बीजापुर को मिले नए एसपी:उमेश प्रसाद गुप्ता ने संभाला पदभार, पहले रायपुर मध्य जोन में डीसीपी थे
बीजापुर जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है। उमेश प्रसाद गुप्ता ने 27 जुलाई को जिले के नए एसपी के रूप में पदभार ग्रहण किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। पदभार संभालने से पहले उमेश प्रसाद गुप्ता रायपुर मध्य जोन में पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के पद पर कार्यरत थे। कार्यभार ग्रहण करने के बाद एसपी गुप्ता ने जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक परिचयात्मक बैठक की। इस दौरान उन्होंने जिले की पुलिस व्यवस्था से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी ली। जितेंद्र यादव के कार्यकाल में नक्सल मुक्त हुआ बीजापुर बता दें कि, पूर्व पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव के कार्यकाल में बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियानों में बड़ी सफलता मिली थी। उनके कार्यकाल के दौरान जिले में नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा की गई थी। इस महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि के बाद अब उमेश प्रसाद गुप्ता ने बीजापुर के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाली है।
मऊगंज में 63 लीटर अवैध शराब जब्त, आरोपी गिरफ्तार:मिर्जापुर से बाइक पर ला रहा था, बाइक भी जब्त
मऊगंज जिले में अवैध शराब तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत हनुमना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मिर्जापुर की ओर से बाइक पर 63 लीटर अवैध देशी शराब लेकर आ रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जब्त शराब और मोटरसाइकिल की कुल कीमत लगभग 1 लाख 45 हजार 200 रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 6 पेटी में रखी 25 हजार 200 रुपए कीमत की 63 लीटर देशी शराब और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही करीब 1 लाख 20 हजार रुपए कीमत की अपाचे मोटरसाइकिल जब्त की है। पुलिस के अनुसार, सोमवार को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति सफेद रंग की अपाचे बाइक से बैग और झोले में बड़ी मात्रा में अवैध शराब लेकर मिर्जापुर (उत्तरप्रदेश) से मऊगंज की तरफ आ रहा है। मऊगंज का ही आरोपी इस सूचना पर हनुमना पुलिस टीम ने हाईवे रोड मसुरिहा के पास घेराबंदी की। संदिग्ध बाइक सवार को रोककर तलाशी ली गई। आरोपी की पहचान राजबहोर पटेल (50), निवासी ग्राम देवरा, थाना शाहपुर, जिला मऊगंज के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी राजबहोर पटेल के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
श्रावस्ती डीएम अन्नपूर्णा गर्ग ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। सोमवार को करीब 4:00 से 5:00 के बीच कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं हर हाल में उपलब्ध होनी चाहिए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि औचक निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को जिला अस्पताल का नियमित और औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि मरीजों को समय पर उपचार, दवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। डीएम ने कहा कि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करके जनपद की रैंकिंग को बेहतर बनाया जाना चाहिए। जिलाधिकारी ने प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) के तहत लंबित भुगतानों को तत्काल निपटाने के लिए भी कहा। इसके अतिरिक्त, टीकाकरण से वंचित सभी गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनका टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ई-कवच पोर्टल पर शत-प्रतिशत डेटा फीडिंग और नियमित निगरानी पर भी विशेष बल दिया गया। डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को अपने-अपने स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने की हिदायत दी।
7 वर्षीय अंशिका का पांचवें दिन भी नहीं लगा सुराग:पीलीभीत में तालाब तक खंगाला, जंगलों में भी चली तलाश
पीलीभीत के पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के जटपुरा गांव से गुरुवार शाम रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हुई सात वर्षीय अंशिका का पांचवें दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका। बच्ची की तलाश में पुलिस, वन विभाग और सैकड़ों ग्रामीण लगातार जुटे हैं, लेकिन अब तक सफलता नहीं मिलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। शुरुआती चार दिनों तक पुलिस, वन विभाग और ग्रामीणों ने गांव के आसपास के खेतों, झाड़ियों तथा हरीपुर रेंज के घने जंगलों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इसके बावजूद बच्ची के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार शाम ग्रामीणों की एक टीम ने 'सूखा बाबा' धार्मिक स्थल के पास स्थित बड़े तालाब में भी खोजबीन की। दर्जनों ग्रामीण तालाब में उतरकर घंटों तक उसकी गहराई और आसपास के हिस्सों की तलाशी लेते रहे, लेकिन वहां से भी कोई सुराग नहीं मिला। पांच दिन बीत जाने के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने से परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में भी तरह-तरह की आशंकाओं के चलते चिंता और दहशत का माहौल बना हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार जांच में जुटी है। पूरनपुर कोतवाली पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर विभिन्न पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी पवन पांडे ने बताया कि बच्ची की बरामदगी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। अलग-अलग पुलिस टीमें संभावित स्थानों पर तलाश कर रही हैं और ग्रामीणों के सहयोग से सर्च अभियान लगातार जारी है।
बालाघाट में चार दिन बाद सोमवार को करीब दो घंटे हुई मूसलाधार बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत मिली और किसानों के चेहरे खिल उठे। वहीं, तेज बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की भी पोल खोल दी। कई सड़कें और प्रमुख चौराहे जलमग्न हो गए, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। देखिए 2 तस्वीरें… सर्किट हाउस रोड और हनुमान चौक पर जलभराव बारिश के बाद सर्किट हाउस रोड और हनुमान चौक सहित कई इलाकों में पानी भर गया। जलभराव के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका ने इस बार जलभराव की समस्या दूर करने का दावा किया था, लेकिन हालात पहले जैसे ही रहे। 20 साल से बनी हुई है समस्या शहर में पिछले करीब 20 सालों से बरसात के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर साल जलभराव की स्थिति बनती है। इसका असर आम लोगों के साथ सड़क किनारे कारोबार करने वाले व्यापारियों पर भी पड़ता है। नगर पालिका ने दो स्थानों पर पानी की निकासी के लिए नालों का निर्माण शुरू किया है, लेकिन यह काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। पिछले साल से 13 इंच कम बारिश जिले में इस मानसून 1 जून से 27 जुलाई तक 434 मिलीमीटर (18 इंच) बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में 803.1 मिलीमीटर (31 इंच) बारिश हुई थी। यानी इस बार अब तक करीब 13 इंच कम बारिश हुई है। बालाघाट तहसील में सबसे अधिक 23 इंच और खैरलांजी में सबसे कम 11 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई।
