अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के बांसवाड़ा सर्कल में विद्युत अधिनियम की धारा 126 के तहत मंगलवार को समाधान बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बिजली चोरी और सतर्कता जांच से जुड़े दर्जनों मामलों की सुनवाई कर उनका मौके पर ही निस्तारण किया गया। दिनभर चली इस प्रक्रिया में कुल 124 प्रकरण निपटाए गए, जिनसे करीब 49 लाख रुपये की राजस्व वसूली हुई। बैठक में एवीवीएनएल (OM) के अधीक्षण अभियंता भगवानदास, चित्तौड़गढ़ के अधीक्षण अभियंता ओ.पी. वर्मा, जनरेशन की वरिष्ठ लेखाधिकारी सीमा सक्सेना और 220 केवी जीएसएस के अधिशासी अभियंता दयमा मौजूद रहे। अधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतों और विभाग द्वारा जारी किए गए वीसीआर के मामलों की एक-एक कर समीक्षा की। विभागीय जानकारी के अनुसार धारा 126 के तहत सबसे ज्यादा 96 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिनसे विभाग को 40 लाख रुपये प्राप्त हुए। इसी तरह ऑडिट से जुड़े 21 मामलों में सुनवाई कर 5 लाख रुपये और बिजली चोरी (धारा 135) के 7 मामलों का निपटारा कर 4 लाख रुपये की वसूली की गई। अधिकारियों ने बताया कि इस समाधान शिविर का मुख्य उद्देश्य लंबित प्रकरणों को कम करना और उपभोक्ताओं को राहत प्रदान करना था।
बैतूल जिले के शाहपुर में एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन मंगलवार की रात तक चला, जिससे इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ग्राम सुहागपुर ढाना निवासी 22 वर्षीय देवेश वर्मा उर्फ गौतम 13 मार्च को जामपानी गांव में एक शादी समारोह में शामिल हुआ था। यहां पुराने पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद और मारपीट हो गई थी।विवाद के बाद देवेश घर लौटा और खुद पर डीजल डालकर आग लगा ली। इस घटना में वह 80-90 प्रतिशत तक झुलस गया था। गंभीर हालत में उसे भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। देवेश मंडीदीप की एक निजी कंपनी में कार्यरत था और होली की छुट्टी पर गांव आया था। शव रखकर डेढ़ घंटे तक प्रदर्शनमंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाया गया। परिजन शाहपुर पहुंचे और सड़क पर शव रखकर करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने घटना में शामिल चार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। सूचना मिलने पर एसडीएम प्रांजल आर, तहसीलदार और थाना प्रभारी अरविंद कुमरे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने समझाइश देकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।थाना प्रभारी के अनुसार भोपाल से मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
वाराणसी परिक्षेत्र से विंध्याचल धाम जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बस सेवाओं में बड़ा विस्तार किया है। सरकार ने सामान्य दिनों की अपेक्षा वाराणसी परिक्षेत्र से पूजा स्पेशल की तीन गुना बसों को बढ़ा दिया है। वाराणसी परिक्षेत्र से नवरात्र में 86 बसे चलेंगी। 86 बसों का होगा संचालन क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय के अनुसार, नवरात्रि मेले के दौरान यात्रियों की संख्या में कई गुना बढ़ोतरी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए बसों की संख्या तीन गुना तक बढ़ाई गई है। उन्होंने बताया कि बसों का संचालन यात्रियों की मांग और उपलब्धता के अनुसार किया जाएगा, ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो। सामान्य दिनों में जहां इस रूट पर करीब 21 बसें चलती हैं, वहीं नवरात्रि 18 मार्च से 27 मार्च तक के अवसर पर इसे बढ़ाकर कुल 86 बसें कर दिया गया है। इनमें 65 अतिरिक्त “पूजा स्पेशल” बसें शामिल हैं, जो परिक्षेत्र के अलग-अलग डिपो से संचालित की जाएगी हैं।यात्रियों की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क नंबर 8726005897 भी जारी किया गया है। अब जानिए कहां से चलती है कितनी बस वाराणसी परिक्षेत्र के आठों डिपो से बसों का संचालन होगा। जौनपुर डिपो से सबसे अधिक 20 अतिरिक्त बसों का संचालन होगा। कैंट और काशी डिपो से 10-10 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी,जबकि चंदौली, सोनभद्र और विंध्यनगर जैसे क्षेत्रों से भी अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं, जिससे आसपास के जिलों से आने वाले भक्तों को सीधी और सुगम सुविधा मिल सके। डिपो रूट व बसों का संचालन 1-कैंट-वाराणसी – विंध्याचल 0-10 2-काशी-वाराणसी – विंध्याचल 0-10 3-चंदौली-वाराणसी – विंध्याचल 2-8 4-ग्रामीण-वाराणसी – विंध्याचल 12-0 5-जौनपुर-जौनपुर – विंध्याचल 2-20 6-गाजीपुर-गाजीपुर – विंध्याचल 0-2 7-सोनभद्र-सोनभद्र – विंध्याचल 2-10 8-विंध्यनगर-विंध्याचलविंध्यनगर – विंध्याचल3-5
भिवानी जिले के तोशाम में एसडीएम प्रदीप अहलावत ने कहा है कि हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) आत्मनिर्भर भारत अभियान के अंतर्गत महिलाओं के लिए रोजगार का एक अनूठा माध्यम बन रहे हैं। उन्होंने इन समूहों की पहल की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भर भारत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। SDM बोले- ये समूह पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे रहे इन महिला स्वयं सहायता समूहों की यह पहल स्वदेशी, स्थानीय उत्पादों और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं सामूहिक रूप से दैनिक जीवन में अधिकतम भारतीय उत्पादों के उपयोग का संकल्प ले रही हैं। वे विदेशी वस्तुओं के स्थान पर देसी उत्पादों को अपने घर, कार्यस्थल और समाज में प्राथमिकता देने का प्रण कर रही हैं। बोले- नई पीढ़ी को स्वदेशी का संदेश दे रहे इसके अलावा, ये समूह गांव के किसानों और कारीगरों का समर्थन कर स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने का भी संकल्प ले रहे हैं। वे युवाओं और बच्चों को स्वदेशी अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं, साथ ही नई पीढ़ी को स्वदेशी के महत्व का संदेश भी दे रहे हैं। SDM ने महिलाओ से किया आह्वान एसडीएम अहलावत ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे पारिवारिक और सामाजिक जीवन में भारतीय भाषाओं का अधिक प्रयोग करें। उन्होंने पर्यावरण के प्रति सजग रहते हुए स्वदेशी एवं प्रकृति-अनुकूल उत्पादों के उपयोग तथा देश के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने का भी संकल्प लेने का आग्रह किया।
मन्दसौर। घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी की शिकायत पर जिला प्रशासन ने मंगलवार शाम कार्रवाई करते हुए द्वारका इंडेन गैस एजेंसी को सील कर दिया। खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच के दौरान एजेंसी के कर्मचारी को दोगुनी कीमत पर गैस सिलेंडर बेचते हुए रंगे हाथों पकड़ा। जिला आपूर्ति अधिकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान कर्मचारी घनश्याम घरेलू गैस सिलेंडर की ब्लैक मार्केटिंग करते हुए पाया गया। जांच के दौरान टीम ने एजेंसी संचालक से आवश्यक दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। अनियमितताओं और दस्तावेजों की कमी को देखते हुए प्रशासन ने एजेंसी को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक सील कर दिया। अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई में एसडीएम शुभम पाटीदार, डिप्टी कलेक्टर रोहित राणावत, तहसीलदार अभिषेक चौरसिया, जिला आपूर्ति अधिकारी नारायणसिंह चन्द्रावत और कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी आराधना खडिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि गैस की पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए बिना बुकिंग या अधिक कीमत पर सिलेंडर न खरीदें। अवैध भंडारण या दुरुपयोग पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले में जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
मेरठ बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन और मेरठ जेम्स एंड ज्वेलरी फेडरेशन के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई के नेतृत्व में केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। यह मुलाकात संसद भवन सचिवालय स्थित उनके कार्यालय में हुई। प्रतिनिधिमंडल ने मेरठ ज्वेलरी पार्क के निर्माण संबंधी अपनी बात रखी। मंत्री पीयूष गोयल ने ज्वेलर्स की बातों को ध्यानपूर्वक सुना। उन्होंने बैठक में मौजूद अपने संयुक्त सचिव से मेरठ ज्वेलरी पार्क के संबंध में अब तक हुए कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। संयुक्त सचिव ने बताया कि मेरठ विकास प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए 40,000 वर्ग मीटर भूमि आरक्षित की है। इसके लिए वर्ष 2019-20 में एक सर्वेक्षण भी किया जा चुका है। इस दौरान मेरठ ज्वेलरी पार्क के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बैठक के बाद डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई ने ज्वेलर्स को आश्वस्त किया कि इस संबंध में शीघ्र ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में चेयरमैन प्रदीप कुमार अग्रवाल, सचिव विजय आनंद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष संदीप अग्रवाल, निदेशक ऋषभ महेश्वरी, विपिन अग्रवाल, मनोज वर्मा, अमित रस्तोगी और विपुल अग्रवाल शामिल थे।
महराजगंज में गैस एजेंसी पर मारपीट:बुकिंग को लेकर उपभोक्ता और कर्मचारियों में विवाद, 14 हिरासत में
महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र में जोगिया मोड़ स्थित एचपी गैस एजेंसी पर मंगलवार को उपभोक्ता और कर्मचारियों के बीच विवाद हो गया। गैस बुकिंग को लेकर शुरू हुई कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, विवाद इतना बढ़ गया कि एजेंसी कर्मचारियों ने बांस और बल्ली से एक उपभोक्ता की पिटाई कर दी। इसके बाद वहां मौजूद अन्य लोगों में भी आक्रोश फैल गया और दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट होने लगी। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। हालांकि, कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि थाने के अंदर भी मारपीट हुई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थाने के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक होने पर सच्चाई सामने आ सकती है। थाना प्रभारी कुंवर गौरव सिंह ने बताया- गैस बुकिंग को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था। जो मारपीट में बदल गया। गाली-गलौज, मारपीट और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 14 लोगों को हिरासत में लिया है। शांति भंग की आशंका में उनका चालान किया है। मामले की जांच जारी है। पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
स्पोर्ट्स अथोरिटी ऑफ इंडिया (साईं) की वेट लिफ्टिंग और कबड्डी की दो दिवसीय चयन प्रक्रिया आज पूरी हो गई। जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में साईं प्रशिक्षण केन्द्र में आयोजित हुई चयन प्रक्रिया में 320 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चयन प्रक्रिया के तहत इन दोनों खेलों के लिए आवासीय और गैर आवसीय योजना के तहत खिलाड़ियों चयन किया जाएगा। कबड्डी के लिए चयन प्रक्रिया का पहला चरण सोमवार को पूरा हुआ। जिसमें राजस्थान सहित अन्य राज्यों से करीब 200 खिलाड़ी शामिल हुए। साईं प्रशिक्षण केन्द्र, जयपुर के प्रभारी एवं वेट लिफ्टिंग के सीनियर कोच देवदत्त शर्मा ने बताया कि इस चयन प्रक्रिया के माध्यम से 14 से 18 साल के खिलाड़ियों का चयन साईं की आवासीय एवं गैर-आवासीय योजनाओं के अंतर्गत किया जाएगा। वेट लिफ्टिंग के लिए 120 खिलाड़ियों ने दिया ट्रायलसाईं के वेट लिफ्टिंग कोच कुलदीप सिंह शेखावत ने बताया कि मंगलवार को वेट लिफ्टिंग खेल के लिए चयन ट्रायल आयोजित किए गए। इस दौरान खिलाड़ियों के दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ उनकी शारीरिक क्षमता, गति, संतुलन और स्किल टेस्ट लिए गए। वेट लिफ्टिंग ट्रायल में 120 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। इनमें राजस्थान के अलावा मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, बिहार, पश्चिम बंगाल एवं हरियाणा से भी खिलाड़ी भी शामिल हुए। उन्होने बताया कि चयन प्रक्रिया की अंतिम मेरिट सूची लगभग एक माह बाद जारी की जाएगी। चयनित खिलाड़ियों को ईमेल एवं फोन के माध्यम से सूचित किया जाएगा।
गोरखपुर में मंगलवार को भाजपा नेता राजकुमार चौहान की हत्या कर दी गई। जिसके बाद परिवार वालों से मिलने कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल पहुंचे। दोनों नेताओं के पहुंचने पर वहां भीड़ ने घेर लिया। परिवार में अभी भी मातम का माहौल है। दोनों नेताओं के पहुंचते ही मृतक की पत्नी और उनकी बेटी भावुक हो गईं। दोनों ने अपने अपने स्तर से परिवार को ढाढ़स बांधा। कैबिनेट मंत्री ने सहायता का दिया आश्वासनमृतक के परिवार से कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने उन्हें हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि– मैं भी जानता हूं कि उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं। उनके पालन पोषण के लिए जो कुछ भी है आप लोग लिखकर दीजिए मैं मुख्यमंत्री जी से प्रयास करूंगा कि इनको जो भी आर्थिक सहयोग मिल सके हम लोग पूरा प्रयास करेंगे। मैं माननीय मुख्यमंत्री जी से उनके बच्चे की रोजगार के लिए भी बात करूंगा। राज्यसभा सदस्य बोले- अपने ही चिराग तले अंधेरा हैइसके अलावा राज्यसभा सांसद डा. राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि– राजकुमार चौहान जी भारतीय जनता पार्टी के बहुत पुराने और वरिष्ठ नेता थे। उनके साथ कैसा घटना होना काफी चिंताजनक है। ठीक गोरखनाथ मंदिर के पीछे उनकी निर्मम हत्या हो गई। दुर्दांत अपराधियों ने चाकू गोद-गोद कर मारा है। इसको हम लोग मॉब लिंचिंग कहें तो गलत नहीं होगा। स्वर्गीय राजकुमार चौहान की मोब लिंचिंग हुई है। सरकार हमारी भारतीय जनता पार्टी की है। हम लोग यही मानते हैं कि पहले की तुलना में लॉ एण्ड ऑर्डर बेहतर हुई है। इसका मतलब यह नहीं है कि चिराग तले अंधेरा हो जाएगा। एक बार आप प्रमाण पत्र लेते हैं, तो उसको आपको ही मेंटेन करना पड़ता है। पार्लियामेंट में नंगा कर दूंगा मैं तो दिल्ली से पार्लियामेंट छोड़ कर आया हूं। यह परिवार चाहता हैं कि अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले। कोई भी अपराधी हो, मैं तो नाम भी नहीं जानता हूं। मृतक की पत्नी ने स्वयं एफआईआर लिखाया है और नामदज किया है।प्रशासन से यही कहना है कि यथाशीघ्र इसमें अपराधियों की गिरफ्तारी कर आगे की न्यायिक कार्रवाई करें। अन्यथा मैं तो हूं ही राज्यसभा में इन सब लोगों को मैं नंगा कर दूंगा। यह पूरा प्रदेश जानता है कि मैं जब राज्यसभा में खड़ा होता हूं तो क्या होता है। जो बचने का प्रयास करेगा मेरे पास संवैधानिक रास्ता है। तीतर-बीतर कर दूंगा सबको कोई बचेगा नहीं। मैं संवैधानिक तरीके से लड़ता हूं इन लोगों को संवैधानिक तरीके से कार्रवाई कर लेनी चाहिए। घर का चिराग बुझ गयाबेचारा अकेला कमाने वाला आदमी था। घर में दो-दो जवान बेटियां हैं, आखिर उनके भविष्य के साथ क्या होगा। उनकी देखरेख कौन करेगा। सरकार और प्रशासन के नाक के नीचे इतना बड़ा कांड हो रहा है। प्रशासन को जिम्मेदारी लेनी पड़ेगी। सुनिश्चित करना पड़ेगा, उनको इतनी आर्थिक मदद दी जाए कि उनके परिवार चल सके। क्योंकि उनके परिवार में कोई नहीं है वह बहुत कुछ नहीं मांग रहे हैं। अब पढिए पूरा मामलागोरखपुर में मॉर्निंग वॉक पर निकले भाजपा नेता की हत्या कर दी गई। 4 बदमाशों ने घर से 500 मीटर दूर उन्हें घेर लिया। सिर, सीने और चेहरे पर 20 से 25 बार चाकू मारे। घायल होने के बाद भी भाजपा नेता करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर फिर हमला कर दिया। हमलावर कुछ देर तक वहीं रुके रहे और उनके मरने का इंतजार करते रहे। तसल्ली होने के बाद वहां से भाग गए। घटना चिलुआताल थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह साढ़े 5 बजे हुई। यहां से गोरखनाथ मंदिर की दूरी करीब 5 किमी है। भाजपा नेता राजकुमार चौहान (42) की मौत की सूचना पर पहुंचीं उनकी पत्नी सुशीला रोते-रोते बेहोश हो गईं। राजकुमार की बहन मोहनी ने कहा- जान के बदले जान चाहिए। परिवार कौन चलाएगा? भतीजी को सरकारी नौकरी मिलनी चाहिए। उधर, वारदात के बाद 500 से ज्यादा लोग जुट गए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर हंगामा किया। सूचना पर 10 थानों की फोर्स पहुंची और लोगों को लाठी फटकार कर हटाया। पुलिस ने बताया कि 7 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पत्नी की शिकायत पर 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि ओबीसी समुदाय से आने वाले राजकुमार 2027 में बस्ती से विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। वह भाजपा से टिकट मांग कर रहे थे। उन्हें राज्यसभा सांसद राधामोहन अग्रवाल का करीबी माना जाता था। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
रायसेन में बिजली कंपनी की रात में भी करवाई:55 बकाएदारों के कनेक्शन कटे, 20 लाख रुपए बकाया
रायसेन में मार्च क्लोजिंग से पहले बिजली कंपनी ने बकायादारों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। विभाग बकाया राशि वसूलने के साथ-साथ भुगतान न करने वाले उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट रहा है। यह कार्रवाई अब दिन के साथ रात में भी की जा रही है। मंगलवार रात शहर के वार्ड 4, गोपालपुर और वार्ड 14 राहुल नगर में लगभग 55 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। इन उपभोक्ताओं पर कुल करीब 20 लाख रुपये की बकाया राशि थी। इस कार्रवाई के दौरान सहायक प्रबंधक प्रांजल शर्मा अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद थे। उन्होंने जानकारी दी कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं किया था, उनके कनेक्शन काटे गए हैं। विभाग ऐसे उपभोक्ताओं पर लगातार निगरानी भी रख रहा है।बिजली विभाग ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें और विभाग का सहयोग करें, ताकि भविष्य में ऐसी कड़ी कार्रवाई से बचा जा सके। दो तस्वीरों में देखिए कार्रवाई…
सुलतानपुर में संपत्ति विवाद से जुड़े मारपीट और फायरिंग मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पूर्व मंत्री राणा अजीत सिंह के पुत्र सहित आठ अभियुक्तों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। यह घटना 14 और 15 मार्च को अखण्डनगर थाना क्षेत्र के ग्राम कल्यानपुर में हुई थी। चचेरे भाइयों के बीच चाचा की संपत्ति को लेकर विवाद के बाद मारपीट और फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर अखण्डनगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 घंटे के भीतर आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, अखण्डनगर पुलिस टीम ने 17 मार्च को तीन वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान हेमू गौतम उर्फ हेमचंद्र (पुत्र हरिलाल, निवासी भगासा मुस्तफाबाद, सरपतहा, जौनपुर), दुर्गेश दुबे उर्फ छोटू (पुत्र करुणा शंकर दुबे, निवासी अमावां कला, सरपतहां, जौनपुर) और प्रवेश सिंह (पुत्र गुलाब सिंह, निवासी शहाबुद्दीनपुर उसरौली, खुटहन, जौनपुर) के रूप में हुई है। इन तीनों को मुखबिर की सूचना पर ग्राम जमालपुर के पास स्थित पुलिया से पकड़ा गया। गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज सुलतानपुर न्यायालय में पेश किया गया है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक संतोष कुमार राय, संतोष पाल सिंह, अमित कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अनिल कुमार मौर्या और कांस्टेबल मनीष कुमार सिंह शामिल थे।
साढ़े आठ लाख के माल के साथ चोर गिरफ्तार:सुनार को बेचा था सोना; धार, बड़वानी और इंदौर में है केस दर्ज
विजयनगर थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए साढ़े आठ लाख रुपए के जेवर चोरी करने वाले शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को भी दबोचा है। टीआई चंद्रकांत पटेल के मुताबिक स्कीम नंबर 54 में रहने वाली रश्मी केसरी के घर 4 मार्च को चोरी की वारदात हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके बाद वारिश पुत्र गफ्फार खान निवासी धरमपुरी के रूप में आरोपी की पहचान हुई। पुलिस ने जानकारी निकाली तो पता चला कि धार,बडवानी और इंदौर में आरोपी पहले भी सक्रिय रह चुका है। चोरी करने के बाद आरोपी शहर से चले जाता है। ताकि उस पर शंका ना हो। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए जेवर ओमकार नाम के सुनार को बेचे थे। इसके बाद पुलिस ने सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का माल बरामद कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी वारिश के खिलाफ धार, बड़वानी और इंदौर में पहले से करीब 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी अय्याशी के लिए चोरी करता था और चोरी की रकम से एक बाइक भी खरीदी थी। अभी पुलिस और वारदातों को लेकर उससे पूछताछ कर रही है।
19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू होने जा रहे हैं। चैत्र नवरात्रि से सीकर के जीणमाता में नवरात्रि मेला शुरू होगा। 26 मार्च तक चलने वाले इस मेले में करीब 10 लाख से ज्यादा भक्तों के आने का अनुमान है। मेले के दौरान करीब 800 पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। मंदिर पुजारी भवानीशंकर के अनुसार 19 को सुबह 8:15 बजे घट स्थापना होने के साथ ही मेले की विधिवत शुरुआत होगी। 26 मार्च तक यह मेला चलेगा। 19 मार्च से लेकर 22 मार्च तक तो मंदिर में दर्शन का समय सुबह 4:30 से रात से रात 10 बजे तक का रहेगा। इसके बाद 23 मार्च से लेकर 27 मार्च तक जीणमाता लगातार भक्तों को दर्शन देगी। मेले के दौरान सूरत,कन्नौज,दिल्ली से श्रृंगार के लिए फूल आएंगे। मंदिर पुजारी भवानीशंकर ने बताया कि इस बार नवरात्र स्थापना पर जो योग बन रहा है वह नई शुरुआत और नए निवेश के लिए शुभ माना जाता है। जीणमाता थाना SHO राकेश कुमार मीणा के अनुसार 19 मार्च से लेकर 26 मार्च तक चलने वाले इस मेले में करीब 800 पुलिसकर्मी ड्यूटी करेंगे। मंदिर कमेटी और पुलिस की तरफ से करीब 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जिससे पूरे मेले के दौरान निगरानी की जाएगी। 12-12 घंटे की शिफ्ट में पुलिसकर्मी ड्यूटी करेंगे। मेला मजिस्ट्रेट कार्यालय पर कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। चेन स्नेचिंग,चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए स्पेशल टीम रहेगी। मानव तस्करी यूनिट भिक्षावृत्ति पर निगरानी रखेगी। मंदिर की तरफ आने वाले चारों रास्तों (रैवासा,दांता,कोछोर,हर्ष) पर निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था की गई है। जिस रास्ते से वाहन आएंगे उन्हीं रास्ते से वापस निकासी होगी। मेले के दौरान पशुबलि और मदिरा पर पूरी तरह से रोक रहेगी।
