डमी फर्मों से 10.99 करोड़ का टेंडर:3000 का UPS 11 हजार में बेचा, चार पर FIR
मप्र के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग में 10.99 करोड़ के टेंडर फर्जीवाड़ा सामने आया है। जिसमें जेम पोर्टल पर फर्जी मुकाबला दिखाने के लिए चार डमी फर्में खड़ी की गईं। कागजों में ये अलग थीं, लेकिन जांच में सभी का जुड़ाव एक ही व्यक्ति से मिला। अलग-अलग नामों से बोली लगाकर आपस में ही ठेके बांट लिए गए। वहीं, 3 हजार रुपए के यूपीएस 11 हजार रुपए में सप्लाई कर दिए, उसमें भी पुराने और लोकल पार्ट्स लगे थे। इसी तरह कंप्यूटरों की सप्लाई 2 महीने पहले कर दी गई और विभाग ने टेंडर 23 सितंबर 2024 को निकाला। ईओडब्ल्यू ने मामले में शिवम यादव और विनय रायकवार की शिकायत पर रणधीर पटेल, हेमलता, अशोक कुमार सिंह और देवेंद्र सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। घटिया माल-मनमाने दाम; जानिए फर्जीवाड़े की परतें 1. जेम पोर्टल पर 3,754 रुपए के UPS के लिए 11,247 रुपए वसूले। डिब्बे पर MRP 6,086 रुपए थी। साइबर पावर ने बिल में दूसरा मॉडल दर्ज करने की पुष्टि की।2. 23 सितंबर 2024 को टेंडर जारी हुआ, जबकि वारंटी रिकॉर्ड में कंप्यूटरों की इंस्टॉलेशन तारीख 22 जुलाई 2024 मिली। बाद में इन्हें नया बताकर सप्लाई किया गया।3. जांच में कंप्यूटरों में लोकल कंपनी की SSD और घटिया RAM मिली। Acer के पार्ट्स नहीं थे। जांच में साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश की। 4. सूरज इंटरप्राइजेज ने Acer का अधिकृत विक्रेता होने का दावा किया। Acer India ने अथॉरिटी लेटर जारी करने से इनकार किया। जमा चेक पर बैंक खाता नंबर भी नहीं था। फर्में अलग, मोबाइल और दफ्तर एक: GST रिकॉर्ड में मै. शांति ट्रेडर्स का मोबाइल नंबर साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का मिला, जो मुख्य आरोपी रणधीर पटेल के नाम पर है। मै. HTM इंडिया के दफ्तर का पता साईबाबा इलेक्ट्रॉनिक का निकला। HTM इंडिया की मेल आईडी साईबाबा की कंपनी के नाम पर दर्ज मिली।
बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को भतीजे आकाश आनंद को तीसरी बार उनके पद से हटा दिया। अपरिपक्व यानी नामसमझ बताते हुए कोई भी बड़ी जिम्मेदारी देने से मना कर दिया। इससे पहले भी आकाश 2 बार अपरिपक्व कहे गए थे। हालांकि सोशल मीडिया पर उनका जबरदस्त क्रेज है। लोग मायावती के फैसले को गलत बता रहे हैं। आकाश अभी नेशनल कोआर्डिनेटर थे। उन्होंने अपना सोशल मीडिया बायो बदलते हुए खुद को कार्यकर्ता बताया है। VIDEO देखिए…
IAS दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को इस्तीफा दिया। ब्यूरोक्रेसी में रहते हुए उनका झुकाव हमेशा लोगों की भलाई की तरफ रहा। इसलिए चर्चा शुरू हुई कि वह चुनाव लड़ सकती हैं। उनकी सियासी जमीन के लिए सबसे पहले मिर्जापुर का नाम लिया गया। मिर्जापुर के लोगों से बात करके इसकी 3 वजहें समझ आईं- 1. नौकरी छोड़ने से पहले (जुलाई में) वे मिर्जापुर पहुंचीं। कछवां समेत उन इलाकों में गईं, जहां उन्होंने विकास कार्य कराए थे।2. जिलाधिकारी रहते हुए सैकड़ों गांवों का दौरा किया। पद पर नहीं रहने के बाद भी करीब 200 ग्राम प्रधानों और स्थानीय लोगों से उनका सीधा संवाद बना है।3. IAS पद से इस्तीफा देने के बाद दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में मिर्जापुर का विशेष रूप से उल्लेख किया। लिखा कि मिर्जापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है। तो क्या वाकई दिव्या मित्तल चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही हैं? अगर लड़ती हैं, तो मिर्जापुर के लोगों के बीच उनकी पकड़ कितनी मजबूत है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… लेक्चरर बोले- सियासत में आएं, समर्थकों की कोई कमी नहीं… मिर्जापुर शहर में हमारी मुलाकात गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के रिटायर्ड लेक्चरर केबी लाल श्रीवास्तव से हुई। वह कहते हैं- ‘अगर दिव्या मित्तल यहां चुनाव लड़ने आती हैं, तो यह मिर्जापुर का सौभाग्य होगा। मेरा उन्हें पूरा समर्थन है। यहां के लोग उन्हें पसंद करते हैं, इसलिए उन्हें सपोर्ट करेंगे।’ हमने केबी लाल से पूछा कि ऐसा क्यों? वह कहते हैं- ‘दिव्या मित्तल एक सहज अफसर रही हैं, जो जनता के बीच रहती थीं।' लोग बोले- उनका कद सांसद का चुनाव लड़ने लायक संतोष सिंह कहते हैं- ‘DM रहते हुए उनका कार्यकाल बेहद शानदार रहा। जिस लहुरियादह गांव में कभी पानी नहीं पहुंच सका, वहां उन्होंने पानी पहुंचा दिया। उनके जाने के बाद कुछ लोगों ने पानी की सुविधा भी रोक दी। यहां के नेताओं ने उन्हें खुलकर काम नहीं करने दिया। अगर वह राजनीति में आती हैं, तो उन्हें सांसद का चुनाव लड़ना चाहिए।’ वह कहते हैं- ‘मेरी जानकारी में दिव्या और मौजूदा सांसद के बीच विवाद रहे हैं। इनमें लहुरियादह गांव में पानी पहुंचाने का मामला भी शामिल है।' दिव्या किसी नेता-मंत्री के दबाव में नहीं रहती थीं विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांत मंत्री मनोज श्रीवास्तव इस साल चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वह अक्सर दिव्या मित्तल से मिलते रहे हैं। मनोज कहते हैं- ‘जहां तक चुनाव लड़ने की बात है, अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जनता को यहां उनका काम पसंद आया था, इसलिए लोग उन्हें याद कर रहे हैं।' सांसद से विवाद के सवाल पर मनोज एक उदाहरण देते हुए कहते हैं- ‘अगर सांसद कहें कि दूध का रंग काला होता है तो दिव्या मित्तल वह अधिकारी थीं, जो कहती थीं कि दूध का रंग काला नहीं, सफेद होता है। बस यही पूरे फसाद की जड़ है।’ ‘उन्हें देखकर लगता ही नहीं था कि डीएम हैं…’ मिर्जापुर शहर से करीब 50 किलोमीटर दूर ड्रमंडगंज इलाके में हमारी मुलाकात छविनाथ तिवारी से हुई। वह कहते हैं- ‘इस वक्त जनता दिव्या मित्तल का ही नाम ले रही है। गांव में आती थीं, तो एकदम सामान्य तरीके से लोगों से मिलती थीं। देखकर लगता ही नहीं था कि ये डीएम हैं। उन्होंने गांव की हर सुविधा पर ध्यान दिया। छविनाथ कहते हैं- ‘अगर दिव्या मित्तल लोकसभा चुनाव लड़ने आती हैं तो उनका वर्चस्व और बढ़ेगा, क्योंकि वह यहां काफी लोकप्रिय हैं। उनकी अनुप्रिया पटेल से अनबन थी। पानी के मामले को लेकर भी दोनों के बीच खींचतान की बात सामने आती रहती थी।' ‘दिव्या का यहां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा’ हमारी मुलाकात 2024 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके मनीष त्रिपाठी से हुई। मनीष अब बसपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुके हैं। वह कहते हैं- 'दिव्या मित्तल का यहां कोई खास प्रभाव पड़ने वाला नहीं है। डीएम रहते उन्होंने ठीक काम किया। लेकिन जो भी किया, वह शासन के निर्देशों के मुताबिक ही किया। शासन से हटकर उन्होंने कोई अलग काम नहीं किया है। सांसद से उनकी कोई तनातनी थी, ऐसा मुझे तो नहीं दिखा।’ -------------------------- यह खबर भी पढे़ें- ग्राउंड रिपोर्ट IAS दिव्या ने जिस गांव में पानी पहुंचाया-वहां हालात कैसे, टैंकर के पानी के लिए राशन कार्ड दिखाना पड़ता था सितंबर- 2022 में दिव्या मित्तल मिर्जापुर की डीएम बनी थीं। वह दौरे पर लहुरियादह गांव पहुंची, तो लोगों ने बताया कि पीने के साफ पानी के लिए उन्हें 5 किमी चलना पड़ता है। तब दिव्या ने कहा था- ‘जब तक इस गांव में पानी नहीं पहुंच जाता, तब तक मैं यहां का पानी नहीं पीऊंगी।’ पढ़िए ग्राउंट रिपोर्ट…
चितबड़ागांव को पक्का कोट मार्ग से जोड़ने के लिए ठोस नदी पर करीब 17.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पुल और एप्रोच मार्ग पहली ही बरसात में धंस गया।
शाहपुरा तालाब के एफटीएल से 50 मीटर के दायरे में अब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई होगी। अतिक्रमण के इस दायरे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) और एप्को के ऑफिस, एक निजी अस्पताल और दो कॉलोनियां सहित कई छोटे-बड़े निर्माण भी हैं। एनजीटी ने शाहपुरा झील को वेटलैंड मानते हुए सुरक्षा के लिए वेटलैंड रूल्स-2017 लागू करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा कि सीमा चिन्हित नहीं होने से अतिक्रमण बढ़ा। तालाब केवल पानी का हिस्सा नहीं, जनता की साझा संपत्ति भी है। जस्टिस एसके सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने याचिकाकर्ता नितिन सक्सेना की याचिका पर 2 सितंबर को सुनवाई में यह आदेश दिया। याचिकाकर्ता की ओर से हरप्रीत सिंह गुप्ता ने पैरवी की। कोर्ट ने एसडीएम कोलार को कार्रवाई की निगरानी कर हर 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा है। अगली सुनवाई में एसडीएम को खुद हलफनामा भी पेश करना होगा। एसडीएम कोलार को जिम्मेदारी... हर 15 दिन में देनी होगी कार्रवाई की जानकारी पुराने प्लान में 33 मी. बफर जोन, नए में 50मामले में सामने आया कि पुराने भोपाल विकास प्लान में शाहपुरा तालाब के आसपास निर्माण के लिए 33 मीटर खुला क्षेत्र रखा गया था। वहीं, 2022 की राज्य सरकार की अधिसूचना में भोज वेटलैंड के एफटीएल के आसपास शहरी क्षेत्र में 50 मीटर और ग्रामीण क्षेत्र में 250 मीटर बफर निर्धारित किया गया है। नक्शे में सीमा स्पष्ट नहीं, अतिक्रमण मिलाजांच में शाहपुरा वेटलैंड का क्षेत्रफल 47.2205 हेक्टेयर पाया गया। समिति ने कहा कि तालाब की पहचान वेटलैंड के रूप में है, लेकिन जीआईएस आधारित शेप फाइल और केएमएल में इसकी पूरी सीमा स्पष्ट नहीं दिख रही थी। जांच में तालाब में अतिक्रमण और बिना उपचार का पानी छोड़े जाने की बात भी सामने आई। बड़ा तालाब मामले में कार्रवाई के निर्देश- बड़े तालाब से जुड़े अतिक्रमण के मामले में एनजीटी ने अधिकारियों को पुराने आदेशों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने भोपाल कलेक्टर, नगर निगम आयुक्त और मप्र राज्य वेटलैंड प्राधिकरण की एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी। अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को होगी।
आला अफसर चाहते हैं, पुलिस फिट और चुस्त-दुरुस्त रहे। इसलिए हर शनिवार दौड़ की नई पहल की है। लेकिन, शुरुआती हफ्तों में जो नतीजे आए, उससे अफसरों के माथे पर बल पड़ गए। करीब 62% पुलिसकर्मी कसौटी पर खरे नहीं उतर पाए। जिन युवा (45 से कम) पुलिसकर्मियों से उम्मीद थी, उनमें भी 63% दौड़ पूरी न कर पाए। सभी 12 एसीपी संभागों में 560 पुलिसकर्मी इसमें शामिल हुए। इनमें से 349 तय समय में दूरी पूरी नहीं कर सके। बहरहाल, अब कमिश्नर कह रहे हैं, इन्हें प्रैक्टिस के लिए और वक्त देंगे, लेकिन पुलिस को फिट तो बनना ही होगा। उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग लक्ष्य 45 से कम : 60 मिनट में 10 किमी का लक्ष्य: {इनको 60 मिनट में 10 किमी दौड़ना था। 396 पुलिसकर्मी दौड़े, इनमें 148 ही निर्धारित समय के भीतर पहुंच सके। 248 यानी 62% से ज्यादा फेल रहे। 45-55 : 5 किमी 45 मिनट में.. 55% फेल : इन्हें 45 मिनट में 5 किमी दौड़ना था। इस वर्ग के 118 पुलिसकर्मी दौड़े। इनमें 53 समय पर पहुंचे, जबकि 65 पीछे रह गए। यानी हर दो में से एक पुलिसकर्मी असफल रहा 55+ : 3 किमी भी भारी : इनके लिए 3 किमी की दौड़ और 25 मिनट की समय सीमा थी। बावजूद 46 में सिर्फ 10 समय पर पहुंचे। मिसरोद में इस वर्ग के सभी 14 और निशातपुरा में सभी 8 पुलिसकर्मी नाकाम रहे। जहांगीराबाद में सभी 26 और टीटी नगर में सभी 22 युवाओं ने तय समय में दौड़ पूरी की। चूनाभट्टी में भी 36 में 30 जवानों ने लक्ष्य हासिल किया। कई थानों में दौड़ के बजाय सिर्फ स्ट्रेचिंग की बात सामने आई। वहीं 55+ वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने बीमारी का हवाला देकर दौड़ के बजाय योग को चुन लिया। विभाग के सर्कुलर में पुलिसकर्मियों के लिए फिटनेस स्टैंडर्ड तय हैं। इसी आधार पर जुलाई से दौड़ शुरू की है। अभी जो जवान मानक पूरे नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें अभ्यास के लिए पर्याप्त समय दिया जाएगा।' -संजय कुमार, पुलिस कमिश्नर
राज्य में एक तरफ राष्ट्रीय पोषण माह मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ आंगनबाड़ी केंद्रों में नौनिहालों के भोजन पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पहले थाली से अंडा गायब हुआ, फिर खिचड़ी बंद हुई और अब बच्चे केवल बिस्कुट पर निर्भर हैं। राजधानी के शिव दुर्गा मंदिर स्थित केंद्र पर पिछले 8 महीने से पोषाहार राशि बकाया रहने के कारण दोपहर का भोजन पूरी तरह बंद है। यहां सेविका बसंती कुजूर ने लगभग 15 बच्चों को सिर्फ बिस्कुट बांटकर घर भेज दिया। उन्होंने बताया कि पोषाहार का पैसा लगातार पेंडिंग रहने की वजह से केंद्र का संचालन मुश्किल हो गया है। जब तक बकाया राशि का भुगतान नहीं होता, खाना नहीं बन सकेगा। सेविका बोलीं- कब तक अपनी जेब से बच्चों को खाना खिलाएंवीडियो में स्थिति बयां करते हुए आंगनबाड़ी कर्मी ने कहा कि बाजार में राशन और जरूरी सामानों के दाम काफी बढ़ चुके हैं, जबकि उस अनुपात में उन्हें समय पर पैसा नहीं मिलता। पिछले दो से तीन महीनों से मानदेय/ पोषाहार मद में कोई राशि नहीं मिली है। ऐसे में वे कब तक और कहां से अपनी जेब लगाकर व्यवस्था चलाएं। उन्होंने बताया कि उच्च स्तर से भी अब भोजन बंद रखने की ही बात है। सेविका ने बताया कि सभी को दिक्कत हो रही है। सेविका ने अपने खर्च से खिलाया हलवारातू रोड (खादगढ़ा) केंद्र में मानवीयता की मिसाल दिखी। यहां सेविका यमुना देवी ने गरीब और दिहाड़ी मजदूरों के बच्चों को भूखा नहीं रहने दिया। उन्होंने अपने निजी खर्च से हलवा बनाकर बच्चों को पत्तों (दोने) में परोसा। उन्होंने कहा कि मजदूर माता-पिता काम पर जाते समय बच्चों को यहीं छोड़ जाते हैं, ऐसे में वे उन्हें भूखा कैसे देख सकती हैं। ट्रेजरी में बिल, स्पर्श प्रणाली के चलते देरीराशि जारी कर दी गई है। भुगतान से जुड़े बिल ट्रेजरी में उपलब्ध हैं। एसएनए-स्पर्श प्रणाली के तहत भुगतान प्रक्रिया में तकनीकी समय लगने के कारण कर्मियों के बैंक खातों में राशि पहुंचने में देरी हो रही है। - किरण पासी, निदेशक, महिला बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग
रेटिना हेमरेज के मरीजों के लिए राहत की खबर है। राज्य में पहली बार सरकारी अस्पताल में इसका इलाज शुरू होने जा रहा है। रांची सदर अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को प्रस्ताव भेजकर जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ टीम मांगी है। अस्पताल में एक सप्ताह के भीतर ओसीटी (ऑप्टिकल कोहेरेंस टोमोग्राफी) और फंडस फोटोग्राफी मशीन लगाने की तैयारी है। मशीनें लगते ही इलाज शुरू होगा। डॉ. प्रिया मरीजों का इलाज करेंगी। निजी अस्पतालों में इंजेक्शन की पहली डोज पर 18-20 हजार रुपए खर्च होते हैं, जबकि सदर अस्पताल में यह करीब 6 हजार रुपए में उपलब्ध होगा। रेटिना हेमरेज के संपूर्ण इलाज पर निजी अस्पतालों में एक लाख रुपए तक खर्च होते हैं, जबकि सदर में करीब 20 हजार रुपए में इलाज होगा। आयुष्मान से जोड़ने की भी तैयारी : सदर अस्पताल में शुरू होने वाली इस सुविधा को आयुष्मान योजना से जोड़ने का भी प्रयास किया जा रहा है। मुफ्त में इलाज होगा। शुगर-बीपी पर नियंत्रण जरूरीरेटिना हेमरेज की गंभीर बीमारी से बचाव के लिए साल में कम से कम एक बार रेटिना की जांच करानी चाहिए। मरीज के शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रण में रखना जरूरी है। एक बार आंखों की रोशनी कम होने या चले जाने के बाद अस्पताल पहुंचने पर इलाज अधिक मुश्किल हो सकता है। - डॉ. प्रिया, नेत्र विषेशज्ञ, सदर अस्पताल रांची सदर अस्पताल में रेटीना हेमरेज से जूझ रहे मरीज बड़ी संख्या में आते हैं। राज्य में किसी भी सरकरी अस्पताल में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण मरीजों को निजी अस्पताल में महंगा इलाज कराना पड़ता है। अस्पताल में यही सुविधा मरीजों को कम कीमत में उपलब्ध होगा। - डॉ. विमलेश सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल रांची।
स्कूल छोड़ चले हम...:पिछले साल 15 लाख बच्चे पढ़ाई से दूर, अब 12 लाख कतार में
मप्र में एक ओर नवाचारों के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, तो दूसरी ओर स्कूल मर्जर और कम नामांकन वाले स्कूल अस्थायी रूप से बंद करने के फैसले के चलते लाखों बच्चों की पढ़ाई पर संकट आ गया है। स्थिति यह है कि पिछले साल प्रदेश के स्कूलों से 15.25 लाख छात्र गायब रहे और इस साल फिर 11.12 लाख बच्चों को ‘ड्रॉपबॉक्स’ में धकेल दिया गया है। ड्रॉपबॉक्स यानी ऐसे बच्चे जो किन्हीं कारणों से पिछले स्कूल से तो निकल चुके हैं लेकिन नए स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इन बच्चों को ट्रैक करना मुश्किल हो रहा है। सरकारी आंकड़ों का विरोधाभास भी सवाल खड़े करता है। सत्र 2025-26 में राज्य के शिक्षा पोर्टल पर नामांकित छात्र 1.35 करोड़ थे, जबकि यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम फॉर एजुकेशन (यूडाइस) रिपोर्ट में ये डेटा 1.52 करोड़ था। 17 लाख के अंतर पर जिम्मेदारों का तर्क है यूडाइस में प्री-प्राइमरी का डेटा भी फीड होता है। इसलिए यह अंतर आता है। इस बीच यूडाइस के मुताबिक राज्य में पहली से 12वीं तक की रिटेंशन रेट 37.3% पर आ गई है, जो 51.9% राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे है। यानी 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते 62.7% बच्चे स्कूल की मुख्यधारा से दूर हो चुके हैं। इसकी बड़ी वजह है कम नामांकन बताकर प्राथमिक स्कूलों को बंद कर दिया जाना, जिससे बच्चों के लिए स्कूल की दूरी 1 से 5 किमी तक बढ़ गई। परिवहन साधन न होने से मासूमों को पैदल जाना पड़ता है। दूरी, असुरक्षा और आर्थिक बोझ के बीच गरीब परिवार बच्चों की पढ़ाई छुड़वाने या निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। ग्राउंड रिपोर्ट... घर से दूरी, असुरक्षा, आर्थिक बोझ से छूट रही पढ़ाई केस 1... हर्षवर्धन नगर, भोपाल पेरेंट्स बोले-सरकारी स्कूल बीच सत्र में बंदबीच सत्र में सितंबर महीने में भोपाल के हर्षवर्धन नगर स्थित सरकारी स्कूल बंद कर दिया गया। ऐसे में दूसरे स्कूल में दाखिला न मिलने के कारण 7 साल के बच्चे का पूरा एक साल बर्बाद हो गया। थक-हारकर ऑटो ड्राइवर पिता को बेटे का दाखिला पास के प्राइवेट स्कूल में कराना पड़ा। अब सरकारी में पढ़ाने के बजाय निजी स्कूल में मोटी फीस देने को मजबूर है। केस 2 - मोमनपुर, फंदा ब्लॉक स्कूल दो किमी दूर, पैदल जाने की मजबूरीग्राम पंचायत निपनिया जाट में आने वाले मोमनपुर के कई बच्चों की पढ़ाई पर संकट है। 250 की आबादी वाले इस गांव का शासकीय प्राथमिक स्कूल 2 साल से बंद है। 11 साल का राघव पहली कक्षा में है और गांव के बच्चे रोज 2 किमी पैदल चलकर दूसरे गांव पढ़ने जाते हैं। रहवासी ओमप्रकाश जाट ने बताया- आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई में परेशानी हो रही है। हम चाहते हैं गांव का स्कूल दोबारा खुले, ताकि बच्चे यहीं पढ़ सकें। रास्ते का खौफ, पढ़ाई छूटने के करीबचौथी में पढ़ने वाली छात्रा रोज 2 किमी पैदल चलकर स्कूल जाती है। सुनसान रास्ते में मनचले तीन-चार बार उसके साथ बदसलूकी कर चुके हैं। एफआईआर दर्ज कराने से डर रहे अभिभावक अब बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वे कहते हैं कि हम डरे हुए हैं। स्कूल वाला रास्ता सुनसान रहता है, अगर यही हाल रहा तो बेटी की पढ़ाई पर संकट होगा। हमारे घर के सामने बना स्कूल चालू होता तो शायद ऐसी स्थिति बनती ही नहीं। ड्रॉपबॉक्स वाले सबसे ज्यादा बच्चे इंदौर जिले में, प्रतिशत के आधार पर मऊगंज में (ड्रॉपबॉक्स के आंकड़े 30 अगस्त तक के। स्कूलों में 30 सितंबर तक प्रोग्रेशन (कक्षा उन्नति) का काम जारी। ऐसे में संख्या में कुछ बदलाव संभव।)
सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के शिव शक्तिनगर में गुरुवार सुबह मंदिर में पूजा कर घर लौट रही बुजुर्ग महिला रेणु कुशवाहा से ठगों ने करीब 20 लाख रुपए के गहने ठग लिए। घटना सुबह 9.45 बजे वाल्मीकि नगर में हुई। भुक्तभोगी रेणु कुशवाहा, पति स्व. उदय कुमार कुशवाहा (पूर्व जेल सुपरिंटेंडेंट), ने सुखदेवनगर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। महिला के अनुसार, दोनों ठगों की उम्र 30-35 वर्ष के बीच है। एक युवक ने खुद को अयोध्या का पुजारी बताकर महिला को रोका और बातचीत में उलझा लिया। इसके बाद दोनों युवकों ने अलग-अलग तरीके से उसका विश्वास जीता और उपाय के नाम पर गहने उतरवा लिए। महिला ने शिकायत में बताया कि ठग चार कंगन (50 ग्राम), दो हीरा जड़ित चूड़ी, 10 ग्राम सोने की चेन और एक लॉकेट ले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। बेटे की दुर्घटना के उपाय के नाम पर झांसारेणु कुशवाहा के अनुसार, खुद को अयोध्या का पुजारी बताने वाले युवक ने पहले पानी पीने के लिए पांच रुपए मांगे। इसी दौरान उसका साथी भी वहां पहुंच गया। युवक ने महिला से कहा कि उसके बेटे की कल दुर्घटना होना तय है। इससे महिला घबरा गई। दूसरे युवक से कहा कि तुम्हारी मां भी बीमार है, तुम 11 रुपए हाथ में लेकर आगे बढ़ो, हनुमान जी के दर्शन होंगे। युवक कुछ दूर जाकर लौटा और हाथ में हनुमान जी की मूर्ति दिखाई। इससे महिला को उनकी बात पर विश्वास हो गया। हनुमानजी को पसंद नहीं सोना, गहने उतारोपीड़िता के अनुसार, इसके बाद ठग ने उसे भी हाथ में 51 रुपए लेकर आगे बढ़ने को कहा। महिला जैसे ही आगे बढ़ी, उसने कहा कि हनुमान जी को सोना पसंद नहीं है। रावण की सोने की लंका भी हनुमान जी ने जला दी थी। उसने महिला से गहने उतारकर युवक को देने और बाद में वापस ले लेने को कहा। महिला ने गहने उतारकर युवक को दे दिए। जैसे ही वह आगे बढ़ी, दोनों युवक जेवर लेकर भाग निकले।
गंगा का जलस्तर दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। गंगा खतरे के निशान को छूने को आतुर हैं। बृहस्पतिवार को जलस्तर बढ़ कर 70.68 मीटर दर्ज किया गया। अब जलस्तर खतरे के निशान से महज 0.58 मीटर ही नीचे है।
सरकार ने 3000 वर्गफीट से बड़े भवनों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग जरूरी किया राजधानी में चार इंच की घरेलू बोरिंग कराने के लिए अब नगर निगम से अनुमति लेना अनिवार्य कर दिया गया है। अनुमति के लिए आवेदक के घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होना जरूरी है। खाली जमीन पर बोरिंग के लिए भवन निर्माण के साथ हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का शपथपत्र देना होगा। अनुमति के लिए शुल्क भी निर्धारित किया गया है। 5 हजार वर्गफीट तक के आवासीय परिसर में 2,500 रुपए और इससे बड़े परिसर में 5 हजार रुपए शुल्क लगेगा। एक हजार वर्गफीट तक के व्यावसायिक भवन में 10 हजार रुपए और इससे अधिक क्षेत्रफल में 10 रुपए प्रति वर्गफीट शुल्क देना होगा। आवेदन निगम कार्यालय में करना होगा। भू-जल स्तर में गिरावट को देखते हुए निगम ने यह व्यवस्था लागू की है। हालांकि, नगर विकास विभाग के आदेश में 3 हजार वर्गफीट से अधिक क्षेत्रफल वाले भवनों में ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है। ऐसे में एक ही शहर में दो नियम लागू होने से सवाल उठ रहे हैं कि आम लोग किस आदेश का पालन करें। सुशांत गौरव, नगर आयुक्त हर हाल में बोरिंग निजी जमीन पर ही करानी होगी, शपथपत्र भी जरूरी घरों में 4 इंच बोरवेल के लिए भी अनुमति क्यों जरूरी की गई? शहर में गर्मी के दिनों में भू-गर्भ जल का दोहन अधिक होता है। ऐसे में वाटर लेवल नीचे चला जाता है। इससे निपटने के लिए बोरिंग देने से पहले रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य किया गया है। मुझे अपने घर में बोरिंग करानी है, इसके लिए मुझे क्या करना होगा? नगर आयुक्त के नाम एक आवेदन निगम की जलापूर्ति शाखा में देना होगा। इसके साथ पहचान पत्र, होल्डिंग रसीद, जहां बोरिंग की जानी है, वहां का जीपीएस फोटो और संस्थान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान होने पर संबंधित दस्तावेज देने होंगे। साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग की स्थिति की फोटो और शपथ पत्र भी देना होगा। मेरे घर में 20 साल पहले का बोरिंग सूख गया। अब नया बोरिंग कराने के लिए जगह नहीं है, क्या बाहर बोरिंग करा सकते हैं? हर हाल में बोरिंग निजी जमीन पर ही करानी होगी। किसी भी हाल में घर के बाहर नदी, नाली या सड़क या सरकारी जमीन पर बोरिंग की अनुमति नहीं मिलेगी। शपथपत्र देना होगा कि बोरिंग का उपयोग पेयजल या घरेलू उपयोग के लिए ही किया जाएगा। बोरिंग की अनुमति लेने के बाद उक्त स्थल पर पानी नहीं मिला या बोरिंग फेल हो गया, तब क्या करेंगे? भूमिगत जलस्तर को ध्यान में रखकर ही बोरिंग की अनुमति मिलेगी। संबंधित क्षेत्र के भू-गर्भ जल स्तर का आकलन करने के बाद ही अनुमति मिलेगी। ऐसे में बोरिंग फेल होने पर नए स्थल के लिए फिर से अनुमति लेनी होगी। एक बार अनुमति लेने के कितने दिनों के अंदर बोरिंग कराई जा सकती है? नगर निगम से अनुमति मिलने के 15 दिनों के अंदर बोरिंग कराना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर अनुमति स्वतः रद्द हो जाएगी। मैंने बोरिंग की अनुमति लेने के बाद बोरिंग कराई या नहीं, इसकी जानकारी कैसे निगम को मिलेगी? बोरिंग कराने से पहले रिंग मशीन चालक को भी संबंधित स्थल पर बोरिंग करने की जानकारी फॉर्म में भरकर देना है। बोरिंग होने के बाद इसकी कुल गहराई और वाटर लेवल की जानकारी नगर निगम को देना अनिवार्य है। पहले सभी घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाए नगर निगम, इसके बाद ही बोरिंग पर सख्ती हो - मनाेज जाेशी, आर्किटेक्ट रांची की 70 प्रतिशत आबादी बोरवेल पर ही निर्भर है। क्योंकि, घरों तक पाइपलाइन से पानी नहीं पहुंचा है। सरकार हर घर तक शुद्ध पानी नहीं पहुंचाएगी तो लोगों को बोरवेल कराना मजबूरी है। चार इंच का बोरिंग अधिकतर निजी घरों में ही होता है। ऐसे भवन मालिकों के लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग बनाना अनिवार्य कर दिया गया तो एक-दो या तीन कट्टा जमीन लेकर घर बनाने वाले परेशान हो जाएंगे। इसलिए नगर निगम को चाहिए कि पहले शत-प्रतिशत घरों तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाए, इसके बाद ही बोरिंग पर सख्ती करे।
बच्चों की मुख्यमंत्री से गुहार- सीएम अंकल, जल्द ड्रेस के पैसे भिजवा दीजिए
भास्कर एक्सक्लूिसव सुबह स्कूल की घंटी बज चुकी है। बच्चे कक्षाओं की ओर भाग रहे हैं, लेकिन कई नौनिहालों के कदम ठिठके हुए हैं। किसी की यूनिफॉर्म छोटी हो चुकी है, तो किसी की समीज और पैंट की सिलाई उधड़ी है। कई बच्चों के जूते जवाब दे चुके हैं। वहीं कई बिना यूनिफार्म के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। सातवीं कक्षा का छात्र आकाश अपनी फटी शर्ट दिखाते हुए कहता है... हमारी यूनिफॉर्म छोटी हो गई है। जगह-जगह सिलाई खुल गई है। ऐसे कपड़ों में क्लास में बैठने में अच्छा नहीं लगता। पांचवीं के अमन की परेशानी जूतों को लेकर है। वह कहता है, जूते फट गए हैं। बिना जूते-मोजे और पुरानी ड्रेस में स्कूल आने में शर्म आती है। राशि के इंतजार से परेशान बच्चों ने अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे गुहार लगाई है। कहा है कि मुख्यमंत्री अंकल, नया सत्र शुरू हुए पांच महीने हो गए। हमारे पोशाक के पैसे अब तक नहीं आए। पैसे जल्दी भिजवा दीजिए, ताकि हम भी नई यूनिफॉर्म पहनकर स्कूल आ सकेंगे। घर में इतने पैसे नहीं हैं कि नई ड्रेस खरीद सकेंगे। इन बच्चों के लिए पोशाक सिर्फ स्कूल ड्रेस नहीं, बल्कि आत्मसम्मान से जुड़ी जरूरत है। योजना का मकसद ही सवालों के घेरे में योजना का उद्देश्य गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करना, बच्चों को समय पर यूनिफॉर्म उपलब्ध कराना और स्कूलों में उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। लेकिन सत्र शुरू होने के पांच महीने बाद भी 1.40 लाख बच्चों को राशि नहीं मिलना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अभिभावकों का कहना है कि महंगाई के दौर में वे अपने खर्च से बच्चों के लिए नई ड्रेस नहीं खरीद पा रहे हैं। विभाग जल्द राशि उपलब्ध कराए, ताकि बच्चे फटी यूनिफॉर्म नहीं, पूरे आत्मविश्वास के साथ स्कूल पहुंचें। राज्य सरकार से राशि प्राप्त होते ही वितरण किया जाएगा कक्षा के हिसाब से मिलती है राशि सरकारी प्रावधान के तहत कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों के लिए 600 रुपए की राशि निर्धारित है। इसमें दो जोड़ी यूनिफॉर्म, एक जोड़ी जूते, दो जोड़ी मोजे और स्वेटर शामिल हैं। कक्षा 1 और 2 के बच्चों के लिए राशि विद्यालय प्रबंधन समिति के माध्यम से उपलब्ध कराने का प्रावधान है। कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 700 रुपए डीबीटी के माध्यम से बैंक खाते में दिए जाते हैं। इससे दो जोड़ी यूनिफॉर्म, जूते, मोजे और स्वेटर की व्यवस्था की जानी है। नई यूनिफॉर्म मिलने पर बच्चों में स्कूल आने का उत्साह बढ़ता है, जबकि पुरानी और फटी ड्रेस बच्चों में झिझक पैदा कर रही है। वजह सिर्फ गरीबी नहीं, बल्कि नए शैक्षणिक सत्र के पांच महीने से अधिक बीतने के बाद भी पोशाक की राशि नहीं मिलना है। जिले के सरकारी स्कूलों के करीब 1.40 लाख बच्चे अब तक इस राशि से वंचित हैं। चास से चंदनकियारी, गोमिया से बेरमो तक स्कूलों की पड़ताल में यही तस्वीर सामने आती है। बच्चे पुरानी यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंच रहे हैं और अभिभावक इस इंतजार में हैं कि कब उनके खाते में डीबीटी के जरिए राशि आएगी। गरीब परिवारों के लिए बच्चों की नई ड्रेस, जूते-मोजे खरीदना आसान नहीं है। पुरानी और फटी ड्रेस बच्चों में झिझक व शर्मिंदगी पैदा कर रही सरकारी मिडिल स्कूल में बिना यूनिफार्म व जूतों के पहुंचे बच्चे।
सेक्टर-12ई के जर्जर क्वार्टर खाली करवाकर दूसरा आवास देने का आदेश
सेक्टर-12ई में क्वार्टर संख्या 1290 के अचानक जमींदोज होने की घटना ने जर्जर आवासों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल खड़ा कर दिया है। हादसे के बाद जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी परिवार को इस डर के साये में नहीं रहने दिया जाएगा, क्योंकि पता नहीं अगला हादसा कब और किसके घर में हो जाए। डीसी अजय नाथ झा ने जांच रिपोर्ट के आधार पर बीएसएल प्रबंधन को जर्जर और असुरक्षित भवनों की पहचान कर समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश दिया है। 28 अगस्त की घटना की जांच के लिए चास एसडीओ प्रांजल ढांडा को सौंपा गया था। जांच रिपोर्ट 31 अगस्त को जिला प्रशासन को प्राप्त हुई। इसके आधार पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत बीएसएल प्रबंधन को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया गया है। डीसी ने कहा कि भवनों के नियमित रख-रखाव और तकनीकी निरीक्षण में लापरवाही भविष्य में गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। बीएसएल को स्पष्ट एसओपी तैयार कर तकनीकी एजेंसी से नियमित सर्वे कराने तथा असुरक्षित भवनों को चिह्नित करने का निर्देश दिया गया। ऐसे भवनों को खाली कराने, मरम्मत कराने या जरूरत पड़ने पर ध्वस्त करने की कार्रवाई होगी। डीसी ने असुरक्षित भवनों पर लगेगा बोर्ड, परिवारों को मिलेगा वैकल्पिक आवास ने निर्देश दिया कि असुरक्षित भवनों की सूची जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए और भवनों पर स्पष्ट रूप से असुरक्षित भवन का बोर्ड लगाया जाए। वहां रहने वाले परिवारों को वैकल्पिक आवास देकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। जरूरत पड़ने पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भी कार्रवाई की जाएगी। आवास संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए शिकायत निवारण समिति गठित होगी। इसके अलावा पुराने ओवरहेड टंकियों से भवनों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार को देखते हुए प्लास्टिक टंकी से जलापूर्ति की व्यवस्था 10 दिनों में कराने का निर्देश दिया गया। मामूली रूप से क्षतिग्रस्त क्वार्टरों में तत्काल मरम्मत भी कराई जाएगी। असुरक्षित क्वार्टरों में रह रहे लोगों की सुरक्षा पर उपायुक्त सख्त
जवान सहित तीन लोगों से ~6.48 लाख की ठगी
साइबर ठगों ने बोकारो में महज 12 घंटे के भीतर तीन लोगों को अपना शिकार बनाया। चास, पिंड्राजोरा और कैंप-2 के तीन लोगों से कुल 6.48 लाख रुपए की ठगी हुई। मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार के पास मामला पहुंचते ही कार्रवाई शुरू हुई और एक पीड़ित की 2.74 लाख रुपए की रकम होल्ड कराई गई। सबसे बड़ी ठगी चास के कुंवर सिंह कॉलोनी निवासी शशिरंजन से हुई। ट्रेन में मिले एक व्यक्ति ने नेटवर्किंग में शशिरंजन को उलझाया और उनसे 5.95 लाख रुपए ठग लिए। पिंड्राजोरा निवासी बहादुर महतो के खाते से पेटीएम के माध्यम से 29,298 रुपए निकाले गए। वहीं कैंप-2 के होमगार्ड जवान मनीष कुमार सिंह से 29 हजार रुपए की ठगी हुई। डीएसपी के पास मामले की जानकारी देने पहुंचे पीड़ित।
बोकारो से बेंगलुरु वाया वेल्लोर के लिए नई ट्रेन जल्द, शुरू की प्रक्रिया
सिटी एंकर बोकारो की बेहतर रेल कनेक्टिविटी और दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए बोकारो स्टील सिटी से बेंगलुरु वाया काटपाड़ी (वेल्लोर) के लिए नई ट्रेन के परिचालन की मांग पर संज्ञान लेते हुए रेल मंत्रालय ने आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। यह जानकारी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बोकारो विधायक श्वेता सिंह को भेजे गए पत्र में जानकारी दी है। पत्र में उन्होंने कहा है कि इसकी जांच शुरू कर दी गई है। विदित हो कि इस ट्रेन की मांग बोकारो वासियों की बहुत पुरानी है। लंबे अर्से के बाद इस पर रेल मंत्रालय ने कार्रवाई शुरू की है। बोकारो स्टील सिटी के यात्रियों को साउथ की यात्रा करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। यहां से नियमित ट्रेन सिर्फ धनबाद अलपूजा और दूसरी ट्रेन धनबाद कोयंबटूर है, जो सप्ताह में एक दिन चलती है। दोनों ही ट्रेनों की स्थिति ऐसी है कि दो महीने पहले ही वेटिंग हो जाती है। जबकि बोकारो से सबसे ज्यादा विद्यार्थियों, व्यवसायियों और मरीजों का बैंगलुरू, चेन्नई, केरल आना-जाना होता है। टिकट नहीं मिलने की वजह से यहां के विद्यार्थियों और व्यवसायियों को रांची, टाटा या राउरकेला जाकर ट्रेनों को पकड़ना पड़ता है। इस वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। लंबे अर्से से बैंगलुरू वाया काठपाड़ी से बोकारो के बीच नए ट्रेनों के परिचालन की मांग जनता करती रही है। उद्योग और क्षेत्रीय विकास को मिलेगी रफ्तार इस ट्रेन के परिचालन से बोकारो और दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा। इससे क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। विधायक श्वेता सिंह ने कहा कि जनता की समस्याओं का समाधान और बोकारो का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। साउथ जाने वाले यात्रियों और मरीजों को फायदा बोकारो से बड़ी संख्या में छात्र उच्च शिक्षा और रोजगार के लिए बेंगलुरु जाते हैं। वहीं गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीज और उनके परिजन सीएमसी वेल्लोर (काटपाड़ी) जाते हैं। वर्तमान में सीधी रेल सेवा नहीं होने के कारण यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई ट्रेन के शुरू होने से न केवल विद्यार्थियों और कामकाजी पेशेवरों का सफर आसान होगा। भारी बारिश में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने और डायवर्ट रूट से चलने के कारण कुछ ट्रेनों की देर से चलने की सूचना है। जिन ट्रेनों के देर से पहुंचने की संभावना है, इनमें नई दिल्ली से पुरी जाने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस को शुक्रवार को अपने निर्धारित समय से लगभग दो घंटे देर से बोकारो पहुंच रही है। जबकि यह ट्रेन गुरुवार को भी लगभग एक घंटे देरी से बोकारो पहुंची। वहीं लोकमान्य तिलक टर्मिनस रांची एक्सप्रेस, लगभग एक घंटे देरी से बोकारो रेलवे स्टेशन पहुंची। भुवनेश्वर-धनबाद एक्सप्रेस भी अपने निर्धारित समय से लगभग 26 मिनट की देरी से बोकारो पहुंची व शुक्रवार को भी लगभग एक घंटे देर से पहुंचने की संभावना है। आनंद विहार टर्मिनस-पुरी एक्सप्रेस अपने तय समय से करीब दो घंटे देरी से बोकारो पहुंचने की संभावना है। जबकि गुरुवार को यह ट्रेन एक घंटे देर से बोकारो पहुंची। भारी बारिश के कारण कई दिनों से देर से बोकारो पहुंच रही हैं ट्रेनें
