ए.पी. सेन मेमोरियल गर्ल्स पीजी कॉलेज में अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना और एआईएच विभाग के सहयोग में हुए इस कार्यक्रम का निर्देशन प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने किया। इसमें छात्राओं ने पोस्टर, कोलाज और निबंध प्रतियोगिताओं के माध्यम से डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को प्रस्तुत किया। पोस्टर और कोलाज प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। मूल्यांकन के बाद शिवानी को प्रथम, अंशिका को द्वितीय, महक को तृतीय और यशिका को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया। इन रचनाओं में सामाजिक समानता और शिक्षा के महत्व का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त किए निबंध प्रतियोगिता में भी छात्राओं ने अपने विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया। निर्णायक प्रो. माधुरी यादव के मार्गदर्शन में मानसी, साधना, मीनाक्षी और यशिका को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए चयनित किया गया। उनके निबंधों में डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन और विचारों की गहराई झलक रही थी। विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया कार्यक्रम के दौरान कॉलेज परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। शिक्षिकाओं, कर्मचारियों और छात्राओं ने उनके विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कीर्ति गौड़, वैशाली अवस्थी और विभागाध्यक्ष प्रो. निधि सिद्धार्थ सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं, कर्मचारी और लगभग 85 छात्राएं उपस्थित थीं। कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण और अल्पाहार के साथ हुआ।
जमीन दिलाने के नाम पर 5.50 लाख की ठगी:3 आरोपी गिरफ्तार, फर्जी आधार से खुद को मालिक बताकर किया सौदा
अयोध्या जिले के थाना पूराकलन्दर पुलिस ने जमीन बेचने के नाम पर 5.50 लाख रुपए की ठगी करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संजय वर्मा (25) और अंकित यादव (24) को उसरू नहर किनारे से पकड़ा, जबकि तीसरे आरोपी अनिकेत यादव को मसौधा तिराहे के पास से देर रात गिरफ्तार किया गया। पीड़िता राधा शर्मा ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने मकान निर्माण के लिए जमीन दिलाने का झांसा दिया। फर्जी आधार कार्ड के जरिए खुद को जमीन का मालिक बताकर सौदा तय किया और 7 से 9 जनवरी 2026 के बीच करीब 5.50 लाख रुपए नगद व ऑनलाइन ले लिए। तय तारीख पर रजिस्ट्री नहीं कराई और बाद में फरार हो गए। पैसे मांगने पर आरोपियों ने जान-माल की धमकी दी। मामले में केस दर्ज कर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मुख्य आरोपी संजय वर्मा सहित अन्य के खिलाफ आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
लखनऊ में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन:उद्योग संवाद के सहयोग से उद्यम रत्न अवार्ड भी दिए गए
लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसा में उद्योग संवाद के सहयोग में एमएसएमई व्यापार शिखर सम्मेलन और उद्यम रत्न अवार्ड समारोह का आयोजन किया गया । कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी, उद्यमी और गणमान्य लोग शामिल हुए। मुख्य अतिथि दयाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की तरक्की में व्यापारी वर्ग की सबसे बड़ी भूमिका है। जब व्यापारी मजबूत होंगे तो प्रदेश अपने आप आगे बढ़ेगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बेहतर माहौल के चलते करीब 40 लाख का निवेश आ चुका है। सरकार की योजना है कि हर बस अड्डे पर ओडीओपी उत्पादों के लिए अलग स्टॉल लगाए जाएं, जिससे रोजगार के नए अवसर बनें। ई-मार्केटिंग के दौर में व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा विशिष्ट अतिथि राकेश राठौर ने कहा कि आज के ई-मार्केटिंग के दौर में जो व्यापारी खुद को ब्रांड बना लेगा, वह उद्योगपति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने व्यापार में नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अमित गुप्ता ने कहा कि व्यापारी और उद्यमी किसी भी समाज की रीढ़ होते हैं। वे केवल व्यापार नहीं करते, बल्कि अर्थव्यवस्था को गति देते हैं और रोजगार भी पैदा करते हैं। उन्होंने ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की जरूरत बताई। उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया समारोह में इंद्र प्रकाश गुप्ता, छवि गोयल, आशीष गुप्ता, मोहम्मद सूफियान, जुलाइकमा बीवी, राजेश गुप्ता और जॉय चोपड़ा को उद्यम रत्न अवार्ड-2026 से सम्मानित किया गया।इस मौके पर विधायक विनय वर्मा समेत कई व्यापारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में व्यापार को बढ़ावा देने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
बागपत में शातिर चोर गिरफ्तार:लाखों के जेवर और नकदी बरामद, मुकदमा दर्ज
बागपत थाना कोतवाली पुलिस ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मविकला निवासी निटू पुत्र संजय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, यह आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था और पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दबिश देकर निटू को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी के 15 हजार रुपये नकद बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, सोने का एक गले का सेट, दो झुमके, एक नाक का टॉप्स, चांदी के दो जोड़ी बिछुए और दो जोड़ी पायल भी मिली हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोनाटा कंपनी की दो घड़ियां भी बरामद की हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी निटू के खिलाफ पहले भी चोरी के कई मामले दर्ज हैं। वह लगातार पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है, जिससे क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
हरदोई में अवैध डेयरियों पर नगर पालिका का शिकंजा:खजांची टोला से अभियान शुरू, FIR की तैयारी
हरदोई शहर में नगर पालिका प्रशासन ने अवैध रूप से संचालित डेयरियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह के नेतृत्व में पालिका कर्मियों की टीम ने खजांची टोला क्षेत्र में कार्रवाई की, जहां कई डेयरियां नियमों के विपरीत संचालित पाई गईं। जांच में बाबू रईस और नवाब नामक व्यक्तियों द्वारा डेयरियों का संचालन सामने आया। मौके पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि ये डेयरियां निर्धारित मानकों का पालन नहीं कर रही थीं और बिना वैध अनुमति के चलाई जा रही थीं। इस पर अतिक्रमण प्रभारी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए और संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की। अतिक्रमण प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि बाबू रईस और नवाब के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए पत्राचार किया गया है। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इन डेयरियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में अवैध रूप से संचालित डेयरियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा। नगर पालिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य डेयरी संचालक सतर्क हो गए हैं। अतिक्रमण प्रभारी ने बताया कि मंगलवार को भी यह अभियान जारी रहेगा और अन्य क्षेत्रों में भी अवैध डेयरियों की जांच की जाएगी। नगर पालिका ने स्पष्ट किया है कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
कोंडागांव जिले में शादी का झांसा देकर एक युवती का लंबे समय तक यौन शोषण करने के आरोप में फरसगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 12 अप्रैल 2026 को पीड़िता की ओर से शिकायत दर्ज कराने के बाद हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अजय मरकाम (27), ग्राम पल्ली का निवासी है। वह पिछले कई सालों से पीड़िता के संपर्क में था। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी साल 2018 से उसके साथ प्रेम संबंध में था। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। उसने साल 2024 तक शादी का आश्वासन दिया, लेकिन जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी टालमटोल करने लगा। शादी से किया इनकार साल 2024 में जब पीड़िता आरोपी के घर पहुंची, तो उसने शादी से साफ इनकार कर दिया। शिकायत के आधार पर फरसगांव थाना में अपराध क्रमांक 46/2026, धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय मरकाम को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों में लगातार त्वरित और कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पतंग विवाद में युवकों को अर्धनग्न कर पीटा:मुजफ्फरनगर में दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरे की तलाश जारी
मुजफ्फरनगर के थाना खालापार क्षेत्र के गांव सुजड़ू में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ युवक तीन अन्य युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट करते दिख रहे हैं। आरोप है कि हमलावरों ने पीड़ितों को अर्धनग्न कर अपमानित भी किया। घटना की सूचना पर थाना खालापार पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इस बीच, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहिल पुत्र उमर उर्फ भूरा और उमर उर्फ भूरा पुत्र कायम हुसैन, निवासीगण सुजड़ू के रूप में हुई है। थाना प्रभारी महावीर सिंह चौहान के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद पतंग उड़ाने को लेकर शुरू हुआ था। एक बच्चा पतंग उड़ा रहा था, तभी वहां से गुजर रहे स्कूटर सवार को धीरे चलने के लिए कहा गया। इसी बात पर कहासुनी हुई, जो बाद में मारपीट में बदल गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है और फरार तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।
युवक ने फावड़े से युवती की हत्या की:15 सालों से कर रहा था परेशान, वारदात को अंजाम देकर आरोपी फरार
हरदोई के मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर में सोमवार शाम एक युवक ने फावड़े से हमला कर 26 साल की युवती की हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक युवती की पहचान ग्राम गढ़ी रसूलपुर निवासी रामरहीस कुशवाहा की पुत्री शिल्पी के रूप में हुई है। शिल्पी अपनी मां के साथ घरेलू कामों में हाथ बंटाती थीं। रामरहीस ने करीब 7 साल पहले शिल्पी की शादी मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के नया गांव निवासी गोविंद से की थी। शादी के लगभग दो साल बाद शिल्पी का अपने पति और ससुराल वालों से मनमुटाव हो गया था। इसके बाद ससुराल और मायके वालों के बीच पंचायत हुई। फिर शिल्पी अपने मायके लौट आई और तब से वहीं रह रही थी। इस संबंध में पति पत्नी का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। रामरहीस का आरोप है कि गांव का ही एक युवक शिल्पी को ब्लैकमेल कर रहा था। यह युवक शादी से पहले और शादी के बाद भी शिल्पी को लगातार 15 सालों से परेशान कर रहा था। इसी वजह से रामरहीस ने दो साल पहले अपना पुराना मकान छोड़कर गांव की उत्तर दिशा में स्थित दूसरे मकान में रहना शुरू कर दिया था। सोमवार शाम शिल्पी कूड़ा डालने के लिए मकान से बाहर निकली थीं। आरोप है कि इसी युवक ने उस पर फावड़े से हमला कर दिया। शिल्पी ने झोपड़ी की ओर भागने की कोशिश की, लेकिन युवक ने उसकी गर्दन पर फावड़ा मार दिया। गंभीर चोट लगने से शिल्पी की मौके पर ही मौत हो गई। घटनास्थल पर परिजनों और गांव वालों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह और कोतवाल शिवाकांत पांडेय अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ के नवयुग कन्या महाविद्यालय में वाणिज्य विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन सम्मान समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम कॉलेज परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। यह कार्यशाला लखनऊ प्रबंधन संघ और हेल्प यू शैक्षिक एवं परोपकारी न्यास के सहयोग से नवाचार एवं उद्यमिता प्रकोष्ठ के तहत आयोजित की गई। तीन दिनों तक चली इस कार्यशाला में छात्राओं को एआई के विभिन्न आधुनिक टूल्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं ने संवादात्मक लेखन, शोध कार्य, रूपांकन निर्माण, प्रेजेंटेशन तैयार करने, भाषा सुधार, ध्वनि निर्माण और व्यावसायिक संपर्क जैसे विषयों पर काम करना सीखा। इससे उनकी लेखन क्षमता, रिसर्च स्किल और प्रोफेशनल दक्षता में स्पष्ट सुधार देखने को मिला। समापन समारोह में डॉ. रूपल अग्रवाल और सीए देवेश अग्रवाल की उपस्थिति रही। प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि आज के दौर में एआई की समझ बेहद जरूरी हो गई है और ऐसे प्रशिक्षण विद्यार्थियों के भविष्य को मजबूत बनाते हैं। ये रही मौजूद कार्यक्रम में भाग लेने वाली सभी छात्राओं को प्रमाण-पत्र दिए गए, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रशिक्षुता के अवसरों की जानकारी भी दी गई।इस दौरान प्रो. संगीता शुक्ला, प्रो. शर्मिता नंदी, डॉ. सुनीता सिंह, प्रो. सरोज रानी और डॉ. अरिमा पांडे मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन व संयोजन डॉ. चंप्रीत कौर ने किया।
बाड़मेर कांग्रेस कार्यालय को आवंटित जमीन पर सोमवार को हाईकोर्ट से स्टे मिल गया। कोर्ट ने आदेश में लिखा कि नगर परिषद 10 अप्रैल को जारी किए नोटिस पर अगली सुनवाई होने तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई दमनात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों की विवादित भूमि के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा का कहना है कि हाईकोर्ट ने हमारी याचिका को सुनते हुए हमें स्टे दिया है। जिला कांग्रेस को मिला है 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा नगर परिषद ने कांग्रेस को 1999.90 वर्ग मीटर जमीन का पट्टा दिया है। लेकिन जमीन के पट्टे और मौके पर मौजूद स्थिति में जमीन के आकार में अंतर आ रहा है। आवंटित जमीन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों का दावा है कि जमीन उनकी है। इस बीच शिकायतों के बाद नगर परिषद ने 10 अप्रैल को एक नोटिस जारी करते हुए लिखा था कि आवंटित जमीन से संबंधित कई शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच प्रक्रियाधीन है। ऐसे में निर्माण कार्य को रोकने के लिए 6 अप्रैल को नोटिस दिया था, लेकिन उसके बाद से ही लगातार निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार(10 अप्रैल) को 2 घंटे में निर्माण कार्य को हटाने के निर्देश देते हुए पूरे निर्माण को ध्वस्त करने की चेतावनी दी गई थी। यूआईटी सचिव को सौंपी गई है जांचकांग्रेस कमेटी आवंटित जमीन पर धरने पर बैठ गई और जिला प्रशासन की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच यूआईटी सचिव को दी गई है। वो इस सप्ताह में कलेक्टर को जांच रिपोर्ट सौपेंगे। हालांकि जिला कांग्रेस कमेटी ने हाईकोर्ट की शरण ली। कोर्ट के समक्ष याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि चारदीवारी का निर्माण भवन निर्माण के समान नहीं है, इसलिए नोटिस उचित नहीं है। याचिकाकर्ता को आशंका है कि उसकी ओर से बनाई चार दीवारी को तोड़ा जा सकता है।
जौनपुर में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने टीईटी (TET) परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस बीआरपी इंटर कॉलेज के प्रांगण से शुरू होकर कलेक्ट्रेट स्थित शहीद स्मारक पर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान शिक्षकों ने 'नो टेट' और 'आरटीई एक्ट' जैसे नारे लगाए। उन्होंने अपनी सेवा सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। इस मशाल जुलूस का नेतृत्व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. राजेश सिंह मुन्ना और जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने किया। इसमें अटेवा के जिलाध्यक्ष चंदन सिंह, यूटा के जिलाध्यक्ष डॉ. हेमंत सिंह, पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष सुशील उपाध्याय, विशिष्ट बीटीसी संघ के राम मूरत यादव, पीएसपी के जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह, मंत्री विकास सिंह, टीएससीटी के अरविंद यादव, शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष संदीप यादव और एससी-एसटी के जिलाध्यक्ष सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शिक्षक नेता डॉ. विजय रघुवंशी, रुद्रसेन सिंह, काशी नंदन मिश्रा और कई शिक्षिकाएं भी उपस्थित थीं। शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार से टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की गई। शिक्षकों ने अपील की कि मानसून सत्र में लोकसभा में विधेयक लाकर पूरे भारतवर्ष के शिक्षकों को इस कानून से मुक्ति दिलाई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यह कानून असंवैधानिक है और इसे केवल शिक्षकों पर लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि एक लोकतांत्रिक देश में 25 लाख शिक्षकों पर इसे लागू करना मानवता और नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध है। शिक्षकों ने आरटीई एक्ट के तहत बनाए गए संवैधानिक नियमों का पालन करते हुए टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और उन्हें इस कानून से मुक्ति नहीं मिली, तो वे दिल्ली और लखनऊ की सड़कों पर बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे। शिक्षकों ने खुद को राष्ट्र निर्माता और सरकार की आंख व चेतना बताया।
अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रम:लखनऊ के अटल बिहारी डिग्री कॉलेज में आयोजन
लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेई नगर निगम डिग्री कॉलेज में भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर 'बाबा साहब अंबेडकर का व्यक्तित्व एवं कृतित्व' विषय पर व्याख्यानमाला, निबंध लेखन और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं हुईं। कार्यक्रम का शुभारंभ बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. रीता चौधरी और उत्तर प्रदेश सचिवालय के समीक्षा अधिकारी प्रशांत कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र पाण्डेय ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर किया गया। समानता को जीवन के मूल सिद्धांत के रूप में स्थापित किया प्रो. रीता चौधरी ने अपने संबोधन में डॉ. अंबेडकर के जीवन मूल्यों और विचारों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण में उनके योगदान ने भारत के सामाजिक ढांचे और लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया। प्रो. चौधरी ने कहा कि अंबेडकर ने सामाजिक लोकतंत्र, समानता और बंधुत्व को जीवन के मूल सिद्धांत के रूप में स्थापित किया। प्राचार्य डॉ. सुभाष चंद्र पाण्डेय ने कहा कि हर महापुरुष के तीन प्रकार के अनुयायी होते हैं—भक्त, आलोचक और स्वार्थी। उन्होंने अंबेडकर के सच्चे अनुयायी बनने और उनके विचारों को जीवन में उतारने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रशांत कुमार ने अंबेडकर के जीवन को दृढ़ संकल्प और ज्ञान की शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण बताया। सशक्तिकरण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया सह-संयोजक डॉ. पूनम उत्तम ने अंबेडकर की विरासत को मार्गदर्शक बताते हुए ज्ञान और सशक्तिकरण के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। निबंध प्रतियोगिता में मधु पाल ने प्रथम, ज्योति कुशवाह ने द्वितीय और विनय मोहन शुक्ल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में अमन वर्मा पहले, नेहा कुमारी दूसरे और अंकिता कुमारी गौड़ तीसरे स्थान पर रहीं।कार्यक्रम का संचालन डॉ. पूनम उत्तम ने किया, जबकि संयोजक डॉ. ओम प्रकाश पाण्डेय ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के बैनर तले टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में चल रहा आंदोलन अब तेज हो गया है। सोमवार को आंदोलन के दूसरे चरण में जनपद सोनभद्र में शिक्षकों ने एक विशाल मशाल जुलूस निकाला। इस जुलूस में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए। यह जुलूस रॉबर्ट्सगंज के नेहरू पार्क से शुरू होकर बढ़ौली चौराहे तक पहुंचा, जहां एक सभा के साथ समाप्त हुआ। मशाल जुलूस के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्ष 2001 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है। उनका तर्क है कि टीईटी की व्यवस्था वर्ष 2011 में लागू की गई थी, ऐसे में उससे पहले नियुक्त शिक्षकों को इस दायरे में लाना न्यायसंगत नहीं है। महासंघ के जिला संयोजक और उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश संगठन मंत्री योगेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया निर्णय व्यावहारिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि आरटीई एक्ट में संशोधन कर 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए। जिला अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने भी अपने संबोधन में कहा कि किसी भी प्रक्रिया के बीच में नियम बदलना न्यायसंगत नहीं होता। उन्होंने जोर दिया कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति उस समय की निर्धारित योग्यताओं के आधार पर हुई थी, उनसे वर्षों बाद नई योग्यता की अपेक्षा करना गलत है। इससे शिक्षकों में व्यापक असंतोष है। शिक्षकों ने बताया कि आंदोलन के प्रथम चरण में देशभर के लाखों शिक्षकों द्वारा प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर विरोध दर्ज कराया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी के चलते अब आंदोलन का दूसरा चरण शुरू किया गया है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो तीसरे चरण में देशभर की राज्य राजधानियों में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक शिक्षकों को न्याय नहीं मिल जाता।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में पुलिस ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए हेरोइन (चिट्टा) बेचते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कार और नकदी सहित कुल 2.29 लाख रुपए का सामान जब्त किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई कोतवाली थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि धमतरी बस स्टैंड के पीछे एक मारुति सुजुकी स्विफ्ट कार (CG-13-C-4422) में दो युवक अवैध मादक पदार्थ हेरोइन की बिक्री के लिए ग्राहकों की तलाश कर रहे हैं। सूचना मिलते ही धमतरी पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर दबिश दी। 2.29 लाख का सामान जब्त तलाशी के दौरान संदिग्धों के कब्जे से 10.30 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई, जिसकी अनुमानित कीमत 47,000 रुपए है। इसके अलावा पुलिस ने 12,000 रुपए नकद, स्विफ्ट कार, एक आईफोन और एक वीवो Y31 स्मार्टफोन भी जब्त किया। जब्त किए गए कुल सामान की कीमत 2 लाख 29 हजार रुपए आंकी गई है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कमर रजा (28 वर्ष), निवासी सदर बाजार धमतरी, और मोहम्मद शोएब अख्तर (26 वर्ष), निवासी केला बड़ी दुर्ग, थाना पदमनामपुर, जिला दुर्ग के रूप में हुई है। दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
