राजधानी भोपाल में एनएसयूआई के एक पदाधिकारी पर दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। इस मामले के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने हरदा जिला मुख्यालय स्थित पीएम श्री कॉलेज के सामने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस और एनएसयूआई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एनएसयूआई महासचिव का पुतला दहन किया। एबीवीपी ने मामले में सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर एनएसयूआई के जिला महासचिव सुभाष यादव के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फिलहाल मामले की विवेचना जारी है। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांगएबीवीपी की जिला छात्रा प्रमुख डाली कहार ने आरोप लगाया कि पीड़िता को बैठक के बहाने एक स्थान पर बुलाया गया, जहां उसके साथ गलत काम किया गया। उन्होंने दावा किया कि जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उससे कहा गया कि राजनीति में एंट्री ऐसे ही मिलती है। एबीवीपी ने इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी नगर मंत्री निकुंज शर्मा ने कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कांग्रेस के बड़े पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि पीड़िता से मिलकर उसे न्याय दिलाने आगे आएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
शहडोल के ब्यौहारी में गुरुवार को भारत आदिवासी पार्टी और आजाद समाज पार्टी ने संयुक्त रूप से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण के विरोध में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण की व्यवस्था तत्काल बंद करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के उपयोग से वाहनों का माइलेज कम हो रहा है और इंजन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। वाहन मालिकों पर बढ़ रहा आर्थिक बोझ प्रदर्शनकारियों का दावा है कि एथेनॉल मिश्रण की वजह से वाहन रखरखाव की लागत बढ़ सकती है, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन उपयोगकर्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनका कहना था कि ईंधन की गुणवत्ता या प्रदर्शन में कमी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ता है। राष्ट्रपति के नाम दिया ज्ञापन धरना समाप्त होने के बाद दोनों दलों के प्रतिनिधिमंडल ने तहसील कार्यालय पहुंचकर एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की व्यवस्था पर रोक लगाने तथा आम उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग की गई। मांग पूरी नहीं हुई तो जनआंदोलन की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भारत आदिवासी पार्टी और आज़ाद समाज पार्टी संयुक्त रूप से व्यापक जनआंदोलन शुरू करेंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। धरना-प्रदर्शन में दोनों दलों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
क्लीनिक में किशोरी को बेहोश कर दुष्कर्म का आरोप:हाथरस में पैथोलॉजी लैब संचालक पर केस
हाथरस में एक पैथोलॉजी लैब में एक किशोरी से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आज गुरुवार को किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। हसायन कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 15 वर्षीय किशोरी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 13 जुलाई को वह एक क्लीनिक पर दवा लेने गई थी। वहां उसे बोतल लगाई गई, जिससे वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को बिना कपड़ों के पाया। किशोरी का आरोप है कि डॉ. प्रवीण पुत्र इंद्रपाल ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। इस मामले में कल रात हाथरस जंक्शन कोतवाली पुलिस को तहरीर दी गई। पुलिस ने जांच पड़ताल में पाया के आरोपी पैथोलॉजी लैब संचालक है। पुलिस ने आज गुरुवार को 15 वर्षीय किशोरी को जिला महिला अस्पताल में डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और आगे की छानबीन जारी है। हाथरस जंक्शन कोतवाली प्रभारी ललित शर्मा ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है और पीड़िता को डाक्टरी परीक्षण के लिए भेजा है।
रेवाड़ी के बलदर सराय मोहल्ला में गुरुवार सुबह प्रॉपर्टी पर सास-बहुओं में चाकू और ताल घूसे चले। दोनों बहू ने सास पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया और सास ने बहुओं पर पिटने के। चाकू मारने के सवाल पर सास ने कहा कि वह सुबह चाकू से काम कर रही थी। इसी दौरान अचानक बहू ऊपर से आई और उस पर झपटा मार दिया। जिससे उसके हाथ में थोड़ा चाकू लग गया। बहू का कहना है कि सास चाकू से उनके पाइप काट रही थी। जब उसने रोकने का प्रयास किया तो उस पर चाकू से हमला कर दिया। जिसके दो अलग-अलग वीडियो सामने आए हैं। हाथ में चाकू लगने से वह घायल हो गर्ह। मामले की शिकायत मिलने के बाद भाड़ावास चौकी पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानिए किसने क्या कहा सविता सैनी ने कहा कि मेरे 4 बच्चे हैं। पीछे से 8-9 महीनों में इसने पूरा दबा लिया। ऊपर नीचे से मकान बना लिया। अभी कमरा रसोई बनाई थी, उसे भी दबा लिया। लड़ाई- झगड़ा करते हैं, मारते-पिटते हैं। अब इनको कहां भेजूं मैं। सुबह ये नकला ठीक कर रही थी। चाकू से काट रही थी। मैंने करना ना दी। चाकू लेके ऐसे-ऐसे कर रही थी। मैने चाकू खोसा तो थोड़ा सा इसके हाथ में लग गया। फिर मेरे पिचट गई, ईंट लेकर आई। ईंट से पीटा आदमी बैठा-बैठा छज्जे में वीडियो बनाने लग रहा था। इनकी सलाह थी पहले से। इनकी बहू चिपट गई, गीता उर्फ दिव्या राजेश और भैरू, ये ऊपर वीडियो बना रहा था। बहन बिगाड़ रही हमारा घर राजेश सैनी भाई और बोहड़ियां व बहन काफी दिन से यहां रह रही है। इन्होंने मेरी नल और संबर्सिबल का पाइप तोड़ दिया। मेरे मिसेज लगाने आई तो इन्होंने मारपीट कर दी। इनके हाथ में चाकू था, एक दो दिन पहले इन्होंने चाकू से काटा था। थोड़ा-थोड़ा पानी आ रहा था। आज जब इन्होंने चाकू से पाइप काटने लगी तो। वो ऊपर से इन्हें रोकने आई तो उसके हाथ में चाकू लगा। मेरे छोटी बहन हथोड़ी लेकर आई, उसके हाथ में हथोड़ी थी। मसाला पिटने की। सारी वीडियो हमारे पास हैं। इन्होंने मारपीटी की है। वो ट्रॉमा सेंटर में हैं। मकान बंटवारे पर विवाद दोनों पक्षों में मकान बंटवारे को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। सविता के परिवार में 4 बेटे और 3 बहू हैं। एक बहू गीता-दिव्या जिला कार्यकारिणी के सदस्य हैं। झगड़े के समय घर में दो बहुएं थी। नीचे सरोज और ऊपर गीता उर्फ दिव्या। एक बहू मायके गई हुई है। सरोज सास सविता के साथ नीचे रहती है और गीता ऊपर। सरोज और सविता का आरोप है कि वह अस्पताल में गए हुए थे। पीछा से गीता उर्फ दिव्या ने उनके हिस्से में भी मकान बना लिया। विरोध करने पर अपना प्रभाव दिखाते हुए उन्हें दबाने का प्रयास किया। कमरे में घुसकर सविता के साथ मारपीट की। गीता बोलीं- ट्रॉमा सेंटर में उपचाराधीन गीता ने कहा कि झगड़े को अलग कर दीजिए। सवाल तो यह है कि जब मैं पाइप ठीक करने आई तो मेरी सास ने नंगे शरीर (बिना ब्लाऊज) के बाहर पोड़ियों में आकर मेरे साथ झगड़ा क्यों किया। इसके पीछे उनकी मंशा क्या थी। विवाद के लिए अब दोनों पक्ष एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कौन सच और कौन झूठ बोल रहा है, इसका पता तो जांच के बाद ही चल पाएगा। भाड़ावास चौकी इंचार्ज सुमन ने कहा कि हमें झगड़ा के सूचना मिली थी। पारिवारिक मामला है, पुलिस मामले की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मगरी पंचायत में लगा ग्रामीण सेवा शिविर:राजस्व विभाग ने मौके पर ही जमीन के नामांतरण खोले
प्रतापगढ़ की धमोत्तर पंचायत समिति की मगरी पंचायत में लगे ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व विभाग ने विरासत नामांतरण मामलों का समाधान किया गया। गांव के पीरूलाल और कमतू बाई ने बताया कि उनके पिता बापूलाल के निधन के बाद हमारे नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे। इस कारण उन्हें राजस्व कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीण सेवा शिविर में राजस्व अधिकारियों से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने विरासत नामांतरण के लिए आवेदन पेश किया। शिविर में मौजूद पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने मामले की सुनवाई की और नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। इसी शिविर में राजस्व विभाग ने ग्राम पंचायत मगरी के छह अन्य लाभार्थियों के विरासत नामांतरण भी खोले। इन लाभार्थियों ने बताया कि उनके पिता रामाजी के निधन के बाद उनके नाम जमाबंदी में दर्ज नहीं हो पाए थे, जिससे उन्हें राजस्व संबंधी कार्यों में परेशानी हो रही थी। शिविर के दौरान राजस्व विभाग से विरासत नामांतरण की प्रक्रिया की जानकारी मिलने पर इन लाभार्थियों ने भी आवेदन पेश किए। पटवारी, गिरदावर और तहसीलदार ने नामांतरण खोलने की प्रक्रिया पूरी की। बाबरिया, हुरजी, इंद्रा, गुड़ी, मगदू बाई और सोनिया के नाम जमाबंदी में दर्ज कर उन्हें जमाबंदी की कॉपी दी गई।
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ में गुरुवार सुबह तालाब में 37 वर्षीय युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। मृतक की पहचान बलवटपुरा महादेव रोड निवासी श्याम वर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। सुबह तालाब में तैरता मिला शव गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने नरसिंहगढ़ के तालाब में एक शव तैरता देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। बुधवार से लापता था युवक परिजनों के अनुसार श्याम वर्मा बुधवार को बिना किसी को बताए घर से निकल गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। गुरुवार सुबह तालाब में मिले शव की पहचान श्याम के रूप में हुई। शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घटना की जानकारी मिलने पर श्याम के परिजन भी मौके पर पहुंचे। शव की पहचान होते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। जूता पॉलिश कर चलाता था परिवार का खर्च श्याम वर्मा जूता पॉलिश का काम कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर बताई जा रही है। उसके परिवार में पत्नी, एक बेटा विवेक और तीन बेटियां हैं। परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा श्याम ही था। उसकी अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की पुष्टि हो सकेगी। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।
सुल्तानपुर में 12वीं के छात्र की डूबने से मौत:नहर में मिला था शव, बुलेट बाइक अब भी लापता
सुल्तानपुर में 12वीं कक्षा के छात्र सुमित दुबे की मौत डूबने से हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई। छात्र का शव बुधवार को कादीपुर कोतवाली क्षेत्र की एक नहर में मिला था। जयसिंहपुर सीओ सुनील कुमार सिंह ने गुरुवार सुबह 10 बजे यह जानकारी दी। यह मामला जयसिंहपुर कोतवाली के नीमपुर गांव से जुड़ा है। अम्बेडकरनगर जिले के भीटी थाना क्षेत्र की निवासी साधना मिश्रा ने पुलिस को बताया था कि उनका 16 वर्षीय बेटा सुमित दुबे, जो इंटरमीडिएट का छात्र है, बीते 13 जुलाई को लापता हो गया था। तहरीर के अनुसार, सुमित 13 जुलाई की शाम करीब 7:30 बजे अपने दोस्त दुर्गेश (पुत्र सच्चाराम, निवासी भीटी, अम्बेडकरनगर) की बुलेट बाइक लेकर सुल्तानपुर के KNI जिम सेंटर से निकला था। वहां से वह जयसिंहपुर थाना क्षेत्र के नीमपुर स्थित अपने मामा रमाकांत मिश्रा के घर पहुंचा। मामा के घर पर लगभग 10 मिनट रुकने के बाद, सुमित अपनी बुलेट लेकर वापस निकला, लेकिन उसके बाद वह घर नहीं लौटा। परिजनों ने सुमित की काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। थक-हारकर मां साधना मिश्रा ने जयसिंहपुर थाने में बेटे की गुमशुदगी की तहरीर दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। अगले दिन दोपहर लगभग 2:30 बजे कादीपुर कोतवाली पुलिस को सूचना मिली कि मालपुर कादीपुर नहर में एक शव बहता हुआ आया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला गया, जिसकी पहचान लापता छात्र सुमित दुबे के रूप में हुई। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन और पांच हजार रुपये बरामद हुए हैं। हालांकि, उसकी बुलेट बाइक अभी तक नहीं मिली है। पुलिस लास्ट कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। मृतक की बुलेट बाइक का अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है, जो जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू है। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम और पंचायतनामा रिपोर्ट को अभियोग में संलग्न कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
उत्तराखंड श्री बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित चोरी के मामले की जांच तेज हो गई है। उत्तराखंड पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) को अब श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की 18 पेज की आंतरिक जांच रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट के साथ-साथ CCTV फुटेज में कुछ नए संदिग्ध भी सामने आए हैं, जिनसे जल्द पूछताछ की जाएगी।SIT के जांच अधिकारी महादेव उनियाल के नेतृत्व में टीम गुरुवार को बदरीनाथ मंदिर पहुंची और मामले से जुड़े महत्वपूर्ण CCTV फुटेज अपने कब्जे में लिए। 29 जून-2 जुलाई की CCTV फुटेज पूरी तरह रिकवरSIT ने बताया कि 29 जून और 2 जुलाई की CCTV फुटेज पूरी तरह रिकवर कर ली गई है। इन फुटेज की आज विस्तार से जांच की जाएगी। इससे पहले जांच टीम 22 जून और 25 जून की CCTV फुटेज भी हासिल कर चुकी है।फुटेज में दिखे नए चेहरेजांच एजेंसियों के मुताबिक 25 जून और 29 जून की रिकॉर्डिंग में कुछ और संदिग्ध लोग दिखाई दिए हैं। इनकी पहचान की जा रही है और जल्द ही उनसे पूछताछ की जाएगी। SIT का मानना है कि इन लोगों से पूछताछ के बाद मामले में कुछ अहम खुलासे हो सकते हैं। पूरे घटनाक्रम की कड़िया जोड़ रही पुलिस जांच अधिकारी महादेव उनियाल के नेतृत्व में SIT ने बदरीनाथ मंदिर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।मामले की जांच निर्णायक दौर में है। SIT अब CCTV फुटेज, BKTC की आंतरिक रिपोर्ट और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। तीन और कर्मचारियों पर कार्रवाई की तैयारी सूत्रों के अनुसार, दान गणना रजिस्टर में मिली अनियमितताओं और शुरुआती जांच के आधार पर दान गणना के खजांची संदेश मेहता को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। उनकी जगह पूजा कार्यालय में कार्यरत केदार सिंह रावत को जिम्मेदारी दी गई है। जानकारी के मुताबिक, जांच का दायरा अब केवल एक कर्मचारी तक सीमित नहीं है। दान गणना प्रक्रिया से जुड़े अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि जांच में लापरवाही या मिलीभगत के साक्ष्य मिले तो तीन अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जा सकते हैं। तीन स्तर पर चल रही चढ़ावा चोरी की जांच चढ़ावा हेराफेरी के मामले में फिलहाल तीन स्तर पर जांच जारी है। BKTC की आंतरिक जांच समिति अपनी रिपोर्ट तैयार कर चुकी है। दूसरी ओर पुलिस मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच कर रही है। वहीं शासन की ओर से गठित गढ़वाल मंडल आयुक्त की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय समिति प्रशासनिक जिम्मेदारियों और प्रक्रिया में हुई संभावित चूक की जांच कर रही है। माना जा रहा है कि तीनों जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। चढ़ावा गणना व्यवस्था में किए गए बड़े बदलाव मामला सामने आने के बाद BKTC ने चढ़ावा गणना की व्यवस्था में कई बदलाव किए हैं। अब गणना कक्ष में कर्मचारियों के लिए बिना जेब वाली ड्रेस अनिवार्य कर दी गई है और मोबाइल या निजी सामान ले जाने पर रोक लगा दी गई है। CCTV निगरानी को और मजबूत किया गया है, गणना के दौरान कम से कम पांच कर्मचारियों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है तथा प्रवेश से पहले तलाशी की व्यवस्था भी लागू की गई है। समिति का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य भविष्य में किसी भी तरह की अनियमितता की आशंका को खत्म करना है।
पीलीभीत को मिला जिला सहकारी बैंक का नया भवन:मंत्री ने किया लोकार्पण, 17 लाभार्थियों को मिला लाभ
पीलीभीत में प्रदेश सरकार के सहकारिता मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने नए सहकारिता भवन का उद्घाटन किया। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे मंडी समिति के पास स्थित नवनिर्मित सहकारिता विभाग के मुख्यालय भवन का फीता काटकर लोकार्पण किया गया। यह भवन काफी समय से बनकर तैयार था। इस नए भवन से जिला सहकारी बैंक का संचालन भी किया जाएगा, जिससे किसानों को सुविधा मिलेगी। उद्घाटन के अवसर पर मंत्री राठौर ने जिले के 17 लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्रदान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री राठौर ने कहा कि जिला सहकारी बैंक के इस नए भवन से किसानों को काफी मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसके बाद मंत्री ने मंडी परिसर में नवनिर्मित धान खरीद केंद्र का भी निरीक्षण किया, जहां धान खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही थी। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर मंत्री राठौर के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य, नपा अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल, सदर विधायक संजय सिंह गंगवार, पीलीभीत सदर विधायक बाबूराम पासवान सहित अन्य भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
सरायकेला जिले के सीनी ओपी क्षेत्र में सेप्टिक टैंक से मिले महिला के शव मामले का पुलिस ने दो दिन के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मृतका के पति सोमराय हेंब्रम को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में पत्नी की हत्या कर शव को सेप्टिक टैंक में छिपाने की बात स्वीकार की है। एसपी मनोज स्वार्गियारी ने गुरुवार को बताया कि मंगलवार को सेप्टिक टैंक से बरामद शव की पहचान सोमवारी हेंब्रम के तौर पर हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। आरोपी ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया एसआईटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और वैज्ञानिक, तकनीकी साक्ष्यों तथा परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर जांच की। स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद मृतका के पति सोमराय हेंब्रम पर संदेह गहराया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी ने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोमराय हेंब्रम को अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोपी ने बताया कि उसने पहले बिजली के तार से पत्नी का गला घोंटा और फिर लोहे की रॉड से सिर पर वार किया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने शव को घर के बगल में निर्माणाधीन मकान के पास बने सेप्टिक टैंक में फेंक दिया था, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। हालांकि, वैज्ञानिक जांच और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया।
दौसा के बांदीकुई थाना पुलिस ने 13 जुलाई को दो शातिर बदमाशों को पड़का है। बदमाश कई महीनों से दौसा, डीग और भरतपुर जिलों में महिलाओं से आभूषण लूट और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के कब्जे से हथियार और वारदात में प्रयुक्त बाइक भी बरामद की गई है। एसपी पीयूष दीक्षित ने इन वारदातों के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने तीनों जिलों में 61 से ज्यादा लूट और चोरी की वारदातें करना स्वीकार किया है। हथियार के नोक पर करते थे लूटपाट एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया- पिछले कई महीनों से बांदीकुई, बसवा, कोलवा और बैजूपाड़ा थाना क्षेत्रों में सुनसान जगहों पर अकेली महिलाओं को निशाना बनाकर हथियार की नोक पर उनके आभूषण लूटे जा रहे थे। लगातार हो रही घटनाओं से लोगों में दहशत थी और विभिन्न संगठनों ने भी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किए थे। एसपी के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी एवं सूचना तंत्र और पुराने क्राइम रिकॉर्ड का विश्लेषण कर संदिग्धों की पहचान की। पुलिस ने मंगलवार रात आरोपियों का पीछा करते हुए बाणगंगा नदी के पास बासड़ा गांव की सीमा में दोनों को हथियार सहित दबोच लिया। डीग-भरतपुर के दोनों आरोपी, कई मामले दर्ज एसपी में बताया- गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महेश उर्फ फुद्दू (40) निवासी पाहुआ, थाना कुम्हेर डीग और आकाश (28) निवासी चितोकरी, थाना सेवर भरतपुर के रूप में हुई है। जिनके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर रिमांड पर लिया है। पूछताछ के दौरान अन्य वारदातों के खुलासे और लूटे गए आभूषणों की बरामदगी की संभावना जताई जा रही है। इसके लिए बांदीकुई सर्किल स्तर पर अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया है। एसपी का कहना है कि इस कार्रवाई में आधुनिक तकनीक के साथ-साथ खुफिया तंत्र और फील्ड वर्क की मदद से आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
सीमावर्ती और विश्व प्रसिद्ध पर्यटन शहर जैसलमेर का रेलवे स्टेशन अब पूरी तरह नए स्वरूप में तैयार हो चुका है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत करीब 140 करोड़ रुपए की लागत से स्टेशन का पुनर्विकास किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसका लोकार्पण करेंगे। इस मौके पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और जैसलमेर विधायक छोटू सिंह भाटी स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं के साथ हेरिटेज लुक दिया गया है। पीले पत्थरों से मिला हेरिटेज लुक हितेश यादव, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक जोधपुर ने बताया कि स्टेशन की नई तीन मंजिला बिल्डिंग के निर्माण में जैसलमेर के प्रसिद्ध स्वर्णिम पीले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। इससे स्टेशन को हेरिटेज लुक मिला है और इसकी डिजाइन किसी भव्य महल जैसी दिखाई देती है। 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर लगाए गए यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर 10 लिफ्ट और 10 एस्केलेटर लगाए गए हैं। इसके अलावा प्लेटफॉर्म को आपस में जोड़ने के लिए 6 मीटर चौड़े दो नए फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। यात्रियों के बैठने के लिए आधुनिक वेटिंग लाउंज तैयार किया गया है। तीनों प्लेटफॉर्म पर 10 हजार वर्गमीटर से ज्यादा हिस्से में नया शेड लगाया गया है, जिससे यात्रियों को धूप और बारिश से राहत मिलेगी। शहर की संस्कृति के अनुसार तैयार किया स्टेशन हितेश यादव ने बताया कि पर्यटकों के पसंदीदा शहर जैसलमेर के इस स्टेशन को शहर की संस्कृति और पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। स्टेशन के बड़े प्रवेश और निकास द्वार यात्रियों को अलग अनुभव देंगे। बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। पर्यटन और व्यापार को मिलेगा फायदा पर्यटन व्यवसायी मयंक भाटिया, प्रिया ग्रुप ने बताया कि जैसलमेर में हर साल लाखों देशी और विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं। आधुनिक सुविधाओं और रेल कोच रेस्टोरेंट जैसी नई सुविधाओं से पर्यटकों का सफर आसान होगा। इससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कमर्शियल स्पेस और अन्य सुविधाओं के जरिए रेलवे को टिकट बिक्री के अलावा हर साल करीब 50 लाख रुपए की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है। रिटायरिंग रूम और पार्किंग की भी सुविधा स्टेशन पर यात्रियों के ठहरने के लिए आधुनिक रिटायरिंग रूम और डॉरमेटरी तैयार की गई है। इसके अलावा दुकानें और वाहनों के लिए बड़ी पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की गई है। रेलवे ने कमर्शियल स्पेस को निजी कंपनियों को उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई है। 75 अमृत भारत स्टेशनों के साथ होगा लोकार्पण 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के 75 अमृत भारत स्टेशनों का एक साथ लोकार्पण करेंगे। राजस्थान के पांच स्टेशन इस सूची में शामिल हैं, जिनमें जैसलमेर रेलवे स्टेशन प्रमुख है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नया स्टेशन आने वाले समय में जैसलमेर के पर्यटन और यात्री सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
