बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह ने अपने खिलाफ बेंगलुरु में फाइल की गई प्राइवेट कंप्लेंट और FIR को रद्द करने के लिए कर्नाटक हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यह मामला फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 से जुड़ी टिप्पणी से संबंधित है। यह पिटीशन कर्नाटक हाई कोर्ट में फाइल की गई। इसमें शहर की मजिस्ट्रेट कोर्ट में लंबित शिकायत को चुनौती दी गई और बेंगलुरु के हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR पर सवाल उठाए गए। इस मामले में पुलिस और शिकायतकर्ता एडवोकेट प्रशांत मेथल को केस में रेस्पॉन्डेंट बनाया गया है। रणवीर की लीगल टीम कोर्ट में पेश हुई रणवीर सिंह की लीगल टीम सोमवार को कोर्ट में पेश हुई। सुनवाई जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की बेंच के सामने हुई। वकील ने अर्जेंट हियरिंग की मांग की। उन्होंने कहा कि रणवीर सिंह ने फिल्म और एक्टर की तारीफ की थी और बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। कोर्ट ने अर्जेंट सुनवाई पर सवाल उठाया। बेंच ने पूछा कि जल्दी सुनवाई क्यों हो? क्या इसलिए कि पिटीशनर एक बॉलीवुड एक्टर है? कोर्ट ने कहा कि अर्जेंट सुनवाई के लिए ठोस वजहें बताई जानी चाहिए। FIR के बाद पुलिस ने दो नोटिस जारी किए एक्टर के वकील ने कोर्ट में बताया कि FIR के बाद पुलिस ने दो नोटिस जारी किए हैं। इसी वजह से तुरंत सुनवाई जरूरी है। दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका पर मंगलवार को सुनवाई तय की। बता दें कि विवाद की शुरुआत पिछले साल गोवा में हुई थी। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) की क्लोजिंग सेरेमनी में रणवीर सिंह मौजूद थे। इस दौरान उन्होंने फिल्म कंतारा: चैप्टर 1 को लेकर ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग की तारीफ की। इवेंट में उन्होंने कहा था कि उन्होंने फिल्म थिएटर में देखी। ऋषभ की परफॉर्मेंस शानदार थी, खासकर वह सीन जब एक महिला आत्मा शरीर में प्रवेश करती है। शिकायतकर्ता प्रशांत मेथल ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी आपत्तिजनक थी। उनके अनुसार, बयान में देवी चामुंडी को ‘फीमेल घोस्ट’ कहा गया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। मेथल ने पहले 3 दिसंबर 2025 को हाई ग्राउंड्स पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उस समय FIR दर्ज नहीं हुई। बाद में उन्होंने डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस और पुलिस कमिश्नर को भी आवेदन दिया। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो शिकायतकर्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने सेक्शन 223 के तहत प्राइवेट कंप्लेंट दायर की। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 196, 299 और 302 का उल्लेख किया गया। शिकायतकर्ता ने कहा कि यह कॉग्निजेबल और पनिशेबल ऑफेंस है। इसमें तीन साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। वहीं, 28 जनवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने मामले में जांच के आदेश दिए। कोर्ट ने BNS के सेक्शन 175(3) के तहत निर्देश जारी किया। इसके अनुसार, पुलिस को जांच शुरू करने से पहले FIR दर्ज करना जरूरी है। कोर्ट के आदेश के बाद हाई ग्राउंड्स पुलिस ने FIR दर्ज की और रणवीर सिंह को नोटिस भेजा गया। रणवीर ने मामले को लेकर माफी मांगी थी रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।
रणजी ट्रॉफी एलीट 2025-26: कर्नाटक के खिलाफ जम्मू-कश्मीर ने जीता टॉस, बल्लेबाजी का फैसला किया
