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‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत, कर्नाटक में BJP नेता ने उठाया कानूनी कदम

मंगलूरू में भाजपा नेता विकास पुत्तुर ने ‘वंदे मातरम’ के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी के खिलाफ उरवा थाने में शिकायत दी और कानूनी कार्रवाई की मांग की।

देशबन्धु 16 Aug 2026 4:53 pm

Supreme Court सोमवार को Cauvery water विवाद में तमिलनाडु की याचिका पर करेगा सुनवाई

उच्चतम न्यायालय तमिलनाडु सरकार की उस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगा, जिसमें कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी नदी का जल तत्काल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। उच्चतम न्यायालय की 17 अगस्त की वाद सूची के अनुसार, मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ करेगी। शीर्ष अदालत ने 12 अगस्त को कहा था कि इस मामले में तमिलनाडु सरकार और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) सहित अन्य पक्षों की ओर से दायर याचिकाओं पर 17 अगस्त को सुनवाई की जाएगी। इसे भी पढ़ें: Political Conspiracy के खिलाफ ढाल बनेगी TVK Government: CM Vijay बोले- सोशल जस्टिस और ईमानदारी ही हमारी ताकत इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने कहा था कि बारिश की कमी वाले साल में राज्य को कावेरी नदी के पानी का अपना उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। जोसफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलनाडु सरकार ने तीन अगस्त को उच्चतम न्यायालय का रुख करते हुए कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु के हिस्से का पानी तत्काल छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दावा किया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) द्वारा तमिलनाडु के लिए निर्धारित जल की मात्रा और पड़ोसी राज्य कर्नाटक द्वारा छोड़ा गया पानी, दोनों ही तय हिस्से से काफी कम हैं। तमिलनाडु सरकार ने कहा कि 28 जुलाई को सीडब्ल्यूआरसी की बैठक में कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिन तक 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। उसने कहा कि हालांकि, 29 जुलाई से दो अगस्त के बीच बिलिगुंडलु में छोड़े गए पानी की मात्रा 158 से 550 क्यूसेक के बीच रही। तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि तीन अगस्त तक कर्नाटक में केआरएस, काबिनी, हरंगी और हेमावती जलाशयों में कुल मिलाकर 77.537 टीएमसी पानी उपलब्ध था। इसे भी पढ़ें: कावेरी जल विवाद पर Karnataka बंद के बीच प्रदर्शनकारियों ने Tamil Nadu के ट्रक ड्राइवरों को दिए गुलाब उसने कहा कि ऐसे में कर्नाटक को तमिलनाडु के हिस्से का पानी अनुपात के आधार पर छोड़ने में कोई कठिनाई नहीं होगी। इसमें कहा गया कि कर्नाटक में हाल में केआरएस और काबिनी बांधों के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद, बिलिगुंडलु में छोड़े जाने वाले पानी का अनुपातिक हिस्सा 26.954 टीएमसी होना चाहिए।

प्रभासाक्षी 16 Aug 2026 4:49 pm

अंबुमणि रामदास ने कर्नाटक के वनकर्मियों द्वारा तीन तमिलों की हत्या की सीबीआई जांच की मांग की

चेन्नई, 16 अगस्त . पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने चामराजनगर जिले में कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के समीप कर्नाटक वन विभाग के कर्मियों द्वारा तीन तमिल युवकों को गोली मारकर की गई हत्या की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की. मृतकों की ... Read more

डेली किरण 16 Aug 2026 2:56 pm

'बासी और बदबूदार चिकन', कस्टमर की शिकायत पर कर्नाटक FDA का एक्शन; KFC आउटलेट किया सील

मंगलुरु में केएफसी आउटलेट को बदबूदार चिकन की शिकायत के बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सील कर दिया। यह कार्रवाई कर्नाटक में चल रहे व्यापक खाद्य सुरक्षा अभियान का हिस्सा है।

जागरण 16 Aug 2026 9:08 am

मेरी जान तिरंगा है... आजादी के रंग में नहाया देश, कश्मीर से कर्नाटक तक जश्न

80वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभर में जश्न की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं. दिल्ली से लेकर कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर तक लोगों ने अपने-अपने अंदाज में आजादी का पर्व मनाया. इंडिया गेट तिरंगे के रंगों में रोशन हुआ, जबकि विभिन्न राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और समारोहों का आयोजन किया गया.

आज तक 15 Aug 2026 10:07 pm

गुटखा प्रतिबंध का आदेश वापस नहीं लिया गया: कर्नाटक के स्वास्थ्य मंत्री

Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक Government द्वारा राज्य में गुटखा पर प्रतिबंध वापस लेने की अफवाहों के बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने Saturday को स्पष्ट किया कि Government ने केवल निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है और इसे वापस नहीं लिया गया है. Bengaluru ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 10:06 pm

भाजपा का आरोप: कर्नाटक सरकार चोरी-छिपे तमिलनाडु को छोड़ रही कावेरी का पानी

Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने Saturday को राज्य की कांग्रेस Government पर आरोप लगाया कि वह सार्वजनिक रूप से तमिलनाडु को एक बूंद भी कावेरी का पानी नहीं देने की बात कहने के बावजूद चोरी-छिपे पड़ोसी राज्य के लिए पानी छोड़ रही है. अशोक ने आरोप लगाया कि ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 8:22 pm

Karnataka: कार-बाइक चलाने वालों की ढीली होगी जेब! PUC की फीस बढ़ी, 15 अगस्त से लागू हुए नए नियम

कर्नाटक सरकार ने वाहनों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक (पीयूसी) जारी करने वाले अधिकृत केंद्रों की जांच फीस में बदलाव किया है। नई दरें 15 अगस्त से लागू हो गई हैं। नई दरों के अनुसार, दोपहिया वाहनों की प्रदूषण जांच फीस 65 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। वहीं, ऑटो रिक्शा की जांच फीस 75 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये कर दी गई है। पेट्रोल, एलपीजी और सीएनजी से चलने वाली कारों की जांच फीस अब 115 रुपये की जगह 150 रुपये होगी। जबकि डीजल से चलने वाले वाहनों के लिए यह फीस 160 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये कर दी गई है।कर्नाटक में गाड़ी का PUC कराना हुआ महंगा!सरकार ने परिवहन आयुक्त और सड़क सुरक्षा आयुक्त के प्रस्ताव के बाद 13 अगस्त को पीयूसी जांच फीस बढ़ाने का आदेश जारी किया। यह बदलाव कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ की मांग के बाद किया गया है। संघ ने लंबे समय से मौजूदा फीस में बदलाव की मांग की थी। पीयूसी प्रमाणपत्र आमतौर पर छह महीने तक मान्य होता है। हालांकि, बीएस-4 और बीएस-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा करने वाले वाहनों के लिए नियमों के तहत पीयूसी की वैधता एक साल तक हो सकती है। कर्नाटक उत्सर्जन जांच केंद्र मालिक संघ के अध्यक्ष योगेश ने फीस बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि फीस में बदलाव की मांग काफी समय से की जा रही थी और यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था।बाइक-कार समेत जानें किस वाहन के लिए कितने रुपये देने होंगेसरकार ने कहा कि संचालन लागत बढ़ने की वजह से पीयूसी जांच की फीस बढ़ाना जरूरी हो गया था। इन लागतों में कच्चे माल, पेट्रोल-डीजल की कीमत, प्रदूषण जांच केंद्रों का किराया, इंटरनेट से जुड़े उपकरणों का रखरखाव, प्रिंटर की स्याही, बिजली का खर्च और कर्मचारियों की सैलरी शामिल है। सरकार ने बताया कि नई फीस को कर्नाटक मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 231-बी(13) के तहत लागू किया गया है। नई दर के मुताबिक फीस लेने का अधिकार सिर्फ कंप्यूटर से चलने वाले अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्रों को होगा। यह फीस केवल वाहनों के उत्सर्जन की जांच करने और पीयूसी प्रमाणपत्र जारी करने के लिए ली जाएगी।आदेश में प्रदूषण जांच केंद्रों के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। केंद्रों को प्रदूषण जांच के लिए प्रशिक्षित और योग्य कर्मचारियों को नियुक्त करना होगा। साथ ही, गैस की जांच करने वाली मशीन यानी गैस एनालाइजर की समय-समय पर सही तरीके से री-कैलिब्रेशन करानी होगी। केंद्र पर गैस एनालाइजर की सबसे हाल की री-कैलिब्रेशन की तारीख और समय साफ तौर पर दिखाई देने वाली जगह पर लगाना जरूरी होगा। इसके अलावा, पीयूसी प्रमाणपत्र में किसी भी तरह की हाथ से लिखी गई एंट्री या बदलाव नहीं किया जा सकेगा। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 115 के मुताबिक, पीयूसी प्रमाणपत्र केवल उन्हीं वाहनों को जारी किया जा सकता है जिनका प्रदूषण स्तर तय सीमा के अंदर हो। आदेश में यह भी बताया गया है कि वाहन की श्रेणी और उसके उत्सर्जन मानकों के आधार पर पीयूसी प्रमाणपत्र कितने समय तक मान्य रहेगा, इसकी अवधि अलग-अलग हो सकती है।

ज़ी न्यूज़ 15 Aug 2026 5:17 pm

ध्वजारोहण के बाद कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार बोले, समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलेगी सरकार

Bengaluru, 15 अगस्त . कर्नाटक के Chief Minister डी.के. शिवकुमार ने Saturday को राज्य की जनता को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और कर्नाटक भर में शांति, सद्भाव और समावेशी विकास सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया. 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के तहत Bengaluru स्थित अपने सदाशिवनगर आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद ... Read more

डेली किरण 15 Aug 2026 2:31 pm

मुझे तुरंत चाहिए..., Pahalgam हमले पर PM Modi का पहला सवाल, NSA Doval ने किया खुलासा

