सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के आमरण अनशन का आज 19वां दिन है। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर आज दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। याचिका में केंद्र और दिल्ली सरकार को वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने और जरूरत पड़ने पर जबरन खाना (फोर्स-फीडिंग) देने के निर्देश देने की मांग की गई है। वांगचुक 28 जून से जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन में शामिल हैं। वे नीट परीक्षा में गड़बड़ियों के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच बुधवार को सरकारी पक्ष की अनुपस्थिति के कारण सुनवाई नहीं कर सकी। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे गुरुवार के लिए सूचीबद्ध किया और मामले पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा। 18 दिन में 8.9 किलो वजन घटा CJP के मुताबिक, अनशन के 18 दिनों में वांगचुक का वजन 8.9 किलो घटकर 57.15 किलो रह गया है। पार्टी का कहना है कि वांगचुक की हालत नाजुक बनी हुई है। बुधवार को उनका ब्लड प्रेशर 105/76, ब्लड शुगर 80 mg/dL और ऑक्सीजन स्तर 97% दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार वह पूरी तरह होश में हैं, लेकिन लगातार भूख हड़ताल से स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। याचिका में वांगचुक को इमरजेंसी ट्रीटमेंट देने की मांग अभिजीत दिपके बोले- सरकार का रवैया क्रूर CJP ने आरोप लगाया कि छात्रों के लिए आवाज उठाने वाले वांगचुक को सरकार की ओर से सिर्फ खामोशी मिली है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है और उसका रवैया क्रूर है। कॉकरोच जनता पार्टी ने 16 जुलाई को एक दिन की सामूहिक भूख हड़ताल का आह्वान किया है। वहीं 20 जुलाई को चलो संसद मार्च निकालने का भी ऐलान किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी की मांग है कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाया जाए, पेपर लीक के जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए। अमेरिकी हिंदू संगठन ने पीएम मोदी से अपील की अमेरिका स्थित संगठन हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स ने भी वांगचुक की सेहत पर चिंता जताई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने, उनकी मांगों पर ठोस जवाब देने और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने की अपील की है। लद्दाख को राज्य की मांग को लेकर वांगचुक 170 दिन जेल में रहे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे सोनम वांगचुक 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उनके अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने हिंसा भड़काने का आरोप वांगचुक पर लगाया। इसके दो दिन बाद, 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। 16 साल तक AFSPA के खिलाफ अनशन पर रहीं इरोम शर्मिला देश में पहले भी कई नेता और सामाजिक कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर लंबी भूख हड़ताल कर चुके हैं। महात्मा गांधी से लेकर जी.डी. अग्रवाल तक कई लोगों ने अनशन का सहारा लिया। सबसे लंबी भूख हड़ताल का रिकॉर्ड इरोम शर्मिला के नाम है। इरोम शर्मिला ने मणिपुर से सशस्त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम (AFSPA) हटाने की मांग को लेकर करीब 16 साल (2000-2016) तक भूख हड़ताल की थी। इस दौरान उन्हें जीवित रखने के लिए नाक के जरिए तरल आहार (फोर्स-फीडिंग) दिया जाता था। 3 हफ्ते से ज्यादा भूखा रहने पर दूसरे बॉडी पार्ट्स पर असर
लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में मंगलवार देर शाम एक 8वीं की छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसा इतना भीषण था कि छात्रा का सिर धड़ से अलग होकर ट्रेन में फंस गया, जो चारबाग रेलवे स्टेशन के पास मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। गोमतीनगर निवासी रामू प्रसाद तिवारी की छोटी बेटी निधि तिवारी (कक्षा 8) मंगलवार शाम घर के पास दुकान से सामान लेने गई थी। परिजनों के मुताबिक, लौटते समय वह रेलवे लाइन पार कर रही थी। इसी दौरान ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि छात्रा ने ट्रेन के सामने छलांग लगाई थी। टक्कर इतनी तेज थी कि उसका सिर धड़ से अलग होकर ट्रेन में फंस गया और चारबाग रेलवे स्टेशन के पास जाकर मिला। परिजनों ने बताया कि निधि दो बहनों में सबसे छोटी थी। परिवार में एक भाई भी है। घटना के बाद घर में कोहराम मचा है। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
रायपुर के आरंग थानाक्षेत्र स्थित ग्राम पारागांव के श्मशान घाट स्थित महानदी तट पर लहूलुहान हालत में मिली महिला की लाश के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला के प्रेमी सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह (37) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में चरित्र शंका के चलते हत्या करना स्वीकार कर लिया है। 13 जुलाई को मिला था शव पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को महानदी तट पर रूकमणी सोनवानी का शव बरामद हुआ था। शव पर जांघ, कूल्हे, हाथ और पैरों में गंभीर चोटों के निशान थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि मृतका का पिछले 6-7 वर्षों से पंजाब निवासी और वर्तमान में ग्राम मुढीपार, थाना पिथौरा में रहने वाले सोनू सरदार उर्फ अवतार सिंह के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई की रात करीब 9:30 बजे आरोपी ने रूकमणी को किसी अन्य पुरुष के साथ देख लिया। इससे वह भड़क गया और चरित्र पर संदेह करते हुए पहले गाली-गलौज की, फिर धारदार कड़े और हाथ-मुक्कों से बेरहमी से हमला कर उसकी हत्या कर दी। बॉडी को श्मशान घाट में फेंककर हुआ था फरार हत्या के बाद आरोपी शव को महानदी तट स्थित श्मशान घाट के पास फेंककर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी का पीछा करते हुए उसे रायपुर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया है। 15 जुलाई 2026 को उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे की जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर से जारी आदेश के अनुसार 7 थाना प्रभारियों (निरीक्षकों) और 3 उप निरीक्षकों सहित कुल 10 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया गया है। यह आदेश पुलिस स्थापना बोर्ड की अनुशंसा पर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने जारी किया है। सभी तबादले तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक लागू रहेंगे। अब पढ़े किसको कहां मिली जिम्मेदारीजारी आदेश के मुताबिक लक्ष्मण भगत को राजनांदगांव से जशपुर, सतीश कुमार साहू को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से बिलासपुर, नसीमुद्दीन खान को सूरजपुर से बलौदाबाजार-भाटापारा और अजय कुमार साहू को बलरामपुर-रामानुजगंज से बिलासपुर भेजा गया है। इसी तरह अमित कुमार बेरिया को दंतेवाड़ा से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर के प्रशासन अकादमी एवं विशेष इकाई (अअवि) में पदस्थ किया गया है। प्रेम प्रकाश अवधिया को कांकेर से रायपुर ग्रामीण और सुनील दुबे को बीजापुर से कांकेर स्थानांतरित किया गया है। उप निरीक्षकों में गणेश यादव को मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से सरगुजा, अमित गुप्ता को मुंगेली से सूरजपुर तथा वीणा साहू को रायगढ़ से पुलिस मुख्यालय, नवा रायपुर पदस्थ किया गया है। प्रशासनिक दृष्टिकोण से नई पोस्टिंग पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी स्थानांतरण प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं। संबंधित अधिकारियों को तत्काल नई पदस्थापना स्थल पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग में इस फेरबदल को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पढ़े आदेश की कॉपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जौनपुर जिले के तहसील शाहगंज स्थित ग्राम कौड़िया में परिक्रमा मार्ग की भूमि पर हुए अवैध कब्जे हटाने की शिकायत पर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अरुण कुमार की अदालत ने संबंधित तहसीलदार को तीन महीने के भीतर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। क्या है मामला जानिये याचिकाकर्ता मोहम्मद फैज ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गाटा संख्या 936 (क्षेत्रफल 0.020 हेक्टेयर) और गाटा संख्या 905 (क्षेत्रफल 0.004 हेक्टेयर), जो राजस्व अभिलेखों में परिक्रमा मार्ग के रूप में दर्ज हैं, पर अतिक्रमणकारियों ने अवैध कब्जा कर रखा है। याचिका में राज्य सरकार को इस अतिक्रमण को हटाने का निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत के पूर्व आदेश के अनुपालन में शाहगंज के तहसीलदार द्वारा 16 मार्च 2026 को जारी निर्देश राज्य के स्थायी अधिवक्ता ने अदालत में पेश किया। इस रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि विवादित भूमि पर पाए गए अतिक्रमण के संबंध में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67(1) के तहत अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध पहले से ही कार्यवाही शुरू की जा चुकी है। यह मामले तहसीलदार के समक्ष तीन केस लंबित हैं। इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए तहसीलदार, शाहगंज, जौनपुर को निर्देश दिया कि वे धारा 67(1) के तहत लंबित उपरोक्त तीनों मामलों में सभी संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार उचित आदेश पारित करें। यह आदेश इस निर्णय की प्रमाणित प्रति प्रस्तुत किए जाने की तिथि से तीन माह की अवधि के भीतर पारित किया जाना है, ताकि कार्यवाही को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।
लखनऊ में कारोबार या कमर्शल निवेश की योजना बना रहे लोगों को अगले महीने से अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी विभिन्न योजनाओं में कमर्शल प्लॉटों की दरें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए उपाध्यक्ष (वीसी) के पास भेज दिया गया है। मंजूरी मिलते ही नई दरें लागू कर दी जाएंगी। हालांकि आवासीय प्लॉट खरीदने वालों को राहत देते हुए एलडीए ने फिलहाल उनकी कीमतों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। एलडीए अधिकारियों के मुताबिक विकास कार्यों की बढ़ती लागत, नई परियोजनाओं में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का खर्च और कमर्शल जमीनों की बढ़ती मांग को देखते हुए मूल्य संशोधन जरूरी माना गया है। इसी आधार पर कमर्शल प्लॉटों के रेट बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्राधिकरण का कहना है कि आम लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े, इसलिए आवासीय प्लॉटों की कीमतें यथावत रखी जाएंगी। हाल के वर्षों में एलडीए किफायती आवास और नई टाउनशिप परियोजनाओं पर अधिक फोकस कर रहा है, जिससे घर खरीदने वालों को राहत मिलेगी। ई-ऑक्शन से होता है आवंटन एलडीए अधिकांश कमर्शल प्लॉटों का आवंटन ई-ऑक्शन के माध्यम से करता है। प्राधिकरण पहले बेस प्राइस तय करता है और सबसे अधिक बोली लगाने वाले को प्लॉट आवंटित किया जाता है। कॉर्नर प्लॉट और चौड़ी सड़क पर स्थित प्लॉटों पर अतिरिक्त प्रीमियम (पीएलसी) भी लिया जाता है। शहर में कमर्शल प्लॉटों की मौजूदा दरें गोमती नगर व विभूति खंड : ₹20,000 से ₹28,000+ प्रति वर्ग फीट एलडीए कॉलोनी (कानपुर रोड/आशियाना) : ₹12,000 से ₹16,000 प्रति वर्ग फीट जानकीपुरम विस्तार/सुल्तानपुर रोड : ₹8,000 से ₹12,000 प्रति वर्ग फीट बसंत कुंज/हरदोई रोड योजना : ₹6,000 से ₹10,000 प्रति वर्ग फीट
15 यूपी बटालियन एनसीसी सैनिक प्रयागराज में आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (सीएटीसी-69) के तीसरे दिन सैन्य प्रशिक्षण पर जोर दिया गया। आधुनिक तकनीक, व्यक्तित्व विकास और सैन्य तैयारियों पर आधारित रिहर्सल कराए गए। शिविर में करीब 660 एनसीसी कैडेटों हिस्सा लिया। शुरुआत प्रातःकालीन शारीरिक प्रशिक्षण (पीटी) से हुई। इसके बाद ड्रिल परेड में शामिल कैडेटों में अनुशासन, शारीरिक क्षमता, नेतृत्व, समन्वय एवं टीम भावना का विकास किया गया। लाइव फायरिंग का प्रशिक्षण लाइव फायरिंग अभ्यास कराके कैडेटों कई बिंदुओं पर जानकारी दी गई। जूनियर डिवीजन एवं जूनियर विंग के कैडेटों ने प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की निगरानी में पहली बार हथियार से फायरिंग का अनुभव प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण से कैडेटों का आत्मविश्वास बढ़ा तथा उन्हें हथियारों के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की मूलभूत जानकारी प्राप्त हुई। सीनियर डिवीजन एवं सीनियर विंग के कैडेटों को मैप रीडिंग, शस्त्र प्रशिक्षण, तकनीकी विषयों तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पर गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। ड्रोन तकनीक की जानकारी दी शिविर के दौरान ड्रोन तकनीक पर एक विशेष परिचयात्मक सत्र भी आयोजित किया गया। इसमें कैडेटों को ड्रोन की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं संचालन संबंधी मूलभूत जानकारी दी गई। आगामी दिवस पर कैडेटों को व्यावहारिक ड्रोन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें ड्रोन संचालन का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त होगा। सेंट्रल गेम्स में कैडेटों में खेल भावना, टीमवर्क एवं शारीरिक दक्षता को प्रोत्साहित किया गया। ऑपरेशन रेड विंग्स पर आधारित एक प्रशिक्षण फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कैडेटों को सैन्य नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा, साहस एवं सशस्त्र सेनाओं के मूल्यों की प्रेरणादायक जानकारी प्राप्त हुई। कैम्प कमांडेंट कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत ने बताया कि शिविर की रूपरेखा इस प्रकार तैयार की गई है कि कैडेटों को सैन्य प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीकी ज्ञान, शारीरिक दक्षता एवं जीवनोपयोगी कौशल का संतुलित प्रशिक्षण प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि पारंपरिक सैन्य विषयों के साथ ड्रोन प्रशिक्षण को शामिल करना राष्ट्रीय सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह शिविर अनुशासित, जिम्मेदार, आत्मविश्वासी एवं राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित युवा नागरिकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गैंगरेप के 47 साल बाद फ़ैसला बरकरार:हाईकोर्ट ने 71 साल के व्यक्ति की जेल की सज़ा कम की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को 1979 के नाबालिग के साथ गैंग-रेप के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने का फ़ैसला बरकरार रखा, लेकिन उसकी मुख्य सज़ा को 7.5 साल से घटाकर 4 साल की कठोर कारावास कर दिया।जस्टिस संतोष राय की बेंच ने आपराधिक अपील के 43 साल से लंबित रहने और जीवित दोषी की उम्र (71 साल) को ध्यान में रखते हुए सज़ा में बदलाव किया। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी-अपीलकर्ता द्वारा दायर आपराधिक अपील को आंशिक रूप से मंज़ूरी दे दी। उसे सरेंडर करने और बाकी बची सज़ा काटने का निर्देश दिया गया। 1979 का गंभीर मामला अभियोजन पक्ष के अनुसार, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 1979 की रात को नाबालिग पीड़िता (उम्र 15 से 17 साल के बीच) का गाँव के ही तीन लोगों - काली चरण, राम लाल और राम स्वरूप (हाईकोर्ट में अपीलकर्ता) - ने चाकू की नोक पर ज़बरदस्ती अपहरण कर लिया। उसे ट्रेन से शाहजहाँपुर होते हुए तिलहर के एक खाली घर में ले जाया गया, जहाँ उसे एक हफ़्ते तक बंधक बनाकर रखा गया और बार-बार गैंग-रेप किया गया। इसके बाद उसे एक मेला दिखाने के लिए बिल्संडा लाया गया, जहां 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 1979 की रात को एक सब-इंस्पेक्टर ने उसे बचाया। इसके बाद तीनों आरोपियों के ख़िलाफ़ चार्जशीट दायर की गई। 1983 में पीलीभीत की असिस्टेंट सेशंस जज दोषी पाया 1983 में पीलीभीत की असिस्टेंट सेशंस जज की कोर्ट ने तीनों को दोषी पाया और उन्हें अधिकतम साढ़े सात साल की सज़ा सुनाई। दोषियों ने 1983 में हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। अपील लंबित रहने के दौरान, सह-अपीलकर्ता काली चरण और राम लाल की मौत हो गई और 2022 में उनके मामले में अपील खत्म हो गई। यह मामला सिर्फ अपीलकर्ता राम स्वरूप के लिए बचा रहा, जो ट्रायल के समय 27 साल के थे और अब 71 साल के हैं। हाईकोर्ट के सामने अपीलकर्ता कालीचरण के वकील ने दोषसिद्धि के सवाल पर अपील को आगे नहीं बढ़ाया और अपनी बात सिर्फ़ सज़ा के सवाल तक सीमित रखी। यह दलील दी गई कि यह एक ऐसा मामला है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सज़ा को इस कोर्ट के विवेक का इस्तेमाल करते हुए उचित रूप से कम किया जा सकता है, जबकि दोषसिद्धि को बरकरार रखा जाए और अपीलकर्ता को प्रोबेशन पर रिहा किया जाए। सज़ा देना केवल बदला लेने की प्रक्रिया नहीं हालांकि, जस्टिस राय ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा ऐसे मामलों में, जहां पीड़ित की गवाही दोषसिद्धि का आधार होती है, दोषी के प्रति 'अत्यधिक सहानुभूति' दिखाना न्याय का घोर उल्लंघन होगा। सज़ा देना केवल बदला लेने की प्रक्रिया नहीं है; इसका मकसद अपराधी और दूसरों के लिए एक सबक होना चाहिए, और कमज़ोर लोगों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने वालों की मंशा को भी दिखाना चाहिए। अपराध को 'जघन्य' बताते हुए बेंच ने कहा कि यौन हिंसा का सामाजिक असर बहुत गहरा होता है। इतने गंभीर मामले में प्रोबेशन का लाभ देना सामाजिक हित और आपराधिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत होगा। अपील 43 साल से लंबित रही हालांकि, बेंच ने गौर किया कि आई पी सी की धारा 376, जो उस समय लागू थी, अदालतों को पर्याप्त और विशेष कारणों से सज़ा को कानून में तय सात साल की न्यूनतम अवधि से कम करने की इजाज़त देती थी। कोर्ट ने इस बात पर ध्यान दिया कि घटना 1979 की, यानी लगभग 47 साल पुरानी है और अपील खुद इस कोर्ट में लगभग 43 साल से लंबित रही है, जिसमें अपीलकर्ता की कोई गलती नहीं थी। बेंच ने यह भी गौर किया कि अपीलकर्ता, जो ट्रायल के समय लगभग 27 साल का था, अभी लगभग 71 साल का है, और रिकॉर्ड में ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे पता चले कि वह इस घटना से पहले या बाद में किसी अन्य आपराधिक मामले में शामिल रहा हो। इन हालात के कुल असर को देखते हुए और इस बात से संतुष्ट होकर कि ये आई पी सी की धारा 376(1) के प्रावधान के तहत 'पर्याप्त और विशेष कारण' हैं, बेंच ने कहा कि भले ही दोषी ठहराने का फ़ैसला बरकरार रखा जाए, लेकिन मुख्य सज़ा को कम किया जाना चाहिए। उनकी सज़ा को 7.5 साल की कठोर कैद से घटाकर 4 साल की कठोर कैद (और आई पी सी की धारा 363 और 366 के तहत साथ-साथ चलने वाली दो साल की सज़ा) करते हुए बेंच ने 1983 की ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई एक अहम गलती की ओर इशारा किया। बेंच ने गौर किया कि पीलीभीत ट्रायल कोर्ट आई पी सी की धारा 363, 366 और 376 के तहत जेल की सज़ा के साथ अनिवार्य जुर्माना लगाने में नाकाम रही थी। हालांकि, जस्टिस राय ने साफ़ किया कि चूंकि राज्य या पीड़ित ने सज़ा बढ़ाने के लिए अपील नहीं की थी, इसलिए हाईकोर्ट आरोपी के नुकसान के लिए उस गलती को ठीक नहीं कर सकता था। इस पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट ने अपील आंशिक रूप से मंज़ूर की।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने सहायक अध्यापक टी जी टी अंग्रेजी भर्ती मामले को लेकर दाखिल आदित्य कुमार सिंह व 17 अन्य की याचिका की सुनवाई की। सुनवाई गुरुवार को भी होगी। इससे पहले कोर्ट ने 13 जुलाई 2026 को आदेश दिया था कि प्रश्न संख्या 3, 11, 12 और 100 तथा शपथपत्र के पैरा-31 में उल्लिखित पाठ्यक्रम से बाहर बताए गए प्रश्न के संबंध में निर्देश प्राप्त कर पेश करें। बुधवार को अधिवक्ता के. शाही ने बताया कि उन्हें अभी तक आवश्यक निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत से कहा कि दस्तावेजों का सत्यापन कल होना है, और यदि सत्यापन नहीं हुआ तो उनका वाद कारण निष्फल हो जाएगा। इस स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने मामले को कल यानी 16 जुलाई 2026 को सुबह 10:00 बजे भी की जायेगी । कोर्ट ने कहा अधिवक्ता के. शाही ने 13 जुलाई के आदेश का पालन करने का आश्वासन दिया है, अन्यथा प्रतिवादी संख्या 2 को स्वयं अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा।
ग्वालियर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि पैर टूटने के इलाज का हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम केवल इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता कि मरीज डायबिटीज से पीड़ित है। आयोग ने माना कि आज के समय में मधुमेह एक सामान्य लाइफस्टाइल बीमारी है और इसका एंकल फ्रैक्चर से कोई सीधा संबंध नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शर्मा और सदस्य रेवती रमण मिश्रा की पीठ ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को फटकार लगाते हुए बीमाधारक के पक्ष में फैसला सुनाया। आयोग ने कहा कि बिना ठोस चिकित्सीय साक्ष्य के केवल तकनीकी आधार पर बीमा दावा खारिज करना उपभोक्ता के साथ अन्याय और सेवा में गंभीर कमी है। गिरने से टूटा पैर, ऑपरेशन में डली प्लेट ग्वालियर निवासी सुनील गुप्ता ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस से हेल्थ पॉलिसी ली थी। 16 सितंबर 2024 को अचानक गिरने से उनके पैर के टखने के ऊपर गंभीर फ्रैक्चर हो गया। उन्हें सर्वोदय हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां ऑपरेशन कर पैर में प्लेट डाली गई। इलाज पूरा होने के बाद उन्होंने अस्पताल में हुए खर्च का बीमा क्लेम कंपनी के पास जमा किया। कंपनी ने कहा- पहले से थी डायबिटीज, इसलिए नहीं मिलेगा पैसा बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि पॉलिसी लेने से पहले से ही सुनील गुप्ता को डायबिटीज थी, जिसकी जानकारी उन्होंने नहीं दी। कंपनी ने इसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताते हुए भुगतान से इनकार कर दिया। आयोग ने पूछा- फ्रैक्चर का शुगर से क्या संबंध मामले की सुनवाई के दौरान आयोग ने कंपनी से पूछा कि आखिर पैर के फ्रैक्चर और डायबिटीज का क्या संबंध है। आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी ऐसा कोई मेडिकल रिकॉर्ड या विशेषज्ञ राय पेश नहीं कर सकी, जिससे यह साबित हो सके कि डायबिटीज की वजह से यह इलाज प्रभावित हुआ या क्लेम अमान्य हो जाता है। आयोग ने टिप्पणी की कि आज की जीवनशैली में हल्की-फुल्की शुगर होना आम बात है। केवल इसी आधार पर दुर्घटना में हुए फ्रैक्चर का बीमा दावा रोकना पूरी तरह अनुचित है। 45 दिन में देना होगा पूरा भुगतान आयोग ने रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया कि वह 45 दिनों के भीतर परिवादी को इलाज का खर्च 1 लाख 27 हजार 812, मानसिक प्रताड़ना के लिए 5 हजार रुपए और वाद व्यय 2 हजार रुपए का भुगतान करे। यह फैसला क्यों है अहम? यह फैसला उन लाखों बीमाधारकों के लिए राहत की मिसाल माना जा रहा है, जिनके दावे कई बार तकनीकी कारणों या पहले से मौजूद सामान्य बीमारियों का हवाला देकर खारिज कर दिए जाते हैं। आयोग ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बीमा कंपनियां बिना ठोस मेडिकल आधार के मनमाने तरीके से क्लेम खारिज नहीं कर सकतीं।
