पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दे पर ट्रस्ट प्रबंधन को घेरा है। उन्होंने कहा कि मंदिर के दान और निर्माण कार्यों में घोटाले के आरोप बेहद गंभीर हैं। सिंह ने मांग की कि केवल इस्तीफों से बात नहीं बनेगी, बल्कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। दिग्विजय सिंह शुक्रवार शाम को देवास पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से चर्चा करते हुए राम मंदिर ट्रस्ट में कथित अनियमितताओं और हाल ही में एक ट्रस्टी के इस्तीफे के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजादी के पहले और बाद के इतिहास में यह पहली बार है कि किसी सरकार के शासनकाल में मंदिर के पैसों में भी घोटाले के आरोप लग रहे हैं। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान वर्ष 1992 के बाद जो चंदा एकत्र किया गया था, उसका भी आज तक पूरा हिसाब जनता के सामने नहीं आया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद भी उसकी व्यवस्थाएं विश्व हिंदू परिषद (VHP) के हाथों में हैं। उन्होंने देशभर के अनेक मंदिरों और मठों का उदाहरण दिया, जिनकी व्यवस्थाएं संत-महात्माओं के पास रहती हैं और वहां इस प्रकार के विवाद या घोटाले सामने नहीं आते। दिग्विजय सिंह ने जोर देकर कहा कि केवल किसी ट्रस्टी के इस्तीफा देने से मामला खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने ट्रस्ट की व्यवस्था की जिम्मेदारी चंपत राय पर डालते हुए कहा कि उन्हें पूरे मामले की जवाबदेही लेनी चाहिए। सिंह ने आरोप लगाया कि कथित अनियमितताएं उनके भरोसेमंद लोगों द्वारा ही की गई हैं और दोषियों के खिलाफ विस्तृत जांच कर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।
देवरिया में मुहर्रम जुलूस के दौरान करतब दिखाते समय एक युवक आग की चपेट में आकर झुलस गया। यह घटना शुक्रवार दोपहर तीन बजे जिला मुख्यालय के मालवीय रोड पर हुई। युवक को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, सदर कोतवाली क्षेत्र के बांस देवरिया निवासी सद्दाम खान (पुत्र शहरयार खान) फाइव स्टार क्लब की ओर से ताजिया जुलूस में शामिल थे। वह एक लोहे के ड्रम में बैठकर करतब दिखा रहे थे, तभी ड्रम में लगी आग अचानक उनके कपड़ों तक पहुंच गई और वह झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अखाड़े के साथियों और आसपास मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई। समय रहते आग पर काबू पा लेने से एक बड़ा हादसा टल गया। सद्दाम खान को तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत अब सामान्य और खतरे से बाहर है। क्षेत्राधिकारी नगर संजय रेड्डी ने बताया कि मालवीय रोड पर मुहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था। इसी दौरान फाइव स्टार क्लब का खिलाड़ी सद्दाम खान करतब दिखाते समय झुलस गया। अखाड़े के सदस्यों ने तत्काल उसे बचाकर प्राथमिक उपचार कराया। उन्होंने पुष्टि की कि युवक की स्थिति सामान्य है और कोई अन्य अप्रिय घटना नहीं हुई।
सरगुजा जिले के देवगढ़ में शुक्रवार को विवाहिता का शव पेड़ पर फांसी पर झूलता हुआ मिला है। विवाहिता के मायके पक्ष ने उसकी हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाया है। विवाह के बाद पति, देवर, सास एवं ससुर उसके साथ मारपीट करते थे और प्रताड़ित करते थे। मृतका के पूरे शरीर पर मारपीट से चोट के निशान मिले हैं। मामला उदयपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, देवगढ़ निवासी सीमा यादव (26 वर्ष) का शुक्रवार को पेड़ में उंचाई पर शव फांसी में झूलता मिला। सीमा यादव सुबह करीब 3 बजे घर से निकली थी। इसके बाद वह नहीं लौटी। इसकी सूचना ससुराल पक्ष ने उसके मायके कुमडेवा में दी। करीब 11 बजे लोगों ने सीमा यादव का शव पेड़ में करीब 25 फुट उंचाई पर फांसी में लटकी अवस्था में देखा। शादी के बाद प्रताड़ना का आरोप, पूरे शरीर में चोट के निशान घटना की सूचना पर उदयपुर पुलिस मौके पर पहुंची। सीमा यादव के मायके से बड़ी संख्या में लोग देवगढ़ पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों की मौजूदगी में पेड़ से शव को नीचे उतारा। सीमा यादव के पूरे शरीर पर मारपीट के कारण चोट के निशान मिले हैं। उसकी जांघ, पीठ और कमर में खून जमने के कारण नीला निशान पड़ गया था। सीमा यादव के पिता पारस यादव ने कहा कि ससुराल पक्ष में झगड़े के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने मारकर उसे फांसी पर लटका दिया है। बहुत दिन से वे सीमा को प्रताड़ित कर रहे थे। सास उसपर चाय फेंक देती थी। देवर भी मारपीट करता था। पति व ससुर भी मारपीट करते थे। चार साल पहले शादी, लोकलाज के भय से सही प्रताड़ना सीमा यादव की शादी वर्ष 2022 में सतीश यादव के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार कम दहेज लाने को लेकर ससुराल पक्ष के लोग नाखुश थे और सीमा को ताने देते थे और उसके साथ जानवरों की तरह व्यवहार कर रहे थे। मृतका की बुआ ने बताया कि शादी के बाद से ससुराल में उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। जब भी मुलाकात होती थी सीमा यादव प्रताड़ना और लगातार मारपीट करने की बात बताती थी। उसे सुबह तीन बजे उठाकर गोबर उठाने व अन्य काम करने भेज दिया जाता था। मृतका की बुआ ने कहा कि ससुराल पक्ष में पति, देवर, सास व ससुर मारपीट करते थे। वह इसलिए प्रताड़ना सह रही थी कि घर में उसकी तीन छोटी बहनें हैं। वह वापस मायके चली जाएगी तो उनकी शादी में अड़चन आएगी। सीमा यादव ने सोंचा कि संभवतः बच्चे होने के बाद स्थिति बदल जाएगी, लेकिन इसके बाद भी स्थिति नहीं बदली। सीमा यादव के दो बच्चे हैं, जिनमें बड़ी बेटी करीब तीन साल की है। वहीं छोटा बेटा करीब सवा साल का है। विवाद बढ़ा, अंबिकापुर भेजा गया शव सीमा यादव को प्रताड़ित कर मार डालने का आरोप लगाने के बाद ससुराल एवं मायके पक्ष में जमकर विवाद हुआ। पुलिस ने किसी तरह विवाद शांत कराया। जब शव लेकर उदयपुर में पोस्टमॉर्टम के लिए पहुंचे तो भी दोनों पक्षों में विवाद एवं मारपीट हो गई। पुलिस ने विवाद शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने सीमा यादव के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अंबिकापुर भेज दिया। अंबिकापुर में शव का पोस्टमॉर्टम शनिवार को होगा। उदयपुर पुलिस ने मामले में फिलहाल मर्ग कायम किया है। मामले की जांच की जा रही है।
बागपत अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग:डीएम ने दिया जांच का आश्वासन
बागपत में खेकड़ा क्षेत्र की निवासी करिश्मा पत्नी राजू ने जिला प्रशासन को एक प्रार्थना पत्र देकर जिला महिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की मांग की है। करिश्मा 25 जून 2026 की शाम से प्रसव पीड़ा के चलते जिला महिला अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्र में अस्पताल में उपचार और सुविधाओं से संबंधित अपनी समस्याओं का उल्लेख किया है। परिजनों ने भी अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता जताई है, ताकि मरीजों को समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की गहन जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों और चिकित्सकों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाओं में जल्द सुधार नहीं हुआ तो ऐसी घटनाएं लगातार सामने आती रहेंगी। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
नीमच पुलिस ने उदय विहार इलाके में स्थित 'डेल्हीवरी कूरियर कंपनी' के दफ्तर में हुई चाकूबाजी और डेढ़ लाख की सनसनीखेज लूट 36 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने मास्टरमाइंड सहित कुल 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। एसपी राजेश व्यास ने शुक्रवार शाम को पुलिस कंट्रोल रूम में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरी डकैती का खुलासा किया। नौकरी से निकाले जाने का बदला लेने के लिए रची साजिश हैरानी की बात यह है कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कूरियर कंपनी का ही पूर्व कर्मचारी इस्लाम मोहम्मद निकला। इस्लाम को कुछ समय पहले कंपनी ने काम से निकाल दिया था। उसे दफ्तर में कैश कलेक्शन के समय और तौर-तरीकों की पूरी जानकारी थी। नौकरी से निकाले जाने का बदला लेने के लिए उसने मंदसौर के अपने दोस्तों के साथ मिलकर लूट की यह पूरी प्लानिंग की। शातिर इस्लाम वारदात से ठीक 15 दिन पहले ही दोबारा झांसा देकर काम पर लौटा था। ऑफिस में अकेले पाकर कूरियर कर्मी पर किए चाकू से ताबड़तोड़ वार यह वारदात 23 जून की रात करीब 9:20 बजे हुई थी। कूरियर कर्मी सूरज नाथ ऑफिस में अकेला काम कर रहा था, तभी एक बाइक पर सवार चार बदमाश अंदर घुसे। बदमाशों ने सूरज की गर्दन दबोचकर उसकी कनपटी पर चाकू अड़ा दिया और उसे वॉशरूम की तरफ ले जाने लगे। जब सूरज ने कैश काउंटर से पैसे समेट रहे बदमाशों का विरोध किया और शोर मचाया, तो आरोपी सोहेल मंसूरी ने उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में सूरज के हाथ और दोनों कंधों पर गंभीर चोटें आईं और बदमाश डेढ़ लाख रुपए लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज और पुरानी कुंडली खंगालने पर खुला राज वारदात की गंभीरता को देखते हुए एसपी राजेश व्यास ने तुरंत केंट, जीरन, नीमच सिटी पुलिस और साइबर सेल को मिलाकर चार स्पेशल टीमें बनाईं। पुलिस टीमों ने नीमच, मंदसौर, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ के टोल नाकों सहित आसपास के सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जब पुलिस ने हाल ही में नौकरी छोड़ने वाले और छुट्टी पर गए कर्मचारियों का रिकॉर्ड चेक किया, तो इस्लाम मोहम्मद पर शक गहरा गया। अजमेर तक पीछा कर दबोचे आरोपी, कैश और बाइक बरामद मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी करके सबसे पहले सोहेल मंसूरी, असरफ कुरैशी, जाहिद खां और मास्टरमाइंड इस्लाम मोहम्मद को धर दबोचा। कड़ाई से पूछताछ में इन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। वहीं तकनीकी इनपुट्स के आधार पर पता चला कि मुख्य आरोपी आसिफ मंसूरी राजस्थान के अजमेर भाग गया है। पुलिस टीम ने तुरंत अजमेर में दबिश देकर उसे भी दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू, एक मोटरसाइकिल और लूटी गई रकम में से 90,800 रुपए नकद बरामद कर लिए हैं।
गर्मी की छुट्टियों के के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए रेल प्रशासन द्वारा जोधपुर और चेन्नई के बीच विशेष साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन शनिवार ( 27 जून) से शुरू होगी। पांच ट्रिप के लिए संचालित की जाने वाली इस स्पेशल ट्रेन से राजस्थान और दक्षिण भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। शनिवार की रात को होगी रवाना उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04815 जोधपुर-चेन्नई बीच साप्ताहिक समर हॉलीडे स्पेशल 27 जून से 25 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक शनिवार रात 9.20 बजे जोधपुर से रवाना होगी और सोमवार रात 8 बजे चेन्नई बीच पहुंचेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 04816 एमजीआर चेन्नई सेंट्रल-जोधपुर समर हॉलीडे स्पेशल 30 जून से 28 जुलाई तक (5 ट्रिप) प्रत्येक मंगलवार शाम 5.15 बजे चेन्नई से प्रस्थान कर गुरुवार रात 8.30 बजे जोधपुर पहुंचेगी। ट्रेन कुल 19 आईसीएफ कोच के साथ संचालित होगी। रैक संरचना में 2 सेकंड एसी,15 थ्री टियर एसी कोच तथा 2 एसएलआर कोच शामिल किए गए हैं। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव जोधपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक हितेश यादव के अनुसार, ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 29 स्टेशनों पर ठहरेगी। इनमें मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,कुचामन,फुलेरा,जयपुर,दुर्गापुरा,सवाई माधोपुर,सोगरिया, बारा,छबड़ा,गुगोर, रुठियाई,गुना,बीना,भोपाल,इटारसी,नागपुर,बल्हारशाह,सिरपुर कागजनगर,मंचियारल,वारंगल,खम्मम, विजयवाड़ा,बापटला,चिराला,ओंगोल,नेल्लौर,गुडूर और नयाडुपेटा शामिल हैं। जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी कल से चलेगी वहीं , जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन भी शनिवार को जैसलमेर से रवाना होगी और राजस्थान से पूर्वी भारत की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा उपलब्ध कराएगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि ट्रेन संख्या 04803 जैसलमेर-हावड़ा एकतरफा स्पेशल ट्रेन 27 जून को जैसलमेर से सुबह 8.15 बजे रवाना होगी। ट्रेन जोधपुर स्टेशन पर दोपहर 1.50 बजे पहुंचेगी तथा 2.30 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन तीसरे दिन सुबह 6.30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर रहेगा ठहराव यह विशेष ट्रेन मार्ग में रामदेवरा,फलोदी,जोधपुर,मेड़ता रोड,डेगाना,मकराना,फुलेरा,जयपुर,भरतपुर,ईदगाह,टूण्डला,ईटावा,गोविन्दपुरी, सुबेदारगंज,पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन,भबुआ रोड,सासाराम,डेहरी ऑन सोन,अनुग्रह नारायण रोड,गया, कोडरमा,पारसनाथ,धनबाद, आसनसोल,दुर्गापुर,वर्द्धमान तथा बैण्डेल स्टेशनों पर ठहराव करेगी। कोच में होंगे कुल 16 डिब्बे इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा के लिए 10 स्लीपर कोच,6 जनरल श्रेणी कोच और 2 गार्ड कोच सहित 16 डिब्बे लगाए जाएंगे।
गाजियाबाद में शुक्रवार को इमाम हुसैन की शहादत पर मुर्हरम के जुलूसों का समापन हुआ। गाजियाबाद शहर व देहात क्षेत्र में ताजिए के 87 जुलूस आयोजित किए गए। इनमें सभी स्थानों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। गाजियाबाद के कोतवाली के अलावा विजयनगर, घंटाघर, लोनी, साहिबाबाद, अंकुर विहार, मोदीनगर, मुरादनगर, मसूरी, डासना और अलग अलग स्थानों पर जुलूसों को निकाला गया। जहां रात को लेकर भी मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फोर्स तैनात है। सुरक्षा व्यवस्था में 1200 पुलिसकर्मी शहर में ड्यूटियों पर लगाए गए। सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा सबसे संवेदनशील था, जहां अधिकारी एडिशनल सीपी राज करन नैयर और डीसीपी धवल जायसवाल खुद शाम तक मौजूद रहे। एडिशन सीपी और डीसीपी करते रहे पैदल मार्च शहर में एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड आर्डर राज करन नैयर, डीसीपी धवल जायसवाल और डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने अलग अलग स्थानों पर पैदल मार्च किया। जहां खोड़ा और अन्य संवेदनशील स्थानों पर RRF भी तैनात रही। शहर व कस्बों में अ अंजुमन यादगारें हुसैनी के नौजवानों ने मातमी दस्ते के साथ ताजिये का जुलूस परंपरागत मार्गो से पुलिस के कडे़ सुरक्षा प्रबंधो के बीच निकाला गया। यहां बिना अनुमति के आयोजन नहीं होने दिया गया। रीति रिवाज के साथ ताजिये को कर्बला में दफन किया गया। इस दौरान पटाबाजी के अखाड़ाबाजो ने भी अपने करतब दिखाए। ताजिया जुलूस के दौरान भारी भीड़ देखने को मिली। मुहर्रम हजरत अली इमाम हुसैन की याद में शोक के रूप में मनाया जाता है। ताजिए की ऊंचाई 12 फीट मोहर्रम के अवसर पर निकाले जाने वाले ताजियों की ऊंचाई जमीन या सड़क के स्तर से 12 फीट से अधिक नहीं रही। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने सभी आयोकों से कहा था कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू नहीं की जाए। पहले से चल रही परंपराओं के अनुसार ही आयोजन कराए जाएंगे। अधिकारियों ने कहा- यदि कहीं ध्वनि विस्तारक यंत्र अथवा डीजे का प्रयोग किया जाता है तो उसकी ध्वनि निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप ही रखी जाए। तेज आवाज में डीजे नहीं बजाया जा सकेगा। थाना प्रभारी और एसीपी फील्ड में एडिशनल पुलिस कमिश्नर राज करन नैय्यर ने बताया कि प्राप्त सूचनाओं के अनुसार जिले में 87 ताजिए निकाले गए। इसके अतिरिक्त मन्नत के ताजिए भी रहे, उन्होंने सभी आयोजनकर्ताओं से अपील की कि ताजियों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। जहां अधिक ऊंचाई की इजाजत नहीं दी थी। सभी स्थानों पर एसीपी अपने अपने क्षेत्र में थाना प्रभारियों के साथ अलर्ट रहे।
नोएडा पुलिस ने साइबर ठगी रोकने को अभियान चलाया:'सांप-सीढ़ी' वीडियो जारी कर लोगों को किया जागरूक
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को रोकने के लिए एक विशेष जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में यह पहल की गई है। इसके तहत कमिश्नरेट पुलिस ने 'सांप-सीढ़ी' के खेल की अवधारणा पर आधारित एक वीडियो जारी कर आम जनता को जागरूक किया है। वीडियो के माध्यम से पुलिस ने संदेश दिया है कि जिस तरह सांप-सीढ़ी के खेल में एक गलत चाल खिलाड़ी को ऊंचाई से नीचे गिरा देती है, उसी तरह बिना जांच-पड़ताल के अधिक मुनाफे के लालच में किया गया निवेश भारी आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। साइबर अपराधी लोगों को ठगने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। वे सोशल मीडिया, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, टेलीग्राम, व्हाट्सएप ग्रुप और आकर्षक ऑनलाइन विज्ञापनों का उपयोग करते हैं। शुरुआत में, वे कम समय में पैसे कई गुना करने का झांसा देते हैं। विश्वसनीयता बनाने के लिए छोटे निवेश पर कुछ लाभ भी दिया जाता है। हालांकि, जैसे ही पीड़ित बड़ी रकम लगाता है, अपराधी सारा पैसा हड़पकर संपर्क तोड़ लेते हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए गौतमबुद्धनगर पुलिस ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि कम समय में अत्यधिक और गारंटीड मुनाफे का दावा करने वाली योजनाओं से हमेशा दूरी बनाकर रखें। किसी भी प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता की अच्छी तरह जांच कर लें। केवल अधिकृत और मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्थानों में ही निवेश करें। सोशल मीडिया या किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन साझा न करें और न ही कोई स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करें।
यूपी में बिजली दरों का ऐलान कभी भी:सातवें वर्ष भी मिल सकती है उपभोक्ताओं को राहत
उत्तर प्रदेश में साल 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा किसी भी वक्त हो सकती है। पिछले 6 सालों से प्रदेश में बिजली की दर नहीं बढ़ी है। 2027 में विधानसभा चुनाव है। ऐसे में सूत्र बताते हैं कि इस बार भी बिजली की दरों में राहत बरकरार रह सकती है। कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51,000 करोड़ बकाया प्रदेश की बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का 51,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का सरप्लस (बकाया) है। इसी आधार पर पिछले 6 वर्षों से बिजली की दरों में बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। नोएडा के विद्युत उपभोक्ताओं को मिलने वाला 10% का रिबेट भी जारी रह सकता है। हालांकि इसे हटाने की मांग कंपनी कर चुकी है। कंपनियों ने दिखाया 16,448 करोड़ का घाटा पावर कॉरपोरेशन और बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) ने मिलकर वर्ष 2024–25 (ट्रू-अप) के लिए करीब 3,995 करोड़ रुपए का राजस्व गैप दिखाया है। इसी तरह वर्ष 2026–27 में भी करीब 12,453 करोड़ रुपए का राजस्व गैप बताया है। इस तरह बिजली कंपनियों ने कुल 16,448 करोड़ रुपए के अंतर को आधार बनाकर बिजली कीमत बढ़ाने की मांग की है। हालांकि जनसुनवाई में उपभोक्ता परिषद सहित आम लोगों ने कीमत बढ़ाने का विरोध किया है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नाम पर 3,838 करोड़ का अतिरिक्त बोझ उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा के मुताबिक बिजली कंपनियों ने स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग के तहत होने वाले 3,838 करोड़ रुपए के खर्च को भी उपभोक्ताओं के बिलों में शामिल करने की कोशिश की है। परिषद इस पर गंभीर आपत्ति दर्ज करा चुका है।
अयोध्या में मोहर्रम का पर्व शुक्रवार को गम, अकीदत और धार्मिक श्रद्धा के माहौल में शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। जिले भर में निकले ताजिया जुलूसों में हजारों अकीदतमंद शामिल हुए। या हुसैन की सदाओं, मातमी नारों, नोहाखानी और मर्सिया के बीच कर्बला के शहीदों को याद किया गया। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बलवंत चौधरी के अनुसार, जिले में कुल 178 ताजिया जुलूस निकाले गए, जबकि 2,349 ताजियों को निर्धारित कर्बला स्थलों पर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। शाम तक सभी जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गए। 3 तस्वीरें देखिए… जिलेभर में निकले ताजिया जुलूस रुदौली, मिल्कीपुर, देवगांव, सैदपुर, बीकापुर, कुचेरा और शाहगंज समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से ताजिया जुलूस निकाले गए। अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में मातम किया और अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जगह-जगह अंजुमनों की ओर से नोहाखानी और मर्सिया पढ़े गए। जुलूसों में शामिल लोगों ने कर्बला की शहादत को याद करते हुए धार्मिक परंपराओं का पालन किया। सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम मोहर्रम को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सभी थाना क्षेत्रों में जुलूस मार्गों और संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। वरिष्ठ अधिकारी लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे। रुदौली क्षेत्र में पुलिस क्षेत्राधिकारी बलवंत चौधरी स्वयं पुलिस बल के साथ मौजूद रहे और व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। प्रशासन की सतर्कता के चलते जिले में कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। भाईचारे और सौहार्द के बीच संपन्न हुआ पर्व शाम करीब 7 बजे तक जिले के सभी ताजियों को सकुशल कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। प्रशासन ने बताया कि मोहर्रम का पर्व पूरे जिले में आपसी भाईचारे, धार्मिक सौहार्द और शांतिपूर्ण वातावरण के बीच संपन्न हुआ। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सहयोग के लिए ताजियादारों, अंजुमनों और आम नागरिकों का आभार व्यक्त किया और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी की सराहना की।
पाली के एडी डागा स्कूल में फंदे पर लटके मिले बाबू के शव का शुक्रवार को बांगड़ हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाया गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी करवाई गई। उसके बाद पुलिस ने शव परिजनों का सौंपा। जिसका गमगीन माहौल में शाम को परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। बता दे कि प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजन अड़े हुए थे। उन्होंने गुरुवार को जिला कलेक्टर और एसपी को भी ज्ञापन सौंपा था। शुक्रवार को निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद परिजन बॉडी के पोस्टमार्टम के लिए राजी हुए। बता दे कि पाली शहर के सर्किट हाऊस के निकट एडी डागा स्कूल में 25 जून गुरुवार सुबह आग लगने की सूचना पर दमकलकर्मी मौके पर पहुंचे थे। स्कूल के रेकर्ड रूम में लगी आग बुझाने के दौरान उनकी नजर हॉल में गई तो वहा शव लटकता दिखा। इस पर पुलिस को बुलाया गया। मृतक की पहचान पाली के टैगोर नगर निवासी 32 साल के राघवेन्द्र शर्मा पुत्र एसएन शर्मा के रूप में हुई थी। मृतक स्कूल में बाबू (क्लर्क) था। परिजनों को हत्या की आशंका, स्कूल प्रबंधन बोला लाखों रुपयों की हेराफेरी की घटना को लेकर मृतक के मामा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दी। जिसमें मृतक की हत्या कर शव लटकाने और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाया है। वही इस पूरे मामले में स्कूल ट्रस्ट अध्यक्ष केसी डागा ने आरोप लगाते हुए बताया कि मृतक पुष्पेन्द्र ने 17 मई से 20 जून तक स्कूल अकाउंट से करीब 51 लाख रुपए खुद के खाते में ट्रांसफर किए। स्कूल अकाउंट में महज 12 रुपए ही बचे। मामले में सीओ सिटी मंगलेश चुंडावत ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। यह भी पढ़े - पाली में स्कूल हॉल में फंदे पर लटका युवक: स्कूल का रेकर्ड रूम, डीवीआर जला, धुंआ उठता देख किया फायर बिग्रेड को कॉल यह भी पढ़े - पत्नी बोलीं-वॉचमैन नहीं था, स्कूल में सोने गए थे: मां ने कहा-धोखे से बुलाकर बेटे की हत्या की, ट्रस्टी बोले–एक महीने में 51 लाख ट्रांसफर हुए राघवेंद्र के अकाउंट में