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने बताया कि 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले यह पूछा था कि इस जानलेवा हमले के पीछे कौन था, जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे; साथ ही उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई करने को भी कहा था। डिस्कवरी की डॉक्यूमेंट्री सीरीज़ डीक्लासिफाइड: ऑपरेशन सिंदूर के लिए दिए गए एक इंटरव्यू में, डोभाल ने पाकिस्तान-समर्थित सीमा-पार आतंकवाद के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन शुरू होने से पहले की घटनाओं को याद किया। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ पूर्व इंटेलिजेंस ऑफ़िसर डोभाल ने बताया कि 88 घंटे चले इस मिलिट्री ऑपरेशन का मकसद पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में मौजूद दुश्मन के कैंपों को नष्ट करना था, खासकर उन कैंपों को जो पहलगाम आतंकी हमले से जुड़े थे। भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल मई में 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था। यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले का जवाब देने के लिए चलाया गया था। उस हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी और यह दशकों में कश्मीर में आम नागरिकों पर हुआ सबसे घातक हमला था। 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल से कुछ ज़्यादा समय बाद अपने पहले इंटरव्यू में, अजीत डोभाल ने सऊदी अरब से अपनी यात्रा बीच में ही छोड़कर लौटने के बाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई मुलाक़ात को याद किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री लौटे। विदेश सचिव उन्हें लेने आए थे। फिर, एयरपोर्ट पर ही हमारी मुलाक़ात हुई। सबसे पहले, वह सभी तथ्य जानना चाहते थे। NSA डोभाल ने बताया कि प्रधानमंत्री हमले के बारे में जानकारी चाहते थे और यह जानना चाहते थे कि इसके पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि और फिर मुझसे उनका पहला सवाल था –– 'यह किसने किया है? कौन ज़िम्मेदार है? हमें बिल्कुल साफ़ पता होना चाहिए कि हमलावर कौन हैं। मुझे यह तुरंत चाहिए। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान दुनिया को एक साफ़ संदेश देते हुए, NSA ने फिर कहा कि भारत की उदारता को देश की कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए। दुनिया के लिए संदेश बहुत साफ़ है – भारत की उदारता या सहनशीलता को उसकी कमज़ोरी नहीं समझना चाहिए। भारत जोखिम उठा सकता है और कड़ा प्रहार भी कर सकता है, चाहे नतीजे कुछ भी हों।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 2:31 pm

Independence Day पर PM Modi का विपक्ष से बड़ा आग्रह: Women Reservation पर Political Game छोड़ो!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं के लिए 33% प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करें। उन्होंने पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में महिला जन-प्रतिनिधियों की भूमिका पर ज़ोर दिया। मोदी ने संसद द्वारा पारित 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का ज़िक्र किया और पिछले 40 वर्षों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व से जुड़ी राजनीतिक चुनौतियों के बारे में बात की। उन्होंने राजनीतिक दलों से आगे आने और महिलाओं के लिए ज़्यादा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की अपील की। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान मोदी ने कहा कि महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों के ज़रिए देश का मार्गदर्शन कर रही हैं। मोदी ने कहा किमेरे प्यारे देशवासियों, आज पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगमों में हमारी महिला जन-प्रतिनिधि बड़ी संख्या में देश का मार्गदर्शन कर रही हैं, स्थानीय चुनौतियों का समाधान कर रही हैं और बेहद काबिल व सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि इसी बात को ध्यान में रखते हुए हमने संसद में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया। मोदी ने कहा कि पिछले चार दशकों में यह मुद्दा बार-बार राजनीतिक विवादों का हिस्सा बनता रहा है। उन्होंने कहा कि लेकिन किसी न किसी वजह से, पिछले 40 सालों में राजनीतिक क्षेत्र में यह सपना लगातार राजनीतिक खेल और राजनीतिक खींचतान का शिकार होता रहा है। इसके बाद उन्होंने लाल किले से राजनीतिक दलों से अपील की। मोदी ने कहा कि आज, लाल किले की प्राचीर से, तिरंगे की छाया में खड़े होकर, मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से पुरज़ोर अपील और आग्रह करता हूँ: आगे आइए और हमारी महिलाओं की ताकत और क्षमता का जश्न मनाइए। इसे भी पढ़ें: Mohan Bhagwat बोले: सही मार्गदर्शन मिले तो युवा देश की ताकत, वरना बन सकते हैं बोझ मोदी ने राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हमारी महिलाओं के सम्मान में आगे बढ़ें और जितनी जल्दी हो सके, यह सुनिश्चित करें कि हमारी माताओं और बहनों को राज्य विधानसभाओं और लोकसभा में 33% प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वे भारत की नीतियां बनाने में सक्रिय रूप से योगदान दे सकें।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 12:41 pm

Karnataka: कर्नाटक के स्कूलों में शुरू होगी AI की पढ़ाई, मुख्यमंत्री ने किया 'एआई अक्षरा अभियान' का एलान

Karnataka AI Education: कर्नाटक सरकार ने स्कूल शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग को शामिल करने की पहल की है।

अमर उजाला 15 Aug 2026 12:24 pm

DK Shivakumar ने Karnataka के स्कूलों में 'एआई अक्षर अभियान' की घोषणा की

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार ने शनिवार को राज्यभर के विद्यालयों में कृत्रिम मेधा (एआई) की शिक्षा शुरू करने और विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ‘एआई अक्षर अभियान’ एवं ‘कोडिंग गुरुकुल’ कार्यक्रम की घोषणा की। शिवकुमार ने यहां ‘फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ परेड ग्राउंड’ में स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा, ‘‘हम अब प्रौद्योगिकी के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। एआई अभियान और कोडिंग गुरुकुल- यह आपका युग है, एक नया युग।’’ उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आज के युवाओं के कौशल को निखारने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने के लिए पहले ही कार्यक्रम तैयार कर चुकी है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक के विद्यालयों में छठी कक्षा से एआई की शिक्षा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘इसी उद्देश्य से आज मैं ‘एआई अक्षर अभियान और कोडिंग गुरुकुल’ नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम की घोषणा कर रहा हूं।’’ शिवकुमार ने कहा कि सरकार बेंगलुरु में भारत का पहला सरकारी एआई विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने कहा, ‘‘देश के पहले सरकारी एआई विश्वविद्यालय के लिए पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। मैं कर्नाटक के बेंगलुरु में एआई विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा पहले ही कर चुका हूं और इसके लिए कार्यक्रम भी तैयार कर रहा हूं।’’ उन्होंने प्रौद्योगिकी युग के लिए कर्नाटक के युवाओं को तैयार करने के उद्देश्य से विद्यालयों और महाविद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 10:38 am

मंत्री जमीर ने तिरंगा फहराने से छूट मांगी, कर्नाटक सरकार ने जिम्मा बसवंतप्पा को सौंपा; भाजपा ने उठाए सवाल

कर्नाटक के एक मंत्री बी.जेड.जमीर अहमद खान के स्वतंत्रता दिवस पर विजयनगर में राष्ट्र ध्वज फहराने की जिम्मेदारी से छूट मांगने के बाद कांग्रेस शासित राज्य सरकार ने यह जिम्मेदारी अपने एक अन्य मंत्री के.एस. बसवंतप्पा को सौंप दी है।

जागरण 15 Aug 2026 2:02 am

'संघ पर प्रतिबंध लगाकर दिखाएं', कर्नाटक में भाजपा का कांग्रेस सरकार को खुला चैलेंज

कर्नाटक सरकार द्वारा सरकारी परिसरों के उपयोग को विनियमित करने वाले विधेयक के बाद, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कांग्रेस सरकार पर आरएसएस की गतिविधियों को रोकने का आरोप लगाया।

जागरण 14 Aug 2026 10:23 pm

'गलती मिले तो हो सजा', बेटी पर FIR के बाद बोले कर्नाटक के बीजेपी विधायक

कर्नाटक के बीजेपी विधायक बी सुरेश गौड़ा की बेटी ऐश्वर्या के खिलाफ महिला पुलिस अधिकारी के साथ अभद्रता के आरोप में केस हुआ है. विधायक ने बेटी के व्यवहार को लेकर सफाई दी है.

आज तक 14 Aug 2026 9:52 pm

सरकार गुटखा पर प्रतिबंध लगाकर किसानों और सुपारी उत्पादकों के हितों पर चोट पहुंचा रही : कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष

Bengaluru, 14 अगस्त . कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने आरोप लगाया है कि राज्य Government गुटखा पर प्रतिबंध लगाने के कदम के जरिए किसानों और सुपारी उत्पादकों के हितों पर चोट करने की कोशिश कर रही है. इससे पूरे राज्य के किसानों में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया है. Friday को ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 9:51 pm

Karnataka में RSS शाखाएं कैसे लगेंगी, कांग्रेस सरकार ला रही नया कानून। DK Shivakumar। Priyank Kharge

क्या कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शाखाओं पर बैन लगने वाला है? मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार ने एक ऐसा बिल कैबिनेट से पास किया है, जिसने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 9:11 pm

RSS के मुद्दे पर कर्नाटक में सियासी घमासान, प्रियंक खड़गे बोले- प्रस्तावित विधेयक में संगठन का जिक्र तक नहीं

कर्नाटक में सरकारी परिसरों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को नियंत्रित करने वाले प्रस्तावित विधेयक को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने सवाल किया कि आखिर विधेयक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का जिक्र कहां है।

खास खबर 14 Aug 2026 5:05 pm

आरएसएस के मुद्दे पर कर्नाटक में सियासी घमासान, प्रियंक खड़गे बोले- प्रस्तावित विधेयक में संगठन का जिक्र तक नहीं