रणजी ट्रॉफी एलीट 2025-26 के खिताबी मुकाबले में जम्मू-कश्मीर की टीम ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। दोनों टीमें के लिए यह मुकाबला काफी अहम है। क्योंकि कर्नाटक अपने 9वें रणजी ट्रॉफी खिताब को जीतने की कोशिश करेगी। वहीं, जम्मू-कश्मीर के लिए पहला खिताब जीतने का मौका है। यह मुकाबला केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। पिच रिपोर्ट की बात करें तो घास अच्छी तरह फैली हुई है, लेकिन थोड़ी सूखी लग रही है। घास सतह को अच्छी तरह संभाले रखेगी। शुरुआती समय में नमी हो सकती है और मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिनरों के लिए मददगार हो सकती है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करना अच्छा रहेगा। जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा ने टॉस जीतकर कहा कि हम पहले बल्लेबाजी करेंगे। पिच सूखी लग रही है और बाद में इसमें टर्न आ सकता है। हमने सरल रणनीति अपनाई है और भगवान की कृपा से हमने अच्छा क्रिकेट खेला है। उन्होंने कहा कि बस बुनियादी बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। हमें कुछ मजबूरी में बदलाव करने पड़े। वहीं, कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह प्रासंगिक है। मैंने तीनों मैचों में टॉस हारा है, हम भी गेंदबाजी करना चाहते थे। रणजी फाइनल तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है, कई खिलाड़ी टीम में आए हैं और अपने पहले या दूसरे सीजन में फाइनल का अनुभव करना शानदार है। हमारी टीम वही है। दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन वहीं, कर्नाटक के कप्तान देवदत्त पडिक्कल ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि यह प्रासंगिक है। मैंने तीनों मैचों में टॉस हारा है, हम भी गेंदबाजी करना चाहते थे। रणजी फाइनल तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है, कई खिलाड़ी टीम में आए हैं और अपने पहले या दूसरे सीजन में फाइनल का अनुभव करना शानदार है। हमारी टीम वही है। Also Read: LIVE Cricket Score कर्नाटक की प्लेइंग इलेवन: केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, देवदत्त पडिक्कल (कप्तान), करुण नायर, स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, क्रुथिक कृष्णा (डब्ल्यू), विद्याधर पाटिल, विजयकुमार विशक, शिखर शेट्टी, प्रिसिध कृष्णा। Article Source: IANS
8 बार के चैंपियन कर्नाटक से रणजी फाइनल में भिड़ेगी J&K, क्या होगा उलटफेर?
हुबली क्रिकेट मैदान पर मंगलवार को रणजी ट्रॉफी 2025-26 के फाइनल में मेजबान कर्नाटक अपने दबदबे की विरासत को जारी रखने, जबकि जम्मू-कश्मीर ऐतिहासिक प्रदर्शन कर पहली चैंपियन बनने उतरेगा। एक ओर जहां घरेलू कर्नाटक क्रिकेट टीम है। जो अनुभव, स्वभाव और बड़े मैचों की जानकारी के बल पर आठ बार चैंपियन बनी है। वहीं दूसरी ओर 67 साल के इतिहास में पहली बार फाइनल में पहुंची जम्मू-कश्मीर की टीम के संघर्ष और जूनून की कहानी है। कर्नाटक की बल्लेबाजी लाइनअप में जबरदस्त दम और अंतरराष्ट्रीय पहचान है। केएल राहुल जैसे खिलाड़ियों की क्लास और संयम शीर्ष क्रम पर स्थिरता देते हैं, जबकि मयंक अग्रवाल और करुण नायर जैसे अनुभवी घरेलू चैंपियन लाल गेंद में अपना दबदबा साबित करते हैं। कर्नाटक के इस सत्र में घरेलू सनसनी स्मरण रविचंद्रन का भी जलवा रहा है, जिन्होंने जबरदस्त औसत से रन बनाए हैं, जिससे वह टूर्नामेंट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजो में से एक बन गए हैं। श्रेयस गोपाल के ऑलराउंड असर के साथ, कर्नाटक का फॉर्मूला आसान है। टोटल बनाना, सेशन को कंट्रोल करना और गेम को बेरहमी से खत्म करना। लेकिन क्रिकेट, खासकर लंबे प्रारुप के फाइनल में, शायद ही कभी यह सबसे बड़े नामों से तय होता है। यह उन खिलाड़ियों से तय होता है जो जब मोमेंटम बदलने लगता है तो चुपचाप मैच को एक साथ रखते हैं। वहीं जम्मू और कश्मीर क्रिकेट टीम के लिए, यह फाइनल केवल एक चैंपियनशिप मुकाबला नहीं है, यह इतिहास है। उनका पहली बार रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचना पहले ही सीजन की सबसे इंस्पायरिंग कहानियों में से एक बन गया है। उनका अभियान किसी एक सुपरस्टार पर निर्भर रहने के बजाय मिलकर लड़ने की भावना के