देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पूरी तरह से विदाई के बाद अब भारत के दो अलग-अलग हिस्सों में मौसम का विरोधाभासी मिजाज देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर भारत में सुबह-शाम की गुलाबी ठंड और शुष्क मौसम ने पैर पसार लिए हैं, वहीं दक्षिण भारत में एक बार फिर मौसमी परिस्थितियां तेजी से बिगड़ने वाली हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के ऊपर बन रहे चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) तथा पूर्वोत्तर मानसून (North-East Monsoon) की आगामी गतिविधियों के प्रभाव से दक्षिण भारत के प्रायद्वीपीय हिस्से में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और कर्नाटक के कई जिलों में आगामी 25-26 अक्टूबर तक तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण और स्मॉग के बीच लोग यह सवाल पूछ रहे हैं कि राष्ट्रीय राजधानी में आसमान साफ करने वाली बारिश कब होगी।दक्षिण भारत में क्यों बिगड़ेगा मौसम? चक्रवाती दबाव और बादलों का जमावड़ामौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती दबाव के कारण समुद्र से भारी मात्रा में नमी तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही अरब सागर के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में भी ट्रफ रेखा सक्रिय है। इन दोनों प्रणालियों के आपस में मिलने से बादलों की विशाल संरचना तैयार हो रही है, जिससे दक्षिण प्रायद्वीप में गरज-चमक (Thunderstorm) और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) की घटनाएं अचानक बढ़ गई हैं।आईएमडी का कहना है कि यह मौसमी बदलाव पूर्वोत्तर मानसून की सामान्य शुरुआत का अग्रदूत है। अगले 4 से 5 दिनों तक दक्षिणी राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है।तमिलनाडु और पुडुचेरी: चेन्नई समेत तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनीतमिलनाडु में अगले तीन से चार दिनों के दौरान सबसे ज्यादा मौसमी असर देखने को मिलेगा। राजधानी चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, विल्लुपुरम, कुड्डालोर और नागापट्टिनम सहित डेल्टा जिलों में बादलों का घना डेरा रहने और कई दौर की मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान है।आईएमडी ने कुछ स्थानों पर 'भारी से बहुत भारी' बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। लगातार होने वाली बारिश के कारण चेन्नई और मदुरै जैसे निचले शहरी इलाकों में जलजमाव और ट्रैफिक की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। मछुआरों को तमिलनाडु, पुडुचेरी और मन्नार की खाड़ी के तटों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।केरल और कर्नाटक: पश्चिमी घाट के पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतराकेरल में भी मौसम पूरी तरह करवट ले चुका है। तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली चमकने की आशंका है। विशेष रूप से इडुक्की और वायनाड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के चलते मिट्टी धंसने (Landslides) का जोखिम बढ़ सकता है, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन को आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल सक्रिय रखने को कहा गया है।वहीं, कर्नाटक के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka), जिनमें बेंगलुरु, मैसूरु, हासन और चामराजनगर शामिल हैं, में भी रुक-रुक कर तेज बारिश के आसार हैं। तटीय कर्नाटक के मैंगलोर और उडुपी में भी समुद्री हवाओं के कारण मौसम नम और तूफानी बना रहेगा।दिल्ली-एनसीआर में कब होगी बारिश? जानिए मौसम विभाग का सटीक पूर्वानुमानदक्षिण के उलट, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आसमान मुख्य रूप से साफ और मौसम पूरी तरह शुष्क बना हुआ है। दिन के समय तेज धूप खिल रही है जबकि रात और तड़के न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज हो रहा है।