इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही जिम्मेदार संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को त्वरित राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें…) प्रभारी दरोगा राकेश चौहान बने ‘स्टार ऑफिसर’ वार्ड 49 के निवासी मुस्किम ने कचरे से जुड़ी समस्या पोस्ट की थी। समस्या पोस्ट होने के बाद प्रभारी दरोगा राकेश चौहान ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने कचरा साफ कराया, जिससे श्रीनगर एक्सटेंशन के लोगों की समस्या का समाधान हुआ। इसकी पुष्टि स्टार ऑफिसर राकेश चौहान ने “भास्कर समाधान” पर खुद फोटो पोस्ट कर की है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान वार्ड 47: रोड की लेवलिंग का हुआ सुधार कार्य वार्ड 47 की निवासी चांदनी ने रोड को लेकर समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि बास्केटबॉल क्लब के सामने की सड़क काफी ऊपर-नीचे है। जिससे वाहनों का बैलेंस बिगड़ जाता है। मामले में वार्ड के पार्षद नंदकिशोर पहाड़िया ने संज्ञान लिया। रोड में आए गैप को भरवाया, जिससे लोगों की समस्या का समाधान हुआ।। जलभराव, टूटी सड़क और खुले चेंबर जैसी समस्याओं से जूझ रहे इंदौरवासी वार्ड 63: खुदी सड़क से फैल रहा कीचड़, फिसल रहे वाहन वार्ड 63 के निवासी आदित्य ने “भास्कर समाधान” पर समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा, जानकी नगर में राम मंदिर से टैलेंट स्कूल तक की अच्छी सड़क को सीवर लाइन के लिए खोद दिया गया था। काम पूरा होने के बाद भी सड़क का निर्माण नहीं कराया गया। जिसकी वजह से अब बारिश में वाहन फिसल रहे हैं। पैदल निकलना मुश्किल हो गया है। वार्ड 63: दुकान के सामने 15 दिन से खुदी पड़ी है सड़क वार्ड 63 के निवासी शैलेंद्र जैन ने रोड से जुड़ी समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि इंदिरा कॉम्प्लेक्स में दुकान के सामने की सड़क 15 दिनों से खुदी पड़ी है। कई बार शिकायत करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। इस स्थिति के कारण लोगों को आने-जाने और सामान को लाने-ले जाने में काफी परेशानी हो रही है। वार्ड 71: 311 पर की शिकायत, लेकिन नहीं लगी स्ट्रीट लाइट वार्ड 71 के निवासी अंकित कंसल ने “भास्कर समाधान” पर समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि कुछ महीने पहले खंभे पर लगी स्ट्रीट लाइट टूटकर गिर गई। जिसकी 311 एप पर शिकायत की गई थी। लेकिन, अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। स्ट्रीट लाइट न होने से पूरे क्षेत्र में अंधेरा छाया हुआ है। वार्ड 32: टूटी पड़ी है सिटी फॉरेस्ट की बाउंड्री वॉल वार्ड 32 के निवासी शैलेंद्र ठाकुर ने सिटी फॉरेस्ट से जुड़ी समस्या पोस्ट की। उन्होंने लिखा, कनकेश्वरी सिटी फॉरेस्ट की बाउंड्री वॉल टूटी पड़ी है। इसे अस्थायी रूप से टीन की चादरों से ढका गया था। वे भी आंधी आने के कारण गिर गईं, जिससे जानवरों के लिए खतरा बन गया है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने इलाके से जुड़ी सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह लोगों को अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। एप को यूजर्स के लिए सरल बनाया गया है और इसमें कई नए फीचर्स भी जोड़े गए हैं। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी भी अपडेट कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर सकेंगे। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। अधिकारी मैप पर शिकायत की लोकेशन देखकर कार्रवाई करेंगे और समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से इसकी जानकारी भी देंगे। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच लोगों को अपनी बात सीधे रखने और जिम्मेदार विभागों को त्वरित समाधान के लिए प्रेरित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है।
दक्षिण हरियाणा के रेल यात्रियों के लिए राहत की खबर है। उत्तर पश्चिम रेलवे ने मदार-रेवाड़ी-मदार स्पेशल रेलसेवा का 3 जुलाई से 15 जुलाई तक अस्थायी रूप से रोहतक तक विस्तार करने का फैसला किया है। इससे नारनौल, निजामपुर, अटेली, कुंड और रेवाड़ी क्षेत्र के यात्रियों को पहली बार इस अवधि में बिना ट्रेन बदले सीधे रोहतक पहुंचने की सुविधा मिलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09639 मदार-रोहतक स्पेशल प्रतिदिन सुबह 4:30 बजे मदार से रवाना होगी। यह किशनगढ़, फुलेरा, रींगस, नीमकाथाना, निजामपुर, नारनौल, अटेली और कुंड होते हुए सुबह 10:30 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। 20 मिनट रुकेगी यहां 20 मिनट के ठहराव के बाद सुबह 10:50 बजे रवाना होकर गोकलगढ़, पाल्हावास, झज्जर और अस्थल बोहर स्टेशनों से गुजरते हुए दोपहर 12:50 बजे रोहतक पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09640 रोहतक-मदार स्पेशल प्रतिदिन दोपहर 1:20 बजे रोहतक से रवाना होगी। मदार जाएगी ट्रेन झज्जर, पाल्हावास और गोकलगढ़ के रास्ते दोपहर 3:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। यहां 10 मिनट के ठहराव के बाद दोपहर 3:30 बजे रवाना होकर कुंड, अटेली, नारनौल, निजामपुर, डाबला, नीमकाथाना, रींगस, फुलेरा और किशनगढ़ होते हुए रात 10:35 बजे मदार पहुंचेगी। 15 जुलाई तक लागू रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था केवल 3 जुलाई से 15 जुलाई तक लागू रहेगी। इसके बाद 16 जुलाई से 31 जुलाई तक यह ट्रेन पहले की तरह केवल मदार-रेवाड़ी-मदार रूट पर ही संचालित होगी। झज्जर-रोहतक को भी फायदा इस अस्थायी विस्तार से रोहतक आने-जाने वाले विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों, मरीजों और व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें रेवाड़ी में ट्रेन बदलने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी और समय की भी बचत होगी। साथ ही इन दिनों के दौरान दक्षिण हरियाणा का झज्जर और रोहतक से रेल संपर्क भी पहले की तुलना में बेहतर हो जाएगा।
MP के 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश:खंडवा-हरदा में आज रेड अलर्ट; 19 जिलों में हैवी रेन का अनुमान
मध्य प्रदेश में 9 दिन लेट आया मानसून नौ दिन में ही पूरे प्रदेश में छा गया। गुरुवार को बाकी बचे उज्जैन, ग्वालियर और चंबल संभाग के जिलों में मानसून की एंट्री हो गई। हालांकि, प्रदेश के अब तक 38 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। वहीं, भोपाल, इंदौर और देवास में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, अब पूरे प्रदेश में बारिश का दौर जारी रहेगा। शुक्रवार को खंडवा और हरदा में अति भारी बारिश का रेड अलर्ट है, जबकि धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में अति भारी बारिश हो सकती है। अगले 24 घंटे में यहां 4 से 8 इंच तक पानी गिरने का अनुमान है। वहीं, रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश का अनुमान है। आलीराजपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, इंदौर, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, जबलपुर, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, कटनी, शहडोल और मंडला में भी आंधी-बारिश जारी रहेगी। सीजन में पहली बार आज रेड अलर्टमौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 4 दिन यानी, 6 जुलाई तक अति भारी या भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पहली बार अगले 2 दिन तक रेड अलर्ट है। सीजन में पहली बार यह चेतावनी जारी की गई है। भोपाल समेत 15 से ज्यादा जिलों में पानी गिरागुरुवार को भोपाल समेत 15 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश हुई। आंधी-बारिश के बीच सतना में महारानी लक्ष्मी बाई गर्ल्स स्कूल में एक बड़ा पेड़ गिर गया। 2 युवतियां मलबे में दब गई। एक बाइक और बाउंड्री के किनारे लगा स्ट्रीट फूड का ठेला भी पेड़ और मलबे की चपेट में आ गया। मानसून ने गुरुवार को पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया। पांढुर्णा, सीहोर, रतलाम, ग्वालियर, रीवा और दमोह में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। दमोह में नदी-नाले ऊफान पर हैं। कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून को हुई थी। इस तरह मानसून ने 9 दिनों में पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर लिया। हालांकि, इस बार मानसून निर्धारित समय से करीब 9 दिन देरी से पहुंचा। सामान्य तौर पर यह 15 जून तक प्रदेश में दस्तक दे देता है। गुरुवार को मौसम से जुड़ी तस्वीरें देखिए… प्रदेश में अब तक 23% बारिश कमप्रदेश में इस बार पूरे जून महीने आंधी-बारिश का दौर रहा। वहीं, 2 जुलाई को भी कई जिलों में तेज पानी बरसा। इसके चलते अब तक कुल 113.1 मिमी यानी, 4.5 इंच पानी गिर चुका है। हालांकि, ये सामान्य बारिश 147.7 मिमी (5.9 इंच) से 23 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में 48 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में सिर्फ 1 प्रतिशत कम बारिश हुई है। जून में कम, अब जुलाई से उम्मीदमौसम विभाग के अनुसार, जून में कम बारिश हुई है, लेकिन जुलाई से काफी उम्मीदें हैं। इस महीने पूरे मानसून की एक तिहाई बारिश का ट्रेंड है। जैसे- भोपाल में 39 इंच सामान्य बारिश है तो 14 इंच बारिश जुलाई में होती है। बड़े शहरों में जबलपुर ही ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा 17 इंच से ज्यादा बारिश होती है। जुलाई के महीने में ही प्रदेश में कोटे की 40 प्रतिशत तक बारिश होती है। प्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंचप्रदेश की सामान्य बारिश 37.3 इंच है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जिले की सामान्य बारिश 38 से 39 इंच तक है। इन जिलों में सामान्य से कम/ज्यादा बारिश मैप से समझें, 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम जुलाई में MP के 5 बड़े शहरों में ऐसा ट्रेंड इंदौर में 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश का रिकॉर्डइंदौर की बात करें तो 24 घंटे में 11.5 इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जो 27 जुलाई 1913 में हुई थी। वर्ष 1973 को पूरे महीने 30.5 इंच पानी गिरा था। बारिश के चलते यहां भी तापमान में गिरावट देखने को मिलती है। इंदौर में महीने की एवरेज बारिश 12 इंच है। एवरेज 13 दिन यहां बारिश होती है। भोपाल में 41 इंच बारिश का रिकॉर्डराजधानी भोपाल में जुलाई में खूब बारिश होती है। यहां एक ही महीने में 1031.4 मिमी यानी 41 इंच के करीब बारिश होने का रिकॉर्ड है। यह साल 1986 को हुई थी। 22 जुलाई 1973 को एक ही दिन में 11 इंच बारिश हुई थी, जो अब तक का रिकॉर्ड है। भोपाल में बारिश के दिनों की बात करें तो जुलाई महीने में एवरेज 15 दिन बारिश होती है। यानी, हर दूसरे दिन पानी बरसता है। महीने की एवरेज बारिश 367.7 मिमी यानी 14.4 इंच है। बारिश के चलते दिन का तापमान 30 और रात में पारा 25 डिग्री से कम रहता है। जबलपुर में सबसे ज्यादा बारिश होने का रिकॉर्डचारों बड़े शहरों में जबलपुर ऐसा है, जहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। वर्ष 1930 में करीब 45 इंच पानी बरसा था, जबकि 30 जुलाई 1915 को 24 घंटे की सर्वाधिक 13.5 इंच बारिश हुई थी। पिछले साल जुलाई में 13 इंच से ज्यादा बारिश हुई थी। 2013 और 2016 में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई थी। जबलपुर में जुलाई की सामान्य बारिश 17 इंच है। महीने में 15 से 16 दिन पानी बरसता है। ग्वालियर में 6 बार 8 इंच से कम बारिशभोपाल, इंदौर और जबलपुर की तुलना में ग्वालियर में सबसे कम बारिश होती है। पिछले 10 साल में 6 बार ऐसा हुआ, जब 8 इंच से कम पानी गिरा हो, जबकि यहां की एवरेज बारिश 9 इंच के करीब है। ग्वालियर में वर्ष 1935 में महीने की सबसे ज्यादा बारिश हुई थी। तब 623.3 मिमी यानी 24.5 इंच बारिश दर्ज की गई थी। 24 घंटे में सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो 12 जुलाई 2015 में 190.6 मिमी यानी साढ़े 7 इंच पानी बरसा था। ग्वालियर में जुलाई के महीने में एवरेज 11 दिन बारिश होती है। उज्जैन में जमकर होती है बारिशप्रदेश के अन्य शहरों की तरह उज्जैन में भी जुलाई में जमकर बारिश होती है। कोटे की करीब 40 प्रतिशत बारिश इसी महीने हो जाती है।
मध्य प्रदेश में गुरुवार को भोपाल समेत 11 जिलों में तेज बारिश हुई। सतना और झाबुआ में बारिश के दौरान बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। गर्ल्स स्कूल परिसर में पेड़ गिरने से 2 युवतियां घायल हो गईं। दमोह के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। यूपी के शामली में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पहली बारिश में ही गड्ढे हो गए। मुजफ्फरनगर में तेज बारिश के बीच बाजार में सड़क सात फीट धंस गई। सोनभद्र में नाले के तेज बहाव में मां और 8 महीने की बेटी बह गईं। बलिया और फतेहपुर में आकाशीय बिजली गिरने से एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं बिहार के पटना में भी बिजली गिरन से दो लोगों की मौत हो गई है। महाराष्ट्र के मुंबई में तेज बारिश के बीच गुरुवार को साकीनाका इलाके में एक शख्स की खुले मैनहोल में गिरने से मौत हो गई। ठाणे में पानी में करंट फैलने के बाद 17 साल की लड़की की मौत हो गई। उत्तराखंड में रुद्रप्रयाग, चमोली समेत कई जिलों में भूस्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ हाईवे पर लगातार पत्थर गिर रहे हैं। सुरक्षा के चलते केदारनाथ यात्रा फिलहाल रोक दी गई है। मानसून ने गुरुवार को 7 दिन की देरी से राजस्थान और 5 दिन की देरी से दिल्ली में एंट्री ली। दिल्ली में आज सुबह से ही तेज बारिश हो रही है। राजस्थान के जयपुर-दौसा समेत 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है। मानसून 5 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर सकता है… देशभर से बारिश की 2 तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 4 जुलाई: 5 जुलाई:
दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को वोटिंग होगी। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद दतिया में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस में जहां टिकट के लिए उम्मीदवारों के बीच आंतरिक रेस चल रही है। वहीं बीजेपी से पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और आजाद समाज पार्टी (ASP) से दामोदर यादव के नाम पार्टी में सिंगल दावेदारों में शामिल हैं। दतिया विधानसभा सीट पर चुनाव जीत हार में दो समाज सबसे ज्यादा हैं ब्राह्मण और जाटव। समाज के बराबर-बराबर और सबसे ज्यादा वोटर हैं। ओबीसी वर्ग ही दतिया सीट पर आधे से ज्यादा यानी 53% के करीब है। मतदाताओं के अनुमानित आंकड़ों से पता चलता है कि दतिया में सबसे बड़ा वोट बैंक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का है। इसके बाद सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति के मतदाता आते हैं। हालांकि चुनावी रणनीतिकारों का मानना है कि केवल किसी एक वर्ग के सहारे जीत संभव नहीं है, बल्कि ब्राह्मण, अहिरवार, यादव, कुशवाहा, लोधी और मुस्लिम वोट जिस तरफ जाएंगे वही से जीत-हार तय होगी। पिछले चुनावों में भी मुकाबला बेहद करीबी रहा है और 2023 में कांग्रेस ने भाजपा को 7,742 वोटों से हराया था। सबसे बड़ा वोट बैंक ओबीसी अनुमान के अनुसार दतिया विधानसभा में ओबीसी मतदाताओं की संख्या करीब 95 हजार है, जो कुल मतदाताओं का सबसे बड़ा हिस्सा है। इस वर्ग में यादव और कुशवाहा-काछी लगभग 16-17 हजार-16-17 हजार, लोधी करीब 15 हजार, बघेल-पाल लगभग 10 हजार तथा अन्य ओबीसी मिलाकर करीब 20 हजार मतदाता हैं। इसलिए कोई भी दल ओबीसी में बढ़त बनाए बिना चुनावी बढ़त हासिल करना मुश्किल मानता है। अहिरवार और ब्राह्मण सबसे प्रभावशाली एकल जातियां जातिवार आंकड़ों के मुताबिक दतिया में दो सबसे बड़ी एकल जातियां ब्राह्मण और अहिरवार/चमार हैं। दोनों की अनुमानित संख्या करीब 33-33 हजार है। भाजपा परंपरागत रूप से ब्राह्मण मतदाताओं में मजबूत मानी जाती रही है, जबकि कांग्रेस का प्रभाव अनुसूचित जाति, विशेषकर अहिरवार समाज में रहा है। ऐसे में इन दोनों वर्गों का रुझान पूरे चुनाव की दिशा बदल सकता है। सामान्य वर्ग भी निर्णायक सामान्य वर्ग के मतदाताओं की अनुमानित संख्या करीब 60 हजार है। इनमें ब्राह्मण सबसे अधिक हैं। इसके अलावा बनिया, राजपूत, कायस्थ और सिंधी समाज भी प्रभावशाली संख्या में मौजूद हैं। यदि सामान्य वर्ग का वोट किसी एक दल के पक्ष में एकजुट होता है तो मुकाबला एकतरफा भी हो सकता है। अनुसूचित जाति का बड़ा असर अनुसूचित जाति के मतदाता करीब 58 हजार माने जा रहे हैं। इनमें अकेले अहिरवार समाज का हिस्सा सबसे बड़ा है। इसके अलावा खटीक, वाल्मीकि, कोरी और जाटव समाज भी कई बूथों पर चुनावी नतीजे प्रभावित करने की स्थिति में हैं। मुस्लिम वोट भी अहम मुस्लिम मतदाताओं की अनुमानित संख्या करीब 8 हजार है। संख्या भले बहुत बड़ी नहीं हो, लेकिन कांटे के मुकाबले में यह वोट बैंक किसी भी उम्मीदवार के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। कांग्रेस में केंडिडेट की रेस दतिया सीट के कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती के अयोग्य ठहराए जाने के बाद उपचुनाव के लिए कांग्रेस में केंडिडेट के लिए घमासान छिड़ा हुआ है। राजेन्द्र भारती अपने बेटे अनुज को टिकट दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं। वहीं 2023 के चुनाव के पहले बीजेपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए पाठ्यपुस्तक निगम के पूर्व उपाध्यक्ष अवधेश नायक भी टिकट के लिए दमखम लगा रहे हैं। 2023 में कांग्रेस ने पहले अवधेश नायक को उम्मीदवार घोषित कर दिया था लेकिन राजेन्द्र भारती के समर्थकों के विरोध के बाद कांग्रेस ने अवधेश की जगह राजेन्द्र भारती को चुनाव में उतारा था। अब अवधेश अपने त्याग के बदले टिकट मांग रहे हैं। दतिया के पूर्व विधायक घनश्याम सिंह का नाम भी दावेदारों की रेस में शामिल है। ये खबर भी पढ़ें… दतिया विधानसभा उपचुनाव-30 जुलाई को वोटिंग, 3 अगस्त को नतीजे चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा उपचुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। उपचुनाव की अधिसूचना 6 जुलाई को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई, नामांकन पत्रों की जांच 14 जुलाई और नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 16 जुलाई निर्धारित की गई है। इसके बाद 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी। निर्वाचन प्रक्रिया 4 अगस्त तक पूरी कर ली जाएगी।पूरी खबर पढ़ें
एक शादी... फिर दूसरा रिश्ता... उसके बाद लिव-इन। 11 साल पहले सात फेरे लेकर नई जिंदगी शुरू की। दो बच्चों की मां बनी, लेकिन वक्त के साथ रिश्ते बदलते चले गए। पहले पति से अलग होकर उसने उसी के दोस्त का हाथ थाम लिया। वहां भी रिश्ता नहीं टिक पाया तो दूसरे पति के रिश्तेदार के साथ लिव-इन में रहने लगी। तीन रिश्तों के उलझे इस सफर का अंत आखिरकार एक बंद कमरे में गला दबाकर हुई हत्या के साथ हुआ। यह फिल्मी कहानी ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र के आरा मिल में रहने वाली 30 साल की आरती की है, जिसकी 1 जुलाई को गला दबाकर हत्या की गई। मामले में कई खुलासे हुए हैं। रिश्तों के उलझे जाल में खत्म हुई आरती की जिंदगी आरती की हत्या की गुत्थी अब उसके निजी रिश्तों के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीन के साथ रिश्तों ने विवादों को लगातार बढ़ाया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुख्य आरोपी के रूप में दूसरे पति धर्मेंद्र की तलाश की जा रही है, जबकि उसके रिश्तेदार संजू से पूछताछ जारी है। पहले पति के दोस्त से हुआ प्रेम, फिर बदल गई जिंदगी कैलारस के गांव गूढ़ बहरारा के रहने वाले आरती के पिता दर्शनलाल धाकड़ के अनुसार, आरती की शादी 21 अप्रैल 2015 को शिवपुरी के गांव बिचपुरी के निवासी अतर सिंह के साथ हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। परिवार सामान्य रूप से चल रहा था, लेकिन इसी दौरान अतरसिंह की दोस्ती धर्मेंद्र से हुई। घर आना-जाना बढ़ा तो धर्मेंद्र और आरती के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। परिजनों का आरोप है कि इसी बात को लेकर अतर सिंह और धर्मेंद्र के बीच विवाद हुआ और मारपीट भी हुई। इसके बाद करीब तीन साल पहले आरती ने अतर सिंह का साथ छोड़कर धर्मेंद्र के साथ रहना शुरू कर दिया। उसने अपने दस्तावेजों में भी पति के स्थान पर धर्मेंद्र का नाम दर्ज करा लिया। दूसरे रिश्ते में भी विवाद, फिर लिव-इन में रहने लगी कुछ समय बाद आरती और धर्मेंद्र के संबंधों में भी तनाव बढ़ने लगा। इसी दौरान धर्मेंद्र के फुफेरे भाई संजू से उसकी पहचान हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। विवाद बढ़ने पर करीब दो महीने पहले आरती अपने दोनों बच्चों के साथ संजू के पास आरा मिल क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी। आरती और संजू दोनों ई-रिक्शा चलाकर अपना और बच्चों का खर्च चलाते थे। परिजनों के अनुसार, आरती अपने बच्चों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य के लिए लगातार मेहनत कर रही थी। हत्या से पहले भाई को किया था आखिरी फोन परिजनों के मुताबिक घटना वाले दिन आरती ई-रिक्शा चलाकर लौटी थी और वाहन मालिक को किराया देने के बाद धर्मेंद्र वहां पहुंच गया। तीनों के बीच विवाद हुआ। आरती के भाई ने बताया कि इससे पहले रेलवे स्टेशन पर भी तीनों के बीच कहासुनी हुई थी। बाद में वे साथ घर लौटे। आरोप है कि घर पहुंचने के बाद शराब पीने के दौरान फिर विवाद हुआ। इसी बीच आरती ने भाई को फोन कर बताया था कि धर्मेंद्र लगातार धमकी दे रहा है कि यदि वह उसके साथ नहीं रही तो वह संजू या उसे जान से मार देगा। परिजनों का आरोप- दोनों ने मिलकर की हत्या परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र और संजू ने मिलकर आरती की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। सूचना मिलने पर हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और हत्या का मामला दर्ज कर लिया। संजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि धर्मेंद्र फरार है। पोस्टमार्टम में गला दबाने से मौत की पुष्टि पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरती के तीनों रिश्तों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। सीसीटीवी में दिखा संदिग्ध, तलाश तेज घटना के बाद क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी पुलिस के हाथ लगी है। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति घटनास्थल से निकलता दिखाई दिया है। पुलिस उसके मूवमेंट को ट्रैक कर रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। दो बच्चों के लिए संघर्ष करती रही आरती परिजनों का कहना है कि आरती अपने दोनों बच्चों से बेहद प्यार करती थी। पहले पति से अलग होने के बाद भी उसने बच्चों को अपने साथ रखा और ई-रिक्शा चलाकर उनका पालन-पोषण कर रही थी। वह बच्चों को अच्छी शिक्षा देकर उनका भविष्य संवारना चाहती थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी जिंदगी दर्दनाक अंत तक पहुंच गई। ये खबर भी पढ़ें… चरित्र शंका में पत्नी की गला घोंटकर की हत्या ग्वालियर शहर के हजीरा थाना क्षेत्र स्थित आरा मिल इलाके में बुधवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां पति ने अपनी 33 वर्षीय पत्नी की कथित तौर पर गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
अब चंडीगढ़ में लड़कियों और महिलाओं से छेड़छाड़ करने वालों की खैर नहीं। चंडीगढ़ पुलिस के 'स्वयम्' सेल्फ डिफेंस अभियान के तहत 215 लड़कियों और महिलाओं को अपनी सुरक्षा करने के गुर सिखाए गए। सेक्टर-26 स्थित पुलिस लाइन में हुए इस प्रशिक्षण में लड़कियों और महिलाओं को आत्मरक्षा के आसान तरीके सिखाए गए। समापन समारोह में उन्होंने मंच पर इन तकनीकों का प्रदर्शन भी किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं चंडीगढ़ की एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि महिलाओं को कमजोर समझने वालों को अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा का प्रशिक्षण सिर्फ खतरे से बचना नहीं सिखाता, बल्कि महिलाओं में आत्मविश्वास, साहस और मुश्किल समय में सही फैसला लेने की क्षमता भी बढ़ाता है। दो चरणों में चला प्रशिक्षण चंडीगढ़ पुलिस की 'स्वयम्' टीम ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान यह प्रशिक्षण शिविर दो चरणों में आयोजित किया। पहला बैच 1 जून से 15 जून और दूसरा 16 जून से 30 जून 2026 तक चला। दोनों बैचों में कुल 215 लड़कियों और महिलाओं ने हिस्सा लेकर आत्मरक्षा के तरीके सीखे। समापन समारोह में लड़कियों और महिलाओं ने मंच पर आत्मरक्षा के गुर दिखाए। उन्होंने बताया कि अगर कोई छेड़छाड़ करे या हमला करने की कोशिश करे, तो उससे कैसे बचा जा सकता है। उनके प्रदर्शन की सभी ने सराहना की। हर महिला को आत्मरक्षा सीखनी चाहिए एसएसपी कंवरदीप कौर ने कहा कि आज के समय में हर लड़की और महिला को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए। इससे वह न केवल अपनी सुरक्षा कर सकती है, बल्कि किसी भी कठिन परिस्थिति का आत्मविश्वास के साथ सामना भी कर सकती है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पुलिस महिलाओं की सुरक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहती है। शहर में लगातार गश्त, महिला सुरक्षा अभियान और जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। आने वाले समय में भी ऐसे प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।
हरियाणा बिजली निगम के 5 हजार से ज्यादा कर्मचारी मंत्री अनिल विज का आवास घेरने अंबाला कैंट पहुंच गए। सड़क से लेकर मंत्री विज के आवास तक करीब एक किलोमीटर तक कर्मचारी ही कर्मचारी दिखाई दे रहे थे, जिससे दो स्टेट हाईवे जाम हो गए। इसी दौरान उस वक्त दिलचस्प नजारा बन गया, जब मंत्री खुद ही अपने खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगवाने लगे। अपने घर के बाद जुटे कर्मचारियों से बोले- आप मेरे मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। एक बार दोबारा लगाओ, मजा आ रहा। इससे पहले जब कर्मचारी मंत्री के घर की तरफ पैदल मार्च कर रहे थे, तभी विज का काफिला उनके पास से गुजरा। मंत्री ने गाड़ी रुकवाई और नीचे उतरकर पैदल चलने लगे। इस दौरान कर्मचारी सरकार और मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। साथ ही हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है, कह रहे थे। इस पर मंत्री बोले- हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है और अनिल विज तुम्हारा है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सामने आया है। हालांकि, विज ने इसके बाद ज्ञापन लेकर कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि जल्द इन मांगों को लेकर यूनियन और अफसरों की बैठक करवाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह बैठक कुछ दिन बाद ही होगी, क्योंकि अभी उनका भाई पीजीआई चंडीगढ़ में दाखिल हैं। बिजली कर्मचारियों के प्रदर्शन की कुछ PHOTOS… यहां जानिए क्यों सड़कों पर उतरे पांच हजार बिजली कर्मचारी हरियाणा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड वर्कर्ज यूनियन के राज्य प्रधान इकबाल चंदाना ने बताया कि यह प्रदर्शन सरकार की नीतियों के खिलाफ था। उनकी मांग है कि पुरानी पेंशन बहाल की जाए। जोखिम भत्ता (रिस्क अलाउंस) सभी कर्मचारियों को दिया जाए। जो कर्मचारी अपने घर से दूर काम कर रहे हैं, उनको होम सर्कल की सुविधा मिलें। ऑनलाइन ट्रांसफर नीति समाप्त की जाए। इसके अलावा एचआरएन के साथियों को समान काम, समान वेतन की फैसिलिटी मिले। इन साथियों को पक्का भी किया जाए। इंटर यूटिलिटी की सुविधा लागू की जाए। यूनियन की चेतावनी है कि यदि लंबित मांगें जल्द पूरी नहीं की गईं, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। अब कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा लेना सरकार को भारी पड़ेगा। राज्य उपप्रधान राजकुमार सहला ने बताया कि यदि मांगें न मानी तो 20 अगस्त को चंडीगढ़ में सीएम आवास का घेराव करेंगे। इसके बाद भी अगर मांगें नहीं मानी तो 29 व 30 सितंबर को दो दिन की राज्यव्यापी हड़ताल की जाएगी। अब जानिए गुरुवार को अंबाला प्रदर्शन में क्या हुआ… कर्मियों की एक किलोमीटर लंबी कतार से दो हाइवे जाम : एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष इकबाल चंदाना ने बताया कि कर्मचारी कैंट के इंदिरा पार्क में जुटे। उसके बाद मंत्री का निवास घेरने चले। कर्मचारियों की करीब एक किलोमीटर लंबी कतार की वजह से अम्बाला-साहा और अम्बाला-दिल्ली हाइवे पर जाम लग गया। मंत्री को ज्ञापन देने पर अड़े कर्मचारी : आंदोलनरत कर्मी मंत्री विज के शास्त्री कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचे और ज्ञापन देने की मांग पर अड़ गए। शाम 7:20 बजे मंत्री विज पहुंचे तो यूनियन ने ज्ञापन दिया। करीब 7:30 बजे प्रदर्शन खत्म किया। इस दौरान मंत्री विज और कर्मचारियों में बातचीत भी हुई। अनिल विज: मैं 10-15 दिन के बाद का टाइम दे सकता हूं।कर्मचारी (नारेबाजी करते हुए) : मंजूर है, मंजूर है। अनिल विज: तुम्हारी चिट्ठी आ जाएगी। 10-15 बंदे जिन पर तुम लोगों को भरोसा हो।कर्मचारी: वार्ता समिति है हमारी। अनिल विज: ठीक है जी। दफ्तर में बैठकर बात करेंगे ना?कर्मचारी: पहले भी तो मीटिंग ली थी? अनिल विज: आप आ जाना, सारे अफसर बैठा दूंगा। एक-एक पॉइंट पर बात कर लेंगे। जो हो सकते होंगे, पक्का करेंगे।कर्मचारी: धन्यवाद। इसके बाद मंत्री विज दोबारा माइक संभालते है। अनिल विज: एक बार मेरे आने से पहले जो मुर्दाबाद वाले, दूसरे वाले नारे लगा रहे थे, वो लगा दो। मजा आ जाएगा।कर्मचारी: हर जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है… का नारा लगाते है। अनिल विज: आप कह रहे हो जोर जुल्म की टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है…, लो अनिल विज तुम्हारा है।