आस-पास बना है। J&K has reached the Ranji Trophy final for the first time in history, and a big reason is Aqib Nabi 55+ wickets this season. From Ranji hero to being picked in the Indian Premier League for ₹8.40 crore, he proves the strength of J&K talent. Credit also to BCCI Chief… pic.twitter.com/Q9qXrAeBAK — Salman Nizami (@SalmanNizami_) February 19, 2026 इस कहानी के शांत हीरो ऑलराउंडर आकिब नबी रहे हैं। टूर्नामेंट में 50 से अधिक विकेट और बल्ले से निचले क्रम में अहम योगदान के साथ जब साझेदारी बढ़ने लगीं, तो विकेट दिलाए। जब बल्लेबाजी के गिरने का खतरा था, तो उन्होंने पारी को संभाला। जम्मू और कश्मीर की बल्लेबाजी को पारस डोगरा जैसे अनुभवी कप्तान ने भी संभाला है, जिनकी दबाव वाली स्थिति में शांत मौजूदगी ने युवा खिलाड़ियों को गाइड किया है। शुभम खजूरिया और कमरन इकबाल के शीर्ष क्रम सपोर्ट ने शुरुआती मोमेंटम दिया है, जबकि अब्दुल समद और आबिद मुश्ताक की मध्यमक्रम स्टेबिलिटी ने दबाव बनने पर स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया है। कर्नाटक अपने पारंपरिक चैंपियनशिप ब्लूप्रिंट पर निर्भर रहेगा।
नवंबर 2025 में हुई एक ज्वेलरी शॉप चोरी के मामले की जांच के लिए कर्नाटक पुलिस की एक विशेष टीम राजस्थान के ब्यावर पहुंची है। यह मामला कर्नाटक के रॉबर्ट सोनपेट सर्किल, केजीएफ थाना क्षेत्र से संबंधित है, जहां अज्ञात बदमाशों ने एक आभूषण दुकान से लाखों रुपए के जेवरात चुराए थे। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि चोरी का कुछ माल ब्यावर शहर में बेचा गया है। इसी सूचना के आधार पर कर्नाटक पुलिस टीम ब्यावर थाने पहुंची और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त जांच शुरू की। खरीद-फरोख्त से जुड़े रिकॉर्ड खंगालेजांच टीम ने शहर के सर्राफा बाजार में व्यापारियों, संदिग्ध खरीदारों और बिचौलियों से पूछताछ की है। खरीद-फरोख्त से संबंधित बिल, रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। चोरी के जेवरों की बरामदगी और पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के उद्देश्य से संबंधित दुकानों और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान संदिग्ध लेन-देन और सोने-चांदी की खरीद के दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एक ज्वैलर को नोटिस जारीपुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी का माल किन माध्यमों से ब्यावर तक पहुंचा और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। अभी तक की जानकारी के अनुसार, सेन्दड़ा रोड स्थित गणगौर होटल के समीप सौरभ ज्वैलर्स के मालिक सुरेश चंद पुत्र रामलाल सोनी का नाम 100 ग्राम चोरी का सोना खरीदने में सामने आया है। कर्नाटक पुलिस ने उन्हें धारा 94 के तहत नोटिस भी जारी किया है। इसके अलावा ब्यावर के एक अन्य दुकानदार द्वारा भी सोना खरीदने की जानकारी मिली है। बताया गया है कि उस दुकानदार ने बदनामी से बचने के लिए खरीदा गया सोना वापस लौटा दिया है। ज्वैलर के बेटे ने आरोप झूठे बताएउधर सौरभ ज्वैलर्स के सुरेश कुमार के पुत्र सौरभ ने फोन पर बताया कि हमारे उपर लगाया गया आरोप बेबुनियाद व झूठा है। इस मामले कुछ प्रभावशाली लोग कर्नाटक पुलिस के साथ बैठकर सांठ-गांठ करने की कौशिश में लगे है, लेकिन अभी तक कर्नाटक पुलिस ने किसी को भी गिरफ्तार करने अथवा पी.सी. रिमाण्ड आदि लेने की पुष्टि नहीं की है, लेकिन अन्य ज्वैलर्स की दुकानों तलाश में जुटी है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल संयुक्त टीम द्वारा शहर में गहन पड़ताल जारी है।
कांग्रेस आलाकमान को कर्नाटक नेतृत्व संकट जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए
जब कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व टालमटोल करता दिख रहा है, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कैबिनेट विस्तार का प्रस्ताव दिया है।