पीलीभीत मेडिकल कॉलेज की पैरामेडिकल प्रथम वर्ष की छात्रा कशिश पटेल की सीटी स्कैन रूम में चाकू से हमला कर हत्या के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। छात्रा के परिजनों ने कॉलेज प्रशासन पर समय रहते कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। इसी बीच मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा का फिरोजाबाद में तैनाती के दौरान का विवादित कार्यकाल भी चर्चा में आ गया है, जहां उनके खिलाफ एक मेडिकल छात्र को आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। परिजनों का आरोप है कि कशिश ने करीब 15 दिन पहले आरोपी छात्र सागर की हरकतों की शिकायत मेडिकल कॉलेज प्रशासन से की थी, लेकिन शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कशिश के चाचा विकास पटेल ने कहा कि यदि कॉलेज प्रशासन को शिकायत की जानकारी थी तो परिवार को भी इसकी सूचना दी जानी चाहिए थी। उनका आरोप है कि प्राचार्य सहित संबंधित अधिकारी इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी। फिरोजाबाद का पुराना मामला फिर आया चर्चा में डॉ. संगीता अनेजा के खिलाफ 2022 में फिरोजाबाद के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में भी गंभीर आरोप लगे थे। उस समय एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र शैलेंद्र शंखवार ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद मेडिकल छात्रों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर चक्काजाम कर कॉलेज प्रशासन पर मानसिक उत्पीड़न, परीक्षा में फेल करने की धमकी और अवैध वसूली जैसे आरोप लगाए थे। मृतक छात्र के पिता की तहरीर पर तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा, परीक्षा नियंत्रक और वार्डन समेत पांच लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने (आईपीसी 306) और एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई थी। दोनों मामलों में समान आरोप परिजनों और छात्रों का कहना है कि दोनों मामलों में शिकायतों के प्रति प्रशासन का रवैया लगभग एक जैसा रहा। फिरोजाबाद में छात्र द्वारा प्रताड़ना की शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई। पीलीभीत में भी छात्रा कशिश की लिखित शिकायत पर आरोपी के खिलाफ कठोर कदम नहीं उठाया गया। आरोप है कि पीलीभीत में शिकायत के बाद आरोपी छात्र से समझौता कराया गया और कुछ दिनों के लिए उसे छुट्टी पर भेज दिया गया। घटना के बाद भी कॉलेज प्रशासन पर शिकायतों से इनकार करने और जिम्मेदारी से बचने के आरोप लगाए जा रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं पर भी उठे सवाल घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सुविधाएं भी सवालों के घेरे में आ गई हैं। परिजनों का कहना है कि कशिश की गर्दन की मुख्य रक्त वाहिनी कट जाने के बावजूद कॉलेज में तत्काल विशेषज्ञ वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं मिल सकी। प्राथमिक उपचार के बाद उसे वेंटिलेटर एम्बुलेंस से बरेली के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने मेडिकल कॉलेज में गंभीर आपात स्थिति से निपटने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल घटना के बाद कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग के माध्यम से तैनात कई कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन तक नहीं हुआ है और कई कर्मियों को नियमित नियुक्ति पत्र भी जारी नहीं किए गए हैं। इस संबंध में पहले भी उच्च अधिकारियों और आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायतें की जा चुकी थीं। घटना के बाद प्रिंसिपल डॉ. संगीता अनेजा ने बताया कि कॉलेज स्टाफ के साथ बैठक कर दिवंगत छात्रा को श्रद्धांजलि दी गई। कॉलेज परिसर की सुरक्षा मजबूत करने के लिए पूर्व सैनिकों की तैनाती का प्रस्ताव भेजा गया है। फिलहाल दो प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके अलावा हॉस्टल वार्डन को तत्काल आवास आवंटित करने और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, छात्रा के परिजन और छात्र संगठन अब भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।
बरेली में 53 ग्राम स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार:अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 लाख रुपये आंकी गई कीमत
बरेली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान के तहत बुधवार को एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 53 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया।पुलिस के अनुसार, 14 और 15 जुलाई की दरमियानी रात बारादरी पुलिस रात्रि गश्त पर थी और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि डोहरा चौराहे से आगे सड़क किनारे एक व्यक्ति स्मैक बेचने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, घेराबंदी की और संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 53 ग्राम अवैध स्मैक मिली, जिसे जब्त कर लिया गया।गिरफ्तार आरोपी की पहचान फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के अगरास निवासी 35 वर्षीय साजिद पुत्र साविर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साजिद के खिलाफ पहले भी बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं।पूछताछ में आरोपी साजिद ने बताया कि वह खेती-बाड़ी करता है, लेकिन आर्थिक लाभ के लिए स्मैक खरीदकर नशे के आदी लोगों को बेचता था। उसने यह भी स्वीकार किया कि वह पहले भी कई बार स्मैक की बिक्री कर चुका है और घटना वाले दिन भी इसे बेचने ही आया था।पुलिस ने आरोपी साजिद के खिलाफ थाना बारादरी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
नींद की एक झपकी बनी काल:यमुना एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसे में बाइक सवार की मौत
मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार दोपहर12 बजे एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तेज रफ्तार बाइक चला रहे युवक को नींद की झपकी आ गई, जिससे वाहन अनियंत्रित हो गया। यह हादसा थाना नौहझील क्षेत्र के अंतर्गत यमुना एक्सप्रेस-वे पर आगरा से नोएडा जाने वाली लेन में माइल स्टोन संख्या 75 के पास हुआ। बाइक डिवाइडर और सड़क किनारे लगी रेलिंग से टकरा गई। युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पीआरवी टीम और बाजना कट चौकी प्रभारी हरेंद्र सिंह तोमर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल युवक को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। मृतक की पहचान फिरोजाबाद के थाना खैरगढ़ स्थित गांव शेरपुर निवासी सोनवीर पुत्र अवधेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि बाइक चलाते समय नींद की झपकी आने के कारण सोनवीर ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित किया। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि एक्सप्रेस-वे पर सफर के दौरान पूरी तरह सतर्क रहें और थकान या नींद महसूस होने पर यात्रा जारी न रखें, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।
प्रयागराज की बहुप्रतीक्षित इनर रिंग रोड परियोजना को गति देने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बुधवार को एनआईसी सभागार में परियोजना की समीक्षा की। उन्होंने निर्माण में आ रहे अवरोधों को दूर करने के निर्देश दिए। डीएम ने अधिकारियों को मुआवजा वितरण में देरी न करने और मार्ग में आ रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित की इस परियोजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह रिंग रोड प्रयागराज को जाममुक्त बनाने और बाहरी यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से प्रस्तावित है। कुल 71.5 किलोमीटर लंबी यह परियोजना दो चरणों में पूरी की जाएगी। परियोजना का प्रथम चरण 29.8 किलोमीटर का है। यह रीवा रोड के दांदूपुर से शुरू होकर सहसों (NH-19) स्थित टोल प्लाजा तक जाएगा। इस चरण में गंगा नदी पर 3.2 किलोमीटर लंबा छह लेन का पुल भी शामिल है। वर्तमान में इस हिस्से पर निर्माण कार्य जारी है। द्वितीय चरण की लंबाई 41.66 किलोमीटर है। यह सोरांव तहसील के माधोपुर से शुरू होकर प्रयागराज सदर के भगवतपुर होते हुए करछना तहसील के अमिलिया तक जाएगा। इसमें गंगा और यमुना नदियों पर बड़े पुलों, फ्लाईओवर्स और रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण प्रस्तावित है। इस दूसरे चरण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। वर्तमान में इस चरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने समीक्षा बैठक में जोर दिया कि रिंग रोड का निर्माण शहर के सुनियोजित विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने और प्रभावितों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर मुआवजा देने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्माण मार्ग में आ रहे अवैध अतिक्रमणों को तत्काल प्रभाव से चिन्हित कर हटाने का आदेश दिया। डीएम ने एनएचएआई और जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा। इसका उद्देश्य यह है कि प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कोई भी फाइल लंबित न रहे। कार्य में आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी ने साप्ताहिक समीक्षा के निर्देश भी दिए हैं। समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (एडीएम) संजीव कुमार शाक्य, एनएचएआई के परियोजना निदेशक (पीडी) एसके सिंह, आरए चौहान, तहसीलदार राजेश कुमार पाल और डिप्टी मैनेजर प्रखर सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र स्थित प्राकृतिक पर्यटन स्थल सिरसी फाल में बुधवार को दोस्तों के साथ घूमने गए किशोर की डूबने से मौत हो गई। नहाते समय वह करीब 70 फीट गहरे पानी में चला गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला। मिर्जापुर के मड़िहान थाना क्षेत्र स्थित सिरसी फाल में बुधवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। दोस्तों के साथ घूमने आए 16 वर्षीय उजैर की नहाते समय डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जानकारी के अनुसार, शहर कोतवाली क्षेत्र के रामबाग निवासी आमिर (15), कैश (16), उजैर (16) और शिवम (16) बुधवार को सिरसी फाल घूमने पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीन दोस्त फाल के किनारे बैठकर खाना खा रहे थे, जबकि उजैर नहाने के लिए पानी में उतर गया। नहाने के दौरान उजैर अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और देखते ही देखते करीब 70 फीट गहराई में डूब गया। उसके लापता होते ही साथियों ने शोर मचाया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल मड़िहान पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू कराया। काफी देर की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उजैर का शव गहरे पानी से बाहर निकाला। हादसे की सूचना मिलते ही उजैर के परिजन भी सिरसी फाल पहुंच गए। बेटे का शव देखकर परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
आगरा में छज्जे के नीचे 4 दबे, महिला की मौत:लोहामंडी के कटघर में हुआ हादसा, 3 सुरक्षित निकाले
आगरा के लोहामंडी थाना क्षेत्र में बुधवार देर शाम दर्दनाक हादसे में एक महिला की मौत हो गई। निर्माणाधीन छज्जे ढहने से 4 लोग दब गए। 3 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घटना बुधवार देर शाम लोहामंडी के कटघर की है। यहां की निवासी 50 वर्षीय मुन्नी देवी किसी काम से शाम को घर से बाहर गई थीं। लौटते में घर से थोड़ी दूर मवासी लाल के निर्माणाधीन मकान के नीचे रुक गईं। यहां उनके साथ मानसी के परिवार की एक महिला से छज्जे के नीचे खड़े होकर बातचीत करने लगीं। मवासी लाल का मकान बन रहा था। हादसे की 2 तस्वीरें… निर्माणाधीन मकान का आगे हिस्सा में, जिसमें छज्जे भी शामिल था। इसके ऊपर एक महिला तथा एक मजदूर काम रहे थे। इसी दौरान मकान का आगे का हिस्सा भरभराकर गिर गया। मलबे में चारों दब गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। इस बीच 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आसपास के लोगों ने मलबा हटाकर मुन्नी देवी को भी बाहर निकाल लिया। मगर, वे होश में नहीं थीं। आनन-फानन में उन्हें इमरजेंसी ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इधर, मृतका के बेटे दीपक का कहना है कि उनकी मां शाम को बाजार गई थीं। काफी देर तक जब वे घर नहीं लौटीं तो उनकी तलाश शुरू हुई। बाद में छज्जा गिरने की घटना की जानकारी हुई। मौके पर पहुंचे तो मुन्नी देवी होश में नहीं थीं। बताया जा रहा है कि जिस घर का निर्माणाधीन छज्जा ढहा, वह मकान भी काफी जर्जर है।
ग्वालियर में साइबर ठगों और उनके मददगारों के खिलाफ बाहरी राज्यों की पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। बुधवार रात हरियाणा की फरीदाबाद पुलिस ने ग्वालियर में औचक दबिश देकर बड़ी कार्रवाई की। फरीदाबाद साइबर सेल की टीम शहर के आमखो स्थित शिवाजी नगर पहुंची और यहां से पृथ्वी सिंह नाम के युवक को हिरासत में लिया। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ हरियाणा ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है। खाते में अचानक आए साढ़े तीन लाख रुपए, ऐसे खुला मामला पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पृथ्वी सिंह के बैंक खाते में हाल ही में अचानक साढ़े तीन लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे। फरीदाबाद साइबर पुलिस ऑनलाइन ठगी के एक मामले की जांच कर रही थी। जब पुलिस ने पैसों के लेन-देन का ट्रेल खंगाला, तो यह रकम ग्वालियर निवासी पृथ्वी सिंह के खाते में पहुंचने की पुष्टि हुई। 'म्यूल अकाउंट' के रूप में हो रहा था इस्तेमाल प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पृथ्वी सिंह का बैंक खाता 'म्यूल अकाउंट' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। साइबर ठग सीधे अपने खातों में रकम मंगाने के बजाय कमीशन का लालच देकर या धोखे से लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल अवैध धन के लेन-देन और निकासी के लिए करते हैं। ऐसे खातों को तकनीकी भाषा में 'म्यूल अकाउंट' कहा जाता है। अब फरीदाबाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पृथ्वी सिंह इस गिरोह का सक्रिय सदस्य है या उसने कुछ पैसों के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठगों को इस्तेमाल करने के लिए उपलब्ध कराया था। स्थानीय पुलिस की मदद से हुई इस कार्रवाई के बाद ग्वालियर के अन्य संदिग्ध खाताधारकों में भी हड़कंप मच गया है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए बुधवार को अहम सूचना जारी की है। हाई-स्पीड एक्सेस कंट्रोल्ड इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं पात्र निजी गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए फास्ट टैग वार्षिक पास सुविधा सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य रहेगी। एक्सप्रेस-वे पर नियमों का सख्ती से होगा पालन एनएचएआई ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर केवल अनुमत वाहनों को ही प्रवेश दिया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा और यातायात के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए दोपहिया (Two-Wheeler) और तिपहिया (Three-Wheeler) वाहनों की नो-एंट्री लागू रहेगी। नियमों का पालन न करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित यातायात नियमों और संकेतकों का पालन करें तथा केवल अनुमत वाहनों के साथ ही एक्सप्रेसवे का उपयोग करें। NHAI के मुताबिक यह मार्ग तेज गति वाला है, इसलिए सुरक्षा मानकों से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। इसी के साथ FASTag वार्षिक पास को लेकर भी स्पष्ट किया गया है कि यह सुविधा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे (NE-6) सहित सभी राष्ट्रीय राजमार्गों और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे पर मान्य है। इससे टोल भुगतान और अधिक सुविधाजनक, तेज और निर्बाध होगा। टोल प्लाजा पर प्रतीक्षा समय कम होने से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा। NHAI ने सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से सुरक्षित और जिम्मेदार यात्रा की अपील करते हुए कहा है कि डिजिटल टोल प्रणाली को अपनाएं। बगैर फास्टटैग के इस एक्सप्रेस-वे पर एंट्री नहीं मिलेगी।
झांसी में बुधवार को हजरत निजामुद्दीन से एर्नाकुलम जा रही मंगला एक्सप्रेस में टिकट जांच के दौरान एक महिला यात्री ने महिला टीटीई के साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने बीच-बचाव किया और वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचने पर आरोपी महिला को रेलवे पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना को लेकर रेलवे के टिकट जांच स्टाफ में आक्रोश व्याप्त है। टिकट मांगने पर भड़की महिला यात्री जानकारी के अनुसार, मंगला एक्सप्रेस के एस-2 कोच में झांसी निवासी टीटीई अंजली प्रजापति ड्यूटी पर थीं। ट्रेन ग्वालियर स्टेशन से चलने के बाद उन्होंने वहां से सवार हुई एक महिला यात्री से टिकट दिखाने को कहा। महिला ने बताया कि उसके पास टिकट नहीं है। इस पर टीटीई ने उसे जनरल कोच में जाने या नियमानुसार टिकट बनवाने की बात कही। भुगतान को लेकर हुई कहासुनी बताया गया कि महिला यात्री ने टिकट बनवाने की सहमति जताई और मोबाइल फोन पर किसी से बातचीत करने लगी। इसी दौरान टीटीई ने उससे पूछा कि वह टिकट का भुगतान नकद करेगी या ऑनलाइन। आरोप है कि इस बात पर महिला यात्री नाराज हो गई और उसने टीटीई के साथ अभद्रता शुरू कर दी। बाल पकड़कर की मारपीट प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला यात्री ने सीट पर बैठी टीटीई अंजली प्रजापति के बाल पकड़ लिए और उनके साथ मारपीट की। कोच में मौजूद यात्रियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। घटना का वीडियो भी कुछ यात्रियों ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। झांसी स्टेशन पर पुलिस के हवाले घटना की सूचना तत्काल झांसी के टिकट जांच स्टाफ को दी गई। इसके बाद मुख्य टिकट निरीक्षक अशोक कुमार त्रिपाठी अपने स्टाफ, आरपीएफ और जीआरपी के साथ वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचते ही महिला आरक्षियों ने आरोपी महिला को हिरासत में लेकर जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज जीआरपी ने टीटीई अंजली प्रजापति का मेडिकल परीक्षण कराया और उनकी लिखित तहरीर के आधार पर छतरपुर निवासी प्रियंका सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश हायर ज्यूडिशियल सर्विस (HJS)-2023 की लिखित परीक्षा का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। सीधी भर्ती और सीमित विभागीय प्रतियोगी परीक्षा, दोनों के लिए समय सारणी जारी की गई है। यह प्रतिष्ठित परीक्षा 1 और 2 अगस्त 2026 को प्रयागराज में आयोजित होगी, जिसमें प्रदेश भर से 300 से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (जे) (कंप्यूटर) पवन कुमार शर्मा ने बताया कि अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र 20 जुलाई 2026 से इलाहाबाद उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट www.allahabadhighcourt.in से डाउनलोड कर सकेंगे। प्रवेश पत्र डाउनलोड करने के लिए ऑनलाइन आवेदन के समय प्राप्त लॉगिन आईडी और पासवर्ड का उपयोग करना होगा। तकनीकी असुविधा या पासवर्ड भूल जाने की स्थिति में, अभ्यर्थी वेबसाइट पर उपलब्ध 'फॉरगॉट पासवर्ड' (Forgot Password) विकल्प का उपयोग करके अपने विवरण पुनः प्राप्त कर सकते हैं। न्यायालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई अभ्यर्थी तकनीकी कारणों से वेबसाइट से प्रवेश पत्र डाउनलोड करने में असमर्थ रहता है, तो उसे चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी 28 जुलाई 2026 से परीक्षा के दिन की सुबह तक, कार्यालय समय के दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 'सिलेक्शन एंड अपॉइंटमेंट सेल' से व्यक्तिगत रूप से डुप्लीकेट प्रवेश पत्र प्राप्त कर सकते हैं। डुप्लीकेट प्रवेश पत्र प्राप्त करने के लिए अभ्यर्थियों को कड़े सुरक्षा और पहचान सत्यापन मानकों का पालन करना होगा। इसके लिए उन्हें अपने साथ मूल फोटो पहचान पत्र और उसकी एक छायाप्रति लानी होगी। साथ ही, एक रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो भी लाना अनिवार्य है, जो ऑनलाइन आवेदन पत्र में अपलोड किए गए फोटो से मेल खाता हो। डुप्लीकेट प्रवेश पत्र पूरी सत्यापन प्रक्रिया के बाद ही जारी किया जाएगा।
प्रयागराज के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (NCZCC) के प्रेक्षागृह में बुधवार शाम 'भगत सिंह की वापसी' नाटक का मंचन किया गया। देशभक्ति पर आधारित इस नाटक ने दर्शकों में नई ऊर्जा का संचार किया। मंच पर इंकलाब जिंदाबाद के नारे गूंजते ही पूरा सभागार तालियों से गूंज उठा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में कला प्रेमी और दर्शक मौजूद थे। यह नाटक NCZCC प्रयागराज और संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव-2026 का हिस्सा था। एक्स्ट्रा एन ऑर्गेनाइजेशन द्वारा प्रस्तुत इस नाटक का निर्देशन युवा रंगकर्मी हरमेन्द्र सरताज ने किया। नाटक में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के विचारों, उनके क्रांतिकारी जीवन और देश की आजादी के लिए दिए गए बलिदान को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया। कलाकारों ने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार, शोषण और अन्याय के खिलाफ भारतीय युवाओं के संघर्ष को जीवंत अभिनय के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के दौरान दमदार संवाद, भावपूर्ण अभिनय और प्रभावशाली मंच सज्जा ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा। कई दृश्यों में सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। नाटक ने यह संदेश दिया कि राष्ट्रप्रेम केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हर नागरिक के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसने युवाओं को देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में बताया गया कि संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली द्वारा महाकवि कालिदास जयंती और 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में राष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव-2026 का आयोजन किया जा रहा है। नाटक में हर्षित केसरवानी, मोहम्मद आबिद, रितिक श्रीवास्तव, शिखर चन्द्रा, मानस त्रिपाठी, लवकुश सरोज, एज़ल, विष्णु पांडेय, शालिनी मिश्रा, आयुष केसरवानी और हर्ष राज ने अपने सशक्त अभिनय से विभिन्न पात्रों को जीवंत कर दिया। दर्शकों ने उनकी शानदार प्रस्तुति की सराहना की और कार्यक्रम के अंत में जोरदार तालियों से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
