सोनीपत जिले के मुरथल स्थित NH-44 पर ऐतिहासिक और आस्था के प्रमुख केंद्र नागे बाबा मंदिर आज एक बड़े धार्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नागे बाबा के धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में विशेष रूप से शिरकत करने के लिए सोनीपत पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। सुरक्षा से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधा तक हर स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।नागे बाबा मंदिर में पहुंचेंगे सीएम योगीउत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज मुरथल स्थित नागे बाबा मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम में भाग लेंगे। उनके आगमन को लेकर श्रद्धालुओं और संत समाज में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जिला प्रशासन ने की व्यापक तैयारियांमुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। कार्यक्रम स्थल पर मंच व्यवस्था, बैठक व्यवस्था और श्रद्धालुओं के आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।नागे बाबा मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जा रही है। यातायात और पार्किंग के लिए ऑप्शनल रूट प्लानकार्यक्रम के दौरान यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए ऑप्शनल रूट प्लान तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग स्थलों की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।मंदिर परिसर में स्वच्छता, पेयजल, बिजली आपूर्ति, मेडिकल सुविधा और आपातकालीन सेवाओं को दुरुस्त किया गया है। श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।श्रद्धालुओं और संतों की बड़ी मौजूदगी की संभावनाकार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे। इसे देखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।जिला प्रशासन ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम से पहले और दौरान पूरे क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
हरियाणा के तीन नगर निगमों पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में मेयर पद जनरल कैटेगरी में रहेगा या रिजर्व होगा, इसे लेकर राजनीतिक हलचल तेज है। इस पर फैसला आज लॉट ऑफ ड्रॉ के जरिए होगा। इन तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल इसी महीने में समाप्त हो चुका है। नियमों के अनुसार, तीनों में से किसी एक नगर निगम का मेयर पद बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी के लिए रिजर्व किया जाएगा। इसके लिए अब तीसरी बार ड्रॉ रखा गया है। इससे पहले 1 दिसंबर और 15 दिसंबर को ड्रॉ की तारीख तय की गई थी, लेकिन दोनों बार इसे टालना पड़ा। नगर निगमों के साथ छह निकायों में उपचुनाव भी होंगे। इनमें टोहाना, झज्जर, राजौंद, कनीना, तरावड़ी, साढौरा और करनाल शामिल हैं। इन निकायों में एक-एक वार्ड पार्षद के चुनाव होंगे। राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तैयारी में जुटा नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय में भी हलचल है। आयुक्त भी कर्मचारियों के साथ मंगलवार को बैठक करेंगे, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। सभी जगह से वोटर संख्या भी राज्य चुनाव आयोग ने मांगी है। सूत्रों का कहना है कि चुनाव आयोग ने इन सभी स्थानों पर ईवीएम से वोटिंग के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी है। निगमों का कब हुआ कार्यकाल पूरा पंचकूला नगर निगम का 5 वर्ष का कार्यकाल इसी माह 4 जनवरी को पूरा हुआ है, जबकि सोनीपत नगर निगम का 6 जनवरी और अम्बाला नगर निगम 13 जनवरी को कार्यकाल पूरा हुआ है। यहां फिलहाल प्रशासक नियुक्त किए हुए हैं। मेयर सीट के आरक्षण पर उठे सवाल पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार का कहना है कि मेयर पद के लिए ड्रा की प्रक्रिया ठीक नहीं है, क्योंकि राज्य की 11 नगर निगमों में मेयर के लिए एक साथ ड्रा के साथ सीटें आरक्षित होनी चाहिए। इससे पहले दिसंबर 2016 में प्रदेश की सभी तत्कालीन 10 नगर निगमों के लिए एक साथ ड्रा हुआ था। तब सभी नगर निगमों के आम चुनाव एक साथ नहीं, बल्कि अलग-अलग समय पर कराए गए थे। फरीदाबाद नगर निगम के जनवरी 2017 में, गुरुग्राम नगर निगम के सितंबर 2017 में, जबकि पांच नगर निगम हिसार, करनाल, पानीपत, रोहतक और यमुनानगर के दिसंबर, 2018 में चुनाव हुए थे। तीन नगर निगम अंबाला, पंचकूला और सोनीपत के दिसंबर 2020 में कराए गए थे। आईएएस ट्रांसफर बना देरी की वजह ड्रॉ टलने की मुख्य वजह हाल ही में हुई प्रशासनिक फेरबदल रही। हरियाणा सरकार ने 20 आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए थे। इनमें 2009 बैच के आईएएस पंकज कुमार का भी ट्रांसफर हुआ, जो उस समय अर्बन लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के डायरेक्टर थे। उनकी जगह 2006 बैच के आईएएस अशोक मीणा को नया डायरेक्टर नियुक्त किया गया। चूंकि ड्रॉ डायरेक्टर यूएलबी की देखरेख में होना था, इसलिए दोनों बार प्रक्रिया को स्थगित करना पड़ा। बैकवर्ड क्लास-बी के लिए रिजर्व होगी एक सीट तीनों नगर निगमों में से किसी एक का मेयर पद बैकवर्ड क्लास-बी कैटेगरी के लिए रिजर्व किया जाएगा। इस वर्ग में अहीर/यादव, गुर्जर समेत कई जातियां शामिल हैं। राजनीतिक दलों ने इस वर्ग से आने वाले संभावित उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर दिया है। फिलहाल पंचकूला नगर निगम का मेयर पद जनरल कैटेगरी के लिए आरक्षित है, जहां कुलभूषण गोयल मेयर हैं।
गुरुग्राम में देश के प्रतिष्ठित मेदांता दी मेडीसिटी अस्पताल में किडनी डोनेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने लोगों को ठग रहे हैं। सोशल मीडिया पर एक किडनी डोनेट के बदले तीन करोड़ रुपए देने का लालच देकर ठगी के मामले का खुलासा हुआ है। मेदांता अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट (एमएस) डॉ. संजय दुरानी की शिकायत पर सदर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की है।पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार प्रिया संतोष नाम की एक महिला खुद को डॉक्टर बता कर लोगों को ठगने का काम कर रही है। यह महिला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, फर्जी वेबसाइटों और व्हाट्सऐप ग्रुप के माध्यम से लोगों से संपर्क करती है। अस्पताल की फर्जी वेबसाइट भी बना रखी विज्ञापन में दावा किया जाता है कि मेदांता अस्पताल को किडनी की सख्त जरूरत है और जो व्यक्ति अपनी किडनी दान करेगा, उसे अस्पताल की ओर से तीन करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इन्होंने मेदांता अस्पताल के लोगो और नाम का अवैध रूप से इस्तेमाल कर एक फर्जी वेबसाइट भी बना रखी है। महिला ने खुद को अस्पताल की डॉक्टर के रूप में पेश कर फर्जी कर्मचारी आईडी (स्टॉफ आईडी: 1484628डब्ल्यू) का भी उपयोग किया, ताकि लोग आसानी से झांसे में आ सकें।ऐसे पता चली ठगों की करतूतपांच दिन पहले प्रतीक्षा पुजारी नाम की एक महिला ने अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया। प्रतीक्षा ने अस्पताल को एक ई-मेल भेजकर बताया कि सोशल मीडिया पर किडनी दान के विज्ञापन को देखकर उसने संपर्क किया था। अस्पताल की डॉक्टर प्रिया संतोष ने उससे पंजीकरण शुल्क के रूप में आठ हजार रुपए लिए हैं। 20 हजार और मांगने पर शक हुआ इसके बाद, ठगों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसे तीन करोड़ रुपए की राशि जारी की जा रही है, लेकिन इसके बदले उसे 20 हजार रुपए और जमा करने होंगे। जब महिला को शक हुआ और उसने अस्पताल में पड़ताल की। अस्पताल की जांच में सामने आया कि प्रिया संतोष नाम की कोई डॉक्टर अस्पताल में नहीं है और उसके द्वारा दी गई स्टॉफ आईडी भी फर्जी है। मेदांता की छवि बिगाड़ने की साजिश डॉ. संजय दुरानी ने पुलिस को बताया कि आरोपी महिला द्वारा इस्तेमाल किया गया नाम, स्टाफ आईडी और व्हाट्सऐप नंबर पूरी तरह फर्जी हैं। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे किसी भी प्रकार के अवैध अंग व्यापार या ऐसी किसी वेबसाइट का संचालन नहीं करते हैं। यह एक संगठित साइबर गिरोह का काम है जो न केवल लोगों को आर्थिक चपत लगा रहा है, बल्कि अस्पताल की छवि को भी धूमिल करने की कोशिश कर रहा है।पुलिस जांच कर रहीसदर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी प्रिया संतोष और उसके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ या जाएगा।
सेक्टर-150 स्पोर्टस सिटी प्लाट नंबर एससी-02/150 तारीख 16-17 जनवरी की रात नोएडा में युवराज मेहता की कार एक 70 फुट गहरे, पानी भरे बेसमेंट में दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गई। जहां वे कुछ देर तक जिंदा रहे और मदद के लिए आवाज देते रहे। यह गड्ढा एक निर्माणाधीन साइट का अंडरग्राउंड बेसमेंट था, जिसके चारों ओर कोई बैरिकेड, रिफ्लेक्टर्स या चेतावनी संकेत नहीं थे। यहां तक कि कई साल से यह गड्ढा इसी स्थिति में था, जिससे स्थानीय निवासियों ने पहले भी शिकायतें की थीं। मुख्य घटना के CDR (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) और पिता के बयान के अनुसार, युवराज ने कार के पानी में डूबने से पहले अपने पिता को फोन किया और अपनी स्थिति बताई। पिता ने तुरंत 112 पर कॉल की और मौके पर पहुंचे, लेकिन भारी कोहरे और अंधेरी स्थिति के कारण मदद मौके पर पहुंचने के बावजूद प्रभावी बचाव नहीं हो पाया। इन बिंदुओं पर एसआईटी की टीम कर सकती है फैक्ट फाइडिंग। SIT फैक्ट फाइंडिंग-1घटना के समय कंट्रोल रूम/वार रूम को चेतावनी तुरंत मिली थी और पुलिस लगभग 9 मिनट में पहुंच गई, उसके बाद फायर ब्रिगेड लगभग 30 से 45 मिनट में, SDRF 71 मिनट में, और NDRF करीब 2 घंटे बाद मौके पर पहुंचा। लेकिन इन टीमों के पास विशेष डाइवर्स, उचित उपकरण या 70 फीट लंबी क्रेन आदि नहीं थे, जिससे वे गहरे जल में उतरकर युवराज तक पहुंच न सके। पुलिस और राहत कर्मी लगातार यह बताते रहे कि कोहरा, गहरे पानी और निर्माण सामग्री की स्थिति ने बचाव को और कठिन बना दिया, जबकि युवराज कार की छत पर लगभग 80 मिनट तक जीवित रहा और सहायता के लिए चिल्लाता रहा। लेकिन उपलब्ध संसाधनों की कमी, वहां प्रशिक्षित डाइवर्स का अभाव और रणनीतिक योजना की कमी के कारण उसे समय पर निकाला नहीं जा सका। SIT फैक्ट फाइंडिंग-2 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की, जिसे पांच दिनों में एक विस्तृत रिपोर्ट देना है। जांच के दो दिन पूरे हो चुके है। SIT को यह जांचने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि: SIT फैक्ट फाइंडिंग -3 SIT फैक्ट फाइंडिंग-4 युवराज की कार अंततः 91 घंटे बाद निकाली गई, और उसके टूटे विंडशील्ड तथा खुली सन रूफ जैसी तकनीकी सबूत भी SIT द्वारा जांचे जा रहे हैं। इस मामले ने न केवल स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं, बल्कि इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम, कंट्रोल रूम प्रोटोकॉल और टीम ट्रेनिंग की मौलिक कमजोरियों को उजागर किया है। एसआईटी को इनसे मिलेगी मदद
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने पटवारी भर्ती से जुड़े एक मामले में अहम व्यवस्था दी है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अगर किसी महिला की शादी विवाह योग्य उम्र से पहले हुई थी, तो भी उसे विधवा कोटे के आरक्षण से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस मुन्नुरी लक्ष्मण की कोर्ट ने राजसमंद के नाथद्वारा निवासी प्रीति गुर्जर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कर्मचारी चयन बोर्ड और राज्य सरकार को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया है कि वे जनरल-विडो कैटेगरी में एक पद याचिकाकर्ता के लिए खाली रखें। 31 दिसंबर को रद्द कर दी थी उम्मीदवारी मामले के अनुसार, प्रीति गुर्जर ने पटवारी भर्ती के लिए ओबीसी और जनरल-विडो कैटेगरी में आवेदन किया था। भर्ती परीक्षा में मेरिट में आने पर चयन बोर्ड ने उन्हें प्रोविजनल लिस्ट में शामिल कर लिया। लेकिन, 31 दिसंबर 2025 को एक आदेश जारी कर उनकी उम्मीदवारी खारिज कर दी गई। अधिकारियों का तर्क था कि शादी के समय याचिकाकर्ता की उम्र विवाह योग्य कानूनी उम्र से कम थी, इसलिए उन्हें विधवा कोटे का लाभ नहीं दिया जा सकता। कोर्ट की टिप्पणी- शादी को चुनौती नहीं दी तो वह वैध याचिकाकर्ता के वकील ने इस फैसले को चुनौती दी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हिंदू विवाह अधिनियम का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की। कोर्ट ने कहा, अधिनियम की धारा 5(iii) के तहत दुल्हन के लिए 18 वर्ष और दूल्हे के लिए 21 वर्ष की उम्र तय है। धारा 12 के अनुसार, इस नियम का उल्लंघन होने पर शादी 'शून्यकरणीय' होती है, यानी इसे रद्द करवाया जा सकता है। लेकिन यह तभी संभव है जब कम उम्र में शादी करने वाला पक्ष खुद इसे चुनौती दे। कोर्ट ने अपने आदेश में लिखा- मौजूदा मामले में चूंकि शादी को कभी चुनौती नहीं दी गई, इसलिए इसे सभी उद्देश्यों के लिए वैध माना जाएगा। नतीजतन, शादी के समय की उम्र का विधवा आरक्षण की पात्रता पर कोई असर नहीं पड़ता। विज्ञापन में ऐसी कोई शर्त नहीं कोर्ट ने भर्ती विज्ञापन की शर्तों का भी अवलोकन किया। कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि विज्ञापन की शर्तों को देखने से यह कहीं भी नहीं झलकता कि यदि कोई विधवा विवाह के समय कम उम्र की थी, तो वह अयोग्य होगी। कोर्ट ने टिप्पणी की, आरक्षण का लाभ लेने के लिए एकमात्र शर्त यह है कि महिला विधवा होनी चाहिए, इसके अलावा कोई और शर्त नहीं है। कोर्ट ने माना कि प्रतिवादी सरकार और बोर्ड का तर्क प्रथम दृष्टया सही नहीं है। कोर्ट ने राजस्व विभाग सचिव और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।
पंजाब में शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस के गैर-शिक्षण कार्यों से शिक्षकों को दूर रखने के निर्देशों के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बार फिर शिक्षकों को कक्षा से बाहर कर दिया है। स्टूडेंट्स की परीक्षाएं सिर पर खड़ी है। इस बार यह फैसला प्री-बोर्ड परीक्षाओं के बीच लिया गया है। विभाग ने ड्रॉपआउट और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान के लिए शिक्षकों को घर-घर सर्वे में लगाने के आदेश दिए हैं। 30 जनवरी तक राज्यव्यापी सर्वे पूरा करने के आदेश 19 जनवरी को पंजाब समग्र शिक्षा अभियान (Samagra Shiksha Abhiyan) के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर की ओर से जारी पत्र में सभी जिला व ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि 3 से 19 वर्ष आयु वर्ग के स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान के लिए 30 जनवरी तक राज्यव्यापी सर्वे पूरा किया जाए। गांवों से लेकर बस स्टैंड तक होगा सर्वेपत्र के अनुसार यह सर्वे गांवों, वार्डों, ढाणियों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और अन्य संवेदनशील इलाकों में किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रवासी परिवारों, निर्माण श्रमिकों, सड़क पर रहने वाले बच्चों, दिहाड़ी मजदूरों, घरेलू सहायकों और कबाड़ी बीनने वालों के बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिले के लिए प्रेरित करना है। सर्वे की समेकित रिपोर्ट और प्रमाण पत्र, जिला शिक्षा अधिकारियों से सत्यापन के बाद 31 जनवरी तक समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में जमा कराने होंगे। शिक्षकों ने जताई कड़ी आपत्तिशिक्षकों का कहना है कि सर्वे का समय पूरी तरह अनुचित है। इस वक्त कक्षा 8, 10 और 12 की प्री-बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और छात्र लंबे शीतकालीन छुट्टियों के बाद पहले से ही सिलेबस पूरा करने के दबाव में हैं। लेक्चरर कैडर यूनियन के एक शिक्षक ने कहा कि-इस समय शिक्षकों को रिवीजन और डाउट क्लियरिंग पर ध्यान देना चाहिए। पत्र में यह भी स्पष्ट नहीं है कि सर्वे स्कूल समय में होगा या उसके बाद। साथ ही कई महिला प्राथमिक शिक्षक संवेदनशील इलाकों में जाने में असहज महसूस कर सकती हैं। विभाग का जवाबमामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि “यह सर्वे हर साल किया जाता है और इससे सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने में मदद मिलती है। औपचारिक रूप से सर्वे 24 जनवरी से शुरू होगा और केवल उन्हीं शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जो परीक्षा के दिनों में कक्षाओं से मुक्त होंगे। फिलहाल, शिक्षकों का मानना है कि ऐसे सर्वे के लिए अलग स्टाफ नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा तैयारी प्रभावित न हो।
मेरठ कपसाड़ कांड के आरोपी पारस सोम की याचिका पर कोर्ट आज सुनवाई करेगी। याचिका में पारस सोम को नाबालिग बताते हुए केस को जेजे बोर्ड ट्रांसफर करने की मांग की गई है। तीन अधिवक्ताओं के पैनल ने यह याचिका दायर की है। पहले दो तस्वीरें देखिए... पहले एक नजर कपसाड़ कांड पर 8 जनवरी की सुबह सरधना के कपसाड़ गांव का पारस सोम इसी गांव की रहने वाली अनुसूचित जाति की रूबी को अगवा करके ले गया। जाते समय उसने रूबी की मां सुनीता पर बलकटी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके बाद गांव में तनाव बढ़ता चला गया। 10 जनवरी को हुई रूबी बरामद सुनीता की मौत से गांव में तनाव फैल गया। पुलिस की 10 टीमें आरोपी की गिरफ्तारी व रूबी की बरामदगी के लिए लगाई गईं। 10 जनवरी की रात पुलिस को दोनों की सहारनपुर में मौजूद होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने पारस सोम को गिरफ्तार करते हुए रूबी को सकुशल बरामद कर लिया। पारस जेल, रुबी को आशा ज्योति केंद्र भेजा 11 जनवरी को पुलिस ने पारस को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। रूबी के बयान दर्ज होने के बाद उसे आशा ज्योति केंद्र भेजा गया। 12 जनवरी को आशा ज्योति केंद्र में काउंसलिंग के बाद रूबी परिजनों की सुपुर्दगी में घर भेज दी गई। 11 से जेल में बंद है पारस सोम अपहरण व हत्या के आरोप में पारस सोम 11 जनवरी से जेल की सलाखों के पीछे बंद है। उसे शुरुआत के दस दिन 19 नंबर बैरक जोकि मुलाहिजा बैरक है, उसमें रखा गया। अब वह दूसरी बैरक में शिफ्ट हो गया है और आम बंदियों की तरह रह रहा है। तनाव के कारण कई दिन तक परिवार का कोई व्यक्ति उससे मिलने जेल नहीं पहुंचा। उम्र को लेकर याचिका हुई दायर पारस की उम्र को लेकर शुरु से ही सवाल उठाए जा रहे थे। कागज सामने आए तो उसकी उम्र लगभग साढ़े 17 वर्ष निकली। इसी बीच तीन अधिवक्ताओं बलराम सोम, संजीव राणा और विजय शर्मा ने पारस के परिजनों से संपर्क किया और उसका केस लड़ने का ऐलान कर दिया। उनके द्वारा एससी-एसटी कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिस पर आज सुनवाई होगी। हमारे पास साक्ष्य मजबूत : संजीव राणा याचिका डालने वाले पैनल में शामिल अधिवक्ता संजीव राणा ने बताया कि उनके पास अपनी बात को पुष्ट करने का मजबूत साक्ष्य है। वह यह साक्ष्य कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। उम्मीद है कि कोर्ट इनका संज्ञान लेते हुए केस को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (किशोर न्याय बोर्ड) में ट्रांसफर करेगी।
अभिनेता आशुतोष राणा ने किए महाकाल दर्शन
फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा ने बुधवार को श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन किए। उनके साथ उद्योगपति ललित अग्रवाल भी थे। राणा ने नंदी हॉल में ध्यान किया। मंदिर प्रबंध समिति ने उनका स्वागत किया। राणा ने कहा कि महाकाल का दरबार दिव्य है और उन्होंने जीवन में जो कुछ भी दिया, वह अद्भुत है। उन्होंने मंदिर की दर्शन व्यवस्था की सराहना की। रोहित मित्तल मित्र मंडल ने उनका स्वागत किया।
गुलाब शाह वाली का उर्स : चादर पेश कर अमन-शांति और भाईचारे की दुआ की
आजाद कॉलोनी स्थित गुलाब शाह वाली की मजार पर उर्स का आयोजन किया गया। गुलाब शाह कमेटी ने मजार की आकर्षक विद्युत और फूलों सज्जा की। सुबह से शाम तक जायरीनों की भीड़ रही। मगरिब की नमाज के बाद कमेटी के युवाओं ने मजार पर चादर और फूलों की चादर चढ़ाई। देश में अमन-शांति और भाईचारे की दुआ की। कमेटी अध्यक्ष जावेद भाई ने बताया अतिथि ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के जिलाध्यक्ष इम्तियाज अंसारी थे। हर साल की तरह इस बार भी चादर पेश और लंगर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों और सहयोगियों का साफा बांधकर और फूलों की माला से स्वागत किया गया। इस मौके पर टीपू खान, लियाकत कला, जुनैद, जुबेर, नासिर भाई, आमिर खान, सद्दाम खान, सोहेल खान, गोलू खान, आवेश, गुल्लू भाई, नदीम आदि मौजूद थे।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता साबित की है। ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने पर राज्य सरकार ने जोधपुर मंडल को तीन अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कृत किया है। जयपुर में आयोजित एक समारोह में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने ये पुरस्कार प्रदान किए। अस्पताल नंबर वन, स्टेशनों को भी पहचान डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार को जयपुर में आयोजित 'राजस्थान ऊर्जा संरक्षण पुरस्कार समारोह-2026' में जोधपुर मंडल का दबदबा रहा। जोधपुर मंडल की ओर से यह सम्मान सहायक मंडल बिजली इंजीनियर (कर्षण) जे.के. भार्गव ने ग्रहण किया। गौरतलब है कि इससे पहले मंडल को जोन स्तर पर 'संपूर्ण कार्यकुशलता शील्ड' भी मिल चुकी है। ऐसे बचाई बिजली: मोबाइल से कंट्रोल हो रहे पंप वरिष्ठ मंडल बिजली इंजीनियर (सामान्य) नितेश कुमार मीणा ने बताया कि बिजली बचाने के लिए मंडल ने तकनीक का भरपूर इस्तेमाल किया है। पुरस्कार मिलने के पीछे ये प्रमुख आधार रहे:
पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं से महिला द्वारा नाबालिग भतीजियां बेचने का मामला सामने आया है। महिला के पति ने ही उस पर अपने भाई की दो नाबालिग बेटियों को बेचने का आरोप लगाया और पुलिस को शिकायत दे दी। वहीं शिकायत कर्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस ने शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। जगराओं के रूमी गांव के गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसके बड़े भाई व भाभी की मौत के बाद उसकी पत्नी उनकी तीन नाबालिग बेटियों को अपने साथ लेकर चले गई। उसने दो बेटियों को पैसे लेकर बेच दिया जबकि तीसरी बेटी को उसके पास से पंचायत ने मलेरकोटला जिले से बरामद किया है। भाई-भाई की मौत के बाद गुरप्रीत सिंह पाल रहा था तीनों बेटियां गुरप्रीत सिंह ने बताया कि उसके भाई लखबीर सिंह और भाभी सुनीता रानी का कुछ समय पहले निधन हो गया था। उनकी तीन बेटियां हैं जिनकी उम्र 14, 16 और 17 वर्ष है। भाई व भाभी की मौत के बाद वो तीनों बच्चियों को अपने घर लाया और उनका पालन पोषण कर रहा था। पत्नी पर लगाए कुछ लोगों के साथ मिलकर साजिश करने का आरोप गुरप्रीत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची। वह तीनों बच्चियों को अपने साथ लेकर चली गई। कुछ समय बाद गुरप्रीत को जानकारी मिली कि उनकी पत्नी ने दो बड़ी नाबालिग लड़कियों को कथित तौर पर पैसों के बदले अलग-अलग लोगों को बेच दिया है। तीसरी बेटी को मलेरकोटला से किया बरामद पीड़ित गुरप्रीत सिंह का कहना है कि वह लगातार थाने में शिकायत दे रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उसने बताया कि उसे सूचना मिली कि उसकी पत्नी मालेरकोटला जिले के गांव बिशनगढ़ बनियावाला में अपने एक साथी के साथ रह रही है। पंचायत सदस्यों और रिश्तेदारों के साथ गुरप्रीत वहां पहुंचे, जहां केवल सबसे छोटी बच्ची मिली, जिसे वह अपने साथ वापस ले आए। गुरप्रीत का दावा, लड़कियों को पैसे लेकर बेचा गुरप्रीत सिंह ने आरोप लगाया है कि बाद में दो अलग-अलग लोगों ने उन्हें फोन कर नाबालिग लड़कियों से बात भी करवाई। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्होंने पैसे देकर लड़कियों को खरीदा है, इसलिए अब उन्हें वापस नहीं किया जाएगा। गुरप्रीत ने इन कॉल करने वालों के मोबाइल नंबर भी पुलिस को सौंप दिए हैं। मजदूर किसान मोर्चा ने दिया थाने के घेराव का अल्टीमेटम मजदूर किसान मोर्चा के अध्यक्ष भरपूर सिंह छज्जावाल ने इस मामले को बेहद संवेदनशील बताते हुए कहा कि नाबालिग लड़कियों की खरीद-फरोख्त गंभीर अपराध है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की ढिलाई दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो अन्य संगठनों के सहयोग से संबंधित थाने का घेराव किया जाएगा। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर रहे सदर थाना के एसएचओ सुरजीत सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह की शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है और जल्द ही मामले की गहराई से जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई कर उनको गिरफ्तार कर नाबालिग लड़कियों को बरामद किया जाएगा।
गोरखपुर के प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के अवसर पर इस साल रिकॉर्ड तोड़ भीड़ देखने को मिली थी। करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गुरु गोरक्षनाथ के चरणों में खिचड़ी चढ़ाकर उनका आशीर्वाद लिया। यह संख्या अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है।मकर संक्रांति बीते एक हफ्ते से ज्यादा हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना 2-4 लाख लोग गोरखनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं, जो हर साल की तुलना में कहीं अधिक है। छोटे बच्चे भी अपने परिवार के साथ मंदिर में घूमते दिखाई दे रहे हैं। कुछ बच्चे तो सीएम योगी के पोस्टर में उनका पैर छूते भी नजर आ रहे हैं। पहले देखिए 3 तस्वीरें... भक्ति के साथ मेले का आनंदश्रद्धालु केवल पूजा-पाठ के लिए ही नहीं, बल्कि मंदिर परिसर में लगे मेले का आनंद लेने के लिए भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। लोग अपने परिवार, बच्चों और दोस्तों के साथ यहां घूमने आ रहे हैं। भक्ति के साथ मनोरंजन का माहौल बना हुआ है।मेले में तरह-तरह के स्टाल लगे हुए हैं, जिनमें लोग इन सभी स्टालों पर जाकर खरीदारी और मनोरंजन कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी मेले का भरपूर आनंद ले रहे हैं।सुरक्षा व्यवस्था सख्तभीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सावधान रहने की अपील की जा रही है। मंदिर परिसर और मेले में जगह-जगह पुलिसकर्मी तैनात हैं। मेला थाना में बने खोया-पाया केंद्र पर पुलिसकर्मी लगातार अनाउंसमेंट कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति बिछड़ जाता है तो उसकी जानकारी देकर परिजनों को मिलवाया जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल गोरखनाथ मंदिर और मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल की तुलना में काफी ज्यादा है। प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में भी भीड़ बने रहने की संभावना है।
मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। 'बात खरी है' मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा। अपनों के निशाने पर कांग्रेस विधायक अभिजीत शाहहरदा जिले के टिमरनी से कांग्रेस विधायक अभिजीत शाह इन दिनों अपनों के ही निशाने पर आ गए हैं। बीते दिनों वे एक हिंदू सम्मेलन में शामिल हुए थे, जिस पर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे पार्टी की घोषित विचारधारा के खिलाफ बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि अभिजीत शाह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे हैं, ऐसे में उनका राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े आयोजन में शामिल होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका यह कदम कांग्रेस की विचारधारा के प्रति उनकी निष्ठा पर संदेह पैदा करता है। पार्टी नेताओं का यह भी कहना है कि कांग्रेस के टिकट पर चुने गए किसी जनप्रतिनिधि का इस तरह के आयोजनों में शामिल होना उन जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ रहा है, जो आरएसएस की विचारधारा से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। मामले को लेकर विधायक की शिकायत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) से भी की गई है। बता दें कि इससे पहले राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने संघ के संगठन की तारीफ की थी। अब लोग कह रहे हैं कि अभिजीत शाह तो दिग्विजय सिंह से एक कदम आगे निकल गए हैं। महापौर के बंगले का घेराव, फोटो पर पोती कालिखभोपाल में गोमांस से जुड़े एक मामले को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने महापौर मालती राय के बंगले का घेराव कर दिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'महापौर मुर्दाबाद' और 'महापौर इस्तीफा दो' के नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों का आक्रोश यहीं नहीं थमा। उन्होंने बंगले पर लगी नेम प्लेट पर कालिख पोत दी और दीवारों पर 'इस्तीफा दो' जैसे नारे लिख दिए। इतना ही नहीं, महापौर के फोटो पर भी कालिख पोतते हुए उनके चेहरे पर दाढ़ी बना दी और 'मुल्ला मालती राय मुर्दाबाद' के नारे लगाए। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने महापौर के बंगले के बाहर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। मौके पर पुलिस बल मौजूद रहा, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने जमकर हंगामा किया और जो होना था, वह होकर ही रहा। औपचारिक बनी जनसुनवाई, अधिकारी नहीं सुन रहेमध्य प्रदेश में आम लोगों की समस्याएं सुनने के लिए होने वाली जनसुनवाई व्यवस्था अब सवालों के घेरे में आ गई है। हालिया तस्वीरें बता रही हैं कि फरियादी किस हद तक हताश हो चुके हैं और सिस्टम से उन्हें कितनी उम्मीदें टूटती नजर आ रही हैं। बुरहानपुर से सामने आई तस्वीरों में देखा गया कि एक फरियादी अपनी बात रखने के लिए जमीन पर बैठ गया, तो अधिकारी भी उसके साथ जमीन पर ही बैठ गए। यह दृश्य भले ही संवेदनशीलता का प्रतीक लगे, लेकिन सवाल ये है कि क्या इससे समस्या का समाधान हुआ? नीमच में हालात और भी भावुक कर देने वाले नजर आए, जहां दो बहनें अपनी फरियाद लेकर जनसुनवाई में लोट लगाती हुई पहुंचीं। उनका मानना है कि अधिकारी उनकी बात सुन ही नहीं रहे, इसलिए अब उन्हें इस तरह गुहार लगानी पड़ रही है। आगर से सामने आया मामला तो और भी चौंकाने वाला है। यहां एक फरियादी ने जनसुनवाई बंद करने की ही मांग कर दी। उसका कहना था कि जब न न्याय मिल रहा है और न ही समस्या का समाधान हो रहा है, तो ऐसी जनसुनवाई का क्या औचित्य? अब ये तस्वीरें और ये सवाल प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़े हो गए हैं। सवाल सिर्फ ये नहीं है कि फरियादी क्या कर रहे हैं, सवाल ये है कि क्या वाकई जनसुनवाई अपने मकसद को पूरा कर पा रही है? एक्टर सुनील शेट्टी ने किए भगवान महाकाल के दर्शन मशहूर बॉलीवुड अभिनेता सुनील शेट्टी ने उज्जैन पहुंचकर भगवान महाकाल के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने नंदी हॉल में बैठकर ध्यान किया और नंदी जी को जल अर्पित किया। दर्शन के बाद सुनील शेट्टी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी आगामी फिल्म ‘बॉर्डर 2’ देश के जवानों को समर्पित है। उन्होंने फिल्म की सफलता और पूरी टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए बाबा महाकाल से विशेष प्रार्थना की। अभिनेता ने यह भी बताया कि उनके बेटे अहान शेट्टी भी इस फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी वजह से वे विशेष रूप से उज्जैन आए हैं, ताकि भगवान महाकाल का आशीर्वाद ले सकें। इनपुट सहयोग - संदेश पारे (हरदा), शाकिब खान (भोपाल), मनीष मारू (आगर), बबलू किलोरिया (नीमच), रईस सिद्दिकी (बुरहानपुर), आनंद निगम (उज्जैन) ये भी पढ़ें -फोटो में सिंधिया पीछे, कांग्रेस बोली- ढूंढो, महाराज कहां हैं: कांग्रेस ने मंत्री विजय शाह को किया गिरफ्तार करीब महीनेभर पहले ग्वालियर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को मंच से 'राजा साहब' कहकर संबोधित किया था। अब वही सिंधिया भाजपा नेताओं के फोटो सेशन में पीछे खड़े नजर आए तो कांग्रेस ने तंज किया है। कांग्रेस ने कहा- नजर आना जरूरी है। ढूंढो, महाराज कहां हैं। पूरी खबर पढ़ें
