Karnataka Politics : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। इस बीच मीडिया खबरों में दावा किया गया है कि बिहार के नीतीश फॉर्मूले पर कर्नाटक ...
Top News : कर्नाटक सियासत में फिर बढ़ा सस्पेंस; बेंगलुरु में इबोला की दहशत, RCB शान से फाइनल में
Top News 27 May : कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच घमासान जारी। ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं। बेंगलूरू में युगांडा की महिला में मिले ईबोला के लक्षण। SIR पर आज सुप्रीम कोर्ट का अहम ...
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कल गुरुवार को इस्तीफा दे सकते हैं। पार्टी उनकी जगह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को सीएम बना सकती है। दोनों नेताओं की मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी के साथ 6 घंटे तक बैठक हुई। दैनिक भास्कर के सूत्रों के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से सीएम पद से इस्तीफा देने का कहा और उन्हें राज्यसभा भेजने का ऑफर दिया। साथ ही उन्हें दिल्ली में बड़ी राष्ट्रीय भूमिका निभाने को कहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ समर्थकों से चर्चा के बाद सिद्धारमैया ने कहा कि वे हाईकमान का फैसला मानेंगे। उन्होंने गुरुवार सुबह मंत्रियों को ब्रेकफास्ट मीटिंग के लिए बुलाया है। इसी दिन सिद्धारमैया इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि इससे पहले बैठक में शामिल रहे पार्टी के संगठन महासचिव वेणुगोपाल ने कहा था- जो अटकलें लगाई जा रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इनमें कोई सच्चाई नहीं है। बैठक में राज्यसभा और विधान परिषद (MLC) चुनावों पर चर्चा हुई। दरअसल कर्नाटक कांग्रेस में एक साल से सीएम पद पर खींचतान जारी है। डीके समर्थकों का दावा है कि 2023 में केंद्रीय नेतृत्व ने ढाई-ढाई साल की सत्ता का फॉर्मूला दिया था। CM बोले- शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा सूत्रों के मुताबिक पहले सिद्धारमैया ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। सिद्धारमैया ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि अगर मुझे हटाया गया तो पार्टी टूटेगी, क्योंकि 50-60 विधायक मेरे साथ हटेंगे। मैं डीके शिवकुमार के नीचे काम नहीं करूंगा। सिद्धारमैया के बेटे मंत्री बन सकते हैं सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस संगठन और सरकार को 2028 के चुनाव के हिसाब से नए सिरे से तैयार करना चाहती है। नेतृत्व जानता है कि अधिकतर विधायक सिद्धारमैया के साथ हैं। वे कांग्रेस के एकमात्र ओबीसी सीएम भी हैं। ऐसे में, पार्टी ये बदलाव बेहद सावधानी से करना चाहती है, ताकि सिद्धारमैया का सम्मान बना रहे और बगावत की स्थिति न बने। बिहार में भाजपा के अपनाए फॉर्मूले की तर्ज पर सिद्धारमैया के बेटे को मंत्री पद भी दिया जा सकता है। सिद्धारमैया ने इस प्रस्ताव पर विचार के लिए समय मांगा है। हालांकि, सूत्रों ने कहा कि वे इसी हफ्ते इस्तीफा दे सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका गांधी वाड्रा कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में थीं। मंगलवार की बैठक में प्रियंका भी मौजूद थीं। कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। सिद्धारमैया तब 80 साल के हो जाएंगे। चेहरा बदलकर पार्टी सत्ता-विरोधी भावना भी थामना चाहेगी। शिवकुमार ने कहा था- दिल्ली जाना जरूरी होता है सोमवार रात को दिल्ली पहुंचने के बाद सिद्धारमैया ने कहा था- हाईकमान ने बुलाया है, इसलिए आया हूं। बैठक का एजेंडा क्या है, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। वेणुगोपाल ने फोन कर समय और तारीख बताई थी। वहीं शिवकुमार ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा था- कुछ परिस्थितियों में दिल्ली जाना जरूरी हो जाता है, इसलिए जा रहा हूं। कर्नाटक CM के 2.5 साल पूरे होने के बाद से अटकलें कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। शिवकुमार के समर्थक विधायकों का कहना है कि 2023 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी, तब मुख्यमंत्री पद के लिए 2.5-2.5 साल की डील हुई थी, लेकिन सिद्धारमैया समर्थक इसे नकारते आए हैं। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर 2025 को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ था। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे। सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलकों में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा। नवंबर 2025: शिवकुमार बोले- हमेशा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नहीं रह सकता शिवकुमार ने कहा था- साढ़े पांच साल हो चुके हैं और मार्च में छह साल हो जाएंगे। अब दूसरे नेताओं को भी अवसर मिलना चाहिए। हालांकि, उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा- मैं लीडरशिप में रहूंगा। चिंता मत करिए, मैं फ्रंटलाइन में रहूगा। मैं रहूं या न रहूं, इससे फर्क नहीं पड़ता। मेरी कोशिश है कि अपने कार्यकाल में पार्टी के 100 ऑफिस बनवाऊं। दिसंबर 2025: सिद्धारमैया बोले- जब हाईकमान कहेगा शिवकुमार CM होंगे करीब 20 दिनों की खींचतान के बाद कर्नाटक CM सिद्धारमैया ने कहा था कि जब हाईकमान कहेगा, तब शिवकुमार को मुख्यमंत्री बना दिया जाएगा। उन्होंने यह बात 'शिवकुमार को कब CM बनाया जाएगा' से जुड़े सवाल पर कही थी। सिद्धारमैया ने कहा था कि हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है और दोनों राज्य सरकार को एकजुट होकर चला रहे हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… डीके शिवकुमार का आरोप- कांग्रेस विधायकों को ₹5-5 करोड़ ऑफर हुए, राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग के लिए खरीदने आए 4 लोग कर्नाटक के बेंगलुरु में राज्यसभा चुनाव से पहले डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आरोप लगाया कि ओडिशा कांग्रेस के विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के लिए 5-5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया गया। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
सीएम विजय ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, कर्नाटक के मेकेदातु प्रोजेक्ट को खारिज करने की मांग की
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह कावेरी नदी पर कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु जलाशय परियोजना को अस्वीकार कर दे
कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच चल रही खींचतान फिलहाल खत्म होती नजर नहीं आ रही है। कांग्रेस हाईकमान के साथ लंबी बैठकों के बावजूद दोनों नेताओं के बीच नेतृत्व विवाद बना हुआ है। राज्यसभा ...
