किया था। वहीं साल 1935 प्लांड इकोनॉमी ऑफि इंडिया किताब लिखी। विश्वेश्वरैया को लंबी और सेहतमंद उम्र के लिए भी जाना जाता है। 92 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने पटना के राजेंद्र सेतु का निर्माण करवाया था। साल 1955 में उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाया गया था। जब विश्वेश्वरैया 100 साल के लिए तो उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। मृत्यु वहीं 14 अप्रैल 1962 को 101 साल की उम्र में एम विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।
दही मिलाकर बनाएं कर्नाटक की फेमस कद्दू कडुबू, नोट करें रेसिपी
कद्दू की सब्जी तो बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार नाश्ते में कर्नाटक की फेमस डिश पंपकिन कडुबू बनाकर खाएं. इस रेसिपी को बनाने में बिल्कुल मेहनत नहीं लगती है और न ही घंटों रसोई में खड़े होना पड़ता है. इस डिश को आप झटपट ब्रेकफास्ट में बना सकते हैं. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
अगर आप रोज-रोज एक ही तरह के पकौड़े या नमकीन खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कर्नाटक के मशहूर मद्दुर वड़े को जरूर ट्राई करें।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

