कोटा की मंडाना थाना पुलिस ने दो कार से 1 करोड़ 8 लाख का गांजा बरामद किया है। जोधपुर व पाली निवासीदो तस्करों क़ो गिरफ्तार किया है आरोपी कार की विंड स्क्रीन पर वकील का लोगो लगाकर नशे के सामान की तस्करी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों की कार से 217.550 किलो गांजा बरामद किया है। बता दें मंडाना पुलिस की 5 महीने में ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले लग्जरी कार से एक करोड़ 66 लाख का गांजा बरामद किया था। ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया की मुख्यालय के निर्देश पर वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी, धरपकड़ पकड़ के लिए अभियान चला रखा है। अभियान के तहत की जा रही चेकिंग के दौरान मुखबिर के जरिए सूचना मिली, एनएच 52 से कच्चा रास्ता सोनी फॉर्म के पास वन भूमि मंडाना में दो कार ख़डी है। पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। देखा तो मोबाइल टोर्च की रोशनी में दो कार मेसे सामान अदला बदली कर रहे थे। टीम ने कार सवार से पूछताछ की एक ने अपना नाम भावेश सोनी (25) निवासी सूरसागर जिला जोधपुर व दूसरे ने इमरान खान (37) निवासी पाली होना बताया। एक कार की तलाशी में गांजे के 22 पैकेट व दूसरी कार से गांजा के 78 पैकेट मिले यानी कुल 217.550 किलो अवैध गांजा बरामद हुआ। आरोपियों ने गांजा तस्करी के लिए दोनों कार पर वकील का लोगो लगा रखा है। दोनों कार क़ो जब्त किया है। नशे की खेप कहा से लाए और कहा सप्लाई होनी थी। इस बारें में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के एकादशम अधिशास्ता आचार्य महाश्रमण की अहिंसा यात्रा का मंगलवार को डीडवाना विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में अहिंसा, नैतिकता और नशा-मुक्ति का संदेश दिया। डीडवाना विधायक यूनुस खान ने अहिंसा यात्रा में भाग लिया। उन्होंने आचार्यश्री का स्वागत किया और उनके साथ पदयात्रा में शामिल हुए। यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर आचार्यश्री का अभिनंदन किया। आचार्य महाश्रमण ने अपने उद्बोधन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों को कमजोर करता है, जिससे शारीरिक, मानसिक और सामाजिक पतन होता है। उन्होंने संयम, सदाचार और आत्मसंयम को जीवन की शक्ति बताया। आचार्य ने नशा-मुक्त जीवन अपनाने का आह्वान किया, जिससे स्वस्थ, सुखी और संस्कारित समाज का निर्माण हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि अहिंसा केवल शारीरिक हिंसा से दूर रहना नहीं है, बल्कि विचार, वाणी और व्यवहार में करुणा, सहिष्णुता और नैतिक मूल्यों को अपनाना ही सच्ची अहिंसा है। आचार्यश्री के अनुसार, अहिंसा और नैतिकता से समाज में शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास मजबूत होता है। इस अवसर पर विधायक यूनुस खान ने कहा कि आचार्य के साथ की गई पदयात्रा डीडवाना विधानसभा क्षेत्र की जनता के लिए प्रेरणा का माध्यम है। उन्होंने बताया कि यह अहिंसा यात्रा समाज को नशा-मुक्ति, नैतिकता और शांति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। अहिंसा यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने आचार्य के प्रवचनों को सुना और उनके संदेशों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस यात्रा को डीडवाना क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक सुधार और नशा-मुक्त समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यात्रा में विधायक यूनुस खान के साथ अनेक गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से महावीर ओझा, रामकिशोर टाक, दातार सिंह, रवि धारीवाल, भागीरथ रूलानिया, रामनिवास धेड़ू, सुलेमान शेरानी, कृष्णबिहारी व्यास, सुभाष गौड़, सोहन फिरड़ोदा, गिरधारी दंतुलिया, मेघाराम, पूर्व सरपंच केराप दिलीप ढाका, हुसैन शेरानी (पूर्व सरपंच प्रतिनिधि), पूर्व सरपंच तोषीणा बनवारी व्यास, पूर्व सरपंच आगुन्ता भंवरलाल सोनी, सुरेन्द्र सोनी, लाडूराम कस्वां, सरवर कुरैशी, सुनील रोज, रामसिंह चारण, देशराज सिंह, रामेश्वरलाल खिंचड़, रामेश्वर जांगीड़, नवरत्न औझा सहित अनेक लोग यात्रा में सहभागी बने।
कटनी में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी 'लाडली बहना योजना' को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में सैकड़ों महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। फॉर्म जमा करने की होड़ में महिलाओं के बीच हल्की धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे घंटों तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। जानकारी के अनुसार, जिले में यह अफवाह फैल गई थी कि लाडली बहना योजना की राशि ₹1500 से बढ़ाकर ₹3000 की जा रही है, और इसके लिए नए सिरे से आवेदन करना अनिवार्य है। साथ ही, यह भी बताया गया कि जिन महिलाओं को अब तक योजना का लाभ नहीं मिला है, उनके नाम जोड़ने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इसी सूचना के बाद सुबह से ही ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाएं कलेक्ट्रेट पहुंचने लगीं। कलेक्ट्रेट की आवक-जावक शाखा में फॉर्म जमा करने के लिए महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं। कई महिलाएं घंटों तक धूप और भीड़ में खड़ी रहीं, जिससे उनमें रोष भी देखा गया। कतार में खड़ी सरिता शर्मा और प्रिया केवट ने बताया कि वे योजना शुरू होने के बाद से ही लाभ से वंचित हैं और नाम जुड़वाने की उम्मीद में यहां आई हैं। वहीं, उर्मिला साहू और लीला वंशकार जैसी हितग्राहियों ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। लीला वंशकार ने कहा, हम सुबह से लाइन में लगे थे, अधिकारियों ने फॉर्म तो ले लिए लेकिन पावती नहीं दी। अधिकारी इसे अफवाह बता रहे हैं। अगर लाभ देना है तो सभी पात्र महिलाओं को समान रूप से दिया जाए। भीड़ और हंगामे की स्थिति को देखते हुए अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्र, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने महिलाओं को समझाया कि शासन स्तर से राशि बढ़ाने या नए फॉर्म भरने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्र ने बताया कि कलेक्ट्रेट में बड़ी संख्या में महिलाएं आवेदन लेकर पहुंची थीं क्योंकि किसी ने यह अफवाह फैला दी थी कि राशि बढ़ाई जा रही है और नए आवेदन जरूरी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल भ्रम की स्थिति में आई सभी महिलाओं के आवेदन प्राप्त कर लिए गए हैं, लेकिन वर्तमान में शासन की ओर से ऐसी कोई नई घोषणा या पोर्टल खोलने के निर्देश नहीं हैं।
सिरसा जिले के रानियां में हिसार की महिला से जमीन बेचने के नाम पर 43 लाख रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। उक्त महिला से जमीन नाम करवाने के नाम पर पहले ही रकम जमा करा ली और बाद में जमीन नाम न कराने व पैसे लेने की बात से मुकर गए। अब यह मामला पुलिस के पास जा पहुंचा है। खास बात है कि जिन लोगों पर जमीन नाम न कराने का आरोप है, उन लोगों ने उस जमीन को पहले ही अपने परिवार के लोगों के नाम करा दिया है। अब पेंच फंस गया है कि जमीन कैसे वापस ली जाए। इस बारे में उक्त महिला ने तहसील में अवगत करवाया, पर उसकी सुनवाई नहीं हुई। आखिर में वह परिवार सहित सिरसा एसपी के पास पहुंची और मामला संज्ञान में आने पर एसपी ने आर्थिक अपराध शाखा को जांच के आदेश दिए। पुलिस के अनुसार, आर्थिक अपराध शाखा की जांच में आरोप तय पाए गए, जिसके बाद रानियां थाना पुलिस ने इस मामले में दो महिलाओं सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी रानियां क्षेत्र के गांव केहरवाला के रहने वाले हैं और शिकायतकर्ता महिला हिसार के गंगवा गांव की रहने वाली है। युवती की कहरवाला गांव में रिश्तेदारी है और आरोपी दूर के रिश्ते में मामा लगते हैं। महिला का आरोप है कि उसके ससुर ने रिश्तेदारी के चलते पैसे एडवांस में दे दिए थे, पर उन लोगों ने धोखाधड़ी से पैसे ऐठ कर रजिस्ट्री किसी और के नाम करवा दी है। उन्होंने रजिस्ट्री के लिए तहसील में कागज तैयार करवाकर तारीख भी ली थी, पर उस समय वह नहीं पहुंचे और संपर्क किया तो पैसे वापस देने या जमीन नाम कराने से इनकार कर दिया। इसे लेकर महिला के ससुर ने एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। ऐसे जानिएं पूरा मामला :पुलिस को दी शिकायत में सोनू पत्नी सुशील कुमार ने बताया कि गांव केहरवाला के राजेश के साथ उनकी रिश्तेदारी है। राजेश उसकी चाची का भाई है। राजेश के चचेरे भाई सुभाष और भाभी सुमित्रा अपनी जमीन बेचना चाहते है, जिस पर उसके ससुर ओमप्रकाश ने जमीन खरीदने की इच्छा जताई। सुभाष और सुमित्रा के साथ ओमप्रकाश ने बातचीत कर जमीन का सौदा 12 लाख रुपए प्रति एकड़ के हिसाब से कर लिया। शिकायतक में आगे बताया, साल 2021 में दोनों पक्षों के बीच जमीन का सौदा तय हुआ था। उसके बाद सुभाष ने ओमप्रकाश से 2021-2022 में कुछ 43 लाख रुपए इकरारनामा के अनुसार ले लिए। कुछ दिनों बाद जमीन की रजिस्ट्री करवाने को कागज तैयार कराए तो नाम कराने से मना कर दिया। वह रजिस्ट्री करवाने के लिए तारीख-समय पर रानियां तहसील में पहुंचे, पर घंटों तक उन लोगों का इंतजार किया। उन लोगों को फोन भी किया, परंतु वे लोन न भरे जाने की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ गए। शिकायत में बताया, पैसों, पैसों और जमीन को लेकर हमारे रिश्तेदार और गांव के मौजिज लोगों के बीच कई बार पंचायती भी हुई, परंतु सुभाष और सुमित्रा इस बात का हवाला देकर अपना पल्ला झाड़ते रहे कि हम लोग रजिस्ट्री आप लोगों के नाम ही करवाएंगे, क्योंकि जमीन आपकी है। उसके बाद 3-10-2025 शिकायतकर्ता के ससुर ओमप्रकाश अपने रिश्तेदार राजेश से मिले और उस को रजिस्ट्री करवाने की बात कही, जिस पर राजेश ने कहा, कौन सी जमीन, कौन सा पैसा, ये कहकर उसको घर से निकाल दिया। यह धमकी दी कि अगर आज के बाद हमारे घर के आसपास भी दिखा तो तेरे साथ बहुत बुरा होगा। हमारा तो यहीं काम है। उसके बाद सुभाष ने अपने हिस्से की कुछ जमीन संतोष को बेच दी, कुछ जमीन अपने भाई बलवंत के हिस्से में डाल दी। जमीन किसी ओर के नाम करवा दी। अब हम पुलिस से मांग हैं कि इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द इन लोगों को गिरफ्तार किया जाए। मामले में किसने क्या कहाजब इस मामले में आरोपी पक्ष से राजेश से बातचीत की गई तो बताया कि ऐसा कोई मामला नहीं है। ये व्यक्ति हमें बदनाम करने की साजिश कर रहा है और जमीन वगैरह की हमारी किसी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई थी। वहीं, इस मामले में रानियां थाना प्रभारी गुरनविंदर से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जगराओं शहर के साइस कॉलेज के पास स्थित श्मशान घाट में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब एक परिवार ने अपने बुजुर्ग व्यक्ति के शव को दफनाने की तैयारी शुरू की। परिवार ने श्मशान घाट में गड्ढा खोदकर शव दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। मामले की जानकारी मिलते ही मोहल्ला कमेटी के सदस्य मौके पर पहुंचे और शव दफनाने पर आपत्ति जताई। कमेटी सदस्यों ने कहा कि श्मशान घाट में केवल अंतिम संस्कार (दाह संस्कार) किया जा सकता है, लेकिन कब्र बनाना या शव दफनाना नियमों के खिलाफ है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान लोगों ने सवाल उठाया कि जब उनसे श्मशान घाट के नाम पर पैसे लिए जाते रहे हैं, तो अब शव दफनाने से क्यों रोका जा रहा है। मौके पर मौजूद पूर्व पार्षद अमरनाथ कल्यान ने स्पष्ट किया कि श्मशान घाट में लिए जाने वाले पैसे लकड़ी की पर्ची के होते हैं, न कि किसी प्रकार का चंदा। केवल दाह संस्कार की अनुमति जानकारी के अनुसार, रानी वाला खूह के नजदीक राजस्थान से आकर कुछ परिवार लंबे समय से रह रहे हैं, जो अन्य धर्म को मानते हैं। इन्हीं परिवारों में से एक बुजुर्ग की मौत के बाद परिवार शव लेकर साइस कॉलेज के पास बने श्मशान घाट पहुंचा था। घटना की सूचना मिलने पर पार्षद मेषी सहोता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों की बातें सुनीं और कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। हालांकि, मोहल्ला कमेटी का स्पष्ट कहना था कि श्मशान घाट में केवल दाह संस्कार की अनुमति है, दफनाने की नहीं। शव को दूसरी जगह दफनाने पर राजी हुआ परिवार पार्षद मेषी सहोता ने परिवार को लकड़ी उपलब्ध कराने की पेशकश भी की, यदि लकड़ी के लिये पैसे नहीं हैं तो वह अपनी जेब से पैसे भर देंगे। लेकिन परिवार ने दाह संस्कार करने से इनकार करते हुए शव दफनाने पर ही जोर दिया। अंततः समझाने के बाद परिवार शव को कहीं और दफनाने के लिए ले जाने को राजी हो गया। श्मशान घाट से जाने से पहले परिवार ने खुद ही खोदे गए गड्ढे को मिट्टी से भर दिया।
कोरबा एसपी सिद्धार्थ तिवारी ने दो अलग-अलग मामलों में एक SI और दो कॉन्स्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की है। कटघोरा थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर को छेड़छाड़ के आरोप में सस्पेंड किया गया है और उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जबकि बांकी मोंगरा थाने के दो आरक्षकों को गैंगरेप मामले में लापरवाही बरतने पर निलंबित किया गया है। जानकारी के मुताबिक, कटघोरा थाना क्षेत्र में महिला ने SI एसके कोसरिया पर अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत दी थी। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने प्राथमिक जांच कराई, जिसमें आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। जिसके बाद एसपी ने एसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। एडिशनल एसपी नीतिश ठाकुर पुष्टि की कि कटघोरा थाने में महिला की शिकायत पर सब इंस्पेक्टर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे निलंबित कर दिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है। राकेश मेहता और राजेंद्र राय सस्पेंड दूसरी घटना बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र से संबंधित है। जहां एक युवती के साथ हुए गैंगरेप मामले में दो आरक्षकों पर कार्रवाई हुई है। बांकी मोंगरा थाने में पदस्थ आरक्षक राकेश मेहता और राजेंद्र राय को निलंबित किया गया है। इन पर आरोप है कि जब युवती गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराने थाने आई थी, तब उन्होंने लापरवाही बरती। युवती ने बाद में सीधे कोरबा एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की, जिसके बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज किया गया। इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
मैनपुरी जिला मुख्यालय पहुंचकर आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी ने किया विरोध प्रदर्शन उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश के काशी के पावन मणिकर्णिका घाट पर स्थित प्राचीन मंदिरों को ध्वस्त किए जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी (आप) ने राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है। पार्टी ने इसे धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत पर सीधा प्रहार बताया है। आप का कहना है कि मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन एवं पौराणिक मंदिरों को जिस प्रकार तोड़ा गया है, वह न केवल धार्मिक आस्था पर सीधा प्रहार है, बल्कि भारत की सनातन परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और संविधान प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का भी घोर उल्लंघन है। पार्टी ने चिंता व्यक्त की कि यह घटना केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी में हुई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। आम आदमी पार्टी ने महामहिम राष्ट्रपति से संविधान के तहत अपने विशेष अधिकारों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार को तत्काल और ठोस निर्णय लेने के निर्देश देने की मांग की है। उनकी पहली मांग है कि मणिकर्णिका घाट पर तोड़े गए सभी प्राचीन मंदिरों का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए। इसके अतिरिक्त, पार्टी ने मंदिरों के ध्वस्तीकरण का आदेश देने वाले अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। भविष्य में काशी सहित प्रदेश एवं देश के किसी भी पौराणिक, ऐतिहासिक या धार्मिक स्थल को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए स्पष्ट और कठोर दिशा-निर्देश जारी करने की भी अपील की गई है। आप का मानना है कि यह धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का विषय है। पार्टी को आशा है कि राष्ट्रपति इस विषय की गंभीरता और संवेदनशीलता को समझते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारों को तत्काल, ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने हेतु निर्देशित करेंगी। इस मांग पत्र पर सन्वेष श्रीवास्तव, रानी कुमारी, सुरेंद्र राठौर, संदीप राठौर, हाशिम, असाध जाहिद, विपिन शर्मा और अभय अधम सहित कई आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के हस्ताक्षर हैं।
हरदा। जिला पंचायत में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में एक अनोखा मामला सामने आया। नहर का मुआवजा न मिलने से परेशान एक किसान कलेक्टर का 'सम्मान' करने के लिए नारियल और फूलों की माला लेकर पहुंचा। किसान अशोक राजपूत ने अपनी समस्या का समाधान न होने पर यह कदम उठाया। हालांकि, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन जनसुनवाई में मौजूद नहीं थे, जिसके बाद किसान ने नारियल और माला उनकी मेज पर रख दी। किसान का आरोप है कि वह पिछले 20 वर्षों से विभागों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। किसान अशोक राजपूत के खेत में अजनई नहर का निर्माण किया गया था, लेकिन उन्हें आज तक इसका मुआवजा नहीं मिला है। किसान ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वह नहर के दोनों ओर के रास्ते बंद कर देगा। इस मामले पर कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने बताया कि किसान द्वारा की गई शिकायत लगभग 30-35 साल पुरानी है। उन्होंने कहा कि नहर के लिए भूमि अधिग्रहण करते समय दावे और आपत्तियों के लिए समय दिया जाता है, और संबंधित किसान ने उस समय अपनी आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह जांच का विषय है कि जमीन का अधिग्रहण कानूनी अधिकार क्षेत्र में किया गया था या नहीं। जांच प्रतिवेदन आने के बाद इस मामले को कानूनी और व्यावहारिक रूप से देखा जाएगा। उधर, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, संबंधित किसान को कुछ महीने पहले ही प्रशासन द्वारा लगभग दो एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
कानपुर में चकेरी के कृष्णा नगर वार्ड 24 स्थित मोहल्ला साहदुल्लापुर में चोक पड़ी सीवर लाइनों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद सफाई न होने से अब प्रभावित परिवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई घरों के सामने मेनहोल ओवरफ्लो हो रहे हैं और सीवरेज सड़कों पर फैलने लगा है। सीवर का गंदा पानी सड़कों और गलियों में बहने से पूरे इलाके में बदबू फैल गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्गंध के कारण घरों में रहना दूभर हो गया है। मच्छरों और गंदगी से बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। 2 तस्वीरें देखिए- अधिकारियों पर कमीशनखोरी का आरोप लगायाप्रशासनिक उदासीनता से नाराज लोगों ने गली के बाहर एक बैनर लगाकर अपना दर्द बयां किया है। बैनर में जिम्मेदार अधिकारियों पर कमीशनखोरी और तेल चोरी जैसे आरोप लिखे गए हैं। लोगों का कहना है कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें अब भी लंबित हैं, जो हालात की सच्चाई खुद बयां कर रही हैं। नमामि गंगे योजना की लाइनें बनीं मुसीबतस्थानीय निवासियों के मुताबिक, पीएसी मोड़ साहदुल्लापुर में तीन साल पहले नमामि गंगे योजना के तहत सीवर लाइनें डाली गई थीं। आरोप है कि इनमें केवल छह से आठ इंच के पाइप लगाए गए, जो क्षेत्र की जरूरत के हिसाब से पर्याप्त नहीं हैं। नियमित सफाई न होने से लाइनें करीब डेढ़ महीने से पूरी तरह चोक पड़ी हैं। बाथरूम तक लौट रहा सीवर का पानीचोक सीवर का गंदा पानी घरों के बाथरूम में बैक मारने लगा है और आंगन तक फैल रहा है। शिकायत पर एक बार जेटिंग मशीन और दो कर्मचारी पहुंचे थे, लेकिन कुछ देर की मशक्कत के बाद यह कहकर लौट गए कि लाइन खोलने के लिए सुपर सकर मशीन की जरूरत होगी। इसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामले में क्षेत्रीय पार्षद वेद प्रकाश ने सीवर चोक होने के लिए स्थानीय लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कुछ लोगों ने बोरिंग के जरिए लाइन में बालू भर दी, जिससे यह स्थिति बनी। महिलाओं ने बताई रोजमर्रा की परेशानीक्षेत्र की निवासी रानू, आशा और वैशाली ने बताया कि सड़क किनारे गंदगी फैली है। पूजा-पाठ या किसी धार्मिक स्थल पर जाने से पहले भी सोचना पड़ता है। मैनहोल से निकल रहा काला-पीला पानी और बदबू असहनीय है। घर के बाहर बैठना या खड़ा होना मुश्किल हो गया है। बच्चे बीमार, बाहर निकलने में डरस्थानीय लोगों का कहना है कि गंदगी और बदबू के कारण बच्चे लगातार बीमार पड़ रहे हैं। संक्रमण के डर से बच्चे बाहर खेलने नहीं निकल पा रहे हैं। लोगों ने नगर निगम से जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने की मांग की है।