दिल्ली में बारिश की संभावना को लेकर मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में एक कमजोर 'पश्चिमी विक्षोभ' (Western Disturbance) 23-24 अक्टूबर के आसपास सक्रिय हो सकता है। इसके असर से:24 और 25 अक्टूबर को आंशिक बदलाव: दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में 24 और 25 अक्टूबर के दौरान बादलों की हल्की आवाजाही देखने को मिल सकती है और कहीं-कहीं छिटपुट बूंदाबांदी (Isolated/Scattered Drizzle) दर्ज हो सकती है।भारी बारिश की संभावना नहीं: दिल्ली में किसी बड़े स्तर की भारी या तेज बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। मौसम मुख्य रूप से शुष्क ही बना रहेगा।तापमान और ठंड पर असर: 25 अक्टूबर के बाद उत्तर-पश्चिमी हवाओं के तेज होने से दिल्ली में रात के तापमान में 2 से 3 डिग्री की और गिरावट आएगी, जिससे रात में ठंडक बढ़ेगी और सुबह के समय हल्की धुंध व स्मॉग का दायरा फैल सकता है।त्योहारों से पहले किसानों और यात्रियों के लिए सलाहदक्षिण भारत में जारी इस भारी बारिश के चलते धान और अन्य खरीफ फसलों की कटाई में जुटे किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटी हुई उपज को सुरक्षित गोदामों या तिरपाल से ढंककर रखें। वहीं, दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को सलाह दी गई है कि आने वाले दिनों में बारिश न होने और हवा की गति धीमी रहने के कारण प्रदूषण स्तर (AQI) 'खराब' से 'बहुत खराब' श्रेणी में जा सकता है, इसलिए सांस और एलर्जी के मरीज सुबह के समय मास्क का प्रयोग करें। दक्षिण भारत की यात्रा करने वाले यात्रियों को उड़ानों और ट्रेनों के ताजा शेड्यूल की जांच करने के बाद ही निकलने की हिदायत दी गई है।
साउथ इंडिया में फिर बिगड़ेगा मौसम, तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश, दिल्ली में कब होगी बारिश?
नई दिल्ली: CNBC-TV18 की रिपोर्ट के अनुसार देश के कई राज्यों एक बार फिर तेज बारिश होने वाली है। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, तमिलनाडु (Tamil Nadu), पुडुचेरी (Puducherry) और कराईकल (Karaikal) में 21 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी के पास अगले 24 घंटे में लो-प्रेशर एरिया बन रहा है, जिसकी वजह से ये बारिश होगी। तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 22 अक्टूबर तक तेज बारिश का दौर रहेगा, तो वहीं कुछ जगहों पर 26 अक्टूबर तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।केरल और कर्नाटक में भी अलर्टकेरल (Kerala) और माहे (Mahe) में भी मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है। यहां 26 अक्टूबर तक बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक (Karnataka) के अंदरूनी इलाकों में 21 से 24 अक्टूबर के बीच तेज बारिश का अलर्ट है।इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) और रायलसीमा (Rayalaseema) में भी आज भारी बारिश हो सकती है। अंडमान-निकोबार (Andaman and Nicobar) में भी 26 अक्टूबर तक बारिश का अनुमान है, जहां 24 अक्टूबर तक कुछ जगहों पर तेज बारिश होगी।एमपी और महाराष्ट्र में भी बरसेंगे बादलIMD का कहना है कि मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh), महाराष्ट्र (Maharashtra) और नॉर्थ-ईस्ट (North-East) के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि हर जगह बारिश एक जैसी नहीं होगी। बारिश की वजह बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो-प्रेशर सिस्टम है। इसके अलावा थाईलैंड की खाड़ी में बना एक और सिस्टम बुधवार को अंडमान सागर की तरफ बढ़ सकता है।दिल्ली-NCR में अभी मौसम साफ रहेगादिल्ली-NCR (Delhi-NCR) में अभी मौसम साफ रहेगा। यहां दिन का तापमान 31 से 33 डिग्री और रात का 18 से 20 डिग्री के आसपास रह सकता है। लेकिन हफ्ते के आखिर में मौसम बदल सकता है। दिल्ली (Delhi), हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) में 24 और 25 अक्टूबर को बारिश होने की संभावना है।बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर बन सकता हैमौसम विभाग के मुताबिक, 23 अक्टूबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में एक और लो-प्रेशर एरिया बन सकता है। ये सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और मजबूत हो सकता है। अगले कुछ दिन साउथ इंडिया के लिए भारी रहने वाले हैं। अगर आप तमिलनाडु (Tamil Nadu), केरल (Kerala) या कर्नाटक (Karnataka) में हैं तो थोड़ा संभल कर रहें और IMD की सलाह का पालन करें। वहीं दिल्ली-NCR (Delhi-NCR) वालों को अभी 2-3 दिन राहत मिलेगी, लेकिन वीकेंड पर मौसम का मिजाज बदल सकता है, इसलिए थोड़ा अलर्ट रहना बेहतर होगा।
