मुजफ्फरनगर के सिसौली कस्बे में सोमवार को तीन दिवसीय बालियान प्रो कबड्डी प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देना और युवाओं को नशे से दूर रखना है। प्रतियोगिता में देश भर से कई प्रतिष्ठित टीमें भाग ले रही हैं। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत और बुढ़ाना विधायक राजपाल बालियान ने हवन-पूजन और फीता काटकर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल कुमार, पूर्व मंत्री योगराज सिंह और जाट महासभा के अध्यक्ष धर्मवीर बालियान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि नरेश टिकैत ने अपने संबोधन में कहा कि ग्रामीण खेल युवाओं में अनुशासन, प्रतिस्पर्धा और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि कबड्डी जैसी पारंपरिक खेल गतिविधियां युवाओं को नशे और अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने के लिए ऐसी प्रतियोगिताएं आवश्यक हैं। उन्होंने कबड्डी को 'जमीन से जुड़ा खेल' बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। मंत्री ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयंत चौधरी खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष प्रयास कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, यह देश की प्रमुख कबड्डी प्रतियोगिताओं में से एक है। इसमें प्रथम पुरस्कार 5 लाख रुपये, द्वितीय पुरस्कार 2.5 लाख रुपये और तृतीय व चतुर्थ पुरस्कार 25-25 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। प्रतियोगिता अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत मैट पर खेली जा रही है। इस प्रतियोगिता का आयोजन दो दिवंगत कबड्डी खिलाड़ियों की स्मृति में किया जा रहा है, जिनकी एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। यह आयोजन पिछले छह वर्षों से लगातार हो रहा है और हर साल इसका विस्तार हो रहा है। बाहरी जिलों से आने वाले खिलाड़ियों के लिए रहने और खाने की विशेष व्यवस्था की गई है। प्रतियोगिता के पहले दिन सोरम और बरेली के बीच मुकाबला हुआ, जिसमें सोरम की टीम ने जीत दर्ज की।
संभल में बुलेट सवार युवक की मौत:ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से घायल, बिना पुलिस कार्रवाई अंतिम संस्कार
संभल में एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बुलेट सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक युवक की इलाज के लिए ले जाते समय मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक अस्पताल में भर्ती है। परिजनों ने पुलिस कार्रवाई के बिना ही मृतक का अंतिम संस्कार कर दिया। यह सड़क हादसा संभल जनपद के थाना असमोली क्षेत्र में सैदपुर जसकोली मोड़ के पास हुआ। मृतक की पहचान मदाला फतेहपुर निवासी 20 वर्षीय अफजल पुत्र युसूफ के रूप में हुई है। घायल युवक का नाम अल्फैज (23 वर्षीय) पुत्र आसिफ है। सोमवार रात करीब 09:30 बजे अफजल और अल्फैज बुलेट पर सवार होकर असमोली गांव किसी काम से जा रहे थे। तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बुलेट को टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर परिजन और थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल अफजल को परिजन इलाज के लिए मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में रात करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। रात करीब 12:30 बजे शव घर पहुंचा, जिसके बाद परिजनों में कोहराम मच गया। मंगलवार को परिजनों ने बिना किसी पुलिस कार्रवाई के ही मृतक अफजल को सुपुर्दे खाक कर दिया। थाना असमोली प्रभारी मोहित चौधरी ने बताया कि सड़क हादसे में एक युवक की मौत हुई है और बाइक पर पीछे बैठा युवक घायल हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था।
बागपत औद्योगिक क्षेत्र में बैग बनाने वाली एक फैक्ट्री से नौकरी से निकाली गईं महिलाओं ने किसान यूनियन के पदाधिकारियों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। महिलाओं का आरोप है कि वेतन वृद्धि की मांग करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया और मानसिक उत्पीड़न भी किया जा रहा है। महिलाओं ने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से फैक्ट्री में काम कर रही थीं। जब उन्होंने फैक्ट्री मालिक से वेतन बढ़ाने की बात की, तो तीन महिलाओं को तुरंत नौकरी से निकाल दिया गया। उन्होंने मालिक पर मानसिक उत्पीड़न का भी आरोप लगाया है। वेतन वृद्धि के नाम पर नौकरी से निकालने की शिकायत किसान नेता अमित जैन ने मीडिया को बताया कि महिलाएं उनसे मिलीं और फैक्ट्री मालिक द्वारा मानसिक उत्पीड़न तथा वेतन वृद्धि के नाम पर नौकरी से निकालने की शिकायत की। इसी शिकायत को लेकर वे महिलाओं के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे हैं। जैन ने चेतावनी दी कि यदि महिलाओं को समय पर वेतन और उनकी तनख्वाह में बढ़ोतरी नहीं होती है, तो फैक्ट्री मालिक के खिलाफ आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि किसान यूनियन महिलाओं के शोषण के खिलाफ हमेशा आवाज उठाएगी।
कैथल जिले के राजौंद में बिजली कर्मचारियों ने 7 अप्रैल को लगातार चौथे दिन गेट मीटिंग का आयोजन किया। इस मीटिंग की अध्यक्षता सब यूनिट प्रधान अश्वनी ढांडा ने की, जबकि संचालन जॉइंट सेक्रेटरी रमन ने किया। कर्मचारियों ने निगम और सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। कर्मचारियों ने बताया कि मनोज कुमार (लाइनमैन), मुकेश कुमार (लाइनमैन), प्रवीण कुमार (लाइनमैन), जगदीश (जेई), सतीश (जेई), रोहतास शर्मा (एएलएम) और प्रवेश (लाइनमैन) सहित कई कर्मियों की चार्ज सीटों का जवाब दो साल पहले दिया जा चुका है। इसके बावजूद, एसई कैथल और एसई हरियाणा पंचकूला द्वारा इन चार्ज सीटों का समाधान नहीं किया जा रहा है। इस कारण ये कर्मचारी पदोन्नति और अन्य लाभों से वंचित हैं, जबकि अधिकारियों की चार्ज सीटों का समाधान कर उन्हें पदोन्नति दी जा चुकी है। कर्मचारियों ने एसडीओ पर लगाए आरोप कर्मचारियों ने राजौंद के उपमंडल अधिकारी (एसडीओ) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसडीओ समय पर कार्यालय नहीं आते और देर से जाते हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं। देर रात तक चलने वाली बैठकों और सार्वजनिक शिकायतों के कारण कर्मचारी मानसिक तनाव में हैं और दुर्घटना का शिकार होने का खतरा बना रहता है। सब-डिवीजन राजौंद में कर्मचारियों की भारी कमी है, फिर भी कुछ कर्मचारियों को कैथल डिवीजन में तैनात किया गया है। वन विभाग से नहीं ली ट्री कटिंग की मंजूरी एक अन्य मुद्दे पर, कर्मचारियों ने बताया कि एसडीओ राजौंद के आदेश पर ट्री कटिंग मेंटेनेंस का शेड्यूल दिया गया है, लेकिन वन विभाग से इसकी मंजूरी नहीं ली गई है। वन विभाग के अधिकारी मंजूरी मांग रहे हैं, जिसके अभाव में रखरखाव का काम नहीं हो पा रहा है। ट्री कटिंग न होने से रबी सीजन में आग लगने का खतरा बढ़ गया है, जिसके लिए एसडीओ को जिम्मेदार ठहराया गया है। कर्मचारियों और जनता के लिए किसी भी समय दुर्घटना का जोखिम बना हुआ है। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी सब यूनिट प्रधान अश्वनी ढांडा ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भारतीय जनता पार्टी महानगर द्वारा स्थापना दिवस के अवसर पर 7 अप्रैल से 12 अप्रैल तक राजधानी लखनऊ में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत पार्टी ने वार्ड स्तर तक कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की है, जिसमें जनप्रतिनिधियों से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। अभियान का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत करना तथा आम जनता के बीच पार्टी की पहुंच को बढ़ाना है। वार्ड स्तर पर दिखेगा संगठन का दम इस छह दिवसीय कार्यक्रम में हर वार्ड में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे स्थानीय स्तर पर अधिक से अधिक लोगों से संपर्क स्थापित करें और पार्टी की नीतियों एवं उपलब्धियों को सीधे जनता तक पहुंचाएं। इसके तहत सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिससे सामाजिक संदेश भी दिया जा सके। 8 और 9 अप्रैल को विधानसभा स्तर सम्मेलन अभियान के बीच 8 और 9 अप्रैल को विधानसभा स्तर पर सक्रिय सदस्यों के सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। इन सम्मेलनों में तीन वक्ता तीन अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रखेंगे, जिनमें संगठन विस्तार, चुनावी सफलता में जनसमर्थन की भूमिका, भाजपा की विचारधारा -सेवा, अंत्योदय, विकास और राष्ट्र प्रथम और केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर विशेष चर्चा होगी। इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन काल में किए गए कार्यों और योजनाओं को विस्तार से कार्यकर्ताओं के बीच रखा जाएगा, ताकि वे इसे आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचा सकें। सम्मान और संवाद पर रहेगा खास फोकस अभियान के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे संगठन के पुराने और अनुभवी सदस्यों को सम्मानित किया जा सके। इसके साथ ही समाज के विभिन्न वर्गों के बुद्धिजीवियों, प्रबुद्ध नागरिकों और गणमान्य व्यक्तियों से संपर्क कर संवाद स्थापित किया जाएगा। यह प्रयास पार्टी के सामाजिक विस्तार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी योजनाओं का होगा व्यापक प्रचार-प्रसार इस अभियान का एक प्रमुख हिस्सा केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं एवं उपलब्धियों का प्रचार-प्रसार भी है। कार्यकर्ता लाभार्थियों से सीधा संपर्क करेंगे और उनसे संवाद स्थापित कर योजनाओं के प्रभाव को समझेंगे और उसे आगे साझा करेंगे। इससे पार्टी को जमीनी फीडबैक भी मिलेगा और योजनाओं की पहुंच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी। 12 अप्रैल को समापन और समीक्षा बैठक 6 दिन तक चलने वाले इस अभियान का समापन 12 अप्रैल को किया जाएगा। इस दिन वार्ड स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। पार्टी नेतृत्व इस दौरान अभियान की सफलता और कमियों का आकलन भी करेगा, ताकि भविष्य में इसे और प्रभावी बनाया जा सके।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुरक्षा एजेंसी (NIA) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या में अहम फैसला सुनाया है। साल 2016 में बिजनौर में हुए चर्चित हत्या के मामले में हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से फांसी की सजा पाए दोषी रैय्यान को बरी कर दिया है। कोर्ट ने अपने 29 पन्नों के फैसले में अपीलकर्ता रैय्यान को बरी करते हुए कहा कि इस केस के सभी फैक्ट्स और हालात पर गौर करने के बाद कोर्ट का मानना है कि अभियोजन का केस संदेह से भरा है और अभियोजन के गवाहों का बर्ताव बिना किसी वजह के शक वाला है। कोर्ट ने कहा भरोसेमंद सुराग नहीं मिलाकोर्ट ने कहा कि यह नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) के ऑफिसर और उनकी पत्नी की हत्या का मामला है। ऑफिसर नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े कई हाई प्रोफाइल केस की जांच कर रहे थे जिसमें टेररिज्म के मामले भी शामिल हैं। पुलिस पार्टी ने केस को सुलझाने के लिए महीनों तक घटनास्थल पर कैंप किया जैसा कि गवाहों ने माना, पुलिस ने घटनास्थल और उसके आस-पास के कई लोगों को कई दिनों तक हिरासत में रखा लेकिन कोई भरोसेमंद सुराग नहीं मिला। ट्रायल कोर्ट से सजा हुईइस मामले में मृतक अपीलकर्ता, मुनीर एक लोकल क्रिमिनल था और अपीलकर्ता रैय्यान को उसके गैंग का मेंबर दिखाया गया था और पुलिस ने केस को सुलझाने के लिए दबाव में सेक्शन सीआरपीसी की धारा 164 के तहत गवाहों के बयानों में सबसे पहले उनका नाम दर्ज करवाया और उसके बाद ट्रायल कोर्ट के सामने अपीलकर्ता और सह आरोपी मुनीर का नाम पहली बार गवाहों ने लिया और उन्हें ट्रायल कोर्ट ने दोषी ठहराया और सज़ा सुनाई। कोर्ट ने कहा ट्रायल कोर्ट निचले पायदान पर हैकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपील करने वाले को मौत की सज़ा देकर बहुत भारी भूल की है जिसे इस बात से समझा जा सकता है कि हमारे सिस्टम में डर के अनुक्रम (Hierarchy) में ट्रायल कोर्ट सबसे निचले पायदान पर है। इसलिए कोर्ट का मानना है कि ट्रायल कोर्ट का दिया गया फैसला और ऑर्डर रद्द किया जाना चाहिए और इसे रद्द किया जाता है। इसलिए अपील करने वाले को उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है। ट्रायल कोर्ट द्वारा दिए गए रेफरेंस का जवाब बताई गई शर्तों के अनुसार दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि अपीलकर्ता सात अप्रैल 2016 से जेल में है। कोर्ट ने अपीलकर्ता रैय्यान की क्रिमिनल अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि अगर उसे किसी और मामले में गिरफ्तार नहीं किया गया है तो उसे तुरंत जेल से रिहा करने का निर्देश दिया जाता है। यह आदेश जस्टिस सिद्धार्थ ने अपीलकर्ता रैय्यान की क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए दिया है। जानिये हत्याकांड के बारे में दरअसल बिजनौर के सहसपुर में दो अप्रैल 2016 को राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (एनआईए) के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट ने 21 मई 2022 को बिजनौर कोर्ट ने दोषी पाए गए मुनीर और रैयान को फांसी की सजा सुनाई थी। रैयान के साथ ही फांसी की सजा पाए दूसरे आरोपी मुनीर की मौत हो गई। जेल में बंद रैयान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में जून 2022 में क्रिमिनल अपील दायर की थी। अपीलकर्ता रैय्यान ने एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज, बिजनौर के 21 मई 2022 के फैसले और सज़ा के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। दोष ठहराते मौत की सजा दी इस फैसले में रैय्यान को IPC की धारा 302/34 के तहत जुर्म करने का दोषी ठहराया गया था और उसे मौत की सज़ा और एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया था। हाईकोर्ट में अपील के लंबित रहने के दौरान सह-अपीलकर्ता मुनीर की मौत हो गई। अभियोजन पक्ष के मामले के अनुसार इस मामले में FIR मृतक मोहम्मद तनजील के भाई मोहम्मद रागिब मसूद ने तीन अप्रैल 2016 को दर्ज कराई थी। बिजनौर के पुलिस थाना स्योहारा में आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था। FIR के अनुसार अभियोजन की कहानी के मुताबिक दो अप्रैल की देर रात शिकायतकर्ता रागिब मसूद की भतीजी की शादी कस्बा सेहोरा के बंधन बैंक्वेट हॉल में हो रही थी कि और उसका भाई मोहम्मद तंज़ील अपनी पत्नी फरज़ाना और भतीजी ज़िमनिश और भतीजे शाहबाज़ के साथ शादी की रस्म में शामिल होने के लिए वहाँ पहुंचे थे। शादी की रस्म में शामिल होने के बाद, उसका भाई मोहम्मद तंज़ील अपनी कार में सवार होकर अपनी पत्नी, बेटी और बेटे के साथ शादी की जगह से निकले थे। रात करीब एक बजे सहसपुर की ओर जा रहे थे तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति वहां पहुंचे और कार के पास मोटरसाइकिल रोक दी और उसके भाई, मोहम्मद तंजील और भाभी फरजाना को जान से मारने की नियत से अपने-अपने हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी जिसके परिणामस्वरूप, उसके भाई और भाभी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मौके से हमलावर फरार हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। पुलिस द्वारा जांच के बाद बिजनौर की ट्रायल कोर्ट ने आरोपी मुनीर और रैय्यान को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी जबकि अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था। फैसले के खिलाफ दोषी मुनीर और रैय्यान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की थी। अपील लंबित रहने के दौरान 19 नवंबर 2022 को बीमारी के कारण अपीलकर्ता मुनीर की मौत हो गई थीं जिसके चलते उसकी अपील खत्म हो गई। हाईकोर्ट में रैय्यान की अपील पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा है। इस मामले में करीब 20 लोगों की गवाही हुई। अभियोजन का केस संदेह भरा है सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि केस के सभी फैक्ट्स और हालात पर गौर करने के बाद कोर्ट का मानना है कि अभियोजन का केस संदेह से भरा है और अभियोजन के गवाहों का बर्ताव बिना किसी वजह के शक वाला है। कोरी ने अपीलकर्ता रैय्यान की क्रिमिनल अपील को मंजूर करते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता को मौत की सज़ा देकर बहुत बड़ी गलती की है जिसे इस बात से समझा जा सकता है कि हमारे सिस्टम में डर के अनुक्रम में ट्रायल कोर्ट सबसे निचले पायदान पर है। इसलिए कोर्ट का मानना है कि ट्रायल कोर्ट का दिया गया फैसला और ऑर्डर रद्द किया जाना चाहिए और इसे रद्द किया जाता है। इसलिए अपीलकर्ता रैय्यान को उसके खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों से बरी किया जाता है।
हरियाणा के पंचकूला में बरामद की गई 6 करोड़ की हेरोइन पाकिस्तान से आई थी। इंडो-पाक बॉर्डर से स्मगल हुई हेरोइन पंजाब के फाजिल्का के रास्ते पंचकूला तक पहुंची थी। जहां पर क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। पंचकूला डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए पंजाब के जलालाबाद निवासी लवजोत सिंह हेरोइन लेकर पंचकूला आया था। जिसके पास से 14 लाख रुपए कैश बरामद हुआ। क्राइम ब्रांच की टीम इंस्पेक्टर दलीप के नेतृत्व में उसके घर रेड करने पहुंची। जहां पर पुलिस को एक लाख रुपए और बरामद हुए हैं। 3 किलोग्राम हेरोइन की डिलीवरी देने के लिए लवजोत पंचकूला आया था। रैकी के लिए आगे चला दूसरा पैडलर ड्रग पैडलर लवजोत ने पूछताछ में बताया है कि जब वे डिलीवरी देने के लिए पंचकूला आया तो उसके आगे एक दूसरा ड्रग पैडलर भी रैकी के लिए चल रहा था। उसे हर पुलिस नाके की जानकारी पहले से ही मिल रही थी। जिसके कारण वह पंचकूला तक पहुंच गया। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी एक-दो बार ट्राईसिटी में डिलीवरी दे चुका है। पंजाब के स्मगलरों के नाम बताएपुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने पंजाब में ड्रग्स का धंधा करने वाले कुछ लोगों के नाम बताए हैं। हालांकि पुलिस ने अभी उन नामों का खुलासा नहीं किया है। पुलिस उन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस डिलीवरी लेने वालों और देने वालों की पूरे चेन को धरपकड़ करने में जुटी है।
नागौर और डीडवाना कुचामन जिले में कल देर रात मौसम के बदले मिजाज के बाद तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश का दौर जारी है। सबसे बड़ी ख़बर मेड़ता कृषि मंडी से है जहां भारी बारिश के चलते सेड के बाहर रखा किसानों और व्यापारियों का करोड़ों का माल भीग कर ख़राब हो गया है। यहां सुबह तक़रीबन 9:30 बजे शुरू हुई बारिश तक़रीबन 11 बजे तक चली जोरदार बारिश की वजह से मंडी परिसर में पानी भी भर गया। डीडवाना के बांठड़ी और उसके आसपास के क्षेत्र में भारी बारिश के चलते फसलों को भारी नुकशान हुआ है। मौसम विभाग ने दोनों जिलों में आज ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। वहीं नागौर जिले के सोमणा में खम्बे पर बिजली गिरने के बाद कुछ क्षेत्रों की बिजली गुल हो गई है। डेगाना के चुई गांव में अल सुबह चने के आकार के ओले गिरे। डीडवाना कुचामन में जिले में डीडवाना में सुबह 8 बजे से रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है जबकि नावां में भारी बारिश दर्ज की गई है। दोनों ही जिलों में घने बादल छाए हुए हैं। कहीं हल्की तो कहीं भारी बारिश रुक रुक कर जारी है। नागौर के मेड़ता के अलावा सांजू, रियां बड़ी, पादु कलां, खींवसर सहित कई इलाकों में भी रुक रुक कर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज नागौर और डीडवाना कुचामन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अलर्ट के बाद आज मेड़ता और नागौर मंडियों में अवकाश घोषित किया गया था। वहीं मेड़ता में कल के लिए भी मंडी में अवकाश घोषित किया गया है। बारिश की वजह से कई इलाकों में गेहूं की तैयार फसलो को भी नुकसान हुआ है। डीडवाना क्षेत्र में आज सुबह हुई बारिश की वजह से बांठड़ी और रणसिसर क्षेत्र में भारी बारिश की वजह से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
लखनऊ में एक महिला ने अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर तैनात आत्मदाह दस्ते ने महिला को आग लगाने से पहले ही काबू में कर लिया। घटना मंगलवार दोपहर हजरतगंज स्थित लोकभवन के गेट पर हुई। महीने ने इससे पहले 27 फरवरी को भी आत्महत्या का प्रयास किया था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला अचानक लोक भवन के गेट के पास पहुंची। अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। इससे पहले कि वह आग लगा पाती, ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। उसे थाने ले गए। आत्मदाह निरोधक दस्ता ने महिला को खुद को आग लगाने से पहले ही पकड़ लिया। जमीन विवाद से परेशान है महिला महिला की पहचान संध्या सिंह के रूप में हुई है। वह न्यू श्रीनगर मानकनगर की रहने वाली है। संध्या का मानक नगर क्षेत्र में जमीनी विवाद चल रहा है। संध्या ने बताया कि उनके मकान संख्या 559 ख/365 से संबंधित भूमि का रकबा 2 बिस्वा है। इसकी पैमाइश भी कराई गई थी, लेकिन घनी आबादी होने के कारण जमीन को मौके पर स्पष्ट रूप से चिन्हित नहीं किया जा सका। लेखपाल ने बताया कि उनकी भूमि का रकबा कम है और बगल के रहने वाले इकबाल सिंह ने उनके हिस्से की जमीन पर कब्जा कर लिया है। पड़ोसी ने धमकाया, जान से मारने की धमकी दी संध्या ने इकबाल सिंह से बात की तो वह झगड़े पर आमादा हो गया। गाली-गलौज की। पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। इससे संध्या और उनका परिवार भयभीत है। पीड़िता संध्या सिंह ने कहा-पड़ोसी ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देता है। CM की जनसुनवाई तक लगाई गुहार संध्या ने बताया- जमीन की इन्द्राज/इन्तखाब में स्पष्ट रूप से 2 बिस्वा भूमि दर्ज है, जबकि मौके पर जमीन कम है। कई बार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिया। सीएम की जनसुनवाई में भी गई। लेकिन जमीन की दोबारा पैमाइश नहीं कराई गई। प्रशासन से मांग की है कि मानक नगर के न्यू श्रीनगर स्थित मकान (संख्या 559 ख/365) की नियमानुसार दोबारा पैमाइश कराकर उनकी 2 बिस्वा भूमि दिलाई जाए। परिवार को सुरक्षा दी जाए। सिविल का मामला कहकर टरकाया महिला ने बताया- जिला अधिकारी, सीएम और नेताओं से अपील कर चुकी हैं। हर कोई सिविल का मामला होने के चलते उन्हें कार्यवाहीं का आश्वासन दे कर वापस कर देता है। लगातार चक्कर काटते-काटते परेशान होकर आत्मदाह का कदम उठाया है।