एटा में जमीन विवाद में युवक को मारी गोली:हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर; घटना का वीडियो आया सामने
एटा के नयागांव थाना क्षेत्र में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक युवक को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसकी जांच पुलिस कर रही है। जमीन विवाद को लेकर एक युवक को गोली मार दी गई। गोली लगने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल युवक को तत्काल अलीगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया गया। सीएचसी में प्राथमिक इलाज के बाद चिकित्सकों ने युवक की हालत गंभीर देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। इस बीच, वारदात से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वीडियो की भी जांच की जा रही है और घटना में शामिल आरोपियों की पहचान कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
छतरपुर शहर में एक युवक ने शराब के नशे में इकोस्पोर्ट कार (MP 16 CB 6756) चलाते हुए कई स्थानों पर हंगामा किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक ने राहगीरों से अभद्रता की और बीच सड़क पर माहौल खराब किया। स्थानीय लोगों ने इस घटना का वीडियो भी बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक सबसे पहले नंबर वन स्कूल के बाहर पहुंचा और बीच सड़क पर एक गोल्डन बस को रोक दिया। इससे कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ और सड़क पर जाम लग गया। आरोप है कि युवक ने लोगों को डराया-धमकाया और उनसे पैसों की मांग की, जिससे मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। इसके बाद युवक श्रीनाथ पाव भाजी के सामने पहुंचा और एक ई-रिक्शा रुकवाया। आरोप है कि उसने ई-रिक्शा में बैठे एक नवविवाहित जोड़े के साथ गाली-गलौज की और उनसे भी पैसों की मांग की। जब आसपास मौजूद लोगों ने इसका विरोध किया, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब लोगों ने घटना का वीडियो बनाना शुरू किया, तो युवक ने कथित तौर पर अपनी कार के अंदर रखी बंदूक छिपा दी। उसने खुद को बिज्जू महाराज बताते हुए कहा कि कोई मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता। आरोप है कि उसने वीडियो बना रहे एक युवक के साथ अभद्रता की और उसका मोबाइल छीनकर तोड़ने का भी प्रयास किया। बताया गया है कि इकोस्पोर्ट कार पर हिंदू युवा वाहिनी की नेम प्लेट और भगवा झंडा भी लगा हुआ था। इस बात को लेकर मौके पर काफी चर्चा होती रही। घटना के बाद क्षेत्र में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। फिलहाल, इस मामले में पुलिस का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पुलिस ने कहा है कि यदि कोई शिकायत दर्ज होती है या वीडियो के आधार पर तथ्य सामने आते हैं, तो जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
शादी समारोह में चली गोली, युवक घायल:एटा के नयागांव में हुई घटना, पुलिस जांच में जुटी
एटा के नयागांव थाना क्षेत्र के कूड़ा गांव में शुक्रवार रात एक शादी समारोह के दौरान गोली चलने से 21 वर्षीय युवक सौरभ गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान सौरभ पिता ओंकार सिंह के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और वहां मौजूद लोगों ने घायल सौरभ को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही नयागांव थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस गोली चलने के कारणों और आरोपी की पहचान करने में जुटी हुई है। खबर अपडेट हो रही है…
सीतापुर में दो बाइकों की आमने सामने टक्कर:बाइक सवार एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर घायल
सीतापुर के बिसवां कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे बिसवां-सिधौली मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक बाइक सवार की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद दोनों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल दूसरे युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हादसा बिसवां-सिधौली मार्ग स्थित बहरवा मोड़ के पास हुआ, जहां दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। आसपास के लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। मृतक की पहचान छत्रपाल (48) पुत्र बिंद्रा निवासी ग्राम राहयका, थाना रामपुर कला के रूप में हुई है। वहीं दूसरे बाइक सवार ओमप्रकाश पुत्र विश्वनाथ निवासी बसंत सिंह पूर्व, कोतवाली बिसवां गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसवां ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने छत्रपाल को मृत घोषित कर दिया। ओमप्रकाश की हालत नाजुक होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। छत्रपाल की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया और अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। सूचना पर पहुंची बिसवां पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पानीपत जिले में इसराना के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को गवालडा गांव की पंचायत बैठक के दौरान हंगामा हो गया। कार्यवाही रजिस्टर पर हस्ताक्षर करने को लेकर सरपंच और एक पंच के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों में हाथापाई हो गई। इसके बाद दोनों पक्ष इसराना थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पंच रमेश ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि जब उन्होंने बैठक के दौरान कार्यवाही रजिस्टर पढ़ने की बात कही, तो सरपंच और एक अन्य पंच ने उनके साथ गाली-गलौज की। रमेश के अनुसार, सरपंच ने उन्हें थप्पड़ मारा और विरोध करने पर जबरन रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया। विवाद बढ़ता देख मौके पर मौजूद अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव किया। पंच ने किया अभद्र भाषा का प्रयोग : सरपंच वहीं, सरपंच दीपक शर्मा ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत बैठक के दौरान पंच रमेश ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और कार्यवाही में बाधा डाली। सरपंच शर्मा के मुताबिक, पंच रमेश ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए उनके साथ धक्का-मुक्की की और जान से मारने की धमकी भी दी। सरपंच ने पंच रमेश के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बागपत में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर स्थित काठा टोल प्लाजा पर टोल मैनेजर और कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि नौकरी से निकाले जाने से नाराज पूर्व कर्मचारी अपने साथियों के साथ टोल प्लाजा पहुंचा और मैनेजर समेत कर्मचारियों के साथ मारपीट की। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दो लोगों को हिरासत में लिया है। घटना शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित काठा टोल प्लाजा की है। जानकारी के अनुसार, बली गांव निवासी मोहित पहले इसी टोल प्लाजा पर कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। टोल नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में प्रबंधन ने उसे नौकरी से हटा दिया था। साथियों के साथ किया हमला बर्खास्तगी से नाराज मोहित अपने आधा दर्जन साथियों के साथ टोल प्लाजा पहुंचा। आरोप है कि वहां उसने पहले टोल मैनेजर के साथ अभद्रता की और फिर मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे अन्य कर्मचारियों के साथ भी आरोपियों ने हाथापाई की। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना मारपीट की पूरी घटना टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। टोल मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने शुक्रवार को पीजीएटी-2026 के तहत पीजीएटी-2 और विभिन्न आईपीएस व एमसीए पाठ्यक्रमों के प्रवेश परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। प्रवेश प्रकोष्ठ के निदेशक प्रो. कपिंदर ने बताया कि कई छात्रों ने अपने-अपने कोर्स में सबसे अधिक अंक हासिल किए हैं। एमएड में मनोज कुमार यादव ने 234 अंक लेकर पहला स्थान प्राप्त किया। बीएड (आर्ट्स) में सौरभ पांडेय ने 232 अंक, एमए मास कम्युनिकेशन में अभिषेक तिवारी ने 228 अंक और एमएससी एग्रीकल्चरल साइंस (एग्रीकल्चरल केमिस्ट्री एंड सॉयल साइंस) में निखिल कनौजिया ने 226 अंक हासिल कर अपने-अपने कोर्स में टॉप किया। परीक्षाओं में सफल छात्र इसी तरह एमपीएड में रवि कुमार ने 206 अंक, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में मुस्कान पांडेय ने 205.2 अंक तथा एमएससी फूड एंड न्यूट्रिशन में सुभी मिश्रा ने 204 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा एमएससी बायोकेमिस्ट्री में सुभाष चंद्र सरोज ने 200 अंक, एमएससी बायोइन्फॉर्मेटिक्स में अक्षांश ने 194 अंक, एमएससी एनवायरनमेंटल साइंस में हर्ष वर्मा ने 190 अंक तथा एमएससी एग्रीकल्चरल साइंस (एंटोमोलॉजी) में प्रशांत तिवारी ने 186 अंक प्राप्त कर अपने अपने पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल किया। पाठ्यक्रमों के परिणाम इसी क्रम में एमए वुमेन स्टडीज में अनुष्का जायसवाल ने 186 अंक, एमए थिएटर एंड फिल्म में प्रीत सिंह ने 184 अंक, अप्लाइड जियोलॉजी में भूमि मिश्रा ने 178 अंक, एमए इन गांधीयन थॉट एंड पीस स्टडीज में खुशी कुमारी ने 176.4 अंक तथा मास्टर इन डेवलपमेंट स्टडीज में प्रियांशु चौधरी ने 174 अंक प्राप्त कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त एमएससी टेक्सटाइल एंड अपैरल डिजाइनिंग में रिधिमा नामदेव ने 172 अंक, बीएड (साइंस) में शिवम मिश्रा ने 166 अंक, बीएड (कॉमर्स) में अच्युत पांडेय ने 147.9 अंक, एमएससी मैटेरियल साइंस में अभिनव सिंह ने 140 अंक, एमटेक इन अर्थ सिस्टम साइंस में सौरभ कुमार ने 134.9 अंक, मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स में खुशी ने 130 अंक तथा एमएससी इन डिजाइन एंड इनोवेशन इन रूरल टेक्नोलॉजी में अनामिका देवी ने 124 अंक प्राप्त कर अपने पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल किया। आईपीएस पाठ्यक्रम में उपलब्धि आईपीएस पाठ्यक्रमों में मास्टर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए) में अर्पिता गुप्ता ने 228 अंक के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, एमएससी फूड टेक्नोलॉजी में तुषार त्रिपाठी ने 216 अंक और एमवोक इन मीडिया स्टडीज में गौरव ने 200 अंक प्राप्त कर अपने-अपने पाठ्यक्रमों में शीर्ष स्थान हासिल किया। प्रवेश पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे स्कोर कार्ड अभ्यर्थी अपना स्कोर कार्ड प्रवेश पोर्टल तथा इलाहाबाद विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पीजीएटी-2026 लिंक के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों को काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित दिशा-निर्देशों एवं अद्यतन सूचनाओं के लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर बनाए रखने की सलाह दी है।
मंडला के नैनपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड इलाके में रेलवे सुरक्षा बल को गश्त के दौरान एक लावारिस बैग मिला, जिसे खोलने पर बैग के अंदर भारी मात्रा में गांजा भरा मिला। RPF ने शुक्रवार को यह मामला राजकीय रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया है। नैनपुर रेलवे के इतिहास में गांजा तस्करी का यह पहला मामला सामने आया है। गश्त के दौरान पटरी किनारे पड़ा मिला संदिग्ध बैग जानकारी के मुताबिक, यह बैग 24 जून की देर रात रेलवे लाइन के किनारे पड़ा मिला था। यार्ड में चैकिंग कर रही RPF की टीम को जब यह संदिग्ध बैग दिखा, तो उन्होंने इसकी बारीकी से तलाशी ली। बैग के अंदर से पुलिस ने 3 किलो 118 ग्राम गांजा बरामद किया, जिसकी इंटरनेशनल मार्केट में अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 57 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने तुरंत गांजे को जब्त कर लिया। नैनपुर रेलवे में गांजा तस्करी का पहला मामला, NDPS एक्ट में केस नैनपुर GRP के थाना प्रभारी दिलीप बढ़ई ने बताया कि नैनपुर रेलवे क्षेत्र में गांजे की बरामदगी का यह पहला मामला है। RPF की शुरुआती कार्रवाई के बाद, GRP ने नियम के मुताबिक जब्ती की कार्रवाई की है और अज्ञात आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, आरोपी की तलाश जारी लावारिस बैग में गांजा मिलने के बाद से ही रेलवे पुलिस अलर्ट हो गई है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि यह बैग वहां तक कैसे पहुंचा और इसे किसने फेंका है। थाना प्रभारी दिलीप बढ़ई के मुताबिक, स्टेशन और यार्ड के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बैग फेंककर भागने वाले तस्कर का सुराग लगाया जा सके।
मथुरा नाव हादसे के नायकों का सम्मान:14 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले नाविक और गोताखोर हुए सम्मानित
मथुरा में वृंदावन के केसी घाट पर हुए नाव हादसे में 14 श्रद्धालुओं की जान बचाने वाले नाविकों और स्थानीय गोताखोरों को जिला प्रशासन ने सम्मानित किया। शनिवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से उन्हें प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह सम्मान 10 अप्रैल 2026 को यमुना नदी में हुए दर्दनाक नाव हादसे के संदर्भ में दिया गया। हादसे के दौरान नाव में 30 से अधिक श्रद्धालु सवार थे। नाव पलटने से 15 लोगों की डूबकर मौत हो गई थी, जबकि नाविकों और स्थानीय गोताखोरों ने तत्काल बचाव अभियान चलाकर 14 श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था। अधिकारियों ने सराहा साहस और सूझबूझ सम्मान समारोह में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. पंकज कुमार वर्मा, अपर नगर आयुक्त सौरभ सिंह और मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से नाविकों और गोताखोरों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए। अधिकारियों ने कहा कि आपदा के समय निस्वार्थ भाव से मानव जीवन की रक्षा करना सबसे बड़ा मानवीय दायित्व है। उन्होंने बचाव कार्य में शामिल लोगों के साहस, धैर्य और सूझबूझ की सराहना करते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक है। सुरक्षित नौका संचालन पर भी हुई समीक्षा कार्यक्रम के दौरान यमुना नदी में नौका संचालन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा बैठक की गई। अधिकारियों ने नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाने, प्रत्येक यात्री के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य करने, प्रशिक्षित नाविकों की तैनाती और आपातकालीन बचाव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके अलावा भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और प्रभावी सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए। साहसी नागरिकों का मनोबल बढ़ाना उद्देश्य जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी पूजा राणा ने बताया कि नाविकों और गोताखोरों को उनके उत्कृष्ट साहस और सेवा-भाव के लिए सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ाना है, जिन्होंने संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की जिंदगी बचाने का काम किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं और भविष्य में भी लोगों को आपदा की स्थिति में मदद के लिए आगे आने की प्रेरणा देते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी का पीडीए फर्जी है, लेकिन भाजपा की नवगठित टीम में वास्तविक पीडीए है। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों की पहली बैठक में पंकज चौधरी ने कहा कि नई टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2027 का विधानसभा चुनाव जीतना है, उन्होंने टीम को 2027 में 2017 से बड़ी जीत का लक्ष्य देते हुए विश्वास जताया कि यह लक्ष्य पूरा होगा। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपना-अपना परिचय दिया। परिचय के बाद बैठक को संबोधित करते हुए पंकज चौधरी ने कहा कि 3-4 जुलाई को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह यूपी दौरे पर रहेंगे। दोनों प्रदेश टीम के साथ भी आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक कार्यक्रमों पर बात करेंगे। पंकज चौधरी ने कहा कि युवा मोर्चा, ओबीसी मोर्चा, एससी मोर्चा, एसटी मोर्चा, महिला मोर्चा और किसान मोर्चा के अध्यक्ष और अवध, काशी, पश्चिम, ब्रज, गोरखपुर और कानपुर के क्षेत्रीय अध्यक्षों को अपनी टीम का गठन 10 जुलाई तक करने का समय दिया। विधानसभा सम्मेलन की जरिए जमीनी हकीकत भाजपा की ओर से 2 जुलाई तक सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में सामाजिक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। सम्मेलन में पार्टी के पदाधिकारी, अग्रिम मोर्चों के पदाधिकारी भी शामिल होंगे। सम्मेलन में विधानसभा क्षेत्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सामाजिक स्थिति, चुनावी मुद्दे, जनता के मुद्दे और समस्याओं पर बात की जाएगी। सम्मेलन की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय तक भेजी जाएगी। टीम के साथ मजबूती से खड़ा रहूंगा पंकज चौधरी ने कहा कि उनकी राजनीति का केंद्र कार्यकर्ता है और वे चाहते हैं कि संगठन का प्रत्येक पदाधिकारी इस कार्यकर्ता-आधारित राजनीति का अभिन्न अंग बने। संगठन में कार्य करने के लिए जो पूरी टीम बैठी है, वह उनकी अपनी टीम है और वे हर परिस्थिति में पूरी टीम के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही भाजपा की सबसे बड़ी शक्ति है और यही टीम आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की विचारधारा, नीतियों, केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को बूथ स्तर तक पहुंचाने का कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में जिस भावना के साथ उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहने का प्रयास किया है, उसी भावना के साथ आगे भी प्रत्येक कार्यकर्ता के सम्मान और हित के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने कहा कि बदले में उन्हें केवल पार्टी के प्रति पूर्ण निष्ठा, अनुशासन और समर्पण की अपेक्षा है। प्रत्येक पदाधिकारी को अपने व्यक्तिगत आग्रहों से ऊपर उठकर पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक परंपराओं और कार्यशैली को सर्वाेच्च प्राथमिकता देनी होगी। भाजपा में प्रत्येक कार्यकर्ता परिवार का सदस्य है तथा संगठन में दायित्व केवल पद नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं समाज की सेवा का माध्यम है। मिशन 2027 को पूरा करना होगा पंकज चौधरी ने आगामी विधानसभा चुनाव को संगठन की सर्वाेच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी ऊर्जा और समर्पण से कार्य करना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक पदाधिकारी अपने व्यवहार, आचरण और कार्यशैली में पार्टी के सिद्धांतों एवं मूल्यों को आत्मसात करते हुए जनता के बीच विश्वास और संवाद को और अधिक सुदृढ़ बनाए। चुनावी यात्रा का शुभांरभ हो गया प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने कहा कि नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारियों, मोर्चा अध्यक्षों एवं क्षेत्रीय अध्यक्षों की यह परिचयात्मक बैठक केवल औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि आगामी विधानसभा चुनाव की विजय यात्रा का शुभारंभ है। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता और प्रत्येक पदाधिकारी संगठन की शक्ति का प्रतीक है। सदैव स्मरण रखना होगा कि संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा। आने वाला विधानसभा चुनाव केवल एक राजनीतिक चुनाव नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास, सुशासन और जनविश्वास को आगे बढ़ाने का संकल्प है। धर्मपाल सिंह ने कहा कि हम सभी को आपसी समन्वय, संवाद और टीम भावना के साथ कार्य करना होगा। संगठन में हर कार्यकर्ता समान रूप से महत्वपूर्ण है। हमारी सफलता का मूल मंत्र है कि बूथ सशक्त होगा, तो चुनाव स्वतः सशक्त होगा। उन्होंने सभी पदाधिकारियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे पूर्ण समर्पण, परिश्रम और सकारात्मक ऊर्जा के साथ कार्य करें तथा आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को ऐतिहासिक विजय दिलाने के लिए पूरी शक्ति से जुट जाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयासों, संगठन की ताकत और जनता के आशीर्वाद से उत्तर प्रदेश में तीसरी बार भारतीय जनता पार्टी पुनः प्रचंड विजय प्राप्त करेगी।
कोरबा जिले में अवैध खनिज उत्खनन पर शिकंजा कसने के लिए खनिज विभाग ने अब अत्याधुनिक तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। शुक्रवार (26 जून) को सीतामढ़ी क्षेत्र में हसदेव नदी पर ड्रोन कैमरे से निगरानी के दौरान अवैध रेत उत्खनन करते वाहनों का पता लगाया। विभाग ने एक जेसीबी, एक टीपर और एक ट्रैक्टर सहित कुल तीन वाहनों को जब्त किया। यह कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश और उप संचालक, खनि प्रशासन के मार्गदर्शन में की गई। ड्रोन से ट्रैक हुई जेसीबी की लोकेशन अभियान के दौरान ड्रोन कैमरे में हसदेव नदी से अवैध रेत उत्खनन करती एक जेसीबी की गतिविधियां रिकॉर्ड हुईं। ड्रोन की मदद से वाहन की लोकेशन इमलीडुग्गू तक ट्रैक की गई। इसके बाद खनिज विभाग की जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन में प्रयुक्त जेसीबी और अवैध रेत परिवहन कर रहे एक टीपर को जब्त कर उरगा स्थित खनिज जांच चौकी की अभिरक्षा में रखा गया। राताखार में भी ट्रैक्टर जब्त इसी अभियान के तहत राताखार क्षेत्र में अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए जाने पर एक ट्रैक्टर भी जब्त किया गया। जब्त वाहन को रामपुर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। ड्रोन और थर्मल इमेजिंग से होगी निगरानी खनिज विभाग ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अब ड्रोन तकनीक का नियमित उपयोग किया जाएगा। रात के समय अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल इमेजिंग तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सबूतों के आधार पर होगी कार्रवाई सहायक खनि अधिकारी राकेश वर्मा ने बताया कि ड्रोन कैमरे में रिकॉर्ड हुए सबूतों के आधार पर भागने या वाहन छिपाने की कोशिश करने वाले भी कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
