अलीगढ़ में हरदुआगंज थाने के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार को एसएसपी नीरज कुमार जादौन ने निलंबित कर दिया है। युवक का कंकाल मिलने के मामले का अभी तक खुलासा न होने और एक हिस्ट्रीशीटर की दबंगई का वीडियो वायरल होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए यह कार्रवाई की गई है। दो दरोगा पहले हो चुके हैं निलंबित तीन नवंबर को नगरिया भूड़ निवासी दिनेश कुमार उर्फ अबनू का कंकाल झाड़ियों में मिला था। कपड़ों और दांतों के आधार पर परिजन ने उसकी पहचान की थी। जांच में सुस्ती और व्यवहार में लापरवाही को लेकर दो दरोगा पहले ही निलंबित किए जा चुके थे। इंस्पेक्टर को भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन तीन हफ्ते बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। फायरिंग में वांछित की वीडियो वायरल इसी बीच गुरुवार को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें अलहदादपुर निवासी हिस्ट्रीशीटर सौरभ ठाकुर शराब के ठेके पर पिस्टल लहराते हुए दबंगई करता दिख रहा है। पुलिस रिकॉर्ड में वह क्वार्सी के सुरेंद्र नगर में हुई फायरिंग की वारदात में वांछित चल रहा है। क्राइम मीटिंग में भी थानेदारों को दी थी चेतावनी कुछ दिन पहले क्राइम मीटिंग में यह भी साफ कहा गया था कि किसी भी थाना क्षेत्र में हिस्ट्रीशीटर की आपराधिक हरकत पर संबंधित थाना प्रभारी पर सीधे कार्रवाई की जाएगी। हिस्ट्रीशीटर का खुलेआम ठेके पर हथियार लहराना पुलिस की बड़ी चूक माना गया। इसके बाद इंस्पेक्टर बृजेश कुमार को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया। हिस्ट्रीशीटर की तलाश में दबिश जारी पुलिस अब सौरभ ठाकुर की तलाश में दबिशें दे रही है। वहीं, हत्या का खुलासा करने के लिए एसएसपी ने नई टीम लगाई है। कार्रवाई के बाद जिले के थानों को दोबारा सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखें, वरना जिम्मेदारी तय की जाएगी।
6 साल की मासूम से रेप का आरोपी सलमान एक शॉर्ट एनकाउंटर के बाद घायल हो गया। उसका हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। 27 नवंबर की आधी रात को जब रायसेन जिले की गौहरगंज थाने की पुलिस उसे गिरफ्तार कर ले जा रही थी तभी भोपाल से तीस किमी दूर कीरत नगर के पास पुलिस की गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया। सलमान ने मौके का फायदा उठाकर एसआई की पिस्टल छीन ली। उसने पुलिस हिरासत से फरार होने की कोशिश की। जवाब में पुलिस ने गोली चलाई, जो सीधे सलमान के पैर में लगी। इस शॉर्ट एनकाउंटर के बाद पुलिस ने उसे दोबारा दबोच लिया। यह घटना मध्य प्रदेश में पिछले एक महीने में हुई पांचवीं ऐसी मुठभेड़ थी। ये सभी मामले हाई-प्रोफाइल थे, जिनमें जनता का गुस्सा उफान पर था और अपराधियों को 'गोली मारने' तक की मांग उठ रही थी। इस एनकाउंटर से ठीक एक दिन पहले मुख्यमंत्री ने खुद आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस अफसरों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की थी। ये घटनाएं एक बड़ा सवाल खड़ा करती हैं कि क्या मध्य प्रदेश पुलिस राजनीतिक और सामाजिक दबाव में आकर इस तरह की कार्रवाई कर रही है? या फिर यह अपराधियों से निपटने का एक नया, आक्रामक तरीका है? दैनिक भास्कर ने इन पांचों एनकाउंटर की गहराई से पड़ताल की और एक्सपर्ट से बात कर इसके पीछे की सच्चाई जानने की कोशिश की। वो पांच केस, जिन्होंने 'शॉर्ट एनकाउंटर' को चर्चा में ला दिया गाड़ी पंक्चर हुई तो भागने की कोशिश21 नवंबर को 6 साल की बच्ची को चॉकलेट दिलाने के बहाने जंगल ले जाकर रेप करने वाला 23 वर्षीय सलमान खान फरार था। उस पर 30 हजार का इनाम घोषित था और जनता में भारी आक्रोश था। मुख्यमंत्री की फटकार के बाद पुलिस ने 27 नवंबर की रात उसे भोपाल से गिरफ्तार किया। रात करीब 3 बजे जब पुलिस उसे गाड़ी से रायसेन ले जा रही थी, तो कील लगने से गाड़ी पंक्चर हो गई। जैसे ही उसे बैकअप गाड़ी में शिफ्ट करने की कोशिश की गई, सलमान ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राजा की पिस्टल छीनकर उन पर फायर करने की कोशिश की। एसआई रजक ने बचाव में उसका हाथ ऊपर कर दिया, जिससे दो गोलियां हवा में चलीं। इसी बीच, दूसरी टीम ने क्रॉस फायरिंग की और भागने की कोशिश कर रहे सलमान के पैर में गोली मार दी। इस झड़प में थाना प्रभारी को भी चोटें आईं। घायल सलमान को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सलमान अब 10 दिन की पुलिस रिमांड पर है। टॉयलेट का बहाना कर फरार होने की कोशिशपुलिस टीम 26 नवंबर को रिटायर्ड शिक्षिका की हत्या के आरोपी सागर मीणा को झाबुआ बॉर्डर से पकड़कर ला रही थी। यह हत्या शिक्षिका की नौकरानी और उसकी बेटी ने पैसों के लालच में सागर के साथ मिलकर रची थी। रावटी और रानी इलाके के बीच रात करीब 12:30 बजे सागर ने टॉयलेट का बहाना बनाया। गाड़ी रुकते ही वह उतरा और थाना प्रभारी अनुराग यादव को धक्का देकर उनकी पिस्टल छीनने की कोशिश की। जब टीआई यादव ने उसे पकड़ना चाहा, तो उसने उन पर पिस्टल तान दी और भागने लगा। आत्मरक्षा में टीआई सत्येंद्र रघुवंशी ने आरोपी के पैर में गोली मार दी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। सरेंडर के लिए कहा, तो आरोपी ने फायरिंग की10 हजार का इनामी हिस्ट्रीशीटर कपिल यादव जमीन विवाद में कुछ लोगों पर हमला करने के बाद से फरार था। 24 नवंबर को पुलिस को सूचना मिली कि वह मोहनपुर के एक ईंट भट्टे पर छिपा है। पुलिस टीम ने जब उसे घेरा और सरेंडर करने को कहा, तो उसने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कपिल के पैर में गोली लगी। उसे एक अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। कपिल पर करीब 12 आपराधिक केस दर्ज हैं और उस पर पहले NSA भी लग चुका है। पुलिस को देख फायरिंग शुरू कर दी19 नवंबर को पेट्रोल पंप और हाईवे पर लूट करने के बाद पुलिस आरक्षक चंद्रकांत तिवारी से मारपीट कर फरार हुए मनीष करिया की पुलिस तलाश कर रही थी। 22 नवंबर की सुबह पुलिस को उसके धनवाही के जंगलों में छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस टीम के पहुंचते ही मनीष ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे दबोच लिया गया। इस घटना में एक पुलिस जवान भी घायल हुआ। आरोपियों को घेरा तो उन्होंने गोलियां चलाईं27 अक्टूबर को भाजपा के पिछड़ा वर्ग मंडल अध्यक्ष नीलेश रजक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद भारी जनाक्रोश था और परिजन 7 घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। 28-29 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब 2 बजे पुलिस को आरोपियों के कजरवारा इलाके में होने की सूचना मिली। पुलिस ने घेराबंदी की तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में चार राउंड फायर किए, जिसमें आरोपी अकरम खान और प्रिंस के पैर और हाथ में गोली लगी। दोनों को घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया। क्या होता है 'शॉर्ट एनकाउंटर'?अपने करियर में 100 से ज्यादा एनकाउंटर कर चुके एमपी पुलिस के रिटायर्ड डीएसपी अशोक सिंह भदौरिया बताते हैं कि शॉर्ट एनकाउंटर वह सिचुएशन है जब पुलिस और आरोपी के बीच अचानक मुठभेड़ जैसी स्थिति बन जाए और कुछ ही सेकेंड या मिनटों में जवाबी कार्रवाई करनी पड़े। इसमें कोई लंबी योजना या बड़ा ऑपरेशन नहीं होता, बल्कि आरोपी के भागने, हमला करने या हथियार छीनने की कोशिश पर पुलिस तत्काल प्रतिक्रिया देती है। एनकाउंटर के पीछे का दबाव और मनोविज्ञानपुलिस के इन पांचों एनकाउंटर में एक पैटर्न साफ नजर आता है-ये सभी अपराध गंभीर थे और इनकी गिरफ्तारी को लेकर जनता का पुलिस पर भारी दबाव था। गौहरगंज रेप मामले में जब आरोपी पांच दिन तक नहीं पकड़ा गया तो सीएम मोहन यादव ने 6 नवंबर को पीएचक्यू में सीएस, डीजीपी, एडीजी इंटेलिजेंस सहित शीर्ष अधिकारियों की बैठक ली थी। उन्होंने आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर गहरी नाराजगी जताई थी, जिसके बाद रायसेन एसपी को हटाकर पुलिस हेडक्वॉर्टर अटैच कर दिया गया था। बैठक के ठीक एक दिन बाद आरोपी न सिर्फ पकड़ा गया, बल्कि उसका एनकाउंटर भी हो गया। एक्सपर्ट बोले- पुलिस पर प्रेशर और जनता का खोता संयमरिटायर्ड आईपीएस एनके त्रिपाठी का कहना है, ‘हाई-प्रोफाइल अपराधों में पुलिस पर अपराधी को पकड़ने का काफी दबाव होता है। यह दबाव जनता, मीडिया और प्रशासन, तीनों स्तरों पर होता है। ऐसे में अगर अपराधी पुलिस की गिरफ्त से भागने में कामयाब होता है, तो इसे पुलिस की विफलता माना जाता है। खतरनाक अपराधी कई बार हथियारों से लैस होते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में पुलिस को आत्मरक्षा के लिए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई करनी पड़ती है।’ हालांकि, त्रिपाठी यह भी जोड़ते हैं, मानवाधिकार आयोग और न्यायपालिका द्वारा एनकाउंटर की विश्वसनीयता पर अक्सर सवाल उठाए जाते हैं। पुलिस कई बार फर्जी एनकाउंटर भी करती है, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। पुलिस का पक्ष भी देखा जाना जरूरी है। कानून की नजर में सबूत ही सबकुछभोपाल जिला न्यायालय के सीनियर एडवोकेट नरेंद्र सिंह चौहान कहते हैं कि कोर्ट की नजर में सबूत ही सबकुछ होता है। किसी एनकाउंटर के मामले में जो सबूत कोर्ट के सामने पेश किए जाते हैं। उनके आधार पर ही कोर्ट फैसला देता है। कई बार कोर्ट के फैसलों में ये पाया गया है कि पुलिस की एनकाउंटर की थ्योरी झूठी होती है। जब ऐसे मामले कोर्ट के सामने आते हैं तो कोर्ट के आदेश से इनकी जांच होती है। हालांकि, पुलिस के एनकाउंटर के कुछ मामले सच भी होते हैं। चौहान कहते हैं कि पुलिस को गोली चलाने का कानूनी आधार 4 परिस्थितियों में मिलता है। अपराधियों में डर पैदा करने की रणनीति?नाम न बताने की शर्त पर कुछ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि संवेदनशील मामलों में जनता के बीच 'त्वरित न्याय' की धारणा पनपती है। बढ़ते अपराध को रोकने और बदमाशों को एक कड़ा संदेश देने के लिए 'शॉर्ट एनकाउंटर' जैसी कार्रवाई करनी पड़ती है। इससे अपराधियों में कानून और पुलिस का डर बना रहता है, जो अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी है।
मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि महात्मा गांधी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। यदि कार्यक्षमता बढ़ानी है, तो शारीरिक फिटनेस प्राथमिकता होनी चाहिए। वे शनिवार को मीडिया से चर्चा कर रहे थे। मौका था 1 फरवरी को आयोजित होने वाली 12वीं “इंदौर मैराथन” की तैयारियों का। उन्होंने कहा कि मैं ब्रांडिंग नहीं कर रहा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को आप सुबह 8, 9 या 10 बजे देखें, या रात 1-2 बजे, उनका चेहरा हमेशा एक जैसा ऊर्जा से भरा रहता है। इसका कारण है कि वे व्यस्तता के बाद भी रोज डेढ़ घंटा अपनी सेहत पर देते हैं। गृह मंत्री अमित शाह भी इसी नियम का पालन करते हैं।” कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि वे स्वयं पिछले 50 वर्षों से नियमित एक्सरसाइज करते हैं। “मेरी शारीरिक फिटनेस का स्तर वही है, जो 50 साल पहले था। मेरे टेलर के दादाजी ने जो नाप लिया था, वही आज भी है।” उन्होंने कहा कि फिटनेस के प्रति इंदौर ही नहीं, पूरी दुनिया में जागरूकता बढ़ी है। कॉर्पोरेट जगत के लोग भी स्वास्थ्य और योग के लिए ट्रेनर रखते हैं और कई उद्योगपति बाबा रामदेव के योग सत्र में शामिल होते हैं। महिलाओं और युवाओं में बढ़ी फिटनेस जागरूकताविजयवर्गीय ने कहा कि यदि कोई अच्छा काम करना चाहता है, बेहतर निर्णय लेना चाहता है, तो स्वस्थ शरीर आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इंदौर में अब लगभग हर मैदान और गार्डन में सुबह-शाम सैकड़ों लोग वॉक और रनिंग करते दिखाई देते हैं।“इंदौर स्वच्छता के बाद अब स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी अग्रणी बनने की ओर बढ़ रहा है।” वह एकेडमी ऑफ इंदौर मैराथनर्स (AIM) के संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि यह मैराथन पिछले 11 साल से फरवरी के पहले रविवार को “फिटनेस उत्सव” के रूप में आयोजित की जाती रही है।इस वर्ष की थीम है-“दिल से दौड़े, दिल के लिए”। इंदौर को फिटनेस की राजधानी बनाएंगे AIM के अध्यक्ष नितिन अग्रवाल ने कहा कि हमारा लक्ष्य इंदौर को भारत की फिटनेस राजधानी बनाना है। रनिंग सीखने वालों के लिए AIM द्वारा रनर्स क्लीनिक में रोज सुबह 6 से 7.30 बजे तक निःशुल्क प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सचिव सुमित रावत ने कहा कि मैराथन ने शहर में फिटनेस की गहरी समझ विकसित की है।“आज सैकड़ों लोग, जो पहले 100 मीटर भी नहीं दौड़ पाते थे, अब हॉफ और फुल मैराथन में हिस्सा ले रहे हैं। कई डॉक्टर भी रनिंग अपनाकर मरीजों को इसकी सलाह देते हैं।” 21 और 10 किमी धावकों को इलेक्ट्रॉनिक चिप लगे बिब रेस डायरेक्टर विजय सोहनी ने बताया कि रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। प्रतिभागी www.indoremarathon.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। निर्धारित संख्या पूरी होते ही रजिस्ट्रेशन बंद कर दिए जाएंगे। दौड़ चार श्रेणियों में होगी- 21 और 10 किमी श्रेणी के प्रतिभागियों को इलेक्ट्रॉनिक चिप लगे बिब दिए जाएंगे, जबकि अन्य को साधारण बिब। मार्ग में पर्याप्त हाइड्रेशन पॉइंट रहेंगे। पेसर्स (अनुभवी धावक) प्रतिभागियों को समय पर रेस पूरी करने में मदद करेंगे। रोजाना वॉक करने वाले लोग भी 3 या 5 किमी रन में भाग लेकर मेडल और फिटनेस अवॉर्ड पा सकते हैं।
वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट, शेयरचैट, जियोचैट, अराटाई और जोश जैसे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स मोबाइल में एक्टिव सिम कार्ड के बिना नहीं चल पाएंगे। केंद्र सरकार ने शनिवार को मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को लेकर नया आदेश जारी किया है। सरकार का दावा है कि इससे साइबर धोखेबाजों का पता लगाने में मदद मिलेगी। दूरसंचार विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स यह सुनिश्चित करें कि एप तभी चलेगा, जब यूजर की रजिस्टर्ड सिम उस मोबाइल में एक्टिव होगी। इतना ही नहीं ‘सिम बाइंडिंग’ के तहत अगर मोबाइल से सिम निकाल ली जाती है तो वॉट्सएप और बाकी दूसरे मैसेजिंग एप बंद हो जाएंगे। वेब ब्राउजर के जरिए लॉगइन करने वाले यूजर के लिए भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को हर छह घंटे में यूजर को लॉगआउट करना होगा। इसके बाद क्यूआर कोड के जरिए ही लॉगइन हो सकेगा। नए नियम 90 दिन में लागू होंगे दूरसंचार विभाग ने कहा है कि यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। सभी ओवर-द-टॉप (ओटीटी) संचार प्लेटफॉर्म को 90 दिन में सिम-टू-डिवाइस बाइंडिंग नियम मानना होगा। 120 दिनों के भीतर इसकी रिपोर्ट देनी होगी। कई सर्विस प्रोवाइडर यूजर के मोबाइल नंबर को केवल एक बार (इंस्टॉलेशन के समय) वैरिफाई करती हैं। इसके बाद सिम कार्ड हटा देने पर भी मैसेजिंग एप काम करता रहता है। केंद्र के नए निर्देश का मतलब है कि ये मैसेजिंग सर्विस तभी काम करेंगी जब यूजर के फोन में SIM मौजूद और एक्टिव होगी।
डिजिटल अरेस्ट कर ठगी करने वाले लोगों को खाता प्रोवाइड कराने वाले एक ठग को गिरफ्तार किया। इसके लिए ठग को खाते में आई रकम का 10 प्रतिशत मिलता था। साइबर पुलिस ने दिल्ली से दीपक को गिरफ्तार किया है। इसके खाते में डिजिटल अरेस्ट कर 1.70 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में पैसा ट्रांसफर किया गया था। इस मामले में तीन साइबर ठग पहले की गिरफ्तार हो चुके है। 16 सितंबर को थाना साइबर क्राइम नोएडा में एक मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें साइबर अपराधियों ने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया और स्वयं को सीबीआई अधिकारी बताते हुए यह कहकर डराया किया गया कि आपके मोबाइल फोन का प्रयोग “नरेश गोयल स्कैम”में अवैध गतिविधियों के लिए हुआ है। इसी बहाने वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट कर उसे गिरफ़्तारी का डर दिखाते हुए 1 करोड़ 70 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कराया गया। बदमाशों ने बताया कि उसके बैंक खाते में ठगी की धनराशि प्राप्त होती थी, जिसे वह अपने साथियों के साथ मिलकर एटीएम के माध्यम से निकाल लेते थे। इसके बदले उसे लगभग 10% कमीशन मिलता था। यह भी स्वीकार किया कि वह अपना बैंक खाता किराए पर अन्य लोगों को उपलब्ध कराता था। घटना में प्रयुक्त बैंक खाते के विरुद्ध एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से कुल 03 शिकायतें दर्ज हैं। अभियुक्त दीपक के खाते में एक लाख रुपए आए थे।
प्रयागराज में नए यमुना पुल पर रील बनाने वाली महिला का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। भले ही पुलिस अभी तक महिला खुशी तक नहीं पहुंच सकी, लेकिन दैनिक भास्कर ने उनसे खास बातचीत की। खुशी सिंह ने रील बनाने से लेकर अपने घर छोड़ने तक की पूरी कहानी अपनी जुबानी बताई। कोरांव की रहने वाली खुशी सिंह BA की छात्रा हैं। 12वीं तक की पढ़ाई अपने गांव से ही की। इसी दौरान खुशी की मुलाकात करन से हुई, जो उनके कॉलेज में पढ़ता था। दोनों की दोस्ती 11वीं क्लास में हुई। फिर धीरे-धीरे बात आगे बढ़ी। जब दोनों ने परिवार से शादी की इच्छा जाहिर की तो घरवालों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद भी दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे। आखिरकार खुशी और करन ने 25 अगस्त 2024 को घर छोड़कर भागने का फैसला लिया। दोनों ने पहले मंदिर में शादी की, फिर कोर्ट मैरिज भी की। वर्तमान में नैनी इलाके में किराए पर रह रहे हैं। पढ़िए भास्कर के सवाल और खुशी के जवाब… सवाल: कब से वीडियो बना रही? रिकॉर्ड कौन करता है?जवाब: वीडियो और रील बनाने का शौक पहले से था। घरवाले भी कभी मना नहीं करते थे, लेकिन उस समय सुविधाएं नहीं थीं। शादी के बाद पति करन ने पूरा सहयोग दिया। करीब 6 महीने पहले वीडियो बनाना शुरू किया। करन ही वीडियो रिकॉर्ड करते हैं। करन ने कभी रोका नहीं है, बल्कि हमेशा प्रोत्साहित ही किया। सवाल: नए यमुना पुल पर REEL क्यों बनाई?जवाब: मैं सिर्फ एक सामान्य REEL बना रही थी। वीडियो वायरल हो जाएगा, ऐसा सोचा भी नहीं था। बहुत सावधानी बरतते हुए मैंने ये रील बनाई थी। सवाल: आप घर से क्यों चली गई थीं?जवाब: मैं करन से प्यार करती थी, लेकिन परिवार शादी के लिए तैयार नहीं था। इसलिए हमने घर छोड़ दिया और शादी कर ली। सवाल: पुलिस आपकी तलाश कर रही, क्या कहना चाहेंगी?जवाब: मुझे नहीं लगा था कि वीडियो वायरल होने से कोई मामला बन जाएगा। मैंने कुछ गलत नहीं किया। सिर्फ अपना शौक पूरा कर रही थी। वीडियो बनाने से पहले पति करन ने बहुत सावधानियों के बारे में समझाया। पूरी सावधानी से ये वीडियो शूट किया गया। सवाल: क्या आगे भी रील बनाती रहेंगी?जवाब: हां, मेरा जुनून है। लेकिन, अब यह भी ध्यान रखूंगी कि किसी को असुविधा न हो। ऐसी जगह रील न बनाऊं कि उससे कोई खतरा हो या किसी दूसरे लोग भी ऐसी खतरनाक जगह रील बनाने के लिए प्रेरित हों। आगे से पूरा ध्यान रखूंगी। सवाल : क्या परिवार से अब बातचीत होती है?जवाब: नहीं, फिलहाल बात नहीं होती। कई बार बात करने की कोशिश की, लेकिन मेरी मनमानी से वो लोग नाराज हैं। उम्मीद है, समय के साथ सब ठीक हो जाएगा। सवाल: पुल पर वीडियो बनाने को लेकर क्या कहेंगी?जवाब: मुझे नहीं पता था कि इस वीडियो से पब्लिक या प्रशासन को दिक्कत होगी। इतना अंदाजा नहीं था कि पुल पर वीडियो बनाना मना है। इससे केस होता है। मैं हाथ जोड़कर यूपी पुलिस और देशवासियों से माफी मांगती हूं। मैंने अनजाने में वो वीडियो बनाया था। सवाल : अब तक कितनी रील बना चुकी हैं?जवाब: मैं maurwanshii_khushi के नाम से इंस्टाग्राम चलाती हूं। अब तक मैंने 693 रील पोस्ट की हैं। एक महीने पहले 6 हजार फॉलोअर थे, अब करीब 14 हजार 700 फॉलोअर हैं। एक दिन में एक लाख से ज्यादा व्यूज हो जाते हैं। यमुना पुल पर बनाई रील, रेलिंग पर डांस स्टेप किया DCP बोले- सड़कों पर रील बनाने वालों पर कार्रवाई होगीखुशी के इंस्टा पर कई वीडियो हैं। इनमें वह कभी सड़क पर तो कभी डिवाइडर पर चढ़कर डांस करती हुई नजर आती है। पेट्रोल पंप पर भी डांस करने की उसने रील बनाई है। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव का कहना है कि कई लोगों ने पुलिस को उस महिला की रील, वीडियो भेजे हैं। पुलिस ने खुद भी संज्ञान लिया। उसकी तलाश की जा रही है। उसके नैनी के पते पर फोर्स गई थी। सोशल मीडिया पर युवती का माफी मांगते वीडियो आया है। ऐसे स्टंट के बाद यमुना पुल पर एक टीम लगा दी गई है। किसी को भी रील, वीडियो नहीं बनाने दिया जा रहा। महिला से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। -------------------- ये खबर भी पढ़िए- महिला IPS ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाया, थप्पड़ जड़ा: कानपुर में महिला को ट्रक ने रौंदा, गुस्साई भीड़ का हंगामा कानपुर में बेकाबू ट्रक ने महिला को रौंद दिया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रक छोड़कर ड्राइवर और कंडक्टर भाग गए। महिला की मौत पर गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर जमकर हंगामा कर दिया। बवाल बढ़ता देखकर चार थानों के 40 पुलिसवाले मौके पर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर...
बाहुबली धनंजय सिंह फिर सुर्खियों में हैं। कोडीन कफ सिरप तस्करी में गिरफ्तार अमित टाटा के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं। इससे राजनीति का तापमान चढ़ गया है। सपा प्रमुख ने तंज कसा- बुलडोजर कब चलेगा? निशाने पर आए धनंजय अब CBI जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा- योगी-मोदी को लेटर लिखूंगा, यह सब मेरे खिलाफ साजिश है। धनंजय अपने काफिले, भौकाल और 9777 नंबर वाली गाड़ियों के लिए चर्चा में रहते हैं। हाल ही में लैंड क्रूजर और वेलफायर एक साथ खरीदकर भी उन्होंने सुर्खियां बटोरी थीं। फोटो पर क्लिक करें VIDEO...
भारतीय चुनाव आयोग ने बूथ लेवल ऑफिसर्स की सैलरी 6000 से बढ़ाकर 12000 रुपए कर दी है। इसके अलावा वोटर रोल तैयार करने और उनमें बदलाव करने वाले BLO सुपरवाइजर की सैलरी भी 12000 से बढ़ाकर 18000 रुपए कर दी गई है। आयोग ने शनिवार को जारी एक रिलीज में कहा कि पिछला ऐसा बदलाव 2015 में किया गया था। पहली बार इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (EROs) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स (AEROs) को भी मानदेय दिया जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही मौजूदा SIR प्रक्रिया में कुल 5.32 लाख BLO काम कर रहे हैं। हर एक BLO के पास करीब 956 वोटर्स के लिस्ट रिवीजन का काम है। 12 राज्यों में चल रही है SIR प्रक्रिया भारत का चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का दूसरा फेज चल रहा है, जिसकी फाइनल वोटर लिस्ट 7 फरवरी 2026 को पब्लिश होने वाली है। SIR का पहला फेज सितंबर में बिहार में असेंबली इलेक्शन से पहले पूरा हो गया था। इस एक्सरसाइज में अंडमान और निकोबार आइलैंड्स, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।
UPSC यानी संघ लोक सेवा आयोग की EPFO भर्ती परीक्षा आज 30 नवंबर को प्रयागराज के 58 परीक्षा केंद्रों पर होगी। EO-एनफोर्समेंट ऑफिसर, AO- एकाउंट ऑफिसर्स और APFC- असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर पदों के लिए यह परीक्षा हो रही है। प्रयागराज में कुल 22831 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड हैं। परीक्षा एक सत्र में ही कराई जाएगी। सुबह 9.30 बजे से यह परीक्षा शुरू होगी, जो 11.30 बजे तक चलेगी। एडीएम सिटी सत्यम मिश्रा के मुताबिक, 24 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 58 स्टैटिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई गई है। केंद्रों पर कड़ी तलाशी के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। 230 पदों के लिए हो रही परीक्षा25 नवंबर को ही UPSC ने EPFO भर्ती परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिया था। परीक्षा 30 नवंबर को ऑफलाइन मोड में होनी है। 230 पदों के लिए परीक्षा कराई जा रही है, जिसमें EO और AO के 156 और APFC के 74 पद हैं। एडमिट कार्ड में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड की हार्ड कॉपी लेकर ही पहुंचना होगा। जिनके एडमिट कार्ड पर फोटो स्पष्ट नहीं होगा, उन्हें 2 पासपोर्ट साइज फोटो, एक अंडरटेकिंग और एक ओरिजिनल फोटो पहचान साथ लेकर जाना होगा। ADM सिटी सत्यम मिश्रा ने बताया कि परीक्षा में किसी तरह की सेंधमारी न होने पाए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है।
गोरखपुर के गीता प्रेस के लीला-चित्र-मंदिर में गीता जयंती महोत्सव के अवसर पर श्रीराम कथा के आयोजन में पांचवे दिन कथा व्यास ने गुरु वशिष्ठ और विश्वामित्र की प्रसंग का वर्णन किया। उन्होंने समझाया कि जब महर्षि विश्वामित्र जैसे शक्तिशाली व्यक्ति भगवान की मदद के बिना यज्ञ नहीं कर सके तो मनुष्य क्या कर सकता है। इस प्रसंग के माध्यम से उन्होंने बताया कि परमात्मा की शरण के बिना कोई सफलता नहीं प्राप्त कर सकता है। विश्वामित्र से भगवान राम को सेतु कहा पंडित रामज्ञान पांडेय ने बताया - धर्मसेतु पालक भगवान श्रीराम को महर्षि विश्वामित्र ने सेतु की उपमा दी। क्योंकि उन्होंने श्रीराम के व्यक्तित्व को परखा और उसका परिणाम यह हुआ कि उनके जीवन में गुरु वशिष्ठ को लेकर जो विद्रोह की भावना थी वह समाप्त हो गयी। राजा से महर्षि बने विश्वामित्रमहर्षि विश्वामित्र पहले महात्मा नहीं थे, राजा थे। क्षत्रिय वंश में उनका जन्म हुआ था। राजा के रूप में वन में शिकार खेलने के लिए गए। वशिष्ठ की कुटिया पर इन्होंने पड़ाव डाला। वशिष्ठ जी ने देखा दूसरे देश के राजा हमारी कुटिया पर आएं हैं, इसका स्वागत-सत्कार होना चाहिए। वशिष्ठ के पास नंदिनी नाम की कामधेनु गाय थी। उसकी विशेषता यह थी कि उस गाय से जो वस्तु मांगो मिल जाती थी । नंदिनी के प्रताप से गुरु वशिष्ठ ने राजा विश्वामित्र और उनकी पूरी सेना का सत्कार किया। राजा विश्वामित्र को बड़ा आश्चर्य हुआ कि जो वस्तु हम राजाओं के पास नहीं वह कुटिया में रहने वाले एक महात्मा के पास कैसे? उन्होंने वशिष्ट से पूछा तो पता चला यह चमत्कार नंदिनी गाय का है। गुरु वशिष्ठ की शक्ति को देख तपस्या करने लगे विश्वामित्र राजा विश्वामित्र ने महर्षि वशिष्ठ से नंदिनी की मांग की कहा कि यह गाय हमें देत दे दो बदले में हजारों साथ गाय ले लो। आप तो महात्मा हैं, आपको भोग भोगना नहीं है। गुरु वशिष्ठ ने कहा-राजन । यह गाय हमने दूसरों की सेवा के लिए रखा है, अपने भोग के लिए नहीं। इस पर नाराज होकर राजा विश्वामित्र ने अपनी सेना को आदेश दिया कि गाय छीन लो। पर वशिष्ठ की ब्रह्म शक्ति के आगे विश्वामित्र और उनकी पूरी सेना पराजित हो गयी। विश्वामित्र जी को आश्चर्य हुआ एक अकेले ब्राह्मण के आगे हमारी पूरी सेना और मैं पराजित हो गया। यह किसका बल है? केवल तपस्या का बल है। उन्होंने निर्णय ले लिया कि मैं भी तपस्या करके ब्राह्मण बनूंगा। तभी से उन्होंने इतनी तपस्या की कि क्षत्रिय से ब्राह्मण बन गये। अद्भुत शक्ति उनके जीवन में आ गयी। अपनी शक्ति से जीवित त्रिशंकु को भेजा स्वर्ग वशिष्ठ के सामने जो पराजित होने से विश्वामित्र के मन में द्वेष-भाव बना हुआ था। वे गुरु वशिष्ठ को नीचा दिखाने का अवसर ढूंढते रहते थे। उन्हें यह अवसर तब मिला जब हरिश्चन्द्र के पिता त्रिशंकु ने गुरु वशिष्ठ से कहा- मैं स्वर्ग जाना चाहता हूं। वशिष्ठ ने कहा मृत्यु के बाद कोई स्वर्ग जाता है, तुम भी जाओगे। लेकिन त्रिशंकु जीवित ही जाना चाहते थे ताकि लोग जानें कि मैं कितना बड़ा पुण्यात्मा हूं। त्रिशंकु राजनीतिज्ञ थे उन्होंने सोचा दो महापुरुषों में झगड़ा हो, तो एक से काम न बने तो दूसरे के पास जाने से काम बन जाता है। जब गुरु वशिष्ठ ने उनकी इच्छा पूरी नहीं कि तो वे विश्वामित्र के पास चले गए। विश्वामित्र ने कहा तुम जा सकते हो मैं भेज सकता हूं। उन्होंने अपनी शक्ति से त्रिशंकु को स्वर्ग भेज दिया। उधर इन्द्र देव ने ऊपर से त्रिशंकु को ढकेल दिया तो नीचे गिरने लगे। उन्होंने पुकारा गुरुजी क्या हो रहा है, मैं नीचे गिर रहा हूं । ऋषि-मुनि और देवताओं ने की प्रार्थना विश्वामित्र ने उन्हें बचाने के लिए मंत्र पढ़कर कमंडल से जल लेकर छोड़ा। अब नीचे विश्वामित्र नहीं आने दे रहे हैं, ऊपर इन्द्र नहीं जाने दे रहे थे । विश्वामित्र त्रिशंकु से बोले- मैं तुम्हारे लिए नया स्वर्ग बनाने जा रहा हूं। वे बनाने चल भी दिए। यह देख कर उन्हें रोकने के लिए ऋषि-मुनि और देवताओं ने प्रार्थना की। उन्होंने कहा- आप बड़े महान हैं, आपसे बड़ा कोई नहीं। प्रशंसा सुनने की इच्छा थी विश्वामित्र को वह मिल गयी और त्रिशंकु लटके ही रहे। भगवान राम ने यज्ञ को पूरा करायाविश्वामित्र इतनी शक्ति होने के बाद भी रावण की शक्ति के आगे एक यज्ञ नहीं कर पा रहे थे। भगवान राम ने उस यज्ञ को पूरा कराया और राम भी गुरु वशिष्ठ की कृपा से विश्वामित्र को मिले। तब उन्हें सत्य का ज्ञान हुआ । व्यक्ति कितना भी शक्ति-सम्पन्न हो, पर जब तक परमात्मा का आश्रय नहीं लेता तब तक सफलता नहीं मिलती। तब उन्होंने कहा राम तुम न होते तो मैं और वशिष्ठ झगड़ते रहते, तुम तो सेतु बन कर आए हो।
