आज 6 जिलों में तेज बारिश का अलर्ट:अब तक 13 फीसदी ज्यादा बरसात; 11 जुलाई से कमजोर होगा मानसून
राजस्थान के बीकानेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और फलोदी क्षेत्र में गुरुवार को मानसून की एंट्री हुई। लेकिन यह एंट्री कमजोर रही। हनुमानगढ़ को छोड़कर शेष जिलों में मौसम साफ रहा। इधर, पूर्वी राजस्थान के अजमेर, बारां, करौली और धौलपुर में हल्की बारिश हुई। शुक्रवार को 6 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। वहीं, मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि राज्य में अब मानसून की बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। 11 जून से मानसून के कमजोर फेज की शुरुआत होगी। राजस्थान में अब तक सामान्य से 13 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। सबसे पहले- राजस्थान में बारिश की स्थिति अब- प्रदेश में मौसम से जुड़ी PHOTOS… ये शहर सबसे ज्यादा गर्म मानसून के बड़े अपडेट्स कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश: पिछले 24 घंटों में अजमेर के केकड़ी में 49MM, बारां के अंता में 28MM, करौली के सूरोठ में 24MM, चूरू के सिद्धमुख में 20MM, करौली के मासलपुर में 10MM और झुंझुनूं के पिलानी में 10MM बरसात दर्ज की गई। वहीं हनुमानगढ़, जालौर, भीलवाड़ा, दौसा, धौलपुर, झालावाड़, कोटा और सीकर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई। श्रीगंगानगर, चूरू समेत कई शहरों का पारा चढ़ा: बारिश का दौर कमजोर पड़ने और धूप निकलने से श्रीगंगानगर, चूरू, जयपुर, अलवर और चित्तौड़गढ़ समेत कई जिलों में तापमान बढ़ गया है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। आगे कैसा रहेगा मौसम… राजस्थान के प्रमुख शहरों का मौसम जयपुर: राजधानी में गुरुवार को दिनभर मौसम ज्यादातर साफ रहा। कुछ देर के लिए बादल छाए, लेकिन फिर धूप खिल गई। जयपुर में अधिकतम तापमान 1 डिग्री चढ़कर गुरुवार को 34.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अलवर: जिले में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे। उमस बनी रही और बारिश नहीं हुई। इससे एक दिन पहले बुधवार को अलवर में अच्छी बारिश हुई थी, जहां रामगढ़ में सबसे अधिक करीब 60 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यहां अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। जोधपुर: दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, यहां अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक रहा। उदयपुर: मौसम विभाग के यलो अलर्ट के बावजूद गुरुवार को जिले में पूरे दिन बारिश नहीं हुई। सुबह कुछ समय तक आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन इसके बाद दिनभर मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही, जिससे लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सीकर: जिले में गुरुवार को दिनभर गर्मी का असर रहा। गुरुवार सुबह से ही तेज धूप खिली रही, हालांकि शाम को हल्के बादलों के बीच हवा चली। सीकर जिला मुख्यालय समेत आसपास के इलाकों में हल्के बादल छाए रहे, जिससे उमस रही। दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा:दिनभर बादलों की आवाजाही के बीच लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। यहां अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार तापमान सामान्य बना हुआ है। हालांकि मानसून सक्रिय होने पर आने वाले दिनों में बारिश की संभावना है। अजमेर: गुरुवार सुबह हल्की हवा के कारण मौसम सामान्य रहा। लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली। हालांकि, बीच-बीच में तेज धूप निकलने से गर्मी भी महसूस हुई। अजमेर का अधिकतम तापमान 32.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
प्रदेश में आबादी की भूमि पर काबिज 48 लाख से अधिक परिवारों को प्रॉपर्टी का मालिकाना हक देने राज्य सरकार ने तहसीलदारों, प्रभारी तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों को सब रजिस्ट्रार के पॉवर दिए हैं। इसके साथ ही रजिस्ट्री पर लगने वाले पंचायत उपकर की राशि अब सरकार खुद पंचायतों को देगी। इसके लिए भी सरकार ने कैबिनेट से ऐसे मामले में पंचायत उपकर माफ करने की मंजूरी दे दी है। मोहन यादव सरकार ने 2 जून को हुई कैबिनेट बैठक में 'स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना-2026' के अंतर्गत स्टॉम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क को पूरी तरह माफ करने का फैसला किया है। इससे सरकार पर 3800 करोड़ रुपये का वित्तीय भार आने वाला है। इसके लिए राज्य सरकार के पंजीयन और पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग ने अलग-अलग अध्यादेश के नोटिफिकशन जारी कर दिए हैं। पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायत उपकर के रूप में ली जाने वाली राशि ऐसे मामलों में माफ किए जाने और पंजीयन विभाग ने पंजीयन व मुद्रांक शुल्क माफ किए जाने का नोटिफिकेशन किया है। ताजा मामला तहसीलदार, प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार को रजिस्ट्री के लिए सब रजिस्ट्रार के पॉवर दिए जाने से संबंधित है जिसके लिए पंजीयन और मुद्रांक विभाग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इसमें कहा गया है कि स्वामित्व योजना के अंतर्गत जिन ग्रामीणों को आबादी भूमि की रजिस्ट्री मुफ्त कराकर देना है उस भूमि की रजिस्ट्री उप पंजीयक कार्यालय में सब रजिस्ट्रार तो करेंगे ही, साथ ही तहसीलदार, नायब तहसीलदार और प्रभारी तहसीलदार भी रजिस्ट्री कर सकेंगे। इससे संबंधित लोगों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। प्रदेश में 235 सब रजिस्ट्रार के अलावा राजस्व न्यायालय का काम देखने वाले ये अधिकारी भी रजिस्ट्री कर सकेंगे। नौ जून को हुई कैबिनेट में तय किया गया है कि प्रदेश में स्वामित्व योजना में जिन भू-खण्डधारियों के अधिकार अभिलेख निर्मित किए गए हैं उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए इन अधिकार अभिलेखों का पंजीयन कराया जाए। इसके लिए डीड ऑफ कन्वेयेंस की कमी पूरी करने एवं पंजीयन की कार्यवाही होगी। इसके बाद ऐसी भूमि पर काबिज नागरिक आवश्यकतानुसार गृह निर्माण, व्यवसाय एवं कृषि संक्रियाओं आदि के लिए ऋण प्राप्त कर अपनी आजीविका एवं आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकेंगे। आयुक्त भू संसाधन की कमेटी पूरी कराएगी प्रोसेस योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी करने, प्रक्रिया निर्धारण, समय-समय पर समीक्षा के लिए आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में महानिरीक्षक पंजीयन एवं अधीक्षक मुद्रांक, आयुक्त कोष एवं लेखा, आयुक्त, संचालक पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा प्रबंध संचालक एमपीएसईडीसी, सदस्य होंगे एवं आवश्यकतानुसार विषय विशेषज्ञों को संयोजित किया जा सकेगा। योजना के प्रचार-प्रसार, मुद्रण व्यय एवं जन-जागरुकता गतिविधियों के संचालन के लिए राज्य स्तर पर 10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए है। योजना का परिपत्र एवं समय-समय पर आवश्यकतानुसार स्पष्टीकरण जारी करने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है।
एक पेड़ एक जिंदगी:सागर के भिलैंया में 1 लाख गड्ढे खोदे, 30 हजार पौधे रोपे
दैनिक भास्कर के ‘एक पेड़, एक जिंदगी’ अभियान में दक्षिण वनमंडल के तहत भिलैंया में गुरुवार को वृहद स्तर पर पौधरोपण किया गया। वन बीट क्रमांक 740 में विशेष अभियान के तहत रिकॉर्ड 30 हजार पौधे रोपे गए। वन विभाग ने भिलैंया पहाड़ी के 99 हेक्टेयर पथरीले और ऊबड़-खाबड़ क्षेत्र को चिन्हित कर करीब 1 लाख गड्ढे खोदे हैं। पौधरोपण के साथ-साथ इस क्षेत्र में वाटर रिचार्जिंग और भू-जल स्तर को सुधारने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पहाड़ी पर पानी को रोकने के लिए 3 बड़े पर्क्यूलेशन बांधों का निर्माण भी किया गया है। यहां 50% हिस्से में सागौन और बाकी 50% हिस्से में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे लगाए जाएंगे । दिलीप सिंह गौड़ (परिक्षेत्र सहायक) एवं विजय सिंह परते (कार्यवाहक वनपाल) के अनुसार यह प्लांटेशन क्षेत्र के लिए प्राकृतिक ऑक्सीजन फैक्टरी का काम करेगा।
ग्वालियर अपील समिति सदस्य का चुनाव आज:पार्षदों के लिए आईडी अनिवार्य, मोबाइल पर रहेगा प्रतिबंध
ग्वालियर नगर निगम की अपील समिति के एक अनारक्षित सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया आज (10 जुलाई) दोपहर 2:30 बजे से नगर निगम परिषद सम्मेलन स्थल पर आयोजित की जाएगी। इस निर्वाचन में भाग लेने वाले सभी पार्षदों के लिए वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा, जबकि परिषद हॉल के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। जिला प्रशासन ने चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर रुचिका चौहान ने मतदान स्थल, बैठक व्यवस्था, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने भी निरीक्षण किया है। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए चुनाव के दौरान पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न हो सके। कलेक्टर रुचिका चौहान ने अधिकारियों को निर्वाचन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने पर जोर दिया। प्रशासन ने निर्वाचन में शामिल होने वाले सभी पार्षदों से अपील की है कि वे निर्धारित समय से पहले मतदान स्थल पर पहुंचें, अपना पहचान पत्र साथ रखें और निर्वाचन हॉल में मोबाइल फोन न लाएं। अधिकारियों का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है।
अमानवीयता:लटेरी उप जेल में कैदी की संदिग्ध मौत, हथकड़ी पहनाकर 80 किमी तक दौड़ते रहे जेल सिपाही
लटेरी उप जेल में बंद विचाराधीन कैदी बगरोदा पथरिया निवासी राजू वाल्मीकि की गुरुवार को जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। कैदी को जिंदा दिखाने की कोशिश में जेल सिपाही लाश को हथकड़ी लगाकर पहले लटेरी सिविल अस्पताल फिर वहां से 80 किलोमीटर दूर विदिशा जिला अस्पताल लेकर दौड़ते रहे। मौत के 5 घंटे बाद तक परिजन को जेल प्रबंधन, पुलिस या अस्पताल से कोई सूचना नहीं दी गई। उन्हें दूसरी पंचायत के सरपंच के माध्यम से इसकी खबर मिली। बताया जा रहा है कि कैदी को सुबह 4 बजे से उल्टियां हो रही थीं, लेकिन उसे सुबह 7:30 बजे अस्पताल लेकर गए। जिससे इलाज में हुई देरी पर सवाल खड़े हो रहे हैं। कैदी को उल्टियां क्यों हो रही थी स्पष्ट नहीं है। बेटे का आरोप- जेल में हमारा पूरा रिकॉर्ड था, फिर क्यों छुपाया : मृतक के बेटे आकाश ने कहा जेल प्रशासन के पास हमारे पूरे परिवार का रिकॉर्ड है। हम हर सोमवार पिताजी से मिलने जाते थे। तबीयत खराब होने पर 30 जून को भी मिलने गए थे। मुलाकात से पहले हमारा नाम, मोबाइल नंबर, रिश्ता और पता सब रजिस्टर में एंट्री की जाती थी। हमें तो दूसरी पंचायत के सरपंच से खबर मिली। मौत के 5 घंटे बीत जाने के बाद भी हम जिला अस्पताल के बाहर जेल प्रशासन की सूचना का इंतजार करते रहे। सिविल अस्पताल में न पर्चा बना, न ही रेफर किया, जेल प्रहरियों ने दबाव बनाया, फोन आते ही डॉक्टर ने मौखिक रेफर की दी सहमति डॉक्टर का यू-टर्न: फोन आते ही मौखिक रेफर सुबह 7:45 बजे लटेरी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टर शुभांग जैन ने कैदी राजू वाल्मीकि को देखते ही मृत घोषित कर दिया था। डॉक्टर ने न तो पर्चा बनाया न ही रेफर किया। इसके बाद सिपाहियों ने रेफर करने का दबाव बनाया। डॉक्टर ने पहले मना किया, लेकिन तभी उनके मोबाइल पर किसी का कॉल आया और उन्होंने मौखिक रूप से विदिशा ले जाने की सहमति दे दी। विदिशा जिला अस्पताल में भी डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित किया। जेल के सिपाही अस्पताल चौकी की पुलिस से मर्ग और पीएम कराने की गुहार लगाते रहे, लेकिन चौकी पुलिस कैदी के परिजन को लाने की बात पर अड़ी रही। आखिरकार दोपहर में भनक लगते ही जेलर को पीएम के लिए विधिवत कार्रवाई करनी पड़ी। जेलर की सफाई- एडमिट होने के बाद ही सूचना का नियम है जेलर रवि मरावी ने बताया कि हमने सभी परिजन को सूचना दे दी थी। एसडीएम, पुलिस और अन्य विभागों को भी अवगत कराया है। नियम के मुताबिक जेल से बाहर अस्पताल में एडमिट होने और उपचार शुरू होने पर ही परिजन को सूचना दी जाती है। लटेरी में कैदी को एडमिट नहीं किया गया, सीधे रेफर कर दिया गया। इसके बाद विदिशा पहुंचने पर परिजन को सूचना दी गई थी। (इस दौरान भास्कर रिपोर्टर द्वारा सूचना देने का सटीक समय पूछने पर जेलर टाइम नहीं बता सके।) दो साल पहले भी जिला जेल में कैदी ने लगाई थी फांसी: जिला जेल अधीक्षक प्रियदर्शन श्रीवास्तव के मुताबिक 1 जून 2024 को मोनू चौकसे ने जिला जेल के शौचालय में तौलिया से फंदा बनाकर फांसी लगा थी। मोनू दुष्कर्म के मामले में जेल में बंद था। इस मामले की न्यायिक जांच भी पूरी हो गई है। जांच के लिए मजिस्ट्रियल कमेटी बनी है मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रियल कमेटी बनी है। न्यायाधीश के सामने पीएम करवाया गया है। वीडियोग्राफी भी करवाई गई है। पीएम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। - रवि मरावी, जेलर, उप जेल लटेरी
नमस्कार, कल की बड़ी खबर ईरान के परमाणु ठिकानों के पास अमेरिकी हमले की है। दूसरी खबर राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर है, दावा है कि आरोपियों ने चोरी का पैसा ब्याज पर बांटा। हम आपको यह भी बताएंगे कि कॉकरोच पार्टी के फाउंडर ने पुलिस के पैर क्यों पकड़े। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. मोदी न्यूजीलैंड के लिए रवाना होंगे। प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। 2. सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान के परमाणु ठिकानों के पास अमेरिकी हमला, 2 दिन में 170 जगह मिसाइल-ड्रोन दागे ईरान ने अमेरिका पर बुशहर परमाणु बिजली फैसिलिटी के पास हवाई हमला करने का आरोप लगाया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक अमेरिका ने पिछले 2 दिनों में ईरान के 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन दागे हैं। ईरान ने जवाब में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया: जवाब में ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिका के सैनिक अड्डों पर ड्रोन हमले किए हैं। ईरानी सेना के मुताबिक, हमलों में कुवैत के पैट्रियट मिसाइल सिस्टम, कतर के अर्ली वॉर्निंग सैटेलाइट एंटीना और बहरीन में अमेरिकी सेना के फ्यूल टैंक को निशाना बनाया गया। पूरी खबर पढ़ें... 2. राममंदिर चढ़ावा चोरी- आरोपियों के घर से नोटों के बंडल मिले; चंदे की रकम ब्याज पर बांटी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के घरों की तलाशी के दौरान पुलिस ने 2 लाख कैश और 10 लाख के सोने के जेवर (कान की बालियां, लॉकेट) बरामद किए। साथ ही एक कार भी मिली। हालांकि, पुलिस ने अभी इसका खुलासा नहीं किया कि कितना कैश और सामान किसके घर से बरामद हुआ है? चंदा चोरी का पैसा ब्याज पर देते थे: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अनुकल्प ने पूछताछ में बताया- मैं और अविनाश शुक्ला चोरी के पैसों को शेयर मार्केट में लगाते थे। लोगों को ब्याज पर देते थे। पैसों को करीबियों और रिश्तेदारों को पैसे देते थे। फिर उनसे अपने खातों में पैसे ट्रांसफर करवाते थे। अब जानिए चढ़ावा चोरी की टाइमलाइन पूरी खबर पढ़ें... 3. कॉकरोच पार्टी फाउंडर दीपके ने पुलिस के पैर पकड़े: जंतर-मंतर पर टेंट लगाने की इजाजत मांगी नीट पेपर लीक के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) 20 दिन से जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन कर रही है। फाउंडर अभिजीत दीपके ने गुरुवार को पुलिसवालों के पैर पकड़े और हाथ जोड़े। वे टेंट लगाने की इजाजत मांग रहे थे ताकि भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों को बारिश से बचाया जा सके। वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी खबर पढ़ें... 4. गाजियाबाद में शहीद के शव से लिपटकर पत्नी रोई, मणिपुर में उग्रवादियों ने गोली मार दी थी शहीद हवलदार चंद्रमोहन सिंह रावत का गुरुवार दोपहर गाजियाबाद के हिंडन घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जब तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर घर लाया गया तो पत्नी मंजू देवी शव से लिपटकर रो पड़ीं। तीन बच्चे भी बिलख पड़े। उत्तराखंड के रहने वाले थे: चंद्रमोहन सिंह असम राइफल्स में हवलदार (जीडी) थे। वे मूल रूप से उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डांडातोली क्षेत्र के कुकलियाल गांव के रहने वाले थे। 2008 से गाजियाबाद में रह रहे थे। चंद्रमोहन अपने पिता के श्राद्ध कर्म निपटाकर गाजियाबाद से तीन जुलाई को ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। 5 जुलाई को ड्यूटी जॉइन की थी। अगले दिन उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए थे। पढ़ें पूरी खबर… 5. भारत को यूरेनियम सप्लाई करेगा ऑस्ट्रेलिया: परमाणु ऊर्जा और हथियारों के लिए जरूरी भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार को यूरेनियम डील पर मुहर लग गई है। मेलबर्न में पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बनीज ने मीटिंग की। भारत अभी 4 देशों से यूरेनियम खरीदता है। ऑस्ट्रेलिया पांचवां है। यूरेनियम परमाणु उर्जा और बम दोनों के लिए जरूरी है। भारत को यूरेनियम की जरूरत क्यों है: भारत को परमाणु बिजली बनाने और 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने के लिए यूरेनियम की जरूरत है। यूरेनियम से बिजली कैसे बनती है: परमाणु रिएक्टर में यूरेनियम का विखंडन कर पैदा हुई गर्मी से भाप बनाई जाती है, जो टर्बाइन घुमाकर बिजली बनाती है। क्या यूरेनियम से परमाणु बम बनाया जा सकता है: नहीं, क्योंकि बिजली उत्पादन में लो एनरिच्ड यूरेनियम इस्तेमाल होता है, जबकि परमाणु बम के लिए 90% से अधिक शुद्ध यूरेनियम चाहिए। पूरी खबर पढ़ें.. 6. मानसून ने पूरे देश को कवर किया: यूपी, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गुजरात में आफत मानसून ने गुरुवार को पूरे देश को कवर कर लिया है। आमतौर पर यह 8 जुलाई को देश का पूरा हिस्सा कवर कर लेता है, लेकिन इस बार एक दिन लेट है। मानसूनी बारिश के चलते यूपी, उत्तराखंड, महाराष्ट्र और गुजरात में स्थिति काफी खराब है। कई इलाके भर गए, कहीं लैंडस्लाइड हुई। जानिए किस राज्य में क्या है स्थिति... यूपी: नोएडा, मथुरा, मेरठ, बुलंदशहर समेत 50 शहरों में तेज बारिश; नोएडा की सड़कों पर 1-2 फीट तक पानी भरा, गाजियाबाद में 10 फीट सड़क धंसी, कार और बाइक गड्ढे में समाईं। उत्तराखंड: उत्तरकाशी में नालूपानी और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर भूस्खलन; टिहरी में NH-707A पर मकान गिरा, आसपास के 2-3 मकानों पर भी खतरा। राजस्थान: अजमेर के किशनगढ़ में बारिश से मकान ढहा, मलबे में फंसे पति-पत्नी समेत लोगों का रेस्क्यू। महाराष्ट्र: रायगढ़ में भारी बारिश के बाद पातालगंगा नदी में करीब 3,000 LPG सिलेंडर बह गए। पूरी खबर पढ़ें... 7. डायबिटीज पेशेंट को हफ्ते में एकबार लेना होगा इंसुलिन इंजेक्शन, 40% तक सस्ती होगी डोज डायबिटीज मरीजों के लिए राहत की खबर है। डेनमार्क की दवा कंपनी नोवो नॉर्डिस्क ने भारत में Awiqli (इंसुलिन आइकोडेक) लॉन्च की। कंपनी का दावा है कि यह हफ्ते में एक बार दिए जाने वाला बेसल इंसुलिन है, जो टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के वयस्क मरीजों के लिए है। इसके आने से साल में हर दिन लगने वाले इंसुलिन इंजेक्शन घटकर 52 रह जाएंगे। 700 यूनिट का पैक ₹2611 में: कंपनी ने 700 यूनिट का पैक ₹2611 में लॉन्च किया है। यानी इसकी कीमत ₹3.73 प्रति यूनिट पड़ेगी, जो मौजूदा दैनिक बेसल इंसुलिन की तुलना में 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ती बताई गई है। यदि किसी मरीज को रोज 10 यूनिट इंसुलिन की जरूरत होती है, तो उसे सप्ताह में 70 यूनिट इंसुलिन लगेगी, जिसकी लागत करीब ₹261 प्रति सप्ताह होगी। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की सुरक्षा में चूक: एमपी में एक्सप्रेस-वे पर गुजरते काफिले के सामने आए 3 युवक; 120 की रफ्तार में थीं गाड़ियां (पूरी खबर पढ़ें) 2. TMC के 3 पूर्व राज्यसभा सांसद भाजपा में शामिल: पार्टी ने तीनों को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया; नाराज होकर ममता का साथ छोड़ा था (पूरी खबर पढ़ें) 3. शरद पवार के NDA में जाने की अटकलें: पार्टी ने कहा- विपक्ष को कमजोर करने की साजिश; एक दिन पहले पवार-शिंदे की मुलाकात हुई थी (पूरी खबर पढ़ें) 4. आंध्रप्रदेश में कोरोना से 46 साल के मरीज की मौत: 4 दिन इलाज के बाद दम तोड़ा; 2 जिलों में 5 एक्टिव केस मिले (पूरी खबर पढ़ें) 5. अमेरिका में भारतीय इंजीनियर ने पत्नी की हत्या की: भारत में रह रही गर्लफ्रेंड को शव की फोटो भेजी; जमानत के लिए ₹47 करोड़ देने होंगे (पूरी खबर पढ़ें) 6. दिलजीत दोसांझ से फैन ने पूछा अमेरिकी नागरिकता पर सवाल: बोले- कुछ भी बोलूंगा तो खबर बन जाएगी; डोनाल्ड ट्रंप की बेटी पर भी किया खुलासा (पूरी खबर पढ़ें) 7. चेक टेनिस स्टार मुचोवा पहली बार विंबलडन फाइनल में: अमेरिका की गॉफ को हराया; डॉक्टरों ने कभी टेनिस छोड़ने की सलाह दी थी (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... जापान के ब्लैक एग से बढ़ जाती है उम्र जापान का ब्लैक एग सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है. दावा है कि इसे खाने से उम्र 7 साल तक बढ़ सकती है. हालांकि वैज्ञानिकों को इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है. सल्फर वाले पानी में उबाले जाने से यह अंडा काला हो जाता है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: तो इस वजह से फिर भिड़े ईरान-अमेरिका; क्या शांति समझौता सिर्फ दिखावा था, पर्दे के पीछे कुछ और खेल चल रहा 2. भास्कर इन्वेस्टिगेशन- एक लड़के पर 95 हजार कमीशन, काम भारतीयों को लूटना: पाकिस्तानी एजेंट से डील, गैंग में शामिल होकर कंबोडिया–मलेशिया पहुंचा रिपोर्टर...