उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने वाले बयान पर कर्नाटक में कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने
हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के मर्डर की सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने वाले युवक भूपेंद्र ढींगरा को यूपी पुलिस ने पकड़ लिया है। पुलिस के मुताबिक, भूपेंद्र गुरुग्राम की कृष्णा कॉलोनी का रहने वाला है और हरियाणवी सिंगर-एक्टर है। जब पुलिस ने उसे अरेस्ट किया, वह कर्नाटक के बेंगलुरु में होटल में शेफ का कार्य कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, 26 अगस्त को अंकित बालियान की जिम के बाहर गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके कुछ बाद ही भूपेंद्र ढींगरा ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर लिखा था- अंकित ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया था। उसे गंदी-गंदी गालियां दी थीं। इसी का बदला लेने के लिए उसने अंकित की हत्या कराई। यह हत्या दिनदहाड़े हुई और कोई उसे बचाने या रोकने के लिए सामने नहीं आया। इसके बाद वह लगातार अंकित बालियान और पुलिस को लेकर वीडियो डालता रहा। दो दिन पहले भी उसने कोर्ट में गोली मारेंगे पार्ट-2 सॉन्ग का एक पोस्टर जारी किया था। इसी को देखते पुलिस ने एक टीम उसे पीछे लगाई, जिसने बुधवार को ढींगरा को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने फेमस होने के लिए यह वीडियो डाला था। अंकित बालियान की 26 अगस्त को जिम के बाहर हुई थी हत्या 26 अगस्त को शामली के नालापटरी स्थित फिटनेस जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात को चार हथियारबंद बदमाशों ने अंजाम दिया था। हत्या के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें एक व्यक्ति ने अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी। जांच में पता चला कि जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो भूपेंद्र ढींगरा के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट किया गया था। हालांकि, शामली पुलिस ने हत्याकांड के पांच दिन बाद ही मुठभेड़ में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो शार्प शूटर मोहित और सुमित मारे गिराए थे। दोनों सोनीपत के रहने थे। पुलिस के अनुसार, दोनों अंकित की हत्या करने वाली टीम का हिस्सा थे। दो अन्य शूटर सत्यम कादियान और आर्यन संधु की पांच राज्यों में तलाश जारी है। ये दोनों भी हरियाणा के इस तरह ली थी अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी… मशहूर होने के लिए फर्जी वीडियो बनाया भूपेंद्र ढींगरा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। इंस्टाग्राम पर उसने 233 पोस्ट डाल रखी हैं। 7,640 लोग उसे फॉलो करते हैं। सिंगर यो-यो हनी सिंह सहित सात लोगों को वह फॉलो करता है। यूट्यूब पर भी भूपेंद्र ढींगरा नाम से उसका चैनल है, जिस पर 290 वीडियो डाले गए है। करीब दो हजार लोगों ने चैनल को सब्सक्राइब किया हुआ है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह सोशल मीडिया पर मशहूर होना चाहता था। उसे पता था कि चर्चित आपराधिक घटनाओं से जुड़ी पोस्ट तेजी से वायरल होती हैं। इसी वजह से उसने फॉलोअर्स और लाइक बढ़ाने के लिए अंकित बालियान हत्याकांड की फर्जी जिम्मेदारी लेने वाला वीडियो बना दिया। पुलिस के अनुसार, वीडियो पोस्ट करते समय आरोपी नशे में था। उसने सोशल मीडिया पर ऐसा दावा किया, जिससे लोगों को लगा कि उसका अंकित की हत्या से कोई संबंध है। सोनीपत का बदमाश भोलू भी ले चुका हत्या करने की जिम्मेदारी वहीं, सोनीपत निवासी भोलू शाहपुरिया भी इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ले चुका है। भोलू के खिलाफ सोनीपत समेत कई स्थानों पर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं। उसने खुद को ‘गोगी गैंग’ का मेंबर बताते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा था- ये जो शामली में अंकित बालियान का मर्डर हुआ है, इसकी पूरी जिम्मेदारी मैं भोलू शाहपुरिया (सोनीपत) लेता हूं। ये हमारे दुश्मनों का साथ देता था। हमारे गोगी भाई के साथ हुई घटना पर इसने गाना बनाया था। हमारे दुश्मनों का आपराधिक कामों में साथ देता था। इसका अंजाम इसको मिल गया। जो भी हमारे दुश्मनों का साथ देगा, उन सबका यही हाल होगा। ये तो शुरुआत है, सबका यही हाल होगा…। हत्याकांड की जांच कई एंगल पर जारी यूपी पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच में भूपेंद्र ढींगरा का अंकित बालियान हत्याकांड से कोई सीधा संबंध सामने नहीं आया है। उसकी ओर से सोशल मीडिया पर किया गया दावा केवल पुलिस जांच को गुमराह करने वाला था। वहीं, अंकित बालियान हत्याकांड की मुख्य जांच में पुलिस शूटरों और रेकी से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली अन्य पोस्ट और दावों की भी पुलिस जांच कर रही है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर की हत्या का जश्न मनाता नजर आया ढींगरा,VIDEO:रात को लाइव आया एक्टर, फ्रेंड्स पूछ रहे-ये क्या चल रहा; बालियान की पत्नी बोलीं-एनकाउंटर हो हरियाणवी गायक और एक्टर अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई हत्या जिम्मेदारी लेने वाले एक्टर भूपेंद्र ढींगरा शुक्रवार को भी सोशल मीडिया पर लाइव आया। इसमें वह हंसता और मनाता नजर आ रहा है। कुछ लोग उसे बधाई दे रहे है। (पूरी खबर पढ़ें)
805 में से 768 पेट्रोल पंप फेल! कर्नाटक में 'तेल चोरी' का बड़ा स्कैम
कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रिजवान अरशद ने 'मिशन निखरा' जांच में घटतौली पकड़े जाने के बाद तेल कंपनियों पर शिकंजा कस दिया है. 805 जांचे गए पेट्रोल पंपों में से 768 में कैलिब्रेशन खराबी मिली और 101 पर केस दर्ज हुआ.
