पुरुषोत्तम मास में यमुना किनारा रविवार को भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ 501 कलशों की भव्य यात्रा के साथ हुआ। गुलाबी वेशभूषा में महिलाओं की श्रद्धा, वैदिक मंत्रोच्चार और यमुना आरती ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आगरा के यमुना किनारा रोड स्थित ताज व्यू गार्डन फेस-1 में श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा पुरुषोत्तम मास के अवसर पर श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार को भव्य कलश यात्रा के साथ किया गया। 501 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर शोभायात्रा में हिस्सा लिया। यात्रा से पहले सभी कलशों में श्री मनःकामेश्वर मंदिर परिसर स्थित प्राचीन कुएं का जल भरा गया। बाबा श्री मनकामेश्वर की पूजा-अर्चना के बाद यात्रा मंदिर की परिक्रमा करती हुई कथा स्थल पहुंची। आचार्य सुरेंद्र गौतम के सानिध्य में 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कलश पूजन संपन्न कराया। इसके बाद श्री मनःकामेश्वर नाथ के स्वरूप की स्थापना कराई गई। कथा स्थल पर पहुंची झांकी का विधिवत पूजन कर कलश स्थापना की गई।यमुना तट पर लगभग 200 गज क्षेत्र में विशाल वातानुकूलित पंडाल तैयार किया गया है। प्रवेश द्वार पर कमल दल में विराजमान 21 फीट ऊंचे श्रीनाथजी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे। पंडाल में पहली बार एक साथ द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापित किए गए हैं। मंच पर भगवान विष्णु के 24 अवतारों, यमुना महारानी और श्रीनाथजी की भव्य झांकियां सजाई गई हैं। संध्याकाल महंत योगेश पुरी ने 20 फीट ऊंचे मंच से यमुना आरती की। दीपों की रोशनी और भजन-कीर्तन के बीच पूरा यमुना तट आध्यात्मिक आभा में डूबा नजर आया। मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि 18 मई से प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से “हरि इच्छा” तक श्रीमद्भागवत कथा होगी। सुबह 7 बजे से बाल संस्कार शिविर भी लगाया जाएगा। दैनिक यजमानों द्वारा व्यास पूजन किया गया, जबकि हितार्थ परिवार ने अतिथियों के स्वागत एवं सम्मान की व्यवस्था संभाली। कलश व्यवस्था की जिम्मेदारी दीप्ति गर्ग, कुमकुम, अनुभा और मंजू गुप्ता सहित अन्य महिलाओं ने निभाई।
लखनऊ में दबंगों ने एक ढाबा संचालक के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसने ढाबे के सामने रोड पर लड़ाई कर रहे युवकों का वीडियो बनाया था। इससे नाराज होकर दबंग युवकों ने घटना को अंजाम दिया। संचालक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी ऑपेरशन के दौरान मौत हो गई। घटना मड़ियांव थानाक्षेत्र में रविवार शाम 5 बजे हुई। युवक की पहचान तरहिया सैरपुर निवासी विजय यादव (28) के रूप में हुई। विजय का भिटौली तिराहे के पास यादव ढाबा एंड फैमिली रेस्टोरेंट है। वह शाम को ढाबे के पास मौजूद थे। इसी दौरान बाइक पर सवार होकर आए 2 युवकों ने उन पर फायरिंग कर दी। गोली विजय यादव के माथे पर लगी। आस-पास के साथी दुकानदार तत्काल उन्हें ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। मौके पर पुलिस के उच्चाधिकारी, स्थानीय थाना पुलिस और फील्ड यूनिट टीम ने पहुंचकर जांच-पड़ताल की है। अब घटनाक्रम विस्तार से… प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक विजय यादव रोज की तरह ढाबे पर बैठे थे। इसी दौरान दो बाइक सवार युवक वहां पहुंचे। पहले दोनों पक्षों में कुछ कहासुनी हुई। देखते ही देखते एक युवक ने तमंचा निकालकर विजय के सिर में गोली मार दी। गोली चलते ही ढाबे पर भगदड़ मच गई। आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जुट गए। खून से लथपथ विजय को लोगों ने आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। जहां देर रात ऑपरेशन के दौरान विजय ने दम तोड़ दिया। मौत की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। विजय यादव की मां अस्पताल पहुंचीं तो बेटे को देखकर रोती-बिलखती नजर आईं। परिजन बदहवास हालत में अस्पताल के बाहर बैठे रहे। लड़ाई का वीडियो बनाया तो गोली मारी घटना से पहले का एक वीडियो सामने आया है। विजय के ढाबे के बाहर कुछ युवक लड़ाई कर रहे थे। इसका विजय ने विरोध किया। न मानने पर झगड़ा कर रहे युवकों का वीडियो बनाने लगा। तभी एक युवक उसकी तरफ बढ़ा और वीडियो बनाने को मना किया। विजय के नहीं मानने पर सभी वहां से चले गए। कथिततौर पर इनमें से दो युवक बाद में बाइक से वापस ढाबे पर आए और विजय का गोली मार दी। कर्मचारी बोला- जमीन पर बेहोश पड़े मिले ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी मौसम ने बताया- वह नहाकर बाहर आया था। जीने पर खड़ा था। तभी अचानक से गोली चलने की आवाज आई। नीचे जाकर देखा तो मालिक विजय खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों की तलाश में जुटी है। फिलहाल घटना के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ADCP बोलीं- CCTV खंगाल रहे एडीसीपी नार्थ ट्विंकल जैन ने बताया- विजय के माथे पर गोली लगी है। जिसका इलाज चला रहा है। सीसीटीवी की मदद से आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है। सर्विलांस सहित पुलिस की तीन टीमें लगी है। जल्द आरोपियों की पकड़ लिया जाएगा। वीडियो में मारपीट करते दिख रहे लड़कों की भी जानकारी की जा रही है। हर एंगल से जांच जारी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रिटायर्ड सेना अधिकारी कर्नल कुश कुमार शर्मा के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया की एकल पीठ ने यह आदेश कर्नल शर्मा की ओर से दायर रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। याचिका में रक्षा लेखा विभाग और त्रिपुरा लोक सेवा आयोग द्वारा जारी दो वसूली आदेशों को चुनौती दी है। सेना के पूर्व अधिकारी रहे शर्मा वर्ष 2023 में त्रिपुरा लोक सेवा आयोग के चेयरमैन नियुक्त हुए थे। बाद में रक्षा लेखा विभाग ने उन्हें पुनर्नियुक्त मानते हुए लगभग 22.62 लाख रुपये डी ए की रिकवरी का आदेश जारी कर दिया, जबकि टीपीएससी ने भी करीब 8.09 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान बताकर वसूली शुरू कर दी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों आदेश बिना नोटिस और बिना सुनवाई का अवसर दिए पारित किए गए, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है। अदालत ने केंद्र सरकार और अन्य प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक विवादित आदेशों के आधार पर याची के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। कोर्ट ने टिप्पणी की कि याचिका की नोटिस ए एस जी आई को दी गई है किन्तु भारत सरकार का पक्ष रखने कोई अधिवक्ता उपस्थित नहीं हुआ।
गोरखपुर के कुसम्ही जंगल में सुसाइड करने वाले इंजीनियर प्रदुम्मन यादव के मामले में एम्स थाना पुलिस ने उनकी पत्नी अर्पिता यादव उर्फ उषा को गिरफ्तार कर लिया। रविवार दोपहर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया और शाम को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। कुशीनगर जिले के स्वामी विवेकानंद नगर (बेलवा पल्कधारी सिंह) निवासी 33 वर्षीय इंजीनियर प्रदुम्मन यादव ने 14 मई की शाम कुसम्ही जंगल स्थित बुढ़िया माता मंदिर के पास फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना से पहले उसने मोबाइल फोन से वीडियो बनाकर अपनी पीड़ा जाहिर की थी। वीडियो में उसने अपनी मौत के लिए पत्नी को जिम्मेदार ठहराया था। उसने बड़े भाई से माफी मांगते हुए माता-पिता का ध्यान रखने की अपील भी की थी। आत्महत्या के बाद प्रदुम्मन के बड़े भाई राघवेंद्र यादव ने शनिवार को एम्स थाने में तहरीर देकर पत्नी अर्पिता, सास और ससुर के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कराया था। परिजनों के मुताबिक, प्रदुम्मन की शादी करीब सात वर्ष पहले तुर्कपट्टी खेत्र के सोहग गांव में रहने वाली अर्पिता से हुई थी। उनकी पांच वर्ष की एक बेटी भी है। पति से विवाद होने की वजह से अर्पिता पिछले तीन वर्षों से मायके में रह रही थी। परिवार का आरोप है कि इसी वजह से प्रदुम्मन मानसिक तनाव में था और अवसाद में चला गया था। मां बोलीं- आखिरी बार बेटे से मिल भी नहीं पाई साहब मेरा बेटा अब नहीं रहा। तीन महीने पहले देखा था। उससे आखिरी बार भी नहीं मिल पाई। गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर उसका वीडियो दिखाया, तबसे मुझे चैन नहीं है। कैसे भूलूंगी उसे… काश वह मुझे भी साथ ले जाता। ये दर्द कुशीनगर के सुसाइड करने वाले जवान इंजीनियर की मां का है। प्रद्युम्न यादव (33) की मां रोते हुए कहती हैं कि बहू की प्रताड़ना से परेशान बेटे ने जान दे दी। उसने गुरुवार को पहले मंदिर में पूजा की। फिर वहीं लगे पेड़ पर फंदे से लटक गया। सुसाइड से पहले उसने वीडियो बनाकर व्हाट्सऐप स्टेटस लगाया था। इंजीनियर बेटे के परिवार का दर्द जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम कुशीनगर जिला मुख्यालय से दूर कसयां तहसील पहुंची। यहां प्रद्युम्न के घर से महिलाओं के रोने की आवाज आ रही थी। हमने उसके घरवालों और पड़ोसियों से बातचीत की। पढ़िए रिपोर्ट… मां रोते-रोते बोली- राजा बेटा चला गयाप्रद्युम्न की मां कलावती देवी (72) को घर की महिलाएं और बेटियां संभाल रही थीं। वह बार-बार बेसुध हो जा रही थीं। घर से बाहर मेन दरवाजे पर आकर रोते-रोते कहतीं- 'मेरा राजा बेटा चला गया' घर की ओर आने वाले रास्ते की ओर देखतीं। जैसे उन्हें अब भी प्रद्युम्न के आने की आशा हो। बेटे को खोने का दर्द आंसू बनकर बह रहा था। रोते-बिलखते हुए मां कलावती ने कहा, साहब मेरा बेटा अब नहीं रहा। तीन महीने पहले गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर उसका आखिरी वीडियो दिखाया था। वो तो नहीं रहा। इस घर में सिर्फ उसकी यादें ही बची हैं। बहन बोली- भाई की मौत के बाद तो उसे न्याय मिलेमां के बगल में बैठी बहन पूनम की आंखें भी नम थीं। उन्होंने भरे हुए गले से कहा- हमारे घर का सोना चला गया। मेरा भाई बहुत सीधा था, सबसे मिल-जुलकर रहता था। उसे कभी चैन से जीने नहीं दिया गया। बस यही चाहती हूं कि जीते-जी नहीं मिला तो मरने के बाद मेरे भाई को न्याय जरूर मिले। भाई बोले- उसके काम को देखकर प्रमोशन मिला थाप्रद्युम्न के भाई राघवेंद्र सिंह यादव ने कहा- मेरा भाई इंजीनियर था। ऑटोमोबाइल सेक्टर में काम करता था। उसकी शुरुआत गुड़गांव से हुई थी। इस समय मध्य प्रदेश की एक कंपनी में नौकरी कर रहा था। कितना कमाता था इस पर मैं ज्यादा बात नहीं करना चाहता, क्योंकि जो लड़का पहले से इतना परेशान हो, उससे हम और क्या उम्मीद रखते। हम लोग खेती-किसानी करके घर चलाते हैं। पिताजी 2007 में डेयरी डेवलपमेंट ऑफिसर पद से रिटायर हुए थे। भाई ने शुरुआती पढ़ाई कुशीनगर में की थी। उसके काम और अनुभव को देखते हुए मौजूदा कंपनी में उसे प्रमोशन भी मिला था। यह बताते-बताते राघवेंद्र रुक गए, उनका गला भर आया। कुछ देर बाद बोले- उसकी पत्नी अर्पिता ने भरण-पोषण का केस किया था। केस में पडरौना कोर्ट में सुनवाई थी। प्रद्युम्न इसी केस के लिए 10 मई को इंदौर से कुशीनगर आए थे। कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 21 जुलाई पड़ी। प्रद्युम्न बेहद तनाव में थे। केस के लिए उन्हें बार-बार छुट्टी लेकर आना पड़ता था। उसी केस की आखिरी सुनवाई में उसके ऊपर 125 का खर्चा बहाल हुआ था। आठ हजार रुपए महीना देना था। फिर लगभग 3 लाख 84 हजार रुपए की वसूली तय हुई। उसी को लेकर वारंट जारी हुआ था। इसके बाद वह भागा-भागा फिर रहा था। पढ़िए, प्रद्युम्न ने वीडियो में क्या कहा था…हार गया यार जिंदगी की जंग। बहुत दुख देखे हैं। दुख देने वाला कोई और नहीं, मेरी वाइफ है। सभी लोगों से रिक्वेस्ट है- कोई यह मत बोले कि बेसमय चला गया। मेरे जाने का अभी समय नहीं था। पिछले एक-डेढ़ महीने से मेरे दिमाग में यही चल रहा था कि बेटा, सुसाइड कर ले। ठीक है, आज वह समय आ गया। मैं अपने बड़े भाई को एक संदेश देना चाहता हूं। भाई, कभी मां-बाप को यह एहसास मत होने देना कि एक बेटा दुनिया से चला गया। हालांकि, मैं गलती तो कर रहा हूं। हर मां-बाप को लगता है कि बुढ़ापे में बेटा सहारा बनेगा, लेकिन मैं सहारा न बनकर बहुत दुख दे रहा हूं। मैं इस समय जा रहा हूं तो मुझे पता है कि उन्हें कितनी पीड़ा होगी, लेकिन अपने दर्द के आगे उनकी पीड़ा भूल जा रहा हूं। पूरी घटना सिलसिलेवार पढ़िए… गोरखपुर में गुरुवार को इंजीनियर का शव जिला मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर कुसुम्ही जंगल में लटका मिला। इंजीनियर प्रद्युम्न यादव कुशीनगर के रहने वाले थे। वह मध्य प्रदेश की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते थे। 9 साल पहले उनकी शादी हुई थी। पिछले 6 साल से पत्नी से विवाद था। इसका मुकदमा कुशीनगर कोर्ट में चल रहा था। 12 मई को सुनवाई थी। इसके लिए इंजीनियर प्रद्युम्न यादव इंदौर से आए थे। प्रद्युम्न कुमार कुशीनगर नगर पंचायत के स्वामी विवेकानंद नगर के रहने वाले थे। पिता का नाम उमापति यादव (78) और मां का नाम कलावती देवी (72) है। इंजीनियर प्रद्युम्न की 2 जून 2017 को तुर्कपट्टी थाना क्षेत्र के सोहाग गांव निवासी हरिशंकर यादव की बेटी अर्पिता यादव से शादी हुई थी। दोनों की एक 5 साल की बेटी भी है। प्रद्युम्न के भाई राघवेंद्र के अनुसार, अर्पिता शादी के बाद 3 महीने ससुराल में रही, लेकिन उसके बाद मायके चली गई। करीब 4 महीने बाद वह ससुराल आई, तो प्रद्युम्न उसे लेकर दिल्ली चले गए। उस समय वह दिल्ली में जॉब करते थे। परिजनों के अनुसार, पत्नी ने दिल्ली में पति का गला दबाकर जान लेने की कोशिश की। इसके बाद पति ने उसे मायके भेज दिया। अर्पिता जब मायके वापस गई, तो उसने पति पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करा दिया। इसके अलावा भरण-पोषण का मुकदमा भी कर दिया। इस मामले में सुनवाई चल रही थी भाई राघवेंद्र के अनुसार, 12 मई को अर्पिता के भरण-पोषण वाले केस में पडरौना कोर्ट में सुनवाई थी। प्रद्युम्न इसी केस के लिए 10 मई को इंदौर से कुशीनगर आए थे। कोर्ट में सुनवाई के बाद अगली तारीख 21 जुलाई पड़ी। प्रद्युम्न बेहद तनाव में थे। केस के लिए उन्हें बार-बार छुट्टी लेकर आना पड़ता था। सुनवाई के बाद वह हाटा स्थित अपने जीजा के घर चले गए। वहां से उन्हें गोरखपुर जाना था, जहां से ट्रेन पकड़नी थी। रास्ते में कुसुम्ही जंगल पड़ता है, इसलिए वह बुढ़िया माई मंदिर में दर्शन के लिए रुक गए। दर्शन के बाद मंदिर के पास एक पेड़ पर गमछा बांधकर फंदा बनाया और इसके बाद एक वीडियो शूट किया। प्रद्युम्न ने वीडियो को व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाया और फिर आत्महत्या कर ली। काफी देर बाद किसी गांववाले ने फंदे से लटका शव देखा और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आईडी और मोबाइल के आधार पर पहचान कर परिजनों को सूचना दी।
आगरा में वाटर पार्क में डूबा 8 साल का बच्चा:माता-पिता तलाशते रहे, 1 घंटे बाद शव पूल में उतरता मिला
आगरा के थाना किरावली क्षेत्र में बने वॉटर पार्क के पूल में नहाते समय हादसा हो गया। 8 साल का बच्चा पूल में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पूल के बाउंसर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजन शव रखकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। जानकारी के अनुसार खेरिया मोड़ निवासी रोबिन अपनी पत्नी व 8 साल के बेटे मनित के साथ रविवार को तेवतिया वाटर पार्क में गए थे। दोपहर करीब 4 बजे सभी पूल में नहा रहे थे। पिता का कहना है कि बेटे पूल के बाहर खेल रहा था। अचानक वो गायब हो गया। काफी देर तक जब मनित दिखाई नहीं दिया तो उन्होंने उसकी तलाश की, लेकिन वो कहीं दिखाई नहीं दिया। परिजनों का कहना है कि उन्होंने वाटर पार्क में तैनात कर्मचारियों से बेटे के बारे में पूछा। सीसीटीवी देखने को कहा। मगर, उन्होंने सीसीटीवी नही दिखाए। परिजनों का कहना है कि करीब एक घंटे बाद मनित का शव पूल में तैरता हुआ दिखाई दिया। परिजनों का हंगामाबेटे का शव देखकर माता-पिता बेहाल हो गए। उन्होंने वाटर पार्क कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया। रात को परिजन शव को लेकर खेरिया मोड़ आ गए। वहां पर शव को रखकर कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर पुलिस पहुंची। परिजनों के समझाने का प्रयास किया।
ग्वालियर के पनिहार थाना क्षेत्र स्थित रायपुरा पुलिया (नयापुरा) के पास रविवार शाम सड़क हादसे में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पोता गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला अपने पोते के साथ बीमार बेटी का हालचाल जानने दतिया जा रही थी। इसी दौरान बाइक के हैंडल में अचानक बैग फंस गया, जिससे वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी कार से टकरा गया। हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला के शव को कब्जे में लेकर घायल युवक को अस्पताल पहुंचाया। बीमार बेटी को देखने दतिया जा रही थीं बैजयंती देवीनयापुरा (पनिहार) की रहने वाली बैजयंती देवी (80 वर्ष) की बेटी सावित्री दतिया में रहती हैं। बेटी पिछले कुछ दिनों से काफी बीमार थीं। अपनी लाडली बेटी का हालचाल जानने और उससे मिलने के लिए व्याकुल बुजुर्ग बैजयंती देवी रविवार को दतिया जाने के लिए घर से निकली थीं। हैंडल में अटका बैग और हो गया हादसाबुजुर्ग दादी को दतिया की बस में बैठाने के लिए उनका पोता दीपक चौरसिया अपनी बाइक से उन्हें लेकर नाका चंद्रबदनी बस स्टैंड आ रहा था। बाइक अभी रायपुर पुलिया के पास पहुंची ही थी कि अचानक बाइक पर रखा एक बैग हैंडल में जाकर अटक गया। जब तक दीपक गाड़ी को संभाल पाता, तब तक तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे खड़ी एक कार से सीधे और बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। दादी की मौके पर मौत, पोता की हालत नाजुकभिड़ंत इतनी भीषण थी कि बाइक से उछलकर सिर के बल सड़क पर गिरने के कारण बैजयंती देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, इस हादसे में उनका पोता दीपक चौरसिया भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे राहगीरों और पुलिस की मदद से तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने शुरू की जांचघटना की सूचना मिलते ही पनिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल दीपक को इलाज के लिए ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वहीं, मृतिका के शव को मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम के लिए जेएएच (JAH) मर्चुरी भेज दिया गया है। इस घटना के बाद दतिया में बीमार बेटी और ग्वालियर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पनिहार थाना पुलिस का कहना है कि एक सड़क हादसा हुआ है। जिसमें बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है, जबकि मृतका का पोता घायल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ है।
लखनऊ के मोती नगर स्थित महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज में यूपी स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026 का समापन हो गया। इस प्रतियोगिता में प्रदेशभर से आए किड्स, जूनियर और सीनियर वर्ग के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों ने ताइक्वांडो की विभिन्न स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। दर्शकों ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन को सराहा। आयोजन स्थल पर खेल भावना का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में साहू समाज, जिला लखनऊ के कार्यवाहक अध्यक्ष गोविंद कुमार साहू और महामंत्री राजेश कुमार साहू को विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मानित किया गया। इस मौके पर खिलाड़ियों को अनुशासन, आत्मरक्षा और खेल भावना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें प्रेरित किया। आयोजकों ने प्रतियोगिता की सफलता के लिए अध्यक्ष जी के शर्मा, कोषाध्यक्ष राम चन्द्र साहू, रंजीत कौर, सुभाष मौर्य, विपिन सिंह यादव और नीतीश कुमार यादव सहित सभी पदाधिकारियों का आभार व्यक्त किया। खिलाड़ियों और अभिभावकों ने भी आयोजन के सफल संचालन पर संतोष जताया।
गीता से तनाव-अवसाद मुक्ति का संदेश:अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् के व्याख्यान में चर्चा
अखिल भारतीय संस्कृत परिषद् ने 'श्रीमद्भगवद्गीतायाम् अवसादचिकित्सा' विषय पर एक विशिष्ट व्याख्यान आयोजित किया। इस कार्यक्रम में गीता के माध्यम से तनाव और अवसाद से मुक्ति का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में आचार्य ने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में मनुष्य प्रकृति और संस्कृति से दूर हो रहा है। ऐसे में श्रीमद्भगवद्गीता जीवन को संतुलित करने का मार्ग दिखाती है। मुख्य वक्ता नारी शिक्षा निकेतन महाविद्यालय की पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. पद्मिनी नाटू ने गीता के दूसरे से अठारहवें अध्याय तक के उपदेशों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानसिक शांति और सकारात्मक जीवन का सूत्र है।डॉ. नाटू ने बताया कि ज्ञान, कर्म और भक्ति का समन्वय ही गीता की सबसे बड़ी शक्ति है। यह व्यक्ति को निराशा और अवसाद से बाहर निकालने में सहायक है। उन्होंने गीता को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का आधार स्तंभ बताया, जिसका संदेश सार्वकालिक और सर्वजन हितकारी है। अपराध भी मानसिक विकार का परिणाम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, कानपुर नगर के सेवानिवृत्त जिला कारागार अधीक्षक, ने अपने संबोधन में कहा कि अपराध भी मानसिक विकार का परिणाम है, जिससे व्यक्ति अवसादग्रस्त हो जाता है। उन्होंने गीता के सिद्धांतों को व्यवहार में उतारकर स्वस्थ और सकारात्मक समाज के निर्माण पर जोर दिया। डॉ. मोहित त्रिवेदी ने आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अवसाद का विश्लेषण किया। उन्होंने बताया कि गीता के द्वितीय, नवम और ग्यारहवें अध्याय मानसिक ऊर्जा बढ़ाने में विशेष भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, इन अध्यायों का विशिष्ट रागों में पाठ करने से मन में उत्साह और आनंद की अनुभूति होती है। ये मौजूद रहे परिषद् के मंत्री प्रो. प्रयाग नारायण मिश्र ने विषय प्रवर्तन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद् के उपाध्यक्ष डॉ. रविकिशोर त्रिवेदी ने की, जबकि संचालन डॉ. अनिल पोरवाल और डॉ. पत्रिका जैन ने किया। इस अवसर पर डॉ. रेखा शुक्ला, डॉ. अभिमन्यु सिंह, डॉ. गौरव सिंह, डॉ. रागिनी श्रीवास्तव, डॉ. सरिता सिंह, डॉ. कुसुम सिंह और डॉ. नीलम पाण्डेय सहित कई आचार्य उपस्थित रहे।
