कर्नाटक में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले प्रस्तावित विधेयक को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने सवाल किया कि आखिर विधेयक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिक्र कहां है।
आरएसएस के मुद्दे पर कर्नाटक में सियासी घमासान, प्रियंक खड़गे बोले- प्रस्तावित विधेयक में संगठन का जिक्र तक नहीं
PM Modi पर टिप्पणी Rahul Gandhi की हताशा! BJP बोली - वे चुने हुए नेता, आप वंशवादी राजनीति की देन
बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का मज़ाक उड़ाने वाले बयानों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने उन पर असभ्य और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और विपक्ष के नेता के पद की गरिमा बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने गुरुवार को 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' में बोलते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि यह नीति विदेशी नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। साथ ही, उन्होंने बीजेपी-आरएसएस को जोकरों का झुंड बताया और कहा कि उन्हें भारत की कोई समझ नहीं है। इसे भी पढ़ें: शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें समझदार बनने की सलाह दी और कांग्रेस नेता पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। जोशी ने कहा कि राहुल गांधी, आप कब समझदार बनेंगे? भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की ज़रूरत होती है, न कि नौसिखिया ड्रामेबाज़ी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना यह साबित करता है कि आप इस मामले को समझने की क्षमता नहीं रखते। उन्होंने PM मोदी के चुने हुए नेता होने का बचाव करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक बैकग्राउंड की भी आलोचना की। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एक चुने हुए नेता हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार के उलट, वे किसी पदानुक्रम (hierarchy) से ऊपर नहीं आए, और न ही वे पारिवारिक विरासत या वंशवादी राजनीति की वजह से आगे बढ़े। जिन शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जिस स्तर तक कोई गिर रहा है, वह राहुल गांधी की सरासर बेवकूफी और हताशा को दिखाता है। इसी हताशा की वजह से वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान जोशी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करना भारत की जनता का अपमान करने जैसा है। अपने भाषण के दौरान, कांग्रेस नेता ने विदेशी नेताओं के साथ PM मोदी के गले मिलने का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाकर अपनी बात रखी और इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति की समझ बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें मानसिक रूप से परेशान बताया और सोनिया गांधी से आग्रह किया कि वे उन्हें मदद दिलाएं। मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से परेशान लग रहे हैं। उनके व्यवहार ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। अगर सोनिया गांधी दखल नहीं देतीं और यह सुनिश्चित नहीं करतीं कि उन्हें सही मदद मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने हाल में विस्तारित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल नहीं किये जाने पर विरोध जताते हुए शुक्रवार को विधान सौध परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को ‘‘महिला-विरोधी’’ बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की। उनके साथ कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी और महिला विधायकों समेत अन्य विधायक भी शामिल हुए। भाजपा विधायक विधान सौध परिसर के प्रवेश द्वार पर स्थित नाडा देवी भुवनेश्वरी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और बाद में भवन की ओर मार्च किया। कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विजयेंद्र ने कहा कि आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और उन्हें समान अवसर तथा पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक विधानसभा में Food Safety Raid, थाली में मिले Cockroaches, मंत्रियों की सेहत से खिलवाड़ उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के कदम उठाए, जिसका कांग्रेस और राहुल गांधी ने विरोध किया था। विजयेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन कर्नाटक में, कांग्रेस सरकार खुद महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देकर पूरे महिला समुदाय का अपमान कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में एक महिला मंत्री को शामिल करने की घोषणा के बाद उनका नाम हटाना ‘‘अपमानजनक’’ था। विजयेंद्र ने दावा किया कि ऐसी खबरें थीं कि एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने याद दिलाया कि कर्नाटक 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवन्ना की भूमि है और 12वीं सदी की समाज सुधारक व कवयित्री अक्का महादेवी की जन्मभूमि है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसे राज्य को पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम करनी चाहिए थी। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री के बिना विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।’’ अशोक ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने मंत्रिमंडल में एक भी महिला को जगह न देकर ‘‘महिलाओं के साथ विश्वासघात’’ किया है। इसे भी पढ़ें: Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 अन्य मंत्रियों ने भी पद एंव गोपनीयता की शपथ ली थी। कार्यभार संभालने के दो महीने बाद तीन अगस्त को शिवकुमार ने 19 और मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिससे मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 33 हो गई। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Karnataka Cabinet में बांटे विभाग, कई मंत्रियों के बदले प्रभार फिलहाल शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं है। हाल में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों में टी. रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी, विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, के. एस. बसवन्तप्पा को मुजराई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले और एच. सी. बालकृष्ण को नगर प्रशासन विभाग सौंपा गया है। अन्य मंत्रियों और उनके विभागों में लक्ष्मण सावदी को सहकारिता, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा, पुत्तरंगा शेट्टी को पशुपालन एवं रेशम उत्पादन और नरेंद्र स्वामी को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
MP के देवास में BJP की तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों का हमला, 40 कार्यकर्ता घायल
मध्यप्रदेश के देवास जिले में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा शुक्रवार को निकाली जा रही तिरंगा यात्रा पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया जिससे करीब 40 पार्टी कार्यकर्ता घायल हो गए। भाजपा नेताओं ने यह जानकारी दी। घायलों में शामिल भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष अतुल शर्मा ने बताया, तिरंगा यात्रा के साथ डीजे उपकरण लेकर जा रही गाड़ी एक पेड़ पर बने मधुमक्खी के छत्ते से टकरा गई, जिसके बाद सैकड़ों मधुमक्खियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। इसे भी पढ़ें: BJP protest in Karnataka: शिवकुमार कैबिनेट में महिला मंत्री न होने पर विधान सौध में प्रदर्शन हमारे 40 से 50 कार्यकर्ता उनके डंक घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायल भाजपा कार्यकर्ता अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचे। शर्मा ने बताया कि विजयागंज मंडी क्षेत्र में मोटसाइकिल से निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में 500 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे। उन्होंने बताया,‘‘मधुमक्खियों का हमला होते ही कई कार्यकर्ता सोयाबीन के खेत में छिप गए। उन्हें बाद में वहां से निकाला गया। महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय के डॉ. कमल किशोर के अनुसार मधुमक्खियों के हमले में घायल छह लोगों को अस्पताल लाया गया। इसे भी पढ़ें: BJP नेताओं ने Sukhbir Singh Badal पर हमले की निंदा की और निष्पक्ष जांच मांगी उन्होंने बताया,‘‘इनमें से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है जिसे करीब 200 मधुमक्खियों ने काटा। इलाज के बाद सभी घायलों की हालत फिलहाल सामान्य है।
Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान
एक ओर राहुल गांधी लगातार आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं तो वहीं उनकी पार्टी के तमाम नेताओं में भी आरएसएस के खिलाफ निचले स्तर के बयान देने की होड़ लगी हुई है। इसी होड़ाहोड़ी में अपनी भी मौजूदगी दर्ज कराते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ऐसा फैसला किया है जोकि सीधे सीधे आरएसएस पर निशाना साधने की कार्रवाई माना जा रहा है। इस तरह कर्नाटक में RSS की गतिविधियों को लेकर कांग्रेस सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच टकराव अब सड़क और प्रशासनिक आदेशों से निकलकर विधानसभा तक पहुंचता दिख रहा है। हम आपको बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘Karnataka Regulation of Use of Government Premises and Public Property Bill, 2026’ को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत सरकारी जमीन, भवन, सड़क, पार्क, खेल मैदान और सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों पर निजी कार्यक्रम, बैठक, रैली या अन्य आयोजन करने से पहले सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम, दस्तावेजी प्रक्रिया और प्रशासनिक अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि यह व्यवस्था किसी एक दल या संगठन को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उनका कहना है कि हर संगठन को नियमों का पालन करना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम अपनी इच्छा से आयोजित नहीं किए जा सकते। यही तर्क सरकार के अन्य नेताओं की ओर से भी दिया गया है। इसे भी पढ़ें: भारतीय परंपराओं में निहित है संवाद, संवाद से ही होता है समाधान लेकिन राजनीतिक विवाद की असली वजह विधेयक के प्रावधानों से अधिक उसका संदर्भ है। RSS और BJP इसे संगठन की सार्वजनिक गतिविधियों पर नियंत्रण की कोशिश मान रहे हैं। RSS की शाखाएं, बैठकें और ‘संचलन’ अक्सर सार्वजनिक मैदानों में होते हैं। ऐसे में रोजाना लगने वाली शाखाओं समेत हर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति की व्यवस्था आरएसएस की नियमित गतिविधियों को प्रशासनिक स्वीकृति पर निर्भर कर सकती है। प्रस्तावित कानून में सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले जुलूस और कार्यक्रम भी दायरे में आते हैं। हम आपको याद दिला दें कि विवाद की जड़ अक्टूबर 2025 में दिखाई दी थी, जब राज्य सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति पर कार्यक्रमों के लिए पुलिस और राजस्व अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने का आदेश जारी किया था। इसी अवधि में चित्तापुर में RSS के प्रस्तावित रूट मार्च को अनुमति नहीं मिली। उस समय भी यह सवाल उठा था कि क्या प्रशासनिक आदेश के जरिए सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों को इस तरह नियंत्रित किया जा सकता है। मामला कर्नाटक हाई कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने उस सरकारी आदेश पर रोक लगाते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 में निहित अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकारों से जुड़े सवालों पर गौर किया। अदालत के समक्ष यह दलील भी रखी गई कि मौलिक अधिकारों को केवल प्रशासनिक आदेश के जरिए सीमित नहीं किया जा सकता। अब राज्य सरकार उसी विवाद को विधायी रास्ते से सुलझाने की कोशिश कर रही है। यही बिंदु RSS और BJP की सबसे बड़ी आपत्ति है। उनका आरोप है कि जिस व्यवस्था को लेकर अदालत में सवाल उठे थे, उसे अब कानून बनाकर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार के सामने हालांकि यह तर्क है कि नया कानून केवल RSS के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल करने वाले सभी निजी व्यक्तियों, संस्थाओं, क्लबों और संगठनों पर समान रूप से लागू होगा। वहीं BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर RSS की गतिविधियों को सीमित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री को खुली चुनौती दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार को RSS से आपत्ति है तो वह सीधे प्रतिबंध की बात करे, न कि सामान्य नियमों की आड़ में संगठन की गतिविधियों को प्रभावित करे। विजयेंद्र ने RSS को राष्ट्रवाद, सेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ा संगठन बताते हुए सरकार को इतिहास से सबक लेने की सलाह भी दी। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि मामला केवल एक संगठन के कार्यक्रम की अनुमति का नहीं रह गया है। यह सवाल अब सार्वजनिक संपत्ति के नियमन, प्रशासनिक विवेक, मौलिक अधिकार और राजनीतिक निष्पक्षता, चारों को एक साथ छू रहा है। राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह साबित करे कि प्रस्तावित कानून वास्तव में समान रूप से लागू होगा और किसी खास संगठन को रोकने का माध्यम नहीं बनेगा। दूसरी ओर, राजनीतिक रूप से यह टकराव कांग्रेस और RSS-BJP के बीच पहले से मौजूद वैचारिक संघर्ष को और तीखा कर सकता है। यह भी सामने नजर आ रहा है कि इस विवाद का फैसला केवल विधानसभा में नहीं होगा। अदालतों, प्रशासनिक अमल और सबसे बढ़कर जनता की प्रतिक्रिया में भी इसकी गूंज सुनाई देगी। कर्नाटक की राजनीति में RSS को लेकर उठी यह लड़ाई आने वाले समय में कांग्रेस बनाम BJP के व्यापक वैचारिक संघर्ष का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन सकती है। वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मुद्दे पर कहा है कि कर्नाटक राज्य कैबिनेट का यह फ़ैसला कि गैर-पंजीकृत सामाजिक संगठनों को सार्वजनिक मैदानों के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी जाएगी, साफ़ तौर पर RSS को निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान साफ़ तौर पर लोगों को समूह या संगठन बनाने की इजाज़त देता है और यह अधिकार संविधान द्वारा सुरक्षित है। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कई हाई कोर्ट पहले ही इस कानूनी बात को सही ठहरा चुके हैं...मुझे पूरा यकीन है कि राज्य सरकार का यह बिल या कानून भी, जब अदालत में इस पर सवाल उठाया जाएगा, तो संवैधानिक वैधता की कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा।
विजय भारद्वाज: टीम इंडिया के लिए रहे 'वन सीरीज वंडर', कर्नाटक को तीन बार बनाया रणजी चैंपियन
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। किसी भी कहानी का आगाज अगर बेहतरीन रहा हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका अंजाम भी ठीक वैसा ही हो। भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज की कहानी ऐसी ही है। विजय भारद्वाज के भारतीय टीम के साथ सफर का आगाज धमाकेदार अंदाज में हुआ था, और उन्हें भविष्य का एक बड़ा सितारा माना गया, लेकिन कुछ ही मैचों में उनका करिश्मा समाप्त हो गया और वह टीम से बाहर हो गए। फिलहाल, वह क्रिकेट कोच और कमेंटेटर के तौर पर सक्रिय हैं।
भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की दी चुनौती
भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की दी चुनौती
जी.एस. पाटिल बने कर्नाटक विधानसभा के नए स्पीकर, सलीम अहमद बने विधान परिषद के चेयरमैन
विपक्ष की गैर मौजूदगी में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक जी.एस. पाटिल को कर्नाटक विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया। वहीं, एनडीए उम्मीदवार पी.एच. पुजार को आठ वोटों से हराकर कांग्रेस एमएलसी सलीम अहमद विधान परिषद के चेयरमैन बने।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से इतना डर क्यों? कर्नाटक सरकार ला रही पब्लिक स्पेस बिल
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से पथ संचलन से कांग्रेस को इतना डर क्यों लगता है? ये सवाल इसलिए, कि हाल ही में कर्नाटक में संघ के पथ संचलन के बाद कांग्रेस सरकार इतनी खफा हो गई है कि वह सरकारी जगहों और पब्लिक प्रॉपर्टी के इस्तेमाल को लेकर एक नया कानून लाने की तैयारी कर […]
सड़क पर कार पार्किंग के लिए हर साल देने होंगे 25 हजार, सरकार बना रही नियम
Karnataka New Parking Fee: यह परमिट नगर निगम द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्य और सहायक सड़कों के अलावा अन्य रिहायशी रास्तों पर केवल वैध परमिट वाले वाहनों को ही पार्क करने की अनुमति होगी।
तिरंगा फहराने से छूट मांगने पर घिरे कर्नाटक के मंत्री जमीर अहमद खान, भाजपा ने की बर्खास्त करने की मांग
पूर्व तेज गेंदबाज बना कर्नाटक का कोच, दर्ज है यह शर्मनाक रिकॉर्ड
भारत के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ विनय कुमार को आगामी घरेलू सीज़न के लिए कर्नाटक का मुख्य कोच नियुक्त किया गया है। 42 वर्षीय विनय यह ज़िम्मेदारी येरे गौड़ से संभालेंगे, जबकि कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज़ दीपक चौगले फ़ील्डिंग कोच के रूप में उनके सपोर्ट स्टाफ़ का ...
कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।
सरकारी इमारतों में RSS के कार्यक्रमों पर रोक की तैयारी, कर्नाटक सरकार लाने जा रही है नया बिल
कर्नाटक सरकार सरकारी इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को विनियमित करने के लिए एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद बिना पंजीकरण वाले संगठनों द्वारा इन इमारतों व संपत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।
Mirzapur News: कैश वैन लूट कांड के आरोपियों के बयान व रिमांड के लिए टीम कर्नाटक रवाना
A team has left for Karnataka to record the statements of the accused in the cash van robbery case and to seek their remand.