आरएसएस के मुद्दे पर कर्नाटक में सियासी घमासान, प्रियंक खड़गे बोले- प्रस्तावित विधेयक में संगठन का जिक्र तक नहीं

समाचार नामा 14 Aug 2026 5:01 pm

PM Modi पर टिप्पणी Rahul Gandhi की हताशा! BJP बोली - वे चुने हुए नेता, आप वंशवादी राजनीति की देन

बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति का मज़ाक उड़ाने वाले बयानों के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। पार्टी ने उन पर असभ्य और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और विपक्ष के नेता के पद की गरिमा बनाए रखने में नाकाम रहने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने गुरुवार को 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय सम्मेलन' में बोलते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने पीएम मोदी की विदेश नीति पर तंज कसते हुए कहा कि यह नीति विदेशी नेताओं को गले लगाने तक ही सीमित है। साथ ही, उन्होंने बीजेपी-आरएसएस को जोकरों का झुंड बताया और कहा कि उन्हें भारत की कोई समझ नहीं है। इसे भी पढ़ें: शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन्हें समझदार बनने की सलाह दी और कांग्रेस नेता पर प्रधानमंत्री को निशाना बनाकर भारत के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया। जोशी ने कहा कि राहुल गांधी, आप कब समझदार बनेंगे? भारत को चलाने के लिए परिपक्व नेतृत्व की ज़रूरत होती है, न कि नौसिखिया ड्रामेबाज़ी की। लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकार को 'जोकर और मसखरे' कहना यह साबित करता है कि आप इस मामले को समझने की क्षमता नहीं रखते। उन्होंने PM मोदी के चुने हुए नेता होने का बचाव करते हुए राहुल गांधी के राजनीतिक बैकग्राउंड की भी आलोचना की। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री एक चुने हुए नेता हैं। राहुल गांधी और उनके परिवार के उलट, वे किसी पदानुक्रम (hierarchy) से ऊपर नहीं आए, और न ही वे पारिवारिक विरासत या वंशवादी राजनीति की वजह से आगे बढ़े। जिन शब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जिस स्तर तक कोई गिर रहा है, वह राहुल गांधी की सरासर बेवकूफी और हताशा को दिखाता है। इसी हताशा की वजह से वे अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इसे भी पढ़ें: Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान जोशी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना करना भारत की जनता का अपमान करने जैसा है। अपने भाषण के दौरान, कांग्रेस नेता ने विदेशी नेताओं के साथ PM मोदी के गले मिलने का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने मंच पर कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित को गले लगाकर अपनी बात रखी और इसे प्रधानमंत्री की विदेश नीति की समझ बताया। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी राहुल गांधी की आलोचना करते हुए उन्हें मानसिक रूप से परेशान बताया और सोनिया गांधी से आग्रह किया कि वे उन्हें मदद दिलाएं। मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी मानसिक रूप से परेशान लग रहे हैं। उनके व्यवहार ने शालीनता की सारी हदें पार कर दी हैं। अगर सोनिया गांधी दखल नहीं देतीं और यह सुनिश्चित नहीं करतीं कि उन्हें सही मदद मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 4:15 pm

शिवकुमार Cabinet में एक भी महिला मंत्री नहीं, Congress के खिलाफ बीजेपी का विरोध प्रदर्शन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने हाल में विस्तारित मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल नहीं किये जाने पर विरोध जताते हुए शुक्रवार को विधान सौध परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने सत्तारूढ़ कांग्रेस को ‘‘महिला-विरोधी’’ बताते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारे लगाए। भाजपा की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने इस प्रदर्शन की अगुवाई की। उनके साथ कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक, विधान परिषद में विपक्ष के नेता सी. नारायणस्वामी और महिला विधायकों समेत अन्य विधायक भी शामिल हुए। भाजपा विधायक विधान सौध परिसर के प्रवेश द्वार पर स्थित नाडा देवी भुवनेश्वरी की प्रतिमा के पास एकत्र हुए और बाद में भवन की ओर मार्च किया। कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए विजयेंद्र ने कहा कि आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत है और उन्हें समान अवसर तथा पर्याप्त प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इसे भी पढ़ें: कर्नाटक विधानसभा में Food Safety Raid, थाली में मिले Cockroaches, मंत्रियों की सेहत से खिलवाड़ उन्होंने दावा किया कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी नीत सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के कदम उठाए, जिसका कांग्रेस और राहुल गांधी ने विरोध किया था। विजयेंद्र ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन कर्नाटक में, कांग्रेस सरकार खुद महिलाओं को प्रतिनिधित्व न देकर पूरे महिला समुदाय का अपमान कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में एक महिला मंत्री को शामिल करने की घोषणा के बाद उनका नाम हटाना ‘‘अपमानजनक’’ था। विजयेंद्र ने दावा किया कि ऐसी खबरें थीं कि एक महिला को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा, लेकिन बाद में उनका नाम हटा दिया गया। उन्होंने याद दिलाया कि कर्नाटक 12वीं सदी के समाज सुधारक बसवन्ना की भूमि है और 12वीं सदी की समाज सुधारक व कवयित्री अक्का महादेवी की जन्मभूमि है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘ऐसे राज्य को पूरे देश के लिए एक मिसाल कायम करनी चाहिए थी। लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य के इतिहास में पहली बार मंत्रिमंडल में एक भी महिला मंत्री के बिना विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है।’’ अशोक ने सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उसने मंत्रिमंडल में एक भी महिला को जगह न देकर ‘‘महिलाओं के साथ विश्वासघात’’ किया है। इसे भी पढ़ें: Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य सिद्धरमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 अन्य मंत्रियों ने भी पद एंव गोपनीयता की शपथ ली थी। कार्यभार संभालने के दो महीने बाद तीन अगस्त को शिवकुमार ने 19 और मंत्रियों को शामिल कर अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया जिससे मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल में सदस्यों की संख्या 33 हो गई। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar ने Karnataka Cabinet में बांटे विभाग, कई मंत्रियों के बदले प्रभार फिलहाल शिवकुमार के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में कोई महिला मंत्री नहीं है। हाल में मंत्रिमंडल में शामिल किए गए मंत्रियों में टी. रघुमूर्ति को अनुसूचित जनजाति (एसटी) कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अजय सिंह को लघु सिंचाई तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिवलिंगे गौड़ा को आबकारी, विजयानंद काशप्पनवर को लघु उद्योग एवं सार्वजनिक उपक्रम, के. एस. बसवन्तप्पा को मुजराई, मत्स्य पालन, बंदरगाह और अंतर्देशीय जल परिवहन, रिजवान अरशद को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता मामले और एच. सी. बालकृष्ण को नगर प्रशासन विभाग सौंपा गया है। अन्य मंत्रियों और उनके विभागों में लक्ष्मण सावदी को सहकारिता, बसवराज राय रेड्डी को उच्च शिक्षा, पुत्तरंगा शेट्टी को पशुपालन एवं रेशम उत्पादन और नरेंद्र स्वामी को कृषि विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 4:08 pm

Karnataka में RSS बनाम Congress की जंग हुई तेज, DK Shivakumar Govt के नए Bill से मच गया सियासी तूफान