5 साल 10 माह से लापता 14 साल की सेजल की तलाश अब सीबीआई करेगी
झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की रांची स्थित एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने बोकारो के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र से करीब साढ़े पांच साल पहले लापता हुई नाबालिग छात्रा के अपहरण की जांच अपने हाथ में ले ली है। सीबीआई ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (आरसी संख्या-0242026S0011) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई एसीबी रांची के डीएसपी गौरव सिंह को दी गई है। झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने 25 अगस्त 2026 को क्रिमिनल रिट (हेबियस कॉर्पस) याचिका संख्या 314/2026 पर सुनवाई के दौरान सीबीआई जांच का आदेश दिया था। नाबालिग के पिता ने अदालत में कहा था कि घटना के साढ़े पांच साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस और राज्य की जांच एजेंसी सीआईडी उनकी बेटी का कोई सुराग नहीं लगा सकी है। मामले की गंभीरता और लंबे समय से छात्रा के बरामद नहीं होने को देखते हुए कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि सेजल 16 अक्टूबर 2020 को सुबह करीब 10:45 बजे ट्यूशन के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटी। उसी दिन करीब 11:15 बजे उसके पिता को सूचना मिली कि कुरमा अस्पताल की ओर जाने वाली सड़क पर उसकी साइकिल, चप्पल और कॉपियां बिखरी मिलीं हैं। परिजनों ने सामान की पहचान सेजल के होने की पहचान की। इसके बाद पिंड्राजोरा थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। सीआईडी को बिना शर्त सहयोग का निर्देश हाईकोर्ट ने सीबीआई को जांच तत्काल अपने हाथ में लेने का निर्देश दिया है। राज्य और सीआईडी को सीबीआई को पूर्ण और बिना शर्त सहयोग देने को कहा गया है। कोर्ट ने सीबीआई को अगली सुनवाई से पहले जांच की प्रगति का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर 2026 को होगी। डिजिटल रिकॉर्ड की भी होगी पड़ताल राज्य की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि वर्ष 2020 से अब तक के डिजिटल रिकॉर्ड मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं। मेटा प्लेटफॉर्म और गूगल सहित टेलीकॉम व इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से डिजिटल रिकॉर्ड, सीडीआर और आईपीडीआर सुरक्षित रखने और उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश मांगे गए थे। केंद्रीय एजेंसी की तकनीकी विशेषज्ञता उपयोगी हो सकती है। जिला पुलिस, सीआईडी व एसआईटी भी कर चुकी है जांच मामले में पहले जिला पुलिस ने जांच की, लेकिन अपेक्षित प्रगति नहीं हुई। इसके बाद 20 अप्रैल 2026 को जांच सीआईडी को सौंपी गई। सीआईडी ने एसआईटी गठित कर जांच आगे बढ़ाई। कोर्ट के समक्ष यह भी सामने आया कि बच्ची की अंतरराज्यीय स्तर पर तस्करी की आशंका है। राज्य के हलफनामे में दिल्ली, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल से आईपी गतिविधियों के सुर मिलने की बात कही गई है। गोपालगंज में समानता वाली महिला मिली, पहचान नहीं हुई जांच के दौरान बिहार के गोपालगंज में एक महिला के बारे में सुराग मिला, जिसकी शारीरिक बनावट सेजल से करीब 90% समान बताई गई। यह समानता ई-केवाईसी के आधार पर सामने आई थी, लेकिन जांच एजेंसी इस बात की पुष्टि नहीं कर सकी कि महिला सेजल ही है। हाईकोर्ट ने जांच में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए। राज्य ने बताया कि झारखंड में फिलहाल गैट एनालिसिस जैसी उन्नत तकनीक उपलब्ध नहीं है।
सम्मान समारोह में विभिन्न शिक्षकों को मिला गुरु वशिष्ठ बेस्ट टीचर अवार्ड
सिटी रिपोर्टर | बोकारो डॉ. राधाकृष्णन सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स, बोकारो की ओर से गुरुवार को एमजीएम हायर सेकेंड्री स्कूल सेक्टर-4एफ में गुरु वशिष्ठ बेस्ट टीचर अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तरी छोटानागपुर जोन बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिन्हा, कॉम्प्लेक्स के उपाध्यक्ष व रेनबो पब्लिक स्कूल के प्राचार्य बिपुल कुमार सिंह, उपाध्यक्ष व द ओरिएंटल स्कूल के प्राचार्य आमीर हुसैन, महासचिव व डीएवी कथारा के प्राचार्य जीएन खान, संयुक्त सचिव व माउंट सियोन स्कूल की प्राचार्य डॉ. बी. रीना ठाकुर तथा कोषाध्यक्ष व एमजीएम हायर सेकेंड्री स्कूल के प्राचार्य फादर डॉ. जोशी वर्गीस ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने कहा कि गुरु समाज को सही दिशा देने और नई पीढ़ी को संस्कारवान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक स्वयं अनुशासन में रहकर विद्यार्थियों के लिए आदर्श बनें और उनकी प्रतिभा को निखारें। फादर डॉ. वर्गीस ने कहा कि शिक्षक बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर उनका भविष्य संवारते हैं। विद्यार्थियों ने गुरुवर आपको शत-शत प्रणाम गीत से गुरु की महिमा का गुणगान किया। इस दौरान आईजी ने विभिन्न विद्यालयों के 61 शिक्षकों को गुरु वशिष्ठ बेस्ट टीचर अवार्ड प्रदान किया।
मेजर ध्यानचंद हॉकी प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन, आठ टीम क्वार्टर फाइनल में पहुंची
भास्कर न्यूज | सिमडेगा राष्ट्रीय खेल दिवस पर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम एवं एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम, सिमडेगा में हॉकी झारखंड के मार्गदर्शन में हॉकी सिमडेगा एवं खेल विभाग, सिमडेगा के संयुक्त तत्वावधान में 29 अगस्त से 12 सितंबर तक आयोजित 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर सिमडेगा जिला पुरुष एवं महिला हॉकी चैंपियनशिप 2026 के छठे दिन, गुरुवार को 10 मैच खेले गए। महिला वर्ग में 2 मैच हुए। पुरुष वर्ग में 8 मैच हुए। महिला वर्ग में लीग राउंड के सभी 32 मैच पूरे हो गए हैं। लीग राउंड के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाली 8 टीमें सीओई सिमडेगा ए, मिनी शक्ति नारी सिमडेगा, लोम्बोई, संत जेवियर बरवाडीह, टाटा सीनी जलडेगा, एसटीसी सिमडेगा, यूसी रेंगारी, संत अन्ना तैसेर शामिल हैं। पुरुष वर्ग में गुरुवार तक 21 मैच खेले जा चुके हैं। शुक्रवार को सातवें दिन दोनों मैदान (पिच-1 और पिच-2) पर मिलाकर कुल 18 मैच खेले जाएंगे। महिला वर्ग में टाटा सीनी जलडेगा 3 बनाम 0 के.वी.एस. सिमडेगा - विजेता टाटा सीनी जलडेगा, मिनी शक्ति नारी 06 बनाम 00 के.वी.एस. सिमडेगा - विजेता मिनी शक्ति नारी, पुरुष वर्ग में लोम्बोई 18 बनाम 00 सेंट जॉन स्कूल कुरडेग - विजेता लोम्बोई, के.वी.एस. सिमडेगा ए 02 बनाम 01 कुरुषकेला - विजेता के.वी.एस. सिमडेगा ए, डे बोर्डिंग तैंसेर 01 बनाम 00 पीएम श्री बासेन - विजेता डे बोर्डिंग तैंसेर, मास्टर ब्रदर्स 02 बनाम 00 फरसा पानी - विजेता मास्टर ब्रदर्स, हेथमा पंचायत 07 बनाम 01 कुरपानी ए - विजेता हेथमा पंचायत, सेंट जॉन स्कूल कुरडेग 00 बनाम 10 ए.बी. ब्रदर आसनबेरा - विजेता ए.बी. ब्रदर आसनबेरा, डे बोर्डिंग तैंसेर 01 बनाम 00 बिंधैन टोली - विजेता डे बोर्डिंग तैंसेर, सीओई सिमडेगा 11 बनाम 01 ताराबोगा - विजेता सीओई सिमडेगा। पीडियापोस हॉकी प्रतियोगिता के पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त किया। मैच प्रारंभ कराया।
स्कूल में धूमधाम से मना जन्माष्टमी उत्सव
सिमडेगा | डीएवी पब्लिक स्कूल सिमडेगा में एलकेजी से कक्षा चतुर्थ तक के बच्चों के बीच गुरुवार को जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया। इस अवसर पर नन्हे बच्चों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा में बाल लीलाओं, माखन चोरी और भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम की शुरुआत पूजन-वंदना से हुई। नंद के आनंद भयो के जयघोष से परिसर भक्तिमय हो गया।प्राचार्य सुजय कुमार मिश्रा ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन सत्य, प्रेम और कर्तव्य की प्रेरणा देता है।
जनता दरबार में आवास और रोजगार मुहैया कराने की मांग
सिमडेगा| जिले के सुदूरवर्ती क्षेत्रों से पहुंचे ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को लेकर उपायुक्त कंचन सिंह ने जनता दरबार का आयोजन किया। उन्होंने जनता दरबार में पहुंचे प्रत्येक फरियादी से बारी-बारी से संवाद किया। उन्होंने उनकी समस्याओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने संबंधित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। जनता दरबार में आवास योजना का लाभ दिलाने, रोजगार उपलब्ध कराने, भूमि का ऑनलाइन रिकॉर्ड दुरुस्त कराने, मनरेगा सामग्री मद की राशि के भुगतान में कथित रूप से राशि मांगने, न्यायालय के आदेश के बावजूद आदिवासी भूमि पर जबरन कब्जे के प्रयास, अबुआ आवास योजना का लाभ दिलाने सहित कई मामले सामने आए। रैंसिया पंचायत की मुखिया पर पद के दुरुपयोग का आरोप, प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में अनियमितता की शिकायत, होमगार्ड भर्ती आवेदन से संबंधित तकनीकी समस्या, सड़क निर्माण, ऑनलाइन लगान रसीद निर्गत कराने तथा अवैध रूप से जमीन की घेराबंदी से संबंधित आवेदन भी प्राप्त हुए। उपायुक्त ने जांच कर मामलों का त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।
सड़क निर्माण की मांग को लेकर लोगों ने िकया प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | सिमडेगा शहरी क्षेत्र के श्याम पथ डिपा टोली जाने वाले रास्ते में शंकर बागान और आसपास के मोहल्लों के निवासियों ने जर्जर और कच्ची सड़क से परेशान होकर सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने पक्की सड़क निर्माण की मांग की। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। बारिश के दिनों में कीचड़ और जलजमाव के कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से दुश्वार हो गया है। इससे स्थानीय लोगों का दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर इस सड़क को बनवाने के लिए लोग दशकों से प्रयास कर रहे हैं। विदित हो कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में इस मार्ग पर आवागमन को सुगम बनाने के लिए पीसीसी सड़क निर्माण की योजना स्वीकृत की गई थी। हालांकि, संबंधित भूमि स्वामी द्वारा सड़क निर्माण के लिए भूमि न दिए जाने के कारण उस समय निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका। योजना को अन्यत्र स्थानांतरित करना पड़ा। नगर परिषद प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि मोहल्ले के प्रबुद्ध नागरिक और स्थानीय लोग मिलकर पहल करें। भूमि स्वामी से आपसी संवाद के माध्यम से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर लें। तब इस बहुप्रतीक्षित सड़क का निर्माण कार्य पुनः शुरू कराया जा सकता है।
गेरदा पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों से करोड़ों का गबन... डीसी से शिकायत
भास्कर न्यूज | सिमडेगा बानो थाना क्षेत्र के गेरदा गांव स्थित पोस्ट ऑफिस में खाताधारकों के करोड़ों रुपये के गबन की आशंका से ग्रामीणों में हड़कंप मचा है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंचे और पूरे मामले की जांच कराकर जमा राशि वापस दिलाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि उनके पास मौजूद पासबुक में जमा रकम की एंट्री और पोस्ट ऑफिस की मुहर लगी हुई है, लेकिन जब वे जरूरत के समय पैसे निकालने पोस्ट ऑफिस पहुंचे तो पता चला कि सरकारी रिकॉर्ड में उनके खाते में वह राशि मौजूद ही नहीं है। इनमें कई ऐसे खाताधारक भी हैं, जिनके लाखों रुपए पोस्ट ऑफिस में जमा थे। मामले में 35 लोग पासबुक लेकर सिमडेगा पहुंचे थे। ग्रामीणों के अनुसार, गेरदा पोस्ट ऑफिस में तत्कालीन पोस्टमास्टर आबिद मियां के कार्यकाल में लोगों से राशि जमा ली जाती थी। राशि जमा करने के बाद उसकी एंट्री खाताधारकों की पासबुक में कर दी जाती थी और पोस्ट ऑफिस की मुहर भी लगाई जाती थी। इससे लोगों को पूरा भरोसा था कि उनका पैसा सुरक्षित है। लोगों ने बताया कि पूर्व पोस्टमास्टर के कार्यकाल में जब वे राशि निकालने जाते थे तब उनको पैसा मिलता था और निकासी की राशि चढ़ा दी जाती थी। इसलिए उनको कभी संदेह नहीं हुआ। इधर, मामले में अब आरोप है कि इन जमा राशियों की पोस्ट ऑफिस के आधिकारिक रिकॉर्ड में एंट्री नहीं की जाती थी। यह मामला उस समय सामने आया जब तत्कालीन पोस्टमास्टर आबिद मियां का 8 अगस्त को के निधन के बाद नए पोस्टमास्टर ने कार्यालय का प्रभार संभाला। इसके बाद लोगों के खातों से निकासी की मांग आने पर रिकॉर्ड का मिलान शुरू हुआ। इसी दौरान खाताधारकों को उस समय झटका लगा। जब वे अपनी पासबुक लेकर पैसे निकालने पहुंचे। पासबुक में जमा रकम दर्ज होने के बावजूद विभागीय रिकॉर्ड में उनके खाते में राशि नहीं मिली। डीसी से शिकायत करने पहुंचे ग्रामीण : गुरुवार को बड़ी संख्या में प्रभावित ग्रामीण उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। ग्रामीणों ने अपनी पासबुक दिखाते हुए पूरे मामले की जानकारी दी और मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। इसके अलावा ग्रामीण बानो के मुख्य पोस्ट ऑफिस भी पहुंचे और वहां अपने खातों तथा जमा राशि को लेकर जानकारी ली। सिमडेगा के पोस्ट ऑफिस में भी ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने दिवंगत पोस्टमास्टर की संपत्ति को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पोस्टमास्टर ने ओडिशा में काफी बड़ा मकान बनाया है। हालांकि इस संपत्ति और कथित गबन के बीच संबंध की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में, हो रही जांच ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन भी मामले को लेकर सक्रिय हो गया है। पूरे मामले की जांच शुरू कराई जा रही है। जांच में पोस्ट ऑफिस के रिकॉर्ड, खातों और ग्रामीणों की पासबुक में दर्ज प्रविष्टियों का मिलान किया जाएगा। इससे गबन की वास्तविक राशि और प्रभावित खाताधारकों की संख्या सामने आने की उम्मीद है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी पासबुक में जमा राशि की एंट्री और पोस्ट ऑफिस की आधिकारिक मुहर होने के कारण विभाग उनके दावे पर विचार करेगा और उनकी जमा राशि वापस मिल सकेगी। हालांकि फिलहाल खाताधारकों में संशय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि उन्होंने जरूरत के समय उपयोग करने के लिए अपनी मेहनत की कमाई पोस्ट ऑफिस में जमा की थी, लेकिन अब पैसा नहीं मिल पाने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लाखों रुपए जमा करने वाले परेशान मामले में अधिक चिंता उन व्यापारियों को है, जिनके लाखों रुपये पोस्ट ऑफिस में जमा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पासबुक में रकम दर्ज होने के कारण उन्होंने कभी यह नहीं सोचा था कि उनके खाते की राशि सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं होगी। अब जब जरूरत पड़ने पर राशि निकालने पहुंचे तो खाते में पैसा नहीं होने की जानकारी मिली। इससे ग्रामीणों के बीच आक्रोश के साथ-साथ अपनी जीवनभर की जमा पूंजी को लेकर चिंता भी बढ़ गई है। सभी की नजर प्रशासन और डाक विभाग की जांच पर है।
गुरुकुल भारती में हर्षोल्लास से मनी जन्माष्टमी
लोहरदगा|गुरुकुल भारती विद्यालय परिसर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मौके पर विद्यालय परिसर में भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम में कक्षा प्री नर्सरी से लेकर कक्षा 3 तक के बच्चों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की वेशभूषा धारण कर सभी का मन मोह लिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में सुंदर प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत गीत, नृत्य व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों व श्रीमदभगवद्गीता के संदेश के बारे में बताया। विद्यालय परिवार ने सभी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं और विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के संचालन में सभी शिक्षिकाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के दौरान चेयरमैन, डायरेक्टर, प्रिंसिपल सहित शिक्षक शिक्षिकाओं व छात्र छात्राएं मौजूद रहे।
नन्हे-मुन्ने बच्चों ने मनाई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एक से बढ़कर एक जीवंत प्रारूप प्रस्तुित दी
भास्कर न्यूज| लोहरदगा शहर के हरमू रोड स्थित जय मां सरस्वती इंग्लिश मीडियम पब्लिक स्कूल के दूसरे शाखा ब्लूमिंग किड्स प्ले स्कूल में गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास, उमंग और उत्साह के साथ मनाया गया। मौके पर विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों, नृत्य, गीत व विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से पूरे वातावरण को कृष्णमय और आनंदमय बना दिया। नन्हे बच्चों की मासूमियत, आत्मविश्वास और शानदार प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई गतिविधियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के चेहरों पर मुस्कान ला दी और यह आयोजन बेहद यादगार बन गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की निर्देशिका, अधिवक्ता सुषमा सिंह ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी प्रस्तुतियों की खूब सराहना की। उन्होंने कहा कि ये नन्हे बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। जिस आत्मविश्वास, उत्साह और लगन के साथ इन बच्चों ने दी गई गतिविधियों को प्रस्तुत किया है, वह वास्तव में सराहनीय है। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि निश्चित रूप से यही बच्चे आगे चलकर देश का नाम रोशन करेंगे। जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में भक्ति, उल्लास और बचपन की मासूम खुशियों का अद्भुत संगम देखने को मिला।
