भाजपा पदाधिकारियों ने की परिक्रमा:सुशांत सिटी में बनी नई कार्यकारिणी; पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें
जोधपुर शहर में मंगलवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। भाजपा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शिविर के दूसरे दिन मंगलवार को शुरुआत शाखा और योग से की गई। इस दौरान पदाधिकारियों ने परिक्रमा भी की। वहीं शहर के सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी की नई कार्यकारिणी निर्वाचित की गई। इसमें रामलाल गोरा को अध्यक्ष बनाया गया। भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण की जयंती उनके वीर योद्धा सहयोगी के नाम पर पुरस्कार देने की घोषणा की गई। पढ़ें जोधपुर शहर की प्रमुख खबरें… भाजपा के जोधपुर ग्रामीण दक्षिण की ओर से केशव प्रिय गौशाला केलावा खुर्द बावड़ी में चल रहे पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान शिविर के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रम हुए। जिलाध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी के नेतृत्व में उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने योग प्रशिक्षक श्याम विश्नोई से योग अभ्यास सीखा। इसके बाद महाभियान शिविर के सातवें सत्र में मुख्य वक्ता आईदान सिंह भाटी प्रदेश मंत्री रहे और अध्यक्षता जिला महामंत्री शिवराम ग्वाला ने की। सातवें सत्र को संबोधित करते हुए आईदान सिंह भाटी ने सरल एप्प, सोशल मीडिया, आइटी सेल एवं सोशल मीडिया में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका पर जानकारी दी। आठवें सत्र के लिए मुख्य वक्ता राजेंद्र बोराणा और अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष अशोक विश्नोई ने की। नौवें सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में भारतीय जनता पार्टी राजस्थान के प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा और सत्र की हरिराम देवासी ने की। नाहर सिंह जोधा ने संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को व्यवहारिक के बारे में जानकारी प्रदान की। दसवें सत्र को जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई ने संबोधित किया और अध्यक्षता सत्यनारायण पुष्करणा ने की। अंतिम एवं ग्यारहवें सत्र में मुख्य वक्ता राजेन्द्र सिंह थे। जिन्होंने संगठन एवं विचार परिवार के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। अंतिम सत्र की अध्यक्षता जिला उपाध्यक्ष भंवर पटेल ने की। दो दिवसीय प्रशिक्षण महाभियान शिविर का आज कुल सत्रों के बाद समापन हुआ। जिला अध्यक्ष त्रिभुवन सिंह भाटी ने सभी का आभार जताया। कार्यकर्ताओं को सशक्त और कुशल बनाने के लिए प्रशिक्षण महाभियान शिविर के आयोजन कार्यक्रम को धरातल पर उतारने में सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन यशपाल गोधा और जयकिशन पंचारिया ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सहयोग हेतु स्थानीय मंडल अध्यक्ष प्रकाश सोनी का धन्यवाद प्रेषित किया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह विश्नोई, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग, पूर्व मंत्री रामनारायण डूडी, पूर्व मंत्री कमसा मेघवाल, पूर्व विधायक पुखराज गर्ग प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य जगराम विश्नोई और भोपालसिंह बड़ला समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। वीर योद्धा सहयोगी के नाम से दिए जाएंगे पुरस्कार भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण संस्थान की बैठक मंगलवार को हुई। महाराजा गजसिंह राजपूत विश्राम सभा भवन राइकाबाग स्थित ऑफिस में हुई बैठक में कई निर्णय लिए गए। इसमें सम्राट की 860वीं जयंती 7 जून 2026 को मालाणी की धन्य धरा बाड़मेर में श्री मल्लिनाथ राजपूत महाविद्यालय छात्रावास मे संभाग स्तर के कार्यक्रम के रूप में मनाई जाएगी। इसमें बताया- भारतेश्वर सम्राट पृथ्वीराज चहुआण की जयंती पर उनके वीर योद्धा सहयोगी पंजवनराय कच्छवाह, नाहड़राव प्रतिहार, चामुंडराय दाहिमा, अजानबाहु लोहाना तंवर, विद्यावाचस्पति जयानक और चंद्रवरदाई के नाम पर पुरस्कार दिए जाएंगे। इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित 1- रविंद्र सिंह राठौड़ उप कमांडेंट बीएसएफ को वीरता के क्षेत्र में पंजवनराय कच्छवाह सम्मान उनके द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के समय में राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा के लिए किए गए अतुलनीय योगदान के लिए दिया जाएगा। 2- क्षत्रिय सामूहिक विवाह सम्मलेन समिति सिंगोली चारभुजा को समाज उत्थान के क्षेत्र में चामुंडराय दाहिमा सम्मान उनके द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर और विधवा माता की बेटियों का निशुल्क विवाह 2010 से 2026 तक लगातार 1186 जोड़ों की शादी करवाई गई। 3- शैतान सिंह गिरवर एडवोकेट को संस्कृति संरक्षण के क्षेत्र में अजान बाहु लोहान तंवर सम्मान पाली के शासक अखेराज सोनीगरा की सुमेलगिरी में मूर्ति लगवाने एवं महाराणा प्रताप जन्मस्थली विकास समिति के माध्यम से पाली के इतिहास को संवर्धित करने के क्षेत्र में उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा।4- कमल सिंह महेचा चुली को शिक्षा उत्थान के क्षेत्र में विद्या वाचस्पति जयानक सम्मान पश्चिमी राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए दिया जाएगा।5- सुमेरसिंह सावता व टीम ओरण को पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में नाहड़राव प्रतिहार सम्मान उनके द्वारा ओरण गोचर बचाओ अभियान के तहत पर्यावरण संरक्षण के लिए के उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा।6- कालू सिंह गंगासरा को कला संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में चंद्रवरदाई सम्मान उनके डिंगल साहित्य सृजन एवं काव्य लेखन मे उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया जाएगा। संस्थान के अध्यक्ष गोपाल सिंह रुदिया बताया कि यह जयंती समारोह मात्र सम्राट पृथ्वीराज चहुआण का जयंती समारोह नहीं है, बल्कि उनके सभी प्रमुख वीर योद्धा सहयोगियों जिनको 100 सामंत या मंत्रिमंडल के सहयोगी के रूप में कह सकते हैं। उनका स्मरण दिवस भी है। प्रवक्ता दयाल सिंह सिलारी ने बताया कि सम्राट पृथ्वीराज चहुआण के मंत्रिमंडल में उस समय के राजपूतों के सभी वंश जातियां के प्रमुख योद्धा थे। इस बैठक में संस्थान के संयोजक श्यामसिंह सजाड़ा , वरिष्ठ उपाध्यक्ष राम सिंह रोहिणा, समन्वयक गोपाल सिंह भलासरिया, महासचिव एडवोकेट राजेंद्र सिंह पीपरली, कोषाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह सजाड़ा, देवेंद्र सिंह, विक्रम सिंह भाचरना, पूनम सिंह संखवास, देवेंद्रसिंह सायला, संग्राम सिंह रोहिचा, राजबहादुर सिंह सिलारी, परविंदर सिंह पांचला, बनेसिंह सजाडा सहित संस्था कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे। सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी की नई कार्यकारिणी निर्वाचित, रामलाल गोरा बने अध्यक्ष सुशांत सिटी रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के चुनाव शांतिपूर्ण हुए। चुनाव अधिकारी दीपक नेहरा की देखरेख में मतदान और मतगणना की प्रक्रिया पूरी कराई गई। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। चुनाव में रामलाल गोरा अध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए। इसी प्रकार महेश चंद उपाध्याय उपाध्यक्ष, तेज प्रकाश पाठक सचिव, प्रकाश कुमार संयुक्त सचिव तथा विक्रम वेदीदास राजपुरोहित कोषाध्यक्ष चुने गए। वहीं अक्षत शर्मा वित्त सचिव और दला राम सांस्कृतिक सचिव निर्वाचित हुए हैं। लीगल एडवाइजर के रूप में एन. श्रीनिवासन और विनोद कुमार झाझरिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद सोसायटी के सदस्यों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का स्वागत करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। नई कार्यकारिणी ने सोसायटी में मूलभूत सुविधाओं के विकास, स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने, सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को मजबूत करने और निवासियों की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए प्राथमिकता से कार्य करने का भरोसा दिलाया। चुनाव अधिकारी दीपक नेहरा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। नई कार्यकारिणी के गठन के साथ ही सोसायटी के विकास कार्यों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सीधी शहर में मंगलवार रात युवा कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बदहाल बिजली व्यवस्था के खिलाफ 'चिमनी आंदोलन' किया। कार्यकर्ता हाथों में चिमनी लेकर गांधी चौराहे से अधीक्षण यंत्री कार्यालय तक करीब एक किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए पहुंचे। वहां उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अघोषित बिजली कटौती बंद करने और खराब केबल बदलने की मांग की। इस प्रदर्शन में युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह दादू मुख्य रूप से शामिल हुए। हालांकि, यह आंदोलन अपने मुद्दों से ज्यादा कार्यकर्ताओं की संख्या को लेकर चर्चा में आ गया। प्रदर्शन में केवल 15 से 20 युवा कार्यकर्ता ही दिखाई दिए, जबकि उनका साथ देने के लिए 80 से 100 बुजुर्ग और ग्रामीण समर्थक मौजूद रहे। युवाओं की इस कम भागीदारी पर विरोधियों को तंज कसने का मौका मिल गया। पुलिस और कार्यकर्ताओं में बहस आंदोलन खत्म होने के बाद माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब कार्यकर्ताओं ने एक जगह पर जलती हुई चिमनियां इकट्ठा कर दीं। आग लगने के खतरे को देखते हुए जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की, तो कुछ कांग्रेस नेता भड़क गए। इस बात पर उनकी जमोड़ी थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी से तीखी बहस हो गई। बाद में वरिष्ठ नेताओं के बीच-बचाव करने पर मामला शांत हुआ।
आप विधायक जगतार सिंह दयालपुरा ने पंजाब के लुधियाना जिले के समराला में नगर कौंसिल की करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। उन्होंने यह वादा पूरा करने के लिए करीब 12 दिनों तक नंगे पांव रहने का प्रण लिया था। मंगलवार को जमीन कब्जा मुक्त होने के बाद विधायक ने दोबारा चप्पल पहनी। विधायक दयालपुरा ने बताया कि समराला बाईपास के पास नगर कौंसिल की लगभग एक से डेढ़ एकड़ कीमती जमीन पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। इसे छुड़ाने के कई प्रयास पहले भी किए गए थे, लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने जनता से वादा किया था कि जब तक यह जमीन मुक्त नहीं होगी, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। मंगलवार को प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में जमीन की पैमाइश की गई और मौके पर निशान लगाए गए। इसके बाद जमीन को नगर कौंसिल के अधिकार में लेने की प्रक्रिया पूरी की गई। विधायक ने कहा कि यह सार्वजनिक संपत्ति है और इसका उपयोग अब शहर के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी सुबह पैमाइश के दौरान कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति भी बनी थी। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद मामला शांतिपूर्वक सुलझ गया और कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी हुई। कब्जाधारियों में एक अकाली नेता का नाम भी सामने आया है। 40 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन विधायक ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में लगभग 40 करोड़ रुपये मूल्य की एक अन्य सरकारी जमीन को भी अवैध कब्जे से मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि सरकारी और पंचायत की जमीनों को कब्जा मुक्त कराकर जनता के हित में उपयोग किया जाएगा। विधायक ने इस कार्रवाई को शहर के लोगों की जीत बताया और कहा कि सार्वजनिक संपत्तियों की रक्षा के लिए उनका अभियान जारी रहेगा।
जोधपुर के जोजरी नदी में लगातार फैक्ट्री का पानी छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर मंगलवार को जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड की ओर से थुंबली-भांडू में अवैध कपड़ा फैक्ट्री पर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में चल रही इन फैक्ट्रियों को पकड़ने के लिए ड्रोन सर्वे भी करवाया जा रहा है। टीम जब थुंबली-भांडू पहुंची तो यहां 18 प्लास्टिक के टैंक मिले, जिन्हें जेसीबी से तोड़ा गया। जेडीए आयुक्त उत्साह चौधरी के नेतृत्व में जेडीए की ओर से ड्रोन क्षेत्र में संचालित अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। ड्रोन सर्वे से चिन्हित की जा रही अवैध इकाइयां जेडीए उप आयुक्त राजेश भाई कलबी ने बताया- जोनवार ड्रोन सर्वे के जरिए अवैध और अनाधिकृत रंगाई-छपाई फैक्ट्रियों को चिन्हित किया जा रहा है। जेडीए प्रवर्तन शाखा की टीम ने सांगरिया, बासनी, भांडू तथा आसपास के क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर कार्रवाई की। जोन-3 के तहसीलदार डॉ. हंसराज राठौड़ के नेतृत्व में जेडीए और राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की संयुक्त टीम ने थुंबली-भांडू क्षेत्र में कार्रवाई की थी। यहां अवैध रूप से संचालित रंगाई-छपाई फैक्ट्री को जेसीबी की सहायता से तोड़ा गया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में लगी 18 प्लास्टिक हौदियां, विभिन्न मशीनें भी हटाई गई। कपड़ों से भरा ट्रक और कैंपर वाहन जब्त कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री में कपड़ों के थानों से भरा एक ट्रक और कैंपर भी खड़ी थी। जिन्हें जब्त कर कार्रवाई के लिए बोरानाड़ा पुलिस थाने के सुपुर्द कर दिया गया। कार्रवाई में प्रवर्तन अधिकारी जोगेंद्र सिंह चौधरी, पटवारी विकास धायल, बोरानाड़ा थाना पुलिस जाब्ता तथा जेडीए का अतिक्रमण निरोधक दस्ता मौजूद रहा। जेडीए अधिकारियों का कहना है कि अवैध रंगाई-छपाई इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रामपुर के अजीमनगर थाना क्षेत्र के पैंदानगर गांव में मंगलवार सुबह 11 बजे घर की सफाई करते समय बिजली की चपेट में आने से एक 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को हुई, जिससे परिवार में मातम छा गया। मृतक की पहचान रियासत अली के बेटे मोहम्मद शानिब के रूप में हुई है। शानिब पानीपत में बिरयानी का होटल चलाता था और ईद के मौके पर अपने घर आया हुआ था। मंगलवार को शानिब अपने घर की पानी से धुलाई कर रहा था। उसने घर की दीवार पर सीढ़ी लगाई और सफाई करने लगा। इसी दौरान वह बिजली के तारों के संपर्क में आ गया। बिजली का जोरदार झटका लगने से वह सीढ़ी से नीचे गिर गया। परिजनों ने शानिब को जमीन पर गिरा देखा तो तुरंत उसे उठाने की कोशिश की। उसमें कोई हलचल न देखकर घर में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर आस-पड़ोस के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजन तत्काल शानिब को एक वाहन में डालकर पास के एक चिकित्सक के पास ले गए। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक का शव घर पहुंचते ही परिवार में शोक का माहौल बन गया।
सिरसा जिले में रानियां के नानुआना रोड स्थित पंज पीरों की दरगाह से गोलक चोरी कर भाग रहे दो युवकों को सेवादारों ने पकड़ लिया। बाद में दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। सेवादारों ने युवकों को गोलक के साथ भागते हुए देखा। रोकने और पूछताछ करने पर दोनों युवक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद डायल 112 टीम को सूचना दी गई, जो मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को थाने ले गई। जानकारी के अनुसार, दोनों आरोपी रानियां के वार्ड नंबर 8 के निवासी हैं। सेवादारों ने बताया कि गोलक में लगभग पांच से छह हजार रुपए की राशि होने का अनुमान है। सालाना मेले की तैयारियों में जुटे थे सेवादार दरगाह के सेवादारों ने बताया कि वे 25 तारीख को होने वाले सालाना मेले की तैयारियों में जुटे थे। इसी दौरान उन्होंने इन युवकों को चोरी करते हुए देखा और पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सतपाल सिंह और जसवंत सिंह के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
मंडला में कार और बाइक भिड़ंत में 3 युवक घायल:बाइक सवार आगे चल रहे एक वाहन को ओवरटेक कर रहे थे
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में मंडला-रायपुर नेशनल हाईवे-30 पर मंगलवार शाम एक कार और बाइक की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। ठोंड़ा गांव के पास हुए इस हादसे में बाइक सवार तीन युवक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया पहुंचाया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, इनमें से दो की हालत गंभीर है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि बाइक सवार युवक आगे चल रहे एक वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान उनकी सामने से आ रही तेज रफ्तार कार से सीधी टक्कर हो गई। भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों और कार मालिक की पहचान हादसे में घायल हुए युवकों की पहचान मनोज मरकाम (21 वर्ष, निवासी बंजर टोला), शैलेष धुर्वे (19 वर्ष, निवासी रहंगी समनापुर) और लतेश धुर्वे (22 वर्ष, निवासी बंजर टोला) के रूप में हुई है। वहीं, दुर्घटना का शिकार हुई कार बिछिया के बीआरसी (BRC) हेम सिंह मरावी की है, जो जबलपुर से बिछिया की तरफ आ रहे थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची बिछिया थाना पुलिस ने दोनों वाहनों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने 27 सितंबर, 2026 तक आयोजित की जाने वाली भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया है। आयोग की ओर से चार महीने में 12 भर्ती परीक्षा और कई विभागों की 20 भर्तियों का इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। आयोग की ओर से 2015 से 2025 में निकाली गई वैकेंसी में भर्ती परीक्षाओं के इंटरव्यू का युवा करीब एक दशक से ज्यादा समय से इंतजार कर रहे थे। बीते दिनों सीएम योगी ने सभी भर्ती आयोग और बोर्ड चेयरमैन की बैठक की थी। इसमें लंबित भर्तियों के लिए जल्द से जल्द वैकेंसी के निर्देश दिए थे। कैलेंडर के मुताबिक, साल की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को स्वास्थ्य कार्यकर्ता (महिला) मुख्य परीक्षा से होगी, जबकि 20 जनवरी को आशुलिपिक और 1 फरवरी को कनिष्ठ सहायक की मुख्य परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके अलावा वन रक्षक एवं वन्य जीव रक्षक तथा प्रवर्तन कांस्टेबल भर्ती से संबंधित शारीरिक दक्षता परीक्षाएं भी फरवरी में कराई जाएंगी। यहां देखें पूरी लिस्ट…
बागपत प्रशासन ने बेटियों की सुरक्षा, गिरते लिंगानुपात में सुधार और भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी पहल की है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी एक्ट की बैठक में जिले के सभी 46 पंजीकृत अल्ट्रासाउंड सेंटरों में एक्टिव ट्रेकर सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद प्रत्येक अल्ट्रासाउंड मशीन की गतिविधियों पर प्रशासन की डिजिटल निगरानी रहेगी। प्रशासन के अनुसार, इस तकनीक को अपनाने वाला बागपत प्रदेश का दूसरा जिला होगा। मशीनों की गतिविधियों पर रहेगी नजर एक्टिव ट्रेकर सिस्टम के माध्यम से यह रिकॉर्ड किया जाएगा कि अल्ट्रासाउंड मशीन कब चालू हुई, कितनी देर तक संचालित रही और उसका कितनी बार उपयोग किया गया। इससे मशीनों के संदिग्ध समय पर संचालन, रिकॉर्ड में संभावित गड़बड़ियों और बिना प्रविष्टि के उपयोग जैसे मामलों की पहचान करना आसान होगा। प्रशासन का मानना है कि यह पहल बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को तकनीकी स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी और पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी अनुपालन में मददगार साबित होगी। उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई बैठक में जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को संयुक्त रूप से सघन निगरानी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा और सम्मान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। रिकॉर्ड का होगा नियमित सत्यापन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय को सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों के रिकॉर्ड, फॉर्म-एफ और मशीनों के संचालन का नियमित सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिन केंद्रों में रिकॉर्ड और मशीन उपयोग में विसंगतियां पाई जाएंगी, वहां तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बिना पंजीकरण संचालित मशीनों और संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, एसडीएम स्तर पर संयुक्त निरीक्षण टीमें गठित करने और आकस्मिक निरीक्षण बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। जागरूकता अभियान पर भी जोर बैठक में महिला समूहों, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी नेटवर्क और ग्राम पंचायतों के माध्यम से जनजागरूकता अभियान को और तेज करने पर भी बल दिया गया, ताकि कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन जैसी कुप्रथाओं के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाई जा सके। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक अनुराग, एसडीएम ज्योति शर्मा, मनीष यादव, परियोजना निदेशक राहुल वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