नमस्कार, कानपुर में कल (बुधवार) की बड़ी खबरें… पार्टी से लौट रहे दोस्तों की कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। कार में सवार बी-फार्मा के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। गोविंद नगर के दादा नगर इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार तड़के एक प्लास्टिक दाना फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग से फैक्ट्री के बाहर खड़े तीन लोडरों के साथ पास की इमारत को भी अपनी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड की 9 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…। अब सिलसिलेवार 10 खबरें पढ़िए- 1. बेकाबू कार पेड़ से टकराई, 2 B-Pharma छात्रों की मौत:कानपुर में 4 दोस्त पार्टी कर लौट रहे थे; 2 की हालत गंभीर कानपुर में पार्टी से लौट रहे दोस्तों की कार बेकाबू होकर पेड़ से टकरा गई। कार में सवार बी-फार्मा के दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। यह हादसा मंगलवार आधी रात के बाद कल्याणपुर थाना क्षेत्र के पनकी रोड पर हुआ। सामने आए CCTV फुटेज में स्विफ्ट डिजायर कार तेज रफ्तार में आती दिख रही है। कार में चार दोस्त सवार थे, जो पनकी से कल्याणपुर की ओर जा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर 2. IIT में सुसाइड के बाद छात्रों का हंगामा:भाई बोले- दो दिन पहले ही पत्नी-बेटी को लेकर आया था, शरीर की 10 हडि्डयां टूटी कानपुर IIT के PHD छात्र राम स्वरूप का आज पोस्टमार्टम कराया गया, 6वीं मंजिल से कूदने की वजह से कूल्हा, पैर, सिर की करीब 10 हडि्डयां टूट गई थी, कोमा में जाने के कारण मौत की पुष्टि हुई है। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि अपने साथी स्कॉलर के साथ रिसर्च के लिए कुछ दिन पहले ही अपने प्रोजेक्ट के लिए राजस्थान आया था। इसके बाद वह रविवार को पत्नी मंजू और तीन साल की बेटी चारू को अपने साथ लेकर गया था। चचेरे भाई राजेंद्र चौधरी ने बताया कि वह पढ़ाई में होनहार था, उसने पहले ही प्रयास में आईआईटी में दाखिला लिया था, इसके साथ ही वह एक बेहतरीन एथलीट भी था। पढ़ें पूरी खबर 3. दादा नगर में शार्ट सर्किट से फैक्ट्री में भीषण आग:लपटों ने घड़ी के गोदाम को भी चपेट में लिया, 9 गाड़ियों ने पाया काबू कानपुर के गोविंद नगर के दादा नगर इंडस्ट्रियल एरिया में बुधवार तड़के उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक प्लास्टिक दाना फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री के बाहर खड़े तीन लोडरों के साथ पास की इमारत को भी अपनी चपेट में ले लिया। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की 9 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है, हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर 4. कानपुर में 35 लाख की ज्वैलरी चोरी, 2 अरेस्ट:रिटायर्ड बैंक कर्मी के बंद घर से चुराया, पुलिस के सामने मुस्कुराता रहा आरोपी जाजमऊ पुलिस ने सेवानिवृत्त एसबीआई कर्मी के बंद मकान से हुई करीब 35 लाख रुपए की ज्वैलरी चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों और चोरी का माल खरीदने वाले एक सुनार को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपियों को बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने चोरी गए माल का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया है। बुधवार दोपहर पुलिस ने आरोपियों को मीडिया के सामने पेश किया, इस दौरान आरोपी फिरोज उर्फ अजमेरी मुस्कुराता रहा। डीसीपी पूर्वी सत्यजीत गुप्ता के मुताबिक, चोरी की घटना 12 जनवरी की रात को हुई थी। मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई थीं। पढ़ें पूरी खबर 5. 'जिसे बेटी कहा, उसी ने मेरे बेटे को मार डाला':कुशाग्र की मां बोली- हत्यारों के डर से कानपुर छोड़ा; ट्यूशन टीचर, प्रेमी-दोस्त दोषी 'मैं ट्यूशन टीचर रचिता को बेटी की तरह मानती थी। कुछ भी खाना बनाती थी तो रचिता को जरूर बुलाती थी। होली के समय मैंने उसे अपने घर में 4 दिन रखा था। मुझे क्या पता था कि जिसे मैं खाना बना-बनाकर खिला रही हूं, वही रचिता एक दिन मेरे बेटे को मार डालेगी। उसके टुकड़े-टुकड़े कर देगी। मेरा बेटा उसे गुरु मानता था। उसने जरा भी मेरे बेटे के बारे में नहीं सोचा। उसने टीचर के रिश्ते को कलंकित किया। मुझे डर लगता था कि कहीं ये लोग मेरे अन्य दोनों बच्चों को न मार दें। इसलिए मैंने कानपुर छोड़ दिया। मैं सूरत चली गई। मैं अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए 1196 किलोमीटर दूर से कानपुर छोटी बेटी को साथ आती थी।' पढ़ें पूरी खबर 6. थर्ड जेंडर बोले-हमारी संख्या हजारों में, SIR में सिर्फ 111:कानपुर में हमारे वोट कट गए, BLO और नेता भी नहीं आए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के पहले चरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिले में थर्ड जेंडर (किन्नरों) की संख्या पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिले भर में जहां किन्नरों की संख्या 3500 से ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, एसआईआर के बाद जारी हुए ड्राफ्ट रोल में जिले भर में महज 111 किन्नर ही शामिल किए गए है। एसआईआर के बाद जारी ड्राफ्ट रोल के बाद किन्नरों की वास्तविक संख्या व किन्नर वोटरों की संख्या पर सवाल खड़े हुए हैं। एसआईआर में संख्या कम होने की वजह कुछ भी हो। पढ़ें पूरी खबर 7. कागजों पर 1500 मीटर सड़क दिखाई, 1100 मीटर ही बनी:कानपुर में शिकायत के बाद घोटाला सामने आया, अब सालभर बाद बची रोड बन रही कानपुर जिला पंचायत के विकास कार्यों में एक और घोटाले का आरोप सामने आया है। घाटमपुर तहसील क्षेत्र में सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि सालभर पहले कागजों में 1500 मीटर सड़क दिखाकर भुगतान करा लिया गया, जबकि मौके पर सिर्फ 1100 मीटर ही डामर रोड बनाई गई। शिकायत उठते ही ठेकेदार ने रातों-रात काम शुरू कर पुराने भ्रष्टाचार को ढकने की कोशिश की। घाटमपुर क्षेत्र में जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा कराए जा रहे विकास कार्य पहले भी विवादों में रहे हैं। हाल ही में स्ट्रीट लाइट घोटाले का मामला ठंडा ही पड़ा था कि अब सड़क निर्माण में अनियमितताओं का आरोप लग गया। पढ़ें पूरी खबर 8. कानपुर में BJP प्रदेश अध्यक्ष के भव्य स्वागत की तैयारी:जल, थल से आसमान तक दिखेगा भगवा रंग, 20 किमी लंबा रोड शो होगा कानपुर में BJP शक्ति प्रदर्शन की तैयारी पूरी है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी पहली बार 22 जनवरी को कानपुर पहुंचेंगे, जहां उनका स्वागत राजनीतिक नहीं बल्कि भव्य आयोजन के रूप में किया जाएगा। 20 किलोमीटर लंबे रोड शो को लेकर संगठन ने जल, थल और वायु तीनों स्तर पर स्वागत की अनोखी रणनीति तैयार की है। गंगा से लेकर सड़क और आसमान तक भगवा रंग में रंगे इस रोड शो को तीन घंटे में पूरा करने की योजना है, जिसे बीजेपी का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर 9. कानपुर में 2 दिन बाद बदलेगा मौसम, बारिश होगी:70 हार्ट पेशेंट भर्ती हुए, पारा 8 डिग्री पहुंचा; धूप ने राहत दी कानपुर का मौसम पिछले दो दिन में बदला है। सुबह के समय मौसम साफ रहने के साथ-साथ गलन में कमी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो कि सामान्य से 1.2 डिग्री ज्यादा है। वहीं प्रदूषण की वजह से AQI 230 के पार रहा। मौसम में हल्की धुंध सी नजर आई। अधिकतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो कि सामान्य से 3.8 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार 23 व 24 जनवरी को बारिश के आसार हैं। शहर के अलावा अन्य जिलों में पड़ रहे कोहरे के कारण मंगलवार 15 ट्र्रेनें देरी से कानपुर सेंट्रल पहुंची। पढ़ें पूरी खबर 10. यूपी में यादव वोटों पर BJP की नजर:MP सीएम मोहन यादव की कानपुर यात्रा पर बढ़ी चर्चा, सपा बोली- यादव टूटेगा नहीं यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। ओबीसी वोट बैंक में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले यादव मतदाताओं पर भारतीय जनता पार्टी की नजर बताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही बीजेपी यादव वोटों का बड़ा हिस्सा अपने पाले में न ला पाए, लेकिन यदि सपा के परंपरागत वोट बैंक में थोड़ी भी सेंध लगती है तो उसका सीधा नुकसान समाजवादी पार्टी को होगा। यूपी की इस सियासी गणित को समझने के लिए दैनिक भास्कर ने वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषकों, पत्रकारों और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता से बातचीत की। जानकारों का कहना है कि यादव वोट बैंक अब तक सपा की मजबूत दीवार रहा है। पढ़ें पूरी खबर
अयोध्या हाईवे पर 18 चक्का ट्रेलर में लगी आग:टायर की दुकान जलकर राख, हादसे के बाद लगा जाम
बाराबंकी के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर चौपुला बाराबंकी के पास देर रात लखनऊ से अयोध्या जा रहे 18 चक्का ट्रेलर में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि इसने जल्द ही विकराल रूप ले लिया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रेलर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि इसने पास स्थित एक टायर की दुकान को भी अपनी चपेट में ले लिया। दुकान में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। हालांकि, फायर ब्रिगेड की टीम को मौके पर पहुंचने में लगभग 20 मिनट का समय लगा। इस दौरान आग लगातार फैलती रही। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारण लखनऊ–अयोध्या हाईवे पर दोनों ओर लंबा जाम लग गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और जाम खुलवाने का प्रयास किया। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, ट्रेलर और टायर की दुकान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। पुलिस और फायर विभाग आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच कर रहे हैं।
रेवाड़ी नगर परिषद की चौधर की जंग कौन लड़ेगा। इसका फैसला 22 जनवरी को पंचकूला में ड्रा से होगा। जिस पर बहुत से लोगों की निगाह लगी हुई हैं। ड्रा में चेयरमैन की सीट सामान्य या महिला की हुई तो सभी की बल्ले बल्ले होगी। ओबीसी के लिए आरक्षित हुई तो भी बहुत कम लोग प्रभावित होंगे। हां यदि सीट एससी कोटे में गई तो चौधर की जंग लड़ने का सपना देख रहे बहुत से लोगों का सपना टूट जाएगा। रेवाड़ी नगर परिषद पर पिछले 15 साल में 6 साल प्रशासक का राज रहा है।चौधर के दावेदार अभी साध रहे चुप्पी रेवाड़ी नप चेयरमैन के लिए नए और पुराने कई चेहरे दावेदार हैं। अधिकतर दावेदार अपने आकाओं के यहां हाजिरी लगाकर गुपचुप तरीके से अपनी दावेदारी पेश कर रहे है। इनमें से अभी तक विशेषकर (भाजपा समर्थक) खुलकर बोलने को तैयार नहीं हैं। अब फिर प्रशासक के हाथ में कमानरेवाड़ी नगर परिषद की कमान फिलहाल प्रशासक के हाथ में है। नगर परिषद का कार्यकाल खत्म होने के बाद एसडीएम सुरेश कुमार 19 जनवरी को प्रशासक का कार्यभार ग्रहण कर चुके हैं। नगर परिषद के चुनाव फरवरी में प्रस्तावित है। किसी कारणवश चुनाव फरवरी मार्च में संभव नहीं हो पाए तो रेवाड़ी नगर परिषद की कमान एक बार फिर लंबे समय तक प्रशासक के हाथों में रह सकती है। देरी से हुए 2010 और 2018 के चुनावरेवाड़ी नगर परिषद में 2010 के प्रस्तावित चुनाव 2013 में हुए। इसी प्रकार से 2018 के चुनाव दिसंबर 2020 में हुए। चुनाव में देरी के चलते पिछले करीब 15 साल में 6 साल रेवाड़ी नगर परिषद का संचालन प्रशासक ने किया। एक बार फिर से रेवाड़ी नप की कमान प्रशासन के हाथ में है। भाजपा अपने स्तर पर करवा रही सर्वेभाजपा ने चुनाव की घोषणा से पहले ही रेवाड़ी में नप चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके लिए बिहार की सर्वे टीम को उतारा गया है। बताया जा रहा है कि सर्वे टीम का काम अभी अंतिम चरण में है। सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही भाजपा चेयरमैन पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर सकती है। जिसे लेकर चेयरमैन का चुनाव लड़ने का सपना देख रहे भाजपा समर्थक चेहरों की धड़कने बढ़ी हुई हैं। वार्डों का पहले ही हो चुका आरक्षणरेवाड़ी नगर परिषद में वार्ड आरक्षित करने की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। । वार्ड 3, 24, 27, 28, 30 और 32 एससी व 27 और 30 एससी महिलाओं के लिए आरक्षित हें। वार्ड 9,13,16 बीसीए वार्ड 11, 20, 25 और 26 बीसीबी, 13 बीसीए व 11 और 20 बीसीबी महिला के लिए आरक्षित है। वार्ड 2, 5, 8, 15 और 23 सामान्य वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। कमान संभाले ही प्रशासक का फरमान 19 जनवरी को रेवाड़ी नगर परिषद के प्रशासक की कमान संभालने के वाले एसडीएम ने अब प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर नया फरमान जारी किया है। जिसमें प्रॉपर्टी बकाया टैक्स जमा करवाने के लिए 31 मार्च तक का समय दिया है। इस अवधि में टैक्स जमा नहीं करवाने वालों को नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत आपसी सहमति से होने वाले तलाक (मुबारत) को लेकर एक नजीर पेश करने वाला फैसला सुनाया है। कोर्ट ने फैमिली कोर्ट्स के रवैये पर तल्खी जाहिर करते हुए कहा कि जब पति-पत्नी दोनों अलग होने के लिए रजामंद हैं, तो अदालत को उसमें तकनीकी अड़चनें नहीं डालनी चाहिए। जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की डिवीजन बेंच ने मेड़ता फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें एक मुस्लिम दंपति के आपसी तलाक को मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। कोर्ट ने अपने रिपोर्टेबल जजमेंट की शुरुआत ही पुरानी कहावत के उल्टे रूप से करते हुए लिखा- यह मामला ऐसा है जहां 'मियां-बीवी राजी, नहीं मान रहा काजी' वाली स्थिति बन गई है। जानें...क्या था पूरा मामला मामला पाली निवासी आयशा चौहान और वसीम खान से जुड़ा है। दोनों का निकाह 27 फरवरी 2022 को मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। शादी के बाद विचारों में मतभेद के चलते वे साथ रहने में असमर्थ थे। इसके बाद पति ने शरीयत के अनुसार तीन अलग-अलग 'तुहर' (मासिक धर्म के बीच का पवित्र समय) में- 8 जून, 8 जुलाई और 8 अगस्त 2024 को- तीन बार तलाक बोला। इसके बाद, दोनों ने 20 अगस्त 2024 को 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर आपसी सहमति से तलाकनामा (मुबारतनामा) लिखा। इसी समझौते के आधार पर उन्होंने फैमिली कोर्ट, मेड़ता में शादी विघटित घोषित करने की अर्जी लगाई। लेकिन, 3 अप्रैल 2025 को फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। फैमिली कोर्ट की समझ पर सवाल: सुन्नी मामले में शिया कानून थोपा हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि फैमिली कोर्ट ने अर्जी खारिज करने के लिए गलत आधार चुना। निचली अदालत का तर्क था कि तलाक के वक्त दो गवाह मौजूद नहीं थे, इसलिए यह वैध नहीं है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि फैमिली कोर्ट ने जिन नजीरों का हवाला दिया, वे 'शिया मुस्लिम लॉ' से संबंधित थे, जहां तलाक के लिए गवाह अनिवार्य हैं। जबकि मौजूदा मामले में पक्षकार 'सुन्नी' (हनफी स्कूल) हैं। सुन्नी कानून के तहत, चाहे तलाक मौखिक हो या लिखित, उसकी वैधता के लिए गवाहों की उपस्थिति अनिवार्य शर्त नहीं है। हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी: जनहित निजी सहमति से ऊपर नहीं जस्टिस अरुण मोंगा ने फैसला लिखते हुए कहा कि फैमिली कोर्ट शायद इस सिद्धांत से प्रभावित थी कि जनहित निजी सहमति पर हावी होना चाहिए। लेकिन कोर्ट ने साफ किया कि जब शादी पूरी तरह टूट चुकी हो और दोनों पक्ष अलग होना चाहते हों, तो उन्हें जबरदस्ती एक साथ रखने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने कहा, मुबारत मुस्लिम कानून में तलाक का एक मान्य रूप है, जो आपसी सहमति पर आधारित है। जब पति और पत्नी दोनों रजामंद हों, तो कोर्ट का काम केवल उस समझौते की पुष्टि करना है। कोर्ट ने यह भी कहा कि फैमिली कोर्ट एक्ट की धारा 7 के तहत कोर्ट को ऐसे मामलों में वैवाहिक स्थिति घोषित करने का पूरा अधिकार है, जिसे उन्होंने इस्तेमाल नहीं किया। मुबारत और खुला में अंतर स्पष्ट किया फैसले में कोर्ट ने 'खुला' और 'मुबारत' के बीच का अंतर भी समझाया। कोर्ट ने बताया: राजस्थान की सभी फैमिली कोर्ट्स के लिए 3 गाइडलाइन्स हाईकोर्ट ने माना कि राजस्थान में फैमिली कोर्ट्स मुस्लिम लॉ के तहत होने वाले ऐसे एक्स्ट्रा-जुडिशियल तलाक (अदालत के बाहर हुए तलाक) को मान्यता देने में हिचकिचा रही हैं। दिल्ली हाईकोर्ट की तर्ज पर राजस्थान हाईकोर्ट ने भी भविष्य के लिए तीन स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं: व्यक्तिगत उपस्थिति: यदि याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम लॉ के तहत तलाक हो चुका है, तो फैमिली कोर्ट दोनों पक्षों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करे। कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि सहमति बिना किसी दबाव या जोर-जबरदस्ती के दी गई है। दस्तावेजों की जांच: अगर तलाक लिखित में हुआ है (जैसे मुबारतनामा, तलाकनामा या खुलानामा), तो वह दस्तावेज कोर्ट में पेश किया जाना चाहिए ताकि कोर्ट उसकी सत्यता जांच सके। डिक्री जारी करना: संतुष्ट होने के बाद, फैमिली कोर्ट अपनी न्यायिक बुद्धि का प्रयोग करते हुए शादी को विघटित (Dissolved) घोषित करने का आदेश/डिक्री पारित करे। अंत में, कोर्ट ने आयशा और वसीम के तलाक को वैध मानते हुए उनकी शादी को 8 अगस्त 2024 से समाप्त घोषित कर दिया।
दतिया में गुरुवार (22 जनवरी) को आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के चलते बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। बिजली कंपनी द्वारा 33 केवी और 33/11 केवी सबस्टेशनों पर रखरखाव का काम किया जाएगा। इस दौरान सुरक्षा कारणों से शहर और ग्रामीण अंचलों के कई फीडरों की सप्लाई 5 घंटे तक बंद रखी जाएगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक यहां रहेगी कटौती उदगवां और बगेदरी सबस्टेशन से जुड़े इलाकों में सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक बिजली नहीं आएगी। इन सबस्टेशनों से निकलने वाले सभी 11 केवी फीडरों की सप्लाई इस दौरान पूरी तरह बंद रहेगी। सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक ये इलाके रहेंगे प्रभावित 33 केवी नयाखेड़ा फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके अलावा दुसाड़ा, रिछारी, पुरसका, सरराई, सरसई, नादोना, बेहरूका, जिगना, घुघसी, ओरीना, बरगये, सीतापुर, गोराघाट, जुझारपुर और सिलोरी आबादी फीडर से जुड़े इलाकों में भी इसी समय (सुबह 10 से दोपहर 3 बजे) बिजली कटौती की जाएगी। समय में हो सकता है बदलाव बिजली कंपनी ने स्पष्ट किया है कि मेंटेनेंस कार्य की आवश्यकता को देखते हुए बिजली कटौती के समय में बदलाव भी किया जा सकता है। उपभोक्ताओं को होने वाली असुविधा के लिए कंपनी ने खेद जताते हुए सहयोग की बात कही है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी बुधवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र पहुंचे। यहां राहुल गांधी ने पार्टी को मजबूत बनाने के लिए पंजाबी धर्मशाला में चल रहे ट्रेनिंग कैंप में हरियाणा और उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों को टिप्स दिए, तो वहीं इस कैंप में राहुल गांधी को अपना साढू भी मिल गया। लंच के पहले जिला हिसार के ग्रामीण अध्यक्ष बृज लाल ने राहुल गांधी से मुलाकात की। वे कुरुक्षेत्र के जिला अध्यक्ष मेवा सिंह की शिकायत लेकर राहुल गांधी के पास पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने खुद को राहुल गांधी का साढू बता दिया। उनका यह अंदाज राहुल गांधी को भा गया। मैं आपका साढू हूं, मुझे दरकिनार किया बृज लाल ने बताया कि जब यहां के जिला अध्यक्ष मेवा सिंह ने उन्हें सूचना दी कि राहुल गांधी का दोपहर का खाना सिर्फ 3 विधायकों, प्रदेश अध्यक्ष और प्रभारियों के साथ है, तो उन्हें लगा कि उन्हें साइडलाइन कर दिया है। इससे दुखी होकर वे सबसे पहले राहुल गांधी के पास पहुंचे और बोले, मैं आपका साढू हूं। आप भी अनमैरिड मैं भी और शिकायत कर दी ये सुनकर राहुल एक बार को चौंक गए और पूछा कैसे? तो मैंने कहा कि आप भी अनमैरिड हैं और मैं भी। इस पर राहुल गांधी ने मुझसे मेरे जिले के बारे में पूछा। तब उसने बताया कि हमारा जिला हिसार अगली पंक्ति में खड़ा है। यहां हमारे 3 विधायक हैं और एक MP हैं, लेकिन वो कभी मीटिंग में नहीं आते। स्थापना दिवस गायब रहे बृज लाल ने कहा कि 28 दिसंबर को हरियाणा में पार्टी का स्थापना दिवस मनाया गया। जिला हिसार मे कार्यक्रम रखा गया, लेकिन पार्टी के विधायक, एमपी और चुनाव में प्रत्याशी रहे नेता एक बार भी नहीं आए। कम से कम स्थापना दिवस पर तो आना चाहिए था। मेरी बात का असर राहुल गांधी पर पड़ा। सबके साथ किया लंच राहुल गांधी ने इस पर पार्टी में अनुशासन को सख्ती से लागू करने की बात कही। साथ ही कहा कि वे कड़े फैसले ले रहे हैं। वहीं लंच का कार्यक्रम जो पहले चुनिंदा लोगों के साथ था, उसे बदल दिया गया। सब जिला अध्यक्षों और उनके परिवारों के साथ राहुल गांधी ने लंच किया। PSO को निकाला बाहर सुबह 11.19 बजे राहुल गांधी ने अपने काफिले के साथ धर्मशाला में एंट्री की। उनके जाने के कुछ देर बाद पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के PSO धर्मशाला में जाने के लिए गेट पर पहुंच गए, जहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनको अंदर जाने से रोक दिया और एंट्री कार्ड मांगा। लेकिन वे पुलिस के विरोध के बाद भी धर्मशाला में पहुंच गए। सुरक्षा अधिकारियों ने भेजे बाहर इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने इसकी सूचना राहुल गांधी के सुरक्षा अधिकारियों तक पहुंचा दी। सुरक्षा अधिकारियों ने भी उनसे एंट्री कार्ड मांगा। लेकिन PSO कार्ड नहीं दिखा पाए, तो अधिकारियों ने उनको बाहर जाने का इशारा किया। फिर भी PSO बाहर नहीं गए। तब उन्होंने राहुल गांधी और हुड्डा से फोन पर उनकी बात करवाने को कहा। बात नहीं होने पर अधिकारियों ने उनको तुरंत बाहर भेज दिया। गंगाजल लेकर आए परिवार लंच से पहले राहुल गांधी ने जिलाध्यक्षों के परिवार के साथ 5-5 मिनट बिताए। उनसे उनके परिवार, भविष्य और कामकाज के बारे में पूछा। उत्तराखंड के जिलाध्यक्षों के परिवार उनके लिए पीतल के लोटे में गंगाजल लेकर आए थे। वहीं राहुल गांधी ने कुरुक्षेत्र जिलाध्यक्ष मेवा सिंह के पोते कुनाल सिरमौर से उनके स्कूल, क्लास और भविष्य के बारे में बातचीत की। रणदीप सुरजेवाला नहीं आए कार्यक्रम में राहुल गांधी के साथ पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सिरसा से सांसद कुमारी शैलजा, प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और अन्य नेता पहुंचे थे, लेकिन रणदीप सुरजेवाला इस कार्यक्रम में नहीं आए। हालांकि उन्होंने अंबाला कैंट में राहुल गांधी का स्वागत किया था और मंगलवार को ट्रेनिंग देने भी कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। राहुल गांधी बोले- निर्भीक होकर काम करें जिलाध्यक्षों से राहुल गांधी ने कहा-आपको जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आपको निडर होकर, कर्तव्यनिष्ठा के साथ इसे निभाना है। आप कांग्रेस के योद्धा हैं और योद्धा की तरह ही कार्य करना होगा। सामने भ्रष्ट सत्ता का साम्राज्य एक बड़ी चुनौती है, लेकिन कार्यकर्ताओं को निर्भीक होकर इन चुनौतियों का सामना करते हुए संगठन को और सशक्त बनाना है। आपकी आवाज कोई नहीं दबा सकता राहुल गांधी ने कहा कि आपकी आवाज को कोई दबा नहीं सकता, क्योंकि कांग्रेस जैसा मजबूत संगठन आपके साथ खड़ा है। आप सामर्थ्य वान हैं। किसी के दबाव में आकर निर्णय लेने की आवश्यकता नहीं, स्वतंत्र होकर काम करें। हम आपकी प्रगति का समय-समय पर मूल्यांकन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश व सहयोग प्रदान करते रहेंगे।
राजस्थान में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में सीएम, विधानसभा स्पीकर और 15 मंत्रियों के इलाकों में उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। सबसे ज्यादा दूसरी जगह शिफ्ट होने वाले और मृत वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। 12 में से 11 कैबिनेट मंत्रियों और 9 में से 4 राज्य मंत्रियों के इलाकों में उनके 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत के अंतर से ज्यादा नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में कट गए हैं। इसके अलावा सीएम भजनलाल के इलाके में भी उनके जीत के अंतर से ज्यादा वोट कट गए हैं। यही स्थिति पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के इलाके में है। ड्राफ्ट रोल पर दावे आपत्तियों के बाद अब 14 फरवरी को SIR की फाइनल वोटर लिस्ट आएगी, उसमें मंत्रियों और विधायकों के इलाकों में कटने वाले वोटों पर अंतिम रूप से तस्वीर साफ होगी। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… गहलोत के इलाके में जीत से दोगुना, वसुंधरा के इलाके में जीत से आधे वोट कटे पूर्व सीएम अशोक गहलोत के विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा (जोधपुर) में उनकी जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे हैं। गहलोत सरदारपुरा से 26,396 वोटों से जीते थे। ड्राफ्ट रोल में उनके इलाके से 56 हजार से ज्यादा वोट कट गए हैं। वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के इलाके झालरापाटन में उनकी जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे के क्षेत्र झालरापाटन में ड्राफ्ट रोल में 26,278 वोट कटे हैं, जबकि वे 2023 का विधानसभा चुनाव 53,193 वोटों से जीती थीं। इन 11 कैबिनेट मंत्रियों व 5 राज्यमंत्रियों के इलाके में जीत के अंतर से ज्यादा नाम कटे कैबिनेट मंत्री: राज्यवर्धन सिंह राठौड़, मदन दिलावर, डॉ किरोड़ीलाल मीणा, जोगाराम पटेल, सुमित गोदारा, कन्हैयालाल चौधरी, जोराराम कुमावत, सुरेश सिंह रावत, बाबूलाल खराड़ी, अविनाश गहलोत और गौतम दक । राज्यमंत्री : झाबर सिंह खर्रा, संजय शर्मा, जवाहर सिंह बेढ़म, मंजू बाघमार । विधानसभा स्पीकर 4644 वोटों से जीते थे, 28 हजार वोट कटे : विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी 4644 वोटों के अंतर से जीते थे, उनके विधानसभा क्षेत्र अजमेर उत्तर में 28,869 वोट कटे हैं। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे : कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे हैं। इनके इलाकों में जीत के अंतर से ज्यादा वोट कटे गहलोत और धारीवाल के इलाके में जीत से ज्यादा वोट कटे दोनों डिप्टी सीएम और 6 मंत्रियों के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे इन बड़े नेताओं के इलाकों में जीत के अंतर से कम वोट कटे राजस्थान: 41.85 लाख वोटर्स के नाम कटे राजस्थान में SIR की ड्राफ्ट लिस्ट में 41.85 लाख वोटर्स के नाम काटे गए हैं। ड्राफ्ट लिस्ट से पहले राज्य में 5.48 करोड़ थे, ड्राफ्ट लिस्ट में 5.06 करोड़ वोटर्स का नाम शामिल किया गया। काटे गए वोटर्स का प्रतिशत 7.6 है, यानी हर 100 से में लगभग 8 वोटर्स का नाम हटाया गया है। हालांकि, 41.85 लाख वोटर्स में से 8.75 लाख मृत पाए गए, 3.44 लाख डुप्लीकेट या फर्जी थे, तो वहीं 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट, लापता और अन्य थे। SIR को लेकर जारी है विरोध दो दिन पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा पर हमला बोला। डोटासरा ने कहा- बीजेपी राजस्थान में वोट पर डाका डाल रही। 13 जनवरी को अमित शाह CMR में रुकते हैं। 3 से 13 जनवरी के बीच बीजेपी में गुप्त रूप से खेला चलता है। पूरी खबर पढ़िए... सुप्रीम कोर्ट ने कहा- गंभीर परिणाम हो सकते हैं सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि मतदाता सूची में संशोधन (SIR) के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उन लोगों के लिए जिनके नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होते। कोर्ट ने कहा ‘कोई भी शक्ति अनियंत्रित नहीं हो सकती।’ पूरी खबर पढ़िए...