बलिया में TET अनिवार्यता का किया विरोध:कर्मचारी संगठनों ने निकाला मशाल जुलूस, सरकार को किया आगाह
बलिया में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ (A.I.J.T.F.) के आह्वान पर विभिन्न शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों ने टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता के विरोध में मशाल जुलूस निकाला। यह प्रदर्शन आंदोलन के दूसरे चरण के तहत किया गया। जुलूस रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर से शुरू होकर टाउन चौराहे तक गया। प्रदर्शनकारी शिक्षकों और कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यह लड़ाई उनके अस्तित्व से जुड़ी है और वे इसे संसद से सड़क तक लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के उस आदेश का विरोध किया, जिसमें आरटीई (शिक्षा का अधिकार) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त और टेट से छूट प्राप्त शिक्षकों के लिए टेट को अनिवार्य किया गया है। संगठनों का कहना है कि यह आदेश पूर्व स्थापित शिक्षक भर्ती नियमों और परंपराओं के विपरीत है। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि इस आदेश पर सरकार की चुप्पी के कारण वर्ष 2011 से पहले नियुक्त लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों के साथ-साथ छात्रों का भविष्य भी खतरे में पड़ गया है। उन्होंने सरकार से इस तुगलकी आदेश को शिक्षक और राष्ट्र हित में निरस्त करने के लिए सार्थक पहल करने की मांग की। सभी प्रतिनिधियों ने बलिया से निरंतर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। इस मशाल जुलूस में अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, अटेवा, प्राथमिक शिक्षक संघ, टीएससीटी, विशिष्ट बीटीसी, आरएसएम, राज्य कर्मचारी संघ, श्रमिक समन्वय समिति, विकास भवन संघ, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, एकजुट और रसोइया संघ सहित विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य शामिल हुए। इनमें समीर कुमार पाण्डेय, अजय कुमार सिंह, विनय राय, सतीश सिंह, घनश्याम चौबे, राजेश सिंह, राजेश पाण्डेय, अविनाश उपाध्याय, सुशील त्रिपाठी, संजीव कुमार सिंह (मीडिया प्रभारी), अभिषेक राय, राकेश कुमार मौर्य, मलय पाण्डेय (महामंत्री राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद), संजय पाण्डेय, राजीव कुमार गुप्ता, लाल साहब यादव, रेणु शर्मा (अध्यक्ष रसोइया संघ), विमला भारती (मंत्री) और अन्य कई शिक्षक व कर्मचारी मौजूद थे।
संभल में पांच साल पहले आलू के विवाद में एक युवक की हत्या के मामले में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। दोनों दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। दोषियों की पहचान कल्लू उर्फ अय्यूब और फारुख उर्फ नेता पुत्र साबिर निवासी रुकनुद्दीन सराय, थाना नखासा के रूप में हुई है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि कोर्ट ने दोनों आरोपियों को धारा 302/34 में 25,000 रुपये और धारा 201/34 में 5,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। फारुख को पुलिस ने वर्ष 2021 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था और तब से वह जेल में ही बंद है। उसकी जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई थी। यह पूरा घटनाक्रम संभल के थाना नखासा क्षेत्र के हसनपुर रोड स्थित एक कोल्ड स्टोरेज से जुड़ा है। मृतक सलीम और उसके भाई अबरार ने कोल्ड स्टोरेज मालिक कौसर खां के माध्यम से आरोपियों को 2000 आलू के कट्टे रखने के लिए 2 लाख रुपये दिलवाए थे। हालांकि, आरोपियों ने केवल 500 कट्टे जमा किए और शेष नहीं किए। जब सलीम और अबरार ने आरोपियों से पैसे वापस करने या आलू जमा करने का तकादा करना शुरू किया, तो दोनों भाइयों ने मिलकर सलीम की हत्या कर दी। सलीम का शव दीपा सराय निवासी असजद और मोहल्ला ठेर निवासी अनुराग के कोल्ड स्टोरेज में पानी में तैरता हुआ मिला था। घटना की सूचना असजद के भाई कासिम ने तत्कालीन थाना प्रभारी धर्मपाल सिंह को फोन पर दी थी।
अयोध्या मे अधिवक्ता पर जानलेवा हमले का मामला:7 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट, पुलिस की सख्त कार्रवाई
कोतवाली अयोध्या पुलिस ने अधिवक्ता आलोक सिंह पर हुए जानलेवा हमले के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सात आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, यह हमला पूर्व नियोजित साजिश के तहत किया गया था, जिसमें आरोपियों ने मिलकर रामघाट निवासी अधिवक्ता को गोली मारकर हत्या का प्रयास किया। इस संगीन वारदात के बाद पुलिस ने त्वरित जांच करते हुए आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों का ब्योरा जुटाया और उन्हें संगठित अपराध में लिप्त पाए जाने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत निरुद्ध किया। जिन आरोपियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें मोहित पाण्डेय, धीरज पाण्डेय, धर्मवीर पाण्डेय, पवन कुमार यादव, सूरज निषाद, अताउल्लाह शाह और सरवन उर्फ श्रवण निषाद शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई जारी है और इस तरह के अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर एक सख्त संदेश गया है।
राजगढ़ नगर परिषद चुनाव से जुड़े कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने आगे सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल के खिलाफ दायर परिवाद को खारिज कर दिया है। न्यायालय ने प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया किसी भी आपराधिक प्रकरण में संज्ञान लेने योग्य आधार नहीं पाया। नगर परिषद अध्यक्ष सवेरा महेश जायसवाल की ओर से अधिवक्ता दिनेश बैरागी ने पैरवी की। उन्होंने तर्क दिया कि परिवाद दर्ज करने के पर्याप्त आधार मौजूद नहीं हैं। वहीं, परिवादी अंजली अजय जायसवाल की ओर से अधिवक्ता डी.एस. चौहान उपस्थित हुए। फर्जी जाति प्रमाण इस्तेमाल करने का आरोप थायह मामला वर्ष 2022-23 के नगर परिषद चुनाव से संबंधित है। आरोप था कि सवेरा जायसवाल ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा और निर्वाचित हुईं। परिवादी पक्ष ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए प्रमाण पत्र के रिकॉर्ड में विसंगतियां होने का दावा किया था। सुनवाई के दौरान परिवादी पक्ष ने अंजली जायसवाल, अजय जायसवाल और जाति प्रमाण पत्र शाखा प्रभारी हेमंत खलिया के बयान किए। हालांकि, न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल मौखिक साक्ष्यों या प्रारंभिक स्तर की जानकारी के आधार पर किसी जाति प्रमाण पत्र को फर्जी घोषित नहीं किया जा सकता। इसके लिए सक्षम प्राधिकारी या राज्य स्तरीय जाति सत्यापन समिति द्वारा विधिवत जांच आवश्यक होती है। प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके आरोपअदालत ने यह भी पाया कि परिवादी द्वारा किसी सक्षम समिति में शिकायत या उसकी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई थी। साथ ही, धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय दंड संहिता की धाराओं के आवश्यक तत्व भी प्रस्तुत साक्ष्यों से प्रमाणित नहीं हो सके। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत संज्ञान लेने से इंकार कर दिया। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 203 के तहत परिवाद को निराधार मानकर खारिज कर दिया गया। इस फैसले के बाद, इस मामले में फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया समाप्त हो गई है।
सवाई माधोपुर के पुराने शहर में फिर से लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया है। यहां पुराने शहर के डूंगर पाड़ा इलाके में आज लेपर्ड का मूवमेंट नजर आया। यहां लेपर्ड चहल-कदमी करते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद फिर से स्थानीय लोगों को चिंताएं बढ़ गई है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुआ लेपर्ड दरअसल, आज सुबह करीब 4 बजे का एक सीसीटीवी में एक लेपर्ड का मूवमेंट शहर की गलियों में बेखौफ घूमता नजर आ रहा है। यह घटना पुराने शहर के डूंगर पाड़ा की बताई जा रही है। जहां ओम प्रकाश खंगार के मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक लेपर्ड साफ तौर पर दिखाई दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड घर के बाहर बैठे कुत्तों पर अचानक हमला करने की कोशिश करता है। हालांकि, कुत्तों के भौंकने और प्रतिक्रिया के कारण लेपर्ड घबरा जाता है और वहां से भाग निकलता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। शहर के रिहायशी इलाकों में लेपर्ड की मौजूदगी को लेकर वन विभाग को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। जिससे लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और रात के समय घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए और किसी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी। आपको बता दें कि इससे पहले वन विभाग की ओर से पिंजरा एक दो लेपर्ड को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन फिर से लेपर्ड के मूवमेंट से लोगों में भय का माहौल है।
मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के नगली ईशा गांव में उत्तर प्रदेश सरकार के 'मिशन शक्ति 5.0' अभियान के तहत एक विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक देहात के निर्देश पर, तथा क्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन में एंटी रोमियो टीम, मिशन शक्ति टीम और बाल कल्याण टीम ने यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बाल कल्याण अधिकारी (CWO) ने ग्रामीण महिलाओं और किशोरियों को बच्चों के अधिकारों और उनके विकास से संबंधित सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बाल कल्याण अधिकारी ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में बताया, जिसके तहत बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा तक सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करती है। उन्होंने बाल विवाह को कानूनी अपराध बताते हुए महिलाओं से अपील की कि वे अपनी बेटियों का कम उम्र में विवाह न करें, बल्कि उन्हें शिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाएं। शिविर में बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए 'पुष्टाहार' के महत्व पर भी चर्चा की गई। महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले सूखे राशन और बच्चों के नियमित टीकाकरण के बारे में जागरूक किया गया। अधिकारी ने बाल श्रम और अनाथ बच्चों के संबंध में जानकारी देने की अपील की, ताकि उन्हें 'उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना' के तहत सहायता मिल सके। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें बच्चों के शोषण या बाल श्रम की शिकायत के लिए 1098 (चाइल्ड हेल्पलाइन), महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए 1090 (वूमेन पावर लाइन), और किसी भी आपातकालीन स्थिति के लिए 112 (इमरजेंसी सर्विस) शामिल हैं। इस दौरान मिशन शक्ति अभियान और एंटी रोमियो स्क्वायड के कार्यों के बारे में भी विस्तृत जानकारी एसआई दिव्या चौधरी ने दी। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित और सशक्त बनाना है।
दतिया के बड़ेरा धनौटी में गेहूं की फसल जली:5 बीघा फसल राख, सरकारी फायर ब्रिगेड में आई तकनीकि खराबी
पंडोखर थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ेरा धनौटी मौजे में सोमवार दोपहर करीब 1 बजे अचानक लगी आग ने किसान राकेश राजपूत के खेत में खड़ी गेहूं की फसल को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और करीब पांच बीघा में फैली पूरी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों और हवा के कारण आग पर काबू पाना संभव नहीं हो सका। सूचना मिलने पर पण्डोखर धाम की निजी फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। समय रहते आग पर काबू पा लेने से आसपास के खेतों में खड़ी अन्य फसल को बचा लिया गया। सरकारी फायर ब्रिगेड में आई खराबीवहीं, सरकारी फायर ब्रिगेड भी मौके पर पहुंची, लेकिन तकनीकी खामी के चलते मौके पर निष्क्रिय रही। बताया गया कि पानी सप्लाई का पाइप फटा होने के कारण वह आग बुझाने में उपयोग नहीं हो सकी। इस लापरवाही ने आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों और रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। राजस्व विभाग द्वारा नुकसान का आंकलन किए जाने की बात कही जा रही है।
औराई विकासखंड के डेरवा भवानीपुर गांव में भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार को स्वच्छता अभियान और दीपोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। ग्राम सभा डेरवा में स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद डॉ. विनोद बिंद ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ प्रतिमा स्थल की साफ-सफाई की। उन्होंने बाबा साहेब के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए दीप प्रज्ज्वलित किए। इस अवसर पर सांसद डॉ. विनोद बिंद ने कहा कि बाबासाहेब के आदर्शों पर चलकर ही समाज से भेदभाव, छुआछूत और अन्य कुरीतियों को समाप्त किया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में कमलेश सिंह, अनिल त्रिपाठी, केपी मिश्रा, रामदास सरोज, शिवम तिवारी, रतन गौतम, होरीलाल गौतम, राजाराम सिंह, सुरेश प्रधान, हीरालाल गौतम सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सवायजपुर स्थित परमहंस राम मंगल दास कन्या विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में सोमवार को छात्राओं की सेहत को लेकर खास जागरूकता शिविर लगाया गया। नीमा (NIMA) के स्थापना दिवस सप्ताह के समापन पर आयोजित इस कैंप में 152 छात्राओं की हीमोग्लोबिन की मुफ्त जांच की गई। इस दौरान डॉक्टरों ने छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर के खतरों और एनीमिया (खून की कमी) से बचने के आसान उपाय समझाए। आयुर्वेद से कैंसर को मात: गिलोय और सहजन बनेंगे ढाल शिविर में नीमा वूमेन्स फोरम की सचिव आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक ने छात्राओं को बताया कि कैंसर और एनीमिया जैसी बीमारियों से डरने के बजाय जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हमारी रसोई और आसपास मौजूद गिलोय, हल्दी, आंवला, नीम, तुलसी और सहजन जैसी चीजें किसी वरदान से कम नहीं हैं। इनके नियमित सेवन और जंक फूड से दूरी बनाकर गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है। साथ ही, बच्चों के लिए 'स्वर्ण प्राशन' को उनकी इम्यूनिटी बढ़ाने का सबसे कारगर तरीका बताया। 152 छात्राओं की जांच, बांटी गई दवाएं और डाइट चार्ट कैंप के दौरान कॉलेज की 152 छात्राओं के खून की जांच की गई ताकि उनमें एनीमिया के स्तर का पता लगाया जा सके। जांच के बाद जरूरत के मुताबिक छात्राओं को मुफ्त दवाएं और सेहतमंद रहने के लिए जरूरी खाद्य सामग्री का वितरण भी किया गया। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं को पीरियड्स के दौरान स्वच्छता रखने के महत्व पर व्याख्यान दिया और बताया कि कैसे छोटी-छोटी सावधानियां भविष्य में बड़े स्वास्थ्य संकट को टाल सकती हैं। सर्वाइकल कैंसर के लिए टीकाकरण ही बचाव डॉक्टरों ने विशेष रूप से एचपीवी (HPV) वायरस से होने वाले सर्वाइकल कैंसर पर चर्चा की। छात्राओं को समझाया गया कि समय पर टीकाकरण करवाकर इस जानलेवा बीमारी के जोखिम को खत्म किया जा सकता है। इसके साथ ही दिनचर्या में सुधार और आयुर्वेद के नियमों का पालन करने की सलाह दी गई।
मिर्जापुर के जीडी बिनानी पीजी कॉलेज में मिशन शक्ति फेज-5 के तहत टॉक शो विद माई आइडियल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि महिला आयोग की उपाध्यक्ष नीलम प्रभात ने छात्राओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अंदर के डर को खत्म करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि लड़कियों को किसी भी प्रकार की झिझक या भय में रहने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रभात ने जोर देकर कहा, “अगर आप अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और आत्मविश्वास से भरी हैं, तो कोई भी बाधा आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। डर को अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि उसे अपनी ताकत में बदलें।” नीलम प्रभात ने छात्राओं को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, निरंतर मेहनत करने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी बताया कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का मजबूत आधार है। विशिष्ट अतिथियों में मंजरी राव, अपराजिता सिंह और प्रो. वीणा सिंह भी उपस्थित थीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन प्रोफेसर वंदना मिश्रा ने किया। मिशन शक्ति फेज-5 के तहत आयोजित गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट प्रोफेसर आत्रेई अध्या चटर्जी ने प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. अशोक कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