प्रयागराज में दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन उत्तर प्रदेश प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। इस दौरान दिव्यांग प्रमाण-पत्र, यूडीआईडी कार्ड, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड, दिव्यांग पेंशन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी 131 शिकायतों और प्रार्थना-पत्रों की सुनवाई की गई। मोबाइल कोर्ट में राज्य आयुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं की जानकारी और सुविधाओं से वंचित न रहें, इसके लिए प्रशासन को संवेदनशील होकर कार्य करना होगा। राज्य आयुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी को दिव्यांगता प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों का जल्द निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की बैठक सप्ताह में तीन दिन आयोजित करने, तीन वर्ष से अधिक समय से कार्यरत सदस्यों को हटाकर विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल करने तथा 18 वर्ष से अधिक आयु के दिव्यांगजनों को स्थायी दिव्यांगता प्रमाण-पत्र जारी करने के निर्देश भी दिए। साथ ही श्रवण बाधित दिव्यांगजनों की जांच की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को दिव्यांगजनों की समस्याएं सुनने के लिए अलग से जनसुनवाई का समय तय करने, कार्यालयों में उनकी सुविधा के अनुरूप व्यवस्था करने तथा खेल, साहित्य, संस्कृति और समाजसेवा जैसे क्षेत्रों में दिव्यांग आइकन नियुक्त कर उन्हें प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। मोबाइल कोर्ट के दौरान पात्र दिव्यांगजनों को 25 श्रवण यंत्र, 10 एमआर किट, 3 व्हीलचेयर और 1 स्मार्ट केन वितरित की गई। इसके अलावा मौके पर ही 25 दिव्यांग प्रमाण-पत्र एवं यूडीआईडी कार्ड तथा 5 अंत्योदय राशन कार्ड भी जारी किए गए। वहीं, पात्र दिव्यांगजनों को आवास उपलब्ध कराने के लिए विभाग को आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। कार्यक्रम में अपर नगर मजिस्ट्रेट, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, ग्राम्य विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश सरकार ने सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण और रखरखाव में होने वाले फर्जीवाड़े तथा धांधली पर अंकुश लगाने के लिए 'विश्वकर्मा पोर्टल' को अनिवार्य रूप से लागू कर दिया है। इस पोर्टल के माध्यम से अब जनपद की प्रत्येक सड़क का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाएगा। दशकों से चली आ रही अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से होने वाली मनमानी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने में यह पहल सहायक होगी। अक्सर सड़कों के निर्माण को लेकर शिकायतें आती थीं, जहां कागजों पर काम दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया जाता था। ठेकेदार और अफसरों की मिलीभगत से सड़कों का निर्माण केवल कागजों पर दिखाकर सरकारी धन का गबन कर लिया जाता था। इसके अलावा, एक ही सड़क के निर्माण का भुगतान एक से अधिक बार निकालना या पुरानी सड़क का नवीनीकरण दिखाकर बजट हड़पने जैसी अनियमितताएं भी आम थीं। कई बार एक ही सड़क के लिए अलग-अलग विभागों द्वारा धन का आवंटन करवाने का खेल भी चलता था। 'विश्वकर्मा पोर्टल' इन सभी प्रकार की अनियमितताओं पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाएगा। बुधवार को एडीएम सिटी सत्यम मिश्र ने कलेक्ट्रेट स्थित संगम सभागार में पीडब्ल्यूडी सहित सभी निर्माण एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि 'विश्वकर्मा पोर्टल' जीआईएस (GIS) तकनीक पर आधारित होगा। इसके तहत जिले की प्रत्येक सड़क को जियो-मैपिंग के माध्यम से पोर्टल पर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इससे सड़क की वास्तविक स्थिति, उसकी लंबाई, चौड़ाई और वर्तमान दशा का एक सटीक डिजिटल नक्शा तैयार हो सकेगा। अब किसी भी सड़क के नव-निर्माण, चौड़ीकरण या नवीनीकरण के लिए संबंधित विभाग को पहले 'रोड कोड' प्राप्त करना होगा। इस कोड के बिना कोई भी कार्य स्वीकृत नहीं किया जाएगा। इस पारदर्शी डेटाबेस के कारण एक ही सड़क के लिए बार-बार धन आवंटन करना असंभव हो जाएगा, जिससे वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी। बैठक में पीडब्ल्यूडी, नगर निगम, प्रयागराज विकास प्राधिकरण और जल निगम के अधिकारियों को निर्धारित एसओपी (SOP) का पालन करने के निर्देश दिए गए। पीडब्ल्यूडी को इस परियोजना के लिए नोडल बनाया गया है। एडीएम ने कहा कि पोर्टल पर सड़कों का विवरण दर्ज करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अयोध्या में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बुधवार देर शाम उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया। जारी आदेश के तहत कई नवागत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जबकि कुछ अधिकारियों का तबादला कर नई तहसीलों में तैनात किया गया है। जिलाधिकारी के आदेश के अनुसार, सहायक अभिलेख अधिकारी पवन कुमार शर्मा को मिल्कीपुर का एसडीएम बनाया गया है। नवागत अधिकारी आनंद कुमार तिवारी को सदर तहसील का उप जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं, रेजीडेंट मजिस्ट्रेट गजेंद्र सिंह को सोहावल का एसडीएम बनाया गया है। रुदौली में तैनात संतोष कुमार का तबादला कर उन्हें बीकापुर का एसडीएम नियुक्त किया गया है। नवागत अधिकारी वंदना पांडेय को मंदिर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, राखी वर्मा को बीकापुर में एसडीएम (न्यायिक) बनाया गया है। इसके अलावा संजीव कुमार यादव को सहायक अभिलेख अधिकारी के पद पर तैनाती दी गई है। प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की कवायद जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई तैनाती के बाद अधिकारियों से जल्द कार्यभार ग्रहण कर शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप राजस्व कार्यों, कानून-व्यवस्था और जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ध्यान देने की अपेक्षा की गई है। प्रशासनिक हलकों में इस फेरबदल को नियमित प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है। माना जा रहा है कि नई तैनातियों से विकास कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को बेहतर प्रशासनिक सेवाएं मिल सकेंगी।
मध्य प्रदेश के उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए मांगने और विभाग के सचिव पर सोशल मीडिया के जरिए गंभीर आरोप लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के बाद बुधवार को भोपाल क्राइम ब्रांच की विशेष टीम ग्वालियर पहुंची और भाजपा नेता शाहरुख खान से कई घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद टीम उन्हें नोटिस देकर वापस भोपाल लौट गई। पुलिस जल्द ही दोबारा ग्वालियर आकर आगे की कार्रवाई करेगी। तबादले के नाम पर 5 लाख रुपए की मांग का आरोप पुलिस सूत्रों के अनुसार, शाहरुख खान ने उद्यानिकी विभाग के एक अधिकारी से मनचाहा तबादला कराने के एवज में 5 लाख रुपए की मांग की थी। इसी दौरान अधिकारी ने अपने स्तर पर प्रयास कर स्वयं ही अपना तबादला करवा लिया। बताया जा रहा है कि जब शाहरुख खान को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने विभाग के सचिव को निशाना बनाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर दी। पोस्ट में सचिव पर पैसे लेकर तबादले करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए। सचिव की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी मिलने पर विभाग के सचिव ने इसे अपनी छवि धूमिल करने का प्रयास बताते हुए भोपाल क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने शाहरुख खान के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के अधिकारी भरत प्रजापति के नेतृत्व में एक विशेष टीम ग्वालियर पहुंची। स्थानीय पुलिस की मदद से टीम ने शाहरुख खान से बंद कमरे में कई घंटे तक पूछताछ की और मामले से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। सीएसपी किरण अहिरवार ने बताया- भाजपा नेता शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने उद्यानिकी विभाग में तबादले के नाम पर पैसों के लेन-देन के आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की थी। इसी मामले में भोपाल क्राइम ब्रांच की टीम ने ग्वालियर में उनसे पूछताछ की है। मामले की विस्तृत जांच भोपाल पुलिस कर रही है।
देवरिया के मदनपुर थाना क्षेत्र में स्थित बाबा महेंद्रनाथ मंदिर के पोखर में डूबे एक युवक का शव बुधवार शाम करीब सात बजे पानी की सतह पर उतराता मिला। युवक मंगलवार को पोखरे में डूबा था। सूचना मिलने पर मईल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान मदनपुर थाना क्षेत्र के फकईपुर गांव निवासी 36 वर्षीय राजेश सिंह पुत्र रमायन सिंह के रूप में हुई है। राजेश मंगलवार को किसी काम से महेंद्रनाथ मंदिर गए थे। मंदिर परिसर में स्थित पोखरे में हाथ-पैर धोने के लिए वह सीढ़ियों से पानी में उतरे थे, तभी उनका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंच गए। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीम को भी बुलाया गया। एनडीआरएफ ने मंगलवार देर शाम तक पोखरे में युवक की तलाश में सर्च अभियान चलाया, लेकिन शव का पता नहीं चल सका था। बुधवार शाम करीब सात बजे राजेश का शव पोखरे के किनारे पानी की सतह पर उतराता हुआ दिखाई दिया। मईल थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजेश सिंह अपने पीछे पत्नी और बच्चों को छोड़ गए हैं। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मामले में आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
मथुरा में पांच साल के मासूम की हत्या के चर्चित मामले में कोर्ट ने आरोपी विष्णु कुमार को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जिला जज विकास कुमार की अदालत ने बुधवार शाम पांच बजे फैसले में आरोपी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) शिवराम सिंह तरकर ने बताया कि आरोपी विष्णु कुमार आगरा के बुंदला क्षेत्र का रहने वाला है। उसकी शादी बलदेव क्षेत्र के झरोटा गांव की प्रीति से हुई थी। पत्नी ने रात में जाने से किया मना, गुस्से में मासूम को ले गया अभियोजन के अनुसार, 8 मई 2021 की रात विष्णु अपनी पत्नी को विदा कराकर आगरा ले जाने के लिए ससुराल पहुंचा था। रात ज्यादा होने पर उसकी पत्नी ने सुबह चलने की बात कही। इस बात से नाराज होकर विष्णु ने अपनी पत्नी के पांच वर्षीय छोटे भाई को बहाने से अपने साथ ले लिया। जंगल में ईंट-पत्थरों से कुचलकर की हत्या घर से करीब एक किलोमीटर दूर जंगल में आरोपी ने मासूम की ईंट और पत्थरों से कुचलकर हत्या कर दी। वारदात के बाद वह वापस घर लौट आया। उसके व्यवहार पर शक होने पर परिजनों ने उससे पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की बात कबूल कर ली। इसके बाद परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो बच्चे का शव खून से लथपथ मिला। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद मृतक के पिता उदयवीर की तहरीर पर बलदेव थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से आरोपी जेल में बंद था। मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने विष्णु कुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने आदेश दिया कि जुर्माने की राशि में से 15 हजार रुपये पीड़ित परिवार को दिए जाएंगे, जबकि शेष 10 हजार रुपये राजकोष में जमा कराए जाएंगे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार को आवासीय सोसायटियों की रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और फ्लैट मालिकों के बीच विवादों के समाधान के लिए एक अलग और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि आरडब्ल्यूए के किसी फैसले से असहमत होने मात्र से सीधे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल नहीं की जा सकती। यह महत्वपूर्ण टिप्पणी न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गोमती नगर विस्तार स्थित सर्वोदय सुलभ अपार्टमेंट के चार निवासियों की याचिका खारिज करते हुए की। याचिका में आरडब्ल्यूए के कुछ फैसलों को चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि आरडब्ल्यूए ने अपार्टमेंट के 10 में से छह गेट बंद कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त, पार्किंग के लिए शुल्क लिया जा रहा है और शुल्क न देने वाले वाहनों पर क्लैंप लगाकर प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है। याचिका में आरडब्ल्यूए के गठन की वैधता पर भी सवाल उठाए गए थे। सुनवाई के दौरान, आरडब्ल्यूए ने न्यायालय को सूचित किया कि उसका पंजीकरण विधिवत हुआ है और समिति का गठन चुनाव के बाद ही किया गया है। इस पर न्यायालय ने कहा कि चुनी हुई आरडब्ल्यूए को नियमों के अनुसार पार्किंग, सुरक्षा और सोसायटी की साझा सुविधाओं से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार है। सुरक्षा कारणों से कुछ गेट बंद करना भी उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। न्यायालय ने यह भी कहा कि यदि किसी सदस्य को आरडब्ल्यूए के फैसले पर आपत्ति है, तो उसे पहले आरडब्ल्यूए के समक्ष ही अपनी बात रखनी चाहिए। जब तक किसी के कानूनी या संवैधानिक अधिकार का स्पष्ट उल्लंघन न हो, ऐसे मामलों में हाईकोर्ट सीधे हस्तक्षेप नहीं करेगा। हालांकि, न्यायालय ने स्वीकार किया कि ऐसे विवादों के समाधान के लिए वर्तमान में कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं है। इसी कारण राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट अधिनियम, 2010 के तहत आरडब्ल्यूए और फ्लैट मालिकों के विवादों के निस्तारण के लिए एक अलग शिकायत निवारण तंत्र बनाने पर विचार करने का निर्देश दिया गया है।
मेरठ में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने किसानों की लंबित समस्याओं को लेकर 21 जुलाई को जिला मुख्यालय के घेराव का ऐलान किया है। यह निर्णय भोला झाल पर आयोजित जिला समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में किसानों ने खाद की उपलब्धता, गन्ना भुगतान, बिजली के बढ़े हुए भार, तहसीलों में भ्रष्टाचार और लोक निर्माण विभाग से जुड़े मामलों को प्रमुखता से उठाया। किसानों का कहना था कि कई बार ज्ञापन देने और किसान दिवस में समस्याएं रखने के बावजूद उनका समाधान नहीं किया गया। समाधान नहीं हुआ तो होगा घेराव बैठक में किसानों ने कहा कि यदि 21 जुलाई तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय का घेराव कर प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। इस दौरान आंदोलन को और तेज करने की रणनीति पर भी चर्चा की गई। 'प्रशासन किसानों की सुनवाई नहीं कर रहा' भाकियू (टिकैत) के जिलाध्यक्ष अनुराग चौधरी ने आरोप लगाया कि किसानों की समस्याओं से प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि समितियों पर खाद वितरण में अनियमितताएं हैं, किसानों को पर्याप्त खाद नहीं मिल रही है और गन्ना भुगतान भी लंबित है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी से मिलने के लिए समय मांगने पर भी किसानों को मुलाकात नहीं मिल पाती। बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद बैठक की अध्यक्षता ओमवीर सिंह ने की, जबकि संचालन तहसील अध्यक्ष मोनू टिकरी और हर्ष चाहल ने किया। बैठक में मेजर सुरेंद्र, सतबीर सिंह, संजय सिंह, रामफल शर्मा, वेदपाल प्रधान, हाजी काशी समेत बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जयपुर पुलिस आयुक्तालय में बुधवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने 82 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) के स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा पूर्व में स्थानांतरण आदेशों के तहत कार्यभार ग्रहण करने वाले पांच पुलिस निरीक्षक एवं उप निरीक्षक के नियमित पदस्थापन के भी आदेश जारी किए गए हैं। इस फेरबदल में शहर के कई प्रमुख थानों को नए थानाधिकारी मिले हैं। वहीं अपराध शाखा, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, सीएसटी, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, रिजर्व पुलिस लाइन और यातायात शाखा में भी बड़े स्तर पर बदलाव किए गए हैं। प्रमुख नियुक्तियां कमलेश कुमार – थानाधिकारी, सुभाष चौक रघुवीर सिंह – थानाधिकारी, जयसिंहपुरा खोर भूरी सिंह – थानाधिकारी, कोतवाली सज्जन कुमार – थानाधिकारी, नाहरगढ़ सुनील कुमार – थानाधिकारी, जालूपुरा मदन लाल कड़वासरा – थानाधिकारी, महेश नगर सतीश चंद – थानाधिकारी, मानसरोवर मनोहर लाल – थानाधिकारी, अशोक नगर गुंजन वर्मा – थानाधिकारी, ज्योति नगर मनोज बेरवाल – थानाधिकारी, सोडाला हरि सिंह दूधवाल – थानाधिकारी, श्याम नगर छोटेलाल मीणा – थानाधिकारी, नारायण विहार हितेश शर्मा – थानाधिकारी, शिप्रा पथ मुकेश कुमार खारड़िया – थानाधिकारी, मुहाना गुरु भूपेंद्र सिंह – थानाधिकारी, सांगानेर सदर कृष्ण कुमार – थानाधिकारी, चाकसू राजेश गौतम – थानाधिकारी, बस्सी विक्रांत शर्मा – थानाधिकारी, प्रताप नगर गौरव प्रधान – थानाधिकारी, मालवीय नगर प्रदीप सिंह – थानाधिकारी, तूंगा सुरेश कुमार यादव – थानाधिकारी, एसएमएस अस्पताल प्रेम सिंह – थानाधिकारी, आदर्श नगर विक्रम सिंह – थानाधिकारी, ट्रांसपोर्ट नगर दीपक त्यागी – थानाधिकारी, महिला थाना (जयपुर पूर्व) धर्मेंद्र कुमार शर्मा – थानाधिकारी, बनीपार्क अरविंद सिंह शेखावत – थानाधिकारी, सिंधी कैंप अनिल कुमार जैमनी – थानाधिकारी, वैशाली नगर महेश चंद शर्मा – थानाधिकारी, हरमाड़ा रायसल सिंह शेखावत – थानाधिकारी, झोटवाड़ा दिलीप सिंह – थानाधिकारी, कालवाड़ यातायात और विशेष शाखाओं में भी बदलाव आदेशों के तहत कई निरीक्षकों को यातायात शाखा, अपराध शाखा, सीएसटी, विशेष अपराध एवं साइबर थाना, मानव तस्करी विरोधी यूनिट, एसआईयू-सीएडब्ल्यू, पुलिस नियंत्रण कक्ष, स्टाफ ऑफिसर और रिजर्व पुलिस लाइन में भी पदस्थापित किया गया है। पांच अधिकारियों के नियमित पदस्थापन पुलिस आयुक्त ने पूर्व में जारी स्थानांतरण आदेशों के क्रम में पांच अधिकारियों का नियमित पदस्थापन भी किया है। इनमें प्रहलाद नारायण को यातायात जयपुर, प्रकाश राम विश्नोई को खोह नागोरियान, रामधन मीणा को बजाज नगर, रतन सिंह को जामड़ोली तथा श्याम सुंदर (उप निरीक्षक) को लालकोठी थाना का थानाधिकारी नियुक्त किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 18 जुलाई को संभल जिले का दौरा करेंगे। शासन से कार्यक्रम की जानकारी मिलने के बाद जनपद में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। बुधवार को जिला प्रशासन को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की सूचना मिली। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। जनपद के सभी अधिकारियों की बैठक कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री का कार्यक्रम जिला मुख्यालय के गांव आनंदपुर में पुलिस लाइन के निकट आयोजित होगा। इस दौरान वे 1000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर सकते हैं। इन परियोजनाओं में संभल की कल्कि नगरी के 68 तीर्थों, 19 कूपों की 24 कोसीय परिक्रमा (52 किलोमीटर लंबी, 350 करोड़ रुपये की परियोजना) सहित पर्यटन विभाग और 15वें वित्त आयोग से जीर्णोद्धार किए जा रहे तीर्थ भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का समय (दिन या शाम) 16 जुलाई की रात तक स्पष्ट हो जाएगा।
मेरठ में कांवड़ यात्रा को लेकर पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर होते हुए उत्तराखंड बॉर्डर तक कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कांवड़ मार्ग पर बिजली के पोलों को आठ फीट तक पॉलीथीन और पीवीसी कवर से सुरक्षित करने, ट्रांसफार्मरों की बैरीकेडिंग कराने, विद्युत लाइनों की गार्डिंग सुनिश्चित करने और सभी तैयारियां 22 जुलाई तक पूरी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। शाकुंभरी उपकेंद्र में परखी व्यवस्थाएं सहारनपुर पहुंचकर प्रबंध निदेशक ने 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शाकुंभरी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने मेंटेनेंस, प्रोटेक्शन सिस्टम, अर्थिंग उपकरणों की कार्यक्षमता, सुरक्षा मानकों और रखरखाव व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी उपकेंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुदृढ़ रखी जाए और किसी भी तकनीकी कमी को तत्काल दूर किया जाए। पोल टू पोल होगी चेकिंग एमडी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ मार्ग पर पोल टू पोल जांच कर यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी करंट लीकेज की संभावना न रहे। साथ ही बिजली लाइनों के पास मौजूद पेड़ों की समयबद्ध कटाई-छंटाई कर संभावित व्यवधानों को समाप्त किया जाए ताकि यात्रा के दौरान निर्बाध और सुरक्षित विद्युत आपूर्ति बनी रहे। लापरवाही पर होगी कार्रवाई रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान विद्युत सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी फील्ड अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमित सेफ्टी ड्रिल आयोजित करने तथा सुरक्षा उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के निर्देश दिए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। बोले- फील्ड पर रहें अधिकारी पीवीवीएनएल एमडी रवीश गुप्ता ने कहा कि कांवड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारी लगातार फील्ड में रहकर कार्यों की निगरानी करें और प्रत्येक निर्देश का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न हो सके।