पंजाब के लुधियाना नगर निगम से G-8 रसीद बुक गायब होने का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा। नगर निगम की 78 G-8 रसीद बुक्स अफसरों को मिल ही नहीं रही हैं। ये रसीद बुक्स 45 कर्मचारियों को जारी की गई थी जिसमें से 17 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। 14 कर्मचारी रिटायर हो चुके हैं जबकि 14 कर्मचारी ही नगर निगम में कार्यरत हैं। नगर निगम के जो 17 कर्मचारी मर गए थे उन्हें 41 रसीद बुक्स, रिटायर हुए 14 कर्मचारियों को 21 और निगम में कार्यरत 14 कर्मचारियों को 16 रसीद बुक्स जारी की गई थी। नगर निगम कमिश्नर 19 बार शिकायत होने के बावजूद रिटायर व काम कर रहे कर्मचारियों से रसीद बुक रिकवर नहीं कर पाए। जो कर्मचारी मर गए हैं उनसे रसीद बुक हासिल करना तो अब नगर निगम के लिए संभव ही नहीं है। नगर निगम कमिश्नर ने रिटायर व काम कर रहे कुल 28 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि शिकायतकर्ता ने इस कार्रवाई को सिर्फ आई वॉश बताया है। कुल 449 G-8 रसीद बुक्स थी गायब आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभरवाल ने बताया कि 29 अप्रैल 2022 को जब उन्होंने पहली बार शिकायत दर्ज की थी तब नगर निगम के पास 449 G-8 रसीद बुक्स जमा नहीं हुई थी। उन्होंने बताया कि 19 बार शिकायत करने के बाद नगर निगम के कर्मचारियों ने अब तक 371 रसीद बुक्स जमा करवा दी लेकिन 78 रसीद बुक्स अब भी गायब हैं। शिकायत करते ही शो कॉज नोटिस हो जाते हैं जारी शिकायतकर्ता का कहना है कि जब भी वो शिकायत करते हैं तो नगर निगम कमिश्नर अफसरों को जवाब देने के लिए शो कॉज नोटिस जारी कर देते हैं लेकिन कार्रवाई कोई नहीं करते हैं। उनका कहना है कि जो कर्मचारी मर गए हैं या रिटायर हो गए उन पर कार्रवाई के लिए निगम को लंबी प्रक्रिया अपनानी पड़ सकती है। लेकिन निगम उनसे भी रसीद बुक रिकवर नहीं कर रहा है जो वर्तमान में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम कमिश्नर को चाहिए कि वो ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे और जी-8 रसीद बुक्स काे रिकवर करवाए। निगम हर तरह की फीस G-8 रसीद बुक के जरिए लेता है रोहित सभरवाल ने बताया कि नगर निगम शहर में जितनी तरह की फीस या जुर्माना वसूल करता है उनकी रसीद G-8 रसीद बुक से काटी जाती है। जी-8 के रिकार्ड के आधार पर निगम इनकम का टोटल लगाता है। पहले फील्ड में वसूली करने वाले कर्मचारियों के साथ साथ काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारियों को G-8 रसीद बुक दी जाती थी। रसीद बुक गायब होने का मतलब वित्तीय गड़बड़ी शिकायतकर्ता का कहना है कि जी-8 रसीद बुक के जरिए लोगों से जुर्माना व फीस वसूली जाती हैं। कर्मचारियों ने रसीद बुक जमा नहीं करवाई जिससे वित्तीय गड़बड़ी होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए वो चीफ विजिलेंस अफसर लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट को शिकायत कर चुके हैं।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर प्रयागराज में एयरफोर्स का प्लेन क्रैश होने से जुड़ी रही। दूसरी बड़ी खबर सोना-चांदी के सारे रिकॉर्ड तोड़ने को लेकर रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. प्रयागराज में एयरफोर्स का प्लेन तालाब में गिरा, माघ मेला से 3km दूर हादसा प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट तालाब में गिर गया। हादसे से पहले विमान के दो पायलट पैराशूट लेकर कूद गए और दलदल में फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने निकाला। दोनों सुरक्षित हैं। तालाब रिहायशी इलाके में है और माघ मेले से महज 3km दूर है। रॉकेट जैसी आवाज आई: चश्मदीद पदम सिंह ने बताया, 'हम लोग स्कूल कैंपस में थे, तभी रॉकेट जैसी आवाज आई। आवाज सुनकर दौड़कर पहुंचे तो देखा कि कुछ लोग दलदल में फंसे थे। हम लोग तालाब में कूद गए और 3 लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद रेस्क्यू टीम पहुंची। पढ़ें पूरी खबर... 2. ट्रम्प बोले- ग्रीनलैंड चाहिए, पर ताकत से नहीं; यूरोप हमें एक बर्फ का टुकड़ा नहीं दे रहा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड पर कब्जे के प्लान को दुनिया के सामने सही ठहराया। उन्होंने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में कहा कि ग्रीनलैंड की सुरक्षा अमेरिका के अलावा कोई और देश नहीं कर सकता। ट्रम्प ने दोहराया कि उन्हें ग्रीनलैंड चाहिए, लेकिन इसके लिए ताकत इस्तेमाल नहीं करेंगे। ट्रम्प ने फिर धमकी दी: अमेरिकी राष्ट्रपति ने शिकायती लहजे में कहा कि वे बस एक बर्फ का टुकड़ा चाहते हैं, जिसे यूरोप देने को तैयार नहीं है। अमेरिका इसे हमेशा याद रखेगा। ट्रम्प ने सोमालिया के लोगों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और कहा कि वे 'कम बुद्धि वाले' और 'समुद्री डाकू' हैं। पढ़ें पूरी खबर... 3. अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- प्रशासन पर केस करूंगा, द्वारका के शंकराचार्य बोले- शासन अहंकारी शंकराचार्य लिखने पर मिले नोटिस पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि अगर प्रशासन ने नोटिस वापस नहीं लिया तो मानहानि का केस करेंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, जिससे मुझे शंकराचार्य पद पर बने रहने से रोका गया हो। वहीं, द्वारका पीठ के शंकराचार्य सदानंद महाराज ने इस मामले में प्रशासन की निंदा की। उन्होंने कहा;- ब्राह्मणों को पुलिस ने चोटी पकड़कर घसीटा। यह शासन का अहंकार है। सत्ता हर दिन नहीं रहेगी। गंगा स्नान से रोकने वालों को गो हत्या का पाप लगता है। रामभद्राचार्य बोले- अविमुक्तेश्वरानंद ने अन्याय किया: स्नान के लिए गंगा तक पालकी से जाने का नियम नहीं है। हम लोग भी पैदल ही जाते हैं। पढ़ें पूरी खबर... 4. ICC बोला- बांग्लादेश के वर्ल्डकप मैच भारत में ही होंगे, नहीं माने तो स्कॉटलैंड को मौका बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत में ही खेलने होंगे। ICC ने कहा कि टूर्नामेंट के शेड्यूल में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। बांग्लादेश को एक दिन का समय दिया गया है। अगर वह भारत में नहीं खेलता है तो उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया जा सकता है। बांग्लादेश क्यों भारत में नहीं खेलना चाहता है: बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण BCCI ने मुस्तफिजुर रहमान को IPL में खेलने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद से खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर बांग्लादेश लगातार वेन्यू बदलने की मांग कर रहा है। पढ़ें पूरी खबर... 5. चांदी 10 हजार बढ़कर ₹3.19 लाख पर पहुंची, सोना पहली बार ₹1.5 लाख पार सोने-चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया है। एक किलो चांदी की कीमत 9,752 रुपए बढ़कर ₹3,19,097 रुपए हो गई है। चांदी सिर्फ 21 दिनों में ही 88,677 रुपए महंगी हो चुकी है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव ₹6,818 रुपए बढ़कर ₹1,54,227 रुपए पर आ गया। सोना 2026 में अब तक 21,032 रुपए महंगा हो चुका है। सेंसेक्स और निफ्टी गिरा: सेंसेक्स 270 अंक गिरकर ₹81,909 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 75 अंक गिरकर ₹25,157 पर आ गया। रुपया भी एक डॉलर के मुकाबले 91 रुपए 73 पैसे के ऑल टाइम लो पर आ गया है। पढ़ें पूरी खबर... 6. सुप्रीम कोर्ट बोला- अरावली में अवैध खनन जारी, रोकने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाएंगे सुप्रीम कोर्ट अरावली में अवैध खनन रोकने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाएगा। कोर्ट ने कहा कि अरावली में रोक के बावजूद अवैध खनन जारी है। इससे ऐसे हालात पैदा हो सकते हैं, जिन्हें बाद में सुधारा नहीं जा सकेगा। वहीं, राजस्थान सरकार ने भरोसा दिया है कि अब अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा। कोर्ट ने अरावली केस में अपना आदेश वापस लिया था: सुप्रीम कोर्ट ने 20 नवंबर 2025 को 100 मीटर से छोटी पहाड़ियों पर खनन की अनुमति दी थी। इससे पूरे देश में 100 मीटर की परिभाषा पर विवाद हो गया। इसके बाद 29 नवंबर को कोर्ट ने अपना आदेश वापस ले लिया। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… खबर हटके... पत्नी-बुआ ने श्मशान घाट से अस्थियां चुराई छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक शख्स की पत्नी और बहन ने शमशान घाट से उसकी अस्थियां चुरा ली है। मृतक आलोक ठाकरे के बच्चों का आरोप है कि उनकी मां और बुआ संपत्ति हड़पना चाहती हैं, इसलिए अंतिम संस्कार में बाधा डाल रही हैं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज मिथुन राशि वालों के रुके काम समय पर पूरे होंगे। तुला राशि के लोग बिजनेस बढ़ाने की योजना बनाएंगे। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
भोपाल के अयोध्या बायपास, रत्नागिरी के बाद अब एमपी नगर में खाद्य भवन के लिए करीब डेढ़ सौ पेड़ काटे जाने की तैयारी है। ये करीब 50 साल पुराने हैं। इसके चलते पर्यावरणविद् और खुद कर्मचारी विरोध में उतर गए हैं। गुरुवार को वे पेड़ों से चिपककर 'चिपको आंदोलन' भी करेंगे। जानकारी के अनुसार, वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन 64 करोड़ रुपए से सभी दफ्तरों को एक जगह शिफ्ट करने के लिए नए 6 मंजिला भवन का प्रस्ताव बना चुका है। निर्माण एमपी नगर स्थित नाप तौल नियंत्रक कार्यालय की जमीन पर होना है। सभी सुविधाओं में 90 से 100 करोड़ रुपए खर्च आने का अनुमान है। ये तब जब वेयर हाउसिंग, खाद्य संचालनालय व नाप तौल के अपने भवन हैं। सिर्फ नागरिक आपूर्ति निगम (नान) किराए के दफ्तर में है। दोपहर में होगा आंदोलनमप्र नाप तौल अधिकारी-कर्मचारी संघर्ष समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया, पेड़ों को बचाने के लिए कर्मचारी और पर्यावरणविद् पेड़ों से चिपक कर प्रदर्शन करेंगे। यह आंदोलन भोजन अवकाश के दौरान होगा। इस दौरान सभी काली पट्टी भी बांधेंगे। नए भवन के लिए टेंडर हो चुके जारीहाल ही में वेयर हाउसिंग द्वारा नए भवन के निर्माण के लिए एजेंसी चुनने टेंडर जारी कर दिए हैं। नाप-तौल नियंत्रक कार्यालय एमपी नगर में जिला उद्योग केंद्र के पास लगभग डेढ़ एकड़ जमीन पर स्थित है। मुख्य भवन के अलावा काफी बड़ा क्षेत्र टैंक लारी कैलिब्रेशन और दूसरी प्रयोगशाला के लिए छोड़ा गया है। इसी जमीन पर पुराने भवन को तोड़कर नया खाद्य भवन बनेगा। जिसके लिए पेड़ों को भी काटा जाएगा। पीपल, बरगद सहित परिसरमें 40 से 50 साल पुराने लगभग 150 पेड़ हैं। एक विभाग के लिए इतना खर्च ठीक नहींतिवारी ने बताया कि नागरिक आपूर्ति निगम को छोड़कर सभी विभागीय दफ्तरों के सरकारी भवन हैं। सिर्फ नान के लिए 100 करोड़ रुपए का खर्च ठीक नहीं है। परिसर के 150 पेड़ भी काटे जाएंगे। 3 साल में भवन बनने पर मुख्यालय को लाखों रुपए किराए के देने होंगे। विभाग के सभी स्टाफ गुरुवार से काली पट्टी लगाकर काम करेंगे। वहीं, भोजन अवकाश में विरोध करेंगे। सात साल पहले अपने दफ्तर बाहर भेजेजगह की कमी बताकर 7 साल पहले नाप तौल मुख्यालय से उप नियंत्रक व निरीक्षक कार्यालय 50 लाख खर्च कर जेके रोड क्षेत्र में 5 हजार वर्गफीट के दफ्तर में भेजे थे। कर्मचारियों के मुताबिक यहां स्टाफ के बैठने और जब्त सामान रखने केलिए बमुश्किल जगह है। मुख्यालय में टैंक लॉरी कैलिब्रेशन सुविधा बनाने 5 करोड़ की स्वीकृति मांगी जा चुकी है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल बायपास के पेड़ों की सुनवाई अब दिल्ली NGT में भोपाल के अयोध्या बायपास में हजारों पेड़ों की कटाई के मामले में स्थगन (स्टे) अभी बरकरार रहेगा। गुरुवार को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मामले की सुनवाई की। वहीं, एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) को दो दिन में दस्तावेज पेश करने को कहा है। 10 लेन सड़क बनाने के लिए एनएचएआई ने हजारों पेड़ काट दिए थे। वहीं, जो पेड़ बचे हैं, उन्हें लेकर एनजीटी में सुनवाई हुई। इस पर पर्यावरणविद् की भी नजर रही। वे पेड़ों को बचाने के लिए 'चिपको आंदोलन' तक कर चुके हैं।पूरी खबर पढ़ें
जनवरी के 21 दिन में चार बार रात का पारा 12 डिग्री के पार
जनवरी के आखिरी दिनाें में सर्द हवा के बावजूद रात का पारा चढ़ने लगा है। दिन में धूप के तीखे तेवर से तपन में बढ़ोतरी हो गई है। जनवरी के 21 दिन में चार बार रात का पारा 12 डिग्री के पार पहुंच गया है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार बुधवार को न्यूनतम तापमान 12 डिग्री रहा। इसके पहले 2, 3 और 18 जनवरी को रात का पारा 12 डिग्री से ज्यादा रहा था। अधिकतम तापमान पर नजर डालें तो यह 28 डिग्री रहा, जबकि मंगलवार को यह 26.5 डिग्री पर था। कोहरे धीरे-धीरे सिमट गया है। शाम ढलने के बाद चलने वाले सर्द हवा भी कम महसूस होने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वाेत्तर भारत के ऊपर माध्य समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 222 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से उपोष्ण पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवा बह रही है। आगे : 26 से बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग, भोपाल के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ 26 जनवरी से पश्चिमोत्तर भारत को प्रभावित करने की संभावना है। उसके असर से दिन के साथ रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होने के आसार है।
गरोठ हाईवे निर्माण में अफसर-ठेकेदार की मनमानी से नाराज ग्रामीणों ने रुकवाया काम
उज्जैन-गरोठ हाईवे निर्माण में अफसर व ठेकेदारों की मनमानी का आरोप लगाते हुए बुधवार को कुछ ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। सर्विस रोड नहीं बनाने के विरोध में मयंक परिसर पंवासा और निमनवासा के रहवासियों ने यहां हो रहा काम रुकवा दिया। ग्रामीणों को रुख देखते हुए ठेकेदार के कर्मचारी अपने सामान समेटकर चलते बने। इसके बाद ग्रामीण इंतजार करते रहे, लेकिन एनएचएआई के अफसर नहीं पहुंचे। मयंक परिसर निवासी दीपक पंवार ने बताया कि हाईवे के अधिकारियों ने सर्विस रोड की हां कर दी, लेकिन अब बनाने में आनाकानी कर रहे हैं। बरसात में हमारे रास्ते ही नहीं रहते। हाईवे बनने से पुराना रास्ता बंद हो गया। इसलिए मक्सी रोड की कनेक्टिविटी अति आवश्यक है। किसान दीप सिंह अटल ने बताया कि हमारे रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जिससे हमें हाईवे पर होकर जाना पड़ता है। सर्विस रोड दे दिया जाए तो हमारी समस्या दूर हो जाएगी। यह मामला: किसानों के रास्ते बंद हुए गरोठ रोड निर्माण के दौरान हाईवे वालों ने कई साल पुरानी मयंक कॉलोनी, श्रीराम मंदिर व पंवासा के बीच का रास्ता दर्ज नहीं किया। वहीं सर्विस रोड का प्रावधान नहीं किया। इस कारण किसानों के रास्ते भी बंद हो गए। निर्माण के दौरान भी किसानों ने विरोध जताकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन अफसरों ने ध्यान नहीं दिया। तालमेल नहीं होने से यह स्थिति विधिक सेवा प्राधिकरण के पीएलवी अजेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि सही तालमेल के आभाव में यह स्थिति उत्पन्न हुई। यहां एनएचएआई द्वारा बनाए गए लगभग 300 मीटर का डीएलसी सर्विस रोड अगर डामर होकर मक्सी रोड से मिला दिया जाए तो रहवासियों और किसानों की समस्या हल हो जाएगी। मैं खुद माैका देखने जाऊंगा मैं खुद मौका देखने जाऊंगा। ग्रामीणों से चर्चा कर उनकी समस्याएं भी सुनेंगे। जो भी जरूरी होगी वह सब सुविधाएं देंगे। राहुल जाजोरिया, पीडी एनएचएआई उज्जैन
इंदौर-उज्जैन के ग्रीनफील्ड रोड का मामला:किसान-अफसरों में हाट-टॉक, बैठक छोड़कर चल दिए किसान
उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड रोड से प्रभावित 7 गांवों के किसानों की बुधवार शाम को हुई बैठक बेनतीजा रही। बैठक में किसानों को अफसर वहीं पुराने नियम बताते रहे। इसको लेकर किसानों की एडीएम शाश्वत शर्मा से भी बहस हो गई। शाम को हुई मीटिंग में प्रभावित 7 गांव से करीब 15 से 20 किसान बैठक में शामिल होने आए थे, जिन्हें एसडीएम कृतिका भीमावद ने जमीन सौदों के हिसाब से मुआवजा तय करने और उसमें एक हेक्टेयर पर 75 हजार बढ़ाने की बात कही। इससे किसान और नाराज हो गए। किसान बाजारी मूल्य के आधार पर मुआवजा और सड़क की हाइट कम करने की अपनी बात ही रखते रहे। एडीएम शाश्वत शर्मा ने किसानों को साल 2013 के भूमि अधिग्रहण कानून के नियम बताते हुए बाजार मूल्य पर मुआवजा देना संभव नहीं होने की बात कही। इस पर किसानों ने लिखित रूप से अपनी मांगे अफसरों के सामने रखी और अल्टीमेटम के देकर वहां से चल दिए। किसानों ने स्पष्ट रूप से कह दिया कि यदि अफसरों का ऐसा ही रूख रहा तो हम ग्रीन फील्ड रोड नहीं बनने देंगे। किसान नेता राजेश सोलंकी व नरेंद्रसिंह आंजना ने बताया कि बैठक में कोई निष्कर्ष नहीं निकला। भोपाल में हाई लेवल मीटिंग, उज्जैन का भी जिक्र जमीन अधिग्रहण को लेकर सामने आ रहे विरोध को देखते हुए बुधवार को मप्र सरकार ने हाई लेवल मीटिंग रखी। जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पीडब्ल्यूडी मंडी राकेश सिंह और लघु उद्योग मंत्री चेतन कश्यप की मौजूदगी में हुई मीटिंग में किसान संघ के पदाधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण के नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा। भारतीय किसान संगठन ने भारत एग्रो इकोनॉमिक्स की उदयपुर बैठक में पारित हुए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव सामने रखे। भाकिसं प्रदेशाध्यक्ष कमल सिंह आंजना ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में किसानों को 2 गुना के बजाय 4 गुना मुआवजा देने की बात रखी है। प्रांत संगठन मंत्री मध्य भारत प्रांत भरत सिंह पटेल ने बताया कि बैठक के दौरान उज्जैन-जावरा और उज्जैन-इंदौर ग्रीन फील्ड रोड को लेकर हो रहे किसानों के विरोध पर भी चर्चा हुई।
गोरखपुर में अपने बर्थडे पर युवक को गोली मारने वाली अंशिका ब्लैकमेलर निकली। उसने गीडा थाना प्रभारी समेत 12 से ज्यादा पुलिसवालों को अपने जाल में फंसा रखा था। इन सभी पुलिस वालों से वह न्यूड होकर वीडियो कॉल करती थी। पुलिसवाले भी न्यूड हो जाते थे। अंशिका ने सभी के वीडियो बना लिए। सभी को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। अंशिका पुलिस वालों से कहती कि पैसे दो, वरना न्यूड वीडियो वायरल कर दूंगी। रेप का केस दर्ज करा दूंगी। पुलिस वाले भी अंशिका के आगे बेबस हो गए। वह सभी से मुंह मांगी कीमत वसूल रही थी। पुलिस वाले उसे विषकन्या कहकर बुलाते हैं। अंशिका ने 15 और लोगों के न्यूड वीडियो बनाकर इन सभी से पैसे वसूले। 20 जनवरी यानी मंगलवार अंशिका अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शाप के पास बर्थडे मना रही थी। तभी उसकी एक प्राइवेट हॉस्पिटल के मैनेजर से कहासुनी हो गई। अंशिका ने उस पर पिस्टल तान दी। दोनों के बीच छीना-झपटी में गोली मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। मौके पर भीड़ ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। कैंट पुलिस ने अंशिका को बुधवार को जेल भेज दिया है। अब उसके साथी बंटी वर्मा समेत 5 आरोपियों की तलाश में जुटी है। शातिर अंशिका सिंह के जाल में पुलिस वालों से लेकर बाकी लोग कैसे फंसते चले गए, पढ़िए रिपोर्ट... मकान मालिक से 2 लाख की रंगदारी मांगी एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया- अंशिका मूलरूप से हरपुरबुदहट की रहने वाली है। वह सिंघड़िया में किराए के कमरे में रहती थी। 2021 में अंशिका सिंह संतकबीर नगर जिले के कोतवाली इलाके में गुड़िया पीटर के मकान में किराए के घर में रहती थी। गुड़िया पीटर ने तब संतकबीरनगर के एसपी से शिकायत की थी। इसमें कहा था कि अंशिका कमरे में लड़कों को बुलाकर गलत काम करती है। इस वजह से मोहल्ले में उसके घर की बदनामी हो रही। अंशिका से जब कमरा खाली करने को बोला तो उसने दो लाख रुपए की रंगदारी मांगी। झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसलिए गुड़िया शांत हो गईं। उसने घर में CCTV कैमरे लगवा दिए। इसके कुछ दिन बाद ही अंशिका ने कमरा खाली कर दिया था। 5 साल में 150 लोगों को वीडियो कॉल, CO-दरोगा के न्यूड वीडियो बनाए पुलिस जांच में सामने आया कि अंशिका ने पिछले 5 सालों में 150 लोगों से वीडियो कॉल से संपर्क किया। उनके न्यूड वीडियो बनाकर ठगी की। इसमें गोरखपुर के पुलिसकर्मियों के साथ ही अयोध्या के एक CO का भी नाम सामने आया है। अंशिका ने गोरखपुर के 12 से अधिक पुलिसकर्मियों से पहले मैसेंजर एप के जरिए बात की। फिर नंबर लेकर उसने वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया। वीडियो कॉल पर वह न्यूड होकर बात करती। इस दौरान वह पुलिसकर्मियों से भी न्यूड होने को कहती थी। तभी उनके न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी। 5 जनवरी काे अंशिका ने गीडा थाने के एक दरोगा से मैसेंजर एप के जरिए बात की। फिर उनका नंबर लेकर वीडियो कॉल की। अंशिका के सामने दरोगा वीडियो कॉल पर न्यूड हो गए, जिसका उसने वीडियो बना लिया और ब्लैकमेल कर वसूली करने लगी। इसके अलावा अंशिका ने संतकबीरनगर के खलीलाबाद निवासी सूरज सिंह को भी जाल में फंसाया। पैसे न देने पर उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करा दिया। वहीं खलीलाबाद के ही प्रियांशु सिंह काे भी फर्जी मुकदमे की धमकी देकर 50 हजार रुपए वसूले। प्रियांशु ने सीएम के पोर्टल पर शिकायत भी की थी। अंशिका पर 3 महीने पहले THAR चोरी की FIR कैंट सीओ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया- अंशिका और उसके 6 साथियों के खिलाफ 12 अक्टूबर, 2025 को THAR चोरी करने और उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के मामले में FIR दर्ज की गई थी। गाजीपुर के नोनहरा में रहने वाले चंदन नारायण ने खोराबार पुलिस से इसकी शिकायत की थी। जिसमें कहा था कि अंशिका और उसके साथी दिल्ली से चोरी हुई THAR पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं। बीते साल 13 अक्टूबर को पुलिस ने गाड़ी चोरी के मामले में दो युवकों को अरेस्ट किया। इनमें बड़हलगंज के दोरम्हा निवासी प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और देवरिया के बरहज बाजार के रहने वाले आकाश वर्मा उर्फ बंटी थे, जिन्हें जेल भेजा गया था। पुलिस इसके बाद अंशिका समेत 4 अन्य आरोपियों की तलाश कर रही थी। जांच में गाड़ी में 4 फर्जी नंबर प्लेट मिलीं। जिनमें दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की थी। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि सितंबर में दिल्ली से गाड़ी किराए पर ली और उसे लेकर भाग गए। किराए की THAR लेकर दिल्ली घूमने निकले अंशिका दोस्तों के साथ सितंबर, 2025 में दिल्ली घूमने गई थी। वहीं से THAR किराए पर ली थी, जिसे लेकर भाग निकले। पकड़े जाने के डर से फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में फर्राटा भर रहे थे। दो साथियों के गिरफ्तारी की खबर जैसे ही अंशिका को लगी, वो अंडरग्राउंड हो गई थी। अंशिका अपने साथियों के साथ मॉडल शॉप पर शराब खरीदने के लिए रुकी थी। इसी बीच उसका झगड़ा हो गया, जिसमें अमिताभ को गोली लग गई। उसके पास पिस्टल कहां से आई, इसकी भी जांच की जा रही है। अब पढ़िए, हॉस्पिटल मैनेजर से कैसे विवाद हुआ... मैनेजर से रंगदारी वसूल रही थी अंशिका खोराबार थाना क्षेत्र के जंगल सीकरी, जमुना टोला निवासी विशाल मिश्रा ने अंशिका और उसके साथियों के खिलाफ तहरीर दी। उसने बताया कि मैं द्विवेदी चाइल्ड केयर अस्पताल में मैनेजर के पद पर कार्यरत हूं। कुछ समय पहले अंशिका सिंह और बंटी वर्मा मेरे अस्पताल में आए थे। बातचीत के दौरान दोनों ने मेरा मोबाइल नंबर ले लिया। इसके कुछ दिन बाद अंशिका दोबारा बंटी के साथ अस्पताल आई। मुझे बाहर बुलाया। पिस्टल दिखाते हुए 12 हजार रुपए वसूल लिए। धमकी दी कि पैसे नहीं दिए तो रेप के झूठे मुकदमे में फंसा दूंगी। मैंने उसे पैसे दे दिए। 20 जनवरी को अंशिका अपने साथी अमिताभ और शैलेश निषाद के साथ करजहा क्षेत्र में थी। तभी उसने फोन करके मुझसे 50 हजार रुपए मांगे। धमकी दी कि अगर बताई गई जगह पैसे लेकर नहीं पहुंचे तो मुझे परिवार समेत जान से मरवा दिया जाएगा। पैसे कम दिए तो पिस्टल से गोली चला दी, साथी को लगी इसके बाद कई बार लगातार मुझे धमकी भरे फोन कॉल किए गए। मैं डर गया। मैंने 20 हजार रुपए का इंतजाम किया। शाम करीब 5 बजे मैं अपने दो साथियों के साथ सिंघरिया मोड़ स्थित मॉडल शॉप के पास पहुंचा। वहां पहले से अंशिका सिंह, बंटी वर्मा और उनके चार-पांच अन्य साथी काले रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में मौजूद थे। मैंने उसे 20 हजार रुपए दिए तो वह भड़क गई। वह उसके साथी मुझे गालियां देने लगे। इसी दौरान अंशिका सिंह ने पिस्टल निकालकर मेरे सीने पर रख दी। मैं पीछे हटा तो अंशिका ने गोली चला दी, गोली मेरे साथी अमिताभ के पेट में जा लगी। पुलिस ने उसे एम्स अस्पताल में भर्ती कराया। इंस्टा पर रील बनाने का शौक, 700 वीडियो अपलोड किए अंशिका को रील बनाने का काफी शौक है। उसने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 700 से ज्यादा रील पोस्ट किए हैं। डांस करते हुए रील पर खूब व्यूज भी मिले हैं। अंशिका ने एक रील संतकबीरनगर के कोतवाली थाने में भी पुलिस जीप के सामने खड़ी होकर बनाई है। जिसमें मार देब गोली थनवा में घेरकर गाना भी लगाया है। पुलिस की जांच में अंशिका के मोबाइल में उसके कई पुलिस वालों के साथ फोटो-वीडियो भी मिले हैं। इनमें से कुछ अश्लील भी हैं। एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि घटना की मुख्य आरोपी को जेल भेज दिया गया है। पुलिस की 2 टीमें अन्य आरोपियों की तलाश में लगी हैं। सभी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अंशिका की कई और शिकायतें भी सामने आई हैं। अगर उन पीड़ितों की तहरीर आती है तो बाकी मुकदमे भी दर्ज किए जाएंगे। ...................................... ये खबर भी पढ़िए- बर्थडे गर्ल ने युवक को गोली मारी, VIDEO:गोरखपुर में शराब की दुकान के सामने मारपीट; THAR चोरी कर फरार थी गोरखपुर में बर्थडे गर्ल ने एक युवक को गोली मार दी। दरअसल, युवती अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शाप के पास सड़क पर ही बर्थडे मना रही थी। उसी दौरान उसका परिचित युवक अपने दोस्तों के साथ आ गया। दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। इसके बाद मारपीट होने लगी। इस पर युवती ने तैश में आकर पिस्टल निकाल ली। दोनों के बीच पिस्टल की छीना-झपटी होने लगी, जिसमें गोली चल गई। गोली युवक के ड्राइवर को लगी। इसके बाद युवती और उसके दो साथियों को स्थानीय लोगों ने घेरकर पकड़ लिया। फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पढ़ें पूरी खबर
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हम लोग मलाकराज मोहल्ले में घर के पास थे। अचानक एयरक्राफ्ट गिरते नजर आया, तो शोर मचाने लगा। इसके बाद मैं दौड़ते हुए रेलवे लाइन की तरफ भागा। रेलवे लाइन क्रॉस करते वक्त देखा कि एयरक्राफ्ट तालाब के दलदल में गिर गया। इसके बाद पायलट हाथ के इशारे से मदद मांगते नजर आए। मैंने हौसला दिखाया, कपड़े उतारे और तालाब के दलदल में छलांग लगा दी। बीच तालाब में एयरक्राफ्ट के पास पहुंचा। पायलटों को संभाला। पायलटों को निकाल कर लाए, अपनी झोपड़ी में हाथ पैर धुलाया। ये कहना है प्रयागराज के पंकज सोनकर का। मलाकराज मोहल्ला शहर के बीचों-बीच का इलाका है। केपी कॉलेज के पीछे तालाब में एयरक्राफ्ट क्रैश हुआ। इसके बाद स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। दैनिक भास्कर की टीम ने यहां पहुंचकर पायलट को बचाने वालों से बात की, पढ़िए रिपोर्ट... पहले तस्वीरें देखिए पहले जानिए आबादी के बीच तालाब में कैसे गिरा एयरक्राफ्ट प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया था। एयरक्राफ्ट हवा में उड़ते-उड़ते डगमगाया और तालाब में गिर गया। मलाकराज मोहल्ले में हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे केपी कॉलेज के पीछे हुआ। यह शहर के बीचों-बीच का इलाका है। तालाब के पास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। एयरक्राफ्ट क्रैश होने से पहले दोनों पायलट पैराशूट से कूदे और तालाब के दलदल में फंस गए। जिन्हें स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला। जिस तालाब में विमान गिरा है, वहां चारों तरफ जलकुंभी उगी हुई है। एयरक्राफ्ट तक रेस्क्यू टीम पहुंची। सेना, फायर ब्रिगेड, SDRF और NDRF भी मौके पर पहुंचे। PRO डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया- माइक्रोलाइट एयरक्राफ्ट ने दोपहर 12:15 बमरौली एयरफोर्स स्टेशन से उड़ान भरते समय तकनीकी खराबी का शिकार हो गया। अब पढ़िए पायलट को बचाने वाले लोगों से बातचीत सबसे पहले पायलटों को बचाने के लिए झोपड़ पट्टी में बसे मलाकराज मोहल्ले में रहने वाला पंकज तालाब में कूदे। भास्कर की टीम से पंकज सोनकर ने कहा- हम अपने घर के पास थे। अचानक एयरक्राफ्ट गिरते नजर आया तो लोगों ने शोर मचा दिया। इसके बाद मैं दौड़ते हुए रेलवे लाइन की तरफ भागा। रेलवे लाइन क्रॉस करते समय देखा कि एयरक्राफ्ट तालाब के दलदल में गिर गया है। भीड़ शोर मचा रही थी। मैं भी वहां पर पहुंचा। देखा कि दो पायलट दलदल में फंसे है। इसके बाद पायलट हाथ के इशारे से मदद मांगते नजर आए। मैंने हौसला दिखाया, कपड़े उतारे और तालाब के दलदल में छलांग लगा दी। तालाब में जलकुंभी थी। इसलिए तैरने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन मैंने हौसला नहीं हारा। उनके पास पहुंचा। पायलट काफी डरे हुए थेपंकज सोनकर ने कहा- मुझे देखकर वह खुश हो गए। वह लोग काफी डरे हुए थे। हमने दोनों को संभाला। तब तक आकाश और अन्य लड़के भी पहुंचने लगे। इसके बाद हम लोग पायलटों को सुरक्षित निकाल कर लाए। पायलटों ने निकलते ही हम लोगों को गले लगा लिया। इसके बाद मैं उन्हें अपनी झोपड़ी लेकर गया। वहां पर दोनों को बैठाया। उनके हाथ पैर धुलवाए। इसके बाद वो चले गए। पायलटों को बचाने वाला पंकज सोशल मीडिया पर भी छाया हुआ है। पंकज के पीछे-पीछे उसके मोहल्ले के आकाश सोनकर भी बचाने पहुंचे। उन्होंने कहा- पंकज जान जोखिम में डालकर सबसे पहले एयरक्राफ्ट तक पहुंचा और दलदल में धंसे पायलटों को बचाया। ऐसे में सरकार को उसके लिए कुछ करना चाहिए। बेहद गरीब है जान बचाने वाला पंकज आकाश ने बताया- रेलवे लाइन के किनारे रहने वाला पंकज बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह झोपड़ी में रहता है। उसके पिता की मौत हो चुकी है। दो बहनें, मां पत्नी और बच्चे हैं। स्कूल की बाउंड्री से कूदे पदम और राम चंदरविद्या वाहिनी स्कूल के कर्मचारी पदम सिंह और राम चंदर भी अपने स्कूल की बाउंड्री कूदकर तालाब में पहुंचे। इन दोनों ने भी पायलटों की मदद की। पदम सिंह ने बताया- स्कूल मैदान में थे, तभी राकेट उड़ने जैसा धमाका सुनाई पड़ा। भागते हुए बाउंड्री तक पहुंचे तो एयरक्राफ्ट तालाब में गिर रहा था। फिर पायलटों ने हाथ का इशारा किया। इसके बाद हम और राम तालाब में कूद पड़े। PRO डिफेंस विंग कमांडर देबार्थों धर ने बताया- कोर्ट ऑफ इनक्वायरी का ऑर्डर हुआ है। जांच के पहलू में प्लेन में क्या खराबी आई यह सबसे अहम है। पायलट ने इमरजेंसी फोर्स लैंडिंग में क्या किया। पायलट का बयान दर्ज होगा। प्लेन का मीटर चेक होगा, उड़ान भरने से लेकर घटनास्थल की दूरी की जांच होगी। ब्लैक बॉक्स और एटीसी कंट्रोल को मिली जानकारी को सिलसिलेवार रिकॉर्डिंग पर लिया गया है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी में एक माह का समय लग सकता है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें.... प्रयागराज में एयरफोर्स का प्लेन क्रैश, तालाब में गिरा, VIDEO:शहर के बीचों-बीच हवा में डगमगाया, माघ मेला से 3km दूर हादसा प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश हो गया। एयरक्राफ्ट हवा में उड़ते-उड़ते डगमगाया और तालाब में गिर गया। 2 सीटर एयरक्राफ्ट में सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं। हादसा बुधवार दोपहर करीब 12:20 बजे केपी कॉलेज के पीछे हुआ। यह शहर के बीचों-बीच का इलाका है। तालाब के पास स्कूल और रिहायशी कॉलोनियां हैं। यहां से माघ मेले की दूरी 3 किमी है। हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर...
संभल एक बार फिर चर्चा में है। वजह कोई हिंसा नहीं, बल्कि एक जज का तबादला है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) विभांशु सुधीर को इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद अचानक ट्रांसफर कर दिया गया। विभांशु सुधीर ने 9 जनवरी को संभल CO रहे अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसवालों पर एफआईआर के आदेश दिए थे। अब जज का ट्रांसफर रुकवाने के लिए जिले के वकील प्रदर्शन कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने भी सरकार पर निशाना साधा। 13 साल की नौकरी में विभांशु सुधीर के 16 बार तबादले हुए हैं। VIDEO में देखिए पूरी स्टोरी...
