झारखंड की राजधानी रांची समेत खूंटी, लोहरदगा, गुमला और आसपास के जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान मौसम ने अचानक करवट ले ली। शुक्रवार सुबह लोगों को तेज कनकनी और घने कोहरे का सामना करना पड़ा। हालात ऐसे रहे कि जहां गुरुवार तक एक स्वेटर से काम चल रहा था, वहीं शुक्रवार सुबह होते-होते दो स्वेटर के साथ शॉल और टोपी की भी जरूरत पड़ गई। सड़कों पर निकले लोग ठंड से बचने के लिए पूरी तरह ढंके नजर आए। कोहरे और धुंध के कारण सुबह के समय सूर्य की रोशनी भी फीकी रही, जिससे दृश्यता कम हो गई। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और सुबह टहलने वालों को ठंड ने खासा परेशान किया। मौसम में यह अचानक बदलाव हिमालय क्षेत्र में हो रही भारी बर्फबारी का असर माना जा रहा है, जिसका सीधा प्रभाव झारखंड के मौसम पर दिख रहा है। पश्चिमी हवाओं से बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट रांची मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार हिमालय की ओर अच्छी खासी बर्फबारी हो रही है। वहां से चलने वाली पश्चिमी हवाएं अपने साथ ठंडी हवा झारखंड तक ला रही हैं। इसी वजह से सुबह और शाम के समय ठंड में इजाफा हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज सुबह हल्का कोहरा छाया रह सकता है और दिन की शुरुआत ठंडी रहेगी। शाम होते-होते भी कनकनी महसूस की जाएगी। इसके साथ ही न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे के दौरान न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि इससे पहले यह 11 से 12 डिग्री के बीच बना हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार अभी कुछ दिन तक सुबह-शाम ठंड का असर बना रह सकता है। जिलों में ज्यादा असर, AQI भी चिंता का विषय आज के मौसम की बात करें तो पलामू और गुमला में न्यूनतम तापमान 9 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना है। वहीं रांची, हजारीबाग, खूंटी, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, गढ़वा और चतरा में न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है। झारखंड के मध्य जिलों में सुबह और शाम अच्छी कंकनी महसूस की जाएगी, जबकि अन्य जिलों में स्थिति सामान्य रह सकती है। न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री के बीच रहेगा। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 26 और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया है, वहीं AQI 169 रहा। जमशेदपुर में AQI 227 तक पहुंच गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से चिंताजनक है। धनबाद, बोकारो और पलामू में भी वायु गुणवत्ता मध्यम से खराब श्रेणी में बनी हुई है।
स्वर्ण नगरी के शहीद पूनम सिंह स्टेडियम में शुक्रवार रात को 'मरु महोत्सव की सांस्कृतिक संध्या में सुर, ताल और रोशनी के अद्भुत त्रिकोण ने महोत्सव को नई ऊंचाइयों पर पहुँचा दिया। कार्यक्रम की सबसे बड़ी रौनक बॉलीवुड और सूफी संगीत की उभरती सितारा मधुमति बागची रहीं। मधुमति ने जब अपनी मखमली आवाज में 'अग्नि नंदिनी... महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र' का गायन शुरू किया, तो पूरा स्टेडियम भक्ति के रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी गायकी का रंग बदला और 'आज की रात मजा हुस्न का', 'उई अम्मा', और 'नीले-नीले अम्बर पे' जैसे सुपरहिट गानों की झड़ी लगा दी। उनकी एनर्जी देखकर युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई अपनी जगह पर झूमने को मजबूर हो गया। तकनीक का कमाल: आसमान में उकेरी गई विरासत रात्रि कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अत्याधुनिक ड्रोन शो रहा। मंगलसिंह पार्क से उड़ान भरकर करीब 200 ड्रोन्स ने शहीद पूनम सिंह स्टेडियम के ठीक ऊपर आसमान में भारतीय संस्कृति, कला और राष्ट्रप्रेम की आकृतियाँ उकेरीं। कभी आसमान में तिरंगा लहराता दिखा, तो कभी राजस्थान की ऐतिहासिक विरासत की झलक दिखी। तकनीक के इस करिश्मे को देख दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से आसमान गुंजा दिया। लोक रंगों की छटा: अग्नि नृत्य ने बढ़ाई धड़कनें इससे पूर्व, कार्यक्रम का आगाज सूरज चांगड़ा की गणेश वंदना से हुआ। लोक नृत्यांगना अरुशिखा ने घूमर और चरी नृत्य के माध्यम से राजस्थानी नजाकत पेश की, तो वहीं अनु सोलंकी ने घुटना चकरी से अपनी कला का लोहा मनवाया। कलाकार भरत द्वारा प्रस्तुत अग्नि नृत्य ने दर्शकों में रोमांच भर दिया। जमाल खान और शेर मोहम्मद की जुगलबंदी ने लोकगीतों के माध्यम से मारवाड़ की माटी की खुशबू बिखेरी। पद्मश्री तगाराम भील का सम्मान सांस्कृतिक संध्या के दौरान विख्यात अलगोजा वादक पद्यश्री तगाराम भील ने अपनी जादुई प्रस्तुति से समां बांध दिया। उनकी कला के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए अतिरिक्त जिला कलेक्टर परसराम सैनी और एसडीएम सक्षम गोयल ने उन्हें साफा पहनाकर सम्मानित किया। आतिशबाजी से रोशन हुआ आसमान कार्यक्रम का समापन भव्य आतिशबाजी के साथ हुआ। जैसलमेर का आसमान सतरंगी रोशनियों से नहा उठा, जिसने महोत्सव के दूसरे दिन की सफल समाप्ति की घोषणा की। देर रात तक स्टेडियम दर्शकों की भीड़ से सराबोर रहा। ये खबर भी पढ़ें…. 2 मिनट में खाए आधा किलो लड्डू:83 लाख का सोना पहनकर पहुंचीं स्टूडेंट बनीं मिस मूमल;दाढ़ी-मूंछों के लिए खाना छोड़ने वाले मनीष मिस्टर डेजर्ट… जैसलमेर में मरु महोत्सव के पहले दिन बीकानेर की बीए सेकेंड ईयर की स्टूडेंट कुसुम पंवार (20) मिस मूमल बनीं। कुसुम 45 तोला गोल्ड ज्वेलरी (करीब 83 लाख रुपए) पहनकर पहुंची थीं। फेस्टिवल के लिए भाई अंकित ने तैयार किया था। दाढ़ी-मूंछों के लिए खाना छोड़कर रोजाना मक्खन से मालिश करने वाले जैसलमेर के मनीष पंवार मिस्टर डेजर्ट बने। वहीं मिसेज जैसलमेर प्रतियोगिता का खिताब ‘ताज’ ने अपने नाम किया। साफा बांधो (देशी) प्रतियोगिता में शैतान सिंह विजेता रहे, जबकि विदेशी कैटेगरी में हॉलैंड की पुक ने पहला स्थान हासिल किया। मूंछ प्रतियोगिता में गोपाल सिंह को विजेता घोषित किया गया। पारंपरिक खान-पान से जुड़ी प्रतियोगिता में 33 साल के राजेंद्र सिंह ने 2 मिनट में आधा किलो घोटुवा लड्डू खाकर सबको चौंका दिया और विजेता बने। (खबर पढ़ें)
सेक्टर-150 के एससी-02/ए3 प्लॉट पर इंजीनियर युवराज की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सालों से चली आ रही प्रशासनिक और निर्माण स्तर की लापरवाही का नतीजा थी। एसआईटी की रिपोर्ट में सामने आई सेटेलाइट इमेज ने इस पूरे मामले की टाइमलाइन को बेनकाब कर दिया है। इमेज साफ दिखाती हैं कि जिस बेसमेंट में पानी भरने से युवराज की जान गई, वह गड्ढा 2022 से ही एक जानलेवा जाल बन चुका था। 2017 में खोदा गया गड्ढा, सुरक्षा इंतजाम शून्य2017 में प्लॉट पर बेसमेंट निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया। हैरानी की बात यह है कि खुदाई के बाद न तो सरिया लगाया गया और न ही किसी तरह की संरचनात्मक सुरक्षा की गई। नियमों के मुताबिक इतनी गहरी खुदाई के बाद साइट को सुरक्षित करना जरूरी था, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं किया गया। 2022-23 में भरने लगा पानी, किसी ने नहीं सुनी चेतावनी2022 और 2023 की सेटेलाइट इमेज में साफ दिखता है कि गड्ढे में पानी भरना शुरू हो चुका था। शुरुआत में इसे मामूली माना गया, लेकिन समय के साथ पानी का स्तर लगातार बढ़ता गया। इसके बावजूद न तो बिल्डर ने पानी निकाला और न ही प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई की। दो बड़ी वजह: टूटी ड्रेनेज और यमुना की बाढ़जांच में पानी भरने की दो मुख्य वजहें सामने आई हैं। पहली, साइट के पास की ड्रेनेज लाइन का टूटा होना, जिससे पानी लगातार गड्ढे में जाता रहा। दूसरी, 2023 में यमुना नदी में आई भीषण बाढ़, जिसके चलते हिंडन नदी में बैक फ्लो हुआ। इस बैक फ्लो का पानी भी इसी बेसमेंट में भर गया। इसके बाद हालात ऐसे बने कि गड्ढा धीरे-धीरे तालाब की शक्ल में तब्दील हो गया। नोटिस दिए गए, लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों मेंप्राधिकरण ने इस प्लॉट को लेकर कई बार नोटिस जारी किए। बिल्डर को पानी निकालने, साइट सुरक्षित करने और निर्माण नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए। लेकिन ये नोटिस सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गए। जमीनी स्तर पर न तो पानी निकाला गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई। दो दिन पहले तक पूछताछ, 20 नए सवाल-जवाबएसआईटी ने दो दिन पहले तक प्राधिकरण से करीब 20 और सवालों के जवाब मांगे गए। ये सवाल प्लॉट पर गड्ढा खोदने की अनुमति, वर्क ऑर्डर, साइट सुपरविजन और पानी भरने की जानकारी से जुड़े थे। जांच में निचले पायदान के कर्मचारियों से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक की जिम्मेदारी तय की जा रही है। खासतौर पर रिपोर्टिंग चेन और यह जानने पर जोर है कि किस स्तर पर लापरवाही हुई। सोमवार तक एक्शन की उम्मीद, जिम्मेदारों पर गिरेगी गाजएसआईटी को सभी जरूरी दस्तावेज और जवाब सौंप दिए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक सोमवार तक इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। माना जा रहा है कि युवराज की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और बिल्डर पर कड़ी कार्रवाई तय है।
यूपी के 30 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट:1-3 फरवरी को बारिश होगी, बुलंदशहर रहा सबसे ठंडा
यूपी में बारिश के बाद फिर ठंड लौट आई है। मौसम विभाग ने यूपी के 30 जिलों में कोहरे का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शुक्रवार को यूपी के ज्यादातर इलाकों में ठंडी पछुआ हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। घने कोहरे की वजह से बरेली और आगरा में सुबह दृश्यता शून्य रही। वहीं, अलीगढ़ और नजीबाबाद में सुबह दृश्यता 50 मीटर दर्ज हुई। शुक्रवार को बुलंदशहर सबसे ठंडा रहा। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पिछले सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के उपरांत बर्फ़बारी वाले पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी और शुष्क उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से पिछले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के तापमान में प्रभावी गिरावट दर्ज की गई। कई जगहों पर तापमान सामान्य से नीचे चले गया। फिर सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभवायुमंडलीय स्थिरता बढ़ने से 31 जनवरी को घना कोहरा होने की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 01-03 फरवरी के दौरान बारिश होने की संभावना है। जनवरी में सामान्य से 39% कम बारिशइस बार जनवरी का महीना बारिश के लिहाज से फीका रहा। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में लखनऊ में 8.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सामान्य तौर पर इस माह में 14.1 मिमी बारिश होती है। इस तरह राजधानी में सामान्य से लगभग 39 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई। शुक्रवार की मौसम की 2 तस्वीरें-
मेडिकल थाना क्षेत्र के जागृति विहार एक्सटेंशन में गुरुवार को एक गाड़ी नाले में जा गिरी। कार में तीन लोग सवार थे जो किसी तरह बाहर निकल आए। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। दैनिक भास्कर ने हादसे वाली जगह का निरीक्षण किया तो पता चला कि यहां आए दिन ऐसे हादसे हो रहे हैं। ना तो आवास एवं विकास परिषद ही ध्यान देता है और ना ही पुलिस की सख्ती ही यहां दिखाई देती है। पहले तीन तस्वीरें देखें… पहले एक नजर हादसे पर जागृति विहार एक्सटेंशन में नाले के एक तरफ साउथ एक्स है तो दूसरी ओर वाला रास्ता कीर्ति पैलेस पुलिस चौकी को जाता है। 29 जनवरी की सुबह एक सफेद रंग की EON कार कीर्ति पैलेस चौकी की तरफ से आगे बढ़ी। अचानक कार अनियंत्रित हुई और नाले के किनारे बनी एक झोपड़ी को तोड़ते हुए करीब 15 फुट नीचे नाले में जा गिरी। कार में एक युवती के अलावा दो पुरुष मौजूद थे। किसी तरह तीनों बाहर निकले और खुद को बचाया। बाद में क्रेन की मदद से कार को निकाला जा सका। कार डूबती तो बचना होता मुश्किलकार में मौजूद लोगों की किस्मत अच्छी ही कहेंगे कि नाला गंदगी से भरा हुआ था। जैसे ही कार नीचे गिरी, वह कूड़े पर अटक गई। इसी के चलते अंदर मौजूद लोगों को दरवाजा खोलने का मौका मिल गया और तीनों बारी बारी बाहर निकल आए। लोगों का कहना है कि अगर कार नाले में चली जाती तो दरवाजा नहीं खुल पाता। इसमें जान भी जा सकती थी। एक्सटेंशन बना ड्राइविंग स्कूलएक समय था, जब विक्टोरियापार्क जैसे मैदान में लोग कार चलाना सीखते थे। अब वहां चार दिवारी होने के बाद दरवाजे लग चुके हैं। इसके बाद लोगों ने जागृति विहार एक्सटेंशन का रूख किया है। काफी दूर तक जागृति विहार एक्सटेंशन फैला है। सड़क बनी हुई हैं, जिस कारण अब लोग यहां आकर कार चलाना सीखते हैं। सुरक्षा के लिहाज से सफर जोखिम भरा सुरक्षा के लिहाज से देखें तो जागृति विहार एक्सटेंशन का सफर जोखिम भरा है। इस हादसे वाले नाले की ही बात करें तो यहां दोनों तरफ बाउंड्री वाल के नाम पर खानापूर्ति की गई है। दीवार ना होने के कारण अक्सर यहां कोई ना कोई हादसा होता रहता है। कुछ एक हिस्से में दीवार बनी भी थी तो वह ध्वस्त हो चुकी है। दुकान चलाने वाले अजय बताते हैं कि थोड़ी देर हो जाती तो कुछ भी हो सकता था। रात होते ही छा जाता है अंधेरा जागृति विहार एक्सटेंशन के चारों ओर आबादी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रीय निवासी सुशील कुमार पटेल का कहना है कि अब तो लोग लोहिया नगर व हापुड़ तक का सफर भी इसी तरफ से करने लगे हैं। शाम होते ही यहां अंधेरा पसर जाता है, जिसके बाद सफर भी भगवान भरोसा रह जाता है। यहां पथ प्रकाश की व्यवस्था नहीं है। खंभे सालों पहले लग गए थे लेकिन उन पर लाइटें नहीं लगीं। कुछ खंभे ऐसे हैं, जिन पर एक बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान कुछ लाइट लगाई गई थीं लेकिन वह भी अब खराब हो चुकी हैं। टहलने आने वाले भी दहशत में जागृति विहार एक्सटेंशन में काफी लोग मोर्निंग व इवनिंग वॉक के लिए भी आते हैं। सरायकाजी निवासी सुरेंद्र कुमार बताते हैं कि इस हादसे की वजह नाले के किनारे दीवार ना होना है। अगर दीवार होती तो वह कार रुक जाती। दीवार ना होने के कारण वह आगे बढ़ती चली गई। जबकि रफ्तार ज्यादा तेज नहीं थी।
भगवान हैं तभी तो बिहार से सुनने आए हैं मोबाइल पर सुने हैं बाबा बहुत अच्छे हैं विश्ववास दिलाते हैं,बाबा पर विशवास करते हैं मन में उम्मीद लेकर आए हैं, कथा में बाबा का प्रवचन सुनते हैं भगवान मान के बिहार से आए हैं यह कहना है बिहार से आई संजू देवी का। इसी तरीके से 50 हजार से ज्यादा भक्त प्रदीप मिश्र को सुनने माघ मेला में आए हैं। माघ मेला में सतुआ बाबा के शिविर में प्रसिद्द कथावाचक प्रदीप मिश्र की कथा चल रही है जिसमें भक्तों की इतनी भीड़ की कथा स्थल के चारो तरफ 500 मीटर के दायरे में भक्तों की भीड़ सड़क पर बैठकर दूर से ही लगी टीवी में देखकर कथा सुन रही। भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कथा स्थल के चारों ओर करीब 500 मीटर के दायरे में श्रद्धालु सड़कों पर बैठकर दूर-दूर लगाए गए टीवी स्क्रीन पर कथा सुनते नजर आए। जब हमारी टीम मौके पर पहुंची तो कथा स्थल से करीब 3 किलोमीटर पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। आसपास के सभी रास्तों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी, यहां तक कि नजदीकी पीपा पुल को भी बंद कर दिया गया था। 27 तारीख से शुरू हुई इस कथा के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे हैं कि लोग शिविर में ही 24 घंटे डेरा जमाए हुए हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन और आयोजकों को अतिरिक्त टेंट, टीवी स्क्रीन और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। श्रद्धालुओं की आस्था का दृश्य हजारों की संख्या में लोग सड़क किनारे बैठकर टीवी स्क्रीन पर कथा देख रहे हैं, हाथ जोड़कर प्रवचन सुन रहे हैं और उसी स्थान की मिट्टी को माथे से लगाकर श्रद्धा प्रकट कर रहे हैं। पटना बिहार की रहने वाली संजू देवी ने बताया की मोबाइल पर सुने हैं बाबा बहुत अच्छे हैं विश्ववास दिलाते हैं बाबा विश्वास दिलाते हैं बाबा पर विशवास करते हैं मन में लेकर उम्मीद आए हैं कथा में बाबा का प्रवचन सुनते हैं भगवाने मान के बिहार से आए हैं सुमन देवी झारखण्ड से आई है स्पेशल कथा सुनने आए हैं हम लोग ,मोबाइल पर देखते हैं मुझे 24 घंटे मिल जाये तो देखे मुझे बहुत अच्छा लगता है पूजा तो पहले भी करते थे मगर अब जितना ये बताते है तो उनके अनुसार करते हैं लोगों का भला हो रहा प्रदीप मिश्र जी जो बताते हैं उपाय बताते हैं 1 दाना चावल का चढ़ाना चाहिए, 1 लोटा जल समस्या का हल यही सब बताते हैं और मै करती भी हु और फायदा मिल रहा है 3 साल से कर रह हैं पूरा भगवान मानते हैं कितने लोगों की समस्या का हल बताते है नौकरी घर दुआर जमीन सब हो जा रहा है जिसके कुछ नहीं था तो भगवान ही मानेंगे मुन्नू सिंह फरुक्खाबाद से बोले की भगवान का धाम है गंगा मैया की कृपा है उनकीगोद में पड़े हैं, श्रद्धा यही है की भगवान भला करे सबका साथी के साथ आए हैं प्रदीप मिश्रा तो विख्यात हैं इनको कौन नहीं जानता है पूरे विश्व में विक्ख्यात हैं कानपुर से रामा देवी ने बताया की इनकी कथा अच्छी लगती है भगवान का भरोसा लेकर आए हैं टीवी में देखते देखते सुनते-सुनते आस्था बढ़ गयी हैं अच्छा है लोगों का भला होता है तो लोग आते हैं उपाय बताते हैं लोगों का भरोसा है काम बनता है इसलिए भीड़ बढ़ गयी है
कानपुर के काकादेव में छपेडा पुलिया से जेके मंदिर आने वाली सड़क पर सीवर लाइन डालने का काम चल रहा है। कुलवंती हॉस्पिटल के पास काम के दौरान पानी की लाइन टूट गई थी। जिससे पूरी सड़क पर दलदल जैसी स्थित बन गई है। जिससे दुकानों के सामने पानी भरा रहता है। साथ ही स्थानीय लोगों ने बताया अब यहां आने जाने वाले लोग गिर रहे है, कई लोगों के हाथ टूट गए है। यहां के लोग क्या बोले- वो पढ़िए कुलवंती अस्पताल के पास दुकान चलाने वाले राहुल सोनकर ने बताया कि रास्ता बंद है फिर भी गाड़ियां जा रही हैं। नगर निगम प्रशासन को इस तरफ कोई साइन बोर्ड लगाना था। जिससे लोग डायवर्जन पड़ने के बाद इधर न आते। लेकिन इन्होंने कोई भी डायवर्जन का साइन बोर्ड नहीं लगाया है। बारिश होने से यहां फिसलन हो गई है, जिसकी वजह से लोग गिर रहे है। काम तो ठीक चल रहा है, इनको डायवर्जन की सुविधा करनी चाहिए थी। सड़क खुदी हुई है, गिरने से एक महिला का हाथ टूट गयाबसंती ने बताया कि यहां पर बच्चे फिसलकर गिर रहे हैं। गिरने से एक माता जी का हाथ टूट गया है। हम बाइक वालों को रास्ता बंद होने की बात बताते थक जाते हैं। यहां गाड़ियां फंस रही है। लोगों हम बताते हैं यहां गड्डा है आखिर हम लोग कहां तक बताए। यहां पर कोई बोर्ड (साइन बोर्ड) नहीं लगा है, इस लिए लोग यहां आ जाते है। 500 मीटर के लिए 4 किमी. का चक्कर लगाना पड़ रहा राहगीर मोहित बताते है ये यहां की समस्या नहीं है बल्कि पूरे कानपुर की ये समस्या है। पहले यहां पर मेट्रो ने खोदा था। अब नगर निगम वाले खोद रहे है। ये लोग खोद के डाल देंगे ऐसा ही खुदा पड़ा रहेगा। यहां पर कोई साइन बोर्ड नहीं लगा है। पहले गाड़ी लेकर चले आओ फिर रास्ता को ढूंढते रहो। पहले तो यहां पर इंटीगेट होना चाहिए, इधर की रास्ता बंद है तो यहां से निकल जाओ। हमारे घर की चारों तरफ से रास्ता बंद है। जबकि हमारे लिए कुलवंती और गीता नगर से भी आने की रास्ता है। अब 500 मीटर के लिए 4 किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। हर जगह स्पीड ब्रेकर के नाम से हेलीपैड बना दिये है, जिससे गाड़ी टंग जाती है। इन लोगों को चालान काटना आता है, अब बताओ रोडों का चालान कौन काटा। यहां जहां तहां गड्डे करके डाल दिये है। लोग गिर रहे है और हाथ पैर टूट रहे है। लेकिन इससे किसी को कोई मतलब नहीं है। छपेड़ा पुलिया से जेके मंदिर जाने वाली सड़क बंद छपेड़ा पुलिया से जे के मंदिर जाने वाली सड़क बंद चल रही है। इस सड़क पर सीवर लाइन का काम हो रहा है। जिसके बाद वाटर लाइन फूट गई है। जिसकी वजह से सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। कारोबार हुआ ठप, दुकानों के सामने भरा पानी दुकानदारों के सामने भी संकट नजर आता है, यहां पर सड़क के दोनों ओर करीब छोटी बड़ी 50 दुकाने बनी हुई है। सड़क पर काम चलने के कारण दुकानों के सामने पानी भर गया है। अब यहां ग्राहक तक नहीं आ पा रहे है।
कानपुर में ईदगाह चौराहे पर 22 जनवरी को नाला धंसने के बाद काम में लेट लतीफी चल रही है। अब फिर से काम करने वाला ठेकेदार को बदल दिया गया है। सूत्रों की माने तो इस समय चौथा ठेकादार काम करने के लिए आया है। कल सुबह 1 बजे तक दो ठेकादारों की तरफ से किसी भी काम को शुरू नहीं किया गया था। जिसके बाद में लोगों ने मेयर के 15 दिनों में काम पूरे होने वाले बयान को हवा हवाई बताया है, पार्षद आलोक पांडेय ने बताया 15 दिनों में काम पूरा होना मुश्किल है। अब पढिए क्या बोले स्थानीय लोग सूरज कुमार बताते है जो पहला ठेकेदार था, वह बहुत ही सिस्टम से काम कर रहा था। उसने ही गाटर और शटरिंग लगा के लोगों के मकान ढहने से बचाए थे, बहुत ही सिस्टम से काम कर रहा था। अभी यहां पर दो ठेकेदार और लेवर है, लेकिन काम में स्पीड नहीं है। दोनों ठेकेदारों की मशीने मौजूद है लेकिन प्रशासन कैसे काम करवा रहा है, ये समझ से बाहर है। अभी मैंने सुना है यहां मेयर ने कहा था 15 दिनों में काम खत्म हो जाएगा, लेकिन मुझे लगता है अभी 15 दिनों में यह क्लियर नहीं हो पाया यहां पर कौन काम करेगा। अभी मुझे नहीं लग रहा है, ये काम जल्दी से हो पाएगा, लेकिन मैं रात से देख रहा हूं, ये काम करने वाले लोग चेंज हैं। स्थानीय नागरिक स्वतंत्र वर्मा बताते है यहां पर काम के नाम से केवल खानापूरी हो रही है। यहां पर हर रोज ठेकेदार बदले जा रहे है, एक रहे तो अपने हिसाब से जल्दी से काम करे तो जल्दी हो जाए। प्रशासन से अनुरोध है जल्दी से काम करे, अभी बृहम नगर , रामबाग और ईदगाह चौराहा बंद पड़ा है। जल्दी से काम शुरू हो तो कारोबार शुरू हो जाए। सुधीर शुक्ला बताते है प्रशासन की तरफ से काम तो शुरू हो गया है। अधिकारी आते जाते और बदलते रहते है। ठेकेदार आए है काम चल रहा है, पाइप आए है। लेकिन ये काम 15 दिनों में पूरा होना मुश्किल है। सुनने में आया है ठेकेदार बदला है लेकिन बस काम जल्दी से होना चाहिए। अब पढिए क्या बोले पार्षद पार्षद आलोक पांडेय ने बताया काम धीरे चल रहा है, लेकिन मैंने नगर आयुक्त से 4 दिन पहले बात की थी। जिसके बाद नगर आयुक्त आए थे। सुनने में आया है कल महापौर जी हमारे वार्ड में आई थी, लेकिन मुझे कोई सूचना नहीं दी गई। ये बहुत ही जरूरी सड़क है यहां गंभीरता से दिन रात काम करवाना चाहिए। अभी बताया जा रहा है यहां पर हर रोज ठेकादार बदले जा रहे है। नगर आयुक्त की बात से भरोसा है कार्य जल्दी से होगा। ये गंभीर समस्या तमाम डाट नालों को धंसते देखा है, लेकिन 15 दिनों में काम नहीं हो पाया है, अभी एक एक जगह 8 महीनों से काम चल रहा है। अभी तक जो यहां पर काम चल रहा है उस तरीके से ये 15 दिनों में हो जाए ये इंपॉसबल लग रहा है। लेकिन मुख्य अभियंता और एक्सईन को जल्दी से काम करवाना चाहिए। अब पढिए एक दिन पहले मेयर बोली- 15 दिनों में होगा काम मेयर प्रमिला पांडेय ने एक दिन पहले ईदगाह चौराहा का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने 15 दिनों में काम पूरा करने के निर्देश दिये थे। इस दौरान उन्होंने कहा था, कानपुर एक पुराना शहर है, यहां के नाले अंग्रेजो के समय के बने हुए है, जो 150 साल पुराने बने हुए है, इस लिए धंस रहे है। बृहम नगर चौराहे पर हुई बैरेकेटिंग बृहम नगर चौराहे पर सड़क की मिट्टी धंसने के बाद नगर निगम के द्वारा चारों तरफ बैरेकेटिंग कर दी है। जिससे वहां पर वाहन पार्क न हो पाए, और रामनगर चौराहे पर नाले में नए पाइप डाले जा रहे है। यहां के लोगों ने बताया नगर निगम को जल्द ही काम पूरा करना चाहिए।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण मरने वालों की संख्या 31 तक पहुंच गई है। शुक्रवार शाम एकनाथ सूर्यवंशी (72) की मौत हो गई। उनका इलाज सबसे लंबे समय तक, एक माह तक चला था। इसके बाद क्षेत्र में माहौल गमगीन है। फिलहाल अस्पताल में 4 मरीज भर्ती हैं। इनमें से दो आईसीयू में हैं और एक वेंटिलेटर पर है। इस हादसे में 450 से ज्यादा लोग बीमार हुए थे। अभी क्षेत्र में डायरिया के मरीज काफी कम हो गए हैं। इस हादसे में पिछले दिनों हेमंत गायकवाड़ की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। अब उनकी मां सुशीलाबाई (82) की हालत खराब है। उन्हें शुक्रवार को सरकारी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। उन्हें किडनी की तकलीफ है और हालत गंभीर है। शहर में ड्रेनेज और पेयजल लाइनों की मॉनीटरिंग को और अधिक सुदृढ़ और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जाएगा। इसके लिए नई और पुरानी सभी ड्रेनेज एवं पेयजल लाइनों की जीआईएस मैपिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में कहीं भी ड्रेनेज और पेयजल का आपसी मिश्रण न हो और दोनों लाइनों का समानांतर संचालन रोका जा सके। यह निर्णय गुरुवार को सांसद शंकर लालवानी की अध्यक्षता में आयोजित जिला विकास एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में लिया गया। अमृत और जल जीवन मिशन की प्रगति की समीक्षा बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति, अमृत योजना पैकेज-1, अमृत योजना 2.0 और जल जीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सांसद लालवानी ने निर्देश दिए कि अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत डाली जा रही नई जल और ड्रेनेज लाइनों की जीआईएस मैपिंग अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही पुरानी लाइनों की भी मैपिंग कर उन्हें नई लाइनों के साथ सुपर-इम्पोज किया जाए, जिससे भविष्य में लाइन टूटने या टकराव जैसी समस्याओं से बचा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हैंडपंप और बोरिंग के पानी की नियमित जांच आवश्यक है। वहीं शहरी क्षेत्रों में भी विभिन्न इलाकों से रैंडम आधार पर जल सैंपल लेकर गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी। खुदाई के बाद तुरंत गड्ढे भरने और गांवों तक नर्मदा जल पहुंचाने के निर्देश मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने निर्देश दिए कि ड्रेनेज और पेयजल से जुड़े कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण हों। जहां खुदाई की जाए, वहां कार्य समाप्ति के तुरंत बाद गड्ढे भराई सुनिश्चित की जाए और वैध कॉलोनियों में एसटीपी के संचालन एवं गुणवत्ता की नियमित जांच हो। बैठक में यह भी बताया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत प्रभावी कार्य किए गए हैं। आगामी ग्रीष्मकाल को देखते हुए निर्देश दिए गए कि जल जीवन मिशन की टंकियों के स्रोतों की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाए तथा सभी गांवों तक नर्मदा जल पहुंचाने की कार्ययोजना बनाई जाए। ये खबर भी पढ़ें.. इंदौर में दूषित पानी से एक और मरीज की मौत इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से फैली बीमारी के कारण शुक्रवार को एक और मरीज की मौत हो गई। मृतक की पहचान 72 वर्षीय एकनाथ सूर्यवंशी के रूप में हुई है। इस मौत के बाद मामले में अब तक कुल 31 लोगों की जान जा चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी बॉम्बे हॉस्पिटल में मरीजों से मिलने पहुंचे थे। तब उन्होंने उनके बेटे से हाल पूछा था। पढ़िए पूरी खबर।
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई 31 मौतों के बाद नगर निगम ने पानी की गुणवत्ता को लेकर अब सख्त रुख अपनाया है। निगम ने निर्णय लिया है कि शहर के सभी 85 वार्डों में वाटर टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी, ताकि हर वार्ड स्तर पर पानी की नियमित जांच हो सके और दूषित जल की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, अब तक पानी की जांच सीमित स्तर पर होती थी, लेकिन भागीरथपुरा की घटना के बाद यह साफ हो गया कि वार्ड स्तर पर निगरानी जरूरी है। इसी के तहत निगम ने निजी एजेंसी के माध्यम से वाटर टेस्टिंग और वाटर ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। भागीरथपुरा में अभी नहीं शुरू होगा पूर्ण जलप्रदाय निगम ने साफ कर दिया है कि भागीरथपुरा इलाके में अभी कुछ दिनों तक नल से पानी की नियमित सप्लाई शुरू नहीं की जाएगी। जब तक पाइपलाइनों की पूरी जांच, लीकेज और सीवेज मिक्सिंग की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक क्षेत्र के रहवासियों को टैंकरों के माध्यम से ही पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टैंकरों की संख्या कम न हो और पानी की सप्लाई में किसी तरह की कटौती न की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि लोगों को सुरक्षित पानी मिलना प्राथमिकता है, भले ही इसके लिए अस्थायी व्यवस्था कुछ और समय तक चलानी पड़े। मौतों के बाद लोगों में भय का माहौल भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद इलाके में भय का माहौल अब भी बना हुआ है। लोग टैंकर से मिलने वाले पानी को भी उबालकर पीने को मजबूर हैं। जिन इलाकों में सीमित जलप्रदाय शुरू किया गया था, वहां भी रहवासी नल का पानी पीने से कतरा रहे हैं। कई परिवारों ने आरओ सिस्टम लगवा लिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पानी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से नहीं दी जाती और निगम खुद पानी को सुरक्षित घोषित नहीं करता, तब तक वे नल का पानी इस्तेमाल नहीं करेंगे। वार्ड स्तर पर होगी तुरंत जांच, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई निगम अधिकारियों का कहना है कि 85 वार्डों में वाटर टेस्टिंग लैब शुरू होने के बाद किसी भी क्षेत्र से गंदे पानी की शिकायत आने पर तुरंत सैंपल लेकर जांच की जा सकेगी। इससे दूषित पानी की समस्या को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा और भागीरथपुरा जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। गंदे पानी की शिकायतों पर निगम की टीमें मैदान में भागीरथपुरा में 31 मौतों के बाद शहरभर में गंदे पानी को लेकर डर का माहौल है। चंदननगर, ग्रीन पार्क सहित कई कॉलोनियों के रहवासी निगम कार्यालय पहुंचे और गंदे पानी की परेशानी बताई। निगम ने इन शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं, वहां खुद मौके पर पहुंचकर जांच की जाए और लापरवाही किसी भी हाल में न हो। कुएं-बावड़ियों में भी गंदगी, पंचम की फैल में दो कुएं बंद शहर के कई इलाकों में वर्षों पुराने कुएं-बावड़ियां भी अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं। पंचम की फैल क्षेत्र में तीन पुराने कुओं में से दो कुओं का पानी पूरी तरह खराब हो गया है। रहवासियों के अनुसार, इन कुओं में गंदा पानी आने के साथ लाल कीड़े निकलने लगे, जिसके बाद लोगों ने इनसे पानी लेना बंद कर दिया। शिकायतों के बाद एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया ने मामला निगमायुक्त तक पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त क्षितिज सिंघल खुद मौके पर पहुंचे और रहवासियों से बातचीत की। लोगों ने आशंका जताई कि नालों या जल लाइनों का गंदा पानी कुओं में मिक्स हो रहा है। आयुक्त ने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर कुओं के संरक्षण और सफाई की कार्रवाई तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