महाकुंभ के दौरान चर्चा में आई वायरल गर्ल ‘मोनालिसा’ शादी करने के बाद से दोबारा से सुर्खियों में हैं। पिछले दो दिन से सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें दावा किया जा रहा है कि उनका पति उन्हें ढूंढने राजस्थान पहुंचा है। दरअसल, वीडियो बनाने वाला शख्स वायरल गर्ल का पति फरमान खान नहीं है, राजस्थान के बालोतरा जिले का रहने वाला अरविंद कुमार जोशी है। सबसे पहले जानिए इस वीडियों में क्या है? इस वायरल वीडियो में अरविंद कुमार जोशी खुद को फरमान के तौर पर पेश करते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो में वो बोल रहा है कि, 'मैं अजमेर पुष्कर आया हुआ हूं, मैं उसे (वायरल गर्ल) ढूंढने आया हूं। उसका अजमेर में पता नहीं लग पाया। मैं जोधपुर जा रहा हूं। पता करेंगे। जोधपुर में हॉल्ट है तो आप किसी को पता चले तो मुझे बताएं। इस मामले में दैनिक भास्कर एप की टीम ने अरविंद कुमार जोशी से बात की। इसमें बातचीत में अरविंद ने विस्तार से बताया कि उसने ये वीडियो क्यों और कब बनाया, लेकिन इससे पहले जानिए कि वायरल वीडियो में क्या है? सवाल: आपने ऐसा वीडियो क्यों बनाया? अरविंद: खबरों में फरमान और वायरल गर्ल को लेकर चर्चाएं थी। मेरी शक्ल फरमान से मिलती है। लोगों ने कहा कि तू उसके जैसा दिखता है। सोचा एक-दो वीडियो बनाऊंगा तो वायरल हो जाऊंगा। बस उसी मकसद से वीडियो बनाया, कोई और इरादा नहीं था। वीडियो अपलोड करने के दो-चार घंटे तक अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन बाद में कमेंट्स में धमकियां आने लगीं। सवाल: ये वीडियो आपने कब और क्यों बनाया ? अरविंद: 11 अप्रैल को पुष्कर स्थित ब्रह्माजी मंदिर के पास वीडियो बनाया। दरअसल, मैं एक कैब ड्राइव करता हूं। पर्यटकों को राजस्थान के फैमस प्लेस पर घूमाता हूं। उस दिन मैं कुछ सवारियों को लेकर अजमेर जिले के पुष्कर गया था। सवारी घूमने गई थी। मैं वहां अकेला खड़ा था। उसी दौरान में मैंने मनोरंज के लिए ये वीडियो शूट कर लिया। सवाल: वीडियो को कितने व्यू मिले। लोगों की क्या प्रतिक्रिया आ रही है? अरविंद: शुरुआत में मैंने वीडियो बना तो लिया था, लेकिन ये नहीं पता था कि इतना वायरल चला जाएगा। वीडियो अपलोड करते ही लोग इसे शेयर करने लगे। लोगों की प्रतिक्रिया आने लगी। अब उस वीडियो पर 11 मिलियन से ज्यादा व्यू आ चुके हैं। अब लोगों को जब सच्चाई पता चली कि मैं फरमान नहीं हूं तो लोग बोल रहे हैं कि मैं फरमान का ही आदमी हूं। उसने पैसे दिए हैं, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। सवाल: क्या वीडियो बनाने का अफसोस है? अरविंद: मैंने सामान्य वीडियो बनाया था। आजकल हर कोई रोस्ट और कंटेंट बनाता है। मैंने सोचा मेरा चैनल भी मोनेटाइज हो जाएगा और वीडियो चल जाएगा। इसके अलावा मेरा किसी कोई गलत इरादा नहीं था। जानिए, कौन है वायरल गर्ल वायरल गर्ल प्रयागराज महाकुंभ 2025 में चर्चा में आई थी। 11 मार्च को केरल के फरमान से शादी करने के बाद वो फिर चर्चा में आई। इसके परिजनों ने दावा किया गया था कि वो नाबालिग है। अब बीते 9 अप्रैल को राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने बताया कि वो नाबालिग है। इसके बाद पॉक्सो एक्ट के तहत फरमान खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) में चल रही ऑल इंडिया पुरुष खो-खो चैम्पियनशिप के दूसरे दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय ने सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय को हराया, जबकि मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को कड़े मुकाबले में शिकस्त दी। मेजबान कानपुर विश्वविद्यालय और सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय के बीच हुए मुकाबले में कानपुर ने शानदार प्रदर्शन किया। कानपुर के खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल दिखाते हुए पुणे को 34-26 के स्कोर से 8 अंकों के अंतर से हराया। इस जीत के साथ कानपुर ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। दिन का एक अन्य रोमांचक मुकाबला दिल्ली विश्वविद्यालय और मंगलौर विश्वविद्यालय के बीच खेला गया। यह मैच बेहद करीबी रहा, जिसमें दोनों टीमें अंत तक संघर्ष करती रहीं। मंगलौर विश्वविद्यालय ने दिल्ली को 34-30 के स्कोर से 4 अंकों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। अन्य मुकाबलों में भी कई विश्वविद्यालयों ने जीत हासिल की। डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर विश्वविद्यालय ने बीएनयू को 42-24 के बड़े अंतर से हराया। हरियाणा की चौधरी देवी लाल यूनिवर्सिटी, सिरसा ने कल्याणी यूनिवर्सिटी को 36-26 से शिकस्त दी। इसके अलावा, नांदेड़ की स्वामी रामानंद तीर्थ मराठवाड़ा यूनिवर्सिटी ने सिदो-कान्हू बिरसा विश्वविद्यालय को 9 अंकों से पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। अंतिम राउंड की ओर बढ़ता रोमांचप्रतियोगिता के अन्य मैचों में कालीकट यूनिवर्सिटी ने विद्यासागर यूनिवर्सिटी को 28-18 से हराया, जबकि कर्नाटक की दावणगेरे यूनिवर्सिटी ने हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी पर 32-23 से जीत दर्ज की। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) और मुंबई यूनिवर्सिटी के बीच भी कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें LPU ने 33-27 के स्कोर के साथ बाजी मारी। अब सबकी नजरें टूर्नामेंट के अगले चरणों पर टिकी हैं, जहां मुकाबला और भी कड़ा होने की उम्मीद है। जिस तरह से टीमें प्रदर्शन कर रही हैं, उसे देखकर साफ है कि फाइनल तक का सफर किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होगा।
नीमच में काली फिल्म वाहनों पर कार्रवाई:नाबालिग चालकों के परिजनों को सख्त हिदायत, 44 चालान काटे
नीमच में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर और एसपी के कड़े निर्देशों के बाद सोमवार रात को यातायात पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान काली फिल्म लगे वाहनों पर कार्रवाई की गई और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर उनके परिजनों को सख्त हिदायत दी गई। यातायात थाना प्रभारी सोनू बड़गुर्जर और उनकी टीम ने शहर के मुख्य मार्गों पर यह अभियान चलाया। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन कर काली फिल्म लगाकर घूम रहे वाहनों को रोका। कार्रवाई के दौरान काली फिल्म हटवाई गई और 10 वाहन चालकों से मौके पर 3000 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। चेकिंग के दौरान कई नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए। पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके परिजनों को मौके पर बुलाया और उन्हें बच्चों को वाहन न देने की सख्त समझाइश दी। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मच गया। शाम तक टीम ने कुल 44 चालान काटकर 15,400 रुपये का राजस्व एकत्रित किया। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। शहरवासियों को शराब पीकर वाहन चलाने, स्टंटबाजी करने और बुलेट में मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने से बचने की सलाह दी गई है, अन्यथा उन्हें वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
हरदोई जिले के मल्लावां थाना क्षेत्र के गढ़ी रसूलपुर गांव में सोमवार शाम एक युवती की फावड़े से सिर पर वार कर हत्या कर दी गई। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राम रहीस की लगभग 30 वर्षीय पुत्री शिल्पी को गांव के ही 30 वर्षीय ऋषभ पुत्र प्रमोद ने शाम करीब 5 बजे घर से खींच लिया। आरोपी ने फावड़े से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के दौरान घर में मौजूद एक महिला ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन आरोपी के आगे उसकी एक न चली। मृतका शिल्पी की शादी करीब 9 वर्ष पूर्व मल्लावां क्षेत्र के नया गांव में हुई थी। परिजनों ने बताया कि शादी के बाद भी आरोपी ऋषभ युवती को लगातार अश्लील मैसेज, धमकियां और वीडियो भेजकर परेशान करता रहा। इस संबंध में युवती ने कई बार पुलिस से शिकायत भी की थी। आरोपी की हरकतों से परेशान होकर युवती के पिता ने गांव के किनारे नया मकान बनवाया था और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। करीब डेढ़ माह पूर्व भी इस मामले में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। ग्रामीणों के अनुसार, आरोपी और युवती के बीच पहले संबंध थे, लेकिन शादी के बाद युवती ने उससे दूरी बना ली थी, जिससे नाराज होकर आरोपी उसे लगातार प्रताड़ित कर रहा था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस उपाधीक्षक सुबोध कुमार गौतम, एसडीएम बिलग्राम एन राम, सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह और कोतवाली प्रभारी शिवाकांत पांडे मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को जल्द ही अपराधी की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। हालांकि, परिजन आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव को उठाने देने से इनकार करते रहे। देर रात तक परिजनों ने शव को नहीं उठाने दिया। पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में विधानसभा, हाईकोर्ट को विस्फोटक पदार्थ से उड़ाने की धमकी पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का कहना है कि ऐसा लगता है कि कुछ विदेश में बैठे लोग इस देश में अराजकता फैलाना चाह रहे है। जो जंग के बीच में इस तरह का संदेश देकर एक वातावरण को विषाक्त करने का कृत्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार हाईकोर्ट को उड़ाने की धमकी दी जा चुकी है, आज विधानसभा को भी उड़ाने की धमकी दी है। लोगों को बाहर लाकर हमने जांच करवा ली है, कुछ भी नहीं मिला है। देवनानी सोमवार की शाम को निजी यात्रा पर टोंक शहर आए थे। उन्होंने माधोपुर रोड पर शर्मा कॉलोनी में सदगुरू आश्रम में पंडित राजकुमार शर्मा से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में यह बात कहीं। देवनानी ने कहा कि मुझे लगता है कि कुछ समाज विरोधी और देश विरोधी तत्व, जो ये काम कर रहे वो कभी भी सफल नहीं होंगे। जो भारत के लोगों की लोकतंत्र में आस्था है, उसे कोई मिटा नहीं सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष मदन लाल राठौड़ के बीच बयानबाजी से सामने आई राजनीतिक दरार को लेकर कहा कि यह मेरा विषय नहीं है, यह उनका विषय है। सनातन को बढ़ाने वाले को संबल प्रदान करेउन्होंने कहा कि मैं समझता हूं कि इस समय देश में जो वातावरण चल रहा है, उसमें सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाए। उसमें व्यक्ति, संत, कार्यकर्ता, समाजसेवी, जो इसे बढ़ाने में योगदान दे रहा हैं, उन सबको संबल प्रदान करने का काम हम सबका है। देवनानी ने आश्रम में सनातन धर्म, संकृति और सामाजिक विषयों पर चर्चा भी की। इस दौरान देवनानी ने कहा कि गुरुदेव पंडित राजकुमार जी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार का कार्य लोगों में जति पति का भेद मिटा रहे है, जिससे भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म मजबूत हो रहा है। देवनानी ने कहा कि टोंक के अलावा राज्य के बाहर भी देश विदेश में पंडित जी द्वारा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार से लोग जुड रहे है। इस दौरान देवनानी ने पंडित राजकुमार को उनके जन्मदिन की एक दिन पहले ही बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान टोंक के पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता, मिथलेश गोतम प्रदेश महामंत्री, भाजपा उपाध्यक्ष रमाकांत शर्मा, महेश कुमार सहित कई लोग उपस्थित थे।
छिंदवाड़ा नगर निगम की परिषद बैठक में 3 सौ 5 करोड़ 95 लाख रुपए का बजट पारित किया गया। इस बजट में शहर के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें अंतरराज्यीय बस स्टैंड के निर्माण और उसके लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित निर्णय भी शामिल हैं। इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर को लेकर भी अहम फैसला लिया गया। नगर निगम के सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में निगम आयुक्त सीपी राय, महापौर विक्रम अहके, निगम अध्यक्ष सोनू मांगो सहित सभापति और पार्षद मौजूद रहे। बैठक को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई थीं। दोनों पक्षों के पार्षद आमने सामने आएबैठक के दौरान जमकर हंगामा भी देखने को मिला। कांग्रेस और बीजेपी के पार्षद कई मुद्दों पर आमने-सामने आ गए और निगम आयुक्त को घेरते नजर आए। खासतौर पर बाढ़ के दौरान गंदे पानी की समस्या और रुके हुए विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने कड़ा विरोध जताया। इस दौरान गुलाबरा के पार्षद संदीप चौहान के द्वारा निगम आयुक्त को पानी टेस्ट करने के लिए आग्रह किया गया जो की पानी दूषित था और उनके क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा था हंगामे के बीच निगम आयुक्त सीपी राय ने पार्षदों को आश्वस्त किया कि शहर की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा और विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
दमकल गाड़ी आग बुझाने पहुंची, खुद लगी आग:गुनौर टीम ने बुझाई, बड़ा हादसा टला
जिले के गुनौर क्षेत्र के ग्राम श्यामरडाडा में सोमवार 13 अप्रैल को एक अजीब घटना सामने आई। नरवाई की आग बुझाने पहुंची दमकल गाड़ी खुद ही आग की चपेट में आ गई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। खेतों में नरवाई की आग तेजी से फैल रही थी। सूचना मिलने पर देवेन्द्र नगर परिषद की फायर ब्रिगेड गाड़ी मौके पर पहुंची। टीम आग बुझाने के काम में जुटी ही थी। इसी दौरान अचानक दमकल वाहन में ही आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग बुझाने आई गाड़ी खुद जलने लगी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई। स्थिति बिगड़ती देख तत्काल गुनौर से दूसरी फायर ब्रिगेड टीम को बुलाया गया। गुनौर की टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए दोहरा मोर्चा संभाला। कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद न केवल खेतों की आग पर काबू पाया, बल्कि जलती हुई फायर ब्रिगेड गाड़ी को भी पूरी तरह खाक होने से बचा लिया। सुखद पहलू यह रहा कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि, दमकल वाहन को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है। घटना के बाद प्रशासन सतर्क है और स्थानीय लोगों ने आपातकालीन वाहनों के रखरखाव पर सवाल उठाए हैं।
मिर्जापुर में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ. शिव कुमार सिंह पटेल के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। धरने को संबोधित करते हुए मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने अहरौरा और अष्टभुजा विंध्याचल में स्थित टोल प्लाजा को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि इससे स्थानीय जनता के साथ-साथ विंध्याचल दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को भी राहत मिलेगी और त्रिकोण यात्रा सुगम होगी। वाराणसी जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर पटेल, महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे और शिक्षक संघ के कांग्रेस प्रत्याशी संजय राय प्रियदर्शी ने इसे जनहित का मुद्दा बताया। उन्होंने सरकार से तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए चेतावनी दी कि अन्यथा कांग्रेस बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होगी। अनुसूचित जाति के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर एवं पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी ने भी टोल प्लाजा का विरोध करते हुए कहा कि इससे किसानों, व्यापारियों और आम जनता को अनावश्यक परेशानी हो रही है। धरना का नेतृत्व कर रहे जिला अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार सिंह पटेल ने दोहराया कि यह आंदोलन पूरी तरह जनहित में है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। पटेल ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मिन्हाज अहमद छोटे खान ने किया। इस दौरान धरना स्थल पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मोसीना किदवई को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। इस अवसर पर बाबू भाई, शिव शंकर चौबे, मंसूर अहमद, गुलाब चंद्र पांडेय, घनश्याम सिंह, राजधर दुबे, सुनील राय, अजय सिंह, अंशु पांडेय, रोहित दुबे, प्रवेश खान, सैय्यद आदिल, शशिभूषण दुबे, मिथिलेश मिश्रा, सुधाकर, रमेश चंद प्रजापति, पप्पू आनंद त्रिपाठी, इमरान खान, कपिल कुमार सोनकर, डॉ. दिनेश चौधरी, राजेंद्र विश्वकर्मा, जितेंद्र सिंह, नारायण यादव, लक्ष्मी नारायण यादव, राकेश त्रिपाठी, जैकी कोल, राम विष्णु शर्मा, विजय दुबे और विनोद तिवारी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।
दमोह में अंबेडकर जयंती पूर्व वाहन रैली निकली:सैकड़ों युवा हुए शामिल, जगह-जगह स्वागत
दमोह में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती की पूर्व संध्या पर सोमवार शाम एक वाहन रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में सैकड़ों युवाओं ने भाग लिया। रैली की शुरुआत शाम 6 बजे तहसील ग्राउंड से हुई। जिले भर से आए सैकड़ों युवा यहां एकत्रित हुए। वे हाथों में झंडे, बैनर और डॉ. अंबेडकर के चित्र लिए बाइकों पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। यह रैली तहसील ग्राउंड से शुरू होकर बस स्टैंड चौराहा, किल्लाई नाका, तीन गुल्ली, स्टेशन चौराहा, राय चौराहा, पलंदी चौराहा, महाकाली चौक, पठानी मोहल्ला, बढ़ापुरा, गड़ी मोहल्ला, पुराना थाना और घंटाघर से होते हुए आंबेडकर चौक पर समाप्त हुई। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर रैली का स्वागत किया। रैली के समापन पर आंबेडकर चौक पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। वाहन रैली के अध्यक्ष अरविंद चौधरी और जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी सहित अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंती समारोह समिति के अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी ने बताया कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती से पूर्व सोमवार शाम शहर के प्रमुख मार्गों से यह वाहन रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि मंगलवार को डॉ. अंबेडकर की जयंती पर मुख्य समारोह का आयोजन किया जाएगा और सभी लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की।
छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में विस्थापितों का आंदोलन तेज हो गया है। आंदोलन के नौवें दिन और सामूहिक भूख हड़ताल के 48 घंटे पूरे होने पर सोमवार सुबह हजारों आदिवासी, महिलाएं और बच्चे केन नदी में उतर गए। उन्होंने शरीर पर गीली मिट्टी लपेटकर 'मिट्टी सत्याग्रह' शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने 'जल, जंगल, जमीन' के नारे लगाए और स्पष्ट किया कि वे इस भूमि के मूल निवासी हैं। उनका कहना है कि उचित मुआवजा और पुनर्वास के बिना वे विस्थापन स्वीकार नहीं करेंगे। कुछ बुजुर्गों ने बताया कि यदि उन्हें जबरन बेदखल किया गया, तो वे इसी मिट्टी में दफन होना पसंद करेंगे। बिना अन्न विरोध प्रदर्शन कर रहेभीषण गर्मी और खुले आसमान के नीचे 'आकाश सत्याग्रह' भी जारी है। हजारों लोग जमीन पर लेटकर बिना अन्न ग्रहण किए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। भूख हड़ताल के कारण कई महिलाओं की तबीयत बिगड़ने लगी है। मौके पर पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से चिंता बढ़ गई है। प्रशासन पर अनदेखी का आरोपजय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि 48 घंटों से लोगों के घरों में चूल्हे नहीं जले हैं, फिर भी प्रशासन ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। भटनागर का आरोप है कि नियमों और कानूनों (धारा 11, 15, 18) की अनदेखी कर विस्थापितों को जबरन हटाने का प्रयास किया जा रहा है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कोई उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचकर समाधान नहीं करता है, तो आंदोलन और तेज होगा। फिलहाल केन नदी के किनारे स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
बस में बैठकर गांव पहुंचे कलेक्टर:ग्रामीणों से समस्याएं सुनी, अधिकारियों को दिए निराकरण के निर्देश
रीवा जिले के नवागत कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने जॉइनिंग के पहले ही दिन फील्ड में उतरे। वे अधिकारियों के साथ बस में सवार होकर जवा विकासखंड के जतरी गांव पहुंचे और यहां योजनाओं की जमीनी स्थिति देखी। जतरी गांव में कलेक्टर ने अलग-अलग योजनाओं से जुड़े हितग्राहियों से सीधे बात की। किसे क्या लाभ मिला, किसे नहीं—इसकी जानकारी मौके पर ही ली। कई जगह उन्होंने अधिकारियों से सवाल भी किए और दस्तावेज दिखाने को कहा। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी बातें रखीं। कुछ ने योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी दी, तो कुछ ने समस्याएं बताईं। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए कि लंबित मामलों को जल्द निपटाया जाए। निरीक्षण के दौरान साफ रहा कि कलेक्टर शुरुआत से ही फील्ड विजिट और जमीनी फीडबैक पर फोकस कर रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिएकलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि फील्ड में जाकर वास्तविक स्थिति समझना जरूरी है, तभी सुधार संभव है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र हितग्राही को योजना से वंचित न रखा जाए। शिकायत मिलने पर त्वरित निराकरण किया जाए। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
अनूपपुर में नेशनल हाईवे 43 पर हादसा:तेज रफ्तार वाहन घर में घुसा, तीन लोग घायल
अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बदरा में नेशनल हाईवे-43 पर सोमवार शाम एक सड़क हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार वाहन का टायर फटने से वह अनियंत्रित होकर पलट गया और पास के एक घर में जा घुसा। इस हादसे में वाहन में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहन क्रमांक एमपी 18टी 4030 अनूपपुर से कोतमा की ओर जा रहा था। फुनगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की महिला चिकित्सक डॉ. प्रगति शर्मा के अनुसार, घायलों में 17 वर्षीय महेंद्र और 65 वर्षीय रामू शामिल हैं। एक अन्य बालक को कोई चोट नहीं आई है। जिस घर में वाहन घुसा, वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं लगी। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को निजी वाहन से फुनगा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। समाजसेवी शिवांश सिंह राजपूत ने भी घायलों को अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाने में मदद की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टायर फटने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका, जिससे यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कलेक्टर ने नईगढ़ी अस्पताल का औचक निरीक्षण किया:दवाइयों की उपलब्धता और साफ-सफाई पर दिए सख्त निर्देश