देशभर में मानसून की आधिकारिक विदाई के बाद अब मौसमी गतिविधियों में दोहरा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सुबह और शाम की गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है, वहीं बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण दक्षिण और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम फिर करवट ले रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कल यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 के लिए एक ताजा मौसम बुलेटिन जारी किया है। इसके तहत मध्य प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना सहित 6 प्रमुख राज्यों में तेज हवाओं (30 से 50 किमी/घंटा), गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने का येलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। त्योहारों के बीच अचानक बदले इस मौसमी मिजाज ने आम लोगों, यात्रियों और दशहरा मेलों के आयोजकों की चिंता बढ़ा दी है।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर अंडमान सागर और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) विकसित हो रहा है। इसके प्रभाव से तटीय प्रायद्वीपीय भारत में पूर्वी हवाओं का दबाव बढ़ गया है, जिससे भारी मात्रा में नमी का प्रवाह हो रहा है। इसके साथ ही मध्य भारत के ऊपर विपरीत हवाओं के मिलन से गरज-चमक वाले बादलों का निर्माण हो रहा है। इस वेदर सिस्टम के चलते अगले तीन से चार दिनों तक दक्षिण भारत के बड़े हिस्से में रुक-रुक कर भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का पूर्वानुमान है।केरल और माहे: 21 से 24 अक्टूबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनीमौसम विभाग के अनुसार, केरल और माहे में कल 21 अक्टूबर से मौसमी गतिविधियों में भारी तेजी आने की संभावना है। राज्य के कई जिलों में व्यापक स्तर पर हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है। आईएमडी ने तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जैसे संवेदनशील पहाड़ी और तटीय इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।तटीय इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने के आसार हैं। अरब सागर से उठने वाली ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की हिदायत दी गई है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी धंसने (लैंडस्लाइड) की आशंका को देखते हुए स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।आंध्र प्रदेश और रायलसीमा: तेज हवाओं के साथ वज्रपात का संकटआंध्र प्रदेश के तटीय जिलों, यनम और रायलसीमा के क्षेत्रों में कल 21 अक्टूबर को बादलों की जोरदार आवाजाही के साथ कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। आईएमडी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, विशाखापट्टनम, काकीनाडा, नेल्लोर, प्रकाशम, अनंतपुर और चित्तूर जिलों में छिटपुट भारी बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं।विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि खुले आसमान, खेतों और पेड़ों के नीचे काम करने वाले किसान विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने (Cloud to Ground Lightning) की प्रबल आशंका बनी हुई है। आंधी-तूफान के चलते बिजली के खंभे और पुराने पेड़ों की टहनियां टूटने से स्थानीय स्तर पर यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।तमिलनाडु और पुडुचेरी: 17 जिलों में येलो अलर्ट, चेन्नई में झमाझम की तैयारीपूर्वोत्तर मानसून (नॉर्थ-ईस्ट मानसून) के सक्रिय होने की सुगबुगाहट के बीच तमिलनाडु के मौसम में बड़ा उलटफेर दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने कल 21 अक्टूबर के लिए चेन्नई, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, कुड्डालोर, तिरुचिरापल्ली और तंजावुर सहित 17 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।