झांसी में शुक्रवार शाम को एक युवक ने तीसरी मंजिल से छलांग लगा ली। वो अपने दोस्त से मिलने आया था। यहां 10 साल के बच्चे को गोद में उठाकर खिलाने लगा। बच्चा चोर समझकर लोगों ने विरोध शुरू कर दिया और पुलिस बुला ली। तब युवक दोस्त के किराए के घर में छुप गया। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और तीसरी मंजिल से छलांग लगा दी। उसके दोनों पैर और सिर में चोट आई है। पुलिस उसको जिला अस्पताल ले गई। जहां इलाज के बाद परिजन उसे अपने साथ ले गए। पूरा मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के डडियापुरा स्थित मां दुर्गा कॉलोनी का है। अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए बोल और सुन नहीं पाता बच्चा डडियापुरा की मां दुर्गा कॉलोनी निवासी वर्षा साहू ने बताया- हमारे पड़ोस में विनोद कुशवाहा का मकान है। जिसमें कुछ युवतियां रहती है। जो शादी समारोह में काम करती हैं। दो दिन पहले उनके पास एक युवक आया था। मेरा 10 साल का एक बेटा है। जो बोल और सुन नहीं पाता। शुक्रवार सुबह वह घर के बाहर बैठा था। तभी युवक आया और बच्चे को खिलाने लगा। थोड़ी देर बाद वो चला गया। शाम को बेटा घर से लगभग 30 मीटर दूर खेल रहा था। युवक आया और बेटे से बातचीत करने लगा। आरोप है कि थोड़ी देर बाद उसने बच्चे को गोद में उठा लिया और ले जाने लगा। तब मैं दौड़कर पहुंच गई। आसपास के लोग भी आ गए तो वो माफी मांगने लगा। पुलिस के आने के बाद छत से कूदा वर्षा ने आगे बताया- घटना के बाद आसपास के लोग आ गए। तब तक युवक उसी मकान में चला गया और अंदर से कुंडी बंद कर ली। इसके बाद लोगों ने कॉल करके पुलिस को बुला लिया। इसके बाद युवक तीसरी मंजिल पर चढ़ गया। वहां से उसने मकान के पीछे छलांग लगा दी। तब पुलिस मौके पर पहुंच गई और घायल युवक को जिला अस्पताल ले गई। इस दौरान मोहल्ले में काफी भीड़ एकत्र हो गई। लोगों को गलतफहमी हो गई थी कोतवाली थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि मां दुर्गा कॉलोनी में किराए से रहने वाली युवतियां और युवक शादी समारोह में काम करते हैं। उनसे मिलने के लिए एक युवक आया था। शाम को वह दुकान से सिगरेट लेने गया था। वहां एक बच्चे को गोद में उठाकर खिलाने लगा। अनजान युवक की गोद में बच्चा देखकर लोगों को गलतफहमी हो गई। वो बच्चा चोर समझ बैठे। इससे युवक घबरा गया और कमरे में चला गया। तब तक लोगों ने पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक घबरा गया और छत से कूद गया। उसे पैर और सिर में चोट आई थी। इलाज के बाद परिजन उसे अपने साथ ले गए।
जयपुर के बीलवा में आयोजित होने वाले राधा स्वामी वार्षिक सत्संग में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने जोधपुर-वाराणसी सिटी-जोधपुर मरुधर एक्सप्रेस ट्रेन को खातीपुरा स्टेशन पर अस्थाई ठहराव देने का फैसला किया है। यह व्यवस्था 31 जनवरी से 5 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी, जिससे सत्संग में आने-जाने वाले यात्रियों को आवागमन में आसानी होगी। सत्संग का मुख्य आयोजन 3 और 4 फरवरी को होना है। जोधपुर से वाराणसी जाने वाली ट्रेनों का शेड्यूल रेलवे द्वारा जारी समय सारिणी के अनुसार, जोधपुर से वाराणसी सिटी जाने वाली अलग-अलग नंबर की ट्रेनें खातीपुरा स्टेशन पर दोपहर 14:10 बजे पहुंचेंगी और 2 मिनट के ठहराव के बाद 14:12 बजे प्रस्थान करेंगी। इनमें – गाड़ी संख्या 14854 (जोधपुर-वाराणसी सिटी) 31 जनवरी, 2 फरवरी और 5 फरवरी को रुकेगी। गाड़ी संख्या 14864 (जोधपुर-वाराणसी सिटी) 1 फरवरी और 3 फरवरी को रुकेगी। गाड़ी संख्या 14866 (जोधपुर-वाराणसी सिटी) 4 फरवरी को खातीपुरा स्टेशन पर ठहराव करेगी। वाराणसी से जोधपुर आने वाली ट्रेनों का शेड्यूल वापसी में वाराणसी सिटी से जोधपुर आने वाली ट्रेनों का खातीपुरा स्टेशन पर आगमन समय सुबह 11:26 बजे रहेगा और ये ट्रेनें 11:28 बजे प्रस्थान करेंगी। इनमें – गाड़ी संख्या 14853 (वाराणसी सिटी-जोधपुर) 1 फरवरी, 3 फरवरी और 5 फरवरी को रुकेगी। गाड़ी संख्या 14863 (वाराणसी सिटी-जोधपुर) 31 जनवरी, 2 फरवरी और 4 फरवरी को खातीपुरा स्टेशन पर 2 मिनट के लिए रुकेगी।
कवच 4.0 का पांच जोनों में विस्तार:एक दिन में सबसे अधिक 472 किमी कवच चालू, रेलवे का बड़ा रिकॉर्ड
भारतीय रेलवे ने 472.3 किलोमीटर लंबे कवच संस्करण 4.0 का शुभारंभ किया, जो रेल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नवस्थापित खंडों में वडोदरा-विरार, तुगलकाबाद-पलवल और मानपुर-सरमतनार शामिल हैं। यह प्रणाली उच्च घनत्व वाले मार्गों पर ट्रेन सुरक्षा, परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए तैनात की जा रही है। कवच संस्करण 4.0 एक दिन में और एक महीने में अब तक के सबसे अधिक मार्ग किलोमीटरों पर लागू हो चुका है। अब तक 472.3 किलोमीटर मार्ग कवच संस्करण 4.0 के अंतर्गत आ चुके हैं। यह प्रणाली भारतीय रेलवे के पांच जोनों में लागू हो चुकी है। भारतीय रेलवे में कुल 1,306.3 किलोमीटर मार्ग पर कवच संस्करण 4.0 लागू हो चुका है। इससे पहले कवच संस्करण 4.0 करीब 834 किलोमीटर मार्ग पर लागू किया गया था। इसमें दिल्ली-मुंबई मार्ग का पलवल-मथुरा-नागदा खंड (633 किलोमीटर) और दिल्ली-हावड़ा मार्ग का हावड़ा-बर्दवान खंड (105 किलोमीटर) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गुजरात के पहले बाजवा (वडोदरा)-अहमदाबाद खंड पर 96 किलोमीटर मार्ग को चालू किया गया। उत्तरी रेलवे पर कवच 4.0 कार्यान्वयन की प्रगति भारतीय रेलवे ने दिल्ली-मुंबई मार्ग के तुगलकाबाद जंक्शन केबिन-पलवल खंड पर कवच 4.0 को सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। यह 35 किलोमीटर लंबा खंड 152 किलोमीटर मुख्य लाइन ट्रैक पर फैला हुआ है, जिसमें प्रमुख स्टेशन यार्ड, स्वचालित सिग्नलिंग प्रणाली और पूर्ण ब्लॉक सिग्नलिंग वाली लाइनें शामिल हैं। यह चालू होना भारतीय रेलवे के सबसे व्यस्त और उच्च घनत्व वाले कॉरिडोर में से एक पर सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण सुधार का प्रतीक है। इससे परिचालन सुरक्षा, विश्वसनीयता और यात्रियों का विश्वास काफी बढ़ जाता है। पूर्वी मध्य रेलवे पर कवच भारतीय रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा जंक्शन-पं. दीन दयाल उपाध्याय डिवीजन के 93.3 किलोमीटर लंबे मानपुर-सरमतनार खंड पर भी कवच 4.0 प्रणाली के साथ रेल परिचालन शुरू कर दिया है। कवच-युक्त पहली सेवा, ट्रेन संख्या 13305 सासाराम इंटरसिटी एक्सप्रेस, इस खंड पर सफलतापूर्वक संचालित हुई, जो सोन नगर से सुबह 7:42 बजे रवाना हुई और सुबह 9:35 बजे मानपुर पहुंची। इस दौरान आमने-सामने की टक्कर का परीक्षण किया गया, जिसमें ट्रेन स्वचालित रूप से रुक गई, जिससे प्रणाली की प्रभावशीलता प्रमाणित हुई। पूर्वी मध्य रेलवे के 4,235 किलोमीटर मार्ग पर कवच प्रणाली स्थापित की जा रही है, जिसमें पं. दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन-मानपुर खंड के 417 किलोमीटर मार्ग भी शामिल हैं, जो उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड से होकर गुजरने वाले दिल्ली-हावड़ा मुख्य मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस खंड पर मिश्रित यातायात चलता है और वर्तमान में इसे 130 किमी प्रति घंटे की गति सीमा के लिए मंजूरी दी गई है, जबकि मिशन रफ्तार के तहत गति क्षमता को 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ाने के लिए काम चल रहा है। पश्चिमी रेलवे पर कवच की प्रगति वडोदरा-सूरत-विरार खंड पर कवच प्रणाली सफलतापूर्वक चालू कर दी गई है, जो ट्रेन सुरक्षा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह प्रणाली 344 किलोमीटर लंबे खंड पर लागू की गई है और दादर-भुज सयाजीनगरी एक्सप्रेस इस प्रणाली से लैस पहली ट्रेन बन गई है। वडोदरा-नागदा खंड पर काम तेजी से चल रहा है और मार्च 2026 तक इसके चालू होने की उम्मीद है। विरार-मुंबई सेंट्रल खंड पर भी काम अच्छी तरह से आगे बढ़ रहा है और इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 364 लोकोमोटिव कवच प्रणाली से लैस हो चुके हैं। पश्चिमी रेलवे के कई अन्य खंडों पर भी काम स्वीकृत हो चुका है, जो कुल 2,667 किलोमीटर के मार्ग को कवर करते हैं। कवच के बारे में कवच संस्करण 4.0 भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जो रेलवे सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। यह उच्च घनत्व वाले और बहु-लाइन रेल नेटवर्क की मांगों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो बेहतर विश्वसनीयता, त्वरित प्रतिक्रिया और मौजूदा सिग्नलिंग प्रणालियों के साथ सहज एकीकरण प्रदान करता है। यह प्रणाली माइक्रोप्रोसेसर, GPS और रेडियो संचार प्रौद्योगिकियों को एकीकृत करती है। जो ट्रेन संचालन को सुरक्षित बनाती है। यह खतरे के संकेत पर वाहन चलाने से स्वचालित सुरक्षा प्रदान करती है और पार्श्व, आमने-सामने और पीछे से होने वाली टक्करों को रोकती है। यह ओवरस्पीडिंग की निगरानी और नियंत्रण भी करती है। जिससे सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होता है। यह प्रणाली SIL-4 सुरक्षा मानकों का अनुपालन करती है और स्वदेशी रूप से डिजाइन की गई है। जो आयातित प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता कम करती है।
‘इटावा की जिस मजार को वन विभाग की जमीन पर बताया गया है वो मजार बीहड़ वाले सैयद के नाम से करीब 800 साल से प्रसिद्ध है। 100 साल से यहां सालाना उर्स प्रशासन की मदद से होता आ रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में इसे मुगल शासक मो. गौरी के सेनापति शमशुद्दीन की मजार होने का जिक्र किया जा रहा है, जोकि एक शिगूफा है। वन विभाग ने जल्दबाजी में कार्रवाई की है। नोटिस का जवाब देने के बाद पूरे मामले की सही स्थिति सामने रखी जाएगी। कुछ लोग इसे मुगल शासक के सेनापति की मजार बता रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।’ ये दावा है इटावा के मजार के केयरटेकर फजले इलाही व उनके सहयोगी नदीम अहमद का…। इनका कहना है कि हमें मिले नोटिस का जवाब डाक से और खुद विभाग के कार्यालय जाकर दिया जा चुका है। जल्द ही सच सामने आएगा। फिलहाल मजार के कच्चे रास्ते पर अफसरों ने 5 फीट से ज्यादा गहरे गड्ढे खोद दिए हैं ताकि कोई मजार पर न जा सके। हम आपको मजार से ग्राउंड रिपोर्ट पढ़वाते हैं…. अब समझिए पूरा मामला दरअसल , इटावा जिला मुख्यालय से करीब डेढ़ किमी दूर फिशर वन क्षेत्र में बनी बीहड़ वाले सैयद बाबा की पुरानी मजार सीएम ऑफिस से आए आदेश के बाद प्रशासन की नजर में आ गई है। 3 जनवरी को आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को की इस मजार को अवैध बताकर शिकायत की गई। 5 जनवरी को ही जिले के डीएम ऑफिस को आदेश मिला कि ये मजार वन विभाग की जमीन पर निर्मित है, इसकी जांच कर आख्या प्रस्तुत की जाए। आदेश आने के बाद वन विभाग ने आनन फानन में जांच की। जांच के दौरान वन विभाग के वन रेंज अधिकारी अशोक कुमार शर्मा ने पाया कि यह मजार फिशर वन के कंपार्टमेंट नंबर तीन में स्थित है और पूरी तरह वन भूमि के भीतर बनी हुई है। टीम ने मौके पर पहुंचकर मापजोख की और पुराने नक्शों का अवलोकन किया, जिसमें यह क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत दर्ज पाया गया। नोटिस में ये लिखा फिशर 1 में बनी इस मजार के निरीक्षण के दौरान पाया गया कि एक बहुत पुरानी मजार बनी हुई है। स्थानीय लोगों से पता चला कि फजले इलाही पुत्र करीब बख्श इस मजार की देखभाल करते हैं। प्रभारी की तरफ से कई बार कॉल की गई लेकिन बताया गया कि कागजातों की जानकारी करके सूचित किया जाएगा। लेकिन नोटिस मिलने के 15 दिन बाद भी 22 जनवरी 2026 तक मजार के संबंध में कोई अभिलेख नहीं दिए गए। नोटिस मिलते ही तत्काल कागजात कार्यालय में दें, अन्यथा वन भूमि पर बनी इस मजार को ध्वस्त कर दिया जाएगा। जवाब न मिलने पर 5 गड्ढे खोदकर रोका रास्ता मजार कमेटी की तरफ से कोई जवाब न मिलने पर वन विभाग की तरफ से मजार तक जाने वाले करीब एक किमी के कच्चे रास्ते पर बुलडोजर से गुरुवार को एक और शुक्रवार को 3 फीट गहरे 4 गड्ढे खोद दिए गए। ताकि मजार तक कोई जा न सके। सालान उर्स को रोकने का साजिश मजार की देखरेख इटावा शहर के आकालगंज निवासी फजले इलाही करते हैं। उनके सहयोगी नदीम ने बताया– ये मजार 800 साल पुरानी है। कुछ लोग इसे मुगल शासक के सेनापति की मजार बता रहे हैं, जो पूरी तरह गलत और निराधार है। मेरी कई पीढ़ियो ने इसे देखा है। आगे वाली पीढ़ी भी देखेगी। हर साल फरवरी या मार्च में रमजान से पहले चांद देखकर मजार पर सालाना उर्स होता है। जिसमें हजारों लोग आते हैं। प्रशासन ने शिकायत पर जल्दबाजी में एक्शन लिया है। सर्वे के दौरान मजार के केयरटेकर को सूचित नहीं किया गया। सीधे नोटिस थमा दी गई। नोटिस में शिकायतकर्ता का नाम तक नहीं है। जायरीन बोले– मैं 22 साल से मजार पर आ रहा मजार पर पहुंचे जायरीन मुस्ताक ने बताया– मैं पिछले 20 से 22 साल से यहां आ रहा हूं और मेरे पूर्वजों ने बताया था कि यह दरगाह बहुत पुरानी है। यह बीहड़ वाले बाबा की दरगाह के नाम से जानी जाती है और यहां नियमित रूप से उर्स व अन्य धार्मिक कार्यक्रम होते रहे हैं। यहां जो मुराद मांगी जाती है वो पूरी होती है। रफीक बोले– मजार पर हिंदू–मुस्लिम आते है दरगाह पर पहुंचे जायरीन मो. रफीक ने बताया– इस मजार पर लोगों की मुरादें पूरी होती हैं और यहां मुसलमानों के साथ साथ हिंदू समुदाय के लोग भी बड़ी संख्या में आते हैं। रास्ता बंद होने के कारण हम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अगर मजार टूटी तो अच्छा नहीं होगा शान मोहम्मद ने बताया– ये मजार बहुत पुरानी है। इसको तोड़ना ठीक नहीं है। मजार में बहुत शक्ति है, अगर से तोड़ा गया तो इसका परिणाम अच्छा नहीं होगा। जो कुछ होगा अपने आप होगा। कोई कुछ करेगा नहीं। डीएफओ विकास नायक ने बताया– केयरटेकर फजले इलाही ने मजार के दस्तावेज देने की बात कही थी। लेकिन तय समय सीमा तक कोई भी कागजात वन विभाग को नहीं मिले। इसके बाद विभाग ने मजार को प्रथम दृष्टया अवैध मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ---------------ये खबर भी पढ़ें अविमुक्तेश्वरानंद बोले-योगी 40 दिन में हिंदू होने का प्रमाण दें:गाय को गोमाता घोषित करें, वरना मानेंगे सिर्फ दिखावे के लिए गेरुआ पहना प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- मुझसे शंकराचार्य होने का प्रमाण पत्र मांगा गया। वह मैंने दे दिया। मेरे प्रमाण सच्चे थे, इसलिए उन्हें मानना पड़ा। अब प्रमाण मांगने का समय पीछे छूट गया। अब मुख्यमंत्री को अपने हिंदू होने का प्रमाण देना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें
यूजीसी नियमों के विरोध में इस्तीफा देकर सुर्खियां बटोरने वाले बरेली के पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट और पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अब एक नई और बड़ी जंग का एलान कर दिया है। यूजीसी मामले पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद, अग्निहोत्री ने अब एससी-एसटी एक्ट को देश के लिए 'ड्रेकोनियन लॉ' (काला कानून) करार देते हुए इसे खत्म करने की मांग की है। दैनिक भास्कर के साथ एक विशेष बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे और अब जनता के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। कुछ तस्वीरे अलंकार के प्रोटेस्ट से जुड़ी खास बातचीत: देश बचाना है तो SC-ST एक्ट हटाना होगासवाल: यूजीसी पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है, अब आपकी अगली रणनीति क्या होगी?जवाब: देखिए, यूजीसी पर तो रोक लग गई है, लेकिन अब हमारा ध्यान देश के सबसे बड़े 'ड्रेकोनियन लॉ' यानी एससी-एसटी एक्ट पर है। यह कानून पूरी तरह असंवैधानिक है। सुप्रीम कोर्ट ने भी पहले इस पर टिप्पणी की थी। अब हमारी मुहिम इस एक्ट को रिपील (रद्द) और एबॉलिश (खत्म) करने की होगी। हम इसके लिए जन-जागरण अभियान चलाएंगे और सरकार से निवेदन करेंगे कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इसे हटाया जाए। देश को अगर बचाना है तो एससी-एसटी एक्ट को हटाना होगा। सवाल: आपको ऐसा क्यों लगता है कि इस एक्ट को हटाना जरूरी है?जवाब: आंकड़े और हकीकत गवाह हैं। लगभग 95% मामलों में इस एक्ट का दुरुपयोग हो रहा है। इसके जरिए सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग के लोगों पर भारी अत्याचार किया जा रहा है। अगर देश की एकता और अखंडता को बचाना है, तो इस एक्ट को तुरंत हटाना ही एकमात्र रास्ता है। सवाल: जेएनयू में ब्राह्मणों और मनुवाद के खिलाफ नारेबाजी हुई है?जवाब: जेएनयू में जो कुछ हो रहा है वहां ब्राह्मणों के खिलाफ नारेबाजी हुई है, वो इसलिए हो रहा है क्योंकि एक वर्ग विशेष के नाम पर इतनी आज़ादी दे दी गई है, उनको स्पेशल राइट्स दिए गए है और इन्हीं स्पेशल राइट्स की वजह से इसका दुरुपयोग हो रहा है। सवाल: आपने 26 जनवरी को इस्तीफा दिया था, क्या शासन या किसी अधिकारी ने आपसे वापसी के लिए संपर्क किया?जवाब: नहीं, अब वापसी का कोई सवाल ही नहीं उठता। मेरा इस्तीफा फाइनल है। मुझे समझ आ गया है कि सिस्टम के भीतर रहकर काम नहीं हो रहा है। जब हमारे जनप्रतिनिधि अपना काम ठीक से नहीं कर पा रहे, तो अब हम जैसे लोगों को सिस्टम से बाहर आकर जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। सवाल: सोशल मीडिया पर आपकी 'विकल्प' वाली पोस्ट से कयास लग रहे हैं कि क्या आप नई राजनीतिक पार्टी बनाएंगे?जवाब: 'विकल्प' के कई मायने होते हैं। इसका मतलब यह है कि यदि वर्तमान जनप्रतिनिधि काम नहीं कर रहे, तो हमें एक ऐसी संस्थागत व्यवस्था (Institutional Arrangement) खड़ी करनी होगी जिससे उनकी कमियां पकड़ी जा सकें। चर्चा जारी है, लेकिन प्राथमिकता अभी एससी-एसटी एक्ट को वापस कराने की है। अगर सरकार इसे वापस लेती है तो फायदे में रहेगी, क्योंकि अब सामान्य और ओबीसी वर्ग जाग चुका है। सवाल: क्या आप समाजवादी पार्टी या किसी अन्य दल में शामिल होने जा रहे हैं?जवाब: एक अधिकारी के तौर पर हमारी बातचीत सभी दलों के जनप्रतिनिधियों से होती है, लेकिन फिलहाल मेरा किसी भी राजनीतिक दल में जाने का कोई इरादा नहीं है। सवाल: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मामले और प्रशासन की कार्रवाई पर आपका क्या स्टैंड है?जवाब: जब मैंने इस्तीफा दिया, तब यह विषय पुनः जागृत हुआ। मेरा मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि यदि प्रशासन से कोई गलती हुई है, तो नियमानुसार सुधार करें ताकि समाज में अच्छा संदेश जाए। सनातन संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं है। मैं जल्द ही समय लेकर शंकराचार्य से भी मिलने जाऊंगा। सवाल: आपको जनता से कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है?जवाब: लोगों का अपार प्यार मिल रहा है। कई लोगों की आंखों में आंसू थे, उन्होंने कहा कि आपने देश को बचा लिया। अगर हम इस चीज को दरकिनार करते तो ये देश बर्बादी के कगार पर होता। अब सामान्य वर्ग और ओबीसी वर्ग जाग चुका है और इस लड़ाई को हम मुकाम तक पहुंचाएंगे। जब हमारे जनप्रतिनिधि कलराज मिश्र ने खुद स्वीकार कर रहे हैं कि यूजीसी रेगुलेशन असंवैधानिक था, तो सवाल उठता है कि संसद में बैठे 543 सदस्यों ने इसे पास कैसे होने दिया? इस नैतिक जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए उन सभी को इस्तीफा दे देना चाहिए। सवाल: CJI ने यूजीसी को लेकर जो आदेश दिया, उसमें जो टिप्पणी की है उसको कैसे देखते है?जवाब: CJI ने कहा वो बहुत बड़ी बात कही, उन्होंने कहा कि आप देश को बांटने के लिए यूजीसी लाए, आप देश को कितना बांटेंगे। अलग अलग सभी वर्गों के लिए हॉस्टल बना रहे है। यही तो दिक्कत हो रही है। एससी-एसटी एक्ट में इतने राइट्स दे दिए कि उसका मिसयूज हो रहा है। इसलिए पूरा देश और जो एससी-एसटी एक्ट की वजह से समाज में इतना विभाजन हो रखा है। इसी वजह से लोग एक दूसरे से इंटरेक्ट नहीं करना चाहते है। लोगों को डर लगता है कि कही कोई फर्जी एससी-एसटी एक्ट न लगा दे। अब पूरा देश जग गया है। अगर इस कानून को खत्म नहीं किया गया तो देशभर में प्रदर्शन होंगे। अलंकार अग्निहोत्री के इस कड़े रुख ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। अब देखना यह है कि उनका 'जन-जागरण अभियान' क्या मोड़ लेता है।
रील के चक्कर में गई जान:बरेली में निर्माणाधीन पुल की दीवार के नीचे दबा युवक, मौके पर ही मौत
सोशल मीडिया पर 'फेमस' होने का जुनून एक बार फिर मातम में बदल गया। बरेली के नवाबगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम रील बनाने के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ। बरेली-सितारगंज हाईवे पर निर्माणाधीन पुल की भारी-भरकम सपोर्ट वाल गिरने से 22 साल के युवक की दबकर मौत हो गई। मंजर इतना खौफनाक था कि युवक को निकालने के लिए हाइड्रा मशीन बुलानी पड़ी। इस हादसे से जुड़ी देखे कुछ तस्वीरें …. दोस्त बना रहा था वीडियो, सपोर्ट वाल बनी कालरिछोला किफायतुल्ला निवासी मोहम्मद फैजान (22) पेशे से नाई था। शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे वह अपने दोस्त अनुज गंगवार के साथ सिजौलिया गांव के पास बन रहे पुल पर रील बनाने गया था। अनुज मोबाइल से फैजान का वीडियो शूट कर रहा था। फैजान पुल के किनारे रखी एक ऊंची सपोर्ट वाल पर चढ़कर पोज दे रहा था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ा। वह नीचे खेत में गिरा और उसके साथ ही भारी सीमेंटेड दीवार उसके ऊपर आ गिरी। हाइड्रा से हटाई गई दीवार, तब तक थम चुकी थीं सांसेंहादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग और निर्माण कार्य में लगे मजदूर दौड़ पड़े। भारी दीवार को हाथों से हटाना मुमकिन नहीं था, इसलिए तुरंत हाईवे निर्माण कंपनी की हाइड्रा मशीन बुलाई गई। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद मलबे को हटाया गया, लेकिन तब तक फैजान की मौत हो चुकी थी। घर का पांचवां लाडला था फैजान, परिवार में कोहरामफैजान अपने भाई-बहनों में पांचवें नंबर पर था। जवान बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। परिजन बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे और बिना पुलिस को सूचना दिए ही शव लेकर घर चले गए। हालांकि, बाद में सूचना मिलने पर कस्बा चौकी इंचार्ज सुनील कुमार ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। रील बनाने वालों के लिए सबक
नमस्कार, कानपुर में कल (शुक्रवार) की बड़ी खबरें… ड्रोन के जरिए रेकी कर चोरी करने वाले 3 भाइयों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया। चोरी के पैसे से आरोपियों ने लग्जरी कार और 70 लाख रुपए की 2 प्रापर्टी खरीदी। वहीं युवक ने वीडियो बनाकर सुसाइड कर लिया। उसने कहा कि मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है। मगर मैं धर्म के रास्ते पर रहूंगा। वहीं जहां-जहां सड़क धंसी है, उन क्षेत्रों का मेयर प्रमिला पांडेय ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के जमाने का डाट नाला है। इसलिए ये धंस गया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें 1. कानपुर में आसरा आवास आवंटन से पहले ही बदहाल:CDO भी देखकर दंग रह गईं, सीलन और जर्जर मिले आवास; सीवर लाइन भी चोक कानपुर के घाटमपुर में शुक्रवार दोपहर CDO दीक्षा जैन ने आसरा आवास योजना के तहत बनाए गए भवनों का निरीक्षण करने पहुंची। इस दौरान वह आवास की हालत देखकर दंग रह गईं, आवांटन से पहले ही भवन जर्जर और सीलन होने के साथ ही बदहाल हो गए हैं। उन्होंने इसे गंभीरता से देखते हुए निर्माण करने वाली संस्था के अफसरों को फटकार लगाई है। सबसे पहले तो जिस 86 मकानों में लोग रहते हैं। उनकी मरम्मत करने का आदेश दिया है। इस योजना के तहत कुल 840 मकान बनाए गए थे। इसमें से सिर्फ अभी तक 86 मकानों का ही एलॉटमेंट हो सका है। बाकी अन्य एलॉट होने से पहले ही जर्जर हो गए हैं। पढ़ें पूरी खबर 2. कानपुर में युवक के सुसाइड का VIDEO:बोला- जबरन धर्म परिवर्तन हो रहा, इसलिए जान दे रहा; फिर फांसी लगा ली ‘मैं दीपक सिंह गौर… मेरा धर्म परिवर्तन किया जा रहा है, लेकिन मैं धर्म के रास्ते रहूंगा, जिस तक भी ये वीडियो पहुंचे, वो ध्यान दें कि भारत में गांजा बंद हो और नारी का सम्मान हो। बस मैं इतना ही चाहता हूं। माफ करना, जिससे भी मैं मिला था। मैंने गलतियां की। मैं खुद फांसी लगाने जा रहा हूं। धर्म परिवर्तन पूरे भारत में हो रहा है।’ ये कहते हुए VIDEO बनाकर पनकी के रतनपुर इलाके में रहने वाले रोहित सिंह (23) ने फांसी लगाकर जान दे दी। गुरुवार शाम पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन उसका शव लेकर घर पहुंचे। शुक्रवार सुबह सड़क पर शव रखकर परिजनों ने हंगामा किया। पढ़ें पूरी खबर 3. कानपुर में 150 साल पुराने नाले धंस रहे:500 मीटर में 3 सड़कें धंसने के बाद पहुंचीं मेयर, बोलीं- ये अग्रेजों के जमाने के नाले हैं कानपुर में रामबाग गुरुद्वारा, बृहम नगर चौराहा और ईदगाह चौराहे के पास सड़क धंसी है। ईदगाह चौराहा के सामने 7 मकानों को खाली करके रैन बसेरों में रहने के लिए नगर निगम प्रशासन ने नोटिस लगाए हैं। इसके बाद आज कानपुर की मेयर प्रमिला पांडेय ने निरीक्षण किया। मेयर प्रमिला पांडेय ईदगाह चौराहे पर धंसे डाट नाले का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए पहुंची। जहां उन्होंने कहा- ये डाट नाला अंग्रेजों के जमाने का डाट नाला है। आपने देखा होगा अभी कई नाले बैठे है। चूंकि जब ये गिर जाता है, तो उसको बनाने में महीनों लग जाते है। क्योंकि यहां पर जीतने लोग घर बनाए है, इन लोगो को भी पहले बताना पड़ता है। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर के ड्रोन चोर, 4 महीने में 40 चोरियां कीं:लग्जरी कार और 70 लाख की प्रॉपर्टी खरीदी, ड्रोन उड़ाकर करते थे रेकी कानपुर पुलिस ने चोरी करने वाले 3 भाइयों को अरेस्ट किया है। ये तीनों भाई रात में ड्रोन उड़ाकर रेकी करते थे। फिर मकान में चोरी करते। तीनों भाइयों ने कानपुर और कन्नौज जिलों में 4 महीने में करीब 40 चोरियां कीं। चोरी की रकम से एक लग्जरी कार खरीदी। 70 लाख रुपए की 2 प्रापर्टी खरीदी व एक मकान का निर्माण कराया। जबकि जेवर एक ज्वेलर्स को बेच दिए। अरेस्ट किए गए आरोपियों दो सगे भाई हैं। जबकि तीसरा फुफेरा भाई है। इनके पास से स्मार्ट वॉच, कान के झुमके, चांदी के सिक्के, सोने के कड़े, अंगूठी, लॉकेट, 176 नेपाली सिक्के, ड्रोन कैमरा, कटिंग प्लायर, गैस सिलेंडर मिला है। बिठूर थाने की पुलिस ज्वेलर्स की तलाश में दबिश दे रही है। पढ़ें पूरी खबर 5. कानपुर में पूर्व और वर्तमान विधायक आमने-सामने:BJP नेता बोले- हारा फिर भी काम करता हूं, सपा MLA बोले-उन्हें कोई सीरियस नहीं लेता कानपुर में विकास कार्य को लेकर सपा विधायक और भाजपा के पूर्व विधायक आमने-सामने आ गए हैं। BJP के पूर्व विधायक का कहना है कि विधानसभा में जो भी काम हुए हैं, वह सभी मैंने पत्र लिखकर करवाए हैं। सड़कें बनवाई हैं। वहीं सपा विधायक ने कहा कि भाजपा नेता ने अगर काम कराया होता तो चुनाव में नहीं हारते। जनता उन्हें वोट करती। उन्होंने कोई काम नहीं करवाया। इसीलिए तो 2 बार से हार रहे हैं। विकास के मुद्दे को लेकर बीजेपी विधायक ने सबसे पहले सोशल मीडिया पर लेटर पोस्ट किया। लिखा कि उनके द्वारा सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृती के बाद शुरू हुए। पढ़ें पूरी खबर 6. कानपुर में 3 दिन बारिश का अलर्ट:सुबह कोहरा छाया, ठंडी हवा ने बढ़ाई गलन; राजधानी समेत 20 ट्रेनें लेट कानपुर में एक बार फिर मौसम बदला है। शुक्रवार सुबह भी कहीं घना तो कहीं हल्का कोहरा रहा। ठंडी हवा चलने के कारण गलन रही। 31 जनवरी से 3 दिन बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने वेस्टर्न डिस्टरबेंस (डब्ल्यूडी) के निकलने के बाद हाई क्लाउड और कोहरा बन रहा है। इसके कारण धूप नरम है और बीच-बीच में बादल छा रहे हैं। यह स्थितियां आने वाले 24 घंटों तक रहेगा। वहीं 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में 2.6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। पढ़ें पूरी खबर 7. कानपुर में सड़क 24 घंटे में बनी…और उखड़ भी गई:साइकिल के ब्रेक मारने पर गिटि्टयां उखड़ीं, पैरों से रगड़ा तो गड्ढे हुए; VIDEO देखिए कानपुर में घाटमपुर तहसील के झंडापुर गांव में 400 मीटर सड़क में घोटाला हुआ है। 24 घंटे में बनी ये सड़क 24 घंटे में ही उखड़ गई। ग्रामीणों ने दिखाया कि साइकिल के ब्रेक मारते ही सड़क की गिटि्टयां उखड़ कर फैल गईं। ग्रामीणों से पैर से रगड़ा तो गड्ढे हो गए। गांव वालों ने विरोध किया, लेकिन ठेकेदार ने काम पूरा कर मशीनें समेटी और मौके से निकल गया। अब ग्रामीणों ने सीएम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है और डीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत करने की तैयारी में हैं। भास्कर रिपोर्टर ने मौके पर पहुंचकर सड़क की स्थिति देखी तो ग्रामीणों ने ये सब करके दिखाया। पढ़ें पूरी खबर 8. DJ का शोर, डांस का जोश… और थमती धड़कन:डीजे की धमक बन रही ‘साइलेंट किलर’, नाचते-खेलते युवाओं की अचानक मौत से चिंता आजकल शादियों, पार्टियों और त्योहारों का मतलब तेज डीजे और घंटों तक थिरकना हो गया है। लेकिन जिस संगीत की तेज धमक पर लोग झूमते हैं, वही धमक दिल की धड़कन के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। हाल के दिनों में सामने आई कुछ घटनाओं ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या तेज आवाज और अचानक शारीरिक तनाव युवाओं की जान ले रहे हैं? बरेली के एक होटल में जन्मदिन की पार्टी के दौरान आईवीआरआई में कार्यरत तकनीकी सहायक प्रभात कुमार पूरे जोश में डांस कर रहे थे। महज सवा मिनट तक थिरकने के बाद जैसे ही वह एक स्टेप के लिए नीचे झुके। पढ़ें पूरी खबर 9. 'गोलू सर्जिकल ब्लेड से मेरा गला काटना चाहता था':धमकाया- दूसरे से शादी की तो मार डालूंगा, कानपुर में चेहरे-कलाई पर 13 वार किए 'मेरी शादी तय होने से गोलू बौखला गया था। सर्जिकल ब्लेड से वह मेरा गला काटना चाहता था। जैसे ही उसने वार किया, मैं पीछे हट गई। ब्लेड से मेरा गाल कट गया। इसके बाद उसने मेरे बाल पकड़कर खींच लिए। गर्दन पर ब्लेड मारनी चाही। लेकिन मैंने अपना हाथ लगा लिया। जिससे मेरे हाथ पर गहरे घाव हो गए। वह मुझसे कहता था कि मुझसे बात करो। वरना मैं अपनी जान दे दूंगा। वह 25 दिनों से मुझे ब्लैकमेल कर रहा था।' ये कहना है नजीराबाद थानाक्षेत्र के भदौरिया चौराहा इलाके में रहने वाली 24 वर्षीय लड़की का। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे वह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंची। उसके चेहरे और हाथों में 20 से अधिक टांके लगे हैं। पढ़ें पूरी खबर 10. CSJMU और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड के बीच 'जी-चेतन' MoU:अब यूनिवर्सिटी के छात्र बनाएंगे सेंसर वाले पैराशूट छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) ने रक्षा उत्पादन और अनुसंधान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए शुक्रवार को एक ऐतिहासिक समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत जी-चेतन (इन्विसेज्ड एंड स्ट्रक्चर्ड इंडस्ट्री एकेडेमिया प्लेटफॉर्म) नामक एक विशेष डिफेंस हब विकसित किया जाएगा। यह पहल न केवल औद्योगिक अनुभव और किताबी ज्ञान के बीच की दूरी को पाटने का काम करेगी, बल्कि भारत की रक्षा विनिर्माण क्षमताओं को भी वैश्विक स्तर पर मजबूती प्रदान करेगी। पढ़ें पूरी खबर