बहुजन समाज पार्टी यूपी फतह करने के लिए हर जिले में रोड-शो और सभा करने की रणनीति बना रही है। पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद इस रणनीति में फ्रंट पर भूमिका निभाएंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी पूरे प्रदेश में माहौल बनाने की तैयारी कर रही है। इस दौरान आकाश हर जिले में जाएंगे। वहां पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों से संवाद करेंगे। इस दौरान दूसरी पार्टी के बड़े नेताओं को बसपा की सदस्यता भी दिलाई जाएगी। आकाश आनंद कब से हर जिले में निकलेंगे? विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी आकाश को पूरे यूपी में घुमाकर क्या संदेश देना चाहती है? क्या 2027 विधानसभा में आकाश ही होंगे यूपी में पार्टी का चेहरा? पढ़िए पूरी खबर… मायावती के भतीजे आकाश आनंद अब यूपी में जोर-शोर से सक्रिय होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, आकाश फरवरी के आखिर या मार्च के पहले सप्ताह से यूपी के सभी 75 जिलों में रैली के लिए निकलेंगे। पार्टी स्तर पर इसकी गुपचुप तैयारी शुरू कर दी गई है। 2027 विधानसभा से पहले मायावती आकाश को पूरे प्रदेश में घुमाकर राजनीतिक जमीन मजबूत करना चाहती हैं। खासकर आकाश के माध्यम से वह युवाओं को पार्टी के पाले में लाना चाहती हैं, जो चंद्रशेखर आजाद के साथ चले गए हैं। आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्रीआकाश पहली बार 2017 में सहारनपुर की एक जनसभा में मायावती के साथ दिखे थे। इसके बाद से वह लगातार पार्टी का काम कर रहे थे। 2019 में उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया। यह फैसला तब लिया गया, जब सपा और बसपा का गठबंधन लोकसभा चुनाव के बाद टूटा। 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनाव में पहली बार आकाश आनंद का नाम स्टार प्रचारकों की लिस्ट में आया था। आकाश ने लंदन से मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) की पढ़ाई की है। उनकी शादी बसपा के पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ की बेटी डॉ. प्रज्ञा से हुई है। आकाश पर क्यों दांव लगा रही बसपा वरिष्ठ पत्रकार सैय्यद कासिम कहते हैं- आकाश की उम्र 30 के करीब है। वह युवा हैं। बसपा प्रमुख मायावती की अपीलिंग प्रदेश में सबसे अधिक है। लेकिन, उनके बाद आकाश को बसपा के कार्यकर्ता देखना-सुनना चाहते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में यूपी में आकाश की सभाओं में भारी भीड़ उमड़ती थी। लेकिन, पीएम मोदी पर विवादित टिप्पणी के चलते मायावती ने उनके पर कतर दिए। इसका असर ये रहा कि बसपा के कोर वोटर में ये गलतफहमी पैदा हो गई कि मायावती भाजपा के दबाव में निर्णय ले रहीं। बसपा को इसका तिहरा नुकसान हुआ। पहला- दलितों का एक बड़ा वोट बैंक पीडीए का नारा लगा रही सपा-कांग्रेस के महागठबंधन की ओर चला गया। दूसरा- बसपा लोकसभा में यूपी से अपना खाता तक नहीं खोल पाई, जबकि 2019 के लोकसभा में उसके 10 सांसद थे। तीसरा- आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद नगीना सीट से जीतने में सफल रहे। पश्चिमी यूपी में दलितों के एक नए चेहरे के उभार के बाद बसपा को समझ में आया कि उससे क्या गलती हुई? इसी गलती को अब मायावती ठीक करने में जुटी हैं। यही वजह है कि मायावती न सिर्फ अपनी भतीजे को पार्टी में वापस लाईं, बल्कि अब उन्हें पार्टी में अघोषित तौर पर नंबर-2 की पोजिशन पर भी बैठा दिया। मायावती भतीजे आकाश आनंद के सहारे चंद्रशेखर आजाद की बढ़ती लोकप्रियता पर ब्रेक लगाना चाहती हैं। दूसरी ओर, वह आकाश को सक्रिय करके बसपा कार्यकर्ताओं में उनकी स्वीकार्यता मजबूत करना चाहती हैं। इसका फायदा ये हाेगा कि जब कभी मायावती आकाश को अपना उत्तराधिकारी घोषित करेंगी, तो कोई विरोध नहीं होगा। क्या 2027 में आकाश होंगे पार्टी का चेहरा? वरिष्ठ पत्रकार रतनमणि लाल कहते हैं- आकाश चेहरा रहेंगे, लेकिन मुख्य चेहरा मायावती ही होंगी। खुद मायावती अपने जन्मदिन पर पत्रकारों से बता चुकी हैं कि बसपा कार्यकर्ता उन्हें 5वीं बार यूपी का सीएम बनाने का मन बना चुके हैं। इससे साफ है, अभी मायावती के हाथ ही में संगठन और सत्ता मिलने पर सरकार की कमान रहेगी। हां, मायावती सरकार बनने पर भतीजे आकाश को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपकर अपनी देख-रेख में उनकी राजनीति को और निखारेंगी। बसपा में 1 से 10 नंबर तक मायावती ही चेहरा हैं। इसके बाद किसी दूसरे नेता का नंबर आता है। ये छवि पार्टी की कमजोरी भी साबित हुई। पहले बसपा में मायावती के बाद कई ऐसे नेता थे, जिन्हें महत्वपूर्ण माना जाता था। लेकिन, समय के साथ सभी को मायावती पार्टी से किनारे लगा चुकी हैं। ऐसे में अब उनके पास भतीजे आकाश के अलावा कोई दमदार चेहरा नहीं बचा है। अब आकाश ग्राउंड में उतरकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगे और मायावती बीच-बीच में जाकर इस माहौल को और गरमाएंगी। यूपी के हर जिले में रैली, रोड शो और जनसभाएंबसपा के एक वरिष्ठ नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया- आकाश होली के बाद यूपी के दौरे पर निकलेंगे। इसकी पूरी रूपरेखा तैयार हो चुकी है। बसपा ने 9 अक्टूबर, 2025 के बाद अपना ऐसा कार्यक्रम तैयार किया है कि हर महीने कोई न कोई महत्वपूर्ण आयोजन से पार्टी चर्चा में बनी रहे। मायावती का जन्मदिन का आयोजन भी निकल चुका है। फरवरी में धार्मिक आयोजन और होली के बीच एसआईआर को लेकर पार्टी का पूरा फोकस रहेगा। मार्च से पार्टी आकाश के जरिए पूरे यूपी में बसपा के पक्ष में एक जनसमर्थन वाला माहौल बनाना चाहती है। आकाश प्रदेश के सभी 75 जिलों में जाएंगे। हर जिले में रैली से ग्राउंड लेवल पर कार्यकर्ताओं में जोश भरा जाएगा। युवाओं को बसपा की तरफ आकर्षित किया जाएगा। बिहार की युवा अधिकार यात्रा की तर्ज पर यूपी में भी इसी तरह की जागरूकता रैली सीरीज चलाई जाएगी। बसपा की इन रैलियों में दलित, मुस्लिम, पिछड़े और ब्राह्मणों को जोड़ने पर फोकस रहेगा। पार्टी की रैली और सभाओं को सफल बनाने की जिम्मेदारी जिला संगठन के साथ सभी भाईचारा कमेटियां और बीएस-4 के लोगों को भी सौंपी गई है। आकाश कार्यकर्ताओं के साथ ही रात्रि विश्राम भी करेंगे, उनसे चर्चा करेंगे। मायावती 9 अक्टूबर, 2025 में लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित लाखों की रैली में पहले ही आकाश को लेकर अपील कर चुकी हैं कि ’जैसे मेरे साथ खड़े रहे, वैसे ही आकाश के साथ खड़े रहें।’ मायावती के जन्मदिन के बाद से सक्रिय हैं आकाशआकाश आनंद 15 जनवरी को मायावती के जन्मदिन अवसर पर लखनऊ में थे। इसके बाद वे दिल्ली चले गए। वहां उन्होंने पार्टी का संगठन मजबूत करने पर फोकस बढ़ा दिया। पिछले दिनों आकाश ने राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब सहित 8 राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों के साथ बैठक की। उनके साथ पिता आनंद कुमार भी मौजूद रहे। आकाश ने चुनावी राज्यों में पार्टी संगठन के विस्तार को लेकर अलग से बात की। इसके पहले बिहार चुनाव में उन्होंने पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में लगातार प्रचार किया था। अब यूपी में आकाश पूरी तरह से सक्रिय होंगे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते और ओबीसी चेहरे के तौर पर उनके साथ विश्वनाथ पाल भी इन रैलियों और सभाओं में नजर आ सकते हैं। पश्चिम से शुरू हो सकती है रैली और सभाएंपार्टी सूत्रों के मुताबिक, आकाश की रैली और सभाएं पश्चिमी यूपी से शुरू होगी। पार्टी का कोर जाटव वोटर पश्चिमी यूपी में सबसे ज्यादा है। पश्चिमी यूपी में ही चंद्रशेखर भी सक्रिय हैं। हालांकि किस जिले में आकाश सबसे पहले जाएंगे, इसका चयन अभी नहीं हुआ है। सैय्यद कासिम कहते हैं- पश्चिम में जाटव और मुस्लिम के समीकरण को साधने के लिए भी पार्टी आकाश की रैली और सभाओं को वहां से शुरू कराना चाहती है। इसके बाद पार्टी का फोकस पूर्वांचल के जिले होंगे। यहां ब्राह्मणों को साधने के लिए आकाश की मौजूदगी में कई स्थानीय ब्राह्मण नेताओं को पार्टी में शामिल कराने की तैयारी है। मायावती 2007 की तरह ही पिछड़ों, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटरों को साधकर सोशल इंजीनियरिंग का एक गुलदस्ता तैयार करना चाहती है। जिसके जरिए उन्हें 2027 विधानसभा को फतह करने में आसानी हो। 206 से 1 विधानसभा सीट पर सिमटी बसपा2007 में 206 विधानसभा सीटें जीतने वाली बसपा की अब हालत ये है कि विधानसभा में सिर्फ एक विधायक है। 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश के 15.2 करोड़ वोटर में से 12.9 फीसदी वोट बसपा को मिला। उसे कुल एक करोड़ 18 लाख 73 हजार 137 वोट मिले थे। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी बसपा की स्थिति नहीं सुधरी। 2019 के लोकसभा में 10 सीटें जीतने वाली बसपा इस बार खाता भी नहीं खोल पाई। उसका वोट प्रतिशत 2019 में 19.43% से गिरकर 9.35% रह गया। ये विधानसभा चुनाव से भी लगभग 3 प्रतिशत कम था। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें- अपर्णा की खासियत मुलायम परिवार की बहू होना, तलाक हुआ तो BJP कितना साथ देगी भाजपा नेता अपर्णा यादव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की शादी टूटने की कगार पर है। प्रतीक ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर अपर्णा से तलाक लेने की बात कही। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में कई सवाल घूमने लगे हैं। अगर अपर्णा का रिश्ता टूटता है, तो भाजपा का क्या रुख होगा? पढ़ें पूरी खबर
'ए गाड़ी वाले भइया। ए बाबू जी। आप अपनी गाड़ी पीछे मोड़ के ले आइए। उधर कहां लेकर जा रहे हैं। आप तो पढ़े-लिखे समझदार हैं बाबू जी। गाड़ी पीछे मोड़ लीजिए। आ जाइए। आपकी सेवा में वाहन स्टैंड बना है।' प्रयागराज माघ मेले में लाउडस्पीकर के जरिए ये जो आवाज आपके पास आती है, इसके पीछे होमगार्ड विमल कुमार शर्मा हैं। इसके अलावा दिन भर यह भी आवाज आप सुनते ही होंगे- फला व्यक्ति खो गए हैं, जहां भी हों आप संगम टावर के पास आ जाइए। आपके भाई इंतजार कर रहे हैं। विमल कुमार शर्मा ये काम पिछले 23 साल से कर रहे। अब तक मेले में 2 लाख से ज्यादा बिछड़े लोगों को अपनों से मिला चुके हैं। उनके साथ दो अन्य होमगार्ड भी अनाउंसमेंट का यह काम करते हैं। लेकिन, अधिकारियों की पहली पसंद आज भी विमल ही हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने उनसे बात की। आइए जानते हैं... 23 साल पहले की थी शुरुआतविमल कुमार शर्मा इस वक्त 56 साल के हैं। प्रयागराज के ही मेजा इलाके के सोनाई गांव के रहने वाले हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता गेट नंबर 4-5 पर ड्यूटी करते हैं। माघ मेला शुरू होते ही यहां आ जाते हैं। विमल कहते हैं- 2003 में पहली बार मेरी बातचीत और भाषा को पसंद करते हुए मुझे अनाउंसमेंट के लिए बुलाया गया। मेरी बोली-भाषा लोगों को पसंद आई। इसके बाद मैं अधिकारियों का पसंद बन गया। जब भी मेला शुरू होता है, अधिकारी बोलते हैं- विमल कुमार अपनी जगह पर पहुंच आइए। विमल कहते हैं- मैं यहां अनाउंसमेंट करके लोगों को मिलाने को अपना सौभाग्य समझता हूं। यह गंगा मइया का आशीर्वाद ही है, जो इतने वक्त से यह कर रहा हूं। 4-5 साल की नौकरी और बची है। इस दौरान तो करूंगा ही, आगे जब रिटायर हो जाऊंगा तब भी मैं निस्वार्थ भाव (फ्री) से यहां आऊंगा। लगातार अनाउंसमेंट का काम करता रहूंगा। इस काम से मुझे सुकून मिलता है। मौनी अमावस्या पर 8-9 हजार लोगों को मिलवायामाघ मेले में सामान्य दिनों में लोगों के अपनों से बिछड़ने वालों की संख्या कम होती है। लेकिन जब प्रमुख स्नान होता है, उस दिन इतने ज्यादा लोग बिछड़ते हैं। हर मिनट 10 से ज्यादा लोगों के नाम पुकारे जाते हैं। विमल बताते हैं- मौनी अमावस्या पर भोर के 3 बजे से अनाउंसमेंट शुरू हो गया था। रात 11 बजे तक यह क्रम चलता रहा। उस दिन 8 से 9 हजार लोगों को मिलवाया गया। हां, 100-200 लोग ऐसे भी थे, जिनके लोग उनसे मिलने नहीं आए। उन्हें हमारी ही टीम हनुमान मंदिर के पास बने भूले-भटके शिविर में छोड़कर आई। विमल से हमने पूछा कि क्या इसके लिए आपको कोई अलग से पैसा मिलता है? वह कहते हैं- नहीं, इसके लिए हमें कोई पैसा नहीं मिलता। लेकिन, इस काम को करने में बहुत सुकून मिलता है। कई बार छोटे बच्चे अपनों से बिछड़ जाते हैं, उन्हें यहीं नाश्ता-पानी करवाया जाता है। जब कोई नहीं आता तो भूले-भटके शिविर पहुंचा दिया जाता है। वहां के लोग उनके वहीं रहने की व्यवस्था करते हैं। फिर भी कोई नहीं आता, तो उसे उसके घर जाने वाली बस-ट्रेन पर टिकट देकर बैठा देते हैं। बस वाले को भी कह देते हैं कि इन्हें वहीं उतार दे। दो अन्य लोग भी साथ में जिम्मेदारी निभाते हैंविमल के अलावा दो और लोग अनाउंसमेंट का काम करते हैं। इनमें एक होमगार्ड जगन्नाथ पटेल हैं, दूसरे सुरेश चंद्र भारती। जगन्नाथ का घर भी विमल के ही पास है। सुरेश चंद्र भी मेजा साइड के हैं। उनकी इस वक्त ड्यूटी मेजा थाने में है। पिछले 4 सालों से वह अनाउंसमेंट के लिए आ रहे और विमल से सीख रहे हैं। विमल कहते हैं- दोनों ही हमारे शिष्य हैं। दोनों ही अब अच्छे से सीख गए हैं और अनाउंसमेंट का काम करते हैं। विमल से हमने पूछा कि कई बार आप लोगों को गाड़ी हटाने, उधर से भागने की बात कहते हैं। क्या कोई बुरा नहीं मानता? विमल कहते हैं- मेरी आवाज ही ऐसी है कि कोई बुरा नहीं मानता। लहजा हमेशा नम्र रखते हैं। कई बार तो लोग गाड़ी पीछे मोड़ते हैं और फिर सॉरी-सॉरी बोलते हुए गाड़ी पीछे लेकर चले जाते हैं। कई बार तो अधिकारियों को भी टोक दिया। वो भी बुरा नहीं मानते, तुरंत ही गाड़ी पीछे घुमा लेते हैं। विमल के पास कोई ऐसा आंकड़ा तो नहीं है कि वह यह बता पाएं कि अब तक कितने लोगों को मिलवाया। लेकिन, वह दावा करते हैं कि 2 लाख से ज्यादा लोगों को संगम पर मिलवा चुका हूं। विमल जिस तरह से काम कर रहे, उससे तो यही लगता है कि पिछले 23 सालों में उन्होंने इससे ज्यादा लोगों को मिलवाया है। ---------------------------- ये खबर भी पढ़ें... हिंदू लड़कियां अब्दुल के चक्कर में क्यों पड़े, हर्षा रिछारिया बोलीं- डंडे से समझाने की जरूरत प्रयागराज में संगम में स्नान करके श्रद्धालु लौट रहे हैं। सामने 3 लोग चार्ट लेकर खड़े हैं। किसी में लिखा है- अपनी बेटी को लव जिहाद से बचाओ तो किसी में लिखा है कब तक हिंदू कटता रहेगा? ये बैनर लेकर खड़े लोग कहते हैं कि लोगों को हम लव जिहाद को लेकर जागरूक कर रहे। पढ़ें पूरी खबर
पाकिस्तान के साथ 1971 की वो जंग जो जमीन और आसमान के साथ समंदर की गहराइयों में भी लड़ी गई। डूबते जहाज के कैप्टन ने अपनी लाइफ जैकेट जूनियर को पहना दी और खुद जहाज के साथ पानी में समा गया। एक जांबाज घायल होकर अस्पताल पहुंचा और चार दिन बाद ही फिर से मोर्चे पर आ खड़ा हुआ। ये कहानियां है उत्तर प्रदेश के वीर सपूतों की, जिन्होंने दुश्मन को दफ्न करके ही तिरंगा ओढ़ना मंजूर किया। गणतंत्र दिवस के मौके पर वीरता और बलिदान की कहानियां। कल यानी 23 जनवरी से पढ़िए, देखिए और सुनिए दैनिक भास्कर की नई सीरीज ‘यूपी के योद्धा’।
पुलिस को मिल नहीं रहे कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी, जमानती वारंट जारी
एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ एक बार फिर जमानती वारंट जारी किया है। मामला भिंड के उमरी पुलिस थाने का है, जहां 4 मई 2024 को पूर्व विधायक पटवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 16 जनवरी को प्रकरण उनकी उपस्थिति के लिए था, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष गैरहाजिर रहे। एक बार फिर 500 रुपए के जमानती वारंट से एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। प्रकरण लोकसभा चुनाव के समय का है, जब चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने बसपा प्रत्याशी देवाशीष जरारिया पर भाजपा से सांठ-गांठ करने का आरोप लगाया। बसपा प्रत्याशी के निर्वाचन अभिकर्ता अशोक गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। इस मामले में केवल जीतू पटवारी को आरोपी बनाया गया है। लगभग 8 माह पहले कोर्ट ने जमानती वारंट जारी किया था।
जिला अस्पताल के विस्तार-पार्किंग को जगह नहीं, रेलवे की मांगी भूमि
जिला अस्पताल मुरार 300 बिस्तर का बन गया है, लेकिन यहां पार्किंग की जगह नहीं बची है। अब यहां नए विभाग अगर शुरू करने हैं तब अस्पताल में कोई जगह बची नहीं है। अस्पताल के पीछे रेलवे की खाली जगह पड़ी है। इसे लेने के लिए सीएमएचओ, सिविल सर्जन कई बार प्रयास कर चुके हैं लेकिन हुआ कुछ नहीं। यहां नवीन टीबी वार्ड, बर्न यूनिट, कैदी वार्ड, डाक्टरों के आवास एवं गाड़ियों की पार्किंग के लिए भूमि की आवश्यकता है। इसके अभाव में जिला चिकित्सालय में पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण हॉस्पिटल का विस्तार नहीं हो पा रहा है। इस संबंध में पूर्व विधायक मुन्नालाल गोयल ने रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव एवं केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को पत्र भेजकर जिला अस्पताल से लगी रेलवे भूमि जिला हॉस्पिटल को उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। इस संबंध में 5 अक्टूबर 2021 को केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रेलमंत्री को पत्र लिखा था।
जिला न्यायालय:मजिस्ट्रेट ने कक्ष बंद कराया तो वकीलों ने जमकर नारेबाजी की
जिला न्यायालय, ग्वालियर में बुधवार को वकीलों ने जमकर हंगामा किया। वकील में इस बात को लेकर रोष था मजिस्ट्रेट एमएनएच रिजवी ने कोर्टरूम का कक्ष क्यों बंद कर लिया? मामला बिगड़ता देख भारी संख्या में पुलिस बल को कोर्ट में बुला लिया गया। विवाद की शुरुआत तब हुई जब एक केस में आरोपी नीरज और धीरज शर्मा को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। एडवोकेट अक्षिता सिंह ने भास्कर को बताया कि कुल 4 लोगों के खिलाफ उन्होंने पुलिस थाना माधवगंज में एफआईआर दर्ज कराई। जिसमें से पुलिस नीरज और धीरज को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। उनकी जमानत का विरोध करने जब वह कोर्टरूम में पहुंची तो कटघरे में खड़े नीरज ने कहा- बाहर निकलकर बताता हूं। पास में खड़े धीरज ने कहा- गोली मार दूंगा। इसकी जानकारी उन्होंने मजिस्ट्रेट को दी। जैसे ही वकीलों को इस घटना की जानकारी मिली तो वे भी कोर्टरूम पहुंच गए। कुछ वकीलों ने आरोपियों को पीटने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख मजिस्ट्रेट ने कोर्टरूम का बंद करा दिया। इससे वकील नाराज हो गए और कोर्टरूम के बाहर नारेबाजी करने लगे। दोपहर ढाई बजे के लगभग शुरु हुआ हंगामा दो घंटे तक चला। काफी देर नारेबाजी करने के बाद बार ने चार मजिस्ट्रेट कोर्ट के बहिष्कार का निर्णय लिया। वहीं, भारी सुरक्षा के बीच पुलिस ने आरोपियों को जेल भेजा। चार कोर्ट में पैरवी नहीं करेंगे वकील बुधवार को हुए घटनाक्रम के बाद वकीलों ने बार अध्यक्ष से पूरे घटनाक्रम की जानकारी देकर बैठक बुलाने का आग्रह किया। जिसके बाद बार ने आकस्मिक बैठक बुलाई। इसमें न्यायाधीश एमएनएच रिजवी के साथ ही न्यायाधीश प्रियंका मालपानी, न्यायाधीश फाल्गुनी शर्मा और न्यायाधीश सक्षम नरूला की कोर्ट में कार्य से विरत करने का निर्णय लिया गया। बार अध्यक्ष पवन पाठक ने बताया कि न्यायाधीशों का व्यवहार अशोभनीय है। अभद्र टिप्पणी करने वाले न्यायाधीशों की कोर्ट में पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
शिक्षक से ठगी:बिट कॉइन में 40% मुनाफे का लालच देकर खाते से 1.74 लाख रु. उड़ाए
निजी स्कूल के शिक्षक के साथ साइबर ठगी हो गई। ठगों ने टेलीग्राम पर बिट कॉइन ट्रेडिंग में 40% मुनाफे का लालच देकर शिक्षक के खाते से 1.74 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कृष्णपुरी मुरार निवासी 31 वर्षीय गौरव शर्मा डीपीएस स्कूल रायरू में शिक्षक हैं। 7 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे उनके टेलीग्राम अकाउंट पर एक अज्ञात व्यक्ति का मैसेज आया। ठग ने निवेश करने पर ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिलाया। झांसे में आकर शिक्षक ने पहले पेटीएम के जरिए 38 हजार रुपए बैंक ऑफ महाराष्ट्र के खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद 58 हजार, फिर 50 हजार और 28,190 रु. अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए गए। अंत में 1,13,945 रुपए और मांगने पर शिक्षक को ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित ने मुरार थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद से संदिग्ध बैंक खातों और टेलीग्राम अकाउंट की जानकारी जुटाई जा रही है। बिटकॉइन में निवेशकों को ज्यादा मुनाफा मिला है। ऐसे में मुनाफा गंवाने से बचना जरूरी है। विशेषज्ञ आंशिक मुनाफावसूली, स्टॉप-लॉस लगाने और निवेश का लक्ष्य तय करने की सलाह देते हैं। भावनाओं में आकर ट्रेडिंग से बचें, पोर्टफोलियो में विविधता रखें और टैक्स नियम समझकर ही फैसला लें।
SIR:नाम कटे 2.52 लाख, बूथ पर जुड़वाने पहुंचे सिर्फ 23 हजार वोटर
एसआईआर पार्ट-1 में 2 लाख 52 हजार 583 वोटरों के नाम कट चुके हैं। इसके बाद अनुमान था कि बहुत से वोटर नाम जुड़वाने फिर से फॉर्म भरेंगे,लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। जिले में पुनरीक्षण प्रारंभ होने पर 23 दिसंबर से 21 जनवरी के बीच सिर्फ 23,057 वोटर नाम जुड़वाने पहुंचे। इनमें से कई 18-19 साल के हैं जो पहले फॉर्म भर चुके थे। यदि आयोग ने तारीख नहीं बढ़ाई तो यह काम 22 जनवरी तक ही होना है। इसके बाद पोलिंग बूथ पर बीएलओ बैठना बंद कर देंगे। निर्वाचन कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक अंतिम दिनों में वोटरों की सक्रियता बढ़ी है। मंगलवार की तुलना में बुधवार को एक ही दिन में 3 हजार 484 फॉर्म जमा हुए। इनमें सर्वाधिक 2 हजार 242 फॉर्म नए नाम जुड़वाने के आए हैं, जबकि 1,935 वह फार्म जमा हुए, जिनके नाम कट चुके थे। फॉर्म कम आने की सबसे बड़ी दिक्कत नए फॉर्म के साथ भी 2003 में वोटर या उसके परिवार की डिटेल का घोषणा पत्र को माना जा रहा है। अब बात यदि इनके निराकरण की करें तो वह काफी कम है। नाम जुड़वाने के लिए जमा हुए फॉर्म में से 11,103 अभी लंबित ही हैं। वहीं नो मैपिंग की सुनवाई में जमा हुईं अंक सूची की जांच के लिए एमपी बोर्ड ने 15 फरवरी तक लिंक मुहैया करा दी है। संख्या अधिक होने से यह काम भी धीमा चल रहा है। नाम हट चुका है या नहीं है तो पोलिंग पर पहुंचे यदि पुनरीक्षण की तारीख नहीं बढ़ती है और आपका नाम वोटर लिस्ट से कट गया या नहीं है तो फिर गुरुवार को पोलिंग बूथ पर पहुंचें। ईएफ देखकर या आसपास के लोगों से पूछकर बीएलओ से फोन पर भी संपर्क किया जा सकता है। नाम जुड़वाने के लिए फोटो, अंक सूची, 2003 की परिवार की डिटेल, मेल आईडी आदि लेकर ही जाएं। किसी भी तरह के संशोधन के लिए यह सब और एड्रेस प्रूफ संबंधी दस्तावेज भी फॉर्म भरते वक्त लगेगा।
राजस्थान में गुरुवार को 6 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से उत्तर-पश्चिम जिलों में बादल छाए रहेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह दौर इस सप्ताह थमने वाला नहीं है। एक बैक टू बैक नया सिस्टम अगले सप्ताह फिर एक्टिव होगा, जिसके प्रभाव से 26 से 28 जनवरी को मौसम में फिर बदलाव होगा और आसमान में बादल छाने के साथ मावठ का दौर शुरू होगा। पिछले 24 घंटे में उत्तर-पूर्वी जिलों में बुधवार को कोहरा छाया। बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। कोहरे के कारण धूप थोड़ी कमजोर रही। इन शहरों में दिन में सर्दी का असर तेज रहा। सुबह-शाम सर्द हवाओं से राहत वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से राजस्थान में उत्तरी हवाओं का प्रभाव कम हो गया है। राज्य में सर्द हवाओं से सुबह-शाम कड़ाके की सर्दी से भी राहत है, लेकिन कोहरे के चलते अधिकांश शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज हुआ। गंगानगर, टोंक, उदयपुर, पिलानी, सीकर, करौली, अलवर, बारां समेत कुछ शहरों में ही तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज हुआ। कल सबसे ज्यादा ठंडा इलाका फतेहपुर का रहा, जहां का न्यूनतम तापमान 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। आखिरी सप्ताह में भी होगी बारिश राजस्थान में जनवरी के आखिरी सप्ताह में भी बारिश का दौर आएगा। एक स्ट्रांग वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होने से 26 से 28 जनवरी के बीच प्रदेश के कई शहरों में बादल छा सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है।
एसआईआर:अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं, काम का दबाव ज्यादा, संसाधन भी नहीं दिए
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में लगे राऊ विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ ने सहायक उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत श्रीवास्तव को शिकायती पत्र दिया है। इसमें कहा है कि विधानसभा क्षेत्र में पदस्थ अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं है। बार-बार सभी के साथ अभद्र भाषा का उपयोग कर निलंबन की धमकी दी जाती है। व्हाट्सएप ग्रुप पर भी सही शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाता है। बीएलओ का कहना था कि हर दिन काम पूरा करने के बाद बदलाव के नए आदेश देकर उन पर दबाव बनाया जाता है। बीएलओ ने मांग की है कि पर्यवेक्षक और समन्वयकों को शिष्टाचार बनाए रखने के साथ मनोवैज्ञानिक दबाव डालने से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी होना चाहिए। बार-बार नोटिस जारी करने से विरोध का सामना करना पड़ रहा बीएलओ ने दिए पत्र में कहा कि नाम जोड़ने, कम करने या संशोधन के लिए पर्याप्त आवेदन पत्र भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिसके कारण उन्हें खुद के पैसों से फोटो कॉपी करवाकर मतदाताओं को देना पड़ रहा है। सभी बीएलओ ने समस्या बताते हुए कहा कि अभियान के दौरान मतदाताओं से दो बार दस्तावेज लेकर मैपिंग करने के बाद उनसे नए दस्तावेज लेने के निर्देश दिए गए हैं। इस तरह के मतदाताओं को बीएलओ के प्रमाणीकरण के बावजूद नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि बार-बार नोटिस जारी होते हैं तो उन्हें विरोध का सामना करना पड़ेगा। इस काम के लिए कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय की पात्रता है, जो नहीं दिया गया है। लंबित और भविष्य में मिलने वाले मानदेय को समय पर उनके खाते में जमा किया जाए। बीएलओ ने मांग की है कि अवकाश के दौरान काम करने पर नियमानुसार उन्हें दी जाने वाली छुट्टियां में काम करने वालों के खाते में अर्जित अवकाश जोड़े जाएं।
इंदौर में लगातार सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं और लोग जान गंवा रहे हैं। यहां 25 ब्लैक स्पॉट हैं, लेकिन हादसे कम करने को लेकर प्रशासन का रवैया ढीला है। यह इससे साफ होता है कि शहर में सड़क सुरक्षा समिति की सालभर में सिर्फ 4 बैठकें हुई हैं। यह खुलासा बुधवार को मुख्य सचिव अनुराग जैन ने की कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में हुआ। मुख्य सचिव अक्टूबर में मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर और एसपी से सीएम की बैठक के मुद्दों के साथ अन्य कामों की प्रगति भी जानी गई। बैठक में खुलासा हुआ कि जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठकें नियमित होना चाहिए थीं, पर इंदौर में सिर्फ 4 बैठकें हुईं, जबकि बैतूल में 23, रतलाम में 22, आगर में 19 बैठकें जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच हुईं। किसके यहां क्या पक रहा, सब पता चल जाता हैमुख्य सचिव ने कलेक्टरों के खिलाफ मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसके यहां क्या पक रहा है, सब पता चल जाता है। इसलिए सभी भ्रष्टाचार से दूर रहें और सरकार की प्राथमिकता के साथ जनता के हितों के लिए काम करें। सीएस ने साफ कहा कि कुछ जिलों की शिकायतें उनके और सीएम के पास आई हैं, इसलिए सुधर जाएं तो ही बेहतर होगा। मुख्य सचिव ने कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के 85 बिंदुओं की जिलावार समीक्षा की और इसमें कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को अपनी स्थिति सुधारने के लिए कहा है। 1343 संवेदनशील गलियां-बस्तियां चिह्नित कानून व्यवस्था की दृष्टि से ऐसे संवेदनशील इलाके जहां सड़कें और गलियां संकरी हैं, फोर्स मूवमेंट में समस्या आती है। कलेक्टर और एसपी मिलकर निकायों के सहयोग से उन बस्तियों का जोनल प्लान तीन महीने में तैयार करवाएं। बताया गया कि 24 जिलों में जोनल प्लान तैयार है। प्रदेश में 1343 संवेदनशील गलियों-बस्तियों को चिह्नित किया गया है। बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि स्कूल और कॉलेजों में महिला अपराधों के संबंध में जन जागरूकता अभियान चलाए जाने थे। इस काम में टीकमगढ़, धार और सिंगरौली शीर्ष 3 जिलों में हैं। इंदौर इसमें भी पीछे है। ड्रग फ्री इंडिया का टारगेट, 14 जिलों में एक भी बैठक नहीं : बैठक में सामने आया कि देश को नशामुक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार ने अगले तीन साल का सख्त एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2026 से ड्रग फ्री इंडिया अभियान शुरू होने जा रहा है। नशे पर सख्ती के लिए हर महीने NCORD यानी नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक अनिवार्य है। लेकिन वर्ष 2025 में इंदौर सहित प्रदेश के 14 जिलों में एक भी बैठक नहीं हुई। पीएमश्री एंबुलेंस : इंदौर में 4 मरीजों को किया एयरलिफ्ट : स्वास्थ्य विभाग की पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा के तहत वर्ष 2025 में प्रदेश के कुल 127 मरीजों को एयरलिफ्ट किया गया। सबसे ज्यादा रीवा जिले में 44 मरीजों को बड़े अस्पतालों में शिफ्ट किया। इंदौर संभाग में 4 मरीजों को इसका लाभ मिला।
हरियाणा में आज से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। मौसम विभाग ने 22 जनवरी से लेकर 24 जनवरी तक हरियाणा में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार, 22 जनवरी को मौसम की पहली बड़ी हलचल देखने को मिलेगी। विभाग ने इसके लिए बाकायदा एडवाइजरी जारी की है। मौसम विभाग ने अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और सिरसा जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान महज बारिश ही नहीं, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी। हवाओं के झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं, जिससे पेड़ों और कच्ची छतों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। रात में राहत, दिन में बढ़ेगी ठिठुरनपश्चिमी विक्षोभ के बादल छाने की वजह से न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री की बढ़ोतरी होगी, जिससे रात की कड़ाके की ठंड थोड़ी कम महसूस होगी। बारिश और ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में गिरावट आएगी। सूरज न निकलने से 'कोल्ड डे' जैसे हालात बन सकते हैं। दिन का पारा चढ़ा, रात में गिराराज्य में औसत अधिकतम तापमान में बीते कल की तुलना में 2.2C की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान तापमान सामान्य से 3.6C अधिक बना हुआ है। पूरे प्रदेश में पलवल (AWS) सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 25.6C दर्ज किया गया। चंडीगढ़ शहर का अधिकतम तापमान 24.0C रहा। इसके विपरीत, रात के औसत तापमान में 1C की गिरावट आई है, जो अब सामान्य के करीब है। राज्य में सबसे कम तापमान सोनीपत (कनाल रेस्ट हाउस, सरगथल AWS) में 4.0C रिकॉर्ड किया गया। हिसार में भी कड़ाके की ठंड रही, जहां पारा 4.3C तक गिर गया।
पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ ने 23 जनवरी को रिलीज हो रही अपनी फिल्म बॉर्डर-2 से पहल बॉर्डर फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए हैं। इंस्टा पर 58 सेकेंड का वीडियो अपलोड कर दिलजीत ने बताया कि जब बॉर्डर फिल्म आई तो पैसे न होने से वह इसे सिनेमा में नहीं देख पाए थे। दिलजीत ने बताया कि, तब गांव से कई दोस्त शहर में फिल्म देखने के लिए गए थे। उन्होंने बहुत बाद में ये फिल्म देखी थी। बॉर्डर देखने के बाद ही उनको सैनिकों के जीवन का पता चला। उन्होंने बताया कि उनके मौसा भी फौजी रहे हैं। इसलिए बचपन से सैनिकों के प्रति उनके मन में बहुत सम्मान है। बॉर्डर-2 के शूट के दौरान रोडवेज की बस में यात्रा करते हुए उन्होंने अपने पिता को भी याद किया। रोडवेज के साथ जुड़ी अपनी यादों को शेयर किया। बता दें कि, दिलजीत दोसांझ के पिता रोडवेज विभाग में नौकरी करते थे। दिलजीत ने फिल्म पर कहीं अहम बातें... दिलजीत बोले-फ्लाइंग ऑफिसर पंजाब के थे इसलिए भी हां कर दी दिलजीत ने कहा कि सबको फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के बारे में पता होगा ही, अगर नहीं भी है तो उनके बारे में पढ़ना चाहिए। दिलजीत ने कहा कि जब से लोगों को पता चला है कि वह फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों का किरदार निभा रहे हैं, तब से लोगों को उनके बारे में जानने की दिलचस्पी और जागी है। खासकर युवा पीढ़ी में। दिलजीत ने कहा कि सबको फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के बारे में बढ़ना चाहिए। बॉर्डर फिल्म करने के पीछे एक कारण ये भी था कि फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों अपने बंदे हैं, उनका किरदार निभाने का मौका नहीं छोड़ना चाहिए। जानें बॉर्डर 2 में किसने किसका किरदार निभाया लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर का किरदार निभाएंगे सनी देओल बॉर्डर-2 फिल्म में तीनों सेनाओं के साहस की असली कहानियां हैं। इसमें नौसेना, थल सेना, वायु सेना के महान नायकों की गाथा देखने को मिलेगी। फिल्म में सनी देओल 6 सिख रेजिमेंट के लेफ्टिनेंट कर्नल फतेह सिंह कलेर, वरुण धवन परमवीर चक्र विजेता मेजर होशियार सिंह दहिया (3 ग्रेनेडियर्स) अहान शेट्टी INS खुखरी के लेफ्टिनेंट कमांडर एमएस रावत जबकि दिलजीत दोसांझ वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों के किरदार को पर्चे पर जीवंत करेंगे। 1971 के युद्ध में शहीद हुए थे फ्लाइंग ऑफिसर सेखों फ्लाइंग ऑफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों लुधियाना के इसवाल के रहने वाले थे। वे भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं। 1971 के युद्ध के दौरान अकेले होने के बावजूद दुश्मन के दो विमानों को मार गिराया। विमान क्षतिग्रस्त से वे शहीद हो गए।
ग्वालियर के एक ब्यूटी पार्लर की लापरवाही से साल 2021 में मॉडल प्रज्ञा शुक्ला का चेहरा बिगड़ गया। वे वैक्स कराने के लिए नई सड़क पर कायाकल्प ब्यूटी पार्लर एंड मेकअप स्टूडियो पहुंची थीं। पार्लर के स्टाफ ने केमिकल की ज्यादा मात्रा मिलाकर वैक्स चेहरे पर लगा दिया। हड़बड़ी में कुछ केमिकल चेहरे पर गिर भी गया, जिससे तेज जलन के साथ असहनीय दर्द होने लगा। प्रज्ञा ने ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता सोनी से शिकायत की। उसने मॉडल के चेहरे पर एक लेप लगाया और कहा कि चेहरा जल्द ही पहले जैसा ठीक हो जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समय के साथ चेहरे पर घाव और स्पॉट्स उभरने लगे। प्रज्ञा करीब एक साल तक स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज कराती रही, लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। आखिरी में डॉक्टरों ने सर्जरी का विकल्प सुझाया। इस दौरान प्रज्ञा के पास कई प्रोजेक्ट्स थे। चेहरा खराब होने से उन पर भी असर पड़ा। हालात ऐसे बने कि मॉडलिंग करियर संकट में आ गया। दूसरी ओर, ब्यूटी पार्लर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मजबूर होकर प्रज्ञा ने 22 सितंबर 2023 को जिला उपभोक्ता फोरम में मामला दर्ज कराया। इसकी अंतिम सुनवाई 16 दिसंबर 2025 को पूरी हुई। उपभोक्ता फोरम ने 18 जनवरी 2026 को ब्यूटी पार्लर की प्रोपराइटर सुनीता पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। 2 हजार रुपए कोर्ट खर्च चुकाने का भी आदेश दिया है। पार्लर का बेस्ट सर्विस और प्रोडक्ट का दावाप्रज्ञा शुक्ला ग्वालियर में जनकगंज स्थित ऊदाजी की पायगा में रहती हैं। उन्होंने बताया कि वे मॉडलिंग करती हैं और इसी फील्ड में करियर बनाना चाहती हैं। साल 2021 में जब वे 30 साल की थीं तो कई कॉम्पिटीशन में भाग ले रही थीं। इसी दौरान 16 अगस्त 2021 को वह वैक्स कराने के लिए कायाकल्प ब्यूटी पार्लर गई थीं। पार्लर की प्रॉपराइटर सुनीता सोनी का दावा था कि उनके यहां बेस्ट सर्विस और प्रोडक्ट कस्टमर को दिए जाते हैं। गाल पर घाव हो गया, सर्जरी ही विकल्पचेहरा बिगड़ने के बाद ब्यूटी पार्लर संचालक सुनीता सोनी ने पहले मॉडल को उसका इलाज कराने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में मुकर गई। प्रज्ञा ने कई स्किन स्पेशलिस्ट से इलाज कराया लेकिन एक साल बाद भी चेहरे पर बना घाव का स्पॉट ठीक नहीं हुआ। आखिरी में स्किन स्पेशलिस्ट ने कहा कि स्पॉट का इलाज सर्जरी ही है। 50 हजार रुपए का खर्च भी बताया। फोरम ने माना- लापरवाही से बिगड़ा मॉडल का चेहरादोनों पक्षों को सुनने के बाद जिला उपभोक्ता फोरम ने आदेश में कहा- सौंदर्य सेवाओं में अपेक्षित सावधानी और पेशेवर दक्षता का पालन करना सेवा प्रदाता की जिम्मेदारी है। इसमें लापरवाही, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत सेवाओं में कमी मानी जाती है। फोरम ने लापरवाही से वैक्स करने पर कायाकल्प ब्यूटी पार्लर की संचालक पर 20 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। दो हजार रुपए बतौर कोर्ट खर्च देने को भी कहा। ये राशि 45 दिन में नहीं देने पर 6 प्रतिशत ब्याज भी चुकाना होगा। ये खबर भी पढ़ें... 5.28 रुपए ज्यादा वसूलने के खिलाफ 7 साल केस लड़ा इंदौर में एक ग्राहक से छाछ के 5 रुपए 28 पैसे ज्यादा लेने के बदले रिलायंस फ्रेश और सांची दुग्ध संघ को 5000 रुपए लौटाने होंगे। जिला उपभोक्ता फोरम ने सात साल चले केस का फैसला ग्राहक के पक्ष में सुनाया है। फोरम ने आदेश दिया है कि रिलायंस फ्रेश और सांची दुग्ध संघ तिवारी को 2.64-2.64 रुपए लौटाएं। साथ ही मानसिक प्रताड़ना के लिए 3,000 और केस खर्च के 2,000 रुपए भी दें। पढ़ें पूरी खबर...