यूपी के बरेली में दो दिन पहले हुई जज की भतीजी की हत्या के मामले में पुलिस ने पति और सास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि ससुर, देवर और ननद समेत अन्य आरोपी फरार हैं। ऑटोमैटिक कार के लिए दहेज लोभियों ने महजबीन की गला दबाकर हत्या कर दी थी। शादी और मौत की तारीख एकबरेली के प्रेमनगर थाना क्षेत्र के शाहबाद निवासी मोहम्मद तलहा पुत्र मेंहदी हसन से महजबीन की इसी साल 27 फरवरी 2025 को शादी हुई थी। ठीक उसी तारीख पर 9 महीने बाद 27 नवंबर को महजबीन को उसके पति ने मौत के घाट उतार दिया। 27 नवंबर की रात महजबीन का पति मोहम्मद तलहा उसे अस्पताल लेकर पहुंचा जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। गले पर थे चोट के निशानमहजबीन के गले पर चोट के निशान थे और मुंह से झाग निकल रहे थे। उसकी आंखें खुली हुई थीं। महजबीन के मायके वालों को जैसे ही इस बात की खबर लगी तो परिवार में हड़कंप मच गया। मायके वाले अस्पताल पहुंचे जहां पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। मौके पर पहुंची प्रेमनगर थाने की पुलिस ने पति और सास-ससुर को पकड़ लिया। लेकिन ससुर मौके का फायदा उठाकर भाग गया। पुलिस ने शनिवार को मोहम्मद तलहा और उसकी मां आसमां सकलैनी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। दहेज की डिमांड और लगातार तानेमहजबीन के चाचा वकील अच्छन अंसारी ने बताया कि शादी के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वाले इसे ताने देते थे कि तुम्हारे चाचा बड़े नेता हैं, बड़े वकील हैं। दूसरे चाचा जज हैं फिर भी उन्होंने ऑटोमैटिक कार नहीं दी। महजबीन की सास कहती थी कि हमारे पास बहुत बड़े घरों से रिश्ते आ रहे थे, वो लोग दहेज में काफी पैसा खर्च करने को तैयार थे, लेकिन मुझे क्या पता था जिस घर में हम अपने बेटे की शादी कर रहे हैं, वो लोग कंजूस निकलेंगे। हम लोग कई बार महजबीन की ससुराल गए और ससुराल वालों को समझाया, लेकिन उसके बावजूद ससुराल वालों ने मेरी भतीजी का मर्डर कर दिया। अब पढ़िए माँ ने क्या कहा महजबीन की मां नसीमा बानो ने बताया कि मेरी बेटी जज बनना चाहती थी, मगर उसको मार डाला। वो कहते थे कि ऑटोमैटिक कार चाहिए। वैगनआर कार देने की हमारी कूवत थी। 23 नवंबर को आखिरी बार बेटी का कॉल आया, वो बहुत परेशान थी, बार-बार यहीं कहती रही कि इन लोगों को कार दे दो, तभी मेरा घर बचेगा। ये सब कहते हुए महजबीन की मां नसीमा बानो रोने लगती हैं। वह कहती हैं- हमें लगा कि बेटी के घर में हालात जल्द ही नार्मल हो जाएंगे। ये नहीं सोचा था कि हालात उनकी जान जाने तक पहुंच जाएंगे। बेटी की परवरिश बहुत नाजो से की थी। वो पढ़ने में बहुत इंटेलिजेंट थी, LLM की पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। कोर्ट में प्रैक्टिस कर रही थी। उसकी पढ़ाई छुड़वाकर शौहर डॉ. तलहा कहते कि तुम मेडिकल की पढ़ाई करो। तुम्हें डॉक्टर बनना चाहिए। क्या मेरी बच्ची को ऐसी मौत मिलनी चाहिए थी कि मेडिनोवा हॉस्पिटल (पीलीभीत रोड) की पार्किंग में कार के अंदर उसकी लाश मिली। पति, सास-ससुर वहीं खड़े रहे, पुलिस कहती है कि बेटी की मौत फंदे पर लटकने से हुई है। मगर उसको उस हाल तक पहुंचाने के जिम्मेदार कौन हैं? इस मोहल्ले में डॉ. हाशिम अंसारी का घर सब लोग जानते हैं। डॉ. अंसारी एक क्लिनिक भी चलाते हैं। उनका घर सफेद रंग का दो मंजिला था। गेट पर लिखा था- अच्छन अंसारी एडवोकेट, प्रदेश उपाध्यक्ष आजाद समाज पार्टी। अच्छन महजबीन के सगे चाचा हैं। लोगों ने बताया कि लड़की के एक चाचा असगर अली बरेली कोर्ट में ADJ हैं, घर के बाहर काफी बड़ी खुली जगह है, इसमें 3 कार खड़ी थीं। एक कोने से टेंट लगा हुआ था। यहां लोग बैठे थे और महजबीन की मौत को लेकर ही चर्चा कर रहे थे। लोगों ने बताया कि महजबीन की शादी 27 फरवरी, 2025 को प्रेमनगर के शाहाबाद में रहने वाले डॉक्टर तलहा से हुई थी। तलहा रुहेलखंड मेडिकल कॉलेज में MBBS के फाइनल ईयर की पढ़ाई कर रहा है। गेट पर कुछ इस तरह से पेंट से लिखा गया था। इससे परिवार के रसूख का पता चलता है।शौहर का परिवार कहता- जज बनकर क्या करेगी, डॉक्टर बनाएंगेघर के अंदर पहुंचने पर एक कमरे में महिलाएं बैठी दिखीं। यही पर महजबीन के चाचा अच्छन अंसारी भी मिले। हमने पूछा- बेटी के बारे में कुछ बताइए? वह कहते हैं- महजबीन पढ़ने में बहुत तेज थी। LLM फर्स्ट ईयर पूरा कर चुकी थी, लेकिन शादी के बाद उसकी पढ़ाई भी छुड़वा दी गई। कहने लगे डॉक्टर बना देंगे, जबकि वो जज बनना चाहती थी। जब हमने इस बारे में परिवार से बात की। तब उन्होंने कहा- उसके चाचा जज है, इसलिए वो भी जज बनना चाहती थी। इसमें क्या खास बात है। चाचा ने कहा- हमने शादी बहुत धूमधाम से की थी, जो भी मांगते थे, पूरा कर देते थे। कार भी दी, लेकिन इन लोगों को ऑटोमैटिक कार चाहिए थी। हमने जो कार दी, वो मैन्युअल थी। बेटी फोन पर बताती थी कि घर में इस बात पर रोज टेंशन होती है, 9 ही महीने पहले तो शादी हुई थी। मां नसीमा कहती हैं- मुझे ये नहीं पता चला कि वो लोग उसको मार देंगे, वरना विदा कराकर यहां ले आते।हम वकील, रोज दहेज के केस लड़ते हैं, आज अपने पर बीत रही हैचाचा ने कहा- हम पेशे से वकील हैं, रोज दहेज के मामलों में ऐसे लोगों की लड़ाई लड़ते हैं, जिन्हें जानते तक नहीं। कभी ये सोचा नहीं था कि अपनी ही बेटी के लिए न्याय मांगना पड़ेगा। लोग कहते थे कि दहेज हत्या के केस बनावटी होते हैं, लेकिन हमारे साथ जो हुआ, उसके बाद समझ आया कि कई परिवार सच में बहुत कुछ सहते हैं। यह कोई हादसा नहीं है, साफ-साफ हत्या है। केस उसी हिसाब से चलना चाहिए। डॉक्टर के परिवार के सदस्यों को उम्रकैद या कम से कम फांसी की सजा होनी चाहिए। कोर्ट को इस केस के जरिए एक नजीर पेश करनी चाहिए। चाचा अच्छन कहते हैं- डॉक्टर ने कहा था कि ये नार्मल डेथ का केस नहीं है।पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर बोले- गले पर निशान मिलेपरिवार का दर्द साझा करने के बाद हमने बरेली पोस्टमॉर्टम हाउस में महजबीन की लाश की जांच करने वाले डॉक्टर से संपर्क किया। पूछा- मौत कैसे हुई? उन्होंने कहा- महजबीन के गले पर निशान बने हुए थे। ये फंदे पर लटकने की वजह से हुए होंगे। उसके गले की हड्डी टूटी नहीं थी। हैंगिंग की वजह से मौत हुई थी। शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। क्या उसको कोई नशीला पदार्थ दिया गया होगा, ये जानने के लिए विसरा को सुरक्षित किया गया है। महिला के साथ क्रूरता, दहेज हत्या की FIRपुलिस ने इस केस में दहेज हत्या, महिला के साथ क्रूरता करना और दहेज अधिनियम में केस दर्ज किया है। प्रेमनगर थाने में पति डॉ. मोहम्मद तलहा, देवर डॉ. मोहम्मद हमजा, मोहम्मद जैद, ससुर डॉ. मेंहदी हसन, सास आसमा, ननद उजमा, ननद चमन और ननदोई फैजान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस केस की जांच CO सिटी आशुतोष शिवम कर रहे हैं। वह कहते हैं- पति और सास को मौके से हिरासत में लिया गया था, जबकि बाकी लोगों को ट्रेस किया जा रहा है। घर की परिस्थितियां भी देखी गई, जिस कमरे में बॉडी लटकी मिली थी। वहां स्ट्रगल के निशान नहीं मिले थे। घर के अंदर कोई फंदा भी मिला। परिवार ठीक से ये नहीं बता पाया कि बॉडी कहां लटकी हुई थी। फिर भी आरोपों और जो साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उनके आधार पर हम पूरे केस की जांच कर रहे हैं। अब जानिए कि 26 नवंबर की रात को क्या हुआ था… डॉ. तलहा ने पुलिस को बताया कि रात में पूरे परिवार ने खाना खाया। सब कुछ सामान्य था, रात में करीब 12.30 से 1 बजे के बीच महजबीन की तबीयत बिगड़ी। मैं अपने वालिद के पास गया, उन्हें बताया कि महजबीन को हॉस्पिटल लेकर जाना पड़ेगा। उसके मुंह से झाग निकल रहा है। हम लोगों ने उसको कार में डाला और मेडिनोवा हॉस्पिटल पहुंचे। यहां जिस स्टाफ ने उन्हें देखा, उसने बताया कि सांस थम चुकी हैं। तब हमें महजबीन की मौत की जानकारी हुई। ये सब होते-होते सुबह के 2.45 बज गए। मेडिनोवा हॉस्पिटल के डॉ. मोहम्मद अली अंसारी महजबीन को पहचानते थे। उन्होंने उसके चाचा अच्छन अंसारी को फोन किया। परिवार के लोग 3.45 बजे अस्पताल पहुंचे। अच्छन बताते हैं कि जब मैंने डॉ. तहला से पूछा कि बेटी को क्या हुआ? उन्होंने मुझसे कहा था- मेरे मां-बाप ने कुछ नहीं किया, मैंने मारा है। डॉक्टर ने भी कहा कि ये नार्मल डेथ नहीं है। सुबह 5 बजे पुलिस आने के बाद डॉ. तलहा और उनकी मां और पिता को हिरासत में लिया गया। सुबह 9 बजे थाने में परिचितों की भीड़ लग गई। लोग गुस्से में थे, उन्होंने आरोपियों को पीट दिया। इस दौरान महजबीन का ससुर मौके से भाग गया, जबकि सास और पति को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पिता बोले- बेटी को प्रताड़ित कर रहे थेमहजबीन के पिता डॉ. हाशिम अंसारी कहती हैं- बेटी को शादी के बाद से ही लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। महजबीन कई बार फोन करके कहती थी कि ससुराल वाले ऑटोमैटिक कार के लिए परेशान कर रहे हैं। कई बार ससुराल गया, लेकिन हालात नहीं बदले। डॉक्टर बोले- देखते ही लगा मौत सामान्य नहींमहजबीन की जांच करने वाले डॉक्टर मोहम्मद अली अंसारी ने स्पष्ट कहा कि जिस हालत में उसे लाया गया था, उससे साफ हो गया था कि उसकी मौत सामान्य नहीं है। महजबीन की मौत कार में ही हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले ससुराल वालों में घबराहट और जल्दबाजी थी और पुलिस पूछताछ में उन्होंने कई बार अपने बयान भी बदले, जिससे शक और गहरा गया। अस्पताल स्टाफ और परिजनों के मुताबिक, महजबीन के गले पर दबाव के निशान, मुंह से निकला झाग और खुली आंखें इस बात के संकेत थे कि उसकी मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है।
यूपी में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) में नाम जुड़वाने के लिए 4 दिसंबर की तारीख तय है। इसके बाद आपका नाम ड्राफ्ट सूची में डाल दिया जाएगा। ऐसा आपके साथ भी होता है, तो घबराएं नहीं। आपके पास नाम जुड़वाने का एक मौका है। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद आपको सिर्फ फॉर्म-6 भरना होगा। इसके बाद आपका नाम SIR में जुड़ जाएगा। प्रदेश में 15.44 करोड़ मतदाताओं के गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड होने हैं। 29 नवंबर तक प्रदेश में 61% (9.40 करोड़ से अधिक) फॉर्म डिजिटाइज्ड हो चुके हैं। रोज एक करोड़ से अधिक फॉर्म डिजिटाइज्ड हो रहे हैं। मतलब 5 दिन में 6 करोड़ फॉर्म डिजिटाइज्ड करने होंगे। वहीं, प्रदेश में 5 BLO की विभिन्न वजहों से हुई मौत को लेकर भी अलग से राजनीति जारी है। इन शोर-शराबों के बीच प्रदेश के कई जिला निर्वाचन अधिकारियों ने कैसे BLO के काम को आसान बनाया? कैसे प्रदेश के कई जिलों में BLO अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य 15 से 20 दिनों में ही पूरा करके सम्मानित हुए? प्रदेश में सबसे अधिक चर्चा SIR को लेकर है। इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए SIR में नाम जुड़वाना कितना जरूरी? पढ़िए, SIR को लेकर जिलों में कैसे-कैसे प्रयास हो रहेदैनिक भास्कर ने राजधानी लखनऊ के डीएम, जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी (अय्यर) से बात की। समझा, आखिर उन्होंने कैसे BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) को पैनिक होने से बचाया और 60 फीसदी से अधिक गणना प्रपत्र डिजिटाइज्ड करा चुके हैं। विशाख जी के मुताबिक, हमारे जिले में 3,789 बूथ हैं और इतने ही BLO हैं। हमने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अलग-अलग प्लान बनाया। सबसे पहले मैंने BLO की ट्रेनिंग कराई। उन्हें बताया कि कैसे 2003 की सूची से मतदाताओं के नाम सर्च करने हैं? शहरी क्षेत्र में मतदाताओं के लिए कैंप भी लगा रहे हैं। BLO एक घंटा अपने बूथ पर बैठ रहा। इसके बाद डोर-टू-डोर सर्वे करने जा रहा। हर BLO के साथ कोटेदार, नगर निगम टीम के कर्मी और दूसरे विभाग के कर्मियों को भी सहयोग में लगाया गया है। नगर निगम की कचरा गाड़ी से SIR को लेकर अनाउंसमेंट भी करा रहे हैं। राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर उनकी ओर से बूथ पर लगाए गए बीएलए (बूथ लेवल एजेंट) को भी 50-50 फॉर्म भरवाने के लिए दिए गए हैं। इसके अलावा नगर निगम के पार्षदों की भी मदद ली जा रही। हर विधानसभा में वॉर रूम बनाया गया है। वहां फॉर्म डिजिटाइज्ड किया जा रहा है। इसके लिए कम्प्यूटर ऑपरेटर, इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र, स्कूलों के कम्प्यूटर शिक्षकों की भी मदद ली जा रही। रविवार को मेगा कैंप पूरे जिले में आयोजित किया जा रहा। इसी तरह आखिरी के दो-तीन दिन भी मेगा कैंप लगेगा। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में जितने भी सरकारी विभाग हैं, उनके कर्मियों, पंचायत कर्मी, ग्राम सेवक, ग्राम रोजगार सहायक, आंगनबाड़ी कर्मी, पंचायत सचिव आदि की भी मदद ली जा रही। इसके साथ ही BLO को जहां कहीं भी व्यावहारिक कठिनाई आती है, उसे ट्रेस करके दूर करता हूं। इसके लिए हर शाम को समीक्षा करता हूं। जो BLO समय से पहले अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर चुके हैं, उन्हें सम्मानित भी किया जा रहा। इससे दूसरे BLO को प्रोत्साहित करने में मदद मिल रही। इटावा के डीएम बोले- शहर को 17 सेक्टर में बांटा, 16 जगह लगा रहे कैंपSIR को लेकर इटावा के जिला निर्वाचन अधिकारी शुभ्रांत शुक्ला ने बताया कि मैंने सबसे पहले सभी BLO को ट्रेनिंग देकर उनका नॉलेज बेस ठीक किया। क्योंकि, जानकारी होने पर ही कोई BLO सही तरीके से गणना प्रपत्र को भर पाएगा। दूसरे स्तर पर उन्हें फिजिकल सपोर्ट देना था। इसके लिए पूरे शहर को 17 सेक्टर में बांट दिया। हर BLO के साथ दो-तीन अन्य कर्मियों को सहयोग में लगाया। इससे BLO को काफी सपोर्ट मिल रहा। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनबाड़ी कर्मी सहित अन्य लोगों को सहयोग में लगाया है। तीसरा सुपरविजन और प्रचार-प्रसार किया। इसके लिए 17 जिलास्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी अलग से लगाई। उन्हें भी 10-10 बूथ दिए हैं। इससे मतदाताओं का ध्यान खींचने में आसानी हुई। जो भी समस्या शार्टआउट नहीं हो पा रही थी, उसे भी बैठकर समझा और ठीक किया। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में तीन दिन 16 स्थानों पर कैंप लगा रहे हैं। मैंने एक भी एफआईआर नहीं की। किसी भी BLO पर कोई दबाव नहीं डाला। अगर किसी को फिजिकल परेशानी थी, तो उसे भी रिप्लेस किया। किसी BLO के घर शादी या कोई परेशानी हुई तो उसे भी रिप्लेस किया। इसकी वजह से मेरे जिले में कोई पैनिक क्रिएट नहीं हुआ। राजनीतिक पार्टियों के साथ चार से पांच मीटिंग की। इससे उनका सहयोग मिला। जहां उनकी शिकायत आई, उसे भी ठीक कर दिया। कुछ राजनीतिक दल के BLO टेढ़े-मेढ़े सवाल पूछ कर वीडियो बनाकर वायरल कर रहे थे। उसे रोका और समझाया कि सपोर्ट कीजिए। सीईओ नवदीप बोले- 4 दिसंबर तक पूरा कर लेंगे टारगेटयूपी के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि अब तक 60 फीसदी से अधिक गणना प्रपत्र को डिजिटाइज्ड कर दिया गया है। हर दिन एक करोड़ से अधिक फॉर्म अपलोड किए जा रहे। BLO के अलावा शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका, नगर निगम और नगर परिषद के कर्मचारियों की भी मदद ली जा रही। इसी तरह ग्रामीण क्षेत्रों में भी राजस्व और गांव के अधिकारियों की मदद ली जा रही। रोज शाम को पूरे प्रदेश के जिला निर्वाचन अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर अपडेट लिया जा रहा। 4 दिसंबर तक हम हर हाल में अपना लक्ष्य पूरा कर लेंगे। अगर इसमें किसी तरह की परेशानी आई तो चुनाव आयोग से बात कर अतिरिक्त समय भी मांग सकता हूं। हालांकि, इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। 9 दिसंबर को ड्राफ्ट का प्रकाशन होगा। इसमें आप अपने नाम सर्च कर सकेंगे। अगर किसी कारण किसी का नाम छूट गया हो या किसी दस्तावेज की वजह से फॉर्म अधूरा रह गया, तो उसे एक महीने के अंदर दावा-आपत्ति करने का मौका रहेगा। नए लोग फॉर्म-6 भरकर भी अपना नाम शामिल करवा सकेंगे। इसी के साथ किसी को पता बदलना है तो वह फॉर्म-8 भर सकता है। अब जानिए समय से पहले कैसे BLO ने पूरा किया लक्ष्यपूरे प्रदेश में 500 से अधिक BLO समय से पहले अपना काम पूरा कर चुके हैं। सभी को उनके जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सम्मानित भी किया जा चुका है। इसका मकसद दूसरे BLO को प्रोत्साहित करना है। बरेली जिले में बहेड़ी विधानसभा में शत-प्रतिशत SIR का काम पूरा करने पर 14 BLO को संयुक्त मजिस्ट्रेट इशिता किशोर और तहसीलदार भानु प्रताप ने प्रमाण पत्र के साथ शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। वहीं, बाराबंकी, भदोही, गोंडा आदि जिलों में भी बड़ी संख्या में BLO को लक्ष्य पूरा करने पर सम्मानित किया जा रहा। सिद्धार्थनगर में 10 BLO को सम्मानित किया गया। रायबरेली में अब तक 20 से अधिक BLO को सम्मानित किया जा चुका है। प्रदेश में ऐसे कई BLO को इसी तरह लक्ष्य पूरा करने पर सम्मानित किया गया। नोएडा में डीएम मेधा रूपम खुद बूथों पर पहुंच कर BLO का उत्साह बढ़ाती नजर आईं। हमने समझने की कोशिश की कि आखिर इन BLO ने कैसे समय से अपना काम पूरा कर लिया? उन्होंने कौन-सा तरीका अपनाया? इसे ओमवीर, उर्मिला और लालधर सहाय के उदाहरण से समझ सकते हैं। हाथ में चोट, फिर भी नहीं ली छुट्टीमुरादाबाद के रामपुर भीला गांव निवासी एवं उच्च प्राथमिक स्कूल सरदार नगर के BLO ओमवीर सिंह ने बताया कि भाग संख्या- 179 वाले बूथ पर कुल 751 मतदाता हैं। मैंने 8 नवंबर से घर-घर पहुंचकर गणना पत्र बांटना शुरू किया। चार दिन में सभी गणना पत्र बांट दिए। फिर फॉर्म भरवाकर जमा करने शुरू किए। 17 नवंबर को घर पर नहाते वक्त गिरने से हाथ में गहरी चोट लग गई। पूरे हाथ में सूजन आ गई। काम करना मुश्किल था, लेकिन SIR का महत्व देखते हुए छुट्टी नहीं ली। 20 नवंबर तक सभी फॉर्म जमा करा लिए। इसके तत्काल बाद फीडिंग का काम भी शुरू किया। 25 नवंबर तक सारे फॉर्मों की ऑनलाइन फीडिंग कर वह जिले के पहले ऐसे BLO बन गए, जिन्होंने सौ फीसदी काम पूरा कर लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अनुज सिंह ने इसके लिए उन्हें सम्मानित किया। प्रशस्ति पत्र के साथ BLO के परिवार को मूवी टिकट और डिनर करायासरोजनी नगर विधानसभा क्षेत्र-170 में BLO उर्मिला रावत को प्राथमिक स्कूल शाहपुर मझिगावां (भाग संख्या-307) की जिम्मेदारी मिली थी। रावत ने सबसे पहले घर-घर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र दिया। इसके बाद जिसे भरने में कठिनाई हुई, उनके घर पहुंचकर स्वयं सहयोग करते हुए प्रपत्र भरवाए। इसके बाद सभी भरे हुए गणना प्रपत्रों को डिजिटाइज्ड किया। फॉर्म डिजिटाइज्ड करने में परिवार के लोगों ने भी सहयोग किया। परिवार के सहयोग से उन्होंने समय रहते अपना शत-प्रतिशत काम पूरा कर लिया। इसके लिए जिला निर्वाचन अधिकारी विशाख जी के निर्देश पर ईआरओ 170 सरोजनी नगर विधानसभा द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। साथ ही, उन्हें और उनके पूरे परिवार को मूवी टिकट तथा विशेष डिनर की व्यवस्था कर सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया। SIR के लिए मां की तेरहवीं टाल दीगाजीपुर के टालकर सैदपुर विधानसभा के भाग संख्या-222 के BLO टीचर लालधर सहाय ने SIR के लिए मां की तेरहवीं टाल दी। परिषदीय स्कूल रफीकपुर में शिक्षक लालधर सहाय परिवार संग सैदपुर में रहते हैं। उनकी मां बड़े बेटे लालचंद के साथ गांव में रहती थीं। 22 नवंबर को बीमारी के चलते मां का निधन हो गया। लालधर गांव पहुंचे, अगले दिन दाह संस्कार में शामिल हुए। फिर ड्यूटी के लिए निकल लिए। लोकतंत्र के लिए अपनी जिम्मेदारी को देखते उन्होंने मां की तेरहवीं की तारीख 5 दिसंबर से बढ़ाकर 13 दिसंबर कर दी। वह SIR का फॉर्म भरवाने में जुटे हैं। SIR में नाम जुड़वाना कितना जरूरीSIR में चुनाव आयोग खुद एक-एक मतदाता के पास पहुंच रहा। ऐसे में आप अपनी सही जानकारी देकर मतदाता लिस्ट में नाम शामिल करा सकते हैं। इसके बावजूद अगर आपका नाम फाइनल वोटर लिस्ट में किसी कारणवश नहीं आता, तो परेशान मत हों। आप मतदाता सूची में अपना नाम सामान्य प्रक्रिया के तहत जुड़वा सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन या BLO से बात करके अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके लिए एड्रेस प्रूफ और जरूरी कागजात देने होंगे। SIR सिर्फ मतदाता सूची को अपडेट करने जैसा है। अगर किसी कारणवश आपका नाम मतदाता सूची में नहीं शामिल होता है तो आप आसानी से चुनाव आयोग की प्रक्रिया का पालन करते हुए जुड़वा सकते हैं। वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की प्रक्रिया वही रहेगी, जो सामान्य तौर पर रहता आया है। SIR सिर्फ मतदाता सूची को अपडेट करना है। योग्य मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में शामिल करना, दो जगह जिन मतदाताओं के नाम हैं या फिर मृत मतदाताओं का नाम वोटर लिस्ट से हटाना है। लोगों में यह चिंता है कि क्या वोटर लिस्ट में नाम नहीं रहने से नागरिकता पर क्या कोई असर पड़ेगा। जानकार कहते हैं कि वोटर लिस्ट में यदि किसी कारणवश नाम कट जाता है, तो इससे नागरिकता को लेकर कोई सवाल पैदा नहीं होगा। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें- SIR के लिए सलीम 40 साल बाद गांव लौटा, हिंदू से मुस्लिम बन गया था; कानपुर में BLO का टाइम बदला बरेली में हिंदू से मुस्लिम बना एक शख्स SIR के लिए 40 साल बाद वापस अपने गांव लौट आया। काशीपुर निवासी वेदराम के बेटे ओमप्रकाश महज 15 साल की उम्र में नाराज होकर घर छोड़कर चले गए थे। दिल्ली जाकर उन्होंने मुस्लिम धर्म अपना लिया और सलीम बन गए। कई सालों तक जब ओमप्रकाश नहीं लौटे तो गांव वालों को लगा कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे। लेकिन, अब जब यूपी में SIR शुरू हुआ तो वे फॉर्म भरने अपने 15 साल के बेटे जुम्मन के साथ गांव वापस आ गए। गांव वालों को जब उनकी पहचान पता चली तो पहले उन्हें भरोसा नहीं हुआ। बाद में ग्रामीणों ने फूल-माला, बैंड-बाजे और जुलूस के साथ उनका स्वागत किया। पढ़िए पूरी खबर...
'हमने मंत्री (ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर) को जमीन बेची। उनके लोगों ने हमारी डॉक्टरी (मेडिकल चेकअप) करा दी… प्यारेलाल हॉस्पिटल में। वे धोखे से ले गए। हमने पूछा- डॉक्टरी किस बात की? फिर भी जबरदस्ती बीमार बता दिया। उसके गुर्गे हैं… छोटू को जानते होंगे… एक जॉनी है… वही आए थे…।' यूपी के मेरठ से 15 किमी दूर कायस्थ गावड़ी गांव के दलित ये बात कह रहे। ये गांव मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में आता है। 13 सितंबर, 2024 को यहां के 10 दलित परिवारों के 46 लोगों को असाध्य रोग से पीड़ित या विस्थापित बताकर उनकी 19.09 बीघा (47,732 वर्गमीटर) जमीनों की 10.55 करोड़ रुपए में खरीद-फरोख्त हुई। ये जमीन शांति निकेतन ट्रस्ट ने खरीदी। इस ट्रस्ट के अध्यक्ष यहां के स्थानीय विधायक और ऊर्जा राज्यमंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर हैं। ट्रस्ट की स्थापना 2008 में हुई थी। इसका उद्देश्य शिक्षा, साक्षरता और खेल है। डॉ. तोमर के ट्रस्ट ने जहां जमीनें खरीदीं, एक साल बाद यानी 4 अगस्त, 2025 को इस जमीन से थोड़ी ही दूर पर मेरठ विकास प्राधिकरण का टाउनशिप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट आ गया। इससे इन जमीनों की कीमत 4 गुना हो गई। इस खरीदी के पीछे का खेल क्या है? क्या दलितों को फर्जी तरीके से बीमार और विस्थापित बताकर उनसे जमीनें ले ली गईं? इसमें राज्यमंत्री डॉ. तोमर की भूमिका क्या है? इन सवालों के जवाब के लिए दैनिक भास्कर की टीम मेरठ पहुंची। यहां 10 दिन इन्वेस्टिगेशन किया। पढ़िए, पूरा खुलासा… सबसे पहले जानिए, यूपी में दलितों की जमीन बेचने के नियम क्या हैं? यूपी रेवेन्यू कोड- 2006 के नियमानुसार कोई भी दलित (SC) व्यक्ति DM की परमिशन के बगैर गैर-दलित को जमीन नहीं बेच सकता। DM को परमिशन देने का अधिकार है, लेकिन इनमें से कोई एक कारण होने पर.. 1. यदि दलित असाध्य बीमारी (Fatal Disease) से पीड़ित है और इलाज के लिए पैसा चाहिए। 2. यदि दलित विस्थापित हो गया है और दूसरे स्थान पर जमीन लेना चाहता है। इन 2 कारणों में शर्तें तय हैं, जैसे- DM पहले जांच कराएंगे। इसके बाद जरूरी लगे, तो जमीन बेचने की परमिशन दी जा सकती है। अब पढ़िए, हमारा इन्वेस्टिगेशन… कायस्थ गावड़ी गांव में 10 परिवारों ने बैनामा (अपनी जमीन बेचकर रजिस्ट्री करा दी और रुपए ले लिए) किया है। क्या राज्यमंत्री डॉ. तोमर के ट्रस्ट ने ही इन परिवारों से जमीन खरीदी? यह पता लगाने के लिए हम कायस्थ गावड़ी गांव पहुंचे। हमने सबसे पहले सुखबीर से बात की। सुखबीर ने अपनी जमीन ट्रस्ट को बेची है। रिपोर्टर: आपने अपनी जमीन MDA (मेरठ विकास प्राधिकरण) और राज्यमंत्री डॉ. तोमर को बेची है, किससे-कितना पैसा मिला? सुखबीर: MDA से 5 बीघा जमीन के 2.64 करोड़ रुपए मिले। सोमेंद्र तोमर को 750 वर्गमीटर (0.30 बीघा) बेची। हमें 39.50 लाख रुपए प्रति बीघा का रेट मिला। रिपोर्टर: इतने कम रेट में ट्रस्ट को क्यों दे दिया? सुखबीर: सबने सोमेंद्र तोमर को इसी रेट में दी तो हमने भी दे दी। इसमें ऐसा है, उन लोगों ने हमारी डॉक्टरी (मेडिकल चेकअप) भी करा दी… प्यारेलाल हॉस्पिटल में। जब हम जमीन बेच रहे हैं तो हमारी डॉक्टरी क्यों करा रहे हो? रिपोर्टर: …तो किस बात की डॉक्टरी कराई आपकी? सुखबीर: यही तो हम भी कह रहे… किस बात की डॉक्टरी कराई है… हम लोगों की? हमें तो डॉक्टर के पास ले गए… अस्पताल में… बुलाकर। हमने पूछा- भाई, हमें क्यों लाए? क्या मतलब है हमारा इससे? हम तुम्हें जमीन दे रहे हैं… हमारी डॉक्टरी किस बात की करा रहे हो? फिर भी जबरदस्ती करा दी। फिर मुझे बीमार बता दिया। रिपोर्टर: क्या गाड़ी आई थी, आपको ले जाने के लिए? सुखबीर: हां, हमें गाड़ी ले जाने आई थी, जो उसके (राज्यमंत्री डॉ. तोमर) गुर्गे हैं… छोटू को जानते होंगे… एक जॉनी है… वही सब आए थे… ले जाने के लिए। रिपोर्टर: आप DM या किसी अधिकारी के सामने जमीन बेचने को लेकर पेश हुए थे या नहीं? सुखबीर: नहीं साहब, हम कहीं पेश नहीं हुए। हमसे कोई बात किसी अधिकारी ने नहीं की। न डीएम, न एसडीएम से हमारी कोई बात हुई। रिपोर्टर: मंत्री ने कितनी जमीन गांव के लोगों की ली है? सुखबीर: अब आप हिसाब लगा लो… कम से कम 40 बीघा जमीन ली है। रिपोर्टर: आप लोगों ने इतने कम रेट में जमीन क्यों दे दी? सुखबीर: सबने ऐसे ही दी है। किसी की 27 लाख में ले ली, किसी की 28 लाख में ले ली। हमारी तो फिर भी 33 लाख में गई है। एक और है, उनकी 39 लाख में ली है। रिपोर्टर: ऐसा क्यों और वे जमीन का करेंगे क्या? सुखबीर: हम लोगों को बताया कि स्कूल बनाएंगे और बच्चों का मैदान बनाएंगे। रिपोर्टर: जब राज्यमंत्री जमीन ले रहे थे तो मेरठ विकास प्राधिकरण वाली योजना आ गई थी या नहीं? सुखबीर: नहीं, यह योजना बाद में (एक साल बाद) आई है। रिपोर्टर: …तो आप लोगों को पता नहीं होगा कि योजना आने वाली है? सुखबीर: नहीं हम लोगों को पता नहीं था। हम लोगों की जहां राज्यमंत्री ने जमीन खरीदी है… वह जगह योजना में शामिल नहीं है। इन्वेस्टिगेशन में ये निकला : गलत तरीके से NOC बनाई सुखबीर सहित परिवार के 3 लोगों ने राज्यमंत्री डॉ. तोमर के ट्रस्ट को जमीन बेची। जमीन बेचने के लिए सुखबीर की तरफ से जो NOC दी, वो गलत तरीके से बनाई है। इसमें सुखबीर, विक्रम और भीष्म को बीमार बताया। सुखबीर का कहना है- उन्होंने अपनी स्वेच्छा से जमीन बेची, बीमारी का इलाज कराने के लिए नहीं। गांव की दूसरी गली में हमारी मुलाकात रमेश सिंह से हुई। रमेश अपने घर के सामने बैठे थे। कागजों में इन्हें गांव छोड़कर जाना बताया, इसी के आधार पर इनकी जमीन बिकी है। रिपोर्टर: आपने किसको जमीन बेची है? रमेश: हमने अपनी जमीन राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर को बेची। रिपोर्टर: कितनी जमीन बेची है? रमेश: हम 5 भाइयों ने मिलकर सवा 4 बीघा जमीन बेची। रिपोर्टर: क्या आपने जमीन बेचने के लिए NOC ली? अधिकारी जांच करने आए? रमेश: नहीं जी, कोई जांच वगैरह नहीं हुई। रिपोर्टर: …लेकिन कागजों में लिखा है कि आप बाहर रहते है।, जमीन की देखभाल नहीं कर पा रहे, इसलिए बेच रहे? रमेश: नहीं जी, हम लोग यहीं रहते हैं… पहले से यहीं रहते हैं। रिपोर्टर: आपने जो NOC ली, क्या वह आपने देखी है? रमेश: नहीं, हमने कोई NOC नहीं देखी। बस हमसे बात हुई और जमीन बिक गई। रिपोर्टर: जिस दिन बैनामा हुआ, उस दिन मंत्री आए थे या नहीं? रमेश: हां, जिस दिन बैनामा हुआ… उस दिन राज्यमंत्री महोदय आए थे। उस दिन भी राज्यमंत्री जी से हम लोगों की बात नहीं हुई। रिपोर्टर: …तो जो NOC बनी, उसके बारे में आपको जानकारी नहीं? रमेश: नहीं, हमें कोई जानकारी नहीं। रिपोर्टर: …तो आप लोग गांव छोड़कर नहीं जा रहे हैं। रमेश: नहीं, हम लोग यहीं हैं… गांव छोड़कर नहीं जा रहे। हमारे भाई भी यहीं गांव में रहते हैं… हमें कहीं नहीं जाना। सब बच्चे पढ़-लिख रहे हैं यहीं। रिपोर्टर: आपके परिवार में कौन-कौन हैं? रमेश: परिवार में… मैं और मेरी घरवाली है। 2 बेटियों की शादी कर दी है। 1 लड़का और 1 लड़की और है। रिपोर्टर: क्या आपको लगता है कि पैसे कम मिले या ज्यादा मिले? रमेश: नहीं, हम पर कोई दबाव राज्यमंत्री की तरफ से नहीं बनाया। बीच का आदमी था सौदे में… हमने 40 लाख मांगे, उसने 39 लाख का रेट लगाया। इन्वेस्टिगेशन में ये निकला : दलितों को NOC दिखाई तक नहीं NOC में रमेश और उसके भाइयों ने जमीन बेचने का कारण देखभाल नहीं कर पाना बताया, लेकिन हकीकत में उन्होंने NOC देखी तक नहीं। वे और उनके भाई गांव छोड़कर नहीं गए। इसलिए जमीन की देखभाल नहीं करने का सवाल ही खड़ा नहीं होता। इसके बाद हमारी मुलाकात वीर सिंह से हुई। रिपोर्टर: आपने अपनी जमीन कब और किसको बेची? वीर सिंह: हमने सोमेंद्र तोमर मंत्री को बेची है। रिपोर्टर: कितनी जमीन बेची है? वीर सिंह: एक बीघा 50 गज। रिपोर्टर: कितने में बेची है? वीर सिंह: जिसने जमीन का सौदा किया… उससे 28 लाख रुपए तय किए थे… एक बीघा के। रिपोर्टर: …तो पूरे पैसे मिल गए? वीर सिंह: नहीं, 27 लाख मिले। 1 लाख कम दिए। रिपोर्टर: आप जमीन नहीं बेच सकते… क्या आपने परमिशन ली थी? वीर सिंह: परमिशन तो मंत्री साहब ने ले रखी है… कम से कम 25-26 आदमियों के बैनामे हुए। रिपोर्टर: आपको जमीन क्यों बेचनी पड़ी? वीर सिंह: (रोते हुए) हमें मजबूरी में जमीन बेचनी पड़ी। मेरी बीमारी थी। पैर गल गया था। रिपोर्टर: क्या मेडिकल बना था… बीमारी के संबंध में…? वीर सिंह: नहीं, मेरा कोई मेडिकल नहीं बना। रिपोर्टर: जब जमीन बेची तो किसी सरकारी अफसर से मिले आप? वीर सिंह: नहीं, हम किसी से नहीं मिले। रिपोर्टर: फिर जमीन कैसे बेची? वीर सिंह: एक लड़का है… जॉनी, उसके माध्यम से जमीन का सौदा हुआ। वह राज्यमंत्री के साथ रहता है। उसने गरीबों के काफी पैसे खाए। तकरीबन 50–60 लाख रुपए खा गया। रिपोर्टर: आपको बीमारी के लिए जमीन बेचनी पड़ी है क्या? वीर सिंह: हां, बीमारी के चलते 7 साल में 7 लाख रुपए लगे। हमने वीर सिंह के बेटे विपिन से बात की, जो बिल्कुल स्वस्थ दिख रहा था, उसने जो बताया वह चौंकाने वाला था… रिपोर्टर: तुम्हारे पिता जी को क्या बीमारी है? विपिन: बीमारी कुछ नहीं है। कुछ दिन पहले शुगर हुई। पहले एक्सीडेंट हुआ तो इलाज करा दिया। अभी पैसों की शार्टेज चल रही… इसलिए जमीन बेच दी। रिपोर्टर: कोई गंभीर बीमारी नहीं है किसी को? विपिन: नहीं, ऐसा कुछ नहीं है। न ही हमारे पास कुछ डॉक्यूमेंट है। रिपोर्टर: तुम्हारे पिताजी का कब इलाज हुआ था? अभी हो रहा है या नहीं? विपिन: बहुत पहले इलाज हुआ था। अब तो इलाज नहीं चल रहा है। 7 साल से इलाज बंद है। कोई दवा वगैरह भी नहीं चल रही है। रिपोर्टर: परिवार में और कौन-कौन है? विपिन: परिवार में मेरे 2 बड़े भाई हैं। रिपोर्टर: सबकी मर्जी से बेची है जमीन क्या? विपिन: नहीं, सबकी मर्जी से जमीन नहीं बेची। यह जमीन पिताजी के नाम से थी तो उन्होंने अपनी मर्जी से बेची। हमें तो बाद में पता चला है। इन्वेस्टिगेशन में ये निकला : अब परिवार में कोई बीमार नहीं वीर सिंह ने अपनी जिस बीमारी का जिक्र NOC में किया। उस बीमारी की दवा 7 साल पहले ही बंद हो चुकी है, जबकि उनके बेटे विपिन सिंह भी अब बीमार नहीं हैं। इसके बाद हमारी मुलाकात धर्मेंद्र से हुई। रिपोर्टर: आपने जमीन बेची है? धर्मेंद्र: मेरे कूल्हे का ऑपरेशन हुआ है, इसलिए जमीन बेचनी पड़ी। चल नहीं पा रहा था। टांग कटने की नौबत आ गई थी। रिपोर्टर: किसको जमीन बेची? धर्मेंद्र: सोमेंद्र तोमर को जमीन बेची है। रिपोर्टर: आप लोगों की जमीन बेचने में तो बहुत अधिकारियों के चक्कर वगैरह लगाने पड़ते हैं? धर्मेंद्र: हां, सब कुछ उन्होंने (मंत्री के लोगों ने) ही करवाया है… परमिशन वगैरह। हमें कुछ नहीं पता। रिपोर्टर: कोई पूछने भी नहीं आया? धर्मेंद्र: नहीं, कोई पूछने नहीं आया। बीच में जो नवीन था। उसी ने सब काम कराया है। रिपोर्टर: कब हुआ ऑपरेशन? धर्मेंद्र: 14 सितंबर 2024 को हमारा बैनामा हुआ है। फिर बाद में हम दोबारा गिर पड़े। उससे पहले जुलाई में ऑपरेशन हुआ है। बैनामे से पहले ही ऑपरेशन हो चुका था। रिपोर्टर: अधिकारियों से आपने जो जमीन बेचने की परमिशन ली है, उसमें क्या कारण बताया? धर्मेंद्र: हमें तो कुछ नहीं पता… वह सब तो उन्होंने (मंत्री के लोगों ने) कराया। रिपोर्टर: कितनी जमीन है आपकी? धर्मेंद्र: सवा चार बीघा से कुछ कम है। इसमें चार भाई हैं। रिपोर्टर: कितने रुपए में जमीन बेची है? धर्मेंद्र: जो बीच में दलाल था। उसने हमें 39 लाख रुपए बीघा के पैसे दिए हैं। रिपोर्टर: टोटल कितना पैसा मिला? धर्मेंद्र: 1 करोड़ 63 लाख 883 रुपए। इन्वेस्टिगेशन में ये निकला : असाध्य रोग के बगैर ही परमिशन मिल गई जमीन बेचने से पहले ही धर्मेंद्र के कूल्हे का ऑपरेशन हो चुका था। नियम के मुताबिक दलित अपनी जमीन तभी बेच सकता है, जब वह किसी असाध्य रोग से पीड़ित हो। कूल्हे का ऑपरेशन असाध्य रोग में नहीं आता, क्योंकि ये जानलेवा बीमारी नहीं। अब जानिए, अफसरों ने कैसे नियमों का पालन नहीं किया अब जानिए, राज्यमंत्री के ट्रस्ट के बारे में… शांति निकेतन ट्रस्ट 1 मई, 2008 को मेरठ में रजिस्टर्ड हुआ। इसका पता- E-18, शास्त्री नगर, मेरठ है। ट्रस्ट का उद्देश्य शिक्षा, साक्षरता और खेल है। ये ट्रस्ट शांति निकेतन विद्यापीठ स्कूल, शांति निकेतन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट, शांति निकेतन कॉलेज ऑफ फार्मेसी और शांति निकेतन इंस्टीट्यूट फॉर टीचर एजुकेशन कॉलेज संचालित करता है। अब पढ़िए, अफसरों की सफाई… ADM बोले- मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मैटर नहींमेरठ के तत्कालीन अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) बलराम सिंह का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में नहीं हैं, न ही उन्हें इसकी जानकारी है। ऐसा कोई मैटर नहीं आया था। DM बोले- मैं कुछ नहीं कहना चाहतामेरठ के DM डॉ. वीके सिंह का कहना है कि वो इस मामले पर कुछ नहीं कहना चाहते। मेरी संस्था वहां पहले से है, टाउनशिप 500 मीटर दूर हैजब हमने राज्यमंत्री एवं शांति निकेतन ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सोमेंद्र तोमर को कॉल किया। उन्होंने कहा- इस मामले में एक-एक चीज पर बोलने और एक-एक सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हूं। जब लखनऊ आऊंगा, तब विद प्रूफ सारी जानकारी दूंगा। इसके बाद हमने उनका 10 दिन इंतजार किया। उन्हें कॉल किए और मैसेज भी किए, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिए। राज्यमंत्री को हमने ये सवाल भेजे – ------------------------- ये खबर भी पढ़ें... यूपी में मंत्री-विधायक के रिश्तेदारों को बांटी नौकरियां, इनमें 55% ठाकुर, जांच करने आए अफसर के भतीजे की भी नौकरी लगी पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी और पूर्व सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा... आप सोच रहे होंगे कि आखिर यूपी की सत्ता से जुड़े ये दो नाम क्यों लिए हैं? तो हम आपको बता दें कि यह सिर्फ दो नाम नहीं हैं, बल्कि इन जैसे सत्ता से जुड़े 10 ताकतवर लोगों के नाम निकलकर सामने आए हैं, जिनके बेटे-बेटियों को लखीमपुर अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक में नियुक्तियां दीं। पढ़ें पूरी खबर
भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से सटा श्रीगंगानगर विदेशी हथियारों का 'लॉजिस्टिक हब' (सप्लाई का अड्डा) बनता जा रहा है। पाकिस्तान में बैठे ISI समर्थित तस्कर गोला बारूद से लेकर चीन-तुर्किए में बने हथियार ड्रोन के जरिए गिरा रहे हैं। यहां से इन हथियारों को देश के दूसरे हिस्सों में पहुंचाया जा रहा है। कभी इस रूट से नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती थी। हाल ही में लुधियाना (पंजाब) पुलिस के एनकाउंटर में हत्थे चढ़ा श्रीगंगानगर (राजस्थान) का रहने वाला रामलाल भी पाक-ISI समर्थित आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। इससे पहले गुजरात एटीएस की गिरफ्त में आए 3 संदिग्ध आतंकियों को भी हथियार इसी रूट से पहुंचाए गए थे। भास्कर ने पिछले एक महीने में सामने आई 3-4 बड़ी कार्रवाई और बॉर्डर पार से हुई गतिविधियों की पड़ताल की। इन मामलों से जुड़े इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को अबतक जांच में क्या मिला, यह जाना। पढ़िए संडे बिग स्टोरी…. 20 नवंबर : पहली बार बॉर्डर से मंगवाए ग्रेनेड पकड़ में आएलुधियाना में पुलिस ने 20 नवंबर को एनकाउंटर के बाद दो तस्कर रामलाल व दीपक को हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। रामलाल श्रीगंगानगर के लालगढ़ कस्बे के गांव ताखरांवाली का है। दीपक उर्फ दीपू फाजिल्का (पंजाब) के अबोहर स्थित गांव शेरेवाला का रहने वाला है। पंजाब पुलिस ने इनके पास से दो हैंड ग्रेनेड व पांच पिस्टल जब्त की थी। लुधियाना पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रामलाल और दीपक पाकिस्तान स्थित हैंडलर जसवीर उर्फ चौधरी के कॉन्टैक्ट में थे। उसने ही बॉर्डर से ड्रोन के जरिए ये तबाही मचाने वाले हथियार पहुंचाए थे। जसवीर के निर्देश पर दोनों की प्लानिंग ग्रेनेड अटैक करने की थी। पंजाब पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी उस आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हैं, जिसके तार लॉरेंस गैंग से जुड़े हैं। 27 नवंबर : रॉकी के पास भी मिले संदिग्ध हथियारलुधियाना पुलिस की कार्रवाई के 7 दिन बाद ही 27 नवंबर को श्रीगंगानगर से एक और तस्कर राकेश उर्फ रॉकी नेहरा को पकड़ा गया। श्रीगंगानगर के हरीपुरा 26 जीबी का रहने वाला रॉकी नेहरा को श्रीगंगानगर पुलिस ने जस्सासिंह मार्ग से दबोचा। इसके पास से अवैध पिस्टल व कारतूस बरामद हुए थे। रॉकी का कनेक्शन 20 नवंबर को लुधियाना में पंजाब पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में घायल आतंकी से था। बताया जा रहा है कि रॉकी ने ही रामलाल और दीपू को हथियारों के साथ पंजाब भेजा था। पिछले एक-डेढ़ साल से एक्टिव थाश्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन बताती हैं- पंजाब के शेरेवाला निवासी दीपक उर्फ दीपू से रॉकी का संपर्क था। इनका नेटवर्क पिछले एक-डेढ़ साल से काम कर रहा था। अभी रॉकी से और गहनता से पूछताछ की जा रही है। इनके पूरे नेटवर्क और कनेक्शंस खंगाले जा रहे हैं। 13 नवंबर : ग्रेनेड अटैक मॉड्यूल का खुलासालुधियाना पुलिस ने इनके मॉड्यूल का खुलासा करते हुए 10 आतंकियों को पकड़ा था। इनके पास से चीन में बने 86p हैंड ग्रेनेड व हथियार बरामद हुए। यह भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में ग्रेनेड अटैक करने वाले थे। इस साजिश में भी श्रीगंगानगर निवासी अवि विश्वकर्मा की भूमिका सामने आई थी। अवि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के संपर्क में था। श्रीगंगानगर का अवि हथियारों की तस्करी कर आतंकियों तक पहुंचाता था। अवि का भाई मावी विश्वकर्मा भी पाकिस्तान में बैठे ड्रग तस्करों से कॉन्टैक्ट के चलते श्रीगंगानगर जेल में बंद है। वह हथियार तस्करी में आरोपियों व हैंडलरों के बीच की भूमिका निभा रहा था। 11 नवंबर : गुजरात में संदिग्ध आतंकियों तक हनुमानगढ़ से पहुंचे हथियारगुजरात एटीएस ने 11 नवंबर को तीन संदिग्ध आतंकियों मोहियुद्दीन, सुलेमान शेख व मोहम्मद सुहैल को पकड़ा था। इनके पास से तीन पिस्टल व भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए थे। गुजरात एटीएस की पूछताछ में तीनों आतंकियों ने स्वीकारा था कि हनुमानगढ़ (राजस्थान) में सीमा पार से ड्रोन से गिराए गए हथियार उन तक गुजरात पहुंचाए गए थे। गुजरात एटीएस के DIG सुनील जोशी के मुताबिक, तीनों संदिग्ध आतंकियों को लखनऊ (UP), दिल्ली, अहमदाबाद (गुजरात) के कई ठिकानों की रेकी करने की लिस्ट मिली थी। इनमें से मोहियुद्दीन के पाकिस्तान में कई हैंडलर से संपर्क में था। उसके निर्देश पर हथियार श्रीगंगानगर बॉर्डर पर गिराए गए थे। अब समझिए डिलवरी का रूट दिल्ली-पंजाब की गैंग तक सप्लाईसीमा पार से पाकिस्तान ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियारों की सप्लाई कर रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 22 नवंबर को ही ISI कनेक्शन वाले एक बड़े इंटरनेशनल हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा कर 4 तस्कर पकड़े थे। ये पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हाईटेक हथियार मंगवाकर गैंगस्टरों को सप्लाई करते थे। दिल्ली के रोहिणी एरिया में आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से तुर्की और चीन में बने 10 हाईटेक पिस्टल और 92 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के अनुसार, यह रैकेट पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहा था। हथियार पहले तुर्किये और चीन से पाकिस्तान पहुंचाए जाते, फिर वहां से ड्रोन के जरिए राजस्थान-पंजाब से सटे बॉर्डर एरिया में गिराए जाते थे। इसके बाद इन्हें तस्करों की मदद से लॉरेंस, बंबीहा, गोगी और हिमांशु भाऊ जैसी गैंग तक पहुंचाया जाता था। हवाला के जरिए पाकिस्तान पैसा भेजा जाता था। अनमोल बिश्नोई इसी रूट से भिजवाता था हथियारहाल ही में अमेरिका से डिपोर्ट कर भारत लाए गए गैंगस्टर अनमोल से पूछताछ के बाद पाकिस्तान से हथियारों की सप्लाई की बात सामने आई थी। राजस्थान एटीएस को आशंका है कि पाकिस्तान बैठे हैंडलर लंबी दूरी तय करने वाले ड्रोन का इस्तेमाल कर हथियार डिलीवर कर रहे हैं। अनमोल गैंग से जुड़े बदमाश भारत-पाक सीमा से जुड़े कई जिलों और राज्यों में ड्रोन की मदद से किन जगहों पर हथियार मंगवाते और फिर कैसे वह हथियार एक-दूसरे तक सर्कुलेट करते थे, इसे लेकर एजेंसियां पूरा नेटवर्क खंगालने में लगी हुई हैं। अनमोल की गैंग का मुख्य काम केवल हथियारों की डिलीवरी करना था। लोकेशन मिलने के बाद हथियार कैसे और कब पहुंचेगा इसकी जानकारी अनमोल के पास होती थी। डिलीवरी के लिए अलग-अलग जिलों में गैंग के युवकों से यह काम कराया जाता था, जिसके लिए उन्हें पैसा भी दिया जाता। ड्रग्स से हथियारों तक : एक ही तस्करी नेटवर्क का इस्तेमालपिछले कुछ वर्षों में यह साफ हो चुका है कि पाकिस्तान से राजस्थान और यहां से पंजाब व गुजरात तक का यह रूट सिर्फ हेरोइन, एमडी या किसी दूसरे सिंथेटिक ड्रग्स के लिए ही नहीं, बल्कि अब पिस्टल, ग्रेनेड और गोला-बारूद जैसी खेपों के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। श्रीगंगानगर केवल ‘ड्रॉप पॉइंट’ नहीं है, यह 'लॉजिस्टिक पॉइंट' बन गया है। यानी बॉर्डर पार से आए हथियार एक जगह इकट्ठे किए जाते हैं, फिर उन्हें अपने नेटवर्क के जरिए अलग-अलग स्थानों तक भेजे जाते हैं। श्रीगंगानगर बॉर्डर पर नेटवर्क के ज्यादा एक्टिव होने के पीछे कई भौगोलिक और रणनीतिक कारण सामने आए हैं- लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा : बॉर्डर का बड़ा हिस्सा खेतों और कच्चे इलाकों से होकर गुजरता है। कम आबादी वाले क्षेत्र : ड्रोन ड्रॉप का जोखिम कम रहता है। पंजाब से सीधा कनेक्शन : तस्करी की खेप कुछ ही घंटों में पंजाब पहुंचाई जा सकती है। पहले से सक्रिय ड्रग्स नेटवर्क : तस्करों को नया नेटवर्क बनाने की जरूरत नहीं पड़ती। --- भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर तस्करी की यह खबर भी पढ़िए... पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार हनुमानगढ़ पहुंचे, शराब तस्करी के रूट पर गुजरात के कलोल में हुई थी डिलीवरी गुजरात एटीएस की गिरफ्त में आए 3 आतंकियों ने जो खुलासे किए, वो चौंकाने वाले हैं। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार भारत बॉर्डर (राजस्थान) में फेंके गए थे। पढ़ें पूरी खबर...
जंगल क्षेत्रों में बढ़ते सड़क हादसों और वन्य जीवों की मौत को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक अनूठी तकनीक अपनाई है। जबलपुर–भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित नौरादेही अभयारण्य के 12 किलोमीटर लंबे डेंजर जोन को सुरक्षित बनाने के लिए हाईवे को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।इस इलाके में सैकड़ों हिरन, नीलगाय और अन्य वन्य जीव विचरण करते हैं, जहां पहले टू लेन सड़क पर तेज रफ्तार वाहन अक्सर जानवरों से टकरा जाते थे। कई बार सड़क दुर्घटनाएं भी होती थीं। इसी खतरे को देखते हुए NHAI ने अब फोर लेन निर्माण के साथ तकनीक आधारित सुरक्षा उपाय लागू किए हैं। प्राधिकरण ने लगभग दो किलोमीटर के संवेदनशील हिस्से में सड़क की सतह पर 5 एमएम मोटी रेड कलर मार्किंग की है, जिसे ‘टेबल टॉप मार्किंग’ नाम दिया गया है। इस लेयर की वजह से वाहन गुजरते समय हल्के झटके महसूस होते हैं, जो चालक को गति नियंत्रित रखने के लिए सचेत करते हैं। लाल रंग पहले से ही खतरे का संकेत माना जाता है, ऐसे में ड्राइवर मनोवैज्ञानिक रूप से भी रफ्तार अपने आप कम कर लेता है। सड़क के दोनों और वाइट कलर की पैवर शोल्डर लाइन भी 5 एमएम मोटाई के साथ बनाई गई है। यदि चालक को नींद आ जाए या वाहन किनारे की ओर खिसकने लगे तो झटके के कारण चालक तुरंत सतर्क हो जाता है। NHAI का कहना है कि यह उपाय भविष्य में इस मार्ग को कभी भी ब्लैक स्पॉट बनने से रोकेंगे। प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृतलाल साहू के अनुसार, वाइल्डलाइफ विभाग से 12 किमी फोर लेन निर्माण की अनुमति 2020 में मिली थी। 2021 में काम शुरू हुआ और 2025 तक परियोजना पूरी हो गई। उन्होंने बताया कि टू लेन को फोर लेन में बदलने पर वाहन गति स्वतः बढ़ जाती है, जिससे दुर्घटनाएं भी बढ़ने की आशंका रहती है। इसी कारण डिजाइन के समय ही तय किया गया कि सबसे खतरनाक 2 किमी हिस्से में रेड मार्किंग और मोटी लेयर बिछाई जाएगी। वन्य जीवों की आवाजाही को देखते हुए 25 अंडरपास भी बनाए गए हैं, ताकि जानवर सड़क पर आए बिना सुरक्षित तरीके से रास्ता पार कर सकें। एक नजर में परियोजना
सरकारी समर्थन मूल्य पर मूंगफली खरीद की सुस्त है। बीकानेर जिले में 43 स्वीकृत खरीद केंद्र हैं, लेकिन खरीद शुरू हुए पांच दिन बीत जाने के बाद भी सिर्फ 14 केंद्रों पर तुलाई हो रही है। परिणाम: किसानों को अपनी उपज 5,000 से 6,500 रुपए प्रति क्विंटल पर बेचनी पड़ रही है, जबकि सरकार ने 7263 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय कर रखा है। बीकानेर की दोनों प्रमुख अनाज मंडियों गंगानगर रोड व पूगल रोड में मिलाकर रोजाना ढाई लाख बोरी मूंगफली की आवक हो रही है। सरकारी खरीद नहीं होने से किसानों को प्रति बोरी 450 से 600 रुपए तक का घाटा हो रहा है। बीकानेर की प्रमुख मंडियों में स्थिति कुछ यूं है: दुपहिया तक निकालना मुश्किल। ढाई लाख बोरी रोजाना आने से तुलाई व उठाव प्रभावित। किसान मंडी के बाहर कतारों में फंसे। पड़ी मूंगफली का उठाव तक सही से नहीं हो पा रहा। केंद्रों पर सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से मंदी और जाम का असर दो तरफ दिख रहा है। किसानों को कम दाम, व्यापारियों को भीड़ प्रबंधन की परेशानी। बज्जू, कोलायत, नोखा, लूणकरणसर, पूगल, दंतौर और खाजूवाला इन 14 केंद्रों पर तुलाई शुरू जरूर हुई है, लेकिन बीकानेर जिले के 43 में से 29 केंद्र बंद पड़े हैं, जिससे किसान भारी संकट में हैं। जिसका नजीता यह हुआ कि सरकारी खरीद शुरू होने में देरी का असर सबसे ज्यादा किसान पर पड़ रहा है। केंद्रों पर तुलाई मशीनें और स्टाफ समय पर नहीं लगाया गया। कहा जा रहा कि 1 दिसंबर तक सभी केंद्र चालू हो जाएंगे। शेड अधूरे, तुलाई के लिए स्टाफ भी नहीं हमने तो सुना था सरकार समर्थन मूल्य पर खरीदेगी। पांच दिन से घूम रहे हैं… कहीं कांटा नहीं लगा, कहीं स्टाफ नहीं बैठा। मजबूरी में 5500 में बेचनी पड़ी। -रामलाल विश्नोई, किसान, बीकानेर हमारी मूंगफली 12% नमी दिखाकर लौटा दी। कहां सुखाएं? खेतों में रात भर ओस पड़ रही है। सरकार खरीद जल्दी शुरू करे, नहीं तो हमारी मेहनत का पूरा साल बर्बाद हो जाएगा। महेंद्र नायक, किसान पूगल रोड, बीकानेर बीकानेर जिले के सभी 43 खरीद केंद्रों पर 1 दिसंबर तक खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अभी कुछ केंद्रों पर नमी अधिक (12–15%) आ रही है, जबकि अनुमत नमी 8% है। किसानों से अनुरोध है कि मूंगफली अच्छी तरह सुखाकर लाएं। किसानों को असुविधा न हो, इसके लिए व्यवस्थाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। -शिशु पाल सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, राजफेड, बीकानेर सरकारी खरीद केंद्रों पर अभी भी कई जगह सरकारी कांटा (तुलाई मशीन) नहीं लगा है। कई जगह शेड अधूरे पड़े हैं। तुलाई शुरू करने का स्टाफ नहीं पहुंचा। बीकानेर जिले के किसान दूर-दूर से मूंगफली लेकर खरीद केंद्रों पर जा रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद अभी शुरू नहीं हुई। खरीद प्रक्रिया की सुस्ती ने एक ट्रेंड भी बदल दिया है, कई किसान अब मजबूरी में प्राइवेट मंडी का रुख कर रहे हैं जहां उन्हें समर्थन मूल्य से कहीं कम दाम मिल रहा है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर मौलाना मदनी के बयान से जुड़ी रही। उन्होंने कहा कि जुल्म होगा तो जिहाद भी होगा। दूसरी बड़ी खबर योगी के बयान को लेकर है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार में इतनी कुटाई हुई कि माफिया भाग गए। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. मौलाना मदनी बोले- जब-जब जुल्म होगा, जिहाद भी होगा; मुसलमानों को टारगेट किया जा रहा जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मौजूदा दौर में मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिशें बढ़ गई हैं। जिहाद जैसे शब्द को जानबूझकर आतंक और हिंसा से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा;- लव जिहाद, लैंड जिहाद, थूक जिहाद जैसे शब्द मुसलमानों को बदनाम करने के लिए गढ़े गए हैं। इस्लाम में जिहाद का मतलब अन्याय और जुल्म के खिलाफ संघर्ष है। जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा। मुसलमान भी देश के बराबर के नागरिक: मदनी ने आरोप लगाया कि मुसलमानों को लगातार टारगेट किया जा रहा है और उनके धार्मिक पहनावे, पहचान और जीवनशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमान इस देश के बराबर के नागरिक हैं, लेकिन शिक्षा, रोज़गार और सामाजिक बराबरी के अधिकार जमीनी स्तर पर कमजोर हो रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर... 2. योगी बोले- कब्जा करने वालों की कमर सीधी की, इतना कूटा कि अब माफिया गायब सीएम योगी ने गोरखपुर में कहा कि भाजपा सरकार ने यूपी में कब्जा करने वालों की कमर सीधी कर दी। 8 साल पहले यूपी में जाति के नाम पर लड़ाया जाता था, भाषा के नाम पर बांटा जाता था। कर्फ्यू जैसा माहौल बनाया जाता था। यह सपा-कांग्रेस करती थी। सीएम ने गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) के 36वें स्थापना दिवस पर कहा- 1989 से लेकर 1998 तक GIDA में औद्योगिक गतिविधियां लगभग शून्य थीं। धरना-प्रदर्शन, गोली कांड होते थे। रिजल्ट ये रहा कि GIDA तो चल नहीं पाया, गोरखपुर का खाद कारखाना भी बंद हो गया था। उपद्रव का प्रदेश अब उत्सव का प्रदेश बन गया गुंडे व्यापारी की प्रॉपर्टी पर कब्जा करते थे। जमीन पर कब्जा करना ये लोग जन्मसिद्ध अधिकार समझते थे। जब डबल इंजन की सरकार आई, तो इतनी कुटाई हुई कि माफिया गायब हो गए। कब्जे की जमीनों के ऊपर हम लोग अब फैक्ट्री बनवा रहे। उपद्रव का प्रदेश अब उत्सव का प्रदेश बन गया है। पढ़ें पूरी खबर... 3. भागवत बोले- भारत के स्वभाव में झगड़ा नहीं, बल्कि भाईचारा है, हम सब भाई हैं RSS चीफ मोहन भागवत ने कहा कि भारत की असली पहचान आपसी भाईचारे में है। उन्होंने कहा कि विवाद करना अपने देश की प्रकृति में नहीं है। मिलकर चलना ही अपने देश की प्रकृति में है। हम सब भाई हैं, क्योंकि हम भारत माता की संतान हैं। AI को रोका नहीं जा सकता: भागवत ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी टेक्नोलॉजी के आने को रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमें इसके मालिक बने रहना चाहिए और इससे निपटते समय अपनी गरिमा बनाए रखनी चाहिए। AI का इस्तेमाल इंसानियत के फायदे के लिए के लिए होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर... 4. ड्रग तस्कर संग VIDEO पर धनंजय ने चुप्पी तोड़ी, कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही, योगी को लेटर लिखूंगा लखनऊ में अरेस्ट ड्रग तस्कर अमित टाटा के साथ फोटो और VIDEO पर बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने सफाई दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा- मेरे खिलाफ साजिश रची जा रही। कोडीन मिक्स नशीली सिरप की तस्करी की CBI जांच होनी चाहिए। मैं पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और सीएम योगी को पत्र लिखूंगा। यूपी STF ने गोमतीनगर से 27 नवंबर को 100 करोड़ रुपए की कोडीन मिक्स कफ सिरप तस्करी मामले में अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद अमित टाटा की धनंजय सिंह के साथ कई तस्वीरें वायरल हुईं। धनंजय बोले- काशी से मामला जुड़ा है मुझे पता है कि कफ सिरप के मुद्दे पर राजनैतिक विरोधियों ने मेरे बारे में अफवाह फैलाने का काम किया है। मैं बताना चाहता हूं कि मामला काशी से जुड़ा है। इसलिए कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं की तरफ से झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। ताकि, प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल किया जा सके। पढ़ें पूरी खबर 5. आतंकी शाहीन के फ्लैट से ₹18.50 लाख मिले, सोने के 2 बिस्किट, जेवर भी बरामद दिल्ली ब्लास्ट केस में आतंकी मॉड्यूल से जुड़ी डॉ. शाहीन सईद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट से 18.50 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। सीक्रेट लॉकर से 2 सोने के बिस्किट, करीब 300 ग्राम जेवर और विदेशी करेंसी भी मिली। NIA ने बताया कि टेरर फंडिंग से जुड़ा यह नेटवर्क खाड़ी देशों तक फैला है। शाहीन जांच में सहयोग नहीं कर रही: NIA ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी में शाहीन के नाम पर दर्ज एक लॉकर की जांच की और इसमें भी कुछ दस्तावेज मिले। हालांकि इन दस्तावेजों में क्या है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों के मुताबिक, शाहीन जांच में सहयोग नहीं कर रही है और फरीदाबाद लाते समय भी टीम को गुमराह करती रही। पढ़ें पूरी खबर... 6. बहराइच में भेड़िए 8 घंटे में दो बच्चों को खा गए, बच्चे के हाथ चबाए, बच्ची को मां की गोद से ले गया बहराइच में भेड़िए 8 घंटे के अंदर 2 बच्चों को खा गए। शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे 5 साल के मासूम को 2 भेड़िए घर से उठा ले गए। एक ने मासूम की गर्दन दबोची, दूसरे ने पैर। लोगों ने देखा तो लाठी-डंडे लेकर पीछे भागे। खेत में मासूम खून से लथपथ मिला। दोनों हथेलियां-पंजे भेड़िये खा चुके थे। मामला कैसरगंज थाना के मजरे मल्लहनपुरवा का है। दूसरी घटना यहां से 70 किमी दूर खोरिया सफीक गांव में हुई। रात डेढ़ बजे मां के बगल से 10 महीने की बच्ची को भेड़िया उठा ले गया। चीख सुनकर मां की आंख खुली। उन्होंने शोर मचाया। परिजन भेड़िए के पीछे भागे। दो घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव मिला। पूरे शरीर की चमड़ी उधड़ी हुई थी। पेट से आंतें तक बाहर आ गई थीं। 3 महीने में 10 की जान ले चुके: 3 महीने में भेड़ियों के झुंड ने 9 बच्चों समेत 10 लोगों को मार डाला है। 38 से ज्यादा घायल हैं। खुद सीएम योगी भी बहराइच गए। उन्होंने भेड़ियों को मारने के आदेश दिए। अब तक 4 भेड़ियों का एनकाउंटर हो चुका है। इसके बावजूद खूंखार भेड़ियों के आगे पूरा सिस्टम लाचार दिख रहा है। पढ़ें पूरी खबर आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... चिप्स-स्नैक्स पर टूटे बाराती, दूल्हा भी नहीं रहा पीछे यूपी के हमीरपुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के प्रोग्राम में बाराती चिप्स-स्नैक्स पर टूट पड़े। इसमें दूल्हा भी पीछे नहीं रहा। धक्का-मुक्की में एक बच्ची पर खौलती चाय गिर गई और वह झुलस गई। वीडियो वायरल होने के बाद आयोजन व्यवस्था पर सवाल उठे। बताया जा रहा है कि भोजन वितरण के लिए कोई व्यवस्था और निगरानी नहीं थी। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों के काम बिना रुकावट पूरे हो जाएंगे। धनु राशि वालों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें 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उदयपुर दुग्ध उत्पादक डेयरी संघ (सरस) में एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सिक्योरिटी गार्ड की नियुक्ति के लिए निकाला टेंडर 6 साल से लगातार उसी फर्म को दिया जा रहा है, जिसके संचालक की 6 साल पहले ही मौत हो चुकी है।हैरान करने वाली बात यह है कि डेयरी संघ ने बिना जांच-पड़ताल इस फर्म के आवेदन को सही मान लिया और निरस्त नहीं किया। अब फिर इसी फर्म को टेंडर देने की तैयारी है। सवाल पर अधिकारी इसे दस्तावेजों में हुई छोटी-सी चूक बता रहे हैं। दरअसल, संघ ने डेयरी में सिक्योरिटी कार्य के लिए इसी साल 27 अगस्त को फिर से टेंडर निकाला। एक साल की अवधि वाले इस टेंडर की लागत 1.25 करोड़ है।शर्त के अनुसार 52 सुरक्षाकर्मी अभी लगे हैं। यह संख्या घटाने-बढ़ाने का अधिकार प्रबंध संचालक को है। कुल सुरक्षाकर्मियों में अधिकतम 10 सिविल लोगों को ड्यूटी पर रखा जा सकता है। डेयरी संघ से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि रजिस्टर्ड संस्था में जिस व्यक्ति की मौत हो जाती है, उसका प्रोपराइटर बदलता है। इसमें किसी को पता नहीं लगे, इसलिए पुराने व्यक्ति के नाम से टेंडर में शामिल होते रहे हैं। ऐसे खुला मामला... टेंडर में शामिल दूसरी एजेंसी ने डेयरी प्रबंधक और चेयरमैन को पत्र लिखा था यह गफलत 6 अक्टूबर को सामने आई, जब भीलवाड़ा की पूर्व सैनिक सिक्योरिटी सहकारी समिति लिमिटेड ने डेयरी प्रबंधक और चेयरमैन को पत्र लिखा। इसमें बताया कि चित्तौड़गढ़ एक्स-सर्विस मैन वेलफेयर को-ऑपरेटिव सोसायटी ने टेंडर में भाग लिया। फर्म का श्रमिक लाइसेंस एक्ट, 1970 कॉन्ट्रैक्टर लाइसेंस नंबर CLC/2018/6/13259 श्रमिक ठेकेदार नंदलाल सेन के नाम है। इसे निविदा प्रक्रिया के लिए अपलोड किया गया।लाइसेंसधारी नंदलाल सेन की मौत 2 फरवरी 2019 को ही हो गई थी। आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय ने 24 फरवरी 2019 को डेथ सर्टिफिकेट भी जारी किया था। मिलीभगत के बिना ऐसा संभव ही नहीं टेंडर में हिस्सा लेने वाले पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह राणावत का कहना है कि नंदलाल सेन के नाम साल 2018 में एक साल (2019 तक) के लिए टेंडर दिया गया। फिर उनकी मौत हो गई। फिर भी टेंडर की सीमा बढ़ाते गए। मिलीभगत कर एक ही व्यक्ति को टेंडर दिया गया।पूर्व सैनिक के नाम से टेंडर करके सिविल व्यक्ति से काम करवा रहे हैं, जबकि पूर्व सैनिक रोजगार के लिए भटक रहे हैं। इस फर्म को ब्लैकलिस्ट किया जाना चाहिए। जयपुर मुख्यालय से लेकर उदयपुर डेयरी तक शिकायत की है, क्योंकि टेंडर इसी फर्म को देने की तैयारी है। प्रबंधक बचाव में... कहा - छोटी गलती है, बदलवा देंगे हाँ, नंदलाल सेन की मौत साल 2019 में हो चुकी है। उनकी संस्था ने रिज़ॉल्यूशन करके उनकी जगह दूसरे व्यक्ति को दे दी, लेकिन लेबर कोर्ट से उनका नाम नहीं बदलवाया। यह छोटी-सी गलती उनसे हुई है। जैसे ही यह मामला डेयरी संघ के संज्ञान में आया तो तुरंत ही उन्हें इस बारे में बता दिया गया। उन्होंने जल्द नाम बदलवाने के लिए कहा। इस मामले की जानकारी आरसीडीएफ को भी दे देंगे।— डॉ. विमलेश राठौड़, डेयरी प्रबंधक रीकॉल : मिल्क पाउडर के 250 कट्टे चोरी, विवाद जारी डेयरी के प्रतापनगर वेयरहाउस से दूध पाउडर के 250 कट्टे चोरी हो गए थे। यह विवाद अब तक थमा नहीं है। इस मामले में भास्कर ने 29 अगस्त को डेयरी संघ में एक और घपला... पूर्व चेयरमैन गीता का आरोप—वेयरहाउस से दूध पाउडर के 250 कट्टे चोरी... खबर प्रकाशित की थी।इसमें डेयरी फेडरेशन से प्रबंध संचालक को आदेश देकर कर्मचारियों को निलंबित करने के लिए कहा था।
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव के बेटे अभिमन्यु और बहू इशिता रविवार को सांवराखेड़ी में होने वाले सामूहिक सम्मेलन में विवाह बंधन में बंधेंगे। सीएम ने अपने बेटे की शादी सामूहिक सम्मेलन में कर सादगी का परिचय दिया है। इसकी चर्चा सभी ओर हो रही है। सीएम के बेटे-बहू के साथ कुल 22 जोड़े सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ फेरे लेंगे। इस दौरान कई वीवीआईपी के आने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री के छोटे बेटे की 30 नवंबर को होने वाली शादी की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। वाकणकर ब्रिज के समीप सांवराखेड़ी में सामूहिक विवाह सम्मेलन में होने वाले कार्यक्रम में देश भर के 8 राज्यपाल, 11 मुख्यमंत्री लगभग 25 संतों को आमंत्रित किया है। रविवार सुबह सभी 22 जोड़ों का विवाह स्थल के पास ही सामूहिक शोभायात्रा निकलेगी। जिसमें सभी दूल्हे घोड़ी पर तो दुल्हन बग्गियों में सवार होकर निकलेंगी। वहीं रिश्तेदार बाराती बनकर बैंड-बाजों पर नाचते नजर आएंगे। शोभायात्रा के स्वागत के लिए कई मंच बनाए गए हैं। शादी में भाजपा शासित 11 राज्यों के मुख्यमंत्री, 8 राज्यपाल, प्रदेश का मंत्री मंडल और केंद्रीय मंत्रियों के साथ कई साधु-संतों को आमंत्रित किया गया है। ऐसा होगा डोम और व्यवस्था सांवरा खेड़ी में हो रहे सामूहिक सम्मेलन को विशेष रूप से सजाया गया है। सभी VIP VVIP बैठेंगे और 22 वर वधु एक साथ वरमाला आपस में पहनाएंगे। इसके लिए 5 विशेष डोम बनाए गए हैं। दूल्हा दुल्हन के लिए ग्रीन रूम तैयार किए गए हैं। यहां वीआईपी के लिए 1 पैंट्री भी है। एक 40/100 का विशाल मंच बनाया गया है। एक मंच 50/25 का ओर फेरों के लिए 15/15 साइज के 22 मंडप बनाए गए।25000 लोग शादी में शामिल होंगे सामूहिक सम्मेलन में 22 जोड़े के दूल्हा-दुल्हन दोनों और 44 परिवार के 25-25 लोगों को आमंत्रित किया गया है। कोई ज्यादा भी लाना चाहें तो उस पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। सुबह करीब 9 बजे एक साथ सभी का प्रोसेशन(शोभायात्रा) इम्पीरियल होटल के पास से निकलकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचेगा।सभी वर एक साथ तोरण मार मंडप में बैठेंगे मुख्यमंत्री के मित्र एवं परिवार के सदस्य रवि सोलंकी ने बताया सभी मेहमानों से उपहार नहीं लाने का आग्रह किया गया है। सुबह 10 बजे भोजन तैयार मिलेगा। जिसमें काजू कतली, राज भोग मूंग खसखस का हलवा,केसर कलाकंद, राजस्थानी डंठल पपड़ी,ड्रायफ्रूट चना दाल, भजिये, छोले आलू गोभी की सब्जी, पूरी दाल रोटी, चावल सब कुछ बफेट सिस्टम में खाने को मिलेगा। यह खबर भी पढ़ें... बैलगाड़ी पर सीएम के बेटे-बहू की एंट्री, VIDEO उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव की शादी समारोह का दूसरा दिन शनिवार को खास रहा। अथर्व होटल के पीछे मैदान में आयोजित कार्निवाल कार्यक्रम के दौरान डॉ. अभिमन्यु अपनी होने वाली पत्नी डॉ. इशिता यादव के साथ बैलगाड़ी पर नजर आए। दोनों चश्मा लगाए बैलगाड़ी पर खड़े दिखाई दिए। पूरी खबर पढ़ें
जींद का एकलव्य स्टेडियम, जो साल 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में 12 करोड़ रुपए की लागत से 20 एकड़ भूमि पर निर्मित हुआ था, आज बदहाली का शिकार है। स्टेडियम की जर्जर हालत के कारण खिलाड़ियों को अभ्यास में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे गंभीर स्थिति बास्केटबॉल कोर्ट की है, जहां बास्केटबॉल का पोल अत्यंत खराब स्थिति में है। प्रदेश में दो खिलाड़ियों की मौत हो चुकी इस समस्या ने प्रदेश भर के खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में लाखनमाजरा में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक और बहादुरगढ़ में अमन की अभ्यास के दौरान हुई मौन ने खेल विभाग के विकास कार्यों की पोल खोल दी है। जानकारी के अनुसार, जींद ही नहीं, बल्कि पूरे हरियाणा में कई स्टेडियम आज जर्जर हालत में हैं। स्थानीय स्तर पर, अधिकारियों द्वारा अब स्थिति को सुधारने की कोशिशें की जा रही हैं। फुटबॉल कोच ने बताया कि बास्केटबॉल कोर्ट को जल्द ही दुरुस्त किया जाएगा। हालांकि, एक अन्य अधिकारी अनिल ने बताया कि जींद जिले में बास्केटबॉल के प्रशिक्षण के लिए केवल दो ही कोच उपलब्ध हैं, जो संसाधनों की गंभीर कमी को दर्शाता है। अनिल ने खिलाड़ियों और आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि उनके आस-पास खिलाड़ियों के मैदान या स्टेडियम में कोई खामी है, तो अधिकारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए। उन्होंने इसे सभी का नैतिक कर्तव्य बताया। इस बीच, खिलाड़ियों और अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद निर्मित हुई सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, ताकि राज्य के युवा बिना किसी जोखिम के खेल अभ्यास जारी रख सकें।