जूनियर महिला हॉकी नेशनल्स: दूसरे दिन आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और कर्नाटक ने दर्ज की जीत
पुणे, 13 अगस्त (आईएएनएस)। 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप 2026 के दूसरे दिन पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने जीत दर्ज की, जबकि उत्तराखंड और बिहार के मुकाबले ड्रॉ रहे। पुणे में डिवीजन 'बी' और 'सी' में कड़े मुकाबले देखने को मिले। तीन मैच 'वॉकओवर' (प्रतिद्वंद्वी टीम का न खेलना) से तय हुए।
भारत के पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार को आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए कर्नाटक सीनियर पुरुष टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने गुरुवार को यह घोषणा की। 42 वर्षीय विनय, येरे गौड की जगह यह जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीईओ) में बल्लेबाजी कोच के तौर पर शामिल हुए हैं। कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज दीपक चौगुले, विनय कुमार के सपोर्ट स्टाफ में बतौर फील्डिंग कोच शामिल हुए हैं। यह कर्नाटक के हेड कोच के तौर पर विनय का पहला कार्यकाल होगा। इससे पहले, विनय कुमार ने 'महाराजा टी20 ट्रॉफी' में हुबली टाइगर्स को कोचिंग दी थी। वह आईएलटी20 में एमआई एमिरेट्स के लिए बॉलिंग कोच के तौर पर काम कर चुके हैं। विनय कुमार ने साल 2021 में सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया था, जिसके बाद आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए टैलेंट स्काउट और स्टार स्पोर्ट्स कन्नड़ के लिए कमेंटेटर के तौर पर भी काम किया। विनय कुमार भारत की तरफ से 31 वनडे, 9 टी20 और 1 टेस्ट मैच खेले हैं। वह साल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2015 व 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल जीतने वाली टीमों का भी हिस्सा रहे। विनय रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 442 विकेट हासिल करने वाले तेज गेंदबाज हैं और भारत के प्रमुख रेड-बॉल टूर्नामेंट की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। विनय कुमार ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 139 मैच खेले हैं, जिसमें 22.44 की औसत के साथ 504 विकेट हासिल किए। बतौर कप्तान विनय ने घरेलू क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज कराते हुए कर्नाटक को 2013/14 और 2014/15 सीजन में लगातार रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और ईरानी कप जीतकर अभूतपूर्व 'डबल-ट्रेबल' हासिल करने में मदद की। विनय कुमार भारत की तरफ से 31 वनडे, 9 टी20 और 1 टेस्ट मैच खेले हैं। वह साल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2015 व 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल जीतने वाली टीमों का भी हिस्सा रहे। विनय रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 442 विकेट हासिल करने वाले तेज गेंदबाज हैं और भारत के प्रमुख रेड-बॉल टूर्नामेंट की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। Also Read: LIVE Cricket Score कर्नाटक और विदर्भ के पूर्व बल्लेबाज गणेश सतीश को अंडर-23 पुरुष टीम का कोच नियुक्त किया गया है। पूर्व खिलाड़ी कुणाल कपूर अंडर-19 पुरुष टीम के कोच होंगे, और एसएन अमीत सीनियर महिला और अंडर-23 टीम के हेड कोच के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। Article Source: IANS
पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार कर्नाटक की सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच नियुक्त
Bengaluru, 13 अगस्त . India के पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार को आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए कर्नाटक सीनियर पुरुष टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने Thursday को यह घोषणा की. 42 वर्षीय विनय, येरे गौड की जगह यह जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो Bengaluru ... Read more
पूर्व भारतीय खिलाड़ी विनय कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कर्नाटक टीम के बने हेड कोच
भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जिनका घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड देखने को मिलता है उनको कर्नाटक क्रिकेट संघ ने आगामी घरेलू सीजन के लिए अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है।
कावेरी विवाद पर कर्नाटक में बंद का असर फीका, स्कूल और बस सेवाएं चलती रहीं
कावेरी जल विवाद को लेकर कन्नड़ समर्थक संगठनों की ओर से गुरुवार, 13 अगस्त को बुलाए गए कर्नाटक बंद का राज्य में मिला-जुला असर देखने को मिला। बंद का आह्वान कावेरी जल प्रबंधन से जुड़े फैसले और तमिलनाडु को पानी छोड़े जाने के विरोध में किया गया था। हालांकि, कई बड़े संगठनों ने बंद को […] The post कावेरी विवाद पर कर्नाटक में बंद का असर फीका, स्कूल और बस सेवाएं चलती रहीं first appeared on Sanjeevni Today .
यश की टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़की एक्ट्रेस, कहा- हम आपको कर्नाटक छोड़ने पर मजबूर कर देंगे
Yash Toxic: कन्नड़ एक्ट्रेस ऋषिका सिंह ने 'टॉक्सिक' के ट्रेलर की आलोचना की और फिल्म के इंटीमेट सीन्स को लेकर यश से सवाल किया।
विकास सौधा में मंत्रियों और कई IAS अधिकारियों के दफ्तर हैं। बड़ी तादात में सरकारी कर्मचारी इन कैंटीन में खाना खाते हैं। अब इस सरकारी कैंटीन की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।
वाल्मीकि निगम घोटाला: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग उठाई
कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को मंत्री बी. नागेंद्र से कैबिनेट से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री में वाल्मीकि समुदाय के प्रति जरा भी सम्मान है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
GPSTR Recruitment 2026: 15000 स्कूल टीचर पदों पर निकली भर्ती, जानें डिटेल्स और करें आवेदन
pc: Safety Course at NISHE कर्नाटक स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट ने 12 अगस्त को ग्रेजुएट प्राइमरी स्कूल टीचर जॉब्स के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 18 अगस्त से शुरू होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (GPT), असिस्टेंट मास्टर (AM), प्राइमरी स्कूल टीचर (PST), फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET), कंप्यूटर साइंस टीचर (CST) पोस्ट के साथ 15,000 वैकेंसी शामिल हैं। इससे 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों के लिए टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं कि वे एलिजिबल हैं या नहीं और schooleducation.karnataka.gov.in पर 7 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 12 अगस्त एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 18 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 7 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 10 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है लिखित परीक्षा की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है वैकेंसी: कुल: 15,000 GPSTR: 8,500 असिस्टेंट मास्टर (AM): 4,500 प्राइमरी स्कूल टीचर (PST): 900 फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 600 कंप्यूटर साइंस टीचर (CST): 500 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इंस्टीट्यूशन से 12वीं, डिप्लोमा, डिग्री, ग्रेजुएशन होना चाहिए। पोस्ट के हिसाब से सब्जेक्ट की क्वालिफिकेशन की ज़रूरत जानने के लिए schooleducation.karnataka.gov.in वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें। कैंडिडेट भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा: जनरल: 21-40 साल 2A, 2B, 3A, 3B: 3 साल की छूट (43 साल तक) SC/ST: 5 साल की छूट (45 साल तक) एप्लीकेशन फीस: जनरल और पिछड़ा वर्ग: Rs 750 SC, ST और PwD: Rs 500 सिलेक्शन प्रोसेस: कॉम्पिटिटिव रिटन एग्जाम (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट / फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और मार्कशीट TET सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) आधार कार्ड या कोई दूसरा वैलिड पहचान का सबूत तालुक/जिले का डोमिसाइल/रेजिडेंस सर्टिफिकेट जाति सर्टिफिकेट (अगर रिजर्व्ड कैटेगरी में अप्लाई कर रहे हैं) पासपोर्ट-साइज़ फोटो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताया गया कोई दूसरा डॉक्यूमेंट अप्लाई कैसे करें: कर्नाटक स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं schooleducation.karnataka.gov.in. कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट 2026 एप्लीकेशन लिंक ढूंढें। वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और सभी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से एप्लीकेशन फीस भरें। फाइनल सबमिशन से पहले सभी भरी हुई डिटेल्स को ध्यान से देखें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या सॉफ्ट कॉपी रखें।