बुरहानपुर में नेपानगर विधानसभा क्षेत्र की विधायक मंजू राजेंद्र दादू ने सोमवार को विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने पांच विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलें वितरित कीं, जनसमस्याएं सुनीं और अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। विधायक ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण भी किया और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की। अपने प्रवास के दौरान, विधायक मंजू दादू ने नेपानगर में कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों से दूरभाष पर चर्चा कर जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र हल करने के निर्देश दिए। नेपानगर में, विधायक ने महान वैज्ञानिक और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके विचार राष्ट्र निर्माण के लिए सदैव मार्गदर्शक रहेंगे। बोलीं- पर्यावरण संरक्षण सभी का दायित्वविधायक ने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भातखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। इसी विद्यालय में मध्यप्रदेश शासन की योजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिलों का वितरण किया गया। विधायक ने विद्यार्थियों से संवाद कर उनकी पढ़ाई की जानकारी ली और उन्हें अनुशासन, परिश्रम तथा लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान, विधायक ने कार्यकर्ताओं के यहां पहुंचकर संगठनात्मक विषयों और क्षेत्र के विकास कार्यों पर भी चर्चा की। कार्यक्रम में नेपानगर मंडल अध्यक्ष नीलेश महाजन, सांसद प्रतिनिधि सौजन्य तिवारी, मनोज माहेश्वरी, राजेश चौहान, संजय विजयवर्गीय, प्रवीण काटकर, राहुल यादव, रोहित यादव, विजय यादव, सरोज मुहासे, छाया गुढ़गे, शिखा विजयवर्गीय, ललित चौहान, भीमा नायक, विक्रम चौहान, शंकर चौहान, रामकिशन अग्रवाल, अमर सिंह पवार, वासुदेव चौधरी, पार्षद, भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने रविवार को पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने स्कूल परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल मैदान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं पर संतोष जताया, लेकिन सफाई व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता राजकीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर और बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाना है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार सरकारी स्कूलों को हर दृष्टि से मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। शिक्षकों से कहा- नए तरीकों से पढ़ाएं, बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाएं निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों और प्रशासनिक स्टाफ के साथ बैठक भी की। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आधुनिक, प्रभावी और रोचक शिक्षण पद्धतियों से पढ़ाया जाए, ताकि उनमें सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि विकसित हो और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। खेलों में भागीदारी भी जरूरी, यहीं से निकलेंगे भविष्य के ओलंपियन महीपाल ढांडा ने कहा कि केवल किताबी शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि बच्चों को खेल गतिविधियों में नियमित रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जाए और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेल प्रतिभाओं की भूमि है और प्रदेश के स्कूलों से ही भविष्य के ओलंपियन एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।
रोहतक से लोकसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने एक ट्विट करते हुए लिखा कि अगर किसी युवा को दिल्ली जंतर मंतर का आंदोलन खत्म होने के बाद कोई धमकी मिल रही है या किसी को कोई कानूनी सहायता चाहिए तो वह टीम दीपेंद्र से संपर्क कर सकता है। दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कई दिन धरना चला, जिसके बाद शिक्षामंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। लेकिन इस बीच 20 जुलाई को छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई युवा घायल हुए। पुलिस ने युवाओं पर केस भी दर्ज किए। समझौता होने के बाद भी थाने के युवा काट रहे चक्कर जंतर मंतर पर धरने के दौरान पुलिस की तरफ से युवाओं पर जो केस दर्ज किए गए, उन सभी निरस्त करने की सहमति सरकार के साथ बन चुकी है। बावजूद इसके युवा थानों के चक्कर काट रहे है। एक किसान नेता को तो पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था। युवाओं को चिंहित कर दे रहे धमकी दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि भाजपा नेता राह चलते स्टूडेंट को बुलाकर गाली गलौच कर रहे है। छात्रों को चयनित करके फोन किए जा रहे है और उन्हें माफी मांगने के लिए मजबूर किया जा रहा है। युवाओं की पहचान करके ऐसा किया जा रहा है। बिहार में हजारों बच्चों को हिरासत में लिया गया है। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि युवाओं के घर पर फोन किए जा रहे है, उन्हें डराया जा रहा है। गृहमंत्री अमित शाह से इसका जवाब मांग रहे है। युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के लिए भाजपा नेता से लेकर पुलिस अधिकारी जिम्मेदार है। जब तक इसका जवाब नहीं मिलेगा, वह संघर्ष करते रहेंगे।
पलवल जिले में मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेस-वे पर हुए एक सड़क हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। यह घटना पलवल के नौरंगाबाद सीमा में मिंडकोला गांव के पास हुई, जब एक परिवार राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी मंदिर से दर्शन कर दिल्ली लौट रहा था। दिल्ली के बुराड़ी (कमल विहार) निवासी रामकुमार पाल अपने बच्चों, भतीजे नीलेश और ड्राइवर शैलेंद्र के साथ कार से वापस आ रहे थे। उनकी कार जैसे ही मुंबई-वडोदरा एक्सप्रेस-वे पर पहुंची, एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद आरोपी ड्राइवर वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इसाज के दौरान हुई बच्चे की मौत इस दुर्घटना में कार ड्राइवर शैलेंद्र और रामकुमार का बेटा अंशपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत सोहना स्थित एक निजी अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान मासूम अंशपाल ने दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल ड्राइवर शैलेंद्र की हालत चिंताजनक बनी हुई है। मामले की जांच कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलने पर हथीन थाना की मिंडकोला पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। मृतक बच्चे के पिता रामकुमार पाल की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस एक्सप्रेस-वे पर लगे सीसीटीवी कैमरों के आधार पर आरोपी वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र स्थित रानीपुर काजी के शिव बालक पुरवा गांव में बीते शनिवार हुई 11 वर्षीय छात्र अश्वनी की मौत के बाद परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। छात्र का शव सड़क निर्माण के लिए खोदे गए एक पानी भरे गड्ढे से बरामद हुआ था। पुलिस मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, कक्षा चार का छात्र अश्वनी शनिवार दोपहर स्कूल से घर लौटा था। अपना बैग रखने के बाद वह पड़ोस के दो बच्चों के साथ खेलने चला गया। शाम तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों के मुताबिक साथ गए बच्चों से पूछताछ में पता चला कि अश्वनी सड़क निर्माण के लिए मिट्टी निकाले जाने से बने गहरे गड्ढे में नहाने उतरा था। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पानी में तलाश शुरू की। रात करीब आठ बजे अश्वनी का शव बरामद किया गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता रामेश्वर पाठक ने प्रार्थना पत्र देकर बेटे की हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि अश्वनी उनके परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं। घटना के समय वे ससुराल गए हुए थे और रात में घर लौटने पर उन्हें बेटे की मौत की सूचना मिली। अश्वनी की बड़ी मां ने आरोप लगाया कि जो दो लड़के उसे घर से बुलाकर ले गए थे, उनके बयान अलग-अलग हैं। उन्होंने बताया कि पहले बच्चों ने अश्वनी के घर लौटने की बात कही थी, लेकिन बाद में उनके बयान बदल गए। उन्होंने आशंका जताई कि अश्वनी के साथ कोई अनहोनी हुई है और अब सच्चाई छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। रविवार को अश्वनी का अंतिम संस्कार किया गया।वहीं अब परिवार मामले की निष्पक्ष जांच और यदि कोई दोषी है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहा है। फिलहाल पुलिस जांच में स्पष्ट हो सकेगा की छात्र के साथ हुआ क्या था, पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र की मौत के मामले में परिजनों का कहना है कि उसे मारा गया है और अब निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं, बड़ी मां का बयान भी खबर में शामिल है बाइट के साथ।
देवघर नगर थाना क्षेत्र में बंद मकान को निशाना बनाकर हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किए गए कीमती जेवरात भी बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले अज्ञात चोरों ने एक बंद मकान का ताला तोड़कर घर में प्रवेश किया था। इसके बाद उन्होंने घर में रखे कीमती जेवरात समेत अन्य सामान पर हाथ साफ किया और मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच शुरू कर दी गई। तकनीकी साक्ष्य और गुप्त सूचना बनी सफलता की कुंजी जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों को बारीकी से खंगाला। साथ ही तकनीकी साक्ष्यों का भी सहारा लिया गया, जिससे संदिग्धों की पहचान में मदद मिली। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके बाद पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी अभियान चलाया और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई अहम खुलासे किए, जिसके आधार पर पुलिस ने चोरी किए गए जेवरात बरामद कर लिए। बरामदगी के बाद तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई। चोरी की अन्य वारदातों में भी कनेक्शन खंगाल रही पुलिस पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर यह भी जांच की जा रही है कि कहीं वे अन्य चोरी की घटनाओं में भी शामिल तो नहीं हैं। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से नगर थाना क्षेत्र में चोरी की वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा।
कांग्रेस ने मनाई अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि:फतेहपुर में अर्पित की गई श्रद्धांजलि, जीवन पर की चर्चा
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर स्थित कांग्रेस कार्यालय ज्वालागंज में सोमवार शाम 4 बजे पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि मनाई गई। जिला और शहर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर याद किया गया। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि डॉ. कलाम एक सफल और विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक थे। उन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा का उत्कृष्ट निर्वहन किया, जिससे भावी पीढ़ियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने डॉ. अब्दुल कलाम को देश का कुशल नायक बताया। उन्होंने कहा कि उनकी काबिलियत, ईमानदारी, नैतिकता और देश प्रेम आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक कहानी है। वरिष्ठ नेताओं में शेख एजाज अहमद, फजलुर्रहमान, देवी प्रकाश दुबे और कलीम उल्ला सिद्दीकी ने भी डॉ. कलाम के जीवन चरित्र पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर शकीला बानो, रेखा पासवान, निजामुद्दीन, डॉ. अतुल पासवान, राम नरेश महराज, आरिफ खान, अकरम काले, राजीव श्रीवास्तव, अजय बच्चा, कौशल कुमार शुक्ला, नजमी कमर, रमजान अहमद, अब्दुल रज्जाक, उस्मान बेग, हम्माद हुसैन और धर्मेंद्र सिंह सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संभल कांग्रेस नेता मुशीर तरीन ने रविवार शाम करीब 4:30 बजे अपने आवास पर प्रेसवार्ता कर भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था, छात्रों के आंदोलन और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों समेत कई मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा। मुशीर तरीन ने कहा कि कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी कार्यकर्ता बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और जनसंपर्क अभियान में जुटे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में दिल्ली में संगठन विस्तार और चुनावी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण बैठक भी हुई है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह फैसला पहले ही हो जाना चाहिए था। उनका आरोप था कि छात्रों के साथ हुए व्यवहार से पूरे देश में गलत संदेश गया है। उन्होंने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य और शिक्षा के अधिकार को लेकर जागरूक है तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहा है। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए तरीन ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और कई प्राथमिक विद्यालय बंद होने की कगार पर हैं। वहीं, निजी स्कूलों की बढ़ती फीस के कारण गरीब परिवारों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार सरकार और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। समाजवादी पार्टी के साथ संभावित गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि फिलहाल पार्टी नेतृत्व की ओर से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला है। कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने और अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारियों में जुटी है। गठबंधन को लेकर अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान उचित समय पर करेगा। स्थानीय मुद्दों पर विधायक को घेरा मुशीर तरीन ने संभल के स्थानीय विकास कार्यों को लेकर विधायक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि रोडवेज डिपो, विश्वविद्यालय, अस्पताल सहित कई प्रमुख परियोजनाओं के वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। उनका कहना था कि यदि जनप्रतिनिधि क्षेत्र के विकास को लेकर गंभीर नहीं होंगे तो संभल पिछड़ता जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जनता अब विकास के मुद्दों पर जवाब मांग रही है और इसका असर आगामी चुनाव में देखने को मिलेगा।