भास्कर न्यूज|लोहरदगा शहर के बरवा टोली स्थित श्रीश्री प्राचीन देवी मंडप मंदिर परिसर में आगामी सात सितंबर को होने वाले 24 घंटे के अखंड हरिकीर्तन को लेकर गुरुवार को मंदिर परिसर में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मंदिर समिति के संरक्षक इंजीनियर सुनील अग्रवाल ने की। बैठक में अखंड हरिकीर्तन के आयोजन को लेकर चर्चा की गई और मंदिर समिति के सभी पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। बताया गया कि 7 सितंबर को मंदिर परिसर में 24 घंटे का अखंड हरिकीर्तन शुरू होगा, जिसका समापन 8 सितंबर की सुबह होगा। इस दौरान श्रद्धालु अखंड हरिकीर्तन में शामिल होकर भगवान का स्मरण करेंगे। 7 सितंबर की शाम मंदिर परिसर में भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। अखंड हरिकीर्तन और महाआरती को लेकर श्री श्री प्राचीन देवी मंडप मंदिर को फूलों से भव्य तरीके से सजाया जाएगा। मंदिर परिसर की विशेष सजावट श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी। हरिकीर्तन के समापन के बाद 8 सितंबर की सुबह मंदिर परिसर में भव्य भंडारे का आयोजन किया जाएगा। भंडारे में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करेंगे। बैठक में आयोजन की विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। समिति की ओर से श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर अखंड हरिकीर्तन, महाआरती में शामिल होने और भंडारे का प्रसाद ग्रहण करने की अपील की गई है। मौके पर कार्यकारी अध्यक्ष सुनील अग्रवाल, उपाध्यक्ष चंदन गोयल, भानु प्रताप, पवन अग्रवाल और जय प्रकाश साहू, सचिव राजीव रंजन, सह-सचिव मनीष कुमार अग्रवाल, अमित अग्रवाल और जितेंद्र कुमार अग्रवाल, कोषाध्यक्ष अनिस मितल, सह-कोषाध्यक्ष विकास अग्रवाल और अरविंद अग्रवाल, मीडिया प्रभारी राहुल कौशल, संजय अग्रवाल और अमर गोस्वामी, कार्यालय मंत्री जितेंद्र कुमार अग्रवाल, मुकुल अग्रवाल और शुभम अग्रवाल, संगठन सचिव गौरव अग्रवाल (लड्डू), विक्की मिश्रा, आनंद पांडेय समेत अन्य उपस्थित थे।
चंदवा गोली में 4-5 सितंबर को दो दिवसीय जन्माष्टमी
कुडू|कुड़ू प्रखंड से सटे चंदवा गोली-कुड़ू सीमांत के देवी मंडप परिसर में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिवसीय कार्यक्रम के साथ मनाने का निर्णय लिया गया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की शुरुआत चार सितंबर 2026 को होगी। उस दिन रात में विधि-विधान से विशेष पूजन किया जाएगा। इसके बाद भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। 5 सितंबर 2026 को दोपहर 2 बजे से मटकी फोड़ (दही हांडी) प्रतियोगिता कराई जाएगी। आयोजन समिति ने विजेता टीम के लिए पुरस्कार देने की घोषणा की है। प्रतियोगिता में भाग लेने के इच्छुक प्रतिभागी 9608440431, 6206515053 और 6205817978 पर संपर्क कर पंजीकरण करा सकते हैं।
एमबी डीएवी में मनी जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण के रूप में सजे नन्हे-मुन्नों ने मोहा लोगों का मन
लोहरदगा|लोहरदगा, एमबी डीएवी पब्लिक स्कूल, लोहरदगा में प्राचार्या प्रेरणा शंखधर के निर्देशन एवं अश्विन पात्रों के नेतृत्व में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर जूनियर व सीनियर विंग के विद्यार्थियों ने फैंसी ड्रेस, रचनात्मक प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जूनियर विंग के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थी श्रीकृष्ण और राधा के आकर्षक रूप में सजकर विद्यालय पहुंचे। उनकी मनमोहक वेशभूषा ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी एवं कक्षा प्रथम-द्वितीय के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सीनियर विंग में बांसुरी निर्माण, मटका सजावट एवं झूला निर्माण प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं रचनात्मक मॉडल तैयार कर अपनी कला का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रयांश वर्मा ने कविता-पाठ किया। सिमरत कौर, श्रेया दत्त एवं समूह ने ‘कृष्ण जन्म’ नाटक तथा सिद्धार्थ व समूह ने ‘कृष्ण-सुदामा मिलन’ की प्रस्तुति दी। श्रेया कुमारी व तन्वी कुमारी ने हिंदी भाषण प्रस्तुत किया। प्रस्तुतियों ने विद्यालय परिसर में भक्तिमय वातावरण बना दिया।ग
जिले में कृष्ण जन्माष्टमी की आज रहेगी धूम, रात्रि 12 बजे के बाद मंदिरों में होगा धार्मिक आयोजन
भास्कर न्यूज|लोहरदगा श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 4 सितम्बर को जिले के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही उत्साहपूर्वक पूजा अर्चना का दौर चलेगा। शाम होते ही विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ जुटेगी। सभी 12 बजे परंपरानुसार भगवान के जन्म की अपेक्षा करते हुए कथायाचन करेंगे। इसे लेकर विभिन्न मंदिरों को आकर्षक रूप से लाईटिंग के साथ सजाया गया है। शहर में खासकर सुभाष चौक स्थित देवी मंदिर, श्रीराम मंदिर फुलवारी स्थित मंदिर, मेन रोड स्थित राधा कृष्ण ठाकुरबाड़ी मंदिर, अग्रवाल मुहल्ला स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर परिसर, गुदरी बाजार स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में मध्य रात्रि कृष्ण के जन्म के उपरांत झूला झुलाए जाने की भी तैयारी है। इसकी तैयारी सहित अन्य गतिविधियों व पूजा अर्चना की तैयारी पूर्व से ही की जा रही थी। सजावट सहित अन्य कार्यों में महिलाएं भी बढ़चढ़ कर योगदान दे रही है। वहीं दूसरी ओर पूरा शहर श्रीकृष्ण के गीतों से भावविभोर होना शुरू हो गया था। सभी ओर गोविंदा रे गोपाला, हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की, जैसे गीतों के बीच भगवान कृष्ण को भोग लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इधर जिले के जाने-माने आचार्य प्रभाकर पाठक ने बताया कि श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर शहर के बीच रघुनंदन लेने निकट स्थित प्राचीन राधा गोपाल ठाकुरबाड़ी मंदिर में भी पूरे परंपरा अनुसार पूजा अर्चना की तैयारी की गई है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि इस वर्ष 12 बजे भगवान श्री कृष्ण के जन्म से पूर्व विभिन्न मंदिरों में पूजा अर्चना की जाएगी। भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के बाद छप्पन भोग, झूलन सहित रात्रिभर भजन कीर्तन का दौर भी चलेगा। इधर योगी सेना द्वारा छह सितंबर को भव्य मटकी फोड़ प्रतियोगिता कभी आयोजन किया गया है। जिसे लेकर भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
पंडरा बालिका मिव में शिक्षिका को दी विदाई
कुडू|प्रखंड के पंडरा गांव स्थित राजकीय बालिका मध्य विद्यालय पंडरा में गुरुवार को सेवानिवृत्त शिक्षिका पुष्पा मिंज के लिए विदाई समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। मुखिया मुमताज पवारिया और पूर्व उपमुखिया कमरुल इस्लाम ने कहा कि पुष्पा मिंज ने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और संस्कारयुक्त शिक्षा देने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्कूल के सहकर्मियों और विद्यार्थियों के साथ उनके संबंध लंबे समय तक याद किए जाएंगे। प्रधानाध्यापक जेरोमी लकड़ा ने कहा कि पुष्पा मिंज का योगदान विद्यालय के लिए प्रेरणास्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद भी उनके मार्गदर्शन की जरूरत बनी रहेगी।
श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया जन्माष्टमी का पर्व
लोहरदगा|श्री हरि वनवासी विकास समिति द्वारा संचालित रामकली देवी सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुवार को कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री कृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। वहीं विद्यालय के छात्र छात्राओं ने राधा कृष्ण की आकर्षक वेशभूषा में संस्कृत कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, भजन एवं नृत्य के माध्यम से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। विद्यालय के आचार्य जनार्दन सिंह ने विद्यार्थियों को श्रीकृष्ण के जीवन एवं उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। साथ ही उनके जीवन के बारे में विस्तृत जानकारी दी। मौके पर प्रधानाध्यापिका सुधा देवी, सुधांशु कुमार, सुनीता सिंह, कोमल वर्मा, पिंकी कुमारी, सोनू भगत, मालती देवघरिया, सोनी भगत, संजोता पन्ना सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
जन्माष्टमी महोत्सव में सजी ठाकुरबाड़ी
भास्कर न्यूज | झुमरी तिलैया सेक्रेड हार्ट स्कूल में गुरुवार को जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास और भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विभिन्न सांस्कृतिक और रचनात्मक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों की रंगारंग प्रस्तुतियों से हुई। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चे राधा-कृष्ण और बाल गोपाल के रूप में सजकर पहुंचे। आकर्षक वेशभूषा में सजे बच्चों की मासूम अदाओं ने सभी का मन मोह लिया। विद्यालय परिसर में वृंदावन जैसा दृश्य नजर आया। विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत कृष्ण-राधा नृत्य कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। बच्चों ने शानदार तालमेल, भाव-भंगिमा और मनमोहक नृत्य से दर्शकों को प्रभावित किया। प्रस्तुति के दौरान बच्चों का उत्साह देखते ही बना और दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। रोल प्ले के माध्यम से विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनकी लीलाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं वोकल सॉन्ग की प्रस्तुति ने भी कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। पत्थलगडा | श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को लेकर पत्थलगडा में श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। प्रखंड के दुम्बी बरवाडीह स्थित प्राचीन ठाकुरबाड़ी, पत्थलगड़ा के महतो टोली स्थित ठाकुरबाड़ी समेत विभिन्न मंदिरों में जन्माष्टमी महोत्सव की विशेष तैयारी की जा रही है। श्रद्धालु मंदिर परिसरों की साफ-सफाई, रंग-रोगन और आकर्षक साज-सज्जा में जुटे हुए हैं। कार्यक्रम के संयोजक सांसद प्रतिनिधि आशीष दांगी ने बताया कि कार्यक्रम में विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ मटका फोड़ प्रतियोगिता भी आयोजित होगी। जिसको लेकर युवाओं और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है। आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हुए हैं।
पुल नहीं, पानी में उतरकर नदी पार करते हैं स्कूल जाने वाले बच्चे
भास्कर न्यूज | लावालौंग आजादी के दशकों बाद भी लावालौंग की हेडुम पंचायत बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। पंचायत के अधिकांश गांवों तक पहुंचने के लिए आज भी पक्की सड़कें नहीं हैं, जिससे बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इसी पंचायत का पोटम गांव इसका एक प्रमुख उदाहरण है, जहां के ग्रामीणों को आवागमन के लिए नदी और कच्चे रास्तों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। गांव का एक टोला नदी के दूसरी ओर स्थित है, जहां सरकारी स्कूल संचालित है। वहीं पुल नहीं रहने के कारण स्कूल पहुंचने के लिए बच्चों को रोजाना उफनती नदी पार करनी पड़ती है। हाल ही में नदी का जलस्तर बढ़ने के बावजूद बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते दिखे। तेज बहाव के बीच नदी पार करना कभी भी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। जिला मुख्यालय से दूरी 30 किमी कनेक्टिविटी बाइक, जीप, टेंपो, बस इत्यादि से लोग आवागमन करते हैं। हेडुम पंचायत प्रमुख स्थल हेडुम पंचायत का शिव मंदिर लोक आस्था का केंद्र बना है। साक्षरता : 59.33 % जनसंख्या : 5940 अनहोनी का डर बना रहता है अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की पढ़ाई जरूरी है, लेकिन स्कूल तक पहुंचने का कोई सुरक्षित रास्ता न होने से हर दिन अनहोनी का डर बना रहता है। बरसात में कई बार बच्चों का स्कूल पहुंचना असंभव हो जाता है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि पोटम गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए जल्द पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए। साथ ही नदी पर पुल या सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों को जान जोखिम में न डालनी पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के विकास के दावे तभी सार्थक सिद्ध होंगे, जब पोटम जैसे सुदूर गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और स्वच्छ पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचेंगी।
मसानजोर डैम का जलस्तर 24 घंटे में एक फीट बढ़ा
भास्कर न्यूज|दुमका दुमका जिले में मयूराक्षी नदी पर बने मसानजोर डैम का जलस्तर पिछले 24 घंटे में एक फीट बढ़ गया। गुरुवार को जलस्तर 386.60 फीट दर्ज हुआ। एक दिन पहले यह 385.60 फीट था। डैम में खतरे का निशान 398 फीट तय है। मौजूदा जलस्तर खतरे के निशान से करीब साढ़े 11 फीट नीचे है। इलाके में लगातार बारिश हो रही है। जलस्तर बढ़ रहा है। स्थिति नियंत्रण में रखने के लिए डैम प्रबंधन ने एहतियातन हाई लेवल के दो गेट खोल दिए। इससे अतिरिक्त पानी की निकासी होती रहेगी। जलस्तर खतरनाक स्तर तक नहीं पहुंचेगा। मसानजोर डैम को कनाडा डैम भी कहा जाता है। यह भारत की पहली पंचवर्षीय योजना के तहत कनाडा सरकार की सहायता से 1954-56 में बना था। इसका मुख्य उद्देश्य सिंचाई और बिजली उत्पादन था। डैम दुमका जिले में है। इसके पानी का इस्तेमाल ज्यादातर पश्चिम बंगाल सरकार करती है। डैम से पानी छोड़े जाने का सीधा असर बंगाल की ओर बहने वाली मयूराक्षी नदी के जलस्तर पर पड़ता है। डैम प्रबंधन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है। बारिश की स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर आगे भी अतिरिक्त गेट खोले जा सकते हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर नजर रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
शॉर्ट सर्किट से लगी आग में हजारों की संपत्ति राख
दुमका | जामा थाना क्षेत्र के भटनिया पंचायत के पतसर गांव में बुधवार रात शॉर्ट सर्किट से तीन घरों में आग लग गई। हादसे में घरों में रखा घरेलू सामान समेत हजारों रुपये की संपत्ति जलकर राख हो गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। पीड़ित पार्वती सोरेन ने बताया कि अचानक बिजली के शॉर्ट सर्किट से मिट्टी व खपड़ैल के घर में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास के दो अन्य, फुलेश्वर टुडू व लुखीराम सोरेन के खपड़ैल के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। घटना की सूचना जामा थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। तब तक ग्रामीण आग पर काबू पा चुके थे। आग से घरेलू सामान व अन्य जरूरी सामग्री पूरी तरह जल गई। पीड़ित परिवारों ने जामा थाना में सनहा दर्ज कराया है। साथ ही अंचलाधिकारी से आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से सरकारी राहत राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।
पेट्रोल में पानी मिलाने के शक में ग्राहकों का हंगामा , पंप मालिक ने लौटाए रुपए
भास्कर न्यूज | दुमका शिकारीपाड़ा बाजार स्थित पेट्रोल पंप पर ग्राहकों ने पेट्रोल में पानी मिलने की शिकायत के बाद गुरुवार को हंगामा किया। आरोप लगाया कि पेट्रोल भराने के बाद उनके वाहन खराब हो गए हैं। ऐसे में पंप को सील किया जाए। इधर, पंप कर्मियों का कहना है कि उन्हें जसीडीह के फ्यूल स्टेशन से जैसा तेल उपलब्ध कराया गया है, वही पेट्रोल बेच रहे हैं। देवघर स्थित इंडियन ऑयल के एक प्रतिनिधि से जब बात की गई तो उन्होंने जांच कराने का आश्वासन दिया। इधर, लोगों के आक्रोश को देखते हुए पंप मालिकों द्वारा ग्राहकों के रुपये लौटाए गए। उनसे यह भी कहा गया कि उनके वाहन के इंजन में जो भी खराबी आई है,उसे ठीक कराने में जो खर्च आएगा, वह दिया जाएगा। मामले को लेकर देवघर स्थित इंडियन ऑयल के एक प्रतिनिधि से भी जानकारी ली गई। प्रतिनिधि ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद पंप संचालकों ने लोगों के आक्रोश को देखते हुए ग्राहकों से लिए गए रुपये वापस कर दिए। इधर, हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर शिकारीपाड़ा थाना की पुलिस पहुंचकर तहकीकात में जुट गई है।
उपायुक्त ने किया प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण, बच्चों से की पढ़ाई पर बातचीत
भास्कर न्यूज | दुमका उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बुधवार को दुमका सदर प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय दुर्गास्थान, रसिकपुर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक व्यवस्थाओं के साथ बच्चों की सुरक्षा और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त सबसे पहले विद्यालय परिसर पहुंचे। उन्होंने तार से की गई बाउंड्री की स्थिति देखी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जरूरी पहलुओं की जानकारी ली। उपायुक्त कक्षा में मौजूद बच्चों के बीच पहुंचे। उन्होंने उनसे सीधा संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई और स्कूल में चल रहे पठन-पाठन को लेकर सवाल पूछे। बच्चों ने बेझिझक और उत्साह के साथ जवाब दिया। इस दौरान उपायुक्त ने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण का एक अहम पड़ाव विद्यालय की मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) व्यवस्था रही। उपायुक्त ने बच्चों को परोसे जा रहे भोजन का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने रसोई की स्वच्छता से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि बच्चों को निर्धारित मानक और गुणवत्ता के अनुरूप ही भोजन उपलब्ध कराया जाए। इससे बच्चों को पौष्टिक और सुरक्षित भोजन मिल सके। मध्याह्न भोजन की स्वच्छता को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त न करने के संकेत उन्होंने अधिकारियों को दिए। उपायुक्त के इस औचक निरीक्षण को शिक्षा व्यवस्था और मध्याह्न भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की सतत निगरानी की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
टाटा स्टील में बोनस समझौता:कर्मचारियों को सबसे कम 39 हजार व सबसे ज्यादा 4.52 लाख रुपए मिलेंगे