Cauvery, Mekedatu प्रोजेक्ट्स पर Karnataka में आज बंद, संगठनों ने दिया नैतिक समर्थन
कन्नड़ समर्थक संगठन 'कन्नड़ ओक्कूटा' ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने और सिंचाई से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के विरोध में बुधवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, प्रवीण शेट्टी और टी.ए. नारायण गौड़ा के नेतृत्व वाले 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' समेत कई संगठनों और संघों ने इस बंद को केवल नैतिक समर्थन दिया है। 'कन्नड़ ओक्कूटा' के अध्यक्ष वताल नागराज ने कहा कि कावेरी मुद्दे और लंबे समय से लंबित मेकेदातु, महादायी और कलसा-बंदूरी प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पूरे राज्य में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रखा जाएगा। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, सरकारी दफ़्तर और स्कूल खुले रहेंगे। ओला-ऊबर ड्राइवर और मालिक संघ, कर्नाटक राज्य ऑटो और टैक्सी फ़ेडरेशन, आदर्श ऑटो यूनियन, रोड ट्रांसपोर्टेशन कॉर्पोरेशन की यूनियन और होटल एसोसिएशन ने भी इस बंद को नैतिक समर्थन दिया है। कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ़ स्कूल्स ने, जिसने पहले बंद का समर्थन किया था, अब सिर्फ़ नैतिक समर्थन देने का फ़ैसला किया है। इसकी वजह यह है कि शिक्षकों को SIR के काम में लगाए जाने के कारण पढ़ाई-लिखाई के काम में रुकावट आ रही है। कई संगठनों के सदस्यों और अध्यक्षों ने कहा कि वे बंद में शामिल नहीं होंगे। कुछ लोगों ने लगातार हो रही बारिश का ज़िक्र किया। कुछ ने कन्नड़ संगठनों के बीच एकता की कमी पर भी चिंता जताई। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने बंद से पहले राज्य की राजधानी में सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं और नागरिकों से बिना किसी डर के अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ जारी रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि स्कूल-कॉलेज, दफ़्तर, दुकानें, कमर्शियल प्रतिष्ठान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी पुलिस ने संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि बंद शांतिपूर्ण रहे। साथ ही, पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए मजबूर न किया जाए, न ही दुकानें या प्रतिष्ठान जबरन बंद कराए जाएं, सड़कें रोकी जाएं या ज़रूरी सेवाओं में बाधा डाली जाए। पुलिस ने कहा कि हिंसा, धमकी, संपत्ति को नुकसान और ट्रैफिक में रुकावट डालने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, कुछ किसान संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
कावेरी जल विवाद पर Karnataka बंद के बीच प्रदर्शनकारियों ने Tamil Nadu के ट्रक ड्राइवरों को दिए गुलाब
कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव एक बार फिर सड़कों तक पहुंच गया है। कावेरी जल छोड़ने के मुद्दे पर गुरुवार को कर्नाटक में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन हुए , लेकिन कोप्पल में विरोध का तरीका थोड़ा अलग रहा। यहां प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु नंबर वाले ट्रकों को रोका , लेकिन ट्रक चालकों से बहस या झड़प करने के बजाय उन्हें गुलाब के फूल थमा दिए। प्रदर्शनकारियों ने फूल देते हुए ट्रक चालकों से कहा कि वे कावेरी पानी के मुद्दे पर कर्नाटक को ' उकसाने ' की कोशिश न करें। इस पूरे घटनाक्रम का संदेश साफ था—विरोध जरूर है , लेकिन इसे टकराव में बदलने से बचने की कोशिश भी की जा रही है। ट्रक रोके , ड्राइवरों को गुलाब दिए कोप्पल तालुक के हिटलनाल टोल गेट पर यह प्रदर्शन हुआ। यह इलाका राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है और बंद के दौरान यहां कर्नाटक के अलग-अलग संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता जुटे थे। केरावे युवा सेना के नेता विजयकुमार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु नंबर वाले ट्रकों को रोका। आमतौर पर ऐसे विवादों के बीच वाहनों को रोकना तनाव का कारण बन सकता है , लेकिन यहां प्रदर्शनकारियों ने अलग तरीका अपनाया। उन्होंने ट्रक चालकों को गुलाब दिए और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। विजयकुमार ने चालकों से कहा कि कर्नाटक के लोग शांतिप्रिय हैं और उन्हें किसी तरह से भड़काने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उनका एक नारा खास तौर पर चर्चा में रहा— ' फूल ले लो , पानी मत मांगो। ' हालांकि प्रदर्शन कुछ देर बाद तब बदल गया जब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें अपने साथ ले गई। इसे भी पढ़ें: Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य कर्नाटक में बंद का मुख्य कारण कावेरी जल विनियमन समिति यानी सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश का विरोध है , जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। कर्नाटक के प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि राज्य खुद पानी की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का फैसला कर्नाटक के किसानों और आम लोगों की जरूरतों को प्रभावित कर सकता है। इसी मुद्दे को लेकर कर्नाटक ओक्कुटा ने 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। कोप्पल जिला इकाई की ओर से जारी पत्र के अनुसार , बंद का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वाटाल नागराज कर रहे थे। वहीं , कर्नाटक रक्षणा वेदिके युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष बीजन्ना राजन्ना और सुवर्ण कर्नाटक युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष टीके नायक को प्रदर्शन के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। गठनों ने सुबह 6 बजे से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन करने की अपील की थी। टोल गेट , राष्ट्रीय राजमार्ग और दूसरे प्रमुख रास्तों को प्रदर्शन के लिए चुना गया था। ' कर्नाटक की अपनी पानी की जरूरतें भी हैं ' बंद बुलाने वाले संगठनों का तर्क है कि कावेरी के पानी पर फैसला लेते समय कर्नाटक की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। खासकर उन इलाकों में जहां पीने के पानी और सिंचाई की जरूरत पहले से ही चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि कन्नड़ संगठनों ने राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए बंद का रास्ता अपनाया। उनका कहना है कि किसानों और राज्य की जल जरूरतों को नजरअंदाज करके तमिलनाडु के लिए लगातार पानी छोड़ना उचित नहीं है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar बोले: Cauvery water छोड़ेंगे, पर किसानों के हित भी सुरक्षित रहेंगे बेंगलुरु में सुरक्षा बढ़ाई गई , बसों की आवाजाही जारी राज्यव्यापी बंद को देखते हुए बेंगलुरु समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। इस बीच तमिलनाडु से कर्नाटक आने वाली सरकारी बसों की आवाजाही भी पूरी तरह थमी नहीं। मेकेदातु बांध के