बरेली में सनातन गुरुकुल पाठशाला का वार्षिकोत्सव सोमवार को आयोजित किया गया। इस अवसर पर महापौर डॉ. उमेश गौतम ने मेधावी बच्चों और गुरुमाताओं को सम्मानित किया। उन्होंने ओपन जिम का उद्घाटन भी किया और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।आशीष रॉयल पार्क स्थित श्री राधा कुंज पार्क में हुए इस समारोह में बच्चों ने भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सनातन परंपरा पर आधारित रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।पाठशाला के छात्र आर्यवीर को 'तेजस्वी शील्ड' और छात्रा सृष्टि को 'तेजस्वनी शील्ड' से सम्मानित किया गया। बच्चों में संस्कार और नैतिक शिक्षा के लिए गुरुमाताओं को भी सम्मानित किया गया।समारोह के दौरान ज्ञान कला संजीवनी समिति द्वारा गोद लिए गए नगर निगम पार्क में स्थापित ओपन जिम का महापौर ने उद्घाटन किया। इस अवसर पर 51 गुब्बारे आकाश में छोड़े गए और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से पौधारोपण भी किया गया।महापौर डॉ. उमेश गौतम ने बच्चों को भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समाज के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महापौर ने गुरुकुल पाठशाला को हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया और शहर में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी साझा की।इस कार्यक्रम में सामाजिक सहभागिता भी देखने को मिली। रोटरी क्लब ऑफ बरेली चैंबर ने गुरुकुल के 100 से अधिक बच्चों को स्कूल बैग वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम का संचालन संस्था की सचिव डॉ. प्रीती लवानिया ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। डॉ. लवानिया ने बताया कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को संस्कारयुक्त शिक्षा देने के साथ-साथ पार्क को शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनाना है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें पेपर लीकिया सरकार करार दिया है। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि गुजरात से लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार तक लगातार हो रहे पेपर लीक केवल प्रशासनिक नाकामी नहीं हैं, बल्कि यह पेपर लीक कराने वाली कंपनियों के मालिकों और भाजपा के शीर्ष नेताओं व मुख्यमंत्रियों के बीच की मिलीभगत का नतीजा है। हाल ही में गुजरात आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के तीसरे वर्ष का 'शैल तंत्र वन' का पेपर लीक होने का हवाला देते हुए संजय सिंह ने कहा कि गुजरात में पिछले 10 वर्षों से पेपर लीक का एक लंबा इतिहास रहा है, जिसमें तलाठी, TET, लोक रक्षक दल, सचिवालय क्लर्क, वन रक्षक और जूनियर क्लर्क जैसी कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं। उन्होंने 'Edu Test' नामक कंपनी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि गुजरात में ब्लैकलिस्ट किए जाने के बावजूद इस कंपनी को बिहार और फिर उत्तर प्रदेश में पुलिस भर्ती परीक्षा कराने का ठेका दिया गया, जहां इसने दोबारा पेपर लीक कराया। संजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दावे को 'सफेद झूठ' करार दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कराने वाले जेलों में सड़ रहे हैं। आप सांसद ने सवाल उठाया कि 2024 के NEET पेपर लीक के मुख्य आरोपी संजीव मुखिया के खिलाफ सीबीआई 90 दिनों में चार्जशीट भी दाखिल नहीं कर पाई और बाद में सबूत न होने की बात कहकर उसे राहत दे दी गई। उन्होंने कहा कि Fast-Track Court बनाना सिर्फ एक दिखावा है, जब तक कि जांच एजेंसियां निष्पक्ष होकर साक्ष्य न जुटाएं। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में गरीबों को खाना बांटने वाले कार्यकर्ताओं पर हुई पुलिस कार्रवाई की भी कड़े शब्दों में निंदा की। केजरीवाल ने ट्वीट कर भाजपा पर कसा तंज वहीं अरविंद के जरीवाल ने भी ट्वीट कर भाजपा सरकार पर तंज कसा है। केजरीवाल ने कहा कि देश भर में पेपर लीक के ख़िलाफ़ इतना बड़ा आंदोलन हुआ। युवाओं ने इतना अत्याचार सहा, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा हुआ। आज संसद पेपर लीक के ख़िलाफ़ एक “सख्त” क़ानून पर चर्चा कर रही है। इसी बीच गुजरात में एक और पेपर लीक की खबर सामने आई है। इस से यही निष्कर्ष निकलता है कि यदि पेपर लीक रोकने हैं तो बीजेपी को ही भगाना पड़ेगा।
झाबुआ में गोसम्मान आह्वान अभियान रैली:प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, गो-संरक्षण कानून की मांग
झाबुआ में सोमवार को 'गोसम्मान आह्वान अभियान' के तहत संत समाज, गोसेवकों, युवाओं और बड़ी संख्या में नागरिकों ने रैली निकाली। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर देशभर में गो-संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की गई। देखिए 3 तस्वीरें… केंद्रीय कानून और मंत्रालय की मांग ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद-48 के तहत केंद्रीय गोसेवा एवं संरक्षण अधिनियम लागू करने की मांग की गई। इसके साथ ही स्वतंत्र केंद्रीय गोसेवा मंत्रालय और गो-संरक्षण के लिए स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का भी आग्रह किया गया। ज्ञापन में देशी गोवंश को 'राष्ट्रमाता' या 'राष्ट्र आराध्या' का संवैधानिक दर्जा देने की मांग की गई। साथ ही गो-तस्करी और गो-वध को संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध घोषित कर दोषियों को आजीवन कारावास और संपत्ति कुर्क करने जैसे कड़े प्रावधान लागू करने की मांग भी रखी गई। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और गोशालाओं पर जोर अभियान से जुड़े लोगों ने पंचगव्य आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने, स्कूलों के मिड-डे मील और मंदिरों के प्रसाद में देशी गो-घृत एवं दुग्ध के उपयोग को अनिवार्य करने का सुझाव दिया। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर नंदीशाला, जिला स्तर पर गो-अभ्यारण्य तथा राष्ट्रीय राजमार्गों पर गो-वाहिनी एम्बुलेंस और ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की भी मांग की गई। गोचर भूमि संरक्षण की भी उठी मांग ज्ञापन में चारे के अवैध भंडारण और औद्योगिक उपयोग पर रोक लगाने तथा गोचर और ओरण भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग भी शामिल रही। रैली के दौरान वक्ताओं ने कहा कि गोवंश केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। इस दौरान प्रतिभागियों ने गो-संरक्षण के समर्थन में नारे भी लगाए।