मेरठ के सदर बाजार स्थित बिल्वेशरनाथ मंदिर में कब्जे को लेकर चल रहे विवाद के बाद कोर्ट ने रिसीवर नियुक्त किया है। यह कदम आगामी श्री जगन्नाथ रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। बिल्वेशरनाथ मंदिर, जो मोहल्ला बिल्वश्ववरी में स्थित है, में मंदिर समितियों और पुजारी पक्ष के बीच भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर के कब्जे को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। पिछले वर्ष भी श्री जगन्नाथ रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों के दौरान दोनों पक्षों में विवाद हुआ था, जिससे शांति व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस विवाद के संबंध में, पूर्व में 6 सितंबर 2024 को धारा 145 सीआरपीसी के तहत सभी पक्षों के खिलाफ एक रिपोर्ट भेजी गई थी। अधिकारियों को आशंका है कि आगामी श्री जगन्नाथ जी रथ यात्रा और बलदेव छठ के आयोजनों में भी विवाद हो सकता है, जिससे शांति भंग होने की प्रबल संभावना है। अपर नगर मजिस्ट्रेट (सदर) दीपक माथुर ने थाना सदर बाजार के थानाध्यक्ष की 6 सितंबर 2024 और 6 मार्च 2026 की रिपोर्ट से संतुष्ट होकर यह आदेश दिया है। रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया था कि किसी भी पक्ष द्वारा मंदिर पर अपना कब्जा सिद्ध नहीं किया गया है और विवाद के कारण अप्रिय घटना घटित होकर शांति भंग हो सकती है। तहसीलदार मेरठ और थानाध्यक्ष सदर बाजार को मंदिर का कब्जा लेने और उसे कुर्क करने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्हें मंदिर की देखभाल और रखरखाव की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी जब तक न्यायालय द्वारा वास्तविक कब्जे का निर्धारण नहीं कर दिया जाता या सक्षम न्यायालय से कोई अन्य आदेश प्राप्त नहीं हो जाता। आदेश को वारंट के निष्पादन के तरीके से प्रमाणित कर 3 दिन में वापस लौटाने का निर्देश दिया गया है।
छतरपुर में रसोई गैस की किल्लत और वितरण व्यवस्था में अव्यवस्था का मामला मंगलवार को जनसुनवाई में उठा। अधिवक्ता रवि पांडे ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए गैस एजेंसी संचालकों और प्रशासन के बीच मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम जनता को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है और नियमों का पालन नहीं हो रहा है।रवि पांडे ने बताया कि नियमानुसार गैस एजेंसियों को उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाना चाहिए, जबकि डिलीवरी शुल्क पहले ही लिया जाता है। इसके बावजूद लोगों को गैस गोदामों पर घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उपभोक्ता खुद सिलेंडर लेने जा रहे हैं, तो एजेंसियां लाखों रुपये का डिलीवरी चार्ज क्यों वसूल रही हैं। आरोप है कि बुकिंग के बाद भी समय पर गैस नहीं मिल रही और प्रशासन केवल दावे कर रहा है। अधिवक्ता ने कहा कि कतारों में केवल आम लोग, महिलाएं और बुजुर्ग ही नजर आते हैं, जबकि प्रभावशाली लोग लाइन में नहीं लगते। इससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 122 आवेदनों पर हुई सुनवाईजिला पंचायत सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नम: शिवाय अरजरिया की अध्यक्षता में जनसुनवाई आयोजित हुई। इसमें कुल 122 आवेदनों पर सुनवाई की गई। जनसुनवाई में शिक्षा, राजस्व, पुलिस, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य, खाद्य, श्रम, सामाजिक न्याय सहित विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर सुनवाई हुई। अधिकारियों को शिकायतों के प्राथमिकता से निराकरण के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई के दौरान ग्राम सौरा निवासी जयराम विश्वकर्मा की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी पत्नी कृष्णा विश्वकर्मा को सोलेशियम फंड योजना के तहत न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा 25 हजार रुपए का चेक प्रदान किया गया।
लखनऊ पुस्तक मेले का पांचवां दिन युवाओं के नाम:अवधी संस्कृति और प्रतियोगी किताबों का दिखा बोलबाला
चारबाग स्थित रवीन्द्रालय में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले का पांचवां दिन युवाओं के जोश और अवधी संस्कृति के नाम रहा। बात चाहे बौद्धिक तर्क शक्ति की हो या विश्व इतिहास की, प्रतियोगिता के इस दौर में खुद को साबित करने के लिए छात्र-छात्राओं की भारी भीड़ किताबों के बीच अपना भविष्य तलाशती नजर आई। मेले में इस बार प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों का बोलबाला है। उपकार प्रकाशन के स्टाल पर सुबह से ही नेट-जेआरएफ, पुलिस भर्ती, बैंक और लेखपाल की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का जमावड़ा लगा रहा। वहीं, छोटी कक्षाओं के बच्चों के लिए नवोदय और सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा की सामग्री और प्रैक्टिस शीट्स आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इतिहास और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए नेशनल बुक ट्रस्ट और भारतीय कला प्रकाशन के पास प्रामाणिक जानकारी का खजाना मौजूद है। साहित्यिक मंच पर अवधी की गूंज साहित्यिक आयोजनों की शुरुआत अमेठी के अवधी साहित्य संस्थान की परिचर्चा से हुई। डॉ. रामबहादुर मिश्रा ने एक बड़ी उपलब्धि साझा करते हुए बताया कि अवधी को सहेजने के लिए लखनऊ के मोइनुद्दीन चिश्ती विवि और अवध के लोहिया विवि में अवधी की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। कार्यक्रम में विवेक नौटियाल ने परंपराओं को सहेजने पर जोर दिया, तो वहीं मीनू खरे ने सुंदर 'अवधी हाइकू' प्रस्तुत किए। पुस्तकों का विमोचन और काव्य पाठ मेले में अरविंद पाण्डेय की पुस्तक 'व्यक्ति-निर्माण से राष्ट्र-निर्माण' का विमोचन हुआ, जिसमें पूर्व सांसद प्रवीण निषाद और डॉ. पूजा ठाकुर सिकेरा ने विचार रखे। शाम को आयोजित काव्य गोष्ठी में लगभग 30 कवियों ने अपनी रचनाओं से समां बांध दिया। स्वाद में दिखा 'अवधी' तड़का किताबों के बीच लोग अवधी व्यंजनों का आनंद लेना भी नहीं भूले। 'व्यंजन उत्सव' में लोगों ने दाल के फरे, आलू-कचालू और धनिया वाले आलू का जमकर स्वाद लिया। नीलम और ज्योति किरन रतन ने न केवल लोगों को खिलाया, बल्कि इन पारंपरिक व्यंजनों को बनाने की विधियां भी सिखाईं।
मंडला जिले के घुघरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को खजरी और बनेहरी के बीच दो बाइकों की जबरदस्त भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत काफी नाजुक बनी हुई है। जानकारी के मुताबिक, दानीटोला के रहने वाले बुधराम सैय्याम और रामप्रसाद साहू एक बाइक पर सवार होकर घुघरी से अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे संदीप यादव की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गाड़ियां बुरी तरह टूट गईं और सड़क पर बिखर गईं। हेलमेट न होने से बढ़ी चोट प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के वक्त किसी भी बाइक सवार ने हेलमेट नहीं पहना था। सिर के बल गिरने की वजह से उन्हें चेहरे और सिर पर काफी गहरी चोटें आई हैं। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस की कार्रवाई हादसे की खबर मिलते ही घुघरी पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और शुरुआती जांच में एक्सीडेंट की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही को माना जा रहा है।
देवरिया में गौरीबाजार-हाटा मार्ग पर रामपुर के पास मंगलवार शाम एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार शिक्षामित्र की मौत हो गई। इस दुर्घटना में एक पूर्व प्रधान गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के पचोहिया निवासी पूर्व प्रधान इंद्रजीत प्रसाद (50) और शिक्षामित्र अमित प्रसाद (45) मंगलवार शाम स्कूटी से गौरीबाजार गए थे। वापस लौटते समय शाम करीब साढ़े छह बजे रामपुर के पास उनकी स्कूटी एक ढलाई मशीन की चपेट में आ गई। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर ग्रामीण और यूपी डायल पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए महर्षि मेडिकल कॉलेज देवरिया रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान शिक्षामित्र अमित प्रसाद की मौत हो गई। घायल पूर्व प्रधान इंद्रजीत प्रसाद को बेहतर उपचार के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। अमित प्रसाद रतनपुर में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थे। उनके परिवार में पत्नी सुमन, दो बेटियां आंचल (10), अन्नू (6) और एक पुत्र आलोक हैं।
जालौन जनसुनवाई में मासूम को मिली मदद:डीएम ने दिलाया मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना व RTE से लाभ
जालौन के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में मासूम रामनारायण अपनी मौसी के साथ डीएम राजेश कुमार पाण्डेय से अपनी आपबीती सुनाई। मासूम ने बताया कि उसकी मां का 2020 में निधन हो गया था। उसके पिता ने भी उसे छोड़ दिया है। वर्तमान में वह अपनी मौसी के साथ रह रहा है। उसने जिलाधिकारी से कहा कि वह पढ़-लिखकर पुलिस अधिकारी बनना चाहता है। उसकी बात सुनकर वहां मौजूद अधिकारी और अन्य लोग भावुक हो गए। भरण-पोषण और देखभाल की समुचित व्यवस्था मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम ने तुरंत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने प्रोबेशन अधिकारी को निर्देशित किया कि बालक को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड) के तहत लाभान्वित किया जाए, ताकि उसके भरण-पोषण और देखभाल की समुचित व्यवस्था हो सके। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया कि रामनारायण का प्रवेश शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत किसी स्कूल में कराया जाए। उसे किताबें, यूनिफॉर्म, जूते-मोजे और अन्य जरूरी शैक्षणिक सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन हर जरूरतमंद के साथ खड़ा है और बच्चों की शिक्षा व भविष्य को सुरक्षित करना प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बालक को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले। इस दौरान जनसुनवाई में आए अन्य फरियादियों की समस्याओं को भी सुना गया और अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
वाराणसी विशेष न्यायाधीश (एससी एसटी एक्ट) संध्या श्रीवास्तव की अदालत ने मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित करने के 22 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित करने में तीनों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ दे दिया। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर राय व अक्षय कुमार ने पक्ष रखा। अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी सुनील कुमार सोनकर ने कोर्ट में 156 (3) के तहत परिवाद प्रस्तुत किया था, जिसके बाद 22 मार्च 2004 को लंका थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया। वादी सुनील कुमार सोनकर की सुनील मेडिकल नाम की दुकान सोनकर कटरा, लंका में स्थित है। उनके बगल में ही बावनदास केसरी की दुकान है। आरोप के अनुसार, अभियुक्तों ने एक राय होकर गाली-गलौज की और शांति भंग करने का प्रयास किया। जब वादी ने बीच-बचाव कर शांतिपूर्ण ढंग से मामला सुलझाने की बात कही, तो अभियुक्तों ने उनके साथ मारपीट कर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर कथित रूप से अपमानित किया।
भिलाई सुंदर नगर में पत्नी की हत्या के मामले में सत्र न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चरित्र पर संदेह किसी की जान लेने का औचित्य नहीं है। सत्र न्यायाधीश के. विनोद कुजूर की अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि चरित्र पर संदेह किसी की जान लेने का औचित्य नहीं है। बचाव पक्ष ने इसे आरोपी का पहला अपराध बताते हुए नरमी बरतने का अनुरोध किया। हालांकि, अदालत ने सभी साक्ष्यों और परिस्थितियों का गहन विश्लेषण करने के बाद आरोपी को दोषी पाया और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। क्या है पूरा मामला कैसे हुई वारदात जांच में क्या मिला कोर्ट में क्या हुआ कोर्ट का फैसला
बिलासपुर के बहुचर्चित नसबंदी कांड मामले में करीब 11 साल 4 महीने बाद जिला कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे कोर्ट बिलासपुर के न्यायाधीश शैलेश कुमार ने सर्जन डॉ. आरके गुप्ता को दोषी यानी गैर इरादतन हत्या के मामले में 2 साल की सजा और 25 हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। इसके अलावा धारा 337 के तहत 6 महीन की सजा, 500 रुपए जुर्माना और एक अन्य धारा में 1 महीने की सजा भी सुनाई गई है। कोर्ट ने माना है कि, कम समय में अधिक ऑपरेशन करने और लापरवाही के कारण यह घटना हुई। बता दें कि, नसबंदी कांड के बाद यह मामला राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में रहा था। घटना के बाद राहुल गांधी भी बिलासपुर पहुंचे थे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की थी। 2014 में हुआ था नसबंदी कांड यह मामला नवंबर 2014 का है, जब सकरी क्षेत्र के नेमिचंद्र जैन अस्पताल समेत पेंडारी और पेंड्रा में सरकारी नसबंदी शिविर लगाए गए थे। इन शिविरों में बड़ी संख्या में महिलाओं की नसबंदी की गई थी। ऑपरेशन के बाद तबीयत बिगड़ने से 100 से अधिक महिलाओं को सिम्स, जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। इनमें से 15 महिलाओं की मौत हो गई थी, जिससे पूरे प्रदेश और देश में हड़कंप मच गया था। घटना को लेकर ऑपरेशन में लापरवाही और दवा में जहर (जिंक फास्फाइड) मिलने जैसे आरोप भी लगे थे। 5 आरोपी सबूत के अभाव में बरी इस मामले में दवा सप्लाई से जुड़े महावर फार्मा और कविता फार्मास्यूटिकल्स के संचालकों समेत 5 आरोपी रमेश महावर, सुमित महावर, राकेश खरे, राजेश खरे और मनीष खरे को कोर्ट ने सबूत के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। ……………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में लॉ स्टूडेंट से रेप, 2 बार प्रेग्नेंट हुई:दोस्ती के बाद अफेयर, शादी करूंगा कहकर रिलेशन बनाया, दवाई खिलाकर अबॉर्शन कराया छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक लॉ की स्टूडेंट से रेप हुआ है। आरोपी गौरव दुबे (21) ने अपने से उम्र में 1 साल बड़ी छात्रा से दोस्ती की। फिर शादी का वादा कर रिलेशन में आया। इस दौरान युवती प्रेग्नेंट हुई, तो युवक ने दवाई खिलाकर अबॉर्शन करा दिया। ऐसा उसने दो बार किया। पढ़ें पूरी खबर…
बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा ने स्वास्थ्य विभाग में सालों से अटकी शिकायतों पर कार्रवाई की है। मंगलवार को उन्होंने खुद शिकायत करने वालों से बात की और उनकी समस्याओं का हल निकाला। काम में लापरवाही बरतने पर कलेक्टर ने एक कर्मचारी को नौकरी से निकालने और बड़े अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश दिए हैं। लापरवाही पर कार्रवाई कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं को मिलने वाली 'प्रसूति सहायता' और 'जननी सुरक्षा योजना' के पैसों में देरी करने पर सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने डेटा एंट्री में लापरवाही करने वाली कर्मचारी राखी की सेवा समाप्त करने का प्रस्ताव भेजने को कहा। जिला अस्पताल के लखन बिसेन और दीपक तुरकर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। ठीक से निगरानी न करने के आरोप में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) विक्रम सिंह ठाकुर को भी नोटिस थमाया। 511 दिनों से अटकी थी शिकायत सुनवाई के दौरान चौंकाने वाले मामले सामने आए: ताराचंद दुधबुरे की शिकायत 511 दिनों से पेंडिंग थी। उनकी पत्नी का नसबंदी ऑपरेशन फेल होने के बाद भी उन्हें मुआवजा नहीं मिला था। संध्या पंचेश्वर की शिकायत 381 दिनों से लंबित थी। अस्पताल में बच्चे के जन्म के बाद भी उन्हें सरकारी योजना का पैसा नहीं मिला था क्योंकि उनकी आईडी पोर्टल पर अपडेट नहीं की गई थी। इसी तरह सिवनी और बालाघाट की अन्य महिलाओं की शिकायतें भी 300 से 360 दिनों से धूल फांक रही थीं। कुल 618 शिकायतों का मामला जांच में पता चला कि प्रसूति सहायता और जननी सुरक्षा योजना के पैसे न मिलने की कुल 618 शिकायतें आई थीं। कलेक्टर ने साफ कर दिया कि शासन की योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पात्र महिलाओं को उनका हक जल्द से जल्द दिलाया जाएगा।
राजगढ़। रामगंज मंडी-भोपाल रेलवे लाइन पर बड़ी प्रगति हुई है। राजगढ़ से खिलचीपुर तक 27.5 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक पूरी तरह तैयार हो गया है। बुधवार 18 मार्च को सुबह 10 बजे से ट्रॉली ट्रायल शुरू होगा, जबकि शाम 4 बजे राजगढ़ से ट्रेन चलकर खिलचीपुर पहुंचेगी। मध्य परिमंडल के रेल संरक्षा आयुक्त गुरू प्रकाश की टीम ट्रैक का निरीक्षण करेगी। सुबह ट्रेन जबलपुर से चलकर पहले खिलचीपुर पहुंचेगी और वहां से राजगढ़ तक धीमी गति से चलेगी। इसके बाद ट्रॉली से सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निरीक्षण किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान ट्रैक की गुणवत्ता, सिग्नल सिस्टम, पुल-पुलिया और सुरक्षा व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की जाएगी। जहां भी कमियां मिलेंगी, उन्हें सुधारने के निर्देश दिए जाएंगे। स्टेशन पर तैयारियां पूरी, सिग्नल टेस्ट भी हुआ राजगढ़ रेलवे स्टेशन पर पिछले 3-4 दिनों से साफ-सफाई और तैयारियां चल रही हैं। मंगलवार शाम सिग्नल सिस्टम चालू कर परीक्षण किया गया, ताकि ट्रायल के दौरान कोई तकनीकी समस्या न आए। ट्रॉली निरीक्षण के बाद शाम 4 बजे अधिकारी ट्रेन से राजगढ़ से खिलचीपुर के लिए रवाना होंगे। ट्रेन की गति 100 से 110 किमी प्रति घंटा रहने की संभावना है और यह करीब 25 मिनट में दूरी तय करेगी। ट्रैक तैयार होने से क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिलेगी। राजगढ़-खिलचीपुर के बीच यात्रा तेज और आसान होगी, वहीं परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार ट्रायल सफल होने के बाद इस लाइन पर नियमित ट्रेन संचालन शुरू किया जाएगा, जिससे यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन भी बेहतर और सुरक्षित होगा।
मैनपुरी के कोतवाली क्षेत्र स्थित विनय प्लाजा होटल में अवैध गतिविधियों को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा प्रकोष्ठ की टीम ने होटल में पहुंचकर विरोध जताया। जिसके बाद मामला बढ़ गया। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 12:30 बजे संगठन को सूचना मिली थी कि होटल में संदिग्ध गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसके बाद संगठन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि टीम के पहुंचने की भनक लगते ही होटल संचालक विनय मिश्रा और उनके पुत्र उज्ज्वल मिश्रा होटल के पीछे के गेट से युवक-युवतियों को बाहर निकालने लगे। जब उन्हें रोकने की कोशिश की गई, तो विवाद बढ़ गया। गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी संगठन के प्रदेश महामंत्री सोमेश तिवारी ने आरोप लगाया कि होटल मालिक और उनके बेटे ने उनके साथ हाथापाई की और गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान सोमेश तिवारी को हल्की चोटें भी आईं। घटना का वीडियो सामने आया है। संगठन के जिलाध्यक्ष गोलू राठौर ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर कहा है कि होटल के आसपास शिक्षण संस्थान और घनी आबादी है, ऐसे में इस तरह की गतिविधियां क्षेत्र के माहौल को खराब कर रही हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक फतेह बहादुर सिंह ने बताया- जांच करके मौके से उज्ज्वल मिश्रा को हिरासत में लेकर शांति भंग के आरोप में कार्रवाई की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है । वीडियो के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में बिरहेड़ा मोड़ स्थित स्टेडियम में मंगलवार को एक किसान मेले का आयोजन किया गया। यह मेला राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (न्यूट्री-सीरियल्स) वर्ष 2025-26 के तहत आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को मोटे अनाज की खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना था। कार्यक्रम में मार्केट कमेटी फर्रुखनगर के चेयरमैन दौलतराम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि उप निदेशक कृषि अनिल तंवर ने इसकी अध्यक्षता की। विषय विशेषज्ञ भागेंद्र यादव ने मंच संचालन करते हुए किसानों को कृषि विभाग की कई महत्वपूर्ण योजनाओं से अवगत कराया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज की खेती के लाभों पर विस्तार से चर्चा की। फसलों को रोगों से बचाने के सुझाए दिए कृषि विज्ञान केंद्र शिकोहपुर से आए विशेषज्ञ भरत सिंह ने किसानों को कीट प्रबंधन से जुड़ी अहम जानकारी दी और फसलों को रोगों से बचाने के प्रभावी उपाय सुझाए। खंड कृषि अधिकारी पवन यादव ने किसानों से विभाग से जुड़कर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। विभाग के कर्मचारी विकास यादव ने फसल बिक्री के लिए टोकन प्राप्त करने और सत्यापन प्रक्रिया के बारे में किसानों को जानकारी दी। ये लोग मौजूद रहे इस अवसर पर मार्केट कमेटी के वाइस चेयरमैन कंवरपाल चौहान, मंडल अध्यक्ष दिनेश यादव (ताजनगर), किसान क्लब के अध्यक्ष मानसिंह सहित रतनलाल, हिमांशु, विष्णु, राकेश, सुरेश, अजयपाल, प्रेमपाल, अशोक, अतुल और योगेश जैसे कई प्रगतिशील किसान और सैकड़ों अन्य किसान मौजूद रहे।
दमोह के नोहटा में दिखा गिद्धों का झुंड:लोगों ने वीडियो बनाया; जिले में लगातार बढ़ रही इनकी संख्या
दमोह वन मंडल के सागोनी रेंज में मंगलवार शाम गिद्धों का एक झुंड दिखाई दिया। नोहटा के पास 27 मिल के एक मैदान में बड़ी संख्या में गिद्ध बैठे हुए थे, जिसे देखकर स्थानीय लोगों ने उनका वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर शेयर किया। गिद्धों की प्रजाति धीरे-धीरे खत्म हो रही है, लेकिन दमोह जिले से अच्छी खबर आ रही है। डीएफओ ईश्वर जरांडे के मुताबिक, जिले में गिद्धों की तादाद लगातार बढ़ रही है। नोहटा के अलावा तेजगढ़, तारादेही और तेंदूखेड़ा के जंगलों में भी गिद्धों के कई झुंड और उनके घोंसले मिले हैं। पर्यावरण के लिए क्यों जरूरी हैं गिद्ध? गिद्धों को प्रकृति का सफाईकर्मी कहा जाता है। ये मरे हुए जानवरों को खाकर गंदगी साफ करते हैं, जिससे बीमारियां और प्रदूषण नहीं फैलता। पर्यावरण को सुरक्षित रखने में इनका बहुत बड़ा हाथ होता है। वन विभाग की निगरानी वन विभाग इन दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए खास इंतजाम कर रहा है। गिद्धों की गणना के दौरान भी अधिकारियों को इन इलाकों में उनकी सक्रियता के पुख्ता सबूत मिले थे। नोहटा में गिद्धों का दिखना इस बात का संकेत है कि यहां का वातावरण उनके रहने के लिए अनुकूल है।