राजधानी चेन्नई और आसपास के उपनगरीय इलाकों में दिनभर घने बादल छाए रहने और दोपहर बाद या शाम के समय गरज के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना है। यहां हवा की रफ्तार 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। चक्रवाती दबाव के मजबूत होने के चलते तटीय तमिलनाडु में 23 अक्टूबर तक यह नम मौसम बरकरार रहने का अनुमान है।मध्य प्रदेश में अचानक क्यों बदलेगा मौसम? जानिए किन जिलों में असरउत्तर भारत से मानसून की विदाई के बाद मध्य प्रदेश में मौसम अमूमन शुष्क हो जाता है, लेकिन बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मध्य भारत के ऊपर बन रही ट्रफ रेखा के प्रभाव से राज्य के दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में कल मौसम करवट लेगा।बैतूल, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, खंडवा, बुरहानपुर और जबलपुर संभाग के कुछ इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने, दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है। हालांकि, पश्चिमी और उत्तरी मध्य प्रदेश (ग्वालियर, चंबल, भोपाल और इंदौर) में मौसम मुख्य रूप से साफ रहेगा, जहां रात के पारे में हल्की गिरावट के साथ ठंडक का अहसास बढ़ेगा।कर्नाटक और तेलंगाना: आंतरिक इलाकों में तेज बौछारें और आंधी का अनुमानकर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों (South Interior Karnataka), जिनमें बेंगलुरु, मैसूरु, हासन और चामराजनगर शामिल हैं, में कल 21 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश और 30 से 50 किमी/घंटे की गति से हवाएं चल सकती हैं।पड़ोसी राज्य तेलंगाना के कई जिलों, विशेषकर हैदराबाद, खम्मम, वारंगल और नलगोंडा में दोपहर या शाम के समय थंडरस्टॉर्म और आकाशीय बिजली कड़कने की घटनाएं सामने आ सकती हैं। अचानक आने वाली तेज बौछारों के चलते शहरी इलाकों में ट्रैफिक जाम और जलजमाव की स्थिति पैदा हो सकती है।उत्तर भारत और दिल्ली-एनसीआर: खिली धूप और शुष्क मौसम के साथ बढ़ेगी गुलाबी ठंडदक्षिण और मध्य भारत के विपरीत, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और बिहार में कल मौसम पूरी तरह शुष्क और साफ बना रहेगा। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किए जाने का अनुमान है।उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे प्रमुख शहरों में दिन में चटक धूप खिली रहेगी, जबकि रात और सुबह के समय मंद-मंद ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट महसूस होगी। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर बर्फबारी न होने तक उत्तर भारत के मैदानी भागों में फिलहाल बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, जिससे त्योहारी खरीदारी और आउटडोर आयोजनों में मौसम पूरी तरह अनुकूल बना रहेगा। जिन 6 राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, वहां के नागरिकों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासनिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
देश की सिलिकॉन वैली बेंगलुरू और वित्तीय राजधानी मुंबई के बीच दैनिक व व्यावसायिक सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए भारतीय रेलवे की ओर से बेहद शानदार खबर सामने आई है। रेल मंत्रालय आगामी 1 नवंबर 2026 को कर्नाटक राज्योत्सव (Karnataka Rajyotsava) के शुभ अवसर पर देश की बहुप्रतीक्षित 'बेंगलुरू-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस' (Bengaluru-Mumbai Vande Bharat Sleeper) का वाणिज्यिक परिचालन शुरू करने की तैयारी में है। अत्याधुनिक सुविधाओं, विश्वस्तरीय सुरक्षा प्रणाली और हाई-स्पीड ट्रैक्शन से लैस यह स्लीपर ट्रेन दोनों महानगरों के बीच यात्रा के समय में सीधे 7 से 8 घंटे की भारी कटौती करेगी। वर्तमान में जहां पारंपरिक सुपरफास्ट ट्रेनों को इस दूरी को तय करने में 21 से 23 घंटे का लंबा वक्त लगता है, वहीं यह नई स्लीपर ट्रेन इस पूरे सफर को महज 13 से 14 घंटे में समेट देगी।