मुद्दे और कावेरी विवाद को लेकर कन्नड़ संगठनों के बंद के बावजूद तमिलनाडु की सरकारी बसें होसुर के रास्ते कर्नाटक में प्रवेश करती रहीं। इससे साफ है कि बंद और विरोध के बीच दोनों राज्यों के बीच सामान्य परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह रोकना आसान नहीं है। आखिर क्यों बार-बार गरमाता है कावेरी का मुद्दा ? कावेरी नदी कर्नाटक से निकलती है , तमिलनाडु से होकर गुजरती है और आखिर में बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। नदी के पानी पर दोनों राज्यों की निर्भरता काफी ज्यादा है। यही वजह है कि पानी के बंटवारे को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। बाद में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और उससे जुड़े तंत्र के जरिए दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और जलाशयों की स्थिति के आधार पर निर्देश दिए जाने लगे। लेकिन समस्या तब फिर सामने आती है जब बारिश उम्मीद से कम होती है या कर्नाटक के जलाशयों में पानी का स्तर नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में कर्नाटक अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग करता है , जबकि तमिलनाडु अपने हिस्से का पानी मिलने पर जोर देता है। यही खींचतान इस बार भी सड़क से लेकर राजनीति और अदालत तक पहुंचती दिखाई दे रही है। तमिलनाडु के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले के बाद अब मामले का अगला रुख कानूनी प्रक्रिया और दोनों राज्यों के रवैये पर निर्भर करेगा। इसे भी पढ़ें: Cauvery Issue: TN CM विजय बोले- तमिलनाडु के हित में कर्नाटक से बातचीत का रखा था प्रस्ताव कावेरी विवाद पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पहले ही सर्वदलीय बैठक कर चुके हैं। बैठक में उन्होंने कहा था कि सरकार राज्य के किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिवकुमार के मुताबिक , कर्नाटक अभी भी कम बारिश जैसी स्थिति से जूझ रहा है। राज्य में अनुमानित बारिश की तुलना में करीब 30 से 35 फीसदी ही बारिश होने की बात उन्होंने कही थी। ऐसे में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने किसानों से अपील की थी कि सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने तक धैर्य बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया था कि सीडब्ल्यूआरसी और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कर्नाटक को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने जलाशयों की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा था कि कबिनी में करीब 24 हजार क्यूसेक और कृष्णा राजा सागर यानी केआरएस में करीब 22 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। उनके मुताबिक , बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी पानी छोड़ा गया था। शिवकुमार ने दावा किया था कि सर्वदलीय बैठक में सरकार के फैसले को सभी दलों का समर्थन मिला। भाजपा नेताओं के केआरएस बांध का दौरा करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने भी मौके की स्थिति को समझा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वह कन्नड़ संगठनों से बातचीत करेंगे और उनसे बंद का आयोजन नहीं करने की अपील की थी। फिलहाल कावेरी का पानी एक बार फिर कर्नाटक और तमिलनाडु की राजनीति के बीच बड़ा मुद्दा बन गया है। कोप्पल में गुलाब देकर किया गया विरोध भले ही अपने तरीके में शांत दिखा हो , लेकिन उसके पीछे राज्य में पानी को लेकर बढ़ती बेचैनी और किसानों की चिंता साफ दिखाई देती है।
Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य
तमिलनाडु के लिये कावेरी नदी का 12,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के विरोध में कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वी. नागराज के आह्वान पर कर्नाटक बंद पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। मांड्या में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगहों पर एहतियातन लोगों को हिरासत में लिया गया जबकि बेंगलुरु और मैसूरु जैसे बड़े शहरी इलाकों में जनजीवन सामान्य रहा। कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के तमिलनाडु को पानी छोड़ने के निर्देशों के विरोध में वी. नागराज के नेतृत्व वाले कन्नड़ संगठनों के महासंघ ने बंद का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक सरकार से आग्रह किया है कि वह तमिलनाडु के लिए और पानी नहीं छोड़े क्योंकि राज्य को खुद पीने के पानी और खेती के लिए पानी की जरूरत है। कावेरी आंदोलन के मुख्य केंद्र मांड्या में किसानों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने संजय सर्कल और अन्य जगहों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खाली बर्तन और कुलथी लेकर ‘‘हमारा पानी, हमारा हक’’ जैसे नारे लगाए और बेंगलुरु-मैसूरु पुराने राजमार्ग को जाम कर दिया। कुलथी का इस्तेमाल उस वैकल्पिक फसल के प्रतीक के तौर पर किया गया जिसे पानी की कमी के कारण किसान मजबूरन धान की जगह उगाते हैं। एक प्रदर्शनकारी ने सरकार से अपील की कि वह तमिलनाडु को ‘‘पानी की एक बूंद भी न दे’’ और सीडब्ल्यूआरसी तथा सीडब्ल्यूएमए के आदेशों को न माने। प्रदर्शनकारियों ने पानी छोड़ने के निर्देशों को किसानों के लिए ‘‘मौत का फरमान’’ करार दिया और कावेरी विवाद में कर्नाटक के हितों की रक्षा करने में कथित तौर पर ‘‘नाकाम’’ रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवराज उर्स और एस. बंगारप्पा का भी जिक्र किया और राज्य सरकार से मांग की कि वह पानी के बंटवारे के निर्देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए। एक और प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कावेरी विवाद पर कानूनी लड़ाई में हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद, अलग-अलग सरकारों ने इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। मैसूरु में बंद का असर अधिकतर प्रदर्शनों तक ही सीमित रहा। उपनगरीय बस अड्डा से बेंगलुरु, मंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों के लिए बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। दुकानों और होटलों सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले रहे जबकि ऑटो और टैक्सी भी बिना किसी रुकावट के चलते रहे। पुलिस ने कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जिन्होंने उपनगरीय बस अड्डा के पास बसों को रोकने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक और तमिलनाडु सरकारों के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि तमिलनाडु को कावेरी का पानी न दिया जाए। ‘कर्नाटक सेना’ संगठन के जिला अध्यक्ष तेजस लोकेश गौड़ा ने कहा कि सरकार को कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु के दबाव में नहीं आना चाहिए। गौड़ा ने मांग की कि केंद्र सरकार कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच मध्यस्थता करे और स्थायी समाधान खोजने के लिए दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाए। उन्होंने कम बारिश वाले वर्षों के लिए पानी के बंटवारे का एक वैज्ञानिक फॉर्मूला तैयार करने की मांग की और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।
कावेरी जल विवाद फिर भड़का, तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले के खिलाफ आज कर्नाटक बंद
कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक में आज बंद का ऐलान किया गया है। CWMA के तमिलनाडु को 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ किसान और कन्नड़ संगठन विरोध कर रहे हैं।
कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद: कन्नड़ संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, तमिलनाडु से बस सेवा जारी
कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद: कन्नड़ संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, तमिलनाडु से बस सेवा जारी
कावेरी के पानी को लेकर भिड़ गए 2 राज्य, आज कर्नाटक बंद का ऐलान; क्या रहेगा खुला, क्या-क्या बंद?
कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 12,000 क्यूसेक कावेरी पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है। आज इसे लेकर कर्नाटक बंद का आह्वान किया गया है।
DK Shivakumar ने Karnataka Cabinet में बांटे विभाग, कई मंत्रियों के बदले प्रभार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार के 10 दिन बाद नवनियुक्त मंत्रियों को बुधवार को उनके विभागों का आवंटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पहले से पद संभाल रहे कुछ मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया है। दिलचस्प बात यह है कि राज्य विधानसभा के मानसून सत्र शुरू होने से एक दिन पहले विभागों का बंटवारा किया गया। शिवकुमार ने वित्त, मंत्रिमंडलीय कार्य, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, खुफिया विभाग और अन्य ऐसे विभाग अपने पास रखे हैं जिनका अभी किसी मंत्री को आवंटन नहीं किया गया है। पहले चरण में मंत्री बनाए गए कई प्रमुख मंत्रियों के विभागों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इनमें उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर (राजस्व एवं खेल) और प्रियंक खरगे (गृह, आईटी एवं बीटी, ई-गवर्नेंस आदि) शामिल हैं। नए मंत्रियों को विभाग देने का फैसला शिवकुमार और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के बीच कई दौर की चर्चा के बाद हुआ। मुख्यमंत्री रविवार शाम इस मुद्दे पर चर्चा के लिए नयी दिल्ली गए थे, जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पार्टी के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल से मुलाकात की। सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में पहले मंत्री रहे पांच नेता अपने पुराने विभाग बरकरार रखने में सफल रहे जिनमें बी. जेड. जमीर अहमद खान (आवास), शिवराज तंगडगी (पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं कन्नड़ और संस्कृति), मधु बंगारप्पा (प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा), संतोष लाड (श्रम एवं रोजगार) और एस. एस. मल्लिकार्जुन (खान एवं भूविज्ञान) शामिल हैं। सिद्धरमैया मंत्रिमंडल में कृषि मंत्री रहे चेलुवरयास्वामी अब प्रमुख और मध्यम सिंचाई मंत्री हैं। लक्ष्मण सावदी को सहकारिता मंत्री बनाया गया है। हाल तक विधानसभा के उपाध्यक्ष रहे रुद्रप्पा मनप्पा लमाणी अब चीनी एवं वस्त्र मंत्री होंगे। मंत्रिमंडल में दो ऐसे मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया गया है, जो पहले आवंटित विभागों से असंतुष्ट थे। रामलिंगा रेड्डी को वृहद सिंचाई विभाग से हटाकर वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, के एच मुनियप्पा को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग से स्थानांतरित कर समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है। स्वास्थ्य मंत्री यू टी खादर को अल्पसंख्यक कल्याण, हज और वक्फ का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। शिवराज तंगदागी को पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा कन्नड़ एवं संस्कृति विभाग, टी रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण, अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, और चेलुवरायस्वामी को वृहद एवं मध्यम सिंचाई विभाग का प्रभार मिला है। इसके अलावा, मधु बंगारप्पा को प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा और शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी मंत्री बनाया गया है। पुट्टरंगा शेट्टी पशुपालन और रेशम उत्पादन मंत्री बने हैं, जबकि विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग और सार्वजनिक उद्यम विभाग सौंपा गया है। संतोष लाड को श्रम एवं रोजगार, के एस बसवंतप्पा को धार्मिक और धर्मार्थ बंदोबस्त विभाग, मत्स्य पालन, पोत परिवहन और अंतर्देशीय जल परिवहन विभाग मिला है। एस एस मल्लिकार्जुन को खान एवं भूविज्ञान तथा बागवानी, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले, नरेंद्र स्वामी को कृषि, एच सी बालकृष्ण को नगर प्रशासन और बी नागेंद्र को योजना एवं सांख्यिकी विभाग आवंटित किया गया है। शिवकुमार के नेतृत्व वाले इस मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री शामिल नहीं है। मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभालने के दो महीने बाद शिवकुमार ने तीन अगस्त को 19 नए मंत्रियों को शामिल करके अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया था जिससे मंत्रियों की कुल संख्या 33 हो गई है, जबकि एक पद अब भी खाली है। विभागों का यह आवंटन राज्य विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से ठीक एक दिन पहले हुआ है।
बिहार में पब्लिक ने पुलिस वालों को गुंडा समझकर पीटा, कर्नाटक से क्रिमिनल पकड़ने आई थी टीम
कर्नाटक से एक कुख्यात को पकड़ने के लिए बिहार आई कर्नाटक पुलिस की यहां जमकर पिटाई हो गई। कर्नाटक पुलिस को लोगों ने अपराधी समझ लिया। जिसके बाद यह सारा बवाल हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कर्नाटक सरकार की उस योजना को परियों की कहानी जैसी बेतुकी बताया, जिसमें UAPA के एक मामले में गवाहों की गवाही पूरी करने में एक साल लगने की बात कही गई थी। कोर्ट ने साफ कहा कि UAPA के मामलों की सुनवाई के लिए बनाई गई स्पेशल कोर्ट पर 12-15 […]
Agra News: सीकरी के मूढ़ा मजदूर की कर्नाटक में संदिग्ध मौत
सीकरी के मूढ़ा मजदूर की कर्नाटक में संदिग्ध मौत
'UAPA मामलों के लिए अतिरिक्त कोर्ट बनाएं', सुप्रीम कोर्ट का कर्नाटक सरकार को निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को यूएपीए मामलों की सुनवाई के लिए एक अतिरिक्त विशेष अदालत का बुनियादी ढांचा तुरंत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर कर्नाटक भाजपा युवा मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन
Bengaluru, 12 अगस्त . भाजपा युवा मोर्चा ने Wednesday को Bengaluru के फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन किया. उन्होंने मांग की कि कर्नाटक Government और Chief Minister डीके शिवकुमार, ‘महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम’ में हुए कथित करोड़ों रुपये के घोटाले को लेकर मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा लें. भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारे लगाए ... Read more
Karnataka Ban Gutkha: कर्नाटक ने सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए पूरे राज्य में तंबाकू, निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के मैन्युफैक्चर, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसपोर्टेशन एंड सेल पर एक साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। यहबैन कर्नाटक राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त द्वारा 15 जून, 2026 की नोटिफिकेशन के माध्यम से लगाया गया था। इसके बाद अब कर्नाटक में तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर बैन लग गया है। हालांकि, इस आदेश में इनके सेवन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।बेंगलुरु के फूड सेफ्टीऔर ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन कमिश्नर की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस रोक में तंबाकू या निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला शामिल हैं। यह आदेश उन दूसरे उत्पादों पर भी रोक लगाता है जिन्हें अलग से बेचा जाता है। लेकिन जिनमें तंबाकू या निकोटीन होता है। चाहें उनका नाम कुछ भी हो या वे पैक्ड या बिना-पैक्ड रूप में बेचे जाते हों।नोटिफिकेशन में उन उत्पादों पर भी रोक लगाई गई है जो अलग-अलग पैक किए जाते हैं। लेकिन उन्हें इस तरह बेचा या बांटा जाता है कि उपभोक्ता उन्हें आपस में मिला सकें। नोटिफिकेशन की तारीख से लागू हुई यह रोक पूरे कर्नाटक में एक साल तक जारी रहेगी। फ़ूडसेफ्टी कमिश्नर ने कहा कि यह आदेश जन-स्वास्थ्य के हित में जारी किया गया है।निकोटीन पर पूरी तरह से बैनबैन किए गए उत्पादों में अलग से बेचे जाने वाले वे अन्य उत्पाद भी शामिल हैं जिनके अंतिम उत्पाद में तंबाकू या निकोटीन होता है, चाहे उनका नाम कुछ भी हो। यह प्रतिबंध तब भी लागू होता है जब ऐसे उत्पाद पैक्ड हों या बिना पैक किए हों। चाहें उन्हें एक उत्पाद के रूप में बेचा जाए या अलग-अलग उत्पादों के रूप में इस तरह पैक किया जाए कि उपभोक्ता आसानी से उन्हें मिला सकें।नोटिफिकेशनमें विशेष रूप से तंबाकू और निकोटीन को सामग्री के रूप में रखने वाले और पाउच, पैकेट, पैकेज या कंटेनर में पैक किए गए या किसी अन्य नाम से बेचे जाने वाले गुटखा और पान मसाला को शामिल किया गया है। यह अधिसूचना बेंगलुरु में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन के आयुक्त द्वारा जारी की गई थी।गुटखा गैंग के खिलाफ एक्शन शुरूफूडसेफ्टी ऑफिसरों की देखरेख में पूरे कर्नाटक में विशेष जांच और अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग ने 10 अगस्त को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 30(2)(a) और फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (बिक्री पर रोक और प्रतिबंध) रेगुलेशन, 2011 के रेगुलेशन 2.3.4 के तहत एक सरकारी नोटिफिकेशन जारी किया।इसके बाद खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग का खाद्य सुरक्षा प्रभाग गुटखा, पान मसाला और तंबाकू या निकोटीन वाले अन्य प्रतिबंधित उत्पादों के मैन्युफैक्चर, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसपोर्टेशन एंड सेल के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है।ये भी पढ़ें- FSSAI bans plastic: पान मसाला और गुटखा छोटे प्लास्टिक पाउच में नहीं आएगा! नया नियम लागू होने पर जानें कैसे बिकेगा मालयह प्रतिबंध जारी होने की तारीख से एक साल तक पूरे कर्नाटक में लागू रहेगा। विभाग ने जनता से अपील की है कि वे प्रतिबंधित तंबाकू और निकोटीन उत्पादों के मैन्युफैक्चर, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रांसपोर्टेशन एंड सेल की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें। साथ ही 'स्वस्थ और नशा-मुक्त कर्नाटक' बनाने के प्रयासों में सहयोग करें।