रामपुर के चमरोआ ब्लॉक के कोयला गांव में मंगलवार को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आञ्जनेय कुमार सिंह ने जन चौपाल लगाई। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, जिससे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत सामने आ गई। शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुई चौपाल में महिलाओं, बुजुर्गों और किसानों ने बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से जुड़ी शिकायतें रखीं। कमिश्नर ने खुद ग्रामीणों से संवाद कर योजनाओं की स्थिति जानी और अधिकारियों से जवाब तलब किया। आंगनबाड़ी से जुड़ी सेवाओं, बच्चों के पोषण और शिक्षा पर संतोषजनक जानकारी न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की। चौपाल के दौरान उस समय स्थिति थोड़ी तनावपूर्ण हो गई, जब बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं मिले। इस पर कमिश्नर ने कड़ी आपत्ति जताई। बाद में एसडीओ के पहुंचने पर स्थिति सामान्य हुई, लेकिन बिजली व्यवस्था को लेकर उनकी नाराजगी साफ दिखी। कमिश्नर ने कहा, “कुछ तो गड़बड़ है, तभी इतनी शिकायतें सामने आ रही हैं।” उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवस्थाओं में स्थायी सुधार जरूरी है। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं की गोद भराई भी की और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। चौपाल के बाद मीडिया से बातचीत में कमिश्नर ने संकेत दिए कि योजनाओं की निगरानी के लिए जल्द नई रणनीति बनाई जाएगी, ताकि कमियों को तुरंत दूर किया जा सके। यह जन चौपाल शाम 5:30 बजे से 6:45 बजे तक चली। इस आयोजन ने एक बार फिर यह उजागर किया कि जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी भी कई खामियां हैं, जिन्हें दूर करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
मैनपुरी शहर में मंगलवार शाम 7:30 बजे को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज होम में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले 28 बच्चों को सम्मानित किया। इस अवसर पर बच्चों ने जिलाधिकारी को अपना बनाया हुआ स्केच भी भेंट किया। यह कार्यक्रम सिटी पब्लिक स्कूल, देवी रोड द्वारा आयोजित किया गया था। इस स्कूल के 28 छात्रों ने एक साथ सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सभी सफल बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने माता-पिता से आग्रह किया कि वे बच्चों को उनके चुने हुए क्षेत्र में पूरा सहयोग दें, चाहे वह सैनिक स्कूल में प्रवेश हो, डॉक्टर, इंजीनियर या शिक्षक बनना हो। जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में बच्चे अच्छा स्थान प्राप्त करें, यही एक शिक्षक की इच्छा होती है। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल प्रबंधक पीयूष शुक्ला ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और बच्चों के अभिभावकों को भी सम्मानित किया। इस दौरान अभिभावकों ने विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के प्रयासों की जमकर सराहना की।
हरियाणा के पंचकूला में खैर की लकड़ी अवैध तौर पर काटकर चोरी करने वालों को क्राइम ब्रांच टीम लगातार गिरफ्तारियों करने में जुटी हुई है। टीम ने मंगलवार को एक ट्रांसपोर्टर को भी गिरफ्तार किया है। जो चोरी की लकड़ी ढुलाई के लिए गाड़ियां उपलब्ध करवाता था। पंचकूला क्राइम ब्रांच-26 इंचार्ज दलीप के अनुसार मंगलवार को कोट बिल्ला निवासी अली मोहम्मद को गिरफ्तार किया है। जो आरोपियों को खैर लकड़ी ढुलाई के लिए पिकअप गाड़ी देता था। अभी पिकअप गाड़ी को बरामद नहीं किया गया है। आरोपी को क्राइम ब्रांच टीम बुधवार को कोर्ट में पेश करेगी और गाड़ी बरामद करने के लिए रिमांड की मांग करेगी। वहीं ऊंट मालिकों की तलाश में भी क्राइम ब्रांच टीम जुटी हुई है। रिमांड के दौरान खुलासे कर रहा वन दरोगा क्राइम ब्रांच की टीम के सामने रिमांड के दौरान वन दरोगा रघुविंद्र सिंह खुलासे कर रहा है। वन दरोगा ने जब मामला दर्ज करवाया था, तब भी खैर तस्करों की ऑडियो लीक हुई थी। जिसमें उसके द्वारा पैसे लेने की बात कही गई थी। वन दरोगा के खुलासे पर ही बुधवार को क्राइम ब्रांच टीम ने पंजाब और दूसरे जगहों पर भी छापेमारी की है। तीन दिन के रिमांड पर आरोपीक्राइम ब्रांच ने ठेकेदार अश्विनी और राकेश कुमार के साथ-साथ वन दरोगा रघुविंद्र को भी रिमांड पर लिया है। मामले में अब तक 11 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। जिसके 7 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे जा चुके हैं। वहीं ट्रांसपोर्टर अली मोहम्मद कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।
सीतापुर में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या करने के बाद खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से दोनों के तीन-तीन बच्चे अनाथ हो गए हैं। मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि प्रेमी और प्रेमिका के बीच पिछले चार साल से प्रेम-प्रसंग था। बताया जा रहा है कि शक के चलते प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या की और फिर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर महोली कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने परिजनों को शव को छूने या तस्वीरें लेने से रोक दिया। देखिए घटना से जुड़ी तस्वीरें… विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… घटना महोली कोतवाली क्षेत्र के देवकली गांव की है। रीमा (45) और भारत (35) के बीच पिछले 4 सालों से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। अचानक कुछ दिन पहले रीमा के व्यवहार में बदलाव देखने पर भारत नाराज रहने लगा था। भारत को शक था कि रीमा किसी और व्यक्ति के संपर्क में है। इसी शक के चलते उसने रीमा की बेरहमी से पिटाई की। यह घटना बालकराम के घर से करीब 100 मीटर पीछे खेतों की ओर हुई, जहां ढोलक बज रही थी और मंगल गीत गाए जा रहे थे। रीमा की चीखें ढोलक की थाप में दब गईं। मंगलवार सुबह जब रीमा का शव मिला, तो घर में बज रहे मंगल गीत मातम में बदल गए। रीमा की बेरहमी से पिटाई करने के बाद भारत घर के अंदर दूसरे कमरे में जाकर लेट गया। बाद में उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। भारत के बड़े बेटे अनकेक ने बताया कि वह रात को दुकान के आगे सो रहा था और उसके अनुसार, रात को घर पहलवान आए थे। उन्होंने पापा को पूछा, जिस पर अनकेक ने बताया कि वह अंदर हैं। इसके बाद सभी लोग घर में घुस गए। इसके बाद वह फिर से सो गया। सुबह जब वह उठा तो उसके पिता का शव कमरे में लटका हुआ था। उसके बाद सब लोग रोने लगे और पुलिस आ गई थी। एक दिन पहले गायब हुई रीमा रीमा के भाई शैलेंद्र ने पुलिस को बताया कि सोमवार शाम रीमा मछली बनाने की तैयारी कर रही थी। शाम करीब 7 बजे वह गांव के बाहर शौच के बहाने घर से निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पहले सोचा कि वह बालकराम चाचा के घर में आयोजित मांगलिक कार्यक्रम में गई होगी, इसलिए ज्यादा ध्यान नहीं दिया। हालांकि, आधी रात तक जब रीमा का कोई पता नहीं चला तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। मंगलवार सुबह रीमा की चचेरी बहन शौच के लिए यूकेलिप्टस के पेड़ों के पास गई, जहां उसने रीमा को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। रीमा की मां यशोदा देवी और भाई शैलेंद्र के मुताबिक, रीमा खेत में पेट के बल पड़ी थी और उसकी चप्पलें कुछ दूरी पर थीं। पलटने पर उसके चेहरे, गले और पेट पर चोट के गहरे निशान थे। उसकी बाईं आंख से खून बह रहा था, जिससे प्रतीत होता है कि मारपीट के दौरान उसकी आंख फोड़ दी गई थी। 100 मीटर की दूरी पर रहता था प्रेमी भारत अपने घर से करीब 100 मीटर दूर रहता था और घर के बाहर पान मसाला, सिगरेट व टॉफी-बिस्किट की दुकान चलाता था। रीमा का भारत की दुकान पर आना-जाना था, जिससे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। रीमा भी अपने पति दीपू से अनबन के बाद मायके में रह रही थी। रीमा के पति दीपू से तीन बच्चे थे, जिनमें 17 वर्षीय विकास, 14 वर्षीय क्रांति और 12 वर्षीय शुभम शामिल हैं। ये बच्चे अपनी मां के साथ ननिहाल में ही रहते थे। वहीं, भारत के भी तीन बच्चे थे - 12 वर्षीय अनकेक, 8 वर्षीय नंदिनी और 6 वर्षीय गिरमी। भारत की पत्नी नन्हीं की लगभग तीन साल पहले जुड़वा बच्चों के जन्म के दौरान मृत्यु हो गई थी। 4 साल से चल रहा था प्रेम-प्रसंग भारत और रीमा के बीच पिछले चार साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों के पहले से तीन-तीन बच्चे थे। रीमा का विवाह करीब 20 वर्ष पहले कुसैला गांव के दीपू से हुआ था, लेकिन रिश्तों में खटास आने के बाद वह लगभग चार साल पहले ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी थी। वहीं, भारत की पत्नी तीन साल प्रसव के दौरान मौत हो गई थी। इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया- मृतका रीमा के पिता पहलवान की तहरीर पर महोली थाने में मुकदमा अपराध संख्या 109/26 धारा 103(1)/ 238 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले के सभी बिंदुओं पर गहन जांच-पड़ताल की जा रही है।
यूपी में बीते 10 साल में 1010 मामले मानव तस्करी के आए हैं। इसमें से 832 मामलों में आरोप पत्र दाखिल किया जा चुका है और बाकी में कार्रवाई चल रही है। यह आंकड़ा मंगलवार को डीजीपी मुख्यालय में आयोजित एक दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला में डीजीपी राजीव कृष्ण ने दिए। महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की ओर से आयोजित इस कार्यशाला में मानव तस्करी रोकथाम के लिए ठोस रणनीति और समन्वय पर जोर दिया गया। डीजीपी राजीव कृष्ण ने इस मौके पर कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मानव दुर्व्यापार आधुनिक समय का सबसे क्रूर रूप है। यह संगठित अपराध के साथ-साथ मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन भी है। गरीबी, असमानता और विस्थापन इसकी मुख्य जड़ें हैं। उत्तर प्रदेश नेपाल सीमा से लगा होने और भौगोलिक विस्तार के कारण इस समस्या से विशेष रूप से प्रभावित है। उन्होंने बताया कि 2016 से 2025 तक कुल 1010 मानव दुर्व्यापार संबंधी प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 832 में आरोप-पत्र दाखिल हो चुके हैं। विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी जिसे लखनऊ में कबूतरबाजी भी कहा जाता है, करने वाले अवैध एजेंटों के खिलाफ 342 मामले दर्ज किए गए। डीजीपी ने सभी एएचटीयू थानों को निर्देश दिया कि इंटेलिजेंस नेटवर्क को मजबूत करें, हॉटस्पॉट चिन्हित कर रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करें, नेपाल सीमा पर SSB के साथ संयुक्त अभियान चलाएं और रेलवे स्टेशन, बस अड्डों जैसे ट्रांजिट पॉइंट्स पर विशेष निगरानी रखें। पहले सिर्फ 35 थाने थे अब सभी जिले में एक–एक थाना डीजीपी ने कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में प्रदेश में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट का विस्तार किया गया। पहले यह सिर्फ 35 जिलों तक सीमित थी, लेकिन अब सभी 75 जिलों में स्थापित कर दी गई है। साल 2020 में इन यूनिटों को पूर्ण थाने का दर्जा भी प्रदान किया गया। 24 घंटे में बरामद कर लिए थे चोरी हुए बच्चे पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. ने जीआरपी की सफलता का जिक्र करते हुए टुंडला स्टेशन से चोरी हुए बच्चे को 24 घंटे में बरामद कर परिवार को सौंपने का उदाहरण दिया। अपर पुलिस महानिदेशक महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन श्रीमती पद्मजा चौहान ने AHTU के सशक्तिकरण, डिजिटल माध्यमों से होने वाली तस्करी और अवैध एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी दी। SSB लखनऊ फ्रंटियर के पुलिस महानिरीक्षक रत्न संजय ने नेपाल सीमा से सटे 6 जिलों में चलाए जा रहे विशेष अभियानों पर चर्चा की। कार्यशाला में प्रदेश भर से AHTU के नोडल अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 कोऑर्डिनेटर, जीआरपी, आरपीएफ और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान 350 से अधिक पुलिसकर्मियों को मानव दुर्व्यापार रोकथाम पर प्रशिक्षित किया गया।
जोधपुर में एक महिला ने अपने साथ मारपीट, छेड़छाड़ और रेप के प्रयास का मामला दर्ज करवाया है। उसने अपने चाचा, रिश्तदारों सहित अन्य के खिलाफ शहर के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। वहीं महिला के खिलाफ भी दूसरे पक्ष की ओर से शादी समारोह में धमकियां देने, मेहमानों पर एसिड फेंकने के प्रयासों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। दोनों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने मौका मुआयना भी किया है। जबकि दूसरे पक्ष में से एक कांग्रेस विधायक के भाई बताए जा रहे हैं। बकाया रुपए मांगने पर मारपीट का आरोपपुलिस के मुताबिक- महिला ने अपने चाचा और अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ बकाया रुपए मांगने पर मारपीट करने के आरोप लगाए। साथ ही रिपोर्ट में बताया कि उसके साथ जबरन रेप करने का प्रयास किया गया। उसे किडनैप करने की कोशिश भी की गई। 34 वर्षीय महिला का आरोप है कि उसके चाचा ने वर्ष 2011 में उनसे प्लॉट के बदले 65 लाख रुपए लिए थे। इसके बावजूद प्लॉट नहीं दिया और रुपए भी नहीं लौटाए। यही रुपए मांगने के लिए वह 12 मार्च को एक होटल में चल रहे शादी समारोह में गई थी। वहां उनके साथ बदसलूकी की गई। उसका मोबाइल छीन लिया गया। महिला ने बताया- मामले को लेकर समाज के लोगों और कांग्रेस विधायक से बातचीत करने के बाद वह दूसरे होटल में बातचीत करने के लिए 15 मार्च को गई थी। होटल में करीब रात 10:30 बजे मेरे साथ अश्लील हरकतें की गईं। वहां मौजूद आरोपियों ने उनके कपड़े फाड़ दिए। पेट पर लात-घूंसे मारे। वहीं शादी पंडाल से बाहर सुनसान स्थल पर ले जाकर रेप करने की कोशिश की। महिला का आरोप है कि एक आरोपी कांग्रेस विधायक का भाई है, जबकि दूसरा उनका PA रह चुका है। महिला ने कहा- वर्ष 2025 में भी मेरे साथ मारपीट कर मंगलसूत्र लूट लिया गया था। उस समय पुलिस में झूठे बयान देकर मामले में आरोपी ने FIR दर्ज करवा दी थी। दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराई रिपोर्टवहीं दूसरे पक्ष की ओर से भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें बताया- 15 मार्च को उनकी भांजी का वैवाहिक कार्यक्रम होटल में चल रहा था। वहां करीब रात 11 बजे एक महिला होटल के रिसेप्शन की तरफ आई। यहां मेहमान भी थे। इनमें से एक महिला के रिश्ते में चाचा लगते हैं। उन्हें देखकर महिला ने उनके साथ मारपीट करने का प्रयास किया। महिला ने 70 लाख रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकियां भी दी। आरोप है कि महिला अपने साथ अन्य महिलाओं को लेकर आई और शादी समारोह में आए मेहमानों पर मिर्ची का स्प्रे और एसिड फेंकने की कोशिश की। इस पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मामला शांत हुआ। फिलहाल दोनों पक्षों की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस ने पूरे मामले में दोनों होटल के CCTV भी कब्जे में लिए हैं।
बागपत एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने आगामी त्योहारों के मद्देनजर शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य मार्गों और बाजारों में पैदल गश्त कर स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने व्यस्ततम मार्गों और मुख्य चौराहों पर निरंतर चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। पुलिस कर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से असामाजिक तत्वों पर नजर रखने को भी कहा गया। बागपत एसपी सूरज राय के निर्देशन में पुलिस प्रशासन ने आगामी त्योहारों के लिए पूरी तैयारी कर ली है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह अलर्ट पर है। एडिशनल एसपी प्रवीण सिंह चौहान ने पुलिस कर्मियों के साथ शहर का भ्रमण करते हुए स्थानीय लोगों से बातचीत की और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग की अपील की। उन्होंने संदिग्ध दिखने वाले लोगों की तलाशी कराई और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान भी किए। उन्होंने पुलिस कर्मियों को ड्यूटी में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। असामाजिक तत्वों को चेतावनी देते हुए कहा कि माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। एडिशनल एसपी चौहान ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया है और जनपद में शांति व्यवस्था कायम है।
बागपत के विकास भवन सभागार में मंगलवार को जनगणना 2027 के सफल संचालन के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) विनीत कुमार उपाध्याय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस कार्यशाला में जनपद के 12 चार्ज, 3 तहसीलों और 9 नगर निकायों से आए प्रगणकों और सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के लिए 48 फील्ड ट्रेनर्स नियुक्त किए गए थे। इन ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों को जनगणना से जुड़ी प्रक्रियाओं और महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। कार्यशाला के दौरान जनगणना की बारीकियों पर विशेष जोर दिया गया और बताया गया कि यह सामाजिक, आर्थिक तथा प्रशासनिक योजनाओं के लिए एक महत्वपूर्ण आधार है। अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार उपाध्याय ने निर्देश दिए कि जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ संपन्न किया जाए। प्रतिभागियों को मकान गणना और परिवार विवरण दर्ज करते समय बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। यह प्रशिक्षण जनगणना निदेशालय की प्रतिनिधि और सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-2, शिप्रा द्वारा दिया गया। यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण का पहला बैच था, जिसमें 24 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का दूसरा बैच 23 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर अधिशासी अधिकारी के.के. भड़ाना ने अपने अनुभव साझा करते हुए जनगणना के महत्व और लाभों पर प्रकाश डाला।
शाहजहांपुर में भारतीय किसान यूनियन का पुवायां में 45 दिनों से चल रहा धरना समाप्त नहीं होने पर किसानों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय की ओर कूच किया। किसानों को रजऊ टोल टैक्स के पास एसडीएम और पुवायां सीओ ने रोक लिया। इस दौरान अधिकारियों और किसानों के बीच हुई वार्ता में कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद आक्रोशित पदाधिकारी मुख्यालय की ओर बढ़ रहे हैं जिनको पुलिस रोकने का प्रयास कर रही है। किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उन्हें लगभग एक घंटे तक रोका गया। उन्होंने कहा कि एसडीएम स्तर पर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण उन्हें जिला मुख्यालय की ओर कूच करना पड़ा। किसानों ने यह भी बताया कि वे पिछले 45 दिनों से धरने पर हैं, जिसमें 7 दिनों से आंशिक और 4 दिनों से पूर्ण भूख हड़ताल शामिल है। किसानों ने लालपुर में 2 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे, बद्रीपुर हदीरा में मंदिर की जमीन पर कब्जे और मंडी समिति की जमीन पर अतिक्रमण जैसे कई गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि इन मामलों में राजस्व विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक पदाधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी (डीएम) ने आदेश दिया था कि दाखिल-खारिज होने तक किसी भी भूमि पर कब्जा न किया जाए। हालांकि, पुवायां की एसडीएम पर डीएम के इस आदेश का पालन न करने का आरोप है। किसानों का कहना है कि लगभग डेढ़ महीने से उनका आंदोलन चल रहा है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। वे डीएम आवास का घेराव करने के लिए निकले थे और उनके पास दस सूत्रीय ज्ञापन है। अधिकारियों द्वारा रोके जाने और वार्ता के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकल सका। इस दौरान महेश सक्सेना, सोमबीर सिंह, सुशील कुमार, संजय मिश्रा, जदुनाथ सिंह, सुखबीर सिंह, लल्ला सिंह और महेश वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने मंगलवार को लखनऊ स्थित डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास यूनिवर्सिटी का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आईं। उन्होंने ईंटों की मजबूती जांचने के लिए दो ईंटों को आपस में टकराया। ईंटें तुरंत टूट गईं। इस पर मंत्री भड़क उठे। उन्होंने तुरंत निर्माण कार्य रुकवा दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों की जमकर फटकार लगाई। सुधार नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। मंत्री ने ठेकेदार और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान मंत्री कश्यप ने कहा- शिक्षा संस्थान सिर्फ इमारतें नहीं होते। ये विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण के केंद्र होते हैं। ऐसे स्थानों पर घटिया निर्माण बिल्कुल स्वीकार नहीं है।यह न सिर्फ सरकारी संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ है। इस तरह की लापरवाही किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ईंट तोड़कर जांची गुणवत्ता, कई खामियां मिलींमंत्री ने सीमेंट की गुणवत्ता, उसका ब्रांड और मिश्रण भी चेक किया। निर्माण की पूरी प्रक्रिया को ध्यान से देखा। जांच में कई खामियां सामने आईं। पिलर मानकों के अनुसार नहीं पाए गए। कई जगह उनका आकार भी सही नहीं था। मंत्री ने इन कमियों को गंभीर बताया। अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि ऐसी लापरवाही आगे चलकर बड़े हादसे का कारण बन सकती है। निर्माण गुणवत्ता पर सख्ती, नियमित निगरानी के निर्देशमंत्री नरेन्द्र कश्यप ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव रोहित मिश्रा को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित निगरानी की जाए। सिर्फ प्रमाणित और अच्छी गुणवत्ता वाली सामग्री का ही इस्तेमाल हो। मंत्री ने कार्यदायी संस्था को तुरंत नोटिस जारी करने को कहा। साथ ही उनसे जवाब लेने के निर्देश दिए। निर्धारित समय सीमा में सभी खामियां दूर करने को भी कहा गया। गुणवत्ता में कमी पर ब्लैकलिस्ट और कार्रवाई की चेतावनी मंत्री कश्यप ने सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर काम की क्वालिटी में सुधार नहीं हुआ, तो ठेकेदार और एजेंसी को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। मंत्री ने कहा कि आगे से गुणवत्ता से समझौता करने वालों की जिम्मेदारी तय होगी। लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण स्थलों का नियमित निरीक्षण हो। उच्च अधिकारी समय-समय पर जांच करें। काम की प्रगति की रिपोर्ट भी नियमित दी जाए। सभी निर्माण तय मानकों और तकनीकी गुणवत्ता के अनुसार पूरे हों। ताकि विद्यार्थियों को सुरक्षित, आधुनिक और सुविधाजनक माहौल मिल सके।