महराजगंज जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया गया। गुरुवार को आयोजित इस शिविर में 10 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया गया। यह शिविर प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को दिव्यांगजनों को प्रमाण पत्र जारी करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने आवेदकों का परीक्षण कर पात्र पाए गए दिव्यांगजनों के प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया पूरी की। इन प्रमाण पत्रों के माध्यम से दिव्यांगजन विभिन्न सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति निर्धारित तिथियों पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। शिविर में नेत्र सर्जन डॉ. निरंजन सिंह, ईएनटी सर्जन डॉ. अनूप कुमार सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. अखिलेश कुमार, फिजिशियन डॉ. पवन कुमार सिंह और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा सहित कई विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे। चिकित्सकों ने सभी आवेदकों का चिकित्सकीय परीक्षण कर नियमानुसार प्रमाण पत्र जारी करने की कार्रवाई की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह व्यवस्था प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को नियमित रूप से जारी रहेगी।
जबलपुर- 20 फीट गहरे नाले में गिरी मर्सिडीज कार:कांच तोड़कर बाहर निकले युवक, जानवर को बचाने में हादसा
दमोह से जबलपुर आ रही एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार कटंगी थाना क्षेत्र में 20 फीट गहरे नाले में गिर गई। हादसे में कार सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों किसी तरह कार से बाहर निकलकर जबलपुर पहुंचे, जहां उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने गुरुवार सुबह सूचना मिलने के बाद क्रेन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला। जानवर को बचाने में हुआ हादसा पुलिस के मुताबिक जबलपुर के रजा चौक निवासी जिशान अली अपने एक साथी के साथ कार से दमोह से जबलपुर लौट रहे थे। प्रज्ञाधाम के पास सड़क पार कर रहे एक जानवर को बचाने के प्रयास में कार अनियंत्रित हो गई और करीब 20 फीट गहरे नाले में जा गिरी। घटना बुधवार देर रात हुई। अंधेरा होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था। हादसे के बाद दोनों युवक कार का कांच तोड़कर बाहर निकले और किसी तरह जबलपुर पहुंचे। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुबह मिली सूचना, क्रेन से निकाली कार स्थानीय लोगों ने गुरुवार सुबह हादसे की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद कटंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त कार को नाले से बाहर निकाला। कटंगी थाना प्रभारी पूजा ने बताया कि हादसे की सूचना न तो रात में थाने को दी गई और न ही डायल-112 पर कोई कॉल आया। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
यमुनानगर जिले के छछरौली थाना क्षेत्र में एक सरकारी स्कूल के 10वीं कक्षा के छात्र ने स्कूल परिसर में ही फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्र बुधवार को स्कूल की छुट्टी के बाद घर नहीं पहुंचा था। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुरुवार को पुलिस और परिजन तलाश करते हुए स्कूल पहुंचे, जहां परिसर में बनी कंडम (जर्जर) बिल्डिंग के अंदर उसका शव फंदे से लटका मिला। मृतक की पहचान 15 वर्षीय कमलदीप के रूप में हुई है। स्कूल की कंडम बिल्डिंग के बाहर उसका साइकिल और स्कूल बैग भी पड़ा मिला। सूचना मिलते ही छछरौली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए यमुनानगर के सिविल अस्पताल की मोर्चरी में भिजवा दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए परिजनों, स्कूल स्टाफ और अन्य लोगों से पूछताछ की जा रही है।
भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मुजफ्फरनगर के युवा न्यूज़पेपर क्राफ्ट कलाकार तुषार शर्मा ने अपनी अनूठी कला से विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किया है। उन्होंने रीसाइकिल किए गए अखबारों और मैगज़ीन पाइप्स से 34 इंच का भगवान जगन्नाथ का हस्तनिर्मित रथ तैयार किया है, जिसे बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने इस श्रेणी में दुनिया का सबसे बड़ा हस्तनिर्मित रथ मानते हुए आधिकारिक मान्यता प्रदान की है। गुरुवार करीब 12 बजे मीडिया से बात करते हुए तुषार शर्मा ने बताया कि इस रथ को तैयार करने में लगातार 17 दिनों तक मेहनत की गई। रथ का प्रत्येक हिस्सा हाथों से तैयार किया गया है। इसकी पारंपरिक बनावट, बारीक कारीगरी और आकर्षक डिजाइन इसे भारतीय संस्कृति, आस्था और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बनाते हैं। तुषार कई वर्षों से न्यूज़पेपर क्राफ्ट के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य केवल कलाकृतियां बनाना नहीं, बल्कि लोगों को यह संदेश देना है कि बेकार समझे जाने वाले अखबार और मैगज़ीन भी रचनात्मक सोच के साथ विश्वस्तरीय कला का रूप ले सकते हैं। विश्व रिकॉर्ड हासिल करने के बाद अब तुषार शर्मा पूरी तरह रीसाइकिल किए गए अखबारों और मैगज़ीन पाइप्स से श्री जगन्नाथ पुरी मंदिर का भव्य मॉडल तैयार कर रहे हैं। उनका लक्ष्य भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दुनिया तक
झारखंड में इटावा के मौलाना जररिश मौलाना के द्वारा भगवान श्री कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर ब्रज के धर्माचार्यों में नाराजगी है। जररिश मौलाना ने कहा था भगवान श्री कृष्ण पांच वक्त की नमाज अदा करते थे। इस बयान को लेकर साधु संत और धर्माचार्य आक्रोशित हैं। ब्रज के धर्माचार्यों का कहना है कि इस तरह के बयान देकर मौलाना क्या साबित करना चाहते हैं। इन पर कठोर कार्यवाही करनी चाहिए,जिससे भविष्य में इस तरह का कोई बयान न दे सके। क्या कहा मौलाना ने इटावा के मुस्लिम धर्म गुरु जररिश मौलाना ने झारखंड में बयान दिया कि भगवान श्री कृष्ण पांचों वक्त की नमाज अदा करते थे। वह श्री मद भगवद्गीता के छठे अध्याय का 10 वें श्लोक का जिक्र करते हैं। श्लोक को मंत्र बताते हुए उसका अर्थ बताते हुए मौलाना कहते हैं इसमें कृष्ण जी अर्जुन से कह रहे हैं हे अर्जुन जब ईश्वर की पूजा करो तो पूरे शरीर का योग करो। पूजा सिर्फ खड़े हो कर नहीं पूरे शरीर के साथ होनी चाहिए और पूरे शरीर का योग होना चाहिए। मौलाना ने कहा योगी जी बड़े भक्त बनते हैं राम के अगर यह अपनी किताबें पढ़ लें तो यकीन मानिए इस्लाम से मोहब्बत करने लगेंगे। क्योंकि इस्लाम मुसलमानों का धर्म नहीं उनका भी धर्म है। इसी दीन धर्म को रामचंद्र जी ने भी पेश किया है,कृष्ण जी ने भी पेश किया है। 23 जून का बताया जा रहा वीडियो मौलाना जरजिश अंसारी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वायरल वीडियो को 23 जून को झारखंड में दी गई एक तकरीर का बताया जा रहा है। मौलाना के इस बयान के सामने आने के बाद संत समाज में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। प्रसिद्ध कथा वाचक मृदुल कांत शास्त्री ने ब्यान का कड़ा विरोध कर अनुकूल जवाब देने की बात कही है। मृदुल कांत शास्त्री कहते हैं कि यह मानसिक विक्षिप्त है इसने भगवान कृष्ण के बारे में बहुत आपत्तिजनक बयान दिया है। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने कहा इनको इलाज की जरूरत है अगर पैसा नहीं है तो इलाज के लिए पैसा दे देंगे। उन्होंने कहा 1400 साल पुराना मजहब है इनका। यह लोग खुद राम और कृष्ण के वंशज हैं और भगवान कृष्ण को लेकर इस तरह की बयानबाजी करते हैं। संत बोले इस बयान को नहीं कर सकते स्वीकार श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण से जुड़े याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज, महंत रामदास महाराज, महंत अनमोल दास महाराज तथा साध्वी इंदुलेखा ने बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे करोड़ों हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। संतों का कहना है कि ऐसे बयान समाज में वैमनस्य फैलाने वाले हैं और धार्मिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा सकते हैं। संत समाज ने सरकार से मौलाना जरजिश अंसारी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। कुछ संतों ने यहां तक कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएं और उन्हें देश से बाहर भेजा जाए। उनका कहना है कि धार्मिक महापुरुषों के संबंध में इस प्रकार की विवादित टिप्पणियां किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। मौलाना के इस ब्यान का श्री कृष्ण जन्म स्थान मंदिर मुक्ति की लड़ाई लड़ रहे महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कड़ा विरोध व्यक्त किया है। उन्होंने कहा यह लोग इस तरह के बयान देकर समाज में गलत संदेश देना चाहते हैं। उन्होंने कहा इनको यह नहीं पता भगवान श्री कृष्ण को आज से 5000 साल से ज्यादा का समय हो गया,जबकि इस्लाम 1400 साल पहले आया। ये मौलाना है इनको इतना ज्ञान नहीं है। दूसरा ये श्री मद भागवत्म और गीता का अंतर नहीं जानते,श्लोक का कहीं का कहीं अर्थ बता रहे हैं।
धौलपुर जिले के पचगांव में एक किराना स्टोर से मोबाइल फोन चोरी हो गया। बाइक पर आए तीन युवकों ने दुकानदार की नजर बचाकर वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार घटना दो दिन पुरानी है। पचगांव निवासी पुनीत की किराना स्टोर की दुकान है। घटना के समय वह दुकान पर बैठे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक उनकी दुकान पर पहुंचे। युवकों में से एक बाइक के पास ही रुका रहा, जबकि दूसरा ग्राहक बनकर दुकान के अंदर आया। उसने पहले गोल्डमोहर, फिर शैम्पू और उसके बाद साबुन मांगा। जैसे ही दुकानदार साबुन लेने के लिए दुकान के अंदर गया, युवक ने काउंटर पर रखा मोबाइल फोन उठा लिया। मोबाइल उठाने के बाद वह बाहर निकला और अपने साथियों के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया। कुछ देर बाद जब दुकानदार पुनीत ने अपना मोबाइल तलाशा तो वह नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी, जिसमें चोरी की पूरी वारदात स्पष्ट रूप से दिखाई दी। दुकानदार ने घटना की सूचना सदर थाना पुलिस को दी और ऑनलाइन एफआईआर भी दर्ज कराई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
ग्वालियर नगर निगम के शासकीय वाहनों की निगरानी अब तकनीक के जरिए होगी। स्वच्छता, जल प्रदाय, अग्निशमन, निर्माण, सीवरेज और परिवहन कार्यों में लगे निगम के वाहनों में जल्द ही जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग और फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे। इन उपकरणों को ई-नगर पालिका 2.0 के फ्लीट मैनेजमेंट मॉड्यूल से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहनों की लोकेशन और ईंधन की खपत पर रीयल-टाइम नजर रखी जा सकेगी। प्रदेशभर के निकायों में लागू होंगे निर्देश नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने बताया कि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय, भोपाल के निर्देश पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों के पात्र वाहनों में जीपीएस और फ्यूल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया है। इसका उद्देश्य शासकीय वाहनों के संचालन में पारदर्शिता बढ़ाना, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाना है। ईंधन की हर गतिविधि होगी रिकॉर्ड नई व्यवस्था के तहत वाहनों में लगाए जाने वाले सेंसर ईंधन टैंक में फ्यूल का स्तर, ईंधन भरने, ईंधन निकासी और कुल खपत की जानकारी रिकॉर्ड करेंगे। यह पूरा डेटा सीधे ई-नगर पालिका 2.0 के फ्लीट मैनेजमेंट मॉड्यूल पर उपलब्ध रहेगा, जिससे अधिकारी कभी भी इसकी निगरानी कर सकेंगे। वाहनों की लोकेशन और रूट पर भी रहेगी नजर जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए वाहनों की वर्तमान लोकेशन, तय रूट और संचालन अवधि की भी निगरानी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि निगम के वाहन केवल सरकारी कार्यों के लिए ही उपयोग किए जा रहे हैं। किसी भी अनियमितता की जानकारी तुरंत अधिकारियों को मिल जाएगी। ईंधन चोरी और दुरुपयोग पर लगेगी रोक नगर निगम का कहना है कि नई तकनीक लागू होने के बाद ईंधन की चोरी, अनावश्यक खपत और शासकीय वाहनों के दुरुपयोग पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। इससे वाहन प्रबंधन अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा, साथ ही नगर निगम की सेवाओं की कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
कवर्धा कोतवाली थाना क्षेत्र में स्टेट बैंक शाखा के बाहर एक व्यक्ति से 3 लाख 61 हजार 900 रुपये की लूट हो गई। हालांकि, स्थानीय लोगों की सतर्कता और यातायात आरक्षक की मदद से आरोपी को कुछ ही देर में पूरी रकम के साथ पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। नाऊडीह निवासी गौवाराम वर्मा अपने परिचित रामेश्वर धृतलहरे के साथ दर्रीपारा स्थित स्टेट बैंक शाखा से दोपहर करीब 3:15 बजे 3.61 लाख रुपये निकालकर बाहर आए थे। वे रकम मोटरसाइकिल की डिक्की में रख रहे थे, तभी बीचपारा निवासी अरमान अली ने छीनाझपटी कर नकदी लूट ली और जान से मारने की धमकी देते हुए भागने लगा। लोगों ने पीछा कर पकड़ा वारदात के बाद गौवाराम वर्मा ने 'चोर-चोर' कहकर शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों, रामेश्वर धृतलहरे और अन्य नागरिकों ने आरोपी का पीछा किया। पुराना नगर पालिका परिसर के पास आरोपी को पकड़ लिया गया। मौके पर मौजूद यातायात आरक्षक ने भी आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका निभाई। आरोपी पुलिस के हवाले आरोपी अरमान अली को मौके से कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने पूरी लूटी गई रकम बरामद कर ली है। BNS के तहत मामला दर्ज प्रार्थी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में लिया गया है। डीएसपी ने कहा कवर्धा डीएसपी आशीष शुक्ला ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
उन्नाव में गंगा का जलस्तर फिर बढ़ा:18 घंटे में 12 सेमी की वृद्धि, निचले इलाकों में चिंता
उन्नाव में गंगा नदी का जलस्तर एक बार फिर बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, पिछले लगभग 18 घंटों में गंगा के जलस्तर में 12 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन गंगा का पानी घाटों तक पहुंचने से तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बुधवार दोपहर तक इसमें कुछ समय के लिए स्थिरता देखी गई और शाम को हल्की गिरावट भी दर्ज की गई थी। हालांकि, गुरुवार को जलस्तर में फिर से वृद्धि शुरू हो गई। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण पश्चिमी क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया है, जिसका असर अब उन्नाव और शुक्लागंज क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा का पानी धीरे-धीरे नगर क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है और कई घाटों तक पहुंच चुका है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 110.390 मीटर था। बुधवार सुबह आठ बजे यह बढ़कर 110.510 मीटर हो गया और दोपहर 12 बजे तक स्थिर रहा। दोपहर दो बजे तीन सेंटीमीटर की गिरावट के साथ यह 110.480 मीटर दर्ज किया गया, और बुधवार शाम छह बजे 110.440 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, गुरुवार दोपहर 12 बजे तक जलस्तर बढ़कर 110.560 मीटर हो गया, जो लगभग 18 घंटे में 12 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्शाता है। गंगा का पानी घाटों तक पहुंचने से घाट किनारे रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। वे लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन भी स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। केंद्रीय जल आयोग का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा और बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के कारण फिलहाल गंगा के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही गंगा किनारे रहने वाले लोगों को नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बाराबंकी में नेपाल और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर 105.360 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान (106.070 मीटर) से 71 सेंटीमीटर नीचे है, लेकिन चेतावनी स्तर (105.070 मीटर) से 29 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में वृद्धि के साथ ही नदी में तेज कटान भी जारी है। सिरौलीगौसपुर तहसील के सनावा और टेपरा गांवों के पास उपजाऊ कृषि भूमि तेजी से नदी में समा रही है। सनावा, कहरनपुरवा, तेलवारी, टेपरा, सरायसुर्जन और गोबरहा जैसे तटीय गांवों के किनारे तक पानी पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। सनावा के पास नदी किनारे बना एक भवन भी अब कटान की जद में आ गया है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार, बुधवार शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 105.550 मीटर था। जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है और प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। सिरौलीगौसपुर के एसडीएम अनिल कुमार सरोज ने बताया कि फिलहाल बढ़ा हुआ पानी नदी की मुख्य धारा के भीतर है। उन्होंने यह भी कहा कि कटान प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ खंड के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर सुरक्षा और बचाव के सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। जलस्तर में और वृद्धि होने पर रामसनेहीघाट, रामनगर और सिरौलीगौसपुर तहसील के कुल 87 गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। प्रशासन के अनुसार, संभावित प्रभावित क्षेत्रों में 250 दिव्यांगों की पहचान की गई है, 21,012 पशुओं की सुरक्षा की योजना बनाई गई है और 13,964 हेक्टेयर कृषि एवं अन्य भूमि प्रभावित हो सकती है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रंजन गौतम ने जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है। आवश्यक दवाएं, मेडिकल टीमें और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। प्रशासन ने तटीय क्षेत्रों के लोगों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।
मुज़फ़्फ़रनगर में जाट महासभा अध्यक्ष धर्मवीर बालियान के नेतृत्व में गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पहले जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और उसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर जनता इंटर कॉलेज, भोपा की दान में मिली भूमि को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता इंटर कॉलेज भोपा क्षेत्र की एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्था है, जिसकी स्थापना समाजसेवियों और ग्रामीणों के सहयोग से हुई थी। संस्था को वर्ष 1949 में पंडित दामोदर प्रसाद, चंद्रमुनि एवं प्रद्युम्न कुमार द्वारा लगभग 500 बीघा कृषि भूमि दान स्वरूप प्रदान की गई थी। संगठन का दावा है कि इस संबंध के अभिलेख निबंध कार्यालय के केंद्रीय अभिलेखागार में सुरक्षित हैं। जाट महासभा का आरोप है कि वर्तमान में इस भूमि के बड़े हिस्से पर भूमाफियाओं और असामाजिक तत्वों ने अवैध कब्जा कर रखा है। संगठन का कहना है कि यदि यह भूमि विद्यालय को वापस मिलती है तो उसकी आय से शैक्षणिक सुविधाओं का विस्तार और छात्रहित से जुड़े विकास कार्य किए जा सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराकर भूमि को कब्जामुक्त कराने तथा दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की। संगठन ने कहा कि इससे शिक्षा संस्थान की संपत्ति सुरक्षित रहेगी और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा।
हरियाणा में PM मोदी का जींद दौरा कल:SPG ने बदला पूरा रूट, रैली स्थल पर पब्लिक के लिए 10 ब्लॉक बनेंगे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को होने वाले जींद दौरे से ठीक पहले सुरक्षा के मद्देनजर उनके सड़क मार्ग (रूट) में बहुत बड़ा बदलाव किया गया है। पहले से प्रस्तावित लंबे सड़क मार्ग को घटाकर आधे से भी कम कर दिया गया है। अब प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर सीधे रेलवे जंक्शन के पास स्थित रेलवे रामलीला मैदान में नवनिर्मित हेलीपैड पर उतरेगा। वहां से वे जींद बाईपास होते हुए सफीदों रोड स्थित रैली स्थल (हुडा ग्राउंड) के लिए रवाना होंगे। इस बड़े बदलाव के चलते पहले जिस गोहाना रोड पर वीवीआईपी मूवमेंट प्रस्तावित था, उसे अब पूरी तरह से रूट से बाहर कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पहले प्रधानमंत्री के रेस्ट हाउस से रेलवे जंक्शन तक सड़क मार्ग से जाने का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन जब एसपीजी के एडीजी ने जींद पहुंचकर पूरे रूट की बारिकी से समीक्षा की, तो पाया कि इस रूट का आधे से अधिक हिस्सा कई स्थानों पर काफी संकरा और सिंगल रोड है। आम लोगों ने ली राहत की सांस सुरक्षा को लेकर तुरंत सड़क यात्रा को कम करने और सीधे रेलवे स्टेशन परिसर व रामलीला मैदान के पास चौपर लैंड कराने का निर्णय लिया गया। इस बदलाव के साथ ही गोहाना रोड पर पिछले कई दिनों से सुरक्षा के मद्देनजर दुकानों के सामने लगाई गई बांस की बल्लियां भी हटाई जाने लगी हैं। व्यापारियों और आम जनता ने इस बदलाव पर राहत की सांस ली है। यदि पुराना रूट लागू रहता, तो सिविल अस्पताल, जिला न्यायालय और आसपास के सरकारी कार्यालयों में आने-जाने वाले हजारों लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता। अब नए रूट के कारण शहर के सबसे व्यस्त हिस्से में यातायात पर अपेक्षाकृत बहुत कम असर पड़ेगा। पीएम मोदी की रैली को लेकर तैयारियां तेज… रैली स्थल पर महिलाओं के लिए 4 ब्लॉक रिजर्व : देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ करने के बाद पीएम मोदी हुडा ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। इसके लिए भव्य पंडाल और सबसे ऊंचा वीवीआईपी मंच तैयार किया गया है। रैली स्थल पर कुल 10 पब्लिक ब्लॉक बनाए गए हैं। महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इनमें से 4 ब्लॉक विशेष रूप से महिलाओं के लिए आरक्षित रखे हैं, जबकि पुरुषों के बैठने के लिए 6 ब्लॉक निर्धारित किए गए हैं। सभी ब्लॉकों में प्रवेश व निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार की भगदड़ की स्थिति न बने। रेलवे स्टेशन पहुंचेगा हैलीकॉप्टर : 17 जुलाई को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसका शुभारंभ करने आ रहे पीएम मोदी का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए अब पुलिस लाइन के अलावा रेलवे स्टेशन परिसर में भी हेलीपैड तैयार किया गया है। वायुसेना अंबाला की टीम ने जींद पहुंचकर रेलवे स्टेशन व पुलिस लाइन हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर की रिहर्सल लैंडिंग कराई है। सबसे पहले पीएम चौपर से रेलवे स्टेशन पर बने हेलीपैड पर पहुंचेंगे और यहां ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। 200 बच्चे पीएम संग यात्रा करेंगे : उत्तर रेलवे के डीआरएम पुष्पेश रमन त्रिपाठी ने जींद रेलवे स्टेशन पर तैयारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि ट्रेन में सबसे पहले 200 स्कूली बच्चों को सफर कराया जाएगा, वहीं वरिष्ठ नागरिकों को भी उनके साथ यात्रा कराने के लिए रेलवे द्वारा सूची तैयार की जा रही है। ई-बसों के लिए 12 चार्जिंग पॉइंट : प्रदेशभर से रैली में आने वाली ई-बसों के लिए 12 बड़े अस्थायी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त करीब 50 छोटे ई-वाहनों के लिए भी अलग से चार्जिंग पॉइंट बनाए गए हैं। इसी दिन पीएम मोदी पंजाब के जालंधर से करतोली पंजाब-अम्बाला कैंट एक्सप्रेस और छोहरटा-वाराणसी संत रविदास एक्सप्रेस का भी डिजिटल माध्यम से उद्घाटन करेंगे। सुरक्षा पर एसपीजी की पैनी नजर : केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव आज रात को ही जींद पहुंच जाएंगे। सीएम नायब सैनी भी आज शाम को जींद पहुंचेंगे, जबकि राज्यपाल असीम घोष भी आज शाम को यूनिवर्सिटी रेस्ट हाउस पहुंचेंगे और 17 जुलाई की सुबह 10:45 बजे पीएम मोदी को रिसीव करेंगे। सुरक्षा को लेकर एसपीजी के कमांडो और सादी वर्दी में तैनात जवान चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रख रहे हैं।