प्रदेश में उदयपुर सहित दक्षिण राजस्थान के जिलों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत इस रीजन को प्रीमियर रोड ट्रिप डेस्टिनेशन के रूप में प्रमोट किया जाएगा। इसमें उदयपुर से बांसवाड़ा वाया जयसमंद रोड, उदयपुर–माउंट आबू, उदयपुर–कुंभलगढ़, उदयपुर–रणकपुर रूट की मार्केटिंग की जाएगी। आदिवासी अंचल के इन रूटों पर ग्रामीण परिवेश के साथ हरी-भरी वादियों, घुमावदार सड़कों, झरनों के रोमांचक नजारे देखने को मिलते हैं। इससे बाइकर्स और ऑफ-रोड सफारी करने वाले पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। अभी इन रूटों पर इस तरह की रोड ट्रिप कम हो रही है। हालांकि, उदयपुर सिटी तक रोड ट्रिप करने वाले ग्रुप जरूर आते हैं। खास क्यों... इन रूटों पर हरी-भरी वादियां, घुमावदार सड़कें, झरनों के नजारे उदयपुर–कुंभलगढ़, रणकपुर, माउंट (आबू) दक्षिण राजस्थान में टूरिस्ट सर्किट बनाते हैं। यहां हर समय गुजराती पर्यटकों की आवाजाही रहती है। बता दें कि 27 नवंबर को जयपुर में पर्यटन प्री-समिट 2025 की बैठक हुई थी। इस दौरान डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने पर्यटन में होने वाले कई नवाचारों को लेकर जानकारी साझा की। पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना ने बताया कि एडवेंचर टूरिज्म को प्रमोट करने पर भी फोकस है। इसमें नए स्टार्टअप को मौका दिया जाएगा। इससे यहां नई एडवेंचर एक्टिविटी शुरू हो सकेंगी। पर्यटन में नई तकनीकों का उपयोग करते हुए एआई-बेस्ड पोर्टल बनाया जाएगा। प्रदेश पर्यटन स्थलों की नई तरह से मार्केटिंग होगी। एक्सपीरियंस टूरिज्म... युवा पर्यटकों को मॉन्यूमेंट्स से हटकर नया अनुभव देंगे विभाग की योजना है कि अब न्यू एज पर्यटकों पर फोकस किया जाएगा। इसके लिए मॉन्यूमेंट्स सीन से हटकर उन्हें एक्सपीरियंस टूरिज्म की ओर मोड़ा जाएगा। इसके तहत मानसून और समर में ट्रेल का आयोजन होगा। इसमें इको-टूरिज्म साइट और नाइट सफारी जैसी चीजों को जोड़ा जाएगा, जिससे पर्यटकों के टूर प्लान में नई एक्टिविटी जुड़ सकें।इसके साथ विभाग के कैलेंडर में हर एरिया के हिसाब से वहां होने वाले फेमस इवेंट के बारे में जानकारी दी जाएगी। क्राफ्ट-बेस्ड चीजों की मार्केटिंग की जाएगी, जिससे स्थानीय कलाकारों को नई पहचान मिले।
जल्दी स्लिम दिखने की चाह में बढ़ रहे प्रयोग, ये सुरक्षित नहीं
शादी का सीजन आते ही जल्दी वजन कम करने, स्लिम दिखने और कपड़ों में फिट आने की चाह में युवा और महिलाएं इस इंटरमिटेंट फास्टिंग (डाइट पैटर्न) को तेजी से अपना रहे हैं। 16:8, 5:2 और अल्टरनेट-डे फास्टिंग इसके सबसे लोकप्रिय मॉडल हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि अगर इसे शरीर की जरूरत और मेडिकल कंडीशन को ध्यान में रखकर किया जाए तो यह वजन नियंत्रण, ब्लोटिंग कम होने और एनर्जी लेवल सुधारने में मददगार है, लेकिन बिना तैयारी या जानकारी के अचानक कड़ा फास्ट रखना कमजोरी, चक्कर, थकान और लो-शुगर जैसी समस्याएं हो रही हैं। जल्दी स्लिम दिखने की चाह में एक्सपेरिमेंट बढ़ा, लेकिन हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि शुरुआत 12:12 या 14:10 जैसे सिंपल पैटर्न से करनी चाहिए। पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी और माइंडफुल ईटिंग के नियम अपनाकर ही इस डाइट से सुरक्षित और लंबे समय तक फायदा लिया जा सकता है। इंटरमिटेंट फास्टिंग सही प्लानिंग, डॉक्टरी परामर्श के साथ ही फायदेमंद डाइटिशियन सोनिया कोचर ने बताया कि इंटरमिटेंट फास्टिंग बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं, डायबिटीज मरीजों और उन लोगों के लिए सही नहीं जिनके खाने से जुड़े व्यवहारिक विकार रहे हों। शुरुआत हमेशा हल्के तरीके से की जानी चाहिए ताकि शरीर को झटका न लगे। पूरा दिन पानी या बिना कैलोरी वाले ड्रिंक्स लेते रहना जरूरी है और खाने की विंडो में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन जैसे पौष्टिक विकल्प शामिल करने चाहिए। भूख काबू में रखने को माइंडफुलनेस या हल्का मेडिटेशन मददगार है। इंटरमिटेंट फास्टिंग तभी रिजल्ट देता है जब इसे सही प्लानिंग, हेल्थ सेफ्टी-डॉक्टर की मंजूरी से किया जाए। केस 1: 16:8 मॉडल से वजन में सुधार, लेकिन जंक फूड से रुका असर: 28 साल की फैशन डिजाइनर ने 16:8 फास्टिंग शुरू की। सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खाने से उसे हल्कापन और एनर्जी महसूस हुई। शुरुआत में वजन कम होना भी शुरू हुआ, लेकिन खाने में पिज्जा, चिप्स और कोल्ड ड्रिंक्स लेने से प्रोग्रेस रुक गई, क्योंकि यह फास्टिंग तभी असरदार है जब खाना हेल्दी हो। केस 2 : जिम और अल्टरनेट-डे फास्टिंग से बढ़ी कमजोरी: एक कॉलेज स्टूडेंट जो रोज जिम करता है, उसने अल्टरनेट-डे फास्टिंग अपनाई। शुरू में वह उत्साहित था, लेकिन वर्कआउट के दौरान उसे लगातार चक्कर, कमजोरी और एनर्जी की कमी महसूस हुई। कुछ ही दिनों में उसने यह मॉडल छोड़ दिया, क्योंकि हर फास्टिंग पैटर्न एक्टिव लाइफ और फिटनेस रूटीन में सही ढंग से फिट नहीं होता। केस 3: डॉक्टर की निगरानी में 5:2 से ब्लोटिंग कम: कार्पोरेट जॉब वाली महिला को लगातार ब्लोटिंग और पेट में भारीपन की समस्या थी। उसने 5:2 फास्टिंग मॉडल अपनाया, जिसमें हफ्ते में दो दिन केवल 500 कैलोरी ली। कुछ ही समय में उसे ब्लोटिंग में राहत और फोकस में सुधार महसूस हुआ। डॉक्टर की निगरानी में यह तरीका सुरक्षित और प्रभावी साबित हुआ। नई डाइट अपनाने से पहले हेल्थ चेकअप जरूरी है।
राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने जोधपुर के पावटा बी-2 रोड स्थित ‘निर्मल दीप’ के मालिकों की अधिग्रहित जमीन के मुआवजे पर ब्याज को लेकर दायर RIICO की विशेष अपीलें खारिज कर दी हैं। जस्टिस इंद्रजीतसिंह और जस्टिस प्रवीर भटनागर की डिवीजन बेंच ने एकलपीठ के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें भूमि स्वामियों को 24 सितंबर 2013 को पास हुए अवार्ड से लेकर 1 दिसंबर 2017 को सिविल कोर्ट में राशि जमा होने के बीच की अवधि के लिए बैंक की प्रचलित एफडी दर से ब्याज देने का निर्देश दिया गया था। मामला क्या था? विवादित जमीन को राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने के लिए अधिग्रहित किया था और 24 सितंबर 2013 को लैंड एक्विजिशन ऑफिसर ने मुआवजे का अवार्ड पास किया। इसके बाद राज्य सरकार ने जमीन RIICO को सौंप दी और अवार्ड की रकम RIICO ने 2016 में लैंड एक्विजिशन ऑफिसर के पास जमा करवाई। जबकि सिविल कोर्ट में यह राशि 1 दिसंबर 2017 को जमा हुई। भूमि स्वामी विवेक लोढ़ा, उषा लोढ़ा और निर्मलचंद जैन ने देरी से भुगतान पर ब्याज की मांग को लेकर रिट याचिकाएं दायर की थीं, जिन पर सिंगल बेंच ने आंशिक रूप से उनके पक्ष में फैसला दिया था। सिंगल बेंच ने प्रार्थना स्वीकार करते हुए कहा था कि अवार्ड पास होने के समय डिबर्सिंग अथॉरिटी (Disbursing Authority) के पास राशि उपलब्ध नहीं थी और पहली बार रकम 2016 में दी गई, इसलिए 24 सितंबर 2013 से लेकर वह तारीख जब राशि वास्तव में कोर्ट में जमा की गई, उस पूरे अंतराल पर प्रचलित बैंक एफडी दर से ब्याज दिया जाए। साथ ही कोर्ट में पड़ी बाकी अवार्ड राशि 30 दिन के भीतर मूल याचिकाकर्ताओं को ब्याज सहित जारी करने का निर्देश दिया गया था। RIICO ने क्या तर्क दिया? RIICO की ओर से दायर विशेष अपीलों में कहा गया कि सिंगल बेंच ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम की अनदेखी करते हुए गलत तरीके से ब्याज दे दिया। RIICO का कहना था कि जमीन का अवार्ड और कब्जा राज्य सरकार द्वारा लिया गया, जबकि RIICO को तो भूमि का कब्जा 21 अप्रैल 2022 को सौंपा गया। इसलिए 2013 से 2017 के बीच की देरी के लिए वह जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। अपील में यह भी दलील दी गई कि याचिकाकर्ताओं ने सिंगल बेंच के सामने कब्जा लेने की तारीख और रकम जमा होने की सही तिथियां नहीं बताईं। RIICO के वकील ने इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) बनाम महेन्दर सिंह और सुंदर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया का हवाला दिया। वकील ने कहा कि केवल इक्विटी के आधार पर ब्याज नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि सिंगल बेंच का आदेश संशोधित या रद्द किया जाए। भूमि स्वामियों की ओर से क्या कहा गया? भूमि स्वामियों के वकील ने तर्क दिया कि अवार्ड 24 सितंबर 2013 को पास हो गया था। यह तथ्य निर्विवाद है कि अवार्ड की राशि सिविल कोर्ट में 1 दिसंबर 2017 को जमा हुई, यानी करीब चार साल बाद। उन्होंने कहा कि मूल याचिकाकर्ता न तो राशि रोकने के लिए जिम्मेदार थे और न ही देरी के लिए। यह पूरा विवाद राज्य सरकार और RIICO के बीच का है, इसलिए देरी का खामियाजा भूमि स्वामियों क्यों भुगतें। वकील का कहना था कि सिंगल बेंच ने राज्य सरकार और RIICO दोनों को संयुक्त रूप से देरी की अवधि के लिए ब्याज देने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ कोई अपील दायर नहीं की। यदि RIICO को राज्य से कोई दावा करना है तो वह अलग से कर सकता है, लेकिन इससे भूमि मालिकों की ब्याज पाने की वैध मांग प्रभावित नहीं होनी चाहिए। खंडपीठ: जमीनों के मालिक मुआवजा-ब्याज के हकदार डिवीजन बेंच ने रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कहा कि अपीलकर्ता RIICO और राज्य सरकार यह दिखाने में असफल रहे कि जमीन का वास्तविक कब्जा उन्होंने किस तारीख को लिया था। कोर्ट ने माना कि अवार्ड 2013 में पास हुआ और राशि 1 दिसंबर 2017 को सिविल कोर्ट में जमा हुई, यानी लगभग चार साल की देरी हुई, जिसका खामियाजा किसानों/भूमि स्वामियों पर नहीं थोपा जा सकता। खंडपीठ ने यह भी कहा कि अवार्ड के बाद भूमि स्वामियों को अपनी जमीन से वंचित कर दिया गया और वे उसी समय से मुआवजे व ब्याज के हकदार हैं। ऐसी स्थिति में सिंगल बेंच का आदेश न तो कानून के खिलाफ है और न ही किसी तथ्यात्मक भूल पर आधारित। इसलिए सभी विशेष अपीलें खारिज की जाती हैं और लंबित सभी आवेदन भी निरस्त माने जाएंगे।
शिमलापुरी में साइकिल फैक्ट्री में बॉयलर फटा, फोरमैन की मौत
लुधियाना अजीत साइकिल पार्ट्स फैक्ट्री में शनिवार को हुए जोरदार धमाके में कंपनी के फोरमैन की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। शाम को साढ़े सात बजे 4 मंजिला फैक्ट्री में हुए धमाके में मारे गए व्यक्ति की पहचान रजत राम वर्मा (60) पुत्र शिव राम वर्मा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। एक अन्य गंभीर कर्मचारी राम कुमार के दोनों हाथ झुलस गए। उसे इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना स्थल पर धमाके के बाद फैक्ट्री में आग लग गई। घटनास्थल पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने बताया कि धमाका बॉयलर फटने की वजह से हुआ। रजत राम की बेटियों और परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है। एसीपी सतविंदर सिंह ने आश्वासन दिया है कि पूरी जांच की जाएगी, दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मशीनरी-पाइपों के टुकड़े बिखरे, अफरा-तफरी मच गई रजत राम ब्लास्ट के बाद फैक्ट्री में टूटी मशीनरी, बिल्डिंग। घटनास्थल पर बदहवास परिवार को संभालते लोग। फैक्ट्री के कर्मचारियों के मुताबिक धमाका होते ही फैक्ट्री में काम कर रहे वर्कर बदहवास होकर बाहर की ओर भागे और जिसने जैसे हो सका, अपनी जान बचाई। लेकिन इसी अफरा-तफरी में एक वर्कर अंदर ही फंस गया और बाहर नहीं निकल पाया। कुछ कर्मचारियों का कहना है कि हादसे के बाद मशीनरी और पाइपों के टुकड़े इधर-उधर बिखर गए। अंदर धुआं इतना भर गया था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। इसी दौरान कई वर्करों ने हिम्मत दिखाते हुए एक-दूसरे को बाहर निकालना शुरू किया।
वर्ल्ड क्लास के नाम पर 50 करोड़ रुपए से ज्यादा बर्बाद होंगे, 6 महीने पहले बनीं सड़कें फिर तोड़ेंगे
शहर की 10 सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाने की योजना में बड़े स्तर पर पैसों की बर्बादी होने वाली है। पंजाब सरकार ने एक दिल्ली की कंपनी को डिजाइन बनाने का ठेका दे दिया है। 15 किलोमीटर सड़क पर 50 करोड़ से ज्यादा खर्च होना तय है। पूर्व सिविल इंजीनियर डॉ. दलजीत सिद्धू के मुताबिक 2 साल पहले 50 करोड़ खर्च कर बनाई गई मल्हार स्मार्ट रोड फेल हो चुकी है। यहां पार्किंग तक नहीं है। पैदल चलना मुश्किल है। जाम लगा रहता है। जब ये मॉडल ही फेल है, तो इसे दोहराना क्यों? इधर, लुधियाना निगम कमिश्नर आदित्य डेचलवाल ने बताया कि शहर की सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए प्रोजेक्ट राज्य सरकार लेकर आई है। इसका टेंडर भी पीएमआईडीसी ने लगाया है। अभी कंपनी की तरफ से सिर्फ सर्वे किया गया है और डिजाइन बनाकर देना बाकी है। जब डिजाइन आएगा, उसके अनुसार सड़कों को कैसे डेवलप किया जाएगा। ऐसी प्लानिंग करेंगे ताकि नई सड़कें खराब न हों। इन जगहों पर हर समय ट्रैफिक लोड }पैदल चलना मुश्किल, गाड़ी खड़ी करने की जगह नहीं हाल ही में नई सड़क बनाई, अब इसे प्रोजेक्ट के तहत तोड़ा जाएगा जहां पार्किंग तक नहीं, वहां पर वर्ल्ड क्लास सड़क का प्रोजेक्ट 2 करोड़ रुपए खर्च, सालभर पहले बनी हुई सड़कें फिर तोड़ी जाएंगी काम किसके लिए?... कई सड़कें ऐसी जहां आम जनता को सीधा कोई फायदा नहीं जालंधर बाईपास चौक-जगराओं पुल और शेरपुर चौक से जगराओं पुल तक सड़क का निर्माण पिछले तीन सालों में तीन बार हो चुका है। निगम ने 10 करोड़ से इन सड़कों को नए सिरे से बनाने का टेंडर लगाया है। जबकि इन सड़कों को वर्ल्ड क्लास बनाया जाना है। चौड़ा बाजार चौक से घासमंडी चौक तक की सड़क को भी चयनित किया गया है। इस सड़क की हालत ये है कि यहां हल्की से बारिश में घुटनों तक पानी भर जाता है। दूसरा इस सड़क पर ट्रैफिक जाम बहुत है। तीसरा यहां पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। फव्वारा चौक-आरती चौक सड़क पर पार्किंग नहीं है। सड़क पर ट्रैफिक रहता है। इनको बिना पार्किंग के वर्ल्ड क्लास के तौर पर डेवलप करना पैसों की बर्बादी है। फव्वारा चौक से भारत नगर चौक सड़क पर भी करोड़ों रुपयों से बिना पार्किंग के हाल ही में नई सड़क बनी है। डीएमसी-सीएमसी अस्पताल रोड को चुना गया है। सीएमसी अस्पताल के सामने वाली सड़क समराला चौक को जाने वाली मुख्य सड़क होने के कारण वहां ट्रैफिक लोड बहुत ज्यादा है। डीएमसी अस्पताल के सामने वाली सड़क का आम जनता को फायदा नहीं है। लुधियाना शहर के गिल रोड-नहर से जीएनई कॉलेज तक नई सीमेंटेड रोड बनाई और इंटरलॉक टाइलें लगाई हैं। इस पर लागत करीब 2 करोड़ रुपए आई हैं। बताया जा रहा है कि अब इसे फिर से उखाड़कर वर्ल्ड क्लास सड़क बनाने की तैयारी है।
आप नेता ग्रेवाल साथियों समेत शिअद में शामिल, सुखबीर ने ज्वाइन कराया
शिरोमणि अकाली दल (बादल) को आत्म नगर हलके में बड़ी राजनीतिक बढ़त मिली है। हलका इंचार्ज जसबीर सिंह सोखी की मौजूदगी में वार्ड नंबर 50 के पूर्व आम आदमी पार्टी नेता शमशेर सिंह ग्रेवाल अपने साथियों समेत अकाली दल में शामिल हो गए। इस मौके पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सभी नेताओं को सिरोपा डालकर सम्मानित किया और पार्टी में उनका स्वागत किया। सुखबीर बादल ने इस अवसर पर कहा कि पंजाब की जनता अब मौजूदा सरकार से बेहद दुखी और परेशान है। लोग पछता रहे हैं कि उन्होंने ऐसी पार्टी को सत्ता सौंपी, जिसका कोई स्पष्ट स्टैंड नहीं है और जिसने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए। उन्होंने कहा कि “जिस पार्टी का कोई स्टैंड नहीं होता, वह समय की मेहमान होती है।” बादल ने विश्वास जताया कि जल्द ही “झाड़ू” का सफाया हो जाएगा और जनता एक बार फिर मजबूत और अनुभवी नेतृत्व की ओर लौटेगी। आत्म नगर हलका इंचार्ज जसबीर सिंह सोखी ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है। शमशेर सिंह ग्रेवाल के साथ श्वेक सिंह ग्रेवाल, नवदीप सिंह, भूपिंदर सिंह, हरजिंदर सिंह और रमनदीप सिंह को भी सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
सर्दियों से पहले ही 10 से 15 दिन में सप्लाई हो रहे सिलेंडर, जनता परेशान
सर्दियां अभी शुरू भी नहीं हुईं है कि शहर में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था अचानक पटरी से उतर गई है। जहां पहले बुकिंग के 24 से 48 घंटे के भीतर सिलेंडर घरों तक पहुंच रहा था, उसी सिलेंडर के लिए अब लोगों को 10 से 15 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। सिलेंडर मिलने में देरी के कारण शहरवासी परेशान हैं, जबकि एजेंसियों का दावा है कि उनके पास स्टॉक भरपूर है। मौजूदा स्थिति को लेकर उपभोक्ता एजेंसी की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। हैबोवाल निवासी रेनू बाला ने बताया कि उन्होंने 20 नवंबर को सिलेंडर बुक करवाया था, जो 29 नवंबर को जाकर मिला। उनका कहना है कि पहले बुकिंग करवाते ही उसी दिन सिलेंडर मिल जाता था, लेकिन अभी सर्दियां शुरू ही हुई हैं, और किल्लत बढ़ने लगी है। सरकार को इस पर कड़ी नजर रखनी चाहिए। जब सब कुछ ऑनलाइन है तो अब 9–10 दिन का इंतजार क्यों करना पड़ रहा है। दुगरी निवासी शैली सलूजा का कहना है कि उन्होंने 19 नवंबर को बुकिंग की थी, लेकिन अभी तक सिलेंडर नहीं पहुंचा जबकि उसी दिन उन्हें कन्फर्मेशन मैसेज आ गया था। एजेंसियों का दावा:स्टॉक पूरा, सप्लाई में समस्या नहीं इंडेन गैस एजेंसी एसोसिएशन के प्रधान मंजीत सिंह बचन ने बताया कि उनकी कंपनी की ओर से समय पर डिलीवरी की जा रही है। अभी तक किसी ग्राहक की ओर से कोई भी बड़ी शिकायत उनके पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि जहां-जहां समस्या की बात सामने आ रही है, वहां स्थानीय स्तर पर जांच की जाएगी। वहीं, एचपी गैस एजेंसी के सेल्स हेड अभिमन्यु के अनुसार कई उपभोक्ताओं ने अपनी KYC पूरी नहीं की, जिस कारण सिस्टम उनकी बुकिंग को ‘होल्ड’ कर देता है। ग्राहकों को DAC कोड मिलने के बाद ही सिलेंडर की डिलीवरी होगी। उनका दावा है कि कई लोग मृतकों के नाम वाले कनैक्शन पर अभी भी सिलेंडर ले रहे हैं। किसी की बुकिंग चहेतों को देने, ऑटो रिफिलिंग वालों को दोगुना दाम पर सिलेंडर बेचने से हो रही बड़ी परेशानी तरनजीत कौर ने बताया कि उनके क्षेत्र में गैस सप्लाई बीते 10 दिनों से ठप थी। एजेंसी में शिकायत करने पर तत्काल सिलेंडर भेजा गया। उनका कहना है, डिलीवरी बॉय ने पहले उनका बुक किया हुआ सिलेंडर किसी और को दे दिया। धांधरा रोड निवासी सुखविंदर सिंह ने बताया, कई डिलीवरी बॉय घरेलू सिलेंडर रास्ते में ही ऑटो रिफिलिंग वालों को दोगुना दामों में बेच रहे हैं। यही वजह है कि आम लोगों को समय पर गैस नहीं मिल रही और डिलीवरी में अनावश्यक देरी हो रही है। मांग...गैस की किल्लत खत्म हो... शहरवासियों ने बताया,रसोई गैस मूलभूत आवश्यकता है। इसकी सप्लाई में देरी से आम परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरवासियों ने सरकार और जिला प्रशासन से मांग की है कि सिलेंडर डिलीवरी व्यवस्था की जांच करवाई जाए और डिलीवरी बॉय व रिफिलिंग पॉइंट्स की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
होटल के बाहर शादी समारोह में बुजुर्ग महिला से 15 तोले का हार लूटा, दोनों चोर बाइक पर फरार
फिरोजपुर रोड स्थित हयात होटल में एक शादी समारोह के दौरान बुजुर्ग महिला से सोने का हार लूट लिए जाने की वारदात सामने आई है। पूरी घटना होटल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर थाना सराभा नगर पुलिस ने लूट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता विक्रम मेहरा ने बताया कि परिवार की महिलाएं शादी में शामिल होने के बाद होटल के बाहर घोड़ी की रस्म के दौरान खड़ी थीं। उनके साथ उनकी 85 वर्षीय रमीला मेहरा भी थीं। इसी समय एक युवक भीड़ का हिस्सा बनकर उनके बिल्कुल पास पहुंच गया। वीडियो फुटेज में दिखा कि जैसे ही महिला एक पल के लिए ध्यान हटाती हैं, युवक भीड़ में घुसकर झटके से उनके गले से 15 तोले का सोने का हार झपट लेता है और भाग जाता है। पुलिस ने सीसीटीवी वीडियो अपने कब्जे में लेकर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। होटल और आसपास लगे अन्य कैमरों की भी जांच की जा रही है, ताकि दोनों आरोपियों के भागने का रूट ट्रेस किया जा सके। पुलिस अनुसार जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।” परिवार के सदस्य पीछे भागे...लेकिन पकड़ न पाए पीछे खड़ा दूसरा आरोपी युवक मोटरसाइकिल पर इंतज़ार कर रहा था। हार झपटने वाला युवक दौड़ता हुआ वहां पहुंचा और दोनों बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। परिवार के सदस्य ने चोरों के पीछे भागने की कोशिश की लेकिन आरोपी पहले से तैयार थे और कुछ ही सेकंड में वहां से निकल गए।
राजस्थान सरकार के 2 साल पूरे होने के अवसर पर इस बार कुछ खास होने जा रहा है। नेताओं का जमावड़ा तो लगेगा लेकिन जयपुर में दुनिया के टाॅप वैज्ञानिक आएंगे। एक विशेष सत्र होगा। इसमें नामी गिरामी स्वास्थ्य विशेषज्ञ राजस्थान के स्वास्थ्य पर चिंतन करेंगे। ये राजस्थान की 8 करोड़ जनता की सेहत सुधारने के मंत्र बताएंगे। पहली बार इंटरनेशनल ख्याति प्राप्त 7 इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ डॉ सरीन, टाटा, मेनचेस्टर और फ्लोरिडा आदि जयपुर में बैठ कर हेल्थ के डवलपमेंट गोल बताएंगे। 10 दिसंबर को ‘द फ्यूचर ऑफ हेल्थ, इनोवेशन, एक्सेस एंड इक्विटी एंड कॉन्ट्रीब्यूशन ऑफ एनआरआर टू अचीव एसडीजी’ विषय पर सरकार को भविष्य में किए जाने वाले कार्य बताएंगे। जन स्वास्थ्य के नए खतरे बताएंगे। राजस्थान में चिकित्सा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में भावी परिदृश्य का खाका खीचेंगे। नवाचार बताएंगे। सतत विकास के लक्ष्यों (सस्टेनेबल डेवेलपमेंट गोल्स) की प्राप्ति कैसे की जाए, इसके मंत्र बताएंगे। प्रवासी राजस्थानियों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इन विशेषज्ञों में डॉ. सरीन, टाटा, मेनचेस्टर, फ्लोरिडा जैसे ख्यात इंस्टीट्यूट के विशेष पहली बार शामिल होंगे। हेल्थ एक्सपर्ट राजस्थान के भविष्य के खतरे बताएंगे पॉलिसी में शामिल करने सत्र में जुड़ेंगे नड्डा और खींवसरइस विशेष सत्र में केन्द्रीय चिकित्सा मंत्री जे. पी. नड्डा, राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर भी शामिल होंगे। देश और प्रदेश की हेल्थ पालिशी में विशेषज्ञों की राय को शामिल करने दोनों मंत्री पूरे सत्र में रहेंगे। केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव विजय नेहरा भी शामिल होंगे। भंडारी बताएंगे राजस्थान में निवेश के दरवाजेइस सत्र में राजस्थान के उपाध्यक्ष तथा न्यूरो इक्विलिब्रियम डायग्नोस्टिक्स सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के एमडी रजनीश भंडारी हेल्थ सेक्टर में निवेश के क्षेत्र बताएंगे। कैसी चुनौतियां हैं और किन क्षेत्रों में बड़े बदलाव संभव है, इस पर विचार रखेंगे।
पंजाब के लुधियाना में एक शादी समारोह में दो पक्षों में बहस के बाद लड़ाई हो गई। देखते ही देखते एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार गोलीबारी में पांच से सात लोग घायल हुए हैं जबकि दो लोगों की मौत की सूचना है। हालांकि प्रशासन ने अभी तक किसी की मौत होने की पुष्टि नहीं की। बताया जा रहा है कि शादी समारोह पखोवाल रोड स्थित बाथ कैसल पैलेस में चल रहा था। देर रात समारोह के दौरान दो पक्षों में कहा सुनी हुई और लड़ाई ने हिंसक रूप ले लिया। गोलीबारी में घायल लोगों को डीएमसी व अन्य निजी अस्पतालों में दाखिल किया गया है। घायल कौन हुआ है और किस किस को गोली लगी है अभी तक इस बारे में कुछ भी नहीं बताया जा रहा है। रात को पैलेस में गोली चलने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन तब तक गोली चलाने वाले वहां से फरार हो चुके थे। बताया जा रहा है कि शादी समारोह में दो गैंगस्टर थे जिनकी आपस में बहस हो गई थी और उन्होंने ही एक दूसरे गुट पर गोलियां चलाई हैं। गैंगस्टरों के दो गुटों में विवाद की आशंका बताया जा रहा है कि यह शादी एक झूला ठेकेदार के परिवार की थी। समारोह में स्थानीय विधायक भी थे। इसके अलावा गैंगस्टर शुभम मोटा और अंकुर लुधियाना भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार दो गैंगस्टरों के गुटों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर कहासुनी हुई जो कुछ ही मिनटों में हाथापाई और फिर गोलियों की बारिश में बदल गई। अनुमान है कि मौके पर 20 से 25 राउंड फायरिंग हुई। सूत्रों के अनुसार फायरिंग में एक ठेकेदार की रिश्तेदार नीरू छाबड़ा गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें देर रात फिरोजपुर रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं एक अन्य मृतक की पहचान एक कारोबारी के रूप में हुई है। हालांकि अभी मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। आम मेहमान भी आए चपेट में अचानक हुई गोलीबारी में समारोह में शामिल आम लोग भी घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। समारोह में वसु चोपड़ा, जे.के. डावर समेत कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां मौजूद थीं जिससे मौके पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। प्रशासन सतर्क आधिकारिक पुष्टि का इंतजार घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को घेराबंदी कर जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार फायरिंग के पीछे की असली वजह और मृतकों, घायलों की सही संख्या की आधिकारिक पुष्टि जल्द की जाएगी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अगले 4 दिन मतदान जैसे समझकर एसआईआर का कार्य पूर्ण करवाएं
भास्कर संवाददाता | रतलाम मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य की शनिवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप ने समीक्षा की। उन्होंने भाजपा के मंडल अध्यक्ष एवं वार्ड संयोजकों से अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली। जिन क्षेत्रों में कार्य की गति धीमी है, उन्हें गति को बढ़ाने के साथ तय समय पर कार्य पूर्ण करने की बात कही। मंत्री काश्यप ने मंडल और उनके समाहित वार्डों में बूथ के हिसाब से अब तक हुए कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि अगले 4 दिन मतदान जैसे समझकर, जो वार्ड कमजोर हैं, वहां काम पूरा करें। फिनिशिंग का काम हमें ही करना है। अब पार्षद और वार्ड संयोजक की भूमिका अहम है। किसी को कोई परेशानी हो तो मंडल अध्यक्ष एवं पदाधिकारी को अवगत कराएं। बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, एसआईआर जिला टोली संयोजक नितिन लोढ़ा, विधानसभा संयोजक जयवंत कोठारी, मनोहर पोरवाल, मंडल अध्यक्ष नीलेश गांधी, मयूर पुरोहित, नंदकिशोर पंवार, सोना शर्मा, मंडल महामंत्री भूपेंद्र कावड़िया सहित सभी भाजपा पार्षद, वार्डों के संयोजक एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। संचालन जयवंत कोठारी ने किया। आभार जिला प्रभारी लोढ़ा ने माना।
अभा ग्राहक पंचायत की मंडी इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारियों का सम्मान
रतलाम | महू रोड स्थित अनाज मंडी में अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत की मंडी इकाई के नवनियुक्त पदाधिकारियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। इस मौके पर इकाई के अध्यक्ष विमल जैन, उपाध्यक्ष मांगीलाल मोदी, मनोज जैन, संदीप राठौड़ सहित पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। इस मौके पर पूर्व मंडी डायरेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी, बाबूलाल शर्मा, बापू सिंह सोलंकी, विमल पावेचा, विश्वपाल सिंह राठौर, सुरेश गुर्जर, बाबुनायक, शालीभद्र भंडारी, राजेश बाफना सहित व्यापारी, हम्माल सहित अन्य मौजूद थे।
श्रीमद् भागवत गीता जयंती महोत्सव 1 को
भास्कर संवाददाता | रतलाम अमृत सागर तालाब के सामने श्री हनुमान बाग मंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत गीता जयंती महोत्सव 1 दिसंबर को मनाया जाएगा। श्री राधा कृष्ण संस्कार परिषद, श्री सनातन गीता परिवार व भक्त मंडल द्वारा होने वाले 22वें आयोजन में कई कार्यक्रम होंगे। महोत्सव में 1 दिसंबर को सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत गीता का पूजन किया जाएगा। सुबह 11 से 1 बजे तक पाठ होगा। 1 से 2 बजे तक भजन-कीर्तन होंगे। दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक विद्वान वक्ता श्रीमद् भागवत गीता के ज्ञान पर चिंतन व्यक्त करेंगे। आरती के बाद महाप्रसादी बांटी जाएगी। श्री राधा कृष्ण संस्कार परिषद के संस्थापक संयोजक पुष्पोदभव शास्त्री और अंतरराष्ट्रीय वक्ता आचार्य सत्यव्रत शास्त्री ने बताया कि श्रीमद् भागवत गीता जयंती हर साल मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। यह दिन गीता के जन्म का प्रतीक है, क्योंकि इसी दिन भगवान कृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध में अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था।
रतलाम |स्व. देवकुंवर चौहान व स्व. कैलाश सिंह चौहान की दूसरी पुण्यतिथि पर चौहान परिवार ने 4 दिनी नि:शुल्क फिजियोथैरेपी शिविर लगाया। हाथीखाना रोड स्थित राजपूत धर्मशाला के महाराणा प्रताप सभागृह में शनिवार से शुरू हुआ शिविर 2 दिसंबर तक चलेगा। इसमें डॉ. प्रमोद कुमार भगत मरीजों को कमर दर्द, गर्दन दर्द, स्पाइन, घुटनों का दर्द, जोड़ों की समस्या आदि रोगों की जांच कर परामर्श दे रहे हैं। शिविर रोज सुबह 10.30 से दोपहर 2 तक लग रहा है।
आमघाट नदी में पर्याप्त पानी, पास के गांवों में नहीं होगी कमी
टीकमगढ़ | मोहनगढ़ क्षेत्र के नंदनपुर के पास आमघाट से निकली जामनी नदी में इन दिनों से पर्याप्त पानी ठहरा हुआ है। यहां बीच में बने चेकडेम से पानी का स्टॉक हो गया है। जिससे आसपास क्षेत्र में पानी की किल्लत नहीं होगी। आसपास के ग्रामीणों को आसानी से पानी उपलब्ध हो जाएगा। हाल ही में चल रह पुल के निर्माण के बीच लोग नदी के कच्चे मार्ग से होकर निकल रहे हैं। पुल कंप्लीट होने से यूपी-एमपी जाने का रास्ता भी क्लियर होगा। अभी ग्रामीणों को मशक्कत करके पुल पार करना करना पड़ता है।
2 दिन में तीन डिग्री लुढ़का रात का पारा
भास्कर संवाददाता | टीकमगढ़ सर्द हवाओं के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान घटकर 25 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री पर आ गया है। तापमान में गिरावट फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। पिछले 48 घंटों में रात के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट आई है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 26.5 डिग्री और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री दर्ज किया गया था, जो शुक्रवार को घटकर 25.5 और 13 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। शनिवार को अधिकतम 25 और न्यूनतम 12.2 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में दिन का तापमान 23 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच और रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार दिसंबर के पहले हफ्ते के बाद दिन और रात के तापमान में तीन से चार डिग्री की कमी आएगी।
उमा की एक यात्रा मां के नाम आज से