जोधपुर के बासनी थाना क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट नगर स्थित लक्ष्मी लॉज भोजनालय पर 670 रुपये के भुगतान को लेकर हुई चाकूबाजी की वारदात का बासनी पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस ने घायल होटल संचालक के भाई दिनाराम पर जानलेवा हमला करने वाले 5 आरोपियों- सेठाराम, करण, पंकज प्रजापत, सोहनलाल और कालूराम को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही वारदात में इस्तेमाल बेलनो कार भी बरामद हो गई। आरोपियों से चाकू अभी बरामद नहीं हुआ है। इसको लेकर पूछताछ की जा रही है। यह था पूरा मामला दरअसल 20 जनवरी शाम 8.30 बजे चार-पांच युवक लक्ष्मी लॉज में खाना खाने पहुंचे। खाने का बिल 670 रुपये आया। कार्ड स्कैनर खराब होने पर होटल संचालक ने नकद रुपए मांगे तो आरोपियों ने होटल संचालक के भाई दिनाराम पर पहले थप्पड़-मुक्के बरसाए। फिर चाकू से कई वार कर दिए। गंभीर घायल दिनाराम को एम्स में भर्ती कराया गया, जहां इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद आरोपी भाग निकले थे।
23 जनवरी को बसंत पंचमी के आयोजन को लेकर धार भोजशाला पर एक बार फिर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। दरअसल, इस बार बसंत पंचमी शुक्रवार को है। हिंदू संगठनों ने दिन भर माता सरस्वती की पूजा- अर्चना की प्रशासन से इजाजत मांगी है। वहीं इसी दिन मुस्लिम समाज भी नमाज पढ़ने आएगा। इससे पहले 2003 से लेकर 2016 के बीच तीन बार ऐसा मौका आया जब बसंत पंचमी शुक्रवार को ही थी। तीनों ही बार विवाद की स्थिति बनी। इस बार ऐसा न हो इसके लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। वहीं हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पूरे दिन पूजा के अधिकार की मांग है। इस पर आज यानी 22 जनवरी को सुनवाई है। धार की भोजशाला का इतिहास करीब 990 साल पुराना है। 1034 ई. में राजा भोज ने इसका निर्माण कराया था और यहां मां वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित की थी। 200 सालों से ज्यादा समय तक भोजशाला का वैभव कायम रहा, लेकिन 1305 ई में मोहम्मद खिलजी ने भोजशाला पर आक्रमण कर इसे नेस्तनाबूत करने की कोशिश की। इसके बाद कई बार मुस्लिम आक्रांताओं ने भोजशाला पर हमले किए। कई सालों तक मां सरस्वती की प्रतिमा भोजशाला में दबी रही। इसके बाद अंग्रेज आए। वे यहां से खुदाई कर वाग्देवी की प्रतिमा को लंदन के म्यूजियम ले गए। खिलजी के आक्रमण से लेकर अब तक भोजशाला को उसकी पहचान दिलाने के लिए संघर्ष जारी है। तारीखों में जानिए भोजशाला के बनने इसके ध्वस्त होने से लेकर इसे नई पहचान देने तक की कहानी... नोट- भोजशाला के इतिहास की जानकारी भोजशाला उत्सव समिति के महामंत्री सुमित चौधरी ने दी है। अब जानिए कोर्ट में क्या है भोजशाला के मामले का स्टेटस भोजशाला मंदिर या मस्जिद, साइंटिफिक सर्वे पूराहिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने 1 मई 2022 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मांग की थी कि भोजशाला का पूर्ण आधिपत्य हिंदुओं को सौंपा जाए। ये मंदिर है या मस्जिद इसका कैरेक्टर तय करने के लिए एएसआई से साइंटिफिक सर्वे कराया जाए। 11 मार्च 2024 को इंदौर हाईकोर्ट ने एएसआई को भोजशाला का साइंटिफिक सर्वे कर 6 हफ्ते में रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा। एएसआई ने और समय मांगा जिसपर 2 जुलाई 2024 तक का समय दिया गया। एएसआई ने फिर समय मांगा जिसपर कोर्ट ने 15 जुलाई तक की तारीख दी। इस तारीख को एएसआई ने साइंटिफिक रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश कर दी। एएसआई ने ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार और कार्बन डेटिंग मेथड की मदद से अपना सर्वे शुरू किया। मुस्लिम पक्ष सुप्रीम कोर्ट पहुंचादूसरी तरफ हाईकोर्ट के 11 मार्च के 2024 के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में 16 मार्च 2024 को विशेष अनुमति याचिका लगाई। इसमें पूरा पक्ष सुनने की मांग की गई। 1 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ऑर्डर दिया। जिसमें साइंटिफिक सर्वे पर रोक नहीं लगाई, लेकिन सर्वे रिजल्ट के आधार पर बिना सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के निर्णय लेने पर रोक लगाई। सर्वे रिपोर्ट को गुप्त रखने और सार्वजनिक न करने के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि ऐसा उत्खनन न किया जाए जिससे भोजशाला के मूल स्वरूप में बदलाव आए। सुप्रीम कोर्ट से मुस्लिम पक्ष ने कहा कि 2003 के ऑर्डर के खिलाफ हिन्दू पक्ष कोर्ट चला गया और 2019 में दायर मुस्लिम पक्ष की याचिका को फॉलो नहीं किया। हाईकोर्ट ने बिना सुने सर्वे का ऑर्डर दिया। सर्वे रिपोर्ट के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई मेंशन एएसआई की सर्वे रिपोर्ट आने के बाद हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में मेंशन लगाकर रिपोर्ट के आधार पर फैसले पर लगी रोक हटाने और हाई कोर्ट को निर्णय लेने के लिए डायरेक्शन देने की मांग की थी। अब ये पूरा मामला न्यायालय के विचाराधीन है।
परेशानी:9.83 लाख का फ्रॉड, आधार में एड्रेस अलग इसलिए थानों के चक्कर काट रहा फरियादी
एक तरफ पुलिस कमिश्नर हर थाने की साइबर सेल को मजबूत करने का दावा कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ एक फरियादी 25 दिन से तेजाजी नगर और भंवरकुआं थानों के बीच झूल रहा है। कारण सिर्फ इतना है कि साइबर हेल्पलाइन सेंटर ने आधार कार्ड का एड्रेस लेकर केस दर्ज कर दिया। जबकि घटना फरियादी के वर्तमान पते पर हुई थी। इसी गफलत में दो बार केस ट्रांसफर कर दिया गया। 3 मिनट में दो अकाउंट से 11 ट्रांजेक्शनघटना 27 दिसंबर 2025 को संजय देवंडे के साथ हुई। बुधवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे संजय ने बताया कि उनके साथ ऑनलाइन फ्रॉड हुआ। आरोपी ने उनके मोबाइल, यूपीआई सुविधा और बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग किया है। घटना वाली शाम 7:42 से 7:45 बजे के बीच उनके दो अकाउंट से 11 बार ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान उनके दोनों अकाउंट से करीब 9.83 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 साइबर क्राइम की हेल्पलाइन पर की। वहां से ई-एफआईआर हुई और केस भंवरकुआं थाने पर ट्रांसफर हुआ। यहां एक सब इंस्पेक्टर ने उनका एड्रेस मुंडला नायता देखा। यह कहते हुए कि उनका घर का पता तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में आता है, केस फिर भोपाल ट्रांसफर कर दिया। जबकि उन्होंने दलील दी कि मेरा वर्तमान पता स्कंद धाम है जो आपके थाना क्षेत्र में है। वेरिफिकेशन के बाद भेजा : इसके बाद उनका केस तेजाजी नगर थाने पहुंचा। टीआई ने केस ले लिया, लेकिन जब उनका एड्रेस पूछा तो उन्होंने बताया कि वे पहले मुंडला नायता रहते थे। अब वे पालदा इलाके की स्कंद धाम कॉलोनी में रहते हैं। इसके बाद टीआई ने फिर से उनका केस भोपाल भेजा। जांच में फर्क पड़तातेजाजी नगर थाना टीआई देवेंद्र मरका का कहना है क संजय देवंडे का केस हमारे थाने पर आया था। हमने उसे अपने यहां ले लिया था, क्योंकि भोपाल से आई एफआईआर में उसका एड्रेस मुंडला नायता था, जो हमारे यहां का था। जब फरियादी से उसका एड्रेस पूछा तो उसने पालदा इलाके का बताया। जिन अकाउंट में पैसा गया है, उसकी जांच शुरू हो चुकी है। एफआईआर भी दर्ज हो चुकी, लेकिन इन्वेस्टिगेशन में एड्रेस लोकेशन की गलती न हो, इसलिए उसे भंवरकुआं थाने भेजा गया है।
कैथल में गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस द्वारा गुहला एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह को झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला लगातार गर्माया हुआ है। अब इसमें मामले में एक ओर जहां राजनीतिक दलों की एंट्री हुई है, वहीं सामाजिक संगठन भी इस मामले में उतर गए हैं। इनमें से एक पक्ष एसडीएम तो दूसरा पक्ष विधायक के समर्थन में उतरा है। जिन हाथों ने देश के लिए बंदूक उठाई, उनमें झुनझुना देना बर्दाश्त नहीं कुछ लोगों की ओर से जहां विधायक को अपनी जगह पर सही बताया जा रहा है तो कुछ इसे निंदनीय करार दे रहे हैं। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगजीत सिंह व संरक्षक कैप्टन बलजीत मोर ने कहा कि वे इस मामले को लेकर पूरी तरह से एसडीएम कैप्टन परमेश सिंह के समर्थन में हैं। उन्होंने कहा कि जिन हाथों ने पहले देश की रक्षा के लिए बंदूक उठाई, उन हाथों में विधायक द्वारा झुनझुना देने का प्रयास करने का मामला कतई बर्दाश्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि वे इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, सीएम व अन्य बड़े नेताओं को पत्र लिखकर विधायक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। जजपा आई विधायक के समर्थन में वहीं दूसरी ओर जजपा के जिला प्रधान ने विधायक द्वारा झुनझुना पकड़ने के प्रयास के मामले का समर्थन किया। जजपा जिला प्रधान अवतार सिंह सीड़ा ने कहा कि विधायक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई है। इस समय गुहला क्षेत्र में विभिन्न कार्यों में भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल कांग्रेस ही नहीं, भ्रष्टाचार के खिलाफ अगर उन्हें किसी भी दल के साथ या किसी विधायक अथवा नेता के साथ खड़ा होना पड़ा तो वे पीछे नहीं हटेंगे। उस समय किसी पार्टी को नहीं देखा जाएगा बल्कि भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। बता दें कि मामले में एसडीएम की ओर से कैथल एसपी को विधायक के खिलाफ शिकायत भी दी गई है। जिसमें उन्होंने विधायक पर काम में बाधा डालने और गलत व्यवहार के आरोप लगाए हैं। इस संबंध में एसपी उपासना ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। ये है पूरा मामला बता दें कि चीका के बीडीपीओ कार्यालय में दुकानों की लंबाई 12 से बढ़ाकर 25 फीट तक कर दी गई। इस संबंध में क्षेत्र के कुछ लोगों ने प्रशासन को शिकायत दी और विधायक के संज्ञान में भी मामला लाया गया। विधायक ने अधिकारियों को जांच के आदेश दिए। अधिकारियों द्वारा जांच के बाद विधायक को सूचना दी गई। इसके बाद विधायक सोमवार को बीडीपीओ कार्यालय में पहुंचे और एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए विधायक को झुनझुना देने का प्रयास किया गया। अब इस मामले में एसडीएम द्वारा विधायक के खिलाफ शिकायत दी गई है।
पंजाब पुलिस का ASI डॉ. अशोक कुमार एक अनूठे तरीके से पोर्ट्रेट तैयार करता है। उसने पोर्ट्रेट करने की ऐसी नई विद्या तैयार की है, जो उसके बनाए पोर्ट्रेट देखता है, देखता ही रह जाता है। डॉ. अशोक कुमार जरकन से डायमंड पोर्ट्रेट तैयार करता है। अब तक वो दुनिया की कई बड़ी हस्तियों के पोर्ट्रेट तैयार कर चुका है और वर्ल्ड रिकार्ड बुक में अपना नाम दर्ज करा चुका है। पंजाबी सिंगर व एक्टर दिलजीत दोसांझ, वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज समेत कई हस्तियां अपने डायमंड पोर्ट्रेट देखकर उसके कायल हो चुके हैं। दिलजीत दोसांझ को डॉ. अशोक कुमार ने डायमंड पोर्ट्रेट गिफ्ट किया तो उन्होंने कहा कि वो वर्ल्ड टूर पर हैं इसलिए इसे लेने बाद में आएंगे। दिलजीत ने उन्हें कहा था कि इसे संभालकर रखना इसे लेकर जरूर जाउंगा। तीन महीने पहले डॉ. अशोक कुमार अपनी मां के साथ वृंदावन के संत प्रेमानंद जी महाराज के पास पहुंचे। पोर्ट्रेट देखकर वो बेहद खुश हुए। अशोक कुमार ने जब उन्हें पोर्ट्रेट दिया तो प्रेमानंद जी ने कह दिया कि इसे आशीर्वाद के तौर पर अपने पास रखना। दिलजीत दोसांझ को करूंगा गिफ्ट डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि दिलजीत दोसांझ का डायमंड पोर्ट्रेट उन्होंने तैयार किया है। अब जब भी दिलजीत दोसांझ से उनका मिलना होगा तो वो उन्हें जरूर इसे गिफ्ट देंगे, क्योंकि उन्होंने तब कहा था कि इसे मेरी अमानत समझकर अपने पास संभालकर रखना। एक दिन इसे लेने जरूर आउंगा। गुरुनानक देव जी का 20 फीट ऊंचा पोर्ट्रेट बनाकर बनाया वर्ल्ड रिकार्ड डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि 2021 में उन्होंने श्री गुरुनानक देव जी का 20 फुट ऊंचा पोर्ट्रेट तैयार किया था। जो एक वर्ल्ड रिकार्ड था। उन्होंने बताया कि उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया। इस तरह तीन बार उनका नाम वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हो चुका है। इसके अलावा एशिया रिकार्ड व लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में भी उनका नाम दर्ज हुआ है। दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने दी डॉक्ट्रेट की उपाधि अशोक कुमार पंजाब पुलिस में ASI हैं और उनके नाम के आगे डॉक्टर लिखा जाता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने बहुत से पोर्ट्रेट तैयार किए हैं और उनकी स्टोरी एक बुक में प्रकाशित की गई है। उसके बाद दक्षिण अफ्रीका की वेबिक यूनिवर्सिटी घाना ने उन्हें डॉक्ट्रेट की मानद उपाधि दी है। अशोक का किप्स मार्केट व सुकना लेक में स्केच बनाने से वर्ल्ड रिकार्ड तक का सफर उत्तर प्रदेश में पैदा हुए, लुधियाना में पले- बढ़े: अशोक के माता पिता उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। अशोक का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ और जब वो छह माह के थे तो उनके माता- पिता उन्हें लेकर लुधियाना आ गए। यहीं पर पले बढ़े। पिता फैक्ट्री में काम करते थे। दसवीं कक्षा तक पढ़ने के बाद पुलिस में कॉन्स्टेबल बन गए। किप्स मार्केट लुधियाना में बनाते थे स्केच: अशोक कुमार को पेंटिंग व स्केच बनाने का शौक बचपन से था। रेत व मिट्टी पर उंगली से आकृतियां व कोयले से दीवार पर चित्र बचपन से बनाते थे। दसवीं कक्षा पास करने के बाद किप्स मार्केट लुधियाना में जाकर लोगों के स्केच बनाते थे। लोग प्रति स्केच 200 से 300 रुपए देते थे। करीब छह महीने तक यहां पर स्केच बनाते रहे। सुकना लेक चंडीगढ़ में भी बनाते थे स्केच: डॉ. अशोक ने बताया कि उन्हें पता चला कि चंडीगढ़ सुकना लेक के किनारे स्केच बनाने वालों को अच्छे पैसे मिल जाते हैं तो वो एक दिन वहां चले गए। वहां पर चार पांच स्केच बनाए और 2000 रुपए कमाकर आ गए। उसके बाद पुलिस में भर्ती होने तक वहां जाते रहे। पुलिस में कॉन्स्टेबल भर्ती हुए : अशोक कुमार 2008 में पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल भर्ती हुए। पुलिस की नौकरी के साथ उन्होंने केनवस पर पेंटिंग व स्केच बनाने शुरू किए। इसी दौरान उनका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड, एशिया बुक ऑफ रिकार्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड में शामिल हुआ। कोरोना के दौरान शुरू की डायमंड पेंटिंग: डॉ. अशोक ने बताया कि उनके मन में नया करने की ललक थी। इसलिए उन्होंने डायमंड पेंटिंग शुरू की। इसे न तो उन्हें किसी ने सिखाया है और न ही उनसे पहले ऐसी पेटिंग कोई बनाता था। उन्होंने बताया कि उसके बाद उन्होंने कई महान लोगों के पोर्ट्रेट बना दिए। 2021 में वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल: डॉ. अशोक ने बताया कि 2021 में उनका नाम पहली बार वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल हुआ। अब तक 4 बार वर्ल्ड रिकार्ड में नाम शामिल हो चुका है। उनका लक्ष्य है कि वो इस विधा को लोगों को दिखाएं और इससे जोड़ें। 20 से 25 हजार में तैयार होता है डायमंड पोर्ट्रेट डॉ. अशोक ने बताया कि एक पोर्ट्रेट तैयार करने में 20 से 25 हजार रुपए खर्च हो जाते हैं। पुलिस की नौकरी के कारण उन्हें पोर्ट्रेट तैयार करने के लिए ज्यादा वक्त नहीं मिलता है। फिर भी रात को काम करके वो करीब एक महीने में एक पोर्ट्रेट तैयार कर लेते हैं।
जमीन विवाद:युवक का अपहरण कर सरियों से दागा, फिर दर्ज कराया रेप का केस
बाणगंगा इलाके में एक युवक के साथ चाचा‑चाची और उनके बेटों ने जमीन विवाद के चलते अत्याचार की हदें पार कर दीं। बिहार निवासी युवक पर 17 जनवरी को घर में हमला किया, फिर दो चचेरे भाइयों ने अपने साथियों के साथ MR‑10 ब्रिज के पास से उसका अपहरण कर शाजापुर ले गए। वहां खेत पर उसे पेड़ से बांधकर बेल्ट, लाठी‑डंडों से पीटा और गर्म सरिये से दागा। बाद में चाचा‑चाची ने युवक पर अपनी नाबालिग बेटी से रेप का झूठा केस तक दर्ज करा दिया। पुलिस ने अपहरण और हत्या के प्रयास सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया। बेहोश हुआ तो इंदौर ले आएयुवक ने बताया कि जब वह बेहोश हो गया तो सभी आरोपी उसे वापस इंदौर ले आए। बाणगंगा टीआई सियाराम गुर्जर ने बताया कि 18 की शाम को दंपती अपनी 15 साल की बेटी और जख्मी युवक को थाने लेकर आए। यहां चाचा चाची ने अपनी बेटी की तरफ से युवक के खिलाफ रेप का केस दर्ज कराया। युवक की चोट देखकर हमने उसकी गिरफ्तारी न लेते हुए पहले उसे मेडिकल के लिए भेजा। बुधवार को एमवाय हॉस्पिटल में उसके बयान दर्ज करने गए तो पूरा घटनाक्रम सामने आया। अभी सभी आरोपी फरार हैं। जांच की जा रही है।
दिनदहाड़े घर में हुई बड़ी चोरी के एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से शासकीय अधिवक्ता ( ADPO) खुद पुलिस व्यवस्था से आहत हैं। यह कहना है शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार का, जिनके जबलपुर स्थित घर से 30 से 40 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए। अमित कुमार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक न तो संदेह के घेरे में आए लोगों से पूछताछ की और न ही एफआईआर दर्ज की। हर बार थाने जाने पर सिर्फ “विवेचना चल रही है” कहकर टाल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं अदालत में पुलिस के मामलों की पूरी निष्ठा से पैरवी करते हैं, लेकिन आज जब उन्हें न्याय की जरूरत है, तो पुलिस ही मददगार नहीं बन रही। इस मामले में एडीपीओ ने जबलपुर एसपी से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है। एक माह पहले हुई थी चोरीमूल रूप से ग्वालियर निवासी और अगस्त 2025 में जबलपुर में पदस्थ शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार 29 नवंबर को दोस्त की शादी में झांसी (उत्तर प्रदेश) गए थे। वह 2 दिसंबर को जबलपुर लौटे। 3 दिसंबर को उन्होंने घर की अलमारी में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी रखी थी। 13 दिसंबर को अमित ने पत्नी से अलमारी में रखे पैसों में से दो हजार रुपए लाने को कहा। अलमारी खोलने पर देखा कि लॉकर में चाबी लगी हुई थी। लॉकर खोलकर जांच की तो उसमें रखे करीब 18 हजार रुपए गायब मिले। संदेह होने पर जब जेवरात के बक्से खोलकर देखे गए, तो उनमें रखा सारा सोना-चांदी नदारद था। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन कुछ भी हाथ नहीं लगा। इसके बाद अमित कुमार ने आधारताल थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पीड़ित परिवार गहरे तनाव में है। अमित गुप्ता ने बताया कि जुलाई 2025 को जिला कोर्ट में सहायक लोक अभियोजन अधिकारी के पद पर ज्वाइंनिंग हुई थी। अगस्त माह में आधारताल में किराए का मकान लिया। परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। 13 दिसंबर की दोपहर को जब अलमारी खोली तो सारे जेवरात गायब थे। अमित ने बताया कि उनके घर पर काम करने के लिए सुबह 11 बजे मेड आती है। इसके अलावा पड़ोस में रहने वाली एक महिला उनकी 6 माह की बच्ची को खिलाने के लिए अक्सर घर आया करती थी, उनके साथ-साथ शाम को 7 वर्षीय बेटे को पढ़ाने के लिए टीचर आती है। इन तीनों के अलावा और किसी का आना-जाना नहीं है। घर से गायब हुआ समान सहायक लोक अभियोजन अधिकारी का कहना है कि रोजाना वह 11 बजे आफिस चले जाया करते हैं। घर पर पत्नी और बच्चे बस रहते है। काम वाली मेड भी कुछ माह से आ रही है। जिस जगह पर अलमारी रखी हुई है, वहां पर बाहरी व्यक्ति कोई नहीं जाता है। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले जब दोपहर को उनकी पत्नी सो गई थी, हो सकता है उसी का फायदा उठाते हुए चोर अलमारी तक पहुंचा और खोलकर जेवरात एवं नगदी लेकर रफू चक्कर हो गया। अमित का कहना है कि जिसने भी चोरी कि है, वह अच्छे से जानता है कि अलमारी के बगल में ही चाबी रखी रहती है। अमित गुप्ता के घर से सोने के करीब 20 तोला और चांदी के एक किलो के जेवरात थे, जो चोरी गए हैं। एक सोने का मंगलसूत्र, सोने की चार अंगूठी, एक सोने की बेंदी, सोने की चार चूड़ियां, दो सोने के कंगन, सोने की कान की झुमकी सहित 18000 रुपए नगद चोरी गए हैं। लगातार जा रहा हूं थानेएडीपीओ अमित कुमार ने बताया कि जब भी थाने जाओ, तो टीआई का कहना होता है कि हमारी जांच जारी है। विवेचक कहते है कि विवेचना चल रही है, पर आरोपियों के खिलाफ कोई सुराग नहीं मिल रहा है। जिन पर हमने संदेह जताया है, अब तक उनसे पूछताछ भी नहीं की गई। इतना ही नहीं थाने भी उन्हें बुलाया। एडीपीओ का कहना है कि एक माह के भीतर पुलिस ने जितनी भी कार्रवाई की है, उससे मैं बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हूं। उन्होंने बताया कि पुलिस के हर मामले में मैं हम पैरवी करते है, कोर्ट में खड़े होते है, हमसे गाइडलाइन लिया जाता है, पर हमारे मामले में पुलिस हमको इग्नोर कर रही है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा कहना है- एडीपीओ अमित कुमार गुप्ता की शिकायत को गंभीरता से लिया है, आधारताल थाना पुलिस लगातार जांच भी कर रही है। संदेहियों से भी पूछताछ जारी है, जल्द ही चोरी का खुलासा हो जाएगा। टीआई को निर्देश दिए गए हैं।
बाड़मेर जिले के बाखासर क्षेत्र के सुहागी गांव में मंगलवार रात को चोरों ने एक दंपती परिवार को उसके ही कमरे में बंद कर पास के दूसरे कमरे से लाखों रुपए के जेवरात चोरी कर लिए। वारदात के दौरान ताले तोड़ने की आवाज सुनकर दंपती जागे तो उसके कमरे की बाहर से कुंडी लगाई हुई थी। इसके बाद फोन करके भाई को बुलाया तब तक चोर जेवरात लेकर भाग गए। इस वारदात के बाद पुलिस की टीमें जांच में जुटी हुई है। पुलिस की डॉग स्क्वायड टीम, एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। गांव में सीसीटीवी नहीं होने से चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों का सुराग नहीं लगा है। पहले पड़ोसी घर में घुसने की कोशिश की, आवाज दी तो मौके से भागे थानाधिकारी राजूराम विश्नोई का कहना है कि सुहागी गांव निवासी शेषकरण पुत्र शंकरदान चारण ने मंगलवार की रात करीब 2 बजे चोरों द्वारा घर में चोरी की वारदात को अंजाम देकर लाखों रुपए के जेवरात चोरी करने का मामला दर्ज करवाया है। शेषकरण का कहना है कि वे और पत्नी दोनों घर के एक कमरे में सो रहे थे। रात के करीब 2 बजे दो चोर उनके घर में घुसे और जिस कमरे में वो पति-पत्नी सो रहे थे। उसके कुंडी लगा दी। इसके बाद दूसरे कमरे का ताला तोड़ कर अंदर घुसे और अलमारी तोड़ने लगे। इस दौरान आवाज से वो जगे और उठ कर कमरे से बाहर निकलने के लिए दरवाजा खोलने लगे तो बाहर से कुंडी लगी हुई थी। पड़ोस में रहने वाले भाई को फोन किया। वो लोग 10-15 मिनट में आए तब तक चोर करीब 27 तोला सोना जिसमें आड, कंठी, झूमर सहित अन्य सोने के आभूषण व करीब 20 तोला चांदी लेकर भाग गए। मौके से दो चोरों के पैरों के निशान मिले हैं। आसपास में कहीं सीसीटीवी नहीं था। ऐसे में आरोपियों के हुलिए का कोई सुराग नहीं लगा। वारदात के बाद शेषकरण दान की पड़ोसी महिला ने भी कहा कि रात 2 बजे उनकी खिड़की तोड़ने का प्रयास हुआ था। खिड़की की आवाज सुनकर वो उठे और आवाज दी, इसके बाद वहां कोई नहीं था। संदेह है इन्हीं चोरों ने पहले पड़ोसी के घर पर भी चोरी का प्रयास किया, लेकिन वहां लोग जाग जाने से अलर्ट हुए। इसके बाद दूसरे घर गए, जहां भी दंपती के जागने का डर था। इसी वजह से उनके कमरे की कुंडी लगा दी और चोरी करके भाग गए। डॉग स्क्वायड और एफएसएल टीम पहुंची चोरी के बाद बाखासर के सुहागी गांव पुलिस डॉग स्क्वायड व एफएसएल टीम भी मौके पर पहुंची। मौके से पैरों के निशान के आधार पर साक्ष्य जुटाए हैं। चोरों के फिंगर प्रिंट भी लिए गए। पुलिस पूछताछ कर रही है। रात करीब 12:30 बजे एक बाइक पर उसी इलाके से जाने वाले दो लोगों को डिटेन किया है, जिन्हें पूछताछ में सामने आया कि वो कृषक थे और बेरे पर काम कर वापिस आए थे। फिलहाल चोरों का कोई सुराग नहीं लगा है।
मप्र में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने वाले उपभोक्ता को फिक्स चार्ज के कारण राहत नहीं मिल पा रही है। अतिरिक्त बनाई गई सोलर बिजली भी कंपनी अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम दामों पर खरीद रही है। भास्कर ने राजस्थान व चंडीगढ़ के सोलर बिजली बिलों और नियामक आयोग के फैसलों की पड़ताल की तो पता चला, वहां सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने का पूरा फायदा उपभोक्ताओं को मिल रहा है। राजस्थान में मात्र 250 रुपए फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है। यहां तक कि उपभोक्ताओं से 3.16 रुपए प्रति यूनिट में बिजली खरीदी जा रही है। चंडीगढ़ में गलत वसूली पर नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं को रिफंड दिलाया। जोधपुर में कोई बिल नहीं, उल्टे लोगों के खाते में जमा है हजारों रुपए की बिजली उदाहरण 1 8 किलोवॉट सोलर उत्पादन, बिल नेगेटिव सोलर उत्पादन: 1189 यूनिटग्रिड से इम्पोर्ट: 647 यूनिटनेट एक्सपोर्ट: 174 यूनिटएनर्जी चार्ज: 0फिक्स चार्ज: 250 रुपएसोलर बिजली एडजस्टमेंट: 471.54 रुपएअंतिम नेट बिल: - 9348 रुपए (क्रेडिट बैलेंस) उदाहरण 2 10 किलोवॉट सोलर, पैसा नहीं देना पड़ा जोधपुर: 3.26 रु. प्रति यूनिट में खरीद रहे जोधपुर विद्युत वितरण निगम अतिरिक्त बनाई सोलर को 2.71 से बढ़ाकर 3.26 रुपए प्रति यूनिट की दर पर खरीद रहा है। वहीं मप्र में यह दर सबसे कम 2.16 रुपए है। चंडीगढ़: नियामक ने रुकवाई अवैध वसूली चंडीगढ़ में सरकारी मकानों में रहने वाले 6624 परिवारों से हर माह 1800 से 3000 तक सोलर चार्ज वसूला। नियामक आयोग ने इसे अवैध माना, चार्ज हटाने व राशि रिफंड करने के आदेश दिए। भास्कर एक्सपर्ट - धनश्याम चौहान, एसई, जोधपुर यह तो सोलर नीति के ही खिलाफ है नेट मीटरिंग का उद्देश्य है कि अगर उपभोक्ता जरूरत से ज्यादा बिजली बनाता है, तो उसका लाभ उसे मिले। राजस्थान में फिक्स चार्ज सीमित है और अतिरिक्त सोलर बिजली का एडजस्टमेंट उसी महीने किया जाता है, ताकि सोलर उपभोक्ता हतोत्साहित न हो। अगर एनर्जी चार्ज शून्य है व उपभोक्ता नेट एक्सपोर्टर है तो बिल को बोझ बनाना सोलर नीति की भावना के खिलाफ होगा। एक्सपर्ट - सौरभ कुमार, चेयरमैन, चंडीगढ़ बिना सहमति सोलर चार्ज नहीं लगाया जा सकता सोलर उपभोक्ताओं से किसी भी तरह का अतिरिक्त चार्ज उनकी स्पष्ट सहमति के बिना नहीं लिया जा सकता। यदि ऐसा होता है तो यह न केवल गलत है, बल्कि नियामकीय दायरे में भी टिक नहीं सकता। सोलर बिजली को प्रोत्साहन देने का मकसद यह है कि उपभोक्ता का बिजली बिल कम हो, न कि नया आर्थिक बोझ खड़ा किया जाए। वरना इसका उद्देश्य ही खत्म हो जाएगा।
बिजली विभाग की कार्रवाई:370 उपभोक्ताओं पर 10 लाख रुपए बिल बकाया, चार गांव में सात ट्रांसफार्मर उतारे
डिस्कॉम ने बुधवार को चार गांवों गढ़ी झील पट्टी, बासौली, ओलांद और नीमला—के करीब 370 बिजली उपभोक्ताओं पर 10 लाख रुपए के बकाया बिल होने के चलते सात ट्रांसफार्मरों को उतारकर स्टोर में जमा कर दिया। जयपुर डिस्कॉम के सहायक अभियंता रवि कुमार स्वर्णकार ने बताया कि बिजली बिल बकाया उपभोक्ताओं द्वारा राशि जमा नहीं कराने पर अधीक्षण अभियंता बी एल वर्मा के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। इनमें गढ़ी झील पट्टी और बासौली से दो-दो, ओलांद से दो और नीमला से एक ट्रांसफार्मर उतारा गया। इस कार्रवाई में कनिष्ठ अभियंता प्रीतम सिंह, कनिष्ठ अभियंता आफताब अंसारी, विद्युत चोरी निरोधक दल और अन्य डिस्कॉम कर्मचारी मौजूद रहे। ट्रांसफार्मर हटने से बिल जमा करने वाले 110 उपभोक्ताओं के घर भी अंधेरा जयपुर डिस्कॉम की इस कार्रवाई में सिर्फ बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को ही निशाना नहीं बनाया गया, बल्कि लगभग 110 ऐसे उपभोक्ताओं की भी बिजली बंद कर दी गई, जिन्होंने अपना बिल समय पर जमा करा रखा था। विद्युत विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में ट्रांसफार्मर उतारने से पहले 5 केवी छोटे ट्रांसफार्मर लगाकर बिजली सप्लाई बनाए रखना जरूरी होता है। इसके बिना बिल बकाया उपभोक्ताओं को बिजली से पूरी तरह अलग करना, और साथ ही अन्य उपभोक्ताओं की बिजली भी बंद करना, सही नहीं ठहराया जा सकता। वहीं बिना बिजली वाले उपभोक्ता अन्य ट्रांसफार्मर से जुड़ कर बिजली की चोरी कर सकते हैं।
छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रायपुर के आधे जिले में पुलिस कमिश्नरी सिस्टम लागू करने का फैसला किया गया है। यह व्यवस्था कल यानी 23 जनवरी 2026 से प्रभावी होगी। रायपुर के 21 थाने कमिश्नर और 12 थाने SP संभालेंगे। गृह विभाग ने इसे लेकर बुधवार शाम नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। रायपुर में कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने के लिए शहर की पुलिस फोर्स को 2 हिस्सों में बांटा जाएगा। यह सिस्टम मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर में इस्तेमाल किए जा रहे मॉडल पर आधारित है, जहां शहरी और ग्रामीण इलाकों में पुलिसिंग अलग-अलग मैनेज की जाती है। भोपाल-इंदौर मॉडल की तर्ज पर लागू होगा कमिश्नरेट सिस्टम कमिश्नरेट सिस्टम लागू होने से पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि इसे पूरे जिले में लागू किया जाएगा। ये अटकलें तब और तेज हो गईं जब गृहमंत्री विजय शर्मा ने इस सिस्टम के लिए अपना समर्थन जताया। गृहमंत्री विजय शर्मा ने यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सामने पेश किया था। इस मामले पर 21 जनवरी को हुई कैबिनेट मीटिंग में चर्चा होनी थी, लेकिन IAS लॉबी के विरोध के कारण इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। हालांकि बाद में लॉबी भोपाल और इंदौर मॉडल की तर्ज पर कमिश्नरेट सिस्टम लागू करने पर सहमत हो गई। उसी के अनुसार फैसला लिया गया। 2 अलग-अलग स्ट्रक्चर बनाने होंगे वहीं IPS लॉबी कमिश्नरेट सिस्टम को लागू करने को फेलियर बता रही है, क्योंकि इसे पूरे जिले में लागू नहीं किया गया है। नाम न बताने की शर्त पर डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि अधूरे सिस्टम के लिए दो अलग-अलग स्ट्रक्चर बनाने होंगे। डिपार्टमेंट के पास इन स्ट्रक्चर को बनाने के लिए न तो मैनपावर है और न ही रिसोर्स। नतीजतन जिले पर दो अधिकारियों का कंट्रोल होने से कमिश्नरेट सिस्टम जिले के लिए सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा। कमिश्नरी सिस्टम जिले के लिए खानापूर्ति साबित होगा। सीमा को मनमाने ढंग से बांटा गया IPS अधिकारियों के मुताबिक जब जिले में कमिश्नरेट और पुलिसिंग सेटअप को एक साथ लागू किया गया, तो दोनों की सीमाएं तय की गईं। हालांकि, सीमाओं का यह बंटवारा मनमाने ढंग से किया गया था। इससे IPS लॉबी में नाराजगी देखने को मिल रही है। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीण इलाका होने के बावजूद उरला इलाके को कमिश्नरी के अंदर दिया है। इसको देने के पीछे तर्क है, कि पंचायत एरिया पर नियंत्रण लग सके। इन्हीं अफसरों ने मुजगहन, समेत 10 थानों को ग्रामीण थाने में शिफ्ट किया है। यहां की पंचायतों से अफसरों को मतलब नहीं है। कमेटी की बात की भी अनदेखी एडीजी प्रदीप गुप्ता की अध्यक्षता वाली कमेटी ने भी रायपुर के क्षेत्रफल, जनसंख्या और क्राइम रेट के आधार पर पूरे जिले में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भेजा है, क्योंकि रायपुर जिला इतना बड़ा नहीं हैं, जो पुलिस की दो तरह की व्यवस्था रहे। उन्होंने भुवनेश्वर के कमिश्नरी सिस्टम की अनुशंसा की है। लेकिन उनके प्रस्ताव पर आज तक कोई चर्चा नहीं है। न ही गृह विभाग से कमेटी को बुलाकर रिपोर्ट पर जानकारी ली गई और चर्चा की गई। एक थाने में 30 बल, 75 की जरूरत राजधानी के अनुरूप रायपुर में पुलिसिंग के लिए कम से कम 75 का स्टाफ होना चाहिए। जबकि वर्तमान में थानों में औसतन 30 से 35 का बल है। अब मौजूदा बल का भी बंटवारा होगा, जिससे फील्ड में फोर्स की कमी आएगी। जिले में दो तरह की पुलिसिंग और अधिकारियों की संख्या बढ़ने पर थानों में बल कम होगा और अधिकारियों के दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ेगी। रायपुर जिले में 7500 से अधिक पुलिस बल की जरूरत बताई जा रही है। इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें... रायपुर के 90% लोग चाहते हैं कमिश्नरी सिस्टम लागू हो:लोग बोले- पुलिस को पूरे अधिकार दिए जाएं; IG रैंक के अधिकारी होंगे कमिश्नर छत्तीसगढ़ राज्य का पहला और देश का 87वां पुलिस कमिश्नरी सिस्टम 11 दिन बाद 23 जनवरी से रायपुर में लागू होने वाला है। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने एक सर्वे किया है। सर्वे में शामिल 90 फीसदी लोगों का कहना है कि पुलिस कमिश्नरी सिस्टम पूरे रायपुर जिले में लागू होना चाहिए। एक ही जिले में दो तरह की पुलिसिंग होने से अपराध बढ़ेगा और आम लोगों को भी दिक्कत होगी। पढ़ें पूरी खबर...