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने पर सियासी घमासान, भाजपा ने कर्नाटक सरकार से की माफी की मांग
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताए जाने वाले बयान पर राजनीतिक विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है...
उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताने पर सियासी घमासान, भाजपा ने कर्नाटक सरकार से की माफी की मांग
New Delhi, 16 सितंबर . कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी. के. हरिप्रसाद द्वारा उमर खालिद को ‘राष्ट्रवादी’ बताए जाने वाले बयान पर Political विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है. अब भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे पर कर्नाटक की कांग्रेस Government पर जोरदार हमला बोला है और माफी की मांग की है. तेलंगाना भाजपा के ... Read more
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने पर सियासी घमासान, भाजपा ने कर्नाटक सरकार से की माफी की मांग
उमर खालिद को 'राष्ट्रवादी' बताने पर सियासी घमासान, भाजपा ने कर्नाटक सरकार से की माफी की मांग
पितृ पक्ष, आगामी शारदीय नवरात्र, करवाचौथ और धनतेरस-दीपावली जैसे बड़े पर्वों की आहट के साथ ही देश भर के करोड़ों परिवारों की रसोई में पकवानों की तैयारी शुरू हो चुकी है। ऐसे में हर गृहिणी और आम उपभोक्ता के मासिक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा रसोई गैस (LPG) के खर्च पर निर्भर करता है। तेल विपणन कंपनियों—इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)—ने आज 16 सितंबर 2026 को देश भर के सभी प्रमुख शहरों के लिए एलपीजी सिलेंडर के ताजा भाव अपडेट कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि त्योहारों से ठीक पहले घरेलू रसोई गैस (14.2 किलोग्राम) के दाम पूरी तरह स्थिर बने हुए हैं और आम उपभोक्ताओं की जेब पर कोई नया बोझ नहीं डाला गया है। वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और हलवाई कारोबारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 19 किलोग्राम के नीले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें भी महीने की पहली तारीख को हुए आंशिक संशोधन के बाद अपने तय स्तरों पर बनी हुई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, लखनऊ, पटना, कानपुर और जयपुर तक सिलेंडर बुक करने से पहले अपनी जेब का सही हिसाब लगाना बेहद जरूरी है।दिल्ली से पटना तक: देश के प्रमुख शहरों में 14.2 kg और 19 kg एलपीजी की पूरी रेट लिस्टदेश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट (VAT), राज्य टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन लॉजिस्टिक्स के आधार पर गैस सिलेंडरों के खुदरा भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। 16 सितंबर 2026 को प्रमुख महानगरों और राज्य की राजधानियों में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो घरेलू सिलेंडर और 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर के आधिकारिक भाव इस प्रकार दर्ज किए गए हैं:शहर / राज्य (City)घरेलू सिलेंडर (14.2 Kg)कमर्शियल सिलेंडर (19 Kg)प्रमुख श्रेणी / वितरण कंपनीनई दिल्ली (New Delhi)₹942.00₹2,747.50राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मानक दरमुंबई (Mumbai)₹941.50₹2,701.00पश्चिमी भारत की सबसे किफायती दरकोलकाता (Kolkata)₹968.00₹2,884.00पूर्वी महानगर दरचेन्नई (Chennai)₹957.50₹2,916.50दक्षिणी महानगर दरनोएडा / ग्रेटर नोएडा (UP)₹939.50₹2,738.00पश्चिमी यूपी एनसीआर दरगुरुग्राम / फरीदाबाद (Haryana)₹950.50₹2,755.00हरियाणा एनसीआर दरलखनऊ (Lucknow, UP)₹979.50₹2,860.50उत्तर प्रदेश राजधानी दरपटना (Patna, Bihar)₹1,031.50₹3,018.00बिहार राजधानी दरजयपुर (Jaipur, Rajasthan)₹945.50₹2,765.50राजस्थान राज्य दरबेंगलुरु (Bengaluru, Karnataka)₹944.50₹2,821.00कर्नाटक आईटी हब दरहैदराबाद (Hyderabad, Telangana)₹994.00₹2,985.00तेलंगाना राजधानी दरचंडीगढ़ (Chandigarh)₹951.50₹2,760.00पंजाब-हरियाणा संयुक्त दर14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर: करोड़ों परिवारों के मासिक बजट को बड़ी राहतघरेलू उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा सुकून यह है कि 14.2 किलोग्राम वाले सामान्य रसोई गैस सिलेंडर के दाम जून के बाद से अपरिवर्तित बने हुए हैं। दिल्ली में यह ₹942 और मुंबई में ₹941.50 पर उपलब्ध है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Brent Crude) और सऊदी कॉन्ट्रैक्ट प्राइस (Saudi CP) में उतार-चढ़ाव के बावजूद केंद्र सरकार और सरकारी तेल कंपनियों ने आम नागरिकों पर कोई अतिरिक्त मूल्य वृद्धि नहीं थोपी है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ में यह ₹979.50 और बिहार के पटना में