कोरबा में सर्वमंगला मंदिर के समीप स्थित प्राचीन रानी गुफा और हनुमान मंदिर के जीर्णोद्धार तथा सड़क पर जमी धूल-मिट्टी की समस्या को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर दो दिन के भीतर मांगें पूरी करने की चेतावनी दी है। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 5 जून को खैरभवना में आयोजित होने वाले सुशासन तिहार का विरोध करते हुए सामूहिक घेराव किया जाएगा। दो साल से कर रहे संघर्ष ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से शांतिपूर्ण तरीके से आवेदन, निवेदन, धरना और आंदोलन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। उनका आरोप है कि रेलवे पुल निर्माण के दौरान ठेका कंपनी ने क्षेत्र के आस्था केंद्र रानी गुफा और हनुमान मंदिर को क्षतिग्रस्त कर दिया था। घटना के बाद तत्कालीन पटवारी नम्रता राजवाड़े ने मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया था। इसके बाद कई राजस्व अधिकारियों और तत्कालीन एसडीएम रोहित सिंह ने स्थल का निरीक्षण कर जीर्णोद्धार का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। बैठकें हुईं, आश्वासन मिले, काम नहीं हुआ ग्रामीणों के अनुसार, मामला बढ़ने पर कटघोरा के वर्तमान एसडीएम तनमय खन्ना, नहर विभाग के अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच बैठक भी हुई थी। बैठक में जल्द स्थायी समाधान का भरोसा दिया गया, जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। बाद में एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन, सर्वमंगला चौकी प्रभारी और स्थानीय पार्षद ने 23 दिसंबर 2024 को लिखित आश्वासन दिया था कि सड़क पर जमी धूल-मिट्टी हटाई जाएगी और नियमित पानी का छिड़काव कराया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि यह वादा भी आज तक पूरा नहीं किया गया। धूल से परेशान हजारों ग्रामीण सर्वमंगला मंदिर से सोनपुरी नहर मार्ग तक पिछले दो वर्षों से भारी मात्रा में धूल-मिट्टी जमा है। इस मार्ग से पाली, पडनिया, सोनपुरी, खैरभवना, कनबेरी, जटराज, भलपहरी, जपेली, तरदा, भादा और रिस्दी सहित दर्जनों गांवों के हजारों लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर उड़ती धूल से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं और लोगों का आवागमन भी प्रभावित हो रहा है। आस्था और जनसुविधा दोनों की अनदेखी पडनिया के शिवरतन, जटराज के टिकेश्वर, पाली के संदीप, खैरभवना के जागेश्वर, कनबेरी के विमल और सोनपुरी के संतोष सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने न तो धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार की दिशा में कोई कदम उठाया और न ही धूल-मिट्टी की समस्या का समाधान किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब आस्था के केंद्र उजड़ चुके हैं और लोग धूल के गुबार में जीने को मजबूर हैं, तब प्रशासन की लगातार अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो सुशासन तिहार के दौरान बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में 15 साल की मानसिक रूप से कमजोर किशोरी के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की मां ने बताया कि उनकी बेटी को रातभर एक खाली मकान में बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। जानकीपुरम विस्तार निवासी पीड़िता की मां के अनुसार उनकी बेटी मानसिक रूप कमजोर है। सोमवार शाम करीब 8 बजे घर से टहलने के लिए निकली थी। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन रातभर उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह करीब 5 बजे गांव के कुछ लोगों ने एक नव-निर्मित खाली मकान से किशोरी को निकलते हुए देखा। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। आरोप है कि मकान के अंदर किशोरी के कपड़े मिले। वहीं दो युवक मौजूद थे। इनमें एक की पहचान दिनेश के रूप में हुई, जबकि दूसरा युवक को नहीं पहचान पाए। जो मौके से फरार हो गया। पीड़िता की मां का आरोप है दोनों आरोपियों ने उसकी बेटी के साथ रात भर दुष्कर्म किया है।मामले में इंस्पेक्टर जानकीपुरम बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया गया है दोनों ने बच्चों के साथ दुष्कर्म किया है मुकदमा दर्ज करके एक आरोपी को पकड़ा गया है, दूसरे की तलाश जारी है। गुस्साई पब्लिक ने पीटा बच्ची के मिलने के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। इसके बाद गुस्साए लोगों ने एक आरोपी दिनेश को पड़कर बुरी तरह पीट दिया। वहां मौजूद लोगों ने घटना का वीडियो भी बनाया। जिसमें आरोपी अपनी गलती मानते हुए दिखाई दे रहा है।
मासूम से रेप के दोषी को 20 साल की कैद:5 साल बाद कोर्ट का फैसला, 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगा
जौनपुर की एक अदालत ने 11 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के मामले में दोषी नितिन तिवारी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 50,500 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जुर्माना अदा न करने पर उसे छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना 4 अप्रैल 2021 को खुटहन थाना क्षेत्र में हुई थी। शाम करीब 5 बजे आरोपी नितिन तिवारी (निवासी मेढ़ा, खुटहन) ने 11 वर्षीय पीड़ित बच्चे को बहला-फुसलाकर गांव के एक सुनसान नाले के पास ले गया। वहां आरोपी ने बच्चे के साथ अप्राकृतिक दुराचार किया। पीड़ित बच्चा लगातार चीखता रहा और रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन आरोपी ने उसकी एक न सुनी और अपनी हैवानियत की हदें पार कर दीं। शाम को जब पीड़ित का पिता काम से घर लौटा, तो उसने अपनी पत्नी और लहूलुहान मासूम बेटे को फूट-फूटकर रोते हुए पाया। मां की गोद में सिर छिपाकर बच्चे ने अपने साथ हुई उस खौफनाक दरिंदगी की एक-एक बात पिता को बताई। पीड़ित पिता जब लोक-लाज भूलकर आरोपी नितिन तिवारी के घर शिकायत करने पहुंचा, तो आरोपी के परिवार वालों ने उसे सरेआम भद्दी-भद्दी गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडों से मारने के लिए दौड़ाया।
हरदा के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम एक महिला से चेन स्नेचिंग का प्रयास किया गया। इंदौर रोड पर स्कूटी से घर लौट रही महिला के गले से बाइक सवार दो युवकों ने चेन का पेंडल और कुछ हिस्सा झपट लिया। हालांकि, पूरी चेन महिला के गले में ही रह गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। शिक्षक कॉलोनी निवासी वर्षा यादव अपनी बेटी के साथ मां शारदा विद्यापीठ हायर सेकेंडरी स्कूल से कोचिंग पढ़ाकर शाम करीब 6 से 6:30 बजे के बीच घर लौट रही थीं। न्यू गुरुकृपा होटल के सामने जब वे मुड़ने वाली थीं, तभी पीछे से आए बाइक सवार दो युवकों ने उनके गले पर झपट्टा मारा। इस दौरान आरोपियों के हाथ में चेन का पेंडल और कुछ हिस्सा ही आया। घटना के बाद महिला ने अपने परिजनों को सूचना दी और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस को आशंका है कि यह वही आरोपी हो सकते हैं, जिन्होंने 29 मई को भी सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जैसानी चौक के पास भाजपा पार्षद अंजना पाराशर के मकान के सामने एक बुजुर्ग महिला से चेन छीनने का प्रयास किया था। उस घटना में महिला की सतर्कता के कारण आरोपी खाली हाथ लौट गए थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
नाबालिग से रेप के दोषी को 20 साल की जेल:अपर जिला जज ने सुनाई सजा, 50 हजार का जुर्माना भी लगाया
शाहजहांपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के एक दोषी को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर जिला जज विशेष जज पॉक्सो एक्ट कृष्ण लीला यादव ने सजा सुनाई है। ये घटना छह साल पुरानी है जिसका फैसला मंगलवार को आया। दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला शाहजहांपुर के कलान क्षेत्र के एक गांव से जुड़ा है। 14 सितंबर 2018 को गांव निवासी एक व्यक्ति ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनकी 15 वर्षीय बेटी खेत पर शौच के लिए गई थी। वहां फर्रुखाबाद के कम्पिल निवासी रघुनाथ और कलान निवासी रामसेवक ने उनकी बेटी को पकड़ लिया। दोनों उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जा रहे थे। जब गांव के लोगों की नजर पड़ी और उन्होंने शोर मचाते हुए पीछा किया, तो आरोपी एक बाइक वहीं छोड़कर दूसरी बाइक से किशोरी को अगवा कर ले गए। पीड़िता के पिता ने थाने पहुंचकर पुलिस को छोड़ी गई बाइक सौंप दी। पुलिस ने तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर किशोरी को बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार किया। विवेचना के बाद रघुनाथ के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया था। शासकीय अधिवक्ता दीप कुमार गुप्ता ने बताया कि गवाहों के बयानों, साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर विशेष जज पॉक्सो एक्ट कृष्ण लीला यादव ने रघुनाथ को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
देवरिया में लंबे समय से अधिशासी अधिकारी के पद पर कार्यरत अमिताभ मणि का स्थानांतरण चंदौली कर दिया गया है। नगर विकास विभाग, लखनऊ द्वारा जारी आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। अमिताभ मणि पिछले लगभग सात वर्षों से देवरिया जनपद की विभिन्न नगर निकायों में अधिशासी अधिकारी के रूप में सेवाएं दे रहे थे। वर्तमान में वह नगर पंचायत बरियारपुर में अधिशासी अधिकारी के पद पर तैनात थे। बरियारपुर के अलावा उनके पास नगर पंचायत बैतालपुर और नगर पंचायत भलुअनी का अतिरिक्त प्रभार भी था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों, स्वच्छता अभियानों और नगरीय योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर विकास विभाग के सचिव द्वारा जारी स्थानांतरण आदेश के बाद उन्हें तत्काल चंदौली में कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। आदेश के अनुपालन में संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। नए प्रभार को लेकर शुरू हुई प्रक्रिया अमिताभ मणि के स्थानांतरण के बाद नगर पंचायत बरियारपुर, बैतालपुर और भलुअनी में प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए नए प्रभार या नए अधिकारी की तैनाती को लेकर विभागीय स्तर पर विचार-विमर्श शुरू हो गया है। प्रशासनिक हलकों में इस तबादले को देवरिया के नगरीय प्रशासन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। अब विभाग द्वारा जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि नगर निकायों के नियमित कार्य प्रभावित न हों।
बैतूल पुलिस ने बोरदेही थाना क्षेत्र में 20 मई को हुई 9 लाख रुपये की लूट का मंगलवार को खुलासा किया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी फरार है। पुलिस अधीक्षक ने फरार आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पुलिस ने आरोपियों से नगद राशि, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और लूट के पैसों से खरीदी गईं दो अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। सुनसान रास्ते पर पीछा कर लूटापुलिस के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक आमला से 9 लाख रुपये निकालकर बोरदेही लौट रहे प्रदीप झरबड़े को आरोपियों ने पहले से ही निशाना बनाया था। 20 मई को ग्राम नरेरा और देहलवाड़ा के बीच एक सुनसान रास्ते पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया। आरोपियों ने प्रदीप झरबड़े की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका, जिससे वह मोटरसाइकिल सहित सड़क पर गिर गए। इसके बाद चाकू की नोक पर रुपयों से भरा बैग लूटकर आरोपी फरार हो गए। इस घटना में फरियादी को हल्की चोटें भी आई थीं। सीसीटीवी की मदद से पुलिस आरोपियों तक पहुंचीघटना के बाद बोरदेही थाने में अपराध क्रमांक 99/2026 दर्ज किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और साइबर सेल की मदद से आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में रामकुमार उर्फ मोहित यदुवंशी (18), गोविंद टांडेकर (19), शिवराम उर्फ नान्हू बन (20), दुर्गेश सोनवंशी (22) और कमलेश उर्फ मनीष यदुवंशी (26) शामिल हैं। ये सभी आरोपी छिंदवाड़ा जिले के नवेगांव और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके पास से 60 हजार रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और लूट की रकम से खरीदी गई दो अन्य मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। पुलिस शेष रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है। इस गिरोह का मास्टरमाइंड देवानंद उर्फ देवा इवने निवासी घाना उमरी, थाना नवेगांव, जिला छिंदवाड़ा अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। आदतन अपराधी है देवानंदफरार आरोपी देवानंद के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट, चोरी, नकबजनी, लूट और जुआ एक्ट सहित आधा दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। वह थाना नवेगांव का निगरानी बदमाश भी है। पुलिस का मानना है कि उसी ने पूरी वारदात की योजना बनाई थी। मामले के खुलासे में थाना बोरदेही, थाना आमला, थाना नवेगांव, थाना जुन्नारदेव और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
क्राइम मीटिंग के बाद थानेदारों के फेरबदल की जिस सूची का पुलिस कर्मियों को इंतजार था, वह मंगलवार शाम को जारी हुई, जिसमें सात थानेदारों के नाम शामिल हैं। डेढ़ महीना पहले पहले ही अनवरगंज से किदवई नगर थाने भेजे गए इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे को अब गोविंद नगर का प्रभार सौंपा गया है। जबकि एक दिन पहले ही विराट नगर चौकी प्रभारी बने मनीष कुमार सिंह को अब कोहना थानाध्यक्ष बनाया गया है। चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय को हटाया गया पुलिस कमिश्नर कार्यालय से जारी इस तबादला सूची के अनुसार चमनगंज इंस्पेक्टर संजय राय को हटा कर गोविंद नगर इंस्पेक्टर रिकेश कुमार सिंह को चमनगंज थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर केशव तिवारी को कल्याणपुर थाने की जिम्मेदारी देकर भेजा गया है, यहां थाना प्रभारी रहे संतोष कुमार सिंह निजी कारणों से अवकाश पर गए हैं। विनय तिवारी बने अरौल थाना प्रभारी वहीं अरौल थाना प्रभारी रहे जनार्दन सिंह को कलक्टरगंज थाना प्रभारी बनाया गया है, जबकि कलक्टरगंज में रहे विनय तिवारी अब अरौल के नए थानाध्यक्ष होंगे। सेन पश्चिम पारा थाने के दरोगा विजय सिंह को किदवई नगर थानाध्यक्ष बनाकर भेजा गया है। कोहना थानाध्यक्ष रहे प्रतीक सिंह का तबादला एटीएस में होने के बाद से थानेदार की कुर्सी खाली थी।
घाटमपुर से कानपुर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से बंद पड़ी सीएनजी बस सेवा के कारण क्षेत्रीय लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अब समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी की पहल पर मंगलवार को घाटमपुर में एक सीएनजी बस सेवा पुनः शुरू कर दी गई, जिससे क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल है। मंगलवार दोपहर घाटमपुर नगर बस स्टॉप में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी और डॉ. रामकिशन गुप्ता ने सीएनजी बस को हरी झंडी दिखाकर कानपुर के लिए रवाना किया। इस मौके पर मौजूद लोगों ने बस सेवा शुरू होने को क्षेत्र की बड़ी जरूरत बताते हुए खुशी जाहिर की। समाजसेवी जन्मजेय गोस्वामी ने बताया कि घाटमपुर से कानपुर के बीच सीएनजी बस सेवा बंद होने से छात्र, नौकरीपेशा लोग, व्यापारी और आम यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने बीते दिनों प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था और बस सेवा बहाल करने की मांग उठाई थी। उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से फिलहाल एक सीएनजी बस सेवा शुरू की गई है, जबकि आगामी एक सप्ताह के भीतर तीन और सीएनजी बसें घाटमपुर-कानपुर मार्ग पर संचालित होने लगेंगी। जन्मजेय गोस्वामी ने फोन के माध्यम से परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को घाटमपुर की जनता की ओर से धन्यवाद भी ज्ञापित किया। यह लोग रहे मौजूद इस दौरान योगेंद्र दीक्षित, नरेश सिंह, मोंटी सैनी, विकास गोस्वामी, सुनील विश्वकर्मा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गौरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा' सोमवार शाम औरैया पहुंची। इस दौरान उन्होंने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि जब तक इस मांग को संवैधानिक मान्यता नहीं मिलती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। शंकराचार्य ने बताया कि वह इस अभियान के तहत उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं। उनके अनुसार अब तक लगभग 150 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पूरा किया जा चुका है। उन्होंने युवाओं से गौ संरक्षण के लिए आगे आने का आह्वान करते हुए कहा कि गाय की केवल पूजा ही नहीं, बल्कि उसकी रक्षा करना भी धार्मिक कर्तव्य है। आवारा गोवंश की समस्या पर जताई चिंता स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने औरैया तथा बुंदेलखंड क्षेत्र में आवारा गोवंश की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए 'एक गांव-एक गौशाला' मॉडल लागू करने की मांग की और कहा कि इससे गोवंश संरक्षण को मजबूती मिलेगी। भाजपा और आरएसएस पर साधा निशाना यात्रा के दौरान शंकराचार्य ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बड़ी संख्या में लोग गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के पक्ष में हैं, लेकिन भाजपा और आरएसएस इस दिशा में पहल नहीं कर रहे हैं। धारा 370 को लेकर भी उन्होंने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि इसके हटने के बाद गौ संरक्षण से जुड़े हालात प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के हालिया बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी यात्रा शुरू होने के बाद गौ संरक्षण का मुद्दा अधिक चर्चा में आया है। अयोध्या और हिंदुत्व पर भी की टिप्पणी शंकराचार्य ने अयोध्या और हिंदुत्व से जुड़े विषयों पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भगवान राम के अवतार का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं था। साथ ही, उन्होंने गौ संरक्षण के मुद्दे को हिंदुत्व की मूल भावना से जोड़ते हुए अपने विचार व्यक्त किए। 23 जुलाई को पूरी होगी यात्रा शंकराचार्य ने बताया कि 81 दिनों की यह यात्रा 23 जुलाई को समाप्त होगी। इसके बाद 24 जुलाई को Lucknow में एक महासम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में आगे की रणनीति और संकल्पों की घोषणा की जाएगी। मंगलवार शाम औरैया के कालीमाता मंदिर प्रांगण में गो ध्वज स्थापना और जनसभा का आयोजन किया गया। यात्रा में चतुरंगिणी सेना और साध्वी जगदम्बा सहित कई संत और समर्थक भी शामिल रहे। यहां से यात्रा बुंदेलखंड और इटावा क्षेत्र की ओर आगे बढ़ेगी।
बागपत की एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग के अपहरण मामले में आरोपी अमजद को दोषी करार दिया है। कोर्ट ने अमजद को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत चार वर्ष दो माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि अमजद निर्धारित समय में जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह फैसला एडीजे स्पेशल पॉक्सो कोर्ट बागपत के न्यायाधीश संजीव कुमार द्वारा सुनाया गया। यह मुकदमा सरकार बनाम अमजद, थाना बागपत, सीसी नंबर 183/22 के तहत चल रहा था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष सात गवाह पेश किए। गवाहों के बयानों, उपलब्ध साक्ष्यों और पत्रावली में मौजूद तथ्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी नरेंद्र सिंह पंवार ने प्रभावी पैरवी की। उन्होंने अदालत के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों के माध्यम से अपना पक्ष मजबूती से रखा, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ दोष सिद्ध माना। अदालत के इस फैसले को कानून व्यवस्था और न्यायिक प्रक्रिया की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय ने अपने निर्णय के माध्यम से यह संदेश दिया है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अपराध साबित होने पर दोषियों को दंडित किया जाएगा। अदालत के आदेश के अनुसार, अमजद को चार वर्ष दो माह का कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा भुगतनी होगी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना पड़ेगा।
गर्मी में फिल्टर प्लांट और पाइप लाइनों की साफ-सफाई के लिए एक दिन के लिए पानी की सप्लाई बंद रहेगी। शहर के सभी फिल्टर हाउस से सप्लाई होने वाली वाटर सप्लाई बंद रहेगी। पीएचईडी डिपार्टमेंट के एसई राजेंद्र मेहता ने बताया कि 4 जून को शहर में पानी की सप्लाई नहीं आएगी। जोधपुर शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 4 जून को होने वाली पानी की सप्लाई 5 जून को और 5 जून को होने वाली जलापूर्ति 6 जून को की जाएगी। ये क्षेत्र भी होंगे प्रभावित झालामंड और तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्र सरस्वती नगर एवं कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आस पास क्षेत्रो में 4 जून को सुबह 10ः00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इन क्षेत्रों में 5 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 6 जून को और 6 जून को की जाने वाली जलापूर्ति 7 जून को होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच शिक्षा, पंचायती राज संस्थाओं के सशक्तीकरण, भारतीय संस्कृति और संस्कृत भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था, ग्रामीण विकास और स्थानीय स्वशासन को अधिक प्रभावी बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान और सहयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, विद्यालयी शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और पारंपरिक ज्ञान के संरक्षण के लिए राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। नई शिक्षा नीति और डिजिटल शिक्षा पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और विद्यालयी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों तक आधुनिक संसाधन पहुंचाने के प्रयासों का भी उल्लेख किया। पंचायतों और स्थानीय स्वशासन को मजबूत बनाने पर जोर बैठक में पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को अधिक प्रभावी बनाने के विषय पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने पंचायतों को विकास की मुख्य इकाई के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता बताई। संस्कृत और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विचार-विमर्श मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और पारंपरिक ज्ञान की विरासत को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए राज्यों के बीच अनुभव साझा करना महत्वपूर्ण है। इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। राजस्थान मंत्री ने उत्तराखंड के प्रयासों की सराहना की राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री मदन दिलावर ने शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उत्तराखंड सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच शिक्षा, संस्कृति और स्थानीय स्वशासन से जुड़े विषयों पर सहयोग और समन्वय को और मजबूत बनाने पर बल दिया।
गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीजेयू), हिसार ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इच्छुक उम्मीदवार 8 जून, 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने बताया कि विभिन्न पाठ्यक्रमों में दाखिले के प्रति विद्यार्थियों में भारी उत्साह है। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रो. बिश्नोई ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा संचालित सभी मौजूदा और नए पाठ्यक्रम उद्योग तथा बाजार की वर्तमान मांगों के अनुरूप हैं। ये सभी रोजगारोन्मुखी हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत संचालित किए जा रहे हैं। जीजेयू की साइट पर उपलबध है प्रॉस्पेक्टस : कुलपति दाखिले से संबंधित विस्तृत जानकारी, जैसे सीटों की संख्या, पात्रता मानदंड, प्रवेश प्रक्रिया, प्रवेश परीक्षा (जहां लागू हो), काउंसलिंग शेड्यूल और शुल्क संरचना, विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध प्रॉस्पेक्टस 2026-27 में दी गई है। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 08 जून है। बीटेक, बीफार्मा और संबंधित लेटरल एंट्री कार्यक्रमों में प्रवेश हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी (एचएसटीईएस), पंचकूला के माध्यम से ऑनलाइन काउंसलिंग द्वारा किया जाएगा। सभी अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.gjust.ac.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें। अधिक जानकारी क्यूआर कोड के माध्यम से भी प्राप्त की जा सकती है।