टाटा स्टील के 25,603 कर्मियों को 315 करोड़ बोनस, पिछले वर्ष से 11.87 करोड़ ज्यादा टाटा स्टील प्रबंधन और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक बोनस समझौते पर गुरुवार को सहमति बन गई। इस साल कंपनी के विभिन्न डिवीजनों के 25,603 कर्मचारियों के बीच कुल 315 करोड़ बोनस बांटा जाएगा। बोनस की राशि 11 सितंबर को कर्मचारियों के बैंक खातों में भेज दी जाएगी। इस समझौते का लाभ जमशेदपुर प्लांट, टीजीएस (टाटा स्टील ग्रोथ शॉप), टिनप्लेट, आईएसडब्ल्यूपी, ट्यूब्स, टीएमएच, बियरिंग डिवीजन, केपीओ, टाटा मेटालिक्स और माइंस आदि के कर्मचारियों को मिलेगा। उत्पादकता और मुनाफे को बनाया आधार प्रबंधन-यूनियन ने इस बार भी 2021-22 से चले आ रहे फॉर्मूले को ही लागू रखा है। इसमें मुनाफा, बिक्री लाभप्रदता, उत्पादकता और सुरक्षा प्रदर्शन को आधार बनाया गया है। क्रूड स्टील की उत्पादकता 600 टन से बढ़कर 674.2 टन प्रति कर्मचारी सालाना पहुंची। इससे उत्पादकता मद में 10 करोड़ अतिरिक्त जुड़ गए। फॉर्मूले के आधार पर 314.53 करोड़ की राशि बनी, जिसे 315 करोड़ रुपए कर दिया गया। इधर, मंत्रालय की मंजूरीकोयला अफसरों को एरियर की पहली किस्त अक्टूबर मेंकोयला अधिकारियों के बकाया एरियर का भुगतान करने के लिए कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब कोल इंडिया प्रबंधन जल्द अपनी सभी अनुषंगी इकाइयों को एरियर की राशि का भुगतान करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। पहली किस्त के रूप में 40 प्रतिशत का भुगतान अक्टूबर, दूसरी किस्त में 40 प्रतिशत का दिसंबर और बाकी 20 प्रतिशत का मार्च 2027 तक किया जाना है। कोर्ट के इस आदेश का लाभ हजारों कोयला अधिकारियों को मिलेगा।
धालभूमगढ़ : तेज बारिश में भरभराकर गिरी दीवार, मलबे में दबने से नौ साल की बच्ची जमुना की मौत
भास्कर न्यूज | धालभूमगढ़ बारिश की एक ढलती शाम धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के गोगलों गांव के विशेश्वर कैवर्त उर्फ छोटू कैवर्त के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बुधवार शाम तेज बारिश के बीच उनके मिट्टी और ईंट से बने कच्चे मकान की एक दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। मालूम हो कि हादसे के वक्त पास ही खेल रही उनकी 9 वर्षीय मासूम बेटी जमुना कैवर्त मलबे की चपेट में आ गई। वह गंभीर रूप से घायल हो गई। दीवार गिरते ही चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर दौड़े परिजनों और ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत बच्ची को मलबे से बाहर निकाला। वे आनन-फानन में धालभूमगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। अस्पताल पहुंचते-पहुंचते थम गईं सांसें : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने बच्ची की नाजुक हालत को देखते हुए उसे तत्काल जमशेदपुर रेफर कर दिया। परिजन बेहद उम्मीदों के साथ मासूम जमुना को लेकर टाटा मुख्य अस्पताल पहुंचे। इलाज के दौरान वह जिंदगी की जंग हार गई। बच्ची की मौत हो गई। मुआवजे की मांग : जैसे ही बच्ची की मौत की खबर गोगलों गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में चूल्हे तक नहीं जले। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और अंचल अधिकारी से पीड़ित गरीब परिवार को तत्काल आपदा राहत कोष से उचित सरकारी मुआवजा व आर्थिक सहायता राशि देने की मांग की है।
राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की अनुमति के बिना 11 करोड़ में बनाए गए हैं 15 ईको-कॉटेज दलमा वन्यप्राणी अभयारण्य में ईको-टूरिज्म के नाम पर हुए निर्माण को लेकर झारखंड सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय द्वारा उठाए गए इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल इम्पावर्ड कमेटी ने झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया है। पूछा है कि राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की अनुमति के बिना बनाए गए इन ढांचों को क्यों न हटा दिया जाए। कमेटी ने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान और जवाबदेही तय करने को भी कहा है। सरकार के जवाब के बाद कमेटी आगे की कार्रवाई करेगी। मामले की अगली सुनवाई 9 िसतंबर को होगी। करीब 11 करोड़ रुपए से बने ईको कॉटेज का दो अगस्त को पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने इसका उद्घाटन किया था। करीब 20 करोड़ की योजनाएं जांच के दायरे में 11 करोड़ से दलमा के मकुलाकोचा में 15 ईको-कॉटेज तैयार, उद्घाटन हो चुका।4 करोड़ से चोटी स्थित पिंडराबेड़ा में 15 ईको-कॉटेज का निर्माण जारी।डेढ़ करोड़ रुपए से अधिक का दलमा में मड हाउस तैयार।करीब 3 करोड़ से मकुलाकोचा में ट्राइबल म्यूजियम भी तैयार। तीन बार मामला उठा चुके हैं सरयू राय 5 जून : दलमा की संरचनाओं को जियोलॉजिकल हेरिटेज घोषित करने की मांग को लेकर राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा।2 अगस्त: ईको रेस्ट हाउस के निर्माण पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग की।11 अगस्त: विधानसभा में बिना स्वीकृति निर्माण का मामला उठाया। ईको कॉटेज का निर्माण अवैध... दलमा में हुआ ईको कॉटेज का निर्माण पूरी तरह अवैध है, हमने पहले ही कार्रवाई की मांग सीएम से की है। अब सुप्रीम कोर्ट की कमेटी ने भी सवाल उठाए हैं। ऐसे में सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।-सरयू राय विधायक, जमशेदपुर बिना मंजूरी करोड़ों की निर्माण प्रक्रिया की जांच बेहद जरूरी एनबीडब्ल्यूएल की अनुमति के बिना करोड़ों रुपए के निर्माण गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जांच होनी चाहिए कि परियोजना को स्वीकृति कैसे मिली। डीपीआर, टेंडर प्रक्रिया, वर्क ऑर्डर, भुगतान विवरण, ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों की फाइल नोटिंग की जांच से स्पष्ट हो सकता है कि परियोजना की लागत कैसे तय हुई, टेंडर किसे मिला, भुगतान किस आधार पर हुआ और निर्माण की अनुमति किन दस्तावेजों के आधार पर दी गई।
उत्पाद सिपाही परीक्षा में गड़बड़ी के मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नाम भी जुड़ा जेपीएससी और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा में धांधली मामले में सीआईडी जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। आरोपियों से पूछताछ में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के कथित मास्टरमाइंड अतुल वत्स का नाम भी अब इस धांधली से जुड़ गया है। टीडीपीएल के कर्मचारी उत्तर प्रदेश के रौनाही निवासी मो. एबाद ने पूछताछ में स्वीकारा कि जेपीएससी परीक्षा में ऑप्टिकल मार्क रिकॉग्निशन (ओएमआर) और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) से छेड़छाड़ की गई थी। उसने सिंडिकेट से जुड़े 12 से अधिक सहयोगियों के नाम का भी खुलासा किया है। इनमें बिहार निवासी अतुल वत्स व मिथिलेश सिंह मुख्य रूप से शामिल हैं। इनके अलावा उसने टीडीपीएल के निदेशक रामबीर सिंह, अरविंद कुमार, राजेश सिंह, आदित्य पांडेय, सुनील कुमार, संतोष सिंह, ब्रजेश कुमार, अली, इमरान, अजय संग्राम सिंह, प्रमोद पाठक, कृष्णा यादव और मो. उस्मान का नाम भी अपने सहयोगियों के तौर पर लिया है।इस प्रकरण में अतुल वत्स का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां और सतर्क हो गई हैं। सीआईडी की राडार पर हैं ये 7 फरार आरोपीआदित्य पांडेय: पेप्सी ग्राउंड, नामकुमपवन कुमार सिंह: हरिनगर, टाटीसिलवेरविशंकर कुमार: बारालोटा, पलामूसंतोष कुमार सिंह: हमीदगंज, पलामूसानंद प्रकाश: सेक्टर 3, बोकारोलालू कुमार यादव: कोर्रा, हजारीबागसौरभ कुमार पांडेय: हथगर, बेंगाबाद, गिरिडीह। अभ्यर्थियों को पेपर नहीं देते थे, जवाब रटवाते थेजांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य अभ्यर्थियों को सीधे प्रश्न पत्र नहीं देते थे। उन्हें एक स्थान पर ले जाकर उत्तर रटवाते थे। उत्पाद सिपाही भर्ती के दौरान भी अभ्यर्थियों के पास से उत्तर लिखे कागज मिले थे। ऐसे में अब सीआईडी अब इस बिंदु पर भी जांच कर रही है कि कहीं उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा और सीजीएल में धांधली के तार आपस में तो नहीं जुड़े हैं। इसमें अतुल वत्स और मिथिलेश सिंह की मिलीभगत तो नहीं थे। अब जांच एजेंसी आरोपियों से मिले इनपुट का सत्यापन कर रही है।
कृष्णमय झारखंड:500 वर्ष पूर्व चैतन्य की यात्रा ने हर कोने में बसाए मंदिर
पुरातत्व विभाग के पूर्व उपनिदेशक डॉ. हरेंद्र सिन्हा की खोज में सामने आए टेराकोटा शैली के दुर्लभ देवालय मध्यकाल में झारखंड भक्ति आंदोलन का महत्वपूर्ण केंद्र था। 15वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने पुरी से वृंदावन यात्रा के दौरान अपनी पुस्तक ‘चैतन्य चरितामृत’ में यहां की पावन भूमि को ‘झारिखंड’ नाम से दर्ज किया। संत कबीरदास जी ने भी इस भूमि की दिव्यता का वर्णन करते हुए कहा,-‘कब से छोड़ी मथुरा नगरी, कब से छोड़ी काशी... झारखंड में आय विराजे, वृंदावन के वासी।’ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति धारा को जन-जन तक पहुंचाने वाले चैतन्य महाप्रभु का झारखंड से बेहद गहरा और ऐतिहासिक नाता रहा है। जगन्नाथ पुरी (ओडिशा) से जब महाप्रभु वृंदावन और काशी की खोज के लिए निकले, तो उनका रास्ता झारखंड के घने जंगलों से होकर गुजरा था। आज 500 साल बाद भी उस दिव्य यात्रा के पदचिह्न राज्य के अलग-अलग कोनों में जीवंत हैं। महाप्रभु के दर्शन के बाद भक्तों ने अपने इलाके में 16-17वीं शताब्दी में मंदिर बनवाए हरेंद्र सिन्हा ने बताया कि हजारीबाग-रांची-बोकारो मार्ग पर स्थित चंदनकियारी ब्लॉक में एक ही जगह टेराकोटा शैली के 3 प्राचीन मंदिर मिले हैं, जो सीधे तौर पर इसी कालखंड और प्रभाव के हैं। गुमला के नवरत्नगढ़ स्थित ऐतिहासिक ‘धोबी मठ’ का सीधा संबंध चैतन्य महाप्रभु के अनुयायियों और इसी वैष्णव परंपरा से है। पांडरा के निकट की झाड़ियों में भी पुरानी ईंटों और टेराकोटा शैली के ध्वंसावशेष मिले हैं। महाप्रभु के दर्शन करने गए स्थानीय भक्तों ने बाद में अपने-अपने इलाकों में ऐसे मंदिरों की स्थापना कराई थी। महाप्रभु जहां-जहां से गुजरे, उनके प्रभाव और स्मृति में भक्तों ने देवालय बनाए। इस पूरे रूट को हेरिटेज सर्किट के रूप में सहेजा जा सकता है। बेशकीमती है बंशीधर की मूर्तिडॉ. नीरज कहते हैं कि गढ़वा के बंशीधर नगर में कमलासन पर विराजमान श्रीकृष्ण की 4.2 फीट ऊंची प्रतिमा अद्वितीय है। साथ में राधारानी भी हैं, जिसकी चर्चा राहुल सांकृत्यायन ने भी की है। 2022 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के पुरालेखीय अध्ययन में पुष्टि हुई कि यह मूर्ति मंदिर से भी पुरानी है। प्रतिमा पर कैथी लिपि में अंकित विवरण के अनुसार, इसे 1706 ई. में भेंट किया गया था। क्योंकि इस पर हरिनाथ गुरु व नागवंशी राजा रघुनाथ शाह का नाम अंकित है। एक्सपर्ट्स : हरेंद्र सिन्हा, पूर्व उपनिदेशक संस्कृति व पुरातत्व विभाग, रांची }डॉ. नीरज कुमार मिश्र, सहायक अधीक्षण, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, रांची मंडल
री-एलाइनमेंट का निर्देश:हाईकोर्ट ने चतरा बाइपास में 13,681 पेड़ों की कटाई पर रोक लगाई
झारखंड हाईकोर्ट ने चतरा शहर के किनारे प्रस्तावित बाइपास सड़क के मौजूदा अलाइनमेंट में पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान सड़क निर्माण के लिए चिह्नित 13,681 पूर्ण विकसित पेड़ों को काटने पर अगले आदेश तक रोक लगाई। अदालत ने इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को होने वाले संभावित नुकसान पर गंभीर चिंता जताई। अदालत ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को मामले में प्रतिवादी बनाया है। एनएच के लिए 4 साल में 1.05 लाख पेड़ कटे राज्य में पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई हुई है। इसके मुकाबले काफी कम पौधे लगे हैं। एनएच के लिए वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2023-24 के बीच 1.05 लाख पेड़ काटे गए। धनबाद में 8 लेन सड़क बनाने के लिए 5,811 पेड़ काटे गए। वहीं, बरही-कोडरमा एनएच के लिए 3,518 पेड़ काटे गए। रांची में 2,600 पेड़ नामकुम-अनगड़ा रोड के चौड़ीकरण के लिए काटे गए। इसके बाद स्मार्ट सिटी में 1,200 पेड़ कटे। नियम के मुताबिक एक पेड़ के बदले संबंधित एजेंसियों को 10 पौधे लगाने हैं। एजेंसियां पौधे लगाती हैं, पर पौधों का सर्वाइवल रेट सिर्फ 73% है।
माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की फिर से जांच होगी। यह जांच उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग करेगा। शिक्षा विभाग ने इसके लिए पत्र भेजा है। माध्यमिक सहायक आचार्य के लिए अनुशंसित 877 अभ्यर्थियों में से 218 निजी यूनिवर्सिटी से पास हुए हैं। इन्होंने अपनी शैक्षणिक डिग्रियां (जैसे बीएड, एमए या अन्य संबंधित योग्यताएं) देश या राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से ली हैं। इतनी बड़ी संख्या में निजी यूनिवर्सिटी से पास अभ्यर्थियों के चयन होने से उनकी योग्यता और डिग्री की वैधता को लेकर शिक्षा विभाग ने सम्यक जांच का निर्णय लिया है। शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने इन अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की सूक्ष्मता से जांच करने पर जोर दिया है। ऐसे में यह स्पष्ट हो चुका है कि नियुक्ति पत्र वितरण में अभी समय लगेगा। फिर से फ्रेश काउंसलिंग भी हो सकता है। निजी विश्वविद्यालयों से पास हुए अभ्यर्थियों में झारखंड के राधागोविंद विश्वविद्यालय, वाईबीएन विश्वविद्यालय, सिक्किम के अल्पाइन विश्वविद्यालय समेत मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के तीन प्राइवेट यूनिवर्सिटी के हैं। हाल ही में हुई महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में भी झारखंड के इन दो निजी विश्वविद्यालयों से पास हुई अभ्यर्थियों पर सवाल खड़े हुए थे। शिक्षा विभाग इस संदर्भ में सर्तकता से आगे बढ़ रहा है। 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा, इनमें 218 निजी विवि से पास महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति में गड़बड़ी मिलने पर हुई जांच 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता उजागर होने के बाद शिक्षा विभाग ने आंतरिक जांच कराई। स्क्रूटनी में पता चला कि यहां भी निजी यूनिवर्सिटी से पास आउट अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है। ऐसे में इन अभ्यर्थियों के एक-एक प्रमाण पत्रों की जांच करने का निर्देश दिया गया है। राज्य में लगभग 1373 माध्यमिक सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की नियुक्ति की अनुशंसा जेएसएससी ने शिक्षा विभाग से की है। इन अभ्यर्थियों के बारे में शिक्षा सचिव व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को शिकायत मिली। जब जांच हुई, तो इसकी पुष्टि हुई। आशंका है कि साइबर सिक्यूरिटी एंड डेटा साइंस, कंप्यूटर साइंस और एआई के कुछ अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र गलत हो सकते हैं। +2 उच्च विद्यालयों में नियुक्ति के लिए अनुशंसित हुआ नाम यह नियुक्ति परीक्षा राज्य के प्लस-टू उच्च विद्यालयों में विभिन्न विषयों के प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्यों (कक्षा 9 से 12) के लिए आयोजित की गई थी। जेएसएससी द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा, निर्धारित अर्हता तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही अंतिम अनुशंसा सूची तैयार की गई है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) और झारखंड सरकार के नियुक्ति नियमों के अनुसार मान्यता प्राप्त संस्थानों से डिग्री प्राप्त करने वाले योग्य और पात्र अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में शामिल होने के पात्र माने गए हैं। पूरी चयन प्रक्रिया निर्धारित नियमों और मानकों के तहत संपन्न हुई है। निजी यूनिवर्सिटी की डिग्री की होगी जांच : निदेशकमाध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने कहा कि माध्यमिक सहायक आचार्य नियुक्ति की अनुशंसा में शामिल कई अभ्यर्थियों ने निजी यूनिवर्सिटी से डिग्री ली है। उनके प्रमाण पत्रों की जांच उच्च शिक्षा विभाग करेगा। जांच के बाद ही इनकी वैधता और मान्यता को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सशिवि मंदिर में विज्ञान मेला 35 बच्चों ने दिखाई प्रतिभा
भास्कर न्यूज| फतेहपुर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में बुधवार को श्रीकृष्ण-राधा रूप सज्जा एवं विज्ञान मेला आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने वैज्ञानिक सोच, रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। श्रीकृष्ण-राधा रूप सज्जा प्रतियोगिता में कक्षा अरुण से द्वितीय तक के चयनित 35 भैया-बहनों ने भाग लिया। विज्ञान मेले का उद्घाटन फतेहपुर थाना प्रभारी अजय कुमार, एएसआई चंद्रशेखर यादव, अर्जुन मंडल, देवाशीष माजी, रंजीत कुमार मंडल, विजय कुमार मंडल, प्रबंधकारिणी समिति, नरेश कुमार मोदी कोषाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने सरस्वती माता, ॐ, भारत माता के समक्ष दीप प्रज्वलित किया। रिबन काटकर मेले का शुभारंभ किया। मेले में शिशु वर्ग के 13, बाल वर्ग के 13, किशोर वर्ग के 14 चयनित मॉडलों का प्रदर्शन किया गया। विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यालय के प्रधानाचार्य आनंद कुमार मिश्रा ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। विज्ञान मेले का आयोजन विज्ञान आचार्य दयानंद कुमार सिंह के नेतृत्व में हुआ। मौके पर आचार्य मनोज, मदन, देवाशीष, संजय, रामप्रसाद, रीता, भादु, निपु, बबिता, सपना उपस्थित थे।
आदिवासी किसानों को दी फसल सुरक्षा की ट्रेनिंग