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने सोमवार शाम नईगढ़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया और दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई तथा मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर जैन सोमवार शाम करीब 6 बजे अस्पताल पहुंचे, जिससे स्टाफ में हड़कंप मच गया। उन्होंने मौके पर मौजूद चिकित्सक डॉ. आरके पाठक से अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों की संख्या और दवाइयों की उपलब्धता के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने वार्डों का जायजा लिया और साफ-सफाई की स्थिति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अस्पताल परिसर में स्वच्छता हर हाल में बनी रहनी चाहिए ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। कलेक्टर जैन ने दवाइयों की उपलब्धता पर भी सख्ती बरती। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल में सभी आवश्यक दवाइयां हर समय उपलब्ध होनी चाहिए, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सके और उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदने के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने स्टाफ को मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने का भी निर्देश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। कलेक्टर ने अनुपलब्ध दवाओं की मांग करने और उनकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सीएमएचओ रीवा को भी निर्देशित किया। इस निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी, तहसीलदार सुनील द्विवेदी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे।
राज्य सरकार ने फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) जयपुर के निदेशक डॉ. अजय शर्मा और दो सहायक निदेशकों सहित चार अफसरों को पद से हटाकर एपीओ कर दिया है। FSL के सिरोलॉजी डीएनए विभाग के सहायक निदेशक डॉ. आनंद कुमार, सहायक निदेशक डॉ. भावना पूनिया और सिरोलॉजी सेक्शन के सीनियर साइंटिफिक ऑफिसर डॉ. रामकिशन कुमावत को एपीओ किया गया है। इस कार्रवाई को डीएनए जांच किट खरीदने में गड़बड़ी के मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। एपीओ किए गए जिम्मेदारों की डीएनए किट खरीद गड़बड़ी में भूमिका होने की पहले भी शिकायतें की गई थी। अब गृह विभाग ने चारों को एपीओ करने के आदेश जारी किए हैं। एफएसएल में डीएनए जांच किट खरीद में गड़बड़ियों का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। इन्हें मिला चार्जएपीओ किए गए निदेशक सहित चारों अफसरों के अतिरिक्त चार्ज दिए गए हैं। क्षेत्रीय FSL भरतपुर के अतिरिक्त निदेशक डॉ. आर. के. मिश्रा को एफएसएल निदेशक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। सीरम खंड के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी हरिनारायण को सहायक निदेशक सिरोलॉजी डीएनए विभाग का अतिरिक्त चार्ज दिया है। वहीं जैविक मुख्य प्रयोगशाला के सहायक निदेशक डॉ. बैजू माथुर को सीनियर साइंटिस्ट, सिरोलॉजी अनुभाग और सिरोलॉजी RFSL अजमेर के सहायक निदेशक बलवंत खज्जा को सिरोलॉजी डीएनए के सहायक निदेशक का अतिरिक्त चार्ज दिया गया है। FSL में डीएनए जांच किट खरीदने में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद कार्रवाईFSL में डीएनए जांच किट खरीद में लंबे समय से गड़बड़ी की शिकायतें मिली थीं। दूसरे राज्यों की तुलना में राजस्थान में 11 गुना तक ज्यादा दरों पर डीएनए जांच किट खरीदे गए थे। एफएसएल में डीएनए जांच किट खरीद में गड़बड़ियों का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। सरकार में उच्च स्तर पर भी इसकी शिकायतें की गई थीं। शिकायतों के बाद अब सरकार ने निदेशक सहित चार बड़े जिम्मेदारों को पद से हटा दिया है। एफएसएल के कामकाज पर हाईकोर्ट भी नाराजगी जता चुकाएफएसएल के कामकाज पर हाईकोर्ट कई बार नाराजगी जता चुका है। एफएसएल के जांच नतीजों में हेरफेर के आरोप भी लगते रहे हैं। FSL जांचों की धीमी रफ्तार को लेकर कई बार सवाल उठ चुके हैं। निदेशक सहित चार बड़े जिम्मेदारों को पद से हटाने के बाद अब आगे जांच रिपोर्ट के आधार पर एक्शन के आसार हैं।
श्योपुर कोतवाली क्षेत्र में एक युवती के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी समीर सिसोदिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, परिजन ने 5 मार्च 2026 को कोतवाली थाने में अपनी 23 वर्षीय के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उनकी बेटी मार्केट सामान लेने घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। इसके बाद गुम इंसान का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, 13 अप्रैल को युवती अपने पिता और परिजनों के साथ थाने पहुंची। उसने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रास्ते में मोहल्ले का रहने वाला समीर सिसोदिया उसे मिला। आरोपी ने पहले बात करने के बहाने उसे रोका और फिर चाकू दिखाकर जबरन अपने साथ ले गया। पीड़िता के बयान के अनुसार, आरोपी उसे पहले ग्वालियर ले गया और एक होटल में रखा। इसके बाद वह उसे ट्रेन से दिल्ली ले गया, जहां अलग-अलग स्थानों पर रखकर उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार दुष्कर्म किया। युवती के विरोध करने पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता था। लगभग 10 दिन पहले आरोपी उसे जयपुर ले गया। वहां मौका मिलते ही युवती भाग निकली और बस के जरिए श्योपुर लौट आई। घर पहुंचने के बाद युवती ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन उसे लेकर थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने युवती के बयान और जांच के आधार पर आरोपी समीर सिसोदिया के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2), 87 और 351(3) के तहत अपराध दर्ज किया। मामले की जांच उप निरीक्षक कमलेंद्र सिंह कुशवाह कर रहे हैं। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
सिरसा में माइनर में मिला महिला का शव:हाथ-पांव बंधे मिले; लोगों ने बहता देखा, हत्या का शक, पहचान नहीं
सिरसा जिले में सोमवार को माइनर में एक महिला का शव संदिग्ध हालत में मिला। महिला के हाथ व पांव बंधे हुए थे। अभी तक महिला की पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और प्राथमिक दृष्टता में शव को देखकर हत्या का शक जताया जा रहा है। पुलिस महिला की पहचान की लिए जांच में जुटी है। जानकारी के अनुसार, डिंग थाना क्षेत्र में गांव कुसुम्बी माइनर में महिला का शव पाया गया है और मृतका की उम्र करीब 20 से 25 साल बताई जा रही है। माइनर के पास बनी ढाणी के लोगों ने माइनर में शव को तैरते हुए देखा तो इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को माइनर से बाहर निकला। तो महिला के हाथ और पैर बंधे हुए पाए गए। हत्या की आशंका दरअसल, यह माइनर बड़ी नहर से निकलकर कुसुम्बी माइनर के रास्ते डिंग थाना क्षेत्र में आती है। पुलिस के अनुसार, शक जताया जा रहा है कि महिला की हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद कहीं और फेंका गया है या शव पानी में बहते हुए यहां पहुंची है। पुलिस माइनर के रास्ते मेन ज्वॉइंट का पता लगाएगी। इसे लेकर बाकी थानों में भी डिटेल भेज दी है, ताकि महिला की पहचान हो सके। थानों को भेजी शव की डिटेल डिंग थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले में पुलिस की ओर से जांच जारी है और महिला की पहचान के लिए हर कोशिश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। उसके बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल पाएगा। सभी थानों को डिटेल भेज दी है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट के नाम पर इंजीनियर से 16.66 लाख रुपए की ठगी की गई है। ठगों ने पहले अच्छा मुनाफे का लालच दिया। इसके बाद इंजीनियर ने व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन किया। भरोसे में आकर उसने पैसे इन्वेस्ट कर दिए। जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की तो और पैसों की डिमांड की गई। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ और थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला वैशाली नगर थाना क्षेत्र का है। इंस्टाग्राम लिंक से शुरू हुई ठगी की कहानी जानकारी के मुताबिक पीड़ित का नाम राजनारायण पाण्डेय (46) है, जो भिलाई का रहने वाला है। वह मुंबई की सॉफ्टवेयर कंपनी काम करता है। ठगी की शुरुआत उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर आए एक अनजान लिंक से हुई। पीड़ित को “VIP एग्जीक्यूटिव सर्विस” से जुड़ने का प्रस्ताव मिला। इसमें शेयर मार्केट में इन्वेस्ट कर भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। ऑफर को सही मानते हुए राजनारायण ने 2 जनवरी 2026 को व्हाट्सऐप ग्रुप जॉइन किया। ग्रुप में “दिया मेहरा” नाम की महिला ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताया, उसने इन्वेस्ट के फायदे गिनाए और “abslhnw” नाम के ऐप में पैसा लगाने पर ज्यादा रिटर्न का दावा किया। शुरुआत में छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता गया। इसके बाद पीड़ित धीरे-धीरे बड़ी रकम लगाने लगे। अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए गए पैसे ठगों ने शक से बचने के लिए अलग-अलग बैंक खातों और यूपीआई आईडी का इस्तेमाल किया। पीड़ित ने अपनी पत्नी के आईडीएफसी बैंक खाते और अपने खाते से कुल 16,66,000 रुपए ट्रांसफर किए। पैसे निकालने की कोशिश में खुला राज 2 मार्च 2026 को पीड़ित ने अपनी निवेश राशि निकालने की कोशिश की। इस पर ठगों ने नया बहाना बनाया और कहा कि निकासी के लिए और पैसे जमा करने होंगे। यहीं से शक गहरा हुआ। पीड़ित ने आगे भुगतान करने से मना किया, जिसके बाद पूरी राशि फंस गई। साइबर हेल्पलाइन में शिकायत, FIR की मांग ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें एक्नॉलेजमेंट नंबर भी मिला। इसके बाद थाना वैशाली नगर, दुर्ग में लिखित आवेदन देकर आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई। पुलिस जांच जारी, ठगों की तलाश प्रारंभिक जांच में मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत अपराध पाया गया। ठगों ने अलग-अलग नामों और खातों का इस्तेमाल किया, जिससे पहचान छिपी रहे। पुलिस बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत सिरसा जिले के बड़ागुढ़ा और औढां ब्लॉक में कई लाभार्थियों ने आवेदन किया था। विभाग ने सर्वे के बाद पात्र पाए गए लाभार्थियों को पिछले साल पहली किस्त जारी की थी, लेकिन वे पिछले एक साल से दूसरी किस्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को मकान निर्माण के लिए कुल 1,38,000 रुपए की राशि तीन किस्तों में मिलनी है। इसमें 45,000 रुपए की पहली किस्त निर्माण शुरू करने के लिए, 60,000 रुपए की दूसरी किस्त मकान का कार्य दरवाजे के ऊपरी लेंटर तक पहुंचने के बाद, और 33,000 रुपए की अंतिम किस्त मकान पूर्ण होने के बाद दी जानी है। लाभार्थियों को नहीं मिली दूसरी किस्त अलीकां गांव की प्रेमलता ने बताया कि जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिली थी, उन्होंने उससे मकान के लेंटर तक का कार्य पूरा कर लिया है। हालांकि, दूसरी किस्त जारी न होने के कारण आगे का निर्माण कार्य रुका हुआ है। स्थिति यह है कि लाभार्थियों ने मकान तो खड़े कर लिए हैं, लेकिन एक वर्ष से उन पर छत नहीं लग पाई है। अधिकारियों से लगाई गुहार पड़ोसी भी इन परिवारों का समर्थन कर रहे हैं और अधिकारियों से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा करने की मांग कर रहे हैं। उनकी मांग है कि लाभार्थियों को गर्मी, सर्दी या बरसात में सिर ढकने के लिए जल्द से जल्द अपना आशियाना मिल सके।
भारतरत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 136वीं जयंती को लेकर भाजपा इस बार सिर्फ औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि “बूथ से समाज तक” पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी का फोकस इस बार खासतौर पर समरसता भोज, विशेष संपर्क अभियान और समाज के अलग-अलग वर्गों तक सीधा संवाद स्थापित करने पर है। संपर्क और सामाजिक समरसता पर जोर भाजपा प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ने प्रेस वार्ता में बताया कि 14 अप्रैल को जयंती के मौके पर उन इलाकों में विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा, जहां बाबा साहब के अनुयायियों की संख्या ज्यादा है। यहां कार्यकर्ता “समरसता भोज” का आयोजन करेंगे और केंद्र और राज्य सरकार के संदेश लोगों तक पहुंचाएंगे। इस पूरे अभियान का मकसद सिर्फ जयंती मनाना नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव बढ़ाना और लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना बताया गया है। एक हफ्ते तक चलेगा कार्यक्रम, बूथ स्तर तक पहुंच भाजपा ने इस बार जयंती को एक दिन के कार्यक्रम के बजाय सप्ताहभर चलने वाले अभियान के रूप में डिजाइन किया है। 14 अप्रैल से शुरू होकर यह कार्यक्रम बूथ स्तर तक जाएगा, जहां छोटे-छोटे आयोजन किए जाएंगे। पार्टी का दावा है कि हर बूथ पर कार्यकर्ता सक्रिय रहेंगे और बाबा साहब के विचारों को घर-घर तक पहुंचाया जाएगा। संगोष्ठियों में समाज के लोगों को जोड़ने की तैयारी 15 से 20 अप्रैल के बीच हर जिला मुख्यालय में संगोष्ठियां आयोजित होंगी। इन कार्यक्रमों में खासतौर पर अनुसूचित जाति समाज के प्रतिनिधियों और अलग-अलग सामाजिक संस्थाओं को आमंत्रित किया जाएगा। इन संगोष्ठियों में न सिर्फ विचार-विमर्श होगा, बल्कि समाज में काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। राजधानी में बड़े चेहरे रहेंगे मौजूद रायपुर में होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव शामिल होंगे। यहां बाबासाहब के योगदान पर चर्चा के साथ-साथ कार्यकर्ताओं को आगे की रणनीति भी बताई जाएगी। पहले दिन से शुरू हुआ ग्राउंड एक्टिविटी जयंती से एक दिन पहले ही भाजपा ने ग्राउंड लेवल पर एक्टिविटी शुरू कर दी है। प्रदेशभर में जहां-जहां बाबा साहब की प्रतिमाएं हैं, वहां सफाई अभियान चलाया गया और शाम को दीप जलाकर कार्यक्रम किए गए।
सतना में सूने घर से 5 लाख के जेवरात चोरी:20 हजार की नकदी भी ले गए बदमाश; परिवार रीवा गया था
सतना में एक सूने घर में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई। कोलगवां थाना क्षेत्र के बाईपास उतैली स्थित संजय कुशवाहा के घर से चोरों ने 20 हजार रुपए नकद और करीब 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। यह घटना सोमवार दोपहर को हुई, जब परिवार रीवा गया हुआ था। संजय कुशवाहा अपने परिवार के साथ सोमवार सुबह लगभग 11 बजे रीवा गए थे। शाम 5 बजे जब वे वापस लौटे, तो घर का मुख्य ताला टूटा था। अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी खुली हुई थी। कुशवाहा ने बताया कि चोरों ने तिजोरी में रखे 20 हजार रुपए नकद और लगभग 5 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना की सूचना मिलने पर कोलगवां पुलिस मौके पर पहुंची और मुआयना कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि चोरों का सुराग मिल सके। पुलिस के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस चोरी की वारदात में किसी परिचित का हाथ होने की संभावना है।
बांसवाड़ा में सड़क हादसे में नाबालिग की मौत:साथी गंभीर घायल; वैवाहिक समारोह से बाइक पर घर लौट रहे थे
बांसवाड़ा में सोमवार शाम सड़क हादसे में बाइक सवार नाबालिग की मौत हो गई। जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने मृतक के शव को एमजी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। हादसा उदयपुर मार्ग पर मोरड़ी मिल के पास हुआ। घाटोल थानाधिकारी रमेश पन्नू ने बताया कि हादसा सोमवार शाम को हुआ हैं। दोनों युवक सड़क पर लहूलुहान हालत में थे। वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना को दी। इसके बाद एम्बुलेंस की टीम भी मौके पर पहुंची और दोनों को महात्मा गांधी (एमजी) अस्पताल ले जाया गया, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने रामपुरा सागवड़िया निवासी राहुल(16) पुत्र अर्जुन को मृत घोषित कर दिया। जबकि उसके साथी विपिन(18) पुत्र गौतम को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। थानाधिकारी पन्नू ने बताया कि शुरुआती जांच में बाइक अनियंत्रित होने से हादसा होने की आशंका है। दोनों भचढ़िया में वैवाहिक समारोह में गए थे। शाम को जब वे वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में मोरड़ी मिल के पास हादसा हो गया। मृतक राहुल के शव का पोस्टमॉर्टम मंगलवार सुबह किया जाएगा।
सिवनी जिले की नवागत कलेक्टर नेहा मीना ने पदभार ग्रहण करने के बाद सक्रियता दिखाई। उन्होंने सबसे पहले प्राचीन मठ मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद दिन में अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की समीक्षा की और शाम को मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद किया। बैठक के दौरान कलेक्टर मीना ने स्पष्ट किया कि जिले के विकास को नागरिकों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा। कलेक्टर ने विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इन दोनों क्षेत्रों का सीधा संबंध नागरिकों के जीवन स्तर से है, इसलिए गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने जिले की स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संतुलित एवं समन्वित विकास के लिए सभी संबंधित विभागों और पक्षों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। कलेक्टर ने मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए अपेक्षा जताई कि मीडिया जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगा। उन्होंने कहा कि सकारात्मक व तथ्यपरक संवाद के माध्यम से प्रशासन को रचनात्मक सहयोग मिलेगा, जिससे योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचेगी और समस्याओं का समय पर निराकरण भी संभव होगा। इस परिचयात्मक बैठक के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने भी जिले के विकास, नागरिक सुविधाओं और विभिन्न जनसमस्याओं के समाधान को लेकर अपने सुझाव साझा किए। कलेक्टर ने इन सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
गुरुग्राम जिले के फर्रुखनगर में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम ने अवैध रूप से सरसों के भंडारण का भंडाफोड़ किया है। गांव बांसलाम्बी में रविन्द्र कुमार के घर से बिना अनुमति रखी गई 641 क्विंटल सरसों जब्त की गई, जिस पर जुर्माना भी लगाया गया है। टीम को सूचना मिली थी कि गांव बांसलाम्बी निवासी रविन्द्र कुमार पुत्र लक्ष्मीनारायण अपने घर में भारी मात्रा में सरसों का अवैध स्टॉक कर रखा है। सूचना के आधार पर उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंची और संबंधित मकान की जांच की। 641 क्विंटल सरसों का भंडारण मिला निरीक्षण के दौरान मकान मालिक रविन्द्र कुमार मौके पर मौजूद मिले। घर के अंदर बड़ी मात्रा में सरसों का भंडारण पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह स्टॉक करीब 641 क्विंटल था, जिसे बिना किसी अनुमति या नियमों का पालन किए रखा गया था। प्राथमिक जांच में सामने आया कि इस स्टॉक के लिए आवश्यक दस्तावेज और लाइसेंस उपलब्ध नहीं थे। इसके चलते विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए 1 प्रतिशत मार्केट फीस के रूप में 33 हजार 813 रुपए और 25 प्रतिशत जुर्माने के रूप में 8 हजार 454 रुपए निर्धारित किए। इस प्रकार कुल 42 हजार 266 रुपए का जुर्माना लगाया गया। अधिकारी बोले- अवैध भंडारण पर जारी रहेगी कार्रवाई इस कार्रवाई में सीएम फ्लाइंग से इंस्पेक्टर सुनील और इंस्पेक्टर सुरेश, पटौदी मार्केट कमेटी के सचिव विपिन कुमार और सुपरवाइजर कमल शर्मा सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे। टीम ने मौके पर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की। अधिकारियों ने बताया कि कृषि उपज के अवैध भंडारण और बिना लाइसेंस व्यापार पर लगातार नजर रखी जा रही है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अन्य व्यापारियों में भी नियमों के पालन को लेकर सतर्कता बढ़ गई है।
बालाघाट में वनकर्मी की हत्या का विरोध:जवानों ने कैंडल रैली निकाली, रेत माफिया पर कार्रवाई की मांग
बालाघाट में वनकर्मी हरिकेश गुर्जर की हत्या के खिलाफ सोमवार शाम 6 बजे वन कर्मचारियों ने कैंडल रैली निकाली। वन और वन्यप्राणी कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने रैली निकालने से पहले हरिकेश गुर्जर को श्रद्धांजलि दी। जिले भर से आए सैकड़ों वनकर्मी आंबेडकर चौक पर इकट्ठा हुए। वहां से कैंडल रैली शुरू होकर काली पुतली चौक, मेनरोड और सर्किट हाउस होते हुए निकली। रैली में शामिल कर्मचारी हरिकेश गुर्जर को शहीद का दर्जा देने और उनके हत्यारों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचला था यह पूरा विरोध प्रदर्शन 8 अप्रैल को मुरैना के अम्बाह इलाके में हुई घटना को लेकर था। वहां ड्यूटी पर तैनात वनकर्मी हरिकेश गुर्जर ने अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने की कोशिश की थी। इस पर रेत माफिया ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी थी। शहीद का दर्जा देने की मांग संघ के जिला अध्यक्ष श्रीराम घरते ने कहा कि हरिकेश गुर्जर ने अपना फर्ज निभाते हुए जान दी है, इसलिए सरकार उन्हें शहीद का दर्जा दे। उन्होंने यह भी कहा कि दोषियों को ऐसी सख्त सजा मिले जिससे आगे कोई ऐसी हिम्मत न कर सके। वनकर्मियों ने साफ किया कि जब तक इंसाफ नहीं मिलता, उनका विरोध जारी रहेगा।