दूरी व परिवहन लागत के चलते ₹1,031.50 प्रति सिलेंडर पर मिल रहा है। मध्यवर्गीय परिवारों के लिए यह स्थिरता इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आने वाले त्योहारों के दौरान रसोई गैस की खपत सामान्य दिनों के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर का गणित: रेस्टोरेंट, मिष्ठान भंडार और कैटरिंग पर असरव्यावसायिक प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढाबों और छोटे फूड स्टॉल्स के लिए 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की दरें सीधी लागत से जुड़ी होती हैं। तेल कंपनियों ने 1 सितंबर को कमर्शियल सिलेंडर के भाव में ₹9.50 से ₹11.50 प्रति सिलेंडर की मामूली वृद्धि की थी, जिसके बाद दिल्ली में इसका भाव ₹2,747.50 प्रति सिलेंडर है। चूंकि त्योहारों में खोया, पनीर, मिठाइयों और नमकीन का थोक उत्पादन शुरू हो जाता है, इसलिए कैटरर्स और हलवाईयों के लिए कमर्शियल गैस की मांग चरम पर रहती है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामूली वृद्धि होटल या रेस्टोरेंट के मेन्यू की कीमतों पर कोई खास नकारात्मक असर नहीं डालेगी, जिससे आम ग्राहकों को बाहर खाना खाने या त्योहारी मिठाइयां खरीदने में महंगाई का अतिरिक्त झटका नहीं लगेगा।प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY): ₹300 की सीधी सब्सिडी, ₹642 में मिल रहा सिलेंडरगरीब और ग्रामीण महिलाओं के लिए केंद्र सरकार की फ्लैगशिप 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PMUY) एक बड़ा वित्तीय सुरक्षा कवच बनी हुई है। सरकार द्वारा उज्ज्वला योजना के 10 करोड़ से अधिक लाभार्थी परिवारों को प्रति सिलेंडर ₹300 की सीधी सब्सिडी (Targeted Direct Subsidy) उनके बैंक खातों में डीबीटी (DBT) के जरिए भेजी जा रही है।उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए प्रभावी लागत का हिसाब:दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर की सामान्य कीमत: ₹942केंद्र सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी: ₹300 प्रति सिलेंडरलाभार्थी को पड़ने वाली वास्तविक प्रभावी लागत: मात्र ₹642 प्रति सिलेंडरउज्ज्वला योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को वित्तीय वर्ष में अधिकतम 12 सिलेंडरों पर यह ₹300 की सब्सिडी मिलती है। इस सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए लाभार्थी महिला का बैंक खाता उसके आधार कार्ड से लिंक और एनपीसीआई (NPCI) मैपर पर एक्टिव होना अनिवार्य है।घर बैठे 1 मिनट में गैस सिलेंडर बुक करने के 4 आसान और सुपरफास्ट डिजिटल तरीकेअब गैस एजेंसी के दफ्तर जाकर लाइन में लगने या बार-बार फोन लगाने के दिन लद चुके हैं। उपभोक्ता अपने मोबाइल से बिना किसी अतिरिक्त चार्ज के तुरंत बुकिंग कर सकते हैं:WhatsApp द्वारा बुकिंग:Indane (इंडियन ऑयल): अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 7588888824 पर वॉट्सऐप पर REFILL लिखकर भेजें।Bharat Gas (बीपीसीएल): वॉट्सऐप नंबर 1800224344 पर Hi या Book लिखकर मैसेज करें।HP Gas (एचपीसीएल): वॉट्सऐप नंबर 9222201122 पर चैट शुरू करके बुकिंग करें।मिस्ड कॉल सुविधा (Missed Call Booking):इंडेन ग्राहक अपने रजिस्टर्ड नंबर से 8454955555 पर मिस्ड कॉल देकर तुरंत सिलेंडर बुक करा सकते हैं।भारत गैस के उपभोक्ता 7710955555 पर मिस्ड कॉल दे सकते हैं।एलपीजी वितरक मोबाइल ऐप्स और उमंग (UMANG): इंडियन ऑयल वन (IndianOil ONE), भारत कनेक्ट (Bharat Connect), या एचपी पे (HP Pay) ऐप के जरिए ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट करके बुकिंग की जा सकती है, जहां कई बैंक ₹25 से ₹50 तक का इंस्टेंट कैशबैक भी देते हैं।आईवीआरएस (IVRS) टोल-फ्री कॉलिंग: अपने रजिस्टर्ड फोन से कंपनी के 24x7 आईवीआर नंबर पर कॉल करके अपनी क्षेत्रीय भाषा का चयन करें और स्वचालित वॉयस प्रॉम्प्ट के जरिए बुकिंग पूरी करें।LPG बायोमैट्रिक e-KYC और PNG का नया नियम: इन 2 बातों की अनदेखी पड़ सकती है भारीपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने गैस सब्सिडी और आपूर्ति की पारदर्शिता के लिए कुछ बेहद कड़े नियम लागू किए हैं, जिनका पालन हर उपभोक्ता के लिए अनिवार्य है:बायोमैट्रिक ई-केवाईसी (Biometric e-KYC): फर्जी और दोहरे गैस कनेक्शनों को समाप्त करने के लिए सरकार ने सभी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमैट्रिक ई-केवाईसी अनिवार्य कर रखी है। यदि आपने अभी तक अपनी संबंधित गैस एजेंसी पर जाकर फिंगरप्रिंट या आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन कराकर ई-केवाईसी पूरा नहीं कराया है, तो आपकी सब्सिडी रुक सकती है। हालांकि, कंपनियां स्पष्ट कर चुकी हैं कि ई-केवाईसी न होने पर भी सामान्य सिलेंडर की डिलीवरी नहीं रोकी जाएगी।PNG बनाम LPG नियम: यदि आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का एक्टिव पाइपलाइन कनेक्शन लग चुका है, तो मंत्रालय के संशोधित सुरक्षा नियमों के अनुसार आप एक ही परिसर में एलपीजी सिलेंडर का कनेक्शन नहीं रख सकते। ऐसे उपभोक्ताओं को अपना एलपीजी सिलेंडर सरेंडर करना होगा, ताकि देश में गैस आयात के दबाव को कम किया जा सके और पाइपलाइन वाले शहरों में गैस की निर्बाध आपूर्ति बनी रहे।सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय डिलीवरीमैन के सामने सील की जांच अवश्य करें और वजन मापने वाले कांटे से सिलेंडर का कुल वजन (सिलेंडर का वजन + 14.2 किलो गैस) तौलवाने का अपना उपभोक्ता अधिकार जरूर इस्तेमाल करें।