कानपुर में शनिवार को आए भीषण तूफान और बारिश को बीते तीन दिन (72 घंटे) से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन फजलगंज इंडस्ट्रियल एरिया में हालात अब भी जस के तस बने हुए हैं। नगर निगम और केस्को (KESCO) की लापरवाही का आलम यह है कि मुख्य सड़कों पर गिरे विशालकाय पेड़ों को अब तक नहीं हटाया गया है। नतीजा यह है कि गोविंद नगर को जोड़ने वाली फजलगंज की मुख्य सड़क आधी ब्लॉक पड़ी है, जिससे रह-रहकर जाम लग रहा है। 1500 प्रतिष्ठानों पर ताला लगने की नौबत तूफान की वजह से पेड़ बिजली के खंभों पर जा गिरे, जिससे फजलगंज और आसपास के इलाकों की बत्ती गुल है। फि़टा (FITA) के प्रदेश महासचिव उमंग अग्रवाल के मुताबिक, इस बिजली संकट ने करीब 400 उद्योगों और 1500 वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों की कमर तोड़ दी है। फैक्ट्रियों में प्रोडक्शन पूरी तरह ठप है। जो इकाइयां बहुत जरूरी हैं, वे भारी-भरकम डीजल फूंककर जनरेटर के सहारे काम चला रही हैं, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है। किराए पर भी नहीं मिल रहे जनरेटर क्षेत्र में बिजली न होने के कारण जनरेटरों की मांग अचानक इतनी बढ़ गई है कि अब ये किराए पर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जिनके पास अपना जनरेटर है, उनका काम तो जैसे-तैसे चल रहा है, लेकिन छोटे दुकानदार और आम जनता पानी तक के लिए तरस रही है। बिजली न होने से पंप नहीं चल पा रहे, जिससे पेयजल का संकट गहरा गया है। शोरूम के बाहर दबी हैं गाड़ियां स्थानीय निवासी और व्यवसायी रोहित ने बताया- शनिवार से अब तक कोई सुध लेने नहीं आया। रोहित के मुताबिक, हमने खुद मेहनत करके रास्ता खुलवाया, ताकि आवाजाही हो सके। शोरूम के बाहर अब भी पेड़ के नीचे हमारी बाइकें दबी पड़ी हैं। नगर निगम में शिकायत करो तो कहते हैं कि आज आएंगे, कल आएंगे, लेकिन 72 घंटे बाद भी कोई टीम नहीं पहुंची। प्रशासन की सुस्ती से बढ़ा व्यापारियों का नुकसान वहीं, एक अन्य व्यवसायी विनीत का कहना है कि पेड़ गिरने से उनके प्रतिष्ठान की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने कहा, इतना बड़ा इंडस्ट्रियल एरिया होने के बावजूद प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है। कस्टमर शोरूम तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। नगर निगम को तुरंत अपनी टीमें भेजकर मलबे को साफ करवाना चाहिए था, लेकिन यहां तो अभी तक संज्ञान ही नहीं लिया गया है।फजलगंज जैसे व्यस्त औद्योगिक क्षेत्र में इस अव्यवस्था ने न केवल व्यापारियों को आर्थिक चोट पहुंचाई है, बल्कि आम जनता के लिए भी बिजली-पानी और जाम की समस्या एक बड़ी मुसीबत बन गई है। यदि अगले 24 घंटों में पेड़ और बिजली के पोल नहीं हटाए गए, तो व्यापारियों का नुकसान करोड़ों में पहुंच सकता है।
हनुमानगढ़ के टाउन क्षेत्र स्थित सनसिटी कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरी की वारदात हुई है। अज्ञात चोर एक सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चुरा ले गए। इस संबंध में टाउन थाना में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार सनसिटी कॉलोनी निवासी ताराचंद सोमवार सुबह करीब 9 बजे अपने घर का ताला लगाकर बाहर गए थे। दोपहर लगभग 1:30 बजे जब उनका बेटा घर लौटा, तो उसने मुख्य दरवाजा खुला पाया। अंदर जाने पर बेटे ने देखा कि कमरे का ताला टूटा हुआ था और घर का सामान बिखरा पड़ा था। उसने तुरंत ताराचंद को इसकी सूचना दी। घर पहुंचकर जांच करने पर अलमारी से सोने-चांदी के आभूषण और 44 हजार रुपए नकद गायब मिले। चोरी हुए सामान में लगभग आधा तोला सोना, आधा तोले की चार सोने की अंगूठियां, डेढ़ तोले की सोने की चेन, एक चांदी का कड़ा और अन्य आभूषण शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चोरों ने घर को सुनसान पाकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जिसकी जिम्मेदारी एएसआई सोहनलाल को सौंपी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। स्थानीय निवासियों ने कॉलोनी में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है, क्योंकि इस तरह की वारदात से भय का माहौल बन गया है।
पेंड्रा के अमारु बीट में चीतल का शिकार:2 शिकारी गिरफ्तार, 2 आरोपी फरार, तलाश में वन विभाग की टीम
पेंड्रा वन परिक्षेत्र के अमारु बीट में चीतल (हिरण) के अवैध शिकार की घटना सामने आई है। वन विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए चार में से दो शिकारियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। वन विभाग को अमारु बीट क्षेत्र में वन्यजीव के शिकार की गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना की पुष्टि होने पर विभाग की एक विशेष टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी की। वन कर्मियों को देखकर शिकारियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने दो आरोपियों को पकड़ लिया। घटनास्थल से चीतल के शिकार से जुड़े कई सबूत और अवशेष बरामद किए गए हैं। फरार आरोपी की तलाश में पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तुलाराम और विश्वनाथ के रूप में हुई है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों की तलाश में वन विभाग ने जंगल में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि वन्यजीवों के अवैध शिकार के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने मंगलवार को ठूठीबारी थाने के एसओ नवनीत नागर को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई बिना उच्चाधिकारियों को सूचना दिए एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने के आरोप में की गई है। एसओ नागर पर आरोप है कि उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किए बिना एनडीपीएस अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज किया था। इस गंभीर उल्लंघन को पुलिस अधीक्षक ने संज्ञान में लिया। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने निलंबन की पुष्टि करते हुए बताया कि बिना सूचना के एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा दर्ज करने के मामले में एसओ नवनीत नागर को निलंबित किया गया है। कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी उन्होंने यह भी बताया कि मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी। इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन बनाए रखने और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। निलंबन के बाद पुलिस महकमे में सतर्कता बढ़ गई है।
दतिया के भांडेर थाना क्षेत्र के हनुमंतपुर मोहल्ला में रिलायंस टावर के पास दिनदहाड़े एक अज्ञात युवक ने दुकान के बाहर खड़ी 37 वर्षीय देवेंद्र अहिरवार की बाइक चुरा ली। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और अब वीडियो सामने आया है, जिसके आधार पर पुलिस जांच कर रही है। दुकान के बाहर खड़ी थी बाइक अकबरपुर मोहल्ला निवासी देवेंद्र अहिरवार ने पुलिस को बताया कि वह निजी काम से वहां पहुंचे थे। उन्होंने अपनी बाइक एक निजी दुकान के बाहर खड़ी कर दी और कुछ देर के लिए अंदर चले गए। जब देवेंद्र वापस लौटे तो उनकी बाइक मौके से गायब थी। आसपास तलाश करने पर भी बाइक का कोई पता नहीं चला, जिसके बाद उन्होंने सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश की। सीसीटीवी में कैद हुआ चोर पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में एक युवक पहले बाइक के आसपास घूमते हुए नजर आता है, जैसे वह मौके का जायजा ले रहा हो। फुटेज में देखा गया कि युवक ने पहले बाइक से छेड़छाड़ की और कुछ ही देर में उसे स्टार्ट कर लिया। इसके बाद वह आराम से बाइक लेकर मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात बेहद योजनाबद्ध तरीके से की गई। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का सीसीटीवी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इलाके में चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे रहवासियों में असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। पुलिस ने मामला दर्ज किया पुलिस ने सोमवार देर रात अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ने का दावा किया जा रहा है।
सीधी में आंगनवाड़ी केंद्र के पास आग:7 बच्चों को बचाया गया, डेढ़ घंटे तक धधकती रहीं लपटें
सीधी जिले के रामपुर नैकिन थाना क्षेत्र अंतर्गत शिकारगंज स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र के पास मंगलवार को आग लग गई। इस घटना में केंद्र में मौजूद सात बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे हुई। उस समय आंगनवाड़ी केंद्र में सात छोटे बच्चे और एक कार्यकर्ता उर्मिला द्विवेदी मौजूद थीं। आग की गंभीरता को देखते हुए, कार्यकर्ता उर्मिला द्विवेदी ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और उनके घरों तक पहुंचाया। आग तेजी से फैली और कुछ ही देर में भवन के तीनों ओर लपटें उठने लगीं। आग लगने की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया। हालांकि, आग पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था और लपटें जंगल की ओर बढ़ने लगी थीं। सूचना मिलने के करीब आधे घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। डायल 112 और 108 की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। ग्रामीणों के सहयोग से लगातार प्रयास जारी रहे, लेकिन डेढ़ घंटे से अधिक समय तक आग पूरी तरह से काबू में नहीं आ सकी थी। थाना प्रभारी रामपुर नैकिन, सुधांशु तिवारी ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड सहित सभी आवश्यक सेवाओं को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है।
पीलीभीत तहसीलदार कार्यालय गेट पर पर्चा:लाल स्याही से लिखा, पढ़ने वाले को मौत की धमकी
पीलीभीत जिले की कलीनगर तहसील में मंगलवार सुबह तहसीलदार कार्यालय के मुख्य गेट पर लाल स्याही से लिखा एक रहस्यमयी पर्चा मिला। इस पर्चे में पढ़ने वाले को मौत की धमकी दी गई थी, जिससे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों के कार्यालय पहुंचने पर यह पर्चा गेट पर चिपका मिला। इसमें खुद को 'अल्लाह के वली' का आदेश बताते हुए तहसीलदार कार्यालय को 'सील' करने का दावा किया गया था। पर्चे में लिखा था, पूरी पृथ्वी छोड़कर कहीं चले जाओ और चेतावनी दी गई थी कि जो भी इस आदेश को पढ़ेगा, उसकी मृत्यु हो जाएगी। इस पर 4 अप्रैल की तारीख अंकित थी और इसमें जुर्माना, सजा, बैंक खाते तथा रुपयों जैसे शब्दों का भी बेतरतीब ढंग से उल्लेख किया गया था, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। इस घटना की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में भीड़ जमा हो गई। तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। उनके निर्देश पर पर्चे को सावधानीपूर्वक हटाया गया और कार्यालय का ताला खोलकर सामान्य कामकाज शुरू कराया गया। तहसील प्रशासन और पुलिस इसे किसी असामाजिक तत्व की शरारत या मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति का कार्य मान रही है। अधिकारियों ने बताया कि यह हरकत रात के अंधेरे में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा की गई है। तहसील अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह किसी की गंभीर शरारत लग रही है। फिर भी, सुरक्षा के मद्देनजर मामले की बारीकी से जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रविवार रात वकील शराब पीकर सरेराह हथियार लहरा रहा था, जिसका वीडियो सामने आया है। वीडियो में वकील हाथ में तलवार और फरसा लहराते हुए, पिस्टल थामे और शराब पीते हुए नजर आ रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है। घटना चकरभाठा थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक वकील का नाम अंशुमन श्रीवास्तव (41) है, जो घर के बाहर शराब पी रहा था और पिस्टल, तलवार, फरसा लेकर आने-जाने वालों को डरा रहा था। इस पूरे घटनाक्रम को एक शख्स ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। बाद में उसने वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। वीडियो वायलर होते ही पुलिस हरकत में आई और जांच पड़ताल के बाद वकील को गिरफ्तार किया। देखिए पहले ये तस्वीरें- सीएसीपी निमितेश सिंह ने बताया कि शहर की पॉश कॉलोनी रामावैली में रविवार को वकील सरेआम हथियार लहराकर दहशत फैला रहा था। इसका वीडियो लोगों ने रिकॉर्ड करके पुलिस को भेजा। पुलिस की जांच में पता चला कि आरोपी अंशुमन श्रीवास्तव (41) नामक वकील है। वह अपने घर के बाहर शराब पी रहा था और इस दौरान हाथ में पिस्टल, तलवार और फरसा जैसे औजार लेकर आने-जाने वालों को डराने का प्रयास कर रहा था। चकरभाठा थाना प्रभारी उमेश साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को कॉलोनी में देखकर हड़कंप मच गया। टीम ने आरोपी के घर L-5, मकान नंबर 124 की घेराबंदी की और उसे हथियारों के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार किया।पुलिस ने आरोपी के मकान की तलाशी के दौरान 32.5 इंच की तलवार, एक काली पिस्टल और एक फरसा-नुमा कुल्हाड़ी जब्त की है। इस दौरान हड़कंप मचने के कारण कॉलोनी के लोग गवाही देने से कतराते रहे। हालांकि पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और वायरल वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया है। चकरभाठा पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
खेत में करंट लगने से महिला की मौत:मोटर चालू करते हादसा, पति का दो साल पहले हुआ था निधन
बालाघाट से सटे सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र के रैचना गांव में खेत में पानी की मोटर चालू करते समय करंट लगने से एक महिला मंजूलता गौतम (33) की मौत हो गई। उन्होंने बालाघाट के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंगलवार को दम तोड़ दिया। मंगलवार को जिला अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। खेत में लगी मोटर चालू करते समय हादसा जानकारी के अनुसार, मंजूलता सुबह महुआ बीनने गई थीं। इसी दौरान धान की फसल को पानी देने के लिए खेत में लगी मोटर चालू करते समय उन्हें करंट लगा और वह गिर गईं। उनके साथ मौजूद बेटे ने शोर मचाया, जिसके बाद खेत के पास काम कर रहे अन्य लोगों ने परिजनों को सूचना दी। परिजन उन्हें तत्काल समीपस्थ लालबर्रा अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें बालाघाट के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मंजूलता ने दम तोड़ दिया। इसके बाद परिजन महिला के शव को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। पति की दो साल पहले हुई थी मौत अस्पताल चौकी पुलिस ने शव बरामद कर पंचनामा कार्यवाही की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। बताया गया है कि मंजूलता के पति प्रमोद गौतम की दो साल पहले मौत हो गई थी और उनके दो छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक बेटी और एक बेटा शामिल हैं। मंजूलता के देवर देवेंद्र गौतम ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 9 बजे यह घटना हुई थी। पड़ोसी से जानकारी मिलने के बाद वे उन्हें अस्पताल लाए थे। अस्पताल चौकी प्रभारी ईश्वरदयाल पटले ने पुष्टि की कि शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की मर्ग डायरी संबंधित थाने भेजी जाएगी, जहां से आगे की जांच की जाएगी।
कोचिंग सिटी कोटा में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई की दिक्कत अभी भी बनी हुई है। पिछले कई दिनों से सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण हॉस्टलों में रहने वाले हजारों विद्यार्थियों की भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालात ऐसे हो गए हैं कि कई हॉस्टलों में घरेलू गैस सिलेंडरों और वैकल्पिक साधनों से काम चलाया जा रहा है, लेकिन इससे भी व्यवस्था सुचारू नहीं रह पा रही है। वहीं वैकल्पिक व्यवस्था के सहारे ज्यादा लंबे समय तक काम नहीं चलाया जा सकता है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ शहर फिर से रौनक पकड़ रहा है और विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इसी समय गैस की कमी ने बड़ी परेशानी खड़ी कर दी है। पिछले छह दिनों से कमर्शियल सिलेंडरों की नियमित सप्लाई नहीं हो पा रही है, जिससे मैस संचालन संकट में है। हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि लास्ट टाइम 31 मार्च को कुछ हॉस्टल में गैस सप्लाई हुई थी। उसके बाद अभी 6 दिन निकल चुके है। समस्या को लेकर हॉस्टल संचालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर जल्द समाधान की मांग भी की है। हॉस्टल संचालकों का कहना है कि भले ही कोटा बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दिया गया हो, लेकिन वास्तविकता में अब भी पर्याप्त सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो सभी हॉस्टल संचालक जिला कलेक्टर कार्यालय पर खाली गैस सिलेंडरों के साथ प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि हजारों विद्यार्थियों के भोजन की जिम्मेदारी हॉस्टलों पर है और गैस की कमी से यह व्यवस्था चरमरा रही है। संचालकों ने प्रशासन से मांग की है कि कोटा जैसे कोचिंग हब में हॉस्टलों के लिए गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुजफ्फरनगर में विवाहिता का शव फंदे पर मिला:शादी को एक साल भी नहीं हुआ, गृहकलह की आशंका
मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के साल्लाखेड़ी गांव में मंगलवार सुबह एक विवाहिता का शव घर के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर जुट गए और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतका की पहचान ज्योति पत्नी गौरव के रूप में हुई है। उसकी शादी वर्ष 2024 में हुई थी। घटना के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। प्रारंभिक जांच में गृहकलह की बात पुलिस की शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक कलह से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। पुलिस का मानना है कि गृह क्लेश के कारण महिला ने आत्मघाती कदम उठाया हो सकता है। हालांकि, अधिकारी अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं। साक्ष्य जुटाए, पोस्टमार्टम से खुलेगा मौत का कारण पुलिस ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। इसके साथ ही पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है। तहरीर मिलने के बाद होगी आगे की कार्रवाई मामले की जानकारी देते हुए यतेंद्र नागर ने बताया कि सुबह घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि अब तक की जांच में गृह क्लेश की बात सामने आई है, लेकिन तहरीर मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अन्य पहलुओं की भी जांच पुलिस का कहना है कि यदि जांच में कोई अन्य तथ्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।
टोंक में मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में ‘ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे’ अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी विभिन्न स्कूलों में पहुंचे। विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, विधिक अधिकार और मानसिक-सामाजिक चुनौतियों के प्रति जागरूक किया। इस दौरान स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत बॉक्स भी लगाए गए, जिससे छात्र अपनी समस्याएं गोपनीय रूप से साझा कर सकेंगे। साथ ही विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, चाइल्डलाइन 1098 और नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 की जानकारी भी दी गई। ‘कोर्ट वाली दीदी’ शिकायत बॉक्स लगाया कार्यक्रम के दौरान स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी’ नाम से शिकायत बॉक्स भी स्थापित किया गया। विद्यार्थियों द्वारा इसमें डाली गई शिकायतों का निस्तारण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक द्वारा किया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिनेश जलुथरिया ने बताया कि कार्यक्रम के तहत राजकीय विद्यालय गुलजारबाग, कोटीनातमाम, दरबार, कोहना, न्यू टोंक, बाहिर एवं निजी विद्यालय जैसे विवेकानंद, मदरलैंड, संस्कृति विद्यालय में शिविर आयोजित किए गए। इसके अलावा तालुका मुख्यालयों के विभिन्न राजकीय और निजी स्कूलों में भी कार्यक्रम का आयोजन हुआ। एम्पावरिंग यूथ और साइबर समस्याओं के बारे में बताया न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को मुख्य रूप से दो विषयों पर जानकारी दी। ‘एम्पावरिंग यूथ’ और ‘साइबर जागरूकता (स्टे सेफ ऑनलाइन)’। एम्पावरिंग यूथ सत्र में विद्यार्थियों को मानसिक तनाव, भावनात्मक दबाव, बुलिंग, पारिवारिक अपेक्षाएं और सामाजिक तुलना जैसी समस्याओं के बारे में जानकारी दी गई। उन्हें समझाया गया कि इन समस्याओं का समाधान परिवार, शिक्षक और परामर्श के माध्यम से किया जा सकता है और वे अपनी परेशानियों को खुलकर साझा करें। साथ ही, विद्यार्थियों को उनके अधिकारों और उपलब्ध सहायता तंत्र के बारे में भी जानकारी दी गई। साइबर जागरूकता सत्र में विद्यार्थियों को सोशल मीडिया, व्हाट्सएप ग्रुप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से होने वाली साइबर बुलिंग, फर्जी अकाउंट, बिना अनुमति फोटो साझा करना, धमकी, स्टॉकिंग और ब्लैकमेलिंग जैसी गतिविधियों के बारे में बताया गया, जो कानूनन दंडनीय हैं। शिकायत के लिए बताया हेल्पलाइन सचिव जलुथरिया ने बताया कि न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930, चाइल्डलाइन 1098 और नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 के बारे में जानकारी दी।
गाजीपुर की जखनिया सुरक्षित विधानसभा सीट से सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और भाजपा गठबंधन के विधायक बेदी राम ने अपने चार साल के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड साझा किया। उन्होंने दैनिक भास्कर के साथ क्षेत्र में हुए विकास कार्यों, भविष्य की योजनाओं और आगामी चुनावों को लेकर अपनी बात रखी। सवाल: आपके कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही? जवाब: मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि मनिहारी मोड़ से जखनिया तक सड़क निर्माण है। यह सड़क करीब 25 वर्षों से खराब हालत में थी। बरसात में जलभराव की समस्या रहती थी। अब 36 करोड़ रुपये की लागत से नाली और जल निकासी की व्यवस्था के साथ इसका निर्माण तेजी से हो रहा है। सवाल: क्षेत्र में अन्य कौन-कौन से सड़क निर्माण कार्य हो रहे हैं जवाब: जखनिया से फदोंपुर तक सड़क निर्माण के लिए करीब 30 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है। इसका काम शुरू हो चुका है और जल्द पूरा होने की उम्मीद है, जिससे लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सवाल: क्या आपके क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी चल रहे हैं? जवाब: बंधन तकनीकि के तहत ठाकुरद्वारा मंदिर का निर्माण हो रहा है, जिसकी लागत करीब 3 करोड़ रुपये है। इसके अलावा कई अन्य विकास कार्य भी प्रस्तावित हैं, जिन पर जल्द काम शुरू होगा। सवाल: आप अपने चार साल के काम को कितने अंक देंगे? जवाब: इसका फैसला जनता करेगी। जैसे परीक्षक कॉपी जांचता है, वैसे ही जनता मेरे काम का मूल्यांकन करेगी और वही अंक मेरे लिए मान्य होंगे। सवाल: किन सड़कों के चौड़ीकरण और निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं? जवाब: शादियाबाद से मौधिया होते हुए जखनिया बॉर्डर तक, बहरियाबाद से रायपुर, रमसेपुर से सिखड़ी, हंसराजपुर से जयरामपुर और गुरैनी से जखनिया तक सड़क चौड़ीकरण और निर्माण के प्रस्ताव भेजे गए हैं। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का लक्ष्य है। सवाल: मुख्यमंत्री के साथ बैठक में क्या चर्चा हुई? जवाब: वाराणसी में बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने जखनिया क्षेत्र का विशेष रूप से जिक्र किया और सड़कों के निर्माण के बारे में पूछा। इसके बाद मैंने सभी प्रस्ताव सरकार को भेज दिए हैं और जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सवाल: क्या क्षेत्र में खेल और शिक्षा से जुड़ी कोई योजनाएं हैं? जवाब: मनिहारी और जखनिया में स्टेडियम निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है, फिलहाल जमीन की तलाश जारी है। साथ ही, गाजीपुर में विश्वविद्यालय की मांग विधानसभा में उठाई गई है, क्योंकि यहां 300 से अधिक डिग्री कॉलेज हैं लेकिन एक भी विश्वविद्यालय नहीं है। सवाल: शिक्षा के क्षेत्र में और क्या काम हो रहा है? जवाब : मनिहारी में 22 करोड़ रुपये की लागत से मुख्यमंत्री आवासीय विद्यालय बन रहा है। इससे गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिलेगा। सवाल: 2027 के चुनाव को लेकर आपका क्या कहना है? जवाब: मेरा टिकट 100 प्रतिशत पक्का है। मेरे नेता चाहते हैं कि मैं चुनाव लड़ूं, क्योंकि मैं ईमानदारी से काम करता हूं और कोई गड़बड़ी नहीं करता। सवाल: गठबंधन और सरकार को लेकर आपका क्या दावा है? जवाब: 2027 में एनडीए के साथ मिलकर चुनाव लड़ा जाएगा और सरकार भी बनेगी। मुझे अपने क्षेत्र के विकास कार्यों में कोई परेशानी नहीं होती, जनता का पूरा सहयोग मिलता है।
