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टोहाना में ड्राइफ्रूट व्यापारी से डेढ़ लाख रुपए लूटे:पिस्तौल की नोक पर ले गए रुपए; फायरिंग कर बोले-कल फिर आएंगे

फतेहाबाद जिले के टोहाना शहर के डांगरा रोड पर स्थित ड्राई फ्रूट के थोक विक्रेता गौरव ट्रेडिंग कंपनी की दुकान पर बुधवार देर शाम लूट की घटना हुई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने पिस्तौल की नोक पर करीब डेढ़ लाख रुपये नकद लूट लिए। जाते समय आरोपियों ने दुकान पर फायरिंग भी की और शुक्रवार को फिर से आने की धमकी दी। इस दौरान, दुकान के बाहर काम कर रहे कर्मचारी करमजीत को बदमाशों ने पिस्तौल के पिछले हिस्से से मारा, जिससे उसके हाथ में चोट आई। मामले की सूचना पुलिस डीएसपी उमेद सिंह, सीआईए, शहर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पूर्व मंत्री देवेंद्र बबली और विधायक परमवीर सिंह ने भी दुकानदार का हालचाल जाना। स्पलेंडर बाइक पर आए तीन युवक दुकानदार धीरज मेहता ने बताया कि वह अपनी दुकान में काम कर रहे थे, तभी अचानक स्पलेंडर बाइक पर तीन युवक आए। उन्होंने पिस्तौल तानकर रुपयों की मांग की और गल्ले से करीब डेढ़ लाख रुपये निकाल लिए। जाते समय आरोपियों ने दुकान की तरफ फायरिंग की और खुद को 'बच्ची गैंग' से संबंधित बताते हुए शुक्रवार को फिर से आने की धमकी दी। आरोपी बोले-फिरौती लेने आए हैं दुकान के कर्मचारी करमजीत ने बताया कि जब वह दुकान के बाहर काम कर रहा था, तो उसने बदमाशों से पूछा कि उन्हें क्या चाहिए। इस पर उन्होंने कहा कि वे फिरौती लेने आए हैं और उसे पीछे हटने के लिए कहकर उसके हाथ पर चोट मार दी। पुलिस की चार टीमें गठित की डीएसपी उमेद सिंह ने बताया कि धीरज मेहता की दुकान से तीन आरोपी फायरिंग कर करीब डेढ़ लाख रुपये लूट ले गए हैं। पुलिस ने आरोपियों को जल्द पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की हैं। आरोपियों ने खुद को किसी गैंग से संबंधित बताया है। उम्मीद है, जल्द ही आरोपी पकड़े जाएंगे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:17 am

इंदौर में किन्नर सपना गुरु ने इच्छा मृत्यु मांगी:राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर को लिखे पत्र; पुलिस पर साजिश के आरोप

इंदौर के नंदलालपुरा क्षेत्र से जुड़े किन्नर गुरु सपना पर दो साल पुरानी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। जेल से छूटने के बाद दर्ज हुई एफआईआर को लेकर किन्नर गुरु ने राष्ट्रपति, मुख्यमंत्री, पुलिस कमिश्नर समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखे हैं। इन पत्रों में इच्छा मृत्यु की मांग करते हुए सीधे तौर पर कुछ पुलिस अधिकारियों के नाम भी लिखे हैं और उन्हें साजिश में शामिल बताया है। पत्र में सपना ने आरोप लगाया है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उनकी ओर से की गई शिकायतों पर कोई जांच नहीं की गई। हालाकि पंढरीनाथ में दर्ज हुए प्रकरण में किन्नर सपना की अभी गिरफ्तारी नही हुई है। बिना जांच दर्ज हुई एफआईआर, जान का खतरा बताया पंढरीनाथ थाना पुलिस द्वारा सपना किन्नर पर एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद सपना ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को एक पत्र सौंपा है। इसमें सपना ने बताया कि उसकी लगातार रैकी करवाई जा रही है और उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। सपना का आरोप है कि एमआर-10 क्षेत्र में उनके घर के आसपास संदिग्ध लोग घूमते देखे गए हैं। सपना ने पत्र में यह भी कहा कि पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज कराया गया। 21 जनवरी को जेल से रिहा होने के बाद 24 जनवरी को हीरानगर थाने और 27 जनवरी को स्वयं पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी थी कि बिना जांच उनके खिलाफ किसी भी तरह की एफआईआर दर्ज न की जाए, इसके बावजूद 29 जनवरी को मामला दर्ज कर लिया गया। जांच नहीं हुई तो कोर्ट गईं, फिर भी नहीं मिली राहत सपना ने बताया कि करीब 20 से अधिक शिकायतें पूरे सबूतों के साथ पुलिस को दी थीं, लेकिन किसी पर भी जांच नहीं की गई। परेशान होकर 11 नवंबर को कोर्ट के माध्यम से याचिका दायर की थी, जिसमें पुलिस को 30 दिन के भीतर जांच कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए थे। आरोप है कि उस आदेश का भी पालन नहीं किया गया। सपना का कहना है कि उसके खिलाफ लगातार किसी न किसी तरह की साजिश रची जा रही है, जिससे उनका जीना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने पत्रों में इच्छा मृत्यु की अनुमति देने की मांग की है। सपना गुरु को लेकर किन्नरों ने किया था विरोध गौरतलब है कि इससे पहले नंदलालपुरा क्षेत्र में किन्नरों ने सपना किन्नर और राजा हाशमी पर प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए सामूहिक आत्महत्या का प्रयास किया था। इसके बाद सपना पर एफआईआर दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था। फिलहाल सपना दो माह से अधिक समय से फरार हैं। इस मामले में सपना के साथ एक मीडियाकर्मी अक्षय कुमायू को भी आरोपी बनाया गया था, जो अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। यह खबर भी पढ़ें… 1. जेल से आते ही सपना गुरू पर एक और एफआईआर:जमानत पर बाहर आने पर 2 साल पुराने मामले में पुलिस ने बनाया आरोपी 2. इंदौर में 24 किन्नरों ने एक साथ जहर पीया:सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में 24 किन्नरों ने एक साथ जहर पी लिया। सभी को एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दो गुटों में आपसी विवाद के कारण ऐसा करना बताया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:15 am

कमला नेहरू हॉस्पिटल में नई तकनीक से कैंसर इलाज:यूपी में गॉल ब्लैडर कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा, हॉस्पिटल में रोजाना आते हैं 700 पेशेंट

प्रयागराज के कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल में कैंसर के मरीजों का इलाज बड़ी संख्या में किया जाता है। इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. दक्ष चंद्रा ने बताया कि कैंसर थेरेपी में अब रीसेंट एडवांसेज ने मरीजों की जिंदगी आसान बना दी है। मिनिमली इन्वेसिव ट्रीटमेंट्स से लिवर, हेड एंड नेक, पैंक्रियाटिक कैंसर जैसे घातक रोगों का इलाज होल सर्जरी के जरिए हो रहा है। सिर्फ 4-5 एमएम का छोटा सा कट लगता है जो जल्दी भर जाता है। मरीज अगले ही दिन घर लौट जाते हैं। उन्होंने कहा ये तकनीकें पेशेंट्स के लिए वरदान हैं। प्रयागराज जैसे शहर में ये सुविधाएं उपलब्ध हैं जो मरीजों को बड़ा फायदा देती हैं। हॉस्पिटल स्टे कम होने से एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल घटता है और मरीज जल्दी अपनों के पास पहुंच जाते हैं। यूपी में सबसे ज्यादा गॉल ब्लैडर कैंसर उत्तर प्रदेश में कैंसर के मरीजों में गॉल ब्लैडर कैंसर सबसे ऊपर है। इसके बाद ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, लिवर कैंसर, बोन और सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर के केस आते हैं। डॉ. चंद्रा के मुताबिक इनका इलाज अब हाई-टेक तरीके से हो रहा है। लिवर कैंसर पर तकनीकें लिवर कैंसर के लिए माइक्रोवेव एब्लेशन, रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन, क्रायोथेरेपी और इररिवर्सिबल इलेक्ट्रोपोरेशन जैसी मिनिमली इन्वेसिव होल सर्जरी की जा रही है। सीटी स्कैन या सोनोग्राफी गाइडेंस में ये प्रक्रियाएं होती हैं। मरीज अगले दिन डिस्चार्ज हो जाता है। इसके अलावा एंडोवस्कुलर तकनीक से खून की नसों के रास्ते ट्यूमर में डायरेक्ट हाई-ग्रेड कीमोथेरेपी दी जा रही है। सिस्टेमिक साइड इफेक्ट्स कम, क्योंकि ड्रग सीधे ट्यूमर की आर्टरी में जाती है और उसे ब्लॉक कर दिया जाता है। ट्यूमर धीरे-धीरे मर जाता है। एक्सरे, सोनोग्राफी या सीटी स्कैन से गाइडेड ये ट्रीटमेंट रिस्पॉन्स बेहतर देते हैं। ट्यूमर बोर्ड टीमवर्क से तय होता है प्रोटोकॉलकैंसर विभाग में मरीज पहले सर्जरी या मेडिकल ऑन्कोलॉजी में जाते हैं। फिर ट्यूमर बोर्ड मीटिंग होती है, जहां सर्जन, रेडिएशन, कीमो और इंटरवेंशन रेडियोलॉजिस्ट साथ बैठते हैं। इंटरनेशनल गाइडलाइंस के मुताबिक ट्रीटमेंट प्लान बनता है- पहले सर्जरी, कीमो या एंसिलरी प्रोसीजर। स्क्रीनिंग प्रोग्राम से शुरुआत हॉस्पिटल में गॉल ब्लैडर, ओरल और ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम शुरू हो चुका है। सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई से स्टेज पता चलता है और प्रोटोकॉल तय होता है। यूपी में ये कैंसर हाई नंबर में हैं इसलिए शुरुआती जांच पर जोर। हॉस्पिटल में रोजाना 650-700 कैंसर मरीज आते हैं। ये ट्रस्ट हॉस्पिटल है, सीएमओआर और आयुष्मान भार त योजनाओं से बेस्ट ट्रीटमेंट कम खर्च में मिलता है। हम कॉस्ट-इफेक्टिव मेथड्स से मरीजों की मदद कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:14 am

आधी रात को भाजपा विधायक का थाने पर छापा:कांग्रेस विधायक ने अफसर को कहा- जेल भेज दूंगा; सिंधिया ने खीर खा रहे नेता को टोका

मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अचानक थाने पहुंच गए विधायक, सोते मिले पुलिसकर्मीविदिशा जिले के सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा आधी रात को अपने क्षेत्र के आनंदपुर थाने पहुंच गए। वहां उन्होंने देखा कि पूरा थाना ही गहरी नींद में था। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो विधायक ने खुद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा किया है। विधायक ने खुद थाने का गेट खोला और अंदर दाखिल हुए। थाने में तैनात पुलिसकर्मी सोते मिले, जबकि थानेदार मौके पर मौजूद नहीं थे। विधायक ने पूरे थाने का मुआयना किया और एक-एक कमरे में गए, लेकिन सो रहे सिपाही की नींद तक नहीं खुली। बाद में विधायक ने खुद सिपाही को जगाया और पूछा- मुझे पहचानते हो? मैं विधायक हूं। अपने थानेदार को बुलाइए। थानेदार के पहुंचने पर विधायक ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में कोई भी थाने में घुसकर लूटपाट कर सकता है और यहां रखे हथियार तक ले जा सकता है। उन्होंने इस मामले की शिकायत एसपी और एसडीओपी से करने की बात कही। खास बात यह है कि भले ही कुछ लोग इसे विधायक का पब्लिसिटी स्टंट बता रहे हों, लेकिन सच यह भी है कि नेता जी ने पुलिस की लापरवाही उजागर करने के साथ-साथ अपनी ही सरकार में कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। कांग्रेस विधायक की अफसर को जेल भेजने की चेतावनीश्योपुर से कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल ने शिवराज सिंह चौहान को चेतावनी दी है कि वे उन्हें जेल भेज देंगे और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे। ये वाले शिवराज सिंह चौहान कोई केंद्रीय मंत्री नहीं, बल्कि श्योपुर नगर पालिका के अकाउंटेंट हैं। दरअसल, नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों को पिछले तीन–चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। इसी वजह से कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी। वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। इस दौरान कांग्रेस विधायक बाबू जंडेल भी मौके पर मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का वेतन रोकना अमानवीय है। साथ ही उन्होंने नगर पालिका को विधायक निधि से दिए गए 15 लाख रुपये का हिसाब भी मांगा। विधायक ने कहा कि यदि चार दिनों के भीतर हिसाब नहीं दिया गया तो अकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने अकाउंटेंट शिवराज सिंह को जेल भेजने की चेतावनी भी दी। अब लोग कह रहे हैं कि भले ही सफाई कर्मचारियों की समस्या का अभी समाधान नहीं हुआ है, लेकिन उनके प्रदर्शन में शामिल होकर कांग्रेस विधायक ने अपनी राजनीति जरूर चमका ली है। बिजली कंपनी का कारनामा, कांग्रेस ने दिखाई गांधीगीरीभोपाल में बिजली कंपनी ने एक अजीबोगरीब कदम उठाया है। एक परिवार के घर के बाहर बंदूकधारी गार्ड की तैनाती कर दी गई। इससे नाराज़ कांग्रेस नेताओं ने गांधीगीरी का रास्ता अपनाया और गार्ड को माला पहनाकर सम्मानित किया। दरअसल, बिजली कंपनी ने बिना कनेक्शन के बावजूद एक परिवार को 1 लाख 76 हजार रुपये का बिजली बिल थमा दिया। राशि जमा न करने पर घर की बिजली काट दी गई। इतना ही नहीं, परिवार कहीं से बिजली न जोड़ ले, इसके लिए उनके घर के बाहर बंदूकधारी गार्ड की ड्यूटी लगा दी गई। बिजली कंपनी का तर्क है कि परिवार ने कई वर्षों तक आसपास के लोगों से कनेक्शन लेकर अवैध रूप से बिजली का उपयोग किया। इस मामले में भले ही कांग्रेस ने आपदा को अवसर बनाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश की हो, लेकिन बिजली कंपनी का यह कारनामा भी जमकर चर्चा का विषय बना हुआ है। जब सिंधिया ने खीर खा रहे भाजपा विधायक को टोकाकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने चंदेरी से भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी का उस वक्त मजा किरकिरा कर दिया, जब वे बड़े चाव से खीर खा रहे थे। दोनों नेता डिनर टेबल पर साथ बैठे थे। इसी दौरान सिंधिया ने टोकते हुए पूछा- आपको शुगर तो नहीं है न? विधायक ने जवाब दिया- हां, है। इस पर सिंधिया बोले- तो फिर आप क्या कर रहे हैं? इसे छोड़िए। इस पर विधायक ने मुस्कराते हुए कहा- इसमें क्या हो गया, मैं आपके साथ पैदल चल लूंगा। तब सिंधिया ने उन्हें समझाते हुए कहा कि शक्कर जहर की तरह होती है। दोनों नेताओं के बीच इस संवाद पर जमकर ठहाके गूंजे। गौरतलब है कि यही विधायक हाल ही में एक सार्वजनिक मंच पर सिंधिया की मौजूदगी में कमलनाथ का गुणगान कर चुके हैं। उन्होंने कमलनाथ के कार्य गिनाते हुए सिंधिया से दिल्ली तक ट्रेन चलाने की मांग भी की थी। इनपुट सहयोग - ईश्वर परमार (भोपाल), कुलदीप (श्योपुर), संजीव यादव (गुना), आशीष रघुवंशी (गुना) ये भी पढ़ें - सिंधिया के सामने कमलनाथ का गुणगान, भाजपा विधायक की बड़ी डिमांड: बीच बाजार में कपड़े उतारकर रोए कांग्रेस नेता अशोकनगर जिले की चंदेरी विधानसभा से भाजपा विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का गुणगान कर दिया। उन्होंने कमलनाथ का उदाहरण देते हुए दिल्ली तक एक ट्रेन चलाने की मांग रखी। विधायक का यह बयान अब खासा चर्चा में है। पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:03 am

राजन जी बोले- 'बाबा जल्द बदलेंगे लखनऊ का नाम':सोचा नहीं था गोरखपुर में इतना विकास होगा, महाराज जी को धन्यवाद देना चाहिए

‘लखनऊ का नाम पहले लखपूरी था, मुगल आए तो लखनऊ कर दिए। इधर बाबा भी आए हैं, बाबा ने फैज़ाबाद से मुक्ति दिला दी, इलाहाबाद से मुक्ति दिला दी, मुगलसराय से मुक्ति दिला दी। बहुत जल्द हमारे आदरणीय योगी बाबा लखनऊ से भी मुक्ति दिलाएंगे, चिंता मत करिए’। ये बातें कथावाचक राजन जी ने गोरखपुर में कथा के दौरान कही मंच से कही, उन्होंने गोरखपुर को लेकर भी कहा कि- ‘मैं कल रात गोरखपुर की सड़कों पर घूमने निकला था। मैं अपने हृदय की बात को बता रहा हूँ। गोरखपुर वासियों को, गोरखपुर में रहने वाले लोगों को उठते- बैठते, सोते-जगते, दिन-रात, उत्तर प्रदेश यसस्वी मुख्यमंत्री परम पूज्य महाराज जी को दिन-रात धन्यवाद देना चाहिये। गोरखपुर का जो विकास हुआ है मेरे कल्पना के बाहर था, मैं सोच भी नहीं सकता था कि हमारा गोरखपुर ऐसा दिखेगा इतनी चौड़ी सड़कें, इतने ओवरब्रिज, इतना स्वच्छता वो हैं तभी ये हो पाया ’। हम सभी को योगी जी को धन्यवाद देना चाहिए। गोरखपुर के चम्पा देवी पार्क में नौ दिवसीय श्रीराम तथा का आयोजन 27 जनवरी से शुरू हुआ था। जिसका समापन 4 फरवरी को बड़े श्रद्धाभाव के साथ हुआ। कथा के दौरान लाखों भक्त कथा का रसपान किए। कथा के शुरुआती दिनों में आयोजक पक्ष से कोई राजन जी की टीम को गोली मारने तक धमकी दे दी थी। इस बात खुलासा राजन जी ने अपनी कथा के अगले ही दिन मंच से की थी। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए… कथा के तीसरे दिन यानी 29 जनवरी को आयोजकों का एक पक्ष किसी बात को लेकर कथावाचक की टीम के साथ भिड़ गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों कहासुनी होने लगी। इसी बीच किसी ने राजन जी महाराज की टीम को जान से मारने की धमकी दे डाली। प्रकरण का पता चलते ही राजन जी महाराज ने वापस जाने का मन बना लिया। मामले को गंभीरता से लेते हुए एक जनप्रतिनिधि ने उन्हें मनाया। दोबारा ऐसा न होने का आश्वासन दिया। तब जाकर राजन जी महाराज और टीम यहां रुकी। हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा, सावधान हो जाएं राजन जी महाराज ने घटना का जिक्र अगले दिन यानी 28 जनवरी को अपनी कथा में किया। कहा- 16 साल की इस यात्रा में पहली बार ऐसी बातें सामने आईं हैं। हम बोलते नहीं हैं। हम प्रेम से घर में कथा सुनाने आए हैं तो उसी प्रेम से सुनिए। एक बात कहूं, सुनने में आया है कि हमसे मिलवाने के लिए कोई 1100 रुपए ले रहा है, ऐसे लोग सावधान हो जाएं। राजन जी महाराज ने कहा- हम स्पष्ट बताते हैं कि धरती के किसी भी कोने में, देश-विदेश में, कहीं भी हम पैसा लेकर नहीं मिलते। मिलने का समय निश्चित होता है। हर कथा में दोपहर में 1 घंटे मिलते हैं। श्री राम कथा आयोजन समिति करा रही थी कथा इस श्रीराम कथा का आयोजन श्री राम कथा आयोजन समिति संस्था द्वारा किया जा रहा था। कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों में डॉ. कुमुद त्रिपाठी, मदन मोहन त्रिपाठी, विधायक प्रदीप शुक्ल, अशोक शुक्ल, भोलेंद्र दुबे सहित अन्य लोग शामिल थे। रामकथा आयोजन में क्या-कुछ हुआ, ये हमने मुख्य आयोजक अशोक शुक्ला से समझा। पढ़िए… सवाल. कथा के तीसरे दिन क्या मामला हुआ था, गोली मारने की धमकी भी दे दी गई? जवाब. यह बाबा गोरखनाथ की धरती है। हमें इस बारे में जानकारी नहीं है। चूंकि यहां जनसैलाब आ रहा है और योगी आदित्यनाथ का शहर है, यहां किसी की भी हैसियत नहीं है कि इस तरह की बात करे। घटना वाले दिन राजनजी की टीम से किसी ने पुष्पदत्त जैन की भाभी को मंच से धक्का दे दिया। इसी बात को लेकर विरोध हुआ है, तमाम लोग यहां इकट्ठा थे। इसके जवाब में इधर से भी कोई कुछ कहा होगा, मैंने वो सुना नहीं कि गोली चल जाएगी। मैं उस वक्त मंच पर था। अगर कोई पागल लड़का कहा होगा, तो राजन जी को मंच से यह बात नहीं करनी चाहिए थी, यह उचित नहीं था। वह एक व्यास पीठ पर बैठे हुए हैं, इस पर हम कुछ नहीं कह सकते वो हमारे आदरणीय हैं, इतने बड़े कथावाचक हैं। सवाल. क्या धमकी के बाद राजनजी कथा छोड़कर जाने वाले थे?जवाब. देखिए, ये हमको नहीं पता है, मेरी राजनजी से 27 जनवरी से आजतक बातचीत नहीं हो सकी है। सवाल. आप मुख्य आयोजक हैं, फिर भी आपकी उनसे मुलाकात नहीं हुई?जवाब. मुझसे वो बात नहीं करते, कारण ये है कि कथा की दूसरी आयोजक कुमुद जी हैं, मैं उनका कुलगुरु हूं। उनके पति मदन तिवारी ने 2023 में हमसे राजनजी के कथा के बारे में बोला था। उन्होंने कहा कि हम अरेंज कर रहे हैं, डेट फाइनल होते ही आपको जानकारी देंगे। अभी 6 महीने पहले मदन तिवारी ने कथा की डेट फाइनल होने के बाद हमसे मिले और आशीर्वाद लिया, तभी से मैं कथा की तैयारी में जुट गया था। मेरी जो भी बात होती थी, मदनजी से होती थी, मैंने कुमुदजी से कोई बात नहीं की। वो एक प्रोफेसर हैं, वो भी अपने विवेक का परिचय नहीं दे पाईं, अगर राजनजी हमारे और आपके कहने पर आए हुए हैं, तो दोनों लोग में आपसी समन्वय होना चाहिए। सवाल. क्या राजनजी महाराज रामकथा करने के बाद गोरखपुर से बाहर निकल जा रहे हैं?जवाब. हां, परसों अपने घर गए थे, कल कहां गए थे…हमें जानकारी नहीं है। मैं पूरा प्रयास कर रहा हूं कि आने वाले श्रद्धालु कथा का रसपान करें। हजारों लोग दूसरे प्रदेश से भी आए हुए हैं। सवाल. राजनजी ने मंच से आरोप लगाया था कि उनसे मिलवाने के लिए 1100-1100 लिया जा रहा, ये कितना सही है? जवाब. देखिए, मैं किसी के दरवाजे पर गया नहीं था, मैं अकेले घूमता था, 3 महीने पहले मैंने अपने लड़के को बोला कि चारों तरफ इसका प्रचार शुरू करो। जिसके बाद महाराजगंज, देवरिया, पड़रौना, बढहलगंज में प्रचार करवाया। बहुत सी आबादी ऐसी है, जो गरीब हैं, मैंने उनके लिए काम किया। महाराजजी की धरती पर कथा हो रही है, मेरा जीवन सफल हो रहा है, इससे बड़ी बात मेरे लिए क्या होगी। मुझे पैसा की जरूरत नहीं, मेरे पास जो पैसा है, वही बहुत है। सवाल. कल समापन है, राजन जी से क्या कहना चाहते हैं?जवाब. मैं सबसे अपील करता हूं, 4 फरवरी को विशाल भंडार है। कथा का रसपान करें और प्रसाद लें। मैं राजनजी से भी कहना चाहता हूं कि समापन के बाद प्रसाद ग्रहण करें, उसके बाद ही यहां से प्रस्थान करें। कथावाचक राजन महाराज के बारे में जानिए- कथावाचक राजन महाराज का जन्म 6 सितंबर 1982 को कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुआ था। उनका असली नाम राजन तिवारी है। वे बचपन से ही भगवान और धर्म में रुचि रखते थे। उनका परिवार बिहार के सिवान से है। घर का माहौल धार्मिक था। पिता शिवजी तिवारी खुद एक गुरु थे। उन्होंने राजन जी को बचपन से ही रामचरितमानस, धार्मिक कथाएं और संतों की बातें सुनाईं। इससे राजन जी के मन में भक्ति और ज्ञान बढ़ता गया। राजन जी ने कोलकाता के स्कॉटिश चर्च कॉलेज से पढ़ाई की। उन्होंने रसायन विज्ञान में बीएससी की डिग्री ली। वे स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस से बहुत प्रेरित थे। हालांकि, उन्होंने पढ़ाई की थी, लेकिन उनका मन आध्यात्म की ओर ज्यादा था। साल 2004 में उनकी मुलाकात प्रेम भूषण जी से हुई। उनसे प्रेरणा पाकर वे कथा सुनाने के मार्ग पर चल पड़े। साल 2011 में उन्होंने हावड़ा, कोलकाता में पहली बार श्री राम कथा सुनाई। यहीं से उनकी आध्यात्मिक यात्रा शुरू हुई। आज वे देश-विदेश में लोगों को अपनी कथाओं से प्रेरित करते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:00 am

स्मार्ट सिटी के नाम पर 6 करोड़ की बर्बादी:तांगा स्टैंड पर बनी सुपर मार्केट बनी सफेद हाथी, 3 साल से पड़ा खाली

बरेली जंक्शन के पास कभी तांगों की खट-खट सुनाई देती थी, लेकिन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत नगर निगम ने इस जमीन का कायाकल्प करने का फैसला किया। करीब 6 करोड़ की भारी-भरकम लागत से यहां एक आलीशान सुपर मार्केट खड़ा कर दिया गया। उम्मीद थी कि जंक्शन के पास होने के कारण यह व्यापार का बड़ा केंद्र बनेगा, लेकिन हकीकत इसके उलट है। आज 3 साल बीत जाने के बाद भी यह इमारत धूल फांक रही है। चमचमाती टाइल्स और आधुनिक स्ट्रक्चर अब सरकारी लापरवाही की गवाही दे रहे हैं। 35 लाख का टेंडर बना गले की फांसइस सुपर मार्केट के शुरू न हो पाने के पीछे की सबसे बड़ी वजह इसका टेंडर बताया जा रहा है। नगर निगम ने इसके साल भर का टेंडर करीब 35 लाख रुपए रखा है। मार्केट में लगभग 35 दुकानें हैं, लेकिन इतनी ऊंची कीमत सुनकर व्यापारी पास फटकने को तैयार नहीं हैं। सवाल यह उठता है कि क्या प्रोजेक्ट बनाने से पहले इसकी आर्थिक व्यवहार्यता (Economic Viability) की जांच नहीं की गई थी? बिना किसी मार्केट सर्वे के करोड़ों रुपए जनता की गाढ़ी कमाई के पानी में बहा दिए गए। अब देखे इस सुपर मार्केट की 5 तस्वीरें ….. नगर आयुक्त की लाचारी और खाली खजानानगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का कहना है कि प्रशासन लगातार टेंडर निकाल रहा है, लेकिन कोई भी इस मार्केट को लेने के लिए आगे नहीं आ रहा है। अधिकारियों के पास इस बात का कोई ठोस जवाब नहीं है कि जब कोई खरीदार या किरायेदार मिल ही नहीं रहा, तो इतनी महंगी योजना को अंजाम क्यों दिया गया? यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता है, जहां कागजों पर तो योजनाएं सुपरहिट हैं, लेकिन जमीन पर वे पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही हैं। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की जुगलबंदी ने डुबोया पैसाइस पूरे प्रकरण में जिले के पूर्व में रहे बड़े अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका संदिग्ध नजर आती है। जब प्रोजेक्ट का खाका तैयार हुआ, तब किसी ने यह नहीं सोचा कि शहर की भौगोलिक स्थिति और व्यापारिक क्षमता के हिसाब से यह निवेश सही है या नहीं। कमिश्नर स्तर पर होने वाली बैठकों में भी शायद सिर्फ फाइलों को हरी झंडी दी गई, प्रोजेक्ट के भविष्य पर मंथन नहीं हुआ। स्मार्ट सिटी के बजट को ठिकाने लगाने की जल्दबाजी में बरेली के विकास के नाम पर यह खिलवाड़ किया गया है। रखरखाव के अभाव में जर्जर हो रही करोड़ों की बिल्डिंगपिछले 3 सालों से बंद पड़ी इस बिल्डिंग की हालत अब धीरे-धीरे खराब होने लगी है। शीशों पर धूल की परत जमी है और परिसर में लावारिस पशुओं का डेरा रहने लगा है। अगर इसे जल्द शुरू नहीं किया गया, तो मेंटेनेंस के नाम पर नगर निगम को करोड़ों का अतिरिक्त चूना लगेगा। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि यह बिना प्लानिंग के विकास का सबसे सटीक उदाहरण है। जंक्शन के पास जाम की समस्या सुलझाने के बजाय, एक ऐसी बिल्डिंग खड़ी कर दी गई जो अब खुद प्रशासन के लिए सिरदर्द बन चुकी है। क्या अब कम होंगे दाम या बना रहेगा गतिरोध?अब देखना यह होगा कि क्या नगर निगम अपनी गलती सुधारते हुए टेंडर की शर्तों और कीमतों में बदलाव करता है, या फिर यह सुपर मार्केट ऐसे ही खंडहर में तब्दील होता रहेगा। अगर समय रहते कमिश्नर और नगर आयुक्त ने कोई कड़ा फैसला नहीं लिया, तो स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बरेली को मिला यह 'तोहफा' इतिहास के पन्नों में भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ा हुआ माना जाएगा। सफेद हाथी बनी मार्केट पर जवाबदेही तय हो, जनता पूछ रही ये 5 कड़े सवाल पूर्व कमिश्नर और स्मार्ट सिटी के बोर्ड से सवालजब इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बोर्ड मीटिंग में रखा गया था, तब तत्कालीन कमिश्नर ने इसकी आर्थिक व्यवहार्यता (Financial Viability) की जांच क्यों नहीं की? क्या अफसरों का काम सिर्फ बजट पास करना है, यह देखना नहीं कि उस निवेश से शहर को क्या हासिल होगा? क्या उस समय के अधिकारियों ने केवल कागजी आंकड़ों को देखकर 6 करोड़ की मंजूरी दे दी थी? तत्कालीन और वर्तमान नगर आयुक्त से सवालनगर निगम के पास क्या इस बात का कोई डेटा है कि 35 दुकानों वाली मार्केट का टेंडर 35 लाख रुपये किस आधार पर तय किया गया? स्मार्ट सिटी के अधिकारी ये बताएं कि क्या टेंडर की शर्तें इतनी कठिन जानबूझकर रखी गई हैं ताकि कोई स्थानीय छोटा व्यापारी इसमें शामिल ही न हो सके? 3 साल से बंद पड़ी बिल्डिंग के रखरखाव पर जो पैसा खर्च हो रहा है, उसकी भरपाई किसकी सैलरी से की जाएगी? शहर के विधायक और जनप्रतिनिधियों से सवालबरेली के सांसद, विधायक और अन्य माननीयों ने इस प्रोजेक्ट के शिलान्यास और उद्घाटन के वक्त बड़ी-बड़ी बातें की थीं। अब जब यह प्रोजेक्ट शहर के गले की हड्डी बन गया है, तो वे चुप क्यों हैं? क्या जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी सिर्फ पत्थर लगवाने तक सीमित है? उन्होंने सदन में इस बर्बादी के खिलाफ आवाज क्यों नहीं उठाई? मेयर और नगर निगम की कार्यकारिणी से सवालमेयर साहब, आप शहर के प्रथम नागरिक हैं। आपकी नाक के नीचे 6 करोड़ रुपये की बिल्डिंग खंडहर में तब्दील हो रही है और नगर निगम का खजाना खाली है। क्या कार्यकारिणी ने कभी इस मार्केट की कीमतों को कम करके इसे चालू करने का प्रस्ताव रखा? व्यापारियों और निगम के बीच इस गतिरोध को तोड़ने के लिए आपने अब तक क्या ठोस कदम उठाए हैं? प्लानिंग विभाग के इंजीनियरों से सवालस्मार्ट सिटी के उन 'स्मार्ट' इंजीनियरों से भी सवाल होना चाहिए जिन्होंने जंक्शन जैसी भीड़भाड़ वाली जगह पर बिना प्रॉपर एक्सेस के इतना बड़ा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स प्लान कर दिया। क्या यह सिर्फ बजट खपाने का एक जरिया था? बिना प्लानिंग के किए गए इस निर्माण के लिए दोषी अधिकारियों पर रिकवरी की कार्यवाही क्यों नहीं होनी चाहिए? स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट्स की जिम्मेदारी एक विशेष कंपनी यानी Bareilly Smart City Limited (BSCL) के पास होती है। इसकी कमेटी (Board of Directors) में प्रशासन के सबसे बड़े अधिकारी और शासन के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। यहाँ वर्तमान कमेटी की सूची दी गई है, जिनसे 6 करोड़ की बर्बादी पर सवाल पूछा जाना चाहिए: स्मार्ट सिटी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (मुख्य जिम्मेदार)चेयरमैन: भूपेंद्र एस. चौधरी (मंडलायुक्त/कमिश्नर, बरेली) - बोर्ड के मुखिया होने के नाते हर बड़े प्रोजेक्ट की अंतिम मंजूरी इन्हीं के स्तर से होती है।CEO और डायरेक्टर: संजीव कुमार मौर्य (नगर आयुक्त, बरेली) - प्रोजेक्ट को लागू करने और टेंडर निकालने की सीधी जिम्मेदारी इनकी है।डायरेक्टर: अविनाश सिंह (जिलाधिकारी/DM, बरेली) - जिले के मुखिया के तौर पर कमेटी के महत्वपूर्ण सदस्य।डायरेक्टर: मणिकांदन ए. (उपाध्यक्ष, बरेली विकास प्राधिकरण - BDA) - शहर की प्लानिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स में इनकी तकनीकी राय शामिल होती है।स्वतंत्र डायरेक्टर: वंदना चानना और पी.के. राव - ये बाहरी विशेषज्ञ के तौर पर बोर्ड में शामिल हैं ताकि प्रोजेक्ट की गुणवत्ता और उपयोगिता सुनिश्चित हो सके। स्मार्ट सिटी एडवाइजरी फोरम (सलाहकार समिति)इस फोरम में शहर के जनप्रतिनिधि शामिल होते हैं, जिनका काम जनता के पैसे का सही उपयोग सुनिश्चित करना है:मेयर : डॉ उमेश गौतम चेयरमैन - नगर निगम के प्रमुख होने के नाते इनका दायित्व है कि निगम की जमीन पर बने प्रोजेक्ट सफल हों।सांसद (MP): छत्रपाल सिंह गंगवार - भारत सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर स्मार्ट सिटी फंड की निगरानी।विधायक (MLA): अरुण कुमार (शहर विधायक) और संजीव अग्रवाल (कैंट विधायक) - इनके क्षेत्रों में होने वाले विकास कार्यों की सफलता की जिम्मेदारी इन्हीं की है। इन अधिकारियों से भी होनी चाहिए पूछताछबोर्ड में इनके अलावा शासन (लखनऊ) के भी प्रतिनिधि होते हैं:डॉ. अलका सिंह (संयुक्त निदेशक, RCUES लखनऊ)अरुण प्रकाश (विशेष सचिव, नगर विकास विभाग और निदेशक स्मार्ट सिटी मिशन)शमीम अख्तर (मुख्य अभियंता, यूपी जल निगम)अजय कुमार (मुख्य अभियंता, PWD बरेली)

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:00 am

गोरखपुर में गर्लफ्रेंड की हत्या, अयोध्या में टकला हुआ बॉयफ्रेंड:घटनास्थल पर 10 मिनट तक ईंट से कूचता रहा मुंबई की प्रिया का चेहरा