गिरिडीह शहर के कालीबाड़ी चौक पर बीती रात चोरों ने एक साथ तीन कपड़ा दुकानों को निशाना बनाया। इस घटना से बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। चोर कालीबाड़ी चौक स्थित गोविंद टेक्सटाइल, केके फैशन और आरसी ट्रेंड्स फैमिली स्टोर में देर रात घुसे। चोरों ने दुकानों के पीछे की ओर छत की खिड़की व दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर गल्ले में रखी नगदी और अन्य कीमती सामान चुरा लिया। इसके अलावा, आसपास की कई अन्य दुकानों में भी चोरी का प्रयास किया गया। हालांकि वहां चोरों को सफलता नहीं मिली। खिड़की-दरवाजे टूटे हुए थे सुबह जब दुकानदार दुकानें खोलने पहुंचे तो उन्हें चोरी का पता चला। दुकानों में सामान बिखरा हुआ था और खिड़की-दरवाजे टूटे हुए थे। एक साथ तीन दुकानों में हुई चोरी से स्थानीय व्यापारियों ने रात्रि गश्ती बढ़ाने और बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। इस संबंध में आरसी ट्रेंड्स के संचालक विभोर कुमार, केके फैशन के संचालक मोहम्मद मकसूद और गोविंद टेक्सटाइल के संचालक के भतीजे गोविंद सिंघानिया ने बताया कि रात में दुकान बंद कर वे सुबह लौटे तो चोरी की जानकारी मिली, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। 12 चांदी के सिक्कों की चोरी जानकारी के मुताबिक, गोविंद टेक्सटाइल से पांच लाख रुपए से अधिक की चोरी हुई है। वहीं, आरसी ट्रेंड्स से करीब 50 हजार रुपए नगद और 12 चांदी के सिक्के चोरी हुए हैं। केके फैशन में लगभग एक लाख रुपए की चोरी बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी ज्ञान रंजन दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट को बुलाकर दुकानों के शटर, काउंटर, गल्ले सहित अन्य स्थानों से उंगलियों के निशान एकत्र किए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। तीन दुकानों में चोरी की गई है, लेकिन मुख्य सड़क की ओर से किसी दुकान का दरवाजा नहीं तोड़ा गया है। सभी चोरी की घटनाएं पीछे की छत के रास्ते अंजाम दी गई हैं। पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी है और जल्द ही मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। -ज्ञान रंजन, नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर
बुरहानपुर जिले के 25 शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आरओ (रिवर्स ऑस्मोसिस) यूनिट स्थापित की गई हैं। खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने इन यूनिटों की सौगात दी है। भाजपा युवा नेता गजेंद्र पाटील ने एक स्कूल में आरओ यूनिट का पूजन कर इसका शुभारंभ किया। इन यूनिटों की स्थापना से विद्यार्थियों को दूषित पानी से होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकेगा। आने वाले समय में जिले के और भी कई स्कूलों में ऐसी यूनिटें लगाई जाएंगी, जिससे अधिक से अधिक छात्रों को लाभ मिल सके। सांसद ज्ञानेश्वर पाटील ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार बेहतर शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों को आरओ का शुद्ध पानी उपलब्ध कराने की दिशा में भी लगातार कार्य कर रही है। इन पेयजल यूनिटों से इन 25 शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों और अन्य स्टाफ को पूरी तरह शुद्ध और सुरक्षित पानी मिल सकेगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में सुधार होगा। जिन स्कूलों में आरओ यूनिट स्थापित की गई हैं, उनमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोनी, शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोहरडा, शासकीय माध्यमिक विद्यालय हतनूर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिरोदा, शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय बहादरपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बोदरली, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जसौंदी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बंभाडा, एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला बोरसल, सुभाष उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बुरहानपुर, शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय चौक बाजार, सावित्री बाई फूले शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय कन्या उर्दू उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हरीरपुरा, पुरुषार्थी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लालबाग बुरहानपुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फोपनार, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इच्छापुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दापोरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दर्यापुर, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय निम्बोला, शासकीय कन्या हाईस्कूल धुलकोट, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जैनाबाद, शासकीय हाईस्कूल अम्बा, शासकीय हाईस्कूल सुक्ता नेपानगर और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खातला नेपानगर शामिल हैं।
रायबरेली के शिवगढ़ में एक चचेरे पोते ने अपनी दादी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। यह घटना सोमवार सुबह करीब 10 बजे कृष्णपाल खेड़ा मजरे रानीखेड़ा गांव में हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी सोनू गौतम (25) पुत्र राजकुमार का घर मृतका तारावती (55) पत्नी रामप्रताप गौतम के घर के ठीक सामने है। हत्या के बाद सोनू खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर ग्रामीणों को ललकारने लगा। उसने मृतका के मासूम पोते और बहू प्रिया को भी जान से मारने की कोशिश की, लेकिन वे किसी तरह जान बचाकर भाग निकले। मृतका के बेटे दिलीप कुमार ने बताया कि रविवार शाम को आरोपी सोनू शराब के नशे में तारावती के घर पहुंचा था। उसने गाली-गलौज करते हुए तारावती और उनकी बेटियों को जान से मारने की धमकी दी थी। परिजनों ने डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। सोमवार को दिनदहाड़े सोनू ने तारावती पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों के अनुसार, मोहल्ले के धर्मराज ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी से कुल्हाड़ी छीन ली, जिससे और लोगों की जान बच सकी। घटना की सूचना मिलते ही शिवगढ़ और बछरावां थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आरोपी सोनू को कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। मामले में पुलिस ने मृतका के बेटे दिलीप की तहरीर पर आरोपी सोनू व उनके भाई नीरज, धीरज, पिता राजकुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंचार्ज थाना प्रभारी वीरेंद्र यादव ने बताया कि तहरीर के मुताबिक मुकदमा दर्ज किया गया है। जिसमें आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, मामले में जांच पड़ताल की जा रही है।
गुरुग्राम पुलिस ने बादशाहपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन मकान से लोहे की प्लेटें और अन्य सामान चोरी करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो रिक्शा भी बरामद किया है। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच यह मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने पुलिस थाना बादशाहपुर में शिकायत दर्ज कराई कि टिकली रोड स्थित उसके निर्माणाधीन मकान से रात में अज्ञात चोरों ने लोहे की प्लेटें और अन्य निर्माण सामग्री चोरी कर ली। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। अपराध शाखा की त्वरित कार्रवाई जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-31, गुरुग्राम की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कैप्टन (25 वर्ष), निवासी पल्ला कॉलोनी, जिला अमृतसर (पंजाब) और दीपचंद उर्फ काले (31 वर्ष), निवासी सूरज की ढाणी, बादशाहपुर, जिला गुरुग्राम के रूप में हुई है। नशे की लत ने बनाया चोर पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की लत पूरी करने के लिए उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि चोरी की गई लोहे की प्लेटें और अन्य सामान एक कबाड़ी को लगभग 25 हजार रुपए में बेच दिया था। नकदी और ऑटो रिक्शा बरामद पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 20 हजार रुपये की नकदी और वारदात में प्रयुक्त ऑटो रिक्शा बरामद किया है। दोनों आरोपियों को 20 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है और चोरी की गई सामग्री की पूरी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।
आगर पुलिस ने 33 लाख का MD ड्रग्स किया जब्त:आरोपी फैजान पठान गिरफ्तार, NDPS एक्ट में केस दर्ज
आगर मालवा पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली पुलिस ने 33 लाख रुपए मूल्य की 330 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार सिंह ने बताया कि 19 जनवरी की रात मुखबिर से सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार, नुरानी नगर सुसनेर निवासी फैजान पठान आगर-सुसनेर रोड पर स्थित मां दुर्गा माताजी मंदिर, आमला के पास से अवैध एमडी ड्रग्स लेकर आगर की ओर जाने वाला था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए का युवक पुलिस टीम को देखकर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक पारदर्शी पॉलीथीन में 330 ग्राम एमडी ड्रग्स और एक एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी फैजान पठान के खिलाफ थाना कोतवाली आगर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस एमडी ड्रग्स के स्रोत, इसके नेटवर्क और परिवहन के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है। आरोपी के पास था आई फोन गिरफ्तार आरोपी की पहचान फैजान पठान (23 वर्ष) पुत्र अब्दुल मन्नान, निवासी नुरानी नगर, सुसनेर, जिला आगर मालवा के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से 330 ग्राम एमडी ड्रग्स जब्त की है, जिसकी अनुमानित कीमत 33 लाख रुपये है। इसके अलावा, एक एप्पल कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसकी कीमत लगभग 1.20 लाख रुपए बताई गई है। इनकी रही अहम भूमिका यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रविंद्र कुमार बोयट और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी आगर मोतीलाल कुशवाहा के मार्गदर्शन में थाना कोतवाली आगर पुलिस द्वारा की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी शशि उपाध्याय, उपनिरीक्षक संजय गुनेरा, सउनि कमल सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक सुनील पटेल, रुदेश मीणा, अजयपाल सिंह, गिरजा शंकर त्रिपाठी, बाबू बबेरिया, आरक्षक दीपक सोलंकी, मोहम्मद परवेज, विक्रम सूर्यवंशी, जितेन्द्र सिंह राजपूत, विजय दांगी, लखन जमलिया एवं महिला आरक्षक सोना भदौरिया की भूमिका रही।
फरीदाबाद में 26 जनवरी को मनाए जाने वाले गणतंत्र दिवस को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस ने होटल, गेस्ट हाउस और पीजी संचालकों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। बिना वैध पहचान पत्र (आईडी) के किसी भी व्यक्ति को होटल के कमरे में ठहराने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने हाल ही में बल्लभगढ़ क्षेत्र में नियमों की अनदेखी करने पर एक होटल मालिक और उसके प्रबंधक के खिलाफ मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया है। बिना आईडी होटल में नहीं मिलेगा कमरा फरीदाबाद पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि रिपब्लिक डे को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार गश्त कर रहे हैं और होटल, गेस्ट हाउस, पीजी व बाजारों में चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।पुलिस ने होटल संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना वैध आईडी के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए। वाईएमसीए चौक पर कार्रवाई हाल ही में पुलिस ने नेशनल हाईवे स्थित वाईएमसीए चौक के पास एक होटल की जांच की। जांच के दौरान पाया गया कि होटल में दो लोगों को बिना आवश्यक पहचान पत्र के एक कमरे में ठहराया गया था।सेक्टर-7 चौकी इंचार्ज राकेश कुमार ने बताया कि इस मामले में होटल मालिक नफे सिंह और प्रबंधक यशपाल के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बाद में दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया गया। पैसों के लालच में की जाती है लापरवाही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार होटल मालिक या कर्मचारी थोड़े से पैसों के लालच में बिना आईडी के लोगों को ठहरा देते हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई आपराधिक घटना होती है तो पुलिस को जांच में रिकॉर्ड नहीं मिल पाता।पुलिस ने चेतावनी दी है कि इस तरह की लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
लुधियाना में विजीलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई:1.50 लाख की रिश्वत लेने वाले सीवरेमन को दबोचा
लुधियाना में विजीलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लुधियाना नगर निगम में तैनात सीवरेमन (नंबरदार) बहादुर सिंह को 1.50 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।विजीलेंस अधिकारियो ने बताया कि यह कार्रवाई मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की एंटी करप्शन एक्शन लाइन पर मिली शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत स्थानीय निवासी गांव जमालपुर अवाना के एक युवक ने दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसे नगर निगम में सीवरेमन की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन किस्तों में 1,50,000 रुपये की घूस ली। इतना ही नहीं आरोपी ने शिकायतकर्ता से ढाई साल तक सीवर की सफाई का काम भी करवाया लेकिन किसी तरह का वेतन नहीं दिया। शिकायतकर्ता ने घूस लेते हुए आरोपी का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। विजीलेंस के अनुसार जांच के दौरान आरोप सही पाए गए। इसके बाद लुधियाना रेंज विजीलेंस पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। विजीलेंस का कहना है कि जांच में अगर किसी और नगर निगम कर्मी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले की आगे जांच जारी है।
हिसार के नागरिक अस्पताल में मंगलवार को आशा वर्करों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अस्पताल प्रशासन के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। बड़ी संख्या में आशा वर्कर इस प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने घोषणा की कि 12 फरवरी को होने वाली राष्ट्रीय हड़ताल में भी वे हिस्सा लेंगी। “स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं आशा वर्कर” आशा वर्कर अनीता ने कहा कि आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ हैं, जो ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से मानदेय, प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाओं के मामले में उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में लगातार काम करने के बावजूद आशा वर्करों को उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल रहा। समय पर नहीं मिलती प्रोत्साहन राशि अनीता ने बताया कि कई बार प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) समय पर नहीं मिलती, जिससे आशा वर्करों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा, अवकाश, बीमा और स्थायी सेवा नियमों जैसी मांगें भी लंबे समय से लंबित हैं। सरकार पर लापरवाही का आरोप आशा वर्करों का कहना है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर काम करने वाली आशा वर्करों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। मांगे रखीं, चेतावनी भी दी प्रदर्शनकारी आशा वर्करों ने मांग की कि उनका मानदेय बढ़ाया जाए, प्रोत्साहन राशि में की गई कटौती वापस ली जाए और भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्हें कर्मचारी का दर्जा, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ और सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए। आशा वर्करों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगी। प्रदर्शन के बाद उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन सौंपा और एकजुट होकर अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया।
सवाई माधोपुर के पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया आज भरतपुर पहुंचे। बीजेपी कार्यालय में उन्होंने बताया कि बीबी रामजी बिल के तहत 15 दिन के अंदर मजदूरों को पेमेंट दिया जाएगा। अगर पेमेंट नहीं होता है मजदूर को ब्याज के साथ सरकार पैसा देगी। साथ ही फसल कटाई के समय बीबी रामजी योजना 60 दिन के लिए रोक दी जाएगी। इस बिल का नाम बदलकर मजदूरों के लिए कई सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। कांग्रेस ने बीबी रामजी का नाम कई बार बदला सुखबीर सिंह जौनपुरिया ने कहा कि, बीबी राम जी योजना पर जौनपुरिया ने कहा कि कांग्रेस ने नाम का उपयोग किया है। बीजेपी ने कभी भी किसी काम में नाम का उपयोग नहीं किया। आज कांग्रेस जिस बिल की बात कर रही है। सबसे पहले यह बिल कांग्रेस जवाहरलाल नेहरू के नाम पर ले आये। उसके बाद इंदिरा गांधी ने इस बिल को राष्ट्रीय ग्रामीण योजना में बदल दिया। उसके बाद मनमोहन सिंह ने इस बिल को राजीव गांधी के नाम से जोड़ दिया। कांग्रेस गांधी परिवार से बाहर नहीं निकल पाई कांग्रेस ने इसी बिल को महात्मा गांधी के नाम से जोड़ दिया। कांग्रेस ने हमेशा एक परिवार के नाम को महत्त्व दिया है। उसी परिवार की बात करूं तो, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से उड़ कर राजीव गांधी एयरपोर्ट पर उतर जाओ और, राजीव गांधी से उड़ो तो, संजय गांधी एयरपोर्ट पर उतर जाओ। कांग्रेस गांधी परिवार के अलावा बाहर नहीं निकल पाई। फसल कटाई के समय योजना को रोका जाएगा अब बीबी रामजी योजना के तहत लोगों को 100 दिन की जगह 125 दिन रोजगार मिलेगा। फसल कटाई में 60 दिन के लिए यह योजना रोक दी जाएगी। क्योंकि यह मजदूर किसान के काम आ सकता है। उससे मजदूर को भी फायदा होगा। कभी कांग्रेस ने ऑब्जेक्शन नहीं उठाया कि इस योजना में 60-40 के रेशियो में क्या होगा। इस इसमें कई चीजों की स्टेट को पावर दी है जिससे स्टेट खुद ही पैसे का उपयोग कर सके। प्रधानमंत्री जो बिल लेकर आये उसमें कोई भी कमी नहीं है। 15 दिन में होगा मजदूरों का पेमेंट इस बिल में जल सम्बंधित, सिचाई सम्बंधित काम, सफाई सम्बंधित काम कर लेंगे। पहले इस बिल के तहत काम करने वाले लोगों के 3 महीने तक पेमेंट नहीं आती थी। अब यह तय कर दिया गया है कि 15 दिन के अंदर पेमेंट होगी। अगर 15 दिन के अंदर पेमेंट नहीं हुई तो, मजदूर को ब्याज दिया जाएगा।
कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है कि पुलिस ने वांटेड अपराधी को सुरक्षा दे रखी थी। इतना ही नहीं थाने से लेकर पुलिस अफसरों के साथ उठता-बैठता था। मामले का खुलासा होने के बाद स्वरूप नगर पुलिस ने उसे दबोचा और फिर छोड़ दिया। पुलिस के उसे हिरासत में लेने और फिर छोड़ने का सीसीटीवी वायरल होने के बाद उसे दोबारा हिरासत में लिया है। अब उसे जेल भेजने की बात अफसरों ने कही है, लेकिन पूरे मामले को लेकर अब तक अफसर कुछ भी स्पष्ट रूप से कहने से बच रहे हैं। इरफान सोलंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने पर चर्चा में आया था अकील अनवरगंज फूल वाली गली में रहने वाला भाजपा नेता अकील अहमद खान के खिलाफ स्वरूप नगर थाने में 2020 में कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसका मुकदमा संख्या-164/19 है। वहीं, दूसरा एफआईआर कर्नलगंज थाने में मारपीट व धमकी देने की दर्ज हुई थी, इसका मुकदमा संख्या- 16/2020 है। इन दोनों मुकदमों में आरोपी अकील अहमद कोर्ट से गैरहाजिर होने के चलते वांटेड चल रहा था। इसमें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इसके खिलाफ अरेस्टिंग वारंट भी जारी किया था। दोनों मुकदमों में फरार चल रहे आरोपी अकील ने ही जेल भेजे गए सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ कई मुकदमें दर्ज कराए थे। इसके बाद से उसे कानपुर पुलिस ने सुरक्षा दे रखी थी। अब मामले में जब कुछ लोगों ने कानपुर पुलिस कमिश्नर और डीसीपी से शिकायत करते हुए बताया कि वांटेड चल रहे अकील अहमद को कानपुर पुलिस ने ही सुरक्षा मुहैय्या करा रखी है। मामले में जांच पड़ताल में आरोप सही पाया गया तो स्वरूप नगर थाने की पुलिस ने आरोपी अकील को सोमवार सुबह हिरासत में लिया, लेकिन उसके रसूख के चलते चंद घंटे में ही उसे थाने से छोड़ दिया गया। मामला सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ने लगा और सीसीटीवी वायरल हुआ तो पुलिस ने उसे दोबारा मंगलवार को अरेस्ट कर लिया और जेल भेज दिया। वांटेड अपराधी को सुरक्षा कैसे मिली पुलिस नहीं दे सकी जवाब आखिर एक वांटेड अपराधी को कानपुर पुलिस ने सुरक्षा कैसे दे दी। जब इस मामले को लेकर डीसीपी सेंट्रल अतुल श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दूसरा सवाल पूछा कि अकील अहमद खान को हिरासत में लेने के बाद छोड़ क्यों दिया गया, इसका सीसीटीवी भी सोशल मीडिया पर वायरल है…? इस पर वह कोई जवाब नहीं दे सके। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले सुरक्षा हटा दी गई थी, जब उन्हें वीडियो शेयर करते हुए बताया कि 10 जनवरी को डीएम ऑफिस में ज्ञापन देने गया था तब उसकी उसकी सुरक्षा में पुलिस कर्मी मौजूद था, तो पुलिस फिर से अपने बयान पर पलट गई और कहा कि इसे गवाह सुरक्षा के तहत दोबारा तीन महीने पहले दोबारा सुरक्षा दे दी गई थी। पुलिस की घोर लापरवाही का मामला होने के चलते पुलिस इस पूरे मामले में कोई भी जवाब नहीं दे सकी न ही जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई या जांच की बात कही है। पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल के स्टाफ ऑफिसर अमरनाथ यादव ने बताया कि अकील अहमद को मंगलवार को अरेस्ट करके जेल भेज दिया गया है। लेकिन छोटे-छोटे गुडवर्क में फोटो-वीडियो जारी करने वाली पुलिस ने आरोपी का पुलिस हिरासत में जेल भेजने की फोटो तक देने से इनकार कर दिया। वांटेड अपराधी पुलिस अफसरों के साथ करता रहा बैठक आपको जानकार हैरत होगी कि आरोपी अकील अहमद खान फरारी के दौरान पुलिस सुरक्षा तो ले ही रखी थी। इतना ही नहीं थाने-चौकी से लेकर पुलिस कमिश्नर के साथ उठता-बैठता था। इसके साथ ही अफसरों के साथ अपने फोटो-वीडियो साेशल मीडिया पर शेयर करके लोगों पर रौब गांठने के साथ ही परेशान भी करता था। अकील ने खुद ही अपने फेसबुक आईडी पर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल से लेकर अन्य अफसरों के साथ मिलने की तस्वीरें शेयर की हैं। इरफान पर मुकदमें दर्ज करावने पर चर्चा में आया था अकील अकील अहमद ने सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद से वह चर्चा में आया था। अकील खुद को भाजपा का पदाधिकारी बताता था। इसके साथ ही अपनी गाड़ी में भाजपा का झंड़ा लगाकर भाजपा अल्पसंख्यकों से संबंधित हर बैठक में शामिल होता था।