भास्कर न्यूज |फतेहपुर जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड की बिंदापाथर पंचायत के पुतुलजोर गांव में अनुसूचित जनजाति महिला और पुरुष किसानों के लिए दो दिवसीय फसल सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ। प्रशिक्षण में आत्मा, जामताड़ा के उप परियोजना निदेशक संजय कुमार सिंह ने खरीफ फसलों की बेहतर और सुरक्षित खेती के तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। किसानों को बीज उपचार की प्रक्रिया बताई गई। खरीफ फसलों में लगने वाले प्रमुख कीट और रोगों की पहचान कराई गई। उनके प्रबंधन के तरीके समझाए गए। किसानों को येलो स्टिकी ट्रैप, लाइट ट्रैप की जानकारी दी गई। कीटों के जैविक नियंत्रण की विधियां बताई गईं। कीट और रोग के शुरुआती प्रकोप की पहचान पर जोर दिया गया। समय पर उचित प्रबंधन अपनाने की बात कही गई। रासायनिक कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए किसानों को जागरूक किया। प्रशिक्षण में डिजिटल फसल सर्वेक्षण, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मिट्टी जांच, मिलेट मिशन की जानकारी दी गई। बीजामृत, जीवामृत, अग्न्यास्त्र, ब्रह्मास्त्र, साथी कीट प्रबंधन की विधियां भी बताई गईं। फतेहपुर प्रखंड के बीटीएम हिमांशु कुमार दास ने व्यावहारिक और तकनीकी जानकारी दी। प्रशिक्षण में कुल 44 कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक और जैविक फसल सुरक्षा विधियों से उत्पादन, उत्पादकता, किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्हें सक्षम बनाना रहा। मौके पर ग्राम प्रधान पुतुलजोर मनोहरी हेंब्रम, कृषक मित्र काजल गोराईं, प्रगतिशील किसान अमेश हेंब्रम मौजूद रहे।
करनाल के मॉडल टाउन में एक महिला के नाम सीनियर सिटीजन कार्ड बनवाने और इसके जरिए मेडिकल सुविधाएं दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपियों ने महिला और उसके पति से बैंक खाते की जानकारी व दस्तावेज हासिल किए। इसके बाद व्हाट्सऐप पर एक फॉर्म भेजकर उसे भरने और ओके करने के लिए कहा। फॉर्म की प्रक्रिया पूरी करने के बाद अलग-अलग लेनदेन के जरिए बैंक खातों से कुल 1 लाख 25 हजार 900 रुपए निकाल लिए गए। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। जिसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अनजान नंबर से आया था फोनपुलिस को दी शिकायत में राकेश शेली ने बताया कि कल उनकी पत्नी नीना शेली के मोबाइल नंबर पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि नीना शेली का सीनियर सिटीजन कार्ड बनाया जाएगा। इससे उन्हें मेडिकल समेत अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी।कॉलर की बातों में आकर राकेश शेली ने अपने बैंक खाते की जानकारी और जरूरी दस्तावेज आरोपियों को भेज दिए। इसके बाद आरोपियों ने नीना शेली के व्हाट्सऐप पर एक फॉर्म भेजा और उसे भरने के बाद ओके करने के लिए कहा। दो बैंक खातों से निकाली रकमफॉर्म की प्रक्रिया के बाद राकेश शेली के पंजाब नेशनल बैंक खाते से चार ट्रांजेक्शन के जरिए रकम निकली। इनमें 4,900 रुपए, 5,000 रुपए, 10,000 रुपए और 10,000 रुपए शामिल हैं। वहीं पंजाब एंड सिंध बैंक, मॉडल टाउन करनाल के खाते से 48,000 रुपए और 48,000 रुपए के दो लेनदेन किए गए। इस तरह आरोपियों ने कुल 1,25,900 रुपए की ठगी कर ली। शिकायतकर्ता ने बताया कि ठगी होने के बाद उसने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। जीरो एफआईआर के आधार पर करनाल में केसमामला नोडल साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, पंचकूला, हरियाणा से जीरो एफआईआर के रूप में करनाल साइबर क्राइम थाना पहुंचा। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जांच की और प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का पाया। पुलिस ने बीती रात को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एसआई देवेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस अब आरोपियों की पहचान और ठगी की रकम से जुड़े लेनदेन की जांच कर रही है।
नीलिमा और हसनी का प्रयास विद्यालय में चयन
डौंडी | ब्लॉक के अंतिम छोर के ग्राम आमाडुला स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय की कक्षा 9वीं की दो छात्राओं का चयन प्रयास आवासीय विद्यालय में हुआ है। चयनित छात्राओं में नीलिमा दुगेन्द्र और हसनी कोरटीया शामिल हैं। छात्राओं की सफलता की विद्यालय की प्राचार्य स्नेहलता शर्मा एवं शिक्षकों ने सराहना की है। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने प्रयास आवासीय विद्यालय की चयन परीक्षा में शामिल होने के लिए मेहनत की थी। दोनों छात्राओं के चयन से विद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है।
फागुनदाह में महिलाओं ने की शिव-पार्वती की पूजा
भास्कर न्यूज | डौंडी बच्चों की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुख, समृद्धि की कामना को लेकर बुधवार को ग्राम कुरूटोला में महिलाओं ने कमरछठ का व्रत रखा। नयापारा स्थित शिव मंदिर में महिलाएं एकत्र हुईं और सामूहिक रूप से सगरी बनाकर विधि-विधान से पूजा की। महिलाओं ने सगरी को काशी के फूलों से सजाकर उसमें फूल, फल और नारियल अर्पित किए। इसके बाद हलषष्ठी माता की कथा सुनी और पूजा की। चना, लाखड़ी, मूंग सहित सात प्रकार के फल से तैयार प्रसाद और सात प्रकार की भाजियां भगवान को अर्पित की गईं। पूजा के बाद शाम को व्रतधारी महिलाओं ने पारंपरिक रूप से पसहर चावल का भोजन किया। महिलाओं ने संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। पर्व को लेकर गांव में दिनभर भक्तिमय माहौल रहा। महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संतान के मंगलमय जीवन की कामना की। कुरूटोला में आयोजित पूजा में पूनिया तारम, गायत्री शर्मा, कालेंद्री देशमुख, खुशबू, मोनिका, प्रीति, दसमत, पुष्पा, माहेश्वरी, लता, बेदो बाई, लीला, नेहा, गोमती, मानकुंवर, जीतू, लुकेश्वरी, नंदनी, पूर्णिमा, हीरा, गया बाई, पीतम बाई, पत्रिका, माहेश्वरी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। गांवों में भी मनाया पर्व डौंडी के आसपास के ग्राम आवराटोला, कामता, सल्हाईटोला, उकारी, कांडे कुआंगोदी, झुरहाटोला, गुदुम, मरकाटोला, सुरडोंगर, भर्रीटोला, ढोरीठेमा, पटेली, पचेड़ा और घोटिया सहित अन्य गांवों में भी महिलाओं ने व्रत रखकर हलषष्ठी माता की पूजा-अर्चना की।
तांदुला बांध का मुख्य गेट तीन महीने बाद फिर खुला
बालोद| दुर्ग, गुंडरदेही क्षेत्र के किसानांे की डिमांड पर सिंचाई विभाग ने गुरुवार को तांदुला बांध के मुख्य गेट को खोलकर 500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया है। इसके पहले निस्तारी तालाबों के लिए मुख्य गेट खोला गया था। सिंचाई विभाग के अनुसार किसानों की मांग पर सिंचाई के लिए 3 माह बाद मुख्य गेट खुला है। सिंचाई विभाग के एसडीओ एचएल साहू ने बताया कि किसानों की डिमांड अनुसार भविष्य में पानी की क्यूसेक मात्रा घटाई या बढ़ाई जा सकती है। गोंदली के दो गेट भी खुले हैं। दोनों गेट से 147 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्णय लिया गया है।
अशोक कुमार चंद्रवंशी ने कार्यभार ग्रहण किया
बालोद| जिले के नवपदस्थ सहायक जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार चंद्रवंशी ने संयुक्त जिला कार्यालय स्थित जिला जनसंपर्क कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण किया। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने कार्यालय के कर्मचारियों से भेंटकर उनका परिचय लिया। जनसंपर्क संचालनालय नवा रायपुर में पदस्थ सहायक जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार चंद्रवंशी को जिला जनसंपर्क कार्यालय बालोद में सहायक जनसंपर्क अधिकारी के पद पर पदस्थ किया गया है।
3 कृषि केंद्र के लाइसेंस निरस्त 10 में दवा बिक्री पर लगाई रोक
खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण और मानक के अनुरूप कीटनाशक दवाई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग की टीम दुकानों में दबिश देकर मापदंड के आधार पर जांच कर रही है। जांच में गड़बड़ी, अनियमितता मिलने पर विभाग ने तीन कृषि केंद्रों के कीटनाशी विक्रय लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। बालोद विकासखंड के ग्राम नेवारीकला स्थित कृषि केंद्र और ट्रेडर्स का कीटनाशी निरीक्षक ने औचक निरीक्षण किया था। जांच के दौरान भंडारण, वितरण और दस्तावेज संधारण में अनियमितता मिली। इसके बाद दोनों केंद्रों की बिक्री प्रतिबंधित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संचालकों की ओर से प्रस्तुत जवाब संतोषप्रद नहीं पाया गया। इसी तरह गुरूर विकासखंड के ग्राम भानपुरी स्थित कृषि केंद्र के निरीक्षण में भी अनियमितता सामने आई थी। संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन निर्धारित समय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया। तीनों कृषि केंद्र के संचालकों ने कीटनाशी अधिनियम-1968 एवं कीटनाशी नियम-1971 के प्रावधानों का पालन नहीं किया। इस वजह से कृषि विभाग के उप संचालक आशीष चंद्राकर ने तीनों फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। उप संचालक ने जिले के सभी कीटनाशी विक्रेताओं को नियमों का पालन करने हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि अनियमितता मिलने पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित संचालक की होगी। कृषि विभाग के अनुसार अब तक जिले में 79 कृषि केंद्रों की जांच की जा चुकी है। इनमें 10 केंद्रों पर कीटनाशक दवाई की बिक्री प्रतिबंधित की गई है। 45 संचालकों को कारण नोटिस जारी किया गया है।
स्थानांतरण के बाद प्राचार्य को दी गई विदाई
धोबनी| शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ प्राचार्य सुनील कुमार प्रधान का स्थानांतरण हो गया। वे हाई स्कूल जबलपुर तहसील पिथौर, जिला महासमुंद गए हैं। वर्तमान प्राचार्य मुकेश कुमार नारंग ने कहा कि प्रधान सर मृदुभाषी थे। स्वभाव सरल था। व्यक्तित्व मिलनसार था। उन्होंने दायित्वों का निर्वहन निष्ठा से किया। लगन से किया। जिम्मेदारी से किया। अधीनस्थ सहयोगियों के साथ उनका व्यवहार सहयोगात्मक रहा। उन्हें इसी वजह से याद किया जाएगा। कार्यक्रम में हेमलता टोप्पो, मोहनलाल साहू, नरोत्तम दास मानिकपुरी, रथुराम साहू, जैन कुमार चौधरी, मिथिलेश कुमार ध्रुव, वीरेंद्र मनहरे, जयप्रकाश साहू, सरोज बाला साहू, पद्मिनी साहू, राजकुमार कर्ष, रोशनी साहू, पुरुषोत्तम वर्मा, चंद्र प्रकाश बंजारे, भूतपूर्व प्राचार्य जगमोहन लाल साहू, भगवान प्रसाद बसंत, हेमंत सिंह तोमर, देवनारायण साहू, कोमल प्रसाद साहू, खीक राम साहू, सरपंच राजीव लोचन साहू, उप सरपंच हरिश्चन्द साहू, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति अध्यक्ष लक्ष्मीराम यादव, उपाध्यक्ष रामकुमार पटेल, लक्ष्मण प्रसाद साहू, यामिनी साहू, घनश्याम नारंग, मनीराम खुंटे मौजूद रहे।
दीक्षारंभ में मिला लक्ष्य व अनुशासन का मंत्र
कुकदूर| नवीन कॉलेज कुई-कुकदूर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को महाविद्यालयीन वातावरण, अनुशासन, पाठ्यक्रम एवं उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराने के उद्देश्य से एक दिवासीय दीक्षारंभ (इंडक्शन प्रोग्राम) का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने कहा कि विद्यालयीन शिक्षा से निकलकर उच्च शिक्षा में प्रवेश लेना विद्यार्थियों के जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होता है। युवाओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कड़ी मेहनत, समर्पण और अनुशासित जीवनशैली अपनानी चाहिए। ग्रामीण व वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों में असीम प्रतिभा होती है, आवश्यकता केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास की है। उन्होंने क्षेत्र के शैक्षणिक विकास और महाविद्यालयीन सुविधाओं के विस्तार के लिए सदैव हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। प्राचार्य डॉ. जीए घनश्याम ने संस्थान के इतिहास, शैक्षणिक उपलब्धियों, पुस्तकालय सुविधाओं, क्रीड़ा गतिविधियों एवं विभिन्न छात्र कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में जानकारी दी।
वन अधिकार कानून: ग्रामीणों को बताए अधिकार
वनांचल ग्रामों में वन अधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और आदिवासी समुदाय को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आदिवासी समता मंच द्वारा ग्राम जामुनटोला में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें अजवाइनबांह, जामुनटोला, सरहापथरा सहित आसपास के गांवों से महिला-पुरुषों ने भाग लिया। कार्यशाला के दौरान संस्था की अध्यक्ष इंदु नेताम ने अनुसूचित जनजाति व अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम 2006, संशोधन 2007 एवं 2012 के प्रावधानों की सरल भाषा में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वन अधिकार, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार और व्यक्तिगत वन अधिकार से जुड़े विषयों को समझाते हुए पात्र लोगों को अपने अधिकारों के लिए जागरूक रहने की बात कही। मनोज बैगा ने भी वन अधिकार कानून की जानकारी दी। वन अधिकार पत्र नहीं मिलने से होती है परेशानी पनिहारिन बैगा ने बताया कि तेलियापानी पंचायत क्षेत्र में कई परिवारों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र नहीं मिल पाया है। उनका कहना है कि वे 25 वर्षों से अधिक समय से संबंधित भूमि पर काबिज हैं, जहां घर-बाड़ी बनाने के साथ खेती कर परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं। अधिकार पत्र नहीं मिलने से शासन की विभिन्न सुविधाओं का लाभ लेने में परेशानी होती है।
दस्तावेज की कमी से आवेदन रिजेक्ट न हों, इसलिए बाहर चस्पा होगी सूची
भास्कर न्यूज | कवर्धा सरकारी दफ्तरों में काम के लिए आने वाले लोगों को अब दस्तावेजों की जानकारी के अभाव में बार-बार चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। सेवा सेतु केंद्र के बाहर अलग- अलग सेवाओं के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची चस्पा होगी। आवेदन में मामूली तकनीकी या दस्तावेजी कमी होने पर उसे बेवजह रिजेक्ट नहीं किया जाएगा। ऑपरेटरों को आवेदन की जांच और प्रक्रिया की विशेष ट्रेनिंग भी दी जाएगी। यह निर्देश कलेक्टर तुलिका प्रजापति ने बुधवार को बोड़ला एसडीएम और तहसील कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान दिए। उन्होंने एसडीएम कोर्ट, तहसील कोर्ट, राजस्व निरीक्षक कार्यालय, खाद्य निरीक्षक कार्यालय और सेवा सेतु केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने लंबित राजस्व और वनाधिकार प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों को तय समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी सरकारी कामकाज में 100 प्रतिशत ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमैट्रिक व्यवस्था अनिवार्य करने को कहा। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एसडीएम कार्यालय भवन में जरूरी मरम्मत कार्य के लिए इंजीनियरों से एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए। खाद्य निरीक्षक कार्यालय में उन्होंने सर्विस सेतु से मिलने वाली नागरिक सेवाओं की जानकारी ली और लोगों को समय पर व आसानी से सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। वनाधिकार के आवेदन भी जांचे: वनाधिकार कानून के तहत मिले आवेदनों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने एसडीएम, रीडर और संबंधित कर्मचारियों को वनाधिकार अधिनियम के नियमों और प्रावधानों का अध्ययन करने के निर्देश दिए। एसडीएम कोर्ट में लंबित प्रकरणों का पूरा हिसाब मांगा कलेक्टर ने एसडीएम कोर्ट में रीडर से अब तक प्राप्त, निराकृत और लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी ली। इसके बाद तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार से तहसीलदार कोर्ट के प्रकरणों की स्थिति पूछी। उन्होंने निर्देश दिए कि जमीन और राजस्व से जुड़े मामलों को नियमों के अनुसार जल्द निपटाया जाए। नागरिकों के प्रकरण अनावश्यक लंबित नहीं रहने चाहिए।
10 फीट की ऊंचाई पर लगती थी मटकी, घरों से जुटाते थे दूध-दही
भास्कर न्यूज | कवर्धा नगर में अब जन्माष्टमी के दूसरे दिन गोविंदा उत्सव सिर्फ मटकी फोड़ने तक सीमित नहीं रहा। डीजे-धुमाल, राऊत नाचा, सजावट, बड़ी संख्या में युवाओं की टोली और मटकी के साथ गोपियों की झांकी ने इस आयोजन को व्यापक रूप दे दिया है। लेकिन करीब पांच दशक पहले इस उत्सव का स्वरूप बेहद सादा था। वर्ष 1978-79 में गोविंदा उत्सव की शुरुआत हुई। तब मोहन यादव, भगवती शरण गुप्ता, हीरामन, भगवती शंकर गुप्ता, दूजे यादव, बबली यादव, शेखाउ सहित अन्य लोगों ने मिलकर पहली बार गोविंदा उत्सव मनाने शुरुआत की। तब आयोजन के लिए मोहल्ले के यादव परिवारों को एकजुट करने की पहल की गई थी। छोटी-सी व्यवस्था में युवाओं की टोली बनती और करीब 25 रुपए में बाजा लाकर उत्सव मनाया जाता था। मोहन यादव उस समय सिविल कोर्ट में चपरासी थे और राजनांदगांव के रहने वाले थे। भगवती शंकर गुप्ता, प्रकाश यादव ने बताया कि मोहल्ले के सभी यादवों को एक साथ लाने के लिए लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर चर्चा की जाती थी। आयोजन से करीब एक सप्ताह पहले ही इसकी तैयारी शुरू कर दी जाती थी। उस दौर में मटकी लगाने के लिए आज जैसी लोहे की संरचना या अन्य व्यवस्था नहीं थी। बांस-बल्ली की जरूरत पड़ने पर वन विभाग से व्यवस्था की जाती थी। लकड़ी और बांस के सहारे करीब 10 फीट की ऊंचाई पर मटकी लगाई जाती थी। मोहल्ले के चौक-चौराहों पर मटकी बांधी जाती थी। इसमें 15 से 20 साल की उम्र के युवक ज्यादा शामिल होते थे। तब शहर के बड़े मंदिर, शीतला मंदिर, ठाकुरपारा, राजमहल चौक सहित करीब 15 मटकियां रखी जाती थीं। सप्ताह भर पहले इसकी तैयारी करते थे। तब रात में चौक चौराहों में मटकी लगाई जाती थी। घरों से दूध,दही जुटाकर आयोजन की सामग्री तैयार की जाती थी।
आईटीआई कवर्धा में प्रवेश के लिए आवेदन 5 तक
कवर्धा| शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कवर्धा (ग्राम तारों) में सत्र 2026-27 के लिए आठ व्यवसायों की रिक्त सीटों पर प्रवेश के अष्टम चरण की ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक अभ्यर्थी 5 सितंबर की रात 11.59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। संस्था में तीन नए ट्रेड ड्रोन टेक्निशियन, असिस्टेंट टेक्नीशियन ड्राईवाल एंड फॉल्स सीलिंग और मैकेनिक ऑटो बॉडी पेंटिंग शुरू किए गए हैं। कुल 101 सीटें रिक्त हैं। इनमें कंप्यूटर ऑपरेटर 9, ड्राइवर कम मैकेनिक 5, वेल्डर 29, फिटर 3, विद्युतकार 1, ड्रोन टेक्नीशियन 18, ड्राईवाल एंड फॉल्स सीलिंग 23 और ऑटो बॉडी पेंटिंग 18 सीटें शामिल हैं।