उज्जैन में एक पारिवारिक विवाद उस समय गंभीर हो गया, जब कोतवाली थाने में पहुंची एक बुजुर्ग महिला के साथ कथित मारपीट का मामला सामने आया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाने में मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी ने कैंसर का ऑपरेशन करा चुकी बुजुर्ग महिला को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। घटना के बाद से परिवार पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। जानकारी के अनुसार मामला रविवार रात 9 बजे शहर के क्षीरसागर क्षेत्र का है, जहां रहने वाले प्रकाश सूर्यवंशी के परिवार में बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच पहले समझौता भी हो गया था, लेकिन कुछ समय बाद विवाद फिर से बढ़ गया। इसके बाद कमलेश सूर्यवंशी नामक युवक शिकायत लेकर कोतवाली थाने पहुंचा। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दर्ज करने के बजाय पुलिस ने कमलेश को थाने में ही बैठा लिया। जब कमलेश की मां सुशीला सूर्यवंशी अपने बेटे को लेने थाने पहुंचीं, तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से पूछा कि उनके बेटे को क्यों रोका गया है। इसी बात को लेकर थाने में बहस शुरू हो गई। परिवार का आरोप है कि बहस के दौरान वहां मौजूद एक महिला पुलिसकर्मी, जिन्हें परिवार “सांवरिया मैडम” के नाम से पहचान रहा है, ने सुशीला सूर्यवंशी को थप्पड़ मार दिया। आरोप है कि थप्पड़ लगते ही बुजुर्ग महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। दो साल पहले हुआ था कैंसर का ऑपरेशन परिजनों के मुताबिक सुशीला सूर्यवंशी पहले से गंभीर बीमारी से गुजर चुकी हैं। करीब दो साल पहले उनका कैंसर का ऑपरेशन हुआ था और वह लगातार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही हैं। ऐसे में घटना के बाद उनकी हालत और बिगड़ गई। घटना के बाद उन्हें तत्काल चरक भवन अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिवार का कहना है कि अस्पताल में भर्ती महिला की हालत को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। शिकायत दर्ज नहीं की गई पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे दोबारा थाने पहुंचे तो उनकी शिकायत ठीक से दर्ज नहीं की गई। उनका कहना है कि थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मी भी महिला पुलिसकर्मी का पक्ष लेते नजर आए और संबंधित कर्मचारी की पूरी जानकारी देने से बचते रहे। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि थाने में लगे CCTV कैमरों की फुटेज की जांच कराई जाए ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके। साथ ही आरोपित महिला पुलिसकर्मी को तत्काल निलंबित करने, दोषियों पर कार्रवाई करने और इलाज का पूरा खर्च दिलाने की मांग भी की गई है। मामले को लेकर अब पीड़ित परिवार उच्च अधिकारियों तक पहुंचने की तैयारी कर रहा है। वहीं पुलिस की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
बरेली में सड़क हादसा, 2 दोस्तों की मौत:गैस सिलेंडर लेने जाते समय अज्ञात वाहन ने बाइक को टक्कर मारी
बरेली के बिथरी चैनपुर थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में दो दोस्तों की मौत हो गई। शनिवार को भारत गैस एजेंसी से सिलेंडर लेने जा रहे रवि और रोहित की बाइक को एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। यह घटना विलेज मार्ग ढाबा के पास हुई। मृतक रवि और रोहित एक ही मोहल्ले के निवासी थे और गहरे दोस्त थे। रवि कस्बे में चश्मे की दुकान चलाते थे, जबकि रोहित पानी सप्लाई का काम करते थे। दोनों शनिवार को गैस सिलेंडर लेने के लिए निकले थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और उन्हें अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और स्थानीय लोगों की मदद से अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। एक ही मोहल्ले के दो युवकों की एक साथ मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे।
लखनऊ में रोट्रैक्ट क्लब की दो दिवसीय 42वीं डिस्ट्रिक्ट कॉन्फ्रेंस और अवॉर्ड समारोह 'इको ऑफ शक्ति' संपन्न हो गया। शहर के एक होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं ने सेवा, नेतृत्व और सामाजिक सरोकारों पर अपने विचार साझा किए। समारोह के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले क्लबों और युवा प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। डिस्ट्रिक्ट रोट्रैक्ट प्रतिनिधि माही भान के संयोजन में हुए इस सम्मेलन में शिक्षा, चिकित्सा, स्वच्छता, पर्यावरण, साक्षरता, संस्कृति, खेल और सामाजिक सेवा से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्य करने वाले क्लबों को डिस्ट्रिक्ट गवर्नर डॉ. आशुतोष अग्रवाल, अमित आहूजा, कामदेश्वर सिंह और माही भान ने सम्मानित किया। इन प्रतिभागियों को मिला सम्मान अवॉर्ड समारोह में मिर्जापुर के अभिषेक सिंह को 'बेस्ट प्रेसिडेंट' पुरस्कार से नवाजा गया। मऊ के सूर्यांशु जायसवाल ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि टेक्नो कॉलेज की विशाखा सिंह और रोट्रैक्ट क्लब देवरिया को संयुक्त रूप से तीसरा पुरस्कार प्रदान किया गया। क्लब अवॉर्ड्स की श्रेणी में मिर्जापुर गौरव रोट्रैक्ट क्लब को 'फर्स्ट बेस्ट क्लब' चुना गया। समारोह में कुल करीब साढ़े तीन सौ अवॉर्ड दिए गए प्राइड क्लब दूसरे, टेक्नो क्लब तीसरे और देवरिया क्लब चौथे स्थान पर रहा। सहायक गवर्नर भारती गुप्ता ने बताया कि इस समारोह में कुल करीब साढ़े तीन सौ अवॉर्ड दिए गए। इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के 50 क्लबों से डेढ़ सौ से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें गाजीपुर, गोरखपुर, गोला, विंध्याचल, रायबरेली, मिर्जापुर, प्रयागराज, सतना, तुलसीपुर, गोंडा, देवरिया, बाराबंकी, मऊ और लखनऊ जैसे शहरों के प्रतिनिधि शामिल थे।
फर्जी IAS के नाम पर नौकरी का खेल:रुहेलखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी पर भी ठगी का मुकदमा
बरेली में फर्जी आईएएस बनकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह की जांच में नया मोड़ आया है। इस मामले में कथित सरगना विप्रा शर्मा के साथ अब महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उसने बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे। एसएसपी के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कालीबाड़ी निवासी उमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय कर्मचारी देवप्रकाश उनकी कपड़े की दुकान पर आता-जाता था। देवप्रकाश ने उन्हें बताया कि डॉ. विप्रा शर्मा विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं और अब एक आईएएस अधिकारी हैं। उसने यह भी दावा किया कि विप्रा की चयन आयोग तक पहुंच है और वह सरकारी नौकरी दिला सकती हैं। देवप्रकाश के इस दावे पर भरोसा कर उमेश ने अपनी भतीजी आरोही शर्मा, तनवी शर्मा और भांजी गौरी मिश्रा को कंप्यूटर ऑपरेटर पद पर नौकरी दिलाने के लिए विप्रा से संपर्क किया। आरोप है कि इस एवज में विप्रा को कुल दस लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से दिए गए। शिकायत के अनुसार, यह ठगी केवल एक परिवार तक सीमित नहीं थी। बिहारीपुर निवासी सचिन ने चपरासी की नौकरी के लिए चार लाख रुपये दिए। डीके शर्मा ने लिपिक पद के लिए साढ़े चार लाख रुपये खाते में ट्रांसफर किए और चार लाख रुपये नकद दिए।विक्रम गंगवार ने दस लाख, नितिन ने साढ़े पांच लाख और फतेहगंज पश्चिमी निवासी हृदेश कुमारी ने पचास हजार रुपये दिए। सभी पीड़ितों को सरकारी नौकरी का भरोसा दिलाया गया था और रकम वापस करने की भी गारंटी दी गई थी। उमेश का आरोप है कि कुछ समय बाद देवप्रकाश और विप्रा कथित नियुक्ति पत्र लेकर पहुंचे। हालांकि, जब लंबे समय तक किसी को नौकरी नहीं मिली तो पीड़ितों को संदेह हुआ। विरोध करने पर विप्रा ने रकम लौटाने के लिए चेक दिए, लेकिन वे फर्जी निकले और उनका भुगतान नहीं हो सका। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर बारादरी पुलिस ने उमेश चंद्र शर्मा की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
फर्रुखाबाद में नेशनल हाईवे पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक सीएनजी गैस कंटेनर से गैस लीक होने लगी। घटना रविवार देर शाम हुई, जिसके बाद लगभग 20 मिनट तक यातायात रोकना पड़ा। सूचना पर पुलिस और दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। यह घटना फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर कादरी गेट थाना क्षेत्र के मेसीनी चौराहे के पास हुई। हरदोई के रूपापुर से एटा जा रहे सीएनजी गैस कैंटर से तेज आवाज के साथ गैस लीक होने लगी। कैंटर चालक ने चौराहे से कुछ पहले ही वाहन रोक दिया और वहां से हट गया। घटना की सूचना मिलते ही सीओ सिटी अभय वर्मा सहित थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनजर कैंटर से करीब 200 मीटर पीछे यातायात को रोक दिया गया। बाद में कैंटर के चालक को बुलाया गया और सिलेंडर को बंद किया गया। मामले की जानकारी मिलने पर दमकल की गाड़ी भी मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों ने बताया कि गैस लीक होने की आवाज इतनी तेज थी कि यह करीब 100 मीटर दूर तक सुनाई दे रही थी। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे और गैस रिसाव बंद होने के बाद ही उन्होंने राहत की सांस ली। कैंटर चालक दयाशंकर, जो आगरा का रहने वाला है, ने बताया कि फिटिंग कटने के कारण पाइप खुल गया और गैस लीक होने लगी। पांचाल घाट चौकी प्रभारी मोहित मिश्रा ने बताया कि सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुंचे और यातायात को नियंत्रित किया गया। उन्होंने पुष्टि की कि स्थिति अब सामान्य है और कैंटर को वापस रूपापुर भेज दिया गया है।
5 साल के बच्चे ने गर्म तेल में डाला हाथ:गंभीर रूप से झुलसा; हाथ, चेहरा और गले पर पड़े छाले
मंदसौर के हनुमंतिया में रविवार रात 5 वर्षीय मासूम ने गर्म तेल में हाथ डाल दिया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। घायल बालक प्रतीक पिता दीपक भील अपने घर पर मौजूद था। परिवार के अनुसार प्रतीक ने अपनी मां से पकौड़ी खाने की जिद की थी, जिसके बाद उसकी मां ने तेल गर्म कर पकौड़ी बनाई और उसे खाने के लिए दी। बताया जा रहा है कि प्रतीक ने दो-तीन पकौड़ी खाई ही थीं कि उसकी मां गर्म तेल की कढ़ाई को ठंडा होने के लिए रखकर बर्तन धोने चली गई। इसी दौरान खेलते-खेलते प्रतीक कढ़ाई के पास पहुंच गया और उसने गर्म तेल में हाथ डाल दिया। गर्म तेल के संपर्क में आते ही वह जोर-जोर से चिल्लाने लगा। चीख सुन दौड़े परिजन मासूम की आवाज सुनकर परिजन तुरंत किचन में पहुंचे। बच्चे की हालत देखकर परिवारजन घबरा गए और उसे तत्काल नगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल मंदसौर रेफर कर दिया। हाथ की चमड़ी तक उतरी जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच की तो प्रतीक का दाहिना हाथ बुरी तरह झुलसा हुआ मिला। हाथ की चमड़ी तक उतर चुकी थी। वहीं दूसरे हाथ पर भी जलने के निशान पाए गए। इसके अलावा चेहरे और गले पर भी छाले हो गए थे। डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू करते हुए मलहम लगाया और बच्चे को बर्न वार्ड में भर्ती कर लिया। घायल बालक के पिता दीपक भील ने बताया कि बेटे को पकौड़ी खाने का बहुत शौक है। उसने अपनी मां से पकौड़ी बनाने को कहा था। मां ने पकौड़ी बनाकर दी और बाद में बर्तन धोने चली गई। इसी बीच बच्चा गर्म तेल के पास पहुंच गया और हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि बच्चे के हाथ समेत शरीर के कई हिस्से जल गए हैं, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल लाया गया।
भाजपा की ओर से पं. दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को विधानसभा चुनाव 2027 के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि बूथ स्तर पर सबसे मजबूत रहने की जरूरत है। पहले दिन 7 सत्र आयोजित किए गए। AI एवं सोशल मीडिया के उपयोग पर जोर दिया गया। पदाधिकारी हों या विधायक, किसी को प्रशिक्षण हाल में मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं थी। दो दिनों तक चलने वाले प्रशिक्षण में भाग लेने वाले कार्यकर्ताओं को रात्रि विश्राम वहीं करना है। मोबाइल के इस्तेमाल की अनुमति केवल सुबह व शाम को थी। पहले दिन के प्रशिक्षण में इस बात पर जोर रहा कि बूथ स्तर पर मजबूत तैयारी की जाए। प्रशिक्षण से पहले ही बूथ समितियों एवं सेक्टर समितियों की समीक्षा की जा चुकी है। इस प्रशिक्षण के साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियों का आगाज भी हो चुका है। सुबह 9 बजे से ही कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। कार्यक्रम स्थल पर जिले की 7 विधानसभा क्षेत्रों के काउंटर बनाए गए थे। वहां मोबाइल जमा करने की व्यवस्था थी। जो भी प्रशिक्षु आ रहा था, उसका मोबाइल वहां जमा कराया जा रहा था। 7 विधायकों के मोबाइल फोन भी जमा करा लिए गए थे। सुबह एवं शाम को ही बात करने का मौका दिया गया। विधायकों ने अपने फोन सहयोगियों को दे दिए थे, जिससे कोई महत्वपूर्ण कॉल छूटने न पाए। इस प्रशिक्षण वर्ग में 29 मंडलों के मंडल अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, पूर्व अध्यक्ष, सभी ब्लाक प्रमुख, नगर पंचायत अध्यक्ष, विधायक, जिला पंचायत सदस्य आदि शामिल रहे। सुबह से ही सभी कार्यकर्ता चारपहिया वाहनों से वहां पहुंच रहे थे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करता कोई नहीं दिखा। प्रशिक्षण स्थल पर चारपहिया वाहनों का रेला लगा रहा। प्रथम सत्र का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। द्वितीय सत्र में कार्यकर्ता विकास विषय पर सम्बोधित करते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानन्द राय ने कहा कि कार्यकर्ताओं के शारिरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ बौद्धिक विकास बेहद जरूरी है। तृतीय सत्र में वैचारिक अधिष्ठान विषय को सम्बोधित करते हुए पूर्व मन्त्री डॉ सतीश द्विवेदी ने एकात्म मानववाद, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रवाद तथा भाजपा की पंचनिष्ठा को विस्तार से बताया। अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष मार्कण्डेय राय तथा संचालन छोटेलाल मौर्य ने किया। चतुर्थ सत्र में मीडिया प्रबन्धन विषय को सम्बोधित करते हुए भाजपा क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी डॉ बच्चा पांडेय नवीन ने मीडिया प्रबन्धन की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि पत्रकार बन्धुओं के साथ आग्रही बनें। उन्होंने कहा कि कुशल मीडिया प्रबन्धन के लिये व्यवहार में मधुरता अपनाये। वहीं इसी सत्र में सोशल मीडिया प्रबंधन के विषय पर प्रदेश संयोजक हिमांशु राज पंडित ने अपने विचार साझा किए। अध्यक्षता पिपराइच विधायक महेन्द्र पाल सिंह तथा संचालन जिला महामंत्री डा. योगेश प्रताप सिंह ने किया। पंचम सत्र को सम्बोधित करते हुए भाजपा क्षेत्रीय महामंत्री सुनील गुप्ता ने कहा कि संगठन की नीति व रीति को समाज व निचली इकाई के कार्यकर्ताओं के बीच रखने के लिये प्रशिक्षण बहुत ही जरूरी है। अध्यक्षता चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी तथा संचालन जिला उपाध्यक्ष मनोज कुमार ने किया। पंचम सत्र में ही जिला उपाध्यक्ष ब्रह्मानन्द शुक्ल ने कार्यालय और डेटा प्रबन्धन के बारे जानकारी दी। षष्टम सत्र में विचार परिवार विषय को सहकारी बैंक के चेयरमैन राजेन्द्र नाथ तिवारी ने सम्बोधित किया। अध्यक्षता पूर्व जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह तथा संचालन जिला महामंत्री राजाराम कन्नौजिया ने किया।
12 ज्योतिर्लिंगों की पैदल यात्रा पर निकले गुजरात के शिवभक्त दम्पत्ति का रविवार को आगरा पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रीय सिंधी महासंघ ने ग्वालियर रोड पर पुष्प वर्षा कर दोनों श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। बाद में जयपुर हाउस स्थित जय झूलेलाल भवन में स्वागत समारोह आयोजित हुआ, जहां शिव और भगवान झूलेलाल के जयकारों से माहौल भक्तिमय हो गया। अहमदाबाद निवासी नीलेश राजानी और सोनिया राजानी पिछले कई महीनों से 12 ज्योतिर्लिंगों की पैदल यात्रा पर निकले हुए हैं। आगरा पहुंचने पर सिंधी समाज ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। ग्वालियर रोड पर समाज के लोगों ने फूल बरसाकर दोनों यात्रियों का अभिनंदन किया। इसके बाद जय झूलेलाल भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सिंधी महासंघ के संरक्षक जितेंद्र त्रिलोकानी ने बताया कि यह दंपति भारत का पहला ऐसा दंपति बन चुका है जो 12 ज्योतिर्लिंगों की पैदल पदयात्रा कर रहा है। यात्रा की शुरुआत 23 जुलाई को अहमदाबाद, गुजरात से हुई थी। अब तक दोनों श्रद्धालु 11 राज्यों की यात्रा पूरी कर चुके हैं और 8 ज्योतिर्लिंगों के साथ 5 शक्तिपीठों के दर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान दंपति हर 30 से 50 किलोमीटर के बीच सिंधी समाज के परिवारों के यहां रुकता है, जहां उन्हें भोजन, विश्राम और सहयोग मिलता है। कई बार खराब मौसम, लंबी दूरी और रास्ते की परेशानियों का सामना भी करना पड़ा, लेकिन दोनों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था और संकल्प को कमजोर नहीं होने दिया। आयोजकों के अनुसार यह आध्यात्मिक यात्रा अभी करीब पांच महीने और चलेगी। समाज के लोगों ने इसे केवल धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा और समाज की एकता का संदेश बताया। कार्यक्रम का संचालन मनोहर लाल हंस ने किया जबकि अध्यक्षता महेश कुमार सोनी ने की। इस दौरान रामचंद्र हंसानी, गिरधारी लाल करमचंदानी, खेमचंद तेजनी, राजकुमार हंसानी और राजू खेमानी समेत कई लोग मौजूद रहे।
छात्र की मौत पर हत्या का मुकदमा दर्ज:लाइब्रेरी में पिटाई से आहत होकर की थी आत्महत्या, 3 हिरासत में
फिरोजाबाद के नगला बिलोटिया गांव में एक छात्र ने लाइब्रेरी में कथित पिटाई और सार्वजनिक अपमान के बाद आत्महत्या कर ली। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया और परिजनों ने करीब छह घंटे तक शव नहीं उठाने दिया। पुलिस ने पिता की शिकायत पर लाइब्रेरी संचालक सहित अन्य के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। मृतक छात्र की पहचान 17 वर्षीय अतिन के रूप में हुई है, जो बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह दिव्यांग किसान अजय कुमार का पुत्र था। परिजनों के अनुसार, शनिवार दोपहर अतिन अपने दोस्तों के साथ प्रतापपुर चौराहे के पास स्थित आरएम लाइब्रेरी गया था। आरोप है कि वहां लाइब्रेरी संचालक और कुछ अन्य लोगों ने उसे जातिसूचक शब्द कहे, छात्राओं के सामने अपमानित किया और उसके साथ मारपीट की। परिजनों ने बताया कि इस घटना से आहत अतिन रात को खेत पर बने अपने कमरे में पढ़ने गया था। रविवार सुबह ग्रामीणों ने कमरे का दरवाजा खुला देखा तो अंदर अतिन का शव फंदे से लटका मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के दौरान कमरे से एक पन्ने का सुसाइड नोट बरामद किया। पिता अजय कुमार की तहरीर पर लाइब्रेरी संचालक अतुल सिकेरा, ध्रुव और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या, एससी-एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अजय कुमार ने आरोप लगाया कि कमरे में खून बिखरा हुआ था और दरवाजा भी खुला था, जिससे उन्हें बेटे की हत्या की आशंका है। शिकोहाबाद के सीओ अंबरीश कुमार ने बताया कि पिता की तहरीर पर मामला दर्ज कर लिया गया है। लाइब्रेरी संचालक अतुल सिकेरा, ध्रुव समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
ललितपुर में हाईवे पर तेज रफ्तार वाहन की टक्कर:बाइक सवार किसान की मौत, रिश्तेदार के घर से लौट रहा था
ललितपुर में रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार किसान की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने हाईवे पर उसकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान थाना बार अंतर्गत ग्राम खजरा निवासी 55 वर्षीय अच्छेलाल पुत्र गनपत के रूप में हुई है। अच्छेलाल ग्राम टेटा में अपने रिश्तेदार के घर से वापस अपने गांव लौट रहे थे। यह हादसा रात करीब 8 बजे ग्राम बांसी के निकट हाईवे पर हुआ। अज्ञात वाहन की टक्कर इतनी भीषण थी कि अच्छेलाल की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि अच्छेलाल खेती-किसानी का काम करते थे। उनके दो पुत्र हैं। वह अपने छह भाइयों में सबसे छोटे थे और उनकी दो बहनें भी हैं।
देवरिया में मजदूर की सड़क हादसे में मौत:नकहनी चौराहे के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मारी टक्कर
देवरिया जिले के नकहनी चौराहे के समीप रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में मजदूर युवक की मौत हो गई। काम खत्म कर साइकिल से घर लौट रहे युवक को तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने टक्कर मार दी थी। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान खुखुंदू थाना क्षेत्र के महुई श्रीकांत गांव निवासी 35 वर्षीय विंद्रेश प्रसाद पुत्र मोतीचंद के रूप में हुई है। विंद्रेश मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। उसके कंधों पर परिवार के सात सदस्यों की जिम्मेदारी थी। रविवार को विंद्रेश भटनी कस्बे में मजदूरी करने गया था। देर शाम काम खत्म होने के बाद वह साइकिल से अपने घर लौट रहा था। नकहनी चौराहे के समीप शराब भट्ठी के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के बाद आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंचे और घायल युवक को तत्काल स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले गए। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और फरार वाहन तथा उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर रोक लगाने और नियमित चेकिंग अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों के कारण अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं।