राजगढ़ जिले के जीरापुर नगर के माचलपुर रोड स्थित विजया कॉन्वेंट स्कूल के पास सोमवार शाम एक फर्नीचर गोदाम में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया। आग की ऊंची लपटें दूर तक दिखाई दीं। आसपास के लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। आग “शारदा फर्नीचर” के गोदाम में लगी, जो पवन कुशवाह के मकान के पीछे स्थित है। शाम करीब 5 बजे भड़की आग ने देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर रखा शादी-विवाह सीजन का महंगा सामान सोफा सेट, डबल बेड, सेंटर टेबल, गद्दे, कूलर, फ्रिज और टीवी- तेजी से जलने लगा और कुछ ही देर में लाखों रुपए का फर्नीचर राख में तब्दील हो गया। गोदाम राहुल पिता ओंकारलाल विश्वकर्मा, निवासी भंडावद का बताया जा रहा है। तीन शहरों की दमकलें जुटीं, 3 घंटे बाद मिला काबूघटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग की तीव्रता के सामने उनके प्रयास नाकाफी साबित हुए। नगर परिषद की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन हालात काबू में नहीं आए। इसके बाद माचलपुर और छापीहेड़ा से भी दमकल वाहन बुलाए गए। करीब 2 से 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि तब तक गोदाम के भीतर रखा लगभग पूरा सामान और बाहर लगा टीन शेड जलकर खत्म हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम अंकिता जैन, एसडीओपी धर्मवीर नागर, तहसीलदार कमलसिंह सौलंकी और थाना प्रभारी हुकम सिंह मीणा सहित पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और राहत कार्य की निगरानी की। आसपास के मकानों को भी नुकसानआग की तेज लपटों और गर्मी का असर आसपास के मकानों पर भी पड़ा। गोदाम से सटे सचिन अग्रवाल और रामबाबू गुप्ता के नवनिर्मित मकानों की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गईं। घटना के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद रहे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। गनीमत रही कि इस भीषण हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन व्यापारी को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। देखिए तस्वीरें…
हिसार जिले के अग्रोहा अनाज मंडी में गेहूं खरीद और उठान की धीमी प्रक्रिया को लेकर विधायक नरेश सेलवाल ने गहरी चिंता जताई है। बता दे कि सोमवार को मंडी का दौरा करने पहुंचे विधायक ने व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि मौजूदा हालात किसानों और आढ़तियों के लिए भारी परेशानी का कारण बने हुए हैं। नरेश सेलवाल ने बताया कि मंडी में अब तक केवल 4 गाड़ियों का ही गेहूं उठान हो पाया है, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है। लोडिंग प्रक्रिया में ऑनलाइन जीपीएस सिस्टम की खामियों के चलते कार्य प्रभावित हो रहा है, जबकि बायोमेट्रिक प्रणाली ने भी किसानों और व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंडी में मूलभूत सुविधाओं का अभाव विधायक नरेश सेलवाल ने मंडी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि यहां न तो पर्याप्त बिजली व्यवस्था है और न ही पीने के पानी और बैठने की उचित सुविधा उपलब्ध है। किसानों को मजबूरी में गेहूं खुले में जमीन पर डालना पड़ रहा है, जिससे खराब होने का खतरा बना हुआ है। सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल मंडी परिसर में शेड की कमी के चलते पूरा क्षेत्र गेहूं से भरा पड़ा है। सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मंडी के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली की तारें किसी भी समय हादसे का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा मुख्य द्वार पर लाइट की कमी, धर्मकांटे का अभाव और नीची दीवारों के कारण चोरी की घटनाओं की आशंका बनी रहती है। मंडी में स्थायी सचिव की नियुक्ति की मांग विधायक नरेश सेलवाल ने मांग की कि मंडी में स्थायी सचिव की नियुक्ति की जाए और आढ़तियों के लाइसेंस नवीनीकरण की अवधि 6 महीने से बढ़ाकर 1 वर्ष की जाए। उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान नीतियां किसान हित में नहीं हैं और इससे किसानों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। बीडीपीओ कार्यालय में जनसमस्याएं भी सुनीं मंडी निरीक्षण के बाद विधायक नरेश सेलवाल ने अग्रोहा बीडीपीओ कार्यालय में जनसमस्याएं भी सुनीं। इस दौरान लोगों ने पोर्टल से जुड़ी खामियों, बीपीएल कार्ड कटने, फैमिली आईडी में गलत आय दर्ज होने और वृद्धावस्था पेंशन रुकने जैसी समस्याएं उठाईं। लोगों ने शिकायत की कि बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने के बावजूद उनकी सुनवाई नहीं हो रही। बरवाला रोड तक लगभग 770 मीटर सड़क निर्माण की मांग इस अवसर पर अग्रोहा ब्लॉक के सरपंचों ने सिरसा रोड से अग्रोहा थाना के पीछे होते हुए बरवाला रोड तक लगभग 770 मीटर सड़क निर्माण की मांग भी रखी। उनका कहना था कि इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र में जाम की समस्या कम होगी और आवागमन सुगम बनेगा।
कोटा में लोकसभा स्पीकर ने अम्बेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर संविधान पार्क का शिलान्यास किया। इस दौरान कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, लाडपुरा विधायक कल्पना देवी, शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन, संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल, KDA आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल सहित अन्य मौजूद रहे। टीवीएस सर्किल के पास आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या महिला व पुरुष शामिल हुए। लोगों सम्बोधित करते हुए स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने अपने जीवन में संघर्ष करने, चुनौती के बावजूद भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश व राष्ट्र की सेवा करने का समर्थन किया। बाबा साहब के जीवन से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिले ताकि आने वाले पीढ़ी भी इसी चुनौतियां, संकट का मुकाबला करते हुए, देश व राष्ट्र की सेवा में अपने आप को समर्पण करें। यह संविधान पार्क भी इसी यात्रा का एक हिस्सा है। उन्होंने कहा कि 1947 के बाद भारत में जब संविधान बना। बाबा साहब ने ऐसा संविधान बनाया जो आज भी हमारा मार्गदर्शन है। भारत का संविधान, दुनिया के जितने भी देश है उनके लिए मार्गदर्शक बना हुआ है। हमारे आने वाली पीढ़ी संविधान को जाने, संविधान को समझे और संविधान को आत्मसात करें। इसके लिए ये संविधान पार्क आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देता रहेगा। यह संविधान पार्क 1857 से लड़ाई लड़ने वाले उन स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करता रहेगा। उनके संघर्ष, त्याग, बलिदान से प्रेरणा लेता रहेगा। यह संविधान पार्क 1947 से लेकर अभी तक इस देश के अंदर जो आर्थिक, सामाजिक बदलाव हुआ उससे भी प्रेरणा लेता रहेगा। इस संविधान पार्क का निर्माण किया जाएगा। पार्क में एक विशेष 'संविधान कालरेखा पथ' विकसित किया जाएगा। जिसमें संवैधानिक यात्रा को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय की तर्ज पर एक अत्याधुनिक म्यूजियम का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिसमें संविधान निर्माण में योगदान देने वाली महान विभूतियों की जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आज दुनिया के अंदर संसदीय लोकतंत्र ही शासन चलाने की सक्सेस पद्धति है। दुनिया के जिन देशों के अंदर अभी लोकतंत्र नहीं है, और वो भी अपने यहां पर लोकतंत्र की परिभाषा समझाने की कोशिश करते हैं। लोकतंत्र को अपनाने की कोशिश करते हैं। इसलिए लोकतंत्र की ताकत बहुत बड़ी है। समय समय पर सत्ता का बदलाव लोकतंत्र की ताकत है। उन्होंने कहा कि जो संविधान को जानेगा, समझेगा वो हमेशा देश निर्माण के लिए सजग प्रहरी के रूप में काम करेगा। बिरला ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा की इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जिला परिषद सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जिले में पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की। उन्होंने पिछडी पंचायतों के विकास की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें अग्रणी पंचायतों के समकक्ष लाया जाए। बिरला ने कहा कि अगले तीन महीनों में घर-घर सर्वे कर यह सुनिश्चित किया जाए कि पेंशन, खाद्य सुरक्षा, प्रधानमंत्री आवास सहित सभी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए सर्वे के दौरान ऐसे लोगों की भी पहचान की जाए जो पात्र होने के बावजूद योजनाओं की जानकारी के अभाव में वंचित रह गए हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि गर्मी को देखते हुए समर कंटिंजेंसी प्लान के तहत हर गांव में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और कहीं भी पानी की समस्या नहीं आने दी जाए गेहूं खरीद को लेकर भी उन्होंने निर्देश दिए कि हर किसान की उपज का अधिकतम तौल सुनिश्चित किया जाए। मंडियों में आ रही समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और लंबी कतारों से बचने के लिए एफसीआई तथा वेयरहाउस में समय पर माल की एंट्री सुनिश्चित की जाए। बिरला ने आगामी मानसून को देखते हुए जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए अभी से कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो। बैठक में सीएसआर सहित अन्य योजनाओं के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए बिरला ने सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान कलेक्टर पीयूष सामरिया, जिला परिषद सीईओ कमल मीणा, पूर्व पालिका चेयरमेन अखिलेश मेड़तवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
छतरपुर जिले में चोरी के एक मामले में न्याय न मिलने से परेशान एक पीड़ित ने सोमवार को आईजी के सामने ही आत्महत्या की चेतावनी दे दी। नौगांव थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 5, उपजेल के पास रहने वाले प्रमोद कुमार तिवारी ने बीते 14 महीनों में 52 से अधिक आवेदन दिए, लेकिन 40 लाख रुपए के जेवर चोरी के मामले में पुलिस अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी। निराश होकर पीड़ित ने क्राइम मीटिंग के लिए छतरपुर पहुंचे सागर रेंज के आईजी के सामने न्याय की गुहार लगाई और पुलिस पर भरोसा न होने की बात कही। पैर छूकर न्याय की गुहार लगाईआईजी मिथलेश शुक्ला के सामने प्रमोद तिवारी ने पैर छूकर न्याय की गुहार लगाई और ज्ञापन सौंपा। मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी ने तत्काल जांच के आदेश दिए और लंबित मामलों के जल्द निराकरण के निर्देश संबंधित थानों को दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि थानों में लापरवाही या अवैध गतिविधियां पाई गईं तो संबंधित थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की जाएगी। फरवरी 2024 में हुई थी चोरीजानकारी के अनुसार, प्रमोद तिवारी के घर में 19 फरवरी 2023 को चोरी हुई थी। चोर करीब 227 ग्राम सोने के जेवरात ले गए, जिनमें हार, जंजीर, झुमकी, हाफ पेटी, बिछिया और पायल शामिल थे। पीड़िता के अनुसार, इन जेवरातों की कीमत लगभग 40 लाख रुपए है। घटना के बाद नौगांव थाने में मामला दर्ज किया गया था। टीआई से लेकर पीएम तक को आवेदनपीड़ित प्रमोद तिवारी का आरोप है कि उन्होंने न्याय के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने थाना प्रभारी से लेकर पुलिस अधीक्षक तक 52 बार आवेदन दिए। इसके अतिरिक्त, पुलिस महानिदेशक को 5 बार शिकायत भेजी गई। उन्होंने प्रभारी मंत्री इंदल सिंह कंसाना, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉ. वीरेंद्र कुमार, विधायक टीका राजा, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी रजिस्टर्ड डाक से शिकायतें भेजीं, लेकिन कहीं से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें तत्कालीन थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर संदेह है, लेकिन उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया। लगातार अनदेखी से परेशान होकर उन्होंने आईजी के सामने रोते हुए कहा कि अब वह परिवार सहित आत्महत्या करने को मजबूर हैं।
सांभर-नरेना मार्ग स्थित टांका गौशाला के पास भैराणा धाम की पवित्र भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक विकास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय संत समाज, पर्यावरण प्रेमियों और ग्रामीणों ने इस परियोजना का कड़ा विरोध करते हुए 15 अप्रैल से अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने की घोषणा की है। इसकी जानकारी धाम के साधु-संतों ने जयपुर पहुंचकर पिंकसिटी प्रेसक्लब में दी। इस आंदोलन में हजारों की संख्या में साधु-संतों के जुटने की संभावना है। आरोप है कि परियोजना के तहत बड़ी संख्या में पेड़-पौधों, खासकर खेजड़ी वृक्षों की कटाई की जा रही है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है। भैराणा धाम क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक विकास का विरोध भैराणा धाम के संत राम रत्नदास स्वामी ने बताया कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) द्वारा भैराणा धाम क्षेत्र में करीब 800 बीघा भूमि औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित की गई है। आरोप है कि पिछले 6 महीनों में यहां बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई की गई है, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचा है। क्षेत्र में हजारों पेड़-पौधे, विशेषकर खेजड़ी जैसे वृक्ष नष्ट किए गए हैं। यह इलाका असंख्य जीव-जंतुओं और पक्षियों का आवास था। पेड़ों की कटाई से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर गहरा असर पड़ेगा। धार्मिक भावनाओं पर चोट का आरोप संत प्रकाश दास महाराज ने कहा कि भैराना धाम एक आस्था का प्रमुख केंद्र है। इस भूमि का औद्योगिक उपयोग “धार्मिक नगरी” की पहचान के विपरीत है। इससे करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं। 5 अप्रैल को भी विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसके बाद अस्थायी रूप से काम रोका गया, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकला। इसके विरोध में 15 अप्रैल, सुबह 10 बजे से विवादित भूमि पर हजारों साधु-संतों की मौजूदगी में धरना दिया जाएगा। जब तक भूमि आवंटन रद्द नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
इंदौर में NEET (UG) 2026 परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बताया गया कि 3 मई को होने वाली परीक्षा के लिए जिले में 57 केंद्र बनाए गए हैं, जहां 23,160 परीक्षार्थी शामिल होंगे। कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह संवेदनशील परीक्षा है, इसलिए सुरक्षा, गोपनीयता और व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने पुलिस विभाग को पर्याप्त सुरक्षा, ट्रैफिक प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही परीक्षा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और सभी केंद्रों पर बैकअप व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मौके का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं और सुविधाएं पुख्ता करने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा। गोपनीय सामग्री को बैंक लॉकर से केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए विशेष पुलिस एस्कॉर्ट की व्यवस्था होगी। परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग NTA के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाएगी। इसके अलावा, केंद्रों पर चिकित्सा सुविधा, एम्बुलेंस, पेयजल, शौचालय, बिजली, परिवहन और दिव्यांग परीक्षार्थियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम द्वारा साफ-सफाई भी सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ न हो और केवल अधिकृत व्यक्तियों को ही प्रवेश दिया जाए। सभी अधिकारियों को अपने दायित्व गंभीरता से निभाने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। पिछले साल बिजली गुल होने से कई छात्रों के रिजल्ट हुए थे प्रभावित गौरतलब है कि पिछले वर्ष आंधी-बारिश के कारण कई केंद्रों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी, जिससे परीक्षार्थियों के पेपर प्रभावित हुए थे और मामला हाई कोर्ट तक पहुंचा था। इसी को देखते हुए इस बार प्रशासन पूरी तरह सतर्क है, ताकि परीक्षा बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक आयोजित हो सके और विद्यार्थियों को सुरक्षित व सकारात्मक माहौल मिल सके।
उदयपुर में 364 किलो डोडा चूरा जब्त:नेशनल हाईवे-48 पर स्कॉर्पियो से 20 कट्टों में बरामद
उदयपुर जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत खेरोदा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नेशनल हाईवे-48 पर मेनार सरहद के पास एक स्कॉर्पियो से 364.580 किलोग्राम अवैध डोडा चूरा बरामद किया गया है। यह कार्रवाई सलूंबर जिले में नाकाबंदी तोड़कर भाग रही गाड़ी को रोकने के बाद की गई। पुलिस को 13 अप्रैल 2026 की रात सूचना मिली थी कि काले रंग की एक स्कॉर्पियो (नंबर RJ 38 CB 4190) भारी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर हाईवे से गुजरेगी। इस सूचना पर खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मेनार पुलिया पर नाकाबंदी की। नाकाबंदी के दौरान संदिग्ध स्कॉर्पियो के पहुंचने पर चालक ने पुलिस के रुकने के इशारे को अनदेखा कर दिया और गाड़ी को सर्विस रोड पर भगा दिया। पुलिस कांस्टेबल कुलदीप ने स्टॉप स्टिक का इस्तेमाल कर गाड़ी के आगे और पीछे के टायर पंक्चर कर दिए। टायर फटने के बावजूद, आरोपी करीब एक किलोमीटर तक गाड़ी चलाते रहे। आखिरकार, वे सुनसान जगह पर गाड़ी छोड़कर अंधेरे और खेतों की बाड़ का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस ने लावारिस मिली स्कॉर्पियो को तुरंत कब्जे में ले लिया। स्कॉर्पियो की तलाशी लेने पर उसमें सफेद और काले रंग के कुल 20 कट्टे मिले, जिनमें 364.580 किलोग्राम अवैध अफीम डोडा चूरा भरा हुआ था। पुलिस ने इस संबंध में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले की जांच भींडर थानाधिकारी मुकेशचन्द पुनि को सौंपी गई है। इस कार्रवाई में खेरोदा थानाधिकारी सुरेश विश्नोई, सुनील कुमार, माधव लाल, बाबूलाल, नितेश, कुलदीप, रामनिवास, कमलेश, मनोज, नेगीचन्द, प्रहलाद और साइबर सेल से लोकेश रायकवाल की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मैं अपने बच्चों से मिलने के लिए तरस गया,,मैंने चार दिनों से खाना नहीं खाया,, मैं अब अपनी जान देने जा रहा हूं,,, किसी भी हालत में मेरी मौत के बाद मेरे सास ससुर को मत छोड़ना,,,,,पत्नी और बच्चों के बिना रहना कितना दर्दनाक है उसे मैं महसूस कर रहा हूं,,आज न चाहते हुए भी अपनी जान देने को मजबूर हूं,,,पत्नी बच्चों को मनाने जाता हूं तो धमकी मिलती है,,,रोज एक चंदन मरता रहेगा…वीडियो में यह सब बातें बोलकर रीवा में युवक ने सुसाइड कर लिया। जानकारी के अनुसार जिले के रायपुर कर्चूलियान क्षेत्र में चंदन पारसी नाम के युवक ने वीडियो बनाकर सोमवार को सुसाइड किया। जान देने से पहले उसने एक भावुक वीडियो जारी किया। वीडियो में उसने ससुराल वालों पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं। 6 साल पहले हुई थी शादीबताया जा रहा है कि चंदन का ससुराल रायपुर में था, जबकि वह मूल रूप से चित्रकूट का निवासी था और पिछले कई वर्षों से अपनी मां के साथ रीवा में रह रहा था। करीब 6 साल पहले उसकी शादी कंचन पारसी से हुई थी, लेकिन वैवाहिक जीवन में लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। पत्नी को घर नहीं आने दे रहे थे ससुराल वालेपरिजनों के अनुसार, चंदन अपनी पत्नी और बच्चों से मिलने की कोशिश करता था, लेकिन उसे कथित तौर पर धमकियां मिलती थीं। वहीं, ससुराल पक्ष की ओर से उस पर झूठी प्रताड़ना के आरोप भी लगाए जाते रहे। थाना प्रभारी राजकुमार त्रिपाठी ने बताया कि मृतक का शव सीतापुर मोड़ के पास मिला है। वह घोघर में रहता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या की है। शव को शव गृह में रखवाया गया है, जहां मंगलवार को पोस्टमार्टम की किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और आत्महत्या के कारणों को लेकर सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में लापरवाह शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने का मामला सामने आया है। अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय एडिलपुर के शिक्षकों ने मासूम को स्कूल के अंदर बंद कर चले गए। मामला दादर गांव के रहने वाले हिमांशु राजभर का है। जो कक्षा तीन का छात्र है। सोमवार को रोज की तरह वह स्कूल पढ़ने गया था। सुबह 8:00 से दोपहर 2:00 बजे तक स्कूल चलता है। 4:00 मामले की जानकारी मां को मिली। इसके बाद 10 मिनट के भीतर प्रधान के घर से चाबी आ गई। ऐसे में 2 घंटे 10 मिनट मासूम स्कूल में बंद रहा। यदि मां स्कूल नहीं पहुंचती तो कल भीमराव अंबेडकर की जयंती थी। स्कूल बंद रहता। ऐसे में मासूम के साथ कोई बड़ा हादसा हो सकता था। पढ़ाई के दौरान सो गया था मासूम आजमगढ़ के अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाला मासूम पढ़ाई के दौरान स्कूल में सो गया था। हैरानी की बात यह है कि छुट्टी के समय स्कूल के अध्यापकों ने बिना पूरी जांच किए ही स्कूल में ताला लगा दिया और वहां से चले गए। मासूम बच्चा स्कूल के अंदर ही बंद रह गया और किसी को इसकी खबर तक नहीं हुई। काफी देर तक घर नहीं पहुंचा तो मां हुई परेशानउधर जब कई घंटे बीत जाने के बाद भी हिमांशु घर नहीं पहुंचा, तो उसकी मां फूला देवी परेशान हो गईं। उन्होंने पहले आसपास के बच्चों से पूछताछ की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली। तो वह खुद अपने बेटे को खोजते हुए स्कूल पहुंचीं। स्कूल के बाहर पहुंचने पर उन्हें अंदर से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। यह सुनकर उनके होश उड़ गए। इसके बाद ग्राम प्रधान की मदद से स्कूल की चाभी मंगवाई गई और ताला खुलवाया गया। जैसे ही दरवाजा खोला गया, अंदर मासूम हिमांशु रोता हुआ मिला। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर स्कूल के अध्यापकों ने इतनी बड़ी लापरवाही कैसे कर दी। यदि समय पर मां नहीं पहुंचती तो कोई बड़ी घटना घट सकती है। BSA बोले जारी होगी नोटिसदैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए आजमगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी राजू पाठक का कहना है कि प्रथम दृष्टि स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही है। इस मामले में नोटिस जारी की जाएगी। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में 'लुटेरी दुल्हन गैंग' का पर्दाफाश:शादी के नाम पर लाखों की ठगी, 2 महिलाएं गिरफ्तार