बेंगलुरू और मुंबई के बीच आईटी प्रोफेशनल्स, बिजनेसमैन, स्टार्टअप फाउंडर्स और आम यात्रियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। हवाई किराए में त्योहारी और पीक सीजन के दौरान होने वाली बेतहाशा बढ़ोतरी तथा मौजूदा ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट के चलते एक तेज, आरामदायक और समय की बचत कराने वाली प्रीमियम रेल सेवा की मांग लंबे समय से की जा रही थी। रेलवे बोर्ड ने कर्नाटक स्थापना दिवस के ऐतिहासिक दिन को इस ट्रेन की लॉन्चिंग के लिए चुनकर राज्य की जनता को बड़ा तोहफा दिया है। यह ट्रेन न केवल सफर को सुगम बनाएगी बल्कि दक्षिण भारत और पश्चिमी भारत के औद्योगिक गलियारे को भी मजबूती प्रदान करेगी।8 घंटे कम होगा सफर का समय: रात में बैठिए और सुबह पहुंचिए मुंबईवर्तमान समय में बेंगलुरू के क्रांतिवीर संगोली रायण्णा (KSR) स्टेशन या यशवंतपुर से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) के बीच चलने वाली नियमित ट्रेनें जैसे उद्यान एक्सप्रेस या कोयंबटूर-एलटीटी एक्सप्रेस लगभग 1,100 से अधिक किलोमीटर का फासला तय करने में 21 घंटे 30 मिनट से लेकर 24 घंटे तक का समय ले लेती हैं।वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को अधिकतम 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के अनुकूल डिजाइन किया गया है, हालांकि ट्रैक की मौजूदा स्थिति के आधार पर यह औसतन 110 से 130 किमी/घंटे की गति से दौड़ेगी। इस उच्च गति और त्वरित त्वरण (क्विक एक्सेलेरेशन) की बदौलत ट्रेन कुल यात्रा समय को घटाकर करीब 13 से 14 घंटे कर देगी। प्रस्तावित समय सारिणी के अनुसार, ट्रेन बेंगलुरू से शाम के समय रवाना होगी और अगली सुबह तड़के यात्रियों को मुंबई पहुंचा देगी। इसी तरह मुंबई से वापसी में भी ओवरनाइट (रातभर की) यात्रा का ऐसा ही शेड्यूल रखा जा रहा है, जिससे यात्रियों के होटल का खर्च और कार्यदिवस का कीमती समय दोनों बचेंगे।संभावित रूट और प्रमुख स्टॉपेज: कर्नाटक और महाराष्ट्र के इन शहरों को होगा सीधा फायदाबेंगलुरू-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का परिचालन हुबली-धारवाड़ और पुणे के रास्ते किए जाने का प्रस्ताव है, जिससे दोनों राज्यों के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों को तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।ट्रेन कर्नाटक के एसबीसी (KSR Bengaluru) या यशवंतपुर जंक्शन से रवाना होकर दावणगेरे, हुबली (Hubballi), धारवाड़ और बेलगावी (Belagavi) जैसे प्रमुख उत्तरी कर्नाटक के शहरों से गुजरेगी। इसके बाद यह महाराष्ट्र की सीमा में प्रवेश कर मिराज, सांगली, सतारा, पुणे (Pune Junction) और ठाणे होते हुए छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचेगी। बेलगावी और हुबली के यात्रियों के लिए यह सेवा एक क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी, क्योंकि वहां से मुंबई और बेंगलुरू दोनों की दूरी चंद घंटों में तय हो सकेगी।राजधानी एक्सप्रेस से भी बेहतर सुविधाएं: ऐसा है वंदे भारत स्लीपर का इंटीरियरइंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) द्वारा निर्मित इस 16 कोच वाली वंदे भारत स्लीपर रैक में यात्रियों के आराम का विशेष ख्याल रखा गया है। ट्रेन में 11 थर्ड एसी (3A) कोच, 4 सेकंड एसी (2A) कोच और 1 फर्स्ट एसी (1A) कोच शामिल होंगे:अल्ट्रा-सॉफ्ट कुशनिंग और एर्गोनॉमिक बर्थ: झटकों से मुक्त यात्रा के लिए इसमें सेमी-ऑटोमैटिक कपलर और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम दिया गया है। बर्थ का कुशन सामान्य ट्रेनों से कहीं अधिक आरामदायक और बैक-सपोर्टिव है।टच-फ्री बायो-वैक्यूम टॉयलेट्स: विश्वस्तरीय एयरलाइन जैसी फीलिंग देने वाले बायो-वैक्यूम वॉशरूम्स, जिसमें सेंसर्ड नल और बेहतर हाइजीन की व्यवस्था है। फर्स्ट एसी में यात्रियों के लिए गर्म पानी से नहाने हेतु शॉवर की सुविधा भी दी जा रही है।पर्सनल रीडिंग लाइट और चार्जिंग हब: हर बर्थ के साथ यूएसबी टाइप-सी पोर्ट, सामान्य चार्जिंग सॉकेट और नाइट रीडिंग लाइट की व्यवस्था होगी।कवच (KAVACH) सुरक्षा प्रणाली: ट्रेन टक्कर रोधी स्वदेशी तकनीक 'कवच' से पूरी तरह लैस है, जो मानवीय भूल होने पर भी ऑटोमैटिक ब्रेक लगाकर दुर्घटनाओं को रोकती है।किराया संरचना और आम जनता के लिए बुकिंग कब से होगी शुरू?किराए की बात करें तो वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टिकट पारंपरिक राजधानी या दुरंतो एक्सप्रेस के सामान्य बेस फेयर से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रहने की संभावना है।