मंदसौर शहर में चायनीज मांझे से हो रहे हादसे लगातार चिंता का विषय बनते जा रहे हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला रविवार शाम को सामने आया, जब एक व्यक्ति अपने बेटे को कॉलेज ग्राउंड छोड़ने जा रहे थे और संजीत नाका ओवरब्रिज पर चायनीज मांझे की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। संजीत नाका ओवरब्रिज के पास घटना जानकारी के अनुसार संजीत नाका ओवरब्रिज के आसपास स्थित मकानों से नियमित रूप से पतंग उड़ाई जाती है, जिसमें प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का उपयोग किया जाता है। इससे ओवरब्रिज से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों पर हर समय खतरा मंडराता है। नाक में गंभीर चोट, सर्जरी करानी पड़ी घटना में घायल हुए पंडित मुकेश शर्मा को नाक में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराना पड़ा। हालत गंभीर होने के चलते उनका ऑपरेशन भी किया गया। परिजन बताते हैं कि घायल व्यक्ति काफी समय तक जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष करते रहे। पीड़ित परिवार ने एसपी को सौंपा ज्ञापन पीड़ित व्यक्ति अपने परिजनों के साथ मंगलवार दोपहर एसपी विनोद कुमार मीना से मिलने पहुंचे और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि संजीत नाका ओवरब्रिज पर सुरक्षात्मक जाली लगाई जाए, ताकि पतंग की डोर सड़क तक न पहुंचे और भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें। मांझे की बिक्री और उपयोग पर पूर्ण रूप से सख्त प्रतिबंध लगाने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की गई। निवेदकों का कहना है कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं किसी की जान भी ले सकती हैं। ज्ञापन सर्व समाज एवं विप्र सेना मंदसौर की ओर से सौंपा गया। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चाइनीज मांझे के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
रेवाड़ी पुलिस द्वारा खरखड़ा भटसाना रोड पर 12 जनवरी की रात एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार सोनू पर 21 नहीं 42 केस दर्ज हैं। जिनमें से अधिकतर हत्या, हत्या प्रयास, लूट और रंगदारी व फिरौती जैसे मामले हैं। शुरूआती जांच में सोनू के खिलाफ हत्या के 10 मामलों सहित 21 केस दर्ज बताए गए थे। पुलिस जांच में पता चला है कि सोनू ने हिसार की एग्रो कंपनी का बिजनेस बचाने के लिए व्यापारी मोहन की हत्या की थी। हत्या की वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया था। जिनमें से दो की गिरफ्तारी हो चुकी है और दो की पहचान हो चुकी है। दक्षिणी हरियाणा का डिस्ट्रीब्यूटर था मोहनबहाला निवासी हिसार की एग्रो कंपनी का दक्षिणी हरियाणा में इकलौता डिस्ट्रीब्यूटर था। जिसने अलग अलग स्थानों पर अपने एजेंट बनाए हुए थे। कंपनी के साथ लेनदेन का विवाद होने के बाद मोहन कंपनी की डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़कर दूसरी कंपनी के साथ चला गया था। जिससे हिसार की एग्रो कंपनी का दक्षिणी हरियाणा में काम सिमट गया था। खरखड़ा भटसाना रोड पर एनकाउंटरसोनू का धारूहेड़ा सीआईए और गुरुग्राम एटीएस ने खरखड़ा भटसाना रोड पर 12 जनवरी की रात एनकाउंटर किया था। एनकाउंटर के दौरान दोनों पैरों में पुलिस की गोली लगने से इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू महाल घायल हो गया था। जिसके बाद पुलिस ने उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया था। एग्रो कंपनी का एमडी हो चुका गिरफ्तारपुलिस ने बहाला निवासी व्यापारी मोहन हत्याकांड में सबसे पहले हिसार की एग्रो कंपनी के डायरेक्टर जयवीर सिंह को गिरफ्तार किया था। जिससे पूछताछ के बाद सोनीपत के पिनाना निवासी इनामी बदमाश जयभगवान उर्फ सोनू का नाम सामने आया था। 23 दिसंबर की शाम हुई थी हत्यागांव बहाला निवासी व्यापारी मोहन की 23 दिसंबर को दुकान में गोलियां मारकर हत्या कर दी। आरोपी हत्या के बाद कार में सवार होकर फरार हो गए थे। जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई थी। व्यापारी के परिजनों ने हिसार की एग्रो कंपनी के एमडी पर पैसों के लेनदेन में हत्या की आशंका जताई थी। आरोपियों की जल्द होगी गिरफ्तारी डीएसपी सुरेंद्र श्योराण ने बताया कि व्यापारी हत्याकांड में चार लोग शामिल थे। बाकी बचे दोनों आरोपियों की पुलिस ने पहचान कर ली है। जिन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मोहन के डिस्ट्रीब्यूटरशिप छोड़ने से कंपनी को नुकसान हो रहा था। इसलिए उसकी हत्या की गई। अब तक की पूछताछ में यही सामने आया है।
NDPS का एक आरोपी गिरफ्तार:मानटाउन पुलिस ने 12 ग्राम स्मैक की बरामद, मोबाइल और बाइक की जब्त
सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ स्मैक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी अकरम (34) पुत्र माजिद, निवासी दोन्दरी, थाना मानटाउन को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 ग्राम स्मैक भी बरामद की है। इसी के साथ ही आरोपी से एक बाइक और मोबाइल भी जब्त किया है। सीमेंट फैक्ट्री इलाके से आरोपी को किया गिरफ्तार मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। भरतपुर रेंज के पुलिस IG कैलाश विश्नोई ने एनडीपीएस एक्ट में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में SP अनिल कुमार के निर्देशन, ASP विजय सिंह मीणा और CO सिटी उदय सिंह के सुपरविजन में थाना मानटाउन पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में सोमवार को SI बनयसिंह मय जाप्ता (कॉन्स्टेबल सुरेन्द्र सिंह, हरि सिंह व जगदीश) गश्त पर रवाना हुए। गश्त के दौरान सीमेन्ट फैक्ट्री मैदान, साहू नगर क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक बाइक पर बैठा दिखाई दिया। पुलिस के पूछताछ करने पर युवक ने अपना नाम अकरम बताया। जिसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 12 ग्राम अवैध मादक पदार्थ स्मैक, एक रेडमी कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल (RJ-25 SD-8393) बरामद हुई, जिन्हें मौके पर ही जब्त कर लिया गया। फिलहाल आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला के नवापारा क्षेत्र में वाहनों से गिर रहे फ्लाईएश से कई गांव के लोग परेशान हैं। सड़कों पर फ्लाईएश से उनकी परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में आज नवापारा के नाराज ग्रामीणों ने टीआरएन कंपनी से निकलने वाली फ्लाईएश वाहनों को रोक लिया और इसका विरोध जताने लगे। सुबह तकरीबन 8 बजे टेण्डा नवापारा क्षेत्र में कई ओवरलोड फ्लाईएश वाहनें गुजर रही थी। ऐसे में वाहनों से फ्लाईएश गिरने लगा। इससे आने-जाने वाले ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई। तब नाराज ग्रामीणों ने वाहनों को रोकना शुरू कर दिया। तकरीबन 8-10 वाहनों को रोका गया और उसका विरोध करने लगे। बताया जा रहा है कि वाहनों में नियमों का उल्लंघन करते हुए परिवहन किया जा रहा था। जिसकी वजह से सड़कों पर फ्लाईएश गिर रहा था। ग्रामीणों द्वारा वाहनों को रोकने की जानकारी जब कंपनी के फ्लाईएश साईड इंचार्ज व अधिकारियों को लगी, तो वे मौके पर पहुंचे और दोबारा ऐसा नहीं होने का आश्वसन दिया। इसके बाद सड़कों पर गिरे फ्लाईएश को हटवाने का काम किया गया, तब कहीं जाकर ग्रामीणों ने लगभग 5 घंटे बाद अपना विरोध समाप्त किया। ग्रामीण लंबे समय से परेशान हैं गांव के पंच परमेश्वर गुप्ता ने बताया कि पिछले लंबे समय से इस समस्या से कई गांव के लोग परेशान हैं। इससे पहले भी इसे लेकर शिकायत किया जा चुका है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा। कपंनी से निकलकर फ्लाईएश टेण्डा नवापारा, कटंगडीह, चारमार, डोंगाभौना, छाल भोजिया होकर गुजरती है और सभी रोड पर इसी तरह की स्थिति निर्मित है। जिसके कारण गांव के लोग काफी परेशान हैं।
सिद्धार्थनगर के डुमरियागंज थाना क्षेत्र में ब्लैकमेलिंग से परेशान एक नाबालिग युवती की मौत हो गई। युवती ने सल्फास खा लिया था, जिसके बाद मंगलवार सुबह गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। आरोप है कि दो साल के प्रेम प्रसंग के बाद युवक ने युवती का आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल किया। परिजनों ने बताया कि कुड़ी निवासी जोगिंदर, जो बिजली विभाग में लाइनमैन है, का मृतका से करीब दो साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान जोगिंदर ने युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसका एक आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया। बाद में इसी वीडियो का इस्तेमाल कर वह युवती को ब्लैकमेल करने लगा। आरोप है कि जोगिंदर लगातार वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और परिवार को भेजने की धमकी देता था। इन धमकियों के कारण युवती मानसिक रूप से प्रताड़ित थी। परिवार को इस प्रेम प्रसंग की जानकारी लगभग दो महीने पहले हुई थी। परिवार ने इसका विरोध करते हुए युवती और जोगिंदर के नंबर ब्लैकलिस्ट करा दिए थे। इसके बावजूद, आरोपी अलग-अलग नंबरों से फोन और चैट के माध्यम से युवती को लगातार धमकियां देता रहा। उस पर परिवार को भी वीडियो भेजने और बदनाम करने की धमकी देने का आरोप है। जहर खाने से पहले युवती ने एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उसने पूरी घटना का खुलासा किया। वीडियो में युवती ने बताया कि जोगिंदर पिछले दो महीने से उसे आपत्तिजनक वीडियो भेजकर ब्लैकमेल कर रहा था। वह धमकी देता था कि अगर उसकी शादी कहीं और हुई तो वह वीडियो बारात में दिखाएगा और सोशल मीडिया पर वायरल करेगा। युवती ने यह भी बताया कि आरोपी कहता था, 'जब तुम मर जाओगी, तभी मैं तुम्हारा पीछा छोड़ूंगा।'
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ ने नवाचार एवं उद्यमिता विकास पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुआ। दून विश्वविद्यालय, देहरादून के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के डीन प्रो. एच. सी. पुरोहित मुख्य वक्ता थे। उन्होंने छात्रों को नवाचार की सोच विकसित करने, उद्यमिता के अवसरों को पहचानने और स्टार्टअप संस्कृति अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। प्रो. पुरोहित ने कहा कि वर्तमान समय में उद्यमिता युवाओं के लिए रोजगार सृजन के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण का भी एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से लेकर स्टीव जॉब्स तक के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, यह बताते हुए कि चुनौतियाँ सभी के जीवन में आती हैं, लेकिन उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना महत्वपूर्ण है। व्याख्यान के दौरान छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने स्टार्टअप, नवाचार, कौशल विकास और करियर से संबंधित कई प्रश्न पूछे, जिनका प्रो. पुरोहित ने व्यावहारिक उदाहरणों के साथ समाधान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट प्रकोष्ठ (सीटीसीपी) के निदेशक प्रो. प्रदीप कुमार ने मुख्य वक्ता, विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षकों और उपस्थित छात्र-छात्राओं का धन्यवाद किया। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को उद्योग जगत की मांगों से जोड़ते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। इस अवसर पर कार्यालय प्रभारी श्याम त्रिपाठी तथा छात्र सदस्य दिव्यांशु संजय और रुद्रांश चतुर्वेदी भी उपस्थित थे।
लखनऊ के इन्दिरा नगर थाना क्षेत्र में स्कूटी हटाने की बात पर हुए विवाद में कार सवार युवक को घेरकर बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने युवक को गाड़ी से खींचकर जमीन पर गिराया और जान से मारने की नीयत से सिर-गर्दन पर ताबड़तोड़ वार किए। गंभीर हालत में घायल युवक को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फरीदी नगर निवासी पीड़ित कुलदीप मिश्रा ने बताया कि 17 जनवरी की रात करीब 10:30 बजे वह अपनी कार (UP 32 NH 7273) से सेंट्रल एकेडमी चौराहे से गुजर रहा था। सड़क पर खड़ी स्कूटी के कारण रास्ता जाम था। हॉर्न देने पर स्कूटी सवार करण चौरसिया ने न सिर्फ स्कूटी हटाने से इनकार किया बल्कि गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि करण चौरसिया ने जबरन कुलदीप मिश्रा को कार से बाहर खींच लिया। तभी काली स्कॉर्पियो से पहुंचे अनिरुद्ध जय और उसके 3-4 अन्य साथी भी मौके पर आ गए। सभी ने मिलकर पीड़ित को जमीन पर पटक दिया और हेलमेट, ईंटों व डंडों से हमला कर दिया। हमले में पीड़ित के सिर और गर्दन में गंभीर चोटें आई है। आरोपियों ने कार में भी तोड़फोड़ की। बीच-बचाव करने पहुंचे स्थानीय लोगों को भी हमलावरों ने धमकाया और मारपीट पर उतारू हो गए। भीड़ बढ़ती देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को लोहिया अस्पताल पहुंचाया गया। पीड़ित की तहरीर पर इन्दिरा नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम छत्रगढ़ कला में जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के तीन सदस्यों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस घटना में पिता बुद्धसेन साकेत, पुत्र चंद्रशेखर साकेत और बहू राजकुमारी साकेत गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मंगलवार को पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बाड़ तोड़ने से मना करने पर की गाली-गलौज फरियादी बुद्धसेन साकेत, निवासी ग्राम छत्रगढ़ कला, ने नईगढ़ी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को वे अपनी जमीन पर बाड़ लगा रहे थे। इसी दौरान परिवार की गीता साकेत और रीता साकेत वहां पहुंचीं और बाड़ तोड़ने लगीं। मना करने पर उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। सिर पर बांस के डंडे से हमले का आरोप आरोप है कि कुछ ही देर में विजय साकेत मौके पर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए बुद्धसेन साकेत के सिर पर बांस के डंडे से वार कर दिया, जिससे खून बहने लगा। इसके बाद उनके बाएं कंधे और हाथ पर भी हमला किया गया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे चंद्रशेखर साकेत और बहू राजकुमारी साकेत के साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई। घायलों को आईं गंभीर चोटें चंद्रशेखर के सिर, दाहिनी आंख के ऊपर और पैर में चोटें आईं, जबकि राजकुमारी के सिर में गंभीर चोटें दर्ज की गईं। पत्नी सुशीला साकेत और बेटी रीनू साकेत के मौके पर पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायलों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जारी है। इस संबंध में प्रधान आरक्षक रामकुमार भास्कर ने बताया कि जमीनी विवाद में मारपीट का मामला दर्ज कर लिया गया है और सुसंगत धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच की जा रही है।
शाहजहांपुर में एक इंस्पेक्टर द्वारा दो सिपाहियों को फोन पर गाली-गलौज करने और गोली मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस घटना से जुड़े दो ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने मामले की शिकायत मिलने पर जांच कराने की बात कही है। यह प्रकरण चौक कोतवाली के इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार और अजीजगंज पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही गौरव और संजीव कुमार से संबंधित है। बताया जा रहा है कि एक शिकायत के बाद इंस्पेक्टर ने दोनों सिपाहियों को थाने बुलाया था। उनके थाने न पहुंचने पर इंस्पेक्टर का गुस्सा बढ़ गया। वायरल ऑडियो में एक सिपाही अपने बेटे के रोने की बात बता रहा है, जबकि दूसरे ऑडियो में दूसरा सिपाही फ्रेश होने की बात कह रहा है। इंस्पेक्टर अश्वनी कुमार फोन पर सिपाहियों को तुरंत थाने आने का आदेश देते हुए सुनाई दे रहे हैं और न आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं। एक 48 सेकंड के ऑडियो में इंस्पेक्टर एक सिपाही से पूछता है, कहां रह गया बे? सिपाही जवाब देता है कि उसका बेटा रो रहा है। इस पर इंस्पेक्टर गुस्से में कहता है, वो गया ऐसी तैसी में, एक मिनट में यहां आ जा अभी, वरना गाड़ी घर पर ले जाकर खड़ी कर दूंगा। समझा कि नहीं समझा? वह पीआरवी भेजने और मोहल्ले में ड्रामा करवाने की भी धमकी देता है। दूसरे आडियो में सिपाही बोला-जयहिंद सर, इंस्पेक्टर ने कहा कि कहां रहे गया बे शराबी, सिपाही बोला, आ रहा हूं साहब फ्रेश हो रहा था। इंस्पेक्टर ने गाली देकर कहा कि इतनी देर पहले बताया अभी भी फ्रेश हो रहा है। सिपाही बोला-आ रहे हैं सर, इंस्पेक्टर ने गाली देकर कहा कि यहां आ जा वरना गोली मार दूंगा आकर। सिपाही ने कहा कि आ रहा हू सर। यह भी जानकारी मिली है कि अजीजगंज पुलिस चौकी के कुछ सिपाहियों पर पिछले कुछ समय से अवैध वसूली के आरोप लग रहे थे। सोशल मीडिया पर भी लोग अजीजगंज पुलिस चौकी के खिलाफ लगातार नाराजगी जाहिर कर रहे थे। हालांकि, ऑडियो कितने दिन पुराना है, इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है।
धनबाद के कुमारधुबी रेलवे स्टेशन के पास एक अज्ञात युवक का शव पेड़ से लटका मिला। स्थानीय लोगों ने शव देखकर चिरकुंडा पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को कुमारधुबी रेलवे स्टेशन से कोलियरी साइडिंग जाने वाली रेल लाइन के पास नायलॉन रस्सी के सहारे एक पेड़ से लटका हुआ शव मिला। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा। मृतक युवक की पहचान नहीं हो सकी है। उसकी जेब से आसनसोल से अंडाल तक की एक रेलवे टिकट और कुछ रुपए बरामद हुए हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए धनबाद भेज दिया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि युवक की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया है। पुलिस अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि अज्ञात शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पहचान होने के बाद ही आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
ई-श्रम कार्ड धारकों को 60 वर्ष बाद मिलेगी पेंशन:सरकार की योजना से हर महीने मिलेंगे 3 हजार रुपए
हापुड़ में भारत सरकार असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। हापुड़ में ई-श्रम कार्ड धारक कर्मकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) और प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मानधन योजना (NPS-Traders) का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से ई-श्रम पोर्टल (www.eshram.gov.in) विकसित किया है। इस पोर्टल के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण कर उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना और एनपीएस-ट्रेडर्स योजना के अंतर्गत 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे असंगठित क्षेत्र के कर्मकार पात्र हैं, जिनकी मासिक आय 15 हजार रुपये से अधिक नहीं है और जो किसी अन्य पेंशन योजना का लाभ नहीं ले रहे हैं। विभाग द्वारा लगाए जायेंगे शिविर पात्र कर्मकार अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से अथवा श्रम विभाग द्वारा आयोजित शिविरों में पंजीयन करा सकते हैं। योजना में नामांकन के लिए आधार कार्ड, बैंक खाता अथवा जनधन खाता आवश्यक है। पंजीयन के बाद कर्मकार को आयु के अनुसार प्रतिमाह अंशदान जमा करना होगा। इसके बराबर की राशि केंद्र सरकार द्वारा भी जमा की जाएगी। 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर लाभार्थी को प्रतिमाह 3000 रुपये की पेंशन प्रदान की जाएगी। नामांकन के उपरांत कर्मकार को पेंशन कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। सहायक श्रमायुक्त सर्वेश कुमारी ने ई-श्रम कार्ड धारकों और अन्य असंगठित क्षेत्र के कर्मकारों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि ये पेंशन योजनाएं श्रमिकों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल हैं।
