दरभंगा जिले के भराठी स्थित वृहद आश्रय गृह में रह रही एक नाबालिग विवाहिता की नवजात बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले को लेकर सिमरी थाना में यूडी केस दर्ज किया गया है। शव का पोस्टमार्टम न्यायिक दंडाधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के साथ कराया है। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल लाया गया था पुलिस के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर नाबालिग को आश्रय गृह में रखा गया था। 18 जुलाई को सिंहवाड़ा सीएचसी में एक बच्ची को जन्म दिया था। 20 जुलाई को नवजात की तबीयत बिगड़ने पर उसे पीएचसी लाया गया। जहां से बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद डॉक्टरों ने दवा देकर वापस भेज दिया था। 21 जुलाई की दोपहर अचानक नवजात की तबीयत फिर बिगड़ गई। वृहद आश्रय स्थल के कर्मियों के साथ उसे तत्काल डीएमसीएच के शिशु वार्ड लाया। जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्ची की मौत हो चुकी थी। छानबीन में जुटी पुलिस सिमरी थानाध्यक्ष अरविंद कुमारने बताया कि मामले में यूडी कांड संख्या04/26 दर्ज किया गया है। अनुसंधान का जिम्मा एसआई पन्नालाल सिंह को सौंपा गया है। पुलिस नवजात की मौत के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जानिए क्या है पूरा मामला? मामला घनश्यामपुर थाना क्षेत्र में दर्ज एक अपहरण कांड से जुड़ा हुआ है। नाबालिग लड़की के पिता ने 14 अप्रैल 2025 को थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि उनकी 16 वर्षीय बेटी सुबह शौच के लिए घर से निकली थी। इसी दौरान चार लोग हथियार के बल पर उसे जबरन फोर व्हीलर में बैठाकर ले गए। गांव के ही मो. सदाब को नामजद करते हुए आरोप लगाया था कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी बेटी का अपहरण कर ले गया। उन्होंने बेटी की हत्या, बेच देने और धर्म परिवर्तन कराने की आशंका भी जताई थी। 14 महीने बाद कर्नाटक से हुई थी बरामदगी मामले के अनुसंधानकर्ता अशोक कुमार ने बताया कि करीब 14 महीने बाद 18 जून 2026 को नाबालिग को कर्नाटक से बरामद किया गया। जांच में पता चला कि वह मो. सदाब के साथ एक कमरे में रह रही थी। युवक वहां मजदूरी करता था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पहले से प्रेम संबंध था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे लगभग दो वर्षों से संपर्क में थे। बरामदगी के बाद दोनों को कोर्ट में पेश किया गया। नाबालिग ने कोर्ट में अपने माता-पिता के साथ जाने से इनकार कर दिया था। उस समय वह गर्भवती भी थी। कोर्ट के आदेश पर युवती को दरभंगा स्थित बृहद आश्रय गृह में रखा गया, जबकि आरोपी युवक न्यायिक हिरासत में है। पुलिस का कहना है कि मामले में डिजिटल साक्ष्यों सहित अन्य बिंदुओं पर जांच जारी है। 18 जुलाई को दिया था बच्ची को जन्म पुलिस के अनुसार, नाबालिग ने 18 जुलाई को सिंहवाड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बच्ची को जन्म दिया था। इसके बाद वह अपनी नवजात के साथ आश्रय गृह में रह रही थी। जन्म के दो दिन बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी और इलाज के लिए उसे डीएमसीएच ले जाया गया। हालांकि,दूसरी बार तबीयत खराब होने पर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
बिदादी पदयात्रा के लिए जेडीएस की तरफ से घोषित तारीखों पर कोई आपत्ति नहीं: कर्नाटक भाजपा
कर्नाटक भाजपा ने स्पष्ट किया कि उसे अपने एनडीए सहयोगी जनता दल (सेकुलर) द्वारा बिदादी टाउनशिप परियोजना के विरोध में प्रस्तावित पदयात्रा के लिए घोषित तिथियों पर कोई आपत्ति नहीं है। भाजपा ने जोर देकर कहा कि दोनों दल राज्य सरकार की इस योजना के विरोध में एकजुट हैं।