उन्नाव में मानसिक विक्षिप्त युवक ने लगाई फांसी:पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा, परिवार में पसरा मातम
उन्नाव के पुरवा कोतवाली क्षेत्र के तारागढ़ी गांव में शुक्रवार को एक मानसिक विक्षिप्त युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर पुरवा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान तारागढ़ी गांव निवासी 28 वर्षीय परवीन कुमार पुत्र राम प्रसाद के रूप में हुई है। उसका कई वर्षों से इलाज भी चल रहा था। परवीन चार भाइयों में सबसे बड़ा था और उसकी एक इकलौती बहन भी थी, जिसका विवाह कुछ वर्ष पहले हो चुका था। उसके पिता का बीमारी के चलते पहले ही निधन हो गया था। पिता के निधन के बाद उसकी माता भादिन गांव के किसी युवक के साथ चली गई थी। परवीन के दो छोटे भाई मुंबई और केरल में मजदूरी करते हैं, जबकि एक छोटा भाई गांव में परवीन की देखभाल के लिए उसके साथ रहता था। परवीन की मौत से उसके तीनों छोटे भाइयों, नितेश, नितिन और नवीन को गहरा सदमा लगा है।
ललितपुर में पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता नरेंद्र सिंह पटेल का शुक्रवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। परिजनों का आरोप है कि मौत के बाद विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी न तो अस्पताल पहुंचा और न ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में शामिल हुआ। इस घटना से विभागीय संवेदनहीनता पर भी सवाल उठ रहे हैं। सीने में दर्द के बाद बिगड़ी तबीयत मुहर्रम के अवकाश के चलते अवर अभियंता नरेंद्र सिंह पटेल अपने रावतयाना स्थित किराए के मकान पर थे। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। पत्नी और पड़ोसियों ने उन्हें तत्काल ललितपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। नरेंद्र सिंह पटेल की पत्नी ने घटना की जानकारी उनके दोनों पुत्रों और अन्य परिजनों को दी। परिजन दोपहर में ललितपुर पहुंचे, जिसके बाद शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो सकी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव बिजौरा, थाना गुरसरांय, जिला झांसी ले गए। 2015 से ललितपुर में थे तैनात नरेंद्र सिंह पटेल वर्ष 2015 से लोक निर्माण विभाग में अवर अभियंता के पद पर ललितपुर में तैनात थे। वह अपनी पत्नी के साथ रावतयाना मोहल्ले में किराए के मकान में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी और दो पुत्र हैं। बड़ा पुत्र दिल्ली में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है।
फतेहगढ़ साहिब में सरहिंद शहर के मोहल्ला जट्टपुरा इलाके में पुरानी रंजिश के चलते दो दोस्तों पर जानलेवा हमला होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कार सवार हमलावरों ने बीच रास्ते में पीड़ितों की गाड़ी के आगे अपनी कार अड़ाकर रास्ता रोका और फिर लोहे की रॉड व डंडों से ताबड़तोड़ वार कर दिए। इस हमले में कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। थाना सरहिंद पुलिस ने इस मामले में तीन नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना पुलिस को दी अपनी शिकायत में खानपुर के रहने वाले गुरविंदर सिंह ने बताया कि वह अपने दोस्त ईशांत कुमार के साथ कार में सवार होकर सरहिंद शहर के मोहल्ला जट्टपुरा स्थित एक दुकान के पास पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक एक कार आकर उनके आगे रुकी। कार में से महक मंडेर, सुखजीत सिंह, हर्ष सोढ़ी और उनके साथ चार अज्ञात युवक हाथों में तेजधार हथियार, लोहे की रॉड और लाठियां लेकर बाहर निकले और उनकी गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया। लोहे की रॉड से किया वार, कार में की तोड़फोड़ शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने आते ही गाली-गलौज करते हुए उनकी कार पर हमला बोल दिया और पत्थरों व डंडों से मारकर गाड़ी के शीशे व अन्य हिस्से तोड़ डाले। इसी बीच आरोपी महक मंडेर ने ईशांत कुमार को निशाना बनाते हुए लोहे की रॉड से सीधा सिर पर जानलेवा वार किया, जिससे ईशांत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और उसे गंभीर चोटें आईं। जान से मारने की धमकियां देकर हुए फरार पीड़ित ने आरोप लगाया कि ईशांत को बचाने के दौरान सुखजीत सिंह और हर्ष सोढ़ी ने उसे भी दबोच लिया और लात-घूंसों व डंडों से बेरहमी से पीटा। हमलावर लगातार उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। दिनदहाड़े हुए इस हमले और चीख-पुकार को सुनकर जब आसपास के दुकानदार और स्थानीय लोग मौके पर जुटने लगे, तो आरोपी अपने हथियारों सहित अपनी कार में सवार होकर मौके से फरार हो गए। विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज, आरोपियों की तलाश तेज थाना सरहिंद के प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित गुरविंदर सिंह के बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने मुख्य आरोपी महक मंडेर, सुखजीत सिंह, हर्ष सोढ़ी और चार अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ रास्ता रोकना, जानलेवा हमला करना, मारपीट, गाड़ी में तोड़फोड़ करने और जान से मारने की धमकी देने की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायलों का मेडिकल करवाकर आगामी तफ्तीश शुरू कर दी गई है। आरोपियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाली जा रही है ताकि अज्ञात हमलावरों की पहचान कर सभी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
उदयपुर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र में बीती रात एक घंटे में चेन स्नैचिंग और पर्स लूट की दो अलग-अलग वारदातों ने सनसनी फैला दी। बाइक सवार बदमाशों ने गुरुवार रात करीब 10 बजे पैदल चल रही महिला के साथ चेन स्नैचिंग की। वहीं, इस घटना के करीब एक घंटे बाद ही यूनिवर्सिटी रोड पर स्कूटी सवार युवती के साथ पर्स लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। दोनों घटनाओं ने पुलिस की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संभावना जताई जा रही है कि दोनों वारदात एक ही गैंग ने की है। पुलिस आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों की तलाश में जुटी है। पीड़िता के हैंडबैग में 2 लाख का आईफोन थापहली घटना सुभाष नगर क्षेत्र की है। जहां अंजना लावटी(52) पत्नी दीपक लावटी अपने पति के साथ आयड आईनॉक्स मॉल से भोजन करके पैदल घर लौट रही थीं। तभी बाइक पर आए अज्ञात बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन खींच ली और फरार हो गए। घटना के बाद घबराए दंपति भूपालपुरा थाने पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज करवाई। वहीं, दूसरी घटना भूपालपुरा थाना क्षेत्र के हीरा बाग, 100 फीट रोड स्थित पेट्रोल पंप के पास हुई। जहां जिज्ञा जैन(22) पुत्री राजेश जैन अशोक नगर से आईनॉक्स मॉल होते हुए आयड पुलिया की तरफ से 100 फीट रोड होते हुए हीरा बाग की ओर जा रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उनका पीछा किया और चेन छीनने का प्रयास किया। चेन नहीं निकलने पर बदमाशों ने उनके कंधे पर टंगा हैंडबैग झपट लिया, जिसमें करीब 2 लाख कीमत का आईफोन मोबाइल सहित अन्य सामान था। वारदात के दौरान बदमाशों ने युवती को धक्का मारा। जिससे वह सड़क पर गिरकर घायल हो गई। वारदात के बाद से डरी-सहमी है बच्ची: पार्षदपीड़िता जिज्ञा जैन के अंकल और निवर्तमान पार्षद राकेश जैन ने बताया कि वारदात के बाद बच्ची जिज्ञा बहुत डरी-सहमी हुई है। एक ही थाना क्षेत्र में एक घंटे के भीतर दो घटनाएं होना क्षेत्रवासियों में असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। हमने पुलिस प्रशासन से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, अपराधियों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।
आजमगढ़ के सरायमीर क्षेत्र में लो वोल्टेज और बिजली कटौती की समस्या को लेकर किसान संगठनों ने विद्युत विभाग को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सोशलिस्ट किसान सभा और पूर्वांचल किसान यूनियन ने चेतावनी दी है कि तय समय में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। दोनों संगठन इन दिनों क्षेत्र में संपर्क और संवाद अभियान चला रहे हैं। इसी दौरान ग्रामीणों और किसानों ने बिजली आपूर्ति की खराब स्थिति को लेकर अपनी नाराजगी जताई। सामाजिक कार्यकर्ता कलीम जमाई ने कहा कि सरायमीर क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लो वोल्टेज और लगातार कटौती से किसान, छात्र, व्यापारी और आम उपभोक्ता सभी प्रभावित हैं। पंखे-कूलर तक नहीं चल पा रहे किसान संगठनों का कहना है कि क्षेत्र में दिन-रात वोल्टेज इतना कम रहता है कि पंखे, कूलर, फ्रिज और पानी की मोटर तक ठीक से नहीं चल पा रही हैं। लगातार कम वोल्टेज के कारण घरेलू उपकरण खराब हो रहे हैं, जिससे लोगों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है। संगठनों का आरोप है कि भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था बदहाल होने से लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है, लेकिन विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जा रहा। ये हैं किसान संगठनों की मांगें किसान नेताओं ने बिजली व्यवस्था में सुधार के लिए कई मांगें रखी हैं। इनमें सभी फीडरों और ट्रांसफार्मरों का तकनीकी निरीक्षण, ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाना, जर्जर बिजली लाइनों का नवीनीकरण, मानक वोल्टेज सुनिश्चित करना और निगरानी के लिए अवर अभियंता स्तर की टीम तैनात करना शामिल है। 48 घंटे का अल्टीमेटम सोशलिस्ट किसान सभा के महासचिव राजीव यादव और पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि यदि 48 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ तो दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी विद्युत विभाग की होगी। किसान नेताओं ने क्षेत्र के सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों से भी हस्तक्षेप कर समस्या के स्थायी समाधान के लिए पहल करने की मांग की है।
सुकमा में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सुकमा जिले में विभागीय रिक्त पदों और अधिकारियों की पदस्थापना को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां से वेतन निकलेगा, वहां काम भी करना पड़ेगा। उन्होंने संकेत दिए कि शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर कड़े फैसले लिए जाएंगे। दैनिक भास्कर के सवाल पर दिया जवाब शनिवार को सुकमा प्रवास के दौरान पत्रकार वार्ता में दैनिक भास्कर ने मंत्री से जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के रिक्त पदों को लेकर सवाल किया। सवाल में बताया गया कि जिले में चार परियोजना अधिकारी और 17 सुपरवाइजर के पद खाली हैं। वहीं, दो परियोजना अधिकारियों का वेतन फरवरी 2024 से दोरनापाल परियोजना से निकल रहा है, जबकि दोनों अधिकारी रायपुर में पदस्थ हैं। इस पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, जहां से वेतन निकलेगा, वहां काम करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अब नक्सलवाद खत्म हो चुका है, इसलिए विभागीय योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की मैदानी स्तर पर पदस्थापना आवश्यक है। अस्पताल और फूड प्रोसेसिंग यूनिट का किया निरीक्षण सुकमा दौरे की शुरुआत मंत्री ने छिंदगढ़ अस्पताल के निरीक्षण से की। इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा संचालित दंडकारण्य फूड का दौरा किया, जहां स्व-सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा की। उन्होंने इमली और बीजा के प्रोसेसिंग कार्य को समझा और कहा कि इस तरह की इकाई अपने विधानसभा क्षेत्र में भी स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। आत्मसमर्पित माओवादियों से भी मिलीं मंत्री ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पित माओवादियों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों और योजनाओं से प्रभावित होकर लोगों ने हथियार छोड़े हैं और सरकार उनके पुनर्वास के साथ क्षेत्र के विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। 'अब योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा' विश्राम गृह में आयोजित पत्रकार वार्ता में मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद समाप्त करने का लक्ष्य रखा था और अब क्षेत्र में शांति स्थापित होने के बाद सरकार का फोकस अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर है। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे, अरुण सिंह, नूपुर वैदिक, दिलीप पिद्दी, संजय नायक, सोयम गद्दामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी उपस्थित रहे।
आकाशीय बिजली से इकलौते बेटे की मौत:खेत में आम बीनते समय हादसा, अनूपपुर में 9वीं में लिया था एडमिशन
अनूपपुर जिले के बिजौडी गांव में शुक्रवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से 14 साल के ऋषभ कुमार यादव की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब ऋषभ गांव के कुछ अन्य बच्चों के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर सरईहा नाला के पास बने अपने खेत में आम बीनने गया था। शाम करीब 4 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला, आसमान में घने काले बादल छा गए, तेज हवा और रिमझिम बारिश के साथ बिजली कड़कने लगी। इसी बीच कड़की बिजली की सीधी चपेट में आने से ऋषभ वहीं जमीन पर गिर पड़ा। गाज कड़कने की भयानक आवाज से डरे-सहमे बाकी बच्चे कुछ देर के लिए आसपास छिप गए थे। जब मौसम थोड़ा शांत हुआ और बच्चों ने ऋषभ को आवाज दी, तो कोई जवाब नहीं मिला। तलाश करने पर ऋषभ एक पेड़ के पास बेसुध हालत में मिला। घबराए बच्चे तुरंत पास में ही खंभा गाड़ रहे बिजली कंपनी के लाइनमैनों और कर्मचारियों के पास दौड़े और मदद मांगी। कर्मचारियों ने जब मौके पर जाकर देखा तो ऋषभ की सांसें थम चुकी थीं और बिजली के झटके से उसके सिर के बाल झुलस गए थे। इसके बाद पास ही मवेशी चरा रहे चरवाहों के जरिए परिजनों को इस हादसे की खबर दी गई। 9वीं क्लास का छात्र था ऋषभ मामले की जांच कर रहे एएसआई महिपाल प्रजापति ने बताया कि ऋषभ होनहार बच्चा था, जिसने इसी साल 8वीं क्लास पास की थी और हायर सेकेंडरी स्कूल पसला में 9वीं क्लास में एडमिशन लिया था। उसके पिता राम नरेश यादव शहडोल के एक प्राइवेट होटल में काम करते हैं और परिवार में ऋषभ के अलावा उसकी एक बहन है। इकलौते बेटे की मौत से मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। शनिवार सुबह होगा पोस्टमार्टम घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर शाम करीब 7 बजे उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। रात हो जाने के कारण शव को मर्चुरी में रखवाया गया है, जिसका पोस्टमार्टम शनिवार सुबह किया जाएगा।
नूंह जिले में किसानों से धोखाधड़ी की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। सीआईए फिरोजपुर झिरका टीम ने 300 कट्टे नकली डीएपी खाद से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, नकली खाद की यह खेप किसानों को बेची जानी थी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हो सकता था। जब्त किए गए 300 कट्टों में प्रत्येक का वजन 50 किलोग्राम है। पुलिस ने खाद की ढुलाई में इस्तेमाल हो रहे ट्रक को भी कब्जे में ले लिया है। पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज यह एफआईआर शुक्रवार को सीआईए फिरोजपुर झिरका में दर्ज की गई। मामला फर्टिलाइजर कंट्रोल ऑर्डर-1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत पंजीकृत किया गया है। इस मामले में असलम, खुर्शीद, इमरान, वारिस निवासी दोहा और सफी मोहम्मद निवासी गोदारा, किशनगढ़, राजस्थान को नामजद किया गया है। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने बताया कि आरोपी कथित तौर पर नकली डीएपी खाद की आपूर्ति कर किसानों के साथ धोखाधड़ी करने की योजना बना रहे थे। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच एजेंसियां इस पूरे गिरोह और नकली खाद के नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने कहा कि ये नकली DAP खाद की खेप कहा सप्लाई करने वाले थे ये गिरफ्तारी के बाद पता चल पाएगा।
गाजियाबाद में 6 कोचिंग सेटरों को नोटिस:अलार्म और आग बुझाने के उपकरण नहीं मिले, 2 फीट की सीढ़ियां
लखनऊ में अग्निकांड में 15 छात्रों की मौत के बाद शुक्रवार को पुलिस और फायर विभाग ने अभियान चलाया। जहां फायर विभाग की टीम ने कोचिंग सेंटरों, होटल, रेस्टारेंट और हाउसिंग सोसायटी में अभियान चलाया। शुक्रवार को 12 कोचिंग सेंटरों की जांच हुई, इनमें 6 बंद मिले। वहीं अन्य 6 कोचिंग सेंटरों में भी खामिया मिलीं। यहां फायर सेफ्टी उपकरण सही नही पाए गए। इमरजेंसी के लिए बाहर निकलने के गेट नहीं मिले, शीशे के गेट ऑटोमेटिक लॉक मिले। जहां कोचिग सेंटरों की जांच में आग बुझाने के उपकरण चालू नहीं मिले। डर से कोचिंग सेंटरों में छात्र भी आधे से कम पहुंच रहे हैं। विद्या लाइब्रेरी में 2 फीट की सीढ़ियां मिलीं, जहां आराम से चढ़ना भी मुश्किल हुआ। फायरकर्मी देखकर हैरान रह गए। 2 तस्वीरें देखिए… कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके मिले जहां अवैध तरह से संचालित कोचिंग सेंटरों पर ताले लटके मिले, वहीं बोर्ड भी गायब दिखे। शहर में आरडीसी, विजयनगर, सिहानीगेट, मोदीनगर, साहिबाबाद क्षेत्रों में स्थित भवनों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों की जांच की। इससे पहले 25 जन को 11 कोचिंग सेंटरों को नोटिस दिया गया था। डीएम रविंद्र मांदड़ और पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड के निर्देश पर फायर विभाग ने शहर में अभियान चलाया। जहां कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी व अन्य भीड़-भाड़ वाले भवनों में विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। अभियान के तहत अलग अलग क्षेत्रों में स्थित भवनों का निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं, आपातकालीन निकास मार्गों, अग्निशमन उपकरणों, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर अभियान चलाया CFO राहुल पाल ने बताया कि जांच के दौरान जिन भवनों में अग्नि सुरक्षा संबंधी कमियां पाई गईं। उन्हें नियमानुसार नोटिस जारी कर आवश्यक सुधार के लिए निर्देश दिए गए हैं। इन सभी की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी जा रही है। गंभीर कमियां पाए जाने पर संबंधित विभाग ही जिम्मेदार होगा। मजिस्ट्रेट के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए हरियाणा के लिए नए प्रभारी की नियुक्ति कर दी है। पार्टी अध्यक्ष की मंजूरी के बाद जारी आदेश के अनुसार AICC के सचिव संजय दत्त को हरियाणा का नया प्रभारी बनाया गया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पार्टी के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के लिए नए प्रभारियों के नाम घोषित किए गए हैं। हरियाणा की कमान अब संजय दत्त के हाथ हरियाणा में अब तक प्रभारी रहे BK हरिप्रसाद की जगह संजय दत्त को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संजय दत्त फिलहाल AICC में सचिव के पद पर कार्यरत हैं। माना जा रहा है कि आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी तैयारियों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने यह बदलाव किया है। हिमाचल के सह-प्रभारी रह चुके महाराष्ट्र में जन्मे संजय दत्त ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) के जिला अध्यक्ष के रूप में की थी। इसके बाद वे कांग्रेस सेवा दल के संगठन सचिव बने और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में विभिन्न पदों पर काम करते हुए राष्ट्रीय सचिव के पद तक पहुंचे। संजय दत्त को संगठन में काम करने का लंबा अनुभव है। उन्हें पहले तमिलनाडु और पुडुचेरी कांग्रेस के प्रभारी सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी, जहां उन्होंने पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए काफी काम किया। इसके बाद कांग्रेस आलाकमान ने उन्हें हिमाचल प्रदेश का सह-प्रभारी बनाया, जहां उन्होंने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले पार्टी की गतिविधियों को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिरोमणि अकाली दल की पांच सदस्यीय समिति गुरुवार को जगराओं पहुंची, जहां समिति के सदस्यों ने गुरुद्वारा गोपालसर साहिब गगड़ा और गुरुद्वारा नानकसर कलेरां में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने संत-महापुरुषों से मुलाकात कर विभिन्न पंथक मुद्दों पर चर्चा की तथा श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी आदेशों को लेकर विचार-विमर्श किया। समिति में अकाली दल के सरपरस्त बलविंदर सिंह भूंदड़, पूर्व मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा, पूर्व कैबिनेट मंत्री महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, राष्ट्रीय एससी विंग के प्रधान गुलजार सिंह रणीके और एसजीपीसी सदस्य अमरजीत सिंह चावला शामिल थे। समिति ने नानकसर साहिब में बाबा घाला सिंह, बाबा गुरजीत सिंह और बाबा गुरचरण सिंह से मुलाकात की। वहीं गुरुद्वारा गोपालसर साहिब गगड़ा में बाबा अमरजीत सिंह, बाबा सरबजीत सिंह डांगो, बाबा कुलवंत सिंह मेहितियाणा, बाबा लखबीर सिंह, बाबा जसनप्रीत सिंह ढोलण, बाबा सरबजीत सिंह भरोवाल और अन्य संत-महापुरुषों से भी चर्चा की गई। समिति सदस्यों बोले- श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश प्रत्येक सिख के लिए सर्वोपरि बैठक के दौरान समिति सदस्यों ने कहा कि गुरु साहिबानों की बेअदबी से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश प्रत्येक सिख के लिए सर्वोपरि हैं और उनका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने संगत से भी इन आदेशों का पालन करने की अपील की। समिति के अनुसार, उपस्थित संगत और जत्थेदारों ने भी श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा बनाए रखने का भरोसा दिया। मीडिया से बातचीत में बलविंदर सिंह भूंदड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर अपने बयानों को लेकर सवाल उठाए और कहा कि संबंधित मामले में विभिन्न समय पर अलग-अलग दावे किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अकाली दल की समिति पूरे पंजाब में संत-महापुरुषों से मुलाकात कर पंथक एकता का संदेश दे रही है। इस दौरान डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने महाराष्ट्र सरकार द्वारा तख्त श्री हजूर साहिब के प्रबंधन संबंधी कानून में प्रस्तावित बदलावों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर एसजीपीसी और अन्य सिख संस्थाएं पहले भी अपना विरोध दर्ज करा चुकी हैं। कार्यक्रम के अंत में संत-महापुरुषों ने समिति के सदस्यों को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अकाली दल के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में संगत भी मौजूद रही।
मोहर्रम देखने आया युवक नहर में डूबा:नहाने के दौरान हादसा, गोताखोरों की टीम ने किया तलाश