मुजफ्फरनगर में प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सुजड़ू इंडस्ट्रियल एरिया के संधावली में मंगलवार शाम एक साथ 6 फैक्ट्रियों और स्लैग यूनिटों को सील कर दिया गया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। छापेमारी के दौरान कई यूनिट संचालकों ने अपनी इकाइयों के शटर बंद कर दिए, जबकि कुछ संचालक कार्रवाई की भनक लगते ही मौके से फरार हो गए। प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को क्षेत्र में लंबे समय से प्रदूषण फैलने और पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर के नेतृत्व में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई इकाइयों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद लिमरा ट्रेडिंग कंपनी, हमजा ट्रेडर्स, अजलान एंटरप्राइजेज और नाइस ट्रेडिंग कंपनी सहित कुल 6 स्लैग यूनिटों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। स्थानीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों ने इन इकाइयों के मुख्य गेट पर सील लगाकर उनका संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया। कार्रवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार, अवर अभियंता राजा गुप्ता, शुभम कुमार और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टीम ने इकाइयों के संचालन, प्रदूषण नियंत्रण उपायों और आवश्यक दस्तावेजों की भी गहन जांच की। औचक निरीक्षण की सूचना फैलते ही कई यूनिट मालिकों में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। सहायक अभियंता कुंवर संतोष कुमार ने स्पष्ट किया कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाली इकाइयों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार का अभियान जारी रहेगा। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी जाएगी।
नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ को मानहानि का लीगल नोटिस भेजा है। यह नोटिस बेनीवाल की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वकील सुमित्रा चौधरी ने जारी किया है। नोटिस में राठौड़ की ओर से हाल ही में दिए गए एक बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उनसे 7 दिन के भीतर बिना शर्त लिखित माफी मांगने और सोशल मीडिया से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट हटाने की मांग की गई है। ऐसा न करने पर दीवानी और आपराधिक कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस बयान पर भड़के बेनीवाल, नोटिस में उठाए यह 4 मुद्दे: 7 दिन का अल्टीमेटम, अन्यथा होगी अदालती कार्रवाई लीगल नोटिस में साफ कहा गया है कि मदन राठौड़ के इन बयानों से हनुमान बेनीवाल की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को भारी नुकसान पहुंचा है। यदि राठौड़ ने नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर अपने बयान वापस लेकर लिखित में माफी नहीं मांगी, तो उनके खिलाफ मानहानि, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत अदालत में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
सीएसआर फंड ब्योरा न देने पर मेरठ DM नाराज:डीएलएससी बैठक में तीन दिन में मांगी रिपोर्ट
जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने सरकारी बैंकों द्वारा पिछले तीन वित्तीय वर्षों के सीएसआर फंड का विवरण उपलब्ध न कराने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने यह नाराजगी विकास भवन सभागार में आयोजित डीसीसी/डीएलआरसी/डीएलएससी की बैठक में जताई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लीड बैंक मैनेजर को निर्देश दिए कि सभी बैंक अगले तीन दिनों के भीतर पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खर्च किए गए सीएसआर फंड का विवरण और चालू वित्तीय वर्ष की कार्ययोजना प्रस्तुत करें। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेश का पालन न होने पर संबंधित बैंकों के विरुद्ध उच्चाधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में सरकार की प्राथमिकता वाले ऋण प्रकरणों और विभिन्न योजनाओं की बैंकवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित ऋण प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े कार्य सर्वोपरि हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि बैंकों के साथ लंबित प्रकरणों की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा कर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि लंबित और अस्वीकृत ऋण आवेदनों की समीक्षा कर छोटी-छोटी कमियों को ठीक करते हुए कार्यवाही की जाए। प्रत्येक बैंक उद्यमी योजना के तहत प्राथमिकता पर ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), उपायुक्त उद्योग, लीड बैंक मैनेजर सहित संबंधित बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छतरपुर में एक युवक द्वारा चलती बाइक पर खतरनाक स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना मंगलवार, 2 जून को सुबह करीब 11 से 12 बजे के बीच की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में युवक पेप्टिक टाउन से ओरछा थाना और ट्रांसपोर्ट नगर मार्ग तक व्यस्त सड़क पर बाइक का हैंडल छोड़कर तेज रफ्तार में वाहन चलाता दिखाई दे रहा है। इस दौरान वह बार-बार बाइक का संतुलन छोड़कर स्टंट करता नजर आया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि सड़क पर अन्य वाहन और राहगीर भी मौजूद हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। इस घटना से स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल है। आसपास के लोगों के लिए भी खतरास्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के स्टंट न केवल करने वाले युवक की जान के लिए खतरा हैं, बल्कि अन्य राहगीरों की सुरक्षा भी जोखिम में डालते हैं। बता दें सड़क सुरक्षा नियमों के तहत सार्वजनिक स्थानों पर लापरवाही से वाहन चलाना और स्टंट करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में पुलिस चालानी कार्रवाई के साथ अन्य कानूनी कदम भी उठा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन से युवक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
मैहर कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को जनसुनवाई में कुल 118 आवेदन आए, जिनमें राजस्व, पेंशन, राशन, पानी, बिजली, आवास और मुआवजे से जुड़ी शिकायतें शामिल थीं। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने सभी आवेदनों के तय समय में निपटारे के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम मैहर दिव्या पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। जमीन ले ली पर नहीं मिला मुआवजा, चक्कर काट रहा विकलांग किसान जनसुनवाई में ग्राम पिपरा बरबण्ड निवासी विकलांग किसान द्वारिका प्रसाद साहू ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि नर्मदा घाटी परियोजना के तहत नहर निर्माण के लिए अमरपाटन तहसील के ग्राम नादनटोला में स्थित उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी। इसके लिए उन्हें पहले नोटिस भी मिला था, जिसके बाद उन्होंने जरूरी दस्तावेज और खसरे की कॉपियां अनुविभागीय अधिकारी अमरपाटन के दफ्तर में जमा कर दी थीं। किसान का आरोप है कि दफ्तर के कई चक्कर लगाने और बार-बार आवेदन देने के बाद भी उन्हें अब तक करीब 21 लाख रुपए मुआवजे की रकम नहीं मिली है, जबकि इसी प्रोजेक्ट के तहत बाकी किसानों को भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत जांच कर नियम के मुताबिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सभी अफसरों से कहा कि जनता की हर शिकायत का प्राथमिकता से समाधान किया जाए ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े। उन्होंने लंबित मामलों को जल्द निपटाने और सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर पात्र लोगों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए।
चित्रकूट के रामनगर गांव में 12 वर्षीय अंकुर विश्वकर्मा की हत्या के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद जब बालक का शव गांव पहुंचा तो परिजनों, ग्रामीणों और समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। नाराज लोगों ने झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी अंकुर विश्वकर्मा (12), पुत्र अशोक विश्वकर्मा, सोमवार दोपहर घर के बाहर खेलते समय लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन देर रात तक उसका कोई पता नहीं चला। बाद में गांव की एक कोठरी में उसका शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्राथमिक जांच के आधार पर पुलिस ने रामनगर निवासी गोलू निषाद (30), पुत्र पप्पू निषाद, को मामले में हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर बालक की गला दबाकर हत्या करने का आरोप है और उससे पूछताछ की जा रही है। दो घंटे तक जाम रहा राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर लोगों का गुस्सा बढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान हाईवे पर लगभग दो घंटे तक यातायात पूरी तरह बाधित रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। कुछ लोगों ने आरोपी के कथित एनकाउंटर और उसके मकान पर बुलडोजर चलाने की भी मांग उठाई। पुलिस ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, जबकि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
संभल के बहजोई डाकघर में करोड़ों रुपये के गबन का मामला सामने आया है। जांच में अब तक उपभोक्ताओं के खातों से 4 करोड़ 52 लाख रुपये से अधिक की राशि के अवैध लेनदेन का मामला सामने आ चुका है। गबन का आरोप डाक सहायक दीपक कुमार पर है। वह फरार चल रहा है। मामले में अभी तक 10 उपभोक्ताओं की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई है। संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। मामले की जांच थाना स्तर से लेकर क्राइम ब्रांच तक की जा रही है। फरार डाक सहायक की गिरफ्तारी के लिए 4 पुलिस टीमें गठित की गई हैं। कस्बा बहजोई के मोहल्ला गोलागंज निवासी अनुभव राघव ने डाकघर बहजोई के पोस्ट मास्टर को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि उनके खाते से 3 लाख 60 हजार रुपये गायब हो गए हैं। राघव के अनुसार, उनकी पासबुक कार्यालय में जमा थी और उस समय सारा काम लिपिक दीपक कुमार ही देखते थे। स्टेटमेंट चेक करने पर यह राशि निकली हुई पाई गई। यह मामला वित्त मंत्रालय से प्राप्त एक रिपोर्ट के बाद सामने आया, जिसमें दीपक कुमार के बैंक खातों में असामान्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी मिली थी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि दीपक कुमार के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 01 जनवरी 2026 से 06 मार्च 2026 के बीच कुल 4 करोड़ 52 लाख 97 हजार 803 रुपये जमा हुए और लगभग इतनी ही राशि निकाली भी गई। पूछताछ के दौरान, दीपक कुमार ने बताया कि वह अपने मित्रों और परिजनों से नकद धनराशि लेकर अपने वेतन खाते में जमा करते थे। बाद में, वह इस राशि को ऑनलाइन माध्यम से दूसरे खाते में स्थानांतरित कर ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म ड्रीम-11 में लगाते थे। हालांकि, वह इस संबंध में कोई ठोस दस्तावेज या विवरण प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि वर्ष 2019 से मार्च 2026 तक उसके वेतन खाते और इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक खाते के माध्यम से करीब 1.50 करोड़ रुपये जमा किए गए। जबकि उनकी मासिक सरकारी वेतन आय लगभग 37 हजार रुपये से बढ़कर 42 हजार रुपये तक ही पहुंची है। इतने बड़े वित्तीय लेनदेन के स्रोत के बारे में आरोपी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। प्रथम दृष्टया लेनदेन संदिग्ध पाए जाने पर बहजोई कोतवाली में तैनात उपनिरीक्षक अपर्णा बंसल की तहरीर पर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। अब मामले की विवेचना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मलिक को सौंपी गई है। खातों में आए धन के स्रोत, संभावित हवाला, अवैध निवेश अथवा अन्य वित्तीय अनियमितताओं के पहलुओं की गहन जांच कर रही है, लेकिन अब परत दर परत नए मामले निकल कर सामने आ रहे और उपभोक्ता अपने बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट निकलवाले बहजोई डाक घर पर पहुंच रहे। खाता धारकों के एकाउंट में बड़ी गड़बड़ी निकलकर सामने आ रही है, जिससे लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है।
उज्जैन के मालनवासा स्थित बाल संप्रेषण गृह में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार और अनियमितताओं की शिकायतों के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा और सदस्य सोनम निनामा के मंगलवार दोपहर में निरीक्षण के दौरान यह मामला सामने आया, जिसके बाद प्रशिक्षक मेहताब सिंह परस्ते को उनके प्रभार से हटा दिया गया। धार्मिक नगरी उज्जैन प्रवास के दौरान मध्यप्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. निवेदिता शर्मा एवं सदस्य सोनम निनामा ने बाल संरक्षण से जुड़े विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान आयोग की टीम ने बाल गृह, बालिका गृह और बाल संप्रेषण गृह का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्थाओं और पुनर्वास गतिविधियों का जायजा लिया गया। बाल संप्रेषण गृह में बच्चों से बातचीत के दौरान मारपीट और अन्य अनियमितताओं से जुड़ी शिकायतें सामने आईं, जिन्हें आयोग ने गंभीरता से लिया। इन शिकायतों के मद्देनजर बाल अधिकार संरक्षण आयोग और महिला एवं बाल विकास विभाग ने संयुक्त कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप, प्रशिक्षक मेहताब सिंह परस्ते को तत्काल प्रभाव से उनके दायित्व से मुक्त कर दिया गया। उन्हें उनके मूल पदस्थापना स्थल बाल गृह उज्जैन में प्रशासनिक कार्य सौंपा है। वहीं, प्रशिक्षक लोकेंद्र सिंह सोलंकी को बाल संप्रेषण गृह उज्जैन का नया प्रशासनिक प्रभार दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है।
घाटमपुर में नेयवेली पावर प्लांट में कार्यरत मजदूरों ने वेतन बढ़ाने और जमीन जाने के बाद कंपनी में नौकरी दिलाने की मांग की है। मजदूरों का आरोप है, कि नेयवेली ने खुद नौकरी न देकर ठेकदार कंपनियों में मजदूर बना दिया है, SDM ने पावर प्लांट के सीईओ से बातकर मजदूरों को आश्वासन दिया है। घाटमपुर के यमुना तटवर्ती स्थित पावर प्लांट में ठेकदार कंपनियों में मजदूरी कर रहे रामकुमार, सुनील कुमार, सर्वेश, जशवंत, सुरेश समेत एक सैकड़ा मजदूरों ने मंगलवार दोपहर घाटमपुर नगर स्थित SDM कार्यालय पहुंचकर घाटमपुर SDM अविचल प्रताप सिंह को शिकायत पत्र देकर बताया कि उनकी जमीन नेयवेली पावर प्लांट में गई थी, इस दौरान कंपनी में घर के सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था। लेकिन कंपनी में नौकरी देने की बजाय उन्हें ठेकेदार कंपनियों में मजदूर बना दिया गया, जिसका वेतन 10 से 12 हजार रुपए के बीच है, ऐसे में वह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे, उन्होंने मजदूरी बढ़ाने और नेयवेली कंपनी में नौकरी दिलाने की मांग की है, उन्होंने बताया कि कई बार नेयवेली पावर प्लांट के सीईओ से बात की लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने घाटमपुर SDM को शिकायत पत्र देकर कार्रवाई करने की मांग की है। घाटमपुर SDM ने मजदूरों को आश्वासन दिया है। गेट पास बनाने में अधिकारी करते परेशान ठेकदार कंपनियों में कार्यरत मजदूरों का आरोप है, कि उन्हें हर महीने गेट पास बनवाना पड़ता है, जिसके लिए अधिकारी उन्हें परेशान करते है, गेट पास न बनने के कारण वह महीने में 26 दिन ड्यूटी करवाते है। गेट पास न होने के चलते उन्हें सुरक्षा में तैनात सीआईसीफ उन्हें गेट के अंदर नहीं जाने देता।
सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने जिले के 59 भवनविहीन विद्यालयों के लिए नवीन भवनों के निर्माण की स्वीकृति प्रदान की है। ये स्कूल अब तक जुगाड़ में किराये पर या दूसरे स्कूल व आंगनबाड़ी भवनों में संचालित थे। नए स्कूल भवन का निर्माण डीएमएफ, समग्र शिक्षा व स्कूल शिक्षा विभाग के मद से बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय तथा पर्यटन व संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के निर्देश पर ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन की स्वीकृति दी गई है। शिक्षा व्यवस्था सुधारने शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अवसर प्रदान करने प्रशासन प्रयास कर रहा है। DMF मद से बनेंगे 25 स्कूल भवन जिला खनिज न्यास (डी.एम.एफ.) मद से उदयपुर में 4, लखनपुर में 6 तथा मैनपाट में 15 स्कूल भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें उदयपुर ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल कुडेली एवं साल्ही तथा मिडिल स्कूल जजगी एवं मतरेंगा शामिल हैं। इसी प्रकार लखनपुर ब्लॉक में प्रायमरी स्कूल मुकुन्दपुर, उरांवपारा, लेदराडांड, पटकुरा तथा मिडिल स्कूल मांजा एवं पर्री शामिल है। मैनपाट ब्लॉक में प्रायमरी स्कूल कोटछाल, ढोढ़ाडीह, मेछारवना, चौनपुर, रंगुवापारा, बैगापारा तथा मिडिल स्कूल भेलतराई, ढकनापारा, कदनई, रोपाखार, मालतीपुर, बरिमा, महारानीपुर, समनिया, उड़ूममकेला शामिल हैं। समग्र शिक्षा मद से बनेंगे 20 भवन समग्र शिक्षा मद अंतर्गत लुंड्रा ब्लॉक के 11, बतौली ब्लॉक के 4 तथा सीतापुर ब्लॉक के 5 स्कूल भवन बनेंगे। लुंड्रा ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल कोसमपारा, खालपारा, चिटकानीडाड़, पडलीपारा, कोरवापारा, बालक आश्रम ससोली, जटासेमर, भिलाईकला, बदगरी, गंगापुर तथा मिडिल स्कूल पतरा डीह शामिल हैं। बतौली ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल बाघपानी एवं पथरई तथा मिडिल स्कूल ललाती एवं घोड़ापारा को भवन स्वीकृति मिली है। सीतापुर ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल तेंदूडांड, केनापारा, टोकोपारा एवं होकड़ोपारा तथा मिडिल स्कूल छत्रीकोना के लिए नवीन भवन स्वीकृत किए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग मद से बनेंगे 14 भवन स्कूल शिक्षा विभाग (डी.पी.आई.) से 4 प्रायमरी व 10 मिडिल स्कूल भवन स्वीकृत किए गए हैं। इसमें अंबिकापुर ब्लॉक के प्रायमरी स्कूल जगदीशपुर तथा मिडिल स्कूल नवपाराकला, नवानगर, केदारपुर शामिल हैं। लखनपुर ब्लॉक के मिडिल स्कूल खर्राडाड तथा सीतापुर ब्लॉक में मिडिल स्कूल सोनतराई शामिल है। मैनपाट ब्लॉक अंतर्गत मिडिल स्कूल रजखेता, उडुमकेला, जामडीह में नए भवन स्वीकृत किए गए हैं। वहीं उदयपुर ब्लॉक में प्रायमरी स्कूल कवलगिरी एवं मिडिल स्कूल बासेन तथा बतौली ब्लॉक अंतर्गत प्रायमरी स्कूल नवापारा तथा लुण्ड्रा ब्लॉक अंतर्गत प्रायमरी स्कूल मंजुरघुटरा एवं मिडिल स्कूल करगिडीह शामिल हैं। समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश कलेक्टर अजीत वसंत ने संबंधित निर्माण एजेंसियों को गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य समय सीमा छह माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों के निर्माण के लिए ग्राम पंचायत एवं आरईएस को निर्माण एजेंसी बनाया गया है।
किशोरी की जबरन शादी कराने की कोशिश:कुशीनगर की महिला समेत 4 गिरफ्तार, पुलिस ने दर्ज किया केस
फर्रुखाबाद जनपद के राजेपुर थाना क्षेत्र में एक किशोरी की जबरन शादी कराने के प्रयास का मामला सामने आया है। पुलिस ने किशोरी की तहरीर पर दो महिलाओं सहित चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। यह घटना कुशीनगर निवासी एक महिला द्वारा किशोरी को मायके घुमाने के बहाने लाने के बाद हुई। सोनभद्र जनपद की रहने वाली पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह मजदूरी करती है। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुशीनगर के थाना पटौना स्थित इन्दरपट्टी हाड़ीवाड़ा निवासी माया देवी पत्नी धर्मेन्द्र मिश्रा से हुई थी। आरोप है कि माया देवी 27 मई को उसे अपने मायके घुमाने के बहाने शाहजहांपुर जनपद के जलालाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम पुरैना ले आई, जहां उसे रामदेवी पत्नी रामरतन के घर में रखा गया। पीड़िता के अनुसार, दो दिन बाद 30 मई को रामदेवी, उसके पुत्र अचल और मुनीम नामक व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर राजेपुर थाना क्षेत्र के एक हनुमान मंदिर ले गए। किशोरी का आरोप है कि वहां राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव चित्रकूट निवासी एक युवक से उसकी शादी की बात की जा रही थी। इस दौरान पैसों के लेन-देन की चर्चा भी हुई, जिससे किशोरी को जबरन शादी कराए जाने का शक हुआ। उसने शादी का विरोध किया, जिसके बाद उसे बैठा लिया गया। वहां पैसों के लेन-देन को लेकर झगड़ा होने लगा। मौका मिलते ही किशोरी वहां से भागकर थाने पहुंची। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर कुशीनगर के थाना पडरौना क्षेत्र निवासी माया देवी, शाहजहांपुर के जलालाबाद थाना क्षेत्र के गांव पुरेना निवासी रामदेवी और अचल, तथा राजेपुर थाना क्षेत्र निवासी मुनीम के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक आशुतोष यादव को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। राजेपुर के दरोगा आशुतोष कुमार ने बताया कि नामजद तीन आरोपी सहित जिस युवक की शादी थी उसके सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों के पास से एक जोड़ी पायल और 53,000 रुपये बरामद किए गए हैं। सभी चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। नामजद मुनीम फरार है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने मंगलवार को जोधपुर में एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री पकड़ी है। वहीं बाड़मेर में कच्चा माल बरामद किया। टीम ने बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा था। इसमें एमडी ड्रग्स बनाने का केमिकल मिला। वहीं, 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई (30) नशे और अय्याशी के कारण कर्ज में डूब गया था। वहीं उसका दोस्त अशोक कुमार (25) शेयर बाजार में रुपए दोगुने करने के चक्कर में कर्जदार बन गया। इस पर दोनों ने मिलकर जोधपुर में ड्रग्स की फैक्ट्री बनाई। दोनों ने यूट्यूब से ड्रग्स बनाना सीखा, लेकिन खराब क्वालिटी के कारण माल जल जाता था। ऐसे में कच्चा माल सप्लायर को वापस देते समय आरोपी पकडे़ गए। जोधपुर ग्रामीण के कापरड़ा थाना पुलिस और ANTF ने बाड़मेर के खेत में मुख्य आरोपी नारायणराम, अशोक सहित सुमेर सिंह (29), प्रेम सिंह (29), विजयपाल सिंह (20) और हेमाराम विश्नोई (40) को गिरफ्तार किया। इनमें कई आरोपी एमडी बनाने के साथ केमिकल्स के बारे में अच्छी जानकारी रखते हैं। ऐसे में उन्होंने कर्ज में डूबे नारायणराम को ड्रग्स बनाने के लिए कहा था। टीम ने मौके से ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, उपकरण और संदिग्ध मिश्रण जब्त किए हैं। ANTF के आईजी विकास कुमार ने बताया- गैंग में शामिल आरोपी शॉर्टकट से अमीर बनने और कर्ज उतारने के चक्कर में जुर्म की दुनिया में उतरे थे। मुख्य आरोपी नारायणराम विश्नोई निवासी रामड़ावास कलां (जोधपुर) और अशोक कुमार निवासी केरिया (जालोर) दो-तीन बार बाड़मेर आए तो टीम को शक हो गया था। उसी आधार पर उन पर निगरानी रखी गई। बाड़मेर के एक खेत में आरोपी रुककर MD ड्रग बनाने में काम आने वाले कच्चे माल की डीलिंग करने वाले थे। वहां से टीम ने इन्हें पकड़ा। जब पूछताछ हुई तो पता चला कि आरोपियों की फैक्ट्री जोधपुर में है। एक सुराग और खुलती गई राज की परतें ANTF को मारवाड़ में एमडी (MD) ड्रग्स फैक्ट्री डालने का इनपुट मिला था। टीम ने जाल बिछाया और बाड़मेर के धनाऊ क्षेत्र के भुणियां गांव में हेमाराम विश्नोई के खेत पर बने एक कमरे में छापा मारा। वहां टीम को 42.660 किलोग्राम का एक ड्रम मिला। इसमें एमडी बनाने का केमिकल भरा हुआ था। यहां पकड़े गए आरोपी नारायणराम से पूछताछ की तो उसने बताया कि जोधपुर के कापरड़ा स्थित रामड़ावास कल्ला गांव में मैंने अपने घर पर पूरी लैब और केमिकल छुपा रखे हैं। पुलिस ने तुरंत जोधपुर की टीम को अलर्ट किया और वहां से भारी मात्रा में उपकरण, कांच की बोतलें और एसिड बरामद किए गए। कर्ज में डूबे तो चुना ड्रग्स बनाने का रास्ता एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम पहले बेंगलुरु में स्टील-फर्नीचर की दुकान पर काम करता था। वहां उसकी दोस्ती मध्य प्रदेश के मंदसौर निवासी प्रेम सिंह व सुमेर सिंह और रतलाम निवासी विजयपाल से हुई, जो नशा करते थे और एमडी बनाना जानते थे। बाद में नारायणराम गांव आया और शादी की। नशे और अय्याशी के चक्कर में पत्नी के गहने तक बेच दिए। कर्ज में डूब गया। आईजी विकास कुमार ने बताया- नारायणराम का साथी अशोक कुमार नशेड़ी था। उसने पैसा डबल करने के चक्कर में शेयर मार्केट में मोटा पैसा लगाया। वहां बर्बाद होकर कर्जदार बन गया। ऐसे में दोनों दोस्तों ने कर्ज से बाहर निकलने के लिए बेंगलुरु वाले दोस्तों को जोधपुर बुला लिया। उनके साथ मिलकर एमडी बनाने की साजिश रची थी। वहीं बाड़मेर निवासी हेमाराम विश्नोई केमिकल और कच्चे माल की व्यवस्था करने में शामिल था। बाड़मेर में खेत भी इसका ही था। हर बार जल जाता था माल आईजी विकास कुमार ने बताया- आरोपियों में नारायणराम को-ऑर्डिनेटर बना। वहीं अशोक सप्लायर बना। हेमाराम केमिकल लाया और सुमेर सिंह को फैक्ट्री मैनेजर बनाया गया। वहीं प्रेम सिंह और विजयपाल केमिस्ट बने। यूट्यूब से फॉर्मूला देखकर ये लोग एमडी बनाने की कोशिश कर रहे थे। प्रॉब्लम यह हुई कि ये जितनी बार भी प्रोसेस करते, एमडी बनने की बजाय माल जल जाता। इस पर मध्य प्रदेश वाले एक्सपर्ट ने कहा- ब्रोमो केमिकल ही खराब क्वालिटी का है। इसे सप्लायर को वापस करो। ऐसे में ये लोग खराब केमिकल वापस करने के लिए बाड़मेर में सप्लायर का इंतजार ही कर रहे थे कि एएनटीएफ ने इन्हें दबोच लिया। टीम ने बाड़मेर से 42.660 किलोग्राम अवैध केमिकल सहित एक कार जब्त की। वहीं जोधपुर से कई केमिकल, कांच की बोतलें, लिक्विड मिश्रण और ड्रग्स निर्माण के उपकरण बरामद किए।