Karnataka में कम बारिश पर राजनीति न करें दल, DK Shivakumar ने किसानों को दिया मदद का भरोसा
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने मंगलवार को राजनीतिक दलों से अपील की कि वे कम बारिश के मुद्दे पर राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन न करें और न ही ग्रामीण आबादी के बीच घबराहट फैलाएं। किसानों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट के समय में उनकी मदद करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि खेती से जुड़ी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए ही मंगलुरु में कैबिनेट की बैठक बुलाई गई थी। उन्होंने कहा कि बारिश बहुत तेज़ी से कम हो रही है। मैं विधायकों से अपील करता हूं कि वे घबराएं नहीं। राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन करने की कोई ज़रूरत नहीं है। सरकार इस मामले को लेकर बहुत ज़्यादा चिंतित है। मैंने किसानों के मुद्दे पर एक विशेष सत्र बुलाया और मंगलुरु में ही कैबिनेट की बैठक की। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक सरकार के 100-दिन कार्यक्रम में सबको मिला था न्योता, DK Shivkumar ने दी सफाई इसके अलावा, शिवकुमार ने मशहूर इंजीनियर सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि देकर इंजीनियर्स डे मनाया और घोषणा की कि राज्य सरकार अब से हर साल आधिकारिक तौर पर यह दिन मनाएगी। उन्होंने कहा कि आज इंजीनियर्स डे मनाया जा रहा है। मैं सरकार की ओर से सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि दे रहा हूं। इंजीनियर इस देश की बड़ी संपत्ति हैं, वैज्ञानिक रिसर्च कर रहे हैं और हमारे सभी इंजीनियर मेहनती हैं। सर एम. विश्वेश्वरैया इस देश के लिए एक बेहतरीन रोल मॉडल हैं। हमारे राज्य में उनका योगदान बहुत बड़ा है। उन्होंने खुद मांग की थी कि सरकार को इंजीनियर्स डे मनाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि कर्नाटक में हर साल एक लाख से ज़्यादा इंजीनियर तैयार होते हैं, जो भारत में सबसे ज़्यादा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इंजीनियरिंग समुदाय के सम्मान में पूरे राज्य में इंजीनियर्स डे को मान्यता देने वाला सरकारी आदेश तुरंत जारी किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: Karnataka के शिक्षकों को सम्मान, नाम के आगे Tr लगाने की मिली मंजूरी उन्होंने कहा कि हमारे राज्य में हर साल एक लाख से ज़्यादा इंजीनियर तैयार हो रहे हैं। अगर भारत में इंजीनियरों की संख्या की बात करें, तो हम सभी जानते हैं कि हमारे राज्य में सबसे ज़्यादा इंजीनियर हैं। इसलिए, उन्हें सम्मान देना मेरा फ़र्ज़ है। मैंने तय किया है कि सरकार इस दिन को 'इंजीनियर्स डे' के तौर पर मनाएगी। मैं आज ही इसका आदेश जारी कर रहा हूँ। राज्य भर के सभी इंजीनियरों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए। आपको सम्मान देना हमारा फ़र्ज़ है।
देश के महान इंजीनियर रहे एम विश्वेश्वरैया का 15 सितंबर को जन्म हुआ था। वह देश के महान इंजीनियर, विद्वान और प्रशासक थे। उनको भारत के आधुनिक इंजीनियरिंग विकास के प्रमुख वास्तुकारों में गिना जाता है। उन्होंने भारतीय इंजीनियरिंग को नई दिशा देने का काम किया था। विश्वेश्वरैया ने सिंचाई के लिए ब्लॉक सिस्टम विकसित किया था, जिसको इंजीनियरिंग का अब तक का अद्भुत कारनामा माना जाता है। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एम विश्वेश्वरैया के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मैसूर राज्य के कोलार जिले के चिक्काबल्लापुर तालुक में 15 सितंबर 1860 को एम विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। वह तेलुगु परिवार से ताल्लुक रखते थे। शुरूआती शिक्षा गांव से पूरी होने के बाद 1880 में उन्होंने बीए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मैसूर सरकार की सहायता से पूना के साइंस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और पहला स्थान हासिल किया। इसे भी पढ़ें: Neem Karoli Baba Death Anniversary: जानिए Lakshman Narayan Sharma के Neem Karoli Baba बनने का सफर कर्नाटक का भगीरथ टॉरर