सीतापुर के नैमिषारण्य थाना क्षेत्र में मंगलवार को हरदोई-सीतापुर मार्ग स्थित ठाकुर नगर तिराहे के पास एक होटल में युवक पर हुए जानलेवा हमले से सनसनी फैल गई। युवक खून से लथपथ हालत में होटल के भीतर पड़ा मिला, और जमीन पर खून फैला देखकर मौके पर मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को अस्पताल भिजवाया। लखीमपुर के धौरहरा खुर्द निवासी रंजीत कुमार पुत्र शारदा प्रसाद अपने साढ़ू के होटल पर नैमिषारण्य आया हुआ था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, होटल संचालक रजनीश और उसके साढ़ू रंजीत के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। आरोप है कि रजनीश ने रंजीत को लोहे की रॉड से बुरी तरह पीट दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल रंजीत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नैमिषारण्य पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए जिला अस्पताल सीतापुर रेफर कर दिया। थाना प्रभारी नवनीत मिश्रा ने बताया कि आरोपी रजनीश को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और घटना के पीछे की वजहों का पता लगाया जा रहा है। दिनदहाड़े हुई इस घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
लखनऊ में चिनहट-काकोरी में चला बुलडोजर:15 अवैध प्लाटिंग ध्वस्त, गोमती नगर विस्तार में मैरिज लॉन सील
लखनऊ में अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने मंगलवार को चिनहट और काकोरी में बड़े पैमाने पर बुलडोजर चलाया। इस दौरान 15 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया, जबकि गोमती नगर विस्तार में एक अवैध मैरिज लॉन और व्यावसायिक भवन को सील कर दिया गया। एलडीए के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 155 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अवैध कॉलोनियों को निशाना बनाया गया। चिनहट के जुग्गौर इलाके में उर्मिला सिटी और विंध्यवासिनी कॉलोनी समेत लगभग 45 बीघा क्षेत्र में हो रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इसके अलावा प्रदीप पाठक, सुनील यादव, शिव शक्ति यादव और मधुरेश श्रीवास्तव समेत अन्य द्वारा करीब 35 बीघा में की जा रही चार अवैध प्लाटिंग पर भी कार्रवाई की गई। मैरिज लॉन को सील किया वहीं, गोमती नगर विस्तार के खरगापुर में बन रहे ‘आमंत्रण मैरिज लॉन’ को सील कर दिया गया। साथ ही छोटा भरवारा में करीब 300 वर्गमीटर में बन रहे एक व्यावसायिक निर्माण पर भी ताला जड़ दिया गया। 9 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया उधर, काकोरी के बरागांव क्षेत्र में भी अभियान चलाकर करीब 75 बीघा जमीन पर की जा रही 9 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त किया गया। इनमें अवधेश कुमार, देवऋषि, अमित राजपूत, मोहम्मद जब्बार, रामाश्रय विलेश्वर, मिठाई लाल यादव और राजावंत स्टेट से जुड़े लोगों की प्लाटिंग शामिल थीं।
वाराणसी नगर निगम ने बकायदारों के लिए सख्त नियम बनाते हुए सभी को 18 दिन का अल्टीमेटम दिया है। नगर निगम प्रशासन ने राजस्व वसूली को लेकर अपने तेवर कड़े कर दिए हैं। गृहकर और जलकर के बाद अब निगम की रडार पर वे दुकानदार हैं, जो वर्षों से सरकारी दुकानों का किराया दबाए बैठे हैं। निगम ने ऐसे दुकानदारों को 31 मार्च तक किराया न जमा करने पर आवंटन निरस्त करने की चेतावनी दी है । नगर निगम के दुकानदार कर रहे हीला-हवालीसहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने बताया - नगर निगम क्षेत्र में 1,962 दुकानें हैं। इसमें विश्वेश्वरगंज (बड़ा नंबर 1 से 5), नई सड़क मार्केट, टाउन हॉल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अर्दली बाजार जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों के कई दुकानदार किराया जमा करने में हीलाहवाली कर रहे हैं। जबकि दुकानदार बिना नगर निगम जाए डिजिटल तरीके से भुगतान कर सकते हैं। साथ ही सभी दुकानों को क्यूआर कोड मिला हुआ है। 31 मार्च तक नहीं जमा हुआ तो होगी कार्रवाईसहायक नगर आयुक्त ने बताया - सभी बकायदारों को नगर निगम ने नोटिस के माध्यम से सूचित कर दिया है कि यदि 31 मार्च तक बकाया किराया जमा नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी। ऐस में बहस हुए 18 दिनों में बकाएदार अपना किराया जमा कर दें । ताकि आगे भी वो दुकानों में काबिज रह सकें। सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव ने 31 मार्च तक किराया न जमा करने दुकानों को सील करने की चेतावनी दी है। ऐसे में दुकानों के पास किराया जमा करने के लिए अब महज 18 दिनों का मौका है । तीन साल में वसूली में रिकॉर्ड इजाफा, 4.79 करोड़ का आंकड़ा पारनिगम की इस सख्ती का असर राजस्व पर भी साफ दिखाई दे रहा है। पिछले तीन वर्षों में दुकान के किराए की वसूली में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में जहां महज 80 लाख रुपये की वसूली हुई थी। वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 2.72 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 की बात करें तो अब तक कुल 4,79,52,613 रुपये (करीब 4.79 करोड़) की वसूली की जा चुकी है। आवंटन होगा निरस्त, पुलिस बल के साथ होगी कार्रवाईसहायक नगर आयुक्त ने बताया कि जिन दुकानदारों को नोटिस दिया गया है, उन्हें केवल तीन दिन की और मोहलत दी गई है। इसके बाद बिना किसी रियायत के आवंटन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी। जो दुकानदार फिर भी सहयोग नहीं करेंगे, उनकी दुकानों का ताला पुलिस बल की मौजूदगी में तोड़कर निगम अपने कब्जे में ले लेगा। डिजिटल भुगतान के लिए हर दुकान पर क्यूआर कोड की सुविधा पहले ही प्रदान की जा चुकी है, ऐसे में भुगतान न करने के पीछे अब कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
महोबा में अवैध खनन और राजस्व चोरी के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की है। कबरई मंडी क्षेत्र में संयुक्त छापेमारी के दौरान राघव ग्रेनाइट प्लांट को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई खनिज, राजस्व, पुलिस और एआरटीओ विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई। जिसका नेतृत्व सदर एसडीएम शिव ध्यान पांडे ने किया। छापेमारी के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पाया गया कि प्लांट से बिना नंबर के ट्रकों और डंपरों के जरिए गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। साथ ही ओवरलोडिंग और राजस्व चोरी के माध्यम से सरकार को नुकसान पहुंचाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान कुछ कर्मचारी गिट्टी से भरे ट्रक लेकर मौके से फरार हो गए। प्रशासन ने नियमों की अनदेखी और मानकों के उल्लंघन को देखते हुए तत्काल प्रभाव से प्लांट को सीज कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें लगातार अवैध खनन और परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। एआरटीओ विभाग अब बिना नंबर वाले वाहनों की पहचान करने में जुटा है, जबकि पुलिस और खनिज विभाग पूरे नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि जनपद में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और अन्य संदिग्ध क्रेशर प्लांटों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर पर सीवर लीकेज:एलडीए वीसी ने बनाई 4 सदस्यीय कमेटी, एक हफ्ते में देगी रिपोर्ट
लखनऊ में ग्रीन कॉरिडोर के पैच पर सामने आए सीवर लीकेज के मामले को गंभीरता से लेते हुए एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी को एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी यह जांच करेगी कि सीवर लीकेज किन कारणों से हुआ और इसका ग्रीन कॉरिडोर पर क्या प्रभाव पड़ा। साथ ही यह भी आकलन किया जाएगा कि जर्जर सीवर लाइन भविष्य में कॉरिडोर को कितना नुकसान पहुंचा सकती है। अपर सचिव होंगे अध्यक्ष कमेटी में अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा सीटीपी केके गौतम, चीफ इंजीनियर मानवेंद्र सिंह और एक्सईएन अजीत कुमार सदस्य के रूप में शामिल हैं। कमेटी ग्रीन कॉरिडोर रूट पर जल निगम की जर्जर सीवर लाइन की लंबाई का पता लगाएगी। इसके साथ ही लाइन बदलने में आने वाले खर्च का भी आकलन किया जाएगा। आज बैठक, कल होगा निरीक्षण मंगलवार को एलडीए मुख्यालय में कमेटी की पहली बैठक हुई। बुधवार को कमेटी के सदस्य मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे। जांच में यह भी तय किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
प्रदेश में जल्द ही जल जीवन मिशन का दूसरा चरण शुरू होगा। इसे लेकर जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत राजस्थान ने जल शक्ति मंत्रालय के साथ एमओयू किया हैं। जेजेएम 2.0 के तहत केन्द्र से एमओयू करने वाला राजस्थान देश का पहला राज्य बना हैं। यह एमओयू मंगलवार को दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल की मौजूदगी में साइन हुआ। प्रदेश में साल 2019 में जेजेएम का पहला चरण शुरू हुआ था। जिसमें कथित घोटाले की जांच एसीबी, सीबीआई और ईडी कर रही हैं। इस मामले में कांग्रेस के तत्कालीन जलदाय मंत्री महेश जोशी की गिरफ्तारी भी हो चुकी हैं। फिलहाल वे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर हैं। एमओयू से प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था मजबूत होगीइस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश की जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए इसके लिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया था। वहां से अनुमति मिलने के बाद यह एमओयू साइन किया गया है। यह एमओयू राज्य में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। केंद्र-राज्य में समन्वय से मिशन को मिलेगी गतिउन्होने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस पहल के माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्वच्छ जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे विशेष रूप से महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार आएगा और दैनिक जीवन अधिक सुगम एवं सुरक्षित बनेगा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जल जीवन मिशन के विस्तारित स्वरूप को स्वीकृति मिलने के बाद मिशन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में तेज गति से कार्य किया जा रहा है।
फेज-तीन थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती को विशेष समुदाय के युवक ने धर्म छिपाकर प्रेमजाल में फंसा लिया। शादी का झांसा देकर आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। उसे वायरल करने की धमकी देकर रेप किया और पीड़िता से लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मंगलवार शाम हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने थाने पर हंगामा किया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह मूलरूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली हैं। वह पिछले कई सालों से फेज-तीन थाना क्षेत्र में रहकर एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती हैं। करीब दो साल पहले सोशल मीडिया के जरिये उनकी मुलाकात एक युवक से हुई। विशेष समुदाय के युवक ने उन्हें बताया कि वह मूलरूप से मध्य प्रदेश के जिला मंदसौर का रहने वाला है। आरोपी ने खुद को पीड़िता के धर्म का ही बताया। धीरे-धीरे दोनों के बीच दोस्ती हो गई। लिवइन में बनाया वीडियोयुवक ने उसे शादी का झांसा दिया। दोनों लिवइन में रहने लगे। इसी दौरान आरोपी ने उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार में लाखों रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि कुछ दिन पहले ही उन्हें पता चला कि आरोपी विशेष समुदाय का है। उसने धर्म छिपाकर प्रेमजाल में फंसाया और धोखा दिया। पीड़िता को जब आरोपी की असलियत पता चली तो उसने पुलिस से शिकायत करने की धमकी दी। बजरंग दल ने किया प्रदर्शनआरोपी नोएडा छोड़कर भाग गया। पीड़िता का कहना है कि वह करीब एक माह से लगातार पुलिस से गुहार लगा रही थी। इसी बीच महिला हिंदू संगठन के संपर्क में आ गई। मंगलवार शाम बजरंगदल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फेज-तीन थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई न करने और महिला उपनिरीक्षक पर अभद्रता करने का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने जमकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने दिया आश्वासन होगी जांचसूचना पर एसीपी उमेश कुमार भी पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह लोगों को शांत कराया और पीड़िता को जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। बजरंग दल के प्रेम भारद्वाज का कहना है कि पीड़िता पिछले एक माह से थाने के चक्कर लगा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। अब जाकर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, सेंट्रल नोएडा जोन के एडीसीपी आरके गौतम का कहना है कि पीड़िता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। महिला उपनिरीक्षक पर लगाए आरोपों की भी जांच की जाएगी।
कोटा की भामाशाह कृषि उपज मंडी में किसानों की समस्याओं को लेकर बुलाई गई बैठक हंगामा की भेंट चढ़ गई। भारतीय किसान संघ का आरोप है मंडी अध्यक्ष अविनाश राठी ज्वलंत मुद्दों का समाधान करने के बजाय बैठक छोड़ कर चले गए। जबकि मंडी अध्यक्ष का कहना है कि बैठक उन्होंने ही बुलाई थी,लेकिन प्रतिनिधियों ने उनके साथ बत्तमीजी की। दोपहर 4 बजे करीब एडीएम (प्रशासन) की अध्यक्षता में मंडी समिति सभागार में बैठक बुलाई गई थी। भारतीय किसान संघ का कहना है कि बैठक में संघ द्वारा उठाए गए ज्वलंत मुद्दों का समाधान करना था, लेकिन चर्चा के दौरान माहौल गरमा गया। मंडी समिति अध्यक्ष अविनाश राठी किसानों की जायज मांगों पर उबल पड़े। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि मंडी अध्यक्ष और किसान प्रतिनिधियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जिसके बाद अध्यक्ष राठी बैठक को बीच में ही छोड़कर चले गए। इससे पहले बैठक में संगठनों के पदाधिकारियों ने मंडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। संगठन की ओर से जिला अध्यक्ष जगदीश शर्मा कलमंडा, प्रदेश महिला प्रमुख रमा शर्मा, जिला महामंत्री रूपनारायण यादव, प्रांत प्रचार प्रमुख आशीष मेहता, जिला उपाध्यक्ष अश्विनी जैन, महानगर अध्यक्ष ब्रजराज नागर, धन्नालाल प्रजापत, कमलेश और बाबूलाल शर्मा ने पुरजोर तरीके से पक्ष रखा। राष्ट्रीय किसान संघ के एडवोकेट जगदीश शर्मा और हाड़ौती किसान यूनियन के दशरथ शर्मा ने भी किसानों की पीड़ा साझा की। किसान नेताओं ने एडीएम को बताया कि मंडी में 700 ग्राम प्रति बोरी की तुलाई के नाम पर प्रत्येक बोरी पर 200 से 300 ग्राम अतिरिक्त अनाज तौला जा रहा है। जो सीधे तौर पर किसानों की जेब पर डाका है। इसके अलावा, निर्धारित हम्माली और तुलाई राशि के अतिरिक्त व्यापारियों द्वारा महिला कर्मचारियों के नाम पर 2 रुपए प्रति बोरी की अवैध वसूली की जा रही है। जिसकी एंट्री गुप्त रूप से पर्ची के पीछे की जाती है। इसी दौरान जब अवैध वसूली और धर्मकांटे के मुद्दे पर जवाब मांगा गया तो विवाद बढ़ गया। मंडी अध्यक्ष बैठक छोड़कर चले गए। मंडी अध्यक्ष अविनाश राठी ने कहा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मैंने ही बैठक बुलाई थी। बैठक में वास्तविक किसानों की जगह नेतागिरी करने वाले आ गए। जिनका किसानों की समस्या से कोई लेना-देना नहीं है। उल्टा अखबारों में छपने के लिए मेरे साथ बत्तमीजी करने लगे। इसलिए मैं बैठक छोड़कर आ गया। हम इतने सालों से इतनी बड़ी मंडी में किसानों को संतुष्ट करके चल रहे हैं। कभी किसी को कोई दिक्क़त नहीं आई।
सिरसा जिले के मंडी डबवाली के खिलाड़ियों ने गुरु काशी विश्वविद्यालय में 14 से 16 मार्च तक आयोजित 45वीं राष्ट्रीय वेटरन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया। इन खिलाड़ियों ने विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं में कई पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। इस चैंपियनशिप में देश भर से अनुभवी खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। चैंपियनशिप में शिवानी बिश्नोई ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तार गोला फेंक (हैमर थ्रो) में स्वर्ण पदक, गोला फेंक (शॉट पुट) में रजत पदक और 5 किलोमीटर पैदल चाल में भी रजत पदक हासिल किया। कल्पना बिश्नोई ने रजत पदक जीता कल्पना बिश्नोई ने 100 मीटर दौड़ में रजत पदक जीता। इसके अलावा, उन्होंने गोला फेंक और 5 किलोमीटर पैदल चाल में कांस्य पदक प्राप्त किए। ओम विष्णु जादूदा ने गोला फेंक और तार गोला फेंक स्पर्धाओं में कांस्य पदक जीतकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फिट रहने के लिए की थी शुरुआत कल्पना बिश्नोई और शिवानी बिश्नोई ने शुरुआत में केवल शारीरिक फिटनेस के लिए अभ्यास करना शुरू किया था। वहीं, ओम विष्णु बिश्नोई अपने बच्चों को खेल का प्रशिक्षण दिलाने के उद्देश्य से कोच के पास गए थे। एथलेटिक्स में भाग लेने का निर्णय हालांकि, खेल के प्रति उनके समर्पण, कोच के मार्गदर्शन और मैदान के अनुशासन ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने खुद भी एथलेटिक्स में भाग लेने का निर्णय लिया। उनके इसी दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत के परिणामस्वरूप वे आज राष्ट्रीय स्तर पर चैंपियन के रूप में उभरे हैं।
उत्तर प्रदेश में निपुण भारत मिशन के तहत एक शानदार उपलब्धि हासिल हुई है। डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा किए गए विशेष आकलन में प्रदेश के 32,480 प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालय 'निपुण विद्यालय' के रूप में उभरकर आए हैं। अपर मुख्य सचिव बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने मंगलवार को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों और डायट प्राचार्यों को सख्त निर्देश जारी कर दिए। अब इन विद्यालयों को रोल मॉडल बनाया जाएगा। रिपोर्ट कार्ड पोर्टल पर उपलब्ध कक्षा 1-2 के छात्र-छात्राओं का विद्यालयवार आकलन परिणाम अब निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर (NBMC) पोर्टल पर सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और प्रधानाध्यापक के लॉगिन पर दिख रहा है। रिपोर्ट कार्ड डाउनलोड कर छात्रों की प्रगति का विश्लेषण किया जाएगा। शिक्षकों की गाइडलाइन तय निपुण सम्मान समारोह में कौन शामिल? जनपद के सांसद-विधायक, जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक और सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापक-शिक्षक। कार्यक्रम के फोटो-वीडियो और सम्मानित शिक्षकों की सूची गूगल फार्म के जरिए राज्य परियोजना कार्यालय को भेजनी होगी। प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है मकसद अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यह उपलब्धि न सिर्फ बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाएगी। पूरे प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर शिक्षकों को प्रेरित करेगी। अब हर जिले को आगामी आकलन में और बेहतर प्रदर्शन के लिए डेटा आधारित समीक्षा करनी होगी। क्या है निपुण निपुण (नेशनल इनिशिएटिव फॉर प्रोफिशिएंसी इन रीडिंग विद अंडरस्टैंडिंग एंड न्यूमरेसी) भारत मिशन केंद्र सरकार का बड़ा अभियान है। इसका मतलब है, कक्षा 1 और 2 के हर बच्चे को पढ़ने-लिखने और गणित में निपुण बनाना। हर तीन महीने में बच्चों की जांच होती है। इसी जांच से पता चलता है कि स्कूल के बच्चे कितना सीख रहे हैं।
रायसेन में वित्तीय अनियमितताओं के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार पंचायत सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी ने निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और बिना काम पूरा किए लाखों रुपये निकालने के आरोप में यह कार्रवाई की है। जनपद पंचायत सांची के ग्राम पंचायत मानपुर और धनियाखेड़ी के तत्कालीन सचिव गिरजेश शर्मा ने आधा दर्जन निर्माण कार्य पूरे किए बिना ही 19 लाख 48 हजार रुपये की राशि निकाल ली। ग्राम पंचायत बनगवां के सचिव रामबाबू दांगी ने सीसी सड़क और रतनपुर नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया, लेकिन 3 लाख 51 हजार रुपए निकाल लिए। मूल्यांकन में सामने आई गड़बड़ीग्राम पंचायत मुछैल के सचिव कैलाश लोधी को भी निलंबित किया गया है। जांच में पाया गया कि मौके पर किए गए कार्य का मूल्यांकन, निकाली गई राशि से काफी कम था। निलंबित सचिवों के अलावा संबंधित ग्राम पंचायतों के रोजगार सहायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बेगमगंज की खजुरिया बरामदगढ़ी पंचायत के रोजगार सहायक संकेत जैन से भी 3 लाख रुपये से अधिक की गड़बड़ी पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। जनपद पंचायत बाड़ी की ग्राम पंचायत ऊटियांकला के सचिव केशर सिंह धाकड़ को भी मौके पर कार्य नहीं मिलने के कारण निलंबित किया गया है। विभिन्न स्तरों पर हुई जांच में संबंधितों को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद जिला पंचायत सीईओ द्वारा यह बड़ी कार्रवाई की गई है।
मऊगंज जिले की ग्राम पंचायत पाडर दरिया टोला के पास मंगलवार दोपहर जंगल में अज्ञात कारणों से आग लग गई। आग की लपटें तेजी से फैलते हुए आबादी वाले क्षेत्र और खेतों की ओर बढ़ने लगी थीं। समय रहते डायल 112 और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। रिहायशी मकान और खेतों तक पहुंची लपटें जंगल से उठी आग की लपटें अच्छे लाल कोरी के घर और आसपास के खेतों के करीब पहुंच गई थीं। अचानक उठे धुएं और आग के कारण ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बिगड़ते देख पूर्व सरपंच ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग को इसकी सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल ने पाया काबू सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम और फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे। फायर वाहन चालक घनश्याम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग को बुझाया। इस दौरान खेत में खड़ी फसल का कुछ हिस्सा आग की चपेट में आने से जल गया, लेकिन अधिकांश फसल को सुरक्षित बचा लिया गया। समय पर कार्रवाई से टला बड़ा हादसा स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस और फायर टीम की त्वरित कार्रवाई पर राहत व्यक्त की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आग बुझाने में थोड़ी भी देरी होती, तो रिहायशी मकानों और सैकड़ों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो सकती थी। फिलहाल जंगल में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
बैंक ऑफ बड़ौदा से पटवारी के डेढ़ लाख रुपए चोरी:फसल बेचने से मिले रुपयों को जमा कराने पहुंचा था
