जोधपुर के लूणी इलाके में मोगड़ा-सरेचा रोड पर गुरुवार सुबह एक तेज रफ्तार डंपर ने सामने से आ रहे बाइक सवार युवक को कुचल दिया। हादसे में युवक का सिर डंपर के टायर के नीचे आने से पूरी तरह कुचल गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद डंपर ड्राइवर वाहन लेकर मौके से भाग निकला। जिसे कुछ घंटे में ही पुलिस ने बरामद कर जब्त कर लिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर और ट्रैक्टर-टैंकर लगाकर रास्ता जाम कर दिया। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर समझाइश कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीण आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव नहीं उठाने की मांग पर अड़े हुए हैं। रिश्तेदार के घर से लौटते समय हुआ हादसा लूणी थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि मौके पर स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवार से बातचीत में सामने आया कि सरेचा निवासी कैलाश पटेल (23) पुत्र सांवलराम पटेल कुछ दिन पहले ही कर्नाटक से अपने घर लौटा था। गुरुवार को कैलाश और उसका भाई एक ही बाइक पर सवार होकर मोगड़ा स्थित अपने रिश्तेदार के घर से दूसरी बाइक लेने गए थे। वहां से लौटते समय दोनों भाई अलग-अलग बाइक चलाकर वापस सरेचा आ रहे थे। सुबह करीब 11:30 बजे सरेचा के पास सामने से आ रहे एक डंपर ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए बड़े भाई कैलाश की बाइक को सीधी टक्कर मार दी, जिससे उसकी जान चली गई। दो मासूमों के सिर से उठा पिता का साया, ग्रामीणों का हंगामा कैलाश की मौत की खबर मिलते ही घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मृतक के परिवार में एक 6 माह की बच्ची और एक साल का बच्चा है, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ गया है। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क के बीच ट्रैक्टर-टैंकर खड़े कर दिए और टायर जलाकर अपना कड़ा विरोध जताया। ग्रामीण डंपर ड्राइवर की तुरंत गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं और स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी नहीं पकड़ा जाता, वे शव को नहीं उठने देंगे। पहले देखिए, घटना से जुड़ी PHOTO'S ड्राइवर पर तेज रफ्तार और लापरवाही से डंपर चलाने का आरोप लूणी थानाधिकारी सुरेश चौधरी ने बताया कि सरेचा निवासी कैलाश पटेल (23) पुत्र सांवलराम पटेल आज (23 अप्रैल) सुबह 11:30 बजे अपनी मोटरसाइकिल से सरेचा से मोगड़ा की तरफ जा रहा था। इसी दौरान मोगड़ा-सरेचा रोड पर सामने से आ रहे एक डंपर ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डंपर की टक्कर से बाइक सवार कैलाश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। सीसीटीवी फुटेज से डंपर की तलाश दुर्घटना की सूचना मिलने पर थानाधिकारी सुरेश चौधरी और उप निरीक्षक गोविंद राम पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने मुआयना करने के बाद जांच शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल घटनास्थल और उसके आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल कर टक्कर मारने वाले डंपर का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
बेंगलुरु की एक विशेष अदालत ने कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। यह मामला कबड्डी खेल प्रतियोगिता के दौरान 500 रुपए की सट्टेबाजी के आरोप से जुड़ा है
खड़गे के बयान पर कर्नाटक भाजपा का हमला, बताया ‘जहरीली सोच का प्रतीक’
कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर “आतंकवादी” कहे जाने वाले बयान की कड़ी निंदा की है
एक टिकट… और उससे चार बार सफर! सुनने में भले ही अजीब लगे, लेकिन मरुधर एक्सप्रेस में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से फर्जी टिकट बनाकर यात्रा कर रहे दो यात्री टीटीई की सतर्कता से पकड़े गए। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव के अनुसार, सोमवार को ट्रेन संख्या 14863 वाराणसी सिटी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस के जोधपुर पहुंचने पर प्लेटफॉर्म पर सघन टिकट जांच की जा रही थी। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात सीटीटीसी अनिकेत रामदेव को दो यात्रियों के मोबाइल टिकट पर संदेह हुआ। पहली नजर में टिकट सामान्य दिख रहा था, लेकिन शक होने पर जब हैंड हेल्ड टर्मिनल मशीन में यूटीएस नंबर डाला गया तो पूरा मामला खुल गया। 45 रुपए का टिकट, चार बार इस्तेमाल जांच में सामने आया कि जो टिकट जोधपुर तक का दिखाया जा रहा था, वह असल में 22 मार्च को कर्नाटक के कुनिगल से चन्नारायपटना के बीच एक यात्री के लिए मात्र 45 रुपए में जारी हुआ था और उस पर यात्रा भी की जा चुकी थी। इसके बाद उसी यूटीएस नंबर (XT6PEBG006) को AI टूल्स की मदद से एडिट कर अलग-अलग तारीख और रूट के फर्जी टिकट तैयार किए गए। इनमें जयपुर-आगरा (1 मार्च), आसरवा-उदयपुर (28 मार्च) और आगरा फोर्ट-जोधपुर (20 अप्रैल) की यात्राएं शामिल हैं। एक नंबर बना सबसे बड़ा सुराग सीनियर डीसीएम के मुताबिक, हर टिकट का नंबर अलग होता है, लेकिन यहां एक ही नंबर बार-बार इस्तेमाल हुआ। यही गड़बड़ी पकड़ में आने का सबसे बड़ा कारण बनी। स्टेशन पर ही कार्रवाई फर्जीवाड़ा सामने आते ही दोनों यात्रियों को बिना टिकट चार्ज करने के बाद वाणिज्य निरीक्षक रतन सिंह गुर्जर की रिपोर्ट के साथ जीआरपी के हवाले कर दिया गया। दोनों की उम्र करीब 25 साल बताई जा रही है और वे कर्नाटक के निवासी हैं। AI का बढ़ता दुरुपयोग, रेलवे की चेतावनी डीआरएम अनुराग त्रिपाठी के निर्देश पर जोधपुर मंडल में सघन टिकट जांच अभियान चलाया जा रहा है। रेलवे ने चेतावनी दी है कि इस तरह की धोखाधड़ी से रेलवे को आर्थिक नुकसान होता है और टिकटिंग प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। यह मामला केवल टिकट फर्जीवाड़ा नहीं, बल्कि तकनीक के खतरनाक दुरुपयोग का संकेत भी है। रेलवे ने साफ किया है कि ऐसे मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के वन विभाग 7 और 8 मार्च को नीलगिरी क्षेत्र में एक समन्वित गिद्ध गणना करेंगे