गोरखपुर रेलवे स्टेशन के होटल में 24 घंटे बिताने के बाद 29 जनवरी की शाम पीपीगंज ले जाकर मुंबई की प्रिया शेट्टी (35) की गला घोंटकर हत्या की गई। बॉयफ्रेंड विजय साहनी ने रात के अंधेरे में पत्नी संध्या के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 10 मिनट तक प्रिया के चेहरे पर ईंट से प्रहार करता रहा। ताकि उसकी पहचान न हो पाए। यही नहीं रात करीब 11:35 बजे पुल के नीचे प्रिया को मारकर लाश ठिकाने लगाई गई। 12 बजे विजय और उसकी पत्नी संध्या स्कूटी से वहां से निकल गए। 20 मिनट बाद घटना स्थल पर विजय फिर आया। इस बार वह काफी डरा हुआ था। उसे डर था कि कहीं प्रिया जिंदा तो नहीं है। देर रात करीब 12:20 बजे वह घटना स्थल पर जाकर प्रिया की बॉडी को चेक किया, कहीं उसकी सांसे तो नहीं चल रही हैं। जब पूरी तरह तसल्ली हो गई, तब फिर वहां से पत्नी को लेकर निकला। इसके बाद वह अयोध्या निकल गया। जहां सुबह-सुबह उसने बाल छिलवाया कपड़े बदले। उसकी पत्नी ने शूट में थी, उसने भी अपने कपड़े बदले। पूजा पाठ करके दोनों गोरखपुर के पीपीगंज स्थित ससुराल में वापस आए। जहां से सोमवार को विजय साहनी, उसकी पत्नी संध्या और संध्या के पिता को पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस की जांच में यह बातें सामने आईं। पुलिस को घटनास्थल के दोनों तरफ लगे सीसीटीवी कैमरे से विजय और उसकी पत्नी संध्या की पल-पल की गतिविधियाेंं की जानकारी मिली है। प्रिया की बहन अस्थियां लेकर मुंबई गईंमुंबई की रहने वाली मृतका की सौतेली बहन किरन जायसवाल करीब 30 घंटे गोरखपुर में रहकर बहन की अस्थियां और आंखों में आंसू लेकर मुंबई लौट गईं। इस दौरान वह भय और आशंका के साए में रहीं। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी में रखा था। घटना की जानकारी मिलने के बाद किरन इतनी सहमी हुईं थीं कि वह गोरखपुर आने को भी तैयार नहीं थीं। परिजनों और पुलिस के समझाने पर वह यहां पहुंचीं। दाह संस्कार की प्रक्रिया मंगलवार रात पूरी होने के बाद पीपीगंज पुलिस उन्हें अपने साथ लेकर कस्बे के एक होटल में गईं, जहां उन्हें सुरक्षा घेरे में ठहराया गया। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए किरन ने बाहरी लोगों से दूरी बनाए रखी और किसी को भी फोटो खींचने की अनुमति नहीं दी। गोरखपुर आने पर किरन जायसवाल से पुलिस ने तहरीर ली और उसे मुकदमे में वादी बनाया गया। पीपीगंज थाने में दी गई तहरीर में किरन ने साफ तौर पर लिखा है कि प्रिया को विजय कुमार साहनी अपने साथ गोरखपुर लेकर आया था और उन्हें पूरी आशंका है कि हत्या उसी ने की है। हालांकि तहरीर में विजय की पत्नी संध्या और उसके ससुर का नाम शामिल नहीं किया है। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद का कहना है कि विवेचना केवल तहरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रिया और विजय के अहम दस्तावेज पुलिस को सौंपे किरन ने पुलिस को प्रिया और विजय के संबंधों से जुड़े कई अहम दस्तावेज और फोटोग्राफ भी सौंपे हैं। विवेचक ने इन सभी दस्तावेजों को जांच रिपोर्ट का हिस्सा बना लिया है। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस हत्या से जुड़े हर पहलू की कड़ी से कड़ी जोड़ने का प्रयास कर रही है। साथ ही, मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की अपील भी की गई है, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।किरन के अनुसार, मुंबई में प्रिया अपने 13 वर्षीय बेटे के साथ विजय कुमार साहनी के पास ही रहती थी। किरन ने स्पष्ट किया कि प्रिया किसी तरह छिपकर या धोखे से नहीं आई थी, बल्कि विजय के भरोसे पर यहां पहुंची थी। यही भरोसा उसकी मौत का कारण बन गया। पुलिस इस बयान को बेहद अहम मान रही है। इस संबंध में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि किरन की मानसिक स्थिति बेहद कमजोर थी, इसलिए उससे सीमित पूछताछ ही की गई। बयान दर्ज करने के बाद बुधवार शाम उन्हें इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से मुंबई रवाना कर दिया गया। गोरखपुर में उन्हें सिक्योरिटी में रखा गया। फिलहाल पुलिस हत्या से संबंधित सभी दस्तावेजों और साक्ष्यों का सत्यापन कर रही है। साथ ही कानून के सलाहकारों से भी राय ली जा रही है, ताकि विवेचना मजबूत हो और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। वीडियो कॉल से बेटे ने किया मां का अंतिम दर्शन पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को राजघाट में महाराष्ट्र से आई बहन ने दाह संस्कार किया। इससे पहले वीडियो कॉल करके बेटे रूद्र को उसकी मां प्रिया का अंतिम दर्शन कराया। प्रिया अपने इकलौते बेटे से बहुत प्यार करती थी। हमेशा सोशल मीडिया पर उसके साथ रील शेयर करती थी। प्रिया बेटे से बोलकर आई थी कि उसके पापा को लाने जा गोरखपुर जा रही है। यहां पर 29 जनवरी को उसके बॉयफ्रेंड विजय ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर उसकी जान ले ली। इसके बाद बॉडी न्यूड कर फेंक दी थी। मंगलवार को मुंबई से प्रिया की बहन किरन शेट्‌टी गोरखपुर आई थी। पुलिस ने किरन को ले जाकर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के मोर्चरी में प्रिया की लाश की पहचान कराई। इसके बाद पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद प्रिया की लाश एंबुलेंस से राजघाट ले जाई गई। वहां पर पुलिस की मौजूदगी में किरन ने अपनी बहन प्रिया का दाह संस्कार किया। प्रिया का इकलौता बेटा 13 साल का रूद्र मुंबई में है। वीडियो कॉल पर मां को सफेद कपड़ों में लिपटा देखकर रूद्र रोने लगा। रूद्र ने बोला कि मेरी मां मेरे पापा को लेने गोरखपुर गई थी। पापा ने मां काे मार दिया। पापा गंदे हैं, उन्हें सजा मिलनी चाहिए। यह दृश्य देखकर पुलिस व अन्य लोगों की आंखे भी नम हो गईं। किरन ने बताया कि प्रिया हमेशा अपने बेटे रूद्र की ही चिंता करती रहती थी। वह कहती थी कि बेटा बड़ा हो रहा है, उससे उसके पापा के बारे में पूछा जाता है। इस बार विजय से बात करके अपने बेटे को उसका हक दिलाकर रहूंगी। वह तो विजय के साथ हर हाल में रहना चाहती थी। लेकिन उसने केवल उनके शरीर से प्यार किया। मन भर गया तो दूरी बनाने लगा। पोस्टमार्टम की कराई गई वीडियोग्राफी चेहरा क्षत-विक्षत होने के कारण रूद्र को केवल कफन में लिपटी मां दिखाई दी। यह दृश्य वहां मौजूद पुलिस कर्मियों और किरन के लिए अत्यंत मार्मिक था। रोते हुए रूद्र को समझाते हुए किरन ने कहा कि मैं हूं ना। पीपीगंज थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद विधि विधान के अनुसार अंतिम संस्कार पूरी किया और हत्यारोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई कि प्रिया की हत्या गला दबाकर की गई थी। दो डॉक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के अनुसार चेहरे और सिर की हड्डियां भी क्षतिग्रस्त मिलीं। हत्यारोपियों ने नशे की हालत में प्रिया की हत्या करने के बाद पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे को क्षतिग्रस्त कर दिया। अब विस्तार से जानें पूरा मामला… मुंबई की प्रिया शेट्‌टी की गोरखपुर में हत्या की गई। उसकी जिंदगी में आया पहला प्यार ही मौत का कारण बना। मुंबई में जिस विजय के साथ वो लिव-इन में रही। वही विजय बेटे का बाप बनने के सिर्फ 1 साल बाद ही प्रिया से दूर हो गया। दोनों के बीच नाराजगी कुछ ऐसी हुई कि 9 साल तक दोनों ने एक-दूसरे की जिंदगी में झांका तक नहीं। इस बीच विजय की संध्या से शादी हुई और वो 2 बेटियों का पिता बना। 2022 में वो अपनी पत्नी और बेटियों को लेकर मुंबई शिफ्ट हो गया। दोनों बेटियों का नाम कॉन्वेंट स्कूल में लिखवाया। यहीं से उसकी जिंदगी में यूटर्न आया। इंस्टाग्राम पर 1 बार फिर उसकी मुलाकात अपने पहले प्यार प्रिया से हुई। दोनों मिलने लगे, साथ रहने भी लगे। अब प्रिया विजय पर 2 तरह के दबाव बनाने लगी। पहला- बेटे को बाप का नाम दो। दूसरा- बेटे का अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में एडमिशन कराओ। विजय को दुनिया के सामने 2 शादियां दिखाना गंवारा नहीं था। इसलिए वो प्रिया को 1680 Km दूर गोरखपुर लाया और बेरहमी से उसे मार डाला। इस बनती-बिगड़ती लव स्टोरी में न तो प्रिया के बेटे को हक मिल सका, न ही विजय ही पत्नी संध्या के साथ जिंदगी जी सकेगा। हत्या के वक्त उससे हुई कुछ गलतियों ने उसे कानून के फंदे में फंसा दिया। विजय, पत्नी संध्या और उसके ससुर को पुलिस ने जेल भेजा है। पढ़िए प्यार और मर्डर की कहानी… इंश्योरेंस ऑफिस में प्यार, फिर 1 साल का लिव-इन गोरखपुर के सहजनवां इलाके के माडर गांव का रहने वाला विजय कुमार साहनी पढ़ने में शुरू से ही तेज था। वह लंबे समय से मुंबई के चारकोप, कांदिवली में रह रहा था। वहीं से उसने पढ़ाई भी पूरी की थी। विजय ने हाईस्कूल और कॉमर्स से ग्रेजुएशन मुंबई में अपने बड़े भाई के पास रहकर किया। साल- 2012 में उसे HDFC लाइफ इंश्योरेंस में एजेंट की नौकरी मिल गई। वहां वेकेंसी ओपन हुई, तो प्रिया शेट्‌टी भी पहुंची। तब विजय साहनी से उसकी पहली मुलाकात हुई। धीरे-धीरे दोनों का अच्छा परिचय हो गया। एक महीने में ही दोनों बेहद नजदीक आ गए। विजय भी प्रिया की खूबसुरती का कायल हो चुका था। इसलिए उसने किराए का घर लिया। इसमें वह लिव-इन में प्रिया के साथ रहने लगा। एक साल तक दोनों खुशी-खुशी साथ रहे। इसी बीच प्रिया प्रेग्नेंट हो गई। तब विजय ने एक मंदिर में जाकर प्रिया से शादी कर ली। प्रिया विजय के नाम का सिंदूर अपनी मांग में भरने लगी थी। साल 2013 में प्रिया ने बेटे को जन्म दिया। इस दौरान विजय भी साथ था। लेकिन, इसी बीच विजय के स्वभाव में बदलाव आने लगा था। उसका मन अब प्रिया से भर गया था। किसी भी तरह उससे दूरी बनाना चाहता था। दोनों के बीच छोटी-छोटी बात पर झगड़े होने लगे। एक दिन विजय घर छोड़कर चला गया। उसने कहीं और किराए पर घर ले लिया। परिचितों की सलाह देने पर उसने हमेशा के लिए प्रिया से पीछा छुड़ाने के लिए तलाक का प्रार्थना पत्र कोर्ट में दाखिल किया। कोर्ट से एक नोटिस प्रिया के पते पर भी गया। लेकिन, इससे पहले प्रिया उस किराए के घर से कहीं और जा चुकी थी। इसलिए तलाक की प्रक्रिया बीच में ही अटक गई। विजय के गोरखपुर लौटने और दूसरी शादी की कहानी 2 साल बाद विजय ने घर आकर संध्या से दूसरी शादी कीसाल- 2013 के बाद विजय का प्रिया से संपर्क नहीं हुआ। अब उसे लग रहा था कि वह हमेशा के लिए उसकी जिंदगी से जा चुकी है। वह 2014 में अपने गांव आया। यहां पर घरवालों ने उसकी शादी तय कर दी। 2015 में पीपीगंज की संध्या से उसकी शादी हुई। दोनों खुशी-खुशी साथ रहने लगे। विजय और संध्या की 2 बेटियां हुईं। इस दौरान विजय की नौकरी मुंबई में ही चल रही थी। इश्योरेंस सेक्टर में उसने अच्छी तरक्की की। धीरे-धीरे वह 1.5 लाख महीने की सैलरी तक पहुंच गया। 2019 में विजय गांव आया और यहीं से इश्योरेंस का काम करने लगा। 2022 में उसने तय किया कि संध्या और दोनों बेटियों के साथ दोबारा मुंबई जाएगा और वहीं रहेगा। फिर दोबारा मुंबई चला गया। यहां उसने दोनों बेटियों का एडमिशन कॉन्वेंट स्कूल में कराया। एक अच्छी कॉलोनी में घर किराए पर लिया। इस तरह से हैप्पी मैरिज लाइफ जीने लगा। पुराना प्यार प्रिया की लाइफ में वापसी, विजय पर बना दबाव बेटे के लिए विजय ने पैसा देना शुरू किया, फिर साथ रहने लगेऑफिस में एक दिन काम करते हुए विजय को इंस्टाग्राम पर प्रिया की एक रील नजर आई। उसने मैसेज करके प्रिया से हाल-चाल पूछा। यहीं से दोनों की दोबारा बातचीत शुरू हो गई। विजय को पता चला कि उसका बेटा 9 साल का हो चुका है। ये भी पता चला कि प्रिया की माली हालत ठीक नहीं। वह घर चलाने के लिए लोगों के घरों में खाना बनाती है। तब विजय ने अपने बेटे के लिए प्रिया को पैसा देना शुरू किया। प्रिया शराब बहुत पीती थी। इसलिए जल्द ही वह विजय को अपने घर भी बुलाने लगी। विजय और प्रिया दोनों घर में ही शराब पीते और साथ रहने लगे। ये सब धीरे-धीरे संध्या को पता चलने लगा, क्योंकि कई-कई दिन विजय घर लौटकर नहीं आता था। संध्या को विजय के मोबाइल से प्रिया के बारे में पता चला। विजय भी अब संध्या को धोखा नहीं देना चाहता था। इसलिए उसने दोनों महिलाओं की मुलाकात भी कराई। लेकिन, इससे हालात और बिगड़ गए। बच्चों के भविष्य से शुरू हुआ आखिरी टकरावपुलिस के मुताबिक, संध्या के बच्चे प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे थे, जबकि प्रिया का बेटा सरकारी स्कूल में था। बच्चों के हक और भविष्य को लेकर झगड़ा बढ़ गया। साल- 2025 में संध्या ने यह बात अपने पिता रामबिलास को बताई। इसके बाद सबने कहा कि ठीक है, तुम लोग वहां अकेले हो। एक काम करो, प्रिया को गोरखपुर लेकर आओ। यहीं पर परिवार बैठकर फैसला कर लेगा कि आगे करना क्या है? गोरखपुर बुलाकर रची गई हत्या की साजिशवारदात से 4 दिन पहले 26 जनवरी को तीनों ट्रेन से गोरखपुर पहुंचे। पहला दिन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर बिताया। अगले दिन बुढ़िया माई स्थान और गोरखनाथ मंदिर में दर्शन किए। फिर विजय ने संध्या और प्रिया के साथ होटल के कमरे में शराब पी। विजय 8 बोतल शराब लाया था। इसके बाद ऑटो से पीपीगंज सभी पहुंचे, यहां संध्या की ससुराल है। यहां ऑटो चालक से विवाद हुआ। इसके बाद उन्होंने ऑटो को वहीं छोड़ दिया। संध्या ने अपने घर कॉल की, तो उसके पिता की स्कूटी परिवार का एक सदस्य उन लोगों को दे गया। स्टेशन रोड के CCTV में तीनों इसी स्कूटी पर जाते दिखे थे। रात करीब 10 बजे तीनों स्कूटी से सहजनवां की ओर निकले। रास्ते में नशे की हालत में प्रिया हंगामा करने लगी। इसी दौरान विजय और संध्या ने उसे घर न ले जाकर हत्या की योजना बना ली। सुनसान स्थान पर नशे में बेसुध प्रिया की गर्दन दबाकर हत्या कर दी। लेकिन, दोनों को डर था कि वो पकड़े जाएंगे। इसलिए विजय ने प्रिया के शरीर से वो सारी चीजें हटा दीं, जिससे उसकी पहचान हो सकती थी। यही वजह है, पुलिस को प्रिया की बॉडी न्यूड मिली थी। उसके चेहरे पर ईंट से 8 से 10 बार प्रहार किया, जिससे चेहरा बिगड़ जाए। इसके बाद विजय पत्नी के साथ ससुराल आ गया। दूसरे दिन सुबह उठकर विजय ने अपने चेहरे की दाढ़ी और सिर के बाल हटवा दिए। जिससे अगर CCTV में कहीं उसका चेहरा दिखे भी, तो पहचाना न जाए। अब अरेस्टिंग की कहानी ऑटो ड्राइवर ने पुलिस को दिया पहला क्लूSP नॉर्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया- 30 जनवरी को पीपीगंज के बरघट्‌टा पुल के नीचे एक महिला की न्यूड लाश मिली थी। इसके बाद CCTV और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस की एक टीम महिला की शिनाख्त कराने में जुट गई। इसी बीच घटना वाली रात CCTV में एक स्कूटी पर 3 लोग जाते दिखे। संदिग्ध मानकर उनके बारे में जानकारी जुटाई गई। पहला क्लू एक ऑटो वाले से मिला। जिसने मरने वाले साथ एक पुरुष और महिला को देखा था। यही क्लू धीरे-धीरे हमें विजय और संध्या तक लेकर गया। आखिरकार उन्होंने अरेस्टिंग के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया। उन्हें जेल भेजा गया है। ------------------------ यह खबर भी पढ़ें - गर्लफ्रेंड की हत्या कर टकला हो गया बॉयफ्रेंड, मुंबई से गोरखपुर लाया, चेहरा कूचा, न्यूड कर लाश फेंकी गोरखपुर में 30 जनवरी की सुबह मुंबई की प्रिया शेट्‌टी (35) की हत्या करके लाश फेंक दी गई। कातिल ने प्रिया के चेहरे पर ईंट से कई वार किए। उसे पूरी तरह न्यूड कर दिया था। जिससे जब भी पुलिस को बॉडी मिले, तो महिला की पहचान न हो सके। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:00 am

रेवाड़ी स्कूल बस हादसा, प्रशासन पर खड़े कर गया सवाल:एसडीएम बोले- नियमित करते हैं जांच, चलाया जाता है जागरुकता अभियान

रेवाड़ी में मंगलवार को संजारपुर-टांकडी रोड पर स्कूल बस और कार की टक्कर ने पुलिस प्रशासन को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया। अक्सर हादसे के बाद हरकत में आने वाले अधिकारियों का वहीं रटा-दटाया जवाब आया। अधिकारियों ने कहा कि नियमित रूप से स्कूल बसों की जांच होती है। खामी पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाती है। कार्रवाई के साथ शिक्षण संस्थाओं में जाकर ड्राइवर-कंडक्टरों को जागरूक किया जाता है। स्कूल मैनेजमेंट को स्कूलों बसों के संचालक में नियमों का पालन करने की हिदायत दी जाती है। हर माह तीन-चार स्कूलों में करते हैं जांच एसडीएम रेवाड़ी एवं आरटीए सुरेश कुमार ने कहा कि जनवरी माह में सड़क सुरक्षा अभियान के तहत स्कूलों में जांच और जारूकता अभियान चलाया था। हर माह तीन से चार स्कूलों में बसों की जांच की जाती है। जांच के दौरान खामी पाए जाने पर चालान किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस को भी नियमित रूप से स्कूल बसों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। समय-समय पर करते हैं बसों की जांच एसएचओ ट्रैफिक ताराचंद ने कहा कि ट्रैफिक पुलिस समय समय पर स्कूल बसों की जांच करती है। जांच के दौरान जिन बसों में खामी पाई जाती है, उनके चालान किए जाते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में जाकर भी जागरूक किया जाता है। रोड पर खाली दिखाई देने वाली बसों के ड्राइवरों को विशेष हिदायत दी जाती हैं। दो की मौत, दर्जन से अधिक घायल बता दें कि, मंगलवार को संजारपुर-टांकड़ी रोड पर स्कूल बस और कार की टक्कर में कार सवार जेतड़वास निवासी दो दोस्तों जितेंद्र और सचिन की मौत हो गई थी। हादसे में बस में सवार एक दर्जन से अधिक बच्चों को भी चोटें आई थी। सूचना के बाद बावल थाना पुलिस मौके पर पहुंची थी। प्रशासन के साथ मिलकर करते हैं कामआरएसओ रमेश वशिष्ठ ने बताया कि जिले में आरएसओ के सदस्य भी समय समय पर प्रशासन और पुलिस के साथ मिलकर काम करता है। हादसे के बाद उठे थे सवाल प्रदेश के किसी न किसी कोने में अक्सर स्कूल बस हादसे का शिकार होती रहती है। अप्रैल 2024 में महेंद्रगढ़ में उन्हानी के पास हुए हादसे के बाद स्कूल बसें सबसे अधिक चर्चा में आई थी। हादसे के बाद हरकत में आई प्रदेश सरकार ने जांच के आदेश जारी किए। मुख्यमंत्री नायब सैनी के अलावा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री ने शोक जताया था। तत्कालीन शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा शिक्षामंत्री ने स्कूल की मान्यता रद करने और परिवहन मंत्री आसीम गोयल ने बसों की जांच करने के आदेश दिए थे। इस हादसे में छह बच्चों की मौत हो गई थी और दर्जनों बच्चे घायल हो गए थे। इससे पहले हो चुके यह हादसेइससे पहले गत वर्ष अक्टूबर में धारूहेड़ा क्षेत्र में स्कूल बस सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे से टकरा गई थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख पुकार मच गई थी। उस समय बस में सवार किसी को गंभीर चोटें नहीं आई थी। इससे पहले जनवरी 2023 में गोलियाकी गांव के पास नहर पुल पर स्कूल बस दुर्घनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे के समय बस में करीब 40 बच्चे सवार थे और किसी को गंभीर चोटें नहीं आई थी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:00 am

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल:जांच में पता चला पेनक्रियाज का ट्यूमर, आधी किडनी के साथ बड़ी आंत को बचाकर बाहर निकाला

उप नगर ग्वालियर निवासी 60 वर्षीय शोभाराम पेट दर्द की शिकायत लेकर मुझे (डॉ.आशीष श्रीवास्तव) को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की गैस्ट्रो सर्जरी की ओपीडी में दिखाने आया। मरीज ने बताया कि उसे एक साल से पेट में दर्द की शिकायत है। कई जगह दिखाया लेकिन आराम नहीं मिल रहा है। मरीज का चेकअप करने के बाद सीटी स्कैन सहित कुछ जांच कराई। सीटी स्कैन की जांच में पता चला कि उसकी पेनक्रियाज में 5 सेमी का ट्यूमर है। यह ट्यूमर तिल्ली, बाएं तरफ की किडनी और बड़ी आंत तक पहुंच चुका है। सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि तिल्ली, बाएं तरफ की किडनी और बड़ी आंत सहित कुछ महत्वपूर्ण नसों को बचाने की थी। साथ ही यह भी देखना था कि कहीं अधिक ब्लीडिंग न हो जाए, जिससे मरीज की जान खतरे में आ जाए। इन सब चुनौतियों को ध्यान में रखकर मैंने (डॉ.आशीष श्रीवास्तव) ने रैंप्स (रेडिकल एंटीग्रेड मॉड्यूलर पैनक्रियाटो स्प्लेनेक्टोमी एंड पार्शियल नेफ्रेक्टॉमी स्लीव कॉलेक्टमी) पद्धति से ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। यह ट्यूमर तिल्ली, बाएं तरफ की किडनी, बड़ी आंत के साथ शरीर के कुछ महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंच गया था। अगर ऑपरेशन के दौरान इन अंगों को कोई क्षति पहुंचती तो मरीज की जान भी जा सकती है। लिहाजा ऑपरेशन में विशेष सावधानी बरती गई। इसी का परिणाम निकला कि 6 घंटे चले इस ऑपरेशन में ट्यूमर तो सफलता पूर्वक बाहर निकाल ही लिया गया। साथ ही बायीं तरफ की किडनी को आधा हिस्सा बचा लिया गया। साथ ही बड़ी आंत सहित किसी भी अंग को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। आमतौर पर ऐसे ऑपरेशन में काफी ब्लीडिंग होने से मरीज को ब्लड चढ़ाना पड़ता है लेकिन इस ऑपरेशन में मरीज को ब्लड चढ़ाने की आवश्यकता नहीं हुई। सप्ताहभर अस्पताल में रखने के बाद बुधवार को ड्रेसिंग कर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। भास्कर एक्सपर्ट - डॉ. आशीष श्रीवास्तव, वरिष्ठ गैस्ट्रो सर्जन, सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल ऑपरेशन के दौरान टीम में ये भी रहे साथइस ऑपरेशन में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ.प्रशांत श्रीवास्तव, मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील सोलंकी, डॉ. श्रेयांस, डॉ.मुस्कान, एनेस्थीसिया के डॉ. मनमोहन, डॉ. सीमा शिंदे, डॉ. नम्रता और डॉ. कुशल जेठानी शामिल थे। ऑपरेशन से जुड़ी फैक्ट फाइल {ट्यूमर का आकार: 5 सेमी {ऑपरेशन समय: 6 घंटे{तकनीक: RAMPs सर्जरी {ब्लड ट्रांसफ्यूजन: नहीं लगा{किडनी: बायीं किडनी का आधा हिस्सा सुरक्षित{खर्च: आयुष्मान योजना में पूरी तरह निशुल्क{उपलब्धि: अंचल का पहला ऐसा ऑपरेशन

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:59 am

रैबीज से पहली मौत:सालभर में एक लाख लोगों को लगे इंजेक्शन मुरार में डॉग बाइट के सबसे ज्यादा मामले

शहर में आवारा डॉग हिंसक होने के साथ जानलेवा साबित होने लगे हैं। शहर की 48 वर्षीय किरण नामक एक महिला की रैबीज होने के चलते न्यू जेएएच के मेडिसिन विभाग में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस महिला को आवारा कुत्ते ने काटा था जिसके बाद उसे एंटी रैबीज के पूरे इंजेक्शन निर्धारित समय पर नहीं लग पाए। इस कारण उसे रैबीज हो गया। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी मरीज को रैबीज की बीमारी हो गई तो उसके बचने की कोई संभावना नहीं है। शहर में डॉग बाइट के केस किस रफ्तार से बढ़ रहे हैं इसका पता इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2025 के 12 माह में कुत्ते काटे के 82,496 मरीज शहर के प्रमुख 3 अस्पतालों न्यू जेएएच, जिला अस्पताल मुरार और सिविल अस्पताल हजीरा में पहुंचे। अगर बात इस वर्ष जनवरी की करें तो इन तीन अस्पतालों में 8,629 मरीज डॉग बाइट के आए। फरवरी के अभी 4 दिन ही निकले हैं लेकिन 1013 मरीज अस्पताल पहुंच गए। इस तरह से 13 माह 4 दिन में 1,00,767 मरीजों को एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगाए गए। इनमें से किसी मरीज को पहला तो किसी को दूसरा या तीसरा एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया गया। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने बताया कि डॉग बाइट के केस लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार यह देखने में आता है कि मरीज को इंजेक्शन किस तारीख को लगना है उसे याद ही नहीं रहता है, जो घातक है। मरीजों के हित को ध्यान रखते हुए जीआरएमसी ने देश का पहला रैबी प्रो ऐप तैयार किया है। इनमें जैसे ही मरीज पहले दिन अस्पताल में अपना नाम दर्ज कराएगा तो उसकी एंट्री सीधे ऐप में हो जाएगी। जब मरीज को दूसरा या तीसरा इंजेक्शन लगना होता तो उसके मोबाइल पर इसका मैसेज आ जाएगा। साथ यह भी सुविधा हो गई है कि मरीज को पूरा डेटा हमारे पास संरक्षित रहेगा। साथ ही सरकार को आगे की रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। निगम भले ही कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने का अभियान चलाने का दावा करती हो लेकिन हकीकत कुछ और ही है। शहर में सबसे ज्यादा डॉग बाइट के केस जिला अस्पताल मुरार में आए हैं। बीते साल जिला अस्पताल मुरार में सबसे ज्यादा 31,756 डॉग बाइट के मरीज आए। इस साल 1 जनवरी से अब तक सबसे अधिक 3,445 मरीज यहां एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने आए। वहीं न्यू जेएएच के पीएसएम विभाग में 3,351 मरीज तथा सिविल अस्पताल हजीरा में 2,958 मरीज आए।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:55 am

काजग से उगेंगे पौधे:इनवायरमेंट फ्रेडली ‘सीड पेपर' करेगा कमाल, गोरखपुर में हुआ एक्सपेरिमेंट

गोरखपुर के डीडीयू यूनिवर्सिटी के बायोटेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में एक इनवायरमेंट फ्रेडली ‘सीड पेपर' तैयार किया गया है। जिससे एक तरफ ग्रीटिंग, इनविटेशन कार्ड या किसी भी यूज किए कागज का बेहतर इस्तेमाल होगा और दूसरी तरफ नेचर के लिए भी फायदेमंद रहेगा। इस पेपर के अंदर बीज होंगे जो मिट्टी और नमी के संपर्क में आने के बाद पौधे को जन्म देंगे। यह सीड पेपर डिपार्टमेंट की डॉ. ऐमन तनवीर और डॉ. सुप्रिया गुप्ता ने प्रोफेसर दिनेश की मदद तैयार किया है। टमाटर और मिर्ची के बीज से टेस्ट किया डॉ. ऐमन तनवीर ने बताया- इस पेपर में हमने अभी हमने टमाटर और मिर्ची के बीज से टेस्ट किया है। आगे तुलसी और अन्य बीजों पर एक्सपेरिमेंट करेंगे। यह सीड पेपर इंसान को प्रकृति से इमोशनली कनेक्ट करेगा। केमिकल फ्री है यह 'सीड पेपर' उन्होंने बताया- पर्यावरण को सुरक्षित करने, वेस्ट मटेरियल को रियूज और सस्टेनबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हमने यह प्रयोग किया है। इस पेपर को बनाने के लिए हम रद्दी, गन्ने का बगास और गेहूं की भूसी का इस्तेमाल कर उसकी उपयोगिता बढ़ाएंगे। इसमें एक खास एंजाइम होता है, जो सीड को खराब नहीं होने देता। साथ ही पेपर को इको फ्रेंडली बनाने के लिए किसी भी तरह का केमिकल का इस्तेमाल भी नहीं किया जाता है। यादों को संजोएगा सीड पेपर उन्होंने बताया- इस पेपर के जरिए हम खास लोगों की यादों को वर्षों के लिए संजों सकते हैं। जैसे कोई हमें ग्रीटिंग कार्ड, इनविटेशन कार्ड या लेटर देता है तो कुछ समय बाद वह जरूर खराब हो जाता है। फिर उसे फेंकना ही पड़ता है। या फिर अगर नहीं फेंकते तो वैसे ही पड़ा रहता है। ऐसे कागजों का सीड पेपर बना कर उसका बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं। इस सीड पेपर से पौधे निकलेंगे जिससे अलग ही जुड़ाव होगा और प्रकृति के लिए भी लाभदायक होगा। सामान्य बीज अंकुरित होने जितना लगता समय डॉ. तनवीर के हिसाब से इस सीड पेपर से बीज अंकुरित होने में उतना ही समय लगता है, जितना सामन्य बीजों के अंकुरण में लगता है। खास बाद यह है कि इसे बोना भी आसान है। बस पेपर के टुकड़ें किए और मिट्टी के अंदर दबा दिया। वेस्ट वॉटर भी सुरक्षित डॉ. तनवीर ने बताया- इस पेपर को बनाने के दौरान निकलने वाला वेस्ट वॉटर भी बिल्कुल सुरक्षित है। इसका भी PH मान चेक किया गया है, जो सामान्य प्रदूषित पानी से काफी कम है। पेटेंट फाइल किया गया इस तकनीक की उपयोगिता और मौलिकता को देखते हुए इसके लिए पेटेंट भी दाखिल किया गया है। यह रिसर्च वर्क DST वुमेन साइंटिस्ट प्रोजेक्ट के अंतर्गत किया गया है। आने वाले समय में यह सीड पेपर बड़े पैमाने पर उत्पादित किया जा सकता है और इससे न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और स्टार्ट-अप के अवसर भी पैदा होंगे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:54 am

इंदौर में चार ब्लॉक में हुआ पानी का सर्वे:9% जल स्रोत दूषित, 20 दिन में गंदे पानी की 1851 शिकायतें आईं

भागीरथपुरा में हुई दूषित पेयजल त्रासदी के बाद जिले के इंदौर, महू, देपालपुर और सांवेर ब्लॉक में पानी के 566 सैंपलों की जांच हुई है। 1 से 28 जनवरी तक लिए गए इन सैंपलों में 51 फेल हुए हैं। यानी कुल सैंपल से 9 प्रतिशत सोर्स ऐसे हैं, जिनका पानी पीने योग्य नहीं मिला। खास बात यह है कि भागीरथपुरा मामले के बाद 13 जनवरी से हर मंगलवार को जिले में जलसुनवाई हो रही है। इसमें दूषित पानी सहित अन्य दिक्कतों की अब तक 1851 शिकायतें आई हैं। देपालपुर की स्थिति सबसे खराबसैंपलों की जांच में सबसे ज्यादा दूषित पानी देपालपुर ब्लॉक में 32% मिला है। सांवेर में 11.49%, महू में 5.77% और इंदौर ब्लॉक में यह 4.14% रहा। आंकड़ों के मुताबिक जिले में जो सर्वे हुआ है, उसमें 42 नल-जल योजनाएं बंद हैं। इसमें राऊ विधानसभा क्षेत्र में 4, सांवेर में 20, देपालपुर में 8, महू में 10 योजनाएं शामिल हैं। 20 साल पुरानी लाइनें सुधारेंगेप्रदेश भर में स्वच्छ जल अभियान का पहला चरण चल रहा है जो 28 फरवरी तक चलेगा। इसमें सर्वे सहित जल स्रोत की पहचान करना है। 1 मार्च से दूसरा चरण शुरू होगा जो 31 मई तक चलेगा। एसओपी के तहत 20 साल से अधिक पुरानी लाइनों को ​चिह्नित कर 48 घंटे में लीकेज की मरम्मत करेंगे। स्वच्छ जल अभियान में इन पर ध्यान

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:51 am

सरकारी बंगलों में अवैध कब्जा तो दस गुना लगेगी पेनाल्टी:चार इमली, 74 बंगले, 45 बंगले, प्रोफेसर कालोनी में रहने वाले पूर्व मंत्रियों, नेताओं की होगी फजीहत

राजधानी के चार ईमली, 74 बंगले, 45 बंगले, प्रोफेसर कालोनी समेत अन्य स्थानों पर सरकारी बंगलों में रहने वाले पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल के पूर्व अध्यक्षों, उपाध्यक्षों, राजनीतिक दलों के साथ उन अधिकारी कर्मचारियों की फजीहत होने वाली है जो पद से हटने, तबादला या रिटायरमेंट होने के बाद भी बंगलों और सरकारी आवासों में जमे हैं। ऐसे लोगों से वसूले जाने वाले किराए की राशि गृह विभाग ने तय कर दी है। सरकार ने शासकीय आवास आवंटन नियमों में संशोधन करते हुए बंगलों, सरकारी आवासों के लिए तय अवधि के बाद खाली नहीं करने पर दस गुना पेनाल्टी वसूलने का आदेश जारी कर दिया है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद तय किराया दरें लागू भी हो गई हैं। इसका असर बीजेपी के उन पूर्व मंत्रियों, निगम मंडल में पदाधिकारी रह चुके नेताओं, शासकीय सेवा से रिटायर होने वाले और भोपाल से बाहर स्थानांतरित होने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर पड़ना तय है। इसके लिए नियम भी तय कर दिए गए हैं कि किस स्थिति में तीन माह तक सामान्य किराया और उसके बाद दंड के रूप में किराया वसूला जाएगा। राज्य शासन के गृह (सामान्य) विभाग द्वारा नियम-17 में बदलाव करते हुए जो नई व्यवस्था तय की गई है उसके अनुसार अब भोपाल से बाहर तबादला होने पर अधिकारी कर्मचारी अधिकतम 6 माह तक सामान्य किराए पर आवास में रह सकेंगे। इसके बाद उनसे पेनाल्टी किराया वसूला जाएगा और बेदखली की कार्रवाई होगी। इन नियमों में यह भी कहा गया है कि अधिकारी कर्मचारी के रिटायर होने की स्थिति में वह छह महीने तक आवास में रह सकेगा। इसमें पहले 3 माह सामान्य किराया लगेगा जबकि अगले 3 माह बाद 10 गुना पेनाल्टी किराया लगेगा। नियमों में यह भी कहा गया है कि त्यागपत्र देने, सेवा से पृथक होने या अन्य कारणों से आवास रखने की अनुमति अधिकतम 3 माह तक रहेगी और इस अवधि तक सामान्य किराया वसूला जाएगा। इसके बाद नियम अनुसार पेनाल्टी किराया वसूला जाएगा। पेनाल्टी के रूप में वसूले जाने वाले किराए की दरों में भी बदलाव कर्मचारियों के आवासों के लिए ऐसी होगी पेनाल्टी

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:50 am

टीचर के निलंबन का मामला:मथुरा का प्राथमिक विद्यालय बना राजनीति का केंद्र,कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा नफरत फैलाने का काम कर रही भाजपा

मथुरा के नौहझील स्थित प्राथमिक विद्यालय के प्रधान अध्यापक पर स्कूल में नमाज पढ़ाने और राष्ट्रगान न करने के आरोप लगे तो नए विवाद ने जन्म ले लिया। भाजपा नेता की शिकायत पर BSA ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। इसकी जानकारी मिलते ही स्कूल के छात्र,स्टाफ और ग्रामीणों ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। मामले ने तूल पकड़ा तो प्राथमिक विद्यालय राजनीति का केंद्र बन गया। यहां कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पहुंचे और लोगों से बात कर मामले की जानकारी की। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह नफरत की राजनीति कर रहे हैं। स्टाफ और ग्रामीणों से की मुलाकात मथुरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश धनगर बुधवार को नौहझील प्राथमिक विद्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने विद्यालय में छात्र छात्राएं,स्टाफ और ग्रामीणों से बात की। उन्होंने बताया आसपास के ग्रामीणों से बातचीत और वहां के स्टाफ से चर्चा की तो पता चला कि भारतीय जनता पार्टी के एक नेता ने वहां के प्रधानाचार्य जान मोहम्मद के विरुद्ध जो आरोप लगाए हैं इनका कोई आधार नहीं है। आरोप केवल राजनीति से प्रेरित होकर लगाए हैं। 18 साल से कर रहे शिक्षण कार्य मुकेश धनगर ने बताया कि जान मोहम्मद के बारे में उन्होंने जानकारी की तो पता चला वह डेढ़ दशक तक अपनी सेवाएं बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स बीएसएफ के लिए दे चुके है। वह 18 साल से विद्यालय की सेवा करके बालकों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। मुकेश धनगर ने बताया इस तरह के जो आरोप लगाए गए हैं इनका कोई आधार नहीं है, आरोप बेबुनियाद निराधार हैं ।मुकेश धनगर ने बताया की जगह-जगह पर हिंदू सम्मेलन करके आरएसएस अपने कार्यक्रम चला रहा है। नौझील,बाजना और मांट क्षेत्र में उसको विशेष समर्थन नहीं मिला है। इस तरह के इन मामलों को मुखर कर वह अपने लिए माहौल बनाना चाहते हैं। नफरत का माहौल खड़ा करके हिंदू ध्रुवीकरण के नाम पर वह आने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव और विधानसभा के चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। आंदोलन की दी चेतावनी इस अवसर पर प्रतिनिधि मंडल में अखिल भारतीय सांप्रदायिकता विरोधी कमेटी के जिला अध्यक्ष शिवदत्त चतुर्वेदी, जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वैद्य मनोज गौड़, दयाराम पाठक,यामीन उस्मानी, प्रमोद पाठक, डॉ राजाबाबू,ओम गुप्ता , राजेश धनगर, मोहम्मद दिलशाद और क्षेत्रीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष शामिल थे। शिवदत्त चतुर्वेदी ने बताया कि अधिकारी जनता द्वारा की जाने वाली शिकायत पर उसका निस्तारण करने से पहले जांच कराकर टालते हैं। जबकि जान मोहम्मद प्रधानाचार्य प्राइमरी स्कूल नौहझील के मामले में बिल्कुल उल्टा हुआ है। एक फर्जी शिकायत के आधार पर जान मोहम्मद के खिलाफ कार्यवाही कर दी गई । वह भी शिकायत पत्र मिलने के एक दिन के बाद ही। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर चुप नहीं बैठेगी। अगर इस तरह के अन्याय,अत्याचार होंगे तो जिला कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के सहयोगीयों की मदद से व्यापक जन आंदोलन करेगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:48 am

भाजपा नेता पर हमले में 6 के खिलाफ एफआईआर:गोरखपुर में बाइक सवार बदमाशों ने मारी थी गोली, 3 पकड़े गए

गोरखपुर के गगहा थाना क्षेत्र के भैसहा गांव निवासी भाजपा नेता राधा मोहन सिंह को मंगलवार की रात गोली मारी गई थी। इस मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों व कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। बुधवार को एक नामजद आरोपी समेत तीन अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। हिरासत में लिए गए आरोपियों में एक सपा का पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी शामिल है, जिससे पुलिस गहन पूछताछ कर रही है। वहीं बुधवार को पुलिस अधिकारियों ने फॉरेंसिक टीम संग दोबारा घटना स्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किया है। इस मामले में गगहा थाने की पुलिस ने भैंसहा बुजुर्ग के अनुज साहनी उर्फ गुल्ली, अभिषेक पासवान, मनीष यादव, ऋषिकेश यादव, दो बाइक सवार और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। भाजपा नेता का मेडिकल कॉलेज में बुधवार को ऑपरेशन कर उनकी पीठ में फंसी गोली डॉक्टरों ने निकाल दी। भाजपा नेता से मिलने के लिए पूरे दिन मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में भीड़ लगी रही। हमलावरों ने पीठ में मारी थी गोली गगहा थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात 8:45 बजे लीलावती सिंह स्मारक इंटर कॉलेज के प्रबंधक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े राधामोहन सिंह पर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी। इस हमले में एक गोली उनकी पीठ में जा लगी। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हमले की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसपी दक्षिणी समेत अन्य अधिकारियों ने जांच पड़ताल कर साक्ष्य एकत्रित किए थे। देर रात पुलिस ने बीजेपी नेता की तहरीर पर गांव के ही रहने वाले अनुज साहनी उर्फ गुल्ली, अभिषेक पासवान, मनीष यादव और ऋषिकेश यादव के खिलाफ जानलेवा हमला, धमकी समेत अन्य गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर हमलावरों की तलाश में दबिश देनी शुरू कर दी थी। घटनास्थल की 2 तस्वीर देखिए… आरएसएस के बैठक से आ रहे थे भाजपा नेताभैंसहा बुजुर्ग निवासी पीड़ित राधामोहन सिंह ने अपनी तहरीर में बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे रकहट गांव में आरएसएस कार्यकर्ता चंद्रमौल पांडेय के घर बैठक में शामिल होने के बाद बाइक से घर लौट रहे थे। वह जैसे ही वे कैथवलिया गांव के बंधे पर स्थित हुकहा बाबा मंदिर के पास पहुंचे, पीछे से आए बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और तमंचा तान दिया। आरोप है कि बाइक पर सवार अनुज साहनी उर्फ गुल्ली और अभिषेक पासवान ने जान से मारने की नीयत से कई राउंड फायरिंग की। जब वे जान बचाने के लिए रुके, तो वहां पहले से घात लगाए बैठे मनीष यादव और ऋषिकेश यादव ने भी फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने के बाद लहूलुहान हालत में वह किसी तरह भागकर कैथवलिया गांव में संतोष यादव के घर पहुंचे और शोर मचाया। ग्रामीणों की भीड़ जुटते देख हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। इसके बाद वह थाने पहुंचकर तहरीर दी, जिसमें हमले को पुरानी रंजिश का परिणाम बताते हुए इसे सुनियोजित साजिश बताया गया है। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी ऋषिकेश यादव को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और शेष आरोपियों के खिलाफ भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस संबंध में एसपी साउथ दिनेश कुमार पुरी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर नामजद एक आरोपी समेत तीन अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। जांच और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब विस्तार से जानिए पूरा मामला… भैंसहा गांव के रहने वाले राधा मोहन सिंह हिंदू युवा वाहिनी के जिला उपाध्यक्ष रह चुके हैं। वह लीलावती सिंह स्मारक इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रबंधक भी हैं। हियुवा से जुड़े होने के साथ ही वह भाजपा में भी सक्रिय रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबियों में गिने जाने वाले राधा मोहन सिंह के परिवार में पिता, पत्नी, एक छोटा भाई के अलावा बेटा और दो बेटियां हैं। परिजन के अनुसार, मंगलवार को वह आरएसएस के एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। रात करीब 8.45 बजे वह घर लौट रहे थे। बताया जा रहा कि रास्ते में कैथवलिया बंधे का इलाका सुनसान और अंधेरा रहता है। हमला घात लगातार इसी इलाके में पहले से मौजूद थे। जैसे ही वह पहुंचे, बदमाशों ने हमला कर दिया। गोली उनकी पीठ में लगी। गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े। उधर, बदमाश गोली मारने के बाद फरार हो गए। गोली की आवाज सुनकर गांव के लोग दौड़े पहुंचे। उन लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने उनको तत्काल अस्पताल पहुंचवाया। अस्पताल पहुंचे काफी संख्या में लोगभाजपा नेता को गोली मारने की खबर सुनने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर काफी संख्या में लोग पहुंच गए। उधर, डॉक्टर्स ने घायल की स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में उनका इलाज चल रहा। गांव की पुरानी रंजिश को देखते हुए पुलिस ने शुरू की जांच पुलिस के अनुसार, भाजपा नेता पर हमला पुरानी रंजिश हो सकती है। 2023 में कालेज में पढ़ने वाली छात्राओं से छेड़खानी के आरोप में गांव के कुछ युवकों पर केस दर्ज कराया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी युवकों को जेल भेज दिया था। जेल से छूटने के बाद युवकों और उनके बीच दुश्मनी बढ़ गई थी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:45 am