उज्जैन के नानाखेड़ा थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में इंदौर की दो महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जिन्होंने शादी तय कराने के नाम पर डेढ़ लाख रुपये की ठगी की थी। गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी भी फरार है। यह खुलासा तब हुआ जब राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की श्यामा मोगिया ने 11 अप्रैल 2026 को नानाखेड़ा थाने में शिकायत 153/2026 धारा 318(4) बीएनएस के तहत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि वे अपने भाई की शादी के लिए लड़की की तलाश कर रही थीं। इसी दौरान मंदसौर निवासी एक व्यक्ति ने उन्हें इंदौर में लड़की दिखाने का झांसा दिया। इंदौर में उनकी मुलाकात संगीता ठाकुर और ज्योति जाट से हुई। लड़की पसंद आने पर आरोपियों ने शादी तय करने के लिए फरियादी पक्ष से 1,50,000 रुपये ले लिए। पुलिस ने टीम गठित कर आरोपियों को पकड़ा पैसे लेने के बाद आरोपियों ने पीड़ित पक्ष को उज्जैन भेज दिया और खुद पीछे आने की बात कही। हालांकि, उज्जैन पहुंचने पर पूरा मामला सामने आ गया। कथित दुल्हन ज्योति जाट ने शादी से साफ इनकार कर दिया और बताया कि यह पूरा मामला ठगी का था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीता ठाकुर (पति नरेंद्र ठाकुर, 30 वर्ष, निवासी सूरज नगर, बंगाली चौराहा, इंदौर) और ज्योति जाट (पति धर्मेंद्र जाट, 21 वर्ष, निवासी पालदा नाका, इंदौर) को गिरफ्तार कर लिया।। भोले भाले लोगों को शादी का झांसा देता था इस गिरोह का तीसरा सदस्य कन्हा उर्फ कांजी कुमावत (निवासी रेवास देवड़ा, मंदसौर) अभी फरार है। पुलिस जांच में पता चला है कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को शादी का झांसा देकर पहले विश्वास में लेता था, फिर मोटी रकम लेकर फरार हो जाता था। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है
कानपुर में 8 अस्पतालों में स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी:6 को नोटिस, सहाय हॉस्पिटल की OT-ICU सील
कानपुर में स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को चकेरी क्षेत्र के 7 अस्पतालों पर छापेमारी की है। छापेमारी के दौरान सहाय अस्पताल की ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) को सील किया गया है, जबकि 6 अन्य अस्पतालों को अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई किडनी कांड के बाद स्वास्थ्य विभाग की लगातार जारी जांच का हिस्सा है। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नर्सिंग होम के नोडल अधिकारी की टीम ने रामादेवी क्षेत्र में स्थित कुल 8 अस्पतालों का निरीक्षण किया था। छापेमारी की खबर मिलते ही दो दर्जन से अधिक क्लीनिक संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए। निरीक्षण के दौरान 6 अस्पतालों में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने इन अस्पतालों को सख्त कार्रवाई करते हुए नोटिस जारी किए हैं और तीन दिन के भीतर संतोषजनक जवाब देने की चेतावनी दी है। यदि निर्धारित समय में उचित जवाब नहीं मिलता है, तो आगे बड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसीएमओ रमित रस्तोगी ने बताया कि सहाय अस्पताल में गंभीर खामियां मिलने के कारण उसकी ओटी और आईसीयू को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। वहीं, बेबी केयर हॉस्पिटल, राजा हॉस्पिटल, पीजीआर हॉस्पिटल, अनूप हॉस्पिटल, अभिनव हॉस्पिटल और केपीएस हॉस्पिटल में सामान्य कमियां पाई गईं, जिसके लिए उन्हें सुधार के निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया गया है। इन अस्पतालों से तीन दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। निरीक्षण के दौरान रजनी हॉस्पिटल को मानकों पर खरा पाया गया, जहां चिकित्सक द्वारा नियमित रूप से चिकित्सा सेवाएं दी जा रही थीं। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने स्पष्ट किया है कि मानकों की अनदेखी करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।
बैतूल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल 'गांव-बस्ती चलो अभियान' के तहत एक सजी-धजी बैलगाड़ी हांकते हुए नजर आए। उनका यह अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। खंडेलवाल सोमवार शाम चिरापाटला गांव पहुंचे, जहां बैलगाड़ियों को पहले से सजाया गया था और उनके स्वागत की पूरी तैयारी की गई थी। जैसे ही वे बैलगाड़ी पर सवार होकर गांव में दाखिल हुए, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल बरसाकर और नारे लगाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने ग्रामीणों से संवाद किया। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य गांव-गरीब और अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। हालांकि, बैलगाड़ी पर सवार होकर गांव पहुंचने का उनका यह अंदाज आकर्षण का केंद्र रहा, लेकिन कार्यक्रम की प्रस्तुति से यह एक सोची-समझी राजनीतिक गतिविधि के रूप में सामने आया। देखिए तस्वीरें…
रेवाड़ी जिले में पुलिस ने स्पा सेंटर की आड़ में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान एक ग्राहक के साथ संदिग्ध अवस्था में एक महिला को पकड़ा। इसके अलावा, दो अन्य महिलाओं और एक मैनेजर को भी गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में मॉडल टाउन थाना में 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई रेवाड़ी के सेक्टर 5 स्थित 'ए न्यू टाइम स्पा' पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस स्पा सेंटर में देह व्यापार चल रहा है। मैनेजर एक महिला के लिए 3 हजार रुपए में डील करता था। फर्जी ग्राहक को भेजकर किया भंडाफोड़ शिकायतों के आधार पर रेवाड़ी के आला पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर मॉडल टाउन थाना पुलिस ने एक टीम का गठन किया। टीम ने पहले एक फर्जी ग्राहक को स्पा सेंटर भेजा।जैसे ही ग्राहक के साथ डील पक्की हुई, पुलिस ने तुरंत छापा मारा और मौके से महिला को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने कुल 3 महिलाओं और एक मैनेजर को हिरासत में लिया है। फरार मालिक और मैनेजर की तलाश पुलिस अब फरार चल रहे एक अन्य मैनेजर और स्पा मालिक बंटी की तलाश कर रही है। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने बताया कि इस तरह के अनैतिक धंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
अंबेडकर जयंती पर मध्य प्रदेश की बैंक और वित्तीय संस्थाओं में भी 14 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इसे लेकर राज्य शासन ने भी आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य शासन ने सोमवार को आदेश जारी किया। जिसमें निगोशिएबल इंन्स्ट्रूमेंटस एक्ट के तहत पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का उल्लेख है। आदेश के बाद मंगलवार को प्रदेश की 7 हजार से अधिक बैंक शाखाएं नहीं खुलेंगी। वहीं, करीब 40 हजार बैंककर्मियों को फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय 9 अप्रैल को जारी कर चुका लेटरइससे पहले वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जारी पत्र 9 अप्रैल 2026 के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल 2026) के अवसर पर अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान एवं क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) में भी सार्वजनिक अवकाश रहेगा। उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा जारी आदेश को वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के वित्तीय संस्थानों पर भी लागू करने का निर्णय लिया है। जिससे बैंकिंग एवं वित्तीय क्षेत्र के कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस मध्य प्रदेश के कोऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने कहा कि यह निर्णय देश के महान संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। बैंकिंग क्षेत्र के कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग की पूर्ति भी है।
रोहतक जिले के आईएमटी थाना क्षेत्र के गांव भालौठ में 9 अप्रैल की देर रात बदमाश विकास पुत्र रमेश की हत्या करने के मामले में पुलिस ने 2 आरोपियों को काबू किया है। दोनों आरोपी राजस्थान के शूटर है, जिन्होंने आलोक के साथ मिलकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। विकास उर्फ नारद पुत्र रमेश को 9 अप्रैल की देर रात करीब साढे 12 बजे गोली मारी गई थी। विकास को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान विकास ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवा परिजनों को सौंप दिया था और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस को मौके से मिले थे 9 खोल फायरिंग के दौरान विकास को गोली लगी थी, जिसके कारण उसकी मौत हुई। विकास की रंजिश गांव के ही आलोक के साथ चल रही थी, जिसके कारण वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मौके से गोली के 9 खोल बरामद किए थे। भालौठ गांव के ठेके पर फायरिंग का आरोपी रहा विकास गांव भालौठ में 26 मई 2025 को विकास उर्फ नारद और सूरज दहकोरा ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। विकास उर्फ नारद ठेके पर शराब खरीदने आया था और सेल्समैन से कहा था कि ठेका वह लेगा। अगर किसी ने शराब का ठेका लिया तो उसे जान से मार देगा। इसी के चलते ठेके पर फायरिंग की थी, जिसमें 13 गोलियां शटर को चीरते हुए अंदर शीशे में लगी थी। इंस्टाग्राम पर विकास ने डाला था वीडियोगांव भालौठ में 26 मई 2025 को फायरिंग करने के बाद विकास ने इंस्टाग्राम पर वीडियो डालकर धमकी दी थी कि किसी ने ठेका लेने के लिए फार्म भरा तो इतनी गोलियां मारेंगे कि समझ नहीं आएगा। उसके बाद एक वीडियो ओर वायरल हुआ, जिसमें एक युवक ने कहा कि विकास के साथ अन्य साथी हरिद्वार में हैं। उनके पास खाने के पैसे तक नहीं हैं। आलोक का साथ देने वाले शूटर काबूIMT थाना एसएचओ अश्वनी कुमार ने बताया कि विकास उर्फ नारद की हत्या करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी आलोक का साथ देने वाले 2 आरोपियों को काबू किया है। दोनों आरोपी राजस्थान के शूटर है, जिनकी पहचान शोहेब पुत्र निजामुदीन और विजय पुत्र भवानी सिंह निवासी राजस्थान के रूप में हुई।
जबलपुर में अधिवक्ता जीएस ठाकुर ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया पर छवि खराब करने की साजिश और झूठे आरोप लगाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ठाकुर ने पुलिस अधीक्षक को बताया कि उनके घमापुर क्षेत्र निवासी व्यापारी ललित कुंदनानी से लंबे समय से पारिवारिक संबंध हैं। इसी दौरान उनका परिचय काजल खत्री नामक महिला से हुआ, जिस पर व्यापारी को ब्लैकमेल करने का आरोप है। ठाकुर ने दोनों पक्षों को समझाते हुए अलग रहने की सलाह दी थी। पुरानी रंजिश के चलते झूठी शिकायतें कराई अधिवक्ता ठाकुर का आरोप है कि इसके बाद महिला द्वारा उन्हें लगातार फोन कर परेशान किया जाने लगा। उन्होंने सांई पिल्ले नामक व्यक्ति पर भी आरोप लगाया कि वह पुरानी राजनीतिक रंजिश के चलते महिला का इस्तेमाल कर उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करवा रहा है। सोशल मीडिया पर छवि कर रहे धूमिल जीएस ठाकुर ने कहा कि सांई पिल्ले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उनकी छवि धूमिल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ-साथ आरोपित व्यक्ति के आपराधिक रिकॉर्ड और संपत्ति की भी जांच करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
गुरुग्राम जिले में पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार पर किसानों की अनदेखी और अव्यवस्था फैलाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को उन्होंने सोहना की अनाज मंडी का दौरा किया, जहां उन्होंने किसानों और आढ़तियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा। हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण किसानों को चोर जैसा व्यवहार झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में फसल की लिफ्टिंग नहीं हो रही है, जिससे किसानों को भारी परेशानी हो रही है। बायोमेट्रिक सत्यापन, पंजीकरण और आंखों की स्कैनिंग जैसी जटिल प्रक्रियाएं किसानों के लिए अनावश्यक बोझ बन गई हैं। सरकार पर कसा तंज हुड्डा के अनुसार, सरकार जानबूझकर ऐसी स्थिति बना रही है ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ न मिल सके और वे अपनी उपज खुले बाजार में सस्ते दामों पर बेचने को मजबूर हों। ईंधन की उपलब्धता पर उठाए सवाल वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों पर टिप्पणी करते हुए हुड्डा ने कहा कि भले ही अभी संघर्ष विराम (सीजफायर) की स्थिति हो, लेकिन आने वाले समय में समस्याएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने ईंधन की उपलब्धता को लेकर सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि यदि पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है, तो लोगों को लंबी कतारों में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर हमला राज्यसभा चुनाव के बाद की स्थिति पर हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस और अधिक मजबूत होकर उभरी है। उन्होंने क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्होंने कांग्रेस को नहीं, बल्कि उन मतदाताओं को धोखा दिया है जिन्होंने उन्हें चुना था। हुड्डा ने ऐसे जनप्रतिनिधियों से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने की मांग की। चेयरमैन के चुनाव सिंबल पर लड़ेगी पार्टी हुड्डा ने यह भी बताया कि कांग्रेस नगर निगम (कॉरपोरेशन) के चेयरमैन के चुनाव अपने चुनाव चिन्ह पर लड़ेगी। उन्होंने दोहराया कि पार्टी लगातार सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है। भूपेंद्र हुड्डा ने भारत निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत हमेशा भारतीय जनता पार्टी से अधिक रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की संभावनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में पार्टी वहां भी जीत हासिल करेगी।
बुरहानपुर जिले के शाहपुर नगर परिषद का वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अनुमानित आय-व्यय बजट सोमवार को सर्वसम्मति से पारित हो गया। परिषद अध्यक्ष साधना वीरेंद्र तिवारी ने यह बजट प्रस्तुत किया, जिसमें 48,16,72,419 रुपए की अनुमानित आय और 48,16,66,263 रुपए का व्यय दर्शाया गया है, जिसके परिणामस्वरूप 6,156 रुपए की बचत होगी। यह बजट नगर की मूलभूत आवश्यकताओं और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें नगर की जनता पर किसी भी प्रकार का नया कर नहीं लगाया गया है और न ही मौजूदा करों में कोई वृद्धि की गई है। बजट का उपयोग मुख्य रूप से नगर के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। इनमें सड़कों और नालियों का निर्माण व मरम्मत, पेयजल व्यवस्था में सुधार, अधोसंरचना का विकास, सफाई और कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार शामिल है। स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रम भी इस बजट का हिस्सा हैं। कई परियोजनाओं को भी स्वीकृतिपरिषद की साधारण बैठक में कई विशिष्ट परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। इनमें वार्ड क्रमांक 1 में श्री गजानन महाराज मंदिर के पास टीन शेड का निर्माण, वार्ड क्रमांक 5 में सी.सी. रोड टॉप लेयर का निर्माण, मेला स्थल के पास सामुदायिक भवन का निर्माण और गार्डन व सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, वार्ड क्रमांक 8 में सी.सी. रोड टॉप लेयर का निर्माण, वार्ड क्रमांक 14 में नवीन बस स्टैंड के पास स्लाटर हाउस का निर्माण, बम्भाड़ा फाटे से सुरेश आखरे के खेत तक सी.सी. रोड साइड पटरी का निर्माण और विभिन्न वार्डों में सार्वजनिक मूत्रालयों का निर्माण भी स्वीकृत किया गया। नालियों को आर.सी.सी. से कवर किया जाएगामुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना योजना (चतुर्थ चरण) के तहत कार्यालय भवन निर्माण और वार्ड क्रमांक 14 में बम्भाड़ा फाटा के पास विद्युत पोल व ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग कार्य के लिए 5.04 करोड़ रुपए की लागत के प्रस्तावों को पुष्टि प्रदान की गई। वार्ड क्रमांक 1 से 7 और 8 से 15 तक की नालियों को आर.सी.सी. से कवर करने के लिए 2.40 करोड़ रुपए की लागत को भी स्वीकृति मिली। इस साधारण सम्मेलन में नवनियुक्त एल्डरमैन और वरिष्ठ पार्षदों राजाराम अटोलकर, रमेश चोपड़े, प्रकाश महेश्री और रवि जैन का स्वागत और सम्मान भी किया गया।
दिमनी पुलिस के द्वारा रेत माफिया पर कार्यवाही के दौरान ट्रेक्टर ट्राली से कुचलकर वन आरक्षक हरकेश गुर्जर की हत्या करने वाले मुख्य आरोपी ट्रेक्टर चालक विनोद कोरी को गिरफ्तार कर लिया गया है।एसपी समार सौरभ को तरफ से इस पर दस हजार का इनाम घोषित था। शेष दो आरोपी ट्रेक्टर मालिक को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। अहमदाबाद से गिरफ्तार दिमनी पुलिस के द्वारा वन आरक्षक हरकेश गुर्जर को रेत से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली से कुचलने वाले मुख्य आरोपी ट्रेक्टर चालक विनोद कोरी पुत्र रामकुमार कोरी को गुजरात के अहमदाबाद शहर से गिरफ़्तार किया है। पुलिस ने कल ही इस आरोपी पर दस हजार का इनाम घोषित किया था। इससे पूर्व पुलिस इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। कार्रवाई करने गई टीम पर चढ़ाया ट्रैक्टर 8 अप्रैल को वन विभाग की 6 सदस्यीय टीम के द्वारा अवैध रेत माफिया पर कार्यवाही की जा रही थी तभी रेत से भरे ट्रेक्टर ट्रॉली चालक विनोद कोरी ने जानबूझ कर वन आरक्षक हरकेश गुर्जर पर ट्रैक्टर ट्राली चढ़ा दी। जिससे हरकेश की मौके पर ही मौत हो गई थी तब से यह आरोपी चालक फरार था। एडिशनल एसपी सुरेंद्र पाल सिंह के अनुसार मुख्य आरोपी विनोद कोरी को गिरफ्तार किया गया है पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से इसे गिरफ्तार किया है ।पुलिस पूछताछ कर रही है इस दौरान वह कहां कहां गया किस किस से मदद ली।
अशोकनगर-गुना रोड स्थित रातीखेड़ा गांव के पास सोमवार शाम को किसानों ने सड़क पर बैठकर और ट्रैक्टर रखकर चक्का जाम कर दिया। किसान अमल वेयरहाउस पर बने खरीदी केंद्र में अपनी उपज की खरीद न होने का विरोध कर रहे थे। सड़क जाम की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। इनमें कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप चौहान, यातायात थाना प्रभारी स्नेहा ठाकुर और देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। भारतीय किसान संघ के नेता भी मौके पर पहुंचे और किसानों का समर्थन किया। तुलाई शुरू करने का आश्वासन दियाकृषि उप संचालक अमित सिंह भदोरिया सहित अधिकारियों ने किसानों को तुरंत तुलाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिकारी वेयरहाउस गए, जहां सभी किसानों को टोकन देकर तुलाई की व्यवस्था बनाई गई। चक्का जाम करने से पहले किसान कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे और काफी देर तक इंतजार किया था। उन्हें उसी दिन तुलाई शुरू करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन जब तोल शुरू नहीं हुई तो उन्होंने सड़क जाम कर दिया। बार-बार उन्हें गुमराह करने का आरोपकिसानों ने बताया कि उनके स्लॉट कई दिनों से बुक हैं और वे इसी स्थान पर रुके हुए हैं। उनका आरोप है कि समिति प्रबंधक उनकी फसल की खरीद नहीं कर रहा है और बार-बार उन्हें गुमराह किया जा रहा है। किसानों ने यह भी शिकायत की कि पास के एक मशरूम फार्म हाउस से आने वाली सड़े-गले भूसे की बदबू से वे काफी परेशान हैं। भारतीय किसान संघ के नेता जगराम सिंह यादव ने बताया कि किसान 8 अप्रैल से यहां आए हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति प्रबंधक अनुपस्थित है और जिस वेयरहाउस में तुलाई होनी थी, उसमें ताला लगा हुआ है।