पार्ट-1 3. संजीव कुमार की एक शर्त और हेमा से शादी टूटी: गर्लफ्रेंड्स को नंबर से बुलाते थे, सुलक्षणा पंडित मंदिर ले जाकर बोलीं- मांग भर दो 4. ब्लैकबोर्ड- पति ने सिर मुंडवाया, पेशाब पिलाई फिर कालिख पोत दी: सौतन के साथ रहने को तैयार थी, फिर भी मुझे निर्वस्त्र करके पीटा 5. भास्कर इन्वेस्टिगेशन- नकली नोट में गांधीजी का वाटरमार्क, सिल्वर लाइन भी: एक पेपर पर छपते 500 के 3 नोट, इंडस्ट्री की तरह गैंग में प्रोडक्शन 6. जरूरत की खबर- बारिश में खराब होते वुडेन फर्नीचर: नमी के 12 संकेत इग्नोर न करें, एक्सपर्ट से जानें लकड़ी को सीलन से कैसे बचाएं 7. पेरेंटिंग- 10 साल का बेटा पैसे की कीमत नहीं समझता: दोस्तों को देखकर महंगे कपड़े-खिलौने मांगता है, उसे पैसे की वैल्यू कैसे सिखाएं करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को बिजनेस में अच्छा मुनाफा होने की संभावना है। मिथुन राशि वालों की नए काम शुरू करने की इच्छा पूरी हो सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें… वार्ड 67 की पार्षद प्रिया बंटी दांगी बनीं आज की 'पब्लिक स्टार' वार्ड 67 के केसरबाग रोड, बाराभाई निवासी अनिल कुमार इसासरे ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि घर के पीछे लगे दो बड़े अशोक के पेड़ बारिश और तेज हवा में खतरनाक तरीके से झूल रहे थे, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता था। शिकायत पोस्ट होते ही आज की 'पब्लिक स्टार' पार्षद प्रिया बंटी दांगी ने संज्ञान लिया और पेड़ों की छंटाई कराकर समस्या का समाधान कराया। इसकी पुष्टि भी एप पर की गई। एप से लोगों को मिल रहा समाधान विष्णु पुरी: सड़क किनारे जमा कचरा हटाया, लोगों को मिली राहत वार्ड 74 के विष्णु पुरी निवासी शिवम ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कई दिनों से सड़क किनारे कचरा जमा होने के कारण मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया था। शिकायत के बाद संबंधित विभाग ने सफाई कराकर समस्या का समाधान किया। इसकी पुष्टि स्वयं शिकायतकर्ता ने एप पर की। सड़क, पानी और स्ट्रीट लाइट की समस्याओं से जूझ रहे इंदौरवासी वार्ड 22: ड्रेनेज लाइन के बाद अधूरी पड़ी सड़क वार्ड 22 के मेदांता हॉस्पिटल मेन रोड निवासी अभिराज सिंह ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज लाइन डालने के कई महीने बाद भी सड़क का निर्माण नहीं किया गया। बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ और जलभराव हो रहा है, जिससे वाहन चालक फिसल रहे हैं। वार्ड 63: नीलखा चौराहे पर लगातार हो रही पानी की बर्बादी वार्ड 63 के नीलखा चौराहा क्षेत्र निवासी शांतिलाल पाटीदार ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि कई दिनों से चौराहे पर लगातार पानी बह रहा है। बैरिकेड लगाने के बावजूद पानी रोकने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। वार्ड 51: एक सप्ताह से बंद स्ट्रीट लाइटें, अंधेरे में रहवासी परेशान वार्ड 51 के विराट नगर निवासी लकी ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि विद्यांचल स्कूल के सामने वाली गली की सभी स्ट्रीट लाइट पिछले एक सप्ताह से बंद हैं। रात में अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। वार्ड 7: टूटा चेंबर बना हादसे की आशंका वार्ड 7 के नीलकंठ कॉलोनी निवासी नमन सोनी ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज लाइन का चेंबर टूट गया है और उसका ढक्कन भी क्षतिग्रस्त हो चुका है। कई लोग इसमें गिर चुके हैं, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच आमजन और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन चुका है। एप को यूजर्स के लिए सरल बनाया गया है और इसमें कई उपयोगी फीचर्स जोड़े गए हैं। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी भी एप पर अपडेट कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर सकेंगे। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। अधिकारी मैप पर लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकेंगे और समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से इसकी जानकारी भी दे सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच लोगों को अपनी बात सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
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शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद बुधवार को लखनऊ पहुंचे। अखिलेश यादव ने उनसे मुलाकात की। चार महीने में यह दूसरी मुलाकात थी। अखिलेश ने कहा- हमारी सरकार आई तो हम गोसेवा के लिए काम करेंगे। शंकराचार्य को भी लगा कि बाद में अखिलेश मुकर न जाएं, उन्होंने तुरंत कहा- इसे रिकॉर्ड कर लो। इससे पहले डिंपल यादव भी शंकराचार्य की आरती उतार चुकी हैं। इस समय सपा गो, सनातन और राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर भाजपा को घेर रही है। VIDEO देखिए…
राम मंदिर परिसर में चंपत राय की हुकूमत अब भी बरकरार है। दैनिक भास्कर की छानबीन में सामने आया है कि ट्रस्ट से बाहर होने के बाद भी वीआईपी पास बांटने में चंपत राय का ही सिक्का चल रहा है। मंदिर के 1800 करोड़ का फंड जिन बैंक अकाउंट में है, उन्हें भी उनके खास लोग संभाल रहे हैं। ऐसा तब है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद चंपत राय 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके हैं। 6 जुलाई को उनका इस्तीफा स्वीकार भी हो चुका है। मामले की जांच कर रही एसआईटी की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चंपत राय को 'सेफ एग्जिट' दे दिया है। चंपत राय ने राम जन्मभूमि परिसर क्यों नहीं छोड़ा? चंपत राय साल- 1991 से अयोध्या में रह रहे हैं। मंदिर आंदोलन से लेकर सुप्रीम कोर्ट में रामलला विराजमान केस की पैरवी तक, वे सबसे सक्रिय चेहरा रहे। कोर्ट के फैसले के बाद जब भव्य मंदिर का निर्माण शुरू हुआ, तो उन्हें ट्रस्ट का महासचिव बनाया गया। लगभग 35 साल तक अयोध्या की राम राजनीति के केंद्र में रहे चंपत राय ने चोरी के आरोपों के बाद पद तो छोड़ दिया। लेकिन, लोगों के बीच अब बड़ा सवाल यह उठ रहा कि वे अभी भी राम जन्मभूमि परिसर में क्यों रह रहे हैं? खेल 1. बैंक खातों के संचालन में चंपत के 'दो खास' 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में बैंक खातों के संचालन के लिए 3 लोगों की कमेटी बनाई गई है। इसमें अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन, इंजीनियर जगदीश आफले और सीए चंदन राय शामिल हैं। इनमें से दो नाम सीधे तौर पर चंपत राय के इशारे पर चलते हैं। क्योंकि, इन्हें चंपत राय की ही सिफारिश पर ट्रस्ट की मदद के लिए रखा गया था। नियम के मुताबिक, इन तीनों के संयुक्त हस्ताक्षर के बिना बैंक से एक रुपए भी नहीं निकल सकता। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चंपत राय पद पर न रहकर भी ट्रस्ट की तिजोरी और वित्तीय फैसलों को पूरी तरह प्रभावित कर सकते हैं। खेल 2. चंपत के 18 और गोपाल के 14 लोग जारी कर रहे VIP पास राम मंदिर में मंगल आरती, श्रृंगार आरती और शयन आरती के लिए फ्री वीआईपी पास जारी होते हैं। इसके लिए ट्रस्ट के जिम्मेदारों को विशेष डिजिटल आईडी दी जाती है। 26 जून को इस्तीफा देने वाले ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की आईडी उसी दिन बंद कर दी गई थी। विशेष आमंत्रित सदस्य से हटाए गए गोपाल नागरकोटे की आईडी भी 7 जुलाई की सुबह बंद हो गई। लेकिन, चंपत राय की आईडी 9 जुलाई तक चल रही थी, जिसे अब बंद कर दिया गया है। दावा- वीआईपी पास के लिए रुपए लिए जा रहे वीआईपी पास कोई भी जारी करें, दिक्कत क्या है? यह सवाल हमने अयोध्या में लंबे समय से राम मंदिर कवर कर रहे पत्रकार इंदुभूषण पांडेय से पूछा। वो कहते हैं- मंदिर में वीआईपी पास जारी करने वालों और होटल मालिकों का एक रैकेट ऐसा है, जो दर्शन से भी रुपए कमा रहा है। वीआईपी पास फ्री होता है। यह बुजुर्ग, महिला और बच्चों के लिए दी गई सुविधा है। एक दिन में 6 से 7 स्लॉट में ये पास जारी होते हैं। एक स्लॉट यानी समय में 300 पास जारी हो सकते हैं। हालांकि, इन आईडी से हर दिन ढाई से तीन हजार पास ऑफलाइन जारी हो सकते हैं। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे दावा करते हैं- दर्शनार्थियों से 1 हजार से तीन हजार रुपए तक लिए जाते हैं। इसमें होटल और पास जारी करने वाले दोनों का हिस्सा शामिल रहता है। खेल 3. SIT ने नहीं लिखा- टिन्नू यादव को अधिकार किसने दिए 6 जुलाई की बैठक में एसआईटी की 9 पन्नों की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट रखी गई। इस रिपोर्ट को देखकर सवाल उठ रहे कि पूरा ठीकरा डॉ. अनिल मिश्रा पर फोड़ दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि डॉ. अनिल मिश्रा ने चढ़ावा चोरी रोकने की एसओपी को ठीक से लागू नहीं की। 20 सितंबर, 2024 और 6 फरवरी, 2025 को बैंक और ट्रस्ट के बीच बनी जिस एसओपी पर एसबीआई के तत्कालीन मैनेजर गोविंद मिश्रा और डॉ. अनिल मिश्रा के दस्तखत थे, उसे कभी जमीन पर उतारा ही नहीं गया। रिपोर्ट के पेज 6 और 7 पर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव की संदिग्ध भूमिका का जिक्र है। बिना किसी लिखित आदेश के दानपेटियों की चाभियां टिन्नू के पास रहती थीं। वह गणना कक्ष में बिना रोक-टोक आता-जाता था। उसके पास पुलिस वाली 'वॉकी-टॉकी' थी। उसकी खुद की वीआईपी पास आईडी भी थी। उसने रसूख से अपने भतीजे मनीष यादव को भी गणना कक्ष में लगवा दिया था, जो सीसीटीवी में चोरी करते रंगेहाथ पकड़ा गया है। एसआईटी ने रिपोर्ट में यह तो लिखा कि टिन्नू यादव के पास ये सारे अधिकार थे। लेकिन, यह कहीं नहीं लिखा कि टिन्नू को ये अधिकार दिए किसने थे? अयोध्या में हर कोई जानता है कि टिन्नू यादव कोई और नहीं, बल्कि चंपत राय का ड्राइवर रहा है। उसे चंपत राय ने ही मंदिर की व्यवस्थाओं का सर्वेसर्वा बनाया था। ट्रस्ट में लेखाकार रहे महिपाल सिंह ने दावा किया था कि उन्होंने चढ़ावा चोरी की जानकारी पहले ही डॉ. अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल नागरकोटे को दी थी। लेकिन, सच बताने पर उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया गया। एसआईटी ने इनका बयान तक नहीं लिया। इंजीनियर दीनानाथ वर्मा ने मंदिर निर्माण सामग्री और 40% कार्यों में कमीशनखोरी का आरोप डॉ. अनिल मिश्रा पर लगाया था। इसकी शिकायत चंपत राय से की थी। शिकायत के बाद इन्हें पहले चढ़ावा राशि की गणना के लिए लगाया गया। फिर धमकी देकर अयोध्या से ही भगा दिया गया। एसआईटी ने इनसे भी पूछताछ करना जरूरी नहीं समझा। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें- राममंदिर चंदा चोरी- फर्जी रसीद बुक मिली, आरोपियों को लेकर परिक्रमा मार्ग पहुंची पुलिस, यहां चोरी के नोटों के बंटवारे का शक अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के तीन आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को पुलिस ने 40 घंटे की रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों से श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की पुरानी फर्जी रसीद बुक मिली है। पूरी खबर पढ़िए…
भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें… वार्ड 65 के पार्षद शिरोमणि विनोद शर्मा बने आज के ‘पब्लिक स्टार’ वार्ड 65 की ओल्ड मीनाल रेजीडेंसी के रहवासियों ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि क्षेत्र में लंबे समय से लो-वोल्टेज, एक फेज बंद रहने और घंटों बिजली गुल होने की समस्या बनी हुई थी। कई शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा था। शिकायत पोस्ट होते ही आज के 'पब्लिक स्टार' पार्षद शिरोमणि विनोद शर्मा ने तत्काल संज्ञान लिया और संबंधित विभाग से समन्वय कर समस्या का समाधान कराया। एप से लोगों को मिल रहा समाधान सेमरा कलां: सड़क किनारे जमा कचरा हटाया, लोगों को मिली राहत वार्ड 71 के सेमरा कलां निवासी सतीश ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि कई दिनों से सड़क किनारे कचरा जमा होने से गंदगी फैल रही थी और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत पोस्ट होते ही वार्ड 71 की पार्षद श्रद्धा सुधीर दुबे ने संज्ञान लिया और कचरा हटवाकर समस्या का समाधान कराया। इससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। गंदगी, अतिक्रमण और चेंबर की समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी वार्ड 45: स्कूल के सामने पड़ी पेड़ों की टहनियों से बढ़ रही गंदगी वार्ड 45 के ई-4 अरेरा कॉलोनी निवासी सरोज यादव ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि राजपुष्प स्कूल के सामने पेड़ों की कटाई के बाद टहनियां कई दिनों तक सड़क किनारे पड़ी रहती हैं। इससे गंदगी फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है। शिकायतकर्ता ने जल्द सफाई कराने की मांग की है। वार्ड 72: नाले पर अवैध कब्जे से रहवासी परेशान वार्ड 72 के कल्याण नगर के रहवासियों ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि मजार के पास नाले पर टीन शेड डालकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। कई शिकायतों और आश्वासनों के बाद भी अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। रहवासियों ने अतिक्रमण हटाने की मांग की है। वार्ड 49: लीक चेंबर से सड़क पर भर रहा गंदा पानी वार्ड 49 के ई-7 अरेरा कॉलोनी निवासी आशीष ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत पोस्ट की है। उन्होंने बताया कि चेंबर से लगातार पानी रिस रहा है, जिससे सड़क पर जलभराव हो रहा है और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। वार्ड 54: टूटी नाले की स्लैब बनी हादसे की वजह वार्ड 54 के संजय नगर स्थित अमराई परिसर निवासी संतोष मलिक ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नए एनआरआई स्कूल के सामने नाले की स्लैब टूट गई है और सरिए बाहर निकल आए हैं। इससे राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी अपने क्षेत्र की सिविक समस्याएं सीधे पोस्ट कर सकते हैं। यह मंच आमजन और प्रशासन के बीच प्रभावी संवाद का माध्यम बन चुका है। एप को यूजर्स के लिए सरल बनाया गया है और इसमें कई उपयोगी फीचर्स जोड़े गए हैं। समस्या का समाधान होने पर यूजर्स इसकी जानकारी एप पर अपडेट भी कर सकते हैं। अधिकारी भी बता सकेंगे, क्या कार्रवाई की इस प्लेटफॉर्म पर संबंधित अधिकारी भी अपनी कार्रवाई की जानकारी साझा कर सकेंगे। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचेगी। अधिकारी मैप पर लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकेंगे और समाधान होने पर शिकायतकर्ता को एप के माध्यम से इसकी जानकारी भी दे सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर अधिकारी शिकायतकर्ता से सीधे संपर्क भी कर सकेंगे। 'भास्कर समाधान' बदलाव की दिशा में सकारात्मक पहल 'भास्कर समाधान' का उद्देश्य शहर के हर कोने से लोगों की समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच बेहतर संवाद स्थापित हो सके। यह मंच लोगों को अपनी बात सीधे जिम्मेदारों तक पहुंचाने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में प्रभावी भूमिका निभा रहा है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री के साथ ही खेती-किसानी के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। सीजन में किसानों को पैसे की किल्लत न हो, इसके लिए यूपी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनाए जाएंगे। इसके तहत किसानों को ₹5 लाख तक का फसल ऋण बेहद सस्ते ब्याज और बिना किसी गारंटी के मिल सकेगा। शहरों में नौकरी करने वाले लोग जिस तरह अपनी जरूरतों और शॉपिंग के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। ठीक उसी तर्ज पर सरकार किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड लेकर आई है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए बेहद आसान शर्तों पर कर्ज उपलब्ध कराना है। फसल डूबी तो KCC देगा सुरक्षा किसान क्रेडिट कार्ड सिर्फ लोन लेने का जरिया नहीं, बल्कि यह संकट के समय किसानों के लिए 'सुरक्षा कवच' का काम करता है। केसीसी धारक किसानों को फसल बीमा का सीधा लाभ मिलता है। अगर बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि या किसी अन्य प्राकृतिक आपदा के कारण फसल खराब हो जाती है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) से नुकसान की भरपाई की जाती है। इससे किसानों को बैंक का कर्ज चुकाने में बहुत बड़ी राहत मिलती है। 4% ब्याज पर लोन, ₹2 लाख तक गारंटी की जरूरत नहीं इस योजना की शुरुआत अगस्त, 1998 में हुई थी। किसान क्रेडिट कार्ड पर पहले कर्ज लेने की लिमिट ₹3 लाख थी, जिसे बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है। पशुपालन और मछली पालन के लिए बिना गारंटी लोन की लिमिट भी ₹1.60 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख कर दी गई है। किसान क्रेडिट कार्ड पर 7% ब्याज दर से लोन मिलता है। लेकिन, फसल कटने के बाद 1 साल में पैसा लौटाने पर सरकार 3% ब्याज सब्सिडी देती है। इससे किसान को सिर्फ 4% सालाना ब्याज देना पड़ता है। बाढ़, सूखा जैसी प्राकृतिक आपदा आने पर ब्याज माफ या कम भी हो सकता है। ₹3 लाख तक के किसान क्रेडिट कार्ड लोन पर बैंक कोई भी छिपा हुआ शुल्क नहीं लेता। प्रोसेसिंग फीस और इंस्पेक्शन चार्ज फ्री होता है। राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के नियमों के अनुसार, एक बार किसान क्रेडिट कार्ड बन गया तो यह 5 साल तक वैलिड (मान्य) रहता है। अगर किसान समय पर पैसा चुकाता रहा, तो हर साल उसकी क्रेडिट लिमिट 10% तक बढ़ती रहेगी। यानी अगर पहले साल लिमिट ₹1 लाख थी, तो दूसरे साल यह बढ़कर ₹1.10 लाख हो जाएगी। छोटे किसानों के लिए अलग व्यवस्था किसान क्रेडिट कार्ड से कम रकबे में खेती वाले किसान ₹10 हजार से ₹50 हजार तक का लोन ले सकते हैं। किसान इस पैसे का इस्तेमाल खेती, फसल कटाई के बाद के खर्च और छोटे कृषि उपकरण खरीदने में कर सकते हैं। मौजूदा समय में जारी किसान क्रेडिट कार्डों में करीब 76% छोटे और सीमांत किसानों के पास हैं। यूपी में सिर्फ फसल उगाने वाले किसान ही नहीं, गाय-भैंस पालने वाले, बकरी पालने वाले, मुर्गी पालने या मछली पालने वाले भी इस योजना के तहत लोन ले सकते हैं। सिर्फ एक फार्म भरकर आवेदन करें सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को पहले से आसान और डिजिटल कर दिया है। अब सिर्फ एक पेज का आवेदन फॉर्म भरना होता है। पीएम किसान योजना से जुड़े किसानों की कई जानकारियां पहले से फॉर्म में दर्ज रहती हैं। कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है। सितंबर, 2023 में शुरू किए गए किसान ऋण पोर्टल से आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया तेज हुई है। देशभर में 457 बैंक दे रहे योजना का लाभ किसान क्रेडिट कार्ड योजना से देश के 457 बैंक जुड़े हैं। इनमें 37 कमर्शियल बैंक, 46 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और 374 सहकारी बैंक शामिल हैं। अब तक करीब 20 करोड़ आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। सबसे ज्यादा आवेदन सहकारी बैंकों के जरिए आए हैं। किसान क्रेडिट धारक किसानों को लोन के साथ-साथ दुर्घटना बीमा का भी लाभ मिलता है। इसके तहत कार्ड धारक किसान की मृत्यु या दिव्यांग होने पर परिवार को ₹50 हजार मिलता है। आंशिक दिव्यांगता पर ₹25 हजार तक का कवर मिलता है। इसका प्रीमियम भी बेहद नाममात्र होता है, जो बैंक खुद काटता है। किसान क्रेडिट कार्ड से जुड़े 3 जरूरी सवालों के जवाब सवाल- क्या बटाई पर खेती करने वाले भी कार्ड बनवा सकते हैं?जवाब- हां, बिल्कुल। नाबार्ड के नियमानुसार, काफी लोग बटाईदार, पट्टेदार या किसान समझौते पर दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं। वे भी समूह बनाकर या सेल्फ डिक्लेरेशन फॉर्म भरकर किसान क्रेडिट कार्ड से लोन लेने के पात्र हैं। सवाल- अगर समय पर लोन नहीं चुकाया, तो क्या होगा?जवाब- अगर किसान 1 साल के भीतर ब्याज सहित लोन नहीं चुकाता, तो उसे 3% की अतिरिक्त ब्याज छूट नहीं मिलेगी। उसे पूरे 7% या 9% की दर से ब्याज देना होगा। इसलिए हर साल फसल बिकने के बाद किसान क्रेडिट कार्ड के खाते में लेन-देन कर लें। सवाल- यह 'e-KCC' क्या है?जवाब- पहले केसीसी बनवाने में 25 से 30 दिन का समय लगता था। यूपी सरकार ने प्रदेश में 'डिजिटल केसीसी' सिस्टम लागू किया है। इसमें भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन होता है। इससे बैंक महज कुछ ही मिनटों में लोन की मंजूरी दे देते हैं। -------------------------- आपके काम की ये खबर भी पढ़ें- UP में किसानों के लिए अब 'फार्मर आईडी' जरूरी, बिना इसके खाद-बीज नहीं मिलेगा; जानें घर बैठे मोबाइल से कैसे बनाएं यूपी सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनीक आईडी तैयार कर रही है। जिसे ‘फार्मर आईडी’ या ‘किसान रजिस्ट्री’ का नाम दिया गया है। ये खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और कर्ज माफी जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है। पूरी खबर पढ़िए… --------------------------- योगी के 'जनता दर्शन' में कैसे पहुंचें?:CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए 'जनता दर्शन' लगाते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। हर कोई मुख्यमंत्री से नहीं मिल सकता। इसका एक प्रॉसेस होता है, जिसको फॉलो करना जरूरी है। पूरी खबर पढिए…
मानसून सत्र में नदियों से रेत उत्खनन पर जिला प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद सिंध नदी से अवैध रेत उत्खनन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। जिले के अमायन और भारौली थाना क्षेत्र में अवैध रूप से रेत का उत्खनन किया जा रहा है। यह उत्खनन का कार्य खुलेआम चल रहा है। ऐसे में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि 19 जून को ही भारौली खुर्द गांव में अवैध खदान पर लोडर के टक्कर मारने से एक युवक की मौत भी हो गई थी। इसके बाद भी अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई जा सकी। गौरतलब है कि मानसून के चलते कलेक्टर किरोड़ी लाल मीना ने 1 जून 2026 से जिले की नदियों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद भी माफिया द्वारा सिंध नदी से उत्खनन कर रहे हैं। अमायन थाना क्षेत्र के खेरिया सिंध गांव में संचालित अवैध रेत खदान का एक वीडियो भी सामने आया है। यह वीडियो चार से पांच दिन पहले का बताया जा रहा है। इसमें खदान पर रेत भरने के लिए ट्रैक्टरों की लाइन लगी है।
आंगनबाड़ी भर्ती:अंकों और शब्दों में अलग प्राप्तांक, 5 अंकसूची निकलीं फर्जी... FIR