अजमेर शहर की ऐतिहासिक आना सागर झील में पानी का स्तर अचानक घटने के बाद हजारों मछलियों की मौत का मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ने लगा है। गुरुवार को शहर कांग्रेस ने चौपाटी पर विरोध-प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। झील के किनारे फैली बदबू के बीच कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुंह पर मास्क लगाकर प्रदर्शन किया और इसे प्रशासन की लापरवाही का परिणाम बताया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि मानसून की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन ने झील से भारी मात्रा में पानी निकाल दिया, जिससे जलस्तर तेजी से गिर गया और हजारों मछलियां तड़प-तड़प कर मर गईं। मरी हुई मछलियों के सड़ने से पूरे आना सागर और चौपाटी क्षेत्र में असहनीय बदबू फैल गई है। इसका असर पर्यटन पर भी दिखाई देने लगा है। चौपाटी पर आने वाले पर्यटकों की संख्या कम हुई है और आसपास के छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। समाधान नहीं होने पर करेंगे आंदोलन धरने का नेतृत्व कर रहे शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से लगातार राज्य सरकार, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जिला प्रशासन को आना सागर की बिगड़ती स्थिति से अवगत कराया जा रहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसके उलट झील का पानी तेजी से खाली कर दिया गया। उन्होंने कहा कि झील के आसपास इतनी दुर्गंध है कि कोई व्यक्ति पांच मिनट भी खड़ा नहीं रह सकता। एक चिकित्सक होने के नाते उन्होंने दावा किया कि यदि जल्द सफाई और उचित प्रबंधन नहीं हुआ तो महामारी फैलने का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने मांग की कि पानी निकालने के निर्णय के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। चेतावनी दी कि यदि जल्द हालात नहीं सुधरे तो कांग्रेस उग्र जन आंदोलन और भूख हड़ताल करेगी। मछलियों को मारने जैसा प्रशासनिक फैसला वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. गोपाल बाहेती ने कहा कि आना सागर अजमेर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान है, लेकिन प्रशासन ने इसकी दुर्दशा कर दी। उनका आरोप है कि जिस गति से झील का पानी कम किया गया, उससे हजारों मछलियों की मौत हुई, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि झील के आसपास गंदगी और कचरे का अंबार लगा है, जबकि प्रशासन जलस्तर और घटाने में लगा है। बरसात कब और कितनी होगी, इसका कोई भरोसा नहीं है, ऐसे में मछलियों को इस हालत में छोड़ देना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और उनसे ही नुकसान की भरपाई करवाने की मांग की। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आना सागर की तत्काल सफाई, मृत मछलियों के शीघ्र निस्तारण और झील के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को पूरे शहर में व्यापक रूप दिया जाएगा।
रेवाड़ी जिले के राजस्थान से सटे कुंड कस्बे में दो पंचायतों की सीमा पर स्थित सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। इस सड़क पर गड्ढे होने के कारण रोजाना हजारों राहगीर, स्कूली बच्चे और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। यह सड़क कुंड मंडी चौक से राजस्थान के महतावास, अर्डिंद और चीताडूंरा सहित दर्जनों गांवों को जोड़ती है। एडवोकेट राहुल यादव ने बताया कि पंचायत द्वारा सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क को खोदा गया था, लेकिन उसके बाद नई सड़क बनाने का काम अधूरा छोड़ दिया गया। सड़क पर जगह-जगह सिर्फ पत्थर पड़े हैं और कई सीवर के ढक्कन खुले हैं, जो रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देते। बारिश में गड्ढों में पानी भर जाने से स्कूली बच्चे और राहगीर अक्सर फंस जाते हैं। दोनों पंचायत एक-दूसरे पर डाल रही जिम्मेदारी : संजय टूटी सड़क से उड़ने वाली धूल से स्थानीय लोगों में सांस की बीमारियां होने का खतरा बना हुआ है। आए दिन छोटे बच्चे और बुजुर्ग फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय निवासी संजय ने कहा कुंड और मनेठी पंचायत के बीच यह सड़क विवाद का विषय बन गई है। दोनों पंचायतें एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। लोगों ने बताया कि इस संबंध में कई बार पंचायत, ग्राम सचिव, बीडीपीओ और उच्च अधिकारियों को शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। कुंड पंचायत को सौंप दी गई थी सड़क : मनेठी सरपंच गांव मनेठी के सरपंच देशराज ने जानकारी दी कि सड़क का काम लिखित रूप से कुंड पंचायत को सौंप दिया गया है।अब कुंड पंचायत ही महतावास फाटक वाली सड़क का निर्माण कराएगी। प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा : आनंद शर्मा गांव कुंड के सरपंच प्रतिनिधि आनंद शर्मा ने बताया कि सांसद कोटे से लगभग 11 लाख रुपए खर्च कर सीवर लाइन बिछाई गई थी। अब मनेठी पंचायत ने सड़क निर्माण की जिम्मेदारी अब कुंड पंचायत को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि कुंड पंचायत की बैठक में प्रस्ताव पारित कर ग्रांट के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा और करीब एक महीने के भीतर सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया जाएगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है,ताकि बच्चों,बुजुर्गों और आम राहगीरों को रोजाना की परेशानी और दुर्घटना का खतरा कम हो सके।
कानपुर में गुरुवार सुबह करीब 9 बजे घर से बाहर निकले एक लोडर ड्राइवर की सिर कूंचकर हत्या कर दी गई। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। सुबह करीब 11 बजे उसका शव डिग्गी तालाब के पास स्थित रेलवे लाइन किनारे पड़ा मिला। घटना की जानकारी पर आनन-फानन में पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हैलट अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला बाबूपुरवा का है। टाॅयलेट जाने की बात कहकर घर से निकला था, ट्रैक किनारे शव मिला बाबूपुरवा थाना के इंस्पेक्टर नीरज ओझा ने बताया कि साईपुरवा निवासी साहिल लोडर चलाता था। गुरुवार सुबह 9 बजे वह टॉयलेट करने के लिए जाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक वापस न लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। घर से कुछ दूर डिग्गी तालाब के पास से गुजरे रेलवे ट्रैक के किनारे उसका शव पड़ा हुआ था। परिजनों की सूचना पर मौके पर पुलिस टीम पहुंची और उसे हैलट अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि परिजनों ने इलाके में रहने वाले एक युवक पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना के बाद आरोपी फरार मिला, जिस पर उसके परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। खबर अपडेट की जा रही है…
झुंझुनूं के बीडीके हॉस्पिटल में एक्सीडेंट में घायल युवक के इलाज को लेकर विवाद सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे देखने के बाद भी फ्रैक्चर नहीं बताया और मरीज को दवाइयां देकर घर भेज दिया। बाद में परिवार के एक कंपाउंडर सदस्य ने छाती में फ्रैक्चर होने की बात कही। इसके बाद जब परिजन 15 जुलाई को दोबारा डॉक्टर से मिले तो डॉक्टर चैम्बर में मरीजों के सामने बहस हो गई। इसी दौरान डॉक्टर ने कहा, “मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं, मैं तो अनपढ़ हूं, निकालो मुझे हॉस्पिटल से बाहर,” जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह है मामला गांव डूमरा निवासी विकास महला का 12 जुलाई की देर शाम बाइक दुर्घटना में एक्सीडेंट हो गया था। परिजन अगले दिन 13 जुलाई की सुबह उसे उपचार के लिए बीडीके हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। विकास के भाई मुकेश महला ने बताया कि ऑर्थोपेडिक डॉक्टर जगदेव सिंह ने एक्स-रे करवाया और रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने दवाइयां लिखकर मरीज को घर भेज दिया। कंपाउंडर ने देखा तो पता चला फ्रैक्चर मुकेश महला ने बताया कि घर जाने के बाद जब उनके परिवार के एक सदस्य, जो कि कंपाउंडर हैं, उन्होंने विकास को देखा तो वे हैरान रह गए। विकास की छाती में फ्रैक्चर था। परिवार को समझ नहीं आया कि जिस डॉक्टर ने रिपोर्ट देखी, उन्होंने इतनी गंभीर चोट को सामान्य कैसे बता दिया। 15 जुलाई को डॉक्टर से हुई तीखी बहस 15 जुलाई को परिजन वापस हॉस्पिटल पहुंचे और डॉक्टर से सवाल किया कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? आरोप है कि डॉक्टर जगदेव सिंह ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय परिजनों से अभद्रता शुरू कर दी। डॉक्टर और परिजनों के बीच हुई तीखी बहस परिजन ने डॉक्टर से कहा, डॉक्टर साहब, आपको यह भी पता नहीं चला कि हड्डी टूटी हुई है? इस पर डॉक्टर जगदेव सिंह ने जवाब दिया, मैं पढ़ा हुआ नहीं हूं। मैं तो अनपढ़ हूं। महिला परिजन ने कहा, हां, तुम अनपढ़ ही हो। इसके बाद परिजन ने कहा, डॉक्टर साहब, आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं। आपको इतना तो एहसास होना चाहिए कि आपने क्या काम किया है। डॉक्टर जगदेव सिंह ने जवाब दिया, हां, बैठा हूं। निकाल दो मुझे यहां से बाहर। महिला परिजन ने कहा, हम आपको बाहर क्यों निकालें? इसी दौरान वहां मौजूद अन्य मरीज बीच-बचाव करते हुए बोले, गलती किसी से भी हो जाती है, इंसान ही तो है। महिला परिजन ने कहा, हां, गलती हो जाती है, वो ठीक है। लेकिन कम से कम ढंग से बात तो करें। डॉक्टर होकर ऐसी भाषा बोल रहे हैं? एक्स-रे में साफ दिख रहा है कि हड्डी टूटी हुई है, फिर भी आपने कह दिया कि कुछ नहीं है। आपको पता है कि मरीज को कितनी पीड़ा हुई है? इसके बाद परिजन ने कहा, डॉक्टर साहब, आपको थोड़ी बहुत तो शर्म आनी चाहिए। डॉक्टर जगदेव सिंह ने जवाब दिया, नहीं है शर्म। आप दो के ही पास शर्म है क्या? परिजन ने कहा, आप जिला हेडक्वार्टर के हॉस्पिटल में बैठे हैं, कम से कम अपनी जिम्मेदारी तो समझें। इस पर डॉक्टर जगदेव सिंह ने कहा, तुम बैठ जाओ। बहस का वीडियो आया सामने डॉक्टर और परिजनों के बीच हुई इस बहस का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में डॉक्टर चैम्बर के अंदर मरीजों और अन्य लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती दिखाई दे रही है।
कन्नौज जिले के नादेमऊ कस्बे में गुरुवार सुबह 8 बजे स्कूली बच्चों से भरी कार ट्रैकटर से टकरा गई। इस हादसे में एक छात्र का सिर फट गया, जबकि 6 बच्चे चोटिल हो गए। हादसे के बाद बच्चों को रोता छोड़कर ड्राइवर भाग गया। इस मामले में कार्यवाही की बजाय समझौते के प्रयास किए जा रहे।मामला सौरिख थाने की नादेमऊ चौकी क्षेत्र का है। यहां गुरुवार सुबह एसपीएस मेमोरियल स्कूल के बच्चों को लेने एक प्राइवेट टाटा स्पेसियो कार 3 किलोमीटर दूर मढ़पुरा गांव पहुंची थी। बच्चों को लेकर जब कार नादेमऊ कस्बे में पहुंची, तभी सामने से आ रहे ट्रैक्टर में कार की टक्कर हो गई। एक्सीडेंट के समय कार में करीब 22 बच्चे बैठे सवार थे। इस हादसे में कार सवार छात्र प्रियांस पाठक पुत्र प्रवेश कुमार पाठक के सिर फट गया। जबकि उसके अलावा सृष्टि, सोनम, शिवांग, सोनाक्षी, देवांशी, प्रियल, योगराज चोटिल हो गए। एक्सीडेंट होते ही ड्राइवर ने बच्चों को कार से नीचे उतार दिया और खुद वहां से भाग निकला। हादसे की जानकारी मिलते ही बच्चों के अभिभावक वहां पहुंच गए और कार्यवाही कराने के लिए घायल बच्चों को लेकर नादेमऊ चौकी गए। यहां कार्यवाही करने की बजाय अभिभावकों पर समझौते का दबाव बनाया जाने लगा। दोपहर तक मामले में कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी। इस मामले को लेकर एआरटीओ इज्या तिवारी ने बताया कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए विभाग की तरफ से हर दिन मिशन सेफ फ्यूचर अभियान चलाया जा रहा है, इसके बावजूद कुछ स्कूली वाहन बिना मानक सड़कों पर दौड़ रहे हैं। उन्होंने कहाकि विभाग में सीमित स्टाफ कर चलते हर क्षेत्र में एक साथ जांच कर पाना मुश्किल होता है, ऐसे में शिक्षा विभाग और पुलिस विभाग को भी सख्ती करनी चाहिए। इसके अलावा एआरटीओ इज्या तिवारी ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहाकि बच्चों को स्कूल भेजते समय उन्हें खुद ध्यान देना चाहिए कि वह लोग कैसे वाहनों से अपने बच्चों को भेज रहे है। जब तक अभिभावक जागरूक नहीं होंगे, तब तक ऐसे मामलों में पूरी तरह अंकुश लगा पाना सम्भव नहीं होगा।
बांसवाड़ा में सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और आमजन को जागरूक करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए है। जिला कलेक्टर डॉ. इंद्रजीत यादव और पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी की ओर से जारी संयुक्त एडवाइजरी के बाद अब कलेक्ट्रेट परिसर में बिना हेलमेट के दोपहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। अब सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। नियमों की पालन सुनिश्चित करने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर के तीनों एंट्री गेट पर पुलिस के जवान लगाए गए है। पहले दिन पुलिस वालो ने दिखाई सख्ती गुरुवार सुबह से ही कलेक्ट्रेट के सभी गेटों पर पुलिस का सख्त पहरा देखने को मिला। जो भी सरकारी कर्मचारी या आमजन बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन पर परिसर में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें यातायात पुलिसकर्मियों ने मुख्य गेट पर ही रोक दिया। पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया और उन्हें वापस लौटाते हुए यातायात नियमों का पालन करने की समझाइश दी। समाज को सकारात्मक संदेश देने की पहल जिला कलक्टर ड़ॉ. इंद्रजीत यादवबांसवाड़ा जिले में सड़क हादसों में होने वाली मौतों का सबसे बड़ा कारण दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट न लगाना है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग के साथ बैठक कर यह संयुक्त एडवाइजरी जारी की गई है। अगर सरकारी कर्मचारी स्वयं हेलमेट लगाकर नियमों का पालन करेंगे, तो इससे समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा। शुरुआत में समझाइश की जा रही है, लेकिन इसके बाद भी नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान जारी रहेगा प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा हेलमेट का उपयोग करें। जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि कलेक्ट्रेट परिसर में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि लोगों में हेलमेट पहनने के प्रति एक स्थाई आदत विकसित हो सके।
उदयपुर में गुरुवार को मौसम सामान्य रहा। बारिश का दौर थमने के साथ ही गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। सुबह से तेज धूप निकलने के कारण लोगों को दिनभर गर्मी का सामना करना पड़ा। हालांकि बीच-बीच में कुछ समय के लिए बादल भी छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। मौसम केंद्र डबोक के अनुसार- बुधवार को शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। ऐसे में अधिकतम तापमान 1.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 0.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया, जिससे दिन में गर्मी और उमस अधिक महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. देवड़ा ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुआ परिसंचरण अब ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की ओर पहुंच गया है, जिससे वहां भारी बारिश की संभावना है। इसके चलते उदयपुर में फिलहाल अच्छी बारिश के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि 20 जुलाई तक उदयपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन मौसम शुष्क बना रहेगा। इस दौरान तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं होगा और लोगों को उमस का सामना करना पड़ सकता है। उदयपुर में अब तक 23 प्रतिशत कम बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अभी तक उदयपुर में 168.3 मिमी बारिश हो जानी चाहिए थी लेकिन अब तक 128.9 मिमी बारिश ही हुई है यानि -23 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
नगर निगम इंदौर के लाइसेंस विभाग ने व्यापारियों की सुविधा के लिए ट्रेड लाइसेंस बनाने के लिए लगातार मार्केटों में कैंप लगा रहे हैं। ये कैंप 18 जुलाई तक चलेंगे, जिसमें दुकानदार अपने लाइसेंस रिन्युअल करा सकते है और नए लाइसेंस भी बना सकते है। राजस्व प्रभारी निरंजन सिंह चौहान ने बताया कि महापौर पुष्यमित्र भार्गव और निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर ये कैंप लगाए जा रहे है। गुरुवार को बंगाली चौराहा, राजमोहल्ला, रणजीत हनुमान रोड, सिक्ख मोहल्ला में ये कैंप लगाया गया है। शुक्रवार और शनिवार को ये कैंप नसिया रोड/सिंधी कॉलोनी, नवलखा रोड, पोलोग्राउंड पर लगाए जाएंगे। नए लाइसेंस के लिए लगेंगे जरूरी डॉक्यूमेंट्स नए लाइसेंस बनवाने के लिए कुछ जरूरी डॉक्यूमेंट्स लगेंगे। इसमें संपत्तिकर कर की रसीद, किरायानाम (किराएदार होने की स्थिति में), दुकान का फोटो, आवेदक का फोटो, आधार कार्ड, पेनकार्ड, दुकान का बिजली का बिल। लाइसेंस नहीं होने पर नियमानुसार होगी कार्रवाई वहीं इस कैंप में दुकानदार अपने लाइसेंस रिन्यूअल करा सकते है। लाइसेंस रिन्यूअल में केवल पुराना लाइसेंस या रसीद आवश्यक होगी। निगम ने दुकानदारों और व्यापारियों से अपील की है कि निगम द्वारा आयोजित मार्केट कैंप में पहुंचकर अपने संस्थान व दुकान का ट्रेड लाइसेंस बनवाए या पहले से बने हुए लाइसेंस को रिन्यूअल कराएं। निर्धारित समयावधि 7 दिन के बाद जिन दुकानों के लाइसेंस रिन्यूअल नहीं होंगे या लाइसेंस नहीं पाए जाते है ऐसे दुकानदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी के सेक्टर-13 स्थित कम्यूनिटी हॉल में नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा व हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बतौर मुख्यातिथि नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि जो कर्मचारियों की मांग मानी गई थी, उनको 5 अगस्त तक पूरा करे। अन्यथा 6 अगस्त से पूरे प्रदेश में कर्मचारी हड़ताल पर जाएंगे। प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि यह समझौता लागू करवाओ संगठन मजबूत बनाओ रैली है। यह रैली इसलिए करनी पड़ी कि सरकार ने उनके साथ विश्वासघात किया है। 1 मई से नगर पालिका कर्मचारी संघ ने हड़ताल की। 8 अप्रैल से अग्निशमन के कर्मचारी हड़ताल पर थे। उनकी मुख्य मांग थी कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। ठेका प्रथा खत्म की जाए। 12 साल भाजपा की सरकार को सत्ता में हो गए, लेकिन इन्होंने एक भी सीवरमैन व सफाई कर्मचारी की एक भी पक्की भर्ती नहीं की। अगर सफाई जरूरी है तो सफाई कर्मचारी भी जरूरी है। फिर सफाई कर्मचारियों को कच्चा क्यों रखा जा रहा है और सफाई का काम ठेके पर क्यों दिया जा रहा है। सीवर सफाई के दौरान आए दिन हो रही मौतेंनरेश शास्त्री नें कहा कि आए दिन सीवर में काम करते समय कर्मचारियों की मौतें हो रही है। ताजा घटना है हिसार के गंगवा गांव में 2 युवक सीवर की सफाई करते समय सीवर की गैस की चपेट में आए, जिनमें से एक की मौत हो गई। इससे पहले भी फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों की मौत हुई थी। प्रदेशभर में घटनाएं हो रही है, लेकिन सरकार उनकी मांग पूरी नहीं कर रही। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप के बाद भी मानव से सफाई करवाई जा रही है। मांग नहीं मानी तो 6 अगस्त से करेंगे हड़तालउन्होंने कहा कि इस रैली में हमने तय कर लिया है कि हमारी मानी गई मांग कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेका प्रथा खत्म करना, खाली पदों पर पक्की भर्ती करना, अग्निशमन के कर्मचारियों की आग बुझाते समय मृत्यु होने पर उनके परिवार को 50 लाख रुपए व सरकारी नौकरी देना, सीवर सफाई के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को 50 लाख रुपए व सरकारी नौकरी देना। उनकी 22 सूत्रीय मांगों में से 17 मांगों पर 13 मई को सहमति बनी थी, उन सभी के पत्र सरकार जारी करे और उन्हें लागू करे। अगर सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तो वे 6 अगस्त से हड़ताल करेंगे। यह तीन दिवसीय हड़ताल होगी। इसके बाद 8 अगस्त को फिर से आपस में बातचीत करके इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलेंगे। मांग नहीं तो अनिश्चितकालीन होगी हड़तालकर्मचारी नेता पुरुषोत्म दानव ने कहा कि 13 मई को नगर पालिका संघ हरियाणा व हरियाणा सरकार के बच समझौता हुआ था। सरकार इस समझौते को लेकर पत्र जारी नहीं किया है। जिसके कारण पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में रोष है। इसलिए प्रत्येक जिले में रैली का आयोजन किया जा रहा है। अगर सरकार ने मांग नहीं मानी तो 6 अगस्त से वे तीन दिवसीय हड़ताल करेंगे। अगर इसके बाद भी मांग पूरी नहीं की तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन की जाएगी।
मेरठ में घर से गायब छात्रा का नहीं मिला सुराग:तीन दिन बाद भी नहीं चला पता, परिजनों का थाने पर हंगामा
मेरठ के रोहटा थानाक्षेत्र में बीए की छात्रा पिछले तीन दिनों से घर से गायब है। छात्रा के परिजन लगातार परेशान हो रहे हैं। बेटी कहां चली गई। अब तक उसका सुराग नहीं मिला है। वहीं परिजनों ने आज गुरुवार को इसी बात को लेकर थाने पर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा की तलाश तेज कर दी है। ललिता गौतम कांड से बढ़ी चिंता मेरठ में पिछले दिनों कपसाड़ कांड फिर ललिता गौतम हत्याकांड के मामले अभी होकर चुके हैं। इसके बाद दोबारा रोहटा से एक छात्रा का गायब होना चिंता का विषय बन चुका है। घरवालों को डर है कि उनकी बेटी के साथ अनहोनी न हो जाए। डालूपट्टी अट्टा गांव की बीए की एक अन्य छात्रा तीन दिन से लापता है। छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को थाने में हंगामा किया। पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। बिना बताए घर से निकली थी छात्रापरिजनों के अनुसार, डालूपट्टी अट्टा गांव निवासी शगुन उर्फ आरजू 13 जुलाई की सुबह करीब नौ बजे घर से बिना बताए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। उस समय घर पर उसकी मां अकेली थीं, जबकि भाई-बहन स्कूल गए हुए थे और पिता अपनी दुकान पर थे। दोपहर तक छात्रा के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने रोहटा थाना पुलिस को सूचना दी।एक युवक पर जताई आशंकापरिजनों ने गांव के एक युवक पर छात्रा को ले जाने की आशंका जताई। पुलिस ने पूछताछ के लिए युवक को हिरासत में लिया, लेकिन पूछताछ में कोई ठोस जानकारी नहीं मिलने पर उसे छोड़ दिया गया। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। थाने में हुआ हंगामागुरुवार को ग्राम प्रधान दीपक के नेतृत्व में ग्रामीण और परिजन थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि संदिग्ध युवक को बिना पर्याप्त जांच के छोड़ दिया गया। इस दौरान थाना प्रभारी और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया। पुलिस बोली-तलाश जारीपुलिस ने छात्रा के पिता सतीश की तहरीर पर गुमशुदगी का मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी पूजा पंवार ने बताया कि छात्रा की तलाश लगातार की जा रही है। वहीं, क्षेत्राधिकारी सरधना आशुतोष कुमार ने कहा कि छात्रा की तलाश के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है और जल्द उसे खोजने का प्रयास किया जा रहा है।