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र की रतनपुर कॉलोनी निवासी 16 साल किशोर अनुभव शुक्ला उर्फ सानू का शव सोमवार सुबह नहर मिला था। किशोर रविवार सुबह घर से बहन की कॉपी लेने निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नहर से बरामद होने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने हत्या कर शव नहर में फेंके जाने का आरोप लगाते हुए पहले घटनास्थल पर और बाद में रतनपुर चौकी के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। आश्वाशन देकर शांत कराया सूचना मिलते ही कई थानो का फ़ोर्स व एसीपी पनकी मौके पर पहुँचे और सभी को कार्रवाई का आश्वाशन देकर शांत कराया था करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। वहीं देर रात को थाने के दरोगा की तहरीर पर 9 नामजद सहित 50 के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया। वहीं पीड़ित परिवार की तहरीर पर पड़ोसी पर मुकदमा दर्जकर तलाश शुरू कर दी है। कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र की रतनपुर कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय किशोर अनुभव शुक्ला उर्फ सानू का शव सोमवार सुबह नहर मिला था। किशोर रविवार सुबह घर से बहन की कॉपी लेने निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसका शव नहर से बरामद होने पर परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश परिजनों ने हत्या कर शव नहर में फेंके जाने का आरोप लगाते हुए पहले घटनास्थल पर और बाद में रतनपुर चौकी के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया।सूचना मिलते ही कई थानो का फ़ोर्स व एसीपी पनकी मौके पर पहुँचे और सभी को कार्रवाई का आश्वाशन देकर शांत कराया था करीब चार घंटे तक हंगामा चलता रहा। वहीं देर रात को थाने के दरोगा की तहरीर पर 9 नामजद सहित 50 के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया। वहीं पीड़ित परिवार की तहरीर पर पड़ोसी पर मुकदमा दर्जकर तलाश शुरू कर दी है। बताते चले कि रतनपुर कॉलोनी निवासी संजीव कुमार शुक्ला का पुत्र अनुभव शुक्ला उर्फ सानू रविवार सुबह करीब 10:30 बजे साइकिल से अपनी बहन की कॉपी लेने शिक्षक के घर गया था। परिजनों का कहना है कि शिक्षक के यहां से कॉपी लेने के बाद वह वापस घर नहीं पहुंचा। काफी देर तक घर न लौटने पर परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कोई सुराग नहीं मिला रविवार शाम करीब चार बजे रतनपुर नहर स्थित छठ पूजा स्थल के पास कुछ कपड़े पड़े होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे परिजनों ने कपड़ों की पहचान सानू के कपड़ों के रूप में की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पनकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ नहर में भी तलाश अभियान चलाया। सोमवार सुबह किशोर का शव नहर में मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने हत्या की आशंका जताते हुए जमकर हंगामा किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। सूचना पर पनकी और कल्याणपुर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाकर शांत कराया। परिजनों का आरोप था कि सानू की हत्या की गई पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमाॅर्टम के बाद सोमवार देर शाम परिजन शव को लेकर रतनपुर चौकी पहुंच गए और चौकी के बाहर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप था कि सानू की हत्या की गई है और पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। काफी देर तक चले हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बावजूद परिजन हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।मामले की गंभीरता को देखते हुए देर रात पनकी थाने में तैनात दरोगा अनिल मलिक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। एसपी बोले- उपद्रव करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी एसीपी पनकी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। परिजनों कि तहरीर के आधार पर पड़ोसी सहित अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्जकर लिया गया। सड़क जाम करने वाले व उपद्रव करने वालों के खिलाफ थाने के दरोगा कि तहरीर के आधार मुकदमा दर्ज कार्रवाई शुरू कर दी गई है
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच सुशासन, जनकल्याण और राज्यों के विकास से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। बैठक में लोकतांत्रिक संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने, जनप्रतिनिधियों की भूमिका को मजबूत करने और नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों नेताओं ने राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और अनुभवों के आदान-प्रदान की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री धामी ने राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष को उत्तराखंड में संचालित विकास परियोजनाओं, निवेश, पर्यटन, चारधाम यात्रा और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों और अनुभवों का आदान-प्रदान विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सुशासन और जनकल्याण पर हुई चर्चा मुख्यमंत्री और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के बीच हुई बैठक में सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप शासन व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। चारधाम यात्रा और निवेश की जानकारी साझा की मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड में चल रही विकास परियोजनाओं, निवेश के प्रयासों, पर्यटन गतिविधियों और चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने राज्य में चल रहे विभिन्न जनहित कार्यक्रमों और विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। दोनों राज्यों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उत्तराखंड सरकार के विकास और जनसेवा से जुड़े प्रयासों की सराहना की। उन्होंने दोनों राज्यों के बीच सहयोग, संवाद और समन्वय को और मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ विकास कार्यों में मिल सके।
बीजापुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के दौरान बीजापुर जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम कोण्डापल्ली में आत्मसमर्पित नक्सली दंपति मासा तामो और जयमोती की किराना दुकान पहुंचकर उनसे मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने दंपति से आत्मीय बातचीत की, उनकी जीवन यात्रा के बारे में जाना और दुकान से पानी की बोतल खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यधारा में लौटकर सम्मानजनक जीवन जी रहे ऐसे लोग बदलते बस्तर की नई तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और रोजगार ही नए बीजापुर की पहचान बन रहे हैं। नक्सलवाद छोड़ चुनी नई राह मासा तामो का बचपन आर्थिक अभाव और कठिन परिस्थितियों में बीता। शिक्षा का अवसर नहीं मिलने के कारण वे वर्ष 2007 में नक्सली संगठन से जुड़ गए। वहीं जयमोती ने भी बचपन में माता-पिता को खोने और विपरीत परिस्थितियों के चलते नक्सल संगठन का रास्ता अपनाया। संगठन में ही दोनों की मुलाकात हुई और वर्ष 2021 में विवाह किया। अक्टूबर 2025 में दोनों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। इसके बाद पुनर्वास केंद्र के माध्यम से उन्हें शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और विभिन्न शासकीय योजनाओं से जोड़ा गया। शासन की योजनाओं से मिली नई शुरुआत आत्मसमर्पण के बाद दंपति को राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, जाति प्रमाण पत्र और बैंक खाता जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के तहत जयमोती को एक लाख रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसी सहायता से उन्होंने ग्राम कोण्डापल्ली में किराना दुकान शुरू की, जो अब परिवार की आय का प्रमुख स्रोत बन गई है। अब हाथों में हथियार नहीं, मेहनत की कमाई है मासा तामो और जयमोती ने मुख्यमंत्री को बताया कि अब उनके हाथों में हथियार नहीं, बल्कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई है। दुकान से होने वाली आय से परिवार की जरूरतें पूरी हो रही हैं और भविष्य के प्रति नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री साय ने उनकी कहानी को बदलते बस्तर की प्रेरक मिसाल बताते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को अवसर, विश्वास और सहयोग देकर सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है।
राजगढ़ जिले में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मंगलवार को बढ़ती महंगाई, अघोषित बिजली कटौती और अवैध कारोबार के खिलाफ प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने खिलचीपुर की एसडीएम अंकिता जैन को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आम जनता से जुड़े 10 प्रमुख मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने बताया कि लगातार बढ़ती महंगाई और मूलभूत सुविधाओं की कमी से गरीब तथा मध्यम वर्ग सर्वाधिक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से इन समस्याओं पर ध्यान देने और उनके समाधान के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। बसपा जिला राजगढ़ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में नीट परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, पार्वती नदी में हो रहे अवैध रेत खनन पर रोक लगाने तथा अवैध शराब व माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाने की बात भी कही गई। ज्ञापन में अघोषित बिजली कटौती बंद करने, पेयजल संकट दूर करने के लिए नए जल स्रोत विकसित करने और बंद पड़ी स्कूल बसों को फिर से शुरू करने की मांग भी शामिल थी। इसके अलावा, वृद्धावस्था पेंशन के लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने की मांग भी उठाई गई। बसपा कार्यकर्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि गैस सिलेंडर, आटा, दाल, तेल और सब्जियों के बढ़ते दामों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बांसवाड़ा में कागदी पिकअप वियर पर दीपदान किया:जल संरक्षण का संदेश दिया; पानी का महत्व समझाया
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत मंगलवार देर शाम बांसवाड़ा शहर के कागदी पिकअप वियर पर दीपदान कार्यक्रम किया गया। जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की ओर से हुए इस आयोजन में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन ने मिलकर तालाब के तट पर सैकड़ों दीपक जलाए। कार्यक्रम में लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण व संवर्धन का संकल्प लिया। वक्ताओं ने समाज में पानी की हर बूंद को बचाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल ही जीवन का असली आधार है। इसके संरक्षण के लिए सरकार ही नहीं, बल्कि समाज के हर नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। पंडित ने विधि-विधान से करवाई पूजा दीपदान कार्यक्रम की शुरुआत से पहले पंडित पंकज पांड्या ने मंत्रोच्चार के साथ जलाशय का पूजन संपन्न करवाया। इसके बाद सभी अतिथियों और नागरिकों ने एक-एक कर पानी में दीप प्रवाहित किए। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे आने वाले मानसून में वर्षा जल संचयन (रेन वॉटर हार्वेस्टिंग) को अपनाएं, अपने आस-पास के जल स्रोतों को साफ-सुथरा रखें और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करें। कार्यक्रम में ये रहे मौजूद इस मौके पर समाजसेवी पूंजीलाल गायरी, लाभचंद पटेल, मुकेश रावत, राजेश कटारा, सुबोध मलोत सहित जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता आर. सी. मीणा, अधीक्षण अभियंता प्रकाश रेगर और कई विभागों के अधिकारी, कर्मचारी व स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रशासन के अनुसार, जिलेभर में इस अभियान के तहत लगातार विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं ताकि जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाया जा सके।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) जोधपुर के डॉक्टरों ने मेडिकल साइंस की दुनिया में एक बहुत बड़ी अचीवमेंट हासिल की है। एम्स के डॉक्टरों ने बेहद जटिल सर्जरी कर 59 साल के मरीज के पेट से 20.8 किलो वजनी ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाल दिया। यह ट्यूमर किडनी से चिपका हुआ था, जिससे ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया। करीब 8 घंटे 30 मिनट तक चली सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने मरीज को नई जिंदगी दी। वजन के हिसाब से यह राजस्थान का सबसे बड़ा और भारत का तीसरा सबसे बड़ा मामला है। पबमेड (PubMed) के डेटाबेस के मुताबिक, साइज के मामले में यह दुनिया के टॉप-15 सबसे बड़े ऑपरेशन्स में से एक है। पेशेंट बीकानेर जिले के नोखा का रहने वाला था और उसका असम में नमकीन का कारोबार है। 1 साल से थी दर्द की प्रॉब्लम, मोटापा बना विलेन मरीज पिछले करीब एक साल से पेट में भारीपन और दर्द की प्रॉब्लम से परेशान था। वह एम्स के जनरल सर्जरी डिपार्टमेंट में एडमिट हुआ। डॉक्टर्स ने जब उसकी एडवांस्ड रेडियोलॉजिकल जांचें और डिटेल्ड मेडिकल एग्जामिनेशन किया, तो पता चला कि उसे 'रेट्रोपेरिटोनियल ट्यूमर' (लिपोसारकोमा) है। मरीज का वजन 160 किलो होने के कारण यह केस और ज्यादा क्रिटिकल हो गया था, क्योंकि इतने भारी शरीर में ट्यूमर का सही अंदाजा लगाना और एनेस्थीसिया देना सबसे बड़ा टास्क था। करीब एक साल से परेशान था पेशेंट एम्स सर्जरी टीम के हेड डॉ. सत्य प्रकाश मीना ने बताया कि पेशेंट करीब एक साल से परेशान था। शुरुआत में पता ही नहीं चला कि उसके पेट में इतना बड़ा ट्यूमर है, वह इसे फैट समझकर इग्नोर कर रहा था, लेकिन जैसे-जैसे समय निकलता गया ट्यूमर ने उसकी किडनी और आंतों को इफेक्ट करना शुरू कर दिया। इसकी वजह से उसे सांस लेने से लेकर पैदल चलने और यूरिन में तकलीफ होने लगी। इस पर वो दिखाने के लिए एम्स हॉस्पिटल आया। यहां पर जब उसकी जांच की गई तो उसकी ट्यूमर होने की पुष्टि हुई। एक बार तो उसने फैट समझकर इग्नोर कर दिया। लेकिन जब उसे समझाया कि यह ट्यूमर उसके शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है, तब जाकर वह ऑपरेशन करवाने के लिए राजी हुआ। पेशेंट को 8:30 घंटे तक एनेस्थीसिया देकर रखना मुश्किल था डॉ. मीना ने बताया कि इसके बाद इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। इस ऑपरेशन में एक चैलेंज यह भी था कि इतने वजनी पेशेंट को 8:30 घंटे तक एनेस्थीसिया देकर रखना भी काफी मुश्किल था। ऐसे में उसे ऑपरेशन के बाद एक दिन तक वेंटिलेटर पर रखा गया, जिससे कि उसे प्रॉपर ऑक्सीजन मिल सके। 29 मई को इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया गया और अब मरीज जल्दी से रिकवर कर रहा है। पेट में चर्बी बढ़ रही है तो उसे नजरअंदाज नहीं करें उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी के पेट में चर्बी बढ़ रही है तो उसे नजरअंदाज नहीं करें, जांच करवाए। जिससे समय रहते यदि कोई समस्या है तो उसका इलाज किया जा सकें। डॉ. मीना ने बताया कि इस तरह का ऑपरेशन वजन के हिसाब से भारत में तीसरा और साइज़ के हिसाब से चौथा है और दुनिया में बात की जाए तो यह 15वां ऑपरेशन है। डॉक्टरों के मुताबिक, जो लोग ज्यादा मोटे होते हैं, उनमें पेट का ट्यूमर आसानी से छिप जाता है। लोग सोचते हैं कि पेट सामान्य मोटापे या फैट बढ़ने की वजह से बाहर आ रहा है, जिससे डायग्नोसिस में देरी हो जाती है। ऐसी सिचुएशन में अल्ट्रासाउंड या सिटी स्कैन जैसी इमेजिंग जांचें बहुत मददगार साबित होती हैं। एम्स के एक्सपर्ट्स ने इस मामले के बाद लोगों को अलर्ट किया है कि ऐसे ट्यूमर शुरुआत में बिना किसी लक्षण के चुपचाप बढ़ते हैं। एम्स जोधपुर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने पूरी टीम को दी बधाई एम्स जोधपुर के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) गोवर्धन दत्त पुरी ने पूरी टीम को इस शानदार कामयाबी के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, इतने बड़े ट्यूमर को कामयाबी से निकालना एम्स जोधपुर की बेहतरीन मेडिकल एक्सपर्ट, शानदार टीम वर्क और एडवांस्ड हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर का सबूत है। ये टीम रही शामिल सर्जरी टीम लीडर से डॉ. सत्य प्रकाश मीना, जनरल सर्जरी से डॉ. राधेश्याम सिंह, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी से डॉ. निवेदिता शर्मा, डॉ. धर्मा राम पूनिया, यूरोलॉजी से डॉ. शिव चरण नावरिया, एनेस्थीसियोलॉजी से डॉ. अनीता चौहान सहित गाइडेंस और प्लानिंग करने में सीनियर फैकल्टी मेंबर्स डॉ. नवीन शर्मा और डॉ. रामकरण चौधरी का सहयोग रहा। इसके साथ ही रेडियोडायग्नोसिस डिपार्टमेंट, रेजिडेंट डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ का डेडिकेटेड सपोर्ट रहा।
शिवपुरी जिले के बामौरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम सेकरा में एक विवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने उसके पति और ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी विवाहिता को लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। थाना प्रभारी संजय लोधी ने बताया कि यह घटना 16 मई 2026 को हुई थी। ग्राम सेकरा निवासी 31 वर्षीय दीक्षा यादव पत्नी कृष्णपाल यादव ने अपने खेत पर बनी टपरिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतका दीक्षा यादव का पति कृष्णपाल यादव (33) और ससुर रामसहाय यादव (66) शादी के बाद से ही उसे घरेलू कामकाज को लेकर लगातार परेशान और प्रताड़ित करते थे। इसी प्रताड़ना से तंग आकर दीक्षा ने यह आत्मघाती कदम उठाया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी संजय लोधी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को मंगलवार को खनियाधाना कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी संजय लोधी, उपनिरीक्षक दिनेश पाण्डेय, प्रधान आरक्षक दिनेश प्रताप सिंह, आरक्षक राहुल लोधी, सुनील कुमार योगी एवं चालक आरक्षक सत्यवीर गुर्जर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गुरुग्राम में चक्करपुर गांव में रहने वाली एक मेड द्वारा सोशल मीडिया पर विवादित वीडियो अपलोड करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में सेक्टर-20 थाना पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। पुलिस ने महिला को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। महिला की जमानत याचिका पर आठ जून को सुनवाई होगी। चक्करपुर निवासी दिनेश यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके छोटे भाई उज्जवल के व्हाट्सऐप नंबर पर एक वीडियो मिला। यह वीडियो बंगाली भाषा में था, जिसे पूरी तरह समझने के लिए उन्होंने अपने एक बंगाली किरायेदार से इसका हिंदी अनुवाद करवाया। अनुवाद के बाद पता चला कि वीडियो में एक महिला पश्चिम बंगाल के वर्तमान मुख्यमंत्री सुवेन्दु अधिकारी का नाम लेते हुए प्रतिबंधित पशु का मांस खाने को लेकर बेहद आपत्तिजनक बातें कह रही है। गोमांस बनाने का दावा किया वीडियो में महिला कह रही थी आज मैंने प्रतिबंधित पशु का मास बनाया है, तू भी खा ले। जांच में सामने आया कि आरोपी महिला ने हिंदू समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी पोस्ट किया था। शिकायत मिलने पर पुलिस ने सेक्टर-29 थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पर्याप्त सबूतों के आधार पर आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया। पश्चिमी बंगाल मूल की महिला चक्करपुर में रहती है आरोपी महिला की पहचान 33 वर्षीय ज्योत्सना बीबी निवासी पश्चिम बंगाल के रूप में हुई। महिला फिलहाल गुरुग्राम के चंद्रलोक चक्करपुर में किराये पर रह रही थी। पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी महिला ज्योत्सना बीबी ने बिना किसी दबाव या लालच के अपना अपराध स्वीकार कर लिया है और पुलिस के समक्ष अपना जुर्म कबूल किया है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कियामहिला की निशानदेही पर पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना किया और उसकी शारीरिक तलाशी के दौरान वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है, जिसे पुलिस ने सील कर अपने कब्जे में ले लिया है।आरोपी महिला को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भोंडसी भेज दिया गया। आठ जून को होगी सुनवाईशिकायतकर्ता के अधिवक्ता सुंदर सिंह ने बताया कि आरोपी महिला ने कोर्ट में जमानत याचिका लगाई गई। कोर्ट में महिला की जमानत याचिका पर आठ जून को सुनवाई होगी। सुनवाई से पहले मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट में जमानत याचिका पर अपना जवाब दाखिल किया। पुलिस ने जवाब में कहा कि आरोपी महिला को जमानत नहीं दी जाए।
मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में निर्माणाधीन प्लांट और कंपनियों में काम कर रहे मजदूरों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए श्रम निरीक्षक ने एक सकारात्मक पहल की है। ठेकेदारों के सहयोग से यहां एक अस्थायी पाठशाला शुरू की गई है, जिसमें फिलहाल 35 बच्चों को शिक्षा दी जा रही है। इस पाठशाला में एक महिला शिक्षिका के साथ-साथ श्रम निरीक्षक सरिता साहू भी समय-समय पर बच्चों को पढ़ाने पहुंचती हैं। उनकी इस पहल से मजदूर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई का माहौल मिल रहा है और वे शिक्षा से जुड़ रहे हैं। मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने की पहल श्रम निरीक्षक सरिता साहू ने बताया कि मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण कार्यों की निगरानी और पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने के दौरान उनका वहां नियमित आना-जाना होता है। इसी दौरान उन्होंने देखा कि मजदूरों के छोटे बच्चे कामकाज के बीच खुले में खेलते रहते हैं और स्कूल नहीं जा पाते। उन्होंने बताया कि ये मजदूर अलग-अलग शहरों से आते हैं, जिसके कारण उनके बच्चों की नियमित शिक्षा नहीं हो पाती। इसी समस्या को देखते हुए उन्होंने तत्काल ठेकेदारों और संस्थान को बुलाकर बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जनसहयोग से शुरू हुई कक्षा श्रम निरीक्षक ने प्रस्ताव रखा कि जनसहयोग से एक सामूहिक कक्षा शुरू की जा सकती है, जिससे बच्चों को प्राथमिक शिक्षा मिल सके। इस पहल को ग्रेनटेक फूड्स एंड बेवरेजेज ने सहमति देते हुए सहयोग प्रदान किया और शिक्षा की पाठशाला शुरू की गई। 35 बच्चों को मिल रहा शिक्षा का लाभ वर्तमान में इस पाठशाला में लगभग 35 बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। जब उनके माता-पिता काम पर जाते हैं, तो बच्चे पाठशाला में पढ़ाई करते हैं। नियमित कक्षाओं के कारण बच्चों को न केवल पढ़ाई का माहौल मिल रहा है, बल्कि वे कार्यस्थल पर होने वाले संभावित जोखिमों से भी सुरक्षित हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर इस पहल को एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे श्रमिकों के बच्चों के भविष्य को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। देखें तस्वीरें…
बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र के बांसा गांव में मंगलवार देर शाम एक युवक करीब 25 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। करीब एक घंटे के हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस और ग्रामीणों की मदद से युवक को सकुशल नीचे उतार लिया गया। युवक की पहचान बांसा निवासी विशाल पुत्र चंद्रिका प्रसाद के रूप में हुई है। नीचे उतरने के बाद विशाल ने पुलिस को बताया कि वह अपने परिवार से नाराज था क्योंकि वे उसे उसकी प्रेमिका से मिलने नहीं देते और घर की बाइक भी चलाने नहीं देते। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विशाल हाईटेंशन लाइन के बेहद करीब पहुंच गया था, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना मिलते ही मसौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक चली बातचीत और समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। विशाल का गांव की ही एक युवती से प्रेम प्रसंग चल रहा है। चार दिन पहले युवती के परिजनों से उसकी कहासुनी भी हुई थी, जिसके बाद से वह तनाव में था। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि युवक शराब पीने का आदी है और घटना के समय भी उसके नशे में होने की आशंका है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है ताकि घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सके। युवक के हाईटेंशन टावर पर चढ़ने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी, लेकिन पुलिस की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से एक संभावित बड़ा हादसा टल गया।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय द्वारा आयोजित पीएम सूर्य घर उत्कृष्टता पुरस्कार में राज्य को माह का सौर अभियान सर्वाधिक वेंडर पंजीयन श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए चुना गया है। यह पुरस्कार 4 जून को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ ने सौर ऊर्जा को आम लोगों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके लिए राज्य को राष्ट्रीय पहचान मिली है। एक माह में 86 नए वेंडर हुए पंजीकृत भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष सारंगी ने मुख्य सचिव विकास शील को पत्र भेजकर सम्मान समारोह में शामिल होने का आमंत्रण दिया है। प्रमुख सचिव (ऊर्जा) एवं पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने भी इस उपलब्धि के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी है। राज्य ने एक माह में 86 नए वेंडर पंजीकृत कर यह उपलब्धि हासिल की है, जिससे कुल पंजीकृत वेंडरों की संख्या बढ़कर 1222 हो गई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत छत्तीसगढ़ में सौर ऊर्जा को लेकर तेजी से काम हो रहा है। 1 जून 2026 तक राज्य में 1.93 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 61,700 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 1.32 लाख से अधिक स्थापना कार्य प्रगति पर हैं। योजना के तहत 16 हजार उपभोक्ताओं को शून्य बिजली बिल का लाभ मिल चुका है तथा हजारों हितग्राहियों को केंद्र और राज्य सरकार से अनुदान राशि भी प्राप्त हुई है।
सीतापुर में किशोरी ने फांसी लगाकर जान दी:पारिवारिक कलह के चलते ननिहाल में रह रही थी
सीतापुर के सिधौली में अटरिया थाना क्षेत्र के गढ़ी रांवा गांव में एक 17 वर्षीय किशोरी ने मंगलवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतका की पहचान मोहद्दीनपुर, थाना तालगांव, जनपद सीतापुर निवासी हनीफ आलम की पुत्री तहसीन बानो (17) के रूप में हुई है। वह पिछले एक सप्ताह से अपनी मां के साथ गढ़ी रांवा गांव स्थित अपने ननिहाल में रह रही थी। मंगलवार को तहसीन ने घर के भीतर फांसी लगा ली। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिधौली ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि पारिवारिक कलह के चलते मृतका और उसकी मां एक सप्ताह पहले ननिहाल आकर रह रही थीं। किशोरी इस बात को लेकर काफी परेशान रहती थी। तहसीन अपने दो भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
किसान की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत:देवरिया में दाढ़ी बनवाने जा रहे थे, आरोपी की तलाश जारी
देवरिया जिले में मंगलवार शाम छह बजे एक सड़क हादसे में एक किसान की मौत हो गई। सुरौली थाना क्षेत्र के कुकुरीहा गांव निवासी ओमप्रकाश राजभर (47) दाढ़ी बनवाने के लिए साइकिल से भवानी चौराहे जा रहे थे, तभी एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल ओमप्रकाश को तत्काल महर्षि देवरहा बाबा राजकीय मेडिकल कॉलेज देवरिया ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। ओमप्रकाश राजभर पुत्र बेचू प्रसाद राजभर खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस कर रही अज्ञात वाहन की तलाश चिकित्सकों की सूचना पर देवरिया पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान और हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के पंचायत राज संचालनालय की ओर से 18 मई को जारी आदेश के बाद सेवा से हटाए गए पेसा मोबिलाइजरों का विरोध जारी है। मंगलवार को भोपाल में भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों पेसा मोबिलाइजरों ने धरना देकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं, विधवाएं और नवजात बच्चों की माताएं शामिल रहीं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले चार वर्षों से आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को मजबूत करने, सरकारी योजनाओं की जानकारी घर-घर पहुंचाने और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने का काम कर रहे थे। बिना किसी नोटिस और कारण बताए सेवा समाप्त किए जाने से हजारों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। दरअसल, वर्ष 2021 में पेसा मोबिलाइजरों की भर्ती की गई थी। 18 मई को सरकार ने इस भर्ती को निरस्त कर दिया। इनमें 80 प्रतिशत आदिवासी महिलाएं हैं, जो घर-घर जाकर सरकार की योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाती थीं। प्रदर्शन की कुछ तस्वीरें आदिवासी समाज कमजोर होगा तो प्रदेश भी कमजोर होगा प्रदर्शन में पेसा संगठन की प्रदेश प्रवक्ता दीक्षा ने कहा कि पेसा मोबिलाइजर केवल कर्मचारी नहीं बल्कि आदिवासी समाज और सरकार के बीच की कड़ी हैं। मुख्यमंत्री स्वयं घर-घर जाकर योजनाओं की जानकारी नहीं दे सकते, इसलिए यही मोबिलाइजर गांवों तक योजनाएं पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि कई महिलाएं दिव्यांग हैं, कई विधवा हैं और कई छोटे बच्चों की जिम्मेदारी संभालते हुए भी काम कर रही थीं। ऐसे कर्मचारियों को एक झटके में हटाना केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि पूरे आदिवासी समाज का नुकसान है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षित और प्रशिक्षित युवाओं को इस तरह बेरोजगार किया गया तो इसका जवाब केवल कर्मचारी ही नहीं बल्कि पूरा समाज देगा। सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर न्याय करना चाहिए। गर्भावस्था में भी काम किया, अब नौकरी चली गई प्रदर्शन में आई अनीता रावत ने कहा कि वे चार साल से ग्राम पंचायतों में काम कर रही थीं। पेसा कानून के तहत गांवों में विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन और लोगों को जागरूक करने का काम किया। उन्होंने बताया कि उनका नौवां महीना चल रहा था तब भी उन्होंने लाड़ली बहना योजना समेत अन्य सरकारी कार्य किए। प्रसव के ठीक पहले तक काम करने के बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं मिली और अब बिना किसी कारण नौकरी से हटा दिया गया। रेशमा ने कहा कि वे किसी से भीख नहीं मांग रही हैं, केवल अपना रोजगार वापस मांग रही हैं। सरकार बताए कि आखिर उनकी गलती क्या थी, जिसके कारण उन्हें बेरोजगार कर दिया गया। दो माह के बच्चे को लेकर धरने में पहुंची महिला छिंदवाड़ा जिले की पेसा मोबिलाइजर अनीता राव अपने दो महीने के बच्चे को लेकर धरने में पहुंचीं। उन्होंने कहा कि परिवार की जिम्मेदारी और छोटे बच्चे की देखभाल के बावजूद वे धरने में इसलिए शामिल हुई हैं क्योंकि नौकरी जाने के बाद परिवार का भविष्य संकट में पड़ गया है। उन्होंने सरकार से सेवा बहाल करने और लंबित मानदेय का भुगतान करने की मांग की। विधवा और गरीब परिवारों की महिलाओं पर सबसे ज्यादा असर प्रदर्शनकारी महिलाओं ने बताया कि संगठन में बड़ी संख्या में विधवा महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की महिलाएं कार्यरत हैं। कई परिवारों का एकमात्र सहारा यही नौकरी थी। सेवा समाप्त होने से हजारों परिवारों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों कर्मचारी भारतीय मजदूर संघ के नेतृत्व में हुए इस धरना-प्रदर्शन में प्रदेश के विभिन्न आदिवासी जिलों से बड़ी संख्या में पेसा मोबिलाइजर शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
जालोर जिला पुलिस और साइबर थाना पुलिस ने एक स्पेशल अभियान ऑपरेशन म्यूल हंटर चलाकर बड़ा खुलासा किया है। टीम ने साइबर अपराधियों और उन्हें बैंक खाते-सिम कार्ड उपलब्ध करवाने वाले बिचौलियों के खिलाफ कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत पुलिस ने अब तक 16 म्यूल खाताधारकों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन खातों के जरिए करीब 4.20 करोड़ रुपए की संदिग्ध/साइबर अपराध की राशि का लेनदेन सामने आया है। कार्रवाई के मुख्य बिंदु और बरामदगी चिन्हित किए गए 16 म्यूल खातों में लगभग 4.20 करोड़ रुपए की संदिग्ध राशि प्राप्त की गई थी। जिस पर पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह से जुड़े 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त 6 मोबाइल फोन,4 एटीएम (ATM) कार्ड, 1 चेक बुक,2 पैन (PAN) कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पुलिस ने 58 अन्य म्यूल खाताधारकों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें भविष्य के लिए पाबंद करवाया।
मुंगेली पुलिस ने ऑपरेशन बाज के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम तेली मोहतरा में हुई चाकूबाजी की घटना में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन बालिग और चार नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद कर लिया है। कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर उप पुलिस अधीक्षक लोरमी हरविंदर सिंह के नेतृत्व में की गई। तालाब के पास शुरू हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार घटना 30 दिसंबर 2025 की रात करीब 10 बजे ग्राम तेली मोहतरा स्थित पैटू तालाब के पास हुई थी। प्रार्थी विश्राम यादव अपने साथियों कमलेश यादव और गीताराम यादव के साथ बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान दो मोटरसाइकिलों में सवार 6-7 युवक वहां पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने कमलेश और गीताराम के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे विश्राम यादव को भी जान से मारने की धमकी देते हुए चाकूनुमा हथियार से हमला कर दिया गया। दो युवक हुए गंभीर घायल हमले में विश्राम यादव के सीने के नीचे तथा कमलेश यादव के पेट में गंभीर चोटें आईं। दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोरमी ले जाया गया। शुरुआती इलाज के बाद विश्राम यादव को घर भेज दिया गया, जबकि कमलेश यादव की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल और बाद में सिद्धार्थ अस्पताल मुंगेली रेफर किया गया। गंभीर चोटों के बाद बढ़ाई गई धाराएं घटना की रिपोर्ट 1 जनवरी 2026 को लोरमी थाने में दर्ज कराई गई थी। जांच के दौरान कमलेश यादव की चोटों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की अतिरिक्त धाराएं 118(1) और 109(1) भी प्रकरण में जोड़ीं। तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने मुखबिर सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान सभी ने घटना में शामिल होना स्वीकार कर लिया। एक नाबालिग आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सब्जी काटने वाला चाकू भी बरामद किया गया। तीन आरोपी जेल, चार बालक संप्रेक्षण गृह भेजे गए गिरफ्तार बालिग आरोपियों में विशाल यादव (19), राजकुमार यादव (21) और मुकेश सिंह चौहान (30) निवासी तुलसाघाट, लोरमी शामिल हैं। तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। वहीं, मामले में शामिल चार विधि से संघर्षरत बालकों का सामाजिक पृष्ठभूमि प्रतिवेदन तैयार कर उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ ऑपरेशन बाज के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
गोंडा में परसपुर थाना क्षेत्र के त्यौरासी गांव के पास मंगलवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी मांगों को लेकर 25 वर्षीय राहुल 130 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह करीब 100 फीट की ऊंचाई पर बैठ गया, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही परसपुर थाना प्रभारी कमल शंकर चतुर्वेदी और करनैलगंज क्षेत्राधिकारी (सीओ) अभिषेक पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने युवक को नीचे उतारने के लिए काफी देर तक समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा। इसके बाद सीओ अभिषेक ने राहुल से मोबाइल फोन पर बातचीत की और उसकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने के बाद राहुल सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आया। नीचे आने पर पुलिस अधिकारियों ने उसकी शिकायत सुनी। राहुल का आरोप है कि 25 मई को उसके छप्पर के मड़हे में आग लगा दी गई थी, जिससे घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। वह अपने ही पाटीदार पर आग लगाने का आरोप लगा रहा है और जले हुए सामान की भरपाई कराने की मांग कर रहा है। राहुल ने बताया कि उसने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की थी। एसपी ने परसपुर पुलिस को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राहुल की मां का निधन हो चुका है, जबकि उसके पिता मानसिक रूप से कुछ कमजोर बताए जा रहे हैं। आग लगने की घटना के बाद उसने 25, 26 और 27 मई को पुलिस को कोई सूचना नहीं दी थी। बाद में 28 मई को वह शाहपुर चौकी पहुंचा, जहां चौकी प्रभारी ने मामले की जांच भी की थी। स्थानीय लोगों के अनुसार राहुल चाहता था कि उसका पाटीदार जले हुए सामान की भरपाई कर दे। इसी बीच उसने हाल ही में टावर पर चढ़कर विरोध जताने की एक अन्य घटना के बारे में सुना। इसके बाद उसे लगा कि टावर पर चढ़ने से उसकी समस्या का समाधान हो सकता है। मंगलवार को एसपी को प्रार्थना पत्र देने के बाद वह टावर पर चढ़ गया। हालांकि पुलिस अधिकारियों की समझाइश और कार्रवाई के आश्वासन के बाद वह स्वयं नीचे उतर आया।
दतिया में बुधवार को 4 से 5 घंटे बिजली कटौती:डगरई, गोराघाट, धुरासी, औरीना समेत कई इलाकों में शटडाउन
मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, दतिया द्वारा 33/11 केवी सबस्टेशनों और 11 केवी लाइनों पर आवश्यक मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। इस कारण 3 जून को जिले के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी ने एक प्रेस नोट जारी कर यह जानकारी दी है। कंपनी के अनुसार, 33 केवी डगरई, गोराघाट और सीतापुर फीडरों पर सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक शटडाउन रहेगा। वहीं, कुछ अन्य क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से 11 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके अतिरिक्त, 11 केवी अवादी और पंप फीडरों से जुड़े कई गांवों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक तथा कुछ फीडरों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह इलाके रहेंगे प्रभावितप्रभावित होने वाले क्षेत्रों में डगरई, गोराघाट, बेहरका, सीतापुर, बड़ोनकला, बरगायं, सिंधवारी, नवोदय, कामद, रिछर, गुजर्रा, पिपरुआ कला, खोदन, धुरासी, औरीना, हलतई, बरौदी, उदगवां, नयाखेड़ा, लहरा, ठाकुरपुरा, राजापुर और पचोखरा जैसे गांव शामिल हैं। पंप फीडरों से जुड़े कृषि उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति भी निर्धारित समय तक बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। कंपनी ने यह भी बताया कि मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली आपूर्ति का समय आवश्यकतानुसार घटाया या बढ़ाया जा सकता है।
कानपुर के यशोदा नगर में सोमवार को एक बार फिर इंसानियत मुस्कुराती हुई नजर आई। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों की मदद के लिए संस्था 'कानपुर थैलेसीमिक्स' और सिविल डिफेंस की टीम ने मिलकर सुमन गैलेक्सी गेस्ट हाउस में एक खास ब्लड डोनेशन कैंप लगाया। यह इस कड़ी का छठा कैंप था, जहां शहर के युवाओं और जिम्मेदार नागरिकों ने आगे बढ़कर रक्तदान किया। पूरे कैंप के दौरान कुल 25 यूनिट खून इकट्ठा किया गया, जो जरूरतमंद बच्चों की जिंदगी बचाने के काम आएगा। कैंप की शुरुआत से ही लोगों में अच्छा-खासा उत्साह देखने को मिला। यशोदा नगर के डिविजनल वार्डन राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने न सिर्फ कैंप में आने वाले सभी डोनर्स का हौसला बढ़ाया, बल्कि मिसाल पेश करते हुए अपनी पूरी टीम के साथ खुद भी ब्लड डोनेट किया। कैंप में आए युवाओं का कहना था कि हमारे थोड़े से खून से अगर किसी मासूम को नया जीवन मिलता है, तो इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं है। जब डॉक्टरों ने मना किया तो मायूस हो गए 7 डोनर्स इस कैंप में एक भावुक कर देने वाला नजारा भी दिखा। रक्तदान करने की इच्छा लेकर पहुंचे 7 लोगों को डॉक्टरों ने स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों (लो हीमोग्लोबिन या हाई बीपी आदि) की वजह से रिजेक्ट कर दिया। खून न दे पाने का मलाल उनके चेहरों पर साफ दिख रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें समझाया कि सेहत में सुधार के बाद वे अगली बार जरूर रक्तदान कर सकते हैं। इन लोगों ने संभाली व्यवस्था कैंप को बेहतर तरीके से चलाने और डोनर्स की सहूलियत के लिए सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर शिवराज सिंह, चीफ वार्डन राजीव सिंह और एडीसी इंचार्ज प्रवीण वर्मा लगातार मौके पर डटे रहे। सभी डोनर्स को हौसला अफजाई के लिए सर्टिफिकेट भी बांटे गए। आखिर में 'कानपुर थैलेसीमिक्स' के फाउंडर बी. भट्टाचार्य ने कैंप में आए सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उन्होंने जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक की टेक्निकल टीम का भी शुक्रिया अदा किया, जिनकी मदद से यह पूरा कैंप बिना किसी परेशानी के सुरक्षित तरीके से संपन्न हुआ।
GSVM मेडिकल कॉलेज के 3 डॉक्टर INI टॉप-10 में:NEET SS में भी 40 सिलेक्शन, यूपी में कॉलेज सबसे आगे
जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक 'सुपर स्पेशलिटी INI' (इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस) में इतिहास रच दिया है। हाल ही में जारी हुए नतीजों में कॉलेज के सर्जरी विभाग के तीन डॉक्टरों ने देश के टॉप-10 में जगह बनाई है। खास बात यह है कि ये तीनों ही साल 2022 बैच के छात्र हैं। इस सफलता से कॉलेज प्रशासन और डॉक्टरों में भारी उत्साह है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि INI का एग्जाम देश का सबसे हाई-एंड और बेहद कठिन एग्जाम माना जाता है। इसमें देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान जैसे AIIMS, PGI चंडीगढ़ और जिपमेर (JIPMER) पुडुचेरी शामिल हैं। इस परीक्षा में जीएसवीएम के सर्जरी विभाग (2022 बैच) के तीन छात्रों ने देश के टॉप-10 में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इनमें से एक छात्र ने देश भर में तीसरी रैंक, दूसरे ने आठवीं और तीसरे छात्र ने नौवीं रैंक हासिल की है। वहीं, कॉलेज की एक छात्रा ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए देश में 29वीं रैंक हासिल की है। NEET सुपर स्पेशलिटी में भी 40 सिलेक्शन, यूपी में सबसे आगे डॉ. संजय काला ने बताया कि, सफलता का यह सिलसिला सिर्फ INI परीक्षा तक ही सीमित नहीं है। इससे पहले हुए NEET सुपर स्पेशलिटी एग्जाम में भी जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज से लगभग 40 डॉक्टरों का सिलेक्शन हुआ था। सुपर स्पेशलिटी के मामले में यह आंकड़ा पूरे उत्तर प्रदेश के किसी भी मेडिकल कॉलेज में सबसे ज्यादा (सर्वाधिक) है। इलाज के साथ पढ़ाई में भी जीएसवीएम नंबर वन प्राचार्य डॉ. संजय काला ने इस ऐतिहासिक सफलता पर गर्व जताते हुए कहा कि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज सिर्फ मरीजों की देखभाल और बेहतरीन इलाज में ही आगे नहीं है, बल्कि पठन-पाठन और उच्च शिक्षा के स्तर में भी देश में शानदार प्रदर्शन कर रहा है।