सेहत की जांच:27% महिलाएं एनीमिया पीड़ित, 9 फीसदी में डायबिटीज के लक्षण मिले

महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसर में 28 से 30 फीसदी ब्रेस्ट कैंसर होता है। प्रोजेक्ट ‘मदद’ के तहत दो साल में इंदौर व आसपास के जिलों में 5850 महिलाओं की स्क्रीनिंग की गई। जांच में 610 महिलाओं की मैमोग्राफी पॉजिटिव आई। ज्यादातर महिलाएं वे थीं जिन्हें गांठ के बारे में पता नहीं था। इन सभी मामलों में समय पर उपचार शुरू हो सका। वर्ष 2026 में 3000 महिलाओं की जांच करने का लक्ष्य है। एक रिपोर्ट के मुताबिक मात्र एक फीसदी से भी कम लोग नियमित स्क्रीनिंग कराते हैं और दो तिहाई मरीज तब सामने आते हैं जब कैंसर आखिरी चरण में पहुंच चुका होता है। इलाज का खर्च भी अन्य बीमारियों के मुकाबले दो से तीन गुना अधिक होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के सहयोग से ज्वाला महिला समिति, रूपांतर नेचर एंड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और अरबिंदो हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के स्टाफ की मदद से यह प्रोजेक्ट चल रहा है। प्रोजेक्ट की शुरुआत वर्ष 2024 में जिला स्तर पर की गई थी। आलीराजपुर जिले के उदयगढ़ और कट्ठीवाड़ा सहित बड़वानी जिले के ठीकरी, बड़वानी सहित अन्य जगह स्क्रीनिंग की गई। ज्वाला संस्था की डॉ. दिव्या गुप्ता ने बताया अभियान के दौरान महिलाओं की हीमोग्लोबिन जांच, रैंडम ब्लड शुगर टेस्ट, डिजिटल मैमोग्राफी, शारीरिक परीक्षण के साथ काउंसलिंग और स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियां भी कराई गईं। 27 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित पाई गईं, जबकि 9 प्रतिशत में डायबिटीज के लक्षण मिले। एमवायएच में मैमोग्राफी जांच, एक हजार शुल्क एमवायएच में भी एक साल पहले मैमोग्राफी जांच सुविधा शुरू हुई। एक हजार रुपए शुल्क लिया जाता है। एक दिन में 4 से 5 महिलाओं की जांच हो पाती है। रेडियोलॉजी विभाग अब यह संख्या बढ़ाने की कोशिश में लगा है। सरकारी अस्पतालों से जांच के लिए यहां महिलाओं को रैफर किया जाता है। सोनोग्राफी के माध्यम से भी ब्रेस्ट कैंसर की जांच की जाती है। यह संख्या करीब 20 जांच प्रतिदिन है। डॉक्टरों के मुताबिक यह रैफरल सेंटर है, इसलिए यहां ज्यादातर वे ही महिलाएं आती हैं, जिनमें बीमारी की आशंका अधिक होती है। अगर 25 महिलाओं की जांच होती है तो 10 से 15 पॉजिटिव आती हैं। 35 साल के बाद हर महिला को यह स्क्रीनिंग करवाना चाहिए 35 साल के बाद हर महिला को यह स्क्रीनिंग करवाना चाहिए। इसका फायदा यह है कि कैंसर की गठान में कैल्शियम डिपोजिशन का पता चलता है। यह एकमात्र तरीका है जिससे बीमारी को सबसे जल्दी पकड़ा जा सकता है। कैंसर सर्जन डॉ. दिग्पाल धारकर कहते हैं जितने तरह के नए कैंसर मरीज आ रहे हैं, उनमें 14% ब्रेस्ट कैंसर होता है। वहीं महिलाओं में पाए जाने वाले कैंसर में 28 से 30% ब्रेस्ट कैंसर होता है। स्वास्थ्य विभाग भी महिलाओं से जुड़े कैंसर का पता लगाने के लिए स्क्रीनिंग करवा रहा है। सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी के मुताबिक ब्रेस्ट कैंसर, ओरल कैंसर और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग करवा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:40 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:राहुल बोले- मोदी को नरवणे की किताब दूंगा; सेना ने आतंकियों की गुफा उड़ाई; UP में तीन बहनें 9वीं मंजिल से कूदींं

नमस्कार, कल की बड़ी खबर संसद में हुए हंगामे को लेकर रही। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पूर्व सेना अध्यक्ष नरवणे की किताब लेकर पहुंचे। वहीं दूसरी बड़ी खबर UP में तीन बहनों के एक साथ सुसाइड को लेकर है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. राहुल ने नरवणे की किताब दिखाई, बोले- PM को दूंगा; प्रियंका बोलीं- सरकार डरी हुई है राहुल गांधी नरवणे की किताब लेकर संसद पहुंचें। उन्होंने किताब के हवाले से कहा, 'साल 2020 में चीनी टैंक लद्दाख सीमा पर पहुंच गए थे। सेना ने इस बात कि जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दी। लेकिन मोदी ने अपनी जम्मेदारी पूरी नहीं की। उन्होंने आर्मी चीफ से कहा कि जो उचित समझो वो करो, मेरे बस की नहीं।' राहुल ने कहा कि ये किताब PM मोदी को दूंगा, लेकिन मुझे नहीं लगता कि वो लोकसभा में आने की हिम्मत करेंगे। विदेश में किताब पब्लिश हो चुकी: राहुल गांधी किताब की हार्ड कॉपी लेकर पहुंचे थे। कांग्रेस पार्टी ने दावा किया कि पूर्व आर्मी चीफ नरवणे की किताब विदेश में पब्लिश हो चुकी है, लेकिन मोदी सरकार भारत में इसे पब्लिश नहीं होने दे रही। राहुल ने केंद्रीय मंत्री को गद्दार कहा: संसद परिसर में राहुल ने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पास से गुजरते देखकर कहा कि देखो एक गद्दार आ रहा है, देखिए इसका चेहरा। मंत्री ने पलटकर राहुल को देश का दुश्मन बताया। दरअसल, रवनीत सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे। बजट सत्र से जुड़े अहम अपडेट्स... BJP सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें लेकर पहुंचे। उन्होंने कहा इन किताबों में कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। प्रधानमंत्री लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे की वजह से कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इससे PM मोदी का संबोधन टल गया। पढ़ें पूरी खबर... 2. वकील बनकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता, SIR का केस लड़कर रचा इतिहास सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में चल रही SIR मामले पर सुनवाई की। ममता बनर्जी वकील बनकर पहुंचीं और अपनी दलीलें रखीं।उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के निशाने पर है। जो काम 2 साल में होना था, उसे 3 महीने में करवाया जा रहा है। कोर्ट ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।​​​​​​​ पहली बार किसी CM ने SC में दलील दी: सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं। मुकदमों में आमतौर पर मुख्यमंत्रियों के वकील या सलाहकार ही पेश होते हैं।​​​​​​​ पढ़ें पूरी खबर... 3. मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं; सुसाइड नोट में लिखा- गेम नहीं छोड़ पाए गाजियाबाद में 'कोरियन लव गेम' की लत के चलते तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया है। 12, 14 और 16 साल की तीनों बहनों ने पिता की फटकार के बाद बालकनी से छलांग लगा दी। पुलिस को मौके से 18 पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें गेम न छोड़ पाने और माता-पिता से माफी मांगने की बात लिखी है। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा;- मम्मी-पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे। कोरियन लव गेम के बारे में जानिए: यह एक ऑनलाइन चैट ट्रिक है, जिसमें कोई खुद को विदेशी या कोरियन बताकर दोस्ती और प्यार की बातें करता है। धीरे-धीरे आसान टास्क देकर भरोसा बनाता है, फिर दबाव बढ़ाता है। बात न मानने पर डराता है, जिससे खिलाड़ी तनाव में आकर व्यवहार बदलने लगता है। पढ़ें पूरी खबर... 4. जम्मू-कश्मीर में सेना ने आतंकियों की गुफा उड़ाई, 2 आतंकी ढेर; गुफा में छिपे थे​​​​​​​ जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में सुरक्षाबलों ने जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकियों को ढेर कर दिया है। दोनों आतंकवादी गुफा में छिपे हुए थे। सेना ने ग्रेनेड से विस्फोट कर गुफा को ही उड़ा दिया। इस ऑपरेशन में जैस का टॉप कमांडर रुबानी उर्फ अबू माविया भी मारा गया। 2025 में 46 आतंकी मारे गए: साउथ एशिया टेररिज्म पोर्टल के मुताबिक, साल 2025 में जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से जुड़ी हिंसा में कुल 46 मौतें हुईं। इसमें शहीद हुए 18 जवान और पहलगाम में मारे गए 28 नागरिक शामिल हैं। वहीं, इस दौरान सुरक्षाबलों ने 46 आतंकियों को भी मार गिराया। पढ़ें पूरी खबर... 5. कानपुर में टीचरों ने 10 छात्र-छात्राओं को बेल्ट-डंडे से पीटा, इंजीनियरिंग कॉलेज में बवाल कानपुर के महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में बुधवार सुबह बवाल हो गया। देर से पहुंचने पर टीचरों ने छात्र-छात्राओं को दौड़ा-दौड़ाकर डंडों- बेल्टों से पीटा। पिटाई से 10 स्टूडेंट्स घायल हो गए। इनमें चार छात्राएं हैं। एक छात्रा का हाथ फट गया। खून निकलते देख साथी भड़क गए। उन्होंने हंगामा कर दिया। कॉलेज का गेट बंद कर छात्र वी वांट जस्टिस जैसे नारे लगाने लगे। कॉलेज में तोड़फोड़ भी की गई। हंगामा बढ़ने पर पुलिस और पीएसी बुलानी पड़ी। छात्र के पिता की शिकायत पर 3 टीचरों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कॉलेज प्रबंधन ने 2 टीचरों को सस्पेंड कर दिया है। पुलिस ने चार टीचरों को अरेस्ट किया है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सोना ₹1.57 लाख पर पहुंचा, दो दिन में ₹7,879 महंगा हुआ सोने-चांदी के दाम में आज यानी 4 फरवरी को बढ़त रही। सर्राफा बाजार में 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 5,096 रुपए बढ़कर 1,56,625 रुपए हो गया है। सोना दो दिन में 7,879 रुपए महंगा हुआ है। चांदी ₹18,497 बढ़ी: चांदी की कीमत 18,497 रुपए बढ़कर 2,82,462 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है। दो दिन में ये 22,962 रुपए बढ़ चुकी है। वहीं सर्राफा बाजार में सोने ने 29 जनवरी को 1,76,121 और चांदी ने 3,85,933 रुपए का हाई बनाया था। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स ने चुनाव लड़ने के लिए बेटी की जान ली महाराष्ट्र में सरपंच बनने की सनक में एक पिता ने अपनी ही बेटी को नहर में डुबोकर मार डाला। दरअसल, नियम है कि जिसके दो बच्चे हैं वो चुनाव नहीं लड़ सकता। इसी वजह से शख्स ने तीन बेटियों में से एक की हत्या कर दी। फिलहाल उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को करियर में नए मौके मिल सकते हैं। धनु राशि वालों को लेन-देन में सावधानी रखनी होगी। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:39 am

UP में 3 या 4 मार्च, होली कब मनाई जाएगी?:भद्रा और चंद्रगहण का साया; ज्योतिषाचार्य बोले- इस संयोग में रंग नहीं खेले जाएंगे

इस साल होली पर्व पर भद्रा और खग्रास चंद्र ग्रहण का दुर्लभ संयोग बन रहा है। 2 मार्च को होलिका दहन पर भद्रा का साया पड़ रहा है, जबकि अगले दिन 3 मार्च को धुलेंडी के दिन खग्रास चंद्र ग्रहण रहेगा। इससे लोगों में असमंजस की स्थिति है। ज्योतिष शास्त्रियों का कहना है कि 3 मार्च को होली मनाना शास्त्रों के अनुसार ठीक नहीं है। ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाएगा, जिसमें शुभ कार्य और मंदिर दर्शन वर्जित माने जाते हैं। सूतक काल के दौरान आमतौर पर शुभ कार्यों पर रोक मानी जाती है। इसलिए होली एक दिन आगे खिसककर 4 मार्च को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं—भद्रा कौन थी? होलिका दहन कब होगा? उसके लिए कितना समय मिल रहा है? तीन मार्च को होली मनाने में क्या परेशानी है? ब्रज में होली का शेड्यूल क्या है? होलिका दहन के लिए 1 घंटा 12 मिनट का शुभ समयगोरखपुर के एस्ट्रोलॉजर पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं- इस साल 2 मार्च सोमवार को सूर्योदय सुबह 6 बजकर 16 मिनट पर होगा। इस दिन चतुर्दशी तिथि शाम 5:18 बजे तक रहेगी, इसके बाद पूर्णिमा तिथि शुरू होगी। इस दिन सुबह 7:24 बजे तक आश्लेषा नक्षत्र रहेगा, फिर मघा नक्षत्र होगा। वहीं अतिगण्ड योग (ज्योतिष शास्त्र में एक अशुभ योग है) दोपहर 12:06 बजे तक रहेगा, इसके बाद सुकर्मा योग (अत्यंत शुभ और मंगलकारी योग) बनेगा। फिर पूर्णिमा तिथि अगले दिन यानी 3 मार्च को शाम 4:33 बजे तक रहेगी। पंडित नरेन्द्र उपाध्याय कहते हैं कि- शास्त्रों के अनुसार होलिका पूजन और दहन हमेशा रात में, पूर्णिमा तिथि में और भद्रा रहित समय में ही किया जाता है। लेकिन इस साल पूर्णिमा के पूर्वार्द्ध में भद्रा का साया है। भद्रा की स्थिति 2 मार्च शाम 5:18 बजे से लेकर 3 मार्च सुबह 4:56 बजे तक रहेगी। यानी 2 मार्च की पूरी रात भद्रा और पूर्णिमा दोनों साथ-साथ रहेंगी। ऐसी स्थिति में शास्त्र बताते हैं कि भद्रा के पुच्छ भाग यानी की शुभ काल में होलिका दहन किया जा सकता है, क्योंकि यह समय शुभ माना गया है। इस वर्ष भद्रा का शुभ काल रात 12:50 से रात के 02:02 बजे तक का है। यही 1 घंटा 12 मिनट का समय होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। हालांकि सूर्यास्त के बाद कभी भी होलिका दहन किया जा सकता है। लेकिन इस एक घंटे के दौरान शुभ समय होगा। होलिका दहन के पूरे 24 घंटे बाद ही होली खेली जाएगी, जो कि बहुत ही दुर्लभ स्थिति मानी जाती है। नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार, दो मार्च को जो होलिका दहन न कर पाएं, वे भद्रा साया खत्म होने के बाद और सूर्योदय से पहले यानी 3 मार्च सुबह 5:24 से 6:30 के बीच होलिका दहन कर सकते हैं। अगर इन दोनों में ना कर पाएं तो ग्रहण खत्म होने के बाद कर सकते हैं। हालांकि शास्त्रों के अनुसार ये ठीक नहीं होगा। लेकिन होली का त्योहार है तो दोष कम लगेगा। भद्रा को अशुभ क्यों माना जाता है? काशी में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के एस्ट्रोलॉजर प्रो. विनय पांडे के अनुसार, भद्रा को अशुभ इसलिए माना जाता है क्योंकि शास्त्रों में इसे शुभ कार्यों में बाधा डालने वाला समय बताया गया है। मान्यता है कि भद्रा के दौरान किए गए काम फल नहीं देते या उनमें अड़चनें आती हैं। धार्मिक कथाओं के अनुसार भद्रा शनिदेव की बहन हैं और उनका स्वभाव उग्र माना गया है। इसी कारण भद्रा काल को क्रोध और विघ्न का समय माना जाता है, जिसमें विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे शुभ कार्य वर्जित होते हैं। तीन मार्च को चन्द्रग्रहणBHU के एस्ट्रोलॉजर प्रो. विनय पांडे के अनुसार, 3 मार्च की शाम चंद्रग्रहण लग रहा है। चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल शुरू हो जाता है। शाम करीब 5:59 बजे ग्रहण होने के कारण सुबह लगभग 6:30 बजे से सूतक काल लागू हो जाएगा। ग्रहण लगभग शाम को 6:48 पर खत्म होगा। हालांकि चंद्र ग्रहण का खगोलीय आरंभ दिन में 3:20 बजे से हो रहा है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार चंद्र ग्रहण तभी माना जाता है, जब चंद्रमा दिखाई दे, यानी सूर्यास्त के बाद। इसलिए इस दिन सूर्यास्त से लेकर शाम 6:48 बजे तक ही ग्रहण काल माना जाएगा। सूतक काल के दौरान खान-पान वर्जित माना जाता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ व मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। चूंकि होली एक सामाजिक और सामूहिक पर्व है, जिसमें लोगों का आपस में मिलना-जुलना, भोजन और उत्सव शामिल होता है, ऐसे में सूतक काल के दौरान होली मनाना संभव नहीं होगा। इसी वजह से शास्त्रीय नियमों और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए 3 मार्च को होली नहीं मनाई जाएगी। मथुरा-वृंदावन में बसंत पंचमी से होली का उत्सव शुरू देश में होली का त्योहार सिर्फ दो दिन मनाया जाता है, लेकिन मथुरा-वृंदावन में 40 दिनों तक इस पर्व की रौनक रहती है। यहां होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो चुकी है। बसंत पंचमी पर बांके बिहार मंदिर में ठाकुर जी को गुलाल लगाया गया। यहां होली के कई अलग-अलग रूप देखने को मिलते हैं। लड्डू होली, लठमार होली, छड़ीमार होली, फूलों वाली होली, हुरंगा होली तो विश्वभर में प्रसिद्ध है। तभी तो इस होली में सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी भी खूब शामिल होते हैं। ब्रज की होली भक्तों को एक अलग ही लोक में ले जाती है। 2025 में कब थी होली ? साल 2025 में होली 14 मार्च, 2025 शुक्रवार को थी। वहीं होलिका दहन 13 मार्च गुरुवार को था। हालांकि 14 मार्च 2025 को चंद्र ग्रहण था और इसी दिन होली थी, लेकिन संयोवश यह चंद्र ग्रहण भारत में नहीं दिखाई दिया था। क्यों मनाते है होली ? हिरण्यकश्यप नाम का एक राक्षस था जिसका प्रह्राद नाम का एक पुत्र था। प्रह्राद भगवान विष्णु का बड़ा भक्त था लेकिन हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु का घोर विरोधी था। वह नहीं चाहता था कोई उसके राज्य में भगवान विष्णु की पूजा करें। वह अपने पुत्र को मारने का कई बार प्रयास कर चुका था, लेकिन बार-बार असफल हो जाता था। तब हिरण्यकश्यप ने भक्त प्रह्राद को मारने के लिए लिए अपनी बहन होलिका को भेजा। …………. ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद-मोबाइल गेम की लत, 3 बहनें 9वीं मंजिल से कूदीं:उम्र 12-14-16 साल; सुसाइड नोट में लिखा- सॉरी मम्मी-पापा, गेम नहीं छोड़ पाएंगे गाजियाबाद में तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, मंगलवार रात 2 बजे तीनों ने कमरे को अंदर से बंद किया, फिर स्टूल रखकर एक-एक करके बालकनी से छलांग लगा दी। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:38 am

भाजपा सांसद ने सीएम को लिखे 13 शिकायतों वाले लेटर:महिला SP को गोलीकांड, 2 मौत का जिम्मेदार बताया, एसपी बोलीं- ये सब कॉमन

राजस्थान में जनप्रतिनिधियों और अफसरों का टकराव कम नहीं हो रहा है। मंत्रियों से लेकर सांसद और विधायक नौकरशाही पर मनमानी करने और जनता से जुड़े काम नहीं करने का आरोप लगा रहे हैं। सब का एक ही दर्द है- अफसर बात नहीं सुनते हैं। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बाद अब सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने राजसमंद एसपी ममता गुप्ता को निलंबित करने और विभागीय जांच के आदेश देने के लिए मुख्यमंत्री को दो पत्र लिखे हैं। पहला- 24 दिसंबर, 2025 और दूसरा 7 जनवरी 2026 को लिखा। पत्रों में एसपी को लेकर 13 शिकायतें की हैं। सांसद महिला कुमारी का कहना है कि एसपी ममता गुप्ता प्रशासनिक मनमानी कर रही हैं। जिसके कारण जिले की कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सीएम को लिखी पहली चिट्‌ठी में ये 10 शिकायतें पहली शिकायत: नाथद्वारा गोलीकांड को दबा दिया राजसमंद के नाथद्वारा में 2 मार्च 2025 की शाम गणेश टेकरी क्षेत्र में 4 दोस्तों के बीच नशा करने के दौरान एक युवक (अक्षय कुमावत) को पिस्टल से गोली मारी थी। जिससे वह गंभीर घायल हो गया। अक्षय कुमावत के भाई सागर कुमावत (26) पुत्र गिरिराज कुमावत निवासी फौज मोहल्ला, नाथद्वारा ने 3 मार्च को पुलिस थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए तीनों नामजद आरोपी शिवम उर्फ मिथलेश (22) पुत्र संजय गुर्जर निवासी गुर्जरपुरा, अजय वैरागी उर्फ पक्या (23) पुत्र राकेश वैरागी निवासी धोइंदा व वसीम उर्फ कालु (19) निवासी गरीब नवाज कॉलोनी को गिरफ्तार किया था। सांसद का आरोप : एसपी द्वारा इस संवेदनशील मामले को दबा दिया गया। जिससे दोषियों को संरक्षण मिला। दूसरी शिकायत: मारपीट के पीड़ित पर ही कार्रवाई यह मामला नगर परिषद राजसमंद द्वारा महाराणा राजसिंह मार्ग का नाम बदलकर आचार्य महाश्रमण अहिंसा मार्ग करने के निर्णय के विरोध से जुड़ा है। 19 दिसंबर 2025 को बालकृष्ण स्टेडियम में कार्यक्रम के दौरान मंगल सिंह और भरत दवे ने नगर परिषद आयुक्त ब्रजेश रॉय पर स्याही फेंकी थी और सभापति अशोक टांक के साथ अभद्रता का आरोप भी लगा था। घटना के बाद सफाई कर्मचारियों द्वारा भरत दवे के साथ कथित मारपीट का वीडियो भी सामने आया था। सांसद का आरोप : प्रार्थी के साथ हुई मारपीट की एफआईआर दर्ज नहीं की गई, बल्कि एससी-एसटी के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आधी रात को प्रार्थी के छोटे भाई और उसके 60 वर्षीय वृद्ध पिता को हिरासत में लिया। जमीनी अधिकारियों का कहना है कि यह सब एसपी के मौखिक आदेश पर हुआ है। तीसरी शिकायत: रेत माफियाओं को संरक्षण राजसमंद जिले के कुंवारिया के कुरज गांव में बनास नदी से अवैध बजरी खनन और माफिया के दबदबे को लेकर ग्रामीणों ने पिछले साल 31 अक्टूबर को बड़ा आंदोलन किया था। बजरी माफियाओं ने एक युवक के साथ मारपीट की और फावड़े से हमला कर उसे घायल कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि माफिया युवाओं को धमका रहे हैं। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और संरक्षण के कारण बेखौफ होकर फावड़ों से हमला व मारपीट करते है। 31 अक्टूबर को ग्रामीणों ने कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा तथा पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता को ज्ञापन सौंपा था। सांसद का आरोप: ग्रामीणों ने अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाई थी तो कुंवारिया पुलिस ने उच्च अधिकारियों की शह पर आवाज उठाने वालों को ही धारा 151 में बंद कर दिया। चौथी शिकायत: हिरासत में भीलवाड़ा के व्यापारी की मौत पिछले साल 11 अगस्त 2025 को भीलवाड़ा जिले के गाडरमाला निवासी सर्राफा व्यापारी खूबचंद सोनी को चोरी के मामले में पूछताछ के लिए राजसंमद जिले के कांकरोली थाने बुला था। परिजनों का आरोप है पूछताछ के दौरान ज्वेलर को टॉर्चर किया गया। दरअसल, चोरी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को पकड़ा था। उसने कहा कि माल एक ज्वेलर को बेच दिया। पुलिस ने ज्वेलर को थाने बुलाया। आरोप है कि वहीं उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। इस मामले को लेकर सर्राफा व्यापारी हॉस्पिटल के बाहर धरना-प्रदर्शन किया था। सांसद का आरोप: राजसंमद थाने में भीलवाड़ा के व्यापारी को जबरन उठा कर लाया गया। जिसकी हवालात में मौत हो गई। इस संबंध में जनता में काफी आक्रोश हुआ। पांचवीं शिकायत: सांसद खेलकूद प्रतियोगिता में सुरक्षा के इंतजाम नहीं 10 नवंबर 2025 को सांसद खेल महोत्सव के तहत सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने राजसमंद में ब्लॉक स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया था। प्रतियोगिता का समापना दिसंबर 2025 को हुआ। समापन समारोह में सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ मौजूद रही थी। सांसद का कहना है कि पीएम मोदी के निर्देशों के तहत यह प्रतियोगिता की गई थी। सांसद का आरोप: पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए। जबकि इस संबंध में राजसंमद जिला कलेक्टर द्वारा एसपी ममता गुप्ता को लिखित में आदेश दिया था। छठीं शिकायत: प्रशासनिक मनमानी आरोप है कि सांसद और विधायक द्वारा बताई गई समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता है। आम जनता से छोटी-बड़ी मौखिक शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, लेकिन समाधान नहीं होता है। सांसद का आरोप: एसपी ममता गुप्ता द्वारा क्षेत्र में निरंतर प्रशासनिक विफलता बरती जा रही है। गंभीर मामलों में उचित कार्रवाई नहीं करने के कारण क्षेत्र की कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है सातवीं शिकायत: हेड कॉन्स्टेबल निलंबित, सदमे में मौत नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कला खेड़ी निवासी हेड कास्टेबल पूरण सिंह को पिछले साल निलंबित कर दिया था। इसके बाद उनकी मौत हो गई। सांसद का आरोप: हैड कांस्टेबल का अवैध निलंबन किया। जिसकी वजह से उसकी सदमे में मौत हो गई। आठवीं शिकायत: महिला सुरक्षा में लापरवाही पिछले साल जिले के एक गांव में युवती के अपहरण और रेप का मामला सामने आया था। सांसद का आरोप: पुलिस ने न्याय देने के बजाय पीड़िता के चरित्र पर लांछन लगाते हुए मामले में एफआर लगा दी। नौवीं शिकायत: मजदूर संघ के उपाध्यक्ष पर हमला 18 दिसंबर 2025 को मजदूर संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरहरी देव सिंह राठौड़ पर लाठी-तलवार से हमला कर घायल कर दिया था। पांच बदमाशों ने लाठी, तलवार व अन्य हथियारों से उन पर हमला कर दिया। हमले में पीड़ित के शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के मुताबिक वह हमलावरों में से एक प्रकाश बराला निवासी राजपुरा को पहचानता है। सांसद का आरोप: घटना में पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता की भूमिक जनता द्वारा संदेहास्पद बताई जा रही है। जिसे लेकर हजारों लोगों ने एसपी को ज्ञापन दिया गया। दसवीं शिकायत: आधा दर्जन लोगों द्वारा हमला 6 जनवरी, 2026 को गांव गुड़ा क्षेत्र आधा दर्जन लोगों ने एक व्यक्ति पर तलवारों से हमला कर दिया था। जिसकी उनकी मौत हो गई। सांसद का आरोप : इस तरह खुलेआम अपराधियों द्वारा किया जा रहे अमानवीय कृत्य से पुलिस प्रशासन की कानून व्यवस्था व राज्य सरकार पर सीधे सवाल खड़े किए जा रहे हैं। 7 जनवरी, 2026 को सीएम को फिर लिखा पत्र कार्रवाई नहीं होने पर सांसद ने 7 जनवरी, 2026 को सीएम को फिर पत्र लिखा। जिसमें लिखा- माननीय भजनलाल शर्मा जी, खेद है कि पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता द्वारा की जा रही कानून अव्यवस्था और प्रशासनिक मनमानी के संदर्भ में आप श्रीमान को पूर्व में भी 24 दिसंबर 2025 को अवगत कराया गया था । जिसके बावजूद अभी तक पुलिस अधीक्षक ममता गुप्ता को निलंबित नहीं किया गया है। जिससे आम जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य सरकार पर अशोभनीय सवाल उठाए जा रहे हैं, जो कि पार्टी के हित में बिल्कुल भी नहीं है। 7 जनवरी को लिखे पत्र की बिंदुवार 3 शिकायतें 1. हरिश जोशी पिता भगवतीलाल जोशी निवासी धोइंदा की मृत्यु के प्रकरण में मृतक के भाई सुरेश जोशी द्वारा पुलिस थाना कांकरोली में गुमशुददी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन पुलिस द्वारा रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं की गई। 2. 6 जनवरी, 2026 को गांव गुडा क्षेत्र में 6 लोगों ने धारदार हथियार हमला कर हत्या कर दी गई। यह घटना कानून व्यवस्था पर सीधे सवाल खड़ी करती है। 3. पिछले एक महीने में राजसंमद जिले के हालात अशांतिपूर्ण हो गए है। जनता कानून व्यवस्था से असंतुष्ट होकर राज्य सरकार के खिलाफ ज्ञापन दे रही है। एसपी ममता गुप्ता और कांकरोली थाना अधिकारी सरोज बैरवा के साथ लिप्त पुलिस कर्मियों को निलंबित किया जाए। विभागीय जांच की कार्रवाई की जाए। सांसद के पत्र के जवाब में 19 जनवरी को मुख्यमंत्री कार्यालय ने जवाब दिया- पत्र नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। SP ममता गुप्ता बोलीं- कई जनप्रतिनिधि नाराज रहते हैं भास्कर ने मामले में पक्ष जानने के लिए एसपी ममता गुप्ता से बात की। उनका कहना है ये तो चलता रहता है। कई जनप्रतिनिधि नाराज रहते हैं। यह कॉमन है। नार्मल सी बात है। हम अपना काम नियमपूर्वक करते हैं। उन्होंने सीएम को चिट्‌ठी क्यों लिखी, वे ही बता सकती हैं। अफसरों और नेताओं के बीच तकरार वाली बड़ी घटनाएं जोधपुर सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत, उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत और जयपुर सांसद मंजू कुमारी अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोले चुके हैं। हालांकि सरकार ने इन सांसदों के विरोध के बावजूद अफसरों को पद से नहीं हटाया है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:38 am

भौकाली विधायक का 'बाबा निराला' अवतार देखिए:मुंह दिखाने लायक नहीं रहे इंस्पेक्टर, रियासत के 3 राजकुमारों में गृहयुद्ध

ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है.…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:38 am

प्रयागराज में किराये की कोख का रेट आईफोन:मुस्लिम महिला ने ब्रेनवॉश किया, IVF सेंटर में ऑपरेशन से अंडाणु निकलवाए

प्रयागराज में 15 साल की लड़की के अंडाणु बेचने का मामला सामने आया है। ‘किराये की कोख’ (सरोगेसी) के लिए कीमत लगाई एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए। पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला सामने आई है। उसने ही 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) का ब्रेनवॉश किया था। कहा था- छोटे से ऑपरेशन के बाद तुम्हें नई जिंदगी मिल जाएगी। लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने कहा कि महिला उसको मुस्लिम धर्म की आजादी के बारे में समझाती थी। कहती थी- जब अच्छा पैसा कमा लोगी, तब निकाह पढ़वा देंगे। पुलिस की जांच में सामने आया कि 1 साल में 20-25 कम उम्र की लड़कियों का इस तरह से अंडाणु निकाला गया है। अब पुलिस मुस्लिम महिला को ट्रेस करते हुए 3 एंगल पर जांच कर रही है। पहला- कितनी नाबालिग लड़कियों का ऑपरेशन करके इस तरह से अंडाणु निकाले गए। दूसरा- इसके पीछे क्या सेक्स रैकेट एक्टिव है? तीसरा- क्या धर्मांतरण कराने के लिए भी ब्रेनवॉश किया जा रहा था? पुलिस ने फिलहाल लड़की को शेल्टर होम में रखा है। 5 फरवरी यानी आज लड़की का मेडिकल कराया जाएगा। पढ़िए रिपोर्ट… बेटी अचानक गायब, फिर IVF में एडमिट मिली पूरे मामले की शुरुआत प्रयागराज के नवाबगंज से होती है। यहां के मंसूराबाद की रहने वाली शालिनी (बदला हुआ नाम) के पति की 5 साल पहले मौत हो गई थी। शालिनी अब अपने 3 बेटियों के साथ रहती है। इसमें सबसे बड़ी बेटी कोमल 15 साल की, जबकि सबसे छोटा बेटा अनुज 5 साल का है। मां का कहना है- मेरी बड़ी बेटी कोमल कुछ दिनों से पहल उर्फ जोया के संपर्क में थी। वो उससे कहां और कैसे मिली, ये नहीं पता। वो उसके साथ सुबह निकल जाती थी, फिर शाम को ही लौटकर आती थी। मुझे शक हुआ तो कोमल से सवाल पूछे। मगर वो टालमटोल कर देती, कभी कुछ साफ नहीं बताती थी। 15 जनवरी को कोमल अचानक लापता हो गई। हम लोगों ने उसे फोन किया तो मोबाइल भी बंद था। बेटी को हर जगह ढूंढा, मगर कुछ पता नहीं चला। थाने में जाकर कोमल की तस्वीर के साथ एक शिकायत भी सौंपी। फिर 21 जनवरी को पता चला कि वह सिविल लाइंस के एक IVF सेंटर में एडमिट है। मैं वहां पहुंची, बहुत मुश्किल से मुझे कोमल से मिलने दिया गया। वहां पता चला कि मेरी बेटी का तो ऑपरेशन हो चुका है। वो 15 साल की है, उसके अंडाणु निकाले गए थे, ताकि किसी दूसरी महिला के बच्चा हो सके। बेटी ने बताया- मेरे पीरियड रोके, फिर ऑपरेट कियाशालिनी कहती हैं- मुझे तो कुछ समझ नहीं आया, किसी तरह से बेटी को लेकर घर वापस लौटकर आई। बेटी ने मुझे कहा कि इस ऑपरेशन के बदले उसको एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए कैश देने का वादा किया गया था। अभी सिर्फ 5 हजार रुपए मिले हैं। कोमल ने कहा- जोया मेरा पूरा काम देख रही थी। वही मुझे आईफोन देगी। मेरे जैसी और लड़कियां भी उसके संपर्क में हैं। बेटी ने बताया कि एडमिट होने से पहले उसे इंजेक्शन लगाए गए थे। इस तरह से उसके पीरियड (मासिक धर्म) रोक दिए गए थे। फिर हर रोज IVF सेंटर बुलाया जाता, वहां इंजेक्शन लगाए जाते थे। 16 जनवरी को एडमिट करने के बाद उसका ऑपरेशन किया गया। शालिनी ने कोमल को घर लाने के बाद डांटा, उस रात तो सब लोग सो गए। मगर अगले दिन कोमल फिर से लापता हो गई। शालिनी की शिकायत पर फाफामऊ पुलिस ने कोमल की तलाश शुरू की। इसी बीच 3 फरवरी को वह फिर घर लौट आई। पुलिस ने जब कोमल से सवाल पूछे- तो उसने जोया को मददगार की तरह बताया। चूंकि, कोमल की उम्र 15 साल की थी, इसलिए ये मामला प्रयागराज के बाल कल्याण समिति (CWC) के पास भेजा गया। CWC के अध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने लड़की और मां को अपने कोर्ट में बुलाया। दोनों के बयान दर्ज कराए। मामला गंभीर देख लड़की को शाहगंज थाने में बने वन स्टाप सेंटर (शेल्टर होम) में रखा गया है। अध्यक्ष के आदेश के बाद विशेष किशोर पुलिस ईकाई ने ऑन कैमरा लड़की का बयान दर्ज किया। अब उसका मेडिकल कराया जाएगा। बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के अध्यक्ष अखिलेश कुमार मिश्र ने कहा- चाइल्ड लाइन के जरिए लड़की के बारे में सूचना मिली है, ऐसा लगता है कि उसका ब्रेनवॉश किया गया है। इसलिए लड़की शेल्टर होम में रखा गया है। इतना क्लियर है कि लड़की का ब्रेन वॉश करके अंडाणु निकालने का ऑपरेशन किया गया है। लड़की के बयानों में इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करने की बात भी सामने आई है। ऐसी कितनी लड़कियां रैकेट में फंसी है, हम जांच करवा रहे हैं। शालिनी ने पुलिस को नए सिरे से शिकायत पत्र सौंपा है। जोया करेली में रहती है, उसके घर में शौहर मिजान और मां रिंकी हैं। वह लड़कियों का ब्रेनवॉश करके धर्म बदलने के लिए प्रेरित करती है। इसके बाद आईवीएफ सेंटर ले जाकर अंडाणु निकाले जाने का ऑपरेशन किया जाता है। गिरोह ऐसी लड़कियों से देह व्यापार करवाता है। साथ ही कोख बिकवाने का काम करता है। अब किराये की कोख को लेकर भारत में लागू नियम-कानून भी जानिए… --------------------------- ये भी पढ़ें- संसद की सीढ़ियों पर फिसले थरूर, अखिलेश ने संभाला, VIDEO:मोबाइल पर बात करते जा रहे थे; हाथ पकड़कर गाड़ी तक छुड़वाया संसद में बजट सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर का संसद की सीढ़ियों से उतरते वक्त संतुलन बिगड़ गया। वे गिर पड़े, तभी पास खड़े सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें संभाल लिया। इतना ही नहीं, अपने सहयोगी आशीष यादव से गाड़ी तक छोड़कर आने को कहा। वह हाथ पकड़कर उन्हें गाड़ी तक ले गए। बताया जा रहा कि जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय शशि थरूर फोन पर बातचीत करते हुए सीढ़ियों से उतर रहे थे, तभी उनका पैर फिसल गया। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:38 am

कोर्ट को संदेह होने पर फर्जी जमानतदार पकड़ाया, केस दर्ज

भास्कर संवाददाता | उज्जैन जेल में बंद सलमान नामक आरोपी की जमानत के लिए बुधवार को फर्जी जमानतदार कोठी स्थित न्यायालय पहुंचा था। यहां जमानतदार से उसकी जानकारी लेने के दौरान कोर्ट को संदेह हुआ तो पता चला कि जमानतदार फर्जी है, जिसके बाद उसे माधवनगर पुलिस के हवाले किया गया। पुलिस ने लक्ष्मण पिता मन्नाजी भूरिया 65 साल निवासी झाबुआ को गिरफ्तार कर लिया। वह एक दिन के पुलिस रिमांड पर है, जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। आशंका है कि वह इसी तरफ फर्जी जमानत देने का काम तो नहीं करता है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में केस भी दर्ज किया है। माधवनगर थाना पुलिस ने बताया कि लक्ष्मण भूरिया जिस सलमान की जमानत के लिए आया था, उसे पहचानता तक नहीं है। दोनों का आपस में कोई संबंध नहीं है, लेकिन जमानत दस्तावेज में खुद को परिचित बताकर उसकी जमानत के लिए खड़ा हुआ था। माधवनगर थाना एएसआई लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि पूछताछ की जा रही है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:35 am

छतरपुर के ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले पर हाई कोर्ट सख्त:30 हजार करोड़ के माइनिंग घोटाले के आरोपों पर शासन से जवाब-तलब

हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने छतरपुर जिले में सामने आए कथित बड़े ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले को गंभीर मानते हुए राज्य शासन से जवाब मांगा है। कोर्ट ने खनिज विभाग सहित संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं। दरअसल, छतरपुर में 30 हजार करोड़ रुपए के ग्रेनाइट माइनिंग घोटाले के आरोपों को लेकर हाई कोर्ट ने खनिज विभाग सचिव सहित मध्य प्रदेश स्टेट माइनिंग कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक (एमडी), कलेक्टर छतरपुर समेत अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। यह है मामला छतरपुर की ग्राम पंचायत भैरा के सरपंच शिवराम दीक्षित और दिलीप सिंह ने जनहित याचिका दायर की है। अधिवक्ता अंकित सक्सेना ने कोर्ट को बताया कि 1997 से अनूपपुर की किसान मिनरल्स प्राइवेट लिमिटेड को ग्रेनाइट खनन का ठेका दिया जा रहा था। समझौते के तहत रॉयल्टी और डेवलपमेंट फीस देनी थी, लेकिन गड़बड़ी हुई। 2021 की जांच में सिर्फ 19 करोड़ की रॉयल्टी चोरी आंकी गई। कंपनी ने बैंक गारंटी भी जमा नहीं की और 2024 की जांच दबाने का आरोप है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:34 am

सात दिवसीय श्रीराम कथा, देशभर से नेता-संतों का आगमन:सागर में 54 फीट ऊंचे मंदिर में श्याम वर्ण हनुमानजी की प्राण-प्रतिष्ठा

सागर के रुद्राक्षधाम में राधा-कृष्ण के बाद अब श्याम वर्ण बजरंग बली विराजमान हुए हैं। यहां 54 फीट ऊंचे मंदिर में 6 फीट ऊंची हनुमान प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा की गई है। मंदिर राजस्थान के मकराना पत्थरों से और प्रतिमा तमिलनाडु की काली शिला से निर्मित है। यह प्रदेश की इकलौती दक्षिणमुखी श्याम वर्ण हनुमान प्रतिमा बताई जा रही है। 1 फरवरी को संत रावतपुरा सरकार के सानिध्य में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिया गया। रुद्राक्षधाम में चल रही सात दिवसीय श्रीराम कथा में रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। कथा पं. प्रेमभूषण महाराज के मुखारबिंद से हो रही है। गुरुवार को मंत्री प्रहलाद पटेल और समापन 6 फरवरी को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के शामिल होने की संभावना है। मुख्य यजमान पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:33 am

इंदौर के एलिवेटेड कॉरिडोर का काम जमीन पर:350 करोड़ का प्रोजेक्ट चार साल से अटका है, ट्रैफिक के बीच सॉयल टेस्टिंग शुरू

इंदौर में बनने जा रहे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम शुरू हो गया है। एबी रोड से नवलखा तक बनने वाले 7.40 किमी लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर का काम पीडब्ल्यूडी (PWD) ने धरातल पर शुरू कर दिया है। फिलहाल मिट्टी परीक्षण का काम चल रहा है, जिसके लिए सड़क के एक हिस्से को लोहे के पतरों से कवर किया गया है। पीडब्ल्यूडी 15 फरवरी से फाउंडेशन (नींव) भरने का काम शुरू करेगा। पीडब्ल्यूडी ने सेंट्रल लाइन मार्किंग का काम पूरा कर लिया है। 350 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट बीते चार साल से अधर में लटका हुआ था। फरवरी 2021 में ही गुजरात की राजकमल बिल्डर्स कंपनी को इसका वर्क ऑर्डर दे दिया गया था, लेकिन कभी डिजाइन में संशोधन तो कभी बस रूट और ट्रैफिक को लेकर यह प्रोजेक्ट विवादों में रहा। मामला हाईकोर्ट तक भी पहुँचा, लेकिन अंततः शासन ने पुराने डिजाइन पर ही काम शुरू करने का फैसला लिया है। मंत्री विजयवर्गीय और कलेक्टर की हरी झंडीहाल ही में शहर विकास को लेकर हुई बैठकों में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इस प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। उनके निर्देश और कलेक्टर शिवम वर्मा द्वारा दी गई मंजूरी के बाद अब निर्माण की बाधाएं दूर हो गई हैं। अधिकारियों का साफ कहना है कि डिजाइन में अब कोई बदलाव नहीं होगा और मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार ही काम आगे बढ़ेगा। ट्रैफिक अलर्ट: आंशिक रुकावट, जल्द जारी होगा डायवर्जन प्लानवर्तमान में सॉयल टेस्टिंग के कारण सड़क पर अस्थायी टीन लगाए गए हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, 15 फरवरी से जब भारी मशीनें मौके पर पहुंचेंगी और खुदाई शुरू होगी, तब ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर एक विस्तृत ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। कॉरिडोर की खासियत: 4 लेन और 3 फ्लाईओवर ये खबर भी पढ़ें… LIG से नौलखा तक 5.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनेगा बीआरटीएस हटने के बाद एबी रोड पर एलआईजी चौराहे से नौलखा चौराहे तक 5.5 किमी लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा। रविवार को हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री ने जरूरत के अनुसार इसके दायरे को बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:32 am

‘₹20 हजार के लिए बेटी मार डाली’:कैथल में पिता बोले- दुकान में लॉस कहकर पैसे लाने का दबाव बनाया, पति ने फट्‌टी से पीटा

कैथल में 3 दिन पहले दहेज के लिए हुई महिला ज्योति की हत्या के मामले में खुलासा हुआ है। ज्योति के पिता ने कहा कि 20 हजार रुपए के लिए पति ने उसे मार डाला। ज्योति पर बार-बार पैसे लाने का दबाव बनाया जा रहा था। वह उसे कह रहे थे कि उनकी कपड़े की दुकान में लॉस हो गया है, इसलिए पैसे लेकर आ। इसी बात पर 2 फरवरी को ज्योति के पति ने लकड़ी की फट्‌टी से उसकी बेरहमी से पिटाई की, जिसमें उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि दहेज को लेकर काफी लंबे समय से बेटी को परेशान किया जा रहा था। पूंडरी थाने में 5 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ज्योति के पति को गिरफ्तार कर चुकी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. 8 मिनट का CCTV सामने आया, चीखने की आवाज आ रही… हाए मम्मी, मर गई जैसी आवाजें ज्योति से मारपीट से जुड़ा 8 मिनट 46 सेकेंड का एक CCTV वीडियो सामने आया है, जिसमें ससुराल पक्ष के लोग उसे एक बंद कमरे में पीट रहे हैं। वीडियो में ज्योति हाए मम्मी, हाए मर गई जैसी चीखें मारकर बचाने के लिए गुहार लगा रही है। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोस के कुछ लोग आते हैं और दरवाजे पर आकर उसके पति से दरवाजा खोलने के लिए कहते हैं। पड़ोसियों ने बीच-बचाव की कोशिश की वीडियो में दिख रहा है कि कुछ पड़ोसी दरवाजा खटखटाते हैं, लेकिन दरवाजा नहीं खोला जाता। घर के बाहर खड़ी महिलाएं युवक को दरवाजा तोड़ने को कहती हैं। काफी मशक्कत के बाद युवक दरवाजा खोल लेता है। फिर वह महिलाओं के साथ अंदर जाता है और ज्योति को पीट रहे उसके पति को बाहर लाता है। ज्योति के पति के हाथ में फट्‌टी है। जब उससे फट्‌टी छीनने की कोशिश की तो वह खुद को छुड़ाकर फिर से अंदर चला जाता है। देवर भी पाइप लेकर जाता दिखा वीडियो में दिख रहा है कि ज्योति का देवर पाइप लेकर घर में जाता है, जिसके कुछ समय बाद ज्योति की चीखों की आवाज सुनाई देती है। इस दौरान, ससुराल पक्ष से महिला की ननद घर के बाहर खड़ी रहती है और फिर से दरवाजा बंद कर देती है। कुछ समय बाद वह भी घर के अंदर चली जाती है। जांच अधिकारी बोले- बाकी लोगों की भूमिका देख रहे पूंडरी थाने के जांच अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि इस मामले में ज्योति के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है। ससुराल पक्ष के अन्य लोगों के शामिल होने के संबंध में जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है, लेकिन प्राथमिक तौर पर यह सामने आया है कि मारपीट के दौरान गंभीर चोटें लगने के कारण ज्योति की मौत हुई है। फट्‌टी और पाइप बरामद कर ली गई है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- कैथल में विवाहिता की पीट-पीटकर हत्या:मायके से कैश लाने की मांग; परिजन का ससुराल पक्ष पर मर्डर का आरोप कैथल में ससुरालियों ने दहेज की मांग करते हुए एक 31 वर्षीय विवाहिता को पीट-पीटकर मार डाला। ससुराल वाले उससे बार-बार दहेज में पैसे लाने की मांग कर रहे थे। मृतका के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने उसके पति, सास, ससुर, ननद और देवर पर उसे पीटने और हत्या करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:32 am

सद्भाव यात्रा में छलका पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह का दर्द:पंचकूला में बोले- दूसरे प्रदेशों के MLA आ रहे, यहां वाले नदारद, इसी वजह से हार हुई

हरियाणा में कांग्रेस नेता बीरेंद्र सिंह डूमरखां के बेटे और पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भाव यात्रा चल रही है। पंचकूला के कालका में उनकी यात्रा पहुंची तो उनका दर्द छलक कर बाहर आ गया। मंच से उन्होंने कुछ ऐसा बोला, जो कांग्रेस नेताओं को असहज करने वाला है। बृजेंद्र सिंह कालका विधानसभा में जब सद्भाव यात्रा लेकर पहुंचे तो वहां पर हिमाचल के नालागढ़ विधानसभा के MLA हरदीप सिंह बावा, MLA रामकुमार चौधरी, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर भी पहुंचे। जिन्हें देखकर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि कितनी अच्छी बात है कि हिमाचल के तो एमएलए और पूर्व एमएलए आने लग रहे हैं और यहां वाले नदारद। फिर कहते हैं कि हम तीन इलेक्शन हार गए, ऐसे तो 30 भी हारोगे। एक ऐसा प्रदेश जहां सरकार है, वो वहां सुख से बैठे हैं, वो बेचारे आए हैं क्योंकि उनका इलाका यहां से लगता है। एक अपने भीतर आला का लिहाज, मुझे समझ नहीं आ रहा कि सारी महाभारत अपने यहां पर हरियाणा में ही होनी जरूरी है क्या। चार पॉइंट में समझिए बृजेंद्र सिंह ने क्या बोला.. आज 4 माह हुए, 47 विधानसभा का सफर पूरा सद्भाव यात्रा में 4 ऐसे बयान, जिससे कांग्रेस असहज

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:31 am

मनुष्य निर्माण से ही राष्ट्र निर्माण होगा:भागवत बोले- व्यवस्था और सरकार बदलती हैं, समाज शाश्वत रहता है

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत बुधवार को इंदौर पहुंचे। यहां से खरगोन जिले की कसरावद लेपा गांव स्थित पुनर्वास स्थल पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्होंने सेवा कार्य से जुड़े करीब 300 कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 51 मिनट के संबोधन में भागवत ने कभी गंभीर तो कभी मुस्कराते हुए समाज, व्यवस्था, सरकार, शिक्षा और धर्म पर खुलकर विचार रखे। भागवत ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की बुनियाद मनुष्य निर्माण से ही रखी जा सकती है। बनाई व्यवस्थाएं, तंत्र और शासक बदलते रहते हैं, लेकिन समाज शाश्वत होता है। यदि समाज अपना कार्य स्वयं करे तो सरकार पर खर्च का बोझ कम होगा। सरकार उस संसाधन का उपयोग सीमाओं की सुरक्षा या अन्य राष्ट्रीय जरूरतों में कर सकेगी। भागवत ने हिंदू राष्ट्र की मांग पर भी टिप्पणी करते हुए कहा- कई लोग हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग करते हैं। जो पहले से है, उसे घोषित करने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान उसकी सभ्यता, संस्कृति और धर्म आधारित जीवन दृष्टि से बनी है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:31 am

दैनिक भास्कर वार्ड टॉक- पार्षद चिंटू चौकसे से सीधी बात:बोले- अमृत 2 आएगा तब ही कई इलाकों में पानी पहुंच पाएगा; कुत्तों की सबसे ज्यादा शिकायतें

इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है। जनता उसे कैसे देखती है। इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू किया है। इस सीरीज में हम हर वार्ड के पार्षद के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज एपिसोड में हम पहुंचे हैं वार्ड 21, जहां से पार्षद हैं चिंटू चौकसे। यहां क्या काम पूरे हुए, क्या बाकी हैं। जनता 10 में से उन्हें कितने नंबर देती है? आज का वार्ड टॉक में जानिए काम का पूरा हिसाब… सवाल: आपके वार्ड का काम कौन सा अधूरा है और क्यों?जवाब: ‌कुछ कॉलोनियां हैं, जहां पर हमको नर्मदा का पानी व्यवस्थित तरीके से पहुंचाना है। तमाम प्रयासों के बाद भी हम वहां पर सही तरीके से पानी नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जैसे काशीपुरी, न्यू हीरा नगर, श्याम नगर एनएक्स में भी कम पानी की सप्लाई होती है। भाग्यलक्ष्मी नगर की कुछ गलियों में भी नर्मदा का पानी बहुत कम प्रेशर से जाता है। जितने प्रयास से हम कर चुके हैं, उसके बाद भी वहां पानी नहीं पहुंचा। मुझे लगता है कि नई टंकी बनेगी और अमृत 2 जब आएगा तब उसका पानी मिलेगा। तभी वहां तक पानी पहुंच पाएगा। मुझे लगता है यह काम है, जो अधूरा है। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन सी आती है?जवाब: ये वार्ड काफी पिछड़ा था। हमने धीरे-धीरे करते इसको व्यवस्थित करने का प्रयास किया। वर्तमान में जो शिकायतें आती हैं, वह कुत्तों को लेकर है। दूसरी गंदे पानी को लेकर समस्या है। गंदे पानी की समस्या तो हमने मिल-जुलकर अच्छी स्थिति में ला दिया है। आज की स्थिति में मेरे वार्ड में गंदे पानी की समस्या नहीं है। पहले थी। अब हमने उसको दुरुस्त कर दिया है। कुत्तों की समस्या के लिए नगर निगम, एनजीओ, डॉग्स की वैक्सीनेशन करने वाली टीम को भी बोल चुके हैं, लेकिन नगर निगम कुत्तों की समस्या में फेल्यूअर है। आम जन बहुत ज्यादा परेशान है। सवाल: आपके वार्ड में ऐसा कौन-सा प्रयोग है, जो आपने किया हो और जिससे कुछ बदलाव देखने को मिला हो?जवाब: वीणा नगर और अभिनंदन नगर में जलभराव की समस्या थी। हमने बड़े स्तर पर प्रयास किया और बरसात का पानी कान्ह नदी तक पहुंचाया। इसके लिए बहुत लंबी लाइन डाली गई। इसी तरह मंगल नगर में भी पानी भरता था, उसे लेकर भी हमने प्रयास किए। आज स्थिति यह है कि यहां बरसात का पानी नहीं भरता है। दूसरी बात यह है कि नर्मदा का पानी पहले केवल सुबह एक समय आता था, जिससे पानी की पूर्ति नहीं हो पाती थी। इंदौर में पानी की टंकी सबसे निचले स्तर पर है। हमने प्रयास किया कि शाम के समय भी पानी उपलब्ध कराया जाए। जिन क्षेत्रों में पानी कम प्रेशर से थोड़ी देर के लिए ही आता था, वहां हमने डबल सप्लाई शुरू कराई, जिससे वहां के लोगों को नर्मदा का पानी बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सके।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:30 am

हरियाणा में आज कुछ शहरों में कोहरा छाएगा:10 फरवरी तक 2 पश्चिमी विक्षोभ आएंगे, ठंड कम होगी, हिसार रहा सबसे ठंडा

हरियाणा में फरवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम के दोहरे रंग देखने को मिल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) चंडीगढ़ द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में न्यूनतम तापमान में औसतन -1.1C की गिरावट दर्ज की गई है। इस बदलाव ने रात और सुबह के समय ठंड को और बढ़ा दिया है। हालांकि, दिन के तापमान में हल्की वृद्धि होने से लोगों को तेज धूप का अहसास हो रहा है, जिससे औसत अधिकतम तापमान में 0.8 डिग्री का उछाल देखा गया है। बुधवार को सुबह कई स्थानों पर धुंध देखने को मिली थी, मगर आज कुछ स्थानों पर ही धुंध देखने को मिलेगी। आईएमडी के अनुसार 5 फरवरी से लेकर 8 फरवरी तक मौसम पूरी तरह साफ रहने का अनुमान है और किसी भी प्रकार की गंभीर चेतावनी जारी नहीं की गई है। आने वाले दिनों में आसमान साफ रहने के साथ ही ठंड और कोहरे का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। मौसम एक्सपर्ट बोले- इस दिन दो आएंगे पश्चिमी विक्षोभ हिसार की रात सबसे ठंडी हरियाणा में रातें अभी भी काफी ठंडी बनी हुई हैं। 4 फरवरी की सुबह दर्ज किए गए आंकड़ों के अनुसार, हिसार राज्य का सबसे ठंडा इलाका रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 4.3C पर पहुंच गया। यह सामान्य से -3.8C कम है। अन्य शहरों की बात करें तो सिरसा में न्यूनतम तापमान 5.2C दर्ज किया गया। नारनौल और महेंद्रगढ़ में पारा 6.0C रहा। सबसे अधिक न्यूनतम तापमान अंबाला में 9.8C रहा। अधिकांश स्टेशनों पर 24 घंटे के भीतर तापमान में 1 से 2 डिग्री की कमी देखी गई है, जिससे रात की ठंड अभी बरकरार है। फरीदाबाद में का दिन सबसे गर्म रात की ठंड के विपरीत, दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हुई है। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदाबाद (AWS) में 23.6C रिकॉर्ड किया गया। भिवानी में दिन का पारा 22.5C दर्ज किया गया। हिसार और अंबाला में तापमान क्रमशः 21.4C और 21.2C दर्ज किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान हथनीकुंड बैराज (यमुनानगर) में 18.5C रहा। पिछले 24 घंटों में कुरुक्षेत्र और करनाल जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान में 2.7C तक की वृद्धि देखी गई है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:30 am

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 2025 के​​ लिए जारी की सूची:269 अफसर-कर्मचारियों को अति उत्कृष्ट और सेवा पदक

केंद्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए अति-उत्कृष्ट सेवा पदक और उत्कृष्ट सेवा पदक देने के लिए मप्र के पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची जारी की। इसमें भोपाल के एडिशनल सीपी अवधेश गोस्वामी को अति उत्कृष्ट सेवा पद देने के ​लिए चुना गया है। इन्हें दस दिन पहले 26 जनवरी पर राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए भी चुना गया था। बुधवार को जारी की गई सूची में अति उत्कृष्ट सेवा पद की सूची में 123 अफसर और कर्मचारियों को शामिल किया गया है। वहीं उत्कृष्ट सेवा पदक सूची में 146 अफसर और कर्मचारियों के नाम चुने गए हैं। इनमें भोपाल के स्पेशल डीजी पंकज कुमार श्रीवास्तव, आईजी रुचिवर्धन मिश्र, आईजी शियास ए., एआईजी मलय जैन, एआईजी अमित सक्सेना, मंत्रालय के सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा समेत पुलिस मुख्यालय, जिलों, बटालियनों, विशेष शाखाओं और फील्ड में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारी शामिल हैं। इन्हें कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार, प्रशिक्षण, तकनीकी कार्य और जन-सुरक्षा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। चेतावनी... जानकारी छिपाई तो होगी कार्रवाई पदक की घोषणा होने के बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी पदक प्राप्त अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध वर्तमान में कोई जांच या विभागीय/न्यायिक प्रकरण लंबित होता है, तो संबंधित इकाई द्वारा तत्काल इसकी सूचना दी जाना अनिवार्य होगी। इसकी सूचना नहीं देने पर कार्रवाई होगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:26 am

राजस्थान में कुछ दिन मौसम साफ रहेगा:दिन में धूप रहने से अधिकतम तापमान 2-3 डिग्री तक चढ़ेगा, सुबह-शाम रहेगी तेज सर्दी

राजस्थान में वेस्टर्न डिर्स्टबेंस का प्रभाव खत्म होने के साथ ही आसमान खुल गया है। जयपुर, जैसलमेर, पिलानी, बीकानेर, अजमेर समेत कई शहरों में बुधवार को पूरे दिन तेज धूप रही। इससे लोगों को तेज सर्दी से राहत रही। भरतपुर संभाग के एरिया में कोहरे रहा और आगामी दो-तीन दिन हल्का से मध्यम कोहरा रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में अब अगले 3-4 दिन मौसम साफ रहने की संभावना है। इस हफ्ते सर्दी तेज रहेगी। अगले सप्ताह से सर्दी कम होने लगेगी। पिछले 24 घंटे के दौरान राजस्थान के उत्तर-पश्चिम जिलों में आसमान साफ रहा और तेज धूप निकली। जोधपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के जिलों में दिन में अच्छी धूप निकलने से लोगों को सर्दी से राहत रही। पूर्वी राजस्थान में कोहरा भरतपुर संभाग के एरिया में बुधवार सुबह से दोपहर तक हल्का कोहरा रहा। भरतपुर, धौलपुर और अलवर के एरिया में कोहरे का असर रहा। अलवर में अधिकतम तापमान 23.2 और करौली में 22.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक भरतपुर संभाग के एरिया में आज और कल भी हल्के से मध्यम कोहरा देखने को मिल सकता है। अगले सप्ताह से कमजोर पड़ेगी सर्दी मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक राज्य में इस सप्ताह उत्तरी हवाओं का असर रहेगा, जिससे सर्दी तेज रहेगी। लेकिन अगले सप्ताह से प्रदेश के मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। उत्तरी हवाएं कमजोर होने से सुबह-शाम का तापमान बढ़ेगा और सर्दी का असर कम होने लगेगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:26 am

हरियाणा वर्क स्लिप 1500 करोड़ घोटाले की जांच अटकी:CM ने एक महीने में मांगी थी रिपोर्ट; कमेटी की एक भी मीटिंग नहीं, देरी की ये 3 वजह

हरियाणा के बहुचर्चित श्रम विभाग के वर्क स्लिप 1500 करोड़ रुपए घोटाले की जांच एक महीने बाद भी शुरू नहीं हुई है, जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने खुद इस मामले की एक महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। इस मामले को लेकर सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय हाई लेवल जांच कमेटी भी बनाई थी, लेकिन इस कमेटी की अभी तक एक भी मीटिंग नहीं हो पाई है। श्रम विभाग, कैबिनेट में नंबर टू की भूमिका में रहने वाले मंत्री अनिल विज के पास है। उन्होंने खुद ही एक महीने पहले यानी दिसंबर में इस घोटाले को उजागर किया था। विज के पास श्रम के अलावा ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी है। कमेटी में 2 आईएएस- एक IPS आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने पंकज अग्रवाल, आईएएस की अध्यक्षता में ये हाई लेवल इन्वेस्टिगेशन कमेटी गठित की है, जिसमें आईएएस राजीव रतन, और आईपीएस पंकज नैन सदस्य हैं। यह कमेटी पूरे मामले की जांच करेगी और विभिन्न अधिकारियों तथा अन्य लोगों द्वारा की गई अनियमितताओं का पता लगाएगी। इसके अलावा, यह समिति विभाग को सुधारात्मक या निवारक उपायों की भी सिफारिश करेगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न हो। यह समिति सभी तथ्यों की जांच कर एक माह में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। अब जानिए जांच में देरी होने की ये 3 वजह... 1. अफसरों की व्यवस्तता: 1500 करोड़ घोटाले के लिए सीएम नायब सैनी के द्वारा जो कमेटी बनाई गई है, उसमें शामिल अफसरों के पास कई विभागों की जिम्मेदारी है। विभागों की लगातार हो रही मीटिंगों के कारण अधिकारी इस जांच को लेकर समय नहीं दे पाए। कुछ अफसरों ने बताया कि इसी महीने बजट सत्र है, जिस कारण बैक टू बैक मीटिंगें हो रही हैं, जिसके कारण जांच कमेटी एक भी मीटिंग नहीं बुला पाई है। 2. घोटाले का दायरा बड़ा, 22 जिलों से रिपोर्ट आनी: विज के श्रम विभाग में वर्क स्लिप घोटाला का दायरा काफी बड़ा है। कई जिलों की इस घोटाले में संलिप्तता है। श्रम मंत्री के द्वारा अब तक 13 जिलों में इसकी जांच कराई गई है। इसके बाद सीएम सैनी ने नौ और जिलों से भी रिपोर्ट मांगी है। ऐसे में कमेटी को पूरे प्रदेश से जांच शुरू करने से पहले इनपुट मंगवाना है। 3. जांच का पैटर्न अभी तय नहीं: जांच में देरी की तीसरी सबसे बड़ी अहम वजह जांच कैसे शुरू की जाएगी, इसकी रूपरेखा ही तय नहीं करना है। कमेटी ने इसके लिए 6 जनवरी को एक मीटिंग बुलाई थी, लेकिन इस मीटिंग में कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा, जिसके कारण जांच के पैटर्न पर अभी काम नहीं हो पाया है। हालांकि अब कमेटी ने इसी हफ्ते मीटिंग बुलाई है, जिसमें इस बिंदु पर अधिकारी मंथन करेंगे। क्या है विज के विभाग का वर्क स्लिप घोटाला... खुलासे के बाद एक्टिव हुआ CMO श्रम मंत्री अनिल विज के खुलासे के बाद हरियाणा सीएमओ की ओर से भी एक दावा किया गया था कि विज जो दावा कर रहे हैं कि श्रम मंत्री हरियाणा द्वारा मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले की जानकारी दी गई थी, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में ऐसा कोई लेटर नहीं मिला है। हालांकि, विभाग द्वारा इस विषय पर एक फाइल प्रस्तुत की गई थी, जिसमें मुख्यमंत्री को सूचित किया गया कि विभाग ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी गठित की है और 13 जिलों की रिपोर्ट तैयार है, लेकिन शेष नौ जिलों की रिपोर्ट लंबित हैं। इसलिए विभाग ने सूचित किया कि शेष जिलों की रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पूर्ण रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। CM ने फाइल वापस भेज पूरी रिपोर्ट तलब की मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और अगले ही दिन फाइल वापस भेज दी तथा श्रम मंत्री से सभी जिलों की पूर्ण रिपोर्ट, वित्तीय हानि के सही आंकड़ों समेत प्रस्तुत करने को कहा। हालांकि, रिपोर्ट अभी तक लंबित है। यह मुद्दा निर्माण श्रमिकों और श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें मिलने वाले लाभों से संबंधित है। आरोप लगाया गया है कि जिन कार्यों पर उन्होंने श्रम किया था, वे सही नहीं हैं, इसलिए उनका भवन निर्माण श्रमिक के रूप में दर्ज होना संदिग्ध प्रतीत होता है। क्या बोले अफसर… आईएएस पंकज अग्रवाल का कहना है कि, बजट सत्र के कारण सभी अधिकारी व्यस्त हैं, हालांकि 6 जनवरी शुक्रवार को कमेटी की पहली औपचारिक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग की सूचना कमेटी में शामिल सभी सदस्यों को दे दी गई है। मीटिंग सिविल सचिवालय में ही आयोजित की जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:25 am

अभिम योजना:गंभीर मरीजों को गोल्डन ऑवर में मिलेगा इलाज, मप्र के हर जिले में इस साल शुरू होगी सीसीबी यूनिट, बढ़ेंगे 2700 बेड

कोरोना महामारी के अनुभव के आधार पर प्रदेश के करीब 40 जिला और 12 मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इन ब्लॉकों का उद्देश्य गंभीर रूप से बीमार मरीजों, महामारी प्रभावितों और सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर उच्चस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना है। प्रदेश के 49 जिलों में 50-50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं, जबकि छतरपुर, इंदौर और धार जिलों में 100-100 बेड की सुविधा विकसित की जा रही है। इन ब्लॉकों में एक ही छत के नीचे आईसीयू, वेंटिलेटर, इमरजेंसी, डायलिसिस और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को हायर सेंटर रेफर करने की जरूरत कम होगी और इलाज ‘गोल्डन ऑवर’ में ही संभव हो सकेगा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक में पदस्थ डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष रूप से क्रिटिकल केयर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मकसद जिला स्तर पर ही जटिल मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करना है। इन यूनिट्स का भौगोलिक कवरेज इस तरह से तय किया गया है कि आसपास के 100 से 150 किलोमीटर क्षेत्र के मरीजों को भी लाभ मिल सके। फिलहाल राजधानी सहित प्रदेश के 52 जिलों के जिला अस्पतालों में कुल 16,850 बेड उपलब्ध हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को मिलाकर यह संख्या 47,367 बेड तक पहुंचती है। क्रिटिकल केयर ब्लॉक शुरू होने के बाद जिला अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़कर 19,600 हो जाएगी। यानी 2700 नए बेड बढ़ जाएंगे। इन नई इमारतों का निर्माण एनएबीएच, एनएबीएल और जेसीआई मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड (4 बेड) और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था भी की गई है। चार जिलों में संचालन शुरू यह परियोजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (अभिम) के तहत संचालित हो रही है। सीहोर, रायसेन, बैतूल और आगर मालवा जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक लगभग संचालित हो चुके हैं। जिला अस्पतालों को मरीजों की सुविधा के अनुसार बेड के उपयोग के निर्देश हैं। 4,522 करोड़ रुपए का बजट राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश की एमडी डॉ. सलोनी सिडाना के अनुसार, वर्ष 2024-25 में इस योजना के लिए 2,655.64 करोड़ रुपए और 2025-26 के लिए 4,522 करोड़ रुपए का बजट प्रावधानित किया गया है। यह पहल प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देने के साथ ही आपातकालीन सेवाओं में मददगार होगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:24 am

मेट्रो:ग्रीन मीडोज के पीछे न ग्रीन बेल्ट विकसित किया, न बाउंड्रीवॉल बनाई

भोपाल मेट्रो परियोजना को लेकर ग्रीन मीडोज कॉलोनी के रहवासियों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण से पहले मेट्रो प्रबंधन द्वारा किए गए वादे जमीन पर पूरे नहीं हुए। कॉलोनी के पीछे की हरियाली पूरी तरह समाप्त हो गई है, वहीं घरों को जोड़ने वाले सीवेज चैंबर भी टूट गए हैं। कॉलोनी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि तत्कालीन एमडी ने सेक्रेटरी और अन्य रहवासियों की मौजूदगी में प्रेजेंटेशन में भरोसा दिलाया था कि कॉलोनी की बाउंड्री वॉल के पीछे कम से कम चार मीटर की दूरी रखी जाएगी। साथ ही पेड़-पौधों के साथ ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी और बाउंड्री वॉल बनाई जाएगी। वर्तमान में ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं हुई है, उल्टे प्राकृतिक ढलान को हटाकर नया नाला बना दिया गया। इस वजह से आने वाली बरसात में घरों में पानी भरने और जलजमाव की संभावना बढ़ गई है। रहवासी मेट्रो प्रबंधन से तत्काल सुधार और मूल वादों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। आरोप है कि चट्टानों को काटे बिना भी मौजूदा नाले को बेहतर और किफायती तरीके से जोड़ा जा सकता था। तो सुधारकर देंगे एमडी मेट्रो एस कृष्णा चैतन्य का कहना है कि मेट्रो के नियमों में यह स्पष्ट है कि निर्माण के दौरान किसी भी एजेंसी या निजी संपत्ति को नुकसान होता है तो उसे सुधारकर दिया जाता है। फिलहाल यह आकलन किया जा रहा है कि निर्माण के दौरान कॉलोनी को क्या-क्या नुकसान हुआ है। इसी आधार पर सभी जरूरी सुधार कार्य करवाए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:22 am

लूट-डकैती और ठगी में सक्रिय गैंग...:राजू और काला ईरानी गिरोह की पुलिस ने खोली हिस्ट्री, 21 सदस्यों की सूची तैयार

अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे से संचालित दो संगठित गिरोहों राजू ईरानी और काला ईरानी गैंग की भोपाल पुलिस ने आपराधिक हिस्ट्री खोल दी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राजू ईरानी गैंग में 9, जबकि काला ईरानी गैंग में 12 सदस्य शामिल हैं। ये दोनों गिरोह मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में लूट, डकैती और ठगी जैसी गंभीर वारदातों में संलिप्त रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गैंग की हिस्ट्री खुलने से अब इनके सदस्यों पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी और भविष्य में किसी भी अपराध की स्थिति में संगठित अपराध की धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जा सकेगी। वर्तमान में काला और उसकी गैंग के सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। वहीं, राजू ईरानी महाराष्ट्र पुलिस की रिमांड पर है। उसके खिलाफ लूट और मकोका के तहत प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों गिरोहों के नेटवर्क और गतिविधियों की विस्तृत जांच की जा रही है। इधर, वकील, नोटरी और फर्जी जमानतदार फरार इधर, राजधानी की एक अदालत में दो मृतक जमानतदारों को पेश कर 5 और 6 जनवरी को 14 ईरानियों की जमानत कराने वाले दो वकील, दो नोटरी कर्ता और दो फर्जी जमानतदार फरार हो गए हैं। कोर्ट के आदेश पर निशातपुरा पुलिस ने 29 जनवरी को कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। अदालत ने 14 ईरानियों की जमानत निरस्त कर दी थी। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया, जबकि शेष नौ ईरानी फरार हैं। 14 ईरानियों द्वारा दोबारा जमानत के लिए लगाई गई याचिका भी खारिज हो चुकी है। निशातपुरा थाना पुलिस ने 27 और 28 दिसंबर को अमन कॉलोनी स्थित ईरानी डेरे पर दबिश देकर 22 पुरुष और 10 महिलाओं को पकड़ा था। एडीजे जयंत शर्मा की अदालत में जमानत सुनवाई के दौरान मृत व्यक्तियों को जमानतदार बताकर दस्तावेज पेश किए गए, जो जांच में फर्जी पाए गए। इसी मामले वकील, नोटरी आदि फरार हैं। पहले 14 ईरानियों की जमानत हो चुकी निरस्त इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद जिला अदालत के आदेश पर निशातपुरा थाने में फर्जी जमानतदार अनवर जहां, जमील उल रहमान, वकील नजर खान, मोहम्मद साजिद खान, नोटरी कर्ता संजय कुमार विश्वकर्मा एवं संदीप सराठे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। निशातपुरा थाने में एफआईआर होने के बाद वकील नजर खान, मोहम्मद साजिद खान, नोटरी कर्ता संजय कुमार विश्वकर्मा, संदीप सराठे और फर्जी जमानतदार ईरानी दंपत्ति फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। वहीं, घटनास्थल कोर्ट परिसर होने के कारण कोर्ट के आदेश पर आगे की विवेचना के लिए केस डायरी निशातपुरा से थाना एमपी नगर ट्रांसफर की गई है। इधर, कोर्ट द्वारा 14 ईरानियों की जमानत निरस्त की गई है। इन आरोपियों की मिली थी जमानत... एडीजे जयंत शर्मा की कोर्ट से नौबार उर्फ नव बहार, सलमान अली, फातिमा अली, सकीना, यास्मीन अली, अप्सरा, तनु, जीशान, अली ईरानी, फयाज ईरानी, सादिक हुसैन, तौफीक हुसैन, मोहम्मद अली और हजरत रकीब की जमानत मंजूर की गई थी। आरोपियों की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद नजर खान और मोहम्मद साजिद खान कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थीं। जमानत के लिए मुगालिया कोट निवासी मृतक जमील रहमान खान और झापड़िया बगोनिया निवासी मृतक अनवर जहां को जमानतदार के रूप में पेश किया गया था।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:20 am

नाबालिग छात्र की गोली से मौत मामले में बड़ा खुलासा:शिकारी गिरोह का सदस्य निकला पिता, दो साल से था फरार; मांस-खाल तस्करी के हैं आरोप

भोपाल में तीसरी कक्षा के छात्र इब्राहिम खान (12) की गोली लगने से 31 जनवरी को मौत हो गई। गोली घर में रखी उसके पिता की अवैध पिस्टल से चली थी। गौतम नगर पुलिस की पिता रिजवान लाला से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि वह एक अंतरराज्यीय शिकारी गिरोह का सदस्य है। इंदौर के चर्चित शिकार कांड में दो वर्षों से फरार था। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित है। उसने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में शिकार करने की बात स्वीकार की है। अपने गिरोह के सदस्यों के साथ रिजवान शिकार का मांस और जानवरों की खाल मुंबई तक सप्लाई कराता था। रिजवान काफी समय से वन विभाग और इंदौर पुलिस को चकमा दे रहा था। पुलिस ने रिजवान को गिरफ्तार कर 3 फरवरी को जेल भेज दिया है। हालांकि, अब इंदौर से वन विभाग की टीम उसे जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करने की तैयारी में है। वहीं, भोपाल में उसका साथी आमिर उर्फ मम्मा भी इंदौर के शिकार कांड में फरार है। उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित है। जानिए, वह मामला, जिसमें रिजवान था फरार इंदौर के पास महू के किशनगंज थाना क्षेत्र में दिसंबर 2024 में 3 शिकारियों को गिरफ्तार किया था। इनकी कार से काले हिरण का मांस बरामद हुआ था। नवंबर 2025 में टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने चौथे आरोपी सबाह को भी मुंबई से गिरफ्तार किया है। सबाह ने रिमांड के दौरान कई खुलासे किए थे। उसने बताया था कि वह भोपाल के रिजवान लाला और आमिर मम्मा से शिकार का माल लेता था। इसके बाद बाय रोड शिकार का माल मुंबई तक ले जाता था। वहां खरीदारों तक 1000 से 1500 रुपए किलो तक मांस बेचता था। उसने बताया कि वह रसूखदार परिवारों को मांस सप्लाई करता था। वॉट्सएप ग्रुप पर ग्राहक खोजता था। कई खरीदार उससे टेलीग्राम से भी जुड़े थे। ग्राहकों की डिटेल्स एक पर्सनल वॉट्सएप ग्रुप पर रखता था। हालांकि, जब वह पकड़ा गया, तब तक उसने वॉट्सएप और टेलीग्राम दोनों पूरी तरह खाली कर दिए थे। पैडलर के तौर पर काम करता था रिजवान मामले में दिसंबर 2025 में सबसे पहले इम्तियाज पकड़ा गया था। उसने फॉरेस्ट टीम को बताया था कि उन्होंने गन चलाना एक नेशनल लेवल शूटर आमिर से सीखा है। उन्होंने शिकार के लिए 50 लाख रुपए की गन स्वीडन से मंगवाई थीं। इसके बाद स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने मुंबई के जोगेश्वरी इलाके से सबाह पिता सलाहुद्दीन को पकड़ा था। आरोपी रिजवान लाला गिरोह में पैडलर के तौर पर काम करता था। गिरोह हिरण, चीतल और सांभर की खाल मुंबई के अलावा अन्य राज्यों में भी बेचता था। लग्जरी कार में मिला था 65 किलो मांस इंदौर के पास किशनगंज में 3 दिसंबर 2024 को सुबह पुलिस वाहनों की सामान्य चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने एक लग्जरी कार को रोका। उसमें करीब 65 किलो मांस मिला था। वाहन में सवार जौहर हुसैन पिता इब्राहिम निवासी मिल्लत नगर मुंबई, सलमान पिता हारून निवासी मोमिन नगर मुंबई और इम्तियाज पिता शकरी खान निवासी अंधेरी वेस्ट मुंबई को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में इन तस्करों ने बताया था कि वे भोपाल से मांस लाए थे। यह मांस उन्हें रिजवान और आमिर ने दिया था। इसके बाद मामला टाइगर स्ट्राइक फोर्स के पास भेजा गया। टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने इम्तियाज, सलमान और जौहर हुसैन से अलग-अलग पूछताछ की। उन्होंने बताया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व और कान्हा नेशनल पार्क में भी शिकार किया था, जहां वे सांभर और बारहसिंगा के शिकार के लिए जाते थे। गिरोह के कुछ सदस्य भोपाल के अलावा मुंबई के माहिम, अंधेरी और भयंदर में सक्रिय हैं। वहीं, जून 2025 में इम्तियाज के मोबाइल से हिरण, चीतल और बारहसिंगा के शिकार से जुड़े फोटो और वीडियो मिले थे। फोर्स ने तस्करों के पास से स्वीडिश गन भी बरामद की थी। इस गन की कीमत 50 लाख रुपए बताई गई थी। जिसका इस्तेमाल शिकार के लिए किया जाता था। आरोपी लगातार भोपाल के आमिर मम्मा और रिजवान लाला के संपर्क में रहते थे। आरोपियों की निशानदेही पर एक कंट्री मेड 12 बोर की गन भी जब्त की गई थी। इस मामले में सभी आरोपी अब भी इंदौर जेल में बंद हैं। अब इम्तियाज-सलमान से होगा आमना-सामना एसटीएसएफ रिजवान को गिरफ्तार कर इम्तियाज और सलमान के साथ आमना सामना कराने की तैयारी में है। रिजवान की गिरफ्तारी के लिए इंदौर की फारेस्ट टीम की ओर से भोपाल के न्यायलय में आवेदन भी लगाया गया। जिससे उससे पूछताछ की जा सके। इससे पहले गिरफ्तार आरोपियों से इंदौर की फॉरेस्ट और टाइगर स्ट्राइक फोर्स दो बार पूछताछ कर चुकी है। न्यायिक हिरासत में रिजवान कैदी नंबर 6583 इधर, 3 फरवरी को कोर्ट ने रिजवान लाला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। उसे फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल के ब खंड में रखा है। जेल में उसे नई पहचान कैदी नंबर 6583 के रूप में मिली है। उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी निगाहें बनाए हुए है। परिजनों के विरोधाभासी बयानों से गिरफ्तार हुआ भोपाल की करीम बक्श कॉलोनी में रिजवान लाला के 12 साल के बेटे इब्राहिम खान की गोली लगने से मौत के बाद परिजनों ने साक्ष्य मिटाने के लिए कमरे को धो दिया था। मां, पिता और चाचा के बयानों में विरोधाभास भी था। ऐसे में 3 दिन तक पुलिस पूरे घटनाक्रम की गुपचुप तरीके से जांच करती रही। चाचा रेहान ने पुलिस को बताया था कि घटना के समय वह घर में था। रात करीब 1:30 बजे मां और भाभी खाना खा रही थीं। तभी गोली चलने की आवाज आई। भाभी फर्स्ट फ्लोर पर पहुंची, उन्होंने बच्चे के शव को खून से लथपथ देखा था। पीछे से मैं भी कमरे में पहुंचा और भतीजे को बेसुध देख तत्काल अस्पताल लेकर रवाना हुआ। हादसे के समय बड़ा भाई रिजवान लाला घर में मौजूद नहीं था। रिजवान ने बयानों में यह बताया था इधर, रिजवान ने भी बयानों में बताया कि जिस पिस्टल से गोली चली वह उसके बहनोई वाहिद नूर की थी। वह पहले उनके घर में आकर रहा था। घर की सफाई के दौरान पिस्टल बच्चे के हाथ लगी और धोखे से गोली चलने से बच्चे की कनपटी के आर पार हो गई। पिस्टल घर में लोड क्यों रखी गई थी, इसका जवाब रिजवान नहीं दे सका था। उसके घर से पुलिस ने दो दर्जन से अधिक चले हुए कारतूस के खोखे जब्त किए थे। इस पर रिजवान ने खुद के नाम एक लायसेंसी रायफल होने की बात कही थी। यह खबर भी पढ़ें… 12 साल के बच्चे की गोली से मौत में पिता गिरफ्तार भोपाल में तीसरी क्लास के स्टूडेंट इब्राहिम की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने उसके पिता रिजवान लाला को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। रिजवान की गिरफ्तारी आर्म्स एक्ट में की गई है। जांच में सामने आया है कि रिजवान अपने घर में फरार अपराधियों को पनाह देता था। पूरी खबर यहां पढ़ें... भोपाल में तीसरी के छात्र की गोली लगने से मौत भोपाल के गौतम नगर इलाके में तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले 12 वर्षीय छात्र इब्राहिम की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। पिता रिजवान ने बताया कि उसका जीजा वाहीद नूर, निवासी जहांगीराबाद, करीब एक महीने तक बक्श कॉलोनी, जेपी नगर स्थित उनके मकान में रहकर गया था। इसी दौरान उसकी एक अवैध कंट्री मेड पिस्टल घर में रह गई थी। पढ़ें पूरी खबर… रईसों-पॉलिटिकल परिवारों में सप्लाई होता था काले हिरण का मांस इंदौर के पास महू के किशनगंज थाना क्षेत्र में दिसंबर 2024 में 3 शिकारियों को गिरफ्तार किया था। इनकी कार से काले हिरण का मांस बरामद हुआ था। अब पिछले हफ्ते टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने चौथे आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। वह 3 नवंबर तक रिमांड पर था। इसके बाद उसे विशेष न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें...