मनरेगा के स्थान बनाए गए वीबी–जी रामजी कानून को लेकर कांग्रेस प्रदेश भर में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत धरना–प्रदर्शन और ज्ञापन दे रही है। वहीं, भाजपा भी रोजगार गारंटी के इस नए कानून के फायदे बता रही है। अब सरकार गांवों में लगने वाले जन कल्याण शिविरों में भी ग्रामीणों को इसके फायदे बताएगी। इसके लिए सरकार 23 जनवरी से ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-2026 को लेकर राज्यभर में व्यापक अभियान की शुरुआत की जा रही है। हालांकि इसमें किसानों, पशुपालकों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीणों को कई विभागों का फायदा दिया जाएगा। मगर ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी व अधिकारी वीबी–जी राम जी कानून के बारे में जानकारी देंगे। शिविरों में सहकारिता विभाग द्वारा मुख्यमंत्री किसान निधि की डीबीटी एलईडी स्क्रीन पर प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही 12 से अधिक विभागों के क्षेत्रीय अधिकारी मौके पर उपस्थित रहेंगे। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के निर्देशानुसार विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया है। इनमें स्वामित्व कार्ड वितरण, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) गृह प्रवेश, एसडीआरएफ अनुदान डीबीटी, युवा स्वरोजगार, वंदे गंगा संरक्षण अभियान तथा पीएम सूर्य घर योजना जैसे विषयों पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। निर्देशों के अनुसार पहले चरण के शिविरों का 23 जनवरी को शुभारम्भ होगा। इसके बाद 24, 25, 31 जनवरी तथा दूसरे चरण के शिविर 1 फरवरी व 5 से 9 फरवरी तक गिरदावर वृत पर प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, जल संसाधन, ऊर्जा, उद्योग, आपदा प्रबंधन सहित संबंधित विभाग भाग लेंगे। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, फार्म पोंड, फव्वारा-ड्रिप, प्लास्टिक मल्च, सौर पंप जैसी योजनाओं की स्वीकृतियां दी जाएंगी। इसके साथ बैलों से खेत जोतने पर 30 हजार रुपए प्रोत्साहन, फसल बीमा, कृषि यंत्रों का प्रदर्शन, सॉइल कार्ड व वितरण, सोलर पंप आवेदन लिए जाएंगे। लंबित अनुदान आवेदनों का निस्तारण भी करेंगे कृषि विपणन विभाग पीएमएफएमई और मुख्यमंत्री कृषक साथी सहायता योजना के लंबित आवेदनों का निस्तारण करेगा। सहकारिता विभाग द्वारा सीएम किसान निधि डीबीटी, किसान क्रेडिट कार्ड, राष्ट्रीय सहकारी जैविक लिमिटेड, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड सदस्यता, नए गोदाम, बैंक खाते, स्वयं सहायता समूह ऋण, 5% ब्याज अनुदान योजना, कस्टम हायरिंग सेंटर और सहकारी ऋण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
मध्य प्रदेश के धार की भोजशाला मामले में आज गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। बसंत पंचमी पर पूरे दिन अखंड सरस्वती पूजा की अनुमति के लिए हिंदू पक्ष ने 20 जनवरी को याचिका दायर की गई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था। हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन ने याचिका में मांग की है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी है, इस दिन भोजशाला परिसर में केवल हिंदू समाज को दिनभर मां सरस्वती की पूजा करने की अनुमति दी जाए। याचिका में बताया है कि संयोग से इसी दिन शुक्रवार भी है, इसलिए मुस्लिम समुदाय की जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए। दरअसल, भोजशाला में हिंदू और मुस्लिम समाज के बीच पूजा और नमाज को लेकर विवाद की स्थिति बनती है। खासकर तक जब शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी का पर्व आता है। इससे पहले साल 2006, 2013 और 2016 में शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी आई थी। अब इस बार फिर शुक्रवार को बसंत पंचमी होने के चलते मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। 8 हजार पुलिसकर्मियों का बल रहेगा मौजूदइधर, धार में 8 हजार का बल तैनात किया गया है। 50 प्रतिशत फोर्स बुधवार रात तक पहुंच चुका है। आईजी अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस की तैयारी पूरी है। फाेर्स डिप्लॉय का प्लान भी बन चुका है। हम सीसीटीवी से लगातार निगरानी रखेंगे। हमने थ्रीडी मैपिंग भी कराई है, जिससे हर परिस्थिति का पता चलेगा। बाइक पार्टी व मोबाइल पार्टी द्वारा भी नजर रखेंगे। सभी मोहल्लों पर पुलिस की नजर है। भोजशाला परिसर में भी सुरक्षा-व्यवस्था बढ़ा दी गई है। परिसर में 24 घंटे पुलिस जवानाें को ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। वहीं, वाॅच टावर के साथ चाैकी भी बनाई है। परिसर में जिग-जैग लगाने का काम लगभग पूरा हाे चुका है। बसंत पंचमी पर लाेगाें काे जिग-जैग से गुजरने के बाद भोजशाला में प्रवेश मिलेगा। यहां जगह-जगह पर पुलिस की तैनाती रहेगी। भोजशाला का 300 मीटर क्षेत्र नो-फ्लाई जोन भोजशाला क्षेत्र में 300 मीटर की परिधि में नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित किसी भी प्रकार की उड़ान गतिविधि पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सार्वजनिक सड़कों और स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन की स्थिति में नगर पालिका द्वारा सामग्री जब्त की जाएगी। भोजशाला में पूजा और नमाज की यह है स्थितिधार के भोजशाला परिसर में मंगलवार को ढोल, झांझ, मजीरे के साथ हिंदू समाज के लोग सुंदरकांड का पाठ करते हैं। इसके अलावा शुक्रवार को मुस्लिम समाज जुमे की नमाज पढ़ता है। बता दें, बाकी दिनों में परिसर सभी धर्म के लोगों के लिए खुला है। वहां कोई भी टिकट लेकर अंदर जा सकता है। विवादों के बाद व्यवस्था में बदलाव किए 1995 में हुए विवाद के बाद से यहां मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई। 12 मई 1997 को कलेक्टर ने भोजशाला में आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया। मंगलवार की पूजा पर रोक लगा दी गई। हिंदुओं को बसंत पंचमी पर और मुसलमानों को शुक्रवार को 1 से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई। ये प्रतिबंध 31 जुलाई 1997 को हटा दिया गया। 6 फरवरी 1998 को केंद्रीय पुरातत्व विभाग ने आगामी आदेश तक प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया। 2003 में मंगलवार को फिर से पूजा करने की अनुमति दी गई। बगैर फूल-माला के पूजा करने के लिए कहा गया। पर्यटकों के लिए भी भोजशाला को खोला गया। 18 फरवरी 2003 को भोजशाला परिसर में सांप्रदायिक तनाव के बाद हिंसा फैली। 2003 से हर मंगलवार और बसंत पंचमी पर सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा की अनुमति और शुक्रवार को मुस्लिमों को नमाज की अनुमति दी गई। बाकी पांच दिनों में भोजशाला पर्यटकों के लिए यह खुली रहती है। 2013 में भी बसंत पंचमी और शुक्रवार एक दिन आने पर धार में माहौल बिगड़ गया था। हिंदुओं के जगह छोड़ने से इनकार करने पर पुलिस को हवाई फायरिंग और लाठीचार्ज करना पड़ा था। इसके बाद माहौल बिगड़ गया।इसके बाद साल साल 2016 में भी शुक्रवार के दिन बसंत पंचमी पड़ने से यहां तनाव का माहौल बन गया था। यह खबर भी पढ़ें… वाग्देवी की वो प्रतिमा जिसे मुगलों ने खंडित किया था धार की भोजशाला में वाग्देवी यानी सरस्वती की पूजा होती है। इस भोजशाला को मुस्लिम मस्जिद मानते हैं, तो हिंदू भोजशाला। बसंत पंचमी पर भोजशाला को लेकर विवाद भी लगातार होते रहे हैं। इस बीच हम आपको भोजशाला की मां वाग्देवी की प्रतिमा के दर्शन करा रहे हैं, जो 114 साल से लंदन के ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में रखी है। मुगलों के आक्रमण के बाद खंडित हुई इस प्रतिमा को अंग्रेजों ने खुदाई कर 1875 में निकाला था। यह खबर भी पढ़ें...
भागीरथपुरा के एक घर में फिर मातम छा गया। एक परिवार से उनका अपना छीन लिया। चार बेटियों के सिर से पिता का साया उठ गया। घर के कमाने वाले मुखिया की तबीयत दूषित पानी के कारण बिगड़ती और कुछ ही दिनों में वे दुनिया से रुखसत हो गए। पिता की मौत ने परिवार को एक पल में सोचने पर मजबूर कर दिया कि अब क्या...। भागीरथपुरा में रहने वाले हेमंत गायकवाड़ (50) की मंगलवार रात अस्पताल में मौत हो गई। मौत से पहले उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उन्हें वेंटिलेटर पर रखा, लेकिन थोड़ी देर बाद डॉक्टरों ने उन्हें घर ले जाने का बोल दिया। ये बात सुन परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ दिनों पहले तक जो हेमंत गायकवाड़ अपनी ई-रिक्शा से स्कूल के बच्चों को लाते ले जाते थे, वे इस दुनिया को अलविदा कह गए। इधर, प्रशासन ने उनकी मौत डायरिया से नहीं होने की बात कही है। सालों का साथ पलों में छूट गयाहेमंत गायकवाड़ की मौत के बाद बुधवार को भागीरथपुरा स्थित उनके घर से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई। पत्नी कल्पना उर्फ टीना, बड़ी बेटी रिया (22), उससे छोटी जिया (21), खुशबू (15) और सबसे छोटी मनाली (12) का रो-रोकर बूरा हाल हो गया। परिवार के लोग उन्हें ढांढ़स बंधाने की कोशिश कर रहे थे। अंतिम यात्रा पर ले जाने के दौरान परिजन फूट-फूट कर रोते रहे। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि दूषित पानी की वजह से इतने सालों का साथ चंद पलों में छूट जाएगा। पत्नी अपने पति को और बेटियां अपने पिता को आखिरी बार जाते हुए देखते हुए रो रही थी। 12 साल की मासूम ने दी पिता को मुखाग्निअंतिम यात्रा मालवा मील मुक्तिधाम पहुंची, जहां अंतिम संस्कार की सभी प्रक्रिया शुरू की गई। हेमंत गायकवाड़ की सबसे छोटी बेटी मनाली भी मुक्तिधाम पहुंची। यह पहला मौका था, जब वह यहां आई वह भी अपने पिता को अंतिम विदाई देने। लकड़ी की शय्या पर पिता का शव रखा था। बेटी की आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे।मासूम बच्ची ने कभी सोचा भी नहीं था कि पिता को इस हालत में देखना पड़ेगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चाचा संजय गायकवाड़ के साथ मिलकर मनाली ने अपने पिता को मुखाग्नि दी और अपने पिता को आखिरी विदाई दी। इस पल ने वहां मौजूद सभी लोगों को झकझोर दिया। हर किसी की आंखें नम हो गई। परिजन के साथ मनाली वापस अपने घर लौटी। घर के बाहर ही लगी है पितृ छाया की प्लेट हेमंत गायकवाड़ के छोटे भाई संजय गायकवाड़ ने बताया कि दो साल पहले ही घर बनाया था। दोनों भाई के परिवार यहीं रहते हैं। जब घर बना था तब भाई ने ये घर के मेन गेट के ऊपर पितृ छाया की प्लेट लगवाई थी। पितृ छाया यानी पिता की छाया हमेशा घर पर बनी रहे, लेकिन इस घर से और चार बेटियों के सिर से पिता का साया ही हमेशा के लिए उठ गया। उन्होंने बताया कि भाई की सबसे बड़ी बेटी रिया का कॉलेज पूरा हो गया है, दूसरी बेटी जिया थर्ड ईयर में पढ़ाई कर रही है, तीसरी बेटी खुशबू 11वीं क्लास में और सबसे छोटी मनाली 7वीं क्लास में पढ़ाई कर रही है। उनकी पत्नी घर से सिलाई का काम करती है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई हेमंत की तबीयत 15 दिन पहले खराब हुई थी। दूषित पानी के कारण उन्हें दस्त की शिकायत हुई। उन्हें दवा दी, दवा से दस्त तो बंद हो गए, लेकिन उनके पैर में सूजन आ गई। पैर तक नहीं उठ रहा था, उनका पेट भी फूलने लग गया था। इसके बाद अस्पताल में दिखाया, जहां से अरविंदो अस्पताल में रेफर कर दिया। कई दिनों से उनका इलाज चल रहा था, लेकिन उनकी हालत खराब होती जा रही थी। मंगलवार रात को डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। घर में कमाने वाले वे अकेले थे, वे ई-रिक्शा चलाते थे और स्कूली बच्चों को लाते-ले जाते थे। अब यहीं उम्मीद है कि सरकार आर्थिक मदद कर दें और बच्ची को नौकरी दे दी, ताकि उनका ये घर चल सके। बेटी को सरकार से उम्मीद हेमंत गायकवाड़ की बेटी रिया ने बताया पिता ऑटो ड्राइवर थे। जब उनकी तबीयत बिगड़ी उसके पहले तक वे रिक्शा से बच्चों को छोड़ने गए। अगर उन्हें कोई गंभीर बीमारी होती तो वे कैसे यह सब काम कर पाते, क्योंकि हमारे घर में तो वहीं कमाने वाले थे। पिता के जाने के बाद रिया की चिंता भी बढ़ गई है कि घर का खर्च कैसे चलेगा। उसे सरकार से उम्मीद है कि वे उनकी मदद कर दे और कोई नौकरी दिला दें, ताकि वे उनका घर खर्च चला सकें और उनकी बहनों की पढ़ाई पूरी करा सकें। घर के बाहर धूल खा रहा ई-रिक्शा हेमंत गायकवाड़ जो ई-रिक्शा चलाते थे वह उनके घर के बाहर ही पिछले कई दिनों से धूल खा रहा है। हालांकि उसे ढाक कर रखा है, लेकिन वक्त के साथ-साथ धूल की परत उस पर चढ़ चुकी है। जिस ई-रिक्शा को चलाकर अपना घर चलाते थे, अब शायद इस ई-रिक्शा को कोई नहीं चलाएगा। जो वेंटिलेटर पर हैं उन्हें उम्मीद और भरोसा ही आसइंदौर के बांबे हॉस्पिटल में तीन लोग अभी भी वेंटिलेटर पर हैं। करीब 15 दिन से ज्यादा समय हो गया है। एकनाथ सूर्यवंशी पिछले काफी दिनों से अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं। परिवार को भी समझ नहीं आ रहा है कि दवा का असर हो रहा है या नहीं। बेटे नीलेश ने बताया कि पिता काफी वक्त से वेंटिलेटर पर हैं। पहले पिता अच्छे थे, 29 तारीख को उल्टी-दस्त के कारण उनकी हालत खराब हुई। बिगड़ने पर उन्हें शेल्बी अस्पताल में भर्ती किया।3 जनवरी की शाम को उन्हें शेल्बी से बांबे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया। 4 जनवरी से वे यहां वेंटिलेटर पर हैं। नीलेश का कहना है कि उनकी दोनों किडनी फेल हो गई, लिवर भी खराब हो गया है। हार्ट और ब्रेन पर भी असर हुआ है। वे वेंटिलेटर पर हैं। उनसे मिलने भी जाते है, लेकिन वे कुछ जवाब नहीं देते।ऐसे में परिवार भी असमंजस में है, लेकिन उम्मीद लगाए हुए हैं कि वे ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा हीरालाल और पार्वती बाई भी अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं, जिनका इलाज चल रहा है। इधर, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि तीनों मरीजों के मल्टी ऑर्गन फेल्युअर है और पहले की भी बीमारियां हैं। मौत पर प्रशासन की सफाई इधर, हेमंत गायकवाड़ की मौत के मामले में प्रशासन का कहना है कि हेमंत गायकवाड़ की मौत डायरिया से नहीं गंभीर बीमारी के कारण हुई है। भागीरथपुरा क्षेत्र में जलजनित घटना के डायरिया से प्रभावित कोई भी मरीज गंभीर स्थिति में नहीं है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हासानी ने बताया कि उक्त व्यक्ति के मृत्यु के संबंध में वस्तु स्थिति यह है कि 20 जनवरी को हेमंत पिता गोविंद निवासी पुलिस चौकी वाली गली भागीरथपुरा इंदौर की मृत्यु अरविंदो अस्पताल में रात 9.41 बजे हुई।डॉक्टरों द्वारा इनकी मृत्यु का कारण कार्डियो पल्मोनरी अरेस्ट बताया है। मृतक कैंसर से भी ग्रसित होकर उक्त बीमारी हेतु उपचाररत थे। इस परिस्थिति में मृत्यु का वास्तविक कारण कैंसर रोग है। वर्तमान में भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र के सक्रिय मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होकर इलाजरत है, जहां शुरू में यह डायरिया की शिकायत के साथ भर्ती किए गए थे, लेकिन वर्तमान में वे डायरिया से पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। ये खबर भी पढ़ें...इंदौर में बदबूदार, झाग और कीड़े वाले पानी की सप्लाई इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों का सिलसिला जारी है। अब तक 23 मौत हो चुकी है। अभी 39 मरीज एडमिट हैं, जिनमें से 10 आईसीयू में हैं। इनमें भी तीन वेंटिलेटर पर हैं। लगातार हो रही मौतों को लेकर अभी भी क्षेत्र में दहशत है। दैनिक भास्कर के 10 रिपोर्टर ने मंगलवार को शहर के 6 वार्डों से पानी की समस्या पर लाइव रिपोर्ट की। पढ़ें पूरी खबर...
डीग शहर में बढ़ते अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन ने बुधवार को सख्त रुख अपनाया। अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत गणेश मंदिर से शहीद स्थल तक जेसीबी की मदद से कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब आधा दर्जन अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए, जबकि सड़क पर सामान फैलाकर रास्ता अवरुद्ध करने वाले 15 दुकानदारों के चालान काटकर मौके पर ही 13 हजार 500 रुपए जुर्माना वसूला गया। नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह के निर्देशन में जैसे ही अपराह्न अभियान शुरू हुआ, बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। नगर परिषद की टीम के जेसीबी के साथ पहुंचते ही दुकानदारों ने आनन-फानन में दुकानों के आगे रखा सामान और बोर्ड हटाने शुरू कर दिए। इसके बाद टीम ने पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में पहुंचकर अवैध रूप से लगाए गए अस्थायी अतिक्रमण हटाए। क्यों जरूरी हुआ अभियान डीग शहर के प्रमुख बाजार और पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में दुकानों के आगे लंबे समय से अस्थायी अतिक्रमण और सड़क पर खड़े ढकेलों के कारण रोजाना जाम की स्थिति बन रही थी। खासकर व्यस्त समय में पैदल यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाए जाने पर नगर परिषद ने जेसीबी के साथ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया। प्रशासन का कहना है कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर और सख्ती बरती जाएगी। लक्ष्मण मंदिर परिक्रमा, नई सड़क से हटेगा अतिक्रमण नगर परिषद आयुक्त कुलदीप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के डीग दौरे के बाद शहर को व्यवस्थित और सुगम बनाने के उद्देश्य से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं, बल्कि डीग शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित रूप देना है। आगामी चरण में लक्ष्मण मंदिर की परिक्रमा, नई सड़क, कामां गेट क्षेत्र तथा ऐतिहासिक महल और किले के आसपास किए गए अतिक्रमण को हटाया जाएगा। इन क्षेत्रों में अवैध कब्जों के कारण यातायात बाधित होने के साथ ही शहर की ऐतिहासिक और पर्यटन छवि भी प्रभावित हो रही थी। अतिक्रमण हटाने के बाद नगर परिषद द्वारा सौंदर्यीकरण और स्वच्छता को लेकर विशेष कार्य योजना तैयार की गई है, ताकि डीग शहर को एक साफ-सुथरा, सुरक्षित और आकर्षक स्वरूप दिया जा सके।
वर्दी की आड में दो युवकों से लूट के आरोपी सरदारपुरा थाने के कॉन्स्टेबल और इनामी आरोपी ऋषभ सौउ को महामंदिर थाना पुलिस ने आखिरकार 6 महीने बाद गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर जबरन माता का थान थाने ले गए थे। जहां दो युवकों से पैसे ले लिये थे। इस मामले में पूर्व में 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन कॉन्स्टेबल फरार था। जिसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस ने अब इस मामले में कॉस्टेबल ऋषभ सोउ पुत्र स्व. धर्माराम निवासी शिव कॉलोनी, महेश नगर, चैनपुरा मंडोर को गिरफ्तार किया। इस मामले में पूर्व में 4 कॉन्स्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया था। पुलिस ने बाद में इस मामले में डकैती की धाराएं भी जोड़ी थी। आरोपी ने रची थी साजिश जानकारी के मुताबिक इस मामले की पूरी साजिश ऋषभने अपने सहयोगी भूपेंद्र के साथ मिलकर रची। इसमें माता का थान थाने के 4 कांस्टेबल आरोपी बोरुंदा स्थित पालड़ी निवासी राकेश (31) पुत्र गोविंद सिंह, नागौर स्थित खींवसर निवासी नरसिंह राम (33) पुत्र स्व. करण सिंह, ओसियां स्थित थोब निवासी जगमालराम (33) पुत्र भोपालराम और जालोर के बागोड़ा स्थित वाडा भाडवी निवासी लादूराम (30) पुत्र नवलाराम भी उसके साथ वारदात में शामिल थे। पुलिस ने उनको सेवा से बर्खास्त कर दिया था। फरार ऋषभ जाट सरदारपुरा थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसे वारदात के तीन दिन पहले ही वहां से हटाकर थाने में संतरी लगाया था। 4 दिन बाद दर्ज करवाया था मामला नांदड़ी स्थित रामदेव नगर निवासी दिलीप गौड़ और उसके दोस्त रमेश शर्मा के साथ 14 जुलाई को पुलिसकर्मियों ने वारदात की। इस घटना के चौथे दिन पुलिस कांस्टेबलों के खिलाफ दोनों युवकों ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह 14 जुलाई को शॉपिंग के लिए निकले युवक को निशाना बना पुलिसकर्मियों ने युवक को ड्राइविंग सीट से नीचे उतारकर पीछे की सीट पर बिठाया। इसके बाद उसे कहा कि तुम्हारा अपहरण हो गया है। रुपयों की व्यवस्था करो। फिर उसे माता का थान थाने लेकर चले गए। युवक उनके सामने गिड़गिड़ाया भी, लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। पहले उनकी जेब से 50-50 हजार रुपए निकाले। इसके बाद परिवादी की जेब से एटीएम निकाल दूसरे युवक को एटीएम भेज 1 लाख रुपए निकलवाए। बाद में अपने परिचित का स्कैनर मंगवा उसके खाते में 10 हजार क्रिप्टो ट्रांसफर करवाए। थाने के कैमरे करवा दिए थे बंद आरोपियों ने बचने की भी पूरी कोशिश की थी और थाने के कैमरे भी बंद करवा दिए थे, लेकिन माता का थान थाने के बाहर पुलिस कमांड कंट्रोल सेंटर के कैमरों में स्पष्ट रिकॉर्डिंग भी मिल गई थी, जिसमें एक पुलिस की वर्दी में और चार अन्य आरोपी दोनों पीड़ित युवकों को थाने में ले जाते हुए नजर आए थे। पुलिस के आला अधिकारियों की मॉनिटरिंग में एसीपी (प्रशिक्षु आईपीएस) हेमंत कलाल ने इनके खिलाफ सबूत ढूंढ निकाले।
उज्जैन मेले को लेकर ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। शहर के ऑटो डीलर कंपनियों से नए वाहनों का स्टॉक मंगाने में जुट गए हैं। बीते वर्षों के अनुभव को देखते हुए डीलरों ने इस बार डीलरों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। ग्राहक भी अभी से अपनी पंसदीदा वेरियंट और कलर की बुकिंग करवाने में जुट गए है। खास तौर से मारुति और टाटा के डीलरों के यहां पर अभी से उज्जैन मेले की डील फाइनल होने लगी है। जानकारी के अनुसार अगले महीने से लगने वाले इस मेले के लिए डीलरों के यहां पर ग्राहक आ रहे है। शासन द्वारा नोटिफिकेशन के बाद इसमें तेजी आ गई है। इंदौर ऑटो मोबाइल डीलर एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने कहा कि बीते वर्षों के बिक्री आंकड़ों के अनुसार उज्जैन मेले में सबसे अधिक कारें टाटा और मारुति की बेची गई है। खासतौर पर एंट्री लेवल और मिड-सेगमेंट कारों की मांग लगातार बनी हुई है। हम इसके लिए तैयारी कर रहे है। कंपनी से लगातार नया स्टॉक बुलाया जा रहा है। एक्सचेंज बोनस, कम डाउन पेमेंट और आसान फाइनेंस विकल्पों के चलते बड़ी संख्या में ग्राहक मेले के दौरान वाहन खरीदते है। यही वजह है कि इस बार भी कंपनियों से अतिरिक्त स्टॉक मंगवाया जा रहा है और फाइनेंस कंपनियों को पहले से अलर्ट किया गया है। इस बार भी बेहतर कारोबार की उम्मीदपमनानी ने बताया कि पुराने ट्रेंड और बढ़ती पूछताछ को देखते हुए डीलरों को उम्मीद है कि इस बार भी उज्जैन मेला ऑटो सेक्टर के लिए फायदे का सौदा साबित होगा। यदि ग्राहकों का रुझान पिछले वर्षों जैसा रहा, तो मेले के दौरान रिकॉर्ड बुकिंग और डिलीवरी होने की संभावना जताई जा रही है। महंंगी कारों पर ज्यादा फायदापरिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस मेले में बजट और एसयूवी कार के खरीदारों का फायदा होता ही है। इसके अलावा जो प्रीमियम और हाईएंड कारें हैं। जिन पर लाखों का टैक्स आता है, उनको भी काफी फायदा होता है। रेंज रोवर, मर्सडीज, बीएमडब्लू और ऑडी जैसी कारों की भी पहले से बुकिंग हो जाती है। बीते साल मिला था सरकार को 186 करोड़ का राजस्व बीते साल इस मेले का दूसरा साल था। जिसमें सरकार की तरफ से रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट मिलने का लोगों ने जमकर फायदा उठाया, जिसका असर 43 दिनों में 36313 वाहन (28451 कार, 7772 स्कूटर/ बाइक) बिकने के रूप में दिखा। इससे प्रदेश सरकार को 186 करोड़ की आय हुई और इतनी ही राशि की छूट ग्राहकों ने पाई। जबकि 2024 में जब पहली बार यह मेला लगा था तब 40 दिन में 23705 वाहन बिके थे। ये खबर भी पढ़ें... ग्वालियर व्यापार मेला- 543 वाहन बिके, इनमें 412 कारें यदि आप नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं तो ग्वालियर व्यापार मेला इस समय सबसे बेहतर विकल्प बनकर उभरा है। मेले में वाहनों पर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट दी जा रही है, वहीं डीलर्स की ओर से भी आकर्षक ऑफर मिल रहे हैं। इस बार GST कम होने का लाभ भी सीधे ग्राहकों को मिल रहा है।पूरी खबर पढ़ें
संभाग के सबसे बड़े आरबीएम अस्पताल जब से मेडिकल कॉलेज बना है तब से प्रदेश स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से जुड़ गया है, लेकिन अस्पताल का विस्तार जमीन के अभाव में अटका हुआ है। इससे कॉटेज वार्ड, कैंसर यूनिट से लेकर स्पाइन सर्जरी सेंटर और पैरामेडिकल कॉलेज जैसी कई योजनाएं अधर में हैं। वजह ये है कि भरतपुर विकास प्राधिकरण की स्कीम नंबर 10 में 14 जून 2021 को 25 हजार वर्गमीटर भूमि साढ़े चार साल पूर्व रिजर्व होने के बावजूद अभी तक आवंटन नहीं हुई है। विडंबना है कि अस्पताल प्रशासन ने 50 हजार वर्गमीटर भूमि की जरूरत बताते हुए नया प्रस्ताव भेजा, उसका निर्णय तो हुआ नहीं और पूर्व में रिजर्व 25 हजार वर्गमीटर जमीन भी आजतक आवंटित नहीं हुई है। जिससे इसका विस्तार अटक गया है, अस्पताल के विस्तार न होने से मरीजों को समय पर सभी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्रीय विधायक डॉ. सुभाष गर्ग से लेकर शहर के जनप्रतिनिधि और आम लोग भी कई बार अस्पताल विस्तार की मांग उठा चुके हैं, इसके बावजूद निर्णय फाइलों से बाहर नहीं निकल पा रहा। स्कीम नंबर 10 में पहली प्राथमिकता जिन लोगों की जमीन अवाप्त की गई है, उनको आवंटन की है। जहां तक आरबीएम अस्पताल के लिए रिजर्व की गई भूमि की बात है, वह जमीन अभी भी फैसिलिटी के लिए ही रिजर्व है, उसका निर्णय राज्य सरकार के निर्देशानुसार ही होगा। -कनिष्क कटारिया, आयुक्त, बीडीए भरतपुर बीडीए ने बनाया कॉमर्शियल 456 प्लाट का प्लान बीडीए ने कॉमर्शियल 456 प्लाट का प्लान बनाया है। इसके लिए सड़क डाल दी गई हैं और प्लाट के साइज भी निर्धारित कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बीडीए को अस्पताल को जमीन देने से कुछ भी राजस्व नहीं मिलता, उसने कॉमर्शियल प्लाट बेचकर अरबों रुपए की कमाई का जरिया ढूंढ लिया है। ऐसे में अस्पताल के लिए चिह्नित जमीन पर न तो कोई बीडीए का अधिकारी निर्णय कर पा रहा है और न ही अस्पताल प्रशासन प्रयास कर रहा है। जमीन नहीं मिली तो ये सुविधाएं आरबीएम को नहीं मिल पाएंगी