महिला एवं बाल विकास में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती में रमपुरा निवासी जयमाला लोधी ने 12वीं की जो अंकसूची प्रेषित की, उसमें अंकों में अलग और शब्दों में अलग प्राप्तांक मिले। अनंतिम सूची प्रकाशन के बाद आई आपत्तियों पर कराई जांच में महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान की 5 अंकसूची फर्जी पाई गईं। इसलिए पांचों महिला अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती-2025 में फर्जी दस्तावेजों के जरिए नौकरी हासिल करने की कोशिश का बड़ा मामला सामने आया है। बल्देवगढ़ परियोजना क्षेत्र में पांच महिला अभ्यर्थियों ने कथित तौर पर कूटरचित 12वीं की अंकसूचियां लगाकर चयन प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास किया। भर्ती की अनंतिम सूची जारी होने के बाद ऑनलाइन दर्ज आपत्तियों की जांच में पूरा फर्जीवाड़ा उजागर हो गया। माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल से कराए गए सत्यापन में सभी अंकसूचियां संबंधित संस्थान के रिकॉर्ड से मेल नहीं खाईं। इसके बाद परियोजना अधिकारी की शिकायत पर पुलिस ने पांचों महिलाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस अब यह पता लगाएगी कि कथित फर्जी अंकसूचियां किसने तैयार कीं, उन्हें भर्ती प्रक्रिया तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही और इसके पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं था। विस में उठा था सवाल परियोजना अधिकारी महेश दोहरे ने जांच प्रतिवेदन और सत्यापित दस्तावेजों के साथ थाना बल्देवगढ़ में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
बड़कोईली मिर्च नर्सरी का प्रशिक्षण दिया गया
भास्कर न्यूज|कामडारा नज और जेएसएलपीएस संस्था के संयुक्त तत्वाधान में ब्लॉक लीड मुकेश कुमार रजक के नेतृत्व में कामडारा प्रखंड के गांव बड़कोइली गांव में मिर्च की नर्सरी तैयार करने का प्रशिक्षण संपन्न हुआ। यह पहल फूलो झानो आशीर्वाद अभियान की लाभार्थी रंजीता देवी के घर पर आयोजित की गई। जिसमें नव जीवन सखी किरण टेटे सहित गांव की कई अन्य महिलाओं ने भाग लिया। वहीं ब्लॉक लीड मुकेश कुमार रजक ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को नर्सरी प्रबंधन की आधुनिक और किफायती तकनीक में पारंगत करना है। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य है कि लाभार्थी न केवल अपनी खेती के लिए स्वस्थ पौधे तैयार करें, बल्कि अतिरिक्त पौधों को बाजार में बेचकर अपनी आमदनी बढ़ा सके। श्री रजक इस अनूठी पहल के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभी इसकी शुरुआत केवल एक पंचायत से हुई है। लेकिन इस अभियान का दायरा जल्द ही बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा, हमारा प्रयास है कि प्रखंड की सात और पंचायतों में इसी प्रकार नर्सरी बेड तैयार कर लाभार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के साथ संस्था से जूड़े दीदियों को यह सिखाना चाहते हैं कि वे न्यूनतम लागत में नर्सरी बेड तैयार कर कैसे कम निवेश में अधिक मुनाफा कमा सकती हैं। यह प्रयास उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा। जानवरों से बचाव के लिए प्लास्टिक जाली का प्रयोग करें। मौसम अनुकूलन: बारिश से पौधों को बचाने के लिए विशेष ढकाव। प्रशिक्षण के दौरान स्पष्ट किया गया कि पौधों के इष्टतम विकास के लिए सफेद प्लास्टिक सबसे उपयुक्त है। वर्तमान में उपलब्धता न होने के कारण अस्थायी रूप से पीले प्लास्टिक का उपयोग किया गया है। जिसे भविष्य में सफेद प्लास्टिक से प्रतिस्थापित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण ने ग्रामीणों में नई उम्मीद जगाई है। प्रशिक्षण में मौजूद महिलाओं ने बताया कि वे भी अपने घरों पर नर्सरी तैयार कर इस तकनीक को अपनाएंगी, जिससे न केवल उनकी खेती बेहतर होगी, बल्कि उनकी आय का एक नया स्रोत भी विकसित होगा।
रक्षाबंधन पर डाक विभाग की नई पहल अब 70 रुपए में सुरक्षित पहुंचेगी राखी
गुमला|रक्षाबंधन के अवसर पर गुमला डाक विभाग ने बहनों की सुविधा के लिए विशेष रक्षा सूत्र अभियान शुरू किया है। इस पहल के तहत मात्र ₹70 में स्पीड पोस्ट के जरिए राखी सुरक्षित और समय पर भाई तक भेजी जा सकेगी। बारिश के मौसम को देखते हुए विभाग ने विशेष वॉटरप्रूफ लिफाफे की भी व्यवस्था की है, ताकि राखी खराब न हो। गुमला प्रधान डाकघर में इसके लिए विशेष काउंटर बनाया गया है। ₹70 के शुल्क में ₹10 का वॉटरप्रूफ लिफाफा, ₹55 स्पीड पोस्ट शुल्क और ₹5 अन्य व्यवस्था शुल्क शामिल है। अभियान के तहत शहर के विभिन्न विद्यालयों में राखी बनाओ और भेजो। प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी। इसमें छात्राएं स्वयं राखी बनाकर विद्यालय परिसर से ही अपने भाइयों के नाम स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज सकेंगी। इसके लिए उन्हें डाकघर जाने की जरूरत नहीं होगी। प्रतियोगिता के 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया जाएगा। गुमला प्रधान डाकघर के डाक अधीक्षक आशुतोष कुमार सिन्हा ने बताया कि आधुनिक तकनीक के दौर में भी राखी भाई-बहन के स्नेह का सबसे भावनात्मक प्रतीक है। उन्होंने कहा कि डाक विभाग का उद्देश्य दूर-दराज़ रहने वाले भाइयों तक बहनों का प्यार सुरक्षित और समय पर पहुंचाना है। साथ ही लोगों से इस विशेष सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
ई-विद्या वाहिनी व एफएलएन पर आधारित प्रशिक्षण संपन्न, शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ करने पर दिया जोर
भास्कर न्यूज|गुमला झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला के तत्वावधान में डायट परिसर में आयोजित चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से ई-विद्या वाहिनी आधारित अनुश्रवण प्रणाली और आधारभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान के प्रभावी मूल्यांकन पर केंद्रित था। 06 जुलाई से 09 जुलाई तक चले इस गहन प्रशिक्षण सत्र में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड साधन सेवियों और संकुल साधन सेवियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रशिक्षण का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो और अतिरिक्त जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ज्योति खलखो ने संयुक्त रूप से किया। संबोधन में अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में शिक्षा के डिजिटलीकरण और डेटा-आधारित निर्णयों का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने प्रतिभागियों को ई-विद्या वाहिनी के माध्यम से विद्यालयों में नियमित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण डेटा प्रविष्टि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण के दौरान डायट के संकाय सदस्य कुमार सुंदरम भारद्वाज और डॉ. रंजना सिंह भी उपस्थित रहे, जिन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए आवश्यक रणनीतियों पर प्रकाश डाला। प्रशिक्षण का संचालन व तकनीकी मार्गदर्शन मास्टर ट्रेनर संतोष कुमार और अनिमा रानी टोप्पो ने किया। इस दौरान ई-विद्या वाहिनी ऐप और पोर्टल के प्रभावी उपयोग के तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। राज्य स्तरीय टीम से प्रियंका कुमारी और जिला टीम के सत्यजीत मंडल ने भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया। सत्र के दौरान एफएलएन मूल्यांकन के तरीकों, सीखने के परिणामों का विश्लेषण और अनुश्रवण के दौरान ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। प्रतिभागियों को सिखाया गया कि कैसे मूल्यांकन के आंकड़ों का उपयोग करके विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को और अधिक जीवंत और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकता है। इस चार दिवसीय प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले के बीआरपी और सीआरपी में शैक्षणिक नेतृत्व क्षमता का विकास करना है। प्रशिक्षण के माध्यम से न केवल अनुश्रवण प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास किया गया।
यादव छात्रावास को सामुदायिक भवन बताने पर दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
गुमला|अहीर सेना झारखंड ने गुमला नगर परिषद कार्यालय द्वारा अहीर यादव समाज के निजी छात्रावास को सामुदायिक भवन घोषित करने की कोशिशों पर कड़ा विरोध जताया है। संगठन ने नगर परिषद की इस कार्रवाई को समाज की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने का प्रयास बताते हुए कार्यपालक पदाधिकारी से उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। अहीर सेना के पदाधिकारियों ने बताया कि आगामी 13 जुलाई 2026 को होने वाली नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक की सूची में एजेंडा क्रमांक 18 को शामिल किया गया है। इस प्रस्ताव के तहत शास्त्री नगर (वार्ड संख्या 17) स्थित यादव छात्रावास की मरम्मत, सुंदरी करण और उससे राजस्व (टैक्स) वसूली की योजना बनाई जा रही है, जो पूरी तरह से गैर-कानूनी है। 13 वर्षों से रह रहे हैं गरीब छात्र, समाज के पास हैं पुख्ता दस्तावेज है। अहीर सेना ने साफ किया कि यह भूमि और भवन कोई सरकारी या सामुदायिक भवन नहीं है। इसे समाज के स्वर्गीय मनरखन गोप द्वारा यादव समाज के गरीब छात्रों के लिए दान किया गया था। पिछले 13 वर्षों से यहां अत्यंत निर्धन परिवारों के छात्र रहकर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस भूमि का वैधानिक रजिस्ट्रेशन डीड और दाखिल-खारिज पत्र अहीर यादव समाज के नाम पर दर्ज है, जिसे नगर परिषद को सौंप दिया गया है। नगर परिषद प्रशासन तुरंत यह स्पष्ट करे कि किस आधार या दस्तावेज के तहत इस निजी छात्रावास को सामुदायिक भवन की सूची में डाला गया। प्रस्ताव संख्या 18 पर तुरंत रोक: आगामी बैठक से इस एजेंडे को तुरंत हटाया जाए और जब तक दस्तावेजों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक परिषद की किसी भी कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। अहीर सेना झारखंड ने नगर परिषद प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि हमारे समाज की जमीन और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया, तो संगठन पूरे गुमला जिले में उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होगा।
मरीजों के बीच वार्ड में घुसी युवती, मोबाइल और पर्स की चोरी के आरोप में गिरफ्तार
गुमला|सदर अस्पताल गुमला के वार्ड संख्या-125 में गुरुवार तड़के चोरी की कोशिश से हड़कंप मच गया। मरीजों और उनके परिजनों की सतर्कता से मोबाइल और पर्स चोरी के आरोप में एक युवती को रंगेहाथ पकड़ लिया गया। बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब पांच बजे युवती ने पहले वार्ड में मौजूद एक युवक का मोबाइल अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसने एक महिला का पर्स उठाकर अस्पताल के बाथरूम में छिपाने का प्रयास किया। महिला को शक होने पर उसने शोर मचाया, जिससे वार्ड में मौजूद लोग सक्रिय हो गए और युवती को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान युवती के पास से महिला का पर्स बरामद कर लिया गया। लोगों की पूछताछ के बाद उसने युवक का मोबाइल भी वापस कर दिया। घटना से नाराज कुछ लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को हिरासत में लेकर थाना ले गई। बताया जा रहा है कि युवती का उपनाम सेनोरिटा है और वह गुमला के शास्त्री नगर की रहने वाली है। गुमला|जिले में बारिश के साथ सर्पदंश की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन छह से दस लोग सांप के काटने का शिकार होकर इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंच रहे हैं। बुधवार देर रात अलग-अलग क्षेत्रों से छह नए मरीज अस्पताल में भर्ती किए गए। सर्पदंश के शिकार होने वालों में अंबोआ निवासी 35 वर्षीय सादिक अंसारी, रायडीह प्रखंड के पिबो निवासी 39 वर्षीय बिरसु खड़िया, गुमला के कुटमा निवासी 41 वर्षीय एतवारी असूर, सिलम पानदम टोली निवासी 15 वर्षीय निकिता मिंज, रायडीह के तियन टोंगरी निवासी 51 वर्षीय नूनी देवी तथा सिसई प्रखंड के मगलो निवासी 32 वर्षीय करमी उरांव शामिल हैं। परिजन ने सभी घायलों को तत्काल गुमला सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने एंटी वेनम का डोज देकर उनका इलाज शुरू किया। समाचार लिखे जाने तक सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई और उनका उपचार जारी था। लगातार बढ़ रहे सर्पदंश के मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से बारिश के मौसम में खेतों, झाड़ियों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में काम करते समय विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। साथ ही, सांप के काटने पर झाड़-फूंक के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की सलाह दी है।
दो दिनों से लापता युवका का शव भरनो में कुएं से बरामद
भास्कर न्यूज|भरनो/गुमला भरनो थाना क्षेत्र के समसेरा करंजटोली गांव में कुआं में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान इसी गांव के 35 वर्षीय राजकुमार उरांव के रूप में की गई है। युवक का शव दो दिन तक लापता रहने के बाद गुरुवार की दोपहर गांव के एक कुएं से बरामद किया गया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार राजकुमार उरांव बीते मंगलवार की रात पैदल अपने घर लौट रहा था। बताया जा रहा है कि रात में अंधेरा होने के कारण वह गांव स्थित एक खुले कुएं में गिर गया। कुएं में गिरने के बाद पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। मंगलवार रात से युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए। परिजनों और ग्रामीणों ने अपने स्तर से उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन दो दिन तक उसका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार की दोपहर कुछ ग्रामीणों की नजर गांव के कुएं पर पड़ी, जहां उन्होंने पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। शव मिलने की सूचना तत्काल पंचायत के मुखिया को दी गई, जिसके बाद भरनो थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही भरनो थाना की पुलिस गांव पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से शव को कुएं से बाहर निकलवाया और अपने कब्जे में लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया गया। बताया गया कि मृतक राजकुमार उरांव अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। घटना के समय उसकी पत्नी मायके गई हुई थी। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से मर्माहत हैं। इधर भरनो पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक दुर्घटनावश कुएं में गिरा था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
विकास कार्यों पर लगी रोक के खिलाफ नप जनप्रतिनिधियों ने गेट पर जड़ा ताला
भास्कर न्यूज|गुमला गुमला नगर परिषद क्षेत्र में संचालित करीब साढ़े पांच करोड़ रुपए की विकास योजनाओं को जांच के नाम पर बंद कराए जाने के विरोध में जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा है। इसके विरोध में जनप्रतिनिधियों ने विकास विरोधी नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए नप कार्यालय में अनिश्चितकालीन तालाबंदी कर दी है। अध्यक्ष शकुंतला उरांव और उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी के संयुक्त नेतृत्व में पहुंचे पार्षदों ने कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। इसके बाद बाहर शाम पांच बजे तक बैठे रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि जब तक रुकी हुई योजनाएं पुनः शुरू नहीं की जातीं और विकास कार्य गति नहीं पकड़ती। तब तक एसआईआर को छोड़कर सभी प्रशासनिक और नागरिक कामकाज पूरी तरह से ठप रहेंगे। तालाबंदी के दौरान अध्यक्ष शकुंतला उरांव ने स्थानीय विधायक पर हमला बोला। उन्होंने विधायक को सीधे तौर पर विकास विरोधी करार देते हुए कहा कि विधायक के इशारे पर ही उपायुक्त द्वारा जांच का बहाना बनाकर धरातल पर चल रहे विकास कार्यों को जबरन रुकवा दिया गया है। अध्यक्ष ने कहा कि विधायक खुद जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं। उन्हें तो क्षेत्र के विकास का सारथी बनना चाहिए और नगर परिषद के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास को रफ्तार देनी चाहिए। लेकिन इसके विपरीत वे शुरू से ही जनहित के कार्यों को प्रभावित और बाधित करने की राजनीति कर रहे हैं। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मौके पर पार्षद संगियस तिर्की, प्रवीण टोप्पो, मोसर्रत प्रवीण, उमा देवी, नेहा लकड़ा, विजेता मिंज, नूतन रानी, शैल मिश्रा मौजूद थीं। इस तालाबंदी और विरोध प्रदर्शन के दौरान नगर परिषद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के साथ कुल 22 वार्ड पार्षदों में से आधे से भी कम पार्षद मौके पर मौजूद रहे। नप कार्यालय के बाहर जनप्रतिनिधियों के इस तेवर को देखकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जिस कारण सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी। अब देखना है कि साढ़े पांच करोड़ के योजनाओं पर लगा ग्रहण कब हटता है और जनता को राहत कब मिलती है। उपाध्यक्ष रमेश कुमार चीनी ने जिला प्रशासन और उपायुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि डीसी ने जनप्रतिनिधियों के मान-सम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई है। जब नप का एक शिष्टमंडल इस समस्या को लेकर उपायुक्त से मिलने गया था। तब हमने साफ शब्दों में विकास कार्यों को रोकने का कड़ा विरोध दर्ज कराया था। लेकिन डीसी ने केवल आश्वासन देकर हमें टाल दिया और हमारी जायज मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। उन्होंने साफ किया कि यह लड़ाई किसी व्यक्तिगत स्वार्थ की नहीं बल्कि गुमला की जनता के हक और जनहित के लिए है। जो मांगें पूरी होने तक लगातार जारी रहेगी।
पालकोट में बाइक-बोलेरो की टक्कर में दो युवक घायल, सिर में चोट लगी
गुमला| पालकोट थाना क्षेत्र के पम्पापुर कॉलेज मोड़ के समीप बुधवार शाम एक मोटरसाइकिल और बोलेरो वाहन के बीच हुई सीधी भिड़ंत में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए पालकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां अस्पताल की व्यवस्था को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार पोजेगा गांव निवासी प्रवीण सिंह 22 वर्ष पिता प्रभु सिंह व बीरेंद्र कुल्लू 23 वर्ष पिता एतवा कुल्लू, मोटरसाइकिल से पोजेगा से पालकोट की ओर आ रहे थे। इसी दौरान पम्पापुर कॉलेज मोड़ के समीप सामने से आ रही बोलेरो से उनकी बाइक की सीधी टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों युवक हवा में उछलकर सड़क के दूसरी ओर जा गिरे। हादसे में दोनों को सिर, हाथ-पैर व शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार दोनों लोग शराब के नशे में धुत थे, बाइक के लापरवाही के कारण घटना घटी है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को एक निजी वाहन के माध्यम से पालकोट अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति के कारण वाहन सीधे अस्पताल परिसर तक नहीं पहुंच सका। बताया जाता है कि सड़क की जगह कीचड़ और गीली मिट्टी होने के कारण घायलों को कुछ समय तक बीच रास्ते में सड़क किनारे गीली मिटी में ही रखना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों घायल दर्द से तड़पते रहे और काफी देर बाद एक वार्ड बॉय स्ट्रेचर लेकर पहुंचा, जिसके बाद उन्हें अस्पताल के भीतर ले जाया गया। घायलों के परिजन और स्थानीय लोगों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल में दुर्घटना जैसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि अस्पताल में उस समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और न ही तत्काल मरीजों को रेफर करने के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध थी।
बरगंडा में रास्ते के विवाद को लेकर हंगामा, काम रुका
गिरिडीह|नगर थाना क्षेत्र के बरगंडा स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप कोपर फील्ड गली में सार्वजनिक रास्ते को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। बुधवार देर शाम कुछ लोग रास्ते को घेरकर दीवार निर्माण करने का प्रयास कर रहे थे। इसकी जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और विरोध शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के बाद निर्माण कार्य में लगे लोग वहां से चले गए। बरगंडा निवासी अधिवक्ता सुजीत नीफुलम ने बताया कि एक व्यक्ति अपनी जमीन बताते हुए सार्वजनिक रास्ते को बंद करने का प्रयास कर रहा है। इससे पहले भी रास्ता बंद करने की कोशिश की गई थी, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया था। यह रास्ता वर्षों से आम लोगों के आवागमन में उपयोग होता आ रहा है। इस मार्ग से स्कूली बच्चे, बजरंगबली मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालु और आसपास के लोग प्रतिदिन आना-जाना करते हैं। लोगों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और रास्ते को सुरक्षित रखने की मांग की है। दूसरे पक्ष से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
2 साल से अधूरी है छत्रबाद सड़क, ग्रामीणों में गुस्सा; उपायुक्त से शिकायत करने का निर्णय
भास्कर न्यूज | बड़की सरिया सरिया प्रखंड की बागोडीह पंचायत में छत्रबाद सड़क का निर्माण पिछले दो वर्षों से अधूरा पड़ा है। सड़क और नाली का काम पूरा न होने के कारण स्थानीय लोगों में प्रशासन और विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी है। रोजाना आवागमन में हो रही दिक्कतों से तंग आकर ग्रामीणों ने अब बगोदर विधायक से इस काम को जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क सिर्फ आने-जाने का रास्ता नहीं है, बल्कि हजारों लोगों की पढ़ाई, इलाज और रोजगार से जुड़ी एक बेहद जरूरी लाइफलाइन है। सड़क अधूरी होने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों, किसानों, महिलाओं, मरीजों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। आए दिन लोग यहां हादसों का शिकार भी हो रहे हैं। सड़क निर्माण की सुस्त रफ्तार और अपनी परेशानियों को देखते हुए ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। ग्रामीणों ने फैसला किया है कि वे जल्द ही इस मामले को लेकर गिरिडीह के उपायुक्त से मुलाकात करेंगे और उन्हें एक ज्ञापन सौंपकर समस्या के जल्द समाधान की मांग करेंगे, ताकि लोगों को इस नरकीय स्थिति से राहत मिल सके। स्थानीय समाजसेवी निखिल सिंह ने बताया कि बागोडीह पंचायत के विकास के लिए सरकार की ओर से करीब 13 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि मंजूर की गई है। इसमें से लगभग 2 करोड़ रुपये सिर्फ सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने और उससे जुड़ी समस्याओं को सुलझाने के लिए तय किए गए हैं। बजट मिलने के बावजूद पिछले दो साल से काम का लटका रहना समझ से परे है।
मतदाता सूची के शुद्धिकरण पर प्रशासन ने दिया जोर