मैहर में सोमवार दोपहर NSUI कार्यकर्ताओं को भाजपा कार्यालय का घेराव करने से पहले ही रोक दिया गया। दिल्ली में छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच कन्या स्कूल के पास बैरिकेडिंग पर झड़प हुई। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। मैहर जिला NSUI ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा कार्यालय घेराव का आह्वान किया था। जिला अध्यक्ष अजिर बिहारी के नेतृत्व में NSUI और युवा कांग्रेस के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करते हुए निकले। प्रशासन ने प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पहले से ही तैयारी कर रखी थी। भाजपा कार्यालय से पहले कन्या स्कूल के पास भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। जब प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने लगे, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिस से हुई धक्का-मुक्की कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और बहस हुई। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और छात्रों के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग उठाई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोककर स्थिति को नियंत्रण में लिया। बाद में पुलिस ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष सौरभ शर्मा 'लल्ला' समेत कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इसके कुछ समय बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। भारी पुलिस बल रहा तैनात मौके पर एसडीएम दिव्या पटेल, सीएसपी महेंद्र सिंह और तहसीलदार जितेंद्र पटेल सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था। प्रशासन की देखरेख में पूरे घटनाक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखी गई। NSUI कार्यकर्ताओं ने दावा किया कि वे छात्रों के हितों और अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, पुलिस ने कहा कि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। प्रदर्शन की अन्य तस्वीरें…
बरेली के भोजीपुरा थाना क्षेत्र में मॉर्निंग वॉक पर निकले 65 वर्षीय परचून व्यापारी सियाराम श्रीवास्तव की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 19 वर्षीय मोहम्मद अरमान को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसे लोगों की हत्या करने के लिए कान में 'जिन्न की आवाजें' सुनाई देती थीं। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंचा गया। हत्या में इस्तेमाल चाकू, ओमनी वैन, खून से सने कपड़े और अन्य सामान बरामद कर लिया गया है। आरोपी के पिता को भी साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंची पुलिस पुलिस के अनुसार, धौराटांडा निवासी सियाराम श्रीवास्तव 24 जुलाई की सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। कुछ देर बाद उनका शव बिबियापुर रोड पर मिला। पोस्टमार्टम में गले, सिर और सीने पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई। शुरुआती रिपोर्ट में मृतक के बेटे ने तीन पड़ोसियों पर हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन जांच में उनकी भूमिका सामने नहीं आई। पहले वैन से टक्कर, फिर चाकू से हमला घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में एक सफेद ओमनी वैन संदिग्ध हालत में दिखाई दी। जांच में पता चला कि वाहन आरोपी के पिता के नाम पर पंजीकृत है। पूछताछ में अरमान ने कबूल किया कि उसने पहले व्यापारी को वैन से टक्कर मारी, फिर टूटे कांच और चाकू से हमला कर हत्या कर दी। वारदात के बाद उसने मृतक के पास रखे 1,200 रुपये भी निकाल लिए थे, जिनमें से 580 रुपये बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस बोली- मानसिक भ्रम का मामला हो सकता है एसपी नॉर्थ ने बताया कि आरोपी सूखे नशे का आदी है और उसका मानसिक उपचार भी चल रहा था। पूछताछ में उसने दावा किया कि उसे कान में जिन्न की आवाजें सुनाई देती थीं, जो हत्या करने के लिए कहती थीं। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह हैलुसिनेशन (मानसिक भ्रम) का मामला प्रतीत होता है। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े, मृतक का आधार कार्ड, मोबाइल फोन, शेष नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई ओमनी वैन बरामद कर ली है। आरोपी के पिता को साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने आंध्रप्रदेश की एक ऑयल फैक्ट्री में बंधक बनाए गए जिले के 9 मजदूरों को सकुशल मुक्त कराकर वापस लाने में सफलता हासिल की है। सोमवार को इन सभी मजदूरों ने कलेक्टर कुलदीप शर्मा से मुलाकात कर प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ग्राम सोनपुर (तहसील सोनाखान) निवासी संत कुमार रात्रे ने जिला प्रशासन को एक आवेदन दिया था। इसमें उन्होंने बताया कि लगभग दो माह पूर्व उनका परिवार और कुछ अन्य ग्रामीण आंध्रप्रदेश के रेनीगुंटा स्थित एक ऑयल फैक्ट्री में मजदूरी के लिए गए थे। वहां उन्हें मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा था और जबरन रोककर प्रताड़ित किया जा रहा था। आंध्रप्रदेश प्रशासन से संपर्क किया गया कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन ने आंध्रप्रदेश प्रशासन और संबंधित विभागों के साथ त्वरित समन्वय स्थापित किया। सभी मजदूरों को सुरक्षित मुक्त कराकर बलौदाबाजार-भाटापारा वापस लाया गया। वापसी के बाद प्रशासन ने उनसे विस्तृत चर्चा कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सहायता प्रक्रिया शुरू की। कलेक्टर ने की यह अपील कलेक्टर शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि जिले के किसी भी नागरिक की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि कोई रोजगार के नाम पर शोषण, बंधक बनाए जाने या किसी अन्य परेशानी का सामना करता है, तो तत्काल जिला प्रशासन को सूचित करें। इसके लिए संपर्क केंद्र नंबर 92018-99925 पर भी संपर्क किया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि ऐसे मामलों में प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से यह भी अपील की है कि रोजगार के लिए अन्य राज्यों में जाने से पहले संबंधित एजेंसी या ठेकेदार की पूरी जानकारी और सत्यापन अवश्य कर लें। ऐसा करने से भविष्य में ऐसी अप्रिय स्थितियों से बचा जा सकेगा।
सावन में भगवान शिव को अर्पित होने वाले बेलपत्र, फूल और अन्य पूजा सामग्री कचरे का हिस्सा नहीं बनेंगे। नगर निगम जयपुर ने धार्मिक आस्था को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए ‘शिवार्पणम्’ नाम से एक अनूठी पहल शुरू की है। जो जयपुर के 5 बड़े शिव मंदिरों से शुरू की जा रही है। इसके तहत शहर के प्रमुख शिवालयों में भगवान शिव को अर्पित होने वाले जैविक निर्माल्य (भगवान को चढ़ने वाली फूल-पत्तियां) को वैज्ञानिक प्रक्रिया से जैविक खाद में बदला जाएगा। करीब 30 दिन में तैयार होने वाली इस खाद को शिवार्पणम् प्रसाद पैकेट के रूप में श्रद्धालुओं और लोगों को बांटा जाएगा। धार्मिक आस्था का सम्मान करना उद्देश्य नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा ने सोमवार को नगर निगम मुख्यालय में मीडिया से बातचीत में बताया- इस पहल का उद्देश्य केवल मंदिरों की स्वच्छता बनाए रखना नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण और सर्कुलर इकोनॉमी की अवधारणा को भी मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पूरे श्रावण मास में प्रत्येक सोमवार नगर निगम का ईवी हॉपर चयनित मंदिरों से बेलपत्र, फूल और अन्य जैविक निर्माल्य का संग्रह करेगा। इसके बाद इस सामग्री को पास के गार्डन में लगी श्रेडर मशीन के माध्यम से प्रोसेस किया जाएगा। वैज्ञानिक तरीके से कम्पोस्ट पिट में 30 दिनों तक उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद तैयार की जाएगी। तैयार खाद को विशेष पैकेट में पैक कर शिवार्पणम् नाम से श्रद्धालुओं और नागरिकों को प्रसाद के रूप में वितरित किया जाएगा। इन मंदिरों से शुरू हो रहा प्रोजेक्ट कमिश्नर ने बताया- फिलहाल इस अभियान की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शहर के पांच प्रमुख शिवालयों ताड़केश्वर महादेव, झारखंड महादेव, जंगलेश्वर महादेव, चमकारेश्वर महादेव और रोजगारेश्वर महादेव मंदिर से की जा रही है। इन मंदिरों से हर सोमवार निर्माल्य का संग्रह होगा। इसके साथ ही पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद इस मॉडल को शहर के अन्य मंदिरों में भी लागू किया जा सकेगा। ओम कसेरा ने बताया- भगवान शिव को अर्पित प्रत्येक बेलपत्र और पुष्प श्रद्धा का प्रतीक होता है। उसका स्थान कचरे में नहीं, बल्कि धरती की सेवा में होना चाहिए। शिवार्पणम् ऐसा मॉडल है, जो आस्था, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ता है। इससे न केवल धार्मिक भावनाओं का सम्मान होगा, बल्कि शहर में जैविक कचरे का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।
जोधपुर शहर में अवैध अतिक्रमण को लेकर नगर निगम की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। कुड़ी भगतासनी और रामेश्वर नगर में सोमवार को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। रामेश्वर नगर में दुकानदारों ने कार्रवाई का विरोध किया। हालांकि कुछ हिस्सा टीम ने हटा दिया था लेकिन, विरोध के चलते कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा। अतिक्रमण प्रभारी रजनीश बारासा ने बताया कि दुकानदारों ने अपने स्तर पर इसे हटाने के लिए दो दिन का समय मांगा था इसलिए कार्रवाई को स्थगित करना पड़ा। शिकायत के आधार पर कुड़ी में हटाया अतिक्रमण अतिक्रमण प्रभारी-रजनीश बारासा ने बताया कि आयुक्त राहुल जैन और उपायुक्त जलज घासिया के निर्देशानुसार कुड़ी सेक्टर दो में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। इस अतिक्रमण को लेकर सीएमओ और वीआईपी प्रकरण सामने आया था। इसके बाद यहां सड़क सीमा में लगे टीन शेड, अवैध अतिक्रमण और चबूतरों को हटाया गया। इस दौरान 1 से 8 जोन के वार्ड प्रभारी मौजूद रहे। रामेश्वर नगर में टीम का विरोध, स्थगित करनी पड़ी कार्रवाई प्रभारी बारासा ने बताया कि दूसरी कार्रवाई रामेश्वर नगर के नेशनल हैंडलूम के आस-पास इलाके में की गई। यहां लंबे समय से इसकी शिकायत मिल रही थी। इसके साथ ही अतिक्रमण की वजह से लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही थी। इसे लेकर सड़क सीमा में जो अतिक्रमण थे, उन्हें हटाया गया। इस दौरान यहां कुछ दुकानदारों ने इसका विरोध भी किया। उन्होंने बताया कि यहां के लोगों ने एक-दो दिन का समय मांगा था। इस पर हमने दो दिन का समय देकर इस कार्रवाई को स्थगित किया है। ऐसे में यदि दो दिन में ये अतिक्रमण हटाते है तो ठीक है, नहीं तो नगर निगम की ओर से इसे लेकर कार्रवाई की जाएगी। टीम की कार्रवाई के बाद लोगों ने दुकान के बाहर से हटाया सामान हालांकि नगर निगम ने रामेश्वर नगर में अतिक्रमण की कार्रवाई को स्थगित कर दिया था। लेकिन, टीम के जाने के बाद यहां दुकानदारों ने अपने स्तर पर सामान हटाना शुरू किया। इस पर दुकान के बाहर लगे टीन शेड और अवैध कैबिन को लोगों ने हटाया।
ग्वालियर में सोमवार को गो संरक्षण और गो सम्मान को लेकर एक विशाल यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों संतों, गोभक्तों और महिलाओं ने भाग लिया। अलकापुरी से कलेक्ट्रेट तक पहुंची इस यात्रा में गौमाता भी पूरे मार्ग में शामिल रहीं। इस दौरान देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने गौमाता को 'राष्ट्रमाता' या 'राष्ट्र आराध्या' का राष्ट्रीय सम्मान देने की मांग की। इसके साथ ही, गोसेवा के लिए एक अलग गो सेवा मंत्रालय स्थापित करने और केंद्रीय कानून लागू करने की भी जोरदार अपील की गई। संतों और गोभक्तों ने जयघोष करते हुए सरकार से इन मांगों को शीघ्र लागू करने का आग्रह किया। गो सम्मान यात्रा के आयोजकों ने बताया कि यह अभियान केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे देश में चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत देश के प्रत्येक जिले में लोगों से हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, अब तक साढ़े पांच लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा चुके हैं, जिन्हें केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। उन्होंने गौमाता के सम्मान में भजन-कीर्तन करते हुए सहभागिता निभाई, जिससे पूरे मार्ग में धार्मिक माहौल बना रहा। यात्रा के दौरान पुलिस और प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए गए थे, जिसके कारण रैली शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। गो सम्मान यात्रा का नेतृत्व कर रहे संत ऋषभ देव महाराज ने कहा कि गौमाता भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की आधारशिला हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक देश में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया जाता और गौमाता को राष्ट्रमाता अथवा राष्ट्र आराध्या का सम्मान नहीं मिलता, तब तक यह जनजागरण अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर में संत समाज और गोभक्त इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं।
कुशीनगर में युवक की चाकू से गोदकर हत्या:सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात, आरोपियों की तलाश जारी
कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के जंगल पंचरुखिया स्थित धनुष टोली गांव में सोमवार को दिनदहाड़े एक युवक की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही कुबेरस्थान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने धारदार चाकू से युवक पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने बताया कि मृतक की पहचान गांव के ही हीरालाल पुत्र घरभरन के रूप में हुई है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही पुलिस घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटा रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। पुलिस मृतक की पहचान और वारदात के पीछे की वजह को लेकर सभी संभावित पहलुओं पर गहनता से जांच कर रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। इस घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही हत्या के कारणों का खुलासा कर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद में आगामी कांवड़ यात्रा-2026 की तैयारियों को लेकर सोमवार को यातायात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की गोष्ठी आयोजित की गई। कविनगर स्थित रामजानकी ऑडिटोरियम में हुई बैठक में यात्रा के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और ड्यूटी संचालन को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष फोकस पुलिस उपायुक्त (यातायात) त्रिगुण बिसेन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात) वरुण कुमार सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात) प्रथम शुचिता सिंह भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान सभी पुलिसकर्मी पूरी जिम्मेदारी, अनुशासन और समर्पण के साथ ड्यूटी करें तथा सुरक्षात्मक उपकरणों का अनिवार्य रूप से उपयोग करें। श्रद्धालुओं और आम लोगों से विनम्र व्यवहार के निर्देश बैठक में पुलिसकर्मियों को कांवड़ यात्रियों और आम नागरिकों के साथ शालीन, विनम्र और सौहार्दपूर्ण व्यवहार बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस की सकारात्मक कार्यशैली से जनता का विश्वास मजबूत होता है, इसलिए संवेदनशीलता के साथ दायित्वों का निर्वहन किया जाए। समय पर ड्यूटी और बेहतर समन्वय पर जोर यातायात अधिकारियों ने सभी कर्मियों को निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट पर समय से पहुंचने, आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाखों श्रद्धालुओं के आवागमन को देखते हुए यात्रा के दौरान सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