होने के कारण महाराष्ट्र सरकार ने विश्वेश्वरैया को सहायक इंजीनियर के पद के लिए चुना। विश्वेश्वरैया के नाम मैसूर और कर्नाटक के क्षेत्रो में कृष्णराजसागर बांध सहित बहुत से निर्माण कार्य किए। जिसने कर्नाटक को एक नई ऊंचाइयों पर खड़ा कर दिया और आज भी विश्वेश्वरैया को कर्नाटक का भगीरथ भी कहा जाता है। उपलब्धियां वहीं कर्नाटक से बाहर विश्वेश्वरैया के नाम कम उपलब्धियां नहीं रही हैं। ग्वालियर का टिगरी डैम हो, सिंधु नदी से सुक्कुर कस्बे को पानी की आपूर्ति की योजना हो या साल 1952 में पटना में गंगा नदी पर राजेंद्र सेतु के निर्माण की योजना हो। विश्वेश्वरैया ने हर जगह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया। उन्होंने सिर्फ देश ही नहीं बल्कि मिस्र, कनाडा, अदन, अमेरिका और रूस में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। नियोजन पर किताबें देश के शुरूआती विकास का आधार रही पंचवर्षीय योजनाओं को शुरू करने की प्रेरणा रूस की पंचवर्षीय योजना से ली गई थी। साल 1928 में रूस द्वारा ऐसी योजनाएं शुरू की थी। लेकिन इससे 8 साल पहले साल 1920 में उन्होंने रीकंस्ट्रक्टिंग इंडिया पर ऐसी योजनाओं का जिक्र किया था। वहीं साल 1935 प्लांड इकोनॉमी ऑफि इंडिया किताब लिखी। विश्वेश्वरैया को लंबी और सेहतमंद उम्र के लिए भी जाना जाता है। 92 साल की उम्र में विश्वेश्वरैया ने पटना के राजेंद्र सेतु का निर्माण करवाया था। साल 1955 में उनको भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाया गया था। जब विश्वेश्वरैया 100 साल के लिए तो उनके सम्मान में एक डाक टिकट जारी किया गया। मृत्यु वहीं 14 अप्रैल 1962 को 101 साल की उम्र में एम विश्वेश्वरैया का निधन हो गया था।
कर्नाटक में दो हादसों में सात की मौत: फ्रिज फटने से चार लोगों ने गंवाई जान, दूध टैंकर की टक्कर में तीन की मौत two accidents in Karnataka: Four lost lives refrigerator exploded three died collision involving milk tanker
कल्याण कर्नाटक उत्सव 2026: मंत्री प्रियांक खड़गे ने लोगों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की
कलबुर्गी, 15 सितंबर . कर्नाटक के गृह, आईटी-बीटी और ई-गवर्नेंस मंत्री और कलबुर्गी जिले के प्रभारी मंत्री प्रियांक खड़गे ने Tuesday को जनता, युवाओं, छात्रों और परिवारों से 16 और 17 सितंबर को कलबुर्गी में होने वाले 79वें कल्याण कर्नाटक उत्सव-2026 में बड़ी संख्या में हिस्सा लेने की अपील की. कल्याण कर्नाटक के इतिहास, कला, ... Read more
'डोनाल्ड ट्रंप हमारी नकल कर रहे', कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का दावा
शिवकुमार ने कहा, 'हमारी नकल हो रही है। महाराष्ट्र में, मध्य प्रदेश में, राजस्थान में, बिहार में और अब ट्रंप हमारी नकल कर रहे हैं।' उन्होंने इसे कांग्रेस की ताकत बताया और कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के संविधान को देख रही है।
Karnataka में गंभीर सूखा, 200 से ज्यादा तालुका प्रभावित होने पर बोले DK Shivakumar
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहा है और 200 से ज़्यादा तालुका इससे प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सूखे से प्रभावित तालुकाओं को केंद्र के नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा। कनकपुरा में अपने आवास पर बोलते हुए शिवकुमार ने कहा कि कई इलाकों में फसलें बर्बाद हो गई हैं, भूजल स्तर गिर गया है और कई जगहों पर बुआई नहीं हो पाई है। शिवकुमार ने कहा इस बार हम गंभीर सूखे की स्थिति का सामना कर रहे हैं; 200 से ज़्यादा तालुका सूखे से प्रभावित हैं। सूखे से प्रभावित तालुकाओं को केंद्र के नियमों के अनुसार घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर फसलें बर्बाद हो गई हैं और भूजल का स्तर गिर गया है। कई जगहों पर बुआई नहीं हो पाई। आने वाले दिनों में पीने के पानी और बिजली की कमी और बढ़ने की आशंका है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान शिवकुमार ने बताया कि राज्य में बिजली की मांग काफी बढ़ गई है और सरकार को महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ़्ते 19,000 मेगावाट से ज़्यादा बिजली की मांग थी। 11-12 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदना मजबूरी थी। रात के समय बिजली की खपत बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने मंत्रियों को बिजली की उपलब्धता के बारे में पड़ोसी राज्यों से बातचीत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आगे कहा, कई कंपनियाँ हमारे राज्य में निवेश करने आ रही हैं और उन्होंने बिजली, पानी और ज़मीन की मांग की है। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक में 100 तालुकों में सूखा घोषित, DK Shivakumar ने बिजली और पानी संकट पर जताई चिंता कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने गौरी और गणेश त्योहारों के मौके पर राज्य के लोगों को बधाई दी और कहा कि सरकार सूखे की स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है। उन्होंने कहा कि मैं व्यक्तिगत रूप से और सरकार की ओर से कर्नाटक के लोगों को गौरी और गणेश त्योहार की हार्दिक बधाई देता हूँ। मैंने कई जगहों का दौरा किया है और सूखे की स्थिति का जायज़ा लिया है। पहले ही 102 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा चुका है और बाकी जगहों पर सर्वे चल रहा है। किसी को भी घबराने की ज़रूरत नहीं है। गणेश त्योहार के मौके पर शिवकुमार ने लोगों से अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में सूखे का असर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि विघ्न निवारक विनायक त्योहार के मौके पर हमें अच्छी बारिश के लिए प्रार्थना करनी चाहिए। आने वाले दिनों में सूखे की मार और बढ़ेगी। कीमतें आसमान छू रही हैं। जेली की कीमत 40 प्रतिशत बढ़ गई है; हम काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
गणेश शोभायात्रा में तैनात पुलिसकर्मियों का सम्मान करें, कर्नाटक के गृह मंत्री की अपील
Bengaluru, 14 सितंबर . कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने Monday को जनता से गणेश उत्सव के दौरान तैनात Policeकर्मियों के साथ सहयोग करने की अपील की. इसके साथ ही उन्होंने राज्य भर में शांतिपूर्ण उत्सव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा किए गए बलिदानों को रेखांकित किया. उन्होंने पिछले वर्ष के उत्सव ... Read more
गणेश चतुर्थी पर कर्नाटक सीएम शिवकुमार और आंध्र सीएम चंद्रबाबू नायडू समेत कई नेताओं ने दीं शुभकामनाएं
New Delhi, 14 सितंबर . गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार और आंध्र प्रदेश के Chief Minister चंद्रबाबू नायडू सहित कई नेताओं ने शुभकामनाएं दी हैं. कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार की ओर से social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा गया, “राज्य की समस्त जनता को गौरी-गणेश उत्सव ... Read more
हाथी लाने की केंद्र ने दी मंजूरी:जंगलों की सुरक्षा के लिए कर्नाटक से आएंगे 3 हाथी
प्रदेश टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में गश्ती बढ़ाने और रेस्क्यू अभियानों के लिए कर्नाटक से 3 प्रशिक्षित हाथी मप्र लाए जाएंगे। इन हाथियों की तैनाती रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में की जा सकेगी। ये हाथी कर्नाटक के शिमोगा (शिवागोमा) वन्यप्राणी मंडल स्थित सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से लाए जाएंगे। इसके लिए 4 हाथियों का चयन भी कर लिया गया है। इनमें नर हाथी धनुष, इरावत, आले और मादा हाथी हेमावती शामिल हैं। इन्हीं में से 3 हाथी मप्र आएंगे। मप्र की पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) समीता राजौरा ने कर्नाटक सरकार के पीसीसीएफ (वाइल्डलाइफ) को पत्र लिखकर हाथी मप्र भेजने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा है। गौरतलब है कि मप्र वन विभाग को केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने कर्नाटक से कुल 14 हाथी लाने की अनुमति दी थी। इसके तहत अब तक 11 हाथी पूर्व में ही मप्र लाए जा चुके हैं। अब बचे हुए 3 हाथियों को लाने की कवायद शुरू की गई है। जो हाथी रेस्क्यू ऑपरेशन में इस्तेमाल होते हैं वे जंगली नहीं होते, बल्कि उन्हें बचपन से ही प्रशिक्षित (ट्रेनिंग) किया जाता है। यह महावतों के नियंत्रण में रहकर काम करते हैं। जनवरी-फरवरी 2023 में कर्नाटक के सेग्रेबिलु एलिफेंट कैंप से ''''रवि'''' और ''''शिवा'''' नाम के दो नर हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व लाए गए थे। इसके पहले नवंबर-दिसंबर 2022 में कर्नाटक के ही बांदीपुर टाइगर रिजर्व के रामपुरा कैंप से 4 हाथी (कृष्ण, गजा, मरीशा और पूजा) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में लाए गए थे। दिसंबर 2022 में मडीकेरी के दुबारी एलिफेंट कैंप से 5 नर हाथी—जनरल थिम्मैया, जनरल करियप्पा, बाली, लावा और मारुति को पेंच टाइगर रिजर्व लाया गया था।
कावेरी जल बंटवारे पर कर्नाटक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 सितंबर को करेगा सुनवाई
कावेरी जल बंटवारे पर कर्नाटक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 14 सितंबर को करेगा सुनवाई
दही मिलाकर बनाएं कर्नाटक की फेमस कद्दू कडुबू, नोट करें रेसिपी
कद्दू की सब्जी तो बहुत खाई होगी, लेकिन एक बार नाश्ते में कर्नाटक की फेमस डिश पंपकिन कडुबू बनाकर खाएं. इस रेसिपी को बनाने में बिल्कुल मेहनत नहीं लगती है और न ही घंटों रसोई में खड़े होना पड़ता है. इस डिश को आप झटपट ब्रेकफास्ट में बना सकते हैं. आइए आपको इसकी आसान रेसिपी बताते हैं.