एक ओर राहुल गांधी लगातार आरएसएस के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं तो वहीं उनकी पार्टी के तमाम नेताओं में भी आरएसएस के खिलाफ निचले स्तर के बयान देने की होड़ लगी हुई है। इसी होड़ाहोड़ी में अपनी भी मौजूदगी दर्ज कराते हुए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने ऐसा फैसला किया है जोकि सीधे सीधे आरएसएस पर निशाना साधने की कार्रवाई माना जा रहा है। इस तरह कर्नाटक में RSS की गतिविधियों को लेकर कांग्रेस सरकार और भारतीय जनता पार्टी के बीच टकराव अब सड़क और प्रशासनिक आदेशों से निकलकर विधानसभा तक पहुंचता दिख रहा है। हम आपको बता दें कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘Karnataka Regulation of Use of Government Premises and Public Property Bill, 2026’ को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून के तहत सरकारी जमीन, भवन, सड़क, पार्क, खेल मैदान और सरकारी सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों जैसी सार्वजनिक संपत्तियों पर निजी कार्यक्रम, बैठक, रैली या अन्य आयोजन करने से पहले सरकार की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य सरकार का तर्क है कि सार्वजनिक संपत्ति के इस्तेमाल के लिए स्पष्ट नियम, दस्तावेजी प्रक्रिया और प्रशासनिक अनुमति जरूरी है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा है कि यह व्यवस्था किसी एक दल या संगठन को निशाना बनाने के लिए नहीं है। उनका कहना है कि हर संगठन को नियमों का पालन करना होगा और सार्वजनिक स्थानों पर कार्यक्रम अपनी इच्छा से आयोजित नहीं किए जा सकते। यही तर्क सरकार के अन्य नेताओं की ओर से भी दिया गया है। इसे भी पढ़ें: भारतीय परंपराओं में निहित है संवाद, संवाद से ही होता है समाधान लेकिन राजनीतिक विवाद की असली वजह विधेयक के प्रावधानों से अधिक उसका संदर्भ है। RSS और BJP इसे संगठन की सार्वजनिक गतिविधियों पर नियंत्रण की कोशिश मान रहे हैं। RSS की शाखाएं, बैठकें और ‘संचलन’ अक्सर सार्वजनिक मैदानों में होते हैं। ऐसे में रोजाना लगने वाली शाखाओं समेत हर आयोजन के लिए पूर्व अनुमति की व्यवस्था आरएसएस की नियमित गतिविधियों को प्रशासनिक स्वीकृति पर निर्भर कर सकती है। प्रस्तावित कानून में सार्वजनिक सड़कों पर होने वाले जुलूस और कार्यक्रम भी दायरे में आते हैं। हम आपको याद दिला दें कि विवाद की जड़ अक्टूबर 2025 में दिखाई दी थी, जब राज्य सरकार ने सार्वजनिक संपत्ति पर कार्यक्रमों के लिए पुलिस और राजस्व अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेने का आदेश जारी किया था। इसी अवधि में चित्तापुर में RSS के प्रस्तावित रूट मार्च को अनुमति नहीं मिली। उस समय भी यह सवाल उठा था कि क्या प्रशासनिक आदेश के जरिए सार्वजनिक सभाओं और जुलूसों को इस तरह नियंत्रित किया जा सकता है। मामला कर्नाटक हाई कोर्ट तक पहुंचा और अदालत ने उस सरकारी आदेश पर रोक लगाते हुए संविधान के अनुच्छेद 19 में निहित अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा के अधिकारों से जुड़े सवालों पर गौर किया। अदालत के समक्ष यह दलील भी रखी गई कि मौलिक अधिकारों को केवल प्रशासनिक आदेश के जरिए सीमित नहीं किया जा सकता। अब राज्य सरकार उसी विवाद को विधायी रास्ते से सुलझाने की कोशिश कर रही है। यही बिंदु RSS और BJP की सबसे बड़ी आपत्ति है। उनका आरोप है कि जिस व्यवस्था को लेकर अदालत में सवाल उठे थे, उसे अब कानून बनाकर लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। राज्य सरकार के सामने हालांकि यह तर्क है कि नया कानून केवल RSS के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति का इस्तेमाल करने वाले सभी निजी व्यक्तियों, संस्थाओं, क्लबों और संगठनों पर समान रूप से लागू होगा। वहीं BJP प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने राज्य सरकार पर RSS की गतिविधियों को सीमित करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री और राज्य के गृह मंत्री को खुली चुनौती दी है। उनका कहना है कि यदि सरकार को RSS से आपत्ति है तो वह सीधे प्रतिबंध की बात करे, न कि सामान्य नियमों की आड़ में संगठन की गतिविधियों को प्रभावित करे। विजयेंद्र ने RSS को राष्ट्रवाद, सेवा और सामाजिक कार्यों से जुड़ा संगठन बताते हुए सरकार को इतिहास से सबक लेने की सलाह भी दी। इस पूरे विवाद का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यही है कि मामला केवल एक संगठन के कार्यक्रम की अनुमति का नहीं रह गया है। यह सवाल अब सार्वजनिक संपत्ति के नियमन, प्रशासनिक विवेक, मौलिक अधिकार और राजनीतिक निष्पक्षता, चारों को एक साथ छू रहा है। राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए चुनौती यह होगी कि वह साबित करे कि प्रस्तावित कानून वास्तव में समान रूप से लागू होगा और किसी खास संगठन को रोकने का माध्यम नहीं बनेगा। दूसरी ओर, राजनीतिक रूप से यह टकराव कांग्रेस और RSS-BJP के बीच पहले से मौजूद वैचारिक संघर्ष को और तीखा कर सकता है। यह भी सामने नजर आ रहा है कि इस विवाद का फैसला केवल विधानसभा में नहीं होगा। अदालतों, प्रशासनिक अमल और सबसे बढ़कर जनता की प्रतिक्रिया में भी इसकी गूंज सुनाई देगी। कर्नाटक की राजनीति में RSS को लेकर उठी यह लड़ाई आने वाले समय में कांग्रेस बनाम BJP के व्यापक वैचारिक संघर्ष का एक महत्वपूर्ण अध्याय बन सकती है। वहीं भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने इस मुद्दे पर कहा है कि कर्नाटक राज्य कैबिनेट का यह फ़ैसला कि गैर-पंजीकृत सामाजिक संगठनों को सार्वजनिक मैदानों के इस्तेमाल की इजाज़त नहीं दी जाएगी, साफ़ तौर पर RSS को निशाना बनाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान साफ़ तौर पर लोगों को समूह या संगठन बनाने की इजाज़त देता है और यह अधिकार संविधान द्वारा सुरक्षित है। तेजस्वी सूर्या ने कहा कि कई हाई कोर्ट पहले ही इस कानूनी बात को सही ठहरा चुके हैं...मुझे पूरा यकीन है कि राज्य सरकार का यह बिल या कानून भी, जब अदालत में इस पर सवाल उठाया जाएगा, तो संवैधानिक वैधता की कसौटी पर खरा नहीं उतरेगा।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 3:46 pm

विजय भारद्वाज: टीम इंडिया के लिए रहे ‘वन सीरीज वंडर’, कर्नाटक को तीन बार बनाया रणजी चैंपियन

New Delhi, 14 अगस्त . किसी भी कहानी का आगाज अगर बेहतरीन रहा हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका अंजाम भी ठीक वैसा ही हो. भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज की कहानी ऐसी ही है. विजय भारद्वाज के भारतीय टीम के साथ सफर का आगाज धमाकेदार अंदाज में हुआ था, और उन्हें भविष्य का ... Read more

डेली किरण 14 Aug 2026 3:27 pm

विजय भारद्वाज: टीम इंडिया के लिए रहे 'वन सीरीज वंडर', कर्नाटक को तीन बार बनाया रणजी चैंपियन

नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। किसी भी कहानी का आगाज अगर बेहतरीन रहा हो, तो इसका मतलब यह नहीं कि उसका अंजाम भी ठीक वैसा ही हो। भारतीय क्रिकेटर विजय भारद्वाज की कहानी ऐसी ही है। विजय भारद्वाज के भारतीय टीम के साथ सफर का आगाज धमाकेदार अंदाज में हुआ था, और उन्हें भविष्य का एक बड़ा सितारा माना गया, लेकिन कुछ ही मैचों में उनका करिश्मा समाप्त हो गया और वह टीम से बाहर हो गए। फिलहाल, वह क्रिकेट कोच और कमेंटेटर के तौर पर सक्रिय हैं।

समाचार नामा 14 Aug 2026 3:19 pm

भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की दी चुनौती

भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर साधा निशाना, आरएसएस की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की दी चुनौती

समाचार नामा 14 Aug 2026 2:43 pm

जी.एस. पाटिल बने कर्नाटक विधानसभा के नए स्पीकर, सलीम अहमद बने विधान परिषद के चेयरमैन

विपक्ष की गैर मौजूदगी में शुक्रवार को कांग्रेस विधायक जी.एस. पाटिल को कर्नाटक विधानसभा का नया स्पीकर चुना गया। वहीं, एनडीए उम्मीदवार पी.एच. पुजार को आठ वोटों से हराकर कांग्रेस एमएलसी सलीम अहमद विधान परिषद के चेयरमैन बने।

खास खबर 14 Aug 2026 2:34 pm

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से इतना डर क्यों? कर्नाटक सरकार ला रही पब्लिक स्पेस बिल

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से पथ संचलन से कांग्रेस को इतना डर क्यों लगता है? ये सवाल इसलिए, कि हाल ही में कर्नाटक में संघ के पथ संचलन के बाद कांग्रेस सरकार इतनी खफा हो गई है कि वह सरकारी जगहों और पब्लिक प्रॉपर्टी के इस्तेमाल को लेकर एक नया कानून लाने की तैयारी कर […]

पांचजन्य 14 Aug 2026 1:41 pm

सड़क पर कार पार्किंग के लिए हर साल देने होंगे 25 हजार, सरकार बना रही नियम

Karnataka New Parking Fee: यह परमिट नगर निगम द्वारा जारी किया जाएगा। मुख्य और सहायक सड़कों के अलावा अन्य रिहायशी रास्तों पर केवल वैध परमिट वाले वाहनों को ही पार्क करने की अनुमति होगी।

लाइव हिन्दुस्तान 14 Aug 2026 1:28 pm

तिरंगा फहराने से छूट मांगने पर घिरे कर्नाटक के मंत्री जमीर अहमद खान, भाजपा ने की बर्खास्त करने की मांग

तिरंगा फहराने से छूट मांगने पर घिरे कर्नाटक के मंत्री जमीर अहमद खान, भाजपा ने की बर्खास्त करने की मांग

समाचार नामा 14 Aug 2026 1:22 pm

टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़कीं एक्ट्रेस:बोल्ड सीन और महिलाओं के आपत्तिजनक सीन पर यश पर निशाना साधा, कहा- कर्नाटक से बाहर निकाल देंगे