टीकमगढ़| जिले में यूरिया खाद की रैक 30 नवंबर को आने की संभावना है। कृषक यूरिया खाद खरीदने के लिए एक दिसंबर को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संबंधित सहकारी समितियों से टोकन प्राप्त कर सकते हैं। 2 और 3 दिसंबर को वितरण किया जाएगा। बल्देवगढ़| पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती अपनी निजी यात्रा एक यात्रा मां के नाम के तहत 30 नवंबर से खरगापुर तहसील के गर्रोली से यात्रा प्रारंभ करेंगी। 2 दिसंबर को सुबह 11 बजे बड़ागांव से अंतोरा होते हुए शाम 4 बजे डूंडा में विशाल जनसभा और भंडारे के साथ यात्रा सम्पन्न होगी। दमोह | मध्य प्रदेश शासन संस्कृति विभाग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से 1 दिसंबर को सुबह 10.30 बजे उत्कृष्ट विद्यालय दमोह, हटा, पटेरा, तेंदूखेड़ा, पथरिया, बटियागढ़, जबेरा में गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक पाठ आयोजित किया जा रहा है।
सागर| कांग्रेस सेवादल का मासिक ध्वज वंदन कार्यक्रम का रविवार को महाराणा प्रताप प्रतिमा, विजय टॉकीज चौराहे पर होगा। इसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता चैतन्य कृष्ण पांडेय मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम के आयोजक सिंटू कटारे ने बताया कि कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेश जाटव और सेवादल प्रदेश महा सचिव विजय साहू मौजूद रहेंगे।
एडिट कर युवती का आपत्तिजनक फोटो वायरल, केस दर्ज, जांच शुरू
सागर| बंडा थाना क्षेत्र में युवती की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाने और एडिट कर आपत्तिजनक फोटो वायरल करने का मामला सामने आया है। युवती ने शनिवार को थाने में शिकायत की। 25 वर्षीय युवती ने बताया कि मेरे नाम की फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई गई है। आईडी पर मेरी फोटो एडिट कर आपत्तिजनक फोटो बनाकर वायरल की गई है। फोटो पर आपत्तिजनक शब्द लिखे गए हैं। पुलिस जांच कर रही है।
निजी अनाज सड़क पर, वाहन दूसरी लेन में
सुरखी| सुरखी मुख्य बस स्टैंड के सामने स्थित राजेश ट्रेडर्स के द्वारा मुख्य मार्ग पर अनाज की खरीदी-बिक्री के दौरान होने वाला अतिक्रमण स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बन गया है। ग्रामीणों के अनुसार सुरखी-देवरी मार्ग के एकतरफ का बड़ा हिस्सा दिनभर अनाज से भरी बोरियों से भरा रहता है। किसानों से खरीदे गए अनाज के इन बोरों को सड़क पर ही रखा जाता है, वहीं ट्रकों को भी सड़क पर खड़ा कर माल की लोडिंग-अनलोडिंग की जाती है। इससे मार्ग का बड़ा हिस्सा अवरुद्ध रहता है और दोपहिया व चारपहिया वाहन दूसरी लेन से निकलते हैं। राहगीरों का कहना है कि इस अतिक्रमण के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बस यात्रियों और आम नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर परिषद को इस समस्या से अवगत कराया। जिसके बाद नोटिस भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। फोटो | मनुज नामदेव
उत्तराखंड के मसूरी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को लगभग 600 से ज्यादा ट्रेनी IAS अधिकारियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मंच से मैथ से जुड़ा एक ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसने सभी प्रशिक्षुओं को सोच में डाल दिया। सवाल पूछते हुए राजनाथ सिंह ने कहा- किसी व्यक्ति के पास इतना पैसा था कि उसने आधा पैसा A को दे दिया, वन थर्ड B को दे दिया, और जो रेस्ट अमाउंट बचा था 100 पैसा वो C को दे दिया, बताइए टोटल अमाउंट कितना था। सवाल पूछने के करीब एक मिनट तक कोई भी जवाब नहीं दे पाया, इस दौरान रक्षा मंत्री ने अपना सवाल दोबारा दोहराया, एक प्रशिक्षु ने जवाब तो दिया लेकिन राजनाथ सिंह ने सिर हिलाते हुए उसे गलत बताया। हालांकि 49 सेकेंड बाद एक प्रशिक्षु ने राजनाथ सिंह के सवाल का सही आंसर दे दिया, जिसके बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि जिस तरह मैथ में कभी सॉल्यूशन सिर्फ मान लेने से निकल जाता है उसी तरह कभी कभी आस्था और विश्वास से भी कई चीजों का हल निकल जाता है। पहला जवाब मिला 3000, राजनाथ बोले- गलत सवाल पूछने के करीब 8 सेकेंड बाद राजनाथ सिंह ने अपना सवाल दोबारा दोहराया तो सामने बैठे एक प्रशिक्षु आईएएस ने जवाब दिया 3000, जिसपर रक्षा मंत्री ने अपना सिर हिलाते और मंद मंद मुस्कुराते हुए कहा, गलत, फिर से कोशिश करिए। सही जवाब मिलने पर बताया सॉल्व करने का तरीका 49 सेकेंड बाद राजनाथ सिंह को भीड़ से जवाब सुनाई दिया 600, जिसपर उन्होंने कहा, ये 600 किसने कहा तो सामने बैठे एक ट्रेनी ने हाथ उठाया और फिर उन्होंने कहा की हां यही सही है। इसके बाद रक्षा मंत्री ने ट्रेनी प्रशिक्षु को ये भी बताया कि इस तरह के सवालों को सॉल्व कैसे करते हैं।। रक्षा मंत्री के अनुसार कैसे निकला सवाल का जवाब उन्होंने कहा- लेट कंसिडर टोटल अमाउंट A था। A/2 राम को दे दिया, A/3 श्याम को दे दिया। अब A/ 2+A/3= 5A/ 6 अब A - 5A/ 6= 100 तो इसका उत्तर निकला A=600 रक्षा मंत्री बनने से पहले फिजिक्स के लेक्चरर रहे राजनाथ उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह का जन्म एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम रामबदन सिंह और माता का नाम गुजराती देवी था। राजनाथ सिंह ने अपनी शुरुआती शिक्षा गांव में पाई और उसके बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में एमएससी की डिग्री हासिल की। राजनाथ सिंह ने यूपी के मिर्जापुर स्थित के बी पोस्ट-ग्रेजुएट कॉलेज में फिजिक्स के लेक्चरर के रूप में काम किया था। वह शुरू से ही एक मेधावी छात्र थे और बाद में वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यवाह बने। ------------------------ 'ऑपरेशन सिंदूर में ब्यूरोक्रेट्स ने निभाई अहम भूमिका':मसूरी में बोले राजनाथ- हमने पाकिस्तान को संतुलित जवाब दिया, भविष्य की चुनौती के लिए तैयार रहें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इन दिनों दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड में हैं। शुक्रवार को देहरादून पहुंचे राजनाथ सिंह ने आज मसूरी के लालबहादुर शास्त्री प्रशासनिक प्रशिक्षण अकादमी (लबासना) में प्रशिक्षण पूरा कर रहे आईएएस अधिकारियों को संबोधित किया। (यहां पढ़िए पुरी खबर)
छात्रा ने फांसी लगाई, रूममेट को अंदर से बंद मिले दरवाजे
सागर| डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय की बीए थर्ड ईयर की छात्रा ने अपने कमरे में दुपट्टे से फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया। विवि से लौटने के बाद रूममेट उसे कमरे पर छोड़कर चाय पीने बाजार गई थी। वह शाम को लौटी तो दरवाजे अंदर से बंद मिले। अंदर छात्रा फंदे पर लटकी थी। मौके से पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। मृतका के मोबाइल की जांच से आत्महत्या के कारणों का पता चल सकता है। गोपालगंज पुलिस के अनुसार 21 वर्षीय शालिनी राजपूत विश्वविद्यालय में बीए की पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार शाम वह रूममेट रेशमा के साथ कमरे पर लौटी थी। इसके बाद रेशमा चाय पीने के लिए बाजार चली गई। शालिनी कमरे पर अकेली थी। जब रेशमा बाजार से लौटकर आई तो अंदर से दरवाजे बंद थे। उन्होंने आवाज दी, लेकिन जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर मकान मालिक दुर्गेश यादव को सूचना दी। वे आए और उन्होंने बेल्डिंग वाले को बुलाया। दरवाजा खोलकर अंदर पहुंचे। किचिन में शालिनी का शव फंदे पर टंगा मिला। शुक्रवार रात रेशमा ने गोपालगंज थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। कॉल डिटेल की जांच हो : पिता राजेंद्र सिंह ने बताया कि उनकी बेटी से कोई बात नहीं हुई। सागर में रहकर पढ़ाई कर रही थी। उन्होंने मोबाइल की कॉल डिटेल व अन्य बिंदुओं पर जांच कर आत्महत्या का कारण पता करने की मांग की है।
गुमनाम खातों के लिए लगाए जाएंगे शिविर
सागर| गुमनाम बैंक खातों को उनके हकदारों तक पहुंचाने और इनमें जमा पूंजी को सक्रिय करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राष्ट्रव्यापी अभियान आपकी पूंजी, आपका अधिकार चलाया जा रहा है। दिसंबर 2025 तक आउटरीच एवं दावा सुविधा शिविर लगेंगे। इनका उद्देश्य नागरिकों को उनकी निष्क्रिय व अदावाकृत वित्तीय परिसंपत्तियों की जानकारी प्राप्त करने और उन्हें दावा करने की सुविधा देना है। लोगों को अदावाकृत बैंक जमा खाते, बीमा राशि, म्यूचुअल फंड, लाभांश तथा शेयरों के दावा किए जाने के संबंध में जागरुक करना है। कलेक्टर, सीईओ, संस्था प्रमुख सहित बैंकों को यह शिविर लगाने को कहा गया है। यह शिविर स्कूल, कॉलेजों के साथ अन्य स्थानों पर लगाए जाएंगे।
सागर शहर में अपराध रोकने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है, वही खुलेआम इसमें शामिल हैं। कजलीवन और करीला इलाका नशे का अड्डा बन चुका है, ऑटो चालक को आने जाने का पैसा दो तो वो ही आपको गांजे की पुड़िया दिलाकर छोड़ देगा। डिमांड मिलते ही थाने से शराब की पेटियां बिक रही हैं। हालात इतने बदतर हैं कि नगर निगम कार्यालय के ठीक बाजू में स्पा की आड़ में देह व्यापार धड़ल्ले से चल रहा है। दिनभर चार से पांच ग्राहक आते हैं। मकरोनिया और सदर में खुलेआम जुआ–सट्टा जारी है। सवाल ये कि ये सब इतना बेखौफ होकर कैसे हो रहा है? दो महीने की भास्कर पड़ताल में सामने आया कि शहर के चार थानों की अलग–अलग अवैध धंधों से संदिग्ध मिलीभगत है। सप्लायर (नाबालिग) से जब ड्रग्स की डिमांड की जाती है, तो वह लेने सीधे थाने चला जाता है। सूत्रों के अनुसार, एक नाबालिग बच्चा रोजाना तीन से चार पुड़िया बेच रहा है। दूसरे थाने से आराम से शराब की पेटियां मिल रही हैं, यहां 10 से 20 पेटी तक सप्लाई होती है। तीसरा थाना देह व्यापार चलाने–रोकने की तारीखें तय करता है और चौथा सट्टा शुरू कराने के लिए बाजार की नब्ज देखता है। हालांकि जिम्मेदार थाना इंचार्ज से जब इस पर बात की तो उन्होंने सभी आरोपों को नकार दिया। वहीं आईजी सागर हिमानी खन्ना ने बताया कि-मैं अभी इसमें कोई ओपिनियन नहीं दे पाउंगी। मैं पहले इसकी जांच कराऊंगी। पढ़िए रिपोर्ट... स्टिंग ऑपरेशन- 1नशीला पदार्थ लेने थाने के अंदर चला गया नाबालिग 31 अक्टूबर, दोपहर करीब तीन बजे। सागर का सबसे व्यस्त मोतीनगर चौराहा। इसी चौराहे पर मोतीनगर थाना स्थित है। चौराहे से भोपाल हाईवे की ओर जाने वाली सड़क पर करीब 80 मीटर दूर एक टीन शेड वाला बस स्टॉप है। यहां एक नाबालिग मुंह पर रूमाल बांधे खड़ा था। उससे जब ड्रग्स, जिसे स्थानीय भाषा में माल कहा जाता है-मांगी तो उसने जेब से पांच पुड़िया निकालकर दिखाईं। इसके बाद उससे 15 पुड़िया की मांग की गई। उसने आश्वस्त किया कि माल कड़क मिलेगा, बस नोट कड़क रखना। जब उसे पैसे दिखाए गए तो वह टीम को वहीं रुकने के लिए कहकर चौराहे की तरफ बढ़ा। पीछा करने पर वह किसी सुनसान जगह की ओर नहीं, बल्कि सीधे मोतीनगर थाने के अंदर पहुंच गया। कुछ देर बाद वह फोन पर बात करते हुए थाने से बाहर निकला और वापस उसी दिशा में चला गया जहां वह पहले खड़ा था। कानून का पालन करते हुए यह इन्वेस्टिगेशन केवल बातचीत तक सीमित रखा गया और किसी प्रकार का लेनदेन नहीं किया गया। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि अपराधियों को थाने से दूर रहना चाहिए, ऐसे में ड्रग्स की अधिक मांग पर यह नाबालिग सीधे थाने के भीतर क्यों गया? इस गली में समय समय पर ऐसे तीन से चार नाबालिग नशा बेचने के लिए खड़े रहते हैं। मोतीनगर थाना प्रभारी जसबंत सिंह ने बताया कि इस तरह की कभी कोई कंप्लेंट नहीं मिली। आपके पास कोई तथ्य हो तो हमें बताएं हम जांच करेंगे। स्टिंग ऑपरेशन- 2थाना प्रभारी ने दिलवाई महंगी शराब की पेटी सागर शहर का बहेरिया थाना। तारीख 15 नवंबर, रात लगभग आठ बजे। भास्कर की टीम ने थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह से शराब खरीदने का प्रयास किया। इसके लिए उनके पूर्व सेवाकाल से जुड़ी एक साधारण फर्जी पहचान का हवाला दिया गया। न पत्रकार होने का दावा, न किसी जनप्रतिनिधि का परिचय। इसके बावजूद थाना प्रभारी बिना किसी हिचक के तैयार हो गए। जब टीम ने कहा कि शादी के लिए एक पेटी चाहिए, तो टीआई ने हैरानी जताते हुए पूछा, “बस एक पेटी?” इसके बाद उन्होंने महंगी ‘बेलटाइन’ की छह बोतलें तुरंत दिलवाईं और कहा कि ज्यादा लेने पर आबकारी का मामला बन सकता है, इसलिए बाकी 6 अगली सुबह ले जाना। इसी दौरान थाना प्रभारी ने 10 हजार रुपए अपने सामने ही एक व्यक्ति को दिलवाए और उसी ने छह बोतलें कार में रख दीं। अगले दिन, 16 नवंबर की दोपहर करीब एक बजे, टीम दोबारा थाने पहुंची। यहां थाना परिसर में ही प्रभारी ने पुलिस की अनुबंधित गाड़ी के ड्राइवर को 13 हजार रुपए दिलवाए। ड्राइवर उसी गाड़ी से शराब लेने गया और थोड़ी देर बाद वापस बोतलों के साथ लौटा। बातचीत के दौरान उसने खुलकर कहा कि पहले हमें भी ये सब करने की छूट होती थी, लेकिन नये साहब के बाद उनकी परमिशन के बिना कुछ नहीं होता। बहेरिया टीआई गजेंद्र जोहरिया ने बताया कि ऐसा कुछ थाने में नहीं होता है। स्टिंग ऑपरेशन- 3स्पा सेंटर पर चल रहे देह व्यापार को पुलिस का सहयोग! नगर निगम सागर के ऑफिस से सटा हुआ लेक व्यू स्पा सेंटर। आमतौर पर स्पा के बोर्ड पर ‘ओनली फॉर वीमेन’ या ‘ओनली फॉर मेन्स’ लिखा दिखता है, लेकिन यहां बोर्ड पर अजीब तरह से ‘ओनली फॉर प्रोफेशनर्स’ लिखा है। यह स्पा गोपालगंज थाना क्षेत्र में आता है और यहां अंदर देह व्यापार होने की बात सामने आई। 1 नवंबर को भास्कर की टीम ने इस पूरे संचालन को खुफिया कैमरे में रिकॉर्ड किया। रिसेप्शन पर 1500 रुपए जमा कराने के बाद ही अंदर जाने दिया गया। भीतर एक कमरे में लाल लाइट जल रही थी। यहां एक लड़की मिली, जिसने अपना नाम संगीता और रहने वाला नेपाल बताया। उसने ‘फुल सर्विस’ के लिए 4 हजार रुपए की मांग की। इसके बाद 16 नवंबर को स्पा के रिसेप्शनिस्ट गगन से फोन पर सर्विस लेने के बहाने बातचीत की गई। उसने बताया कि हाल में कुछ लोगों ने शहर के दूसरे स्पा को लेकर हंगामा किया था, इसलिए “टीआई ने ही कुछ दिनों के लिए स्पा बंद रखने को कहा है। गगन ने आगे कहा कि “पुलिस से कोई दिक्कत नहीं होती, वे तो सहयोग करते हैं… परेशानी मीडिया और कुछ लोगों से होती है।” वहीं गोपालगंज टीआई राजेन्द्र सिंह कुशवाहा ने कहा कि हम किसी भी स्पा वाले को ऐसा क्यों बोलेंगे। हमारे इलाके में कहीं कोई देह व्यापार की गतिविधि नहीं चल रही है। स्टिंग ऑपरेशन- 4सट्टा चलाने से मना नहीं, पहले जिले को समझने की ‘सलाह’ 16 नवंबर की दोपहर करीब 12 बजे भास्कर की टीम सागर के मकरोनिया थाने की नब्ज टटोलने पहुंची। यहां मौजूद थाना प्रभारी राघवेंद्र सिंह चौहान से सामान्य बातचीत के दौरान टीम ने थाना क्षेत्र में सट्टा चलाने के लिए सहयोग मांगा। उम्मीद थी कि वे तुरंत और साफ शब्दों में मना कर देंगे, लेकिन इसके उलट उन्होंने सट्टा बंद कराने की बात तो दूर, हिदायत देते हुए कहा- “पहले जिले को समझिए।” साफ-सुथरे इनकार की जगह यह सलाह चौंकाती है। सामान्य परिस्थितियों में जिम्मेदार अधिकारी यही कहते कि “मेरे समय में ऐसा कुछ नहीं चलेगा।” लेकिन यहां बातचीत का रुख कुछ अलग ही दिशा में मुड़ गया, जिसने यह सवाल खड़ा किया कि कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के बीच इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों मिली? मकरोनिया थाना इंचार्ज रावेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उनके द्वारा कभी किसी से ऐसी कोई बातचीत नहीं की गई है। एसपी बोले- दोषियों पर करेंगे कार्रवाई
एक शिक्षक की शिकायत की तो दूसरे ने छात्राओं से कराई छात्र की झूठी शिकायत
महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के शिक्षा शास्त्र विभाग में पिछले कुछ दिनों से घमासान मचा है। यहां शिक्षकों ने एक छात्र की छवि और कॅरियर को ही दांव पर लगा दिया। विभाग के एक शिक्षक की शिकायत छात्रों ने की तो विभाग के ही दूसरे शिक्षक ने छात्राओं पर दबाव डालकर एक छात्र का नाम बेवजह शिकायत में जुड़वा दिया। बाद में छात्राओं ने स्वीकार किया कि शिक्षक के कहने पर उनके द्वारा छात्र का नाम जोड़ा था। इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत तब हुई, जब विभाग के एक अतिथि विद्वान डॉ. संतोष कांडपाल के व्यवहार को लेकर कुछ छात्रों ने शिकायत की। इनमें हरसिद्धि क्षेत्र में रहने वाला एक छात्र भी शामिल था। मामले में जांच शुरू हुई। इसी बीच विभाग के एक दूसरे अतिथि विद्वान विश्वामित्र राय ने छात्राओं पर दबाव बनाकर उक्त छात्र के खिलाफ झूठी शिकायत करवा दी, जबकि चार छात्राओं द्वारा अनुशासनहीनता को लेकर दो छात्रों के खिलाफ शिकायत की थी। छात्र का नाम बेवजह ही शिकायत में जुड़वा दिया। अनुशासन समिति को मामला सौंपने की बजाय महिला उत्पीड़न व्यथा निवारण समिति को सौंप दिया। विश्वविद्यालय से छात्र का नाम भी लीक कर दिया गया। अब विश्वविद्यालय के जिम्मेदार इस मामले में अलग-अलग सफाई दे रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ मामले का वस्तुस्थिति तब सामने आई, जब शिकायत करने वाली छात्राओं ने ही कमेटी को यह लिखकर दिया कि शिक्षक विश्वामित्र राय के कहने पर उन्होंने संबंधित छात्र का नाम शिकायत में जोड़ा था। संबंधित शिक्षक के खिलाफ की जाएगी अनुशासनात्मक कार्रवाई कुलसचिव डॉ. दिलीप सोनी ने बताया कि मामले में महिला उत्पीड़न समिति नहीं बनाई गई, बल्कि महिला विकास समिति को शिकायत सौंपी थी। महिला समिति की रिपोर्ट में जो भी आएगा, उसे कुलगुरु को भेजेंगे। डॉ. कांडपाल को लेकर हुई शिकायत पर अनुशासन समिति की रिपोर्ट आ गई है। सील्ड रिपोर्ट को आगामी कार्रवाई के लिए कुलगुरु को फॉरवर्ड किया है। एक बाहरी लोगों की कमेटी भी बनाई है, जो इस मामले की निष्पक्ष जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। इधर, कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्रा का कहना है कि छात्रों द्वारा की गई शिकायत पर अनुशासन समिति का प्रतिवेदन मिल गया है। छात्रों ने माफी मांग ली है। जिस शिक्षक ने छात्राओं से शिकायत के लिए कहा, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) परिसर स्थित मंदिर अनूठा है। इसकी खासियत यह है कि मंदिर में दो मूर्तियों को छोड़कर शेष सभी मूर्तियाँ अतिक्रमण निरोधक कार्रवाई के दौरान जब्त की गई हैं। करीब 4000 वर्गफीट में फैले इस परिसर में छोटे-छोटे 6 मंदिर और 20 से अधिक प्रतिमाएँ स्थापित हैं। केडीए द्वारा अतिक्रमण निरोधक कार्रवाई के दौरान जब्त मूर्तियों को नियमानुसार स्टोर में जमा करवाया जाता है। कुछ दिनों तक इंतजार के बाद यदि उन्हें छुड़वाने कोई नहीं आता है, तो पूल शाखा के ड्राइवरों द्वारा उस मूर्ति की विधि-विधान से यहां पर स्थापना करवा दी जाती है। यह सिलसिला 40 साल से, उस समय से चल रहा है जब केडीए का नाम यूआईटी होता था। स्टोर में दुर्गा की मूर्ति देखी तो ख्याल आया स्थापित करने का यूआईटी कर्मचारी सीताराम शर्मा एक दिन स्टोर से कुछ सामान निकाल रहे थे। वहां मां चामुंडा की मूर्ति रखी थी। उन्होंने अधिकारियों के सामने प्रस्ताव रखा। मूर्ति को स्टोर से निकालकर विधि-विधान से स्थापित किया गया। वर्तमान में यहां पर बालाजी की 7, शिवलिंग 4, 2 शिव परिवार, गणेशजी, चामुंडा माता, चौथ माता, रामदेवजी, तेजाजी, भैरूजी की 1-1 मूर्तियाँ स्थापित हैं, जिनकी रोज पूजा-अर्चना होती है। अधिकारी ने एसी लगाया, इंजीनियर ने शिव परिवार स्थापित किया मंदिर में दर्शन के दौरान कर्मचारी-अधिकारी मन्नत मांगने लगे। मन्नत पूरी होने पर कुछ न कुछ कार्य करवाते। एक अधिकारी ने चामुंडा देवी के मंदिर में एयर-कंडीशनर लगवाया तो एक महिला इंजीनियर ने यहां पर शिव परिवार की स्थापना करवाई। वर्ष 2022 में जब यूआईटी की नई बिल्डिंग बनी तो अधिकारियों ने चौथ माता का मंदिर बनवाया।
चार दिन में सोना 1600 और चांदी 14000 रुपए उछली
सोना-चांदी बाजार में बड़ी तेजी-मंदी होने से सराफा का व्यापार जीरो पर ट्रोल होने लगा है। 24 नवंबर यानी 4 दिन पूर्व सोना 1,26,000 10 ग्राम रहा। वहीं 29 नवंबर शनिवार को 1600 रुपए बढ़कर 1,27,600 रुपए हो गया। चार दिन पूर्व चांदी 1,57,000 किलो बिकी, जो 29 नवंबर की शाम को 14,000 रुपए बढ़कर 1,71,000 किलो पर पहुंच गई। सोना धातु में कोई खास तेजी नहीं रही लेकिन चांदी में 5 दिसंबर तक वायदा कट चलने से सट्टे वाले भाव हो चुके हैं। वैसे बाजार में सोना-चांदी की तेजी जीरो हो रही है। इधर, शादी विवाह समारोह का जोर चल रहा है। सराफा के ब्रोकरेज कैलाशचंद कौशिक ने बताया लग्नसरा का दौर है। सराफा बाजार को खरीदी अधिक की उम्मीद रहती है। बाजार में खरीदार भी आ रहे, लेकिन सोना-चांदी की जैसी खरीदी होना चाहिए, इसका अभाव बना हुआ है।
एसआईआर:5 दिन में भरवाना होंगे 1.77 लाख फॉर्म, जिनके फॉर्म नहीं भरे उन मतदाता को 9 के बाद नोटिस
जिले में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शनिवार शाम तक औसतन 88.91 फीसदी पूरा कर लिया था। इस कार्य को शत-प्रतिशत पूरा करने की प्रशासन द्वारा तय डेडलाइन रविवार की है। दावा किया जा रहा है कि एसआईआर का बचा लक्ष्य समय सीमा में पूरा कर लिया जाएगा। एसआईआर के तहत जिले की सभी सात विधानसभाओं के 1871 मतदान केंद्रों के कुल 15 लाख 96 हजार 103 मतदाताओं के सर्वे पत्रक भरवाकर इन्हें डिजिटलाइज्ड किए जाने का लक्ष्य हैं। शनिवार शाम तक इनमें से 14 लाख 91 हजार 29 मतदाताओं के फॉर्म भरकर उन्हें डिजिटलाइज्ड कर दिया था। ऐसे में अब 1 लाख 77 हजार 74 मतदाताओं के प्रपत्र भरे जाने बाकी रह गए हैं। निर्वाचन आयोग से इस कार्य की डेडलाइन 4 दिसंबर तय है, जबकि प्रशासन का प्रयास है कि यह काम 30 नवंबर तक पूरा कर लिया जाए। ऐसा इसलिए कि डेडलाइन के पहले कार्य पूरा हो जाए और अनावश्यक देरी न हो। प्रशासन अपनी इस डेडलाइन में लक्ष्य के लगभग करीब है, क्योंकि 11.09 फीसदी मतदाताओं का सर्वे और बचा हुआ है। यदि रविवार को भी यह काम पूरा नहीं हुआ तो 4 दिसंबर के बीच पूरा हो ही जाएगा। बताया जा रहा है कि 4 दिसंबर के बाद एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा कार्य शुरू होगा। इसके तहत इस सर्वेक्षण में जो मतदाता नहीं मिले हैं, जिनके फॉर्म नहीं भरे जा सके हैं। उनके लिए 9 दिसंबर के बाद नोटिस जारी किए जाएंगे। इस प्रक्रिया के तहत उनके प्रपत्रों की पूर्ति करवाने के प्रयास होंगे। एक-दो दिन में कर लेंगे पूरा ^एसआईआर के कार्य में जिले में संतोषजनक कार्य हो रहा है। बचा हुआ सर्वेक्षण भी एक-दो दिन में पूरा कर लेंगे। जो मतदाता इस सर्वे में नहीं मिले हैं, उनके लिए 9 दिसंबर के बाद नोटिस जारी होंगे। - संदीप सिंह, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
सिरसा जिले में महिला पुलिस थाना पर विस्फोटक हमला मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के आने के बाद जांच तेज हो गई है। गिरफ्तार पांचों आरोपियों और उसके परिवार के बैंक खातों की डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है, जिनसे पैसों का लेन-देन हुआ। आरोपियों से महिला थाना और उनके गांव में निशानदेही करवाई गई है। उनके पास कुछ और विस्फोटक सामग्री मिली है, जिनसे वह और कई बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले थे। दरअसल, पुलिस एवं प्रशासन ने इन आरोपियों के परिवार को भी पूछताछ के लिए बुलाया था। किसी के पारिवारिक सदस्य पांचों आरोपियों से मिलने पहुंचे तो किसी के सदस्य मिलने नहीं पहुंचे। जब आरोपी संदीप की मां उससे मिलने पहुंची तो अपनी मां को देख संदीप रोया और नम आंखों से बोला-गलती हो गई। वहीं, इस गैंग का मुख्य सरगना विकास उर्फ विक्की धारीवाल बतौर कबड्डी खिलाड़ी रहा है और स्टेट लेवल पर खेल चुका है। मगर नशे से उसे गलत दिशा में धकेल दिया। अब तो नशे के बिना रहता ही नहीं था। घर पर 10-10 दिन तक नहाता नहीं था। जब दैनिक भास्कर एप की टीम ने शनिवार शाम इन आरोपियों के गांव रानिया क्षेत्र के खारिया में ग्राउंड रिपोर्ट की तो यह चीजें सामने आई है। ग्रामीणों एवं इनके परिवारों से बातचीत तो पाया कि यह चारों शुरू से ही एक साथ गांव के स्कूल में पढ़े हैं। जब पढ़ाई छोड़ी तो कुछ दिन तक अलग रहे। मगर बाद में फिर एक होकर रहने लगे और 17 से 18 वर्ष की आयु में ही नशे के चुंगल में फंस गए। धीरे-धीरे नशे के अधिक आदि हो गए और चिट्टे के बाद अब मेडिसन नशा इंजेक्शन पर आ गए थे। कभी घरवालों से मांगते पैसे तो कभी दोस्तों से, जरिया बंद हुआ तो पैसों के लिए डील कर दी घरवालों के अनुसार, चारों आरोपी विकास उर्फ विक्की, संदीप, विकास, धीरज नशे के लिए कभी घरवालों से पैसे मांगते थे तो कभी दोस्तों से। घरवालों ने बहुत समझाया और इलाज भी कराया, पर नशा नहीं छुट पाया। सब जरिए बंद हो गए तो खालिस्तानी संगठन से तार जुड़ गए। विक्की ही शातिर होने के साथ-साथ इंटरनेट-सोशल मीडिया हैंडल चलाने का माहिर है। इसी ने सभी को पैसों का लालच दिया और हमला करने की ये डील की। दहशत फैलाने एवं पुलिस का चुनौती देना ही इनका मकसद था और देश के प्रति द्वेष की भावना पैदा हुई। हालांकि, इस मामले में चारों आरोपी खारिया के और पांचवां आरोपी मूलरूप से चौटाला गांव और हाल ही में हाउसिंग बोर्ड में रहता है। मंगलवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच महिला थाने के बाहर हमला हुआ था। बुधवार को इसकी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इसकी जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLF) ने ली। इंस्टाग्राम पर किंग शूटर्स 302 नाम से बने अकांउट से वीडियो पोस्ट की। पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने भी इसकी जिम्मेदारी ली। शाम 4 से 5 का समय, खारिया में गलियां सुनसान, इक्का-दुक्का लोग बाहर घूमते मिले शनिवार शाम करीब 4 बजे का समय था। रानिया रोड से बाबा मुंगानाथ मंदिर की ओर से गांव खारिया में एंट्री प्वाइंट, वहां अक्सर भीड़ रहती थी। उस वक्त वहां सन्नाटा छाया था। आगे चलकर गलियां भी सुनसान थी और इक्का-दुक्का लोग ही बाहर दिखाई दिए। लोगों में भय का माहौल दिखा। ग्रामीण बोले कि, कोई इनका साथ नहीं देगा। इन्होंने देश के साथ गद्दारी की है। विकास उर्फ विक्की के घर का 25 दिन से कनेक्शन कटा, परिवार के हालात खराब जब टीम विकास धारीवाल के घर पहुंची तो विकास की दादी चारपाई पर बैठी मिली। उनके पास ही विकास की तीन माह की बेटी लेटी हुई थी। जब बुजुर्ग महिला से विकास के बारे में जिक्र किया तो बातचीत शुरू करते ही वह रोने लगीं। इसके बाद विकास की पत्नी जिविषा आई। बोली- विकास से उसकी तीन साल पहले लव मैरिज हुई थी। तीन माह की एक बेटी है। उस वक्त हम दोनों के परिवार वाले शादी से खुश नहीं थे तो विकास ने कहा था, हम गांव से बाहर रह लेंगे। बाद में यहीं रहना शुरू कर दिया। एक साल बाद विकास का पता चला कि नशे का आदी है। विकास से पूछा तो कहा था कि 8 सालों से नशा करता है। नशा छुड़वाने की कोशिश की, पर नहीं माना। अब इंजेक्शन लगाता है। ऐसा विश्चास ही नहीं कि विकास ऐसा कर सकता है। जबकि विकास कबड्डी और कुश्ती का बहुत शौकीन है और राज्य स्तर तक कबड्डी खेल चुका है। पिता की 5 साल पहले मौत हो चुकी है। दो भाई-बहन है। 25 दिनों से लाइट का कनेक्शन कटा हुआ है। परिवार में कोई कमाने वाला नहीं। अक्सर विकास एक घंटा या आधे घंटे के लिए घर से बाहर जाया करता और नशे के इंजेक्शन लगाकर घर वापस आ जाया करता। उसके बाद सारा दिन घर में ही रहा करता सारा दिन मोबाइल चलाता, जिसको लेकर हम लोगों की तरफ से बार बार उसको रोका जाता था। पत्नी बोली, विकास बैंगलोर रह धीरज के संपर्क में था। धीरज के संपर्क में आने के बाद उनकी संगति बिगड़ी है। खेलकूद भी छोड़ दिया। विकास उस दिन घर बोलकर गया था कि काम देखने के लिए लुधियाना जा रहा हूं। उसे घर से ही पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस उसे लेकर घर आई तो उसके हाथों-पांव में बेड़ियां थी। संदीप के घर खाने के लाले, मां बोली-नशे के कारण ये सब हुआ संदीप के घर पहुंचे तो उसकी मां अमरजीत कौर गेट के बाहर मिली। देखते ही रुक गई और बेटे के बारे में कहने लगी, एसपी सर ने हमें बुलाया था। संदीप मुझे देखकर खूब फूट-फूट कर रोया। परंतु मैंने भी बोला कि अगर तूने गलत किया है तो तेरे साथ सही हुआ है। उसके चार बच्चे हैं। संदीप दिहाड़ी करता था। पिता, उसका 8 साल पहले ही मर चुका। अब तो लोगों की बातें सुनकर घर से बाहर निकलने का मन नहीं करता। लोग हमसे दूरियां बनाने लगे हैं। अब तो पेट पालना भी मुश्किल हो जाएगा। खुद के पास पैसा नहीं होते तो मेरे से पैसे मांग लेता। लोगों के साथ अक्सर कई बार शराब पीकर लड़ाई करके घर आ जाया करता था। हमले वाले दिन संदीप घर से मुझे ये कहकर निकला था कि दोस्तों के साथ शादी में जा रहा हूं। जो बाड़ खेत को ही खाने लग जाए वो कैसी बाड़। बोली कि, जब अपने देश में रहने वाले ही पाकिस्तान के लिए काम करेंगे तो उनका क्या असर होगा? हमारा पाकिस्तान से क्या लेना देना है। नशे के कारण ही यह सब हुआ है। विकास के चाचा बोले- परिवार को शर्मसार किया, मुझे देख खूब रोया विकास के घर उसके चाचा मिले। चाचा ने बताया, दो दिन पहले विकास से मुलाकात करने के लिए पुलिस ने सिरसा बुलाया था। विकास मुझे देखकर खूब रोया। मैंने पुलिस से यहीं कहा कि इसको सख्त से सख्त सजा दो हो सकता है तो इसको फांसी भर भी टांग दो। हमारा परिवार समाज में उठने बैठने वाला है। इस एक के कारण हमारा सर शर्म से झुक चुका है। हम गांव में सिर उठाकर बाहर नहीं निकल सकते। विकास की मां पिछले 10 साल से बीमार है। उसकी किडनी डैमेज है। कुछ दिन पहले बठिंडा एम्स में एडमिट थी। वहां से विकास वापस आ रहा था तो पुलिस ने रास्ते में ही इसको धर दबोचा।विकास की एक बहन की शादी कुछ दिन पहले ही हुई थी। विकास शादी में ही राजस्थान से गांव आया था। विकास राजस्थान में पेंटर का काम करता था। काफी लंबे समय से वो अपने ननिहाल में ही रह रहा था। पहले विकास धारीवाल और बाद में धीरज को गिरफ्तार किया। उसके बाद विकास को पकड़ा। धीरज के घर पहुंचे तो गेट मिला बंद आखिर में धीरज के घर पहुंचे तो घर के बाहर पुलिस की गाड़ी खड़ी खड़ी थी। गेट को खोलने की कोशिश की गई, परंतु गेट अंदर से बंद किया हुआ था। आवाज लगाने पर भी कोई बाहर नहीं आया। पुलिस की गाड़ी चारों आरोपियों के घर चक्कर लगाती दिखी, कहीं कोई बाहर न चला जाए। निशानदेही में मोबाइल, बाइक व कपड़े किए बरामद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को चारों आरोपियों को साथ लेकर एसआईटी की टीम गांव में पहुंची और उन लोगों से निशानदेही करवाई गई। विकास के घर से एसआईटी की टीम ने उसकी बाइक, मोबाइल और उसके साथ साथ उसके कपड़ों को भी बरामद कर लिया है। विक्की के घर से सूटकेस मिला है। उसके घर पर अनाज से भरी बोरियां व अन्य सामान खंगाला गया।