बहराइच के विशेश्वरगंज इलाके में शुक्रवार को मोहर्रम मेला देखने आए एक 20 वर्षीय युवक की नहर में डूबने से मौत हो गई। युवक मेले के बाद नहर में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चला गया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे और युवक की तलाश शुरू की, लेकिन देर रात तक उसका कोई पता नहीं चल सका। यह घटना विशेश्वरगंज थाना क्षेत्र के पुरैना इलाके में हुई। ग्राम चंद्रावा निवासी सत्यम (20) अपने छोटे भाई शिवम के साथ पुरैना मोहर्रम मेले में शामिल होने आया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम करीब छह बजे दोनों भाई पास स्थित पुरैना नहर में नहाने उतरे थे। इसी दौरान सत्यम गहरे पानी में चला गया। सत्यम के भाई शिवम के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से डूबे हुए युवक की तलाश शुरू की। हालांकि, अभी तक युवक का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। जानकारी के अनुसार, नहर में डूबे सत्यम की शादी दो महीने पहले ही हुई थी। जिस घर में कुछ सप्ताह पहले शहनाइयां गूंजी थीं, वहां अब अनहोनी की आशंका और अपनों के बिछड़ने का दर्द पसरा हुआ है। परिवार में गहरा दुख और चिंता का माहौल है।
बाड़मेर में रीको थाना पुलिस की ओर से काटा चालान सुर्खियों में है। सोषल मीडिया पर चालान कॉपी और गाडी का फोटो शेयर हो रहे है। चालान इसलिए काटा गया कि बाबा गरीबनाथ जी का नाम काच पर छोटे अक्षरों से लिखा हुआ था। शुक्रवार को शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सोशल मीडिया एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा कि राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह है। भाटी ने पीएमओ, सीएमओ और राजस्थान पुलिस को टैग किया है। साथ ही चालान और गाडी को फोटो शेयर किया है। दरअसल, खुषाल पु़़त्र चुतराराम निवासी षिव की बोलेरो पिकअप गाडी का चालान बाड़मे रीको थाना पुलिस ने 14 जून को काटा था। चालान इसलिए काटा गया कि गाडी के कांच पर छोटे अक्षर से जय बाबा गरीबनाथ जी लिखा हुआ था। चालान रीको थाने के एसआई लूणदान की ओर से काटा गया। इसके बाद बीते कुछ घंटो से सोषल मीडिया पर चालान और गाडी का फोटो सोषल मीडिया पर शेयर हो रहा है। शिव विधायक ने कसा तंज़ इस घटना पर शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने राज्य सरकार पर तंज कसते हुए अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “राम राज्य में अपने इष्ट का नाम लिखना भी क्या गुनाह है?” विधायक भाटी ने कहा कि यदि नियमों की पालना आवश्यक है तो उसका क्रियान्वयन सभी के लिए समान रूप से होना चाहिए। आमजन की आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़े विषयों पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आज ऐसी स्थिति बन गई है कि लोग अपने आराध्य और इष्ट देवता का नाम भी अपने वाहन पर नहीं लिख सकते।
हरियाणा रोडवेज हिसार की कार्यशाला में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के प्रतिबंध के बावजूद पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग हिसार टीम ने शुक्रवार को छापेमारी कर 86 पेड़ काटे जाने और 141 नए पौधे उखाड़े जाने के साक्ष्य जुटाए हैं। प्रारंभिक जांच में लकड़ी को खुर्द-बुर्द कर सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने की बात सामने आई है। सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने बताया कि टीम को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि हाईकोर्ट के पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद हरियाणा राज्य परिवहन हिसार की कार्यशाला में बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं और उनकी लकड़ी को खुर्द-बुर्द कर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। काटे गए 86 पेड़ों की जड़ मिली निरीक्षण के दौरान कार्यशाला परिसर में 86 पेड़ों के कटे हुए ठूंठ (जड़ें) मिली, जिससे पेड़ों की कटाई की पुष्टि हुई। इसके अतिरिक्त, परिसर में लगाए गए 141 पोल साइज के नए पौधे भी उखाड़े हुए पाए गए। जांच में यह भी सामने आया कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था और उसे खुर्द-बुर्द कर दिया गया। संबंधित ठेकेदार द्वारा लकड़ी का मूल्य भी रोडवेज विभाग के खाते में जमा नहीं करवाया गया, जिससे सरकार को वित्तीय हानि होने की आशंका व्यक्त की गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने जांच टीम को बताया कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार, आगामी निर्देशों तक किसी भी सरकारी या निजी स्थान पर सक्षम अनुमति के बिना पेड़ों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। ऐसे में रोडवेज कार्यशाला में पेड़ों की कटाई और पौधों को उखाड़ना न्यायालय के आदेशों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन प्रतीत होता है। वन विभाग से नहीं मिली थी परमिशन जांच के दौरान जब रोडवेज महाप्रबंधक से पेड़ों की कटाई के संबंध में अनुमति पत्र मांगा गया तो उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा वन विभाग से अनुमति मांगी गई थी। हालांकि वन विभाग ने हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद मामले को लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय को भी पत्र भेजा गया, लेकिन वहां से भी पेड़ों की कटाई अथवा उखाड़ने की कोई अनुमति प्राप्त नहीं हुई। महाप्रबंधक ने यह भी बताया कि कार्यशाला में निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी द्वारा निर्माण कार्य के दौरान इन पेड़ों की कटाई की गई थी। फिलहाल पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर संबंधित उच्च अधिकारियों को आगामी कार्रवाई के लिए भेजी जा रही है। पेड़ काटने पर हाईकोर्ट की रोक : सुनैना सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने कहा कि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार बिना अनुमति किसी भी प्रकार के पेड़ों की कटाई पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि कोई सरकारी या निजी संस्था इन आदेशों की अवहेलना करती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। रेड का नेतृत्व सीएम फ्लाइंग हिसार रेंज इंचार्ज सुनैना ने किया। टीम में वन राजिक अधिकारी सूर्या, एसआई कृष्ण,एएसआई सुरेंद्र तथा हेड कांस्टेबल विजय सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
प्रतापगढ़ में शुक्रवार को प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा की टक्कर से साइकिल सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना शुक्रवार शाम कटरा मेदनीगंज थाना क्षेत्र में हुई। भुलई पंडित का पुरवा, संसारपुर निवासी 45 वर्षीय संतोष कुमार यादव विश्वनाथगंज बाजार से लौट रहे थे। प्रयागराज-अयोध्या हाईवे पर रंगोली कनेस्ता गांव के पास सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने उनकी साइकिल में टक्कर मार दी। संतोष कुमार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर परिजनों को सूचित किया और 108 एंबुलेंस की मदद से घायल संतोष को मेडिकल कॉलेज भेजा। चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। संतोष कुमार यादव की मृत्यु की सूचना मिलने पर उनकी पत्नी उर्मिला यादव और 15 वर्षीय पुत्र प्रियांशु यादव तथा 14 वर्षीय पुत्र हिमांशु यादव गहरे सदमे में हैं। संतोष ही परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके माता-पिता का निधन कई वर्ष पहले हो चुका है, जिससे अब परिवार के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी हो गई है। स्थानीय पुलिस ने दुर्घटना के बाद ई-रिक्शा और उसके चालक को हिरासत में ले लिया है। चालक की पहचान भरपूर गांव निवासी बृजेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बलौदाबाजार जिले के कसडोल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम खर्वे में पिछले चार महीनों के भीतर आठ लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कसडोल विधायक संदीप साहू ने छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र सौंपकर पूरे प्रकरण की सीबीआई और उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। विधायक संदीप साहू ने अपने पत्र में ग्रामीणों के हवाले से उल्लेख किया है कि आरोपी रामसहाय जायसवाल पर शराब में जहर मिलाकर आठ लोगों की हत्या करने का आरोप लगाया जा रहा है। अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका पत्र में यह भी कहा गया है कि गांव में लंबे समय से गड़े धन की तलाश, अंधविश्वास और कथित तांत्रिक अनुष्ठानों को लेकर चर्चाएं होती रही हैं। विधायक ने आशंका जताई है कि इस पूरे मामले में आरोपी रामसहाय जायसवाल अकेला नहीं हो सकता। उन्होंने संभावना व्यक्त की है कि कुछ अन्य लोग भी इस कथित अपराध और तांत्रिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इतने कम समय में आठ लोगों की मौत सामान्य घटना नहीं हो सकती। उनका आरोप है कि आरोपी द्वारा पुलिस को दिए जा रहे बयान भ्रामक हैं और वे उनसे सहमत नहीं हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग संदीप साहू ने शासन से आग्रह किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी सीबीआई और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए, ताकि पूरे घटनाक्रम का खुलासा हो सके और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विधायक के पत्र के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बन गया है। ग्रामीण शासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
भाजपा विधायक पर सरकारी भूमि कब्जाने का आरोप:सीजेएम कोर्ट में अर्जी दायर, विधायक ने आरोपों को नकारा
हरदोई की गोपामऊ सीट से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश एक बार फिर सुर्खियों में हैं। टड़ियावां थाना क्षेत्र के पुष्पताली निवासी नरेंद्र कुमार ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर विधायक पर सरकारी भूमि, तालाब और धार्मिक स्थल की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है। यह अर्जी भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 175(3) के तहत दायर की गई है। इसमें विधायक श्याम प्रकाश के अलावा उनकी ग्राम प्रधान पत्नी, लेखपाल और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है। याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार का आरोप है कि गांव के सौंदर्यीकरण के लिए चिन्हित तालाब पर कब्जा कर मछली पालन किया जा रहा है। साथ ही, नियमों को ताक पर रखकर एक हड्डी प्रसंस्करण फैक्ट्री भी चलाई जा रही है। इसके अलावा, विधायक के प्रभाव का इस्तेमाल कर राजस्व अभिलेखों की पुरानी गाटा संख्या में हेरफेर कर जमीन विधायक, उनकी पत्नी और भतीजे के नाम दर्ज कराने का भी दावा किया गया है। वहीं भाजपा विधायक श्याम प्रकाश ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा- शिकायतकर्ता नरेंद्र उनका राजनीतिक विरोधी है। वह दो बार प्रधानी का चुनाव हार चुका है। द्वेष भावना के चलते ये सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और झूठे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी नरेंद्र ने कई बार शिकायतें की थीं, जो प्रशासनिक जांच में झूठी पाई गई थीं। तालाब के मामले पर सफाई देते हुए विधायक ने स्पष्ट किया कि तालाब का नियमानुसार 10 वर्षीय पट्टा 'मत्स्य जीवी सहकारी समिति भड़ायल' के नाम पर है। समिति ही इसका संचालन भी कर रही है। इससे उनका कोई निजी लेना-देना नहीं है। वहीं, फैक्ट्री से जुड़े आरोपों पर उन्होंने कहा कि हड्डी फैक्ट्री के आरोप निराधार हैं, वहां केवल वेजिटेबल आइटम प्रयोग होते हैं। फिलहाल, इस मामले में कोर्ट के रुख का इंतजार है।
उत्तरप्रदेश के लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से हुई मौतों के बाद बालाघाट जिला प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर शुक्रवार से शहर के कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा इंतजामों की जांच के लिए बड़ा अभियान शुरू किया गया है। बता दें कि, प्रशासन के पास शहर में चल रहे कोचिंग सेंटरों का कोई सटीक आंकड़ा तक नहीं है। अफसरों का कहना है कि वे अब शिक्षा विभाग से लिस्ट लेकर शहर के हर कोचिंग सेंटर को खंगालेंगे। तहसीलदार ने लिया 3 बड़े कोचिंग सेंटरों का जायजा शुक्रवार दोपहर 4 से 5 बजे के बीच तहसीलदार मंजूला महोबिया की अगुवाई में एक टीम जांच करने निकली। टीम ने शहर के तीन बड़े कोचिंग सेंटरों— 'भोपाल कोचिंग', 'संकल्प ऑक्सीजन' और 'लक्ष्य एकेडमी' का निरीक्षण किया। इस दौरान अफसरों ने देखा कि कोचिंग में आग बुझाने के सिलेंडर (फायर सेफ्टी उपकरण) हैं या नहीं, इमरजेंसी गेट खुले हैं या बंद, और कोई हादसा होने पर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने के क्या इंतजाम हैं। कहीं गेट पर ताला, तो कहीं कूलर रखकर बंद मिला इमरजेंसी रास्ता जांच के दौरान 'भोपाल एकेडमी' को छोड़कर बाकी के दोनों कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा को लेकर बड़ी लापरवाही सामने आई: संकल्प ऑक्सीजन कोचिंग: यहां का इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास द्वार) पर ताला लटका मिला। जब तहसीलदार ने इस पर आपत्ति जताई, तो संचालक ने बहाना बनाया कि अभी छात्र कम हैं। इस पर तहसीलदार ने फटकार लगाते हुए कहा कि आपदा बताकर नहीं आती, तुरंत ताला खोलो। लक्ष्य एकेडमी: यहां की स्थिति और भी खराब थी। इमरजेंसी गेट पूरी तरह जर्जर हालत में था और संचालक ने उसके आगे कूलर रखकर रास्ता ही बंद कर दिया था। टीम ने तुरंत कूलर हटवाकर रास्ता साफ करने को कहा। कमियां सुधारने के लिए 7 दिन दिए तहसीलदार मंजूला महोबिया ने दोनों लापरवाही बरतने वाले कोचिंग संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए कमियां सुधारने के लिए 7 दिन का समय दिया है। उन्होंने साफ कहा कि अगर हफ्तेभर में इंतजाम दुरुस्त नहीं हुए, तो सख्त कार्रवाई होगी। दरअसल, बालाघाट शहर में कई कोचिंग सेंटर्स पुरानी और जर्जर बिल्डिंगों में चल रहे हैं, जहां संकरे कमरों में क्षमता से ज्यादा बच्चों को ठूस-ठूस कर बैठाया जाता है। हवा आने-जाने (वेंटिलेशन) का कोई इंतजाम नहीं है और बाहर निकलने का रास्ता भी बेहद संकरा है, जो किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लगातार पांचवें दिन एक और सफलता हासिल करते हुए 25 हजार रुपए के इनामी और एक साल से फरार ड्रग तस्कर सुनील झांझड़ा (26) को जोधपुर के नेटड़ा टोल प्लाजा से गिरफ्तार किया है। आरोपी राज्य के टॉप ड्रग तस्करों में शामिल था। इसके साथ ही ANTF ने अपने अभियान में अब तक 69वें इनामी अपराधी को गिरफ्तार किया है। एडीजी एएनटीएफ के निर्देशन और आईजी ANTF विकास कुमार की निगरानी में चलाए गए ‘ऑपरेशन मदशंभूक’ के तहत यह कार्रवाई की गई। आरोपी सुनील झांझड़ा निवासी कजनाऊ पालड़ी, थाना खेड़ापा, जिला जोधपुर पर हनुमानगढ़ पुलिस ने 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। होटल का कारोबार ठप हुआ तो बना नशा तस्कर आईजी ANTF विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने बीए तक पढ़ाई करने के बाद रोजगार की तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसने जोधपुर-नागौर हाईवे पर एक होटल खोला। होटल से पर्याप्त आमदनी नहीं होने पर उसकी मुलाकात पंजाब के एक ट्रक चालक से हुई, जिसने अधिक कमाई के लिए अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई का रास्ता बताया। इसके बाद आरोपी ने होटल की आड़ में ट्रक चालकों को मादक पदार्थ बेचने का कारोबार शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसका संपर्क पंजाब के तस्करों से हो गया और उसने राजस्थान से पंजाब तक नशे की सप्लाई का नेटवर्क खड़ा कर लिया। सप्लाई चेन का खुलासा होने पर हुआ फरार जांच में सामने आया कि आरोपी अपने होटल कर्मचारियों के माध्यम से भी मादक पदार्थ पंजाब तक पहुंचवाता था। इसी दौरान हनुमानगढ़ पुलिस ने एक खेप पकड़ ली, जिसमें जांच के दौरान सुनील का नाम सामने आया। पुलिस जब उसे पकड़ने होटल पहुंची तो वह फरार हो चुका था और पिछले एक साल से लगातार पुलिस से बचता फिर रहा था। रिश्तेदार के कार्यक्रम में जा रहा था, टोल प्लाजा पर दबोचा ANTF को सूचना मिली कि आरोपी गुजरात नंबर की स्कॉर्पियो से अपने परिवार के साथ किसी रिश्तेदार के कार्यक्रम में शामिल होने जोधपुर जा रहा है। सूचना के आधार पर एक टीम ने उसका पीछा किया, जबकि दूसरी टीम ने नेटड़ा टोल प्लाजा पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही आरोपी की गाड़ी टोल प्लाजा पहुंची, दोनों टीमों ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पहले अनजान बनने की कोशिश करते हुए कहा कि उसे किसी मुकदमे की जानकारी नहीं है, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने एनडीपीएस एक्ट के मामले में फरार होने की बात स्वीकार कर ली।
'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सशस्त्र बलों के 6 जवानों के नाम पहली बार आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिए गए हैं। इनमें राजस्थान के झुंझुनूं जिले के मेहरादासी गांव के निवासी सार्जेंट सुरेंद्र कुमार मोगा भी शामिल है। उनके नाम को शहादत के करीब एक साल बाद नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय युद्ध स्मारक) की वेबसाइट के 'रोल ऑफ ऑनर' (Roll of Honour) में शामिल कर लिया गया हैं। सुरेंद्र कुमार अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे। वे उधमपुर की 39 विंग में 'मेडिकल असिस्टेंट सार्जेंट' के पद पर कार्यरत थे। करीब 14 वर्षों से एयरफोर्स की मेडिकल विंग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। 10 मई, 2025 को जम्मू-कश्मीर के उधमपुर सेक्टर में पाकिस्तान के हवाई हमले में सुरेंद्र मोगा गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्होंने इलाज के दौरान वीरगति प्राप्त की थी। पहले देखिए- जवान की शहादत से जुड़ी 3 तस्वीरें पत्नी भावुक हुईं, बोलीं- यह दिन सबसे कठिन, लेकिन सबसे गौरवशाली भीशहीद सुरेंद्र मोगा को आधिकारिक रूप से 'शहीद' का दर्जा मिलने के बाद उनकी पत्नी वीरांगना सीमा देवी ने भावुक शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे कठिन, लेकिन सबसे गौरवशाली दिन है। सीमा देवी ने बताया कि सबसे पहले उन्हें दिल्ली से एयरफोर्स की एक अधिकारी का फोन आया, जिन्होंने यह जानकारी दी कि उनके पति सुरेंद्र मोगा को आधिकारिक रूप से 'शहीद' का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसके कुछ ही देर बाद उनके ससुर का फोन आया और उन्होंने भी यह गौरवपूर्ण समाचार साझा किया। यह सुनकर उनका सीना गर्व से भर गया। उन्होंने कहा कि एक पत्नी के रूप में पति को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। अभी दोनों बच्चे दक्ष और वर्तिका सीकर में एजुकेशन ले रहे हैं। दक्ष तीसरी और वर्तिका आठवीं क्लास की स्टूडेंट है। दोनों अपने पिता को खोने के गहरे दुख और उनके देश के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान के गर्व के साथ जीवन जी रहे हैं। सीमा देवी ने कहा कि यह शहादत केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे जिले और पूरे देश की है। उन्होंने कहा- एक पत्नी का सुहाग उजड़ने का दर्द मैं ही जानती हूं, लेकिन आज मेरे मन में एक अलग ही सुकून है। अब पूरी दुनिया जान गई है कि सुरेंद्र मोगा ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उन्होंने बताया कि वे सीकर में अपने बच्चों का पालन-पोषण उन्हीं संस्कारों के साथ कर रही हैं, जो उनके पति का सपना थे। उन्होंने कहा कि उनका परिवार कभी हार नहीं मानेगा और उनके पति का बलिदान कभी व्यर्थ नहीं जाएगा। सीमा देवी ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरे पति देश के वीर सपूत थे। उनका बलिदान हमेशा देशवासियों को प्रेरणा देता रहेगा। पिता CRPF से और ससुर वायु सेना से रिटायर्डशहीद सुरेंद्र कुमार के पिता शिशुपाल मोगा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) से और चाचा प्यारेलाल मोगा भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। ससुर रामनिवास मील भी भारतीय वायु सेना से रिटायर्ड हैं। सुरेंद्र ने बचपन से पिता को और दूसरे रिश्तेदारों को आर्मी की यूनिफॉर्म में देखा था, ऐसे में देश सेवा का जज्बा बचपन से था। इसके बाद सुरेंद्र ने साल 2010 में एयरफोर्स जॉइन की थी। वे करीब 14 सालों से भारतीय वायुसेना में सेवारत थे। मरणोपरांत 'वायु सेना मेडल (गैलंट्री)' से सम्मानितशहीद सुरेंद्र मोगा को सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत 'वायु सेना मेडल (गैलंट्री)' से सम्मानित किया गया। 93वें वायु सेना दिवस के अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर आयोजित समारोह में भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमरप्रीत सिंह ने यह वीरता सम्मान शहीद की वीरांगना पत्नी सीमा मोगा को प्रदान किया था। सम्मान ग्रहण करते समय वीरांगना सीमा मोगा ने गर्व और भावनाओं के साथ कहा- सुरेंद्र मोगा हमेशा कहते थे- देश पहले हैं, बाकी सब बाद में। उन्होंने कहा- यह पुरस्कार मेरे पति की वीरता और त्याग का प्रतीक है। अब 2019 में हुआ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का उद्घाटन 2019 में इंडिया गेट के पास हुआ था। यहां स्वतंत्रता के बाद देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए सैनिकों के नाम दर्ज किए जाते हैं। इन छह नामों के जुड़ने के साथ ही ऑपरेशन सिंदूर भी उन सैन्य अभियानों में शामिल हो गया है, जिन्हें राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर आधिकारिक रूप से सम्मान दिया गया है। ये खबर भी पढ़िए… झुंझुनूं में शहीद की पत्नी बोलीं-आई लव यू यार:गाल पकड़ कर कहा-प्लीज उठ जाओ; बेटे ने सैल्यूट किया, पाकिस्तानी अटैक में गई थी जान पाकिस्तानी हमले में शहीद झुंझुनूं के एयरफोर्स जवान सुरेंद्र कुमार का अंतिम संस्कार किया गया। 8 साल के बेटे दक्ष ने मुखाग्नि दी। शहीद की बेटी वृतिका (11) का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं- मेरे पापा बहुत अच्छे थे। दुश्मनों का खात्मा कर खुद शहीद हो गए। पूरी खबर पढ़िए
शुक्रवार को बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला के निर्देशानुसार हुई इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. संदीप सिंह ने की, जिसमें सभी आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। डॉ. संदीप सिंह ने आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में आने वाली सभी गर्भवती महिलाओं पर कड़ी नजर रखें। विशेष रूप से उन महिलाओं पर ध्यान दिया जाए जो निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड करवाने जाती हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे लिंग जांच न करवा रही हों। अल्ट्रासाउंड कराने पर दें विभाग को जानकारी : संदीप यदि किसी आशा कार्यकर्ता को संदेह होता है कि कोई गर्भवती महिला लिंग जांच के उद्देश्य से अल्ट्रासाउंड करवा रही है, तो इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और सही जानकारी पाए जाने पर सरकार की ओर से एक लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा। उन गर्भवती महिलाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा गया जिनके पहले से केवल लड़कियां हैं और कोई लड़का नहीं है। डॉ. संदीप सिंह ने समाज में लड़कियों के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज लड़कियां खेल, राजनीति, शिक्षा और देश की सुरक्षा जैसे हर क्षेत्र में लड़कों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि लड़का-लड़की को समान समझें और लड़कियों को बोझ न मानें। लड़कियों की शिक्षा पर दें पूरा योगदान उन्होंने जोर दिया कि समाज लड़कियों की शिक्षा में पूरा योगदान दे, क्योंकि एक शिक्षित लड़की दो परिवारों को शिक्षित कर सकती है। वह शादी से पहले अपने माता-पिता और शादी के बाद अपने सास-ससुर की सेवा कर सकती है, साथ ही अपने बच्चों का बेहतर पालन-पोषण भी करती है। शिक्षित लड़कियों से प्रदेश का गिरता लिंगानुपात सुधरेगा और समाज अपराध मुक्त होगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य निरीक्षक जितेंद्र सिंह और टी.बी.एच.वी. अनिल कुमार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी उपस्थित थे।