सम्भल के सराय तरीन स्थित मदरसा इशातुल कुरान में तीन बच्चों के हिफ्ज-ए-कुरान मुकम्मल होने पर एक दीनी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर नए हाफ़िज़ों को गुलपोशी कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा, हाफ़िज़, अभिभावक और स्थानीय लोग उपस्थित रहे। दीनी जलसे की शुरुआत क़ारी अरमान की तिलावते कुरआन से हुई, जिसके बाद हाफिज रुमान ने नात-ए-पाक पेश की। मुख्य वक्ता मौलाना मुफ्ती अब्दुल गफूर कासमी ने अपने संबोधन में कहा कि कुरान का हाफ़िज़ होना अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है। उन्होंने बताया कि क़यामत के दिन कुरान के हाफ़िज़ के माता-पिता को ऐसा ताज पहनाया जाएगा, जिसकी चमक सूरज से भी अधिक होगी। मुफ्ती कासमी ने हदीस का हवाला देते हुए कहा कि क़यामत के दिन हाफ़िज़-ए-कुरान से कहा जाएगा, “पढ़ते जाओ और जन्नत में ऊपर चढ़ते जाओ, तुम्हारा दर्जा वहीं होगा जहाँ तुम आख़िरी आयत पढ़कर रुकोगे।” उन्होंने यह भी बताया कि हाफ़िज़-ए-कुरान के माता-पिता को ऐसा लिबास पहनाया जाएगा, जिसकी दुनिया में कोई मिसाल नहीं होगी। उन्होंने मोहम्मद के हवाले से कहा कि “तुम में से सबसे बेहतर वह है, जो कुरान सीखे और सिखाए।” मुफ्ती कासमी ने कुरान पढ़ने के फायदे बताते हुए कहा कि इसके हर अक्षर पर दस नेकियां मिलती हैं और हाफ़िज़ को पढ़ने में दोहरा सवाब मिलता है। जो कुरान पढ़ता और याद करता है, वह नेक फरिश्तों के साथ होता है, और हाफ़िज़-ए-कुरान के सीने में कुरान अंतिम सांस तक सुरक्षित रहता है। इस अवसर पर मुहम्मद तारिक़, मुहम्मद असद और मुहम्मद इबाद को हिफ़्ज़-ए-कुरान मुकम्मल करने पर फूल-मालाएं पहनाकर मुबारकबाद दी गई। जलसे की निजामत मौलाना इमरान कासमी ने की। कार्यक्रम का समापन देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ के साथ हुआ। इस दौरान डॉ. इशरत, हसीब अहमद, हाजी हारुन, हाजी बाबू, हाफ़िज़ ज़ाकिर, मुफ्ती मुशर्रफ, क़ारी नाज़िम, क़ारी रिज़वान, हाफ़िज़ हारून सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव में धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। इस मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रारंभिक जांच में विदेशी फंडिंग, संदिग्ध प्रशिक्षण मॉड्यूल और ‘पॉल’ जैसे कोड नेम से काम करने वाले जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का एक संगठित नेटवर्क होने के संकेत मिले हैं। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। जांच में पाया गया कि मुख्य आरोपी डेविड चाको अमेरिका में पढ़ाने का काम करता था। भारत लौटने के बाद उसे बड़ी रकम मिली थी। पुलिस यह जांच कर रही है कि यह पैसा किस रास्ते से भारत आया, किन बैंक खातों में जमा हुआ और डॉलर को रुपए में कैसे बदला गया। पुलिस को शक है कि इस पैसे का इस्तेमाल स्थानीय स्तर पर धर्मांतरण की गतिविधियों में किया गया। आरोपी के कब्जे से कई संदिग्ध पुस्तकें और प्रशिक्षण सामग्री जब्त भी की गई है। जब्त की गई किताबों में इस्तेमाल किए गए खास कोड, अलग-अलग शब्दों और प्रचार के तरीकों की विशेषज्ञों से जांच कराई जा रही है, ताकि इनके असली मकसद को समझा जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि दिसंबर 2025 में ग्राम पनेका में चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। जिसमें राज्य के अन्य जिलों से भी उच्च पदस्थ पदाधिकारी शामिल हुए थे। जमीनी स्तर पर काम करने वाले लोगों को ‘पॉल’ जैसे नाम दिए गए थे। उन्हें भुगतान करने के लिए ट्रैवल वाउचर का इस्तेमाल किया जाता था। देखिए पहले ये 3 तस्वीर- जोनल कमांडरों को नोटिस जारी करने की तैयारी पुलिस यह पता लगा रही है कि यह भुगतान ऑनलाइन होता था या नकद, और पैसा कहां से आता था। इसके अलावा पुलिस ने संस्था के मुख्य कार्यालय और उसके काम करने के तरीके की पहचान कर ली गई है। अब पुलिस इस संस्था से जुड़े जोनल कमांडर, जोनल लीडर और अन्य बड़े पदों पर बैठे लोगों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी कर रही है। अब सिलसिलेवार पढ़िए धर्मांतरण नेटवर्क की पूरी कहानी दरअसल, 8 जनवरी को ग्राम धर्मापुर से एक लिखित शिकायत मिली थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति अवैध रूप से आश्रम और चर्च चला रहा है। आश्रम में नाबालिग बच्चों को रखा जा रहा है। कथित तौर पर धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसके बाद राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा की टीम एक्टिव हुई। SP और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन की टीम ने छापेमारी की। आश्रम से कांकेर के बच्चों को रेस्क्यू कर CWC (Child Welfare Committee) को सौंपा गया। इसके बाद CWC ने बच्चों परिजनों को सौंप दिया है। प्रोजेक्टर लगाकर करते थे ब्रेनवॉश पुलिस के अनुसार, छापेमारी के दौरान आश्रम से सोलर-आधारित प्रोजेक्टर्स जब्त किए गए हैं, जिनकी कीमत हजारों डॉलर बताई जा रही है। इन प्रोजेक्टर्स का उपयोग विशेष रूप से उन सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों में किया जाता था, जहां बिजली की सुविधा नहीं है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इनमें लैपटॉप, टैबलेट, आई-पैड, प्रीमियम मोबाइल फोन, धर्मांतरण से संबंधित डिजिटल दस्तावेज, प्रेजेंटेशन सामग्री, महत्वपूर्ण रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड शामिल हैं। डिजिटल प्रेजेंटेशन दिखाकर लोगों का ब्रेनवॉश किया जाता था। दोषियों पर होगी कठोर कार्रवाई- SP पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने कहा कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है। विदेशी फंडिंग से लेकर प्रशिक्षण मॉड्यूल के उद्देश्यों तक हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। साक्ष्यों के आधार पर जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। .............................. यह खबर भी पढ़ें... 200 घरों में धर्मांतरण और चर्च खोलने की थी तैयारी: राजनांदगांव से ऑपरेट हो रहा था रैकेट, बच्चे-बच्चियों को आश्रम में रखा, विदेशी-फंडिंग का शक छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव जिले से धर्मांतरण का नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था। धर्मापुर गांव में अवैध चर्च और आश्रम को ठिकाना बनाया था। यहीं से डिजिटल तरीके से नेटवर्क चलता था। आश्रम में नाबालिग बच्चे-बच्चियों को भी रखा गया था। मामला लालबाग थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
लखनऊ में 86 वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों एवं 62वां सचिवों का सम्मेलन मनाया जा रहा है। सम्मेलन के मद्देनज़र हजरतगंज इलाके में किए गए ट्रैफिक डायवर्जन के बाद शहर में जाम के हालात पैदा हो गए है। कैंट सदर में ट्रैफिक जाम लग गया इसके अलावा हजरतगंज में डायवर्सन के बाद कैसरबाग और उसके आसपास जम के हालात पैदा हो गए। शहर का मुख्य चौराहा हजरतगंज है, यहां पर किए गए डायवर्जन के बाद। वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया। इसके बाद प्रभात सिनेमा के आसपास, कैंट मॉल एवेन्यू समेत कैसरबाग, गोलागंज में जाम की स्थिति देखी गई । खासतौर पर केंट मालदीव्स न्यू और सदर फ्लावर के पास जाम की स्थिति बन गई। जाम में काफी देर तक स्कूल के छात्र और राहगीर संघर्ष करते हुएनजर आए। हजरतगंज चौराहे से सिविल अस्पताल और सीएम आवास जाने वाले रोड पर भी भीषण जाम लग गया। इस दौरान स्कूल छात्रा गाड़ियों से निकलकर पैदल जाते हुए नजर आए। दोपहर के समय स्कूल छूट रहे थे ऐसे में ट्रैफिक जाम की वजह से छात्रों को सबसे अधिक समस्या हुई।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने प्रयागराज में जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ माघ मेला प्रशासन द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा की। उन्होंने शंकराचार्य की उपाधि को लेकर दिए गए नोटिस पर भी आपत्ति जताई। जौनपुर में एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राय ने माघ मेला प्रशासन के इस आचरण को बेहद निंदनीय बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब जिला प्रशासन या योगी-मोदी सरकार शंकराचार्य की उपाधि देगी, जबकि वे स्वयं संत नहीं हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि जब शंकराचार्य महाकुंभ में आए थे, तब जमीन आवंटन पर सवाल क्यों नहीं उठाए गए थे। कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक व्यक्ति स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को अपना शंकराचार्य मानता है। उन्होंने बताया कि वे बद्रिका के शंकराचार्य हैं और लोग प्रयागराज से वाराणसी तक उनका सम्मान करते हैं। राय ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर भी निशाना साधा। उन्होंने भाजपा से पूछा कि क्या कभी कांग्रेस सरकार में किसी संत-महात्मा का अपमान हुआ है या राजनीतिक दंगे हुए हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कभी कोई मंदिर तोड़ा गया है। अजय राय ने कहा कि कांग्रेस संत-महात्माओं का सम्मान करती है और उनका आशीर्वाद लेती है। उन्होंने योगी और मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे खुद को संत-महात्माओं से ऊपर समझते हैं, इसलिए अब उनका जाने का समय आ गया है। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर अजय राय ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश की सभी 403 सीटों पर 'कार्यकर्ता सृजन' के तहत तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यकर्ता चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में केंद्रीय नेतृत्व का जो भी निर्णय होगा, उस पर काम किया जाएगा।
जालौन में प्रशासनिक लापरवाही का एक मामला सामने आया है, जहां एक 66 वर्षीय वृद्ध को सरकारी अभिलेखों में मृत घोषित कर दिया गया। इस त्रुटि के कारण समाज कल्याण विभाग ने उनकी वृद्धावस्था पेंशन पिछले लगभग तीन वर्षों से रोक दी है। वृद्ध अपनी पेंशन बहाल कराने और स्वयं को जीवित साबित करने के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं। यह मामला उरई स्थित समाज कल्याण विभाग से संबंधित है। कोंच तहसील के भरसूडा ग्राम निवासी 66 वर्षीय जगदेव पुत्र रामबरन ने जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उन्हें समाज कल्याण विभाग से वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी, जो लगभग तीन वर्ष पहले अचानक बंद हो गई। विभागीय कार्यालयों में जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि सरकारी अभिलेखों में उन्हें मृत दर्शा दिया गया है। जगदेव ने बताया कि वह वर्तमान में जीवित हैं और उनके गांव में इसकी पुष्टि की जा सकती है। उनका आरोप है कि बिना किसी भौतिक सत्यापन या जांच के उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा छिन गया। उन्होंने इस प्रक्रिया को गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी को दिए प्रार्थना पत्र में अपनी वृद्धावस्था पेंशन तत्काल पुनः चालू कराने और पिछले लगभग तीन वर्षों से रोकी गई बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है। उन्होंने इस मामले में दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की भी अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो। जिलाधिकारी कार्यालय में जगदेव ने बताया कि पेंशन न मिलने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाना उनके लिए अत्यंत मुश्किल हो गया है। यह मामला समाज कल्याण विभाग की सत्यापन प्रक्रियाओं पर सवाल उठाता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में कितनी तत्परता से कार्रवाई करता है और वृद्ध को कब तक न्याय मिल पाता है।
रीवा में एक सौतेले पिता पर अपनी ही 18 वर्षीय बेटी के अपहरण और उसे बेचने का आरोप लगा है। न्याय के लिए भटक रही बेबस मां का दावा है कि आरोपी इससे पहले भी उसकी एक बेटी का सौदा कर चुका है। पीड़िता ने बताया कि 3 जनवरी की देर रात उसका पति 18 साल की बेटी को डरा-धमकाकर चुपचाप घर से निकल गया। तब से लेकर आज तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला है। महिला को डर है कि आरोपी उसकी बेटी को किसी अजनबी को बेच देगा। सोमवार और मंगलवार को महिला फिर से थाने पहुंची, लेकिन वहां से उसे कोई मदद नहीं मिली। '5 साल पहले भी एक बेटी को बेचा था'महिला ने मीडिया के सामने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि उसके पहले पति की मौत के बाद उसने दूसरी शादी की थी। इस विवाह से उसकी पांच बेटियां हैं। महिला का आरोप है कि करीब 5 साल पहले भी पति ने उसकी एक बेटी को बेच दिया था। उस वक्त मजबूरी और डर के कारण वह खामोश रह गई थी। अब दूसरी बेटी के साथ भी वही दोहराया जा रहा है। 18 दिन बीत जाने के बाद भी मां को नहीं पता कि उसकी लाडली कहां और किस हाल में है। 'थाने से भगाया, अब अफसरों के चक्कर काट रही'पीड़िता का कहना है कि जब वह गढ़ थाने शिकायत लेकर पहुंची, तो पुलिस ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे वहां से भगा दिया। थाने से न्याय न मिलने पर महिला अब एसपी (SP) और आईजी (IG) कार्यालय के चक्कर काट रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना प्रभारी को तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मामला संज्ञान में आया है। गढ़ थाना प्रभारी को पूरी घटना की विस्तृत जांच करने और पीड़ित महिला की सुनवाई कर त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जल्द ही आरोपी और लड़की का पता लगा लिया जाएगा।- वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, रीवा
गुमला जिले के कामडारा प्रखंड के तुरबूल डाड़ टोली गांव की हेमावती कुमारी ने 'फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान' के तहत अपनी जिंदगी बदल ली है। कभी हड़िया-शराब बेचकर गुजारा करने वाली हेमावती अब लाह और आलू की खेती कर आत्मनिर्भर बन गई हैं। हेमावती दीदी ने चांदनी आजीविका सखी मंडल और तुरबूल आजीविका ग्राम संगठन से जुड़कर सम्मानजनक आजीविका के महत्व को समझा। इसके बाद उन्होंने परंपरागत हड़िया-शराब के काम को छोड़कर खेती को अपनी आय का मुख्य साधन बनाने का निर्णय लिया। आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए गए सरकार और सहयोगी संस्थाओं के समन्वित प्रयासों से हेमावती को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए गए। इन प्रयासों ने उन्हें एक नई दिशा प्रदान की। लाह की खेती के लिए उन्हें रांची स्थित नामकुम आईसीएआर (ICAR) द्वारा प्रशिक्षित किया गया। साथ ही, उन्हें टूल किट और 5 किलोग्राम लाह बीज भी प्रदान किए गए। ओरेकल प्रोजेक्ट के माध्यम से आलू की खेती के लिए 50 किलोग्राम बीज उपलब्ध कराए गए। आज हेमावती अपने घर पर लाह और आलू की उन्नत खेती कर रही हैं। उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, और अब वे हर तीन माह में लाखों रुपए कमा रही हैं। इससे वे आत्मसम्मान के साथ अपने परिवार का भरण-पोषण कर पा रही हैं। हेमावती दीदी का कहना है, इस योजना ने मुझे अंधेरे से बाहर निकाला है। अब मैं सम्मान के साथ खेती कर रही हूं और आत्मनिर्भर जीवन जी रही हूं। हेमावती की यह सफलता कहानी 'फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान' के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन, आजीविका सृजन और महिलाओं के सशक्तिकरण का एक जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करती है।
पलवल में पुलिस ने एक टीचर को लिफ्ट देकर लूटने के मामले में दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह घटना पांच माह पहले 17 सितंबर को हुई थी, जब आरोपियों ने हथियार के बल पर टीचर से 35 हजार रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। दिल्ली के ओल्ड सीमापुरी में टीचर नसीम अहमद (निवासी पावसर गांव, हथीन) 17 सितंबर को दिल्ली से अपने घर लौट रहे थे। होडल के पुन्हाना मोड़ पर उन्होंने नूंह जाने के लिए एक पिकअप गाड़ी से लिफ्ट ली। गाड़ी में सवार बदमाशों ने होडल के पास सोंध रोड स्थित एक धान मिल के पास शिक्षक को काबू कर लिया। बदमाशों ने टीचर पर कट्टा और चाकू तान दिया और उनके साथ मारपीट की। उन्होंने डरा-धमकाकर पीड़ित के फोन से 35 हजार रुपए जबरन अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। इसके बाद, आरोपी टीचर का फोन भी लूटकर फरार हो गए थे। एक आरोपी पहले पकड़ा जा चुका सीआईए पलवल और होडल थाना की टीमें इस लूट के आरोपियों की तलाश में जुटी थीं। सीआईए प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि उनकी टीम ने होडल थाना प्रभारी राजेश कुमार की टीमों के साथ मिलकर पहले कामा (राजस्थान) निवासी इमतियाज को गिरफ्तार किया था। अब इसी कड़ी में दूसरे आरोपी सलाउदीन उर्फ सल्ला को भी दबोचा गया है, जो नूंह के झरोखडी का रहने वाला है। इमतियाज पहले से ही दो दिन के पुलिस रिमांड पर है। सलाउदीन को भी रिमांड पर लिया जाएगा ताकि वारदात में इस्तेमाल किए गए हथियार (कट्टा, चाकू) और लूटी गई नकदी बरामद की जा सके।
फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र के गांव महमदकी में युवक की कस्सी से गर्दन काटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने खुलासा कर दिया। युवक की हत्या उसके पिता और भाई ने ही करवाई। इसके लिए गांव के ही दो लोगों को 1 लाख 20 हजार रुपए दिए गए। पुलिस ने फिलहाल मृतक के भाई तरनप्रीत सिंह व पिता अवतार सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। पंजाब से हत्या के आरोपी भी पकड़ लिए गए हैं। उनको पंजाब से फतेहाबाद लाया जाएगा। पुलिस उनके नामों का उसके बाद खुलासा करेगी। बता दें कि, गांव महमदकी में खेत के कमरे में युवक की डेडबॉडी मिली थी। युवक की गर्दन कस्सी से काटी गई थी। युवक का 15 दिन पहले ही रिश्ता हुआ था। पांच महीने बाद उसकी शादी होनी थी। अपने हिस्से की जमीन लेकर अलग रहना था युवकएएसपी दिव्यांशी सिंगला ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि युवक जगविंद्र सिंह अपने हिस्से की जमीन लेकर अलग रहना चाहता था। उसी जमीनी विवाद के चलते उन्होंने जगविंद्र सिंह की हत्या की साजिश रची। इसके बाद गांव के ही दो लोगों को 1 लाख 20 हजार रुपए दिए गए। उन लोगों ने कस्सी से 18 जनवरी को जगविंद्र की हत्या कर दी। 18 जनवरी की शाम को मिली थी पुलिस को सूचना एएसपी ने बताया कि पुलिस को 18 जनवरी की शाम 7 बजे सूचना मिली। मौके पर पुलिस पहुंची तो मर्डर की जानकारी मिली। मृतक के पिता अवतार सिंह के बयान पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया। जांच में पता लगा कि मृतक के पिता व बड़े भाई ही इस हत्या में शामिल थे। जिनको पैसे देकर हत्या करवाई। 1 लाख 20 हजार रुपए देकर हत्या करवाई।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित इकाना मेडिकेयर एंड रिसर्च सेंटर में मरीज की मौत के बाद शव न दिए जाने को लेकर रविवार रात जमकर हंगामा हुआ। मामले की जानकारी होने पर सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और स्टाफ से अभद्रता की। मामले में अस्पताल संचालक ने पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि अरबाज (55) को गंभीर हालत में इकाना मेडिकेयर में भर्ती कराया गया था। उनकी आंत फटी हुई थी। वह कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी पीड़ित थे। करीब 25 दिनों से वे वेंटिलेटर पर थे। रविवार दोपहर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 3 लाख रुपए का बिल बकाया था अस्पताल का कहना है कि इलाज का करीब तीन लाख रुपए का बिल बकाया था। प्रशासन ने बिल जमा करने के बाद शव सौंपने की बात कही। इसी बात को लेकर रविवार रात करीब नौ बजे सपा विधायक अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंच गए। शव रोके जाने का आरोप लगाकर हंगामा शुरू कर दिया। आरोप है कि इस दौरान अस्पताल स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया। हंगामे के बाद बिना बकाया बिल का भुगतान किए ही शव लेकर परिजन चले गए। मामले में अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ. शिवम कृष्णन ने सपा विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए गोमतीनगर विस्तार थाने में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार सुधीर अवस्थी का कहना है कि दोनों पक्षों से तहरीर मिली है। पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामला सीएमओ ऑफिस से संबंधित है।
पीलीभीत में युवक की बेरहमी से पिटाई:मुकदमा वापस न लेने पर रंगदारी मांगी, जान से मारने की धमकी
पीलीभीत के गजरौला थाना क्षेत्र में एक युवक को कोर्ट जाते समय रास्ते में रोककर बेरहमी से पीटा गया। हमलावरों ने युवक को मुकदमा वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दी और दो लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी। यह घटना 19 जनवरी को हुई, जब बिलसंडा थाना क्षेत्र के ग्राम कनपुरी निवासी रामबाबू पुत्र राम भरोसे लाल पीलीभीत कोर्ट में एक मुकदमे की तारीख पर जा रहे थे। उनका गांव के कुछ लोगों से पुराना कानूनी विवाद चल रहा है। गजरौला थाना क्षेत्र के ग्राम कैच के पास पहुंचने पर, पीछे से आ रहे बाइक सवार सर्वेश कुमार, नेमचंद और सर्वेश के साले (ग्राम महदिया निवासी) ने रामबाबू की बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर से रामबाबू सड़क पर गिर गए, जिसके बाद आरोपियों ने उन्हें घेरकर गाली-गलौज की और लात-घूसों से पीटा। रामबाबू ने अपनी शिकायत में बताया कि राहगीरों के इकट्ठा होने पर आरोपी भागने लगे। भागते समय उन्होंने धमकी दी कि यदि पिछला मुकदमा वापस नहीं लिया गया, तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा। आरोपियों ने मामले को खत्म करने के लिए दो लाख रुपये की रंगदारी भी मांगी। घटना की सूचना मिलते ही गजरौला पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने घायल रामबाबू का मेडिकल परीक्षण कराया और उनकी तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गजरौला थाना प्रभारी ब्रजवीर सिंह ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर सर्वेश, नेमचंद और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच उप निरीक्षक सुनील कुमार को सौंपी गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
यूपी सहकारी बैंक चुनाव में धांधली का आरोप:उम्मीदवारों ने अधिकारियों पर नामांकन रोकने का आरोप लगाया