कानपुर के पनकीधाम रेलवे स्टेशन का नया और आधुनिक स्वरूप अब यात्रियों के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को हरियाणा के जींद से वर्चुअल प्रयागराज मंडल के तीन अमृत भारत रेलवे स्टेशनों पनकीधाम, फतेहपुर और विंध्याचल का लोकार्पण करेंगे। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित किए गए पनकी धाम स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के साथ तैयार किया गया है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पनकीधाम स्टेशन को आधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस किया गया है। स्टेशन पर डबल स्टोरी भवन, विशाल प्रतीक्षालय, एक्जीक्यूटिव लाउंज, रिटायरिंग रूम, आधुनिक टिकटिंग क्षेत्र, नए प्लेटफॉर्म शेल्टर, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था और उन्नत यात्री सूचना प्रणाली विकसित की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए 12 मीटर चौड़ा फुट ओवर ब्रिज, छह मीटर चौड़ा अतिरिक्त फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट और रैंप जैसी दिव्यांगजन व्यवस्थाएं भी बनाई गई हैं। करीब 4,500 वर्गमीटर क्षेत्र में पार्किंग, हरित क्षेत्र और अलग प्रवेश-निकास मार्ग के साथ आधुनिक सर्कुलेटिंग एरिया भी तैयार किया गया है। 30 ट्रेनों के ठहराव की तैयारी प्रयागराज रेल मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह के मुताबिक, स्टेशन के विकसित होने से पनकीधाम मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पश्चिमी कानपुर के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी। पनकी धाम रेलवे स्टेशन पर अभी श्रमशक्ति एक्सप्रेस और गोमती एक्सप्रेस समेत 16 ट्रेनों का ठहराव है। लोकार्पण के बाद 30 से अधिक ट्रेनों के ठहराव की तैयारी की जा रही है। पनकीधाम स्टेशन को टर्मिनल स्टेशन के रूप में भी विकसित करने की योजना है, जिससे कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर यात्रियों का दबाव कम होगा।
डूंगरपुर जिले के गवर्नमेंट प्राथमिक स्कूल मारगिया महूड़ा में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। स्कूल के ऑफिस की छत का प्लास्टर अचानक गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे दो टीचर गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों शिक्षकों को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। यह घटना गुरुवार सुबह लगभग 10:30 बजे हुई। शिक्षिका शिल्पा कुमारी रोत और शिक्षक राजकुमार बुनकर ऑफिस में बैठकर शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य कर रहे थे। इसी दौरान अचानक छत का प्लास्टर टूटकर उन पर आ गिरा। हादसे में शिक्षिका शिल्पा कुमारी के पैर और कंधे पर गंभीर चोटें आईं। वहीं, शिक्षक राजकुमार बुनकर के सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें लगीं। घटना के बाद मौके पर मौजूद कुक कम हेल्पर कमला रोत, पड़ोसी लता रोत और महिपाल रोत ने तुरंत मलबा हटाकर घायल शिक्षकों को बाहर निकाला। इसके बाद महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल आंतरी के पीईईओ प्रभारी सुमेर सिंह राठौड़ और प्रवेश जैन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दोनों अधिकारी मौके पर पहुंचे और घायल शिक्षकों को तत्काल आंतरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले गए। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र के लिए रेफर कर दिया। इस हादसे के बाद स्कूल भवन की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है। उन्होंने शिक्षा विभाग से तत्काल स्कूल भवन का तकनीकी निरीक्षण करवाकर कमजोर और क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में और भी बड़ा हादसा हो सकता है।
नीट यूजी, सीबीएसई की परीक्षा में गड़बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपरलीक जैसी युवाओं और छात्रों की समस्याओं के विरोध में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इंदौर से भोपाल तक 200 किलाेमीटर की साइकिल यात्रा निकाली। इस साइकिल यात्रा में कांग्रेस के कई नेता सिर्फ फोटो खिंचाने के बाद गायब होते गए। लेकिन, जीतू पटवारी के साथ इंदौर से लेकर भोपाल तक जिन लोगों ने पूरा सफर साइकिल से पूरा किया, उनमें बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हुए। पोती साइकिल पर, दादा बाईक से भोपाल तक आए इंदौर के क्षिप्रा से जीतू पटवारी की साइकिल यात्रा में साइकिल लेकर शामिल हुईं सेजल पटेल ने दैनिक भास्कर से कहा- हम खुद भी परेशान हैं ये बार-बार दोहराई जा रही है। मैं खुद छात्रा हूं और इस बार से परेशान हूं कि 12 साल में 90 बार पेपरलीक हुए तो इस समस्या से हम भी जूझ़ रहे हैं। हम चाहते कि कि इसमें अब परिवर्तन हो। इसलिए मैंने सोचा चाहे कुछ भी हो थकान हो, या बीमार पड़ जाऊं लेकिन मैं भोपाल तक साइकिल से जाऊंगी। सवाल: थकती हैं तब क्या करती हैं? सेजल: मेरे दादाजी और एक दीदी मेरे साथ हैं। जब मैं थकने लगती हूं दीदी अपना हाथ बढ़ाती हैं और दादाजी बाइक चलाते हुए मुझे साथ लेकर चलते हैं। सवाल: आपने इसके पहले कितने किलोमीटर साइकिल चलाई है? सेजल: मैंने आखिरी बार साइकिल 7वीं क्लास में चलाई थी। उसके बाद अभी साइकिल चलाना शुरु किया। दो तीन दिन पहले 15-15 किलोमीटर साइकिल चलाने की प्रेक्टिस की। उसके बाद अब मैं इंदौर से लगातार साइकिल चलाते हुए भोपाल पहुंच रही हूं। दादा बोले- हमारे समाज में बेटियों को बाहर नहीं जाने देते सेजल के दादा जी ने भास्कर से कहा- हमारे समाज में तो बेटी को कोई बाहर जाने ही नहीं देता है। लेकिन मैंने सोच लिया कि ये बेटी जो चाहेगी वो करेगी। इसका राजनीति करने का मन है तो छूट है। बस मेरा यही कहना है कि आचरण बचाकर काम करना। अभी 20 तारीख को अलका लांबा के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली जा रही है। 62 साल के बुजुर्ग अकेले भोपाल तक साइकिल से पहुंचे इंदौर के राऊ क्षेत्र के रहने वाले 62 साल के जितेन्द्र यादव ने भी इंदौर से भोपाल तक साइकिल से पूरा सफर तय किया। जितेन्द्र ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- आज पूरे भारत में जिस प्रकार से राममंदिर में चोरी हुई। पेपरलीक, मंहगाई, बेरोजगारी की स्थिति है। सड़कों, बांधों की हालत खराब है। चारों तरफ भ्रष्टाचार मचा हुआ है। ऐसी सरकार के खिलाफ युवाओं और देश के लोगों को जगाने के लिए मेरे जैसे बुजुर्ग भी इस यात्रा में शामिल हैं। सवाल: आपके परिजनों ने इस उम्र में अकेले साइकिल से जाने की सहमति दी? जितेन्द्र: मेरे परिवार के लोगों को पूरा विश्वास है। मैं 10 किलोमीटर रोजाना साइकिल चलाता हूं। और मैं फिजिकली फिट भी हूं। लोगों का प्यार मिल रहा है। लोगों के मन में पीड़ा है और सरकार के प्रति आक्रोश भी है। सवाल: थकान नहीं होती? जितेन्द्र: इतने लोगों के बीच में चलने पर अपने आप जोश आ जाता है। बीच में थोड़ा रेस्ट लेते हैं और फिर आगे बढ़ जाते हैं। अब जानिए कि कौन से कांग्रेसियों ने 200 किमी साइकिल चलाई सचिन यादव (विधायक कसरावद व पूर्व मंत्री) खरगोन जिले के कसरावद से विधायक और कमलनाथ सरकार में कृषि मंत्री रहे सचिन यादव ने इंदौर से भोपाल तक साइकिल से पूरा सफर तय किया। सचिन यादव के साथ बुधनी से विधानसभा चुनाव लड़े टीवी सीरियल में हनुमान का रोल अदा करने वाले विक्रम मस्ताल शर्मा ने भी इंदौर से भोपाल तक की साइकिल यात्रा की। यश घनघोरिया (प्रदेश अध्यक्ष युवा कांग्रेस) मप्र युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया ने इंदौर से लेकर भोपाल तक साइकिल चलाकर जीतू पटवारी का साथ दिया। युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिषेक परमार ने भी कुछ दूरी का ब्रेक लेते हुए इंदौर से भोपाल तक साइक्लोथॉन में सहभागिता की। सज्जन इंदौर से भोपाल तक साथ रहे पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा इंदौर में डीएवीवी कॉलेज के गेट के सामने साइक्लोथॉन के स्टार्टिंग पॉइंट से ही साथ रहे। सज्जन सिंह वर्मा के लिए एक सुरक्षाकर्मी साइकिल लेकल इंदौर के रीगल स्क्वायर पर नजर आया। हालांकि 71 वर्षीय सज्जन वर्मा ने इंदौर से भोपाल तक अपनी कार से ही जीतू पटवारी का साथ दिया। ये खबर भी पढ़ें… जीतू बोले- 90 पेपर लीक के पीछे BJP का माफिया भोपाल में कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के कार्यक्रम में पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने कहा- 12 साल की मोदी सरकार में 90 बार पेपर लीक हुए। मध्य प्रदेश में व्यापम कांड हुआ, PSC के एग्जाम में घपले हुए। एक भी ऐसा एग्जाम नहीं हुआ जो बिना विवाद के पूरा हुआ हो। पूरी खबर पढ़ें…
कानपुर के बर्रा थानाक्षेत्र में लायर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री पर बुधवार देर रात 11 बजे बाइक सवार युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने उनकी कार पर पथराव कर दिया, वह किसी तरह जान बचाकर सीधे बर्रा थाने पहुंचे, हमले के दौरान पूर्व महामंत्री के हाथ में चोटें आयीं घटना उस वक्त हुई जब वह पूर्व लॉयर्स अध्यक्ष रामेंद्र कटियार के घर से वापस लौट रहे थे। गुरुवार को पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पूर्व अध्यक्ष के घर से लौट रहे थे हनुमंत विहार, संजय गांधी नगर निवासी लायर्स एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि बुधवार रात वह सचान चौराहे के पास रहने वाले पूर्व अध्यक्ष रामेंद्र कटियार के घर गए हुए थे। रात करीब 11 बजे वह उनके घर से वापस लौट रहे थे। वह गुलाबी बिल्डिंग से दांसू कुआं जाने वाली दामोदर नगर वाली रोड पर मुड़ कर करीब 50 मीटर चले ही थे, तभी सामने से आ रहे दो बाइक सवार बदमाशों ने उनकी कार पर पथराव कर दिया। जिससे उनकी कार का शीशा चकनाचूर हो गया। शीशे के टुकड़ें उनके हाथ में धसने से वह लहुलूहान हो गए। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। जिसके बाद वह बर्रा थाने पहुंचे और अज्ञात हमलावरों के खिलाफ तहरीर दी। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे है। बाइक नंबर के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी का बलरामपुर में भव्य स्वागत किया गया। क्षेत्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका जिले का पहला दौरा था। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह फूल-मालाओं से उनका अभिनंदन किया, वहीं कई स्थानों पर जेसीबी मशीनों से पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। नगर के वीर विनय चौराहे पर आदर्श नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' के नेतृत्व में एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इसमें भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने क्षेत्रीय अध्यक्ष का गर्मजोशी से अभिनंदन किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष अवधेश द्विवेदी ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि को नमन किया। उन्होंने वीर शहीद विनय कायस्थ की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। द्विवेदी ने कहा कि राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उनके आदर्श समाज और नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे। स्वागत समारोह के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और जयघोष के साथ क्षेत्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन किया। पूरे क्षेत्र में भाजपा के नारों से वातावरण गुंजायमान रहा। कार्यक्रम में संगठन को और अधिक सशक्त बनाने, जनसंपर्क अभियान को गति देने तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। पत्रकारों ने अवधेश द्विवेदी से शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के भाजपा पर दिए गए बयान के संबंध में सवाल पूछा। इसके जवाब में अवधेश द्विवेदी ने कहा, शंकराचार्य हमारे लिए पूजनीय हैं, लेकिन जिस प्रकार वे सनातन धर्म का विरोध करने वालों के बीच खड़े दिखाई देते हैं, उस पर उन्हें स्वयं चिंतन करना चाहिए। सनातन धर्म की रक्षा हमारे धर्मगुरुओं का दायित्व है। जब वे सनातन विरोधियों के साथ घूमते हैं तो इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है। पूजनीय होने के कारण मैं उनके लिए इतना ही कहना चाहूंगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई टिप्पणी को लेकर उन्होंने कहा, सूरज को दिया दिखाने से कुछ नहीं होने वाला है। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्र, सदर विधायक पल्टूराम, डी.पी. सिंह बैस, नगर पालिका के सभासद, भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
कोरबा में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर चलाए जा रहे सजग कोरबा, सतर्क कोरबा अभियान के तहत उरगा पुलिस ने वाहन चोर गिरोह के एक फरार आरोपी को गिरफ्तार कर दो चोरी की टाटा मैजिक वाहन बरामद किए हैं। आरोपी की निशानदेही पर एक अन्य वाहन चोरी के मामले का भी खुलासा हुआ है। उरगा थाना क्षेत्र में दर्ज वाहन चोरी के मामले में पहले करण भारद्वाज को गिरफ्तार कर एक टाटा मैजिक बरामद की गई थी। पूछताछ में उसने अपने साथी साहिल कुमार बागले का नाम बताया था, जो फरार चल रहा था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने 15 जुलाई को साहिल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में खुला दूसरा चोरी का मामला पूछताछ के दौरान साहिल ने करण के साथ मिलकर कई वाहन चोरी की घटनाएं करना स्वीकार किया। उसने कोतवाली थाना क्षेत्र से टाटा मैजिक चोरी करने की बात भी कबूल की। यह मामला कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 820/2025 के तहत दर्ज है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वह वाहन भी बरामद कर लिया। बाइक भी जब्त, अन्य आरोपियों की तलाश पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। पुलिस को गिरोह में अन्य सदस्यों के शामिल होने की आशंका है और उनकी तलाश जारी है। पुराने रिकॉर्ड की भी जांच प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी साहिल कुमार बागले के खिलाफ सीएसईबी-मानिकपुर थाना क्षेत्र में भी आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है। पुलिस उसके पुराने मामलों और अन्य जिलों में संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है।
पाली में एक युवक की रेबिज संक्रमण से मौत हो गई। रेबिज बढ़ने के बाद युवक को पानी से डर लगने लगा था। हालत ऐसी हो गई थी कि उसने पानी पीना तक बंद कर दिया था। परिजनों के अनुसार करीब दो महीने पहले युवक को एक पिल्ले ने काट लिया था, लेकिन उसने इस बारे में न तो घरवालों को बताया और न ही एंटी रेबिज वैक्सीन लगवाई। कुछ दिन बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसे पानी से डर लगने की शिकायत होने लगी। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जोधपुर रेफर कर दिया। बुधवार दोपहर 3 बजे उसकी मौत हो गई। दो महीने पहले पिल्ले ने काटा था पाली जिले के एक गांव निवासी युवक (35) सेल्समैन का काम करता था। करीब दो महीने पहले उसे एक पिल्ले ने पैर पर काट लिया था। घाव गहरा नहीं होने के कारण उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही रेबिज के टीके लगवाए। पानी देखते ही लगने लगा डर 14 जुलाई को युवक की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। उसे पानी से डर लगने लगा और वह पानी पी नहीं पा रहा था। इसके बाद परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से उसे पाली के बांगड़ अस्पताल रेफर किया गया। बांगड़ अस्पताल के डॉक्टर दिनेश सीरवी ने बताया कि जांच के दौरान युवक में रेबिज के स्पष्ट लक्षण दिखाई दिए। डॉक्टरों ने उसे पानी पिलाने का प्रयास किया, लेकिन वह पानी नहीं पी सका। इसके बाद उसे जोधपुर रेफर कर दिया गया। जोधपुर पहुंचने पर डॉक्टरों ने परिजनों को युवक की गंभीर स्थिति के बारे में जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे वापस घर ले आए, जहां बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। शाम को उसका अंतिम संस्कार किया गया। छह साल पहले हुई थी शादी मृतक की शादी करीब छह साल पहले हुई थी। उसका एक बेटा (4) भी है। अचानक हुई मौत के बाद परिवार सदमे में है। पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। संपर्क में आए लोगों को भी सावधानी की सलाह बांगड़ हॉस्पिटल पाली के कार्यवाहक अधीक्षक डॉ. आर.के. विश्नोई ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी को कुत्ता काट ले तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे मामलों में तुरंत बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचकर एंटी रेबिज वैक्सीन लगवानी चाहिए, क्योंकि रेबिज का फिलहाल कोई इलाज नहीं है। डॉक्टरों ने परिजनों को सलाह दी कि युवक के संपर्क में आए लोग एहतियात के तौर पर एंटी रेबिज वैक्सीन लगवाएं और सावधानी बरतें। डॉ. विश्नोई ने कहा कि रेबिज का पता मरीज के लक्षणों के आधार पर लगाया जाता है। एक बार रेबिज की पुष्टि होने के बाद मरीज को आइसोलेशन में रखा जाता है। उन्होंने बताया कि रेबिज 100 प्रतिशत जानलेवा बीमारी है। यानी एक बार बीमारी विकसित हो जाने के बाद ऐसे मरीजों की मौत लगभग तय होती है। लक्षण दिखने के बाद बचने की संभावना बेहद कम चिकित्सकों के अनुसार रेबिज के लक्षण शरीर में विकसित होने के बाद मरीज के बचने की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। ऐसे में किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना और एंटी रेबिज वैक्सीन लगवाना जरूरी है।
महू चोरल-कालाकुंड मार्ग पर वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी दो रपटों के निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। बरसात के दौरान इन रपटों की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों और पर्यटकों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त रपटों के कारण मार्ग कई बार जोखिमभरा हो जाता था। इससे आसपास के गांवों के लोगों के साथ कालाकुंड आने वाले पर्यटकों को भी आवाजाही में दिक्कत होती थी। कलेक्टर के निरीक्षण के बाद मिली गति कुछ दिन पहले जिला कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त रपटों का निरीक्षण किया था। इसके बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर निर्माण कार्य को मंजूरी मिली और काम शुरू कर दिया गया। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद स्थानीय ग्रामीणों को बरसात में सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। वहीं, कालाकुंड आने वाले पर्यटकों को भी राहत मिलेगी, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों और पर्यटन को मिलेगा लाभ क्षेत्रवासियों के अनुसार, विधायक उषा ठाकुर और ग्राम सरपंच शिव प्रसाद दुबे के प्रयासों से यह निर्माण कार्य शुरू हो सका। लोगों ने उम्मीद जताई है कि कार्य जल्द पूरा होगा और बरसात के दौरान होने वाली आवागमन की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।
हांसी में दिल्ली नेशनल हाईवे पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। पुलिस ने इसे सड़क हादसा बताया है। मृतक युवक की पहचान बहादुरगढ़ निवासी 31 वर्षीय विकास के रूप में हुई। परिजनों के अनुसार, विकास का अपनी पत्नी के साथ तलाक का केस कोर्ट में चल रहा था। इस मामले की अगली सुनवाई 5 अगस्त को तय थी, लेकिन उससे पहले ही उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन बोले- ट्रक पर नहीं मिले खून के निशान बुधवार रात करीब 8:30 बजे परिजनों को सोरखी के पास विकास के एक्सीडेंट की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्हें बाइक की स्थिति देखकर संदेह हुआ। उनका कहना है कि बाइक इतनी क्षतिग्रस्त नहीं थी कि इतनी गंभीर दुर्घटना हुई हो। साथ ही, ट्रक पर भी ऐसे खून के निशान नहीं मिले, जिससे हादसे की पुष्टि हो सके। मृतक के बड़े भाई निरंजन ने बताया कि विकास दो भाइयों में छोटा था। उनका परिवार मूल रूप से भिवानी जिले के तोशाम क्षेत्र के गांव निगाना खुर्द का रहने वाला है और फिलहाल बहादुरगढ़ में रह रहा था। उनके पिता दलबीर सिंह बैंक से सेवानिवृत्त मैनेजर हैं। विकास प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था। मृतक के ससुराल वालों ने नहीं रिसीव की कॉल : निरंजन निरंजन ने यह भी बताया कि विकास का दो साल का बेटा अपनी मां के साथ रह रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि हादसे की सूचना मिलने के बाद उन्होंने ससुराल पक्ष के लोगों को करीब 100 बार फोन किए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। व्हाट्सएप पर संदेश पढ़े जाने के बावजूद कोई जवाब न मिलने से उनका शक और गहरा हो गया। वहीं, मामले के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर रवि ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है और उसी आधार पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद ट्रक चालक स्वयं घायल विकास को पहले सोरखी के पीएचसी और फिर हांसी के सामान्य अस्पताल लेकर गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवा दिया है। परिजनों की आशंकाओं और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
झज्जर जिले में यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों और संदिग्ध वाहनों के खिलाफ झज्जर पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है। पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के नेतृत्व और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह के निर्देशन में जिलेभर में जगह-जगह विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की गहन जांच की जा रही है। अभियान के तहत पिछले 45 दिनों में 275 वाहनों को इंपाउंड किया गया है। इनमें ऐसे वाहन शामिल हैं, जिनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं थे या जो यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। दो हफ्तों में 130 वाहन इंपाउंड पुलिस के अनुसार, बीते दो सप्ताह में ही 130 वाहनों को इंपाउंड किया गया, जिससे अभियान की सख्ती का अंदाजा लगाया जा सकता है। जांच के दौरान बिना नंबर प्लेट और हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) के बिना चलने वाले वाहनों पर विशेष नजर रखी गई। 391 वाहनों के काटे चालान अभियान के दौरान बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर भी सख्त कार्रवाई की गई। पिछले एक माह में 257 और बीते दो सप्ताह में 134 ऐसे वाहनों के चालान किए गए। वहीं, हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट नहीं लगाने वाले 101 वाहन चालकों पर पिछले माह और 51 पर बीते दो सप्ताह में कार्रवाई की गई। इस तरह बिना नंबर प्लेट वाले कुल 391 वाहनों के चालान किए गए। अपराध नियंत्रण-सड़क सुरक्षा पर फोकस डीसीपी क्राइम शुभम सिंह ने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना, यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करना और अपराधों में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध वाहनों की पहचान कर अपराधियों तक पहुंचना है। उन्होंने कहा कि बिना नंबर प्लेट या फर्जी दस्तावेज वाले वाहनों का इस्तेमाल अक्सर आपराधिक वारदातों में किया जाता है, इसलिए ऐसे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। वाहन ड्राइवरों से अपील पुलिस ने वाहन ड्राइवरों से अपने वाहनों पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवाने, सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जामताड़ा में पुल के पास युवक का शव मिला:हत्या की आशंका, चेहरे और मुंह पर चोट के कई निशान मिले
जामताड़ा जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक युवक का शव बरामद हुआ। पाबिया से काशीटॉड जाने वाली मुख्य सड़क पर पुल के पास नदी किनारे शव मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सुबह करीब 6 बजे स्थानीय ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान पाबिया पंचायत के पतीयोरडीह गांव निवासी अशोक रवानी (35) के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नारायणपुर थाना पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। घटनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने युवक की हत्या कर शव को नदी किनारे फेंकने की आशंका जताई है। मृतक के चेहरे और मुंह पर चोट के कई निशान मिले हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना की पुष्टि नहीं की है। थाना प्रभारी मुराद हसन ने बताया कि पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। पुलिस हर पहलू पर गंभीरता से जांच कर रही है।