नरसिंहपुर में शुक्रवार शाम 7 बजे जिला युवा कांग्रेस ने सुभाष पार्क चौराहा पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मध्य प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उनका पुतला दहन किया। युवा कांग्रेस ने उज्जैन में हुए कथित भूमि घोटाले में भू-माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है। जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष विवेक पटेल ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोहन यादव ने उज्जैन के उन चुनिंदा इलाकों में बड़े पैमाने पर जमीनें खरीदी हैं, जहां भविष्य में सरकारी विकास कार्य होने थे और नया मास्टर प्लान लागू होना था। पटेल ने दावा किया कि कुछ साल पहले तक मुख्यमंत्री के पास बेहद सीमित जमीन थी, लेकिन अब उनके पास करीब 168 एकड़ जमीन होने की बात सामने आ रही है। निष्पक्ष जांच और आय के स्रोत सार्वजनिक करने की मांग युवा कांग्रेस के नेताओं ने साफ कहा कि इस पूरे भूमि सौदे की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री की इस जमीन खरीद के वित्तीय स्रोतों (कमाई के जरिए) का खुलासा जनता के सामने सार्वजनिक रूप से किया जाए। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल हुए कांग्रेसी कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में रुद्रेश तिवारी, अस्सू नेमा, बॉबी खान, मुकेश कटारे, आशीष राजवैद्य, धनीराम पटेल, विजय आजाद, अरविंद चौबे, बुद्धिप्रकाश विश्वकर्मा, अभय राय, छोटू त्रिवेदी सहित मिक्की राय, मयंक साहू, जितेंद्र लोधी, शुभम ठाकुर और भारी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कहा कि जब तक इस मामले की सच्चाई सामने नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा।
सलूम्बर में मुहर्रम पर निकाला ताजिए का जुलूस:रावली पोल पर सलामी रस्म, सेरिंग तालाब में किए ठंडे
सलूम्बर में मुहर्रम की दसवीं यौमे आशूरा शुक्रवार को मनाई गई। इस अवसर पर शहर में इमामबाड़ों और धार्मिक स्थलों पर मजलिसों का आयोजन किया गया। करबला के मैदान में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सेरिंग तालाब में किया ठंडाशहर के बाहर और अंदर से ताजियों के जुलूस पारंपरिक मार्गों से निकाले गए। अन्दर का शहर का ताजिया मदरसा चौक स्थित अंजुमन से बोहरवाड़ी, आजाद मोहल्ला, होली चौक होते हुए रावली पोल पहुंचा। बाहर का शहर का ताजिया गांधी चौक, होली चौक और आजाद मोहल्ला से होते हुए रावली पोल पहुंचा। रावली पोल पर दोनों ताजियों की पारंपरिक सलामी की रस्म अदा की गई। इसके बाद ताजियों को सेरिंग तालाब में ठंडा किया गया। जुलूस के दौरान या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। रास्तेभर विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं ने छबील लगाकर राहगीरों और अकीदतमंदों को ठंडा पानी, शरबत और अन्य पेय पदार्थ वितरित किए। समाज के लोगों के अनुसार, करबला में तीन दिन तक पानी बंद किए जाने की घटना की याद में छबील लगाना सेवा, इंसानियत और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। शहर के सदर मोहम्मद यूसुफ ने बताया कि मुहर्रम हजरत इमाम हुसैन और हजरत अब्बास की कुर्बानी, वफादारी और इंसानियत के संदेश को याद करने का अवसर है। अंदर शहर के सदर अताउल्लाह खान ने कहा कि यौमे आशूरा सत्य, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। मुहर्रम के संदेश को सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का बताया। डीएसपी हेरम्भ जोशी के निर्देशन में पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल तैनात रहा। यातायात व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी गई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। प्रशासन की सतर्कता और समाज के सहयोग से यह आयोजन शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कुशीनगर में 3 दिन गरज-चमक और तेज हवाओं का अलर्ट:मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को जारी की एडवाइजरी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम केंद्र कुशीनगर सहित पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अगले तीन दिनों तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। 26 से 28 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। विभाग ने आम लोगों, किसानों और पशुपालकों के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तीन दिन खराब मौसम का पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, 26, 27 और 28 जून तक जिले में रुक-रुककर बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। लोगों के लिए जारी की गई सलाह आईएमडी ने खराब मौसम के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर न रहें। पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूरी बनाए रखें। सुरक्षित भवन में शरण लें। बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें। तालाब, नदी और अन्य जलाशयों के आसपास जाने से बचें। अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी मौसम विभाग ने किसानों से धान की नर्सरी और खरीफ फसलों में पर्याप्त नमी बनाए रखने की सलाह दी है। इसके अलावा सब्जी एवं बागवानी फसलों में आवश्यकता अनुसार हल्की सिंचाई करें। तेज हवा और आकाशीय बिजली के दौरान खेतों में काम करने से बचें। मौसम साफ होने के बाद ही कृषि कार्य करें। पशुपालकों को भी सतर्क रहने की सलाह पशुपालकों से कहा गया है कि वे मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराएं। खराब मौसम के दौरान पशुओं को खुले स्थानों में न बांधने की भी सलाह दी गई है।
हरदा में कल चार घंटे बिजली कटौती:कलेक्ट्रेट, मंडी समेत इंदौर रोड फीडर के उपभोक्ता प्रभावित होंगे
हरदा शहर के एक बड़े हिस्से में कल (शनिवार) चार घंटे की बिजली कटौती होगी। विद्युत वितरण कंपनी 11 केवी इंदौर रोड फीडर पर मानसून रखरखाव और आवश्यक मेंटेनेंस कार्य करेगी। इसके चलते कलेक्ट्रेट सहित कई प्रमुख इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। कंपनी के अनुसार, यह कार्य सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इस अवधि में बिजली तारों की छंटाई, पेड़ों की कटाई और अन्य तकनीकी रखरखाव संबंधी कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा कारणों से इस दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखी जाएगी। इस बिजली कटौती से मंडी परिसर, कलेक्ट्रेट और उच्च दाब उपभोक्ता सहित आसपास के क्षेत्रों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से असुविधा से बचने के लिए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटाने की अपील की। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि रखरखाव कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
लुधियाना जिले के दोराहा क्षेत्र में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ लगाए गए होर्डिंग हटाने को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। थाना दोराहा की पुलिस ने गुरुद्वारा श्री रेरु साहिब, रामपुर के बाहर से इन होर्डिंगों को हटा दिया। इस पुलिस कार्रवाई के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इसे राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया है। जानकारी के अनुसार, श्री अकाल तख्त साहिब के हालिया फैसले के बाद पंजाब के विभिन्न गुरुद्वारों और सार्वजनिक स्थानों पर मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। इन होर्डिंगों में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णय का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री के खिलाफ संदेश लिखे गए थे। रामपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब के बाहर भी इसी तरह के होर्डिंग लगाए गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सूचना मिलने पर दोराहा पुलिस मौके पर पहुंची और बिना किसी हंगामे के होर्डिंगों को हटाकर अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। अकाली नेता ने प्रशासन की आलोचना की शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता गुरप्रीत सिंह लापरा ने पुलिस की इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब पुलिस एक निष्पक्ष एजेंसी के बजाय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता की तरह काम कर रही है। लापरा ने कहा कि यदि होर्डिंग की सामग्री पर किसी को आपत्ति थी, तो कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए थी। सीधे उन्हें हटाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। लापरा ने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब में सरकार की आलोचना करने वालों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने पुलिस से राजनीतिक दबाव में काम न करने और निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की। इस मामले में जब पायल के डीएसपी हरमनप्रीत सिंह चीमा से संपर्क किया गया, तो उन्होंने घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।
जयपुर महानगर द्वितीय की स्थायी लोक अदालत ने बियानी लॉ कॉलेज पर 5 हजार का जुर्माना लगाते हुए परिवादी छात्र को उसकी पूरी फीस दो माह में लौटाने के निर्देश दिए हैं। अध्यक्ष अनिता शर्मा और सदस्य कल्याण सहाय अग्रवाल की बैंच ने यह आदेश परिवादी छात्र माधव खंडेलवाल के परिवाद को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए दिए। परिवाद में छात्र ने कहा था कि उसने एक अगस्त 2024 को बियानी लॉ कॉलेज में एल.एल.बी. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश लेने हेतु 10 हजार और 6 अगस्त 2024 को द्वितीय सेमेस्टर की 15 हजार रुपए की फीस जमा कराई थी। एडमिश्न के बाद में छात्र को पता चला कि कॉलेज विद्याधर नगर में न होकर कालवाड़ में स्थित है, जो उसके घर से 25 किलोमीटर दूर है। छात्र ने 20 नवंबर 2024 को फीस वापसी हेतु आवेदन किया, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया और ना ही लीगल नोटिस का कोई रिप्लाई किया। दो माह में फीस लौटाने के निर्देशजवाब में कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि एडमिश्न के समय ही हमने छात्र को बता दिया था कि फीस किसी भी हाल में रिफंड नहीं की जाएगी। छात्र ने स्वेच्छा से बीच में पढ़ाई छोड़ी है, इससे कॉलेज को भविष्य की पूरी फीस का नुकसान हुआ हैं। इस पर छात्र के अधिवक्ता प्रमोद कुमार खंडेलवाल ने कहा कि यूजीसी की फीस रिफंड पॉलिसी 2024-25 के तहत प्रवेश की अंतिम तिथि से पहले अगर कोई छात्र रिफंड के लिए आवेदन करता है तो उसे पूरी फीस लौटानी होगी। प्रार्थी ने प्रवेश की अंतिम तिथि 5 दिसंबर 2024 से 15 दिन पहले फीस रिफंड के लिए आवेदन कर दिया था। कॉलेज पर 5 हजार का जुर्मानादोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद स्थायी लोक अदालत ने कॉलेज प्रबंधन को निर्देश दिए कि वह छात्र की फीस दो माह में लौटाए। फीस तय समय पर नहीं लौटाने पर कॉलेज को परिवाद दायर करने की तिथि से प्रार्थी को 7 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। इसके साथ ही कॉलेज प्रबंधन छात्र को परिवाद व्यय और क्षतिपूर्ति के 5 हजार रुपए भी अदा करेगा।
अमरोहा में सूखे नाले से मिला युवक का शव:मानसिक संतुलन ठीक नहीं था, घर छोड़कर अकेले रहता था
अमरोहा के गजरौला में एक सूखे नाले से युवक का शव मिला है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। यह घटना शुक्रवार शाम करीब छह बजे नेशनल हाईवे स्थित पैराडाइज होटल के पास हुई। मृतक की पहचान गजरौला थाना क्षेत्र के मोहल्ला सुल्तान नगर निवासी 40 वर्षीय मुकम्मिल पुत्र वकील अहमद के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि मुकम्मिल का मानसिक संतुलन ठीक नहीं था और वह काफी समय से घर से बाहर रह रहे थे। वह कबाड़ इकट्ठा कर अपना जीवन-यापन करते थे। गजरौला इंसपेक्टर मनोज कुमार ने जानकारी दी कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला बीमारी से मौत का प्रतीत हो रहा है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि मुकम्मिल बीमार थे और सड़कों पर कूड़ा-कचरा इकट्ठा कर बेचते थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा।
छतरपुर जिले के सटई थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक युवक के साथ मारपीट और डेढ़ लाख रुपए की लूट के आरोपों पर विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित पक्ष ने जहां कई लोगों पर हमला कर नकदी छीनने की बात कही है, वहीं पुलिस ने लूट की घटना से इनकार करते हुए इसे शराब पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद का परिणाम बताया। जखरोन निवासी अखिलेश यादव और अतुल पटेल ने आरोप लगाया कि गुरुवार रात करीब 10 बजे बालाजी मंदिर के पास खेमचंद्र, जीतू, रोहित, दीपक, बाबू और अखिलेश पटेल डोंगरा सहित कुछ अन्य लोगों ने उन्हें रोका। पीड़ितों के अनुसार, आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और उनसे करीब डेढ़ लाख रुपए छीन लिए। इस हमले में अखिलेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोपपरिजनों का आरोप है कि घटना के बाद वे शिकायत लेकर सटई थाने पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। उनका कहना है कि पुलिस की तत्काल कार्रवाई न करने से आरोपियों के हौसले बढ़े हैं। ये सभी आरोप पीड़ित पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। दूसरी ओर, सटई थाना प्रभारी सुनीता विदुआ ने लूट की घटना से स्पष्ट इनकार किया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला शराब पार्टी के दौरान हुए आपसी विवाद और मारपीट का लग रहा है। थाना प्रभारी के अनुसार, जब पीड़ित थाने पहुंचे थे, तब उन्होंने केवल मारपीट की जानकारी दी थी। पुलिस उनकी रिपोर्ट दर्ज करने और मेडिकल परीक्षण (एमएलसी) की प्रक्रिया शुरू कर रही थी। थाना प्रभारी विदुआ ने आरोप लगाया कि इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पीड़ितों को लूट का मामला बताने की सलाह दी, ताकि घटना को अधिक गंभीर दिखाया जा सके। उनका कहना है कि पीड़ित बिना रिपोर्ट दर्ज कराए और बिना एमएलसी कराए ही थाने से चले गए। बाद में उन्होंने छतरपुर पहुंचकर लूट की कहानी बताना शुरू कर दिया। थाने आने पर अब रिपोर्ट लिखी जाएगीपुलिस का कहना है कि यदि पीड़ित दोबारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बाराबंकी में एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने एक मौलवी पर तंत्र-मंत्र के नाम पर युवक की हत्या का आरोप लगाया। कहा- उसकी जीभ काटी गई है। पुलिस ने तंत्र-मंत्र की बात से इनकार किया है। पुलिस का कहना है युवक को टीबी जैसी गंभीर बीमारी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी। फिलहाल केस दर्ज कर मौलवी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है। युवक की पहचान खजुरी गांव निवासी सुकई के रूप में हुई है। भाई दुखीराम के अनुसार, परिवार के लोग ताजिया देखने गए थे। सुकई घर पर बच्चे के साथ अकेला था। आरोप है कि गांव निवासी मैनुद्दीन ने सुकई को फोन कर घर के पास बुलाया। यहां मौलवी गुल्ले हिदायत रसूल ने मांस काटने वाले चापर से उसकी जीभ काट दी। परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना से पहले मौलवी ने सुकई पर फूल-पत्तियों से जादू-टोना किया। उसे अकेले में दीया जलाने के लिए कहा। इसके बाद उसके मुंह से खून निकलने लगा। अधिक खून बहने से उसकी मौत हो गई। चीख सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुका था। सूचना मिलने पर टिकैतनगर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भाई की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में ग्राम खजुरी निवासी हिदायत रसूल उर्फ गुल्ले बाबा को गिरफ्तार किया है। टिकैतनगर थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया- प्रथम दृष्टया तंत्र-मंत्र की बात सही नहीं पाई गई है। युवक टीबी जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक सबूत और जांच के आधार पर मौत की असली वजह पता चल सकेगी।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से टोंक समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया गया है। शिक्षा परिषद ने कंपोजिट स्कूल अनुदान सत्र 2026-27 दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए है। इसमे सरकारी प्राइमरी और माध्यमिक 69140 स्कूलों के लिए सरकार 220 करोड़ 6 लाख 20 हजार रुपए की कंपोजिट स्कूल ग्रांट राशि देगी। इसमें राज्य के प्रारंभिक शिक्षा के 49 हजार 985 स्कूलों को 108 करोड़ 81 लाख 20 हजार रुपए और माध्यमिक शिक्षा के 19 हजार 155 स्कूलों को 111 करोड़ 25 लाख रुपए मिलेंगे। यह राशि सत्र 2026-27 के लिए राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से दी जाएगी। इसमें टोंक के प्राइमरी शिक्षा में 1118 स्कूलों को 1 करोड़ 98 लाख 90 हजार रुपए और माध्यमिक शिक्षा में 384 स्कूलों को 2 करोड़ 14 लाख 10 हजार रुपए मिलेंगे। यह राशि स्कूल प्रबंधन स्कूल के विभिन्न कार्यों पर खर्चे करती है। विद्यालय में आवश्यकता के अनुसार राशि खर्च होगी शिक्षक संघ रेसटा,राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने बताया- राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से टोंक समेत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों को नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया है। शिक्षा परिषद ने कंपोजिट स्कूल अनुदान सत्र 2026-27 दिशा-निर्देश गुरुवार को जारी किए है। जिसमें समग्र शिक्षा अभियान के अन्तर्गत राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक,माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों की सामान्य शैक्षिक, सह-शैक्षिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति एवं पुराने उपकरणों के प्रतिस्थापन तथा विद्यालय स्वच्छता एक्शन प्लान के लिए कंपोजिट स्कूल ग्रांट दिए जाने का प्रावधान है। विद्यार्थी हित में विद्यालय की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इस राशि का उपयोग किया जा सकेगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देना उद्देश्य इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिए पाठ्य सहगामी क्रियाओं का विकास करना एवं विद्यालयों की दैनिक, भौतिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना है। यह अनुदान डाइस डाटा 2024-25 के अनुसार पीएमश्री विद्यालयों को छोड़ते हुए राजकीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को दी जाती है। जो कि शिक्षा विभाग,पंचायती राज विभाग, केजीबीवी, संस्कृत शिक्षा के विद्यालयों, द्वारा संचालित विद्यालयों समाज कल्याण विभाग के अधीन आते हैं, को जारी की जानी है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से सत्र 2026-27 में राज्य के प्रारंभिक शिक्षा के 49 हजार 985 स्कूलों को 10881.200 तो माध्यमिक शिक्षा के 19 हजार 155 स्कूलों को मिलेंगे 11125.000 लाख रुपए की राशि दी जाएगी जिसका भुगतान जुलाई से सितम्बर तक 40 एवं अक्टूबर से दिसंबर तक 30 एवं जनवरी से फरवरी माह तक 30 प्रतिशत राशि स्कूलों को जारी की जाएगी। इन कार्यों पर खर्च करनी होगी स्कूलों को राशि ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था,परीक्षा संबंधी स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, समाचार पत्र, छात्र उपयोग में अन्य आवर्ती खर्च, झाडू,मटका, मग, श्याम पट्ट एवं रंग रोगन,प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, स्कूल भवन की मामूली मरम्मत और अग्निशमन यंत्रों में गैस भरवाने जैसे कार्यों के लिए भी यह राशि उपयोगी होगी। साथ ही, बीमार छात्रों को अस्पताल ले जाने का किराया भी इसी मद से दिया जा सकेगा। स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च अनिवार्य: शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिस्पेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। वहीं इस राशि से छात्र या स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर,जलपान,उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर राशि की वसूली की जाएगी। नामांकन के अनुसार स्कूलों को ग्रांट राशि मिलेगी नामांकन के अनुसार स्कूलों को ग्रांट राशि उपलब्ध करवाई जाएगी। जिसमे 1-30 10000 (स्वच्छता पर 1 हजार), 31-100 25000 (स्वच्छता पर 2500 रुपए), 101-250 50000 (स्वच्छता पर 5000 रुपए), 251-1000 75000 (स्वच्छता पर 7500 रुपए), 1000 से अधिक 100000 (स्वच्छता पर 10 हजार रुपए) दी जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों को मिलेगी ये राशि प्रारंभिक शिक्षा के स्कूलों को 1 से 30 नामांकन वाले 589 स्कूलों को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए, 31 से 100 नामांकन वाले 442 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए, 101 से 250 नामांकन वाले 87 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए, 251 से 1000 नामांकन वाले 00 है। 1118 स्कूलों को 198.9000 लाख रुपए मिलेंगे सत्र 2026-27 में टोंक जिले में नामांकन के माध्यमिक शिक्षा के स्कूलों को 1 से 30 नामांकन वाले 01 स्कूल को प्रति स्कूल 10 हजार रुपए, 31 से 100 नामांकन वाले 39 स्कूलों को प्रति स्कूल 25 हजार रुपए, 101 से 250 नामांकन वाले 217 स्कूलों को प्रति स्कूल 50 हजार रुपए, 250 से 1000 नामांकन वाले 125 स्कूलों को प्रति स्कूल 75 हजार रुपए, 1000 से अधिक नामांकन वाली 2 स्कूलों को एक एक लाख रुपए राशि मिलेगी।
हरियाणा पुलिस अकादमी मधुबन में नशे के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। डॉ. भीमराव अंबेडकर रंगशाला में हुए इस कार्यक्रम में 1535 प्रशिक्षणार्थियों और स्टाफ सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों और उससे जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा, जिसमें प्रतिभागियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य एड्स नियंत्रण सोसायटी पंचकूला की उपनिदेशक डॉ. उजिता बाल्यान और सिविल अस्पताल करनाल के डिप्टी सीएमओ डॉ. मनीष कुमार मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। डॉ. उजिता बाल्यान ने एचआईवी और एड्स संक्रमण के कारणों और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा करने वाले कई लोग एक ही सुई का इस्तेमाल करते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। समय पर जांच और इलाज से संभव सामान्य जीवन डॉ. बाल्यान ने कहा कि यदि समय रहते एचआईवी का पता चल जाए और व्यक्ति नियमित इलाज करवाए तो वह सामान्य जीवन जी सकता है। उन्होंने टोल फ्री हेल्पलाइन 1097 का जिक्र करते हुए कहा कि यहां पूरी जानकारी गोपनीय रखी जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि संक्रमित गर्भवती महिलाएं सही इलाज और डॉक्टर की निगरानी में स्वस्थ बच्चे को जन्म दे सकती हैं। 2030 तक एड्स खत्म करने का लक्ष्य उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक एचआईवी और एड्स को समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। पुलिस कर्मियों को सलाह दी गई कि वे घटनास्थल पर किसी भी तरह के रक्त के सीधे संपर्क से बचें। खुद सुरक्षित रहकर ही दूसरों की मदद करना संभव है। साथ ही गैर सरकारी संस्थाओं के कार्यों में सहयोग करने की अपील भी की गई। प्रतिभागियों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज बनाने की शपथ ली। उन्होंने खुद नशे से दूर रहने और अपने परिवार व समाज को जागरूक करने का संकल्प लिया। साथ ही मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियानों में सहयोग देने की बात कही। अकादमी प्रशासन की रही अहम भूमिका हरियाणा पुलिस अकादमी की निदेशक कला रामचंद्रन ने निरीक्षक राजबीर सिंह को कार्यक्रम का संयोजक नियुक्त किया था। कार्यक्रम में काउंसलर हरीश कुमार, श्रीमती ममता सहित अन्य अधिकारी, प्रशिक्षणार्थी और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। इच्छुक प्रतिभागियों ने मौके पर एचआईवी जांच भी करवाई।