दिल्ली की स्पोर्ट्स कंपनी के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से सरकारी अधिकारी बताकर 3.50 करोड़ रुपए की ठगने करने के मामले पंचकूला नगर निगम के जेई रोहित सैनी को अरेस्ट किया गया है। करनाल निवासी रोहित, इस केस के मुख्य आरोपी एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के बेलदार मोहित सैनी का भाई है। क्राइम ब्रांच ने उसे आठ दिन के रिमांड पर लिया हुआ है। शुरुआती पूछताछ में रोहित ने खुलासा किया कि इस पूरे केस का मास्टरमाइंड उसका भाई मोहित सैनी ही है। उसके खाते में तो बस 4 लाख रुपए ही आए थे। बाकी के पैसे मोहित के पास ही हैं। यह भी बताया कि मोहित सैनी ने ही खुद को हरियाणा खेल विभाग में ऑब्जर्वर बताकर डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से संपर्क किया था। ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ फोटो भी दिखाए थे। पुलिस के मुताबिक, मोहित की पत्नी नेहा पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर है, जबकि उनका तीसरा भाई पार्षद रह चुका है। उनकी मां भी पुलिस महकमे में है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में हर उस शख्स तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिसके खाते में रुपया आया है। मास्टरमाइंड मोहित की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास जारी है। पहले वो पेमेंट, जिसके नाम पर स्पोर्टस कंपनी से हुआ फ्रॉड….. कैसे पुलिस के चंगुल में फंसे ठग, दो पॉइंट में जानिए… अब जानिए फ्रॉड के सूत्रधार और उनके परिवार के बारे में… -------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा में स्पोर्ट्स कंपनी डायरेक्टर से ₹3.50 करोड़ हड़पे:ओलिंपिक एसोसिएशन में अटकी थी पेमेंट, रिलीज करवाने के लालच में बना शिकार खेल सामग्री बनाने वाली कंपनी शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले एक गिरोह ने करीब 3.50 करोड़ रुपए की ठग लिए।मामले में पंचकूला सेक्टर-20 थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच क्राइम ब्रांच सेक्टर-26 को सौंप दी है। (पूरी खबर पढ़ें)
श्री अमरनाथ की पवित्र यात्रा आज यानि 3 जुलाई से विधिवत रूप से शुरू होने जा रही है। भोले के भक्तों के स्वागत और उनकी सुविधा के लिए पठानकोट पुलिस, सिविल प्रशासन और विभिन्न धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं ने अपनी कमर कस ली है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के लिए जालंधर-जम्मू नेशनल हाईवे पर नंगलभूर से लेकर सुजानपुर-माधोपुर तक विशेष इंतजाम किए गए हैं। इस पूरे रूट पर 5 प्रमुख जगहों पर 24 घंटे लंगर (भंडारे), मेडिकल कैंप, शौचालय और विश्राम की उत्तम व्यवस्था की गई है। अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा और सेवा को ध्यान में रखते हुए हाईवे पर पंजाब पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों (पैरामिलिट्री फोर्स) के जवानों को भी तैनात कर दिया गया है। 2 लंगरों की शुरूआत, 3 में 5 जुलाई से मिलेगी खाने-ठहरने की सुविधाश्रद्धालुओं की सेवा के लिए स्थानीय संस्थाएं बढ़-चढ़कर आगे आ रही हैं। जय शिव दीप सेवा सोसायटी, अमृतसर और अमरनाथ बर्फानी काली माता मंदिर समिति की ओर से लंगरों की शुरूआत कर दी गई है। जबकि, श्री हर-हर महादेव सेवा सोसायटी, युवा एकता क्लब और जय बाबा श्री अमरनाथ सेवा समिति की ओर से 3 से 5 जुलाई से लंगर शुरू कर दिए जाएंगे। जहां शिव भक्तों को रहने, खाने के साथ-साथ मेडिकल सुविधा भी मिलेगी। जय शिव दीप सेवा सोसायटी, अमृतसर के प्रधान संजीव कुमार ने कहा कि भंडारा शुरू कर दिया है। शिवभक्तों का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। मिर्जापुर में कैबिनेट मंत्री करेंगे लंगर की शुरूआत'श्री हर-हर महादेव सेवा सोसायटी' द्वारा जम्मू-नेशनल हाईवे पर स्थित पुल नंबर-4 सुजानपुर में विशेष व्यवस्था की गई है। सोसायटी के प्रधान रूपेश महाजन ने बताया कि इस बार संस्था द्वारा 22वां विशाल भंडारा लगाया जा रहा है। 5 जुलाई को विशेष पूजा-अर्चना के बाद इस भंडारे का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस भंडारा स्थल पर न केवल 24 घंटे भोजन की व्यवस्था होगी, बल्कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीम और दवाइयां भी उपलब्ध रहेंगी। इसके साथ ही, सुजानपुर में करीब 100 श्रद्धालुओं के रात में ठहरने के लिए एक भव्य सराय भी तैयार की गई है, ताकि लंबी यात्रा से थके भक्तों को किसी तरह की परेशानी न हो।वहीं, जय बाबा श्री अमरनाथ सेवा समिति के सदस्य शलभ महाजन (भानू) ने जानकारी दी कि पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे पर स्थित पीर बाबा दरगाह गांव मिर्जापुर सुजानपुर में भी 5 जुलाई से भंडारे की शुरुआत होने जा रही है। इस भंडारे का उद्घाटन कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क करेंगे। यह लंगर भी दिन-रात लगातार सेवा में रहेगा। सीसीटीवी कैमरे और बुलेट प्रूफ मोर्चे तैनातअमरनाथ यात्रा की संवेदनशीलता को देखते हुए इस बार सुरक्षा व्यवस्था को बेहद चाक-चौबंद किया गया है। पंजाब पुलिस के साथ-साथ भारतीय सेना, पंजाब आर्मड पुलिस, स्पैशन ऑपरेशन गार्ड, आर्मी, बीएसएफ और वायुसेना के जवानों को भी मोर्चे पर लगाया गया है। इनमें पूरे रूट पर वायु सेना आसमान से नजर रखेगी। आर्मी क्यूआरटी और बीएसएफ गश्त का काम संभालेंगी। जबकि, एसओजी, पीएपी, आर्मी और आरएएफ नाकों, लंगरों और इंटरस्टेट नाकों पर तैनात की गई है। पूरे हाइवे पर रहेगी नजरसुरक्षा ग्रिड और सघन गश्त: पटियाला के शंभू बैरियर से लेकर पठानकोट तक के पूरे यात्रा मार्ग को एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड के तहत कवर किया गया है। लखनपुर से लेकर माधोपुर नाका तक और अमृतसर से पठानकोट (गोल चौक) तक के रास्तों पर पुलिस की सघन पेट्रोलिंग और सख्त नाकेबंदी रहेगी। इसके अलावा बठिंडा, बरनाला और लुधियाना से आने वाले मुख्य मार्गों पर भी कड़ा पहरा है।लंगरों पर पैनी नजर: सभी भंडारा स्थलों और लंगरों में सुरक्षा के लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही बुलेट प्रूफ मोर्चे और 'एसओजी' के विशेष कमांडो तैनात किए गए हैं।मेडिकल व हाईवे इमरजेंसी: किसी भी दुर्घटना या आपातकालीन स्थिति के लिए प्रत्येक क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर, एम्बुलेंस सेवाएं, टो-वाहन और हाइड्रा मशीनें पहले से ही तैनात कर दी गई हैं। इसके साथ ही माधोपुर नाके पर आने-जाने वाले वाहनों की सघन चेकिंग और तलाशी ली जा रही है।पहले जत्थे के 26 वाहनों में 355 श्रद्धालु रवानाश्री अमरनाथ यात्रा-2026 के लिए के कोने-कोने से आए भोले के भक्तों के पहले जत्थे को लखनपुर रिसेप्शन सेंटर से जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप के लिए रवाना कर दिया गया। एसएसपी कठुआ ने खुद मौके पर मौजूद रहकर तीर्थयात्रियों की गाड़ियों को हरी झंडी दिखाई। सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच रवाना हुए इस पहले जत्थे की निगरानी के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों की विशेष एस्कॉर्ट (सुरक्षा दस्ता) साथ भेजी गई है। जिनमें 26 वाहनों में 355 श्रद्धालुओं को रवाना किया गया।
कांग्रेस हाईकमान पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से ठीक गुटबाजी खत्म करने, सोशल और रिजनल इक्वेशन को सेट करने के चक्कर में पार्टी में बगावत को हवा दे बैठा। पंजाब कांग्रेस प्रधान की कुर्सी न मिलने से पूर्व CM चरणजीत चन्नी बेहद नाराज हैं। इसी वजह से कैंपेंनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाए जाने पर चन्नी ने हाईकमान का धन्यवाद तक नहीं किया। चन्नी ही नहीं बल्कि उनके पूरे गुट ने हाईकमान के इस फैसले को नकार दिया। चरणजीत सिंह चन्नी ने आज (3 जुलाई) को अपने समर्थक सांसदों, विधायकों व हलका इंचार्जों की कैठक बुला दी है। बैठक में दो से तीन सांसद, 10 से 12 विधायकों और 40 के करीब हलका इंचार्जों के पहुंच सकते हैं। चन्नी अपने समर्थक नेताओं के साथ विचार विमर्श करके कोई बड़ा फैसला लेंगे। जिससे साफ है कि पंजाब कांग्रेस में फिर से कोई बड़ा धमाका होने वाला है। चन्नी के एक करीबी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- प्रधान न बनाए जाने से चन्नी बहुत खफा हैं और अब उन्होंने आर-पार की लड़ाई का फैसला कर दिया है। वह शक्ति प्रदर्शन कर हाईकमान को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहते हैं। चन्नी के शक्ति प्रदर्शन के 2 मकसद, एक्सपर्ट से जानिए:- 1. वड़िंग हटाओ, कैप्टन की तरह प्रधान बनाओपॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस में एक प्रचलन रहा है कि जो पार्टी प्रधान होता है, वही सीएम बनता है। कैप्टन अमरिंदर सिंह दोनों बार चुनाव से पहले अध्यक्ष बनाए गए और जब पार्टी ने चुनाव जीता तो उन्हें ही सीएम बनाया गया। इसी कुर्सी पर नजर रखते हुए चन्नी गुट लंबे समय से राजा वड़िंग के विरोध में रहा है, यह किसी से छुपा नहीं है। पार्टी की इंटरनल मीटिंग हो या फिर हाईकमान के सामने सब जगह चन्नी राजा वड़िंग को फेल लीडर बता चुके हैं और उन्हें प्रधान पद से हटाने की वकालत भी कर चुके हैं। 2017 में जब कांग्रेस की सरकार आई तो इसी तरह कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी कांग्रेस हाईकमान पर दबाव बनाया था कि उन्हें प्रधान बनाएं। जब प्रताप बाजवा को प्रधान पद से हटाया गया था। प्रधान बनने का मकसद साफ होता है कि टिकट बंटवारे में उनकी ही चले और जब विधायक जीतकर आएं तो ज्यादातर विधायक उनके समर्थक हों और उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी का रास्ता साफ रहे। कैप्टन ने इसके लिए जाट महासभा तक को एक्टिव कर दिया था। चन्नी भी कैप्टन के रास्ते पर हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधान बनाए ताकि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो राजा वड़िंग ये क्रेडिट न ले सकें कि प्रधान होने के नाते यह जीत उनकी अगुआई में हुई है। फिर वह सीएम कुर्सी पर भी दावा ठोक सकते हैं। 2. प्रधान नहीं तो मुझे 'सीएम चेहरा' घोषित करो2022 में नवजोत सिद्धू प्रधान थे और चरणजीत चन्नी मुख्यमंत्री, इसीलिए तब हाईकमान पर दबाव डाला गया कि सीएम चेहरा घोषित करें। इसकी वजह ये थी कि प्रधान सिद्धू थे और सीएम चन्नी। चन्नी पंजाब कांग्रेस के ट्रेंड से वाकिफ थे कि अगर सिद्धू की प्रधानगी में चुनाव जीते तो सीएम कुर्सी मिलनी मुश्किल है। इसलिए सिद्धू को उकसाया गया और अंदरूनी तौर पर चन्नी लॉबिंग करते रहे। फिर पहली बार कांग्रेस ने पंजाब में औपचारिक तौर पर चन्नी को सीएम चेहरा घोषित करना पड़ा। माना जा रहा है कि चन्नी उसी पैटर्न पर चल रहे हैं। वह चाहते हैं कि हाईकमान उन्हें प्रधानगी की कुर्सी दे। अगर ऐसा नहीं होता तो चाहे राजा वड़िंग प्रधान रहें लेकिन पिछली बार की तरह उन्हें CM चेहरा घोषित किया जाए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि कांग्रेस जट्टसिखों को नाराज नहीं करना चाहती थी। इसलिए वड़िंग को नहीं हटाया। इसीलिए चन्नी अब पार्टी हाईकमान पर उन्हें सीएम फेस घोषित करने का दबाव बना रहे हैं। चन्नी के पास समर्थक नेताओं की लंबी फौज है। ऐसे में समर्थकों और 31% दलित वोट बैंक के जरिए वह हाईकमान पर दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। चन्नी की दोनों मांगें दरकिनार तो क्या रास्ता बचा?पॉलिटिकल एक्सपर्ट पवनदीप शर्मा का कहना है कि चरणजीत चन्नी पहले तो कांग्रेस पर पूरा दबाव बनाएंगे कि या तो उन्हें अध्यक्ष बनाया जाए या फिर सीएम फेस घोषित किया जाए। अगर दोनों में से कुछ भी नहीं हुआ तो उनके पास प्लान बी है। प्लान बी के तहत वो अपने समर्थकों के साथ नई पार्टी का गठन कर सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा नुकसान माना जाएगा। उनका कहनना है कि चन्नी के साथ एक बड़ा दलित वर्ग जुड़ा है। 2021 में उनके 111 दिन के कार्यकाल से भी अच्छी छवि बनी है। अगर चन्नी बगावत करते हैं या अलग पार्टी बनाते हैं, तो कांग्रेस के पारंपरिक दलित और गरीब तबके में मैसेज जाएगा कि उनके नेता की सुनवाई नहीं हुई। ऐसे में यह वोट बैंक पूरी तरह से खिसक जाएगा, जिसका सीधा फायदा विरोधी दलों को मिलेगा। चन्नी गुट के दिग्गज नेताओं का इस फैसले पर क्या रवैयाचन्नी गुट के किसी भी नेता ने हाईकमान के फैसले पर कोई धन्यवाद नहीं किया। इनमें MLA राणा गुरजीत, MLA परगट सिंह, पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व MLA भारत भूषण आशू प्रमुख नेता हैं। कपूरथला से MLA राणा गुरजीत की एक रील भी सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने ‘पातशाही दा वा रखदे हां, खंडियां दी धार ते नचदे हां, सानू औंदा है बदला लैंणा’ सॉन्ग लगा रखा है। इससे ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वह भी चन्नी की लड़ाई में उनके साथ हैं। राणा गुरजीत ने 2022 में AAP की आंधी के बावजूद न केवल अपनी सीट जीती बल्कि अपने बेटे राणा इंदरप्रताप को भी सुल्तानपुर लोधी से निर्दलीय जिता दिया। ******************* ये खबरें भी पढ़ें… पंजाब कांग्रेस में बड़ी बगावत के आसार, चन्नी ने मीटिंग बुलाई, सवाल- क्या पार्टी छोड़ेंगे?; रंधावा भी चुप पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले किए बदलाव को लेकर कांग्रेस में बगावत के आसार बन गए हैं। पूर्व CM चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा अमरिंदर राजा वड़िंग के प्रधान पद में बदलाव न होने से नाराज हैं। यही वजह है कि दोनों नेताओं ने अभी तक हाईकमान से पद मिलने के बाद धन्यवाद तक नहीं कहा। यहां तक कि सोशल मीडिया पोस्ट तक नहीं डाली (पढ़ें पूरी खबर) चंडीगढ़ सांसद मनीष तिवारी कांग्रेस छोड़ सकते हैं, संगठन में बदलाव से नाराज पंजाब कांग्रेस को संगठनात्मक फेरबदल के बाद बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए कांग्रेस आलाकमान की ओर से गठित की गईं चुनावी समितियों से चंडीगढ़ के मौजूदा सांसद मनीष तिवारी को बाहर रखा गया है। इस पर मनीष तिवारी की नाराजगी खुलकर बाहर आई है। तिवारी ने साफ तौर पर कहा है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के 45 साल इस पार्टी को दिए हैं, लेकिन आज कुछ लोगों की असुरक्षा की भावना के कारण ऐसा फैसला लिया गया है।(पढ़ें पूरी खबर)
नकटी गांव के 80 घरों पर बुलडोजर चले 3 दिन हो गए हैं। बेघर हुए कई परिवार बारिश में अपने टूटे घर के अंदर बैठे नजर आए। प्रभावितों का अभी भी प्रदर्शन जारी है। कार्रवाई के विरोध में अपने गांव में बारिश और कीचड़ के बीच धरने पर बैठे हुए हैं। गुरुवार को पूर्व डिप्टी CM टीएस सिंहदेव ने गांव पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं, BJP सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने तोड़फोड़ की कार्रवाई पर कहा, रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। बृजमोहन ने कहा कि मैं आज भी नकटी गांव के ग्रामीणों के साथ खड़ा हूं। बता दें कि बेघर हुए लोगों को प्रशासन ने EWS मकान दिए हैं। हालांकि सभी प्रभावितों को मकान नहीं मिला है। ग्रामीणों के मुताबिक, इन घरों में किसी तरह की सुविधाएं नहीं हैं। घर इतने छोटे हैं कि उनमें परिवार का रह पाना संभव नहीं है। इसके विरोध में बुधवार रात तक ग्रामीण कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठे थे। पहले देखिए ये तस्वीरें… सांसद के कार्रवाई नहीं होने के आश्वासन के बाद टूटे घर बता दें कि कार्रवाई से 2 दिन पहले ही ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मुलाकात करने पहुंचे थे। सांसद ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया था कि बरसात तक कोई तोड़फोड़ नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि प्रशासन और ग्रामीणों के बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। इसी बीच 29 जून को 80 घर तोड़ दिए गए। 1 साल पुरानी लिखी चिट्ठी वायरल नकटी गांव को लेकर रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को लिखी एक साल पुरानी चिट्ठी वायरल हो रही है। जिसमें उन्होंने विधायक कॉलोनी के लिए जमीन चयन पर आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा था कि गरीबों को हटाना मानवीय दृष्टि से उचित नहीं है। भिलाई में यूथ कांग्रेस ने किया विरोध भिलाई में यूथ कांग्रेस ने नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई का विरोध किया। गुरुवार को सुपेला के घड़ी चौक पर यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विधायक कॉलोनी दूसरी जगह शिफ्ट करने की मांग सरायपाली से कांग्रेस विधायक चातुरीनंद ने नकटी गांव तोड़ने के विरोध में सीएम साय को पत्र लिखा है। उन्होंने नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने की योजना वापस लेने या नया रायपुर में कहीं कॉलोनी को शिफ्ट करने की मांग की है। विधायक ने इस पूरी घटना को अत्यंत पीड़ादायक, अमानवीय और दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। 'गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास नहीं चाहिए' चातुरीनंद ने पत्र में लिखा है कि, गरीबों का आशियाना उजाड़कर जनप्रतिनिधियों के लिए आलीशान आवास बनाना किसी भी तरह से सही नहीं है। जनता ने हमें उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए चुना है, न कि उनके सिर से छत छीनकर अपने लिए सुविधाएं खड़ी करने के लिए। मैं इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध करती हूं और नकटी गांव के सभी पीड़ित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी हूं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि, गरीबों का घर उजाड़कर उन्हें ऐसा विधायक आवास बिल्कुल नहीं चाहिए। विधायक का सुझाव- नवा रायपुर में बनाएं कॉलोनी विधायक चातुरी नंद ने मुख्यमंत्री को पत्र के माध्यम से सुझाव दिया है कि, विधायकों के लिए आवास कॉलोनी का निर्माण बहुत जरूरी है, तो नवा रायपुर में सैकड़ों एकड़ सरकारी रिक्त भूमि उपलब्ध है। वहां एक आधुनिक और सुव्यवस्थित विधायक कॉलोनी विकसित की जा सकती है, जिससे राजधानी के किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने की पीड़ा नहीं झेलनी पड़ेगी। तत्काल रोक लगाने और उचित मुआवजे की मांग सरायपाली विधायक ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से आग्रह किया है कि, वे इस अमानवीय कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाएं। साथ ही, जो परिवार प्रभावित हुए हैं, उनके तत्काल पुनर्वास और उचित मुआवजे की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। नया रायपुर में मकान देने का दावा बुलडोजर कार्रवाई के बाद प्रशासन ने दावा किया है कि प्रभावित परिवारों को पुनर्वास दिया गया है। उन्हें नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित ईडब्ल्यूएस (EWS) मकानों में बसाने के लिए आवंटन प्रक्रिया की जा रही है। इस कार्रवाई के अगले दिन पूर्व CM भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उनको विश्वास दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके न्याय और अधिकारों की इस लड़ाई में साथ है। ………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… नकटी गांव में तोड़े गए 80 घर:बच्ची बोली- सुबह से कुछ नहीं खाया, महिलाएं रोईं, पुलिस से धक्का-मुक्की, नया रायपुर में मिलेंगे मकान रायपुर के माना इलाके के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी के लिए सोमवार सुबह 80 घर तोड़ दिए गए, जिसमें पीएम और इंदिरा आवास के 32 घर भी शामिल हैं। प्रशासन ने रविवार देर रात से ही यहां 1000 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात कर दिए थे। पढ़ें पूरी खबर…
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। मुख्यमंत्री के मंच पर आए कांग्रेस विधायकसिवनी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस विधायक ठाकुर रजनीश सिंह का मूवमेंट चर्चा का विषय बन गया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे मुख्यमंत्री के आसपास मंडराते नजर आए। विधायक कभी सीएम के पीछे, कभी आगे चलते दिखे। हालांकि विधायक होने के नाते प्रोटोकॉल के तहत ही वे इस कार्यक्रम में पहुंचे थे। लेकिन वहां उनकी सक्रियता अब सियासी गलियारों में सुर्खियां बटोर रही है। कार्यक्रम के दौरान एक दिलचस्प पल तब आया, जब मंच पर सीएम अपना भाषण दे रहे थे। जो समाप्ति की ओर था। तभी कांग्रेस विधायक उनके पास जाकर अपनी बात कहने लगे। अब विधायक कहते रहे और सीएम भाषण खत्म कर आगे बढ़ गए। इससे भी दिलचस्प बात ये है कि सीएम के कार्यक्रम से कुछ समय पहले यही कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री के खिलाफ सड़क पर प्रदर्शन करते नजर आए थे और फिर विरोध की औपचारिकता निभाने के बाद वे सीधे सीएम के मंच पर जा बैठे। अब लोग कह रहे हैं कि सियासत की रवायत ऐसी होती है, जैसी दिखती है वैसी तो बिल्कुल नहीं होती है। चिट्ठी मामले के बाद बदले-बदले दिखे कैलाशमुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखने के मामले के बाद मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का अलग अंदाज देखने को मिला। मीडिया ने जब उनसे एक के बाद एक राजनीतिक सवाल पूछे तो उन्होंने लगभग हर सवाल का जवाब मुस्कुराते हुए दिया। जवाब छोटे रहे, लेकिन उनकी मुस्कान पूरे समय बरकरार रही। मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी को लेकर सवाल किया गया तो विजयवर्गीय ने कहा- ये चैप्टर अब क्लोज हो गया है। इसके बाद इंदौर में मुख्यमंत्री की प्रस्तावित बैठक निरस्त होने पर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा- बैठक रखने वाले और बैठक निरस्त करने वालों से पूछो ये प्रश्न। उज्जैन जमीन मामले में मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल हुआ तो विजयवर्गीय ने कहा- मुख्यमंत्री तो मिलते ही रहते हैं आपको। जब मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने उलटा मीडिया से ही पूछ लिया- होने वाला है क्या? इंदौर में उनके हिसाब से कामकाज नहीं होने की बात पूछी गई तो उन्होंने- होगा अब। पूरी बातचीत के दौरान सवाल बदलते रहे, जवाब भी बदलते रहे, लेकिन एक चीज कॉमन रही, वह है कैलाश विजयवर्गीय की मुस्कान। यह मुस्कान सियासी सुकून वाली थी या फिर कुछ छिपाने वाली, ये तो मंत्री जी ही जानें। तिरुपति में भी दिखा शिवराज 'मामा' का क्रेजकेंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का 'मामा' वाला अंदाज अब मध्य प्रदेश से बाहर भी लोगों के बीच खासा लोकप्रिय होता नजर आ रहा है। इसका ताजा नजारा आंध्र प्रदेश के तिरुपति में देखने को मिला। दरअसल, शिवराज सिंह चौहान तिरुपति में एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। जैसे ही लोगों की नजर उन पर पड़ी, भीड़ से मामा... मामा… के नारे गूंजने लगे। लोगों का उत्साह देखकर शिवराज सिंह भी खुद को रोक नहीं पाए। वे सीधे लोगों के बीच पहुंचे, उनसे हाथ मिलाया और उनका अभिवादन स्वीकार किया। शिवराज सिंह चौहान का यह सहज और मिलनसार अंदाज एक बार फिर चर्चा में है। अब लोग कह रहे हैं कि शिवराज जहां भी जाते हैं, लोगों से जुड़ने की अपनी खास शैली की वजह से सुर्खियां बटोर ही लेते हैं। और अब अंदर की बात..बधाइयों वाले आईपीएस, खुशी सिर्फ चार दिन कीबधाई हो.. बधाई.. आप तो आईपीएस बन गए.. राज्य पुलिस सेवा के एक अधिकारी चार दिन तक इसी तरह से अपने साथी अफसरों की बधाईयां लेते रहे, लेकिन सुना है कि जब दिल्ली से फरमान आया तो समझ आया कि वो तो केवल बधाईयों वाले ही आईपीएस थे। हुआ यूं कि आईपीएस के लिए हुई डीपीसी में दो लोगों के लिफाफे बंद रखे गए थे। जब बाकी अफसरों को पता चला तो उनके मन में लड्डू फूट गए। जिस अफसर को बधाई मिली वो भी उनमें से एक थे। बधाईयों का सिलसिला ऐसा चला कि बाकी अफसरों के कान खड़े हो गए। इनमें एक अफसर को आईपीएस बनने की पूरी उम्मीद थी। उन्होंने मंत्रालय में अपने अय्यारों से पूछताछ की तो पता चला कि डीपीसी में बधाई लेने वाले अफसर का नाम तो शामिल ही नहीं हो सकता। इसके बाद भी वो मुतमईन नहीं हुए। फिर दिल्ली से आई सूचना में पता चला कि उनका तो कहीं नाम ही नहीं था। इनपुट सहयोग - विनोद सोनी (सिवनी), विजय सिंह बघेल (भोपाल) ये भी पढ़ें -दिग्विजय को ऑफर- चुपचाप भाजपा में आ जाओ: मंत्री ने की नॉन-स्टॉप तारीफ, सीएम को रोकना पड़ा राजगढ़ में मंत्री गौतम टेटवाल ने तो हद ही कर दी। भरे मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नॉन-स्टॉप तारीफ शुरू कर दी। उन्हें एक से बढ़कर एक उपमाएं दीं और उनकी खूबियां गिनाईं। यह सब सुनकर सीएम भी शरमा गए। हालात ऐसे बने कि मुख्यमंत्री को उन्हें टोकना और रोकना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें
देश की पहली नदी जोड़ो परियोजना- केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट कानूनी और तकनीकी विवादों में घिर गया है। सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया कि फॉरेस्ट क्लीयरेंस की कई अनिवार्य शर्तों का पालन नहीं हुआ। इनमें प्रभावित परिवारों के रिहेबिलिटेशन की सबसे अहम शर्त अब भी अधूरी है। नियमों के अनुसार, फॉरेस्ट क्लीयरेंस की जरूरी शर्तें पूरी न होने पर प्रोजेक्ट के लिए दोबारा फॉरेस्ट क्लीयरेंस लेना पड़ता है। जिला प्रशासन के आंकड़े बताते हैं कि प्रभावित परिवारों का अब तक पूरा पुनर्वास नहीं हुआ। वहीं, सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की अहम सिफारिशों का भी पूरा पालन नहीं हुआ। इन हालातों में करीब 45 हजार करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं। प्रोजेक्ट के कानूनी और तकनीकी विवादों को समझने के लिए भास्कर ने सरकारी दस्तावेजों की जांच की और एक्सपर्ट्स से बातचीत की। इस मामले में वन विभाग के अधिकारियों से पक्ष जानने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। पन्ना टाइगर रिजर्व का 6,000 हेक्टेयर कोर क्षेत्र होगा जलमग्नकेन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के तहत बुंदेलखंड के जिलों तक पानी पहुंचाने के लिए दौधन बांध बनाया जा रहा है। इसके निर्माण से पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया का 6,000 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र जलमग्न होगा। इस पर्यावरणीय असर को देखते हुए प्रोजेक्ट को दो चरणों में फॉरेस्ट क्लीयरेंस दी गई थी। मई 2017: स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस। अक्टूबर 2023: स्टेज-2 की मंजूरी । दोनों चरणों में पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा और प्रभावित लोगों के पुनर्वास से जुड़ी कई जरूरी शर्तें रखी गईं, जिनमें कई समान थीं। सरकारी दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया है कि इन अनिवार्य शर्तों का पूर्ण पालन नहीं हुआ। आइए समझते हैं कि किन शर्तों का उल्लंघन हुआ और इसका कानूनी और तकनीकी असर क्या हैं। फॉरेस्ट क्लीयरेंस की कॉमन शर्तें शर्त-1: जमीन का भौतिक हस्तांतरण और आरक्षित वन घोषित करना 2017 और 2023 में मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस की कॉमन प्रमुख शर्त थी कि क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के लिए चिह्नित गैर-वन भूमि पहले वन विभाग को भौतिक रूप से सौंपी जाए और भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत उसे 'आरक्षित वन' घोषित किया जाए। स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस (मई 2017) की शर्त-4 के अनुसार, यह प्रक्रिया स्टेज-2 क्लीयरेंस से पहले पूरी होना जरूरी थी। यही प्रावधान स्टेज-2 क्लीयरेंस (अक्टूबर 2023) में शर्त-2 के रूप में शामिल किया गया। इसके तहत पन्ना टाइगर रिजर्व के पश्चिम में 6,809 हेक्टेयर गैर-वन भूमि को वन क्षेत्र में शामिल करना था, जिसमें 6,017 हेक्टेयर भूमि को टाइगर रिजर्व का हिस्सा बनाया जाना था। साथ ही, 3 अप्रैल 2024 तक प्रक्रिया पूरी कर इस भूमि को आरक्षित वन घोषित करना अनिवार्य था। जमीनी हकीकत: कागज में हस्तांतरण, लेकिन भौतिक कब्जा नहींसरकार ने 29 मार्च से 14 जून 2024 के बीच संबंधित गजट नोटिफिकेशन जारी किए। 19 जुलाई 2024 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई प्रोजेक्ट की छठी समीक्षा बैठक में पन्ना टाइगर रिजर्व के तत्कालीन फील्ड डायरेक्टर ने बताया कि भूमि का रिकॉर्ड में हस्तांतरण और म्यूटेशन हो चुका है, लेकिन वन विभाग को अब तक उसका भौतिक कब्जा नहीं मिला। पुनर्वास अधूरा, इसलिए कब्जा नहीं मिल सकाभौतिक कब्जा न मिलने की प्रमुख वजह यह है कि कई स्थानों पर प्रभावित परिवारों का पुनर्वास अब तक पूरा नहीं हुआ। इसके कारण लोग भूमि खाली नहीं कर सके और कई सरकारी जमीनों पर अब भी अतिक्रमण है। शर्त-2: जंगल में पावर प्लांट पर रोक, फिर भी निर्माण की तैयारीकेन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के फॉरेस्ट क्लीयरेंस की दूसरी कॉमन शर्त थी कि मुख्य वन क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार का पावर प्लांट या पावरहाउस नहीं बनाया जाएगा। स्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस (मई 2017) की शर्त-13 में जंगल के भीतर पावर प्लांट के निर्माण पर साफ रोक लगाई गई थी। यही प्रावधान स्टेज-2 फॉरेस्ट क्लीयरेंस (अक्टूबर 2023) में शर्त-11 के रूप में दोहराया गया। हकीकत: रोक के बावजूद 78 मेगावाट पावर प्लांट का प्रस्तावदस्तावेजों के अनुसार, स्पष्ट प्रतिबंध के बावजूद केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट प्राधिकरण (KBLPA) पन्ना टाइगर रिजर्व के भीतर 78 मेगावाट क्षमता का पावर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव आगे बढ़ा रहा है। पर्यावरणविद् हिमांशु ठक्कर के अनुसार, प्रोजेक्ट के आधिकारिक नक्शे में अब भी पावर प्लांट का प्रस्ताव दर्ज है। उनका कहना है कि 19 जुलाई 2024 की समीक्षा बैठक में फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों के विपरीत जंगल के भीतर पावरहाउस निर्माण की संभावना पर चर्चा हुई और इसके लिए अलग से स्टडी कराने का निर्णय लिया गया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस (मई 2017): अधूरी रह गईं प्रमुख शर्तें शर्त-11: पेड़ों की नई गणना अनिवार्य थीस्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्त-11 के तहत प्रोजेक्ट क्षेत्र के सभी पेड़ों की नए सिरे से इंटेंसिव गणना कराना जरूरी था। इसका मकसद प्रोजेक्ट से होने वाले वास्तविक पर्यावरणीय नुकसान का आकलन करना था। हालांकि, जमीनी स्थिति अलग है। पन्ना टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर बी.के. पटेल ने माना कि प्रोजेक्ट एरिया में पेड़ों की कोई नई गिनती नहीं कराई गई। शर्त-23: राष्ट्रीय संस्थाओं की सिफारिशों का पालन अधूरास्टेज-1 फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्त-23 के तहत राज्य सरकार को नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA), राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की सिफारिशों, सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) की अनुशंसाओं और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों व मंजूरियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना था। उपलब्ध दस्तावेजों और प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति से संकेत मिलता है कि CEC और NTCA की कई महत्वपूर्ण सिफारिशों का पूर्ण पालन नहीं हुआ। इससे प्रोजेक्ट के वैधानिक अनुपालन और फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों के पालन पर गंभीर सवाल उठते हैं। फॉरेस्ट क्लीयरेंस (3 अक्टूबर 2023): टाइम बाउंड शर्तों के पालन पर सवाल शर्त-5: 12 महीने में राजस्व गांव वन विभाग को सौंपना थास्टेज-2 फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्त-5 के अनुसार, मंजूरी मिलने के 12 महीने के भीतर प्रोजेक्ट एरिया के सभी राजस्व गांव वन विभाग को सौंपना जरूरी था। इसके लिए प्रभावित परिवारों का पुनर्वास और पुनर्स्थापना पूरा होना जरूरी था। यह प्रोसेस तय समयसीमा में पूरी नहीं हो सकी। पुनर्वास नीति और मुआवजे को लेकर प्रभावित ग्रामीणों में असंतोष बना हुआ है और हाल के महीनों में कई गांवों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। इससे संकेत मिलता है कि शर्त के अनुरूप राजस्व गांवों को पूरी तरह से हैंडओवर नहीं किया जा सका है। शर्त-43: शर्तें पूरी न होने पर अनुमति स्वतः समाप्त होने का प्रावधानस्टेज-2 फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्त-43 में प्रावधान है कि मंजूरी मिलने के एक साल के अंदर तय की गई सभी शर्तों का पालन न होने पर मंजूरियां खत्म मानी जाएगी। मौजूदा दस्तावेजों और प्रोजेक्ट की स्थिति से संकेत मिलता है कि कई जरूरी शर्तें तय समयसीमा में पूरी नहीं हो सकीं। पर्यावरणविद् का दावा: शर्तों के पालन पर कानूनी सवालपर्यावरणविद् हिमांशु ठक्कर के अनुसार, केन नदी का पानी आगे यमुना में मिलता है। इसलिए नदी के प्राकृतिक प्रवाह और डाउनस्ट्रीम क्षेत्र की न्यूनतम जल आवश्यकता का वैज्ञानिक आकलन होना चाहिए था। उनका कहना है कि ऐसा आकलन सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। उनके मुताबिक प्रोजेक्ट में स्टेज-1 और स्टेज-2 फॉरेस्ट क्लीयरेंस की कई अनिवार्य शर्तों का पूरा पालन नहीं हुआ। एनवायरमेंटल क्लीयरेंस (अगस्त 2017): पहली शर्त के पालन पर भी सवालप्रोजेक्ट को अगस्त 2017 में पर्यावरणीय स्वीकृति मिली थी। इसकी पार्ट-ए की पहली शर्त के मुताबिक, निर्माण शुरू होने से पहले सभी प्रभावित परिवारों का 100% पुनर्वास, पुनर्स्थापना और मुआवजा वितरण पूरा होना जरूरी था। छतरपुर जिले के पुनर्वास के आंकड़ों के मुताबिक, कई प्रभावित परिवारों को अब तक पूरा मुआवजा नहीं मिला और पुनर्वास प्रक्रिया भी अधूरी है। वन विभाग से जवाब मांगा, नहीं मिली प्रतिक्रियाइन सभी मुद्दों पर आधिकारिक पक्ष जानने के लिए वन विभाग से जानकारी और ईमेल के जरिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस की शर्तों के अनुपालन तथा प्रोजेक्ट की वैधानिक स्थिति पर जवाब मांगा गया। विभाग से ये सवाल पूछे गए, जिनका जवाब नहीं मिला।
एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए। हादसा किलर मऊ गांव के पास उस समय हुआ, जब खराब होकर सड़क किनारे खड़ी रोडवेज बस में पीछे से तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के बाहर खड़े यात्री इसकी चपेट में आ गए । हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलते ही बागवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने पांच लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य घायलों का इलाज जारी है। बस एटा से दिल्ली जा रही थी। हादसा गुरुवार देररात 11.30 बजे के आसपास हुआ। हादसे की सूचना पर डीएम अरविंद सिंह और एसएसपी डॉ. इलामारन जी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कंटेनर और रोडवेज बस को हटवाकर यातायात बहाल कराया। हादसे की जांच की जा रही है। इनकी हुई मौत, एक की पहचान नहीं सतेंद्र (38), पुत्र राजकुमार, निवासी बुलंदशहर राजेश (34), पुत्र रामसिंह, निवासी दौलतपुर, नवाबगंज, फर्रुखाबाद सुखराम (30), पुत्र राजपाल, निवासी फर्रुखाबाद शैलेश (29), पुत्र जयराज, निवासी नवाबगंज, फर्रुखाबाद एक अज्ञात व्यक्ति महिलाएं-बच्चे और बुजुर्ग बस में बैठे रहे, इसलिए बच गएहादसे में जान गंवाने वाले सभी युवा थे। बस खराब होने के बाद वो बाहर आ गए और बस के पीछे खड़े हो गए। तेज रफ्तार कंटेनर आया और सभी को कुचलता हुआ निकल गया। शव और घायल सड़क से लेकर खेत तक में फैल गए। वहीं, महिलाएं-बच्चे और बुजुर्ग बस के अंदर ही बैठे रहे, इसलिए उन्हें कुछ नहीं हुआ। कंटेनर बस के पीछे राइट साइट टकराकर सड़क की दूसरी तरफ उतर गया। ये हुए घायल आनंद (52) निवासी सेक्टर-34 नोएडा, विवेक (30), पूनम (32), विक्रांत (23) और सुमित निवासी नवाबगंज फर्रुखाबाद, नीतीश (30) निवासी आवास विकास कॉलोनी एटा, विशाल (15), रवी (17), यतेंद्र (27), दक्ष (10) निवासी मेरठ, रिशु (21) निवासी खलवारा फर्रुखाबाद तथा ब्रजेश (24) निवासी बचमई, अमांपुर (कासगंज) सहित कुल 12 लोग घायल हुए हैं। मृतक राजेश के भाई पवन कुमार ने बताया कि बस खराब होने के कारण सड़क किनारे खड़ी थी। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने टक्कर मार दी। हादसे में उनके भाई की मौत हो गई। उनका छोटा भाई अवधेश और परिवार की दो बच्चियां दिल्ली जा रही थीं। डीएम बोले- आधी सड़क पर खड़ी थी बस डीएम अरविंद सिंह ने बताया कि बस खराब होने के कारण सड़क के किनारे खड़ी थी, लेकिन उसका कुछ हिस्सा सड़क पर था। इसी दौरान पीछे से आए कंटेनर ने बस में टक्कर मार दी, जिससे बाहर खड़े यात्री उसकी चपेट में आ गए। उन्होंने बताया कि घायलों का बेहतर इलाज कराया जा रहा है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।-------------------ये खबर भी पढ़ें…राममंदिर ट्रस्टी अनिल मिश्रा से बंद कमरे में पूछताछ:SIT ने गोपाल राव से भी सवाल पूछे, चढ़ावा चोरी के दो आरोपियों के घर बुलडोजर एक्शन की तैयारी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच तेज हो गई है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गुरुवार दोपहर 2:30 बजे राम मंदिर पहुंची। ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और आमंत्रित ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव से शाम 7:30 बजे तक बंद कमरे में करीब 5 घंटे पूछताछ की। पूरी खबर पढ़ें...
आज से अगले 57 दिन ग्रेटर हिमालय की ऊंची वादियों में बाबा बर्फानी के जयकारे गूंजेंगे। अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। 28 अगस्त तक 4 लाख से ज्यादा श्रद्धालु 3,888 मीटर पर स्थित पवित्र गुफा में प्राकृतिक रूप से बने शिवलिंग के दर्शन कर सकेंगे। गुरुवार को जम्मू-कश्मीर LG मनोज सिन्हा ने पहले जत्थे को जम्मू के भगवती बेस कैंप से बालटाल और पहलगाम के लिए रवाना किया। जत्थे में 4,822 तीर्थयात्री शामिल थे, जो 259 वाहनों के सुरक्षा घेरे में रवाना हुए। कश्मीर में मौसम का मिजाज ठीक नहीं है, इसलिए यात्रियों को दर्शन के बाद तुरंत नीचे लौटना होगा। हर 2km पर ऑक्सीजन बूथ भी लगाए गए हैं। दोमेल रूट पर 4 जगह स्क्रीन पर मौसम का अपडेट मिलेगा। गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा अनंतनाग में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबे नुनवान-पहलगाम रास्ते या गांदरबल जिले में छोटे 14 किलोमीटर लंबे बालटाल रास्ते से की जा सकती है। यात्रा अपडेट्स बालटाल बेस कैंप से अमरनाथ यात्रियों की 6 तस्वीरें… दोनों रूट पर 100-100 बेड के अस्पताल दोनों यात्रा मार्गों पर एक हजार डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी तैनात हैं। दोनों जगह 100-100 बेड के अत्याधुनिक अस्थायी अस्पताल बनाए गए हैं। अमरनाथ यात्रा से जुड़े 3 जरूरी फैक्टर ---------------------------------- अमरनाथ यात्रा से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 2029 से अमरनाथ के लिए केबल कार चलाने की तैयारी: अप्रैल 2027 से काम शुरू होगा; 5-8 घंटे का सफर 30 मिनट में पूरा होगा अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु 2029 से बालटाल रूट पर केबल कार से सफर कर सकेंगे। केंद्र सरकार अगले साल अप्रैल से 11.6 किमी लंबे रोपवे प्रोजेक्ट का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है। परियोजना पूरी होने के बाद बालटाल से संगम टॉप तक पहुंचने में 5 से 8 घंटे की जगह 25 से 30 मिनट लगेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार से तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। यह आयोजन 3 से 5 जुलाई तक चलेगा, जिसमें प्रदेश की बागवानी, आम उत्पादन और निर्यात क्षमता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया जाएगा। 800 से अधिक आम की प्रजातियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र इस बार महोत्सव में 07 श्रेणियों और 56 वर्गों में 800 से अधिक आम की प्रजातियों का प्रदर्शन किया जाएगा। दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, लखनऊ सफेदा सहित प्रदेश की प्रसिद्ध और दुर्लभ किस्में दर्शकों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। इसके साथ ही आम से बने प्रसंस्कृत उत्पाद, मूल्य संवर्धन तकनीक और निर्यात से जुड़े उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। 4 जुलाई को होगी क्रेता-विक्रेता सम्मेलन उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि 4 जुलाई को 'जन भवन' में आम क्रेता-विक्रेता (बायर-सेलर) सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में देश-विदेश के खरीदार, निर्यातक और आम उत्पादक एक मंच पर आएंगे, जिससे किसानों और बागवानों को नए बाजार और बेहतर व्यावसायिक अवसर मिल सकेंगे। बागवानों, विशेषज्ञों और उद्यमियों का होगा संगम महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा देश के विभिन्न राज्यों से प्रगतिशील बागवान, कृषि वैज्ञानिक, उद्यान विशेषज्ञ, निर्यातक और उद्यमी हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक उत्पादन तकनीक, तुड़ाई के बाद प्रबंधन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात से जुड़े विषयों पर विशेषज्ञ किसानों को जानकारी देंगे। प्रतियोगिताएं और उत्कृष्ट बागवानों का सम्मान महोत्सव के दौरान आम की विभिन्न प्रजातियों, आम आधारित संरक्षित उत्पादों, आम के व्यंजनों, सर्वश्रेष्ठ प्रदर्श और सर्वाधिक प्रदर्शन करने वाले बागवान सहित सात श्रेणियों और 56 वर्गों में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले किसानों और बागवानों को सम्मानित भी किया जाएगा। आम निर्यात में उत्तर प्रदेश ने बनाया नया रिकॉर्ड उद्यान मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा आम उत्पादक राज्य है। प्रदेश में लगभग 3.27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में करीब 62 लाख टन आम का उत्पादन होता है। राज्य से आम और आम पल्प के निर्यात में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश से 3,563 मीट्रिक टन आम का लगभग 12.67 करोड़ रुपये मूल्य का रिकॉर्ड निर्यात किया गया, जो प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। बागवानों को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय मंच उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आम महोत्सव का उद्देश्य केवल आम की विविधता का प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि प्रदेश के बागवानों और उत्पादकों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना भी है। महोत्सव के माध्यम से किसानों को नई तकनीकों, बेहतर विपणन व्यवस्था और निर्यात के अवसरों की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
अपना दल (एस) के राष्ट्रीय नेता और उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने गुरुवार को डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती पर आयोजित 'जन स्वाभिमान दिवस' कार्यक्रम में पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी विधानसभा चुनाव, टिकट वितरण और राम मंदिर से जुड़े जमीन विवाद पर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य लक्ष्य संगठन को लगातार मजबूत करना और चुनाव में जीत सुनिश्चित करना है। कार्यकर्ताओं की मौजूदगी को बताया सबसे बड़ी ताकत आशीष पटेल ने कहा कि अपना दल (एस) हर वर्ष डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती को 'जन स्वाभिमान दिवस' के रूप में मनाता है। इस बार कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी यह साबित करती है कि उनके मन में डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और संघर्षों के प्रति गहरी आस्था है। उन्होंने कार्यक्रम में पहुंचे सभी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का आभार जताते हुए कहा कि यही समर्पण पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। गांव-गांव पहुंचकर मजबूत किया जा रहा संगठन कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए लगातार अभियान चला रही है। हर 14 से 15 दिन के अंतराल पर अलग-अलग जिलों और गांवों में संगठनात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर के बाद लखनऊ में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है और अगले 15 दिनों में किसी अन्य जिले में इसी तरह का बड़ा कार्यक्रम होगा। उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं के बीच लगातार संवाद से संगठन और अधिक मजबूत हो रहा है। टिकट वितरण पर अभी नहीं हुई कोई चर्चा आगामी विधानसभा चुनाव में टिकटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए सवाल पर आशीष पटेल ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस विषय पर पार्टी में कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि चुनाव अभी दूर हैं और संगठन को मजबूत करना फिलहाल प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, अपना दल हमेशा जीतने पर विश्वास रखता है, नंबर गिनाने पर नहीं। उनके मुताबिक पार्टी चुनावी रणनीति समय आने पर तय करेगी। राम मंदिर में चंदा चोरी में जांच पूरी होने का इंतजार राम मंदिर से जुड़े चंदा चोरी पर पूछे गए सवाल के जवाब में आशीष पटेल ने कहा कि पूरे मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। उन्होंने बताया कि जांच की समय-सीमा 15 दिन और बढ़ाई गई है। सरकार जांच प्रक्रिया पर पूरी तरह नजर रखे हुए है और रिपोर्ट आने के बाद जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शने के पक्ष में नहीं है। संगठन विस्तार पर रहेगा पार्टी का फोकस आशीष पटेल ने कहा कि आने वाले दिनों में भी पार्टी का जोर संगठनात्मक विस्तार और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर रहेगा। प्रदेशभर में लगातार कार्यक्रमों के माध्यम से कार्यकर्ताओं से संवाद स्थापित किया जाएगा, ताकि आगामी चुनावों से पहले पार्टी का जनाधार और अधिक मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि अपना दल (एस) डॉ. सोनेलाल पटेल के विचारों और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम करती रहेगी।
चौधरी चरण सिंह (अमौसी) अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए बंद की गई विमान सेवाएं जल्द दोबारा शुरू होने की उम्मीद है। पश्चिम एशिया में युद्ध और तनाव के कारण कई उड़ानों का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, लेकिन अब हालात सामान्य होने के बाद एयरलाइंस सेवाएं बहाल करने की तैयारी में जुट गई हैं। यात्रियों और कारोबार को मिलेगी राहत उड़ानें बंद होने से यात्रियों के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई थीं। अब दुबई, अबूधाबी, ओमान और कुवैत समेत कई खाड़ी देशों के लिए अन्य एयरपोर्टों से उड़ानें फिर शुरू हो चुकी हैं। इसी क्रम में अमौसी एयरपोर्ट से भी सेवाएं बहाल करने की तैयारी चल रही है। एयर इंडिया और इंडिगो की तैयारी एयर इंडिया, इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंस लखनऊ से खाड़ी देशों के लिए अपनी उड़ानें दोबारा शुरू करने की योजना बना रही हैं। इन सेवाओं के शुरू होने से रोजगार, व्यापार और उच्च शिक्षा के लिए खाड़ी देशों की यात्रा करने वाले लखनऊ और आसपास के जिलों के हजारों यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अमौसी एयरपोर्ट से प्रतिदिन 140 से अधिक उड़ानों का संचालन होता है।
नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) 30 अगस्त को NEET-PG 2026 परीक्षा आयोजित करेगा। नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) के चेयरपर्सन अभिजीत सेठ ने छात्रों से सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से दूर रहने की अपील की। सेठ ने कहा कि मैं छात्रों को भरोसा दिलाता हूं कि परीक्षा बहुत सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित की जाएगी। चूंकि यह कंप्यूटर-आधारित परीक्षा है, इसलिए इसमें कई ऑब्जेक्टिव टूल्स का इस्तेमाल होता है। परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी की संभावना बहुत कम है। सेठ ने परीक्षा में सवालों की संख्या कम करने की वजह भी बताई और कहा कि इससे छात्रों को पेपर सॉल्व करने के लिए एक्स्ट्रा टाइम मिलेगा। परीक्षा समिति का मानना था कि 20 सवाल कम करने से छात्रों को कम से कम आधा घंटा ज्यादा मिलेगा। परीक्षा केंद्रों के आवंटन पर उन्होंने बताया कि पहले आओ, पहले पाओ वाला सिस्टम खत्म कर दिया गया है। उम्मीदवारों से तीन पसंदीदा राज्य चुनने के लिए कहा गया है। पत्राचार का राज्य अनिवार्य रूप से पहली पसंद होगा और बाकी दो पड़ोसी राज्यों में से होंगे। उपलब्धता के आधार पर उम्मीदवार को 250 किलोमीटर के दायरे में केंद्र आवंटित करने की कोशिश की जाएगी। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई शाम 5 बजे शुरू हो चुकी है। यह 21 जुलाई की रात 11:55 बजे तक चलेगी। आज की बाकी बड़ी खबरें... दिल्ली में ड्यूटी पर तैनात CRPF जवान ने सर्विस रिवॉल्वर से खुदकुशी की दिल्ली के मोती बाग इलाके में ड्यूटी पर तैनात CRPF के जवान ने गुरुवार को अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक जवान की पहचान नरसी लाल यादव के तौर पर हुई है। यादव ने ड्यूटी के दौरान खुद को गोली मारी। इससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है। दिल्ली SIR प्रक्रिया: 3 दिन में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे, 63000 से ज्यादा डिजिटाइज वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के लिए घर-घर जाकर किए जा रहे सर्वे के तहत गुरुवार तक दिल्ली में 21 लाख से ज्यादा एन्यूमरेशन फॉर्म बांटे गए और 63,000 से ज्यादा भरे हुए फॉर्म डिजिटाइज किए गए।SIR के तीसरे चरण के तहत एक महीने तक चलने वाला यह सर्वे 30 जून को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चलेगा। 7 अक्टूबर को पब्लिश होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के लिए हर वोटर को यह फॉर्म भरना होगा। CEO ऑफिस के अनुसार, जो वोटर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं करेंगे, उनका नाम 5 अगस्त को पब्लिश होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं होगा। राजामौली का फ्रांस में सम्मान, लुमिएर म्यूजियम में नाम दर्ज भारतीय फिल्म निर्देशक एसएस राजामौली को फ्रांस में सम्मान मिला है। लुमिएर म्यूजियम में ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ (म्यूर दे सिनेमास्त) पर जगह देकर उन्हें सम्मानित किया गया। ‘वॉल ऑफ फिल्ममेकर्स’ पर वर्ल्ड सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले चुनिंदा फिल्मकारों के नाम स्थायी रूप से दर्ज किए जाते हैं। इसलिए इसे फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में माना जाता है।
रेवाड़ी में वीरवार- शुक्रवार की रात जड़थल के पास पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेंड के दौरान एसआई को गोली लगी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में पांव में गोली लगने से दो बदमाश घायल हो गए। घायलों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया। घायल बदमाशों में मोहन बोलनी रेवाड़ी और गोबिंद खुशखंडा थाना राजस्थान का रहने वाला है। दोनों बदमाशों के खिलाफ पहले से हत्या, हत्या प्रयास, फिरौती, चोरी और डकैती समेत 25 अधिक केस दर्ज हैं। मुठभेंड की सूचना के बाद डीएसपी हैडक्वाटर रविंद्र कुमार और डीएसपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण के साथ शहर थाना एसएचओ सूबे सिंह व गोकल गेट चौकी इंजार्च नरेश पुलिस टीम के साथ ट्रॉमा सेंटर पहुंचें। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। 28 जून को की थी फायरिंग डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि धारूहेड़ा सीआईए को 28 जून को बखापुर में फायरिंग के आरोपी कच्चे रास्ते से रावता से जड़थल की तरफ जा रहे हैं। सूचना के बाद सीआईए इंजार्च योगेश टीम के साथ मौके पर पहुंचे और नाकेबंदी की। इसी दौरान बाइक पर दो संदिग्ध आते दिखाई दिए। जैसे ही पुलिस ने रूकने का इशारा किया, आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। एसआई फखरूद्दीन को बदमाशों की गोली लगी। बूल्टप्रूफ जैकेट के चलते वह बच गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। पांव में गोली लगने से दोनों बदमाश घायल हो गए। जिसके बाद पुलिस ने बदमाशों को गिरफ्तार कर इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। एक रेवाड़ी, दूसरा रास्थान का उन्होंने बताया कि मोहन रेवाड़ी के बोलनी गांव का रहने वाला है। उस पर पहले से हत्या प्रयास, लूट डकैती, फिरौती और चोरी इत्यादि के 8-9 केस दर्ज हैं। दूसरा आरोपी राजस्थान के खुशखेड़ा थाना क्षेत्र का रहने वाला गोविंद है। जिस पर पहले से हत्या, हत्या प्रयास, लूट, डकैती और फिरौती जैसे 14- 15 केस हरियाणा और राजस्थान में दर्ज हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस आरोपियों की हिस्ट्री खंगाल रही है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपियों को पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताद की जाएगी। रतिराम ने दी थी शिकायत गांव बखापुर निवासी रतिराम ने कसोल थाना पुलिस को शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि 28 जून को पल्सर बाइक पर तीन युवक आए और फायरिंग कर फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद कसोला थाना पुलिस ने केस दर्ज किया था। हालांकि तब पुलिस फायरिंग की पुष्टि नहीं कर पाई थी।
गौतमबुद्ध नगर की डीएम मेघा रूपम ने गुरुवार को हाईकोर्ट में उपस्थित होकर भुगतान ग्रैच्युटी अधिनियम के तहत जारी वसूली नोटिस का पालन न होने और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के लिए बिना शर्त माफी मांगी। साथ ही कोर्ट को आश्वस्त किया कि नियत प्रक्रिया का पालन करते हुए नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड के नाम पर नया वसूली नोटिस जारी किया जाता है तो प्रशासन उक्त राशि की वसूली सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। कोर्ट ने प्रशासन की ओर से मिले पुख्ता आश्वासन और परिस्थितियों को देखते हुए सभी याचिकाओं को आवश्यक दिशानिर्देशों के साथ निस्तारित कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की ने महेंद्र दत्त शर्मा सहित चार अन्य की याचिकाओं पर उनके अधिवक्ता राधेश्याम द्विवेदी और अपर महाधिवक्ता अशोक मेहता व मुख्य स्थायी अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह को सुनकर दिया। क्या है मामला जानिये मामले के तथ्यों के अनुसार मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स के खिलाफ ग्रैच्युटी भुगतान प्राधिकरण ने लगभग सात लाख रुपये और उस पर ब्याज की वसूली के लिए 13 जून 2024 को वसूली नोटिस जारी किया था। राज्य सरकार के अधिकारियों का कहना था कि दिए गए पते पर उक्त कंपनी का कोई अस्तित्व नहीं मिला। जांच में यह सामने आया कि मैसर्स तिलक एक्सपोर्ट्स को पहले ही एक नई कंपनी उमा मेडिकेयर लिमिटेड को बेचा जा चुका है। वसूली नोटिस नई कंपनी के नाम पर नहीं था इसलिए प्रशासन इसे निष्पादित करने में असमर्थ रहा।