भास्कर न्यूज | गिरिडीह विशेष गहन पुनरीक्षण एसआईआर अभियान के तहत गिरिडीह जिले में मतदाता सूची के अद्यतन व शुद्धिकरण का कार्य तेजी से संचालित किया जा रहा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक् त रामनिवास यादव के मार्गदर्शन में गणना प्रपत्रों के वितरण, संग्रहण व डिजिटाइजेशन की नियमित समीक्षा की जा रही है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जा सकें।अभियान के प्रभावी संचालन के लिए सभी निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी, सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी तथा वरीय अधिकारी लगातार क्षेत्र भ्रमण कर कार्यों का निरीक्षण व पर्यवेक्षण कर रहे हैं। बूथ स्तर पदाधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क स्थापित कर गणना प्रपत्रों का वितरण व संग्रहण सुनिश्चित कर रहे हैं। जिले में प्राप्त गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन कार्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी सूचनाओं का समयबद्ध, पारदर्शी व त्रुटिरहित संधारण सुनिश्चित हो सके। अभियान की सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रत्येक स्तर पर कार्यों की गुणवत्ता व प्रगति पर नजर रखी जा रही है। उपायुक्त रामनिवास यादव ने जिले के सभी पात्र मतदाताओं से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। अपने संबंधित बीएलओ को आवश्यक सहयोग दें।
इनर व्हील क्लब ने डॉक्टरों को किया सम्मानित
भास्कर न्यूज |गिरिडीह इनर व्हील क्लब ऑफ गिरिडीह पर्ल्स (डिस्ट्रिक्ट 325) ने जुलाई के पहले हफ्ते में स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा को समर्पित कई जनहितकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसके जरिए लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ पर्यावरण बचाने और जरूरतमंदों की मदद का संदेश दिया गया। एक जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस (डॉक्टर्स डे) पर समाज सेवा में जुटे डॉ. अंकिता सहाय, डॉ. श्रवण कुमार, डॉ. शीला वर्मा और डॉ. राजेश वर्मा को पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी दिन हरिचक गांव में 25 पौधे लगाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया गया। 7 जुलाई को रोटरी आई हॉस्पिटल में किडनी स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इसमें पीडीसी पूनम सहाय ने किडनी को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम की जानकारी दी। इसके बाद रोटरी डायलिसिस सेंटर में एक मरीज के इलाज के लिए पैसे दिए गए। 8 जुलाई को नवजीवन हॉस्पिटल में भी ऐसा ही कार्यक्रम हुआ, जहां अस्पताल की सीईओ स्वाति बगड़िया और डॉ. हेमंत कुमार ने किडनी रोगों की रोकथाम पर प्रकाश डाला। यहाँ भी दो डायलिसिस मरीजों को इलाज के लिए आर्थिक मदद दी गई। मौके परक्लब की अध्यक्ष प्रीति भास्कर, पीडीसी पूनम सहाय, एडिटर मृदुला शर्मा और नेहा सिंह मुख्य रूप से मौजूद रहीं। प्रीति भास्कर ने कहा कि क्लब आगे भी स्वास्थ्य, पर्यावरण और मानव सेवा से जुड़े काम करता रहेगा।
बालक में देवरी व बालिका में बिरनी की टीम चैंपियन
भास्कर न्यूज |गिरिडीह झारखंड शिक्षा परियोजना, गिरिडीह की ओर से गुरुवार को 65वीं सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह मुकाबले गिरिडीह प्लस टू हाई स्कूल खेल मैदान (सर्कस मैदान) और जिला सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पचंबा के मैदान पर खेले गए। प्रतियोगिता के अंडर-17 बालक और बालिका वर्ग में जिले के सभी 13 प्रखंडों की टीमों ने जमकर दमखम दिखाया। प्रतियोगिता का उद्घाटन मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। सर्कस मैदान में खेले गए बालक वर्ग के फाइनल मुकाबले में देवरी की टीम ने गिरिडीह प्रखंड को 1-0 से हराकर खिताब पर कब्जा किया। वहीं, पचंबा मैदान में आयोजित बालिका वर्ग के रोमांचक फाइनल मैच में बिरनी की टीम ने गांडेय को 3-2 से शिकस्त दी। अधिकारियों ने विजेता और उपविजेता टीम के खिलाड़ियों को ट्रॉफी दी। डीइओ विनय कुमार ने कहा कि सुब्रतो कप प्रतियोगिता ग्रामीण और स्कूली स्तर की प्रतिभाओं को आगे लाने का सबसे बेहतरीन मंच है। बच्चों को राज्य और नेशनल स्तर तक पहुंचने का मौका मिले। 10 को अंडर-15 बालक वर्ग के मुकाबले, तैयारियां पूरी आयोजकों ने बताया कि प्रतियोगिता का अगला चरण शुक्रवार, 10 जुलाई को आयोजित किया जाएगा। इस दिन अंडर-15 बालक वर्ग के मुकाबले प्लस टू उच्च विद्यालय (गिरिडीह) के खेल मैदान में खेले जाएंगे। मैच को लेकर खेल प्रेमियों में काफी उत्साह है और जिला शिक्षा परियोजना की ओर से सफल संचालन के लिए सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई थीं।
गिरिडीह में निकली प्रभात फेरी, लोगों को परिवार नियोजन के प्रति किया जागरूक
भास्कर न्यूज | गिरिडीह विश्व जनसंख्या दिवस 2026 के मौके पर गुरुवार को जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनसंख्या नियंत्रण अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाली गई। सदर अस्पताल परिसर से चिकित्सा पदाधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। प्रभात फेरी शहर के मुख्य रास्तों और चौक-चौराहों का चक्कर काटते हुए वापस अस्पताल परिसर पहुंची। इस दौरान स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने लोगों को परिवार नियोजन, जनसंख्या नियंत्रण और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया।इस साल विश्व जनसंख्या दिवस की थीम जब बच्चों में हो सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल रखी गई है। प्रभात फेरी के जरिए लोगों को संदेश दिया गया कि बच्चों के जन्म के बीच सही अंतर रखने से मां और बच्चे दोनों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और परिवार की तरक्की होती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि छोटे और स्वस्थ परिवार के महत्व को समझना जरूरी है, ताकि मां-बच्चे की जान को खतरा कम हो सके।प्रभात फेरी में जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. आर. पी. दास, सदर प्रखंड के प्रभारी डॉ. सचिन कुमार, जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीरज कुमार सिंह, मुकेश कुमार, इन्द्रदेव कुमार, परिवार नियोजन काउंसलर रूबिका कुमारी, परिवार नियोजन प्रशिक्षक लक्ष्मी प्रसाद मौर्य, रमा शंकर शर्मा, नदीम अहमद सहित कई एएनएम, सहिया और सहिया साथी शामिल हुए। आह्वान: परिवार नियोजन की सेवाओं का उठाएं लाभ स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे सरकारी अस्पतालों में मिलने वाली परिवार नियोजन से जुड़ी सेवाओं और डॉक्टरों की सलाह का लाभ उठाएं। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि जागरूकता और सबके सहयोग से ही एक स्वस्थ और खुशहाल समाज का निर्माण संभव है।
भास्कर न्यूज | गिरिडीह पर्यावरण संरक्षण और धरती को हरी-भरी बनाने के उद्देश्य से दैनिक भास्कर द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रव्यापी महाअभियान ''एक पेड़, एक जिंदगी'' के तहत गुरुवार को गिरिडीह के बोड़ो स्थित कार्मेल स्कूल सीनियर विंग परिसर में भव्य पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के तहत गिरिडीह भास्कर की टीम, विद्यालय प्रबंधन, शिक्षक, स्कूली बच्चों ने मिलकर परिसर में 100 से अधिक छायादार, फलदार पौधे रोपे। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर पर्यावरण संरक्षण के नारों से गूंज उठा। बच्चों ने बेहद उत्साह से इस पुनीत कार्य में अपनी भागीदारी निभाई। इस महाअभियान की सराहना करते हुए विद्यालय की प्राचार्या थ्रेसिल्डा ने कहा कि दैनिक भास्कर की यह मुहिम समाज को जगाने वाली है। केवल पौधे लगाना ही हमारी जिम्मेदारी नहीं है। उन्हें जीवित रखना भी जरूरी है। बच्चों की तरह उनका पालन-पोषण करना भी उतना ही आवश्यक है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने रोपे गए पौधों की नियमित देखभाल करने का सामूहिक संकल्प लिया। सभी ने उन्हें सहेजने का भी संकल्प लिया। विद्यालय परिवार, भास्कर टीम ने आम जनता से भी अपील की कि वे अपने घरों, कार्यालयों, खेतों, आसपास की खाली जमीनों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं। इस महाअभियान के सारथी बनें। मौके पर दैनिक भास्कर परिवार के सदस्य सहित शिक्षक दिवाकर झा, निर्मल झा, एलेक्स जोन, रूपनारायण हस्सा भी मौजूद थे। तमाम शिक्षिकाएं, कर्मचारी, सैकड़ों की संख्या में छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे। बताया महत्व, कहा- धरती का शृंगार हैं पेड़, इनके बिना जीवन की कल्पना अधूरी कार्यक्रम के दौरान मौजूद वक्ताओं और शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पेड़ों के महत्व, पर्यावरण संतुलन और ग्लोबल वार्मिंग के खतरों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से मौसम का मिजाज बदल रहा है, उसे देखते हुए पेड़ लगाना अब शौक नहीं बल्कि हमारी सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। एक पौधा लगाना केवल प्रकृति को बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य तैयार करने की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बंद घर का ताला तोड़ 6 लाख के जेवर और 12 हजार नकद की चोरी
गिरिडीह| मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के पटेल नगर (जगन्नाथ नगर) में बंद घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने करीब 6 लाख रुपये के जेवरात और 12 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मकान मालिक अमित कुमार राय के आवेदन पर मुफ्फसिल थाने में मामला मामला दर्ज कर लिया गया है । थाना प्रभारी ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। वहीं, चोरों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अमित कुमार राय ने बताया कि 6 जुलाई को वह अपने पटेल नगर स्थित घर में ताला लगाकर पूरे परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने बिहार के चकाई गए थे। 8 जुलाई की देर शाम जब वे वापस लौटे तो घर का मुख्य गेट बंद था, लेकिन छत की सीढ़ी का लोहे का गेट टूटा हुआ मिला। घर के अंदर जाने पर कमरे में रखा ट्रंक टूटा मिला और उसमें रखे सोने-चांदी के जेवरात का डिब्बा बिखरा हुआ था। जांच करने पर चोरी की घटना का पता चला। पीड़ित के अनुसार चोर घर से एक जोड़ी सोने की कान की बाली, एक जोड़ी बाउटी, सोने की अंगूठी, बजरंगबली लॉकेट, पटवासी, दो नथिया, एक नथुनी, एक मोहर, चांदी के तीन चेन, दो जोड़ी पायल, एक जोड़ी बिछिया, एक ब्रेसलेट, चार महादेव-पार्वती की मूर्ति सहित 12 हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए। पुलिस ने कहा कि जल्द ही चोर पकड़े जाएंगे।
13 को भारी बारिश और तेज हवा का अलर्ट जिले में अब तक 40% कम बरसे बादल
भास्कर न्यूज |गिरिडीह गिरिडीह जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), रांची के नए अनुमान के अनुसार जिले में अगले पांच दिनों तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने 13 जुलाई को जिले में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार, 15 जुलाई तक बारिश का यह सिलसिला बना रहेगा। इस दौरान तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। बादलों और बारिश के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, हालांकि उमस बनी रह सकती है। आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 9 जुलाई तक गिरिडीह जिले में 166.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 276.2 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। इस प्रकार जिले में अब तक 40 प्रतिशत कम वर्षा रिकॉर्ड की गई है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होने से यह कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। किसानों को सलाह: धान की रोपनी में लाएं तेजी मौसम सह कृषि सलाहकार मधुकर कुमार ने किसानों से अपील की है कि बारिश को देखते हुए धान की रोपनी में तेजी लाएं। जिन खेतों में पानी ज्यादा जमा हो गया है, वहां पानी निकालने का इंतजाम करें। जिन्होंने बिचड़ा तैयार कर लिया है, वे तुरंत रोपाई करें। तेज हवा और बिजली कड़कने के दौरान किसान खेतों में काम करने से बचें और मवेशियों को सुरक्षित रखें। सब्जी और दलहनी फसलों के खेतों से जलजमाव रोकने के लिए नालियों की सफाई करें। बारिश के दौरान केमिकल खाद और कीटनाशकों का छिड़काव न करें।
स्कूल से निकलकर दोस्तों संग तालाब नहाने गया दूसरी का छात्र डूबा, मौत
भास्कर न्यूज | गिरिडीह मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय झगरी के दूसरी कक्षा के आठ वर्षीय छात्र फरहान अंसारी की गुरुवार दोपहर अंबाटांड़ तालाब में डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना से गुस्साए परिजनों ने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए 10 लाख रुपए मुआवजे की मांग की और शव उठाने से रोक दिया। हंगामा बढ़ने पर सदर एसडीओ धीरेन्द्र प्रसाद के निर्देश पर सदर सीओ जितेंद्र प्रसाद घटनास्थल पहुंचे और परिजनों को समझाया। सीओ ने बताया कि सरकारी नियम के तहत पानी में डूबने से मौत होने पर 4 लाख रुपए सहायता राशि देने का प्रावधान है, जिसके लिए पोस्टमार्टम जरूरी है। करीब दो घंटे तक समझाने के बाद परिजन माने। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। मृतक के पिता मो. कलीम अंसारी ने बताया कि उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें से तीन बच्चे झगरी स्कूल में ही पढ़ते हैं। गुरुवार को भी सभी बच्चे स्कूल गए थे। इसी बीच फरहान अपने तीन दोस्तों के साथ स्कूल से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित अंबाटांड़ तालाब में नहाने चला गया। नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। किनारे खड़े उसके दो दोस्तों के शोर मचाने पर लोगों ने उसे बाहर निकाला और उसे तुरंत सदर अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता का आरोप: स्कूल ने की लापरवाही मृतक के पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन की भारी लापरवाही के कारण उनका बेटा स्कूल टाइम में बाहर निकलकर तालाब तक पहुंच गया। अगर स्कूल में बच्चों की सही तरीके से निगरानी होती तो उनका बच्चा आज जिंदा होता । अकेले निगरानी मुश्किल, चुपके से स्कूल से निकला फरहान : फरीदा शिक्षिका फरीदा प्रवीण ने कहा कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी निगरानी करना कठिन हो रहा है। पहली से पांचवीं कक्षा तक कुल 135 बच्चे नामांकित हैं। वैसे तो यहं दो शिक्षकों का पदस्थापन है, लेकिन दूसरी शिक्षिका साहनी निशा छुट्टी (सीएल) पर थीं। फरहान चुपके से स्कूल परिसर से निकलकर तालाब की ओर चला गया, जिसकी जानकारी उन्हें समय पर नहीं मिल सकी। वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दीपक यादव ने बताया कि एक शिक्षिका ही पूरे स्कूल के बच्चों को संभाल रही थीं, क्योंकि दूसरी शिक्षिका छुट्टी पर थीं। पर्याप्त शिक्षक होते तो बच्चे बाहर नहीं निकलते।
डेढ़ साल पहले खत्म हुई डेडलाइन; फिर भी गिरिडीह-पचंबा फोरलेन अधूरी, धंस भी रही
भास्कर न्यूज | गिरिडीह गिरिडीह-पचंबा फोरलेन सड़क पर सफर करना लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। 19 फरवरी 2024 को शिलान्यास होने के बाद नौ माह में इसे पूरा कर लेना था, लेकिन सड़क पूरी तरह बनने से पहले ही जगह-जगह से टूटने और धंसने लगी है। निर्माण एजेंसी (ठेकेदार) ने पांच प्रमुख जगहों पर पुलिया तो बना दी, लेकिन उनके दोनों तरफ सड़क का निर्माण अधूरा छोड़ दिया है। पिछले छह महीने से वहां काम की एक ईंट भी नहीं रखी गई है, जिसका खामियाजा रोजाना हजारों वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ गिट्टी और क्रशर डस्ट डालकर पल्ला झाड़ लिया गया है। अब स्थिति यह है कि हल्की बारिश में यह कीचड़ का दलदल बन जाता है, तो धूप निकलते ही उड़ती धूल आंखों में अंधेरा पैदा करती है। गिट्टी और डस्ट बह जाने से वहां गहरे गड्ढे बन गए हैं। गिरिडीह से पचंबा के बीच मुख्य मार्ग होने के कारण यहां वाहनों का दबाव ज्यादा रहता है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के पलटने या फंसने की घटनाएं रोज की बात हो गई हैं। इस सड़क का शिलान्यास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के हाथों हुआ था। लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और अफसरों की सुस्ती के कारण यह प्रोजेक्ट अधर में लटका है। सरकारी सिस्टम का ढीला रवैया ऐसा है कि सड़क बनने के पहले ही डैमेज होने लगी है। सवाल यह है कि दुर्घटनाओं के बाद ही प्रशासन जागेगा? इन तीन जगहों पर सबसे ज्यादा खतरा 1. फॉरेस्ट ऑफिस के पास: पुलिया के दोनों ओर सड़क धंसने से गहरे गड्ढे बन गए हैं। बारिश में इनमें पानी भर जाता है, जिससे सड़क और गड्ढे का फर्क समझ नहीं आता। रात के अंधेरे में बाइक सवार अक्सर अनियंत्रित होकर गिरते हैं। यहां जाम लगना रोज की समस्या बन गई है। 2. विशुनपुर का इलाका: यहां पुलिया के पास पानी निकलने का कोई रास्ता (ड्रेनेज) नहीं है, जिससे पानी सड़क पर ही जमा हो रहा है। सड़क का ऊपरी हिस्सा गिट्टी के कारण गड्ढे में बदल चुका है। कारें किसी तरह निकल जाती हैं, लेकिन बाइक और साइकिल सवारों के लिए यह इलाका किसी चुनौती से कम नहीं है। 3. भंडारीडीह का डेंजर जोन: यहां सड़क के दोनों किनारों से गिट्टी गायब हो चुकी है, जिससे यह खतरनाक गड्ढों में बदल चुका है। गिट्टी और डस्ट के मिश्रण ने इसे बेहद फिसलन भरा बना दिया है। बीते दिनों एक अनियंत्रित ट्रक के पलटने के बावजूद प्रशासन ने अब तक मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। ठेकेदार को काम पूरा करने का निर्देश : रामविलास इपथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता रामविलास सिंह का कहना है, निर्माण एजेंसी को बचा हुआ काम तुरंत पूरा करने का निर्देश दिया गया है। पांचों जगहों की समस्या से विभाग अवगत है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में सड़क को दुरुस्त कर लोगों का आना-जाना आसान और सुरक्षित बना दिया जाएगा। विभाग लोगों की सुविधा को लेकर गंभीर है।
भाजपा एससी मोर्चा का प्रवास शुरू, एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौधरोपण
भास्कर न्यूज | गिरिडीह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा का दो दिवसीय जिला प्रवास कार्यक्रम गुरुवार को प्रदेश उपाध्यक्ष सह प्रभारी सूरज राज की उपस्थिति में शुरू हुआ। प्रदेश मंत्री कामेश्वर पासवान के आवासीय परिसर में आयोजित बैठक की अध्यक्षता प्रभारी जिला अध्यक्ष उमेश दास ने की। प्रथम दिवस के कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम नेताओं ने पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण किया। बैठक के उपरांत नेताओं व कार्यकर्ताओं ने परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधरोपण किया। क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों से मिलकर पार्टी की नीतियां साझा कीं। मुख्य अतिथि सूरज राज ने कहा कि भाजपा सदैव कार्यकर्ताओं के बल पर चलती है। इस प्रवास का मूल उद्देश्य अनुसूचित जाति मोर्चा के लोगों को जागरूक करना है। मतदाता सूची में हर योग्य व्यक्ति का नाम दर्ज हो सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य रूप से अशोक दास, सुरेंद्र रजक, माथुर दास, पीलू दास, बंकिम रजक, टीकू कुमार, चमटू भाई, पांडे दास, अरविंद दास, रोशन कुमार, सुगिया देवी, अमर कुमार दास, लखेंद्र दास, रोहित राम, मन्नू दास सहित दर्जनों मोर्चा कार्यकर्ता उपस्थित थे।विशिष्ट अतिथि सह जिप के पूर्व उपाध्यक्ष कामेश्वर पासवान ने कहा कि भाजपा अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अपने कार्यकर्ताओं को सुदूर गांवों, कस्बों और टोलों में सक्रिय रखती है। मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। नाम जुड़वाने या किसी त्रुटि के सुधार में दिक्कत आने पर लोग बीएलओ या भाजपा कार्यकर्ताओं से संपर्क कर सकते हैं, जो घर-घर जाकर एसआईआर कार्य में सहयोग करेंगे।
आठवीं के छात्रों को 866 साइकिलें जल्द मिलेंगी
भास्कर न्यूज | कोडरमा जिले में अल्पसंख्यक वर्ग के बच्चों के लिए आवासीय शिक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में दो बड़ी पहले आगे बढ़ी हैं। एक ओर कल्याण विभाग की ओर से अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय के निर्माण की प्रक्रिया तेज की गई है, वहीं दूसरी ओर अल्पसंख्यक छात्रावासों के निर्माण और छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति व साइकिल उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम आगे बढ़ रहा है। प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी प्रकाश बैठा ने बताया कि राज्य मुख्यालय के निर्देश पर जिले में अल्पसंख्यक बच्चों के लिए एक आवासीय विद्यालय स्थापित किया जाना है, जहां दसवीं कक्षा तक पढ़ाई के साथ बच्चों के रहने की भी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय के निर्माण के लिए काफी समय से जिला स्तर पर उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही थी। शुरुआत में इसे सदर प्रखंड, कोडरमा में स्थापित करने का प्रस्ताव था, लेकिन वहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद चंदवारा प्रखंड में भी जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चली, मगर बात नहीं बन सकी। अब मरकच्चो प्रखंड के मंझलाडीह क्षेत्र में 8 एकड़ जमीन उपलब्ध होने का प्रतिवेदन अंचल अधिकारी की ओर से दिया गया है। जिला प्रशासन अब इस प्रस्ताव को अनुमोदन के लिए राज्य मुख्यालय भेजने की तैयारी में है। मुख्यालय से स्वीकृति मिलने के बाद विद्यालय निर्माण के लिए विस्तृत प्रकरण तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में अल्पसंख्यक छात्रावास के निर्माण की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल हो रही है। झुमरी तिलैया के असनाबाद मदरसा परिसर में लगभग 2 करोड़ 69 लाख रुपए की लागत से अल्पसंख्यक छात्रावास का निर्माण कराया जाना है। इसके लिए प्रथम किस्त के रूप में 1 करोड़ 15 लाख रुपए जिले को प्राप्त हो चुके हैं, जबकि दूसरी किस्त मिलनी बाकी है। यह छात्रावास जी प्लस वन ढांचे में बनेगा और इसका उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके अलावा विभागीय स्तर पर छतरवार और चेचाई में 50-50 बेड के अल्पसंख्यक छात्रावास निर्माण की भी योजना चल रही है। इन दोनों स्थानों पर पर्याप्त जमीन उपलब्ध है और निर्माण प्रस्ताव को अंतिम रूप देने के लिए भूमि प्रतिवेदन व प्राक्कलन तैयार किया जा रहा है। इसके बाद पूरा प्रस्ताव राज्य मुख्यालय को भेजा जाएगा। पदाधिकारी ने बताया कि जिले में पहले से भी कई छात्रावास संचालित हैं। जेजे कॉलेज परिसर में अल्पसंख्यक छात्रावास के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति छात्रावास भी संचालित है। इसके अतिरिक्त कॉलेज परिसर में छात्राओं के लिए भी छात्रावास बनाया गया है, हालांकि वहां फिलहाल छात्राएं नहीं रह रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रावास परिसर की घेराबंदी की जरूरत भी सामने आई है। वर्तमान में जिले में कुल नौ छात्रावास संचालित होने की जानकारी दी गई है। शिक्षा सहायता के मोर्चे पर भी कल्याण विभाग ने बड़ी राशि जारी की है। प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि विभाग की ओर से पिछड़ा वर्ग के पोस्ट मैट्रिक छात्रों के लंबित छात्रावास भुगतान के अलावा छात्रवृत्ति मद में अब तक करीब 10 करोड़ 57 लाख रुपए जिले को उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त शेष पात्र विद्यार्थियों के लिए भी और राशि की मांग की गई है, ताकि किसी छात्र को छात्रवृत्ति से वंचित न रहना पड़े। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में आठवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं के बीच साइकिल वितरण की तैयारी भी अंतिम चरण में है। विभाग के अनुसार जिले को 866 साइकिलें उपलब्ध कराई गई हैं और इतनी ही संख्या में मांग जिला स्तर से भेजी गई थी। अब जल्द ही पात्र विद्यार्थियों के बीच इन साइकिलों का वितरण शुरू किया जाएगा। विभाग का मानना है कि आवासीय विद्यालय, छात्रावास, छात्रवृत्ति और साइकिल वितरण जैसी योजनाएं जिले के वंचित वर्गों के बच्चों की शिक्षा को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाएंगी।