मऊ जिले के परदहां ब्लॉक में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के प्रस्तावित चुनाव को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। उम्मीदवारों का कहना है कि निर्वाचन प्रक्रिया को जानबूझकर बाधित किया जा रहा है, ताकि वे समय पर नामांकन पत्र दाखिल न कर सकें। इन चुनावों के लिए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सभी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र भरकर अपराह्न 3:00 बजे से पहले जमा करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया निर्वाचन की आगे की कार्यवाही के लिए महत्वपूर्ण है। सोमवार को जब उम्मीदवार तय समय पर परदहां ब्लॉक कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें वहां कोई चुनाव अधिकारी या कर्मचारी नहीं मिला। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ, तो उम्मीदवारों ने मीडिया से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। उम्मीदवारों का आरोप है कि नामांकन प्रक्रिया को बाधित करने के उद्देश्य से चुनाव में जानबूझकर धांधली और अनियमितता बरती जा रही है। इसके बावजूद, उम्मीदवार नामांकन पत्र प्राप्त करने पर अड़े हुए हैं और अपने समर्थकों को मौके पर बुला रहे हैं। भाजपा समर्थित उम्मीदवार होने का दावा करने वाले रामनारायण सिंह, जो ग्राम सभा रणबीरपुर, मऊ के निवासी हैं, ने बताया कि वे सुबह 10:00 बजे से ही ब्लॉक कार्यालय में मौजूद हैं। उनके अनुसार, अब तक न तो कोई अधिकारी आया है और न ही नामांकन पत्र उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके अलावा भी बड़ी संख्या में लोग पर्चा भरने के लिए पहुंचे हैं, लेकिन सभी को निराश होकर इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पांडे ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि एक भाजपा समर्थित उम्मीदवार को जानबूझकर पर्चा नहीं दिया जा रहा है। मौके पर पहुंचने पर देखा गया कि चुनाव के निर्धारित समय के बावजूद कोई भी चुनाव अधिकारी मौजूद नहीं है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि 3:00 बजे तक पर्चा नहीं मिला तो चुनाव निरस्त हो सकता है या फिर किसी विशेष पक्ष के हित में प्रभावित किया जा सकता है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में साल 2025 के आखिरी दिनों में शहर के केशव पार्क में मिली बिना सिर की लाश का मामला अब साफ हो गया है। पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर को सुलझाते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मृतक की पहचान पानीपत जिले के खोजकीपुर गांव के 35-40 साल के सुनील कुमार के रूप में हुई है। आरोपियों ने रंजिश के चलते उसकी हत्या की और सिर अलग करके सरोवर में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो सके। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने बताया कि मामले में कुल चार लोग शामिल थे, जिनमें से दो को पकड़ा गया है। जांच अभी जारी है।घटना का पूरा ब्योरा: पार्क में मिली लाश, सरोवर से बरामद हुआ सिर30 दिसंबर 2025 को सुबह केशव पार्क में एक दिव्यांग युवक का सिर कटा शव मिला। पार्क में सैर करने आए एक गुरुद्वारा कर्मचारी ने स्टेज के पास लाश देखी। आसपास खून बिखरा था और सिर गायब था। मौके पर कृष्णा गेट थाना, सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीमें पहुंचीं। वहां से एक खून सना चाकू और मृतक की दाहिनी नकली टांग मिली। सिर न होने से पहचान मुश्किल हो गई थी। पुलिस ने आसपास सर्च किया, लेकिन कुछ नहीं मिला। लगभग 15 दिन बाद, 13 जनवरी 2026 को पार्क से करीब आधा किलोमीटर दूर सनिहित सरोवर में एक सिर मिला। जांच में पता चला कि यह उसी लाश का हिस्सा है। इससे पहचान का रास्ता खुला और जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने मृतक के परिवार से संपर्क किया, जिन्होंने 4 जनवरी को पानीपत थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुनील 29 दिसंबर से लापता था।पुलिस की जांच: नकली टांग से मिला सुराग, 150 लोगों की लिस्ट खंगालीपुलिस ने जांच शुरू की तो सबसे बड़ा सुराग मृतक की दाहिनी नकली टांग बनी। इस पर जयपुर का मार्का था। टीम जयपुर गई और हरियाणा में ऐसे 150 विकलांगों की लिस्ट बनाई, जिन्होंने वैसी ही नकली टांग लगवाई थी। लिस्ट खंगालने पर सुनील का नाम सामने आया। सीआईए-2 प्रभारी मोहनलाल और कृष्णा गेट थाना प्रभारी बलजीत सिंह की टीम ने पानीपत के खोजकीपुर गांव में छानबीन की। वहां से पता चला कि सुनील शादीशुदा था, उसके दो छोटे बच्चे हैं- तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा। रंजिश के चलते की हत्या पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने मीडिया को बताया, मृतक की पहचान सुनील कुमार के रूप में हुई। आरोपियों ने रंजिश के तहत उसका मर्डर किया। हमने सीआईए और थाना टीम को मिलाकर केस सुलझाया। सीआईए प्रभारी मोहनलाल ने कहा, हमें कुछ सुराग मिले थे। जांच सही दिशा में बढ़ी और शिनाख्त हो गई। अभी और डिटेल्स सामने आएंगी।आरोपी कौन और क्यों की हत्या: रंजिश के दो कारण सामने आएपुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया- मोहित (खोजकीपुर गांव, पानीपत) और मंजीत (पानीपत)। मामले में मंजीत का भाई अंकुश भी शामिल है। ये सभी पानीपत से हैं। जांच में पता चला कि 25 दिसंबर से उन्होंने प्लानिंग शुरू की। 29 दिसंबर को वे ट्रेन से कुरुक्षेत्र आए। पहले एक होटल में रुके, फिर टहलने के बहाने केशव पार्क पहुंचे। वहां एक घंटे घूमने के बाद अंधेरे वाली जगह पर सुनील की हत्या कर दी। सिर काटकर सरोवर में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो। मोटिव के बारे में पुलिस ने बताया कि मोहित और सुनील के बीच रंजिश थी। मृतक की पत्नी से था अवैध संबंध पुलिस ने बताया कि मोहित का सुनील की पत्नी के साथ अवैध संबंध था। सुनील शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इस बात से माेहित सुनिल से रंजिश रखे हुए था। वहीं सुनील शराब का आदी था और मोहित की बाइक इस्तेमाल करता था। बाइक सुनील के नाम पर थी, लेकिन मोहित चलाता था। सुनील अक्सर शराब के लिए मोहित से पैसे मांगता और बाइक छीनने की धमकी देता। इससे तंग आकर मोहित ने मंजीत और अंकुश को साथ लिया और हत्या की। सुनील भी परिवार को नशे में तंग करता था, लेकिन आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला। इंटरोगेशन अभी चल रहा है।क्यों चुना कुरुक्षेत्र: प्लानिंग में बदलाव आयाआरोपियों की पहले प्लानिंग करनाल में थी, लेकिन वे आगे बढ़कर कुरुक्षेत्र पहुंचे। कोई खास कारण नहीं था, बस मौका देखकर पार्क में वारदात की। संघर्ष के निशान मिले, जिससे लगता है कि दिव्यांग सुनील ने बचाव की कोशिश की। हत्या में नया चाकू इस्तेमाल हुआ, जो प्लानिंग का संकेत है। गिरफ्तारी आरोपियों के गांव से हुई।पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने पर और डिटेल्स सामने आएंगी। यह केस दिखाता है कि कैसे छोटे सुराग से बड़ा मामला सुलझ सकता है। शहर में ऐसी घटनाओं से सतर्कता बढ़ गई है।
आजमगढ़ पहुंचे AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने भाजपा और समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला है। अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा की समाजवादी पार्टी का आधा परिवार भाजपा में है। बिहार विधानसभा चुनाव और महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में बड़ी कामयाबी हासिल करने करने के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव के पूर्व आजमगढ़ में अपना पार्टी कार्यालय खोल दिया है। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में हम पांच सीट जीते और और दो सीटों पर हम बहुत ही कम अंतर से हारे इसके बाद महाराष्ट्र के निकाय चुनाव में हमारे 125 पार्षद जीते और 82 नगर पालिका और नगर पंचायत अध्यक्ष जीते हैं। कहा की पिछले 2 सालों से हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के प्रति आवाम का विश्वास बढ़ा है। उसको देखते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा में चुनाव में हम अपना विधायक बनाने में जरूर कामयाब रहेंगे। उत्तर प्रदेश में गठबंधन के सवाल पर शौकत अली ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में भी हम इंडिया गठबंधन का हिस्सा बनना चाहते थे लेकिन हमें नहीं बनाया गया। उत्तर प्रदेश में भी हमारी कोशिश गठबंधन की होगी लेकिन मुस्लिम लीडरशिप को सेकुलर पार्टियां अछूत समझती हैं । इसलिए हमसे कोई गठबंधन नहीं करता है हमारा वोट तो चाहिए लेकिन हमारी लीडरशिप नहीं होनी चाहिए। हमें तेज पत्ते की तरह इस्तेमाल किया जाता है। हमारा वोट लेकर चुनाव के बाद फेंक दिया जाता है। उत्तर प्रदेश में हमारी कोशिश होगी कि भाजपा को हराने के लिए जो मजबूत गठबंधन बनेगा हम भी उसका हिस्सा बने। 2022 में भी हमने कोशिश की थी और 2027 में भी हम कोशिश करेंगे। एआइएमआइएम को भाजपा की टीम बताए जाने पर प्रदेश अध्यक्ष ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि हमारे ऊपर वह पत्थर मार रहे हैं जिनके खुद के घर शीशे के हैं। महाराष्ट्र चुनाव को लेकर सपा पर हमला महाराष्ट्र के निकाय चुनाव को लेकर शौकत अली ने समाजवादी पार्टी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके 37 सांसद और 111 विधायक अफजाल अंसारी इकरा हसन, धर्मेंद्र यादव, प्रिया सरोज,नफीस अहमद, रागिनी सोनकर जैसे तमाम नेता और तीन बार के विधायक अबू आसिम पूरी ताकत झोंके थे। अबू आसिम ने एआइएमआइएम के महाराष्ट्र प्रांत के अध्यक्ष को कहा था कि पटक दूंगा बत्तीसी निकल जाएगी लेकिन चुनाव में जनता ने ऐसा पटका की आसिम साहब की बत्तीसी भी बाहर आ गई और ज़बान भी बाहर आ गई। उन्होंने कहा कि अबू आसिम वही नेता है जो अपने गृह जनपद में अंडा और टमाटर से मार खा चुके हैं। अपने गांव की कभी प्रधानी नहीं जीत पाए। लोकतंत्र में जनता जनार्दन ही बादशाह होती है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव एआइएमआइएम बहुत मजबूती के साथ लड़ेगी। कहा की आज दलित वंचित समाज है बहुत तेजी से ओवैसी साहब के साथ आ रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव में हमारी कोशिश एक बार फिर सपा या बसपा से गठबंधन की होगी अगर गठबंधन नहीं हो सका तो हम अकेले चुनाव लड़ेंगे। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष नदीम आरिफ सदर विधानसभा अध्यक्ष अजमल खान सहित बड़ी संख्या में लोगों उपस्थित रहे।
हनुमानगढ़ के रावतसर क्षेत्र में मंगलवार सुबह घने कोहरे के कारण एक सड़क हादसा हो गया। मेगा हाईवे पर चक 29 डीडब्ल्यूडी के पास जयपुर से आ रही एक स्लीपर बस और सामने से आ रहे ट्रक की आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम होने के कारण दोनों वाहन टकरा गए। इस हादसे में बस में सवार लगभग 24 यात्री घायल हो गए। ट्रक ड्राइवर केबिन में फंस गया, जिसे ग्रामीणों, समाजसेवियों और पुलिस की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। सूचना मिलने पर रावतसर थाना पुलिस, एम्बुलेंस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। 2 घायल गंभीर, जिला अस्पताल रेफरसभी घायलों को एम्बुलेंस और निजी वाहनों से रावतसर ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां राजकीय चिकित्सालय के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत उपचार शुरू किया। चिकित्सकों ने बताया कि 2 गंभीर घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि अन्य घायलों का इलाज ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। क्रेन से हटाए दुर्घटनाग्रस्त वाहनहादसे के बाद सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया। इसी दौरान, जाम में खड़े एक डंपर ट्रक से राजस्थान रोडवेज की एक बस पीछे से टकरा गई, जिससे यातायात व्यवस्था और बिगड़ गई। पुलिस ने क्रेन की सहायता से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और काफी प्रयासों के बाद यातायात को सुचारु किया। रावतसर थाना प्रभारी ईश्वरानंद ने बताया कि घटनास्थल पर यातायात बहाल करवाया जा रहा है और पुलिस टीम मौके पर मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। यह लोग हुए घायलप्रारंभिक सूचना के अनुसार हादसे में घायल हुए लोगों में मांगीलाल पुत्र भजनलाल बिश्नोई, रामचंद्र पुत्र भागीरथ, सुखविंदर सिंह पुत्र रमेश कुमार यादव निवासी लंबी पंजाब, लालचंद पुत्र जोगाराम निवासी अयालकी, विनोद कुमार पुत्र बनवारी लाल, कुमार नंदराम की ढाणी, अनिल कुमार पुत्र बृजलाल गढ़वाल निवासी चंदेरी, बड़ी मनोहरी पत्नी रामकिशन कुमार निवासी बकर का, रानी देवी पत्नी लालचंद कुमार निवासी भुकुर का, सावित्री पत्नी मनीराम कुमार निवासी भुकुर का, रुकमा देवी पत्नी सुल्तान कुमार निवासी अरोड़ा वाली, ओमप्रकाश पुत्र कृष्णदास स्वामी निवासी धनसर, शिवरतन पुत्र भंवरलाल बिश्नोई निवासी नोखा, दीपक कुमार पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी बिहार हाल राणासर फैक्ट्री, राजकुमारी पत्नी सुभाष निवासी उदयपुर, विमल पाटनी, लीलूराम नाई निवासी धनसर, इंद्राज पुत्र खिराज सिंह गोस्वामी निवासी कालासर, चंद्र सिंह पुत्र भंवर सिंह निवासी अमरपुरा जाटान सूरतगढ़, राजूराम पुत्र त्रिलोकराम निवासी ललिता, गौरव पाठक पुत्र चंद्रकांत पाठक निवासी उदयपुर, राधेश्याम पुत्र परसराम निवासी पल्लू तथा मोहित पुत्र रूपचंद निवासी रामसिंहनगर शामिल हैं।
जिले के प्रसिद्ध धर्मस्थल केदारनाथ धाम को खोलने के लिए जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा गया है। साधुओं ने मंगलवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। वहीं जिला पंचायत की वन समिति की अध्यक्ष ने भी कलेक्टर को पत्र लिखकर धाम को फिर से खोलने की मांग की है। बता दें कि जिले की महोदरा ग्राम पंचायत में केदारनाथ धाम मंदिर स्थित है। यहां पहाड़ी की एक चट्टान में दरार आ जाने के कारण पिछले दो वर्षों से मंदिर को बंद कर दिया गया है। यहां आम लोगों के लिए दर्शन बंद कर दिए गए हैं। मंगलवार को बड़ी संख्या में साधु संत जनसुनवाई में ज्ञापन देने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के आदेशानुसार लगभग 2 वर्षों से दर्शन के लिए कपाट बंद कर दिये थे, जो कि मनगढ़ंत कहानी से चट्टान गिरने की बात कह कर किये गये थे। जबकि 2 वर्षों से उक्त चट्ठान गिरी भी नहीं है। न ही उसका कोई स्थाई निराकरण किया गया है। आवेदन में आगे बताया गया कि मन्दिर के दर्शन बन्द होने के कारण से श्रद्धालुओं का मन विचलित रहता है और आस्था पर प्रभाव पड़ता है। इस कारण भक्तों की भावना पर आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। केदारनाथ धाम पर हर वर्ष शिवरात्रि पर मेला का आयोजन किया जाता है, लेकिन जब से कपाट बन्द किये गये, उस समय से मेला का आयोजन नहीं हो पा रहा है, जबकि शिवरात्रि का मेला आ रहा है। इसलिए निवेदन है कि शिवरात्रि आने से पहले बंद कपाट को खुलवाने के आदेश करें। अगर मेले से पूर्व कपाट नहीं खोले जाते हैं, तो मजबूरन आंदोलन करना पड़ेगा।
3 अनाथ बहनों को मिला पालनहार योजना का लाभ:पंचायत प्रशासक की पहल से दादी के खाते में आएगी राशि
जिले की ओबरी पंचायत के रोदापाल फला की 3 मासूम बहनों के सिर से मां-बाप का साया उठ चुका था, लेकिन जानकारी के अभाव में पालनहार योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था। पंचायत प्रशासक की संवेदनशीलता के चलते समस्या का समाधान हुआ। अब सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ सीधे दादी के खाते में पहुंचेगा। जिससे इन तीन बहनों का पालन-पोषण सही तरीके से हो सकेगा। डूंगरपुर जिले की ओबरी पंचायत के रोदापाल फला की रहने वाली तीन बहनें मनीषा, रेखा और रंजना के साल 2019 में पिता की मौत हो गई थी। पिछले साल मां भी नाता विवाह कर उन्हें छोड़कर चली गईं। वहीं, पीछे रह गईं तीन बेटियां और उनकी एक बूढ़ी दादी। दादी के सामने इन बच्चियों के लालन पोषण की एक बड़ी जिम्मेदारी सामने आ गई थी, लेकिन जानकारी के अभाव में पालनहार जैसी योजना का पात्र होते हुए भी लाभ नहीं मिल पा रहा था। ओबरी पंचायत व प्रशासक और ई-मित्र संचालक की पहल ओबरी के प्रशासक शंकरलाल डामोर के पास पहुंचा। उन्होंने और ई-मित्र संचालक बलवंत सिंह चौहान ने मिलकर ठान लिया। इन बच्चियों का हक उन्हें दिलाकर रहेंगे। प्रशासक व ईमित्र संचालक ने इन तीन बच्चियों को पालनहार योजना का लाभ दिलाने के लिए सभी दस्तावेज तैयार करके सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए आवेदन किया। विभागीय अधिकारियों के सहयोग से तीनों बच्चियों की पालनहार योजना की पेंशन शुरू करवाई। अब योजना का लाभ सीधे पहुंचेगा दादी के खाते में ओबरी पंचायत के प्रशासक शंकरलाल ने बताया कि पालनहार योजना में तीनों बच्चियां शामिल हो गई हैं। अगले माह से तीनों बच्चियों को पालनहार योजना का लाभ मिलेगा और उनकी पालनहार की राशि उनकी दादी के खाते में सीधे पहुंचेगी। जिससे इन तीन बहनों का पालन-पोषण सही तरीके से हो सकेगा।
विधानसभा के फरवरी में प्रस्तावित बजट सत्र की तैयारियों के बीच वित्त विभाग ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 31 मार्च से पहले की शेष वित्तीय तिमाही के दौरान अफसरों के लिए नई गाड़ियां खरीदने, कार्यालयों में एसी लगवाने, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या फर्नीचर की खरीद के लिए किसी भी तरह का बजट आवंटन नहीं किया जाएगा। वित्त विभाग ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चालू वित्त वर्ष के तीसरे अनुपूरक बजट में इस तरह के मामलों से संबंधित कोई भी प्रस्ताव न भेजा जाए। विस में पेश किया जाएगा तीसरा अनुपूरक वित्त विभाग के अनुसार अगले माह से शुरू होने वाले विधानसभा बजट सत्र के दौरान वर्ष 2025-26 के लिए तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस वर्ष बजट निर्माण की प्रक्रिया जीरो बेस्ड बजट प्रणाली के आधार पर की है, जिसमें सभी मदों की समीक्षा के बाद ही प्रावधान किए गए हैं। साथ ही पूर्व वित्तीय वर्ष के लंबित बिलों को बजट प्रावधान के जरिए न्यूनतम करने का प्रयास भी किया गया है। 23 जनवरी तक ऑनलाइन मांगे प्रस्ताव ऐसी स्थिति में तीसरे अनुपूरक बजट के लिए विभागों से केवल तय मापदंडों के अनुरूप प्रस्ताव ही स्वीकार किए जाएंगे। वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी प्रस्ताव 23 जनवरी 2026 तक केवल ऑनलाइन माध्यम से ही भेजे जाएंगे। विभाग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि तीसरे अनुपूरक बजट से संबंधित सभी प्रस्ताव पहले संबंधित प्रशासकीय विभाग से अनुमोदन के बाद ही भेजे जाएं। प्रस्ताव में योजना का सेगमेंट कोड और नाम स्पष्ट रूप से उल्लेखित करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा जिन बजट मदों में केंद्र सरकार से सहायता प्राप्त होनी है, वहां केंद्र से मिलने वाली राशि की पूरी जानकारी देना जरूरी होगा, चाहे वह अनुदान हो या ऋण के रूप में। यदि किसी मद के लिए अतिरिक्त राशि की मांग की जा रही है, तो उसके साथ अनुदान संख्या और संबंधित वित्तीय विवरण भी अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करने होंगे। इन प्रस्तावों को ही किया जाएगा स्वीकार
भाजपा नेता विनय कटियार दौलतपुर पहुंचे:पद्मश्री रामसरन वर्मा से मिले, कृषि कार्यों की सराहना की
भाजपा के वरिष्ठ नेता विनय कटियार बाराबंकी जनपद के हरख ब्लॉक स्थित दौलतपुर गांव पहुंचे। उन्होंने पद्मश्री रामसरन वर्मा के फॉर्म हाउस पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान पद्मश्री रामसरन वर्मा ने उनका स्वागत किया। विनय कटियार के आगमन पर क्षेत्र के किसान और गणमान्य लोग भी उपस्थित थे।फार्म हाउस पहुंचने के बाद विनय कटियार ने खेतों में लगी विभिन्न फसलों का अवलोकन किया। उन्होंने आधुनिक और पारंपरिक खेती के तरीकों के बारे में जानकारी ली। कटियार ने कृषि के क्षेत्र में पद्मश्री रामसरन वर्मा द्वारा किए गए कार्यों और उनके योगदान की सराहना की।विनय कटियार ने कहा कि रामसरन वर्मा जैसे किसानों ने अपने नवाचार और मेहनत से न सिर्फ क्षेत्र बल्कि पूरे देश में बाराबंकी का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर विनय कटियार ने पद्मश्री रामसरन वर्मा के जीवन, संघर्ष और कृषि क्षेत्र में उनके योगदान पर आधारित एक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में रामसरन वर्मा की उपलब्धियों और उनके द्वारा अपनाई गई उन्नत कृषि पद्धतियों को प्रदर्शित किया गया था।मुलाकात के दौरान कृषि, किसानों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी चर्चा हुई। इस अवसर पर रोहित वर्मा, दिलीप कुमार, परशुराम वर्मा सहित कई अन्य किसान और स्थानीय लोग मौजूद थे।
ओंकारेश्वर में वर्षों से हाथ ठेलों पर छोटा व्यवसाय कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे 15 गरीब दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। नगर निगम और प्रशासनिक अमले पर जबरन ठेले हटाने और धमकाने का आरोप लगाते हुए दुकानदारों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर हस्तक्षेप की मांग की है। दुकानदारों का कहना है कि, वे गजानन आश्रम के सामने ओमकार प्रसादम् मार्ग में पिछले करीब 10 वर्षों से व्यवसाय कर रहे हैं। इसी स्थान पर हर साल मेला भी लगता है और नगर परिषद द्वारा ठेले लगाने की रसीदें भी काटी जाती रही हैं। आवेदन में बताया गया कि 30 दिसंबर 2025 को बिना किसी पूर्व सूचना के नगर निगम का अमला जेसीबी लेकर मौके पर पहुंचा और ठेले हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। विरोध करने पर दुकानदारों को दोबारा ठेला लगाने पर कार्रवाई और सामान जब्त करने की धमकी दी गई। दुकानदारों का कहना है कि उनके पास आय का कोई अन्य साधन नहीं है और यह कार्रवाई उनके पूरे परिवार को भूखमरी की स्थिति में धकेल सकती है। दुकानदारों ने यह भी उल्लेख किया कि पूर्व में आईएएस सीएमओ डॉ श्रीकृष्णा सुशीर ने सीमांकन कर ले-आउट बनाकर ठेले लगाने की अनुमति दी थी। इसके बावजूद अब दोबारा बिना जानकारी और वैकल्पिक व्यवस्था के हटाने का प्रयास किया जा रहा है। वे नगर परिषद को निर्धारित किराया देने को तैयार हैं। गेस्ट हाउस संचालकों के दबाव में कार्रवाई की आवेदक ममता शर्मा, आयुषी मालवीया, फत्तु मोरे, ममता जाधव, नंदनी मालवीया, लखन जायसवाल, बबली चौहान, शिवा चौहान, देवी चारण, रितिक आदि ने बताया कि कुछ गेस्ट हाउस संचालकों के दबाव में इस स्थान को पार्किंग में बदलने की कोशिश की जा रही है, जबकि कुबेर भंडारी क्षेत्र में पहले से ही पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध है। दुकानदारों ने भरोसा दिलाया है कि किसी शासकीय या प्रशासनिक कार्यक्रम के दौरान वे अस्थायी रूप से स्थान खाली करने में भी सहयोग करेंगे।
सिंगरौली में सड़क सुरक्षा माह के तहत वॉकथन:यातायात नियमों के पालन, दुर्घटनाओं से बचाव का संदेश