औरैया के अछल्दा थाना क्षेत्र के बकौहा गांव में एक विकलांग व्यक्ति की दुकान में चोरी के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शिकायतकर्ता होतीलाल (40) पुत्र मोहर सिंह दोनों पैरों से पोलियो के कारण विकलांग हैं। वह अपनी आजीविका चलाने के लिए गांव में एक छोटी परचूनी की दुकान संचालित करते हैं। 31 अगस्त 2025 की शाम करीब 5 बजे गांव का कुलदीप सिंह (30) पुत्र राकेश शराब के नशे में उनकी दुकान पर उधार सामान लेने पहुंचा। पहले से बकाया होने के कारण जब होतीलाल ने और उधार देने से मना किया, तो आरोपी भड़क गया। पीड़ित का आरोप है कि कुलदीप ने उन्हें गालियां दीं और धमकी दी कि वह न तो गांव में रह पाएंगे और न ही उनकी दुकान बचेगी। मौके पर मौजूद लोगों के समझाने के बाद आरोपी वहां से चला गया। रात में ताले तोड़कर चोरी का आरोप होतीलाल के अनुसार, उसी रात दुकान बंद कर वह घर चले गए। आरोप है कि इसी दौरान कुलदीप सिंह ने दुकान के ताले तोड़ दिए और अंदर रखे सामान पर हाथ साफ कर दिया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी दुकान से सामान, गोलक में रखे 4 हजार रुपए नकद और वोडाफोन सिम वाला एक सैमसंग कीपैड मोबाइल फोन चुरा ले गया। सुबह दुकान पहुंचे तो टूटे मिले ताले अगली सुबह 1 सितंबर 2025 को जब होतीलाल दुकान पर पहुंचे, तो उन्होंने ताले टूटे हुए देखे। दुकान के अंदर रखा सामान और नकदी गायब थी। घटना के बाद पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। थाना प्रभारी सुरेश चंद्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रतिया में काम से लौट रहे हलवाई की मौत:नहर के पास बेहोशी की हालत में मिला; 2 बच्चों का पिता था
फतेहाबाद जिले रतिया क्षेत्र में सोमवार शाम एक 40 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान गांव हमजापुर निवासी गोरा के रूप में हुई है, जो पेशे से हलवाई का काम करता था। मृतक के भाई मंगा ने बताया कि गोरा शाम को काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान उनके परिचित बग्गा के पास फोन आया कि रतिया की छोटी नहर के पास गोरा बेहोशी की हालत में पड़ा है। बग्गा ने तुरंत मंगा को इसकी जानकारी दी। निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना किया परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और गोरा को उपचार के लिए रतिया के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद उसे रतिया के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना का समय शाम करीब 7:30 बजे बताया जा रहा है। मृतक के साथ काम करने वाले राजकुमार ने बताया कि गोरा शाम करीब 6:30 बजे काम खत्म कर उनके पास से निकला था। शव को पोस्टमार्टम के लिए रतिया के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया गया है। परिजनों ने मामले की सूचना पुलिस को दी है, जिसके बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। मृतक गोरा विवाहित था और उसके दो बच्चे हैं।
सहारनपुर में शराब माफिया के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक सामने आई है। थाना जनकपुरी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 48 करोड़ 99 लाख 16 हजार रुपये की अवैध संपत्ति कुर्क कर दी है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पढ़िए...ऐसे चलता था पूरा खेल एक बिल्टी पर दो-दो ट्रक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी प्रणय अनेजा (एमडी/ओनर, को-ऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड टपरी) ने अपने साथियों के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया हुआ था। यह गिरोह एक ही बिल्टी पर दो बार गाड़ियों को पास कराकर अवैध रूप से देशी शराब का निर्माण, परिवहन और बिक्री करता था। सरकारी राजस्व को चूना लगाने के लिए आरोपियों ने दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा किया और जीपीएस व सीसीटीवी जैसे निगरानी सिस्टम तक से छेड़छाड़ की। 11 महीने में 35 करोड़ की एक्साइज चोरी, IT और GST में भी बड़ा खेल पुलिस के अनुसार, गिरोह ने महज 11 महीनों में करीब 35 करोड़ रुपये की एक्साइज चोरी की। इसके साथ ही जीएसटी और इनकम टैक्स की भी बड़े स्तर पर चोरी की गई। मौके से 1500 पेटी देशी शराब, एक ट्रक, सीपीयू और बारकोड स्कैनर भी बरामद हुए थे, जिससे इस पूरे नेटवर्क के तकनीकी तौर-तरीकों का खुलासा हुआ। 30 आरोपी, 3 को हाईकोर्ट से राहत इस मामले में 6 मार्च 2021 को आबकारी विभाग के सहायक आयुक्त प्रवर्तन मेरठ की तहरीर पर एसआईटी लखनऊ में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना में कुल 30 आरोपी सामने आए, जिनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालांकि तीन आरोपियों ने हाईकोर्ट से कार्यवाही पर रोक ले ली, लेकिन बाकी के खिलाफ कार्रवाई जारी रही। गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज, अब संपत्तियों पर सीधा वार पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर डीएम मनीष बंसल की अनुमति के बाद 9 दिसंबर 2025 को थाना कोतवाली देहात में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसके बाद 3 अप्रैल 2026 को एसपी सिटी और क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में थाना जनकपुरी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों मनोज जायसवाल, अजय जायसवाल और नीरज जायसवाल की अवैध संपत्तियों को कुर्क कर लिया। करोड़ों की जमीन, मकान और कमर्शियल प्लॉट जब्त कुर्क की गई संपत्तियों में बरेली के अलग-अलग इलाकों में स्थित कृषि भूमि, आवासीय प्लॉट और एक बड़ा व्यावसायिक भूखंड शामिल है। सबसे बड़ी कार्रवाई पीलीभीत बाईपास योजना के एक कमर्शियल प्लॉट पर हुई, जिसकी बाजार कीमत करीब 46 करोड़ रुपए आंकी गई है। इसके अलावा हरूनगला और शेरपुर दन्नूवाल क्षेत्र की जमीन और मकान भी जब्त किए गए। पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि जिले में अपराध से अर्जित संपत्ति के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गैंग बनाकर अवैध कमाई करने वालों की अब खैर नहीं है। उनकी हर संपत्ति चिन्हित कर कुर्क की जाएगी।
सीकर के फतेहपुर कस्बे में रात को ज्वेलरी शॉप में चोरी का मामला सामने आया है। तीन चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुए हैं। मालिक को चोरी की घटना का सुबह पता चला। पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपियों का पता लग रही है। सुबह पड़ोसियों ने ताले टूटने की सूचना दी घटना फतेहपुर कस्बे में परशुराम भवन के पीछे स्थित IC ज्वेलर्स की है। रात को दुकान मालिक कमल दुकान बंद करके घर पर चले गए। सुबह दुकान के पड़ोसियों ने सूचना दी कि दुकान के ताले टूटे हुए हैं। इसके बाद जब उन्होंने दुकान पर आकर देखा तो करीब 12 ग्राम सोना, करीब सवा सौ ग्राम चांदी, कई रत्न सहित अन्य सामान गायब मिले। ताले तोड़कर चुराए गहने जब दुकान और आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चेक किए तो उसमें नजर आया कि रात को करीब 2:58 पर तीन चोर आते हैं। जो सरिए जैसे किसी औजार से दुकान के ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते हैं। चोरी की सूचना मिलने पर फतेहपुर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और मौका मुआयना किया। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों का पता लगा रही है। खाटूश्यामजी हॉस्पिटल से बाइक चोरी सीकर के खाटूश्यामजी उप जिला अस्पताल की पार्किंग से बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। बीती शाम यहां पर चोर ने पार्किंग से बाइक चुराई। घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुई है। चोरी करने के पहले कर कई देर तक चोर बैठा रहा। इसके बाद वहां से बाइक लेकर चला गया।
चंदौली जिले में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने मंगलवार को जिलाधिकारी (DM) चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की। उन्होंने सकलडीहा तहसील में तैनात सप्लाई इंस्पेक्टर ममता सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। पदाधिकारियों ने डीएम को बताया कि सप्लाई इंस्पेक्टर ममता सिंह एक तानाशाह अधिकारी की तरह काम कर रही हैं। उनके कार्यालय में आने वाले फरियादियों की शिकायतें नहीं सुनी जातीं, बल्कि उन्हें खरी-खोटी सुनाई जाती है। यूनियन ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले ममता सिंह ने भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी को फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी भी दी थी। भारतीय किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप तिवारी ने बताया कि उनके पास अक्सर किसान, गरीब और आदिवासी लोगों से राशन कार्ड संबंधी मामले आते हैं। इन्हीं मामलों को लेकर कुछ दिन पहले उन्होंने सप्लाई इंस्पेक्टर ममता सिंह को एक ज्ञापन सौंपा था, लेकिन उनका व्यवहार असंतोषजनक रहा। इसके बाद ममता सिंह ने फोन पर जितेंद्र प्रताप तिवारी को फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी दी। तिवारी ने कहा कि अधिकारियों को आम जनता के हितों के लिए नियुक्त किया जाता है, लेकिन ऐसे अधिकारियों की कार्यशैली से लोगों में काफी असंतोष है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने शिकायतकर्ताओं को आश्वासन दिया कि शासन की मंशा के विपरीत कार्य करने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। यूनियन ने डीएम से मामले की गहन जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस दौरान मनोज यादव, गोपाल सिंह, शशिकांत मिश्रा और विभूति तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश यादव को लेकर विवादित पोस्टर लगाए जाने से बवाल मच गया है। ये पोस्टर लखनऊ के साथ-साथ गोंडा जिले में भी कई स्थानों पर देखे गए हैं, जिनमें अंबेडकर चौराहा और एसपी ऑफिस के पास के क्षेत्र शामिल हैं। ये पोस्टर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक संगठन ने लगवाए हैं। संगठन के गोंडा प्रभारी सक्षम सिंह, महामंत्री अभिनव तिवारी और कार्यकारी अध्यक्ष आशुतोष सिंह ने इन पोस्टरों को जारी किया है। पोस्टरों में अखिलेश यादव को फिल्म 'धुरंधर' के विलेन 'रहमान डकैत' के रूप में दिखाया गया है। विवादित होर्डिंग में एक तरफ अखिलेश की लाल टोपी और काले चश्मे वाली एडिट की हुई तस्वीर है, जिसके नीचे 'अखिलेश का ल्यारी राज' लिखा है। उनकी तस्वीर के नीचे सपा शासनकाल (2012-2017) के दौरान हुए मुजफ्फरनगर और शामली के दंगों की खबरों की कटिंग भी लगी है। होर्डिंग के दूसरी तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कन्या पूजन करते हुए तस्वीर लगी है, जिसके नीचे 'धुरंधर सीएम' लिखा है। योगी की तस्वीर के नीचे माफिया अतीक अहमद और मुख्तार अंसारी पर की गई कार्रवाई से संबंधित खबरें दर्शाई गई हैं। होर्डिंग में जनता से पूछा गया है: 'आपको क्या चाहिए?' फिल्म 'धुरंधर' में 'रहमान डकैत' की भूमिका बॉलीवुड अभिनेता अक्षय खन्ना ने निभाई थी। jहमान डकैत पाकिस्तान के कराची स्थित ल्यारी इलाके का एक कुख्यात डॉन था। इन पोस्टरों के माध्यम से सपा शासन को दंगे, अराजकता और माफियाराज से जोड़कर दिखाया गया है, जबकि वर्तमान सरकार को माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने वाली बताया गया है।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी राजस्थान प्रीमियर लीग (RPL) आयोजित करेगी। एडहॉक कमेटी के कन्वीनर मोहित यादव ने बताया कि राज्य में जल्द ही RPL का आयोजन इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तर्ज पर आयोजित करने की योजना है। मोहित यादव ने कहा कि क्रिकेट गतिविधियों को बढ़ावा देने और प्रदेश के खिलाड़ियों को बड़ा मंच देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी सोच के तहत RPL का आयोजन प्रस्तावित है। अगली एडहॉक कमेटी की बैठक में टूर्नामेंट की विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाएगी। इसी साल RPL कराने की तैयारी उन्होंने कहा- भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से अनुमति लेकर जल्द ही इसके लिए उपयुक्त टाइम स्लॉट बुक किया जाएगा, जिससे इसी साल टूर्नामेंट का सफल आयोजन हो सके। RCA की कोशिश है कि सितंबर तक राजस्थान प्रीमियर लीग की शुरुआत कर दी जाए। मोहित यादव के अनुसार, RPL पूरी तरह IPL की तर्ज पर होगी। इसमें अलग-अलग फ्रेंचाइजी टीमें बनाई जाएंगी, खिलाड़ियों की नीलामी की जाएगी और मैचों को बेहतर और आकर्षक बनाया जाएगा। इसके साथ ही खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए अलग - अलग अवार्ड भी दिए जाएंगे। यादव ने बताया कि इस दौरान RCA के चुनाव होते हैं, तब भी एडहॉक कमेटी RPL की तैयारियों को इस स्तर तक पहुंचा देगी कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी को आयोजन में किसी तरह की दिक्कत न हो और टूर्नामेंट सुचारु रूप से आयोजित किया जा सके। इसके साथ ही RCA राज्य के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए जल्द ही एक अवॉर्ड फंक्शन आयोजित करने की योजना बना रही है। इसमें घरेलू और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा। अलग - अलग कैटेगरी में दिए जाने वाले इन अवार्ड से युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और क्रिकेट के प्रति उनका उत्साह और बढ़ेगा। RCA की इस पहल को राजस्थान के क्रिकेट ढांचे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में अगर RPL का सफल आयोजन होता है, तो यह राज्य के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का एक मजबूत प्लेटफॉर्म साबित हो सकता है।
लुधियाना में दिल्ली रोड पर गेटसन इंटरनेशनल कपड़ा फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगने की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की सात गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। फैक्ट्री में से सभी वर्कर्स को सुरक्षित बाहर निकाल दिया गया है। फायर ब्रिगेड की टीम आग बुझाने में लगी है। जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में कुछ देर पहले अचानक आग लगी। फैक्ट्री वर्कर्स ने पहले खुद बुझाने की कोशिश की, लेकिन जब आग फैलने लगी तो फायर ब्रिगेड को बुला दिया। आग पर काबू पाने के प्रयासफायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर हैं और आग पर काबू पाने के प्रयास कर रही है। फैक्ट्री में कपड़ा है, जिसकी वजह से आग पर पर काबू पाने में परेशानी हो रही है। पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। इस खबर को हम अपडेट कर रहे हैं।
हाईवे पर वाहन की टक्कर से 3 भैंसों की मौत:सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन की तलाश
डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा थाना क्षेत्र में बांसवाड़ा-डूंगरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग 927A पर मंगलवार सुबह एक सड़क हादसा हुआ। महाराणा प्रताप स्कूल के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने सड़क पार कर रही तीन भैंसों को टक्कर मार दी। इस हादसे में तीनों भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई। भैंसें खेत की ओर जा रही थीं, तभी तेज गति से आ रहे अज्ञात वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पशुओं को संभलने का मौका नहीं मिला। हादसे के बाद मृत पशु सड़क के बीचों-बीच पड़े होने के कारण हाईवे पर जाम लग गया। सूचना मिलते ही सागवाड़ा पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से मृत भैंसों को सड़क से हटवाकर किनारे करवाया, जिसके बाद यातायात पुनः सुचारू हो सका। पीड़ित पशुपालक नरेश ननोमा निवासी लक्ष्मणपुर ने बताया कि उनकी भैंसें रोज की तरह चरने के लिए खेत की ओर जा रही थीं। इस अचानक हुए हादसे से उनके परिवार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। सागवाड़ा पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर वाहन की तलाश कर रही है।
पलवल में काम पर गए राजमिस्त्री की मौत:पत्नी ने ठेकेदार पर लगाए आरोप, बोलीं- काम का दबाव डालता था
पलवल जिले के बड़ौली गांव में एक राजमिस्त्री की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पत्नी ने ठेकेदार पर मानसिक दबाव बनाने और लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंप थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के अनुसार, बड़ौली निवासी ओमवती ने अपनी शिकायत में बताया है कि उनके पति रवि (37) पिछले कई महीनों से हरी नगर, पलवल निवासी ठेकेदार प्रहलाद के साथ राजमिस्त्री का काम कर रहे थे और अक्सर ठेकेदार के पास ही रहते थे। ठेकेदार ने बनाया काम का दबाव ओमवती के मुताबिक, रवि 4 अप्रैल को एक सप्ताह बाद काम से घर लौटे थे। अगले ही दिन, 5 अप्रैल की सुबह, ठेकेदार प्रहलाद ने रवि को तुरंत काम पर आने के लिए फोन पर दबाव बनाया। रवि ने ठेकेदार से कहा कि वह एक-दो दिन आराम करना चाहते हैं, क्योंकि वह अभी-अभी घर लौटे हैं। हालांकि, ठेकेदार नहीं माना और लगातार दबाव बनाता रहा। इस पर रवि तनाव में आकर 5 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे काम पर जाने के लिए घर से निकल गए। ओमवती ने बताया कि रवि घर पर आराम करना चाहते थे, लेकिन काम से निकाले जाने के डर से वे तनाव में ठेकेदार के पास चले गए। हालचाल जानने के लिए किया फोन, मिली मौत की सूचना दोपहर में जब ओमवती ने अपने पति रवि का हालचाल जानने के लिए फोन किया, तो फोन ठेकेदार प्रहलाद ने उठाया। ठेकेदार ने उन्हें बताया कि रवि के साथ 'हादसा' हो गया है और उन्हें तुरंत जिला नागरिक अस्पताल पहुंचने के लिए कहा। ओमवती अपने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचीं, जहां उन्हें रवि की मौत की जानकारी मिली। मामले की जांच में जुटी पुलिस मृतक की पत्नी का आरोप है कि जब उन्होंने और उनके परिजनों ने ठेकेदार से मौत की वजह पूछी, तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और मामले को टालते रहे। ओमवती ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। कैंप थाना पुलिस ने इस संबंध में मृतक की पत्नी की शिकायत पर ठेकेदार व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर शव को पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया।
प्रयागराज में मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर आदित्य की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब एक पेचीदा गुत्थी बनती जा रही है। पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आने के बाद विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। अब जांच की दिशा इस बात पर टिक गई है कि आखिर एसआरएन अस्पताल से जॉर्जटाउन स्थित फ्लैट तक के महज 2.5 किलोमीटर के सफर और करीब डेढ़ घंटे के भीतर ऐसा क्या हुआ, जिससे उनकी जान चली गई।पोस्टमार्टम रिपोर्ट से नहीं खुला राज29 साल के डॉक्टर आदित्य के शव का पोस्टमार्टम सोमवार को कराया गया, लेकिन मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। इसके बाद डॉक्टरों ने विसरा प्रिजर्व कर जांच के लिए भेज दिया है। अब केमिकल एनालिसिस रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मौत किसी विषैले पदार्थ, दवा के रिएक्शन या अन्य कारण से हुई।फ्लैट पहुंचते ही टॉयलेट में हुए अचेतरविवार रात ड्यूटी खत्म करने के बाद 10:30 बजे के करीब आदित्य अपने महिला डॉक्टर दोस्त के जॉर्जटाउन स्थित फ्लैट पर पहुंचे थे। वहां पहुंचने के कुछ ही देर बाद वह टॉयलेट जाने की बात कहकर अंदर गए, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं निकले। किसी तरह दरवाजा खोलकर देखा गया तो वह अंदर अचेत पड़े थे।डेढ़ घंटे तक चली जिंदगी बचाने की कोशिशबेहोशी की हालत में साथी डॉक्टर उन्हें तुरंत स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने सीपीआर देकर उन्हें बचाने की कोशिश की। कुछ देर के लिए उनकी हालत में हल्का सुधार भी दिखा, लेकिन इसके बाद स्थिति लगातार बिगड़ती गई और करीब डेढ़ घंटे बाद उनकी सांसें थम गईं।वीगो लगा होना बना रहस्यमामले का सबसे अहम और उलझा हुआ पहलू डॉक्टर के हाथ में लगा वीगो है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच पड़ताल में में सामने आया कि एक दिन पहले उन्हें बुखार था और उन्होंने खुद ही वीगो लगवाया था। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अगर तबीयत खराब थी तो उन्होंने उचित इलाज क्यों नहीं लिया और क्या उन्होंने किसी तरह की दवा या इंजेक्शन खुद से लिया था।रास्ते के डेढ़ घंटे पर पुलिस की नजरपुलिस अब उस समय की कड़ियां जोड़ने में जुटी है जब आदित्य अस्पताल से निकले और दोस्त के फ्लैट तक पहुंचे। यह समय करीब डेढ़ घंटे का बताया जा रहा है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि इस दौरान वह कहीं रुके थे या किसी से मिले थे। साथ ही यह भी खंगाला जा रहा है कि उन्होंने रास्ते में कुछ खाया तो नहीं।अभी तक कोई शिकायत नहीं, पुलिस कर रही जांचएसीपी विमल किशोर मिश्र ने बताया, फिलहाल इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है। मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और अब विसरा सैंपल जांच के लिए भेजवाया जा रहा है। कई सवाल, जिनके जवाब अभी बाकीडॉक्टर ने पहले से वीगो क्यों लगवाया था?क्या उन्होंने खुद से कोई दवा या इंजेक्शन लिया?अस्पताल से निकलने के बाद डेढ़ घंटे तक वह कहां रहे?फ्लैट पहुंचते ही उनकी हालत अचानक कैसे बिगड़ गई?