मिर्जापुर में मड़िहान थाना पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 2.2 करोड़ रुपये कीमत का 439 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। कार्रवाई के दौरान एक अंतरजनपदीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी में इस्तेमाल ट्रक कंटेनर भी जब्त कर लिया गया। एसपी ऑपरेशन राजकुमार मीणा ने बताया कि 25 जून की रात मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मड़िहान थाना पुलिस और एसटीएफ प्रयागराज की संयुक्त टीम ने मड़िहान थाना क्षेत्र के पचोखरा-काशोपुर तिराहा स्थित एक पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी की। इस दौरान ट्रक कंटेनर (यूपी 72 एटी 5969) को रोककर उसकी तलाशी ली गई। जांच में वाहन के भीतर छिपाकर रखा गया 439 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से अमरजीत यादव उर्फ पहलवान (55) को गिरफ्तार किया। आरोपी मूल रूप से गोरखपुर के हरपुर बुदहट थाना क्षेत्र के जबरेला गांव का निवासी है। वर्तमान में वह मध्य प्रदेश के गुना जिले के महुआपुर नरोनी, रुठियाई में रह रहा था। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन और 1,030 रुपये नकद भी बरामद किए गए। ओडिशा से लाकर प्रयागराज में करता था सप्लाई पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ओडिशा के रायगढ़ा से गांजा लेकर आया था। उसकी योजना प्रयागराज और आसपास के जिलों में इसकी सप्लाई करने की थी। उसने स्वीकार किया कि गांजा तस्करी से होने वाली कमाई से वह अपनी सुख-सुविधाएं पूरी करता था। ट्रक सीज, आरोपी जेल भेजा गया पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मड़िहान थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, तस्करी में प्रयुक्त ट्रक कंटेनर को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
नशे में युवक ने महिला को बाइक से मारी टक्कर:मेरठ में स्टंटबाजी के दौरान हुआ हादसा, पैर फ्रैक्चर हुआ
मेरठ के लालकुर्ती पैठ बाजार में शुक्रवार को लापरवाही और नशे में वाहन चलाने का मामला सामने आया। आरोप है कि शराब के नशे में मोटरसाइकिल चला रहे समीर ने बाजार में खरीदारी कर रही एक महिला को टक्कर मार दी। हादसे में महिला के पैर में फ्रैक्चर हो गया और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घायल महिला अपने तीन बच्चों के साथ लालकुर्ती पैठ बाजार में खरीदारी करने आई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार से बाइक चला रहे आरोपी ने महिला को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई और आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। वहीं, मौके से भागने की कोशिश कर रहे आरोपी समीर को व्यापारियों ने पकड़ लिया और लालकुर्ती पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सोनभद्र में मोहर्रम का जुलूस पारंपरिक श्रद्धा और गमगीन माहौल में निकाला गया। रॉबर्ट्सगंज नगर में युवाओं ने कर्बला की याद में करतब दिखाए, वहीं बच्चों ने भी छोटी लकड़ियों के साथ 'या हुसैन, हक हुसैन' के नारे लगाए। ताजिया जुलूस सबसे पहले रिजवी कटरा से शुरू हुआ। यह हीराबाबा और दीपनगर/कबिलटोला की ताजियों से टैक्सी स्टैंड पर मिला। इसके बाद जुलूस मेन चौक पहुंचा, जहां नई बस्ती की ताजियों से मिलान हुआ। फिर ब्रह्मबाबा की ताजियों को साथ लेकर पूरब मोहाल हमीद नगर की ताजियों से मिलते हुए सभी नगरपालिका पार्क में एकत्रित हुए और कुछ देर रुके। इसके बाद सभी ताजिया विद्युत सबस्टेशन मेन मार्केट से होते हुए पुनः मेन चौक पहुंचे। मेन चौक पर बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने 'खूनी मातम' किया और 'हाय हुसैन या हुसैन' के नारे लगाए। अखाड़ा वालों ने भी नए-नए करतबों का प्रदर्शन किया। सभी ताजिया मेन चौक और नई बस्ती से होते हुए कर्बला पहुंचे, जहां फातिहाख्वानी के बाद ताजिया दफन किए गए। गौरतलब है कि मोहर्रम का त्योहार कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाया जाता है। हक और बातिल की इस जंग को चौदह सौ साल बीत जाने के बाद भी इमाम हुसैन के अनुयायी आज भी अश्रु बहाकर मजलिस और मातम के जरिए शहादत को याद करते हैं। ताजियादारों ने बताया कि इस वर्ष भी मोहर्रम का त्योहार हर साल की तरह पारंपरिक तरीके से मनाया गया और कहीं कोई असुविधा नहीं हुई। उन्होंने शांतिपूर्ण कार्यक्रम संपन्न कराने के लिए प्रशासन को धन्यवाद दिया। इस दौरान एडीएम वगिश शुक्ला, अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार, सदर एसडीएम सीओ सिटी सहित कोतवाली प्रभारी भी मौजूद रहे, सुरक्षा की दृष्टि से चप्पा चप्पा पर पुलिस मौजूद रही. इस अवसर पर सदर मुश्ताक खान, रोशन खान, एम ए सिद्दीकी वारसी, मुनीर खां वारसी, हाजी फरीद खां, साजिद खां वारसी, रिजवान वारसी, सगीर वारसी, हीराबाबा वारसी, दानिश खां और आलमगीर सहित हजारों लोग जुलूस में शामिल हुए।
फलोदी में मुहर्रम के अवसर पर बुधवार शाम पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ ताज़ियों का जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। किले के पीछे से शुरू हुआ जुलूस ताज़िया जुलूस की शुरुआत किले के पीछे स्थित क्षेत्र से हुई, जहां शहर के विभिन्न मोहल्लों से तैयार किए गए ताज़िए एकत्रित हुए। इसके बाद लोहार एवं कुरेशी, चूडीगर, नयारिया और फकीर समाज की ओर से निकाले गए ताज़िए निर्धारित मार्गों से होकर आगे बढ़े। जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ अन्य समुदायों के नागरिकों ने भी भागीदारी निभाई। मातमी धुनों के बीच गूंजती रहीं 'हुसैन' की सदाएं जुलूस के दौरान मातमी धुनों और 'हुसैन' की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मार्ग में कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने शर्बत एवं पेयजल की व्यवस्था कर जुलूस का स्वागत किया। ताज़ियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों और मार्ग के किनारे मौजूद रहे। वहीं किले के आसपास मुहर्रम के अवसर पर लगी अस्थायी दुकानों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 35 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस के दौरान व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
बिलासपुर में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने न्यायालयीन आदेश की अवहेलना के एक मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक (JD) शिक्षा आर.पी. आदित्य को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति बिभू दत्त गुरु की एकल पीठ ने याचिकाकर्ता संजय साहू की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामला मुंगेली जिले में पदस्थ रहे सहायक कार्यक्रम समन्वयक (समग्र शिक्षा) संजय साहू के निलंबन और बहाली से संबंधित है। संजय साहू को 18 सितंबर 2024 को निलंबित किया गया था। याचिकाकर्ता का आरोप है कि बिना विभागीय जांच शुरू किए उन्हें लंबे समय तक निलंबित रखा गया और उनका पक्ष भी नहीं सुना गया। हाईकोर्ट ने दिया था 45 दिन में फैसला लेने का निर्देश संजय साहू ने अपने निलंबन आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 15 अप्रैल को आदेश पारित करते हुए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया था कि याचिकाकर्ता द्वारा 12 मार्च को दिए गए आवेदन पर 45 दिनों के भीतर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए। आदेश के बावजूद नहीं हुआ निर्णय याचिकाकर्ता का कहना है कि न्यायालय के आदेश की प्रति प्राप्त होने और निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी संयुक्त संचालक कार्यालय, बिलासपुर ने उनके बहाली संबंधी आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया। इसे हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना बताया गया है। भेदभाव का भी लगाया आरोप याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि संयुक्त संचालक ने एक अन्य गंभीर मामले में, जिसमें एक शिक्षक पर बालिका से छेड़छाड़ का आरोप था, उसे मात्र छह दिनों में बहाल कर दिया था। वहीं, उनके मामले में हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। अवमानना याचिका पर नोटिस समय-सीमा में आदेश का पालन नहीं होने पर संजय साहू ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए संयुक्त संचालक आर.पी. आदित्य के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी किया है। अब संयुक्त संचालक को हाईकोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट करना होगा कि न्यायालय के आदेश का निर्धारित समय के भीतर पालन क्यों नहीं किया गया।
चंदौली में आकाशीय बिजली गिरी, तीन बैलों की मौत:बेमौसम बारिश से गर्मी से राहत, किसानों को फायदा
चंदौली में शुक्रवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश हुई, जिससे भीषण गर्मी से लोगों को राहत मिली। दोपहर तक तापमान 43C के पार था, लेकिन शाम होते ही आसमान में घने बादल छा गए और ठंडी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कृषि विशेषज्ञों ने इस बेमौसम बारिश को किसानों के लिए 'वरदान' बताया है। जिला कृषि अधिकारी विनोद यादव के अनुसार, इस बारिश से धान की नर्सरी की दो सिंचाई बच गईं, जिससे किसानों का डीजल और पानी का खर्च कम हुआ। उन्होंने बताया कि मानसून लगभग आ चुका है और एक-दो दिन में अच्छी बारिश की उम्मीद है। रेवसां के किसान विश्राम चौहान ने कहा कि नर्सरी के बाद धान बोना था और भगवान ने पानी भेज दिया। यदि ऐसी बारिश फिर हुई, तो किसान धान की रोपाई के लिए खेत की जुताई शुरू कर देंगे। बारिश के कारण कुछ स्थानों पर बिजली की ट्रिपिंग हुई, हालांकि किसी बड़े फॉल्ट की सूचना नहीं मिली। सीओ सदर देवेंद्र कुमार ने लोगों से अपील की है कि बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। मौसम विभाग ने अगले 24-48 घंटों में जिले में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान जताया है। इसी बीच, चंदौली जिले के जंगल क्षेत्र की नौगढ़ तहसील के उदितपुर सुर्रा गांव में एक दुखद घटना सामने आई। राम आश्रय के तीन बैल घर के बाहर पेड़ के नीचे बंधे थे, तभी बारिश के दौरान तेज चमक-गरज के साथ आकाशीय बिजली गिरी। इस घटना में तीनों बैलों की मौके पर ही मौत हो गई।
बरेली पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत तीन शातिर बदमाशों पर बड़ी कार्रवाई की है। 30 मई को वकील पर हुए जानलेवा हमले के आरोपी बिलाल घोसी समेत तीन अपराधियों को क्लास-बी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है। एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस इनकी हर गतिविधि पर नजर रखेगी। पुलिस के अनुसार हिस्ट्रीशीटर घोषित किए गए तीनों आरोपियों पर हत्या के प्रयास, लूट, छिनैती, चोरी और धोखाधड़ी जैसे गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इनके खिलाफ निगरानी बढ़ा दी गई है। वकील पर हमले के बाद चर्चा में आया था बिलाल प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गुलाबनगर घोसियान मस्जिद बानखाना निवासी बिलाल घोसी को क्लास-बी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है। बिलाल 30 मई की रात एक वकील पर हुए जानलेवा हमले के मामले में आरोपी है। घटना के बाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई थीं। एक जून को प्रेमनगर थाना पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उसे गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी थी। वर्तमान में वह न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक बिलाल के खिलाफ लूट, छिनैती, जानलेवा हमला और पुलिस टीम पर हमले समेत करीब 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। धोखाधड़ी के आरोपी सचिन की भी खुली हिस्ट्रीशीट प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शिव नगर निवासी सचिन पुत्र जगमोहन को भी क्लास-बी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ धोखाधड़ी समेत करीब 15 मुकदमे दर्ज हैं। लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण उसे निगरानी सूची में शामिल किया गया है। चोरी के मामलों में फईम खां पर कार्रवाई बारादरी थाना क्षेत्र के हजियापुर निवासी फईम खां पुत्र रफीक को भी हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया है। उसके खिलाफ चोरी सहित करीब 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि लगातार अपराध में संलिप्तता के चलते उसके खिलाफ भी हिस्ट्रीशीट खोली गई है। एसएसपी बोले- अपराधियों पर जारी रहेगा शिकंजा एसएसपी अनुराग आर्य ने कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। लूट, छिनैती, धोखाधड़ी और चोरी जैसी वारदातों में सक्रिय अपराधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि तीनों हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जाए। यदि इनमें से कोई भी दोबारा आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
रामपुर के खोद कर्बला मेले में भीड़ के दौरान अपनी मां से बिछड़े सात वर्षीय मासूम को अजीमनगर पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत सकुशल तलाश कर परिजनों से मिला दिया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही देर में बच्चा सुरक्षित मिल गया, जिसके बाद परिवार ने राहत की सांस ली। मेले में मां से बिछड़ गया था मासूम घटना शुक्रवार शाम करीब चार बजे खोद कर्बला मेले की है। पहाड़ी गेट, थाना गंज निवासी युसूफ (7) पुत्र स्वर्गीय अयूब अपनी मां फरजाना के साथ मेले में आया था। भीड़ के बीच अचानक वह अपनी मां से बिछड़ गया। बेटे के अचानक लापता होने पर फरजाना घबरा गईं और तुरंत मेले में ड्यूटी पर मौजूद अजीमनगर पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस ने शुरू किया सर्च अभियान सूचना मिलते ही थाना अजीमनगर में तैनात महिला उपनिरीक्षक ज्योति चौधरी ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत तत्काल बच्चे की तलाश शुरू कराई। पुलिस टीम ने मेले के विभिन्न हिस्सों में सघन खोजबीन की और वहां मौजूद लोगों से भी बच्चे के बारे में जानकारी जुटाई। कुछ ही देर में मिला बच्चा लगातार तलाश के बाद पुलिस टीम ने मासूम युसूफ को सकुशल खोज लिया। आवश्यक पुष्टि के बाद बच्चे को उसकी मां फरजाना के सुपुर्द कर दिया गया। बेटे को देखकर छलक पड़े खुशी के आंसू अपने बेटे को सुरक्षित वापस पाकर फरजाना भावुक हो गईं। उन्होंने अजीमनगर पुलिस, विशेष रूप से महिला उपनिरीक्षक ज्योति चौधरी और उनकी टीम का आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई की सराहना की। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत हुई कार्रवाई अजीमनगर पुलिस ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का उद्देश्य मेले, बाजार और सार्वजनिक स्थानों पर खोए बच्चों को शीघ्र तलाश कर उनके परिजनों से मिलाना है। पुलिस की इस मानवीय पहल की मेले में मौजूद लोगों ने भी सराहना की।
महराजगंज में मोहर्रम के अवसर पर शुक्रवार को हज़रत इमाम हुसैन की शहादत की याद में पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस नगर क्षेत्र में गहरी श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ निकाला गया, जिसमें विभिन्न मोहल्लों से ताजिए शामिल हुए। ताजिए ढोल-ताशों की धुन और 'या हुसैन' के नारों के बीच अपने निर्धारित मार्गों से होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और अमन-चैन व भाईचारे की दुआ की। इस जुलूस का मुख्य आकर्षण बिस्मिल नगर से निकला चांदी का भव्य ताजिया रहा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े। ताजियों के साथ चल रहे अकीदतमंदों ने मातम कर हज़रत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। नगर के सभी ताजिए परंपरागत मुख्य मार्गों से होते हुए देर शाम कर्बला पहुंचे। वहां धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार फातिहा पढ़ी गई और फिर ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। पूरे आयोजन के दौरान सौहार्दपूर्ण वातावरण बना रहा। शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे, जिससे मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ।
सोहना नगर परिषद क्षेत्र के गांव बेरका में एक अवैध निर्माण को तोड़फोड़ टीम के पहुंचने से पहले ही हटा लिया गया। इसके चलते नगर परिषद की टीम को बिना कार्रवाई किए वापस लौटना पड़ा। यह अवैध निर्माण करीब 250 वर्ग गज क्षेत्र में किया गया था। कब्जाधारी ने टीम को दोबारा अवैध निर्माण न करने का आश्वासन भी दिया है। शुक्रवार को सोहना नगरपरिषद की टीम वार्ड नंबर 2, गांव बेरका में इस अवैध निर्माण को गिराने के लिए भारी पुलिस बल के साथ पहुंची थी। प्रशासन ने आरएस बाठ को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। दोबारा कब्जा न करने का दिया आश्वासन हालांकि, टीम के पहुंचने से पहले ही अवैध कब्जाधारी ने खुद ही निर्माण हटा दिया था। अवैध निर्माण हटाए जाने के बाद परिषद की टीम और पुलिस बल को वापस भेज दिया गया। परिषद के बिल्डिंग इंस्पेक्टर मनोज सिवाच ने बताया कि कब्जाधारी ने स्वयं अवैध निर्माण हटा लिया है और दोबारा कब्जा न करने का आश्वासन दिया है।
बालाघाट में शुक्रवार को मुहर्रम का पर्व बेहद सादगी और अकीदत के साथ मनाया गया। इस मौके पर मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई और लोगों ने कब्रिस्तान पहुंचकर अपने दिवंगत परिजनों की मगफिरत के लिए दुआ की। अन्य शहरों से अलग, बालाघाट में मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस नहीं निकाले गए। इसके बजाय लोगों ने घरों में शरबत और खिचड़ा बनाकर आपस में बांटा और कर्बला के मैदान में शहीद हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानी को याद किया। हक्कुशाह बाबा के 222वें उर्स पर निकला शाही संदल मुहर्रम के मौके पर ही शुक्रवार शाम 5 बजे हजरत हक्कुशाह बाबा के 222वें सालाना उर्स के उपलक्ष्य में उर्स कमेटी द्वारा एक शाही संदल (जुलूस) निकाला गया। यह संदल दरगाह शरीफ से शुरू होकर काली पुतली चौक, बस स्टैंड, रानी अवंती बाई चौक, बैहर रोड और रजा नगर होते हुए वार्ड नंबर 10 स्थित इमामबाड़ा पहुंचा। इसके बाद इमामबाड़े से अलम और पवित्र चादर के साथ संदल अंजुमन शादी हॉल, बैहर चौकी और देवी तालाब रोड समेत नगर के विभिन्न प्रमुख रास्तों से गुजरा। अखाड़े में युवाओं ने दिखाए करतब इस शाही संदल में बच्चों और युवाओं ने अखाड़े के पारंपरिक हुनर और करतबों का शानदार प्रदर्शन किया। पूरे नगर का भ्रमण करने के बाद संदल वापस दरबार शरीफ पहुंचा, जहां बाबा के आस्ताने पर अकीदत के फूल और चादरें चढ़ाई गईं। अकीदतमंदों ने देश और दुनिया में अमन-चैन, शांति, आपसी भाईचारे और मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगीं। उर्स कमेटी ने बताया कि आगामी 29 जून की रात को यहां एक कव्वाली का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद इस सालाना उर्स का समापन होगा।
वाराणसी में मोहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान पुलिस और कुछ युवकों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार, जुलूस नई सड़क की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान नाटी इमली चौकी प्रभारी संदीप सिंह राजपूत ने कुछ युवकों को आगे बढ़ने से रोका। इस पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर लोगों को पीछे हटाया, जिससे कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। घटना चेतगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे हुई। बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। लाठीचार्ज के बाद नई सड़क से औरंगाबाद मार्ग होते हुए चेतगंज और लक्सा क्षेत्र तक कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने लोगों को समझाकर स्थिति को शांत कराया और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की। पुलिस का कहना है कि कुछ लोग हंगामा कर रहे थे और बार-बार समझाने के बावजूद हटने को तैयार नहीं थे। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सीमित बल प्रयोग किया गया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हो गई।
गंगनहर में कूदी महिला पुलिस ने बचाया:मेरठ में बच्चे की मौत से परेशान होकर नहर में लगाई थी छलांग
मेरठ में शुक्रवार को गंगनहर में कूदी महिला को पुलिसकर्मियों ने अपनी सूझबूझ से तुरंत बचा लिया। महिला सुसाइड करने के लिए नहर में कूदी थी। कुछ लोगों ने उसे कूदते देख लिया। तुरंत थानापुलिस के सिपाही नहर में कूदे और महिला को जिंदा बचाकर ले आए। पूछताछ में महिला ने रोते हुए बताया कि वो अपने बेटे की मौत से बहुत दुखी है। उससे टूट चुकी है इसलिए उसने सुसाइड का कदम उठाया। महिला के परिजनों को बुलाकर सकुशल उसे घर भेजा गया। घटना सरधना थानाक्षेत्र की है। जहां गंगनहर सलावा में 25 साल की महिला ने छलांग लगा दी। महिला को कूदते हुए आसपास के लोगों ने देख लिया। तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर तुरंत एसआई जितेंद्र सिंह टीम के साथ पहुंचे। टीम ने बिना एक सेकेंड गवाए फौरन नहर में छलांग लगाई। महिला को सकुशल जिंदा बाहर निकालकर ले आई। पूछताछ में महिला रोने लगी। रोते हुए उसने बताया कि हाल में उसके बेटे की मौत हुई है। अपने बच्चे को खोने का गम उससे बर्दाश्त नहीं हो रहा। इसलिए वो जीना नहीं चाहती थी। इसी दुख में शुक्रवार को उसने नहर में सुसाइड करने के इरादे से छलांग लगाई है। पुलिस ने महिला को समझाया। साथ ही उसके घरवालों को भी बुलाया। उसे घर वापस भेजा। पता चला कि दो महीने पहले ही महिला के नवजात शिशु की मौत हो गई है। इससे महिला मानसिक अवसाद में हैं। इसके चलते उसने ये कदम उठाया है।