दूनी तहसील मुख्यालय स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में मंगलवार को पटवारी के साथ दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। दो अज्ञात चोर मौका पाकर पटवारी के बैग से डेढ़ लाख रुपए चुराकर फरार हो गए। पता लगने के बाद पटवारी घबरा गया और आसपास लोगों से पूछा। लेकिन कोई सुराग नहीं लगा तो उसने बैंक मैनेजर को पूरी बात बताई। बैंक मैनेजर ने बैंक के सीसीटीवी देखे तो दो संदिग्ध नजर आए। उनमें से एक बैंक में काउंटर के पास सीट पर रखे रुपए से भरे बैग में से डेढ़ लाख रुपए का बंडल निकाल कर ले जाते हुआ भी दिखाई दे रहा है। इसके बाद घाड़ थाना क्षेत्र के नया गांव निवासी पटवारी बुद्धिप्रकाश मीणा ने दूनी थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज देखकर चोरों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस के अनुसार पीड़ित बुद्धिप्रकाश मीणा पटवारी है और उसके पास दूनी तहसील क्षेत्र के टोकरावास और चांदसिंहपुरा पटवार हल्का का कार्यभार है। सरसों की फसल बेचकर मिली रकम को जमा करवाने पहुंचा थापटवारी ने आज सरसों की फसल बेची थी, उसके बदले मिले डेढ़ लाख रुपए को बैग में रखकर आज सुबह करीब 11 बजे दूनी थाने में जमा कराने गया था। वह बैग को काउंटर के पास कुर्सी पर रख दिया और वह पास ही स्थित काउंटर पर रुपए जमा कराने की जानकारी लेने चला गया। इसी दौरान बैग के पास वाली कुर्सी पर बैठे 30-32 साल के दो युवकों में से एक युवक ने बैग के हाथ डालकर जेब में से रुमाल निकाला और उन डेढ़ लाख रुपयों को रुमाल के साथ लेकर साथी के साथ बाहर निकल गया। करीब दो तीन मिनट बाद पीड़ित ने बैग को देखा तो उसमें रुपए नजर नहीं आए। उसके बाद पटवारी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके बाद बैंक मैनेजर दीपक को पूरा घटनाक्रम बताया। बैंक मैनेजर बोले- कस्टमर को सुरक्षा खुद करनी चाहिए बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी देखे तो उनमें चोर कैद हो गए, बाद में फरियादी दूनी पुलिस थाने पहुंचा और मामला दर्ज कराया। उधर बैंक ऑफ बड़ौदा के बैंक मैनेजर दीपक कुमार ने बताया कि ग्राहकों को अपनी संपत्ति की खुद सुरक्षा रखनी चाहिए। कस्टमर को इस तरह से रुपयों से भरे बैग को नहीं रखना चाहिए। दूनी थाने के एसआई रतन सिंह तंवर ने बताया कि अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
हरिद्वार में आयोजित भाजपा के प्रशिक्षण शिविर से लौट रहे बहादुरगढ़ के कार्यकर्ता सोमवार शाम करीब 4 बजे शामली के पास एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। तेज रफ्तार कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क के बीच बने डिवाइडर से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में सेक्टर-6 निवासी डॉ. ओमवीर राठी की मौके पर ही मौत हो गई। वे नागरिक अस्पताल से सेवानिवृत्त नेत्र रोग विशेषज्ञ थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई। परिजनों और परिचितों का रो-रोकर बुरा हाल है। घायल भाजपा नेता का इलाज जारी वहीं, हादसे में घायल हुए भाजपा नेता ऋषि भारद्वाज को गंभीर अवस्था में शामली के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वे भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं। जानकारी के अनुसार उनके पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण ड्राइवर नियंत्रण नहीं रख सका और गाड़ी सीधी डिवाइडर से टकरा गई। कौन थे डॉ. ओमवीर राठी बहादुरगढ़ के सेक्टर-6 निवासी डॉ. ओमवीर राठी नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ के पद से सेवानिवृत्त थे। अपने सरल स्वभाव और सेवाभाव के कारण वे क्षेत्र में काफी सम्मानित माने जाते थे। उनके निधन से सामाजिक और चिकित्सा क्षेत्र में भी शोक की लहर है।
बालाघाट जिले में गणगौर महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हो गई है। मंगलवार को सर्व राजस्थानी समाज की महिलाओं ने पारंपरिक 'बिंदौला' पर्व उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर राजस्थानी संस्कृति की झलक देखने को मिली, जिसमें बड़ी संख्या में समाज की महिलाओं और युवतियों ने शिरकत की। ईसर-गौरी के विवाह पूर्व उत्सव के रूप में मनाया बिंदौला सर्व राजस्थानी समाज की महिला अध्यक्ष ज्योति जुगल शर्मा ने बताया कि बिंदौला पर्व भगवान शिव (ईसर जी) और माता पार्वती (गौरी) के विवाह पूर्व के उत्सवों का प्रतीक है। जिस प्रकार विवाह से पहले दूल्हा-दुल्हन की बिंदोली निकाली जाती है, उसी परंपरा का निर्वहन करते हुए ईसर-गौरी की बिंदोली निकाली गई। इस दौरान महिलाओं ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में अपनी संस्कृति का प्रदर्शन किया। घूमर-कलश सजावट प्रतियोगिताएं हुई उत्सव के दौरान महिलाओं के लिए विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इसमें मुख्य रूप से गणगौर प्रतिमा सजावट, कलश सजावट और घूमर नृत्य प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना और समाज में आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। 22 मार्च को शहर में निकलेगी शोभायात्रा आयोजन समिति ने जानकारी दी कि गणगौर महोत्सव के समापन अवसर पर 22 मार्च को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। सदस्य ज्योति शर्मा ने बताया कि आगामी वर्षों में इस महोत्सव को और भी विशाल रूप देने की योजना है। कार्यक्रम के दौरान समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से भजन और मंगल गीतों का गायन भी किया।
प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी पर प्रदेश में अब तक 96 लोगों के खिलाफ कुल 86 एफआईआर की गई है और 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर 12 से 17 मार्च तक चलाए गए विशेष अभियान में बड़े पैमाने पर छापेमारी की गई। इस दौरान कुल 5813 स्थानों का निरीक्षण किया गया। जिसके बाद 12 एफआईआर एलपीजी वितरकों के खिलाफ और कालाबाजारी में शामिल लोगों के खिलाफ 74 FIR दर्ज हुईं। कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की प्रक्रिया शुरू की गई। वितरकों के खिलाफ बुकिंग के मुताबिक रिफिल उपलब्ध सरकार की ओर से दावा किया गया है कि प्रदेश के 4108 एलपीजी वितरकों के पास बुकिंग के मुताबिक रिफिल उपलब्ध हैं और उपभोक्ताओं को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक है और जरूरत के अनुसार घरेलू रिफिल दिए जा रहे हैं। वहीं कामर्शियल सिलेंडरों के लिए केंद्र सरकार ने कुल खपत का 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दी है, जिससे बाजार में संतुलन बना हुआ है। लखनऊ में बनाया गया कंट्रोल रूम सरकार की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि निगरानी के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय है, जहां पेट्रोलियम उत्पादों के वितरण से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान हो रहा है और समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा रहा है। होम कंट्रोल में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं। हर जिले में स्थानीय कंट्रोल रूम भी चालू रखे गए हैं ताकि स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे।
फर्रुखाबाद में पूर्व विधायक विजय सिंह के घर पर मंगलवार देर शाम विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि तीन मंजिल का मकान हिल गया। इस दौरान कांच टूटकर सड़क पर जा गिरा। घर के एक हिस्से की छत उड़ गई। पूर मलबा चारो ओर बिखर गया। सीमेंटेड अलमारी तक टूट गईं। विस्फोट होते ही अफरा तफरी का माहौल हो गया। मामले की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची। विस्फोट में पूर्व विधायक के दोनों बेटों समेत 6 लोग घायल हुए हैं। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस विस्फोट के कारणों का पता लगा रही है। देखें हादसे की 4 फोटो… शहर के मोहल्ला मछरटा पर पूर्व विधायक विजय सिंह का आवास है। मंगलवार की देर शाम अचानक से मकान में भी विस्फोट हुआ। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि मकान की तीन मंजिल तक हिल गई। वहीं प्रथम तल पर एक कमरे का लेटर भी नीचे आ गया। बताया गया की तीन मंजिल तक कांच लगा हुआ था, वह विस्फोट होने के बाद टूटकर सड़क पर जा गिरा। विस्फोट होते ही वह अफरा तफरी का माहौल हो गया। लोग इधर-उधर भागने लगे। वही चीख पुकार भी मच गई। बताया क्या विस्फोट में पूर्व विधायक के बड़े बेटे वर्षीय पुत्र अविनाश उर्फ विक्की, छोटा बेटा अभिषेक उर्फ सिक्की घायल हो गए। इसके अलावा मोहल्ले के ही निवासी ईशु चौरसिया, नूरपुर निवासी भईया लाल चौहान, रेलवे रोड निवासी रामवीर यादव समेत राशु घायल हुए हैं। पूर्व विधायक के बेटों सिक्की और विक्की का उपचार निजी नर्सिंग होम में चल रहा है। इसके अलावा दो अन्य का उपचार भी निजी नर्सिंग होम में ही चल रहा है। एक घायल को लोहिया अस्पताल भेजा गया है। वहीं भइया लाल को गंभीर अवस्था में रेफर किया गया है। विस्फोट कैसे हुआ इसके कारण का अभी पता नहीं चल सका है। विस्फोट की सूचना पर डीएम आशुतोष कुमार द्विवेदी, एसपी आरती सिंह शाहिद मौके पर पहुंचे हैं। अब जानें कौन हैं विजय सिंह खबर अपडेट की जा रही है…
सोनीपत के गोहाना स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय (BPSMV) में मंगलवार को मधुमक्खियों के हमले में एक सुरक्षा सुपरवाइजर गुरदीप सिंह की मौत हो गई। यह घटना विश्वविद्यालय की मिनी मार्केट में हुई, जहां मधुमक्खियों ने छात्राओं पर हमला किया था। गुरदीप सिंह छात्राओं को बचाने के प्रयास में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिनी मार्केट में लगे एक अर्जुन के पेड़ पर मधुमक्खियों का एक बड़ा छत्ता था। मंगलवार को किसी कारणों से मधुमक्खियां आक्रामक हो गईं। इसी दौरान वहां सामान लेने पहुंची तीन छात्राओं पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमला करने के बाद परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मधुमक्खियों के झुंड ने बोला हमला ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा सुपरवाइजर सरगथल गांव निवासी गुरदीप सिंह छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्राओं को सुरक्षित जगह ले जाने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान मधुमक्खियों का पूरा झुंड उन पर टूट पड़ा। डंक लगने से बेसुध होकर गिरे गुरदीप सिंह मधुमक्खियों के कई डंक लगने से गुरदीप सिंह की हालत कुछ ही मिनटों में बिगड़ गई और वह बेसुध होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत पास के राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बेटे को HKRN तहत नौकरी देने की घोषणा इस दुखद घटना के बाद विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. सुदेश ने घोषणा की कि गुरदीप सिंह के बेटे को योग्यता के आधार पर नौकरी दी जाएगी। बता दें कि गुरदीप सिंह के हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत थे। अन्य छत्तों को तुरंत हटाने के आदेश वीसी ने परिसर में मौजूद अन्य मधुमक्खी के छत्तों को तुरंत हटाने के भी सख्त आदेश दिए हैं। बताया गया है कि विश्वविद्यालय परिसर में फिलहाल 17-18 ऐसे छत्ते मौजूद हैं। वहीं, हमले में घायल हुई तीनों छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। उनकी हालत स्थिर है।
सरगुजा जिले के उदयपुर से लगे झिरमिटी में अंग्रेजी शराब दुकान खोलने का ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया गया है। सरपंच सहित झिरमिटी के ग्रामीण मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और ग्रामसभा के प्रस्ताव को फर्जी बताते हुए गांव में शराब दुकान खोलने का विरोध किया। पंचायत के सरपंच ने कहा कि आबकारी विभाग को भेजे गए पंचायत के प्रस्ताव में उनके हस्ताक्षर फर्जी हैं। इधर आबकारी अधिकारी ने कहा कि शराब दुकान खोलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के उदयपुर में अंग्रेजी शराब दुकान खोलने के लिए आबकारी विभाग ने प्रक्रिया पूरी कर ली है। आबकारी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शराब दुकान खोलने के लिए सोमवार को स्थल देखने झिरमिटी पहुंचे तो पंचायत के लोगों को पता चला कि झिरमिटी में शराब दुकान खोला जाना है। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए। दुकान का विरोध, कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन झिरमिटी के सरपंच सहित ग्रामीण बड़ी संख्या में मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। सरपंच चंदन एक्का ने बताया कि आबकारी विभाग द्वारा पंचायत में शराब दुकान खोलने के लिए जो अनापत्ति एवं प्रस्ताव दस्तावेजों के साथ लगाया गया है, वह जानकारी में ही नहीं है। सरपंच चंदन एक्का ने बताया कि पंचायत के प्रस्ताव में उनका हस्ताक्षर फर्जी है। वे हिंदी में हस्ताक्षर करते हैं, जबकि प्रस्ताव में अंग्रेजी में हस्ताक्षर किया गया है। पंचायत में शराब दुकान खोलने से बच्चों एवं युवाओं पर गलत असर पड़ेगा। पंचायत के लोग नहीं चाहते कि गांव में शराब दुकान खुले। महिला किरण एक्का ने कहा कि पंचायत में शराब दुकान नहीं खुलने दिया जाएगा। इससे गांव का माहौल अशांत हो जाएगा। पूरी हो चुकी है प्रक्रिया, करेंगे जांच-गायकवाड़जिला आबकारी अधिकारी एलसी गायकवाड़ ने कहा कि नेशनल हाईवे में लखनपुर के बाद कोरबा जिले के कटघोरा में शराब दुकान है। कई किलोमीटर ड्राई एरिया होने के कारण उदयपुर के झिरमिटी में शराब दुकान प्रस्तावित है। इसकी प्रक्रिया एक वर्ष से चल रही है और पूरी हो चुकी है। गायकवाड़ ने कहा कि सरपंच यदि कह रहे हैं कि प्रस्ताव फर्जी है तो इसकी जांच कराई जाएगी। सचिव से भी बात करेंगे। उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में अवैध शराब बेचने वाले लोग नहीं चाहते हैं कि उदयपुर में शराब दुकान खुले, इसलिए इसका विरोध हो रहा है।
सिंगरौली जिले में मंगलवार को मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह समारोह हुआ। चितरंगी और बिलौजी सहित अन्य स्थानों पर हुए इन आयोजनों में कुल 163 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। इस दौरान जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न कराया गया। चितरंगी में 93 जोड़ों ने लिए सात फेरे चितरंगी के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में 93 जोड़ों का विवाह हुआ। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राधा सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गरीब परिवारों की बेटियों के सम्मानजनक विवाह की जिम्मेदारी निभा रही है, जिससे अब अभिभावकों को बेटियों की शादी के खर्च की चिंता नहीं सताती। बिलौजी और अन्य क्षेत्रों में भी हुए विवाह अटल सामुदायिक भवन बिलौजी में आयोजित दूसरे बड़े समारोह में 70 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इसके अलावा देवसर, बरगवां और सरई में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां 24 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। समारोह के दौरान स्थानीय विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने नवविवाहित जोड़ों पर पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। सामूहिक भोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए समारोह में आए वर-वधु पक्ष के मेहमानों के लिए प्रशासन द्वारा भोजन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष व्यवस्था की गई थी। जनप्रतिनिधियों ने नवदंपतियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सामाजिक और आर्थिक संबल के रूप में देखी जा रही है।
किशनगढ़बास पुलिस ने स्मैक तस्कर को पकड़ा:10.50 ग्राम स्मैक और बाइक जब्त, नाकाबंदी के दौरान कार्रवाई
खैरथल। किशनगढ़बास पुलिस ने एंटी ड्रग्स अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 10.50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की है और तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। यह कार्रवाई 16-17 मार्च की रात ग्राम घांसोली बस स्टैंड के पास मेन गेट पर हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान हुई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने एक संदिग्ध मोटरसाइकिल को रुकवाकर जांच की। तलाशी के दौरान आरोपी अल्ताफ खान (29) निवासी मूण्डियाखेड़ा, थाना सदर अलवर के पास से 10.50 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। तस्करी में प्रयुक्त बाइक भी जब्त किया गया है। मामले की जांच जारी है।
राष्ट्र हित, समाज हित, संस्कृति हित एवं शिक्षा के प्रति समर्पित शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में शिवाजी नगर स्थित पुरुषार्थ सभागार में “विद्यालयीन शिक्षा में नई शिक्षा नीति का क्रियान्वयन” विषय पर शैक्षिक विमर्श कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजधानी के सैकड़ों प्राचार्य एवं शिक्षकों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर ओमजी शर्मा, भरत व्यास, रामसागर मिश्र, धीरेन्द्र सिंह भदौरिया, डॉ. अभय गुप्ता, डॉ. अनित राय, यशवंत गोयल सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई, जिसे विभा दुबे, रश्मि शर्मा, प्रीति लखेरा, सुमन सिंह, अनामिका सेन एवं योगिता दीक्षित ने मधुर स्वर में प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। अतिथि देवो भवः की परंपरा के तहत सभी अतिथियों का सम्मान किया गया। इस दौरान रामकिशोर टेलकर, डी.डी. पवार, राजकुमार जाटव, डंडोतिया जी, रविन्द्र गुप्ता, डॉ. वेदिका, डॉ. अरविंद जैन, विभा दुबे, लक्ष्मी गौड़, गुंजा साहू, प्रीति गुप्ता, अनीता दुबे सहित अन्य सदस्यों ने सम्मान-अभिनंदन किया। अपने उद्बोधन में रामसागर मिश्र ने कहा कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के उद्देश्यों को साकार करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा। मुख्य अतिथि भरत व्यास ने प्रेरणादायक प्रसंगों के माध्यम से उपस्थितजनों को जागरूक किया। कार्यक्रम में “देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें” गीत को लक्ष्मी गौड़ एवं गुंजा साहू ने अपनी मधुर आवाज में प्रस्तुत कर देशभक्ति का भाव जागृत किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुख्य वक्ता ओमजी शर्मा ने कहा कि राष्ट्र, समाज और शिक्षा की जिम्मेदारी शिक्षकों के हाथ में है, इसलिए नई शिक्षा नीति के सफल क्रियान्वयन में सभी को सक्रिय सहभागिता निभानी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन संयोजक डॉ. सी.के. सिंह चौरसिया ने किया। वहीं डॉ. वी.के. सिंह चौरसिया ने घोषणा की कि न्यास द्वारा प्रत्येक माह के चौथे रविवार को बैठक आयोजित कर भोपाल महानगर में शिक्षा, समाज एवं संस्कृति उत्थान के लिए सतत प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम के अंत में प्रीति गुप्ता एवं साथियों द्वारा राष्ट्रगान प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात स्वल्पाहार एवं न्यास की विभागीय बैठक संपन्न हुई। कार्यक्रम को लेकर उपस्थित शिक्षकों ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए शिक्षा एवं समाज के उत्थान की दिशा में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
बांसवाड़ा के सदर थाना क्षेत्र के गऊवा पाड़ा गांव में मंगलवार शाम एक युवक ने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना के समय युवक घर पर अकेला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर महात्मा गांधी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। जानकारी के अनुसार- गऊवा पाड़ा निवासी प्रकाश पुत्र पोंना ने मंगलवार को घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जब परिजन घर पहुंचे तो घटना का पता चला। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। परिजनों का कहना है कि प्रकाश ने ऐसा क्यों किया, इसके कारण सामने आने चाहिए। सदर सीआई रूपसिंह ने बताया कि परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार युवक घर पर अकेला था और उसने फांसी लगा ली। शव का बुधवार सुबह पोस्टमॉर्टम होगा। मामले की गहनता से जांच कर रही है।
सहकारिता विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने स्पष्ट किया कि सरसों और चना की एमएसपी खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित उप रजिस्ट्रार के साथ अतिरिक्त रजिस्ट्रार (खंड) को भी जिम्मेदार ठहराते हुए सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को अपेक्स बैंक सभागार में आयोजित बैठक में मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। इसके लिए खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शिकायत-मुक्त होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन खरीद केंद्रों पर पहले अनियमितताएं सामने आई हैं, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और फर्जी रजिस्ट्रेशन करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही किसानों से लगातार फीडबैक लेने पर भी जोर दिया गया। 25 मार्च से शुरू होगी खरीदराजफेड के प्रबंध निदेशक बचनेश कुमार अग्रवाल ने बताया कि सरसों-चना की एमएसपी खरीद 25 मार्च से शुरू होगी और किसी भी खरीद केंद्र पर 2000 से अधिक टोकन जारी नहीं किए जाएंगे। सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और जरूरत अनुसार खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने के लिए प्रस्ताव मांगे गए हैं।मंत्री ने निर्देश दिए कि उप रजिस्ट्रार और राजफेड के क्षेत्रीय अधिकारी प्रतिदिन खरीद केंद्रों का निरीक्षण करें, ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को समय रहते रोका जा सके। गबन मामलों में तुरंत एफआईआर के निर्देशसहकारी अधिनियम की धारा 55 और 57 के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि जिन मामलों में जांच में गबन और अनियमितताएं प्रमाणित हो चुकी हैं, उनमें तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ चालान पेश किया जाए। साथ ही धारा 55 के तहत जांच शुरू होते ही न्यायालय में कैवियट लगाने के निर्देश भी दिए गए। 30 अक्टूबर तक आमसभा अनिवार्यसहकारी समितियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी सोसायटियों में 30 अक्टूबर से पहले आमसभा आयोजित करना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही ऑडिट और आमसभा की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी कर उसका मासिक डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं का पंजीयन बिना देरी और परेशानी के होना चाहिए। जिला उप रजिस्ट्रारों को क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटियों का नियमित निरीक्षण करने, ऑडिट और आमसभा सुनिश्चित करने तथा नियमों की पालना कराने के निर्देश दिए गए। नई समितियां, गोदाम निर्माण और OTS योजना पर जोरबैठक में अधिक से अधिक नई सहकारी समितियों के गठन, गोदाम निर्माण के लिए जमीन चिन्हित कर आवंटन करने और भूमि विकास बैंकों की एकमुश्त समझौता (OTS) योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा पात्र ऋणियों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।मंत्री ने मंत्री कार्यालय में लंबित जनसुनवाई प्रकरणों की समीक्षा कर उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही सभी जिलों में सूचनाएं एकत्र करने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने को कहा गया। एमएसपी खरीद सर्वोच्च प्राथमिकता: शासन सचिवसहकारिता विभाग की शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार आनन्दी ने अधिकारियों को एमएसपी खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड अधिकारियों को प्रतिदिन खरीद केंद्रों की चेकिंग के निर्देश दिए जाएंगे और किसी भी शिकायत पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाएगी। साथ ही धारा 55 और 57 के प्रकरणों के त्वरित निस्तारण और लंबित मामलों में स्टे हटवाकर आगे की कार्रवाई करने को कहा गया। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, अतिरिक्त रजिस्ट्रार, जिला प्रभारी, राजफेड, क्षेत्रीय अधिकारी और जिला उप रजिस्ट्रार मौजूद रहे।