कन्नड़ एक्ट्रेस रिशिका सिंह ने यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के ट्रेलर में महिलाओं के चित्रण और बोल्ड सीन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रेलर में महिलाओं को सम्मानजनक तरीके से नहीं दिखाया गया। उन्होंने फिल्म के लीड एक्टर यश को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो उन्हें कर्नाटक से निकाल दिया जाएगा। सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में रिशिका ने टॉक्सिक के ट्रेलर में दिखाए गए सीन पर निराशा जताई। उन्होंने यश पर बात करते हुए पूछा कि उन्होंने ऐसे दृश्यों का हिस्सा बनने का फैसला क्यों किया, जिनमें महिलाओं को सम्मान के साथ नहीं दिखाया गया। रिशिका ने यह भी कहा कि यश पति और पिता हैं। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूं कि कन्नड़ सिनेमा आगे बढ़े और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचे। मुझे खुशी है कि टॉक्सिक जैसी बड़ी फिल्म कन्नड़ में बन रही है और इसमें बॉलीवुड एक्ट्रेस भी काम कर रही हैं। लेकिन ट्रेलर में महिलाओं को जिस तरह दिखाया गया, वह मुझे पसंद नहीं आया।” उन्होंने सवाल किया कि क्या फिल्म में पुरुषों के अहंकार को जरूरत से ज्यादा महत्व दिया गया है, जबकि महिला किरदारों को उतनी ही अहमियत नहीं मिली। कियारा समेत पांच एक्ट्रेसेस के किरदारों पर सवाल रिशिका ने कहा कि टॉक्सिक में कई प्रमुख महिला कलाकार हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या ट्रेलर में इन महिलाओं को अच्छे या सम्मानजनक तरीके से दिखाया गया है। उन्होंने पूछा, “फिल्म में पांच महिला कलाकार हैं। क्या इनमें से एक को भी खूबसूरत या तारीफ के लायक तरीके से दिखाया गया है?” कियारा को बॉलीवुड से लाकर ऐसा क्यों दिखाया गया- रिशिका रिशिका ने ट्रेलर के उस डायलॉग का भी जिक्र किया, जिसमें एक महिला से उसका “रेट” पूछा जाती है। उन्होंने फिल्म में इस लाइन को शामिल करने पर सवाल उठाया और खास तौर पर फिल्म में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी का नाम लिया। उन्होंने पूछा, “कियारा आडवाणी को बॉलीवुड से लाकर इस तरह क्यों दिखाया गया?” रिशिका ने यश के फैंस से यह भी सोचने को कहा कि अगर किसी दूसरी फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहीं उनकी पत्नियों के बारे में ऐसा ही बयान दिया जाता, तो वे कैसी प्रतिक्रिया देते। उन्होंने कहा कि उनकी आलोचना निर्देशक गीतू मोहनदास के खिलाफ नहीं है। रिशिका के मुताबिक, गीतू की अपनी रचनात्मक सोच है और हो सकता है कि वह “हमारी” संस्कृति को उसी तरह नहीं समझती हों। हालांकि, रिशिका ने सवाल किया कि कर्नाटक से होने के बावजूद यश ने इस तरह के चित्रण को मंजूरी क्यों दी। उन्होंने यश से सीधे कहा कि पुरुषों में गरिमा होनी चाहिए और महिलाओं के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। रिशिका बोलीं- महिलाओं का सम्मान नहीं हुआ तो कर्नाटक खाली करवाएंगे वीडियो के आखिर में रिशिका ने कहा कि महिलाओं का सम्मान नहीं करने पर लोगों को कर्नाटक छोड़ने के लिए कहा जा सकता है। उन्होंने कहा, “अगर महिलाओं का सम्मान नहीं किया गया, तो हम आपको कर्नाटक से खाली करवा देंगे।” कियारा ने कहा- फिल्म में हर महिला किरदार अलग टॉक्सिक में नादिया का किरदार निभा रहीं कियारा आडवाणी पहले ही उन दावों को खारिज कर चुकी हैं, जिनमें कहा गया था कि फिल्म में महिला किरदारों को पीछे रखा गया है। कियारा के मुताबिक, फिल्म में हर महिला किरदार की अपनी अलग भूमिका और व्यक्तित्व है। उन्होंने फेमिना को दिए इंटरव्यू में कहा, “हर महिला अपने साथ अपनी ऊर्जा और अलग पहचान लेकर आई है। मुझे लगता है कि दर्शक एक ही सिनेमाई दुनिया में ऐसे अलग-अलग महिला किरदारों को देखकर आनंद लेंगे।” कौन हैं रिशिका सिंह रिशिका सिंह दिग्गज कन्नड़ फिल्म निर्माता राजेंद्र सिंह बाबू की बेटी हैं। वह ‘कल्ला मल्ला सुल्ला’, ‘बेंकी बिरुगाली’, ‘कंठीरवा’ और ‘थुंतारू’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी हैं। रिशिका ‘बिग बॉस कन्नड़’ के पहले सीजन में कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।

दैनिक भास्कर 14 Aug 2026 12:50 pm

RSS को शाखा लगाने के लिए लेनी होगी इजाजत? कर्नाटक में नए बिल से गरमाई सियासत

कर्नाटक सरकार का यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे पहले ही सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक जगहों पर आरएसएस की गतिविधियों पर रोक की मांग कर चुके हैं. वे कहते रहे हैं कि ऐसी गतिविधियां बच्चों और युवाओं पर नकारात्मक असर डालती हैं और भारत की एकता और संविधान की भावना के खिलाफ जाती हैं.

आज तक 14 Aug 2026 9:52 am

सरकारी इमारतों में RSS के कार्यक्रमों पर रोक की तैयारी, कर्नाटक सरकार लाने जा रही है नया बिल

कर्नाटक सरकार सरकारी इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों के इस्तेमाल को विनियमित करने के लिए एक विधेयक लाने पर विचार कर रही है। इसका मकसद बिना पंजीकरण वाले संगठनों द्वारा इन इमारतों व संपत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

जागरण 14 Aug 2026 5:36 am

Mirzapur News: कैश वैन लूट कांड के आरोपियों के बयान व रिमांड के लिए टीम कर्नाटक रवाना

A team has left for Karnataka to record the statements of the accused in the cash van robbery case and to seek their remand.

अमर उजाला 14 Aug 2026 1:50 am

जूनियर महिला हॉकी नेशनल्स: दूसरे दिन आंध्र प्रदेश, पुडुचेरी और कर्नाटक ने दर्ज की जीत

पुणे, 13 अगस्त (आईएएनएस)। 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप 2026 के दूसरे दिन पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने जीत दर्ज की, जबकि उत्तराखंड और बिहार के मुकाबले ड्रॉ रहे। पुणे में डिवीजन 'बी' और 'सी' में कड़े मुकाबले देखने को मिले। तीन मैच 'वॉकओवर' (प्रतिद्वंद्वी टीम का न खेलना) से तय हुए।

समाचार नामा 13 Aug 2026 11:46 pm

पूर्व भारतीय गेंदबाज Vinay Kumar बने कर्नाटक टीम के नए हेड कोच, 2026-27 घरेलू सीजन से संभालेंगे जिम्मेदारी

भारत के पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार को आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए कर्नाटक सीनियर पुरुष टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने गुरुवार को यह घोषणा की। 42 वर्षीय विनय, येरे गौड की जगह यह जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो बेंगलुरु में बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीईओ) में बल्लेबाजी कोच के तौर पर शामिल हुए हैं। कर्नाटक के पूर्व बल्लेबाज दीपक चौगुले, विनय कुमार के सपोर्ट स्टाफ में बतौर फील्डिंग कोच शामिल हुए हैं। यह कर्नाटक के हेड कोच के तौर पर विनय का पहला कार्यकाल होगा। इससे पहले, विनय कुमार ने 'महाराजा टी20 ट्रॉफी' में हुबली टाइगर्स को कोचिंग दी थी। वह आईएलटी20 में एमआई एमिरेट्स के लिए बॉलिंग कोच के तौर पर काम कर चुके हैं। विनय कुमार ने साल 2021 में सभी फॉर्मेट से संन्यास लिया था, जिसके बाद आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए टैलेंट स्काउट और स्टार स्पोर्ट्स कन्नड़ के लिए कमेंटेटर के तौर पर भी काम किया। विनय कुमार भारत की तरफ से 31 वनडे, 9 टी20 और 1 टेस्ट मैच खेले हैं। वह साल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2015 व 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल जीतने वाली टीमों का भी हिस्सा रहे। विनय रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 442 विकेट हासिल करने वाले तेज गेंदबाज हैं और भारत के प्रमुख रेड-बॉल टूर्नामेंट की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। विनय कुमार ने अपने फर्स्ट क्लास करियर में 139 मैच खेले हैं, जिसमें 22.44 की औसत के साथ 504 विकेट हासिल किए। बतौर कप्तान विनय ने घरेलू क्रिकेट इतिहास में अपना नाम दर्ज कराते हुए कर्नाटक को 2013/14 और 2014/15 सीजन में लगातार रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और ईरानी कप जीतकर अभूतपूर्व 'डबल-ट्रेबल' हासिल करने में मदद की। विनय कुमार भारत की तरफ से 31 वनडे, 9 टी20 और 1 टेस्ट मैच खेले हैं। वह साल 2014 में कोलकाता नाइट राइडर्स और 2015 व 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ आईपीएल जीतने वाली टीमों का भी हिस्सा रहे। विनय रणजी ट्रॉफी के इतिहास में सर्वाधिक 442 विकेट हासिल करने वाले तेज गेंदबाज हैं और भारत के प्रमुख रेड-बॉल टूर्नामेंट की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। Also Read: LIVE Cricket Score कर्नाटक और विदर्भ के पूर्व बल्लेबाज गणेश सतीश को अंडर-23 पुरुष टीम का कोच नियुक्त किया गया है। पूर्व खिलाड़ी कुणाल कपूर अंडर-19 पुरुष टीम के कोच होंगे, और एसएन अमीत सीनियर महिला और अंडर-23 टीम के हेड कोच के तौर पर कार्यभार संभालेंगे। Article Source: IANS

क्रिकेट न मोर 13 Aug 2026 9:44 pm

पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार कर्नाटक की सीनियर पुरुष टीम के हेड कोच नियुक्त

Bengaluru, 13 अगस्त . India के पूर्व तेज गेंदबाज विनय कुमार को आगामी 2026-27 घरेलू सत्र के लिए कर्नाटक सीनियर पुरुष टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया है. कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने Thursday को यह घोषणा की. 42 वर्षीय विनय, येरे गौड की जगह यह जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं, जो Bengaluru ... Read more

डेली किरण 13 Aug 2026 9:27 pm

पूर्व भारतीय खिलाड़ी विनय कुमार को मिली बड़ी जिम्मेदारी, कर्नाटक टीम के बने हेड कोच

भारतीय टीम के पूर्व तेज गेंदबाज जिनका घरेलू क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड देखने को मिलता है उनको कर्नाटक क्रिकेट संघ ने आगामी घरेलू सीजन के लिए अपनी टीम का नया हेड कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है।