वर्षा जल सहेजने में देश में 10वें नंबर पर कबीरधाम
भास्करन्यूज | कवर्धा कबीरधाम में बारिश के पानी को रोककर जमीन में उतारने के लिए बंजर जमीन पर 4,975 कंटूर ट्रेंच बनाए गए हैं। इन संरचनाओं से करीब 53.73 लाख लीटर पानी सहेजने की संभावना है। हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय के ‘जल संचय जन भागीदारी’ अभियान के तीसरे चरण में बारिश का पानी सहेजने वाले टॉप- 10 जिलों की लिस्ट जारी की है। जिपं सीईओ अभिषेक अग्रवाल का कहना है कि सूची में छत्तीसगढ़ के 5 जिले शामिल हैं, उनमें कबीरधाम 10वें नंबर पर है। सहसपुर लोहारा जनपद के गंगापुर पंचायत के कोराइडोंगरी में 15.48 एकड़ बंजर जमीन पर 2,511 कंटूर ट्रेंच बने हैं। वहीं बड़ौदा कला में 13.70 एकड़ जमीन पर 2,464 ट्रेंच तैयार किए हैं। दोनों जगहों को मिलाकर 29.18 एकड़ जमीन पर यह काम हुआ है।
जिले में प्लास्टर तकनीक से दूर हो रही नवजात की विकलांगता
जिले में जन्मजात विकलांगता क्लब फुट से पीड़ित नवजात बच्चों के लिए जिला अस्पताल (संबद्ध मेडिकल कॉलेज कवर्धा) बड़ी उम्मीद बनकर उभरा है। जन्म के समय जिन बच्चों के पैर अंदर और नीचे की ओर अत्यधिक मुड़े होते हैं, उन्हें यहां बिना किसी बड़े ऑपरेशन या महंगी दवाओं के पूरी तरह ठीक किया जा रहा है। बीते दो वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में ऐसे लगभग 49 मामले सामने आए हैं। राहत की बात यह है कि समय पर मिले सही इलाज से ये सभी 49 बच्चे दिव्यांगता से प्रभावित होने से बच गए हैं और उनकी जन्मजात विकलांगता हमेशा के लिए खत्म हो गई है। जिले में इस विकृति को लेकर लगातार बढ़ रही जागरूकता का ही नतीजा है कि ग्रामीण क्षेत्रों से भी मासूमों को समय पर इलाज मिल पा रहा है। अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव परिहार ने बताया कि इस विकृति के इलाज में किसी भी प्रकार के ऑपरेशन या दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती। इलाज की प्रक्रिया सरल व वैज्ञानिक है। मितानिनों की सजगता से अस्पताल पहुंच रहे मासूम इस सफलता के पीछे जमीनी स्तर पर काम कर रही मितानिनों की बड़ी भूमिका है। { शुरुआती प्लास्टर तकनीक: इसमें नवजात के मुड़े हुए पैरों को धीरे-धीरे सही दिशा में लाकर प्लास्टर चढ़ाया जाता है। यह इलाज 2 से ढाई माह चलता है। {नियमित बदलाव: हर 3 से 7 दिनों के अंतराल में प्लास्टर बदला जाता है। औसतन 6 से 8 प्लास्टर लगाने के बाद बच्चे का पैर सीधा होने लगता है। { फुट एबडक्शन ब्रेस (विशेष जूते): प्लास्टर हटने के बाद पैर दोबारा मुड़ न जाएं, इसके लिए बच्चे को फुट एबडक्शन ब्रेस नाम का एक विशेष ऑर्थोपेडिक उपकरण (जूता) पहनाया जाता है।
गणेशोत्सव: प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे
पोलमी| वनांचल क्षेत्र पोलमी में इसी माह 14 सितंबर से शुरू होने वाले गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां अब जोर पकड़ने लगी हैं। गणेशोत्सव की स्थापना में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं, ऐसे में गांव और आसपास के क्षेत्रों में उत्साह का माहौल दिखाई देने लगा है। विभिन्न गणेश उत्सव समितियों और युवाओं द्वारा पंडाल सजाने से लेकर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापना तक की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं। गणेश चतुर्थी को लेकर स्थानीय मूर्तिकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। मिट्टी और अन्य सामग्री से भगवान गणेश की आकर्षक एवं मनमोहक प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। गांवों में स्थापना के बाद कई दिनों तक धार्मिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और अन्य सांस्कृतिक आयोजन भी किए जाते हैं। इसे लेकर युवाओं और बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार भी गणेश समितियों द्वारा स्थापना स्थलों को आकर्षक बनाने की तैयारी की जा रही है।
नए नियम से 30 छात्राओं को नहीं मिली साइकिल
देवरबीजा| सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत इस वर्ष नए नियम के कारण 30 छात्राएं साइकिल से वंचित रह गईं। साजा ब्लॉक के शंकराचार्य उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बीजा में 65 छात्राएं दर्ज हैं। इनमें 41 ओबीसी छात्राएं साइकिल के लिए पात्र थीं, लेकिन 2002 की गरीबी रेखा सर्वे सूची में नाम होना अनिवार्य किए जाने से केवल 11 ओबीसी छात्राओं को साइकिल मिल सकी। कुल 16 छात्राओं को साइकिल वितरित की गई, जिसमें 4 अनुसूचित जनजाति, 1 अनुसूचित जाति और 11 ओबीसी छात्राएं शामिल हैं। पिछले वर्ष अंत्योदय कार्डधारी छात्राओं को भी योजना का लाभ मिला था। कार्यक्रम में एसएमडीसी अध्यक्ष संतोष धृतलहरे, सुरेश बाफना, गोपाल पटेल, गुलाब राजपूत, प्राचार्य सीएल साहू सहित शिक्षक उपस्थित रहे। उल्लेखनीय रहा कि आमंत्रण के बावजूद एक भी पालक कार्यक्रम में नहीं पहुंचा।
तमता जगन्नाथ मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव आज
भास्कर न्यूज| तमता पत्थलगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत तमता स्थित जगन्नाथ मंदिर में 4 सितंबर, शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा, उत्साह के साथ मनाई जाएगी। मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना होगी। भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक होगा। भजन-कीर्तन होंगे। बच्चों, युवाओं के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। मंदिर समिति के सदस्य जेडी वैष्णव ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर तमता, आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं में खास उत्साह है। तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया जा रहा है। सुबह से श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करेंगे। दिन में स्थानीय भजन मंडलियां श्रीकृष्ण भक्ति से जुड़े संगीतमय भजन-कीर्तन पेश करेंगी। कार्यक्रम में बच्चों के लिए बाल गोपाल प्रतियोगिता होगी। आकर्षक झांकी निकाली जाएगी। छोटे बच्चे श्रीकृष्ण, राधा के अलग-अलग स्वरूप में सजकर शामिल होंगे। यह श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण रहेगा। युवाओं के लिए मटकी फोड़ यानी दही-हांडी प्रतियोगिता होगी। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भक्ति भाव से मनाया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं में महाप्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर समिति ने तमता क्षेत्र, आसपास के श्रद्धालुओं, माताओं, बहनों से सपरिवार शामिल होकर आयोजन सफल बनाने की अपील की है।
मटकी फोड़कर बच्चों ने मनाई जन्माष्टमी
नरियरा | नगर पंचायत नरियरा स्थित दिव्य शक्ति मॉडर्न स्कूल में 3 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान कृष्ण की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। बच्चों को कृष्ण के जीवन, बाल लीलाओं और गीता के उपदेशों की जानकारी दी गई। महोत्सव का मुख्य आकर्षण मटकी फोड़ कार्यक्रम रहा। ग्वाल-बाल की वेशभूषा में सजे बच्चों ने पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ी। बच्चों ने नृत्य किया। अलग-अलग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में गोविंद पाटले, सुसीला पाटले, सविता पाटले, सविता श्रीवास्तव, कुसुम पाटले, प्रेक्षणा जांगड़े, पूजा पाटले, ऊषा विश्वकर्मा, सीमा राठौर, ज्योति कैवर्त्य, अनिता कैवर्त्य, प्रतिमा टंडन, हुलसी महंत सहित शाला परिवार मौजूद रहा। अंत में बच्चों को प्रसाद बांटा गया।
कृष्ण-राधा की वेशभूषा में स्कूल पहुंचे बच्चे
नरियरा | नगर पंचायत के सरस्वती शिशु मंदिर में गुरुवार को कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव धूमधाम से मनाया गया। स्कूल में बच्चों ने कृष्ण-राधा की वेशभूषा पहनी। नृत्य किया। महारास किया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मटकी फोड़ कार्यक्रम हुआ। बाल-गोपालों ने समां बांध दिया। कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव शत्रुहन लाल राठौर मौजूद रहे। प्रधानाचार्य रविन्द्र कुमार साव भी रहे। आचार्य परिवार से शीला साहू, प्रमिला महंत, सविता महंत, प्रतिभा साव, शीतला साहू, उमा निर्मलकर, प्रिया साहू, अल्पांशा सिंह, स्वाति मरावी, प्रिया निर्मलकर, साक्षी साहू, मनीषा यादव, ममता साहू, सीमा निर्मलकर का सहयोग रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति, संस्कार, सनातन परंपराओं से जोड़ना रहा।
पीपल का पेड़ गिरा तो उखड़ गई रोड दरारों से राहगीरों के गिरने का खतरा
भास्कर न्यूज | जांजगीर शारदा चौक से होकर नैला बस्ती की ओर जाने वाली सड़क पर गायत्री बुक डिपो के सामने वर्षों पुराना पीपल का बड़ा पेड़ गिरने के बाद सड़क की हालत खराब हो गई है। पेड़ की जड़ें जमीन में काफी गहराई तक मजबूत होने के कारण पेड़ गिरने से सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क पर जगह-जगह बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। रोड शहर के प्रमुख आवागमन वाले रास्तों में शामिल है और रोजाना बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन यहां से गुजरते हैं। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से के आसपास सुरक्षा के लिए अब तक कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग नहीं की गई है। ऐसे में वाहन चालकों को अचानक सड़क की दरारें दिखाई देने पर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
नाला पुल के पास सड़क पर गड्ढा, बारिश में बढ़ा खतरा
जांजगीर| शहर से अकलतरा की ओर जाने वाले मुख्य मार्ग पर हाथी टिकरा-कंजी नाला पुल के पास सड़क की हालत राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा बन गया है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को आवागमन के दौरान परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक खतरा रात के समय रहता है। पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण सड़क पर बना गड्ढा दूर से दिखाई नहीं देता। ऐसे में तेज रफ्तार से आने वाले वाहन चालक अचानक गड्ढे के सामने पहुंच जाते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बारिश होने पर समस्या और बढ़ जाती है। गड्ढे में पानी भर जाने से उसकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है।
जागरूकता... साइबर ठगी से बचने छात्रों को दिए टिप्स
भास्कर न्यूज | जांजगीर वेल विशर फाउंडेशन के तत्वावधान में सरस्वती शिशु मंदिर में साइबर अपराध जागरूकता और नशामुक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के तैलचित्र पर पूजा-अर्चना के साथ हुई। मुख्य अतिथि जिला साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हुए साइबर सुरक्षा, गुड टच-बैड टच और मोबाइल के संतुलित उपयोग पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचाव के व्यावहारिक तरीके समझाए। उन्होंने कहा कि मोबाइल पर आने वाले किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी शेयर न करें और संदिग्ध या अनजान नंबरों से आने वाली कॉल से सतर्क रहें। उन्होंने बच्चों को मोबाइल के अत्यधिक और अनावश्यक इस्तेमाल से दूर रहने की भी हिदायत दी। थाना प्रभारी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध या ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करानी चाहिए या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे साइबर सुरक्षा के इन नियमों की
लीग की 6 टीमों के लिए 6 फ्रेंचाइजी मालिक ये होंगे
भास्कर न्यूज | नारायणपुर जिला पुलिस की अबूझमाड़ बैडमिंटन लीग (एबीएल) सीजन-3 के प्रथम चरण के अंतर्गत खिलाड़ियों की ऑक्शन प्रक्रिया 01 सितंबर को डीआरजी ट्रेनिंग एरेना, नारायणपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। ऑक्शन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसपी संदीप पटेल सहित एएसपी अक्षय साबद्रा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ऐश्वर्य चंद्राकर उपस्थित रहे। ऑक्शन प्रक्रिया में लीग की कुल छह टीमों ने हिस्सा लिया। खिलाड़ियों के चयन को लेकर टीम मालिकों, खिलाड़ियों तथा आयोजन समिति में खासा उत्साह देखने को मिला। नारायणपुर पुलिस द्वारा क्षेत्र के युवाओं को खेलों से जोड़ने, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से अबूझमाड़ बैडमिंटन लीग सीजन-3 का आयोजन किया जा रहा है। लीग में राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की भागीदारी इसे विशेष बना रही है। इस सीजन की प्रमुख विशेषता मिश्रित युगल वर्ग है। इसमें पुरुष तथा महिला खिलाड़ी एक साथ कोर्ट पर उतरेंगे। इससे महिला खिलाड़ियों को बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। क्षेत्र की युवतियों को खेलों के प्रति प्रोत्साहन मिलेगा। अबूझमाड़ बैडमिंटन लीग के लिए कुल 110 खिलाड़ियों ने पंजीयन कराया था। इनमें से ऑक्शन प्रक्रिया के माध्यम से 77 खिलाड़ियों का चयन किया गया। चयनित खिलाड़ियों में राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके खिलाड़ी भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी भी शामिल हैं। ऑक्शन में रायपुर के अंतर्राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष माखीजा सबसे महंगे खिलाड़ी रहे। उनके अलावा एमवी अभिषेक, जसमीत सिंह, सुजय तांबोली तथा वेंकट गौरव भी ऑक्शन में सर्वाधिक बोली प्राप्त करने वाले प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे। सीजन-3 में कुल छह टीमें हिस्सा ले रही हैं। {गारपा जायंट्स- मालिक: लय जैन {हांडावाड़ा रैकेटियर्स- मालिक: पवन सुराना तथा सतीश अग्रवाल {तुलार टाइटन्स- मालिक: संजय नंदी {कच्चापाल ब्लास्टर्स- मालिक: डॉ. अभिषेक बनर्जी {कुतुल नाइट राइडर्स - मालिक: अभिजीत शील तथा डॉ. नवीन कोठारे {जनता डिफेंडर्स - मालिक: अभिजीत साहा तथा संदीप नाथ .प्रथम पुरस्कार: ₹1,21,000 .द्वितीय पुरस्कार: ₹85,000 .तृतीय पुरस्कार: ₹59,000
पीएससी-व्यापम कोचिंग लेने पात्रों की सूची जारी
नारायणपुर| पीएससी एवं व्यापम कोचिंग सेंटर में विषयवार अध्यापन के लिए प्राप्त आवेदनों की दस्तावेज जांच के बाद पात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। गणित, तार्किक तर्क, विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण और सी-सेट विषयों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। सूची जिले की वेबसाइट और कार्यालयीन सूचना पटल पर उपलब्ध है।
नारायणपुर शहर भाजपा अध्यक्ष बने प्रशांत ठाकुर
नारायणपुर| भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने प्रशांत ठाकुर को नारायणपुर शहर भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। नियुक्ति पर जिलाध्यक्ष संध्या पवार सहित वरिष्ठ नेताओं ने शुभकामनाएं दीं। प्रशांत ठाकुर को संगठन में लंबे अनुभव वाला वरिष्ठ नेता माना जाता है। वे मंडल से लेकर प्रदेश स्तर तक विभिन्न दायित्व संभाल चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं ने नियुक्ति का स्वागत करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शहर भाजपा संगठन और मजबूत होगा।
कर्मयोगी: क्षमता निर्माण बढ़ाने विभागों को निर्देश
नारायणपुर| अफसर-कर्मचारियों के क्षमता निर्माण और iGOT कर्मयोगी के प्रभावी उपयोग के सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं। रैंकिंग में 100 अंक निर्धारित हैं। AI आधारित क्षमता निर्माण योजना के 30, कोर्स निर्माण के 30 और प्रतिमाह एक घंटे अध्ययन के 40 अंक हैं। विभागों को AI आधारित CBP तैयार करने के साथ अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित कम से कम एक पाठ्यक्रम बनाकर प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना होगा।
अभियान: पुलिस ने मोबाइल व सोशल मीडिया के खतरे बताए
भास्कर न्यूज| कोण्डागांव मोबाइल और इंटरनेट बच्चों की पढ़ाई, मनोरंजन, जानकारी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। यही मोबाइल, सोशल मीडिया उनकी सुरक्षा के लिए चुनौती भी बन रहे हैं। साइबर ठगी, फर्जी लिंक, ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कोण्डागांव पुलिस ने स्कूलों में जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल, जामकोटपारा में साइबर जागरूकता कार्यक्रम हुआ।कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने विद्यार्थियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं से सीधे संवाद किया। सुरक्षित डिजिटल व्यवहार की जानकारी दी। कहा, मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग ज्ञान, शिक्षा के लिए करें। ऑनलाइन दुनिया में किसी अनजान व्यक्ति, लिंक, ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। एसपी ने ऑनलाइन गेमिंग, सोशल मीडिया, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, OTP फ्रॉड, UPI फ्रॉड, फर्जी लिंक, ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसे साइबर अपराधों के बारे में समझाया। बताया, OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। अनजान नंबर से आए लिंक या फाइल को बिना जांचे न खोलें। सोशल मीडिया पर निजी फोटो, जानकारी साझा न करें। ऑनलाइन गेम, सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बातचीत में सतर्क रहें। पुलिस ने कहा, साइबर अपराध का शिकार होने पर डरें नहीं। चुप न रहें। तुरंत परिवार, शिक्षक या पुलिस को बताएं। साइबर ठगी होने पर 1930 साइबर हेल्पलाइन पर तत्काल शिकायत की जा सकती है। कार्यक्रम में कोण्डागांव पुलिस की पिंक स्क्वाड ने महिला, बालिका सुरक्षा, अधिकार, आत्मरक्षा पर जानकारी दी।
हरछठ पर माताओं ने रखा निर्जला व्रत