झारखंड में राशन कार्डधारकों से सरकार अब उनकी जाति पूछ रही है। राज्य के राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना से जुड़े कुल 67,93,458 राशन कार्डधारकों को अपने कार्ड में अब जाति दर्ज करानी होगी। यह नियम किसी एक विशेष वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी जातियों के कार्डधारकों पर समान रूप से लागू होगा। विभाग ने इसकी पूरी जिम्मेदारी जनवितरण प्रणाली (पीडीएस) के दुकानदारों को सौंप दी है। यह काम पांच जुलाई को ऑनलाइन मोड में शुरू हो चुका है। इस अभियान के तहत अब तक 319 राशन कार्ड पर जाति अंकित की जा चुकी है। अन्य कार्ड पर भी जाति जुड़वाने का काम तेजी से किया जा रहा है। पुराने राशन कार्ड में जाति जुड़वाने या नया राशन कार्ड बनवाने के लिए केवल डिजिटल जाति प्रमाण पत्र ही स्वीकार किया जाएगा। हालांकि विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) को डिजिटल जाति प्रमाण पत्र देने की जरूरत नहीं है। बीएसओ उनके बारे में जानकारी एकत्र कर राशन कार्ड में उनकी जाति अंकित करेंगे। विभाग ने सफेद राशन कार्ड धारकों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा है। उन्हें अपने कार्ड में जाति अंकित कराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें कार्ड पर राशन का लाभ नहीं मिलता। सरकार की कोशिश है कि इस अभियान को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। पांच जुलाई से अभियान शुरू, 319 कार्ड में जोड़ी गई जाति इसकी जरूरत क्यों : सरकार चाहती है रियल टाइम सटीक आंकड़ा खाद्य व आपूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग द्वारा राशन कार्ड में जाति दर्ज कराने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े राजनीतिक और प्रशासनिक कारण हैं। सरकार रियल टाइम यह सटीक आंकड़ा चाहती है कि किस जाति (एसटी, एससी, ओबीसी या सामान्य वर्ग) के कितने लोगों को पीडीएस का लाभ मिल रहा है। इससे सरकार को यह समझने में मदद मिलेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ किस वर्ग तक सबसे ज्यादा पहुंच रहा है और कौन सा वर्ग इससे वंचित है। भविष्य में किसी विशेष जाति या वर्ग के लिए नई कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने या राशन कोटे में बदलाव करने के लिए इस डेटा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अपात्र लोगों को छांटने में भी मदद मिलेगी। जाति न जोड़ने से अनाज की आपूर्ति नहीं होगी बंद राशन कार्ड में जाति अंकित कराने के लिए डिजिटल जाति प्रमाण पत्र देना अनिवार्य है। अगर कोई जाति प्रमाण पत्र नहीं दे पाता है, तब भी उसका राशन बंद नहीं किया जाएगा। राशन कार्ड में जाति अंकित करने का काम पांच जुलाई से शुरू हुआ है। इसके लिए डीलरों को और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। भविष्य में भी उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले भी राशन कार्ड में जाति अंकित करने का प्रावधान किया गया था। उस समय करीब 30 प्रतिशत लोगों की जाति राशन कार्ड में अंकित थी लेकिन उस समय प्रमाण पत्र अपलोड नहीं किया जा रहा था। अब प्रमाण पत्र जरूरी है। जानिए... किस कार्ड के कितने लाभुक पीडीएस दुकानों पर ई-पॉस मशीन व मोबाइल ऐप से अंकित होगी राशन कार्ड पर जाति इस काम का जिम्मा पीडीएस दुकानदारों को दिया गया है। इसलिए ई-पॉस मशीन और मोबाइल ऐप के माध्यम से राशनकार्डधारियों के राशन कार्ड में डिजिटल जाति प्रमाण पत्र अपलोड किया जाएगा। सभी राशन डीलरों को इससे संबंधित निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्हें इसके लिए ट्रेनिंग भी दी गई है। विभाग ने साफ कर दिया है कि इस काम के लिए राशन डीलरों को अलग से कोई राशि नहीं दी जाएगी। हालांकि लोगों को डिजिटल जाति प्रमाण पत्र बनाने में कुछ परेशानी हो रही है। इसके लिए प्रज्ञा केंद्रों पर कतार लगने लगी है। सबसे बड़ी समस्या खतियान की है, क्योंकि इसके लिए खतियान जरूरी है। राशन डीलरों को सौंपी गई जिम्मेदारी, ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है खाद्य आपूर्ति विभाग से मिले निर्देश के आधार पर सभी संबंधित राशन कार्ड पर जाति अंकित करने का काम शुरू कर दिया गया है। राशन डीलरों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए ट्रेनिंग भी दी गई है।— ज्ञानदेव झा, प्रधान महासचिव, फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन झारखंड
पहली घटना, रात 12.30 बजे : एनके कंस्ट्रक्शन के बिल्डर निशित केसरी के घर में चोरी की कोशिश हुई, दूसरी, 2.30 बजे: त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के मालिक अखिलेश पांडेय के घर चोर घुसे, गहने-नगद चुराए राजधानी की पॉश कॉलोनी अशोकनगर में बुधवार देर रात अपराधियों ने एक ही रात दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया। दोनों घटनास्थल अरगोड़ा थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर हैं। पहली घटना रात करीब 12.30 से करीब 2.25 बजे के बीच रोड नंबर-5बी स्थित एनके कंस्ट्रक्शन के बिल्डर निशित केसरी के घर में हुई, जहां चोरी की कोशिश के दौरान हुई फायरिंग में उनके सरकारी बॉडीगार्ड मुखदेव पासवान घायल हो गए। इस घटना के कुछ देर बाद रात करीब 2.30 बजे रोड नंबर-4बी स्थित त्रिवेणी कंस्ट्रक्शन के बिल्डर अखिलेश पांडेय के घर में चोरी की वारदात हुई। उस समय अखिलेश पांडेय रांची से बाहर थे। उनके भाई गजेंद्र पांडेय ने बताया कि चोरी का आकलन किया जा रहा है। अनुमान है करोड़ों रुपए की संपत्ति चोरी हुई है। इसमें लाखों रुपए के सोने-चांदी के गहने भी शामिल हैं। गुरुवार शाम परिवार ने चोरी से संबंधित विस्तृत जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई। पुलिस ने दोनों घटनाओं से साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। रेकी की आशंका जानकारी के अनुसार चोर पीछे की बाउंड्री फांदकर घर में घुसा और पिलर के सहारे ऊपर पहुंचा। जिस तरीके से उसने वारदात को अंजाम दिया, उससे आशंका है कि उसने पहले घर की रेकी की थी। उसे यह भी पता था कि कीमती सामान किस कमरे में रखा है। सीसीटीवी कैमरों से बचने की कोशिश के बावजूद उसकी कई तस्वीरें कैद हुई हैं। फुटेज में वह काले कपड़े और मंकी कैप पहने दिखाई दे रहा है। परिवार का कहना है कि संभव है उसने किसी स्प्रे का इस्तेमाल किया हो, ताकि घर के लोग सोए रहें। चोर करीब काफी देर घर में रहा। बड़े बेटे के शादी की चल रही तैयारी: घर में बड़े बेटे आशु पांडेय की शादी की तैयारियां चल रही थीं। अप्रैल में उनकी रिंग सेरेमनी हुई थी और जल्द शादी होनी थी। इसी कारण घर में जेवर और नकदी रखी थी। घर में पेंटिंग, प्लंबिंग समेत कई काम चल रहे थे और करीब 20 लोग काम कर रहे थे। वारदात के समय पूरा परिवार घर में था। नीचे दो सुरक्षा गार्ड भी तैनात थे, लेकिन चोर सभी को चकमा देकर घर में घुसा और वारदात को अंजाम देकर निकल गया। निशित के घर फायरिंग में बॉडीगार्ड घायलरोड नंबर-5बी स्थित बिल्डर निशित केसरी के घर में भी बुधवार की देर रात 12.30 से 2.25 बजे के बीच चोरी की कोशिश हुई। मरम्मत का काम होने के कारण घर के बाहर बांस लगा था। उसी के सहारे एक चोर छत पर पहुंचा और जिम के रास्ते कमरे में घुसा। उसने दरवाजे का लॉक तोड़ दिया। आवाज होने पर निशित केसरी की पत्नी ने मोबाइल पर सीसीटीवी कैमरे का फुटेज देखा। एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया। उस समय उनके दो निजी और एक सरकारी बॉडीगार्ड घर में मौजूद नहीं थे। निशित केसरी ने पास के फ्लैट में मौजूद सरकारी बॉडीगार्ड मुखदेव पासवान को फोन किया। निशित ने भी लाइसेंसी हथियार से फायरिंग की। बॉडीगार्ड ने भी AK-47 से फायर किया। आरोप है कि दीवार के बाहर छिपे दूसरे चोर ने बॉडीगार्ड मुखदेव पर गोली चलाई, जो उनके पैर के अंगूठे को छूते हुए निकल गई। इसके बाद वे फरार हो गए। अरगोड़ा थाना से 200 मीटर दूर हुई घटना, पुलिस ने दो विशेष टीम बनाईअशोकनगर में कई आईएएस, आईपीएस व वीआईपी के आवास हैं। यहां से अरगोड़ा थाना 200 मीटर दूर है। 24 घंटे सुरक्षा गार्ड रहते है।
बुढ़मू सीओ सच्चिदानंद वर्मा व हलका कर्मचारी राजेश सोनी को एसीबी ने हिरासत में लिया, दिनभर चली पूछताछ
बुढ़मू अंचल के ओझा साड़म गांव की एक जमीन के मामले में हुई कार्रवाई भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने जमीन के एक मामले में बुढ़मू अंचल के सीओ (अंचल अधिकारी) सच्चिदानंद वर्मा और हलका कर्मचारी राजेश सोनी को हिरासत में लिया है। गुरुवार की अहले सुबह एसीबी की टीम ने सीओ सच्चिदानंद कुमार वर्मा को उनके मोरहाबादी स्थित आवास से हिरासत में लिया, जिनसे देर शाम तक पूछताछ जारी थी। इससे पहले, बुधवार देर शाम एसीबी ने राजेश सोनी को रातू रोड से हिरासत में लिया था। हालांकि, एसीबी की ओर से अभी तक इन दोनों को हिरासत में लिए जाने या पूछताछ किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सच्चिदानंद वर्मा सीओ कार्यालय बुढ़मू में पिछले ढाई साल से कार्यरत हैं। गुरुवार को बुढ़मू अंचल कार्यालय में सभी कर्मचारी पहुंचे थे, सिर्फ राजेश सोनी और सच्चिदानंद वर्मा उपस्थित नहीं थे। लेकिन किसी भी कर्मचारी ने इस संबंध में कुछ भी नहीं बोला। कर्मचारी से पूछताछ के बाद घेरे में आए सीओएसीबी सूत्रों के अनुसार, बुढ़मू अंचल के ओझा साड़म गांव की एक जमीन के मामले में राजेश सोनी ने जमीन मालिक से रुपए की मांग की थी। इसकी शिकायत जमीन मालिक ने एसीबी से की। बुधवार की शाम ऑफिस बंद होने के बाद हलका कर्मचारी ने जमीन मालिक को मिलने के लिए रातू रोड बुलाया था। रातू रोड में मुलाकात के दौरान ही घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने राजेश सोनी को धर दबोचा। इसके बाद बुधवार देर रात तक एसीबी कार्यालय में उससे कड़ी पूछताछ की गई। राजेश सोनी से मिली जानकारी के आधार पर ही एसीबी ने गुरुवार सुबह सीओ सच्चिदानंद वर्मा के घर दबिश दी और उन्हें भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।
दुमका के वैज्ञानिक डॉ. सूरज भी इस टीम में, क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरु समेत कई संस्थानों के शोधकर्ताओं ने विकसित की तकनीक रेलवे ट्रैक पर हाथियों की लगातार हो रही मौतों को रोकने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। बेंगलुरु की प्रतिष्ठित क्राइस्ट यूनिवर्सिटी समेत देश के कई संस्थानों के शोधकर्ताओं की संयुक्त टीम ने उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सिस्टम विकसित किया है। इस टीम में दुमका के डॉ. सूरज कुमार भी शामिल हैं। वे वर्तमान में क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु के स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मैनेजमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। इस तकनीक का भारत सरकार के कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के तहत पंजीकरण भी कराया जा चुका है। रेलवे ट्रैक पर हाथियों की जोखिम पहचान के लिए तैयार ‘रियल-टाइम AI विजन सिस्टम’ को झारखंड और असम में हुए हाथी-ट्रेन हादसों के बाद विकसित किया गया। इसी साल फरवरी 2026 में लातेहार के कुटरीटोला में मालगाड़ी की टक्कर से एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। वहीं 20 दिसंबर 2025 को असम के होजाई जिले में राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों की मौत हो गई थी और ट्रेन के पांच कोच पटरी से उतर गए थे। इस राष्ट्रीय स्तर के शोध में डॉ. श्रीनिवास, डॉ. दारा विजय लक्ष्मी, निशा फ्रांसिस, डॉ. के. फ्रांसिस सुधाकर, लकावत अनिल कुमार, मुकेश प्रधान और शरथ चंद्रा रेड्डी भी शामिल हैं। दुमका के डॉ. सूरज कुमार की मौजूदगी स्थानीय लोगों के लिए गर्व का विषय बनी है। डॉ. सूरज बोले- हमारा सिस्टम कई मायने में अलगडॉ. सूरज कुमार ने बताया कि देश में पहले भी इस तरह के सिस्टम विकसित किए गए हैं, लेकिन हमारी टीम का सिस्टम कई मायनों में अलग है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि रेलवे ट्रैक के करीब एक किलोमीटर के दायरे में कोई हाथी या अन्य जंगली जानवर आते ही सिस्टम तुरंत अलर्ट जेनरेट करेगा। इसके बाद वन विभाग, रेलवे और लोको पायलट को एक साथ सूचना मिल जाएगी, जिससे समय रहते ट्रेन की रफ्तार नियंत्रित कर हादसे टाले जा सकेंगे। थर्मल कैमरे और सेंसर से करेगा निगरानी... यह सिस्टम थर्मल इन्फ्रारेड कैमरे, लीडार सेंसर और एज-AI प्रोसेसर की मदद से ट्रैक के आसपास हाथियों की रियल-टाइम पहचान करेगा। हाथी दिखते ही यह लोको पायलट, स्टेशन मास्टर और वन विभाग को अलर्ट भेजने के साथ रेलवे के सिग्नलिंग सिस्टम को भी तुरंत सचेत करेगा। साथ ही, हाथियों को ट्रैक से हटाने के लिए यह ट्रेन की हेडलाइट की रोशनी कम कर सकता है और ट्रैक किनारे लगे ध्वनि सिग्नल सक्रिय कर सकता है।
अंचल ऑफिस घूस से दागदार रांची के बुढ़मू अंचल के राजस्व कर्मचारी और सीओ द्वारा एक जमीन के मामले में हल्का कर्मचारी ने जमीन मालिक से पैसे की मांग की। इसकी शिकायत एसीबी तक पहुंची और एसीबी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। कर्मचारी के बयान पर एसीबी ने सीओ को भी हिरासत में ले लिया है। फिलहाल दोनों से पूछताछ की जा रही है। वर्ष 2023 से अब तक 4 साल में दो सीओ और दो राजस्व उपनिरीक्षक जेल भेजे जा चुके हैं। फिर भी अंचलों में फैले भ्रष्टाचार का स्तर इतना अधिक बढ़ गया है कि यह अंचलों में जमीन म्यूटेशन के लिए आने वाले आवेदनों की स्थिति से साफ हो जाता है। दरअसल, जिले के 22 अंचलों में अब तक 5,74,680 आवेदन जमा हुए, इसमें 3,06,886 आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया। अभी भी 16,495 आवेदन पेंडिंग हैं। दैनिक भास्कर ने जिनके आवेदन रिजेक्ट हुए उनसे बात की तो चौंकाने वाली बात सामने आई। राजकुमार (बदला हुआ नाम) ने बताया कि जमीन रजिस्ट्री के बाद शहर अंचल में 15 डिसमिल जमीन के म्यूटेशन का ऑनलाइन आवेदन जमा हुआ। एक ब्रोकर ने अंचल के कर्मचारी का हवाला देते हुए बुलाया और पांच हजार रुपए प्रति डिसमिल की दर से रिश्वत देने पर जल्द म्यूटेशन कराने की बात कही। पैसा नहीं होने की वजह से बात आगे नहीं बढ़ी, आखिरकार वह आवेदन रिजेक्ट हो गया। वहीं, अंचलों में सक्रिय तीन ब्रोकरों से बातचीत करने पर उन्होंने बताया कि सीओ और कर्मचारी तय करते हैं कौन सी जमीन का म्यूटेशन होगा और किसका आवेदन रिजेक्ट होगा। बिना चढ़ावा चढ़ाए फाइल आगे ही नहीं बढ़ती। म्यूटेशन के 54% आवेदन रिजेक्ट, 16,495 पेंडिंग... यह भी भ्रष्टाचार की जड़ इन अंचलों में सबसे अधिक केस रिजेक्ट कांके: 65,050 नामकुम: 60,056 नगड़ी: 33,349 रातू: 31,075 बड़गाईं: 20,949 वर्ष 2023 में रातू के और 2025 में शहर अंचल के सीओ पकड़े गए रांची के अंचलों से डीसीएलआर सहित अन्य कार्यालयों में भ्रष्टाचार की बात नई नहीं है। लेकिन अब एसीबी जिस तरह एक्टिव होकर कार्रवाई कर रहा है, उसमें सीओ की गर्दन भी पकड़ी जा रही है। पुराने रिकॉर्ड को देखें तो एसीबी ने वर्ष 2023 में 39 डिसमिल जमीन के बदले 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने के मामले में रातू के तत्कालीन सीओ प्रदीप कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह, दलाल जाफर अंसारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 2025 में शहर अंचल के सीओ मुंशी राम को भी जमीन की मापी कराने के बदले 37 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। बाद में उनके घर से 11.42 लाख रुपए नगद बरामद करने के बाद मुंशी राम को जेल भेज दिया गया था। इसके अलावा सभी अंचलों में जमीन के खेल के मामले सामने आते रहे हैं। नामकुम, मांडर, शहर, अरगोड़ा, हेहल, कांके, बड़गाईं अंचल में सरकारी जमीन, आदिवासी जमीन सहित अन्य प्रकृति की जमीन के म्यूटेशन, रसीद काटने या जमीन की मापी के दर्जनों मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद इन अंचलों में भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी। बड़गाईं : राजस्व उप निरीक्षक के घर से 11 ट्रंकों में मिले थे जमीन के कागजात बड़गाईं अंचल के पूर्व राजस्व उप निरीक्षक भानू प्रताप प्रसाद के खेल को कोई भूल नहीं सकता। रांची में हुए जमीन घोटाले में ईडी ने भानू प्रताप प्रसाद के घर में छापेमारी की थी। इस दौरान उसके घर से 11 ट्रंकों में जमीन के कागजात मिले थे। बड़गाईं अंचल से संबंधित 17 मूल सरकारी जमीन के रजिस्टर जब्त किए गए थे। इसमें कई जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ कर म्यूटेशन करने, बरियातू रोड स्थित सेना के कब्जे वाली जमीन की रजिस्ट्री के लिए गलत रिपोर्ट देने के साक्ष्य भी मिले थे। इसके बाद ईडी ने भानू प्रताप प्रसाद को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था।
चालान भरना भी सजा:सर्वर डाउन, ऑफलाइन जमा करने के लिए लंबी लाइन
व्यवस्था ढीली... ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस तेजी से चालान काट रही है, लेकिन फाइन जमा करने की व्यवस्था सुस्त राजधानी में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर पुलिस तेजी से चालान काट रही है, लेकिन चालान जमा कराने की व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। ट्रैफिक ऑफिस में प्रतिदिन चालान जमा करने वालों की लंबी कतार लग रही है। वजह यह है कि फिलहाल भुगतान के लिए केवल एक ही काउंटर संचालित हो रहा है। ऐसे में लोगों को घंटों अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। कई लोगों का कहना है कि चालान जमा कराने में आधा तो कभी-कभी पूरा दिन निकल जाता है। इससे न सिर्फ आम लोगों का समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि ट्रैफिक कार्यालय में भी अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है। ऑनलाइन भुगतान की सुविधा भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही है। वाहन चालकों के अनुसार भुगतान के दौरान तकनीकी दिक्कतें, सर्वर स्लो रहने और ट्रांजेक्शन फेल होने जैसी समस्याएं आ रही हैं। मजबूरी में लोगों को ट्रैफिक ऑफिस पहुंचना पड़ता है। कितने चालान के फाइन जमा हुए, आंकड़े नहीं रांची में ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार सख्ती की जा रही है। सिर्फ जून महीने में 1.24 लाख ई-चालान जारी किए गए, लेकिन इनमें से कितने चालानों का भुगतान हुआ, इसका आंकड़ा ट्रैफिक पुलिस सार्वजनिक नहीं करती। जबकि रोजाना कितने चालान काटे गए और कितना जुर्माना लगा, इसकी जानकारी नियमित जारी की जाती है। क्या कहते हैं वाहन मालिकचालान जमा करने के लिए लाइन में लगे है। दो घंटे से लाइन में है, काफी धीरे-धीरे लाइन आगे बढ़ रही है। जुर्माना जमा करने में ही पुरा दिन बर्बाद हो गया है। इसमें सुधार होना चाहिए। - शंभुनाथ रॉय, कोकर मेरा नो पार्किंग का चालान है। ऑनलाइन जमा करने का प्रयास किए, लेकिन वेबसाइट काम नहीं कर रहा था। इसके बाद समय निकाल कर ऑफिस में ही जमा करने आए है, लेकिन यहां लंबी लाइन लगी है। - पौलुस कच्छप मेरी उम्र 72 साल है, मैं तीन घंटे से लाइन में खड़ा हूं। चालान जमा करने की प्रक्रिया काफी धीमी है। खुद से पैसे देने आए है उसमे भी मशक्कत करना पड़ रहा है। सिस्टम में सुधार करना चाहिए, ताकि किसी लाइन में खड़ा होना पडे। - मो. शकील ऑफिशियल साइट पर ही भरें चालानसब कुछ सही, ऑनलाइन राशि जमा करने में कहीं कोई समस्या नहीं आ रही है। बशर्ते वे ऑफिशियल वेबसाइट पर ही जाकर राशि का भुगतान करें। किन्हीं व्यक्ति को यदि कोई परेशानी होती है तो वे सीधे मुझसे मिल कर समस्या बता सकते हैं, फौरन निराकरण किया जाएगा। - राकेश सिंह, ट्रैफिक एसपी
सात साल की लंबी अवधि के बाद कल्याण विभाग एक बार फिर ‘कल्याण सम्मान समारोह’ आयोजित करने जा रहा है। अंतिम बार यह सम्मान समारोह 2019 में हुआ था। इस बार 10वीं और 12वीं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ सभी स्कूलों के टॉपरों को भी सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों को भी पुरस्कृत किया जाएगा। विभागीय मंत्री चमरा लिंडा ने जुलाई में समारोह आयोजित कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद विभाग के संयुक्त सचिव जावेद अनवर इदरीसी ने सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर संबंधित विद्यालयों से सत्यापित आंकड़े जुटाकर विभाग को भेजने का निर्देश दिया है। इस बार समारोह की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि हर स्कूल के टॉपर को भी ‘कल्याण सम्मान’ मिलेगा। विभाग का मानना है कि इससे विद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, छात्रों का मनोबल ऊंचा होगा और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी। यह पहल राज्य के मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी। विभाग ने 10वीं-12वीं के टॉपरों के नाम मांगे विभाग ने स्कूलों से 10वीं और 12वीं के टॉपरों के नाम, प्राप्तांक, प्रतिशत और संकायवार विवरण मांगा है। इसके अलावा 90% या उससे अधिक अंक पाने वाले सभी विद्यार्थियों की सूची, शैक्षणिक सत्र 2025-26 का विद्यालयवार परीक्षा परिणाम तथा वर्तमान प्रधानाध्यापकों की जानकारी भी उपलब्ध कराने को कहा गया है। चयन प्रक्रिया में किसी प्रकार की विसंगति न हो, सभी सूचनाएं प्रमाणित व सत्यापित होना अनिवार्य किया गया है। समारोह स्थल चयनित करने का निर्देश: समारोह की तैयारियों के तहत स्थल चयन, मुख्य अतिथियों और प्रतिभागियों के ठहरने सहित अन्य व्यवस्थाओं के निर्देश भी दिए गए हैं। शुक्रवार को कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें समारोह की तिथि और स्थल को अंतिम रूप दिया जाएगा।