बाबा महाकाल की शाही सवारी को लेकर उज्जैन प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए शाही सवारी मार्ग के चौड़ीकरण और विकास कार्यों में तेजी ला दी गई है। नगर निगम ने कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक सभी निर्माण कार्य 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। निर्माण कार्यों में तेजी की मुख्य वजह दो दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का उज्जैन दौरा है। मुख्यमंत्री ने बुलेट से शाही सवारी मार्ग का निरीक्षण किया था। इसके बाद वे कंठाल चौराहे तक पैदल पहुंचे और भगवान महाकाल की पालकी के मार्ग का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए थे। निगम आयुक्त ने देर रात किया निरीक्षण मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद बुधवार देर रात नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने कंठाल चौराहा, छत्री चौक और कमरी मार्ग पर चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर 24 घंटे काम कर समय पर सभी कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं करने को कहा। इन कार्यों की हुई समीक्षा निरीक्षण के दौरान पीक्यूसी सड़क निर्माण, प्रीकास्ट नालियों का निर्माण, पेयजल पाइपलाइन शिफ्टिंग, बिजली के पोल हटाने, चौड़ीकरण में बाधा बन रहे छज्जों को हटाने, डीएलसी रोड, कोबल स्टोन और चौराहों के सौंदर्यीकरण सहित विभिन्न कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को सभी कार्य तय समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी विशेष जोर महाकाल मंदिर में आयोजित हालिया समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने शाही सवारी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। बिजली विभाग को मार्ग के सभी विद्युत पोल सुरक्षित करने, उन्हें प्लास्टिक कवर से ढंकने और पूरे रूट का तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शाही सवारी के दौरान किसी भी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।
थांदला तहसील के मियाटी गांव के काछला फलिया में बुधवार रात गौहत्या की सूचना मिलने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से पशु मांस, चाकू, कुल्हाड़ी, लोहे की सरिया समेत अन्य सामान जब्त किया गया है। मामले में पुलिस जांच जारी है। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने दी सूचना सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अशोक कनेश अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने घटनास्थल से दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया। पूछताछ में उनकी पहचान आलिया पिता मांगू भाबोर और जुगाली पिता भीला भूरिया, दोनों निवासी मियाटी गांव, के रूप में हुई। मौके से मांस, चाकू, कुल्हाड़ी और सरिया जब्त पुलिस ने घटनास्थल की तलाशी के दौरान पशु मांस, एक चाकू, एक कुल्हाड़ी, छह लोहे की सरिया और मांस काटने में इस्तेमाल होने वाला लकड़ी का बड़ा गुटका बरामद किया है। पंचनामा तैयार कर सभी सामान जब्त कर लिया है। बरामद गौवंश के अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए पशु चिकित्सक के पास भेजा गया, जहां उनका परीक्षण किया गया। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में विधि-विधान के मुताबिक अवशेषों को दफन किया गया। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से जुटाए गए सबूतों के आधार पर मामले में आवश्यक कानूनी धाराएं जोड़ी जाएंगी। मामले की जांच जारी है।
सीकर जिले में चोर लगातार मंदिरों को निशाना बना रहे हैं। दांतारामगढ़ थाना इलाके में बुधवार देर रात अज्ञात चोरों ने गोपीनाथ मंदिर से लाखों रुपए के चांदी के छत्र चुरा लिए। घटना के बाद पुलिस ने मौका मुआयना किया। मंदिर में चोरी होने से ग्रामीणों में भारी रोष है। मूर्तियां-गहने और छत्र गायब बुधवार रात को चोरों ने दांतारामगढ़ क्षेत्र के खाचरियावास गांव में स्थित प्राचीन गोपीनाथ मंदिर से छत्र और गहने चुरा लिए। मंदिर के मुख्य पुजारी रवि पुजारी ने बताया कि वे आज सुबह की पूजा-अर्चना और सेवा के लिए मंदिर परिसर पहुंचे तो वहां सारा सामान बिखरा पड़ा था और मूर्तियों के गहने, छत्र व अन्य कीमती सामान गायब था। पुजारी ने तुरंत मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों और पुलिस को सूचना दी। चोर मंदिर में से भगवान गणेश और हनुमानजी महाराज के छत्र, राधारानी की मूर्ति का मंगलसूत्र व पैर के कड़े चुराकर ले गए। चोरी किए गए छत्रों व गहनों की कीमत 9-10 लाख रुपए बताई जा रही है। मंदिर परिसर में CCTV कैमरे नहीं होने की वजह से चोरों का सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने घटनास्थल का मौका मुआयना करके साक्ष्य उठाए हैं। रवि पुजारी ने अज्ञात चोरों के विरुद्ध चोरी की रिपोर्ट दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की गश्त कमजोर होने के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
झांसी में अनुसूचित जाति की महिला से दुष्कर्म के आरोपी रिटायर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल कानपुर रोड स्थित आवास विकास कॉलोनी के निवासी हैं। वह वीरांगना नगर में एक निजी अस्पताल का संचालन भी करते हैं। उनके खिलाफ वर्ष 2025 में नवाबाद थाने में मामला दर्ज कराया गया था। महिला ने लगाए गंभीर आरोप अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता डॉक्टर के घर पिछले तीन-चार वर्षों से झाड़ू-पोछा का काम करती थी। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया कि 4 नवंबर 2024 को डॉक्टर ने उसे चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। इसके बाद बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला का आरोप है कि होश आने पर विरोध करने पर डॉक्टर ने अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। साथ ही जातिसूचक शब्द कहकर अपमानित किया और जान से मारने की धमकी भी दी। पहले हाईकोर्ट से मिली थी गिरफ्तारी पर राहत मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने आरोप पत्र दाखिल किए जाने तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अग्रिम जमानत याचिका खारिज आरोप पत्र दाखिल होने के बाद डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने एससी-एसटी एक्ट कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दाखिल की। विशेष लोक अभियोजक केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल कैरोलिया की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। अब आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं मिल सकेगा।
एमडी ड्रग्स के मामले में आरोपी नाना पटवारी और उसके साथी सुमित मंत्री से बुधवार देर रात तक राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि नाना के साथी ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे के कमीशन एजेंट थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें प्रत्येक लेनदेन पर कमीशन मिलता था। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नाना के चार साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। फिलहाल इस प्रकरण में नाना पटवारी का नाम आरोपी के रूप में शामिल नहीं किया गया है। पुलिस के अनुसार जांच में संजय कौशल, मनीष जादौन, दिनेश उर्फ लल्ला चौहान, प्रीतेश त्रिपाठी सहित अन्य लोगों की भूमिका सामने आई है। इन पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे का नेटवर्क संचालित करने और बेटिंग आईडी उपलब्ध कराने का आरोप है। 20 से 100 रुपए तक मिलता था कमीशन जांच में सामने आया कि कृष्णा नगर निवासी संजय कौशल ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट ऑल पैनल पर क्रिकेट सट्टे का कमीशन एजेंट था। प्रत्येक लेन देन पर उसे 20 से 100 रुपए तक कमीशन मिलता था। पूछताछ में संजय ने पुलिस को बताया कि सच्चिदानंद नगर (महू नाका) निवासी मनीष पमनानी उसे ऑलपैन एक्स और ग्रेडटेक्स डॉट कॉम की बेटिंग लिंक उपलब्ध कराता था। ये लिंक वॉट्सऐप के जरिए भेजी जाती थीं, जिन पर 5 हजार रुपए या उससे अधिक बैलेंस वाली बेटिंग आईडी मिल जाती थी। डायरी में दर्ज था पूरा हिसाब पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दिनेश उर्फ लल्ला चौहान, मनीष जादौन और प्रीतेश त्रिपाठी को ऑनलाइन बेटिंग ऐप की आईडी उपलब्ध कराई गई थी। इन आईडी और लेनदेन का पूरा हिसाब संजय कौशल एक डायरी में दर्ज करता था। अब पुलिस डायरी जब्त करने की तैयारी में है। डायरी में दर्ज नामों और लेनदेन के आधार पर अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी। आईटी एक्ट और सट्टा कानून के तहत केस राजेंद्र नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ ऑनलाइन जुआ, क्रिकेट सट्टा संचालन और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। जांच में यदि नाना पटवारी की संलिप्तता के ठोस साक्ष्य मिलते हैं तो उसके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़ए… 1.सट्टा कनेक्शन में नाना पटवारी के तीन साथी रडार पर एमडी ड्रग्स मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों से पूछताछ के दौरान सामने आए सुरागों के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस जांच में नाना के मोबाइल से दो ऑनलाइन सट्टा एप और तीन संदिग्ध लोगों की जानकारी मिलने के बाद अब राजेंद्र नगर पुलिस इन लोगों की तलाश में जुटी है। पढ़ें पूरी खबर… 2.जीतू पटवारी का भाई बोला-3 साल पहले ड्रग्स लेता था कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को पुलिस हिरासत में लेने का मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पार्टी इसे सियासी एंगल देने के मूड में है। शुक्रवार को जीतू और नाना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताया है। इस दौरान नाना पटवारी ने स्वीकार किया कि वे 3 साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर में इलाज के बाद उन्होंने नशा पूरी तरह छोड़ दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
रतलाम शहर के अति प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर से गुरुवार दोपहर भगवान श्री जगन्नाथ की 28वीं भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस वर्ष की रथयात्रा कई मायनों में विशेष रहेगी। पहली बार मातृशक्ति शस्त्र कला का प्रदर्शन करते हुए यात्रा में शामिल होगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथ को अपने हाथों से खींचकर नगर भ्रमण कराएंगे। सहस्रधारा अभिषेक और विशेष श्रृंगार के बाद निकलेगी रथयात्रा रथयात्रा से पहले गुरुवार सुबह 9 बजे भगवान श्री जगन्नाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन-अर्चन, सहस्रधारा अभिषेक और विशेष श्रृंगार किया गया। महाआरती के बाद दोपहर 2:30 बजे थावरिया बाजार स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से रथयात्रा का शुभारंभ होगा। पहली बार मातृशक्ति दिखाएगी शस्त्र कला इस वर्ष रथयात्रा का प्रमुख आकर्षण मातृशक्ति द्वारा शस्त्र कला का प्रदर्शन रहेगा। डीजे, बैंड और ढोल-नगाड़ों की धुन पर महिलाएं पारंपरिक शस्त्र कला का प्रदर्शन करते हुए यात्रा में शामिल होंगी। इसके अलावा ऊंट और अश्व पर सवार श्रद्धालु धर्मध्वजा लेकर चलेंगे, जिससे धार्मिक उत्साह और भी बढ़ेगा। रथयात्रा से पहले धोई जाएगी सड़क रथयात्रा मार्ग पर भगवान के रथ के निकलने से पहले पानी के टैंकरों से सड़क की सफाई और धुलाई की जाएगी। इसके बाद धार्मिक ध्वज लिए श्रद्धालुओं का दल यात्रा का नेतृत्व करेगा। उनके पीछे भगवान जगन्नाथ का सुसज्जित रथ और हजारों श्रद्धालुओं की टोली भजन-कीर्तन करते हुए चलेगी। इन मार्गों से निकलेगी रथयात्रा रथयात्रा थावरिया बाजार स्थित मंदिर से शुरू होकर सूरजपोर, महलवाड़ा, पैलेस रोड, डालूमोदी बाजार, नाहरपुरा, धानमंडी, गणेश देवरी, तोपखाना, चांदनी चौक, चौमुखी पुल, घास बाजार, सायर चबूतरा, सेठ जी का बाजार और मेहताजी का वास होते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुंचेगी। राधा-कृष्ण की झांकी और गोपियों का नृत्य रहेगा आकर्षण रथ में भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की प्रतिमाएं विराजमान रहेंगी। वहीं रथ के पीछे चलने वाली बग्घी में तीनों देवताओं के चित्र सजाए जाएंगे। इंदौर से आई विशेष टीम श्रीराधा-कृष्ण और छह गोपियों के स्वरूप में नृत्य प्रस्तुति देकर रथयात्रा की शोभा बढ़ाएगी। महाआरती के बाद 5 क्विंटल केसरिया भात का प्रसाद रथयात्रा के समापन पर मंदिर परिसर में भगवान की महाआरती होगी। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच 5 क्विंटल केसरिया भात का प्रसाद वितरित किया जाएगा। आयोजन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से रथयात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।
मेरठ में गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में एक कार में सवार पांच युवक हाथों में चाकू, पिस्टल और तलवार लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि कार के अंदर पुलिस की एक टोपी भी नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो इंटेलिजेंस यूनिट में तैनात एक इंस्पेक्टर के बेटे और उसके साथियों का है। इस युवक से जुड़े कई धमकी भरे ऑडियो भी सामने आए हैं, जो तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है और जांच जारी होने की बात कही है। 2 तस्वीर देखिए… जानकारी के अनुसार, वायरल वीडियो में युवक खुलेआम चाकू लहराते दिख रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिनमें यह भी शामिल है कि वीडियो में दिख रहा युवक हाल ही के एक विवाद से जुड़ा है। इसी बीच, मंगलवार को एसएसपी आवास के पास इंटेलिजेंस यूनिट में तैनात इंस्पेक्टर बसंत सिंह अधिकारी के बेटे रिषिम सिंह अधिकारी पर हमले के प्रयास की घटना भी सामने आई। रिषिम ने बताया कि जब वह गांधी बाग की ओर जा रहे थे, तभी एक कार ने उनका रास्ता रोक लिया। गाड़ी पीछे करने पर एक युवक ने उनकी कार के पिछले हिस्से पर हमला कर दिया। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हुई है। पुलिस अब वायरल वीडियो, कथित ऑडियो और हमले की इस घटना के बीच किसी संभावित संबंध की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस कार्यक्रम का प्रदेश के सभी 21 जिलों में लाइव प्रसारण होगा। इसके लिए भाजपा और हरियाणा सरकार ने जिला स्तर पर अलग-अलग कार्यक्रम तय किए हैं। हर जिले में मंत्री, सांसद या वरिष्ठ नेताओं को मुख्य अतिथि बनाया गया है। सबसे अहम बात यह है कि कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ आए पांच बागी विधायकों को भी इन कार्यक्रमों में मंच पर जगह दी गई है। इसे भाजपा की ओर से बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। जिले के मंच पर मिलेगी जगह भाजपा ने जिन नेताओं को जिला स्तर के कार्यक्रमों में शामिल किया है, उनमें शैली चौधरी को अंबाला, रेनू बाला को यमुनानगर, मोहम्मद इलियास को नूंह, मोहम्मद इसराइल को पलवल और जरनैल सिंह को फतेहाबाद जिले के कार्यक्रम में शामिल किया गया है। ये सभी पहले कांग्रेस से जुड़े रहे और राज्यसभा चुनाव वोटिंग के बाद BJP के साथ आए हैं। अब प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़े सरकारी और संगठनात्मक मंच पर इन्हें स्थान देकर पार्टी ने साफ संकेत दिया है कि इन नेताओं को नई राजनीतिक भूमिका में आगे बढ़ाया जाएगा। सभी कार्यक्रमों में संबंधित जिले के मंत्री, सांसद, भाजपा विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, महापौर और भाजपा जिला अध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे।
प्रतिष्ठित संस्थान बीएचयू के बगल में गंदगी और जलभराव है। सीवर उफना रहे हैं। सड़कें टूटी हैं। ये हाल बगल में बसे वार्ड-39 सुसुवाही में आने वाले क्षेत्र का है। बीएचयू के कई छात्र और प्रोफेसर इसी वार्ड में रहते हैं। इसकी नगर निगम कार्यालय से चंद कदमों की ही दूरी है। इसके बावजूद हालात बदतर हैं। सड़कें पानी में डूबी मिलीं, जबकि कई मोहल्लों तक पेयजल नहीं पहुंचा है। शिकायतों के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो रहा। वार्ड के कई लोगों ने पार्षद पर भेदभाव का आरोप भी लगाया है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान वार्डवासियों ने खुलकर समस्याएं बताईं। जबकि पार्षद का कहना है कि अधिकांश समस्याओं के प्रस्ताव स्वीकृत हो चुके हैं और जल्द काम शुरू होगा। दैनिक भास्कर वार्ड परिक्रमा अभियान चला रहा है। इसी कड़ी में वार्ड-39 का जायजा लिया गया... हैदराबाद गेट मार्ग पर एक खाली प्लॉट में कूड़े का अंबार पड़ा मिला। वार्ड की कई जगह सड़क मरम्मत का काम अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। नगर निगम कार्यालय से महज 50 मीटर की दूरी पर भी जलभराव की स्थिति नजर आई। वहीं कई गलियों में सीवर का गंदा पानी सड़क पर बहता मिला, जिससे गंदगी और बदबू बनी हुई है। पहले ये नजारा देखिए... सीवर और सड़क बनी सबसे बड़ी परेशानी वार्ड के अधिकांश इलाकों में सीवर और सड़क की स्थिति खराब मिली। बीएचयू से सटे हैदराबाद कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, जबकि कुछ जगह अधूरा निर्माण लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। वार्ड की बड़ी समस्याएं सीवर और जलभराव: बारिश में सीवर ओवरफ्लो होने से सड़कें और गलियां पानी से भर जाती हैं। टूटी और अधूरी सड़कें: कई स्थानों पर सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, जबकि कई जगह निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। पेयजल की कमी: कई मोहल्लों में अब भी नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंची है। सफाई व्यवस्था कमजोर: सभी मोहल्लों से नियमित कूड़ा उठान नहीं हो रहा, खाली प्लॉट कूड़ाघर बन गए हैं। जलनिकासी की समस्या: नाले पर्याप्त नहीं होने से बरसात में लोगों के घरों तक पानी पहुंच जाता है। हर घर तक नहीं पहुंचा पेयजल, कुछ मोहल्लों में बेहतर व्यवस्था लोगों ने बताया कि वार्ड के सभी इलाकों तक अभी पेयजल आपूर्ति नहीं पहुंची है। हालांकि हैदराबाद कॉलोनी, सुसुवाही और विश्वकर्मा नगर जैसे कुछ क्षेत्रों में पानी की व्यवस्था बेहतर है। अधिकांश गलियों में स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं, लेकिन जिन मोहल्लों में पानी नहीं पहुंचा वहां लोगों को दूसरे इलाकों से पानी लाना पड़ता है। कूड़ा उठान अधूरा, खाली प्लॉट बने डंपिंग ग्राउंड नगर निगम की ओर से वार्ड के लिए आठ कूड़ा गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन मौके पर केवल दो ही संचालित मिलीं। कई मोहल्लों में नियमित कूड़ा उठान नहीं होने से खाली प्लॉटों में कचरे का अंबार लगा हुआ है। नगर निगम बना, लेकिन सुविधाओं का इंतजार जारी नरोत्तमपुर निवासी पंचम मिस्त्री ने बताया कि नगर निगम में शामिल होने के बाद नियम तो बढ़ गए, लेकिन सुविधाएं नहीं मिलीं। सड़क और जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी हुई है। --------------- ये खबर भी पढ़िए… वार्ड की 19 गलियों में पूरे साल रहता जलभराव:वार्ड-52 के लोग बोले- निगम में शामिल होने के बाद बढ़ीं समस्याएं, हाईवे ने किया नरक बजरंग नगर का पूरा इलाका हाइवे बनने के बाद नरक बन गया है। सीवर की समस्या ऐसी है कि लोग घर बेचकर जा रहे हैं। पार्षद जी ने तीन साल में इस इलाके में झांका नहीं…। ये दर्द वार्ड-52 लोहता के निवासियों का है। उनका यह भी आरोप है कि पार्षद विकास कार्य में भी पक्षपात करती हैं। वाराणसी का यह वार्ड तीन साल पहले शहर का हिस्सा बना था। लोगों को उम्मीद थी कि इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उल्टे हाईवे निकलने के बाद उनकी मुसीबत बढ़ गई। करीब पांच फीट ऊंची बनी सड़क और बंद हो चुकी जल निकासी के कारण 19 गलियां सालभर जलभराव और सीवर ओवरफ्लो की समस्या झेल रही हैं। कई घरों के शौचालय तक मलजल से भर चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… --------------- ये खबर भी पढ़िए… पार्षद कहते यहां से वोट नहीं इसलिए काम नहीं...:VIP वार्ड-81 के लोगों का आरोप, कहा-आठ साल में न गली बनवाई और न नाली पार्षद कहते हैं कि हमें यहां से वोट नहीं मिला, इसलिए यहां कोई काम नहीं कराएंगे। जिंदगी नारकीय हो गई। पार्षद फोन नहीं उठाते। 8 साल से पार्षद हैं, लेकिन कोई काम नहीं कराए…। यह आरोप VIP वार्ड-81 कीर्तिविश्वेश्वर के लोगों का है। उनका कहना है कि बदहाल सीवर, उखड़ी सड़कों और गंदे पेयजल की परेशानी झेल रहे हैं। जहां से बाबा लाट भैरव की भव्य बारात निकलती है, वहीं गलियों में टूटे चौके, उफनते सीवर और कीचड़ नजर आता है। दैनिक भास्कर की वार्ड परिक्रमा के दौरान लोगों ने खुलकर आरोप लगाए कि शिकायतों के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो रहा। हरतीरथ और कतुआपुरा में सीवर जाम, पानी में बालू, टूटी सड़कें और जलभराव आम बात है। पानी में कीचड़ आ रहा है, लेकिन पार्षद नहीं सुन रहे। सीवर ओवरफ्लो होता है, खुद पैसे देकर सफाई करवानी पड़ती है। पूरी खबर पढ़ें…
सिरसा जिले में सांवतखेड़ा गांव के पास मसीतां रोड पर बुधवार रात करीब 11 बजे पराली से भरे एक ट्रॉले में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा ट्रॉला लपटों की चपेट में आ गया और दूर तक धुएं का गुबार छा गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए ट्रॉले के जलते हिस्से को इंजन से अलग कर दिया। इस कार्रवाई से उसकी जान बच गई और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ट्यूबवेल की पाइपलाइन की सहायता से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों का आरोप, समय से नहीं मिली इमरजेंसी सेवा ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हादसे के तुरंत बाद डायल-112 पर कई बार कॉल की गई, लेकिन नंबर लगातार व्यस्त आता रहा। इस कारण समय पर आपातकालीन सहायता नहीं मिल पाई। बाद में सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह के भीतर पराली से भरे वाहनों में आग लगने की यह दूसरी घटना है। उनका कहना है कि ओवरलोडिंग और सड़कों के ऊपर से गुजर रही बिजली की लटकती तारें ऐसे हादसों का प्रमुख कारण बन रही हैं। सरकार से डॉयल 112 को प्रभावी बनाने की मांग इस घटना के बाद ग्रामीणों और सरपंच ने हरियाणा सरकार तथा जिला प्रशासन से डायल-112 की आपातकालीन सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है। इसके साथ ही, उन्होंने ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने और सड़क किनारे लटक रही बिजली की तारों को दुरुस्त कराने की अपील भी की है।
भारतीय जनता पार्टी की संभाग स्तरीय संगठनात्मक बैठक गुरुवार को जोधपुर के लघु उद्योग भारती सभागार में हुई। बैठक में संभाग से विधायक, संगठन पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें संगठन के विभिन्न विषयों, आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सरकार की योजनाओं को अंतिम पंक्ति के लोगों तक पहुंचने को लेकर भी रणनीति बनाई गई। भाजपा के प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी ने बताया हमारे संगठन के महामंत्री अजय कुमार जोधपुर संभाग की बैठक लेने आए हैं। संगठन के नियमित कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक भी है। इसके अलावा आगामी नगरपालिका ओर पंचायती राज चुनावों को लेकर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाने वाली है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ओर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में इस बार भी सभी चुनाव जीतेगी। बैठक में भाजपा प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सैनी, संगठन महामंत्री, अजय कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, प्रदेश मंत्री आईदान सिंह भाटी, उद्योग मंत्री KK विश्नोई, सहित भाजपा पदाधिकारी ओर विधायक मौजूद रहे। बैठक शुरू होने के बाद में तीन मंत्री जोराराम कुमावत, जोगाराम पटेल और ओटाराम देवासी एक घंटे देरी से पहुंचे। इसके अलावा पूर्व सांसद जसवंत सिंह बिश्नोई मानवेंद्र सिंह जसोल, भाजपा किसान मोर्चा के शैलाराम सारण, जालोर सिरोही सांसद लुंबाराम सहित कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