जयपुर साउथ पुलिस ने शहर में हुक्का बार और संदिग्ध स्पा सेंटरों पर कार्रवाई की। अभियान के तहत अशोक नगर, महेश नगर और सोडाला थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर 9 लोगों को गिरफ्तार किया। ब्लूज कैफे एंड रेस्टोरेंट में हुक्का बार पर पुलिस का छापा डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया- अशोक नगर थाना पुलिस ने अशोक मार्ग स्थित ब्लूज कैफे एंड रेस्टोरेंट पर छापा मारकर अवैध रूप से हुक्का परोसते पाए जाने पर संचालक तरुण शर्मा को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान हुक्का पी रहे सात लोगों के चालान कर 14 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। पुलिस ने मौके से सात हुक्के, चिलम, पाइप और बड़ी मात्रा में हुक्का फ्लेवर जब्त किए। इन्फिनिटी स्पा एंड मसाज पार्लर में चार गिरफ्तार महेश नगर थाना क्षेत्र में न्यू सांगानेर रोड स्थित इन्फिनिटी स्पा एंड मसाज पार्लर की जांच के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियां मिलीं। इसके बाद कार्रवाई करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। वाइल्डस्टोन स्पा सेंटर पर भी कार्रवाई सोडाला थाना पुलिस ने अजमेर रोड स्थित वाइल्डस्टोन स्पा सेंटर पर छापा मारकर संदिग्ध और अनैतिक गतिविधियों के आरोप में चार लोगों को हिरासत में लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए संबंधित विभागों को भी रिपोर्ट भेज दी है। डीसीपी साउथ ने बताया- जयपुर शहर में अवैध हुक्का बार, संदिग्ध स्पा सेंटरों और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामपुर ने आयुष्मान भारत योजना और फैमिली कार्ड निर्माण अभियान में प्रदेश स्तर पर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मार्गदर्शन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत जिले ने पिछले 15 दिनों में 16,500 से अधिक कार्ड बनाकर उत्तर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। सीएमओ डॉ. दीपा सिंह के अनुसार, आयुष्मान और फैमिली कार्ड बनाने के इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पूर्ति विभाग, पंचायती राज विभाग और अन्य संबंधित विभागों का सक्रिय सहयोग रहा है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और संयुक्त प्रयासों के कारण ही अभियान को गति मिली है, जिससे पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में फैमिली कार्ड निर्माण का कुल लक्ष्य 2 लाख 28 हजार 182 निर्धारित किया गया था। इसके मुकाबले अब तक 1 लाख 87 हजार 79 फैमिली कार्ड बनाए जा चुके हैं, जो लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है। वहीं, व्यक्तिगत आयुष्मान कार्ड निर्माण का लक्ष्य 10 लाख 84 हजार 12 निर्धारित किया गया है, जिसके सापेक्ष 6 लाख 60 हजार 524 कार्ड बन चुके हैं। यह उपलब्धि लगभग 62 प्रतिशत प्रगति दर्शाती है। जागरूकता और पंजीकरण कार्य चलाया जा रहा डॉ. दीपा सिंह ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी लगातार अभियान की समीक्षा कर रहे हैं और अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्य के अनुसार कार्य करने के निर्देश दे रहे हैं। इसी सक्रिय निगरानी और मार्गदर्शन के कारण रामपुर प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त करने में सफल रहा है। सीएमओ ने बताया कि जिन पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड या फैमिली कार्ड अभी तक नहीं बने हैं, उनके लिए विशेष अभियान जारी है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे संबंधित विभागों और शिविरों में पहुंचकर अपने कार्ड बनवाएं, ताकि केंद्र और राज्य सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। अभियान को और गति देने के लिए जिलेभर में लगातार जागरूकता और पंजीकरण कार्य चलाया जा रहा है।
मऊगंज जिले में मंगलवार को कलेक्टर संजय कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुरेंद्र कुमार जैन ने शहर का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने पुराने और नए बस स्टैंड सहित प्रमुख चौराहों और एक्सीडेंट की आशंका वाले इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान एसडीएम मऊगंज एपी द्विवेदी और एसडीएम हनुमना राजेश मेहता भी मौजूद रहे। अफसरों ने पुराने और नए बस स्टैंड पर पहुंचकर यात्रियों के लिए पानी, साफ-सफाई और दूसरी जरूरी सुविधाओं को देखा। कलेक्टर ने यहां बने जर्जर और खस्ताहाल मकानों पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे खतरनाक जर्जर भवनों की पहचान कर उन्हें नियम के मुताबिक तुरंत गिराया जाए, ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। चौराहों पर बनेंगे स्पीड ब्रेकर और साइनेज बोर्ड शहर में बढ़ते ट्रैफिक और हादसों को रोकने के लिए कलेक्टर और एसपी ने अस्पताल चौराहा, बरहटा मोड़ और बारांव मोड़ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिए कि इन जगहों पर तुरंत स्पीड ब्रेकर बनाए जाएं, लेफ्ट टर्न (बाएं मुड़ने का रास्ता) सुधारा जाए और दिशा-सूचक (साइनेज) बोर्ड लगाए जाएं। इसके अलावा, हनुमना के मोटवा चौराहे पर जेब्रा क्रॉसिंग बनाने और संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए ताकि पैदल चलने वाले सुरक्षित रह सकें। ब्लैक स्पॉट्स पर तैनात होगी पुलिस निरीक्षण के दौरान एसपी सुरेंद्र कुमार जैन ने कहा कि ट्रैफिक सुधारने के लिए नियमों के साथ-साथ सड़कों का सुरक्षित होना भी जरूरी है। उन्होंने आदेश दिए कि शहर में जिन जगहों पर सबसे ज्यादा हादसे होते हैं (ब्लैक स्पॉट्स), वहां ट्रैफिक पुलिस के जवानों को तैनात किया जाएगा। इसके लिए पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मिलकर काम करेंगी।
छतरपुर में ऑनलाइन कमोडिटी ट्रेडिंग और कथित सट्टा कारोबार से जुड़े चर्चित मामले में पुलिस ने आत्महत्या के पांच दिन बाद सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। शहर की श्रीराम कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे झांसी निवासी 50 वर्षीय कारोबारी राजेश अग्रवाल ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मिले सुसाइड नोट ने आत्महत्या के कारणों के साथ-साथ शहर में कथित रूप से संचालित करोड़ों रुपये के मैच और एमसीएक्स सट्टा नेटवर्क पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। चर्चा है कि जांच का दायरा बढ़ने पर कई प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। किराए के मकान में मिला था शव मूल रूप से बरुआसागर (झांसी) निवासी राजेश अग्रवाल पिछले चार-पांच वर्षों से छतरपुर में रहकर कारोबार कर रहे थे। उनका शव श्रीराम कॉलोनी स्थित किराए के मकान में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। सूचना पर ओरछा रोड थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट और जहरीले पदार्थ की डिब्बी बरामद हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ के सेवन से दम घुटने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। मृतक की मां कृष्णा अग्रवाल के बयान और सुसाइड नोट के अनुसार, राजेश ने रोहित पटेरिया उर्फ छोटू पटेरिया के साथ एमसीएक्स कमोडिटी ट्रेडिंग का काम शुरू किया था। सुसाइड नोट में आरोप है कि गलत ट्रेडिंग सौदों के कारण उसे करीब 10 लाख रुपये का नुकसान हुआ और वह कर्ज में डूब गया। आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद उस पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा। छह लोगों के नाम नोट में लिखकर लगाए गंभीर आरोप सुसाइड नोट में रोहित पटेरिया, अनवर खान, शरद अग्रवाल, सुरेश नगरिया, कल्लू कलई और मोनू उर्फ दीपक अग्रवाल के नाम लिखे गए हैं। मृतक ने आरोप लगाया है कि ये लोग लगातार पैसे लौटाने का दबाव बना रहे थे और रुपये नहीं देने पर परिवार को सड़क पर लाकर भीख मंगवाने तथा जान से मारने की धमकी देते थे। मृतक ने लिखा कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के कारण वह पूरी तरह टूट चुका था। सट्टा नेटवर्क का भी किया जिक्र सुसाइड नोट में राजेश अग्रवाल ने दावा किया है कि छतरपुर में प्रतिदिन करोड़ों रुपये का मैच और एमसीएक्स का खेल संचालित हो रहा है। उसने प्रशासन से इस नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा कि यदि इस कारोबार पर रोक नहीं लगी तो और भी परिवार बर्बाद हो सकते हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, डिजिटल ट्रांजेक्शन और व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने पर शहर के कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है। अपने अंतिम पत्र में राजेश ने परिवार की चिंता व्यक्त करते हुए लिखा कि उसकी बुजुर्ग मां चलने-फिरने में असमर्थ हैं, पत्नी मानसिक रूप से अस्वस्थ है और बेटा लगातार बीमार रहता है। उसने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने की अपील की है। अभी सभी आरोपी फरार हैंओरछा रोड थाना पुलिस ने उपनिरीक्षक दीपक कुमार यादव की जांच रिपोर्ट के आधार पर छह आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108, 61(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी है, लेकिन फिलहाल सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लेखराज मीणा के निर्देशन में मामले की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शहर में संचालित अवैध सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए के नेटवर्क की भी गहन जांच की जा रही है।
लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र के प्रीतिनगर में मकान मालिक की सूचना पर पुलिस ने एक किराएदार को अवैध तमंचे और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी नशे की हालत में घर के अंदर हंगामा कर रहा था। इस पर मकान मालिक ने पुलिस को असलहा होने की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक सोमवार को नौबस्ता चौकी क्षेत्र में गश्त के दौरान एसआई अंकुर आनंद को सूचना मिली कि त्रिकाल फैक्ट्री के पास प्रीतिनगर में रहने वाला किराएदार विजय चौहान घर के अंदर तमंचा लेकर बैठा है और किसी वारदात को अंजाम दे सकता है। सूचना देने वाले मकान मालिक शिवा त्रिवेदी ने बताया कि विजय नशे में घर का सामान फेंक रहा था। जब वह कमरे के अंदर गया तो उसने आरोपी को असलहा लगाए देखा। इसके बाद उसने बाहर निकलकर कमरे का गेट बंद कर दिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मकान मालिक की निशानदेही पर कमरे की घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान विजय चौहान (43) निवासी मडोरवा, थाना तंबौर सीतापुर के रूप में बताई। विजय मौजूदा समय में प्रीतिनगर में किराए पर रह रहा था। तलाशी के दौरान उसकी कमर में खोंसा एक देशी तमंचा .315 बोर और जेब से दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने उसके पास से 300 रुपए नकद भी बरामद किए। बरामद तमंचा चालू हालत में पाया गया। पूछताछ में विजय चौहान तमंचे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। उसने पुलिस को बताया कि उसे यह तमंचा सड़क पर पड़ा मिला था और वह शौकिया तौर पर इसे अपने पास रखता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
राजधानी के क्वींस क्लब ऑफ इंडिया की तस्वीर आने वाले समय में पूरी तरह बदल सकती है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल ने क्लब को मॉडर्न हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। इसके लिए PPP (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर निजी एजेंसी की नियुक्ति की जाएगी। योजना के मुताबिक क्लब में जिम, स्विमिंग पूल, टेनिस कोर्ट, स्क्वैश कोर्ट, बैडमिंटन हॉल, टेबल टेनिस और बिलियर्ड जैसी सुविधाओं को अपग्रेड किया जाएगा। साथ ही क्लब की पुरानी बिल्डिंग और अन्य सुविधाओं का भी रिनोवेशन होगा।सबसे खास बात यह है कि क्लब परिसर में करीब 61 कमरों वाला नया हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक भी बनाया जाएगा। इससे बाहर से आने वाले मेहमानों के ठहरने की बेहतर व्यवस्था हो सकेगी। वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से रायपुर को एक नया प्रीमियम हॉस्पिटैलिटी और वेलनेस हब बनाने में मदद मिलेगी। इससे निजी निवेश आएगा, रोजगार बढ़ेंगे और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी फायदा होगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि क्लब की विशेष आवास योजना के तहत सांसद और विधायक वर्ग के 108 सदस्यों की सदस्यता पहले की तरह जारी रहेगी। मौजूदा सदस्यों की सुविधाओं में भी कोई कटौती नहीं होगी। गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने बताया कि पूरे प्रोजेक्ट में करीब 25 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। यह परियोजना 20 साल की अवधि के लिए होगी, जिसे आगे 10 साल तक बढ़ाया जा सकता है।
लुधियाना में फाइनेंसर के गुर्गे एक व्यक्ति के घर उसकी बोलेरो गाड़ी लेकर गए। कई दिन बीत जाने के बाद भी जब उन्होंने गाड़ी वापस नहीं दी। वह फाइनेंसर के गुर्गों के पास चक्कर लगाता रहा। उसके बावजूद उन्होंने गाड़ी वापस नहीं दी। इसी को लेकर फाइनेंसर के गुर्गों और बोलेरो गाड़ी के मालिक में बहस हुई। उसके बाद उन्होंने उसे फोन पर धमकाया और फिर रात को उसके घर आकर ईंट पत्थरों से हमला किया। गुर्गों द्वारा गाली ग्लौच व घर पर हमला करने की वारदात सीसीटीवी में भी कैद हुई है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में पुलिस को शिकायत दे दी है। हालांकि पुलिस ने अभी तक इस मामले में पर्चा दर्ज नहीं किया है। पीड़ित मुन्ना मिश्रा के मुताबिक फाइनेंसर के गुर्गे कुछ दिन पहले उसे घर आए और उसकी बोलेरो गाड़ी ले गए। उसका कहना है कि गुर्गों ने कहा कि वो शाम तक गाड़ी लौटा देंगे। जब शाम को गाड़ी लेकर नहीं आए तो वह उनके पास गया। वहां जाकर फाइनेंसर के गुर्गे उससे पैसे मांगने लगे। मुन्ना मिश्रा का कहना है कि उसने तो फाइनेंसर से कोई लोन भी नहीं लिया था। उसके किसी जानकार ने लोन लिया था उससे पैसे वसूलने के लिए वो उसकी बोलेरो गाड़ी उठाकर ले गए। जब वो उनसे अपनी गाड़ी मांगने जा रहा है तो वो उसके साथ हाथापाई तक करते हैं। मुन्ना मिश्रा ने बताया कि सोमवार शाम के सामय उन्होंने पहले उसे गालियां दी और फिर फोन करके उसे धमकियां दी। बाद में रात को घर आए और फिर पथराव करने लगे। उसने बताया कि इसी सूचना उसने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर आकर सीसीटीवी फुटेज भी हासिल की। पीड़ित मुन्ना मिश्रा ने बताया कि उनके हमले से उसके परिवार के सदस्य डर गए और उन्होंने गेट नहीं खोला। मिश्रा ने बताया कि जब वो चले गए तो उसने इस मामले की शिकायत तुरंत डाबा थाने में दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस कर रही मामले की जांच मामले की जांच कर रहे अधिकारी राज गोपाल ने बताया कि शिकायत मिल चुकी है और प्रारंभिक जांच जारी है। उन्होंने जानकारी दी कि दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके। दोनों पक्षों में पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद जांच अधिकारी के अनुसार, शुरुआती जानकारी से पता चला है कि दोनों पक्षों के बीच पैसे की लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था, जिसके कारण यह घटना हुई हो सकती है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर देहात में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय और अपर पुलिस अधीक्षक आलोक प्रसाद ने पुलिस बल के साथ रूरा और डेरापुर कस्बों में पैदल गश्त की। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करने के साथ आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद भी किया। गश्त के दौरान अधिकारियों ने रूरा कस्बे में अकबरपुर रोड स्थित शिवाजी नगर से डेरापुर रोड भटौली तिराहा तक भ्रमण किया। इसके अलावा डेरापुर कस्बे के सर्राफा बाजार और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बाजारों, भीड़भाड़ वाले स्थानों और संवेदनशील इलाकों का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पैदल गश्त के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की सघन जांच भी की गई। बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर विशेष नजर रखी गई। गश्त के दौरान पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय व्यापारियों, नागरिकों और राहगीरों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सुझाव भी प्राप्त किए और लोगों से पुलिस के साथ सहयोग बनाए रखने की अपील की। एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने कहा कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति, वस्तु या गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। अपराध नियंत्रण पर विशेष जोर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जनपद में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पैदल गश्त, वाहन चेकिंग अभियान और अन्य सुरक्षा संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना और आमजन में सुरक्षा का भरोसा कायम रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस अधिकारियों के इस अभियान से स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने के साथ-साथ अपराधियों पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आम नागरिकों की समस्याएं सुनते हुए कई मामलों में त्वरित राहत के निर्देश दिए। वहीं राऊ स्थित प्राचीन भूतनाथ मंदिर के रास्ते को लेकर चल रहा विवाद भी जनसुनवाई पहुंचा। इसके बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी। जनसुनवाई में पहुंचे अमित रावत ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास स्वयं का आवास नहीं है और वे शासन की आवास योजना का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं। इस पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने संबंधित अधिकारियों को पात्रता के अनुसार आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए। इसी तरह आर्थिक तंगी से जूझ रही रानी जाट ने अपनी समस्या कलेक्टर के समक्ष रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वहीं, ममता यादव की स्थिति पर भी संवेदनशीलता दिखाते हुए आवश्यक आर्थिक मदद सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनके समयबद्ध निराकरण के लिए कलेक्टर ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। भूतनाथ मंदिर मार्ग विवाद पर आंदोलन तेज उधर, राऊ स्थित वर्षों पुराने प्राचीन भूतनाथ मंदिर के मार्ग को लेकर चल रहा विवाद अब आंदोलन का रूप ले चुका है। ग्रामीणों और मंदिर समिति के सदस्यों ने कलेक्टर कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि मंदिर के समीप स्थित एक रिसॉर्ट के संचालक ने मंदिर जाने वाले पारंपरिक मार्ग को बंद कर दिया है, जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में परेशानी हो रही है। पिछले कई दिनों से ग्रामीण जनसुनवाई में शिकायत कर रास्ता खुलवाने की मांग कर रहे हैं। मंदिर समिति से जुड़े रवि पाटीदार ने आरोप लगाया कि पटवारी और तहसीलदार की मिलीभगत से दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर रिसॉर्ट संचालक को लाभ पहुंचाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मंदिर का रास्ता बहाल नहीं किया गया तो ग्रामीण और श्रद्धालु अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कलेक्टर शिवम वर्मा ने मामले की जांच के लिए समिति गठित की है और दोनों पक्षों के दस्तावेजों का परीक्षण कर निर्णय लेने की बात कही है।
मावली क्षेत्र की ग्राम पंचायत मांगथला में सोमवार शाम को 'वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान' के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। घद्वव सागर पाल पर हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और जन जागरूकता को बढ़ावा देना था। इस अवसर पर उपखंड अधिकारी रमेश सिरवी, तहसीलदार राधेश्याम जोशी, एबीडीओ हरि सिंह, ग्राम पंचायत प्रशासक युधिष्ठिर पुरोहित और पीईईओ शिखा अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। अभियान के तहत महिलाओं द्वारा कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया और वृक्षारोपण किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल बचाने, वर्षा जल संचयन करने तथा जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं और संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने इस अभियान की सराहना करते हुए इसे जल संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कर्मचारी उपस्थित थे। इस अभियान के माध्यम से जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रेवाड़ी में अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:खोखे और नालों पर बने स्लैब हटाए, लोगों ने कई जगह किया विरोध
रेवाड़ी जिले के बावल शहर में नगर पालिका प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। इस दौरान सरकारी जमीन पर रखे अवैध खोखों को हटाया गया और कई जगहों पर नालियों पर बने स्लैब तोड़े गए। कार्रवाई के समय नगर पालिका प्रशासन और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अभियान के दौरान कुछ स्थानों पर प्रशासन को विरोध का सामना करना पड़ा। जब नालियों के ऊपर बने स्लैब हटाने के लिए टीम पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने हल्का-फुल्का विरोध किया। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण विरोध शांत हो गया। शिकायतों के बाद पालिका टीम ने की कार्रवाई नगर पालिका के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर यह तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी कार्रवाई आगे भी होती रहेगी। ‘नालियों पर बने स्लैब के कारण सफाई व्यवस्था बाधित’ अधिकारियों ने यह भी बताया कि नालियों पर बने स्लैब के कारण सफाई व्यवस्था बाधित हो रही थी। नालियों की ठीक से सफाई न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता था, जिससे गंदगी फैलती थी और बीमारियों का खतरा बना रहता था। स्लैब हटाने से बरसात के मौसम में नालियों की सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से जारी रह सकेगी। इस अभियान में नगर पालिका प्रशासन की ओर से जेई अनिल कुमार, विजय कुमार और थाना पुलिस की टीम मौजूद रही।