सिंगरौली में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह जनवरी 2026 के तहत सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक वॉकथन का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, आम नागरिक, सामाजिक संगठन और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए। सभी प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर सड़क सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए। वॉकथन के दौरान 'सड़क सुरक्षा – जीवन रक्षा', 'हेलमेट और सीट बेल्ट जरूर पहनें', 'शराब पीकर वाहन न चलाएं' जैसे नारे लगाए गए। लोगों को बताया गया कि तेज रफ्तार से वाहन चलाना, मोबाइल फोन पर बात करते हुए गाड़ी चलाना और यातायात नियमों की अनदेखी करना सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारण हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और यातायात कर्मियों ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए, क्योंकि छोटे-छोटे नियमों का ध्यान रखकर कई अनमोल जानें बचाई जा सकती हैं। वॉकथन के समापन पर सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलाई गई। सभी ने सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त, यातायात पुलिस शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, जिसमें वाहन चालकों को नियमों की जानकारी दी जा रही है और प्रचार सामग्री वितरित की जा रही है। यातायात पुलिस ने सिंगरौली के निवासियों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करें, सावधानी से वाहन चलाएं और सड़क दुर्घटनाओं से बचें।
फतेहाबाद जिले के टोहाना उपमंडल के गांव खनोरा में पंचायती जोहड़ निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए एसडीएम आकाश शर्मा को लिखित शिकायत सौंपी है। ग्रामीणों ने पंच विक्रम शर्मा के साथ मिलकर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और उसकी पेमेंट रोकने की मांग की है। ठेकेदार पर नियमों की अनदेखी का आरोप पंच विक्रम शर्मा ने बताया कि ठेकेदार ने निर्माण कार्य के दौरान नियमों की अनदेखी की है, जिसके चलते जोहड़ भैंसों के उपयोग के लायक नहीं रहे। उन्होंने कहा कि निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया है और गहराई भी निर्धारित मानकों के अनुसार नहीं रखी गई। पंच ने ठेकेदार की अनियमितताओं की जांच कर उसकी पेमेंट रोकने की मांग की। जांच के आदेश, पेमेंट पर रोक पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता देवेंद्र सिंह ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी और दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक ठेकेदार को कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। एसडीएम ने दिया निष्पक्ष जांच का आश्वासन एसडीएम आकाश शर्मा ने बताया कि उन्हें ग्रामीणों की लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि गांव के सरपंच और खंड पंचायत अधिकारी राहुल श्योकंद से जानकारी लेकर मामले की गहन जांच की जाएगी। एसडीएम ने कहा कि दोषी पाए जाने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। पहले भी उठ चुके हैं जोहड़ निर्माण पर सवाल उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी टोहाना के गांव जमालपुर और भोडी के ग्रामीणों ने जोहड़ निर्माण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किए थे। उस समय मुख्यमंत्री नायब सैनी से भी जांच की मांग की गई थी। इसी तरह गांव इंदाछोई के हरबंस ने भी शिकायत की थी कि उनके गांव में बने जोहड़ भैंसों के उपयोग के लायक नहीं हैं।
नूंह जिले में मंगलवार को आंगनवाड़ी वर्करों ने प्रदर्शन किया। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनवाड़ी वर्कर-हेल्पर यूनियन के नेतृत्व में सैकड़ों वर्करों ने उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष और प्रदेश उपाध्यक्ष रीटा धारीवाल ने किया। रीटा धारीवाल ने सरकार पर आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से आंगनवाड़ी वर्करों की समस्याएं लंबित हैं, लेकिन सरकार उनकी अनदेखी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही यूनियन को बुलाकर मांगों का समाधान नहीं किया गया, तो आंगनवाड़ी वर्कर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। खाली पड़े पदों को भरने की मांग यूनियन की प्रमुख मांगों में आंगनवाड़ी वर्करों के 50 प्रतिशत पदों पर शिक्षित आंगनवाड़ी बहनों की भर्ती, खाली पड़े हेल्पर पदों को आंगनवाड़ी हेल्परों से भरना और जिले स्तर पर कुशल व अकुशल का दर्जा देना शामिल है। रीटा धारीवाल के अनुसार, नूंह जिले में आंगनवाड़ी वर्करों को केंद्र सरकार का मानदेय पिछले नौ महीनों से और राज्य सरकार का मानदेय चार महीनों से नहीं मिला है। इस संबंध में परियोजना अधिकारी (पीओ) से कई बार बातचीत की गई और एसडीएम तावड़ू को भी ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बड़ा आंदोलन करने की दी चेतावनी प्रदर्शन के दौरान यूनियन ने सरकार को 2021 के आंदोलन की याद दिलाई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी मांगों की अनदेखी की गई, तो पहले से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि भविष्य में उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सुल्तानपुर में गांजा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह के निर्देश पर लंभुआ कोतवाली पुलिस ने मंगलवार को 30 लाख रुपये कीमत के 38 किलो गांजे के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। इससे पहले सोमवार को जयसिंहपुर पुलिस ने भी तीन तस्करों को पकड़ा था। पुलिस अधीक्षक सुल्तानपुर के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी लंभुआ के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक लंभुआ के नेतृत्व में एक पुलिस टीम संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान भटौलिया जंगल, विवेक नगर कस्बा लंभुआ के पास दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से प्लास्टिक की बोरी में रखा 38 किलो 300 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कुंवर शिवम सिंह (उम्र लगभग 22 वर्ष), पुत्र कुंवर दिलीप सिंह, निवासी शाहपुर परसन, थाना लंभुआ, सुल्तानपुर और रोहित जायसवाल (उम्र लगभग 32 वर्ष), पुत्र लालचंद जायसवाल, निवासी दियरा रोड, कस्बा लंभुआ, थाना लंभुआ, सुल्तानपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अंकित पाठक और राकेश कुमार नामक दो अन्य आरोपी जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। बरामदगी के आधार पर लंभुआ थाने में संबंधित धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। लंभुआ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सोनीपत जिले के एक गांव में गंदे पानी की निकासी न होने के चलते एक ग्रामीणों ने मिनी सचिवालय पर पहुंचकर प्रोटेस्ट किया और प्रशासन से निकासी प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की। जहां गांव में हालात ऐसे हैं कि गंदा पानी गलियों में जमा होकर न केवल लोगों का जनजीवन प्रभावित कर रहा है, बल्कि बीमारियों का खतरा और सामाजिक परेशानी भी बढ़ा रहा है। ग्रामीण नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। गांव जुआं -1 और 2 के बीच गंदे पानी की निकासी पूरी तरह से बंद पड़ी है। नालों के ठप हो जाने के कारण गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा है, जिससे पूरे इलाके में गंदगी और दुर्गंध फैली हुई है। लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नहर पक्की हुई, नाले बंद कर दिए ग्रामीणों का कहना है कि पहले मोहल्ले का गंदा पानी नहर में चला जाता था, लेकिन नहर को पक्का किए जाने के दौरान उससे जुड़े सभी नालों को बंद कर दिया गया। इसके बाद से गंदे पानी की निकासी का कोई ऑप्शनल इंतजाम नहीं किया गया, जिसके चलते आज हालात बद से बदतर हो चुके हैं। जमा गंदा पानी मच्छर-मक्खियों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी के कारण बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सेहत को लेकर ग्रामीण खासे चिंतित हैं। दो पंचायतों के बीच उलझा मामला स्थिति को और गंभीर बनाते हुए ग्रामीणों ने बताया कि यह गली दो पंचायतों-जुआं नंबर-1 और जुआं नंबर-2 की सीमा में आती है। इसी वजह से दोनों पंचायतों के बीच जिम्मेदारी को लेकर असमंजस बना हुआ है। पिछले करीब 15 दिनों से दोनों पंचायतों के सरपंचों से लगातार समाधान की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। सरपंच के घर के सामने से निकल रहा नाला ग्रामीणों का आरोप है कि गंदे पानी की निकासी के लिए जिस नाले की खुदाई जरूरी है, वह रास्ता एक सरपंच के घर के सामने से होकर गुजरता है। इसी कारण नाले की खुदाई में जानबूझकर बाधा डाली जा रही है, जिससे पूरा मोहल्ला गंदगी और बीमारी के बीच जीने को मजबूर है। अधिकारियों से मिलने के बाद भी नहीं समाधान ग्रामीणों ने बताया कि वे इस समस्या को लेकर उच्चाधिकारियों से भी मिल चुके हैं और अपनी शिकायतें रख चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शादियों पर भी संकट, सामाजिक चिंता बढ़ी ग्रामीणों ने बताया कि आने वाले दिनों में इसी गली में दो शादियां भी तय हैं। ऐसे में गंदे पानी और बदबू की समस्या केवल हेल्थ तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि सामाजिक प्रतिष्ठा का भी सवाल बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मेहमानों के सामने इस स्थिति को लेकर उन्हें शर्मिंदगी उठानी पड़ सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर गंदे पानी की निकासी का स्थायी समाधान किया जाए।
उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सटे पुटपुरा गांव में 16 जनवरी को एक बाघिन की मौत झटका मशीन के तार की चपेट में आने से हो गई। जांच में सामने आया है कि खेत में लगाई गई मशीन सस्ती और हल्की गुणवत्ता की थी, जिसके कारण बाघिन के फंसने पर भी वह ट्रिप नहीं हुई। जांच के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि खेत मालिक द्वारा सुरक्षा के लिए लगाया गया अलार्म भी बंद था। इस गंभीर लापरवाही के कारण बाघिन की मौके पर ही करंट लगने से मौत हो गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व (बीटीआर) टीम ने खेत मालिक बी.डी. सिंह के खिलाफ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी की तबीयत खराब होने के कारण उसे इलाज के लिए जबलपुर में भर्ती कराया गया है। बाघिन की मौत के इस मामले को राज्य स्तर पर भी गंभीरता से लिया गया है। वन मुख्यालय भोपाल ने घटना का संज्ञान लेते हुए बुधवार को टाइगर सेल की एक विशेष बैठक बुलाई है। इस बैठक की अध्यक्षता वाइल्ड लाइफ वार्डन करेंगे, जिसमें पुलिस, ऊर्जा विभाग और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। बीटीआर के उपनिदेशक पी.के. वर्मा ने मंगलवार को बताया कि यह झटका मशीन से बाघिन की मौत का पहला मामला है और बैठक में भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
दतिया कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह ने जनसुनवाई में उपस्थित होकर एक-एक आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें जमीनी विवाद, पारिवारिक कलह, अवैध कब्जा, भरण-पोषण और शासन की योजनाओं से वंचित रहने को लेकर सामने आईं। ग्राम धामना तहसील दतिया से आए आवेदकों ने बंदोबस्त पूर्व सर्वे नंबर 14 से जुड़े भूमि विवाद का मामला उठाया। आवेदकों का कहना है कि बंदोबस्त के बाद बनाए गए नए सर्वे नंबर 35 और 36 में उनके हिस्से की भूमि का रकबा कम कर दिया गया और शामिल कुआं दूसरे सर्वे में चला गया। इसके चलते उन्हें सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। साथ ही हल्का पटवारी द्वारा नक्शा सुधार में टालमटोल करने का आरोप भी लगाया गया। इंदरगढ़ तहसील से आईं वृद्ध विधवा कौशा बाई रजक ने अपने ही पुत्रों पर गंभीर आरोप लगाते हुए आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि पति के देहांत के बाद पैतृक भूमि उनके नाम न कराकर पुत्रों ने अपने नाम करा ली, उन्हें भरण-पोषण नहीं दिया जा रहा और घर से निकालने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने भरण-पोषण दिलाने, भूमि में हिस्सा देने और पूर्व में चोरी गए 50 हजार रुपये वापस दिलाने की मांग की। भांडेर तहसील के ग्राम मोवई से आए आदिवासी दंपती ने संबल कार्ड न बनने की शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि परिवार में तीन मौतें होने के बावजूद संबल कार्ड के अभाव में किसी भी सरकारी सहायता का लाभ नहीं मिल सका। उन्होंने शीघ्र संबल कार्ड बनवाने और सहायता राशि दिलाने की मांग की। इंदरगढ़ से ही आईं 70 वर्षीय रामश्री खंगार ने अपनी वर्षों पुरानी काबिज काश्त भूमि पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत की और पुलिस सहायता से कब्जा दिलाने की मांग की। वहीं ग्राम वरधुवां निवासी राहुल लोधी ने आवासीय भूमि पर अवैध कब्जा, मारपीट और सीमांकन कराने का आवेदन दिया। अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को जांच कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
हाथरस में बदलते मौसम के कारण बच्चे बुखार, खांसी और जुकाम की चपेट में आ रहे हैं। दिन में तेज धूप और शाम-रात में बढ़ती ठंड बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। जिले के अस्पतालों में ऐसे बीमार बच्चों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 150 से अधिक बच्चे इन्हीं मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए पहुंचे। निजी अस्पतालों में भी बीमार बच्चों की संख्या बढ़ी है। चिकित्सकों के अनुसार, सर्दी का सीधा असर बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ रहा है, जिससे वे मौसमी बीमारियों की चपेट में आसानी से आ रहे है। सर्दी को लेकर लापरवाही ना बरतें.... बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने अभिभावकों को सर्दी के मौसम में बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि बच्चे बीमार महसूस करें तो तुरंत योग्य चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। डॉ. कुमार ने यह भी बताया कि इस बदलते मौसम में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। बच्चों को पूरे बाजू के कपड़े पहनाकर रखें, उन्हें ठंडी चीजें खाने से बचाएं और गुनगुने पानी से ही नहलाएं। इन सावधानियों का पालन करके बच्चों को मौसमी बीमारियों से बचाया जा सकता है।
अयोध्या में बढ़े वायरल फीवर के मरीज:डॉक्टरों ने बच्चों के सतर्कता बरतने की दी सलाह
अयोध्या में कई दिनों से हो रहे मौसम में बदलाव के चलते बड़ी संख्या में बच्चे बुजुर्ग और अन्य लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। ठंड के मौसम में जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक के अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले बच्चों में मौसमी बुखार के मामलों में तेजी देखी जा रही है। अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, ओपीडी में उपचार के लिए पहुंचने वाले लगभग 70 प्रतिशत बच्चों को मौसमी बुखार की शिकायत है। इसका एक प्रमुख कारण अभिभावकों की लापरवाही बताई जा रही है। हालांकि, इस बार ठंड के मौसम में निमोनिया के मरीजों की संख्या में कमी आई है, जो आमतौर पर बच्चों को काफी परेशान करती थी। इसके बजाय, बच्चों में बुखार और दस्त के मामलों में वृद्धि हुई है। विशेषकर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों में वायरल फीवर, सर्दी-खांसी, गले में संक्रमण और डायरिया के लक्षण अधिक देखने को मिल रहे हैं। जिला अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में रोजाना लगभग 100 से 110 बच्चे परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। इनमें से 75 से 80 बच्चे वायरल फीवर से पीड़ित होते हैं। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज में भी इसी तरह के मामले सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिशिर श्रीवास्तव ने बताया कि इस समय बुखार और डायरिया के मरीज सबसे ज्यादा आ रहे हैं। ओपीडी में आने वाले 70 से 80 प्रतिशत बच्चों को ठंड से संबंधित बीमारियां होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह मौसम अच्छे स्वास्थ्य का संकेत भी दे रहा है, क्योंकि भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या में कमी आई है और निमोनिया का प्रभाव बच्चों पर कम है। सौ शैय्या अस्पताल कुमारगंज के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार सिंह के अनुसार, वर्तमान में 40 से 50 बच्चे सर्दी, जुकाम और बुखार से पीड़ित होकर आ रहे हैं। इसी बीच, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण बरनवाल ने जानकारी दी कि इस समय फ्रोजन शोल्डर, गठिया रोग, साइटिका और कमर दर्द से जुड़े मरीज आ रहे हैं। उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 100 से 110 मरीज देखे जा रहे हैं।
कैथल जिले में भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप से जुड़े किसानों ने शहर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने मांग की, कि प्रदेश में हुए धान घोटाले की सीबीआई जांच करवाई जाए। प्रदर्शन की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार गुरनाम सिंह चढूनी ने की। किसान हनुमान वाटिका में हुए इकट्ठा प्रदर्शन से पूर्व सैकड़ों की संख्या में किसान हनुमान वाटिका में इकट्ठे हुए और वहां पर जनसभा की। जनसभा के बाद प्रदर्शन करते हुए करनाल रोड से होकर लघु सचिवालय पहुंचे व ज्ञापन दिया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि प्रदेश में धान घोटाले के जरिए किसानों के साथ अन्याय किया गया है। सीबीआई से जांच की मांग वे इसे कतई सहन नहीं करेंगे। जब तक घोटाला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे चुप नहीं बैठेंगे। उनका विरोध लगातार जारी रहेगा। उन्होंने मांग की, कि घोटाले की जांच सीबीआई से करवाई जाए, ताकि पूरे मामले का सच सामने आ सके और घोटाला करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिल सके। लघु सचिवालय में किसानों ने प्रदर्शन का समापन किया। भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेश अध्यक्ष विक्रम कसाना ने कहा कि सरकार किसानों के साथ ज्यादती कर रही है। घोटालेबाजों पर कोई कार्रवाई नहीं होती, जबकि किसान अगर अपनी मांगों को लेकर कोई प्रदर्शन करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने मांग की, कि जल्द से जल्द मामले की सीबीआई जांच करवा कर आरोपियों को पकड़ा जाए व किसानों को न्याय दिलाया जाए।
आलीराजपुर जिले के फुलमाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं और सुविधाओं के अभाव को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने कलेक्टर नीतू माथुर को ज्ञापन सौंपकर जनआंदोलन की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने बताया कि फुलमाल पीएचसी में वर्तमान में केवल एक स्टाफ नर्स कार्यरत है। यहां कोई स्थायी डॉक्टर या अन्य सहायक स्टाफ नहीं है। इसके चलते हजारों ग्रामीणों को सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी 35 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। डॉक्टर और स्टाफ की कमी के कारण 24x7 प्रसव सेवाएं पूरी तरह ठप हैं। गर्भवती महिलाओं को समय पर उपचार न मिलने से जच्चा-बच्चा के जीवन को खतरा बना रहता है। कई बार परिजनों को निजी अस्पतालों या अप्रशिक्षित स्थानीय चिकित्सकों की मदद लेनी पड़ती है। अस्पताल परिसर में पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां न बोरवेल है और न ही नल की सुविधा उपलब्ध है। ग्रामीणों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पानी के अभाव में इलाज संभव नहीं है। जल्द नियुक्ति की मांग फुलमाल और आसपास की पंचायतों के ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में जल्द से जल्द एक स्थायी एमबीबीएस डॉक्टर, कम से कम दो नर्सिंग ऑफिसर, अस्पताल परिसर में बोरवेल और 24x7 प्रसव सुविधा के साथ जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र जनआंदोलन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों का कहना है, इलाज हमारा अधिकार है, भीख नहीं।
शिवपुरी पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तत्काल प्रभाव से चार निरीक्षक और उप निरीक्षकों के अस्थायी तबादले किए हैं। यह आदेश अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा। जारी आदेश के अनुसार, पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने सभी संबंधित अधिकारियों को तत्काल नए पदस्थापन स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं। यह प्रशासनिक फेरबदल जिले में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस आदेश की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर जोन, उप पुलिस महानिरीक्षक ग्वालियर रेंज, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवपुरी, सभी एसडीओपी और संबंधित थाना एवं चौकी प्रभारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।
बांसवाड़ा की बागीदौरा तहसील के 3 गांवों के किसानों को खरीफ फसल में अतिवृष्टि और बाढ़ से हुए नुकसान का मुआवजा अब तक नहीं मिल पाया है। किसानों का आरोप है कि सरकारी सिस्टम की लापरवाही के कारण उनका डेटा डीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सका, जिससे राहत राशि अटक गई। 77 में से 74 गांवों का डेटा अपलोड किसानों ने बताया कि बागीदौरा तहसील के कुल 77 गांवों में से 74 गांवों का डेटा डीएमआईएस पोर्टल पर सफलतापूर्वक अपलोड हो चुका है। लेकिन चौखला, चिरोला बड़ा और सेवना गांव इस प्रक्रिया से बाहर रह गए। किसानों का कहना है कि तत्कालीन पटवारी द्वारा सूचना देरी से भेजने और तहसील कार्यालय में समय पर पोर्टल पर एंट्री नहीं होने से यह स्थिति बनी। आदेश के बाद भी नहीं हुआ समाधान किसानों के अनुसार आपदा प्रबंधन सहायता एवं नागरिक विभाग, राजस्थान सरकार जयपुर ने 24 अप्रैल को और जिला कलेक्टर कार्यालय ने 25 अप्रैल को सभी उपखंड अधिकारियों को डेटा फीडिंग के आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद इन तीन गांवों का डेटा अपलोड नहीं हुआ और किसानों को मिलने वाली सहायता राशि रुक गई। कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन सोमवार को प्रभावित किसानों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर डीएमआईएस पोर्टल को दोबारा खुलवाने और मुआवजा भुगतान की मांग की। किसानों ने कहा कि शेष ग्राम पंचायतों का डेटा अपलोड कर जल्द से जल्द उनके बैंक खातों में राहत राशि डाली जाए। आंदोलन की चेतावनी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