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
विधि विभाग के छात्रों ने पांच स्कूलों में दिया सुरक्षित यातायात का संदेश
भास्कर संवाददाता | सागर सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शहर में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के विधि विभाग के छात्रों ने आदिनाथ कार्स प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से शहर के विभिन्न स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता सत्र आयोजित किए। अभियान के तहत इमानुअल इंग्लिश मीडियम स्कूल, किड्स एकेडमी स्कूल, एक्सीलेंस स्कूल, कैम्ब्रिज हाइट्स स्कूल और वात्सल्य स्कूल के विद्यार्थियों को यातायात नियमों एवं सुरक्षित सड़क व्यवहार की जानकारी दी गई। छात्रों को बताया गया कि नियमों का पालन न करने से दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। आदिनाथ कार्स प्राइवेट लिमिटेड की प्रबंध निदेशक आकांक्षा मलैया ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि नागरिक यातायात नियमों को गंभीरता से अपनाएं तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को कम उम्र से ही सड़क सुरक्षा के प्रति सजग बनाना बेहद जरूरी है, ताकि वे स्वयं नियमों का पालन करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित कर सकें। विधि विभाग के हेड मंगल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विधि विभाग के छात्रों ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से हेलमेट और सीट बेल्ट के अनिवार्य उपयोग, गति सीमा का पालन, नशे की हालत में वाहन न चलाने, मोबाइल फोन के प्रयोग से बचने और यातायात संकेतों के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया और नियमों के पालन का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समन्वयक दीपक वर्मा एवं सौमित्र सरकार की भूमिका सराहनीय रही। विधि विभाग के रजनीश, ऋषभ कुमार, पंखुड़ी शर्मा, वैष्णव शरण शर्मा, कृष्ण मुरारी शुक्ला आदि मौजूद रहे।
गुरु हर राय साहिब का प्रकाश पर्व आज, गुरुद्वारा में अखंड पाठ होगा
सागर| श्री गुरु सिंह सभा गुरुद्वारा भगवानगंज में शनिवार को गुरु हर राय साहिब जी का प्रकाश गुरुपर्व श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ मनाया जाएगा। श्री गुरु सिंह सभा के प्रधान सतेंदर सिंह होरा ने बताया कि श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति सुबह 8:30 बजे होगी। इसके बाद सुबह 9 बजे से 11:15 बजे तक कीर्तन दरबार सजाया जाएगा। 11:15 बजे श्री आनंद साहिब का पाठ होगा, जिसके बाद 11:20 बजे अरदास एवं हुकमनामा साहिब का पाठ संपन्न होगा। इसके बाद गजेंद्र राजपूत की ओर से गुरु का अटूट लंगर वितरित किया जाएगा।
माता-पिता बच्चों को भक्ति व सदाचार से जोड़ें
भास्कर संवाददाता | सागर श्रीदेव भूतेश्वर मंदिर के पास संत रविदास वार्ड में चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को कथा स्थल श्रद्धा और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। कथा व्यास पं. रामकुमार शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण और प्रेरक वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। कथा के दौरान पं. शास्त्री ने माखन चोरी, पूतना वध, कालिया नाग दमन और यशोदा माता के वात्सल्य भाव का सुंदर प्रसंग सुनाया। कथा व्यास ने कहा कि आज के समय में बच्चों को संस्कार, सत्य और करुणा की शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। माता-पिता को चाहिए कि वे अपने बच्चों को भक्ति, सेवा और सदाचार से जोड़ें, जिससे एक सशक्त और संस्कारित समाज का निर्माण हो सके।
नशा मुक्ति रैली निकाली, बच्चों को दिलाई नशा न करने की शपथ
सागर| अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में नशा मुक्ति व मूल्य संवर्धन आंदोलन के अंतर्गत शुक्रवार को मद्यपान निषेध दिवस पर नशा मुक्ति को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर गायत्री परिवार, विभिन्न प्रकोष्ठों एवं महिला मंडल के सहयोग से नशा मुक्ति रैली निकाली गई। रैली में लाइब्रेरी से जुड़े बच्चों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। रैली गोपालगंज झंडा चौक से प्रारंभ होकर श्रीराम नगर होते हुए गायत्री शक्तिपीठ पर संपन्न हुई। हाथों में नशा मुक्ति के संदेश लिखी तख्तियां लेकर प्रतिभागियों ने “नशा न करना भाई” जैसे जागरूकता गीतों और नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से आमजन को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष तनुज पांडे ने सभी को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। साथ ही बच्चों के लिए नशे के खिलाफ विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आरडी शर्मा, योगेश गुप्ता, रामकुमार चौरसिया, अशोक सिंह, लखन पटेल, कमलेश रैकवार, नरेंद्र नामदेव, रामजी गुप्ता, हीरामणि विश्वकर्मा, श्याम नामदेव आदि उपस्थित थे।
श्रीमद्भागवत कथा सामाजिक समरसता सिखाती है : साहू
सागर| भीतर बाजार में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पावन आयोजन में श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। कथा का आयोजन अरविंद साहू, प्रहलाद साहू, राकेश साहू एवं मुकेश साहू द्वारा किया जा रहा है। कथा का वाचन कृष्ण शास्त्री महाराज के मुखारविंद से किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सहभागी बन रहे हैं। शुक्रवार को कथा के दौरान रूपकुमार साहू, विजय साहू, मनोहर साहू, अखिलेश चूना, गन्नू केसरवानी, राम केसरवानी, लकी केसरवानी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण एवं श्रीमद्भागवत जी पर पुष्प अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा में मनोहर साहू ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों के माध्यम से सदाचार, आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता और सेवा भाव का संदेश मिलता है। उन्होंने कहा कि समाज को भक्ति के साथ-साथ मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है।
विद्यालय में करियर मेले के तहत विशेषज्ञों ने छात्रों को दिया मार्गदर्शन
सागर | शासकीय विद्यालय सानौधा में 27 जनवरी से पांच दिवसीय कैरियर मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शुक्रवार को मुख्य अतिथि सीएमएचओ ममता तिमोरी, विशिष्ट अतिथि भरत सिंह ठाकुर एवं थाना प्रभारी सानौधा द्वारा छात्रों को कैरियर के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिवार मौजूद रहा। आभार प्राचार्या मंजू सिसोदिया ने माना।
एमपीआरडीसी ने 15 दिन में ट्रैफिक सर्वे नहीं किया, किसानों ने घेरा कलेक्टोरेट
एमपीआरडीसी के स्थानीय अफसरों के सुस्त रवैये के कारण शुक्रवार को कलेक्टोरेट में 3 घंटे हंगामा चला। मुख्यालय भोपाल के अफसरों के एक सप्ताह में फिर से ट्रैफिक सर्वे करने के निर्देश भी यहां के अधिकारियों ने हवा में उड़ा दिए। 15 दिन बाद भी सर्वे रिपोर्ट सामने नहीं आई तो प्रभावित गांव के किसानों ने कलेक्टर कार्यालय का घेराव कर लिया। बाइक रैली से उज्जैन पहुंचे उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड एक्सिस कंट्रोल रोड प्रभावित 50 गांव के किसानों ने प्रशासन को असहमति पत्र भी सौंप दिया। कलेक्टर के नाम से संबोधित ज्ञापन किसानों ने एसडीएम पवन बारिया को सौंपते हुए उन्हें आगाह किया। दोपहर 3.30 बजे कलेक्टोरेट पहुंचे किसान 6 बजे तक प्रदर्शन करते रहे। एक सप्ताह में सर्वे कराने के 16 को दिए थे निर्देश किसानों ने 15 दिन पहले 16 जनवरी को एमपीआरडीसी मुख्यालय भोपाल का घेराव किया। इस पर मुख्यालय के अफसरों ने उसी दिन उज्जैन-जावरा रूट का फिर से ट्रैफिक सर्वे के निर्देश दिए। यह काम एक सप्ताह में हो जाना था, लेकिन स्थानीय अधिकारियों ने शुक्रवार 30 जनवरी तक सर्वे रिपोर्ट नहीं बनाई। शुरुआती दौर में भी किसानों की मांगें ही कई दिनों तक मुख्यालय स्तर तक नहीं पहुंचाई गई। स्थानीय अधिकारियों के इस रवैये से ग्रामीणों को आक्रोश बढ़ता जा रहा है। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक विजय सिंह तो खुद को इतना व्यस्त होने का दिखावा करते हैं कि उन्हें बात करने तक की फुर्सत नहीं हो। पूछने पर सिंह ने सिर्फ इतना बताया कि अभी सर्वे रिपोर्ट हमें ही नहीं मिली।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़ी रही। उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से हिंदू होने का सबूत मांगा है। दूसरी बड़ी खबर UP में मंत्री से भिड़े बीजेपी विधायक को लेकर है। ⏰ आज का प्रमुख इवेंट्स, जिस पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- योगी 40 दिन में हिंदू होने का प्रमाण दें, गाय को गोमाता घोषित करें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने यूपी के CM योगी से हिंदू होने का सबूत मांगा है। उन्होंने योगी से कहा, 'हम आपको 40 दिन का समय दे रहे हैं। अगर आप सच में हिंदू हैं तो गो-माता को राज्य माता घोषित करें। यूपी से गोमांस का निर्यात बंद करें। अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो समझा जाएगा कि आप नकली हिंदू, कालनेमि, पाखंडी और ढोंगी हैं। सिर्फ दिखावे के लिए आपने गेरुआ वस्त्र धारण किया है।' अब नकली हिंदुओं का पर्दाफाश होगा: अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि 10 और 11 मार्च को लखनऊ में सभी संत इकट्ठे होंगे। वहां तय किया जाएगा कि कौन असली हिंदू है और कौन नकली हिंदू है। पढ़ें पूरी खबर... 2. अजित पवार की पत्नी का महाराष्ट्र की डिप्टी CM बनना तय, आज शाम 5 बजे शपथ संभव अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम का बनना तय है। सूत्रों के मुताबिक आज शाम 5 बजे वो अपने पद की शपथ ले सकती हैं। अजित की प्लेन क्रैश में मौत के बाद उपमुख्यमंत्री पद खाली हो गया था। अजित के पास वित्त, आबकारी और खेल विभाग का पद भी था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीएम फडणवीस अपने पास वित्त मंत्रालय रख सकते हैं। प्लेन क्रैश में पवार का निधन: अजित पवार का बुधवार को निधन हो गया था। वे एक जनसभा करने जा रहे थे, तभी बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया। वे 66 साल के थे। हादसे में पवार के सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की जान गई थी। पढ़ें पूरी खबर… 3. मंत्री स्वतंत्र देव का BJP विधायक ने रास्ता रोका, काफिले के आगे 50 गाड़ियां लगाईं, धक्का-मुक्की-बवाल UP के महोबा में भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत और कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आपस में भिड़ गए। मंत्री एक कार्यक्रम से लौट रहे थे। शुक्रवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे विधायक ने 100 ग्राम प्रधानों के साथ मिलकर उनका रास्ता रोक लिया। 30 कार और 20 बाइकें मंत्री के काफिले के सामने खड़ी कर दी। चरखारी विधायक ने मंत्री से अपनी विधानसभा के 100 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई। कहने लगे कि जिले के 90 प्रतिशत गांवों के लोग मुझसे पूछते हैं। मैं क्या जवाब दूं? इस पर विधायक के समर्थकों और सीओ सदर और कोतवाल से झड़प हो गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. सुप्रीम कोर्ट बोला- स्कूलों में लड़कियों को फ्री सैनेटरी पैड मिले, आदेश न मानने पर स्कूल की मान्यता रद्द होगी सुप्रीम कोर्ट ने देश के सभी स्कूलों को फ्री में सैनेटरी पैड देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि हर स्कूल में लड़कियों को फ्री में सैनेटरी पैड बांटना अनिवार्य होगा। लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाने होंगे। जो स्कूल ऐसा नहीं करेंगे, उनकी मान्यता रद्द कर दी जाएगी। डिसेबल फ्रेंडली टॉयलेट भी बनें: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि हर स्कूल में दिव्यांगों के अनुकूल (डिसेबल फ्रेंडली) टॉयलेट बनाए जाएं। दरअसल, सोशल वर्कर जया ठाकुर ने 2022 में एक जनहित याचिका लगाई थी। उनकी मांग थी कि मेन्स्ट्रुयल हाइजीन पॉलिसी को पूरे देश में लागू किया जाए। पढ़ें पूरी खबर… 5. बद्रीनाथ-केदारनाथ में मोबाइल बैन करने की तैयार, गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लग सकती है बद्रीनाथ के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे; केदारनाथ के कपाट कब खुलेंगे ये महाशिवरात्री (15 फरवरी) को तय होगा। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में मोबाइल बैन करने की तैयारी चल रही है। परिसर में अगर कोई श्रद्धालु फोन लेकर घूमता है, तो उसके मोबाइल को जब्त कर लिया जाएगा। उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। ब्लॉगिंग करने वालों पर कार्रवाई होगी: यह बैन उन लोगों की वजह से लगाया जा रहा है, जो मंदिर परिसर में ब्लॉगिंग और वीडियो बनाते हैं। समिति का कहना है कि देश के कई बड़े मंदिरों में पहले से ऐसे नियम हैं। अब केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में भी अपने अलग नियम लागू किए जाएंगे। इसके अलावा मंदिर ट्रस्ट गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक लगाने की भी तैयारी कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर... 6. चांदी 1 लाख रुपए सस्ती होकर ₹2.91 लाख पहुंची, सोना भी ₹20 हजार सस्ता हुआ चांदी और सोने के भाव में भारी गिरावट देखने को मिली है। MCX पर चांदी 1,07,971 (-27.00%) रुपए गिरकर 2,91,922 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 20,328 (-12.00%) रुपए सस्ता होकर 1,49,075 रुपए पर आ गया है। भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, भारतीय परिवारों के पास करीब 34,600 टन सोना है, जिसकी कीमत लगभग ₹450 लाख करोड़ बैठती है। यह भारत की ₹370 लाख करोड़ GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने से इसकी वैल्यू तेजी से बढ़ी है। पढ़ें पूरी खबर... 7. दावा- बिल गेट्स को यौन बीमारी हुई थी, पूर्व पत्नी मेलिंडा के लिए दवाएं मांगी थीं अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने एपस्टीन सेक्स स्कैंडल की 30 लाख नई फाइल्स जारी की हैं। इनमें ईमेल सामने आए हैं, जिनमें एपस्टीन ने दावा किया कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स को रूसी लड़कियों के साथ संबंधों के बाद यौन बीमारी (सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज, STD) हुई थी। उन्होंने एपस्टीन से एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थी, ताकि वह ये दवाएं पूर्व पत्नी मेलिंडा गेट्स को दे सकें। बिल गेट्स एपस्टीन से संबंधों पर पछतावा: बिल गेट्स पहले ही कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन से संबंध रखने पर पछतावा है। गेट्स का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक 2011 से 2013 के बीच वे उससे कई बार मिले, उसके न्यूयॉर्क घर गए और उसके निजी विमान से भी यात्रा की थी। पढ़ें पूरी खबर… आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके… हार्ट अटैक से पहले अलर्ट करेगी ये चिप दिल्ली के मिरांडा हाउस कॉलेज ने DRDO के साथ मिलकर एक ऐसी चिप बनाई है, जो सैनिकों को हार्ट अटैक की वॉर्निंग देगी। चिप का नाम BioFET है। ये जीरो टेंपरेचर में ड्यूटी कर रहे सैनिकों के लिए मददगार होगी, जहां ब्लड क्लॉट होने का खतरा ज्यादा रहता है। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
महाराजवाड़ा स्कूल की बसें दूसरे दिन भी नहीं चली, विद्यार्थी हो रहे परेशान
सांदीपनि शासकीय उमावि महाराजवाड़ा क्रमांक-3 की 8 बसें दूसरे दिन शुक्रवार को भी नहीं चली। इसकी वजह से अब विद्यार्थियों और उनके पालकों को परेशान होना पड़ रहा है। लाखों रुपए के बिल बकाया होने के कारण सर्विस प्रोवाइडर समाया स्कूल बस ट्रांसपोर्टेशन लिमिटेड ने महाराजवाड़ा क्रमांक-3 स्कूल की 8 बसों का संचालन गुरुवार से बंद कर दिया है। समाया स्कूल बस ट्रांसपोर्टेशन के अधिकारियों का कहना है कि जून 2025 से बसों के बिल बकाया थे। कुल 8 बसों में से केवल 5 बस के बिल पर प्राचार्य शिवसिंह अहिरवार ने साइन किए हैं। शुक्रवार को भी महाराजवाड़ा क्रमांक-3 स्कूल की बसें नहीं चली। सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि शनिवार को भी महाराजवाड़ा क्रमांक-3 स्कूल की बसें नहीं चलाई जाएंगी।
उज्जैन | मावठा गिरने, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवा के बाद अब दिन के तापमान में बढ़ोतरी होने लगी है। चौबीस घंटे में दिन का पारा 5 डिग्री चढ़ गया है हालांकि रात के तापमान में एक डिग्री की गिरावट भी दर्ज की गई है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री रहा जो कि गुरुवार के अधिकतम तापमान 23 डिग्री से 5 डिग्री ज्यादा है। न्यूनतम तापमान 11 डिग्री रहा जो कि गुरुवार के न्यूनतम तापमान 12 डिग्री से एक डिग्री कम रहा।
विवि में 2 से शुरू हो सकती है एक सत्र में दूसरी प्रवेश प्रक्रिया
सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र में दूसरी प्रवेश प्रक्रिया की शुरुआत 2 फरवरी से हो सकती है। इसमें प्रवेश से वंचित रहे विद्यार्थियों को एडमिशन प्राप्त करने का अवसर मिल सकेगा। विद्यार्थी प्रवेश से वंचित न रहे, इसलिए एक शैक्षणिक सत्र में दो बार प्रवेश प्रक्रिया आयोजित करने का निर्णय पहले ही हो चुका है। ऐसा पहली बार हो रहा है, जब एक सत्र में दो बार प्रवेश प्रक्रिया होगी। प्रदेश के परंपरागत विश्वविद्यालयों में से सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय इसे शुरू करने वाला पहला विश्वविद्यालय बनेगा। पहले चरण में इसे विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं के लिए लागू किया जाएगा। यानी दूसरी प्रवेश प्रक्रिया में विद्यार्थी केवल विश्वविद्यालय की अध्ययनशालाओं में रिक्त सीटों पर प्रवेश ले सकेंगे। उन्हें एडमिशन लेने के लिए मई-जून तक का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। संभवत: 2 फरवरी को अधिसूचना जारी की जा सकती है। इसमें विद्यार्थियों को एक सप्ताह का समय अध्ययनशाला में रिक्त सीटों पर प्रवेश लेने के लिए दिया जा सकता है। कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बताया एक सत्र में दूसरी प्रवेश प्रक्रिया का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। इसके साथ ही ऑनलाइन लिंक को भी खोल दिया जाएगा।
अयोध्या में गैंगरेप मामले में मोईद खान को कोर्ट ने बरी कर दिया। उसके नौकर राजू को आरोपी माना। इस फैसले का आधार DNA रिपोर्ट बनी। इस फैसले के खिलाफ यूपी सरकार अब हाईकोर्ट जाएगी। मोईद को बरी करने के फैसले को चुनौती देगी। मोईद अभी जेल में है, उसके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का एक और केस है। अयोध्या में मोईद के बेटे जहीर खान भी हाईकोर्ट में मजबूत पैरवी की तैयारी कर रहे हैं। इसकी 2 वजह हैं- मोईद को बरी करने के फैसले के बाद दैनिक भास्कर ने उनके परिवार से संपर्क किया। जानने का प्रयास किया कि रेप के आरोप लगने और फिर अब बरी होने के सफर में क्या मुश्किलें आईं? क्या उन्हें लगता है कि पुराना मान सम्मान वापस मिल सकेगा? पढ़िए रिपोर्ट… अयोध्या से सिर्फ 20 Km दूर भदरसा में भरत कुंड रोड पर मोईद खान का काम्पलेक्स था। इसमें 50 दुकान थीं। इस कॉम्पलेक्स से सिर्फ 50 मीटर की दूरी पर एक 3 हजार स्क्वायर मीटर एरिया में बेकरी थी। वो मोईद खान चलाता था, यही वो जगह थी, जहां पर रेप करने की बात कही गई। आरोप लगने के बाद पुलिस ने 2 बड़े एक्शन लिए थे। पहला- मोईद और राजू के खिलाफ FIR लिखी थी। दूसरा- उसकी बेकरी और कॉम्पलेक्स पर बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया था। दैनिक भास्कर की टीम उस स्पॉट पर पहुंची, जहां 3 अगस्त, 2024 को बुलडोजर एक्शन हुआ था। A-1 बेकरी शॉप के मलबे को देखते हुए हमें मोईद के बेटे जहीर खान मिले। यहां सवाल-जवाब का सिलसिला शुरू हुआ। पढ़िए मोईद का परिवार क्या सोचता है… सवाल : आपके परिवार में कौन-कौन है, कोर्ट के फैसले के बाद क्या माहौल है?जवाब : हम 4 भाई हैं। मेरे अलावा, नदीम, माफिश, जावेद। जावेद को छोड़कर बाकी लोगों की शादी हो चुकी है। 3 बहन हैं, सबकी शादियां हो चुकी हैं। कोर्ट के फैसले के बाद भी लोगों को यकीन दिलाना पड़ता है कि हमारे वालिद ने कुछ नहीं किया था। नजर तो आज भी सवाल पूछती हैं। सवाल : पीड़ित परिवार कह रहा है कि मोईद को सपा सांसद बचा रहे, क्या कहेंगे?जवाब : सांसद अवधेश प्रसाद से तो आज तक हम लोग मिले ही नहीं। ये लोग जो बता रहे हैं, अगर मेरी कोई तस्वीर हो तो दिखा दें। सवाल : इस केस के बाद क्या कभी अखिलेश ने आपसे बात की?जवाब : अखिलेश बहुत बड़े हैं, यहां का कोई लोकल नेता भी मिलने नहीं आया। सवाल : कोर्ट ने मोईद खान को बरी किया है, क्या कहेंगे?जवाब : हम कोर्ट का धन्यवाद करेंगे। DNA रिपोर्ट से सारी बातें साफ हो गईं। कोर्ट को भी पता चला गया कि 72 साल का आदमी निर्दोष है। सवाल : पीड़ित परिवार कह रहा है कि मोईद खान से उन्हें खतरा है? जवाब : ये बात तो चाची (पीड़िता की मां) ही बता सकती हैं कि उन्हें किस तरह का डर है। हमसे डर है या किसी और से डर है...। क्योंकि हमसे कभी कोई इस तरह की बात ही नहीं हुई है। ऐसा वो क्यों कह रही है, ये वहीं बता सकती हैं। सवाल : क्या इस रेपकांड को सियासी रूप दिया गया?जवाब : ये तो सबको पता है, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यहां के लोकल नेताओं ने कैसे गलत फीडबैक दिया। क्योंकि पहली FIR में मेरे पिताजी का नाम नहीं था। दूसरी FIR में मेरे पिताजी का नाम किसने डलवाया। पूर्व पार्षद या वो नेता जो चेयरमैन का चुनाव लड़े थे, किसने डलवाया। हमारे पिताजी का इसमें कोई रोल नहीं था। हां, वो लड़के का था, तो उसके लिए हम लोग भी तैयार थे कि जो भी सजा होगी, वो तो भुगतनी ही होगी। सवाल : जब रेप के आरोप लगे, तो आपके पिताजी की क्या हालत थी?जवाब : वो तो रोते रहते थे, मुंह में छाले हो गए थे। बहुत ज्यादा परेशान रहते थे, जेल की हाई सिक्योरिटी में रहते थे। पहली बार था कि क्रिमिनल केस में वो जेल गए थे। इससे पहले सपा के धरना-प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट होकर जेल गए थे, मगर वो अलग बात है। वो जब भी जेल में मिलते, यही कहते कि इन लोगों ने हमें फंसा दिया है। सवाल : बेकरी तोड़ दी गई, अब क्या दोबारा बनाएंगे?जवाब : हम लोग सूरत में रहते थे, 2 साल पहले ही बेकरी शुरू की थी। मीडिया में दिखाया गया कि यहां ढेरों प्रॉपर्टी हैं, तो ऐसा नहीं था। शासन को गलत फीडबैक दिया गया। हमारे पिताजी समाजसेवी थे, नगर अध्यक्ष भी रहे। उनका क्षेत्र में प्रभाव रहा, जो कहते थे, उसे लोग मान लेते थे। सवाल : क्या बेकरी को कर्ज लेकर बनवाया था, कितना नुकसान हुआ?जवाब : 30-35 लाख रुपए लगे थे, फिर जो अंदर सामान था, वो टूटने के बाद लोग चोरी कर ले गए। बेकरी के लिए लोन नहीं लिया था। रिश्तेदारों से पैसा लिया था। अब दोबारा बेकरी शुरू नहीं कर पाएंगे। पहले हम कहीं नौकरी करेंगे, फिर बेकरी के बारे में सोचेंगे। दूसरे, 50 दुकान वाले इस कॉम्पलेक्स का नक्शा भदरसा नगर पंचायत से पास कराया गया था। इसके दस्तावेज परिवार के पास मौजूद हैं। सवाल : क्या कोर्ट में दिक्कत फेस करनी पड़ी थीं?जवाब : ये तो हमारा दिल ही बताएगा। कैसे-कैसे और क्या-क्या करना पड़ा। पहली बार इस तरह के मामले में फंसकर कचहरी पहुंचे थे। सवाल : यूपी सरकार हाईकोर्ट जाती है, तब अगला कदम क्या होगा?जवाब : एक औलाद अपने पिता के लिए क्या कर सकती है, जो हमसे हो सकेगा, हम करेंगे। ये मामला ऐसा है कि कोई हमारा साथ भी नहीं देगा। बुलडोजर कार्रवाई के समय हमने चिल्ला-चिल्ला कर कहा था कि शॉपिंग कॉम्प्लेक्स हमारी प्रॉपर्टी नहीं है, लेकिन प्रशासन ने एक न सुनी। ये हमारे चाचा की प्रॉपर्टी थी। हमारी सिर्फ 3000 स्क्वायर फीट में बनी A-1 बेकरी शॉप थी, इसकी जमीन भी हमारी नहीं है। राजू का DNA भी मैच हुआ29 जुलाई, 2024 को अयोध्या के भदरसा इलाके में 12 साल की लड़की ने गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया था। लड़की उस वक्त प्रेग्नेंट थी। इसमें मोईद खान और उनके नौकर राजू खान को आरोपी बनाया गया था। FIR दर्ज होने के बाद अगले दिन मोईद और राजू को अरेस्ट कर लिया गया था। बाद में, कोर्ट के आदेश पर 7 अगस्त, 2024 को नाबालिग रेप सर्वाइवर का गर्भपात लखनऊ के क्वीन मेरी अस्पताल में हुआ था। पीड़िता का आरोप था कि वह राजू खान के साथ काम करती थी, करीब ढाई महीने पहले राजू ने उसे मोईद से मिलवाया था। थाने में दर्ज शिकायत में उसने दावा किया था कि मोईद ने अपने नौकर के साथ मिलकर उसका रेप किया। इस घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया। वीडियो के जरिए डरा-धमकाकर करीब ढाई महीने तक मोईद और राजू उसका यौन शोषण करते रहे। अब कोर्ट में मोईद निर्दोष साबित हुए हैं, जबकि उसके नौकर राजू को कोर्ट ने घटना में शामिल पाया है। राजू का DNA भी भ्रूण के DNA से मैच हुआ था। यूपी सरकार ने चलाया था बुलडोजरइस घटना के बाद प्रशासन ने मोईद की बेकरी और शॉपिंग मॉल को गिरा दिया था। उस वक्त अयोध्या के तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट चंद्र विजय सिंह ने कहा था- मोईद खान की बेकरी तालाब की जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी, इसलिए एक्शन हुआ है। CM योगी ने विधानसभा में बयान देते हुए मोईद खान के सपा से जुड़े होने का दावा किया था। उन्होंने कहा था- अयोध्या में मोईद, जो समाजवादी पार्टी का नेता है, अयोध्या में सांसद की टीम का सदस्य है, 12 साल की एक नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म में शामिल पाया गया है। मुख्यमंत्री ने मुकदमा दर्ज होने के बाद रेप पीड़िता के परिवार से मुलाकात भी की थी। इसके बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मोईद और राजू के DNA टेस्ट करवाने की मांग की थी। मोईद को कोर्ट में 4 पाइंट पर फायदा मिलामोईद का बचाव करने वाले वकील सईद खान ने एक मीडिया चैनल को बयान दिया कि DNA टेस्ट के नतीजे इस फैसले में सबसे अहम रहे। कोर्ट ने मोईद को निर्दोष माना है और ‘बाइज्जत बरी’ किया है।1. कोर्ट के आदेश पर भ्रूण का DNA टेस्ट हुआ था, जो मोईद के DNA से मैच नहीं हुआ।2. अभियोजन पक्ष ये साबित भी नहीं कर सका कि घटना कहां हुई थी। अभियोजन पक्ष ने रेप पीड़िता के समर्थन में कुल 13 गवाह पेश किए थे।3. घटना के दौरान वीडियो बनाए जाने का दावा भी किया गया था, लेकिन कोई वीडियो सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया।4. पुलिस की तफ्तीश में घटनास्थल को लेकर भी विरोधाभास सामने आया है। पुलिस जांच में घटना के बेकरी के बाहर एक पेड़ के नीचे और बेकरी के भीतर होने का अलग-अलग दावा किया गया था। मीडिया से बात करते हुए विशेष लोक अभियोजक वीरेंद्र कुमार ने कहा- इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जाएगी। हम आगे भी केस लड़ेंगे। .................... ये पढ़ें - 'मोईद खान को सपा सांसद बचा रहे': अयोध्या में रेप पीड़िता की मां बोली- DNA रिपोर्ट बदलवाई, हमें खतरा...हाईकोर्ट जाएंगे सपा सांसद मोईद खान को बचा रहे हैं, मुझे लगता है कि टेस्ट रिपोर्ट भी बदलवा दी गई है। जो कुछ भी मेरी बेटी के साथ हुआ, उसको कैसे भूल जाएं। ये कहना है रेप पीड़िता की मां का। उनकी बेटी के साथ 29 जुलाई, 2024 को रेप हुआ था। आरोप लगा था सपा नेता मोईद खान और उनके नौकर राजू खान पर। पाक्सो कोर्ट की जज निरुपमा विक्रम ने इस मामले में मोईद खान को बरी कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर...