उदयपुर के महाराणा भूपाल राजकीय हॉस्पिटल में दुर्लभ गुलियन बेरी सिंड्रोम (जीबीएस) का सफल इलाज किया गया है। इस सिंड्रोम से पीड़ित बालिका के दोनों पैरों में कमजोरी की शिकायत थी। जिसे अस्पताल लाया गया था। रवीन्द्रनाथ टैगोर मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य एवं नियंत्रक डॉ. राहुल जैन ने बताया- राजसमंद से लेकर आए पांच साल की एक मासूम को गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) है। इस बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल बाल चिकित्सालय के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू) में भर्ती किया गया। बीमारी की गंभीरता के कारण मासूम को लंबे समय तक वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखना पड़ा। लंबे समय से सांस लेने में मदद की आवश्यकता को देखते हुए ईएनटी विभाग द्वारा ट्रेकियोस्टॉमी (गले में श्वास नली बनाना) की गई। लगभग 80 दिनों तक पीआईसीयू में चले सघन इलाज और नियमित फिजियोथेरेपी के साथ-साथ मांसपेशियों की रिकवरी के लिए अंडा, दूध एवं अन्य प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार भी निःशुल्क उपलब्ध कराया गया, जिसने इस रिकवरी में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दो लाख का खर्चा, आयुष्मान में नि:शुल्क उपचार उन्होंने बताया- इलाज के दौरान मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (एमएए) योजना के अंतर्गत लगभग 40 हजार रुपए प्रति वायल मूल्य की 5 डोज आईवीआईजी दवा (कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये) मरीजों को बिना किसी वित्तीय भार के पूरी तरह निःशुल्क दी गई। इस प्रकार पूरे उपचार के दौरान कुल 5 लाख 31 हजार 900 रुपए का पूरा खर्च सरकार और चिकित्सालय प्रशासन द्वारा मां योजना के अंतर्गत वहन किया गया। डॉ. राहुल जैन ने कहा- गुलियन बेरी सिंड्रोम जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी से एक 5 साल की बच्ची को पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकालना हमारी एडवांस क्रिटिकल केयर यूनिट की वैश्विक स्तर की क्षमताओं को दर्शाता है। यह सफलता केवल दवाओं की नहीं, बल्कि हमारे डॉक्टरों की निरंतर प्रतिबद्धता और मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना की ताकत का प्रमाण है। महाराणा भूपाल राजकीय चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. आर. एल. सुमन ने बताया- इस केस में 116 दिनों के लंबे ट्रीटमेंट कोर्स के दौरान वेंटिलेटर सपोर्ट, सर्जरी (ट्रेकियोस्टॉमी) से लेकर दवाओं और मुफ्त पौष्टिक आहार की व्यवस्था को हमारे स्टाफ ने पूरी मुस्तैदी से संभाला। लंबे समय तक सुरक्षित वेंटिलेटर पर रखा बालिका को बाल रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक अरोड़ा ने बताया- जीबीएस बच्चों में होने वाली एक बेहद तीव्र और खतरनाक स्थिति है, जिसमें समय पर डायग्नोसिस और इम्यूनोग्लोबुलिन थेरेपी की उपलब्धता सबसे महत्वपूर्ण होती है। हमारे विभाग के पीआईसीयू में उपलब्ध अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और नर्सिंग केयर की बदौलत ही हम बच्ची को इतने लंबे समय तक सुरक्षित वेंटिलेटर पर रख पाए और अंततः उसे पूरी तरह रिकवर कर वार्ड में शिफ्ट किया। आज बच्ची मुस्कुराते हुए डिस्चार्ज कर दी गई। मांसपेशियों की रिकवरी को गति देना बड़ा टास्क था यूनिट हेड एवं प्रोफेसर डॉ. मोहम्मद आसिफ ने तकनीकी जानकारी साझा करते हुए कहा- जब बच्ची हमारे पास 4 फरवरी को आई थी तो उसके दोनों पैरों की ताकत पूरी तरह खत्म हो चुकी थी। श्वसन तंत्र भी प्रभावित हो रहा था। हमारी टीम ने बिना समय गंवाए आईवीआईजी की 5 डोज शुरू कीं। ट्रेकियोस्टॉमी और लंबे वेंटिलेटर सपोर्ट के दौरान इन्फेक्शन से बचाना और साथ ही फिजियोथेरेपी व हाई-प्रोटीन न्यूट्रिशन के जरिए मांसपेशियों की रिकवरी को गति देना एक बड़ा टास्क था। इसमें डॉ. आसिफ के नेतृत्व में प्रोफेसर डॉ. भूपेश जैन, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुरेश चौहान तथा रेजिडेंट डॉक्टर्स डॉ. राहुल, डॉ. शिंतु, डॉ. निधि, डॉ. आयुष, डॉ. मुकेश, डॉ. ओजेफा एवं डॉ. अनामिका सहित पूरी मेडिकल और पैरामेडिकल टीम ने अपनी अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय भूमिका निभाई।
रतिया के कपड़ा व्यापार प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों ने एकजुट होकर कपड़ा वर्कर यूनियन रतिया का गठन किया है। यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शहर के कपड़ा दुकानदारों से मांग की है कि कर्मचारियों को प्रत्येक रविवार साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। यूनियन सदस्यों का कहना है कि लगातार काम करने के कारण कर्मचारियों को अपने परिवार और बच्चों के साथ समय बिताने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाता। उन्होंने जोर दिया कि सप्ताह में एक दिन की छुट्टी हर कर्मचारी का अधिकार है, जिससे उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कर्मचारियों ने यह भी बताया कि पहले रविवार को बाजार बंद रखने की परंपरा रही है, लेकिन समय के साथ यह व्यवस्था कमजोर पड़ गई। उनका मानना है कि यदि रविवार को अवकाश मिलता है, तो कर्मचारी अपने पारिवारिक दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर सकेंगे और नए उत्साह के साथ काम पर लौटेंगे, जिससे उनका मनोबल बढ़ेगा। बोले- नहीं दिया जाता साप्ताहिक अवकाश कपड़ा वर्कर यूनियन रतिया ने शहर के सभी कपड़ा व्यापारियों और दुकान मालिकों से आग्रह किया है कि वे कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए इस रविवार से ही साप्ताहिक अवकाश लागू करें। यूनियन ने उम्मीद जताई है कि व्यापारी वर्ग उनकी इस मांग पर सकारात्मक विचार करेगा। इस मौके पर रिंकू गोयल, लवली, बबलू, पंकज, बिंदर, रिंका ग्रोवर, परवीन, दीपा, दलीप, गुरी रतिया, कुलदीप हड़ोली, गुरदास, विष्णु, दीपू, कम्मू अलिका, बाबू मदान, पवन तनेजा, जावेद खान, रवि हमजापुर, गोरी, प्रेम खैरपुर, राणा, राजू चंदों, जिंदर अलिका, काका कनौजिया, रिंकू धालीवाल, एनसी नागपुर, साहिल मोंगा, गुरप्रीत नाथवान सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन (राजस्थान) उपशाखा पंचायत समिति की ओर से मंत्रालयिक कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर सोमवार को रोहट बीडीओ को ज्ञापन सौंपा। संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष राजाराम ने बताया कि पंचायती राज संस्थाओं में कार्यरत मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगें लंबे समय से लंबित हैं। उनके प्रति विभाग द्वारा अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेशभर के लगभग 16 हजार मंत्रालयिक कर्मचारी अपनी न्यायोचित मांगों के लिए ढाई साल से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड पेटर्न लागू करने, केडर रिव्यू, स्वतंत्र कार्य विभाजन, नोशनल लाभ, अंतरजिला स्थानांतरण सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश व्यापी ज्ञापन दिया। बताया कि घोषित कार्यक्रम के अनुसार विभिन्न चरणों में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर प्रचार-प्रसार, ज्ञापन, संवाद कार्यक्रम, पेन डाउन आंदोलन, सद्बुद्धि यज्ञ तथा जयपुर कूच जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। यदि मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो 01 जुलाई 2026 से कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 06 जुलाई को जयपुर में मुख्यमंत्री आवास के घेराव करेंगे। इसके अतिरिक्त 07 जुलाई को जलमहल पर प्रेस वार्ता एवं सामूहिक जल समाधि जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार से मंत्रालयिक कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक एवं त्वरित निर्णय लेकर आंदोलन की आवश्यकता समाप्त करने का आग्रह किया है। ज्ञापन सौंपते समय ब्लॉक अध्यक्ष राजाराम, कपूराराम पटेल, गमना राम, मयंक राजपुरोहित, मोहन राम, जालम सिंह, उमेश कुमार, इंद्रा विश्नोई प्रीति चुण्डावत सहित कई जने मौजूद रहे।
पन्ना जिले की अजयगढ़ तहसील में बन रहे मझगांय डैम प्रोजेक्ट के डूब क्षेत्र में प्रशासन ने कार्रवाई की। मंगलवार को भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रशासनिक अमले ने ग्राम कुंवरपुर में 7 खाली मकानों को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया। इस कार्रवाई के दौरान एडीएम मधुवंत राय धुर्वे, एडिशनल एसपी बंदना चौहान और एसडीएम संजय नागवंशी सहित कई बड़े अधिकारी मौके पर तैनात रहे। मुआवजे को लेकर ग्रामीणों का प्रदर्शन प्रशासन की इस कार्रवाई का प्रभावित ग्रामीणों ने विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि डूब क्षेत्र में आने वाले कई परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला है, इसके बावजूद बिना किसी एडवांस नोटिस या सूचना के उनके मकान तोड़े जा रहे हैं। लोगों ने यह भी बताया कि भीषण गर्मी के बीच गाँव में पिछले तीन दिनों से बिजली बंद है, जिससे बच्चों की पढ़ाई ठप हो गई है और आम जनता परेशान है। बारिश को देखते हुए सिर्फ खाली मकान तोड़े एडीएम मधुवंत राय धुर्वे ने बताया कि डूब क्षेत्र के लोगों को पहले ही नोटिस दिए जा चुके हैं। आने वाले मानसून और बारिश के मौसम को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से सिर्फ उन्हीं मकानों को हटाया गया है जो खाली पड़े थे, ताकि पानी भरने पर कोई जनहानि न हो। बाकी परिवारों को भी अगले 3-4 दिनों के भीतर अपनी गृहस्थी समेटकर सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है। बिजली संकट पर एडीएम ने कहा कि उन्होंने एसडीएम और एमपीईबी (MPEB) के अफसरों को जांच कर जल्द से जल्द बिजली चालू करने के निर्देश दिए हैं।
बुरहानपुर में बिजली कंपनी कल (बुधवार) दो 11 केवी फीडरों का मेंटेनेंस करेगी। इस कारण शहर के कई क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक अलग-अलग समय पर बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की। जानकारी के अनुसार, 11 केवी गड़बड़ महाजन फीडर का मेंटेनेंस सुबह 8 बजे से 9 बजे तक किया जाएगा। इससे गुर्जर भवन, मातृ सेवा सदन अस्पताल, संजय नगर पार्ट बी, निमाड़ अस्पताल, मोहन नगर, सुंदर नगर, बालाजी नगर, दत्तात्रय नगर और रास्तीपुरा क्षेत्रों में एक घंटे के लिए विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इसी तरह, 11 केवी नागझिरी फीडर का मेंटेनेंस सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक होगा। इस अवधि में उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट क्षेत्र, इतवारा क्षेत्र, बंगड़ीवाला क्षेत्र, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद और कड़वी बाजार क्षेत्रों में तीन घंटे के लिए बिजली गुल रहेगी। बिजली कंपनी ने बताया है कि मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत कटौती के समय में बदलाव किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी गई है।
नूंह में 6 महीने पुराना मकान ढहा:महिला और बच्चों समेत 5 घायल; प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग
नूंह जिले के गांव कुलढेरा में मंगलवार को एक मकान ढह गया। इस हादसे में एक महिला सहित 5 लोग घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। यह मकान असलम पुत्र सुगड़ा का बताया जा रहा है। हादसे के वक्त असलम घर से बाहर थे, जबकि उनकी पत्नी समीना (45), बेटी जिशाना (18), पुत्र शाद (7), हारिश (2) और गुलफसा (8) घर के अंदर मौजूद थे। मकान अचानक ढहने से ये सभी मलबे की चपेट में आ गए और घायल हो गए। लोगों की सहायता से घायलों को मलबे से बाहर निकाला घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अल आफिया अस्पताल मांडीखेड़ा भेजा गया। चिकित्सकों ने समीना, जिशाना और शाद को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी। गुलफसा और हारिश को मामूली चोटें आई हैं। सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। मुआवजा और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग ग्रामीणों के अनुसार, यह मकान लगभग छह माह पहले ही बनाया गया था। मकान ढहने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद पीड़ित परिवार के सामने रहने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, मुआवजा और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर है और मकान ढहने से उनके सिर से छत छिन गई है।
ग्वालियर कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को पीएचडी शोधार्थी रूप सिंह बघेल ने अलग तरीके से विरोध दर्ज कराया है। वह चेहरे पर कॉकरोच का मास्क, गले में दस्तावेजों की माला और हाथ में आवेदन लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था। छात्र रूप सिंह बघेल का कहना है कि उन्होंने एक निजी कंपनी से जुड़े मामले में सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। शोधार्थी का आरोप है कि शिकायत के निराकरण की प्रक्रिया के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने उन्हें “आदतन शिकायतकर्ता” बता दिया। उनकी यह टिप्पणी बिना किसी ठोस आधार और पर्याप्त तथ्यों के की गई। इससे मेरी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई और जनहित में शिकायत करने वालों का मनोबल कमजोर करने का प्रयास किया गया। इसके विरोध में रूप सिंह ने स्वयं को “कॉकरोच” और व्यवस्था में मौजूद कुछ अधिकारियों को “दीमक” बताते हुए जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब शिकायतों का निष्पक्ष निराकरण करने के बजाय शिकायतकर्ता को ही संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया जाए, तो यह व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। ADM ने दिए जांच के आदेश जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) सीबी प्रसाद को सौंपे गए आवेदन में रूप सिंह ने मांग की कि उन्हें किस आधार पर “आदतन शिकायतकर्ता” घोषित किया गया, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए। साथ ही यदि यह टिप्पणी तथ्यों पर आधारित नहीं है तो उसे संबंधित पोर्टल से हटाया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित कंपनी से जुड़े जांच प्रतिवेदन, निरीक्षण रिपोर्ट, आदेश, नोटशीट और अन्य दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की भी मांग की है। मामले पर ADM सीबी प्रसाद ने आवेदन प्राप्त कर जांच के निर्देश दिए हैं।
उकलाना के श्री आदिश्वर जैन हाई स्कूल में कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव मनाते हुए उन्हें मेरिट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने किया। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में शानदार परिणाम हासिल करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन, समर्पण और सही मार्गदर्शन से प्राप्त होती है। विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से न केवल विद्यालय का बल्कि अपने अभिभावकों और क्षेत्र का भी नाम रोशन किया है। समारोह के दौरान कक्षा दसवीं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को मेरिट अवार्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। विद्यालय प्रबंधन ने उनकी उपलब्धियों को अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया। प्रधानाचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, शिक्षक और विद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने शिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि सभी के संयुक्त प्रयासों से ही विद्यालय लगातार उत्कृष्ट परिणाम देने में सफल हो रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से भविष्य में भी इसी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
शिवपुरी से पहाड़गढ़ होते हुए मुरैना की ओर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग पर स्थित एक घर में घुस गया। हादसे में घर में मौजूद एक महिला घायल हो गई। घायल महिला को इलाज के लिए पहाड़गढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। अनियंत्रित होकर घर में घुसा ट्रक शिवपुरी से मुरैना की ओर पहाड़गढ़ कस्बे से गुजर रहा तेज रफ्तार ट्रक क्रमांक MP 06 GA 2681 अचानक अनियंत्रित होकर पहाड़गढ़ कस्बे के मुख्य मार्ग पर स्थित रामस्वरूप रजक के घर में घुस गया। हादसे में मकान को भारी नुकसान पहुंचा है। घर में मौजूद रामस्वरूप रजक की पत्नी घायल हो गई, जिन्हें तत्काल पहाड़गढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुना से लोड होकर जा रहा था ट्रक ट्रक चालक बंटी के अनुसार, उसने ट्रक को गुना से लोड किया था। वह गुना से शिवपुरी होते हुए पहाड़गढ़ के रास्ते मुरैना जा रहा था, तभी रास्ते में यह हादसा हो गया। पहाड़गढ़ थाना प्रभारी राजेंद्र परिहार ने बताया कि एक अनियंत्रित ट्रक घर में घुस गया था, जिससे एक महिला घायल हुई है। महिला का अस्पताल में उपचार चल रहा है। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
मंडला के महिष्मति घाट पर मंगलवार शाम को कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मिलकर एक 'सद्बुद्धि महायज्ञ' किया। यह अनोखा प्रदर्शन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस बयान के विरोध में किया गया, जिसमें उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के लिए गलत शब्दों का इस्तेमाल किया था। कार्यकर्ताओं ने मां नर्मदा के किनारे बैठकर मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। वैदिक मंत्रों के साथ दी आहुतियां, संयम रखने की प्रार्थना की घाट पर जुटे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंडितों की मौजूदगी में वैदिक रीति-रिवाज से हवन शुरू किया। मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में आहुतियां देते हुए कार्यकर्ताओं ने मां नर्मदा से प्रार्थना की कि वे मुख्यमंत्री को संयमित भाषा बोलने का आशीर्वाद दें। कांग्रेस का कहना था कि इस यज्ञ का मकसद मुख्यमंत्री को यह याद दिलाना है कि वे सार्वजनिक मंचों से मर्यादित भाषा का ही इस्तेमाल करें। कांग्रेसी बोले- राजनीति में मतभेद अपनी जगह, पर मर्यादा न भूलें इस मौके पर नगर कांग्रेस अध्यक्ष रजनीश रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में अलग-अलग विचार होना आम बात है, लेकिन राजनीति में बातचीत के दौरान भाषा का स्तर नहीं गिरना चाहिए। उन्होंने सीएम की टिप्पणी को गलत बताते हुए कहा कि इसीलिए हमने मां नर्मदा से उनके लिए विवेक और संयम मांगने के लिए यह यज्ञ किया है। यज्ञ में शामिल हुए कई कांग्रेसी और युवा नेता इस विरोध प्रदर्शन और महायज्ञ में कांग्रेस के अलग-अलग संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कोविद सिंह ठाकुर, विधानसभा अध्यक्ष प्रणय भंडारी, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष सौरभ साहू के साथ ही दीपांशु मिश्रा और हर्षित तिवारी सहित कई अन्य कार्यकर्ता शामिल हुए।
विजनवास में बिजली का खंभा झुका:मुख्य सड़क पर हादसे का खतरा, ग्रामीणों ने की कार्रवाई की मांग
मावली क्षेत्र के विजनवास गांव की मुख्य सड़क पर लगा एक बिजली का खंभा पूरी तरह झुक गया है। यह खंभा केवल पत्थरों के सहारे टिका हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसे समय रहते ठीक नहीं किया गया तो बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों, सुरेश, पृथ्वीराज, मांगीलाल, किशनलाल और मोहनलाल कई लोगों ने विरोध किया और बताया कि खंभा लगातार नीचे की ओर झुक रहा है। यह सड़क गांव का प्रमुख मार्ग है, जिससे प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन और राहगीर गुजरते हैं। खंभे के गिरने से जान-माल के नुकसान की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस समस्या के बारे में लाइनमैन और बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है। हालांकि, अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि किसी भी दुर्घटना से पहले खंभे को सीधा कर सुरक्षित किया जाए या नया खंभा लगाया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल, क्षेत्रवासी किसी अनहोनी की आशंका के बीच जीवन यापन कर रहे हैं।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रेत और गिट्टी का अवैध परिवहन कर रहे चार वाहनों को जब्त किया है। जब्त किए गए वाहनों में एक हाईवा और तीन ट्रैक्टर शामिल हैं। कलेक्टर ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि जिले में खनिजों से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध परिवहन करते हुए वाहनों को पकड़ा खनिज अधिकारी आदित्य मानकर ने बताया कि विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में गश्त कर रही है। इसी दौरान खंता, अन्डी और पीपरखूंटी क्षेत्रों से रेत एवं गिट्टी का अवैध परिवहन करते हुए इन वाहनों को पकड़ा गया। आने वाले दिनों में भी होती रहेगी कार्रवाई वाहन मालिकों के खिलाफ खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(1), (5) एवं 23 (क) के तहत कानूनी कार्रवाई की गई है। दोषियों से अर्थदंड और समझौते की राशि वसूल कर खनिज मद में जमा करा दी गई है। इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर और नगर सैनिक सतीश साहू एवं साहिब गनी शामिल थे। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की औचक कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में सीएम राइज स्कूल के प्राचार्य महेंद्र कुमार गुप्ता के घर हुई एक करोड़ के लगभग की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना बदरवास, रन्नौद और इंदार पुलिस की संयुक्त टीमों ने पारदी गैंग सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 4 लाख रुपए का माल और घटना में प्रयुक्त सफेद रंग की बोलेरो कार बरामद की गई है। जानकारी के अनुसार, 23 मई 2026 को बदरवास निवासी महेंद्र कुमार गुप्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर रात के समय उनके घर में घुसकर आधा किलो सोना, 4 किलो चांदी और 10 लाख रुपए नकद चोरी कर ले गए हैं। इस पर थाना बदरवास में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने 300 सीसीटीवी कैमरे खंगालेपुलिस अधीक्षक शिवपुरी यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी कोलारस संजय मिश्रा के मार्गदर्शन में विशेष टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने घटना स्थल से लेकर बदरवास, नेशनल हाईवे और गुना क्षेत्र के करीब 300 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन की पहचान की गई। जांच के दौरान बोलेरो ड्राइवर पुरुषोत्तम गुर्जर निवासी खेजरा अटारी, जिला अशोकनगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके बाद गुज्जर पारदी और मंगतराम पारदी को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि मनोज परिहार, शिवजीत यादव, शिवकुमार यादव और धीरज परिहार ने पारदी गिरोह से संपर्क कर उन्हें बदरवास बुलाया था तथा करीब डेढ़ माह तक प्राचार्य के मकान की रेकी कराई थी। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया। मात्र चार लाख का माल बरामदएसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। अभी तक करीब 4 लाख रुपए का माल बरामद किया गया है तथा शेष माल की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपी गुज्जर पारदी और पुरुषोत्तम गुर्जर शिवपुरी के सिंहनिवास गांव में हुई हरिजन थाना अशोकनगर के थाना प्रभारी के घर हुई चोरी की वारदात में भी शामिल रहे हैं। इस संबंध में कोतवाली थाना शिवपुरी में दर्ज केस में भी उनकी संलिप्तता पाई गई है। आधा किलो सोना और 4 किलो चांदी ले गए थेगौरतलब है कि प्राचार्य के घर से करीब आधा किलो सोना, 4 किलो चांदी और 10 लाख रुपए नकद चोरी होने की बात सामने आई थी। ऐसे में अब तक हुई बरामदगी चोरी गए कुल माल की तुलना में काफी कम मानी जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पारदी गिरोह से शेष माल की बरामदगी चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पूर्व में भी पारदी गैंग से जुड़े कई मामलों में चोरी का पूरा माल बरामद करने में पुलिस को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। पूरे मामले के खुलासे में थाना प्रभारी बदरवास उप निरीक्षक शिखा तिवारी, थाना प्रभारी रन्नौद अरविंद चौहान, थाना प्रभारी इंदार विवेक यादव सहित साइबर सेल और तीनों थानों की पुलिस टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। यह खबर भी पढ़ें… CM राइज स्कूल प्राचार्य के घर 1 करोड़ की चोरी चोरों ने बदरवास CM राइज स्कूल के प्राचार्य महेंद्र कुमार गुप्ता के घर को निशाना बनाते हुए करीब 1 करोड़ रुपए की चोरी की। आरोपी घर से सोने-चांदी के जेवर और कैश लेकर फरार हो गए। महेंद्र कुमार गुप्ता पत्नी के साथ घर में सो रहे थे। चोर किचन की खिड़की तोड़कर अंदर घुस गए। चोरों ने कमरे में रखी अलमारी को निशाना बनाया। पूरी खबर पढ़िए…