जयपुर में सोमवार देर रात करीब 3 बजे कांग्रेस विधायक हरिश चौधरी की बेटी आस्था चौधरी की कार का एक्सीडेंट हो गया। आस्था की कार विधानसभा के मुख्य गेट के सामने ट्रैफिक सिग्नल पोल और पेड़ से जा टकराई। इससे कार का आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। कार सवार सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। दुर्घटना थाना साउथ में तैनात पुलिसकर्मी कैलाश ने बताया- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि क्रेटा कार अंबेडकर सर्कल से एमएलए क्वार्टर की ओर जा रही थी। विधानसभा गेट के पास सड़क पर अचानक चार से पांच कुत्ते आ गए। उन्हें बचाने के प्रयास में कार चला रही युवती वाहन से नियंत्रण खो बैठी। कार सीधे पोल व पेड़ से जा भिड़ी। यही हादसे का प्राथमिक कारण माना जा रहा है। नगौर के एड्रेस पर रजिस्टर्ड है कार कैलाश ने बताया- दुर्घटनाग्रस्त कार कांग्रेस विधायक हरिश चौधरी की बेटी आस्था चौधरी के नाम पर नागौर के एट्रेस से रजिस्टर्ड है। हादसे के वक्त वही कार चला रही थीं। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त कार को कब्जे में लेकर थाने पहुंचाया। हादसे में किसी भी व्यक्ति को चोट नहीं आई है। फिलहाल इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया है।
कोटा शहर के किशोर सागर तालाब के नाग-नागिन मंदिर के सामने सड़क किनारे एक 10 से 12 फीट लंबा विशाल मगरमच्छ निकलकर आ बैठा। सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, तुरंत वन विभाग को सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और इलाके में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को पकड़ने के लिए ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने सुरक्षित तरीके से मगरमच्छ को काबू में लिया। इसके बाद उसे वाहन में डालकर चंबल नदी में छोड़ दिया गया। स्थानीय निवासी संजय मेहरा ने बताया कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उन्होंने सड़क किनारे मगरमच्छ को बैठे देखा। उन्होंने बताया कि मगरमच्छ ने एक डॉग का शिकार भी किया हुआ था। वहीं, एक अन्य स्थानीय रहीम ने बताया कि इलाके में चार डॉग रहते थे, लेकिन घटना के समय तीन ही नजर आए। मगरमच्छ के आने से बाकी डॉग भी डरकर भाग गए, जबकि एक डॉग इसका शिकार बन गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में राहगीर मौके पर जमा हो गए थे। वन विभाग की टीम ने सफल रेस्क्यू ऑपरेशन किया जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।
खजराना पुलिस ने खुद को ‘ओसामा’ बताकर खौफ फैलाने वाले ड्रग तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 100 ग्राम एमडी ड्रग बरामद हुई है। शहर में उसे ‘लादेन’ नाम से जाना जाता था और वह इसी नाम का इस्तेमाल कर लोगों में डर बैठाता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी ओसामा चंदन नगर इलाके का रहने वाला है। उसकी शक्ल और नाम कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन से मिलते-जुलते होने के कारण लोग उसे ‘लादेन’ कहकर बुलाते थे। आरोपी भी इसी नाम का इस्तेमाल कर अपना रौब जमाता था। डिलीवरी से पहले ही दबोचा मनोज सेंधव की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी स्टार चौराहे के पास बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने ड्रग डिलीवरी के लिए खड़ा है। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा और तलाशी में उसके पास से 100 ग्राम से ज्यादा एमडी बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी यह ड्रग राजस्थान के डग इलाके से लेकर आया था और इंदौर में सप्लाई करने वाला था। पुलिस अब उसके नेटवर्क और साथियों की तलाश कर रही है। आरोपी के खिलाफ पहले से लूट और मारपीट सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने रिकॉर्ड भी खंगाल रही है। क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: वसीम को टांगा टोली कर उठाया इधर क्राइम ब्रांच ने अलग कार्रवाई में राजेश दंडोतिया के निर्देशन में 24 ग्राम एमडी के आरोपी वसीम खान को पकड़ा। पुलिस जब उसे लेने पहुंची तो परिजनों ने विरोध किया, जिसके बाद टीम उसे टांगा टोली कर गाड़ी तक लेकर आई।
जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम धाराशिव में युवती समलेश्वरी पटेल (23) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना बीती रात की है। आत्महत्या का कारण अभी अज्ञात है और पामगढ़ थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। युवती के पिता बेदराम पटेल ने बताया कि मंगलवार सुबह जब वह सब्जी बेचने के लिए वाहन में सामान रख रहे थे, तो उन्होंने अपनी बेटी समलेश्वरी को जगाने के लिए उसके कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब न मिलने पर उन्होंने दरवाजे के छोटे छेद से टॉर्च जलाकर देखा। समलेश्वरी बिस्तर पर नहीं थी। मियार से चुनरी के फंदे से लटकी मिली युवती इसके बाद उन्होंने अपनी पत्नी से बात की और बताया कि दरवाजा अंदर से बंद है। किसी तरह दरवाजा खोलने पर उन्होंने देखा कि उनकी बेटी घर के मियार से चुनरी के फंदे से लटकी हुई थी। पिता ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि उनकी बेटी ने यह कदम क्यों उठाया। सोमवार रात को समलेश्वरी ने उनसे कहा था कि पैसे ज्यादा खर्च न करें और 15 तारीख को उनकी पेशी है। उनके बीच किसी प्रकार का झगड़ा भी नहीं हुआ था। सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ घटना की सूचना मिलने पर पामगढ़ पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारा, मार्ग कायम किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के अनुसार, समलेश्वरी पटेल ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी अज्ञात है। मौके से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। जांच-पड़ताल के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।
आलीराजपुर जिले के कोतवाली और आम्बुआ पुलिस थानों को मंगलवार को आईएसओ (ISO) प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया। इंदौर ग्रामीण पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने एक कार्यक्रम के दौरान दोनों थानों के प्रभारियों को यह सर्टिफिकेट प्रदान किए। निरीक्षण के बाद मिला प्रमाणपत्रआईएसओ टीम द्वारा पहले दोनों थानों का गहन निरीक्षण किया गया था। इस दौरान थानों की विभिन्न व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण में शाखा, मालखाना, रिकॉर्ड रूम, शस्त्र शाखा, लॉकअप, शिकायत शाखा और कंप्यूटर कक्ष का रखरखाव संतोषजनक पाया गया। फरियादियों के लिए बेहतर व्यवस्थाटीम ने यह भी पाया कि थानों में फरियादियों और पीड़ितों के लिए शिकायत दर्ज कराने और बैठने की उचित व्यवस्था की गई है, जिससे आम लोगों को सुविधा मिल रही है। थाना प्रभारियों को मिला सम्मानडीआईजी ने कोतवाली थाना प्रभारी सोनू सितोले और आम्बुआ थाना प्रभारी मोहन डावर को आईएसओ प्रमाण पत्र सौंपे और पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए।इस मौके पर डीआईजी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि पुलिस अधीक्षक रघुवंश सिंह के नेतृत्व में हासिल हुई है। उनके मार्गदर्शन में दोनों थानों में ऊर्जा डेस्क, महिला डेस्क, शिकायत शाखा और बैठने की व्यवस्था सहित कई सुधार किए गए हैं। उन्होंने इस सफलता के लिए सभी को बधाई भी दी।
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक ट्रैक्टर चालक का लहूलुहान शव उसी की ट्रॉली में पड़ा मिला। मृतक की बहन की 25 अप्रैल को शादी होनी है, लेकिन शादी से पहले भाई की संदिग्ध मौत ने खुशियों वाले घर को मातम में बदल दिया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई है। घटना कबरई थाना क्षेत्र के बघवा खोड़ा इलाके की है। सुबह लोगों ने नहदौरा रोड किनारे खड़े एक ट्रैक्टर को देखा, जिसकी ट्रॉली में चालक का शव पड़ा था। सूचना मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान 48 वर्षीय संदीप अनुरागी निवासी आंबेडकर नगर, कबरई के रूप में हुई है। 18 दिन बाद बहन की शादी थी संदीप की बहन पूजा की शादी आगामी 25 अप्रैल को तय है। बहन की शादी में अब महज 18 दिन बचे थे। परिजनों के मुताबिक, शादी की तैयारियों के लिए संदीप की पत्नी और दोनों बेटे जयपुर के ईंट भट्ठों से मजदूरी छोड़कर घर लौटे थे। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। रात 8 बजे बेटे से हुई थी आखिरी बात परिवार के अनुसार, संदीप सोमवार शाम ट्रैक्टर पर ईंट और सीमेंट लादकर सिरसी कलां गांव गया था। रात करीब 8 बजे उसकी बड़े बेटे महेंद्र से बात हुई थी। उस दौरान उसने एक घंटे में घर लौटने की बात कही थी। लेकिन जब रात 10 बजे दोबारा फोन किया गया, तो उसका मोबाइल स्विच ऑफ मिला। इसके बाद परिवार के लोग रातभर उसकी तलाश करते रहे। सुबह ट्रॉली में पड़ा मिला शव रातभर खोजबीन के बाद मंगलवार सुबह नहदौरा रोड पर ट्रैक्टर खड़ा मिला। जब परिजन और स्थानीय लोग वहां पहुंचे, तो ट्रॉली में संदीप का शव पड़ा मिला। शव देखकर परिवार में चीख-पुकार मच गई। मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। इसे देखते हुए परिजनों ने आशंका जताई है कि संदीप की ईंटों से कूचकर हत्या की गई है। घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी अरुण कुमार सिंह और कबरई थाना पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस संदिग्ध परिस्थितियों में हुई इस मौत को गंभीरता से लेकर जांच आगे बढ़ा रही है।
गुना की नानाखेड़ी मंडी गेट पर सोमवार को चक्काजाम कर रहे किसानों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा की गई धक्का-मुक्की और मारपीट के मामले में गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। विधायक ने पत्र के जरिए मारपीट करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही भीषण गर्मी को देखते हुए मंडी में फसल बेचने आए किसानों के लिए पानी और टेंट की उचित व्यवस्था करने को कहा है। वर्तमान में विधायक के पत्र के बाद प्रशासन स्तर पर मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। उपज का सही भाव न मिलने पर किसानों ने किया था चक्काजाम लगातार तीन दिन मंडी बंद रहने के बाद सोमवार को हजारों की संख्या में किसान अपनी उपज बेचने नानाखेड़ी मंडी पहुंच गए थे। हालात यह थे कि गेहूं की ट्रॉलियों को दशहरा मैदान और बीज निगम में खड़ा कराना पड़ा था। सोमवार सुबह जब व्यापारियों ने गेहूं की बोली लगाना शुरू की, तो किसानों को लगा कि उपज कम दाम में खरीदी जा रही है। उपज के सही भाव न मिलने से नाराज होकर किसानों ने नानाखेड़ी मंडी गेट पर चक्काजाम कर दिया। सूचना मिलने पर एसडीएम, तहसीलदार सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किसानों को समझाइश दी। पुलिसकर्मियों ने मारे थे थप्पड़, 2 किसानों को भेजा था थाने चक्काजाम कर रहे किसानों को हटाने के लिए पुलिसकर्मियों को बल प्रयोग भी करना पड़ा था। पुलिसकर्मियों ने किसानों को हटाने के लिए धक्के दिए और उनकी पीठ पर थप्पड़ भी मारे गए। इसके अलावा दो किसानों को पकड़कर थाने भी भेज दिया गया था। विधायक शाक्य बोले- मारपीट की घटना दुखद और शर्मनाक सोमवार को हुई इस घटना को लेकर गुना विधायक पन्नालाल शाक्य ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को लिखे पत्र में विधायक ने कहा कि, गुना मण्डी मे अपनी फसल बेचने आये किसान अन्नदाता भाईयो को अपनी फसल के उचित दाम न मिलने के कारण उनके द्वारा किये जा रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन में उनके साथ मारपीट की गयी जो कि बेहद ही दुखद और शर्मनाक है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री निरंतर अन्नदाताओं के हित में निर्णय लेने में लगे हैं। ऐसी स्थिति में किसान भाईयो के साथ प्रशासन का इस प्रकार रवैया चिंता का विषय है। फसल बेचने आये किसान भाईयो के लिये उचित मूल्य और गर्मी को देखते हुए पानी, ठहरने के उचित इंतजाम किये जाएं। किसान भाईयो के साथ मारपीट करने वाले कर्मचारियों को भी दंडित किया जाए।
बालाघाट में महिलाओं ने की बाइक राइडिंग:महिला सशक्तिकरण के लिए रक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन की पहल
बालाघाट में मंगलवार को महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं और युवतियों ने बाइक राइडिंग में हिस्सा लेकर अपनी ताकत और आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया। रक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने बालाघाट से गांगुलपारा तक करीब 8 से 10 किलोमीटर की राइड पूरी की। गांगुलपारा तक निकली राइडयह बाइक राइड बालाघाट शहर से शुरू होकर पर्यटन स्थल गांगुलपारा तक पहुंची। इस दौरान महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्राम टेकाड़ी की सरपंच रश्मि तारा कावरे ने राइडर्स का स्वागत करते हुए उनका हौसला बढ़ाया। स्थानीय लोगों ने बढ़ाया उत्साहकार्यक्रम के दौरान सुभाष चौरे, राकेश सरवरी, तिलक नागपुरे, तारा कावरे, अजीत कुमार, देवेंद्र कावरे, विशाल गाड़ेश्वर, पंकज चौरे, सावन मांदरे और सादिक मोहम्मद सहित कई लोगों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।राइडिंग के बाद सभी महिलाओं और युवतियों ने ग्राम टेकाड़ी में टूरिज्म बोर्ड द्वारा बनाए गए होमस्टे और पर्यटन स्थल का भी भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पर्यटन को भी करीब से जाना। आगे भी जारी रखेंगी राइडिंगरक्षिका शौर्य शक्ति फाउंडेशन की संस्थापक एवं अध्यक्ष जयश्री प्रकाश सोनवाने के साथ प्राची मेश्राम, कीर्ति जांगड़े, रीना भालेकर, गंगा दमाहे, आरती मरावी, प्रिया नागपुरे, शीतल, अंबिका और कल्याणी सहित कई प्रतिभागियों ने भविष्य में भी लंबी दूरी की राइडिंग जारी रखने का संकल्प लिया। महिला सशक्तिकरण की पहलसंस्थापक जयश्री सोनवाने ने बताया कि यह बाइक राइडिंग महिला सशक्तिकरण की एक शुरुआत है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने शौक पूरे करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि संस्था महिलाओं को ऑटो रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ सुरक्षा और आत्मरक्षा की ट्रेनिंग भी दे रही है।
भरतपुर के चिकसाना थाना इलाके में एक महिला की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। महिला के पीहर पक्ष को शक है कि कीर्ति की हत्या उसके ससुराल वालों ने की है। ससुराल वाले कीर्ति को दहेज के लिए परेशान करते थे। कीर्ति के गले पर निशान भी मौजूद हैं। दहेज से संतुष्ट नहीं थे ससुराल वाले रोहित निवासी बसैया थाना अछनेरा जिला आगरा ने बताया कि मेरी छोटी बहन कीर्ति की शादी 5 साल पहले पवन निवासी इकरन थाना चिकसाना के साथ हुई थी। मेरे परिवार वालों ने शादी में करीब 8 लाख रुपये खर्च किए थे। शादी के बाद से ही कीर्ति का पति पवन, सास फूलो देवी, ससुर घमंडी सिंह, देवर देव वीर सिंह, शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे। पंचायत में होता रहा राजीनामा दहेज की मांग को लेकर कीर्ति के ससुराल उसके साथ मारपीट करते रहे। मारपीट के बारे में कीर्ति ने अपने पीहर पक्ष से कई बार शिकायत कि लेकिन, कई बार पंचायत आयोजित करवाई गई। जहां कीर्ति के पीहर पक्ष ने हमेशा यह विश्वास दिलाया कि अब वह कीर्ति के साथ मारपीट नहीं करेंगे और न ही दहेज मांगेंगे। देवर प्रताड़ित करने के उकसाता था कीर्ति का देवर देव वीर फौज में नौकरी करता है उसका भी विवाद उसकी पत्नी से चल रहा है। देव वीर की सह पर ही कीर्ति के साथ मारपीट की जाती थी। 3 महीने पहले कीर्ति ने अपने भाई रोहित को बताया था कि देव वीर ने फोन कर अपने परिवार वालों से कहा था कि वह कीर्ति की हत्या कर दें। उसके बाद वह पवन की शादी कहीं दूसरी जगह करवा देंगे। कल भाई को बताया महिला की मौत के बारे में 6 अप्रैल को रोहित के पास एक फोन आया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया की कीर्ति की मौत हो गई है। कीर्ति के पीहर पक्ष के लोग तुरंत उसके ससुराल पहुंचे। ससुराल में कीर्ति का शव पड़ा हुआ था। कीर्ति के गले पर निशान थे। जिसके बाद उसे तुरंत आरबीएम अस्पताल लेकर जाया गया। भाई बोला बहन को गला दबाकर मारा चिकसाना थाना पुलिस ने कीर्ति के शव का पोस्टमार्टम करवाया। कीर्ति के भाई को शक है कि कीर्ति का गला दबाकर उसकी हत्या की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। कीर्ति के भाई ने पुलिस को FIR दे दी है। पुलिस मामले की कर रही जांच सीओ ग्रामीण कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि कल के महिला ने फांसी लगाकर सुसाइड किया है। महिला के परिजनों ने शिकायत दी है। मामले की जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में मंगलवार को गैंगस्टर इमरान उर्फ मोगली ने हंगामा कर दिया। उसने जेलर सहित अन्य गैंगस्टर पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाते हुए बैरिक के गेट पर अपना सिर दे मारा। गंभीर हालत में गैंगस्टर को हथियार बंद जवानों के बीच कड़ी सुरक्षा में जेएलएन हॉस्पिटल ले जाया गया। इलाज के दौरान भी गैंगस्टर ने हंगामा खड़ा कर दिया। उसके खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट समेत 38 से ज्यादा मुकदमे दर्ज है। डिमांड पूरी करने के लिए करता नौटंकी मामले में जेल अधीक्षक भंवर सिंह ने कहा कि बंदी इमरान उर्फ मोगली जयपुर सेंट्रल जेल में बंद था। वहां से श्रीगंगानगर जेल शिफ्ट किया गया था। मार्च महीने में ही श्रीगंगानगर से अजमेर शिफ्ट हुआ था। गैंगस्टर अपनी अवैध डिमांड पूरी करने के लिए नौटंकी करके अपने आप को नुकसान पहुंचाता है। पहले भी अपने नाखूनों से खुद को घायल कर चुका है। आज भी बैरिक पर सिर मार दिया और घायल हो गया। इसके बाद उसे हॉस्पिटल में इलाज के लिए भेजा है, जो आरोप लगाए गए उसकी जांच करवाई जाएगी। हॉस्पिटल में इलाज के दौरान भी किया हंगामा हाई सिक्योरिटी जेल से हथियारबंद जवानों और सिविल लाइन कोतवाली थाना पुलिस की मौजूदगी में इलाज के लिए गैंगस्टर को ले जाया गया। इस दौरान उसने हंगामा खड़ा कर दिया। वह हाथ जोड़कर मदद की गुहार करने लग गया। हंगामा करते हुए गैंगस्टर ने कहा कि उसे जेलर, डकैत धन सिंह और गैंगस्टर बलवाराम सहित अन्य कैदी प्रताड़ित कर रहे हैं। उसे सुसाइड करने पर मजबूर किया जा रहा। जेल में डकैती धन सिंह सहित अन्य बदमाशों को सारी सुविधा दी गई है। मेरे साथ मारपीट कर पक्षपात किया गया है। वहीं घायल इमरान उर्फ मोगली पुलिस प्रशासन से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग करता रहा।
गोरखपुर में कार दुकान में जाकर पलटी, देखें VIDEO:युवक को बचाने के चक्कर में हादसा हुआ, मची अफरातफरी
गोरखपुर में चाइना मार्केट के पास करीब सोमवार रात 2 बजे एक कार अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक दुकान में घुस गई। लोगों ने बताया कि कार चालक सामने आए एक युवक को बचाने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान उसने गाड़ी पर नियंत्रण खो दिया और कार सीधे दुकान में जा घुसी। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास के लोग घबरा गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। चालक बाल-बाल बचा गनीमत रही कि इस दुर्घटना में कार चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई और वह बाल-बाल बच गया। हालांकि दुकान को नुकसान पहुंचा है, जिसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर कार की रफ्तार ज्यादा होती या उस समय वहां ज्यादा लोग मौजूद होते, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
नसीराबाद में साढ़े पंद्रह किलो अवैध डोडा पोस्त बरामद किया गया है। जो मंगलवार सुबह कार से तस्करी कर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी तस्कर को भी गिरफ्तार कर कार को जब्त कर लिया। नसीराबाद सिटी थाना प्रभारी पंकज मांझू ने बताया- मंगलवार तड़के गश्त के दौरान कोटा मार्ग स्थित ईदगाह के आगे करीब सवा तीन बजे कोटा चौराहे की ओर से एक सफेद रंग की कार आती दिखाई दी। कार को रुकवाकर कार ड्राइवर से पूछताछ की तो वो घबरा गया। हड़बड़ा कर संदिग्ध हरकते करने लगा। कार चालक की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस टीम ने शंका के आधार पर कार की जांच की तो कार की डिक्की में एक सफेद रंग का कपड़े का बड़ा बैग रखा हुआ मिला। पुलिस टीम ने बैग को खोलकर जांच की तो बैग में डोडा भरा हुआ मिला। इस पर पुलिस ने कार ड्राइवर ग्राम अलाय, नागौर निवासी हुकमाराम पुत्र किस्तूराराम जाट को गिरफ्तार कर बैग में भरे 15.420 किलो डोडे को जब्त कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अवैध डोडा चित्तौड़गढ़ से लाना बताया। नसीराबाद सिटी थाना पुलिस ने आरोपी कार चालक हुकमाराम के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज कर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर जांच नसीराबाद सदर थाना प्रभारी अशोक बिशु के सुपुर्द कर दी। (इनपुट-सुधीर मित्तल व रियाज अहमद) ………. पढें ये खबर भी…. एसआई भर्ती परीक्षा-2025, मॉडल पेपर जारी:RPSC ने वेबसाइट पर किए अपलोड; 5 व 6 को दो-दो पारियों में हुए थे एग्जाम राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा-2025 के मॉडल पेपर देर रात आयोग की वेबसाइट जारी कर दिए गए है। पूरी खबर पढें
पिंजौर में अवैध हथियार समेत युवक गिरफ्तार:5 कारतूस भी मिले, वारदात को अंजाम देने की फिराक में था