प्रतापगढ़ जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के समसपुर सलवारा गांव में बिजली लाइन जोड़ने को लेकर प्रधान और ग्रामीणों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया, जिससे गांव में तनाव फैल गया।गांव में पिछले कई दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित थी, जिससे ग्रामीण नाराज थे। बिजली लाइन जोड़ने का काम शुरू होने पर किसी बात को लेकर प्रधान पक्ष और ग्रामीणों के बीच कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और उनके बीच हाथापाई शुरू हो गई। सूचना मिलते ही डायल 112 की दो पुलिस गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने तत्काल स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों को शांत कराया, जिससे विवाद को बढ़ने से रोका जा सका। पुलिस के समय पर पहुंचने से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, घटना के बाद भी गांव में तनाव बना हुआ है। एहतियात के तौर पर पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और शांति व्यवस्था कायम रखने का प्रयास कर रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आगरा में रविवार को कमला नगर में विशाल रक्तदान शिविर लगाया। सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित की प्रेरणा से संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में एफ-42, सिंधु भवन में सुबह 7 बजे से शिविर शुरू हुआ। जहां लोगों ने 118 यूनिट रक्त दान करते हुए,मानव को मानव हो प्यारा, इक दूजे का बने सहारा' के भाव को साकार करते हुए संत निरंकारी मिशन का संदेश दिया। शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश से पधारे निरंकारी संत निकाराम जी ने फीता काटकर किया। रक्त संग्रहण एसएन मेडिकल कॉलेज की टीम ने डॉ. नीतू चौहान के नेतृत्व में किया। खास बात यह रही कि रक्तदान करने वाले सभी 118 श्रद्धालु निरंकारी मिशन के अनुयायी थे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी में रक्तदान को लेकर जबरदस्त उत्साह दिखा। सभी ने स्वास्थ्य मानकों का पालन करते हुए रक्तदान किया। मिशन के आगरा जोनल इंचार्ज एच के अरोड़ा ने कहा कि यह शिविर मानव सेवा के प्रति मिशन की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रक्तदान महादान है और निरंकारी भक्त इसी भाव से हमेशा सेवा में आगे रहते हैं। डॉ. नीतू चौहान ने आयोजन की सराहना करते हुए बताया कि 118 यूनिट रक्त से कई जरूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। संकलित रक्त को आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाएगा। आगरा संयोजक मुनीश कुमार ने जानकारी दी कि कुल 118 यूनिट रक्त दान हुआ है। कमला नगर शाखा की मुखी जयश्री करमचंदानी ने बताया कि मानव सेवा के इस क्रम को आगे बढ़ाते हुए हर माह ऐसे विशाल रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने मिशन की ओर से सभी रक्तदाताओं और चिकित्सकीय टीम का आभार व्यक्त किया। शिविर को सफल बनाने में निरंकारी सेवादल ने अहम भूमिका निभाई। क्षेत्रीय संचालक महेश चौहान के नेतृत्व में सेवादार दो दिन पहले से ही व्यवस्थाओं में जुट गए थे। व्यवस्था संभालने में जोनल इंचार्ज एच के अरोड़ा, संयोजक मुनीश कुमार, शाखा मुखी जयश्री करमचंदानी, क्षेत्रीय संचालक महेश चौहान, स्वास्थ्य सेवादार उमेश सिंह एवं रवि भल्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड (सहायक अध्यापक/प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती 2025 की मुख्य परीक्षा रविवार को आयोजित हुई। अंग्रेजी और गणित विषय की परीक्षा एक ही पाली में सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कराई गई। अभ्यर्थियों ने गणित के प्रश्नपत्र को चुनौतीपूर्ण बताया। कई उम्मीदवारों ने कहा कि गणित का पेपर पिछले प्रारम्भिक परीक्षा के स्तर से कहीं अधिक कठिन था और इसी कारण परीक्षा केंद्रों पर बहुत कम ऐसे अभ्यर्थी दिखे जिन्होंने सभी 20 सवाल हल किए। गणित विषय के लिए कुल 2,188 अभ्यर्थियों में करीब 98 प्रतिशत ने परीक्षा दी। वहीं अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र सामान्य स्तर का रहा और अधिकांश अभ्यर्थियों ने इसे औसत कहा। अंग्रेजी परीक्षा के लिए जिले में पंजीकृत कुल 6,876 अभ्यर्थियों में से लगभग 97 प्रतिशत उपस्थित रहे। परीक्षा के आयोजन के लिए अंग्रेजी एवं गणित विषयों के लिए क्रमशः 18 और 6 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा देकर बाहर निकलीं मेरठ की परीक्षार्थी दीपा बंसल ने बताया कि जिन छात्रों ने विषय का गहराई से अध्ययन किया था, उनके लिए आज का पेपर बेहद शानदार रहा। परीक्षार्थी निहारिका ने बताया कि इस बार का प्रश्न पत्र काफी विस्तृत और समय लेने वाला (Time-taking) था। जिसके लिए छात्रों को विशेष रणनीति अपनाने की जरूरत है। परीक्षा के स्तर के बारे में बात करते हुए निहारिका ने बताया कि पेपर में सवाल अच्छे थे, लेकिन उनके उत्तर काफी बड़े थे। पेपर में वोकैबलरी (वोकैब) का पोर्शन काफी अच्छा था और मीनिंग्स भी काफी पूछी गई थीं। इसके अलावा लॉन्ग आंसर वाले सवाल भी बेहतरीन थे। कुल मिलाकर, जिस छात्र को विषय की गहरी समझ होगी, वही इस परीक्षा में अच्छा स्कोर कर पाएगा।
गाजीपुर कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को अंशकालिक अनुदेशक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 375 अंशकालिक अनुदेशकों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय सीधे हस्तांतरित किया गया। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने घोषणा की कि अनुदेशकों का मासिक मानदेय अब 17 हजार रुपये कर दिया गया है। मंत्री राजभर ने बताया कि पहले अनुदेशकों को प्रतिमाह 7 हजार रुपये मिलते थे, जिसे बाद में बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया गया था। अब सरकार ने इसे और बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह बढ़ी हुई दर 1 अप्रैल से प्रभावी मानी जाएगी।यह कार्यक्रम केवल सरकारी नहीं, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी का एक बड़ा मंच भी बन गया। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने इस दौरान विपक्ष और धार्मिक बयानों पर तीखे हमले किए, जिससे कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया। उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा। राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सम्मान और मानदेय वितरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उनका दावा था कि सरकार लगातार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मजबूती मिलने से अनुदेशक अब और बेहतर तरीके से बच्चों को पढ़ा सकेंगे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद मीडिया से बातचीत में राजभर पूरी तरह चुनावी और राजनीतिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि राहुल गांधी विदेश जाकर भारत और चुनाव आयोग की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष देश को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बदनाम करने का काम कर रहा है। मौलाना मदनी के वंदे मातरम को लेकर दिए गए बयान पर भी राजभर ने बेहद सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “भारत में रहना है तो वंदे मातरम कहना होगा। भाजपा और सहयोगी दल लगातार राष्ट्रवाद के मुद्दे को प्रमुखता से उठा रहे हैं और राजभर का यह बयान उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी राजभर ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा का PDA असल में “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” है। राजभर ने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए समाजवादी पार्टी ने पिछड़ी जातियों के लिए कोई बड़ा काम नहीं किया और सिर्फ अपनी जाति विशेष को आगे बढ़ाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि नौ साल सत्ता से बाहर रहने के बाद अब सपा को पिछड़ों की याद आ रही है। मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल पर भी राजभर ने संकेत भरा जवाब दिया। मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा कि “ज्यादा चिंता मत करिए, समय आने पर सब हो जाएगा।” उनके इस बयान के बाद प्रदेश में संभावित मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
लखीमपुर में रविवार को अनुदेशक सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान जिले के 826 अनुदेशकों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय अंतरित किया गया। कार्यक्रम में कारागार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। शहर के रॉयल पैराडाइज में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार भी मौजूद थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय संबोधन की लाइव स्ट्रीमिंग भी दिखाई गई, जिसका उपस्थित अनुदेशकों ने तालियां बजाकर स्वागत किया। परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) प्रवीण तिवारी ने किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अनुदेशकों को प्रशस्ति पत्र और शॉल देकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में रुचि वर्मा, शैलप्रिया, मंजू मिश्रा, कामता प्रसाद, परमजीत सिंह, रविंद्र सिंह राना, कन्हैयालाल राजवंशी, करन सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह और नीरज कुमार शामिल थे। शिक्षामित्रों को भी बढ़े हुए 17 हजार रुपये मानदेय के चेक वितरित किए गए। राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने अनुदेशकों और शिक्षामित्रों के सम्मान को नई पहचान दी है। उन्होंने अनुदेशकों को शिक्षा व्यवस्था का प्रहरी बताया और कहा कि वे विपरीत परिस्थितियों में भी बेसिक शिक्षा को मजबूत कर रहे हैं। मंत्री ने अनुदेशकों से बच्चों में संस्कार और नैतिक मूल्यों का विकास करने का भी आग्रह किया। राठौर ने कहा कि बढ़े हुए मानदेय से अनुदेशकों के परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी, जिससे वे अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अनुदेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार का यह निर्णय उनके जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करेगा।
बिलासपुर के शास्त्री नगर और कपिल नगर में 200 से अधिक घरों में पिछले दो दिनों से नगर निगम के नलों से गंदा और बदबूदार पानी आ रहा है। वार्ड पार्षद सीमा राजेश शुक्ला ने इस संबंध में जोन क्रमांक 7 के कमिश्नर प्रवीण शर्मा को गंदे पानी का सैंपल सौंपा है और तत्काल सुधार की मांग की है। नगर निगम के नल जल विभाग के प्रभारी अनुपम तिवारी ने बताया कि उन्हें शाम को गंदे पानी की आपूर्ति की जानकारी मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सोमवार को वे स्वयं मौके पर जाकर स्थिति की जांच करेंगे। पार्षद शुक्ला ने शिकायत में कहा कि दो दिनों से समस्या बनी हुई है, लेकिन नगर निगम का स्टाफ इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। इसके कारण निवासियों को पीने के पानी के लिए दूसरे स्थानों पर निर्भर रहना पड़ रहा है या ट्यूबवेल के पानी का उपयोग करना पड़ रहा है। बरछापारा में भी हो रही थी गंदे पानी की सप्लाई बताया जाता है कि हफ्ते भर पहले बरछापारा में गंदे पानी की सप्लाई की शिकायत सामने आई थी। पाइप लाइन की जांच की गई तो लीकेज के चलते गंदे पानी की सप्लाई की बात सामने आई। अमृत मिशन जी का जंजाल बना भूगर्भ जल बचाने के बड़े उद्देश्य को लेकर जिस अमृत मिशन योजना पर नगर निगम ने 300 करोड़ से अधिक राशि खर्च कर दी, अब उसकी खामियां रोज सामने आ रही हैं। आरोप है कि योजना के अंतर्गत पाइप लाइन बिछाने के दौरान लापरवाही की गई। यही वजह है कि लीकेज की समस्या बार बार आ रही है। इससे पहले अशोक नगर में भी इस प्रकार की समस्या सामने आ चुकी है। अशोक नगर टंकी से सप्लाई में बाधा पार्षद का कहना है कि शास्त्रीनगर और कपिल नगर में अशोक नगर पानी टंकी से सप्लाई होती है। गंदे पानी की समस्या उत्पन्न होने पर पूर्व में इंजीनियरों द्वारा रोड निर्माण के दौरान पाइप लाइन में लीकेज की समस्या बताई गई थी, लेकिन बार बार सुधार के बाद यह समस्या फिर से उत्पन्न हो गई है।
रामपुर में 11 दिन में 3 नवजातों की मौत:बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था किलकारी अस्पताल, सील
रामपुर के थाना गंज क्षेत्र में तीन नवजात शिशुओं की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने बिना पंजीकरण संचालित हो रहे किलकारी अस्पताल को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी ने स्वीकार किया कि अस्पताल कई वर्षों से बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहा था। मृतक नवजातों के परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में तैनात संविदा महिला डॉक्टर नीलोफर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में सुविधाओं की कमी बताकर निजी किलकारी अस्पताल भेजती थीं। परिजनों के अनुसार, 6 मई 2026 से 17 मई 2026 के बीच 11 दिनों में तीन नवजातों की मौत हुई है। पहला मामला चपटा कॉलोनी, थाना गंज निवासी शाहनवाज की 22 वर्षीय पत्नी सोफिया से जुड़ा है। परिजनों ने बताया कि 15 मई 2026 को सुबह करीब 10 बजे प्रसव के दौरान नवजात की मौत हो गई। शाहनवाज से इलाज के लिए लगभग 16 हजार रुपये लिए गए थे। दूसरा मामला नई बस्ती निवासी बाबू अली की 23 वर्षीय पत्नी गुल आफरीन का है। आरोप है कि 16 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे प्रसव के दौरान उनके नवजात की भी मौत हो गई। इस परिवार से 18 हजार रुपये वसूले गए थे। तीसरा मामला डूंगरपुर आसरा कॉलोनी निवासी शाने आलम की 25 वर्षीय पत्नी गौसिया का है। परिजनों के अनुसार, 6 मई 2026 को सुबह करीब 9 बजे प्रसव के दौरान उनके नवजात शिशु की मौत हुई थी। उनसे 16 हजार रुपये लिए गए थे। तीनों मृतक परिवारों की महिलाओं ने रविवार शाम करीब 6:30 बजे थाना गंज में डॉक्टर नीलोफर के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में जल संसाधन विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (EE) शशांक सिंह को वायरल ऑडियो मामले में छत्तीसगढ़ शासन ने सस्पेंड कर दिया है। इस वायरल ऑडियो में इंजीनियर शशांक सिंह ने ड्राइवर से गाली-गलौज कर मारने और दंतेवाड़ा ट्रांसफर करने की धमकी दी थी। मामला सामने आने के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उप सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय रायपुर स्थित जल संसाधन विभाग कार्यालय रहेगा और उन्हें नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। वायरल ऑडियो में ईई शशांक सिंह पर ड्राइवर से गाली-गलौज करने और सीनियर अधिकारियों के बारे में गलत भाषा इस्तेमाल करने का आरोप है। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी। अब जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, यह मामला अकलतरा एसडीएम कार्यालय और जलसंसाधन विभाग के बीच कई साल से चले आ रहे प्रशासनिक विवाद से संबंधित बताया जा रहा है। साल 2022 में अकलतरा में नया एसडीएम कार्यालय शुरू हुआ था। इसके बाद तत्कालीन एसडीएम ममता यादव की गाड़ी चलाने के लिए जलसंसाधन विभाग नरियरा से ड्राइवर शशिकांत साहू को अटैच किया गया था। ड्राइवर का वेतन जलसंसाधन विभाग से जारी होना तय हुआ था। जानकारी के अनुसार, बाद में विभाग ने ड्राइवर को वापस बुलाने का दबाव बनाया, लेकिन ड्राइवर का कहना था कि उसे एसडीएम कार्यालय से विधिवत कार्यमुक्त किया जाए। इस खींचतान के कारण पिछले 5 महीने से ड्राइवर का वेतन रुका हुआ है। महिला कर्मचारी और ड्राइवर के बीच हुआ था विवाद इस बीच विभाग की एक महिला कर्मचारी और ड्राइवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात को लेकर इंजीनियर ने ड्राइवर को फोन किया। ड्राइवर का कहना है कि, उसने संबंधित महिला कर्मचारी से पहले ही माफी मांग ली थी, लेकिन फोन पर बातचीत के दौरान दोनों के बीच फिर से विवाद बढ़ गया। मैं एसडीएम से डरता हूं क्या, गाली-गलौज का ऑडियो वायरल वायरल ऑडियो में एसडीएम का ड्राइवर बार-बार अपनी बात रखने की कोशिश करता सुनाई दे रहा है, जबकि दूसरी ओर से इंजीनियर शशांक सिंह ने गाली-गलौज कर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उसे ऑफिस में घुसकर मारने की धमकी दी। इस वायरल ऑडियो में बातचीत के दौरान एसडीएम और बाकी अधिकारियों के लिए भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ है। इंजीनियर ने कहा कि, मैं एसडीएम से डरता हूं क्या। मार्केट में मेरे बारे में क्या बोलते हो मुझे सब पता है। मैं कुछ बोल नहीं रहा था। मेरे किसी महिला कर्मचारी से ऐसी बात करेगा, तो सुनूंगा नहीं। तुमको दंतेवाड़ा भेजवा दूंगा, कलेक्टर चेंज होने दो तुम्हारा वेतन रोक दिया, तो एसडीएम ने क्या कर लिया। कलेक्टर के कहने पर एक महीने का वेतन निकाला हूं। अभी चार महीने घुमाऊंगा। मुझे नेतागिरी नहीं दिखाना। मेरी गाड़ी चलाने दोबारा क्यों नहीं आया। आ जाता, तो रिलीव हो जाता। तुमको दंतेवाड़ा भेजवा दूंगा। तुम्हारी रिकॉर्डिंग भी कलेक्टर को दिखाऊंगा। एक दो महीने कलेक्टर यहां है, जिस दिन कलेक्टर चेंज हुआ, उस दिन तुमको बताउंगा। इनके रहते अभी दंतेवाड़ा भेज दूंगा। बोरिया बिस्तर बांध ले। पता कर लेना मेरे बारे में। कलेक्टर ने कराई जांच ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इसकी जांच कराई। जांच रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए शासन को भेज दी।
प्रतापगढ़ में रविवार दोपहर करीब 3 बजे किडनैपर का शव पेड़ से लटका मिला। घटनास्थल से लगभग 50 मीटर दूर 5 साल का बच्चा बेहोश मिला। रिश्ते में लगने वाले चाचा ने उसका अपहरण किया था। बच्चे के पिता ने जौनपुर में केस दर्ज कराया था। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने बालक को तुरंत सीएचसी गौरा भेजा। शव को फंदे से उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। मामला फतनपुर थाना क्षेत्र के खाखापुर गांव का है। बालक की पहचान जौनपुर के धरमपुर मधुपुर गांव निवासी चंद्रभान पटेल के बेटे ऋषि पटेल के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर परिजन सीएचसी गौरा पहुंचे। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद ऋषि को प्रयागराज मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उसे निजी एंबुलेंस से प्रयागराज लेकर रवाना हो गए। ऋषि के पिता चंद्रभान पटेल ने जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर थाना में अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। चंद्रभान के अनुसार, शनिवार दोपहर उनका बेटा गांव के प्राइमरी स्कूल गया, लेकिन छुट्टी के बाद भी घर नहीं लौटा था। स्कूल पहुंचने पर पता चला कि गांव के ही रिश्ते का चाचा कमलेश पटेल शनिवार सुबह 7:30 स्कूल गया था। यह कहकर ऋषि को अपने साथ ले गया कि उसकी मां बुला रही है। इसके बाद चंद्रभान और उनके परिवार के लोगों ने कमलेश की तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बताया गया कि कमलेश के मोबाइल पर एक-दो बार घंटी गई, लेकिन बाद में उसका फोन स्विच ऑफ हो गया। थानाध्यक्ष मनीष त्रिपाठी ने बताया, मामले में जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर थाना में पहले से मुकदमा दर्ज है। आरोपी कमलेश पटेल का शव प्रतापगढ़ में मिला है, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। वहीं, बच्चे को इलाज के लिए सीएचसी गौरा में भर्ती कराया गया था। यहां से बादशाहपुर पुलिस और उसके परिजन उसे अपने साथ ले गए।
फर्रुखाबाद में इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए राजमिस्त्री को राहगीरों ने ई-रिक्शा से लोहिया अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह घटना एआरटीओ कार्यालय के पास हुई। राहगीरों ने बताया कि उन्होंने 108 एंबुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन लगभग 10 मिनट तक एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद वे घायल को ई-रिक्शा से अस्पताल ले गए। मृतक की पहचान फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के राजेंद्र नगला निवासी 40 वर्षीय रवीश के रूप में हुई है, जो राजमिस्त्री का काम करते थे। रवीश रविवार देर शाम अपने घर से मसेनी चौराहा की ओर जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। हादसे के बाद वह करीब 15 मिनट तक सड़क पर पड़े रहे। गांव के लोगों ने बाइक देखकर रवीश की शिनाख्त की और परिजनों को सूचना दी। मृतक के चचेरे भाई प्रशांत लोहिया अस्पताल पहुंचे। रवीश के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और दो बेटियां शामिल हैं। पत्नी रूबी भी सूचना मिलने पर मोर्चरी पहुंचीं, जहां परिजनों के पहुंचने पर चीत्कार मच गया। अस्पताल प्रशासन ने शव की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस ने मोर्चरी पहुंचकर शव का पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
जालौन में उरई कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बाइक चोरी की घटनाओं में वांछित चल रहे कुख्यात बदमाश सुनील कुशवाहा निवासी रामपुरा के साथ पुलिस की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ के दौरान बदमाश ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की फायरिंग में बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। घायल बदमाश को तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल उरई में भर्ती कराया गया है। यह मुठभेड़ उरई कोतवाली क्षेत्र के बघौरा बाईपास के समीप मरघट स्थल के पीछे देर रात हुई। बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा कुख्यात बाइक चोर इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही उरई कोतवाली पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम सक्रिय हो गई और घेराबंदी कर संदिग्ध की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान पुलिस टीम का सामना सुनील कुशवाहा से हो गया। खुद को घिरता देख बदमाश ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से तमंचा, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है। घायल बदमाश को पुलिस अभिरक्षा में इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका उपचार जारी है। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी पिछले करीब आठ महीनों से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने पुलिस टीम पर दो राउंड फायर किए थे, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। एएसपी ने बताया कि सुनील कुशवाहा के खिलाफ विभिन्न थानों में बाइक चोरी समेत 13 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास की भी विस्तृत जांच की जा रही है। आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय था। बाइक चोरी की कई घटनाओं में उसका नाम सामने आया था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर उसके अन्य साथियों और चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और लोगों में चर्चा का माहौल बना रहा।
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में रविवार शाम शॉर्ट सर्किट से स्कूली बैग बनाने वाले कारखाने में आग लग गई। आग की लपटें उठती देख इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। सूचना पर चौक फायर स्टेशन से दमकल की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है। ठाकुरगंज के बालागंज स्थित अहिरन खेड़ा निवासी कारोबारी अमन के मकान के निचले हिस्से में स्कूली बैग बनाने का कारखाना संचालित होता है। रविवार होने के कारण फैक्ट्री बंद थी। शाम के समय अचानक कारखाने से धुआं निकलता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। खुद आग बुझाने का प्रयास स्थानीय लोगों ने पहले खुद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें लगातार बढ़ती रहीं। इसके बाद पुलिस कंट्रोल रूम और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। चौक एफएसओ पुष्पेंद्र कुमार दमकल की दो गाड़ियों के साथ मौके पर पहुंचे। मुख्य दरवाजा बाहर से बंद होने के कारण दमकल कर्मियों को ताला तोड़कर अंदर जाना पड़ा। अंदर बड़ी संख्या में स्कूली बैग और अन्य सामान रखा था, जिससे आग तेजी से फैल रही थी। दमकल कर्मियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया और करीब आधे घंटे बाद आग पर काबू पा लिया। पानी डालते ही भड़क रही थीं लपटें दमकल कर्मियों के मुताबिक फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में स्कूली बैग रखे थे। प्लास्टिक और सिंथेटिक सामग्री होने की वजह से पानी पड़ते ही आग की लपटें और तेज हो जा रही थीं। काफी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझाया जा सका। चौक एफएसओ पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है।