Gorakhpur News: सीआईएससीई राष्ट्रीय क्रिकेट में रोमांचक मुकाबले, कर्नाटक-गोवा का शानदार प्रदर्शन
Thrilling matches in CISCE National Cricket; impressive performances by Karnataka and Goa.
भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की
भाजपा ने 'वंदे मातरम' कानून का पालन न करने पर कांग्रेस और कर्नाटक सरकार की आलोचना की
कॉलेजियम ने न्यायिक अधिकारी यश पाल बॉर्नी को भी जम्मू-कश्मीर और लद्दाख उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की भी सिफारिश की।
Marital Rape मामले पर Supreme Court में जबरदस्त घमासान, Parliament के पाले में आई गेंद!
वैवाहिक बलात्कार को अपराध घोषित करने की मांग पर चल रही बहस अब सुप्रीम कोर्ट के सामने उस बुनियादी सवाल तक पहुंच गई है, जहां अदालत को यह तय करना है कि क्या वह मौजूदा आपराधिक कानून की स्पष्ट सीमा को बदलकर एक नया अपराध लागू कर सकती है। बुधवार को सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने इसी सवाल पर गंभीर टिप्पणी की और केंद्र सरकार की इस दलील से सहमति जताई कि इस अत्यंत संवेदनशील और जटिल मुद्दे पर अंतिम फैसला संसद को करना चाहिए। पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 20(1) का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि जब मौजूदा कानून किसी कृत्य को अपराध के रूप में परिभाषित ही नहीं करता, तो उसके लिए किसी व्यक्ति को आपराधिक रूप से दंडित कैसे किया जा सकता है। हम आपको बता दें कि अनुच्छेद 20(1) स्पष्ट करता है कि किसी व्यक्ति को उस समय लागू कानून के उल्लंघन के अलावा किसी अपराध के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इसे भी पढ़ें: Karnataka Case: 'सेक्स स्लेव' फैसले को चुनौती, Supreme Court में Personal Liberty पर बहस मौजूदा कानून में यही सबसे महत्वपूर्ण पेच है। भारतीय दंड संहिता की धारा 375 में Exception 2 के तहत पत्नी के साथ पति द्वारा यौन संबंध को बलात्कार की परिभाषा से बाहर रखा गया था। पत्नी की उम्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 2017 के फैसले के बाद यह सीमा 18 वर्ष से संबंधित हो गई। अब भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 63(2) में भी इसी प्रकार का अपवाद मौजूद है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बेहद अहम सवाल उठाया कि जब कानून ने किसी आचरण को अपराध की श्रेणी में रखा ही नहीं है, तो अदालत उसे अपराध मानकर अभियोजन की अनुमति कैसे दे सकती है? पिछली सुनवाई में भी पीठ ने पूछा था कि क्या संवैधानिक अदालतें खुद आपराधिक कानून को दोबारा लिखकर नया अपराध बना सकती हैं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि मामला सामाजिक, कानूनी और संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत जटिल है और इसका समाधान संसद के स्तर पर होना चाहिए। अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि यदि सरकार को लगता है कि मौजूदा कानून में समस्या है, तो उसे संसद की मंजूरी के साथ कानून को दोबारा तैयार करना चाहिए। यानी सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल एक महत्वपूर्ण संवैधानिक सीमा रेखा खींच दी है कि कानून की व्याख्या अदालत कर सकती है, लेकिन संसद द्वारा स्पष्ट रूप से बनाए गए आपराधिक प्रावधान को बदलकर नया अपराध बनाना अलग प्रश्न है। हालांकि अदालत ने महिलाओं की पीड़ा को किसी भी तरह कमतर नहीं आंका। पीठ ने साफ कहा कि पति द्वारा उसकी इच्छा के विरुद्ध यौन संबंध के लिए मजबूर की गई महिला “निश्चित रूप से पीड़िता” है। असली सवाल यह है कि ऐसी स्थिति में पति पर बलात्कार का मुकदमा चलाने का कानूनी आधार क्या होगा, जब वर्तमान कानून स्वयं वैवाहिक संबंध के लिए अपवाद प्रदान करता है। हम आपको बता दें कि कर्नाटक से जुड़े एक मामले ने इस बहस को और पेचीदा बना दिया है। वहां हाई कोर्ट ने ऐसे पति के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दी थी जिस पर पत्नी के साथ लगभग “सेक्स स्लेव” जैसा व्यवहार करने का आरोप था। सुप्रीम कोर्ट अब इस मामले को पहले सुनने पर विचार कर रहा है, ताकि यह देखा जा सके कि मौजूदा कानून की व्याख्या के जरिए अभियोजन संभव है या नहीं। दूसरी ओर, याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि विवाह किसी महिला की शारीरिक स्वायत्तता और सहमति के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता। वरिष्ठ अधिवक्ता करुणा नुंडी ने कहा कि अदालत को नया अपराध बनाने की जरूरत नहीं है; बलात्कार पहले से परिभाषित अपराध है और सवाल केवल इतना है कि क्या पतियों को उससे संवैधानिक संरक्षण देना उचित है। उधर, केंद्र