कान्ह नदी में आ रहे इंदौर के दूषित पानी को बायपास करने के लिए जमीन के 100 फीट नीचे बनाई सुरंग (टनल) से नई परेशानी खड़ी हो गई है। 12 किमी तक जमीन के अंदर बनाई सुरंग से जुड़े इलाकों का भू-जल स्तर ही खत्म हो गया। पालखेड़ी और हासामपुरा के 300 से ज्यादा बोर सूख गए। इससे क्षेत्र की 5 हजार बीघा में खड़ी रबी सीजन की फसलों में अब सिंचाई का नया संकट खड़ा हो गया है। किसान अब फसलों को पानी ही नहीं दे सकेंगे। हैदराबाद की निर्माण एजेंसी रिवर बोर्ड ने ग्रामीणों के विरोध के बावजूद जमीन रिचार्ज करने वाले बारिश के पानी को टनल के माध्यम से उलीचकर व्यर्थ बहा दिया। पालखेड़ी के किसान पवन आंजना ने बताया निर्माण कंपनी ने 12 किमी लंबी सुरंग के बीच 3-3 किमी पर बनाए कुआंनुमा सॉफ्ट में 20-50 हाॅर्स पाॅवर की 8-10 मोटरें पूरी बारिश के दाैरान चलाई। बारिश का पूरा पानी टनल में रास्ता मिलने से वहां जमा होता रहा और ठेकेदार उलीचकर नाले में बहाता रहा। इससे जमीन रिचार्ज नहीं हो सकी। क्षेत्रीय किसान भरत आंजना के 5 में से 3 बोर दिसंबर में ही सूख गए। मोहनसिंह के सभी 3 बोर सूख गए। वे अब गेहूं की सिंचाई नहीं कर सकेंगे। गांव के शंकर आंजना, कमल आंजना, रवि आंजना, पवन ने बताया कि हमने बारिश में ठेकेदार को पानी व्यर्थ बनाने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन हमें धौंस देते हुए भगा दिया गया। क्षेत्र का पूरा भू-जल स्तर खत्म कर दिया गया। ठेकेदार एक माह पानी उलीचने से रूक जाता तो समस्या नहीं आती हासामपुरा के राजेश सोलंकी ने बताया ठेकेदार एक माह ही पानी उलीचने से रुक जाता तो यह समस्या खड़ी नहीं होती। कंपनी को हमने बताया भी था कि सिंचाई का दौर शुरू होने पर टनल का पानी स्वत: ही खत्म हो जाएगा, लेकिन वे नहीं माने। दोनों गांव के 300 बोर पहली बार दिसंबर में ही सूख गए। ठेकेदार व अफसरों ने वादा किया था कि हम नर्मदा पाइपलाइन के जरिये क्षेत्रवासियों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराएंगे। अब यह स्थिति निर्मित हो गई, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। 50 साल पुराना पंप हांफने लगा हासामपुरा निवासी लक्ष्मणसिंह सोलंकी का सबसे पुराना 50 साल पहले का बोर है। अब तक कभी पानी की कमी नहीं आई। इस साल पहली बार दिसंबर में हांफने लगा। इसमें रुक-रुक कर पानी आने लगा। गांव के भगवानसिंह सोलंकी बोले सूखते बोरवेल देख लहसुन व प्याज की फसल तक नहीं लगा पाए। रोप तैयार करने वालों ने दूसरे गांव के किसानों को प्याज के रोप दे दिए। यह है क्लोज डक्ट परियोजना इंदौर से आने वाले कान्ह के दूषित पानी को शिप्रा में मिलने से रोकने के लिए जमालपुरा से ही नदी को डायवर्ट कर दिया जाएगा। 918 करोड़ की कान्ह डक्ट परियोजना के तहत 30.15 किमी लंबी कट एंड कवर नहर बनाई जाना है। 12 किमी लंबी सुरंग और 18.15 किमी क्लोज डक्ट बनाकर गंभीर नदी के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। इससे शिप्रा में स्वच्छ जल का प्रवाह बना रहे। एक्सपर्ट व्यू - एसएच सफदरी, पूर्व सीनियर भू-वैज्ञानिक बारिश का पानी अगर अंदर जाने से पहले निकाल लेंगे तो जमीन ही रिचार्ज नहीं होगी बारिश के पानी कुएं व बावड़ी में सीधे वॉटर लेवल बढ़ा देता है। यही पानी जमीन के अंदर बने फाल्ट और ज्वाइंट (पानी के रास्ते) से होते हुए बोरवेल का वॉटर लेवल मेंटेन करते है। यदि बारिश के इस पानी को बीच अंदर जाने से पहले ही बाहर निकाल लेंगे तो हर हाल में वॉटर लेवल गिरेगा। अफसरों ने ग्रामीणों को समझाइश दी थी बारिश के समय केनाल में जमा सीपेज के पानी को बाहर निकाला है। ग्रामीणों के विरोध पर प्रशासनिक व तकनीकी अफसरों ने भी उन्हें समझाइश दी थी। कुछ किसान तो हमें बता रहे थे कि जनवरी बाद ज्यादातर बोर बंद हो जाते हैं। - केपी सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर कंपनी रिवर बोर्ड हैदराबाद बोर सूखे तो एक्सपर्ट से पता करवाएंगे डक्ट परियोजना का अंडर कंस्ट्रक्शन काम जीआईएस सर्वे ऑफ इंडिया के एक्सपर्ट के मार्गदर्शन में हो रहा है। ज्यादा संख्या में बोर सूखने संबंधी शिकायत मेरी जानकारी में नहीं है। यदि ऐसा हुआ है तो पता करेंगे। - मयंक सिंह, ईई जल संसाधन विभाग उज्जैन ऐसा क्यों किया पता लगवाता हूं -मंत्री ^टनल के माध्यम से यदि ठेकेदार ने भू-रिचार्ज का पानी बाहर निकाल दिया है तो इसकी जानकारी लूंगा। किसानों के इनकार करने के बाद भी ऐसा क्यों किया गया इसका पता लगाएंगे। - तुलसी सिलावट, जल संसाधन मंत्री मप्र शासन भोपाल
प्रयागराज माघ मेला छोड़ने के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई छेड़ी दी है। शुक्रवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- 10–11 मार्च को लखनऊ में सभी संत-महंत और आचार्य एकत्र हों। वहां यह तय किया जाएगा कि कौन हिंदू है, कौन हिंदू हृदय सम्राट है और किसे छद्म हिंदू या नकली हिंदू घोषित किया जाना चाहिए। VIDEO में समझिए पूरा विवाद…
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यूपी में जनवरी के आखिरी दिनों में एक बार फिर ठंड बढ़ गई है। जिस समय लग रहा था कि सर्दी अब खत्म होने वाली है, तभी मौसम अचानक बदल गया। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हुई, ओले गिरे। एक बार फिर ऐसा ही मौसम बनने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, 1 से 3 फरवरी के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। अचानक जनवरी में बारिश और ओले क्यों गिरे? इस बार ठंड कैसी रही? फरवरी में ठंड और बारिश का क्या हाल रहेगा? बदलता मौसम खेती-किसानी को कैसे प्रभावित करेगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में… यूपी में अब तक कैसा रहा मौसम नोएडा स्थित स्काईमेट वेदर के मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत बताते हैं- यूपी में पिछले 2 साल के मुकाबले कम ठंड रही। दिसंबर और जनवरी में औसत अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ज्यादा रहे। सर्दियों के लिए उत्तर भारत के लिए अधिकतम औसत तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 10 से 15 डिग्री सेल्सियस निर्धारित है। महेश पलावत कहते हैं कि अब तक प्रदेश में यह दोनों तापमान औसत रूप से ज्यादा रहे। इस बार एक्सट्रीम ठंड देखने को नहीं मिली। वहीं, लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश भी यही बताते हैं कि इस बार पिछले साल की तुलना में कम ठंड पड़ी। जनवरी में बारिश और ओले क्यों गिरे? मौसम वैज्ञानिक मोहम्मद दानिश कहते हैं- पश्चिमी विक्षोभ एक मौसम प्रणाली है। यह भूमध्य सागर और पश्चिम एशिया से चलकर उत्तर भारत तक पहुंचती है। सर्दियों के मौसम में यही प्रणाली उत्तर भारत के मौसम को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है। जनवरी महीने में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे। इनके असर से वातावरण में नमी बढ़ी और ठंडी हवाओं के टकराव से बारिश हुई। कुछ इलाकों में बादल काफी ऊंचाई तक विकसित हो गए। इससे तेज हवाओं और अचानक ठंडे-गर्म तापमान के टकराव के चलते बारिश के साथ ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से बढ़ेगी ठंडमहेश पलावत के अनुसार, 31 जनवरी से 2 फरवरी तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करेगा। इससे हिमालय क्षेत्र में तेज बारिश/बर्फबारी होगी। गंगा के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तापमान में कमी और शीतलहर की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा बारिश या बर्फबारी के कारण विजिबिलिटी कम होने और यातायात पर असर पड़ने की संभावना भी रहती है। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश की संभावनामोहम्मद दानिश के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से यूपी के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने मिलेगा। पश्चिमी यूपी के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर ओले गिरने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। पूर्वी यूपी (लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज) में ज्यादा असर दिख सकता है। पश्चिमी विक्षोभ का असर कहां-कहां देखने को मिलेगामौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी राज्यों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी दिखेगा। इन इलाकों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है। साथ ही मध्य भारत, जिसमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्र शामिल हैं, वहां भी थोड़ी-बहुत बारिश की संभावना जताई गई है। फरवरी में कैसा रहेगा मौसमफरवरी से तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। हालांकि, बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदलता रहेगा। कुछ इलाकों में बारिश भी हो सकती है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरीबीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में चेतावनी- कल 30 जिलों में भीषण ठंड-कोहरा, 3 दिन बाद फिर बारिश का अलर्ट यूपी में बारिश के बाद फिर ठंड लौट आई है। शुक्रवार सुबह 30 जिले घने कोहरे की चपेट में रहे। अलीगढ़-झांसी समेत कई जिलों में विजिबिलिटी 10 मीटर तक सिमट गई है। ओस की बूंदें रिमझिम बारिश जैसी महसूस हो रही थीं। लखनऊ एयरपोर्ट पर तीन उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। पढ़िए पूरी खबर…
राम मंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि रामलला के अस्थायी मंदिर का स्मारक भवन फरवरी माह में तैयार हो जाएगा। राम मंदिर परिसर में चल रही विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के बाद मिले फीडबैक के आधार पर उन्होंने यह जानकारी दी। वहीं, राम मंदिर आंदोलन के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले हुतात्मा कारसेवकों की स्मृति में बन रहा स्मारक मार्च माह तक पूर्ण होने की उम्मीद है। नृपेंद्र मिश्र ने बताया कि परकोटे के निकट जूता-चप्पल स्टैंड और लॉकर निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। हालांकि, राम मंदिर परिसर में सप्त मंडपम के अंतर्गत रामायण कालीन ऋषियों और भगवान राम की महिमा से श्रद्धालुओं को परिचित कराने के लिए प्रस्तावित दर्शन व्यवस्था को लेकर अभी सहमति नहीं बन पाई है। इस विषय पर सभी पक्षों के बीच मंथन जारी है और मध्य मार्ग तलाशने का प्रयास हो रहा है। भवन-निर्माण समिति की समीक्षा बैठक में इस प्रस्ताव पर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। समिति चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने ट्रस्ट का पक्ष समझ लिया है और शनिवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों से इस मुद्दे पर चर्चा करेंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में समिति के सदस्यों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट कर 19 मार्च को अयोध्या आगमन का निमंत्रण दिया था, जिस पर राष्ट्रपति ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। औपचारिक कार्यक्रम की घोषणा अभी बाकी है। साथ ही, प्राचीन पांडुलिपियों की आयु जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी। तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जल्द ही विज्ञापन जारी कर पांडुलिपि समर्पण से जुड़ी जानकारी मांगेगा।
यूपी में पहले समाज के सुख-दुख पर चर्चा के लिए एक साथ बैठे ब्राह्मण विधायकों को नोटिस दिया गया। फिर प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अपमान और उनके शिष्यों की चोटी (शिखा) खींचकर पिटाई की गई। दोनों मामलों से ब्राह्मण समाज गुस्से में है। इसके बाद भाजपा और सरकार निशाने पर है। ब्राह्मण समाज की नाराजगी इस मायने में खास है कि पिछले 5 चुनावों में उनका एकमुश्त समर्थन भाजपा को मिला है। अब समाज की नाराजगी से पार्टी को कितना डैमेज हो सकता है? ब्राह्मण समाज के सामने विकल्प क्या हैं? पढ़िए ये रिपोर्ट… पहले जानिए यूपी में ब्राह्मण वोटर कितना निर्णायकप्रदेश में 9 से 11 फीसदी ब्राह्मण समाज की आबादी है। मौजूदा 75 जिलों में 31 में ब्राह्मण प्रभावी भूमिका में हैं। पूर्वांचल, मध्य और बुंदेलखंड में ब्राह्मण समाज जिसके साथ जाता है, उसी की ताजपोशी भी तय मानी जाती है। ब्राह्मण हमेशा से महत्वपूर्ण स्विंग वोटबैंक रहे हैं। ये मतदाता अक्सर चुनावों का रुख तय करते हैं। इसकी वजह भी है, ये सामाजिक-आर्थिक रूप से सशक्त हैं। मुखर होने की वजह से अन्य जातियों को भी प्रभावित करते हैं। जब भी ब्राह्मण वोटर किसी पार्टी या गठबंधन के साथ मजबूती से जुड़े, तो उस पार्टी को बड़ा फायदा हुआ। बस समस्या ये है कि ये कभी भी एक पार्टी के साथ लंबे वक्त तक स्थाई रूप से जुड़े नहीं रह सके। कब किस सियासी पार्टी के साथ गए 1980 तक कांग्रेस के बने रहे सारथीदेश की आजादी के बाद 1980 तक ब्राह्मण मुख्य रूप से कांग्रेस के साथ रहे। यूपी में गोविंद वल्लभ पंत, हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी जैसे ब्राह्मण नेता सीएम बने। ब्राह्मणों का सपोर्ट कांग्रेस की 'अम्ब्रेला कोएलिशन' (छत्र छाया वाला गठजोड़) की रीढ़ रहा। इसमें ब्राह्मण-मुस्लिम-दलित और अन्य समूह शामिल थे। 1985 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 269 सीटें मिली थीं। लेकिन, राम मंदिर आंदोलन और मंडल कमीशन से ब्राह्मणों का कांग्रेस से मोहभंग हो गया। 1990 में BJP की ओर शिफ्ट हुए ब्राह्मणमंडल कमीशन के चलते ब्राह्मण जनता दल से नाराज था। अयोध्या में मुलायम सिंह यादव ने कारसेवकों पर गोली चलवा दी थी। इन घटनाओं से ब्राह्मण समाज भी आंदोलित था। मंडल कमीशन से बंट चुके हिंदुओं को भाजपा ने एकजुट करते हुए राम मंदिर आंदोलन को तेज कर दिया। ब्राह्मण पहली बार बड़ी संख्या में भाजपा के साथ जुड़े। फायदा यह हुआ कि 1991 में 221 सीटों के साथ भाजपा पूर्ण बहुमत से यूपी की सत्ता में आ गई। 2007 में बसपा की ओर गया ब्राह्मण‘हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा-विष्णु-महेश है…’ इस नारे के साथ बसपा ने 2007 में ब्राह्मण समाज को पार्टी से जोड़ने पर जोर दिया। सतीश मिश्रा को पार्टी महासचिव बनाया। प्रदेश के अलग-अलग इलाकों के मजबूत ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराया। जिले-जिले में ब्राह्मण सम्मेलन कराए। फायदा यह हुआ कि भाजपा छोड़कर ब्राह्मण बसपा के साथ चले गए। बसपा को फायदा यह हुआ कि लंबे अंतराल के बाद बसपा 206 सीटों के साथ अकेले पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ गई। 2012 में सपा के साथ गए2012 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर ब्राह्मण समाज शिफ्ट हुआ। इस बार 19% ब्राह्मणों की पहली पसंद सपा बनी। सपा 224 सीटों के साथ यूपी की सत्ता में लौटी। लेकिन, ब्राह्मणों का झुकाव भाजपा की ओर हो चुका था। 2014 में भाजपा के पक्ष में लामबंद2014 में ब्राह्मण भाजपा के साथ पूरी तरह से लामबंद रहे। इसका फायदा यह हुआ कि पार्टी लोकसभा की 71 सीटें जीतने में कामयाब रही। फिर 2017, 2019, 2022 और 2024 में ब्राह्मण पूरी तरह से भाजपा के पक्ष में समर्पित रहे। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) की रिपोर्ट बताती है कि 2017 में 83%, तो 2022 के विधानसभा में 89% ब्राह्मणों का वोट भाजपा को मिला था। 2024 से शुरू हुई नाराजगी, दिखने लगी शिफ्टिंग2024 में ब्राह्मण वोटर एक बार फिर शिफ्ट होता दिखने लगा। भाजपा को भले ही 79% ब्राह्मणों का वोट मिला हो, लेकिन उनका 16% वोट महागठबंधन को भी गया। यह दिखाता है कि ब्राह्मण का भाजपा से मोहभंग हो रहा। इसका असर भी दिखा। महागठबंधन की सीटों की संख्या 43 हो गई और भाजपा गठबंधन 37 सीटों पर ही रुक गई। शंकराचार्य और चोटी अपमान से कितना आहत हैं ब्राह्मणमाघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान और उनके शिष्यों की चोटी पकड़ कर की गई पिटाई से ब्राह्मण समाज खासा नाराज है। इसके पहले शीतकालीन सत्र के दौरान भाजपा के ब्राह्मण विधायकों ने पीएन पाठक के घर पर बैठक की थी। मकसद था, समाज के सुख-दुख पर चर्चा करके उनके उत्थान के लिए कुछ प्रयास किया जाए। लेकिन, भाजपा संगठन ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए नोटिस जारी कर दिया। जब समाज की ओर से मुखर आवाज उठने लगी, तब भाजपा को इसका अहसास हुआ। पार्टी इस मामले में डैमेज कंट्रोल में जुटी ही थी कि प्रयागराज में बटुकों की चोटी पकड़ कर पिटाई किए जाने का मामला सामने आ गया। जब इसके विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दिया, तो सरकार ने उन्हें निलंबित करते हुए जांच बैठा दी। उनकी तरह ही अयोध्या के जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार ने योगी के समर्थन में इस्तीफा दिया, तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। जबकि उनके सगे भाई ने उनके दिव्यांग प्रमाणपत्र के फर्जी होने की पहले से शिकायत कर रखी है। वरिष्ठ पत्रकार त्रियुगी नारायण तिवारी कहते हैं- सरकार की कार्रवाई और रवैए से साफ संकेत दिया जा रहा कि वह ब्राह्मण विरोध में काम कर रही। नहीं तो जहां डैमेज कंट्रोल करना था, वहां इस तरह की दोतरफा कार्रवाई कैसे होती? इसे लेकर भी समाज में काफी आक्रोश है। विधानसभा चुनाव में अभी एक साल का वक्त है। हो सकता है, तब तक ब्राह्मणों की नाराजगी दूर हो जाए। लेकिन, सरकार और संगठन की ओर से इस नाराजगी को दूर करने का अभी तक कोई प्रयास होता दिख नहीं रहा। इसका दुष्परिणाम यह होगा कि ब्राह्मण भाजपा से और दूर होता चला जाएगा। भाजपा में कार्यरत ब्राह्मण नेता और विधायक भी इस पूरे मामले से दुखी हैं। लेकिन, अनुशासनात्मक कार्रवाई के डर से कोई भी खुलकर बोलने से बच रहा। हालांकि उनका मौन संदेश और समर्थन समाज के साथ है। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं राष्ट्रीय परशुराम परिषद के संस्थापक पंडित सुनील भराला भी त्रियुगी नारायण से सहमत हैं। कहते हैं- मेरी चार पीढ़ियां आरएसएस और भाजपा में सक्रिय रही हैं। हाल के घटनाक्रमों से ब्राह्मण समाज काफी आहत है। प्रयागराज में जिस तरह से शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ पुलिस का बर्ताव था, वो काफी रोषजनक है। इससे ब्राह्मण समाज ही नहीं, पूरा सनातन समाज खुद को अपमानित महसूस कर रहा। जहां तक ब्राह्मणों की नाराजगी का विषय है, तो शायद भाजपा को भ्रम हो चुका है कि उससे ब्राह्मण कहीं दूर जाने वाले नहीं। हकीकत में नाराजगी इस स्तर तक पहुंच चुकी है कि आज की तारीख में ब्राह्मण समाज विकल्प तलाश रहा। मैंने खुद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सीएम योगी से मिलकर इस नाराजगी के बारे में अवगत कराया है। फिर 2027 में ब्राह्मण समाज के सामने विकल्प क्यावरिष्ठ पत्रकार शरत प्रधान कहते हैं- ब्राह्मणों की नाराजगी एक दिन की नहीं है। ये धीरे-धीरे बढ़ रही थी, लेकिन एक के बाद एक हुई घटनाओं ने इसको काफी बढ़ा दिया है। इससे पहले विकास दुबे के एनकाउंटर, पूर्वांचल में हरिशंकर तिवारी पर की गई कार्रवाई से भी ब्राह्मण समाज काफी आहत हुआ था। लेकिन, पहली बार ब्राह्मण समाज को दिख रहा कि उसके साथ जानबूझकर भेदभाव किया जा रहा। जैसे क्षत्रिय, कुर्मी और लोध विधायकों ने बैठक की तो कोई नोटिस नहीं। लेकिन जैसे ही ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई, तो पार्टी ने नोटिस जारी कर दिया। इसी तरह शंकराचार्य विवाद में इस्तीफा देने वाले दोनों अधिकारियों के मामले में कार्रवाई के स्तर पर भेदभाव हुआ। ब्राह्मणों में इस बार इसका सीधा संदेश गया है कि सरकार पूरी तरह से दोहरा मापदंड अपना रही। जहां तक विकल्प की बात है तो जाहिर है कि ब्राह्मण समाज का वोट सरकार के खिलाफ किसी को सरकार में लाने के लिए होगा। 2027 में भाजपा को जो भी पार्टी टक्कर देती नजर आएगी, उसी के साथ जाएंगे। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के अलावा ब्राह्मणों का वोट महागठबंधन को मिला था। हालांकि ब्राह्मण मतदाताओं को रिझाने की कोशिश सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों दलों की ओर से हो रही है। कांग्रेस ब्राह्मण समाज का पुराना घर है। सपा के साथ विधानसभा मिलकर लड़ने पर कांग्रेस की वजह से ब्राह्मणों का बड़ा वोटबैंक इस गठबंधन के साथ जा सकता है। ठीक उसी तरह, जैसे 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की वजह से दलितों का एक बड़ा वोटबैंक महागठबंधन की ओर शिफ्ट हुआ था। हालांकि, भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ब्राह्मणों की नाराजगी को सिरे से खारिज करते हैं। कहते हैं- पार्टी सर्वसमाज को एक साथ लेकर आगे बढ़ रही है। नाराजगी का नरेटिव सिर्फ जातिवादी पार्टियां गढ़ने का प्रयास कर रही हैं। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें- यूपी भाजपा में पूर्वांचल का दबदबा, अवध-पश्चिम कमजोर, जानिए क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ने से क्या फर्क पड़ेगा यूपी की भाजपा सरकार और संगठन में क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ गया है। सरकार और संगठन में प्रमुख पदों पर पूर्वांचल के काशी और गोरखपुर क्षेत्र का दबदबा बढ़ गया है। वहीं, अवध और पश्चिम क्षेत्र सबसे कमजोर हैं। पढ़िए ये रिपोर्ट…
मौसम केन्द्र जयपुर ने शनिवार को 12 जिलों में ओले-बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, शुक्रवार को राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और सर्द हवाओं से शुक्रवार को थोड़ी राहत रही। उत्तरी हवा कमजोर रहने से न्यूनतम और दिन में तेज धूप निकलने से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई। जोधपुर, जालौर, पाली, बाड़मेर में शुक्रवार का अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। वहीं, दोपहर बाद उदयपुर, कोटा संभाग के एरिया में मौसम में बदलाव हुआ। वेस्टर्न डिर्स्टबेंस के कारण आसमान में हल्के बादल छाए। पिछले 24 घंटे का मौसम देखे तो जयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के एरिया में शुक्रवार को पूरे दिन आसमान साफ रहा और दिन में तेज धूप रही। दिन का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस पाली में दर्ज हुआ। सर्द हवा से मिली राहत उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं से भी शुक्रवार को राजस्थान में थोड़ी राहत रही। बीकानेर, गंगानगर, जयपुर, पिलानी, फतेहपुर, दौसा समेत कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री तक बढ़ोतरी हुई। सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सर्द हवाएं नहीं चलने से सुबह-शाम की कड़ाके की सर्दी से भी मामूली राहत रही। आज से बदलेगा मौसम मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- आज से एक पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान पर एक्टिव होगा। इस सिस्टम का असर पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के जिलों में 31 जनवरी यानी आज और एक फरवरी को देखने को मिलेगा। इस दौरान उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग के एरिया में बादल छाएंगे और कहीं-कहीं तेज हवाएं चलने के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो सकती है। इसको देखते हुए कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।
पटेल मैदान में 7वीं ऑल इंडिया मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप शुरू हुई। देश के 90 साल तक के एथलीट अपना जोश दिखाने जुटे हैं। 1700 से ज्यादा एथलीट अपने-अपने राज्य का प्रतिनिधित्व रंग-बिरंगे और नाम लिखे ट्रैक सूट पहने कर रहे हैं, ट्रैक के बाहर बैठे खिलाड़ी ठंड के मारे जूते और सिर से कैप भी नहीं उतार पा रहे, लेकिन इस आधुनिक परिवेश के खिलाड़ियों के बीच धोती, कुर्ता और साफा पहने नंगे पैर अनोखे अंदाज में भी एक व्यक्ति दिखा। हवा में कुर्ते की बांह लहराती दिखी तो पता चला एक हाथ भी नहीं है। एक बार में अंदाजा लगा गया कि यह खिलाड़ी नहीं हो सकता, लेकिन खिलाड़ी के लिए शायद उसका जुनून ही सबसे बड़ा हथियार है जो उसे मैदान में जीत दिलाने के लिए काफी होता है। बात करने पर पता चला कि वो 83 साल के हरियाणा के झज्जर जिले के तेज सिंह हैं जो अब तक 8 देशों में खेलकर नेशनल और स्टेट चैंपियनशिप में 80 से ज्यादा मेडल जीत चुके हैं। परिवार में खेल से किसी का जुड़ाव नहीं रहा। खुद भी खेतों में हल जोतने वाले किसान रहे। किसान से एथलीट बनने की कहानी भी रोचक है जिसकी शुरुआत बचपन या जवानी में नहीं बल्कि 59 साल की उम्र में हुई। मशीन में हाथ कट गया, जिंदगी यहीं से बदली खेतों में काम करते समय तेज सिंह का दायां हाथ थ्रेशर में आने की वजह से कट गया था। 59 साल की उम्र में बतौर किसान सीधा हाथ कटा तो जिंदगी मुश्किल होने लगी, लेकिन यही पल इनके जीवन में बदलाव की वजह भी बना। हादसे के 6 महीने बाद हरियाणा में हुई पंचायती प्रतियोगिता में एक धावक नहीं आया। दर्शक के रूप में गए तेज सिंह को लोगों ने पकड़कर मजाकिया अंदाज में ट्रैक के बीच लाकर खड़ा कर दिया, लेकिन तेज सिंह ने शर्मिंदा होने के बजाए उन्हें जवाब देने के लिए वो दौड़ पूरी की और अन्य पांच प्रतिभागियों को हराकर पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा की शान है धोती-साफा : 100 मीटर इवेंट में ट्रैक पर उतरने वाले हरियाणा के तेज सिंह पिछले 24 साल से धोती-साफा पहनकर नंगे पैर दौड़ रहे हैं। उनका कहना है कि दौड़ूंगा तो इसी में, वरना नहीं। बैंगलुरु की चैंपियनशिप में गर्म ट्रैक से पैर जलने के बावजूद उनकी जिद नहीं टूटी। आज भी वे उसी अंदाज में ट्रैक पर उतरते हैं।
गाइड लाइन 2026-27:एयरपोर्ट, हुरावली, अलापुर, खुरैरी व दाल बाजार सहित 300 लोकेशन पर बढ़ेंगे रेट
जमीन की कीमत तय करने वाली कलेक्टर गाइड लाइन 2026-27 पर अभी अफसर गंभीर नहीं हैं। शहर में उप मूल्यांकन समिति की बैठक न होना, विभागों से विकसित तथा स्वीकृत प्रोजेक्ट की जानकारी न आना इसका बड़ा प्रमाण है। वहीं देरी की स्थिति में शुक्रवार को पंजीयन दफ्तर में बैठक हुई। इसमें अधिक कीमत पर हुईं पुरानी रजिस्ट्री, विकसित क्षेत्र और सर्वाधिक खरीद वाले क्षेत्रों में रेट वृद्धि का खाका तैयार किया गया। मौजूदा स्थिति में जिले की 300 लोकेशन पर रेट वृद्धि संभव है। यह प्रस्ताव अब उप मूल्यांकन समिति में रखा जाएगा। यहां यदि कुछ संशोधन नहीं हुए तो उक्त प्रस्तावों पर मंजूरी मिल जाएगी। अभी उक्त समिति की तारीख ही तय नहीं है। यह काम 15 जनवरी से पहले होना था। हमने तैयारी की, 3 को फिर आईजी संग होगी चर्चावरिष्ठ जिला पंजीयक अशोक शर्मा ने कहा कि शुक्रवार को उप पंजीयकों संग बैठक की। महानिरीक्षक पंजीयन की गाइड लाइन पर दूसरी बैठक 3 फरवरी को होनी है। अभी जिले की इनकम व दस्तावेज दोनों ही गत वर्ष से कम हैं। अगले दो महीने में काम बढ़ेगा। इस बार औसत वृद्धि 20% तक प्रस्तावित करेंगे। कुछ लोकेशन पर यह 100% से अधिक भी हो सकती है। 45 से ज्यादा लोकेशन मर्ज होंगी। डबरा और भितरवार में बढ़ेंगे कृषि भूमि के रेटजिले में कुल लोकेशन 2224 हैं। अभी डबरा-भितरवार में कॉलोनियों के कारण बिक रहीं कृषि भूमि व अधिक बसाहट वाले शहरी क्षेत्र में वृद्धि वहां की समितियों ने प्रस्तावित की हैं। यहां स्लैब भी बदलने की तैयारी है। पंजीयन अफसरों के मुताबिक अभी तक जो प्रस्ताव बने हैं उनके मुताबिक लगभग 300 लोकेशन पर रेट वृद्धि तय है। यह संख्या उप मूल्यांकन व जिला समिति की बैठक में घट-बढ़ सकती है। प्रक्रिया लेट, खानापूर्ति का डर, विभाग ने दी हिदायतअभी अफसर गंभीर नहीं, वक्त कम होने पर वे खानापूर्ति कर सकते हैं। अफसरों से कहा गया कि वे कागजी खानापूर्ति, तथ्यहीन रिपोर्टिंग न करें। जहां डेवलपमेंट हो रहा है वहां रेट वास्तविक रखें। यहां कृषि भूमि की दरें प्रस्तावित न करें। रेट तय करते वक्त लापरवाही हुई तो उप पंजीयकों पर कार्रवाई भी होगी।
सौंफ पर सीमेंट-रसायन के लेप से जीरा बनाने वाले 3 पर FIR
सौंफ पर सीमेंट और रसायन का लेप चढ़ाकर जीरा बनाने वाले कारोबारियों पर पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई शिवपुजारी ब्रांड के मालिक की रिपोर्ट पर दर्ज की है। इस नकली जीरे की 46 बोरी शिवपुजारी ब्रांड के संचालकों की टीम ने विगत माह बहोड़ापुर स्थित ट्रांसपोर्ट से पुलिस की मौजूदगी में जब्त कराई थी। बरामद जीरे की कीमत 2.5 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। पुलिस जांच के बाद शुक्रवार को 3 कारोबारियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया। 3 आरोपियों में शहर के चंपक, मनोज और झांसी का टीटू शिवपुजारी ब्रांड के विमल कुमार पटेल निवासी मेहसाना गुजरात की रिपोर्ट पर हितेश सिंघल उर्फ चंपक निवासी विनय नगर, मनोज मैनेजर मां शीतला कोल्ड स्टोरेज पुरानी छावनी और टीटू अग्रवाल निवासी झांसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। विमल ने रिपोर्ट में बताया कि आरोपी उनके ब्रांड के नाम पर घटिया क्वालिटी का जीरा बाजार में खपा रहे थे। शिवपुजारी ब्रांड के नाम से बेचते थे आरोपियों ने शिवपुजारी ब्रांड के हूबहू पैकेजिंग सामग्री छपवाकर घटिया क्वालिटी का जीरा उनके ब्रांड के नाम पर बेच रहे थे। शिकायत में यह भी बताया गया है कि घटिया जीरा जिसे सौंफ के बीजों पर सीमेंट व रासायनिक पदार्थों का लेप लगाकर तैयार किया जाता है। इसके बाद कंपनी के ट्रेडमार्क के तहत इसका व्यापार कर रहे थे। ऐसा जीरा खाने से खाने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा होता है। बरामद जीरे की लैब में भी जांच कराई जाएगी। ट्रांसपोर्ट नगर से जब्त किया जीरा शिवपुजारी ब्रांड का नकली जीरा बनाने व बेचने वालोें के खिलाफ पुलिस ने प्रकरण दर्ज किया है। शिकायत शिवपुजारी बांड की ओर से कराई गई थी। नकली जीरा ट्रांसपोर्ट नगर से जब्त किया। मामले की जांच की जा रही है।-आलोक परिहार, थाना प्रभारी बहोड़ापुर
हरियाणा में आज शनिवार को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। आईएमडी ने राज्य में मौसम सामान्य और शांत रहने की संभावना है। बीते दिनों कोहरे और ठंड के असर के बाद आज मौसम सामान्य बना रहेगा। मगर रात को पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा में फिर से दस्तक देगा। इसके प्रभाव से दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह और पलवल जिलों में छिटपुट बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं कल 1 फरवरी को राज्य के अधिकांश जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश, ओले व बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसका असर खासकर खेतों में खड़ी फसलों और खुले में बंधे पशुओं पर पड़ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग ने किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। एक फरवरी को यहां-यहां बारिश का अनुमानमौसम विभाग के अनुसार एक फरवरी को कई स्थानों पर मध्यम बारिश हो सकती है। इन जिलों में पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, मेवात (नूंह), फरीदाबाद और पलवल जिले शामिल हैं। इसके अलावा सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी औरजींद के छिटपुट इलाकों में बारिश हो सकती है। हरियाणा में अधिकतम और न्यूनतम तापमान बढ़ा...
ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 7.45 बजे घना कोहरा था। हाइवे पर 100 मीटर से भी कम वास्तविक दृश्यता थी। इसी बीच एक वैगनआर कार में तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कार चालक समेत चार लोगों की मौत हो गई। चारों एक-दूसरे को जानते तक नहीं थे। बस लिफ्ट लेकर कार में सवार हुए थे। इनमें से तीन को बस से ग्वालियर आना था। हादसे में मृतक 33 वर्षीय ज्योति यादव को अपनी मां-बहनों के साथ मथुरा गिर्राज जी की परिक्रमा के लिए निकलना था। पति ने गोरमी बस स्टॉप पर छोड़ा था। वहां से वह कार में सवार हो गई। मौत से 20 मिनट पहले पति हरिसिंह की ज्योति से बात हुई। तब ज्योति ने कहा था ग्वालियर पहुंचने वाली हूं। पहुंचकर कॉल करुंगी। हादसे के बाद पति के पास जब ज्योति के मोबाइल से कॉल पहुंचा तो उन्हें लगा वह पहुंच गई होगी, लेकिन यह पुलिस का कॉल था। पुलिस ने जो खबर दी उसने मानो सारी दुनिया ही छीन ली हो। बहन बोली- हमें परिक्रमा करने मथुरा जाना थाघटना के बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंची ज्योति की बहन नीलम यादव ने बताया कि हमें सुबह सूचना मिली थी कि मालनपुर में एक्सीडेंट हुआ है। कार में मेरी बहन भी आ रही थी। हम सभी को परिक्रमा करने के लिए मथुरा जाना था। इसलिए वह गोरमी से ग्वालियर के लिए सुबह-सुबह जल्दी निकली थी। यह नहीं पता था कि इस तरह वह हमेशा के लिए छोड़ जाएगी। ज्योति के 2 बच्चे हैं। वह अकेली घर से निकली थी। मेहगांव में ही रखनी थी कार, देरी से बचने ले आयाहादसे में बीएससी एग्रीकल्चर के छात्र सौरभ शर्मा की भी मौत हुई है। वैगनआर कार उसकी ही थी और वह गांव मोरोली भिंड से कार लेकर आया था। पिता कृष्ण दत्त शर्मा ने मेहगांव में ताऊजी के घर कार रखकर बस से ग्वालियर जाने के लिए कहा था। जब वह मेहगांव पहुंचा तो कोहरा घना था। बस को आने में समय था। ऐसे में वह खुद ही कार लेकर निकल गया। सोचा ग्वालियर स्टेशन पर खड़ी कर पेपर देने निकल जाएगा। रास्ते में उमा राठौर मिल गईं। उनको गाड़ी में बैठा लिया था। गोरमी में बस स्टॉप पर खड़ी ज्योति यादव, एक मजदूर भूरे प्रजापति को भी साथ में बैठा लिया। गोरमी के बाद सौरभ कार को हवा से बातें करा रहा था। कोहरा घना था। मालनपुर निकले के बाद यह हादसा हो गया। भांजी की शादी के लिए भात मांगने आ रहीं थी उमा भिंड जिले के मेहगांव मोरोली निवासी 45 वर्षीय उमा पत्नी पातीराम राठौर की भी हादसे में मौत हुई है। उनकी बहन की बेटी की 10 फरवरी को शादी है। शादी से पहले बहन के साथ वह अपने भाई तहसीलदार राठौर के घर पर भात मांगने के लिए ग्वालियर आ रही थी। इस कार्य के लिए शुक्रवार का दिन शुभ था, इसलिए उमा घर से जल्दी निकली थी। वैसे उनको भी बस से आना था, लेकिन गांव का ही सौरभ कार लेकर दिखा तो वह उसके साथ बैठ गईं। ग्वालियर में उमा के भाई तहसीलदार राठौर के घर पर सभी इंतजार कर रहे थे कि कब बहनें भात मांगने आएंगी। जब उन्होंने सोशल मीडिया पर हादसे की खबर देखी और उमा का नाम देखा तो घटना का पता लगा। इसके बाद वह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। 100 मीटर से कम दृश्यता में कार भगा रहा था सौरभपुलिस को घटना स्थल के आसपास लोगों ने बताया कि घटना सुबह 7.45 बजे की है। इस समय घना कोहरा था और वास्तविक दृश्यता सिर्फ 100 मीटर के लगभग थी। ऐसे में भी सौरभ कार को दौड़ा रहा था। उसे ट्रेन छूट जाने का डर था। इसलिए वह आगे जा रहे वाहनों को ओवरटेक करता हुआ बढ़ता चला जा रहा था। जब वह ग्वालियर-भिंड हाइवे पर बंटू ढाबा के सामने पहुंचा तो अचानक सामने आए ट्रक ने उसे रौंद दिया। जिसमें बीएससी का छात्र सौरभ शर्मा निवासी मोरोली मेहगांव (भिंड), ज्योति यादव गोरमी (भिंड), भूरे प्रजापति (गोरमी) भिंड और उमा राठौर पत्नी पतिराम राठौर, निवासी मोरोली मेहगांव भिंड की दर्दनाक मौत हो गई है। पुलिस ने क्रेन से हटवाई कार की बॉडी, निकाले शवघटना की सूचना मिलते ही टीआई महाराजपुरा यशवंत गोयल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल रेस्क्यू शुरू किया। थाना प्रभारी जब पहुंचे तो कार की बॉडी में चार लोग फंसे थे। सभी मृत लग रहे थे, लेकिन फिर भी जिंदगी की संभावना की तलाश में रेस्क्यू किया गया। क्रेनसे कार की बॉडी को दूर अलग किया। इसके बाद कार में फंसे शवों को बाहर निकला गया। कार में सवार सभी चार लोगों की मौत हो चुकी थी। कार मालिक सौरभ शर्मा का एक रिश्तेदार महाराजपुरा थाना में ही पदस्थ था। तत्काल उसकी पहचान हो गई। सौरभ के परिजन को सूचना दी गई। इस तरह से अन्य लोगों को मामले की सूचना दी गई है। 16 नवंबर को हुई थी 5 युवाओं की मौतग्वालियर में बरेठा टोल प्लाजा के पास शुक्रवार सुबह हुए हादसे में चार लोगों की मौत होने के बाद लगभग दो माह पूर्व 16 नवंबर 2025 की सुबह याद आ गई। 16 नवंबर की सुबह झांसी-मुरैना नेशनल हाईवे पर ब्लाइंड स्पॉट के नाम से बदनाम मालवा कॉलेज के पास रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर टकरा गई थी, जिसमें शहर के पांच युवाओं की दर्दनाक मौत हो गई थी। दोनों हादसों में अंतर सिर्फ इतना है कि 16 नवंबर को शहर के झांसी-ग्वालियर हाइवे पर पांच युवकों ने जान गंवाई थी तो इस बार भिंड-ग्वालियर हाइवे पर चार की मौत हो गई। दो माह पूर्व जिन पांच युवाओं की मौत हुई थी वह सुबह-सुबह जौरासी पर नाश्ता करने गए थे लौटते समय फॉर्च्यूनर कार की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार में थी। यह खबर भी पढ़ें… ट्रक की टक्कर से कार के परखच्चे उड़े...चार की मौत ग्वालियर में शुक्रवार (30 जनवरी) सुबह घने कोहरे के बीच सड़क हादसा हो गया। भिंड रोड हाईवे पर बंटू ढाबा के सामने तेज रफ्तार ट्रक ने वैगनआर कार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि कार सवार चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में दो महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
देश की न्यायपालिका में जजों की भारी कमी एक बार फिर सामने आई है। राज्यसभा में आरजेडी के सांसद प्रोफेसर मनोज झा के प्रश्न के जवाब में केंद्र सरकार ने बताया कि 27 जनवरी 2026 तक देश के सुप्रीम और 25 हाईकोर्ट में कुल 1122 स्वीकृत पदों में से 308 पद खाली हैं, यानी लगभग 27.4 प्रतिशत पद खाली हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 53 स्वीकृत पदों के मुकाबले 42 जज कार्यरत हैं। 11 पद खाली हैं। इसका मतलब है कि राज्य के हाईकोर्ट में करीब 20.75 प्रतिशत पद रिक्त पड़े हैं। यह स्थिति ऐसे समय में है, जब प्रदेश में लंबित मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्य प्रदेश के जिला व अधीनस्थ न्यायालय केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि जिला और अधीनस्थ न्यायपालिका में नियुक्ति और पदों का निर्धारण संबंधित राज्य सरकार और हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में कुल 1639 न्यायिक अधिकारी कार्यरत हैं, जिनमें से 803 जज अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं। यह कुल कार्यरत संख्या का 48.99 प्रतिशत है। यानी एमपी की जिला व अधीनस्थ न्यायपालिका में SC, ST और OBC को मिलाकर 48.99% जज हैं। जबकि करीब 51 प्रतिशत अन्य वर्गों से हैं। हालांकि, सरकार ने जिला वार रिक्त पदों का कोई अलग-अलग ब्योरा संसद में पेश नहीं किया। इससे साफ है कि मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में निचली अदालतों पर बढ़ते बोझ के बावजूद जजों की वास्तविक कमी का जिला स्तर पर सार्वजनिक आकलन अभी सामने नहीं आया है। देशभर की तस्वीर बॉम्बे हाईकोर्ट में 94 में से 14 पद (14.9%), दिल्ली हाईकोर्ट में 60 में से 16 पद (26.6%) और मद्रास हाईकोर्ट में 75 में से 22 पद (29.3%) खाली हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी 34 में से 1 पद रिक्त हैं। किस हाईकोर्ट में कितने प्रतिशत जज खाली आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट में सबसे ज्यादा कमी है। यहां 160 स्वीकृत पदों के मुकाबले 50 पद खाली हैं, यानी 31.25%। कलकत्ता हाईकोर्ट में 72 में से 29 पद खाली हैं (40.3%)। जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख और झारखंड हाईकोर्ट में भी हालात गंभीर हैं, जहां 44 % से ज्यादा पद खाली हैं।
दिसंबर (2025) तक राजस्थान में सर्दी लगभग नदारद रहीI फिर जनवरी (2026) के तीसरे हफ्ते में मौसम ने अचानक करवट ली। शेखावाटी में पारा माइनस में पहुंचा। कई जिलों में हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सर्दी बढ़ गई। अब सवाल यह है कि क्या फरवरी में भी मौसम ऐसे ही चौंकाएगा? मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण फरवरी में भी आधे महीने सर्दी का असर हमेशा की तुलना में ज्यादा रहेगा। ओलावृष्टि भी हो सकती है, जो कई फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बाड़मेर में 308% मावठ, पांच जिले सूखेजनवरी में मौसम ने मावठ की दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाईं। रेगिस्तानी इलाकों बाड़मेर, जैसलमेर और जालोर में मावठ हुई। दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और नागौर जिला सूखे ही रहे। जनवरी में बाड़मेर में सामान्य से 308 फीसदी ज्यादा मावठ हुई। मौसम विभाग इसे ‘सामान्य पश्चिमी विक्षोभों वाला साल’ बता रहा है। जनवरी में प्रदेश में सामान्य (3.6 मिमी) की तुलना में 4.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 39% ज्यादा है। आईएमडी (IMD) के मुताबिक सर्दियों में 10 मिमी बारिश भी 'अच्छी' मानी जाती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मावठ का यह असंतुलन फरवरी में रबी फसलों की सेहत और तापमान के उतार-चढ़ाव दोनों की परीक्षा ले सकता है। 7 जिले रह गए सूखे : बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, नागौर में बिल्कुल मावठ नहीं हुई। उदयपुर में 0.2 व चितौड़गढ़ में 1.5 एमएम मावठ हुई। जनवरी में 3 सिस्टम रहे एक्टिव, 4 बिना बरसे गुजरे मौसम केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा कहते हैं- दिसंबर में सटीक अनुमान लगाया था कि इस साल की सर्दी सामान्य रहेगी। प्रदेश में सर्दी कितनी कड़ाके की पड़ेगी, यह पूरी तरह पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता पर निर्भर करता है। आमतौर पर सर्दियों में एक महीने में 5 से 6 पश्चिमी विक्षोभ आते हैं। जनवरी में ऐसे 3 सक्रिय विक्षोभ 31 दिसंबर–1 जनवरी, फिर 22–23 जनवरी, 26–27 जनवरी में एक्टिव रहे। इसके चलते, कहीं हल्की बारिश, कहीं ओलावृष्टि हुई। शेखावाटी में कुछ दिनों तक पारा माइनस तक गया, लेकिन यह सब सीमित अवधि (1-2 दिन) तक ही रहा। इसके अलावा जनवरी में 4 पश्चिमी विक्षोभ आए तो सही लेकिन बिना बारिश किए ही गुजर गए। हालांकि इसका मतलब ये कतई नहीं कि वो निष्क्रिय रहे। पश्चिमी विक्षोभ एक बड़े इलाके को प्रभावित करते हैं। ऐसे में जो विक्षोभ राजस्थान में नहीं बरसे वो पहाड़ी इलाकों और अन्य राज्यों में बरस सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी में 2–3 दिन ही पाला पड़ा। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं और पहाड़ों में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक देखने को मिला, जिससे शीतलहर और कोहरे की स्थिति भी बनी। मौसम विभाग के अनुसार जमीन नहीं, हवा का तापमान सर्दी की तीव्रता तय करता है। इसी कारण कई जगह पाला पड़ा। फरवरी में भी सक्रिय रहेंगे पश्चिमी विक्षोभमौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ सर्दी का यह सितम फरवरी में भी जारी रहेगा। 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा इससे बारिश, ओलावृष्टि और हवा में नमी बढ़ेगी। इसके बाद 6–7 फरवरी, 9–10 फरवरी और 11–15 फरवरी के बीच अलग-अलग स्पेल्स में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। इसके चलते फरवरी के दूसरे सप्ताह तक सर्दी का असर बना रहेगा। बारिश से नमी बढ़ेगी, इसलिए पाला जमने की स्थिति कम बनेगी। कोहरा रहेगा, जो रबी के लिए फायदेमंद है। दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर केसी गुप्ता का कहना है कि जनवरी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश वरदान साबित हुई। फरवरी में भी हो सकती है ओलावृष्टिमौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की है। जो फसलें पककर तैयार हो रही हैं, उनके लिए ये ओलावृष्टि नुकसानदायक हो सकती है। इसके अलावा जालोर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर में जीरा, धनिया, ईसबगोल, हल्दी जैसी मसाला फसलें भी काफी सेंसिटिव हैं। इन फसलों के लिए 8 से 10 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है। अगर फरवरी में तापमान 6 से 7 डिग्री तक गया तो जोखिम बढ़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी का पहला पखवाड़ा किसानों के लिए निर्णायक रहेगा। एक ओर जहां मावठ रबी की पैदावार बढ़ा सकती है, वहीं ओलावृष्टि और तापमान में गिरावट नुकसान का जोखिम भी साथ लाएगी। मौसम विभाग का कहना है कि आमतौर पर 15 से 20 जनवरी के बाद दिन का तापमान बढ़ने लगता है। इस बार की सर्दी ने प्रदेश में कई उलटफेर दिखाए हैं, लेकिन किसानों के लिए यह उम्मीद की किरण भी लेकर आई है। अगर फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे तो रबी की फसल के लिए यह मौसम अच्छा साबित हो सकता है। ------------------ मौसम की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में आज बारिश और ओले गिरने का अलर्ट:तेज हवा चलेगी, 12 जिलों में बदलेगा मौसम; जानिए- कहां रहेगा असर मौसम केन्द्र जयपुर ने शनिवार को 12 जिलों में ओले-बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, शुक्रवार को राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और सर्द हवाओं से शुक्रवार को थोड़ी राहत रही। पढ़ें पूरी खबर...
व्यापार को बढ़ाने के लिए फरवरी में चैंबर लॉन्च करेगा मोबाइल ऐप
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के वैश्विक मंच पर पहली बार झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स को प्रतिनिधित्व मिलने पर राज्यभर के व्यापारियों और उद्यमियों में उत्साह है। झारखंड चैंबर की कार्यकारिणी समिति की पांचवीं बैठक में इसे मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच बताते हुए कहा गया कि सरकार के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल में चैंबर को शामिल किया जाना देश-विदेश के निवेशकों के लिए स्पष्ट संदेश है कि झारखंड अब निवेश के लिए पूरी तरह तैयार है। यहां बैठक चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा की अध्यक्षता में हुई। अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड चैंबर सरकार के साथ मिलकर राज्य के औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन में सक्रिय भूमिका निभाता रहेगा। चैंबर उपाध्यक्ष राम बांगड़ ने कहा कि चैंबर अपने मेंबर्स को व्यापार में बढ़ावा देने के लिए फरवरी में ऐप लॉन्च करेगा। सह सचिव रोहित पोद्दार ने कहा कि नई इंडस्ट्री के साथ एग्जिस्टिंग इंडस्ट्री की समस्याओं का निराकरण वार्ता से की जाएगी। वहीं, पंडरा टर्मिनल मार्केट यार्ड को मतगणना केंद्र बनाए जाने पर उच्च न्यायालय की रोक को व्यापारियों के लिए बड़ी राहत बताया गया। बैठक में बजट, रेलवे कनेक्टिविटी, नए औद्योगिक क्षेत्रों और उप समितियों के गठन जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई। बैठक में महासचिव रोहित अग्रवाल, प्रवीण लोहिया, नवजोत अलंग व अन्य थे। झारखंड चैंबर ने मौजूदा उद्योगों की समस्याओं पर बैठक में चर्चा की। कोविड काल में बंद कई ट्रेनों का परिचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है, जिसे जल्द ही रेल मंत्री से मुलाकात कर पुनः शुरू कराने पर जोर दिया गया। मोबाइल ऐप में सभी सदस्यों का व्यावसायिक डेटा रहेगा। देश-विदेश के लोग इसे एक्सेस कर सकेंगे। चैंबर की कार्यकारिणी समिति की बैठक में उपस्थित पदाधिकारी।
मोतीमहल स्थित नगर निगम के संग्रहालय में रखे 1500 से ज्यादा वाइल्ड लाइफ, जानवर और बर्ड के जीवाश्म को संरक्षित किया जाएगा। स्टेट समय के इस संग्रहालय में जीवाश्म को संरक्षित करने के साथ टैक्सी डर्मी (विधि) का काम होगा। निगम ने दोनों महत्वपूर्ण काम के लिए इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर ऑफ आर्ट्स (आईजीएनसीए) की मदद मांगी है। निगम इस कार्य पर 35 लाख की राशि खर्च कर करेगा। शहर के सबसे पुराने निगम के इस संग्रहालय का जीर्णोद्धार का काम 8 करोड़ की लागत से हो रहा है। ये काम सुदर्शन इंजीनियरिंग वर्क्स द्वारा किया जा रहा है। इसमें बेशकीमती वस्तुओं को संरक्षित करने के साथ डाक्यूमेंटेशन का काम होना है। ये काम काफी कठिन है। इसलिए टैक्सी डर्मी विधि का उपयोग कर सहेजा जाएगा। विलुप्त प्रजाति सोन चिड़िया के साथ-साथ कई वाइल्ड लाइफ मौजूदस्टेट टाइम में वन्य प्राणियों के शिकार के बाद मारे गए वन्य प्राणियों के जीवाश्म को सहेजकर रखा जाता था। इसलिए यह बेहतर स्थिति में हैं। इसमें विलुप्त सोन चिड़िया का जीवाश्म के साथ टाइगर, तेंदुआ, दो मुंह वाला बछड़ा, दो मुंह वाली बकरी, जंगली भैंसा, बारसिंघा आदि के जीवाश्म मौजूद हैं। डिस्प्ले में डिटेल रहेगीएक हॉल और पांच रूप में उक्त जीवाश्म को रखने का प्लान है। इन्हें ऐसे डिस्प्ले किया जाएगा, जिसमें इनकी पूरी डिटेल होगी। इसमें टेराकोटा, हाथीदांत, क्रॉकरी, स्मृति‑चिह्न और शस्त्रागार दीर्घा भी रहेगी। संरक्षण का काम होगासंग्रहालय में कई महत्वपूर्ण वस्तुएं हैं। इनके संरक्षण का काम जल्द कराएंगे। यह आधुनिक पद्धति से होगा। - संघ प्रिय, आयुक्त ननि
28 घंटे तक रही तालाबंदी... नतीजा- एमबीए का जायका फूड फेस्ट रद्द, दोनों मांगों पर भी सहमति
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में यूथ फेस्ट स्पंदन के ईस्ट जोन फेस्ट के लिए चयन विवाद और स्कूल ऑफ मैनेजमेंट द्वारा आयोजित जायका फूड फेस्टिवल को स्थगित करने को लेकर छात्र संगठनों द्वारा 28 घंटे से जारी तालाबंदी शुक्रवार को समाप्त हो गई। डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) डॉ. सर्वोत्तम कुमार ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों मांगों पर सहमति दी और इससे संबंधित नोटिफिकेशन जारी कर दी गई। फोक डांस की टॉपर टीम को ईस्ट जोन फेस्ट में शामिल नहीं करने की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। वहीं जायका फूड फेस्ट को स्थगित कर दिया गया है। बताते चलें कि आदिवासी छात्र संघ (एसीएस) और आजसू द्वारा दोनों मांगों को लेकर गुरुवार को प्रशासनिक भवन में ताला जड़ दिया गया था। ताला जड़े रहने के कारण ऑफिस से संबंधित कार्य पूर्ण रूप से ठप रहा। यह है पूरा मामला यूथ फेस्ट स्पंदन 22–24 दिसंबर 2025 तक आयोजन हुआ था। इसमें फोक डांस ट्राइबल 15 सदस्यीय टीम टॉपर रही, लेकिन टॉपर टीम का ईस्ट जोन यूथ फेस्ट बालासोर के लिए चयन नहीं किया गया। नियम के अनुसार टॉपर टीम को ईस्ट जोन फेस्ट में शामिल करने का प्रावधान है। दूसरा मुद्दा स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के जायका फूड फेस्टिवल को रद्द करने को लेकर था। आजसू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बबलू महतो ने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। एसीएस के ट्राइबल अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि आदिवासी छात्रों के साथ भेदभाव हो रहा है। मीडिया प्रभारी सुमित उरांव ने कहा कि मामला पूरी चयन प्रणाली पर सवाल खड़ा करता है। मौके पर मुख्य रूप से दिनेश उरांव, लालेश्वर उरांव, सीमा, सतीश, योगेश, रवि, परसनाथ, नीरज, अजीत महतो समेत अन्य स्टूडेंट्स मौजूद थे। यूथ फेस्ट के कोऑर्डिनेटर डॉ. विनय भारत, डॉ. शालिनी, डॉ. रजनी प्रशासनिक भवन पहुंचे, जहां तालाबंदी कर रहे छात्र धरना पर बैठे थे। को-आर्डिनेटरों ने स्पष्ट कहा कि सौंपे गए दायित्वों का बखूबी निर्वहन किया गया। इसमें किसी प्रकार त्रुटि नहीं थी। ईस्ट जोन टीम भेजना हमारा काम नहीं था।
हैबिटेशन मैपिंग में लापरवाही, 804 स्कूलों के प्रिंसीपल पर होगी कार्रवाई
रांची झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा हैबिटेशन मैपिंग में लापरवाही बरतने वाले 804 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया है। हैबिटेशन मैपिंग का डाटा डहर पोर्टल पर 6 दिसंबर 2025 तक अपलोड करना था, लेकिन इन स्कूलों ने निर्धारित समय तक कार्य पूरा नहीं किया। संबंधित प्रधानाध्यापकों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। वहीं, राज्य के 96.6 प्रतिशत स्कूलों ने लक्ष्य के अनुरूप हैबिटेशन मैपिंग का कार्य पूरी तरह समाप्त कर लिया है। राज्य में 11 दिसंबर 2025 से शुरू हुए शिशु पंजी सर्वे की अवधि अब 15 फरवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है। अब तक 19,060 स्कूलों ने शिशु पंजी सर्वे पूरा किया है। 12,253 स्कूलों में सर्वे कार्य जारी है, जबकि 3,065 स्कूलों ने शुरू भी नहीं किया। प्रारंभिक सर्वेक्षण में अब तक 24,140 आउट ऑफ स्कूल बच्चों की पहचान हुई है। इसमें बाल मजदूरी में लगे बच्चे, अनाथ या एकल अभिभावक के साथ रहने वाले बच्चे, प्रवासी परिवारों के बच्चे ईंट-भट्टे, होटल-ढाबे, रेलवे स्टेशनों में काम करने वाले बच्चे शामिल हैं।
सिगरेट नहीं दी तो बुजुर्ग की पत्थर से कुचलकर कर दी थी हत्या, आरोपी को आजीवन कारावास
दुकान के बाहर सो रहे 70 साल के पातीराम बघेल के हत्यारे को षष्टम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास की सजा दी। कमल गुर्जर ने 26-27 सितंबर 2020 की दरम्यानी रात पातीराम का सिर पत्थर से कुचल दिया था। इससे भी मन नहीं भरा तो लाठियों से वार किया, क्योंकि पातीराम ने उसे उधार में सिगरेट, पान मसाला देने से मना कर दिया था। वारदात को अंजाम देने के बाद कमल गुर्जर भाग गया था। अपर लोक अभियोजक जगदीश शाक्यवार ने बताया कि पनिहार स्थित राजमार्ग पर पातीराम की एक गुमटी (ग्राम छोडा) थी। इस काम में बेटा माधव सिंह भी उनका साथ देता था। घटना वाले दिन कमल सिंह सिगरेट मांगने आया। पातीराम ने उधार में कुछ भी सामान देने से मना कर दिया, जिससे कमल सिंह नाराज हो गया और जान से मारने की धमकी देकर चला गया। देर रात्रि वह गुमटी पर लौटा, जब पिता और पुत्र सो रहे थे। घटना के बाद 27 सितंबर को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इस मामले में कमल सिंह गुर्जर को 30 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद से ही वह लगातार जेल में है।
झारखंड बालक व बालिका टीम सेमीफाइनल में पहुंची
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के तहत झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद, रांची की मेजबानी में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली हॉकी अंडर-17 बालक-बालिका वर्ग प्रतियोगिता के पांचवें दिन मुकाबलों का आयोजन जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम, मोरहाबादी, रेलवे एस्ट्रो टर्फ हॉकी स्टेडियम हटिया और खूंटी में किया गया। कड़े संघर्ष एवं जबरदस्त तालमेल के बल पर 4-4 राज्य एवं इकाइयों ने सेमीफाइनल में जगह बनाने में कामयाबी हासिल की। जिसमें बालिका वर्ग में एकतरफा मुकाबले में झारखंड की बेटियों ने छत्तीसगढ़ को 11-0 से पराजित कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं मणिपुर की टीम ने पंजाब को शूटआउट में 3-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई, जबकि उड़ीसा ने मिजोरम के खिलाफ शूटआउट में 5-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। वहीं उत्तर प्रदेश ने सीधे मुकाबले में हिमाचल प्रदेश को 3-1 से पराजित कर सेमीफाइनल में जगह बनाई। वहीं बालक वर्ग में झारखंड ने मध्य प्रदेश को 5-2 से पराजित कर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की।
आर्थिक सर्वे में झारखंड की क्लाइमेट-स्मार्ट कृषि और एग्री स्टैक योजना की हुई सराहना
रांची केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में झारखंड की जीआईएस आधारित क्लाइमेट-स्मार्ट कृषि और एग्री स्टैक योजना की सराहना की गई है। इसे राज्यस्तरीय नवाचारों में से एक बताया गया, जिसमें भारत की कृषि को आगे बढ़ाने की क्षमता है। सर्वेक्षण में यह भी बताया गया कि कैसे टेक्नोलॉजी से लैस कृषि सुधारों से सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। 2024 में झारखंड ने खेत स्तर पर ट्रैकिंग और जलवायु आधारित योजना बनाने के लिए जीआईएस-आधारित क्लाइमेट स्मार्ट कृषि और एग्री स्टैक योजना शुरू की, जिसके परिणाम संकेतक अभी भी विकास के चरण में हैं। राज्य की कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि यह योजना मुख्य रूप से एक केंद्रीय योजना थी, जिसके दो अलग-अलग घटक थे। इसे झारखंड ने नवंबर में 2024 के विधानसभा चुनावों के बाद उनके कार्यभार संभालने से पहले ही शुरू कर दिया था। सरकार कृषि क्षेत्र में सूचित योजना तैयार करने के लिए इस परियोजना को गति देने की कोशिश कर रही है। वहीं, राज्य कृषि विभाग के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह योजना अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अब वे इसे बड़े पैमाने पर लागू करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
हिस्ट्रीशीटर को दो मामलों में सजा:कोर्ट ने 5-5 साल का कठोर कारावास और 50 हजार जुर्माना की सजा सुनाई
जोधपुर कमिश्नरेट के भगत की कोठी थाना के हिस्ट्रीशीटर राहुल गुर्जर को नकबजनी के दो मामलों में 5-5 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। केस ऑफिसर स्कीम के तहत भगत की कोठी थाना के मामलों में यह सजा सुनाई गई। इसमें सहायक लोक अभियोजनक आनन्द व्यास और कोर्ट पैरोकार सुखराम की विशेष भूमिका रही। पुलिस उपायुक्त पश्चिम विनीत कुमार बंसल की आरोपी के खिलाफ दर्ज प्रकरणों को केस ऑफीसर स्कीम में लिया गया। भगत की कोठी थानाधिकारी को केस ऑफीसर नियुक्त कर लोकर अभियोजक के मार्फत प्रभावी पैरवी की गयी और थाना के कोर्ट पेरोकार के द्वारा समस्त गवाहान, साक्ष्य समय पर न्यायालय मे प्रस्तुत किये गये। इस पर न्यायालय द्वारा दिनाक 27 जनवरी को निर्णय करते हुए दोनों प्रकरणो मे आरोपी राहुल गुर्जर को 5-5 साल कठोर कारावास व 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। इन मामलों में हुई सजा 1. पुलिस थाना भगत की कोठी, जोधपुर में परिवादी कमलेश द्वारा 6 दिसंबर 2021 को दर्ज करवाया कि कोई अज्ञात घर मे से रात्रि मे एक सोने की चेन व 50 हजार रूपये नकद चोरी कर भाग गया। इस पर पर 26/2021 धारा 454, 380 भादस मे प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। 2. पुलिस थाना भगत की कोठी, जोधपुर में परिवादी जयसिंह मेवाडा द्वारा 4 अगस्त 2023 को केस दर्ज करवाया कि कोई अज्ञात व्यक्ति 12 हजार रूपये पेंट की जेब से चोरी कर ले गया। इस पर 190/2023 धारा 457, 380 भादस मे प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। सीसीटीवी फुटेज से की पहचान पुलिस ने मामले का त्वरित अनुसंधान कर सीसीटीवी फुटेज से अवलोकन कर प्रकरण में अज्ञात आरोपी की पहचान कर राहुल गुर्जर (24) पुत्र बाबुलाल निवासी देवनारायण मंन्दिर की प्रथम गली भगत की कोठी, जोधपुर की पहचान व दस्तयाब किया। इसके बाद न्यायिक अभिरक्षा मे भिजवाकर तय समय मे चालान एसीजेएम (सीबीआई कैसेज) जोधपुर महानगर के कोर्ट में पेश किया गया। मामलों में प्रभावी पैरवी की गई और आरोपी को सजा दिलाई गई। ये रहे टीम में शामिल आरोपी को सजा दिलाने वाली टीम में भगत की कोठी थानाधिकारी राजीव भादू (आरपीएस) , आनन्द व्यास, सहायक लोक अभियोजक अधिकारी कोर्ट, एसीजेएम (सीबीआई कैसेज) जोधपुर महानगर और कोर्ट पैरोकार सुखराम शामिल रहे।
पार्टी के निर्णय से पहले झामुमो से जुड़े दो नेताओं ने पर्चा खरीदा
गैर दलीय हो रहे नगर निकाय चुनाव के बावजूद सभी राजनीतिक दलों की सक्रियता तेज हो गई है। हर पार्टी में प्रत्याशियों को समर्थन देने पर मंथन चल रहा है, लेकिन चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके नेता पूरी मुस्तैदी से आगे बढ़ने का मन बना चुके हैं। भाजपा, झामुमो, कांग्रेस और राजद में मेयर पद के लिए प्रत्याशी चयन पर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं है, पर पार्टी से जुड़े नेता स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। नामांकन के दूसरे दिन शुक्रवार को महिला कांग्रेस की अध्यक्ष एवं पूर्व मेयर रमा खलखो और झामुमो नेता वीरू तिर्की ने मेयर पद के लिए पर्चा खरीदा। गुरुवार को भाजपा समर्थित तथा 3 बार लगातार पार्षद रह चुकीं सुजाता कच्छप ने मेयर पद के लिए पर्चा खरीदा था। झामुमो नेता कतरीना तिर्की ने भी गुरुवार को नामांकन पत्र खरीदा था। शुक्रवार को पर्चा खरीदने वालों में विनोद कुमार बड़ाईक, तनुत तुलियो तिग्गा, देवी दयाल मुंडा आदि भी शामिल रहे। इस तरह देखें तो भाजपा से 1, कांग्रेस से 1 और झामुमो से दो नेता मेयर पद के लिए पर्चा खरीद चुके हैं। मेयर पद के लिए झामुमो किसका समर्थन करेगा, इस पर अंतिम निर्णय पार्टी केंद्रीय अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेना है। ऐसे में दो-दो झामुमो नेताओं की ओर से पर्चा खरीदे जाने के बाद राजनीतिक तपिश बढ़ गई है। कह रहे नेता: पर्चा खरीद लिया है, नामांकन के पूर्व बहुत कागजी कार्यवाही करनी पड़ती है किस दल से जुड़े नेता ने खरीदा पर्चा कांग्रेस: पूर्व मेयर रमा खलखो झामुमो: वीरू तिर्की, कतरीना तिर्की भाजपा: 3 बार लगातार पार्षद रह चुकीं सुजाता कच्छप वार्ड पार्षद के लिए सरिता देवी ने भरा पहला पर्चा मेयर पद के लिए चुनाव की बात करें तो नामांकन के दूसरे दिन भी एक भी नामांकन नहीं हुआ। वहीं, नामांकन के दूसरे दिन सरिता देवी ने वार्ड नंबर 2 के लिए अपना पर्चा दाखिल कर दिया। वे निवर्तमान पार्षद डॉ. गोदरा उरांव की पत्नी हैं। यह वार्ड आदिवासी महिला के लिए आरक्षित हो जाने के कारण इन्होंने अपनी पत्नी को चुनाव मैदान में उतारा है। वार्ड पार्षद के लिए वार्ड 37 से राहुल कुमार ने पर्चा दाखिल किया है। महापौर के लिए अब तक कुल 111 ने पर्चा खरीद लिया है। बुडू नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चार लोगों ने पर्चा खरीदा। पंडित जी! हाथ में है या नहीं... जीत की रेखा झामुमो नेता रामशरण तिर्की सर्कुलर रोड में एक ज्योतिष के पास रुक गए। ज्योतिष से अपना हाथ दिखाया। ज्योतिष ने बताया कि अभी अच्छा समय चल रहा है, मेहनत करेंगे तो सफलता भी मिलेगी। इसके बाद वे पर्चा खरीदने आगे बढ़े। फोटो: माणिक बोस