पीलीभीत में रविवार को देवहा नदी में ट्रैक्टर से स्टंट करना एक युवक को भारी पड़ गया। कामघाट पुल के नीचे ट्रैक्टर का संतुलन बिगड़ने से युवक नदी में डूब गया। बाद में पुलिस और गोताखोरों ने शव को बाहर निकाला। मृतक की पहचान राजेश (28) निवासी लिलहर मुड़िया गांव, थाना करेली, पीलीभीत के रूप में हुई है। मामला दियोरिया कोतवाली क्षेत्र का है। नहाते समय करने लगा स्टंट जानकारी के मुताबिक राजेश ट्रैक्टर लेकर ईंट भट्ठे के काम से घुंघचिहाई जा रहा था। रास्ते में वह कामघाट पुल के पास रुका और ट्रैक्टर को नदी किनारे उतारकर नहाने लगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि नहाने के दौरान वह ट्रैक्टर से पानी में स्टंट करने लगा। इसी बीच ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित हो गया और राजेश उसके भारी पहिए के नीचे आ गया। इसके बाद वह गहरे पानी में डूब गया। गोताखोरों और JCB की मदद से निकाला गया शव घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों व जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर और युवक को नदी से बाहर निकाला। गंभीर हालत में उसे एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें नदी के पास लोगों की भीड़ और रेस्क्यू अभियान दिखाई दे रहा है। थानाध्यक्ष गौतम सिंह ने बताया- सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद युवक को नदी से बाहर निकाला गया। उसे गंभीर हालत में एम्बुलेंस से दियोरिया CHC भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सिवनी में युवक की लाश मिली:शहर के न्यू कॉम्प्लेक्स परिसर में रहता था, लोगों ने बेसुध पड़ा देखा था
सिवनी शहर के जनपद पंचायत स्थित न्यू कॉम्प्लेक्स परिसर में रविवार रात करीब 8 बजे एक युवक की लाश मिली। खबर मिलते ही आसपास के लोग वहां इकट्ठा हो गए। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान शुभम माथुर के रूप में हुई है। शुभम काफी समय से नशे का आदी था और अक्सर इसी कॉम्प्लेक्स परिसर में रात गुजारता था। रविवार रात जब लोगों ने उसे वहां बेसुध पड़ा देखा और हिलाने-डुलाने पर भी कोई हरकत नहीं हुई, तो तुरंत पुलिस को इसकी जानकारी दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। शुभम की मौत कैसे हुई, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह पता चल सकेगी। परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने न्यू कॉम्प्लेक्स परिसर में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यहां देर रात तक नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों का डेरा जमा रहता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि परिसर में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और वहां रोशनी का अच्छा इंतजाम किया जाए। पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी देखे जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि घटना के वक्त वहां क्या हुआ था। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।
महासमुंद जिले में पुलिस अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बसना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 पर स्थित ग्राम सिरको में एक अवैध स्क्रैप यार्ड को सील कर दिया है। कार्रवाई के दौरान यार्ड से लगभग 10 टन संदिग्ध लोहा स्क्रैप जब्त किया गया। पुलिस को 16 मई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम सिरको में एक स्क्रैप यार्ड का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान यार्ड संचालक तनवीर दानी (40) की मौजूदगी में यार्ड की तलाशी ली गई। तलाशी में पुरानी मशीनें, पंप, साइकिल और मोटरसाइकिल के पार्ट्स, लोहे के एंगल, पाइप, पुराने टीन, कूलर, पंखे सहित भारी मात्रा में विभिन्न प्रकार का लोहा स्क्रैप बरामद हुआ। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित वजन करीब 10 टन है। पुलिस ने संचालक तनवीर दानी से बरामद स्क्रैप के संबंध में वैध दस्तावेज, खरीद-बिक्री के बिल और व्यापार अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। दस्तावेजों के अभाव में पुलिस ने इस स्क्रैप को संदिग्ध संपत्ति मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106 के तहत जब्त कर लिया। इसके साथ ही, पूरे यार्ड को विधिवत सीलबंद कर दिया गया है।
घर से भागे दो नाबालिग दोस्त:कानपुर सेंट्रल पर RPF ने किया रेस्क्यू, परिजनों को सौंपा
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सतर्कता दिखाते हुए आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने दो नाबालिग बच्चों को सकुशल बरामद कर संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिया। ये दोनों बच्चे घर से नाराज होकर भाग निकले थे और ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। इस मामले में परिजनों की शिकायत पर पुखरायां में पहले ही अपहरण का मुकदमा दर्ज किया जा चुका था। आरपीएफ प्रभारी एस.एन. पाटीदार ने बताया कि रेल मदद हेल्पलाइन पर दो बच्चों के ट्रेन में सफर करने की शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने जानकारी दी थी कि उसका भांजा अपने दोस्त के साथ गाड़ी संख्या 12398 के जनरल कोच में मौजूद है, जो लखनऊ की तरफ जा रही है। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक मो. असलम खान महिला कांस्टेबल विनीता के साथ प्लेटफॉर्म नंबर-5 पर पहुंचे। ट्रेन आने पर आरपीएफ टीम ने आगे के जनरल कोच की तलाशी ली। फोटो के आधार पर दोनों बच्चों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित ट्रेन से उतारा गया और पोस्ट पर लाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे 16 मई को पुखरायां से घरवालों द्वारा पढ़ाई के लिए डांटे जाने से नाराज होकर बिना बताए भाग निकले थे। इसी बीच, थाना भोगनीपुर से उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने पुष्टि की कि बच्चों के परिजनों ने दोनों के लापता होने पर अपहरण के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। बरामद बच्चों की पहचान होने के बाद उनके परिजन भी मौके पर आ गए और बच्चों को सकुशल पाकर राहत की सांस ली। परिजनों ने आरपीएफ टीम का आभार व्यक्त किया। इसके बाद, आरपीएफ ने आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई और फोटोग्राफी के बाद दोनों बच्चों को आगे की कार्रवाई के लिए थाना भोगनीपुर पुलिस और उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ की तत्परता से बच्चों को सुरक्षित उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सका।
मेरठ में भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी ने ट्रैक्टरों का लंबा काफिला निकाला है। गौरव चौधरी का एक वीडियो सामने आया है। इसमें गौरव ट्रैक्टर में बैठे हैं। उनके पीछे लगभग 10-12 ट्रैक्टरों का लंबा काफिला और लोगों की भीड़ है। ये वीडियो रविवार का है। बताया जा रहा है कि एक गांव में आयोजन था, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी को आमंत्रित किया गया था। इसी आयोजन में शामिल होने के लिए गौरव ट्रैक्टरों के काफिले के साथ गांव पहुंचे। सोशल मीडिया पर लोगों ने इस वीडियो को शेयर करते हुए PM-CM के ईंधन बचाने की अपील को लेकर तंज कसा। लिखा- एक तरफ पीएम मोदी, सीएम योगी देश-प्रदेश में ऊर्जा संरक्षण की अपील कर रहे हैं। ईंधन की खपत कम से कम करने की बात कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा नेता ही ट्रैक्टरों के काफिले संग नजर आ रहे हैं। इतना भी ध्यान नहीं रखा। लगता है सरकार ने तेल बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार ने आम जनता को दी है। ट्रोल होने के बाद गौरव चौधरी ने सफाई दी है। कहा- गांव वाले ऐसा करेंगे, मुझे पहले से मालूम नहीं था। 2 तस्वीरें देखिए- नेता, अफसर ईंधन बचा रहे, जिला पंचायत अध्यक्ष ने काफिला निकाला सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा- जहां भारत के प्रधानमंत्री ने अपनी सुरक्षा से सुरक्षा कर्मी और सुरक्षा वाहन की कमी की है। वहीं, सभी मंत्री की सुरक्षा में भी कमी की है। ईरान युद्ध को देखते हुए और पेट्रोल और डीजल की किल्लत को देखते हुए इस तरह का कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से पेट्रोल और डीजल को कम खर्च करने का आह्वान किया है। वहीं, मेरठ के भाजपा जिला अध्यक्ष गौरव चौधरी ने सैकड़ो ट्रैक्टर्स और गाड़ियों के साथ काफिला निकला, जिससे प्रधानमंत्री के आह्वान को दरकिनार करते हुए बड़ी रैली का आयोजन किया। चर्चाओं में रहता है गाड़ियों का काफिला जिला पंचायत अध्यक्ष गौरव चौधरी अक्सर अपनी कारों के काफिले को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं। उनके सोशल मीडिया पर डिफेंडर, रेंज रोवर और मर्सिडीज जैसी तमाम लग्जरी गाड़ियों के साथ उनकी पोस्ट रहती है। इसके बाद अब यह ट्रैक्टरों का काफिला और भी ज्यादा वायरल हो रहा है। कौन हैं गौरव चौधरी, जानिए आखिरी में सोशल मीडिया पर लोगों ने क्या लिखा, देखिए- ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- भूपेंद्र चौधरी को MSME, मनोज पांडेय को खाद्य-रसद मंत्रालय मिला: यूपी में 8 नए मंत्रियों को विभाग बांटे गए, 8 दिन पहले शपथ ली थी यूपी में कैबिनेट मीटिंग से एक दिन पहले रविवार रात सीएम योगी आदित्यनाथ ने 6 नए और 2 प्रमोटेड मंत्रियों को विभाग सौंप दिए हैं। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग यानी MSME मंत्रालय दिया गया है। दूसरे कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय को खाद्य एवं रसद व नागरिक आपूर्ति विभाग सौंपा गया है। पढ़ें पूरी खबर…
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि मुंबई के प्रतिष्ठित टाटा मेमोरियल सेंटर की एक यूनिट जल्द ही विदिशा में प्रारंभ की जाएगी। इससे विदिशा सहित रायसेन, सीहोर और देवास जिले के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए महानगरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। रविवार को बैठक में इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक विदिशा कलेक्ट्रेट के बेतवा सभागार में रविवार को आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कैंसर उपचार सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की। बैठक में स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। मेडिकल कॉलेज में शुरू होंगी प्रारंभिक जांच बैठक में निर्णय लिया गया कि स्थायी भवन बनने तक विदिशा मेडिकल कॉलेज में प्रारंभिक स्तर पर कैंसर जांच और उपचार सुविधाएं शुरू की जाएंगी। इसके तहत 5, 6 और 7 जून को शासकीय अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा महाविद्यालय में कैंसर जांच एवं उपचार हेतु तीन दिवसीय विशाल शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में टाटा मेमोरियल सेंटर के विशेषज्ञ डॉक्टर और वरिष्ठ चिकित्सक मरीजों की जांच कर उपचार संबंधी सलाह देंगे। कीमोथेरेपी सहित आधुनिक सुविधाएं शुरू करने की तैयारी केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह पहल “पीड़ित मानवता की सेवा” के उद्देश्य से शुरू की जा रही है, ताकि कैंसर पीड़ित मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सके। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज में जल्द ही कीमोथेरेपी जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं भी शुरू करने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी और आगामी 15 दिनों में आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी। बैठक में सिलवानी विधायक रामपाल सिंह राजपूत, शमशाबाद विधायक सूर्य प्रकाश मीणा, विदिशा विधायक मुकेश टंडन, बासौदा विधायक हरिसिंह रघुवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे
देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे के बाद शाजापुर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। इसी को देखते हुए रविवार रात 8 से 10 बजे के बीच एसडीएम मनीषा वास्कले और तहसीलदार गौरव पोरवाल ने पुलिस बल के साथ शहर में अवैध पटाखों के खिलाफ कार्रवाई की। प्रशासनिक टीम ने शहर में दो जगहों पर दबिश दी। पहली कार्रवाई चौक इलाके की अंडा गली में हुई, जहां सैफुद्दीन की दुकान से भारी मात्रा में अवैध पटाखे मिले। इसके बाद टीम नाथवाड़ा पहुंची और मोहन योगी के ठिकाने से भी बड़ी तादाद में पटाखे जब्त किए। प्रशासन ने दोनों जगहों से पटाखे कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। हादसों को रोकने के लिए सख्ती अधिकारियों का कहना है कि देवास जैसी घटना दोबारा न हो, इसलिए यह सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी पटाखों के अवैध स्टॉक या खतरे की जानकारी मिले, तो तुरंत सूचना दें। जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। होगी कानूनी कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि फिलहाल पटाखों को जब्त कर लिया गया है। एसडीएम की रिपोर्ट मिलने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं में शामिल जेईई एडवांस 2026 रविवार 17 मई को संपन्न हो गई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश का सपना देखने वाले छत्तीसगढ़ के हजारों छात्र-छात्राएं रायपुर, भिलाई और बिलासपुर के परीक्षा केंद्रों में परीक्षा देने पहुंचे। भीषण गर्मी और उमस के बावजूद विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। इस वर्ष परीक्षा का आयोजन इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी रुड़की की ओर से किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर करीब ढाई लाख विद्यार्थियों को जेईई एडवांस परीक्षा में शामिल होने के लिए पात्र माना गया था। हालांकि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और परीक्षा आयोजित करने वाला भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान राज्यवार आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं करते हैं, लेकिन पिछले वर्षों के रुझानों के आधार पर छत्तीसगढ़ की हिस्सेदारी लगभग 2 से 3 प्रतिशत मानी जाती है। इसी आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ से करीब 5 हजार से 7 हजार 500 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस के लिए पात्रता हासिल की। इनमें रायपुर, भिलाई, बिलासपुर समेत प्रदेश के कई शहरों के विद्यार्थी शामिल हैं। दो चरणों में हुई परीक्षा जेईई एडवांस 2026 का पहला प्रश्नपत्र सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरा प्रश्नपत्र दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित किया गया। दोनों प्रश्नपत्रों में शामिल होना अनिवार्य था। परीक्षा देकर बाहर निकले विद्यार्थियों ने बताया कि भौतिक विज्ञान और गणित अपेक्षाकृत कठिन रहे, जबकि रसायन विज्ञान संतुलित रहा। परीक्षा केंद्रों के बाहर दिखी भीड़ रायपुर, भिलाई और बिलासपुर के परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही अभिभावकों और विद्यार्थियों की भीड़ लगी रही। सुरक्षा व्यवस्था के बीच विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर प्रवेश दिया गया। कई अभिभावक गर्मी के बावजूद घंटों तक केंद्रों के बाहर इंतजार करते नजर आए। 1 जून को परिणाम आने की संभावना जेईई एडवांस 2026 का परिणाम 1 जून 2026 को जारी होने की संभावना है। परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थियों को देश के शीर्ष भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश मिलेगा।
रायपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की टीम ने सड्डू इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदन डेयरी फैक्ट्री द्वारा सरकारी जमीन पर किए गए कब्जे को हटाना शुरू कर दिया। नगर निगम जोन-9 के वार्ड क्रमांक 8 में फैक्ट्री पर करीब 1.45 एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। प्रशासन ने जेसीबी मशीन और श्रमिकों की मदद से अभियान चलाकर अवैध निर्माण तोड़ना शुरू किया। कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री की अवैध बाउंड्रीवाल और शेड को हटा दिया गया। वहीं सिक्योरिटी गार्ड के लिए बनाए गए अवैध शेड को भी तोड़ा जा रहा है। यह कार्रवाई रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के आदेश और नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर की गई। मौके पर रायपुर तहसीलदार राममूर्ति दीवान की मौजूदगी में पुलिस बल तैनात रहा। नगर निगम जोन-9 के जोन कमिश्नर राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता शरद ध्रुव, सहायक अभियंता सैयद जोहेब और उप अभियंता आशुतोष पांडे समेत निगम के कई अधिकारी कार्रवाई के दौरान मौजूद रहे। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
साइबर फ्रॉड के रुपयों का लेन-देन करने के मामले में पाली पुलिस ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में पहले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें रविवार को पाली के अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 में पेश किया गया, जहां से चारों आरोपियों गोकुल, हिरेन, ओम और योगेश को चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंपा है। मामले में पाली शहर के सूरजपोल क्षेत्र निवासी लोकेश(24) पुत्र भीमाराम और भैरूघाट क्षेत्र निवासी भावेश पुत्र रामलाल को रविवार को गिरफ्तार किया। दोनों का काम लोगों को झांसे में फंसाकर उनके बैंक अकाउंट 5-7 हजार रुपए में खरीदकर योगेश को 25 हजार रुपए में बेचना था। दोनों आरोपियों ने खुद के अकाउंट भी योगेश को बेचे थे। दबिश देकर चार आरोपियों को पकड़ा था16 मई को कोतवाली पुलिस ने शहर के बापूनगर विस्तार में एक मकान पर दबिश देकर साइबर फ्रॉड करने वाली गैंग में शामिल बापू नगर विस्तार निवासी योगेश(33) पुत्र जगदीश कुमार, गुजरात के 32 हाईवे रोड नई भीलड़ी डीसा (बनासकांठा) निवासी गोकुल कुमार(29) पुत्र नवीन भाई, कांती काका की लाठी हाईवे से पूर्व मुकाम पोस्ट नई भीलड़ी बनासकांठा निवासी हिरेन कुमार उर्फ लाला(29) पुत्र चेहरा भाई और गुजरात के बुकड़ी चौराहा विजय कुआ ओडवास पाटन ए-डिविजन पाटन निवासी ओम कुमार(20) पुत्र दिलीप भाई को गिरफ्तार किया था। मामा-भांजा चलाते थे पाली में नेटवर्कगोकुल और योगेश रिश्ते में मामा– भांजा है। योगेश पाली में लोकल नेटवर्क देखता था और लोगों से बैंक अकाउंट खरीदा था। गोकुल इस टीम का लीडर था। हिरेन और ओम फ्रॉड के रुपयों का एक अकाउंट से दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर करने का काम करते थे।
लखनऊ में ट्रेन में युवती की सिर कटी लाश मिली:बक्से में धड़ और बैग में हाथ-पैर मिले, सिर का पता नहीं
बिहार के छपरा से लखनऊ आने वाली गोमतीनगर एक्सप्रेस की रविवार को एक युवती की सिर कटी लाश मिली। स्लीपर बोगी में मिली लाश एक बॉक्स में बंद थी। युवती के हाथ पैर पॉलीथीन में पैक किए गए थे। सिर का अभी पता नहीं चल पाया है। सूचना पर जीआरपी और आरपीएफ मौके पर पहुंची। जीआरपी ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला गोमतीनगर स्टेशन का ट्रेन नंबर 15114 की S-1 बोगी का है। 2 तस्वीरें देखिए… अब घटनाक्रम विस्तार से… गाड़ी संख्या- 15114 छपरा से गोमतीनगर के बीच चलती है। ट्रेन छपरा से 16 मई की शाम 5:45 बजे चलकर रविवार सुबह 6 बजे गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर पहुंची। S-1 कोच में सफाई के दौरान स्टाफ को एक संदिग्ध बैग और बॉक्स मिला। स्टाफ ने इसकी सूचना स्टेशन अधीक्षक को दी। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ को बुलाया गया। चारबाग के जीआरपी प्रभारी धर्मवीर सिंह ने बताया कि टीम के साथ मौके पर पहुंचने पर बॉक्स खुलवाया गया। इसमें एक युवती का धड़ था, जिसकी उम्र 30-35 साल के आसपास थी। अभी न तो सिर मिला है और न ही युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी है। उसके हाथ पैर बैग में एक पॉलीथीन में पैक मिले। शव को पोस्टमाॅर्टम के लिए भेज दिया गया है। रंगबिरंगा सूट पहने थी युवती बॉक्स में मिले युवती रंगबिरंगा सूट पहने थी। इसे देखकर आशंका जताई जा रही है कि युवती किसी गांव की रहने वाली हो सकती है। पहली नजर में देखने पर लग रहा है कि युवती को धारदार हथियार से काटा गया है। आशंका है कि हत्यारे ने कसाईबाड़े में इस्तेमाल होने वाले चापड़ का इस्तेमाल किया होगा। हालांकि, युवती के शव पर किसी प्रकार की जबरदस्ती और चोट के निशान नहीं मिले हैं। वहीं, बॉक्स में शव को कुछ इस तरह से पैक किया गया था कि खून के धब्बे अंदर ही रह गए। बाहर नहीं दिखे। हाथ-पैर भी पॉलीथीन में थे, उससे भी खून बाहर नहीं नजर आया। शिनाख्त के लिए टीम बनी, यात्रियों से होगी पूछताछयुवती के शव की शिनाख्त के लिए टीम बनाई गई है, जो बोगी में सवार यात्रियों से पूछताछ से लेकर रूट के स्टेशनों से भी पड़ताल करेगी। दरअसल, छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस ट्रेन कुल 20 स्टेशनों से गुजरती है। यह ट्रेन करीब 12 घंटे में सफर पूरा करती है। ऐसे में जीआरपी रूट के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी चेक करेगी। बोगी में बॉक्स लेकर सवार होने वालों को सीसीटीवी से जांचेगी। एस- 1 बोगी में रिजर्वेशन करवाकर सफर करने वाले यात्रियों का ब्योरा लेकर उनसे पूछताछ की जाएगी। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें लखनऊ में वकीलों पर लाठीचार्ज, पथराव, कोर्ट के बाहर चैंबर पर बुलडोजर चलता देख भड़के; पुलिस ने खदेड़ा लखनऊ जिला कोर्ट के बाहर रविवार दोपहर जमकर हंगामा हुआ। बुलडोजर से चैंबर तोड़े जाने के विरोध में वकील भड़क गए। कई वकील बुलडोजर के सामने खड़े हो गए। पुलिस अफसरों ने हटाने की कोशिश की, तो बहस होने लगी। यहां पढ़ें पूरी खबर
उत्तर-पश्चिम रेलवे ने परिचालन कारणों से जोधपुर मंडल से जुड़ी कई ट्रेनों के संचालन में अस्थायी बदलाव किया है। 20 से 22 मई तक की अवधि में जहां 4 ट्रेनें पूरी तरह रद्द, 2 आंशिक रद्द और 1-1 ट्रेन मार्ग परिवर्तित व रेगुलेट रहेंगी। जोधपुर के मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार- भगत की कोठी-लूनी रेलखंड पर भगत की कोठी-बासनी-सालावास स्टेशनों के बीच ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग कार्य के चलते लिए जाने वाले ब्लॉक के कारण 3 दिनों तक आठ ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। ये ट्रेनें रहेंगी रद्द आंशिक रद्द ट्रेनें रानीखेत का रहेगा मार्ग परिवर्तन रेगुलेट होगी ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस ट्रेन कल चलेगी जोधपुर-रामदेवरा-भगत की कोठी स्पेशल अनारक्षित ट्रेन बाबा रामदेवरा जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने सोमवार को जोधपुर-रामदेवरा-भगत की कोठी स्पेशल अनारक्षित ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। ग्रीष्मावकाश के दौरान नियमित ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए यह विशेष रेलसेवा एक ट्रिप के लिए संचालित की जाएगी। जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव ने बताया- ट्रेन संख्या 04867 जोधपुर-रामदेवरा स्पेशल 18 मई को सुबह 9:30 बजे जोधपुर रेलवे स्टेशन से रवाना होगी। यह ट्रेन राईका बाग, मंडोर, मारवाड़ मथानियां, तिंवरी, ओसियां, मारवाड़ लोहावट तथा फलोदी स्टेशनों पर ठहराव करते हुए दोपहर 1 बजे रामदेवरा पहुंचेगी। उन्होंने बताया- वापसी में ट्रेन संख्या 04868 रामदेवरा-भगत की कोठी स्पेशल सोमवार दोपहर 2 बजे रामदेवरा से रवाना होकर इन स्टेशनों पर ठहराव करती हुई शाम 5:30 बजे भगत की कोठी रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। स्पेशल ट्रेन में 10 कोच होंगे रेलवे के अनुसार- इस स्पेशल ट्रेन में कुल 10 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 8 जनरल तथा दो गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। सभी कोच अनारक्षित रहेंगे, जिससे यात्रियों को आसानी से यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