इंदौर के लसूड़िया क्षेत्र में रहने वाली 60 वर्षीय महिला की उसके बेटे ने मारपीट कर हत्या कर दी। आरोपी अपनी पत्नी के घर छोड़कर जाने से नाराज था। पुलिस ने बेटे को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के मुताबिक, मां, बेटा और बहू तीनों शराब पीने के आदी थे। बुधवार को भी शराब के नशे में मां-बेटे के बीच विवाद हुआ था। एडिशनल डीसीपी अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 4 बजे सूचना मिली कि गीताबाई (60) का शव घर में पड़ा है। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि उसके बेटे आकाश ने उसके साथ मारपीट की थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया कि गीताबाई, उसका बेटा आकाश और बहू ममता एक साथ रहते थे। तीनों मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते थे। शराब पीने के बाद उनके बीच अक्सर विवाद होता रहता था। बुधवार को ममता घर छोड़कर चली गई थी। इस बात से आकाश नाराज हो गया। उसने नशे की हालत में अपनी मां गीताबाई से विवाद किया और उसके साथ बेरहमी से मारपीट कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी बेटे आकाश को हिरासत में ले लिया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
मध्य प्रदेश पुलिस और सामाजिक न्याय विभाग ने बुधवार से जबलपुर में 15 दिवसीय जन-जागरूकता अभियान 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' की शुरुआत की। भंवरताल गार्डन स्थित संस्कृति थिएटर में दीप प्रज्वलन के साथ अभियान का शुभारंभ हुआ। इस दौरान आईजी प्रमोद वर्मा, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय समेत अधिकारियों, चिकित्सकों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अगले तीन वर्षों में भारत को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया। आईजी प्रमोद वर्मा ने युवाओं से खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने की अपील करते हुए नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने स्कूल और कॉलेजों के आसपास तंबाकू उत्पादों की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। वहीं एसपी संपत उपाध्याय ने अवैध नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। अभियान के तहत जबलपुर रेलवे स्टेशन परिसर में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें एसपी रेल सुंदर सिंह कनेश, एएसपी भावना मरावी, डीएसपी अंकिता सुल्य और जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत मौजूद रहीं। संस्कृति स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के विद्यार्थियों, शिक्षकों और रेल यात्रियों सहित करीब 200 लोगों ने नशामुक्त जीवन की शपथ ली। कार्यक्रम के बाद जागरूकता रैली भी निकाली गई, जिसके माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों और स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभियान के तहत आगामी दिनों में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बांसवाड़ा में अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। सड़क हादसों में जनहानि को कम करने और यातायात सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट और एसपी ने संयुक्त रूप से विशेष एडवाइजरी जारी की है। आदेश का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ यातायात नियमों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि सरकारी अधिकारी और कर्मचारी स्वयं हेलमेट का अनिवार्य रूप से उपयोग कर आमजन के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों का पालन नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। एडवाइजरी के अनुसार दुपहिया वाहन चलाते समय चालक के साथ पीछे बैठने वाले व्यक्ति (पिलियन राइडर) के लिए भी आईएसआई (ISI) या बीआईएस (BIS) मानक का हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। हेलमेट केवल सिर पर रखना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उसकी स्ट्रैप (फीता) को भी सही तरीके से बांधना होगा। इसके अलावा कार्यालय आने-जाने, क्षेत्र भ्रमण, सरकारी कार्य या निजी काम से यात्रा के दौरान, चाहे दूरी कितनी भी कम हो, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं होगी। जिला प्रशासन ने जिले के सभी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे इस एडवाइजरी की जानकारी अपने अधीनस्थ सभी अधिकारियों और कर्मचारियों तक तत्काल पहुंचाएं और इसकी शत-प्रतिशत पालना सुनिश्चित कराएं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस द्वारा नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के तहत की जा रही भर्तियों और प्रत्येक शैक्षणिक सत्र के बाद प्राध्यापकों की सेवाएं समाप्त कर नई नियुक्तियां करने की प्रक्रिया पर सख्ती दिखाई। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने राज्य सरकार के जवाब पर असंतोष जताते हुए राजसेस के तहत जारी भर्ती प्रक्रिया पर अंतरिम रोक लगा दी। हाईकोर्ट ने कहा- गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- उच्च शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में राजपत्रित पदों पर इस प्रकार संविदात्मक नियुक्तियां करना सरकार के गैर-जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि हर वर्ष शिक्षकों को हटाकर नए लोगों की नियुक्ति करना न केवल शिक्षकों के शोषण का कारण बन रहा है, बल्कि इसकी संवैधानिक वैधता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। कहा- संविधान की भावना के विपरीत याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता वर्षा बिस्सा और अन्य ने दलील दी कि 11 जुलाई 2022 के सरकारी आदेश के माध्यम से गठित राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसायटी के जरिए नियमित कॉलेजों को सोसायटी के अधीन लाकर राजस्थान शिक्षा सेवा (कॉलेजिएट शाखा) नियम-1986 को अप्रभावी बना दिया गया है। उनका तर्क था कि यह कदम संविधान की भावना के विपरीत है। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद सरकार ने नई भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित कर दिए, जिस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। खंडपीठ ने कहा कि जब तक मामले का अंतिम निर्णय नहीं हो जाता, तब तक नई भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश से प्रदेशभर में राजसेस और विद्या संबल योजना के तहत कार्यरत हजारों प्राध्यापकों को राहत मिली है।
बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम जारगिम-जुड़वानी में बुधवार शाम महिला मजदूरों से भरी पिकअप अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गईं। वाहन में 20 से 25 महिला मजदूर (बनिहार) सवार थीं। अन्य कई महिलाओं को भी चोटें आई हैं। जानकारी के अनुसार, परेवा गांव की महिला मजदूरों को धान की रोपाई के लिए जारगिम-जुड़वानी ले जाया गया था। शाम करीब 6 बजे सभी मजदूर पिकअप से वापस परेवा लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक मोड़ पर तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और पिकअप पलट गई। दो महिलाओं की मौके पर मौत हादसे में विमला नगेशिया (40) और कामेश्वरी पैकरा (46), दोनों निवासी परेवा, की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य कई महिलाएं घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही शंकरगढ़ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की मदद से शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। इनमें से तीन महिलाओं की हालत गंभीर होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। अन्य घायलों का इलाज शंकरगढ़ अस्पताल में जारी है। टक्कर के बाद डर से तेज रफ्तार में भाग रहा था चालक शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिलाओं को छोड़ने जा रही पिकअप ने रास्ते में एक अन्य पिकअप को टक्कर मार दी थी। ग्रामीणों के पीछा करने के डर से चालक तेज रफ्तार में वाहन भगाने लगा। इसी दौरान मोड़ पर वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो की मौत, घायलों में तीन की हालत गंभीर हादसे में पिकअप सवार विमला नगेशिया 40 वर्ष और कामेश्वरी पैकरा 46 वर्ष, दोनों निवासी परेवा की मौके पर मौत हो गई। वहीं अन्य सवारों को भी गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना पर शंकरगढ़ पुलिस एवं स्वास्थ्य अमले की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को 108 एम्बुलेंस से शंकरगढ़ हॉस्पिटल लाया गया। तीन महिलाओं को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। अन्य घायल लोगों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शंकरगढ़ में किया जा रहा है। हादसे का कारण तेज रफ्तार बताया गया है। पिकअप में 20 से अधिक महिलाएं सवार थीं। शंकरगढ़ थाना प्रभारी विमलेश सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिलाओं को लेकर परेवा छोड़ने जा रहे पिकअप ने रास्ते में एक पिकअप को टक्कर मार दी थी। ग्रामीण उन्हें दौड़ाएंगे, इस डर से पिकअप का चालक तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। मामले की जांच की जा रही है। सरगुजा संभाग में रोपाई के मौसम में बड़ी संख्या में मजदूरों को रोपा लगाने के लिए मालवाहकों से ढोया जाता है, जिससे हादसे भी होते हैं।
ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य मंदिर रोड पर बुधवार देर रात एक चलती कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही देर बाद कार में जोरदार धमाका हुआ, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार से धुआं उठता देख चालक ने तुरंत वाहन रोककर बाहर छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। इसके बाद आग तेजी से फैल गई और पूरी कार धू-धूकर जलने लगी। सूचना मिलते ही गोला का मंदिर थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी मानी जा रही है। जली हुई कार का नंबर MP-07-TH-1239 है, जो प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ऋषभ राजपूत के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंदसौर कलेक्टर अदिति गर्ग ने बुधवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मातृ एवं शिशु कल्याण (एमसीएच) भवन में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) और लेबर रूम को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से भी स्वास्थ्य सेवाओं पर फीडबैक लिया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को डॉक्टरों की बैठक व्यवस्था बेहतर करने और अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने गनेडीवाल धर्मशाला के जीर्णोद्धार के लिए भी कहा। इस अवसर पर एसडीएम शिवलाल शाक्य, सीएमएचओ डॉ. गोविंद सिंह चौहान और सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत भी उपस्थित थे। कलेक्टर ने मरीजों से बातचीत कर इलाज और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली, जिस पर मरीजों ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने एनसीडी शाखा में मरीजों के उपचार और दवाओं के रिकॉर्ड की भी जांच की। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके बाद कलेक्टर ने आदित्य भवन स्थित ओपीडी पहुंचकर मरीजों के परीक्षण और उपचार व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने अस्थि रोग, दंत रोग, फिजियोथेरेपी, मानसिक स्वास्थ्य कक्ष, स्त्री रोग ओपीडी, बाल रोग कक्ष, लेबर रूम और पीएनसी-एनआरसी वार्ड का भी निरीक्षण किया। पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में भर्ती बच्चों की माताओं और प्रसूति वार्ड में भर्ती महिलाओं से उपचार व सुविधाओं के बारे में जानकारी ली गई। कलेक्टर ने डॉक्टरों की उपस्थिति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि भर्ती मरीजों के परिजनों के ठहरने के लिए अस्पताल में अलग एवं समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
विदिशा में चलती कार पर खतरनाक स्टंट:वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने ₹8 हजार का चालान काटा
विदिशा में चलती कार पर खतरनाक स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कार चालक पर 8 हजार रुपये का चालान किया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। वायरल वीडियो में एक सफेद रंग की i20 कार तेज रफ्तार से सड़क पर दौड़ती दिख रही है। कार के बोनट पर एक युवक बैठा है, जबकि कार के अंदर बैठे अन्य युवक खिड़कियों से हाथ बाहर निकालकर स्टंट कर रहे हैं। वीडियो के आधार पर कोतवाली पुलिस ने वाहन और चालक की पहचान की। चालक को थाने बुलाकर पूछताछ की गई। जांच में स्टंटबाजी के साथ कई यातायात नियमों का उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत 8 हजार रुपये का चालान काटा गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे, नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह और थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में की गई। चालक के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5/180, 184, 112/183(1), 3/181 सहित अन्य प्रावधानों के तहत चालानी कार्रवाई की गई। पूछताछ के दौरान युवक ने अपनी गलती स्वीकार की और माफी मांगी। पुलिस ने उसे भविष्य में ऐसी हरकत दोबारा न करने की सख्त चेतावनी दी। पुलिस ने कहा कि सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। विदिशा पुलिस ने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर रील बनाने या लाइक्स के लिए अपनी और दूसरों की जान जोखिम में न डालें। पुलिस ने यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता देने की सलाह दी है।
इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर नौगांव थाना क्षेत्र में एक युवक पर दिनदहाड़े हमला किया गया। कार सवार पांच बदमाशों ने उसकी गाड़ी रोककर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से मारपीट की। हमले में युवक की कार के शीशे भी तोड़ दिए गए। घायल युवक बलराम सिंह का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। बलराम सिंह ने पुलिस को बताया कि वह सीएनजी भरवाकर लौट रहा था। पटेल होटल के आगे पहुंचते ही एक कार में सवार करीब पांच बदमाशों ने उसका पीछा किया और उसकी कार के सामने अपनी गाड़ी अड़ा दी। इसके बाद बदमाशों ने उस पर धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट के बाद आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। बलराम सिंह का आरोप है कि कुछ दिन पहले वह अपने मित्र रोहित सिंह सुनेरिया के साथ एक जमीन विवाद को लेकर बातचीत करने गया था। उनका मानना है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते उन पर यह हमला किया गया है। इस संबंध में रोहित सिंह सुनेरिया ने बताया कि ग्राम दौलतपुर में मेड़ को लेकर उनका विवाद हुआ था। उस दौरान मारपीट भी हुई थी, लेकिन बाद में समाज के वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। सुनेरिया ने यह भी स्पष्ट किया कि बलराम सिंह का उस विवाद से कोई सीधा लेना-देना नहीं था। नौगांव थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और हमलावरों की तलाश जारी है।
भारतीय रेलवे की टिकट बुकिंग वेबसाइट IRCTC का नया बीटा वर्जन बुधवार रात 9 बजे लॉन्च कर दिया गया। यूजर्स मौजूदा IRCTC वेबसाइट के होमपेज पर दिए गए बीटा लिंक https://www.irctc.co.in/eticket/ के जरिए नए पोर्टल का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके नए डिजाइन और फीचर्स पर अपना फीडबैक भी दे सकेंगे। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर में MNIT के दौरे के समय छात्रा से बातचीत में वेबसाइट में बदलाव करने का वादा किया था। वहां मिले महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर ही वेबसाइट के डिजाइन और यूजर एक्सपीरियंस में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। MNIT की छात्रा के सुझाव पर हुआ बदलावजयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNIT) में विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान छात्रों ने IRCTC वेबसाइट के पुराने डिजाइन, टिकट बुकिंग की जटिल प्रक्रिया और यूजर इंटरफेस से जुड़ी समस्याएं बताई थी। इस पर रेल मंत्री ने वेबसाइट को आधुनिक बनाने और 15 जुलाई को नया बीटा वर्जन लॉन्च करने की घोषणा की थी। डिजाइन प्रक्रिया में MNIT के छात्रों को भी शामिल किया गया और उनके सुझावों के आधार पर वेबसाइट तैयार की गई। यूजर्स दे सकेंगे फीडबैक बीटा वर्जन का मुख्य उद्देश्य वेबसाइट को अंतिम रूप देने से पहले यूजर्स की राय और सुझाव लेना है। यूजर्स नई वेबसाइट के डिजाइन, स्पीड और फीचर्स पर अपना फीडबैक दे सकेंगे। इन सुझावों के आधार पर आगे जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि मुख्य वेबसाइट को और भी बेहतर बनाया जा सके। कुछ सप्ताह बाद लॉन्च होगा पूरा नया पोर्टलIRCTC ने बताया- वेबसाइट के साथ-साथ पैसेंजर रिजर्वेशन इंजन को भी अपग्रेड किया जा रहा है। ये वह मुख्य सिस्टम है, जो IRCTC और अन्य ट्रेन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर टिकट बुकिंग को संभालता है। खास बात यह है कि इसे अपग्रेड करने का काम मौजूदा सिस्टम को बिना बंद किए (चालू रखते हुए) किया गया है। नया रिजर्वेशन इंजन पूरी तरह तैयार होने के बाद अपग्रेडेड IRCTC पोर्टल अगले कुछ सप्ताह में आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया जाएगा। रोजाना बुक होते हैं 14.5 लाख टिकट IRCTC की वेबसाइट पहली बार साल 2002 में लॉन्च की गई थी। वर्तमान में इस पोर्टल पर हर दिन औसतन 14.5 लाख टिकट बुक किए जाते हैं। लगातार बढ़ती यूजर्स की संख्या को देखते हुए ही वेबसाइट और रिजर्वेशन सिस्टम को आधुनिक बनाया जा रहा है, ताकि भविष्य में त्योहारों या भारी ट्रैफिक के दौरान भी टिकट बुकिंग तेज और सुचारु बनी रहे। पुरानी वेबसाइट में यूजर्स को होती थीं ये परेशानियां IRCTC की मौजूदा वेबसाइट पर टिकट बुकिंग के दौरान यूजर्स को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। बार-बार कैप्चा भरना, अलग-अलग क्लास की सीट देखने के लिए बार-बार विकल्प बदलना, कई चरणों में बुकिंग प्रक्रिया पूरी करना और हर बार यात्री की जानकारी नए सिरे से भरना आम समस्या थी। इसके अलावा, त्योहारों और तत्काल टिकट बुकिंग के समय वेबसाइट पर अचानक ट्रैफिक बढ़ने से पेज बहुत धीमा हो जाता था या कभी-कभी हैंग भी हो जाता था। यूजर्स की इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए वेबसाइट का यूजर इंटरफेस और बुकिंग प्रक्रिया पूरी तरह नए सिरे से तैयार की गई है। --- यह खबर भी पढ़िए… जयपुर में रेल मंत्री से छात्रा बोली-IRCTC का एप-वेबसाइट खराब:अश्विनी वैष्णव ने तुरंत अफसरों को फोन लगाया, नई वेबसाइट बनाने के लिए कहा IRCTC का एप और वेबसाइट खराब है। इसे बेहतर किया जाना चाहिए। OTP देर से आता है। टिकट बुक करते-करते सेशन एक्सपायर हो जाता है। बार-बार Login करना पड़ता है। यह शिकायत जयपुर MNIT पहुंचे केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री अश्विनी वैष्णव से एक छात्रा ने की। इस पर रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव ने मौके पर ही अधिकारियों को फोन लगाया और नई वेबसाइट बनाने के निर्देश दिए। (पढ़ें पूरी खबर)
मैहर जिले में बुधवार को परिवहन विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। नियमों की अनदेखी करने वाले 5 वाहनों पर कार्रवाई की गई और उनसे कुल 10 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। परिवहन विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग रास्तों पर नाकेबंदी कर स्कूली बसों और माल ढोने वाली गाड़ियों को रोककर उनकी जांच की। इस दौरान गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट, जरूरी कागजात और सुरक्षा इंतजामों को बारीकी से देखा गया। जांच में 5 वाहनों में बड़ी कमियां मिलीं—किसी में आग बुझाने वाला सिलेंडर (फायर सिलेंडर) नहीं था, तो किसी में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक उपचार पेटी) गायब थी। कुछ गाड़ियों में तो इमरजेंसी गेट के ठीक सामने ही सीट लगा दी गई थी, जिससे आपातकालीन रास्ता बंद हो गया था। नियमों की इस अनदेखी पर टीम ने तुरंत जुर्माना ठोक दिया। कागजात दुरुस्त रखने की दी गई सख्त चेतावनी चेकिंग के दौरान आरटीओ रवि बरेलिया और परिवहन विभाग की टीम ने सभी चालकों और वाहन मालिकों को सख्त लहजे में समझाया कि गाड़ियों के कागजात और फिटनेस को समय-समय पर अपडेट रखें। सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बच्चों और यात्रियों की सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सड़क हादसे में मदद करने वालों को मिलेगा इनाम इस चेकिंग अभियान के साथ-साथ पुलिस और प्रशासन ने लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने का काम भी किया। इसके लिए 'राहबीर योजना' का प्रचार-प्रसार किया गया। अफसरों ने बताया कि इस योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति सड़क हादसे में घायल हुए किसी शख्स को समय पर अस्पताल पहुंचाता है और उसकी जान बचाता है, तो सरकार उसे इनाम देकर प्रोत्साहित करेगी। इस योजना के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मैहर जिला अस्पताल और कलेक्टर कार्यालय परिसर में बड़े-बड़े बैनर भी लगाए गए हैं।