रेप के दोषी Prajwal Revanna को Jail में कैसे मिला फोन? कर्नाटक के गृह मंत्री का बड़ा एक्शन
पूर्व सांसद और रेप के दोषी प्रज्वल रेवन्ना के पास बेंगलुरु की परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उनकी बैरक के अंदर एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। इसके बाद जेल अधिकारियों के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस महानिदेशक (जेल और सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने बुधवार को बताया कि सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने मंगलवार को हाई-सिक्योरिटी जेल में पांच घंटे तक छापेमारी की थी। इस दौरान हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह फोन जब्त किया गया। इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप प्रज्वल रेवन्ना के पास मोबाइल फोन मिलने पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कैदी कौन है। उसने अपराध किया है, वह जेल में है, बस यही मायने रखता है। वह हाई-प्रोफाइल हो या लो-प्रोफाइल, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता। सबसे पहले, यह मेरे विभाग के अधिकारियों के लिए एक संदेश है कि हम ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं करेंगे। दूसरी बात, कैदियों के लिए भी संदेश बहुत साफ है - चाहे वे हाई-प्रोफाइल हों या लो-प्रोफाइल - कि आप भ्रष्ट तरीकों से विभाग को प्रभावित नहीं कर सकते... कल हमने जेलों और कुछ खास सेल में अचानक छापेमारी करने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि कुछ हाई-प्रोफाइल कैदियों और अन्य कैदियों के पास अधिकारियों को मोबाइल फोन, नोटबुक और ऐसी चीजें मिलीं जिनकी जेल में इजाजत नहीं है। ऐसा लगता है कि हमारे लोग कैदियों के साथ मिले हुए हैं। और हां, हमने सख्त चेतावनी जारी की है। हम जेलों के डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ऑडिट भी कर रहे हैं। जो कोई भी इन कैदियों को डिवाइस या जरूरत से ज्यादा चीजें उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Chest Pain की वजह बनी वो 'बड़ी ईंट', ममता बनर्जी ने काफिले पर हमले को बताया सोची-समझी साजिश हाल ही में हुई ज़ब्ती के बाद, ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में DIG (साउथ) की सिफ़ारिश पर असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट इराना रंगापुर को सस्पेंड कर दिया गया है। बेंगलुरु सेंट्रल जेल के सुपरिटेंडेंट को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कुमार ने कहा, इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है। कुमार ने बताया, 11 अगस्त 2026 को CCB ने हाई सिक्योरिटी जेल में कई हाई-प्रोफाइल और अन्य कैदियों की 4-5 घंटे तक तलाशी ली, लेकिन इस दौरान कोई और प्रतिबंधित सामान नहीं मिला। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
Karnataka: Mobile phone found with jailed former MP Prajwal Revanna; revelations from raid raise questions.
दक्षिण भारत के लिए बड़ा मौसम अलर्ट- मानसून ने पकड़ी रफ्तार! केरल और कर्नाटक में भारी बारिश के आसार |
दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिसके चलते केरल और तटीय कर्नाटक में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
Ambala News: कर्नाटक के लोकनाट्य यक्षगान ने बिखेरी अद्भुत छटा
कर्नाटक के लोकनाट्य यक्षगान ने बिखेरी अद्भुत छटा
तेलंगाना सड़क हादसे में कर्नाटक के 5 मजदूरों की मौत, 7 घायल
हैदराबाद, 11 अगस्त . तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में Tuesday को हुए एक सड़क हादसे में कर्नाटक के पांच कृषि मजदूरों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य घायल हो गए. यह दुर्घटना जहीराबाद मंडल के न्यू सतवार इलाके में हुई, जब एक टैंकर ने ऑटो रिक्शा को टक्कर मार दी. घायलों को जहीराबाद के ... Read more
बिदादी किसानों के साथ खड़ी रहेगी पार्टी: कर्नाटक भाजपा प्रमुख विजयेंद्र
Bengaluru, 11 अगस्त . कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने Tuesday को साफ किया कि प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के मामले में पार्टी के भीतर कोई भ्रम नहीं है. उन्होंने दोहराया कि भाजपा किसानों के साथ खड़ी रहेगी. Bengaluru ... Read more
ED के मुताबिक, बैंक और दूसरे वित्तीय रिकॉर्ड की शुरुआती जांच में रकम के कई स्तरों पर ट्रांसफर किए जाने की जानकारी सामने आई है.
वीर पहाड़िया ने कर्नाटक के कोल्लूर मूकांबिका मंदिर में लिया देवी मां का आशीर्वाद
गौरतलब है कि कर्नाटक के कोल्लूर में स्थित मूकांबिका मंदिर, देवी मूकांबिका को समर्पित है, जिन्हें महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती, इन तीनों स्वरूपों में पूजा जाता है। फिलहाल वीर की इस आध्यात्मिक यात्रा ने उनके फैंस को उनकी गहरी आस्था और भारतीय परंपराओं से जुड़ाव की एक खास झलक दे दी है।
बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रैकिंग के लिए गए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार सुबह पहाड़ी पर जाने से पहले उन्होंने करीब 8:30 बजे अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया और परिवार से संपर्क टूट गया। अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे और 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। अद्वैत की मां बेटे के लापता होने के बाद बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के गायब होने के बाद से उन्हें उसकी चिंता सता रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु पुलिस को जितनी जानकारी है, उतनी ही जानकारी परिवार के पास भी है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस स्थिति में ज्यादा बात नहीं कर पा रही हैं। पहाड़ी की तलहटी तक किराए की बाइक से पहुंचे थे पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की ओर चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट पर मिले बैग और स्वेटर तलाशी अभियान के दौरान रविवार को पुलिस को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास अद्वैत का शोल्डर बैग और स्वेटर मिला। इसके बावजूद अद्वैत का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने पहाड़ी के खतरनाक और प्रतिबंधित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक अद्वैत की आखिरी लोकेशन मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले ईश्वर मंदिर के पास मिली थी। आशंका है कि मंदिर में दर्शन के बाद वह शांताला पॉइंट की तरफ गए होंगे। पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही शिवगंगे पहाड़ियों का इलाका पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है। यहां ग्रेनाइट की चट्टानों के बीच संकरे रास्ते और कई जगह खड़ी चढ़ाई है। बारिश में रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अद्वैत प्रतिबंधित शांताला पॉइंट तक कैसे पहुंचे और वहां उनके साथ क्या हुआ। फिलहाल किसी हादसे या अन्य घटना की पुष्टि नहीं हुई है। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से सुसाइड का एंगल भी जुड़ा अद्वैत के लापता होने के बाद पुलिस ने उनके घर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में ऊंचाई से गिरने और मौत से जुड़े कुछ AI जनरेटेड वीडियो देखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के एंगल को जांच में शामिल किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर भी काम कर चुके अद्वैत बेंगलुरु के बेगुर इलाके में रह रहे थे। फाइनेंस कंपनी से पहले वे सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम कर चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल, लैपटॉप, CCTV फुटेज, आखिरी लोकेशन और पहाड़ी से मिले सामान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी शिवगंगे पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी हो जाती है। पथरीले रास्तों पर फिसलन बढ़ने के साथ कई जगह रास्ते बेहद संकरे हैं। खड़ी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों के कारण पुलिस और SDRF की टीमों को तलाशी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल सवाल यही है कि CCTV में पहाड़ी की ओर जाते दिखने के बाद अद्वैत कहां गए। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उनका बैग और स्वेटर कैसे पहुंचा। पांचवें दिन भी पुलिस को उनकी तलाश में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।
मेकेदातु परियोजना पर 13 अगस्त के कर्नाटक बंद को लेकर कन्नड़ संगठनों में मतभेद
बेंगलुरू, 11 अगस्त . कई कन्नड संगठनों ने 13 अगस्त को बुलाई गई ‘कर्नाटक बंद’ का समर्थन किया है. यह बंद ‘मेकेदातु पेयजल परियोजना’ को लेकर तमिलनाडु के विरोध के संदर्भ में बुलाया गया है, हालांकि कन्नड संगठनों में इस बात को लेकर मतभेद है कि बंद जरूरी है या नहीं, क्योंकि मौजूदा समय में ... Read more
महाराष्ट्र से कर्नाटक तक आवारा कुत्तों का आतंक! बच्चों पर किया हमला
महाराष्ट्र के जालना और कर्नाटक के बेलगावी व हुब्बली में आवारा कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आई हैं. इन घटनाओं में बच्चों को कुत्तों ने काट लिया. सभी घटनाएं CCTV में कैद हुई हैं. फिलहाल घायल बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.