बेटे की हत्या के दोषी सौतेले पिता की सजा बरकरार:हाईकोर्ट ने उम्रकैद के खिलाफ अपील खारिज कर दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने गोरखपुर के प्रदीप उर्फ अमन चौरसिया की आपराधिक अपील खारिज करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। गोरखपुर के चिलुवाताल थाना क्षेत्र में 28 अक्टूबर 2015 को दो साल के मासूम अभिमन्यु की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। बच्चे की मां मुन्नी देवी ने पुलिस को बताया कि उसका दूसरा पति प्रदीप, अभिमन्यु से (जो उसके पहले पति से था) नफरत करता था और अक्सर उसे पीटता था। घटना के दिन मुन्नी देवी बर्तन धो रही थी, तभी बच्चे की चीख सुनकर वह कमरे में पहुंची और प्रदीप को बेटे को पीटते देखा। प्रदीप मौके से फरार हो गया और बाद में पता चला कि बच्चे की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले पर चोट के निशान और हड्डी टूटी हुई पाई गई, जिससे दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई। ट्रायल कोर्ट ने 27 मई 2022 को प्रदीप को आईपीसी धारा 302 के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कोर्ट में दलील काम न आई बचाव पक्ष ने एफआईआर दर्ज करने में देरी, गवाहों के मुकर जाने और तहरीर दरोगा के कहने पर लिखे जाने जैसी दलीलें दीं। लेकिन कोर्ट ने पाया कि एफआईआर सिर्फ सवा घंटे में दर्ज हो गई थी, इसलिए देरी का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि पांच में से चार गवाह मुकर गए, लेकिन कोर्ट ने माना कि मां मुन्नी देवी घटना की इकलौती व चश्मदीद गवाह थी और उसकी गवाही पूरी तरह विश्वसनीय है। कोर्ट ने कहा कि एक मां अपने बेटे की हत्या के असली दोषी को बचाकर अपने ही पति को झूठा नहीं फंसाएगी, खासकर जब उसने उसके लिए अपना पहला पति तक छोड़ दिया हो। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि रिश्तेदार होना गवाह को 'हितबद्ध नहीं बनाता। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले में कोई खामी न पाते हुए सजा के खिलाफ अपील खारिज कर दी। अभियुक्त 31 अक्टूबर 2015 से जेल में बंद है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर के समीप सड़क चौड़ीकरण और सुंदरीकरण परियोजना के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को जनहित और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए किसी भी भूमि या धार्मिक संपत्ति का अधिग्रहण करने का संप्रभु अधिकार प्राप्त है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति अरुण कुमार की खंडपीठ ने सैयद रशीद अली व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य व अन्य में अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी, एडिशनल सीएससी सुरेश सिंह, नगर निगम वाराणसी के अधिवक्ता विनीत संकल्प और वीडीए के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। जानिये क्या है मामला दालमंडी मार्केट के छह दुकानदारों, जो किराएदार हैं ने याचिका में दालमंडी स्थित उनकी दुकानों और भवनों से मनमाने ढंग से बेदखल न करने, प्रशासन द्वारा बलपूर्वक बेदखली या पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जरिए किसी भी तरह का उत्पीड़न रोकने और क्षेत्र में स्थित छह प्राचीन मस्जिदों (अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद, मस्जिद रंगीले शाह, मस्जिद अली रज़ा खान, मस्जिद करीमुल्लाह बेग, मस्जिद निसारन और मस्जिद संगमरमर) को ढहाने या उनका स्वरूप बदलने से रोकने की मांग की थ। याचियों का तर्क था कि दालमंडी मुस्लिम बहुल और बेहद पुराना व्यस्त बाजार है। चौड़ीकरण के लोक निर्माण विभाग के 21,588.24 लाख के बजट वाले प्रोजेक्ट से हजारों लोगों की आजीविका छिन जाएगी। साथ ही उन्होंने 'पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 का हवाला देकर मस्जिदों के अधिग्रहण को अवैध बताया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता केवल किराएदार हैं और उनके पास रेंट एग्रीमेंट या बिजली बिल जैसी सीमित चीजें हैं। लंबे समय से व्यापार करने मात्र से उनका अधिकार मालिकाना हक में नहीं बदल जाता। भूमि अधिग्रहण कानून (अधिनियम 2013) के तहत मुख्य रूप से संपत्ति के वास्तविक मालिक को ही आपत्ति जताने या मुआवजे की बातचीत करने का अधिकार होता है। संपत्ति मालिकों ने इस परियोजना पर कोई आपत्ति नहीं जताई है। धार्मिक स्थल को लेकर दलीलें याचिकाकर्ताओं के सबसे बड़े तर्क को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि 1991 का अधिनियम राज्य सरकार के भूमि अधिग्रहण के अधिकार को नहीं रोकता। इस अधिनियम का एकमात्र उद्देश्य किसी सार्वजनिक पूजा स्थल को एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित होने से रोकना है। यह अधिनियम धर्मनिरपेक्ष और सार्वजनिक उद्देश्यों जैसे सड़क चौड़ीकरण या बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य द्वारा किए जाने वाले वैध अधिग्रहण के खिलाफ कोई सुरक्षा कवच या ढाल नहीं है। ऐतिहासिक फैसलें का जिक्र हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ द्वारा डॉ एम इस्माइल फारूकी बनाम भारत संघ (1994) मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले का संदर्भ दिया, जिसमें कहा गया था कि मस्जिद सहित कोई भी अचल संपत्ति राज्य द्वारा अधिग्रहित की जा सकती है। मस्जिद को अन्य धर्मों के पूजा स्थलों से अलग कोई विशेष संवैधानिक छूट प्राप्त नहीं है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि संशोधित वक्फ अधिनियम की धारा 51 और 91 भी जनहित में वक्फ बोर्ड की सलाह से भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत संपत्तियों के अधिग्रहण की अनुमति देती है। मस्जिदों के प्रबंधन (मुतवल्ली) या वक्फ बोर्ड ने सीधे तौर पर इस पर आपत्ति नहीं जताई है इसलिए दुकानदारों द्वारा इस मुद्दे को उठाना प्रासंगिक नहीं है। सरकारी वकील ने पक्ष रखा सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता महेश चंद्र चतुर्वेदी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि प्रशासन किसी को अवैध रूप से बेदखल नहीं कर रहा है। आपसी सहमति के आधार पर सेल डीड निष्पादित कर जमीनें ली जा रही हैं, और जो लोग सहमत नहीं हैं उनके लिए भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 के तहत धारा 11 की अधिसूचना जारी कर उचित मुआवजे और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। वहीं, जर्जर भवनों पर नगर निगम और वाराणसी विकास प्राधिकरण अपने नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं।
मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र में एक फल विक्रेता का शव गुरुवार रात करीब साढ़े आठ बजे फंदे के सहारे लटका मिलने के बाद सनसनी फैल गई। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। इसके बाद शव को नीचे उतारकर पंचनामे की कार्रवाई करते हुए मोर्चरी भिजवा दिया। चर्चा है कि युवक कर्ज से परेशान था। नौचंदी थाना क्षेत्र के जयदेवी नगर में फल विक्रेता 31 वर्षीय मनोज अपने परिवार के साथ रहता चला आ रहा था। गुरुवार को मनोज की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके गई हुई थी। रात करीब साढ़े आठ बजे इसी घर में रहने वाला एक बच्चा मनोज के कमरे पर पहुंचा तो अचानक जोर जोर से चिल्लाने लगा। शोर सुनकर लोग पहुंचे तो पाया मनोज का शव फंदे के सहारे लटका हुआ था और उसकी मौत हो चुकी थी। दिन में पत्नी-बच्चों से की थी मारपीट भाई हरिकिशन ने बताया कि सुबह मनोज का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। इसी विवाद में मनोज ने पत्नी व बच्चों से मारपीट कर दी। मनोज की पत्नी नौचंदी थाने चली गई और वहां से पुलिस वालों को बुलाकर ले आई। पुलिस वाले समझाकर लौट गए। उन्होंने सलाह दी कि पत्नी को मायके भेज दो, जब गुस्सा शांत हो जाएगा तो लेकर आ जाना। इसके बाद पत्नी घर चली गई और रात में मनोज ने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया। नौचंदी पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाया सुसाइड की सूचना पाकर नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने कमरे की अच्छी तरह छानबीन की। सुसाइड नोट की संभावनाओं को भी तलाशा लेकिन कुछ नहीं मिला। कुछ ही देर में फोरेंसिक टीम को भी बुला लिया गया। फोरेंसिक टीम ने शव फंदे से नीचे उतारा और जांच की। इसके बाद पुलिस ने शव को मोर्चरी भिजवा दिया। कर्ज से परेशान चल रहा था मनोज शुरुआती छानबीन में सामने आया कि मनोज कर्ज से काफी समय से परेशान चल रहा था। उस पर तीन से चार लाख रुपये का कर्ज था। धीरे धीरे वह इतना परेशान रहने लगा कि उसने शराब तक पीनी शुरु कर दी। इसको लेकर आए दिन घर में भी विवाद शुरु हो गया। मनोज देर रात तक शराब पीता था। पत्नी विरोध करती तो वह मारपीट करता था। पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का राज एसएचओ नौचंदी अनूप सिंह ने बताया कि मनोज कर्ज से परेशान था, जिस कारण उसने फांसी लगाकर जान दे दी। उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की स्पष्ट वजह पता चल सकेगी। सुबह पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानपुर देहात के 1982 के एक बहुचर्चित हत्या मामले में आरोपी बसंत सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात द्वारा 28 अप्रैल 1988 को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया। जानिये क्या है मामला 15 अक्टूबर 1982 की रात मंगलपुर थाना क्षेत्र में रामाधार त्यागी के पुत्र कृष्णाधार उर्फ छोटे की उनके ट्यूबवेल पर हत्या कर दी गई थी। शुरुआती एफआईआर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुई थी। घटना के करीब चार महीने बाद, फरवरी 1983 में, त्यागी ने दूसरी लिखित रिपोर्ट देकर उदय कुमार चौबे पर शक जताया। बाद में पुलिस ने उदय कुमार, धर्मराज, बसंत सिंह और राजाराम सहित कई लोगों के खिलाफ हत्या, गैरकानूनी जमावड़े व साजिश की धाराओं में आरोपपत्र दाखिल किया। ट्रायल कोर्ट ने सभी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपील की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि अपीलकर्ताओं में से उदय कुमार, धर्मराज और राजाराम की मृत्यु हो चुकी थी, इसलिए उनके मामले निष्प्रभावी घोषित कर दिए गए। सुनवाई केवल बसंत सिंह तक सीमित रही। कोर्ट ने कहा सबूत ठोस नहीं हाईकोर्ट ने पाया कि पहली एफआईआर में किसी का नाम नहीं था और चार महीने बाद दी गई दूसरी रिपोर्ट भी केवल शक पर आधारित थी। अभियोजन के सभी गवाह प्रत्यक्षदर्शी नहीं थे, और उनकी गवाही में भारी विरोधाभास पाए गए ।कई गवाहों ने कथित तौर पर हत्या की साजिश या आरोपियों को घटनास्थल की ओर जाते देखने की बात कही, लेकिन यह जानकारी उन्होंने महीनों तक किसी को नहीं बताई, न परिवार को, न पुलिस को। जांच अधिकारी ने भी इन गवाहों के बयान घटना के तीन-चार महीने बाद दर्ज किए। कोर्ट ने कहा कि घटनास्थल से हथियार या कोई ठोस सुबूत बरामद नहीं हुआ, और ट्रायल कोर्ट ने केवल पुरानी रंजिश व गांव की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के आधार पर, बिना ठोस प्रमाण के, दोषसिद्धि कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए खंडपीठ ने कहा कि रंजिश दोधारी तलवार है। यह अपराध का मकसद भी हो सकती है और झूठी फंसाने की वजह भी। कोर्ट ने यह भी दोहराया कि शक चाहे कितना भी गहरा हो, वह सबूत की जगह नहीं ले सकता, और गंभीर अपराध में सबूत का स्तर उतना ही मजबूत होना चाहिए। कोर्ट ने इसे कोई सुबूत नहीं वाला मामला बताते हुए ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया, आरोपी बसंत सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया और उसकी जमानत बांड रद्द करते हुए आत्मसमर्पण की आवश्यकता समाप्त कर दी।
वाराणसी में सिनेमा हाल की जमीन पर होटल निर्माण होगा:113 साल पुराने बैनामे के आगे झुका तालाब का दावा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नगर निगम, वाराणसी के उस पत्र को रद्द कर दिया है जिसमें एक होटल परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र यह कहकर देने से इन्कार किया गया था कि संबंधित जमीन वर्ष 1884 के राजस्व अभिलेखों में तालाब के रूप में दर्ज थी। न्यायमूर्ति नीरज तिवारी और न्यायमूर्ति सुधांशु चौहान की खंडपीठ ने मेसर्स नॉट्स इंडिया कारपेट्स प्राइवेट लिमिटेड की याचिका को स्वीकार करते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सिनेमाहाल की जमीन का मामला मामला वाराणसी के मिसिर पोखरा स्थित मशहूर मज़दा सिनेमा की भूमि (अराजी संख्या 2404) से जुड़ा है, जहां याची कंपनी लगभग 100 करोड़ रुपये के निवेश से एक स्टार होटल बनाना चाहती है। नगर निगम, वाराणसी के अपर नगर आयुक्त ने 24 जनवरी 2026 के पत्र के ज़रिए अनापत्ति देने से इन्कार करते हुए तर्क दिया था कि फसली वर्ष 1291 (सन् 1884) के राजस्व अभिलेखों में यह भूमि तालाब के रूप में दर्ज थी। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश ज़मींदारी उन्मूलन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई भी शुरू कर दी गई थी। याची की ओर से बताया गया कि यह भूमि वर्ष 1913 में नगर पालिका बोर्ड, बनारस द्वारा एक पंजीकृत बैनामे के जरिए महाराजा महिंद्र चंद्र नंदी को बेची गई थी, जिसमें साफ तौर पर भूमि पर निर्माण मौजूद होने का उल्लेख है। इसके बाद यह संपत्ति कई हाथों से होते हुए वर्ष 2011 में याची कंपनी के पास आई। 1927 से ही यह संपत्ति नगर निगम के अभिलेखों में हाउस टैक्स और वाटर टैक्स के लिए दर्ज है, और 1954 (फसली 1361) से लगातार आबादी भूमि के रूप में दर्ज चली आ रही है। नगर आयुक्त ने दाखिल किया हलफनामा अदालत के आदेश पर प्रमुख सचिव, नगर विकास विभाग और नगर आयुक्त, वाराणसी ने व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल किए, जिनमें आईआईटी-बीएचयू की एक रिपोर्ट का हवाला दिया गया। कोर्ट ने पाया कि यह रिपोर्ट भी याचिका दाखिल होने के बाद तैयार कराई गई थी, और खुद रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि मौके पर कोई जलाशय मौजूद नहीं है। जमीन मिट्टी, गाद और मलबे से भरी हुई है, इसलिए वहां किसी भी पुनर्विकास कार्य को नए तालाब निर्माण के नियमों आंख के तहत ही किया जाना चाहिए। फसली वर्ष 1291 के बाद के अभिलेख या तो उपलब्ध नहीं हैं या जर्जर हालत में हैं, जिन पर प्रशासन ने भरोसा भी नहीं किया।फसली 1361 से लगातार भूमि आबादी के रूप में दर्ज है।यह इलाका वाराणसी के घनी आबादी वाले लक्सा क्षेत्र में स्थित है।याची की जमीन पर ही कार्रवाई केंद्रित करना और शेष 0.688 हेक्टेयर अराजी पर कोई कदम न उठाना भेदभावपूर्ण और संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है।113 वर्ष पुराने वैध, पंजीकृत बैनामे की सत्यता को नगर निगम ने कभी चुनौती नहीं दी, इसलिए अब वह इस स्थिति से पीछे नहीं हट सकता । कोर्ट ने हींच लाल तिवारी, जगपाल सिंह और जितेंद्र सिंह जैसे सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर भी विचार किया, लेकिन कहा कि वे मामले अलग तथ्यों पर आधारित थे। इसके बजाय राज्य बनाम अल्ट्राटेक सीमेंट (2022) के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि जब मौके पर वास्तव में कोई जलाशय मौजूद ही नहीं है, तो केवल पुराने अभिलेखों के आधार पर अनुमति रोकना उचित नहीं। कोर्ट ने 24 जनवरी 2026 के पत्र को रद्द करते हुए नगर निगम को निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर याची के अनापत्ति आवेदन पर नए सिरे से विचार करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि राजस्व संहिता के तहत चल रही अलग कार्यवाही पर याची उचित मंच पर आपत्ति उठाने के लिए स्वतंत्र होगा।
खुद को पत्रकार बताने वाले एक तथाकथित पत्रकार के खिलाफ नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर सीतापुर पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला लखनऊ कमिश्नरेट के हसनगंज थाने को स्थानांतरित कर दिया है, क्योंकि कथित घटना लखनऊ में हुई बताई गई है। अब मामले की विवेचना हसनगंज पुलिस करेगी। रिश्तेदारी का फायदा उठाकर वारदात का आरोप पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस अधीक्षक को दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आरोपी रंजीत सिंह राठौर जो खुद को पत्रकार बताता है, परिचित होने के कारण लखनऊ स्थित रिश्तेदार के घर पहुंचा। आरोप है कि वह अपने साथ आम का शेक लेकर आया, जिसमें पहले से नशीला पदार्थ मिलाया गया था। शेक पीने के बाद नाबालिग और घर में मौजूद एक महिला बेहोश हो गईं। बेहोशी का फायदा उठाकर दुष्कर्म करने का आरोप शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दोनों के अचेत होने के बाद आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया और मौके से फरार हो गया। कुछ समय बाद परिजनों के पहुंचने पर दोनों बेसुध हालत में मिले, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना पूरी तरह सुनियोजित थी। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज, जांच लखनऊ पुलिस को सौंपी गई पीड़ित पक्ष की शिकायत पर सीतापुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। जांच में सामने आया कि कथित घटना लखनऊ के हसनगंज थाना क्षेत्र की है। इसके बाद विधिक प्रक्रिया के तहत विवेचना लखनऊ कमिश्नरेट के हसनगंज थाने को स्थानांतरित कर दी गई है। हसनगंज पुलिस अब मामले में मेडिकल रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्य, घटनास्थल से जुड़े प्रमाण और संबंधित लोगों के बयान दर्ज करेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान के दौसा के पास हंस ट्रेवल्स की बस की ट्रेलर से टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 22 से अधिक यात्री घायल हुए थे। इस हादसे में इंदौर की इंजीनियरिंग छात्रा भूमि भोरे और अन्नपूर्णा क्षेत्र निवासी निर्मला गुप्ता की भी जान चली गई थी। गुरुवार को डीएनए जांच के जरिए दोनों शवों की पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम कराया गया और शव परिजन को सौंप दिए गए। परिजन गुरुवार शाम शव लेकर राजस्थान से इंदौर के लिए रवाना हो गए। दोनों का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा। दरअसल, मंगलवार को दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। भूमि भोरे, सुखलिया निवासी थीं। वह अपनी दो रिश्तेदार युवतियों लीजा और दिशा तथा तीन अन्य युवकों के साथ मसूरी और अन्य पर्यटन स्थलों की यात्रा पर गई थीं। वहीं, निर्मला गुप्ता अपने पति चंद्रप्रकाश गुप्ता के साथ चारधाम यात्रा से लौट रही थीं। दोनों इंदौर लौटने के लिए हंस ट्रेवल्स की बस में सवार थीं, तभी दौसा के पास यह भीषण हादसा हो गया। भूमि के परिजनों में उनके बड़े पिता, पिता और अन्य रिश्तेदार शव लेने राजस्थान पहुंचे थे। वहीं, निर्मला गुप्ता के परिवार की ओर से उनकी बेटी, दामाद और अन्य परिजन वहां पहुंचे। हादसे के बाद से दोनों परिवार गहरे सदमे में हैं। मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… ऋषिकेश से इंदौर आ रही बस ट्रेलर से टकराई, 8 मौतें राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। ऋषिकेश से इंदौर जा रही स्लीपर बस आगे चल रहे ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहनों में आग लग गई। पढ़िए पूरी खबर।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1986 के एक बहुचर्चित अपहरण और जालसाजी के मामले में सत्र न्यायालय, एटा द्वारा आरोपियों को दी गई आजीवन कारावास की सजा को रद्द करते हुए राम किशोर, राम भरोसे, भूदेव और दिनेश सिंह को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया । जानिये क्या है मामला थाना जैथरा, जिला एटा में दर्ज मामले के अनुसार, शिकायतकर्ता फूलश्री ने आरोप लगाया था कि उसके भाई राम दुलारे को 8 मार्च 1986 को आरोपी बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए थे। उन्होंने किसी अन्य व्यक्ति को राम दुलारे के स्थान पर खड़ा कर उसकी जमीन का फर्जी बैनामा दिनेश के नाम करा लिया और बाद में राम दुलारे को गायब कर दिया। इस मामले में आईपीसी की धारा 364, 420, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। सत्र न्यायालय, एटा ने 9 अक्टूबर 1990 को सभी चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए धारा 364 में आजीवन कारावास, धारा 420 में पांच वर्ष और धारा 468 में सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। बयानों में विरोधाभास हाईकोर्ट ने अभियोजन पक्ष के तीनों प्रत्यक्षदर्शी गवाहों कृपाल सिंह, फूलश्री और महावीर के बयानों का बारीकी से विश्लेषण करते हुए पाया कि इनके बयानों में परस्पर विरोधाभास हैं और अंतिम बार साथ देखे जाने के सिद्धांत को समर्थन देने वाला कोई ठोस पुष्ट साक्ष्य मौजूद नहीं है। कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, जब तक कि उसकी पुष्टि करने वाला अन्य सुसंगत साक्ष्य न हो। लास्ट सीन टुगेदर सिद्धांत स्वयं में अपराध सिद्ध नहीं इसके अलावा, पीठ ने ट्रायल कोर्ट की इस टिप्पणी को भी गलत ठहराया कि विवादित बिक्री-पत्र फर्जी था, क्योंकि यह निर्णय किसी सक्षम सिविल न्यायालय द्वारा साक्ष्यों की जांच के बाद नहीं दिया गया था। हाईकोर्ट के अनुसार, कोई भी आपराधिक अदालत बिना सिविल कोर्ट के निर्णायक निष्कर्ष के किसी दस्तावेज़ को फर्जी घोषित कर धोखाधड़ी और जालसाजी का दोषी नहीं ठहरा सकती। रिपोर्ट दर्ज कराने में हुई करीब एक महीने की देरी को भी अदालत ने संदेहास्पद माना, जिसका अभियोजन पक्ष कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सका। इन तमाम कमियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को साक्ष्यों के विपरीत और विधि के स्थापित सिद्धांतों के प्रतिकूल मानते हुए रद्द कर दिया और सभी चारों अपीलकर्ताओं को दोषमुक्त करार दिया। चूंकि आरोपी पहले से जमानत पर थे, अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण से छूट देते हुए उनकी जमानत बॉन्ड रद्द कर दी।
बरेली के फतेहगंज पूर्वी थाना क्षेत्र के जिगनिया सादिक अली गांव में गुरुवार रात करीब साढ़े 10 बजे एक मामूली सी चिंगारी ने गरीब परिवार की पूरी जिंदगी बदल दी। परिवार रोज की तरह झोपड़ी में खाना बना रहा था। किसी ने सोचा भी नहीं था कि चूल्हे से निकली एक चिंगारी कुछ ही मिनटों में पूरे घर को आग के हवाले कर देगी। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तब तक झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी और परिवार की वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई पूरी गृहस्थी राख में बदल चुकी थी। फूस की झोपड़ी होने से तेजी से फैली आगगांव निवासी रामकिशोर अपने दो बेटों के परिवार के साथ फूस की झोपड़ी में रहते हैं। गुरुवार को घर में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान चूल्हे से निकली चिंगारी झोपड़ी के छप्पर और अंदर रखे सामान पर जा गिरी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। फूस और लकड़ी से बनी झोपड़ी होने के कारण लपटें तेजी से फैल गईं और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इंजन, अनाज, बर्तन, कपड़े... कुछ भी नहीं बचाआग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर में रखा एक-एक सामान जल गया। खेती में इस्तेमाल होने वाला इंजन, कई महीने का अनाज, बर्तन, चारपाई, कपड़े और जरूरी घरेलू सामान सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि परिवार के छोटे बच्चों के तन पर पहनने के लिए भी कपड़े नहीं बचे। वर्षों की मेहनत और जमा-पूंजी कुछ ही मिनटों में राख हो गई। आग की लपटें देख दौड़े ग्रामीण, घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबूझोपड़ी से उठती ऊंची लपटें और धुएं का गुबार देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने घंटों तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। अगर समय रहते ग्रामीण एकजुट होकर आग बुझाने नहीं पहुंचते तो आसपास की अन्य झोपड़ियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेडघटना की जानकारी मिलते ही फतेहगंज पूर्वी थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम गांव पहुंची। हालांकि तब तक ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई जा चुकी थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली और नुकसान का जायजा लिया। खुले आसमान के नीचे पहुंचा परिवारआग बुझने के बाद जब परिवार ने अपनी झोपड़ी की ओर देखा तो वहां सिर्फ राख का ढेर बचा था। रहने का ठिकाना खत्म हो चुका था और रोजमर्रा के इस्तेमाल का कोई सामान नहीं बचा। अब परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है और उनके सामने दो वक्त की रोटी से लेकर बच्चों के कपड़ों तक का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन से मदद की मांगघटना के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार बेहद गरीब है और बिना सरकारी मदद के दोबारा अपनी गृहस्थी बसाना उनके लिए संभव नहीं होगा। फिलहाल गांव के लोग अपने स्तर पर परिवार की मदद करने में जुटे हैं, ताकि उन्हें तत्काल राहत मिल सके।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में प्रवक्ताओं की भर्ती का अंतिम परिणाम बृहस्पतिवार को घोषित कर दिया है। आयोग ने पांच तकनीकी विषयों में 13 पदों के सापेक्ष 12 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया है। इन पदों के लिए विज्ञापन 15 सितंबर 2021 को जारी किया गया था और इंटरव्यू एक जून 2026 को आयोजित किए गए थे। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन विषय के लिए विज्ञापित तीन पदों में से केवल दो पर ही चयन हो सका है। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में पात्र अभ्यर्थी न मिलने के कारण एक पद रिक्त रह गया है। चयनित अभ्यर्थियों में प्लास्टिक मोल्ड टेक्नोलॉजी विषय से राहुल कुमार और हेमंत पाल शामिल हैं। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग (इंडस्ट्रियल एंड कंट्रोल) विषय में राजगुरु तिवारी का चयन हुआ है। इंस्ट्रूमेंटेशन एंड कंट्रोल विषय में आशीष कुमार सिंह, वरुणेंद्र कुमार सिंह, अरुण झा, श्रुति यादव और रवींद्र को सफलता मिली है। इंटीरियर डिजाइन एंड डेकोरेशन विषय में मो. साजिम और ज्योति सिंह तथा फुटवियर टेक्नोलॉजी विषय में संजय चाहर और अर्जुन वर्मा का चयन किया गया है। जिन चयनित अभ्यर्थियों के नाम के आगे 'प्रोविजनल' अंकित है, उन्हें आयोग द्वारा निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह परिणाम उच्च न्यायालय में विचाराधीन विशेष अपील पर पारित होने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। अभ्यर्थी अपने प्राप्तांक और कट-ऑफ की जानकारी आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in पर देख सकते हैं।
मथुरा में आगामी मुड़िया पूर्णिमा मेला-2026 की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक हुई। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में गुरुवार शाम 7 बजे यह बैठक आयोजित की गई। गोवर्धन में 23 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस मेले की व्यवस्थाएं 15 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए हैं। मेला क्षेत्र को 9 सुपर जोन, 21 जोन और 62 सेक्टर में बांटा गया है। सुरक्षा के लिए 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां, 31 वॉच टावर, 150 बैरियर, 183 सीसीटीवी कैमरे और 350 पीए सिस्टम लगाए जाएंगे। पूरे क्षेत्र को रोशन करने के लिए 1281 एलईडी लाइटें, 14 सेमी मास्ट, एक हाई मास्ट और 212 सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए 5 खोया-पाया केंद्र, 140 हैंडपंप, 30 पानी के टैंकर, 17 आरओ प्लांट और 25 मोबाइल शौचालय उपलब्ध रहेंगे। इसके अतिरिक्त, 3 जनसुविधा केंद्र और 61 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 22 चिकित्सा शिविर, 14 एंबुलेंस और 5 बाइक एंबुलेंस टीमें तैनात की जाएंगी। परिवहन के लिए 1100 रोडवेज बसें और आपातकालीन सेवाओं के लिए 19 अग्निशमन वाहन उपलब्ध रहेंगे। मानसी गंगा पर एसडीआरएफ टीम और विभिन्न स्थानों पर पीएसी भी तैनात की जाएगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष मेले में 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आए थे। इस बार मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा मार्ग को अतिक्रमण मुक्त करने, वॉल पेंटिंग, तिरंगा लाइटिंग, फसाड लाइटिंग और सजावट से आकर्षक बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी विद्युत पोलों की प्लास्टिक रैपिंग, क्षतिग्रस्त पोलों को बदलने, ट्रांसफार्मरों की फेंसिंग और स्ट्रीट व सोलर लाइटों को दुरुस्त करने के आदेश भी दिए गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी चिकित्सा शिविरों पर चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने एंटी-वेनम दवाओं का पर्याप्त स्टॉक रखने और सरकारी व निजी अस्पतालों की मैपिंग कराने पर भी जोर दिया। सीसीटीवी, पीए सिस्टम,पार्किंग व्यवस्था और डाइवर्जन प्लान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
कौशांबी के सिहोरी टोल प्लाजा पर हुए एलपीजी टैंकर हादसे में दो और लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई है। इसके साथ ही इस दुर्घटना में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है। एक अन्य घायल का इलाज अभी भी जारी है। गुरुवार को हीरामणि सिंह (29) और कृष्णपाल मौर्य ने दम तोड़ दिया। हीरामणि रायबरेली के नसीराबाद थाना क्षेत्र के राजापुर के निवासी थे, जबकि कृष्णपाल मौर्य मध्य प्रदेश के सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र के कठैली गांव के रहने वाले थे। यह हादसा बीते 26 जून शुक्रवार की सुबह करीब 6:40 बजे हुआ था, जब एक एलपीजी गैस टैंकर टोल प्लाजा की दीवार से टकरा गया था। टक्कर के बाद भीषण आग लग गई थी, जिससे पूरा टोल प्लाजा जलकर राख हो गया था। हादसे के दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोल कर्मचारी आलोक सिंह की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार रात को टोल कर्मचारी अनिल कुमार ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। मृतक हीरामणि सिंह अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे। उनके चाचा माधव प्रताप सिंह के अनुसार, चार साल पहले उनके पिता वीरेंद्र बहादुर सिंह का निधन हो गया था। उनके परिवार में मां मायावती सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह और दो छोटे बेटे युग (9) और वेद (5) हैं। कृष्णपाल मौर्य दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई वेद प्रकाश मौर्य ने बताया कि कृष्णपाल पिछले दो वर्षों से कौशांबी के कोखराज स्थित सिहोरी टोल प्लाजा पर कार्यरत थे। पुलिस अब मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम करा रही है। घायल अतुल कुमार मिश्रा का प्रयागराज के बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।