थर्ड एसी (3A): अनुमानित किराया ₹2,800 से ₹3,200 के बीच हो सकता है।सेकंड एसी (2A): संभावित किराया ₹4,000 से ₹4,500 के आसपास रहने की उम्मीद है।फर्स्ट एसी (1A): प्रीमियम सुविधाओं से युक्त इस कोच का किराया ₹5,500 से ₹6,000 के दायरे में हो सकता है (खान-पान शुल्क के साथ)।आईआरसीटीसी (IRCTC) के ऑनलाइन पोर्टल और रेलवे आरक्षण काउंटरों पर 1 नवंबर के उद्घाटन रन और उसके बाद की नियमित कमर्शियल बुकिंग्स के लिए रिजर्वेशन विंडो अगले कुछ दिनों में खोल दी जाएगी।कर्नाटक राज्योत्सव पर पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तारकर्नाटक राज्योत्सव के मौके पर इस हाई-स्पीड स्लीपर ट्रेन की शुरुआत को राज्य के औद्योगिक और सामाजिक विकास के लिहाज से एक गेम-चेंजर के रूप में देखा जा रहा है। महाराष्ट्र और कर्नाटक दोनों ही देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में सबसे बड़ा योगदान देने वाले राज्य हैं। इन दोनों की राजधानियों के बीच रेल यात्रा में 8 घंटे की कटौती होने से न केवल व्यापारियों और कॉरपोरेट जगत को सहूलियत मिलेगी, बल्कि पश्चिमी घाट से होकर गुजरने वाला यह सफर रेल पर्यटन के लिए भी एक नया और रोमांचक अनुभव लेकर आएगा। 1 नवंबर को हरी झंडी दिखाए जाने के साथ ही भारतीय रेलवे के स्लीपर इतिहास में एक नया युग दर्ज होने जा रहा है।
RSS पथ संचलन के लिए जरूरी है औपचारिक अनुमति, कर्नाटक के मंत्री Priyank Kharge ने दी हिदायत
(फाइल फोटो के साथ)बेंगलुरु, 20 अक्टूबर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने मंगलवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से कहा कि वह 25 अक्टूबर को प्रस्तावित अपने ‘विजयादशमी पथ संचलन’ के लिए अधिकृत प्रशासन से औपचारिक अनुमति ले क्योंकि गृह विभाग को केवल सूचित करना या सहयोग मांगना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है। प्रियांक खरगे ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि इन पथ संचलन के सिलसिले में पुलिस को कर्मियों की तैनाती, परिवहन, भोजन, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की योजना बनाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए क्योंकि ऐसे मार्च में सार्वजनिक संसाधनों का इस्तेमाल होता है। उन्होंने कहा, ‘‘गृह विभाग को केवल सूचित करना, या उनसे सहयोग करने या आवश्यक इंतजाम करने के लिए कहना, अनुमति लेने के बराबर नहीं है।’’प्रियांक खरगे ने आरएसएस से अपील की है कि वह निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करे और औपचारिक मंजूरी का इंतजार करे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे प्रियांक खरगे ने आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 का हवाला दिया जिसमें कर्नाटक भर में 562 पथ संचलन का उल्लेख है तथा उनमें वर्दी पहने 2,21,963 लोगों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘अब, जब आपमें से लाखों लोग एक ही दिन और एक ही समय पर कर्नाटक की सड़कों पर मार्च करने की योजना बना रहे हैं, तो पुलिस विभाग को काफी तैयारियां करनी होंगी।’’मंत्री ने संघ से कहा कि वह कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने से पहले निर्धारित आवेदन फॉर्म भरें और जरूरी विवरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने बेंगलुरु के थानों को आरएसएस की इकाइयों द्वारा सौंपे गए पत्र भी पोस्ट किए, जिनमें 25 अक्टूबर के लिए योजनाबद्ध विजयादशमी रूट मार्च का जिक्र है। प्रियांक खरगे का आरोप है कि आरएसएस एक अपंजीकृत संगठन है, जिसका मतलब है कि यह भारत में गैर-कानूनी तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने इसके आय और व्यय का विवरण भी मांगा था। आरएसएस का कहना है कि भारत में कई चीजें बिना पंजीकरण के होती हैं और हर चीज का पंजीकरण होना जरूरी नहीं है।
कन्नड़ गाने की मांग की तुलना पहलगाम आतंकी हमले से करने वाले बयान पर सोनू निगम ने माफी मांगी है. सिंगर ने कहा कि कर्नाटक और वहां के लोगों से उन्हें बेहद प्यार है और अगर उनके शब्दों से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वो इसके लिए माफी चाहते हैं.