लखनऊ में रविवार को फाल्ट होने खंभे और ट्रांसफार्मर में आग लगने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही। भूतनाथ मार्केट के ट्रांसफार्मर में शाम 6.30 बजे आग लग गई। इससे बाजार में हड़कंप मच गया। आनन-फानन कारोबारियों ने उपकेंद्र पर फोरक बिजली बंद कराई। सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। वसंतकुंज उपकेंद्र के फरीदीपुर में रातभर बिजली की आवाजाही से लोग परेशान रहे। शारदानगर विस्तार उपकेंद्र के चन्द्रावल फीडर से जुड़े नटकुर सहित दो दर्जन गांवों में रविवार रात करीब पांच घंटे बिजली गुल रही। रात 12:30 बजे से सुबह 5:30 बजे तक अघोषित कटौती के कारण पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा। भीषण गर्मी में बिजली जाने से बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का हाल बेहाल हो गया और लोग रातभर जागने को मजबूर रहे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि दर्जनों बार शिकायत करने के बावजूद विभागीय अधिकारियों और अवर अभियंता ने फोन तक नहीं उठाया। शॉर्ट सर्किट से बिजली के खंभे में लगी आग एकलव्य नगर इलाके में स्थित खंभे में देर रात आग लग गई। इसके कारण इलाके की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। राजभवन डिवीजन के क्लाइड रोड पावर हाउस में स्थानीय लोगों ने फोन कर सूचना भी दी, लेकिन देर रात तक बिजली बहाल नहीं हो सकी। वहीं, चिनहट इलाके में देर शाम तक करीब तीन घंटे तक 4 हजार से अधिक की आबादी बिजली कटौती से परेशान रही।
फरीदाबाद के बड़खल विधानसभा क्षेत्र में सड़क विकास को लेकर महत्वपूर्ण पहल की गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने मेवला महाराजपुर के पास सेक्टर 45-46 की डिवाइडिंग रोड की मरम्मत और सुधार कार्य का शुभारंभ किया। इस सड़क की मरम्मत और केबल रिपेयरिंग सहित अन्य कार्यों पर करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के तहत आईएमसी रोड का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। इस सड़क के बनने से सेक्टर 45 और 46 के रहने वाले लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा यह मार्ग दिल्ली और गुरुग्राम जाने वाले लोगों के लिए भी एक अहम रास्ता साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस रोड का जुड़ाव सूरजकुंड रोड से भी किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। गुर्जर बोले- विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर ने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के बढ़ते दामों को लेकर विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं है और वह लगातार निराधार आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करने की कोशिश करता रहता है। उन्होंने कहा कि देश की जनता बहुत जागरूक है और देशभक्ति की भावना लोगों में कूट-कूट कर भरी हुई है। जब से नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार बनी है, तब से देश में देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत हुई है और यह हर चुनाव में देखने को भी मिल रहा है। पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर देश के करीब एक करोड़ लोगों ने स्वेच्छा से एलपीजी गैस की सब्सिडी छोड़ दी, जो सरकार के प्रति जनता के विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसके चलते दुनिया के कई देशों में ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद भारत में केवल करीब तीन प्रतिशत तक ही बढ़ोतरी की गई है। उन्होंने कहा कि जब-जब देश पर कोई संकट आया है, चाहे वह कोरोना महामारी हो या अंतरराष्ट्रीय हालात, तब-तब देश की जनता एकजुट होकर सरकार के साथ खड़ी रही है।
दमोह में आरोग्य केंद्र में फर्जी डिग्री के सहारे नौकरी कर रहे दो डॉक्टर्स को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसपी आनंद कलादगी ने रविवार शाम को इस पूरे मामले की जानकारी दी। ये दोनों डॉक्टर पिछले करीब एक साल से क्लीनिक में काम कर रहे थे। पुलिस को सीएमएचओ (CMHO) ऑफिस से एक रिपोर्ट मिली थी। इसमें बताया गया कि डॉ. कुमार सचिन यादव (ग्वालियर) और डॉ. राजपाल गौर (सीहोर) ने संजीवनी क्लीनिक, सुभाष कॉलोनी में भर्ती के समय एमबीबीएस की फर्जी डिग्री, मेडिकल काउंसलिंग का रजिस्ट्रेशन और दूसरे जाली कागजात जमा किए थे। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों के दम पर दोनों साल भर से नौकरी कर रहे थे। मामला गंभीर देखते हुए एसपी के निर्देश पर कोतवाली थाने में केस दर्ज किया गया और पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जबलपुर से पकड़ा गया तीसरा फर्जी डॉक्टर पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ हुई तो एक और नाम सामने आया-अजय मौर्य (मुरैना)। पता चला कि वह जबलपुर के संजीवनी अस्पताल में ढाई साल से तैनात था। पुलिस की टीम ने तुरंत उसे भी जबलपुर से हिरासत में ले लिया है। पैसों के बदले बांटी जा रही थीं डिग्रियां एसपी ने बताया कि फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी संस्थानों में नियुक्तियां होना बहुत ही गंभीर बात है, क्योंकि यह सीधे लोगों की जान से जुड़ा मामला है। इस खेल में भोपाल स्तर की संस्थाओं की भूमिका भी शक के घेरे में है। पूछताछ में पता चला है कि पैसे लेकर कई लोगों को फर्जी डॉक्टर बनाया गया है। पुलिस अब उन लोगों की तलाश कर रही है जो फर्जी एमबीबीएस डिग्री और रजिस्ट्रेशन उपलब्ध कराते थे। पुलिस को शक है कि जिले में और भी ऐसे फर्जी डॉक्टर हो सकते हैं। एक फोन कॉल से खुला सारा राज सीएमएचओ डॉ. राजेश अठया ने बताया कि करीब 10 दिन पहले उनके पास एक अनजान शख्स का फोन आया था। उसने बताया कि दमोह के संजीवनी अस्पताल में दो डॉक्टर फर्जी डिग्री पर काम कर रहे हैं। इसके बाद एक कमेटी बनाकर जब कागजों की जांच की गई, तो डिग्रियां नकली निकलीं। सीएमएचओ ने बताया कि इन डॉक्टर्स की नियुक्ति सीधे 'राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन' भोपाल से हुई थी, इसलिए पहले ज्यादा छानबीन नहीं की गई थी। लेकिन जब फोन पर शिकायत मिली और जांच हुई, तो सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस को कार्रवाई के लिए लिखा गया।
आगरा की थाना ट्रांस यमुना पुलिस ने हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 45 हजार रुपए नकद और ताश के पत्ते बरामद किए। एसीपी छत्ता शेषमणि उपाध्याय ने बताया कि थाना ट्रांस यमुना पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग और गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सती नगर में विनोद पुत्र मुंशीलाल के मकान में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर दबिश दी और मौके से 5 लोगों को जुआ खेलते हुए पकड़ लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 45,570 नकद बरामद किए गए। इनके खिलाफ थाना ट्रांस यमुना में 3/4 सार्वजनिक जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्तों में गोपाल यादव, सोनू उर्फ पिल्लू यादव, उपेंद्र यादव, विनोद और चंद्रपाल शामिल हैं, जो आगरा के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। वहीं, आकाश दिवाकर, बिल्लू कबाड़ी वाला और रवि उर्फ मुरमगुड़ी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार, कुछ गिरफ्तार अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है, जिनके खिलाफ पहले भी जुआ और अन्य धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
टोंक के निजी मैरिज गार्डन में आज सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया की ओर से एक पॉलिटिकल लीडर्स कन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम. के. फैज़ी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहोम्मद शफी सहित कई प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद शफी ने कहा कि SDPI आने वाले समय में राजस्थान के निकाय सहित अन्य चुनावों में पूरे दमख़म के साथ अपनी दावेदारी जताएगी। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल से ममता बनर्जी को भी पता चल गया कि लोकतंत्र को जिंदा रखने के लिए विपक्षी पार्टियों को एक होना पड़ेगा। उन्होंने राज्य और केन्द्र सरकार पर जमकर राजनीतिक हमला बोला और कहा कि सरकार लोकतंत्र को खत्म करने पर तुली हुई है। सांप्रदायिकता फैलाई जा रही हैयहां पर्ची सरकार है, उन्हें अनुभव नहीं है। कोई काम नहीं हो रहा है। बदले की भावना से सरकार काम कर रही है। टोंक को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का गढ़ कहे जाने के मामले को लेकर कहा कि पायलट का कोई गढ़ नहीं है। यह जनता का गढ़ है। उन्हें भी जनता ने जिताया है। लोकतंत्र कोई भी खड़ा हो सकता है। अब की बार उनकी पार्टी टोंक ही नहीं, सभी जगह दमखम से चुनाव लड़ेगी।
खेत में चारा काटने गई युवती कुएं में गिरी:सिविल डिफेंस ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर निकाला शव
चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र के भेडोली गांव में रविवार दोपहर एक युवती कुएं में गिर गई। जानकारी के अनुसार- प्रियंका गुर्जर (18) पुत्री कैलाश गुर्जर खेत पर पशुओं के लिए चारा काटने गई थी। इसी दौरान प्यास लगने पर वह पास के कुएं पर पानी पीने पहुंची, जहां पैर फिसलने से वह कुएं में गिर गई। कुएं में गिरने का पता शाम को तलाश करने और कुएं के पास चप्पल मिलने से लग पाया। रात करीब 9:30 बजे तक चार मोटर से कुएं का पानी निकला गया। इसके बाद सिविल डिफेंस की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर शव को बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम भी मौके पर पहुंचकर कुएं में उतरकर युवती की तलाश में जुटी। युवती के पिता कैलाश गुर्जर ने बताया कि प्रियंका देर तक घर नहीं लौटी तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इस दौरान कुएं के पास उसकी चप्पल और दुपट्टा पड़े मिले, जिससे आशंका हुई कि वह कुएं में गिर गई है। ग्रामीणों द्वारा कुएं से पानी निकालने के लिए इंजन चलाकर पानी बाहर निकलना शुरू किया। करीब चार मोटर की सहायता से रात 9:30 बजे कुएं में पानी कम हुआ, जिसके बाद युवती की बॉडी बाहर निकाली जा सकी।
जिला स्पेशल टीम टोंक ने साइबर फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने 25 लाख के साइबर फ्रॉड का खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कई पास बुक, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किए है। यह कार्रवाई एसपी राजेश कुमार मीना के आदेश पर डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में कोतवाली थाना क्षेत्र में गठित टीम ने की है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि इस मामले में टीम ने आरोपी दिलखुश (25) पुत्र स्वराज मीणा निवासी नयागांव बोरदा पुलिस थाना मेहंदवास और दौलत (24)पुत्र शिवजी राम मीणा निवासी मोलाईपूरा पुलिस थाना सदर टोंक को साइबर ठगी के मामले में पकड़ा है। इनके खिलाफ साईबर ठगी की 7 शिकायते दर्ज है। दोनों आरोपी साइबर ठगी में करीब अब तक 30 से अधिक फर्जी मोबाइल सिमों का उपयोग के चुके है । आरोपी के कब्जे से कई पास बुके, एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन बरामद किया गया है। आरोपियों के विरुद्ध साइबर ठगी की वारदात के संबंध में पुलिस थाना कोतवाली टोंक पर प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। आरोपी द्वारा प्रारंभिक जांच में अब तक 30 फर्जी सिम कार्ड उपयोग करना सामने आया है, और आरोपियों द्वारा अब तक कुल 25 से 30 लाख रुपए की साइबर ठगी अंजाम दिया जाना सामने आया है। अनुसंधान से आरोपी के साथ साइबर ठगी में संलिप्त उसके साथी व मददगार सिम उपलब्ध कराने वालों की तलाश शुरू कर दी है।
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित निजी अस्पताल, आईपीएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत मामले में आठ महीने के बाद पुलिस ने अस्पताल के तीन डॉक्टर समेत स्टाफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की कमेटी ने अस्पताल को दोषी ठहराते हुए बीते माह संचालन पर रोक लगाई थी। आरोप है अस्पताल के जरिये कमेटी को इलाज से जुड़े दस्तावेज मुहैया नहीं कराया था। जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी सतरिख भटौली गांव के रहने वाले संजय यादव की पत्नी रोशनी 24 को बीते साल 27 सितंबर को बुखार व सिर दर्द की शिकायत होने पर परिजनों ने गोमतीनगर खरगापुर स्थित आईपीएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। डॉ. यूसूफ खांन ने सामान्य बीमारी बताकर भर्ती किया था। डॉक्टर ने बीमारी के आधार पर सीटी स्कैन समेत खून से जुड़ी जांच कराई। पति संजय का आरोप है जांच रिपोर्ट सामान्य आई थी। जबरन नाक में नली डाली बावजूद इसके अस्पताल के डॉ.भूपेंद्र ने 29 की रात जबरन नाक में नली डाल दिया था। इससे मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। परिजनों ने विरोध जताया तो नली को निकाल दिया गया। हालत नाजुक होता देख स्टाफ वहां से भाग गए। पति संजय ने डॉ. युसूफ को कई दफा फोन किया मगर उनके जरिये फोन नहीं उठाया गया था। देर रात इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई थी। पति ने मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने में तहरीर दिया था। पुलिस ने सीएमओ ऑफिस से जांच रिपोर्ट आने के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कही थी। कार्रवाई न होने पर आयोग ने किया तलबकई माह बीतने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच तक नहीं कराई। पति ने उप्र मानव अधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया था। मानव अधिकार आयोग ने डीएम-सीएमओ को पत्र भेजकर रिपोर्ट तलब किया था। पूरे मामले की जांच रिपोर्ट 12 जनवरी 2026 संग आयोग में तलब किया था। कमेटी ने अस्पताल से इलाज से जुड़े दस्तावेज मांगने संग डॉक्टर को बयान दर्ज करने के लिए तलब किया था। आरोप है अस्पताल ने कोई भी साक्ष्य मुहैया नहीं कराया था। ऐसे में कमेटी ने अस्पताल को दोषी ठहराते हुए मानवाधिकार आयोग रिपोर्ट भेज दिया था। पति संजय यादव ने अस्पताल के डॉ. यूसुफ खांन उफ यू खान, डॉ. भूपेंद्र, डॉ. अभिषेक समेत अन्य स्टाफ के खिलाफ गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के भोपाल में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में हाथरस में कैंडल मार्च निकाला गया। मृतका के परिजनों और अन्य लोगों ने देर शाम शहर में यह मार्च निकाला। हाथरस शहर की बिछुआ गली निवासी नवनिधि शर्मा की बेटी त्विसा शर्मा की शादी हाल ही में भोपाल के कटारा हिल्स निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ पेशे से अधिवक्ता हैं और उनकी मां एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं। त्विसा की मौत की जानकारी उनके परिवार को 12 मई की रात मिली। 13 मई की सुबह जब परिजन भोपाल एम्स पहुंचे, तो शव पोस्टमार्टम हाउस में रखा था। शव पर गले, कान और चेहरे पर चोट के निशान पाए गए। नवनिधि शर्मा और उनकी पत्नी ने त्विसा के ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। भोपाल में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। त्विसा के माता-पिता नोएडा में रहते हैं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य हाथरस में निवास करते हैं। आज देर शाम त्विसा के फूफा मनोज शर्मा और कई अन्य लोगों ने हाथरस में डीआरबी इंटर कॉलेज के सामने से कैंडल मार्च निकाला। स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए जांच मनोज शर्मा ने मांग की है कि एम्स में शव का दूसरा पोस्टमार्टम कराया जाए, समर्थ सिंह को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और इस पूरे मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
संभल में गंगा में बदायूं का युवक डूबा:मुंडन संस्कार के दौरान हादसा, अंधेरा होने के कारण सर्चिंग रुकी
संभल जिले में एक बच्चे के मुंडन संस्कार के दौरान गंगा नदी में स्नान करते समय एक युवक डूब गया। यह घटना गुन्नौर तहसील के बबराला थाना क्षेत्र स्थित राजघाट गंगा पर हुई। युवक बदायूं जिले का निवासी बताया जा रहा है। रविवार सुबह करीब 10 बजे बदायूं के जरीफनगर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव से 40-50 लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से राजघाट गंगा पर मुंडन संस्कार के लिए आए थे। दोपहर 12 बजे गंगा स्नान के बाद परिवार के सदस्य घर लौट गए। कुछ समय बाद जब युवक दिखाई नहीं दिया, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। गंगा घाट पर उसके कपड़े रखे मिले, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं लगा। परिजनों ने शाम 4 बजे से उसकी तलाश की और शाम 6 बजे बबराला थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद थाना पुलिस सक्रिय हो गई और स्थानीय गोताखोरों की मदद से गंगा में बचाव अभियान चलाया गया। हालांकि, रात 8:30 बजे अंधेरा होने के कारण अभियान रोक दिया गया। थाना प्रभारी सौरभ त्यागी ने बताया कि लापता युवक का नाम सोमवीर पुत्र शेर सिंह है। उसकी तलाश के लिए एनडीआरएफ को घटना की सूचना दी गई है। सोमवार सुबह 6 बजे से फिर से बचाव अभियान शुरू किया जाएगा। परिवार को युवक के लापता होने की जानकारी देर से मिली।
दतिया पुलिस का शहर के 2 एंट्री-एग्जिट पॉइंट सील:155 पुलिसकर्मियों ने संभाला मोर्चा
दतिया में शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और अपराधियों के हौसले पस्त करने के लिए दतिया पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा और सख्त चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस की इस अप्रत्याशित सख्ती से रविवार शाम पूरा शहर अचानक अभेद्य किले में तब्दील नजर आया। जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करते हुए पुलिस विभाग ने शहर के सभी 12 एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर कड़ा पहरा लगाया, जिससे संदिग्धों में हड़कंप मच गया। शहर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर सख्त निगरानी लाला का तालाब, मेडिकल कॉलेज, ठंडी सड़क, उनाव रोड, बायपास, भांडेर रोड, सेंवढ़ा चुंगी, झांसी रोड, ग्वालियर रोड, दिनारा रोड, तिगैलिया, राजगढ़ चौराहा और बमबम महादेव सहित शहर के प्रमुख पॉइंट्स पर पुलिस की सख्त निगरानी रही। इस दौरान कई बाइक सवार रास्ता बदलकर गलियों से निकलते नजर आए। ऑफिस स्टाफ भी मैदान में उतरा इस विशेष अभियान की खास बात यह रही कि यह केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं थी। आमतौर पर कार्यालयों में रहने वाला स्टाफ भी इस बार सड़कों पर ड्यूटी करता दिखाई दिया। पुलिस लाइन से लेकर एसपी ऑफिस तक के कर्मचारियों को मैदानी मोर्चे पर तैनात किया गया। कुल 155 पुलिसकर्मियों की टीम ने पूरे शहर में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। हर नाके पर थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक तैनात सख्ती का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के सभी 12 संवेदनशील पॉइंट्स पर केवल आरक्षकों के भरोसे चेकिंग नहीं छोड़ी गई। हर नाके पर एक थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक खुद मोर्चा संभाले हुए थे। एसडीओपी आकांक्षा जैन लगातार शहर में गश्त कर सभी पॉइंट्स की मॉनिटरिंग करती रहीं। खुद मैदान में उतरे एसपी मयूर खंडेलवाल शाम ढलते ही अभियान को और तेज करने के लिए पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल खुद मैदान में उतर आए। वे पुलिस बल के साथ सीधे व्यस्ततम किला चौक पहुंचे। एसपी को अचानक मौके पर देखकर पुलिसकर्मियों की सक्रियता और बढ़ गई, वहीं नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया। एसपी ने स्वयं खड़े होकर कई वाहनों और संदिग्धों की तलाशी करवाई।
यूपी में सोमवार सुबह 10.30 बजे मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट बैठक होगी। इसमें करीब 11 प्रस्ताव मंजूर होंगे। 2 प्रस्ताव बेहद अहम हैं। पहला- त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव कराने के लिए ओबीसी आयोग का गठन है। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आयोग बनाने का आदेश दिया था। आयोग की रिपोर्ट के बाद ही प्रदेश में पंचायत होंगे। दूसरा अहम प्रस्ताव पशु चिकित्सा (वेटनरी) में पढ़ने वाले छात्रों को लेकर है। इनका इंटर्नशिप भत्ता 4 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़ाकर 12 हजार रुपए किया जाएगा। प्रदेश के कॉलेजों में BVSc AH (बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस) में हर साल करीब 2,000 से 2,500 बच्चे एडमिशन लेते हैं। सभी बैचों को मिलाकर यूपी में लगभग 10 हजार से ज्यादा वेटनरी छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। कैबिनेट विस्तार के बाद यह पहली बैठक होगी। लेकिन सरकार के दो नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडेय को अब तक विभाग नहीं मिले हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने रविवार शाम कैबिनेट मीटिंग का एजेंडा जारी किया। अन्य प्रस्तावों को जानिए… खबर अपडेट हो रही है…
रायपुर अधिवक्ता संघ की प्रबंध कार्यकारिणी (सत्र 2026-28) के लिए नई टीम का गठन किया गया है। जारी सूची के अनुसार दिनेश देवांगन को अध्यक्ष चुना गया है। सूर्यकांत पाटस्कर और भारती राठौर को उपाध्यक्ष बनाया गया है। राकेश पुरी को सचिव, रानी लक्ष्मी साहू को कोषाध्यक्ष और गुणेश निर्मलकर को सह सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा नेहा राठौर को सह सचिव (महिला), महेंद्र देवांगन को ग्रंथालय सचिव और योगेश साहू को सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा सचिव बनाया गया है। महिला कार्यकारिणी सदस्य के रूप में योगिता धुंधेर और अमृता दीक्षित शामिल हैं। वहीं कार्यकारिणी सदस्य के रूप में योगीराज वर्मा, अविजीत त्रिपाठी, विवेक मिश्रा, आकाश जसूजा और आकाश सोनी को चुना गया है। संघ ने कहा है कि नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हित में एकता, सम्मान और विकास के साथ काम करेगी। नवनिर्वाचित पदाधिकारियों और सदस्यों को शुभकामनाएं दी गई हैं।