बिलासपुर में अवैध खनिज परिवहन पर कार्रवाई:माइनिंग विभाग ने जब्त किए जेसीबी, 4 हाइवा, 2 ट्रैक्टर
बिलासपुर में खनिज विभाग ने अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर की गई। टीम ने कोटा, बेलगहना, कोनचरा, बिरकोना, सरकंडा, सिरगिट्टी, सिलपहरी, चकरभाठा, मुढ़िपार और रहँगी क्षेत्रों में अचानक जाँच के लिए पहुंची। विभाग ने वहां अवैध उत्खनन करते एक जेसीबी, चार हाइवा और दो ट्रैक्टर सहित सात वाहनों को जब्त किया है। पत्थर, रेत का अवैध उत्खनन करते हुए वाहन जब्त जाँच के दौरान, कोनचरा क्षेत्र से खनिज रेत का अवैध परिवहन करते हुए दो ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त किए गए। सिलपहरी क्षेत्र में साधारण पत्थर का अवैध उत्खनन करते हुए एक जेसीबी वाहन और एक हाइवा वाहन को पकड़ा गया। इसके अतिरिक्त, चकरभाठा क्षेत्र से खनिज मुरुम का अवैध परिवहन करते पाए जाने पर तीन हाइवा वाहन जब्त किए गए। खनिज विभाग ने एक जेसीबी, चार हाइवा और दो ट्रैक्टर सहित सात वाहनों को जब्त किया है। और कहना है कि खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
हांसी जिले के नारनौंद और आसपास के गांवों के किसानों ने मंगलवार दोपहर हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम की 132 KV लाइन की मरम्मत का काम रुकवा दिया। किसान निगम का विरोध कर रहे थे। भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के जिला अध्यक्ष राकेश लोहान की अगुवाई में किसानों ने मांग की कि जब तक बार-बार तार और इंसुलेटर टूटने के मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक कोई कार्य नहीं होने दिया जाएगा। पेटवाड़ से नारनौंद की ओर आ रही इस 132 KV हाई वोल्टेज बिजली लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। किसानों का आरोप है कि हाल ही में शुरू की गई इस लाइन की गुणवत्ता बेहद खराब है। इसी कारण जनवरी महीने में कई बार तार और इंसुलेटर टूट चुके हैं। किसान बोले- बड़ा हादसा हो सकता है किसानों के अनुसार, पहली बार 30 दिसंबर, 2025 को तार टूटे थे। 2 जनवरी को शिकायत के बाद मरम्मत की गई, लेकिन 6 जनवरी को फिर से तार टूट गए। किसानों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। SDO-JE और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे मंगलवार को बिजली निगम के SDO संजय कुमार, JE संदीप और बलराज टूटे तारों व इंसुलेटर की मरम्मत के लिए पहुंचे थे। उनके साथ नारनौंद थाना प्रभारी रमेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौजूद थे। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में किसान मौके पर जमा हो गए और काम रोकने की मांग करने लगे। किसान बोले- ये गंभीर लापरवाही किसानों ने बताया कि वे पहले भी कई बार अधिकारियों को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन न तो कोई जांच हुई और न ही स्थायी समाधान निकाला गया। उनका आरोप है कि यह केवल तकनीकी खामी नहीं, बल्कि गंभीर लापरवाही का मामला है। किसानों ने दी चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी कि बार-बार तार और इंसुलेटर टूटने से खेतों में काम कर रहे किसानों और मजदूरों की जान को खतरा है। यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो किसी भी बड़े हादसे की पूरी जिम्मेदारी विद्युत प्रसारण निगम की होगी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में थार गाड़ी खरीदने के लिए एक नाबालिग ने अपने ही घर में चोरी करवाई है। इसके लिए सेना के रिटायर्ड जवान के बेटे को उकसाया और खुद के घर से थोड़ा-थोड़ा कर करीब 15 तोला सोना चोरी पार करवा लिया। बाद में सोना नहीं लाने पर उसे मारपीट की धमकी देकर ब्लैकमेल करने लगे। परिवार वालों को भनक लगी तब इस मामले का खुलासा हुआ। शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लड़कों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और गहने बरामद किए। इस पूरे मामले में कुछ रसूखदार परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है। अब जानिए पूरी कहानी बहतराई निवासी सुशील कुमार शर्मा भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं, उन्होंने 14 मार्च को थाने में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और नाबालिगों के साथ चोरी का सोना खरीदने वालों को भी पकड़ लिया। पुलिस ने सभी के कब्जे से चोरी हुए सोने के जेवर शत-प्रतिशत बरामद कर लिए। असली जेवर चुराए, दोस्तों ने पकड़ा दिया नकली सोना सरकंडा टीआई प्रदीप आर्या ने बताया कि, जब सेना के रिटायर्ड जवान के बेटे से पूछताछ की गई, तब उसने बताया कि अपने दोस्तों के साथ मिलकर घर से जेवर चुराकर बेचने और उससे थार खरीदने की योजना बनाई थी। योजना के तहत वह अपने घर से जेवर चोरी कर ले आया। वहीं, उसके दोस्तों ने भी जेवर लाने की बात कही, लेकिन उन्होंने असली की जगह नकली जेवर लाकर दे दिए। लड़के को इस बात की भनक तक नहीं लगी और सभी ने मिलकर उन जेवरों को बेचने की तैयारी कर ली। चोरी के गहनों के पैसे से थार खरीदने की थी प्लानिंग पूछताछ में एक नाबालिग ने बताया कि सभी दोस्तों ने मिलकर थार खरीदने के लिए अपने-अपने घर से सोना चोरी करने की योजना बनाई। इस दौरान उन्होंने नकली सोना दिखाकर सुशील शर्मा के बेटे से असली सोना चोरी कराया। सोना बेचकर मिले पैसे गाड़ी खरीदने के लिए पर्याप्त नहीं थे, इसलिए उन्होंने रकम खर्च कर दी। पैसे खत्म होने पर वे फिर से सोना लाने का दबाव बनाने लगे और उसके साथ मारपीट भी की। कोतवाली क्षेत्र के युवक के जरिए बेचे गए जेवर पुलिस ने एक-एक कर इस कांड से जुड़े लड़कों को पकड़कर पूछताछ की, तब पता चला कि कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले युवक को जेवर बेचने के लिए दिए। उसने गांधी चौक के पास रहने वाले एक ज्वेलरी व्यवसायी को जेवर बेच दिए। पहली बार में करीब चार लाख रुपए में कुछ जेवर बेचे गए। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य जेवर भी बेचे गए। बताया जा रहा है कि इस काम में युवक के एक रिश्तेदार ने भी सहयोग किया। उसने नाबालिगों को झांसे में लेकर करीब 5 तोला से अधिक सोना कम दाम में खरीदा था। कुछ सोना गिरवी रखकर भी उन्होंने रुपए लिए थे। पुलिस ने मामले में महिला समेत दो अन्य खरीदारों को गिरफ्तार किया है। साथ ही करीब 15 लाख कीमती सोने-चांदी के गहनों को बरामद कर लिया है। इस मामले में नाबालिग समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। परिवार को पता चलते ही खुला पूरा राज नाबालिग के परिवार वालों को घर से जेवर गायब होने की जानकारी मिली, तब उन्होंने बेटे से पूछताछ की तो पूरी साजिश सामने आ गई। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस में की गई। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर में 3 मिनट में 7 लाख कैश-गोल्ड चोरी,VIDEO: स्पीच थैरेपिस्ट के घर लॉक तोड़कर घुसा चोर, विशाखापट्टनम घूमने गया था परिवार रायपुर में 3 मिनट में एक चोर ने घर में घुसकर 7 लाख कैश और गोल्ड ज्वेलरी चोरी कर ली। चोर इतना शातिर था कि उसने अकेले ही इस वारदात को अंजाम दिया है। उसने घर और कमरे के लॉक को तोड़कर लॉकर से माल गायब कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है। वारदात के वक्त परिवार विशाखापट्टनम घूमने गया था। मामला सरस्वती नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
खंडवा जिले में अवैध गोवंश परिवहन को लेकर पुलिस की सख्ती लगातार जारी है। पंधाना पुलिस ने मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक आयशर वाहन से 14 भैंसों को मुक्त कराया। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वाहन भी जब्त किया है। पंधाना टीआई दीलिप देवड़ा के मुताबिक, पुलिस को आज (मंगलवार) देर शाम को सूचना मिली थी कि एक आयशर वाहन (क्रमांक MP12ZF9855) में भैंसों को क्रूरता पूर्वक ठूंसकर महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने पंधाना-रुस्तमपुर रोड पर घेराबंदी कर वाहन को रोका। चेकिंग के दौरान वाहन में कुल 14 भैंसें ठूंस-ठूंसकर भरी हुई पाई गईं। पुलिस ने तत्काल पशुओं को मुक्त कर वाहन जब्त कर लिया। जब्त भैंसों की कीमत करीब 60 हजार रुपए बताई गई है। आरोपी इमलीपुरा और खानशाहवली केमौके से पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें जाहिद (32), निवासी खानशावली और सद्दाम (30), निवासी इमलीपुरा शामिल हैं। दोनों के खिलाफ पंधाना पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जिले में अवैध पशु परिवहन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बालाघाट जिले के लामता थाना क्षेत्र के ग्राम दौनी में मंगलवार को तालाब में नहाने गई 10 साल की मासूम वर्षा (पिता संतोष भलावी) की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है। जानकारी के मुताबिक, वर्षा अपनी तीन सहेलियों के साथ गांव के पास स्थित तालाब पर कपड़े धोने और नहाने गई थी। नहाने के दौरान वर्षा का पैर फिसल गया या वह अंदाजा नहीं लगा पाई और गहरे पानी में चली गई। उसे डूबता देख उसकी सहेलियां घबरा गईं और तुरंत भागकर परिजनों को जानकारी दी। भाई ने बचाने की कोशिश की, पर नाकाम रहा बहन को डूबने की खबर मिलते ही उसका भाई तुरंत तालाब पहुंचा और उसे बचाने के लिए पानी में कूद गया। वह वर्षा को पकड़कर बाहर लाने की कोशिश कर ही रहा था कि अचानक वह खुद भी डूबने लगा। अपनी जान खतरे में देख उसे पीछे हटना पड़ा और वह किसी तरह सुरक्षित बाहर निकला। गांव के युवक ने निकाला शव बाद में मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। गांव के ही एक युवक अनिरुद्ध उईके ने हिम्मत दिखाकर तालाब के गहरे पानी में छलांग लगाई और वर्षा के शव को बाहर निकाला। दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच हुई इस घटना ने परिजनों को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही लामता थाने से एएसआई तिलक दुरूगकर टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए लामता अस्पताल भिजवाया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ बीजेपी ने प्रदेश कार्यसमिति, प्रदेश स्थायी आमंत्रित और प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्यों की घोषणा कर दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की सहमति से जारी सूची में 84 नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है। घोषित सूची में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से नेताओं को शामिल किया गया है, जिससे संगठन में क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। जशपुर, रायपुर, दुर्ग, सरगुजा, बलरामपुर, बस्तर, कोरबा, कोंडागांव, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा समेत कई जिलों को प्रतिनिधित्व मिला है। सूची में प्रमुख रूप से सीएम विष्णु देव साय, सरोज पाण्डेय, लता उसेंडी, अरुण साव, विजय शर्मा, तोखन साहू, रमेश बैस, देवेंद्र प्रताप सिंह, लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं को शामिल किया गया है। इसके अलावा संगठन में नई और जमीनी पकड़ रखने वाले चेहरों को भी मौका दिया गया है। देखिए लिस्ट
ट्रक ने तोड़ी श्मशान की बाउंड्री वाल:खराबी से रिवर्स हुआ लोडिंग वाहन, पीथमपुर से राऊ की ओर जा रहा था
पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार शाम एक लोडिंग वाहन तकनीकी खराबी के कारण अचानक रिवर्स हो गया। बेकाबू हुए इस वाहन ने पास ही स्थित श्मशान घाट की बाउंड्री वॉल तोड़ दी। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ। यह घटना सेक्टर एक थाना क्षेत्र के नगर पालिका चौराहे के पास शाम करीब 5:30 बजे हुई। आयशर लोडिंग वाहन (MP 09 KD 6304) सामान लेकर पीथमपुर से राऊ की ओर जा रहा था। नगर पालिका चौराहे से पहले चढ़ाई (घाटी) पर वाहन में अचानक खराबी आ गई और वह पीछे की ओर लुढ़कने लगा। शाफ्ट टूटने से हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों और जानकारों के मुताबिक, संभवतः ट्रक की शाफ्ट टूट गई थी, जिस कारण वह बेकाबू हो गया। ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर वाहन को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका और सड़क से करीब बीस फीट दूर श्मशान घाट की दीवार को तोड़ते हुए अंदर जा घुसा। टल गई बड़ी दुर्घटना हादसे के वक्त गनीमत यह रही कि ट्रक के पीछे कोई दूसरा वाहन या पैदल राहगीर नहीं था। अगर पीछे कोई अन्य गाड़ी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल वाहन को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दौसा में मंगलवार को मिड डे मील के सरकारी ट्रेनिंग प्रोग्राम में जरूरत से ज्यादा कर्मचारी पहुंचे गए। इसके कारण सभागार में अफरा- तफरी मच गई। अटेंडेंस शीट लेते समय महिलाएं नीचे गिर गई। जबकि नाश्ते(अल्पाहार) के दौरान धक्का-मुक्की भी हो गई। संख्या से तीन गुना से ज्यादा कर्मचारियों के पहुंचने के कारण ट्रेनिंग भी नहीं हो सकी। दरअसल, चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण की ओर से सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ियों में पोषाहार व्यवस्था से जुड़ी ट्रेनिंग होटल रावत पैलेस में रखी गई थी। इसमें पोषाहार प्रभारी टीचर्स और पोषाहार पकाने वाली महिला आंगनबाड़ी कर्मचारियों को शामिल होना था। जिलेभर से 2200 शिक्षक व महिला कर्मचारियों को बुलाया थाआयुक्तालय खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण जयपुर के निर्देश पर जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के उद्देश्य से FOSTAC ट्रेनिंग आयोजित की गई थी। इसके लिए जिले के सभी खाद्य कारोबारियों के साथ सरकारी स्कूलों के मिड-डे मील प्रभारी एवं भोजन तैयार करने वाले सभी कार्मिकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। जिलेभर से करीब 2200 शिक्षक व कर्मचारियों को इसमें शामिल होने के लिए बुलाया गया था। तय शेड्यूल के अनुसार ट्रेनिंग सेशन 3 चरणों में होना था। लेकिन अधिकांश पोषाहार प्रभारी शिक्षक और पोषाहार पकाने वाली महिला कर्मचारी एक ही समय पर आ गई। इससे सभागार में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। सभागार में 250 कुर्सियां लगाई थी, लेकिन अचानक एक हजार से ज्यादा कर्मचारी पहुंचने के कारण व्यवस्थाएं गड़बड़ हो गई। शाम को 4 बजे नाश्ते के दौरान प्लेट लेने के लिए भीड़ टूट पड़ी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सीएमएचओ बोले- मामले की जांच करेंगेसीएमएचओ डॉ. सीताराम मीणा का कहना है- शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से ट्रेनिंग कार्यक्रम रखा गया था। इसमें जिलेभर से कुल 2200 लोगों को शामिल होना था। यह पूरा कार्यक्रम एक ही दिन में 3 चरणों में बांटा गया था। लेकिन ज्यादातर कर्मचारी एक साथ आ गए, इसके कारण व्यवस्थाएं बिगड़ गई। प्रभारी शिक्षकों ने ट्रेनिंग के बाद अटेंडेंस लगाने की मांग की, जिससे माहौल बिगड़ा। जबकि फसल कटाई करके आ रही महिलाएं भी एक ही समय पर आ गई। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।
राजस्थान के ऊर्जा क्षेत्र में आए क्रांतिकारी बदलावों और भविष्य की योजनाओं की इबारत अब शेखावाटी की धरती से लिखी जा रही है। राजस्थान सरकार के विद्युत राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने स्पष्ट किया है कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र में झुंझुनूं जिले का योगदान पूरे प्रदेश के लिए एक मिसाल बन गया है। जिले में कुसुम योजना की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो, तो संसाधनों का बेहतर उपयोग कैसे किया जा सकता है। मंगलवार को झुंझुनूं अजमेर विधुत वितरण निगम के एसई कार्यालय में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। मंत्री नागर ने न केवल जिले की प्रगति को सराहा, बल्कि राजस्थान के ऊर्जा भविष्य का रोडमैप भी साझा किया। झुंझुनूं का विशेष योगदान: कुसुम योजना में अव्वल बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि झुंझुनूं जिला आज प्रदेश के डिस्कॉम में सौर ऊर्जा के मामले में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि झुंझुनूं जिला में कुसुम 'ए' और 'सी' योजना में योजनाओं के तहत लगभग 45 प्लांट सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। इन प्लांटों के माध्यम से 68 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। इसी शानदार बुनियादी ढांचे की बदौलत झुंझुनूं के किसानों को वर्तमान में दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मिशन 2027, पूरे राजस्थान में दिन में बिजली ऊर्जा मंत्री ने मुख्यमंत्री के संकल्प को दोहराते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि झुंझुनूं के मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक राजस्थान के प्रत्येक किसान को खेती के लिए रात की कड़कड़ाती ठंड या असुविधा के बजाय दिन के उजाले में बिजली सुनिश्चित की जा सके। बैटरी स्टोरेज, पीक ऑवर्स की समस्या का समाधान भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने एक नई पहल का जिक्र किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां कुसुम प्लांट लगे हैं, वहां बैटरी स्टोरेज सिस्टम लगाने की संभावनाओं का गहन अध्ययन किया जाए। इससे हम दिन में उत्पादित सौर ऊर्जा को स्टोर कर सकेंगे और उसका उपयोग सुबह-शाम के 'पीक ऑवर्स' में करेंगे, जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा और उपलब्धता कम होती है। बुनियादी ढांचे का विस्तार मंत्री नागर ने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए चल रहे प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की। उन्होंने RDSS प्रोजेक्ट के तहत मानसून से पहले फीडर सेग्रीगेशन और अन्य कार्यों को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। जिले में निर्माणाधीन 33 केवी जीएसएस और प्रसारण तंत्र की मॉनिटरिंग तेज की जाएगी। निगम में कोई निजीकरण नहीं बिजली कर्मचारियों के बीच पनप रहे संशय को दूर करते हुए मंत्री ने साफ किया कि सरकार के पास फिलहाल निजीकरण की कोई योजना नहीं है। उन्होंने इसे केवल केंद्र के निर्देशों के तहत होने वाले नियमित अध्ययन और प्रेजेंटेशन का हिस्सा बताया। बैठक में रहे मौजूद झुंझुनूं आगमन पर मंत्री का स्वागत किया गया। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में पूर्व सांसद संतोष अहलावत, भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिनी कुलहरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार, अजमेर विद्युत वितरण निगम के एसई महेश टीबड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। लाभार्थियों को वितरित किए सोलर कुकटॉप
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को लोकभवन में कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा से लौटे 555 श्रद्धालुओं को एक-एक लाख रुपए की अनुग्रह राशि वितरित की। पर्यटन विभाग के विशेष कार्यक्रम में योगी ने कहा, “आपने यात्रा की कठिनाइयों और प्राकृतिक आपदाओं का मुकाबला कर सकुशल वापसी की, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आप सभी का हार्दिक अभिनंदन और स्वागत है।” सनातन परंपरा में तीर्थ यात्रा का महत्व योगी ने अपने संबोधन में याद दिलाया कि सनातन धर्म में तीर्थाटन प्राचीन काल से समाज को जोड़ने और राष्ट्र की एकता मजबूत करने का माध्यम रहा है। “आदि शंकराचार्य ने केरल से निकलकर देश के चार कोनों में चार पीठ स्थापित कीं, तब राजनीतिक इकाइयां अलग-अलग थीं, लेकिन सांस्कृतिक रूप से पूरा भारत एक था। आज भी वही भाव हमारे ऋषि-मुनियों की देन है।” कैलाश भवन बना पहला पड़ाव मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017-18 में गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन बनाया गया, जो यात्रियों का पहला ठहराव है। विदेश मंत्रालय की औपचारिकताएं पूरी करने के दौरान यह भवन बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। योगी ने कहा, “हमारा प्रयास है कि हर तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलें। गाजियाबाद में ही बेहतर मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने विदेश मंत्रालय से बात करने के लिए अधिकारियों को निर्देश भी दिए। 2025 में यूपी में रिकॉर्ड 164 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे योगी ने आंकड़े गिनाते हुए बताया कि कैसे धार्मिक पर्यटन का यूपी केंद्र बनता जा रहा है। सीएम ने कहा कि पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर 164 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे। इसमें अकेले महाकुंभ प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। अयोध्या, काशी, मथुरा-वृंदावन में करोड़ों का आगमन एक चुनौती भी है और अवसर भी।” उन्होंने महाकुंभ का उदाहरण देते हुए कहा कि दूर-दराज से आए श्रद्धालु पैदल 10 किमी चलकर भी संगम स्नान कर भाव-विभोर होकर लौटे। रामेश्वरम से काशी तक जोड़ने का संकल्प दोहराया योगी ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश के श्रद्धालुओं के लिए रामेश्वरम यात्रा को सुगम बनाया जाएगा। “काशी से गंगाजल लेकर रामेश्वरम जाने की सुविधा रेलवे के साथ मिलकर विकसित करेंगे। काशी-तमिल संगम की तरह उत्तर-दक्षिण को और मजबूत जोड़ेंगे।” तीर्थ यात्रा में श्रद्धा भाव सबसे पहले, पर्यटन और मनोरंजन बाद में मुख्यमंत्री ने कहा, “तीर्थ यात्रा में श्रद्धा भाव सबसे पहले हो, पर्यटन और मनोरंजन बाद में। इससे स्थलों की पवित्रता और मर्यादा बनी रहेगी।” उन्होंने 555 यात्रियों को संबल देते हुए कहा, “यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार का आपके साथ संबल है।” कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, विधायक ओपी श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, रामचंद्र प्रधान, सीएमओ सलाहकार अमेश कुमार अवस्थी और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
हत्या के प्रयास में 4 दोषी:न्यायालय ने सुनाई 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा, कई मामले थे दर्ज
रायपुर जिले में हत्या के प्रयास के एक मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को दोषी ठहराते हुए हर एक को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला खरोरा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, खरोरा थाने में अपराध क्रमांक 35/2024 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में टिकेश्वर उर्फ छोटू (23), साहिल (19), अनेश उर्फ कमलू (19) और सोनू (20) को दोषी पाया गया। ये सभी खरोरा के निवासी हैं। सबूतों के बिनाह पर आरोप सिद्ध न्यायालय ने मामले में प्रस्तुत किए गए सबूत और तथ्यों का गहराई से विश्लेषण किया। इन्हीं के आधार पर सभी आरोपियों को दोषी सिद्ध करते हुए 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इस प्रकरण की जांच खरोरा थाने में पदस्थ सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) परशुराम साहू ने की थी। थाना प्रभारी के.के. कुशवाहा के निर्देशन में पुलिस ने मामले में सशक्त जांच करते हुए आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत प्रस्तुत किए। इन्हीं साक्ष्यों के बल पर न्यायालय ने यह महत्वपूर्ण निर्णय दिया। कई धाराओं में अपराध दर्ज आरोपियों ने एक व्यक्ति पर धारदार चाकू से हमला कर उसकी हत्या की कोशिश की थी । इसके अलावा, उनके खिलाफ मारपीट और धमकी देने का एक और मामला (अपराध क्रमांक 34/2024, धारा 294, 323, 506, 34 भा.द.वि.) भी दर्ज है।