रोहतक में प्राइवेट स्कूलों में निजी पब्लिशर्स की किताब लगाने के विरोध में आर्गेनाइजेशन फॉर डेवलपमेंट एंड हेल्थ अफेयर्स की तरफ से छात्र पंचायत का आयोजन किया गया। इनेलो के छात्र संगठन सहित अन्य संगठन के सदस्यों ने भाग लिया। छात्र पंचायत में 6 जुलाई को आंदोलन कर डीसी को ज्ञापन देने का निर्णय लिया। आर्गेनाइजेशन फॉर डेवलपमेंट एंड हेल्थ अफेयर्स जिलाध्यक्ष निश्चय नरवाल ने बताया कि शिक्षा विभाग के पास एक जादू की छड़ी है। जो आदेश से पहले ही जांच कर देती है। जांच के आदेश 2 जून को हुए, जबकि बीईओ ने जवाब दिया कि 2 माह पहले ही स्कूलों की जांच कर चुके है और सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताब पढ़ाई जा रही है। डीसी को मामले का पता ही नहीं निश्चय नरवाल ने बताया कि डीसी को अभी तक मामले के बारे में जानकारी ही नहीं है। 12 जून को डीडीपीओ राजपाल चहल ने ज्ञापन लिया था और आश्वासन दिया था कि डीसी को मामले से अवगत करवाया जाएगा। जब डीसी से इस बारे में मिले तो उन्हें कुछ पता ही नहीं था। 6 जुलाई को अगर डीसी ने ज्ञापन नहीं लिया तो वह रोड जाम करने पर विवश हो जाएंगे। स्कूलों में बच्चों को टारगेट करते शिक्षक निश्चय नरवाल ने बताया कि अभिभावक इसलिए सामने नहीं आ रहे, क्योंकि स्कूल प्रशासन बच्चों की पहचान करके उन्हें परेशान करने लग जाता है। लेकिन अभिभावकों का पूरा साथ है। 6 जुलाई को अभिभावक भी साथ होंगे। अगर प्राइवेट स्कूलों में कालाबाजारी बंद नहीं हुई तो सड़क बंद होगी। प्रशासन ने जोर जबरदस्ती करने का प्रयास किया तो कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। प्राइवेट स्कूलों में जनता को लूटा जा रहा इनेलो की छात्र विंग आईएसओ के जिलाध्यक्ष विश्वास भाली ने कहा कि सरकारी स्कूलों की हालत खराब है और प्राइवेट स्कूलों में लोगों को लूटने का काम किया जा रहा है। छात्र संगठन जैसा भी सहयोग चाहते है, आईएसओ उनके साथ खड़ी है। पूरा जिला प्रशासन बिका हुआ है। डीईओ, बीईओ की मिलीभगत है। विश्वास भाली ने कहा कि प्रशासन ने कोई कमेटी नहीं बना रखी। स्कूलों में 4 हजार से लेकर 5 हजार तक किताब बेच रहे है। कोचिंग सेंटर के नाम पर जिले में करीब 400 से अधिक अकेडमी है और शिक्षा विभाग के अधिकारी अकेडमी वालों के साथ सेटिंग करके उनके ऊपर कार्रवाई नहीं करते। बच्चों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़ आर्गेनाइजेशन फॉर डेवलपमेंट एंड हेल्थ अफेयर्स प्रदेशाध्यक्ष युद्धवीर सिंह नरवाल ने बताया कि पूरे हरियाणा के अभिभावकों को बच्चों के साथ खड़े होकर आंदोलन में शामिल होना चाहिए। बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है। प्राइवेट स्कूलों में बच्चों को टारगेट किया जाता है और शिक्षा विभाग आंखे बंद करके बैठा है। युद्धवीर नरवाल ने बताया कि शिक्षा विभाग के साथ प्राइवेट स्कूलों की सांठ-गांठ है। जब बच्चों की शिकायत विभाग के पास है तो शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी एक्शन लेना चाहिए। अधिकारी केवल जांच के नाम पर खानापूर्ति करते है। कभी भी स्कूलों में जाकर किताबों की जांच नहीं करते।
उमरिया के शहपुरा मार्ग पर शुक्रवार को एक तेज रफ्तार बेकाबू बस ने पीछे से बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसा इतना खतरनाक था कि एक युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों दोस्त डिंडौरी से मैहर दर्शन करने जा रहे थे, लेकिन बीच रास्ते में ही यह हादसा हो गया। मनु ढाबा के पास तेज रफ्तार बस से हादसा हादसा कोतवाली थाना इलाके के मनु ढाबा के पास हुआ। मृतक की पहचान डिंडौरी के रहने वाले ओम तिवारी के रूप में हुई है। टक्कर लगते ही ओम सड़क पर दूर जा गिरा और गंभीर चोट आने की वजह से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं बाइक पर पीछे बैठा उसका दोस्त शिवम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल दोस्त को जबलपुर किया रेफर घटना के तुरंत बाद राहगीरों की मदद से 108 एंबुलेंस को बुलाया गया। घायल शिवम को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत जबलपुर रेफर कर दिया। अस्पताल में घायल शिवम ने पुलिस को बस की टक्कर की बात बताई, लेकिन ज्यादा चोटें होने के कारण वह बस का नंबर या पूरी डिटेल नहीं दे पाया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और ओम के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस ने अज्ञात बस और उसके ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और हाईवे पर लगे कैमरों की मदद से आरोपी बस की तलाश शुरू कर दी है।
रैंप पर खूबसूरती का जलवा बिखेरने से पहले राजस्थान की 28 प्रतिभाशाली युवतियों ने अपने हुनर से सभी को प्रभावित किया। फ्यूजन ग्रुप की ओर से आयोजित मिस राजस्थान 2026 के टैलेंट राउंड में मॉडल्स ने यह साबित कर दिया कि मिस राजस्थान केवल ग्लैमर का मंच नहीं, बल्कि प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व का भी उत्सव है। सीकर रोड स्थित आर. चंद्रा पैलेस में आयोजित इस रंगारंग कार्यक्रम में टॉप-28 फाइनलिस्ट ने अपनी-अपनी कला का ऐसा प्रदर्शन किया कि निर्णायकों के साथ मौजूद दर्शक भी मंत्रमुग्ध हो गए। किसी ने शास्त्रीय और वेस्टर्न डांस की मनमोहक प्रस्तुति दी, किसी ने मधुर गायन से समां बांधा। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी कई प्रतिभागियों ने अभिनय के जरिए भावनाओं को मंच पर जीवंत कर दिया, तो किसी ने अपनी पेंटिंग और रचनात्मक कला से सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हर प्रतिभागी अपने हुनर के साथ मंच पर उतरी और पूरे आत्मविश्वास के साथ खुद को साबित करने का प्रयास करती नजर आई। कार्यक्रम के दौरान भावनात्मक दृश्य भी देखने को मिले। कई प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए उनके माता-पिता और परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे। मंच पर बेटियों का प्रदर्शन देखकर अभिभावकों के चेहरे पर गर्व साफ दिखाई दे रहा था। पूरे सभागार में तालियों की गूंज और प्रतिभागियों का आत्मविश्वास इस आयोजन को यादगार बना गया। पहले देखिए, इवेंट के फोटोज अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही टॉप-28 फाइनलिस्ट आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि मिस राजस्थान देश का सबसे पुराना और प्रतिष्ठित, भारत सरकार से पंजीकृत ब्यूटी पेजेंट है। यहां से हर वर्ष कई प्रतिभागी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए चयनित होकर राजस्थान का नाम रोशन करती है। इस वर्ष प्रदेशभर से लगभग 6500 प्रतिभागियों ने आवेदन किया था, जिनमें से चयनित टॉप-28 फाइनलिस्ट अब ग्रैंड फिनाले की ओर बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि फिनाले वीक के तहत 26 और 27 जून को आर. चंद्रा पैलेस, 28 जून से 1 जुलाई तक हैवा हेवन (जामडोली) और 2 से 4 जुलाई तक होटल पार्क ओशन में ग्रूमिंग, ट्रेनिंग, फोटोशूट, सब-टाइटल प्रतियोगिताएं और विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी। इसके बाद 4 जुलाई की शाम बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में ग्रैंड फिनाले होगा। फिनाले में जयपुर की प्रसिद्ध डिजाइनर माधुरी चेतवानी (ड्रेसजीला) का रॉयल कलेक्शन, जेकेजे फैशन का ब्राइडल कलेक्शन, शिव ज्वेलर्स की पारंपरिक राजस्थानी ज्वेलरी और परम्परा द ज्वैल्स की डायमंड ज्वेलरी भी आकर्षण का केंद्र रहेगी। टैलेंट राउंड का जजमेंट मिस राजस्थान की डायरेक्टर एकता जैन, जीएम नवल शेखावत, आलोक शर्मा, संदीप जैन, रविंद्र सिंह, वासु जैन, डॉ. ऋतु अग्रवाल, डॉ. विवेक रूंगटा, मंजीत सिंह और हुकुम सिंह ने किया। प्रतिभागियों से किसी प्रकार का नहीं लिया जाता शुल्क कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुकेश सैनी ने कहा कि आज के दौर में इतनी विविध प्रतिभाओं को एक मंच पर देखना बेहद सुखद अनुभव है। उन्होंने कहा कि मिस राजस्थान का सबसे सराहनीय पहलू यह है कि इसमें प्रतिभागियों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता और उन्हें एक महीने तक प्रोफेशनल ग्रूमिंग एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है।
राजधानी में पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यातायात मुख्यालय परिसर में जब्त कर खड़ी की गई एक एक्टिवा चोरी हो गई। करीब ढाई महीने बाद जब वाहन मालिक उसे छुड़ाने पहुंचा तो देखा कि एक्टिवा वहां से गायब थी। इसके बाद कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जानिए पूरा मामला पुलिस के मुताबिक, प्रधान आरक्षक शरद धनगर ने शिकायत दर्ज कराई है। 3 मार्च को यातायात थाना फाफाडीह की टीम शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ अभियान चला रही थी। इस दौरान चालक विष्णु यादव को नशे की हालत में एक्टिवा चलाते हुए पकड़ा गया। जांच में उसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं मिला। वाहन पर तीन लोग सवार थे और नंबर प्लेट भी नियमों के अनुसार नहीं थी। इसके बाद मोटरयान अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए एक्टिवा जब्त कर ली गई। स्थान की कमी के कारण मुख्यालय में रखी गई थी यातायात थाना फाफाडीह परिसर में जब्त वाहनों को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं थी। इसलिए 29 मार्च को एक्टिवा को गुरुकुल कॉम्प्लेक्स के पास स्थित यातायात मुख्यालय परिसर में खड़ा कर दिया गया। वाहन का पंजीयन पूनम भोयर के नाम पर बताया गया है। करीब ढाई महीने बाद 15 जून को चालक विष्णु यादव वाहन छुड़ाने पहुंचा, लेकिन मुख्यालय परिसर में एक्टिवा नहीं मिली। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई और मामले की जांच शुरू की गई। मुख्यालय से गायब होने पर सुरक्षा पर उठे सवाल यातायात मुख्यालय जैसे संवेदनशील सरकारी परिसर से जब्त वाहन का चोरी हो जाना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। फिलहाल कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही आसपास के इलाकों में भी वाहन की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मिले सबूतों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा करने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों की तलाश जारी अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इस घटना की शिकायत कोतवाली थाने में दर्ज की गई है। गाड़ी चोरी के मामले में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की टीम ने एक साल से फरार चल रहे तस्कर को नेतड़ा टोल (जोधपुर) से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सुनील (26) ग्रेजुएट है। जब उसे नौकरी नहीं मिली, तो उसने हाईवे पर ढाबा खोला और फिर यहीं से तस्करी का पूरा नेटवर्क शुरू कर दिया। आरोपी सुनील ढाबे की आड़ में तस्करी का काम करता था। जब उसके एक साथी को हनुमानगढ़ पुलिस ने पकड़ा, तो वह फरार हो गया था। सुनील पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। जब टीम ने उसे नेतड़ा टोल से पकड़ा और पूछा कि क्या उसके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज है, तो वह नाटक करने लगा और बोला- ‘मुझे याद नहीं।’ रिश्तेदार के यहां परिवार के साथ जा रहा था आरोपी एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया - सुनील का एक साथी पंजाब में अवैध मादक पदार्थों की खेप पहुंचाने जा रहा था। इसी दौरान हनुमानगढ़ पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने सुनील का नाम उगल दिया। इसके बाद जब पुलिस टीम सुनील के ढाबे पर पहुंची, तो वह पहले ही फरार हो चुका था। उसे भनक लग गई थी कि पुलिस उसका पीछा कर रही है, जिसके बाद वह ढाबा बंद कर फरार चल रहा था। आईजी विकास कुमार ने बताया- इसी बीच टीम को सूचना मिली कि सुनील अपने गांव आया हुआ है और परिवार के साथ किसी कार्यक्रम में शामिल होने जोधपुर जा रहा है। इस पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की। सुनील काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में अपने परिवार के साथ निकला था। एक टीम उसके गांव से ही उसका पीछा कर रही थी, जबकि दूसरी टीम नेतड़ा टोल पर तैनात थी। जैसे ही सुनील की गाड़ी नेतड़ा टोल पर पहुंची, वहां दोनों टीमों ने उसे घेर लिया और गाड़ी से नीचे उतारकर दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी सुनील को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। ट्रक ड्राइवर के आइडिया पर शुरू किया अवैध काम एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- सुनील जोधपुर जिले के खेड़ापा थाने के झाझड़ों की ढाणी, कजनाऊ पालड़ी का रहने वाला है। बीए ग्रेजुएट होने के बाद वह नौकरी की तलाश करने लगा। जब उसे नौकरी नहीं मिली, तो उसने जोधपुर-नागौर हाईवे पर 'हरि ओम होटल' खोला, लेकिन वह ढंग से नहीं चल पा रहा था। इसी होटल पर पंजाब का एक ट्रक ड्राइवर उससे मिला। खाना खाने के दौरान उसने सुनील को बातों ही बातों में ड्रग्स बेचने की सलाह दी। इसी ट्रक ड्राइवर की बातों में आकर उसने होटल की आड़ में तस्करी शुरू कर दी। तस्करी के बाद होटल पर लगने लगी ड्राइवरों की लाइन, पंजाब तक सप्लाई करने लगा विकास कुमार ने बताया- सुनील की होटल पर लाइन लगने लगी। यहीं पर एक ट्रक ड्राइवर ने सुनील का कॉन्टैक्ट मौगा, पंजाब के तस्कर से करवा दिया। सुनील ने इस काम में होटल पर काम करने वाले लोगों को भी साथ में शामिल कर लिया। वह होटल पर काम करने वाले लोगों को रुपए का लालच देकर अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई पंजाब तस्करों को पहुंचाने लगा। इसी बीच उसका साथी हनुमानगढ़ में पकड़ा गया। जब उससे पूछताछ हुई तो उसने सुनील के बारे में बताया। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया- टीम ने लगातार पांचवें दिन इनामी तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के नाम मदशम्बूक रखा गया है। यह प्रदेश के टॉप मोस्ट ड्रग सप्लायर में शामिल है।
पन्ना जिले के शाहनगर स्थित ताला गांव में शुक्रवार को घर के काम के दौरान सांप के काटने से एक 55 साल की महिला की मौत हो गई। महिला अपने घर में मवेशियों के लिए भूसा निकाल रही थी, तभी वहां छिपे एक जहरीले नाग ने उन पर हमला कर दिया। डॉक्टर के पास ले जाने से पहले ही जहर शरीर में फैल चुका था। भूसे के ढेर में छिपा बैठा था जहरीला सांप जानकारी के मुताबिक, ताला गांव की रहने वाली पार्वती चौधरी (55), पति रामरूप चौधरी, दोपहर के समय अपने घर के कोठे में रखा भूसा निकाल रही थीं। इसी दौरान भूसे के ढेर में छिपे एक जहरीले काले सांप ने उनके दाहिने पैर में डस लिया। पार्वती की चीख सुनकर परिवार के लोग दौड़कर मौके पर पहुंचे, तो वहां सांप रेंगता हुआ दिखा और महिला दर्द से तड़प रही थी। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित परिजन बिना वक्त गंवाए पार्वती को तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर भागे। लेकिन दुर्भाग्य से अस्पताल पहुंचने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सर्वेश कुमार लोधी ने पोस्टमार्टम की औपचारिकताएं पूरी कर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा है।
उज्जैन जमीन खरीद मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सीएम डॉ. मोहन यादव की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। भोपाल में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उनके परिवार, रिश्तेदारों और उनसे जुड़ी कंपनियों की ओर से उज्जैन जिले में कथित भूमि खरीद के मामले में कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 23 जून को इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक मीडिया रिपोर्ट के तीन दिन बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है। यदि सब कुछ वैध है तो मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर दस्तावेजों के साथ प्रदेश की जनता को जवाब दें। पिता के इस्तीफे के बाद बेटा डायरेक्टर है सिंघार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 अक्टूबर 2017 को श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स के निदेशक पद से इस्तीफा दिया था, लेकिन 30 सितंबर 2018 को उनके पुत्र वैभव यादव कंपनी के निदेशक बन गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, दुकान वही... दुकानदार नया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि खोजी रिपोर्ट सामने आने के बाद न मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, न तथ्यों का खंडन किया और न ही कोई दस्तावेज सार्वजनिक किए। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है तो उन्हें स्वयं सामने आकर सभी सवालों का जवाब देना चाहिए। बीजेपी नेताओं को भी दिया जवाब नेता प्रतिपक्ष ने भाजपा के उस जवाब पर भी सवाल उठाए, जिसमें कहा गया था कि मुख्यमंत्री बनने के बाद डॉ. मोहन यादव की व्यक्तिगत भूमि होल्डिंग में उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई और अधिकांश जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले खरीदी गई थीं। सिंघार ने कहा कि यदि हर सवाल का जवाब केवल यह होगा कि रिश्तेदार स्वतंत्र नागरिक हैं, तो जवाबदेही किसकी तय होगी। सिंघार ने दावा किया कि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2021 से पहले परिवार के पास करीब 82 एकड़ भूमि थी। वर्ष 2021 से 2023 के बीच, जब डॉ. मोहन यादव मंत्री थे, तब लगभग 85 एकड़ अतिरिक्त भूमि खरीदी गई। वहीं मुख्यमंत्री बनने के बाद वर्ष 2024-25 में दो वर्षों के भीतर लगभग 168 एकड़ भूमि खरीदे जाने का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि यह केवल संयोग नहीं बल्कि गंभीर जांच का विषय है। कंपनियों की जमीन वाले क्षेत्र को मास्टर प्लान में शामिल किया प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने मुख्यमंत्री की पुत्रवधू शालिनी यादव द्वारा जून-जुलाई 2025 में उज्जैन के गंगेड़ी क्षेत्र में लगभग 10.35 एकड़ भूमि खरीदने का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही सिद्धिविनायक डेवलपर्स द्वारा दिसंबर 2024 से मार्च 2025 के बीच भूमि खरीद, कंपनी की शेयरहोल्डिंग और मुख्यमंत्री के रिश्तेदारों के बीच हुए कथित भूमि लेन-देन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने यह भी कहा कि वैभव यादव और मंगलमूर्ति इंफ्राटेक ने वर्ष 2023 में लगभग 30 एकड़ भूमि खरीदी, जिसे बाद में उज्जैन मास्टर प्लान-2035 के विकास क्षेत्र में शामिल किया गया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्होंने यह मामला पहली बार 1 नवंबर 2025 को किसानों की शिकायतों के आधार पर उठाया था। विधानसभा में प्रश्न क्रमांक 1189 के माध्यम से उज्जैन जिले के उन्हेल क्षेत्र में कथित अनियमित भूमि रजिस्ट्री का मुद्दा भी उठाया गया था। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपने जवाब में शिकायत दर्ज होने और पुलिस जांच लंबित होने की बात स्वीकार की थी। सिंघार ने कहा कि सत्ता में रहते हुए हुई सभी भूमि खरीद और उससे जुड़े लेन-देन की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की जनता पारदर्शिता चाहती है, चुप्पी नहीं, इसलिए मुख्यमंत्री स्वयं सामने आकर हर सवाल का जवाब दें।
बिलासपुर में नकली सोने की माला को असली बताकर व्यापारी से तीन लाख रुपए की ठगी कर ली गई। ठगों ने पहले भरोसा जीतने के लिए दुकानदार को असली सोने का एक छोटा टुकड़ा दिया, जिसे उसने सोनार से जांच कराया तो वह असली निकला। इसके बाद ठगों ने उसी भरोसे का फायदा उठाकर उसे सोने की माला बेच दी। लेकिन बाद में जब माला की जांच कराई गई तो वह नकली निकली। इसके बाद मामला सामने आया और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। यह घटना सकरी थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार सकरी के बंधवापारा निवासी अनिल विश्वकर्मा की घर में जनरल स्टोर की दुकान है। करीब एक सप्ताह पहले दो अनजान युवक उनके घर पहुंचे और एक चांदी का सिक्का दिखाकर उसके बारे में पूछताछ करने लगे। बातचीत के दौरान उनकी नजर घर में रखी माला की तस्वीर पर पड़ी। उन्होंने कहा कि उनके पास भी ऐसी ही एक माला है, जिसे वे बेचना चाहते हैं। पहले असली सोने का टुकड़ा दिखाकर जीता भरोसा दो दिन बाद दोनों युवक फिर अनिल के घर पहुंचे और एक थैले में रखी माला दिखाई। उन्होंने माला से एक छोटा टुकड़ा निकालकर अनिल को जांच के लिए दिया। अनिल ने वह टुकड़ा सकरी के पुराने बाजार स्थित एक सोनार से जांच कराया, जहां उसे असली सोना बताया गया। इसके बाद दोनों युवक लगातार फोन पर संपर्क में बने रहे। 16 जून को उन्होंने अनिल को पुराने बस स्टैंड बुलाकर माला बेचने की बात की। बातचीत में करीब 10 लाख रुपए में सौदा तय हुआ, लेकिन अनिल ने एक साथ पैसे देने में असमर्थता जताई। इसके बाद आरोपियों ने उसे पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा। लालच में गोल्ड लोन लेकर जुटाए पैसे लालच में आकर अनिल ने अपनी पत्नी के गहने गिरवी रखकर गोल्ड लोन से 3 लाख 5 हजार रुपए जुटाए। 23 जून की सुबह दोनों आरोपी फिर उसके घर पहुंचे और 3 लाख रुपए लेकर उसे माला देकर चले गए। माला मिलने के बाद अनिल उसे लेकर सकरी के पुराने बाजार स्थित सोनार के पास जांच के लिए गया। जांच में पता चला कि पूरी माला नकली है और उसमें सोना नहीं है। इसके बाद उसने आरोपियों को फोन किया, लेकिन दोनों के मोबाइल बंद मिले। ठगी का एहसास होने पर अनिल ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई।
महू में शुक्रवार को मोहर्रम की 10वीं तारीख पर अकीदत और गमगीन माहौल के बीच पारंपरिक ताजिया जुलूस निकाला गया। शाम 4 बजे के बाद शुरू हुए इस जुलूस में 'या हुसैन' के नारों के साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। पूरे रास्ते अखाड़ों के युवाओं ने अपनी लाठी कला और हैरतअंगेज करतब दिखाए, जिसे देखने के लिए सड़कों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। देर शाम सभी ताजियों को पूरे अदब के साथ कर्बला ले जाकर ठंडा किया गया। हरि फाटक से उठा पहला ताजिया, जुड़ता गया कारवां जुलूस की शुरुआत शाम को सबसे पहले हरि फाटक इलाके से 'पीपल पत्ते का ताजिया' उठाने के साथ हुई। इसके बाद जैसे-जैसे कारवां आगे बढ़ा, शहर के अलग-अलग मोहल्लों के ताजिए और अखाड़े इस जुलूस में जुड़ते चले गए। मुख्य रास्तों से जब एक साथ कई आकर्षक ताजिए गुजरे, तो पूरा शहर मातमी धुनों और नारों से गूंज उठा। जगह-जगह बांटा ठंडा शरबत मोहर्रम का यह जुलूस शहर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल भी बना। जुलूस के रास्ते में कई जगहों पर स्थानीय समाजसेवियों और हिंदू-मुस्लिम भाइयों ने मिलकर सबीले लगाईं। भीषण गर्मी को देखते हुए जुलूस में शामिल अकीदतमंदों और राहगीरों के लिए ठंडे पानी और मीठे शरबत के खास इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में एक्स्ट्रा फोर्स, मुस्तैद रहे अफसर त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। जुलूस के पूरे रूट पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और संवेदनशील चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारी खुद लगातार मौके पर मौजूद रहकर पूरी व्यवस्था की निगरानी करते रहे, जिससे पूरा आयोजन बिना किसी बाधा के भाईचारे के साथ संपन्न हुआ।
कोरबा शहर में झपटमारी और चोरी की दो अलग-अलग घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीएसईबी चौकी क्षेत्र में काम से लौट रही एक युवती से बाइक सवार बदमाश वेतन और मोबाइल झपटकर फरार हो गए। जबकि बिलासपुर से बस में लौट रही एक महिला का सोने का मंगलसूत्र चोरी हो गया। पुलिस ने दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घर लौट रही युवती से वेतन और मोबाइल छीना पहली घटना चिमनी भट्ठा निवासी नेहा पाण्डेय (24) के साथ हुई। नेहा श्रीराम वस्त्रालय, हीरानंद कॉम्प्लेक्स में कार्यरत हैं। मंगलवार रात करीब 9:50 बजे ड्यूटी समाप्त कर वह पैदल घर लौट रही थीं। उनके पास वेतन के 9,840 रुपये और एक वीवो मोबाइल फोन था। जैसे ही वह एक्सिस बैंक के पास पहुंचीं, पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने उनके हाथ से मोबाइल और नकदी झपट ली और तेज रफ्तार से फरार हो गए। छीने गए मोबाइल की कीमत करीब 4 हजार रुपये बताई गई है। इस वारदात में पीड़िता को कुल 13,840 रुपये का नुकसान हुआ। नेहा ने पुलिस को बताया कि दोनों आरोपियों की उम्र करीब 22 से 24 वर्ष थी। बाइक चला रहा युवक गहरे नीले रंग की पूरी बाजू की शर्ट पहने हुए था। बस से लौट रही महिला का मंगलसूत्र चोरी दूसरी घटना में कोरबा निवासी एक महिला बिलासपुर से बस के जरिए वापस लौटी थीं। बुधवारी बस स्टॉप पर उतरते समय उन्हें पता चला कि उनके गले से सोने का मंगलसूत्र गायब है। बस यात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने मंगलसूत्र चोरी कर लिया। महिला ने सीएसईबी चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और कार्रवाई की मांग की। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस कोरबा सीएसपी ने बताया कि दोनों मामलों में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। झपटमारी की घटना के संबंध में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जा सके। दोनों मामलों की जांच जारी है।