नारायणपुर| संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि की कामना के साथ बुधवार को जिलेभर में हरछठ हलषष्ठी कमरछठ पर्व श्रद्धा से मनाया गया। माताओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखा। छठी माता की पूजा-अर्चना की। घरों में पूजा हुई। पूजा स्थलों पर भी आयोजन हुए। महिलाओं ने सामूहिक रूप से हरछठ की कथा सुनी। संतान के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रार्थना की। सुबह से महिलाओं में उत्साह दिखा। पूजा के दौरान छठी माता की कथा सुनाई गई। कथा में एक साहूकार की बहू से जुड़ी घटना का वर्णन है। मान्यता के अनुसार साहूकार के घर संतान को लेकर संकट आया। परिवार को भारी दुख झेलना पड़ा। हरछठ माता की श्रद्धा से पूजा हुई। व्रत रखा गया। संतान की रक्षा हुई। तभी से माताएं संतान की दीर्घायु, रक्षा के लिए हरछठ का व्रत रखने लगीं। कथा में संदेश भी है। कठिन हालात में मां का विश्वास बड़ा सहारा होता है। संतान के लिए त्याग सबसे बड़ा होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार हरछठ का संबंध भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम से है। बलराम का प्रमुख अस्त्र हल था। इसी कारण पर्व को हलषष्ठी कहा जाता है।
निषाद समाज की छात्रवृत्ति परीक्षा में 9वीं से 12वीं के छात्रों ने डिजिटल माध्यम से दी परीक्षा
नारायणपुर| निषाद (केवट) समाज छात्रवृत्ति परीक्षा-2026 का आयोजन 30 अगस्त को राजीव चौक, देवांगन पारा स्थित परीक्षा केंद्र में किया गया। जिला नारायणपुर के निषाद समाज के कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ परीक्षा में हिस्सा लिया। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस बार परीक्षा डिजिटल माध्यम से आयोजित की गई। आधुनिक तकनीक से परीक्षा देने का अनुभव विद्यार्थियों के लिए नया और रोचक रहा। परीक्षा केंद्र में विद्यार्थियों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में प्रश्नों को हल किया। आयोजकों ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य समाज के मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है। शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। छात्रवृत्ति परीक्षा के जरिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पहचानने का अवसर मिला। भविष्य में होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर भी मिला।
सरहदी इलाका, दोनों राज्य के अपराधरियों का सेफ जोन
छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा से लगे इलाकों में अपराधियों के लिए बॉर्डर पार कर बच निकलना आसान रास्ता है। दोनों राज्यों में वारदात के बाद आरोपी पुलिस से बचने के लिए कुछ ही दूरी पर बॉर्डर पार कर दूसरे राज्य में चले जाते हैं। सीमा बदलते ही पुलिस की कार्रवाई क्षेत्राधिकार और कानूनी प्रक्रिया में उलझ जाती है। अपराधियों को सबसे ज्यादा फायदा इसी सीमा क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति का मिलता है। छत्तीसगढ़ पुलिस आरोपी की तलाश में ओडिशा पहुंचती है तो स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय और प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसी तरह ओडिशा में अपराध करने के बाद आरोपी छत्तीसगढ़ की सीमा में घुसकर पुलिस से बचने की कोशिश करते हैं। कई बार आरोपी की लोकेशन की जानकारी होने के बावजूद दूसरे राज्य की सीमा में तत्काल कार्रवाई करना पुलिस के लिए आसान नहीं होता। इसी बीच आरोपी ठिकाना बदलकर पुलिस की पकड़ से दूर निकल जाते हैं। सीमा पार करना अपराधियों का ‘सेफ पैसेज’ बन गया है।
हाच्चेकोटी के जंगल में नक्सलियों के पुराने डंप से हथियार-बारूद बरामद
नारायणपुर| पुलिस और बीएसएफ ने संयुक्त सर्च अभियान में हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री बरामद की है। एएसपी (नक्सल ऑपरेशन) अक्षय साबद्रा ने ऑपरेशन का मार्गदर्शन किया। पुलिस के अनुसार 2 सितंबर को संयुक्त टीम ने हाच्चेकोटी के जंगल में एरिया डोमिनेशन और सघन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान नक्सलियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए सामान का पता चला। मौके से एक .315 राइफल बरामद हुई, जो जंग लगी थी। उसका बट नहीं था। साथ ही .315 के 16, .303 के 2, 7.62 एमएम के 4, 5.56 एमएम का 1 और 12 बोर के 18 कारतूस मिले। छह इलेक्ट्रिक डेटोनेटर और कमर्शियल कॉर्डेक्स के दो बंडल भी बरामद किए गए। नक्सली साहित्य, फ्लेक्सिबल वायर, एलईडी लाइट और अन्य सामग्री भी मिली।
पंचायत कैफे के काम में तेजी के लिए दिए निर्देश
सुकमा| जिला पंचायत सीईओ मुकुन्द ठाकुर ने मंगलवार को सुशासन परिसर एवं पंचायत कैफे के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। केरलपला में पंचायत कैफे का निर्माण पूरा हो चुका है, जिसका जल्द शुभारंभ किया जाएगा। सीईओ ने तकनीकी सहायकों को नियमित निगरानी और सचिवों को सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
बच्चों के आधार नामांकन में तेजी लाने के दिए निर्देश
सुकमा| जिला कार्यालय में डाक विभाग व संबंधित विभागों की कलेक्टर की अध्यक्षता में बुधवार को समीक्षा बैठक हुई। 0 से 5 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत आधार नामांकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने डाक विभाग को ऑपरेटरों की संख्या बढ़ाने और अगले 15-20 दिनों में विशेष आधार शिविर लगाने कहा। दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों का प्राथमिकता से नामांकन होगा। फिजिकल आधार कार्ड की डिलीवरी में आ रही समस्याओं का भी जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को समन्वय से अभियान चलाकर नियमित मॉनिटरिंग करने कहा गया।
NIFT में सुकमा के चार विद्यार्थियों का हुृआ चयन
सुकमा| एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुकमा के चार विद्यार्थियों ने NIFT UG 2026 में चयनित होकर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है। लक्ष्मण बारसे का चयन NIFT भोपाल के लिए, जबकि आशा रवा, ममता और अनिता बघेल का प्रवेश B.F.Tech. के लिए NIFT रायपुर में हुआ है। विद्यार्थियों की सफलता में विद्यालय के शिक्षकों के मार्गदर्शन और लगातार प्रयासों की अहम भूमिका रही। NESTS ने आवेदन शुल्क व परीक्षा संबंधी खर्च वहन किया।
ना छिपने की जगह मिली, ना भागने का मौका, 24 घंटे में 47 फरार वारंटी दबोचे
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महासमुंद पुलिस प्रशासन 1 सितंबर से 7 सितंबर तक विशेष अभियान चला रहा है। इस विशेष सर्च मुहिम के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की। लंबे समय से फरार 47 वारंटियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। इनमें 18 स्थायी वारंटी और 29 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं। अपराध नियंत्रण और पेंडिंग वारंटों के त्वरित निष्पादन के लिए जिले के सभी थानों में पृथक-पृथक टीमों का गठन किया गया था। 3 सितंबर को चलाए गए इस सर्च अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। स्थानीय न्यायालयों से जारी वारंटों की तामीली करते हुए पुलिस ने वर्षों से चकमा दे रहे आरोपियों को दबोच लिया। विधिवत कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें संबंधित न्यायालयों के समक्ष प्रस्तुत किया गया। बसना थाना में सबसे अधिक कार्रवाई हुई। यहां 2 स्थायी और 11 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। इसमें मनीष अग्रवाल, प्रेम सिंह, लकेश्वर गिरी, पप्पू सोनवानी, श्याम लाल नायक, मोहन गिरी, भिष्मदेव जगत, महेश राम रात्रे, गजानंद साव, सहोदरा केसरिया, गणेश टांडी, गोवर्धन टांडी और अश्वनी ग्वाल को गिरफ्तार किया गया। सरायपाली में 10 स्थायी वारंटी, पिथौरा में 7 गिरफ्तारी वारंटी दबोचे गए: थाना सरायपाली में पुलिस ने 10 स्थायी वारंटियों को पकड़ा। इनमें कुष्ठो, महेशराम, आलेख सारथी, चुडामणी, चंदन दास, सुचित्रा कानुनगो, बजरंग दास, सुरेश प्रधान, गोविंददास और तेज कुमार भोई शामिल हैं। इसी तरह थाना पिथौरा में 7 गिरफ्तारी वारंटी दबोचे गए। इनमें मुकेश कुमार पटेल, उमाशंकर पटेल, रेवाराम सोनवानी, बलराम यादव, रमेश बरिहा, सदानंद यादव और प्रियंका बंजारे शामिल हैं। सबसे ज्यादा बसना थाना में 2 स्थायी और 11 गिरफ्तारी वारंट तामील: थाना बागबाहरा में 1 स्थायी वारंटी चेतराम बारिहा तथा 2 गिरफ्तारी वारंटी मोहम्मद अंसारी अली और संजय चंद्राकर को गिरफ्तार किया गया। थाना सांकरा में 03 गिरफ्तारी वारंटी अंजोर सिंह सिदार, मथामनी भोई और जीवन लाल साहू को गिरफ्तार किया गया। थाना पटेवा में 03 गिरफ्तारी वारंटी वासुदेव लहरे, डिगेश्वर बंजोर और बिंदुबाई बंजोर पुलिस की गिरफ्त में आए। पुलिस को चकमा दे रहे आरोपियों को भी पकड़ा थाना कोमाखान में 03 गिरफ्तारी वारंटी नेमीचंद नायक, गिरीश साहू और सोहद्रा बाई को पकड़ा गया। थाना महासमुंद में 02 स्थायी वारंटी जयप्रकाश और संतोष कोसरिया को गिरफ्तार किया गया। थाना बलौदा में 2 स्थायी वारंटी श्वेत कुमार भोई और रसंता बाई को गिरफ्तार किया गया। थाना सिंघोड़ा में 1 स्थायी वारंटी अनिल मलिक को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया। असामाजिक तत्वों पर सख्ती जारी रहेगी: पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय द्वारा जारी स्थायी, गिरफ्तारी और जमानती वारंटों की तामीली के लिए यह विशेष अभियान पूरे सप्ताह जारी रहेगा। जिले की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने वाले असामाजिक और आपराधिक तत्वों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
जोदी-जौदा में आधे रास्ते तक ही पक्की रोड, जगह-जगह पानी भरने से परेशानी
भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम ग्राम जोदी-जौदा में अधूरी छोड़ी गई सीसी सड़क ग्रामीणों के लिए परेशानी बन गई है। गांव की कई गलियों में सीसी रोड आधे रास्ते तक बनी। इसके बाद काम बंद हो गया। आगे का रास्ता कच्चा है। बारिश में कीचड़ फैल रहा है। जलभराव हो रहा है। बारिश के बाद गलियों में जगह-जगह पानी जमा है। पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का खतरा है। ग्रामीणों के मुताबिक सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, मरीजों को हो रही है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। समस्या और गंभीर हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी सड़क की दिक्कत एक गली तक सीमित नहीं है। गांव के कई गली-मोहल्लों में यही हाल है। सीसी रोड का निर्माण पूरा नहीं होने से पक्की सड़क का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन, संबंधित विभाग से अधूरे सीसी रोड का काम जल्द पूरा कराने की मांग की है। तब तक प्रभावित गलियों में मुरुम या गिट्टी डालने की मांग की है। जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो वे जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों से सामूहिक शिकायत करेंगे।
प्रवचन में मुनि श्रेयांशप्रभ बोले- खुद के साथ-साथ दूसरे का भी भला करो
भास्कर न्यूज| राजनांदगांव जैन बगीचा स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय भवन में अपने नियमित चातुर्मासिक प्रवचन में खरतर गच्छाधिपति मणिप्रभ सागर के शिष्य श्रेयांशप्रभ सागर ने गुरुवार को कहा कि हम खुद को भूलकर सबके लिए करते हैं जो कि गलत है। हम यदि कुछ कर रहे हैं तो पहले स्वयं के लिए करें फिर परिवार और फिर अन्य के लिए। क्षमता से अधिक कार्य न करें और यदि अधिक कार्य करना है तो अपनी क्षमता बढ़ाएं। कहा कि दूसरों की भलाई के लिए हम खुद को भूल जाते हैं। हम इस भलाई के चक्कर में न स्वयं को देख पाते हैं और ना ही परिवार को। कहा कि खुद पर भी ध्यान दो। जो हमेशा सबके लिए करता है, हम उसे ही महान मानते हैं जबकि वह महान नहीं है। इसी तरह जो अपने लिए ही करता है, हम उसे स्वार्थी मानते हैं जबकि ऐसा नहीं है। आप जब स्वयं का भला नहीं करेंगे तो दूसरों का भला कैसे कर पाएंगे। दूसरों को जानने से पहले स्वयं को जानना जरूरी है। मुनिश्री ने कहा कि आप सब का भला करना चाहते हैं तो करें लेकिन क्षमताओं से ज्यादा नहीं। अगर ज्यादा कुछ करना ही है तो अपनी क्षमताओं को बढ़ाएं। हम मनुष्य बन जाए यही बहुत है। आप खुद का भला कर लो फिर दूसरे का भला करो। सोचने वाले को कोई नहीं रोक सकता। हर महान व्यक्ति को देख लो पहले उन्होंने आलोचना झेली, जब वे महान बन गए तब आलोचना करने वाले ही माला पहनाने में आगे नजर आए। अगर आप महान बन जाओगे तो आज जो आपको गलत कह रहे हैं, वे ही कल आपको सही कहेंगे।
कुशल कल्पतरू वर्षावास धर्मसभा में णमुत्थुणं सूत्र की महिमा का बखान
भास्कर न्यूज| जैसलमेर कुशल कल्पतरू वर्षावास की व्याख्यान माला के तहत धर्मसभा को संबोधित करते हुए खरतरगच्छाचार्य जिन मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज ने णमुत्थुणं सूत्र की विस्तार से व्याख्या की। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस दिव्य सूत्र की रचना सौधर्मा इंद्र ने की है। आचार्य ने बताया कि तीर्थंकर परमात्मा के जन्म आदि कल्याणक के अवसर पर सौधर्मा इंद्र अपने आसन से उठकर सात कदम आगे बढ़ते हैं। वे इसी सूत्र के माध्यम से अरिहंत परमात्मा की वंदना करते हैं। इस सूत्र में अरिहंत भगवंतों के दिव्य गुणों की महत्ता बताई गई है। सूत्र में परमात्मा को तीर्थ का स्थापक, स्वयं बोध प्राप्त करने वाले, पुरुषों में उत्तम, पुरुषों में सिंह के समान निर्भीक तथा गंध हस्ती स्वरूप निरूपित किया गया है। तीर्थंकर लोक में श्रेष्ठ, लोकहितैषी तथा लोक में धर्म का प्रकाश फैलाने वाले धर्म चक्रवर्ती हैं। इस सूत्र के जरिए भूतकाल, वर्तमान तथा भविष्य काल के सभी तीर्थंकरों को भावपूर्वक वंदन किया गया है। धर्मसभा में मुनि नयज्ञसागर महाराज ने कहा कि ललित विस्तरा ग्रंथ में णमुत्थुणं सूत्र की सूक्ष्म से सूक्ष्म व्याख्या मिलती है। परमात्मा की भाव पूजा के रूप में किए जाने वाले चैत्यवंदन में मूल रूप से इसी सूत्र का पठन किया जाता है। प्रतिदिन के पूजन का लाभ पुखराज नेतमल भंसाली परिवार, बाड़मेर, एवं माडुदेवी राणामल डूंगरवाल देवड़ा परिवार, जैसलमेर, द्वारा लिया गया।
लोक मंथन यात्रा का जैसलमेर में स्वागत 20 अक्टूबर को झालावाड़ में होगा समापन
भास्कर न्यूज| जैसलमेर गांधी कॉलोनी स्थित आदर्श विद्या मंदिर में लोक मंथन यात्रा के आगमन पर स्वागत के साथ विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। जिला संयोजक मांगीलाल बामणिया ने बताया कि विद्या भारती, संस्कृत भारती, संस्कार भारती एवं अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में राजस्थानी लोक नृत्य, लोक गीत, वाद्ययंत्रों संग भजन, रम्मत, नाटिका, संस्कृत प्रश्नोत्तरी, राजस्थानी-संस्कृत संवाद तथा विज्ञान प्रदर्शनी के जरिए प्रेरक प्रस्तुतियां दी गई। मंच संचालन गगेन्द्रसिंह आर्य ने किया। प्रज्ञा प्रवाह के क्षेत्र संयोजक व यात्रा संयोजक सत्यनारायण ने बताया कि 2 सितंबर को जैसलमेर से शुरू हुई यह यात्रा सभी जिलों से गुजरते हुए 20 अक्टूबर को झालावाड़ में संपन्न होगी। समारोह में मुख्य अतिथि आरएसएस के राजस्थान क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री, मीना खत्री, संस्कार भारती के जोधपुर प्रांत संगठन मंत्री संजीव, प्रांत ग्राम विकास प्रमुख हितेश, भारतीय किसान संघ बीकानेर संभाग संगठन मंत्री हीराराम, जोधपुर प्रांत संघचालक व आरएचआरडी फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष हरदयाल, संरक्षक कन्हैयालाल बैरवा, जैसलमेर जिला संघचालक चिरंजीलाल सोनी और डॉ. लीलाधर कुमावत सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
आदर्श विद्या मंदिर में कबड्डी प्रतियोगिता संपन्न
फतेहगढ़ | विद्या भारती की दो दिवसीय विभाग स्तरीय कबड्डी प्रतियोगिता का आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक फतेहगढ़ में समापन हुआ। प्रतियोगिता में बाड़मेर, बालोतरा और जैसलमेर जिले की कुल 16 टीमों (12 छात्र एवं 4 छात्रा वर्ग) के 160 खिलाड़ियों ने दमखम दिखाया। अतिथियों ने विजेता व उप विजेता टीमों को सम्मानित किया ।
राजमथाई में पदयात्रियों के लिए निशुल्क रामरसोड़े का शुभारंभ
राजमथाई गांव में विरधाणी सेवा संस्थान द्वारा रामदेवरा पदयात्रियों की सेवार्थ निशुल्क रामरसोड़े का शुभारंभ संतों के सानिध्य में संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में पहुंचे पोकरण विधायक महंत प्रतापपुरी महाराज ने फलसूंड के समीप स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल शिवदानपुरी गोड़ागड़ा धाम के सर्वांगीण विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए अपने विधायक कोष से 11 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति जारी करने की बड़ी घोषणा की। यह घोषणा शिवदानपुरी महाराज जीवित समाधि सेवा समिति गोड़ागड़ा धाम एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष खीमाराम सुथार की विशेष अनुशंसा पर विधायक द्वारा मंच से की गई। इससे धाम पर आने वाले देश प्रदेश के हजारों श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा। रामरसोड़े का विधिवत उद्घाटन स्वामीजी की ढाणी के मठाधीश रावलपुरी महाराज, परेऊ मठाधीश ओमकार भारती महाराज तथा गजरूप सागर मठ के मठाधीश महंत बाल भारती महाराज सहित अन्य संतों के सानिध्य में दीप प्रज्ज्वलन व फीता काटकर किया गया। संतों ने निस्वार्थ मानव सेवा के इस प्रकल्प की सराहना की। समारोह में राजमथाई सहित आसपास के गांवों से ग्रामीण, जनप्रतिनिधि, गोड़ागड़ा धाम के वंशज पुजारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरा पांडाल जय बाबा री के जयकारों से गूंज उठा। समिति सदस्यों व ग्रामीणों ने 11 लाख रुपए की सौगात देने पर विधायक का आभार जताया।
जूनिया क्षेत्र में बारिश फसलों के लिए फायदा
जूनिया| क्षेत्र में गुरुवार को झमाझम बारिश हुई। इससे आम लोगों को उमस-गर्मी और किसानों को फसलों के लिए राहत मिली। क्योंकि लंबे समय से बारिश नहीं होने से खरीफ की फसल पर रोग लग रहे थे और फसल खराब हो रही थी। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी, ज्वार और बाजरे की फसल को फायदा होने की संभावना है। किसानों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी अच्छी बारिश हुई तो खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहेगी। रबी की फसलों की बुवाई के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकेंगी।