कोरबा पुलिस ने छुरीकला स्थित राज ज्वेलर्स में 1 जुलाई को हुई लूटकांड के मुख्य आरोपी विष्णु राठिया को गिरफ्तार कर लिया है। महिला का वेश धारण कर वारदात को अंजाम देने वाला आरोपी कर्नाटक के हिन्दूपुरम इंडस्ट्रियल एरिया से पकड़ा गया। इस गिरफ्तारी के साथ ही मामले के सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। 1 जुलाई की दोपहर तीन बदमाश ग्राहक बनकर राज ज्वेलर्स पहुंचे। आरोपियों ने कर्मचारियों पर कट्टा तानकर उनकी आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और सोने-चांदी के जेवरात लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया था। सीसीटीवी से मिला था सुराग जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी महिला के वेश में दिखाई दिया। पुलिस ने पहले ही दो आरोपी गोपाल सिंह और परदेशी राम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि मुख्य आरोपी विष्णु राठिया फरार था। कर्नाटक में मजदूर बनकर छिपा था मुखबिर की सूचना पर कोरबा पुलिस की विशेष टीम कर्नाटक के हिन्दूपुरम इंडस्ट्रियल एरिया पहुंची। वहां विष्णु राठिया मजदूर बनकर रह रहा था और पहचान छिपाकर काम कर रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। जेवर और हथियारों को लेकर पूछताछ जारी कटघोरा क्षेत्र के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीतीश ठाकुर ने बताया कि विष्णु राठिया ही महिला बनकर ज्वेलरी दुकान में घुसा था। आरोपी से लूटे गए जेवरात और वारदात में इस्तेमाल हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद उसे कोरबा लाकर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
वाराणसी में SAI के नए NCOE (नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के लिए कुश्ती खिलाड़ियों का चयन ट्रायल चल रहा है। इसमें 150 से अधिक पहलवान अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। सेंटर के लिए 36 पुरुष और 36 महिला पहलवानों का चयन अलग-अलग भार वर्गों में किया जाएगा। चयन प्रक्रिया के लिए टीआईडीसी, दिल्ली की टीम को नामित किया गया है, जिसकी निगरानी में ट्रायल आयोजित हो रहा है। ट्रायल के दौरान द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित महासिंह रावत और महावीर प्रसाद के साथ लखनऊ SAI के मुख्य कोच साहिल शर्मा भी मौजूद हैं। तीन तस्वीरें देखिए…. 36-36 सीटों पर होगा चयन चयन के संबंध में डिप्टी डायरेक्टर सिगरा SAI NCOE शुभांशु द्विवेदी ने बताया - इस समय SAI की तरफ से इस NCEO सेंटर के लिए रेसलिंग डिस्प्लीन के ट्रायल हो रहे हैं। ये आवासीय योजना के लिए सेलेक्शन हो रहा है। हमारे पास पुरुष और महिला वर्ग में 36-36 सीट हैं। पूरी वैकेंसी फील की जाएगी जूनियर वर्ग में हम दो से तीन सीट वेकेंट भी रखेंगे की किसी कारणवश कोई रेसलर न आ पाए क्योंकि ये एडमिशन के सीजन चल रहे हैं। सीनियर कैटेगरी में वेट लिस्ट एक या दो होगी बस। आज शाम जारी होगी फाइनल लिस्ट शुभांशु द्विवेदी ने बताया - हम 60 से 70 की लिस्ट फाइनल करेंगे। जिसमें से 36-36 पहलवान अंतिम चयन ट्रायल में लिए जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया को शुचिता पूर्वक करवाने के लिए दो द्रोणाचार्य अवार्डी और साक्षी और विनेश फोगाट के कोच रह चुके साहिल शर्मा ट्रायल ले रहे हैं। 17 जुलाई शाम तक अंतिम फाइनल लिस्ट जारी हो जाएगी।
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