बेमेतरा जिले के बेरला जनपद के ग्राम खंगारपाट और बोहारडीह में चल रहे खनन विवाद की जांच के लिए गुरुवार को प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ग्रामीण लंबे समय से खनन का विरोध कर रहे थे। इसी मामले में पांच लोगों ने लिखित शिकायत भी दी थी, जिसके आधार पर जांच की जा रही थी। लेकिन जब टीम जांच के लिए गांव पहुंची, तो शिकायतकर्ता मौके पर मौजूद नहीं थे। इस पर गांव के सरपंच कमल बघेल और ग्रामीणों ने मांग की कि जांच उनकी मौजूदगी में ही हो। इसी बात को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच कुछ देर तक बहस और असहमति की स्थिति बनी रही। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया और बाद में प्रशासन ने शिकायतकर्ताओं के बिना ही जांच प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान एसडीएम दीप्ति वर्मा, तहसीलदार, एसडीओपी विनय साहू, खनिज अधिकारी रोहित साहू समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने जांच के बाद आगे आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हरगांव एसएचओ बलवंत शाही लाइन हाजिर:मंत्री से विवाद और कार्य में लापरवाही बनी वजह, एसपी की कार्रवाई
सीतापुर में हरगांव थाना प्रभारी बलवंत शाही को एसपी अंकुर अग्रवाल ने गुरुवार शाम 10 बजे लाइन हाजिर कर दिया है। बताया जा रहा है कि कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही से विवाद और काम में लापरवाही के कारण उनके खिलाफ यह कार्रवाई की गई। क्राइम मीटिंग में भी थाना स्तर के कामों में कई खामियां सामने आने के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाया था। 21 जून को हरगांव थाना क्षेत्र में दो पक्षों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। आरोप है कि घटना के बाद थाना प्रभारी ने तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया। इस मामले को लेकर कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने नाराजगी भी जताई थी। मंत्री का कहना था कि एक पक्ष की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया जाए, जबकि थाना प्रभारी बलवंत शाही का पक्ष था कि मारपीट की घटना में दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज किया जाएगा। मामला बढ़ने पर मंत्री ने एसपी अंकुर अग्रवाल से मुलाकात कर थाना प्रभारी की कार्यशैली की शिकायत की। इसके बाद एसपी के हस्तक्षेप पर हरगांव पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के बाद थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इसी बीच बुधवार रात आयोजित क्राइम मीटिंग में भी हरगांव थाने के कार्यों की समीक्षा के दौरान कई कमियां सामने आईं। लंबित मामलों के निस्तारण और कानून-व्यवस्था से जुड़े बिंदुओं पर संतोषजनक प्रगति न मिलने पर पुलिस अधीक्षक ने नाराजगी जताई। इन सभी परिस्थितियों को देखते हुए एसपी अंकुर अग्रवाल ने थाना प्रभारी बलवंत शाही को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि विभागीय स्तर पर मामले की समीक्षा और आगे की कार्रवाई भी जारी है।
दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के नंदरई गांव में गुरुवार शाम तेज बारिश के दौरान एक घर पर आकाशीय बिजली गिर गई। इस हादसे में घर आई दो वर्षीय मासूम भांजी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी नानी गंभीर रूप से झुलस गईं। घायल महिला को इलाज के लिए जिला अस्पताल दमोह में भर्ती कराया गया है। तेज बारिश के दौरान मकान पर गिरी बिजली यह हादसा गुरुवार शाम करीब सात बजे हुआ। नंदरई गांव के रहने वाले गोलू आदिवासी के घर पर तेज चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरी। उस वक्त गोलू की बहन और दो साल की भांजी देवांशी पिता राजेश गौंड घर पर ही मौजूद थे। बिजली की चपेट में आने से मासूम देवांशी बेहोश हो गई, वहीं गोलू की 58 वर्षीय मां केशरानी गंभीर रूप से घायल हो गईं। स्वास्थ्य केंद्र में मासूम को डॉक्टरों ने घोषित किया मृत परिजन दोनों को तुरंत इलाज के लिए पथरिया स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद दो वर्षीय देवांशी को मृत घोषित कर दिया। वहीं नानी केशरानी की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार देकर तुरंत जिला अस्पताल दमोह के लिए रेफर कर दिया। घायल महिला की हालत स्थिर जिला अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर चक्रेश चौधरी ने बताया कि आकाशीय बिजली से झुलसी 58 वर्षीय महिला का इलाज जारी है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही पटवारी हरिशंकर सोनी ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया और मामले की रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेज दी है।
राजगढ़ जिले के जीरापुर की मूंदड़ा कॉलोनी में गुरुवार को बिजली कंपनी के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) के घर के बाहर हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। भरण-पोषण के मामले में जेई की तलाश करते हुए उनकी दूसरी पत्नी घर पहुंची थी। वहां दूसरी महिला के मौजूद होने की जानकारी मिलते ही विवाद भड़क गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को थाने ले गई। भरण-पोषण के मामले में तलाशते हुए पहुंची थी पत्नीजानकारी के मुताबिक, मुरैना जिले के आंबाह निवासी जेई सुभोध कुमार का पहला विवाह पहले ही हो चुका है और उनकी पहली पत्नी पैतृक गांव में रहती हैं। बाद में उन्होंने ग्वालियर जिले की एक महिला से दूसरा विवाह किया था। दोनों के बीच विवाद होने के बाद मामला न्यायालय पहुंच गया और फिलहाल भरण-पोषण का केस लंबित है। बताया गया कि हाल की पेशियों में जेई कोर्ट नहीं पहुंचे और भरण-पोषण की राशि भी जमा नहीं की। इसी कारण दूसरी पत्नी अपने एक रिश्तेदार के साथ उन्हें तलाशते हुए जीरापुर पहुंची। घर में दूसरी महिला को देखकर भड़का विवादमहिला जब जेई के घर पहुंची तो वहां एक अन्य महिला के मौजूद होने की जानकारी मिली। इसके बाद दोनों का आमना-सामना हुआ और कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। घर के बाहर हुए हंगामे से कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग बड़ी संख्या में जमा हो गए। पुलिस पहुंची, दोनों पक्षों ने दिए आवेदनस्थिति बिगड़ने पर किसी ने डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और जीरापुर थाने ले गई। यहां दोनों ने एक-दूसरे पर मारपीट, विवाद और परेशान करने के आरोप लगाते हुए अलग-अलग आवेदन दिए। जांच के बाद होगी कार्रवाईजीरापुर थाना प्रभारी हुकुमचंद मीणा ने बताया कि जेई और उनकी दूसरी पत्नी के बीच भरण-पोषण का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। महिला इसी सिलसिले में जीरापुर आई थी। दोनों पक्षों के आवेदन मिले हैं और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जालौन में वर्ष 2023 में BA की परीक्षा देकर लौट रही छात्रा रोशनी अहिरवार की उसके सिरफिरे आशिक ने अपने साथी के साथ गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। हत्याकांड से जुड़े गैंगस्टर एक्ट के मामले में गैंगस्टर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास तथा 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मजबूत साक्ष्यों और सक्षम न्यायालयीन पैरवी का परिणाम माना जा रहा है। गौरतलब है कि 17 मई 2023 को एट थाना क्षेत्र के कोटरा तिराहे पर बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा रोशनी अहिरवार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ऐंधा गांव निवासी रोशनी एट में स्थित राम लखन पटेल महाविद्यालय से परीक्षा देकर अपने घर लौट रही थी। इसी दौरान पल्सर बाइक से पहुंचे दो युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया और सिर में सटाकर गोली मार दी। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे जनपद में सनसनी फैल गई थी। मृतका की बड़ी बहन शीलम ने गांव जमरेही निवासी राज उर्फ आशीष के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तहरीर में आरोप लगाया गया था कि राज लगातार रोशनी पर शादी का दबाव बना रहा था। रोशनी द्वारा विवाह से इनकार किए जाने पर वह उसे लगातार धमकियां देता था और जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राज उर्फ आशीष को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हमीरपुर जनपद के बिंवार थाना क्षेत्र निवासी रोहित उर्फ गोविंदा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध हत्या के मामले में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया, जिसमें बाद में दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। पुलिस द्वारा गैंगस्टर एक्ट की विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) भारतेंदु सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत सशक्त साक्ष्यों एवं प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक आरोपी पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और न्यायालय में मजबूत पैरवी के चलते गंभीर मामलों में दोषसिद्धि सुनिश्चित की जा रही है। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत भविष्य में भी संगठित एवं जघन्य अपराधों में शामिल अपराधियों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग प्रयागराज द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा UP TET की पहले दिन की परीक्षा मथुरा में शांतिपूर्ण सम्पन्न हुई। यहां पहले दिन 15 परीक्षा केंद्रों पर दोनों पालियों में 10984 अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचे, जबकि 1702 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पहले दिन की परीक्षा देकर सेंटर से बाहर आए अभ्यर्थी प्रश्न पत्र को लेकर चर्चा करते नजर आए। किसी के चेहरे पर मुस्कान थी तो कोई चिंतित नजर आया। ज्यादातर अभ्यर्थियों ने कहा- प्रश्न आसान थे विशेषकर हिंदी और संस्कृत के। हालांकि कुछ ने कहा मनोविज्ञान में आए प्रश्नों ने जरूर उलझाया। परीक्षा के लिए सुबह से ही अभ्यर्थी सेंटरों पर पहुंच गए। 15 सेंटर पर हुई परीक्षा मथुरा में UP TET की परीक्षा के लिए 15 सेंटर बनाए गए हैं। यहां पहले दिन हुई परीक्षा से पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। प्रशासन की निगरानी और पुलिस की मुस्तैदी से पहले दिन की परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। सेंटर पर अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही एंट्री दी गई। मेटल डिटेक्टर से चेकिंग करने के बाद बायो मैट्रिक चैकिंग भी की गई। महिला अभ्यर्थियों के बाल खुलवाए गए तो पुरुष अभ्यर्थियों के जूते सेंटर से बाहर ही उतरवा दिए। पहली पाली में 887 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित UP TET की परीक्षा में पहले दिन की पहली पाली में 6343 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 5456 अभ्यर्थी ही परीक्षा देने पहुंचे जबकि 887 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में भी 6343 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। यहां दूसरी पाली में 5528 अभ्यर्थी पहुंचे जबकि 815 अनुपस्थित रहे।परीक्षा को नकल विहीन और शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने के लिए 15 सेक्टर और 15 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है।
सागर जिले के बीना स्थित बसाहरी गांव में गुरुवार शाम एक खेत की तार फेंसिंग में फैले करंट की चपेट में आने से दो युवकों और एक गाय की मौत हो गई। यह हादसा शीतला माता मंदिर के पास शाम करीब 7 बजे हुआ। घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। शौच के लिए जाते समय फेंसिंग की चपेट में आए मृतकों की पहचान खोजाखेड़ी निवासी विकास (26) और पथरिया जेगन निवासी प्रवेश (35) के रूप में हुई है। ये दोनों युवक अपनी टोली के साथ पिछले कुछ दिनों से बसाहरी गांव में डेरा डाले हुए थे। गुरुवार शाम को दोनों युवक शौच के लिए खेत की ओर जा रहे थे, तभी तार फेंसिंग पार करने की कोशिश में करंट की चपेट में आ गए। इसी दौरान वहां मौजूद एक गाय की भी करंट लगने से मौत हो गई। मौके पर लोगों ने दिया सीपीआर, अस्पताल पहुंचने पर मौत हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने फौरन मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को बचाने की कोशिश की और उन्हें सीपीआर भी दिया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस की मदद से तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को होगा पोस्टमार्टम खिमलासा थाना पुलिस ने मामले की जानकारी मिलते ही जांच शुरू कर दी है। दोनों युवकों के शवों को फिलहाल सिविल अस्पताल की मर्चुरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
कानपुर के खेल प्रेमियों और फिटनेस के शौकीनों के लिए गुरुवार का दिन खास रहा। आर्य नगर स्थित 'दि गॅजेस क्लब लिमिटेड' में गुरुवार रात करीब 9 बजे पिकलबॉल कोर्ट का शुभारंभ किया गया। क्लब के चेयरमैन विजय कपूर ने विधिवत उद्घाटन कर इस आधुनिक खेल की शुरुआत की। कार्यक्रम में क्लब के सदस्य, उनके परिवार और शहर की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। क्लब प्रबंधन ने इसे सदस्यों से किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। शानदार समारोह में हुआ उद्घाटन गुरुवार रात आयोजित समारोह में क्लब परिसर में नए पिकलबॉल कोर्ट का उद्घाटन किया गया। उद्घाटन के बाद सदस्यों ने इस नए खेल का प्रदर्शन भी देखा। कार्यक्रम में प्रमुख उद्योगपति सुधीर अग्रवाल समेत शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुए। क्लब प्रबंधन का कहना है कि बदलते खेल संस्कृति के अनुरूप सदस्यों को नई और आधुनिक खेल सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। क्या है पिकलबॉल? पिकलबॉल दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा खेल है। इसमें टेनिस, बैडमिंटन और टेबल टेनिस का मिश्रण देखने को मिलता है। यह बैडमिंटन के आकार के कोर्ट पर खेला जाता है, जिसमें ठोस पैडल और छेद वाली प्लास्टिक की गेंद का उपयोग होता है। इस खेल को दो या चार खिलाड़ी खेल सकते हैं। नियम सरल हैं—गेंद को नेट के पार भेजना और सामने वाले खिलाड़ी को उसे वापस करने से रोकना होता है। फिटनेस के साथ मनोरंजन का बेहतरीन विकल्प क्लब के चेयरमैन विजय कपूर ने बताया कि पिकलबॉल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि बेहतर फिटनेस का भी प्रभावी माध्यम है। उनके अनुसार, एक घंटे के खेल में करीब 400 से 600 कैलोरी तक बर्न की जा सकती है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने बताया कि खेल के दौरान लगातार मूवमेंट होने से हृदय की कार्यक्षमता बेहतर होती है और दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है। बढ़ती उम्र के लोगों के लिए भी सुरक्षित विजय कपूर ने कहा कि टेनिस की तुलना में पिकलबॉल में घुटनों और कूल्हों पर कम दबाव पड़ता है। छोटे कोर्ट और अपेक्षाकृत धीमी गति के कारण यह खेल वरिष्ठ नागरिकों और चोट से उबर रहे खिलाड़ियों के लिए भी उपयुक्त माना जाता है। उन्होंने बताया कि यह खेल शरीर का संतुलन, लचीलापन और हड्डियों की मजबूती बढ़ाने में भी सहायक है। साथ ही मानसिक तनाव कम करने और सामाजिक मेलजोल बढ़ाने का भी अच्छा माध्यम है। ये रहे कार्यक्रम में मौजूद उद्घाटन समारोह में क्लब के ऑनरेरी जनरल सेक्रेट्री नवीन मल्होत्रा, अरुण वाधवा, प्रीतम मल्होत्रा, संदीप सिंह, कार्तिक कपूर, रमन कपूर, राघव अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अलका अग्रवाल, अंश चंदेल, शिरीष दीवान, विनय गुप्ता तथा क्लब के जनरल मैनेजर मोहित अवस्थी सहित प्रबंध समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में क्लब सदस्य मौजूद रहे।
पन्ना जिले के अमानगंज-पिपरवाह बायपास तिराहे पर गुरुवार को एक तेज रफ्तार डंपर ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी। इस सड़क हादसे में बाइक पर सवार तीनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि एक घायल युवक का पैर बुरी तरह कुचल गया और उसकी हड्डी बाहर आ गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। भाग रहे डंपर चालक को स्थानीय लोगों ने दौड़ाकर पकड़ा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, गिट्टी से भरे डंपर (MP35ZB1602) ने बाइक को रौंद दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन लेकर मौके से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने पीछा करके उसे पकड़ लिया। ग्रामीणों ने आरोपी चालक को पुलिस के हवाले कर दिया है। घायलों में एक की हालत नाजुक, जिला अस्पताल रेफर हादसे में विक्रमपुर-ददौलपुरा निवासी 18 वर्षीय कृष्णा आदिवासी का पैर पूरी तरह कुचल गया है। उसे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जिला अस्पताल पन्ना रेफर किया गया है। वहीं मकरदगंज निवासी 60 वर्षीय रामदेव पटेल का इलाज अस्पताल में जारी है। तीसरे घायल व्यक्ति की पहचान की कोशिश की जा रही है। इलाज में देरी पर भड़के परिजन, प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप घटना के बाद अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रबंधन पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि पैर की हड्डी बाहर आने जैसी क्रिटिकल कंडीशन के बावजूद डॉक्टरों और स्टाफ ने तुरंत सक्रियता नहीं दिखाई। अस्पताल प्रशासन के उदासीन रवैये को लेकर मौके पर जमकर नाराजगी देखी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ललितपुर जिले के बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तेरा में गुरुवार दोपहर डेढ़ बजे एक 11 वर्षीय छात्रा की पोखर में डूबने से मौत हो गई। छात्रा स्कूल से लौट रही थी, तभी उसका पैर फिसल गया। परिजनों ने उसे पानी से निकालकर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात 9 बजे शव का पोस्टमार्टम कराया गया । ग्राम तेरा के न्यू बाग मोहल्ले की निवासी 11 वर्षीय आरुषि पुत्री भजनलाल गुरुवार सुबह गांव के प्राथमिक विद्यालय गई थी। दोपहर करीब 1 बजे छुट्टी होने के बाद वह अपने छोटे भाई संजय और बहन शिवानी के साथ खेत पर बने घर लौट रही थी। रास्ते में वह शौच के लिए पानी से भरे दस फीट गहरे मछली पालन पोखर के पास चली गई। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गई। घटना को देख उसके भाई-बहन घबराकर घर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को सूचना दी। सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीण देवेंद्र और उनके एक साथी ने पोखर में उतरकर आरुषि को बाहर निकाला। परिजन उसे तत्काल उपचार के लिए दोपहर करीब तीन बजे जिला मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम रात 10 बजे किया गया। मृतका के पिता भजनलाल ने बताया कि आरुषि कक्षा पांच की छात्रा थी और वह दो भाइयों की इकलौती बड़ी बहन थी। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा कस्बे में 14 जून की रात हुई मारपीट की घटना में घायल अधेड़ की उपचार के दौरान मौत हो गई। करीब 15 दिनों तक हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मंगलवार रात अधेड़ ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। बुधवार देर शाम शव पतारा पहुंचा और गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। अन्य की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई है। पतारा कस्बा निवासी जोगेंद्र सोनकर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, 14 जून की रात वह अपने चाचा 50 वर्षीय सुशील सोनकर के साथ होली तालाब रोड स्थित महीपाल सिंह के आम के बगीचे में मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान साहिल कुशवाहा, आर्य पांडेय, छोटू पांडेय उर्फ अभिषेक, ऋतुराज सिंह तथा कुछ अन्य लोग वहां पहुंचे और लाठी-डंडों से उन पर हमला कर दिया। हमले में सुशील सोनकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि जोगेंद्र को भी चोटें आईं। घटना के बाद घायल सुशील को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उसे गंभीर हालत में कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। अस्पताल में लगातार उपचार चल रहा था, लेकिन मंगलवार रात उनकी मौत हो गई। मौत की सूचना मिलते अस्पताल पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। गुरुवार को मृतक का अंतिम संस्कार धरमपुर बंबा स्थित रिंद नदी किनारे अंत्येष्टि स्थल पर परिजनों और ग्रामीणों की मौजूदगी में किया गया। वहीं, पुलिस ने मामले में कार्रवाई तेज करते हुए तीन नामजद हत्यारोपियों आर्य पांडेय, छोटू पांडेय उर्फ अभिषेक और साहिल कुशवाहा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर जेल भेजा है। घाटमपुर एसीपी कृष्णकांत ने बताया कि तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में जेल भेज दिया गया है। मामले में फरार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
मुजफ्फरनगर के मांडी गांव की दोना-पत्तल फैक्ट्री में 12 मजदूरों को बंधक बनाकर डेढ़ साल तक अमानवीय यातनाएं देने का मामला राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंच गया है। आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी भेजा है। आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण से दो हफ्ते में पूरी रिपोर्ट मांगी है। एनएचआरसी ने अपने आदेश में साफ कहा- यदि मीडिया रिपोर्ट में प्रकाशित तथ्य सही हैं तो यह मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन का मामला है। आयोग ने जिलाधिकारी को श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम-1976 के तहत पूरे मामले की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आयोग ने 8 दिसंबर 2021 को जारी अपनी एडवाइजरी के अनुसार सभी मुक्त कराए गए श्रमिकों का तत्काल ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण सुनिश्चित करने को भी कहा है। दरअसल मुजफ्फनगर के मांडी गांव की दोना-पत्तल फैक्ट्री में उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों और नेपाल के मजदूरों को नौकरी का झांसा देकर लाया गया था। आरोप है कि फैक्ट्री पहुंचने के बाद उनके मोबाइल फोन और पहचान पत्र छीन लिए गए। उन्हें पर्याप्त भोजन और मजदूरी दिए बिना देर रात तक जबरन काम कराया जाता था। विरोध करने पर मारपीट की जाती थी। भागने से रोकने के लिए पिटबुल कुत्तों का इस्तेमाल किया जाता था। बताया गया है कि एक मजदूर किसी तरह फैक्ट्री से भागकर तितावी थाने पहुंचा। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी कर बाकी मजदूरों को मुक्त कराया। मेडिकल जांच में कई मजदूरों के शरीर पर गंभीर चोटें, पुराने घाव और हड्डी टूटने के निशान मिलने का दावा किया गया। रिपोर्ट में एक मजदूर की मौत का भी उल्लेख है, जबकि पुलिस अन्य संभावित मौतों की भी जांच कर रही है। एनएचआरसी के स्वतः संज्ञान लेने के बाद यह मामला अब केवल जिला या राज्य स्तर तक सीमित नहीं रह गया है। आयोग की निगरानी में होने वाली जांच और यूपी सरकार की रिपोर्ट पर अब पूरे देश की नजर रहेगी।
पानीपत जिले के समालखा में बुधवार रात एक खाली प्लॉट में शराब पी रहे एक युवक को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। गोली उसके बाएं कंधे में लगी और अंदर फंस गई। घायल युवक का रोहतक पीजीआई में इलाज चल रहा है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना बुधवार रात करीब 10:30 बजे की है। शहर के बागवाला मोहल्ला निवासी प्रदीप अपने 3 दोस्तों के साथ प्रीतमपुरा कॉलोनी के ही एक खाली प्लॉट में शराब पी रहा था। उसी दौरान पैदल आए 2 युवकों में से एक ने उस पर फायरिंग कर दी। प्रदीप के अनुसार, 3 गोलियों में से एक गोली उसके बाएं कंधे के नीचे पीठ की ओर लगी और शरीर में ही फंस गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को रोहतक किया रेफर प्रदीप उर्फ मोना शहर के बागवाला मोहल्ला निवासी सुभाष का सबसे छोटा बेटा है और अविवाहित है। वह 12वीं पास है और शहर में मजदूरी करता है। उसके पिता सुभाष ने बताया कि उनके 5 बेटियां और 3 बेटे हैं। घटना के बाद प्रदीप के साथियों ने उसे उपमंडल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया गया। प्रदीप ने पुलिस को बताया कि उसकी किसी से कोई पुरानी रंजिश नहीं है। हमलावरों ने किए 3 फायर, एक गोली लगी पुलिस ने पीड़ित प्रदीप के लिखित बयान के आधार पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। सीआई वन और सीआई ए टू की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और जांच में जुट गईं। प्रदीप के पिता सुभाष और बहन रजनी सहित परिवार के अन्य सदस्यों का कहना है कि हमलावरों ने कुल 3 गोलियां चलाई थीं, जिनमें से एक प्रदीप को लगी जबकि उसने 2 अन्य गोलियों से अपना बचाव किया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस समालखा थाना प्रभारी दीपक ने बताया की प्रदीप के बयान पर 2 अज्ञात युवको पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी से सेठनपाल ने बताया कि प्रदीप उर्फ मोना ने अपना बयान में गोली मारने के कारणों का जिक्र नहीं किया है। किसी से कोई रंजिश भी नहीं बताया है। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। उसके बाद इसके कारणों का पता चलेगा। डाक्टर ने युवक को कंधे के नीचे एक गोली लगने की बात कही है।
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में बेटी के नाबालिग बॉयफ्रेंड की उसके पिता ने बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई कर दी। करीब 30 सेकंड में 10 बार डंडे बरसाए गए। छात्र बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी नहीं रुका। बेहोश होने पर पैर बांधकर घसीटा गया। मामला नूराबाद इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार दोपहर नाबालिग लौट रहा था, तभी उसकी गर्लफ्रेंड के पिता और रिश्तेदारों ने उसे घेर लिया। करीब डेढ़ मिनट के वीडियो में दो आरोपी छात्र की डंडों से बेरहमी से पिटाई करते दिखाई देते हैं। वारदात से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… रहम की गुहार के बावजूद मारपीट वीडियो में छात्र सड़क पर गिरा हुआ दिखाई देता है। एक आरोपी उस पर लगातार डंडे बरसाता है, जबकि दूसरा उसे पकड़कर घसीटता है। एक बुजुर्ग उसके पैर पकड़कर काबू में रखने की कोशिश करता है। छात्र सिर बचाने की कोशिश करता है, लेकिन पिटाई जारी रहती है। लगातार मारपीट से वह बेहोश हो जाता है। भीड़ देखती रही, बाद में हुआ बीच-बचाव मारपीट के दौरान आसपास लोग और राहगीर मौजूद रहे, लेकिन शुरुआत में किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया। करीब 45 सेकंड बाद वीडियो बना रहा व्यक्ति आगे बढ़ा और घटना रोकने की कोशिश की। छात्र के बेहोश होने के बाद कुछ लोगों ने आरोपियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन एक आरोपी उसे घसीटता रहा। प्रत्यक्षदर्शी बोले- बेहोश होने तक पीटा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, छात्र को बीच सड़क डंडों से लगातार पीटा गया। वह रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी नहीं रुके। मारपीट से वह बेहोश हो गया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर पुलिस को सूचना दी। प्रेम प्रसंग बना विवाद की वजह पुलिस जांच में सामने आया कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा है। पीड़ित छात्र और आरोपी की नाबालिग बेटी की कोचिंग के दौरान पहचान हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। बुधवार, 1 जुलाई को दोनों कोचिंग के बाद साथ चले गए थे। शिकायत के बाद छात्र को पकड़कर पीटा लड़की के परिजनों ने नूराबाद थाने में बेटी के गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। करीब चार घंटे बाद दोनों सुमावली क्षेत्र में मिल गए। इसके बाद लड़की के परिजनों ने छात्र को पकड़कर बीच सड़क उसकी पिटाई कर दी। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरे की तलाश नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी ने बताया कि पहले नाबालिग लड़की के गुम होने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी, बाद में वह मिल गई। सुमावली थाना प्रभारी एसआई रवि गुर्जर के मुताबिक, छात्र से मारपीट के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरा फरार है। उसकी तलाश जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झाबुआ जिले के टोडा फालिया में गुरुवार रात अपने आंगन में खेल रही दो साल की एक मासूम बच्ची की सांप के काटने से मौत हो गई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। यह घटना गुरुवार रात करीब 8 बजे की है। देवानंद डामर की दो वर्षीय बेटी साक्षी अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान वहां अचानक निकले एक जहरीले सांप ने मासूम को डंस लिया। बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनकर परिवार के लोग तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचे। अस्पताल पहुंचने से पहले ही जहर फैलने से तोड़ा दम परिजन गंभीर हालत में बच्ची को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल लेकर रवाना हुए। सांप का जहर शरीर में इतनी तेजी से फैला कि अस्पताल पहुंचने तक बच्ची की स्थिति बेहद खराब हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच करते ही बच्ची को मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों ने सांप को पकड़ा मासूम की अचानक हुई मौत से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों ने बच्ची को काटने वाले सांप को ढूंढकर पकड़ लिया है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और शुक्रवार को बच्ची के शव का पीएम कराया जाएगा।