जमीन घोटाला मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक जमीन कारोबारी की 66 एकड़ जमीन को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जब्त की गई इस जमीन का बाजार मूल्य करीब 85 करोड़ रुपए आंका गया है। ईडी के अनुसार, जमीन कारोबारी को 26 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया गया था। उस पर कांके अंचल क्षेत्र में आदिवासी, भुंइहरी और सरकारी प्रकृति की जमीन को फर्जी दस्तावेज के जरिए सामान्य श्रेणी में बदल कर कब्जा कर खरीद-बिक्री करने का आरोप है। हालांकि 66 एकड़ जमीन की अस्थायी जब्ती की पुष्टि ईडी की ओर से अभी नहीं की गई है। अंचल अधिकारियों के साथ मिल किया फर्जीवाड़ा ईडी ने पूर्व में जो चार्जशीट दाखिल की थी, उसके मुताबिक जमीन कारोबारी ने कांके के तत्कालीन अंचलाधिकारी जयकुमार राम के साथ मिलकर जमीन के रिकॉर्ड में हेरफेर की। फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन की प्रकृति बदली गई, जिससे अवैध तरीके से जमीन की खरीद-बिक्री संभव हो सकी। जांच के दौरान पूर्व अंचलाधिकारी दिवाकर द्विवेदी की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई और उन्हें भी इस फर्जीवाड़े में शामिल माना गया। ईडी ने इस मामले में शामिल अन्य पदाधिकारियों और कर्मियों को भी आरोपी बनाते हुए उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। छापेमारी में मिले थे एक करोड़ नकद और कारतूस ईडी ने जून 2024 में इस जमीन कारोबारी के ठिकानों पर छापेमारी की थी। कांके रोड पर चांदनी चौक के एक अपार्टमेंट स्थित फ्लैट से करीब एक करोड़ रुपए नकद और 100 कारतूस बरामद किए गए थे। छापेमारी के दौरान जमीन से जुड़े दस्तावेज और डीड भी मिले थे। इनकी जांच के दौरान 66 एकड़ जमीन के फर्जीवाड़े की जानकारी मिली।
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने किया उद्घाटन...:रांची एयरपोर्ट पर यात्रियों के लिए शुरू हुआ क्लिनिक
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। अब एयरपोर्ट परिसर में ही 24 घंटे चिकित्सा सहायता उपलब्ध रहेगी। नई मेडिकल सुविधा शुरू होने से यात्रा के दौरान किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने, चोट लगने या अन्य स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार और इमरजेंसी मेडिकल सहायता मिल सकेगी। एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग में शुरू हुई इस सुविधा का उद्घाटन गुरुवार को रक्षा राज्यमंत्री एवं रांची एयरपोर्ट की एयरपोर्ट एडवाइजरी कमेटी के अध्यक्ष संजय सेठ ने की। यह सेवा भगवान महावीर मणिपाल हॉस्पिटल, रांची के सहयोग से शुरू की गई है। एयरपोर्ट पर मेडिकल रूम के साथ 24x7 पूरी तरह से सुसज्जित एम्बुलेंस भी तैनात रहेगी। आवश्यकता पड़ने पर मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा। इस सुविधा का लाभ यात्रियों के साथ-साथ एयरपोर्ट पर कार्यरत कर्मचारियों को भी मिलेगा। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट झारखंड के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक है, जहां हर महीने करीब 2.5 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है। ऐसे में एयरपोर्ट पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने से आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर इलाज मिलने में काफी मदद मिलेगी। मौके पर पूर्व राज्यसभा सांसद अजय मारू, एयरपोर्ट डायरेक्टर विनोद कुमार, उपमहाप्रबंधक प्रचालन मनोज प्रसाद सिंह, डेपुटी कमांडेंट अमित कुमार व अन्य मौजूद थे। विमान यात्रियों को मिलेगा तत्काल इलाज : संजय सेठ केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने कहा कि बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे चिकित्सा सेवा शुरू की गई है। अब एयरपोर्ट पर डॉक्टर, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ और अत्याधुनिक एम्बुलेंस हर समय उपलब्ध रहेंगे। किसी यात्री की तबीयत अचानक बिगड़ने पर या किसी आपात स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार दिया जाएगा और अस्पताल भी भेजा जा सकेगा। 12 वर्षों में चार गुणा बढ़ गई यात्रियों की संख्याबिरसा मुंडा हवाई अड्डा ने पिछले 12 वर्षों में यात्री सुविधाओं और परिचालन क्षमता के मामले में काफी प्रगति की है। वर्ष 2014-15 में जहां सालाना 6.5 लाख यात्रियों का आवागमन होता था, वहीं अब यह संख्या 27 लाख पहुंच गई है। इस दौरान नए एटीसी टावर, डीवीओआर आदि की स्थापना की गई।
फाइनल मैच में हुई थी घटना:JPL भगदड़: 15 दिन बाद 150 अज्ञात पर दर्ज हुई एफआईआर
जेएससीए स्टेडियम में 24 जून को जेपीएल फाइनल के दौरान हुई भगदड़ के मामले में पुलिस ने 150 अज्ञात लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। घटना के 15 दिन बाद दर्ज केस में कहा गया है कि लोगों ने जबरन मुख्य प्रवेश द्वार और बैरिकेडिंग तोड़कर स्टेडियम में प्रवेश करने की कोशिश की, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करेगी। पुलिस के अनुसार फाइनल मुकाबले के लिए बड़ी संख्या में फ्री पास जारी किए गए थे। इसके अलावा आम दर्शकों के लिए भी प्रवेश निशुल्क था। इससे स्टेडियम की क्षमता से अधिक लोग पहुंच गए और प्रवेश द्वार पर भारी भीड़ जमा हो गई। सुरक्षा जांच के बाद दर्शकों को अंदर भेजा जा रहा था, लेकिन क्षमता पूरी होने पर मुख्य गेट बंद करना पड़ा। इसके बाद बाहर मौजूद कुछ लोगों ने अंदर घुसने का प्रयास किया, जिससे भगदड़ की स्थिति बनी। फुटेज से उपद्रवियों की पहचान होगी: एसपीघटनाक्रम की तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। -पारस राणा, सिटी एसपी
बिना दस्तावेज जैविक खाद ले जा रहा ट्रक जब्त
भास्कर न्यूज| बलरामपुर/बसंतपुर कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर जिले में अवैध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई गई है। इसी दौरान कृषि विभाग, पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने बिना वैध दस्तावेज जैविक खाद का परिवहन करते एक वाहन जब्त किया। नियमानुसार कार्रवाई की गई। 8 जुलाई को बसंतपुर थाना प्रभारी को अवैध परिवहन की सूचना मिली। बसंतपुर में वाहन नंबर सीजी-04 पीयू-5217 की जांच हुई। चालक जैविक खाद के परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका। थाना प्रभारी ने ट्रक को अभिरक्षा में लिया। कृषि विभाग को सूचना दी। कृषि विभाग के अमले ने ट्रक में रखे उर्वरक की जांच की। जांच में 240 बोरी जैविक खाद मिली। टीम ने खाद का नमूना लिया। परीक्षण के लिए भेजा। प्रारंभिक जानकारी में खाद हरियाली एग्रो, गोरखपुर की बताई गई। पैक पर निर्माण माह मई 2026 दर्ज मिला। कृषि विभाग, पुलिस विभाग की मौजूदगी में वाहन जब्त किया। वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। उप संचालक कृषि ने बताया कि उर्वरक अधिनियम 1985 के तहत आगे की कार्रवाई चल रही है।
मृतक के फर्जी दस्तावेज से 4.74 हे. जमीन की रजिस्ट्री
भास्कर न्यूज | बालोद ग्राम मनकी के 4.74 हेक्टेयर जमीन को मृत व्यक्ति के फर्जी दस्तावेज से 91.84 लाख रुपए में खरीदी करने का मामला सामने आया है। इस मामले में अर्जुंदा थाने में तेजपाल टंडन के खिलाफ 318(4), 336(3), 338, 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार उदयालिक राम ठाकुर ने जानकारी दी है कि पिता ढुलसिंग पिसरान और बडे पिता सखा राम पिसरान तथा गांव के जीवराखन गोड़ के नाम से मनकी मंे कुल 5.11 हेक्टेयर जमीन है। पुराना भू स्वामी राम भाऊ एवं उनके परिजन तथा गवाहों का फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 27 जनवरी 2025 को राम भाऊ के स्थान में दूसरे व्यक्ति को खड़ा कराकर तेजपाल टण्डन ने सुनील कुमार कोठारी को बुलाकर फर्जी गवाह रखकर भूमि को सुनील कुमार कोठारी के नाम से रामभाऊ के आड़ में कुल 4.74 हेक्टेयर जमीन को हासिल करने फर्जीवाड़ा किया है। एक अगस्त 2025 को तेजपाल टण्डन द्वारा सुनील कोठारी से 91 लाख 84 हजार रुपए में खरीदी कर रजिस्ट्री कार्यालय डौंडीलोहारा से अपने नाम में रजिस्ट्री करा लिया है। प्रार्थी ने जानकारी दी है कि बड़े पिता सखाराम एवं पिता दुलसिंग के नाम पर वर्ष 1983-84 सर्वेक्षण मिशल में कृषि भूमि खसरा नंबर के हिसाब से कुल 2.94 हेक्टेयर कृषि जमीन थी। इसके अलावा ग्राम मनकी में ही जीवराखन के नाम पर क्रमशः 0.90 हे., 0.33 हे. एवं 0.80 हे. कृषि जमीन थी। सखाराम, दुलसिंग एवं जीवराखन अपने-अपने नाम के दर्ज जमीन पर काबिज रहे। वर्तमान में जमीन को रामभाऊ, राजकुमार पिसरान यशवंत एवं राधा बाई के नाम पर दर्ज कराकर सुनील कुमार कोठारी टेड़ेसरा ने अपने नाम 28 जनवरी 2025 को उपपंजीयक के कार्यालय डौंडीलोहारा में तेजपाल टंडन पोटियाकला दुर्ग के पास बेच दिया गया है। जबकि कलेक्टर कार्यालय दुर्ग के लंबित प्रकरण में संजय, अजय, विजय, पालक सुनीता उल्लेखित है। रामभाऊ का निधन वर्ष 1993 के पहले हो चुका है।
यूजीसी नेट, सेट परीक्षा के लिए मुफ्त में दे रहे कोचिंग
भास्कर न्यूज | महासमुंद उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में छात्राओं के सपनों को पंख देने के उद्देश्य से शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय, महासमुंद ने एक सराहनीय कदम उठाया है। महाविद्यालय के आईक्यूएसी एवं रोजगार मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में यूजीसी नेट और छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (सेट) की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन मार्गदर्शन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। प्राचार्य डॉ. शील भद्र कुमार ने बताया कि 1 जुलाई से शुरू हुई इन कक्षाओं का मुख्य उद्देश्य आगामी 4 अक्टूबर को होने वाली सेट परीक्षा और भविष्य में आने वाली सहायक प्राध्यापक भर्ती के लिए छात्राओं को तैयार करना है। ऑनलाइन माध्यम होने के कारण छात्राएं घर बैठे ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर रही हैं, जिससे उनके समय और ऊर्जा की बचत हो रही है। वर्तमान में एमएससी (सूक्ष्मजीव विज्ञान), एमए (भूगोल), एमए (समाज कार्य) और वाणिज्य संकाय की छात्राएं इन कक्षाओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं। महाविद्यालय की इस पहल से छात्राओं में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति न केवल रुचि बढ़ी है, बल्कि वे अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए भी अधिक आत्मविश्वास महसूस कर रही हैं। प्राचार्य ने जिले की छात्राओं का आह्वान किया है कि वे इस अवसर का भरपूर लाभ उठाएं और नेट/सेट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता अर्जित कर महाविद्यालय और जिले का नाम रोशन करें। कोचिंग में इस तरह की सुविधाएं भी दी जा रहीं... यह मार्गदर्शन केवल कक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्राओं को परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार करने के लिए कई सुविधाएं भी दी जा रही हैं। इनमें नवीनतम पाठ्यक्रम और परीक्षा पद्धति पर विशेष चर्चा, कक्षाओं की रिकॉर्डिंग, महत्वपूर्ण नोट्स और अभ्यास प्रश्न पत्र और समय प्रबंधन और वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को हल करने की तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही ओंकार प्रसाद साहू (हिन्दी) और अरविंद साहू (अंग्रेजी) द्वारा विषय आधारित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
मेरा युवा भारत पोर्टल पर पंजीयन, 15 तक अभियान
महासमुंद| कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आयोजित जिला सलाहकार समिति की बैठक में मेरा युवा भारत (माय भारत) पोर्टल के लिए 15 अगस्त तक विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इस मुहिम का उद्देश्य 15 से 29 वर्ष के युवाओं को राष्ट्र निर्माण और विकास कार्यों से जोड़ना है।
एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसानों के 100% रजिस्ट्रेशन पर जोर, आईडी भी दी जाएगी
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले में कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण और किसानों को शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के लिए कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों का वर्चुअल प्रशिक्षण सत्र हुआ। कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने निर्देश दिए कि जिले के सभी पात्र किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन एग्रीस्टैक पोर्टल पर सुनिश्चित किया जाए। प्रशिक्षण आयुक्त, भू-अभिलेख कार्यालय, रायपुर के प्रशिक्षकों ने दिया। सत्र में जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, सहायक अधीक्षक, भू-अभिलेख मौजूद रहे। कार्यक्रम में एग्रीस्टैक बैकेटिंग की बारीकियां समझाई गईं। एनआईसी कक्ष में नजूल पट्टाधृति अधिनियम-2023 के कार्यान्वयन पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। उद्देश्य राजस्व मामलों में पारदर्शिता लाना। काम की गति बढ़ाना। प्रशिक्षकों ने बताया कि एग्रीस्टैक भारत सरकार द्वारा विकसित आधुनिक डिजिटल इकोसिस्टम है। इसके तहत हर किसान को विशिष्ट किसान आईडी मिलती है। यह आईडी आधार नंबर, बैंक खाते, भूमि अभिलेखों को आपस में जोड़ती है। कलेक्टर लंगेह ने कहा कि व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। किसानों को जागरूक किया जाए। किसान अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाकर पहचान और खेत का एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य रूप से कराएं। यह पहल किसानों के जीवन में सुगमता लाने और कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रयास है। डिजिटल प्रणाली के तहत मिलने वाले प्रमुख लाभ . योजनाओं का सीधा लाभ: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, खाद-बीज सब्सिडी जैसी योजनाओं की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित हो सकेगी। . कागजी कार्रवाई से मुक्ति: किसानों को अब बार-बार खसरा-खतौनी जैसे दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। समस्त डेटा डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा। . आसान ऋण प्रक्रिया: बैंकों को किसानों की भूमि और फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में आसानी से प्राप्त होगी। किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और कृषि ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया सरल और तेज हो जाएगी।
शिक्षा मुफ्त, किताब-यूनिफॉर्म की आड़ में वसूली
भास्कर न्यूज| झलप शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत मुफ्त शिक्षा देने का सरकारी दावा झलप में दम तोड़ता दिख रहा है। क्षेत्र के कार्मेल इंग्लिश मीडियम स्कूल (छिदौली) और सेंट थॉमस मिशन स्कूल (झलप) पर आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के पालकों से कॉपी, किताब और गणवेश के नाम पर अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। विडंबना यह है कि प्रशासन की जांच रिपोर्ट दराजों में कैद है और पालकों का आर्थिक शोषण जारी है। जानकारी के अनुसार, सेंट थॉमस स्कूल में 69 और कार्मेल स्कूल में 133 सीटें आरटीई के अंतर्गत हैं। पालकों का आरोप है कि प्रबंधन द्वारा प्रति बच्चा करीब 2,400 रुपये की अवैध वसूली की जा रही है। जो किताबें सरकार द्वारा मुफ्त उपलब्ध कराई जाती हैं, स्कूल प्रबंधन उन्हीं पाठ्यक्रमों की किताबें निजी दुकानों से 600 रुपये तक में खरीदने का दबाव बना रहा है। मजदूरी कर परिवार पालने वाले अभिभावकों के लिए यह खर्च उनके महीने भर के राशन के बराबर है। आरोपों के घेरे में आए दोनों स्कूलों के प्रिंसिपलों ने अपना बचाव करते हुए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। कार्मेल स्कूल के प्रिंसिपल का कहना है कि वे किसी से शुल्क नहीं ले रहे, जबकि सेंट थॉमस प्रबंधन का दावा है कि वे किसी पर दबाव नहीं बनाते। इस मामले में प्रशासनिक निष्क्रियता का आलम यह है कि शिकायतें सही पाए जाने के बाद भी कार्रवाई के नाम पर केवल नोटिस का खेल चल रहा है। महासमुंद बीईओ भोपाल सिंह बंजारा ने स्वीकार किया कि 3 जुलाई को जांच में शिकायत सही पाई गई थी और स्कूल प्रबंधन को स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है। प्रबंधन के दावों और पालकों के पास मौजूद रसीदों के बीच का विरोधाभास सीधे तौर पर बड़ी धांधली की ओर इशारा कर रहा है। सवाल यह है कि यदि शिकायत सही साबित हो चुकी है, तो कार्रवाई में इतनी देरी क्यों? क्या यह रसूखदारों का संरक्षण है या शिक्षा विभाग की मिलीभगत? अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इन स्कूलों पर नकेल कसता है।
अस्पताल ने डंपिंग यार्ड में फेंका 3 ट्रैक्टर बायो-मेडिकल कचरा
भास्कर न्यूज| महासमुंद शासकीय मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल द्वारा बायो-मेडिकल अपशिष्ट के अनुचित निपटान का मामला सामने आया है। नगर पालिका के तुमाडबरी स्थित मणिकंचन (एसएलआरएम) सेंटर के पुराने डंपिंग यार्ड में लगभग तीन ट्रैक्टर बायो-मेडिकल कचरा फेंके जाने की घटना से शहर में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही पर नपाध्यक्ष निखिलकांत साहू ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि खुले में बायो-मेडिकल कचरा फेंकना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के लिए एक बड़ा खतरा भी है। इससे संक्रमण फैलने की प्रबल आशंका बनी हुई है। अध्यक्ष ने बताया कि जानकारी मिली है कि नगर पालिका के संबंधित प्रभारी ने इस कार्य का विरोध भी किया था, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन से जुड़े लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर कचरा डंप कर दिया। अध्यक्ष की दो-टूक, अब की जाएगी कड़ी कार्रवाई नपाध्यक्ष ने सीएमओ को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा, पूरे मामले का पंचनामा तैयार कर साक्ष्य सुरक्षित करें । अस्पताल प्रबंधन से इस मामले में लिखित स्पष्टीकरण मांगा जाए। वही पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी जिला प्रशासन को भेजी जाए।
अभद्र व्यवहार के चलते हटाए गए पंचायत सीईओ
भास्कर न्यूज| महासमुंद महासमुंद जिला पंचायत में पिछले कई दिनों से चल रहा जनप्रतिनिधियों और सीईओ के बीच का विवाद आखिरकार प्रशासनिक फेरबदल के साथ समाप्त हो गया। मंत्रालय के 9 जुलाई को जारी आदेश के अनुसार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार को उनके पद से हटा दिया गया है। उनके स्थान पर अब आईएएस अनुपमा आनंद, जो वर्तमान में सरायपाली की एसडीएम हैं, को अस्थाई रूप से महासमुंद जिला पंचायत सीईओ का प्रभार सौंपा गया है। बीते 3 जुलाई को जिला पंचायत के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष समेत 15 सदस्यों ने एकजुट होकर सीईओ हेमंत नंदनवार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर को औपचारिक शिकायत पत्र सौंपकर सीईओ पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सीईओ का व्यवहार अभद्र है और उनका रवैया तानाशाही पूर्ण है। जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया था कि सीईओ जानबूझकर विकास कार्यों को बाधित कर रहे हैं। जनप्रतिनिधियों का आरोप था कि पंचायत राज नियमों के विपरीत सामान्य सभा की बैठकें महीनों तक आयोजित नहीं की जा रही थीं, जिसके कारण निर्णय लेने की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ गई थी। इसके साथ ही, सदस्यों को शासकीय योजनाओं, स्वीकृत कार्यों और आवंटित राशि की जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। साथ ही, 15वें वित्त आयोग की राशि के उपयोग और पूर्ण कार्यों के अंतिम भुगतान में अनावश्यक देरी के चलते विकास कार्यों की गति धीमी हो गई थी। इन तमाम मुद्दों को लेकर सदस्यों ने निंदा प्रस्ताव पारित कर तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। हेमंत नंदनवार को मिली नई जिम्मेदारी: प्रशासनिक आदेश के तहत, पूर्व सीईओ हेमंत रमेश नंदनवार का तबादला कर उन्हें संचालक, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं प्रशिक्षण के पद पर पदस्थ किया गया है। इसके साथ ही उन्हें मुख्य कार्यपालन अधिकारी, राज्य कौशल विकास प्राधिकरण' का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा सीईओ के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित करने के महज छह दिन बाद ही मंत्रालय द्वारा यह बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिए जाने से जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें नई सीईओ अनुपमा आनंद के कार्यकाल पर टिकी हैं कि वे किस प्रकार जिला पंचायत की कार्यप्रणाली और रुके हुए विकास कार्यों को गति प्रदान करती हैं।
HPV टीका: 25% किशोरियों को भी नहीं लगा पाए हैं वैक्सीन
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की लचर कार्यप्रणाली एक बार फिर उजागर हुई है। 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह विफल साबित हो रहा है। आलम यह है कि चार माह बीत जाने के बाद भी 11,500 बालिकाओं के लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 2,922 का ही टीकाकरण हो पाया है। अब तक लक्ष्य का एक चौथाई भी पूरा न होना विभागीय अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता का बड़ा प्रमाण है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े स्वयं विभाग की पोल खोल रहे हैं। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस महत्वाकांक्षी अभियान को 11 जून 2026 तक शत-प्रतिशत पूरा किया जाना था। लेकिन सीएमएचओ डॉ. आई नागेश्वर राव के नेतृत्व में विभाग ने न केवल समय-सीमा का उल्लंघन किया, बल्कि अभियान को गंभीरता से लेने में भी पूरी तरह नाकाम रहा। 11 जून की समय-सीमा बीतने के बाद अब विभाग 13 से 18 जुलाई तक टीकाकरण सप्ताह के नाम पर खानापूर्ति की तैयारी कर रहा है। सवाल यह है कि जो काम चार महीने में नहीं हो सका, उसे विभाग महज 6 दिनों में कैसे पूरा करेगा? जिला टीकाकरण नोडल डॉ. अरविंद गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी पांचों विकासखंडों सरायपाली, बागबाहरा, बसना, महासमुंद और पिथौरा में टीकाकरण की स्थिति निराशाजनक है। विकासखंड वार आंकड़ों पर नजर डालें तो बसना में 669, बागबाहरा 615, पिथौरा 579, महासमुंद में 552 और सरायपाली में 507 में टीकाकरण हुआ है। यह संख्या कुल लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है। स्वास्थ्य विभाग न तो समय पर जागरूकता फैला सका और न ही सुदूर वनांचल के गांवों तक अपनी पहुंच बना पाया। स्कूल और आंगनबाड़ी स्तर पर जमीनी निगरानी का अभाव सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ है। अभियान पर अभिभावकों में संशय, विभाग भी है मौन अभियान की विफलता के पीछे विभाग की उदासीनता सबसे बड़ा कारण है। न तो पर्याप्त प्रचार-प्रसार हुआ और न ही अभिभावकों की शंकाओं का समाधान किया गया। जब विभाग खुद ही अपने लक्ष्यों के प्रति गंभीर नहीं है, तो आम नागरिक कैसे जागरूक होंगे? यू-विन पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि के नाम पर भी तकनीकी दिक्कतों के दावों के पीछे अपनी विफलता छिपाने की कोशिश की जा रही है।