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:20 am

मथुरा में YEIDA ने 15 अतिक्रमण पर की कार्यवाही:हेरिटेज और राया अर्बन सिटी की जमीन पर किया था अतिक्रमण,2200 हेक्टेयर में विकसित की जाएंगी दोनों सिटी

यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण मथुरा में 3 परियोजनाओं पर काम कर रहा है। जिसमें हैरिटेज सिटी, राया अर्बन सिटी के अलावा टूरिज्म जोन यहां बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं की जमीन पर हुए अतिक्रमण के खिलाफ यीडा अधिकारियों ने बड़ी कार्यवाही की। 15 बुलडोजर लेकर पहुंचे अधिकारियों ने एक के बाद एक निर्माण को ध्वस्त कर दिया। टीम ने यहां 400 करोड़ से ज्यादा की जमीन पर से अवैध कब्जे हटाते हुए उसे मुक्त कराया। मुख्यमंत्री के हैं ड्रीम प्रोजेक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण की जमीन पर 3 बड़े प्रोजेक्ट को लेकर मंजूरी दे चुके हैं। जिसमें हैरिटेज सिटी, राया अर्बन सिटी और टूरिज्म जोन को विकसित किया जाना है। यह परियोजना करीब 2200 हेक्टेयर में विकसित होंगी। जिसमें हैरिटेज सिटी 444 हेक्टेयर में, राया अर्बन सिटी 1000 हेक्टेयर में तो टूरिज्म जोन 816 हेक्टेयर में विकसित किया जाएगा। यह होगा इन प्रोजेक्ट में यमुना एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण हेरिटेज सिटी अरूआ, पानीगांव,भीम और डांगौली गांव की खादर की जमीन पर विकसित करेगा। जिसमें ब्रज की गरिमा के अनुरूप मंदिर धर्मशाला और आध्यात्मिक गांव होंगे। राया अर्बन सिटी में 52 गांव आयेंगे। जिसमें प्लॉट,फ्लैट और व्यावसायिक गतिविधि होगी। इसके अलावा टूरिज्म जोन के लिए भीम, अरूआ और पिपरोली गांव के बांगर की जमीन का प्रयोग होगा। अतिक्रमण पर चला डंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट के आड़े आ रहे अवैध निर्माणों पर बुधवार को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) का डंडा चला। भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्राधिकरण के दस्ते ने राया एक्सप्रेस वे के किनारे बनेअवैध होटलों और कॉलोनियों को नेस्तनाबूद कर दिया। घंटों चली इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया। प्राधिकरण के ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 15 बुलडोजर राया सर्विस लेन पर पहुंचे। देखते ही देखते निर्माणाधीन होटलों की दीवारें और अवैध कॉलोनियों की सड़कें ध्वस्त कर दी गईं। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी जमीन मास्टर प्लान के अंतर्गत आती है, जहां बिना अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं। राम-जानकी मंदिर पर चला बुलडोजर, ट्रस्ट में आक्रोश कार्यवाही के दौरान सबसे बड़ा विवाद निर्माणाधीन मंदिर को लेकर हुआ। मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बुलडोजर के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। ट्रस्ट का आरोप है कि यहाँ भगवान श्रीराम और माता जानकी का भव्य मंदिर बन रहा था, जिसे बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के ढहा दिया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह सीधे तौर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कार्रवाई है। प्रशासन ने इस विरोध के बावजूद निर्माण को अवैध बताते हुए कार्रवाई जारी रखी। नक्शा नहीं तो निर्माण नहीं ओएसडी शैलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के दोनों ओर बिना प्राधिकरण की अनुमति के कोई भी निर्माण नहीं हो सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद काम नहीं रोका है, उनकी सूची तैयार है। आगामी दिनों में राया कट और आसपास के क्षेत्रों में और भी बड़े ध्वस्तीकरण अभियान देखने को मिल सकते हैं। प्राधिकरण ने निवेश करने वाले आम लोगों से भी अपील की है कि वे अवैध कॉलोनियों में प्लॉट न खरीदें। कमिश्नर को भेजी रिपोर्ट पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट आगरा मंडल के आयुक्त नगेंद्र प्रताप को भेज दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि हेरिटेज सिटी प्रोजेक्ट के दायरे में आने वाली एक-एक इंच जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा। मौके पर पीएसी के अलावा कई थानों का फोर्स मौजूद रहा। इस कार्यवाही के दौरान 15 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:19 am

SIR:भोपाल में 80% काम पूरा, इंदौर 36% के साथ मप्र में सबसे पीछे

भोपाल जिले में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची दुरुस्त करने का काम जारी है, लेकिन तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं की संख्या बढ़ने से तय शेड्यूल प्रभावित हो गया है। पहले जिले की सातों विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग वाले 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं की सुनवाई के लिए कार्यक्रम तय किया गया था, लेकिन नाम, उम्र, पिता और पति के नाम में गड़बड़ी वाले 2 लाख 27 हजार 129 मतदाताओं के मामले सामने आने के बाद प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित करना पड़ा। इन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी कर वार्ड कार्यालयों में अलग-अलग एईआरओ स्तर पर सुनवाई की जा रही है। जिला निर्वाचन आयोग के हिसाब से 14 फरवरी तक सुनवाई और निराकरण का काम पूरा किया जाना है, इससे वार्ड दफ्तरों में रोजाना भीड़ बढ़ रही है। रोज 300 वोटर्स की सुनवाई... जिले में एसआईआर के दूसरे चरण में नए फार्म, दावे आपत्तियां और पता संशोधन से जुड़े आवेदन लिए जा रहे हैं। साथ ही नो-मैपिंग और लॉजिकल डिस्पेंसी (नामों में त्रुटियां) वाले मतदाताओं से दस्तावेज मंगाकर सत्यापन किया जा रहा है। स्थिति यह है कि वार्ड दफ्तरों में रोजाना 250 से 300 मतदाताओं की सुनवाई की जा रही है, ताकि तय समय में प्रक्रिया पूरी हो सके। भोपाल में हर पांचवां मतदाता अभी भी प्रतीक्षा में बुधवार तक मध्यप्रदेश में एसआईआर के तहत मतदाता सूची सुधार का काम जिलों में अलग-अलग गति से आगे बढ़ रहा है। भोपाल में एसआईआर का 80.99% काम पूरा हो चुका है। जिले में कुल 16,87,033 मतदाता हैं, जिनमें से 13,66,266 मामलों में नोटिस, सुनवाई, सत्यापन और फाइनल पब्लिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इसके बावजूद 3,20,767 मतदाता ऐसे हैं, जिनके मामलों में अभी अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है। यानी हर पांचवां मतदाता अभी भी प्रतीक्षा की स्थिति में है। राज्य स्तर पर भोपाल 23वें स्थान पर है, यानी राजधानी से आगे 22 जिले ऐसे हैं, जहां काम इससे ज्यादा पूरा हो चुका है। इन जिलों में 95% से ज्यादा काम... मंदसौर, बालाघाट और मंडला जैसे जिलों में एसआईआर का काम 95 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। इसके उलट इंदौर में स्थिति सबसे कमजोर है। वहां एसआईआर का काम सिर्फ 36.56 प्रतिशत तक ही पहुंच पाया है, जो पूरे प्रदेश में सबसे कम है। जहां भोपाल अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, वहीं इंदौर अभी शुरुआती स्तर पर ही अटका हुआ है। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी हुए हैं, उनके दस्तावेजों का वेरिफिकेशन अब बीएलओ घर-घर जाकर भी कर सकेंगे। इसके लिए मतदाताओं को सुनवाई के लिए आने की जरूरत नहीं रहेगी। -कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:15 am

जबलपुर की छठवीं बटालियन में टीए घोटाला:एफआईआर से पहले जमा हुए ढाई करोड़,12 हजार पन्नों की जांच रिपोर्ट पुलिस को सौंपी

छठवीं बटालियन में हुए टी घोटाले की जहां एक तरफ जांच चल रही थी। वहीं टीम उन आरक्षकों से भी वसूली करने में जुटी हुई थी, जिनके खाते में आरोपी एएसआई ने करोड़ों रुपए ट्रांसफर किए थे। कमाडेंट के नेतृत्व में गठित हुई टीम ने घोटाले के करीब ढाई करोड़ रुपए रिकवर कर लिए है, हालांकि सिपाही अभिषेक झारिया की मौत हो जाने के कारण उसके खाते में गया पैसा अभी नहीं मिल पाया है, जिसे लेकर एसएएफ अब कानूनी रास्ता अपनाने में जुटा हुआ है। एसएएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि मास्टरमाइंड सत्यम शर्मा जिस भी सिपाही के खाते में रुपए ट्रांसफर करता था, उनसे पहले एक बार फेस टू फेस मुलाकात करता था, जो भी उसकी बातों में आता तो उसे, वह साथ में शामिल कर लिया करता था। सत्यम शर्मा से वसूली होना बाकी है। विभागीय जांच शुरूएसएएफ बटालियन में पदस्थ रहे जितने भी आरक्षकों से घोटाले की राशि बरामद हुई है, उनसे भले ही रिकवरी हो चुकी है, पर उन सभी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू हो गई है। कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी के निर्देश पर एएसपी आशुतोष मिश्रा के नेतृत्व में टीम ने एक माह तक लगातार जांच की और पाया कि सत्यम शर्मा ने 2019 से यह घोटाला शुरू किया था, हालांकि पुलिस की एफआईआर में घोटाले का जिक्र जनवरी 2022 से नवंबर 2025 का किया गया है। जान ले किसके खाते में कितने गए रुपएपुलिस के अनुसार अभिषेक झारिया ने 548220 यात्रा भत्ता और मेडिकल बिल के 53208 रुपए पास कराए। उसके अकाउंट में 60,19,830 थे। फर्जीवाड़े में शामिल आरक्षक नीतेश पटेल के अकाउंट में 30,62,816, नीतेश धुर्वे के अकाउंट में 28,70,539, हवलदार देवेंद्र कुमार के खाते में 27,92,846, आरक्षक राहुल साहू के अकाउंट में 33,19,699, आरक्षक आस्तिक शुक्ला के खाते में 24,88,036, आरक्षक देवेंद्र सिंह के अकाउंट में 20,36,778, आरक्षक राकेश जोशी के खाते में 17,24,343, आरक्षक गुलशन सिंह के अकाउंट में 14,98,496, आरक्षक जितेन्द्र झारिया के अकाउंट में 13,92,933, आरक्षक सुनील विश्वकर्मा के अकाउंट में 1270937 और आरक्षक विशाल कुमार के अकाउंट में 11,65,876 रुपए भेजे गए थे। ट्रेजरी ऑफिस में जमा करवाए रुपएछठवीं बटालियन में करोड़ों रुपए के हुए घोटाले की जहां एक तरफ जांच चल रही थी, वहीं सूत्र यह बता रहे थे, कि जितने सिपाहियों के खातों में टीए की फर्जी राशि ट्रांसफर हुई थी, वह डीडीओ के माध्यम से जिला कोषालय आफिस में जमा करवा दी गई है। करीब ढाई करोड़ रुपए जमा कर दिए गए है। बाकी की राशि भी एसएएफ जमा करवाने में लगी हुई है। 12 नवंबर को मिली थी जानकारी छठवीं बटालियन में पदस्थ कमांडेंट सिद्धार्थ चौधरी ने बताया कि 12 नवंबर को जैसे ही जानकारी लगी कि टीए घोटाला हुआ है, जिसमें कि एक बाबू सत्यम शर्मा और उसके साथ सिपाही अभिषेक झारिया सहित अन्य लोग शामिल है। एएसपी रैंक के अधिकारी को जांच सौंपी गई। इस बीज जिला प्रशासन की टीम भी अलग से जांच कर रही थी। जांच के दौरान पता चला कि करीब 7 सालों से छोटे-छोटे टुकड़ों में वित्तीय अनियमितता करते हुए कई खातों रुपए ट्रांसफर किए है। शुरुआती जांच में पता चला है कि करीब साढ़े तीन करोड़ रुपए का घोटाला है, जिसके बाद करीब ढाई करोड़ रुपए वापस शासकीय खाते में जमा करवा दिए गए है। एक आरोपी अभिषेक जिसकी मौत हो चुकी है, उसकी वसूली नहीं हो पाई है। कमांडेंट का कहना है कि अभी तक कि जांच में यह पता चला है कि इस पूरे टीए घोटालों को चलाने वाला सत्यम शर्मा ही था। अधिकारी देते थे ओटीपी सत्यम शर्मा टीए शाखा में पदस्थ जबकि अभिषेक झारिया उसका सहयोगी था। दोनों पहले फर्जी बिल तैयार करते हुए इसके बाद शामिल हुए अन्य कर्मचारियों को भी एक बड़ा हिस्सा दिया करते थे। मास्टरमाइंड सत्यम शर्मा और अभिषेक झारिया अपनी और सीनियर अधिकारियों की आईडी पर काम करते हुए उन्हें धोखे में रखते हुए ओटीपी प्राप्त कर फर्जी टीए बिल तैयार करते हुए उसे शासकीय कोषालय विभाग में जमा कर राशि निकाला करते थे। जांच में यह भी पता चला है कि दोनों ने मिलकर आईएफएमआईएस पर क्रिएटर का कार्य किया। वरिष्ठ अधिकारियों से ओटीपी प्राप्त कर उनकी आईडी पर वेरिफायर तथा अप्रूबल किया गया। अभी तक की जांच में कमांडेंट के नेतृत्व में जांच कर रही टीम ने सत्यम शर्मा के भी बयान दर्ज किए हैं, जिसमें कि उसने बताया है कि सितंबर 2022 से जून 2024 तक कार्य किया है, इसके बाद सहायक के रूप में आरक्षक अभिषेक झारिया पदस्थ रहा। जून 2024 के बाद भी निलंबित सत्यम शर्मा की आईडी पर टीए का कार्य किया जाता रहा है। बाद में सहायक उप निरीक्षक प्रतिभा उपाध्याय की आईडी से भी यह कार्य जारी रखा गया। मृतक अभिषेक झारिया के बैंक स्टेटमेंट,टीए आहरण संबंधी दस्तावेजों की जांच करने पर पाया कि फर्जी टीए बिल तैयार कर उन बिलों के माध्यम से शासकीय कोषालय से धनराशि का आहरण किया गया है। टीए शाखा द्वारा तैयार किए गए कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों में अभिषेक झारिया एवं अन्य 11 संदिग्ध खाताधारकों के लिए फॉर्म बिल की हार्ड कॉपी नहीं मिली है। लगभग 12 हजार पन्नों की जांच रिपोर्टएसएएफ एएसपी आशुतोष मिश्रा की टीम ने 20 नवंबर से इस फर्जी टीए घोटाले की जांच शुरू की, इस दौरान जितने भी आरक्षकों के खाते में रुपए ट्रांसफर हुए थे, उन सभी के बयान दर्ज किए गए, इसके अलावा टीए शाखा में पदस्थ कर्मचारियों सहित तत्कालीन डीडीओ के बयान भी रिकार्ड में लिए गए है। करीब 12 हजार पन्नों की जांच रिपोर्ट तैयार करते हुए 16 बस्ते में रिपोर्ट पुलिस को गई है। ये खबर भी पढ़ें… SAF में 3 करोड़ का घोटाला, 200 गुना भत्ता निकालाजबलपुर में स्पेशल आर्म्ड फोर्स (SAF) की छठी बटालियन से जुड़ा ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) घोटाला अब और बड़ा हो गया है। पहले करीब 2 करोड़ रुपए का बताया जा रहा यह घोटाला बढ़कर लगभग 3 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। मामले में रांझी थाना पुलिस ने मंगलवार को यहां पदस्थ एएसआई, मृत आरक्षक समेत कुल 15 कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:15 am

भोपाल की सड़कों पर अंधेरा:स्ट्रीट लाइट... 65 हजार में 20 हजार बंद, 40% इलाकों में खंभे ही नहीं लगे

राजधानी की सड़कों पर रात के समय निकलना अब सुरक्षित नहीं रह गया है। जगह-जगह पसरा अंधेरा आम लोगों के लिए डर और खतरे का कारण बनता जा रहा है। हाल ही में पिपलानी इलाके में अंधेरे का फायदा उठाकर एक मनचले द्वारा तीन युवतियों पर हमला किए जाने की घटना ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की बदहाली को उजागर कर दिया है। जमीनी हकीकत यह है कि नगर निगम न तो मौजूदा स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त कर पा रहा है और न ही नई स्ट्रीट लाइटें लगाने में सफल हो पा रहा है। शहर में लगी करीब 65 हजार स्ट्रीट लाइटों में से लगभग 20 हजार बंद हैं। इनमें से 15 हजार स्ट्रीट लाइट मेट्रो प्रोजेक्ट और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के विकास कार्यों के चलते बंद हैं, जबकि रोजाना अलग-अलग इलाकों में औसतन 5 हजार स्ट्रीट लाइट तकनीकी या अन्य कारणों से बंद रहती हैं। यह आंकड़ा कुल स्ट्रीट लाइट का करीब 23 फीसदी है। चिंताजनक स्थिति यह भी है कि शहर के 40 फीसदी इलाके में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था ही नहीं है। यदि इन सभी आंकड़ों को जोड़ा जाए तो राजधानी का लगभग 63 फीसदी क्षेत्र अंधेरे में डूबा हुआ है। वीआईपी इलाकों में भी अंधेरा... अंधेरी सड़कों से गुजरने पर मजबूर हजारों लोगजिन क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट नहीं है, उनमें अरेरा हिल्स जैसे वीआईपी इलाके भी शामिल हैं, जहां केंद्र और राज्य सरकार के महत्वपूर्ण कार्यालय हैं। वहीं मालवीय नगर, रोशनपुरा, पुलिस कंट्रोल रूम से एमपी नगर की ओर आने-जाने वाले हजारों लोग इन अंधेरी सड़कों से गुजरने को मजबूर हैं। तस्वीर: अरेरा हिल्स में बीएसएनएल से ग्रीन मेडाेस तक जाने वाली सड़क की। हर माह औसतन 400 शिकायतेंशहर में स्ट्रीट लाइट बंद होने को लेकर हर महीने औसतन 400 शिकायतें दर्ज होती हैं। बरसात के मौसम में यह संख्या और बढ़ जाती है। पिछले महीने जनवरी में 359 शिकायतें दर्ज की गईं। नगर निगम का दावा है कि शिकायतों का निराकरण 3 से 4 दिनों में कर दिया जाता है, हालांकि जमीनी स्तर पर स्थिति इससे अलग नजर आती है। संसाधनों की कमी भी बड़ी बाधानिगम अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के निराकरण में देरी का एक बड़ा कारण संसाधनों की कमी है। शहर के 21 जोनों के लिए केवल 16 वाहन उपलब्ध हैं। एक वाहन में तीन कर्मचारी और अधिकारी होते हैं। आवश्यकता को देखते हुए कम से कम 10 और वाहन तथा 30 से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी और अधिकारियों की जरूरत है। भदभदा से अयोध्या नगर तक असर भदभदा से जवाहर चौक, पुल बोगदा से पिपलानी, गांधी नगर के आशाराम चौराहा से लेकर अयोध्या नगर थाना क्षेत्र तक मेट्रो और एनएचएआई के काम के कारण स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। इन क्षेत्रों में लगे स्ट्रीट लाइट पोल तक निकाल दिए हैं। इससे पहले सुभाष नगर से एम्स तक मेट्रो निर्माण के दौरान भी यही स्थिति थी। टेंडर में एजेंसियों की रुचि नहींपूरे शहर को पर्याप्त रोशनी देने के लिए करीब 30 हजार से ज्यादा नई एलईडी स्ट्रीट लाइटों की जरूरत है। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, पिछले एक साल में इसके लिए कई बार टेंडर जारी किए जा चुके हैं, लेकिन किसी भी टेंडर में एजेंसियों ने कोई खास रुचि नहीं दिखाई है। इस वजह से टेंडर अटका हुआ है। अरेरा हिल्स के लिए सर्वे कराएंगे मेट्रो और एनएचएआई से हमने कहा है कि वे वैकल्पिक व्यवस्था करें। जिन इलाकों में स्ट्रीट लाइट नेटवर्क नहीं है, वहां नेटवर्क के लिए प्रयास जारी हैं। अरेरा हिल्स इलाके में तात्कालिक व्यवस्था क्या हो सकती है, उस पर निर्णय के लिए एक-दो दिन में सर्वे कराएंगे। -आरआर जारोलिया, एसई, नगर निगम

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:13 am

कंबोडिया में बैठा सरगना:उसी के कहने पर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर ऐंठे थे 70 लाख रुपए, 5 गिरफ्तार

एंटी टेरेरिस्ट स्क्वायड (एटीएस) का अफसर बनकर बैंक के रिटायर सीनियर सिटीजन से 70 लाख रुपए ऐंठने वाले जालसाजों के 5 मददगारों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह ने बुजुर्ग को आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने का डर दिखाकर डिजीटल अरेस्ट किया था। राज्य साइबर पुलिस ने आरोपियों को पंजाब, उप्र, असम और तमिलनाडु से पकड़ा है। हालांकि डिजीटल अरेस्ट करने वाले आरोपियों को अभी नहीं पकड़ा जा सका है, जो कंबोडिया के सरगना के इशारों पर देश में ऑपरेट कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में 5,54,247 रुपए फ्रीज करवाए हैं। यह वारदात 17 नवंबर 2025 की है। जिसमें भोपाल निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग को अज्ञात आरोपियों ने कॉल कर खुद को एटीएस अफसर बताया था। आरोपियों ने कहा कि तुम्हारा नाम आतंकवादी गतिविधियों की जांच में आया है और गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुका है। डर और मानसिक दबाव बनाकर बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट कर लिया और उनसे अलग-अलग म्यूल खातों में लाखों रुपए जमा करवा लिए। इस मामले में तकनीकी जांच में सामने आया कि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खाते और मोबाइल नंबर पंजाब, उत्तर प्रदेश, असम और तमिलनाडु से जुड़े हैं। पुलिस को यह भी पता चला कि गिरोह का सरगना देश के बाहर कंबोडिया में बैठकर पूरे नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा है। साइबर पुलिस की एडवाइजरी: अनजान या वीपीएन कॉल न उठाएं, डिजिटल अरेस्ट नहीं होता, जानकारी न दें, साइबर अपराध पर 1930 या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत करें। पुलिस की चार राज्यों में दबिश, 100 फर्जी सिमकार्ड जब्त हुएआरोपियों की पहचान हुई तो पुलिस की चार अलग-अलग टीमें पंजाब, उप्र, असम और तमिलनाडु भेजा गया। वहां से 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। पकड़े गए आरोपियों में मोहन काबरा, अमरेंद्र कुमार, राजेश कुमार, पी. राजा और इब्राहिम अली शामिल हैं। ये आरोपी म्यूल खातों का संचालन, फर्जी कॉलिंग और रकम ट्रांसफर में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। इनमें मोहन 8वीं पास है, जबकि इब्राहिम अभी 12वीं कक्षा में (पीसीएम) का छात्र है। उसके कब्जे से पुलिस ने 100 फर्जी सिमकार्ड भी जब्त किए हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:10 am

उज्जैन में 'ग्रूमिंग गैंग' पैटर्न पर लव जिहाद की साजिश:नाबालिग का पहले खुद ने फायदा उठाया फिर दोस्त को सौंपा, इंदौर के मुस्लिम इलाके में बुर्के में मिली

अब तक सामान्य तरीके से किया जा रहा लव जिहाद अब 'ग्रूमिंग गैंग पैटर्न' का रूप अपनाता जा रहा है। उज्जैन में ऐसा ही एक लव जिहाद का मामला सामने आया है। इसमें एक नाबालिग को ग्रूमिंग गैंग पैटर्न पर जाल में फंसाकर न सिर्फ उसके साथ गलत किया गया बल्कि उसे बुर्का पहनाकर धर्मांतरण के लिए भी उकसाया गया। हिंदू समाज की नाबालिग लड़की के दो दिन पहले विशेष वर्ग के नाबालिग लड़के के साथ गायब होने के मामले को हिन्दू जागरण मंच ने ‘ग्रूमिंग गैंग’ पैटर्न पर लव जिहाद की साजिश बताया है। पुलिस को पीड़िता इंदौर से लड़के के परिवार के घर पर बुर्के में मिली। पुलिस दोनों को पकड़कर थाने लाई है। पूरे मामले में करीब 12 से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई की संभावना है। हिन्दू जागरण मंच के अर्जुन भदौरिया ने बताया कि उज्जैन में पहली बार ग्रूमिंग गैंग पैटर्न की तर्ज पर शहर के 5 नंबर नाका क्षेत्र की अवैध कालोनी में सोमवार को एक घटनाक्रम सामने आया। हिंदू समाज की एक दलित 15 साल की नाबालिग लड़की को एक मुस्लिम परिवार का नाबालिग लड़का बहला-फुसलाकर ले गया। इस पूरे मामले में पीड़िता की सहेलियां और आरोपी लड़के के परिवार ने उज्जैन से भगाने में पूरी मदद की। लड़के के परिवार वालों ने इंदौर में एक घर में रखा। जहा लड़की दो दिन तक मुस्लिम लिबास में में बुर्के में रही। खास बात ये की जब उज्जैन से थाना चिमनगंज पुलिस इंदौर में लड़की को दस्तयाब करने पहुंची तब भी लड़की बुर्के में मिली। नाबालिग ने बुधवार देर रात बयान दर्ज किए और पुलिस ने उसके बयान के आधार पर नाबालिग और उसके सहयोगी के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कर ली है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले में अभी और लोगों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी चल रही है। लड़के ने यूज कर अपने दोस्त को सौंपासोमवार को लड़की के गायब होने के बाद चिमनगंज मंडी पुलिस द्वारा प्रकरण पंजीबद्ध कर जब मामले की जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। 6 महीने पहले अहमदनगर के एक नाबालिग ने लड़की को प्रेम जाल में फंसाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में ब्रेकअप कर अपने ही दोस्त को उसके पीछे लगा दिया। लड़की का ब्रेन वाश करने में पास ही में रहने वाली पूरे मामले में पीड़िता की एक वर्ग विशेष की सहेली की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मुस्लिम बाहुल इलाके में बुर्के में मिली लड़कीचिमनगंज थाना प्रभारी गजेंद्र पचौरिया ने बताया कि हिंदू लड़की को बुर्का पहनाकर किसी रिश्तेदार के घर में रखा था। पुलिस ने लड़की को 48 घंटे के अंदर ही इंदौर के मुस्लिम बहुल क्षेत्र से रेस्क्यू कर लिया। लड़के से पूछताछ जारी है। दोनों नाबालिग हैं। मामले में कुछ लोगों ने दोनों को भगाने में मदद की होगी तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। क्या होता है 'ग्रूमिंग गैंग' पैटर्न ग्रूमिंग का अर्थ है, किसी नाबालिग या कमजोर व्यक्ति को धीरे-धीरे मानसिक रूप से तैयार करना, ताकि उसका यौन, आर्थिक या भावनात्मक शोषण किया जा सके। जब यह काम संगठित तरीके से समूह (गैंग) द्वारा किया जाए तो उसे ग्रूमिंग गैंग पैटर्न कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… लव जिहाद का शिकार हुए युवक की घर वापसी होगी जहांगीराबाद क्षेत्र के युवक शुभम गोस्वामी का कथित रूप से दबाव में धर्मांतरण कराने का मामला सामने आने के बाद मंत्री विश्वास कैलाश सारंग सामने आए हैं। शुभम ने इस्लाम अपनाने को धोखे और दबाव का नतीजा बताते हुए अब हिंदू धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई है। मंत्री सारंग ने आश्वासन दिया है कि उसकी शास्त्रानुसार घर वापसी कराई जाएगी। वहीं पुलिस ने आरोपी परिवार के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पूरी खबर पढ़ें

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:09 am

5वीं-8वीं की परीक्षा अब बोर्ड पैटर्न पर, 20 से होंगी

मप्र में शिक्षण सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षाएं बोर्ड पैटर्न पर आयोजित होंगी। राज्य शिक्षा केंद्र के दिशा-निर्देश के अनुसार परीक्षा 20 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगी। इसके लिए प्रदेशभर में 12,920 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां लगभग 25 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। राज्य शिक्षा केंद्र के संचालक हरजिंदर सिंह ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं। इस वर्ष 1,10,615 सरकारी, निजी स्कूलों और मदरसों के लगभग 24,90,000 विद्यार्थी परीक्षाओं में शामिल होंगे। 522 निजी स्कूलों के 20,736 विद्यार्थियों के लिए भाषा विषय के अलग प्रश्नपत्र एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के आधार पर बनाए गए हैं। परीक्षा संचालन के लिए विशेष आईटी पोर्टल विकसित किया गया है। पंजीकरण से छूटे विद्यार्थियों को भी केंद्राध्यक्ष परीक्षा में शामिल करेंगे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:09 am

कोहरे में धुंधलाई सुबह...:महाशिवरात्रि तक ठंड के दो और दौर... इसके बाद ​ओला-बारिश भी संभव

भोपाल में 48 घंटे पहले मावठे की बूंदें पड़ीं और उसके बाद से ही ठंड ने फिर करवट ले ली। बुधवार को शहर का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री दर्ज किया गया। बीते 24 घंटे में इसमें 0.6 डिग्री का इजाफा हुआ, फिर भी ठंडक 7 डिग्री जैसी महसूस हो रही है। मौसम वैज्ञानिक वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि उत्तर से सीधी सर्द हवा आ रही है। इसकी रफ्तार भी 20 किमी प्रति घंटे है। जब हवा ठंडी हो और तेज हो तो तापमान के मुकाबले ठंडक ज्यादा महसूस होती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ने से यह सर्द हवा मप्र तक असर दिखा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि गुरुवार से महाशिवरात्रि (15 फरवरी) तक 11 दिन में ऐसी ही ठंड के दौर और आ सकते हैं। इसके बाद कुछ इलाकों में ओले गिरने और बारिश होने की भी काफी संभावना है। दिन भी ठंडा, पारा 1.2 डिग्री गिरकर 23 से नीचे आया बुधवार को भोपाल में अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री दर्ज किया गया। मंगलवार की तुलना में इसने 1.2 डिग्री की गिरावट हुई। यह सामान्य से 3.7 डिग्री नीचे रहा। पिछले दो दिनों से 24 घंटे में सिर्फ 5 घंटे सुबह 11 से शाम 4 बजे तक ही ऐसी अवधि रही, जब ठंड से थोड़ी राहत मिली। बाकी समय ठंडी हवा दिनभर चलती रही। 15 तक अच्छी ठंड पड़ने का ट्रेंड: मौसम विशेषज्ञ डॉ. जीडी मिश्रा बताते हैं कि भोपाल में फरवरी में 15 तारीख तक अच्छी ठंड पड़ने का ट्रेंड है। 2014 से लेकर पिछले साल तक सिर्फ 3 बार 2015, 2017 और 2028 में ही ऐसा नहीं हो सका। बाकी वर्षों में न्यूनतम तापमान कई बार 10 डिग्री से नीचे पहुंचा। आगे क्या? दो दौर में लौटेगी ठंडपहला दौर: गुरुवार यानी आज से 3-4 दिन-रातें ठंडी, सुबह-शाम तेज हवा।दूसरा दौर: इसके 4 या 5 दिन के बाद-पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाए रहेंगे। हल्की बूंदाबांदी की या तेज हवा चलने की संभावना है। यह वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत में पहुंचकर जब वापस लौटेगा तब न्यूनतम तापमान में फिर से 3 से 4 डिग्री तक की गिरावट हो सकती है। विंड-चिल इफेक्ट: शरीर की ऊष्मा तेजी से निकलती है, जिससे ठंड महसूस होती हैमौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला बताते हैं कि जब तापमान 14 डिग्री हो और 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चले, तो हवा त्वचा के पास बनी गर्म परत को तेजी से हटा देती है। इसे विंड-चिल इफेक्ट कहते हैं। इससे शरीर की ऊष्मा तेजी से निकलती है और महसूस होने वाला तापमान 6-7 डिग्री तक गिर सकता है। साफ आसमान, कम धूप और उत्तर से सीधी हवा इस प्रभाव को और बढ़ाते हैं। सुबह कोहरे से ढंका नया शहर, 600 से 800 मीटर तक रही विजिबिलिटी नए शहर के कई इलाकों में सुबह घना कोहरा छाया था। इस दौरान सुबह 6 से 7 बजे तक इन इलाकों में विजिबिलिटी 600 मीटर से 800 मीटर तक रही। एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी 1000 मीटर दर्ज की गई। मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि सुबह नमी 80% से ज्यादा थी। उस समय हवा भी धीमी थी। इसी कारण कोहरा छाया।स्थान: अब्बास नगर राेड।समय: सुबह 8 बजे।फाेटाे: शान बहादुर

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:08 am

शराब घोटाला...एक साल बाद रिहा हुए लखमा:कहा- न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा, समर्थन करने के लिए डिप्टी सीएम साव का धन्यवाद करता हूं

379 दिन बाद पूर्व मंत्री कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आ गए हैं। लखमा के जेल से बाहर निकलते ही कार्यकर्ताओं-नेताओं ने फूल माला पहनाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिले। फिर लखमा ने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान बेटे हरीश लखमा, विधायक विक्रम मंडावी, सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन, प्रमोद दुबे और संतराम नेताम मौजूद रहे। कवासी गाड़ी पर सवार होकर निकले। सड़क पर लंबा जाम लग गया। जेल से निकलकर वे अपने आवास के लिए रवाना हुए। इससे पहले कवासी लखमा ने कहा कि मैं सबसे पहले देश की न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट को बधाई देता हूं। मैं एक गरीब आदिवासी हूं, बस्तर की आवाज हूं और बस्तर के जल-जंगल-जमीन के मुद्दे उठाता रहा हूं। न्याय व्यवस्था पर मेरा भरोसा और मजबूत हुआ है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, चरणदास महंत, टीएस सिंहदेव और पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं का धन्यवाद करता हूं। पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में दूध का दूध और पानी का पानी होगा। कवासी ने आगे कहा कि जेल में रहते हुए मैंने देखा कि छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने टीवी और अखबारों में खुले तौर पर मेरे समर्थन में बयान दिया। इसके लिए मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। मैं जब तक रहूंगा, बस्तर के जल-जंगल-जमीन की लड़ाई लड़ता रहूंगा। लखमा की रिहाई पर भाजपा ने कहा कि कवासी लखमा आज जमानत पर रिहा हुए। ना दीपक बैज, ना भूपेश बघेल, न चरणदास महंत, ना टीएस बाबा कोई जेल रिसीव करने नहीं पहुंचा। हर किसी का जलवा बिट्टू जी जैसा कहां? पहले देखिए ये तस्वीरें- पत्नी बोलीं- रिहाई कब होगी सोच-सोच कर वे दुबली हो गई इस बीच कवासी लखमा की पत्नी बुधरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि पति की रिहाई कब होगी सोच-सोच कर वे दुबली-पतली हो गईं। खाना-पीना कम हो गया था। आज अच्छा लग रहा है। दरअसल, छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) से जुड़े मामलों में उनकी अंतरिम जमानत मंजूर की गई है। हालांकि, जमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा। ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसके बाद से ही कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। सुप्रीम कोर्ट ने ED को लगाई थी फटकार 3 महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कड़ी फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने ED से पूछा कि ऐसी कौन-सी जांच बची है, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इस जांच को पूरा करने के लिए कितने समय की जरूरत है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान ED से पूछा कि एक तरफ कहते हो कि शराब घोटाले के आरोपियों को बेल नहीं देनी है, दूसरी तरफ कहते हो कि हम जांच कर रहे हैं। तो ऐसी कौन-सी जांच है, जो अभी तक चल रही है। सुप्रीम कोर्ट ने ED को आदेश दिया है कि जांच अधिकारी अपना पर्सनल एफिडेविट दाखिल करें, जिसमें यह स्पष्ट किया जाए कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के खिलाफ अभी कौन-सी जांच चल रही है। इस जांच को पूरा करने के लिए कितने समय की जरूरत है। अब जानिए क्यों हुई लखमा की गिरफ्तारी ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कवासी लखमा के इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट में बताया था कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की। जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी के माध्यम से होलोग्राम सप्लायर विधु गुप्ता को तैयार किया गया। होलोग्राम के साथ ही शराब की खाली बोतल की जरूरत थी। खाली बोतल डिस्टलरी पहुंचाने की जिम्मेदारी अरविंद सिंह और उसके भतीजे अमित सिंह को दी गई। खाली बोतल पहुंचाने के अलावा अरविंद सिंह और अमित सिंह को नकली होलोग्राम वाली शराब के परिवहन की जिम्मेदारी भी मिली। सिंडिकेट में दुकान में काम करने वाले और आबकारी अधिकारियों को शामिल करने की जिम्मेदारी एपी त्रिपाठी को सिंडिकेट के कोर ग्रुप के सदस्यों ने दी। शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिले शॉर्ट लिस्टेड किए गए शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिलों को चुना गया। शराब खपाने का रिकॉर्ड सरकारी कागजों में ना चढ़ाने की नसीहत दुकान संचालकों को दी गई। डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब बिना शुल्क अदा किए दुकानों तक पहुंचाई गई। इसकी एमआरपी सिंडिकेट के सदस्यों ने शुरुआत में प्रति पेटी 2880 रुपए रखी थी। इनकी खपत शुरू हुई, तो सिंडिकेट के सदस्यों ने इसकी कीमत 3840 रुपए कर दी। डिस्टलरी मालिकों को शराब सप्लाई करने पर शुरुआत में प्रति पेटी 560 रुपए दिया जाता था, जो बाद में 600 रुपए कर दिया गया था। ACB को जांच के दौरान साक्ष्य मिला है कि सिंडिकेट के सदस्यों ने दुकान कर्मचारियों और आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 40 लाख पेटी से अधिकारी शराब बेची है। C: डिस्टलरीज की सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना देशी शराब को CSMCL के दुकानों से बिक्री करने के लिए डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को सिंडिकेट ने 8 जोन में विभाजित किया। इन 8 जोन में हर डिस्टलरी का जोन निर्धारित होता था। 2019 में सिंडिकेट की ओर से टेंडर में नई सप्लाई जोन का निर्धारण प्रतिवर्ष कमीशन के आधार पर किया जाने लगा। एपी त्रिपाठी ने सिंडिकेट को शराब बिक्री का जोन अनुसार विश्लेषण मुहैया कराया था, ताकि क्षेत्र को कम-ज्यादा करके पैसा वसूल किया जा सके। इस प्रक्रिया को करके सिंडिकेट डिस्टलरी से कमीशन लेने लगा। EOW के अधिकारियों को जांच के दौरान साक्ष्य मिले हैं कि तीन वित्तीय वर्ष में देशी शराब की सप्लाई के लिए डिस्टलरीज ने 52 करोड़ रुपए पार्ट C के तौर पर सिंडिकेट को दिया है। .................................... छत्तीसगढ़ शराब घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... शराब घोटाला...लखमा की जांच में देरी पर सवाल:SC ने ED से पूछा- कवासी के खिलाफ कौन सी जांच बाकी, इन्वेस्टिगेशन अफसर एफिडेविट में बताए छत्तीसगढ़ शराब घोटाला केस में सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) को कड़ी फटकार लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने ED से पूछा कि ऐसी कौन-सी जांच बची है, जो अभी तक पूरी नहीं हो पाई है। इस जांच को पूरा करने के लिए कितने समय की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:06 am