महेंद्रगढ़ जिले के गांव बसीरपुर में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए अधिग्रहित की गई जमीन के मुआवजे को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। निजामपुर पैक्स के प्रधान कृष्ण और ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि 2017 में तत्कालीन विधायक के करीबियों ने किसानों के साथ छल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव बसीरपुर में बनने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब के लिए ली गई जमीन का किसानों को कम मुआवजा मिला है। यहां पर बिना रेट तय किए गए किसानों के पास से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। ये हस्ताक्षर तत्कालीन विधायक के चहेते लोगों ने किसानों के साथ छल करके करवाए। उसमें यह कहीं भी जिक्र नहीं किया गया कि इसमें कितनी राशि किसानों को मिलेगी। कोर्ट के आदेश से चला पता उन्होंने कहा कि बिना राशि का जिक्र किए किसानों को 30 लाख प्रति एकड़ रुपए दे दिए गए। जिस पर किसानों ने सोचा कि उनको मिली राशि पर्याप्त है। मगर कुछ किसान इसके खिलाफ कोर्ट में चले गए। तब हाईकोर्ट ने सितंबर 2024 को किसानों के हक में फैसला दिया। कुछ दिन पहले चला पता जिसमें कोर्ट ने बताया कि किसानों को मिली राशि पर्याप्त नहीं है तथा यह भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत किसानों को नहीं दिया गया। जब कुछ दिन पहले उनको यह पता चला कि उनके साथ धोखा हुआ है तो उन्होंने इसका विरोध शुरू किया है। पूर्व विधायक ने किया धोखा उन्होंने कहा कि उन्होंने पूर्व विधायक डा. अभय सिंह व उनके चहेते डा. छतर सिंह पर आंख बंद कर विश्वास किया था, मगर उनके विश्वास को चोट पहुंची हैं। जिसके विरोध में ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन शुरू किया है। उन्होंने बताया कि यह धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनको ठोस आश्वासन न दे। एक प्रोजेक्ट के दो मुआवजे उन्होंने बताया कि किसानों के साथ दूसरा धोखा यह भी हुआ है कि लॉजिस्टिक हब बनाने के लिए ली गई जमीन का बसीरपुर व दो अन्य गांव के लोगों को 30 लाख रुपए प्रति एकड़ मुआवजा दिया गया, जबकि इसी प्रोजेक्ट के लिए बिछाई जाने वाली रेलवे लाइन का दो-तीन गांवों के लोगों को 65 लाख रुपए मुआवजा दिया गया है। इस मौके पर अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।
सोहना में अवैध हथियार समेत 2 गिरफ्तार:पिस्टल, देशी कट्टा और कारतूस बरामद; 1 आरोपी पलवल का रहने वाला
सोहना में पुलिस ने अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी वेदपाल उर्फ कालू (32 वर्ष), निवासी ग्राम दमदमा, जिला गुरुग्राम को थाना सदर सोहना क्षेत्र में सोहना-दौला रोड के पास से पकड़ा गया। उसके पास से एक पिस्टल और एक जिंदा कारतूस मिला। दूसरे आरोपी इरफान उर्फ इरफत, निवासी ग्राम रानियला खुर्द, जिला पलवल को थाना शहर सोहना क्षेत्र में इंद्री मोड़, सोहना के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। अवैध हथियार मिलने के बाद पुलिस टीम ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में अलग-अलग दो मामले दर्ज किए हैं। नियमानुसार उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी वेदपाल उर्फ कालू के खिलाफ गुरुग्राम जिले में पहले से मारपीट, हत्या के प्रयास और जान से मारने की धमकी से संबंधित तीन मामले दर्ज हैं। नूंह और गुरुग्राम में केस दर्ज वहीं, आरोपी इरफान उर्फ इरफत के विरुद्ध नूंह जिले में चोरी का एक मामला और गुरुग्राम जिले में चोरी व धोखाधड़ी से संबंधित तीन अन्य मामले दर्ज पाए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल एक पिस्टल, एक देशी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपियों को 20 जनवरी 2026 को माननीय न्यायालय में पेश किया जाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।
श्योपुर के सोइंकला गांव में मंगलवार को पारिवारिक विवाद में दो पक्षों में मारपीट हो गई। विवाद में एक चाचा ने अपने तीन भतीजों और एक भतीजे की पत्नी पर कस्सी और फावड़े से हमला कर दिया। इस दौरान चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पुरानी रंजिश में परिवार पर चाचा ने किया हमला देहात थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी ने बताया कि सोइंकला निवासी शीला पत्नी पुरुषोत्तम गौड़ ने देहात थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। फरियादी के अनुसार, पुरानी रंजिश के कारण कैलाश गौड़, नरेश गौड़ और लोकेश गौड़ ने उन पर अचानक हमला किया। हमले में कस्सी और फावड़े जैसे धारदार औजारों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा। घायलों में शीला गौड़, पुरुषोत्तम गौड़, सुनील गौड़ और संतोष गौड़ शामिल हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, घायलों को सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया मामला पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं और संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक विवाद और पुरानी रंजिश को घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की भूमिका की गहनता से जांच की जा रही है और उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं।
लखनऊ के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन से आज दोपहर 1:00 बजे अमृत भारत एक्सप्रेस मां कामाख्या होते हुए डिब्रूगढ़ के लिए रवाना हुई। यह ट्रेन उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के प्रमुख स्टेशनों से गुजरते हुए पूर्वोत्तर भारत तक सीधी रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी। गोमतीनगर से डिब्रूगढ़ तक इन स्टेशनों से होकर गुजरेगी गोमतीनगर से चलने के बाद अमृत भारत एक्सप्रेस अयोध्या कैंट, अयोध्या धाम, मनकापुर, खलीलाबाद, गोरखपुर, देवरिया सदर, सीवान, छपरा, सोनपुर, हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, नौगछिया, कटिहार, बारसोई, किशनगंज, अलुआबाड़ी रोड, न्यू जलपाईगुड़ी, न्यू कूचबिहार, न्यू अलीपुरद्वार, कोकराझार, न्यू बोंगाईगांव, बारपेटा रोड, नलबाड़ी, रंगिया, कामाख्या, गुवाहाटी, जागी रोड, चापरमुख, होजई, लम्डिंग, दीफू, दीमापुर, फरकाटिंग, मरियानी, सिमालगुड़ी, मोराणहाट होते हुए अंत में डिब्रूगढ़ पहुंचेगी। यात्री बोले- ट्रेन में सफाई की व्यवस्था शानदार असम के रहने वाले शरद ने बताया कि हम लखनऊ से अपनी तैयारी कर रहे हैं। अभी अपने घर असम जा रहे हैं। इस ट्रेन में काफी शानदार व्यवस्था है। साफ-सफाई भी बहुत अच्छी है। सिक्योरिटी पर्पज से कैमरे भी लगाए गए हैं। पूर्वोत्तर से उत्तर भारत की दूरी होगी आसान पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि इस नई अमृत भारत एक्सप्रेस के संचालन से लखनऊ और आसपास के इलाकों के यात्रियों को असम और पूर्वोत्तर राज्यों तक सीधी, तेज और सुरक्षित रेल सेवा मिलेगी। ट्रेन को आधुनिक सुरक्षा मानकों और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ चलाया जा रहा है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।
झालावाड़ शहर के धनवाड़ा इलाके में मंगलवार को एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में तैरता हुआ मिला। स्थानीय लोगों ने शव देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पानी से बाहर निकालकर अपने कब्जे में लिया। अस्पताल चौकी से मिली जानकारी के अनुसार शव काफी समय से पानी में पड़ा होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो पा रही है। शव की अत्यधिक खराब हालत के कारण मृतक की उम्र और अन्य पहचान संबंधी जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ शुरू कर दी है और गुमशुदगी की रिपोर्टों के आधार पर शव की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पानी से बाहर निकालने में सिविल डिफेंस प्रभारी जगदीश नागर और सिविल डिफेंस के अन्य सदस्यों ने सहयोग किया। अज्ञात शव को फिलहाल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस का कहना है कि पहचान होने के बाद ही कोतवाली पुलिस द्वारा आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ में हेरोइन के साथ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार:3.64 ग्राम नशा जब्त, गश्त के दौरान कार्रवाई
हनुमानगढ़ में सदर पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक हिस्ट्रीशीटर को हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान वार्ड नंबर 10, जण्डावाली निवासी शाकर हुसैन खां (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से 3 ग्राम 64 मिलीग्राम हेरोइन बरामद की है। सदर थाना के एसआई हरबंशलाल अपनी पुलिस टीम के साथ गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने हिस्ट्रीशीटर शाकर हुसैन खां को संदिग्ध अवस्था में देखा और रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से 3.64 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसके बाद उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी शाकर हुसैन खां के खिलाफ थाना सदर हनुमानगढ़ में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस मामले की जांच थाना प्रभारी राकेश सांखला द्वारा की जा रही है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में कॉन्स्टेबल महेंद्र कुमार, महमूद अली, सरजीत सिंह और महावीर शामिल थे। कॉन्स्टेबल महेंद्र कुमार और महमूद अली की इसमें विशेष भूमिका रही। पुलिस अब आरोपी से नशा तस्करी के स्रोत और उसके नेटवर्क के बारे में गहन पूछताछ कर रही है।
गुरुग्राम की सोहना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक सफलता हासिल की है। अपराध शाखा सोहना की टीम ने विश्वसनीय सूचना पर कार्रवाई करते हुए 20 ग्राम अवैध हेरोइन (चिट्टा) के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 19 जनवरी 2026 को अपराध शाखा सोहना को गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया था कि सोहना-पलवल रोड के पास एक व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ के साथ मौजूद है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर दबिश दी और युवक को पकड़ लिया। पुलिस ने नशे को बरामद किया गिरफ्तार आरोपी की पहचान गुरुग्राम के गांव सचोली निवासी मजलिस उर्फ माजी (23 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके कब्जे से 20 ग्राम अवैध हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई।बरामदगी के आधार पर, आरोपी के खिलाफ थाना सदर सोहना, गुरुग्राम में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। थाना प्रभारी सुखपाल ने बताया कि आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने यह अवैध मादक पदार्थ लगभग 20 हजार रुपए में पलवल से एक व्यक्ति से खरीदा था। उसका मकसद इसे छोटी-छोटी मात्रा में बेचकर मुनाफा कमाना था, लेकिन गुरुग्राम पुलिस की सतर्कता के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध तस्करी में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सीकर में वन विभाग की जमीन पर एक युवक ने गोली मारकर नीलगाय की हत्या कर दी। ग्रामीणों का आरोप है कि युवक और उसके साथी वन्यजीवों को गोली मारकर उनकी तस्करी करते हैं। सीकर के धोद थाना इलाके के पेवा गांव का मामला है। नीलगाय के शव का मंगलवार को पोस्टमार्टम करवाया गया है। ग्रामीणों के सामने हत्या का आरोपपेवा गांव के प्रशासक चुन्नीलाल जानी ने बताया- पेवा गांव में वन विभाग की जमीन की घटना है। गांव के कुछ लोग उस साइड गए हुए थे। तब उन्होंने देखा कि राजू बावरिया नाम के एक युवक ने नीलगाय को गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद राजू ने बंदूक अपने साथी को दे दी। दोनों वहां से फरार हो गए। मामले में वन विभाग मुकदमा दर्ज करवाएगा। जानी ने बताया- वन विभाग की जमीन के इलाके में कई बार घुमंतू जाति के युवक आते हैं। जो वन्यजीवों को मारकर उनके मांस, दांतों और खाल की तस्करी करते हैं।
बाराबंकी में अधिवक्ता पर हमले का मामला:बहराइच में अधिवक्ताओं ने आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की
बहराइच में अधिवक्ताओं ने बाराबंकी में एक वकील पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। मंगलवार को जिला अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में बड़ी संख्या में वकीलों ने जुलूस निकाला और आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश शुक्ला के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। यह प्रदर्शन बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता पर हुए हमले के विरोध में था।प्रदर्शनकारी वकीलों ने हमलावरों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की। उन्होंने अधिवक्ता सुरक्षा बिल पारित करने की भी बात कही, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। प्रदर्शन के उपरांत, अधिवक्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। इस दौरान अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वकील उपस्थित रहे।
फलोदी में 52 लाख की स्मैक, एमडी बरामद:दो तस्कर गिरफ्तार, एनडीपीएस मामलों में पहले से थी तलाश
फलोदी पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2 तस्कर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 253.55 ग्राम स्मैक और 9.97 ग्राम एमडी बरामद की है, जिसकी बाजार कीमत करीब 52.70 लाख रुपए बताई जा रही है। मोहर नगर में मारा छापा एसपी कुंदन कंवरिया ने बताया कि अतिरिक्त एसपी ब्रजराजसिंह चारण और सीओ अचलसिंह के सुपरविजन में भोजासर थानाधिकारी जमील खान के नेतृत्व में एक टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने अवैध मादक पदार्थ बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस थाना भोजासर में तैनात कांस्टेबल सीताराम की सूचना पर कार्रवाई करते हुए, टीम ने मोहर नगर स्थित आरोपी हकीम अली के घर पर छापा मारा। वहां से 253.55 ग्राम स्मैक और 9.97 ग्राम एमडी बरामद की गई। पुलिस ने आरोपी हकीम अली (42) पुत्र नसीर खां और मूसे खान (31) पुत्र नसीर खान को गिरफ्तार किया। बेचने वाले की तलाश जारी गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने यह अवैध मादक पदार्थ मोरिया निवासी रईश पुत्र दिने खां से खरीदा था। पुलिस अब रईश की तलाश कर रही है। आरोपियों के खिलाफ भोजासर पुलिस थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर मादक पदार्थ की खरीद-फरोख्त के संबंध में आगे की जांच जारी है।
अजमेर के जनाना रोड पर मंगलवार दोपहर 12:30 बजे के आसपास बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। यहां नीरजा मोदी स्कूल की बस और सिटी बस के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूल बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, हादसे में दोनों बसों के ड्राइवर सहित चार सवारियों को मामूली चोटें आई हैं। राहत की बात यह रही कि स्कूल बस में उस समय कोई भी स्कूली बच्चा सवार नहीं था, वहीं सिटी बस में भी यात्रियों की संख्या कम थी, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को दे दी गई छुट्टी हादसे की सूचना मिलते ही क्रिश्चियनगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को छुट्टी दे दी गई। नीरजा मोदी की स्कूल बस और सिटी बस में भिड़ंत क्रिश्चियनगंज थाने के कॉन्स्टेबल रामनिवास ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब साढ़े 12 बजे सिटी बस दौराई से जनाना की ओर जा रही थी, जबकि नीरजा मोदी स्कूल की बस जनाना से सिटी की तरफ आ रही थी। इसी दौरान रावत रेस्टोरेंट के पास दोनों बसों में भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने दोनों क्षतिग्रस्त बसों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए... मृत महिला ने SIR में नाम काटने की आपत्ति लगाई:वेंटिलेटर पर भर्ती युवक के नाम से भी आई आपत्तियां, अजमेर में लोगों ने दर्ज करवाई शिकायत मतदाता पुनरीक्षण कार्य (SIR) में नाम कटवाने के लिए लगाई जा रही आपत्तियां विवाद का कारण बन गई हैं। ऐसे लोगों की ओर से आपत्ति लगाने की बात सामने आ रही है, जो जिंदा ही नहीं है या फिर अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। कुछ लोगों ने ये बात कबूल भी की है कि उनके नाम से लगाई गई आपत्तियों की उनको जानकारी नहीं है। अजमेर के कायड़, गगवाना और बबाईचा सहित आसपास के गांवों के लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर रोष जताया है। पूरी खबर पढें
काशी के मणिकर्णिका घाट पर प्राचीन मंदिरों को तोड़े जाने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने लखनऊ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस से उनकी तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने आप नेताओं और कार्यकर्ताओं को घसीट और टांगकर बस में बैठाया। उन्हें ईको गार्डन ले गए। पार्टी के जिला महासचिव ज्ञान सिंह कुशवाहा ने बताया कि यह सरकार हमारे इतिहास को मिटाना चाहती है। सरकार पुराने मंदिरों को मिटा रही है। हमारी संस्कृति पर सीधे तौर पर यह हमला कर रही है। यह सरकार अपना नया साम्राज्य गढ़ रही है। यह पूरी तरीके से हिंदू विरोधी सरकार है। देखिए प्रदर्शन के 3 तस्वीरें... प्रदेश प्रभारी के निर्देश पर हुआ प्रदर्शन पार्टी के प्रदेश प्रभारी सांसद संजय सिंह के निर्देश पर जिला पदाधिकारियों ने यह प्रदर्शन किया। AAP का कहना है कि यह मामला केवल निर्माण या विकास का नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के सम्मान से जुड़ा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि विकास के नाम पर धार्मिक स्थलों से की गई छेड़छाड़ स्वीकार्य नहीं है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय कराई जाएगी। जवाबदेही तय करने की मांग पार्टी नेताओं ने कहा कि मणिकर्णिका घाट काशी की पहचान और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण प्रतीक है। यहां मौजूद प्राचीन मंदिरों के साथ किसी भी तरह की तोड़फोड़ से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। AAP ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शाहजहांपुर में कश्यप राजपूत समाज समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने मेरठ और मैनपुरी में कश्यप समाज के व्यक्तियों की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवारों को मुआवजा व सुरक्षा देने की मांग की। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि मेरठ में सोनू कश्यप की हत्या के आरोपी अब तक पकड़े नहीं गए हैं। उनका कहना था कि सोनू कश्यप बाइक खरीदने जा रहा था, तभी ऑटो चालक और उसके साथियों ने उस पर हमला कर पैसे लूटे और फिर मारपीट कर जिंदा जला दिया। समिति ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की। उन्होंने मैनपुरी की घटना का भी जिक्र किया, जहां खेत की रखवाली करते समय कश्यप समाज के एक व्यक्ति को डीजल डालकर जिंदा जला दिया गया। इस मामले में मृतक के परिवार को पचास लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की गई है। कश्यप राजपूत समाज समिति ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कहा कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि न्याय नहीं मिला, तो कश्यप और निषाद समाज राष्ट्रव्यापी आंदोलन करेगा और सड़कों पर चक्का जाम भी किया जाएगा।
उन्नाव में मिले अज्ञात शव की हुई शिनाख्त:मानसिक रूप से बीमार था व्यक्ति, 4 जनवरी से था लापता
उन्नाव के सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के जमालुद्दीनपुर गांव में मिले एक अज्ञात शव की शिनाख्त हो गई है। शव की पहचान सदर कोतवाली क्षेत्र के मगरवारा निवासी हुसैना (60) के रूप में हुई है, जो मानसिक रूप से बीमार थे। उनके बेटे इखलाक ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर शव की पहचान की। इखलाक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता हुसैना लंबे समय से मानसिक बीमारी से पीड़ित थे और कानपुर के रामा मेडिकल कॉलेज में उनका इलाज चल रहा था। 4 जनवरी को हुसैना परिजनों की नजर बचाकर घर से निकल गए थे। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो 5 जनवरी को सदर कोतवाली में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के जमालुद्दीनपुर गांव में उन्नाव-हरदोई मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पास सड़क किनारे एक वृद्ध का शव मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। प्रथम दृष्टया शव की स्थिति देखकर व्यक्ति के मानसिक रूप से बीमार होने की आशंका जताई गई थी। अज्ञात शव मिलने की सूचना पर परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे, जहां इखलाक ने शव की पहचान अपने पिता हुसैना के रूप में की। सफीपुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक एस.एन. त्रिपाठी ने बताया कि शव की शिनाख्त हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रारंभिक जांच में किसी प्रकार की आपराधिक घटना के संकेत नहीं मिले हैं। परिजनों को शव सौंपने की प्रक्रिया की जा रही है।