प्रवेशोत्सव में बच्चों का तिलक से स्वागत
महासमुंद| नए शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ पर महासमुंद के द न्यू होली फेथ स्कूल में शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों का चंदन तिलक लगाकर और पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया गया। संस्था के चेयरमेन महेंद्र जैन ने विद्यार्थियों को अनुशासन और तल्लीनता से अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया। प्राचार्य शर्वरी पींचा ने बच्चों को निरंतर आगे बढ़ने का मंत्र दिया। इस अवसर पर कार्टून परिधानों में बच्चों की प्रस्तुति, संकेतक नृत्य और विभिन्न खेलों ने सभी का मन मोह लिया। शिक्षकों द्वारा मोटिवेशनल स्पीच और रंगारंग गतिविधियों ने पूरे माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया। इस मौके पर पूजा कामदार, खेम चंद्राकर, ललिता चंद्राकार सहित अन्य मौजूद थे।
चार्टर्ड अकाउंटेंट में देवांश गोयल का चयन
महासमुंद| बसना निवासी देवांश गोयल ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए)फाइनलिस्ट बन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। सफलता की खबर मिलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। देवांश की इस सफलता पर परिवार के सदस्यों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और अनुशासित अध्ययन का परिणाम बताया। चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसी प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा में सफलता हासिल करना युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जाती है। अपनी सफलता पर देवांश गोयल ने इसका श्रेय अपने पिता राजेश अग्रवाल, माता रेनू अग्रवाल, चाचा सोनू अग्रवाल, चाची नेहा अग्रवाल, दादा घनश्याम अग्रवाल तथा दादी हीरा देवी अग्रवाल को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन के बिना यह सफलता संभव नहीं थी। देवांश की इस उपलब्धि पर परिजनों, मित्रों और क्षेत्र के लोगों ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। लोगों ने विश्वास जताया कि वे अपने पेशे में उत्कृष्ट कार्य करते हुए समाज और क्षेत्र का नाम आगे भी गौरवान्वित करेंगे।
एक साल से बंद पड़ा सोलर ड्यूल पंप पानी के लिए जूझ रहे आश्रम के बच्चे
बेनूर| नारायणपुर जिले के ग्राम पंचायत बेनूर स्थित माध्यमिक बालक आश्रम शाला में पेयजल व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। आश्रम परिसर में लगा सोलर ड्यूल पंप पिछले एक वर्ष से अधिक समय से खराब पड़ा है। इससे छात्र पानी की समस्या से लगातार जूझ रहे हैं। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर स्थिति और भी खराब हो जाती है। उस समय पानी का कोई वैकल्पिक इंतजाम नहीं रह जाता। आश्रम परिसर में एक हैंडपंप जरूर है। उससे निकलने वाला पानी आयरन युक्त बताया जा रहा है। ऐसे पानी के उपयोग से बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। मजबूरी में विद्यार्थियों को इसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है। आश्रम अधीक्षक ने बताया कि सोलर ड्यूल पंप खराब होने की जानकारी काफी पहले जिला अधिकारियों को भेजी जा चुकी है। अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई। लंबे समय से समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों और पालकों ने प्रशासन से मांग की है कि बच्चों की सुविधा और स्वास्थ्य को देखते हुए खराब पड़े सोलर ड्यूल पंप की शीघ्र मरम्मत कराई जाए। इससे आश्रम में नियमित और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
कस्तूरबा आश्रम को गांव लाने 500 ग्रामीण 12 किमी पैदल चले
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा बड़े लखापाल ग्राम पंचायत के ग्रामीण गुरुवार को गांव से पैदल 12 किलोमीटर चलकर ब्लॉक मुख्यालय कटेकल्याण पहुंचे। ग्रामीणों ने 10 साल पहले लखापाल में चलने वाले कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को फिर उसी गांव में शुरू करने की मांग रखी। सरपंच दिनेश मरकाम, तुलसी मरकाम के साथ 500 से ज्यादा ग्रामीण पहुंचे। तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह विद्यालय वर्ष 2009 से 2016 तक गांव में नियमित रूप से चला। वर्ष 2016-17 में इसे दूसरे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए दूसरे स्थान जाना पड़ रहा है। आने-जाने में परेशानी हो रही है। कई बच्चों की नियमित उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय बड़े लखापाल में चलेगा तो बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी। जरूरी शैक्षणिक सुविधाएं भी मिलेंगी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस मांग को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों को मांगपत्र और आवेदन दिए गए। ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण ग्राम सभा में मुद्दे पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से कलेक्टर के नाम ज्ञापन देने का फैसला हुआ था। दंतेवाड़ा में 2006-07 में नक्सली उत्पात की वजह से बुरगुम, नहाड़ी, टिकनपाल आश्रम को कुआकोंडा हितावर में शिफ्ट किया। नक्सलियों ने इन गांवों के आश्रम तोड़ दिए थे। समेली माता रुक्मणि आश्रम को धुरली और पोटाली में शिफ्ट किया गया था। फुलपाड़ आश्रम को पालनार में शिफ्ट करना पड़ा था। अब इन्हें ग्रामीणों द्वारा उसी गांव में वापस खोलने की मांग की जा रही है। यह मांग उसी गांव के नाम पर है। उसी गांव के नाम पर आश्रम स्वीकृत हैं। हालांकि अभी इन गांवों में आश्रम भवन बने नहीं हैं।
धान खरीदी के लिए पंजीयन 31 अक्टूबर तक
बेनूर| खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसान पंजीयन 1 जुलाई से 31 अक्टूबर तक किया जाएगा। जिला कार्यालय में अपर कलेक्टर बीरेंद्र बहादुर पंचभाई ने राजस्व व खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक लेकर पंजीयन प्रक्रिया समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने भूमि अभिलेख, आधार, बैंक खाते सहित सभी दस्तावेजों के सावधानीपूर्वक सत्यापन पर जोर दिया। किसानों से समय रहते पंजीयन व आवश्यक संशोधन कराने की अपील की गई, ताकि धान खरीदी के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आत्मानंद स्कूल करीतगांव में पौधरोपण, मेधावी सम्मानित
भास्कर न्यूज, जगदलपुर| स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय, करीतगांव में बुधवार को विविध कार्यक्रम हुए। मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक लखेश्वर बघेल रहे। एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत स्कूल परिसर में पौधरोपण किया गया। गत वर्ष कक्षा पांचवीं और आठवीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान हुआ। विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विधायक ने स्कूल परिसर में बनने वाली बाउंड्रीवाल का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम का संचालन व्याख्याता राजेंद्र कलिहारी ने किया। अंत में अतिथियों, विद्यार्थियों, शिक्षकों के लिए न्योता भोज हुआ। कार्यक्रम में जस केतन जोशी, मधुसूदन नेताम, संतोष कश्यप, कुसुमलता बघेल, पुरुषोत्तम जोशी, एसएमडीसी अध्यक्ष तुलाराम सेठिया, प्राचार्य मोनिता पाणिग्राही, लुप्तेश्वर आचार्य सहित शिक्षक, कर्मचारी, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
मानसूनी द्रोणिका कमजोर पड़ी जिले में दो दिन से हुई खंड वर्षा
भास्कर न्यूज | बालोद गुरुवार को अधिकतम तापमान 32 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26 डिग्री रहा। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा। इसके अलावा मात्र 1 मिमी बारिश हुई। इस वजह से सुबह से देर शाम तक लोगों को गर्मी व उमस का सामना करना पड़ा। हालांकि देर शाम शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में रुक-रुककर बारिश होती रही बावजूद राहत नहीं मिल पाई। पिछले दो दिन से खंड वर्षा की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर अनूपगढ़, रोहतक, दक्षिण पश्चिम उत्तर प्रदेश, फुरसतगंज, डेहरी, धनबाद, बांकुरा दीघा और उसके बाद पूर्व दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण उत्तर बिहार और उसके आसपास 5.8 किलोमीटर ऊंचाई पर स्थित है। प्रदेश के अधिकतर हिस्सों मंे 10 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश होने या गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है। मानसून द्रोणिका के कारण उत्तर छत्तीसगढ़ में ज्यादा बारिश हो सकती है। वहीं बस्तर संभाग के जिलों में भौगोलिक कारण से बारिश होने की संभावना है। शाम 7 से रात 8 बजे के बीच बालोद में वातावरण में नमी की मात्रा 78 फीसदी रही। इस दौरान 13 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चली।
दूसरी मेरिट लिस्ट में सिर्फ 11 बच्चों के नाम, 123 सीटें खाली
भास्कर न्यूज | बालोद शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत लोक शिक्षण संचालनालय ने दूसरी मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। जिसमें जिले के सिर्फ 11 बच्चों का नाम है। जिसकी पुष्टि गुरुवार को शिक्षा विभाग ने किया है। इस लिहाज से अगर 11 बच्चे तय समय में प्रवेश लेंगे, तब भी कक्षा पहली में 112 सीटें खाली रह जाएगी। दूसरी लिस्ट जारी होने के पहले शिक्षा विभाग की ओर से जानकारी दी गई थी कि जिले के पंजीकृत निजी स्कूलों में कक्षा पहली में 123 सीटें खाली हैं। इसके अलावा वेटिंग में 133 बच्चे है बावजूद दूसरी मेरिट लिस्ट में सिर्फ 11 बच्चों का नाम है। पहली बार दूसरे चरण में प्रवेश के लिए नया आवेदन करने का विकल्प नहीं दिया गया था। जबकि इसके पहले 2009 से लेकर 2025 तक यानी 16 साल में अधिकतर बार दो बार आवेदन करने का मौका दिया गया था। इस बार 17 जून से पोर्टल खोलकर सिर्फ संशोधन का विकल्प दिया गया यानी जो पहले चरण में ऑनलाइन आवेदन कर चुके थे और वेटिंग लिस्ट में थे, वह संशोधित करवा सकते थे। नया आवेदन करने के लिए विकल्प ही नहीं दिया गया था। 327 बच्चे प्रवेश ले चुके शिक्षा विभाग के अनुसार जिले के पंजीकृत निजी स्कूलों में कक्षा पहली में कुल 450 सीटें है। पहले चरण में लोक शिक्षण संचालनालय स्तर पर लॉटरी जारी कर 353 सीटों का आवंटन हुआ था। जिसमंे 327 सीटों पर पात्र बच्चे प्रवेश ले चुके हैं। इस लिहाज से पहले चरण में आवंटित 26 सीटों पर प्रवेश लेने कोई नहीं पहुंचा। वेटिंग में रहने वाले बच्चांे के पालक व शिक्षा विभाग के अफसर अनुमान लगा रहे थे कि दूसरी लिस्ट जारी होगी, तब अधिकतर बच्चों को प्रवेश लेने मौका मिलेगा पर स्थिति अलग है।
धान की खेती के लिए 3 बड़े बदलाव अपनाया जा सकता है
भास्कर न्यूज | जांजगीर खरीफ सीजन में अल-नीनो के संभावित असर को देखते हुए कृषि विभाग ने अलर्ट जारी किया है। मौसम की अनिश्चितता, मानसून में देरी या लंबे सूखे से फसलों को बचाने के लिए जिला कृषि विभाग ने एक आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की है। कृषि विभाग के विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे पारंपरिक तरीकों में थोड़ा बदलाव कर वैज्ञानिक प्रबंधन अपनाएं। रोपा छोड़ अपनाएं सीधी बुवाई: कम पानी की आशंका को देखते हुए धान की सीधी बुवाई विधि को प्राथमिकता दें। रोपा लगाने की तुलना में इसमें 20% पानी की बचत होती है। इसके अलावा प्रति एकड़ ₹5000 तक लागत कम आती है और फसल भी 12 से 15 दिन पहले पककर तैयार हो जाती है। { मजबूत मेड़बंदी: खेतों में उपलब्ध पानी का एक-एक कतरा रोकने के लिए खेतों की मेड़बंदी तुरंत मजबूत कर लें। { कतार पद्धति (लाइन सोइंग): बुवाई हमेशा कतार में करें। इससे पौधों की जड़ें गहराई तक जाती हैं, जिससे सूखा पड़ने पर भी नमी बनी रहती है और खरपतवार निकालने में आसानी होती है। { फसल विविधीकरण: ऊंची जमीन पर धान की जगह बोएं दलहन-तिलहन अगर आपके पास ऊंचे (डोंगरी/टिकरा) खेत हैं, तो वहां धान लगाने का जोखिम न लें। विभाग ने इसके बदले कम पानी वाली फसलें चुनने की सलाह दी है: { दलहनी फसलें: अरहर, मूंग और उड़द। (मूंग-उड़द की बुवाई जुलाई अंत तक और अरहर की अगस्त में करें)। { तिलहनी फसलें: मूंगफली, तिल, रामतिल और सोयाबीन। (अगस्त में तिल और सूरजमुखी भी बो सकते हैं)।
मड़वा प्लांट में पालना घर, ड्यूटी में नहीं होगी परेशानी
भास्कर न्यूज | जांजगीर कामकाजी महिलाओं के लिए कार्यक्षेत्र और परिवार के बीच संतुलन बनाना हमेशा से एक बड़ी चुनौती रहा है, लेकिन जांजगीर के मड़वा थर्मल पावर प्लांट ने इस दिशा में एक अनुकरणीय और संवेदनशील पहल की है। अटल बिहारी वाजपेयी ताप विद्युत गृह (एबीवीटीपीएस) मड़वा के संयंत्र परिसर में नवनिर्मित अत्याधुनिक पालना घर (क्रेश) का भव्य शुभारंभ किया गया है। इसका उद्घाटन मुख्य अभियंता एचएन कोसरिया के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। इस नई सुविधा की शुरुआत से संयंत्र में कार्यरत महिला अधिकारियों और कर्मचारियों में भारी उत्साह और राहत का माहौल है। अक्सर महिला कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान अपने छोटे बच्चों के लालन-पालन, खान-पान और सुरक्षा को लेकर मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता था। कई बार इस वजह से उन्हें छुट्टी लेनी पड़ती थी या काम पर ध्यान केंद्रित करने में परेशानी होती थी। अब संयंत्र परिसर के भीतर ही पालना घर खुल जाने से महिला कर्मचारी पूरी तरह निश्चिंत होकर और बिना किसी मानसिक तनाव के अपने कार्यदायित्वों को पूरा कर सकेंगी। अब वे जब चाहें, ब्रेक के दौरान अपने बच्चों से मिल भी सकती हैं, जिससे उनकी कार्यकुशलता में भी भारी बढ़ोतरी होगी। मड़वा संयंत्र में शुरू किया गया यह पालना घर पूरी तरह से बच्चों की शारीरिक और मानसिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके संचालन का समय सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जो कि सामान्य कार्यालयीन समय के बिल्कुल अनुकूल है। बच्चों के मानसिक विकास के लिए यहाँ कई प्रकार की मनोरंजक और सुरक्षित खेल सामग्रियां उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा, बच्चों के मनोरंजन के लिए स्मार्ट टीवी और साउंड बॉक्स की व्यवस्था की गई।
हरेठीकला की सड़क पर कीचड़, फिसलने का डर
जांजगीर| सक्ती जिले के जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम हरेठीकला की तस्वीर इन दावों की हकीकत बयां कर रही है। गांव की मुख्य सड़क लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर सालभर कीचड़, गड्ढे और जलभराव की स्थिति बनी रहती है। आवागमन में परेशानी हो रही है। जगह-जगह गड्ढे और कीचड़ होने के कारण रोजाना लोगों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है।
सड़क पर पीपल का पेड़ गिरा लोग दबे, तार टूटने से घंटों जाम
भास्कर न्यूज | देवरी-चांपा नगर के बम्हनीडीह रोड पर गुरुवार को हादसा हो गया। वर्षों पुराना एक पीपल का पेड़ अचानक भरभराकर सड़क पर गिर पड़ा। पेड़ के चपेट में कई लोग आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। दुर्घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जबकि भूपेंद्र पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हादसे के समय कुछ बाइक सवार पेड़ के नीचे से गुजर रहे थे। तभी अचानक विशाल पीपल का पेड़ पूरी सड़क पर गिर पड़ा। इसकी चपेट में आने से सारागांव निवासी महाराज भूपेंद्र पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं अन्य कई लोगों को भी चोटें आई हैं। हादसे में सड़क किनारे खड़ी और गुजर रही दो बाइके भी पेड़ के नीचे दबकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। पेड़ गिरने से सड़क के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन और तार पूरी तरह टूट गए, जिससे नगर सहित आसपास के क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। पेड़ सड़क पर गिरने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और कई घंटों तक आवागमन प्रभावित रहा। लोगों ने बताया कि पीपल का पेड़ काफी पुराना और जर्जर हो चुका था। इसके बावजूद समय रहते इसकी जांच या आवश्यक छंटाई की ओर ध्यान नहीं दिया। बरसात के मौसम में जमीन में नमी बढ़ने से ऐसे पुराने पेड़ों के गिरने की आशंका अधिक रहती है। समय रहते इन्हें चिन्हित कर उचित कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
2 दिन से लापता बुजुर्ग का शव महानदी में बहता मिला
बिर्रा| लापता बसंतपुर निवासी एक बुजुर्ग का शव गुरुवार को ग्राम किकिरदा स्थित महानदी में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही बिर्रा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी। साहेबलाल पटेल निवासी ग्राम बसंतपुर 7 जुलाई से घर से लापता थे। परिजन एवं ग्रामीण लगातार उनकी तलाश कर रहे थे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। गुरुवार को ग्राम किकिरदा के पास महानदी में एक शव दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। सूचना पर थाना बिर्रा की टीम मौके पर पहुंची और शव को नदी से बाहर निकलवाया। परिजनों द्वारा शव की पहचान साहेबलाल पटेल के रूप में की गई।
मंत्री ने कृषि उपसंचालक को निलंबित करने दिए निर्देश
बलरामपुर | जिले के करी चलगली के कार्यक्रम में बलरामपुर कृषि विभाग के उपसंचालक रामचंद्र भगत के नहीं आने पर कृषि मंत्री व क्षेत्रीय विधायक रामविचार नेताम ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान उपसंचालक रामचंद्र भगत को निलंबित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। करी चलगली में गुरुवार को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लोकार्पण एवं भूमि पूजन कार्यक्रम था। इस कार्यक्रम में मंत्री नेताम मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने अपने ही विभाग के अधिकारी के कार्यक्रम में अनपुस्थित देखकर काफी नाराजगी जाहिर की। हालांकि अभी शासन से उप संचालक के निलंबन का आदेश नही आया है। इस संबंध में कलेक्टर संजय चंदन त्रिपाठी ने कहा कि मंत्री उप संचालक को निलंबित करने कहा है हालंाकि अभी शासन से इसके संबंध में आदेश नहीं पहुंचा है।
सहकारिता सम्मेलन में जिले के प्रतिनिधि भी हुए शामिल
भास्कर न्यूज | रिगनी/खरौद नई दिल्ली के भारत मंडपम में सहकार से समृद्धि के स्वर्णिम 5 वर्ष: उपलब्धता, नवाचारों और विकसित भारत की ओर बढ़ते कदम राष्ट्रीय कार्यक्रम हुआ। छत्तीसगढ़ की विभिन्न सेवा सहकारी समितियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर पर साझा किए गए नवाचारों, उपलब्धियों के साक्षी बने। कार्यक्रम में जांजगीर जिले से दिनेश कुमार कश्यप पहुंचे। वे सेवा सहकारी समिति मर्यादित शिवरीनारायण के समिति प्रबंधक हैं। बीरबल कहरा भी पहुंचे। वे सेवा सहकारी समिति मर्यादित केरा के समिति प्रबंधक हैं। पंजीयन क्रमांक 1275 है। दोनों ने सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता निभाई। देश के कोने-कोने से आए हजारों समिति प्रबंधक, प्राधिकृत अधिकारी भी महाधिवेशन में शामिल हुए। कार्यक्रम में सहकारिता क्षेत्र में पिछले 5 वर्षों के सुधारों पर चर्चा हुई।
परवरिश बने नए पटवारी अमृत लाल साहू का ट्रांसफर
गोधना | राजस्व विभाग की नई स्थानांतरण सूची में ग्राम पंचायत गोधना में पदस्थ पटवारी अमृत लाल साहू का तबादला कर दिया गया। उनकी जगह परवरिश टंडन को गोधना का नया पटवारी नियुक्त किया गया। राजस्व विभाग के 7 जुलाई को जारी आदेश के मुताबिक अमृत लाल साहू को मुड़पार, सिघुल हल्का दिया गया। अतिरिक्त प्रभार में कनसदा, नागरीडीह हल्का भी आवंटित किया गया। परवरिश टंडन को गोधना हल्के की जिम्मेदारी सौंपी गई। आदेश में कहा गया है कि सभी स्थानांतरित पटवारी अपने वर्तमान पदस्थापना स्थल का कार्यभार अधिकतम तीन दिवस के भीतर विधिवत सौंपेंगे। कार्यभार ग्रहण करने की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी भेजनी होगी। नए पटवारी की नियुक्ति के बाद ग्रामीणों को नामांतरण, सीमांकन, नक्शा-खसरा, कामों के लिए परवरिश टंडन से संपर्क करना होगा।
भरी बरसात में पेयजल किल्लत, दूसरे गांव से ला रहे
भास्कर न्यूज | सिनोधा यहां से लगभग 6 किलोमीटर दूर 3000 की आबादी वाला ग्राम मटिया के ग्रामीण भरी बरसात में पेयजल के लिए तरस रहे हैं। जिन्हें एक छोर पर 2 किलोमीटर सेमरिया और दूसरे छोर पर इतने ही दूर फरहदा खार से पीने के लिए बैलगाड़ी, मोटरसाइकिल, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहन के माध्यम से ड्रम व डिब्बों में पीने के लिए पानी भरकर लाना पड़ता है। ग्राम के भुलऊ निषाद, मालिक राम साहू, बलराम सोनवानी सहित लोगों ने बताया कि वहां पर 15 एकड़ का एक और सात-सात एकड़ का 2 निस्तारी तालाब, तीन कुआं, आधा दर्जन से अधिक हैंडपंप, आधा दर्जन से अधिक शासकीय ट्यूबवेल और दर्जन भर निजी ट्यूब वेल हैं, परंतु आज भी तालाबों पानी नहीं भर पाया है और वाटर लेवल नहीं आ पाने से किसी भी ट्यूबवेल और हैंड पंपों से पानी नहीं निकल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मटिया में हर साल होली के बाद से लेकर जब तक पर्याप्त पानी नहीं गिर पाता तब तक बच्चे, बूढ़े, महिला, जवान सोकर उठने के तत्काल बाद सबसे पहले पेयजल की व्यवस्था में लग जाते हैं। लोगों ने बताया कि ग्राम में 5 साल पहले ही ओवरहेड नल जल टंकी बन चुकी है, पूरे गांव में पाइपलाइन बिछ चुकी है। परंतु ग्राम के किसी भी ट्यूबवेल में इतनी क्षमता नहीं है कि पानी को नल जल टंकी में चढ़ा सके अथवा गांव तक पहुंच सके। लिहाजा पाइपलाइन को बीच से तोड़कर हर साल हमें पानी ढोना पड़ता है। उसके बावजूद आपूर्ति नहीं होने पर निजी ट्यूबवेल का सहारा लेना पड़ा। पंचायत की सरपंच अनिता टीकाराम निषाद ने बताया कि पिछली गर्मी में दैनिक भास्कर में प्रकाशन के बाद राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने संज्ञान लेते हुए पत्थर खदानों से पाइपलाइन द्वारा आमाकोनी, टेकारी, रानीजरौद, डिग्गी-खपरी, फरहदा आदि 6 गांवों के तालाबों तक पानी पहुंचाने हेतु राशि की घोषणा की थी जिस पर प्रशासन द्वारा अमल किया जा रहा है परंतु दूरी अधिक से लागत बढ़ने के कारण मटिया का नाम काट दिया। पीएचई एसडीओ कन्हैया देवांगन ने उक्त संबंध में बताया कि प्रस्ताव स्वीकृति के बाद कार्य किया जाएगा। यहां गर्मी में वाटर लेवल नीचे चला जाता है। बहरहाल वर्तमान हालात को सुधारने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पेयजल की समस्या के निदान के लिए शासन द्वारा पंचायत के माध्यम से दो से तीन ट्यूब वेल खोदा जाता है परंतु अब तक गांव के भीतर और बाहर 100 से अधिक ट्यूबवेल कराए जा चुके हैं परंतु पानी नहीं निकलने से समस्या यथावत है।