महाशिवरात्रि पर सतत 44 घंटे महाकाल दर्शन

15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में भक्तों को इस बार भी लगातार 44 घंटे दर्शन का लाभ मिलेगा। बारह ज्योतिर्लिंगों में केवल महाकालेश्वर मंदिर में साल में एक बार महाशिवरात्रि पर यह विशेष व्यवस्था होती है। मंदिर के पट 14 फरवरी को देर रात 2:30 बजे खोले जाएंगे। इसके बाद दर्शन का क्रम लगातार शुरू होगा, जो 16 फरवरी रात 11 बजे शयन आरती के बाद पट बंद होने तक जारी रहेगा। महाशिवरात्रि पर 15 फरवरी को शयन आरती नहीं होगी। इस बार 16 फरवरी की भस्मआरती दोपहर 12 बजे संपन्न कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:04 am

सेना की भर्ती रैली ग्वालियर में कराने की तैयारी:वैकेंसी दोगुनी - अग्निवीर के1800 पद, नोटिफिकेशन जल्द

सेना में अग्निवीर बनने का सपना देख रहे ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सेना इस बार भर्ती का दायरा बढ़ाने जा रही है। करीब एक लाख खाली पदों को भरने के लक्ष्य के तहत 2026 की भर्ती प्रक्रिया में चंबल अंचल के लिए वैकेंसी लगभग दोगुनी कर 1800 तक की जा सकती है। वर्ष 2024 में यह संख्या 832 थी। भर्ती प्रक्रिया फरवरी में शुरू होने की संभावना है और इसका नोटिफिकेशन एक सप्ताह के भीतर जारी हो सकता है। सेना इस बार भर्ती रैली शिवपुरी या सागर के बजाय ग्वालियर में कराने के मूड में है। इसके लिए सेना के अधिकारी शासन स्तर पर बातचीत करेंगे। पिछले वर्ष ग्वालियर प्रशासन की ओर से समय पर सहमति नहीं मिलने के कारण भर्ती रैली शिवपुरी शिफ्ट करनी पड़ी थी। सेना के आंकड़े बताते हैं कि ग्वालियर-चंबल अंचल के युवाओं में फौज के प्रति जबरदस्त रुझान है। 2025-26 की भर्ती में कुल 1716 युवाओं का चयन हुआ, जिनमें से भिंड, मुरैना और ग्वालियर के 1143 युवा शामिल थे, जबकि शेष सात जिलों से केवल 573 युवाओं का चयन हो सका। सेना का मानना है कि यदि भर्ती ग्वालियर में होती है तो पंजीयन और फिट युवाओं की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। वहीं कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि प्रस्ताव मिलने पर शासन को भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। शासन स्तर पर बात करेंगे2026-27 के लिए नोटिफिकेशन इसी महीने जारी होगा। इस बार पद ज्यादा हैं, इसलिए हमारी कोशिश है कि भर्ती ग्वालियर में ही हो ताकि अधिक से अधिक युवाओं को मौका मिले। हम शासन स्तर पर बात करेंगे।-कर्नल पंकज कुमार, निदेशक, सेना भर्ती कार्यालय

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:03 am

बजट सत्र का सातवां दिन:विपक्षी दलों ने मीटिंग बुलाई; कल लोकसभा में PM मोदी की स्पीच टली, आज राज्यसभा में बोल सकते हैं

संसद के बजट सत्र की गुरुवार को सातवें दिन की कार्यवाही होगी। लोकसभा में 2 फरवरी से राष्ट्रपति के अभिभाषण प्रस्ताव पर धन्यवाद पर चर्चा हो रही है। हालांकि पहले दो दिन राहुल गांधी के भाषण पर हंगामा हुआ, जिसके बाद स्पीकर ने विपक्ष के 8 सांसदों को निलंबित कर दिया था। वहीं बुधवार को 8 सांसदों के निलंबन के विरोध में विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 4 बार स्थगित हुई। शाम 5 बजे पीएम नरेंद्र मोदी धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देने वाले थे, लेकिन विपक्ष की महिला सांसदों के हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित कर दी गई। इससे पीएम नरेंद्र मोदी का संबोधन भी टल गया। शाम 5 बजे जब सदन की कार्यवाही शुरू हुई, तब विपक्ष की महिला सांसदों ने सत्ताधारी नेताओं की कुर्सियां घेर लीं। इनमें पीएम मोदी की कुर्सी भी थी। महिला सांसदों के हाथ में बड़े बैनर थे, जिन पर लिखा था- जो सही है, वो करो। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री आज राज्यसभा में भाषण दे सकते हैं। लोकसभा में उनके जवाब के बिना ही प्रस्ताव पास हो सकता है। इसके अलावा विपक्षी दलों ने सुबह 10 बजे संसद भवन में राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कमरे में बैठक बुलाई है। बजट सत्र में इन बिलों पर चर्चा संभव बजट सत्र 65 दिनों में 30 बैठकों तक चलेगा। यह 2 अप्रैल को खत्म होगा। 28 जनवरी से शुरू हुआ पहला चरण 13 फरवरी को खत्म होगा। इसके बाद दूसर चरण 9 मार्च को शुरू होगा। लोकसभा में 9 विधेयक लंबित हैं, जिनमें विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025, प्रतिभूति बाजार संहिता 2025 और संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 शामिल हैं। इन विधेयकों की वर्तमान में संसदीय स्थायी या प्रवर समितियां जांच कर रही हैं। बजट सत्र की पिछली 6 दिन की कार्यवाही पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस, भाजपा सांसद ने गांधी परिवार पर लिखी किताबें दिखाईं लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के ऑफिस में विपक्ष और बीजेपी सांसदों के बीच भी बहस हुई। ऑफिस का जो वीडियो सामने आया है, इसमें विपक्ष की महिला सांसद केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू से कुछ कहती नजर आ रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल गांधी ने कहा, 'कल मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। राहुल ने आर्टिकल टेबल किया। राहुल ने जैसे ही कहा- मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी : राहुल बोले- चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर पहुंचे, शाह-राजनाथ ने टोका, स्पीकर ने माइक बंद कराया लोकसभा में सोमवार को राहुल गांधी के भाषण के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। राहुल ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे की अनपब्लिश्ड बुक का हवाला देते हुए कहा- 4 चीनी टैंक लद्दाख बॉर्डर के पास पहुंच गए थे। राहुल के ऐसा कहते ही पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फिर गृह मंत्री शाह ने उन्हें टोका। इसके बाद स्पीकर ने नियमों का हवाला देते हुए उन्हें रोका। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट पेश कर दिया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी : देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। भारत अपना अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यूरोपीय संघ के साथ मुक्त समझौते से सेवा और विनिर्माण क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:03 am

नहीं कर सकता बचाव के लिए दस्तावेजों की मांग:चंडीगढ़ CBI कोर्ट ने की याचिका खारिज,10 लाख रिश्वत केस गिरफ्तार, फोन से मिला डाटा सौंपा

10 लाख रुपये की रिश्वत से जुड़े मामले में चंडीगढ़ सीबीआई अदालत ने आरोपी आयुष भल्ला की याचिका खारिज कर दी है। आयुष भल्ला ने अदालत में आरोप लगाया था कि सीबीआई ने उसे मामले से जुड़े सभी दस्तावेज नहीं दिए हैं। इस पर विशेष जज भावना जैन ने कहा कि कानून के मुताबिक सीबीआई को सिर्फ वही दस्तावेज देने होते हैं, जिनका इस्तेमाल वह अदालत में केस साबित करने के लिए करेगी। जिन दस्तावेजों पर सीबीआई भरोसा नहीं कर रही, उनकी कॉपी देना जरूरी नहीं है। हालांकि अदालत ने यह स्पष्ट किया कि आरोपी, यदि चाहे, तो सीबीआई के मालखाने में रखे गए उन दस्तावेजों का नियमों के अनुसार स्वयं या अपने वकील के जरिए निरीक्षण कर सकता है। बचाव के लिए दस्तावेजों की मांग नहीं कर सकता अदालत ने कहा कि सरकारी वकील को सिर्फ वही दस्तावेज देने होते हैं, जिनका वह केस में इस्तेमाल कर रहा है। जिन दस्तावेजों पर भरोसा नहीं किया जा रहा, उनकी केवल सूची देना ही कानून के अनुसार काफी है। जो रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है या जिसे निकाला नहीं जा सका, उसे देने का आदेश नहीं दिया जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोप तय होने के समय आरोपी अपने बचाव के लिए दस्तावेजों की मांग नहीं कर सकता। अगर आगे चलकर किसी दस्तावेज की जरूरत पड़ती है, तो उस समय अलग से आवेदन किया जा सकता है। मोबाइल से निकाले डाटे कॉपी नहीं दी आयुष भल्ला की ओर से अदालत में कहा गया कि शिकायतकर्ता शिव कुमार शर्मा के मोबाइल फोन से निकाले गए पूरे डेटा की कॉपी उन्हें नहीं दी गई। 1 अगस्त 2018 की रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके अलावा 1 अगस्त 2018 को लुधियाना स्थित पेंट हाउस रेस्टोरेंट की डीवीआर फुटेज, 2 अगस्त 2018 को आईजीपी कार्यालय में लगे वाई-फाई कैमरे की पूरी रिकॉर्डिंग और 7 अगस्त 2018 की कथित विजिट से जुड़ा ऑडियो-वीडियो भी नहीं दिया गया।आरोप लगाया गया कि सीबीआई ने जरूरी रिकॉर्ड जानबूझकर छिपाया है। सीबीआई बोली फोन से मिला डाटा सौंप दिया सीबीआई ने अदालत को बताया कि शिकायतकर्ता के मोबाइल फोन से जो भी जरूरी और सही डेटा मिला था, वह सभी आरोपियों को दे दिया गया है। पेंट हाउस रेस्टोरेंट की डीवीआर सीएफएसएल भेजी गई थी, लेकिन उसमें 1 अगस्त 2018 का कोई डेटा मौजूद नहीं मिला। होटल पार्क इन, सेक्टर-35 की डीवीआर से भी कोई डेटा रिकवर नहीं हो सका।आईजीपी कार्यालय के वाई-फाई कैमरे से जो भी रिकॉर्ड सीएफएसएल से मिला, वह पहले ही आरोपियों को दिया जा चुका है। सीबीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि 7 अगस्त 2018 की किसी विजिट से जुड़ा कोई रिकॉर्ड उनके पास मौजूद नहीं है। 2018 में दर्ज हुआ था रिश्वत का मामला सीबीआई ने इस मामले में 14 अगस्त 2018 को एफआईआर दर्ज की थी। केस भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7-ए के तहत दर्ज किया गया। शिकायत शिव कुमार शर्मा ने दी थी। सीबीआई के अनुसार, लुधियाना में अशोक गोयल को 10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। आरोप था कि यह रिश्वत तत्कालीन आईजीपी फिरोजपुर रेंज गुरिंदर सिंह ढिल्लों की ओर से मांगी गई थी। जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 20 अप्रैल 2022 को अशोक गोयल, आयुष भल्ला और सतदेव जिंदल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद आईजीपी गुरिंदर सिंह ढिल्लों की भूमिका को लेकर धारा 173(8) के तहत आगे जांच की गई।27 फरवरी 2023 को दाखिल सप्लीमेंट्री रिपोर्ट में सीबीआई ने कहा कि उनके खिलाफ अभियोजन चलाने लायक कोई सबूत नहीं मिले।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:00 am

दोस्त के फोन में देखी थी बहन की न्यूड फोटो:दुबई में मर्डर का प्लान बनाया, 2 साल मौके का इंतजार किया; गुरुग्राम बुलाकर की हत्या

गुरुग्राम में सुहेब हत्याकांड में खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में पता चला है कि सुहेब और जिशान दुबई में साथ काम करते थे। इसी दौरान जिशान ने सुहेब के मोबाइल में अपनी बहन की न्यूड फोटो देख ली थीं, जिसके बाद उसे दोनों के बीच अफेयर होने का शक हुआ। जिशान ने दुबई में ही सुहेब की हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी, लेकिन उसे वहां ऐसा करने का अवसर नहीं मिला। लगभग डेढ़ साल बाद जब दोनों भारत वापस लौटे, तो जिशान ने अपनी योजना पर काम करना शुरू कर दिया। हालांकि, भारत लौटने के बाद सुहेब ने जिशान से उसकी बहन के साथ शादी करने की बात भी कही, लेकिन जिशान इसके लिए तैयार नहीं हुआ। जब जिशान ने अपनी बहन से दोनों के अफेयर के बारे में पूछा, तो उसने इससे इनकार कर दिया। इसके बाद, 23 जनवरी को अपनी योजना को अंजाम देने के लिए वह उत्तर प्रदेश में अपने गांव गया। वहां उसने सुहेब के घर जाकर उसे गुरुग्राम में नौकरी दिलाने का लालच दिया। जब सुहेब गुरुग्राम आया, तो जिशान ने उसे शराब पिलाई और नशे में उसकी हत्या कर दी। फिर उसने शव को कंबल में लपेटकर एक नाले में फेंक दिया। जानिए जिशान ने कैसे रची हत्या की साजिश… जिशान पर शक की 3 बड़ी वजह पुलिस बोली- बयान बदलने से पकड़ में आयाआनंद गार्डन चौकी इंचार्ज PSI अमित ने बताया कि इस मामले में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में पता चला कि जिशान ने सबूत मिटाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उसकी खुद की गलतियों से वह पकड़ में आ गया। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। --------------- यह खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम में बहन के साथ अफेयर पर बेस्टफ्रेंड का मर्डर: शराब पिलाकर वायर से गला घोंटा, शव कंबल में लपेटकर नाले में फेंका गुरुग्राम में बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर भाई ने उसके बॉयफ्रेंड की गला दबाकर हत्या कर दी। आरोपी ने पहले युवक को खूब शराब पिलाई। उसके नशे में होने के बाद इलैक्ट्रिक वायर से उसका गला दबा दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक बेस्ट फ्रेंड थे। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:00 am

हरियाणा सरकार अपने विमान-हेलिकॉप्टरों का अपग्रेडेशन कराएगी:महाराष्ट्र डिप्टी CM के निधन के बाद अलर्ट, लेटेस्ट मैनुअल के लिए कंपनियों से टेंडर मांगे

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद हरियाणा सरकार अलर्ट हो गई है। हरियाणा सरकार अपने विमान और हेलिकॉप्टरों के बेड़े को सुरक्षित और अपग्रेड करने की तैयारी कर रही है। हरियाणा के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट ने अपने विमानों और हेलिकॉप्टरों के संचालन और रखरखाव के लिए नए और अपडेटेड तकनीकी मैनुअल तैयार करने के लिए एक टेंडर जारी किया है। इसके लिए सरकार ऐसी कंपनियों से संपर्क कर रही है जो भारत में एयर ऑपरेटरों को अपनी सेवाएं दे चुकी हों और जिनके पास नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) से मैनुअल मंजूर कराने का पिछला अनुभव हो। सरकार ने कंपनियों से 9 फरवरी तक आवेदन मांगे हैं। अगले दिन टेंडर खोले जाएंगे। 31 मार्च 2005 को हरियाणा के तत्कालीन मंत्री ओपी जिंदल और सुरेंद्र सिंह का उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास हेलिकॉप्टर क्रैश में निधन हो गया था। हालांकि, वह हेलिकॉप्टर निजी था। अब जानिए सरकार की क्या तैयारी…. महाराष्ट्र के घटनाक्रम को देखते हुए ये 6 बदलाव होंगे… 1. ब्लैक बॉक्स और इमरजेंसी लैंडिंग: टेंडर में स्पष्ट रूप से 'एयरक्राफ्ट सर्च प्रोसीजर चेकलिस्ट' तैयार करने की बात कही गई है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो तब काम आती है जब कोई विमान लापता हो जाता है या दुर्घटनाग्रस्त हो जाता है। सरकार अब हर एक विमान के लिए अलग और सटीक सर्च चेकलिस्ट बनवा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। 2. खराब मौसम से लड़ने की नई तकनीक: सरकार अपने पुराने विमानों के लिए भी परफॉर्मेंस बेस्ड नेविगेशन (PBN) का अप्रूवल मांग रही है। सरल शब्दों में कहें तो, यह तकनीक उपग्रह की मदद लेती है। अजीत पवार के हादसे में खराब विजिबिलिटी एक बड़ा कारण मानी जा रही है। इस तकनीक के आने से हरियाणा के वीआईपी विमान घने कोहरे या खराब मौसम में भी बिना किसी जोखिम के सटीक लैंडिंग कर पाएंगे। 3. पेपरवर्क की जगह डिजिटल सुरक्षा: आमतौर पर सरकारी मैनुअल पुरानी फाइलों में दबे रह जाते हैं, लेकिन इस टेंडर में रखरखाव और संशोधन पर विशेष जोर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब सुरक्षा नियम केवल कागजों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि उन्हें DGCA के नियमों के साथ 'रियल-टाइम' में अपडेट किया जाएगा। 4. एमएसएमई को मौका: विमानन के काम बड़ी विदेशी कंपनियों को मिलते हैं, लेकिन हरियाणा सरकार के टेंडर में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) को बयाना राशि (EMD) और टेंडर फीस में छूट दी गई है। सरकार विमानन सुरक्षा जैसे संवेदनशील काम में स्थानीय और विशेषज्ञ भारतीय कंपनियों व स्टार्टअप्स को मौका देना चाहती है। 5. विमानों की थ्री लेयर सुरक्षा: टेंडर में केवल एक नहीं, बल्कि तीन प्रमुख विभागों के मानकों को पूरा करने की शर्त है: पहला, DGCA, जो उड़ान की सुरक्षा के लिए है। दूसरा, नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो, जो विमान की सुरक्षा (आतंकी खतरे या अपहरण) के लिए है, और तीसरा, नागरिक उड्डयन मंत्रालय, जो प्रशासनिक नियमों के लिए है। 6. विमानों की आंतरिक खामी: टेंडर में सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) मैनुअल का उल्लेख है। यह किसी विमान के हेल्थ कार्ड जैसा होता है। यह सिस्टम यह भविष्यवाणी करने में मदद करता है कि भविष्य में विमान के किस हिस्से में खराबी आ सकती है, ताकि हादसे से पहले ही उसे बदला जा सके। ---------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- महाराष्ट्र डिप्टी CM अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन:बारामती में लैंडिंग के दौरान गिरकर खाक, सभी 5 सवार मारे गए महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार का निधन हो गया है। 28 जनवरी की सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। वे 66 साल के थे। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान गई। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:00 am

रवनीत बिट्‌टू बोले– राहुल गांधी मुझे पीटने आए:वेणुगोपाल-रंधावा ने रोका, वड़िंग बोले- बिट्‌टू ने उकसाया; क्या कांग्रेस ने पंजाब में सेल्फ गोल किया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘गद्दार दोस्त’ कहने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्‌टू ने नया दावा किया है। बिट्‌टू ने कहा कि जब मैंने हाथ नहीं मिलाया तो राहुल गांधी ने फिजिकल अटैक (पीटने) की कोशिश की। मेरी पगड़ी भी उतार देते। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें रोका। बिट्‌टू को गद्दार कहने के मुद्दे को भाजपा ने पूरी सिख कौम से जोड़ते हुए कहा कि यह देश-दुनिया में बसते सिखों का अपमान है। BJP के एग्रेसिव अटैक से कांग्रेस नेता सफाई दे रहे हैं। पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि बिट्‌टू ने ही राहुल गांधी को उकसाया। बिट्‌टू ने प्रदर्शन देखकर कहा- कारगिल का युद्ध जीतकर आए हो क्या? वड़िंग ने बिट्‌टू का पुराना वीडियो पोस्ट कर दिया, जिसमें बिट्‌टू राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि पगड़ी भी उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर डाली है। वहीं ग्राउंड लेवल पर भी राहुल गांधी के बयान को लेकर नाराजगी है। वहीं इसे कांग्रेस के शासन में गोल्डन टेंपल में किए ऑपरेशन ब्लू स्टार से जोड़कर सिखों के पुराने जख्मों को भी हरा किया जा रहा है। कांग्रेस पंजाब में पहले ही गुटबाजी, दलितों की अनदेखी जैसे मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?। राहुल गांधी ने बिट्‌टू में तकरार कैसे हुई, गद्दार क्यों कहा, BJP क्या नैरेटिव सेट कर रही, कांग्रेस कैसे डिफेंड कर रही, ग्राउंड पर लोग क्या सोचते हैं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राहुल-बिट्‌टू में तकरार कैसे हुई, दोनों ने एक-दूसरे को क्या कहाबुधवार (4 फरवरी) को कांग्रेस सांसद संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्‌टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है। राहुल गांधी बिट्‌टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्‌टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्‌टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्‌टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्‌टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्‌टू संसद में चले गए। राहुल से तकरार के बाद बिट्‌टू की 3 अहम बातें… BJP ने पूरा मुद्दा सिखों से कैसे जोड़ा, पढ़िए 4 बयान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बोले– सिखों-उनकी देशभक्ति का अपमानBJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- कांग्रेस का इतिहास सिखों से नफरत भरा रहा है। आज राहुल गांधी के व्यवहार से वही मानसिकता फिर से नजर आई। बिट्‌टू के लिए गद्दार शब्द सिख विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण है। कांग्रेस का ये व्यवहार दुनिया में बसते सिखों और उनकी देशभक्ति का अपमान है। भारत का सिख समाज कांग्रेस की इस नफरत भरी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। मनजिंदर सिरसा ने कहा- सिख गद्दार नहीं हो सकताBJP के सिख नेता व दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता। अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है। जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया। ये सिखों की तौहीन है, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1980 के दशक का जहर आज भी कांग्रेस की मानसिकता में है। मंत्री हरदीप पुरी बोले- सिखों की 2% आबादी, फोर्स में 20% योगदानकेंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- पहले जब कोई देश से बाहर जाता तो गद्दार कहा जाता था। देश में सिखों की आबादी 2 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन आर्म्ड फोर्स में सिखों का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। नाराजगी जताने के कई तरीके होते हैं, लेकिन गद्दार कहना सही नहीं है। कांग्रेस ने राहुल गांधी को कैसे डिफेंड किया.. वड़िंग ने कहा- बिट्‌टू ने पार्टी से गद्दारी कीपंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग ने कहा- बिट्‌टू को कांग्रेस ने बनाया। इनके दादा कांग्रेस के सीएम थे। वह आखिरी दम तक कांग्रेस में रहे, बीजेपी में नहीं गए। बिट्‌टू खुद कहते हैं कि राहुल गांधी ने उन्हें पगड़ी बांधना सिखाई है। गद्दार को गद्दार कह दिया तो इसमें क्या गुनाह है। पूर्व CM चन्नी ने कहा-जरूरत के वक्त छोड़ने वाला गद्दारपंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कहा- कांग्रेस और राहुल गांधी ने बिट्‌टू को सब कुछ दिया। जब पार्टी को चुनाव में सबसे ज्यादा जरूरत थी, वह छोड़कर चला गया। वह गद्दार नहीं है तो क्या है। राहुल गांधी ने जो कहा, बिल्कुल ठीक कहा। उसका किरदार यही है। उसने पार्टी को धोखा दिया और गद्दारी की। औजला बोले- RSS के इशारे पर सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकतेअमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने कहा- पार्टी ने बिट्‌टू को सब कुछ दिया। वह तब पार्टी छोड़ गए, जब तानाशाह ताकत देश की और बढ़ रही थी और बिट्‌टू तानाशाह-BJP की गोद में जाकर बैठ गए। राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा। पंजाब में किसी पंथक संगठन ने इसका विरोध नहीं किया। 4 लोग बैठकर RSS के इशारे पर वर्गीकरण की राजनीति करने वाले सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकते। इस मुद्दे का पंजाब में क्या असर होगा, 5 सवाल-जवाब में जानिए सवाल: राहुल गांधी के गद्दार कहने पर इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा?जवाब: पंजाबियों का नेचर इमोशनल है। राजनीतिक विवाद अपनी जगह। लेकिन अगर सिख आइडेंटिटी यानी पगड़ीधारी पर कोई इस तरह की टिप्पणी होती है तो उसे अपमान के तौर लिया जाता है। 80 के दशक में गोल्डन टेंपल पर तत्कालीन PM इंदिरा गांधी की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार के ऑपरेशन ब्लू स्टार को सिख भूले नहीं हैं। ऐसे में गांधी परिवार के ही मेंबर की तरफ से कहा जाना सिख समुदाय को ज्यादा अपमानजनक महसूस हो सकता है। सवाल: राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बिट्‌टू के संसदीय क्षेत्र रहे लुधियाना के लोग क्या सोचते हैं?जवाब: जसविंदर सिंह कहते हैं- बिट्‌टू ने सारी जिंदगी कांग्रेस में बिताई, अब उन्हें पार्टी को गलत नहीं कहना चाहिए। रजत खुल्लर कहते हैं कि राहुल गांधी को इस तरह की भाषा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए थी। सुधीर जोशी कहते हैं कि पूर्व CM बेअंत सिंह का परिवार सम्माननीय है। लेकिन बिट्‌टू ने कांग्रेस से गद्दारी की है। पुनीत कहते हैं कि बिट्‌टू संसद में पंजाब को रिप्रेजेंट करते हैं। उनको ऐसा नहीं कहना चाहिए। कुल मिलाकर इसको लेकर ग्राउंड पर मिक्स रिएक्शन है। सवाल: BJP बयान पर क्या नैरेटिव सेट कर रही और क्यों?जवाब: BJP का सीधा मकसद बिट्‌टू को गद्दार कहने की बात को समूचे सिखों से जोड़ना है। भाजपा स्ट्रेटजी के साथ राहुल गांधी के बयान को सिख आइडेंटिटी से जोड़ रही है। इसी वजह से सिख चेहरों मनजिंदर सिरसा और हरदीप पुरी को तुरंत मीडिया में भेजा। भाजपा ये साबित करना चाहती है कि राहुल की टिप्पणी बिट्‌टू नहीं बल्कि सिख समुदाय का अपमान है। इसके साथ वह ऑपरेशन ब्लू स्टार के जख्मों को भी ताजा करना चाहते हैं। सवाल: क्या राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?जवाब: फिलहाल पंजाब में धार्मिक स्तर पर राहुल गांधी के बिट्‌टू को गद्दार कहने को लेकर कोई विरोध नहीं है। राजनीतिक दलों में भी सिर्फ भाजपा ही अपने नेता के बचाव में कांग्रेस पर सवाल खड़े कर रही है। अभी AAP या अकाली दल ने कोई हार्ड रिएक्शन नहीं दिया है। ऐसे में यह बयान ग्राउंड पर ज्यादा इफैक्टिव नहीं लग रहा। सवाल: क्या इसका कोई असर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा?जवाब: ये मुश्किल है। चुनाव होने में अभी करीब एक साल पड़ा है। इतनी देर तक इसे नैरेटिव बनाए रखना मुश्किल है। फिर भी, कांग्रेस को लेकर सिख समुदाय में कुछ हद तक भरोसे की कमी जरूर हो सकती है, जो पहले ही गोल्डन टेंपल पर ऑपरेशन ब्लू स्टार से नाराज हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी मानी जा सकती है कि सिख नेता के लिए गद्दार शब्द राहुल गांधी ने कहा है। **************ये खबरें भी पढ़ें.. राहुल गांधी ने रवनीत बिट्‌टू को गद्दार कहा:बोले- डॉन्ट वरी, तुम कांग्रेस में लौटोगे; मंत्री बोले- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्‌टू को गद्दार कहा। उन्होंने यह बात दिल्ली में संसद के बाहर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन के दौरान कही। प्रदर्शन के दौरान जब बिट्‌टू सामने से आए तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा- मेरा ट्रेटर फ्रेंड (गद्दार दोस्त) आ रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्‌टू ने हाथ नहीं मिलाया (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने बिट्‌टू को गद्दार क्यों कहा:पगड़ी नहीं पहनते थे, राहुल के कहने पर बांधी राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने उन्हें 'गद्दार दोस्त' कह डाला। राहुल गांधी ने बिट्‌टू को लेकर इतने तीखे शब्द क्यों यूज किए, इसकी भी लंबी कहानी है। बिट्‌टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबियों में से एक थे। वह यूथ कांग्रेस के प्रधान भी बने (पढ़ें पूरी खबर)

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:00 am

मप्र व राजस्थान पुलिस की कार्रवाई:घर में एमडी ड्रग की फैक्ट्री, 320 किलो ​केमिकल जब्त, पांच तस्करों को पकड़ा

तीन राज्यों से होते हुए संदिग्ध केमिकल की खेप मप्र पहुंची और राजगढ़ जिले के गोघटपुर गांव के एक घर में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। आधी रात राजस्थान और मप्र पुलिस की संयुक्त घेराबंदी में इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ। सुराग के आधार पर पहुंची राजस्थान पुलिस ने राजगढ़ पुलिस के साथ दबिश दी तो गोघटपुर में घर के अंदर निर्माण से लेकर पैकिंग तक का पूरा सेटअप मिला। समानांतर कार्रवाई में सुसनेर क्षेत्र से 5 तस्करों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक, जितेंद्र सिंह, शैलेन्द्र भिलाला, जयनारायण और रामलाल शामिल हैं। वहीं घर में फैक्ट्री चलाने वाला आरोपी रघुनंदन पाटीदार फरार हो गया। यहां थी ड्रग फैक्ट्री, आसपास के जिलों में होनी थी सप्लाई 100-150 किलो एमडी ड्रग बनती केमिकल 2-ब्रोमो 4-मेथाइल प्रोपीओफेनोन एमडी ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्रीकर्सर है। विशेषज्ञों के मुताबिक इससे औसतन 30 से 60% तक तैयार ड्रग निकल सकती है। इस आधार पर 320 किलो केमिकल से 100 से 150 किलो एमडी बनने की संभावना थी। ऐसे पहुंचे ड्रग की फैक्ट्री तक मंगलवार देर रात राजस्थान पुलिस की स्पेशल टीम झालावाड़ जिले में वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक पिकअप को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें ड्रग बनाने में उपयोग होने वाला करीब 320 किलो केमिकल मिला। पिकअप सवार इसे मध्यप्रदेश के आगर की ओर ले जा रहे थे। पुलिस ने दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी कोई कागजात नहीं दिखा सके। पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस की टीम देर रात गोघटपुर गांव पहुंची और स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश दी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:59 am

बैठक आज:भौंरी में 3700 एकड़ में बनने वाली एआई सिटी के लिए आगे आईं 20 ग्लोबल एजेंसियां

भौंरी में 3700 एकड़ जमीन पर भारत की सबसे उन्नत नॉलेज एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सिटी विकसित होने जा रही है। यह प्रोजेक्ट केवल एजुकेशन टाउनशिप नहीं होगा, बल्कि यह रिसर्च, स्टार्टअप्स, इंडस्ट्री और ग्लोबल यूनिवर्सिटीज का एक इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम बनेगा। बीडीए इसकी नोडल एजेंसी है, जबकि आइसर (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, एजुकेशन एंड रिसर्च) इसका पूरा रोडमैप तैयार करेगा। प्रोजेक्ट के लिए अर्बन प्लानिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर डिजाइन और डेवलपमेंट को लेकर 20 से ज्यादा ग्लोबल एजेंसियों ने एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट दाखिल किया है। चयन प्र्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस माह के अंत तक डेवलपमेंट एजेंसी तय होने की संभावना है। नॉलेज एवं एआई सिटी के रोडमैप पर गुरुवार को राष्ट्रीय स्तर की बैठक भी रखी गई है। इसमें नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सहित केंद्रीय संस्थानों के निदेशक, कुलपति और प्राचार्य भाग लेंगे। नगरीय प्रशासन विभाग ने आइसर को एक्शन प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए 8 सदस्यीय कोर कमेटी बनी है, जिसके कन्वीनर प्रो. सौरभ दत्ता हैं। सुपरविजन आइसर डायरेक्टर गोवर्धन दास कर रहे हैं। बीडीए ने जमीन की पहचान के बाद ईओआई प्रक्रिया पूरी कर ली है। बीडीए सीईओ श्यामवीर सिंह ने बताया कि देश-विदेश की 20 से ज्यादा एजेंसियों ने रुचि दिखाई है। डेवलपमेंट एजेंसी क्या करेगी

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:55 am

5 साल का इंतजार खत्म:कचना ओवरब्रिज पर चढ़ाया गया गर्डर, डेढ़ लाख आबादी को मार्च से मिलेगी राहत

कचना इलाके में रहने वाली डेढ़ लाख आबादी को जल्द राहत मिलने वाली है। ऐसा इसलिए क्योंकि कचना रेलवे क्रॉसिंग पर बन रहे ओवरब्रिज पर गर्डर चढ़ाने का काम शुरू हो गया है। रेलवे से ब्लॉक मिलने के बाद बुधवार को 3 गर्डर क्रॉसिंग के ऊपर चढ़ाया गया। वहीं गुरुवार को तीन और गर्डर चढ़ाने के साथ ही 9 स्लैब रखने का काम किया जाएगा। गर्डर और स्लैब चढ़ाने के लिए रेलवे ने तीन दिन तक सुबह 10 से 12 बजे तक दो-दो घंटे के ब्लॉक की अनुमति दी है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि गर्डर और स्लैब चढ़ाने का काम गुरुवार को ही पूरा कर लिया जाएगा। शुक्रवार का ब्लॉक इसलिए लिया गया है, ताकि कोई भी काम अधूरा न रहे और हर हाल में गर्डर चढ़ाने का काम पूरा किया जा सके। इधर, बुधवार की सुबह 9 बजे से ही पीडब्ल्यूडी और रेलवे के अफसर मौके पर पहुंच गए थे। गर्डर चढ़ाने के लिए दो क्रेन बुलाई गई थी। सुबह 10 बजे गर्डर चढ़ाने की पूरी तैयारी थी, लेकिन, दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस करीब एक घंटे की देरी से पहुंची। इसके चलते अफसरों को इंतजार करना पड़ा। सुबह 11 बजे जैसे ही दुर्ग-पुरी एक्सप्रेस रवाना हुई, उसके तत्काल बाद गर्डर लॉन्चिंग का काम शुरू हुआ। इस दौरान पीडब्ल्यूडी और रेलवे के करीब 30 अधिकारी तथा ठेका एजेंसी के लगभग 30 कर्मचारी तैनात रहे। पीडब्ल्यूडी का दावा है कि मार्च के अंत में ओवरब्रिज निर्माण का अधूरा काम पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। जानिए, कितना काम शेष और इसे पूरा करने में कितना समय लगेगा...सड़कगर्डर चढ़ाने का काम पूरा होते ही 871 मीटर लंबे, 12 मीटर चौड़े तीन लेन के ओवरब्रिज पर सड़क निर्माण शुरू होगा। वर्तमान में सड़क पर गिट्टी बिछाने का काम पूरा कर लिया है और केवल डामरीकरण का काम ही शेष है। इसे 10 दिन के भीतर पूरा कर लिया जाएगा। फिनिशिंगसड़क निर्माण पूरा होने के साथ ही ओवरब्रिज पर फिनिशिंग का काम किया जाएगा। इसमें करीब एक सप्ताह का समय लगेगा। संकेतक बोर्डरेलवे क्रॉसिंग में ओवरब्रिज पर दोनों ओर सुरक्षा रेलिंग और वाहनों के लिए संकेतक बोर्ड लगाए जाएंगे। इसमें 5 दिन का समय लगेगा। स्ट्रीट लाइटओवरब्रिज के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाई जाएगी। इसमें करीब 15 दिन का समय लगेगा। डेढ़ लाख आबादी को जाम और धूल से राहत पीडब्ल्यूडी के अफसरों का दावा है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक ओवरब्रिज का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इससे कचना, खम्हारडीह सहित आसपास के इलाकों में रहने वाली करीब डेढ़ लाख आबादी को बड़ी राहत मिलेगी। पिछले पांच साल से निर्माण कार्य के कारण यहां रोजाना जाम, धूल और गंदगी की समस्या बनी हुई है। रेलवे क्रॉसिंग बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे लोगों को ऑफिस, स्कूल और अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। मार्च में काम हो जाएगा पूरामंगलवार को रेलवे से गर्डर चढ़ाने के लिए ब्लॉक की अनुमति​ मिली। बुधवार को टीम ने तीन गर्डर चढ़ाने का काम पूरा कर लिया है। गर्डर चढ़ाने के बाद सड़क का डामरीकरण किया जाएगा। ओवरब्रिज का पूरा काम मार्च के अंत तक हो जाएगा और इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।- एसके कोरी, सीई रायपुर

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:45 am

सीएम ने ली खनिज विकास निधि सलाहकार की बैठक:खनिजों की अवैध ढुलाई और खनन पर ड्रोन से होगी निगरानी

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने खनिजों की अवैध ढुलाई और अवैध उत्खनन पर सख्ती दिखाते हुए ड्रोन और आईटी तकनीक के जरिए निगरानी के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष टास्क फोर्स द्वारा की जा रही निगरानी को और प्रभावी बनाया जाए, ताकि अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके। सीएम महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से व्यय और कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज न्यास अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय केंद्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई की स्थापना कर डीएमएफ कार्यों की बेहतर निगरानी करने के आदेश दिए। बैठक में वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव मुकेश बंसल, खनिज साधन सचिव पी. दयानंद और संचालक खनिज रजत बंसल शामिल हुए। रेल परियोजनाओं को मंजूरीबैठक में चिरमिरी-नागपुर रेलवे लाइन के लिए 328 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरिडोर निर्माण के तहत 1 ईस्ट कॉरिडोर व 3 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए 60.10 करोड़ रुपए और क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ रुपए का समिति ने अनुमोदन किया। एनएमडीसी-सीएमडीसी संयुक्त उपक्रम (एनसीएल) में सीएमडीसी की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी वाली परियोजनाओं के विकास के लिए 112.70 करोड़ रुपये और सीएमडीसी के विभागीय कार्यों के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये समिति ने मंजूर किए।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:43 am

साय कैबिनेट:35 हाउसिंग कॉलोनियां निगम-पालिका को सौंपेंगे, प्रदेश में तैयार होंगे पायलट

छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क ध्वस्त करने और ड्रग्स की तस्करी रोकने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके लिए प्रदेश के 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा। इसके लिए 100 नए पदों को मंजूरी दी गई है। यह फैसला मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। जिन जिलों में टास्क फोर्स बनेगी उनमें रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं। इस फैसले से नशे के कारोबार पर निगरानी और कार्रवाई मजबूत होगी। बैठक में इसके अलावा प्रदेश के युवाओं में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति को मंजूरी दी गई है। साथ ही 35 हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों को नगर निगम और पालिका को हस्तांतरित किया जाएगा। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इसके साथ ही नौ अहम फैसले लिए गए हैं। आवासीय कॉलोनियों के लोगों को मिलेगी राहत सरकार ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई और पूरी हो चुकी 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को सौंपने का फैसला लिया है। अब तक हस्तांतरण न होने से लोगों को दोहरा खर्च उठाना पड़ रहा था। कॉलोनियां नगर निकायों को सौंपे जाने के बाद पानी, सड़क, बिजली और सफाई जैसी सुविधाएं सीधे मिलेंगी और अतिरिक्त रखरखाव शुल्क से राहत मिलेगी। अन्य प्रमुख फैसले स्टार्टअप को किराए के लिए 50% का अनुदान अनुदान और सहायता का प्रावधान: बिना गारंटी ले सकेंगे 50 करोड़ सीड फंड सहायता: नए स्टार्टअप को प्रोडक्ट विकसित करने के लिए 10 लाख की सहायता।स्टार्टअप कैपिटल फंड: निवेश उपलब्ध कराने के लिए 100 करोड़ का फंड।ब्याज अनुदान: 50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75% तक ब्याज अनुदान ।किराया अनुदान: 3 वर्षों तक भुगतान किये गए किराए का 50% (₹15,000 प्रति माह)।स्थायी पूंजी निवेश अनुदान: मशीनरी एवं उपकरण पर 35% तक (अधिकतम ₹35 लाख)।क्रेडिट रिस्क फंड: बिना गारंटी ऋण उपलब्ध कराने हेतु 50 करोड़ का फंड। विदेश जाने पर भी मददराष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए यात्रा, पंजीयन और स्टॉल व्यय पर 50 % अनुदान दिया जाएगा। नई नीति के अंतर्गत राज्य में हब-एंड-स्पोक मॉडल पर आधारित इन्कयूबेशन नेटवर्क विकसित किया जाएगा। इसके तहत मेगा इनक्यूबेटर (हब इनक्यूबेटर) स्थापित किए जाएंगे। शासकीय इनक्यूबेटर को परियोजना लागत का 75% तक अनुदान और निजी को 50% अनुदान (अधिकतम ₹3 करोड़) देंगे। बस्तर एवं सरगुजा क्षेत्रों में स्थापित इनक्यूबेटर को 10% अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर को राज्य स्तरीय नवाचार कार्यक्रमों के आयोजन के लिए 1 लाख प्रति कार्यक्रम (अधिकतम ₹4 लाख वार्षिक) तक मिलेगा। न्यूनतम 8 सप्ताह के एक्सलरेशन प्रोग्राम आयोजित करने पर ₹15 लाख तक व्यय प्रतिपूर्ति दी जाएगी। राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र नवाचार को बढ़ावा देने हेतु कॉलेज इनोवेशन एवं स्टार्टअप सेल स्थापित किए जाएंगे। चयनित कॉलेजों को इसके संचालन हेतु₹5 लाख प्रति वर्ष तक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ की नई स्टार्टअप नीति से प्रदेश स्टार्टअप इनोवेशन का उभरता हुआ हब बनेगा। - लखन लाल देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, छग नशीले पदार्थों से जुड़े 1000 केस, 5000 पर कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा 10 जिलों में एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन प्रदेश में नशे के कॉरिडोर को खत्म करने में निर्णायक साबित हो सकती है। क्योंकि छत्तीसगढ़ में नशे का नेटवर्क उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, दमन-दीव, हिमाचल प्रदेश, आंधप्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर तक है। बताया जाता है कि करोड़ों रुपए के इस नशे के कारोबार में कोई एक एक आदमी या समूह नहीं, बल्कि ओडिशा और आंध्र के कई गांव के गांव शामिल हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अगस्त 2024 में नवा रायपुर में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की आंचलिक इकाई का उद्घाटन भी किया था। इसके बाद से यहां नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश में पिछले पांच साल का रिकार्ड देखें तो हर साल एक हजार मामले दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं इस तरह के मामले में पांच हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई भी की गई है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:40 am

नया आदेश:राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी में जमीन की कीमत घटी

जमीन की सरकारी कीमत को लेकर राज्यभर में उठा विवाद अब खत्म हो रहा है। पंजीयन विभाग सभी जिलों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर रहा है। रायपुर और कोरबा जिले के बाद बुधवार को राजनांदगांव, बलौदाबाजार, गरियाबंद और धमतरी जिले के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। दावा किया जा रहा है कि इन सभी जगहों पर जमीन की कीमत 100 फीसदी तक कम की गई है। इन जिलों में जमीन की सरकारी कीमत 100 से 300 फीसदी तक बढ़ाई गई थी। राज्य के अब सभी प्रमुख जिलों में नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। छत्तीसगढ़ क्रेडाई समेत सभी रियल एस्टेट के जानकारों का दावा है कि पिछले दो महीने की तुलना में अब रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या भी बढ़ेगी। गाइडलाइन जारी करने के साथ ही इस बार इन सभी जिलों में सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया गया है। इसके साथ ही नवा रायपुर के भी सभी गांवों की भी संशोधित गाइडलाइन दरों को ऑनलाइन अपडेट कर दिया गया है। बुधवार को नवा रायपुर पंजीयन दफ्तर में संशोधित कीमतों के साथ ही रजिस्ट्री होती रही। कीमतें अपडेट होने की वजह से सभी रजिस्ट्रियां ऑनलाइन हो रही हैं। इन सभी जिलों से नई गाइडलाइन मिलने के बाद महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। इसी बैठक में सभी संशोधित गाइडलाइन को मंजूरी दी गई है। आईजी का कहना है अब बाकी जिलों की भी गाइडलाइन जारी कर दी जाएगी, लेकिन इन जिलों में ज्यादा विवाद नहीं है। इन जिलों में राज्य सरकार को पंजीयन भी बेहद कम मिलता है। गौरतलब है कि रजिस्ट्री से सबसे ज्यादा राजस्व रायपुर जिले से प्राप्त होता है। इस जिले से औसतन हर साल 1000 करोड़ की रजिस्ट्री होती है। अब यही दरें 2026-27 के लिए भी रहेंगीरजिस्ट्री के लिए जमीन की जो सरकारी कीमत जारी की जा रही है वो 2026-27 में भी लागू रहेंगी। यानी 31 मार्च के बाद नई गाइडलाइन के लिए कोई मशक्कत नहीं की जाएगी। 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक रजिस्ट्री इन्हीं संशोधित कीमतों से ही होगी। अफसरों का कहना है कि अब राज्यभर में डायनामिक रेट सिस्टम लागू किया जा रहा है। यानी किसी भी शहर या जिले में कोई विकास की योजना आती है या नया डेवलप होता है, उसके अनुसार ही रजिस्ट्री की दरें बदली जा सकती हैं। इसके लिए सालभर का इंतजार नहीं करना होगा। जिलों से मिले प्रस्ताव को उसी समय मंजूरी दे दी जाएगी। नई गाइडलाइन अभी ही तैयार की गई है, इसलिए फरवरी-मार्च में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं है। गाइडलाइन जारी होने की तारीख से ही लागू जिलों की संशोधित गाइडलाइन लगातार जारी की जा रही है। जिलों से प्रस्तावों के आधार पर जमीन की कीमत कम की गई है। नई गाइडलाइन को सॉफ्टवेयर में तत्काल अपडेट किया जा रहा है। इस वजह से गाइडलाइन जारी होने की तारीख से ही संशोधित कीमतों से रजिस्ट्री हो रही है। -पुष्पेंद्र कुमार मीणा, महानिरीक्षक पंजीयन विभाग

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:35 am

एकलव्य विद्यालय भर्ती पर सवाल:100 में 1 नंबर पाने वाले भी प्रिंसिपल के दूसरे दौर के लिए चयनित

एकलव्य आवासीय विद्यालय स्टाफ सिलेक्शन एग्जाम 2025 के टियर-1 परीक्षा परिणाम जारी हो गए हैं। जारी नतीजों के अनुसार प्रिंसिपल जैसे अहम पद के लिए 100 में मात्र 1 अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी भी टियर-2 परीक्षा के लिए क्वालिफाई कर गए हैं। यदि ये उम्मीदवार अंतिम रूप से चयनित हो जाते हैं, तो इन्हें एक लाख रुपए से अधिक मासिक वेतन मिलेगा। इतना ही नहीं, फीमेल स्टाफ नर्स पद के लिए 100 में माइनस 13 अंक पाने वाली अभ्यर्थी को भी टियर-2 परीक्षा के लिए चयनित किया गया है। कई अन्य पदों पर भी निगेटिव स्कोर वाले उम्मीदवारों के अगले चरण में पहुंचने के मामले सामने आए हैं। इसका मुख्य कारण परीक्षा में न्यूनतम क्वालिफाइंग मार्क्स तय न किया जाना बताया जा रहा है। नतीजों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इससे शिक्षा जगत और प्रशासनिक हलकों में नाराजगी है। एकलव्य विद्यालय स्टाफ सिलेक्शन एग्जाम 2025 के माध्यम से कुल 7267 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें प्रिंसिपल, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी), ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (टीजीटी), फीमेल स्टाफ नर्स, हॉस्टल वार्डन, अकाउंटेंट, जूनियर सेक्रेटेरियट असिस्टेंट और लैब अटेंडेंट जैसे पद शामिल हैं। प्रिंसिपल पद के लिए चयन प्रक्रिया तीन चरणों- टियर-1, टियर-2 और इंटरव्यू में पूरी होगी, जबकि अन्य पदों के लिए केवल दो चरण रखे गए हैं। प्रिंसिपल के कुल 225 पदों के लिए टियर-1 के आधार पर 10 गुना यानी 2250 उम्मीदवारों को टियर-2 के लिए चुना गया है। टियर-1 परीक्षा 100 अंकों की थी, जिसमें 100 मल्टीपल चॉइस प्रश्न पूछे गए थे। इसमें रीजनिंग, जनरल अवेयरनेस, एकेडमिक एवं रेसीडेंशियल एक्सपेक्टेशन, एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस और लैंग्वेज कम्पीटेंसी से जुड़े सवाल शामिल थे। टियर-2 परीक्षा भी 100 अंकों की होगी, जिसमें 40 ऑब्जेक्टिव और 60 डिस्क्रिप्टिव प्रश्न होंगे। इसके बाद 40 अंकों का इंटरव्यू लिया जाएगा। माइनस नंबर वाले भी सेकंड राउंड में पहुंचे कटऑफ की स्थिति और भी चौंकाने वाली है। प्रिंसिपल पद के लिए एससी वर्ग का कटऑफ 4 और एसटी वर्ग का केवल 1 अंक रहा। फीमेल स्टाफ नर्स (ईडब्ल्यूएस) के लिए कटऑफ माइनस 13.333 रहा, जबकि टीजीटी और अन्य पदों पर भी माइनस अंक तक कटऑफ गया। गलत उत्तर पर एक-तिहाई अंक काटे जाने की व्यवस्था के कारण कई उम्मीदवारों के अंक शून्य से नीचे चले गए। बता दें कि जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय जनजातीय छात्र शिक्षा समिति द्वारा किया जाता है। इन विद्यालयों में 6वीं से 12वीं तक की पढ़ाई होती है। देश में करीब 690 एकलव्य आवासीय विद्यालय हैं। जो छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगना, त्रिपुरा, उतराखंड, प. बंगाल आदि राज्यों में है। अनुमानित मासिक वेतन प्रिंसिपल: लेवल 12 (78000-209200 रुपए)। विभिन्न भत्तों को जोड़ने पर सैलरी प्रतिमाह 1 लाख रुपए से अधिक। {पीजीटी: लेवल 8 (47600-151100 रुपए) {टीजीटी: लेवल 7 (44900- 142400 रुपए) {आर्ट, म्यूजिक, फिजिकल एजुकेशन टीचर: लेवल 6 (35400-112400 रुपए) {फीमेल स्टॉफ नर्स : लेवल 5 (29200-92300 रुपए) {हॉस्टल वार्डन: लेवल 5 (29200-92300 रुपए) भास्कर एक्सपर्ट - बी.के. सरे, पूर्व अपर मुख्य सचिव न्यूनतम योग्यता अंक अनिवार्य होंशैक्षणिक एवं भर्ती परीक्षाओं में न्यूनतम क्वालिफाईंग अंक तय होना चाहिए। इससे चयन प्रक्रिया में गुणवत्ता और योग्यता सुनिश्चित होती है। जब किसी परीक्षा में न्यूनतम मानक निर्धारित नहीं होते, तो चयन प्रक्रिया केवल संख्या पूरी करने तक सीमित रह जाती है। इससे न केवल चयन की विश्वसनीयता प्रभावित होती है, बल्कि संस्थानों में कार्य निष्पादन की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:33 am

एक साल बाद जेल से छूटे कवासी लखमा:पत्नी बोलीं- पति की रिहाई की चिंता में हो गई दुबली

प्रदेश के 3200 करोड़ के आबकारी घोटाले में सुप्रीम कोर्ट से अं​तरिम जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी म‌ंत्री कवासी लखमा बुधवार को जेल से छूट गए। बाहर आते ही कार्यकर्ताओं-नेताओं ने स्वागत किया। फिर लखमा ने गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और खुली जीप में धरमपुरा स्थित विधायक निवास के लिए रवाना हुए। लखमा ने कहा- ‘एक साल बाद जेल से बाहर आने का मौका मिला है। इसके लिए मैं सुप्रीम कोर्ट को बधाई देता हूं। मैं गरीब आदिवासी हूं, बस्तर के जल-जंगल-जमीन के मुद्दे उठाता रहा हूं। जेल में रहने के दौरान उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने टीवी और अखबारों में मेरे समर्थन में बयान दिया। इसके लिए उनका धन्यवाद।’ मैं स्पीकर डॉ. रमन सिंह से मिलकर आग्रह करूंगा कि मुझे विधानसभा में अपनी बात रखने का मौका दिया जाए। इधर, जेल से रिहाई पर कवासी की पत्नी बुधरी ने कहा कि पति की रिहाई कब होगी, ये सोच कर दुबली हो गईं हूं। वहीं लखमा के बेटे हरीश ने कहा, सत्य की जीत हुई। न्यायालय ने जो भी निर्देश दिया है, उसका हम पालन करेंगे। जमानत के दौरान शर्तों का करना होगा पालनजमानत की शर्तों के तहत लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा, हालांकि कोर्ट में पेशी के दौरान वे छत्तीसगढ़ आ सकेंगे। इसके अलावा उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर संबंधित पुलिस थाने में दर्ज कराना अनिवार्य होगा। बता दें कि ईडी ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। ईडी ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसके बाद से ही कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। लखमा बलि का बकरा बनेभूपेश के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में शराब, डीएमएफ, कोयला घोटाला समेत कई कारनामे हुए। पर, कवासी को बलि का बकरा बना दिया गया है।- विजय शर्मा, उप मुख्यमंत्री वे बलि का बकरा तो दोषी कौनअगर कवासी लखमा बलि का बकरा हैं, तो फिर दोषी कौन है? क्या भाजपा ये कह रही है कि लखमा निर्दोष हैं? ऐसा है तो भाजपा को माफी मांगनी चाहिए।’-दीपक बैज, पीसीसी चीफ भास्कर एक्सपर्ट - उमेश शर्मा, अपर सचिव, मध्यप्रदेश विधानसभा विधानसभा की बैठक में शामिल होना मुश्किल सुप्रीम कोर्ट की जमानत शर्तों के कारण विधायक कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ से बाहर रहना होगा। इस आदेश के चलते वे विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं हो सकते। नियमानुसार विधानसभा का कोई भी विशेषाधिकार सर्वोच्च न्यायालय के आदेश को निरस्त, शिथिल अथवा अप्रभावी नहीं कर सकता। यदि लखमा विशेषाधिकार का हवाला देकर विधानसभा की बैठक में शामिल होना भी चाहें, तब भी यह संभव नहीं है। इसके लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। केवल न्यायालय से राहत मिलने की स्थिति में ही उनकी उपस्थिति संभव हो सकती है। इसके अतिरिक्त, यदि वे विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देकर अनुमति की मांग करते हैं, तो भी अध्यक्ष को सुप्रीम कोर्ट से अनुमति लेनी होगी। व्यवहारिक रूप से ऐसा होना अत्यंत कठिन है। यदि लखमा अयोग्यता के आधार पर भी बैठक में शामिल होने की बात करते हैं, तो वह भी संभव नहीं है। नियमानुसार कोई विधायक यदि विधानसभा की लगातार 60 बैठकों से अनुपस्थित रहता है, तो उसे अयोग्य किया जा सकता है। किंतु जब अनुपस्थिति न्यायालय के आदेश के कारण होती है, तो इसकी सूचना संबंधित विधानसभा को दी जाती है, जिससे अयोग्यता संबंधी प्रावधान शिथिल हो जाता है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:29 am

आमने-सामने ​​भिड़ी कारें, भतीजी की डोली से पहले चाची की उठी अर्थी, गमगीन माहौल में हुए फेरे

भास्कर इनसाइट हिसार बाइपास मार्ग के मदीना गांव के पास मंगलवार देर शाम दो गाड़ियों की आमने-सामने की भिड़त में एक महिला की मौत के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गई। मृतका शशिबाला अपनी दो बेटी और पति के साथ कार से रोहतक की कैलाश कॉलोनी से मदीना गांव जा रही थी। कार शशिबाला की बेटी शबनम चला रही थी, जबकि कार में सवार शबनम उसकी बहन प्रियंका और मंगल सिंह बाल-बाल बच गए। हादसे की सूचना पर मृतक के परिजन व बहु अकबरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बहु अकबरपुर थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार ने बताया कि महिला के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। मृतका की बेटी शबनम की शिकायत पर कार चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है। विक्की सवार व्यक्ति को बाइक ने मारी टक्कर, मौत समचाना से मोरखेड़ी रोड पर बाइक सवार युवक ने विक्की (वाहन) सवार 51 वर्षीय व्यक्ति को टक्कर मार दी। हादसा होते ही आसपास के लोग एकत्रित हो गए। घायल को इलाज के लिए पीजीआईएमएस लाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मोरखेड़ी के रहने वाले नरेश के रूप में की गई। सांपला पुलिस ने बाइक सवार युवक के खिलाफ केस दर्ज किया है। पीड़ित परिजनों ने बताया कि नरेश फैक्टरी में काम करते थे, वह विक्की से आते-जाते थे। मंगलवार को ड्यूटी से विक्की पर सवार होकर घर वापस आ रहे थे, तभी हादसा हुआ। सांपला थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज कुमार का कहना है कि सोनू की शिकायत पर बाइक सवार के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। हेलमेट से भी नहीं बच सकी नरेश की जान सांपला पुलिस को दी शिकायत में सोनू ने बताया कि वह बहादुरगढ़ में बिजली मिस्त्री का काम करता है। वह बाइक से घर आ रहा था। नरेश विक्की पर आगे चल रहा था। नरेश हेलमेट लगाए हुए थे, जब बाइक सवार ने नरेश की विक्की में टक्कर मारी, तो नरेश के सड़क पर गिरने के साथ ही उसके सिर से हेलमेट दूर जा गिरा, इससे नरेश के सिर में चोट लगी और मौत हो गई। यदि हेलमेट नहीं हटता तो नरेश की जान बच सकती थी। 31 अगस्त को सेवानिवृत हुए थे मंगल सिंह मंगल सिंह मूलरूप से मदीना कोरसान के रहने वाले है। वह बीएसएफ में तैनात थे। बेटी शबनम और प्रियंका की पढ़ाई के लिए शशिबाला कई सालों से कैलाश कॉलोनी में रहती थी। 31 अगस्त को मंगल सिंह सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद वह भी परिवार के साथ कैलाश कॉलोनी में रहते थे। यहां से ही शादी में शामिल होने के लिए सभी लोग जा रहे थे कि रास्ते में हादसा हो गया। मृतक शशिबाला का फाइल फोटो

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:27 am

अब 4 दिन धूप, 9 से बादल छाने के आसार

सुबह सवा 8 बजे अग्रसेन चौक दृश्यता 30 मीटर से भी कम थी। पानीपत | मौसम विभाग के मुताबिक आज से 4 दिनों तक कोहरे का असर नहीं रहेगा। इस दौरान अच्छी धूप निकलेगी। वहीं, 9 फरवरी से फिर से बादल छाने के आसार हैं। मौसम विभाग ने 10 फरवरी तक के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसमें अब न तो कोहरे की कोई चेतावनी दी है और न ही बारिश की। इधर, बुधवार सुबह भी कोहरे का जबरदस्त असर रहा। जिस कारण से न्यूनतम तापमान 4 डिग्री गिरकर 6.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, दिन का तापमान 1 डिग्री बढ़कर 19.5 डिग्री पर पहुंच गया। मौसम विभाग ने आगे न्यूनतम तापमान में कोई बहुत बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई है। 8 फरवरी की रात से पश्चिमी विक्षोभ का असर शुरू होने पर मौसम में बदलाव होगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

2026-27 के बजट में हो सकती है घोषणा:छोटे और मंझोले शहरों में बनेंगे खेल मैदान, यातायात के लिए रिंग रोड बनाने का आ सकता प्रावधान

छत्तीसगढ़ सरकार का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। इसमें इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट पर काफी फोकस किया जाएगा। बजट संभवत: 27 फरवरी को पेश होने की संभावना है। छोटे और मंझोले शहरों में खेल मैदान और यातायात के लिए रिंग रोड बनाने का प्रावधान आ सकता है। नवा रायपुर के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा लगाई जाएगी। इसके लिए लगभग 1 करोड़ 86 लाख रुपए का प्रावधान किया जाएगा। इसी तरह नगर पंचायत पखांजूर में खेल परिसर की स्थापना की जाएगी। बताया गया है कि दुलदुला में मिनी इंडोर स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग पांच करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसी तरह दुर्ग के पहली बटालियन में बनाए गए इंडोर स्टेडियम के साथ ही अन्य कामों को पूरा करने के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा। जबकि सारंगढ़ के इंडोर स्टेडियम के नवीनीकरण के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। नगर पंचायतों व पालिका क्षेत्रों में बनाएंगे रिंग रोड इस बार के बजट की सबसे खास बात यह होगी कि सभी विभागों की गैर जरूरी योजनाओं की राशि में कटौती की जाएगी। इसी तरह प्रदेश के सभी बड़े नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में रिंग रोड बनाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए लगभग सौ करोड़ रूपए का प्रावधान करने की तैयारी है। इसी तरह छूटे हुए जिलों में नालंदा लाइब्रेरी बनाने के लिए पैसे दिए जाएंगे। पीएम सूर्यघर योजना के साथ ही आयुष्मान योजना के लिए लगभग दो हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

4,700 से ज्यादा जाति प्रमाण पत्र व डोमिसाइल अटके, आज से काम शुरू

द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर पटवारियों की तीन दिनों तक हड़ताल चली। आज से तो कामकाज होंगे, लेकिन इन तीन दिनों में पटवारी से जुड़े सभी कामकाज प्रभावित रहे। हड़ताल का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। पिछले तीन दिनों में जिले की पांच तहसील में पटवारियों से जुड़े 10,138 फाइलें लंबित हो गई। एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीन रावल ने कहा कि प्रशासन पटवारियों से काम तो लेता है, लेकिन बिना किसी गलती के उन पर दंडात्मक कार्रवाई कर दी जाती है। सेक्टर-18 स्थित पटवारखाने में तीसरे दिन भी पटवारी हड़ताल पर बैठे रहे। मौक पर महासचिव दिलावर वर्मा, कानूनगो अशोक कुमार, कानूनगो इजहार, पटवारी विजेंद्र शर्मा, कुलदीप हुड्डा, विकास रमन, कश्मीरी लाल आैर राम निवास सहित 60 पटवारी व कानूनगो उपस्थित रहे। रिपोर्ट न होने से फाइल अधूरी 3 दिन से लगा रहा हूं चक्कर 3 दिन ये काम हुए प्रभावित धरने पर बैठे पटवारियों ने शाम को हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। {जमाबंदी : 1250, {रजिस्ट्री इंतकाल : 750, {डोमिसाइल, आय प्रमाण पत्र : 3215 {निशानदेही : 555 {बैंक लोन संबंधी रिपोर्ट : 1543 {डोमिसाइल, जाति प्रमाण पत्र : 1560

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

बेजुबान पर क्रूरता: कुत्ते को लाइसेंसी हथियार से मारी गोली, डॉक्टर ने ऑपरेशन कर निकाली

जिले के गांव बराना में मानवता को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने गली में शांति से खाना खा रहे एक बेसहारा कुत्ते पर लाइसेंसी बंदूक से गोली चला दी। गोली लगने से कुत्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीण व पुलिस ने करनाल के बिसला वेटरनरी अस्पताल में कुत्ते का अॉपरेशन कराया। अॉपरेशन में निकली गोली पुलिस ने कब्जे में लिया। पुलिस ने एक ग्रामीण की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस शिकायत में बराना निवासी साहिल ने बताया कि मंगलवार सुबह पिताजी पशुओं को पानी पिला रहे थे। इसी बीच गांव के ही रहने वाले विपिन त्यागी ने गली में खाना खा रहे एक कुत्ते को गोली मार दी। आरोप है कि विपिन इससे पहले भी 4-5 कुत्तों को गोली मार चुका है। साहिल ने बताया कि विपिन आैर उसके बड़े भाई दोनों के पास लाइसेंसी हथियार है। गोली लगने से कुत्ता बेहोश हो गया। इनसेट: डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। पानी पिला रहे थे। इसी बीच गांव के ही रहने वाले विपिन त्यागी ने गली में खाना खा रहे एक कुत्ते को गोली मार दी। आरोप है कि विपिन इससे पहले भी 4-5 कुत्तों को गोली मार चुका है। साहिल ने बताया कि विपिन आैर उसके बड़े भाई दोनों के पास लाइसेंसी हथियार है। वहीं आरोप ये भी है कि कुत्ते को गोली मारने के बाद पहुंचे विपिन के भाई अमरीश ने बचाव के लिए घायल कुत्ते को उकसाकर खुद को कटवाया, ताकि वो उसका मेडिकल करवा सके। कुत्ते के काटने के बाद अमरीश ने कहा कि अब उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, क्यांेकि अब वह भी मेडिकल करा लेगा। गोली मारने के बाद कुत्ते से कटवाने का आरोप

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

वर्क ऑर्डर के मुताबिक काम न करने पर 120 एजेंसियों को निगम का नोटिस

भास्कर एक्सक्लूसिव नगर निगम ने शहर के विकास कार्यों में सुस्ती बरतने और टेंडर शर्तों का उल्लंघन करने वाली एजेंसियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। निगम कमिश्नर डॉ. पंकज के कड़े निर्देश के बाद इंजीनियरिंग शाखा ने उन 120 एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिन्होंने वर्क ऑर्डर मिलने के बावजूद या तो निर्माण कार्य शुरू नहीं किया या फिर काम की गति बेहद धीमी रखी है। निगम ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों संतोषजनक जवाब नहीं मिला और काम में सुधार नहीं दिखा तो ठेकेदारों की 10 से 20 प्रतिशत तक की धरोहर राशि (सिक्योरिटी मनी) काट ली जाएगी। इसके बाद भी कार्यप्रणाली में सुधार न होने पर संबंधित फर्मों को ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। डी-बार हुई एजेंसी नहीं ले सकेगी टेंडर एक्सईएन गोपाल कलावत ने स्पष्ट किया कि 7 दिन में जवाब न देने वाली फर्में ब्लैक लिस्ट के साथ-साथ डी-बार होगी। डी-बार होने के बाद दोबारा टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लेने के योग्य नहीं रहेगी। कुछ काम, जिसके लिए दिए गए नोटिस {वार्ड-16: राजनगर में गली निर्माण के लिए द दादा उदय को-ऑप एलएंडसी सोसायटी को 74.56 लाख का ठेका 3 मई 2026 तक का मिला। काम शुरू नहीं। {वार्ड-20: रजवाहा रोड पर नीरज कुमार ठेकेदार को स्ट्रीट लाइट मरम्मत व लाइटें लगाने का 32.53 लाख रुपए का ठेका मिला। 12 फरवरी 2026 तक काम पूरा नहीं होगा। {वार्ड-23: बिशन स्वरूप कॉलोनी में बलराजा को-ऑप को 36 लाख से 31 जनवरी तक कम्यूनिटी सेंटर बनाना था, अब तक काम अधूरा है। {वार्ड-23: संजय कॉलोनी में मुख्य सड़क को समतल करने आदि का ठेका दादा उदय को-ऑप को 41.48 लाख का दिया। 4 मार्च तक काम पूरा करना, लेकिन गति धीमी है। {वार्ड-17: संजय पार्क के निकट टाइल की सड़क बनाने के लिए आरजेएस कंस्ट्रक्शन को 30 मई तक 74 लाख का ठेका दिया गया। गति धीमी है। मौके पर बंद मिले काम हाली पार्क में बनी कैंटीन। 20% तक धरोहर राशि काटने की चेतावनी कई ठेकेदारों ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर एग्रीमेंट तो साइन कर लिया, पर काम शुरू नहीं किया। उन इंजीनियरों और सुपरवाइजरों की भी जवाबदेही तय की जाएगी, जिन्होंने देरी की सूचना मुख्यालय को समय पर नहीं दी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए 25 लाख रुपए से अधिक लागत वाले सभी विकास कार्यों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे। जिसकी जांच लैब से कराई जाएगी। लैब की रिपोर्ट फेल आती है, तो ठेकेदार का भुगतान रोक दिया जाएगा और फर्म पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। 25 लाख से ज्यादा वाले की होगी जांच

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर बाली लूटी

सिवाह स्थित बस अड्डे पर एक महिला को एक युवक व युवती ने रुमाल में नशीला पदार्थ सुंघा दिया। बेसुध होने पर आरोपी सोने की बाली उतारकर फरार हो गए। होश आने पर महिला ने सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज करवाया। पुलिस को दी शिकायत में सीता ने बताया कि वह सोनीपत की सिक्का कॉलोनी की रहने वाली है। वह 3 फरवरी को दोपहर 3 बजे पानीपत में रहने वाली अपनी बेटी से मिलने आई थी। वह बस अड्डे पर खड़ी थी इसी बीच एक युवक युवक आया आैर कहने लगा कि करनाल की बस कहां पर मिलेगी। फिर एक लड़की भी आ गई। कहने लगी कि आंटी चलो इसको करनाल की बस बताकर आते हैं। दोनों ने मिलकर उसे अपनी बातों में उलझा लिया आैर उसे बस अड्डे से बाहर ले गए। गेट के बाहर जाते ही दोनों ने उसे रुमाल में कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया। जिससे वह बेसुध हो गई आैर आरोपी उसके कानों में पहनी हुई दो सोने की बाली उतारकर ले गए। ये बाली 6 ग्राम की थी। इस मामले में सेक्टर-29 थाना प्रभारी सुभाष ने बताया कि शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। बस स्टैंड और उसके आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

190 एमडीआर टीबी के मरीजों को गोद लेगी एनजीओ

पानीपत| जिले के टीबी रोगियों के इलाज और देखभाल में जीवा एनजीओ प्रशासन का सहयोग करेगी। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य जिले को टीबी मुक्त बनाना है। जिले में वर्तमान में टीबी के 4500 से अधिक टीबी रोगी हैं। इनमें से 190 मरीज एमडीआर टीबी से ग्रसित हैं। मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट (एमडीआर) टीबी सामान्य टीबी की तुलना में अधिक गंभीर होती है। एनजीओ 190 एमडीआर टीबी मरीजों को गोद लेगी और उन्हें आवश्यक दवाएं देगी। एनजीओ की भागीदारी से सरकारी अस्पतालों पर बोझ कम होगा। जिला नोडल अधिकारी डॉ. लाभ सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई थी। एनजीओ ने एमडीआर मरीजों को दवा उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:25 am

मरम्मत के चलते 2 से 3 घंटे बाधित रहेगी बिजली

पानीपत | बिजली निगम की ओर से आज, गुरुवार को मरम्मत का काम किया जाएगा। ऐसे में 11 केवी के 5 फीडरों की सप्लाई 2 से 3 घंटे तक प्रभावित रहेगी। एसई धर्म सुहाग ने बताया कि 11 केवी फीडर सेक्टर-11/12 की सप्लाई सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बंद रहेगी। सेक्टर-13/17 पार्ट-1 से चलने वाले 11 केवी फीडर अंसल, सुशांत सिटी, प्रार्थना व कंडक्ट की सप्लाई दोपहर 12 से 2 बजे तक बंद रहेगी। उक्त समय में सब स्टेशन में सिविल वर्क का काम चलेगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

वर्ष 2025 में करनाल, फरीदाबाद, सोनीपत, नूंह में एक दिन भी नहीं मिली शुद्ध हवा; सर्दियों में वाहन और गर्मियों में धूल बढ़ा रही प्रदूषण

भास्कर एक्सक्लूसिव राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में शामिल हरियाणा के फरीदाबाद, करनाल, सोनीपत, व नूंह के मांडीखेड़ा में साल 2025 में एक दिन भी शुद्ध हवा नहीं रही। यानी पूरे साल एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 51 या इससे ज्यादा ही रहा। यह जानकारी एनसीआर व आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की ओर से कराए गए ताजा अध्ययन में सामने आई है। इसके आंकड़े सरकार ने लोकसभा में दिए है। इसके अनुसार, गुरुग्राम में 149 दिन हवा सांस लेने लायक नहीं मिली। यहां पूरे साल में 9 दिन एक्यूआई 50 से नीचे आया तो 149 दिन एक्यूआई 200 के पार खराब से गंभीर स्थिति में रहा। गुरुग्राम के अलावा हरियाणा, यूपी व राजस्थान के एनसीआर क्षेत्र में किसी शहर का एक्यूआई 200 से ज्यादा इतने दिन नहीं रहा। अध्ययन के मुताबिक, वायु प्रदूषण में मानवीय कारकों के अलावा मौसम का भी प्रभाव रहता है। सर्दी के मौसम में ट्रैफिक तो गर्मी में धूल की वजह से हवा ज्यादा प्रदूषित होती है। सर्दियों में वायु प्रदूषण में 19 से 24% हिस्सा ट्रैफिक का होता है, जबकि गर्मियों में यह घटकर 18 से 21% रह जाता है। सर्दियों में प्रदूषण में धूल का 10 से 18% योगदान होता है, जबकि गर्मियों में यह बढ़कर 25 से 31% तक पहुंच जाता है। बता दें कि एनसीआर में हरियाणा के 14 जिले आते हैं। कहां कितने दिन रही शुद्ध हवा शहरशुद्ध हवा के दिन सोनीपत0 फरीदाबाद0 करनाल0 मांडीखेड़ा (नूंह)0 रोहतक 1 बहादुरगढ़1 बल्लभगढ़1 नारनौल1 शहरशुद्ध हवा के दिन पलवल1 पानीपत2 धारूहेड़ा2 मानेसर 2 जींद5 गुरुग्राम 9 भिवानी12 दादरी10 मौसम अनुसार बढ़ता-घटता है कारकों का प्रभाव जानिए प्रदूषण फैलाने वाले कारकों का मौसम अनुसार कैसे बदलता है प्रभाव... गर्मी में हवा गर्म होने से धूल के कण ऊपर उठ जाते हैं सर्दियों में कणों की मूवमेंट नहीं हो पाती। वातावरण में ऊपर हवा गर्म, लेकिन जमीन के करीब ठंड होती है। हवा का सर्कुलेशन ठीक से न बनने के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। गर्मियों में हवा गर्म होने के कारण प्रदूषण के कण ऊपर उठ जाते हैं। इस कारण नीचे प्रदूषण का स्तर कम हो जाता है। गर्मियों में आंधी ज्यादा चलती है। मिट्‌टी सूखी होने के कारण धूल ज्यादा उड़ती है, जो प्रदूषण का बड़ा कारण बनती है। बीते वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में बदलाव आए हैं। इससे भी वायु प्रदूषण बढ़ा है। अब कृषि कम और इंडस्ट्री बढ़ रही है। कृषि क्षेत्र में पेड़-पौधे मिट्‌टी को जकड़-कर रखते हैं। जैसे-जैसे विकास हो रहा है, वैसे-वैसे उद्योग और वाहनों की संख्या बढ़ रही है। वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाने चाहिए। पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग बढ़ाना होगा। सड़कों को साफ रखना होगा, जिससे वाहनों के साथ हवा में धूल के कण न फैलें। वाहन से... सर्दी में 19 से 24% और गर्मी में 18 से 21% प्रदूषणधूल से... सर्दी में 10 से 18% व गर्मी में 25 से 31% प्रदूषण रोहतक में प्रदूषण फैलाती गाड़ी। (शुद्ध हवा यानी 51 से कम एक्यूआई) {नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत 6 वर्ष में फरीदाबाद को 139.07 करोड़ रु. जारी हुए। इनमें से 49.87 करोड़ ही खर्च हुए। प्रदूषण % में कारक सर्दी गर्मी परिवहन 19-24 18-21 उद्योग 8-10 9-15 धूल 10-18 25-31 बायोमास दहन 17-23 11-14 माध्यमिक कणिकाएं 24-28 16-19 भास्कर एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र कुमार, पर्यावरण विशेषज्ञ

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

मिलावटखोरी रोकने की योजना कागजों में, मोबाइल वैन आती नहीं, लैब बनी नहीं

मिलावटखोरी की नाममात्र की सैंपलिंग होने के बाद भी रिपोर्ट समय पर नहीं आती। क्योंकि लैब हैं नहीं। इस बीच सैंपलिंग बढ़ाने की योजनाएं कई सालों से कागज से बाहर निकली ही नहीं। मोबाइल वैन और सैंपल परीक्षण लैब बनाने के लिए महज आदेश ही जारी होते हैं। इनके बिना मिलावट खोरी पर रोक लगाना मुश्किल है। क्योंकि खाद्य पदार्थों की दुकानों की संख्या हजारों में है। जिले में खाद्य पदार्थों पर मिलावटी सामान की बिक्री करने वाली 5 हजार से अधिक दुकानें हैं। इनकी संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। इन पर मिलावटी सामान की बिक्री रोकने का जिम्मा फूड सेफ्टी विभाग उठाता है। लेकिन संसाधनों का अभाव है। सैंपलिंग करने के लिए पूरा स्टाफ तक नहीं है। केवल दो कर्मचारियों के जिम्मे पूरे जिले की दुकानों की निगरानी है। इनके साथ ही सैंपलिंग के संसाधन बढ़ाने के लिए योजनाएं कागजों पर ही चल रही हैं। करीब 4 साल पहले जिले में नई सैंपल परीक्षण लैब बनाने की तैयारी की थी। फिलहाल एक बार फिर से इसकी तैयारी के लिए आदेश जारी किए हैं। लेकिन धरातल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसके अलावा सैंपलिंग बढ़ाने के लिए मोबाइल वैन लाने की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर पिछले 3 साल से चल रही है। इसके बाद इस योजना पर कुछ नहीं हुआ। विभाग के पास मौजूद एक मात्र वैन भी पिछले 3 साल से जिले में सैंपलिंग करने के लिए नहीं पहुंची। स्टाफ की कमी के कारण प्रतिमाह गिनती के ही सैंपल हो पाते हैं। इसके बाद चंडीगढ़ की प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। लैब पर सैंपल का दबाव होने के कारण रिपोर्ट एक माह में मिलती है। इससे सैंपल की रिपोर्ट आने से पहले मिलावट को खा लेने वाले लोग दुष्प्रभाव भी झेल चुके होते हैं। डॉ. योगेश, जिला फूड सेफ्टी अधिकारी

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

पीजीआई की व्यवस्थाओं का आज निरीक्षण करेंगे 11 विधायक, स्टाफ की छुट्टी कैंसिल

पीजीआईएमएस में तमाम व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने विधानसभा कमेटी में शामिल विधायकों की टीम गुरुवार को पहुंच रही है। जो विभिन्न जगहों का दौरा करके व्यवस्थाओं को देखेंगे और फिर अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। इसके लिए पीजीआईएमएस के अफसरों ने बैठक करके सब कुछ ठीक दिखाने पर बात की है। इसमें निदेशक कार्यालय में सभी एचओडी की बैठक की गई। जिसमें पूरे स्टाफ की छुट्टी कैंसिल कर दी गई हैं। परिसर के प्रत्येक हिस्से में अच्छी तरह साफ-सफाई करने के अलावा स्टाफ को यूनिफॉर्म में आने के साथ-साथ सभी कार्यों को दुरुस्त करने के लिए कहा गया है। साथ ही पूरे स्टाफ के सभी प्रकार के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। सभी को समय पर ड्यूटी पर आने का ​आदेश जारी किया गया है। इस बीच पूरा फोकस आेपीडी, ट्रामा सेंटर, लाला श्यामलाल बिल्डिंग और मॉड्यूलर ओटी पर रखा गया है। ये विधायक करेंगे निरीक्षण {रामकुमार कश्यप {रेणु बाला {रणधीर पानी​हार {देवेंद्र चर्तुभुज {डॉ. कृष्ण कुमार {हरेंद्र सिंह, {बलराम दांगी { देवेंद्र हंस {सतीश पाल सिंह {कुलदीप वत्स {इंदुराज नरवाल ये खामियां बनेंगी मुश्किल {वेंटिलेटर की कमी। {ओपीडी में लंबी कतार। {सर्वर की समस्या। {सारे टेस्ट अंदर नहीं होते। {अधिकतर दवा बाहर से लेनी पड़ रही। {सभी टेस्ट की ऑनलाइन रिपोर्ट नहीं। {ऑपरेशन के लिए लंबी वेटिंग। {डॉक्टरों की कमी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