जींद जिले के सफीदों क्षेत्र के गांव खरकगागर की गलियों में मातम पसरा है और हर ग्रामीण की आंख नम थी। करीब ढाई महीने बाद गांव की मिट्टी ने अपने उस बेटे कमल को वापस देखा, जो कभी बेहतर भविष्य की तलाश में इंग्लैंड गया था, लेकिन अब ताबूत में लिपटा हुआ लौटा। बड़े गमगीन माहौल में कमल का अंतिम संस्कार किया गया। दूसरी तरफ सहानपुर गांव के 32 वर्षीय सुधीर राठी की अमेरिका में मौत हुई है। परिवार की आर्थिक हालत ऐसी नहीं कि शव को घर ला सके। 25 साल की उम्र में थम गई जिंदगी कमल, उम्र मात्र 25 वर्ष। सपनों से भरा एक नौजवान, जिसने अपने बूढ़े मां-बाप की उम्मीदों को सीने में लेकर इंग्लैंड की राह पकड़ी थी। गांव की तंग गलियों से निकलकर उसने सोचा था कि परदेस की चमक उसके घर की अंधेरी रातों को रोशन कर देगी। लेकिन किसे पता था कि वही परदेस उसकी आखिरी मंज़िल बन जाएगा। डंकी के रास्ते इंग्लैंड पहुंचा, 30 लाख रुपए का कर्ज लिया कमल ने इंग्लैंड पहुंचने के लिए डंकी का रास्ता चुना था—एक खतरनाक सफर, जिसमें हर कदम पर मौत का साया मंडराता है। रिश्तेदारों और दोस्तों से करीब 30 लाख रुपए उधार लेकर वह निकला था, उम्मीद थी कि वहां पहुंचकर सब चुका देगा और मां-बाप के चेहरे पर मुस्कान लौट आएगी। पर किस्मत ने कुछ और ही लिखा था। बर्घिंगम में 16 सितंबर को हुई मौत 16 सितंबर की रात, इंग्लैंड के बर्घिंगम शहर में अचानक उसकी हृदय गति रुक गई। परदेस की ठंडी दीवारों के बीच उसका दिल थम गया, और उसके साथ थम गईं वो सारी उम्मीदें, जो उसने अपने गांव के लिए संजोई थीं। तीन लाख रुपए खर्च कर लाया गया शव परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं थी। मां की चीखें गांव की गलियों में गूंज उठीं, पिता की आंखों से आंसू सूख गए। बेटे का शव वापस लाने के लिए उन्होंने हर दरवाज़ा खटखटाया। इंग्लैंड में रह रही वीना देशवाल और सज्जन देशवाल ने मदद का हाथ बढ़ाया। 3 लाख रुपए का खर्च, ढाई महीने की लंबी प्रक्रिया और आखिरकार, कमल अपने गांव लौटा। गांव में उमड़ा जनसैलाब, मातम में डूबा परिवार जब ताबूत गांव पहुंचा, तो पूरा इलाका उमड़ पड़ा। हर आंख में आंसू थे, हर दिल में दर्द। ढोल-नगाड़ों की जगह सिसकियों की आवाजें थीं। कमल का अंतिम संस्कार गांव की मिट्टी में हुआ, उसी मिट्टी में जिसने उसे जन्म दिया था। अधूरी रह गई मां-बाप की उम्मीदें अब उस घर में सन्नाटा है, जहां कभी कमल की हंसी गूंजती थी। दीवारों पर टंगी उसकी तस्वीर अब हर दिन मां की आंखों से बात करती है। पिता की झुकी हुई कमर अब और झुक गई है। हजारों युवाओं की हकीकत बन गई कमल की कहानी कमल की कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की है जो सपनों की कीमत अपनी जान देकर चुकाते हैं। परदेस की चमक के पीछे छिपे अंधेरे को शायद अब भी बहुत से लोग नहीं देख पाते। और गांव खरकगागर की मिट्टी, आज भी उस बेटे की याद में भीगी हुई है, जो लौट तो आया—पर हमेशा के लिए खामोश होकर। अमेरिका में भी एक युवक की मौत, तीन बहनों के इकलौता भाई दूसरी तरफ जींद जिले के गांव सहानपुर (सफीदों) के युवक सुधीर राठी (32) की अमेरिका में 6 दिन पहले बीमारी से मौत हो गई। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। परिवार का रो रोकर बुरा हाल है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी ऐसी नहीं है कि बेटे के शव को इंडिया ला सके। सुधीर के पार्थिव शरीर को गांव लाने के लिए ग्रामीणों ने आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। परिजनों ने बताया कि सुधीर करीब ढ़ाई साल पहले डोंकी के रास्ते अमेरिका गया था। इसके लिए परिवार ने डेढ़ एकड़ जमीन बेच दी थी। सुधीर करीब डेढ़ महीने वेंटिलेटर पर था। 23 नवंबर की रात को उनकी मौत हो गई।
सिंहस्थ मेला क्षेत्र में जाने के लिए नया रास्ता:वाकणकर ब्रिज के पास बन रहा नया ब्रिज
हरि फाटक ब्रिज के समीप वाकणकर ब्रिज के पैरेलल एक और ब्रिज बन रहा है। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए इस पुल का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी कनेक्टिविटी हरि फाटक चौराहा से रहेगी। लोग रास्ते से आना और जाना कर सकेंगे। नया ब्रिज बनने से यह फोरलेन रास्ता हो जाएगा, जो सीधे सांवराखेड़ी, मुल्लापुरा बायपास और दाउदखेड़ी को जोड़ेगा।
एसएमएस अस्पताल में मरीजों का भार कम करने के लिए 9 साल पहले शास्त्रीनगर स्थित हरिबक्श कावंटिया अस्पताल को एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर के अधीन किया गया। लेकिन अब भी अस्पताल में मरीजों के लिए लाइफलाइन की बजाय रैफर लाइन बन गई है। कांवटिया अस्पताल कांग्रेस और भाजपा दोनों ही सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहा है। मरीजों को सुपरस्पेशलिटी, क्वालिटी युक्त इमरजेंसी और ट्रोमा जैसी अनेक सेवाएं देने के लिए एक्सटेंशन के लिए न तो जगह और ना ही डॉक्टर मिले। जो भी अधीक्षक बनता है, सरकार के पास प्रस्ताव बनाकर भेजता है, लेकिन फाइल दम तोड़ देती है। भास्कर रिपोर्टर जब मौके पर पहुंचा तो चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। यहां मरीजों के हिसाब से डॉक्टर्स नहीं है। जरूरत 104 डॉक्टरों की है, लेकिन महज 51 के भरोसे इलाज चल रहा है। आए दिन 4 से 5 डॉक्टर्स के छुट्टी पर जाने से इलाज की व्यवस्था गड़बड़ा जाती है। अव्यवस्थाओं का आलम: ट्रेड मिल मशीन है, पर जांच के लिए डॉक्टर नहीं जांच की सुविधा शुरू हो उच्च स्तरीय सुविधा के लिए अस्पताल का विस्तार जरूरी है। इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने और डॉक्टरों को लगाने के साथ ही अन्य सुविधाओं के लिए पत्र लिखा है। - डॉ. आर.एस.तंवर, अधीक्षक, कावंटिया अस्पताल शास्त्रीनगर
सैंपल फेल, श्रीमहाकाल ट्रेडर्स का उर्वरक विक्रय अधिकार पत्र निरस्त
जिले के किसानों को मानक एवं गुणवत्तायुक्त रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न खाद दुकानों से उर्वरकों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। विकासखंड डबरा के अंतर्गत पिछोर मैसर्स श्रीमहाकाल ट्रेडर्स का उर्वरक विक्रय अधिकार पत्र निरस्त कर दिया है। उर्वरक के भण्डारण एवं विक्रय से संबंधित नियंत्रण आदेश व नियमों के तहत उप संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास द्वारा यह कार्रवाई की गई है। उप संचालक कृषि रणवीर सिंह जाटव ने बताया कि सितंबर में इस फर्म से उर्वरक के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई थी। जांच में उर्वरक का नमूना अमानक पाया है। इस संबंध में विक्रेता मैसर्स श्रीमहाकाल ट्रेडर्स पिछोर के प्रोपराइटर गौरव दुबे को सुनवाई का पूरा मौका दिया गया। इसके बाद विधिवत कार्रवाई की गई है।
नगर निगम:पहली बार नाले-नालियां बनाने का प्रावधान चंबल प्रोजेक्ट और पीएम ई-बस सेवा शामिल
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा साल 2026-27 के बजट में प्रमुखता से नजर आएगी। केंद्र सरकार की इस योजना को निगम इस बार बजट में शामिल करेगा। अगले साल बसों को सड़कों पर दौड़ाने की योजना महापौर डाॅ.शोभा सिकरवार ने की है। बाल भवन में चली बैठक में वित्त विभाग की अपर आयुक्त रजनी शुक्ला ने 2291 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा है। आयुक्त संघ प्रिय ने बजट बैठक में निर्देश दिए कि सभी विभागों से आई प्रस्तावित बजट राशि के आधार पर संशोधन करने के लिए कहा है। संशोधन के बाद 2330 करोड़ रुपए के आसपास का बजट लाया जा सकता है। नगर निगम फरवरी 2026 में इस नए बजट को लाया जा सकता है। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की कोशिश, एनर्जी आडिटनिगम अबकी बजट में सौर ऊर्जा की तरफ भी कदम बढ़ाने की तैयारी में है। क्योंकि निगम बिजली कंपनी को साल में 90 करोड़ के आसपास बिल चुकता है। इसलिए निगम सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना चाहता है। आयुक्त ने बैठक में एनर्जी ऑडिट होने की बात भी कही। नाले-नाली के लिए 10 करोड़ की राशि का प्रावधान: बारिश के कारण इस बार करोड़ों रुपए की सड़कें खराब हुईं। निगम ने सड़कों के किनारे नालियां और नालों पर पहली बार 10 करोड़ की राशि का प्रावधान बजट में करेगा। पिछले साल जो प्रस्तावित, वही रह सकती हैनिगम में पिछले साल महापौर निधि 6 करोड़ 10 करोड़, अध्यक्ष (सभापति) 5 से 9 करोड़, पार्षदों की 65 लाख से एक करोड़ और वार्ड समिति की 30 से 40 लाख कर दी गई थी। साल 2026-27 के बजट में एक बार फिर से कम राशि लाई जा रही है। उक्त राशि जो साल 2024-25 के बजट में थी। एक नजर में प्रस्तावित बजट जनकार्य विभाग: 140 करोड़ रुपए की राशि। इसमें 80 करोड़ स्मार्ट सिटी से मिलेंगे। पीएम-ई बस सेवा: पहली बार प्रावधान किया जा रहा है। इसलिए 15 करोड़ रुपए की राशि बजट में रखी जा रही है। पार्क विभाग: 11 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री अधोसंरचना: 5 करोड़, सौर ऊर्जा-5 करोड़, चार्जिंग स्टेशन-1 करोड़,पीएचई: 425 करोड़, फायर ब्रिगेड-4 करोड़, बिजली विभाग-90 करोड़,-पीआईयू: 50 करोड़ रुपए, कार्यशाला: 75 करोड़ रुपए और -जीएडी: 7 करोड़ रुपए।
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज की मॉर्च्युरी में कॉकरोच महिला के शव का कान और आंख खा गए। महिला ने जहर खा लिया था। उसे मेडिकल कॉलेज में एडमिट करवाया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। तब शव को मॉर्च्युरी के फ्रीजर में रखवाया गया था। मृतका के भाई ने आरोप लगाया- शव की आंख, कान और हाथ चूहों ने खाया है। जबकि, सीएमएस डॉ. सचिन माहौर ने कहा- फ्रीजर में चूहे जाने की गुजांइश नहीं है। हो सकता है कि कॉकरोच या किसी छोटे कीड़े ने शव खाया हो। पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। घटना के बाद मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया। महिला ने मायके में जहर खा लिया था गुरसराय के सिरबो गांव निवासी क्रांति देवी (26) की शादी लगभग 8 साल पहले टीकमगढ़ के सतवारा गांव निवासी प्रीतम पटेल से हुई थी। पति शराब पीकर झगड़ा करता था। इस वजह से क्रांति अक्सर अपने मायके में ही रहती थी। शुक्रवार को परिजन खेत पर गए थे। घर पर क्रांति और उसकी भाभी थी। इस दौरान क्रांति ने जहर खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे गुरसराय सीएचसी ले गए। वहां से झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां इलाज के दौरान शुक्रवार को क्रांति की मौत हो गई। क्रांति की कोई संतान नहीं है। शव रखवाने के 400 रुपए वसूले मृतका के भाई सक्षम पटेल ने बताया- हम लोगों ने बहन के शव को मॉर्च्युरी में फ्रीजर के अंदर रखवाया था। जो कर्मचारी शव रखवाने के लिए आया था, वो हम लोगों से 400 रुपए ले गया था। शनिवार को लगभग 18 घंटे बाद शव निकालने मॉर्च्युरी में पहुंचे। आरोप है कि जब फ्रीजर से शव को बाहर निकाला तो चूहे एक कान, आंख और हाथ को कुतर चुके थे। बहन के शरीर पर जख्म थे। यह देख परिजनों ने हंगामा कर दिया। इससे हड़कंप मच गया। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिया तो मामला शांत हो गया। जांच कर वजहों की तलाश कर रहे हैं मेडिकल कालेज के सीएमएस सचिन माहौर ने बताया- महिला के शव को फ्रीजर में रखा गया था। जब फ्रीजर से बाहर निकाला गया तो आंख की पुतली पर कटे के निशान थे। फ्रीजर में किसी भी जानवर की घुसने की गुंजाइश नहीं है। हो सकता है कि कॉकरोच या छोटे कीड़े की वजह से ऐसा हुआ होगा। हम जांच कर वजहाें की तलाश कर रहे हैं।
पिता फौज में थे, इसलिए मैं भी सेना में जाना चाहता था। बारहवीं के बाद 18 साल की उम्र में 2001 में सिपाही भर्ती हो गया। डेढ़ साल के भीतर ही नौसेरा में आतंकी ब्लास्ट का शिकार हो गया। पैर हमेशा के लिए अलग। जब सरकार को जमीन के लिए आवेदन किया तो तीन साल तक उम्मीद बंधाते हुए विभागीय कार्यवाही चली। 2022 में विभाग ने एक पत्र भेज दिया- आप योग्य नहीं। एक अधिकारी ने यहां तक कह दिया कि जो 25 हजार की सहायता मिली है, वह भी गलती से मिल गई। यह पीड़ा सीकर के गांव लक्ष्मण का बास के राकेश कुमार की है। राकेश बताते हैं- जाट ट्रेनिंग सेंटर बरेली में ट्रेनिंग हुई। नौसेरा में पोस्टिंग के बाद सर्दी के दिनों में आतंकियों से आमना-सामना हुआ। 29 अक्टूबर 2003 को फायरिंग के बाद जैसे ही मुड़ा, आतंकियों की बिछाई माइंस में ब्लास्ट हो गया। तब ऑपरेशन पराक्रम चल रहा था। अंधेरा हो चुका था। भयानक ब्लास्ट से पैर मांस का लोथड़ा बन लटक गया। बाद में क्रोलिंग (कोहनी के बल) करते हुए पोस्ट के नजदीक तक पहुंचा। आधी रात को खुद को सेना के हॉस्पिटल में पाया। तब तक पैर अलग हो चुका था। करीब 6 माह तक इलाज चला। शारीरिक अक्षमता के चलते मजबूरी में 2019 में नौकरी छोड़ घर आ गया। राकेश अपने सरकारी दस्तावेज की बड़ी से फाइल दिखाते हुए कहते हैं- अब रोजगार है नहीं। ऐसे में नौकरी छोड़ने के बाद जमीन के लिए आवेदन किया। अफसरों ने आवेदन सहित पूरी प्रक्रिया में साथ भी दिया। जिन कागजों की जरुरत पड़ी मैं देता चल गया। फाइल कलेक्ट्रेट, बोर्ड और सचविालय के गलियारों में चक्कर काटती रही। तीन साल बाद 2022 में मुझे पत्र में कहा गया कि आप योग्यता नहीं रखते। राकेश का कहना है- हादसे के बाद की गई सेवा को इसमें अड़चन माना गया। वे सरकार की जनसुनवाई में भी अपनी पीड़ा बता चुके हैं, जिसमें उन्हें आश्वासन दिए जा रहे हैं। घर में पत्नी और एक बेटा है। आर्मी से मुझे पूरी सहायता मिली, पेंशन और तमाम सुविधाएं भी मिल रही हैं। मैं आर्मी से संतुष्ट हूं, लेकिन राज्य सरकार अगर मदद कर सकती है तो करनी चाहिए। यहां के अधिकारी 25 हजार की सहायता को भी गलती से देना बता रहे हैं।
महिला से ठगी के मामले में हुआ नया खुलासा:आरोपियों ने कहा- बॉस सजा भी देता था, लीजो का नाम आया सामने
इंदौर में महिला के साथ 1 करोड़ 60 लाख रुपए की ठगी के मामले में क्राइम ब्रांच ने नया खुलासा किया है। हाल ही में पकड़ाए दो आरोपियों ने पूछताछ में कई बातों का खुलासा किया है। अब इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम चीनी गैंग की तलाश में जुटी है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मामले में हाल ही में क्राइम ब्रांच ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें एक पारस और दूसरा सौरभ था। दोनों से पूछताछ में बताया कि गैंग कैसे ठगी की वारदात को अंजाम देती है। इन दोनों का काम कम्प्यूटर ऑपरेटर के रूप में इन दोनों को लेकर गए थे। उसके बाद लाओस में जहां से वारदात करते हैं। ये दोनों वहां भी गए थे। इनका रोल फाइंडर का था। ये दोनों सोशल मीडिया पर जाकर लोगों को खोजने का काम करते थे। जिसके बाद ये तय करते थे किसे टारगेट करना है। इसके बाद दूसरी लेयर में चेटर रहते हैं। जो टारगेट किए गए लोगों के साथ चेट करते हैं और उन्हें अपने झांसे में लेते है। इसके बाद टीम लीडर, डायरेक्टर और सबसे ऊपर होता है बॉस। इस तरह की पूरी प्रक्रिया इनके द्वारा बताई गई। 16-18 घंटे कराते थे काम, करते थे प्रताड़ित आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इन लोगों से 16 से 18 घंटे काम कराया जाता था। अगर काम में कोई गलती हो जाती थी तो बॉस के द्वारा इन्हें प्रताड़ित भी किया जाता था। लाओस में जहां से सब ऑपरेट करते थे वहां पर एक डार्क रूम भी है। जहां पर गलती करने वाले को हाथ बांधकर कई दिनों रखा जाता था। कई घंटों तक खड़ा रखा जाता था। टारगेट पूरा नहीं होने पर कई ओर तरह की सजा भी दी जाती है। पूछताछ में उन्होंने चाइनीज स्कैमर लीजो का नाम बताया है। इन दोनों के मोबाइल से काफी डेटा भी रिकवर किया जा रहा है। लीजों की मिली फोटो दंडोतिया ने बताया कि मामले में दोनों आरोपियों के पास से स्कैमर लीजो की फोटो भी मिली है। भरत पोर्टल के माध्यम से इसमें आगे इन्वेस्टिगेशन के लिए निवेदन करेंगे। साथ ही जानकारी भेजी जाएगी। जिस तरह कंपनी में रैंकिंग होती थी, वैसा ही वहां भी होता था। बता दें कि इस मामले में क्राइम ब्रांच अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
रायसेन के गौहरगंज में 6 साल की मासूम से रेप का आरोपी सलमान पकड़े जाने के बाद डेढ़ घंटे तक गुमराह करता रहा। वह खुद को आष्टा का रहने वाला कहता रहा। यही नहीं उसने अपना नाम भी सही नहीं बताया। वह खुद को अंसार बताता रहा। भोपाल के गांधी नगर इलाके में गुरुवार रात (27 नवंबर) को स्थानीय युवकों ने उसे सबसे पहले पकड़ा था। उनमें से एक रिजवान ने बताया कि मुझे उसके बारे में दोस्त राजा ने सूचना दी थी। सलमान की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल थी इसलिए उसने उसे पहचान लिया। उस वक्त मैं वहां नहीं था। मैं तत्काल मौके पर पहुंच गया। इसके बाद खजूरी थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी राहुल गुरु को सलमान की तस्वीर वाट्सएप पर भेज दी। उन्होंने रायसेन पुलिस से उसकी तस्दीक कराई। करीब आधे घंटे में वे ध्रुव नाम के पुलिसकर्मी के साथ मौके पर आ गए। इस दौरान सलमान हमारे पास ही रहा। जब उससे दस्तावेज दिखाने को कहा तो उसके पास आधार कार्ड सहित पहचान हो सके ऐसा कोई भी दस्तावेज नहीं था। उसने रेप का आरोपी होना तो दूर रायसेन जिले में किसी भी तरह के रेप की घटना की जानकारी होने से इनकार कर दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद रायसेन की पुलिस भोपाल आई। गांधी नगर पुलिस के साथ वे सलमान को लेकर चले गए। रिजवान ने बताया कि हिरासत में लिया व्यक्ति सलमान ही है, यह पुष्टि होते ही गांधी नगर थाने के बाहर लोगों का जमावड़ा लगने लगा था। भीड़ बढ़ती इससे पहले ही गोपनीय ढंग से सलमान को रायसेन पुलिस के साथ रवाना कर दिया गया। भोपाल में सलमान ने ऐसे काटी फरारीबच्ची से रेप के बाद सलमान 22 नवंबर को भोपाल पहुंच गया था। इस दिन वह 12 नंबर स्टॉप मल्टी के पास कुछ देर रुका था। फिर भोपाल टॉकीज चला गया। रात उसने कब्रिस्तान के पास गुजारी। अगले दिन काजी कैंप पहुंचा तो अपने पास रखे पैसों से खाना खरीद कर खाया। इसके बाद अगले 3 दिन 24, 25, 26 नवंबर को उसने डीआईजी बंगले पर मजदूरी की। रातें मॉडल ग्राउंड की पीली बिल्डिंग के बाहर गुजारीं। अगले दिन 27 नवंबर को सलमान ने मिनाल से शराब खरीदी और गांधी नगर पहुंच गया। यहां किराये का मकान ढूंढते वक्त स्थानीय निवासी सलमान, अब्दुल और आसिफ की उस पर नजर पड़ गई। इसके बाद इन्होंने रिजवान को कॉल कर बुला लिया। रिजवान के आने के बाद सिपाही अब्दुल गुरु को फोटो भेजी गई। अभी हमीदिया में भर्ती, पैर में इंफेक्शनभोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती सलमान के पैर की शुक्रवार शाम को सर्जरी की गई। उसकी हालत स्थिर है और डॉक्टरों ने उसे आब्जर्वेशन में रखा गया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद रायसेन पुलिस उसे लेकर रवाना होगी। जिसके बाद उससे अहम पूछताछ की जाएगी। फरारी कहां और किसी की मदद से काटी, भोपाल में कितने दिन से था और कैसे पहुंचा। हालांकि शुरूआती पूछताछ में उसने पैदल ही भोपाल तक आने की बात पुलिस से कही थी। शनिवार शाम को सलमान को हमीदिया अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से निकालकर वार्ड में शिफ्ट किया है। गोली के बारूद से उसके पांव में इन्फेक्शन हो चुका है। डॉक्टरों की टीम उसे निगरानी में रखे है। बताया जा रहा है कि उसे पूरी तरह से रिकवर होने में समय लगेगा। वहीं रायसेन पुलिस ने उसे दस दिन की रिमांड पर ले रखा है। अस्पातल से डिस्चार्ज होने के बाद उसकी रिमांड अवधि को पुलिस जमानत अनुसार बड़वा भी सकती है। हिंदू संगठन ने की पनाह देने वाले पर कार्रवाई की मांग एसीपी उमेश तिवारी के कार्यालय में शनिवार को मां भवानी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता पहुंचे। जहां उन्होंने लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया कि सलमान को भोपाल के सांई बोर्ड में रहने वाली बेबी, वसीम और सनम ने अपने घर में पनाह दी थी। गांधी नगर में पकड़े जाने से पहले तक वह उन्हीं के घर में रहा है। संगठन ने जांच के बाद कार्रवाई की मांग की है। पूछताछ में बोला- अंदाजा नहीं था पहचान हो जाएगीवहीं, रायसेन पुलिस उसे भोपाल से गौहरगंज ले जा रही थी। रास्ते में पूछताछ के दौरान उसने बताया कि बच्ची उसे सॉफ्ट टारगेट लगी थी। अंदाजा नहीं था कि मामला इतना बड़ा हो जाएगा और पहचान हो जाएगी। वह बच्ची के साथ गलत काम कर उसे छोड़ देना चाहता था, लेकिन जब बच्ची शोर मचाने लगी तो पकड़े जाने के डर से उसके साथ मारपीट भी की। वारदात के बाद बच्ची की हालत बिगड़ती देख भाग निकला। जंगल के रास्तों से होकर वह 11 मील होते हुए भोपाल पहुंचा। उसने फुटपाथों पर रातें गुजारीं। उसके पास मौजूद थोड़े पैसे से वह समोसा, कचौड़ी और पोहा खाकर गुजर करता रहा। पहचान छिपाने के लिए वह लगातार मास्क लगाए रहा। आउटर रूट से घूमते हुए वह दोबारा गांधी नगर पहुंच गया और गिरफ्तारी से एक रात पहले तक वहीं छिपा हुआ था। बुदनी के शाहगंज थाने का स्थायी वारंटी है सलमानआरोपी सलमान बुदनी स्थायी वारंटी है। यह वारंट उसके खिलाफ 2019 में दर्ज घर में घुसकर मोबाइल चोरी के मामले में जारी हुआ था। यह मामला शाहगंज का है, जिसमें फरियादी आबिद खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि सलमान फरियादी के घर में घुसकर एक मोबाइल चुरा ले गया था। शाहगंज पुलिस ने उसे इस मामले में 28 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार किया था। यह प्रकरण बुदनी न्यायालय में विचाराधीन था, लेकिन सलमान लगातार सुनवाई में अनुपस्थित रहता था। इसी वजह से बुदनी कोर्ट ने 2023 में उसे स्थायी वारंटी घोषित कर दिया था। ये खबरें भी पढ़ें... 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी फुटपाथ पर रहा गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी सलमान पुलिस गिरफ्त में है। उसके पैर में गोली लगी है, जिसका इलाज चल रहा है। उधर, भोपाल के अस्पताल में भर्ती बच्ची के प्राइवेट पार्ट की सर्जरी की गई है। वो आईसीयू में है। हीलिंग के बाद उसकी एक और सर्जरी करनी पड़ेगी। पूरी खबर यहां पढ़ें... MP में बच्ची से रेप के आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर मध्य प्रदेश के रायसेन में 6 साल की बच्ची से रेप करने का आरोपी सलमान गुरुवार देर रात शॉर्ट एनकाउंटर में घायल हो गया। पुलिस जब उसे गौहरगंज ले जा रही थी, तभी उसने भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस को उसे पैर में गोली मारना पड़ी। आरोपी का भोपाल के हमीदिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है। पूरी खबर यहां पढ़ें.. मासूम से दरिंदगी की हद पार...मुंह बांधा, जंगल ले गया 'दरिंदे को सिर्फ एनकाउंटर की सजा मिले। उसे सरेआम सबके सामने गोली मार दो। तभी मुझे चैन मिलेगा'... यह कहते हुए पार्वतीबाई (परिवर्तित नाम) रोने लगती है। वह गौहरगंज के पास एक गांव की उस 6 साल की नन्हीं बच्ची की नानी है, जिसके साथ आरोपी सलमान ने दुष्कर्म किया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
हरियाणा में आज (30 नवंबर) होने वाली 3 ग्रैंड मैरिज चर्चाओं में हैं। इनमें 2 दो राजनीतिक परिवारों से हैं और तीसरी खेल जगत से। तीनों में शादियां व्यंजनों और सेलेब्रिटी मेहमानों की वजह से भी चर्चा में हैं। सबसे पहले बात करते हैं ओलिंपियन मेडलिस्ट रेसलर रवि दहिया की, जो स्कूल चलाने वाली रिचा से फेरे लेंगे। इनकी शादी में देश विदेश के पहलवान पहुंचेंगे। उनके लिए खास तौर पर देसी घी का चूरमा और कढ़ाई दूध तैयार किया जा रहा है। पहलवानों का खान-पान विशेष रहता है, लिहाजा इस शादी की खासियत शुद्ध व्यंजन और शुद्ध देसी अंदाज है। सोनीपत के गांव नाहरी के रवि दहिया बारात लेकर जिले के ही गांव बिलबिलान पहुंचेंगे। प्रदेश के पूर्व गृह राज्यमंत्री रहे गोपाल कांडा के बेटे शुभम की अगस्त में दिल्ली में शौर्या संग रिंग सेरेमनी हुई थी। तभी से यह चर्चा में है। क्योंकि रिंग सेरेमनी ग्रैंड हुई थी। कई फिल्मी व राजनीतिक हस्तियां पहुंची थी। यही नहीं कांडा बंधू ने कोरियोग्राफर की मदद से स्टेज पर डांस प्रस्तुति दी थी। आज शादी की रस्में गुरुग्राम के होटल में होंगी। वहीं, विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं जींद विधायक कृष्ण मिड्ढा अपने भिवानी के ज्वैलर्स दोस्त राजेश तलवार के साथ समधी के रिश्ते में बंधेंगे। मिड्ढा के बेटे ऋषि यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। जबकि उनकी होने वाली पत्नी प्रियंका दिल्ली में परिवार का बिजनेस संभालती हैं। शादी की रस्में पंचकूला में होंगी। आइए अब आपको बताते हैं इन शादियों में क्या खास रहेगा 1. रवि वेड्स रिचाः 3 एकड़ में टेंट, पहलवानों के लिए देसी चूरमा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रवि दहिया की शादी को लेकर उनके ससुराल पक्ष के गांव बिलबिलान में उत्साह और रौनक चरम पर है। गांव से बाहर बने जेएस इंटरनेशनल स्कूल में तीन एकड़ में भव्य पंडाल लगाया है। ये स्कूल रिचा के पिता रजनीश का ही है। यहीं से घर थोड़ी दूरी पर है। शादी में परंपरागत हरियाणवी खानपान की झलक दिखेगी। बारातियों के स्वागत के लिए देसी घी का खास चूरमा तैयार किया है। कढ़ाई दूध और जलेबी परोसे जाएंगे। रिचा पढ़ाई में होशियार, शादी के बाद एमए के एग्जाम रिचा के पिता रजनीश ने बताया कि उनकी बेटी रिचा बचपन से ही पढ़ाई में इंटेलिजेंट रही है। बेटी उनके लिए किसी लक्ष्मी से काम नहीं। बेटी शुरुआत से ही भाग्यवान रही है। छोटा बेटा वंश है। पिता ने यह प्रण किया हुआ ताकि रिचा जब तक जितनी पढ़ाई करना चाहेगी वह उसके कदमों को नहीं रोकेंगे। पिता बताते हैं कि आमतौर पर 12वीं पास करते ही बेटी की शादी के लिए तैयारी शुरू हो जाती है। लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को हमेशा से ही पढ़ाई के प्रति प्रेरित किया है। रिचा ने अपनी पहली कक्षा से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई अपने स्कूल से ही पूरी की है। हालांकि इन दोनों स्कूल को उनके मामा चला रहे हैं। रिचा सोनीपत के जीवीएम गर्ल्स कॉलेज से अपनी एमए ज्योग्राफी ऑनर्स से कर रही हैं। प्रथम वर्ष के एग्जाम में रिचा दिसंबर में देगी। घर में शादी की तैयारी के माहौल में भी वो किताबें नहीं छोड़ रही। कुश्ती से परिवार का नातारजनीश ने बताया कि वह खुद पहले पहलवान रहे हैं। हालांकि बाद में जूडो में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। अब 16 वर्षीय बेटा वंश अखाड़े में कुश्ती करता है। रिचा का खेल से कोई भी जुड़ाव नहीं रहा है। पिता ने बताया कि उनके परिवार में रिचा से पहले उसकी ताई एम ए हिंदी पास है और अब उनके बाद परिवार की दूसरी सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी बेटी के रूप में रिचा होगी।पहलवानों के लिए बनेगा चूरमापिता रजनीश ने बताया कि उनकी बेटी की शादी पहलवानों के परिवार में हो रही है और रवि दहिया के साथ आने वाले काफी पहलवान भी होंगे। सभी बारातियों के लिए हरियाणवी परंपरागत खानपान की पहचान चूरमा विशेष तौर पर शुद्ध देसी घी में तैयार हो रहा है। रिचा का परिवार भी चूरमा खाने का शौकीन है।ढाई हजार लोगों के लिए चूरमा, कढ़ाई वाला दूध और जलेबी तैयार होगी। पहलवानों के घर में चूरमा अगर तैयार ना हो तो खान-पान अधूरा लगता है। करीब 3 किवंटल चूरमा तैयार होगा।माता-पिता की एनिवर्सरी भी आज के ही दिनपिता रजनीश ने बताया कि जहां 30 नवंबर को ही उनकी शादी सावित्री के साथ हुई थी। यह संयोग है कि उनकी बेटी की शादी भी 30 नवंबर को हो रही है। बेटी की शादी हमेशा उन्हें अपनी शादी एनिवर्सरी पर याद रहेगी। 2. मिड्ढा-तलवार फैमिली की शादी में राजनेता मेहमान ऋषि वेड्स प्रियंकाः शादी में सिर्फ एक रुपया व नारियल हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ. कृष्ण मिड्ढा के बेटे ऋषि की बारात पंचकूला-चंडीगढ़ के शिवालिक क्लब में होगी। जिसकी पूरी व्यवस्था डॉ. कृष्ण मिड्ढा ही कर रहे हैं। खास बात ये है कि मिड्ढा ने बेटे की रिंग सेरेमनी-सगाई में सिर्फ एक नारियल व एक रुपया ही कबूला। रिंग सेरेमनी के बाद जींद में भोज-पार्टी रखी गई। जिसमें विधानसभा हलके के लोगों को न्योता दिया गया। दोनों की पारिवारिक दोस्ती अब रिश्तेदारी में बदल रहीभिवानी के ज्वैलर्स राजेश तलवार ने बताया कि डॉ. कृष्ण मिड्ढा के पुरानी और गहरी मित्रता है। अब उनकी दोस्ती रिश्तेदारी में बदलने जा रही है। काफी पुरानी जान पहचान है। इस रिश्ते के बाद दोनों परिवारों में खुशी है। उन्होंने बताया उनके तीन बच्चे (दो बेटी व एक बेटा) है। बड़ी बेटी प्रियंका की शादी ऋषि के साथ होने जा रही है। 23 नवंबर को जींद में रिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस दौरान केवल एक रुपया व नारियल में शादी की रस्म पूरी की गई। दिल्ली में पढ़ाई के बाद संभाल रही बिजनेस राजेश तलवार ने बताया कि प्रियंका तलवार दिल्ली से पढ़ी हैं और पढ़ाई करने के बाद वहीं मां के साथ फैमिली बिजनेस संभाल रही हैं। उनका डिजाइनर सूट एवं ज्वैलरी का बिजनेस है। प्रियंका आत्मनिर्भर हैं। रिंग सेरेमनी में सीएम, पूर्व सीएम समेत कई राजनेता पहुंचे23 नवंबर को जींद में रिंग सेरेमनी हुई। उस दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी, रणबीर गंगवा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली, भाजपा प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया, भाजपा राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ समेत भाजपा और कांग्रेस के विधायक-पूर्व विधायक पहुंचे थे। इस दौरान नायब सैनी और भूपेंद्र हुड्डा ने एक ही टेबल पर भोजन किया। इसकी तस्वीरें-वीडियो खूब वायरल हुईं। 3. कांडा फैमिली के मेहमानों में राजनेता व फिल्मी हस्तियां शुभम Weds शौर्याः गुरुग्राम के 4-स्टार होटल में होंगी रस्में हरियाणा के पूर्व गृह राज्य मंत्री एवं हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा की छोटे बेटे शुभम दिल्ली के बिजनेसमैन की बेटी शौर्या के साथ शादी के बंधन में बधेंगे। गुरुग्राम के 4-स्टार होटल में समारोह होगा। केंद्र व हरियाणा के कई नेताओं को और बॉलीवुड हस्तियों को इन्विटेशन दिया गया है। हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा बॉलीवुड सिंगर बादशाह, अभिनेत्री नोरा फतेही जैसी हस्तियां शिरकत करेंगी। इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला व जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला को भी न्योता है।लेडीज संगीत में पहुंचे विजयवर्गीय, कांडा थिरकेशुक्रवार को लेडीज संगीत कार्यक्रम था, जिसमें मध्य प्रदेश से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पहुंचे। लेडीज संगीत के दौरान गोपाल कांडा के स्टेज पर डांस करते हुए का वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें वह हाथ में ढफली लेकर हिंदी गानों पर थिरकते नजर आए। उनके भाई गोबिंद कांडा ने भी अपनी पत्नी के साथ स्टेज पर डांस किया। तीन माह पहले दिल्ली में हुई थी रिंग सेरेमनीकरीब तीन माह पहले शुभम कांडा की शौर्या के साथ रिंग सेरेमनी दिल्ली में हुई थी। उस दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, कैबिनेट मंत्री रणबीर सिंह गंगवा समेत कई बड़े नेता और बालीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस, कॉमेडियन राजीव ठाकुर, बिसमिल, कपिल शर्मा शो से कृष्णा सहित अन्य सेलिब्रिटी शामिल हुए थे। दोनों की अरेंज मैरिज हुईगोबिंद कांडा के अनुसार, शुभम कांडा की मंगेतर शौर्या के साथ अरेंज मैरिज हुई है। हमारे समाज में यही परंपरा है। परिवार की सहमति से ही रिश्ता तय हुआ है। शौर्या के पिता मुकेश अग्रवाल का दिल्ली में चांदनी चौक पर सोना-चांदी का बिजनेस है। शौर्या खुद एमबीए पास हैं। पिता का बिजनेस संभालते हैं शुभमशुभम कांडा अपने पिता गोपाल कांडा का रियल एस्टेट का बिजनेस संभालते हैं। इसके अलावा गुरुग्राम और नेपाल में कैसीनो का काम संभालते हैं।
कानपुर में जहां दिन की गर्मी आमजन को गर्म मौसम का एहसास करा रही हैं। वहीं, दूसरी ओर शाम होते ही चलने वाली ठंडी हवाएं मौसम को सर्द कर रही हैं। सीएसए के मौसम विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार अधिकतम तापमान सामान्य से 1.4 डिग्री बढ़कर 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहते हुए 7.7 डिग्री रिकार्ड किया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से कानपुर को प्रदेश में सबसे सर्द शहर घोषित किया गया है। तित्वा तूफान 30 के बाद लाएगा बादल मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ध्रुवीय भंवर इस बार कमजोर हो गई हैं। जिसकी वजह से उत्तर भारत में ठंड पड़ रही है। इसी के साथ तित्वा नाम का तूफान बंगाल की खाड़ी से उठ रहा है। जिसका असर 30 नवंबर को भारत के तटीय इलाकों में पड़ेगा। उसकी वजह से यूपी, एमपी, राजस्थान, उड़ीसा और बिहार इनमें बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। कानपुर मंडल में बारिश की संभावना नहीं है। लेकिन बादलों की वजह से तापमान में उतार चढ़ाव की संभावना है। दिसंबर में होगी बर्फवारी मौसम विशेषज्ञ ने बताया कि 3-4 दिसंबर के बाद वेस्टर्न डिस्टरबेंस आएगा, जिससे पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना है। बर्फवारी से दिसंबर का दूसरा सप्ताह गलन वाला हो सकता है। फिलहाल सुबह और रात की सर्दी बरकरार रहेगी। सर्दी के कपड़ों का बाजार हुआ गर्म रात और सुबह की बढ़ रही सर्दी ने जैकेट, स्वेटर व टोपा आदि के बाजार को गर्म कर दिया है। शहर में परेड, नवीन मार्केट, सीसामऊ, गुमटी और गोविंद नगर समेत कई बाजारों में गर्म कपड़ों के खरीदार उमड़ रहे हैं। सर्दी से बचने के लिए लोगों ने गर्म कपड़ों को पहनना शुरु कर दिया है।