मंगलुरु, 11 अगस्त . नीट की तैयारी कर रही छात्रा की आत्महत्या के कुछ हफ्ते बाद अब उसके बड़े भाई का शव भी होटल के कमरे में फंदे से लटका मिला. कर्नाटक Police ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है. मृतक की पहचान 24 वर्षीय अर्जुन महेश के रूप में हुई है. वह ... Read more
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वे पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।
महिलाओं के खिलाफ अपराध या किसी कानूनी विवाद के बाद सबसे बड़ी मुश्किल सिर्फ घटना नहीं होती, बल्कि उसके बाद शुरू होने वाली लंबी कानूनी लड़ाई भी होती है। इसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की जज जस्टिस बीवी नागरत्ना ने बड़ा सवाल उठाया है। बेंगलुरु में ‘Justice for Women’ विषय पर आयोजित दक्षिण क्षेत्रीय सम्मेलन […] The post महिलाओं के लिए तुरंत मिले कानूनी मदद, SC जज ने कर्नाटक सरकार को भी घेरा, हाईकोर्ट की ताकत घटने पर उठाया बड़ा सवाल appeared first on https://rajsattaexpress.com .
मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार भाजपा नेता और शाजापुर जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय को लेकर पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, मालवीय ठगी की रकम से विधानसभा चुनाव लड़कर विधायक और फिर मंत्री बनने का सपना देख रहा था। जांच में उसके बैंक खाते में कुछ महीनों में करीब ₹2.93 करोड़ के ट्रांजैक्शन सामने आए हैं। इनमें से करीब 50 लाख रुपए ग्वालियर के सीए अशोक विजयवर्गीय से हुई 21.05 करोड़ की साइबर ठगी से जुड़े बताए जा रहे हैं। खाते के बदले 2% कमीशन मिलने का दावा पुलिस के अनुसार, मालवीय ने अपना बैंक खाता अंकित वर्मा को इस्तेमाल करने के लिए दिया था। इसके बदले उसे ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था। जांच में उसके खाते में करोड़ों रुपए के लेन-देन सामने आने के बाद पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि अंकित वर्मा और उसके नेटवर्क के लोग साइबर ठगी की रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए म्यूल बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। मालवीय के खाते में आए बाकी करीब 2.43 करोड़ रुपए किन मामलों से जुड़े हैं और रकम के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जांच की जा रही है। ठगी की रकम से बड़ा कार गैराज खोलना चाहता था अंकित मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी रतलाम निवासी अंकित वर्मा है। पुलिस के अनुसार, उसे सागर जिले से गिरफ्तार किया गया। वह मेकेनिकल इंजीनियरिंग में बीई कर चुका है और रतलाम में कार गैराज चलाता है। पुलिस पूछताछ के मुताबिक, अंकित मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा कार गैराज खोलना चाहता था। आरोप है कि वह साइबर ठगों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। पुलिस के अनुसार, उसने ठगी की रकम से गैराज बड़ा करने की बात भी स्वीकार की है। फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से CA को बनाया निशाना सीनियर चार्टर्ड अकाउंटेंट अशोक विजयवर्गीय ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, उन्हें वॉट्सएप के जरिए ‘Tradecboeus’ नाम के प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए तैयार किया गया। पुलिस जांच के अनुसार, निवेशकों को फंसाने के लिए इसी नाम से फर्जी वेब पोर्टल बनाया गया था। पोर्टल पर ट्रेडिंग का ग्राफ जानबूझकर बढ़ता-घटता दिखाया जाता था, ताकि निवेशक को मुनाफे का भरोसा रहे और वह लगातार रकम लगाता जाए। पुलिस के मुताबिक, यह फर्जी प्लेटफॉर्म विदेशी IP से संचालित किया जा रहा था। अशोक विजयवर्गीय ने आरोपियों के झांसे में आकर 21 करोड़ 5 लाख 92 हजार रुपए निवेश किए। रकम निकालने की कोशिश करने पर आरोपियों ने इनकम टैक्स के नाम पर उनसे 10 करोड़ रुपए और मांगे। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला और उन्होंने पुलिस में शिकायत की। 76 खातों में 106 बार ट्रांसफर हुई रकम पुलिस जांच में सामने आया कि CA ने अलग-अलग 76 बैंक खातों में 106 बार ट्रांजैक्शन किए। इसके बाद रकम करीब 15 अलग-अलग लेयर से गुजर कर 20 हजार से ज्यादा बैंक खातों तक पहुंची। शुरुआती जांच के अनुसार, ठगी की करीब 35% रकम दक्षिण भारत के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर हुई। पुलिस इन खातों और रकम के अंतिम लाभार्थियों की जानकारी जुटा रही है। मालवा से दक्षिण भारत तक नेटवर्क की जांच पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क के मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के अलावा बिहार, झारखंड, तमिलनाडु और कर्नाटक तक फैले होने की जानकारी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी भूमिका की जांच कर रही है। मोबाइल में APK फाइल एक्टिवेट करते थे पुलिस के अनुसार, आरोपी बिहार और मध्य प्रदेश में जाकर मोबाइल में APK फाइल एक्टिवेट करते थे। इसके बाद बैंक से आने वाले OTP ऑटो-फॉरवर्ड होकर मुख्य हैंडलर तक पहुंचते थे। पुलिस इस प्रक्रिया और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। खाते में रकम आने पर मिलता था कमीशन पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता की रकम अलग-अलग राज्यों के दर्जनों बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। जांच में जगदीश मालवीय का बैंक खाता देश के छह अलग-अलग राज्यों के लोगों से जुड़ी ठगी की रकम के ट्रांजैक्शन में इस्तेमाल पाया गया है। पुलिस का दावा है कि खाते के इस्तेमाल के बदले मालवीय को हर ट्रांजैक्शन पर 2% कमीशन मिलता था। दो आरोपी गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच जारी डीएसपी राज्य साइबर जोन संजीव नयन शर्मा के अनुसार, मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आई जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। ----------------------------------------- संबंधित खबरें भी पढ़िए… 1. 21 करोड़ की साइबर ठगी में भाजपा नेता की गिरफ्तारी 21 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी के मामले में शाजापुर जिला पंचायत सदस्य एवं भाजपा नेता जगदीश मालवीय उर्फ फौजी की गिरफ्तारी के बाद अब इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। गुरुवार को कालापीपल के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता कुणाल चौधरी ने मामले में भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की। पढ़ें पूरी खबर… 2. ग्वालियर राज्य साइबर पुलिस का बड़ा एक्शन मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी (21.05 करोड़) के मामले में ग्वालियर राज्य साइबर जोन पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में पुलिस ने रतलाम से मैकेनिकल इंजीनियर अंकित वर्मा को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले पुलिस ने उज्जैन के शाजापुर का जिला पंचायत सदस्य जगदीश मालवीय उर्फ फौजी को गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर…
साउथ स्टार यश की अपकमिंग फिल्म 'टॉक्सिक' कर्नाटक में किसी भी फिल्म के लिए अब तक की सबसे बड़ी थिएट्रिकल रिलीज़ के लिए तैयार है, जहां टीम का लक्ष्य राज्य के बॉक्स ऑफिस इतिहास की सबसे बड़ी ओपनिंग हासिल करना है। यह फिल्म पूरे राज्य में रिकॉर्ड तोड़ ...
फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो
बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