पंचकूला जिले के पिंजौर में डिटेक्टिव स्टाफ पंचकूला ने एक युवक को अवैध रिवॉल्वर और पांच जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस ने आरपी के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, एसआई राजेश कुमार अपनी टीम के साथ क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। उन्हें सूचना मिली कि पिंजौर के गांव इस्लामनगर निवासी अकरम, जो पहले भी आपराधिक मामलों में शामिल रहा है, नवांनगर टी-पॉइंट के पास अवैध हथियार के साथ किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। अवैध रिवॉल्वर और 5 कारतूस बरामद सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। बताए गए हुलिए के आधार पर युवक अकरम को काबू किया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध रिवॉल्वर और 5 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने जब अकरम से बरामद हथियार का लाइसेंस या परमिट मांगा, तो वह कोई दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद, पुलिस ने मौके पर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए हथियार और कारतूस को सील कर कब्जे में ले लिया। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फतेहाबाद के नगर परिषद में हाउस की मीटिंग हंगामे की भेंट चढ़ गई। पार्षदों के बीच काफी देर तक तू-तड़ाक हुई। पार्षद निर्मल सिवाच ने फाइनेंस कमेटी के सदस्य अनिल गर्ग के खिलाफ काफी गुस्सा निकाला। सिवाच ने गर्ग से कहा कि एस्टीमेट तो अब बन जाएंगे, तुमने साइन तो नहीं किए। अब प्रधान की गोदी में बैठ गया। इस पर गर्ग ने पलटवार करते हुए कहा कि नहीं करूंगा साइन, मेरी मनमर्जी, बकवास ना कर ज्यादा। इसके बाद निर्मल सिवाच ने कहा कि इनका कार्यकाल खत्म हो गया है। अब हमें हमारे वार्ड के किसी काम पर इनके साइन नहीं करवाने हैं। इसके बाद पार्षद रमेश तूड़ीवाला, पार्षद सुभाष नायक, रवि मेहता ने भी अपनी बात रखी। प्रधान की अध्यक्षता में हुई मीटिंग दरअसल, मंगलवार को प्रधान राजेंद्र खिंची की अध्यक्षता में हाउस की मीटिंग हुई। इस दौरान वार्डों में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने अपनी बात रखने शुरू की। थोड़ी देर में ही मीटिंग में हंगामा हो गया। इस दौरान अधिकारियों से भी जवाब मांगा गया। सिवाच का आरोप- अपने वार्ड के काम करवा लिए पार्षद निर्मल सिवाच ने कहा कि फाइनेंस कमेटी के मेंबर बना दिए। इन्होंने 8 पार्षदों के काम करवा लिए। बाकी किसी एमसी का काम नहीं हुआ। अब एक्सईएन ही ट्रांसफर हो गए। अब काम फिर लटक जाएंगे, इनसे पूछना चाहते हैं कि क्यों साइन नहीं किए गए। फाइनेंस कमेटी सदस्य अनिल गर्ग ने अपनी पत्नी के वार्ड में काम न होने पर साइन नहीं किए थे। अब हमारे वार्ड के काम रोक दिए गए हैं। इस कारण उन्होंने मीटिंग में रोष जताया है। काम नहीं हो रहे- प्रधान खिंची प्रधान राजेंद्र खिंची ने कहा कि मेरे लिए सब बराबर हैं। सबके काम होंगे, तब मीटिंग सिरे चढ़ेगी। पार्कों का बुरा हाल है, चौक-चौराहों के काम नहीं हुए हैं। मैंने काफी बार कह भी दिया। अब काम करने वाले एक्सईएन आए थे, लेकिन उनका तबादला हो गया है। ठेकेदार भी बीच में काम छोड़कर जा रहे हैं।
धौलपुर जिले में जयपुर डिस्कॉम के डिस्कॉम आपके द्वार अभियान, शिविरों और नियमित जनसुनवाई से बिजली व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। अधीक्षण अभियंता विवेक शर्मा के नेतृत्व में पिछले 2 साल में जिले की स्थिति में बेहतर बदलाव आया है। पहले जिले में बिजली चोरी का प्रतिशत अधिक था और राजस्व वसूली कमजोर थी। अब प्रभावी कार्रवाई के कारण बिजली छीजत में कमी आई है और वसूली में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। डिस्कॉम ने गांव-गांव शिविर आयोजित कर उपभोक्ताओं को बिल जमा करने और संशोधन की सुविधा मौके पर उपलब्ध कराई, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को लाभ मिला। 10 करोड़ की बकाया राशि वसूलीवित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में 8319 नए घरेलू बिजली कनेक्शन जारी किए गए हैं। लगभग 5 हजार पुराने बकायेदार उपभोक्ताओं ने बकाया राशि जमा कर अपने कटे हुए कनेक्शन दोबारा जुड़वाए हैं। डिस्कॉम के भौतिक सत्यापन अभियान से लगभग 10 करोड़ रुपए की बकाया राशि वसूल की गई है। डिफॉल्टर उपभोक्ताओं पर सख्ती बरतते हुए डिस्कॉम ने 603 स्थानों से ट्रांसफॉर्मर हटाए हैं। इसके परिणामस्वरूप जिले में 103.71 प्रतिशत राजस्व वसूली दर्ज की गई, जो एक रिकॉर्ड है। 25 हजार स्थानों से अवैध जम्पर हटाएबिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर 25 हजार स्थानों से अवैध जम्पर हटाए गए। इस कार्रवाई से बिजली चोरी का प्रतिशत 26.65 से घटकर 22.44 प्रतिशत हो गया है।डिस्कॉम ने कुल 348 शिविर और 66 जनसुनवाई आयोजित कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान किया। इसके साथ ही, गैर-उपभोक्ताओं को वैध कनेक्शन लेने के लिए प्रेरित किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। इन प्रयासों के अतिरिक्त, सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाने, खराब मीटर बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से चल रहे एसी पर कार्रवाई जैसे नवाचार भी किए गए हैं। इन कदमों से धौलपुर जिले ने डिस्कॉम में एक नई पहचान बनाई है।
सागर जिले के देवरी थाना क्षेत्र में 2 अप्रैल की रात कार सवार युवक को गोली लगने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। युवक रामजी राजपूत को किसी अज्ञात हमलावर ने नहीं, बल्कि कार से उतरते समय खुद की 12 बोर की लोड लाइसेंसी बंदूक नीचे गिरने से हाथ में गोली लगी थी। शुरुआत में युवक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अज्ञात बाइक सवारों द्वारा फायर करने की झूठी कहानी रची थी, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। वर्तमान में पुलिस ने बंदूक जब्त कर ली है और मामले की आगे की जांच कर रही है। बाथरूम के लिए कार से उतरा था युवक, गिरने से हुआ फायरपुलिस के अनुसार, 2 अप्रैल की रात नन्हींदेवरी निवासी रामजी (पुत्र जगत सिंह राजपूत) अपने साथी चालक राजकुमार पटेल के साथ कार में सवार होकर नन्हींदेवरी से चांदपुर रहली जा रहा था। रात करीब 11.30 बजे कोपरा (नीम घाटी) के पास वह बाथरूम के लिए रुका और कार से नीचे उतरा। रामजी अपने साथ 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक लोड करके रखे हुए था। इसी दौरान बंदूक जमीन पर गिर गई और उससे फायर हो गया। घटना में गोली रामजी के हाथ में लगी, जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे देवरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पुलिस को गुमराह करने रची थी हमले की कहानीघटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी कि कार से नीचे उतरने के दौरान किसी अज्ञात बाइक सवार ने उस पर फायर कर दिया। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने घटनाक्रम की सच्चाई जानने के लिए हाईवे के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बाद पुलिस ने फरियादी रामजी से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें पूरी वारदात की हकीकत सामने आ गई। टीआई बोले- स्वयं की लाइसेंसी बंदूक से लगी थी गोलीइस मामले में देवरी थाना प्रभारी हरिराम मानकर ने बताया कि, मामले की जांच में पुष्टि हुई है कि घायल रामजी को स्वयं की लाइसेंसी बंदूक से गोली लगी थी। उन्होंने बताया कि बंदूक जब्त कर मामले की जांच की जा रही है। वहीं, केसली थाना पुलिस से भी बंदूक के संबंध में जानकारी ली गई है, जिसमें पुष्टि हुई है कि बंदूक का लाइसेंस रामजी राजपूत के नाम पर ही दर्ज है।
फरीदाबाद जिले के सिविल अस्पताल में एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक छह महीने में जन्मी प्रीमेच्योर बच्ची को ऑक्सीजन देने में कथित लापरवाही बरती गई। बच्ची के परिजनों का कहना है कि अस्पताल की इमरजेंसी में रखा ऑक्सीजन सिलेंडर खाली मिला और दूसरे सिलेंडर की व्यवस्था करने में करीब 20 से 25 मिनट का समय लग गया। इस दौरान अस्पताल का कोई कर्मचारी मदद के लिए सामने नहीं आया। छह महीने में प्रीमेच्योर बच्ची नगला डबुआ के रंजीत ने बताया कि उनकी चाची की करीब चार से आठ दिन पहले ही छह महीने में प्रीमेच्योर बच्ची हुई थी। बच्ची के जन्म के बाद उसे तुरंत इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, क्योंकि वह पूरी तरह विकसित नहीं थी और उसे विशेष देखभाल की जरूरत थी, लेकिन निजी अस्पताल में इलाज का खर्च काफी ज्यादा होने के कारण परिवार पर आर्थिक बोझ बढ़ता चला गया। पैसे की कमी, निजी अस्पताल से किया डिस्चार्ज रंजीत ने बताया कि निजी अस्पताल में कुछ दिन इलाज चलने के बाद डॉक्टरों ने बच्ची और उसकी मां को दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी। परिवार ने वहां भी इलाज शुरू करवाया, लेकिन वहां का खर्च भी काफी अधिक था। ऐसे में मजबूरी में परिवार ने बच्ची की मां को तो डिस्चार्ज करवा लिया, लेकिन बच्ची को अस्पताल में रखने के लिए भी भारी रकम मांगी जा रही थी, जिसे परिवार के लिए वहन करना मुश्किल हो गया। छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर की पड़ी जरूरत इसी दौरान किसी परिचित से उन्हें जानकारी मिली कि फरीदाबाद के सिविल अस्पताल में प्रीमेच्योर बच्चों के लिए विशेष केयर सेंटर की सुविधा उपलब्ध है। इसके बाद परिवार ने बच्ची को सिविल अस्पताल ले जाने का फैसला किया। सोमवार की शाम के समय निजी अस्पताल की एंबुलेंस से बच्ची को सिविल अस्पताल लाया गया। परिजनों के अनुसार जब वे सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचे, तो बच्ची को पहली मंजिल पर स्थित वार्ड में ले जाने के लिए छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ी। इमरजेंसी का ऑक्सीजन सिलेंडर निकला खाली अस्पताल स्टाफ ने इमरजेंसी से एक छोटा ऑक्सीजन सिलेंडर लाकर दिया, लेकिन जब उसे बच्ची को लगाने की कोशिश की गई, तो पता चला कि सिलेंडर में ऑक्सीजन ही नहीं है और वह पूरी तरह खाली है। इस स्थिति से परिजन घबरा गए। उन्होंने तुरंत अस्पताल स्टाफ से दूसरा सिलेंडर लाने के लिए कहा, लेकिन काफी देर तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई। 20 से 25 मिनट तक गेट पर करते रहे इंतजार रंजीत का आरोप है कि छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए करीब 20 से 25 मिनट तक इमरजेंसी गेट पर ही इंतजार करना पड़ा। इस दौरान जब स्टोर रूम से सिलेंडर लाने की बात कही गई, तो वहां ताला लगा हुआ था और कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। परिजनों का कहना है कि इस दौरान अस्पताल का कोई भी कर्मचारी सक्रिय रूप से मदद के लिए सामने नहीं आया। आखिरकार जिस निजी अस्पताल की एंबुलेंस से बच्ची को सिविल अस्पताल लाया गया था, उसी एंबुलेंस के स्टाफ ने तुरंत पहल की। निजी एंबुलेंस ड्राइवर ने दिया सिलेंडर एंबुलेंस में मौजूद ऑक्सीजन सिलेंडर को निकाला और बच्ची को लगाया। इसके बाद उसी सिलेंडर के सहारे बच्ची को पहली मंजिल तक ले जाया गया। रंजीत ने कहा कि निजी अस्पताल के एंबुलेंस स्टाफ ने समय पर मदद करके बड़ी इंसानियत दिखाई, जिसके लिए परिवार उनका आभारी है। उन्होंने कहा कि अगर एंबुलेंस स्टाफ मदद नहीं करता तो बच्ची की हालत और भी गंभीर हो सकती थी। मामले की जांच होगी- अधिकारी वहीं मामले को लेकर डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. राम भगत से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला पहले उनके संज्ञान में नहीं था। अब जानकारी मिलने के बाद वह खुद अस्पताल जाकर पूरे मामले की जांच करेंगे। उन्होंने कहा कि उस समय ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से पूछताछ की जाएगी और यदि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उदयपुर जिले के 30 सरकारी स्कूलों में मंगलवार को जजों ने स्टूडेंट्स को साइबर सिक्योरिटी की बारीकियां बताईं। उन्होंने साइबर बुलिंग, ओटीपी स्कैम, डिजीटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के सावधानीपूर्वक इस्तेमाल पर क्लास ली। सी.सैकंडरी स्कूल रेलवे ट्रेनिंग में पोक्सो कोर्ट-1 के जज अरुण जैन ने बच्चों को कहा कि आजकल शिकायतें आती हैं कि कई बच्चे सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी बनाकर गलत बातें पोस्ट करते हैं। किसी की छवि खराब करने वाले मैसेज भेज देते हैं। कई बार दोस्तों के वाट्सऐप ग्रुप पर किसी एक बच्चे को निशाना बनाकर उसका मजाक उडाया जाता है। इसे साइबर बुलिंग कहते हैं। बच्चा इसकी शिकायत स्कूल में लगी शिकायत पेटी में कर सकता है। उसका नाम गोपनीय रहेगा। शिकायत पेटी की चाबी मेरे पास है और इसे हम ही खोलेंगे। उन्होंने बच्चों को गुड और बेड टच के बारे में बताते हुए पोक्सो एक्ट पर भी जानकारी दी जज बोले-बच्चों में पड रही गेमिंग और सोशल मीडिया की बुरी लतजज अरुण जैन ने कहा कि आजकल बच्चों को मोबाइल की बुरी लत लग रही है। वे पेरेंट्स की अनुमति बिना भी मोबाइल देखते हैं। इसके ज्यादा उपयोग से बच्चे की याददाश्त और एकाग्रता कम हो रही है। आजकल बच्चे आॅनलाइन गेम और सोशल मीडिया के बिना नहीं रह पा रहे। इसे चलाने से रोकने पर उनमें गुस्सा और चिडचिड़ापन आ रहा है। ऐसे में पेरेंट्स की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों को मोबाइल के इस्तेमाल से रोंके। जज ने आगे कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति को कभी निजी जानकारी नहीं दें। ओटीपी या पासवर्ड कभी शेयर नहीं करें।
जांजगीर-चांपा जिले की अकलतरा थाना पुलिस ने किसानों से ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी किसानों से ट्रैक्टर-ट्रॉली किराए पर लेकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच देता था। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 20 लाख रुपये मूल्य के चार ट्रैक्टर इंजन और एक ट्रॉली बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खैरा चौकी नैला निवासी अनुराग दास महंत (34) के रूप में हुई है। वह लंबे समय से किसानों को अपना निशाना बना रहा था। फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेचता था ट्रैक्टर पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले किसानों को ट्रैक्टर किराए पर लेने का भरोसा दिलाता था। ट्रैक्टर अपने कब्जे में लेने के बाद वह फर्जी शपथ पत्र तैयार कर उसे अन्य लोगों को बेच देता था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी अपना मोबाइल बंद कर फरार हो जाता था, जिससे पीड़ितों को काफी परेशानी होती थी। अलग-अलग नामों से किसानों को झांसा दिया इस मामले का खुलासा तब हुआ जब परसाही नाला निवासी विनोद कुमार खुसरो ने अकलतरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपी ने काम के बहाने उनका ट्रैक्टर-ट्रॉली लिया था, लेकिन वापस नहीं किया। बार-बार संपर्क करने पर आरोपी टालमटोल करता रहा और अंततः फरार हो गया। पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी की तलाश में जुट गई। तकनीकी सबूत और मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान आरोपी अनुराग दास महंत ने कई खुलासे किए। उसने मन कि वह अलग-अलग नामों से किसानों को झांसा देकर ट्रैक्टर किराए पर लेता था और फर्जी दस्तावेजों के जरिए उन्हें बेच देता था। आरोपी ने अकलतरा, पामगढ़ और नैला क्षेत्रों में इस तरह की कई वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अकलतरा थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
पलवल जिले के दुधौला गांव में एक ड्राइवर का शव खेत में मिला है। पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर ऑफिस मालिक और एक साथी कर्मचारी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। शव दुधौला स्थित एचपीएल कंपनी के पीछे खेतों से बरामद किया गया था। गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि मृतक की पहचान फिरोजाबाद (यूपी) के रसूलपुर गांव निवासी आकाश के रूप में हुई है। आकाश दुधौला गांव में बाबू नामक व्यक्ति के यहां ऑफिस ड्राइवर के तौर पर काम करता था। उसी ऑफिस में धर्मेंद्र नामक एक अन्य युवक भी कार्यरत था। ऑफिस मालिक और साथी कर्मचारी पर हत्या का आरोप आकाश के पिता भोले सिंह ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या 4 अप्रैल की रात को की गई। उन्होंने ऑफिस मालिक बाबू और साथी कर्मचारी धर्मेंद्र पर हत्या का शक जताया है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि मृतक आकाश का सिम कार्ड, पर्स और एटीएम कार्ड आरोपी धर्मेंद्र के पास से बरामद हुए हैं। भाई को बुलाकर पुलिस ने कराई शिनाख्त घटना की सूचना मिलते ही गदपुरी थाना पुलिस और डॉ. विनोद के नेतृत्व में फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक के भाई रोहित को बुलाकर शव की शिनाख्त कराई, जिसके बाद शव को जिला नागरिक अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों ने आकाश को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने पुष्टि की कि भोले सिंह की शिकायत के आधार पर बाबू और धर्मेंद्र के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
सरगुजा जिले के अंधला में बीती रात घर वापस लौट रहे बाइक सवार दंपती पर चार लोगों ने हमला कर दिया। हमलावरों ने दोनों को डंडों व राड से बेदम पीटा व बाइक में भी तोड़फोड़ की। दोनों घायलों को लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। गंभीर अवस्था में पत्नी को रायपुर रेफर कर दिया गया। रायपुर ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल पति का अंबिकापुर में इलाज चल रहा है। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, ग्राम अंधला निवासी कपिल दास (40 वर्ष) सोमवार शाम अपनी पत्नी निर्मला दास (38 वर्ष) के साथ बाइक से बगदरी गए थे। दोनों रात में वापस घर लौट रहे थे। अंधला के माझापारा में अचानक सामने आए चार लोगों ने उन्हें रोका। डंडों एवं राड से लैस चारों ने कपिल दास पर हमला कर दिया। बीच बचाव के लिए आई निर्मला दास भी डंडे एवं राड के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गई। गांव के लोगों ने पहुंचाया हॉस्पिटल कपिल दास और निर्मला दास दोनों बेहोश हो गए तो हमलावर भाग निकले। दोनों को घायल अवस्था में देखकर गांव के लोगों ने उन्हें तत्काल लखनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। गंभीर रूप से घायल निर्मला दास को तत्काल रायपुर रेफर कर दिया गया। वहीं कपिल दास को अंबिकापुर रेफर कर दिया गया। निर्मला दास को परिजन लेकर रायपुर जाने के लिए रवाना हुए। रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं कपिल दास का इलाज अंबिकापुर के निजी हॉस्पिटल में चल रहा है। सुबह करीब 10 बजे कपिल दास को होश आया तो उसने चार अज्ञात लोगों द्वारा हमला किए जाने की जानकारी दी है। लूटपाट या रंजिश, जांच में जुटी पुलिस दंपती पर हमला करने वाले कौन थे और हमला लूटपाट की नीयत से किया गया, या कोई पुरानी रंजिश थी। इन सभी पहलुओं पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। सरगुजा एडिशनल एसपी अमोलक सिंह ने कहा कि लखनपुर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची है। मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
शाजापुर कोतवाली थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर छेड़छाड़, अश्लील मैसेज भेजने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामला शाजापुर के महुपुरा क्षेत्र का है। रसोई में की छेड़छाड़पीड़िता ने पुलिस को बताया कि 10 मार्च की रात उसके काका ससुर गंगाराम योगी, निवासी भंडावत जिला राजगढ़, उसके घर रुके थे। अगले दिन सुबह रसोई में गंगाराम ने कथित रूप से बुरी नीयत से उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध के बाद भी नहीं रुका उत्पीड़नमहिला ने तुरंत विरोध करते हुए आरोपी को घर से भगा दिया। इसके बाद भी गंगाराम लगातार फोन पर अश्लील गालियां देने लगा और व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक संदेश भेजकर उसे परेशान करता रहा। जमाई ने दी जान से मारने की धमकीशिकायत के अनुसार, गंगाराम का जमाई विष्णु योगी, निवासी झालावाड़, भी इस मामले में शामिल हो गया। उसने भी फोन और मैसेज के जरिए महिला को जान से मारने की धमकी दी।पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झालावाड़ में जयराज पार्क में पूर्व नरेश महाराज राणा भवानीसिंह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर 189वें झालावाड़ स्थापना दिवस का शुभारंभ हुआ। पर्यटन विकास समिति की ओर से मंगलवार सुबह 8 बजे यह आगाज किया गया। इस दौरान कई लोग मौजूद रहे। समिति संयोजक ओम पाठक ने कार्यक्रम में कहा कि झालावाड़ की संस्कृति और इतिहास पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां विश्व स्तरीय ऐतिहासिक धरोहरें मौजूद हैं, जिनके संरक्षण की आज अत्यंत आवश्यकता है। उन्होंने इन धरोहरों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया, ताकि विश्व भर से पर्यटक बड़ी संख्या में यहां आ सकें और झालावाड़ के इतिहास व संस्कृति के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें। ऐतिहासिक धरोहरों के सामने शिलालेख लगाए जाने की मांगइतिहासकार ललित शर्मा ने पूर्व नरेश भवानीसिंह की ओर से झालावाड़ में किए गए कार्यों और निर्मित धरोहरों की जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि शिक्षा विभाग को स्कूली छात्रों को इन स्थलों का भ्रमण करवाना चाहिए, ताकि स्थानीय लोग अपने इतिहास को जान सकें। शर्मा ने यह भी मांग की कि ऐतिहासिक धरोहरों के सामने शिलालेख लगाए जाने चाहिए। पार्क और प्रतिमा की दुर्दशा पर चिंता जताईपूर्व इंजीनियर के.सी. अग्रवाल ने महाराजा राणा भवानीसिंह के नाम पर बने पार्क और जयराज पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक सुबह-शाम घूमने और योग करने आते हैं, लेकिन इसकी ओर किसी का ध्यान नहीं है। अग्रवाल ने दोनों पार्कों में सुधारात्मक कार्य करने की मांग की। ऐतिहासिक धरोहरों की बिगड़ते हालात को सुधारने की मांगइस अवसर पर मंजीत सिंह कुशवाह, कुशाग्र सिंह चौहान, जयदीप सिंह झाला, डॉ. नंदसिंह राठौड़, भगवती प्रकाश मेहरा, सूरजकरण नागर, नफीस शेख, भूपेंद्र अग्रवाल, राजेंद्र जोशी, भूपेंद्र पाण्डेय, जितेंद्र गौड़, अलीम बेग, लक्ष्मीकांत पहाड़िया, दीपक स्वामी, बाबूलाल पाल, गौतम भट्ट, देवकीनंदन सोनी, धर्मेंद्र सिंह, शैलेंद्र जैन, बद्रीलाल प्रजापति, महेंद्र शर्मा और मुकीम सहित अन्य गणमान्य नागरिकों ने झालावाड़ के पार्कों और ऐतिहासिक धरोहरों की बिगड़ती स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से इस दिशा में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।