लाइन ठीक करने खंभे पर चढ़े युवक की मौत:तार जोड़ते समय शुरू हो गई सप्लाई, करंट लगने से नीचे गिरा
हरदोई में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के दौलतपुर गांव में रविवार की शाम बिजली के खंभे पर काम कर रहे एक व्यक्ति को अचानक करंट लग गया। करंट लगने से वह खंभे से नीचे गिर गया और गंभीर रूप से झुलस गया। परिजन उसे मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 27 वर्षीय कपिल के रूप में हुई है। घटना शाम करीब 5:30 बजे की बताई जा रही है। ग्राम दौलतपुर निवासी कपिल बिजली मिस्त्री का काम करते थे। उनके पिता रामदास ने बताया कि कपिल बेनीगंज पावर हाउस में तैनात एक लाइनमैन के साथ बिजली संबंधी कार्य करते थे। वह लाइनमैन भी उन्हीं के गांव में रहता है। रविवार शाम कपिल के चाचा विपिन के घर बिजली का तार टूटने से आपूर्ति बाधित हो गई थी। विपिन ने कपिल को इसकी सूचना दी, जिसके बाद कपिल तार ठीक करने के लिए बिजली के खंभे पर चढ़े। रामदास ने दावा किया कि कपिल ने लाइनमैन के माध्यम से शटडाउन लिया था। तार जोड़ते समय अचानक बिजली आ गई, जिससे कपिल को करंट लग गया। करंट लगने से वह खंभे से नीचे जमीन पर गिर गए और गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कपिल की शादी वर्ष 2024 में वर्षा से हुई थी और उनकी कोई संतान नहीं थी। वह अपने दो भाइयों में बड़े थे। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा है। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है।
आगर मालवा के सुसनेर में रविवार रात कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मशाल जुलूस निकालकर विरोध दर्ज कराया। नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी, आसमान छूती महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह जुलूस डाक बंगला चौराहे से शुरू होकर स्टेट बैंक चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाते हुए कहा कि नीट परीक्षा में जो धांधली हुई है, उसने लाखों होनहार छात्रों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। नेताओं का कहना था कि एक तरफ युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही हैं, तो दूसरी तरफ बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। मशालों के साथ सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता हाथों में जलती हुई मशालें लेकर निकले कार्यकर्ताओं ने पूरी राह केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस जुलूस की वजह से कुछ देर के लिए सड़क पर आवाजाही भी रुकी रही। कांग्रेस ने मांग की है कि परीक्षाओं में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके दिए जाएं। प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी इस विरोध प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि चितरंजन सिंह, नगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. मोहसिन खान और फकीर मोहम्मद खान समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल हुए।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र के ब्यावरा कलां गांव में दहेज प्रताड़ना से परेशान एक विवाहिता ने जहरीला पदार्थ खा लिया। भोपाल में इलाज के दौरान शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रविवार को महिला के माता पिता दोबारा थाने पहुंचे हैं कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जहरीला पदार्थ खाने के बाद बिगड़ी हालत जानकारी के मुताबिक, महिला भावना उर्फ भूरा बाई (22) ने 9 मई को अपने ससुराल में जहरीला पदार्थ खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे पहले खिलचीपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए भोपाल रेफर कर दिया। भोपाल के निजी अस्पताल में हुई मौत भोपाल के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। रविवार रात करीब 8 बजे ब्यावरा कलां गांव में उसका अंतिम संस्कार किया गया। मृतका के पिता रमेश चंद दांगी ने खिलचीपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पति सुनील दांगी और ससुर सियाराम दांगी दहेज की मांग को लेकर लंबे समय से प्रताड़ित कर रहे थे। आए दिन उसके साथ मारपीट और मानसिक उत्पीड़न किया जाता था। प्रताड़ना से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने पिता की शिकायत पर पति और ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। मामले की जांच जारी है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने दो अलग-अलग मामलो में पत्नी द्वारा पति पर कराई गई बलात्कार की एफआईआर को रद्द कर दिया हैं। जस्टिस अनूप ढंढ की अदालत ने कहा कि वैध विवाह होने पर बालिग पत्नी अपने पति के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज नहीं करा सकती हैं। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस तरह की एफआईआर कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग हैं, न्यायपालिका को फिजूल की शिकायत करने वालों के मंसूबों पर रोक लगाने की कोशिश करनी चाहिए। ऐसे प्रकरणों के कारण ही मुकदमा लंबा चलता हैं और न्याय मिलने में देरी होती हैं। कोर्ट ने कहा-न्याय में देरी नाइंसाफी के समान हैं। परिवार की सहमति नहीं होने पर मामला दर्ज करायादरअसल, कोर्ट के सामने एक मामला आया, जिसमें जयपुर के दंपत्ती ने अंतरजातीय विवाह किया था। विवाह के समय युवती की आयु 18 साल थी। दोनों के बीच पारिवारिक विवाद होने पर मामला फैमली कोर्ट पहुंचा। युवती ने तलाक का प्रार्थना पत्र पेश किया। फैमली कोर्ट से तलाक नहीं मिलने पर दोनों पक्ष हाईकोर्ट पहुंचे। इस बीच युवती ने पति पर बलात्कार का मामला दर्ज कराते हुए कहा कि पति ने उसे ब्लैकमेल करके विवाह पंजीयन के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए। कोर्ट ने शादी सहमति से होना मानते हुए कहा कि लगता है अंतरजातीय विवाह को परिवार की स्वीकृति नहीं होने के कारण एफआइआर दर्ज कराई गई। कोर्ट ने एफआइआर रद्द करते हुए कहा कि बलात्कार का मामला नहीं बनता हैं। रेप-दहेज प्रताड़ना, दोनों मामले कैसेदूसरे मामले में युवक-युवती की शादी साल 2020 में आर्य समाज में हुई थी। युवती ने अपने पति पर एक एफआईआर बलात्कार की दर्ज कराई और दूसरी दहेज प्रताड़ना की। एक ही मामले में बलात्कार और दहेज प्रताड़ना की दो एफआइआर सामने आने पर कोर्ट ने कहा कि बलात्कार का आरोप होने का मतलब है पीड़िता पत्नी नहीं है और दहेज प्रताड़ना का मामला पत्नी के रूप में ही दर्ज हो सकता है। कोर्ट ने कहा- विरोधाभाषी एफआइआर दर्ज करवाकर कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग की इजाजत नहीं दी जा सकती हैं।
छत्तीसगढ़ प्रदेश मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष (राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त) भरत मटियारा का 17 मई को निधन हो गया। 63 वर्षीय मटियारा ने हैदराबाद के एक अस्पताल में उपचार के दौरान हृदय गति रुकने से अंतिम सांस ली। वे कांकेर जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ की राजनीति में सक्रिय रहे। इससे पहले, मटियारा पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल के दौरान भी राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद पर अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनका पार्थिव शरीर आज देर रात तक उनके गृहग्राम कांकेर पहुंचने की संभावना है। अंतिम संस्कार और विदाई कल की जाएगी। जानिए भरत मटियारा का राजनीतिक सफर भरत मटियारा का जन्म 8 मार्च 1964 को छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के ठेलकाबोड में हुआ था। उन्होंने बीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्हें कृषि में विशेष रुचि रही है और वे राजनीति के साथ-साथ समाज सेवा से भी जुड़े रहे हैं। उनका जीवन सादा रहा और वे समाज के हर वर्ग से संपर्क में रहे। उन्होंने 1984 में भाजपा की प्राथमिक सदस्यता ली। इसके बाद 1990 में भाजपा युवा मोर्चा के शहर अध्यक्ष बने। 1991 में वे सरस्वती शिक्षा समिति कांकेर के सदस्य रहे और उसी वर्ष ओडिशा के नवरंगपुर लोकसभा चुनाव में प्रचार कार्य में भी शामिल हुए। 1992 से 1999 तक वे अविभाजित मध्य प्रदेश में मांझी मोर्चा के युवा अध्यक्ष रहे। 1993 से 2007 तक उन्होंने बस्तर रोड टैक्सी ओनर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष के रूप में काम किया। इसके अलावा वे कई सामाजिक पदों पर भी रहे, जैसे धीवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष, पिछड़ा वर्ग समाज कांकेर जिला अध्यक्ष आदि। वे कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों में चुनाव अभिकर्ता के रूप में भी सक्रिय रहे और विभिन्न चुनावों में भाजपा प्रत्याशियों के साथ काम किया। 2005 में वे भाजपा कांकेर जिला उपाध्यक्ष बने, 2009 में जिला महामंत्री और 2010 से 2016 तक जिला अध्यक्ष रहे। 2017 से 2019 तक वे छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष (राज्य मंत्री दर्जा) रहे। इसके अलावा उन्होंने बस्तर संभाग में पार्टी द्वारा दिए गए कई दायित्वों का सफल संचालन किया है। वे विभिन्न सामाजिक, खेल और सहकारी संस्थाओं से भी जुड़े रहे हैं।
हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रविवार को एक सड़क हादसे में 15 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गई, जबकि बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर बरवाला पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार बरवाला निवासी सुमित कुमार अपने परिचित 15 वर्षीय किशोर हिमांशु के साथ बाइक पर सवार होकर हिसार की ओर से बरवाला लौट रहा था। जब वे हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर बरवाला क्षेत्र स्थित थर्मल पावर प्लांट के पास पहुंचे, तभी पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक अज्ञात गाड़ी ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस तरह हुआ हादसा टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद आसपास से गुजर रहे राहगीरों ने मानवता दिखाते हुए पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी तथा घायलों को संभालने में मदद की। दोनों घायलों को तत्काल बरवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने गंभीर चोटों के चलते 15 वर्षीय हिमांशु को मृत घोषित कर दिया। वहीं बाइक चालक सुमित कुमार की हालत गंभीर होने के कारण उसे प्राथमिक उपचार के बाद बरवाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने घटना का निरीक्षण कर जांच शुरू की हादसे की सूचना मिलते ही बरवाला पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त बाइक को सड़क से हटवाकर हाईवे पर यातायात सुचारू करवाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने मृतक हिमांशु के शव को पोस्टमार्टम के लिए बरवाला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रखवाया है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
गोरखपुर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने मार्च 2023 के आंदोलन के बाद बिजली कर्मियों पर हुई कार्रवाई वापस लेने की मांग की है। समिति का कहना है कि कई कर्मचारियों को अब तक उनके सेवा और रिटायरमेंट से जुड़े लाभ नहीं मिले हैं, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है। समिति ने बताया कि 18 मई से 23 मई तक गोरखपुर, बस्ती समेत पूर्वांचल के कई जिलों और अनपरा-ओबरा ताप बिजलीघरों में सभाएं की जाएंगी। इस दौरान कर्मचारियों को उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। 18 मई को गोरखपुर और बस्ती में केंद्रीय पदाधिकारी भी शामिल होंगे। ऊर्जा मंत्री के निर्देश का जिक्र समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि 19 मार्च 2023 को ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने कार्रवाई वापस लेने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है। संयोजक पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि आंदोलन के दौरान निलंबित किए गए कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई अभी तक खत्म नहीं हुई है। कई रिटायर कर्मचारियों को भी उनके पूरे सेवांत लाभ नहीं मिले हैं। अभियंता की मौत का मामला भी उठाया कार्यवाहक संयोजक जीवेश नंदन ने बताया कि अभियंता आरजी सिंह को आंदोलन के बाद काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रिटायर होने के बाद उन्हें जीपीएफ के अलावा कोई और लाभ नहीं मिला। कुछ दिन पहले उनका निधन हो गया। सहसंयोजक प्रभुनाथ प्रसाद ने कहा कि कार्रवाई लंबित रहने से कई कर्मचारियों और अभियंताओं के प्रमोशन, टाइम स्केल और दूसरे भुगतान रुके हुए हैं। सहसंयोजक संदीप श्रीवास्तव ने कहा कि कई संविदा कर्मियों को नौकरी से हटाए जाने के कारण उनके परिवारों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।
मंदसौर जिला मुख्यालय से कुछ दूरी पर स्थित भुन्याखेड़ी से मंदसौर बायपास रोड के समीप फोरलेन किनारे खड़े यूकेलिप्टस के पेड़ों में अज्ञात कारणों से आग लगने का मामला सामने आया है। आग की चपेट में आने से बड़ी संख्या में पेड़ नीचे से बुरी तरह जल गए हैं, जिससे अब उनके कभी भी गिरने का खतरा बना हुआ है। व्यस्ततम महू-नीमच रोड पर खड़े ये जले हुए पेड़ हादसों को आमंत्रण देते नजर आ रहे हैं। तेज हवा और बारिश में बढ़ सकता है खतरा मल्हारगढ़ ब्लॉक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अनिल शर्मा ने मामले को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि आग से प्रभावित कई यूकेलिप्टस के पेड़ अंदर तक कमजोर हो चुके हैं। ऐसे में तेज हवा, आंधी या बारिश के दौरान इनके गिरने की आशंका बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि कोई पेड़ सड़क से गुजर रहे वाहन पर गिरता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। दिनभर बना रहता है भारी ट्रैफिक महू-नीमच फोरलेन मार्ग पर दिनभर भारी वाहनों सहित लगातार ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। सड़क किनारे खड़े जले हुए पेड़ों को देखकर स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है। कई पेड़ नीचे से पूरी तरह झुलस चुके हैं और बाहर से खड़े दिखाई देने के बावजूद अंदर से कमजोर हो गए हैं। प्रशासन से पेड़ हटाने और जांच की मांग अनिल शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े जले हुए और कमजोर पेड़ों को तत्काल हटाया जाए, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि आग लगने के कारणों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि इसमें किसी की लापरवाही या शरारत सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। घटनास्थल की तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि कई फीट ऊंचे यूकेलिप्टस के पेड़ नीचे से आग की चपेट में आ चुके हैं। फिलहाल पेड़ खड़े हुए हैं, लेकिन उनकी स्थिति बेहद कमजोर नजर आ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को समय रहते इस ओर ध्यान देना चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
कानपुर के मैदानों पर एक बार फिर नन्हे क्रिकेटरों का चौके-छक्के लगाने का रोमांच शुरू हो गया है। केसीए से मान्यता प्राप्त जेएनटी स्पोर्ट्स वेलफेयर फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'सिग्मा ग्रिपलाक ट्रॉफी' (14वीं जेएनटी अंडर-12 क्रिकेट लीग) का कानपुर साउथ मैदान पर धमाकेदार आगाज हुआ। समारोह के दौरान लॉटरी सिस्टम के जरिए सभी टीमों के नामों की घोषणा की गई, जिसके तुरंत बाद मैदान पर मौजूद नन्हे खिलाड़ियों को क्रिकेट किट बांटी गई। टूर्नामेंट की शुरुआत इतनी शानदार रही कि अंत में आसमान रंग-बिरंगी आतिशबाजी से नहा उठा। उत्तर प्रदेश रणजी टीम और इंडिया-A के पूर्व सदस्य अंकित सिंह राजपूत ने जेएनटी संस्था और केसीए के प्रयासों को जमकर सराहा। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र के बच्चों के लिए ऐसी लीग कराना तारीफ के काबिल है, क्योंकि यहीं से प्रदेश के लिए क्रिकेट की नई पौध तैयार होती है। वहीं, यूपीसीए के निदेशक रियासत अली और महाराजपुर के एसडीएम विवेक कुमार मिश्रा ने भी इस जमीनी प्रयास की सराहना की। इस दौरान जेएनटी संस्था के निदेशक अशद कमल इराकी ने यूपीसीए से एक खास अपील की। उन्होंने अनुरोध किया कि जूनियर स्तर के इस बेहतरीन टूर्नामेंट को उत्तर प्रदेश के दूसरे जिलों में भी आयोजित कराने के लिए यूपीसीए जेएनटी संस्था को अपना सहयोग दे। ये 12 टीमें दिखाएंगी दम, आज से शुरू हुए मुकाबले इस साल टूर्नामेंट के 14वें सीजन में शहर की 12 मजबूत टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी। इन टीमों में लिवर्पूल, गोल्डी मसाले, पर्फ, प्राइम एन्लायटेन, मेपलवुड, एसएनके, सिग्मा ग्रिपलॉक, ऑलिवर ब्राउन, बालमोल, सोलोवैर यूके, डीकेजी एंटर्टेन्मेंट और स्वस्तिक इंटरनेशनल शामिल हैं। लीग के मुकाबले आज सुबह 6:30 बजे से ही शुरू हो चुके हैं। पहला मैच कानपुर साउथ 'A' मैदान पर गोल्डी मसाले XI और एसएनके XI के बीच खेला जा रहा है, जबकि दूसरा मुकाबला कानपुर साउथ 'B' मैदान पर स्वस्तिक इंटरनेशनल XI बनाम सिग्मा ग्रिपलॉक XI के बीच जारी है। इस बड़े आयोजन के मौके पर कानपुर क्रिकेट जगत से जुड़े कई दिग्गज मैदान पर खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे। कार्यक्रम का सफल संचालन अहमद अली खान (तालिब) ने किया। इस दौरान केसीए अध्यक्ष एसएन सिंह, उपाध्यक्ष संजय तिवारी, जेएनटी संस्था के अध्यक्ष आईएम रोहतगी, निदेशक प्रबोध शर्मा, सचिव संजय शुक्ला, संगठन सचिव अमित मिश्रा, अभिषेक तिवारी और दिनेश सिंह सहित पूरा जेएनटी परिवार मौजूद रहा।
तेज रफ्तार कार तीन बार पलटी:कई दोपहिया वाहन चालक बाल-बाल बचे, राहगीरों ने चालक को सुरक्षित निकाला
कानपुर में तेज रफ्तार का कहर एक बार फिर देखने को मिला। फतेहपुर से कानपुर की ओर आ रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर तीन बार पलट गई और डिवाइडर से टकराकर रुक गई। इस हादसे में आधा दर्जन दोपहिया वाहन चालक बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों की सूझबूझ से कार चालक की जान बच गई। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि रविवार शाम चकेरी के सजीव नगर फ्लाईओवर पर एक कार दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। दुर्घटना के कारण यातायात प्रभावित हुआ, जिसके बाद पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त कार को हटवाकर यातायात सामान्य कराया। पुलिस के अनुसार, चालक की पहचान काकादेव निवासी प्रशांत कुमार के रूप में हुई है। प्रशांत ने बताया कि वह फतेहपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। वापसी के दौरान आगे चल रहे एक ट्रक के अचानक लेन बदलने से बचने के लिए उन्होंने ब्रेक लगाए, जिससे कार अनियंत्रित होकर पलट गई और क्षतिग्रस्त हो गई। इस घटना में प्रशांत को मामूली चोटें आई हैं। उपचार के बाद पुलिस ने उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया। प्रत्यक्षदर्शी राकेश तिवारी और सोनू के अनुसार, फतेहपुर की तरफ से आ रही कार अचानक अनियंत्रित होकर तीन बार पलटी और डिवाइडर से टकराकर रुक गई। मौके पर मौजूद लोगों ने चालक को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
सोनभद्र में सवर्ण आर्मी का प्रदर्शन:राजकुमार भाटी की टिप्पणी पर जताया विरोध
सोनभद्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में सवर्ण आर्मी के सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। रविवार को स्वर्ण जयंती चौक पर एकत्रित होकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया और राजकुमार भाटी के पोस्टर फाड़कर अपना आक्रोश जताया। यह बताया गया कि राजकुमार भाटी ने 5 मई 2026 को दिल्ली के जवाहर भवन में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान परिचर्चा में ब्राह्मण समाज के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी की थी। यह कार्यक्रम डॉ. रफरफ शकील अंसारी और जावेद अनवर द्वारा लिखित पुस्तक 'जाति और साम्प्रदायिकता के विषाणु' के लोकार्पण के अवसर पर आयोजित किया गया था। टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ब्राह्मण समाज में नाराजगी बढ़ गई। देखें, 2 तस्वीरें… प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अशोक दुबे ने कहा कि सपा प्रवक्ता ने ब्राह्मण समाज और विशेष रूप से महिलाओं के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, जिससे समाज आहत हुआ है। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मांग की कि यदि पार्टी वास्तव में ब्राह्मण समाज का सम्मान करती है, तो राजकुमार भाटी को उनके पद से हटाया जाए। दुबे ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में जातिगत विवादों को बढ़ावा देने के बजाय समाज में समानता और भाईचारे का संदेश दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने जोर देकर कहा कि सभी नागरिकों को एक समान अधिकार और सम्मान मिलना चाहिए।
61 लोगों ने किया रक्तदान:मातृ छाया हॉस्पिटल में आईएमए की पहल, गर्मी में बचेंगी जानें
चिलचिलाती गर्मी और इसके बाद आने वाले जून के महीने में अक्सर ब्लड बैंकों में सन्नाटा पसर जाता है। इस मौसम में लोग रक्तदान करने से कतराते हैं, जिसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ता है जिन्हें समय पर खून नहीं मिल पाता। गर्मी के इसी बड़े संकट से निपटने के लिए रविवार (17 मई) को शहर में एक सराहनीय पहल हुई। आईएमए (IMA) चैरिटेबल ब्लड सेंटर की मुहिम पर मातृ छाया हॉस्पिटल में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर लगाया गया, जहां शहरवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अस्पताल के डॉ. शशिकांत मिश्रा की देखरेख में आयोजित इस कैंप में युवाओं से लेकर हर वर्ग के 61 सजग नागरिकों ने उत्साह के साथ अपना खून डोनेट किया। इन 61 यूनिट ब्लड से आने वाले दिनों में कई गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी। जून के 'ब्लड क्राइसिस' को भांपकर उठाया कदम दरअसल, हर साल यह देखा जाता है कि मई और जून के महीनों में शादियों, छुट्टियों और तेज गर्मी के कारण लोग रक्तदान करने कम निकलते हैं। इसके चलते थैलेसीमिया, एक्सीडेंट और डिलीवरी वाले मरीजों के लिए खून का इंतजाम करना तीमारदारों के लिए बेहद मुश्किल हो जाता है। आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर की डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने इसी किल्लत को भांपते हुए शहर के संगठनों और डॉक्टरों से ज्यादा से ज्यादा ब्लड कैंप लगाने की अपील की थी। इसी अपील को अमलीजामा पहनाते हुए मातृ छाया हॉस्पिटल ने इस शिविर का जिम्मा उठाया। 'रक्तदान से कमजोरी नहीं, आती है खुशी' कैंप में खून देने पहुंचे रक्तदाताओं में गजब का उत्साह देखा गया। पहली बार रक्तदान करने आए युवाओं का कहना था कि गर्मी में अक्सर लोग ब्लड डोनेट करने से डरते हैं कि कहीं कमजोरी न आ जाए, लेकिन यह सिर्फ एक भ्रम है। रक्तदान करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, बल्कि यह सोचकर दिली खुशी मिलती है कि हमारे खून की कुछ बूंदें किसी तड़पते हुए मरीज को नया जीवन दे सकती हैं। आईएमए ने जताया आभार, नियमित डोनेशन की मांगशिविर की सफलता के बाद आईएमए चैरिटेबल ब्लड सेंटर की टीम ने सभी 61 रक्तदाताओं और अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। ब्लड सेंटर के पदाधिकारियों ने शहर के अन्य लोगों और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की है कि वे जून के इस संवेदनशील महीने में आगे आएं और नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करते रहें, ताकि शहर के किसी भी अस्पताल में खून की कमी से किसी मासूम या बुजुर्ग की सांसें न थमें।