खबर इंडिया टीवी 13 Aug 2026 8:42 pm

यश की टॉक्सिक का ट्रेलर देख भड़की एक्ट्रेस, कहा- हम आपको कर्नाटक छोड़ने पर मजबूर कर देंगे

Yash Toxic: कन्नड़ एक्ट्रेस ऋषिका सिंह ने 'टॉक्सिक' के ट्रेलर की आलोचना की और फिल्म के इंटीमेट सीन्स को लेकर यश से सवाल किया।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 3:10 pm

Teacher Vacancy: सरकारी स्कूलों में 15,000 टीचर पदों पर बंपर भर्ती, TET पास 18 अगस्त से करें आवेदन

Sarkari Teacher Bharti 2026: कर्नाटक में 15,000 ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन 18 अगस्त 2026 से शुरू हो रहे हैं। योग्य उम्मीदवार schooleducation.karnataka.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 2:40 pm

VIDEO: कर्नाटक विधानसभा की कैंटीन का बुरा हाल, खाने की प्लेटों पर मिले कॉकरोच, यहां मंत्री-IAS खाते हैं खाना

विकास सौधा में मंत्रियों और कई IAS अधिकारियों के दफ्तर हैं। बड़ी तादात में सरकारी कर्मचारी इन कैंटीन में खाना खाते हैं। अब इस सरकारी कैंटीन की ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।

खबर इंडिया टीवी 13 Aug 2026 2:33 pm

वाल्मीकि निगम घोटाला: कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र ने मंत्री नागेंद्र के इस्तीफे की मांग उठाई

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष और विधायक बीवाई विजयेंद्र ने गुरुवार को मंत्री बी. नागेंद्र से कैबिनेट से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर मंत्री में वाल्मीकि समुदाय के प्रति जरा भी सम्मान है, तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।

खास खबर 13 Aug 2026 2:26 pm

GPSTR Recruitment 2026: 15000 स्कूल टीचर पदों पर निकली भर्ती, जानें डिटेल्स और करें आवेदन

pc: Safety Course at NISHE कर्नाटक स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी डिपार्टमेंट ने 12 अगस्त को ग्रेजुएट प्राइमरी स्कूल टीचर जॉब्स के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। रिक्रूटमेंट के लिए एप्लीकेशन प्रोसेस 18 अगस्त से शुरू होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव में ग्रेजुएट प्राइमरी टीचर (GPT), असिस्टेंट मास्टर (AM), प्राइमरी स्कूल टीचर (PST), फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET), कंप्यूटर साइंस टीचर (CST) पोस्ट के साथ 15,000 वैकेंसी शामिल हैं। इससे 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए सरकारी प्राइमरी और हाई स्कूलों के लिए टीचर्स की भर्ती की जाएगी। इंटरेस्टेड और एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं, देख सकते हैं कि वे एलिजिबल हैं या नहीं और schooleducation.karnataka.gov.in पर 7 सितंबर तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ज़रूरी तारीखें: नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख: 12 अगस्त एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 18 अगस्त एप्लीकेशन खत्म होने की तारीख: 7 सितंबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन फीस पेमेंट की आखिरी तारीख: 10 सितंबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है लिखित परीक्षा की तारीख: अभी अनाउंस नहीं हुई है वैकेंसी: कुल: 15,000 GPSTR: 8,500 असिस्टेंट मास्टर (AM): 4,500 प्राइमरी स्कूल टीचर (PST): 900 फिजिकल एजुकेशन टीचर (PET): 600 कंप्यूटर साइंस टीचर (CST): 500 एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या इंस्टीट्यूशन से 12वीं, डिप्लोमा, डिग्री, ग्रेजुएशन होना चाहिए। पोस्ट के हिसाब से सब्जेक्ट की क्वालिफिकेशन की ज़रूरत जानने के लिए schooleducation.karnataka.gov.in वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिफिकेशन पढ़ें। कैंडिडेट भारत का नागरिक होना चाहिए। उम्र सीमा: जनरल: 21-40 साल 2A, 2B, 3A, 3B: 3 साल की छूट (43 साल तक) SC/ST: 5 साल की छूट (45 साल तक) एप्लीकेशन फीस: जनरल और पिछड़ा वर्ग: Rs 750 SC, ST और PwD: Rs 500 सिलेक्शन प्रोसेस: कॉम्पिटिटिव रिटन एग्जाम (कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट) फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट / फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट (फिजिकल एजुकेशन टीचर के लिए) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स: एजुकेशनल क्वालिफिकेशन सर्टिफिकेट और मार्कशीट TET सर्टिफिकेट (अगर लागू हो) आधार कार्ड या कोई दूसरा वैलिड पहचान का सबूत तालुक/जिले का डोमिसाइल/रेजिडेंस सर्टिफिकेट जाति सर्टिफिकेट (अगर रिजर्व्ड कैटेगरी में अप्लाई कर रहे हैं) पासपोर्ट-साइज़ फोटो ऑफिशियल नोटिफिकेशन में बताया गया कोई दूसरा डॉक्यूमेंट अप्लाई कैसे करें: कर्नाटक स्कूल एजुकेशन डिपार्टमेंट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं schooleducation.karnataka.gov.in. कर्नाटक टीचर रिक्रूटमेंट 2026 एप्लीकेशन लिंक ढूंढें। वैलिड मोबाइल नंबर और ईमेल ID का इस्तेमाल करके रजिस्ट्रेशन पूरा करें। लॉग इन करें और सभी पर्सनल और एजुकेशनल डिटेल्स भरें। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटोग्राफ और सिग्नेचर बताए गए फॉर्मेट में अपलोड करें। ऑनलाइन पेमेंट गेटवे से एप्लीकेशन फीस भरें। फाइनल सबमिशन से पहले सभी भरी हुई डिटेल्स को ध्यान से देखें। एप्लीकेशन सबमिट करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे के रेफरेंस के लिए सबमिट किए गए एप्लीकेशन का प्रिंटआउट या सॉफ्ट कॉपी रखें।

राजस्थान खबरे 13 Aug 2026 1:35 pm

Cauvery, Mekedatu प्रोजेक्ट्स पर Karnataka में आज बंद, संगठनों ने दिया नैतिक समर्थन

कन्नड़ समर्थक संगठन 'कन्नड़ ओक्कूटा' ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने और सिंचाई से जुड़ी अन्य परियोजनाओं के विरोध में बुधवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है। इस बीच, प्रवीण शेट्टी और टी.ए. नारायण गौड़ा के नेतृत्व वाले 'कर्नाटक रक्षण वेदिके' समेत कई संगठनों और संघों ने इस बंद को केवल नैतिक समर्थन दिया है। 'कन्नड़ ओक्कूटा' के अध्यक्ष वताल नागराज ने कहा कि कावेरी मुद्दे और लंबे समय से लंबित मेकेदातु, महादायी और कलसा-बंदूरी प्रोजेक्ट्स पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पूरे राज्य में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रखा जाएगा। इसे भी पढ़ें: Youth Congress नेता वैशाख गिरफ्तार, Kerala BJP पूर्व नेता को उकसाने का आरोप अस्पताल, मेडिकल की दुकानें, सरकारी दफ़्तर और स्कूल खुले रहेंगे। ओला-ऊबर ड्राइवर और मालिक संघ, कर्नाटक राज्य ऑटो और टैक्सी फ़ेडरेशन, आदर्श ऑटो यूनियन, रोड ट्रांसपोर्टेशन कॉर्पोरेशन की यूनियन और होटल एसोसिएशन ने भी इस बंद को नैतिक समर्थन दिया है। कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ़ स्कूल्स ने, जिसने पहले बंद का समर्थन किया था, अब सिर्फ़ नैतिक समर्थन देने का फ़ैसला किया है। इसकी वजह यह है कि शिक्षकों को SIR के काम में लगाए जाने के कारण पढ़ाई-लिखाई के काम में रुकावट आ रही है। कई संगठनों के सदस्यों और अध्यक्षों ने कहा कि वे बंद में शामिल नहीं होंगे। कुछ लोगों ने लगातार हो रही बारिश का ज़िक्र किया। कुछ ने कन्नड़ संगठनों के बीच एकता की कमी पर भी चिंता जताई। बेंगलुरु सिटी पुलिस ने बंद से पहले राज्य की राजधानी में सुरक्षा के इंतज़ाम किए हैं और नागरिकों से बिना किसी डर के अपनी रोज़मर्रा की गतिविधियाँ जारी रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि स्कूल-कॉलेज, दफ़्तर, दुकानें, कमर्शियल प्रतिष्ठान और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी पुलिस ने संगठनों और आम लोगों से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि बंद शांतिपूर्ण रहे। साथ ही, पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी को भी बंद में शामिल होने के लिए मजबूर न किया जाए, न ही दुकानें या प्रतिष्ठान जबरन बंद कराए जाएं, सड़कें रोकी जाएं या ज़रूरी सेवाओं में बाधा डाली जाए। पुलिस ने कहा कि हिंसा, धमकी, संपत्ति को नुकसान और ट्रैफिक में रुकावट डालने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, गश्त और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। इस बीच, कुछ किसान संगठनों ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 12:26 pm

कावेरी जल विवाद पर Karnataka बंद के बीच प्रदर्शनकारियों ने Tamil Nadu के ट्रक ड्राइवरों को दिए गुलाब