सागर के मोतीनगर थाना क्षेत्र के रविशंकर वार्ड में मंगलवार शाम युवक की पाइप-रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मारपीट करने वाले ममेरे भाई है। मृतक और आरोपियों के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। वारदात की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। शव का पंचनामा बनाकर मर्चुरी में रखवाया गया है। मौत होने तक लाठी-रॉड बरसाते रहे ममेरे भाईजानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम अतुल जडिया उम्र 40 साल निवासी रविशंकर वार्ड अपने घर के पास थे। इसी दौरान ममेरे भाइयों ने हमला कर दिया। उन्होंने पाइप-रॉड से बेरहमी से मारपीट की। विवाद होते देख आसपास के लोग बचाने के लिए पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को बीएमसी में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान अतुल जडिया की मौत हो गई। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह राजपूत ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि संपत्ति के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। करीब तीन संदिग्ध को हिरासत में लिया है। जिनसे पूछताछ की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अवैध बजरी के 3 डंपर जब्त:चार आरोपी गिरफ्तार, समदड़ी पुलिस की कार्रवाई
बालोतरा जिले की समदड़ी पुलिस ने अवैध बजरी खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन डम्पर जब्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सहायक उप निरीक्षक मोहनलाल ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, सुखड़ी नदी के बहाव क्षेत्र में स्थित गांव मजल में जेसीबी मशीन का उपयोग करके अवैध बजरी खनन किया जा रहा था और डम्परों में भरकर परिवहन हो रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां अवैध खनन कार्य जारी था। पुलिस को देखकर डम्पर चालक वाहन छोड़कर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर अवैध बजरी से भरे तीनों डम्परों को रोक लिया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गजेंसिंहपुरा निवासी राकेश, भेड़ निवासी रामचंद्र, नेतड़ा निवासी जितेंद्र और स्टेटस निवासी गिरिराज सिंह के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त किए गए डम्परों को समदड़ी पुलिस थाने में खड़ा किया गया है।
चूरू के पीडीयू मेडिकल कॉलेज के बेसमेंट पार्किंग में मंगलवार दोपहर छत का प्लास्टर टूटकर एक खड़ी कार पर गिर गया, जिससे कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि घटना के समय पार्किंग में कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा जनहानि हो सकती थी। इस घटना में कार का बोनट, आगे का शीशा और सनरूफ टूट गया। प्लास्टर में लगा एक सरिया सनरूफ में घुस गया, जिससे कार को काफी नुकसान हुआ। यह लग्जरी कार पैथोलॉजी विभाग की पीजी रेजिडेंट डॉ. अंकिता की थी। जानकारी के अनुसार पीडीयू मेडिकल कॉलेज का निर्माण वर्ष 2017-18 में हुआ था, लेकिन यह अभी तक पूरी तरह से हैंडओवर नहीं हुआ है। निर्माण कार्य एजेंसी एचएससीएल द्वारा कार्य अपूर्ण बताया जा रहा है। भवन निर्माण के आठ साल बाद भी संबंधित फर्म ने कॉलेज को पूर्णतया हैंडओवर नहीं किया है। कॉलेज भवन कई जगहों से क्षतिग्रस्त होने लगा है। बेसमेंट की छत के सरिये तक दिखने लगे हैं, जिसे देखकर लगता है कि यह किसी भी समय गिर सकती है। कॉलेज के बेसमेंट में हर समय दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं, जिससे भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। सांसद ने फर्म को हालत सुधारने के दिए थे निर्देशमेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. एमएम पुकार व मेडिकल सुप्रीडेंट डॉ. दीपक चौधरी ने बताया- कॉलेज प्रशासन के द्वारा समय-समय पर संबंधित फर्म को स्थिति से अवगत भी करवा दिया गया था। मगर इसके बाद भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। इसलिए अब जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधि इस ओर अपना ध्यान दें। कॉलेज भवन व नवनिर्मित अस्पताल भवन की व्यवस्थाओं को लेकर गत दिनों सांसद राहुल कस्वां ने भी अस्पताल प्रशासन व विभागीय अधिकारियों की बैठक ली थी। जिसमें उन्होंने संबंधित फर्म के अधिकारियों से चर्चाकर हालत सुधारने के निर्देश दिए थे।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में शादी कार्ड लेने के लिए युवक खरसिया था। जहां उसने एटीएम से रुपये निकाले, लेकिन तीन युवकों ने मिलकर उससे 35 हजार रुपये लूट लिए। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना के बाद मामले की सूचना पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामला खरसिया चौकी क्षेत्र का है। मिली जानकारी के मुताबिक सक्ती जिला के ग्राम सिंघरा का रहने वाला संजय सिंह सिदार 30 साल सोमवार को खरसिया चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि शुक्रवार को वह शादी कार्ड लेने व एचडीएफसी बैंक के एटीएम से रुपये निकालने खरसिया आया था। उसने एटीएम से 35 हजार रुपये निकाले और इसके बाद शराब भट्टी गया। तभी वहां उसकी मुलाकात खंतीपार पुरानी बस्ती में रहने वाले छोटू उर्फ विक्की चौहान 22 साल से हुई। जिसने मोटरसाइकिल में आगे तक छोड़ने की बात कही। तब संजय सिंह उसे अपनी मोटरसाइकिल में बैठाकर बंधवा तालाब स्थित पीपल पेड़ के पास पहुंचा। जहां पहले से मौजूद विक्की के साथी द्वारिका चौहान 24 साल व राहुल सिदार 19 साल मिले। तीनों ने मिलकर संजय को जान से मारने की धमकी दी और उसके पास रखे 35 हजार रुपये को लूटकर अटल आवास की ओर फरार हो गए। आरोपियों को हिरासत से लेकर पूछताछ कीघटना से डरे हुए प्रार्थी ने घर पहुंचकर परिजनों को पूरी जानकारी दी, जिसके बाद सोमवार को उसने खरसिया चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। जहां पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर आगे की जांच शुरू की। पुलिस ने पतासाजी करते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस टीम ने आरोपी छोटू उर्फ विक्की चौहान, द्वारिका चौहान व राहुल सिदार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने लूट की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। लूट के रुपये को शराब व अन्य खर्चों पर खर्च किए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लूटी गई 35 हजार रुपये में से 32 हजार 500 रुपये शराब और अन्य खर्चों में खर्च कर दिए गए हैं। आरोपियों के कब्जे से शेष 2 हजार 500 रुपये नगद व घटना से संबंधित दो मोबाइल फोन बरामद कर जप्त किए गए हैं। मामले में पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
मध्य प्रदेश के करीब 32 हजार संविदा स्वास्थ्यकर्मी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। आज से स्वास्थ्यकर्मी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। वहीं, 8 जून को वे मुख्यमंत्री निवास (CM हाउस) का घेराव भी कर सकते हैं। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ मध्य प्रदेश के बैनरतले यह हड़ताल की जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र भदौरिया और प्रदेश संयोजक विजय ठक्कर ने बताया कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के सुचारू संचालन एवं क्रियान्वयन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के 32 हजार कर्मचारी निष्ठापूर्ण अपनी सेवाएं देते आ रहे हैं। जिसके आधार पर राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया है, लेकिन कर्मचारियों के हितों को निरंतर अनदेखा किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में कर्मचारियो की मांगों पर सहमति भी, लेकिन एक साल बीतने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसलिए अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। इन मांगों को लेकर आंदोलन अब तक यह कर चुके25 मई से चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत हो चुकी है। 25 से 27 मई तक सभी जिलों में कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया था। 28-29 मई को सभी कलेक्टर, सीएमएचओ और बीएमओ को ज्ञापन सौंपे गए। 30 मई से 1 जून तक जनप्रतिनिधियों को अपनी पीड़ा से अवगत कराया गया। 2 जून से उन्होंने सभी कार्यों का बहिष्कार कर दिया। वहीं, 8 जून को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
हरियाणा स्वास्थ्य सेवाएं निदेशक डॉ. ब्रह्मदीप ने उपमंडल अस्पताल बवानीखेड़ा, उपमंडल अस्पताल तोशाम और चौधरी बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल, भिवानी का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. रघुवीर शांडिल्य भी उनके साथ मौजूद रहे। निरीक्षण के दौरान डॉ. ब्रह्मदीप ने अस्पताल परिसरों में साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं, भवनों की स्थिति और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के लिए निर्देश दिए। बवानीखेड़ा उपमंडल अस्पताल में एम्बुलेंस पार्किंग व्यवस्था असंतोषजनक पाई गई, जिसके बाद एम्बुलेंस को आपातकालीन विभाग के पास शेड के नीचे खड़ा करवाया गया। अस्पताल परिसर में संचालित निजी आधार सेवा केंद्र को अस्पताल से बाहर स्थानांतरित करने के आदेश दिए गए। कच्चे रास्ते को पक्का करवाने के निर्देश निदेशक ने अस्पताल परिसर की खाली पड़ी भूमि से एक माह के भीतर घास-फूस साफ करवाने, टूटी चारदीवारी की मरम्मत कराने और ब्लॉक हेल्थ पब्लिक यूनिट से मुख्य द्वार तक कच्चे रास्ते को पक्का करवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने बीपीएचयू भवन में डिस्प्ले बोर्ड व्यवस्थित रूप से लगाने, चिकित्सक कक्षों में बैठने की व्यवस्था सुधारने और प्रयोगशाला रिपोर्टों में असामान्य परिणामों को लाल निशान से चिन्हित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान एक नागरिक ने अस्पताल में रात्रिकालीन चिकित्सक की उपलब्धता की आवश्यकता भी उठाई, जिस पर संज्ञान लिया गया। एसएनओ को प्रतिदिन निरीक्षण रजिस्टर बनाए रखने और सभी भवनों का नियमित दौरा करने के निर्देश दिए गए। निदेशक ने पाया कि बीपीएचयू में बायोमेडिकल चार्ट सही ढंग से प्रदर्शित नहीं थे, जिसके लिए एक माह के भीतर सभी कर्मचारियों का प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आशा वर्करों को नहीं मिली वर्दी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में आशा कार्यकर्ता निर्धारित वर्दी में नहीं मिलीं, जिस पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उन्होंने सुमड़ा खेड़ा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर को सार्वजनिक स्थान पर स्थानांतरित करने, भवन की छत की सफाई कराने, मुख्य हॉल में रंग-रोगन करवाने तथा मातृत्व वार्ड में पीपीआईयूसीडी सेवाओं को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में जलभराव की समस्या, साफ-सफाई तथा आवारा पशुओं की समस्या पर भी गंभीरता से चर्चा की गई और संबंधित विभागों के सहयोग से निर्धारित समयावधि में समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। एसडीएच तोशाम के निरीक्षण में निदेशक ने कहा कि यह अस्पताल एनक्यूएएस प्रमाणन के लिए आदर्श संस्थान बन सकता है। उन्होंने फ्लोर मार्किंग, फायर एनओसी प्राप्त करने तथा बिजली की हॉटलाइन से जोड़ने संबंधी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे सुचारू रूप से कार्यरत पाए गए। डेंटल सर्जन की ड्यूटी लगाने के निर्देश उन्होंने चिकित्सक डॉ. विनोद पंवार की अनुपस्थिति में तीन दिन नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से किसी अन्य डेंटल सर्जन की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए l आपातकालीन विभाग भिवानी में व्यवस्था दुरुस्त पाई गई तथा एसएनएसपी महिला क्लीनिक में सभी तरह की जांच के लिए तथा महिलाओं की जांच के लिए महिला क्लिनिक में डॉक्टर्स की बैठने की अच्छी प्रकार से व्यवस्था करने के निर्देश दिए l डॉ. ब्रह्मदीप ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।
देवास जिले के पुंजापुरा क्षेत्र में खेत पर जाते समय ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को हुई जब भूरियापुरा निवासी 45 वर्षीय मिथुन पिता अमर सिंह अपने खेत बखरने के लिए जा रहे थे। जानकारी के अनुसार, रास्ते में एक घाटी पर उनका ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और खाई में जा गिरा। हादसे में मिथुन ट्रैक्टर की स्टीयरिंग के नीचे दब गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद किसान मिथुन को ट्रैक्टर के नीचे से बाहर निकाला गया। उन्हें गंभीर हालत में तुरंत पुंजापुरा अस्पताल ले जाया गया। पुंजापुरा में प्राथमिक उपचार के बाद मिथुन को बागली रेफर किया गया। हालांकि, बागली अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
ऑपरेशन म्यूल हंटर में 116 साइबर ठग गिरफ्तार:60 मामले दर्ज, 161 मोबाइल, 181 सिम, एटीएम जब्त
राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियान ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत भिवाड़ी और खैरथल-तिजारा पुलिस जिलों में एक बड़े साइबर अपराधी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस अभियान में कुल 116 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 161 मोबाइल, 181 सिम कार्ड, 7 एटीएम कार्ड, 5 चेक बुक, 3 पासबुक, 14,500 रुपए नकद और एक कार बरामद की है। यह अभियान 1 अप्रैल से 31 मई तक चलाया गया था। भिवाड़ी एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय के नेतृत्व में भिवाड़ी-खैरथल-तिजारा पुलिस ने इस दौरान कार्रवाई की। भिवाड़ी एसपी ने बताया- गिरफ्तार अपराधी विभिन्न फर्जी तरीकों से आम जनता को ठग रहे थे। इनमें फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से धोखाधड़ी, घर बैठे नौकरी के नाम पर पेन-पेंसिल कंपनियों में भर्ती का लालच, फर्जी इनकम टैक्स अधिकारी बनकर ब्लैकमेलिंग और सस्ते लैपटॉप बेचने का झांसा देना शामिल था। अभियान के दौरान भिवाड़ी, चौपानकी, टपूकड़ा, शेखपुर अहीर, तिजारा, जैरोली, किशनगढ़ बास, कोटकासिम, खैरथल और ततारपुर पुलिस थानों की टीमों ने संयुक्त कार्रवाई की। साइबर सेल की तकनीकी मदद से कुल 60 प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
बिलासपुर जिले के मस्तूरी जनपद पंचायत के दर्राभाठा गांव में तालाब और डबरी निर्माण के नाम पर हजारों पेड़-पौधों की कटाई का मामला कलेक्टर जनदर्शन तक पहुंच गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विकास कार्यों की आड़ में लगभग 6 से 7 हजार पेड़-पौधे काट दिए गए हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। दर्राभाठा निवासी देवसिंह सोनवानी ने कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि जिस वन भूमि पर करीब 12 वर्ष पहले अर्जुन के हजारों पौधे लगाए गए थे और जहां ग्रामीण कोसे का उत्पादन करते थे, उस पूरी कोसाबाड़ी को नष्ट कर दिया गया है। मनरेगा के तहत बन रहा तालाब ग्रामीणों के अनुसार महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जिस स्थान पर तालाब निर्माण कराया जा रहा है, वहां वर्षों से कोसाबाड़ी संचालित थी। इसके अलावा दो वर्ष पहले लगाए गए बड़ी संख्या में पौधे भी अब विकसित हो चुके थे। आरोप है कि ग्राम पंचायत के सरपंच, रोजगार सहायक और तकनीकी अमले ने स्थल का उचित परीक्षण किए बिना ही निर्माण कार्य स्वीकृत कर दिया और पेड़ों की कटाई शुरू करा दी। एनटीपीसी प्रदूषण के बीच हरियाली पर संकट शिकायतकर्ता ने प्रशासन को बताया कि गांव के समीप एनटीपीसी परियोजना संचालित है, जिससे राखड़ और प्रदूषण की समस्या पहले से बनी हुई है। ऐसे में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने वाले पेड़ों की कटाई से स्थिति और गंभीर हो सकती है। कलेक्टर ने जांच के दिए निर्देश मंगलवार को आयोजित जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने संबंधित विभागों को जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आवेदकों को आश्वस्त किया कि सभी मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाएगा। इस दौरान एडीएम शिवकुमार बनर्जी और संयुक्त कलेक्टर अभिषेक दीवान भी मौजूद रहे। जनदर्शन में उठे अन्य मुद्दे स्कूल के पास मुर्गी दुकान हटाने की मांग बिल्हा क्षेत्र के ग्रामीणों ने स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र के पास संचालित अंडा-मुर्गी दुकान को हटाने की मांग की। उनका कहना है कि दुकान से निकलने वाली गंदगी बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर डाल रही है। तालाब निर्माण स्थल पर अतिक्रमण की शिकायत ग्राम पंचायत कर्रा के सरपंच ने प्रस्तावित तालाब निर्माण स्थल पर अतिक्रमण का मामला उठाया। शिकायत के अनुसार शासकीय भूमि पर रामकिशुन नामक व्यक्ति ने तार फेंसिंग कर निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर दी है। दिव्यांग ने मांगी बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल सकरी तहसील क्षेत्र के साईं नगर निवासी 64 वर्षीय दिव्यांग शिव कुमार कुर्रे ने जनदर्शन में बैटरी संचालित ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने की मांग की। बिजली आपूर्ति और रास्ता अवरुद्ध होने की शिकायत ग्राम पंचायत घुटकू के ग्रामीणों ने लोनियापारा को वर्तमान फीडर से अलग कर घुटकू फीडर से जोड़ने की मांग रखी, ताकि बेहतर बिजली आपूर्ति मिल सके। वहीं ग्राम गोबंद निवासी बालमुकुंद गोंड़ ने अपनी भूमि के सामने निर्माण कर रास्ता बाधित किए जाने की शिकायत प्रशासन से की है।
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के बैरागढ़-साच पास-किलाड़ मार्ग पर में 29 मई शुक्रवार रात एक अर्टिगा कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई। हादसे में 2 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में छत्तीसगढ़ के भिलाई के एक परिवार के 4 लोग शामिल हैं। जिसमें पति बेंगलुरु के आईटी इंजीनियर अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची और दो बेटों दर्श और अक्षद हैं। अरविंद अपनी पत्नी अपने बच्चों के साथ बेंगलुरु में रहते थे, वहीं जॉब कर रहे थे। परिवार अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के बाद घूमने निकला था। वहीं, मृतकों के शव पांच दिन बाद मंगलवार को चार एंबुलेंसों में रायपुर से दुर्ग जिले के ग्राम कुथरेल पहुंचे। शवों के गांव पहुंचते ही वहां शोक का माहौल छा गया। ग्रामीण अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में उमड़ पड़े। दुर्ग राज चंद्राकर समाज के अध्यक्ष प्रदीप चंद्राकर ने बताया कि 2 जून की दोपहर करीब 3:30 बजे चारों शव रायपुर एयरपोर्ट से एंबुलेंस के जरिए गांव लाए गए। उन्होंने कहा कि गांव के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब एक ही परिवार के चार लोगों की अंतिम यात्रा एक साथ निकली। यह दृश्य देखकर गांव के लोग भावुक हो गए और पूरे इलाके में शोक का माहौल छा गया। अरविंद चंद्राकर के पिता श्यामलाल चंद्राकर भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से रिटायर कर्मचारी हैं। अरविंद ने अपनी पढ़ाई भिलाई में पूरी की थी। करीब 20 साल पहले आईटी क्षेत्र में नौकरी मिलने के बाद वे बेंगलुरु में रहने लगे थे। परिजनों ने बताया कि अरविंद पिछले करीब 20 वर्षों से सिस्को आईटी कंपनी में काम कर रहे थे। उनकी शादी को लगभग 15 साल हो चुके थे। उनके दो बेटे दर्श और अक्षद थे। अरविंद दो भाइयों में बड़े थे। उनके छोटे भाई रविंद्र चंद्राकर दल्ली राजहरा में एक नर्सिंग कॉलेज का संचालन करते हैं। अब जानिए पूरा मामला गर्मी की छुट्टियों में आए थे गांव, फिर निकल पड़े हिमाचल अरविंद चंद्राकर 1 मई को अपने परिवार के साथ गर्मी की छुट्टियां मनाने गृह ग्राम कुथरेल आए थे। यहां उन्होंने लगभग 15 दिन घरवालों के साथ बिताए और फिर वापस बेंगलुरु लौट गए। इसी दौरान उनके बच्चों को अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में हिस्सा लेना था। प्रतियोगिता के लिए बेंगलुरु से करीब 50 बच्चे ट्रेन के माध्यम से आगरा पहुंचे और वहां से बस द्वारा हिमाचल प्रदेश के डलहौजी गए। प्रतियोगिता खत्म होने के बाद अरविंद अपने परिवार और मित्र पी.जी. कार्तिघायन के परिवार के साथ हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और बर्फबारी देखने निकल पड़े। सुबह घूमने निकले, रात में खाई में समा गई कार जानकारी के अनुसार 29 मई को दोनों परिवार सुबह करीब 5 बजे डलहौजी से रवाना हुए थे। उन्होंने एक टैक्सी बुक की थी और साच पास क्षेत्र की ओर घूमने निकले थे। शुक्रवार रात करीब 11 बजे चंबा जिले के चुराह उपमंडल के कालावन क्षेत्र के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते कार सड़क से फिसलकर लगभग 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गहरी खाई में गिरने के कारण किसी भी यात्री को बचने का मौका नहीं मिला। जीपीएस लोकेशन से सामने आया हादसा देर रात तक टैक्सी के वापस नहीं लौटने पर वाहन मालिक को चिंता हुई। उसने वाहन की जीपीएस लोकेशन चेक की तो कार कालावन क्षेत्र के पास एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई दी। काफी देर तक कोई गतिविधि नहीं मिलने पर स्थानीय स्तर पर खोजबीन शुरू की गई। शनिवार दोपहर वाहन के खाई में गिरने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। दुर्गम पहाड़ियां बनीं चुनौती, ह्यूमन चेन से निकाले शव दुर्घटना स्थल बेहद दुर्गम था। खड़ी पहाड़ियों, गहरी खाई, पथरीले रास्तों और खराब मौसम के कारण राहत एवं बचाव कार्य में भारी दिक्कतें आईं। मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से समन्वय भी प्रभावित हुआ। शनिवार को शवों को निकालना संभव नहीं हो पाया। रविवार सुबह पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों ने संयुक्त अभियान शुरू किया। खाई की गहराई को देखते हुए लोगों ने ह्यूमन चेन बनाई और रस्सियों की मदद से एक-एक कर शवों को ऊपर पहुंचाया। कई घंटे तक चले अभियान के बाद सभी आठ शवों को बाहर निकाल लिया गया। इन आठ लोगों की हुई मौत हादसे में टैक्सी चालक विश्वास सल्होता निवासी बनीखेत (चंबा), अरविंद चंद्राकर, उनकी पत्नी प्राची, बेटे दर्श और अक्षद, पी.जी. कार्तिघायन, उनकी पत्नी मनीमाला तथा बेटे नंदन की मौत हुई है। ताइक्वांडो प्रतियोगिता में बच्चों की सफलता का जश्न मनाने निकले इन परिवारों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी। हिमाचल की खूबसूरत वादियों में हुआ यह हादसा अब कुथरेल और भिलाई के लोगों की स्मृतियों में एक ऐसी त्रासदी बन गया है, जिसे लंबे समय तक भुलाया नहीं जा सकेगा।
श्रीगंगानगर में साधुओं के वेश बनाकर दुकानदारों से ठगी को कोशिश की गई। पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों पंजाब के रहने वाले हैं। हालांकि दो आरोपी फरार होने में कामयाब रहे। जानकारी के अनुसार- रेलवे स्टेशन रोड पर चार व्यक्ति साधु के वेश में दुकान-दुकान जाकर लोगों को रुपए दोगुने करने का झांसा दे रहे थे। दो-तीन दुकानदारों ने 1 से 2 हजार रुपए तक उन्हें दे भी दिए थे। जब दुकानदारों को ठगी का शक हुआ तो उन्होंने कोतवाली थाना पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही ठगों में हड़कंप मच गया। दो आरोपी मौके से फरार हो गए। जबकि दो को पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों आरोपियों से कोतवाली थाने में पूछताछ की जा रही है। पंजाब के रहने वाले हैं आरोपी आरोपियों से प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि दोनों पंजाब के मलोट क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस इनके अन्य साथियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस ने स्थानीय दुकानदारों व व्यापारियों से अपील की है कि ऐसे किसी भी व्यक्ति को, जो साधु के वेश में रुपए दोगुने या तिगुने करने का लालच दे, तुरंत पुलिस को सूचित करें।