कोटा विश्वविद्यालय का 12वां दीक्षांत समारोह 23 जनवरी को कृषि प्रबंध संस्थान स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर साल 2023 की परीक्षाओं में पास कुल 80,117 विद्यार्थियों को यूजी, पीजी एवं पीएचडी की उपाधियां प्रदान की जाएंगी। समारोह की अध्यक्षता राजस्थान के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति करेंगे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बीपी सारस्वत ने बताया- दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023 में विभिन्न संकायों में मेरिट में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले 59 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। इनमें 17 छात्र एवं 42 छात्राएं शामिल हैं। 27 सिक्योरिटी फीचर होंगे डिग्री में कुलगुरु बीपी सारस्वत ने बताया- हर साल डिग्री में सिक्योरिटी फीचर्स बढ़ाए जाते हैं। इस बार जो डिग्रियां स्टूडेंट्स को दी जा रही है, वो 27 सिक्योरिटी फीचर्स से लैस है। उन्होंने कहा- इन फीचर्स के बारे में बताना सही नहीं है, लेकिन ये है कि अगर कोई भी यूनिवर्सिटी की डिग्री की कॉपी करता है या फर्जी बनाने की कोशिश करता है तो वो पकड़ा जाएगा। इसमें एक फीचर सिग्नेचर का है, जिसमें स्कैन करने पर सिग्नेचर नजर आएगा, वैसे वह नजर नहीं आएगा। ऐसे कई सिक्योरिटी फीचर्स डिग्री में है। समावेशी दृष्टिकोण और गुणवत्ता-आधारित शिक्षा का प्रमाण कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने कहा- 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान करना कोटा विश्वविद्यालय की शैक्षणिक क्षमता, समावेशी दृष्टिकोण और गुणवत्ता-आधारित शिक्षा का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 59 स्वर्ण पदक विजेता विद्यार्थी हमारी शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इनमें से 42 छात्राएं हैं, जो महिला सशक्तिकरण एवं शिक्षा के क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। यह हमारे समाज के बदलते परिदृश्य और शिक्षा के प्रति समान अवसर की नीति की सफलता है। इन सब्जेक्ट में गोल्ड मेडल दिए जाएंगे आर्ट्स संकाय में 10, समाज विज्ञान में 12, विज्ञान में 17, कॉमर्स में 9, लॉ में 2 एवं शिक्षा संकाय 9 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। कुलाधिपति व कुलपति पदक कला संकाय की पीजी विद्यार्थी वैशाली अग्रवाल को कुलाधिपति पदक तथा वाणिज्य संकाय के यूजी विद्यार्थी दीपांश को कुलपति पदक प्रदान किया जाएगा।
शाजापुर कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवती का पीछा कर परेशान करने और धमकी देने का मामला सामने आया है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी अनिल परमार को गिरफ्तार कर लिया है। युवती ने अनिल परमार, निवासी त्रिलोक नगर देवास के खिलाफ लिखित आवेदन प्रस्तुत किया था। युवती को लगातार परेशान कर रहा था आरोपी आवेदिका शाजापुर स्थित एक ब्यूटी पार्लर में प्रशिक्षण ले रही है। पीड़िता ने बताया कि उसने 2024 में अनिल परमार के खिलाफ देवास सिविल लाइन थाना में एक गंभीर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यह प्रकरण वर्तमान में जिला न्यायालय देवास में विचाराधीन है। पीड़िता के अनुसार, इस घटना के बाद से अनिल उसे लगातार परेशान कर रहा है। हाथ पकड़कर दी धमकी पीड़िता ने आरोप लगाया है कि 1 जनवरी 2026 से आरोपी उसका लगातार पीछा कर रहा है। 16 जनवरी को आरोपी उसके घर के बाहर खड़ा मिला था। इसके बाद 18 जनवरी को टंकी चौराहा के पास आरोपी ने उसका रास्ता रोका, बुरी नीयत से हाथ पकड़ा और धमकी दी। घटना के बाद आरोपी पार्लर तक उसका पीछा करता हुआ पहुंच गया। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने युवती के आवेदन के आधार पर संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ छेड़छाड़ की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसे जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा।
श्रावस्ती जिले में प्रस्तावित खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) एवं सक्षम प्राधिकारी (भूमि अधिग्रहण) अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने यह पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे, गोरखपुर के उप मुख्य अभियंता/निर्माण/सामान्य ने श्रावस्ती जिले में नई रेलवे लाइन के निर्माण का प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव के तहत तहसील भिनगा क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण के लिए रेल अधिनियम 1989 की धारा 20(ड) के अंतर्गत अधिसूचना 09 जुलाई 2025 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित की जा चुकी है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, तहसील भिनगा के एकघरवा, पिपरहवा, विशुनपुर रामनगर, लखाही बेनीनगर, बैरागीजोत, रेहली विशुनपुर, चकवा, लक्ष्मनपुर इटवरिया, पूरेखैरी, खैरीकलां, गलकटवा, पटना खरगौरा, जरकुसहा और खजुहा झुनझुनिया गांवों की भूमि इस परियोजना से प्रभावित होगी। अपर जिलाधिकारी ने प्रभावित भूखंडों के हितधारकों को सूचित किया है कि वे अपने दावे प्रस्तुत करने के लिए 21 जनवरी 2026 को सुबह 11 बजे सक्षम प्राधिकारी (भूमि अधिग्रहण)/अपर जिलाधिकारी, कलेक्ट्रेट श्रावस्ती (भिनगा) कार्यालय में उपस्थित हों। उन्होंने संबंधित भूमि स्वामियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपने दावे प्रस्तुत करें। इससे भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही नियमानुसार और समय पर पूरी की जा सकेगी।
सोहना में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) टीम ने एक सरकारी राशन डिपो पर छापा मारा है। जांच के दौरान डिपो में रिकॉर्ड से कम सरकारी राशन पाया गया, जिसे बीपीएल और गुलाबी कार्ड धारकों को वितरित किया जाना था। टीम ने सभी आवश्यक सबूत जुटाकर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है और डिपो संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई कस्बे के पलवल मार्ग पर स्थित शनि मंदिर के समीप बनी सरकारी राशन की दुकान पर की गई। सीएम फ्लाइंग टीम के पहुंचने पर दुकानदारों में हड़कंप मच गया। टीम ने दुकान में घुसकर बारीकी से छानबीन की और रिकॉर्ड की जांच की। गेहूं-सरसों का तेल और चीनी कम मिली जांच में 3150 किलोग्राम गेहूं, 120 लीटर सरसों का तेल और 30 किलोग्राम चीनी कम पाई गई। बताया गया है कि इस डिपो का संचालन अनिल बंसल करते हैं। टीम ने अनिल बंसल के खिलाफ सरकारी राशन में हेराफेरी का मामला पाया है। सीएम फ्लाइंग टीम ने सभी सबूत एकत्रित कर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी है, ताकि डिपो धारक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
हरियाणा की सड़कों में सुधार के लिए ब्लैक स्पॉट चिह्नित होंगे। रोड सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए 2025-26 में 50 किलोमीटर लम्बी मॉडल सड़कों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जबकि वर्ष 2026-27 में लगभग 110 किलोमीटर लम्बी मॉडल सड़कों का निर्माण होगा। भारत में रोड मार्किंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट सॉल्यूशन्स क्षेत्र की कंपनी कैटलिन लिमिटेड की विशेषज्ञ टीम ने रात में दृश्यता बढ़ाने, लेन अनुशासन सुनिश्चित करने, पैदल यात्रियों की सुरक्षा तथा दुर्घटना में कमी जैसे व्यावहारिक सुरक्षा नवाचारों का प्रेजेंटेशन दिया। कैटलिन लिमिटेड के संस्थापक अमित ठट्टे ने कहा कि भारत सड़क सुरक्षा के एक महत्वपूर्ण बदलाव के मोड़ पर खड़ा है। इंफ्रास्ट्रक्चर, सामग्री, व्यवहार और प्रवर्तन- सभी तत्व सुरक्षित यातायात प्रणाली के निर्माण में भूमिका निभाते हैं। प्रदेश में चल रहा है सुधार पर काम कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कुशल नेतृत्व में लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के रखरखाव, रिपेयर, निर्माण, चौड़ीकरण और पैचवर्क के कार्य की प्रकिया युद्धस्तर पर जारी है। इस वर्ष वर्क प्रोग्राम 2025-26 के अंतर्गत 6 हजार 608 किलो मीटर की कुल 2 हजार 324 सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए 5 हजार 508 करोड़ रूपए की राशि सरकार द्वारा स्वीकृत की गई है। जिसमें से 2 हजार 229 सड़कों पर कार्य प्रगति पर है। इसी प्रकार प्रदेश में 3 हजार 500 किलोमीटर सड़कों को 12 फुट से बढ़ाकर 18 फुट चौड़ा किया जा रहा है। 1 हजार 275 किलोमीटर सड़कों को चौड़ा करने का कार्य इस वर्ष पूरा कर लिया जाएगा, जबकि शेष 2 हजार 225 किलोमीटर सड़कों को मार्च 2027 तक चौड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है।
आईआईटी बीएचयू के धातुकर्म अभियांत्रिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने इस्पात उद्योग को हरित और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रो. गिरिजा शंकर महोबिया के नेतृत्व में किए गए इस शोध में हरे नारियल के छिलके से तैयार बायोचार को लौह निर्माण प्रक्रियाओं में अपचायक के रूप में सफलतापूर्वक परखा गया है। इस्पात उद्योग की बड़ी चुनौती प्रो. गिरिजा ने कहा - विश्व स्तर पर इस्पात उद्योग कुल कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन का लगभग 7 प्रतिशत तथा भारत में करीब 12 प्रतिशत योगदान देता है। भारत ने वर्ष 2030 तक उत्सर्जन में 20 प्रतिशत कटौती और 2070 तक नेट ज़ीरो का लक्ष्य निर्धारित किया है। ऐसे में जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। आईआईटी (बीएचयू) का यह शोध इसी दिशा में एक ठोस और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करता है। नारियल अपशिष्ट से औद्योगिक उपयोग तक प्रो. गिरिजा ने कहा - भारत विश्व का सबसे बड़ा नारियल उत्पादक देश है। हर वर्ष करोड़ों नारियलों से उत्पन्न होने वाला छिलका और भूसी अब तक बड़े पैमाने पर औद्योगिक उपयोग में नहीं आ पा रहा था। शोधकर्ताओं ने इसी अपशिष्ट को संसाधित कर ‘ग्रीन कोकोनट हस्क बायोचार’ (GCB) तैयार किया और इसे लौह प्रगलन प्रक्रियाओं में परखा। शोध के प्रमुख निष्कर्ष • प्रारंभिक 60 मिनट में इसकी अपचयन दर अधिक तेज़ पाई गई, जिससे उत्पादन प्रक्रिया की दक्षता बढ़ सकती है। • इसमें राख और सल्फर की मात्रा कोयले की तुलना में काफी कम है, जिससे स्पंज आयरन की गुणवत्ता बेहतर होती है और स्लैग निर्माण कम होता है। • यह पूर्णतः नवीकरणीय स्रोत से प्राप्त होता है और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने के कारण परिवहन लागत एवं पर्यावरणीय प्रभाव भी घटाता है।
नगर पालिका बिजली चोरी कर रही थी:विभाग ने 2 लाख का लगा जुर्माना, कनेक्शन काटने के बाद फिर से जोड़ा
डीग जिले की पहाड़ी नगर पालिका बिजली चोरी कर रही थी। जब बिजली विभाग को इसका पता लगा तो, बिजली विभाग ने पहाड़ी नगर पालिका के नाम करीब 2 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नगर पालिका की हाई मास्क और स्ट्रीट लाइटें चोरी की बिजली से चल रही थी। इसके बारे में पता लगने के बाद कनेक्शन को काट दिया गया है। नगर पालिका ने डिमांड नोटिस नहीं भरा बिजली विभाग के AEN धनंजय कुमार ने बताया कि पिछले 3 महीने से नगर पालिका की स्ट्रीट और हाई मास्क लाइटें जल रहीं हैं। 4 नवंबर को पहाड़ी नगर पालिका के लिए डिमांड नोटिस भेजा गया था लेकिन, पहाड़ी नगर पालिका की तरफ से डिमांड नोटिस की राशि जमा नहीं करवाई गई। राशि जमा नहीं होने पर बिजली विभाग ने लाइटों के कनेक्शन दिसंबर काट दिए। 1.91 का लगाया जुर्माना उसके बाद फिर से नगर पालिका ने चोरी छुपे कनेक्शन कर लिए, जब इसके बारे में बिजली विभाग को पता लगा तो, बिजली विभाग ने 10 जनवरी को फिर से सभी कनेक्शन काट दिए। साथ ही 19 जनवरी को 3 महीने तक लाइट जलाने के एवज में 1 लाख 91 हजार 160 रुपए का जुर्माना लगाया। नगर पालिका EO को जानकारी नहीं इसके बारे में जब पहाड़ी नगर पालिका के अधिशाषी राजकुमार अधिकारी (EO) से बात की तो, उन्होंने कहा कि मुझे इसके बारे में जानकारी नहीं है। लाइट लगाने का काम अक्टूबर में शुरू किया गया था। कैसे यह लाइटें जलाई गई इसके बारे में नहीं पता।
जींद में 276 किलो चूरापोस्त जब्त:पुलिस ने एक नशा तस्कर पकड़ा; खेत में तहखाना बना कर छिपाया था
जींद जिले में सीआईए स्टाफ नरवाना ने नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। सीआईए स्टाफ की टीम ने डूमरखां खुर्द गांव के पास एक खेत से 276 किलो 100 ग्राम चूरापोस्त के साथ एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने साथी के खेत में लोहे का एक तहखाना बना रखा था। इस तहखाने को पराली और गोबर से ढककर छिपाया गया था। सीआईए नरवाना ने तस्करों के इस नशे के नेटवर्क का पर्दाफाश किया। सीआईए प्रभारी सुखदेव सिंह ने बताया कि नशा तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए एएसआई अवतार सिंह के नेतृत्व में सीआईए नरवाना की टीम डूमरखां गांव के अड्डे पर मौजूद थी। टीम को मुखबिरी मिली कि सुमित उर्फ मीत और मनीष, निवासी डूमरखां खुर्द, रेड चिल्ली ढाबे की आड़ में चूरापोस्त की तस्करी करते हैं। मनीष ने अपने खेत में भारी मात्रा में चूरापोस्त छिपा रखा था। कार से लेने गया था नशे की खेप सूचना के अनुसार, मनीष का साथी सुमित उर्फ मीत स्विफ्ट कार में चूरापोस्त की खेप लेने मनीष के खेत में गया हुआ था। सीआईए टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डूमरखां खुर्द गांव से तारखां रोड पर रजबाहा के पास आरोपी मनीष के खेत में छापा मारा। खेत में एक स्विफ्ट कार खड़ी मिली। गाड़ी के पास गेहूं के खेत में बने लोहे के तहखाने से एक व्यक्ति बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। जिसे टीम ने मौके पर ही काबू कर लिया। सीआईए टीम ने राजपत्रित अधिकारी नायब तहसीलदार नरवाना को मौके पर बुलाया। उनकी मौजूदगी में आरोपी की कार और लोहे के तहखाने की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान कार से एक कट्टा और तहखाने से 10 कट्टे, कुल 11 कट्टों में 276 किलो 100 ग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ।
चूरू शहर में बढ़ते अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर मंगलवार को एकता मंच के पदाधिकारियों ने नगर परिषद आयुक्त से मुलाकात की। मंच के सदस्यों ने आयुक्त को एक ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण पर कार्रवाई की अपील की। ज्ञापन में एकता मंच के जिलाध्यक्ष विनोद राठी ने बताया कि शहर के लगभग सभी हिस्सों में अतिक्रमण बढ़ रहा है। इसके कारण आमजन को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य बाजारों में दुकानदारों ने दुकानों के बाहर अतिक्रमण कर रास्तों को संकरा कर दिया है। राठी ने आगे बताया कि कई दुकानदार तो अपनी दुकानें मुख्य सड़क पर ही लगा लेते हैं, जिससे सड़क मार्ग नाममात्र का रह जाता है। उन्होंने कहा कि शहर को साफ और सुंदर बनाने के लिए अतिक्रमण हटाना बेहद जरूरी है। गवर्नमेंट डीबी अस्पताल से लेकर पुलिस लाइन, सुभाष चौक से सफेद घंटाघर होते हुए गढ़ चौराहा, मोचीवाड़ा सड़क, नई सड़क और रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या गंभीर है। मंच ने मांग की है कि अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों का सामान जब्त किया जाए और उन पर जुर्माना लगाया जाए। साथ ही, दुकानों के बाहर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाए। ज्ञापन सौंपते समय विश्वनाथ शर्मा, सत्यनारायण व्यास, प्रमोद शर्मा, दारा सिंह जांगिड़, प्रताप सिंह, किशन किरोड़ीवाल, प्रेमचंद बगड़िया, मुकेश सेन, आकाश ओझा और सुरेश कुमार सहित कई अन्य सदस्य मौजूद थे।
नांदेड़ में गुरु तेग बहादुर साहिब के 350वें शहीदी दिवस के अवसर पर 24 और 25 जनवरी 2026 को होने वाले कार्यक्रमों को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर चंडीगढ़ और हजरत निजामुद्दीन से नांदेड़ के लिए दो आरक्षित स्पेशल ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों से खास तौर पर मध्य प्रदेश के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन विशेष ट्रेनों के ठहराव से मध्य प्रदेश के प्रमुख स्टेशनों के यात्रियों को नांदेड़ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यात्रियों से अपील की गई है कि यात्रा से पहले ट्रेन की समय-सारिणी और आरक्षण की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। मध्य प्रदेश के इन स्टेशनों के यात्रियों को लाभ ये दोनों स्पेशल ट्रेनें बीना जंक्शन, भोपाल जंक्शन और इटारसी जंक्शन होकर गुजरेंगी। इससे सागर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल सहित आसपास के जिलों के यात्रियों को नांदेड़ आने-जाने के लिए सीधी रेल सुविधा मिलेगी। आम दिनों में सीमित विकल्प होने के कारण यात्रियों को जिन दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, वह इन स्पेशल ट्रेनों से काफी हद तक दूर होगी। चंडीगढ़–नांदेड़–चंडीगढ़ स्पेशल भोपाल जंक्शन पर समय हजरत निजामुद्दीन–नांदेड़–हजरत निजामुद्दीन स्पेशल भोपाल जंक्शन पर समय
जोधपुर में इन दिनों सड़क परिवहन विभाग (RTO) की मिलीभगत से शहर के कई रूट पर अवैध बसें संचालित हो रही है। ये बसें बिना स्पीड गवर्नर, बिना नियमों की पालना किए अवैध रूट पर दौड़ाई जा रही है( इस पूरे मामले पर RTO आकांक्षा बैरवा ने भी चुप्पी साध रखी है। जोधपुर में 6 नंबर रूट के लिए दो बसें चलती है। एक लाल पट्टी को और एक पीली पट्टी की बस है। इन बसों को 15-15 दिन की अवधि में दो रूट पर रोटेशन के आधार पर चलाया जाता है। 6 नंबर की पीली पट्टी की बस का रूट 1 से 15 तारीख तक तनावडा गांव से घंटाघर तक का रूट है। लाल पट्टी वाली बस का 16 से 30 तारीख तक खोखरिया से न्यू पॉवर हाउस भगत की कोठी तक का रूट परमिट है। हर पंद्रह दिन में ये क्रम बदलता है। इस तरह से करते खेलबस के संचालक लाल पट्टी की 6 नंबर रूट की बस को तनावड़ा गांव तक रोकने के बजाय 6 किलोमीटर आगे सालावास गांव तक अवैध रूप से संचालित कर रहे हैं। पीली पट्टी लगी बस को न्यू पावर हाउस बिजलीघर तक रोकने के बजाय उसे दस किलोमीटर आगे भरमी पेट्रोल पंप तक अवैध तरीके से चलाया जा रहा है। धन्नाराम ने बताया कि जोधपुर के तनावड़ा गांव से सालावास की तरफ 26 बसे अवैध रूप से चल रही है। जबकि न्यू पावर हाउस से तनावड़ा तक भी 26 बस मिलाकर कुल 52 बस अवैध रूप से चल रही है। इन बसों को लेकर हमने साल 2021 से शिकायत करना शुरू किया, लेकिन RTO जानबूझकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। संपर्क पोर्टल भी बना मजाकरूट पर अवैध बसों के संचालन को लेकर RTO के अधिकारी संपर्क पोर्टल पर भी शिकायत के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। अब तक अलग अलग नंबरों से 7 बार शिकायत की गई है, लेकिन इसके बावजूद स्थाई रूप से इन बसों का अवैध संचालन नहीं रोका गया है। स्पीड गवर्नर भी दिखावातय रूट से आगे अवैध तरीके से दौड़ने वाली बसों में स्पीड गवर्नर से लेकर वाहनों के फिटनेस की भी जांच नहीं की जाती है। इन बसों में निर्धारित सीमा में अधिकतम स्पीड 40 किमी है, लेकिन ये सिर्फ कागजों में है। तेज रफ्तार सिटी बसों की वजह से पूर्व में भी कई हादसे भी सामने आ चुके हैं, लेकिन विभाग बेपरवाह है। वहीं इतनी शिकायतों के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर DTO छगनलाल मालवीय ने कहा कि हम कार्रवाई करते हैं, अब यदि आपने संज्ञान में दिलाया है तो जल्द इन बसों पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ में यादे माता की शोभायात्रा निकली:सकल प्रजापत समाज ने जयंती पर निकाली, जगह-जगह हुआ स्वागत
प्रतापगढ़ शहर में सकल प्रजापत समाज द्वारा यादे माता की शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा यादे माता मंदिर से शुरू हुई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। शहर भर में जगह-जगह प्रजापत समाज के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा शहर के मुख्य मार्गों से गुजरी। गांधी चौराहे पर पहुंचने पर विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर समाज के लोगों का अभिनंदन किया। शोभायात्रा का समापन यादे माता मंदिर पर हुआ। भजन संध्या का कार्यक्रमप्रजापत समाज के ईश्वरलाल प्रजापत और नितेश प्रजापत ने बताया-हर साल यादे माता की जयंती पर यह शोभायात्रा निकाली जाती है। इस वर्ष भी जयंती के अवसर पर यह आयोजन किया गया। मंदिर में माता जी की महाआरती के बाद देर शाम भव्य भजन संध्या और प्रसादी कार्यक्रम का आयोजन होगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए दूर-दराज के अंचलों, आसपास के जिलों और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में प्रजापत समाज के लोग प्रतापगढ़ मुख्यालय पहुंचे। समाज के सदस्यों ने पुष्पमाला पहनाकर उनका स्वागत किया।
माघ मेले के दौरान प्रयागराज से आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ मंगलवार को भी अयोध्या में देखने को मिली।आज 3 लाख के करीब भक्तों ने सरयू स्नान कर रामलला और हनुमानगढ़ी आदि मंदिरों में दर्शन किया। नागेश्वरनाथ मंदिर में अभिषेक के लिए भक्तों का सुबह से तांता लगा रहा। पुलिस अधीक्षक नगर चक्रपाणि तिवारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रामपथ वन वे कर दिया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी से भीड़ पर नजर रखी जा रही है। क्यूआरटी और चीता मोबाइल से मदद ली जा रही है।संदिग्ध लोगों पर नजर रखी जा रही है। आज सुबह कच्चा घाट पर सरयू नदी में स्नान करने के बाद बाहर निकलते समय सीढ़ी से फिसलकर गिर जाने के कारण 11 वर्षीय बालक घायल हो गया। पीड़ित आलोक चौबे उर्फ सौरव, पुत्र पंकज चौबे, निवासी कोदौरा, थाना थानगांव, जिला सीतापुर का रहने वाला है। घटना की जानकारी मिलते ही जल पुलिस प्रभारी रूबे प्रताप मौर्य एवं कॉन्स्टेबल नित्यानन्द यादव तत्काल मौके पर पहुंचे। जल पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण से घायल बालक को तुरंत केंद्रीय जल आयोग के निकट स्थित अस्थायी चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा प्राथमिक उपचार किया जा रहा है।उपचार के समय परिजन उपस्थित रहे। चिकित्सकों के अनुसार बालक की स्थिति फिलहाल सामान्य एवं कुशल है। जल पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई, जिसकी स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है।