नई गाइड लाइन (2026-2027) लागू होने के दो महीने पहले इंदौर की प्रॉपर्टी गाइड लाइन में 91 नई कॉलोनियां शामिल होंगी। इसके लिए महानिरीक्षक पंजीयन ने मंजूरी दे दी है। पंजीयन विभाग अपनी प्रक्रिया पूरी कर अगले सप्ताह से इसे लागू भी कर देगा। इसके बाद इन कॉलोनियों में प्लॉटधारक या प्रॉपर्टी लेने वाले रजिस्ट्री करवा सकेंगे। हालांकि इंदौर पंजीयन विभाग ने 101 कॉलोनियों का प्रस्ताव दिया था, लेकिन मुख्यालय से 10 कॉलोनियों में अलग-अलग तरह की विसंगति होने से उन्हें रोक दिया है। अब इन्हें अप्रैल से लागू होने वाली नई गाइड लाइन में ही जोड़ा जा सकेगा। वरिष्ठ जिला पंजीयक डॉ. अमरेश नायडू ने बताया कि मुख्यालय से 91 कॉलोनियों की मंजूरी आ गई है। जिन 10 कॉलोनियों को छोड़ा है, उनमें लोकेशन की प्रस्तावित दरों में कुछ विसंगतियां थीं। इसलिए फिलहाल उन्हें छोड़ा गया है। मालूम हो, सितंबर में 101 कॉलोनियों का प्रस्ताव दिया था, जिसे अब मंजूरी मिली है। इन्हें शामिल करने से आम लोगों को तो फायदा होगा ही, शासन को भी राजस्व मिलेगा। इन कॉलोनियों में 300 से ज्यादा रजिस्ट्री अगले माह होने के आसार हैं। कॉलोनियां, जिनमें अगले सप्ताह से हो सकेगी रजिस्ट्री बीसीएम पनास, एसएमजी हिल्स, क्लासिक मिडोस, शांति एलाइट, शांति सॉलिटेयर, पीएम एलाइट, विमल श्री हिल्स, दीप चित्रा पार्क, श्रीकृपा ग्रीन्स, प्रकृति विहार-बाल्याखेड़ी, नवरतन गोल्ड, पार्वती विहार, सार्थक स्क्वेयर, अक्ष नीम पाम, स्कॉय प्रीमियम सिटी, लीफ आइडियल, प्रणाम परिसर, बुल वेल एमिनेंस, मां गिन्नी विलास, श्रीनाथ गंगा सिटी, कृष्णा प्राइड, श्रीनाथ चंदन सिटी, श्री करणी कुंज, लीफ सिटी, ड्रीम कनक कॉरिडोर गोल्ड, श्री स्वस्तिक बिजनेस पार्क, स्काय मेगासिटी, शांति विहार एक्सटेंशन, पार्वती पार्क, सिंगापुर इंडस्ट्रियल पार्क, मंगला क्लासिक, रुद्राक्ष आनंद, धन सिटी, हीरा रेसीडेंसी एमवीएस आरंभ, वर्धमान आईरिश कॉरिडोर, अलक्क्षा कॉरिडोर बी, ल्यूमिनस कॉरिडोर-3 व अहाना रेसीडेंसी सहित अन्य कॉलोनियां शामिल हैं। 10 कॉलोनी/लोकेशन, जिन्हें फिलहाल नहीं मिली मंजूरी श्री कन्हैया विहार लिंबोदी, नंदमहल कॉलोनी खजराना, सिद्धि विनायक रेसीडेंसी खजराना, ट्यूलिप पार्क ब्राह्मणखेड़ी, शांति पैराडाइज लीला एस्टेट बारोली, शंकरा निकेतन बारोली, गुरुकृपा रेसीडेंसी गारीपिपल्या, शंकरा निकेतन एक्सटेंशन बारोली, तत्व ग्रीन मुकाता, वरदानिया एस्टेट मांगलिया सड़क। नई गाइड लाइन के लिए भी पंजीयन ने बुलाए प्रस्ताव वरिष्ठ जिला पंजीयक एवं संयोजक जिला मूल्यांकन समिति मंजुलता पटेल ने बताया वित्तीय वर्ष 2026-27 की गाइड लाइन तैयार करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। नई गाइड लाइन में नई लोकेशन या नई बनी कॉलोनियों को जोड़े जाने के लिए प्रस्ताव/आवेदन बुलाए हैं। इसके लिए संबंधित कॉलोनाइजर को आवेदन के साथ सभी अनुमतियों (टीएनसी नक्शा, रेरा आदि) सहित संबंधित कार्यालय वरिष्ठ जिला पंजीयक/जिला पंजीयक, इंदौर-1, 2, 3 व 4 में दे सकते हैं।
300 करोड़ खर्च होने के बावजूद रांची को 17 वर्षों में नहीं मिला सीवरेज सिस्टम
राजधानी को साफ-स्वच्छ बनाने के लिए 17 वर्ष पहले वर्ष 2008 में सीवरेज-ड्रेनेज बनाने की योजना बनी थी। सिंगापुर की कंपनी मैनहर्ट ने शहर को 4 जोन में बांटकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की थी, लेकिन मामला विवाद में फंस गया। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार सीवरेज-ड्रेनेज प्रोजेक्ट पर काम कराने के लिए तैयार हो गई, लेकिन इस प्रोजेक्ट से ड्रेनेज को अलग कर दिया। सिर्फ सीवरेज का काम कराने की स्वीकृति दी गई। इसके बाद नगर निगम ने वर्ष 2015 में सीवरेज प्रोजेक्ट पर काम शुरू कराया। तत्कालीन नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बजरा में इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया, लेकिन काम शुरू होने के 10 वर्ष बाद भी सीवरेज प्रोजेक्ट अधूरा है। गुजरात की एलसी इंफ्रा कंपनी सीवर लाइन बिछाने का काम कर रही है, लेकिन पिछले डेढ़ साल से काम लगभग बंद है। कंपनी की मांग पर नगर निगम ने सीवर लाइन का रूट बदलने का प्रस्ताव तैयार करके नगर विकास विभाग को भेजा है, लेकिन अभी तक इस पर स्वीकृति नहीं मिली है। प्लान बनाने से लेकर सीवरेज-ड्रेनेज के नाम पर अब तक करीब 300 करोड़ रुपए खर्च भी हो गए हैं, लेकिन इसका फायदा आम लोगों को नहीं मिला। अब शहर की नई सरकार पर शहर की 15 लाख की आबादी की निगाहें टिकी हैं। सीवरेज-ड्रेनेज बने, तभी शहर स्वच्छ किसी भी शहर के लिए सीवरेज-ड्रेनेज सबसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट होता है। जिस तरह सड़क विकास का पैमाना है, उसी तरह सीवरेज-ड्रेनेज प्रोजेक्ट शहर की स्वच्छता का मापदंड है। रांची नगर निगम ने कभी भी इस प्रोजेक्ट पर फोकस होकर काम नहीं किया। मैंने जब इस प्रोजेक्ट को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की तो कोर्ट के आदेश पर काम शुरू हुआ, पर अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल किया। इसलिए आज भी प्रोजेक्ट अधूरा है। जोन-1 के साथ अन्य 3 जोन में प्रोजेक्ट पूरा होगा, तभी शहर स्वच्छ होगा। 10 वर्ष में दो कंपनियों से नहीं बनवा पाए सीवरेज सिस्टम प्रोजेक्ट पूरा होने से फायदा: सीवर लाइन बिछने से जोन-1 के वार्ड नंबर 1 से 5 और 30 से 33 के अंतर्गत आने वाले करीब 100 मुहल्लों में स्थित घरों में सेप्टिक टैंक की उपयोगिता समाप्त हो जाती। घर में बने मल चैंबर की पाइप सीधे सीवर लाइन से जुड़ जाती। सेप्टिक टैंक भरने पर उसे साफ कराने की जरूरत नहीं पड़ती। वर्ष 2021: फरवरी 2021 में 218.87 करोड़ की लागत से एलसी इंफ्रा को बचे हुए काम को पूरा करने का ठेका दिया। मार्च 2023 में काम पूरा करना था, लेकिन अब तक मात्र 90 प्रतिशत काम हुआ है। ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह फेल: राजधानी बनने के 25 वर्ष बाद भी रांची में ड्रेनेज सिस्टम नहीं बना है। नालियों के निर्माण पर अब तक 200 करोड़ रुपए से अधिक खर्च किए गए हैं। इसके बावजूद सभी नालियां एक-दूसरे से नहीं जुड़ी हैं। नगर निगम, पथ निर्माण विभाग, जिला परिषद, आरआरडीए अपनी सुविधा के अनुसार नालियां बनाकर छोड़ देती हैं। वर्ष 2015: ज्योति बिल्डकॉन को 356 करोड़ में जोन-1 के 9 वार्ड में सीवरेज के काम का ठेका दिया गया। 2 वर्ष में काम पूरा होना था, पर 3 बार कंपनी को एक्सटेंशन दिया गया, फिर भी मात्र 100 किमी सीवर लाइन बिछी। मात्र 200 घरों के सीवर लाइन जुड़े: अभी तक 200 घरों की ही सीवर लाइन एसटीपी से जुड़ी है। खेलगांव से बूटी मोड़ रूट के सीवर लाइन को इससे जोड़ा गया है। पंडरा, पिस्कामोड़, रातू रोड, कांके रोड, मोरहाबादी होते हुए बरियातू रोड में बिछाई गई सीवर लाइन को एसटीपी से नहीं जोड़ा गया है। मेन लाइन बिछाने का एनओसी नहीं मिल रहा है। वर्ष 2008: मैनहर्ट कंपनी ने शहर को 4 जोन में बांटकर सीवरेज-ड्रेनेज प्रोजेक्ट की डीपीआर तैयार की थी, लेकिन यह विवादों में फंस गया। वर्ष 2014 में सीवरेज-ड्रेनेज प्रोजेक्ट में संशोधन करते हुए ड्रेनेज हटा दिया गया।
उदय ने कहा- मुझे नहीं बनना मेयर, फिर सीएम के समझाने पर माने
रांची नगर पालिका, डोरंडा नगर पालिका और वाटर बोर्ड को मिलाकर 15 सितंबर 1979 को रांची नगर निगम का गठन किया गया था। इसके बाद 1986 में पहली बार रांची नगर निगम का चुनाव हुआ। उस समय रांची में कुल 37 वार्ड हुआ करते थे। पार्षद ही मेयर व डिप्टी मेयर का चुनाव करते थे। चुनाव जीतने के बाद सभी बोर्ड का गठन नहीं हो पाया, क्योंकि बोर्ड के लिए 52 सदस्यों का कोरम पूरा होना अनिवार्य था। इसमें पार्षदों ने 5 सदस्यों का चयन नॉमिनेशन से किया था। अन्य सदस्यों का नॉमिनेशन सरकार की थी, लेकिन एक सदस्य का चयन नहीं हो पाया। इसके बाद एक ऑर्डिनेंस लाया गया कि 51 सदस्य का आंकड़ा पूरा होने पर भी बोर्ड का गठन किया जा सकता है। तब जाकर पहली बार 1989 में नगर निगम बोर्ड का गठन किया गया। मैं उस समय मेयर पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार था। सभी पार्षदों की सहमति भी थी, लेकिन कांग्रेस के कुछ बड़े नेता नहीं चाहते थे कि मैं मेयर बनूं। इसलिए मुझे आगे बढ़ने से रोकने की रणनीति बनी। कांग्रेस पार्टी की ओर से मेयर कैंडिडेट का चुनाव करने के लिए तत्कालीन बिहार सरकार के दो मंत्री सुखदेव प्रसाद व डुमर लाल बैठा को ऑब्जर्वर बनाकर रांची भेजा गया। दोनों मंत्री ने 1-1 पार्षद से सर्किट हाउस में बात की और फीडबैक लिया। अंतिम में मुझे बुलाया गया और कहा कि मेयर बनने के लिए जितने वोट चाहिए उससे 4 वोट अधिक आपके पास हैं, लेकिन पार्टी का निर्णय अंतिम होगा। इसके बाद बिहार के तत्कालीन मुख्यमंत्री भागवत प्रसाद आजाद ने रांची के तत्कालीन डीसी सजल चक्रवर्ती को मैसेज दिया कि मुझे लेकर पटना आएं। डीसी अपने साथ मुझे लेकर पटना गए। वहां सीएम साहब ने कहा कि इस बार आप पीछे हट जाइए, किसी दूसरे को सहयोग कीजिए, अगली बार आप मेयर बनेंगे। मैं उनकी बात नहीं काट पाया। रांची आने के बाद पता चला कि कांग्रेस नेताओं ने उदय प्रताप सिंह को मेयर बनाने का फैसला किया है। उनकी छवि अच्छी थी, लेकिन वे मेयर बनने के लिए तैयार नहीं थे। काफी समझाने के बाद वे मान गए। इसके बाद नगर निगम बोर्ड की बैठक बुलाई गई। मेयर के लिए उदय प्रताप सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सभी पार्षदों ने ध्वनि मत से स्वीकृत किया। इस तरह उदय प्रताप सिंह रांची के पहले मेयर बने। मेयर बनने के बाद उन्होंने रांची में जितने भी पार्क थे, उसके सौंदर्यीकरण की योजना बनाई, ताकि मनोरंजन के साधन मिलें। सड़क-नाली, साफ-सफाई का काम तेज हुआ। पहली बार लोगों को अफसरशाही से मुक्ति मिली थी। 90 के दशक में सालाना 7 लाख रुपए थी निगम की कमाई रांची के पहले मेयर रहे उदय प्रताप सिंह कहते हैं कि 90 के दशक में नगर निगम की कमाई काफी कम थी। मात्र 7 लाख सालाना कमाई थी। होल्डिंग-पानी के टैक्स की वसूली कम थी। कलेक्शन बढ़ाने के लिए सभी सरकारी संस्थानों को बकाया भुगतान का नोटिस दिया गया। उस समय सीसीएल के ऊपर 1.20 करोड़ बकाया था। नोटिस के बाद भी पैसा नहीं देने पर सीसीएल का पानी कनेक्शन कटवा दिया। इसके बाद सीसीएल ने हरेक माह 7 लाख रुपए बकाया देना शुरू किया। यह देख निगमकर्मियों को प्रत्येक माह की 2 तारीख को वेतन का भुगतान करने का निर्देश दे दिया। सफाईकर्मियों को उस समय 500 रुपया प्रतिमाह मिलते थे, मैंने उसे बढ़ाकर 1600 रुपए कर दिया।
इंदौर की 55% ट्रेनें LHB रैक वाली, इनमें सफर सुरक्षित
इंदौर से चलने वाली 55 फीसदी ट्रेनों को रेलवे ने अब पुराने पारंपरिक आईसीएफ कोच की जगह नए और आरामदायक एलएचबी रैक में बदल दिया है। यात्री दिल्ली, मुंबई, पुणे, हैदराबाद, यशवंतपुर सहित अन्य रूट पर इन्हीं रैक वाले ट्रेनों से सफर कर रहे हैं। ये कोच पहले से आरामदायक हैं। इसके अलावा सफर भी और सुरक्षित हो रहा है। नए रैक से ट्रेनें 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाई जा सकती हैं। इंदौर में रेलवे के पास 26 एलएचबी रैक हैं। रेलवे पीआरओ मुकेश कुमार के अनुसार यात्रियों की सुविधा और संरक्षा को ध्यान में रखते हुए इंदौर से प्रतिदिन चलने वाली 88 में से 50 से ज्यादा ट्रेनों का संचालन रेलवे एलएचबी रैक से कर रहा है। आने वाले समय में बाकी ट्रेनों को भी एलएचबी रैक से चलाया जाएगा। यह है एलएचबी रैक से फायदा (जानकारी रेलवे और एक्सपर्ट के अनुसार) इंदौर की यह प्रमुख ट्रेनें चल रही हैं एलएचबी रैक से इंदौर-दिल्ली सुपरफास्ट, इंदौर-नागपुर त्रिशताब्दी, इंदौर-देहरादून एक्सप्रेस, इंदौर-दौंड एक्सप्रेस, महू-यशवंतपुर एक्सप्रेस, इंदौर-वेरावल एक्सप्रेस, इंदौर-बीकानेर महामना एक्सप्रेस, इंदौर-ऊना हिमाचल एक्सप्रेस, इंदौर-लिंगमपल्ली हमसफर एक्सप्रेस आदि। मार्च से नर्मदा एक्सप्रेस भी नए रैक से चलेगी इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस को रेलवे अब एलएचबी रैक से चलाएगा। रेलवे पीआरओ ने कहा- 18233 इंदौर-बिलासपुर एक्सप्रेस 31 मार्च से और 18234 बिलासपुर-इंदौर एक्सप्रेस 30 मार्च से एलएचबी रैक से चलेगी। ट्रेन में एक फर्स्ट एसी, एक सेकंड एसी, पांच थर्ड एसी, नौ स्लीपर एवं चार सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे। ट्रेन के आगमन/प्रस्थान समय, ठहराव आदि में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है।
नेताजी ने 3 साल कूड़ा उठाने का पैसा नहीं दिया, अब चुका रहे
नगर निगम का चुनाव लड़ना नेताजी की जेब पर भारी पड़ रहा है, क्योंकि घर से कूड़ा उठाव का यूजर चार्ज नहीं देने वाले नेताजी अब कतार में लगकर पैसा भर रहे हैं। नेताजी जब एनओसी लेने के लिए नगर निगम जा रहे हैं तो उन्हें बताया जा रहा है कि अप्रैल 2022 से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी घरों से कूड़े का उठाव कर रही है। इसके बदले प्रत्येक माह यूजर चार्ज लेने की मांग की जा रही थी, लेकिन अधिकतर लोगों ने यूजर चार्ज नहीं दिया। अब जब तक यूजर चार्ज का भुगतान नहीं होगा तब तक एनओसी नहीं मिलेगा। ऐसे में एक प्रत्याशी को तीन साल के यूजर चार्ज का भुगतान एक मुश्त करना पड़ रहा है। तीन से चार हजार रुपए देने के बाद एनओसी मिल रहा है। इधर, नगर निगम से नो ड्यूज एनओसी लेने के लिए भी भागमभाग करनी पड़ रही है, क्योंकि निगम में होल्डिंग टैक्स और वाटर-वेस्ट यूजर चार्ज के लिए अलग-अलग स्थान पर काउंटर बनाए गए हैं। दो दिनों के दौरान करीब 100 लोगों ने एनओसी लिया।
नेताजी को लड़ना है निगम चुनाव, बिना पानी लिए भरना पड़ा टैक्स
वार्ड नंबर 38 के आदर्श नगर में वॉटर कनेक्शन दिया गया लेकिन आज तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई वार्ड नंबर- 38 के धुर्वा स्थित आदर्श नगर में जुडको की ओर से तीन साल पहले पानी का कनेक्शन दिया गया था। घरों के अंदर पाइप पहुंच गई है, लेकिन अभी तक पानी नहीं पहुंचा है। लेकिन इस क्षेत्र के नेताजी जब नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेने निगम पहुंच रहे हैं तो उनसे पानी का बिल मांगा गया। शुक्रवार को इस क्षेत्र के धनेश्वर ठाकुर को बिना पानी लिए 10 हजार से अधिक टैक्स का भुगतान करना पड़ा। उन्होंने निगम में बताया कि उनके घर में आज तक पानी नहीं आया है। ऐसे में किस बात का टैक्स। लेकिन उन्हें टका सा जवाब मिला कि पानी आया या नहीं उससे कोई मतलब नहीं है। आपके नाम पर बकाया दिखा रहा है तो देना ही होगा। नामांकन भरने के चक्कर में उन्होंने जैसे-तैसे पैसा जुगाड़ करके निगम में जमा किया।
इस खबर में सुकून है!:रानी सराय में उन 200 पेड़ों को काटने पर रोक, जिन पर हजारों तोते बैठते हैं
रीगल तिराहा स्थित रानी सराय के वो 200 पेड़, जिन पर हजारों तोते रोजाना बैठते हैं, उन्हें काटने पर हाई कोर्ट ने अंतरिम रोक लगा दी है। शाम 5 बजे से तोते आकर इन पेड़ों पर बैठते हैं फिर तड़के तक बैठने के बाद उड़ जाते हैं। शाम 5 से 7 बजे के बीच तोतों का इतना शोर रहता है कि पड़ोस के व्यक्ति से बात करना तक मुश्किल लगता है। यहां से गुजरने वालों को तोतों का आकर बैठना और उनका शोर बेहद आनंद देता है। मेट्रो के लिए रानी सराय में काम शुरू किया गया है। नीले रंग के ऊंचे-ऊंचे पतरे पेड़ों से सटकर लगाए भी गए हैं। केवल पतरे लगाने का ही यह असर हुआ कि सैकड़ों तोते पेड़ों पर बैठने से ठिठक रहे हैं। जस्टिस विजय कुमार शुक्ला, जस्टिस आलोक अवस्थी की डिविजन बेंच के समक्ष इस मामले की सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता लवीश सारस्वत ने पैरवी की। याचिका में उल्लेख है कि रानी सराय परिसर में छोटे-बड़े 200 पेड़ हैं। 200 में से एक भी पेड़ ऐसा नहीं है, जिस पर कम से कम 200 तोते न बैठते हों। इन पेड़ों को मेट्रो के लिए काटा जाना है। बीच शहर में केवल यही ऐसा स्थान है, जहां इतनी संख्या में तोते बैठते हैं। पेड़ कटे तो परिंदों का आशियाना नष्ट हो जाएगा। राज्य सरकार ने खुद दे रखा है तोतों को संरक्षण राज्य सरकार ने तोतों की घटती संख्या को देखते हुए इन्हें खुद संरक्षण दे रखा है। वन विभाग ने शेड्यूल-2 यानी इनकी संख्या लगातार कम होने की सूची में रखी है। तोते को कोई जान से मारता है, शिकार करता है तो उस पर 1 लाख रुपए का जुर्माना या तीन साल तक की सजा दी जा सकती है। कबूतरों की संख्या इसी क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहीगांधी प्रतिमा, रानी सराय बिल्डिंग और चौराहे के चारों तरफ के भवनों पर हजारों की संख्या में कबूतर हो गए हैं। तोतो से कई गुना ज्यादा कबूतरों की संख्या हो गई है। गांधी प्रतिमा के नीचे लोग दाना डालते हैं, जिसके चलते कबूतरों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। तोते व मोर के आशियाने पर जगह-जगह संकट हुकमचंद मिल के हजारों पेड़ों पर भी बैठने वाले तोतों व अन्य पक्षियों पर संकट है। मिल की जमीन हाउसिंग बोर्ड को मिल चुकी है। यहां पर व्यावसायिक निर्माण किया जाना है। इसके लिए सैकड़ों की संख्या में पेड़ कटना है। मिल का मिनी फॉरेस्ट जैव विविधता का बड़ा केंद्र है।
मुख्य सचिव की पत्नी को ईडी ने भेजा नोटिस, दस्तावेज मांगा
जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने झारखंड के मुख्य सचिव अविनाश कुमार की पत्नी प्रीति कुमार को नोटिस जारी किया है। ईडी ने बरियातू रोड स्थित बर्लिन अस्पताल की कथित जमीन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है। बर्लिन अस्पताल की जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर ईडी पिछले तीन वर्षों से जांच कर रही है। जांच के दौरान जमीन की मापी और मूल्यांकन कराया जा चुका है। -शेष पेज 11 पर 12 कट्ठा जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री हुई ईडी की जांच में पता चला है कि बड़गाई अंचल के खाता नंबर 54 के प्लॉट नंबर 2711 की करीब 12 कट्ठा जमीन की गलत तरीके से खरीद-बिक्री की गई। जमीन बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर बेची गई। पहले यह जमीन डॉ. नलिनी रंजन सिन्हा और ऊषा सिन्हा ने खरीदी थी। बाद में प्रीति कुमार और टीएम ठाकुर को बेची गई। ईडी का आरोप है कि जमीन की प्रकृति में बदलाव कर खरीद-बिक्री की गई और बाद में उसी जमीन पर बर्लिन अस्पताल का निर्माण कराया गया।
छापे में 3 करोड़ कैश मिले, सबसे ज्यादा 1.25 करोड़ योगेश साहू के फ्लैट से
बाबा राइस मिल ग्रुप और चावल आढ़तियों (कमीशन एजेंट) के 42 ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रही। आयकर विभाग की टीम गुरुवार से ही रांची, जमशेदपुर, पटना, गया और औरंगाबाद में इनके ठिकानों पर छानबीन कर रही है। अब तक तीन करोड़ रुपए से ज्यादा कैश और ज्वेलरी मिली है। सबसे ज्यादा 1.25 करोड़ रुपए कैश राइस मिल ग्रुप के मुख्य प्रोपराइटर योगेश साहू के रांची में बरियातू रोड स्थित ला विस्टा अपार्टमेंट के फ्लैट से मिले। आयकर टीम ने इस राशि के स्रोत की जानकारी मांगी तो वे इसका दस्तावेज नहीं दिखा सके। इसके अलावा उनके अन्य सहयोगियों के ठिकानों से 75 लाख, 50 लाख, 20 लाख और 10-10 लाख रुपए कैश मिले हैं। प्रॉपर्टी के भी कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं। आयकर विभाग की टीम ने गुरुवार सुबह 7 बजे से बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग प्रा. लि. से जुड़े निदेशकों व आढ़तियों के यहां छापेमारी शुरू की थी। इसमें 500 से अधिक आयकर के अधिकारी व कर्मचारी शामिल हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक छापेमारी अभी दो दिन और जारी रहेगी। कई फैक्ट्री और गोदाम मिले, जिनका आयकर रिटर्न में जिक्र नहीं आयकर विभाग को कई ऐसे फैक्ट्री और गोदाम की भी जानकारी मिली है, जिनका आयकर रिटर्न में जिक्र नहीं है। अब आयकर विभाग की टीम उद्योग विभाग के माध्यम से इसका वैल्यूएशन करा रही है, ताकि पता चल सके कि इन फैक्ट्री और गोदाम से कितनी कमाई कर चुके हैं और इसके माध्यम से कितने की टैक्स चोरी की गई है। वैल्यूएशन के बाद विभाग इस पर जुर्माना लगा सकता है। इसके अलावा जब्त ज्वेलरी का भी वैल्यूएशन कराया जा रहा है। झारखंड-बिहार में इन ठिकानों पर चल रही रेड रांची के नगड़ी स्थित बाबा राइस मिल, हरमू स्थित कार्यालय, कांके रोड स्थित कंपनी संचालक मनीष साहू के आवास और बरियातू रोड स्थित प्रोपराइटर योगेश साहू के आवास पर टीम छानबीन कर रही है। इसके अलावा जमशेदपुर के सर्किट हाउस क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज चौधरी के आवास, बिहार के गयाजी में धान के थोक कारोबारी राजेश साव और गौरीशंकर गुप्ता के आवास और गोदाम पर भी छापेमारी अभी चल रही है। औरंगाबाद में बाबा राइस मिल और सीता राइस मिल के परिसरों की भी तलाशी चल रही है। इनके अलावा बाबा एग्रो फूड और बाबा फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एस मोहंती, राज कुमार लाखोटिया, संचिता जायसवाल, मनीष कुमार, राखी साहू, एकता साहू, अमित कुमार और ज्ञान प्रकाश साहू के आवास और कार्यालयों पर भी आयकर की टीम की छानबीन जारी है। विभाग डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों को खंगाल रहा है। आढ़तियों के मोबाइल में मिले सबूत, हवाला से आता था पैसा आयकर विभाग 15 बड़े आढ़तियों के यहां भी छापेमारी कर रही है। इन आढ़तियों के मोबाइल की जांच में हवाला के 10-10 रुपए के नोट के स्क्रीन शॉट मिले हैं। इससे साफ हो गया है कि आढ़तियों के पास हवाला के माध्यम से पैसे आते थे। इस नोट के स्क्रीन शॉट के माध्यम से ये एक-दूसरे को बड़ी राशि ट्रांसफर करते थे। आयकर विभाग अब यह पता लगा रहा है कि इन आढ़तियों ने हवाला से किसे कितने रुपए भेजे। गौरतलब है कि हवाला से पैसे भेजने के लिए सिर्फ भुगतान के निर्देश और कोड का आदान-प्रदान होता है। पूरा धंधा हवाला कारोबारियों के नेटवर्क के बीच विश्वास पर निर्भर करता है।
जवाब में विनय चौबे ने साध ली चुप्पी... आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में निलंबित आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे से एसीबी ने पूछताछ शुरू कर दी है। उन्हें चार दिन के रिमांड पर शुक्रवार को एसीबी मुख्यालय लाया गया। अब चार दिन तक उनसे पूछताछ होगी। एसीबी ने पहले दिन विनय चौबे से उनकी आय, संपत्ति, निवेश और विदेश यात्रा से जुड़े सवाल किए, लेकिन अधिकतर सवालों पर उन्होंने चुप्पी साध ली। एसीबी ने चौबे से पूछा कि आपने कितनी बार सरकार को जानकारी देकर विदेश यात्राएं कीं। चौबे ने कहा कि जितनी बार गया, सरकार को जानकारी दी। एसीबी ने कहा- आपने 12 बार विदेश यात्राएं कीं, लेकिन सरकार को सिर्फ 10 विदेश यात्राओं की ही जानकारी दी। आप 2010 में अमेरिका और हॉन्गकॉन्ग की यात्रा पर गए, लेकिन इसकी जानकारी सरकार को नहीं दी, क्यों? इस सवाल का विनय चौबे ने कोई जवाब नहीं दिया। एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में अनुसंधान के दौरान राज्य सरकार से उनकी विदेश यात्राओं के संबंध में जानकारी जुटाई है। उसी साक्ष्य के आधार पर उनसे पूछताछ चल रही है। विनय सहित 7 पर दर्ज है केस, 4 लोगों से हो चुकी है पूछताछ एसीबी ने 24 नवंबर को विनय चौबे समेत सात लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में उनकी पत्नी स्वप्ना संचिता, ससुर एसएन त्रिवेदी, साला शिपिज त्रिवेदी, सरहज प्रियंका त्रिवेदी, सहयोगी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को भी आरोपी बनाया गया है। इस मामले में एसीबी स्वप्ना संचिता, एसएन त्रिवेदी, शिपिज त्रिवेदी और प्रियंका त्रिवेदी से पूछताछ कर चुकी है। विनय सिंह दूसरे मामले में हजारीबाग जेल में बंद है, वहीं उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह फरार चल रही हैं। आज नोएडा फ्लैट से रांची प्लॉट तक से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे: एसीबी शनिवार को उनसे रिश्तेदारों के नाम नोएडा, रांची और अशोक नगर की कई संपत्तियों को लेकर गहन पूछताछ करेगी। जांच के दौरान इन संपत्तियों में काले धन के निवेश के स्पष्ट संकेत मिलने के बाद एसीबी ने सवाल तैयार कर रखे हैं। एसीबी को जांच में चौबे के साले शिपिज त्रिवेदी के नाम नोएडा स्थित फ्लैट, रांची में सरहज प्रियंका त्रिवेदी के फ्लैट और अशोक नगर में ससुर एसएन त्रिवेदी के नाम प्लॉट व आवास से जुड़े अहम दस्तावेज मिले हैं। सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए हैं। एसीबी संपत्तियां बेचने वालों, रिश्तेदारों और सहयोगियों से पहले ही पूछताछ कर चुकी है। एसीबी ने शुक्रवार को विनय चौबे के दो चार्टर्ड अकाउंटेंट उपेंद्र शर्मा और धनंजय कुमार से भी दूसरे दिन लगातार पूछताछ की। उनसे पूछा गया कि एक निर्धारित अवधि में विनय चौबे की आय 2.20 करोड़ रुपए रही, जबकि उनके नियंत्रण वाले खातों में 3.47 करोड़ का ब्यौरा मिला। इसकी जानकारी उन्हें दी गई थी या नहीं। दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट इस संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। दोनों से विनय चौबे के रिश्तेदारों के नाम चल-अचल संपत्तियों, उनके द्वारा किए गए निवेश के बारे में भी सवाल पूछे गए। दोनों चार्टर्ड अकाउंटेंट ने एसीबी को बताया है कि रिटर्न फाइल करने के लिए जो जानकारी उनकी ओर से दी जाती थी, वे सिर्फ उन्हीं का हिसाब-किताब रखते थे।
जनता तक पहुंचने की कतार... मतदाता सूची खरीदने के लिए 2-2 घंटे करना पड़ रहा इंतजार
रांची नगर निगम चुनाव में नामांकन का दूसरा दिन समाप्त हो गया है। चुनाव लड़ने वालों की कतार बढ़ती जा रही है। लेकिन नेताजी को नॉमिनेशन से पहले नगर निगम का एनओसी, मतदाता सूची सहित अन्य सरकारी कागजात निकालने में पसीना छूट रहा है। क्योंकि, कागजात उपलब्ध कराने का सिस्टम इतना अधिक धीमा है कि नेताजी को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। लेकिन जनता तक पहुंचने से पहले इस परीक्षा से गुजरना अनिवार्य है, इसलिए इंतजार के साथ भागमभाग करना मजबूरी बन गई है। शुक्रवार को ऐसी ही आपाधापी का माहौल समाहरणालय और नगर निगम में दिखा। एक ओर समाहरणालय में मतदाता सूची खरीदने के लिए प्रत्याशियों की कतार लग गई। 100 से अधिक लोग कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करने लगे। एक मतदाता सूची लेने में लोगों को डेढ़ से दो घंटे का समय लग गया। मतदाता सूची के लिए लोगों ने 1100 से 2300 रुपए तक देना पड़ रहा है। मतदाता सूची के प्रत्येक पेज के अनुसार पैसे लिए जा रहे हैं। इधर, नगर निगम से नो ड्यूज एनओसी लेने के लिए भी भागमभाग करना पड़ रहा है। क्योंकि, निगम में होल्डिंग टैक्स और वाटर-वेस्ट यूजर चार्ज के लिए अलग-अलग स्थान पर काउंटर बनाए गए हैं। दो दिनों के दौरान करीब 100 लोगों ने एनओसी लिया। इस दौरान निगम को बकाया के रूप में करीब पांच लाख रुपए मिले।
नौकरी छोड़ पति के साथ रहने के लिए विवश नहीं किया जा सकता : कोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस एसएन प्रसाद और जस्टिस एके राय की अदालत ने दांपत्य अधिकारों की बहाली को लेकर दाखिल याचिका पर अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पत्नी को अपनी नौकरी छोड़कर पति के साथ रहने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि नौकरी जारी रखना पति से अलग रहने का एक उचित व वैध कारण हो सकता है। अदालत ने पाकुड़ कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए प्रार्थी जितेंद्र आजाद की याचिका खारिज कर दी। प्रार्थी जितेंद्र आजाद ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा-9 के तहत पत्नी मीना गुप्ता के खिलाफ दांपत्य अधिकारों की बहाली के लिए याचिका दाखिल की थी। आरोप था कि पत्नी बिना किसी उचित कारण के उन्हें छोड़कर अलग रह रही है। जबकि, पत्नी ने अदालत को बताया कि पति और ससुराल वालों ने 10 लाख की दहेज की मांग की थी, ताकि स्कार्पियो खरीदी जा सके। उस पर सरकारी नौकरी छोड़ने का दबाव बनाया जा रहा था। पत्नी वर्तमान में पाकुड़ में है और वह सरकारी प्लस टू स्कूल में सहायक शिक्षिका हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि आधुनिक समाज में महिला को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर रहने का पूरा अधिकार है। पत्नी का नौकरी जारी रखना अनुचित आचरण नहीं माना जा सकता है।
9 मिनट की फ्री पार्किंग लेन में रोज फंस रहे वाहन, यात्रियों-कर्मियों में हो रही नोकझोंक