भारतीय जनता पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026 को लेकर रानीताल स्थित भाजपा कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान राज्यसभा सांसद सुमित्रा वाल्मीकि ने महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले इस बिल का विरोध करते थे, आज वही इसकी तारीख पूछ रहे हैं। सांसद वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेताओं ने पहले महिला बिल का विरोध किया था, लेकिन अब वे इसके लागू होने की तारीख पूछ रहे हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को पूरी तरह तैयार कर लिया है और इसकी प्रक्रिया भी तय कर दी गई है। बिल 16 अप्रैल को होगा पारित सुमित्रा वाल्मीकि ने दावा किया कि यह बिल 16 अप्रैल को पारित किया जाएगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर यह कानून का रूप ले लेगा। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा, जिससे देश की राजनीति और निर्णय प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत होगी। बंगाल चुनाव पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुमित्रा वाल्मीकि ने कहा कि वहां भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा अत्याचारों पर मरहम लगाने का काम करेगी। मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर उन्होंने कहा कि यह पार्टी का निर्णय होगा, लेकिन एक मजबूत नेतृत्व सामने आएगा। जनता अब विपक्ष को स्वीकार नहीं कर रही उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पांच राज्यों के चुनाव को लेकर चिंतित है और कई जगह उसका खाता भी नहीं खुल रहा है। उन्होंने दावा किया कि जनता प्रधानमंत्री की नीतियों और निर्णयों पर भरोसा जता रही है। सांसद वाल्मीकि ने अंत में कहा कि जनता अब विपक्ष को स्वीकार नहीं कर रही है और भाजपा को लगातार समर्थन मिल रहा है।
करौली जिला मुख्यालय पर सोमवार शाम सवर्ण समाज के बैनर तले यूजीसी कानून के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से इस कानून को तत्काल वापस लेने की मांग की और ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। यह जुलूस पुरानी नगर पालिका से शुरू हुआ और शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुरानी कलेक्ट्रेट चौराहा स्थित हनुमान मंदिर पर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। जुलूस में शामिल लोगों ने यूजीसी कानून के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यूजीसी विरोधी संघर्ष समिति के तत्वावधान में आयोजित इस मशाल जुलूस में बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजन, युवा वर्ग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। जुलूस पुरानी नगर पालिका से रवाना होकर फूटा कोट, सदर बाजार, बड़ा बाजार और वजीरपुर गेट से गुजरा। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मार्ग में यूजीसी कानून वापस लो के नारे लगाए। उन्होंने कहा कि यह कानून सामान्य वर्ग के हितों के खिलाफ है और इसे तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। कार्यक्रम में देव कुमार गौड़, दिनेश पचौरी, प्रकाश जती, अभय शास्त्री और अंगद सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
युवाओं को देश की अर्थव्यवस्था और बजट प्रक्रिया से जोड़ने के उद्देश्य से सोमवार को जालोर कलेक्ट्रेट सभागार में माई भारत बजट क्वेस्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा VC के जरिए जुड़े और युवाओं के साथ संवाद किया। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के निर्देश के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अलावा केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मन सुख मांडविया भी वर्चुअल माध्यम (वीसी) से जुड़े और युवाओं के साथ सीधा संवाद किया। कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने युवाओं को बजट की बारीकियों और विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी के महत्व को समझाया। माई भारत पोर्टल के माध्यम से जालोर जिले के युवाओं ने इस महत्वपूर्ण संवाद में उत्साहपूर्वक भाग लिया। माई भारत के प्रोग्राम असिस्टेंट चन्दन कुमार ने बताया- जालोर जिले के युवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई थीं। ताकि वे सीधे नीति-निर्धारकों के विचारों को सुन सकें। सभागार में आयोजित इस वीसी के दौरान शिक्षा विभाग और तकनीकी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी रही। इस दौरान गणपतलाल, विमला पुरी, सांवलाराम माली, धर्मेन्द्र कुमार एवं श्रवण सिंह भी मौजूद रहे।
नरसिंहपुर जिला मुख्यालय के कोतवाली थाने में सोमवार शाम प्रशासन ने शहर के सभी डीजे संचालकों की बैठक बुलाई। इसमें जवारा विसर्जन के दौरान डीजे की तेज ध्वनि से हुई पूर्व पार्षद की मौत और घरों में कंपन से हुए नुकसान के बाद सख्त निर्देश दिए गए। एसडीएम और एसडीओपी ने संचालकों को स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रहवासी और सघन इलाकों में ध्वनि नियंत्रण अनिवार्य एसडीएम मणिंद्र कुमार सिंह और एसडीओपी मनोज गुप्ता ने संचालकों को आबादी वाले क्षेत्रों में आवाज सीमित रखने की हिदायत दी। अधिकारियों ने कहा कि यदि तेज शोर के कारण किसी नागरिक को परेशानी होती है या शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित संचालक के विरुद्ध तत्काल सख्त एक्शन लिया जाएगा। आयोजन समितियों के दबाव पर पुलिस को दें सूचना बैठक में डीजे संचालकों ने तर्क दिया कि आयोजन समितियां भुगतान रोकने की धमकी देकर तेज आवाज में गाने बजवाने का दबाव बनाती हैं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ऐसे दबाव की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। बाहरी जिलों के डीजे पर रहेगी विशेष नजर संचालकों ने शहर में बाहरी जिलों से आने वाले डीजे सिस्टमों का मुद्दा भी उठाया। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय संचालकों से बाहरी डीजे के आगमन की पूर्व सूचना देने को कहा है ताकि उन पर भी नियमों के तहत निगरानी रखी जा सके। पूर्व पार्षद की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट पटेल वार्ड के पूर्व पार्षद सूरज साहू की जवारा विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे के शोर से आए हार्ट अटैक के कारण मौत हो गई थी। इस घटना के बाद समाजसेवियों और नागरिकों ने ज्ञापन सौंपकर ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगाने की मांग की थी, जिसके बाद यह बैठक आयोजित की गई।
इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में वंदे मातरम् नहीं गाने के मामले में एमजी रोड पुलिस ने आवेदन पर से जांच शुरू कर दी है। जांच में पुलिस ने सोमवार को कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को पूछताछ और बयान दर्ज करने के लिए बुलाया। करीब चार घंटे तक पुलिस ने मामले में पूछताछ की और बयान दर्ज किए। अब इस मामले में संभवत: मंगलवार को कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल को भी पूछताछ और बयान के लिए बुलाया जाएगा। दरअसल, पिछले दिनों नगर निगम का बजट सत्र हुआ था। इस सम्मेलन के दूसरे दिन दो महिला कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम और रूबिना इकबाल द्वारा वंदे मातरम् नहीं गाने पर सम्मेलन में जमकर हंगामा हो गया था। हंगामे के बाद सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया शेख को सदन से बाहर जाने का कह दिया था। जिसके बाद वह पहले तो एक्ट की बात कहने लगी, मगर बाद में सदन छोड़कर चली गई थी। भाजपा पार्षद दल ने दिया था ज्ञापन 9 अप्रैल को भाजपा पार्षद दल ने वंदे मातरम् का अपमान करने के मामले में संभागायुक्त को ज्ञापन देकर पार्षदी खत्म करने की मांग की थी। इसके अलावा एमजी रोड थाने पर ज्ञापन देकर दोनों पर कार्रवाई की मांग की थी। इस दौरान भाजपा पार्षद दल ने थाने में नारेबाजी करने के साथ ही वंदे मातरम् का गान भी किया था। पूछताछ के लिए फौजिया शेख को बुलाया, बयान लिए एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि भाजपा पार्षद दल के आवेदन पर जांच शुरू कर दी है। महिला कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम को एमजी रोड थाने पर पूछताछ और बयान के लिए बुलवाया था। करीब चार घंटे तक उनसे पूछताछ चली। जिसमें उस दिन हुए घटनाक्रम के बारे में जानने के साथ ही उसी दिन के वीडियो भी देखा गया। बयान और पूछताछ के वीडियो भी बनाए हैं। फौजिया शेख से एसीपी विनोद दीक्षित, टीआई विजय सिंह सिसौदिया और महिला पुलिसकर्मी ने पूछताछ की ओर कथन लिए। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उस दिन के घटनाक्रम के बारे में पूछताछ की, उन्होंने कहने से मना किया था क्या, हालांकि उन्होंने पुलिस के सामने इस बात से डिनाय कर दिया। रुबीना इकबाल को भी बुलाएंगे एसीपी विनोद दीक्षित ने बताया कि आवेदन के आधार पर जांच शुरू की है। इस मामले में फौजिया शेख अलीम के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, अब इस मामले में कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल से भी पूछताछ की जाएगी। संभवत: मंगलवार को उन्हें थाने बुलाकर पूछताछ की जाएगी और उनके बयान दर्ज किए जाएंगे।
राजसमंद में 8 साल से खड़ी दो 108 एम्बुलेंस:अभी तक नही हुआ निपटारा; कबाड़ हुईं, टायर और अन्य पार्ट गायब
राजसमंद जिले में रोगी वाहनों की भारी कमी के बीच दो 108 एंबुलेंस पिछले 8 साल से कबाड़ हैं। अभी तक इनका निपटारा नहीं किया गया है। एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के पास खड़ी इन एंबुलेंसों की हालत पूरी तरह खराब हो चुकी है। इनके टायर, इंजन, रेडिएटर और सीटें तक गायब हो चुकी हैं। असामाजिक तत्वों ने इनके टायर और कीमती पार्ट्स चोरी कर लिए हैं। ये वाहन पूरी तरह नकारा हो गए हैं। जिले में सिर्फ 22 एंबुलेंस करीब 175 किलोमीटर क्षेत्र में फैले राजसमंद जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 22 से अधिक 108 एंबुलेंस उपलब्ध हैं। लेकिन जरूरत के मुकाबले यह संख्या कम पड़ रही है। दुर्घटनाओं के दौरान कई बार समय पर एंबुलेंस घटनास्थल तक नहीं पहुंच पाती। सबसे ज्यादा परेशानी प्रसूता महिलाओं को होती है, जिन्हें लेबर पेन शुरू होने पर समय पर वाहन नहीं मिल पाता और परिजनों को निजी साधनों से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इन दोनों एंबुलेंस के बदले नई एम्बुलेंस संचालित की जाएं तो तो मरीजों को राहत मिल सकती है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी हेमंत बिंदल का कहना है कि दोनों वाहनों के निस्तारण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और इसकी रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है।
एमपी कैडर के प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारी पी. नरहरि को केंद्र में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा रहा है। उन्हें डिपार्टमेंट ऑफ लैंड रिसोर्सेस में जॉइंट सेक्रेट्री के पद पर पदस्थ किया गया है। इससे पहले एमपी में पदस्थ आईएएस डॉ. राहुल हरिदास फटिंग को मार्च के अंतिम सप्ताह में केंद्रीय पंचायती राज, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह का निजी सचिव नियुक्त किया गया था। अप्रैल के पहले सप्ताह में स्वास्थ्य सेवाएं संचालक का जिम्मा संभाल रहे राहुल हरिदास फटिंग को केंद्र में प्रतिनियुक्ति के फैसले के बाद चीफ सेक्रेट्री को पत्र लिखकर रिलीव करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में आज जारी डीओपीटी के आदेश में एमपी कैडर के पांच आईएएस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया गया है। वर्तमान में पीएचई विभाग में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे 2001 बैच के आईएएस पी. नरहरि को जॉइंट सेक्रेट्री बनाया गया है। वहीं, हाल ही में इम्पैनल हुए 2009 बैच की आईएएस प्रियंका दास और 2008 बैच के आईएएस तेजस्वी एस. नायक को क्रमशः मिनिस्ट्री ऑफ सिविल एविएशन और डिपार्टमेंट ऑफ लेबर एंड इम्प्लायमेंट में पदस्थ किया गया है। इसके अलावा 2010 बैच के आईएएस गणेश शंकर मिश्रा और षणमुगा प्रिया मिश्रा को जॉइंट सेक्रेट्री के रूप में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी में नियुक्ति दी गई है।
कक्षा 11 में विषय चुनने को लेकर नई व्यवस्था इसी सत्र (2026-27) से लागू कर दी गई है। इसके तहत अब छात्र 3 के बजाय 4 ऑप्शनल सब्जेक्ट ले सकेंगे। ऐसे में अनिवार्य विषय केवल अंग्रेजी रहेगा। जो छात्र 3 विषय ही चुनना चाहते हैं उनके लिए अंग्रेजी-हिंदी अनिवार्य विषय होंगे। राज्य सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुसार विषय चयन के अधिक अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से ये दिशा निर्देश जारी किए हैं। संयुक्त शासन सचिव ने जारी किया परिपत्र इस संबंध में संयुक्त शासन सचिव ने परिपत्र जारी कर सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा 11 में विषय चयन की नई व्यवस्था लागू कर दी है। फिलहाल यह व्यवस्था सरकारी स्कूलों में ही रहेगी। जारी निर्देश के मुताबिक कक्षा 11 में प्रवेश लेने वाला विद्यार्थी स्कूल में स्वीकृत संकाय (कला, विज्ञान, वाणिज्य) में उपलब्ध विषयों में से 4 ऐच्छिक (वैकल्पिक) विषय और एक अनिवार्य विषय (अंग्रेजी) का चयन कर सकता है। कंप्यूटर साइंस और फिजिकल एजुकेशन का भी विकल्प अगर किसी विज्ञान संकाय वाले स्कूल में कंप्यूटर विज्ञान विषय स्वीकृत नहीं है, तो भी विद्यार्थी इसे चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकेगा। बशर्ते स्कूल में कंप्यूटर अनुदेशक का पद स्वीकृत हो। इसी प्रकार अगर किसी स्कूल में एक ही संकाय (मान लीजिये कला संकाय) है तो स्टूडेंट शारीरिक शिक्षा विषय स्वीकृत न होने पर भी शारीरिक शिक्षा को ऐच्छिक विषय के रूप में चुन सकते हैं। बशर्ते स्कूल में शारीरिक शिक्षा का शिक्षक (PTI) उपलब्ध हो। विषय चयन की सीमा और विद्यालय प्रधान की भूमिका निर्देशों में यह भी साफ कहा गया है कि विज्ञान संकाय वाले स्कूलों में चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में अधिकतम दो विषय ही संचालित किए जा सकेंगे। इनका चयन संस्था प्रधान करेंगे। वहीं कला और वाणिज्य संकाय वाले विद्यालयों में चौथे ऐच्छिक विषय के रूप में केवल एक विषय का चयन किया जा सकेगा। पूर्व व्यवस्था भी रहेगी लागू जो विद्यार्थी पहले की तरह तीन ऐच्छिक और दो अनिवार्य विषय लेना चाहते हैं, उनके लिए यह व्यवस्था यथावत जारी रहेगी। साथ ही संस्थाप्रधानों को कक्षा 10 के परीक्षा परिणाम से पहले ही संभावित विद्यार्थियों से उनकी रुचि के अनुसार विकल्प प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विषयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। पाठ्यपुस्तकों और क्रियान्वयन के निर्देश परिपत्र की प्रतिलिपि संबंधित विभागों, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर तथा राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल को भी भेजी गई है, ताकि आवश्यक पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता और नई व्यवस्था का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। राज्य सरकार का यह निर्णय विद्यार्थियों को उनकी रुचि के अनुरूप शिक्षा प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल विषय चयन में लचीलापन बढ़ेगा, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक विकास को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए निशाना साधा। बेढ़म ने कहा कि वे सुर्खियों में बने रहने के लिए आधारहीन बयान देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में उनके लोगों ने माफिया के साथ मिलकर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुंचाया, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है। गृह राज्यमंत्री बेढ़म ने कहा कि कांग्रेस की अंर्तकलह में खुद को प्रदर्शित करने और अपनी उपस्थिति दर्ज करने के लिए गहलोत इस तरह के बयान जारी करते हैं। इनके राज में महिला और साइबर अपराध में राजस्थान अव्वल था। लेकिन भजनलाल सरकार में अपराध के खिलाफ सोच के कारण अपराधों के ग्राफ में भारी कमी देखने को मिली हैं। माफिया के साथ मिलकर प्रदेश को किया शर्मसार मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि साल 2023 की तुलना में हमारे कार्यकाल में साल 2025 में अपराधों में 18.77 प्रतिशत की कमी आई है। हत्या के प्रकरणों में 25.68 प्रतिशत, डकैती के प्रकरणों में 47.26 प्रतिशत तथा लूट के प्रकरणों में 50.75 प्रतिशत की कमी के साथ-साथ महिलाओं के विरुद्ध अत्याचारों में भी 9.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं इनकी सरकार में इनके लोगों ने माफिया के साथ मिलकर राजस्थान को शर्मशार करने का काम किया था। महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता उन्होने कहा कि सीएम भजनलाल ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी हैं। पुलिस थानों में महिला सुरक्षा एवं सलाह केन्द्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केन्द्रों पर पीड़ित महिलाओं को आवश्यक सहायता व परामर्श प्रदान किया जा रहा है। इसी तरह सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं की रोकथाम के लिए राज्य में 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' का गठन किया गया है। महिला हेल्पलाइन-181 का संचालन और एंटी रोमियो स्कवॉड का गठन भी किया गया है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के दौरान, पंजाब स्टेट सीड सर्टिफिकेशन अथॉरिटी, लुधियाना में तैनात सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी अमृतपाल सिंह को 50 हजार की रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को जिला मानसा के वार्ड नंबर 10 के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस तरह से ली आरोपी ने रिश्वत प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता एक बीज उत्पादक है, जो मानसा में मैसर्स पंजाब एग्री सीड फार्म चलाता है। उसकी फर्म पंजाब या राज्य के बाहर की कृषि विश्वविद्यालयों से ब्रीडर बीज (प्रथम श्रेणी के बीज) प्राप्त करती है और खरीदी गई फसलों से बीज तैयार करती है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी फर्म ने विभिन्न विश्वविद्यालयों और फाउंडेशन सीड स्रोतों के माध्यम से लगभग 510 हेक्टेयर (1275 एकड़) भूमि में गेहूं के बीज बोए थे। इस फसल की जांच की जिम्मेदारी आरोपी अमृतपाल सिंह, सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी की थी। 200 रुपए प्रति हेक्टेयर रिश्वत मांगी इस संबंध में आरोपी लगभग 10 दिन पहले बोई गई फसल के निरीक्षण के लिए फार्म पर आया था और फसल वाले खेत दिखाने के लिए कहा था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने निरीक्षण रिपोर्ट को फसल के पक्ष में बनाने के बदले 200 रुपये प्रति हेक्टेयर (510200 = 1,02,000 रुपये) रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने के दौरान हुई बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया था। चूंकि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने विजिलेंस ब्यूरो रेंज बठिंडा से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जाल बिछाया, जिसके दौरान आरोपी सीड सर्टिफिकेशन अधिकारी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 50,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो थाना बठिंडा में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
सिरसा में घर में घुसकर युवक पर तलवारों से हमला:बचाने आए ताऊ पर किए वार; परिवार के साथ खाना खा रहा था
सिरसा जिले के एक ड्राइवर और उसके ताऊ पर गांव के ही कुछ युवकों ने हमला कर दिया। तीनों हमलावरों के हाथ में तलवारें थीं। झगड़े में ड्राइवर व उसके ताऊ के सिर व हाथ व शरीर पर कई जगह चोटें लगी है और उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, ड्राइवर अपने परिवार के साथ घर पर खाना खा रहा था। तभी अचानक तीनों युवक उसके घर पहुंचे और आते ही दोनों पर हमला कर दिया। इस मामले में पुलिस ने घायल के बयान पर हमलावर युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। घर पर खाना खा रहा था अजय एएसआई हरीश कुमार के अनुसार, पुलिस को दी शिकायत में अजय ने बताया कि वह मौजदीन गांव का रहने वाला है और ड्राइवरी करता है। बीती रात को वह अपने परिवार के साथ घर पर खाना खा रहा था। तीनों हथियार लेकर घर में घुसे उसी समय गांव के मनजीत सिंह, राकेश कुमार व मनप्रीत सिंह आए। तीनों के हाथों में तलवार व खुंडा ले रखे थे। तीनों ने आते ही उस पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया। आरोपियों ने उसके सिर व दाहिने कंधे पर चोट मारी। बीच-बचाव के लिए आए उसके ताऊ भजन लाल को भी चोटें मारी। परिजनों के आते ही भागे हमलावर शोर-शराबा मचाने पर उसका पड़ोसी गुरदास सिंह व उनका परिवार मौके पर पहुंचा। उनको देखकर वे फरार हो गए। उन्होंने ही घायलवस्था में उनको ऐलनाबाद के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उनको सिरसा के लिए रेफर कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
इस साल मानसून में बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, मानसून सीजन के दौरान देश में करीब 80 सेंटीमीटर बारिश हो सकती है, जबकि 1971-2020 के आधार पर औसत बारिश करीब 87 सेंटीमीटर मानी जाती है। IMD ने पिछले आठ साल में पहली बार मानसून के सामान्य से कम रहने की बात कही है। लद्दाख, पूर्वोत्तर राज्यों, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के मध्य हिस्सों, दक्षिण ओडिशा, छत्तीसगढ़ और तमिलनाडु को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस साल देश में कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) का करीब 92% रहने का अनुमान है, जिसे सामान्य से कम कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए भोपाल सहित मध्य भारत में 15 से 20 जून के बीच दस्तक देगा। अल नीनो से मानसून में हल्की देरी संभव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून के आसपास अल नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है। यह आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करता है, जिससे बारिश में कमी और ब्रेक की स्थिति बन सकती है। 1951 के बाद से अब तक 16 बार अल नीनो की स्थिति बनी है। इनमें से 10 बार देश में सामान्य से कम या कमजोर बारिश दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 6 मौकों पर यह पैटर्न अलग रहा। हालांकि, सीजन के आखिर (सितंबर) में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) के पॉजिटिव फेज में आने की संभावना है। यह स्थिति आमतौर पर बारिश को बढ़ाती है, जिससे अल नीनो के असर की कुछ भरपाई हो सकती है। अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। पिछले साल 8 दिन पहले आया था मानसून पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून केरल से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरल पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरल पहुंचा था। आम आदमी के लिए 9 बड़ी बातें…