सरकार इसके विपरीत विवाह की भारतीय सामाजिक संरचना, आपराधिक कानून के संभावित दुरुपयोग और सबूत जुटाने की कठिनाइयों को प्रमुख आधार मान रही है। सरकार का तर्क है कि पति-पत्नी के बीच बंद दरवाजों के भीतर सहमति या असहमति साबित करना सामान्य यौन अपराधों की तुलना में अधिक जटिल होगा। वैवाहिक विवादों में गंभीर आपराधिक धाराओं के इस्तेमाल की आशंका भी सरकार की चिंता का हिस्सा है। केंद्र सरकार का यह भी कहना है कि पश्चिमी देशों के कानूनी मॉडल को भारत की सामाजिक और पारिवारिक परिस्थितियों पर सीधे लागू नहीं किया जा सकता। भारत में विवाह केवल दो व्यक्तियों का संबंध नहीं, बल्कि व्यापक पारिवारिक और सामाजिक ढांचे से जुड़ी संस्था है। इसी आधार पर सरकार “पश्चिमी मॉडल की अंधी नकल” से बचने की बात करती है। वहीं बहस का एक वैचारिक पक्ष भी है। दरअसल वैवाहिक बलात्कार की पश्चिमी अवधारणा को भारतीय पारिवारिक व्यवस्था पर उसी रूप में लागू करने की कोशिश भारतीय विवाह संस्था को कमजोर कर सकती है। देखा जाये तो ऐसी अवधारणाएं भारतीय सामाजिक व्यवस्था को व्यक्तिगत अधिकारों की अत्यधिक कानूनी व्याख्या के जरिए छिन्न-भिन्न कर सकती हैं। दूसरी ओर, वैवाहिक बलात्कार को अपराध मानने की मांग के पीछे भारतीय महिलाओं के अधिकार और शारीरिक स्वायत्तता से जुड़े तर्क भी हैं। फिलहाल केंद्र का रुख स्पष्ट है कि घरेलू हिंसा, क्रूरता और शारीरिक हमले जैसी मौजूदा कानूनी धाराओं के तहत पीड़ित पत्नी को संरक्षण उपलब्ध है; बलात्कार की कानूनी परिभाषा में बदलाव करना हो तो वह व्यापक सामाजिक विमर्श, विशेषज्ञों से परामर्श और संसद में बहस के बाद होना चाहिए। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की है। इसलिए अब असली लड़ाई केवल “वैवाहिक बलात्कार अपराध है या नहीं” की नहीं, बल्कि इस बड़े संवैधानिक प्रश्न की है कि भारत में आपराधिक कानून की नई सीमा कौन तय करेगा, न्यायपालिका या संसद? -नीरज कुमार दुबे
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
अगर आप रोज-रोज एक ही तरह के पकौड़े या नमकीन खाकर बोर हो गए हैं, तो इस बार कर्नाटक के मशहूर मद्दुर वड़े को जरूर ट्राई करें।
Karnataka Teacher recruitment 2026: 900 पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
pc: kalingatv कर्नाटक के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य भर में सामान्य कन्नड़ टीचरों के 900 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मंगाए हैं। ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। चुने गए कैंडिडेट्स को अलग-अलग एजुकेशनल जिलों में क्लास 1 से 5 तक के प्राइमरी स्कूलों में स्टूडेंट्स को पढ़ाने के लिए पोस्ट किया जाएगा। योग्य और इच्छुक कैंडिडेट्स को एप्लीकेशन जमा करने से पहले अपने जिले के लिए लागू नोटिफिकेशन देखना होगा। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई करने के लिए कैंडिडेट को ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे और कर्नाटक राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आयोजित ज़रूरी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करना होगा। एकेडमिक एलिजिबिलिटी ज़रूरतों के हिस्से के तौर पर, कैंडिडेट्स को प्री-यूनिवर्सिटी कोर्स (PUC) में कम से कम 50 परसेंट मार्क्स लाने होंगे। कैंडिडेट के पास दो साल का डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (DElEd), चार साल का बैचलर ऑफ़ एलिमेंट्री एजुकेशन (BElEd) या दो साल का डिप्लोमा इन एजुकेशन इन स्पेशल एजुकेशन होना चाहिए। एलिजिबल एग्जाम में कर्नाटक टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (KARTET) और सेंट्रल टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET) शामिल हैं। कैंडिडेट को यह पक्का करना चाहिए कि वे तय एकेडमिक और प्रोफेशनल क्वालिफिकेशन पूरी करने के साथ-साथ TET की ज़रूरत भी पूरी करते हों। कर्नाटक टीचर भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्कूल शिक्षा विभाग, कर्नाटक की ऑफिशियल वेबसाइट schooleducation.karnataka.gov.in पर जाएं या डिपार्टमेंट के पोर्टल schooleducation.karnataka.gov.in/cacell के CACELL सेक्शन में जाएं डिटेल्स को ध्यान से पढ़ने के लिए नोटिफिकेशन पर क्लिक करें जिले के हिसाब से नोटिफिकेशन के अनुसार एप्लीकेशन फॉर्म भरें, और डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें अगर लागू हो तो एप्लीकेशन फीस दें एप्लीकेशन फॉर्म जमा करें जमा किया गया एप्लीकेशन फॉर्म डाउनलोड करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट ले लें।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