वाराणसी में गुरुवार रात करीब 9 बजे जमीन और पट्टीदारी के विवाद में युवक की हत्या हो गई। आरोप है कि चचेरे भाई ने 22 वर्षीय सौरभ सिंह उर्फ बंटी की कनपटी पर पिस्टल सटाकर गोली मार दी। गंभीर हालत में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वारदात के बाद आरोपी अपने साथी के साथ फरार हो गया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर कई टीमों को आरोपियों की तलाश में लगाया है। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। घटना सिंधौरा थाना क्षेत्र के मझवां गांव की है। जमीन और पट्टीदारी विवाद बना हत्या की वजह मझवां गांव निवासी सौरभ सिंह का अपने पट्टीदारों और चचेरे भाई बबलू सिंह से जमीन और मकान को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। परिजनों के मुताबिक, करीब 15 दिन पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद से तनाव बना हुआ था। गुरुवार रात करीब 9 बजे सौरभ घर के बाहर खड़ा था। आरोप है कि बबलू और उसके साथी ने उसे बुलाया। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पिस्टल निकालकर सौरभ की कनपटी पर सटा दी और फायर कर दिया। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी बाइक से फरार हो चुके थे। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजन घायल सौरभ को पहले सिंधौरा के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दीनदयाल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां भी डॉक्टरों ने मौत की पुष्टि की। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता का आरोप- आरोपियों से पुलिस की मिलीभगत मृतक के पिता सर्वेश सिंह ने आरोप लगाया कि मेरा बेटा सौरभ सिंह को रात में पुलिया के पास बुलाकर चचेरे भाई बबलू और रिशु ने गोली मार दी। इससे पहले 28 मई को चौकी इंचार्ज रोहित पटेल ने मेरे बेटे को जान से मारने की धमकी दी थी और उसे उठाकर ले गए थे। विवाद की जड़ जमीन और पैसों का लेन-देन है। पट्टीदार रोहित पटेल चौकी इंचार्ज सिंधौरा के माध्यम से बबलू और रिशु को बचाने के नाम पर मुझसे 4.50 लाख रुपए ले लिए। मैंने अपनी 3 बिस्वा जमीन खरीदी थी, बाद में किसी तरह यह रकम दी थी। मृतक के पिता ने कहा- एक आरोपी ने जमीन विवाद केस में बचाने का झांसा देकर 4.5 लाख रुपए भी ऐंठ लिया था। इसके बाद धमकी दी गई थी। 28 मई को मेरे बेटे को उठाकर ले गए थे। पुलिस ने भी आरोपियों का साथ दिया है मेरी एक नहीं सुनी। मेरे पास सिर्फ 2 बिस्वा जमीन बची है, लेकिन इसके बावजूद मेरे बेटे की हत्या कर दी गई। मेरा बेटा खेती-बाड़ी का काम करता था और घर पर ही रहता था। मैं आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और न्याय की मांग करता हूं। एसओजी समेत कई टीमें तलाश में जुटीं घटना की सूचना मिलते ही सिंधौरा थाना पुलिस, एसओजी, एडीसीपी गोमती जोन नृपेंद्र कुमार और एसीपी पिंडरा मौके पर पहुंचे। कई थानों की पुलिस भी गांव में तैनात की गई है। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस बोली- सभी पहलुओं की जांच जारी थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी पट्टीदारी और जमीन विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, तहरीर और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
नवा रायपुर के नकटी गांव में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर काफी चर्चा है। लेकिन इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी है। प्रशासन का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों और लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई अचानक नहीं की गई। पिछले करीब दो साल से कब्जाधारियों को नोटिस दिए जा रहे थे और जमीन खाली करने का समय भी दिया गया था। इसके बावजूद कई लोगों ने सरकारी जमीन पर कब्जा बनाए रखा। हजारों से 29,700 वर्गफुट तक पर अतिक्रमण प्रशासन की सूची के अनुसार, कई लोगों ने छोटी नहीं बल्कि बड़ी मात्रा में जमीन पर कब्जा किया था। इनमें कुछ मामलों में हजारों से लेकर 29,700 वर्गफुट तक जमीन शामिल है। इस इलाके में जमीन का बाजार मूल्य करीब 5,000 रुपए प्रति वर्गफुट बताया जाता है, यानी कई जगहों पर करोड़ों रुपए की सरकारी जमीन पर कब्जा रहा। यह भी बताया गया है कि यह जमीन सामान्य आवासीय नहीं बल्कि शासकीय गौचर और सार्वजनिक उपयोग की भूमि है, जहां नियम के अनुसार स्कूल, अस्पताल या अन्य सार्वजनिक सुविधाएं बन सकती हैं। हटाए गए परिवारों को सेक्टर-30 में आवास प्रशासन का कहना है कि हटाए गए कई परिवारों को नवा रायपुर के सेक्टर-30 में आवास भी उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना से प्रभावित परिवारों के लिए भी पुनर्वास की व्यवस्था की गई है। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया गया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नियमों के खिलाफ है, चाहे वह किसी भी वर्ग या स्थिति के व्यक्ति द्वारा किया गया हो। कानून सभी के लिए समान है और इसी आधार पर कार्रवाई की गई है। जानकारों का मानना है कि यदि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को नजरअंदाज किया जाए तो भविष्य में विकास योजनाओं और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए जमीन की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इस पूरे मामले में प्रशासन का पक्ष यही है कि कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शासकीय संपत्ति की सुरक्षा और नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
बिजनौर में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने पुलिस विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। गुरुवार को जारी आदेश के तहत एक निरीक्षक और 19 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया। सभी स्थानांतरित अधिकारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजनौर में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने एक निरीक्षक और 19 उपनिरीक्षकों के तबादले किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, स्योहारा में तैनात अपराध निरीक्षक दिनेश कुमार को चांदपुर का अपराध निरीक्षक बनाया गया है। उपनिरीक्षक राहुल कुमार को पुलिस लाइन से कोतवाली शहर की आबकारी चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। आबकारी चौकी प्रभारी उपेंद्र मलिक का स्थानांतरण थाना शिवालाकलां कर दिया गया है। वहीं, रामनिवास शर्मा को कोतवाली शहर से थाना मंडावली और सुंदर लाल को पुलिस लाइन से कोतवाली शहर भेजा गया है। उपनिरीक्षक लव गिरी को थाना नजीबाबाद की जाब्तागंज चौकी का प्रभारी बनाया गया है, जबकि वहां तैनात विनोद कुमार पांडेय को पुलिस लाइन भेजा गया है। विपिन कुमार को पुलिस लाइन से नजीबाबाद की गंगा नहर चौकी का प्रभार सौंपा गया है। गंगा नहर चौकी पर तैनात एक अन्य उपनिरीक्षक का स्थानांतरण थाना मंडावली किया गया है। कोतवाली देहात की मंशादेवी चौकी से अनिल कुमार राणा को थाना नहटौर भेजा गया है। रमेश गिरी को पुलिस लाइन से कोतवाली देहात की गंगा नहर चौकी का प्रभारी बनाया गया है। कृष्ण कुमार को पुलिस लाइन से स्योहारा थाने की कस्बा चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है, जबकि समय पाल सिंह को स्योहारा से पुलिस लाइन भेजा गया है। यशवीर सिंह को पुलिस लाइन से नूरपुर कस्बा चौकी का प्रभारी बनाया गया है। श्रीकांत सत्यार्थी को थाना नूरपुर से दौलतपुर चौकी का प्रभारी नियुक्त किया गया है। वहीं, मनजीत सिंह को दौलतपुर चौकी से थाना शिवालाकलां भेजा गया है। इसके अलावा मुन्नालाल यादव को पुलिस लाइन से बरूकी चौकी का प्रभारी बनाया गया है। गौरव कुमार को थाना मंडावली से कोतवाली शहर, जबकि नरेंद्र पाल सिंह को पुलिस लाइन से मंडावली की दुष्यंत चौकी का प्रभारी बनाया गया है। अफजाल अहमद का स्थानांतरण थाना नगीना किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्थानांतरित पुलिसकर्मियों को तत्काल कार्यमुक्त कर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कराना सुनिश्चित किया जाए।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भूषण स्टील लिमिटेड (BSL) से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए कंपनी के पूर्व प्रमोटर नीरज सिंघल की पत्नी रितु सिंघल की करीब 58.34 करोड़ रुपए मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियां कुर्क कर ली हैं। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत 24 जून 2026 को की गई। ईडी के अनुसार कुर्क की गई संपत्तियों में मध्यप्रदेश के इंदौर स्थित भूमि और आवासीय संपत्ति का एक हिस्सा शामिल है। इसके अलावा रितु सिंघल के नाम पर मौजूद इक्विटी शेयर और बैंक खातों में जमा राशि भी कुर्क की गई है। एसएफआईओ की शिकायत के आधार पर शुरू हुई जांच ईडी ने यह जांच गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) द्वारा भुषण स्टील लिमिटेड, नीरज सिंघल और अन्य के खिलाफ दर्ज आपराधिक शिकायत के आधार पर शुरू की थी। शिकायत में पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराधों का उल्लेख किया गया था। जांच के दौरान ईडी को पता चला कि नीरज सिंघल और उनके सहयोगियों ने भुषण स्टील से कथित रूप से धन का दुरुपयोग करते हुए वित्तीय संस्थानों को लगभग 11,446.73 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया। जिंक इंगट की बिक्री से जुटाई गई नकदी ईडी की जांच में सामने आया कि हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड से खरीदे गए जिंक इंगट, जिन्हें भुषण स्टील के संयंत्रों में उपयोग किया जाना था, उन्हें रिकॉर्ड में दर्ज किए बिना खुले बाजार में बेच दिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार इससे प्राप्त नकदी का उपयोग विभिन्न पेनी स्टॉक कंपनियों के माध्यम से फर्जी लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (एलटीसीजी) एंट्री लेने में किया गया। जांच में यह भी पाया गया कि संबंधित अवधि में बैंक खातों में बड़ी मात्रा में अघोषित नकदी जमा कराई गई, जिससे कथित वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई। पहले भी हो चुकी है करोड़ों की संपत्ति कुर्क ईडी ने बताया कि इससे पहले भी इस मामले में 8 नवंबर 2021 को 61.38 करोड़ रुपये और 6 मार्च 2024 को 367 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की जा चुकी हैं। एजेंसी ने 8 अगस्त 2023 को अभियोजन शिकायत तथा 7 मार्च 2024 को पूरक अभियोजन शिकायत विशेष पीएमएलए न्यायालय में प्रस्तुत की थी। न्यायालय ने नीरज सिंघल, रितु सिंघल और अन्य आरोपियों के खिलाफ दायर शिकायतों का संज्ञान भी ले लिया है। जांच जारी ईडी के अनुसार मामले में धन के कथित दुरुपयोग, फर्जी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच अभी जारी है। एजेंसी अन्य संबंधित संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी पड़ताल कर रही है।
भूहर सूरजकुंड व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण:व्यापारियों ने एकजुटता, अधिकार और विकास पर चर्चा की
लखनऊ के भूहर सूरजकुंड व्यापार मंडल का शपथ ग्रहण समारोह पीतांबरा पैलेस (भूहर क्रॉसिंग के निकट) में आयोजित किया गया। इस दौरान व्यापारियों की एकजुटता, अधिकारों और व्यापार विकास के मुद्दों पर चर्चा हुई। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष सुरेश छाबलानी ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है, जबकि व्यापारी देश का भाग्य विधाता है। छाबलानी ने बताया कि वर्तमान में व्यापारी समाज हर महीने दो लाख करोड़ रुपये से अधिक का जीएसटी सरकार को देता है। साथ ही, यह वर्ग देश में सबसे अधिक रोजगार भी उपलब्ध कराता है। उन्होंने सरकारों से व्यापार और उद्योग के विकास में आने वाली बाधाओं को दूर करने की मांग की। भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण से भारत आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बन सकता हैं सुरेश छाबलानी ने अंग्रेजों के समय से चले आ रहे कानूनों, लाइसेंस प्रणाली, सैंपलिंग और बांट-माप जैसी व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण से भारत आर्थिक रूप से समृद्ध राष्ट्र बन सकता है। कार्यक्रम में छाबलानी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। उन्होंने सभी को व्यापारी समाज के हर संकट में एकजुट होकर खड़े रहने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का पहला दायित्व अपने व्यापारी भाइयों की मदद करना है, चाहे मौसम, समय या व्यक्तिगत व्यस्तता कुछ भी हो। दुकानों पर संगठन का प्रमाणपत्र लगवाने का आह्वान उन्होंने सभी पदाधिकारियों से क्षेत्र के प्रत्येक दुकानदार को संगठन से जोड़ने और उनकी दुकानों पर संगठन का प्रमाणपत्र लगवाने का आह्वान किया। उनका मानना था कि इससे विभागीय अधिकारियों, असामाजिक तत्वों या अन्य माध्यमों से किसी भी व्यापारी का शोषण या उत्पीड़न नहीं हो पाएगा। समारोह में पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के विधायक अरमान खान भी उपस्थित थे। इस अवसर पर संजय यादव को चेयरमैन, ब्योमकेश चंद्र बाजपेई को अध्यक्ष, आकाश कश्यप को महामंत्री और राजीव कुमार को कोषाध्यक्ष पद की शपथ दिलाई गई। इनके अतिरिक्त अन्य पदाधिकारियों और संरक्षकों ने भी पद एवं गोपनीयता की शपथ ली।
पीलीभीत में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 397 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। लेकिन समारोह के दौरान एक दुल्हन अपने दूल्हे का घंटों इंतजार करती रह गई। विवाह स्थल पर दूल्हा नहीं पहुंचा, गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह नवीन मंडी समिति परिसर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधानसभा पीलीभीत क्षेत्र के पंजीकृत 447 जोड़ों में से 397 जोड़ों का विवाह पूरे रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। इनमें 220 हिंदू और 177 मुस्लिम जोड़े शामिल रहे। हालांकि, समारोह के दौरान जहानाबाद क्षेत्र की एक दुल्हन अपने दूल्हे का घंटों इंतजार करती रह गई। जानकारी के अनुसार, जहानाबाद निवासी युवती का विवाह न्यूरिया थाना क्षेत्र के हाशिमपुर निवासी युवक से मार्च माह में तय हुआ था। युवक ने स्वयं मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत आवेदन किया था। परिजनों के अनुसार, गुरुवार सुबह से ही युवक और उसके परिवार के सभी मोबाइल फोन बंद आ रहे थे। लाल जोड़े में सजी दुल्हन विवाह मंडप में घंटों तक दूल्हे का इंतजार करती रही, लेकिन वह समारोह स्थल पर नहीं पहुंचा। शाम करीब पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद युवती और उसके परिजन मायूस होकर वापस घर लौट गए। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार के प्रतिनिधि एवं ललौरीखेड़ा ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह गंगवार, जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। सभी जोड़ों को उपहार सामग्री के साथ 'एक पौधा मां के नाम' अभियान के तहत पौधे भी भेंट किए गए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि जो युवा अपना रोजगार शुरू करना चाहते हैं, वे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बिना ब्याज के पांच लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने युवाओं को सेवायोजन पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सलाह दी, ताकि जिले में स्थापित हो रही नई औद्योगिक इकाइयों में उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें। दूल्हे के समारोह में नहीं पहुंचने की घटना को लेकर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी ली जा रही है। वहीं, युवती के परिजनों ने पूरे घटनाक्रम से गहरा आक्रोश और निराशा जताई है।
सुकमा जिले के ग्राम तुमलपाड़ के ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, सड़क और पीडीएस भवन जैसी मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी के साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मुकुंद ठाकुर से मुलाकात की। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताते हुए जल्द समाधान की मांग की। सीईओ मुकुंद ठाकुर ने ग्रामीणों की बात ध्यान से सुनी और जल्द ही समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया। उन्होंने संबंधित विभागों को भी जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीणों में उम्मीद और उत्साह देखने को मिला। वहीं, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरीश कवासी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे और गांवों में बुनियादी सुविधाएं जल्द उपलब्ध हों।
जोधपुर एयरपोर्ट के नए टर्मिनल और पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन पीएम मोदी शनिवार को करेंगे। इसे लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी है। पीएम मोदी के दौरे को देखते हुए सीएम भजनलाल शर्मा दो दिन जोधपुर दौरे पर रहेंगे। वहीं केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी कल जोधपुर पहुंचेंगे। इधर, जोधपुर में ग्लोबल थ्रीडी मार्केप्लेस कोर्विक्स थ्रीडी गुरुवार को लॉन्च किया गया। इसे लेकर कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें… सीएम 2 दिन रहेंगे जोधपुर दौरे पर सीएम भजनलाल शर्मा शुक्रवार दोपहर 12.45 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे दोपहर 12.50 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक जोधपुर एयरपोर्ट पर प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करेंगे। दोपहर 1.35 बजे वे जोधपुर एयरपोर्ट से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। जहां वे दोपहर 2.10 बजे से 2.35 बजे तक एचपीसीएल के नए फ्लैगशिप रिटेल आउटलेट का उद्घाटन करेंगे तथा पौधारोपण करेंगे। इसके बाद वे दोपहर 2.40 बजे से सांय 6 बजे तक रिफाइनरी का निरीक्षण करेंगे तथा बैठक लेंगे। शाम करीब 6.35 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। शुक्रवार की रात वे जोधपुर सर्किट हाउस में ही रुकेंगे। शनिवार को सीएम 10.10 बजे सर्किट हाउस से जोधपुर एयरपोर् के लिए रवाना होंगे। सुबह 10.40 बजे कार्यक्रम स्थल पहुंचेंगे। यहां वे पीएम मोदी के साथ जोधपुर एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग के उद्घाटन समारोह में हिस्सा लेंगे। इसके बाद वे 11:20 बजे जोधपुर एयरपोर्ट से पचपदरा के लिए रवाना होंगे। जोधपुर में तैयार हुआ ग्लोबल थ्रीडी मार्केप्लेस शहर के आई-स्टार्ट नेस्ट में गुरुवार को थ्री-डी असेट मार्केटप्लेस कोर्विक्स थ्रीडी को लॉन्च किया गया। 6 महीने से भी कम समय में जोधपुर की एक छोटी टीम ने बिना किसी बाहरी निवेश (बूटस्ट्रैप्ड) के तैयार किया है। कंपनी को भारत सरकार से DPIIT मान्यता प्राप्त है और यह पिछले वर्ष 15 दिसंबर को एलएलपी के रूप में रजिस्टर्ड हुई थी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कंपनी के सह-संस्थापक एवं सीईओ राकेश चौधरी ने बताया कि कोर्विक्स थ्रीडी दुनिया का पहला ऐसा मल्टी-सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म है, जहां थ्री-डी कलाकार अपनी मेहनत और गुणवत्ता के अनुसार उचित भुगतान पा सकते हैं। राकेश चौधरी खुद 2018 से थ्री-डी कलाकार ह और आईआईटी रोपड़ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में ग्रेजुएट है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने अपनी अगली विकास योजनाओं के लिए स्टार्टअप इंडिया सीड फंड स्कीम (SISFS) के लिए भी अप्लाई किया है। कार्यक्रम में एडीएम जोधपुर जवाहर सिंह, पूर्व सांसद कर्नल मानवेंद्र सिंह, सेवानिवृत्त डीआईजीमगाराम, सेवानिवृत्त आईआरएस अधिकारी थानाराम, आयकर अधिकारी पूनाराम, यूको बैंक के प्रबंधक नारायण सोलंकी, उप पंजीयक जोधपुर भीकाराम एवं आई-स्टार्ट इंक्यूबेशन सेंटर, जोधपुर की एसीपी (उप निदेशक) श्रीमती मनीषा चौहान सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। अतिथियों ने कंपनी के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे जोधपुर के स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया। राजपुरोहित छात्रावास सरदारपुरा में आज हुई प्रवेश परीक्षा, मेरिट से चुने जाएंगे 80 विद्यार्थी समाज के मेधावी एवं प्रतिभाशाली युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की उत्कृष्ट तैयारी, उचित मार्गदर्शन एवं अनुकूल शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राजपुरोहित छात्रावास विकास समिति, सरदारपुरा, जोधपुर के तत्वावधान में संचालित श्री आत्मानंद प्रतियोगी परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए आज प्रवेश परीक्षा का आयोजन हुआ। समिति के अध्यक्ष श्री सुमेर सिंह कानोडिया ने बताया कि इस प्रवेश परीक्षा में लगभग 421 विद्यार्थियों ने आवेदन किया। परीक्षा में प्राप्त मेरिट के आधार पर 80 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें आगामी एक वर्ष तक पूर्णतः सुनियोजित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। परीक्षा समन्वयक डॉ. अभयसिंह खेड़ापा ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को अनुभवी शिक्षकों एवं विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में निःशुल्क कोचिंग, नियमित कक्षाएँ, करियर गाइडेंस, मोटिवेशनल सेशन, व्यक्तिगत मार्गदर्शन, समृद्ध पुस्तकालय, बुक बैंक, टेस्ट सीरीज, अध्ययन सामग्री तथा अनुशासित एवं प्रतियोगी वातावरण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे विभिन्न राज्य एवं केंद्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। इस अवसर पर कल्याणपुर पंचायत समिति के प्रधान श्रवणसिंह सरवड़ी, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी ओमसिंह धूंधियाड़ी, डॉ. दलपतसिंह समदड़ी, डॉ. प्रेमसिंह सोकड़ा, पृथ्वीसिंह बस्सी, मदनसिंह हिंगोला, चैनसिंह भाटेलाई, डॉ. चंदनसिंह हिराजसर, सुमेरसिंह पुनाड़िया, सुरेन्द्रसिंह खेड़ापा, धीरेन्द्रसिंह बामणं, पप्पूसिंह बड़ली, विष्णुसिंह पिलोवनी, श्रवणसिंह साकड़िया सहित समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। चौपासनी शिक्षण संस्थान में चौपासनी महाविद्यालय के भवन का गुरुवार को लोकार्पण किया गया। वहीं दूसरे पक्ष ने संस्थान को निजी हाथों में सौंपने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। गौरतलब है कि संस्थान के संचालन को लेकर पिछले कुछ दिनों से गुटबाजी चल रही है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।
मथुरा में स्वच्छता पर सख्ती:49,600 रुपये जुर्माना, अतिक्रमण हटाकर 12 किलो पॉलीथीन जब्त
मथुरा में जिला प्रशासन, नगर निगम मथुरा-वृंदावन, मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण और ब्रज तीर्थ विकास परिषद ने संयुक्त रूप से हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है महाअभियान चलाया। गुरुवार को शाम 5 बजे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्वच्छता, जन-जागरूकता और प्रवर्तन कार्रवाई की गई। नगर निगम के सेक्टर प्रभारियों ने बाजारों, प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष सफाई अभियान चलाया। इस अभियान के तहत सार्वजनिक स्थानों और बाजारों से अतिक्रमण हटाया गया। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान कुल 49,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसमें अतिक्रमण के लिए 16,100 रुपये, सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने के लिए 11,500 रुपये और प्रतिबंधित पॉलीथीन व प्लास्टिक के उपयोग तथा भंडारण के लिए 22,000 रुपये शामिल हैं। प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने की सलाह दी इसके अतिरिक्त, 12 किलोग्राम प्रतिबंधित पॉलीथीन भी जब्त की गई। नगर निगम की टीमों ने कई गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (जीवीपी) को समाप्त किया। खाली भूखंडों और सार्वजनिक स्थलों से कूड़ा-कचरा हटवाकर क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया गया। शहर में स्वच्छता रैलियां, जनसंपर्क अभियान और जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। व्यापारिक संगठनों, दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों को स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें प्रतिष्ठानों के बाहर डस्टबिन रखने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग एकत्र करने तथा प्रतिबंधित पॉलीथीन का उपयोग न करने की सलाह दी गई। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाएं। साथ ही, स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाकर हम सबने ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है संकल्प को सफल बनाने में सहयोग करें, ताकि मथुरा-वृंदावन को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सके।
मेरठ के कंकरखेड़ा क्षेत्र की राजनगर फेस-1 और सत्यम विहार कॉलोनी के निवासियों ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे हनुमान मंदिर परिसर में एकत्र होकर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। समाजसेवी विजय हिन्दुस्तानी के नेतृत्व में लोगों ने सार्वजनिक मार्ग पर कथित अतिक्रमण, अधूरे नाला निर्माण और बदहाल सड़क को लेकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नेशनल हाईवे-58 से नाले के किनारे निकलने वाले सार्वजनिक मार्ग पर एक रेस्टोरेंट संचालक द्वारा कथित रूप से कब्जा कर लिया गया है। इससे क्षेत्र के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है और उन्हें लंबा और असुविधाजनक रास्ता अपनाना पड़ रहा है। लोगों ने नाला निर्माण कार्य में देरी और अव्यवस्था पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि बरसात के दौरान अधूरे निर्माण की वजह से जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है, जिससे कॉलोनी के लोगों का जनजीवन प्रभावित होता है। प्रदर्शन के दौरान कॉलोनी की मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति भी प्रमुख मुद्दा रही। स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क जगह-जगह से टूट चुकी है और बारिश में गड्ढों में पानी भरने से यह सड़क कम और नाला अधिक दिखाई देती है। इसी मार्ग पर आर्यन पब्लिक स्कूल और कृष्णा पब्लिक स्कूल स्थित हैं, जिससे स्कूली बच्चों और अभिभावकों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। समाजसेवी विजय हिन्दुस्तानी ने कहा कि यदि जल्द ही सार्वजनिक मार्ग से अतिक्रमण नहीं हटाया गया, नाला निर्माण पूरा नहीं कराया गया और सड़क का निर्माण शुरू नहीं हुआ तो क्षेत्रवासी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभागों और प्रशासन की होगी। प्रदर्शन में दिव्यांशु तालियान, जितेंद्र दांतल, अनुज कुमार, अमित कुमार, जितेंद्र पवार, राजकुमार गोस्वामी, राहुल मलिक, दशवीर बालियान, आर्यन शर्मा, हरिओम सोम, विवेक त्यागी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और कॉलोनीवासी मौजूद रहे।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार शाम नेशनल हाईवे-52 पर एक तेज रफ्तार अज्ञात कार ने बाइक सवार युवक और महिला को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार लखन जोशी और संगीता बाई मोगिया गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद झालावाड़ रेफर किया गया है। नाहरदा मंदिर के समीप हुई यह टक्कर इतनी भीषण थी कि कार बाइक समेत दोनों सवारों को करीब 50 फीट तक घसीटते हुए ले गई। इसके बाद दोनों सड़क किनारे झाड़ियों में जा गिरे। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, नाहरदा बड़ली निवासी संगीता बाई मोगिया (24) अपनी बहन को बस में बैठाने के लिए झालावाड़ नाके तक गई थीं। वापसी में उनकी मुलाकात परिचित लखन जोशी से हुई। संगीता ने लखन से उन्हें बाइक पर घर छोड़ने का आग्रह किया था। बताया जा रहा है कि जब दोनों नाहरदा मंदिर के समीप हाईवे पार कर रहे थे, तभी राजगढ़ की ओर से राजस्थान की तरफ जा रही अज्ञात कार ने उनकी बाइक को सामने से टक्कर मार दी। हादसे की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां से गुजर रही एंबुलेंस को रुकवाकर घायलों को तत्काल खिलचीपुर सिविल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए झालावाड़ रेफर कर दिया। हादसे में लखन जोशी और संगीता बाई मोगिया के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस ने अज्ञात कार और उसके चालक की तलाश शुरू कर दी है।