कावेरी नदी के पानी के बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच तनाव एक बार फिर सड़कों तक पहुंच गया है। कावेरी जल छोड़ने के मुद्दे पर गुरुवार को कर्नाटक में राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया गया। इस दौरान अलग-अलग इलाकों में प्रदर्शन हुए , लेकिन कोप्पल में विरोध का तरीका थोड़ा अलग रहा। यहां प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु नंबर वाले ट्रकों को रोका , लेकिन ट्रक चालकों से बहस या झड़प करने के बजाय उन्हें गुलाब के फूल थमा दिए। प्रदर्शनकारियों ने फूल देते हुए ट्रक चालकों से कहा कि वे कावेरी पानी के मुद्दे पर कर्नाटक को ' उकसाने ' की कोशिश न करें। इस पूरे घटनाक्रम का संदेश साफ था—विरोध जरूर है , लेकिन इसे टकराव में बदलने से बचने की कोशिश भी की जा रही है। ट्रक रोके , ड्राइवरों को गुलाब दिए कोप्पल तालुक के हिटलनाल टोल गेट पर यह प्रदर्शन हुआ। यह इलाका राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ता है और बंद के दौरान यहां कर्नाटक के अलग-अलग संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता जुटे थे। केरावे युवा सेना के नेता विजयकुमार के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु नंबर वाले ट्रकों को रोका। आमतौर पर ऐसे विवादों के बीच वाहनों को रोकना तनाव का कारण बन सकता है , लेकिन यहां प्रदर्शनकारियों ने अलग तरीका अपनाया। उन्होंने ट्रक चालकों को गुलाब दिए और उनसे शांति बनाए रखने की अपील की। विजयकुमार ने चालकों से कहा कि कर्नाटक के लोग शांतिप्रिय हैं और उन्हें किसी तरह से भड़काने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस दौरान तमिलनाडु सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए। उनका एक नारा खास तौर पर चर्चा में रहा— ' फूल ले लो , पानी मत मांगो। ' हालांकि प्रदर्शन कुछ देर बाद तब बदल गया जब पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शन के आयोजकों को हिरासत में ले लिया और उन्हें अपने साथ ले गई। इसे भी पढ़ें: Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य कर्नाटक में बंद का मुख्य कारण कावेरी जल विनियमन समिति यानी सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश का विरोध है , जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है। कर्नाटक के प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि राज्य खुद पानी की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने का फैसला कर्नाटक के किसानों और आम लोगों की जरूरतों को प्रभावित कर सकता है। इसी मुद्दे को लेकर कर्नाटक ओक्कुटा ने 13 अगस्त को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। कोप्पल जिला इकाई की ओर से जारी पत्र के अनुसार , बंद का नेतृत्व संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वाटाल नागराज कर रहे थे। वहीं , कर्नाटक रक्षणा वेदिके युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष बीजन्ना राजन्ना और सुवर्ण कर्नाटक युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष टीके नायक को प्रदर्शन के समन्वय की जिम्मेदारी दी गई थी। गठनों ने सुबह 6 बजे से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन करने की अपील की थी। टोल गेट , राष्ट्रीय राजमार्ग और दूसरे प्रमुख रास्तों को प्रदर्शन के लिए चुना गया था। ' कर्नाटक की अपनी पानी की जरूरतें भी हैं ' बंद बुलाने वाले संगठनों का तर्क है कि कावेरी के पानी पर फैसला लेते समय कर्नाटक की स्थिति को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। खासकर उन इलाकों में जहां पीने के पानी और सिंचाई की जरूरत पहले से ही चुनौती बनी हुई है। यही वजह है कि कन्नड़ संगठनों ने राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए बंद का रास्ता अपनाया। उनका कहना है कि किसानों और राज्य की जल जरूरतों को नजरअंदाज करके तमिलनाडु के लिए लगातार पानी छोड़ना उचित नहीं है। इसे भी पढ़ें: DK Shivakumar बोले: Cauvery water छोड़ेंगे, पर किसानों के हित भी सुरक्षित रहेंगे बेंगलुरु में सुरक्षा बढ़ाई गई , बसों की आवाजाही जारी राज्यव्यापी बंद को देखते हुए बेंगलुरु समेत कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। पुलिस की कोशिश रही कि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की हिंसा या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे। इस बीच तमिलनाडु से कर्नाटक आने वाली सरकारी बसों की आवाजाही भी पूरी तरह थमी नहीं। मेकेदातु बांध के मुद्दे और कावेरी विवाद को लेकर कन्नड़ संगठनों के बंद के बावजूद तमिलनाडु की सरकारी बसें होसुर के रास्ते कर्नाटक में प्रवेश करती रहीं। इससे साफ है कि बंद और विरोध के बीच दोनों राज्यों के बीच सामान्य परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह रोकना आसान नहीं है। आखिर क्यों बार-बार गरमाता है कावेरी का मुद्दा ? कावेरी नदी कर्नाटक से निकलती है , तमिलनाडु से होकर गुजरती है और आखिर में बंगाल की खाड़ी में मिल जाती है। नदी के पानी पर दोनों राज्यों की निर्भरता काफी ज्यादा है। यही वजह है कि पानी के बंटवारे को लेकर दशकों से विवाद चला आ रहा है। इस विवाद को सुलझाने के लिए कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया गया था। बाद में कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण और उससे जुड़े तंत्र के जरिए दोनों राज्यों के बीच पानी के बंटवारे और जलाशयों की स्थिति के आधार पर निर्देश दिए जाने लगे। लेकिन समस्या तब फिर सामने आती है जब बारिश उम्मीद से कम होती है या कर्नाटक के जलाशयों में पानी का स्तर नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में कर्नाटक अपनी जरूरतों को प्राथमिकता देने की मांग करता है , जबकि तमिलनाडु अपने हिस्से का पानी मिलने पर जोर देता है। यही खींचतान इस बार भी सड़क से लेकर राजनीति और अदालत तक पहुंचती दिखाई दे रही है। तमिलनाडु के सुप्रीम कोर्ट जाने के फैसले के बाद अब मामले का अगला रुख कानूनी प्रक्रिया और दोनों राज्यों के रवैये पर निर्भर करेगा। इसे भी पढ़ें: Cauvery Issue: TN CM विजय बोले- तमिलनाडु के हित में कर्नाटक से बातचीत का रखा था प्रस्ताव कावेरी विवाद पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पहले ही सर्वदलीय बैठक कर चुके हैं। बैठक में उन्होंने कहा था कि सरकार राज्य के किसानों और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। शिवकुमार के मुताबिक , कर्नाटक अभी भी कम बारिश जैसी स्थिति से जूझ रहा है। राज्य में अनुमानित बारिश की तुलना में करीब 30 से 35 फीसदी ही बारिश होने की बात उन्होंने कही थी। ऐसे में पानी की उपलब्धता को लेकर चिंता स्वाभाविक है। उन्होंने किसानों से अपील की थी कि सरकार की ओर से दिशा-निर्देश जारी होने तक धैर्य बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया था कि सीडब्ल्यूआरसी और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से कर्नाटक को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने जलाशयों की स्थिति की जानकारी देते हुए कहा था कि कबिनी में करीब 24 हजार क्यूसेक और कृष्णा राजा सागर यानी केआरएस में करीब 22 हजार क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी। उनके मुताबिक , बांध की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी पानी छोड़ा गया था। शिवकुमार ने दावा किया था कि सर्वदलीय बैठक में सरकार के फैसले को सभी दलों का समर्थन मिला। भाजपा नेताओं के केआरएस बांध का दौरा करने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्होंने भी मौके की स्थिति को समझा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि वह कन्नड़ संगठनों से बातचीत करेंगे और उनसे बंद का आयोजन नहीं करने की अपील की थी। फिलहाल कावेरी का पानी एक बार फिर कर्नाटक और तमिलनाडु की राजनीति के बीच बड़ा मुद्दा बन गया है। कोप्पल में गुलाब देकर किया गया विरोध भले ही अपने तरीके में शांत दिखा हो , लेकिन उसके पीछे राज्य में पानी को लेकर बढ़ती बेचैनी और किसानों की चिंता साफ दिखाई देती है।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 11:38 am

Karnataka bandh: Cauvery water विवाद पर मांड्या में प्रदर्शन, बड़े शहरों में जनजीवन सामान्य