लखनऊ के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के कूड़ा चौराहा के पास 6 अप्रैल को सुबह करीब 5 बजे दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहां तेज रफ्तार बस ने एक बाइक में टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दो शख्स घायल हो गए। इलाज के लिए उनको अस्पताल ले जाया गया। जहां एक किसान ने दम तोड़ दिया। वहीं एक की हालत गंभीर है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बस ने मारी बाइक में टक्कर माल सपरा मऊ निवासी श्रवण खेत से सब्जी लेकर सब्जी मंडी में बेचने आए थे। उनके साथ गांव का ही युवक बहादुर भी था। मंडी में सब्जी बेचने के बाद दोनों लोग सुबह करीब पांच बजे वापस घर लौट रहे थे। इस दौरान ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के कूड़ा चौराहे के पास एक बस ने मोटर साइकिल को टक्कर मार दी। अस्पताल में शख्स ने तोड़ा दम टक्कर इतनी जोरदार थी की गाड़ियां अनियंत्रित होकर फिसलते हुए कुछ दूर तक चली गई। टक्कर के बाद दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को ट्रामा सेंटर में भर्ती करवाया। जहां श्रवण ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि बहादुर की हालत गंभीर बनी हुई है। मृतक श्रवण के परिवार में पत्नी रीता और दो बच्चे शोभित व शुभ हैं।
शिवपुरी में युवक ने जहर खाकर दी जान:मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान हुई मौत
शिवपुरी के सिरसौद थाना क्षेत्र के ग्राम रौंधा में सोमवार रात 23 वर्षीय मनीष जाटव ने जहर खा लिया। गंभीर हालत में उसे पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। गांव में घटना से मचा हड़कंप सोमवार रात जैसे ही मनीष जाटव द्वारा जहर खाने की खबर गांव में फैली, पूरे रौंधा गांव में हड़कंप मच गया। परिजन और आसपास के लोग तुरंत उसे अस्पताल लेकर पहुंचे। मनीष की हालत काफी गंभीर थी, इसलिए उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार में सबसे छोटा था मनीष मनीष जाटव अपने परिवार में तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार में गहरा सदमा है और घर का माहौल गमगीन बना हुआ है। परिजनों के अनुसार, मनीष के पिता प्रहलाद की करीब छह साल पहले कैंसर से मृत्यु हो चुकी थी। इसके बाद से परिवार पहले ही कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा था। स्वभाव को लेकर परिजनों का बयान परिजनों ने बताया कि मनीष का स्वभाव कुछ चिड़चिड़ा था। वह अक्सर गुस्से में आ जाता था और एक बार गुस्से में अपना मोबाइल भी तोड़ चुका था। फिलहाल मनीष द्वारा यह कदम क्यों उठाया गया, इसका कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और हर पहलू से जानकारी जुटा रही है। मर्ग कायम, पोस्टमार्टम कराया गया मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम किया है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मेडिकल चौकी प्रभारी नंद किशोर गर्ग ने बताया कि युवक की मौत जहर खाने से हुई है। मामले की आगे की जांच सिरसौद थाना पुलिस द्वारा की जा रही है।
गोरखपुर के पक्कीबाग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सिख धर्म के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर का जयंती बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर स्कूल के स्टूडेंट्स को हिंदू धर्म की रक्षा के लिए उनके बलिदान और समर्पण को विस्तार से बताया गया। प्रोग्राम में स्टूडेंट्स ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। और महान बलिदानी की कहानी सुनने के लिए उत्सुकता दिखाई। धर्म की रक्षा के लिए सर्वस्व अर्पण- अमर सिंह कार्यक्रम के मुख्य वक्ता अमर सिंह ने कहा कि गुरु तेग बहादुर सिख पंथ के नौवें गुरु थे, जिन्होंने 'धर्म की रक्षा' और 'मानवीय मूल्यों' के लिए मुगलों के अत्याचार के खिलाफ संघर्ष किया। उस समय के मुगल शासक औरंगजेब इस्लाम स्वीकार न करने पर उन्हें प्रताड़ित करता था। गुरुतेग बहादुर हजारों हिंदुओं के धर्मपरिवर्तन को रोकने के आगे बढ़ें। उन्हें रोकने के लिए दिल्ली के चांदनी चौक पर उनकी हत्या कर दी गई। आज उसी पावन स्थान पर गुरुद्वारा शीश गंज साहिब सुशोभित है, जो उनके अदम्य साहस और बलिदान का प्रतीक है। विद्यार्थियों को वीरता का संदेशकार्यक्रम के समापन पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी को नमन करते हुए कहा कि गुरु जी का जीवन हमें निर्भयता और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे गुरु जी की वीरता और उनके त्याग को अपने जीवन में उतारें और राष्ट्र व धर्म की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहें। इस शुभ अवसर पर उप प्रधानाचार्य राम केवल शर्मा, मंजरी यादव सहित समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
हनुमानगढ़ में आज ओलावृष्टि-आंधी की संभावना:बूंदाबांदी से तापमान में आई गिरावट, फसलों को हुआ नुकसान
हनुमानगढ़ जिले में मंगलवार को मौसम में बदलाव देखा गया। सुबह से ही पूरे क्षेत्र में घने बादल छाए रहे, जिसके बाद जिला मुख्यालय सहित कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इससे तापमान में गिरावट आई और मौसम ठंडा हो गया। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ-साथ कहीं-कहीं गरज के साथ बारिश और ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है। बदले मौसम से किसान चिंतितलगातार बदल रहे मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जिले में इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई जगहों पर कटाई भी चल रही है। बारिश के कारण खड़ी फसल गिरने और कटी हुई फसल के भीगने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। मंडियों में पहुंची गेहूं की आवक के भीगने से किसानों को कम दाम मिलने की आशंका बढ़ गई है। किसानों को हुआ नुकसानकृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहा, तो गेहूं की चमक और दाने की गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।हालांकि, किसानों के लिए एक राहत की बात यह है कि खरीद एजेंसियां खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की खरीद को लेकर कुछ नरमी बरत सकती हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस संबंध में विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि किसानों को संभावित नुकसान से बचाया जा सके। बदलते मौसम से पारा भी प्रभावितमौसम विभाग के 7 दिन के पूर्वानुमान के अनुसार 8 अप्रैल को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। 9 अप्रैल से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा और 10 तथा 11 अप्रैल को आसमान साफ रहने का अनुमान है। इसके बाद, 12 और 13 अप्रैल को तापमान बढ़कर 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। फिलहाल, किसानों की नजर मौसम पर टिकी हुई है, क्योंकि अगले कुछ दिन फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंटस के लिए राहत की खबर है। सामाजिक संस्था राउण्ड टेबल इंडिया ने कोचिंग प्लेटफॉर्म अनएकेडमी के साथ मिलकर ऐसे छात्रों के लिए फ्री कोचिंग की पहल शुरू की है, जिसके तहत स्टूडेंट्स नीट और आईआईटी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। राउंड टेबल इंडिया लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। अब तक राज्यभर में 1200 से ज्यादा क्लासरूम का निर्माण कर हजारों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक सहयोग का दायरा बढ़ाया गया है। कोचिंग के साथ तीन साल का करार कोटा टेबल के चेयरमैन रोहिताब सोनी ने बताया कि इस पहल के तहत मेधावी विद्यार्थियों को कोचिंग पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। कोचिंग के साथ यह करार तीन साल के लिए किया गया है। जिससे सैकड़ों विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। एमओयू के तहत पहले चरण में राजस्थान के चित्तौड़गढ़, उदयपुर, जयपुर, कोटा, जोधपुर और भीलवाड़ा सहित कुल 8 शहरों के 22 सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। इसमें हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम के छात्र शामिल होंगे। स्कॉलरशिप योजना भी शुरू संस्था की ओर से 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए भी स्कॉलरशिप योजना शुरू की गई है, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को कॉलेज में प्रवेश लेने में आर्थिक सहायता मिल सकेगी। फ्री कोचिंग की पहल में एडमिशन के लिए बच्चों का पहले टेस्ट होगा, जिसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले 30 बच्चों को अनुभवी फैकल्टी द्वारा नियमित कक्षाएं, डाउट सॉल्विंग, टेस्ट सीरीज और परफॉर्मेंस एनालिसिस जैसी सुविधाएं दी जाएंगी। साथ ही काउंसलिंग सपोर्ट भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
हरियाणा और यूटी चंडीगढ़ की बार एसोसिएशनों के चुनाव को लेकर शेड्यूल जारी कर दिया गया है। जारी कार्यक्रम के अनुसार वोटर लिस्ट से संबंधित प्रक्रियाएं तय समय सीमा में पूरी की जाएगी। पात्र मतदाताओं की सूची भेजने, फीस जमा कराने और आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं। शेड्यूल के मुताबिक बार एसोसिएशनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने सदस्यों के बकाया शुल्क का भुगतान समय पर सुनिश्चित करें और बैंक अकाउंट-क्यूआर कोड के माध्यम से भुगतान की व्यवस्था करे, यदि किसी सदस्य द्वारा चेक के माध्यम से भुगतान किया जाता है, तो वह 16 अप्रैल 2026 से पहले क्लियर होना अनिवार्य होगा, अन्यथा सदस्यता संदिग्ध मानी जा सकती है। आपत्तियां दर्ज करने की लास्ट डेट 2 मई निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पात्र मतदाताओं की सूची पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 2 मई 2026 को शाम 4 बजे तक तय की गई है। इसके बाद प्राप्त आपत्तियों का निपटारा 8 मई 2026 तक किया जाएगा। प्रशासन ने सभी बार एसोसिएशनों से कहा है कि वे समय सीमा का कड़ाई से पालन करें, ताकि चुनाव प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके। यहां देखिए पूरा शेड्यूल...
छत्तीसगढ़ में आज से नया धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू हो गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद लागू हुए इस कानून में अवैध धर्मांतरण के मामलों में कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। अब बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर धर्म परिवर्तन कराने पर दोषियों को 7 से 10 साल तक की जेल और न्यूनतम 5 लाख रुपए जुर्माना देना होगा। अगर पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, जनजाति या पिछड़ा वर्ग से है, तो सजा बढ़ाकर 10 से 20 साल तक की जेल और कम से कम 10 लाख रुपए जुर्माना किया गया है। वहीं सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास और न्यूनतम 25 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है। दोबारा ऐसे अपराध में दोषी पाए जाने पर सीधे उम्रकैद हो सकती है। धर्म परिवर्तन करने से पहले देनी होगी जानकारी नए कानून के तहत धर्म परिवर्तन करने से पहले संबंधित व्यक्ति को 60 दिन पहले कलेक्टर को आवेदन देना अनिवार्य होगा। साथ ही अनुष्ठान कराने वाले पुजारी, मौलवी या पादरी को भी पूर्व सूचना देनी होगी। नियमों का पालन नहीं करने पर इसे अवैध धर्मांतरण माना जाएगा और तत्काल गिरफ्तारी हो सकती है। शादी के लिए धर्मांतरण, तो शादी अवैध कानून में ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों को रोकने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। केवल धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से की गई शादी को शून्य घोषित किया जा सकेगा। इसके अलावा विदेशी फंडिंग और संस्थाओं की भूमिका पर भी सख्ती बरती जाएगी। विशेष अदालतों का होगा गठन हर जिले में विशेष अदालतें गठित होंगी, जहां 6 महीने के भीतर मामलों के निपटारे का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का दावा है कि इससे कानून व्यवस्था मजबूत होगी और विवादित क्षेत्रों में तनाव कम होगा, जबकि विपक्ष ने इस कानून का विरोध जताया है। विदेशी फंडिंग और संस्थाओं पर शिकंजा धर्मांतरण के खेल में शामिल विदेशी फंडिंग पर सरकार ने पूरी तरह रोक लगा दी है। कोई संस्था प्रलोभन या सामूहिक धर्मांतरण में शामिल पाई गई, तो उसका रजिस्ट्रेशन रद्द होगा और उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। यह तस्वीर रायपुर के एक कैफे की है, जहां चंगाई सभा का आयोजन किया गया था। विशेष अदालतों में होगी सुनवाई विधेयक के तहत हर जिले में विशेष अदालत गठित की जाएगी, जहां ऐसे मामलों की सुनवाई होगी। सरकार का लक्ष्य है कि मामलों का निपटारा 6 महीने के भीतर किया जाए। छत्तीसगढ़ में कानून की जरूरत क्यों पड़ी? छत्तीसगढ़ के आदिवासी क्षेत्रों में खासकर बस्तर, जशपुर, रायगढ़ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर आदिवासियों को ईसाई धर्म में शामिल करवाया जा रहा है। यह विवाद का विषय बना हुआ है। बस्तर के नारायणपुर क्षेत्र में तो यह गुटीय संघर्ष में तब्दील हो चुका है। आदिवासी और धर्म परिवर्तन करने वाले आदिवासियों के बीच कई बार गंभीर विवाद हो चुका है। कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है। इस कारण छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसे विवाद को टालने और धर्मांतरण पर एक कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा आबादी OBC वर्ग की इसमें से 2,38,19,789 हिंदू, 5,14,998 मुस्लिम, 4,90,542 ईसाई और 68,979 सिख थे। हालांकि 2021 में छत्तीसगढ़ की अनुमानित जनसंख्या 3 करोड़ के करीब आंकी गई थी, जो अब करीब 3 करोड़ 30 लाख पार हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा आबादी OBC वर्ग की है। हालांकि ये आंकड़े अनुमानित हैं। छत्तीसगढ़ में लगभग 900 चर्च छत्तीसगढ़ में लगभग 727 चर्च हैं। हालांकि ग्रामीण अंचलों में छोटे-छोटे चर्चों को मिलाकर इनकी संख्या 900 के पार है। इनमें सबसे पहला चर्च विश्रामपुर में है, जो सिटी ऑफ रेस्ट के नाम से जाना जाता है, जिसे 1868 में बनाया गया था। वहीं जशपुर के कुनकुरी में एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोमन कैथोलिक कैथेड्रल चर्च है, जिसे 1979 में स्थापित किया गया था। यहां प्रार्थना के लिए कई राज्यों से मसीह समाज के लोग आते हैं। साथ ही अलग-अलग समय धर्म प्रचार के लिए कई कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
भीलवाड़ा में मंगलवार को तेज बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। करीब 15 मिनट हुई बारिश के बाद फिर से धूप निकल आई। मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार तक मौसम में बदलाव जारी रहेगा। मौसम विभाग का 'येलो अलर्ट’ सुबह करीब 11:30 बजे आसमान में काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने 7-8 अप्रैल को एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के एक्टिव होने से भीलवाड़ा समेत प्रदेश के कुछ जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का 'येलो अलर्ट’ जारी किया था। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। 15 मिनट की बारिश में ही शहर भीगा वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते हुई 15 मिनट की बारिश में ही शहर भीग गया। सड़कों पर पानी बहने लगा। कुछ मिनटों की बारिश में ही शहर की सफाई व्यवस्था और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खुल गई। सावधानी की अपील: मौसम में आए बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से कटी फसलों, अनज मंडियों में रखे अनाज को लेकर सचेत रहने की अपील की है। साथ ही, लोगों से बारिश और अंधड़ के दौरान बिजली के पोल और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की हिदायत दी है।
पन्ना में सिमरिया थाना क्षेत्र के बेहरपुरा सटवा गांव में शराब के नशे में धुत एक पति ने अपनी पत्नी पर डंडे से पीटा। पति के वार से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़िता ने मंगलवार को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। नशे में धुत पति ने महिला से की गाली-गलौज पीड़िता प्रभा अहिरवार (22) ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले भागीरथ अहिरवार से हुई थी। भागीरथ शराब का आदी है और अक्सर घर में विवाद करता है। 27 मार्च को भागीरथ नशे में घर पहुंचा। प्रभा ने उसे खाना परोसा, जिसके बाद वह बिना किसी बात के गाली-गलौज करने लगा। गाली देने से मना करने पर डंडे से पीटा जब प्रभा ने गाली देने से मना किया, तो आरोपी पति और नाराज हो गया। उसने पास पड़ा डंडा उठाकर प्रभा के सिर, बाएं हाथ की कलाई और पैर पर कई वार किए। हमले में प्रभा के सिर से खून बहने लगा और उसके हाथ में गंभीर चोट आई, जिस पर अब प्लास्टर चढ़ा है। शोर सुनकर चाचा ससुर सुम्मेरा और देवर रंजीत ने बीच-बचाव कर प्रभा की जान बचाई। जाते-जाते आरोपी ने प्रभा को अगली बार जान से मारने की धमकी भी दी। जान से मारने की दी धमकी गंभीर हालत में परिजनों ने प्रभा को दमोह जिला अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के बाद घर लौटी प्रभा ने अपने भाई अरविंद को आपबीती सुनाई। हिम्मत जुटाकर मंगलवार प्रभा ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी पति भागीरथ अहिरवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की विवेचना जारी है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
फतेहाबाद जिले की मोबाइल मार्केट स्थित ट्रेंड्स मोबाइल शॉप में घुसकर चोरी करने और उसके बाद हाथ जोड़कर माफी मांगने वाले चोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान हिसार जिले के आदमपुर निवासी प्रवीन उर्फ लॉरेंस के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ पहले से तीन केस दर्ज हैं। शहर थाना प्रभारी सुरेंद्रा ने बताया कि आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 14 हजार रुपए की नकदी, एक बैग तथा चोरी में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद की गई। आरोपी के खिलाफ मोबाइल शॉप संचालक लाजपत नगर निवासी प्रदीप कुमार की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। मंदिर में चोरी का आरोपी भी पकड़ा वहीं, हनुमान मंदिर के दान पात्र का ताला तोड़कर चोरी करने के आरोपी को भी पुलिस ने पकड़ लिया है। उसकी पहचान शक्ति नगर के रोहित के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ मालती शर्मा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। उसने दान पात्र से दो हजार रुपए चोरी कर लिए थे। इस आरोपी रोहित के खिलाफ भी पहले से दो केस दर्ज हैं। इनमें से एक साल 2020 और दूसरा साल 2021 में सिटी थाने में दर्ज किया गया था। 2023 में दर्ज हुआ था पहला केस आदमपुर के चोरी के आरोपी प्रवीन के खिलाफ पहला केस साल 2023 में दर्ज किया था। उसके खिलाफ 24 अगस्त 2023 को भट्टू थाने में आईपीसी की धारा 457 और 380 के तहत केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 11 सितंबर 2024 को सिटी थाना फतेहाबाद में बीएनएस की धारा 305, 331(4) और साल 2025 में बीएनएस की धारा 305, 331(4) के तहत केस दर्ज हुआ था।
दौसा जिला एवं सेशन जज केशव कौशिक ने स्कूल के बच्चों से कहा- साइबर फ्रॉड से खुद को बचाएं और ऐसा करने वाले सूचना दें। उन्होंने बच्चों को बताया कि भरतपुर में ऐसे एक मामले में उन्हें 9 साल के बच्चे को दंड देना पड़ा था। उन्होंने साइबर फ्रॉड को युवा पीढ़ी के लिए घातक बताते हुए बचाव के टिप्स बताए। जिला जज ने विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित जागरूकता अभियान के तहत इंपल्स स्कूल में स्टूडेंट्स को साइबर फ्रॉड व सोशल मीडिया के उपयोग के सम्बन्ध स्टूडेंट्स को जागरूक किया। जज ने समझाया कैसा होता है फ्रॉड जिला जज कैशिक ने बताया- नकली ईमेल या वेबसाइट के जरिए पासवर्ड, बैंक डिटेल चुराई जाती है। बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी अफसर बनकर कॉल फ्रॉड करते हैं। किसी बहाने से OTP लेकर बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं। फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया पेज पर सस्ते सामान दिखाकर पैसे ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि नौकरी के ऑफर देकर रजिस्ट्रेशन या ट्रेनिंग फीस के नाम पर पैसे लेते हैं। सोशल मीडिया पर दोस्त बनाकर बाद में पैसे मांगते हैं। लॉटरी स्कैम में रुपए जीत गए जैसे मैसेज भेजकर प्रोसेसिंग फीस मांगते हैं। बैंक KYC अपडेट के नाम पर लिंक भेजकर डिटेल चुरा लेते हैं। इनसे बचना चाहिए। बचाव के तरीके बताए जिला जज ने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। संदेह होने पर तुरंत बैंक या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें।
भरतपुर में खेत में बेहोश मिली महिला:ढाबे मालिक ने देखा तो पुलिस बुलाई; पहचान की तलाश जारी
भरतपुर के उद्योग नगर थाना इलाके में एक महिला बेहोशी की हालत में खेत में पड़ी मिली। खेत के आसपास स्थित होटल और ढाबे मालिकों ने जब महिला को देखा तो, उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। जिसके बाद पुलिस ने महिला को आरबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया। महिला अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। महिला भी अभी बयान देने की हालत में नहीं है। खेत में पड़ी थी महिला बेहोश सीओ ग्रामीण कन्हैया लाल चौधरी ने कहा कि रात में हनुमान तिराहे के पास एक खेत में महिला बेहोशी की हालत में मिली थी। महिला को उपचार के लिए आरबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया है। महिला कांस्टेबल को उसकी निगरानी के लिए लगाया गया है। डॉक्टरों ने महिला का चेकअप किया है। अभी महिला बेहोशी की हालत में महिला के परिजनों की तलाश की जा रही है। महिला अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। महिला के बयान के बाद ही पता लग पाएगा कि इसके साथ कोई घटना हुई है। यह फिर यहां कैसे आई। आसपास भी पूछताछ की गई लेकिन, महिला का कुछ पता नहीं लग पाया है।