तीन चीतल की मौत, शिकार से इनकार
भास्कर न्यूज | बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य के पकरीद बीट अंतर्गत रामपुर चारागाह, कक्ष क्रमांक-127 में दो दिनों के भीतर तीन चीतलों की मौत का मामला सामने आया है। वन विभाग की प्रारंभिक जांच में पहले मिले दो नर चीतलों की मौत आपसी संघर्ष के दौरान लगी गंभीर चोटों से होने की बात कही गई है, जबकि तीसरे चीतल की मौत हिंसक वन्यप्राणी के हमले से होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने तीनों मामलों में शिकार की संभावना से इनकार किया है। वन विभाग के अनुसार 7 जुलाई को नियमित गश्त के दौरान दो नर चीतल मृत मिले। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जांच में दोनों के गले पर गंभीर चोट और रक्तस्राव के संकेत मिले, जबकि शरीर पर किसी मांसाहारी वन्यप्राणी के हमले के निशान नहीं पाए गए। अधिकारियों का कहना है कि दोनों नर चीतलों के बीच आपसी संघर्ष के दौरान लगी चोटें ही मौत का कारण प्रतीत होती हैं। अंतिम कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद स्पष्ट होगा। इसी तरह 8 जुलाई को उसी क्षेत्र में एक और चीतल मृत मिला। निरीक्षण में उसके गले पर हिंसक वन्यप्राणी के हमले के निशान पाए गए। हालांकि उसके सींग, खाल और अन्य सभी अंग सुरक्षित मिले, जिससे विभाग ने शिकार की आशंका को खारिज किया है। विभाग का तर्क है कि शिकार की स्थिति में शरीर के अंग या अन्य अवशेष गायब मिलते। घटना के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और रामपुर चारागाह में ट्रैप कैमरा लगाया है। वन अनुविभागीय अधिकारी कृष्णानु चंद्राकर ने कहा कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में अनावश्यक हस्तक्षेप उचित नहीं है।
ईको वैन से टकराकर ट्रेलर खेत में घुसा, 2 लोग गंभीर
बसंतपुर | लेदो नदी के आगे जमई के पास बुधवार देर शाम मारुति ईको और ट्रेलर की जोरदार टक्कर हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर अनियंत्रित हुआ। सड़क किनारे खेत में जा घुसा। मारुति ईको बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। ईको में सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ईको चालक रिश्तेदार के घर से निकलकर मुख्य सड़क पर तेज रफ्तार में वाहन मोड़ रहा था। इसी दौरान बसंतपुर की ओर से आ रहा ट्रेलर सामने से ईको से टकरा गया। टक्कर से ईको का आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। मौके पर अफरा-तफरी मची। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े। सूचना मिलते ही बसंतपुर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को वाड्रफनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। दोनों घायलों की स्थिति नाजुक बताई गई। पुलिस जांच कर रही है।
12 जुलाई को शंकराचार्य का 84वां प्राकट्य महोत्सव मनाएंगे
कवर्धा| शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का 84वां प्राकट्य महोत्सव समूचे देश में राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के रूप में मनाया जाएगा। मुख्य कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित है,जहां आदित्यवाहिनी छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष आशीष दुबे व कवर्धा से लोकेश त्रिपाठी शामिल होंगे।आदित्यवाहिनी के जिला अध्यक्ष कुलेश्वर सिंह राजपूत ने बताया कि शंकराचार्य महाराज के अवतरण दिवस आषाढ़ कृष्ण त्रयोदशी को सनातन धर्मावलंबियों द्वारा राष्ट्रोत्कर्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 12 जुलाई दिन रविवार को सुबह स्थानीय गौशाला में गौ सेवा की जाएगी। शाम 5 बजे श्री राधा कृष्ण बड़े मंदिर में सत्संग, संगोष्ठी का समायोजन होगा, जहां पर पूज्यपाद के उत्तम स्वास्थ्य एवं सुदीर्घायु जीवन की प्रार्थना के साथ अच्युत अनंत गोविंद का सामूहिक संकीर्तन व हनुमान चालीसा पाठ संस्था के सदस्यों व शिष्यवृन्द द्वारा किया जाएगा। इसके बाद प्रसाद वितरण होगा। आदित्यवाहिनी, आनंदवाहिनी व पीठ परिषद ने सभी श्रद्धालुओं व नागरिकों से कार्यक्रम में उपस्थित होने अपील की है।
जंगल में बाबा किशाराम की बरसी पर आस्था का मेला
सिरपुर| बीते दिनों सिरपुर जंगल के बंजारी क्षेत्र में रायपुर के लाखेनगर स्थित बाबा किशाराम हुन्डलदास सिंधी गुरुद्वारा द्वारा बाबा किशाराम की बरसी पर मेले का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में सिंधी समाज के लोगों ने भाग लिया। आयोजन के दौरान समाज के दानवीरों ने जरूरतमंदों को कपड़े, नकद राशि, भोजन और प्रसाद वितरित कर सेवा एवं दान की परंपरा निभाई। सिंधी समाज के लोगों के अनुसार बाबा किशाराम की अंतिम इच्छा थी कि उन्हें रायपुर से जंगल की ओर ले जाया जाए और जहां उनके प्राण निकलें, वहीं उनका शरीर छोड़ दिया जाए, ताकि पशु-पक्षी उसे ग्रहण कर सकें। अनुयायियों का दावा है कि 7 जुलाई 1977 को उन्हें कार से रायपुर से जंगल की ओर ले जाया गया, जहां 77 किलोमीटर की दूरी पर वाहन रुक गया और वहीं उनका देहावसान हो गया। समाज इस घटना को 07-07-77 और 77 किलोमीटर के अद्भुत संयोग के रूप में याद करता है। इसी स्मृति को जीवंत रखने के लिए सिंधी समाज वर्ष 1977 से प्रतिवर्ष बाबा किशाराम की बरसी पर सिरपुर के बंजारी जंगल में मेले का आयोजन करता आ रहा है।
शहर के बस स्टैंड के पीछे गली में कचरे का ढेर, बारिश से बढ़ी गंदगी
बालोद| शहर के बस स्टैंड के पीछे तहसील रोड जाने वाली गली में लंबे समय से कचरे का ढेर लगा हुआ है। इस क्षेत्र में नियमित सफाई नहीं होने के कारण गंदगी लगातार बढ़ती जा रही है। बारिश से स्थिति और खराब हो गई है, जिससे राहगीरों और आसपास के दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क किनारे कचरा जमा होने से दुर्गंध फैल रही है। गंदगी के चलते मच्छरों और अन्य कीटों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। नियमित सफाई कराई जाए।
दीदी के गोठ रेडियो कार्यक्रम में संघर्ष की कहानी सुनाई गई
भास्कर न्यूज | बालोद छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम दीदी के गोठ का एक वर्ष पूर्ण होने पर जिला एवं राज्य स्तरीय कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम के 12वें एपिसोड का प्रसारण जिले के 20 संकुल स्तरीय संगठनों, जनपद कार्यालयों एवं जिला कार्यालयों में गुरुवार को किया गया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में किया गया, जिसमें बालोद जिले से 150 बिहान दीदियों ने सहभागिता की। राज्य स्तरीय कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं ने अपने संघर्ष, मेहनत और सफलता की कहानियां साझा कीं। इन प्रेरणादायक अनुभवों ने अन्य समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भरता और आजीविका संवर्धन की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। जिला स्तर पर कार्यक्रम का आयोजन समुदाय प्रबंधित प्रशिक्षण केंद्र सिवनी, बालोद में किया गया। जिले की लगभग 130 महिलाओं ने रेडियो के माध्यम से दीदी के गोठ को सुना कार्यक्रम में सहायक परियोजना अधिकारी नितेश साहू, जिला मिशन प्रबंधक जिला पंचायत बालोद अजय कुमार सिंह एवं सहायक विकास विस्तार अधिकारी भारतेन्द्र नेताम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नालियों की सफाई नहीं मच्छर से परेशान हैं लोग
बालोद| शहर के शीतला तालाब के पीछे स्थित शिकारीपारा में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से स्थानीय निवासी परेशान हैं। नालियां जाम होने के कारण गंदगी और बदबू फैल रही है, वहीं मच्छर भी तेजी से पनप रहे हैं। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है । इसके बाद भी पालिका के सफाई कर्मचारी नियमित नहीं पहुंचते हैं। जल्द नालियों की सफाई कर समस्या का समाधान किया जाए, ताकि स्वच्छता बनी रहे।
जल निकासी के बाद गाद व कचरे से मुसीबत, वाहन चालकों को समस्या
बालोद | शहर के मुख्य बस स्टैंड में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश के बाद जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे यात्रियों, वाहन चालकों और दुकानदारों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश थमने के बाद पानी तो धीरे-धीरे निकल जाता है, लेकिन परिसर में गाद जमा रह जाती है। इससे फिसलन व दुर्गंध जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड में नियमित सफाई कराने और जलभराव की समस्या का समाधान करने की जरूरत है।
स्कूल बसों में क्षमता से अधिक बच्चों को ना बैठाएं
बालोद| कुछ निजी स्कूलों की बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर परिवहन किया जाता हैं। जिससे बच्चों को असुविधा होती है और दुर्घटना की स्थिति में उनकी सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन स्कूल वाहनों की नियमित जांच कराने, निर्धारित क्षमता का पालन करने तथा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए, नियमों का कड़ाई से पालन कराना चाहिए।
दुकानदारों ने हाईवे पर किया कब्जा, बनी परेशानी
बालोद| शहर से गुजरने वाले नेशनल हाईवे पर दल्ली चौक से लेकर गंजपारा तक दुकानदारों ने कब्जा कर लिया है। स्थानीय दुकानदार अपने सामान को रोज सड़क पर रख देते हैं, वहीं कई वाहन भी सड़क पर ही खड़े किए जाते हैं। इस वजह से सड़क संकरी हो जाती है और राहगीरों व वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। प्रशासन को जल्द कार्रवाई करना चाहिए ताकि सड़क पर सुरक्षा और यातायात सुचारू रूप से हो सके।
9वीं की 54 छात्राओं को साइकिल मिली, चेहरे खिले
रायगढ़ | छत्तीसगढ़ शासन की निशुल्क सरस्वती साइकिल योजना के तहत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव में मंगलवार को कक्षा 9वीं की 54 नवप्रवेशी छात्राओं को साइकिल वितरित की गई। साइकिल मिलने के बाद छात्राओं के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई। उनका कहना था कि अब दूर-दराज के गांवों से रोज पैदल स्कूल नहीं आना पड़ेगा। साइकिल वितरण समारोह में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मुरारी लाल अग्रवाल, ग्राम पंचायत कोलाईबहाल-जामगांव के सरपंच राजकुमार किसान और एसएमसी सदस्य आनंद अग्रवाल मौजूद रहे। अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल की चाबी सौंपते हुए नियमित रूप से विद्यालय आने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं ने बताया कि वे कोयलंगा, मनुवापाली, छुहीपाली और कुकुरदा जैसे गांवों से पढ़ने आती हैं। अब साइकिल मिलने से समय और श्रम दोनों की बचत होगी तथा पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी। शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मुरारी लाल अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं के लिए आवागमन सबसे बड़ी चुनौती होती है। शासन की यह योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।
रामकेश बोले, हाई कोर्ट के आदेश, सरकार की पहल से निकला पांचना का समाधान
पांचना बांध के पानी की मांग को लेकर चले लंबे आंदोलन के बाद गंगापुर सिटी विधायक, विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में पूरा घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा, आंदोलन के दौरान कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा धरना स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने किसानों को जल्द पानी देने का भरोसा दिलाकर धरना समाप्त कराया। इसके बाद सरकार ने चरणबद्ध तरीके से समय दिया। 6 जुलाई तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। रामकेश मीणा ने कहा, सरकार ने नदी क्षेत्र से पांचना बांध के कमांड क्षेत्र के लिए पानी छोड़ा था। तकनीकी कारणों से पानी अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सका। युवाओं, किसानों में भ्रम बना। कुछ लोगों को आशंका हुई कि कमांड क्षेत्र का पानी जानबूझकर रोका जा रहा है। बाद में मिली जानकारी के अनुसार यह कर्मचारियों के स्तर पर तकनीकी चूक थी। कोई साजिश नहीं थी। उन्होंने कहा, पांचना बांध परियोजना के लिए पानी उपलब्ध कराने में हाई कोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही। करीब दो दशक पुरानी समस्या का समाधान न्यायालय के आदेश से संभव हुआ। उन्होंने हाई कोर्ट का आभार जताया। इसे किसानों की जीत बताया। उन्होंने कहा, सरकार ने विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर सहमति बनाई। सिंचाई का रास्ता खोलने का निर्णय किया। किसानों को राहत मिली। विधायक ने आंदोलन को सफल बनाने में क्षेत्र के ग्रामीणों की भूमिका सराही। उन्होंने सभी गांवों का उल्लेख किया। कहा, सहयोग और समर्थन से आंदोलन मजबूत हुआ। गंगापुर, वजीरपुर, आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। किसानों का उत्साह बढ़ा। कहा, आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। कुछ जगह रास्ता जाम हुआ। आम लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने खेद जताया। क्षमा मांगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, सवाई माधोपुर के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, जयपुर से आए अधिकारियों के सहयोग की भी सराहना की। उन्होंने कहा, लगातार पानी बहने से अब पूरी शाखा और उससे जुड़े क्षेत्रों में पानी आगे बढ़ रहा है। बांध में जल संग्रह भी हो रहा है। लिफ्ट सिंचाई योजना के किसानों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया, लिफ्ट परियोजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए 61 करोड़ रुपए की नई योजना पर सरकार विचार कर रही है। उन्होंने पांचना बांध पानी आंदोलन में सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, किसान नेताओं, महिला शक्ति, सामाजिक कार्यकर्ताओं का आभार जताया। कहा, सामूहिक प्रयास से वर्षों पुरानी समस्या का समाधान संभव हुआ।
एबीवीसी की प्रत्येक नगर इकाई पर संगोष्ठी और प्रतियोगिताएं
सवाईमाधोपुर| अभाविप के 78वें राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस के उपलक्ष्य में जिले की प्रत्येक नगर इकाई पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। साथ ही विभिन्न प्रतियोगिताएं होगी। जिला संयोजक मनु पारीक ने बताया कि राष्ट्रहित में युवाओं की भूमिका विषय पर प्रत्येक नगर इकाई पर विद्यालय एवं महाविद्यालय में संगोष्ठी होगी। साथ ही मेहंदी एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नगर सवाईमाधोपुर में आयोजित मेहंदी व निबंध प्रतियोगिता में अदिति मीणा, प्रिया सैनी, अंजली, बौंली में संगोष्ठी में आशीष राजोरा व अंजली मंगल, चौथ का बरवाड़ा में नगर अध्यक्ष अवधेश शर्मा, विभाग प्रमुख जगदीश मीणा, भाग संयोजक आदित्य पाराशर, खंडार इकाई में जिला प्रमुख मुकेश जांगिड़, जिला संयोजक मनु पारीक, जिला छात्रा प्रमुख तनु जादौन, मोहिनी सैनी, अवनी गौतम व सवाई माधोपुर नगर इकाई में नगर मंत्री विशाल चौधरी, इकाई अध्यक्ष पिंटू सिंह गुर्जर, नगर कार्यालय मंत्री कनिष्का गौतम, विभाग छात्रा प्रमुख पम्मी शर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़कर भाग लिया।
महिला सुरक्षा संकल्प संवाद व सम्मान समारोह, कानून के बारे में जानकारी दी
सवाईमाधोपुर| पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशानुसार एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) विजय सिंह के नेतृत्व में रिजर्व पुलिस लाइन परिसर में महिला सुरक्षा संकल्प संवाद एवं सम्मान समारोह हुआ। इसमें जिले के पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि आरपीएस अमित राठौड़ एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों की महिला प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम में महिला संगठन, आशा सहयोगिनी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं कॉलेज की छात्राओं व एनजीओ संस्था की महिला कर्मचारियों ने भी भाग लेकर महिला सुरक्षा, महिला अधिकार, कानूनों की जानकारी, जागरूकता एवं समाज में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया। वक्ताओं ने महिला सुरक्षा, संवेदनशील पुलिसिंग, महिला सशक्तिकरण तथा समाज में सुरक्षित वातावरण के निर्माण के लिए जागरूकता और सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया।
सुनीता मीणा की रचना हरियाणा पाठ्यक्रम में चयनित
सवाईमाधोपुर| राबाउमावि मानटाउन में कार्यरत उप प्रधानाचार्य सुनिता मीना की दो रचनाओं तितली व दे ताली का हरियाणा राज्य के विद्यालय पाठ्यक्रम (कक्षा 3, 5) के लिए चयन किया। प्रधानाचार्य कल्पना शर्मा व स्टाफ ने बधाई दी। उल्लेखनीय है कि शब्दों की मिश्री नामक पुस्तक के संकलन के लिए देशभर के कवि तथा लेखकों से रचनाएं आमंत्रित की गई थी, जिसमें लगभग 500 कवियों ने अपनी रचनाएंहरियाणा राज्य मिश्री देवी काव्य फाउंडेशन को भेजी थी।
भामाशाहों के सहयोग से संवरेगा बिंजारी स्कूल सेवानिवृत्त बैंक मैनेजर ने 10 लाख रु. भेंट किए
कासं|सवाईमाधोपुर/बाटोदा जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में अभिनव पहल भविष्य की उड़ान और राज्य सरकार की मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। बामनवास ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बिंजारी में विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण आगे आए हैं। बिंजारी गांव के भामाशाह एवं सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक संतोष कुमार मीणा ने अपने बड़े भाई बसंत लाल मीणा की पुण्यस्मृति में विद्यालय में नवीन कक्षा-कक्षों के निर्माण के लिए 10 लाख रुपए की धनराशि भेंट की। भामाशाह के इस सहयोग से अब बिंजारी के सरकारी विद्यालय का शैक्षिक और भौतिक वातावरण पूरी तरह सशक्त हो सकेगा। विद्यालय प्रबंधन समिति के अनुमोदन के बाद प्रधानाचार्या श्वेता विद्यार्थी एवं स्टाफ ने जनसहयोग राशि का चेक मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के अंतर्गत जमा कराने के लिए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी मीना लसाडिया तथा एडीपीसी दिनेश कुमार गुप्ता को सौंपा। कार्यक्रम अधिकारी हेमराज मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री जनसहभागिता विद्यालय विकास योजना के नियमों के अनुसार भामाशाह से प्राप्त 10 लाख रुपए की राशि पर राज्य सरकार द्वारा 15 लाख रुपए का अतिरिक्त राज्यांश स्वीकृत किया जाएगा। इस प्रकार विद्यालय के विकास के लिए कुल 25 लाख रुपए का बजट तैयार होगा। इस स्वीकृत राशि से विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों के बैठने के लिए तीन अत्याधुनिक कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए कंप्यूटर और स्कूल भवन के आवश्यक मरम्मत कार्य करवाए जाएंगे। इस बुनियादी विकास से न केवल स्कूल का भौतिक स्वरूप सुधरेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के लिए एक अनुकूल व सकारात्मक वातावरण भी मिल सकेगा। इस अवसर पर समग्र शिक्षा कार्यालय से अतिरिक्त परियोजना समन्वयक राकेश कुमार मीणा, चंद्र मोहन शर्मा, भगवान माली, दीपक शर्मा सहित बिंजारी विद्यालय स्टाफ से भीम सिंह, श्रीराम मीणा एवं अन्य गणमान्य नागरिक व शिक्षाविद उपस्थित रहे। बाटोदा. भामाशाह ने सीडीईओ को 10 लाख का चेक सौंपा।
सीएचसी बहरावंडा खुर्द में पौधरोपण कर्मियों ने संरक्षण का संकल्प लिया
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहरावंडा खुर्द परिसर में पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। सीएचसी प्रभारी बाबूलाल मीना, ब्लॉक सीएमओ रघुवीर मीणा, स्वास्थ्यकर्मियों, कर्मचारियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए। पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया। सीएचसी प्रभारी ने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक पौधरोपण जरूरी है। पौधे पर्यावरण को शुद्ध करते हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुरक्षित भविष्य की आधारशिला बनते हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति जीवन में कम से कम एक पौधा लगाए। नियमित देखभाल करे। कार्यक्रम में कर्मचारियों ने पौधों की सुरक्षा, नियमित सिंचाई की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। अधिकारियों ने कहा कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण हो। कर्मचारियों ने आमजन से भी अधिक पौधे लगाने, उनकी सुरक्षा करने की अपील की। सभी ने पौधों की देखभाल का सामूहिक संकल्प लिया। इस दौरान हरीश, गणपत, लेखराज महावर, रेडियोग्राफर, अंकुश, रोहित मौजूद रहे।
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया
चौथ का बरवाड़ा| एबीवीपी के स्थापना दिवस पर गुरुवार को महाराजा हम्मीर महाविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने तथा स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। संगोष्ठी में संगठन के विभाग प्रमुख जगदीश मीणा ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का आग्रह किया। नगराध्यक्ष अवधेश शर्मा ने कहा कि विद्यार्थी केवल भविष्य का नागरिक नहीं, बल्कि वर्तमान का भी जिम्मेदार नागरिक है। संस्थाप्रधान महेन्द्र आमेरा एवं एबीवीपी के पूर्व दायित्व वान पुलकित गौत्तम ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संगठन के उद्देश्य, छात्र शक्ति की भूमिका तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी पर प्रकाश डाला।
एकत्व भाव में रमण करने वाला मानव ही सुखी रहता है: यशवंत मुनि
सवाई माधोपुर| जिला मुख्यालय के आदर्श नगर स्थित पद्मावती भवन जैन स्थानक में व्याख्यानी यशवन्त मुनि, सुभाष मुनि,अशोक मुनि आदि ठाणा 3 का बजरिया से विहार कर पावन पदार्पण हुआ। इस दौरान जैन मुनियों ने धर्मसभा में एकत्व भाव, भक्ति आदि पर प्रवचन दिए। यशवन्त मुनि ने कहा कि आत्म दमन से ही जीव इस लोक व परलोक में सुखी बनता है। सभी के साथ मैत्री भाव रखना चाहिए। एकत्व भाव में रमण करने वाला संसार में सुखी रहता है। चारों गतियों की अपेक्षा मनुष्य जन्म दुर्लभ है। गुरु के प्रति विनय जीवन निर्माण का मूल आधार है। अशोक मुनि ने कहा कि भक्ति बहुत अच्छी चीज है, लेकिन पापों का परित्याग किए बिना भक्ति भी संसार से तार नहीं सकती है। भक्ति भक्त को भगवान बनाने की ताकत रखती है। समर्पण ही उपासना का उत्कृष्ट रूप है। पाप का त्याग करने से जीव हल्का होता हैं। धर्मसभा में चौबीस तीर्थंकर पद आराधना का गुरु वन्दना, लोगस्स से प्रायोगिक अभ्यास करवाया गया। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं का वरिष्ठ श्रावक कमलेश जैन ने शाब्दिक अभिनन्दन किया। संघ अध्यक्ष विमल कुमार जैन ने आभार व्यक्त किया।