रायबरेली में एक बच्ची की मौत के मामले में डॉक्टर अमित सिंह की गिरफ्तारी के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने विरोध प्रदर्शन किया है। गुरुवार को IMA पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। यह मामला शहर के कोतवाली नगर क्षेत्र का है, जहां 10 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। वादी शरद कुमार सिंह की शिकायत पर पुलिस ने सश्वत नर्सिंग होम के संचालक डॉ. अमित सिंह, डॉ. निशांत सिंह और अन्य स्टाफ के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया था। शिकायत के अनुसार, दस दिन पहले टॉन्सिल के इलाज में कथित लापरवाही बरती गई, जिससे बच्ची की हालत बिगड़ गई। 6 जुलाई 2026 को लखनऊ के अपोलो अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इसी मामले में पुलिस ने 15 जुलाई को डॉ. अमित सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पूर्व IMA अध्यक्ष डॉ. बृजेश सिंह ने डॉ. अमित सिंह की गिरफ्तारी को अनुचित बताया। IMA का तर्क है कि इलाज के दौरान होने वाली जटिलताओं को सीधे लापरवाही नहीं कहा जा सकता। IMA पदाधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा कि जब तक किसी मामले में मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक इस तरह की गिरफ्तारी नियमों के विपरीत है। चिकित्सकों ने यह भी स्पष्ट किया कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन अपनी बात रखने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। विरोध के तौर पर आज निजी अस्पतालों में डॉक्टर काली पट्टी बांधकर मरीजों का उपचार कर रहे हैं।
बीजेपी के सीनियर लीडर डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से कहा, ‘किसी की हिम्मत नहीं कि मेरे कार्यकर्ताओं का नुकसान कर दे। अगर नौबत आई तो मैं भी तुम्हारे साथ जेल जाऊंगा।’ पूर्व गृहमंत्री ने ये बात गुरुवार को दतिया में कही। वे बीजेपी दफ्तर में कार्यकर्ताओं की बैठक में बोल रहे थे। इस दौरान उपचुनाव में पार्टी के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी भी उनके साथ थे। मिश्रा ने कहा, उस दिन आप लोगों की आंखों में आंसू देखकर मैं भी भावुक हो गया था। कुछ लोग कह रहे हैं कि भाजपा से बदला लेना है। अरे भाई…बदला भाजपा से नहीं, कांग्रेस से लेना है। हर हाल में आशुतोष तिवारी को जिताना है। कार्यकर्ताओं को दिलाई पीतांबरा माई की शपथ नरोत्तम ने कहा कि वे हमेशा अपने चुनाव से ज्यादा दूसरे चुनावों में ताकत लगाते रहे हैं। साथ ही कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए बोले कि यदि किसी पर प्रशासनिक कार्रवाई होती है तो वे उसके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को पीतांबरा माई की कसम खिलाकर बीजेपी के पक्ष में मतदान कराने का संकल्प भी दिलाया। आशुतोष बोले- किसी पर आंच नहीं आने देंगे उधर, बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने कहा कि यदि प्रशासन की कार्रवाई से किसी कार्यकर्ता को परेशानी हुई है तो हर परिस्थिति में वे कार्यकर्ताओं के साथ खड़े रहेंगे। वे पीतांबरा माई को साक्षी मानकर भरोसा दिलाते हैं कि उनके सम्मान पर आंच नहीं आने देंगे।
हापुड़ के पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गढ़ी में एक कोल्ड ड्रिंक की दुकान में चोरी हो गई। चोरों ने देर रात दुकान से नकदी और कीमती सामान चुरा लिया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसका फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मोहल्ला गढ़ी निवासी शमशाद की यह दुकान है। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जब शमशाद दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि दुकान का सामान बिखरा पड़ा था और गल्ले से नकदी सहित अन्य कीमती सामान गायब था। इसके बाद उन्होंने तत्काल आसपास के लोगों और पुलिस को घटना की सूचना दी। दुकानदार ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में कुछ अज्ञात युवक देर रात दुकान में घुसकर चोरी करते हुए दिखाई दिए। चोर बेखौफ होकर दुकान के अंदर घूमते और सामान ले जाते नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि चोर नकदी के अलावा अन्य सामान भी चुरा ले गए। चोरी हुए सामान और नकदी की कुल कीमत का आकलन अभी किया जा रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान के प्रयास कर रही है। कोतवाली प्रभारी अतुल चौहान ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गुमला जिले में एक अनियंत्रित बाइक दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसके दो दोस्त घायल हो गए। यह घटना सदर प्रखंड क्षेत्र के पतगच्छा मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान कुरुमगढ थाना क्षेत्र के कोरकोटोली निवासी 31 वर्षीय बिगलू उरांव के रूप में हुई है। वहीं, उसके दो अन्य साथी 21 वर्षीय कमल उरांव और 23 वर्षीय मांगे उरांव घायल हैं। बिगलू की मौत सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई। परिजनों के अनुसार, बिगलू और उसके दोनों दोस्त किसी काम से कोटाम बाजार गए थे। वहां उन्होंने शराब पी थी। घर लौटते समय पतगच्छा के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। दुर्घटना के बाद बिगलू और मांगे को गुमला सदर अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने बिगलू को मृत घोषित कर दिया। मांगे को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि कमल उरांव को हल्की चोटें आई थीं। पुलिस ने गुरुवार को शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच कर रही है। एसआई विनय कुमार महतो ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। परिजनों ने बताया कि बाइक सवार तीनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था।
पहली बार लखनऊ-कानपुर में यूपी टी-20 लीग:नॉकआउट मैच में रिंकू, भुवनेश्वर और समीर रिजवी खेलेंगे
यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन का रोमांच इस बार दोगुना होने जा रहा है। पहली बार इस टूर्नामेंट का आयोजन दो शहरों लखनऊ और कानपुर में होने जा रहा है। लीग का पहला चरण 14 से 26 अगस्त तक लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसके बाद दूसरे चरण का कारवां कानपुर के ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम पहुंचेगा। ग्रीन पार्क में 26 अगस्त से 6 सितंबर तक कुल 12 मुकाबले खेले जाएंगे। इस बड़े टूर्नामेंट के लिए ग्रीन पार्क में तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं और वहां मौजूद कुल 9 विकेट में से 4 खास पिचों को मैच के लिए तैयार किया जा रहा है। नॉकआउट के लिए काली मिट्टी का फॉर्मूला, धूप में नहीं टूटेंगी पिचें लीग के सबसे महत्वपूर्ण अंतिम और नॉकआउट मुकाबलों के लिए तैयार होने वाली पिचों में इस बार विशेष रूप से काली मिट्टी का उपयोग किया जा रहा है। यूपीसीए के पिच क्यूरेटर भूपेंद्र सिंह ने गुरुवार 11 बजे बताया कि, काली मिट्टी की पिचें तेज धूप में जल्दी नहीं टूटतीं, जिससे बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों को बराबरी की मदद मिलती है। सभी पिचों को टॉप ड्रेसिंग के साथ नए सिरे से तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही, ग्रीन पार्क में ड्रेनेज सिस्टम न होने की वजह से बारिश के विलेन बनने का खतरा टालने के लिए भी खास इंतजाम किए जा रहे हैं। पानी भरने वाले स्थानों को चिह्नित कर लिया गया है और पिच को कवर्स से ढकने के लिए 100 से अधिक विशेष कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। आईपीएल के धुरंधरों के बीच दिखेगी खुद को बेस्ट साबित करने की होड़ इस चौथे सीजन में आईपीएल खेल चुके उत्तर प्रदेश के धुरंधर खिलाड़ियों के बीच मैदान पर खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की जबरदस्त जंग देखने को मिलेगी। टूर्नामेंट में कानपुर सुपर स्टार, मेरठ मैवेरिक्स, काशी रुद्राश, गोरखपुर लायंस, लखनऊ फाल्कंस और नोएडा सुपर किंग्स की टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी।
सलूंबर में हिंदू जागरण मंच ने भवानी कुंड से पौधरोपण अभियान की शुरुआत की है। अभियान के तहत पहले चरण में 101 पौधे लगाए गए, एक सप्ताह में कुल 701 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान में 11 बिल्व (बेलपत्र), करंज, खेजड़ी, आंवला और अन्य पौधे लगाए गए। पौधों के चयन में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों का ध्यान रखा गया है। पौधो की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई मंच के पदाधिकारियों ने बताया कि पौधारोपण ऐसे स्थानों पर किया जा रहा है, जहां उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और वन्य, पालतू पशुओं से होने वाले नुकसान की संभावना कम हो। अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उनके संरक्षण और नियमित देखभाल की जिम्मेदारी निभाना भी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल प्रकृति की सेवा नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य देने का एक संकल्प है। ये रहे मौजूद इस अवसर पर जिला संयोजक शंकर लाल भोई, जिला कार्यकारिणी सदस्य संतोष राठौड़, बंसीलाल खटीक, नगर संयोजक ऋषभ सेठ, जितेंद्र लोहार, विजू भाई सुथार और शांतिलाल सुथार सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जोधपुर में 24 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा:आरोपी ने बना रखी तीन फर्जी कंपनी, बिना माल बेचे काटे बिल
केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) आयुक्तालय, जोधपुर की एंटी इवेजन शाखा ने 24 करोड़ रुपए की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी पकड़ी है। टीम ने इसका खुलासा करते हुए सरकारी खजाने को करोड़ों रुपए का चूना लगाने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया। सीजीएसटी की एंटी इवेजन शाखा की टीम ने जोधपुर के लालसागर स्थित दिलीप नगर निवासी ललित चांडक पुत्र ताराचंद को बुधवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसे 28 जुलाई तक जेल भेज दिया है। कागजों पर बनीं कंपनियां, बिना माल बेचे काटे बिल सीजीएसटी टीम की जांच में सामने आया है कि आरोपी ललित चांडक ने सुनियोजित तरीके से तीन फर्जी फर्में बनाईं। इन फर्मों के जरिए बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की सप्लाई किए ही करोड़ों रुपए के फर्जी टैक्स इनवॉइस (बिल) जारी किए जा रहे थे। इन फर्जी बिलों के आधार पर आरोपी ने न केवल खुद अवैध रूप से आईटीसी का लाभ उठाया, बल्कि धोखाधड़ी से अन्य लोगों को भी यह क्रेडिट पास कर दिया। इस तरीके से तकरीबन 24 करोड़ रुपए की जीएसटी चोरी करना सामने आया है। जोधपुर सीजीएसटी कमिश्नर एचएन बताया कि बोगस फर्मों के जरिए आईटीसी अवेल करने वाले नेटवर्क से जुड़ी अन्य फर्मों का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। एक फर्म का मालिक, अन्य का प्रतिनिधि या मैनेजर आरोपी ललित चांडक मुख्य रूप से जोधपुर के मंडोर रीको इंडस्ट्रियल एरिया एफ-30 स्थित 'मैसर्स पीके इंडस्ट्रीज' का मालिक है। इसके अलावा वह कागजों पर चल रही दो अन्य फर्जी फर्मों का भी अधिकृत प्रतिनिधि, मैनेजर और ऑपरेटर है। इनमें 'मैसर्स दिव्या मगज इंडस्ट्रीज' और 'मैसर्स कियारा इम्पेक्स' नामक फर्म शामिल हैं। बोगस बिलिंग नेटवर्क, फिर भी नहीं बच पाया सीजीएसटी सूत्रों के अनुसार आरोपी ललित चांडक ने बेहद शातिराना तरीके से बोगस बिलिंग का नेटवर्क खड़ा कर रखा था, लेकिन उसकी कारस्तानी विभाग की नजरों से बच नहीं पाई। सीजीएसटी टीम को जांच के दौरान मिले पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ सीजीएसटी एक्ट, 2017 के कड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
डूंगरपुर जिले के नवलश्याम स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में गुरुवार को विद्यार्थियों और अभिभावकों ने विभिन्न मांगों को लेकर स्कूल के मुख्य द्वार पर तालेबंदी कर प्रदर्शन किया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने संचिया-नवलश्याम मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि स्कूल में पहले से ही शिक्षकों की कमी है। हिंदी, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों के पद रिक्त हैं। अब गणित विषय के शिक्षक का भी तबादला हो गया है, जिससे पढ़ाई प्रभावित हो रही है। खासकर 10वीं और 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। विद्यार्थियों ने गणित शिक्षक का तबादला तुरंत निरस्त करने की मांग की। इसके साथ ही स्कूल के एक अन्य शिक्षक की कार्यशैली को लेकर भी भारी विरोध जताया गया। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उक्त शिक्षक उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं और अपशब्दों का प्रयोग करते हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। स्कूल में तालेबंदी और चक्का जाम की सूचना मिलते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ) नवीन चंद मीणा और समसा के एडीपीसी रणछोड़ लाल डामोर तुरंत अमले के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों और अभिभावकों से काफी देर तक बातचीत की। उन्होंने छात्राओं से दुर्व्यवहार के आरोपी शिक्षक के खिलाफ निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही, गणित शिक्षक के तबादले से पढ़ाई का नुकसान न हो, इसके लिए तुरंत किसी अन्य शिक्षक की वैकल्पिक व्यवस्था करने का भी आश्वासन दिया। अधिकारियों के ठोस आश्वासन और समझाइश के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों ने प्रदर्शन समाप्त कर स्कूल का ताला खोला, जिसके बाद स्थिति शांतिपूर्ण हो गई।
लुधियाना में लोगों ने दो बाइक चोरों को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी पेट्रोल खत्म होने पर चोरी की मोटरसाइकिल छोड़कर पैदल भागने लगे। स्थानीय लोगों ने उनका पीछा कर दबोच लिया। इसके बाद गुस्साई भीड़ ने दोनों को पेड़ से बांध दिया और पुलिस के पहुंचने तक वहीं रखा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तीन युवक चोरी की बाइक पर सवार होकर भाग रहे थे। संदेह होने पर उनका पीछा किया। गिल वाली नहर के पास बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया, जिसके बाद तीनों आरोपी मोटरसाइकिल छोड़कर पैदल भागने लगे। स्थानीय लोगों ने पीछा कर दो आरोपियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर फरार हो गया। भीड़ ने पेड़ से बांधकर की पिटाई दोनों आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने उन्हें पेड़ से बांध दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर चौकी ले गई। CCTV से मिला सुराग पीड़ित स्वर्ण सिंह, निवासी गांव जरखड़ ने बताया कि उनकी राड़ा साहिब रोड पर दुकान है। दुकान के बाहर खड़ी उनकी स्प्लेंडर बाइक बुधवार को चोरी हो गई थी। घटना के बाद उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें कथित चोरों की गतिविधियां कैद हुईं। उन्होंने बताया कि आरोपियों का पीछा करते हुए वे गिल नहर तक पहुंचे, जहां बाइक का पेट्रोल खत्म हो चुका था। आरोपी बाइक को खींचकर ले जा रहे थे। शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने मदद की और दो आरोपियों को पकड़ लिया। इलाके में बढ़ रही हैं बाइक चोरी की वारदातें स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में दुकानों के बाहर से लगातार मोटरसाइकिल चोरी की घटनाएं हो रही हैं। उनका दावा है कि कई वारदातों के सीसीटीवी फुटेज में भी यही युवक नजर आए हैं। लोगों ने पुलिस से पूरे गिरोह का पर्दाफाश करने और चोरी की अन्य मोटरसाइकिलें बरामद करने की मांग की है। तीसरे आरोपी की तलाश में पुलिस पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरार तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों का किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से संबंध है या नहीं। पीड़ितों और स्थानीय लोगों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
चंदौली में तेज रफ्तार ट्रेलर खड़े ट्रक से टकराया, मौत:केबिन में फंसे चालक की गई जान, क्लीनर घायल
चंदौली जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार को हाइवे पर एक सड़क हादसे में ट्रेलर चालक की मौत हो गई। विकास भवन के पास खड़े एक ट्रक में तेज रफ्तार ट्रेलर ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ट्रेलर का केबिन क्षतिग्रस्त हो गया। यह घटना गुरुवार को विकास भवन के सामने हाइवे पर बने ओवरब्रिज के पास हुई। बिहार की तरफ से वाराणसी जा रहे एक तेज गति के ट्रेलर ने सड़क किनारे खड़े एक ट्रक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रेलर का केबिन उड़कर सड़क किनारे जा गिरा। हादसे में ट्रेलर का चालक केबिन में फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, क्लीनर गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर पहुंचे लोगों ने किसी तरह क्लीनर को घायल अवस्था में केबिन से बाहर निकाला। घायल क्लीनर को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे वाराणसी रेफर कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। सदर कोतवाल बीके पांडेय ने बताया कि चालक के शव को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस टीम पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है और मृतक चालक की शिनाख्त का प्रयास कर रही है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने जुलाई-दिसंबर 2026 सेशन के लिए ग्रेजुएशन फर्स्ट और थर्ड सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए एसईसी (स्किल एन्हांसमेंट कोर्स) और एईसी (एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स) की लिस्ट और गाइडलाइंस जारी कर दी हैं। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जानकारी देते हुए 'स्वयं' नोडल ऑफिसर प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि तय किए गए SEC और AEC कोर्स स्टूडेंट्स के लिए अनिवार्य हैं। अपने सेमेस्टर के हिसाब से सिर्फ एक कोर्स चुनकर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को केवल इंटरनल असेसमेंट (परीक्षा) 'स्वयं' प्लेटफॉर्म पर ऑनलाइन देनी होगी, जबकि सेमेस्टर के अंत की मुख्य परीक्षा यूनिवर्सिटी खुद कराएगी। इसलिए सभी को समय पर एनरोलमेंट कराकर पढ़ाई शुरू करनी होगी। कुलपति प्रो. पूनम टंडन की देखरेख में शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य स्टूडेंट्स को नई एजुकेशन पॉलिसी (NEP-2020) के तहत बेहतर डिजिटल एजुकेशन और ऑनलाइन कोर्सेज से जोड़ना है। डिजिटल एजुकेशन हमारी प्राथमिकता- कुलपतिकुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से नए हुनर और आइडियाज सिखाने के लिए लगातार काम कर रही है। 'स्वयं' (SWAYAM) पोर्टल के जरिए देश के बड़े आईआईटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटीज और नामी संस्थानों के बनाए कोर्सेज स्टूडेंट्स को मिल रहे हैं। हर योग्य स्टूडेंट को इसका फायदा उठाना चाहिए ताकि उनके लिए नौकरी के मौके बढ़ें। उन्होंने सभी डीन, एचओडी और कॉलेजों के प्रिंसिपलों को ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट्स का रजिस्ट्रेशन कराने को कहा है। क्या है 'स्वयं' पोर्टल?'स्वयं' भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय की एक नेशनल ऑनलाइन एजुकेशन मुहिम है। इसका उद्देश्य देश के हर स्टूडेंट तक फ्री और बेहतर शिक्षा पहुंचाना है। इस प्लेटफॉर्म पर बड़े संस्थानों के प्रोफेसर पढ़ाते हैं। एनईपी-2020 के तहत यह स्टूडेंट्स को टेक्नोलॉजी की मदद से आसान और हुनर सिखाने वाली पढ़ाई देता है। डीडीयू में इसके तहत एसईसी और एईसी कोर्सेज को लागू किया गया है। इन कोर्सेज में चुनना होगा विकल्प…. ग्रेजुएशन फर्स्ट सेमेस्टर (SEC) के लिएबेसिक्स ऑफ फूड एंड न्यूट्रिशन, मास्टरिंग स्पीकिंग एंड प्रेज़ेंटेशन्स, गवर्नेंस ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट, डेवलपिंग सॉफ्ट स्किल्स एंड पर्सनैलिटी, ग्लोबल कम्युनिकेशन के लिए हिन्दी, साइकोलॉजी ऑफ साइबर क्राइम एंड डिजिटल बिहेवियरल एनालिसिस ग्रेजुएशन थर्ड सेमेस्टर (SEC) के लिएफाइनेंशियल एकाउंटिंग, सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट, इंडियन नॉलेज सिस्टम, एआई इन डिजिटल एंड सोशल मीडिया मार्केटिंग, फूड पैकेजिंग टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड आईपी स्ट्रेटेजी ग्रेजुएशन थर्ड सेमेस्टर (AEC) के लिएबॉडी लैंग्वेज : की टू प्रोफेशनल सक्सेस, प्रमुख हिन्दी कहानियाँ और भारतीय समाज, स्ट्रेस मैनेजमेंट, म्यूज़िक एंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री लॉ, कॉस्ट एकाउंटिंग, डिसीजन-मेकिंग अंडर अनसर्टेनटी, राइटिंग स्किल्स, पोषण एवं आहार प्रो. शुक्ल ने बताया कि स्टूडेंट्स की सहूलियत के लिए ऐसे कोर्स चुने गए हैं जिनमें अंग्रेजी वीडियो के साथ हिंदी सबटाइटल्स (लिखावट) हैं और कई कोर्स तो पूरी तरह हिंदी में भी हैं। इससे विषय को समझने में आसानी होगी। डीडीयू को मिल चुका है नेशनल अवॉर्डडीडीयू ने 'स्वयं' के क्षेत्र में देश भर में बड़ा मुकाम हासिल किया है। जनवरी-जून 2026 के सेशन में 1.10 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स का रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन कराने के लिए यूनिवर्सिटी को आईआईटी कानपुर में हुए एक बड़े प्रोग्राम में 'सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसिएशन' देकर सम्मानित किया जा चुका है। चलेगा अवेयरनेस कैंपेनयूनिवर्सिटी प्रशासन ने सभी विभागों और कॉलेजों से अपील की है कि वे इन कोर्सेज की जानकारी हर स्टूडेंट तक पहुंचाएं, ताकि सभी बच्चे समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर इस सरकारी ई-लर्निंग स्कीम का पूरा फायदा उठा सकें।
लखनऊ की अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल यूनिवर्सिटी के दूसरे दीक्षांत समारोह में कानपुर के जीएसवीएम (GSVM) मेडिकल कॉलेज के होनहारों ने कामयाबी का परचम लहराया है। समारोह में कॉलेज के डॉक्टरों ने अपनी स्वर्णिम चमक बिखेरते हुए कई बड़े मेडल अपने नाम किए। कॉलेज से एमएस ईएनटी (ENT) की पढ़ाई कर रहीं डॉ. अवंतिका बंसल और एमडी मेडिसिन की डॉ. अनन्या त्रिपाठी को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए गोल्ड मेडल से नवाजा गया है। इनके अलावा डॉ. श्रेया सचान, डॉ. प्रफुल्ल शर्मा और नर्सिंग कॉलेज की तनु कुमारी बिंद ने रजत (सिल्वर) पदक जीतकर संस्थान का नाम रोशन किया है। विरासत में मिली डॉक्टरी, सफलता मिलते ही पिता को पहनाया गोल्ड मेडल स्वर्ण पदक जीतने वाली डॉ. अनन्या त्रिपाठी मूल रूप से सुल्तानपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए गुरुवार 11 बजे बताया कि, उनके परिवार में पहले से ही आठ लोग डॉक्टर हैं। परिवार की इसी बड़ी और प्रतिष्ठित विरासत को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने यह स्वर्णिम कदम उठाया था। डॉक्टर अनन्या के लिए यह भावुक कर देने वाला पल था, इसलिए गोल्ड मेडल मिलते ही उन्होंने सबसे पहले अपने पिता डॉ. के.सी. त्रिपाठी को इसे पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया। कॉलेज की उप प्राचार्य के मार्गदर्शन और शोध से मिली कामयाबी डॉ. अनन्या त्रिपाठी ने अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य प्रोफेसर रिचा गिरि को दिया है। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर रिचा गिरि ने उन्हें मेडिकल रिसर्च यानी शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए लगातार प्रेरित और प्रोत्साहित किया। उनके द्वारा दिए गए सही दिशा-निर्देशों और कड़े प्रयासों की बदौलत ही आज वह इस मुकाम तक पहुँच पाई हैं और कॉलेज का नाम पूरे प्रदेश में चमका सकी हैं। ईएनटी और मेडिसिन विभाग के साथ नर्सिंग में भी मारी बाजी इस दीक्षांत समारोह में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज का दबदबा हर तरफ दिखाई दिया। जहाँ ईएनटी विभाग की डॉ. अवंतिका और मेडिसिन विभाग की डॉ. अनन्या ने गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। बीएससी नर्सिंग कॉलेज की छात्रा तनु कुमारी बिंद ने भी कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच रजत पदक जीतकर यह साबित कर दिया कि नर्सिंग क्षेत्र में भी जीएसवीएम के छात्र किसी से पीछे नहीं हैं। कानपुर लौटने पर सभी विजेता डॉक्टरों और छात्रों का कॉलेज प्रबंधन द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