सुबह नगर निगम ने बोर्ड लगाकर लिखा- यहां निर्माण कार्य निषेध, समिति के प्रधान बोले-शाम को किसी ने बोर्ड उखाड़ा

भास्कर इनसाइट गोहाना रोड पर पीरबोधी तालाब पर कब्जों के मामले में अहम मोड़ आया है। विधानसभा आश्वासन समिति के निर्देश पर नगर निगम की टीम ने चेतावनी बोर्ड लगा दिया है। जिस पर साफ तौर पर अंकित किया है, यहां पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना मना है। इसके साथ ही भ​ूमि की जांच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन समिति के प्रधान ने दावा किया कि सुबह चेतावनी बोर्ड लगाने के बाद शाम के समय उखाड़ दिया गया। तालाब पर कब्जे के मामले को शहर विधायक भारत भूषण बतरा ने विधानसभा में उठाया था। इस मामले में 21 जनवरी को चंडीगढ़ में आयोजित विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति की बैठक में पीर बोधी तालाब पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए। इसके बाद नगर निगम ने तालाब पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया। इसके साथ ही वित्त आयुक्त एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राजस्व संपदा, तहसील को खसरा नंबर 7086, 7090, 7092, 7093 की जांच के आदेश दिए हैं। इस रकबे का कुल क्षेत्रफल 58 बीघा, 17 बिस्वा है, क्योंकि कमेटी के साफ तौर पर आदेश दिया था कि बोर्ड पर लिखा जाए कि अंतिम विकास योजना 2021 एडी, रोहतक के अनुसार, इस स्थल पर 60 मीटर चौड़ी रोहतक- गोहाना सड़क के किनारे 60 मीटर चौड़ी हरित पट्टी है। इसलिए यहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य निषेध है। यह स्थल प्राकृतिक संरक्षण क्षेत्र और जल निकाय के अंतर्गत आता है, जो भी व्यक्ति निर्माण कार्य करेगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में शाम के समय फिर पहले जैसी स्थिति हो गई। पीर बोधी समिति का दावा है कि सुबह को बोर्ड लगाने के बाद शाम के समय उखाड़ दिया गया है। जिससे बोर्ड लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ है। इस बारे में संगठन अधिकारियों से मिलेगा। बोर्ड लगाने का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ, इसको लेकर समिति संगठन अधिकारियों से मिलेगा विधानसभा समिति लगातार कर रही जांच विधानसभा की सरकारी आश्वासन समिति सारे मामले की जांच कर रही है। इसमें एफसीआर रेवेन्यू, एसीएस अर्बन लोकल बॉडी, एसीएस इरिगेशन एंड वॉटर रिसोर्सेस, कमिश्नर रोहतक डिवीजन, उपायुक्त रोहतक, वक्फ बोर्ड के सीईओ एवं टाउन एंड कंट्री विभाग के अधिकारियों को शामिल किया है। 9 मार्च 2025 को प्रकाशित समाचार। भूमि के रिकॉर्ड में बार-बार किए बदलावों की जांच होगी, गलत तरीके से लीज पर दी नगर निगम ने तालाब पर चेतावनी बोर्ड लगाकर स्थल की फोटोग्राफ्स तैयार की गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई हो सके। विभाग के इस कदम से जनता को बड़ा फायदा होगा, क्योंकि तालाब क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों और अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर रोक लगा सकेगी। सरकार के अनुसार वर्ष 1990 की अधिसूचना के अनुसार खसरा नंबर 7086 का कुछ हिस्सा तालाब के रूप में और खसरा नंबर 7093 का कुछ हिस्सा कब्रिस्तान के रूप में दर्ज था, लेकिन गलती से पूरे खसरे वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज कर दिए गए। अब इस गलती को सुधारा जा रहा है। जांच में सामने आया कि वक्फ बोर्ड ने इस भूमि को लीज पर दे रखा है। यदि यह लीज गलत तरीके से दी गई है तो उसे रद्द करने के आदेश भी दिए गए हैं। साथ ही, भूमि के रिकॉर्ड में बार-बार किए गए बदलावों की भी जांच होगी। रोहतक. मौके पर चेतावनी बोर्ड लगाते हुए कर्मचारी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

पटवारियों-कानूनगो की हड़ताल खत्म, अब नायब तहसीलदार और तहसीलदार आज से करेंगे पैन डाउन

शहरवासियों के लिए सरकारी कामकाज की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। शहर और आसपास के इलाकों में पटवारियों और कानूनगो की तीन दिन की हड़ताल के बाद भले ही उनका धरना बुधवार को खत्म हो गया हो, लेकिन गुरुवार से तहसीलदार और नायब तहसीलदार भी पैन डाउन करेंगे। इससे रजिस्ट्री, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की प्रक्रिया में देरी होने की संभावना है। पटवारियों की हड़ताल के कारण 1,000 इंतकाल व 400 आय प्रमाण पत्र पेंडिंग हैं। बुधवार को द हरियाणा रेवन्यू ऑफिसर एसोसिएशन ने बैठक की। बैठक में तय किया कि विक्रम सिंगला, तहसीलदार रायपुर रानी; नरेंद्र कुमार, नायब तहसीलदार वजीराबाद; संजीव अत्री, तत्कालीन तहसीलदार नारायणगढ़ अम्बाला को सस्पेंड करने के फैसले को चुनौती दी जाए और उनकी बहाली की मांग की जाए। अधिकारियों के बहाल न होने तक तहसीलदार और नायब तहसीलदार हड़ताल करेंगे। रजिस्ट्री व जाति प्रमाण पत्र के कामकाज होंगे प्रभावित इस स्थिति से रोहतक और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी कामकाज में ठहराव रहेगा। रजिस्ट्री से लेकर आय और जाति प्रमाण पत्रों तक की प्रक्रिया प्रभावित होगी। जिन लोगों को इन दस्तावेजों की तुरंत आवश्यकता है, उन्हें कई दिन इंतजार करना पड़ सकता है। इस बीच, प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और धैर्य रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि समस्या जल्द ही सुलझाई जाएगी, लेकिन अभी के लिए सरकारी कार्यालयों में कामकाज प्रभावित रहेगा। शहरवासियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है। राज्यभर के राजस्व अधिकारियों की इस विरोध की लहर के बाद प्रशासन को दबाव में आना पड़ा है। इंतकाल पेंडिंग व अन्य दस्तावेजों के काम में सुधार होगा रेवन्यू पटवारी एंड कानूनगो एसोसिएशन हरियाणा के राज्य प्रधान जयबीर सिंह चहल ने कहा कि सभी पटवारियों की मांगें सरकार ने मान ली हैं। इसी कारण 3 दिन की हड़ताल बुधवार को समाप्त कर दी गई। उन्होंने कहा कि अब तक हुए इंतकाल पेंडिंग और अन्य दस्तावेजों के कामकाज में धीरे-धीरे सुधार होगा। रोहतक . तहसील में काम करवाने के लिए पहुंचे लोग।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:24 am

इंदौर-नई दिल्ली सुपरफास्ट का हिसार तक विस्तार, 11 मार्च से शुरू होगी रेल सेवा

रोहतक | रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत देते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने ट्रेन संख्या 20957/20958 इंदौर-नई दिल्ली इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस का हिसार तक विस्तार करने का निर्णय लिया है। यह व्यवस्था रेलवे बोर्ड के आदेशों तथा एनडब्ल्यूआर और डब्ल्यूआर के आधिकारिक सीओआईएस संदेशों के आधार पर लागू की गई है। नए नियम के अनुसार ट्रेन 20957 (इंदौर–नई दिल्ली) अब 11 मार्च 2026 से हिसार तक जाएगी। यह ट्रेन दिल्ली सफदरजंग, शकूरबस्ती, रोहतक, महम और हांसी होते हुए सुबह करीब 9:20 बजे हिसार पहुंचेगी। इसी तरह ट्रेन 20958 (नई दिल्ली–इंदौर) का विस्तार 12 मार्च 2026 से हिसार से शुरू होगा। यह ट्रेन दोपहर 1:20 बजे हिसार से प्रस्थान करेगी और दिल्ली सफदरजंग होते हुए इंदौर की ओर रवाना होगी। रेल अधिकारियों के अनुसार इस विस्तार से हिसार, हांसी, महम और रोहतक के यात्रियों को मध्य प्रदेश तक सीधी सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:23 am

बारिश में अब नहीं भीगेंगे यात्री, शहर में बनेंगे 7 रेन शेल्टर

सिटी एंकर शहर में बारिश के दौरान बस या ऑटो का इंतजार कर रहे लोगों को अब भीगने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ेगी। नगर निगम ने शहर के सात प्रमुख स्थानों पर रेन शेल्टर बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए जगह चिन्हित कर ली गई है और करीब 34.66 लाख रुपए का टेंडर भी लगाया गया है। निगम की योजना है कि मानसून से पहले इन रेन शेल्टरों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए, ताकि शहरवासियों को समय रहते राहत मिल सके। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जिन स्थानों पर रेन शेल्टर बनाए जाएंगे, उनमें दिल्ली बाईपास, शीलाबाईपास, पावर हाउस, आईसी कॉलेज, डी-पार्क, मेडिकल मोड़ और जींद बाईपास शामिल हैं। ये सभी इलाके शहर के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले माने जाते हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते हैं। बारिश के मौसम में सबसे ज्यादा परेशानी भी इन्हीं जगहों पर देखने को मिलती थी। अब तक हालात यह थे कि अचानक बारिश शुरू होने पर लोग इधर-उधर छिपने को मजबूर हो जाते थे। कई बार लोग दुकानों के आगे, दीवारों के सहारे या पेड़ों के नीचे खड़े नजर आते थे। तेज बारिश और हवा के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को खासतौर पर परेशानी होती थी। खड़े होने व बैठने की होगी उचित व्यवस्था शहर में लगातार बढ़ रही आबादी और ट्रैफिक को देखते हुए सार्वजनिक सुविधाओं को मजबूत करना जरूरी हो गया है। रेन शेल्टर बनने से लोगों को न सिर्फ बारिश से बचाव मिलेगा, बल्कि गर्मी के मौसम में धूप से भी राहत मिलेगी। इन शेल्टरों में बैठने और खड़े होने की उचित व्यवस्था होगी, ताकि लोग आराम से बस या ऑटो का इंतजार कर सकें। दिल्ली बाईपास और जींद बाईपास पर रोजाना हजारों वाहन और यात्री आते-जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के समय सड़क किनारे खड़ा रहना खतरनाक हो जाता है। फिसलन के कारण हादसों का डर बना रहता है। रेन शेल्टर बनने से लोगों को सुरक्षित जगह मिलेगी और दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी। छात्राओं के लिए काफी अहम टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य तुरंत शुरू किया जाएगा। निर्माण में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाएगा, ताकि रेन शेल्टर लंबे समय तक टिकाऊ रहें। निगम का प्रयास रहेगा कि इस बार मॉनसून की शुरुआत से पहले ही अधिकतर शेल्टर तैयार हो जाएं। यह कार्य मई तक पूरा कर​ किया जाएगा। निगम की इस तैयारी के बाद खासकर नौकरीपेशा लोग, छात्र और बुजुर्गों के लिए यह योजना राहत भरी साबित होगी। यहां पास में महिला कॉलेज भी है और ऐसे में सभी शहरवासियों को राहत मिलेगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:23 am

ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत

ट्रेन की चपेट में आने से 52 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत रोहतक रेलवे स्टेशन के पास हो गई। ट्रेन चालक ने इस हादसे की सूचना स्टेशन मास्टर को दी। सूचना पर मौके पर पहुंची जीआरपी रोहतक ने शव को कब्जे में लिया। मृतक की पहचान के लिए प्रयास किए गए, लेकिन शव की पहचान नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी। शव की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे है। यदि शव की पहचान नहीं होती है तो पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:19 am

हरियाणा में 3 साल में 13 जिलों की 4.21 लाख एकड़ सेमग्रस्त भूमि का होगा सुधार

भास्कर एक्सक्लूसिव केंद्रीय बजट से हरियाणा की करीब 4.12 लाख एकड़ भूमि सुधरेगी। कृषि विभाग ने 3 वर्षीय योजना तैयार की है। वर्ष 2029-30 तक हरियाणा की सारी भूमि का सुधार का लक्ष्य है। इस साल करीब 1 लाख एकड़ भूमि का सुधार किया जाना है, जबकि गत वर्ष डेढ़ लाख एकड़ भूमि का सुधार किया गया था। भूमि सुधार में केंद्र सरकार की ओर से राशि दी जाती है, जबकि राज्य सरकार राशि व्यय करती है। हरियाणा में दो दशक में 13 जिलों में करीब 6.82 लाख एकड़ भूमि सेम व लवणीय भूमि चिह्नित हुई है। 724 गांवों के किसान समस्या से जूझ रहे हैं। सेम की समस्या का समाधान प्रकृति और गंभीरता के आधार पर सब-सरफेस ड्रेनेज टेक्नोलॉजी, वर्टिकल ड्रेनेज टेक्नोलॉजी, बायो-ड्रेनेज व एक्वाकल्चर के माध्यम से किया जा सकता है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में सेम एवं लवणीय भूमि दोनों एक साथ होते हैं और पानी की गुणवत्ता खराब है, वहीं सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम लगाना सबसे प्रभावी समाधान है। जहां पानी की गुणवत्ता अच्छी से सामान्य है, वहां वर्टिकल ड्रेनेज टेक्नोलॉजी प्रभावी साबित हुई है। इन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके, प्रभावित क्षेत्रों को आमतौर पर अगले 3-4 वर्षों में ठीक कर लिया जाता है। 2029 तक खेती लायक भूमि बनाने की योजना अब तक प्रदेश में ये हुए हैं प्रयास वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक राज्य के 163 गांवों में वर्टिकल और सब सरफेस ड्रेनेज टेक्नोलॉजी के माध्यम से 1,58,203 एकड़ क्षेत्र दुरुस्त किया है। 1996 से 2021 तक 28,100 एकड़ को दुरुस्त किया। 2022-23 के दौरान 25.490 एकड़ कृषि भूमि, 2023-24 में 50 हजार एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले 78,155 एकड़ प्रभावित भूमि, वर्ष 2024-25 के लिए विभाग ने राज्यभर में 62,000 एकड़ सेम एवं लवणीय वाली भूमि को ठीक करने का लक्ष्य था, जिसमें से 51.340 एकड़ भूमि को ठीक किया गया। फिलहाल 91.757 एकड़ भूमि पर सुधार का काम चल रहा है। सिरसा 18,640, फतेहाबाद 33.520, गुरुग्राम 3968 एकड़ में पूरे प्रभावित क्षेत्रों को ठीक कर दिया है। एआई से ये बदलाव लाने की योजनाएं, एग्री-रोबोटिक्स व केंद्र बनाए जाएंगे {हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग और एग्री-रोबोटिक्स को प्रदर्शित करने के सार्वजनिक पायलट फार्म स्थापित करना। {संसाधन अनुकूलन के लिए एआई आधारित डेटाबेस और सेंसर नेटवर्क में निवेश। {किसानों के लिए एआई-सक्षम सलाहकारी टूल्स के साथ संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना। {जिला/ग्राम कृषि नवाचार केंद्र स्थापित करना। {फसल अनुकूलन और ब्लॉकचेन-सुरक्षित सप्लाई चेन के लिए पूर्वानुमानात्मक एआई मॉडल विकसित करना। {स्वचालित प्रणालियों और रोबोटिक्स-एकीकृत खेती के साथ नवाचार केंद्र बनाना। {एग्री-रोबोटिक्स और एआई फार्म प्रबंधन में उन्नत प्रमाणपत्रों के लिए विशेष व्यावसायिक संस्थान स्थापित करना। {राज्यस्तरीय किसान डेटा कोऑपरेटिव बनाना। {छोटे और सीमांत किसानों के समर्थन के लिए मोबाइल पोस्ट-हार्वेस्ट यूनिट्स। {अनिवार्य गुणवत्ता मानक और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग को सब्सिडी। {बाजार, जलवायु और उपभोक्ता डेटा को जोड़कर एआई आधारित मांग पूर्वानुमान। {रियल-टाइम कीमतों और बाजार जानकारी के लिए एआई-सक्षम मोबाइल ऐप्स। {उच्च-मूल्य वाणिज्यिक फसलों की ओर बदलाव के लिए वित्तीय सब्सिडी। हरियाणा की भूमि की स्थिति {हरियाणा की कुल भूमि: 44.21 लाख हेक्टेयर {कृषि योग्य भूमि : 37.41 लाख हेक्टेयर {औसतन: 31 से 32 लाख हेक्टेयर में खेती। इस प्रकार लक्ष्य तय किया वर्ष भूमि का लक्ष्य 2026-27 1,02,736 एकड़ 2027-28 1,07,387 एकड़ 2028-29 1 लाख एकड़ 2029-30 1.01 लाख एकड़ हिसार | आर्यनगर में सेम की समस्या बनी हुई है। यहां भूजल ऊपर आया है। इस साल इन जिलों में भूमि सुधार की योजना {भूमि एकड़ में दादरी सोनीपत रोहतक जींद झज्जर हिसार 5000 14,673 15,000 16,993 20,000 31,070 हरियाणा की डेढ़ लाख एकड़ लवणीय भूमि सुधार की योजना है। अब तक ढाई लाख एकड़ का सुधार हुआ। कृषि में एआई का प्रयोग होगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:16 am

22 जिलों में डे केयर कैंसर सेंटर्स का संचालन शुरू, पहले 5 में चलते थे

चंडीगढ़ | विश्व कैंसर दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि राज्य के 22 जिला नागरिक अस्पतालों में आज से डे केयर कैंसर केंद्र (डीसीसीसी) कार्य करना शुरू कर चुके हैं। यह पहल विकेंद्रीकृत कैंसर देखभाल को सशक्त बनाएगी और आवश्यक उपचार सेवाएं मरीजों के घर के नजदीक उपलब्ध कराएगी। इससे पहले राज्य के पांच जिलों अम्बाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर और फरीदाबाद में ऐसे केंद्र संचालित थे। इन केंद्रों की परिकल्पना विकेंद्रीकृत कैंसर देखभाल सुविधाओं के रूप में की गई है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:16 am

उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरपंच पंचायत गौरव अवॉर्ड से सम्मानित

पानीपत | करनाल में दैनिक भास्कर की ओर से बुधवार को हरियाणा पंचायत गौरव पुरस्कार 2026 का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 47 सरपंचों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। इस मौके पर एलजेआई इंस्टीट्यूट अम्बाला के प्रशासक राजेश, सर्व शिक्षा अभियान रेवाड़ी के अध्यक्ष गौतम कुमार भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:16 am

पंजाब यूथ कांग्रेस प्रधान के चुनाव में प्रतिष्ठा दांव पर; चन्नी, बाजवा, वड़िंग और सिंगला ने एक-दूसरे के खिलाफ ही झोंकी ताकत

भास्कर खास करीब 3 साल बाद होने जा रहे पंजाब यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर इन दिनों पंजाब में सियासी सरगर्मियां तेज हैं। यह लड़ाई भले ही युवा चेहरों के बीच चल रही है, लेकिन इस लड़ाई को साख का सवाल पंजाब कांग्रेस के कुछ आला नेताओं ने बना लिया है। ऐसे नेताओं में पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व मंत्री विजय इंदर सिंगला और मौजूदा यूथ कांग्रेस के प्रधान मोहित मोहिंदरा के नाम शामिल हैं जिन्होंने अपनी टीम को यूथ कांग्रेस के प्रधान पद के प्रत्याशियों के प्रचार-प्रसार के लिए लगा रखा है। बताते चलें कि पंजाब यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 9 जनवरी से शुरू हो गई थी। नॉमिनेशन 16 जनवरी से शुरू होकर 23 जनवरी तक चला। 28 जनवरी को चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को सभी जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के बाद फाइनल कर दिया गया। चुनाव में ऑनलाइन वोटिंग होनी है, जो 2 फरवरी से शुरू हो चुकी है। वोटिंग की आखिरी तारीख 2 मार्च तय है। चुनाव का नतीजा अप्रैल के पहले हफ्ते में आएगा। यूथ कांग्रेस के पिछले चुनाव में करीब साढ़े 8 लाख मेंबरशिप हुई थी, जो इस चुनाव में 10 लाख का रिकॉर्ड आंकड़ा पार कर गई है। बढ़ी हुई मेंबरशिप को पंजाब विधानसभा के आगामी चुनाव में कांग्रेस के जबरदस्त होमवर्क से जोड़ कर देखा जा रहा है। प्रधानगी के लिए 8 युवा नेताओं ने नॉमिनेशन किया पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान पद के लिए करीब 8 युवा नेताओं ने नॉमिनेशन दाखिल कर रखा है। इनमें पटियाला के घन्नौर से पूर्व विधायक मदनलाल जलालपुर के बेटे और पीएसपीसएल के पूर्व मेंबर सेक्रेटरी गगनदीप सिंह जौली, समराला के पूर्व विधायक अमरीक सिंह ढिल्लों के पोते करण ढिल्लों, एनएसयूआई के गुरजोत संधू के अलावा संगरूर के धूरी के रहने वाले शुभम शुभ्भी के नाम प्रमुख हैं। खास यह है कि गगनदीप सिंह जौली को जहां पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, करण ढिल्लों को पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, शुभम शुभ्भी को पंजाब प्रदेश कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान मोहित मोहिंद्रा, जबकि गुरजोत सिंह संधू को पूर्व कैबिनेट विजय इंदर सिंगला का बेहद करीबी माना जाता है। इससे भी खास यह है कि जो चारों आला कांग्रेस नेता यूथ कांग्रेस चुनाव में इन्वॉल्व हैं, उन सभी का बैकग्राउंड भी यूथ कांग्रेस का रहा है। इनमें से 4 प्रताप सिंह बाजवा, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, मोहित मोहिंदरा और विजय इंदर सिंगला खुद पंजाब यूथ कांग्रेस के प्रधान रह चुके हैं।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:16 am

एसीआर की एक टिप्पणी करियर बदल सकती है

चंडीगढ़ | हाई कोर्ट ने कहा कि एसीआर में दर्ज एक टिप्पणी पूरे करियर की दिशा बदल सकती है। अदालत ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) से यह स्पष्ट करने को कहा है कि एसीआर की प्रतिकूल प्रविष्टियों के खिलाफ दायर दया याचिकाएं किस वैधानिक प्रावधान के तहत सुनी जाती हैं। जस्टिस जगमोहन बंसल की एकल पीठ ने चार सप्ताह में शपथ पत्र दाखिल करने के निर्देश दिए। मामला रेवाड़ी निवासी पुलिसकर्मी करण सिंह से जुड़ा है, जिसकी 22 अप्रैल 2017 से 1 अगस्त 2017 की एसीआर औसत से नीचे दर्ज की गई थी। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान 28 मई 2025 को गृह विभाग ने प्रतिकूल टिप्पणियां हटाकर ग्रेडिंग ‘गुड’ कर दी, जिसके बाद याचिका को निरर्थक मानकर निपटा दिया गया।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:16 am

कंडक्टर ने छात्र को घरौंडा के बजाय पानीपत टोल पर उतारा; कहा-जाओ, सस्पेंड करवा देना

हरियाणा रोडवेज की एक बस में कॉलेज छात्र के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है। आरोप है कि बस ड्राइवर ने छात्र को तय स्टॉपेज घरौंडा बस स्टैंड पर उतारने के बजाय पानीपत टोल प्लाजा पर उतारा। छात्र ने इसका किया तो कंडक्टर ने कहा, ‘जाओ, सस्पेंड करवा देना’। दरअसल, रोडवेज की यह बस मंगलवार को जम्मू से दिल्ली जा रही थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे करनाल बस स्टैंड से घरौंडा के लिए शेखपुरा खालसा गांव निवासी अतुल बस में सवार हुआ। अतुल करनाल के एक कॉलेज में बीए का छात्र है और उसके पास बस का पास भी है। करीब 1 बजे बस घरौंडा पहुंची और ड्राइवर ओवरब्रिज पर बस चढ़ाने लगा तो अतुल ने घरौंडा उतारने की बात कही। कंडक्टर ने जवाब दिया कि पानीपत से पहले कोई सवारी नहीं उतरेगी। इसको लेकर अतुल व कंडक्टर के बीच बहस हो गई, जिसकी वीडियो अतुल ने बना ली। बस से उतरते वक्त ड्राइवर ने स्पीड बढ़ा दी, जिससे अतुल का मोबाइल नीचे गिरकर टूट गया। अतुल के पिता वीरेंद्र सिंह ने कार्रवाई की मांग की है। घरौंडा बस स्टैंड के इंचार्ज रविशंकर धीमान ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आई है, लेकिन अभी तक कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। युवकों ने छात्राओं से भरी बस के ड्राइवर का सिर फोड़ा नूंह | युवकों ने हरियाणा रोडवेज की ‘बालिका वाहिनी’ बस जबरन रुकवाकर चालक से मारपीट की और सिर फोड़ दिया। चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने हमलावरों की पहचान कर उनकी धरपकड़ शुरू कर दी। घटना फिरोजपुर झिरका-नगीना के बीच पड़ने वाले कुलताजपुर में हुई। नगीना से नाई नंगला, कुलताजपुर समेत दर्जनभर से अधिक छात्राओं के लिए बालिका वाहिनी में तौफीक बतौर चालक कार्यरत है। बुधवार को छात्राओं से भरी बस लेकर वापस नगीना की ओर आ रहे थे। कुलताजपुर पुलिया के पास सड़क के बीचों-बीच कांटेदार झाड़ियां पड़ी देख चालक ने बस रोक दी। वह झाड़ियां हटाने लगा तो कई युवकों ने चालक के सिर में रॉड मारी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। ग्रामीणों व राहगीरों ने किसी तरह से चालक को आरोपियों के चंगुल से मुक्त करवाया। करनाल में हरियाणा रोडवेज बस में छात्र से बदसलूकी का आरोप, वीडियो वायरल

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:15 am

अब आभा आईडी के बिना गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे, इमरजेंसी में सीएमओ से लेनी होगी अनु​म​ति

भास्कर खास भ्रूण लिंग जांच पर रोक लगाने व लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी अल्ट्रासाउंड सेंटर पर आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बिना गर्भवतियों के अल्ट्रासाउंड नहीं होंगे। डिस्ट्रिक पीसी एवं पीएनडीटी रोहतक के नोडल ऑफिसर डॉ. विश्वजीत ने बताया कि इमरजेंसी में अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक गर्भवती महिला का अल्ट्रासाउंड कर सकते हैं, पर अल्ट्रासाउंड की सूचना 12 घंटे के अंदर संबंधित सिविल सर्जन को देनी अनिवार्य है। यदि अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालक इन आदेशों की अवहेलना करता है तो उस पर स्वास्थ्य विभाग पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई कर सकता है। विभाग के इस फैसले के बारे में सभी सिविल सर्जन व डिस्ट्रिक पीसी पीएनडीटी नोडल ऑफिसर अल्ट्रासाउंड संचालकों को अवगत करा रहे हैं। पड़ोसी राज्यों के कारण नहीं रुक रही भ्रूण लिंग जांच वहीं, स्वास्थ्य विभाग की ओर से भ्रूण लिंग जांच पर रोक लग पाना काफी मुश्किल है, क्योंेकि हर साल प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच के मामले बहुत कम सामने आते हैं। जबकि 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले पड़ोसी राज्यों यूपी, दिल्ली, राजस्थान में ही पकड़े जाते हैं। वहां पर गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए इस तरह की कोई भी आभा आईडी की अनिवार्यता नहीं है। इससे सवाल उठ रहा है कि प्रदेश में भ्रूण लिंग जांच तो रुक जाएगी, लेकिन पड़ोसी राज्यों में यह कैसे रोक पाएंगे। हर साल लिंगानुपात में हो रही बढ़ोतरी, अब 923 तक पहुंचा प्रदेश में पिछले 3-4 साल से लगातार लिंगानुपात में सुधार आ रहा है। वर्ष 2025 में यह 923 तक तक पहुंच गया, जबकि 2024 में यह 916 था। वहीं, इससे पहले वर्ष 2023 में 917 था। लिंगानुपात में सुधार की बड़ी वजह प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग द्वारा भ्रूण लिंग जांच पर बढ़ाई गई सख्ती को माना जा रहा है, लेकिन प्रदेश से सटे दूसरे राज्यों में भ्रूण लिंग जांच धड़ल्ले से हो रही है। दलालों का बड़ा नेटवर्क यहां से गर्भवती महिलाओं को लेकर जाकर दूसरे राज्य यूपी व दिल्ली में जांच करवाते हैं। यदि इस पर और अंकुश लग जाए तो प्रदेश में लिंगानुपात में और सुधार होगा। आरसीएच पंजीकरण के साथ तैयार होगी आभा आईडी विभाग ने पहले ही गर्भवतियों के लिए आरसीएच पंजीकरण शुरू किया हुआ है। इसमें आंगनबाड़ी, एएनएम गर्भवती महिला का आरसीएच कार्ड (जच्चा-बच्चा कार्ड) तैयार करती है। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें गर्भवती व बच्चे को लगने वाली वैक्सीन का ब्योरा लिखा जाता है। अब किसी भी महिला का आरसीएच कार्ड बनते ही उसकी आभा आईडी बन जाएगी। आरसीएच कार्ड पर ही यह दर्ज की जाएगी। जब गर्भवती किसी भी सरकारी या प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर पर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जाएगी तो पहले उसकी आभा आईडी चेक की जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:15 am

हरियाणा में तीन साल में 13 जिलों की 4.21 लाख एकड़ सेमग्रस्त भूमि का होगा सुधार

भास्कर एक्सक्लूसिव केंद्रीय बजट से हरियाणा की करीब 4.21 लाख एकड़ भूमि सुधरेगी। कृषि विभाग ने 3 वर्षीय योजना तैयार की है। वर्ष 2029-30 तक हरियाणा की सारी भूमि का सुधार का लक्ष्य है। इस साल करीब 1 लाख एकड़ भूमि का सुधार किया जाना है, जबकि गत वर्ष डेढ़ लाख एकड़ भूमि का सुधार किया गया था। भूमि सुधार में केंद्र सरकार की ओर से राशि दी जाती है, जबकि राज्य सरकार राशि व्यय करती है। हरियाणा में दो दशक में 13 जिलों में करीब 6.82 लाख एकड़ भूमि सेम व लवणीय भूमि चिह्नित हुई है। 724 गांवों के किसान समस्या से जूझ रहे हैं। सेम की समस्या का समाधान प्रकृति और गंभीरता के आधार पर सब-सरफेस ड्रेनेज टेक्नोलॉजी, वर्टिकल ड्रेनेज टेक्नोलॉजी, बायो-ड्रेनेज व एक्वाकल्चर के माध्यम से किया जा सकता है। हालांकि, जिन क्षेत्रों में सेम एवं लवणीय भूमि दोनों एक साथ होते हैं और पानी की गुणवत्ता खराब है, वहीं सब-सरफेस ड्रेनेज सिस्टम लगाना सबसे प्रभावी समाधान है। जहां पानी की गुणवत्ता अच्छी से सामान्य है, वहां वर्टिकल ड्रेनेज टेक्नोलॉजी प्रभावी साबित हुई है। इन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके, प्रभावित क्षेत्रों को आमतौर पर अगले 3-4 वर्षों में ठीक कर लिया जाता है। 2029 तक खेती लायक भूमि बनाने की योजना अब तक प्रदेश में ये हुए हैं प्रयास वर्ष 2022-23 से 2024-25 तक राज्य के 163 गांवों में वर्टिकल और सब सरफेस ड्रेनेज टेक्नोलॉजी के माध्यम से 1,58,203 एकड़ क्षेत्र दुरुस्त किया है। 1996 से 2021 तक 28,100 एकड़ को दुरुस्त किया। 2022-23 के दौरान 25.490 एकड़ कृषि भूमि, 2023-24 में 50 हजार एकड़ के लक्ष्य के मुकाबले 78,155 एकड़ प्रभावित भूमि, वर्ष 2024-25 के लिए विभाग ने राज्यभर में 62,000 एकड़ सेम एवं लवणीय वाली भूमि को ठीक करने का लक्ष्य था, जिसमें से 51.340 एकड़ भूमि को ठीक किया गया। फिलहाल 91.757 एकड़ भूमि पर सुधार का काम चल रहा है। सिरसा 18,640, फतेहाबाद 33.520, गुरुग्राम 3968 एकड़ में पूरे प्रभावित क्षेत्रों को ठीक कर दिया है। एआई से ये बदलाव लाने की योजनाएं, एग्री-रोबोटिक्स व केंद्र बनाए जाएंगे {हाइड्रोपोनिक्स, वर्टिकल फार्मिंग और एग्री-रोबोटिक्स को प्रदर्शित करने के सार्वजनिक पायलट फार्म स्थापित करना। {संसाधन अनुकूलन के लिए एआई आधारित डेटाबेस और सेंसर नेटवर्क में निवेश। {किसानों के लिए एआई-सक्षम सलाहकारी टूल्स के साथ संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करना। {जिला/ग्राम कृषि नवाचार केंद्र स्थापित करना। {फसल अनुकूलन और ब्लॉकचेन-सुरक्षित सप्लाई चेन के लिए पूर्वानुमानात्मक एआई मॉडल विकसित करना। {स्वचालित प्रणालियों और रोबोटिक्स-एकीकृत खेती के साथ नवाचार केंद्र बनाना। {एग्री-रोबोटिक्स और एआई फार्म प्रबंधन में उन्नत प्रमाणपत्रों के लिए विशेष व्यावसायिक संस्थान स्थापित करना। {राज्यस्तरीय किसान डेटा कोऑपरेटिव बनाना। {छोटे और सीमांत किसानों के समर्थन के लिए मोबाइल पोस्ट-हार्वेस्ट यूनिट्स। {अनिवार्य गुणवत्ता मानक और बायोडिग्रेडेबल पैकेजिंग को सब्सिडी। {बाजार, जलवायु और उपभोक्ता डेटा को जोड़कर एआई आधारित मांग पूर्वानुमान। {रियल-टाइम कीमतों और बाजार जानकारी के लिए एआई-सक्षम मोबाइल ऐप्स। {उच्च-मूल्य वाणिज्यिक फसलों की ओर बदलाव के लिए वित्तीय सब्सिडी। हरियाणा की भूमि की स्थिति {हरियाणा की कुल भूमि: 44.21 लाख हेक्टेयर {कृषि योग्य भूमि : 37.41 लाख हेक्टेयर {औसतन: 31 से 32 लाख हेक्टेयर में खेती। इस प्रकार लक्ष्य तय किया वर्ष भूमि का लक्ष्य 2026-27 1,02,736 एकड़ 2027-28 1,07,387 एकड़ 2028-29 1 लाख एकड़ 2029-30 1.01 लाख एकड़ हिसार|आर्यनगर में सेम की समस्या बनी हुई है। यहां भूजल ऊपर आया है। इस साल इन जिलों में भूमि सुधार की योजना {भूमि एकड़ में दादरी सोनीपत रोहतक जींद झज्जर हिसार 5000 14,673 15,000 16,993 20,000 31,070 हरियाणा की डेढ़ लाख एकड़ लवणीय भूमि सुधार की योजना है। अब तक ढाई लाख एकड़ का सुधार हुआ। कृषि में एआई का प्रयोग होगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:15 am

4 माह बाद घर पहुंची भटकी महिला

भास्कर संवाददाता | बड़वानी गुजरात के दाहोद जिले के ग्राम बांदरिया की एक महिला भटकते हुए जिले के समीप नंदगांव तक पहुंच गई थी। मानसिक रूप से अस्वस्थ होने से वह घर का पता या परिजनों की जानकारी नहीं दे पा रही थी। रोटरी क्लब सचिव ललित जैन की नजर महिला पर पड़ी। जैन ने महिला से बातचीत की और उसे सुरक्षित रूप से शहर के रैन बसेरा लेकर आए। रैन बसेरा में सामाजिक कार्यकर्ता अजित जैन से मिलकर महिला की फोटो व जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की। इस पर ग्राम बांदरिया के सरपंच विलु परमार व पुलिस विभाग की सावित्री डंडोड ने महिला को पहचान लिया। संध्या भूरिया के सहयोग से महिला के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात कराई गई। वीडियो कॉल से महिला को पहचानते ही परिजन भावुक हो उठे और तुरंत निजी वाहन से बड़वानी पहुंचे। महिला से मिलने वालों में उसकी दो बेटियां, भतीजे व अन्य परिजन शामिल थे। महिला को एक दिन रैन बसेरा में सुरक्षित रखा गया, जहां सेवादार रितेश वास्कले, राहुल यादव व सौरभ यादव ने उसके भोजन और रहने की पूर्ण व्यवस्था की। इस दौरान महिला की देखरेख पूरी संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ की गई। परिजनों ने बताया कि महिला करीब चार माह से घर से गुम थी, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट संबंधित स्थानीय थाने में पहले ही दर्ज करवाई जा चुकी थी। महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त है और उसका इलाज भी चल रहा है। अचानक इस तरह सुरक्षित मिलने पर परिवार के सदस्य अत्यंत भावुक हो गए और सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं, पुलिस विभाग व सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:10 am

निमाड़ गोल्ड कप 2026 ट्रॉफी का किया गया अनावरण

बड़वानी | यंग ब्रदर्स फुटबॉल क्लब से निमाड़ गोल्ड कप ने बुधवार रात श्रीराम चौक पर फुटबॉल टूर्नामेंट 2026 की ट्रॉफी का अनावरण किया। टूर्नामेंट 12 से 15 फरवरी तक मिडिल स्कूल के फुटबॉल मैदान में आयोजित किया जाएगा। गोपाल काग ने कार्यक्रम में टूर्नामेंट की विस्तृत जानकारी दी। अनावरण में मुख्य अतिथि विधायक राजन मंडलोई रहे। विशिष्ट अतिथियों में भाजपा उपाध्यक्ष रविंद्र कुलकर्णी व एएसपी धीरज बब्बर शामिल रहे। पूर्व अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी मोइनुद्दीन खान व अंतरराष्ट्रीय महिला फुटबॉल खिलाड़ी मधुबाला अलावा ने भी समारोह में विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। आयोजन समिति अध्यक्ष विष्णु बनर्ड, सचिव राठौर, सचिन यादव, अंतिम गौड़ सहित खिलाड़ी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:09 am

श्लोक चयन कर कक्षा में कर रहे सस्वर पाठ

बड़वानी | एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ ने मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम भारत बोध का प्रशिक्षण दिया। प्राचार्य डॉ. वीणा सत्य ने बताया भारत बोध उच्च शिक्षा विभाग की महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी पहल है, जिसे इस शैक्षणिक सत्र से प्रथम वर्ष के सभी संकायों व विषयों के विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य किया है। इसका उद्देश्य युवाओं को भारत को सिर्फ भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, दार्शनिक और वैज्ञानिक सभ्यता के रूप में समझाना है। कार्यकर्ता दिव्या जमरे व हंसा धनगर ने बताया पाठ्यक्रम को रोचक गतिविधियों से संचालित किया जा रहा है। प्रमुख गतिविधि के अंतर्गत प्रत्येक विद्यार्थी एक संस्कृत श्लोक का चयन कर उसे कंठस्थ करता है, अर्थ समझता है, लघु आलेख लिखता है और कक्षा में उसका सस्वर पाठ करता है। डॉ. मधुसूदन चौबे ने बताया विद्यार्थी गीता, रामायण, वेद, उपनिषद व चाणक्य नीति जैसे ग्रंथों से श्लोक चुन रहे हैं। लक्ष्य रावत, नम्रता चौहान, करिश्मा मुजाल्दे, रोशनी एवं हरिदास सहित 200 से अधिक विद्यार्थी प्रस्तुतियां देंगे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:09 am

अवसरों की पहचान कर उनका सही उपयोग करें

बड़वानी | ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना में उद्यमिता व स्टार्टअप विषय पर जनवरी से मार्च तक आयोजित की जाने वाली कार्यशालाओं की श्रृंखला की शुरुआत की गई। जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पाटीदार ने बुधवार को कॉलेज में कार्यशाला की। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने कहा उद्यमिता व स्टार्टअप विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीएस मुजाल्दा ने कहा केंद्र व राज्य सरकार से उद्यमिता व स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। जिला नोडल अधिकारी डॉ. पाटीदार ने कहा जीवन में रोज कुछ नया सीखने के कई अवसर मिलते हैं। आवश्यकता है हम उन अवसरों की पहचान करें और उनका सही उपयोग करें। यदि हम अवसरों को पहचानना और उनका लाभ उठाना सीख जाए, तो सतत प्रगति की राह स्वतः खुल जाती है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:09 am