रांची का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट एक बार फिर पार्किंग अव्यवस्था को लेकर सुर्खियों में है। यहां फ्री पार्किंग को लेकर आए दिन पार्किंग कर्मियों और निजी वाहन चालकों के बीच बहस और नोकझोंक होती रहती है। पिछले कुछ दिनों तक स्थिति शांत थी, लेकिन यात्रियों की संख्या बढ़ते ही एक बार फिर फ्री पार्किंग लेन में झंझट शुरू हो गया है। दिसंबर और जनवरी में इंडिगो संकट और कोहरे के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई थी, लेकिन अब हालात सामान्य हो गए हैं। अभी रोज करीब 8 हजार यात्री एयरपोर्ट से आवाजाही कर रहे हैं, जबकि लगभग ढाई से तीन हजार निजी वाहन रोजाना एयरपोर्ट पहुंच रहे हैं। वाहनों की संख्या बढ़ते ही फ्री पार्किंग लेन में अव्यवस्था फिर सामने आने लगी है। यात्रियों और वाहन चालकों का आरोप है कि पार्किंग कर्मी जानबूझकर फ्री पार्किंग लेन में वाहनों को देर तक रोके रखते हैं और लंबी कतार लगवा देते हैं, जिससे नौ मिनट की नि:शुल्क समय-सीमा पूरी हो जाती है और वाहन चालकों को शुल्क देना पड़ता है। कुछ यात्रियों ने पार्किंग पर्ची काटने में गड़बड़ी के आरोप भी लगाए हैं। वहीं, कई वाहन चालकों का कहना है कि पार्किंग कर्मियों का व्यवहार भी अक्सर अभद्र रहता है, जिससे विवाद की स्थिति बन जाती है। इधर, पार्किंग वालों ने कहा कि कई वाहन चालक पार्किंग शुल्क देना ही नहीं चाहते। बढ़ती यात्री संख्या के बावजूद पार्किंग व्यवस्था में सुधार नहीं होने से यात्रियों और वाहन चालकों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पार्किंग कर्मी बोले... कई वाहन चालक शुल्क नहीं देना चाहते, झंझट करते हैं वाहन पार्किंग कर्मियों का कहना है कि कई वाहन चालक पार्किंग शुल्क देना ही नहीं चाहते, जिस कारण विवाद की स्थिति बनती है। उनका आरोप है कि भुगतान के समय जानबूझकर देरी की जाती है और पैसे निकालने में समय लगाया जाता है, जिससे पीछे खड़ी अन्य गाड़ियों को भी परेशानी होती है और लाइन लंबी हो जाती है। पर्ची पर दर्ज समय के आधार पर ही शुल्क लिया जाता है और किसी के साथ मनमानी नहीं की जाती। पार्किंग चार्ज... निजी वाहन: 9 मिनट तक नि:शुल्क निजी वाहन: 9.01 मिनट से 30 मिनट तक 30 रुपए, 30 से 120 मिनट तक 40 रुपए कॉमर्शियल वाहन: 9.01 मिनट से अधिक होने पर 116 रुपए। प्रीमियम पार्किंग: 30 मिनट तक 75 रुपए, 30 से 120 मिनट तक 80 रुपए, दो घंटे से सात घंटे तक 80 रुपए व हर घंटे 10 रुपए अतिरिक्त और 24 घंटे तक 240 रुपए। सभी शिकायतें सही नहीं, सबको संतुष्ट करना आसान नहीं: डायरेक्टर एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार का कहना है कि यात्रियों को पूरी तरह संतुष्ट करना आसान नहीं है। यात्रियों की सभी शिकायतें सही हों, ऐसा भी जरूरी नहीं है। हालांकि, कुछ आरोप सही हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि पार्किंग कर्मियों को लगातार निर्देश दिए जाते हैं और पार्किंग से जुड़ी समस्याओं पर बैठकों में भी चर्चा होती है। पार्किंग कर्मी जानबूझकर देरी करते हैं: वाहन मालिक आशीष मंडल ने कहा कि एयरपोर्ट पर नौ मिनट नि:शुल्क पार्किंग का लाभ मिलना असंभव है। एंट्री के समय टर्मिनल के पास इतनी भीड़ रहती है कि यात्रियों को लेने में ही 5 मिनट का समय लग जाता है। विमान के आने के समय फ्री पार्किंग लेन में अत्यधिक भीड़ हो जाती है। आरोप है कि इस दौरान पार्किंग कर्मी भी जानबूझकर देरी करते हैं, जिससे नि:शुल्क समय सीमा पूरी हो जाती है। सृष्टि पांडेय ने कहा कि बाहर से आने वाली गाड़ियों को पार्किंग में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उनका आरोप है कि पार्किंग कर्मी जानबूझकर नौ मिनट की नि:शुल्क समय-सीमा पार करवा देते हैं और लाइन में लगी गाड़ियों को देर से छोड़ा जाता है।
फरीदाबाद में आज (शनिवार को) देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सूरजकुंड पहुंच रहे हैं। वह यहां पर 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। वहीं, 15 फरवरी को समापन समारोह के दौरान राज्यपाल प्रोफेसर आशीष कुमार घोष मुख्य अतिथि होंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री मनोहर लाल, हरियाणा पर्यटन मंत्री अरविंद शर्मा सहित सरकार के मंत्री एवं विधायक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। इसे लेकर प्रशासन की तरफ से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। पहली बार 1987 लगा था मेला बता दें कि, सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला 1987 में शुरू हुआ था। यह मेला भारतीय लोक कला, हस्तशिल्प, संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। उस समय इसका उद्देश्य देश के कारीगरों को अपनी कला प्रदर्शित करने और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। यह मेला फरीदाबाद में अरावली की तलहटी में 10वीं शताब्दी के ऐतिहासिक सूरजकुंड के निकट आयोजित किया जाता है। सूरजकुंड का निर्माण 10वीं शताब्दी में तोमर वंश के राजा सूरजपाल ने करवाया था। यह स्थल एक प्राचीन जलाशय के रूप में जाना जाता है और इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण मेले का नाम भी सूरजकुंड पड़ा। इस मेले की शुरुआत वर्ष 1987 में तत्कालीन सचिव पर्यटन, भारत सरकार एसके मिश्रा एवं तत्कालीन सचिव पर्यटन, हरियाणा एसके शर्मा के प्रयासों से हुई थी। 31 जनवरी से 15 फरवरी तक चलेगा मेला मेला 31 जनवरी से शुरू होकर 15 फरवरी तक चलेगा। इसमें 45 के करीब देशों से कलाकार और शिल्पकार भाग ले रहे है। इस बार मेले परिसर को बढ़ाकर 42.5 एकड़ किया गया है। मेला स्टॉल की संख्या को 1200 से बढ़ार 1300 कर दिया गया है। यूपी और मेघालय थीम स्टेट ,इजिप्ट पार्टनर कंट्री मेले में इस बार यूपी और मेघालय को थीम स्टेट बनाया गया है। वहीं, इजिप्ट को पार्टनर कंट्री बनाया गया है। साथ ही नॉर्थ ईस्ट के राज्यों को कल्चरल पार्टनर बनाया गया है। मेले में देश-विदेश के शिल्पकारों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प और हाथ से बने उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री की जाएगी। साथ ही पार्टनर कंट्री और थीम स्टेट के विशेष फूड स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यूपी की शिल्प विरासत बनेगी केंद्र बिंदू थीम स्टेट उत्तर प्रदेश के पवेलियन में फिरोजाबाद की कांच की चूड़ियां, कन्नौज की इत्र परंपरा, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी और वाराणसी, लखनऊ व भदोही की जरी-जरदोजी कला को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। ओडीओपी योजना के तहत प्रदेश के 40 विशेष हस्तशिल्प स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे स्थानीय कारीगरों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला दिखाने का अवसर मिलेगा। दिनभर सांस्कृतिक रंग, फैशन शो भी होंगे मेले में रोजाना सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ तीन विशेष अवसरों पर फैशन शो भी होंगे, जिनमें पारंपरिक और आधुनिक परिधानों के साथ आभूषणों की झलक देखने को मिलेगी। क्यूआर कोड और फास्टैग से मिलेगी स्मार्ट सुविधा मेला परिसर के गेट पर विभिन्न जिलों की पहचान को दर्शाने वाले डिजाइन बनाए जाएंगे। हर शिल्प और जिले के लिए विशेष साइनेज और क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिनके जरिए पर्यटक शिल्प निर्माण प्रक्रिया और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि की जानकारी ले सकेंगे। पर्यटकों की सुविधा के लिए पार्किंग शुल्क का भुगतान फास्टैग के जरिए भी किया जा सकेगा। नकद और अन्य डिजिटल भुगतान विकल्प भी उपलब्ध रहेंगे। प्रशासन ने पांच स्थानों पर पार्किंग स्थल विकसित किए हैं, जहां एक साथ हजारों वाहन खड़े किए जा सकेंगे। पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति की भी झलक इस बार सूरजकुंड मेले में पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति भी खास तौर पर प्रदर्शित की जाएगी। अरुणाचल प्रदेश के तवांग मठ, असम के कामाख्या मंदिर और मेघालय की खासी हिल्स जैसे पर्यटन स्थलों की झलक के साथ-साथ आठों पूर्वोत्तर राज्यों की लोक कला, पारंपरिक वेशभूषा और खानपान पर्यटकों को आकर्षित करेगा। सुरक्षा को लेकर 2000 कर्मचारी और 600 से अधिक सीसीटीवी मेले की सुरक्षा के लिए 2000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि 17 एसीपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत मेले को 6 पुलिस जोन में बांटा गया है। कुल 5 प्रवेश द्वार बनाए गए हैं, जिनमें VVIP गेट भी शामिल है। सभी प्रवेश द्वारों पर DFMD और HHMD लगाए गए हैं। मेला परिसर में 600 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा 12 मचान, 10 पिकेट, डॉग स्क्वायड, बम निरोधक दस्ता और ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए 11 सामान्य पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इसके साथ ही 4 पीसीआर और 6 राइडर दिन-रात दो शिफ्टों में गश्त करेंगी। 120 से 150 रुपए तक का टिकट सूरजकुंड मेले को देखने जाने वालों को इस बार 120 से 150 रुपए में टिकट मिलेगा। वीकेंड पर टिकट थोड़ा महंगा रहेगा। वीकेंड पर आपक 150 से 200 रुपए के बीच टिकट मिलेगा। 5 साल से कम बच्चों की एंट्री फ्री रहेगी। 5 साल से ऊपर के बच्चों का टिकट 60 रुपए से 100 रुपए के बीच रहेगा। वहीं मेले के अंदर लगाए गए झूलों को अलग से टिकट लेना पड़ेगा।
पुलिस ही खेला रही जुआ... हर राउंड में हर व्यक्ति से 100 रूपए वसूली
राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने की जिम्मेदारी जिस पुलिस पर है, वही काले धंधों की 'सरपरस्त' बन बैठी है और इसके लिए पुलिस ने बाकायदा रेट तक तय कर रखा है। जुआ खिलाने से लेकर ब्राउन शुगर की बिक्री तक, हर गैरकानूनी काम के बदले वसूली का अलग-अलग रेट है और सब कुछ पुलिस के संरक्षण में चल रहा है। जुआ खेलने वालों से पुलिस हर राउंड का पैसा लेती है, जबकि ब्राउन शुगर बेचने वालों के लिए महीना फिक्स कर रखा है। शुक्रवार को सोशल मीडिया में इसका ऑडियो-वीडियो वायरल हुआ, जो कुछ दिन पहले का बताया जाता है। हालांकि, भास्कर इस वायरल ऑडियो-वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। वायरल ऑडियो-वीडियो में एक पुलिसकर्मी जुआ खिलाने का पैसा लेते हुए दिखाई दे रहा है तो किसी पर ब्राउन शुगर बेचवाने के लिए पैसे लेने का आरोप लग रहा है। वीडियो में जुआ खेल रहे लोगों के पास खड़ा एक पुलिसकर्मी कार्रवाई करने के बजाए पैसे की डिमांड कर रहा है। प्रत्येक राउंड में उसे पैसा देने की बात जुआ खेल रहा एक युवक करता है। वीडियो में उसकी आवाज स्पष्ट रिकॉर्ड है। जुआ खेल रहा एक युवक कुछ देर बाद पुलिसकर्मी के हाथ में पैसे भी देता है, जिसे वह अपने पास रख लेता है। सुरक्षाकर्मी ने ही दिया बाइक चोरी का ठेका, चोर को खर्चा देने का आश्वासन वायरल ऑडियो पुलिसकर्मी दिलीप कुमार का बताया जा रहा है, जो अभी लालपुर थाना क्षेत्र स्थित पीसीआर-7 में तैनात है। सुरक्षा में तैनात दिलीप फोन पर बातचीत करते हुए युवक को सौरभ और अन्य के घर से बाइक चोरी करने का ठेका दे रहा है। इसके लिए वह चोर को खर्चा देने का भी आश्वासन दे रहा है। बाइक में तैनात जयकांत और पीसीआर में तैनात पुलिसकर्मियों को शराब पीने के अलावा पैसा लेते हुए वीडियो बनाने का भी ठेका दिलीप ने फोन पर बातचीत के दौरान उक्त युवक को दिया। इस संबंध में जब दैनिक भास्कर ने आरोपी दिलीप से बातचीत की तो उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि यह काफी पुराना ऑडियो-वीडियो है। किसी ने दुश्मनी साधने की नीयत से इसे वायरल किया है। इस मामले में पहले ही उसे अरगोड़ा से हटाकर लालपुर भेज दिया गया है। टाइगर जवान व पीसीआर चालक बेचवाते हैं ब्राउन शुगर, महीने में वसूल रहे 2 से 5 हजार रुपए वायरल वीडियो में एक महिला तस्कर ने टाइगर जवान सयूब अंसारी और पीसीआर के चालक निरंजन को पैसा देने की बात कही है। महिला ने कहा है कि निरंजन को 2 हजार रुपए देते थे। जेल जाने के बाद पैसा देना बंद कर दिया। वहीं टाइगर जवान पर भी पैसा लेने का आरोप लगाते हुए कहती है कि सयूब अंसारी ब्राउन शुगर बेचने को कहते हैं। इसके एवज में वह 5 हजार रुपए महीना लेते हैं। वहीं एक तस्कर जब पैसा देने से इंकार किया, तो वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने उससे मारपीट शुरू कर दी। मारपीट कर रहे पुलिसकर्मी का नाम आरिफ बताया जा रहा है।
लुधियाना के जगराओं में वो परिवार सामने आ गया है जिसे रेबीज के लक्षण बता कर PGI चंडीगढ़ रेफर किया था। परिवार के सातों सदस्य बिल्कुल ठीक हैं और अपने घर पहुंच चुके हैं। परिवार का कहना है कि पांच छह दिन पहले उनके एक बच्चे के हाथ में कुत्ते का दांत लग गया था। उसे टीका लगवाने के लिए सिविल अस्पताल ले गए थे। पूरा परिवार साथ ही था। डॉक्टर ने बच्चे को चेक किया और कहा कि इसे बड़ी बीमारी है। इसको PGI चंडीगढ़ ले जाना पड़ेगा। परिवार का कहना है कि डाॅक्टरों ने एंबुलेंस में पूरा परिवार बैठाया और चंडीगढ़ पीजीआई भेज दिया। पीजीआई के डॉक्टरों ने उन्हें चेक किया और बिना टेस्ट किए कह दिया कि तुम्हें कोई बीमारी नहीं है अपने घर जाएं। उनका कहना है कि पीजीआई के डॉक्टरों ने रात को 12 बजे उन्हें वापस भेज दिया था। हालांकि, परिवार को एतिहात के तौर पर सोमवार को फिर से ब्लड सेंपल देने के लिए बुलाया गया है ताकि यह कंफर्म हो जाए कि उन्हें रेबिज नहीं हुआ है। परिवार बोला, सभी स्वस्थ हैं संतोष कुमार ने बताया कि उनका पूरा परिवार स्वस्थ्य है। उन्होंने कहा कि उन्हें आज सुबह पता चला कि सभी जगह खबरें चल रही हैं कि उनको कुत्ते के काटने वाली बीमारी हो गई है। उन्हें डर है कि इस वजह से उनकी रोजी रोटी न चले जाए। बच्चे के हाथ में कुत्ते का दांत लगा था संतोष कुमार ने बताया कि उनके घर के पास एक कुत्ता है और चार पांच दिन पहले खेलते हुए उसके हाथ में कुत्ते का दांत लग गया था। एतिहात के तौर पर उसे इंजेक्शन लगाने के लिए सिविल अस्पताल ले गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने पूछा तो उन्हें बताया कि उनका एक पालतू कुत्ता भी था जिसने सभी को अलग अलग समय पर काटा था। करीब छह महीने प हले उसे छोड़ दिया था। उसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि उनमें खतरनाक बीमारी के लक्षण हैं। डाॅक्टरों ने फिर उन्हें टीका भी नहीं लगाया। पीजीआई के डॉक्टरों ने कहा, कुछ नहीं हुआ संतोष कुमार ने बताया कि जब उनका परिवार एंबुलेंस में जा रहा था तो डॉक्टरों ने सभी को मास्क पहना दिए थे। पूरा परिवार सहमा हुआ था कि आखिर उन्हें कौन सी बीमारी हो गई। लेकिन जब पीजीआई पहुंचे तो वहां डॉक्टरों ने देखा और कहा कि कुछ नहीं हुआ घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने कहा कि अगर बीमारी होती तो तुम्हें घर नहीं भेजते बल्कि एडमिट करते। उसके बाद पीजीआई के डाॅक्टरों ने उन्हें वापस भेज दिया। पीजीआई के डॉक्टरों ने सिविल अस्पताल जगराओं को भी सूचित कर दिया कि इनमें रेबिज के कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैंं। SMO बोली दो बच्चों के लक्षण दिख रहे थे जगराओं सिविल अस्पताल की एसएमओ डॉ गुरविंदर कौर के अनुसार संतोष कुमार की 15 वर्षीय लड़की और 10 वर्षीय बच्चे में कुछ लक्षण दिखाई दे रहे थे, जिस पर उन्होंने पीजीआई से संपर्क किया। पीजीआई की सलाह पर परिवार को जांच के लिए रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि परिवार उस समय काफी डरा हुआ था।एसएमओ ने यह भी कहा कि परिवार ने बताया था कि उनके पालतू कुत्ते ने परिवार के लोगों को दांत मारे थे। जबकि एक बच्चे को कुछ दिन पहले बाहर कुत्ते ने दांत मारा था। उन्होंने कहा कि जिस बच्चे को कुत्ते ने हाल ही में काटा था उसके मुंह से लार टपक रही थी। ऐसे में उसे एंटी रेबीज का इंजेक्शन नहीं लगा सकते थे। पीजीआई के डॉक्टरों से इस संबंध में सलाह ली तो उन्होंने परिवार को पीजीआई भेजने को कहा। पीजीआई ने उन्हें जांच के बाद वापस भेज दिया है। हालांकि सोमवार को उन्हें दोबारा ब्लड टेस्ट के लिए बुलाया है।
छत्तीसगढ़ की महासमुंद पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने 7 से 29 जनवरी तक 8 अलग-अलग मामलों में 7.86 करोड़ का गांजा और नशीली सिरप जब्त किया है। पुलिस ने यूट्यूबर सहित 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ओडिशा और महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक, यूट्यूबर आकाश जाधव महाराष्ट्र का रहने वाला है। उसके यूट्यूब पर 5.68 मिलियन और इंस्टाग्राम पर 3 लाख 17 हजार फॉलोअर्स हैं। वह सांपों का रेस्क्यू करने का वीडियो यूट्यूब पर अपलोड करता है। महासमुंद और महाराष्ट्र पुलिस ने आकाश की डेढ़ लाख की सपंत्ति भी जब्त की है। पुलिस के अनुसार, आकाश जाधव ओडिशा से महाराष्ट्र तक गांजा परिवहन नेटवर्क चलाने वाले मुख्य सरगना था। पुणे के एक मामले में वह पिछले 6 महीने से फरार चल रहा था। पिछले दिनों एम्बुलेंस की जरिए तस्करी किए जा रहे गांजे की खेप पुलिस ने पकड़ी थी, जो आकाश का ही था। पहले देखिए ये तस्वीरें- कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को बड़ी सफलता कोमाखान थाना क्षेत्र में पुलिस को अब तक की सबसे बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 950 किलो गांजा जब्त किया है, जिसकी कीमत करीब 4.75 करोड़ रुपए बताई जा रही है। इस मामले में महाराष्ट्र के जालना जिले के परिवहनकर्ताओं के साथ मुख्य व्यवस्थापक प्रदीप मुसदवले को गिरफ्तार किया गया है। इसी तरह एक अन्य मामले में पुलिस ने 520 किलो गांजा (कीमत करीब 2.60 करोड़ रुपए) बरामद किया। इस मामले में पुणे के कुख्यात सोनवाने परिवार के रामदास सोनवाने, कुनाल सोनवाने और प्रतीक सोनवाने को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही ओडिशा के कालाहांडी जिले के सप्लायर रंजन दुर्गा को भी पकड़ा गया है। ओडिशा से दुर्ग-रायपुर तक फैला नेटवर्क टूटा सिंघोड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय सीमा पर कार्रवाई करते हुए 50 किलो गांजा (कीमत करीब 25 लाख रुपए) के साथ परिवहनकर्ता कुशल सिंह और उत्तर प्रदेश के खरीदार राघवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया। एक अन्य कार्रवाई में पुलिस ने 26 किलो गांजा (कीमत करीब 13 लाख रुपए) जब्त कर पुणे और महासमुंद के तस्करों के साथ ओडिशा के सप्लायर और वाहन मालिक को गिरफ्तार किया। इसके अलावा पुलिस ने नशीली सिरप के अवैध कारोबार पर कार्रवाई करते हुए 146 नग नशीली सिरप जब्त की। इस कार्रवाई से ओडिशा से दुर्ग और रायपुर तक फैला नेटवर्क तोड़ा गया है। दो अन्य मामलों में पुलिस ने 32 किलो से अधिक गांजा भी जब्त किया है। ओडिशा से महाराष्ट्र तक के नेटवर्क को तोड़ने कार्रवाई पुलिस ने कंधमाल (ओडिशा) के सप्लायर शिबू बिधानी को गिरफ्तार किया है और रायपुर की समता कॉलोनी निवासी हर्षित सक्सेना को फॉरवर्ड लिंक के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं आरंग क्षेत्र से 4.930 किलो गांजा के साथ खरीदार ओमप्रकाश रात्रे को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स मोबाइल डेटा, लोकेशन ट्रैकिंग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन जैसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर नशे की तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई लगातार कर रही है। यूट्यूबर समेत 27 आरोपी गिरफ्तार एसपी प्रभात कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के पुणे रहने वाले सुशील दाभाडे, रामदास चंदू, संजीव अहिरे, सागर बाग, कुणाल सोनवाने, प्रतीक सोनवाने और रंजन दुर्गा शामिल हैं। इनमें 35 वर्षीय यूट्यूबर आकाश जाधव भी शामिल है। ………………………….. यह खबर भी पढ़ें… एंबुलेंस से 2.60 करोड़ का गांजा जब्त...दवाई कार्टून में छिपाया: ओडिशा से छत्तीसगढ़ के रास्ते ले जा रहे थे नागपुर, NH-53 छोड़कर अंदरूनी रूट चुना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने एम्बुलेंस से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा जब्त किया है। जब्त गांजे की कीमत 2 करोड़ 60 लाख रुपए आंकी गई है। गांजे को तस्कर ओडिशा के भवानीपटना जिले से छत्तीसगढ़ के रास्ते महाराष्ट्र के नागपुर ले जा रहे थे। मामला कोमाखान थाना के टेमरीनाका चेकिंग प्वाइंट का है। पढ़ें पूरी खबर…
शहीदों को नमन करते हुए विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की दिलाई शपथ
भास्कर संवाददाता | बड़वानी शहर के पीएम श्री शासकीय हाईस्कूल में शुक्रवार को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि स्वरूप मौन कार्यक्रम आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत शहीदों के अद्वितीय बलिदान को नमन करते हुए दो मिनट के मौन धारण के साथ की गई, जिसमें विद्यालय परिवार ने भावपूर्ण सहभागिता दर्ज कराई। प्रधानाध्यापक सियाराम मोरे ने प्राचार्य संतोष मिश्रा के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। शपथ के दौरान विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों से कहा कि स्वस्थ और जागरूक समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
नैक मूल्यांकन... डेढ़ साल से नया आवेदन नहीं हुआ स्वीकार, 1900 प्रस्ताव लंबित
झारखंड समेत देश भर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और उच्च शिक्षण संस्थानों का नैक से मूल्यांकन लंबे समय ने नहीं हो रहा है। नैक की मान्यता प्रणाली में बदलाव की प्रक्रिया चल रही है। इसलिए 30 जून 2024 के बाद नैक ने पुरानी ग्रेडिंग प्रणाली के तहत नए आवेदन लेना रोक दिया है। इसी कारण देश भर के लगभग लगभग 1,900 से अधिक उच्च शिक्षण संस्थानों के मान्यता प्रस्ताव लंबित है। नैक का मूल्यांकन लंबे समय से स्थगित रहने से शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। नैक मूल्यांकन की पुरानी व्यवस्था खत्म हो चुकी है और नया नियम अभी तक लागू नहीं हुआ है। नैक मूल्यांकन पर नजर रख रहे शिक्षकों का कहना है कि मूल्यांकन पुरानी प्रक्रिया लंबी और जटिल था, जिस कारण बदलाव किया जा रहा है। क्या पड़ रहा है असर जिन संस्थानों के मान्यता प्रस्ताव लंबित हैं, वहां के छात्रों को उच्च शिक्षा, रोजगार और छात्रवृत्ति योजनाओं में समस्या हो सकती है। मान्यता का अभाव डिग्री की मान्यता व मान्यता‑आधारित अवसरों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है सरकारी फंडिंग, भुगतान योजनाएं और शोध अनुदान में व्यवधान आ सकता है। कॉर्पोरेट भर्ती पर भी प्रभाव पड़ता है। क्या कहते हैं संस्थान झारखंड में काफी संख्या में विश्वविद्यालय समेत उच्च शिक्षण संस्थान हैं, जिसका अभी तक नैक से ग्रेडिंग नहीं हुआ है। कई संस्थानों द्वारा मूल्यांकन की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इन संस्थानों का कहना है कि ऑनलाइन आवेदन पोर्टल बंद है, जिसके कारण मूल्यांकन के लिए आवेदन अपलोड नहीं हो रहा है। मूल्यांकन नहीं होने से संस्थानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसलिए नैक से मूल्यांकन का प्रस्ताव लंबित नैक ने पुरानी ग्रेडिंग प्रक्रिया को रोक दिया है ताकि नई मान्यता प्रणाली को लागू किया जा सके। नैक नई व्यवस्था के तहत दो‑स्तरीय मान्यता ढांचे पर काम कर रहा है, जिसे लागू होना अभी बाकी है। इससे स्पष्ट है कि नया नियम आने वाले दिनों में प्रभावी होगा। लेकिन इससे पहले ही पुरानी प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। इसलिए आवेदन लंबित है।
विद्यार्थी कल्याण योजनाओं के तहत 570 विद्यार्थियों को मिली स्टेशनरी
भास्कर संवाददाता | बड़वानी ग्राम करी स्थित शासकीय आदर्श कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए मप्र शासन की विद्यार्थी कल्याण योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। कॉलेज में अध्ययन कर रहे 650 विद्यार्थी में से 570 विद्यार्थी आरक्षित वर्ग से संबंधित हैं। इनमें 550 विद्यार्थी अनुसूचित जनजाति और 20 विद्यार्थी अनुसूचित जाति वर्ग के हैं। प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने बताया कि मप्र शासन से आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति, आवास योजना, निशुल्क पुस्तकें, स्टेशनरी सामग्री व विभिन्न प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जा रही हैं। डॉ. पंडित ने जानकारी दी कि स्टेशनरी योजना के अंतर्गत महाविद्यालय के लगभग 570 विद्यार्थियों को प्रति विद्यार्थी 500 रुपए मूल्य की निशुल्क स्टेशनरी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत करीब तीन लाख रुपए की स्टेशनरी सामग्री का वितरण किया जा रहा है। स्टेशनरी वितरण का दायित्व कॉलेज के ग्रंथालय प्रभारी डॉ. प्रकाश वास्के को सौंपा है। वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. बीएस मुजाल्दा ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे शासन से मिल रही सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। वितरित स्टेशनरी सामग्री में लॉन्ग कॉपी, रजिस्टर, पेन, पेंसिल, स्केल आदि शामिल हैं।
विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर कॉलोनी में जागरूकता लाने के साथ बांटे पौधे
भास्कर संवाददाता | बड़वानी विश्व कुष्ठ रोग दिवस पर शुक्रवार को शहर के आशाग्राम स्थित कुष्ठ कॉलोनी में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर पौधों का वितरण किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक संस्था व आशाग्राम के संयुक्त तत्वाधान में हुआ। इसका उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और प्रभावित व्यक्तियों में आत्मविश्वास और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना रहा। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश अमूल मंडलोई मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कुष्ठ अंतवासियों को फलदार पौधों का वितरण किया। पौधारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे नवजीवन और आशा का प्रतीक बताया। सीएमएचओ डॉ. सुरेखा जमरे ने कुष्ठ रोग को लेकर जागरूकता संदेश देते हुए कहा यह रोग पूर्णतः उपचार योग्य है। समय पर पहचान और नियमित इलाज से विकलांगता को रोका जा सकता है। उन्होंने समाज से कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के साथ भेदभाव न करने और उन्हें सम्मानपूर्वक अपनाने की अपील की। आशाग्राम से डॉ. चक्रेश पहाड़िया, सचिन दुबे, संस्था के जिला समन्वयक विपुल चतुर्वेदी सहित अन्य अतिथि और नगरवासी मौजूद थे। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कुष्ठ रोग से जुड़े सामाजिक कलंक को समाप्त करने का संदेश दिया।
वीर शहीदों को दो मिनट मौन रख श्रद्धांजलि दी
बड़वानी | भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर शहीदों की स्मृति में एसपी कार्यालय परिसर में शुक्रवार को दो मिनट का मौन धारण किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने शहीदों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रसेवा को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया। मौन धारण कार्यक्रम में एएसपी धीरज बब्बर सहित सभी अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे। इसी क्रम में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में भी स्थानीय पुलिसकर्मियों ने श्रद्धापूर्वक दो मिनट का मौन रखा। कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों के महान बलिदान और देशभक्ति की भावना को स्मरण कर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
विद्यार्थियों को दी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी
बड़वानी | एसबीएन शासकीय पीजी कॉलेज में उमंग हेल्थ व वेलनेस कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिनी स्वास्थ्य संवाद व व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें में विषय विशेषज्ञ चिकित्सा अधिकारियों व परामर्शदाताओं ने यौन व प्रजनन स्वास्थ्य, यौन संचारित संक्रमण, प्रजनन तंत्र संक्रमण, गर्भावस्था में स्वास्थ्य देखभाल व मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। ममता खरते ने स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर प्रारंभिक चर्चा की। काउंसलर रंजू गिरी ने एचआईवी/एड्स व टीबी पर केंद्रित संवाद सत्र आयोजित किया। काउंसलर प्रयांशु सोलंकी ने उच्च शिक्षा संस्थानों में संचालित उमंग हेल्थ व वेलनेस कार्यक्रम और किशोर एवं युवा स्वास्थ्य से संबंधित सेवाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज की प्राचार्य डॉ. वीणा ने की।
पेंशन से 10% राशि की कटौती का निर्णय विभाग ने लिया था पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करना एक डीएसपी को महंगा पड़ा है। रिटायरमेंट के बाद अब संबंधित डीएसपी ब्रजकिशोर भारती की पेंशन से 10% कटौती की जाएगी। यह कटौती लगातार 5 वर्षों तक चलेगी। इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी गई है। एसआईआरबी-2 के तत्कालीन डीएसपी ब्रजकिशोर भारती पर अपनी पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी करने और पहली पत्नी को शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप था। इस मामले में पुलिस मुख्यालय द्वारा की गई अनुशंसा के आलोक में भारती के खिलाफ वर्ष 2021 में विभागीय कार्यवाही झारखंड पेंशन नियमावली के तहत चली। वर्ष 2022 में विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी ने उनके खिलाफ लगे आरोपों को सही पाया। विभागीय संचालन पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर भारती की पेंशन से झारखंड पेंशन नियमावली के तहत प्रस्तावित दंड के रूप में 25% राशि की कटौती पांच साल तक करने को लेकर दूसरा स्पष्टीकरण पूछा गया था। इसके आलोक में रिटायर डीएसपी भारती की ओर से जो जवाब दिया गया, उसमें ऐसा कोई अलग से तथ्य नहीं दिया गया जिससे कि उन्हें आरोपों से मुक्त किया जा सके। यह दंड लागू करने से पहले मामले में झारखंड लोक सेवा आयोग, रांची से सहमति ली गई। आयोग ने भारती के विरुद्ध प्रमाणित आरोपों के आधार पर उनकी पेंशन से 10% की कटौती करने का परामर्श दिया। आयोग की सलाह और सहमति के बाद भारती के पेंशन से पांच साल तक 10% राशि की कटौती करने का निर्णय लिया गया और इसकी अधिसूचना जारी की गई।
खराब मौसम के कारण रांची आ रही फ्लाइट रायपुर डायवर्ट हुई