ननिहाल जा रहा युवक हुआ लापता:काफी खोजबीन के बाद भी परिजनों को नहीं मिला सुराग, चाचा ने दी रिपोर्ट
चूरू शहर से 26 वर्षीय एक युवक के लापता होने का मामला सामने आया है। परिजनों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर युवक की तलाश शुरू कर दी है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार वार्ड 28 निवासी मोहम्मद उर्फ पप्पू जर्रा ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका 26 वर्षीय भतीजा शरीफ उर्फ रजब अली 11 जुलाई की शाम करीब पौने 6 बजे अपने ननिहाल रतनगढ़ जाने के लिए घर से निकला था। उसके पास सामान का एक कट्टा भी था। परिजनों के मुताबिक, शरीफ न तो रतनगढ़ स्थित अपने ननिहाल पहुंचा और न ही वापस घर लौटा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है।परिजनों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाना पहुंचकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यदि आप एक नियोक्ता हैं और ईपीएफ (EPF) अंशदान में देरी की वजह से भारी-भरकम डैमेज (हर्जाना) और कानूनी मुकदमों से परेशान हैं, तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) आपके लिए एक शानदार राहत लेकर आया है। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से एक बेहद खास योजना 'EPFO VISHWAS, 2026' की शुरुआत की है। इस योजना का सीधा मकसद सालों से लटके विवादों को आपसी सहमति से तुरंत निपटाना है। यह योजना सिर्फ 6 महीने यानी 31 दिसंबर 2026 तक ही खुली रहेगी। क्या है यह 'विश्वास' योजना और क्यों पड़ी इसकी जरूरत? आसान शब्दों में कहें तो जब भी कोई कंपनी अपने कर्मचारियों का पीएफ पैसा जमा करने में देरी करती है, तो ईपीएफओ कानून की धारा 14B के तहत उस पर 'डैमेज' (जुर्माना) लगाता है। कई बार यह राशि इतनी ज्यादा हो जाती है कि कंपनियां कोर्ट चली जाती हैं और मामला सालों-साल लटका रहता है। इसी कानूनी झंझट और पेंडिंग मामलों को खत्म करने के लिए सरकार यह 'गोल्डन चांस' लेकर आई है। अब जेब पर नहीं पड़ेगा भारी बोझ, डैमेज की नई दरें तय इस योजना के तहत सबसे बड़ी राहत हर्जाने की दरों में दी गई है। अब देरी की अवधि के हिसाब से बेहद मामूली डैमेज लिया जाएगा। दो महीने तक की देरी होने पर केवल 0.25% प्रति माह, दो से चार महीने तक की देरी पर सिर्फ 0.50% प्रति माह और चार महीने से अधिक की देरी होने पर 1.00% प्रति माह की दर से ही डैमेज वसूला जाएगा। किन-किन मामलों में मिलेगा इस छूट का फायदा? यह योजना हर उस नियोक्ता के लिए है जो अपने कानूनी विवाद खत्म करना चाहता है। इसमें मुख्य रूप से चार तरह के मामलों को शामिल किया गया है। पहले वो मामले जो अदालत में लंबित हैं यानी जहां ईपीएफओ का आदेश आ चुका है लेकिन कंपनी ने कोर्ट या ट्रिब्यूनल में अपील की हुई है। दूसरे वो मामले जहां फाइनल ऑर्डर जारी हो चुका है और आरआरसी के जरिए रिकवरी चल रही है। तीसरे वो मामले जहां विभाग ने नोटिस तो दे दिया है पर आखिरी फैसला आना बाकी है, और चौथे वो डिफॉल्ट मामले शामिल हैं जहां अभी तक विभाग की तरफ से कोई नोटिस जारी भी नहीं हुआ है।फायदा लेने के लिए इन शर्तों को पूरा करना होगा जरूरीअगर आप इस योजना से जुड़कर अपना जुर्माना कम करवाना चाहते हैं, तो दो जरूरी शर्तें माननी होंगी। सबसे पहले तो आवेदन करने से पहले धारा 7Q के तहत लगने वाला पूरा ब्याज चुकाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही नियोक्ताओं को एक अंडरटेकिंग (घोषणा पत्र) देना होगा कि इस समझौते के बाद वे इस मामले को लेकर भविष्य में किसी भी कोर्ट या फोरम में नई अपील दायर नही करेंगे। जानिए कैसे करना होगा ऑनलाइन आवेदनइसके लिए किसी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखा गया है। नियोक्ता को सबसे पहले ईपीएफओ के एंप्लॉयर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन अप्लाई करना होगा। फॉर्म में अपनी डिफॉल्ट अवधि, ऑर्डर नंबर, डैमेज की रकम जैसी जानकारियां भरकर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। एइसके बाद यह घोषणा करनी होगी कि ब्याज का पूरा पैसा जमा किया जा चुका है और अंत में ई-साइन या डीएससी के जरिए आवेदन सबमिट करना होगा। सबमिट होते ही यह मामला सीधे संबंधित फील्ड ऑफिस के पास मंजूरी के लिए पहुंच जाएगा।
राजधानी लखनऊ में प्रस्तावित कुकरैल नाइट सफारी परियोजना की सबसे बड़ी कानूनी बाधा अब खत्म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) की सिफारिशों और पर्यावरणीय शर्तों के साथ परियोजना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही देश की पहली और दुनिया की पांचवीं नाइट सफारी के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। अब राज्य सरकार निर्माण प्रक्रिया को अंतिम रूप देकर जल्द काम शुरू करने की तैयारी में जुटेगी। अब आगे क्या होगा? सुप्रीम कोर्ट की मंजूरी मिलने के बाद राज्य सरकार सीईसी की सभी शर्तों का पालन करते हुए निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। परियोजना के पहले चरण के लिए स्वीकृत धनराशि के आधार पर टेंडर और अन्य प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद निर्माण एजेंसी का चयन कर मौके पर काम शुरू कराया जाएगा। परियोजना की निगरानी के लिए एक विशेष समिति भी गठित होगी, जो हर महीने निरीक्षण करेगी और प्रत्येक तीन महीने में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार, केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) और सीईसी को सौंपेगी। कब से शुरू हो सकता है निर्माण? सरकारी तैयारियां पहले से काफी हद तक पूरी हैं और अधिकांश जरूरी स्वीकृतियां पहले ही मिल चुकी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद आने वाले कुछ महीनों में निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। पूरी परियोजना को तैयार होने में कम से कम दो वर्ष का समय लगेगा। अब तक क्या-क्या हो चुका है? कुकरैल नाइट सफारी परियोजना को अगस्त 2022 में प्रदेश मंत्रिमंडल ने सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। इसके बाद फरवरी 2025 में व्यय वित्त समिति ने 1510 करोड़ रुपये की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। परियोजना को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) सहित अन्य आवश्यक अनुमतियां पहले ही मिल चुकी थीं। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में भी मामला सरकार के पक्ष में आ चुका था। चूंकि परियोजना आरक्षित वन क्षेत्र में प्रस्तावित है, इसलिए अंतिम मंजूरी के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति आवश्यक थी, जो अब मिल गई है। सीईसी की इन शर्तों के साथ मिली मंजूरी सुप्रीम कोर्ट ने सीईसी की सिफारिशों को लागू करने की शर्त पर परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रस्तावित एडवेंचर जोन नहीं बनाया जाएगा। चार लेन सड़क की जगह केवल दो लेन सड़क बनेगी। नवाब वाजिद अली शाह प्राणी उद्यान को कुकरैल वन क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। परियोजना के दौरान पेड़ों की कटाई न्यूनतम रखी जाएगी और बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसके अलावा नाइट सफारी में कम तीव्रता वाली वन्यजीव अनुकूल रोशनी का उपयोग होगा, शोर-शराबे और वाहनों की आवाजाही नियंत्रित रहेगी तथा प्राकृतिक नालों, जलधाराओं और आर्द्रभूमि से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। 900 एकड़ में विकसित होगी नाइट सफारी करीब 900 एकड़ क्षेत्र में बनने वाली यह परियोजना दो चरणों में विकसित होगी। पहले चरण पर 631 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पूरे परिसर का लगभग 71 प्रतिशत हिस्सा हरित क्षेत्र रहेगा और सौर ऊर्जा का उपयोग भी किया जाएगा। नाइट सफारी में करीब 5.5 किलोमीटर लंबा ट्रामवे, 1.92 किलोमीटर का वॉकिंग पाथ, कैफेटेरिया, 7डी थिएटर, ऑडिटोरियम और पार्किंग जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यहां एशियाटिक शेर, बंगाल टाइगर, तेंदुआ, घड़ियाल, हायना और उड़न गिलहरी सहित कई वन्यजीव पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र होंगे। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सरकार का मानना है कि कुकरैल नाइट सफारी शुरू होने के बाद लखनऊ अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनाएगा। यह परियोजना न केवल देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगी, बल्कि राजधानी में पर्यटन, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगी।
कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर एक ही रात में दो अलग-अलग सड़क हादसे हुए। एक यात्री बस डिवाइडर से टकरा गई, जबकि कबाड़ से लदा ट्रक सड़क से नीचे उतरकर पलट गया। दोनों घटनाओं में किसी की जान नहीं गई। पहली घटना ग्राम झिपटोला के पास देर रात हुई। कांकेर से रायपुर जा रही महेंद्र बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और डिवाइडर भी टूट गया। सभी यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। डिवाइडर से टकराई यात्री बस क्षतिग्रस्त बस को मौके से हटाने का काम जारी है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। उनका मानना है कि सड़क पर तीखा मोड़ और पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने के कारण यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं। झपकी आने से पलटा ट्रक दूसरी घटना रात करीब 2 बजे हुई। धमतरी की ओर कबाड़ लेकर जा रहा ट्रक चालक को झपकी आने से अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया और पलट गया। हादसे में चालक सुरक्षित बच गया। स्थानीय लोगों ने उठाई मांग क ही रात में NH-30 पर हुए इन दो बड़े हादसों से क्षेत्र के लोगों में चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने राजमार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और दुर्घटना संभावित स्थानों पर आवश्यक सुधार करने की मांग की है।
देश के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा निकाली जा रही है। हरदा, महेश्वर (खरगोन) और बेगमगंज (रायसेन) में इसकी शुरुआत हो गई। यहां ढोल-नगाड़ों, भजनों और पुष्प वर्षा के बीच महाप्रभु जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ भक्तों का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। देखिए अलग-अलग शहरों से रथ यात्रा की तस्वीरें उज्जैन में दो रथयात्राए निकलेंगी उज्जैन में दो रथ यात्राएं निकाली जाएंगी। पहली रथ यात्रा इस्कॉन मंदिर की ओर से इंदिरा नगर चौराहे से और दूसरी कार्तिक चौक स्थित भगवान जगदीश मंदिर से खाती समाज की ओर से निकलेगी। दोनों यात्राएं दोपहर 2 बजे शुरू होंगी। भगवान के लिए बंगाल के कारीगरों ने जापान से मंगाए गए धागों और मोतियों से करीब ढाई लाख रुपए की लागत से विशेष पोशाक तैयार की है। इसी के साथ यात्रा के लिए तीन विशेष रथ भी तैयार किए गए हैं। यात्रा इंदिरा नगर चौराहे से शुरू होकर मंडी चौराहा, चामुंडा माता, फ्रीगंज ब्रिज, टॉवर चौक, तीन बत्ती और विक्रमादित्य शोध पीठ होते हुए वापस मंदिर पहुंचेगी। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…
लातेहार जिले में टीएसपीसी उग्रवादी संगठन ने एक बार फिर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास किया है। मनिका थाना क्षेत्र के माइल गांव में एक युवती पर पुलिस की मुखबिरी का आरोप लगाते हुए उसके घर पर धमकी भरा पोस्टर चिपकाया गया है। यह घटना सेमरहट टोला स्थित कमलेश प्रसाद के घर पर हुई। पोस्टर में कमलेश की बेटी सीमा कुमारी पर पुलिस को संगठन की गतिविधियों की जानकारी देने का आरोप लगाया गया है। पोस्टर में खुद को टीएसपीसी का सब-जोनल कमांडर नवीन जी बताते हुए लोहरदगा-लातेहार-महुआडांड़-गारू, गुमला-पलामू सीमांत जोनल कमेटी की ओर से यह चेतावनी जारी की गई है। गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी पोस्टर में युवती और उसके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है। परिवार को चेतावनी दी गई है कि सीमा कुमारी को घर से निकाल दिया जाए, अन्यथा उसके खिलाफ 'फौजी कार्रवाई' की जाएगी। इसके अलावा, यह भी धमकी दी गई है कि यदि युवती को घर से नहीं हटाया गया तो पूरे घर में आग लगा दी जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी परिवार की होगी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मनिका थाना प्रभारी प्रभात दास ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि पोस्टर किसने और किन परिस्थितियों में चिपकाया। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि पुलिस पारिवारिक विवाद के पहलू पर भी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बताया जाता है कि कमलेश की पत्नी राधिका देवी लातेहार जिला सांख्यिकी विभाग में डेली बेसिस पर कार्यरत हैं। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
गोरखपुर नगर निगम की बोर्ड बैठक बृहस्पतिवार को शुरू हो गई। बैठक का मुख्य एजेंडा कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव है। सुबह से ही नगर निगम परिसर में उम्मीदवारों के नाम को लेकर चर्चाओं का माहौल बना रहा। हालांकि, सभी छह पदों के लिए 7 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। कार्यकारिणी के सदस्यों में से ही उपसभापति का चुनाव किया जाएगा सभी की नजरें हैं इस पद पर होने वाले चयन को लेकर टिकी हुई हैं। ऐसे में उम्मीदवारों के बीच चुनाव का समीकरण बन रहा है। कार्यकारिणी सदस्य बनने के लिए जिन पार्षदों ने नामांकन किया है, उनमें वार्ड नंबर 54 से आनंद साहनी, वार्ड नंबर 66 से आरती सिंह, वार्ड नंबर 22 से राजेश कुमार, वार्ड नंबर 36 से राजेंद्र तिवारी, वार्ड नंबर 17 से रितेश सिंह और वार्ड 74 के पार्षद नूर मोहम्मद शामिल हैं। बैठक के दौरान नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगर कोई नाम वापस नहीं लिया तो चुनाव होना तय है। नगर निगम की कार्यकारिणी का गठन होने के बाद इसी में शामिल सदस्यों में से उपसभापति का चुनाव किया जाएगा। माना जा रहा है कि शाम तक नई कार्यकारिणी और उपसभापति के नाम पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी। पुरानी कार्यकारिणी के छह सदस्य होंगे बाहरकार्यकाल पूरा होने के कारण वर्तमान कार्यकारिणी के छह सदस्य पद छोड़ेंगे। इनमें भाजपा के उपसभापति पवन त्रिपाठी, ऋषि मोहन वर्मा, छोटे लाल यादव, श्रवण पटेल और सरोज पासवान शामिल हैं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी के पार्षद रमेश यादव का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। उपसभापति पवन त्रिपाठी का कार्यकाल खत्म होने के साथ ही नए उपसभापति का चुनाव भी कार्यकारिणी के नए सदस्यों में से किया जाएगा। नगर निगम की इस बैठक पर सभी की नजरें टिकी हैं, नई कार्यकारिणी के गठन के साथ नगर निगम के महत्वपूर्ण निर्णयों और विकास कार्यों की दिशा तय करने वाली नई टीम सामने आएगी।
लोग बोले- 500 मीटर की सड़क में 500 गड्ढे:पार्षद और चेयरमैन का घर इसी गली में, फिर भी काम नहीं
नागौर में सड़क पर गड्ढों को लेकर लोगों ने नाराजगी जाहिर किया है। लोढ़ा का चौक से माही दरवाजा, माही दरवाजा से बख्तसागर और माही दरवाजा से तेलीवाड़ा तक करीब 500 मीटर की सड़क उखड़ चुकी है। लोगों का कहना है- यहां 500 मीटर में 500 छोटे-बड़े 500 गड्ढे हैं। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन सवारों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोज हजारों लोग इस रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन नगर परिषद और प्रशासन की ओर से अब तक सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई। बरसात के मौसम में गड्ढों में पानी भरने से खतरा और बढ़ गया है। दोपहिया वाहन चालक फिसल रहे हैं, जबकि बुजुर्गों और पैदल चलने वालों के लिए भी यह रास्ता जोखिम भरा बन चुका है। जनप्रतिनिधियों के घर के सामने भी बदहाल सड़क हैरानी की बात यह है कि इसी क्षेत्र में पूर्व पार्षद नवरत्न बोथरा और पूर्व सभापति मीतू बोथरा का निवास भी है। उनके घर के सामने से गुजरने वाली सड़क भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सालों तक नगर परिषद की सत्ता में रहने के बावजूद इस सड़क की सुध नहीं ली गई। व्यवस्था पर उठ रहे सवाल शहरवासियों का कहना है कि नागौर नगर परिषद को पिछले करीब दो वर्षों से स्थायी आयुक्त नहीं मिल पाया है। कभी किसी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है तो कभी किसी और को। वर्तमान में एसडीएम गोविंद सिंह भींचर के पास नगर परिषद का अतिरिक्त जिम्मा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन शहर के अंदर की मूलभूत समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे रहा है। कई लोग हो चुके घायल, बड़े हादसे का डर स्थानीय लोगों के अनुसार सड़क की खराब स्थिति के कारण कई बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं करवाई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि लोढ़ा का चौक, माही दरवाजा, बख्तसागर और तेलीवाड़ा मार्ग का तत्काल सर्वे कराया जाए और आपात स्तर पर सड़क मरम्मत कार्य शुरू किया जाए। लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।
400 साल पुरी परंपरा में इस बार 'सुकाल' का संकेत:हजारों ग्रामीण हुए शामिल, अच्छी बारिश की उम्मीद
बूंदी के नमाना क्षेत्र के हरिपुरा गांव में गुरुवार सुबह करीब 400 साल पुरानी अकाल-सुकाल की परंपरा निभाई गई। रघुनाथ जी मंदिर में रथ यात्रा के दौरान हुए इस अनुष्ठान में 40 गांवों से हजारों ग्रामीण जुटे। करीब 45 मिनट तक चले अनुष्ठान के बाद सुकाल की तणी लकड़ी की रॉड पर आकर रुक गई, जिसे ग्रामीणों ने इस साल अच्छी बारिश और बेहतर खेती का शुभ संकेत माना। रथ यात्रा के साथ शुरू हुआ अनुष्ठान मंदिर के पुजारी छितर लाल बैरागी ने सुबह 7 बजे हवन कुंड में आहुतियां देकर अनुष्ठान की शुरुआत की। इसके बाद ढोल-नगाड़ों के बीच दो अर्धनग्न लड़कों का तिलक कर उन्हें मंदिर से करीब 100 फीट दूर खड़ा किया गया। दोनों के गले में दो रस्सियां डाली गईं, जिनमें एक अकाल और दूसरी सुकाल का प्रतीक थी। दोनों रस्सियां मंदिर की ओर जाती थीं। 45 मिनट बाद सुकाल की तणी रॉड पर रुकी मंदिर प्रांगण में दो फीट ऊंची लकड़ी की रॉड गाड़कर उसकी गेहूं के दाने, पुष्प और अक्षत से पूजा की गई। दोनों लड़के करीब 45 मिनट तक खड़े रहे। सुबह 7:45 बजे सुकाल की तणी अपने आप रॉड पर आकर रुक गई। इसे शुभ संकेत मानते हुए ग्रामीणों ने जयकारे लगाए और अनुष्ठान संपन्न किया। ग्रामीणों के लिए मौसम का पारंपरिक संकेत ग्रामीणों का विश्वास है कि सुकाल की तणी रुकने का अर्थ है कि इस वर्ष अच्छी बारिश होगी। इसी आधार पर किसान धान की रोपाई की योजना बनाते हैं, जबकि कई विद्यार्थी भी इसे शुभ मानकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सकारात्मक संकेत मानते हैं। पिछले साल अकाल का संकेत सही साबित होने का दावा पुजारी छितर लाल बैरागी ने बताया कि वर्ष 2025 में अकाल की तणी चढ़ी थी। उस समय आशंका जताई गई थी कि या तो बारिश कम होगी या फिर अत्यधिक वर्षा से नुकसान होगा। उनके अनुसार बाद में तेज बारिश के कारण क्षेत्र के कई खेत बह गए थे, जिससे ग्रामीणों का इस परंपरा पर विश्वास और मजबूत हुआ। बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद अनुष्ठान के दौरान हरिद्वार मीणा, दुर्गाल मीणा, सुरेश मीणा, भंवरलाल मीणा, किशनलाल मीणा, चौथमल शर्मा, उदयलाल मीणा, लटूरलाल मीणा, मुकुट बिहारी मीणा, विष्णु शर्मा, ओमप्रकाश मीणा, दौलतराम मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विदिशा जिले के मानोरा धाम में गुरुवार को भगवान जगदीश स्वामी की रथयात्रा निकाली गई। प्रदेशभर में 'मिनी जगन्नाथपुरी' के नाम से प्रसिद्ध मानोरा में भगवान जगदीश स्वामी (जगन्नाथ), बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा 22 फीट ऊंचे दो मंजिला लकड़ी के रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकले। इस रथयात्रा में शामिल होने और भगवान के दर्शन के लिए विदिशा सहित आसपास के कई जिलों से लाखों श्रद्धालु पहुंचे। सुबह मंदिर के गर्भगृह से वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ भगवान के विग्रहों को रथ पर विराजित किया गया। इसके बाद रथयात्रा पूरे गांव में निकली। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान की पूजा-अर्चना की, आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। मानोरा गांव को रंग-बिरंगी रोशनी, ध्वज-पताकाओं और आकर्षक सजावट से सजाया गया था। जगन्नाथ पुरी से मानोरा आते हैं भगवानमानोरा की यह रथयात्रा दो शताब्दियों से चली आ रही एक महत्वपूर्ण परंपरा है। मान्यता है कि जब ओडिशा के जगन्नाथ पुरी में रथयात्रा के दौरान भगवान का रथ कुछ समय के लिए रुकता है, तब शंकराचार्य यह घोषणा करते हैं कि भगवान मानोरा धाम पधार गए हैं। इसी मान्यता के आधार पर यहां उत्सव की शुरुआत होती है, जिसमें श्रद्धालु तीन दिनों तक भगवान के दर्शन करते हैं। मान्यता के अनुसार, लगभग 200 वर्ष पूर्व मानोरा के भक्त मानकचंद्र और उनकी पत्नी पदमावती जगन्नाथ पुरी गए थे। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान ने उन्हें प्रतिवर्ष मानोरा आकर दर्शन देने का वचन दिया था। तभी से आषाढ़ शुक्ल द्वितीया पर यहां रथयात्रा निकालने की परंपरा चली आ रही है, जिसका पालन आज भी किया जाता है।
पलवल में ट्रेन से कट कर युवक की मौत:दो दिन पहले घर से निकला, रेलवे ट्रैक पार करते समय हुआ हादसा
पलवल के रूंधी-शोलाका रेलवे स्टेशन के निकट गुदराना गांव के पास एक युवक की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक की पहचान दीघौट गांव निवासी राजेश के रूप में हुई है। जीआरपी ने पोस्टमार्टम के बाद शव उसके परिजनों को सौंप दिया। जीआरपी के जांच अधिकारी देवरतन ने बताया कि उन्हें मंगलवार देर शाम सूचना मिली थी कि रूंधी-शोलाका रेलवे स्टेशन के निकट गुदराना गांव के पास रेलवे लाइन पर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। सोमवार शाम घर से निकला था युवक जीआरपी ने शव की पहचान कराने का प्रयास किया, लेकिन शुरुआती तौर पर कोई भी व्यक्ति उसकी पहचान नहीं कर सका। इसके बाद शाम को मृतक के परिजन जीआरपी के पास पहुंचे और शव की पहचान दीघौट गांव निवासी राजेश के रूप में की। परिजनों ने बताया कि राजेश सोमवार शाम को घर से निकला था। आशंका है कि इसी दौरान वह रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आ गया। बुधवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जीआरपी ने मृतक के परिजनों के बयान दर्ज कर कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद उन्हें सौंप दिया।