भिलाई-3 के ग्राम करसा में एचपी गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं होने से नाराज़ ग्रामीणों ने मंगलवार सुबह चक्का जाम कर दिया। ग्रामीण सड़क पर बैठ गए और गैस एजेंसी के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे। इससे कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने के बाद पुरानी भिलाई थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाइश देकर जाम समाप्त कराया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 20 दिनों से गांव में एचपी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। कई बार एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। घरों में खाना बनाने में परेशानी हो रही है और लोगों को लकड़ी और अन्य विकल्पों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सड़क पर उतरकर विरोध जताया। देखिए ये तस्वीरें… शताक्षी गैस एजेंसी में नियमित नहीं हो रही सप्लाईग्रामीणों ने बताया कि शताक्षी गैस एजेंसी से सिलेंडर की सप्लाई होती है, लेकिन समय पर गैस नहीं मिल रही है। एजेंसी के सामने कई बार शिकायत की गई, फिर भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि एजेंसी में व्यवस्था ठीक नहीं है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले इसी गैस एजेंसी में बाउंसर द्वारा ग्राहकों से मारपीट करने का मामला सामने आया था, जिससे लोगों में पहले से ही नाराज़गी थी। अब सिलेंडर नहीं मिलने से गुस्सा और बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि गैस जैसी जरूरी चीज के लिए बार-बार भटकना पड़ रहा है। जल्द सप्लाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनीमौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने ग्रामीणों से बातचीत की और जल्द सप्लाई सुधारने का भरोसा दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए। प्रशासन ने गैस एजेंसी से भी बात कर स्थिति सुधारने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही गैस सिलेंडर की नियमित सप्लाई शुरू नहीं हुई तो वे फिर से आंदोलन करेंगे और इस बार बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
ग्वालियर के पनिहार नयागांव में शराब दुकान के मैनेजर से मारपीट और गोली चलाने वाले बदमाशों ने अब पुलिस पर भी जानलेवा हमला किया है। बदमाशों को पकड़ने के लिए जब तीन थानों की पुलिस मिर्चा गांव पहुंची तो वहां बदमाश खेत में छुपे थे। पुलिस को देखते ही पिस्टल और अधिया से गोलियां चला दीं गई। पुलिस ने भी छुपकर अपनी जान बचाई और जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से 09 राउंड गोलियां चली हैं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई से बदमाशों के बीच भगदड़ मच गई और मौके से भागने लगे, तभी पुलिस ने पीछा करते हुए दो बदमाशों को पकड़ लिया है। ढाई घंटे में दो हमले, एक को लगी गोली पकड़े गए हमलावरों ने पिछले दिन ढाई घंटे में दो हमले किए थे। इसमें मारपीट और गोलीबारी के दो मामले पनिहार व झांसी रोड थाने में दर्ज की गई थीं। पनिहार थाना प्रभारी हरेंद्र शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले पनिहार के नयागांव स्थित शराब दुकान के मैनेजर कुलदीप सिंह गुर्जर पर हमला कर मारपीट की गई थी। मारपीट करने वालों में पुलिस ने अमरीश गुर्जर, गजेंद्र गुर्जर, सतेंद्र गुर्जर, रामनिवास गुर्जर, भूपेंद्र गुर्जर, गिर्राज गुर्जर व शैलेंद्र गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज किया था। सुबह हुई इस माररपीट की घटना के बाद शाम को 4 बजे झांसी रोड थाना स्थित याराना ढाबे पर इन्हीं हमलावरों अमरीश और उसके साथियों ने शराब दुकान के मैनेजर के रिश्तेदार मोहर सिंह गुर्जर को रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए उनकी कार पर गोलीबारी कर दी। हमलावरों की गोली मोहर सिंह गुर्जर के हाथ में लगी। बाद में हमलावर वहां से भाग गए। घायल मोहर सिंह को मुरार स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। गोलीबारी की घटना की रिपोर्ट झांसी रोड थाने में दर्ज की गई थी।
कैथल जिले के गांव जड़ौला में एक अज्ञात आरोपी घर में घुसकर एक बुजुर्ग महिला से मारपीट कर उसके कानों की सोने की बालियां छीन कर फरार हो गया। इस दौरान महिला घर पर अकेली थी और सो रही थी। आरोपी रात को करीब 12 बजे घर में घुसा और छीना झपटी की वारदात की। इस संबंध में पीड़ित महिला ने ढांड थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुराने मकान में रहती है महिला गांव जड़ौला की केसो देवी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव में उनका पुराना मकान है। जिसमें वह और उसकी बहन रहती हैं। परिवार के अन्य सदस्य नए मकान में खेतों में रहते हैं। कल उसकी बहन किसी रिश्तेदारी में चली गई। वह घर पर अकेली थी। खाना बनाकर और खाकर वह रात को सो गई। मारपीट कर बालियां छीनी रात करीब 12 बजे एक अज्ञात आरोपी उनके घर में आया और उससे मारपीट कर उसके कानों की सोने की बालियां छीन कर फरार हो गया। महिला ने बताया कि सोने की बोलियों की कीमत 80 हजार रुपए से भी ज्यादा है। शिकायतकर्ता ने आरोपी को गिरफ्तार करने और गहने बरामद करने की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस ढांड थाना के जांच अधिकारी गगनदीप सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
महू के मानपुर थाना क्षेत्र स्थित जानापाव कुटी ब्रिज पर एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने एक राहगीर पुजारी को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे की है। सड़क पार करते समय वाहन ने मारी टक्कर प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना भीषण था कि मृतक के शरीर के अंग अलग-अलग हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलने पर मानपुर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। महू से हासलपुर जा रहे थे पुजारी मानपुर थाना प्रभारी महेंद्र मकाशले ने बताया कि मृतक की पहचान हासलपुर रामनुज मंदिर के पुजारी माध्वाचार्य के रूप में हुई है। वे महू से हासलपुर जा रहे थे, तभी सड़क पार करते समय यह हादसा हुआ।
न्यू चंडीगढ़ में एक कपड़ों के शोरूम में काम करने वाली सेल्सगर्ल को उसके पति ने चाकू से गोद दिया। उसकी पीठ और कमर के ऊपरी हिस्से पर कई वार किए। जिससे वह गंभीर घायल हो गई। पत्नी के आने से पहले ही पति सुबह करीब 11 बजे शोरूम के बाहर पहुंच गया था। उसने पत्नी से पूछा- क्या चाहती हो? इस पर महिला ने जवाब दिया- मैं लड़के का हक चाहती हूं। यह सुनकर वह गुस्से में आ गया और उस पर हमला कर दिया। घायल की पहचान प्रियंका (28) के नाम से हुई। उसकी शादी पंचकूला के रहने वाले हीरा लाल के साथ हुई थी, लेकिन कई बार झगड़े होने के कारण वह मायके में जाकर रहने लगी। इसके बाद उसने कोर्ट में केस कर दिया। कोर्ट ने हर महीने पांच हजार रुपए खर्च देने के आदेश दिए थे। इसी बात को लेकर वह नाराज चल रहा था। घायल महिला को गंभीर हालत में चंडीगढ़ के सेक्टर-16 अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, आरोपी हीरा लाल के खिलाफ मुल्लांपुर थाने में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने उसे मौके से ही गिरफ्तार कर लिया। आठ साल पहले शादी हुई थी जानकारी के अनुसार, करीब आठ साल पहले प्रियंका (खुडा लाहौरा) और हीरा लाल (मनसा देवी, पंचकूला) की शादी हुई थी। शादी के बाद से ही दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे। आरोपी अक्सर पत्नी के साथ मारपीट करता था। घरवालों का कहना है कि वह शराब और अन्य नशा करने का आदी है। शादी के एक साल बाद बेटे का जन्म हुआ, जो अब करीब सात साल का है और तीसरी कक्षा में पढ़ता है। करीब पांच साल पहले दोनों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि प्रियंका ससुराल छोड़कर मायके में रहने लगी। इसके बाद मामला कोर्ट में चला गया था। कोर्ट ने पति को पांच हजार रुपए महीने का खर्च देने का आदेश दिया था। इस बात से वह काफी नाराज रहता था। अब तक वह करीब 30 हजार रुपए का भुगतान कर चुका है, लेकिन आगे पैसे न देने के लिए आनाकानी करता रहता था। बच्चे का पालन-पोषण करने के लिए महिला ने मुल्लांपुर में कपड़ों के शोरूम में सेल्सगर्ल की नौकरी शुरू की थी, जिसे उसने चार महीने पहले ज्वॉइन किया था। एक हफ्ते से दुकान के आसपास रेकी कर रहा था महिला के भाई अनिल ने बताया कि आरोपी पिछले एक हफ्ते से दुकान के आसपास घूम रहा था। जैसे ही इस बारे में प्रियंका को पता चला, उसने परिवार को बताया। परिवार वाले कई बार मुल्लांपुर जाकर उसे पकड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन आरोपी हर बार भाग जाता था। महिला अपने पति से बहुत प्यार करती रही है। उसने अपने बाजू पर पहले अपने दोनों भाईयों सुनील और अनिल का नाम लिखवाया हुआ था। जबकि शादी के बाद उसने सबसे ऊपर पति का नाम हीरा लाल भी लिखवा लिया था। लेकिन कोर्ट में केस जाने के बाद भी पति का नाम नहीं मिटाया है। उसने कहा कि मुझे पति से कुछ नहीं चाहिए। बस मेरे बेटे का हक दे दे। आरोपी पति गिरफ्तार मुल्लापुर थाना प्रभारी अमनदीप सिंह ने कहा कि पुलिस को मामले की सूचना मिली है। सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ 323, 324 और 341 भारतीय न्याय संहिता की धारा के तहत केस दर्ज कर लिया है। आरोपी को भी पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के बयान लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ी तो कानून के मुताबिक अन्य धाराएं भी इस केस में जोड़ी जाएंगी।
प्रयागराज के रोशनबाग में एक रेस्टोरेंट में गोमांस युक्त बिरयानी परोसने के आरोप के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। इस मामले में चार लोगों को नामजद किया गया है। साथ ही चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया है जिनसे पुलिस पूछताछ में जुटी है। दो दिन पहले यह मामला सामने आया था जिसके बाद रेस्टोरेंट में जमकर हंगामा हुआ था। विहिप गोरक्षा इकाई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने इस पूरे खेल को उजागर किया तो रेस्टारेंट संचालिक व उसके बेटे ने दर्जनों अज्ञात लोगों संग मिलकर गालीगलौज की और जान से मारने को धमकाया। कार्यकर्ता ग्राहक बनकर पहुंचेमामला विहिप गोरक्षा के प्रांत मंत्री लाल मणि तिवारी की तहरीर पर दर्ज हुआ। इसमें उन्होंने बताया, रोशनबाग के फूड कोर्ट के दूसरे तल पर संचालित नवाबी जायका रेस्टोरेंट में गोमांस की बिरयानी बेचने की सूचना लगातार मिल रही थी। इस पर मैंने अपने कार्यकर्ताओं श्याम जी शर्मा, विजय पांडेय व शुभम कुशवारी को ग्राहक बनाकर भेजा। मीनू कार्ड पर लिखा था नाम व रेटवहां जाने पर कार्यकर्ताओं को रेस्टोरेंट कर्मचारियों ने पूछा कि आपको किस चीज की बिरयानी चाहिए, तो बताया गया कि यहां सब मिलेगा। मीनू कार्ड दिया जिसमें बीफ बिरयानी, बीफ कवाब, बीफ कबाब रोल समेत अन्य बिरयानी डिशेज का नाम व रेट लिखा था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि वहां गोमांस से बनी हुई सामग्री परोसी जाती है। पुलिस आई तब बची जान5 अप्रैल को वह कार्यकर्ताओं के साथ उस रेस्टोरेंट पर पहुंचे। संचालक से पूछा कि तुम गोमांस की सामग्री क्यों बेचते हो तो उसने गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए कहा कि जो करना है कर लो। मेरे सूचना देने पर पुलिस पहुंची तो जान बच सकी। मौके से मो० जैद निवासी अकबरपुर, करेली, अयान निवासी पत्थर गली दोंदीपुर शाहगंज, मिज्जन व समसुललका निवासी नया पुरवा कैसरगंज जनपद बहराइच को पकड़कर थाने लाया गया। पूछताछ शुरू होने पर उग्र हुएविहिप कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस रेस्टोरेंट के बारे में यूट्यूब पर मिले वीडियो में भी बीफ समेत अन्य बिरयानी उपलब्ध होने का प्रचार किया गया था। मौके पर पहुंची खुल्दाबाद थाने की फोर्स कर्मचारियों से पूछताछ कर ही रही थी कि तभी वहां 50 से ज्यादा लोग जुट गए और पुलिसकर्मियों व कार्यकर्ताओं को घेर लिया। भाग निकली संचालिकागालीगलौज करने लगे और धक्कामुक्की भी की। पुलिसकर्मी किसी तरह मौके से चार कर्मचारियों को पकड़कर थाने ले गए। जबकि संचालिका व धक्कामुक्की करने वाले अन्य लोग भाग निकले। इसके बाद उन्होंने थाने पहुंचकर तहरीर दी। डीसीपी बोलेडीसीपी मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है। जांच पड़ताल कराई जा रही है।
गाजियाबाद में एक लड़की ने 16वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे वह जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी पहुंची। इसके बाद वह लिफ्ट से 16वीं मंजिल पर गई। करीब 10 मिनट बाद युवती ने अर्धनग्न अवस्था में ही छलांग लगा दी। जैसे ही युवती नीचे गिरी, सोसाइटी में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर लोग इकट्ठा हो गए। युवती के पिता इसी सोसाइटी में कपड़े प्रेस करते हैं, इसलिए वह यहां आती-जाती रहती थी। परिजनों का आरोप है कि किसी ने उसे 16वीं मंजिल से धक्का दिया, जिससे उसकी गिरकर मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। घटना इंद्रापुरम थाना क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… यूपी पुलिस की तैयारी करती थीलड़की का नाम संध्या (18) है। वह हरदोई निवासी सुखदेव कनोजिया की बेटी थी। सुखदेव कनोजिया पिछले 30 साल से अपने परिवार के साथ गाजियाबाद के कनावनी गांव में रह रहे हैं। वह जयपुरिया सनराइज ग्रीन सोसाइटी में कपड़ों पर प्रेस का काम करते हैं। उनकी तीन बेटियां हैं। संध्या यूपी पुलिस की तैयारी कर रही थी। वह रोज सुबह दौड़ने जाती थी। आज सुबह भी वह घर से दौड़ने के लिए निकली थी। इसके बाद वह सोसाइटी पहुंची और वहां से बिल्डिंग की 16वीं मंजिल से अर्धनग्न अवस्था में कूदकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि उस समय उसके शरीर पर पूरे कपड़े नहीं थे। घटना से आक्रोशित परिजनों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए मामले की पड़ताल शुरू कर दी। हालांकि, घटना के कारणों को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। पिता बोले- मेरी बेटी कूद नहीं सकतीपिता सुखदेव कनोजिया ने कहा- मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि मेरी बेटी ने आत्महत्या की है। इस पूरे मामले में मुझे साजिश की आशंका लग रही है। किसी ने उसे लिफ्ट से ऊपर बुलाया होगा, इसके बाद उसे जानबूझकर धक्का दिया गया होगा। मैं पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने कहा- शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बेटी के पिता की शिकायत पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। ----------- ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'अखिलेश का ल्यारी राज चाहिए या धुरंधर सीएम?':लखनऊ में लगीं होर्डिंग्स पर लिखा; मुजफ्फरनगर, मेरठ और शामली के दंगे गिनाए लखनऊ में आज रात में सड़क किनारे होर्डिंग लगा दिए गए। इन पर पूछा गया है आपको क्या चाहिए... अखिलेश का ल्यारी राज या धुरंधर सीएम। इसमें एक तरफ पूर्व सीएम अखिलेश यादव की तस्वीर काला चश्मा लगाए हुए लगाई गई है। दूसरी तरफ सीएम योगी आदित्यनाथ की तस्वीर कन्या पूजन करते हुए है। पूरी खबर पढ़िए…
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि विदेश यात्रा करना व्यक्ति का एक महत्वपूर्ण बुनियादी मानवाधिकार है। इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने रिश्वत मामले में दोषी ठहराई गई पूर्व डीएसपी राका गेरा को विदेश जाने की अनुमति दे दी। मामले की सुनवाई जस्टिस अमन चौधरी ने की। पूर्व डीएसपी ने अदालत में आवेदन देकर एक महीने के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने बताया कि वह 10 अप्रैल 2026 से 10 मई 2026 तक स्पेन, स्विट्जरलैंड और चेक गणराज्य जाना चाहती हैं। पहले भी विदेश जाकर समय पर लौटीं है राका गेरा अदालत को बताया गया कि ट्रायल के दौरान भी उन्हें दो बार विदेश जाने की अनुमति मिली थी और दोनों बार वह तय समय पर वापस लौटी थीं। इस बार भी उन्होंने अपनी फ्लाइट टिकट, होटल बुकिंग और अपनी चल-अचल संपत्ति की पूरी जानकारी कोर्ट में दी। CBI ने उनकी विदेश यात्रा का विरोध किया, लेकिन साथ ही कहा कि अगर अनुमति दी जाती है तो सख्त शर्तें लगाई जाएं। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कुछ शर्तों के साथ अनुमति दे दी। बिना ठोस कारण के नहीं रोका जा सकता हाईकोर्ट ने कहा कि विदेश यात्रा व्यक्ति की आजादी का हिस्सा है और यह एक महत्वपूर्ण मानव अधिकार है। कोर्ट ने पुराने फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि यह अधिकार व्यक्ति के निजी जीवन, परिवार और अनुभवों से भी जुड़ा होता है, इसलिए इसे बिना ठोस कारण के नहीं रोका जा सकता। इन शर्तों के साथ मिली अनुमति अदालत ने पूर्व डीएसपी को विदेश जाने की अनुमति देते हुए कई शर्तें लगाई हैं। उन्हें 30 लाख रुपये की श्योरिटी और 10 लाख रुपये की बैंक गारंटी देनी होगी, जो समय पर वापस न आने पर जब्त हो सकती है।यात्रा से जुड़ी पूरी जानकारी जैसे टिकट, वीजा और शेड्यूल कोर्ट में जमा करना होगा और वे सिर्फ तय देश स्पेन, स्विट्जरलैंड और चेक गणराज्य में ही जा सकेंगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि वापसी के तीन दिन के भीतर संबंधित अधिकारियों के सामने पेश होना होगा और इसके बाद पासपोर्ट जमा कराना होगा। इस फैसले में कोर्ट ने साफ किया है कि सजा के बाद भी व्यक्ति के कुछ बुनियादी अधिकार बने रहते हैं, जिन्हें नियमों और शर्तों के साथ लागू किया जा सकता है।
5 साल के बच्चे पर आवारा कुत्ते ने किया हमला:चेहरे पर 20 टांके आए, होंठ और गाल बुरी तरह जख्मी
सीकर के फतेहपुर कस्बे में एक आवारा कुत्ते ने 5 साल के मासूम बच्चे को बुरी तरह से जख्मी कर दिया। बच्चा अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान कुत्ता वहां पर आया और फिर मासूम बच्चे को जगह-जगह से काटा। बच्चे को 20 टांके आए हैं। जानकारी के मुताबिक फतेहपुर के वार्ड नंबर 4 का रहने वाला शिवम कुमार सैनी (5) पुत्र सुरेश कुमार सैनी अपने घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान वहां पर एक आवारा कुत्ता आया। कुत्ते ने शिवम के होंठ के नीचे,कान,पैर सहित जगह-जगह हमला कर दिया। बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। हमला करने के बाद भी कुत्ता बच्चे को नहीं छोड़ रहा था। ऐसे में बड़ी मुश्किल से लोगों ने उसे छुड़वाया। उसके बाद बच्चे को फतेहपुर के धानुका अस्पताल ले जाया गया। जहां पर उसका करीब आधे घंटे तक ट्रीटमेंट चला। शिवम का सबसे ज्यादा निचला होंठ और गाल जख्मी हुआ है। वहां 15 टांके लगाए गए हैं। इसके अलावा कान पर भी 5 टांके आए हैं। कुत्ते ने पैर और शरीर के दूसरे हिस्सों पर भी हमला किया। वहां से भी ब्लड निकला। पिछले महीने भी फतेहपुर कस्बे में करीब 20 आवारा कुत्तों ने एक आदमी पर हमला किया था। इसके बाद नगर परिषद ने कुछ कुत्तों को शहर से बाहर छोड़ा लेकिन फिर उनका अभियान ठंडा पड़ गया इसके बाद आज फिर से ऐसा घटना हुई। फतेहपुर के धानुका अस्पताल के सीनियर नर्सिंग ऑफिसर भगवान सिंह चौधरी ने बताया कि कुत्ते ने बच्चे को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। होंठ और उसके नीचे 15 टांके आए हैं। --- ये खबर भी पढ़ें खाटूश्यामजी में 9 वर्षीय बच्ची को कुत्तों ने नोंचा:गुजरात से परिवार के साथ बाबा के दर्शन के लिए आई थी, अलवर से आए युवक पर भी किया हमला सीकर की धार्मिक नगरी खाटूश्यामजी में आवारा कुत्तों का खौफ बढ़ता ही जा रहा है। खाटू श्याम बाबा के दर्शन के लिए आए एक युवक और 9 साल की बच्ची पर कुत्तों ने अचानक हमला कर दिया। हमले में घायल दोनों को उपजिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। (पूरी खबर पढ़ें) कुत्ते ने 7साल के बच्चे की आंख के पास काटा:हाथ और गर्दन पर भी किया हमला, गुस्साए परिवार ने कुत्ते को पीटकर मार डाला अलवर शहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक 7 साल के मासूम पर आवार कुत्ते ने अचानक हमला कर दिया। हमले में बच्चे के गाल, गर्दन और हाथ पर गहरे घाव आए, जबकि उसकी आंख बाल-बाल बच गई। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने कुत्ते को लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। (पूरी खबर पढ़ें)