तमिलनाडु के लिये कावेरी नदी का 12,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के विरोध में कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वी. नागराज के आह्वान पर कर्नाटक बंद पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। मांड्या में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हुए और कई जगहों पर एहतियातन लोगों को हिरासत में लिया गया जबकि बेंगलुरु और मैसूरु जैसे बड़े शहरी इलाकों में जनजीवन सामान्य रहा। कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के तमिलनाडु को पानी छोड़ने के निर्देशों के विरोध में वी. नागराज के नेतृत्व वाले कन्नड़ संगठनों के महासंघ ने बंद का आह्वान किया है। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक सरकार से आग्रह किया है कि वह तमिलनाडु के लिए और पानी नहीं छोड़े क्योंकि राज्य को खुद पीने के पानी और खेती के लिए पानी की जरूरत है। कावेरी आंदोलन के मुख्य केंद्र मांड्या में किसानों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने संजय सर्कल और अन्य जगहों पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने खाली बर्तन और कुलथी लेकर ‘‘हमारा पानी, हमारा हक’’ जैसे नारे लगाए और बेंगलुरु-मैसूरु पुराने राजमार्ग को जाम कर दिया। कुलथी का इस्तेमाल उस वैकल्पिक फसल के प्रतीक के तौर पर किया गया जिसे पानी की कमी के कारण किसान मजबूरन धान की जगह उगाते हैं। एक प्रदर्शनकारी ने सरकार से अपील की कि वह तमिलनाडु को ‘‘पानी की एक बूंद भी न दे’’ और सीडब्ल्यूआरसी तथा सीडब्ल्यूएमए के आदेशों को न माने। प्रदर्शनकारियों ने पानी छोड़ने के निर्देशों को किसानों के लिए ‘‘मौत का फरमान’’ करार दिया और कावेरी विवाद में कर्नाटक के हितों की रक्षा करने में कथित तौर पर ‘‘नाकाम’’ रहने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना की। प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री डी. देवराज उर्स और एस. बंगारप्पा का भी जिक्र किया और राज्य सरकार से मांग की कि वह पानी के बंटवारे के निर्देशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए। एक और प्रदर्शनकारी ने आरोप लगाया कि कावेरी विवाद पर कानूनी लड़ाई में हजारों करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद, अलग-अलग सरकारों ने इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। मैसूरु में बंद का असर अधिकतर प्रदर्शनों तक ही सीमित रहा। उपनगरीय बस अड्डा से बेंगलुरु, मंगलुरु और राज्य के अन्य हिस्सों के लिए बस सेवाएं सामान्य रूप से चलती रहीं। दुकानों और होटलों सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठान आम दिनों की तरह खुले रहे जबकि ऑटो और टैक्सी भी बिना किसी रुकावट के चलते रहे। पुलिस ने कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जिन्होंने उपनगरीय बस अड्डा के पास बसों को रोकने की कोशिश की थी। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक और तमिलनाडु सरकारों के खिलाफ नारे लगाए और मांग की कि तमिलनाडु को कावेरी का पानी न दिया जाए। ‘कर्नाटक सेना’ संगठन के जिला अध्यक्ष तेजस लोकेश गौड़ा ने कहा कि सरकार को कावेरी मुद्दे पर तमिलनाडु के दबाव में नहीं आना चाहिए। गौड़ा ने मांग की कि केंद्र सरकार कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच मध्यस्थता करे और स्थायी समाधान खोजने के लिए दोनों मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाए। उन्होंने कम बारिश वाले वर्षों के लिए पानी के बंटवारे का एक वैज्ञानिक फॉर्मूला तैयार करने की मांग की और मुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार से तुरंत सर्वदलीय बैठक बुलाने का आग्रह किया।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 11:23 am

कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद: कन्नड़ संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, तमिलनाडु से बस सेवा जारी

कावेरी विवाद पर कर्नाटक बंद: कन्नड़ संगठनों का राज्यव्यापी प्रदर्शन, तमिलनाडु से बस सेवा जारी

अमर उजाला 13 Aug 2026 9:34 am

स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी? कर्नाटक में आज क्या बंद है और क्या खुला है, जानें पूरी डिटेल्स

कावेरी नदी जल बंटवारे को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच चल रहे विवाद के बीच कन्नडा संघटनों की ओर से आज बुलाये गए कर्नाटक बंद का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। जानें क्या बंद है और क्या खुला है?

खबर इंडिया टीवी 13 Aug 2026 9:28 am

कावेरी के पानी को लेकर भिड़ गए 2 राज्य, आज कर्नाटक बंद का ऐलान; क्या रहेगा खुला, क्या-क्या बंद?

कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण ने कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 12,000 क्यूसेक कावेरी पानी छोड़ने का निर्देश दिया था। इस फैसले का कड़ा विरोध हो रहा है। आज इसे लेकर कर्नाटक बंद का आह्वान किया गया है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 8:56 am

बिहार में पब्लिक ने पुलिस वालों को गुंडा समझकर पीटा, कर्नाटक से क्रिमिनल पकड़ने आई थी टीम

कर्नाटक से एक कुख्यात को पकड़ने के लिए बिहार आई कर्नाटक पुलिस की यहां जमकर पिटाई हो गई। कर्नाटक पुलिस को लोगों ने अपराधी समझ लिया। जिसके बाद यह सारा बवाल हुआ है।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Aug 2026 7:24 am

Agra News: सीकरी के मूढ़ा मजदूर की कर्नाटक में संदिग्ध मौत

सीकरी के मूढ़ा मजदूर की कर्नाटक में संदिग्ध मौत

अमर उजाला 13 Aug 2026 1:43 am

Ambala News: कर्नाटक के लोकनाट्य यक्षगान ने बिखेरी अद्भुत छटा

कर्नाटक के लोकनाट्य यक्षगान ने बिखेरी अद्भुत छटा

अमर उजाला 12 Aug 2026 2:27 am

मंगेतर से बात के बाद इंदौर का इंजीनियर लापता:लैपटॉप में मिले मौत से जुड़े AI वीडियो; कर्नाटक के पहाड़ों पर ट्रेकिंग करने गए थे

बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रैकिंग के लिए गए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। शुक्रवार सुबह पहाड़ी पर जाने से पहले उन्होंने करीब 8:30 बजे अपनी मंगेतर से फोन पर बात की थी। इसके कुछ देर बाद मोबाइल बंद हो गया और परिवार से संपर्क टूट गया। अद्वैत परिवार के इकलौते बेटे हैं। उनके पिता प्रमोद उपाध्याय इंदौर में प्रोफेसर थे और 2016 में हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। फिलहाल परिवार में अद्वैत और उनकी मां ही हैं। अद्वैत लंबे समय से बेंगलुरु में एक फाइनेंस कंपनी में बतौर इंजीनियर काम कर रहे थे। अद्वैत की मां बेटे के लापता होने के बाद बेहद चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि बेटे के गायब होने के बाद से उन्हें उसकी चिंता सता रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बेंगलुरु पुलिस को जितनी जानकारी है, उतनी ही जानकारी परिवार के पास भी है। उन्होंने कहा कि वह फिलहाल इस स्थिति में ज्यादा बात नहीं कर पा रही हैं। पहाड़ी की तलहटी तक किराए की बाइक से पहुंचे थे पुलिस की जांच में सामने आया है कि अद्वैत किराए की बाइक से शिवगंगे पहाड़ियों की तलहटी तक पहुंचे थे। उन्होंने बाइक एक दुकान के बाहर खड़ी की और पैदल पहाड़ी की ओर चले गए। रास्ते में करीब 10 CCTV कैमरों में उन्हें पहाड़ी की तरफ जाते देखा गया। इसके बाद उनका कोई पता नहीं चला। रविवार से स्थानीय पुलिस, SDRF, डॉग स्क्वॉड और ड्रोन की मदद से पहाड़ी और आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट पर मिले बैग और स्वेटर तलाशी अभियान के दौरान रविवार को पुलिस को प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास अद्वैत का शोल्डर बैग और स्वेटर मिला। इसके बावजूद अद्वैत का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने पहाड़ी के खतरनाक और प्रतिबंधित हिस्सों में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया है। पुलिस के मुताबिक अद्वैत की आखिरी लोकेशन मुजराई विभाग के अंतर्गत आने वाले ईश्वर मंदिर के पास मिली थी। आशंका है कि मंदिर में दर्शन के बाद वह शांताला पॉइंट की तरफ गए होंगे। पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही शिवगंगे पहाड़ियों का इलाका पथरीला और ऊबड़-खाबड़ है। यहां ग्रेनाइट की चट्टानों के बीच संकरे रास्ते और कई जगह खड़ी चढ़ाई है। बारिश में रास्तों पर फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में पुलिस हादसे की आशंका से इनकार नहीं कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अद्वैत प्रतिबंधित शांताला पॉइंट तक कैसे पहुंचे और वहां उनके साथ क्या हुआ। फिलहाल किसी हादसे या अन्य घटना की पुष्टि नहीं हुई है। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री से सुसाइड का एंगल भी जुड़ा अद्वैत के लापता होने के बाद पुलिस ने उनके घर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में ऊंचाई से गिरने और मौत से जुड़े कुछ AI जनरेटेड वीडियो देखे जाने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद पुलिस ने आत्महत्या के एंगल को जांच में शामिल किया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सिर्फ सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। हादसे समेत सभी संभावित पहलुओं की जांच जारी है। सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर भी काम कर चुके अद्वैत बेंगलुरु के बेगुर इलाके में रह रहे थे। फाइनेंस कंपनी से पहले वे सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के तौर पर काम कर चुके हैं। पुलिस उनके मोबाइल, लैपटॉप, CCTV फुटेज, आखिरी लोकेशन और पहाड़ी से मिले सामान के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी शिवगंगे पहाड़ियों में बारिश के दौरान ट्रैकिंग जोखिम भरी हो जाती है। पथरीले रास्तों पर फिसलन बढ़ने के साथ कई जगह रास्ते बेहद संकरे हैं। खड़ी चट्टानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों के कारण पुलिस और SDRF की टीमों को तलाशी में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल सवाल यही है कि CCTV में पहाड़ी की ओर जाते दिखने के बाद अद्वैत कहां गए। प्रतिबंधित शांताला पॉइंट के पास उनका बैग और स्वेटर कैसे पहुंचा। पांचवें दिन भी पुलिस को उनकी तलाश में कोई ठोस सुराग नहीं मिला है।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 1:45 pm

कौन हैं वी. कामेश्वर राव, जिन्हें मिलेगी पटना हाईकोर्ट की कमान? दिल्ली से कर्नाटक के बाद अब बिहार की बारी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश की है। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद वे पटना हाईकोर्ट के 49वें मुख्य न्यायाधीश होंगे।

जागरण 10 Aug 2026 3:50 pm

आंध्र को एयरपोर्ट-सेमिकंडक्टर प्लांट की सौगात, कर्नाटक में विवेक स्मारक का उद्घाटन करेंगे PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दक्षिण भारत के दौरे पर रहने वाले हैं. आंध्र प्रदेश को वे अल्लूरी सीताराम राजू इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की सौगात देने वाले हैं.

आज तक 31 Jul 2026 6:10 pm

फैक्ट चेक: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद से जोड़कर शेयर किया गया कर्नाटक का वीडियो

बूम ने पाया वायरल फुटेज कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित गली अंजनेय स्वामी मंदिर में हुई हेराफेरी से जुड़ा है, जोकि साल 2024 में चर्चा में आया था.

बूमलाइव 18 Jun 2026 3:38 pm