Bengaluru, 19 अक्टूबर . कर्नाटक के उपChief Minister जी. परमेश्वर ने स्टिंग ऑपरेशन विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं से संयम बरतने का आग्रह करते हुए कहा कि पार्टी…
केंद्रीय मंत्री करंदलाजे ने कर्नाटक में स्टिंग ऑपरेशनों की एसआईटी जांच की मांग की
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कर्नाटक सरकार का नया नियम: कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर होगी कार्रवाई, अब कर्तव्य एप से लगेगी हाजिरी Karnataka government Action taken against employees who leave headquarters attendance will marked via app
लश्कर से लिंक... कर्नाटक पुलिस ने बंगाल के शख्स को हिरासत में लिया
सेंट्रल इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट और स्थानीय पुलिस ने पश्चिम बंगाल के ममताजुल मलिक को हिरासत में लिया है, जिस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का संदेह है. जांच में पाया गया कि ममताजुल ने सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकवादी संपर्क बनाए थे और महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की थीं.
Karnataka Temple Controversy: मंदिर की दीवार पर क्रॉस और मस्जिद की तस्वीरें बनाने पर विवाद, 2 लोगों के खिलाफ केस
कर्नाटक के कटील में स्थित श्री दुर्गा परमेश्वरी मंदिर अपनी अनूठी पौराणिक कथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर पवित्र नंदिनी नदी के बीच एक द्वीप पर बना है, जहां देवी दुर्गा के प्रकट होने की कहानी जुड़ी है।
डॉ. सुधा यादव ने अपने जन्मदिन पर कर्नाटक के राज्यपाल के रूप में पदभार संभाला। वह हरियाणा की 15वीं नेता हैं जिन्हें यह संवैधानिक दायित्व मिला है।
Karnataka: कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा के साथ शुरू
11 अक्टूबर, रविवार: मैंगलुरु के कुड़रोली श्री गोकर्णनाथ मंदिर में 10 दिवसीय मैंगलोर दशहरा उत्सव पिली वेषा प्रस्तुति के साथ शुरू हुआ, देखें दृश्य।
Karnataka Minister Brasavaraj Rayareddy ने क्यों की Islam की तारीफ, बीजेपी ने मांग लिया इस्तीफा!
कर्नाटक में Basavaraj Rayareddy Statement को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री Basavaraj Rayareddy पर आरोप है कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान Islam को बाकी सभी धर्मों से श्रेष्ठ बताया और इसे वैज्ञानिक धर्म बताया
Karnataka Government ने RSS के पथ संचलन में शामिल दो Teachers को क्यों किया सस्पेंड? Priyank Kharge
कर्नाटक में RSS के पथ संचलन में शामिल होना दो सरकारी शिक्षकों को भारी पड़ गया है। शिक्षा विभाग ने RSS कार्यक्रम में शामिल होने को सरकारी सेवा के आचरण नियमों का उल्लंघन मानते हुए दोनों शिक्षकों को विभागीय जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है।
Karnataka High Court ने क्यों कहा- Parents की सेवा करना बहू की जिम्मेदारी नहीं? Married Woman
कर्नाटक हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले की सुनवाई के दौरान शादीशुदा महिलाओं के अधिकारों को लेकर बेहद अहम टिप्पणियां की हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पति अपनी पत्नी को घर का काम करने या अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए मजबूर नहीं कर सकता और ना ही उस पर हुक्म चला सकता है।
कावेरी विवाद को लेकर SC पहुंचा तमिलनाडु, कर्नाटक ने जल संकट को बताया गंभीर
तमिलनाडु ने अदालत को बताया कि कर्नाटक ने सिंचाई के लिए पानी छोड़ना शुरू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु को अभी तक उसके हिस्से का पानी नहीं मिला है. इससे खेती-किसानी पर गंभीर असर पड़ रहा है.
मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न
80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.
Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge
क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