बलरामपुर पुलिस ने मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में एक सूचीबद्ध अपराधी को गिरफ्तार किया है। आरोपी अंकित तिर्की उर्फ गोलू तिर्की को 25 जुलाई को गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई थाना कोतवाली बलरामपुर में दर्ज एक शिकायत के आधार पर की गई है। रोज मोहम्मद (52) निवासी वार्ड क्रमांक 09, पतरा पारा, बलरामपुर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 19 जुलाई को उसका बेटा अमरजद खान ज्ञान गंगा स्कूल के पास खड़ा था। इसी दौरान आरोपी अंकित तिर्की उर्फ गोलू तिर्की ने पुराने पैसों के लेनदेन को लेकर गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की। घर में घुसकर दोबारा मारपीट की आरोपी ने अमरजद खान का गला दबाकर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित किसी तरह वहां से बचकर अपने घर पहुंचा, लेकिन आरोपी अंकित तिर्की ने उसके घर में घुसकर दोबारा मारपीट की। इस घटना में अमरजद खान के गले में सूजन और शरीर के कई हिस्सों में चोटें आईं। पुलिस ने किया गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान, आरोपी अंकित तिर्की उर्फ गोलू तिर्की को थाने बुलाया गया। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के बाद उसे 25 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी की सूचना उसके परिजनों को दी गई और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई पूरी की गई।
नौहझील पुलिस ने दो वाहन चोर पकड़े:चोरी की तीन बाइक बरामद
मथुरा के नौहझील थाना पुलिस ने वाहन चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे और निशानदेही से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, सोमवार को करीब 1:00 बजे लालपुर रोड स्थित डाक बंगले के पास, कस्बा बाजना क्षेत्र में चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोका गया। पूछताछ में उनकी पहचान आरिफ उर्फ सूरज निवासी खंदौली, आगरा (वर्तमान निवासी धोरेरा बांगर, थाना जैत) और सोनू निवासी आजनौठ, थाना नौहझील (वर्तमान निवासी धोरेरा बांगर, थाना जैत) के रूप में हुई। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने मोटरसाइकिल चोरी की होने की बात स्वीकार कर ली। उनकी निशानदेही पर पास स्थित एक खंडहर डाक बंगले के अंदर छिपाकर रखी गई दो अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद की गईं। बरामद वाहनों में एक हीरो स्प्लेंडर, एक होंडा शाइन और एक हीरो होंडा पैशन प्रो शामिल हैं। पुलिस बरामद वाहनों के वास्तविक स्वामियों का सत्यापन कर रही है। नौहझील थाना पुलिस ने गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 224/2026 के तहत बीएनएसएस एवं बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दोनों आरोपियों का किसी संगठित वाहन चोरी गिरोह से संबंध है या नहीं और उन्होंने जिले या आसपास के क्षेत्रों में कितनी अन्य वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी आरिफ के विरुद्ध आगरा जनपद के खेरागढ़ थाने में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धमकी सहित अन्य मामलों के मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं, सोनू के विरुद्ध वर्तमान वाहन चोरी का यह मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वाहन चोरी की अन्य घटनाओं का भी खुलासा होने की संभावना है।
चूरू के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में एक बंद मकान के ताले तोड़कर अज्ञात चोरों ने घर में घुसपैठ की। चोरों ने घर का सामान बिखेर दिया, लेकिन उनके हाथ कुछ भी कीमती सामान नहीं लगा। सूचना मिलने पर रतनगढ़ पुलिस ने मौके का मुआयना किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार यह घटना सालासर रोड स्थित मकड़ीनाथ स्कूल के पीछे वार्ड 19 में पप्पूराम सांसी के मकान में हुई। पप्पूराम का परिवार 23 जुलाई को गांव गया हुआ था। सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे जब परिवार घर लौटा, तो उन्होंने कमरों के ताले टूटे हुए पाए। चोरों ने घर में घुसकर बक्सों और अलमारियों के ताले तोड़ दिए थे। उन्होंने सामान इधर-उधर बिखेर दिया, जिससे ऐसा लगा कि वे चोरी की नीयत से आए थे। हालांकि, गहन तलाशी के बावजूद चोरों को कोई कीमती सामान या नकदी नहीं मिली। घटना की जानकारी मिलते ही रतनगढ़ पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और पीड़ित परिवार की रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत साकेत नगर थाना पुलिस ने वाहन चोरी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अस्पताल की पार्किंग से बाइक चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर कुल पांच चोरी की बाइकें बरामद की हैं। विशेष टीम ने आरोपी को दबोचा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उजैनिया और वृत्ताधिकारी राजेश कसाना के सुपरविजन में कार्रवाई की गई। पुलिस ने राहुल सिंह (22) पुत्र लूम सिंह रावत निवासी मालातो की बेर, थाना टॉडगढ़, जिला ब्यावर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने वाहन चोरी की वारदात स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर चोरी के वाहन बरामद किए गए। अस्पताल की पार्किंग से चोरी हुई थी बाइक पुलिस के अनुसार, 24 जुलाई 2026 को साकेत नगर थाना क्षेत्र निवासी सुरेश चंद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी ब्यावर मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, उदयपुर रोड पर भर्ती थी। वह अपनी बाइक अस्पताल की पार्किंग में खड़ी कर बेटी से मिलने गए थे। करीब 30 मिनट बाद लौटने पर बाइक वहां से गायब मिली। इस पर थाना साकेत नगर में प्रकरण संख्या 275/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मुखबिर की सूचना से खुला मामला जांच के दौरान गठित विशेष टीम ने संदिग्धों की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना पर राहुल सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने अस्पताल से बाइक चोरी करने की बात स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर इस मामले में चोरी हुई बाइक सहित कुल पांच चोरी की बाइकें बरामद की गईं। ये वाहन हुए बरामद बरामद वाहनों में होंडा शाइन 125, होंडा सीबी शाइन 125, होंडा सीडी 100 ड्रीम, होंडा एक्टिवा 5जी और हीरो होंडा स्प्लेंडर शामिल हैं। अन्य वारदातों की भी जांच जारी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह अन्य वाहन चोरी की घटनाओं में