उदयपुर में हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन और करबला के शहीदों की याद में शुक्रवार को मुहर्रम पर मुस्लिम समाज ने ताजियों का जुलूस निकाला। दोपहर को करीब 2 बजे ताजियों का जुलूस शुरू हो गया था। पहले गली-मोहल्लों से छोटे तालियों का जुलूस निकाला गया। जो हरवेन जी का खुर्रा, हाथीपोल, मोती चोहट्टा, घंटाघर, गणेशघाटी, तीज का चौक, चोखला बाजार, भड़भूजा घाटी, बड़ा बाजार, जगदीश चौक होकर लालघाट पहुंचे। इसके बाद देर शाम बड़े ताजियों का जुलूस शुरू हो गया। इसमें प्रमुख आकर्षण का केन्द्र बड़ी पलटन, धोलीबावड़ी और अलीपुरा के ताजिये रहे। बड़ी संख्या में समुदाय के लोग परिवार सहित शामिल होने पहुंचे। इस अवसर पर ताजिये को रंग-बिरंगी रोशनी से सुंदर सजाया गया। रास्तेभर समुदाय के युवा या हुसैन के नारे लगाते रहे। जो लोग जुलूस में शामिल नहीं हो पाए। उन्होंने मस्जिदों में इबादत की। जुलूस के दौरान लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मातम किया और नोहे पढ़े।
शाजापुर जिले के मक्सी रेलवे स्टेशन के पास शुक्रवार शाम को भोपाल-दाहोद एक्सप्रेस से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान भोपाल के रहने वाले विशाल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विशाल दोपहर करीब 12:35 बजे भोपाल से ट्रेन में सवार हुआ था और आलोट अपनी ससुराल अपनी पत्नी से मिलने जा रहा था। जब ट्रेन मक्सी स्टेशन के पास पहुंची, तब वह कोच के दरवाजे (गेट) पर बैठा हुआ था। इसी दौरान अचानक उसका बैलेंस बिगड़ा और वह तेज रफ्तार चलती ट्रेन से सीधे नीचे कंक्रीट पर जा गिरा। एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया, जिला अस्पताल रेफर ट्रेन से युवक के गिरने के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए 108 एंबुलेंस और रेलवे पुलिस (प्रशासन) को घटना की जानकारी दी। मौके पर पहुंची एंबुलेंस की मदद से घायल विशाल को पहले मक्सी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। डॉक्टर ने उसकी हालत को बेहद गंभीर और नाजुक देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद तुरंत शाजापुर जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल जिला अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है, जहां डॉक्टर उसकी जान बचाने की कोशिश में जुटे हैं। इस हादसे के बाद रेलवे विभाग और संबंधित थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिजनों को सूचना दे दी गई है।
डीडवाना में इस्लाम धर्म के पैगम्बर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का पर्व परंपरागत रीति-रिवाजों और अकीदत के साथ मनाया गया। इस अवसर पर शहर से पांच ताजियों का सामूहिक जुलूस निकाला गया, जिसमें हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने भाग लिया और इमाम हुसैन को श्रद्धांजलि अर्पित की। मातमी धुनों और ढोल-ताशों के साथ ताजियों का यह जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। मुख्य बाजार और सदर बाजार में ताजियों के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे बाजारों में पैर रखने की जगह नहीं बची। बड़ी संख्या में महिलाएं और युवतियां दुकानों व मकानों की छतों से ताजियों का दीदार करती दिखीं। जुलूस शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए सिंघी तलाई स्थित कर्बला पहुंचा। यहां परंपरा के अनुसार सभी ताजियों को सैराब किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अमन, भाईचारे और खुशहाली की दुआएं मांगीं। इससे पहले, सैयदों की हताई पर एक मुख्य जलसे का आयोजन किया गया। इसमें शहर के सभी ताजियों और अखाड़ों ने भाग लिया। अकीदतमंदों ने अपनी मन्नतों के अनुसार ताजियों पर सेहरे चढ़ाए। बुजुर्गों और युवाओं ने तलवारों से हैदौस तथा लाठियों के विभिन्न पारंपरिक करतबों का प्रदर्शन किया। मोहर्रम के दौरान पूरे शहर में श्रद्धा, अनुशासन और आपसी सौहार्द का माहौल बना रहा। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिसके कारण यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
कांग्रेस नेता और लोकसभा प्रत्याशी रहे वैभव गहलोत ने जालोर में कहा- केंद्र की भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग किया है। छात्र हितों पर कुठाराघात किया है। पूरा देश पेपर लीक मामले में स्पष्टीकरण मांग रहा है लेकिन पीएम और शिक्षा मंत्री चुप हैं। देश का युवा, छात्र, महिला, व्यापारी, किसान सब परेशान हैं। वैभव गहलोत शुक्रवार को जालोर के राजीव गांधी भवन में हुई जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक में बोल रहे थे। इसके बाद छात्रों की गूंज अभियान की प्रेसवार्ता हुई जिसमें जिला सहप्रभारी दिलीप चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अभी तक केंद्रीय शिक्षामंत्री से पेपरलीक पर स्पष्टीकरण नहीं मांगा। जाहिर है कि केंद्र सरकार युवा और छात्र विरोधी है। छात्रों के मुद्दे पर किसने क्या कहा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल- छात्रों और युवाओं के साथ हो रहे इस अन्याय के खिलाफ लड़ने और सरकार को जवाब देने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने 17 जून से कोटा में देशव्यापी अभियान शुरू किया है। छात्रों की गूंज अभियान में जिला कांग्रेस कमेटी छात्रों के मुद्दे ताकत से उठाएगी। रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी- पेपरलीक मामले में कांग्रेस पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है। उनके साथ अन्याय नहीं होने देंगे। राहुल गांधी छात्र हित में लगातार संघर्ष कर रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार पेपरलीक में अपने शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बचाने की कोशिश कर रही है। जालोर जिला सह प्रभारी दिलीप चौधरी- वर्तमान में शिक्षा-रोजगार का गंभीर संकट है। लगातार पेपरलीक की घटनाएं, एग्जाम रद्द होना, भर्ती में देरी, बढ़ती बेरोजगारी और परीक्षा एजेंसियों की विफलता से छात्रों में निरक्षा और असुरक्षा का भाव है। कांग्रेस पार्टी लगातार छात्र हितों की आवाज बुलंद कर रही है। बैठक में पूर्व मंत्री पुखराज पाराशर, लाल सिंह राठौड़, जिला उपाध्यक्ष जुल्फिकार अली, वीराराम वधेला, सुरेश सियाग, मांगीलाल प्रजापत, सूरज सिंह सुराणा, पदमाराम सरगरा, जिला प्रवक्ता रमेश सोलंकी, जालोर ब्लॉक अध्यक्ष भोमाराम मेघवाल, सायला ब्लॉक अध्यक्ष सवाई सिंह चंपावत,आहोर ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह डोडियाली, जसवंतपुरा ब्लॉक अध्यक्ष जीवाराम चौहान, दिनेश कुमार पुरोहित व महेंद्र सोनगरा उपस्थित थे।
धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र में वाहन देने से इनकार करना एक परिवार को भारी पड़ गया। तीन युवकों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और घर में जमकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम सेहराडाबरी निवासी प्रीति साहू (34) ने शिकायत दर्ज कराई कि 23 जून की रात उमेश साहू उनके घर वाहन मांगने आया था। वाहन देने से इनकार करने पर वह नाराज होकर वहां से चला गया। आरोपी जबरन घर में घुसे कुछ देर बाद उमेश अपने साथ देवेंद्र साहू और प्रणेश मांडवी उर्फ प्रिंस को लेकर वापस पहुंचा और तीनों जबरन घर में घुस गए। पति-बेटी से मारपीट, घर में की तोड़फोड़ आरोपियों ने प्रीति साहू के पति मनोज साहू और बेटी नीलिमा साहू के साथ मारपीट की। इस दौरान परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई। हमलावरों ने घर के दरवाजे, खिड़कियां, बिजली मीटर, गमले, कुर्सी और मोटरसाइकिल में भी तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया। तीनों आरोपी गिरफ्तार शिकायत के आधार पर अर्जुनी पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। जांच के बाद देवेंद्र साहू (22), उमेश साहू उर्फ छोटू (22) और प्रणेश मांडवी उर्फ प्रिंस (18), निवासी ग्राम सेहराडाबरी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।
सिरसा जिले की रानियां थाना पुलिस ने 508 ग्राम अफीम बरामदगी मामले में मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। गौरतलब है कि 15 जून 2026 को जिला सीआईए सिरसा पुलिस टीम ने बालासर रोड, रानियां क्षेत्र में एक गाड़ी से तीन युवकों को 508 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा था। रानियां थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया था कि यह अफीम रविनाथ निवासी तलवाड़ा झील, राजस्थान से लाई गई थी। राजस्थान से गिरफ्तार किया गया आरोपी इस मामले में थाना रानियां में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, रानियां थाना पुलिस ने मिली महत्वपूर्ण सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए सप्लायर आरोपी रविनाथ को तलवाड़ा झील, राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
नाथद्वारा में शुक्रवार को मुहर्रम पर इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में भाईचारे के साथ फौज मोहल्ला स्थित मस्जिद से युवाओं की मौजूदगी में ताजियों का जुलूस निकाला गया। बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। वहीं गरीब नवाज कॉलोनी से भी ताजिया अंजुमन चैक पहुंचे। यहां युवाओं और सामाजिक संगठनों की ओर से आमजन को खीर और तबर्रुक का वितरण किया गया। जुलूस में एकता और भाईचारा दिखा जुलूस के दौरान कौमी एकता और भाईचारे का संदेश देखने को मिला। समाज के युवाओं ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों का अभिनंदन किया। वहीं करीब एक माह तक मेहनत कर ताजियों पर आकर्षक नक्काशी करने वाले कारीगरों का सकल मुस्लिम समाज के अध्यक्ष और कमेटी सदस्यों ने साफा पहनाकर सम्मान किया। गनी बाबा दरगाह पहुंचे ताजिये शुक्रवार शाम को मुख्य ताजिया जुलूस फौज मोहल्ला और सिंघवी जी की हवेली मार्ग से होते हुए गनी बाबा दरगाह पहुंचा। इस दौरान रोजे रखे और मस्जिदों में विशेष इबादत की। मस्जिद में इमाम मोहम्मद अयूब रजा ने फातिहा ख्वानी की रस्म अदा की। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम आयोजन को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। डिप्टी शिप्रा राजावत के निर्देशन और सीआई विक्रम सिंह के नेतृत्व में पूरे मार्ग पर पुलिस जाप्ता तैनात रहा। शांतिपूर्ण माहौल में मुहर्रम का आयोजन संपन्न हुआ।
राज्य सरकार द्वारा आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने ब्यावर का दो दिवसीय दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जिले के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने जिला चिकित्सालय ब्यावर और उप जिला चिकित्सालय जैतारण का दौरा कर चिकित्सा सेवाओं, साफ-सफाई, दवा उपलब्धता और मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डॉ. सिंह ने अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, आपातकालीन सेवाओं, प्रसूति कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, प्रयोगशाला, दवा वितरण केंद्र और विभिन्न वार्डों का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही, अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर सुविधाओं के संबंध में सीधा फीडबैक भी प्राप्त किया। डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रत्येक मरीज को समय पर गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चिकित्सा संस्थानों में साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाएं, उपकरणों की कार्यशीलता और मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए पूर्ण जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने और नियमित निगरानी पर भी विशेष बल दिया। दौरे के दौरान मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की भी विशेष समीक्षा की गई। डॉ. सिंह ने प्रसूति कक्ष, नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू/एनबीएसयू), प्रसवोत्तर वार्ड और टीकाकरण सेवाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध कराने, उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था की नियमित निगरानी करने और समय पर रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नवजात एवं शिशुओं को बेहतर देखभाल, संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने, पूर्ण टीकाकरण, स्तनपान प्रोत्साहन तथा मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए सभी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। डॉ. इन्द्रजीत सिंह ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों में हर स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं तथा मरीजों के उपचार एवं सुविधाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय गहलोत, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. लोकेश कुमावत, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस.एस. चौहान, प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रदीप मुलेवा सहित ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारी, संस्थान प्रभारी एवं स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
कोटा और बूंदी जिलों में ब्लॉक स्तर पर 11 नए आधार नामांकन और संशोधन केंद्रों की सुविधा शुरू की जा रही है। इस सुविधा के शुरू होने से हजारों ऐसे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिनके आधार कार्ड अब तक नहीं बन पाए हैं या जिनके दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित थे। हाल ही में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के निर्देश पर एक ग्राम पंचायत में पायलट प्रोजेक्ट के तहत सर्वे करवाया गया था। इस सर्वे में सामने आया कि बड़ी संख्या में नागरिक आधार कार्ड व अन्य आवश्यक दस्तावेजों के अभाव या उनमें त्रुटियों के कारण जन आधार, खाद्य सुरक्षा, पेंशन, छात्रवृत्ति, किसान सम्मान निधि और जमाबंदी संशोधन सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। पहले सीमित आधार केंद्रों के कारण लोगों को दूर-दराज के इलाकों से कोटा और अन्य बड़े शहरों तक जाना पड़ता था, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और श्रमिकों को समय, धन और परेशानी का सामना करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही आधार बनने और दस्तावेजों में संशोधन होने से नागरिक विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में आसानी से अपना नाम जुड़वा सकेंगे और आवश्यक सुधार करा सकेंगे। इन 11 ब्लॉक पर उपलब्ध होगी सुविधा कोटा जिले में यह सुविधा जिला परिषद कार्यालय कोटा, लाडपुरा ब्लॉक के गंदीफली व मवासा के ग्राम पंचायत भवनों में उपलब्ध रहेगी। बून्दी जिले में बून्दी उप पंजीयक कार्यालय, तहसील कार्यालय, केशवरायपाटन पंचायत समिति, नैनवां पंचायत समिति, धनेश्वर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति तालेड़ा, उपखंड अधिकारी कार्यालय लाखेरी और हिंडोली पंचायत समिति स्थित सेवा केंद्र में आधार नामांकन एवं संशोधन की सुविधा उपलब्ध होगी।
सूरजगढ़ के उरीका गांव में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद इलाके में बवाल मच गया है। उरीका गांव निवासी संजय नायक की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। ग्रामीणों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा आक्रोश जताया। घटना स्थल पर परिजनों व ग्रामीणों ने शव को रखकर न्याय की गुहार लगाई है। मजदूरी करने आए युवक की मौत मृतक के भाई, संदीप नायक ने इस मामले में बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप ने बताया कि उनके भाई संजय नायक को काम के सिलसिले में बुलाया गया था। आरोप है कि मजदूरी देने के बजाय, ठेकेदार द्वारा संजय को जहरीली शराब पिलाई गई। इसके बाद, पैसे के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ और संजय की मारपीट कर हत्या कर दी गई। मृतक के परिजनों ने बताया कि संजय का एक छोटा बच्चा है, जिस पर से अब पिता का साया उठ चुका है। संजय अपने परिवार का सहारा था। इलाके में 3 ब्रांचे चल रही है स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस इलाके में अवैध रूप से शराब की तीन शाखाएं (ब्रांच) चल रही हैं, जहां हरियाणा निर्मित शराब बेची जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने प्रशासन और पुलिस को इन अवैध गतिविधियों की बार-बार जानकारी दी थी, लेकिन शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब ठेकेदार अपनी गुंडागर्दी के दम पर यह अवैध कारोबार चला रहे हैं और स्थानीय लोगों को डरा-धमका कर चुप करा देते हैं। इसी कारण क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है। प्रशासन की कार्रवाई की मांग संदीप ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि प्रशासन मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी दे और बच्चों के भविष्य व पालन-पोषण के लिए पर्याप्त मुआवजा प्रदान करे। साथ ही, उन्होंने शराब ठेकेदारों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा दिलवाने की मांग की है। इस घटना के बाद सीआई रणजीत सेवदा के नेतृत्व में पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंच गया है। पुलिस फिलहाल ग्रामीणों और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है। इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है और ग्रामीणों ने इन अवैध शराब की दुकानों को तुरंत प्रभाव से बंद करने की मांग की है।
श्रीगंगानगर में पाकिस्तान से उड़कर आने वाले संदिग्ध गुब्बारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। जिले में एक बार फिर पाकिस्तानी गुब्बारा बरामद हुआ। इस बार घमुड़वाली थाना क्षेत्र के गांव 56 एलएनपी में शुक्रवार शाम 5 बजे यह गुब्बारा पाया गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- गांव 56 एलएनपी के रहने वाले विनोद कुमार पुत्र फूलचंद को अपने खेत में संदिग्ध गुब्बारा पड़ा मिला। उसने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। इसके बाद थाना घमुड़वाली की टीम और एएसआई जयप्रकाश मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुब्बारे को कब्जे में ले लिया और जांच की। पुलिस के अनुसार बरामद गुब्बारा गुलाबी और सफेद रंग का है। यह हवाई जहाज के आकार में है। इस पर अंग्रेजी में PIA (Pakistan International Airlines) लिखा है और चांद-तारे का निशान है। मालखाने में जमा किया एहतियात बरतते हुए पुलिस ने गुब्बारे को सुरक्षित रूप से मालखाने में जमा कर दिया है। मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या गुब्बारा दिखाई दे तो उसे हाथ न लगाएं और नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचना दें।
बुरहानपुर जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। शुक्रवार शाम ग्राम घाघरला और डालमहू के बीच स्थित रपटे पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन प्रभावित हो गया। इसके बावजूद, ग्रामीण और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर रपटा पार करते देखे गए। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या हर वर्ष बारिश के मौसम में सामने आती है। सड़क का निर्माण तो हो चुका है, लेकिन रपटे की ऊंचाई कम होने के कारण थोड़ी सी अधिक बारिश में ही पानी इसके ऊपर से बहने लगता है। इससे बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे दोनों गांवों का संपर्क बाधित हो जाता है। लोगों को या तो घंटों इंतजार करना पड़ता है या फिर जोखिम उठाकर रपटा पार करना पड़ता है। मजबूत और ऊंचा पुल बनाने की मांगग्रामीणों का सुझाव है कि यदि रपटे की ऊंचाई लगभग 5 फीट बढ़ा दी जाए, तो बारिश का पानी आसानी से नीचे से निकल सकेगा। इससे जलभराव की समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी और आवागमन सुचारु रहेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यह रपटा कई वर्षों पुराना और जर्जर हो चुका है। नया सड़क मार्ग बनने के बावजूद पुराने रपटे का पुनर्निर्माण नहीं किया गया, केवल मरम्मत कर उसे उपयोग में रखा गया है। इस कारण समस्या आज भी बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की कि लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुराने रपटे के स्थान पर एक नया, मजबूत और ऊंचा पुल बनाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।
महासमुंद जिले की सिंघोड़ा पुलिस ने एनएच-53 पर रेहटीखोल के पास नाकेबंदी कर 51 किलोग्राम गांजा जब्त किया है। यह खेप ओडिशा के भुवनेश्वर से उत्तर प्रदेश के कानपुर ले जाई जा रही थी। कार्रवाई के दौरान एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसका साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने गांजा, कार और मोबाइल सहित कुल 30.60 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि हरियाणा नंबर की मारुति सुजुकी कार (HR-55 AL-8890) में ओडिशा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ के रास्ते उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा है। कार रोकते ही साथी जंगल में भागा सूचना के आधार पर सिंघोड़ा पुलिस ने एनएच-53 स्थित रेहटीखोल में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहन का इंतजार किया। कुछ देर बाद संदिग्ध कार मौके पर पहुंची। पुलिस ने जैसे ही वाहन को रोका, चालक के साथ बैठा एक व्यक्ति कार से उतरकर जंगल की ओर भाग निकला। पुलिस ने उसकी तलाश की, लेकिन वह फरार होने में सफल रहा। पूछताछ में चालक ने अपनी पहचान आलोक कुमार चौहान (32) निवासी नेगवा खिरिया, थाना किशनी, जिला मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई। फरार आरोपी की पहचान संजीव कुमार, निवासी वेस्ट सागरपुर, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के रूप में हुई है। तीन बोरियों से मिला 51 किलो गांजा वाहन की तलाशी लेने पर बीच की सीट पर रखी तीन प्लास्टिक बोरियों से कुल 51 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपी आलोक कुमार चौहान ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह यह गांजा भुवनेश्वर से कानपुर में बिक्री के लिए ले जा रहा था। 30.60 लाख की संपत्ति जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 25.50 लाख रुपये मूल्य का 51 किलोग्राम गांजा, 5 लाख रुपये कीमत की मारुति सुजुकी कार तथा 10 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन जब्त किया। इस प्रकार कुल 30 लाख 60 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज सिंघोड़ा थाना पुलिस ने आरोपी आलोक कुमार चौहान के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जबकि फरार आरोपी संजीव कुमार की तलाश जारी है।