कानपुर में 6 मोबाइल चोर पकड़े गए:इनमें तीन बाल अपचारी, कानपुर-लखनऊ में दर्ज हैं मुकदमे
कानपुर की चकेरी पुलिस ने रविवार को बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस ने तीन युवकों और तीन बाल अपचारियों सहित कुल छह मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के मोबाइल फोन और नकदी बरामद की गई है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि क्षेत्र में चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान छह संदिग्ध लोग दिखाई दिए। पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो वे भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया। शुरुआत में पूछताछ करने पर आरोपी टालमटोल करते रहे। संदिग्ध लगने पर उन्हें थाने लाकर सख्ती से पूछताछ की गई और उनकी तलाशी ली गई। इस दौरान उनके पास से छह चोरी के मोबाइल फोन और 400 रुपये नकद बरामद हुए। आरोपियों की पहचान झारखंड के साहिबगंज निवासी राजकुमार महतो, जितेंद्र कुमार महतो और बिहार के भागलपुर निवासी गणेश कुमार के रूप में हुई। इनके अलावा तीन बाल अपचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों पर कानपुर, लखनऊ और मथुरा में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे जिन शहरों में काम करने जाते थे, वहां रात में रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वारदात के बाद वे तुरंत उस जिले को छोड़कर दूसरे जिले भाग जाते थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की कार्रवाई की है।
बड़ा चौराहा मेट्रो स्टेशन का नजारा रविवार दोपहर कुछ अलग ही था। टिकट काउंटर, ट्रेन की आवाज और मेट्रो एनाउंसमेंट के बीच यहां सुर, संगीत और कविताओं की महफिल सजी हुई थी। मौका था कानपुर मेट्रो की ‘शो योर टैलेंट’ पहल का, जिसमें ‘अक्षरम्’ संस्था के सहयोग से युवा कलाकारों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम को देखने के लिए यात्री भी रुक गए और पूरे स्टेशन परिसर में तालियों की गूंज सुनाई देती रही। देशभक्ति और भावनाओं से भरी कविताओं ने बांधा समां दोपहर करीब दो बजे शुरू हुए कार्यक्रम में सबसे पहले कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को साहित्यिक रंग दिया। बाल कवि माधवेंद्र ने जब जोश से भरपूर कविता “दुश्मन जब तक नहीं सुनेंगे चेतक वाली टापों को” सुनाई, तो पूरा स्टेशन तालियों से गूंज उठा। इसके बाद कवि शौर्य ने “मेरी रचनाओं का सार तुम हो”, निशांत शुक्ला ने “उनसे बात करना भी सवाल हो गया” और नवीन रत्न ने “मां है तो खुशियों का जहां है” जैसी भावुक रचनाएं प्रस्तुत कर लोगों का दिल जीत लिया। अनिल कुमार और विनय की कविताओं ने भी यात्रियों को काफी प्रभावित किया। पुराने-नए गीतों पर गुनगुनाने लगे यात्री कविताओं के बाद संगीत का दौर शुरू हुआ। गिटार की धुन और मधुर आवाजों ने स्टेशन का माहौल पूरी तरह बदल दिया। “ज़िंदगी के सफर में बहुत दूर तक”, “छूकर मेरे मन को”, “तेरी गलियां” और “तू मेरी जिंदगी है” जैसे गीतों ने यात्रियों को झूमने पर मजबूर कर दिया। कई यात्री गीतों के साथ गुनगुनाते नजर आए। देवांश, अभिषेक, साक्षी, राजा हसन और हिमांशु समेत कई युवा कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से रविवार की दोपहर को यादगार बना दिया। यात्रियों बोले- मेट्रो स्टेशन पर मिला मनोरंजन का नया अनुभव कार्यक्रम में मौजूद यात्रियों ने कानपुर मेट्रो की इस पहल की जमकर सराहना की। उनका कहना था कि आमतौर पर मेट्रो स्टेशन सिर्फ सफर का माध्यम होते हैं, लेकिन इस तरह के आयोजनों से यात्रियों को तनाव से राहत और युवाओं को मंच दोनों मिल रहे हैं। यात्रियों ने कहा कि ‘शो योर टैलेंट’ जैसी पहल ने उनके संडे को सच में ‘फन-डे’ बना दिया।
मुजफ्फरनगर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद तेज:मंत्री कपिल देव ने बुलाई बैठक, कल होगी हाईलेवल समीक्षा
मुजफ्फरनगर को 'स्मार्ट सिटी' के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने शहर के विकास का ब्लूप्रिंट तैयार करने के लिए सभी प्रमुख विभागों की एक बैठक बुलाई है। यह महत्वपूर्ण समन्वय एवं समीक्षा बैठक कल सोमवार, 18 मई को विकास भवन में आयोजित की जाएगी। इसमें नगर पालिका, मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण (MDA), जल निगम, पीडब्ल्यूडी, विद्युत विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के शहरों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। मुजफ्फरनगर को भी इसी तर्ज पर विकसित किया जाएगा, जिसमें बेहतर सड़कें, मजबूत जल निकासी, स्वच्छता, निर्बाध बिजली आपूर्ति, पेयजल और सौंदर्यीकरण जैसे मुद्दों पर तेजी से काम होगा। बैठक के लिए सभी विभागों से प्रगति रिपोर्ट मांगी गई है। विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को चिन्हित कर उनके समाधान के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कार्य समयबद्ध योजना के तहत पूरे किए जाएंगे। इस 'स्मार्ट सिटी मिशन' में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने की भी तैयारी की गई है। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने नागरिकों से अपील की है कि वे शहर की सफाई, ट्रैफिक, बिजली, जलभराव, सड़क और अन्य समस्याओं से जुड़े सुझाव व शिकायतें व्हाट्सएप नंबर 9058939358 पर साझा करें। उन्होंने कहा कि जनता से मिलने वाले सुझावों को विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा, ताकि मुजफ्फरनगर को वास्तव में एक आधुनिक, सुविधायुक्त और व्यवस्थित शहर बनाया जा सके।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में अंशकालिक अनुदेशकों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। जल शक्ति विभाग के राज्य मंत्री दिनेश खटीक, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी और मेरठ-बागपत कॉपरेटिव बैंक के चेयरमैन विमल शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। शुभारंभ के बाद शिवांगी संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने शिव स्तुति पर प्रस्तुति दी। जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह ने मुख्य अतिथि दिनेश खटीक और भूपेंद्र चौधरी का अंग वस्त्र, प्लांटर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। मुख्य विकास अधिकारी ने विमल शर्मा का स्वागत किया। मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल ने जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह का सम्मान किया, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशा चौधरी ने मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल का सम्मान किया। इसके बाद लखनऊ से मुख्यमंत्री के अंशकालिक अनुदेशकों के सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण किया गया। सजीव प्रसारण के पश्चात शिवांगी संगीत महाविद्यालय की छात्राओं ने 'अनोखा भारत' विषय पर एक और प्रस्तुति दी। जिलाधिकारी ने शिवांगी संगीत महाविद्यालय की कथक गुरु श्रीमती रुचि बलूनी को सम्मानित किया। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि दिनेश खटीक ने अंशकालिक अनुदेशकों को मानदेय वृद्धि के लिए बधाई दी। उन्होंने अनुदेशकों को समर्पित भाव से अपने कर्तव्यों का पालन करने और लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया, यह कहते हुए कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने शिक्षा के नए आयामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अनुदेशकों से अपने विद्यालय के प्रति कर्तव्यों को समझने और शिक्षा के पुनीत कार्य में सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के समापन पर मुख्य अतिथि ने अनुदेशकों को अंग वस्त्र, प्रेरक पुस्तकें और चेक वितरित किए।
बलौदाबाजार जिले के लवन थाना क्षेत्र में रविवार को सैकड़ों ग्रामीण लवन थाना पहुंचे। वे लाहौद स्थित शराब भट्टी को बंद करने की मांग कर रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि इस भट्टी के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है और आए दिन विवाद व मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने थाने में एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें लाहौद शराब भट्टी को तत्काल बंद करने की मांग की गई। उनका आरोप है कि यह भट्टी नियमों की अनदेखी कर संचालित की जा रही है। सरपंच किशोर साहू ने आरोप लगाया कि शराब दुकान खुलने के बाद से कर्मचारी ओवररेट पर शराब बेच रहे हैं। इसे लेकर आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। सरपंच साहू ने बताया कि दो दिन पहले गांव के दो युवकों को शराब लेने के दौरान दुकान के अंदर बंद कर पीटा गया। जब उनके परिजनों ने विरोध किया, तो भट्टी से जुड़े लोगों ने उनके साथ भी मारपीट की। इसके बाद ग्रामीणों के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया गया। सरपंच ने यह भी बताया कि अवैध गतिविधियों और ओवररेटिंग की शिकायतें पहले भी लवन थाना और आबकारी विभाग में की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को ग्रामीणों ने एसडीओपी से मिलकर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी दी। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की बातें ध्यानपूर्वक सुनी गई हैं। पुलिस से संबंधित शिकायतों का तत्काल निराकरण किया गया है, जबकि आबकारी विभाग से जुड़ी शिकायतों को संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया है। दूसरी ओर, भट्टी के सेल्समैन युगल यादव ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया। हालांकि, ग्रामीण उनके बयानों से संतुष्ट नहीं दिखे। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है।
राजकीय शिक्षक संघ का 65वां अधिवेशन शुरू:शिक्षकों के सम्मान, नवाचार पर चर्चा, सेवानिवृत्त सम्मानित
राजकीय शिक्षक संघ का 65वां प्रांतीय अधिवेशन रविवार को शुरू हुआ। अधिवेशन के दूसरे दिन उद्घाटन सत्र का आरंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर बागपत के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और सिवालखास के विधायक गुलाम मोहम्मद सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने राजकीय शिक्षकों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को जिस भी कार्य में उनके सहयोग की आवश्यकता होगी, वे सदैव तत्पर रहेंगे। विधायक गुलाम मोहम्मद ने भी अधिवेशन में शिरकत कर शिक्षकों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें उनके कर्तव्यों के प्रति आश्वस्त किया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने राज्यपाल और राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षकों को सम्मान प्रतीक देकर सम्मानित किया। इस दौरान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) धर्मेंद्र भारद्वाज और शिक्षक स्नातक क्षेत्र विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा भी मौजूद रहे। धर्मेंद्र भारद्वाज ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि वे उनकी सभी मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे। अधिवेशन में राजकीय शिक्षक संघ के संविधान के बारे में बी.एन. खरे और उत्तराखंड राज्य से आए सरदार सिंह चौहान ने जानकारी दी। विभिन्न जनपदों से आए सेवानिवृत्त शिक्षकों को विधान परिषद सदस्य श्रीचंद शर्मा ने सम्मानित किया। नामांकन करने वाले सदस्यों ने अपने पद की गरिमा और संघ के प्रति पूर्ण आस्था रखने के संबंध में अपने विचार साझा किए। निर्वाचन से पूर्व ज्ञापन पत्र भी प्रस्तुत किए गए। निर्वाचन और शपथ ग्रहण समारोह बुधवार को आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. विपिन नैनोवि चौधरी, डॉ. आशीष शर्मा, राजेंद्र लोधी, संजीव कालिमान, अनमोल वी भानु प्रकाश, नितिन, राहुल, अनिल और धर्मवीर सहित कई अन्य सदस्यों का सहयोग रहा।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ सरकारी योजना का झांसा देकर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि उसके दस्तावेजों का दुरुपयोग कर फर्जी फर्म खोली गई और बाद में उससे 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगी गई। पुलिस ने रविवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पनकी निवासी ऋषभ, जो शादी-पार्टियों में कैटरिंग का काम करते हैं, ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि कुछ महीने पहले उनकी मुलाकात मनीष नामक युवक से हुई थी। मनीष ने उन्हें बताया कि सरकार की एक योजना के तहत नया बैंक खाता और सिम कार्ड खुलवाने पर हर महीने 5 हजार रुपये खाते में आएंगे। आर्थिक तंगी के कारण ऋषभ आरोपियों की बातों में आ गए। इसके बाद मनीष अपने साथी फिरोज के साथ उन्हें बैंक और सिम विक्रेता के पास ले गया, जहाँ उनका नया सिम कार्ड और बैंक खाता खुलवाया गया। इस दौरान उनके आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज भी ले लिए गए। लगभग एक महीने बाद, ऋषभ को एक कथित वकील के पास ले जाया गया, जहाँ कई अन्य लोग भी मौजूद थे। वहाँ उन्हें चेकबुक और अन्य कागजात दिखाकर कई चेकों तथा एक सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाए गए। जब उन्होंने आपत्ति जताई, तो आरोपियों ने उन्हें धमकाया। आरोप है कि उन्हीं हस्ताक्षरों की नकल कर चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए और उनके नाम पर एम.एस. ट्रेडर्स नामक फर्म संचालित की गई। ऋषभ को आशंका है कि उनके नाम का इस्तेमाल कर बड़े स्तर पर वित्तीय धोखाधड़ी की गई है। जब उन्होंने अपने दस्तावेज, सिम और बैंक संबंधी कागजात वापस मांगे, तो उन्हें रामादेवी चौराहे पर बुलाया गया। वहाँ से उन्हें कार में बैठाकर कोयलानगर ले जाया गया, जहाँ उनके साथ मारपीट की गई। आरोपियों ने ऋषभ से कहा कि यदि उन्हें अपने कागजात वापस चाहिए तो 50 हजार रुपये लेकर आओ, अन्यथा उन्हें जान से मार दिया जाएगा। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि धोखाधड़ी, जालसाजी, रंगदारी, मारपीट और धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
करनाल में लेडी क्लर्क डिंपल अरोड़ा के मर्डर के मामले में रविवार देर शाम पुलिस ने एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद पकड़ लिया। आरोपी के पैर में दो गोली लगी हैं। दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुठभेड़ के बाद एसपी नरेंद्र बिजारणिया के साथ पुलिस की अन्य टीमें इंद्री रोड पर मुठभेड़ वाली जगह पर पहुंचीं। बताया गया है कि पड़ोसी से रंजिश में डिंपल की हत्या की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की। 15 मई की दोपहर को सेक्टर-9 में डिंपल अरोड़ा की घर के बाहर सिर में गोली मारकर हत्या की गई थी। हमलावर बाइक पर आया था। डिंपल अरोड़ा बिजली निगम में क्लर्क के साथ कर्मचारी यूनियन की प्रधान भी थीं। इंद्री रोड पर आरोपी की सूचना मिली जानकारी के मुताबिक, रविवार देर शाम करीब साढ़े 8 बजे सीआईए टीम को सूचना मिली थी कि लेडी क्लर्क डिंपल अरोड़ा की हत्या करने वाला युवक इंद्री रोड पर मौजूद है। टीम मौके पर पहुंची तो एक युवक बाइक से जाता हुआ दिखाई दिया। टीम ने उसे रुकने का इशारा किया। युवक ने तभी बाइक रोककर पुलिस पर फायरिंग कर दी। दो गोलियां लगते ही गिरा युवक जवाबी कार्रवाई करते हुए टीम ने भी गोलियां चलाईं। दोनों तरफ से कई राउंड फायर हुए। आखिर में युवक के पैर में दो गोलियां लगीं। युवक बाइक से सड़क पर ही गिर गया। इसके बाद टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस उसे ट्रॉमा सेंटर ले गई। वहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद डीएसपी राजीव, डीएसपी संदीप, सदर थाना एसएचओ और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
एलेक्जेंडर क्लब में योगांजलि द्वारा 'समर डिलाइट' और 'समर क्वीन' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में महिलाओं ने योग को अपनी जीवनशैली से जोड़ने के साथ-साथ अपनी रचनात्मकता का भी प्रदर्शन किया। योगांजलि की अध्यक्षा ममता श्रीवास्तव ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने ग्रीष्मकाल में स्वस्थ और संतुलित जीवन के लिए योग के महत्व पर मार्गदर्शन दिया और महिलाओं को सकारात्मक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता के दौरान, योगांजलि की सदस्यों ने विभिन्न शीतल पेय पदार्थों के मॉकटेल बनाए। उन्होंने काले अंगूर, आम, मिक्स फ्रूट और पने से तैयार ड्रिंक्स की रेसिपी साझा की। प्रतिभागियों ने अपने स्वाद और प्रस्तुति से सभी को प्रभावित किया, जिसके बाद विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर 'समर क्वीन' का खिताब नरेंद्र सलूजा को प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पिंकी ने किया, जबकि रेनू और विंकी को उनके योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया। योगांजलि का उद्देश्य महिलाओं को नया सीखने, आगे बढ़ने और उनकी छिपी प्रतिभाओं को पहचानने का अवसर प्रदान करना है। यह मंच महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें उत्साह एवं सकारात्मकता के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित करता है। आयोजकों ने भविष्य में भी ऐसे रचनात्मक कार्यक्रमों के आयोजन की बात कही।
बागपत के गांव मवीकलां स्थित द हरी कैसल रिसोर्ट में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित दो दिवसीय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला प्रशिक्षण वर्ग का रविवार को समापन हो गया। इस प्रशिक्षण वर्ग में कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठन की मजबूती, चुनावी रणनीति, जनकल्याणकारी योजनाओं और वैचारिक स्पष्टता पर प्रशिक्षित किया गया। समापन सत्र को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और भारत सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि भाजपा का विस्तार भारत के विकास के साथ जुड़ा हुआ है। उन्होंने जोर दिया कि जब बूथ मजबूत होगा, तो लोकतंत्र मजबूत होगा और इससे देश भी मजबूत होगा। नकवी ने कार्य विस्तार और चुनाव प्रबंधन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भाजपा द्वारा सबसे बड़ा प्रशिक्षण महाअभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश के कई राज्यों में भाजपा और एनडीए गठबंधन की सरकारें सुशासन स्थापित कर रही हैं। मुख्तार अब्बास नकवी ने चुनाव प्रबंधन का मूल मंत्र 'पन्ना प्रमुख' तक की व्यवस्था को सक्रिय करने को बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना का लाभ अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए, यही अंत्योदय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से विपक्ष के दुष्प्रचार का जवाब अपने काम से देने का आह्वान किया। नकवी ने कहा कि आज देश सुरक्षित हाथों में है और यह संदेश हर घर तक पहुंचाना आवश्यक है। नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक मंच पर मजबूत हुआ है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कानून व्यवस्था और विकास का एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इस मॉडल को जनता के बीच ले जाने की जिम्मेदारी सभी कार्यकर्ताओं की है। मुख्तार अब्बास नकवी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन जब उनकी पोल खुलती है तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता। उन्होंने उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव को लेकर भी कहा कि 2027 में भाजपा की सरकार बनने जा रही है, क्योंकि देश का अधिकांश मतदाता भारतीय जनता पार्टी के साथ है।
ऑनलाइन दवाओं की बिक्री के विरोध में विभिन्न केमिस्ट संगठनों द्वारा 20 मई 2026 को प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ ने राज्य में आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। प्रशासन ने कहा है कि आम नागरिकों और मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।राज्य के सभी जिलों में अधिकारियों को जीवनरक्षक दवाओं, आपातकालीन स्वास्थ्य उत्पादों और चिकित्सकीय सामग्री की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही शासकीय जनऔषधि केंद्रों, धन्वंतरी मेडिकल स्टोर्स, सरकारी अस्पतालों, नर्सिंग होम्स और अन्य दवा वितरण केंद्रों के माध्यम से आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। केमिस्ट एसोसिएशन से सहयोग की अपीलखाद्य एवं औषधि प्रशासन ने छत्तीसगढ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन को भी पत्र भेजकर अपील की है कि विरोध कार्यक्रम के दौरान जनहित और मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जरूरी दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बनाए रखने में सहयोग करें। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अनावश्यक दवाओं का संग्रह न करेंप्रशासन ने आम लोगों से अपील की गई है कि वे घबराकर अनावश्यक दवाओं का संग्रह न करें। जिन मरीजों को नियमित दवाएं लेनी होती हैं, वे डॉक्टर की सलाह के अनुसार आवश्यक दवाएं पहले से लेकर रखें। आपात स्थिति में सरकारी अस्पतालों, जनऔषधि केंद्रों और अन्य उपलब्ध मेडिकल स्टोर्स से दवाएं प्राप्त की जा सकेंगी।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर रविवार शाम दतिया में कांग्रेस ने मशाल रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में निकली रैली दारूगर पुलिया से शुरू होकर तिगलिया, टाउनहॉल, पटवा तिराहा होते हुए किला चौक पहुंची। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर जमकर नारेबाजी की। “पेपर लीक से युवाओं का भरोसा टूट रहा” प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक को छात्रों के भविष्य के साथ बड़ा खिलवाड़ बताते हुए कहा कि लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से मेहनत करने वाले युवाओं का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियों के कारण शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की रैली के दौरान नेताओं ने नीट पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की गई। किला चौक पर सभा में दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी किला चौक पर हुई सभा में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय होना जरूरी है। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