चेहरे और जबड़े की सर्जरी अब पहले से ज्यादा सटीक और सुरक्षित होने जा रही है। भोपाल में आयोजित ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जनों के राष्ट्रीय सम्मेलन MIDCOMS-2026 में विशेषज्ञों ने बताया कि 3D प्रिंटिंग, डिजिटल सर्जिकल प्लानिंग और माइक्रोवैस्कुलर रिकंस्ट्रक्शन जैसी आधुनिक तकनीकें ऑपरेशन के तरीके को तेजी से बदल रही हैं। इनकी मदद से सर्जरी से पहले मरीज के जबड़े या चेहरे का त्रि-आयामी (3D) मॉडल तैयार किया जा सकता है, जिससे ऑपरेशन की पूरी योजना पहले ही बना ली जाती है। इससे सर्जरी अधिक सटीक होती है और मरीज के ठीक होने की संभावना भी बेहतर होती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि त्रिपुरा के मुख्यमंत्री एवं प्रख्यात ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. माणिक साहा रहे। ऑपरेशन से पहले बनती है पूरी रणनीति विशेषज्ञों ने बताया कि पहले कई जटिल सर्जरी के दौरान ही डॉक्टरों को निर्णय लेने पड़ते थे। अब डिजिटल प्लानिंग और 3D मॉडल की मदद से ऑपरेशन से पहले ही पूरी प्रक्रिया की तैयारी कर ली जाती है। इससे समय की बचत होती है और सर्जरी के दौरान जोखिम भी कम होता है। चेहरे की गंभीर चोट और कैंसर के मरीजों को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में चेहरे और जबड़े की गंभीर चोट, मुंह के कैंसर के बाद चेहरे के पुनर्निर्माण, जन्मजात विकृतियों और डेंटल इम्प्लांट जैसी जटिल सर्जरी में नई तकनीकों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इससे मरीजों के चेहरे की बनावट, बोलने और भोजन करने की क्षमता को बेहतर तरीके से बहाल किया जा सकता है। डॉक्टरों ने सीखा आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल सम्मेलन के दौरान हैंड्स-ऑन वर्कशॉप और प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए, जिनमें देशभर से आए सर्जनों और पीजी छात्रों को आधुनिक उपकरणों और नई सर्जिकल तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि नई तकनीकों का उद्देश्य केवल ऑपरेशन को आसान बनाना नहीं, बल्कि मरीजों को अधिक सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है। 700 से ज्यादा शोध और क्लिनिकल केस पर हुई चर्चा देशभर से आए 1200 से अधिक ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल (चेहरे, जबड़े और मुंह के सर्जन) विशेषज्ञों ने भोपाल में इलाज की नई तकनीकों और जटिल सर्जरी पर मंथन किया। तीन दिवसीय MIDCOMS-2026 सम्मेलन में 700 से अधिक शोधपत्र, ई-पोस्टर और क्लिनिकल केस प्रस्तुत किए गए। इन पर वरिष्ठ विशेषज्ञों ने चर्चा की और इलाज के नए तरीकों पर अपने अनुभव साझा किए। युवा डॉक्टरों को भी अपनी रिसर्च प्रस्तुत करने का अवसर मिला।
लखनऊ में आयोजित आम महोत्सव में बागपत का प्रसिद्ध रटौल आम एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पिछले वर्ष प्रथम स्थान हासिल करने वाला रटौल आम इस बार भी अपनी खास मिठास और सुगंध के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। बागपत के आम उत्पादक विभिन्न किस्मों के आमों के साथ प्रदर्शनी में हिस्सा ले रहे हैं। लखनऊ के गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 2 से 5 जुलाई तक आयोजित आम महोत्सव में देश-प्रदेश के आम उत्पादक अपनी-अपनी विशेष किस्मों के आमों का प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शनी में बागपत के रटौल गांव के आम उत्पादक भी अपने प्रसिद्ध रटौल आम के साथ शामिल हुए हैं। रटौल निवासी आम उत्पादक हबीब खान ने बताया कि उन्होंने प्रदर्शनी में रटौल, मखसूस और हाथी झूल किस्म के आमों का स्टॉल लगाया है। महोत्सव में आने वाले लोग रटौल आम के बारे में विशेष रुचि दिखा रहे हैं और इसके स्वाद व विशेषताओं की जानकारी ले रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी बागपत के रटौल आम ने इस प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इस बार भी उन्हें उम्मीद है कि रटौल आम अपनी गुणवत्ता और स्वाद के दम पर बेहतर प्रदर्शन करेगा। रटौल आम अपनी अनूठी मिठास, सुगंध और स्वाद के कारण देश ही नहीं, विदेशों तक अपनी अलग पहचान बना चुका है। आम के मौसम में देश के विभिन्न राज्यों से लोग बागपत पहुंचकर इसका स्वाद लेते हैं। विदेशों से भी बड़ी संख्या में लोग विशेष रूप से रटौल आम खरीदने और चखने आते हैं। बागपत का रटौल आम जनपद की पहचान बन चुका है और लखनऊ आम महोत्सव में भी इसे खूब सराहना मिल रही है। आयोजकों का कहना है कि महोत्सव में विभिन्न राज्यों की दुर्लभ और पारंपरिक आम की किस्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है, जिसमें रटौल आम प्रमुख आकर्षणों में शामिल है।
बस्ती में 42 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत:भैंस नहलाते समय नदी में पैर फिसलने से हुआ हादसा
बस्ती के परशुरामपुर थाना क्षेत्र के धर्मनगर गांव में गुरुवार दोपहर करीब एक बजे एक 42 वर्षीय व्यक्ति की नदी में डूबने से मौत हो गई। प्रवीण कुमार वर्मा नामक यह व्यक्ति अपनी भैंस को नहलाने नदी में गए थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जानकारी के अनुसार, धर्मनगर निवासी प्रवीण कुमार वर्मा प्रतिदिन की तरह गुरुवार को भी अपनी भैंस को नहलाने के लिए नदी पर गए थे। नदी में उतरते समय उनका संतुलन बिगड़ गया और पैर फिसलने के कारण वे गहरे पानी में डूब गए। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। काफी मशक्कत के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी। मृतक की पत्नी संगीता देवी ने इस घटना की सूचना परशुरामपुर थाने में दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परशुरामपुर थाना अध्यक्ष विश्व मोहन राय ने बताया कि शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
जयपुर के खातीपुरा बाज़ार में 13 मई से पानी की पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, जिसके कारण खातीपुरा पुलिया के पास निर्माण कार्य जारी है। इस दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने अस्थायी ट्रैफिक डायवर्जन (मार्ग परिवर्तन) लागू किया है। यातायात पुलिस द्वारा जारी नई व्यवस्था के अनुसार, झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस मार्ग से आने वाले वाहनों को झोटवाड़ा पुलिया से डायवर्ट कर कालवाड़ रोड की ओर भेजा जाएगा। वहीं, झोटवाड़ा पुलिया से खातीपुरा तिराहे की ओर जाने वाले वाहन कालवाड़ रोड से खिरनी फाटक होते हुए एक्सप्रेस-वे सर्विस लेन का उपयोग कर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। हालांकि, खातीपुरा तिराहे से झोटवाड़ा पुलिया की ओर सामान्य यातायात पूर्ववत् (पहले की तरह) संचालित रहेगा। यातायात पुलिस ने आमजन से अपील की है कि निर्माण कार्य के दौरान असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
बुरहानपुर में क्यूआर कोड शिकायत प्रणाली कारगर:भास्कर के रियलिटी चेक में 3 मिनट में आया पुलिस का फोन
बुरहानपुर जिले के थानों और पुलिस चौकियों में 21 मई से शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित शिकायत प्रणाली अब असर दिखाने लगी है। अगर किसी फरियादी की सुनवाई थाने में नहीं होती, तो वह मौके पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर सीधे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा सकता है। दैनिक भास्कर के रियलिटी चेक में यह व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय और प्रभावी मिली। नेपानगर थाने में की गई टेस्ट शिकायत पर महज 3 मिनट में पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल बैक आया। भास्कर के रियलिटी चेक में सामने आई त्वरित कार्रवाईदैनिक भास्कर की टीम ने गुरुवार दोपहर 1:05 बजे नेपानगर थाने पहुंचकर बाइक चोरी की ऑनलाइन शिकायत दर्ज की। शिकायत सबमिट होते ही दोपहर 1:08 बजे बुरहानपुर पुलिस कंट्रोल रूम से कॉल आया। कंट्रोल रूम ने शिकायत की जानकारी लेते हुए पूछा कि क्या थाने में सुनवाई नहीं हुई थी। इसके बाद दोपहर करीब 1:45 बजे नेपानगर थाने के एक एएसआई ने भी कॉल कर घटना स्थल और शिकायत से जुड़ी जानकारी ली। खास बात यह रही कि उसी समय खरगोन रेंज के डीआईजी सिद्धार्थ बहुगुणा जिले में क्राइम मीटिंग ले रहे थे। एसपी बोले- क्विक रिस्पांस सिस्टम से बढ़ी जवाबदेहीएसपी आशुतोष बागरी ने बताया कि क्यूआर कोड से आने वाली शिकायतों की मॉनिटरिंग वे खुद, एएसपी और सीएसपी स्तर तक करते हैं। उनका कहना है कि यह व्यवस्था पुलिसिंग को ज्यादा जवाबदेह और नागरिक केंद्रित बना रही है। यदि किसी की थाने में सुनवाई नहीं होती, तो वह सीधे शिकायत दर्ज कर सकता है और तत्काल कॉल बैक मिलता है। ऐसे काम करती है यह व्यवस्थाथानों और चौकियों में लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल के गूगल लेंस से स्कैन करने पर एक ऑनलाइन फॉर्म खुलता है। इसमें आवेदक अपना नाम, मोबाइल नंबर और शिकायत का संक्षिप्त विवरण दर्ज करता है। शिकायत सबमिट होते ही उसकी जानकारी रियल टाइम में एसपी, एएसपी, सीएसपी, थाना प्रभारी और कंट्रोल रूम के साझा ग्रुप तक पहुंच जाती है। इसके बाद जिला कंट्रोल रूम तत्काल आवेदक से संपर्क करता है। जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉल के जरिए भी शिकायतकर्ता से संवाद किया जा सकता है। एक महीने में 50 शिकायतें, नेपानगर में सिर्फ एकपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, एक महीने में जिलेभर से करीब 50 शिकायतें इस माध्यम से दर्ज हुई हैं। इनमें नेपानगर क्षेत्र से केवल एक शिकायत आई है। पुलिस का दावा है कि सभी शिकायतों का समय पर निराकरण किया जा रहा है। ग्रामीणों और आम लोगों को सीधा फायदाइस व्यवस्था से खासतौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग बिना किसी मध्यस्थ के सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच सकते हैं। पुलिस का कहना है कि इससे छोटी शिकायतों को अनदेखा होने से रोका जा सकेगा और बड़े विवादों की संभावना भी कम होगी।
लखनऊ CMO कार्यालय में पोस्टर से मचा बवाल:डॉक्टर की तैनाती पर उठे सवाल, जांच शुरू
लखनऊ के कैसरबाग स्थित सीएमओ कार्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक पोस्टर के जरिए सीएमओ कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए गए। पोस्टर में लेवल-1 डॉक्टर की कथित तैनाती पर सवाल खड़े किए गए हैं। पोस्टर में दावा किया गया है कि डॉक्टर की सीएमओ कार्यालय में नियमों के विपरीत तैनाती की गई। उन्हें सरकारी वाहन और कार्यालय में कमरा भी उपलब्ध कराया गया। यही नहीं, पोस्टर में निजी नर्सिंग होम में कथित विजिट कर गड़बड़ी करने आरोप भी लगाए गए हैं। कई विधायकों ने मामले की शिकायत की। इसके बावजूद शिकायतों को दबा दिया गया है। बोलने से बचते रहे अधिकारी पोस्टर में प्रकाशित अखबार की कटिंग, शिकायत पत्र और कुछ तस्वीरें भी लगाई गई हैं। बिन्दुवार आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि पोस्टर में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों की ओर से इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पोस्टर के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अधिकारियों ने पोस्टर हटवाए। पोस्टर लगाने वाले की पहचान और आरोपों की सच्चाई की जांच की जा रही है।
भरतपुर पुलिस ने गुरुवार को देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के एक होटल में छापा मारा। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देह व्यापार से जुड़ी 1 नाबालिग समेत 9 लड़कियों को पकड़ा है। इसके अलावा कुछ युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। शाम करीब 5 बजे शुरू हुई कार्रवाई देर तक जारी रही। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान होटल के सभी गेट बंद करवा दिया। पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर के एक होटल में देह व्यापार का धंधा किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि करने के लिए पुलिस ने पहले 4 पुलिसकर्मियों को बोगस ग्राहक बनाकर होटल में भेजा। जैसे ही चारों पुलिसकर्मियों ने सूचना सही होने की पुष्टि की, सीओ सिटी आशिमा वासवानी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने होटल पर दबिश देकर कार्रवाई शुरू कर दी। नाबालिग मिलने पर बाल कल्याण समिति को बुलाया गया कार्रवाई के दौरान पुलिस को एक नाबालिग लड़की भी मिली। इसके बाद मौके पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजा राम भुतौली को बुलाया गया, ताकि नाबालिग को नियमानुसार बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया जा सके। होटल में 5 घंटे तक चली कार्रवाई पुलिस की कार्रवाई होटल में करीब 5 घंटे तक चली। इस दौरान होटल में एंट्री और बाहर जाने के रास्ते बंद कर दिए गए। पुलिस होटल में मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
छतरपुर जिले में गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण श्री जटाशंकर धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। बुंदेलखंड के 'केदारनाथ' के नाम से प्रसिद्ध इस धाम में पहाड़ियों से झरने उफान पर आ गए और पानी बहकर सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच गया। गोमुख की जलधारा भी तेज हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भर गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर और बिजावर तहसील से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित श्री जटाशंकर धाम चारों ओर से पहाड़ियों और हरियाली से घिरा है। बारिश के कारण पहाड़ियों से बहता पानी मंदिर परिसर, गुफा, गोमुख और चौक तक पहुंच गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को वहां रुकने में कठिनाई हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जटाशंकर धाम में गोमुख से पूरे वर्ष प्राकृतिक जलधारा बहती रहती है, जिससे भगवान शिव का निरंतर जलाभिषेक होता है। इसी कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। अमावस्या और सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में स्थित तीनों कुंड भी वर्षभर जल से भरे रहते हैं। जटाशंकर धाम ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस मौसम की पहली तेज बारिश के बाद धाम का अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जटाशंकर महादेव का प्राकृतिक श्रृंगार होता है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि तेज बारिश के दौरान सीढ़ियों और कुंडों के आसपास विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि पानी का तेज बहाव और फिसलन दुर्घटना का कारण बन सकती है।
राजस्थान के राज्य पशु ऊंट की संख्या में लगातार हो रही कमी और जयपुर के हाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने आगामी 5 अगस्त को पशुपालन निदेशक को तलब करते हुए यह बताने के लिए कहा है कि प्रदेश में ऊंटों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार क्या कदम उठा रही है। वहीं, जयपुर के हाथी गांव में हाथियों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार खुराक और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिलने से जुड़े मामले में वन विभाग का स्पष्ट जवाब न आने पर अदालत ने नाराजगी व्यक्त की है। कोर्ट ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को आगामी 23 जुलाई को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए हैं। ये दोनों आदेश कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने आज स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए। गौशाला की तरह ऊंटशाला क्यों नहीं? हाईकोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- जिस तरह गायों के संरक्षण के लिए गौशालाएं हैं, वैसे ही ऊंटों के लिए कोई ऊंटशाला क्यों नहीं है? सुनवाई के दौरान न्यायमित्र (Amicus Curiae) प्रतीक कासलीवाल ने अदालत को बताया कि साल 2015 में सरकार ऊंटों के संरक्षण के लिए कानून लेकर आई थी, लेकिन इस कानून के बनने के बाद से ही प्रदेश में लगातार ऊंटों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। क्रूरता के चलते हथिनी की मौत हुईहाथी गांव में हाथियों की दुर्दशा को लेकर न्याय मित्र एडवोकेट शोभित तिवाड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार ने 2008 में हाथियों के संरक्षण व कल्याण के लिए दिशा-निर्देश बनाए थे। इन दिशा-निर्देशों की पालना में हाथी गांव की क्या स्थिति है,यही इस याचिका का मूल उद्देश्य है। लेकिन राज्य सरकार इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रही है। उन्होने कहा कि इससे पहले मई में आईपीएल मैच के दौरान चंचल नाम की हथिनी को गुलाबी रंग से रंग दिया था। इस क्रूरता के कारण उस हथिनी की मौत हो गई थी। जबकि एक दूसरी हथिनी को सरकार स्वस्थ बता रही है। जबकि सच्चाई यह है कि बीमारी के कारण उसे जामनगर के वंतारा में भेजा गया है। इससे साफ है कि हाथियों की उचित देखभाल नहीं हो रही है। -------- यह खबर भी पढ़िए सरकार को मिली 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी:हाईकोर्ट ने कहा- खानपान-हेल्थ का ध्यान रखें; असम से अवैध तरीके से लाए थे जयपुर असम से मार्च में जयपुर लाए गए 16 साल के हाथी 'मोहन' की कस्टडी सरकार के पास ही रहेगी। हाईकोर्ट ने सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाथी की कस्टडी महावत को देने के आदेश पर रोक लगा दी है। पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ में 9वीं मंजिल से कारोबारी ने लगाई छलांग:मौत, लंबे समय से डिप्रेशन से परेशान थे
लखनऊ के महानगर क्षेत्र में कारोबारी ने 9वीं मंजिल से कूद कर आत्महत्या कर ली। कारोबारी लंबे समय से डिप्रेशन की बीमारी से परेशान थे। जिसके चलते आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस व फॉरेंसिक टीम घटना स्थल की जांच कर रही है। शाम सात बजे हुई घटना पुलिस के मुताबिक, गुरुवार शाम करीब सात बजे पुलिस को सूचना मिली कि विज्ञानपुरी चौकी क्षेत्र स्थित शालीमार गैलेंट अपार्टमेंट के बी-टावर से एक युवक ने छलांग लगा दी है। सूचना पर महानगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल विवेक महेश्वरी (35) पुत्र अशोक महेश्वरी, निवासी फ्लैट बी-803 को तत्काल भावराव देवरस अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस की प्रारंभिक पूछताछ में फ्लैट पर कार्यरत कर्मचारियों ने बताया कि विवेक महेश्वरी काफी समय से डिप्रेशन से जूझ रहे थे। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर महानगर अखिलेश मिश्रा का कहना है पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश बार काउंसिल चुनाव की मतगणना गुरुवार को भी प्रयागराज जनपद में जारी रही। ताजा रुझानों के अनुसार, प्रयागराज के अधिवक्ताओं का समर्थन देवेंद्र मिश्र नगरहा के पक्ष में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। उन्होंने जिले में सर्वाधिक 246 मत प्राप्त कर स्थानीय उम्मीदवारों में अपनी बढ़त मजबूत की। इसके साथ ही उनके कुल मतों की संख्या बढ़कर 2722 हो गई है। प्रयागराज के अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में देवेश कुमार शुक्ल को 113 मत मिले, जिससे उनका कुल आंकड़ा 980 तक पहुंच गया। अजय यादव ने 108 मत प्राप्त किए और उनके कुल मत 2268 हो गए। पांचूराम मौर्य को 107 मत मिले, जिससे उनके कुल मत 2381 पर पहुंच गए। वहीं, अमरेंद्र नाथ सिंह को 92 मत और अतुल कुमार द्विवेदी को 108 मत प्राप्त हुए। इन दोनों उम्मीदवारों के कुल मत क्रमशः 1847 और 1280 दर्ज किए गए। इससे स्पष्ट है कि प्रयागराज के मतदाताओं का समर्थन कई प्रमुख उम्मीदवारों के बीच बंटा रहा, लेकिन नगरहा सबसे आगे रहे। प्रदेश स्तर पर अब तक हुई मतगणना में मुकाबला काफी दिलचस्प बना हुआ है। कानपुर नगर के अनुराग पांडेय लगातार पहले स्थान पर बने हुए हैं। गुरुवार की मतगणना के बाद उनके खाते में 3987 मत हो गए हैं। दूसरे स्थान पर बुलंदशहर के शिव किशोर गौर 3439 मतों के साथ हैं, जबकि लखनऊ के प्रशांत सिंह अटल 3392 मतों के साथ तीसरे स्थान पर कायम हैं। शीर्ष तीन उम्मीदवारों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है, हालांकि अंतिम परिणाम अभी घोषित नहीं हुए हैं। गुरुवार को प्रयागराज में कुल 2649 मतपत्रों की गणना की गई, जिनमें से 161 मत अवैध पाए गए, जबकि 2488 मत वैध घोषित हुए। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में अब तक 1,44,054 वैध मतों की गणना पूरी हो चुकी है। मतगणना आगे बढ़ने के साथ ही उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की निगाहें अंतिम नतीजों पर टिकी हुई हैं।
रामपुर शहर में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एलआईसी कार्यालय के निकट एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन की टक्कर से एक महिला की मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल महिला को स्थानीय लोगों ने ई-रिक्शा से जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना सिविल लाइंस पुलिस जिला अस्पताल पहुंची। तलाशी के दौरान मिले आधार कार्ड से महिला की पहचान थाना स्वार क्षेत्र के मसवासी चौकी अंतर्गत ग्राम सेमरा लाड़पुर निवासी के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल मृतका के परिजनों को सूचना दी। जानकारी मिलने पर मृतका के पति इकबाल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी दवा लेने के लिए रामपुर आई थीं। एलआईसी कार्यालय के पास सड़क पार करते समय किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। मृतका अपने पीछे पति, तीन बेटे और एक बेटी छोड़ गई हैं। परिवार का भरण-पोषण पति इकबाल मजदूरी कर करते हैं। थाना सिविल लाइंस पुलिस ने परिजनों को पोस्टमार्टम कराने और कानूनी कार्रवाई की जानकारी दी। हालांकि, मृतका के पति ने किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई से इनकार कर दिया। उन्होंने लिखित तहरीर भी नहीं दी और पोस्टमार्टम कराने से भी मना कर दिया। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया, जिसे गुरुवार रात करीब आठ बजे गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि इस मामले में परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। यदि भविष्य में शिकायत प्राप्त होती है तो नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिले के भदनपुर वन परिक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बहिली में स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को वन विभाग द्वारा हटाए जाने के बाद गुरुवार को आदिवासी समाज का गुस्सा फूट पड़ा। कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहले कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया और फिर वन मंडल कार्यालय का घेराव कर सड़क पर चक्काजाम कर दिया। इस दौरान वहां से गुजर रहे सांसद गणेश सिंह के काफिले को भी ग्रामीणों ने रोककर जमकर नारेबाजी की। आपसी चंदे से स्थापित की थी प्रतिमा आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उन्होंने बीती 25 जून को डिप्टी कलेक्टर और DFO को ज्ञापन देकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने की मांग की थी। इसके बाद 27 जून को ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर वन परिक्षेत्र के एक हिस्से में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापित की थी। ग्रामीणों का दावा है कि स्थापना के समय वन विभाग के कर्मचारियों ने स्थल का निरीक्षण भी किया था और तब कोई आपत्ति नहीं जताई थी। बिना सूचना उखाड़ी मूर्ति, दो ग्रामीणों को ले गई वन विभाग की टीम ग्रामीण छोटू कोल ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के अचानक मौके पर पहुंची। टीम ने वहां स्थापित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को उखाड़ दिया और उसे अपने साथ वन मंडल कार्यालय मैहर ले आई। यही नहीं, विरोध करने पर टीम मौके पर मौजूद दो ग्रामीणों—सूखदाम कोल और रामनाथ कोल को भी हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई, जिससे पूरा आदिवासी समाज आक्रोशित हो उठा। बीच सड़क पर बैठे ग्रामीण, सांसद और विधायक पहुंचे मौके वन विभाग की इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ जब कार्यालय में कोई सुनवाई नहीं हुई, तो नाराज ग्रामीण मैहर की मुख्य सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही टीआई अनिमेष द्विवेदी और चौकी प्रभारी रंजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसी बीच वहां से गुजर रहे क्षेत्रीय सांसद गणेश सिंह की गाड़ी को प्रदर्शनकारियों ने रोक लिया और उन्हें पूरा घटनाक्रम सुनाया। कुछ ही देर में मैहर विधायक भी मौके पर पहुंच गए। सांसद के निर्देश के बाद छूटे ग्रामीण, मूर्ति भी हुई वापस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सांसद गणेश सिंह ने मौके से ही वन मंडलाधिकारी विद्याभूषण मिश्रा से फोन पर कड़ी चर्चा की। उन्होंने वन विभाग को हटाई गई प्रतिमा सम्मानपूर्वक वापस करने और हिरासत में लिए गए दोनों ग्रामीणों को तत्काल रिहा करने के निर्देश दिए। सांसद के हस्तक्षेप के बाद वन विभाग ने दोनों ग्रामीणों को छोड़ दिया और मूर्ति भी ग्रामीणों को सौंप दी। सांसद ने आदिवासी समाज को आश्वस्त किया है कि वे स्वयं जल्द ही गांव पहुंचकर स्थल का निरीक्षण करेंगे और भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्थापना व जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन के लिए 2 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के संबंध में उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगे। इस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में शराब दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ आबकारी विभाग ने कार्रवाई की है। दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने दबिश देकर दो कंपोजिट शराब दुकानों में तय कीमत से अधिक राशि वसूलते दो सेल्समैनों को पकड़ा है। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, राजनांदगांव में शराब दुकानों में ग्राहकों से तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की लगातार शिकायतें आबकारी विभाग को मिल रही थी। इन्हीं शिकायतों के आधार पर आबकारी आयुक्त पीएस अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने गुरुवार को दो शराब दुकानों पर औचक छापेमार कार्रवाई की। टीम ने डमी ग्राहक भेजकर जांच कराई, जिसमें दोनों दुकानों पर ओवररेटिंग का मामला सामने आया। डमी ग्राहक बनकर पहुंची टीम सबसे पहले टीम राजनांदगांव के रेवाडीह-01 स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां डमी ग्राहक के जरिए 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी गई। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन दुकान में मौजूद सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपए वसूल लिए। यानी ग्राहक से 100 रुपए ज्यादा लिए गए। दूसरी दुकान में भी मिली गड़बड़ी इसके बाद उड़नदस्ता टीम मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित कंपोजिट शराब दुकान पहुंची। यहां भी डमी ग्राहक ने 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की खरीदी। इसकी तय कीमत 2400 रुपए थी, लेकिन सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपए वसूल लिए। यहां भी 100 रुपए ज्यादा वसूले गए। दोनों सेल्समैन पर केस दर्ज जांच में ओवररेटिंग की पुष्टि होने के बाद आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन हरीश साहू और शुभम कुमार के खिलाफ आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की चेतावनी आबकारी विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने वालों को किसी भी हालत में नहीं बख्शा जाएगा। आगे भी शिकायत मिलने पर इसी तरह जांच की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आबकारी आयुक्त पी.एस. अलमा के निर्देश पर दुर्ग संभाग की उड़नदस्ता टीम ने राजनांदगांव की दो शराब दुकानों में छापेमार कार्रवाई की। यह कार्रवाई शराब की बोतलों पर तय कीमत से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायत मिलने के बाद की गई। टीम ने दोनों दुकानों पर फर्जी ग्राहक (डमी कस्टमर) भेजकर शराब खरीदी। जांच में दोनों दुकानों पर तय सरकारी कीमत से 100 रुपये ज्यादा वसूलते हुए दो सेल्समैन पकड़े गए। रेवाडीह स्थित शराब दुकान में डमी ग्राहक ने 20 पाव सुप्रीमो व्हिस्की खरीदी। इसकी सरकारी कीमत 2400 रुपये थी, लेकिन सेल्समैन हरीश साहू ने 2500 रुपये वसूल लिए। इसी तरह मंडी बाईपास लखोली रोड स्थित शराब दुकान में 20 पाव जम्मू स्पेशल व्हिस्की की खरीद कराई गई। यहां भी सरकारी कीमत 2400 रुपये की जगह सेल्समैन शुभम कुमार ने 2500 रुपये वसूल लिए। आबकारी विभाग ने दोनों सेल्समैन के खिलाफ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 39(ग) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। विभाग ने साफ कहा है कि शराब दुकानों में ओवररेटिंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी इस तरह की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आगरा के थाना एत्माद्दौला क्षेत्र अंतर्गत हाईवे पर बाइक सवार बदमाशों ने एलडीबी बैंक मैनेजर की पत्नी के गले से सोने की चेन लूट ली। जहां पर घटना हुई, वहां पर रोज रात को पुलिस खड़ी रहती है। महिला लुटेरे को पीछे दौड़ी, लेकिन वो बाइक लेकर फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची । लूट की वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस सीसीटीवी की मदद से बदमाशों को सुराग लगा रही है।