39 साल की उम्र में मैच खेलते हुए अक्षय का निधन, जीत चुके थे रणजी
कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज SL अक्षय का रविवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 39 वर्ष के थे।अक्षय उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने 2014-15 सत्र में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। वह रविवार को केएससीए तीसरे डिवीजन मैच में सैफायर सीसी की ओर से खेल रहे थे।मैच के दौरान चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद अक्षय ने असहज महसूस होने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। Terrible terrible news for the cricket community. SL Akshay, 39, a fast bowler, whom I saw from close quarters from his U19 days has passed away today while playing a division match. Just don’t have words to express my grief. A soft spoken guy who played for Karnataka in 2011/12… pic.twitter.com/AgX34j4GPw — Dodda Ganesh | ದೊಡ್ಡ ಗಣೇಶ್ (@doddaganesha) May 24, 2026 कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ की ओर से जारी बयान के मुताबिक, “अक्षय ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कर्नाटक का शानदार प्रतिनिधित्व किया। अपने खेल करियर के बाद भी उन्होंने पूरे समर्पण और जुनून के साथ क्रिकेट की सेवा जारी रखी।”जूनियर स्तर के कोच के रूप में उन्होंने युवा खिलाड़ियों को निखारने और उनका मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसका राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं के विकास पर स्थायी प्रभाव पड़ा।एसएल अक्षय ने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए छह प्रथम श्रेणी, तीन लिस्ट ए और नौ टी20 मुकाबले खेले थे। खेल से संन्यास के बाद वह राज्य की अंडर-19 टीम के साथ कोचिंग से जुड़े हुए थे।
फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित कर्नाटक के डॉक्टर ने घर पर खुद को गोली मारकर की आत्महत्या
फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित एक जाने-माने डॉक्टर ने बेलगावी शहर में अपने घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
बक्सर पुलिस ने जिले के चर्चित बीडीसी पिंटू सिंह हत्याकांड में सात साल से फरार चल रहे दो इनामी अपराधियों को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मल्लाह चकिया और इटाढ़ी थाना क्षेत्र के पसहरा गांव निवासी विकास कुमार उर्फ विकास यादव और मुलायम यादव के रूप में हुई है। दोनों जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची में शामिल थे और इन पर 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित था। कर्नाटक में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार कियापुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने बताया कि दोनों आरोपी वर्ष 2019 में हुए बीडीसी पिंटू सिंह हत्याकांड के बाद से लगातार फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी थी। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने कर्नाटक में छापेमारी कर दोनों को गिरफ्तार किया। यह घटना 4 जुलाई 2019 की सुबह करीब साढ़े छह बजे हुई थी। पसहरा निवासी बीडीसी पिंटू सिंह गांव के मुन्ना सिंह के साथ बाइक से बक्सर जा रहे थे। पिंटू सिंह का सेंट्रल जेल में ठेका कार्य चल रहा था। भभुअर और महदह गांव के बीच पहले से घात लगाए दो बाइक पर सवार पांच अपराधियों ने उन्हें घेर लिया। अपराधियों ने पिंटू सिंह को गोली मार दी, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मुलायम यादव लगातार फरार चल रहे थेपुलिस ने इस मामले में पहले कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन विकास कुमार और मुलायम यादव लगातार फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय से वारंट जारी था और पुलिस ने उन पर इनाम भी घोषित कर रखा था। एसपी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी और इसी अदावत के चलते हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया था। इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर के नेतृत्व में जिला आसूचना इकाई, डीआईयू तथा मुफस्सिल थाना पुलिस की टीम शामिल रही। बक्सर पुलिस ने कहा कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और फरार अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के वन विभाग 7 और 8 मार्च को नीलगिरी क्षेत्र में एक समन्वित गिद्ध गणना करेंगे