लखनऊ में रविवार को को ईद-उल-अज़हा (बकरीद ) का चांद नजर नही आ गया। शिया और सुन्नी दोनों में मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना सैफ अब्बास और सुन्नी मरकज़ी चांद कमेटी के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इसका ऐलान किया।दोनों ही धर्म गुरुओं ने बताया कि 17 मई को चांद नजर नहीं आया। देश के विभिन्न हिस्सों में जानकारी हासिल करने का प्रयास किया गया मगर कहीं चांद नहीं दिखा। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने कहा कि इस्लामिक महीने जिलहिज्ज की पहली तारीख 19 मई 2026 को होगी । इस प्रकार ईद-उल-अजहा (बकरा ईद) 28 मई 2026 को होगी। मौलाना ने बताया कि अरबी कैलेंडर के 12 वें महीने जिल हिज्ज में चांद होता है, जिसके बाद बकरीद मनाई जाती है। बकरीद को लेकर जल्द ही इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया की तरफ से गाइडलाइन जारी करके यह सूचना दिया जाएगा कि कौन से कार्य करने हैं और कौन से नहीं। मौलाना खालिद रशीद ने बताया कि ईदगाह ऐशबाग में सुबह 10 बजे नमाज अदा की जाएगी। सभी लोग समय से ईदगाह पहुंचे और इस्लाम के अनुसार इस त्योहार को मनाएं। मौलाना ने कहा कि यह त्योहार अपनी इच्छाओं को त्यागने का है। कुर्बानी देने का मतलब यही है कि हम मोह माया से दूर रहें और इंसानियत के लिए काम करें लोगों की भलाई करना भूखे लोगों को भोजन कराना , बीमार का इलाज कराना यह सब मानवता के दृष्टिकोण से सबसे अहम है।
सड़क किनारे बेहोश मिले युवक और युवती:देवरिया में इलाज के दौरान युवती की मौत, युवक गोरखपुर रेफर
देवरिया में देवरिया-कसया मार्ग पर भीमपुर गौरा गांव के पास रविवार शाम सड़क किनारे बेहोशी की हालत में मिले एक युवक और युवती में युवती की मौत हो गई। युवक की हालत गंभीर होने पर उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। राहगीरों ने रविवार शाम युवक-युवती को अचेत अवस्था में देखा। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया और युवक को प्राथमिक उपचार के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मृतका की पहचान अंशु यादव (19) निवासी पकहा गांव, थाना बघौचघाट के रूप में हुई है। वह पिछले चार वर्षों से पथरदेवा कस्बे के संगम मोहल्ला स्थित अपनी बहन के घर रह रही थी। उसके बहनोई का नाम सुजीत उर्फ कुनाल यादव है। घायल युवक की पहचान विशाल सोनकर (22) पुत्र धर्म सोनकर निवासी वार्ड नंबर नौ, संगम मोहल्ला, पथरदेवा थाना तरकुलवा के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही दोनों पक्षों के परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। पुलिस ने युवती के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, युवक-युवती के बीच प्रेम प्रसंग की चर्चा है। बताया जा रहा है कि दोनों एक-दूसरे को जानते थे और उनके परिवार इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामला प्रथम दृष्टया संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और युवक के होश में आने के बाद उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
'अचानक से कोच में आग लग गई, सभी लोग चिल्लाने लगे- जल्दी निकलो, जल्दी निकलो। हम लोग आवाज सुनकर उठे। कोच में धुआं ही धुआं भर गया था। सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। बच्चों को उठाकर किसी तरह कोच से बाहर निकले। इसी अफरा-तफरी में एक बड़ा और एक छोटा बैग कोच में ही रह गया। दोनों जल गए। बैग में कपड़े और जरूरी सामान रखा था।' यह कहना है बी-1 कोच में सफर कर रही मीरा यादव का। मीरा अपने पति और दो बच्चों के साथ बड़ौदा से दिल्ली जा रही थीं। त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) से हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली) जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) में आग लग गई थी। हादसा रविवार सुबह करीब 5.15 बजे कोटा मंडल के लूणी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट (मध्य प्रदेश) स्टेशन के बीच हुआ। आग ट्रेन के कोच नंबर B-1 और उसके पीछे लगे सेकेंड लगेज कम गार्ड वैन में लगी थी। घटना में जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन लोगों के डॉक्यूमेंट्स, मोबाइल, गहने, जूते-चप्पल और कपड़े जल गए। कोच से निकलने की जद्दोजहद में कुछ यात्री चोटिल भी हुए। वहीं रेलवे ने घटना की जांच के लिए 6 मेंबर की उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। एक घंटे तक कोटा स्टेशन पर यात्रियों ने किया हंगामा ट्रेन के कोटा पहुंचने पर कुछ यात्रियों कीआंखों में आंसू थे, तो कुछ के मन में खौफ। यात्रियों ने रेलवे की व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। यात्रियों का कहना था कि धुआं उठने के मात्र 15 से 20 मिनट बाद ही कोच पूरी तरह जल गए। जैसे-तैसे बाहर निकलकर अपनी जान बचाई, लेकिन कोच से सामान निकालने का समय नहीं मिल सका। दमकल की गाड़ियां भी आग लगने के दो-तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचीं। कोटा स्टेशन पहुंचने पर यात्रियों ने नुकसान की भरपाई और मुआवजे की मांग की। करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा। रेलवे प्रशासन ने कोच में सवार यात्रियों को सहायता के तौर पर 5-5 हजार रुपए का लिफाफा दिया। यात्रियों की जुबानी, हादसे की कहानी… झाड़ियों में कूदकर बचाई जान गोवा से दिल्ली जा रही यात्री विरमति ने बताया- हम कोच में सो रहे थे। इसी समय एक अंकल टॉयलेट जाने के लिए उठे थे, उन्हें कोच से धुआं उठता दिखाई दिया। अंकल ने सभी को आग के बारे में बताया। तब तक रेलवे के किसी स्टाफ ने आकर हमें सूचना नहीं दी थी। हम जान बचाने के लिए तुरंत कोच से नंगे पैर ही बाहर की तरफ भागे। ट्रैक के आसपास खेत, कांटे और झाड़ियां उगी हुई थीं, हम उन्हीं झाड़ियों में कूद गए। हमारा सारा सामान कोच में ही रह गया और सबकुछ जलकर राख हो गया। बैग में 25-30 हजार रुपए नकद भी रखे थे। इस हादसे में हमारा करीब 70-80 हजार रुपए का नुकसान हुआ है। 3 घंटे देरी से पहुंची दमकल, तब तक जलकर राख हो चुका था जनरेटर यान बारां जिले के अंता निवासी मोईज बोहरा भी इसी कोच में सूरत से कोटा आ रहे थे। मोईज ने बताया- सुबह 5 बजे अचानक कोच में धुआं दिखाई दिया। उस वक्त सब लोग नींद में थे। देखते ही देखते कोच में भगदड़ मच गई। यात्री अपना सामान कोच में ही छोड़कर नीचे उतरने लगे और खेतों में जाकर बैठ गए। दमकल की गाड़ियां भी घटना के करीब दो से तीन घंटे बाद सुबह 8 बजे मौके पर पहुंचीं। तब तक कोच और जनरेटर यान (एसएलआर कोच) पूरी तरह जल चुके थे। लोगों का सारा सामान और मोबाइल जलकर राख हो गया। भागते समय पैरों में चप्पल तक नहीं रही, खेतों की तरफ भागे तो पैरों में कांटे चुभ गए। अचानक सायरन बजा, तब हमारी आंख खुलीसंजू मिश्रा भी अपने पति व बच्चों के साथ सूरत से दिल्ली जा रही थीं। संजू ने बताया- अचानक एसएलआर (SLR) कोच की तरफ से धुआं उठता दिखाई दिया। देखते ही देखते बी-1 कोच में धुआं भरने लगा। जब एकदम से सायरन बजा, तब हमारी आंख खुली। पूरे डिब्बे में धुआं-धुआं हो रहा था। हम लोग बच्चों को लेकर तुरंत बाहर निकले। हमारे बाहर निकलने के मात्र 15-20 मिनट में ही पूरा डिब्बा जलने लगा। बैग में 25 हजार रुपए नकद और सोने का मंगलसूत्र, कान के झुमके व अंगूठी रखी थी। बच्चों, पति और मेरे कपड़े भी उसी में थे। हमारी चप्पलें भी कोच में ही छूट गईं और जलकर राख हो गईं। कल ही खरीदा था मोबाइल, आज आग की भेंट चढ़ गया महाराष्ट्र निवासी प्रीति चौहान अपने पति और बच्चों के साथ कश्मीर घूमने जा रही थीं। प्रीति ने बताया- हमने घूमने के लिए बहुत सारा सामान पैक किया था, जो कुल चार बैग (लगेज) में था। कोच में आग लगने के बाद हम किसी तरह सिर्फ एक बैग ही बाहर निकाल सके, बाकी के तीन बैग कोच में सीट के नीचे ही रह गए। हमारी प्राथमिकता बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी, इसलिए सामान पीछे छूट गया। कल ही मैंने एक नया मोबाइल खरीदा था, वह भी कोच में जलकर राख हो गया। एक घंटे तक किसी ने सुनवाई नहीं की पलवल से दिल्ली जा रहे यात्री दुष्यंत ने बताया- बैग में हमारे डॉक्यूमेंट्स, एजुकेशन के कागज और लैपटॉप था, जो सब जल गए। हमसे कहा गया था कि कोटा पहुंचने पर FIR दर्ज होगी, लेकिन यहां एक घंटे तक किसी ने सुनवाई नहीं की और न ही FIR काटी गई। FIR के आधार पर ही हम दोबारा अपने दस्तावेज़ निकलवा सकते हैं। हमने फिलहाल आवेदन (एप्लीकेशन) दे दिया है। मैं दौड़कर ट्रेन से कूदा, दोनों पैरों में चोट अमनदीप ने बताया- मैं मुंबई से दिल्ली जा रहा था। तड़के 5 बजे के आसपास कोच से धुआं उठने लगा। धुआं देखते ही कोच में अफरा-तफरी मच गई और लोग जैसे-तैसे बाहर निकलने लगे। अमन ने बताया- मैं दौड़कर ट्रेन से कूदा, जिससे मेरे दोनों पैरों में चोट आई है। मेडिकल सुविधा के नाम पर मौके पर कोई व्यवस्था नहीं मिली। आग लगने के कारण ट्रेन के ऊपर से गुजर रहा बिजली का तार (OHE) भी टूट गया था। रेलवे की टीम ने प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग किया और यात्रियों को दूसरे कोच में बैठाकर कुछ घंटों बाद कोटा के लिए रवाना किया। अलार्म काफी देर बाद में बजा रत्नगिरी से दिल्ली जा रहे यात्री शहजाद ने बताया- कोच में सब सो रहे थे। तभी एक अंकल को धुआं दिखाई दिया। उन्होंने शक जताया कि कोच में धुआं कहां से आ रहा है, जिसके बाद धीरे-धीरे सबको पता चला कि आग लग गई है। अगर उस दौरान थोड़ी भी आग बढ़ जाती तो भारी भगदड़ मच जाती। धुआं उठने के बाद हल्की आग दिखी और ट्रेन रुक गई। अलार्म काफी बाद में बजा। लोगों को पकड़-पकड़कर बाहर निकाला कोच में सेना (आर्मी) के 2 जवान भी सफर कर रहे थे, जो छुट्टी पर त्रिवेंद्रम से दिल्ली जा रहे थे। जवान जितेंद्र ने बताया- आग लगने के बाद लोग जान बचाने के लिए बाहर भागने लगे। कई लोगों के सामान और सूटकेस सीट के नीचे ही रह गए। आग तेजी से बढ़ रही थी। हमने बड़ी मुश्किल से लोगों को पकड़-पकड़कर बाहर निकाला। इस दौरान मेरे पैर में चोट लगी और शर्ट पूरी काली हो गई। मेरा बैग कोच में ही रह गया और पूरा जल गया। फायर सिलेंडर नहीं कर रहा था काम जवान अरुण भट्ट ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बताया- कोच के अंदर फायर सिलेंडर (अग्निशमन यंत्र) मौजूद था, लेकिन वह काम नहीं कर रहा था, जिससे आग नहीं बुझाई जा सकी। 6 मेंबर की बनाई कमेटी ट्रेन नंबर 12431 तिरुवनंतपुरम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के कोच में आग लगने की घटना की जांच के लिए पश्चिम-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक ने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी मनोज गुरुमुखी के निर्देशन में गठित 6 सदस्यीय समिति में मुकेश, एम. विजय कुमार, एन.एस. प्रसाद, महेन्द्र सिंह और राजीव कुमार शामिल हैं। --- यह खबर भी पढ़िए-त्रिवेंद्रम-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस के 2 कोच में आग लगी:गार्ड ने लोको पायलट को सूचना दी, 15 मिनट में 68 यात्री बाहर निकाले; सभी सुरक्षित कोटा मंडल में त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस (12431) के 2 कोच में आग लग गई। हादसा रविवार सुबह करीब 5.15 बजे कोटा मंडल के लूणी रीछा-विक्रमगढ़ आलोट (मध्य प्रदेश) स्टेशन के बीच हुआ। आग ट्रेन के कोच नंबर B-1 और उसके पीछे लगे सेकेंड लगेज कम गार्ड वैन में लगी थी। हादसे की जानकारी के बाद कोटा जंक्शन पर हूटर बजने लगे। राहत और बचाव टीम मौके के लिए रवाना हुई। पढ़ें पूरी खबर
महोबा के कुलपहाड़ कोतवाली क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेलाताल गांव में सरकारी बंटवारे के बावजूद, बड़े भाई ने अपने परिवार के साथ मिलकर सगे छोटे भाई और उसकी पत्नी पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना नयापुरा मोहल्ले में हुई, जहां धन्नी रैकवार और उनके दो भाइयों के पास करीब 12 बीघा जमीन है। प्रशासन की मौजूदगी में इस जमीन का सरकारी बंटवारा पहले ही हो चुका था, जिसके तहत तीनों भाइयों को लगभग पौने चार-पौने चार बीघा जमीन मिली थी। आरोप है कि धन्नी का बड़ा भाई छिद्दी रैकवार जमीन के सामने वाले कीमती हिस्से को जबरन हड़पना चाहता था। बीती 13 मई को जब धन्नी ने अपने हिस्से के खेत को जोता, तो बड़ा भाई छिद्दी रैकवार आगबबूला हो गया। इसके अगले दिन, 14 मई को छिद्दी रैकवार ने अपनी पत्नी जस्सी, बेटे मलखान और बहू विमला के साथ मिलकर धन्नी के घर पर धावा बोल दिया। खाना खा रहे धन्नी और उनकी पत्नी को घर के भीतर बेरहमी से पीटा गया और कुल्हाड़ी से जानलेवा हमला किया गया। धन्नी के सिर पर कुल्हाड़ी से गहरा वार किया गया है, जिससे उन्हें कई टांके आए हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। चीख-पुकार सुनकर दौड़े ग्रामीणों ने दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उन्हें महोबा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दिल्ली से लौटे पीड़ित के बेटे ने पुलिस पर मामूली धाराओं में केस दर्ज करने का आरोप लगाया है। घटना की खबर मिलते ही दिल्ली में रहकर मजदूरी करने वाला धन्नी का इकलौता बेटा मनोज और बेटी आरती गाँव पहुँचे। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी अब उनके बेटे को भी जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। परिजनों ने कुलपहाड़ पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इतनी बड़ी वारदात के बाद भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बेहद मामूली धाराओं में केस दर्ज किया है। कुलपहाड़ कोतवाली प्रभारी विनोद सिंह ने बताया- दो पक्षों के बीच मारपीट का मामला सामने आया था पीड़ित की तहरीर पर मुख्य आरोपी छिद्दी रैकवार, उसकी पत्नी जस्सी, बेटे मलखान और बहू विमला समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
हरदोई में रविवार शाम रसखान प्रेक्षागृह में अनुदेशक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। यह समारोह अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये किए जाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। जनपद में कार्यरत कुल 942 अनुदेशकों में से 20 को मंच पर प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया। समारोह में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती, विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू और नगर पालिका परिषद हरदोई के अध्यक्ष सुखसागर मिश्र मधुर भी उपस्थित रहे। मुख्य विकास अधिकारी नेहा ब्याडवाल और ज्वाइंट मजिस्ट्रेट संस्कृति त्रिवेदी भी कार्यक्रम में मौजूद थीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और पौधे भेंटकर स्वागत किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के सजीव प्रसारण के उपरांत, मुख्य अतिथि रजनी तिवारी और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने चयनित अनुदेशकों को बढ़ी हुई मानदेय राशि के प्रतीकात्मक चेक वितरित किए। अपने संबोधन में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने जनपद के शैक्षिक वातावरण को बेहतर बनाने के लिए विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की सराहना की। उन्होंने परिषदीय विद्यालयों के संचालन में अनुदेशकों के प्रयासों और उनके संघर्षों की प्रशंसा की। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने शिक्षकों से जनसामान्य और अभिभावकों का सहयोग लेकर शैक्षिक अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा के लिए अनुदेशकों के प्रयासों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अनुदेशकों को मानदेय वृद्धि के लिए बधाई दी। इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी प्रभास कुंवर श्रीवास्तव, अनिल कुमार झा, राम कुमार द्विवेदी, डॉ. सुनील कुमार सिंह, राजेश कुमार, डी.एल. राणा, राजेश राम, संतोष कुमार सिंह और जिला समन्वयक ब्रज भूषण मिश्र सहित विभिन्न विकास खंडों के अनुदेशक और कार्यालय स्टाफ के सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
खंडवा के बड़गांव भीला रोड़ पर शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। कोचिंग से घर लौट रहे छात्र और छात्रा की स्कूटी अचानक अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे नाले में जा गिरी। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों छात्र पुलिया से नीचे गिरते दिखाई दे रहे हैं। घटना के दौरान छात्र रोड़ पर गिरा और छात्रा नाले में गिरते हुए पुल से लटक गई। पुलिया की गहराई कम होने से दोनों की जान बच गई। हालांकि लड़के के पैर में चोट आई है, जबकि पीछे बैठी छात्रा भी स्कूटी समेत नीचे गिर पड़ी थी। इसके बाद युवक ने छात्र को हाथ देकर बाहर निकाला। पुलिया के आसपास मौजूद लोगों और राहगीरों ने दोनों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। देखें तस्वीरें सीसीटीवी में स्कूटी फिसलते हुई दिखाई दी सामने आए वीडियो में दिखाई दे रहा है कि छात्र और छात्रा स्कूटी से अपने घर की ओर जा रहे थे। दोनों कोचिंग गए हुए थे। जैसे ही वे बड़गांव भीला रोड़ स्थित पुलिया से गुजर रहे थे, स्कूटी अचानक असंतुलित हो गई और सीधे पुलिया के नीचे जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में काफी मशक्कत के बाद स्कूटी को नाले से बाहर निकाला गया। सुरक्षा इंतजाम नहीं, पहले भी हो चुके हादसे स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पुलिया पर सुरक्षा के लिहाज से न तो जाली लगाई गई है और न ही किनारों पर मजबूत दीवार बनाई गई है। इसी कारण यहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। लोगों ने प्रशासन से पुलिया पर सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई बड़ा हादसा न हो। पास की कॉलोनी के रहने वाले हैं छात्र-छात्रा जानकारी के मुताबिक घायल छात्र और छात्रा पास ही की बजरंग नगर कॉलोनी के निवासी हैं। दोनों शनिवार सुबह कोचिंग से पढ़कर घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर थाना मोघट रोड़ पुलिस भी मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से स्कूटी को नाले से बाहर निकाला गया।
शाजापुर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के विरोध में रविवार शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आजाद चौक पर प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम अपने तय समय से करीब एक घंटा देरी से शुरू हुआ और कार्यकर्ताओं की संख्या भी कम ही नजर आई। शाम साढ़े सात बजे कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बैनर जलाकर अपना विरोध जताया, हालांकि बैनर जलाने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रदर्शन के दौरान मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग की। शहर के कई कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की गैर-मौजूदगी के चलते यह विरोध प्रदर्शन छोटे स्तर पर ही सिमटा रहा। पटाखा फैक्ट्री हादसे के मृतकों को दी श्रद्धांजलि विरोध प्रदर्शन के साथ ही कार्यकर्ताओं ने देवास की पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को याद किया। उन्होंने मोमबत्ती जलाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान दो मिनट का मौन रखने की बात कही गई थी, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद कार्यकर्ता ओम शांति बोलकर मौन समाप्त कर आगे बढ़ गए। नेताओं ने सरकार को घेरा जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप ने कहा कि पिछले 9 सालों में यह चौथी बार है जब पेपर लीक हुआ है। इससे 22 लाख छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह नाकाम रही है। आशुतोष शर्मा ने कहा कि पेपर लीक होना युवाओं की मेहनत और उनके सपनों पर बड़ा प्रहार है। छात्र सालों तक तैयारी करते हैं और ऐसी घटनाएं उन्हें तोड़ देती हैं। सीताराम पवैया ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस देश के प्रधानमंत्री की डिग्री पर ही सवाल हों, वहां शिक्षा व्यवस्था से क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल नीट के पेपर बाजार में लीक हो रहे हैं, जिससे लाखों छात्रों को नुकसान हो रहा है।
आगरा में बाइक सवार बदमाश बेखौफ हैं। न्यू आगरा थाने से चंद कदमों की दूरी पर बदमाशों ने फल खरीद रही महिला के गले से झपट्टा मारकर चेन तोड़ ली। इसके बाद बदमाश आराम से वहां से भाग निकले। पीड़िता ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी से आरोपियों की तलाश कर रही है। थाना न्यू आगरा के इंजीनियर्स कॉलोनी निवासी रीमा चौहान अपने बच्चे को लेकर रात में न्यू आगरा के पास हाईवे की सर्विस रोड पर फल और अन्य सामान खरीदने आई थीं। थाने से थोड़ी दूर पर ठेल पर केले खरीद रहीं थीं। इसी दौरान एक बाइक पर दो युवक पीछे से आए। झपट्टा मारकर रीमा के गले से चेन तोड़ ली और भाग गए। वहां मौजूद लोगों ने पीछा किया पर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया पर सफल नहीं हो सके। पीड़िता ने थाना न्यू आगरा पर शिकायत की है। थाना प्रभारी न्यू आगरा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है। भीड़ के बाद भी भाग निकले थाना न्यू आगरा के आसपास कई रेस्टोरेंट और खाने के सामान की ठेलें लगती हैं। इसके साथ ही थोड़ी दूर पर सब्जी और फलों की ठेल खड़ी होती हैं। यहां पर अक्सर भीड़ रहती है। ऐसे में बेखौफ बदमाश वारदात को अंजाम देकर भागने में सफल रहे। थाने के बराबर में अराजक तत्वन्यू आगरा थाने के बराबर और पास में रेस्टोरेंट हैं। यहां पर देर रात तक अराजक तत्वों का जमावड़ा रहता है। आए दिन झगडे़ भी होते हैं, लेकिन पुलिस फिर भी यहां पर पुलिस की सख्ती नहीं बरती जाती।
मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना नवीगंज क्षेत्र के ग्राम जरामई के समीप शाम करीब 7 बजे हुई। हाजीपुर निवासी राजवीर पुत्र राम सिंह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ नवीगंज क्षेत्र से काम निपटाकर अपने गांव लौट रहे थे। ग्राम जरामई के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। इस टक्कर में राजवीर के पैर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनकी पत्नी को भी चोटें लगी हैं। घटना के बाद, 108 एंबुलेंस की सहायता से दोनों घायलों को जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उनका उपचार जारी है। राजवीर ने बताया कि वे अपनी पत्नी के साथ नवीगंज में काम से गए थे और लौटते समय यह हादसा हुआ। उन्होंने अपने परिजनों को भी घटना की जानकारी दी थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्राम रथ अभियान के तहत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्रामीणों से संवाद किया। यह संवाद विभिन्न जिलों में आयोजित ग्राम रथ संध्या चौपाल कार्यक्रमों के दौरान हुआ। उदयपुर जिले की छह विधानसभा क्षेत्रों की विभिन्न ग्राम पंचायतों में मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण किया गया। ग्रामीणों ने इस प्रसारण को ध्यानपूर्वक सुना। उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की तितरड़ी पंचायत मुख्यालय पर भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा, समाजसेवी गजपाल सिंह राठौड़, भाजपा मंडल अध्यक्ष कमलेश शर्मा, भाजपा नेता श्याम सुंदर शर्मा और राजेंद्र सिंह तितरड़ी सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने ग्राम रथ अभियान को सरकार और ग्रामीणों के बीच संवाद का एक प्रभावी माध्यम बताया।