मध्यप्रदेश में मावठा गिरने और कोहरा छाने के बाद तेज सर्दी पड़ेगी। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल के मुताबिक, गुरुवार को ग्वालियर-दतिया समेत 5 जिलों में मध्यम कोहरा रहा, जबकि शुक्रवार को उत्तरी हिस्से में बारिश भी होगी। वहीं, 25 जनवरी से न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट होगी। बता दें कि पश्चिम-उत्तर भारत और यूपी के ऊपर दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एक्टिव है। एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) का असर भी है। ये सिस्टम आगे बढ़ रहे हैं। इस वजह से उत्तरप्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में मौसम बदला है। ये सिस्टम 24 जनवरी से मध्यप्रदेश में भी असर दिखाएंगे। इस दिन बादल छाने के साथ हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन 23 जनवरी को 7 जिलों में बारिश होने के आसार है। इनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिले शामिल हैं। सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो पारे में गिरावट होगीमौसम विभाग के अनुसार, जब ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे तो न्यूनतम तापमान में गिरावट होगी। पारा 2 से 3 डिग्री तक लुढ़क जाएगा। उत्तरी हिस्से में कोहरे का असरफिलहाल उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर है। गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों में हल्के कोहरे का असर देखने को मिला। मंदसौर सबसे ठंडा, राजगढ़-छतरपुर में भी सर्दी का असरप्रदेश में ठंड का असर भी है। मंगलवार-बुधवार की रात में मंदसौर सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 6.2 डिग्री, नौगांव में 7 डिग्री, शाजापुर में 7.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 7.6 डिग्री, दतिया में 7.9 डिग्री, खजुराहो में 8 डिग्री, रीवा में 8.2 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और पचमढ़ी में पारा 9.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे कम 9 डिग्री रहा। भोपाल में 10.8 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंसमौसम विभाग के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाली हवा और बादलों का एक सिस्टम होता है। इसके एक्टिव होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में बारिश होगी। सिस्टम आगे गुजर जाने के बाद उत्तर से आने वाली हवा ठंडी रहती है। जिससे दिन-रात ठंड का असर रहता है। ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। MP के 5 बड़े शहरों में जनवरी में ऐसा रहा सर्दी का ट्रेंड... भोपाल में 0.6 डिग्री पहुंच चुका टेम्परेचरभोपाल में जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। वहीं, दिन में गर्मी का एहसास और बारिश का ट्रेंड भी है। 18 जनवरी 1935 को रात का टेम्परेचर रिकॉर्ड 0.6 डिग्री सेल्सियस रहा था। वहीं, 26 जनवरी 2009 को दिन में तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। पिछले 10 में से 7 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सबसे ज्यादा 2 इंच बारिश 6 जनवरी 2004 को हुई थी। वहीं, सर्वाधिक मासिक 3.8 इंच बारिश जनवरी 1948 में हुई थी। इंदौर में माइनस 1.1 डिग्री पहुंच चुका पाराइंदौर में जनवरी में सर्दी का रिकॉर्ड माइनस में पहुंच चुका है। 16 जनवरी 1935 में पारा माइनस 1.1 डिग्री दर्ज किया था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वहीं, 27 जनवरी 1990 को दिन का तापमान 33.9 डिग्री रहा था। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 6 जनवरी 1920 के नाम है। इस दिन 3 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। वहीं, वर्ष 1920 में सर्वाधिक मासिक बारिश 4 इंच दर्ज की गई थी। जबलपुर में 1946 में रिकॉर्ड 1.1 डिग्री रहा था पाराजबलपुर में भी जनवरी में ठंड-बारिश का ट्रेंड है। इस महीने सबसे ज्यादा ठंड पड़ती है। 7 जनवरी 1946 को रात का पारा रिकॉर्ड 1.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। वहीं, दिन का उच्चतम तापमान 33.4 डिग्री 7 जनवरी 1973 को रहा था। इस महीने बारिश भी होती है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 24 जनवरी 1919 को 2.5 इंच हुई थी। इसी साल पूरे महीने 8 इंच से ज्यादा पानी गिरा था। उत्तरी हवा आने से ग्वालियर सबसे ठंडाउत्तरी हवाओं की वजह से प्रदेश का ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा रहता है। जनवरी में यहां कड़ाके की ठंड का ट्रेंड है। पिछले 10 साल का रिकॉर्ड देखें तो 2018 में तापमान 1.9 डिग्री और 2019 में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया था। 24 जनवरी 1954 को रात का तापमान माइनस 1.1 डिग्री रहा था। ग्वालियर में जनवरी में बारिश भी होती है। साल 2014 से 2024 के बीच 9 साल बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 8 जनवरी 1926 को है। इस दिन 2.1 इंच पानी गिरा था। वहीं, 1948 को कुल मासिक बारिश 3.1 इंच हुई थी। उज्जैन में जीरो डिग्री रह चुका पाराउज्जैन में भी उत्तरी हवा का असर रहता है। इस वजह से यहां कड़ाके की ठंड पड़ती है। 22 जनवरी 1962 को पारा 0 डिग्री सेल्सियस रहा था। पिछले 10 साल में टेम्परेचर 2 से 5.8 डिग्री सेल्सियस तक रह चुका है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश होने का रिकॉर्ड 11 जनवरी 1987 के नाम है। इस दिन सवा इंच पानी गिरा था। वहीं, सर्वाधिक कुल मासिक 2.2 इंच 1994 को हुई थी।
भिवानी के गांव जाटू लोहारी स्थित रेलवे अंडर पास लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। स्थिति यह है कि गांव के अंदर दो रेलवे अंडर पास हैं, लेकिन एक से भी लोग गुजर नहीं सकते। लोगों का कहना है कि अंडर पास में 3-4 फीट तक पानी भरा हुआ है। जिसके चलते इन अंडर पास का प्रयोग वे नहीं करते। इसके लिए वे कई बार अधिकारियों से भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि इन अंडर पास में पानी भरने के कारण मुख्यत: पांच गांवों जाटू लोहारी, सुई, बलियाली, सुमड़ाखेड़ा व बापोड़ा आदि के लोगों को इधर-उधर जाने में दिक्कत होती है। समाधान नहीं होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनीसाथ ही लाइन पार पड़ने वाले खेतों के मालिक किसानों को भी आफत का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब भिवानी-बवानीखेड़ा रेलवे लाइन को डबल करने (दोहरीकरण) का काम चल रहा है। इसके बाद उनका तो गुजरना भी मुश्किल हो जाएगा। ऐसे में उन्होंने मांग की कि या तो पानी निकासी का उचित प्रबंध किया जाए या फिर यहां फिर से फाटक बनाई जाए। ग्रामीण राजेंद्र, कृष्ण, लवकुश, मदन, सतबीर ने कहा कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पहली फरवरी को बवानीखेड़ा तहसील में धरना देंगे। फिर भी समाधान नहीं हुआ तो वे रेलवे लाइनों के पास अनिश्चितकालीन धरना देने पर मजबूर होंगे। अधिकारियों से शिकायत के बाद भी नहीं हुआ समाधानग्रामीणों ने कहा कि लोगों को यहां से गुजरने (आने-जाने) में दिक्कत आती है। जिस वजह से किसान अपने खेतों में भी नहीं जा पा रहे है। समस्या को लेकर ग्रामीणों व पंचायत ने रेलवे के एडीईएनआर व डीआरएम बीकानेर से समाधान के लिए गुहार लगाई है। लेकिन समस्या जस की तस है। हालात ये बने है कि किसानों ने इन अंडर पास से अपने ट्रैक्टर व बैलगाड़ी लानी बंद कर दी। जब यहां से वाहन गुजरते हैं तो हादसों का डर लगा रहता है। अब वे पैदल ही जैसे तैसे रेल की लाइनों को पार कर खेतों में पहुंच रहे है। 10 साल से बनी समस्याग्रामीणों ने कहा कि रेलवे के गेट संख्या 60सी व 62 के नीचे बने अंडर पास में करीब तीन से चार फुट तक चौवा (भूमिगत जल) ऊपर होने के कारण पानी जमा है। इससे कई गांवों का आपस में लिंक टूट गया है। इन दोनों अंडर पास से करीब एक दर्जन गांवों के लोगों का आवागमन के साथ रोजाना किसान अपने खेतों में पहुंचते है। ग्रामीणों ने कहा कि ये अंडर पास वर्ष करीब 2015 में बनाए गए थे। तभी से यह समस्या बनी हुई है। पूरे वर्ष लगभग इन अंडर पास में पानी भरा रहता है। शिकायत करने के बाद भी पानी की निकासी नहीं हो रही। बारिश के दिनों में बढ़ जाती है समस्याग्रामीणों ने कहा कि गांव लोहारी जाटू से सूई बापोड़ा को जोड़ने वाले रास्ते पर रेलवे ने अंडर पास बनाया हुआ है। यहां पर पहले रेलवे फाटक थी, जिसको बंद कर दिया। वर्ष 2015 में इस रास्ते पर रेलवे ने अंडर पास बनाया था। उसी दिन से इस अंडर पास में भूमिगत चौवे की समस्या बनी है। बारिश के वक्त में यहां पर पानी ज्यादा जमा हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए डीसी, विधायक, सांसद, रेलवे के एडीईएनआर व बीकानेर डिवीजन के डीआरएम को शिकायत भेजी गई है। उनको शिकायत भेजकर अंडर पास में जमा होने वाले पानी का स्थायी समाधान या फिर पहले की तरह ओपन फाटक स्थापित करवाने की मांग की गई।
जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षित क्षेत्र में पहली बार विदेशी पक्षियों की गणना ट्रांजैक्ट मेथड से की जाएगी। इससे उनकी वास्तविक संख्या के करीब पहुंचा जा सकेगा। गणना गुरुवार और शुक्रवार दो दिन होगी। वन विभाग, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस) और डूंगर कॉलेज के प्राणीशास्त्र विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जोड़बीड़ संरक्षण रिजर्व में दो दिवसीय गिद्ध एवं रैप्टर (शिकारी पक्षी) गणना गुरुवार सुबह शुरू होगी। इससे थार मरुस्थलीय क्षेत्र में गिद्धों व अन्य शिकारी पक्षियों की स्थिति, संख्या और संरक्षण आवश्यकताओं के आकलन किया जा सकेगा। इस सर्वेक्षण में देश के विभिन्न हिस्सों से आए पक्षी विशेषज्ञ, शोधकर्ता, वन्यजीव अधिकारी तथा डूंगर कॉलेज के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। गणना के दौरान जोड़बीड़ क्षेत्र में पाए जाने वाले लॉन्ग बिल्ड गिद्ध, यूरेशियन ग्रिफ़ॉन, हिमालयन ग्रिफोन, मिस्री गिद्ध सहित विभिन्न रैप्टर प्रजातियों की पहचान और संख्या दर्ज की जाएगी। विशेषज्ञों के अनुसार जोड़बीड़ संरक्षण रिजर्व गिद्धों के लिए देश के प्रमुख स्थलों में से एक है। आयोजकों ने बताया कि सर्वेक्षण के निष्कर्ष राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पक्षी संरक्षण नीतियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। साथ ही, युवाओं में पक्षी संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी यह एक महत्वपूर्ण प्रयास है। जोड़बीड़ को छह भागों में बांटा, मार्च तक होगी गणना विदेशी पक्षियों की गणना करने के लिए जोड़बीड़ गिद्ध संरक्षित क्षेत्र को छह भागों में बांटा गया है। इसके लिए तीन दल बनाए गए हैं। यह दल अलग-अलग लोकेशन पर ट्रांजैक्ट लाइन पर चलकर पक्षियों की गणना करेंगे। डीएफओ वाइल्ड लाइफ ने बताया कि यह गणना जनवरी, फरवरी और मार्च तक हर माह दो-दो दिन के लिए होगी। जोड़बीड़ में आने वाले विदेशी पक्षियों की संख्या का अब तक अनुमान ही लगाया जाता रहा है। अब लगभग वास्तविक संख्या पता चल सकेगी।
हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (HRERA) ने रियल एस्टेट नियमों के उल्लंघन को लेकर TDI इंफ्राकॉर्प (इंडिया) लिमिटेड के खिलाफ सख्त आदेश जारी किए हैं। अथॉरिटी ने प्रमोटर पर 17 लाख रुपए की पेनल्टी लगाई है और स्पष्ट किया है कि इस राशि पर नियमानुसार ब्याज भी वसूला जाएगा। हरेरा ने स्पष्ट कर दिया है कि निवेशकों के हितों और नियमों के साथ खिलवाड़ करने वाले बिल्डरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च 2026 को होगी। क्या है मामला? अथॉरिटी ने टीडीआई इंफ्राकॉर्प के खिलाफ 'सुओ-मोटो' (स्वत: संज्ञान) लेते हुए शिकायत दर्ज की थी। मामला कंपनी के एक प्रोजेक्ट (रजिस्ट्रेशन नंबर 40 ऑफ 2017) से जुड़ा है, जो 10 अगस्त 2017 को पंजीकृत हुआ था। कंपनी पर आरोप है कि उसने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट की धारा-11 के तहत अपने प्रोजेक्ट की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) पोर्टल पर अपलोड नहीं की। अनुपस्थिति पर अथॉरिटी ने दिखाई सख्ती सुनवाई के दौरान अथॉरिटी के चेयरमैन परनीत सिंह सचदेव, सदस्य नदीम अख्तर, डॉ. गीता राठी सिंह और चंदर शेखर की पीठ ने पाया कि 30 जुलाई 2025 को हुई पिछली सुनवाई में भी कंपनी की ओर से न तो कोई प्रतिनिधि पेश हुआ और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया। प्रमोटर के इस लापरवाह रवैये को देखते हुए अथॉरिटी ने एसबीआई (SBI) की उच्चतम सीमा (MCLR + 2%) की दर से ब्याज सहित जुर्माना भरने का आदेश दिया है। वसूली के लिए कड़े निर्देश अथॉरिटी ने प्रमोटर को निर्देश दिया है कि वह 17 लाख रुपए की पेनल्टी और उस पर लगने वाले ब्याज को तुरंत रजिस्ट्री में जमा कराए। साथ ही, कंपनी को अपने प्रोजेक्ट की सभी लंबित प्रगति रिपोर्टों को पोर्टल पर अपडेट करने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है।
हरियाणा के पर्वतारोही ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर बिना ऑक्सीजन के 24 घंटे बिता दिए। हिसार के गांव मलापुर के रोहताश खिलेरी ने 18,510 फीट की ऊंचाई पर बिना किसी ऑक्सीजन सपोर्ट के लगातार 24 घंटे बिताने के बाद खुद वीडियो शूट किया। रोहताश ने दावा किया कि यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है और वह ऐसा कारनामा करने वाले दुनिया के पहले इंसान हैं। वह 8 साल से पर्वतारोहण कर रहे हैं। 20 जनवरी को रोहताश जब माउंट एल्ब्रुस पर्वत पर थे, तब वहां का तापमान -40C से -50C तक था। 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही थी। बता दें कि रोहताश के पिता सुभाष चंद्र किसान हैं जबकि माता बंसी देवी गृहिणी हैं। 8 साल का कड़ा संघर्ष और 2 उंगलियों की कुर्बानीरोहताश ने सोशल मीडिया पर अपने एक्सप्रेशन शेयर करते हुए बताया कि यह जीत आसान नहीं थी। उनका यह सफर 2018 में शुरू हुआ था। 2020 में एक गाइड की जान बचाने के लिए उन्हें मिशन बीच में छोड़ना पड़ा और 2023 में खराब मौसम ने रास्ता रोका। इस ऐतिहासिक मिशन के दौरान रोहताश को फ्रॉस्ट बाइट का सामना करना पड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी 2 उंगलियां गंवा दीं, लेकिन उनके हौसले नहीं डिगे। इससे पहले बाबू चिरी शेर्पा ने 1999 में माउंट एवरेस्ट के शिखर पर बिना ऑक्सीजन के 21 घंटे बिताए थे, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड बना। मौत को मात देकर फहराया तिरंगापर्वतारोही ने बताया कि शिखर पर स्थिति बेहद भयावह थी। तापमान -40C से -50C तक था। कोई भी साथी इतनी ठंड में साथ रुकने को तैयार नहीं था, रोहताश वहां अकेले डटे रहे। रोहताश ने अपनी इस कामयाबी को तिरंगे की शान और देशवासियों को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि एवरेस्ट की ट्रेनिंग ने उन्हें इस जानलेवा ठंड में जीवित रहने और इतिहास रचने की ताकत दी। इंडिया बुक में रिकॉर्ड दर्ज कर चुकेपर्वतारोही रोहताश खिलेरी का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। रोहताश को डाक के माध्यम से सर्टिफिकेट मिले। रोहताश ने वर्ष 2021 में 21 मार्च को अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर 24 घंटे रुककर तिरंगा लहराया था, जोकि 5,895 मीटर ऊंची है। इसके आधार पर खिलेरी का इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ है। इसलिए खास है रोहताश की उपलब्धि... एल्ब्रुस पर सबसे ज्यादा चढ़ाई का रिकॉर्ड भी हरियाणवी के नाम 2 बार माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली संतोष यादव भी हरियाणवीहरियाणा की संतोष यादव ने 2 बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की है। संतोष यादव ने साल 1992 में पहली बार माउंट एवरेस्ट को फतह किया। इसके बाद उन्होंने साल 1993 में वह दोबारा एवरेस्ट को फतह करने गईं और सफल रहीं। संतोष यादव ने दुनिया की पहली महिला होने का रिकॉर्ड कायम किया, जिन्होंने 8848 मीटर शिखर माउंट एवरेस्ट को 2 बार फतह किया हो। संतोष कांगशंग की तरफ से माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ने वाली दुनिया की पहली महिला भी हैं।
हरियाणा के नारनौल स्टेशन यार्ड में ब्रिज संख्या 136 पर आरसीसी बॉक्स डालने का कार्य किया जाएगा। यह कार्य उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल अंतर्गत फुलेरा–रींगस–रेवाड़ी रेलखण्ड पर किया जा रहा है। इस निर्माण कार्य को सुरक्षित रूप से पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा ट्रैफिक ब्लॉक लिया जा रहा है। जिसके कारण कुछ रेल सेवाएं रद्द, मार्ग परिवर्तित तथा कुछ रेगुलेट की जाएंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशि किरण ने बताया कि उक्त कार्य के कारण यात्रियों को असुविधा से बचाने हेतु पहले से ही रेल सेवाओं में आवश्यक बदलाव किए गए हैं। जिसके कारण यात्री यात्रा से पूर्व संबंधित ट्रेनों की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। ये दो ट्रेन रहेंगी रद्द निर्माण कार्य के चलते प्रारम्भिक स्टेशन से चलने वाली दो रेल सेवाएं रद्द रहेंगी। गाड़ी संख्या 19619 फुलेरा–रेवाड़ी रेलसेवा तथा गाड़ी संख्या 19620 रेवाड़ी–फुलेरा रेलसेवा दिनांक 29 जनवरी 2026 को रद्द रहेगी। इसका मार्ग रहेगा परिवर्तित इसके अतिरिक्त एक लंबी दूरी की ट्रेन को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। गाड़ी संख्या 22949 बांद्रा टर्मिनस–दिल्ली सराय रेलसेवा, जो 28 जनवरी 2026 को बांद्रा टर्मिनस से प्रस्थान करेगी, अपने निर्धारित मार्ग फुलेरा–रींगस–रेवाड़ी के स्थान पर फुलेरा–जयपुर–अलवर–रेवाड़ी मार्ग से संचालित होगी। परिवर्तित मार्ग में यह ट्रेन जयपुर, गांधीनगर जयपुर, दौसा, बांदीकुई एवं अलवर स्टेशनों पर ठहराव करेगी। ये ट्रेन रहेगी रेगुलेट वहीं गाड़ी संख्या 22950 दिल्ली सराय–बांद्रा टर्मिनस रेलसेवा, जो 29 जनवरी 2026 को दिल्ली सराय से रवाना होगी, जयपुर मंडल क्षेत्र में लगभग 25 मिनट तक रेगुलेट रहेगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य भविष्य में रेल संचालन की सुरक्षा और सुविधा को बेहतर बनाने के लिए किया जा रहा है।
पीबीएम में बनी पीडब्ल्यूडी की चौकी:पीबीएम हॉस्पिटल में अब 365 दिन चलेगा मेंटिनेंस, दिए 50 लाख रुपए
पीबीएम हॉस्पिटल में पीडब्ल्यूडी की चौकी शुरू हो गई है। अब रिपेयर और मेंटेनेंस के काम साल के 365 दिन चलेंगे। प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री हर समय उपलब्ध रहेंगे। हॉस्पिटल में डॉक्टर के पुराने आवास को तैयार कर उसमें पीडब्ल्यूडी की चौकी स्थापित कर दी गई है। एईएन, जेईएन सहित विभाग के कर्मचारी वहां कार्यालय समय मौजूद रहेंगे। इसके अलावा प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री भी रहेंगे। हॉस्पिटल परिसर के किसी भी भवन में नल-पाइप लाइन खराब होने, फर्नीचर टूटने और दीवार आदि की मरम्मत को लेकर शिकायत आने पर श्रमिकों को वहां भेजा जाएगा। मामूली मरम्मत के कार्यों के लिए इस साल के लिए पीडब्ल्यूडी ने दो करोड़ रुपए मांगे हैं, जिसमें से 50 लाख रुपए विभाग के खाते में ट्रांसफर किए गए हैं। शेष डेढ़ करोड़ रुपए किश्तों में दिए जाएंगे। दरअसल, पीबीएम के पास भी मेंटेनेंस का बजट नहीं है। इसके लिए बीएसएफ़सी में प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से एक मुश्त दो करोड़ की स्वीकृति आने पर बजट की समस्या नहीं रहेगी। इसके अलावा राजस्थान मेडिकेयर रिलीफ सोसायटी में भी इस बार मेंटेनेंस कार्यों के लिए बजट का प्रस्ताव रखा जाएगा। भास्कर इनसाइट- एसएमएस हॉस्पिटल में प्लास्टर गिरने के 8 महीने बाद शुरू हुई चौकी जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में मई 2025 में छत का प्लास्टर गिरने से दो मरीज घायल हो गए थे। उसके बाद सरकार गंभीर हुई और सभी संभाग मुख्यालयों के मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में पीडब्ल्यूडी की चौकी खोलने के निर्देश जारी किए। पीडब्ल्यूडी की चौकी तैयार हो गई है। अब चौकी में स्थाई रूप से स्टाफ के बैठने की सुविधा है। सभी यूनिट हेड्स और नर्सिंग सुपरवाइजरों को कहा गया है कि रिपेयर, मेंटेनेंस संबंधी समस्या के लिए सीधे चौकी पर संपर्क करें। चौकी में एक इंटरकॉम रख उसे ईपीबीएक्स से जोड़ दिया गया है। -डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल पीबीएम में कई जगह से झड़ रहा है प्लास्टर, फॉल्स सीलिंग पीबीएम हॉस्पिटल की रियासतकालीन बिल्डिंग में दीवारों से प्लास्टर उखड़ रहा है। जनाना विंग और पीडिया में फाल्स सीलिंग गिर चुकी है। पुरानी बिल्डिंग होने के कारण छतों पर पानी रुकता है, जिससे सभी वार्डों में सीलन आई हुई है। फर्स्ट फ्लोर पर गायनी, पोस्ट कोविड आईसीयू, जनाना वार्डों के टॉयलेट से पानी रिसता है, जिससे ग्राउंड फ्लोर की छत कई जगह से खराब हो चुकी है। मेडिसिन कैजुअल्टी की फाल्स सीलिंग पूरी उखड़ी पड़ी है। पीडब्ल्यूडी की चौकी खुलने के बाद यह कार्य रूटीन में होंगे। ठेके पर रखे जाएंगे कुशल श्रमिक पीबीएम हॉस्पिटल में रिपेयर एवं मेंटेनेंस के कार्यों के लिए कुशल श्रमिक ठेके पर रखे जाएंगे। इसके टेंडर कर दिए गए हैं। पीडब्ल्यूडी ने एक-एक प्लंबर, कारपेंटर और राज मिस्त्री मांगा है। बिजली का मैकेनिक पीबीएम के ईएमडी विभाग से लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इनकी संख्या में बढ़ाई जा सकेगी। समस्या का पूरा विवरण लिखा जाएगा। समस्या का निदान होने के बाद उसे भी तारीख सहित दर्ज किया जाएगा।
भास्कर अपडेट्स:गणतंत्र दिवस पर पहली बार सिनेमा की झांकी, संजय लीला भंसाली करेंगे प्रतिनिधित्व
इस साल गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारतीय सिनेमा की झांकी दिखाई जाएगी। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इसे तैयार करने के लिए फिल्म निर्माता संजय लीला भंसाली के साथ काम किया है। यह झांकी 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर नजर आएगी। यह पहली बार है जब किसी फिल्म निर्देशक ने गणतंत्र दिवस पर भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व किया है। भंसाली ने अपनी फिल्मों 'देवदास', 'बाजीराव मस्तानी' और 'पद्मावत' के जरिए बेहतरीन विजुअल्स, म्यूजिक और भावनाओं को पेश किया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि इस झांकी का मकसद भारतीय सिनेमा की रचनात्मकता और वैश्विक पहचान दिखाना है। इसे भारतीय सिनेमा के सांस्कृतिक महत्व और उसकी लोकप्रियता को सामने लाने के लिए तैयार किया गया है। आज की अन्य बड़ी खबरें... नेशनल हाईवे पर टोल बकाया होने पर गाड़ी ट्रांसफर और फिटनेस नहीं मिलेगी नेशनल हाईवे पर टोल टैक्स बकाया होने की स्थिति में अब वाहन का स्वामित्व ट्रांसफर नहीं हो सकेगा। ऐसे मामलों में न तो वाहन के लिए एनओसी जारी की जाएगी और न ही नया फिटनेस सर्टिफिकेट बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने टोल चोरी रोकने और डिजिटल टोल सिस्टम को मजबूत करने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन (द्वितीय संशोधन) नियम, 2026 लागू किए हैं। इन नियमों के तहत केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989 में बदलाव किया गया है। सरकार का मकसद नेशनल हाईवे पर टोल वसूली को सख्ती से लागू करना और बिना टोल चुकाए गाड़ी निकालने की समस्या को रोकना है। नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रीय परमिट के लिए आवेदन करने वाली व्यावसायिक गाड़ियों पर कोई भी टोल बकाया नहीं होना चाहिए। अगर टोल बाकी है, तो गाड़ी से जुड़े फिटनेस और दूसरे जरूरी काम अटक सकते हैं। सरकार ने नियमों में पहली बार ‘अवैतनिक यूजर फीस’ की परिभाषा जोड़ी है। इसका मतलब वह टोल राशि है, जो किसी गाड़ी के नेशनल हाईवे से गुजरने पर इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम में दर्ज हो गई हो, लेकिन उसका भुगतान नहीं किया गया हो। इसके साथ ही फॉर्म-28 में भी बदलाव किया गया है। अब एनओसी के लिए आवेदन करते समय गाड़ी मालिक को यह बताना होगा कि किसी टोल प्लाजा पर उसकी गाड़ी के खिलाफ कोई टोल बकाया है या नहीं। अगर बकाया है, तो उसकी पूरी जानकारी देनी होगी। फॉर्म-28 का इस्तेमाल तब किया जाता है, जब गाड़ी को दूसरे राज्य या जिले में ट्रांसफर किया जाता है।
ओवरब्रिज के नीचे जलापूर्ति शुरू होने पर सड़क पर जमा हो रहा पानी, नाली जाम होने से हो रहा जलजमाव
निगम प्रशासक ओवरब्रिज के नीचे जहां निरीक्षण करने पहुंचे, वहां रोजाना हो रहा जल जमाव, पर दिखा ही नहीं राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में नगर निगम प्रशासक लगातार विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने मेन रोड ओवरब्रिज के नीचे और स्टेशन रोड का भी निरीक्षण किया। निगम की पूरी टीम के साथ प्रशासक जिस स्थल का निरीक्षण कर रहे थे वहां रोजाना जल जमाव की स्थिति बनी रहती है। सुबह में जलापूर्ति शुरू होने के साथ ही पाइपलाइन में लीकेज की वजह से पानी का बहाव शुरू हो जाता है। सड़क पर पानी जमा हो जाता है। स्टेशन रोड की नाली भी जाम है। इस वजह से पानी के साथ नाली का कचरा ओवरब्रिज के नीचे सर्विस लेन पर जमा हो जाता है। इस वजह से खासकर स्कूली बच्चों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।लेकिन दोपहर 12 बजे तक वाहनों के आवागमन की वजह से पानी सूख जाता है। स्थानीय लोगों ने निगम को इससे संबंधित पत्र लिखा,लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई। बुधवार को निगम प्रशासक जल जमाव वाले स्थल से कुछ आगे पहुंचे। उन्होंने स्टेशन रोड के दोनों ओर पाथ वे विकसित करने, सरकारी बस स्टैंड के पास सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया,लेकिन जल जमाव और नाली जाम नहीं दिखा। निगम प्रशासक ने सैटेलाइट चौक से मेकॉन चौक की ओर से जाने वाले रास्ते में खाली पड़ी जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान सीओ ने बताया कि बांई ओर गैर मजरुआ जमीन है। वहीं दाई ओर रेलवे की जमीन है। इस पर प्रशासक ने गैर मजरुआ जमीन की मापी करके पार्क बनाने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मेकॉन स्टेडियम के पास स्थित सरकारी जमीन से खटाल व अतिक्रमण हटाने और निर्मला कॉलेज के पास ग्रीन पैच विकसित करने का निर्देश दिया है।
गंभीर रोगों से पीड़ित 18 मरीजों को इलाज के लिए दिए जाएंगे पांच से 20 लाख रुपए
झारखंड सरकार ने ‘मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना’ के तहत गंभीर रोगों से पीड़ित 18 मरीजों के इलाज की स्वीकृति प्रदान की है। बुधवार को झारखंड स्टेट आरोग्य सोसायटी के कार्यकारी निदेशक छवि रंजन की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय समिति की बैठक में गंभीर बीमारी से पीड़ित 18 मरीजों के इलाज के लिए सहायता राशि स्वीकृत की गई। बैठक के बाद छवि रंजन ने बताया कि स्वीकृत लाभार्थियों की सूची में गंभीर रूप से कैंसर, किडनी रोग और रक्त कैंसर से पीड़ित मरीज शामिल हैं। इन रोगियों में अलग-अलग कैंसर से पीड़ित 14 मरीज हैं। 3 मरीज किडनी ट्रांसप्लांट और एक ल्यूकेमिया से ग्रसित हैं। विभाग ने इनके इलाज के लिए 5 लाख से लेकर 20 लाख तक की स्वीकृति दी है। बैठक में निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, अपर कार्यकारी निदेशक सीमा सिंह, महाप्रबंधक प्रवीण चंद्र मिश्रा समेत स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और आंतरिक वित्तीय सलाहकार उपस्थित थे। सरिता देवी कोलन कैंसर (पुनरावर्ती) शाहिना परवीन सर्विक्स कैंसर परेश कुमार शर्मा मेटास्टेटिक एडेनोकार्सिनोमा लक्ष्मी नाथ साहू कैंसर (सीए आरएमटी-दाहिनी ओर) लैलुन खातून फेफड़े का कैंसर उषा शर्मा गॉलब्लैडर का एडेनो-स्क्वैमस कार्सिनोमा जब्साना कैबर्त्ता सर्विक्स कैंसर (रेक्टोवैजाइनल फिस्टुला सहित) मो. हारून रशीद कोलन कैंसर (मेटास्टेटिक) अफसाना खातून मेटास्टेटिक पेट का कैंसर मास्टर दिव्यांशु कुमार मल्टीसिस्टम लैंगरहैंस सेल हिस्टियोसाइटोसिस अजमुल अंसारी मेटास्टेटिक फेफड़े का कैंसर उर्मिला करुआ सर्विक्स कैंसर (स्टेज–IV) सलमा परवीन बाएं स्तन का कैंसर नर्गिस आरा एडेनोकार्सिनोमा (जीई जंक्शन) मंडीप कुमार किडनी ट्रांसप्लांट जीतबहन मछवा किडनी ट्रांसप्लांट आदित्य कुमार किडनी ट्रांसप्लांट मिस राजनंदिनी कुमारी ब्लड कैंसर बैठक में एक ऐसा मामला भी आया, जिसमें मरीज के इलाज का अनुमानित खर्च 16 लाख रुपए है। मामला 10 लाख से अधिक की श्रेणी का होने के कारण समिति ने इस प्रस्ताव को कैबिनेट की स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया। वहीं, कार्यकारी निदेशक छवि रंजन ने निर्देश दिया कि प्रत्येक मरीज का भौतिक सत्यापन सिविल सर्जन या नामित अधिकारी द्वारा अनिवार्य किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सत्यापन हो। अस्पताल से मिले ट्रीटमेंट एस्टीमेट का तकनीकी सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाए। बिना स्पष्ट मेडिकल स्टेटस वाले प्रस्ताव स्वीकार न किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजना में पारदर्शिता और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना है। इन रोगियों को मिला योजना का लाभ...