रांची| खराब मौसम के कारण कम विजिबिलिटी रहने से शुक्रवार को रांची एयरपोर्ट पर हवाई यातायात प्रभावित रहा। पुणे से सुबह 8:25 बजे रांची आने वाली इंडिगो की उड़ान को कोलकाता और हैदराबाद से सुबह 9 बजे रांची आने वाली उड़ान को रायपुर डायवर्ट करना पड़ा। दोनों विमान दोपहर में वापस लौट आए, लेकिन इससे यात्रियों को काफी असुविधा हुई। इसके अलावा कई अन्य उड़ानों में भी देरी हुई। सुबह कोलकाता, दिल्ली और बेंगलुरु से आने वाली उड़ानें देर से पहुंचीं, वहीं दोपहर में पटना और शाम में बेंगलुरु, मुंबई व दिल्ली से आने वाली उड़ानें भी देरी से लैंड हुईं। यात्रियों ने एयरपोर्ट पर लंबी कतारों और इंतजार के दौरान भारी परेशानी झेली। कई लोग अपने कनेक्टिंग फ्लाइट्स और यात्रा योजनाओं में बदलाव करने के लिए मजबूर हुए। एयरलाइन अधिकारियों ने बताया कि मौसम के बेहतर होने के साथ ही उड़ानों का संचालन सामान्य हो गया।
जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस, पाईप लाईनों के आवश्यक रख रखाव व सफाई के लिये 3 फरवरी को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों मे जलापूर्ति बन्द रहेगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) नगर वृत जोधपुर के अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र मेहता ने बताया कि जोधपुर शहर के कायलाना, चौपासनी व सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबन्धित सभी क्षेत्रों में 3 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 4 फरवरी को तथा 4 फरवरी को होने वाली जलापूर्ति 5 फरवरी को की जाएगी। इन इलाकों में बदलेगा शेड्यूल वहीं,झालामण्ड एव तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुडे क्षेत्र सरस्वती नगर, एवं कुडी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों एवं पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आस पास क्षेत्रो में 3 फरवरी को सुबह 10ः00 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रुप से होगी। इन क्षेत्रों में 4 फरवरी को की जाने वाली जलापूर्ति दिनांक 5 फरवरी को एवं 5 फरवरी को की जाने वाली जलापूर्ति 6 फरवरी को होगी।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने 8.13 करोड़ रुपये की वसूली से जुड़े मामले में दायर आपत्ति याचिका खारिज कर दी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. हरप्रीत कौर ने कहा कि मध्यस्थ (आर्बिट्रेटर) का फैसला कानून के अनुसार है और उपलब्ध सबूतों पर आधारित है। ऐसे में अदालत को इसमें दखल देने का कोई कारण नहीं है। जानिए पूरा मामला क्या था पंजाब एग्रो इंडस्ट्रीज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने मेसर्स बगाड़िया ब्रदर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 8,13,81,676 रुपये और ब्याज की वसूली के लिए मध्यस्थता में दावा किया था। मामला वर्ष 2002-03 का है, जब बगाड़िया ब्रदर्स ने बांग्लादेश को गेहूं-चावल निर्यात के लिए पंजाब एग्रो से समझौता किया था। इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच एमओयू और बाद में एसोसिएट एग्रीमेंट भी हुए थे। पंजाब एग्रो का दावा था कि निर्यात पूरा होने के बावजूद बगाड़िया ब्रदर्स ने पूरी राशि का भुगतान नहीं किया। वहीं, बगाड़िया ब्रदर्स ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरा भुगतान कर दिया है और कोई बकाया नहीं है। आर्बिट्रेटर ने किया दावा खारिज मामले में नियुक्त एकल मध्यस्थ जस्टिस एनके सूद (सेवानिवृत्त) ने 1 फरवरी 2018 को पंजाब एग्रो का दावा खारिज कर दिया था। अपने फैसले में उन्होंने कहा कि पंजाब एग्रो अलग-अलग समय पर अलग-अलग रकम मांगता रहा। कई बार मौका और निर्देश देने के बावजूद वह अपने दावे के समर्थन में पुख्ता दस्तावेज पेश नहीं कर सका। सुप्रीम कोर्ट फैसलों का हवाला सुनवाई के दौरान अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के कई अहम फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि आर्बिट्रेशन कानून का उद्देश्य अदालतों के हस्तक्षेप को सीमित रखना है। जब मध्यस्थ द्वारा दिया गया अवॉर्ड कानून और रिकॉर्ड के अनुरूप हो, तो उसे केवल अलग राय के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता। अदालत ने माना कि इस मामले में मध्यस्थ द्वारा दिया गया फैसला कानूनी रूप से सही है और उसमें किसी तरह की गंभीर खामी नहीं है। इसी आधार पर पंजाब एग्रो की आपत्ति याचिका खारिज कर दी गई। अदालत ने माना कि मध्यस्थ का अवॉर्ड न तो कानून के खिलाफ है और न ही सार्वजनिक नीति के विरुद्ध। इसलिए पंजाब एग्रो की आपत्ति याचिका खारिज की जाती है। साथ ही अदालत ने याचिकाकर्ता पर लागत भी लगाई।
हरियाणा के नारनौल में धौलेड़ा रोड बीते एक साल से अधूरी पड़ी हुई है। करीब दो वर्ष पहले शुरू हुआ इस सड़क का निर्माण कार्य कभी बजट की कमी तो कभी अन्य प्रशासनिक कारणों से बार-बार रुकता रहा। नतीजा यह है कि आज भी यह मार्ग आधा-अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों, वाहन चालकों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नारनौल-धौलेड़ा रोड की कुल लंबाई लगभग 16 किलोमीटर है, लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से बनाए जा रहे इस मार्ग का कार्य अब तक पूरा नहीं हो पाया है। धौलेड़ा गांव के अंदर आज भी पुराने सीमेंट के चौके लगे हुए हैं, जबकि अंतिम छोर पर धौली पहाड़ी मेघोत के पास सड़क अधूरी है। बजट की कमी और बार-बार रुकने वाले निर्माण कार्य के कारण लोगों को रोजाना जोखिम भरे सफर से गुजरना पड़ रहा है। ताजीपुर के पास बुरा हाल सबसे गंभीर स्थिति ताजीपुर गांव में जोहड़ के समीप देखने को मिलती है, जहां यह सड़क लॉजिस्टिक हब के मार्ग को क्रॉस करती है। यहां सड़क को दोनों ओर से अधूरा छोड़ दिया गया है। बड़े-बड़े गड्ढों के कारण हल्की हवा चलने या वाहन गुजरने पर धूल के गुबार उड़ने लगते हैं। दिन-रात खनन सामग्री से लदे डंपरों के गुजरने से हालात और बदतर हो गए हैं। रात के समय गड्ढे नजर न आने से हादसों का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह मार्ग किसी चुनौती से कम नहीं है। फसलों पर जम गई धूल धूल की समस्या का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं है। आसपास के खेतों में खड़ी फसलों पर धूल की मोटी परत जम रही है, जिससे पैदावार प्रभावित हो रही है। ग्रामीण सांस संबंधी बीमारियों, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। सबसे अधिक राजस्व देने वाला गौरतलब है कि यह मार्ग नारनौल-नांगल चौधरी रोड से निकलकर धौलेड़ा की ओर जाता है और माइनिंग क्षेत्र होने के कारण जिले के सबसे अधिक राजस्व देने वाले मार्गों में शामिल है। इसके बावजूद सड़क का अधूरा रहना कई सवाल खड़े करता है। निर्माण का टेंडर धर्मपाल एंड कंपनी को दिया गया है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित विभाग की लापरवाही से काम समय पर पूरा नहीं हो सका। ये बोले ग्रामीण ग्रामीणों और पूर्व सरपंच जगमाल सिंह यादव, मास्टर भूपसिंह यादव, जिलेसिंह नंबरदार सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से सड़क निर्माण को प्राथमिकता देने की मांग की है। वहीं पीडब्ल्यूडी के एसडीओ नरेंद्र यादव ने बताया कि मेघोत के पास निर्माण कार्य जारी है और शेष हिस्सों को भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
पानीपत के सुखदेव नगर में स्थित न्यू इंडिया ट्रांसपोर्ट कंपनी को लेकर नगर निगम और ट्रांसपोर्टर के बीच कानूनी जंग तेज हो गई है। एक तरफ नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट कंपनी को अवैध निर्माण और रिहायशी इलाके में अवैध रूप से ट्रांसपोर्ट चलाने का दोषी मानते हुए बिल्डिंग गिराने का फरमान सुनाया है, वहीं दूसरी ओर अदालत ने ट्रांसपोर्टर को बड़ी राहत देते हुए निगम की कार्रवाई पर फिलहाल रोक लगा दी है। सीनियर एडवोकेट नीरज नरवाल ने बताया कि केवल एक ही कंपनी नहीं, ब्लकि 12 से ज्यादा ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिकों ने नगर निगम के इस फरमान के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जिनमें से 3 की सुनवाई 30 जनवरी को हुई। 3 की सुनवाई 1 फरवरी को है। जबकि कुछ की सुनवाई 16 फरवरी को है, इनकी जल्दी सुनवाई के लिए कोर्ट में अपील की जाएगी। जिनकी सुनवाई हो चुकी है, उनको कोर्ट ने राहत देते हुए निगम के फैसले पर स्टे लगाया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होनी सुनिश्चित हुई है। नगर निगम का कड़ा रुख: 7 दिन में गिराएं अवैध निर्माण नगर निगम पानीपत के सहायक टाउन प्लानर (ATP) ने 20 जनवरी 2026 को ट्रांसपोर्टर देवेंद्र सिंह को एक सख्त आदेश जारी किया है। निगम के अनुसार ट्रांसपोर्ट कंपनी ने बिना बिल्डिंग प्लान मंजूर कराए रिहायशी इलाके (सुखदेव नगर) में अवैध निर्माण किया है और अवैध तरीके से ट्रांसपोर्ट का संचालन किया जा रहा है। निगम ने हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 की धारा 261 के तहत आदेश दिया है कि 7 दिनों के भीतर बिल्डिंग को उसके मूल स्वरूप में लाया जाए या अवैध निर्माण हटाया जाए। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 7 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो निगम खुद इसे धराशायी कर देगा, जिसका खर्च भी मालिक से वसूला जाएगा। कोर्ट से मिली राहत: 22 अगस्त तक कार्रवाई पर लगी रोक निगम की इस कार्रवाई के खिलाफ ट्रांसपोर्ट कंपनी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। सिविल जज (जूनियर डिवीजन) की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान कंपनी के वकील ने दलील दी कि वे लंबे समय से कानूनी रूप से व्यवसाय कर रहे हैं और निगम के नोटिस अवैध हैं। अदालत ने अपने आदेश में कहा यह मामला किसी खतरनाक भवन के उपयोग या तत्काल खतरे का नहीं है। नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, यह सबूतों के आधार पर तय किया जाएगा। यदि निगम को अभी कार्रवाई करने से नहीं रोका गया, तो ट्रांसपोर्टर को अपूरणीय क्षति होगी। अदालत ने नगर निगम को 20 फरवरी 2026 तक किसी भी प्रकार की दंडात्मक या दबावपूर्ण कार्रवाई करने से रोक दिया है। इस साल ये कोर्ट में पहुंचे ये ट्रांसपोर्टर दिल्ली पानीपत गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी, चिनार रोडलाइंस, डायमंड रोडलाइंस, हिमाचल कश्मीर, श्री महाबीर ट्रांसपोर्ट, दिल्ली मालवा ट्रांसपोर्ट, न्यू इंडिया ट्रांसपोर्ट और ओम शिव ट्रांसपोर्ट ने इस साल नगर निगम के आदेशों के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
हिसार में पूर्व विधायक रेलूराम हत्याकांड मामले में दोषी बेटी सोनिया और दामाद संजीव की बेल पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी। साथ ही पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को समयपूर्व हुई रिहाई पर दोबारा विचार करने के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने 9 दिसंबर को उम्रकैद की सजा काट रहे संजीव और सोनिया को 2 महीने की अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद रेलूराम के भतीजों ने सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले तो को चुनौती दी थी। हांलाकि जस्टिस दीपांकर दत्ता और सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने कहा कि कंटमप्रेरी अथॉरिटी द्वारा रिव्यू प्रोसेस जारी रहेगी, मगर अंतिम निर्णय को पब्लिक नहीं किया जाएगा। न ही इसे लागू किया जाएगा। बता दें कि 23 अगस्त 2001 में हिसार के लितानी गांव में फॉर्म हाउस में सोनिया ने पति संजीव के साथ मिलकर प्रॉपर्टी के लालच में पिता रेलूराम पूनिया (50), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41), बच्चे प्रियंका (14), सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोता लोकेश (4) और दो पोतियों शिवानी (2) तथा 45 दिन की प्रीति की हत्या कर दी थी। 2 पॉइंट में पढ़िए अब सोनिया-संजीव का क्या होगा… अब सिलसिलेवार पढ़िए क्या है पूरा मामला… 2001 में बेटी-दामाद ने की थी 8 हत्याएं: 23 अगस्त 2001 को हिसार के लितानी गांव के फार्म हाउस में पूर्व विधायक की छोटी बेटी सोनिया ने जमीन के लालच में 8 हत्याएं कर दी थी। इसमें पिता रेलू राम पूनिया (50), उनकी पत्नी कृष्णा देवी (41), बच्चे प्रियंका (14), सुनील (23), बहू शकुंतला (20), पोता लोकेश (4) और दो पोतियों शिवानी (2) तथा 45 दिन की प्रीति की हत्या हुई थी। 2014 में सजा को उम्रकैद में बदला: इसके बाद रेलूराम के भतीजों की शिकायत पर पुलिस ने पानीपत से एक महीने बाद ही संजीव को गिरफ्तार कर लिया था। मामले में 2004 में हिसार डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने संजीव और सोनिया को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखा। इसके बाद 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने दया याचिका में देरी का हवाला देते हुए सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। 6 अगस्त, 2024 को दी सजा को चुनौती: सोनिया और संजीव ने 6 अगस्त 2024 के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि संजीव को अपनी पूरी जिंदगी जेल में बितानी होगी। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय कमेटी ने उनकी जेल में रहने के दौरान के व्यवहार, पढ़ाई, सुधार के लिए किए गए कामों और पुनर्वास योजनाओं पर ध्यान ही नहीं दिया। हाईकोर्ट ने दिसंबर में दोनों को जमानत दी: इसके बाद सोनिया और संजीव ने होईकोर्ट में जमानत एप्लिकेश फाइल की। होईकोर्ट के आदेश पर 9 दिसंबर 2025 को दोनों कोर्ट को जमानत मिली थी। हांलाकि इसके बाद रेलूराम के दोनों भतीजों ने उकलाना थाने पहुंचकर अपनी जान को खतरा बताया था। इसके बाद डॉयल 112 की एक गाड़ी कई दिनों तक उनकी कोठी पर तैनात रही। अब पढ़िए 8 लोगों के मर्डर की पूरी कहानी…
हरियाणा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने वृंदावन जाकर प्रेमानंद महाराज से मुलाकात की। कृष्ण मिड्ढा ने इस मुलाकात का एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है। कृष्ण मिड्ढा ने प्रेमानंद महाराज से धर्म और करुणा के महत्व और राजनीति को साधना बनाने को लेकर सवाल पूछा। इस पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि निर्णय लेते हुए हमेशा धर्म देखना चाहिए। करुणा से पक्षपात होता है। वहीं, साधना के सवाल पर प्रेमानंद महाराज ने कहा कि समाज को सुख पहुंचाना ही सबसे बड़ी साधना है। भगवान का नाम जपते हुए अपने कर्तव्यों का पालन करें। अब जानिए प्रेमानंद महाराज से कृष्ण मिड्ढा ने क्या पूछा… 3 पॉइंट में डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा के बारे में जानिए: ----------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा- MLA सतपाल की डांस VIDEO:चलती बस में ठुमके लगाए, नेताओं ने पैसे लुटाए; केरल टूर पर गए हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा और कैथल के पूंडरी से विधायक सतपाल जांबा की केरल ट्रिप का एक वीडियो सामने आया है। दोनों एक बस में साथ-साथ ठुमके लगा रहे हैं। बैकग्राउंड में अमित सैनी रोहतकिया का सॉन्ग भी चल रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
राहुल गांधी की फटकार के बावजूद पूर्व CM व जालंधर से कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी जट्ट सिख नेताओं के साथ न आने पर अड़ गए हैं। राहुल की दिल्ली मीटिंग के बाद शुक्रवार को लुधियाना के मुल्लापुर दाखा में बड़ी रैली हुई। राहुल की हिदायत के बाद इसमें कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं के आने की उम्मीद थी। बाकी तो सभी नेता पहुंचे लेकिन चरणजीत चन्नी नहीं आए। माना जा रहा है कि पार्टी में बड़ा पद या CM चेहरा बनाने तक उनकी नाराजगी दूर नहीं हो रही। वह CM रहते किए कामों को सोशल मीडिया पर गिना रहे हैं। वहीं चन्नी के दलितों को पार्टी में अपर कास्ट (जट्ट सिख) के बराबर भागीदारी न देने के आरोप का भी तोड़ निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने पंजाब में चन्नी की जगह अब फतेहगढ़ साहिब सांसद डॉ. अमर सिंह को आगे कर दिया है। कांग्रेस की स्टेट लीडरशिप के इस दांव और राहुल गांधी की हिदायत की अनदेखी के बाद चन्नी को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। BJP उन्हें पहले ही पार्टी में आने का ऑफर दे चुकी है। दूसरी रैली की आयोजक व पार्टी के महासचिव कैप्टन संदीप संधू का दावा है कि उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के सभी बड़े नेताओं को रैली में आने का न्योता दिया था। चरणजीत सिंह चन्नी की फोटो बैनर व पोस्टरों पर भी लगाई थी। उन्होंने ये जरूर कहा कि चन्नी लोकसभा सेशन में व्यस्त थे, बाकी सभी नेता आए। कांग्रेस पार्टी पूरी एक साथ है। CM चेहरे की दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं चन्नीकांग्रेस हाईकमान ने घोषणा की कि पंजाब में विधानसभा चुनाव कलेक्टिव लीडरशिप में लड़ा जाएगा। पार्टी किसी को सीएम फेस नहीं बनाएगी। कोई नेता अपने आपको सोशल मीडिया या मीडिया के सामने सीएम फेस पेश न करे। पार्टी के सख्त रवैये के बावजूद चरणजीत सिंह चन्नी सोशल मीडिया पर अपनी सरकार के कार्यों को गिनाकर खुद को सीएम का दावेदार पेश कर रहे हैं। चन्नी आप सरकार के साथ अपनी सरकार की तुलना करने की रील पर रील पोस्ट कर रहे हैं। कांग्रेस अमर सिंह को मनरेगा का शिल्पकार बता रहीकांग्रेस 2027 के चुनाव से पहले अब चरणजीत चन्नी के विकल्प के तौर पर सांसद अमर सिंह का कद बड़ा करने में जुटी हुई है। मुल्लापुर दाखा में हुई रैली में प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि जब डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने मनरेगा कानून बनाया था तो उसे तैयार करने वाले अफसर अमर सिंह ही थे। चन्नी को राहुल गांधी की मीटिंग में ही मिल चुके थे संकेतकांग्रेस हाईकमान चुनाव को लेकर किसी नेता की ब्लैकमेलिंग बर्दाश्त नहीं करेगा, इसके संकेत चन्नी को 22 दिसंबर को दिल्ली में राहुल गांधी की मीटिंग में ही संकेत मिल गए थे। जहां चरणजीत चन्नी के अलावा यहां पर दूसरे दलित लीडर सांसद अमर सिंह को भी बुलाया गया था। इसलिए माना जा रहा है कि चन्नी वहीं संकेत समझ चुके थे। अमर सिंह को क्यों प्रमोट कर रहे जट्ट सिख नेतापंजाब के कांग्रेसियों को लग रहा है कि 2027 में एंटी इनकंबेंसी के चलते AAP सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी। विकल्प के तौर पर लोग कांग्रेस को ही चुनेंगे। अगर चन्नी को कमान मिल गई तो सरकार बनने की सूरत में सीएम चेहरे पर उनका दावा ज्यादा मजबूत होगा। इसके उलट सांसद अमर सिंह 2021 में ही हाईकमान को मना कर चुके हैं कि नई लीडरशिप को मौका दिया जाए। ऐसे में कांग्रेस के जट्ट सिख नेताओं को उम्मीद है कि चन्नी को किनारे करने के बाद अगर सरकार आई तो फिर कुर्सी को लेकर उनका दावा भी मजबूत हो सकता है। चन्नी का बयान कांग्रेस के लिए बनी चिंताचरणजीत चन्नी ने चंडीगढ़ में कांग्रेस की SC सेल की मीटिंग में साफ कहा था कि पंजाब में कांग्रेस प्रधान, CLP लीडर, महिला कांग्रेस प्रधान सब अपर कास्ट (जट्ट सिख) हैं, दलित कहां जाएं। उन्हें कोई बड़ा पद देते नहीं और चुनाव में सारा काम कराने की उम्मीद करते हो। कांग्रेस के लिए ये चिंता इसलिए है क्योंकि पंजाब में 32% वोट दलित समुदाय के हैं। दोआबा की 23 सीटों पर हार-जीत में उनके वोट डिसाइडिंग फैक्टर हैं। दलित समुदाय पहले ही राजा वड़िंग की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. बूटा सिंह को लेकर की बयानबाजी को लेकर नाराज है। ऐसे में अब दलितों को तरजीह न दी तो नुकसान होना तय है। सफाई भी देते फिर रहे कांग्रेस नेताचन्नी का बयान बाहर आने के बाद हुए सियासी धमाके के बाद कांग्रेस ने अब हर मंच पर सफाई देनी शुरू कर दी है। प्रधान राजा वड़िंग ने हर मंच पर कहना शुरू कर दिया कि कांग्रेस पार्टी जातपात की राजनीति नहीं करती है। पार्टी में कोई दलित नहीं कोई जट्ट नहीं कोई अपर कास्ट नहीं। सभी पार्टी के लीडर हैं। ऐसा कहकर पार्टी नेता चन्नी के बयान को काटने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी में शुरू हुई दलित Vs अपर कास्ट की जंग से बाकी नेता भी घबराए हुए हैं। उन्हें डर है कि कहीं इस बार गुटबाजी उनका काम न बिगाड़ दे। मुल्लापुर दाखा रैली में सुखजिंदर सिंह रंधावा ने तो मंच से ही कह दिया कि कांग्रेस को कांग्रेसी ही हराते हैं पर इस बार टांग मत खींचना।
भिवानी में लूट की झूठी सूचना पर पुलिस रातभर दौड़ती रही। जब सीसीटीवी खंगाले और गहना से पूछताछ की तो खुलासा हुआ वकील ने झूठी सूचना दी थी। वहीं पुलिस ने अब झूठी सूचना देने वाले के खिलाफ ही कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी युवक भिवानी कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला वकील है। वहीं आरोपी ने मोटरसाइकिल सवार 2 युवकों पर लूट करने का आरोप लगाया था। जब पुलिस ने छानबीन की तो सीसीटीवी में युवक अकेला ही जाता दिखाई देता है। जिन पर लूट का आरोप लगाया, वे आते नहीं दिखाई दिए। रातभर दौड़ती रही पुलिससिविल लाइन थाना के एसएचओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि 29 जनवरी की रात करीब सवा 9 बजे डायल 112 पर कंट्रोल रूप में सूचना प्राप्त हुई। सामने वाले ने कहा कि 2 मोटरसाइकिल सवार उसका करीब 35 तोले सोना लूटकर भाग गए। इसकी सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसएचओ देवेंद्र कुमार खुद एएसआई रामदिया के साथ टीम सहित मौके पर पहुंचे। जहां मौके पर भिवानी के गांव धनाना-3 हाल भिवानी के बाग कोठी निवासी अक्षय मौके पर मिला। एसएचओ देवेंद्र ने बताया कि जब वे मौके पर पहुंचे तो अक्षय ने बताया कि मोटरसाइकिल पर दो युवक आए, वे करीब 30-35 तोले सोना छीन ले गए। इसके बाद उससे गहना से पूछताछ की। सीसीटीवी कैमरे देखे और आसपास में भी छानबीन की। देर रात तक पुलिस लगी रही। देर रात के बाद सीसीटीवी कैमरों की जांच व गहनता से पूछताछ में मामला सामने आया कि खुद अक्षय ने जो अपने आप को भिवानी कोर्ट में प्रैक्टिस करने वाला बताया था और कहा कि उसने झूठ बोला था। उसका सोना नहीं लूटा गया। खंगाले सीसीटीवी कैमरेदेवेंद्र कुमार ने कहा कि उसने झूठी सूचना देकर सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा का दुरुपयोग किया गया है। जिसके खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार कोई भी व्यक्ति आमजन की सुविधा में रोड़ अटकता है या फिर किसी प्रकार की बाधा डालता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आमजन भी डायल 112 का दुरुपयोग ना करें। पुलिस की अभी तक की जांच के अनुसार युवक अक्षय का मकशद लेनदारी, पैसे का लेनदेन या फिर किसी महिला के प्यार में झूठ बोला है। खुद ने भी झूठ बोलने की बात कबूली है। उन्होंने कहा कि पुलिस को अक्षय ने बताया था कि उसने दिन में 2 चेन खरीदी और फिर वह अपने गांव धनाना गया। धनाना से वहां रखी 10-12 सोने की अंगूठी, 2 जोड़ी कड़े, मंगलसूत्र लेकर वहां से चला। इसके बाद कोर्ट में गया, कोर्ट से करीब साढ़े 8 बजे निकला और फिर क्राउन प्लाजा के पीछे गली में पहुंचने के बाद कहानी बनाई। इसके बाद शक होने पर सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए तो झूठ साबित हुई। इसके लिए क्राउन प्लाजा से लेकर झंकार रोड तक काफी सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
भंडारों में गायत्री परिवार ने चलाया शिक्षा व नशा उन्मूलन अभियान
भास्कर न्यूज |गिरिडीह जमुआ प्रखंड अंतर्गत भंडारों गांव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के बैनर तले शिक्षा एवं नशा उन्मूलन आंदोलन के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गायत्री परिवार के प्रखंड समन्वयक बलदेव प्रसाद ने किया।स्कूली बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।बलदेव प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नशा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बल्कि पढ़ाई, परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर देती है और जीवन के लक्ष्य से भटका देती है। इसलिए विद्यार्थियों को शुरू से ही नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करते हुए गायत्री मंत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बलदेव प्रसाद ने बताया कि गायत्री मंत्र का नियमित जप मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मबल को मजबूत करता है।
ग्यारह साल बाद आरपीएफ के हत्थे चढ़ा चोरी मामले का वारंटी
गिरिडीह | धनबाद रेलवे स्टेशन पर वर्ष 2012 में यात्रियों के सामान की चोरी के मामले में फरार चल रहा स्थायी वारंटी आखिरकार आरपीएफ के हत्थे चढ़ गया। रेलवे स्टेशन आरपीएफ थाना धनबाद में दर्ज कांड संख्या 6/2012 के अभियुक्त शिवा साव उर्फ शिवा ठाकुर उर्फ बहरा को आरपीएफ ने शुक्रवार को िगरिडीह नगर थाना क्षेत्र के कोलडीहा से गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर धनबाद आरपीएफ निरीक्षक ने िगरिडीह नगर थाना पुलिस के सहयोग से कोलडीहा में छापेमारी कर अभियुक्त को पकड़ा। इस संबंध में नगर थाना प्रभारी ज्ञानरंजन कुमार ने बताया कि गिरफ्तार वारंटी शिवा साव धनबाद जिले के हरिहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत हरिहरपुर गांव का स्थायी निवासी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में धनबाद रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के सामान की चोरी के मामले में अभियुक्त के विरुद्ध आरपीएफ थाना धनबाद में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से वह फरार था और कोलडीहा में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपकर रह रहा था। अभियुक्त की गिरफ्तारी को लेकर धनबाद न्यायालय द्वारा स्थायी वारंट जारी किया गया था। गिरफ्तारी के बाद आरपीएफ पुलिस अभियुक्त को धनबाद ले गई, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
भास्कर न्यूज | गिरिडीह सारंडा में पुलिस मुठभेड़ में ढाई करोड़ के इनामी नक्सली पतिराम मांझी उर्फ अनल दा के मारे जाने के बाद पीरटांड और पारसनाथ थाना क्षेत्र में नक्सलियों में हलचल बढ़ गई है। पतिराम मांझी पीरटांड थाना क्षेत्र का निवासी था। नक्सलियों की गतिविधियों की सूचना मिलते ही एएसपी अभियान सुजीत कुमार के नेतृत्व में सीआरपीएफ, आईआरबी और जेपी पुलिस द्वारा पीरटांड और पारसनाथ क्षेत्र में सघन छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली पुलिस के डर से सारंडा जंगल से भागकर पीरटांड और पारसनाथ के जंगलों में तलहटी के आसपास छिपे हुए हैं। पुलिस की सघन छापेमारी के चलते नक्सली अपनी जान बचाने के लिए भूमिगत हो गए हैं। नक्सलियों से आत्मसमर्पण की अपील पीरटांड थाना क्षेत्र में नक्सलियों की गिरफ्तारी के लिए जारी छापेमारी के संबंध में एसपी अभियान सुजीत कुमार ने कहा कि सारंडा मुठभेड़ में ढाई करोड़ के इनामी पति राम मांझी उर्फ अनल दा के मारे जाने के बाद कुछ नक्सली पीरटांड थाना क्षेत्र में आने की सूचना मिली थी। पुलिस की सघन कार्रवाई को देखते हुए नक्सली भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने बताया कि पीरटांड थाना क्षेत्र के रहने वाले 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा अभी भी जीवित हैं और चाईबासा जंगल में छिपे होने की सूचना है। नक्सलियों को चेतावनी एसपी अभियान ने नक्सलियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे झारखंड सरकार की आत्मसमर्पण नीति के तहत सरेंडर करें, अन्यथा उन्हें स्वर्ग सिधारने के लिए तैयार रहना होगा। एसपी ने कहा कि नक्सलियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़कर राज्य और देश के विकास में योगदान देना चाहिए। जो नक्सली सरेंडर नहीं करेंगे, उन्हें पुलिस पता लगाकर ढूंढ निकालेगी। उन्होंने दावा किया कि दो माह के भीतर झारखंड से नक्सलियों का नामोनिशान मिटा दिया जाएगा।
महिला का अधजला शव जंगल से बरामद, हत्या की आशंका
भास्कर न्यूज | बगोदर डुमरी थाना क्षेत्र के चीनो गांव की रहने वाली साहीना परवीन (21) बुधवार को डुमरी बाजार से अचानक गायब हो गई थी। घटना के तीसरे दिन शुक्रवार को बगोदर थाना क्षेत्र के बेको पश्चिमी पंचायत के कारीपहारी जंगल से उसका अधजली शव बरामद हुआ, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। शव की पहचान निमियाघाट थाना क्षेत्र के लक्ष्मणटुंडा गांव निवासी मृतका के पिता ताहुल अंसारी ने की। मृतका चीनो गांव निवासी जुबेर अंसारी की पत्नी थी। पुलिस के अनुसार शव झाड़ियों के बीच अधजली अवस्था में पड़ा मिला और आसपास राख बिखरी हुई थी। घटनास्थल से पानी की बोतलें, जूट की बोरी और माचिस बरामद हुई है। इन सब संकेतों के आधार पर पुलिस आशंका जता रही है कि महिला की हत्या के बाद शव को जलाने का प्रयास किया गया। घटना की सूचना मिलते ही राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला रांची की टीम, फोरेंसिक विशेषज्ञ, डॉग स्क्वायड, फिंगरप्रिंट टीम, ई-साक्ष्य और कॉल डंप टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य संकलन किया। घटना स्थल पर एसडीपीओ धनंजय कुमार राम, पुलिस इंस्पेक्टर अजय कुमार, थाना प्रभारी विनय कुमार यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। मृतका के परिजन रो-रोकर बुरा हाल था। थाना प्रभारी विनय कुमार यादव ने कहा कि शव की पहचान हो चुकी है और पुलिस सभी पहलुओं पर गहन जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। सास के इलाज के लिए आई थी डुमरी, फिर गायब हुई पुलिस ने बताया कि साहीना परवीन बुधवार को अपनी सास को लेकर डुमरी बाजार में इलाज के लिए एक चिकित्सक के पास आई थी। इसके बाद उसने सास को वहीं छोड़ते हुए कहा कि नंबर लग गया है, जल्द ही डॉक्टर दिखा देंगे। इसके बाद वह बाजार में रहने वाले एक दोस्त से मिलने गई, लेकिन फिर वापस नहीं आई। ससुराल वालों ने कई जगह तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