हिसार मंडल के आयुक्त और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एमडी अशोक कुमार गर्ग रिटायर हो गए हैं। रिटायरमेंट पार्टी के दौरान बतौर एमडी गर्ग ने बिजली महकमे के अधिकारियों को सीख देने की कोशिश की। साथ ही उन्होंने मोटी फाइलें नहीं बनाने की भी नसीहत दी। बता दें कि, करीब 5 महीने पहले अशोक गर्ग दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के एमडी के पद पर लगाए गए थे। इस दौरान वह हिसार के मंडल कमिश्नर का कामकाज भी देख रहे थे। अशोक गर्ग करीब 32 सालों की नौकरी के बाद 30 नवंबर को रिटायर हो रहे हैं। अशोक गर्ग ने कहा कि बिजली विभाग छोड़ते हुए लग रहा है कि काफी काम करना रह गया। जब फाइलें आती थी, तो कई फाइलों को देखकर बड़ा बुरा लगता था कि क्यों इतनी मोटी फाइल बनी हुई है। इतने-इतने सालों से फाइल चली हुई है, लेकिन उसमें कुछ नहीं है। उन्होंने नसीहत दी कि, किसी की फाइल बनाएं तो ध्यान रखें कि वह केवल कागज नहीं है। वो कागज किसी को खुशी दे सकते हैं, या किसी को दुख भी देते हैं, परेशान करते हैं। तो हमें तब तक फाइल नहीं बनानी चाहिए, जब तक वास्तव में नीचे वाले कर्मचारी ने जान बूझकर कुछ गलत ना किया हो। गर्ग ने कहा कि, माफ करना मुझे तो ऐसा ही लगा है महकमें में। इसमें सीनियर ऑफिसर भी शिकार होते हैं। बहुत जल्दी फाइल बन जाती है। कारण मुझे नहीं पता क्या एनवायरमेंट है। मुझे लगता है कि बहुत अपने आप को सेफ करने के लिए अपने से नीचे वाले कर्मचारी को बिना कारण के उलझा देते हैं। मुझे काफी फाइलों में ऐसा नजर आया है। इसलिए कह रहा क्योंकि हम सबको मैसेज लेना चाहिए : गर्ग गर्ग ने अधिकारियों से मुखातिब होते हुए कहा कि आप लोग सोचते होंगे कि रिटायरमेंट पर क्यों बोल रहे हैं। ऐसा इसलिए बोल रहा हूं कि यह मैसेज हम सबको लेना चाहिए। मैं बड़ा खुशकिस्मत हूं कि मुझे आज तक कोई एक्सप्लेनेशन भी नहीं हुई, इतनी साल की नौकरी में। लेकिन यह खुशकिस्मती उन सबको मिलनी चाहिए, जिन्होंने कोई कसूर नहीं किया। मान लिया मैं रिटायर हो रहा हूं, उधर से मेरी चार फाइलें पेंडिंग पड़ी हैं, तो रिटायरमेंट की खुशी या संतुष्टि अधूरी रह जाती है। बोले- रिटायरमेंट लोगों की बहुत सी फाइलें पड़ी गर्ग ने कहा कि, आपके महकमे में तो रिटायरमेंट वाले बहुत से लोगों की बहुत सी फाइलें पड़ी है। सीनियर ऑफिसर रिटायरमेंट के ज्यादा नजदीक हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आपके विभाग में थोड़ी पॉजिटिविटी की जरूरत है। बहुत जल्दी उलझ कर खड़े हो जाते हैं। यदि कल्चर और माहौल ऐसा रहेगा तो उसमें सीनियर भी उलझेगा और जूनियर भी। जब बात खुद पर आती है तो आदमी यह सोचता है कि मेरा तो कोई कसूर नहीं था, मुझे तो वैसे ही उलझा दिया। उलझाने वाला सोचता है कि मेरे कागज पूरे हो गए। मगर जो उलझता है, वह परेशान रहता है। कहा- पॉजिटिव माइंड के साथ काम करें, स्टैंड लें गर्ग ने कहा कि इसलिए यह कहना चाहता हूं कि पॉजिटिव माइंड के साथ काम करें। यदि आप अपने से नीचे वाले के लिए आश्वस्त हैं कि इसने कुछ गलत नहीं किया तो फिर स्टैंड लेना चाहिए। क्योंकि इमीडिएट अफसर तो आप हैं, आपको पता है कि किसी ने गलत जान बूझकर किया है या नहीं। मीटिंग का सुनाया किस्सा गर्ग ने कई साल पुरानी अपनी एक मीटिंग का किस्सा सुनाते हुए कहा कि, मेरे बॉस ने किसी के बारे में कहा कि इसकी चिट्ठी बना देते हैं, चाहे इसने गलती ना भी करी हो। पांच साल तक चिट्ठी इसके पीछे फिरेगी, यह चिट्ठी के पीछे फिरेगा। मगर वह पांच साल तक परेशान भी रहेगा। बिजली महकमे के लोग ज्यादा डिफेंसिव होकर काम करते हैं गर्ग ने कहा कि इस चीज का हम सब ध्यान रखें। उससे काम करने का माहौल व हौसला बनता है। कर्मचारी-अधिकारी सोचेगा कि अगर अच्छी नीयत से काम कर रहा हूं तो मेरे ऊपर कोई बात नहीं आएगी। क्योंकि यहां फाइल बड़ी जल्दी बनती है। फाइल जल्दी बनती है, तो फिर बिजली महकमे के लोग बहुत ज्यादा डिफेंसिव और कंजरवेटिव होकर काम करते हैं। मैंने सीनियर ऑफिसर्स के सामने तो कई बार भावना व्यक्त भी की हैं। बेसिक प्रिंसिपल्स या रुल्स हैं, वो तो काम करने और काम को समूथ करने के लिए बने हैं। जब तक कि कोई काम बिल्कुल रुल्स के अगेंस्ट न हो, तब तक इंटरप्टेशन इस तरीके से होनी चाहिए कि काम बन जाए। बंद कमरे में तो कुछ लोगों को कहता रहता था। मगर मैंने सोचा सबको कह दूं। रिटायरमेंट पर बोले-जिंदगी फिल्म की तरह निकलती है गर्ग ने अपनी रिटायरमेंट पर कहा कि जिंदगी बहुत छोटी है, फिल्म की तरह निकलती है। स्कूल, कॉलेज के सब दिन याद हैं। टाइम बड़ी जल्दी बीतता है। जितना खुश होकर बिताएंगे, स्वास्थ्य उतना ही अच्छा रहता है। देश के लोगों से हम अपनी तुलना करें तो साफ फर्क नजर आएगा। कई बार कह देते हैं कि नौकरी में तनाव है, काम ज्यादा करना पड़ता है। बड़ी शिकायतें हम करते हैं। मगर मुझे लगता है कि नौकरी में जितना काम हम करते हैं, उससे ज्यादा नौकरी हमें देती है। नौकरी से फाइनेंशियल मजबूत हुए, लोगों से इज्जत मिली। नौकरी ऐसी रही कि शहर का सबसे अमीर और गरीब आदमी भी आता था। दोनों के बीच फर्क भी आपको समझ आता है। किसका काम जायज है, यह भी पता लगता है। ठेकेदार तो पैसा कमाने के लिए ठेकेदारी कर रहे गर्ग ने कहा कि बिजली विभाग सबसे महत्वपूर्ण विभाग है। बिजली के बिना अब तो जिंदगी संभव नहीं मानी जा सकती है। इसलिए बिजली महकमें से जुड़े काम खुशी से करें। खुशी पैसों से नहीं मिल सकती। हमें अपने से नीचे के कर्मचारियों का भी ख्याल रखना चाहिए। ठेकेदार तो पैसा कमाने के लिए ठेकेदारी कर रहा है। मगर उसके अधीन काम कर रहे कर्मचारियों के हितों की रक्षा अधिकारियों को करनी है। ऐसा करेंगे तो खुशी मिलेगी। नहीं तो बोरियत महसूस होने लगेगी। लोगों की मदद करते रहेंगे तो बोरियत नहीं होगी।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स
सांसद खेल महोत्सव में दिखाई प्रतिभा
नागझिरी| ग्राम के हायर सेकंडरी खेल मैदान पर शनिवार को सेक्टर स्तरीय सांसद खेल महोत्सव का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि जिला पंचायत उपाध्यक्ष बापूसिंह परिहार व भाजपा मंडल अध्यक्ष बिस्टान बंटी राठौर थे। विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा दिखाई। भाजपा नेता रामचंद्र कुमरावत, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रवीण कुशवाह, सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र सोलंकी, सरपंच शंकरसिंह देवड़े, उपसरपंच शांतिलाल कुशवाह, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष विजय कुशवाह, पेसा एक्ट ब्लाक समन्वयक कैलाश पटेल, प्राचार्य गौरीशंकर वर्मा, सचिव राजेश कुशवाह सहित अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
एडवांस कोचिंग इंस्टीट्यूट में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन
खरगोन। एडवांस कोचिंग इंस्टीट्यूट, खरगोन में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यार्थियों की रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। प्रदर्शनी का उद्घाटन गणमान्य अतिथियों हरिओम गुप्ता, बीकेजी इंटरनेशनल स्कूल तथा पैरामाउंट स्कूल कसरावद के अखिलेश पाटीदार द्वारा किया गया। अतिथियों ने विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए विज्ञान आधारित मॉडलों एवं जीवंत प्रयोगों का अवलोकन कर उनकी सराहना की।संस्था के संचालक जितेंद्र पाटीदार ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, शोध प्रवृत्ति और नवाचार की भावना को विकसित करना है।
संघ साहित्य के साथ कल से घर-घर पहुंचेंगे स्वयंसेवक
खरगोन | राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में पूरे देश में संघ कार्यकर्ताओं द्वारा गृह संपर्क अभियान का संकल्प लिया है। मालवा प्रांत में यह अभियान 1 से 15 दिसंबर तक चलेगा। खरगोन जिले के चार नगरों के 387 मोहल्लों और आठ खंडों के 741 गांवों में संघ की टोलियां घर-घर जाकर संपर्क करेगी। इस अभियान में कार्यकर्ता परिवारों तक संघ परिचय पत्रक, साहित्य, स्टीकर और भारत माता का चित्र पहुंचाएंगे। जनवरी में जिले के 72 मंडलों के 741 गांवों में हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इसके लिए हर स्तर पर मार्गदर्शन और आयोजन समितियां गठित की जा रही हैं। सम्मेलनों में संत, समाज प्रमुख और महिला वक्ता शामिल होगी। इस अभियान से संघ का उद्देश्य सभी जाति-पंथों, नगरों, ग्रामीण क्षेत्रों और वनवासियों तक संस्कार, संस्कृति और समरसता का संदेश हर घर तक पहुंचाने का है।
एमपी में ठंड फिर से असर दिखाने लगी है। बीती रात प्रदेश के 14 शहरों में रात का टेम्पेरेचर 10 डिग्री से नीचे रहा। छतरपुर के नौगांव में 6.1 डिग्री और प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 6.4 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। भोपाल में पिछले 2 दिन से कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चल रही है। इधर, कई शहरों में सुबह के समय कोहरा छा रहा है। शनिवार को भी भोपाल में शीतलहर चली। वहीं, दिन में पारा 25.5 डिग्री पर पहुंच गया। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले कुछ दिन तक ऐसा ही मौसम रहेगा। वहीं, दिसंबर के पहले सप्ताह से प्रदेश में फिर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू होगा, जो अगले दो महीने यानी, जनवरी तक चलता रहेगा। भोपाल में फिर लुढ़का पारा, राजगढ़-मंडला भी ठंडेशुक्रवार-शनिवार की रात की बात करें तो प्रदेश के कई शहरों में पारे में खासी गिरावट दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में तापमान 8.6 डिग्री पहुंच गया। इंदौर में 10.4 डिग्री, ग्वालियर में 10.5 डिग्री, उज्जैन में 14 डिग्री और जबलपुर में पारा 10.2 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं, नौगांव-पचमढ़ी के बाद कल्याणपुर में 7.1 डिग्री, उमरिया-अमरकंटक में 7.6 डिग्री, रीवा में 7.8 डिग्री, मलाजखंड में 8.7 डिग्री, राजगढ़-खजुराहो में 9 डिग्री, मंडला-छिंदवाड़ा में 9.4 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, बैतूल में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। उत्तर में वेस्टर्न डिस्टरबेंस, दिखेगा असरमौसम विभाग के अनुसार, देश के उत्तरी हिस्से में एक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) एक्टिव है। इससे उत्तरी राज्यों में बर्फबारी होगी और फिर अगले कुछ दिनों के बाद प्रदेश में ठंडी हवाएं आने लगेगी। इससे पारे में और भी गिरावट होगी। दूसरी ओर, इन दिनों प्रदेश के कई शहरों में कोहरा भी छा रहा है। भोपाल में रात में से ही धुंध का असर शुरू हो जाता है। वहीं, सुबह के समय विजिबिलिटी 1 से डेढ़ हजार मीटर तक रहती है। रविवार को भी कोहरा रहने का अनुमान है। नवंबर में 15 दिन कड़ाके की ठंड का असरप्रदेश में 6 नवंबर से ही कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो गया था। आम तौर पर नवंबर के दूसरे पखवाड़े से तेज ठंड पड़ती है, लेकिन इस बार पहाड़ी राज्य- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में समय से पहले बर्फबारी हो गई। इस वजह से बर्फीली हवाओं से एमपी भी कांप उठा। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, यहां रात का पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इंदौर में नवंबर की सर्दी का 25 साल का रिकॉर्ड टूट गया। 22 नवंबर तक तेज ठंड का असर रहा, लेकिन इसके बाद शीतलहर से राहत मिली। ऐसा हवा का दिशा बदलना रहा। इस वजह से उत्तर से ठंडी हवा एमपी में नहीं आई और शीतलहर से राहत मिल गई, लेकिन अब फिर से कड़ाके की ठंड और शीतलहर का दौर शुरू हो गया है। पिछले दो दिन से भोपाल में शीतलहर भी चल रही है। अगले 2 दिन तक ऐसा ही मौसम रहने का अनुमान है। दिसंबर के पहले सप्ताह से फिर से कड़ाके की ठंड का दौर शुरू हो जाएगा। सुबह कोहरा...इसलिए गाड़ी संभलकर चलाने की सलाहप्रदेश में ठंड का असर भले ही कम हुआ हो, लेकिन सुबह व रात में कोहरा दा रहा है। इसलिए एक्सपर्ट ने लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने हेल्थ और फसलों को लेकर एडवाइजरी भी जारी की है। एमपी में ठंड से अब तक दो की मौतकड़ाके की ठंड की वजह से पिछले दो दिन में दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। रीवा के अमहिया थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल चौराहा पर सड़क किनारे एक व्यक्ति की लाश पड़ी मिली थी। इससे पहले रायसेन में भी एक शख्स की मौत हो चुकी है। परिजनों का दावा है कि ठंड की वजह से ही मौत हुई, लेकिन प्रशासन ने ठंड से मौत होने की पुष्टि नहीं की है। जानिए, नवंबर में 5 बड़े शहरों का मौसम... भोपाल: इस बार टूट गया ओवरऑल रिकॉर्डनवंबर में भोपाल में रात का तापमान 9 से 12 डिग्री सेल्सियस पहुंच जाता है। पिछले 10 साल से ऐसा ही ट्रेंड रहा है। इस बार पहले सप्ताह से ही तेज ठंड का असर रहा। मौसम विभाग के अनुसार, भोपाल में नवंबर में रात का तापमान 6.1 डिग्री तक पहुंच चुका है। यह 30 नवंबर 1941 को दर्ज किया गया था, लेकिन इस साल 16 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री रहा। इस तरह नवंबर की सर्दी का ओवरऑल रिकॉर्ड बन गया है। यहां इस महीने बारिश होने का ट्रेंड भी है। 10 साल में तीन बार बारिश हो चुकी है। साल 1936 में महीने में साढ़े 5 इंच से ज्यादा पानी गिर चुका है। इंदौर: 5.6 डिग्री तक जा चुका न्यूनतम पाराइंदौर में नवंबर में ठंड का असर रहता है। खासकर दूसरे सप्ताह से पारा तेजी से गिरता है। इस वजह से रातें ठंडी हो जाती हैं और टेम्प्रेचर 10 से 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। 25 नवंबर 1938 को पारा 5.6 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। इंदौर में कभी-कभार बारिश भी हो जाती है। दिन में 31 से 33 डिग्री के बीच तापमान रहता है। ग्वालियर: 1927 में 3 इंच पानी गिरा थापिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में ग्वालियर में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। 54 साल पहले वर्ष 1970 में टेम्प्रेचर 3 डिग्री गया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 2 नवंबर 2001 को दिन का तापमान 37.3 डिग्री तक रहा, जबकि यह सामान्य तौर पर 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। ग्वालियर में इस महीने बारिश भी होती है। 1927 में पूरे महीने 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में 3 बार ऐसा ही मौसम रह चुका है। जबलपुर: 1946 में 6 इंच से ज्यादा बारिशजबलपुर में पिछले 10 साल में 2022 में न्यूनतम पारा 7.8 डिग्री सेल्सियस तक जा चुका है। ओवरऑल रिकॉर्ड 12 नवंबर 1989 को दर्ज किया गया था, तब टेम्प्रेचर 3.9 डिग्री तक पहुंच गया था। 1946 में पूरे महीने 6 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। 10 साल में दो बार बारिश हो चुकी है। दिन में 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान रहता है। उज्जैन: न्यूनतम तापमान 10-11 के बीचउज्जैन में 30 नवंबर 1974 को रात का तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 6 नवंबर 2008 को दिन का तापमान 36.5 डिग्री रहा था। पिछले 10 साल की बात करें तो न्यूनतम तापमान 10-11 डिग्री के बीच रहा है, जबकि दिन में यह 33 से 35 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर की एकलपीठ ने एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में पुलिस की जांच को पक्षपाती और अनुचित करार देते हुए पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी को जमानत दे दी है। जस्टिस सुदेश बंसल की कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने असली आरोपी को बचाने के लिए महज एक सादे कागज पर लिखे एफिडेविट के आधार पर दूसरे व्यक्ति को फंसा दिया। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने हनुमानगढ़ पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए काकासिंह की जमानत पर रिहा करने के साथ ही हनुमानगढ़ एसपी को निर्देश दिया है कि वे तत्कालीन और वर्तमान जांच अधिकारियों (I/O) की भूमिका की जांच करें और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करें। कांस्टेबल ने जिसे पहचाना, उसे पुलिस ने छोड़ा मामला हनुमानगढ़ जिले के संगरिया थाने में NDPS एक्ट की धाराओं में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 24 जून 2024 को नाकाबंदी के दौरान एक व्यक्ति मोटरसाइकिल छोड़कर भाग गया था। बाइक से 20 किलो डोडा-पोस्त बरामद हुआ था। मौके पर मौजूद कांस्टेबल दौलतराम और हरिराम ने भागने वाले तस्कर की पहचान 'जितेंद्र सिंह पुत्र मेजरसिंह' के रूप में बताई थी। आरोपी ने एफिडेविट दिया- मैं नहीं, काका सिंह था बीकानेर के खाजूवाला थानांतर्गत 20-केवाईडी निवासी याचिकाकर्ता काकासिंह के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी जितेंद्रसिंह को बचाने के लिए खेल रचा। जितेंद्र सिंह ने 2 जनवरी 2024 को पुलिस को एक बिना स्टाम्प वाला शपथ पत्र (Unstamped Affidavit) दिया। इसमें उसने लिखा कि भागने वाला व्यक्ति मैं नहीं, बल्कि काकासिंह था। जबकि, इससे पहले करीब 6 महीने तक पुलिस ने चार्जशीट में जितेंद्रसिंह के खिलाफ कार्रवाई पेंडिंग रखी। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस ने अपने ही विभाग के कांस्टेबल्स की गवाही को दरकिनार कर इस एफिडेविट को सच्चा मान लिया। जांच अधिकारी ने जितेंद्रसिंह को केस से बाहर (Exonerate) कर दिया गया और काकासिंह को आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने कहा- यह मिलीभगत है जस्टिस सुदेश बंसल ने मामले की सुनवाई के दौरान केस डायरी और तथ्यों को बारीकी से देखा। इसके बाद जांच अधिकारी एसआई लालबहादुर चंद और पूर्व आईओ एसआई जगदीश की भूमिका पर सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा– रिकॉर्ड से यह स्पष्ट है कि जितेंद्रसिंह को उसके बिना स्टाम्प वाले एफिडेविट के आधार पर छोड़ना और याचिकाकर्ता को फंसाना प्रथम दृष्टया दुर्भावनापूर्ण (Malafide) प्रतीत होता है। वर्तमान एफआईआर में जांच पक्षपाती और मिलीभगत वाली लगती है। इन आधारों पर मिली जमानत कोर्ट ने काकासिंह को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और 25-25 हजार की दो जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। एसपी करे छलावे की जांच व कार्यवाही कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया जांच जितेंद्रसिंह को बचाने और काकासिंह को फंसाने की दिशा में पक्षपाती, मिलीभगतपूर्ण और अनुचित लग रही है। इसके लिए, हनुमानगढ़ एसपी को निर्देश दिया है कि वे इस कैमोफ्लाज (Camouflage/छलावे) की जांच करें। यदि जांच अधिकारी SI लाल बहादुर चंद और SI जगदीश की इस मामले में भूमिका और अगर जांच में इनकी गलती या पद के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ चार्जशीट जारी कर विभागीय/दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसकी अनुपालना रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश करनी होगी।
9 जनवरी से शुरू होगा भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल:बीएलएफ कविता लेखन प्रतियोगिता की घोषणा
राजधानी में अगले साल होने वाले प्रतिष्ठित भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (BLF) के आठवें संस्करण में एक बार फिर छात्रों के लिए बहुप्रतीक्षित बीएलएफ–मंजुल पोएट्री राइटिंग कॉन्टेस्ट आयोजित किया जाएगा। युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने और उन्हें राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से होने वाली यह प्रतियोगिता हर साल बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को आकर्षित करती है। फेस्टिवल 9 से 11 जनवरी 2026 तक भारत भवन में आयोजित होगा। इस तीन दिवसीय साहित्यिक और सांस्कृतिक महाकुंभ में देशभर के करीब 100 प्रख्यात साहित्यकार, लेखक, प्रबंधन विशेषज्ञ, उद्यमी और वरिष्ठ सिविल सेवक शामिल होंगे। साथ ही पाठकों, लेखकों और छात्रों के लिए लगभग 50 सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रतियोगिता की मुख्य बातें श्रेणियां कविता अधिकतम 30 पंक्तियों और एक पेज की होनी चाहिए, जिसे PDF फॉर्मेट में अपलोड किया जाएगा। इसमें स्कूल/कॉलेज का नाम या कोई चित्र शामिल नहीं होना चाहिए। विजेताओं की घोषणा 6 जनवरी 2026 तक ईमेल और मोबाइल नंबर के जरिए की जाएगी। चयनित प्रतिभागियों को 11 जनवरी को दोपहर 1:30 बजे भारत भवन के मंच पर अपनी कविता प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।फेस्टिवल निदेशक राघव चंद्रा ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किए जाने के साथ ही मंच पर काव्य पाठ का अवसर भी मिलेगा, जिससे छात्रों की लेखन और प्रस्तुति—दोनों प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी। मंजुल पब्लिशिंग हाउस के प्रबंध निदेशक विकास राखेजा ने कहा कि छात्रों में पढ़ने की आदत और साहित्य के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए यह पहल अत्यंत अहम है।
पंजाब के तरनतारन उपचुनाव में जीत भले ही AAP की हुई हो, लेकिन सुर्खियों में अकाली दल है। इसकी वजह अकाली उम्मीदवार सुखविंदर कौर रंधावा का AAP को टक्कर देना है। इस चुनावी लड़ाई के बीच जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, वो अमृतपाल सिंह बाठ का है। बाठ पर आरोप है कि उसने कनाडा में बैठकर फोन कर वोटरों को धमकाया और अकालियों को फायदा पहुंचाया। अमृतपाल सिंह बाठ UAPA समेत हत्या, इरादतन हत्या समेत आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं के तहत नामजद है। आरोप है कि उसी ने सुखविंदर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर की चुनाव में मदद की और इसी के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। दोनों की एक ऑडियो भी वायरल हुई थी। बाठ 2019 से पहले भारत से कनाडा भाग गया था। उसके खिलाफ UAPA, हत्या, इरादतन हत्या, आर्म्स एक्ट की संगीन धाराओं समेत कुल 23 मामले दर्ज हैं। जानिए कौन है अमृतपाल सिंह बाठ... कंचनप्रीत का आरोप- बाठ को देश छोड़ने को मजबूर किया गया उधर, अकाली प्रत्याशी सुखविंदर रंधावा की बेटी कंचनप्रीत कौर आरोप लगाती हैं, ''विधायक हरमीत सिंह संधू ने बाठ को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया। पहले संधू अपनी गाड़ी में बाथ को घुमाया करते थे, लेकिन बाद में उसी के खिलाफ हो गए और उसे झूठे मामलों में फंसा दिया'' फोन कर वोटरों को धमकाने के आरोप 11 नवंबर को झब्बाल पुलिस ने बाठ के खिलाफ केस दर्ज किया था कि उसने एक मतदाता को वॉट्सऐप कॉल कर धमकी दी थी कि वह अकाली दल को वोट दे। मतदाता की पत्नी गुरमीत कौर के अनुसार कॉल में कहा गया... मैं अमृत बाठ बोल रहा हूं। आपको शिरोमणि अकाली दल को वोट करना ही है। अगर नहीं किया तो वोट डलवाने के और तरीके भी हमें मालूम हैं। कंचनप्रीत को इसी एफआईआर में शुक्रवार को नामजद किया गया। चुनाव अवधि में बाठ के खिलाफ कम से कम चार एफआईआर दर्ज हुईं। कंचनप्रीत पर बाठ की मदद लेने का आरोप वहीं, कंचनप्रीत कौर पर आरोप है कि वह गलत तरीके से नेपाल के जरिए विदेश से आई हैं और अमृतपाल सिंह बाठ की सहायता ले रही हैं। विवाद इतना बढ़ा कि कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखना पड़ा। आप प्रवक्ता और पूर्व कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने तो पत्रकारवार्ता भी की। AAP प्रवक्ता बोले- पंजाब को फिर गैंगस्टरों के हवाले नहीं करेंगे इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिरोमणि अकाली दल की तरफ से आम आदमी पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। जिसमें धर्मी फौजी की बेटी और महिला को प्रताड़ित करने के आरोप थे। इस पर आप के पूर्व मंत्री और प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल को पत्रकारवार्ता करनी पड़ी है। उनकी तरफ से कहा गया है कि उक्त परिवार के गैंगस्टर के साथ संबंध हैं और हम किसी भी हालत में पंजाब को गैंगस्टरों के हाथ नहीं सौंप सकते हैं।
हरियाणा के IAS अफसर ने उत्तर प्रदेश की IPS अधिकारी संग सात फेरे लिए हैं। 2022 बैच के IAS अभिनव सिवाच का परिवार हिसार के सेक्टर 16-17 में रहता है। मूलरूप से फतेहाबाद के गोरखपुर गांव के रहने वाले हैं। अभिनव की ऑल इंडिया 12वीं रैक हासिल की थी। अभिनव अभी कुरुक्षेत्र के पिहोवा में बतौर SDM तैनात हैं। वहीं IPS आशना चौधरी भी 2022 बैच की IPS अधिकारी हैं। आशना चौधरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में ASP के पद पर तैनात है। आशना ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 116 हासिल की थी। अभिनव और आशना एक ही बैच के हैं। दोनों की मुलाकात ट्रेनिंग के दौरान हुई और समय के साथ उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। मगर उनकी शादी अरेंज हो रही है। दोनों ने शादी की बात अपने माता-पिता से की। आशना उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा की रहने वाली हैं। 27 नवंबर को दोनों की शादी हुई। यहां जानिए IAS और IPS के बारे में... अगस्त में दोनों की सगाई हुई थीअभिनव सिवाच और आशना चौधरी की अगस्त 2025 में सगाई हुई थी। दोनों के माता-पिता सगाई के प्रोग्राम में शामिल हुए थे। अभिनव और आशना ने सगाई से जुड़े फोटो और वीडियो अपनी इंस्टाग्राम पर शेयर भी किए थे।दैनिक भास्कर एप से बातचीत में अभिनव के पिता सतबीर सिवाच ने कहा कि दोनों एक ही कैडर में थे और एक दूसरे को पसंद करते थे। अभिनव ने ही आशना के बारे में हमें बताया था। दोनों की शादी हो गई है और दोनों बहुत खुश हैं। हर माता-पिता की तरह हम भी चाहते हैं कि हमारे बच्चे खुश रहें। हरियाणा सरकार के 3 कैबिनेट मंत्री बधाई देने पहुंचेअभिनव सिवाच और आशना चौधरी की शादी के बाद आज 29 नवंबर को हिसार के ट्यूलिप रिसोर्ट में रात्रि भोज रखा गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी वर-वधू को आशीर्वाद देने पहुंचे। वहीं दिन में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह और शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा हिसार के सेक्टर 16-17 स्थित निवास स्थान पर अभिनव सिवाच और उनके पिता सतबीर सिवाच से मिले। राव नरबीर सिंह ने अभिनव और आशना से बातचीत भी की।
दिल्ली ब्लास्ट के आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन सईद ब्लास्ट के बाद खाड़ी देश में जाकर पाकिस्तानी हैंडलर से मिलने वाली थी। इसके लिए शाहीन नया पासपोर्ट बनवा रही थी। उसने दिल्ली ब्लास्ट से 7 दिन पहले पासपोर्ट वेरिफिकेशन कराया, लेकिन पुलिस पासपोर्ट से संबधित रिपोर्ट को जमा नहीं करा पाई, जिस कारण शाहीन को देश से निकलने का मौका नहीं मिला। सूत्रों के अनुसार, शाहीन के लॉकर से खाड़ी देशों की करेंसी मिलने के बाद उसकी पूर्व में की गई यात्राओं का पूरा डेटा नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) निकाल रही है। पता किया जा रहा है कि यात्राओं में उससे कौन मिला, किन होटलों में वह ठहरी, किस समय किस देश की यात्रा की? जांच एजेंसी के सूत्र बताते हैं कि डॉ. शाहीन सईद के पास 2 पासपोर्ट थे। उन पर उसने सालों तक खाड़ी देशों की यात्राएं कीं। इन देशों में बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, दुबई शामिल हैं। डॉ. शाहीन इन देशों में जाकर आतंकी नेटवर्क के लिए एनजीओ के जरिए फंड इकट्ठा कर रही थी। हालांकि, दिल्ली में ब्लास्ट के बाद किस खाड़ी देश में पाकिस्तानी हैंडलर से वह क्यों मिलने वाली थी, यह साफ नहीं हो सका है। एजेंसी की जांच में डॉ. शाहीन और संदिग्ध मिले 3 एनजीओ के बैंक खाते में कई संदिग्ध लेनदेन मिले। वह NIA की रिमांड पर है। लॉकर से मिले कैश और सोने की जांचजांच एजेंसी अब अलफलाह यूनिवर्सिटी में शाहीन के लॉकर से मिले 18.50 लाख कैश और सोने के बिस्किट सहित दूसरे गहनों की जांच में जुटी है। इतनी भारी मात्रा में कैश कब यहां लाया गया और इस फंड को कैसे एकत्रित किया गया, इसकी जांच NIA कर रही है। जांच एजेंसी के सूत्र बता रहे हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल लोकल सपोर्ट पाने के लिए किया जा रहा था। इसी फंड से फरीदाबाद की अलफलाह अस्पताल में आने वाले गरीब लोगों की आर्थिक तौर पर मदद कर उन्हें अपने नेटवर्क में शामिल किया जा रहा था। खाड़ी देशों में डॉ. शाहीन के संपर्क में आने वाले लोगों की सूची भी जांच एजेंसी तैयार कर रही है। शाहीन को लखनऊ और कानपुर लेकर जाएगी NIAलेडी आतंकी शाहीन को NIA जल्द ही लखनऊ और कानपुर लेकर जाएगी। शाहीन कानपुर की रहने वाली है। उसके पिता सैयद अहमद अंसारी लखनऊ में रहते हैं, जबकि उसका बड़ा भाई शोएब अंसारी और छोटा भाई डॉ. परवेज अंसारी (इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर) लखनऊ में रहते हैं। लखनऊ में उनके घर छापे मारे और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन चेक किए गए। परवेज अंसारी को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया। कानपुर में शाहीन वर्ष 2006 से 2013 तक जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में फार्माकोलॉजी की प्रवक्ता व विभागाध्यक्ष रही। यहीं रहते हुए एनजीओ के संपर्क में थी। इन्हीं एनजीओ के माध्यम से खाड़ी देशों से शाहीन फंड जुटा रही थी। जांच एजेंसियों को इसका पता अपनी जांच के दौरान चला। यहां शाहीन को ले जाकर फरीदाबाद की तरह निशानदेही कराई जाएगी। शाहीन यहां किस-किस से मिलती थी, उसके परिवार के किन लोगों से संपर्क थे, इसके बारे में जांच की जाएगी। इसके अलावा शाहीन के घर को फिर से तलाशा जाएगा। शाहीन JeM की भारत इंचार्जशाहीन को मैडम सर्जन कोडनेम दिया गया था। इस ऑपरेशन में जुड़े सभी साथी और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े आतंकी शाहीन को इसी नाम से बुलाते थे। सूत्रों के मुताबिक, शाहीन के जरिए JeM की इनकी स्लिम लड़कियों को भर्ती कर हमलों के लिए तैयार करने की योजना थी। शाहीन की डायरी से JeM के नेटवर्क का विवरण मिला। शाहीन को भारत में JeM की महिला विंग 'जमात-उल-मोमिनात' का इंचार्ज बनाया गया था। कोर्ट ने पुलिस रिमांड बढ़ाई शनिवार को मामले में सुनवाई के बाद दिल्ली की पटियाला कोर्ट ने दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार आरोपी मुजम्मिल, मुफ्ती इरफान, शाहीन सईद और आदिल की रिमांड 10 दिनों के लिए बढ़ा दी। ये सभी संदिग्ध NIA की रिमांड में रहेंगे। अब इस आतंकी मॉड्यूल की फंडिंग, प्लानिंग और विदेशी लिंक की जांच तेज की जाएगी। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें... दिल्ली धमाका-आतंकी शाहीन के फ्लैट से ₹18.50 लाख मिले:अल-फलाह यूनिवर्सिटी में सीक्रेट लॉकर में छिपाए थे; सोने के 2 बिस्किट, जेवर, विदेशी करेंसी भी बरामद दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) कर रही है। इसी कड़ी में आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन सईद के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फ्लैट से 18.50 लाख कैश सहित सोने के बिस्किट और गहने मिले है। अलमारी से अरब देशों की करेंसी भी मिली है। पूरी खबर पढ़ें...