नूंह जिले में बाल विवाह के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। बता दे कि प्रशासन ने एक नाबालिग जोड़े की शादी को समय रहते रुकवा दिया गया। जिले के एक गांव में शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और बारात के स्वागत की जोरदार तैयारी थी, लेकिन प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर विवाह समारोह को रोक दिया। सूचना मिलने पर बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। जांच में पता चला कि दुल्हन की उम्र 17 वर्ष और दूल्हे की उम्र 19 वर्ष थी, जो कानूनी रूप से विवाह योग्य आयु से कम है। इस पुष्टि के बाद अधिकारियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर शादी की रस्मों को रुकवा दिया। दोनों परिवारों से लिखित में लिया आश्वासन मौके पर दोनों पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों और इसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि कम उम्र में शादी बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। समझाइश के बाद दोनों परिवारों से लिखित में यह आश्वासन लिया गया कि बच्चों के बालिग होने तक उनका विवाह नहीं किया जाएगा। लोगों से बाल विवाह निषेध अधिकारी ने की अपील बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन ने बताया कि जिले में बाल विवाह रोकने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी कुरीतियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।
कानपुर में गट माइक्रोब्स (पेट के सूक्ष्मजीव) और पित्त की पथरी (गॉलस्टोन) के बीच संबंध को समझने के लिए एक खास रिसर्च की जा रही है। यह अध्ययन IIT कानपुर और GSVM मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और वैज्ञानिकों की टीम कर रही है। यह भारत में इस तरह की पहली रिसर्च मानी जा रही है, जो अगले 1 से 2 साल में पूरा होगी। इस शोध में मरीजों के मल (स्टूल) के नमूनों की जांच की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जाएगा कि आंतों में मौजूद सूक्ष्मजीव शरीर को कैसे प्रभावित करते हैं। साथ ही, ऑपरेशन के दौरान लीवर की बायोप्सी लेकर लीवर में होने वाले बदलावों को भी समझा जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि पेट में मौजूद सूक्ष्मजीव पाचन, रोग प्रतिरोधक क्षमता और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। यदि इनका संतुलन बिगड़ता है, तो गॉलस्टोन, पैंक्रियाटाइटिस और लीवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। भारत में गॉलस्टोन की समस्या काफी आम है और बड़ी संख्या में लोग इससे प्रभावित हो रहे हैं। इस रिसर्च की खास बात यह है कि इसमें शामिल मरीजों को किसी भी जांच के लिए पैसा नहीं देना होगा। शोध के जरिए यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स के इस्तेमाल से इन बीमारियों को रोका जा सकता है। यदि यह सफल रहा, तो भविष्य में लोगों को सर्जरी से भी बचाया जा सकेगा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी।
भिंड जिले के गोहद क्षेत्र अंतर्गत चंदोखर गांव के पास सोमवार शाम एक तेज रफ्तार यात्री बस पलटने से दर्दनाक हादसा हो गया। हादसे में एक 10 वर्षीय बालिका की मौत हो गई, जबकि करीब आधा दर्जन यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। लापरवाही से बस चला रहा था ड्राइवरजानकारी के अनुसार बस क्रमांक MP06P0493 मुरैना से गोहद चौराहा होते हुए भिंड की ओर आ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और यात्रियों के मुताबिक बस चालक वाहन को तेज गति और लापरवाही से चला रहा था। यात्रियों द्वारा कई बार बस को धीरे चलाने की समझाइश दी गई, लेकिन चालक ने उनकी बात अनसुनी कर दी। इसी दौरान चंदोखर गांव के पास मंदिर के समीप बस अनियंत्रित होकर पलट गई। बच्ची के पिता ने दर्ज कराई शिकायतफरियादी धीरज शिवहरे (25) निवासी गौतम नगर, गोहद चौराहा ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि हादसे के वक्त उनकी भाभी पूनम, 10 वर्षीय बच्ची शिवन्या और सिद्धार्थ बस में सवार थे। घटना की सूचना मिलने पर वह अपने भाई महेंद्र शिवहरे के साथ मौके पर पहुंचे, जहां बस खेत में पलटी हुई मिली और पुलिस मौके पर मौजूद थी। घटना में गंभीर रूप से घायल बच्ची शिवन्या को पुलिस द्वारा गोहद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा बस चालक की लापरवाही को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है।
इंदौर नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने सोमवार को शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दीपमाला ढाबा, सुपर कॉरिडोर लवकुश चौराहा, अरविंदो हॉस्पिटल क्षेत्र, रेलवे स्टेशन, बाणगंगा मेन रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, बीमा हॉस्पिटल, नंदा नगर सहित विभिन्न स्थानों का जायजा लिया गया। 5 संस्थाओं से 13 हजार की वसूली दीपमाला ढाबा क्षेत्र में वाइन शॉप, गन्ने की चरखी एवं अन्य दुकानों के बाहर कचरा और गंदगी पाए जाने पर उन्होंने तत्काल चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देशों के पालन में क्षेत्रीय सीएसआई द्वारा 5 संस्थाओं के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 13 हजार रुपए की वसूली की गई। अरविंदो हॉस्पिटल के पास सड़क किनारे मिट्टी के ढेर से यातायात प्रभावित होने पर उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। जोनल अधिकारीनरेंद्र कुरील ने मौके पर कार्रवाई करते हुए मिट्टी हटाकर यातायात सुचारू कराया। बाणगंगा मेन रोड और इंडस्ट्री एरिया में कर्मचारी अनुपस्थित जोन 9 के वार्ड 47 के तहत रेलवे स्टेशन क्षेत्र के निरीक्षण में स्टेशन और संपर्क मार्गों पर गंदगी पाए जाने पर संबंधित क्षेत्रीय दरोगा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। इसी तरह बाणगंगा मेन रोड और इंडस्ट्री एरिया में कर्मचारी अनुपस्थित मिलने तथा गंदगी पाए जाने पर संबंधित दरोगाओं का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए। दरोगा विकेंद्र करोसिया की सेवा समाप्त अरविंदो हॉस्पिटल एवं लवकुश चौराहा क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब मिलने पर क्षेत्रीय दरोगा विकेंद्र करोसिया की सेवा समाप्त करने के निर्देश जारी किए गए। बीमा अस्पताल रोड, नंदा नगर क्षेत्र में रोड डिवाइडर के बीच सी एंड डी वेस्ट पड़े होने और समुचित सफाई नहीं मिलने पर संबंधित दरोगा का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। निगम कमिश्नर ने स्पष्ट कहा कि शहर की स्वच्छता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने ऑनलाइन ठगी और तकनीक आधारित अपराधों पर लगाम लगाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (RSLSA) जयपुर के निर्देशों की पालना में जोधपुर में 'साइबर अपराध निवारण इकाई' का गठन किया गया है। यह इकाई 'RSLSA (साइबर अपराध पीड़ितों के लिए कानूनी सेवाएं) स्कीम, 2026' के तहत पीड़ितों को विधिक सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इस नवगठित इकाई का नेतृत्व जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा कर रहे हैं। प्राधिकरण के सचिव डॉ. मनीष हरजाई ने बताया कि इकाई में चार अन्य महत्वपूर्ण सदस्यों को मनोनीत किया गया है। इसमें राजस्थान सरकार के अपर लोक अभियोजक मयंक रांकावत के साथ-साथ अधिवक्ता रतनसिंह राजपुरोहित, जुगलकिशोर सेवग और सुनील पंवार को सदस्य के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस विशेष इकाई का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधों का शिकार हुए व्यक्तियों को त्वरित कानूनी सहायता और सही विधिक परामर्श उपलब्ध कराना है। वर्तमान में बढ़ते साइबर फ्रॉड के मामलों को देखते हुए यह इकाई पीड़ितों के लिए राहत का बड़ा केंद्र बनेगी। अपर लोक अभियोजक मयंक रांकावत ने इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के लिए अध्यक्ष पूरण कुमार शर्मा और सचिव डॉ. मनीष हरजाई का आभार व्यक्त किया है। सर्व वैष्णव समाज सेवा संस्थान: भंवरलाल अध्यक्ष, मनीष रांकावत सचिव मनोनीत जोधपुर के मंडोर स्थित खत्रियों की बगीची में सर्व वैष्णव समाज सेवा संस्थान के चुनाव सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए। बैठक में मौजूद समाज के सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इस दौरान समाज की एकजुटता का परिचय देते हुए सभी महत्वपूर्ण पदों पर पदाधिकारियों का चुनाव निर्विरोध रूप से संपन्न हुआ। संस्थान की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी में भंवरलाल वैष्णव निंबा निंबड़ी को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया है। वहीं, संगठन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महावीर प्रसाद वैष्णव को सौंपी गई है। कार्यकारिणी के संचालन के लिए सचिव के अहम पद पर मनीष रांकावत मंडोर और वित्तीय प्रबंधन हेतु कोषाध्यक्ष के रूप में भंवरदास वैष्णव नागौरी बेरी को निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। इस टीम में उपाध्यक्ष पद का दायित्व दो लोगों- अंबादास वैष्णव (मंडोर) और हड़मानदास वैष्णव (मंडोर) को संयुक्त रूप से दिया गया है। इसी तरह, सह सचिव पद की जिम्मेदारी लक्ष्मीनारायण रांकावत को सौंपी गई है। इसके अलावा पुखराज वैष्णव (चाणक्य नगर) को सह कोषाध्यक्ष, रामपाल वैष्णव (पहाड़गंज) और मदनलाल वैष्णव (माता का थान) को संस्थान का संगठन मंत्री चुना गया है। इसी तरह, लालदास टीलावत (चैनपुरा) और रामेश्वर वैष्णव (बालसमंद) को प्रचार मंत्री, बाबूदास वैष्णव (मंडोर) को व्यवस्थापक, एडवोकेट धनराज वैष्णव को विधि सलाहकार मनोनीत किया गया है। कार्यकारिणी को विस्तार देते हुए झूमरलाल वैष्णव (माता का थान), रामकिशोर (नांदड़ी), भंवरलाल वैष्णव (पहाड़गंज), प्रमेंद्र वैष्णव (चैनपुरा), त्रिलोकदासस (मगजी घाटी) और विकास वैष्णव (बासनी तंबोलिया) को सदस्य मनोनीत किया गया है। चुनाव संपन्न होने के बाद समाज के लोगों ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
लुधियाना के मॉडल टाउन थाना के अंतर्गत आने वाले गुरु नानक चैरिटेबल अस्पताल में इलाज के दौरान 47 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मृतक की पहचान सुखविंदर सिंह (47) के रूप में हुई है जो अपने पीछे पत्नी और एक बेटा-बेटी छोड़ गए हैं। हाथ-पैर बांधने और इलाज न करने का आरोप मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि शुक्रवार को सुखविंदर सिंह को पीलिया (जौंडिस) और इन्फेक्शन की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू (ICU) में दाखिल किया। रजनी का आरोप है कि बीते कल अस्पताल स्टाफ ने सुखविंदर के हाथ-पैर बांध दिए थे परिजनों ने स्टाफ से कहा भी था कि अगर कोई समस्या है तो वे खुद मरीज के पास रुक जाते हैं लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। सोमवार सुबह जब वार्ड का गेट खुला तो देखा कि ड्रिप नीचे गिरी हुई थी और सुखविंदर के हाथों से खून बह रहा था।आरोप है कि रात के समय ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने लापरवाही बरती और कोई डॉक्टर राउंड लेने भी नहीं आया। अस्पताल प्रबंधन ने साधी चुप्पी इस पूरे मामले पर जब अस्पताल मैनेजमेंट का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उन्होंने फ़ोन पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। प्रबंधन की ओर से केवल इतना कहा गया कि इस विषय में अस्पताल आकर ही बात की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई: जांच जारी मॉडल टाउन थाने के एसएचओ (SHO) जसरिंदर सिंह ने बताया कि परिवार ने अस्पताल स्टाफ की अनदेखी और लापरवाही के कारण मौत होने की शिकायत दर्ज करवाई है। परिजनों के बयानों के आधार पर शिकायत दर्ज कर ली गई है। शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है और मामले की गंभीरता से जांच जारी है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसी के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. संजीव गुप्ता बने सीएसए के कुलपति:28 अक्टूबर से पद खाली था, मंडलायुक्त के पास अतिरिक्त प्रभार था
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में 168 दिन बाद कुलपति की नियुक्ति हुई है। सहायक महानिदेशक तिलहन व दलहन आईसीएआर नई दिल्ली को डॉक्टर संजीव गुप्ता को राज्यपाल व कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने तीन साल के लिए कुलपति नियुक्त किया है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. खलील खान ने दी है। मंडलायुक्त के पास था अतिरिक्त प्रभार बीते 28 अक्टूबर को वीसी डॉ. आनंद कुमार सिंह के इस्तीफा देने के बाद से यह पद रिक्त था।मंडलायुक्त के विजयेंद्र पांडियन को कुलपति का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। नव नियुक्त वीसी डॉ संजीव गुप्ता इससे पहले कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वर्तमान में वे आईसीएआर के सहायक महानिदेशक तिलहन व दलहन हैं। इससे पहले उन्होंने आइसीएआर के विभिन्न संस्थानों में कृषि वैज्ञानिक के रूप में काम और सेवाएं प्रदान की है। व्यापक शोध का है अनुभव डॉ. गुप्ता को पादप जैव प्रौद्योगिकी, फसल अनुवांशिक एवं पादप प्रजनन व आण्विक प्रजनन में व्यापक शोध का अनुभव है। विश्वविद्यालय में डॉ. गुप्ता के कुलपति बनने से कृषि शोध, प्रसार और कृषि शिक्षा के कार्यों में और अधिक गतिशीलता आयेगी। माना जा रहा है कि सीएसए को वीसी मिलने के बाद शैक्षणिक कार्यों को गति मिलेगी।
मुरैना में रेत माफिया के हमले में शहीद हुए वनरक्षक हरकेश गुर्जर को बैतूल में श्रद्धांजलि दी गई। उन्होंने वर्ष 2016 में बैतूल के वन विद्यालय से प्रशिक्षण लिया था, जिसके चलते इस स्थान का उनके जीवन से गहरा जुड़ाव रहा। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने वन विद्यालय और ताप्ती रेंज में अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर उनके बलिदान को नमन किया। वन विद्यालय बैतूल स्थित शौर्य स्मारक में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावुक माहौल रहा। यहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। अधिकारियों ने कार्रवाई की मांग कीवक्ताओं ने कहा कि हरकेश गुर्जर ने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया है, जो वन विभाग के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगा। अधिकारियों ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। इसी क्रम में ताप्ती रेंज में भी वन कर्मचारियों ने एकत्रित होकर शहीद हरकेश गुर्जर को श्रद्धांजलि अर्पित की। यहां भी मौन रखकर उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद किया गया। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे शहीद के आदर्शों पर चलते हुए वन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे।
नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर की हवेली में मंगलवार को जगद्गुरु श्रीमद् वल्लभाचार्य का 549वां प्राकट्य महोत्सव श्रद्धा से मनाया गया। तिलकायत महाराज की आज्ञा और युवाचार्य गोस्वामी विशाल बावा के मार्गदर्शन में दिनभर विशेष धार्मिक आयोजन हुए। उत्थापन दर्शन के दौरान मोती महल चैक में 51 वेदपाठी पंडितों ने श्री सर्वोत्तम जी का सामूहिक पाठ किया। श्रृंगार दर्शन में पंड्या डॉ. परेश नागर ने श्री महाप्रभु वल्लभाचार्य जी की जन्मपत्रिका का श्रीनाथजी के समक्ष वाचन किया, जबकि राजभोग दर्शन में श्री नवनीत प्रियाजी के सम्मुख भी जन्मपत्रिका पाठ हुआ। श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ मोती महल चौक में चांदी की हटड़ी में वल्लभाचार्य जी की छवि विराजित की गई। संध्या आरती के बाद नक्कारखाने से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रीनाथ बैंड, श्रीनाथ पलटन, गोपाल निशान और सुखपाल आकर्षण रहे। युवाचार्य विशाल बावा ने पुष्टिमार्ग के सिद्धांतों और वल्लभाचार्य जी के शुद्धाद्वैत दर्शन का महत्व बताते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिए। महोत्सव के तहत सप्ताहभर से चित्रकला, भजन, प्रवचन और त्रिदिवसीय पुष्टि मार्गीय प्रदर्शनी भी आयोजित की जा रही है।
मध्यप्रदेश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम की भावना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 'नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा' का ऐलान किया है। यह अभियान 10 से 25 अप्रैल तक पूरे प्रदेश में चलेगा। इस दौरान सरकार केवल कागजों पर काम नहीं करेगी, बल्कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम होंगे और हर जिले में नारी शक्ति पदयात्रा निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि इस अधिनियम की बारीकियों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए, ताकि महिलाएं अपने राजनीतिक अधिकारों को लेकर जागरूक हो सकें। पीएम के संबोधन में वर्चुअली शामिल हुए सीएम दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' को संबोधित करते हुए देश की महिलाओं को एक नए युग की बधाई दी। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल से शुरू हो रहा संसद का विशेष सत्र देश की नारी शक्ति को समर्पित होगा। इस कार्यक्रम में भोपाल के मंत्रालय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी अपनी कैबिनेट के साथ वर्चुअली शामिल हुए। पीएम मोदी ने कहा कि संवाद, सहयोग और सहभागिता से ही इस अधिनियम को जमीन पर उतारा जाएगा, ताकि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की उपस्थिति और प्रभावी हो सके। सीएम की सभी दलों को चिट्ठी: 'दलगत राजनीति छोड़ें, यह माताओं-बहनों के भविष्य का सवाल' मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के सभी सांसदों, विधायकों, पार्षदों और पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र लिखा है। उन्होंने अपील की है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का क्रियान्वयन किसी एक दल का एजेंडा नहीं, बल्कि लोकतंत्र को समावेशी बनाने का महायज्ञ है। उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और समाज के हर वर्ग से आह्वान किया है कि वे इस बदलाव के साक्षी बनें। सीएम ने पत्र में जोर देकर कहा कि आधी आबादी को नेतृत्व का समान अवसर मिलने से ही समाज की प्रगति संभव है। लक्ष्य 2029: आरक्षण के साथ ही हों अगले सभी लोकसभा और विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार की मंशा है कि यह अधिनियम पूरी तरह प्रभावी हो। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2029 का लोकसभा चुनाव और उसके बाद होने वाले तमाम विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण को पूरी तरह लागू करने के बाद ही संपन्न हों। सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश पहले से ही महिला सशक्तिकरण का मॉडल रहा है, जहां पुलिस और शिक्षक भर्ती में बेटियों को विशेष अवसर दिए गए हैं। अब शासन व्यवस्था में उनकी सीधी भागीदारी से जन-विश्वास और मजबूत होगा। विमेन लेड डेवलपमेंट: राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक कमान महिलाओं के हाथ प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में देश को याद दिलाया कि भारत आज 'विमेन लेड डेवलपमेंट' यानी महिलाओं के नेतृत्व में विकास के पथ पर है। उन्होंने उदाहरण दिया कि वर्तमान में देश की राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री तक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर महिलाएं आसीन हैं। पीएम ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं के लिए अवसरों का नया आसमान खोलेगा। उन्होंने सम्मेलन में मौजूद विज्ञान, खेल, मीडिया और उद्यमिता क्षेत्र की सफल महिलाओं से आग्रह किया कि वे इस कानून की चर्चा को घर-घर तक लेकर जाएं। इस पखवाड़े में होंगे महिला सम्मेलन, जनप्रतिनिधि निभाएंगे भूमिका 25 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष पखवाड़े के लिए सरकार ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। इसके तहत जिला स्तर पर बड़े सम्मेलन आयोजित होंगे, जिनमें महिला नेतृत्व को सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने अपनी चिट्ठी में साफ किया है कि मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी योजनाओं ने आर्थिक आधार तैयार कर दिया है, अब यह अधिनियम उन्हें राजनीतिक रूप से आत्मनिर्भर बनाएगा। मंत्रालय में आयोजित इस वर्चुअल कार्यक्रम में कैबिनेट के कई वरिष्ठ मंत्री भी मौजूद रहे, जिन्हें सीएम ने अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान को गति देने की जिम्मेदारी सौंपी है।