महादेव सट्टा ऐप और स्काई एक्सचेंज बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रायपुर की PMLA स्पेशल कोर्ट ने बुधवार को EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया। ईडी का आरोप है कि सट्टे से कमाए गए पैसे को पहले कई शेल (फर्जी) कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए घुमाया गया। इसके लिए Foreign Portfolio Investment (FPI), Foreign Direct Investment (FDI) जैसे निवेश माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। इसी पैसे को लिस्टेड कंपनियों में लगाया गया। 1,175 करोड़ रुपए में अमेरिका की सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc खरीदी गई। अवैध पैसों को दुबई, मॉरीशस और अमेरिका के रास्ते घुमाया गया। दिल्ली से गिरफ्तार कर रायपुर लाया गया ईडी की रायपुर जोनल ऑफिस की टीम ने मंगलवार को विकास गर्ग को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट से 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड लेकर उसे रायपुर लाया गया। बुधवार को विशेष पीएमएलए कोर्ट में पेश करने के बाद अदालत ने 24 जुलाई तक ईडी रिमांड मंजूर कर दी। पहले सट्टे और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच, फिर सामने आया नया नेटवर्क प्रवर्तन निदेशालय के वकील सौरभ पांडेय ने बताया कि, शुरुआती जांच महादेव ऐप के जरिए सट्टे से हुई कमाई और उसकी मनी लॉन्ड्रिंग तक सीमित थी। लेकिन जांच आगे बढ़ने पर पता चला कि इस रकम को अलग-अलग जगह निवेश किया गया। इसी दौरान स्काई एक्सचेंज नाम के नेटवर्क की जानकारी मिली, जिसके जरिए महादेव ऐप का पैसा कई निवेश माध्यमों में लगाया जा रहा था। पान्डेय ने बताया कि जांच में सामने आया कि विकास गर्ग ने हरीशंकर टिबरेवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से महादेव ऐप से कमाए गए पैसे को भारतीय अर्थव्यवस्था में शामिल किया। दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में बनाई कंपनियां ED एडवोकेट सौरभ पान्डेय ने बताया कि अवैध धन को FDI, पोर्टफोलियो इन्वेस्टमेंट, सिक्योर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट और बॉन्ड्स के जरिए खपाया गया। इसके लिए विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका और ब्रिटेन में कई कंपनियां रजिस्टर कराईं और उन्हीं के माध्यम से निवेश किया। हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी बताया ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को स्काई एक्सचेंज के कथित संचालक हरीशंकर टिंबरेवाल का करीबी सहयोगी बताया गया है। ईडी की पूछताछ के दौरान विकास गर्ग ने स्वीकार किया कि टिंबरेवाल के नियंत्रण वाली विदेशी कंपनियों ने करीब 765.77 करोड़ रुपए गर्ग से जुड़ी कंपनियों में ट्रांसफर किए थे। यह पैसा कई विदेशी कंपनियों के जरिए घुमाकर भारत लाया गया और बाद में वैध कारोबारी निवेश के रूप में दिखाया गया। EBIX खरीदने में लगाया गया सट्टे का पैसा ईडी का आरोप है कि, इस पूरी मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा इस्तेमाल अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी EBIX Inc. को खरीदने में किया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, विकास गर्ग की कंपनी Eraaya Lifespaces Ltd. ने अमेरिका की दिवालिया अदालत (Bankruptcy Court) की प्रक्रिया के जरिए अगस्त 2024 में करीब 1,175 करोड़ रुपए में EBIX Inc. की 97.5% हिस्सेदारी खरीदी। EBIX खरीदने के लिए पैसा कहां से आया? ईडी के मुताबिक विकास गर्ग ने पूछताछ में बताया कि EBIX खरीदने के लिए कई स्रोतों से रकम जुटाई गई। 300 करोड़ रुपए Vikas Lifecare Ltd. से करीब 250 करोड़ रुपए Qualified Institutional Placement से करीब 665 करोड़ रुपए Foreign Currency Convertible Bonds (FCCBs) के जरिए विदेशी निवेशकों से जुटाए। ईडी का आरोप है कि FCCBs के जरिए जुटाए गए पूरे 665 करोड़ रुपए वास्तव में हरीशंकर टिंबरेवाल ने विदेशी कंपनियों के जरिए भेजे थे। एजेंसी का कहना है कि इसी रकम का बड़ा हिस्सा बाद में EBIX खरीदने में इस्तेमाल किया गया। बैंक रिकॉर्ड में क्या मिला? ED जांच में बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि अगस्त 2024 में Eraaya Lifespaces के QIP एस्क्रो खाते में 248.50 करोड़ रुपए विदेशी निवेशकों से आए। बाद में यह रकम कंपनी के मुख्य खाते में ट्रांसफर कर EBIX अधिग्रहण में इस्तेमाल की गई। इसके अलावा जून और जुलाई 2024 के दौरान Vikas Lifecare Ltd. से 292.41 करोड़ रुपए EBIX को भेजे गए। कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड में इन्हें लोन, एडवांस और निवेश के रूप में दर्ज किया गया। 940.77 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच 10 जुलाई को ED ने प्रेस नोट जारी कर संपत्ति अचैटमेंट की जानकारी दी है। ईडी ने डिजिटल साक्ष्य, बैंक रिकॉर्ड और पीएमएलए की धारा-50 के तहत दर्ज बयानों के आधार पर 765.77 करोड़ रुपए को अपराध से अर्जित धन (Proceeds of Crime) माना है। EBIX में Eraaya Lifespaces की 893.03 करोड़ रुपए की हिस्सेदारी 47.74 करोड़ रुपए की अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच कर दी हैं। कुल अटैचमेंट 940.77 करोड़ रुपए का है। ईडी का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए अवैध धन को बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए वैध बनाने के लिए तैयार किया गया था। एजेंसी अब विकास गर्ग से पूछताछ कर इस पूरे मनी ट्रेल, विदेशी निवेश और अन्य आरोपियों की भूमिका की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बयानों में विरोधाभास, इसलिए हुई गिरफ्तारी ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया। कई बार वे पेश हुए, कई बार नहीं आए। पूछताछ के दौरान उनके अलग-अलग बयानों में विरोधाभास मिला और नए साक्ष्य भी सामने आए। इन्हीं तथ्यों के आधार पर आगे की पूछताछ आवश्यक मानते हुए दिल्ली में उन्हें गिरफ्तार किया गया। सुनील भंडारी और अमित सारोगी के बयान भी बने सबूत ईडी ने अपने केस में कारोबारी सुनील भंडारी और कोलकाता के एंट्री ऑपरेटर अमित सारोगी के बयानों का भी हवाला दिया है। एजेंसी के मुताबिक, सुनील भंडारी ने पूछताछ में बताया कि वह कमीशन लेकर FPI, Preferential Allotment और अन्य निवेश माध्यमों के जरिए सूचीबद्ध कंपनियों में पैसा लगवाता था। ईडी का आरोप है कि विकास गर्ग और हरीशंकर टिंबरेवाल मिलकर शेल कंपनियों और विदेशी निवेश के जरिए सट्टे का पैसा शेयर बाजार में लगाते थे। कौन है विकास गर्ग विकास गर्ग सिर्फ EBIX के चेयरमैन ही नहीं, बल्कि एक राजनीतिक परिवार से भी संबंध रखते हैं। वह दिल्ली भाजपा के वरिष्ठ नेता और त्रिनगर से तीन बार विधायक रहे पूर्व विधायक डॉ. नंद किशोर गर्ग के बेटे हैं। विकास गर्ग को अगस्त 2024 में दिल्ली भाजपा के आर्थिक प्रकोष्ठ का संयोजक बनाया गया था। भाजपा के बड़े लीडर्स के साथ उनके फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस भी भाजपा पर हमलावर है। .,………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… भूपेश बोले- महादेव ऐप भाजपा का 'सट्टा विंग': 450 करोड़ महीने की कमाई, बंदरबांट पर विवाद हुआ, इसलिए 'टॉप बॉस' ने विकास को अरेस्ट करवाया महादेव ऑनलाइन सट्टा केस में आरोपी कारोबारी विकास गर्ग को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। 14 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से उसे गिरफ्तार किया था। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने विकास गर्ग को 24 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर ED को सौंपा। स्पेशल कोर्ट ने विकास को 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेजा है। पढ़ें पूरी खबर…
जैसलमेर के स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के हॉस्टल में 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा सांप घुस आया। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त सभी छात्र अपनी कक्षाओं में थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह कोबरा सुरक्षा गार्ड के पास से सरकते हुए हॉस्टल के मुख्य गेट पर रखे एक खाली कार्टन के नीचे जाकर छिप गया। गार्ड ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत स्कूल स्टाफ को इसकी सूचना दी। प्रशासन ने बिना देरी किए वन्यजीव प्रेमी और स्नेक कैचर प्रेम चौधरी को मौके पर बुलाया, जिन्होंने कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। हॉस्टल में घुस आया कोबरा जैसलमेर के ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी और मौसम के बदलाव के कारण इन दिनों वन्यजीवों और जहरीले रेंगने वाले जीवों का आबादी क्षेत्र में आने का सिलसिला बढ़ गया है। मॉडल स्कूल के हॉस्टल में कोबरा घुसने की इस घटना ने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय जब बच्चे स्कूल बिल्डिंग में पढ़ाई कर रहे थे, तब हॉस्टल परिसर में सन्नाटा था। इसी दौरान मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी को एक भारी सरसराहट सुनाई दी। नजर घुमाने पर उसे 5 फीट लंबा काला कोबरा दिखाई दिया। गार्ड ने हिम्मत दिखाई और सांप पर नजर रखते हुए तुरंत स्कूल के संस्था प्रधान और स्टाफ को सूचित किया। हॉस्टल वार्डन ने तुरंत बच्चों को हॉस्टल की तरफ आने से रोका। स्नैक कैचर प्रेम ने किया सुरक्षित रेस्क्यू सूचना मिलने के तुरंत बाद स्नेक कैचर प्रेम चौधरी अपने उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद कार्टन के नीचे बैठे अत्यधिक आक्रामक कोबरा को बेहद सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर एक डिब्बे में बंद किया। इसके बाद सांप को आबादी से दूर सुरक्षित रेगिस्तानी जंगल में छोड़ दिया गया, तब जाकर स्कूल स्टाफ और हॉस्टल प्रबंधन ने राहत की सांस ली।
मजदूर की बेटी से 5 लाख के जेवर ठगे:60 हजार की सहायता और मोबाइल देने का झांसा; आरोपी बुलेट से फरार
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र के बधवा भाईवाट गांव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के नाम पर ठगी और चोरी का मामला सामने आया है। बदमाश ने सरकारी सहायता दिलाने का झांसा देकर एक युवती को घर से बाहर भेज दिया। शादी के लिए जुटाकर रखे गए करीब 5 लाख रुपए के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, शंकर प्रसाद साकेत राजमिस्त्री का काम करते हैं। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे वे काम पर गए हुए थे, जबकि घर पर उनकी बेटी पूनम साकेत (20) अकेली थी। इसी दौरान हेलमेट पहने युवक बुलेट बाइक से उनके घर पहुंचा। 60 हजार की सहायता और मोबाइल देने का झांसा आरोपी ने .युवती से कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत शादी के लिए 60 हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। उसने 100 रुपए रसीद शुल्क के नाम पर मांगे और कुछ दूरी पर बैठी एक मैडम से मिलने पर 5 हजार रुपए नकद और एक टच मोबाइल मिलने की बात कही। सरकारी योजना का लाभ मिलने की उम्मीद में युवती आरोपी के बताए स्थान की ओर चली गई। घर से शादी के जेवर लेकर फरार हुआ आरोपी युवती के घर से निकलते ही आरोपी ने घर में रखी पेटी से शादी के लिए वर्षों से जुटाए गए जेवर और नकदी चोरी कर ली। चोरी हुए सामान में करीब आधा-आधा किलो वजन की दो चांदी की करधनी, चांदी की चूड़ियां, पायल, सोने के आभूषण, हाथ-पैर की मुंदरियां सहित अन्य सामान शामिल है। परिवार के अनुसार, चोरी हुए सामान की कीमत 5 लाख रुपए से अधिक है। पीड़ित परिवार ने बताया कि पूनम की मां का पहले ही निधन हो चुका है। पिता शंकर प्रसाद मजदूरी कर बेटी की शादी के लिए धीरे-धीरे जेवर और अन्य सामान इकट्ठा कर रहे थे। शाम को घर लौटने पर बेटी ने पूरी घटना की जानकारी दी। मोबाइल में कैद हुई आरोपी की तस्वीर परिजनों ने गुरुवार को नईगढ़ी थाने में शिकायत दर्ज कराई। बताया जा रहा है कि आरोपी के घर से निकलते समय युवती के चाचा ने उसकी तस्वीर अपने मोबाइल फोन में कैद कर ली थी। पुलिस फोटो के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है और मामले की जांच कर रही है।
रीवा में किराना दुकान में आग लगी:तीन फ्रीजर धमाके से फटे, शॉर्ट सर्किट की आशंका, 25 लाख का सामान खाक
रीवा शहर के करहिया मंडी के पास स्थित संतोष किराना दुकान में बुधवार देर रात करीब 11 बजे अचानक भीषण आग लग गई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। देखते ही देखते आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया और दुकान में रखा सामान धूं-धूं कर जलने लगा। तीन फ्रीजर में ब्लास्टआग के दौरान दुकान में रखे तीन फ्रीजर तेज धमाके के साथ ब्लास्ट हो गए, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की तीन से चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक दुकान में रखा अधिकांश सामान जलकर खाक हो चुका था। 25 लाख रुपए का नुकसानदुकान संचालक संतोष ने बताया कि आग से किराना सामग्री, फ्रीजर, फर्नीचर और अन्य सामान सहित करीब 25 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
बाड़मेर में एक बेकाबू कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में पिता और बेटे की मौत हो गई। दोनों रिश्तेदार से मिलने के लिए बोथिया गांव से हाथमा गांव जा रहे थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी की बाइक के पीछे बेटे पिता 30 फीट उछलकर दूर खेत में जाकर गिर गए। जिससे उनकी उसी समय मौत हो गई। वहीं बेटे ने हेलमेट लगा रखा था। इसके बावजूद गंभीर चोटें आई है। प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। हादसा जिले के बाड़मेर-मुनाबाव रोड देरासर गांव पर बुधवार रात 7.30 बजे हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक पिता के शव को जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। बेटे का शव जोधपुर से वापस बाड़मेर लाया जा रहा है। पिता और बेटा दोनों बाइक से रिश्तेदार के जा रहे थे ग्रामीण थानाधिकारी जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया- बोथिया जागीर निवासी ताराराम (60) अपने बेटे कानाराम (25) के साथ बाइक पर हाथमा गांव में अपने रिश्तेदार के घर जा रहे थे। देरासर गांव के पास पीछे से आ रही स्विफ्ट कार ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। थानाधिकारी जसवंतसिंह ने बताया- भीषण टक्कर के कारण बुजुर्ग ताराराम करीब 30 फीट दूर खेत में जाकर गिरे। जबकि कार के आगे एक टायर निकलकर सड़क पर गिर गया, इससे कार पूरी तरह से सड़क पर घूम गई। आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायल कानाराम को प्राइवेट गाड़ी से बाड़मेर हॉस्पिटल पहुंचाया। घायल बेटे की गंभीर हालत को देखते हुए जोधपुर रेफर कर दिया गया है। बीच रास्ते में बेटे की मौत हो गई। वहीं, मृतक पिता के शव को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। बेटा ड्राइवर और पिता किसान है जसवंतसिंह राजपुरोहित ने बताया- बेटा कानाराम ड्राइविंग का काम करता है। वहीं पिता ताराराम किसान है। ताराराम अपनी भांजी से मिलने के लिए बेटे के साथ बाइक पर हाथमा गांव जा रहे थे। हाथमा से कुछ किलोमीटर पहले हादसा होने से मौत हो गई। --------------- यह खबर भी पढ़िए… कार की टक्कर से पिता की मौत, बेटा गंभीर घायल:बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे थे, बाड़मेर के देरासर में हुआ हादसा बाड़मेर में बाइक पर रिश्तेदार के घर जा रहे पिता- पुत्र को कार ने टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई। जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका जिला हॉस्पिटल में इलाज जारी है। घटना बाड़मेर जिले के ग्रामीण थाना इलाके देरासर गांव के पास शाम करीब साढ़े सात बजे की है। पढ़ें पूरी खबर...
शाजापुर में महिला से 39.20 हजार की साइबर ठगी:दुबई से आईफोन-लैपटॉप पार्सल भेजने का झांसा देकर ठगे
शाजापुर शहर की एक महिला दुबई से महंगा गिफ्ट पार्सल भेजने के नाम पर साइबर ठगी का शिकार हो गई। ठगों ने दो आईफोन और एक लैपटॉप भेजने का झांसा देकर अलग-अलग बहानों से 39.20 हजार रुपए ठग लिए। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, रामदयाल नगर निवासी अंजलि गुप्ता (25) ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 7 जुलाई की सुबह करीब 11 बजे उनके व्हाट्सएप पर पाकिस्तान कंट्री कोड (+92) वाले नंबर से ऑडियो कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को इंस्टाग्राम से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए दो आईफोन और एक लैपटॉप गिफ्ट के रूप में भेजने का दावा किया। कस्टम चार्ज के नाम पर मांगे रुपए आरोपी ने पार्सल भेजने के लिए 2 हजार रुपए प्रोसेसिंग शुल्क मांगा। महिला ने अपने भाई के माध्यम से भेजे गए क्यूआर कोड पर यह राशि ट्रांसफर कर दी। कुछ देर बाद दूसरे नंबर से कॉल कर बताया गया कि पार्सल मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंच गया है और उसे छुड़ाने के लिए 12.20 हजार रुपए जमा करने होंगे। महिला ने यह रकम भी क्यूआर कोड के जरिए ट्रांसफर करा दी। रजिस्ट्रेशन के नाम पर भी ठगे 25 हजार रुपए इसके बाद ठग ने पार्सल में शामिल आईफोन के रजिस्ट्रेशन के नाम पर 25 हजार रुपए और मांगे। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि पार्सल मिलने के 10 मिनट के भीतर पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। महिला उसकी बातों में आ गई और यह रकम भी जमा करा दी। और रुपए मांगने पर हुआ ठगी का अहसास कुछ देर बाद आरोपी ने फिर फोन कर कहा कि पार्सल पुलिस ने पकड़ लिया है और उसे छुड़ाने के लिए और रुपए जमा करने होंगे। तब महिला को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद परिजनों ने साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने महिला की शिकायत पर साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या विदेशी नंबरों से आने वाले गिफ्ट, लॉटरी या पार्सल संबंधी लालच में न आएं और बिना सत्यापन किसी भी क्यूआर कोड पर पैसे ट्रांसफर न करें।
धमतरी जिले में देर रात धमतरी-रायपुर मार्ग पर पुटटू ढाबा के आगे राइस मिल के पास हाईवा और यात्री बस की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में दो लोग घायल हुए, जबकि बस में सवार अन्य यात्री सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, राइस मिल के पास एक हाईवा अचानक अनियंत्रित होकर मुड़ा, तभी सामने से आ रही यात्री बस उससे टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। दो घायलों को अस्पताल पहुंचाया वरदान परमार्थ सेवा समिति के शिवा प्रधान और डोमन साहू ने मौके पर पहुंचकर घायलों को प्राथमिक सहायता दी और श्रीराम अस्पताल पहुंचाया। घायलों में रायपुर निवासी बिशाल सिन्हा (40) और बस कंडक्टर हिरेंद्र वर्मा (32) शामिल हैं। दोनों का निजी अस्पताल में इलाज जारी है। राहत की बात यह रही कि बस में सवार अन्य सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल कराया। जांच में हाईवा के अचानक मुड़ने को हादसे की वजह माना जा रहा है। सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि पुटटू ढाबा और राइस मिल के आसपास पहले भी कई सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने और अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने की मांग की है।
युवक का शव फंदे पर मिला:पीथमपुर में पार्टनर के साथ रहता था, नहीं मिला सुसाइड नोट
पीथमपुर के सेक्टर एक थाना क्षेत्र की जय नगर कॉलोनी में गुरुवार सुबह युवक का शव फंदे पर लटका मिला है। मृतक की पहचान सुनील डूडवाल के रूप में हुई है। घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मृतक सुनील डूडवाल गुलाब सिंह डूडवाल के पुत्र थे। मूल रूप से जिला बड़वानी के थाना जुलवानिया के ग्राम बाजड़ के निवासी थे। वह पीथमपुर में मेघनाथ यादव के मकान में किराए पर रहकर मजदूरी करते थे। सुनील अपने तीन अन्य रूम पार्टनर्स के साथ किराए से रहते थे। घटना वाली रात को साथियों ने खाना खाया और सोने चले गए। देर रात सुनील ने रोशनदान के सहारे कपड़े से फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। घटना की सूचना डायल 112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को उतरवाया। मौके से सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। परिजनों के पहुंचने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
रायसेन जिले के बेगमगंज में गुरुवार सुबह भगवान जगन्नाथ स्वामी की पारंपरिक रथ यात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। इस दौरान सिलवानी से कांग्रेस विधायक देवेंद्र पटेल और भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत ने जगदीश मंदिर, माला फाटक में एक साथ पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद 'जय जगन्नाथ' के जयकारों, ढोल-नगाड़ों और भजन-कीर्तन के बीच रथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। यह यात्रा जगदीश मंदिर, माला फाटक से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दशहरा मैदान पहुंचेगी। भगवान जगन्नाथ का एक रात्रि विश्राम दशहरा मैदान में होगा। 15 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमानअगले दिन यात्रा इसी मार्ग से होकर वापस मंदिर पहुंचेगी। इस यात्रा में करीब 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं के शामिल होने का अनुमान है। नगर में जगह-जगह पुष्पवर्षा, आरती और प्रसाद वितरण कर रथ यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। हिंदू उत्साह समिति के संरक्षक संतोष राय ने बताया कि क्षेत्र में भगवान जगन्नाथ स्वामी की रथ यात्रा पिछले 65 सालों से निकाली जा रही है। इस साल भी यह आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया जा रहा है।
झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में गुरुवार को संविदा सफाईकर्मियों ने हड़ताल कर दी। सुबह लगभग 10 बजे सभी कैंपस के गेट नंबर-1 के पास एकत्र हो गए और कार्य का बहिष्कार कर दिया। सभी ने नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। कर्मचारियों का कहना है- सरकार ने एक अप्रैल से नई न्यूनतम मजदूरी लागू कर दी। फिर भी कंपनी वेतन नहीं बढ़ा रही है। अभी भी हम लोगों को 8500 रुपए सैलेरी दी जा रही है। इससे घर का खर्चा नहीं चल पा रहा है। कंपनी बार-बार झूठे आश्वासन दे रही है। थक हारकर हम लोगों को आज हड़ताल पर जाना पड़ा। कंपनी ने लगभग 9 महीने से पीएफ भी जमा नहीं कराया। यहां कंपनी अपनी मनमानी कर रही है। सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने से स्वास्थ्य सेवाएं लड़खड़ा गईं। कर्मचारी बोले- हमारी कंपनी मनमानी कर रही सफाईकर्मी अमित कुमार ने बताया- मेडिकल कॉलेज में लगभग 700 संविदाकर्मी है। हमारी कंपनी सैलेरी बढ़ाकर नहीं दे रही है। योगी सरकार ने एक अप्रैल 2026 से नई न्यूनतम मजदूरी (Minimum Wages) लागू कर दी है। मेडिकल कॉलेज में और भी फर्मे हैं, जो अपने वर्करों को एक अप्रैल से सैलेरी बढ़ाकर दे रही हैं। लेकिन हमारी कंपनी ने अभी तक सैलेरी नहीं बढ़ाई। हम लोगों को अभी भी 8500 रुपए दिए जा रहे हैं। हर बार कंपनी झूठा आश्वासन दे रही है कि अगले महीने बढ़ाकर देंगे। कंपनी और प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। हम लोग 8500 रुपए में घर नहीं चला पा रहे हैं। हमें सैलेरी में बढ़ाकर दी जाए। साथ ही कंपनी द्वारा 9 महीने का पीएफ रोका गया है। उसे भी जमा कराया जाए। आज हम लोगों ने कार्य बहिष्कार किया है। अपने अधिकारियों को अवगत करा दिया है। 8500 रुपए में बच्चों की फीस ही जमा हो पाती सफाईकर्मी नीतू ने बताया- हमारी सैलेरी समय से नहीं आ रही है और पीएफ भी नहीं कट रहा है। 8500 रुपए सैलेरी से घर नहीं चल रहा है। इतनी बच्चों की फीस में ही चला जाता है। हम लोग हड़ताल पर जाए तो अधिकारी धमकाते हैं। हमारी सैलेरी बढ़ाकर दी जाए और पीएफ जमा कराया जाए। सफाईकर्मी अर्चना ने बताया- आज हम लोगों ने वेतन न बढ़ने पर हड़ताल की है। सुबह से काम पर नहीं गए और हड़ताल पर बैठे हैं। जब सरकार ने बोला है कि वेतन बढ़ाकर देंगे तो पैसे क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे हैं। सब कंपनी बढ़ाकर सैलेरी दे रही हैं, मगर हमारी कंपनी ने अब तक पैसे नहीं बढ़ाए। जब तक वेतन नहीं बढ़ेगा, हम लोग काम पर नहीं जाएंगे। बातचीत कर समस्या का समाधान किया जाएगा CMS डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि संविदा सफाईकर्मियों और कंपनी के अधिकारियों से बातचीत की गई है। उनकी जो समस्याएं हैं, उनका समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही समस्या का समाधान किया जाएगा।
CCTV की मदद से पकड़ा बाइक चोर:होटल के बाहर से ले गया था; मोटरसाइकिल बरामद, 1 गिरफ्तार
राजसमंद में देवगढ़ थाना पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरी के मामले में खुलासा करते हुए बाइक बरामद की है। इसके साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को देवगढ़ निवासी शानू कुमार पानेरी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 12 जुलाई की शाम वह अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल देवगढ़ बस स्टैंड स्थित एक होटल के बाहर खड़ी कर चाय पीने गया था। लौटने पर बाइक मौके से गायब मिली। CCTV फुटेज से पकड़ में आया आरोपी रिपोर्ट के आधार पर थाना देवगढ़ में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई। SP हेमंत कलाल के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र पारीक एवं पुलिस उप अधीक्षक राकेश वर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी मुकेश चौधरी के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया। पुलिस ने बाइक बरामद की पूछताछ में आरोपी नारायण लाल प्रजापत (21) थाना भीम ने मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर चोरी की गई बाइक बरामद कर उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