लहार नगर के बस स्टैंड पर 'संकल्प से समाधान' शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें भिंड कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस शिविर के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे लोगों तक पहुंचाई गई और उनकी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया। शिविर के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं। कुल 200 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से कई का तुरंत समाधान कर दिया गया। शेष आवेदनों को लेकर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इस दौरान सबसे ज्यादा आवेदन राजस्व विभाग और पेंशन केसों को लेकर प्राप्त हुए। इसके अलावा पंचायत विभाग और शासकीय जमीनों पर अतिक्रमण को लेकर भी प्राप्त हुए। जिनके निराकरण के निर्देश कलेक्टर ने लहार एसडीएम विजय सिंह यादव को दिए। 31 मार्च तक चलेगा यह विशेष अभियान कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि जिले में सुशासन और पारदर्शिता लाने के लिए यह अभियान 12 जनवरी से 31 मार्च 2026 तक चार चरणों में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र लोगों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का समय पर लाभ दिलाना है। इससे हितग्राहियों को अपने काम के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते। नए बस स्टैंड को शुरू करने की मांग शिविर के दौरान सामाजिक क्रांति ऑटो टमटम मोर्चा ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर लहार के नए बस स्टैंड का मुद्दा उठाया। उन्होंने मांग की कि लंबे समय से अधूरा पड़ा नया बस स्टैंड जल्द से जल्द सुचारू रूप से शुरू किया जाए। वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद इस महत्वपूर्ण आयोजन में जिला पंचायत सीईओ वीरसिंह चौहान, एसडीएम विजय सिंह यादव, सीएमएचओ डॉ. जगत सिंह यादव और तहसीलदार दीपक शुक्ला सहित तमाम विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत का बिना नाम लिए उन पर तंज कसा। सीएम भजनलाल ने कहा- आप तो होटलों में सोए थे। आप जाते थे तो एक पैर में नहीं, दोनों पैरों में पट्टी बांध लेते थे। यह पट्टी दिखाती थी कि इनके बस की नहीं है जाने की। सीएम बोले- हमें तो ईश्वर भी शक्ति देता है काम करने की। न हमें जुखाम-बुखार आता है, न पट्टी बंधती है। सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को मानसरोवर स्थित टैगोर इंटरनेशनल स्कूल में ये बातें कही। राजस्थान दिवस के उपलक्ष में कार्यक्रमों की शृंखला में आयोजित 'राजस्थान युवा शक्ति दिवस' को संबोधित करते हुए सीएम भजनलाल बोले- चिंता मत कीजिए। 24 घंटे हमारे मंत्रिमंडल के साथी, विधायक और जनप्रतिनिधि जनता की सेवा करते हैं। 2 साल बनाम 5 साल के कामों पर वे बहस नहीं करना चाहते। बहस से बचने के लिए वे विधानसभा छोड़कर भाग गए। सीएम भजनलाल ने कहा- मैंने विधानसभा में जनता के बीच अपनी सरकार के कामों का प्रतिवेदन दिया। आप अपनी सरकार के काम बता दीजिए, लेकिन यह उसका जवाब नहीं देते हैं। देखें PHOTOS सीएम ने कहा- अरे तुम्हारी मर्जी से चलूंगा क्यामुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- वे कहते हैं मुख्यमंत्री वहां जा रहे हैं तो क्यों जा रहे हैं। नहीं जा रहे हैं तो क्यों नहीं जा रहे। अरे तुम्हारी मर्जी से चलूंगा क्या, तुम हो क्या मेरे ऊपर? राजस्थान की जनता के लिए जो भी करना पड़ेगा, उसे पूरी तरह से करेंगे। आपके कहने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे। इनके मंत्री जेल जाकर आ गए, कई लाइन में लगे हैंसीएम ने कहा- वर्ष 2019 में राजस्थान में जल जीवन मिशन (जेजेएम) योजना शुरू हुई, लेकिन कांग्रेस के लोगों ने उसमें इतना बड़ा घोटाला कर दिया कि उनके मंत्री भी जेल में होकर आ गए। अधिकारी भी लगातार देख रहे हैं कि जेल में जा रहे हैं। कई लाइन में लगे हुए हैं। मैं आपके माध्यम से कहना चाहता हूं कि जिन्होंने राजस्थान के साथ कुठाराघात और भ्रष्टाचार किया है, उसको एक को भी बख्शने वाले नहीं हूं। दिल्ली जाता हूं तो कुछ न कुछ लेकर आता हूंमुख्यमंत्री ने कहा- जब भी मैं दिल्ली जाता हूं तो यह इस तरह की बातें करते हैं कि दिल्ली कैसे जाते हैं। अरे भाई दिल्ली जाता हूं तो कुछ न कुछ लेकर आता हूं। अभी मेरी दो दिन की मीटिंग थी तो कुछ न कुछ लेकर आया हूं। तुम दिल्ली में सरकार बचाने के लिए जाते थे। आप तो दो-दो महीने होटलों में रहते थे। मुख्यमंत्री ने कहा- अब यह मुझसे पूछ रहे हैं कि आपने बजट में क्या किया। हमने बजट में घाटे को भी कम किया है और राजस्थान में प्रति व्यक्ति आय भी बढ़ी है। पहले प्रति व्यक्ति आय 1.67 लाख थी, अब प्रति व्यक्ति आय 2 लाख रुपए से ऊपर है।
रेवाड़ी शहर और आसपास के इलाकों में कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की भारी किल्लत सामने आई है। इस कमी के कारण रेस्टोरेंट, ढाबे और चाय की दुकानें संकट का सामना कर रही हैं। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित ढाबा संचालकों के अनुसार घरेलू व कॉमर्शियल सिलेंडर अब ब्लैक मार्केट में 3,000 से 6,000 रुपए तक में बेचे जा रहे हैं। सिलेंडरों की कमी के चलते कई ढाबा संचालकों को खाना पकाने के लिए कोयले की भट्टियों या लकड़ी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे भोजन तैयार करने में अधिक समय लग रहा है। जिस वजह से ग्राहकों को इंतजार करना पड़ रहा है। शहर की कई चाय की दुकानें और छोटे रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। रेस्टोरेंट संचालक बोले- दुकानें बंद करने पड़ेंगी वहीं, कुछ रेस्टोरेंटों के पास कॉमर्शियल सिलेंडरों का स्टॉक केवल कुछ दिनों का बचा है। संचालकों का कहना है कि इतने ऊंचे दामों पर सिलेंडर खरीदने से उनका मुनाफा खत्म हो जाएगा। ऐसे में उनके पास भट्टियों का उपयोग करने या दुकानें बंद करने का ही विकल्प बचता है। कई ढाबों और चाय की दुकानों पर घरेलू सिलेंडरों का अवैध रूप से इस्तेमाल भी देखा गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग पर विफलता का आरोप स्थानीय लोगों ने खाद्य आपूर्ति विभाग पर विफलता का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मार्केट में ब्लैक में अधिक कीमत चुकाकर सिलेंडर आसानी से मिल रहे हैं, जबकि सामान्य उपभोक्ता और कारोबारी लंबी कतारों में खड़े होकर परेशान हो रहे हैं।
नर्मदापुरम के सिवनी मालवा के ग्राम चंदपुरा में मंगलवार को प्रतिबंध के बावजूद गेहूं की नरवाई में आग लगाने का मामला सामने आया। आसपास के किसानों ने आग लगने के बाद दमकल को बुलाया, जिससे आग पर काबू पाया जा सका। किसान आसपास नहीं होते तो पास के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जल जाती। इसके बाद पड़ोसी किसानों ने दोपहर में नरवाई जलाने वाले किसान मोरसिंह कुशवाह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। नरवाई जलाने के केस में एफआईआर की जिले में पहली कार्रवाई है। मामले में शिवपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और कोर्ट ने उसे जेल भेजने के आदेश दे दिए। पुलिस के मुताबिक फरियादी शिवकुमार यादव निवासी शिवपुर है। उसने बताया कि मेरा खेत भिलाडिया चन्द्रपुरा रोड पर है। बाजू में केशव यादव, जितेंद्र यादव के खेत लगे है। जिसमें गेहूं की फसल सूखकर खड़ी है। बाजू में ही मोर सिंह कुशवाह का खेत लगा है, मोर सिंह ने अपने खेत के गेहूं की फसल पूर्व में ही काट चुका है। मंगलवार सुबह सुबह करीब 9 बजे शिवकुमार, पड़ोस के खेत वाले केशव यादव, जितेंद्र यादव, राधेश्याम यादव, शेखर यादव भी खेत पर थे। तभी मोर सिंह कुशवाह अपने खेत पर आया और खेत नरवाई में आग लगा दी। आग न बुझाते तो बड़ा नुकसान होतापड़ोसी खेत के किसान केशव यादव, जितेंद्र यादव, राधेश्याम यादव, शेखर यादव तत्काल सभी दौड़े और उसके खेत की नरवाई की आग बुझाने लगे तो मोरसिंह कुशवाह उल्टा गालियां देने लगा, बोला कि मेरे खेत की नरवाई है, मैं तो जलाउंगा। बीच में आओगे तो जान से खत्म कर दूंगा। हम लोगों ने फायर टेंकर को बुलाकर उसकी मदद से आग पर काबू पाया। अगर नरवाई में लगी आग नहीं बुझती तो आस पास के सभी खेत जल सकते थे जिससे बड़ा नुकसान होता। दोपहर में उसने शिवपुर थाने पहुंचकर शिकायत की। थाना प्रभारी विवेक यादव ने बताया मोर सिंह कुशवाह द्वारा जान बूझकर स्वयं के खेत की नरवाई जलाई। रोकने पर किसानों से झगड़ा भी किया। नरवाई जलाना प्रतिबंध है। बावजूद उसने नरवाई में आग लगाई। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(b), 351(3), 280, 287, 326 क, 223 ख का केस दर्ज किया। गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है।
पैंथर के लिए लगाया पिंजरा दो बार कुत्ता हुआ कैद:मीट के लालच में घुसा, वन विभाग भी रह गया हैरान
कोटा के नयापुरा इलाके में उस समय अजीब स्थिति बन गई जब लेपर्ड को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरे में पैंथर की जगह कुत्ता कैद हो गया। मामला सीएमएचओ परिसर के पीछे का है, जहां पिछले कुछ दिनों से लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना के बाद वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही थी। आर्मी एरिया और चंबल कॉलोनी के आसपास पैंथर दिखने की खबरों के बाद जंगल और कॉलोनी के पास कैमरे लगाए गए थे और पिंजरा भी लगाया गया था। वन विभाग की टीम जब पिंजरे को चेक करने पहुंची तो अंदर पैंथर की जगह एक कुत्ता बैठा मिला। टीम ने पिंजरा खोलकर कुत्ते को बाहर निकाला और फिर से पिंजरा सेट कर दिया। लेकिन कुछ देर बाद फिर वही कुत्ता पिंजरे के अंदर कैद हो गया। बताया जा रहा है कि पिंजरे में रखे मीट के टुकड़े को खाने के लिए कुत्ता बार-बार अंदर घुस रहा था।दो बार कुत्ते के पिंजरे में फंसने की घटना देखकर मौके पर मौजूद लोग हंसने लगे, हालांकि वन विभाग ने सावधानी रखते हुए कुत्ते को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। वन विभाग की टीम का कहना है कि इलाके में पैंथर की मूवमेंट को लेकर निगरानी लगातार जारी है और जरूरत पड़ने पर पिंजरे की जगह बदली जाएगी।
शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए यातायात पुलिस ने टेक्नोलॉजी का सहारा लिया है। इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के तहत शहर के बड़े चौक-चौराहों और प्रमुख सड़कों पर लगाए गए कैमरे 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं। इन कैमरों की मदद से नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर बिना मौके पर रोके ही ई-चालान जारी किया जा रहा है। यातायात पुलिस के मुताबिक इस साल 2026 में अब तक 8926 से ज्यादा ई-चालान जारी किए जा चुके हैं। यह पूरी प्रक्रिया ऑटोमैटिक और प्रमाण के आधार पर होती है, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी या पक्षपात की गुंजाइश नहीं रहती। कैमरे वाहन का नंबर रिकॉर्ड करते हैं और उसके आधार पर चालान सीधे वाहन मालिक के पते और मोबाइल नंबर पर भेज दिया जाता है। हर मूवमेंट रिकॉर्ड कर रहा आईटीएमएसपुलिस का कहना है कि कई बार लोग चेकिंग देखकर रास्ता बदल लेते हैं या भागने की कोशिश करते हैं, लेकिन अब ऐसे मामलों में भी कार्रवाई से बचना मुश्किल हो गया है। ITMS कैमरे हर मूवमेंट को रिकॉर्ड करते हैं, जिससे बाद में भी पहचान कर चालान किया जा सकता है। खास तौर पर बिना हेलमेट गाड़ी चलाना, तीन सवारी बैठाना, गलत दिशा में वाहन चलाना और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी जैसे मामलों पर ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इन उल्लंघनों को रोकने के लिए कैमरों से लगातार निगरानी की जा रही है। ट्रैफिक नियमों में सख्ती बरत रही पुलिसदुर्ग जिले में ट्रैफिक पुलिस लगातार चालानी कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार ITMS के आने से ट्रैफिक कंट्रोल करना पहले से आसान हुआ है। इससे सड़क पर होने वाले हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, शहर की ट्रैफिक व्यवस्था ज्यादा व्यवस्थित और सुचारू बन रही है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और सही दिशा में वाहन चलाना जैसे छोटे-छोटे नियम ही बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं।
अजमेर में चेटीचंड पखवाड़े के तहत विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मंगलवार को सिंधी समाज की ओर से अजय नगर क्षेत्र में महारानी लाड़ीबाई मातृशक्ति जुलूस निकाला गया, जिसे चेटीचंड का मिनी जुलूस भी कहा जाता है। जुलूस की खास बात यह रही कि इसमें केवल महिलाएं और छोटी बच्चियां ही शामिल हुईं। मातृशक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से निकाले गए इस जुलूस में आकर्षक और संदेशपरक झांकियां तैयार की गईं। महिलाओं और बच्चियों ने अलग-अलग थीम पर झांकियां सजाईं, जो विभिन्न मार्गों से होकर निकाली गईं। जुलूस के दौरान पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाएं और बच्चे सिंधी लोक नृत्य करते नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने जुलूस का स्वागत किया। वहीं, जुलूस को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। मार्गों पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लेकर राज्य अन्वेषण अभिकरण (SIA) ने बड़ा खुलासा किया है। बिलासपुर की विशेष कोर्ट में आज SIA ने 9 नक्सलियों के खिलाफ चार्ज सीट दाखिल किया है। जिसमें बताया कि, यह नक्सली रायपुर के रिहायशी इलाकों में मजदूर बनकर रहते थे। पेनड्राइव-लेटर के जरिए जंगल में बैठे आकाओं तक खुफिया जानकारी पहुंचाते थे। SIA की चार्जशीट के मुताबिक, नक्सली संगठन का सक्रिय सदस्य आकाश उर्फ पवन उर्फ पुष्कर मुआर्य रायपुर के चंगोराभाठा इलाके में मजदूर बनकर किराए के मकान में रह रहा था। जिससे किसी को शक न हो। उसने संगठन के डीवीसी जग्गू कुरसम और उसकी पत्नी कमला कुरसम को भी रायपुर लाकर रुकवाया। यह मकान शहरी नेटवर्क का मुख्य केंद्र बन गया था। पेनड्राइव, लेटर और कोडवर्ड में भेजते थे जानकारी जांच में सामने आया है कि, नक्सली पेनड्राइव और लिफाफों में बंद पत्रों के जरिए सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे। ये आरोपी रायपुर, सिमगा, नवापारा राजिम और बिलासपुर में मीटिंग करते थे। मीटिंग में शामिल होने के लिए कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। इसमें गिरधर नाग, संदेव पोडियम और अन्य आरोपी जंगल से शहर तक कूरियर (जानकारियों का आदान–प्रदान करने वाला) का काम करते थे। वे बड़े नेताओं के निर्देश पर विस्फोटक सामग्री और सूचनाएं लेकर शहर आते और यहां से जरूरत का सामान वापस ले जाते थे। एसआईए ने जांच के दौरान 9 नक्सलियों से पकड़ा। इन नक्सलियों से 300 ग्राम सोना (बिस्किट के रूप में), 2.5 लाख कैश, लैपटॉप, बड़ी संख्या में पेनड्राइव और मोबाइल फोन मिले थे। सितंबर 2025 में चंगोरा भाठा में रेड मारी थी एसआईए ने दरअसल, 23 सितंबर 2025 को रायपुर के डीडी नगर थाने में नक्सलियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने विवेचना SIA को सौंपी थी। गिरफ्तार 9 आरोपियों के खिलाफ भादंवि (BNS) और यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। SIA ने रायपुर, बीजापुर और नारायणपुर में दबिश देकर इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में सफलता पाई है। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मददगारों पर भी शिकंजा कसा जा सकता है। कॉल इंटरसेप्शन में फंसे पति-पत्नी इस मामले में इंटेलिजेंस एजेंसियों को जग्गू उर्फ रवि उर्फ रमेश कुरसम और उसकी पत्नी कमला के बारे में कॉल इंटरसेप्शन के जरिए सुराग मिला। रायपुर लोकेशन से बस्तर बेल्ट में संपर्क होने के तकनीकी इनपुट की छानबीन की गई। जानकारी मिलने के बाद इनपुट डीडी नगर पुलिस को भेजा गया। पड़ोसियों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे कुछ लोग सिविल ड्रेस में घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। उस वक्त दोनों आरोपी कमरे में ही मौजूद थे। दरवाजा खुलते ही टीम ने उन्हें दबोच लिया। तलाशी में पुलिस को 10 तोले का सोने का बिस्किट, 1 लाख 14 हजार रुपए कैश, दो टच स्क्रीन मोबाइल और अन्य सामान मिला है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में पकड़ा गया अर्बन नक्सल नेटवर्क:रायपुर में दूसरी बार पकड़ाए, गोलियां-बारूद, गन-मशीन की सप्लाई, सप्लायरों में BJP नेता-कारोबारी रायपुर पुलिस ने शुक्रवार को चंगोराभाठा से नक्सली दंपती जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28) और कमला कुरसम (27) को गिरफ्तार किया है। नक्सली दंपती पिछले 5 सालों से रायपुर में पहचान छिपाकर रह रहे थे। जानकारी के मुताबिक नक्सलियों के सीनियर लीडर की कॉल ट्रेसिंग के दौरान इस नक्सल दंपती का पता लगा। पढ़ें पूरी खबर…
छतरपुर जिले के बड़ामलहरा थाना क्षेत्र के ग्राम सिरोंजखेरा में मंगलवार को एक दलित परिवार पर रात में हमले का मामला सामने आया है। पीड़ित भागचन्द्र अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है, जिसमें थाना बड़ामलहरा में पदस्थ आरक्षक सतीश यादव सहित पांच लोगों पर मारपीट, जातिसूचक गाली देने और संपत्ति में तोड़फोड़ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, यह घटना 13 मार्च 2026 की रात करीब 11 बजे हुई, जब भागचन्द्र अपने परिवार के साथ खेत में बने टपरे में सो रहे थे। इसी दौरान हरि अहिरवार, राजू अहिरवार, भैयालाल अहिरवार और बिहारी अहिरवार सहित लगभग 14 लोग दो जीपों में सवार होकर मौके पर पहुंचे। आरोप है कि उन्होंने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और लोहे के पाइप व डंडों से हमला किया। पत्नी, बच्चों को भी चोट आईंहमले में भागचन्द्र के सिर में गंभीर चोट आई, जबकि उनकी पत्नी कल्लोबाई, पुत्रियां प्रियंका और भारती तथा पुत्र राहुल और प्रिन्स को भी चोटें लगी हैं। पीड़ित का आरोप है कि मौके पर मौजूद पुलिस आरक्षक सतीश यादव और 112 वाहन के एक अन्य आरक्षक ने न केवल जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित किया, बल्कि हमलावरों का साथ भी दिया। घटना के दौरान आरोपियों ने खेत में खड़े ट्रैक्टर और थ्रेशर मशीन में तोड़फोड़ की। उन्होंने टपरे में रखा घरेलू सामान भी बाहर फेंक दिया, जिससे परिवार को आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस पर सुनवाई नहीं करने का आरोपपीड़ित का कहना है कि घटना के बाद जब वह रिपोर्ट दर्ज कराने बड़ामलहरा थाने पहुंचे, तो उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मामले में एसडीओपी बड़ामलहरा रोहित अलावा ने बताया कि यह दोनों पक्षों का आपसी विवाद है। पहला पक्ष थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने आया था, जिसके आधार पर दूसरे पक्ष (भागचंद और अन्य) पर मारपीट का मामला दर्ज किया गया है। भागचंद सीधे एसपी कार्यालय पहुंचे। एसडीओपी ने आरक्षक पर जातिसूचक मारपीट के आरोपों को झूठा बताया और कहा कि वह आरक्षक उस समय थाने में ही मौजूद था।
रसोई गैस की कथित किल्लत के बीच आज सीकर में गैस सिलेंडरों के रूरल डिस्ट्रीब्यूटर के मकान में 124 अवैध सिलेंडर पाए गए। रसद विभाग की टीम ने सिमारला गांव में अचानक निरीक्षण किया तो बड़ी संख्या में सिलेंडर का स्टॉक मिला। जिला रसद अधिकारी विजेंद्र पाल ने बताया कि खाद्य विभाग जयपुर व जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा के निर्देश पर विभाग की विजिलेंस टीम ने इंडेन ग्रामीण वितरक थोई की जांच की। सिमारला गांव में सुभाष चंद के घर व दुकान की जांच करने पर 124 खाल व भरे सिलेंडर पाए। सुभाष चंद के मकान में मिले 90 घरेलू गैस सिलेंडर में से 18 भरे हुए व 72 सिलेंडर खाली मिले। इसी प्रकार कॉमर्शियल कैटेगरी 28 सिलेंडर खाली और 5 किग्रा कैटेगरी के 6 सिलेंडर भरे हुए मिले। डिस्ट्रीब्यूटर सुभाष चंद के पास खाली व भरे सिलेंडरों के संबंध में कोई डॉक्यूमेंट्स नहीं मिलने के कारण सभी 124 खाली व भरे सिलेंडर जब्त कर थोई इंडेन ग्रामीण वितरक को सुपुर्द किए। सुभाष चंद के विरूद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 व 6 ए के तहत कार्रवाई की जाएगी। विजिलेंस टीम में प्रवर्तन अधिकारी जयराम, प्रवर्तन अधिकारी सुनीता वर्मा, प्रवर्तन निरीक्षक अनुराग बैरवाल और प्रवर्तन निरीक्षक सुरभि मीणा शामिल थे। जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा ने बुकिंग ने अनुरूप आपूर्ति नहीं करने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। कलेक्टर शर्मा ने SDM के नेतृत्व में त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित की है।