झुंझुनूं में एक विवाहिता अपनी ननद की दो बेटियों और अपने दो वर्षीय बेटे के साथ आधी रात को घर से लापता हो गई। सुबह परिजनों को घटना की जानकारी मिलने पर घर में हड़कंप मच गया। लापता लड़कियों की मां ने पुलिस थाने में अपहरण और घर से जेवरात व नकदी चोरी होने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, एक महिला अपनी 16 और 18 साल की दो बेटियों के साथ झुंझुनूं स्थित अपने पीहर आई हुई थी। परिवार के सभी सदस्य रात में घर पर ही थे। इसी दौरान 15 जुलाई की अलसुबह करीब 3 बजे दोनों युवतियां अपनी मामी के साथ घर से निकल गईं। विवाहिता अपने दो वर्षीय बेटे को भी साथ ले गई। सुबह परिवार के अन्य सदस्य जागे तो मामी, दोनों युवतियां और बच्चा घर पर नहीं मिले। परिजनों ने आसपास तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगने पर पुलिस को सूचना दी गई। लापता युवतियों की मां ने पुलिस को दी रिपोर्ट में दोनों बेटियों के अपहरण की आशंका जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि घर से सोने-चांदी के जेवरात और नकदी भी गायब है, जिन्हें साथ ले जाया गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। परिवार के सदस्यों से पूछताछ के साथ मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में विवाहिता और दोनों युवतियां किसी दबाव में नहीं, बल्कि अपनी मर्जी से घर से जाने की संभावना सामने आई हैं। हालांकि, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पर 'अमृत भारत स्टेशन स्कीम' के तहत आधुनिक मशीनों से सफाई की जाएगी। यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से बीकानेर मंडल के 6 प्रमुख स्टेशनों पर अगले 3 वर्षों के लिए यह योजना लागू की गई है। दिल्ली की 'फ्रेंड्स डिटेक्टिव सिक्योरिटी सर्विस' नामक विशेषज्ञ एजेंसी को इस सफाई अभियान का टेंडर दिया गया है। यह एजेंसी आधुनिक मशीनों का उपयोग कर स्टेशनों को स्वच्छ बनाएगी। यह ठेका जून 2029 तक वैध रहेगा। पहले स्टेशन पर केवल एक सुपरवाइजर और सात सफाई कर्मचारी तैनात थे, जिससे कर्मचारियों की कमी महसूस होती थी। नई व्यवस्था के तहत अब 14 सफाईकर्मी नियुक्त किए गए हैं। ये सभी सुविधा प्रबंधक हेमराज शर्मा की देखरेख में कार्य करेंगे। बीकानेर मंडल के 6 स्टेशन शामिल बीकानेर मंडल के महेंद्रगढ़, चरखी दादरी, कोसली, डबवाली, सिरसा और गोगामेड़ी के स्टेशनों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन स्टेशनों पर मार्बल फर्श, दीवारें और प्लेटफॉर्म की टाइलें आधुनिक उपकरणों से साफ की जाएंगी। महेंद्रगढ़ स्टेशन पर सफाई व्यवस्था को हाईटेक बनाने के लिए 7 आधुनिक मशीनें आ चुकी हैं और उन्होंने काम शुरू कर दिया है। ये मशीनें स्वचालित तरीके से फर्श की गहरी सफाई, प्रेशर से धुलाई, बारीक मिट्टी उठाना और पोछा लगाने का कार्य करेंगी, जिससे स्टेशन पर दिन-रात स्वच्छता बनी रहेगी। इस योजना में महेंद्रगढ़ को शामिल किए जाने पर दैनिक रेल यात्री महासंघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने रेल मंत्रालय का आभार व्यक्त किया है। स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग भी उठाई महासंघ के अध्यक्ष रामनिवास पाटोदा ने कहा कि यह विकास सराहनीय है। इसके साथ ही उन्होंने इस रूट पर नई ट्रेनें चलाने, फेरे और समय बदलने और तीर्थ स्थानों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग भी उठाई है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक, बीकानेर मंडल वीरेंद्र जोशी ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल महेंद्रगढ़ सहित 6 स्टेशनों के टेंडर हो चुके हैं और एजेंसी ने काम शुरू कर दिया है। यात्रियों को अब स्टेशनों पर बेहतर और स्वच्छ माहौल मिलेगा। प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान की कड़ी में यह एक बड़ा प्रयास है। 2022 में अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल महेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन का इतिहास काफी पुराना है। इसकी शुरुआत वर्ष 1942 में मीटरगेज के रूप में हुई थी, जिसे 2008 में ब्रॉडगेज में परिवर्तित किया गया। वर्ष 2015 में इसे आदर्श स्टेशन घोषित किया गया और 2023 में यहां इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। 2022 में स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन योजना में शामिल किया गया, जिसके तहत लगभग 18 करोड़ रुपए की लागत से कायाकल्प का कार्य अंतिम चरण में है।
जोधपुर में तीन दिन पहले कार सवार युवकों पर जानलेवा हमला करने और गाड़ी में तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। देवनगर थाना इलाके में 12 जुलाई की रात करीब 10:25 बजे आरोपियों ने पीड़ित हेमंत सोलंकी के ऊपर हमला कर दिया था। हेमंत अपने दोस्तों के साथ कार में सवार होकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड में सिंधू महल के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार को घेर लिया और अचानक हमला बोल दिया। युवकों के साथ ही थी मारपीट बदमाशों ने लाठी-डंडों से कार में जमकर तोड़फोड़ की और युवकों के साथ मारपीट की। पीड़ित हेमंत सोलंकी की रिपोर्ट पर देवनगर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपियों को मंगलवार को गिरफ्तार किया था। जिन्हें बाद में कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने मामले में रेहान (19) पुत्र नैनू खान निवासी सिंधी बस्ती मसूरिया, फरदीन (23) पुत्र मोहम्मद सलीम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, मोहम्मद याकूब (21) पुत्र यूनुस निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, सरफराज (19) पुत्र मोहम्मद असलम निवासी राजीव गांधी कॉलोनी को गिरफ्तार किया था।
फिल्म अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी बुधवार शाम अपने दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचीं। शाम करीब 7:30 बजे बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका स्वागत किया गया। एयरपोर्ट से निकलने के बाद वह सीधे श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचीं, जहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में करीब आधे घंटे तक रहीं शिल्पा शेट्टी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करते हुए देश-दुनिया में सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। 4 तस्वीरें देखिए… प्रसाद, रुद्राक्ष माला और अंगवस्त्र से किया गया सम्मानपूजा-अर्चना के बाद मंदिर के पुजारियों ने शिल्पा शेट्टी को बाबा विश्वनाथ का प्रसाद, रुद्राक्ष की माला और अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। मंदिर से बाहर निकलते समय उनके माथे पर त्रिपुंड तिलक और गले में रुद्राक्ष की माला दिखाई दी। धाम परिसर से बाहर आते ही उन्होंने श्रद्धालुओं का अभिवादन किया और पूरे उत्साह के साथ हर-हर महादेव का उद्घोष किया, जिसे सुनकर वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने भी जयघोष किया। बाबा के दर्शन से मिलती है सकारात्मक ऊर्जाशिल्पा शेट्टी ने कहा कि बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना उनके लिए हमेशा विशेष और सौभाग्यपूर्ण अनुभव होता है। उन्होंने कहा, काशी आकर और बाबा के दरबार में शीश नवाकर मन को अद्भुत शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने बताया कि जब भी उन्हें अवसर मिलता है, वह भगवान शिव के दर्शन के लिए अवश्य आती हैं। काशी की आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक वातावरण की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पहुंचते ही मन स्वतः भक्ति में लीन हो जाता है। साड़ी शोरूम के उद्घाटन में होंगी शामिलअभिनेत्री ने बताया कि उनके वाराणसी दौरे का मुख्य उद्देश्य शहर में आयोजित एक साड़ी शोरूम के उद्घाटन समारोह में शामिल होना है। इसी कार्यक्रम के सिलसिले में वह दो दिनों के लिए वाराणसी आई हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी अपनी समृद्ध संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, परंपराओं और विश्वप्रसिद्ध बनारसी साड़ियों के लिए जानी जाती है। काशी आना उनके लिए हमेशा एक यादगार और विशेष अनुभव रहता है। अब पढ़िए शिल्पा शेट्टी के बारे में 8 जून 1975 को कर्नाटक के मंगलुरु में जन्मीं शिल्पा शेट्टी का असली नाम अश्विनी शेट्टी है। उनका परिवार बाद में मुंबई आ गया, जहां उनकी पढ़ाई हुई। शुरुआती दिनों में उनकी जिंदगी फिल्मों और ग्लैमर से अलग थी। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह पिता के काम में हाथ बंटाती थीं और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्मों की दुनिया का जाना-पहचाना चेहरा बनेंगी। कितनी है शिल्पा शेट्टी की नेटवर्थ?टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, शिल्पा शेट्टी की कुल नेटवर्थ करीब 150 करोड़ रुपए है। उन्हें लग्जरी गाड़ियों का भी शौक है। उनके पास फेरारी पोर्टोफिनो M, लैम्बोर्गिनी एवेंटाडोर, बीएमडब्ल्यू i8, मर्सिडीज-मेबैक GLS 600, लोटस एलेत्रे, मर्सिडीज-AMG G63, लैंड रोवर रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी और पोर्श कायेन GTS जैसी महंगी गाड़ियां हैं। शिल्पा शेट्टी का आलीशान बंगलाशिल्पा शेट्टी का मुंबई के जुहू में आलीशान बंगला 'किनारा' है, जहां वह परिवार के साथ रहती हैं। इस घर की कीमत 100 करोड़ रुपए से अधिक बताई जाती है। इसके अलावा उनके दुबई और यूके में भी अपार्टमेंट हैं। वह डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) सेक्टर में एक्टिव एंजेल इन्वेस्टर हैं। वह बैस्टियन हॉस्पिटैलिटी की को-ओनर हैं और मामाअर्थ जैसे ब्रांड्स में भी उनकी हिस्सेदारी है। एसपीएस स्टूडियो की भी मालकिन हैं शिल्पा शेट्टीशिल्पा का वीएफएक्स स्टूडियो एसपीएस स्टूडियो है। इसमें उन्होंने 10 करोड़ रुपए का निवेश किया है। यहां विजुअल इफेक्ट्स से जुड़ा काम किया जाता है। इसके अलावा उनका अपना फैशन ब्रांड ड्रीम एसएस भी है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें… बुलंदशहर में बीच सड़क डबल मर्डर, 15 मिनट तक फायरिंग, दो युवकों के सीने पर गोली मारी, कार चढ़ाई यूपी के बुलंदशहर में मंगलवार रात 9.30 बजे दो लोगों की हत्या कर दी गई। पैसों के लेनदेन को लेकर दो पक्षों में बीच सड़क विवाद हो गया। पहले दोनों पक्षों में कहासुनी हुई। देखते ही देखते मारपीट होने लगी। फिर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ फायरिंग हुई। करीब 15 मिनट तक दोनों तरफ से फायरिंग होती रही। इसके बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर कार चढ़ा दी। पूरी खबर पढ़ें
मुरैना शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में अंबाह बाइपास स्थित एक खेत पर कब्जे के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि कुछ लोगों ने खेत मालिक को धमकाते हुए फायरिंग की और उसे खेत से भगा दिया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। खेत पर पहुंचकर किया विवाद, फायरिंग का आरोपफरियादी गिर्राज शर्मा (64) निवासी महावीरपुरा ने पुलिस को बताया कि अंबाह बाइपास स्थित सीवर प्लांट के पास उनके खेत पर संदीप परमार, हरी सिंह राठौर, मनदीप परमार, मुन्नालाल राठौर, संदीप राठौर, राजू राठौर सहित अन्य लोग पहुंचे। खेत के कब्जे को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने फायरिंग की और जान से मारने की धमकी देते हुए उन्हें खेत से भगा दिया। गोली की आवाज से मची अफरा-तफरीफायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। घटना से इलाके में दहशत का माहौल बन गया। विवाद के दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद दर्ज हुई एफआईआरघटना बुधवार दोपहर की बताई जा रही है। वीडियो सामने आने के बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। फरियादी की शिकायत पर नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस बोली- वीडियो की भी जांच की जा रहीसिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि खेत विवाद और फायरिंग का वीडियो पुलिस के पास आया है। वीडियो की जांच की जा रही है। शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश जारी है।
यूसीसी पर अब आमजन से मांगे सुझाव:क्यूआर स्केन करके घर बैठे दे सकते हैं महत्वपूर्ण सुझाव
राज्य सरकार ने प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कानून को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने इस प्रस्तावित कानून पर आम जनता, विशेषज्ञों और प्रबुद्ध नागरिकों से उनके सुझाव और विचार आमंत्रित किए हैं। इसके लिए आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल और क्यूआर कोड जारी किया गया है। ऐसे कर सकते हैं सुझाव साझा आमजन अपने विचार और सुझाव बेहद आसान तरीके से सरकार तक पहुंचा सकते हैं। आमजन यूसीसी की आधिकारिक वेबसाइट ucc.rajasthan.gov.in पर जाकर अपने सुझाव दर्ज कर सकते हैं। वहीं, क्यूआर कोड स्कैन करके भी आधिकारिक वेबसाइट पर पहुंचा जा सकता है। इसके बाद आमजन वहां दिए गए दिशा-निर्देशों और प्रक्रिया के अनुसार अपने विचार और फीडबैक सबमिट कर सकेंगे। बता दें, दो दिन पहले कलेक्ट्रेट में यूसीसी प्रारूप समिति सदस्य और अतिरिक्त महाधिवक्ता बसंत सिंह छाबड़ा की अध्यक्षता में जनसुनवाई हुई थी। इसमें आमजन से यूसीसी पर सुझाव मांगे गए थे] लेकिन यहां लोगों की संख्या बेहद कम रही थी।
एडीजे नवीन मीणा निलंबित:हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने जारी किए आदेश; चौहटन में है तैनात
राजस्थान हाईकोर्ट ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नवीन मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उनके खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रस्तावित है। वर्तमान में वे चौहटन (बाड़मेर) में एडीजे के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले नसीराबाद (अजमेर) में पदस्थापित थे। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस मिलेगा और उनका मुख्यालय राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर पीठ रहेगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए बनाए गए लाइट हॉउस प्रोजेक्ट की बदहाल स्थिति को लेकर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने सख्त रुख अपनाया है। प्रोजेक्ट में सीपेज, पानी की लीकेज और दीवारों व स्विच बोर्डों में करंट फैलने जैसी गंभीर शिकायतों पर दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई है। जस्टिस सुभोद अभ्यंकर और आलोक अवस्थी की बेंच ने नगर निगम द्वारा निर्धारित समय पर स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम कमिश्नर को 14 जुलाई की सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए थे। 1024 फ्लैटों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल मामला गुलमर्ग परिसर स्थित लाइट हॉउस प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां रहवासियों ने आरोप लगाया है कि आवंटन के बाद से ही फ्लैटों में पानी रिसाव, बाथरूम लीकेज और बारिश के दौरान दीवारों में नमी की समस्या बनी हुई है। कई जगह पानी विद्युती स्विचों तक पहुंचने से करंट फैलने की शिकायतें भी सामने आई हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। दो वर्षों से उठा रहे हैं मुद्दा जनहित याचिका दायर करने वाले समाजसेवी और आरटीआई कार्यकर्ता नरेंद्र गोस्वामी का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से इस समस्या को लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्य सरकार, नगर निगम और संबंधित विभागों के समक्ष लगातार शिकायतें और आवेदन प्रस्तुत कर रहे हैं। सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत भी विभिन्न विभागों से जानकारी मांगी गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। हाईकोर्ट ने पहले भी जारी किए थे नोटिस याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर अनुराग जैन ने कोर्ट को बताया कि हाई कोर्ट पहले ही केंद्र सरकार, राज्य सरकार, इंदौर नगर निगम और निर्माण एजेंसी केपीआर प्रोजेक्ट्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी कर जवाब मांग चुका है। इसके बावजूद अब तक समस्या के समाधान को लेकर स्पष्ट स्थिति सामने नहीं आई है। रहवासियों ने की वैकल्पिक आवास की मांग याचिका में यह भी मांग की गई है कि यदि भवनों की संरचनात्मक खामियां दूर नहीं हो सकती तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराया जाए। याचिकाकर्ता का कहना है कि 1024 फ्लैटों में रहने वाले परिवार लगातार भय के माहौल में जीवन यापन कर रहे हैं। हाईकोर्ट की अगली सुनवाई पर नजर मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नगर निगम को विस्तृत जवाब और आवश्यक निर्देशों के साथ उपस्थित होने को कहा है। अब सभी की नजर अगली सुनवाई और कोर्ट के रुख पर टिकी हुई है, क्योंकि मामला हजारों लोगों की सुरक्षा और प्रधानमंत्री आवास योजना की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है।
नोएडा की एक सॉफ्टवेयर कंपनी में कार्यरत ग्वालियर निवासी 22 वर्षीय समीर खान की ट्रेन से घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 11 जुलाई की सुबह विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला था। अब परिजनों ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि समीर को ग्वालियर स्टेशन पर उतरना था, ऐसे में स्टेशन पार करने के बाद वह एजी ऑफिस पुल तक कैसे पहुंचा, यह सबसे बड़ा सवाल है। नवंबर में लगी थी नौकरी, घर लौटते समय हुआ हादसा आपागंज निवासी असलम खान का इकलौता बेटा समीर नवंबर 2025 में नोएडा की एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी में नौकरी पर लगा था। 10 जुलाई की रात वह दिल्ली से भोपाल एक्सप्रेस में सवार होकर ग्वालियर लौट रहा था। ट्रेन रात करीब 12:20 बजे ग्वालियर पहुंची, लेकिन समीर घर नहीं पहुंचा। परिजनों ने रात में ही रेलवे स्टेशन और जीआरपी थाने में उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। अगले दिन रेलवे ट्रैक पर मिला शव 11 जुलाई की सुबह एजी ऑफिस पुल के नीचे रेलवे ट्रैक के पास समीर का शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और परिवार के अलग-अलग दावे पुलिस का प्रारंभिक अनुमान है कि समीर ट्रेन से गिरा या जल्दबाजी में उतरने की कोशिश के दौरान हादसे का शिकार हो गया। वहीं परिजनों का कहना है कि ट्रेन पहले ग्वालियर स्टेशन पर रुकती है, इसलिए स्टेशन निकलने के बाद उसका वहां होना संदिग्ध है। उनका आरोप है कि ट्रेन में किसी विवाद के बाद समीर को धक्का देकर नीचे फेंका गया हो सकता है। आगरा में हुई थी आखिरी बात, फिर बंद हो गया फोन पिता असलम खान के मुताबिक, रात करीब 10:40 बजे जब ट्रेन आगरा पहुंची थी, तब समीर से उनकी आखिरी बार बात हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि स्टेशन पहुंचने से पहले ही फोन बंद होना और बाद में शव मिलना पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बनाता है। सीडीआर और सहयात्रियों से पूछताछ की मांग परिजनों ने पुलिस से समीर के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाने, ट्रेन में सफर कर रहे सहयात्रियों से पूछताछ करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
उदयपुर के गोगुंदा में बुधवार को जैन समाज के चातुर्मास का शुभारंभ संतों के मंगल प्रवेश के साथ श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हुआ। वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ गोगुंदा के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में भगवान महावीर के जयकारों से पूरा कस्बा गूंज उठा। बाईपास चौराहे से निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने भाग लिया। चातुर्मास व्यवस्था समिति के अध्यक्ष गौतम सिंघवी ने बताया कि शोभायात्रा बाईपास चौराहा से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य बाजार, माणक चौक और ठाकुर देवरा मार्ग से होते हुए जैन स्थानक पहुंची। महिलाओं ने पारंपरिक बांधनी की साड़ियों में सिर पर मंगल कलश धारण किए, जबकि पुरुष और युवाओं ने सफेद वेशभूषा में धर्मध्वज लेकर भगवान महावीर के जयकारे लगाए। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर संतों का स्वागत किया गया। जैन स्थानक में आयोजित धर्मसभा में अतिथियों का मेवाड़ी पगड़ी, शॉल और माल्यार्पण से स्वागत किया गया। महिलाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए और बालकों ने मंगलाचरण से कार्यक्रम की शुरुआत की। बाहर से आए वक्ताओं ने गोगुंदा की धार्मिक परंपराओं की सराहना करते हुए इसे धर्मनगरी बताया। महाश्रमण पूज्य गुरुदेव जिनेन्द्र मुनि 'काव्यतीर्थ' ने प्रवचन में क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे कषायों का त्याग कर धर्म, संयम और तप के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धर्म और तप के बिना जीवन अधूरा है। प्रवीण मुनि ने आत्मचिंतन और साधना का महत्व बताया। साध्वी डॉ. सुलक्षणप्रभाने धर्म और संयम पर प्रकाश डाला, जबकि साध्वी डॉ. राजश्रीजी ने संतों की भूमिका को आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला बताया। कार्यक्रम में राजस्थान सहित महाराष्ट्र, सूरत, उदयपुर, सेरा प्रांत, वाकल प्रांत, बगडुंदा और भूताला से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन में विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संघ अध्यक्ष नाथूलाल मेहता ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से नियमित धार्मिक प्रवचन, ध्यान, स्वाध्याय और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम शुरू होंगे। इसी दिन से तेले तप की आराधना भी प्रारंभ होगी। मंगल प्रवेश के अवसर पर जैन समाज के साथ अन्य समाज के व्यापारियों ने भी अपनी दुकानें बंद रखकर आयोजन में सहभागिता निभाई। वीडियो : गोपाल लोढ़ा, गोगुंदा
ग्वालियर में सरकारी जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी और न्यायालय में विचाराधीन प्रकरण को प्रभावित करने के मामले में जिला प्रशासन ने दूसरी बड़ी कार्रवाई की है। 11 जुलाई को पटवारी कुलदीप चाहर के निलंबन के बाद अब जांच में रिकॉर्ड रूम में पदस्थ सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह और भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह की भूमिका सामने आने पर दोनों के खिलाफ विश्वविद्यालय थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित साजिश में और कौन-कौन शामिल था। 11 जुलाई को पटवारी हुआ था निलंबित जिला प्रशासन की प्रारंभिक जांच में सामने आया था कि ग्राम महू की विवादित सरकारी जमीन से जुड़े मामले में न्यायालय में शासन की ओर से साक्षी बने ग्वालियर ग्रामीण तहसील के पटवारी कुलदीप चाहर ने मूल राजस्व अभिलेखों का सत्यापन किए बिना वादी धर्मवीर द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों को सही मान लिया। साथ ही उपलब्ध शासकीय रिकॉर्ड को भी न्यायालय के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत नहीं किया। इसे गंभीर लापरवाही और शासन के हितों के विपरीत मानते हुए कलेक्टर रुचिका चौहान ने 11 जुलाई 2026 को कुलदीप चाहर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। आगे की जांच में रिकॉर्ड रूम कर्मचारियों की भूमिका सामने आई पटवारी के निलंबन के बाद जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच कराई। जांच में सामने आया कि रिकॉर्ड रूम में पदस्थ सहायक वर्ग-3 सतपाल कुशवाह और भृत्य वीरेन्द्र कुशवाह ने आरोपी वादी धर्मवीर के साथ मिलीभगत कर राजस्व अभिलेखों में हेराफेरी की। आरोप है कि दोनों ने महत्वपूर्ण खसरा पंजी और सरकारी रिकॉर्ड के पन्ने फाड़कर नष्ट किए, ताकि न्यायालय में चल रहे प्रकरण में वादी पक्ष को अनुचित लाभ मिल सके। तीनों के खिलाफ एफआईआर, अब पुलिस करेगी पूरी जांच जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर के निर्देश पर सतपाल कुशवाह, वीरेन्द्र कुशवाह और वादी धर्मवीर के खिलाफ विश्वविद्यालय थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे षड्यंत्र में और किन लोगों की भूमिका रही तथा सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कब और कैसे की गई। अपर कलेक्टर कुमार सत्यम ने कहा कि सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ गंभीर अपराध है। शासन के हितों के खिलाफ किसी भी प्रकार की अनियमितता या दस्तावेजों में हेराफेरी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना में अवैध शराब बेचने वालों और सरेराह जाम छलकाकर हुड़दंग मचाने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। बुधवार रात आबकारी विभाग की टीम ने शहर में ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में अवैध बीयर और देशी शराब जब्त की गई है, साथ ही सार्वजनिक जगहों पर माहौल खराब करने वाले 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 1. कोल्ड ड्रिंक्स के फ्रिज में छिपाकर रखी थी बीयर आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय के नेतृत्व में टीम ने जगात चौकी के पास स्थित एक कोल्ड ड्रिंक्स और नमकीन की दुकान पर अचानक छापा मारा। जब टीम ने दुकान के फ्रिज और कोनों की तलाशी ली, तो वहां से 23 बोतल अवैध बीयर बरामद हुई। पुलिस ने मौके से आरोपी कैलाश यादव (25) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 2. किराना दुकान और नामी ढाबे पर भी चली रेड शराब के अवैध धंधे को रोकने के लिए टीम ने दो और जगहों पर दबिश दी किराना दुकान से देशी शराब जब्त: बायपास चौराहे के पास एक किराना दुकान पर कार्रवाई करते हुए टीम ने 46 पाव देशी शराब जब्त की। यहां से शकुन कुशवाहा (45 वर्ष) नाम की महिला को आरोपी बनाया गया है। फैमिली ढाबे पर कार्रवाई: छतरपुर रोड पर बने 'राहगीर फैमिली ढाबा' पर छापा मारा गया, जहाँ अवैध रूप से ग्राहकों को परोसने के लिए रखी 26 बोतल बीयर जब्त की गई। ढाबा संचालक जयहिंद यादव (25 वर्ष) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 3. तालाब किनारे महफिल सजाना पड़ा भारी, 5 गिरफ्तार शाम के वक्त शहर के खूबसूरत तालाबों के किनारे बैठकर शराब पीने और हुड़दंग मचाने वालों पर भी सख्त एक्शन लिया गया। बेनीसागर तालाब, मठया तालाब और दहलान ताल के पास खुलेआम शराब पीकर उत्पात मचाते हुए 5 लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। यह हुड़दंगी पकड़ाए वीरेंद्र कुशवाहा (निवासी एनएमडीसी कॉलोनी) उमेश लोधी (निवासी रानीगंज मोहल्ला) ब्रजेश पटेल (निवासी हरदुआ खमरिया) राजू रैकवार (निवासी रानीगंज मोहल्ला) दिनेश भाट (निवासी दहलान ताल के पास) इस टीम ने की कार्रवाई इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश पाण्डेय, आरक्षक स्मिता ठाकुर, कुलदीप जाटव, रवि प्रकाश मिश्रा, सोनू कोरकू, उमाशंकर साहू और नगर सैनिक वीरेंद्र यादव, मोतीलाल प्रजापति व सुरेंद्र बुंदेला की मुख्य भूमिका रही।
राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या के मामले में निचली अदालत द्वारा सुनाई गई फांसी की सजा को रद्द करते हुए आरोपी को बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने उदयपुर जिले के घासा थाना क्षेत्र के इस बहुचर्चित हत्या प्रकरण में फैसला सुनाते हुए आरोपी प्रेमलाल को बरी करने के आदेश दिए। खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा- परिवादी आरोपी के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की पूरी और विश्वसनीय श्रृंखला स्थापित नहीं कर सका। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब साक्ष्यों की कड़ी अधूरी हो, तो ऐसे में संदेह का लाभ आरोपी को दिया जाना पूरी तरह से न्यायोचित है। इसी आधार पर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपी को तुरंत रिहा करने के आदेश दिए। फांसी की सजा की पुष्टि के लिए भेजा गया 'डेथ रेफरेंस' खारिज हाईकोर्ट ने मावली की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा और दोषसिद्धि को पूरी तरह निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही, फांसी की सजा की पुष्टि के लिए हाईकोर्ट भेजे गए 'डेथ रेफरेंस' को भी खारिज कर दिया गया। अपीलार्थी (आरोपी) की ओर से पैरवी करते हुए वकील गौरव सिंह ने अदालत में कई महत्वपूर्ण दलीलें पेश कीं। इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था, लेकिन अभियोजन पक्ष 'लास्ट सीन टुगेदर' (घटना से ठीक पहले साथ देखे जाने) के सिद्धांत को विश्वसनीय ढंग से साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा। गवाहों के बयानों में विरोधाभास और सबूतों में कमी खंडपीठ ने मामले की जांच करने वाली एजेंसी की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने पाया कि जिन गवाहों के बयानों को 'लास्ट सीन टुगेदर' का आधार बनाया गया था, उनके बयान घटना के काफी समय बाद दर्ज किए गए थे और उनमें कई बड़े विरोधाभास थे, जिससे उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई। इसके अलावा, जांच के दौरान किसी भी स्वतंत्र गवाह को शामिल नहीं किया गया, बरामदगी की प्रक्रिया में गंभीर कमियाँ थीं और इलेक्ट्रॉनिक व वैज्ञानिक साक्ष्यों की जाँच भी संतोषजनक नहीं थी। यहां तक कि मेडिकल और डीएनए (DNA) रिपोर्ट भी आरोपी की संलिप्तता को निर्णायक रूप से साबित नहीं कर सकीं। परिस्थितिजन्य साक्ष्यों में हर कड़ी का साबित होना ज़रूरी हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के स्थापित कानूनी सिद्धांतों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि परिस्थितिजन्य साक्ष्यों वाले मामलों में न्याय का नियम है कि अपराध की हर एक कड़ी संदेह से परे साबित होनी चाहिए। चूंकि इस मामले में साक्ष्यों की श्रृंखला अधूरी और कमजोर रही, इसलिए आरोपी को संदेह का लाभ मिलना ही चाहिए। इसी आधार पर कोर्ट ने आरोपी प्रेमलाल को बरी करते हुए निर्देश दिया कि यदि वह किसी अन्य मामले में वांछित नहीं है, तो उसे तत्काल जेल से रिहा किया जाए।
भोपाल के करीब 45 इलाकों गुरुवार को 1 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिशकुंज, बावड़ियाकलां, सर्वधर्म, चार इमली, नरेला शंकरी, फाइन कैम्पस, भवानी धाम समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
शादी का झांसा देकर नाबालिग से दुष्कर्म:आरोपी को 20 साल की जेल, पीड़िता को मिलेगा 5 लाख का मुआवजा
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने 22 वर्षीय आरोपी दीपक कुमार जाटव को दोषी मानते हुए 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पीड़िता को 5 लाख रुपए मुआवजा देने का भी आदेश दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी और विशेष न्यायालय (पॉक्सो) दुर्ग के पीठासीन अधिकारी अनिष दुबे ने यह फैसला सुनाया। शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक रूपवर्षा दिल्लीवार ने पैरवी की। कोर्ट में पेश रिकॉर्ड के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान इंस्टाग्राम पर हुई थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने शादी का झांसा देकर नाबालिग को अपने साथ चलने के लिए तैयार किया। 17 जुलाई 2025 को आरोपी ने पीड़िता को पावर हाउस रेलवे स्टेशन बुलाया। वहां से वह उसे रायपुर होते हुए ट्रेन से प्रयागराज और फिर नोएडा ले गया। किराए के कमरे में रखा अभियोजन के अनुसार, आरोपी पीड़िता को नोएडा के फेस-1 थाना क्षेत्र स्थित बागवानी मार्केट के एक किराए के कमरे में ले गया। वहां 17 जुलाई से 23 जुलाई 2025 के बीच उसने कई बार दुष्कर्म किया। 19 जुलाई 2025 को पीड़िता की मां ने वैशाली नगर थाना में बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जांच की और 23 जुलाई 2025 को नोएडा से पीड़िता को बरामद कर लिया। सुनवाई के दौरान जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। इनके आधार पर अदालत ने माना कि घटना के समय पीड़िता की उम्र 15 वर्ष 5 माह 22 दिन थी। इसलिए कानून के अनुसार उसकी सहमति मान्य नहीं थी। पीड़िता के बयान को माना भरोसेमंद अदालत ने कहा कि पीड़िता का बयान, बरामदगी, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भरोसेमंद हैं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल फोरेंसिक रिपोर्ट में कुछ चीजें नहीं मिलने से अपराध खत्म नहीं माना जा सकता, यदि अन्य साक्ष्य पर्याप्त हों। कोर्ट ने जताई चिंता फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध बेहद गंभीर हैं और समाज के लिए चिंता का विषय हैं। हालांकि आरोपी की उम्र 22 वर्ष होने के कारण उसे कानून में तय न्यूनतम कठोर सजा दी गई। 20 साल की सजा और मुआवजा कोर्ट ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 87 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा भी दी गई।
इंदौर के राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने एमडी ड्रग्स, क्रिकेट सट्टे और पुराने मामलों को लेकर नाना पटवारी पर शिकंजा और कस दिया है। बुधवार को पुलिस ने नाना पटवारी और उसके करीबी सुमित मंत्री को पूछताछ के लिए एसीपी कार्यालय बुलाया, जहां देर रात तक दोनों से पूछताछ की गई। इस दौरान नाना के वकील भी थाना परिसर में मौजूद रहे। डीसीपी नरेंद्र रावत ने पहले ही दोनों को पूछताछ के लिए तलब किए जाने की पुष्टि की थी। बुधवार रात करीब 9 बजे तक दोनों एसीपी कार्यालय में मौजूद रहे, जहां पुलिस अधिकारियों ने उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की। हालांकि अधिकारियों ने पूछताछ के विषय और उससे जुड़े तथ्यों का खुलासा नहीं किया। तीन और साथियों की तलाश जारी पुलिस जांच में क्रिकेट सट्टे से जुड़े मामले में नाना पटवारी के तीन अन्य साथियों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक वे हाथ नहीं लगे हैं। वहीं, मामले में कुछ युवतियों से भी पूछताछ की गई है, हालांकि अब तक ऐसी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है, जिसके आधार पर नाना के खिलाफ नई कार्रवाई की जा सके। इधर, एमडी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी अभी पुलिस रिमांड पर हैं। पुलिस उनसे पूछताछ कर ड्रग्स नेटवर्क, क्रिकेट सट्टे और नाना पटवारी के कथित कनेक्शन से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने में लगी है।
बाड़मेर में बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे पिता- पुत्र को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके देरासर गांव के पास शाम करीब साढ़े सात बजे की है। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। बाइक व क्षतिग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया है। बेटे ने हेलमेट पहना हुआ था, जिससे वह बच गया। ग्रामीण थानाधिकारी जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया कि बोथिया जागीर निवासी ताराराम (60) अपने बेटे कानाराम (25) के साथ बाइक पर हाथमा गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। देरासर गांव के पास सामने से आ रही स्विफ्ट कार ने बाइक को टक्कर मार दी। भीषण टक्कर के कारण बुजुर्ग ताराराम करीब 30 फीट दूर खेत में जाकर गिरे। जबकि कार के आगे एक टायर निकलकर सड़क पर गिर गया, जिससे वह देरासर की तरफ घूम गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल कानाराम को प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया है। वहीं मृतक के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश के बाद सरगुजा जिले में कार्रवाई शुरू हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) दिनेश कुमार झा ने मंगलवार देर शाम आदेश जारी कर RMSA के सहायक संचालक भरत लाल अग्रवाल सहित डीईओ कार्यालय में संलग्न शिक्षकों और आश्रमों, आवासीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को उनके मूल पदों पर भेज दिया है। सभी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल मूल पद पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री के निर्देश के बाद जारी आदेश के अनुसार, RMSA के सहायक संचालक और प्राचार्य भरत लाल अग्रवाल को उनके मूल पद शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पड़ौली भेजा गया है। वहीं, सेजस के व्याख्याता संतोष साहू को भी उनके मूल पद केशवपुर सेजस में पदस्थ किया गया है। 53 छात्रावास अधीक्षक भी हटाए गए डीईओ के आदेश के तहत लंबे समय से प्रयास आवासीय विद्यालयों तथा बालक एवं बालिका छात्रावासों में प्रभार पर कार्य कर रहे 53 व्याख्याताओं, शिक्षकों और सहायक शिक्षकों को छात्रावास अधीक्षक के दायित्व से मुक्त कर उनके मूल पदों पर भेज दिया गया है। यह सरगुजा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी दूसरी सूची है। इससे पहले तहसील और एसडीएम कार्यालयों में संलग्न किए गए बाबुओं और शिक्षकों को भी उनके मूल विभाग में वापस भेजने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। देखें आदेश की कॉपी-
जयपुर में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने के 3 कॉल सेंटर मिले। साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत CST और एनडीपीएस यूनिट ने बुधवार को यह कार्रवाई की। टीम ने महेश नगर और जालूपुरा थाना क्षेत्र में संचालित तीन फर्जी कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान 22 युवक-युवतियां काम करते हुए मिले। जिन्हें कार्रवाई के लिए संबंधित थानों के सुपुर्द कर दिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया- ये गिरोह अखबारों और सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी दिलाने के विज्ञापन जारी कर लोगों को फंसाते थे। इसके बाद विदेश भेजने और जॉब दिलाने का झांसा देकर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा करवाते थे। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया- लोगों को विदेश भेजने का झांसा देकर ठगी की जा रही थी। करीब 10 दिन से पुलिस टीम इन पर निगरानी कर रही थी। इसके बाद इनके ठिकाने पर कार्रवाई की। ये पीड़ित को फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर-फर्जी वीजा देते थे। आरोपियों के खाते फ्रीज करवाए गए हैं। आरोपियों से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हो सकते हैं। मॉल में खोल रखा था ऑफिस पुलिस को सूचना मिली थी कि महेश नगर थाना क्षेत्र स्थित महिमा ट्रिनिटी मॉल की पांचवीं मंजिल पर ऑफिस नंबर-35 में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी की जा रही है। छापेमारी के दौरान कॉल सेंटर संचालक सारांश गोयल और उसका साथी समीर बंसल मौके पर मिले। यहां 10 युवतियां सहित कुल 12 लोग कार्य करते पाए गए। यहां भी की कार्रवाई इसके बाद टीम ने महेश नगर क्षेत्र स्थित ओके प्लस मॉल की छठी मंजिल पर ऑफिस नंबर-608 में छापा मारा। यहां पांच युवतियां कॉल सेंटर का संचालन करती मिलीं। वहीं जालूपुरा थाना क्षेत्र के गणपति प्लाजा में भी इसी प्रकार का फर्जी कॉल सेंटर संचालित होता मिला, जहां पांच युवतियां कार्यरत थीं। हालांकि ओके प्लस मॉल और गणपति प्लाजा स्थित कॉल सेंटरों के संचालक मौके पर नहीं मिले। लैपटॉप सहित 40 मोबाइल बरामद कार्रवाई के दौरान तीनों कॉल सेंटरों से एक लैपटॉप और करीब 40 मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने तीनों कॉल सेंटरों से 2 युवकों और 20 युवतियों को हिरासत में लेकर कार्रवाई के लिए संबंधित थाना महेश नगर और जालूपुरा पुलिस को सौंप दिया। पुलिस अब कॉल सेंटर संचालकों, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
बैतूल के गंज थाना क्षेत्र में किराना व्यापारी से लूट के प्रयास के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर इस वारदात का खुलासा किया। यह घटना 1 जुलाई की रात रामकृष्ण बगिया के पास हुई थी। दिलबहार चौक स्थित किराना दुकान के संचालक अपने पिता के साथ अलग-अलग स्कूटी से घर लौट रहे थे। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोका। आरोपियों ने व्यापारी की आंखों में मिर्च पाउडर फेंका और चाकू दिखाकर स्कूटी में रखा बैग लूटने का प्रयास किया। हालांकि, बैग में नकदी न मिलने और व्यापारी के पिता द्वारा शोर मचाने पर बदमाश मौके से फरार हो गए। यह वारदात पुलिस कंट्रोल रूम, एसपी कार्यालय और पुलिस लाइन से कुछ ही दूरी पर हुई थी, जिसके कारण यह मामला काफी चर्चा में रहा। घटना के बाद कांग्रेस नेता अम्बरदीप बुनकर सहित कई लोग मौके पर पहुंचे थे, जिन्होंने बदमाशों का पीछा भी किया था। पुलिस ने घटनास्थल और शहर के कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में आरोपी वारदात के बाद भागते हुए और एक टोल प्लाजा से गुजरते हुए कैद हुए थे। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच अधिकारी उप निरीक्षक उत्तम मस्तकार ने टीआई नीरज पाल के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर नर्मदापुरम निवासी अरुण पिता भुजंग महार (25) को हिरासत में लिया। पूछताछ में अरुण ने अपने साथी के साथ वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। इस मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस दोनों आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं या नहीं।
सीतापुर के महोली कोतवाली क्षेत्र के हरदासपुर गांव में बुधवार शाम करीब 5 बजे खेत से धान की पौध लगाकर लौट रहे किसानों को रास्ते में खड़ी कार हटाने के लिए कहना भारी पड़ गया। मामूली कहासुनी के बाद कार सवार युवक ने अपने परिजनों को बुलाकर किसानों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दो युवतियों समेत पांच लोग घायल हो गए। मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पीड़ित संतोष कुमार पुत्र मुन्ना पासी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि बुधवार को वह अपने भाई, भाभी और परिवार की अन्य महिलाओं के साथ खेत में धान की पौध लगाने गए थे। शाम को सभी लोग कृषि यंत्र लेकर वापस लौट रहे थे। गांव स्थित शिव मंदिर के पास रास्ते में दिनेश सिंह पुत्र नवल किशोर की कार खड़ी थी, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया था। संतोष ने कार हटाने का अनुरोध किया तो दिनेश सिंह नाराज हो गया। आरोप है कि दिनेश ने अपने परिजनों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद दिनेश, नवल किशोर, नितिन, प्रभात, सत्यम समेत अन्य लोगों ने लाठी-डंडों और पटरी से हमला कर दिया। हमले में संतोष, मुन्ना, मीना देवी तथा रागिनी और मीना गंभीर रूप से घायल हो गईं। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महोली भिजवाया, जहां उनका उपचार कराया गया। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। इंस्पेक्टर जेबी पांडेय ने बताया कि मामले में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
जोधपुर शहर में गुरुवार को जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ के शृंगार के लिए नाथद्वारा से मुकुट और पोशाक मंगवाई गई है। साथ ही जगन्नाथपुरी से चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा मंगवाई है। चावल-भात का ये प्रसाद गुरुवार को निकलने वाली रथयात्रा में भक्तों को बांटा जाएगा। 350 साल पुराना मंदिर, चंदन की लकड़ी से बनी है प्रतिमा मंदिर के पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- ये मंदिर करीब 350 साल पुराना है। हमारे पूर्वज जगन्नाथ पुरी से इसे लेकर आए थे। उन्होंने बताया- प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। रथयात्रा के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह 7 बजे यज्ञ होगा और इसके बाद नवनेत्र होंगे। इसके बाद एक प्राचीन रथ में छोटे जगन्नाथ भगवान को मंदिर में निकलेगा। इसके बाद शहर सुनारों की घाटी से घंटाघर और फिर दोबारा मंदिर तक रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 121 किलो पंच मेवे का भोग भी लगेगा। फिर महाआरती के बाद इसका समापन होगा। अजमेर से मंगवाया सोने की चमक वाला रथ, श्रीनाथजी जैसा होगा शृंगार पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- इस बार रथयात्रा के लिए रथ अजमेर से मंगाया है। ये रथ सोने जैसे रंग में रंगा है। साथ ही रथयात्रा में होने वाला शृंगार नाथद्वारा के श्रीनाथजी के स्वरूप जैसा होगा। इसके लिए पोशाक और मुकुट समेत अन्य शृंगार भी नाथद्वारा से मंगवाया गया है। इसके अलावा रथ को सजाने के लिए 200 किलो फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं। कल शहर में निकलेगी चार रथयात्रा
सीहोर जिले के बुधनी स्थित रेहटी में किसानों ने 100 प्रतिशत मूंग खरीदी की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया। सैकड़ों ट्रैक्टरों और बड़ी संख्या में किसानों ने नगर में रैली निकालकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। किसानों ने लगभग दो घंटे तक मुख्य मार्ग जाम रखा और सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है। किसान स्वराज संगठन के नेतृत्व में जिले के विभिन्न गांवों से किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ रेहटी कृषि उपज मंडी परिसर में जुटने लगे। मंडी परिसर में एक किसान सभा का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त की। सभा के बाद किसान सैकड़ों ट्रैक्टरों और पैदल नगर में रैली के रूप में निकले। यह रैली कृषि मंडी से शुरू होकर जीरो पॉइंट तक पहुंची और फिर वापस मंडी परिसर लौटी। रैली के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। रैली के बाद किसानों ने मंडी के सामने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों से चर्चा की। बाद में किसानों ने मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन बुधनी के एसडीएम को सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद किसानों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल हुआ। किसानों की प्रमुख मांगों में प्रदेश में उत्पादित मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी सुनिश्चित करना, खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को समाप्त करना ताकि किसानों को समय पर खाद मिल सके, और किसानों की अन्य लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करना शामिल है।
धमतरी में रेप के आरोपी को 20 साल की सजा:2024 के पॉक्सो केस में आया फैसला; पुख्ता सबूत बने आधार
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में पॉक्सो एक्ट के एक मामले में अदालत ने आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला वर्ष 2024 का है। पुलिस की मजबूत जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी), धमतरी ने ग्राम पावद्वार, थाना सिहावा निवासी किशन यादव (19 वर्ष) को दोषी करार दिया। आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 332, धारा 64(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत सजा सुनाई गई। अलग-अलग धाराओं में मिली सजा कोर्ट ने धारा 332 बीएनएस के तहत आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 1,000 रुपए जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं भरने पर 3 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। वहीं, पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत आरोपी को 20 साल के सश्रम कारावास और 3,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई गई। जुर्माना नहीं भरने पर 1 साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। वैज्ञानिक जांच से हुआ अपराध साबित इस मामले की जांच सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) दुलाल नाथ ने की। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से साक्ष्य जुटाए और मजबूत विवेचना की। पुलिस ने अदालत में पुख्ता सबूत पेश किए, जिसके आधार पर आरोपी का अपराध साबित हुआ। पुलिस की जांच बनी सजा की वजह धमतरी पुलिस ने बताया कि मजबूत जांच, सही साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के कारण आरोपी को कड़ी सजा दिलाने में सफलता मिली। यह फैसला गंभीर अपराधों में वैज्ञानिक जांच की अहमियत को भी दर्शाता है।