गोवर्धन विलास थाना क्षेत्र के नेला तालाब इलाके में मंगलवार देर रात 3 बदमाशों ने लोगों और पुलिस के नाक में भी दम कर दिया। बदमाशों ने पहले दो कारें चुराने की कोशिश की। लोग जागे तो पकड़े जाने के अंदेशे में पत्थर और शराब की बोतलें बरसाईं। पुलिस पहुंची तो कार लेकर तीनों भागे। हालांकि किस्मत ने साथ नहीं दिया और टायर फट गया। इस पर सभी तालाब में कूदकर फरार हो गए। हैरान करने वाली बात ये कि पुलिस महज 3-4 फीट पानी से भरे तालाब में 8 घंटे तक सर्च ऑपरेशन चलाती रही। एसआई अर्जुनलाल ने बताया कि रात के समय लक्ष्मण मीणा के मकान के बाहर कुछ बदमाश तेज रफ्तार से कार को बार-बार इधर-उधर दौड़ाते रहे। फिर एक कार चुराने का प्रयास किया। सिक्योरिटी अलार्म बज उठा। इस पर दूसरी कार को निशाना बनाया और उसके आगे-पीछे के कांच तोड़ दिए। यह शोर सुनकर आसपास के लोग जाग गए और शोर मचा दिया। इस पर बदमाशों ने पत्थर और शराब की बोतलें फेंककर दहशत फैलाई। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंची तो तीनों बदमाश कार लेकर गीतांजलि रोड की ओर भाग निकले। पुलिस पीछे लगी रही। सवीना थाना पुलिस की मदद से उन्हें रोकने का प्रयास किया। तलाश करते-करते पुलिस गीतांजलि रोड पर रुंडेला तालाब पहुंची, जहां गुजरात नंबर की कार खड़ी मिली। इसका टायर फटा हुआ था। तीनों बदमाश गायब थे। वे तालाब में कूदे और दूसरी ओर निकलकर फरार हो गए। मामले में पुलिस के काम के तरीके पर सवाल तब उठे, जब सामने आया कि जिस तालाब में बदमाश कूदे थे, उसमें महज 3-4 फीट पानी था। फिर भी पुलिस ने सुबह 6:30 बजे सिविल डिफेंस और एसडीआरएफ को बुला लिया। इन टीमों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, जो दोपहर 2:30 बजे तक चला। हालांकि इतनी मशक्कत के बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहे।
एग्जाम सुधार के लिए बनी कमेटी नौ को करेगी मंथन, 4 वर्षीय यूजी अंक पत्र की डिजाइन भी होगी स्वीकृत
रांची विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)- 2020 के कार्यान्वयन और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर हाई लेवल समिति बनाई गई है, जिसकी 9 फरवरी को होने वाली अहम बैठक से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। विधि संकाय के डीन डॉ. पंकज चतुर्वेदी ने गठित अहम कार्यान्वयन एवं निगरानी समिति और परीक्षा सुधार समिति में विधि संकाय को शामिल नहीं किए जाने पर आपत्ति जताई है। डॉ. चतुर्वेदी ने विभागाध्यक्षों और निदेशकों के व्हाट्सएप ग्रुप में अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए इसे अकादमिक परंपरा और परीक्षा व्यवस्था के मूल सिद्धांतों के विपरीत बताया है। विधि डीन ने सवाल किया है कि एग्जाम बोर्ड में सभी संकाय के डीन सदस्य होते हैं। ऐसी स्थिति में इस कमेटी से विधि संकाय क्यों बाहर? इसका जवाब विवि के पास नहीं है। ऐसे में परीक्षा सुधार से जुड़ी समिति में विधि संकाय को अलग रखना समझ से परे है। परीक्षा सुधार और एनईपी कार्यान्वयन जैसे विषय सीधे तौर पर विधि संकाय से भी जुड़े हैं और बिना विधि संकाय के प्रतिनिधित्व के कोई भी निर्णय अधूरा और असंतुलित माना जाएगा। डीन की आपत्ति के बाद समिति गठन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह मामला अब केवल प्रतिनिधित्व का नहीं, बल्कि संस्थागत संतुलन और अकादमिक समानता से जुड़ा माना जा रहा है। बैठक में एनईपी के क्रियान्वयन, पाठ्यक्रम सुधार, मूल्यांकन प्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर अहम फैसले लिए जाने की संभावना है। ऐसे में विधि संकाय की आपत्ति ने बैठक से पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन की हलचल बढ़ा दी है। कई शिक्षकों का कहना है कि अगर समिति में संशोधन नहीं किया गया, तो भविष्य में लिए गए निर्णयों पर सवाल उठ सकते हैं। रांची यूनिवर्सिटी में नई शिक्षा नीति के सिलेबस से वर्ष 2022 से ही स्नातक स्तर पर पढ़ाई हो रही है। चार वर्षीय यूजी के फर्स्ट बैच का इसी साल फाइनल रिजल्ट आएगा। इसका अंक पत्र का फॉरमैट यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा तैयार कर लिया गया है। बैठक में इसे भी स्वीकृति प्रदान किए जाने की संभावना है। इसकी भी तैयारी पूरी कर ली गई है।
दो फरवरी को 16 वर्ष पुराने कृषि घोटाला के आरोपियों पर तय किया जाएगा आरोप
16 साल पुराने 46.10 करोड़ रुपए के कृषि घोटाला में आरोपियों पर जल्द ही आरोप गठन किया जाएगा। इसके लिए अदालत ने दो फरवरी की तारीख निर्धारित की है। मामले में बुधवार को आरोप गठन पर सुनवाई होनी थी। लेकिन पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता को ओर से एक समय याचिका दायर की गई, जिसमें बताया गया कि उन्होंने 9 दिसंबर 2025 के आदेश के खिलाफ झारखंड हाईकोर्ट याचिका दाखिल की है। इसी आधार पर हाईकोर्ट के आदेश की प्रति प्रस्तुत करने के लिए समय देने का आग्रह किया गया। अदालत ने समय याचिका पर सुनवाई के बाद इसे मंजूर करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि अगली तारीख तक हाईकोर्ट से प्राप्त स्टे ऑर्डर प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। अन्यथा मामले में आरोप गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि दो फरवरी अगली सुनवाई पर सभी आरोपियों पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता व नलिन सोरेन, कृषि सचिव वी जयराम और दिलीप गड़ोडिया को शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा। घोटाले को लेकर जुलाई 2009 में निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
रिम्स निदेशक के खिलाफ साजिश का लगा आरोप
रिम्स प्रबंधन ने कुछ ठेकेदारों पर निदेशक और अधिकारियों के विरुद्ध साजिश रचने तथा भ्रामक सूचनाएं फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। रिम्स प्रबंधन ने सोशल मीडिया में विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया है कि संस्थान में वर्षों से कार्यरत कुछ ठेकेदारों की संलिप्तता वित्तीय अनियमितताओं में सामने आने के बाद उनके खिलाफ नियम सम्मत कार्रवाई शुरू की गई है। इसी से नाराज होकर ये तत्व शासन के कुछ व्यक्तियों की मिलीभगत से निदेशक के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं और आम जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। रिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि निदेशक डॉ. राजकुमार के नेतृत्व में पिछले दो वर्षों में संस्थान में कई सुधारात्मक कदम उठाए गए हैं। इस दौरान अत्याधुनिक और उच्चस्तरीय तकनीकी मशीनों की खरीद की गई, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इन उपलब्धियों का उल्लेख संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट में भी दर्ज है। प्रबंधन ने यह भी कहा कि रिम्स में सभी टेंडर प्रक्रियाएं राज्य सरकार की क्रय नीति के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं।
सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को अरावली पर्वतमाला की अंधाधुंध कटाई को लेकर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की कि रोक के बावजूद अवैध खनन और पहाड़ों से छेड़छाड़ जारी है। इससे ऐसे हालात बन सकते हैं, जिन्हें भविष्य में सुधारा नहीं जा सकेगा। अदालत ने राजस्थान सरकार से गारंटी ली कि अरावली क्षेत्र में किसी भी तरह का खनन नहीं होने दिया जाएगा। लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। राजस्थान की मॉडल हिल पॉलिसी के प्रावधानों की आड़ में उदयपुर जिले और इससे सटे राजसमंद क्षेत्र में अरावली की पहाड़ियों को काटकर धड़ल्ले से निर्माण किए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि शहर से सटे राजस्व ग्राम कैलाशपुरी में तालाब के चारों ओर पहाड़ियों को काटकर बहुमंजिला होटल-रिसॉर्ट, विलाज बनाए जा रहे हैं। यही स्थिति कैलाशपुरी से नाथद्वारा मार्ग स्थित टोल प्लाजा तक हाईवे के दोनों ओर पहाड़ों की चोटियों पर भी है। कैलाशपुरी क्षेत्र में निर्माणों की स्वीकृतियां पंचायत, तहसील और उपखंड स्तर से ली गई हैं। जबकि 2025 में राजस्व ग्राम कैलाशपुरी यूडीए में शामिल हो चुका है। इसके बाद यहां यूडीए के नियम और नई हिल पॉलिसी लागू होना अनिवार्य है। पॉलिसी के तहत 15 डिग्री से अधिक ढलान वाले पहाड़ों को न काटा जा सकता है और न ही वहां निर्माण की अनुमति है। यूडीए में शामिल होने के बाद भी नियमों की अनदेखी उदयपुर–नाथद्वारा हाईवे पर वैष्णो देवी मंदिर के समीप स्थित मोरिंगा वैली में भी 15 डिग्री से अधिक ढलान वाली पहाड़ियों को काटकर विलाज बनाए जा रहे हैं। पुराने और कमजोर नियमों का सहारा लेकर यहां 150 से ज्यादा विलाज खड़े किए जा चुके हैं और कई अभी निर्माणाधीन हैं। इसके ठीक सामने मुख्य सड़क के दूसरी ओर भी विलाज का पूरा बाजार खड़ा किया जा रहा है। एक पहाड़ी की चोटी पर तो आलीशान बहुमंजिला भवन तक बना दिया गया है। जो राजस्व ग्राम यूडीए में शामिल हो चुके हैं, वहां सभी निर्माण कार्य नई हिल पॉलिसी और यूडीए के नए नियमों के अनुसार ही होंगे। 15 डिग्री से अधिक ढलान वाले पहाड़ों पर निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। यदि आवासीय स्वीकृति के आधार पर बने विलाज में होटल जैसी व्यावसायिक गतिविधि पाई गई तो सीज की कार्रवाई करेंगे।-नमित मेहता, कलेक्टर, उदयपुर उदयपुर से सटी सीमा सहित पूरे राजसमंद जिले में पहाड़ों की कटाई रोकने के लिए विशेष निगरानी दल गठित किया गया है। अरावली को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अवैध गतिविधियों को सीज भी किया जाएगा।-अरुण कुमार हसीजा, कलेक्टर, राजसमंद
रांची की स्लीपर बसें सुरक्षा में फेल, 70% बसों में इमरजेंसी गेट ही नहीं
सड़क परिवहन मंत्रालय ने स्लीपर बसों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें यात्रियों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया है। लेकिन रांची से चलने वाली स्लीपर बसे सुरक्षा में फेल हैं। गाइडलाइन जारी होने के बाद दैनिक भास्कर ने खादगढ़ा बस स्टैंड में 20 स्लीपर बसों की पड़ताल की। पता चला कि इनमें से 14 बसों में चार इमरजेंसी गेट नहीं थे। यानी 70 प्रतिशत बसें ऐसी चल रही हैं। अधिकतर बसों में ड्राइवर और यात्रियों के प्रवेश के लिए आगे मुख्य दरवारे तो थे, लेकिन पीछे इमरजेंसी गेट नहीं मिला। अधिकतर बसों में रूफ हैच भी नहीं मिला। फायर सेफ्टी की स्थिति भी चिंताजनक थी। 20 में से सिर्फ दो बसों में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) मिले, वे भी निर्धारित 10 किलो की क्षमता से छोटे थे। इनमें से पांच बसों की चेसिस भी बढ़ाई गई थी, जो नियमों के खिलाफ है। स्लीपर सीटों पर पर्दे लगे थे। छत पर भी सामान ढोने के लिए कैरियर थे। बस संचालक बोले-सुधार कर रहे हैं बस संचालक और चैंबर के एग्जीक्यूटिव मेंबर अनीश बुघिया ने कहा कि सरकार ने उन्हें एक महीने का समय दिया गया है। ज्यादातर बस संचालक कमियों को दूर करने में लगे हैं। इमरजेंसी गेट, फायर सेफ्टी और अन्य मानकों को दुरुस्त किया जा रहा है। हमें उम्मीद है कि एक महीने के भीतर सभी बसें नई गाइडलाइन के अनुसार चलने लगेंगी। पंजीकरण से पहले सुरक्षा जांच जरूरी : बसों के पंजीकरण और फिटनेस के समय आरटीओ यह सुनिश्चित करेगा कि बस का निर्माण तय मानकों के अनुसार हुआ हो और बस बॉडी बिल्डर मान्यता प्राप्त हो। चार एक्जिट जरूरी: स्लीपर बसों में कम से कम चार एक्जिट अनिवार्य किए गए हैं,। इनमें पीछे का दरवाजा, साइड या छत पर निकासी शामिल हो सकती है। फायर सेफ्टी : हर स्लीपर बस में 10 किलो या उससे अधिक क्षमता के फायर क्सटिंग्विशर जरूरी। चेसिस बढ़ाने पर रोक : स्लीपर बर्थ के स्लाइडर हटाना, चेसिस बढ़ाकर बनाई गई बसें को परिचालन से बाहर हटाना। गाइडलाइन का पालन कराएंगे: डीटीओ जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार ने कहा कि बस संचालकों को एक माह का समय दिया गया है। हमारी टीम लगातार चेकिंग भी कर रही है। जांच में पाया गया है कि आधी से ज्यादा बसों में गाइडलाइन के अनुसार इमरजेंसी गेट नहीं हैं। फायर एक्सटिंग्विशर हैं भी तो वह मानकों के अनुरूप नहीं है। इसका पालन कराया जा रहा है। समय-सीमा के बाद कार्रवाई तय है।
नगर निगम की राजस्व शाखा से गायब 5 मूल फाइलों का बुधवार को दूसरे दिन भी सुराग नहीं लग सका। आयुक्त के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राजस्व अधिकारी एक भी मूल फाइल पेश नहीं कर पाए। इसके बजाय 5 में से 3 मामलों में पुरानी, अधूरी और केवल प्रतिलिपियां आयुक्त के समक्ष रख दी गईं। केवल सुखाड़िया रंगमंच की फाइल सामने आई, जो पहले से ही ऑनलाइन उपलब्ध है। सरस बूथ से जुड़ी फाइल में भी केवल पुराना और अधूरा रिकॉर्ड पेश किया गया, जबकि मूल फाइल में बूथों के आवंटन, निरस्तीकरण और बहाली से जुड़े अहम दस्तावेज शामिल हैं। इसी तरह यात्री कर से संबंधित मामले में भी सिर्फ कागजी प्रतियां दिखाई गईं। सबसे गंभीर यह है कि पासपोर्ट कार्यालय और दीपावली मेले के झूलों से जुड़ी मूल फाइलें दूसरे दिन भी पूरी तरह लापता रहीं। आयुक्त अभिषेक खन्ना ने बुधवार सुबह राजस्व अधिकारी नितेश भटनागर को नोटिस जारी कर शाम तक मूल फाइलें पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद एक भी असल फाइल पेश नहीं की जा सकी। निगम में हड़कंप और सवाल बरकरार- फाइलें आखिर गईं कहां? दैनिक भास्कर में ‘फाइल गायब-सवाल गुम, फायदा किसे?’ शीर्षक से खबर प्रकाशित होने के बाद निगम में हड़कंप मच गया। सभी विभागों में अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक यही चर्चा रही कि फाइलें आखिर गायब कहां हुईं। राजस्व शाखा में दिनभर फाइलें तलाशने की कवायद चलती रही। हड़बड़ाए राजस्व अधिकारी ने बाबुओं को फटकार लगाई और नोटिस भी जारी किए, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि फाइलें किसकी जिम्मेदारी में थीं और कहां से गायब हुईं। चर्चा यह भी है कि फाइलें राजस्व अधिकारी के चैंबर से ही गायब हुई हैं। बता दें, राजस्व शाखा से 4 माह में पांच अहम फाइलें गायब हुई हैं। इनमें पासपोर्ट कार्यालय, सुखाड़िया रंगमंच, सरस बूथ, यात्री कर और दीपावली मेले के झूलों से जुड़े आय-व्यय, अनुबंध, टेंडर, गजट नोटिफिकेशन और पत्राचार के रिकॉर्ड हैं। इनमें से कुछ फाइलों पर खुद आयुक्त ने लापरवाही के नोट लिखे थे। मामला तब सामने आया, जब जरूरत पर एक फाइल नहीं मिली। पासपोर्ट कार्यालय की फाइल सबसे अहम, 86 लाख का किराया बकाया पासपोर्ट कार्यालय की फाइल को लेकर स्थिति गंभीर है। इस फाइल में 11 साल के दस्तावेज हैं, जिनमें विदेश मंत्रालय से हुई लीज डीड, किराये का पूरा विवरण-टीसीएस के साथ हुआ पत्राचार दर्ज है। नगर निगम की ओर से जुलाई 2022 से अब तक 86 लाख रुपए का किराया बकाया है। उल्लेखनीय है कि इसी फाइल को आगे बढ़ाने में राजस्व अधिकारी द्वारा चार माह की देरी की गई थी। नोटिस दिया है, लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगेराजस्व अधिकारी को मूल फाइलें पेश करने का नोटिस दिया है। यदि फाइलें प्रस्तुत नहीं होती हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।-अभिषेक खन्ना, आयुक्त, नगर निगम
कोर्ट ने आदेश का पालन नहीं करने पर सुखदेवनगर थाना प्रभारी का वेतन रोका
भरण-पोषण से जुड़े मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत ने जारी किया आदेश सिविल कोर्ट रांची स्थित कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के आदेश का पालन नहीं करने पर सुखदेव नगर थाना प्रभारी का वेतन रोकने का आदेश पारित किया गया है। यह आदेश बुधवार को प्रधान न्यायाधीश पवन कुमार की अदालत से जारी हुआ है। आदेश की चिट्ठी रांची के सीनियर एसपी को भेज दी गई है। उक्त आदेश भरण-पोषण से जुड़े मुकदमे की सुनवाई करते हुए अदालत ने जारी किया है। भरण-पोषण की मांग करते हुए उक्त मुकदमा सुषमा देवी द्वारा अपने पति विनोद कुमार सिंह के खिलाफ वर्ष 2007 में दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में अदालत ने विनोद कुमार सिंह को आवेदिका सुषमा देवी के पक्ष में प्रत्येक महीने भरण पोषण की राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। लेकिन पति द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद कोर्ट ने पति विनोद कुमार सिंह के खिलाफ अक्टूबर 2024 में ही डिस्ट्रेस वारंट जारी किया। लेकिन सुखदेव नगर थाना प्रभारी द्वारा अदालत की ओर से जारी डिस्ट्रेस वारंट का पालन आज तक नहीं किया गया। कोर्ट की ओर से सुखदेव नगर थाना प्रभारी के पास अनेकों बार चिट्ठी भेजकर डिस्ट्रेस वारंट की तमिला रिपोर्ट की मांग की गई। यहां तक कि कोर्ट ने सुखदेव नगर थाना प्रभारी को कारण पृच्छा नोटिस भेज कर स्पष्टीकरण भी मांगा। लेकिन सुखदेव नगर थाना प्रभारी द्वारा कोर्ट के प्रत्येक आदेश को नजरअंदाज किया गया। अंत में कोर्ट ने सुखदेव नगर थाना प्रभारी के मासिक वेतन को रोकने का आदेश जारी किया है।
रांची में पांच ग्रुप की 8 खुदरा शराब दुकानों ने नए वित्तीय वर्ष के लिए नहीं कराया नवीकरण
राजधानी रांची में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा शराब के पांच ग्रुप की आठ दुकानों के नवीकरण आवेदन नहीं आए हैं। इसका सीधा मतलब है कि राजधानी रांची में खुदरा शराब के पांच ग्रुप की आठ दुकानें सरेंडर की जा रही हैं। अब इन दुकानों में आने वाले नए वित्तीय वर्ष से पुराने दुकान संचालक शराब की खुदरा दुकान चलाने से अपने आप को अलग कर रहे हैं। राज्य में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग द्वारा सितंबर 2025 से नई उत्पाद नीति लागू की गई है। नई नीति लागू होने के साथ ही खुदरा शराब की दुकानें निजी हाथों में चली गईं। अर्थात पूरे राज्य में शराब की खुदरा दुकानें निजी हाथों से संचालित हो रही हैं। नई उत्पाद नीति लागू हुए अभी चार माह ही पूरे हुए हैं। इस बीच कतिपय खुदरा शराब की दुकान चलाने वाले लोगों का इससे मोह भंग हो गया है। बताया जा रहा है कि दुकानों में अपेक्षित आय नहीं होने की वजह से ही नवीकरण नहीं करा रहे हैं। अब इन दुकानों की नए वित्तीय वर्ष में बंदोबस्ती के लिए नए सिरे से आवेदन मांगे जाएंगे। ई लॉटरी के माध्यम से उनकी बंदोबस्ती की जाएगी। यह सारा कुछ नया वित्तीय वर्ष प्रारंभ होने के पहले ही पूरा करना होगा। रांची में हैं कुल 87 ग्रुप में 150 दुकानें पूरे राज्य में शराब की खुदरा दुकानों को ग्रुप बनाकर बंदोबस्ती की गई थी। एक ग्रुप में दो से चार तक उत्पाद दुकानें शामिल हैं। राजधानी रांची में खुदरा शराब के कुल 87 ग्रुप हैं। इनमें कुल 150 दुकानें शामिल हैं। इनमें से 82 ग्रुप के 142 खुदरा दुकानों के नवीकरण के लिए आवेदन आए, जबकि पांच ग्रुप की कुल आठ दुकानों के संचालकों ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 में खुदरा शराब की दुकानों के नवीकरण के लिए आवेदन नहीं दिया है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 जनवरी थी। जिन दुकानों के नवीकरण के लिए आवेदन नहीं आए हैं, उनमें मोरहाबादी नं. वन, चंदवे, टीपूदाना, लालपुर की दो दुकानें, सर्जना चौक आैर पुंदाग की दुकानें शामिल हैं। वैसे पूरे राज्य में खुदरा शराब की कुल 1343 दुकानें संचालित हो रही हैं।
रांची मेयर सीट पर भाजपा से सबसे अधिक 8 ने की दावेदारी, झामुमो से 3 व कांग्रेस से एक
गैर दलीय आधार पर होने वाले निकाय चुनाव के बावजूद पार्टी स्तर पर हलचल तेज हो गई है। पार्टी स्तर पर चुनाव लड़ने के इच्छुक सदस्य दावेदारी भी प्रस्तुत करने लगे हैं। अब तक भाजपा में सबसे अधिक आठ, झामुमो में तीन एवं कांग्रेस में एक प्रत्याशी ने अपने-अपने दावे पेश किए हैं। राज्य के तीन प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा, कांग्रेस एवं झामुमो के संभावित प्रत्याशियों ने पार्टी स्तर पर अपनी दावेदारी पेश की है। भले ही नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर नहीं हो रहा है, मगर विभिन्न राजनीतिक दलों में सरगर्मी शुरू हो चुकी है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह झामुमो- कांग्रेस या इंडी गठबंधन के दलों के बीच इसमें आपसी सहमति बनेगी या नहीं, यह तय नहीं हुआ है। गठबंधन में शामिल दल भी चुनावी घोषणा होने का इंतजार कर रहे हैं। रांची मेयर सीट इस बार आदिवासी स्त्री-पुरुष के लिए आरक्षित है। पिछले 3 चुनावों में यह सीट आदिवासी महिला के आरक्षित थी। झामुमो से ये तीन दावेदार अंतु तिर्की : एक बार मेयर प्रत्याशी, एक बार खिजरी से झाविमो के विधायक प्रत्याशी रहे, फिर झामुमो में वापसी की, वर्तमान में पार्टी के केंद्रीय सदस्य एवं महानगर संयोजक हैं। वीरू तिर्की : जिला एवं महानगर संयोजक, सुजीत कुजूर : सक्रिय पार्टी कार्यकर्ता। भाजपा: इन प्रत्याशियों ने इसलिए की दावेदारी रांची नगर निगम के मेयर पद की बात करें तो यह राजधानी रांची की सबसे हॉट सीट है। अब तक हुए तीन चुनावों में सबसे पहली महिला मेयर रमा खलखो बनीं। वह बंधु तिर्की की पूर्व की अपनी पार्टी झारखंड जनाधिकार मंच के समर्थन से चुनाव लड़ी थीं। इसके बाद दो बार भाजपा समर्थित आशा लकड़ा मेयर रहीं। अभी वह राष्ट्रीय जनजातीय आयोग की सदस्य हैं। उनकी ओर से अबतक चुनाव लड़ने को लेकर कोई दावा नहीं किया गया है। क्या कहता है झामुमो और कांग्रेस नेतृत्वसीएम के विदेश से लौटने के बाद होगा निर्णय सीएम के आने के बाद महागठबंधन की बैठक कांग्रेस- रमा खलखो: झारखंड गठन के बाद पहली रमा खलखो मेयर बनी थीं। कांग्रेस की समर्पित कार्यकर्ता एवं वर्तमान में प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष। झामुमो केंद्रीय अध्यक्ष सह सीएम हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि चाहे वह वार्ड पार्षद हो या मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, पार्टी समर्थित एक ही प्रत्याशी मैदान में होगा। पार्टी स्तर पर हर निकाय के लिए सर्वसम्मति बनाने को लेकर एक-एक कमेटी बनाई गई है। जो सर्वसम्मति बनाकर नामों की सूची केंद्रीय अध्यक्ष को सौपेंगे, जिस पर वे निर्णय लेंगे।
गोरखपुर नगर निगम के सदन हाल में बुधवार को स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 की तैयारियों को लेकर एक बड़ी समीक्षा बैठक और कार्यशाला का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने की। इस मौके पर नगर निगम के सभी वरिष्ठ अधिकारी, सफाई से जुड़े कर्मचारी और सुपरवाइजर मौजूद रहे।बैठक की शुरुआत स्वच्छता से जुड़ी नई पहल “बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ – तैयार हैं हम” के जोशीले नारे के साथ हुई। इस नारे ने वहां मौजूद सभी अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों में नया उत्साह भर दिया। सभी ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि गोरखपुर को स्वच्छता के क्षेत्र में देश में नंबर वन बनाया जाएगा और शहर को सेवन स्टार रेटिंग दिलाने के लिए पूरी मेहनत की जाएगी। कार्यशाला के दौरान स्वच्छ सर्वेक्षण टूलकिट 2025-26 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों को बताया गया कि सर्वेक्षण में किन-किन बिंदुओं पर विशेष ध्यान देना है और कैसे बेहतर अंक हासिल किए जा सकते हैं। नगर आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी जोनल अधिकारी, सफाई निरीक्षक और सुपरवाइजर अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहें और जमीनी स्तर पर काम करें।उन्होंने कहा कि सफाई सिर्फ मुख्य सड़कों तक सीमित न रहे, बल्कि हर वार्ड और हर गली तक पहुंचे। वार्ड स्तर पर लोगों के साथ नियमित बैठकें की जाएं, उनकी सफाई से जुड़ी समस्याओं को तुरंत हल किया जाए और हर घर से कूड़ा उठान सुनिश्चित किया जाए। कूड़े को गीला और सूखा अलग-अलग इकट्ठा करने पर भी विशेष जोर दिया गया। साथ ही नालों और नालियों की नियमित सफाई के लिए माइक्रो प्लान बनाकर काम करने के निर्देश दिए गए।शहर की सुंदरता बनाए रखने के लिए नगर आयुक्त ने बाजार क्षेत्रों में लगे अवैध पोस्टर और होर्डिंग्स को तुरंत हटाने के आदेश दिए। गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ उन्हें अपनी दुकानों पर डस्टबिन रखने और साफ-सफाई बनाए रखने के लिए जागरूक करने को कहा गया। उन्होंने यह भी कहा कि घर-घर जाकर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा, ताकि यह अभियान सिर्फ सरकारी न होकर जन-आंदोलन बन सके। इस बैठक में अपर नगर आयुक्त, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, जोनल सेनेटरी अधिकारी, मुख्य सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक, सुपरवाइजर और मेट शामिल हुए। बैठक के अंत में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे जोश के साथ दोहराया कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में गोरखपुर को देश के अग्रणी शहरों में शामिल कराने के लिए पूरी ताकत से काम किया जाएगा।
बिना मान्यता चल रहे 41 नर्सिंग कॉलेज, फाइलों में अटका हजारों छात्रों का भविष्य
रांची यूनिवर्सिटी के अंतर्गत बिना मान्यता के ही नर्सिंग कॉलेजों का संचालन करने का मामला सामने आया है। विवि के अंतर्गत कुल 46 नर्सिंग कॉलेज हैं। इनमें ऐसे 41 नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं, जिनके लिए प्रबंधन की ओर से मान्यता या एक्सटेंशन का प्रस्ताव विवि मुख्यालय में भेजा गया। 5 नए कॉलेज हैं। लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन अब तक मान्यता या एक्सटेंशन देने पर कोई अंतिम निर्णय नहीं ले सका। नतीजा यह हुआ कि हजारों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अनिश्चितता में फंस गया है। इससे विवि प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे और सुर्खियों में है। स्थिति यह है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 से ही एफिलिएशन या एक्टेंशन की प्रक्रिया बाधित है। जबकि नियमानुसार 2025-26 की मान्यता अब तक मिल जानी चाहिए थी। साथ ही शैक्षणिक सत्र 2026-27 में एडमिशन के लिए एफिलिएशन देने का प्रोसेस शुरू हो जाना चाहिए था। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी। लेकिन जब एफिलिएशन ही नवीकृत नहीं हुआ तो नामांकन कैसे होगा। लेकिन कॉलेजों में पढ़ाई जारी है। मान्यता विस्तार का इंतजार हो रहा है। इसलिए जरूरी है एफिलिएशन नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रोफेशनल कोर्स की श्रेणी में आते हैं। ऐसे कोर्स में मान्यता का हर वर्ष वैध होना अनिवार्य है। बिना मान्यता या एक्सटेंशन के छात्रों का रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता है। न ही परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। यानी यह मामला केवल प्रशासनिक देरी नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य से सीधा जुड़ा हुआ है। इसलिए समय पर एफिलिएशन प्रदान कर दिया जाना चाहिए। अभी डेढ़ दर्जन कॉलेजों का ही निरीक्षण आरयू प्रशासन द्वारा अभी तक डेढ़ दर्जन कॉलेजों का ही निरीक्षण किया जा सका है। शेष कॉलेज का अवलोकन लंबित है। मेडिकल डीन 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान डीन भी 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं। इसके बाद विवि प्रशासन ने रिम्स प्रबंधन से तीन वरीय शिक्षकों की लिस्ट मांगी है। मान्यता-एक्सटेंशन का प्रोसेस कॉलेज प्रबंधन यूनिवर्सिटी को मान्यता/एक्सटेंशन का प्रस्ताव देता है {यूनिवर्सिटी एक निरीक्षण टीम गठित करती है {टीम में यूनिवर्सिटी के वरीय अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होते हैं {टीम कॉलेज में जाकर इंफ्रास्ट्रक्चर, फैकल्टी, हॉस्टल, लैब, अस्पताल टाई-अप रिकॉर्ड और स्टूडेंट स्ट्रेंथ की जांच करती है {निरीक्षण रिपोर्ट एप्लीकेशन कमेटी के समक्ष रखी जाती है {इसके बाद कुलपति की अध्यक्षता में निर्णय लेकर अगले सत्र के लिए एक्सटेंशन दिया जाता है। जेयूटी मामले से सबक लेने की जरूरत झारखंड टेक्निकल यूनिवर्सिटी (जेयूटी) से धनबाद टेक्निकल इंस्टीट्यूट (डीआईटी) को एफिलिएशन मिलने से पहले ही 120 छात्रों का एडमिशन हो चुका था। जेयूटी ने कहा कि डीआईटी के पास पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं है, इसलिए सीटें नहीं बढ़ाई जा सकती। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां से मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई जांच का आदेश दिया गया। ये हैं नर्सिंग कॉलेज
ट्रैक्टर मार्च:डूंगरी बांध को रद्द करने की मांग पर किसानों का प्रदर्शन, पुलिस पर पथराव
डूंगरी बांध को रद्द करने की मांग को लेकर करीब सौ से ज्यादा गांवों के ग्रामीणों ने बुधवार को ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए अजनोटी मीणा हाई कोर्ट पर सभा की। सर्व समाज के वक्ताओं ने डूंगरी बांध को रद्द करने की मांग पर जोर दिया। दोपहर को जब ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए किसान जिला मुख्यालय की ओर बढ़ने लगे। इस दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया जिससे पुलिस की कुछ गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। इस पर तनाव की स्थिति बन गई। बाद में अधिकारियों ने स्थिति को संभाला। इस मामले में कलेक्टर कानाराम ने बताया कि ट्रैक्टर मार्च को लेकर किसान संघर्ष समिति के साथ प्रशासनिक वार्ता के दौरान अजनोटी मीणा हाई कोर्ट पर रुकने की सहमति बनी थी। फिर भी कुछ लोगों ने जान-बूझकर शहर में ट्रैक्टरों को घुसाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया।
राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में किडनी ट्रांसप्लांट सेवा शुरू होने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। रिम्स को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। हालांकि औपचारिक लाइसेंस अभी जारी होना बाकी है। इस संबंध में रिम्स निदेशक डॉ. राजकुमार की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हीरेंद्र बिरुआ, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार, यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरशद जमाल, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अंशु जमवार, सेंट्रल लैब इंचार्ज डॉ. अनूपा प्रसाद, सर्जरी विभाग के डॉ. अजय कुमार और सोटो झारखंड के नोडल पदाधिकारी डॉ. राजीव रंजन सहित कई वरिष्ठ चिकित्सक मौजूद थे। बैठक में स्पष्ट किया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट सेवा की शुरुआत पूरी तरह सुरक्षित और मानक के अनुरूप हो, इसके लिए प्रारंभिक कुछ ट्रांसप्लांट देश के अनुभवी बाहरी विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में किए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी डॉ. अजय कुमार को सौंपी गई है। प्रबंधन का मानना है कि इससे रिम्स के डॉक्टरों को भी उच्च स्तरीय ट्रेनिंग मिलेगी। जांच की जिम्मेदारी माइक्रोबायोलॉजी विभाग को: किडनी ट्रांसप्लांट से संबंधित सभी जांचों की गुणवत्ता और निगरानी की जिम्मेदारी माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार को सौंपी गई है। डेडिकेटेड डायलिसिस यूनिट भी होगी बैठक में निर्णय लिया गया कि रिम्स में डेडिकेटेड किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट विकसित की जाएगी। इसमें अत्याधुनिक ऑपरेशन थिएटर, विशेष आईसीयू सुविधा, डेडिकेटेड डायलिसिस यूनिट की व्यवस्था होगी, ताकि एक ही स्थान पर संपूर्ण इलाज मिले। ट्रांसप्लांट के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों, प्रशिक्षित नर्सों और स्टाफ की अलग टीम गठित की जाएगी। उपकरण खरीद प्रक्रिया तेज, टेंडर जारी रिम्स प्रबंधन ने बताया कि ट्रांसप्लांट से जुड़े कई आवश्यक उपकरणों की निविदा प्रक्रिया पहले से जारी है। शेष उपकरणों की खरीद भी जल्द पूरी की जाएगी। इसके अलावा, ट्रांसप्लांट से जुड़ी सभी आवश्यक जांचों, दवाओं और इम्यूनोसप्रेसेंट दवाओं की सूची तैयार कर समयबद्ध खरीद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया है। इलाज में 10 से 20 लाख रुपए तक की होगी बचत झारखंड के मरीजों को फिलहाल किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दिल्ली, चेन्नई, वेल्लोर, कोलकाता या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। वहां इलाज पर 10 से 20 लाख रुपए तक खर्च आता हैै। रिम्स में यह सुविधा शुरू होने के बाद गरीब और मध्यम वर्गीय मरीजों को अपने राज्य में ही इलाज मिलेगा। बाहर इलाज कराने का बोझ और यात्रा खर्च बचेगा। सरकारी दरों पर ट्रांसप्लांट होने से लाखों रुपये की सीधी बचत होगी। डायलिसिस पर वर्षों से निर्भर मरीजों को नई जिंदगी का मौका मिलेगा।
आरक्षण रोस्टर किस आधार पर तय किया, बताएं : कोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को नगर निकाय चुनाव में मेयर और नगर परिषद अध्यक्ष के पद में आरक्षण रोस्टर का सही से पालन नहीं किए जाने के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। अदालत ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि ऐसा क्यों किया गया। अदालत ने इससे संबंधित जवाब शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। सुनवाई के दौरान अदालत ने चक्रधरपुर में निर्धारित आरक्षण के खिलाफ दाखिल याचिका को इस मामले के साथ टैग कर दिया। इसमें एसटी के लिए पद आरक्षित करने का मुद्दा उठाया गया है। इसमें कहा गया है कि उस क्षेत्र में मात्र 8 प्रतिशत एसटी की आबादी है। ऐसे में एसटी के लिए पद आरक्षित करना उचित नहीं है। अदालत ने दोनों मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को निर्धारित की है। इस संबंध में उपेंद्र कुमार और अन्य की ओर से याचिका दाखिल की गई है। प्रार्थियों की आेर से अधिवक्ता अभय कुमार मिश्रा ने अदालत को बताया कि राज्य सरकार ने शहरी निकाय चुनाव में आरक्षण के लिए नई नियमावली बनाई है। लेकिन, इसमें संविधान के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। निर्वाचन आयोग ने आरक्षण रोस्टर को सही ठहराया इधर, प्रार्थी की ओर से बताया गया कि संविधान के अनुच्छेद 243 (टी) के तहत निर्धारित रोस्टर में सबसे पहले अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), पिछड़ा वर्ग (बीसी ) और महिला के लिए पद आरक्षित किया जाना है। लेकिन, सरकार की ओर से जारी आरक्षण रोस्टर में अनुसूचित जनजाति (एसटी ) को पहले रखा गया है। ऐसा करना संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन है। इसके जवाब में राज्य निर्वाचन आयोग की आेर से कहा गया कि सरकार का निर्णय उचित है। जनसंख्या के आधार पर आरक्षण के लिए रोस्टर तय किया गया है। सरकार को ऐसा करने का अधिकार भी है। कोर्ट के फैसले से प्रभावित हो सकता है नगर निकाय चुनाव हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव के लिए मेयर-जिला परिषद अध्यक्ष के पदों के आरक्षण के खिलाफ चार याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने पूर्व में दाखिल दो याचिकाओं पर सुनवाई के बाद उसे सुरक्षित रखा है। आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं करने के खिलाफ उपेन्द्र एवं अन्य की याचिका पर अदालत ने निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई इसी माह होगी। निर्वाचन आयोग द्वारा तय आरक्षण रोस्टर को गलत ठहराया जाता है तो नगर निकाय चुनाव पर असर दिखेगा।
गुमला से लापता छह साल की बच्ची का सात साल बाद भी सुराग न मिलने पर हाईकोर्ट ने गंभीर चिंता जताई है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस अरुण कुमार राय की कोर्ट ने बुधवार को इस पर सुनवाई की। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से आने वाले घुमंतू लोगों के लिए राज्य पर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है। ऐसे लोग जगह-जगह टेंट लगाकर रहते हैं और कई बार आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। इसलिए ऐसे लोगों पर नजर रखने के लिए गृह विभाग को स्पष्ट गाइडलाइन बनाने की जरूरी हे। पुलिस को भी ऐसे लोगों की पहचान की जांच करनी चाहिए, जिससे भविष्य में बच्चों की तस्करी जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इससे पहले कोर्ट के आदेश पर पेश हुए गुमला एसपी हारिस बिन जमा ने बताया कि इस मामले में जांच जारी है। उन्होंने प्रभार लेने के बाद नई एसआईटी बनाई है। एसआईटी ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी की है। दिल्ली में भी अपहृत बच्ची की जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया है। जगह-जगह बच्ची की तस्वीर लगाई गई है। लेकिन अब तक बच्ची का पता नहीं चला है। पुलिस की जांच जारी है। इसके बाद ही कोर्ट ने घुमंतू लोगों के लिए गाइडलाइन बनाने का निर्देश दिया। अब मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी। कोर्ट ने अगली सुनवाई में गृह सचिव को ऑनलाइन उपस्थित होने का निर्देश दिया। बच्चों की तस्करी के पीछे गुलगुलिया गैंग, रेकी के बाद गायब कर देता है बच्चे बच्चों की तस्करी के पीछे गुलगुलिया गैंग का हाथ सामने आ रहा है। यह गैंग सर्दी के मौसम में पहुंचा है। खाली मैदान या सुनसान स्थान पर तंबू लगाकर रहता है। अपने बच्चों से चौक-चौराहों पर करतब दिखाकर कमाई करता है। वहीं गैंग के कुछ लोग घरों में चोरी और मानव तस्करी के लिए बच्चों की रेकी करता है। फिर मौका मिलते ही बच्चे को गायब कर देता है। हाल ही में पुलिस ने 12 बच्चों को बरामद कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें भी गुलगुलिया गैंग का ही नाम आया था।
वेलस्पन वर्ल्ड झारखंड के प्लास्टिक उद्योग में 300 करोड़ निवेश करेगा
स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) में झारखंड ने औद्योगिक निवेश, तकनीकी सहयोग और वैश्विक बाजार तक उत्पादों की पहुंच के लिहाज से कई अहम उपलब्धियां हासिल की हैं। बुधवार को सीएम हेमंत सोरेन और वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक सह चेयरमैन बीके गोयनका के बीच बैठक हुई। इसमें वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में प्लास्टिक उद्योग के क्षेत्र में लगभग ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा। राज्य प्रतिनिधिमंडल ने कंपनी को देवघर के प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी। वहां उपलब्ध आधारभूत संरचना और निवेश संभावनाओं से अवगत कराया। सहमति बनी कि वेलस्पन की एक टीम जल्द ही झारखंड का दौरा करेगी। टीम स्थल निरीक्षण और विस्तृत अध्ययन के बाद निवेश प्रस्ताव को अंतिम रूप देगी। वेलस्पन वर्ल्ड ने राज्य में क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश की संभावनाओं में रुचि जताई है। प्रतिनिधिमंडल ने धनबाद स्थित लॉजिस्टिक पार्क, राज्यभर में उपलब्ध वेयरहाउसिंग एवं स्टोरेज सुविधाओं की जानकारी साझा की। -शेष पेज 9 पर हेमंत से ग्लोबल रिटेल आउटलेट कंपनी लूलू ग्रुप के फाउंडर एंड मैनेजिंग डायरेक्टर यूसुफ अली ने मुलाकात की। उन्होंने झारखंड के कृषि आधारित उत्पादों, वनोत्पाद और स्थानीय वस्तुओं को आउटसोर्स करने का प्रस्ताव दिया। इसका उद्देश्य झारखंड के उत्पादों को देश और दुनिया के बाजार तक पहुंचाना है, जिससे किसानों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और वनोत्पाद से जुड़े लोगों को सीधा लाभ मिल सके। लूलू ग्रुप ने झारखंड में उत्पादित उन वस्तुओं में रुचि दिखाई है, जो उनकी वैल्यू चेन में आती हैं। संभावनाओं का अध्ययन करने के लिए लूलू ग्रुप का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल झारखंड का दौरा करेगा। दावोस में झारखंड की खनिज ताकत ने खींचा वैश्विक ध्यान डब्ल्यूईएफ में झारखंड प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचते ही महसूस हुआ कि राज्य की खनिज संपदा और क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर दुनिया में उत्सुकता है। कई अंतरराष्ट्रीय निवेशक और उद्योग जगत के प्रतिनिधि सीधे झारखंड से जुड़ने के अवसर तलाशते दिखे। लूलू ग्रुप के एमडी यूसुफ अली ने झारखंड में निवेश के लिए रुचि जताई। उनका कहना था कि राज्य में औद्योगिक विकास की संभावनाएं पर्याप्त हैं। माइनिंग और क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में अवसर मजबूत हैं। नेशनल यूएस-इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स की फाउंडर एंड सीईओ पूर्णिमा वोरीया के साथ भी खनिज संसाधनों और औद्योगिक अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। कल्पना सोरेन को मिला डब्लूईएफ सम्मान... वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में गांडेय की विधायक व विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष कल्पना मुर्मू सोरेन को ‘डब्लूईएफ बैज’ से सम्मानित किया गया। मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सर्वोच्च सम्मान ‘व्हाइट बैज’ प्रदान किया गया था। यह सम्मान संदेश देता है कि झारखंड केवल संसाधनों से समृद्ध राज्य नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने वाला राज्य बन रहा है।
चोरों ने 70 फीट लोहे की रेलिंग काटकर किया पार
कोरबा| शहर के ढोढ़ीपारा वार्ड में रशियन हॉस्टल के पास नहर के ऊपर पानी की पाइपलाइन के लिए बने लोहे के पुल को कबाड़ चोरों ने निशाना बनाया। चोर करीब 70 फीट लंबी रेलिंग को गैस कटर से काटकर ले गए। घटना का पता चलने पर वार्ड पार्षद लक्ष्मण श्रीवास ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। सीएसईबी चौकी पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया, जहां लोहे के एंगल कटे हुए मिले। इसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। शहर में लगातार बढ़ती कबाड़ चोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कबाड़ कारोबारी मुकेश साहू और रवि साहू पर भी कार्रवाई की है। उनके गोदाम सील कराए गए हैं और प्रयुक्त वाहनों को जब्त किया गया है।