जानकारी के अनुसार एत्मादपुर निवासी एलडीबी बैंक के अध्यक्ष शंकर ध्वज सिंह की पत्नी रात करीब 9 बजे रामबाग से आ रही थीं। हाईवे के सर्विस रोड पर जेडी हॉस्पीटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने उनके गले से चेन तोड़ ली। जहां पर बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया, वहां पर रोज रात को चौकी इंचार्ज फोर्स के साथ चेकिंग करते हैं। लोगों ने बताया कि बाइक सवार चेन तोड़कर हाईवे पर भाग गए। सूचना पर थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई है।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र में गुरुवार रात बाइक सवार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मारकर उन्हें रोक लिया और करीब ढाई लाख रुपये से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने नाकेबंदी कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मड़िहान थाना क्षेत्र के बेला जंगल मार्ग पर गुरुवार रात करीब आठ बजे लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई। पल्सर बाइक सवार दो बदमाशों ने वसूली कर लौट रहे दो कर्मचारियों की बाइक के टायर में गोली मार दी। टायर फटने के बाद बाइक रुक गई और बदमाश नकदी से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार, लोहंदी निवासी सुनील यादव और छोटा मिर्जापुर निवासी राजकुमार कटरा कोतवाली के सामने स्थित मिलन थ्रेड कंपनी में कार्यरत हैं। दोनों कर्मचारी कंपनी की वसूली के सिलसिले में सोनभद्र के घोरावल गए थे। वहां से करीब ढाई लाख रुपये की वसूली कर वे मड़िहान मार्ग से मिर्जापुर लौट रहे थे। इसी दौरान बेला जंगल मार्ग पर पहले से घात लगाए बैठे पल्सर सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक के पिछले टायर पर गोली चला दी। टायर फटने से बाइक अनियंत्रित होकर रुक गई। इसके बाद बदमाश कर्मचारियों के पास मौजूद नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। मिलन थ्रेड कंपनी के संचालक सचिन ने बताया कि घटना में दोनों कर्मचारी सुरक्षित हैं और किसी को गोली नहीं लगी है। बदमाश केवल नकदी से भरा बैग लूटकर भागे हैं। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मड़िहान थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी कर बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। साथ ही संभावित मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के अधिकारियों से 2 लाख 63 हजार 500 रुपये बरामद किए हैं। एसीबी की स्पेशल इनवेस्टिगेशन यूनिट (एसआईयू) ने जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर शाहपुरा पुलिया के पास टाटा सफारी गाड़ी को रोककर तलाशी ली, जिसमें यह नकदी मिली। एसीबी के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया- ब्यूरो को सूचना मिली थी कि जयपुर से आई कृषि विभाग की टीम भिवाड़ी-कोटपूतली औद्योगिक क्षेत्र में खाद और कीटनाशक निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर रही है। आरोप है कि निरीक्षण का डर दिखाकर कुछ औद्योगिक इकाइयों से अवैध रूप से पैसे वसूले जा रहे थे। सूचना के आधार पर उप महानिरीक्षक पुलिस (प्रथम) डॉ. रामेश्वर सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने शाहपुरा पुलिया पर निगरानी रखी और संदिग्ध वाहन को रोककर कार्रवाई की। दो अधिकारियों के बैग से मिला कैश तलाशी के दौरान कृषि अधिकारी महेश कुमार मीणा के बैग से 1 लाख 48 हजार 500 रुपये और कृषि अधिकारी चन्दा राम गुर्जर के बैग से 1 लाख 15 हजार रुपये बरामद हुए। गाड़ी में कृषि अधिकारी भगवान सहाय यादव और कृषि विभाग के चालक रमेश चन्द्र मीणा भी मौजूद थे, जिनकी भी नियमानुसार तलाशी ली गई। अधिकारियों की भूमिका की होगी जांच एसीबी अब बरामद नकदी के स्रोत, औद्योगिक इकाइयों से कथित अवैध वसूली और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है। पूछताछ के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सरगुजा जिले के ग्राम बरगीडीह में गुरुवार को मामूली विवाद पर पड़ोसी ने ग्रामीण पर गैंती से हमला कर दिया। हमले में घायल ग्रामीण को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। इलाज के दौरान ग्रामीण की मौत हो गई। मामला लुण्ड्रा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, बरगीडीह निवासी जीतू नागेश (45 वर्ष) गुरुवार को अपने घर में था। परिवार के सभी सदस्य धान की रोपाई करने के लिए गये थे। जीतू नागेश का पड़ोसी बुधराम उसके घर के सामने पहुंचा। दोनों में बातचीत हो रही थी। इसी बीच किसी बात को लेकर दोनों में विवाद हो गया। विवाद से आक्रोशित होकर बुधराम ने जीतू पर गैंती से हमला कर दिया। घायल की हॉस्पिटल में मौत गैंती के हमले में जीतू नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद बुधराम ने स्वयं आसपास के लोगों को जानकारी दी कि मैंने जीतू को मार दिया है, अब जेल जाउंगा। ग्रामीणों की सूचना पर खेत में काम कर रहे जीतू के परिजन मौके पर पहुंचे और जीतू को गंभीर हालत में इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर पहुंचाया। यहां हॉस्पिटल में उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पुलिस ने मृतक के परिजनों का बयान दर्ज किया। मामला लुंड्रा पुलिस को भेजा जा रहा है। मृतक के परिजनों ने बताया कि जीतू नागेश एवं बुधराम के बीच पहले का कोई विवाद नहीं था। दोनों अकसर साथ रहते थे और साथ ही खाते-पीते थे। धटना की सूचना पर बुधराम के बेटे ने भी घायल जीतू को हॉस्पिटल ले जाने में मदद की। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गोरखपुर में गुरुवार की रात 9 बजे बिजली विभाग ने कल यानी शुक्रवार को होने वाली कटौती की सूचना जारी की। शहर के कई इलाकों में सड़क चौड़ीकरण, लाइन और पोल शिफ्टिंग के कार्य के चलते कल यानी शुक्रवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने पहले से शटडाउन की सूचना जारी कर उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। बक्शीपुर और दीवान बाजार में नहीं रहेगी बिजली बिजली विभाग के अनुसार बक्शीपुर और बक्शीपुर न्यू उपकेंद्र से जुड़े दीवान बाजार और बक्शीपुर 11 KV फीडर की बिजली आपूर्ति शुक्रवार सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। इस दौरान सड़क चौड़ीकरण का कार्य कराया जाएगा। उपखंड अधिकारी पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कार्य पूरा होते ही बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। करीमनगर और रेल विहार फीडर भी रहेंगे बंद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से जुड़े करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली आपूर्ति भी शुक्रवार सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। यहां सड़क चौड़ीकरण के साथ पोल शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। इस दौरान इन फीडरों से जुड़े सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन इलाकों में भी रहेगा पांच घंटे का शटडाउन रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के चलते शहर के अन्य कई उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों पर भी शटडाउन लिया जाएगा। इनमें इंडस्ट्रियल स्टेट उपकेंद्र का पश्चिमी जनप्रिय फीडर, दुर्गाबाड़ी उपकेंद्र का हनुमंत नगर फीडर, नईयापार उपकेंद्र का रजही फीडर, रायगंज उपकेंद्र का पोछिया-2 फीडर, खोराबार उपकेंद्र का सूबा बाजार फीडर तथा 33 KV खोराबार लाइन शामिल हैं। इन क्षेत्रों में शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने कहा है कि सड़क चौड़ीकरण और बिजली लाइनों को सुरक्षित तरीके से शिफ्ट करने के लिए यह शटडाउन जरूरी है। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही संबंधित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल कर दी जाएगी।
अमेठी में सूखे कुएं में मिला बुजुर्ग का शव:घर से 500 मीटर दूर हादसा, कई दिनों से बीमार चल रहे थे
अमेठी में एक 70 साल के बुजुर्ग का शव घर से करीब 500 मीटर दूर एक सूखे कुएं में मिला। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर सीएचसी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना अमेठी कोतवाली क्षेत्र के हथकिला गांव की है। मृतक की पहचान 70 वर्षीय ननकू के रूप में हुई है। वह गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे दुकान से घर के लिए निकले थे, लेकिन घर नहीं पहुंचे। गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे गांव के शिव मंदिर के पास स्थित एक सूखे कुएं में उनका शव एक चरवाहे ने देखा, जिसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों द्वारा तत्काल घटना की जानकारी अमेठी कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाल श्रीराम पांडेय और सीओ मनोज मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकाला और अमेठी सीएचसी भेजा। अमेठी कोतवाल श्रीराम पांडेय ने बताया कि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ थे। मृतक के बेटे दर्शन ने पुलिस को बताया कि उनके पिता पिछले चार महीने से अस्वस्थ थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस ने कहा कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
रेऊना थाना क्षेत्र के कटार गांव में गुरुवार शाम 4 बजे अराजक तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला सामने आया। प्रतिमा का एक हाथ तोड़ दिए जाने से ग्रामीणों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा की मरम्मत कराकर रंग-रोगन कराया और उसे दोबारा स्थापित कर दिया। साथ ही घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की तलाश शुरू कर दी है। रेऊना थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कटार में गुरुवार शाम कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचा दिया। प्रतिमा का हाथ टूटने की जानकारी मिलते ही गांव के लोगों और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं की भीड़ मौके पर जुट गई। घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर रेऊना थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू की। किसी भी तरह का तनाव न फैले, इसके लिए गांव में पुलिस की निगरानी भी बढ़ा दी गई। पुलिस ने बिना देर किए क्षतिग्रस्त प्रतिमा की मरम्मत कराई। प्रतिमा के टूटे हुए हिस्से को ठीक कराने के बाद उसका रंग-रोगन कराया गया और उसे पुनः उसी स्थान पर स्थापित कर दिया गया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में संतोष देखा गया, हालांकि लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग दोहराई। रेउना थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची थी। क्षतिग्रस्त प्रतिमा को ठीक कराकर दोबारा स्थापित करा दिया गया है। घटना को अंजाम देने वाले शरारती तत्वों की पहचान के लिए आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान होने पर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर के चौमूं क्षेत्र में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग में हड़कंप मचा दिया। ACB ने नामांतरण (म्यूटेशन) की प्रक्रिया पूरी कराने के बदले रिश्वत लेने के मामले में एक दलाल को 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता से नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराने के एवज में रिश्वत की मांग की गई थी। ACB ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद ट्रैप की कार्रवाई की, जिसमें दलाल रिश्वत की राशि लेते हुए पकड़ा गया। ACB ASP मनोज गुप्ता और सीआई रामजीलाल गुप्ता ने कार्रवाई को अंजाम दिया। इधर, कार्रवाई की भनक लगते ही संबंधित पटवारी सुरेंद्र मौके से फरार हो गया। ACB की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इस कार्रवाई के बाद राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। ACB की टीम मामले में रिश्वतखोरी के पूरे नेटवर्क और अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। फिलहाल फरार पटवारी की तलाश जारी है।
दिल्ली को देश की ‘सिविक-टेक कैपिटल’ बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को दिल्ली सचिवालय में ‘दिल्ली नेक्स्ट-कोड, क्रिएट एंड चेंज’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसे देश का सबसे बड़ा सिविक-टेक इनोवेशन प्रोग्राम बताया जा रहा है, जिसका उद्देश्य युवाओं, स्टार्टअप, शोधकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों और नवाचारकर्ताओं को एक मंच पर लाकर राजधानी की शहरी और नागरिक समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान तैयार करना है। युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोडे़गा दिल्ली नेक्स्ट : सीएम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा आज सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं रह सकता। तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के जरिए समस्याओं के प्रभावी और स्थायी समाधान विकसित करना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दिल्ली नेक्स्ट केवल एक हैकाथॉन नहीं, बल्कि सरकार और नवाचार के बीच एक ऐसा सेतु है, जो युवाओं के विचारों को सीधे प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ेगा। सीएम ने कहा दिल्ली सरकार युवाओं को केवल प्रतियोगी नहीं, बल्कि सुशासन का साझेदार मानती है। उन्होंने कहा देश के युवाओं में असीम प्रतिभा है और यदि उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और अवसर मिले तो वे प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उनके अनुसार, युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत हैं। विभिन्न विभागों के सहयोग से शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट : रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कार्यक्रम पारंपरिक हैकाथॉन से अलग होगा। जहां अधिकांश हैकाथॉन पुरस्कार वितरण के साथ समाप्त हो जाते हैं, वहीं ‘दिल्ली नेक्स्ट’ में चयनित शीर्ष 60 टीमों के तकनीकी समाधानों को संबंधित सरकारी विभागों के सहयोग से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। सफल मॉडलों को चरणबद्ध तरीके से सरकारी कार्यप्रणाली में शामिल किया जाएगा, ताकि नागरिकों को सीधे लाभ मिल सके। उन्होंने कहा इस पहल से दिल्ली में तकनीक आधारित प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के नवाचार वास्तविक समस्याओं के समाधान का हिस्सा बनेंगे।
सहारनपुर में एक युवती की तस्वीरें और वीडियो एडिट कर उन्हें आपत्तिजनक बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने, लगातार पीछा करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में चिलकाना पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिलकाना थाना क्षेत्र के गांव बुड्ढाखेड़ा निवासी साबिर पुत्र रियासत के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार शाम 6 बजे पटनी गांव के पास सादान नर्सरी के सामने से गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इंस्टाग्राम से फोटो डाउनलोड कर बनाई फर्जी ID युवती ने पुलिस को बताया कि वह इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करती है। पढ़ाई के दौरान और चिलकाना बाजार आने-जाने के समय आरोपी उसका पीछा करता था और अभद्र टिप्पणियां करता था। बदनामी और पढ़ाई प्रभावित होने के डर से वह लंबे समय तक चुप रही। आरोप है कि आरोपी ने इंस्टाग्राम से उसकी तस्वीरें और वीडियो डाउनलोड कर उन्हें एडिट किया। इसके बाद फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाकर आपत्तिजनक तस्वीरें प्रोफाइल फोटो और अन्य पोस्ट के रूप में अपलोड कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। अस्पताल पहुंचकर किया हंगामा शिकायत के मुताबिक, परिवार की समझाइश के बाद आरोपी ने दोबारा ऐसी हरकत न करने का भरोसा दिया था, लेकिन कुछ दिनों बाद उसने फिर उत्पीड़न शुरू कर दिया। युवती का आरोप है कि 25 जून को जब वह देहरादून के इंद्रेश अस्पताल में ड्यूटी पर थी, तब आरोपी वहां पहुंच गया। उसने अस्पताल के बाहर स्टाफ के सामने गाली-गलौज की और अपमानजनक बातें कहीं। इसके बाद आरोपी युवती के किराए के कमरे तक पहुंच गया और मकान मालिक को धमकाते हुए युवती को जान से मारने की धमकी दी। IT एक्ट में केस, कोर्ट में होगा पेश लगातार पीछा किए जाने, सोशल मीडिया पर बदनाम करने और धमकियों से परेशान होकर युवती ने चिलकाना थाने में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के साथ आईटी एक्ट की धारा 67A में मुकदमा दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली लाइनों के रखरखाव एवं आवश्यक मरम्मत कार्य के चलते सोमवार को खोखरिया फीडर से जुड़े क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। विद्युत निगम के अनुसार यह शटडाउन सुबह 7:00 बजे से 10:00 बजे तक रहेगा। इस दौरान खोखरिया, गुजरावास, बोरावास तथा 11 केवी खोखरिया फीडर से जुड़े सभी गांवों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद संबंधित क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति पुनः बहाल कर दी जाएगी। वहीं, नांदड़ी फीडर से जुड़े नांदड़ी गांव में सुबह 8 से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। विद्युत निगम ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित शटडाउन को ध्यान में रखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें।
जोधपुर कमिश्नरेट में पिछले 24 घंटे में पुलिस की ओर से अलग-अलग कार्रवाइयाँ कर कई आरोपियों को पकड़ा गया। वहीं जुआ सट्टा और अवैध शराब को लेकर भी कार्रवाई की गई है। जोधपुर पूर्व के डांगियावास थाना क्षेत्र से एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपीके खिलाफ पोक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नशा तस्कर पकड़ा शहर की करवड़ थाना पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई करते हुए आरोपी रामनरेश जाट को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 632 ग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर तस्कर को गिरफ्तार किया। युवक के साथ मारपीट मंडोर के लालसागर निवासी प्रार्थी लखन गहलोत ने अपने साथ हुई मारपीट के आरोपों को लेकर पुलिस को रिपोर्ट दी। बताया कि भानु बंगला के पास आरोपी जयंत, सुजीत, ओनीश और उनके 3-4 अन्य साथियों ने उसका रास्ता रोका। आरोपियों ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से हमला कर उसकी जेब से 22,000 रुपए लूटकर फरार हो गए। सड़क हादसे में एक की मौत कुड़ी भगतासनी रिंग रोड सांगरिया ब्रिज के पास अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बाइक सवार शख्स गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई अमराराम की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। कुड़ी भगतासनी केके कॉलोनी में एक अन्य हादसे में अज्ञात कार चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार महिला और उसके ससुर गंभीर रूप से घायल हो गए। 4 थाने की पुलिस ने पकड़ी अवैध शराब महामंदिर पुलिस ने भदवासिया सांसी बस्ती में दबिश देकर 65 वर्षीय हिमजाराम सांसी को अवैध हथकड़ शराब बेचते हुए गिरफ्तार किया। चौहाबो व कुड़ी भगतासनी: चौहाबो पुलिस ने श्रमिक कॉलोनी से आरोपी नरेंद्र सिंह को 60 पव्वे देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया। वहीं कुड़ी भगतासनी पुलिस ने हेमनगर झालामंड से आरोपी ओमप्रकाश प्रजापत को 54 पव्वे देशी शराब के साथ दबोचा। विवेक विहार पुलिस ने अलग-अलग चौराहों से आरोपी अनिल भाटी और किशन को अवैध देशी शराब के साथ गिरफ्तार किया है। पत्नी की शादी करने पर मामला दर्ज प्रतापनगर थाने ने एक व्यक्ति ने अपने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया जिस आरोप लगाया कि उनकी शादी के बाद ससुराल पक्ष के लोग आटा साटा करने का दबाव बना रहे थे ऐसा नहीं करने पर उन्होंने अपनी बेटी की शादी दूसरे युवक के साथ कर दी। युवक ने 15 लाख रूपए मांगने का आरोप भी लगाया। एम्स के सामने चल रहा था जुआ बासनी थाना पुलिस ने एम्स गेट नंबर 3 के सामने जुआ खेल रहे गिरोह पर छापा मारा। पुलिस ने मौके से अनरजीत यादव, लक्षित ओड, देवेंद्र राजपूत, नरेश कुमार कंसारा, किशोर सरगरा, शंकर सांसी, जोगाराम सांसी, दीवान सांसी और मनोहर कलाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इनके पास से जुआ राशि के 28,410 रुपए नकद जब्त किए गए हैं। प्रतापनगर व सरदारपुरा प्रतापनगर में खेड़ापति मंदिर के बाहर से अज्ञात चोरों ने प्रार्थी जगदीश कुमार की मोटरसाइकिल पार कर दी। वहीं सरदारपुरा प्रथम बी रोड पर एक किराये के कमरे में घुसकर चोरों ने मोबाइल और नकदी पर हाथ साफ कर दिया। गुमशुदगी के मामले कॉलेज जाने का कहकर निकली: माता का थान थाना क्षेत्र के राजीव गांधी कॉलोनी से एक बेटी सुबह करीब 11 बजे घर से कॉलेज जाने का कहकर निकली थी, जो शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने अपने स्तर पर हर जगह ढूंढा, पर सुराग न मिलने पर थाने में मामला दर्ज कराया है। नागोरी गेट थाने के एक कॉलोनी से एक 19 वर्षीय युवती दोपहर करीब 1 बजे घर से बिना बताए कहीं चली गई। पीड़िता की मां ने नागोरी गेट थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। मथानिया थाना क्षेत्र से एक 24 वर्षीय युवती अपने घर से बिना किसी को कुछ बताए अचानक निकल गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास कर रही है। प्रतापनगर सदर थाना क्षेत्र की एक बस्ती से एक 19 वर्षीय युवती 26 जून की शाम को घर से बिना बताए निकली थी, जिसका आज दिन तक कोई अता-पता नहीं चला है। मां की रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। सूरसागर इलाके से एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की दोपहर के समय घर से अचानक लापता हो गई। वहीं इसी थाना क्षेत्र के चांदपोल से एक 40 वर्षीय विवाहिता भी बिना बताए घर से कहीं चली गई, जिसके बाद परेशान पति ने सूरसागर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने सिरोही स्थित एक फैक्ट्री परिसर में पड़े खतरनाक इंडस्ट्री वेस्ट के निस्तारण को लेकर सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने संबंधित फैक्ट्री संचालक को 15 जुलाई तक अपने परिसरों से पूरा खतरनाक कचरा हटाने का अंतिम अवसर दिया है। जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह निर्देश हरिसिंह सोढ़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। खंडपीठ के समक्ष प्रतिवादी की ओर से बताया गया कि कोर्ट के 29 जून 2026 के आदेश की पालना में फैक्ट्री परिसर से खतरनाक कचरा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। प्रतिवादी ने कोर्ट को आश्वस्त किया कि कचरा हटाने का कार्य 15 जुलाई तक पूरा कर लिया जाएगा। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने भी न्यायालय को सूचित किया कि मौके पर सफाई कार्य प्रारंभ हो चुका है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता डीएस जसोल और राजेश परिहार ने पैरवी की। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि कचरा हटने के बाद न्यायालय द्वारा गठित एक टीम दोनों परिसरों का निरीक्षण करेगी। यह टीम सुनिश्चित करेगी कि किसी भी स्थान पर खतरनाक पदार्थ शेष न रहे। यदि सफाई कार्य भुगतान के अभाव में रुकता है, तो कलेक्टर संबंधित उद्योग संचालक से राशि की वसूली कर एजेंसी रामकी/री सस्टेनेबिलिटी लिमिटेड को भुगतान सुनिश्चित करेंगे। इस मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित विभागों को कचरा हटाने की ताजा प्रगति रिपोर्ट न्यायालय में पेश करनी होगी।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार दो दिवसीय प्रवास पर 4 जुलाई को मध्यप्रदेश आएंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के बाद उनका यह पहला मध्यप्रदेश दौरा होगा। दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा होने के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) कार्यालय भी अलर्ट मोड पर आ गया है। अपने दौरे के दौरान ज्ञानेश कुमार इंदौर और खंडवा क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। 4 जुलाई को दोपहर बाद वे इंदौर पहुंचेंगे। शाम 4 बजे लता मंगेशकर सभागृह में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार और खंडवा जिले के 1,500 से अधिक बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद करेंगे। उल्लेखनीय है कि ज्ञानेश कुमार ऐसे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जिन्होंने इससे पहले भी दिल्ली में बीएलओ और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के साथ सीधे संवाद की पहल की थी। बीएलओ से चर्चा के बाद वे इंदौर में रात्रि विश्राम करेंगे। 5 जुलाई को उनका ओंकारेश्वर और महेश्वर जाने का कार्यक्रम है, जहां वे भगवान शिव के दर्शन करने के साथ महेश्वर किले का भी भ्रमण करेंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त के दौरे की सूचना मिलते ही मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अधिकारी तैयारियों में जुट गए हैं। यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि गुरुवार को ही चुनाव आयोग ने देश की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की है, जिनमें मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट भी शामिल है। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही दतिया में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर को चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी व्यवस्थाओं पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में दतिया कलेक्टर ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी साझा की है।
पन्ना में ऑटो चालक पर हमला:पानी पीने रुके युवक को बेल्टों से पीटा, वाहन में भी की तोड़फोड़
पन्ना जिले के दरेरा बैरियर के पास गुरुवार को एक ऑटो चालक के साथ मारपीट और उसके ऑटो में तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। पानी पीने के लिए रुके चालक पर दो युवकों ने हमला किया। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मड़ैयन निवासी दिनेश सिंह राजगोंड (26 वर्ष, पिता कपूर सिंह) ने पुलिस को बताया कि वह ऑटो चालक है। गुरुवार, 2 जुलाई को वह पन्ना से अपने घर लौट रहा था। दरेरा बैरियर के पास वह पानी पीने के लिए रुका था। दिनेश के रुकते ही वहां मौजूद बंटी राजा और लवकुश नामक दो युवकों ने उस पर अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने दिनेश पर बेल्ट से कई वार किए, जिससे उसके सीने और कमर में गंभीर चोटें आईं। इस दौरान उसके ऑटो में भी तोड़फोड़ की गई। जब दोनों युवक दिनेश को पीट रहे थे, तब उसके दोस्त कमलू और बैरियर के चौकीदार ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। घटना के बाद पीड़ित ऑटो चालक ने कोतवाली पन्ना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मासूम से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की सजा:महराजगंज कोर्ट ने 30 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
महराजगंज की विशेष सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार पंचम की कोर्ट ने मासूम से दुष्कर्म के एक मामले में दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सुनाया गया। अदालत ने दोषी मोहित उर्फ धुआं को 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 30 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अभियोजन पक्ष के विशेष लोक अभियोजक विनोद सिंह ने बताया कि यह घटना 19 सितंबर 2023 को फरेंदा थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। आरोपित मोहित ने पंचायत भवन के करीब पांच वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने पर पुलिस ने न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत गवाहों के बयान और वैज्ञानिक व चिकित्सकीय साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने मोहित उर्फ धुआं को दोषी पाया और पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत यह कठोर सजा सुनाई।