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव(ACS) राजेश यादव ने बुधवार को दौसा क्षेत्र के दौरे पर रहे। उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय भण्डाना और पालावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल भवनों की सुरक्षा, निर्माण गुणवत्ता, कक्षाओं और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर निर्देश दिए। एसीएस ने एक स्कूल की छत पर चढ़कर निरीक्षण किया। इससे पहले कलक्ट्रेट में शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों की सुरक्षा, शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए एनडीटी कराए बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल ध्वस्त किया जाए, क्षतिग्रस्त भवनों की मरम्मत कर उन्हें सुरक्षित बनाया जाए और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता जांच के लिए नॉन-डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाए। यदि कोई भवन गुणवत्ता मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो उसका पुनर्निर्माण कराया जाएगा। प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग करें एसीएस ने सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने, किसी भी बच्चे को स्कूल से बाहर नहीं रहने देने, शौचालयों की नियमित साफ-सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं हर समय उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजशाला संबलन ऐप के माध्यम से प्राइवेट स्कूलों की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाए, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रभावी मूल्यांकन हो सके। साथ ही 'एसीएस एजुकेशन संपर्क फॉर्म' के जरिए क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा का भी अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। इस दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र में रेल कर्मचारी से सरेराह 2.10 लाख की लूट की सूचना देर शाम तक मनगढंत कहानी में बदल गई। दोपहर को घर से निकलते समय बाइक सवार बदमाशों द्वारा लूट की वारदात को अंजाम देने की सूचना खुद रेलकर्मी की रचित साजिश थी। सिगरा पुलिस की जांच में 2.10 लाख की लूट की सूचना देकर पुलिस को दौड़ाने वाले रेलवे कर्मचारी की की शिकायत झूठी निकली। पुलिस की सक्रियता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूछताछ में कर्मचारी ने खुद स्वीकार कर लिया कि कर्ज से परेशान होकर उसने लूट की झूठी कहानी गढ़ी थी। पुलिस के अनुसार लक्ष्मीपुर सिसवन, डाला निवासी अमित कुमार श्रीवास्तव पुत्र अवधेश प्रसाद श्रीवास्तव रेलवे में कर्मचारी है। वे वर्तमान में चंदवा, चित्तूपुर (थाना सिगरा) में किराए के मकान में पत्नी बच्चों और पूरे परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार दोपहर बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी कि वह अपने आवास से 2.10 लाख रुपए लेकर बुलेट मोटरसाइकिल से महमूरगंज स्थित बैंक शाखा में जमा करने जा रहे थे। इसी दौरान लोको कॉलोनी के पास प्लैटिना मोटरसाइकिल सवार तीन बदमाशों ने चाकू मारकर रुपये लूट लिए। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई, वहीं रेलकर्मी ने भी डायल 112 पर भी कॉल की करके वारदात की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी निरीक्षक सिगरा शिवाकांत मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए एसओजी टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे निजी और त्रिनेत्र परियोजना के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तथा पीड़ित की पत्नी से भी पूछताछ की। जांच के दौरान अमित कुमार द्वारा बताए गए घटनाक्रम और सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट विरोधाभास मिला। इस पर पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने स्वीकार किया कि उन पर कई लोगों का कर्ज था। कर्जदाताओं से बचने और यह दिखाने के लिए कि उनके रुपये लूट गए हैं, उन्होंने पूरी लूट की कहानी गढ़ी थी ताकि कोई उनसे उधार का पैसा न मांगे।पुलिस की त्वरित जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ ही घंटों में झूठी लूट का पर्दाफाश हो गया। पुलिस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई कर रही है।
जयपुर में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा शाम 4:30 बजे श्री गोविंद देवजी मंदिर परिसर से रवाना होकर जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, छोटी चौपड़ होते हुए आतिश मार्केट स्थित बृजनिधि मंदिर पहुंचेगी। रथयात्रा को लेकर जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने व्यापक यातायात व्यवस्था लागू की है। सुरक्षा और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन रहेगा तथा कुछ मार्गों पर वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जगन्नाथ सेवक समिति की ओर से यह यात्रा निकाली जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन से अपील की है कि रथयात्रा के दौरान भीड़भाड़ और असुविधा से बचने के लिए निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का ही उपयोग करें, साथ ही ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इन रास्तों पर रहेगा डायवर्जन, बड़ी-छोटी चौपड़ की तरफ वाहनों की एंट्री बंद जलेबी चौक मार्ग बंद: रथयात्रा शुरू होने से पहले जलेबी चौक की ओर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रहेगा। बड़ी चौपड़ पर डायवर्जन: रथयात्रा के बड़ी चौपड़ पहुँचने तक सुभाष चौक, चार दरवाजा, रामगंज चौपड़ और त्रिपोलिया की ओर से आने वाले यातायात को वैकल्पिक मार्गों पर डायवर्ट किया जाएगा। त्रिपोलिया गेट मार्ग: रथयात्रा के त्रिपोलिया गेट पहुँचने से पहले न्यू गेट और छोटी चौपड़ की ओर से आने वाले वाहनों को भी अन्य मार्गों की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। छोटी चौपड़ मार्ग: रथयात्रा के छोटी चौपड़ पहुँचने से पहले अजमेरी गेट, चौगान चौराहा और संजय सर्किल से छोटी चौपड़ की ओर किसी भी प्रकार का ट्रैफिक नहीं जाने दिया जाएगा। पार्किंग और भारी वाहनों पर प्रतिबंध नो-पार्किंग ज़ोन: शाम 4:00 बजे से हवामहल बाज़ार, जौहरी बाज़ार और त्रिपोलिया बाज़ार में सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित (नो-पार्किंग) रहेगी। परकोटे में नो-एंट्री: शाम 4:00 बजे से ही घाटगेट, बड़ी चौपड़, रामगढ़ मोड़, सांगानेरी गेट, अजमेरी गेट, संजय सर्किल और गलता गेट से टेंपो, मिनी बस, सिटी बस और अन्य मध्यम श्रेणी के वाहनों का परकोटा क्षेत्र में प्रवेश बंद रहेगा। बसों के लिए वैकल्पिक मार्ग सांगानेरी गेट से आमेर जाने वाली बसें: सांगानेरी गेट से बड़ी चौपड़ होकर जाने वाली मिनी और सिटी बसों को घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ होते हुए आमेर की ओर भेजा जाएगा। संजय सर्किल से रामगंज-आमेर जाने वाली बसें: संजय सर्किल से रामगंज और आमेर जाने वाली बसों का संचालन एमआई (MI) रोड, घाटगेट, ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली बायपास, धोबी घाट और रामगढ़ मोड़ के रास्ते किया जाएगा।
फर्रुखाबाद के जहानगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव बहोरिकपुर के पास बुधवार शाम एक कार और बाइक की टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में बाइक पर सवार मां प्रीति (32 वर्षीय) और उनकी छह वर्षीय बेटी आराध्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को तत्काल लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। कन्नौज जनपद के छिबरामऊ थाना क्षेत्र के बहबलपुर गांव निवासी प्रीति बुधवार दोपहर अपने पति रवि कुमार और बेटी आराध्या के साथ फर्रुखाबाद शहर के लाल गेट स्थित अपने मायके आई थीं। बताया गया कि प्रीति अपनी बीमार बहन पुष्पा को देखने आई थीं। बुधवार देर शाम करीब 7:45 बजे ये लोग बाइक से वापस छिबरामऊ जा रहे थे। जहानगंज थाना क्षेत्र के बहोरिकपुर गांव के पास पहुंचने पर एक ऑल्टो कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर से बाइक पर सवार तीनों लोग गिर गए। इस दुर्घटना में प्रीति और उनकी बेटी आराध्या गंभीर रूप से घायल हो गईं। दोनों को पहले लोहिया अस्पताल रेफर किया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद परिजन उन्हें एक निजी नर्सिंग होम ले गए।
संभल से लापता किशोर मुंबई में मिला:रेलवे स्टेशन की CCTV फुटेज से 1529 KM दूर ट्रेस कर बचाया
संभल पुलिस ने घर से लापता हुए 12 वर्षीय किशोर सोनू पाल को पांच दिनों के भीतर महाराष्ट्र के न्यू मुंबई से बरामद कर लिया है। किशोर अपने घर से 1529 किलोमीटर दूर मिला। पुलिस ने रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसे ट्रेस किया। बुधवार की रात 08 बजे पुलिस ने बच्चें बरामदगी और परिजनों को सौंपने की जानकारी दी है। यह मामला संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के जुनावई थाना क्षेत्र के कादराबाद गांव का है। बीते 8 जुलाई को ऋषिपाल पुत्र किशन लाल ने थाना पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका 12 वर्षीय बेटा सोनू पाल लापता हो गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए BNS की धारा 137(2) के तहत रिपोर्ट दर्ज की। उप निरीक्षक प्रशांत मलिक को इस मामले की विवेचना सौंपी गई। दरोगा प्रशांत मलिक अपनी टीम के साथ रेलवे स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज के आधार पर न्यू मुंबई, महाराष्ट्र पहुंचे। वहां उन्होंने सोनू पाल को ढूंढ निकाला। उनकी टीम में कांस्टेबल सोनू और अरुण कुमार भी शामिल थे। थाना प्रभारी धीरज सिंह ने बताया कि 12 वर्षीय किशोर सोनू पाल को 13 जुलाई को न्यू मुंबई, महाराष्ट्र से बरामद किया गया था। 15 जुलाई को मेडिकल परीक्षण और BNS की धारा 180 व 183 के तहत न्यायालय में बयान दर्ज कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि बच्चा खुद ही घर से निकला था। वह कस्बा बबराला में आने वाली ट्रेन में बैठा और फिर किसी अन्य ट्रेन से मुंबई तक पहुंच गया। बच्चे से काफी पूछताछ की गई कि क्या कोई उसे लेकर गया था, लेकिन उसने इस बात से इनकार किया।
बिजनौर में पोक्सो एक्ट की विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय की अदालत ने नाबालिग किशोरी से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मुजाहिद को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 60 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता को तीन लाख रुपये प्रतिकर (मुआवजा) दिए जाने का भी आदेश दिया है। मामला थाना नजीबाबाद क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 28 अक्टूबर 2025 की शाम शिकायतकर्ता की नाबालिग बेटी घर से करीब दो लाख रुपये नकद और जेवरात लेकर लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि मुजाहिद किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। जब परिजन आरोपी के घर पहुंचे तो उन्हें वहां से भगा दिया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में किशोरी को बरामद कर आरोपी मुजाहिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के दौरान पुलिस ने अपहरण और दुष्कर्म समेत संबंधित धाराओं में आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया। मेडिकल परीक्षण में पीड़िता पांच माह की गर्भवती पाई गई थी, जिसे अभियोजन पक्ष ने महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में अदालत में प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पोक्सो एक्ट) कल्पना पांडेय ने आरोपी मुजाहिद को दोषी करार दिया। अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे तीन लाख रुपये प्रतिकर प्रदान करने का निर्देश दिया गया है। यह राशि शासन की निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपलब्ध कराई जाएगी।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) चित्तौड़गढ़ ने भूपालसागर थाने में तैनात एक कॉन्स्टेबल के खिलाफ 10 हजार रुपए रिश्वत मांगने का मामला दर्ज किया गया है। एसीबी का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई के साथ लोगों को शिकायत करने के लिए भी लगातार जागरूक किया जा रहा है। भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहा विशेष अभियान एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोपाल स्वरूप मेवाड़ा ने बताया कि भूपालसागर थाने में तैनात कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ शिकायत मिली थी कि परिवादी के बेटे और परिवार के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज था, जिसकी जांच वही कर रहा था। आरोप है कि दोनों पक्षों में समझौता करवाने, थाने में दर्ज रिपोर्ट को खत्म करवाने और परिवार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करने के बदले उसने 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने नियमानुसार रिश्वत मांग का सत्यापन कराया। रकम की व्यवस्था नहीं होने से ट्रैप नहीं हो सका, फिर दर्ज हुआ केस जांच के दौरान परिवादी 10 हजार रुपए की व्यवस्था नहीं कर पाया। बाद में आरोपी कॉन्स्टेबल ने भी दोबारा रिश्वत लेने के लिए नहीं बुलाया। इसके बाद परिवादी की सूचना और सत्यापन के आधार पर एसीबी ने 13 जुलाई को कॉन्स्टेबल सुरेश विश्नोई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया। अब इस मामले की आगे की जांच एसीबी की इंटेलिजेंस यूनिट, उदयपुर कर रही है। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी और लोगों से बिना किसी डर के शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। एसीबी चित्तौड़गढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एसीबी के स्थापना दिवस के अवसर पर 12 से 18 जुलाई तक पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार विरोधी जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत सरकारी कार्यालयों में पोस्टर लगाए जा रहे हैं। साथ ही जिले में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
हैदराबाद में आग में झुलसा रिसार, मां बेटे की मौत:सतना लाते समय दम तोड़ा; पिता और बेटे की हालत गंभीर
सतना जिले का एक परिवार तेलंगाना के हैदराबाद में गैस सिलेंडर रिसाव के कारण लगी आग में झुलस गया। इस हादसे में परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के बाद एंबुलेंस से सतना लाया जा रहा था, तभी रास्ते में मां और बेटी ने दम तोड़ दिया। पिता और बेटा गंभीर हालत में सतना जिला अस्पताल में भर्ती हैं। यह घटना रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र के हिनौती गांव के साकेत परिवार के साथ हुई। परिजनों के अनुसार, हिनौती निवासी शिव प्रसाद साकेत कई वर्षों से हैदराबाद की एक बिस्कुट फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। लगभग एक माह पहले उनकी पत्नी रानी साकेत (38), बेटा शेरबहादुर (15) और बेटी निधि (17) भी उनके साथ हैदराबाद चले गए थे। परिवार मधुवन क्षेत्र में किराए के कमरे में रह रहा था। बताया गया कि 9 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे रानी साकेत चाय बनाने के लिए गैस जलाने पहुंचीं। जैसे ही उन्होंने माचिस जलाई, सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण कमरे में भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के चारों सदस्य उसकी चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तत्काल उस्मानिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलने पर परिजन हैदराबाद पहुंचे। मंगलवार को वे एंबुलेंस से चारों को सतना लेकर रवाना हुए। इसी दौरान रास्ते में रानी साकेत और उनकी 17 वर्षीय बेटी निधि की मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसे शिव प्रसाद साकेत और उनके पुत्र शेरबहादुर को सतना जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका उपचार जारी है। इस हादसे के बाद हिनौती गांव में शोक का माहौल है।
भोपाल के आईएसबीटी पर बुधवार को जिला न्यायालय के निर्देश पर विशेष मजिस्ट्रेट चेकिंग अभियान चलाया गया। चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (सीजीएम) आग्नीध्र कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में तीन अन्य मजिस्ट्रेट, चार थानों की पुलिस ने यह अभियान चलाया। इसमें पुलिस टीम ने वाहनों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। इस दौरान असिस्टेंट कमांडेट की गाड़ी रोकी गई। लेकिन दस्तावेज पूरे होने पर उन्हें जाने दिया गया। लगभग 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म उतरवाई गई और उनपर चालानी कार्रवाई की गई। देखिए तस्वीरें कुल 13 वाहनों के चालान किए अभियान के दौरान कुल 13 वाहनों के चालान किए गए। इनमें 10 वाहनों से ब्लैक फिल्म हटवाई गई, जबकि एक वाहन पर सर्च लाइट लगाने और एक वाहन पर नंबर प्लेट नहीं होने के कारण चालान किया गया। इसके अलावा एक डंपर को दस्तावेज होने पर न होने पर जब्त किया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह विशेष अभियान चलाए जाएंगे। वाहन चालकों से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
बस्ती के चर्चित कबीर तिवारी हत्याकांड में फरार चल रहे सात आरोपियों के खिलाफ अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए)/ईसी एक्ट एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार गिरि की अदालत ने आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही थाना कोतवाली पुलिस को 14 अगस्त 2026 तक कुर्की की कार्रवाई की रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अदालत के आदेश के अनुसार, आरोपी अमन प्रताप सिंह, अक्षय प्रताप सिंह, मोहम्मद शाद उर्फ सद्धू, अवनीश सिंह, मोहम्मद इमरान, मोहम्मद समीर और साहिल सिंह लगातार न्यायालय में पेश नहीं हो रहे हैं। उनकी ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, न्यायालय ने यह प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। अदालत ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से मामले में कोई स्थगन आदेश (स्टे) जारी नहीं किया गया है। ऐसे में सुनवाई टालने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता। सुनवाई के दौरान वादी पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपियों को पहले दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 319 के तहत तलब किया जा चुका है, लेकिन वे जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया से बच रहे हैं। वादी पक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमे को प्रभावित करने के उद्देश्य से प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को धमकाने का प्रयास किया जा रहा है। अदालत ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि आरोपियों के खिलाफ पहले ही गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं। इसके अलावा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत उद्घोषणा की कार्रवाई भी पूरी हो चुकी है और उनकी फरारी की सूचना राष्ट्रीय समाचार पत्रों में प्रकाशित कराई जा चुकी है। इसके बावजूद आरोपी न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 83 के तहत सातों फरार आरोपियों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने का आदेश दिया है। अब कोतवाली पुलिस आरोपियों की संपत्तियों का विवरण जुटाकर कुर्की की कार्रवाई करेगी और 14 अगस्त 2026 तक उसकी विस्तृत रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करेगी।
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की मौत:तीन घंटे तक मचाया था उत्पात, क्वॉरेंटाइन में था
खरगोन में रेबीज संक्रमित सांड की बुधवार को मौत हो गई। इस सांड ने मंगलवार को शहर में तीन घंटे तक उत्पात मचाया था। पशु चिकित्सा टीम की निगरानी में उसे नगर पालिका के कांजी हाउस में क्वॉरेंटाइन में रखा गया था, जहां रेबीज की पुष्टि हुई थी। मंगलवार दोपहर करीब 11:30 बजे यह सांड एसपी कार्यालय परिसर में घुस आया था। लगभग दो घंटे तक वह परिसर में उग्र अवस्था में घूमता रहा, जिससे लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर गौरक्षक और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रेस्क्यू के प्रयास के दौरान सांड और भड़क गया और करीब सात फीट ऊंचा बंद गेट लांघकर बाजार में भाग गया। वहां उसने दो आम के ठेले और तीन बाइक पलट दीं, जिससे लगभग आधे घंटे तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। नगर पालिका के पंप हाउस परिसर में गौसेवक जिलाध्यक्ष सतीश राठौर के नेतृत्व में टीम ने करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद रस्सी के फंदे से उसे सुरक्षित पकड़ा। इसके बाद उसे कांजी हाउस में अलग से क्वॉरेंटाइन में रखा गया था। पशु चिकित्सक डॉ. आदित्य राज परमार के अनुसार, सांड में रेबीज की पुष्टि सलाइवा और अन्य लक्षणों के आधार पर की गई थी, हालांकि उसका पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। उपचार और निगरानी के दौरान बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। डॉ. परमार ने बताया कि रेबीज का कोई उपचार नहीं है, इसलिए एहतियात के तौर पर पशुओं को आवश्यक टीके लगवाने चाहिए।
वाराणसी के मंडुवाडीह थाना क्षेत्र में बुधवार को जीटी रोड किनारे संचालित होटल पर पुलिस टीम ने छापेमारी की। स्टेट बैंक के सामने स्थित गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट की सूचना पर एसीपी रोहनिया ने होटल के कमरे खंगाले। कार्रवाई के दौरान तीन महिलाओं को अनैतिक काम में पकड़ा गया, उनके साथ होटल मैनेजर समेत एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया गया। सभी को पूछताछ के लिए थाने भेजा गया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। बुधवार शाम 6.30 बजे रोहनिया क्षेत्र स्थित होटल चंद्रा इन में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की। एसीपी ने सबसे पहले कार्रवाई के दौरान होटल में ठहरे लोगों के दस्तावेजों, आगंतुक रजिस्टर और अन्य अभिलेखों की गहन जांच की गई। पुलिस को रजिस्टर में दर्ज कुछ प्रविष्टियां संदिग्ध प्रतीत होने पर कई लोगों को पूछताछ के लिए कमरे से बाहर बुलाया। टीम ने होटल परिसर की सघन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान थाना प्रभारी, महिला उपनिरीक्षक, महिला कांस्टेबल तथा अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। रजिस्टर और पहचान पत्रों का किया गया मिलान होटल पहुंचने के बाद पुलिस ने सबसे पहले वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की और होटल प्रबंधन से आगंतुक रजिस्टर, पहचान संबंधी दस्तावेज तथा अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने को कहा। इसके बाद होटल में ठहरे प्रत्येक व्यक्ति के पहचान पत्र और रजिस्टर में दर्ज विवरण का बारीकी से मिलान किया गया। रजिस्टर के नाम तथ्यों में संदेह उत्पन्न होने पर पुलिस ने संबंधित लोगों को हिरासत में ले लिया। होटल प्रबंधन द्वारा अतिथियों का रिकॉर्ड रखने, पहचान पत्रों के सत्यापन और निर्धारित नियमों के पालन की प्रक्रिया की भी जांच के लिए मैनेजर को हिरासत में लिया गया है।
नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बारिश का असर अब घाघरा नदी के जलस्तर पर साफ दिखाई देने लगा है। बुधवार को महज 11 घंटे के भीतर दूसरी बार नदी में 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे पहले सुबह 1,28,476 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। लगातार बढ़ते डिस्चार्ज के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है और जिला प्रशासन ने तटीय व निचले इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। बुधवार रात करीब 8:30 बजे घाघरा नदी में दूसरी बार 1,04,706 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नेपाल और विभिन्न बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के चलते नदी का बहाव तेज हो गया है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 घंटे में नदी का जलस्तर करीब 2 सेंटीमीटर बढ़ा है। यदि इसी तरह पानी छोड़ा जाता रहा तो आने वाले दिनों में बाढ़ का खतरा और बढ़ सकता है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर बाढ़ चौकियों को 24 घंटे सक्रिय रहने के आदेश दिए गए हैं। राजस्व विभाग, बाढ़ खंड, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगातार तटीय क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। बाढ़ संभावित गांवों में नावों की व्यवस्था भी कर दी गई है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। घाघरा के किनारे बसे गांवों के लोगों में बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि नदी में पानी का डिस्चार्ज इसी तरह जारी रहा तो कटान तेज हो सकती है और बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों तक पहुंच सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बाढ़ नियंत्रण कक्ष या स्थानीय प्रशासन को सूचना दें। अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है और हालात के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
बलौदाबाजार जिले के गिधौरी-टुण्डरा क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान रास्ता मांगने को लेकर हुए विवाद में एक युवक को चाकू मार दिया गया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया है। हालांकि, इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। यह घटना 09 जुलाई 2026 की रात करीब 10:00 बजे ग्राम परसापाली में हुई। प्रार्थी विजय पटेल (19), निवासी गिधौरी, अपने दोस्तों के साथ मोटरसाइकिल से आ रहा था। परसापाली गांव में एक शादी समारोह चल रहा था, जिसके चलते सड़क पर डीजे की धुन पर नाच रहे लोगों की भारी भीड़ थी। विजय पटेल ने भीड़ से साइड देने और रास्ता मांगने का प्रयास किया। रास्ता मांगने पर चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला रास्ता मांगने पर वहां मौजूद परसापाली के दो-तीन लड़के उग्र हो गए और विजय पटेल को गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। जब विजय ने गाली देने से मना किया, तो आरोपी कमल पटेल ने धारदार चाकू निकालकर उस पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। विजय के पेट, जांघ, कमर और पीठ पर कई वार किए गए, जिससे वह लहूलुहान हो गया। गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर घायल विजय पटेल को तत्काल कसडोल अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बलौदाबाजार रेफर कर दिया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित की रिपोर्ट पर थाना गिधौरी-टुण्डरा में भारतीय न्याय संहिता (बी.एन.एस.) की धारा 118(2), 296, 115(2), 3(5) और 109 के तहत मामला दर्ज किया गया। आरोपी गिरफ्तार, वारदात में इस्तेमाल चाकू जब्त पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी कमल पटेल को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू जब्त कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी कमल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
मेरठ की सिवालखास विधानसभा के गांव रासना और खानपुर में आयोजित कार्यक्रमों में भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई भाजपा पेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। जहां रासना में स्थित शालिग्राम शर्मा डिग्री कॉलेज परिसर में कवि सम्मेलन हुआ तो कार्यक्रम के बाद दूसरी और खानपुर गांव में एक किसान चौपाल का भी आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि सरकार का मुख्य लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास करना है। चौधरी ने कहा कि गन्ना किसानों के भुगतान में तेजी लाई गई है और सरकार किसानों को उनकी उपज का समय पर मूल्य दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने यह भी बताया कि कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा, उन्नत बीजों की उपलब्धता, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी और विभिन्न किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभउठाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के आयोजक मनिंदर पाल ने कहा कि किसान चौपाल का उद्देश्य किसानों की समस्याओं को सुनना और उन्हें शासन तक पहुंचाना है। वहीं ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने की है। चौपाल के दौरान किसानों ने खेती, सिंचाई, बिजली और अन्य स्थानीय मुद्दों पर अपने सुझाव और समस्याएं भी रखीं। सिवाल खास विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के पूर्व प्रत्याशी मनिंदर पाल और जानी ब्लॉक प्रमुख गौरव चौधरी के नेतृत्व में आयेाजित किसान चौपाल में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ संजीव बालियान समेत बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुल्तानपुर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बुधवार दोपहर हुए सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। हादसा हलियापुर थाना क्षेत्र में माइलस्टोन 91.600 के पास हुआ। गंभीर रूप से घायल गौरव को पहले अंबेडकरनगर जिला अस्पताल और फिर टांडा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गौरव अपने दोस्तों के साथ लखनऊ से घर लौट रहे थे। दोपहर करीब 12 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 91.600 के पास किसी कारणवश वह वाहन से उतरे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद साथियों ने उन्हें अंबेडकरनगर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज, टांडा रेफर कर दिया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। गौरव की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। दोस्तपुर क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में लोग परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। गौरव प्रसिद्ध लोकगायक देवेंद्र उपाध्याय के दो बेटों में छोटे थे। उनके बड़े भाई का नाम वैभव उपाध्याय है। देवेंद्र उपाध्याय पूर्वांचल के चर्चित लोकगायक हैं और लंबे समय से लोकगीत एवं आर्केस्ट्रा कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी पहचान बनाए हुए हैं। बेटे की मौत से परिवार गहरे सदमे में है।
बाड़मेर नगर परिषद कर्मचारी के फाइनेंसरों से परेशान होकर सुसाइड करने के मामले में तीसरे दिन बुधवार को मांगों पर आश्वासन के बाद सहमति बन गई। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है। धरना स्थल पर पहुंचे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा ने परिजनों और प्रशासन के बीच वार्ता करवाई। प्रशासन की ओर से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, अनुकम्पात्मक नियुक्ति, आर्थिक सहयोग के आश्वासन के बाद गतिरोध टूट गया। ट्रेन के आगे कूदकर दी थी जान जानकारी के अनुसार, सोमवार को जोधपुर से बाड़मेर आ रही पैसेंजर ट्रेन के आगे बापू कॉलोनी निवासी गौरीशंकर (39) पुत्र किशोरीलाल ने छलांग लगा दी। हादसे के बाद उनका शव रेलवे ट्रैक के पास बने नाले के कीचड़ में जा गिरा। घटना की सूचना मिलने पर ट्रेन को रोका गया, लेकिन शुरुआत में युवक का पता नहीं चल सका। इसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और सर्च अभियान चलाया। तलाश के दौरान नाले से शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया था। परिजनों को थमाया था नोटिस धरने पर लोगों और पुलिस, प्रशासन से कई दौरे की वार्ताएं हुए लेकिन कुछ मांगों पर सहमति बनी लेकिन परिजन अपने मांगों पर अड़े रहे। बुधवार को एसडीएम यशार्थ शेखर, एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश कुमार शर्मा ने परिजनों से वार्ता कर समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस की ओर से शव पोस्टमॉर्टम करवाकर उठाने का नोटिस भी दिया गया। दोपहर करीब 3 बजे बीजेपी के पूर्व जिलाध्यक्ष स्वरूपसिंह खारा समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से वार्ता की गई। इन बातों पर बनी सहमति पुलिस ने धरने पर बैठे लोगों को आश्वस्त किया कि नामजद दो आरोपियों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। वहीं आर्थिक सहायता को लेकर प्रशासन ने नियमानुसार जो मदद मिलेगी उसको दिया जाएगा। स्वरूपसिंह खारा ने मृतक के तीने बच्चों को पढ़ाई की जिम्मेदारी ली है। इसके बाद परिजन पोस्टमॉर्टम करवाने और शव उठाने के लिए सहमत हो गए। स्वरूपसिंह खारा ने कहा- मृतक के परिवार को अनुकम्पात्मक नियुक्ति, एक सदस्य को संविदा पर नौकरी, नियमानुसार प्रशासनिक मदद का प्रशासन ने भरोसा दिलाया है। वहीं मैंने मेरी ओर से बच्चों को पढ़ते तक पूरा खर्चा उठाने का भरोसा दिलाया है। एएसपी नितेश आर्य ने बताया- पुलिस ने रिपोर्ट पर तुंरत दो नामजद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली थी। पुलिस की टीमें पूरे मामले की जांच कर रही है। इन दो जनों के अलावा भी कोई आरोपी इस घटना में शामिल होगा तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। ---------------------------------- इससे जुड़ी खबर पढ़ें… फाइनेंसरों से परेशान होकर किया सुसाइड, परिजन धरने पर बैठे:नगर परिषद कर्मचारी की मौत के बाद गिरफ्तारी की मांग, डीएसपी बोले- समझाइश जारी
मंडला बाईपास स्थित नर्मदा पुल के नीचे पीपरपानी गांव के पास बुधवार को नर्मदा नदी में नहाते समय 55 वर्षीय एक बुजुर्ग डूबकर लापता हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर देर शाम तक तलाश अभियान चलाया, लेकिन बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिल पाया। लापता बुजुर्ग की पहचान आमनाला निवासी गणेश प्रसाद उईके (55) के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि वे एक रिश्तेदार के निधन के बाद मुंडन और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के लिए परिवार के साथ नर्मदा तट पर पहुंचे थे। स्नान करते समय गणेश प्रसाद गहरे पानी में चले गए और डूबकर लापता हो गए। घटना के तुरंत बाद, साथ मौजूद लोगों ने गणेश प्रसाद को खोजने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। मंडला एसडीईआरएफ के कमांडेंट हेमराज परस्ते ने बताया कि कंट्रोल रूम से बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंच गया था। टीम ने देर शाम तक नदी में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन गणेश प्रसाद का पता नहीं चल सका। अंधेरा होने के कारण फिलहाल अभियान रोक दिया गया है, जिसे गुरुवार सुबह फिर से शुरू किया जाएगा।
जोधपुर में निजी स्कूल संचालकों ने राइट टू एजुकेशन (आरटीई) की बकाया राशि और शाला संबलन मोबाइल ऐप से आ रही समस्याओं के विरोध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्यों ने दावा किया कि बुधवार को शहर की सभी निजी स्कूल बंद रही। गैर सरकारी विद्यालय बचाओ समिति के बैनर तले बुधवार शाम को निजी स्कूल संचालक कलेक्ट्रेट में इकट्ठे हुए और आदेश के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद एडीएम को मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। समिति के सदस्य जोगेन्द्र सिंह गौड़ ने बताया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार शाला संबलन मोबाइल एप के माध्यम से गैर-सरकारी विद्यालयों का निरीक्षण,अवलोकन एवं विभिन्न बिंदुओं पर जांच किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। यह आदेश व्यवहारिक परिस्थितियों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रदेश के हजारों गैर-सरकारी विद्यालयों में अनावश्यक भय, असमंजस एवं प्रशासनिक बोझ उत्पन्न होगी। गैर-सरकारी विद्यालयों को विभाग द्वारा सभी आवश्यक मानकों, नियमों एवं अधिनियमों की जांच के बाद ही मान्यता प्रदान की जाती है। विद्यालयों की मान्यता के समय भवन, भूमि, आधारभूत सुविधाएं, स्टाफ, सुरक्षा सहित अन्य सभी आवश्यक मापदण्डों का विस्तृत परीक्षण किया जाता है। ऐसे में पुनः उन्हीं विषयों पर बार-बार विस्तृत निरीक्षण एवं जांच करना न केवल अव्यवहारिक है बल्कि शिक्षा के मूल उद्देश्य से भी भटकाने वाला कदम है। इंस्पेक्टर राज को मिलेगा बढ़ावा उन्होंने कहा कि यह आदेश लागू होने से इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा, अनावश्यक हस्तक्षेप एवं भ्रष्टाचार की संभावनाएं बढ़ेगी। इससे विद्यालय संचालकों का समय विद्यार्थियों की शिक्षा, शिक्षण व्यवस्था एवं विद्यालय विकास के बजाय कागजी औपचारिकताओं एवं निरीक्षणों में व्यतीत होगा, जिसका प्रतिकूल प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा। प्रशासनिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। इस प्रकार की अनावश्यक जांच एवं औपचारिकताओं में उन्हें उलझाना शिक्षा व्यवस्था के हित में नहीं है, बल्कि इससे छोटे विद्यालयों का संचालन और अधिक कठिन हो जाएगा। भय का नहीं, विश्वास एवं संवाद का हो वातावरण गौड़ ने कहा- हमारा मानना है कि विभाग एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के मध्य सहयोग, विश्वास एवं संवाद का वातावरण होना चाहिए। न कि भय एवं अनावश्यक निरीक्षण का। यदि किसी विद्यालय के विरुद्ध कोई विशिष्ट एवं प्रमाणित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी नियमानुसार जांच की जा सकती है लेकिन सभी विद्यालयों पर इस प्रकार का व्यापक निरीक्षण थोपना न्यायोचित एवं व्यवहारिक नहीं है। ज्ञापन में रखी ये मांग
गोरखपुर में कल बिजली रहेगी गुल:कई इलाके रहेंगे प्रभावित, उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील
गोरखपुर में गुरुवार को बिजली विभाग बड़े पैमाने पर अनुरक्षण और सड़क चौड़ीकरण से जुड़े कार्य करेगा। इसके चलते शाहपुर, तारामंडल और राप्तीनगर क्षेत्र के कई फीडरों से जुड़ी बिजली आपूर्ति निर्धारित समय के लिए बाधित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से पहले ही पानी की व्यवस्था करने और जरूरी बिजली आधारित कार्य समय रहते निपटाने की अपील की है। शाहपुर विद्युत उपकेंद्र से संचालित 11 KV खरइया फीडर के लिटिल फ्लावर स्कूल वाली गली में लंबे समय से जर्जर हो चुके बिजली के तारों को बदलने का काम किया जाएगा। विभाग के मुताबिक भीषण गर्मी के बीच खराब तारों के कारण सप्लाई बनाए रखना मुश्किल हो रहा था और दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई थी। इसी वजह से इमरजेंसी अनुरक्षण कार्य कराया जा रहा है। इस दौरान सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक संबंधित क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। तारामंडल के इंदिरानगर फीडर पर रहेगा शटडाउन 6 लेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत ट्रांसफार्मर के चारों ओर सुरक्षा फेंसिंग लगाने का कार्य किया जाएगा, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस काम के चलते तारामंडल उपकेंद्र के इंदिरानगर फीडर की बिजली सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक बाधित रहेगी। राप्तीनगर में कई इलाके होंगे प्रभावित राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र पर सड़क चौड़ीकरण के चलते लाइन शिफ्टिंग का कार्य होगा। इसके कारण 11 KV रेल विहार और करीमनगर फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। वहीं, राप्तीनगर ओल्ड उपकेंद्र पर तीनों पावर ट्रांसफार्मरों की तकनीकी जांच (टेस्टिंग) भी की जाएगी। टेस्टिंग के दौरान ट्रांसफार्मरों को एक-एक कर बंद किया जाएगा, जिससे उनसे जुड़े सभी 11 KV फीडरों की बिजली बारी-बारी से सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक प्रभावित रहेगी। बिजली विभाग ने प्रभावित इलाकों के उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित शटडाउन को देखते हुए सुबह ही पानी भर लें और अन्य आवश्यक तैयारियां पूरी कर लें। विभाग का कहना है कि अनुरक्षण और सुरक्षा संबंधी कार्य पूरा होते ही सभी फीडरों की बिजली आपूर्ति चरणबद्ध तरीके से बहाल कर दी जाएगी। असुविधा के लिए विभाग ने उपभोक्ताओं से खेद भी जताया है।
द्वारिकाधीश मंदिर मे रथयात्रा उत्सव, आम का भोग लगाया:रथ पर विराजे प्रभु, देशभर से आए श्रद्धालु
राजसमंद में कांकरोली स्थित श्री द्वारकाधीश मंदिर में बुधवार को आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकम एवं पुष्य नक्षत्र के शुभ अवसर पर रथयात्रा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। तृतीय पीठ के युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार महाराज ने रथयात्रा उत्सव की सेवा प्रभु को समर्पित की। सुबह श्रृंगार में प्रभु द्वारकाधीश को श्वेत एवं लाल परिधानों के साथ हीरा, पन्ना और माणक के आभूषण धराए गए। राजभोग के बाद पहले भोग के दर्शन में प्रभु अष्ट अश्वों से सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। इस अवसर पर प्रभु को साढ़े चार क्विंटल आम का विशेष भोग अर्पित किया गया। चौथे भोग के दर्शन डोल तिवारी में रथ पर विराजित स्वरूप में हुए, जबकि शयन दर्शन में प्रभु तांगे में विराजे। शयन के समय मोगरे की कलियों से विशेष श्रृंगार किया गया और युवराज गोस्वामी वैदांत कुमार ने रथयात्रा उत्सव की आरती उतारी। इस दौरान बड़ी संख्या में वैष्णव श्रद्धालुओं ने दर्शन कर उत्सव का आनन्द लिया। आयोजन में गोस्वामी संजीव कुमार महाराज, मंदिर मुखिया, सहायक मुखिया, भीतरिया, कीर्तनकार एवं पखावज वादकों ने भी अपनी सेवाएं अर्पित कीं।
कासगंज पुलिस ने आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित संपन्न कराने के उद्देश्य से शहर में पैदल गश्त और फ्लैग मार्च किया। यह कार्रवाई बुधवार, 15 जुलाई 2026 को प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कासगंज के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल के साथ की गई। फ्लैग मार्च बिलराम गेट, बारहद्वारी, सोरों गेट, चामुंडा मंदिर, ठंडी सड़क, बस स्टैंड, माल गोदाम चौराहा, गांधी मूर्ति, सर्राफा मार्केट और नदराई गेट सहित कांवड़ यात्रा के प्रमुख मार्गों तथा मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों और व्यापारियों से संवाद किया। उन्होंने लोगों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया। प्रभारी निरीक्षक ने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस पूरी तरह सतर्क रहेगी और कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस पहल का उद्देश्य जनता में विश्वास कायम करना, असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना और कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराना है। जिला पुलिस ने सभी नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है।
अजमेर में बाइक सवार पति और पत्नी को ट्रेलर ने बुरी तरह कुचल दिया। हादसे में दंपती की मौके पर ही मौत हो गई। ट्रेलर दोनों को करीब 50 से 60 फीट तक घसीटता चला गया। हादसा इतना भयानक था कि दोनों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और मांस के टुकड़े सड़क पर बिखर गए। टक्कर से पति का सिर धड़ से अलग होकर उसकी पत्नी के शव के पास जा गिरा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और क्षत-विक्षत शवों को समेटकर अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया। अजमेर-नागौर बाईपास पर विश्राम स्थली तिराहे के पास बुधवार शाम को यह हादसा हुआ। अब देखिए, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पत्नी की थेरेपी करवाकर लौट रहे थे सेवानिवृत्त टीचर गेगल थाने के ASI वीरेंद्र सिंह ने बताया कि यह दर्दनाक हादसा बुधवार शाम करीब 5 बजे हुआ। हादसे में जान गंवाने वाले दंपती की पहचान भूडोल गांव निवासी प्रभुलाल (63) और उनकी पत्नी मैना देवी (60) के रूप में हुई है। प्रभुलाल शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त टीचर थे। अपनी पत्नी मैना देवी को थेरेपी दिलाने के लिए अजमेर लेकर आए थे। इलाज के बाद दोनों शाम को बाइक से वापस अपने गाँव लौट रहे थे, इसी दौरान विश्राम स्थली तिराहे के पास पीछे से आए एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। 60 फीट तक घसीटता ले गया ट्रेलर प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर दंपती को बाइक सहित करीब 50 से 60 फीट तक घसीटता चला गया। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दोनों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए और हाईवे पर दूर-दूर तक खून फैल गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दुर्घटना के वक्त पत्नी ने अपने पति को पीछे से कसकर पकड़ रखा था। टक्कर लगते ही पति का सिर धड़ से अलग होकर पत्नी के शव के पास ही गिर गया, जबकि पति के शरीर का बाकी हिस्सा ट्रेलर के साथ काफी दूर तक घिसटता और कुचलता चला गया। हाईवे पर लगा जाम, ट्रेलर जब्त; आज होगा शवों का पोस्टमॉर्टम भीषण हादसे के बाद मौके पर राहगीरों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे हाईवे पर कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही गेगल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित किया। पुलिस ने मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाने के बाद सड़क को साफ करवाया और दोनों शवों को समेटकर अजमेर के जेएलएन (JLN) अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया। पुलिस ने आरोपी ट्रेलर को जब्त कर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