हरियाणा की पहचान उसके खेल-खिलाड़ियों से होती है। बावजूद इसके प्रदेश के खेल विभाग के हाल बुरे हैं। पिछले 7 साल से नए खेल उपकरणों की खरीद नहीं हुई है। साल 2019 में आखिरी बार तब उपकरण खरीदे गए थे, जब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे। जब अनिल विज खेल मंत्री थे, तब 30 करोड़ रुपए के खेल उपकरणों की खरीद की गई थी। ऐसा नहीं है कि खेल विभाग के पास बजट की कमी है। सरकार ने बीते 3 साल में हरियाणा खेल बजट चार गुना बढ़कर 1962 करोड़ रुपए तक कर दिया है। इस बार के बजट 2025 में खेल विभाग का बजट 1962 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। असल में सारा मामला ईं-टेंडर और फाइलों में उलझा हुआ है। CM नायब सैनी 4 महीने पहले मंजूरी दे चुके हैं, लेकिन अब फाइल खेल मंत्री के पास अटकी है। पिछले दिनों जर्जर बॉस्केट पॉल गिरने से रोहतक ने नेशनल प्लेयर हार्दिक राठी और बहादुरगढ़ में अमन की मौत हुई। इसके बाद से खेल विभाग हरकत में है। सभी जर्जर व पुराने खेल ढांचे बदलने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि रोहतक में ही मंत्री महीपाल ढांडा ने जर्जर स्टेडियमों पर यह तक कह दिया कि कांग्रेस सरकार में बने राजीव गांधी खेल स्टेडियम सरकार के लिए नासूर बन गए हैं। यहां पढ़िए, कितना है बजट, क्यों अटकी है फाइल... इन 2 दर्दनाक हादसों से भी सबक नहीं... कैग रिपोर्ट- खेल विभाग ने 5 सालों में मात्र 3% बजट किया खर्चकैग की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 से 2022 तक खेल का 40% ही बजट इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा स्टेडियम और खेल नर्सरी के रखरखाव के लिए अलग से कोई योजना और बजट नहीं है। कैग की रिपोर्ट (मार्च 2025) के मुताबिक बीते 13 सालों में हरियाणा के 93% स्पोर्ट्स परिसर में कोई स्थायी कोच नियुक्त नहीं हुआ है। खेल विभाग ने रख रखाव पर बीते पांच सालों में मात्र 3% बजट ही खर्च किया है। खेल मंत्री की बैठक में भी उठा मुद्दारोहतक हादसे के बाद 28 नवंबर को पंचकूला में बुलाई गई खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की हाई लेवल मीटिंग में भी खेल उपकरणों का मुद्दा उठाया। जिलों से पहुंचे जिला खेल अधिकारियों ने खेल उपकरणों की खरीद को लेकर कहा। सभी ने एक स्वर में कहा कि जिलों में खेल उपकरण नहीं है हैं तो वह भी खराब स्थिति में हैं। इसलिए जल्दी खेल उपकरणों की खरीद की जाएगी।बता दें कि हाल ही में CM नायब सैनी ने 114 करोड़ रुपए स्टेडियम की मरम्मत में जारी करवाए गए हैं। गौरव गौतम की मीटिंग में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने यह कहा कि 3 महीने में ये काम पूरा हो जाएगा।
रोहतक में बास्केटबॉल खिलाड़ी हार्दिक की पोल गिरने से हुई मौत के बाद भी खेल विभाग की लापरवाही कम होती नजर नहीं आ रही। हादसे को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल स्थित खेल स्टेडियमों की हालत जस की तस बनी हुई है। स्थिति ये है कि एक स्टेडियम में तो सांप तक दिखाई दिया। राजीव गांधी खेल स्टेडियमों का जायजा लेने पर खस्ताहाल व्यवस्थाओं की तस्वीर साफ दिखती है। जिन स्टेडियमों का निर्माण खिलाड़ियों को आधुनिक और सुरक्षित सुविधाएं देने के उद्देश्य से किया गया था, वे आज जर्जर हालत में पड़े हैं। मैदानों में घास-फूस, उगी झाड़ियां और टूट-फूट आम बात बन चुकी है। ग्रामीण क्षेत्रों में बने अधिकतर स्टेडियमों में बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं। खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित मैदान और सुरक्षित वातावरण मिलना तो दूर, यहां की स्थिति किसी सुनसान पड़े मैदान जैसी हो चुकी है। बास्केटबॉल कोर्ट के पास दिखा सांप धौलेड़ा स्टेडियम में बास्केटबॉल कोर्ट के पास झाड़ियों में एक सांप दिखाई दिया, जो वहां अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकता है। दौड़ने के ट्रैक की स्थिति भी बेहद खराब मिली, जिससे ग्रामीण खिलाड़ियों के सपनों पर पानी फिरता नजर आता है। यहां पर बास्केटबॉल के पोलों की हालत भी खराब है। जिले में 7 राजीव गांधी खेल स्टेडियम महेंद्रगढ़ जिला में 7 राजीव गांधी खेल स्टेडियम और 2 जिला स्तरीय खेल मैदान हैं। इनमें चार स्टेडियम को ठीक करने के लिए बजट बनाकर भेजा हुआ है, मगर अभी तक बजट पास होकर नहीं आया है तथा खिलाड़ी इसका इंतजार कर रहे हैं। कई स्थानों पर न दौड़ने का ट्रैक साफ था और न ही मैदान की नियमित देखरेख होती दिखी। सुधारी जा रही स्टेडियमों की हालत इस बारे में जिला खेल अधिकारी नरेंद्र कुंडी की अनुपस्थिति में उनका कार्यभार देख रहे कोच रविंद्र ने बताया कि जिले में कुल 7 राजीव गांधी खेल स्टेडियम और 2 जिला स्तरीय खेल मैदान हैं। उन्होंने बताया कि पहले स्टाफ की काफी कमी थी, लेकिन अब नए स्टाफ की नियुक्ति की गई है। विभाग लगातार स्टेडियमों की हालत सुधारने में जुटा है। जिन स्टेडियमों की स्थिति ज्यादा खराब है, उनके लिए रिपेयरिंग का बजट जारी हो चुका है और जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
जोधपुर के चौहाबो प्रथम पुलिया के निकट कमला नेहरू नगर स्थित महेश पब्लिक स्कूल में आयोजित त्रिदिवसीय इंटर स्कूल टूर्नामेंट ‘ग्लोबल गोल्ड’ का समापन अनुशासन, समर्पण और खेल भावना के जोशपूर्ण माहौल में हुआ। विद्यार्थियों को मानसिक व शारीरिक रूप से सशक्त बनाने तथा खेलों के महत्व को समझाने के लिए आयोजित इस टूर्नामेंट में शहर के सभी प्रमुख स्कूलों के करीब 600 स्टूडेंट्स ने भाग लिया। फुटबॉल, चेस और टेबल टेनिस में दिखाया जज्बा टूर्नामेंट में फुटबॉल, चेस और टेबल टेनिस की प्रतियोगिताएं अंडर-14 व अंडर-17 बॉयज और गर्ल्स वर्ग में करवाई गईं। मैच महेश पब्लिक स्कूल के ग्रीन ग्राउंड और इंडोर एरिना में स्कूल के गेम्स टीचर्स की गाइडेंस में सम्पन्न हुए। समापन समारोह के दौरान विजेता टीमों और खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। वर्गवार प्रतियोगिताओं में ये रहे विजेता शतरंज प्रतियोगिता में अंडर-14 बालक वर्ग में यथार्थ अग्रवाल (मयूर चौपासनी स्कूल) ने प्रथम, भवयांश चौहान (आर्किड स्कूल) ने द्वितीय और आर्यवीर चौधरी (दिल्ली पब्लिक स्कूल, पाल रोड) ने तृतीय स्थान हासिल किया। अंडर-14 बालिका वर्ग में अरूजा द्विवेदी (आर्मी पब्लिक स्कूल) प्रथम, चार्वी कच्छवाह (डीपीएस पाल रोड) द्वितीय और मिशीता देवड़ा (अल्फिन शतरंज अकादमी) तृतीय रहीं। अंडर-17 शतरंज बालक वर्ग में समर्थ लोढ़ा (महावीर पब्लिक स्कूल) ने पहला, रणविजय सिंह राठौड़ (सेंट्रल एकेडमी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड) ने दूसरा और हर्षित जालोरा (सेंट्रल एकेडमी, चौपासनी हाउसिंग बोर्ड) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में जान्हवी कोठारी (सेंट पैट्रिक्स विद्या भवन) ने प्रथम, दीक्षया (आर्मी पब्लिक स्कूल) ने द्वितीय और किम पुरोहित (महेश पब्लिक स्कूल) ने तृतीय स्थान हासिल किया। टेबल टेनिस में अंडर-14 बालक वर्ग का खिताब यश थानवी (एलबीएन स्कूल) ने जीता, जबकि सिद्धार्थ गिदवानी (एलबीएन स्कूल) दूसरे और गर्विश (मयूर चौपासनी स्कूल) तीसरे स्थान पर रहे। अंडर-14 बालिका वर्ग में दीक्षिता (बी.एस. खालसा) प्रथम, अदिती भाटी (ब्रिगेडियर जबर सिंह स्कूल) द्वितीय और द्विशी (डीपीएस पाल रोड) तृतीय रहीं। अंडर-17 टेबल टेनिस बालक वर्ग में यशेश थानवी (एलबीएन) ने पहला, दिव्यांश राजपुरोहित (महेश पब्लिक स्कूल) ने दूसरा और भूवकश जाट मेहणा (रेलवे स्टेडियम टीम) ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में वर्शा (बी.एस. खालसा) प्रथम, हिमांशी चौधरी (रेलवे स्टेडियम टीम) द्वितीय और साक्षी खत्री (महेश पब्लिक स्कूल) तृतीय स्थान पर रहीं। फुटबॉल में अंडर-14 वर्ग में युरो इंटरनेशनल स्कूल प्रथम, सेंट्रल एकेडमी कैंट द्वितीय और एमपीएस कैंट तीसरे स्थान पर रहा, जबकि अंडर-17 फुटबॉल वर्ग में फुटबॉल एकेडमी प्रथम, मयूर चौपासनी द्वितीय और महेश पब्लिक स्कूल तृतीय रहा। प्रबंधन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया हौसला स्कूल के चेयरमैन कैलाश मोदी ने टूर्नामेंट की सफलता पर खुशी जताते हुए इसे शहर के स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए साझा मंच बताया, जहां उन्होंने अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रिंसिपल पुनीता बोहरा ने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत कर हौसला अफजाई की।
कनाडा के डेल्टा सिटी में लुधियाना के गुज्जरवाल की मनदीप कौर ग्रेवाल के देवर ने पहले उसकी कार का एक्सीडेंट करवाया और फिर कार को आग लगा दी। कार को आग लगने से मनदीप कौर की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना 26 अक्टूबर की है। कनाडा पुलिस ने देवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, 22 अक्टूबर को भी मनदीप कौर की कार का एक्सीडेंट हुआ था। हालांकि उस एक्सीडेंट में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ और उसकी कार आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हो गई थी। परिवार को शक है कि 22 अक्टूबर को जो एक्सीडेंट हुआ था, वह भी साजिश के तहत ही किया गया था। हालांकि कनाडा पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। मनदीप के पिता कुछ दिन पहले उसकी अस्थियां लेकर कनाडा से लुधियाना आए। परिजनों ने दो दिन पहले ही उसकी अस्थियां पूरे धार्मिक रिवाज के साथ श्री कीरतपुर साहिब में जल प्रवाहित कर दीं। परिवार बेटी की मौत के बाद अभी सदमे में है। दैनिक भास्कर एप की टीम मनदीप के गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने ऑन कैमरा बात करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि हमें तो तब यकीन हुआ, जब पिता उसकी अस्थियां लाए। वहीं मनदीप की यह दूसरी शादी थी। पढ़िए पूरी ग्राउंड रिपोर्ट... मनदीप की हत्या पर गांव में कोई बात करने को राजी नहीं... जानिए मनदीप कौर पहली बार कब और कैसे पहुंची कनाडा... जानिए अनमोल सिंह से कैसे हुई मनदीप कौर की दूसरी शादी
पंजाब के लुधियाना में ट्रेन से कटकर जान गवांए एक अनजान व्यक्ति की पहचान 36 दिन बाद BSF जवान के रूप में हुई। यह जवान हरियाणा के हिसार जिले का रहने वाला SI सत्यवान था। दिवाली से एक दिन पहले वह जम्मू में कोर्स के लिए घर से रवाना हुआ था, लेकिन रास्ते में ट्रेन हादसे में उसकी जान चली गई। पहचान न होने के कारण पुलिस ने उसे लावारिस मानकर 72 घंटे बाद अंतिम संस्कार भी कर दिया। परिवार इधर हिसार में उसकी तलाश में जगह जगह ढूंढता रहा और आखिरकार लुधियाना पहुंचकर उसे जानकारी मिली। पूरी घटना सिलसिलेवार, पढ़िए.. गुजरात के भोजपुर में थे तैनातपुलिस ने परिवार को सत्यवान की अस्थियां दे दी हैं। बेटी सोनू चौधरी ने पुलिस को बताया कि उसका पिता गुजरात भोजपुर में तैनात थे। उनके पास दो और बैग भी थे, जिनका कहीं कुछ पता नहीं चला। वह जम्मू कोर्स के लिए जा रहे थे। SHO पलविंदर सिंह के मुताबिक, परिवार आज पुलिस से संतुष्ट होकर गया है। वहीं दूसरी तरफ हिसार के गांव जेवरा में SI सत्यवान को BSF के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके निधन की खबर से गांव में भी शोक है।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण की रहने वाली टीचर मनीषा की मौत मामले की पहेली 112 दिन बाद भी अनसुलझी है। वहीं 89 दिन से सीबीआई की टीम इस मामले में छानबीन कर रही है और चौथी बार टीम जांच करने भिवानी पहुंची। जिसके बाद मनीषा के घर, घटनास्थल व गांव जाकर जांच की, लेकिन अभी तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। जिसके चलते आज गांव में धरना दिया जाएगा। जिसमें किसान नेता भी शामिल होंगे। मनीषा के पिता संजय ने कहा कि दिल्ली से लौटने के बाद उन्होंने सीबीआई से बेटी के केस में जांच में क्या चल रहा है, उसके बारे में पूछने के लिए बुलाया था। इसके बाद सीबीआई की टीम घर पर आई थी। उस दौरान सीबीआई के अधिकारी यही कहकर गए थे कि जल्द ही खुलासा किया जाएगा। वहीं शुक्रवार को सीबीआई की टीम गांव सिंघानी गई हुई थी। इस दौरान भी सीबीआई के अधिकारियों से बातचीत हुई थी। इस दौरान सीबीआई ने कहा था कि जांच चल रही है। गांव में 30 नवंबर को धरना संजय ने कहा कि CBI की जांच तेजी से की जाए और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा CBI की जांच कहां तक पहुंची। यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए। इसी मांग को लेकर 30 नवंबर को गांव में एक दिवसीय संकेतिक धरना दिया जाएगा। इसमें किसान नेता सुरेश कौथ व हरियाणा बैरागी समाज के राज्य प्रधान शिवकुमार पंवार आदि नेता पहुंचेंगे। इसके साथ ही ही मनीषा का परिवार भी शामिल होगा। हरियाणा सरकार CBI को कहे कि वह जांच को तेज करके दोषियों को जल्द से जल्द सबके सामने लेकर आए। साथ ही अभी तक की जांच में क्या चल रहा है। वह भी बताया जाए। ताकि पता लग सके कि जांच सही चल रही है या नहीं। 11 अगस्त को लापता हुई, 13 अगस्त को शव मिला गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी संजय ने बताया था कि उसकी बेटी मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बार वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। वहीं 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी। CBI कर रही मामले की जांच विरोध बढ़ने के बाद सरकार ने इस मामले का CBI को सौंप दिया था। जिसके बाद 3 सितंबर को CBI की टीम भिवानी पहुंची। टीम जांच के लिए 3 बार भिवानी आ चुकी है और अपने स्तर पर जांच कर चुकी है। इसके बाद वह दिल्ली पहुंची। वहीं अब बीते मंगलवार को भिवानी आई और फिर से ग्राउंड पर जांच शुरू कर दी है। लेकिन CBI की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल जानकारी साझा नहीं की गई।
साउथ दिल्ली के तिगड़ी एक्सटेंशन में शनिवार शाम एक फुटवियर शॉप में भीषण आग लगने से भाई-बहन समेत 4 लोगों की मौत हो गई। जबकि 2 घायल हैं। मरने वालों में बिल्डिंग का मालिक सतेंदर और उसकी बहन अनीता भी शामिल है। घायलों में से एक का नाम ममता है, वह 25% जल गई है। बाकी की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस के मुताबिक शाम 6 बजे उनके पास एक PCR कॉल आया, जिसमें कहा गया कि टिगरी एक्सटेंशन में जूतों की दुकान में आग लगी है। आग ने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया है। इसके बाद आग बुझाने के लिए 4 फायर टेंडर भेजे गए थे। क्राइम और फोरेंसिक टीमों को जांच करने के लिए बुलाया गया। आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। पहले देखिए हादसे की तस्वीरें... बचने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगाई पुलिस ने बताया कि लोगों का कहना है कि ऊपर मंजिल पर रह रहे लोगों ने छत पर भागकर अपनी जान बचाई। आग जैसे ही ऊपरी मंजिल पर पहुंची तो ममता नाम की महिला ने खुद को बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लग दी। इस दौरान उन्हें चोटें आईं। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। आग में झुलसी महिला ने अस्पताल में दम तोड़ा डीसीपी अंकित चौहान ने बताया कि गली संकरी होने और आग वाले स्थान के अंदरूनी हिस्से में होने के कारण दमकलकर्मियों को पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कड़ी मशक्कत से आग बुझाने के बाद दमकल विभाग ने सर्च ऑपरेशन चलाया तो ग्राउंड फ्लोर पर अंदर से 3 जले हुए शव मिले। वहीं, आग में बुरी तरह से झुलसी अनीता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने चारों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
प्रधानमंत्री के रेडियो शो मन की बात के 128वां एपिसोड का आज टेलीकास्ट होगा। हर महीने के आखिरी रविवार को सुबह 11 बजे आकाशवाणी पर यह कार्यक्रम प्रसारित होता है। करीब 30 मिनट के एपिसोड में पीएम मोदी अलग-अलग मुद्दों पर अपनी राय रखते हैं और जनता से भी बात करते हैं। PM मोदी आज विमेंस वनडे वर्ल्ड कप और ब्लाइंड विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जितने वाली महिला खिलाड़ियों पर चर्चा कर सकते हैं। 26 अक्टूबर को प्रसारित 127 एपिसोड में पीएम मोदी ने GST बचत उत्सव, सरदार पटेल की 150वीं जयंती, रन फॉर यूनिटी जैसे विषयों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि इस बार त्योहारों के दौरान GST बचत उत्सव को लेकर लोगों में उत्साह नजर आया। 127वें एपिसोड में PM के संबोधन की बड़ी बातें... 22 भाषाओं में ब्रॉडकास्ट होता है मन की बात कार्यक्रम मन की बात को 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों के अलावा 11 विदेशी भाषाओं में भी ब्रॉडकास्ट किया जाता है। इनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं। मन की बात की ब्रॉडकास्टिंग आकाशवाणी के 500 से अधिक ब्रॉडकास्टिंग सेंटर से होती है। पहले एपिसोड की टाइम लिमिट 14 मिनट थी। जून 2015 में इसे बढ़ाकर 30 मिनट कर दिया गया था। 'मन की बात' के पिछले पांच एपिसोड की खबरें पढ़ें...
जीतो 1 करोड़ QUIZ:29 नवंबर, 2025 की QUIZ में 'ग्लेन मल्टीकुक केटल' जीतने वाले 50 विनर्स
दैनिक भास्कर एप के 29 नवंबर, 2025 के ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ में सभी सवालों के सही जवाब देकर “ग्लेन मल्टीकुक केटल” जीतने वाले 50 विनर्स की लिस्ट सामने आ गई है। अभी खेलें>> रोज खेलें ‘जीतो 1 करोड़ QUIZ’ और डेली प्राइज जीतने के साथ ही बंपर प्राइज जीतने का चांस भी बढ़ाएं। अभी खेलें>>
भगवान राम व शिव की निकाली बारात
सवाईमाधोपुर| केंद्रीय विद्यालय रोड स्थित श्री राम मंदिर परिसर में भगवान श्री राम और शिव का अभिषेक किया गया। इसके बाद भगवान श्री राम की बारात निकाली। बारात में शामिल महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर भगवान के भजनों पर नृत्य किया। मंदिर अध्यक्ष हरि सिंह नाथावत, महामंत्री लालचंद गौतम ने बताया कि भगवान श्रीराम-सीता और शिव-पार्वती का पंडित अशोक आचार्य ने वेद मंत्रों से विवाह संस्कार कराया। विधि विधान से पूजा अर्चना कर श्रीराम का पानी ग्रहण संस्कार कराया। इस मौके पर दिनेश सिंह राजावत, सीताराम मंगल, दिनेश गौतम, मुकेश गौतम, सीताराम चौधरी, रमेश अग्रवाल, शंभू पारीक, राम सिंह राजावत, शैतान सिंह, कन्हैया लाल पटवा, शिवकरण सेन, भगवान सहाय आदि मौजूद रहे।
बडोलास में सड़क खोद कर छोड़ी , गड्ढे
सवाईमाधोपुर| ग्राम बडोलास में सड़क बेहद खराब है। ठेकेदार ने रोड को खोद कर पटक दिया है, जिसमें सड़क में गड्ढ़े हो रहे हैं। इस गड्ढ़ों में फंस कर लोग चोटिल हो चुके हैं। स्कूली बच्चों, महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कलेक्टर को भी लिखित में दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। -हरकेश मीणा, बाडोलास
एक्सचेंज के पास के नाले की सफाई नहीं, बदबू से परेशानी
सवाईमाधोपुर| खंडार में विगत कई सालों से बालेर रोड स्थित टेलीफोन एक्सचेंज के पास के नाले की सफाई नहीं हुई है। कचरे से अटा होने के चलते गंदे पानी की निकासी नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने नाले पर अतिक्रमण कर नाले को बंद कर दिया है, जिससे नाले का पानी आगे नहीं जा रहा है और गंदा पानी एक ही स्थान पर जमा है। नाले में गंदगी जमा होने की वजह से बदबू से लोग परेशान हैं और मच्छर पैदा होने के कारण बीमारी बढ़ने का अंदेशा है। लोगों ने नाले की सफाई की मांग की है। -धर्मराज महावर, खंडार
महिला कांग्रेस ने संगठन की मजबूती को लेकर संकल्प लिया
कासं|सवाईमाधोपुर महिला कांग्रेस की जिला प्रभारी महिला मंजू चौहान के नेतृत्व में सवाई माधोपुर जिले के ब्लॉक सवाई माधोपुर शहर/ग्रामीण, चौथ का बरवाड़ा एवं खंडार में कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने एवं संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा के लेकर महिला कांग्रेस कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई। इस दौरान संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती, आगामी कार्यक्रमों की रणनीति, महिला कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी तथा जमीनी स्तर पर कांग्रेस विचारधारा के प्रसार पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही संगठन की मजबूती को लेकर संकल्प लिया। इस अवसर पर महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारा बाई मीना, महासचिव ऊषा झा, सज्जन देवी गंगवाल, उपाध्यक्ष सीता देवी सैनी, ब्लॉक अध्यक्ष खंडार सीमा बैरवा, ब्लॉक अध्यक्ष चौथ का बरवाड़ा कैलाशी बैरवा सहित कार्यकारिणी की महिलाएं उपस्थित रही।
जयपुर जाने वाली रोडवेज बंद, परेशानी
सवाईमाधोपुर| ग्राम पंचायत हिंदूपुरा के गांव डिडवाड़ी से जयपुर जाने वाली रोडवेज बस सेवा काफी समय से बंद है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोडवेज बस की सुविधा नहीं होने से लोग निजी बसों से आवागमन करते है। इस रूट पर पूर्व की तरह ही रोडवेज बस सेवा का संचालन किया जाए तो लोगों को यात्रा में राहत मिल सके। -राधामोहन यादव, हिंदूपुरा
एक दिसंबर से सरस दुग्ध प्लांट पर होगा पैकिंग कार्य शुरु
कासं| सवाईमाधोपुर सवाईमाधोपुर एवं करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड सवाईमाधोपुर द्वारा 1 दिसम्बर 2025 से सरस दूध की पैकिंग का कार्य शुरु किया जाएगा। सवाईमाधोपुर का सरस दुग्ध पेकिंग प्लांट काफी समय से बंद था। ऐसे में स्थानीय उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त डेयरी उत्पाद उपलब्ध नहीं हो रहे थे। अब जिले में डेयरी पर सरस दुग्ध पैकिंग होने से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण सरस उत्पाद समय पर मिलेंगे। सवाईमाधोपुर एवं करौली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड प्रबंध संचालक सुरेश कुमार सेन ने बताया कि राजस्थान में डेयरी प्रोडक्ट में नम्बर एक पर प्रसिद्ध “सरस” का सवाईमाधोपुर का दुग्ध पैकिंग प्लांट काफी समय से बंद है। ऐसे में दुग्ध उत्पादकों एवं उपभोक्ताओं को गुणवत्तायुक्त सरस डेयरी उत्पाद उपलब्ध नहीं हो रहे थे। उन्होंने बताया कि वर्तमान मे सवाईमाधोपुर, गंगापुर सिटी व हिण्डौन के सरस पैकिंग प्लांट बंद हैं, जिनको पुन: शुरु करने की कार्रवाई की जा रही है। सबसे पहले एक दिसम्बर 2025 से सवाईमाधोपुर दुग्ध प्लांट पर पैकिंग कार्य शुरु किया जा रहा है। इस प्लांट पर गोल्ड, टोंड, लाइट, डीटीएम पॉलीपैक दुग्ध के अलावा छाद, दही, पनीर की पैकिंग प्रारंभ की जा रही है। इसके बाद हिण्डौन प्लांट को शुरु करना प्रस्तावित है। सवाईमाधोपुर में सरस दुग्ध पैकिंग शुरु होने से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद समय पर मिलने लगेंगे। इसके अलावा शादी, समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों की एडवांस बुकिंग के आधार पर दुग्ध क्रय करने पर डिस्ट्रीब्यूटर दर पर सवाईमाधोपुर बाजार से दूध उपलब्ध कराना बंद किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फिल्म रोल का स्टॉक नहीं होने से कुछ समय तक टोण्ड 500 एमएल का दुग्ध टोण्ड 400 एमएल में पैक किया जाएगा।
वृन्दावन के संत विश्वात्मानंदजी महाराज का किया भव्य स्वागत
कासं|सवाईमाधोपुर श्री धाम वृन्दावन के गुरु कार्ष्णि आश्रम के संत विश्वात्मानंदजी महाराज का मथुरा से नर्मदा परिक्रमा के लिए के लिए जाते समय रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के नीचे उतरने पर सनातन प्रेमियों ने साफा एवं माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान महाराज ने बताया कि महाकाल बाबा के दर्शन कर नर्मदा परिक्रमा पैदल शुरू की जाएगी, जो लगभग चार माह में पूर्ण होगी। इस अवसर पर मोहन लाल कौशिक, गोपाल शर्मा, मूल सिंह राजावत, रजत भारद्वाज, नरपत सिंह, किरण, शीतल शर्मा आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए जिले के न्यायिक अधिकारियों की बैठक
कासं|सवाईमाधोपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) अध्यक्ष देवेन्द्र दीक्षित द्वारा आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए शनिवार को जिले के न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान विधिक अध्यक्ष ने न्यायिक अधिकारियों को लोक अदालत से सम्बन्धित आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिला विधिक अध्यक्ष ने बताया कि इस वर्ष की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन के माध्यम से दिनांक 21 दिसम्बर 2025 को किया जा रहा है, जिसमें प्री-लिटिगेशन प्रकरणों, मोटर दुर्घटना दावों से संबंधित क्लेम के विवाद, एनआई एक्ट धारा 138, धन वसूली के सभी प्रकार के विवाद एवं वसूली के लंबित प्रकरणों सहित गृहकर के विवाद, स्थानीय निकायों द्वारा वसूली से संबंधित सभी प्रकार के विवाद, सभी प्रकार के राजस्व विवाद तथा अन्य सभी प्रकार के सिविल विवाद, उपभोक्ता विवाद, जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवाद एवं अन्य राजीनामा योग्य विवादों का निस्तारण किया जाना है। उन्होंने बैठक में उपस्थित न्यायिक अधिकारियों को लंबित अधिकाधिक प्रकरणों में प्री-काउंसलिंग करने एवं न्यायालयों में लंबित अधिकाधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों को आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत 21 दिसम्बर 2025 में रैफर करवाकर उनका निस्तारण कराने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय राजेन्द्र शर्मा, विशिष्ट न्यायाधीश एससी/एसटी न्यायालय असीम कुलश्रेष्ठ, न्यायाधीश मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण सुन्दरलाल बंशीवाल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समीक्षा गौतम, अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश भावना भार्गव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष सिंह आढा, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गार्गी चौधरी, सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट राजवीर कौर, अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 किरण प्रजापत, अति. सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-02 अनिता रजवानियां उपस्थित रहे। साथ ही तालुका गंगापुर सिटी, बौंली, बामनवास, खण्डार पर स्थित न्यायालयों से न्यायिक अधिकारी वीसी के माध्यम से जुड़े।
माह के अंतिम दिन बंद रहेगा वस्त्र व्यापार
सवाईमाधोपुर| वस्त्र व्यापार समिति शहर सवाई माधोपुर की बैठक में माह नवंबर की अंतिम तिथि 30 तारीख को नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखने का निर्णय लिया है। समिति प्रवक्ता विष्णु अग्रवाल ने समिति की ओर से सभी व्यापारियों से अपील की है कि वे निर्धारित नियमों एवं निर्देशों की पूर्ण पालना करें और सहयोग प्रदान करें।
उमेश गुप्ता बौंली के डीएसपी, सवाई माधोपुर में पद खाली
सवाईमाधोपुर| पुलिस महकमें में फेरबदल का दौड़ जा रही है। शनिवार देर शाम डीवाईएसपी स्तर पर आरपीएस अफसरों के बड़े पैमाने पर राज्य सरकार ने तबादले किए। यहां करीब 13 माह के कार्यकाल के बाद बौंली के डीएसपी प्रेम बहादुर का अजीतगढ़ सीकर और इनकी जगह वहां से उमेश गुप्ता को नया डीएसपी लगाया है। वहीं सवाईमाधोपुर ट्रैफिक डीवाईएसपी पिंटू कुमार का रामगढ़ अलवर स्थानांतरण हुआ है। इनकी जगह अन्य अफसर नहीं लगाने से पद रिक्त हो गया है। बहरहाल, बौंली–अजीतगढ़ के अधिकारियों की अदला-बदली हुई है और सवाईमाधोपुर ट्रैफिक डीवाईएसपी का तबादला विभागीय सामान्य प्रक्रिया के तहत हुआ है। मसलन,बौंली–अजीतगढ़ के अधिकारियों की अदला-बदली चर्चा का विषय है। उमेश गुप्ता बौंली के नए वृताधिकारी होंगे, हालांकि इस क्षेत्र में बजरी व्यवसाय में निकासी व रोकने को लेकर खाकी हमेशा सवालों के घेरे में रहती है। बजरी माफियाओं से मिली भगत को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आईपीएस प्रेम बहादुर डीग जिला भरतपुर से 11 अक्टूबर 2024 को यहां लगाए थे, करीब तेरह माह का कार्यकाल रहा है। यह स्थानांतरण रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। सवाई माधोपुर यातायात का पद रिक्त रहने से अभी दूसरी लिस्ट आने की भी संभावना है।