लीक, लीक, लीक…एक रैंडम टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च, रात करीब 11 बजकर 10 मिनट पर ये मैसेज आया। मैसेज के साथ एक इमेज अटैच थी। आगे लिखा था 12th बोर्ड हिंदी पेपर, दो इमोजी और अगली लाइन…सीजी बोर्ड 2026 रियल क्वेश्चन पेपर। ग्रुप के सभी मेंबर्स ने बिना देरी किए सबसे पहले ये इमेज मोबाइल पर सेव कर ली। इसके बाद ये इमेज वाला मैसेज 15 मिनट में 15,000 से अधिक स्टूडेंट के मोबाइल पर पहुंच गया। इमेज के दो पन्नों पर 15 सवाल थे। पहले पेज के कॉर्नर पर लिखा था B। सभी 15 सवाल हाथ से लिखे गए थे, लेकिन लिखाई का पैटर्न बिल्कुल असली क्वेश्वचन पेपर की तरह था। हम उन स्टूडेंट्स तक पहुंचे, जिन्होंने शुरूआती दौर में लीक पेपर अलग-अलग ग्रुप्स में सर्कुलेट किया था। पता चला कि सिर्फ हिन्दी ही नहीं, अंग्रेजी और कुछ दूसरे सब्जेक्ट्स के भी पेपर इसी तरह की हैंड राइटिंग में लिखकर कई ग्रुप्स में शेयर हुए थे। पेपर लीक का ये मामला किसी एक जिले तक सीमित नहीं है। इसके अलावा भी कई चौंकने वाले खुलासे हुए हैं। पढ़िए बोर्ड पेपर लीक की पूरी कहानी… 10 घंटे पहले ही लीक हुआ था पेपर 14 मार्च को सुबह ठीक 9 बजे, छत्तीसगढ़ बोर्ड का हिंदी पेपर शुरु हुआ। इस पेपर के सेट B में पूरे 15 सवाल वही और उसी क्रम में पूछे गए जो इमेज में थे। यहां तक कि वैकल्पिक सवाल भी मेल खा गए। यानी बोर्ड का पेपर एग्जाम शुरू होने के लगभग 10 घंटे पहले ही लीक हो चुका था। साइबर पुलिस करेगी पेपर लीक की जांच लेकिन बोर्ड के अधिकारी- कर्मचारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। पेपर के दो दिन बाद, 16 मार्च को पूरे मामले की शिकायत बोर्ड के अधिकारियों ने सिविल और साइबर पुलिस थाने में की है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। लेकिन इससे पहले भास्कर ने पूरे मामले को अपने स्तर पर इंवेस्टिगेट किया। अब 4 सीन में समझिए पेपर कहां और कैसे लीक हुआ ? सीन 1: रायपुर में इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट के मोबाइल पर आया मैसेज लीक मामले में कई कड़ियां जोड़ने के बाद हमारा संपर्क रायपुर की एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी से इंजनियरिंग कर रहे स्टूडेंट रजत साहू (बदला हुआ नाम) से हुआ। रजत धमतरी के रहने वाले हैं। रजत उन चुनिंदा लोगों में से एक हैं, जिनके पास लीक हुआ पेपर सबसे पहले पहुंचा था। रजत ने बताया उन्हें किसी ने एक टेलिग्राम ग्रुप से जोड़ा था। इसी टेलीग्राम ग्रुप पर 13 मार्च रात 11 बजे के आसपास लीक पेपर आया था। जोकि वो बारहवीं की पढ़ाई नहीं कर हैं, उन्हाेंने ज्यादा दिलस्पी इस बात में नहीं दिखाई कि ये मैसेज किसने भेजा और उन्हें ग्रुप में किसने जोड़ा। लेकिन पेपर उन्होंने सेव कर लिया। इसके बाद अपनी एक फ्रेंड को कॉल किया, उससे पूछा- हिन्दी का पेपर हो गया? दूसरी तरफ से जवाब आया, कल तो है। रजत ने इसके बाद अपनी फ्रेंड को टेलीग्राम पर आया हुआ पेपर शेयर कर दिया। लेकिन रजत की बातों से हमें ये लगा कि वो कई बातें छुपा रहे हैं। टेलीग्राम ग्रुप का नाम पूछने पर उन्होंने बताया कि याद नहीं। ग्रुप लिंक मांगा तो कहा- पेपर लीक का मामला आते ही उन्होंने सब कुछ हटा दिया है। खुद भी ग्रुप से लेफ्ट हो गए। पूछा- इस तरह से कोई दूसरा पेपर भी कभी आया था। रजत ने जवाब दिया- नहीं। जबकि हमें ये कंफर्म था कि रजत ने इसी तरह अंग्रेजी का पेपर भी शेयर किया है। हालांकि इसके बाद रजत से हमने ये कहते हुए बात समाप्त कर दी कि आगे कोई अपडेट मिले तो बताना। सीन 2: रजत की फ्रेंड ने अपने फ्रेंड को भेजा वायरल पेपर रजत से बात करने से पहले हम उसकी दोस्त सुनीता (बदला हुआ नाम) तक पहुंच चुके थे। सुनीता गरियाबंद की रहने वाली हैं। उन्होंने हमें बताया कि रजत ने उन्हें ये वायरल पेपर 13 मार्च की रात 11 बजकर 23 मिनट को भेजा था। कहा था कि इन सवालों को भी ध्यान से पढ़ लेना। सुनीता ने हमें ये भी बताया कि कई टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप पर वायरल पेपर की तरह दूसरे पेपर्स भी आते थे। रजत ने इसी तरह का अंग्रेजी का पर्चा भी शेयर किया था। लेकिन बाकी दूसरे पर्चों से एग्जाम में चार-पांच सवाल ही फंसते, वो भी हर बार नहीं। 'जैसा लीक पेपर में था वैसा ही क्वेश्चन आया' सुनीता के मुताबिक, स्टडी ग्रुप में एग्जाम के पहले इस तरह के मॉडल क्वेश्चन पेपर भेजना आम बात हैं। हम इन्हें इम्पार्टेंट क्वेश्चन की तरह कंसीडर्ड करते हैं। इस उम्मीद से नहीं पढ़ते कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले प्रश्न होंगे। ऐसा होता भी नहीं। लेकिन उस रात लीक वायरल पेपर के सवाल अगले दिन के एग्जाम में पूछे गए सवालों की नकल थे। हम खुद हैरान थे कि सब कुछ वैसा ही कैसे पूछ लिया गया। सोशल मीडिया में अगले दिन पेपर लीक का मामला सामने आया। मैं बहुत डर गई, घर वालों को कुछ भी पता चलता तो वो बहुत चिल्लाते। इसलिए मैंने सभी दूसरे ग्रुप और पेपर से जुड़े चैट तुरंत मोबाइल से हटा दिए। हालांकि सुनीता ने बताया कि उन्होंने ये पेपर अपने दोस्त शोभित से भी शेयर किया था। सीन 3: शोभित ने जीनियस एकेडमी के ग्रुप में शेयर किया था पेपर शोभित वही स्टूडेंट हैं जिनका चैट अब तक बाकी सभी न्यूज प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। शोभित ने ही जीनियस एकेडमी के व्हाट्सएप ग्रुप पर हिन्दी का पेपर शेयर किया था। शोभित कोरबा के रहने वाले हैं। शोभित इस पेपर लीक मामले की वो कड़ी हैं जिनके जरिए हम सुनीता और उसके बाद रजत तक पहुंचे। शोभित ने बताया उन्हें पेपर रात 1 बजे के बाद मिला। ये पेपर सिर्फ सुनीता के पास नहीं था। उनके कई और दोस्तों के पास भी पहुंचा था। मैंने तो बस सुनीता से मिला पेपर ग्रुप में शेयर किया। मुझे नहीं पता था कि वो असल एग्जाम में पूछे जाने वाले सवाल होंगे। ये पेपर किसी टेलीग्राम लिंक पर आया। और बहुत तेजी से वायरल हुआ था। मेरा A सेट आया था। लेकिन एग्जाम हाल से निकलते ही दोस्तों ने बताया वायरल पेपर असली था। B सेट में सारे वही सवाल थे। सीन 4: छात्र नेता पुनेश्वर ने बताया: रायपुर की स्टूडेंट से पता चला मामला पेपर लीक मामले का खुलासा करने वाले छात्र नेता पुनेश्वर लहरे ने बताया कि इंस्टाग्राम पर एक निजी कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाली स्टूडेंट के जरिए उन्हें पूरे मामले की जानकारी लगी। जानकारी मिलते ही उन्होंने सबसे पहले पूरे मामले का अपडेट अपने सोशल मीडिया पेज पर डाला। इसके बाद NSUI ने सोमवार (16 मार्च) को माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय का घेराव किया। पेपर रद्द हो सकता है, मुख्य आरोपी तक पहुंचना चुनौती माध्यमिक शिक्षा मंडल की सचिव पुष्पा साहू ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बातों ही बातों ये भी माना है कि वास्तव में पेपर लीक की बात सच साबित हुई तो पेपर रद्द भी हो सकता है। हालांकि कैमरे पर उन्होंने इस संदर्भ में कुछ नहीं कहा। हो सकती है ओरिजनल चैट्स की रिकवरी इस पूरे मामले में पुलिस के लिए मुख्य आरोपी तक पहुंचना बड़ा चैलेंज इसलिए है, क्योंकि स्टूडेंट्स ने अधिकतर ग्रुप्स और चैट्स डिलीट कर दिए है। सिर्फ स्क्रीन शॉट्स हैं। ओरिजनल चैट्स रिकवरी में वक्त लग सकता है। पेपर टेलीग्राम पर लीक हुआ है, और कई लेयर्स में शेयर किया गया है। ऐसे में हर लेयर को ब्रेक करना और मुख्य आरोपी तक पहुंच पाना कठिन होगा। हालांकि सायबर पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। ………………… इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… CG बोर्ड 12वीं का हिंदी पेपर लीक!...FIR दर्ज: दावा- व्हाट्सऐप पर 15 सवाल सेंड किए गए; सचिव बोलीं- जांच रिपोर्ट के बाद लेंगे एक्शन छत्तीसगढ़ में 12वीं बोर्ड की हिंदी परीक्षा का पेपर लीक होने का दावा किया जा रहा है। 14 मार्च को 12वीं की हिंदी की परीक्षा थी, जो सफलतापूर्वक संपन्न हो गई थी। लेकिन 15 मार्च को सोशल मीडिया पर छात्र संगठनों ने पेपर लीक होने की जानकारी दी। पढ़ें पूरी खबर…
नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र में फीस न देने पर एक 6 वर्षीय छात्र की पिटाई का मामला सामने आया है। यह घटना शाह चोखा के एक स्कूल की बताई जा रही है। जहां दूसरी कक्षा के छात्र को कथित तौर पर बेरहमी से पीटा गया। पीड़ित छात्र मुरसलीम के बड़े भाई इम्तियाज़ ने बताया कि 17 मार्च की सुबह जब मुरसलीम स्कूल पहुंचा, तो शिक्षक ने उससे पेपर फीस मांगी। बच्चे ने अगले दिन फीस लाने की बात कही, जिस पर शिक्षक कथित तौर पर भड़क गया। शिक्षक पर बेहरमी से पीटने का आरोप आरोप है कि शिक्षक ने बच्चे को लात-घूंसों से बुरी तरह पीटा और उसे डराया-धमकाया। बच्चे की हालत देखकर उसके परिजनों ने विरोध जताया। जब इम्तियाज़ स्कूल पहुंचा और इस घटना का विरोध किया, तो शिक्षक ने उसके साथ भी कथित तौर पर गाली-गलौज की। एसडीएम ने जांच के आदेश दिए मौके पर मौजूद स्कूल संचालक पर भी अभद्र व्यवहार और धमकी देने के आरोप लगे हैं। घटना की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद पुन्हाना के एसडीएम ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने थाना प्रभारी, जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जयपुर के जवाहर कला केंद्र में ‘कला मेला’ का भव्य आगाज हुआ, जिसमें 400 से अधिक कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिला। इस दौरान उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि युवाओं की कलाकृतियां देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हैं और ऐसे आयोजन कला व संस्कृति को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं। राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित पांच दिवसीय ‘कला मेला’ की शुरुआत मंगलवार को जेकेके स्थित शिल्पग्राम में हुई। इस अवसर पर प्रदेश की उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन, कला-संस्कृति मंत्री दीया कुमारी ने मेले का उद्घाटन किया। 17 मार्च से 21 मार्च तक आयोजित होने वाला यह कला मेला अपने 25वें संस्करण के रूप में अपनी चर्चा बटोर रहा है। इस आयोजन में राजस्थान के युवा और उभरते कलाकारों को अपनी कला और रचनात्मकता प्रदर्शित करने का बड़ा मंच मिला है। यह आयोजन कला, साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग, राजस्थान सरकार और जवाहर कला केंद्र के सहयोग से किया जा रहा है। उद्घाटन अवसर पर डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने विभिन्न कलाकारों की कलाकृतियों का अवलोकन करते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशभर के कलाकारों को लगातार मंच प्रदान कर रही है और यह कला मेला उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। कलाकृतियों के जरिए दिया गया मैसेज उन्होंने कहा कि इस बार 19 मार्च को राजस्थान दिवस भी विशेष रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसके तहत मेले में हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक और रचनात्मक कार्यक्रम होंगे। यहां युवा कलाकारों ने देश भावना से जुड़ी कलाकृतियां प्रदर्शित की है। कलाकृतियों के जरिए मैसेज देने का भी कार्य किया गया है। मेले में पारंपरिक और समसामयिक कला गतिविधियों का संगम इस अवसर पर डॉ. अनुराधा गोगिया ने बताया कि इस मेले में पारंपरिक और समसामयिक कला गतिविधियों का संगम देखने को मिले रहा है। राजस्थान ललित कला अकादमी की ओर से क्यूरेटेड इस मेले में 100 से अधिक स्टॉल कलाकारों को आवंटित किए गए हैं, जहां वे अपनी पेंटिंग्स और अन्य कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां करीब 400 से ज्यादा कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों को प्रदर्शित किया है। युवाओं को वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव से मिल रहा सीखने का अवसर अकादमी के सचिव डॉ. रजनीश हर्ष ने बताया कि यह मेला न केवल कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देता है, बल्कि उन्हें कला प्रेमियों और विशेषज्ञों से संवाद का मंच भी प्रदान करता है। साथ ही युवा कलाकारों को वरिष्ठ कलाकारों के अनुभव से सीखने का भी अवसर मिलता है। कला मेला संयोजक हरशिव शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान हर दिन अलग-अलग रचनात्मक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पांच दिवसीय यह कला मेला जयपुर के कला प्रेमियों के लिए एक विशेष आकर्षण बना हुआ है, जहां हर दिन नई रचनात्मक गतिविधियों और प्रस्तुतियों का आयोजन किया जाएगा। इस मौके पर कला-साहित्य एवं संस्कृति विभाग की उप सचिव और जवाहर कला केंद्र की अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया, अकादमी सचिव डॉ रजनीश हर्ष, भाजपा जयपुर शहर प्रवक्ता खेमचंद शर्मा, राजस्थानी फिल्मकार आरके सारा, विपिन तिवारी, श्रवण सागर, वरिष्ठ चित्रकार विद्यासागर उपाध्याय, नाथूलाल वर्मा सहित प्रदेशभर के कलाकार और कला प्रेमी मौजूद रहे।
जयपुर में खाद्य आपूर्ति विभाग की विजिलेंस टीम ने गेहूं चोरी के बड़े मामले का खुलासा किया है। 34 राशन दुकानों पर सप्लाई होने वाला 1 लाख 77 हजार 900 किलो गेहूं बाजार में बेच दिया गया, जिसकी कीमत करीब 53 लाख रुपए बताई जा रही है। इस मामले में विभाग की विजिलेंस टीम ने गेहूं ट्रांसपोर्ट करने वाली फर्म मेसर्स भरत लाल शिव सहाय एंड संस को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश करते हुए मुकदमा दर्ज करवाने के लिए लिखा है। राशन दुकान की बजाय ट्रांसपोर्टर ने बाजार में बेचा गेहूं विभाग से मिली रिपोर्ट के मुताबिक, जयपुर जिले के अलग-अलग ग्रामीण इलाके चौमूं, चाकसू, जालसू, आमेर, आंधी, जमवारामगढ़, बस्सी, झोटवाड़ा के एरिया की 34 उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकानों) पर फरवरी में 1 लाख 77 हजार 900 किलो गेहूं आवंटित किया गया, जिसे सप्लायर को सप्लाई करना था। लेकिन इस गेहूं को इन दुकानों पर सप्लाई करने की बजाय ट्रांसपोर्टर ने इसे बाजार में बेच दिया। गेहूं टाइम पर और पूरा नहीं आने पर दुकान संचालकों ने जब इसकी शिकायत की, तो विभाग ने जांच के लिए 4 सदस्यों की एक विजिलेंस टीम बनाई। शिकायत पर मार्च कोटे का गेहूं फरवरी कोटे में कर दिया सप्लाई इधर, विभाग की शिकायत मिलने पर सप्लायर ने मार्च में आवंटित गेहूं में से 1311 क्विंटल गेहूं इन दुकानों पर सप्लाई करके उसे फरवरी के पेटे आपूर्ति दिखा दिया। इस मामले में गठित विजिलेंस टीम ने दुकानों पर जाकर जब मौके का रिकॉर्ड लिया और जांच की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। वसूली के आदेश इसके बाद विभाग ने फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ ही 53 लाख रुपए की वसूली के भी आदेश जारी किए है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, सप्लायर ने दुकानों को आवंटित सम्पूर्ण गेहूं के बजाय थोड़ा-थोड़ा गेहूं अलग-अलग से निकालकर उसे बाजार में बेचा है, ताकि गड़बड़ी पकड़ी न जा सके।
कपड़ा चोरी के 3 आरोपी गिरफ्तार:धमतरी के मोती वस्त्रालय से लाखों का माल मध्य प्रदेश से बरामद
धमतरी में पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय कपड़ा चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मोती वस्त्रालय से लाखों रुपये के कपड़े चोरी करने के आरोप में तीन आरोपियों को मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया है। चोरी का माल और वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन भी बरामद कर लिया गया है। अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर उठाकर लगभग 1 लाख 37 हजार रुपये मूल्य के कपड़े, साड़ियां, बैग और कुछ नकदी चुरा लिए थे। घटना मगरलोड थाना क्षेत्र के नवागांव की है। सीसीटी की जांच से पकडे गए चोर पुलिस ने चोरी के बाद मामले की जांच शुरू की और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। साइबर टीम ने एक संदिग्ध महिंद्रा बोलेरो पिकअप (RJ 20 GC0653) की पहचान की।इसके बाद मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में घेराबंदी कर वाहन को पकड़ा गया, जिसमें तीन आरोपी सवार थे। पूछताछ में आरोपियों ने छत्तीसगढ़ में चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान राजस्थान के कोटा जिले के बाछीहेरा निवासी विकम बागड़ी (20), बारां जिले के अंता निवासी बबलू बागड़ी (20) और बारां जिले के तलवाड़ा निवासी रोहित बागड़ी (19) के रूप में हुई है। चोर रेकी करते थे फिर चोरी जांच में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी से पहले दुकान की रेकी की थी। रात में लोहे के सब्बल और लकड़ी के कुंदे की मदद से शटर उठाकर दुकान में घुस कर चोरी को अंजाम दिया। चोरी का सामान प्लास्टिक की बोरियों में भरकर वे पिकअप वाहन से मध्य प्रदेश भाग गए थे। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
खैरथल-तिजारा जिले में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए खाद्य व्यापारियों और फूड हैंडलर्स को फोस्टैक (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सर्टिफिकेशन) प्रशिक्षण दिया गया। मंगलवार को खैरथल के अग्रवाल सदन में आयोजित इस कार्यक्रम में कुल 1365 लाभार्थियों को प्रशिक्षित किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक चला प्रशिक्षण मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अरविंद गेट ने बताया कि यह प्रशिक्षण भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई), नई दिल्ली से अधिकृत एजेंसी के प्रतिनिधियों द्वारा प्रदान किया गया। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक चले इस प्रशिक्षण के बाद सभी फूड हैंडलर्स को फूड अथॉरिटी की ओर से प्रमाण पत्र भी दिए गए। दुकानदार, कर्मचारी और राजीविका समूह रहे शामिल खाद्य सुरक्षा अधिकारी हेमंत कुमार यादव के अनुसार, प्रशिक्षित लाभार्थियों में मिठाई विक्रेता, दुकानदार, अन्नपूर्णा रसोई के फूड हैंडलर्स, मिड डे मील के प्रभारी और कुक शामिल थे। इसके अतिरिक्त, विभिन्न आवासीय विद्यालयों के भोजन बनाने वाले कर्मचारी और राजीविका समूह के सदस्य भी उपस्थित रहे। होटल-रेस्टोरेंट संचालक, डेयरी संचालक, थोक एवं खुदरा किराना व्यापारी, घी-तेल व्यापारी, फल-सब्जी विक्रेता, चाय की थड़ी लगाने वाले, कचौरी-पकौड़ी बनाने वाले और अन्य स्ट्रीट वेंडर्स ने भी इस प्रशिक्षण में भाग लिया। स्वास्थ्य संबंधित नुकसान की जानकारी दी प्रशिक्षण में खाद्य व्यापारियों को रीयूज्ड कुकिंग ऑयल (आरयूसीओ) के उपयोग और उससे होने वाले स्वास्थ्य संबंधी नुकसानों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री तैयार करने के नियमों से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण टीम में महिपाल सिंह, अमनप्रीत, खुशबू और सुभाष सिंह शामिल थे।
उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने यात्री शिकायत निपटारे में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया- जोधपुर मंडल में यात्रियों की शिकायतों पर तीन माध्यमों से मॉनिटरिंग की जा रही है। इनमें रेल मदद ऐप, रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 और आधिकारिक एक्स अकाउंट से मॉनिटरिंग होती है। यात्री सफर के दौरान इनमें से किसी भी माध्यम से शिकायत दर्ज कर तुरंत सहायता ले सकते हैं। शिकायत दर्ज करने के लिए यात्री को घटना की तारीख, स्थान, मोबाइल नंबर और ई-मेल जैसी सामान्य जानकारी देनी होती है। किन सेवाओं के लिए कर सकते हैं अनुरोधरेल मदद ऐप से यात्री निम्नलिखित सेवाओं के लिए अनुरोध या शिकायत दर्ज करा सकते हैं- तय समय में समाधान नहीं, तो अफसरों तक पहुंचती है शिकायतरेल मदद ऐप की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि शिकायतों का निर्धारित समय सीमा में समाधान जरूरी है। यदि किसी कारणवश निर्धारित समय में समाधान नहीं हो पाता है तो शिकायत अपने आप उच्च अधिकारियों तक एस्केलेट हो जाती है। समस्या के समाधान के बाद संबंधित यात्री को सूचित किया जाता है। वहीं उनसे फीडबैक भी लिया जाता है, जिससे सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा सके। डिजिटल तकनीक से यात्री सेवा का नया मॉडलरेलवे का उद्देश्य डिजिटल माध्यम से शिकायतें सरलता से दर्ज कर उनका जल्द समाधान करना है। जोधपुर मंडल में प्रति शिकायत औसत 22 मिनट का निस्तारण समय इस दिशा में सकारात्मक संकेतक है।
‘पंचायत चुनाव समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं?’ यह सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है। कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव- 2026 को लेकर आयोग से चुनाव की तैयारियों की स्थिति साफ करने को कहा है। दरअसल, यूपी में पंचायत चुनाव टाले जाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया है। मंगलवार को याचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें मांग की गई है कि जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत और समयबद्ध कार्यक्रम कोर्ट के सामने पेश किया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने की। अब कोर्ट इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को दोपहर 2 बजे करेगी। राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताईयाचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन ने कोर्ट में दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक की तारीख से अधिकतम 5 साल तक ही हो सकता है, इससे ज्यादा नहीं। इसलिए समय पर चुनाव कराना जरूरी है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दलील दी गई कि यूपी पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12-BB के अनुसार प्रधान के सामान्य चुनाव या उपचुनाव की तिथि तय करने की अधिसूचना जारी करना राज्य सरकार का दायित्व है। यह अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से जारी की जाती है। आयोग से मांगी गई सफाईसभी पक्षों को सुनने के बाद हाकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि 19 फरवरी, 2026 की मौजूदा अधिसूचना के हिसाब से क्या वह पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में है? कोर्ट ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव 26 मई, 2026 तक या उससे पहले संपन्न हो जाने चाहिए। 2 मई को खत्म हो जाएगा कार्यकाल यूपी में पंचायत चुनाव 2021 में हुए थे। इस आधार पर ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 2 मई को खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि पंचायत चुनाव अप्रैल से जून 2026 तक होना प्रस्तावित है। पंचायत चुनाव में देरी की दो वजहें… सरकार और संगठन भी नहीं चाहते समय पर चुनाव होंभाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी और सरकार भी समय पर चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव में कई तरह के राजनीतिक जोखिम हैं। पहला तो गांवों में पार्टी के ही कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक रंजिश बढ़ जाएगी। दूसरा प्रत्याशी चयन नहीं होने से नाराज पार्टी के कार्यकर्ता दूसरे दलों से टिकट लेकर पार्टी को कमजोर कर सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में यदि पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता, तो इसका सीधा असर विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। 2021 में भी पंचायत चुनाव के पहले चरण का अनुभव योगी सरकार और भाजपा के लिए अच्छा नहीं था। उसका डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। पंचायतराज विभाग की तैयारी नहींराज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतीराज विभाग को पत्र लिखा था कि पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण कर सूची सौंपी जाए। आरक्षण का निर्धारण करने के लिए पंचायती राज विभाग को एक कमेटी बनानी है। कमेटी ही 2021 और 2015 के पंचायत आरक्षण के आधार पर 2026 के लिए आरक्षण निर्धारित करेगी। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में करीब 2 महीने का समय लगता है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कमेटी का गठन करने की कवायद भी शुरू नहीं की गई है। विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने भी संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव की फिलहाल कोई तैयारी नहीं है। सरकार में भी उच्च स्तर से इसके लिए कोई संकेत नहीं मिला है। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए मायावती से 2 क्रिमिनल मिले, BSP में एंट्री हुई, मेरठ के नेता पर 56 मुकदमे, दूसरा हिस्ट्रीशीटर; अब जिम्मेदारों ने पल्ला झाड़ा बसपा अपना विस्तार करने के लिए अपराधियों को भी गले लगा रही है। हैरानी की बात ये है कि दो अपराधियों की सीधे बसपा प्रमुख मायावती से भेंट तक करा दी गई। दोनों अपराधियों को बसपा का पटका तक पहना दिया गया। बताया जाता है कि दोनों अपराधी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पार्टी की ओर से अधिकृत प्रत्याशी के तौर पर किस्मत आजमाना चाहते हैं। पूरी खबर पढ़िए