कोटा में साइबर जागरूकता अभियान के तहत 52 जुडिशल ऑफिसर स्कूलों में जाकर बच्चों को जानकारी दे रहे है। जिले में 700 सरकारी और प्राइवेट स्कूलों का चयन किया गया है। जिला जज सत्यनारायण व्यास सुबह 8 बजे स्वामी विवेकानंद नगर इलाके में मां भारती सीनियर सेकेंडरी स्कूल पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स को सोशल मीडिया, इंटरनेट यूज के उपयोग और बचाव के बारे में जानकारी दी। स्कूल में ‘कोर्ट वाली दीदी’ के नाम से एक बॉक्स भी रखा गया हैं। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर न करें शेयर जिला जज सत्यनारायण व्यास ने कहा कि आपके फोटो और नाम का दुरूपयोग हो रहा है। कोई आपके नाम से धमकी भरा मैसेज भेज रहा है, ये साइबर मिसयूज है। अनजान व्यक्ति परिवार के बारे में जानकरी मांग रहा है, ये भी साइबर मिस यूज है। हमें इसको पहचनाना है और सतर्क रहना है। सोशल मीडिया और इंटरनेट के खतरे भी बहुत है। वर्तमान समय में ये एक बहुत बड़ी बीमारी है। सोशल मीडिया पर आपकी जानकारी सार्वजनिक हो जाती है, कही घूमने जा रहे है और सोशल मीडिया पर सूचना डाल दी, पीछे से चोरी हो जाती है। निजी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर न करें। सोशल मीडिया को केवल अपने हित के लिए यूज करें। जिला जज बोले- चुप रहने से अपराध बढ़ता है जिला जज ने कहा कि अगर आपके पास कोई मैसेज, फोन आता है तो तुरंत अपने पेरेंट्स और टीचर को बताए। स्कूल में शिकायत बॉक्स में आपकी समस्या लिख कर डाले। स्क्रीन शॉट लेकर भी शिकायत कर सकते हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकारण आपकी सेवा और सुरक्षा के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि चुप रहने से अपराध बढ़ता है। सतर्क रहे जागरूक रहे, मोबाइल के प्रयोग से सुरक्षित रहे। उन्होंने कहा कि सप्ताह के पहले और तीसरे मंगलवार को बच्चों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए अभियान चलाया है। छोटी सी लापरवाही साइबर क्राइम का कारण बन सकती डिस्ट्रिक्ट कोर्ट की चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट विभा आर्या ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित और सुरक्षित उपयोग करना बेहद जरूरी है, क्योंकि छोटी सी लापरवाही भी बड़े साइबर अपराध का कारण बन सकती है। ‘कोर्ट वाली दीदी’, पेटी में लिखकर शिकायत डाल सकते करीब आधे घंटे से ज्यादा समय तक चले सत्र में उन्होंने ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया के जरिए ब्लैकमेलिंग और परिचित बनकर ठगी जैसे मामलों से बचने के उपाय बताए। उन्होंने समझाया कि किस तरह अपराधी बच्चों को मानसिक रूप से दबाव में लेकर उनसे गलत जानकारी या पैसे हासिल करने की कोशिश करते हैं। कार्यक्रम के दौरान स्कूल में एक कंप्लेंट बॉक्स भी रखा गया, जिसमें छात्र-छात्राएं अपनी शिकायत गुप्त रूप से डाल सकेंगे। महिला जज दो दिन बाद फिर स्कूल आकर इन शिकायतों को कलेक्ट करेंगी। इसी तरह पूरे कोटा शहर के विभिन्न स्कूलों में न्यायिक अधिकारियों ने पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर फ्रॉड से बचाव के प्रति जागरूक किया।
लुधियाना नगर निगम जोन-B दफ्तर की बेसमेंट में बने सुविधा केंद्र में मेयर इंद्रजीत कौर ने मंगलवार को रेड की। इस मौके पर सुविधा सेंटर के काउंटरों पर भीड़ लगी थी और सुविधा केंद्र के सिर्फ 2 काउंटरों पर ही कर्मचारी बैठे थे। जब मेयर पहुंची तो एक काउंटर को छोड़कर सभी काउंटर खाली थे। मेयर को देखते हुए सुविधा केंद्र का सुपरवाइजर वहां पहुंच गया। उन्होंने हाजिरी रजिस्टर चेक किया तो पता चला कि बाकी के कर्मचारी छुट्टी पर हैं। मेयर ने जोनल कमिश्नर नीरज जैन को तुरंत मौके पर तलब किया और सुविधा केंद्र के स्टाफ का रिकार्ड मांगा। जोनल कमिश्नर ने मेयर को बताया कि यह सुविधा केंद्र नगर निगम का नहीं है यह डीसी दफ्तर के अधीन है। इन्हें नगर निगम ने जगह दी है। दरअसल मेयर को पता ही नहीं था कि सुविधा केंद्र नगर निगम के अधीन नहीं है। सुविधा केंद्र में पब्लिक को हर तरह की सुविधाएं मिले जोनल कमिश्नर से फीडबैक लेने के बाद मेयर ने सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि नगर निगम की इमारत में चल रहे सुविधा केंद्र में पब्लिक को हर तरह की सुविधाएं मिलनी चाहिए। अगर कर्मचारी नहीं हैं तो टोकन सिस्टम करें ताकि लोगों को इस तरह खड़ा न होना पड़े। काउंटर पर बैठी कर्मचारी भी अनुभवहीन पब्लिक ने मेयर को कहा कि सुविधा केंद्र में ज्यादातर काउंटर खाली रहते हैं। जिसकी वजह से लोगों को घंटों लाइन में रहना पड़ता है। लोगों का कहना है कि आज भी काउंटर पर जो महिला कर्मचारी बैठी हैं वो अनुभवहीन हैं, जिसकी वजह से काम करने में देरी हो रही है। मेयर ने तुरंत सुपरवाइजर को कहा कि सुविधा सेंटर में कोई काउंटर खाली नहीं रहना चाहिए। इसके लिए वो अपने सीनियर अधिकारियों से तालमेल करें। टोकन और टाइम स्लॉट तय करें मेयर इंद्रजीत कौर ने कहा कि जब तक आपके पास कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं तब तक टोकन व स्लॉट सिस्टम तैयार करें। जब भी कोई आवेदक आता है तो उसे टोकन देकर टाइम स्लॉट बता दें ताकि वो निश्चित समय पर आए और अपना काम करके चले जाए। उन्होंने कहा कि काउंटरों पर इस तरह की भीड़ नहीं लगी होनी चाहिए।
कोटा में रामगंजमंडी में किसानों को सूचना दिए बिना ही व्यापारियों ने कृषि उपज मंडी में काम बंद कर दिया। जिसके चलते किसान गुस्सा हो गए और विरोध में मंडी के मेन गेट पर ताला जड़ दिया। किसानों का कहना है कि व्यापारियों ने बिना सूचना के मंडी बंद कर दी। अगर व्यापारी समय पर सूचना देते तो किसान अपना माल मंडी में नहीं लाते। बारिश के अलर्ट के बीच खुले में पड़ी जिंस जानकारी नहीं होने के चलते किसान अपना माल लेकर मंडी में आ गए है। मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी कर रखा है। किसानों का माल खुले में पड़ा है। बारिश होने से किसानों को नुकसान होगा। हमारी मांग है कि मंडी आए माल की नीलामी की जाए। किसानों ने 45 मिनट तक मंडी का गेट बंद रखा। मंडी सचिव बोले- सभी को सूचना दे दी थी इधर कृषि उपज मंडी व्यापार संघ के सचिव योगेश गुप्ता का कहना है कि सरकार ने मंडी आढ़त को 2.25 रूपए से घटाकर 1 रुपया कर दिया है। इसके विरोध में रात 10 बजे करीब व्यापारियों ने बैठक की। सुबह मंडी बंद करने का फैसला लिया। सूचना सभी को दे दी थी। मंडी में माल बेचने आए किसानों ने इसका विरोध जताया। अभी मीटिंग कर रहे हैं, आधे घंटे में मंडी खुल जाएगी। जिंसों की नीलामी की मांग किसान भैंरूलाल ने बताया कि आज मंडी में जितने भी किसानों का माल पड़ा है। उस माल की नीलामी होनी चाहिए। किसान पहले ही परेशान है। माल खुले में पड़ा है। बारिश का मौसम है। व्यापार संघ 2-4 दिन मंडी बंद करें। किसानों को कोई परेशानी नहीं। लेकिन इसका बाकायदा अनाउंसमेंट तो करें। ताकि किसान भी मंडी में माल लेकर नहीं आए। किसानों को सूचना नहीं दी उन्होंने कहा- रात को व्यापार संघ ने मंडी बंद करने का निर्णय लिया था। इसकी सूचना किसानों को नहीं दी। ये किसानों के साथ सरासर अन्याय है। व्यापार संघ अगर पहले ही सूचना दे देता तो किसान मंडी में माल लेकर नहीं आता। आज बहुत से किसान मंडी में माल लेकर आ गए है।
गोगामेड़ी में चोरी का आरोपी गिरफ्तार:पशुधन चोरी मामले में लंबे समय से था फरार
हनुमानगढ़ जिले में पशुधन चोरी के बढ़ते मामलों के बीच गोगामेड़ी थाना पुलिस ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान आरफ उर्फ आरिफ अली (33) निवासी वार्ड नंबर 11, नवां, हनुमानगढ़ जंक्शन के रूप में हुई है।यह गिरफ्तारी 24 मार्च को दर्ज हुए पशुधन चोरी के एक मामले में की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आरिफ अली लंबे समय से फरार चल रहा था और पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। थाना प्रभारी चंद्रकला के नेतृत्व में गोगामेड़ी थाना पुलिस टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद उसे सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है, जिससे क्षेत्र में हुई पशुधन चोरी की अन्य वारदातों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से गोगामेड़ी और आसपास के क्षेत्रों में पशुधन चोरी के कई मामले सामने आए हैं, जिससे स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई थी। इस गिरफ्तारी को इन मामलों की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शहर के छत्रीपुरा इलाके में एक 18 वर्षीय युवती की तीसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई। घटना सोमवार रात की है। पुलिस शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या मानकर चल रही है, हालांकि मोबाइल पर किससे बातचीत हो रही थी, इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है। मामला समाजवाद नगर गली नंबर-3 का है, जहां रहने वाली मेहक राठौर सोमवार रात छत से नीचे गिर गई। परिजनों के अनुसार, वह मोबाइल पर किसी से बात कर रही थी और कुछ देर बाद नीचे आ गिरी। उसका मोबाइल छत पर ही मिला है। घटना के बाद परिजन मेहक को नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन सिर में गंभीर चोट लगने के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। मोबाइल कॉल डिटेल्स और परिवार के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जॉब से लौटकर सीधे छत पर गई थी जानकारी के मुताबिक मेहक कॉस्मेटिक्स की दुकान पर काम करती थी। सोमवार रात करीब 9 बजे वह घर लौटी, बैग रखा और पिता का मोबाइल लेकर सीधे छत पर चली गई। बताया जा रहा है कि वहां किसी से बातचीत के दौरान उसकी बहस भी हुई थी। मेहक अपने पिता और छोटे भाई के साथ रहती थी। उसकी मां कई साल पहले परिवार छोड़ चुकी है। पिता फर्नीचर का काम करते हैं और ऑटो भी चलाते हैं, जबकि भाई भी ऑटो चलाता है। परिवार मूल रूप से सीहोर का रहने वाला है और लंबे समय से इंदौर में रह रहा है। परिवार बोला- रैलिंग पर बैठने के दौरान बिगड़ा संतुलन परिवार के लोगो ने बताया कि आसपास के लोगों ने उन्हे जानकारी दी कि मेहक उपर से गिर गई है। गिरने के दौरान उसने मदद के लिए आवाज भी लगाई थी। संभवत: रैलिग में बैठने के दौरान बात करते समय संतुलन बिगड़ने से वह गिरी है। जिससे मोबाइल छत पर ही गिर गया।
छतरपुर में दहेज प्रथा का एक और मामला सामने आया है, जहां शादी तय होने के बाद लड़के पक्ष द्वारा अतिरिक्त 5 लाख रुपए की मांग करने और मना करने पर रिश्ता तोड़ देने का आरोप लगा है। इस घटना से आहत पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, पिपट थाना क्षेत्र के ग्राम बम्हौरी निवासी गनपत अहिरवार ने बताया कि उनकी बेटी शारदा अहिरवार का विवाह देवेन्द्र अहिरवार निवासी कृष्णा कॉलोनी, देरी रोड से तय हुआ था। दोनों परिवारों की सहमति से शादी की तारीख 20 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई थी। तय शर्तों के अनुसार दहेज में एक मोटरसाइकिल और 50 हजार रुपए देने की बात भी हो चुकी थी। अचानक बढ़ी मांग, टूट गया रिश्ता.. पीड़ित के मुताबिक, 6 अप्रैल 2026 को लड़के पक्ष ने अचानक 5 लाख रुपए अतिरिक्त देने की मांग रख दी। जब परिवार ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो लड़के पक्ष ने रिश्ता तोड़ दिया। साथ ही पहले दिया गया सगाई का सामान (सुतकरा) भी वापस कर दिया गया। शादी की पूरी हो चुकी थी तैयारी परिवार का कहना है कि शादी में केवल 14 दिन शेष थे। घर में सभी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। बैंड-बाजा, कैटरिंग, शादी स्थल सहित अन्य व्यवस्थाएं तय कर ली गई थीं। निमंत्रण पत्र भी छपकर रिश्तेदारों और समाज के लोगों में बांटे जा चुके थे। ऐसे में अचानक रिश्ता टूटने से परिवार को सामाजिक, आर्थिक और मानसिक रूप से भारी नुकसान हुआ है। परिवार में तनाव, अनहोनी की आशंका पीड़ित ने बताया कि इस घटना के बाद से परिवार में गहरा तनाव है। बेटी और उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को सामाजिक बदनामी के साथ किसी अनहोनी का डर भी सता रहा है। कार्रवाई की मांग पीड़ित परिवार ने एसपी ऑफिस पहुंचकर आवेदन सौंपा है और मांग की है कि दहेज की अतिरिक्त मांग कर रिश्ता तोड़ने वाले लड़के पक्ष के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ इस तरह की घटना न हो सके।
राजसमंद में शराब को लेकर युवक की हत्या करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बदमाश एक महीने से फरार थे। होली खेलने के दौरान विवाद के बाद आरोपियों ने युवक से मारपीट की थी, जिसके कारण इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। घटना राजनगर थाना क्षेत्र में 4 मार्च को हुई थी। होली खेलने के लिए घर से निकला था राजनगर निवासी सतवीर सिंह चौधरी मंगलवार सुबह होली खेलने के लिए घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटा। दोपहर बाद हॉस्पिटल से परिजनों को सूचना मिली कि गंभीर हालत में सतवीर को हॉस्पिटल लाया गया है। परिजन तुरंत हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान सतवीर की मौत हो गई। शराब पार्टी में हुआ था विवाद पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि होली खेलने के दौरान शराब पार्टी में बोतल को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के दौरान तीन लोगों ने सतवीर के साथ मारपीट की गई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सतवीर के पेट समेत कई जगह गंभीर चोटें आई थीं। इस कारण इलाज के दौरान मौत हो गई। 34 दिन बाद पकड़े गए आरोपी मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एक बाल अपचारी को पहले ही डिटेन किया जा चुका था। वहीं, धुलेंडी के दिन से फरार चल रहे दोनों आरोपी, लोकेश माली और नाथूलाल माली को पुलिस ने 34 दिन बाद गिरफ्तार कर लिया।
बरेली में बुलडोजर एक्शन शुरू:3 बुलडोजर 60 दुकानों और मस्जिद को गिरा रहे, अतिक्रमण करके बनाए गए थे
बरेली में आज यानी सोमवार को 60 दुकानों को गिराया जाएगा। ये सभी दुकानें अवैध अतिक्रमण करके बनाई गई है। दुकानों को गिराने के लिए नगर निगम की टीम मौके पर है। उनके साथ तीन बुलडोजर है। इस समय कोहाड़ा पीर से लेकर धर्मकांटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। रोड को बंद करवा दिया गया है। जिन दुकानों को गिराया जा रहा है। उनके मालिक भी यहां पर मौजूद हैं। व्यापारियों ने विरोध करने चाहा तो पुलिस ने उन्हें शांत करा दिया। मौके पर सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है। अब बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए
भिलाई स्टील प्लांट के पावर प्लांट-2 में मंगलवार सुबह करीब 10 बजे भीषण आग लग गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार टर्बाइन सेक्शन में ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग तेजी से फैल गई और पूरे इलाके में धुएं का गुबार छा गया। घटना के समय प्लांट के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने हालात बिगड़ते देख पीछे के रास्ते से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की 6 से अधिक गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। संयंत्र प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासन की टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे में 7 से अधिक बीएसपी कर्मियों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। ब्लास्ट के साथ लगी आग प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टर्बाइन में अचानक तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हुआ, जिसके बाद आग की लपटें तेजी से फैल गईं। कुछ ही मिनटों में पावर प्लांट का बड़ा हिस्सा धुएं से भर गया। आसमान में दूर तक धुएं और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में 7 से अधिक बीएसपी कर्मियों के घायल होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि दो बीएसपी कर्मचारी और तीन ठेका श्रमिक हल्की चोटों के साथ घायल हुए हैं, जबकि एक कर्मचारी के पैर में फ्रैक्चर बताया जा रहा है। सभी घायलों को सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। कुछ घायलों को पहले मेन मेडिकल पोस्ट में प्राथमिक उपचार दिया गया। जांच के बाद असली वजह आएगी सामने प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है। आग लगने के सटीक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। शुरुआती अनुमान के अनुसार, टर्बाइन सेक्शन में तकनीकी खराबी या दबाव बढ़ने से ब्लास्ट होने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन असली वजह की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। घटना के बाद प्लांट के अंदर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। आग पूरी तरह बुझने और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नुकसान और घटना के कारणों की सटीक जानकारी सामने आएगी। बीएसपी प्रबंधन की ओर से आधिकारिक बयान का भी इंतजार किया जा रहा है, जिससे स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
बारां में 195 गुमशुदा लोगों को ढूंढ निकाला:'ऑपरेशन तलाश' में मिली सफलता, कई 15 साल से थे लापता
बारां पुलिस ने 'ऑपरेशन तलाश' विशेष अभियान के तहत जिले से गुमशुदा हुए 195 महिलाओं, पुरुषों और नाबालिगों को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की है। यह अभियान 17 से 31 मार्च तक जिले में चलाया गया था। एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य लंबे समय से लापता लोगों का पता लगाना था। इनमें कुछ ऐसे लोग भी शामिल थे जो साल 2009-2010 से गुमशुदा थे और अब तक नहीं मिले थे। गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए एएसपी राजेश चौधरी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। मानव तस्करी विरोधी यूनिट प्रभारी एएसआई दूरदर्शिता त्यागी के नेतृत्व में एएसआई राजेंद्र सिंह, मूलाराम और पूर्णिमा ने इस टीम में काम किया।साइबर सेल प्रभारी जगदीश चंद्र शर्मा के तकनीकी सहयोग से टीम ने अथक प्रयास कर 50 महिला-पुरुषों और 4 नाबालिगों सहित कुल 54 गुमशुदा लोगों को दस्तयाब किया। इनमें से कुछ लोग 7 से 15 साल की अवधि से लापता थे, जिन्हें उनके बिछड़े परिजनों से मिलवाया गया।इस प्रकार जिले में वृत्त स्तर, थाना स्तर पर गठित टीमों और मानव तस्करी विरोधी यूनिट के प्रयासों से मार्च महीने में कुल 195 गुमशुदा लोगों को सफलतापूर्वक ढूंढ निकाला गया।
अजमेर में मंगलवार सुबह से मौसम ने अचानक करवट ले ली। सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रिमझिम बारिश के साथ कई इलाकों में तेज बरसात का दौर देखने को मिला। इस दौरान बादलों की गरज के साथ मौसम पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। सुबह के समय करीब आधे घंटे तक जिले के कई हिस्सों में तेज हवा के साथ जोरदार बारिश हुई। हालांकि इसके बाद भी रुक-रुक कर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, जिससे पूरे शहर का मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक 14.6 एमएम बारिश दर्ज की गई। अचानक बदले मौसम के कारण शहर की सड़कों पर सिर्फ वाहन ही नजर आए,वाहन चालकों को दिन में ही लाइट जलाकर गाड़ी चलानी पड़ी। बारिश और तेज ठंडी हवाओं के चलते अजमेर वासियों को भीषण गर्मी से राहत मिली। तेज हवा के कारण मौसम में ठंडक का अहसास हुआ, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग ने आगामी समय में भी इसी तरह मौसम बने रहने की संभावना जताई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
अलवर जिला अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी (पीएमओ) डॉ. पीसी सैनी सात दिन भी पूरा नहीं कर सके। 1 अप्रैल को उन्हें पद सौंपा गया था, लेकिन अब उनकी जगह डॉ. प्रवीण शर्मा को पीएमओ बनाया गया है। पहले विभागीय स्तर पर सेवानिवृत्त डॉ. सुनील चौहान की जगह डॉ. पीसी सैनी को नियुक्त किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए डॉ. प्रवीण शर्मा को यह जिम्मेदारी दे दी। डॉ. प्रवीण शर्मा पहले जिला अस्पताल में ट्रॉमा इमरजेंसी के इंचार्ज थे। बतादें कि डॉ. सुनील चौहान लगभग सात साल तक पीएमओ पद पर रहे और 31 मार्च को रिटायर हो गए। उनकी जगह विभागीय प्रक्रिया के तहत डॉ. पीसी सैनी को कार्यभार सौंपा गया, पर सरकार को यह फैसला मंजूर नहीं हुआ। महज सात दिन में ही उन्हें हटा दिया गया और अचानक डॉ. प्रवीण शर्मा के आदेश जारी कर दिए गए। खबर फैलते ही अस्पताल स्टाफ में सबसे ज्यादा चर्चा यही थी कि डॉ. पीसी सैनी को इतनी जल्दी क्यों बदला गया। बाद में स्पष्ट हुआ कि यह बदलाव पूरी तरह सरकार के स्तर से किया गया है। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद नए पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार के आदेश मिले हैं। अब हम अलवर जिला अस्पताल को नंबर एक बनाने का पूरा प्रयास करेंगे, ताकि हर तरह के मरीजों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। फिलहाल यहां पार्किंग की समस्या है और कुछ निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं। इन्हें जल्द व्यवस्थित कराया जाएगा।
शाजापुर के किसान रोज जला रहे नरवाई:सरकार का जागरुकता अभियान हुआ फेल, प्रशासन ने नहीं लिया लिया एक्शन
शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील में प्रशासनिक सख्ती और जागरूकता अभियानों के बावजूद किसान नरवाई जलाना बंद नहीं कर रहे हैं। खास बात ये है कि जिले में नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके बाबजूद भी प्रशासन ने कोई एक्शन नहीं लिया। क्षेत्र के मोहना, भंवरासा, बरनावद, बड़ौदी, माल्याहेडी, कड़ूला, मांगलिया और निपानिया सहित कई गांवों में प्रतिदिन खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आ रही हैं। नरवाई जलाने से आसपास के पेड़-पौधों को नुकसान होता है और कई बार आग फैलकर वन क्षेत्रों तक पहुंच जाती है, जिससे बड़े नुकसान का खतरा बना रहता है। पोषक तत्व नष्ट हो रहे कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, पराली जलाने से मिट्टी के आवश्यक पोषक तत्व नष्ट हो जाते हैं, जिससे भूमि की उत्पादकता कम होती है। इससे किसानों को लंबे समय में आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। विशेषज्ञों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं और खेतों की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में सहयोग करें। मोहन बड़ोदिया के कृषि विस्तार अधिकारी (एसएडीओ) अमित यादव ने बताया कि किसान खेतों में नरवाई न जलाएं। इससे भूमि में मौजूद सूक्ष्म जीव मर जाते हैं, जिससे उर्वरा शक्ति कम होती है। साथ ही, आगजनी की घटनाएं बढ़ती हैं और पेड़-पौधे भी आग का शिकार होते हैं। सेटेलाइट से रखी जा रही नजर सरकार के जागरूकता के बावजूद लगातार नरवाई जलाने के सवाल पर अधिकारी अमित यादव ने कहा कि प्रशासन सेटेलाइट के माध्यम से कार्रवाई कर रहा है। जिन लोगों ने भी नरवाई जलाई है, उनके खिलाफ सेटेलाइट के माध्यम से जानकारी जुटाकर पटवारी को मौके पर भेजकर पंचनामा बनवाया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