भी शामिल रहा है या नहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) ने कैंपस को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने 'डेली रिपोर्ट अटेंडेंस पोर्टल' लॉन्च किया है। अब परिसर में मैन्युअल या कागजी हाजिरी की जगह यह ऑनलाइन पोर्टल लेगा, जिससे रोजाना आयोजित होने वाली और रद्द की गई कक्षाओं का सटीक और लाइव रिकॉर्ड मिल सकेगा। इस नए सिस्टम को विश्वविद्यालय की अपनी 'CAM AI' टीम ने तैयार किया है। इस पहल का मुख्य मकसद रिपोर्टिंग में होने वाली गलतियों और गड़बड़ियों को खत्म करना है। इसके शुरू होने से अब विश्वविद्यालय प्रशासन को पढ़ाई और कक्षाओं के संचालन की पल-पल की जानकारी यानी रियल-टाइम अपडेट मिलती रहेगी। तीन चरणों में दर्ज होगी जानकारी, गलत डेटा पर रिजेक्ट होगी रिपोर्ट पोर्टल में डेटा एंट्री को पूरी तरह पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए तीन-स्तरीय व्यवस्था लागू की गई है। रोजाना विभागाध्यक्ष अपने विभाग की कक्षाओं का विवरण पोर्टल पर दर्ज करेंगे। गलतियों को रोकने के लिए पोर्टल खुद गणितीय जांच करेगा। अगर कुल निर्धारित कक्षाएं, ली गई और रद्द हुई कक्षाओं के योग से मेल नहीं खाएंगी, तो सिस्टम रिपोर्ट स्वीकार ही नहीं करेगा। एक बार विभागाध्यक्ष द्वारा आंकड़े सबमिट करने के बाद रिपोर्ट अपने आप लॉक हो जाएगी, ताकि बाद में उसमें कोई बदलाव न किया जा सके। इसके बाद स्कूल निदेशक अपनी अंतिम रिपोर्ट तभी सबमिट कर सकेंगे, जब उनके तहत आने वाले सभी विभागों की रिपोर्ट पूरी हो जाएगी। कक्षाएं रद्द हुईं तो फैकल्टी को देना होगा लिखित कारण नए पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर कोई क्लास रद्द दर्ज की जाती है, तो सिस्टम फैकल्टी मेंबर के नाम के साथ उसका स्पष्ट कारण पूछेगा। मेडिकल लीव या प्रशासनिक काम जैसे कारण दर्ज करने होंगे, ताकि प्रशासन को पता चल सके कि पढ़ाई क्यों प्रभावित हुई। लाइव डैशबोर्ड से रहेगी पूरी नजरइस पोर्टल के जरिए अब विश्वविद्यालय प्रशासन के पास एक लाइव डैशबोर्ड रहेगा। इस पर एक क्लिक करते ही पूरे कैंपस में कितनी कक्षाएं हुईं, कितनी रद्द हुईं और किस विभाग ने रिपोर्ट देने में देरी की, सब आसानी से देखा जा सकेगा। डेटा की सुरक्षा के लिए कर्मचारी सिर्फ अपने विभाग का ही रिकॉर्ड देख सकेंगे।
एमसीबी जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में सोमवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में स्कूटी सवार महिला की मौत हो गई। महिला अपनी बच्ची को स्कूल से लेने जा रही थी। इसी दौरान पहले एक कार ने पीछे से टक्कर मार दी और सड़क पर गिरने के बाद बिजली विभाग की एक पिकअप गाड़ी उसके ऊपर से गुजर गई। गंभीर रूप से घायल महिला की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतका की पहचान रीना रवि के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब वह स्कूटी से स्कूल की ओर जा रही थीं। पीछे से आई एक कार की टक्कर से वह सड़क पर गिर गईं। इसी दौरान पीछे से आ रही बिजली विभाग की पिकअप उन्हें कुचलते हुए निकल गई। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल रीना को सिविल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिकअप चालक फरार प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के बाद बिजली विभाग की पिकअप का चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही सिटी कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जांच शुरू, चालक की तलाश जारी पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे के सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। फरार पिकअप चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग हादसे की सूचना मिलते ही अस्पताल में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग पहुंच गए। परिजनों ने दोषी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और उचित मुआवजे की मांग की है।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) का स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (SPS) शोध और जांच के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। संस्थान ने परिसर में अपनी अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक उपकरण सुविधाएं (एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटीज) शुरू की हैं। अब यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के साथ-साथ आम लोग और बाहरी इच्छुक व्यक्ति भी बेहद सुगमता से यहां उन्नत तकनीकों के जरिए नमूनों की जांच करा सकेंगे। विश्वस्तरीय उपकरणों से होगी सटीक गुणवत्ता जांच संस्थान के निदेशक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय परिसर में कई एडवांस्ड मशीनें स्थापित की गई हैं। इन मशीनों के जरिए नमूनों (सैंपल्स) की गुणवत्ता और उनकी रासायनिक संरचना की बिल्कुल सटीक और भरोसेमंद जांच संभव होगी। जांच प्रक्रिया में एचपीटीएलसी (HPTLC), यूवी विजिबल स्पेक्ट्रोफोटोमीटर, ब्रुकफील्ड विस्कोमीटर, वेटरनरी हेमेटोलॉजी एनालाइजर और प्रोब सॉनिकेटर जैसे आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा। रिसर्च होगी आसान, समाज को मिलेगा तकनीकी लाभ इन नई सुविधाओं को शुरू करने का मुख्य मकसद रिसर्च वर्क को ज्यादा से ज्यादा सरल बनाना और आम जनता के लिए उच्चस्तरीय तकनीकी संसाधनों को सुलभ कराना है। अब स्थानीय शोधकर्ताओं को सटीक सैंपलिंग या टेस्टिंग के लिए दूसरे बड़े शहरों या महंगी निजी लैब के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एक ही छत के नीचे उन्हें विश्वस्तरीय लैब टेस्टिंग की सुविधा मिल जाएगी। केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा होगी फीस संस्थान ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू की है। जांच के लिए जो भी शुल्क निर्धारित किया गया है, उसका भुगतान केवल ऑनलाइन मोड से ही स्वीकार किया जाएगा। जांच सुविधाओं, उपलब्ध उपकरणों की पूरी लिस्ट और उनके तय शुल्क के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए लोग विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.csjmu.ac.in पर विजिट कर सकते हैं।
चित्तौड़गढ़ शहर से महज पांच मिनट में चोरी हुई करीब 20 लाख रुपए की क्रेटा कार का मामला पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। चोर कार लेकर राजस्थान की सीमा पार कर चुके थे, लेकिन पुलिस ने हार नहीं मानी। शहर से लेकर बांसवाड़ा, इंदौर, अहमदाबाद और महाराष्ट्र तक 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली गई। तकनीकी जांच और लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने न सिर्फ चोरी हुई कार बरामद कर ली, बल्कि अंतरराज्यीय कार चोरी गिरोह का भी पर्दाफाश कर दिया। मामले में चोरी के गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह चित्तौड़गढ़ सहित कई शहरों से छह क्रेटा कारें चुरा चुका है। 11 जुलाई की रात पांच मिनट में हुई थी चोरी पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि 11 जुलाई को सुभाष नगर निवासी रोकश माहेश्वरी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे उनके घर के बाहर खड़ी टॉप मॉडल क्रेटा कार चोरी हो गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया कि चोरों ने कार के सेंसर सिस्टम का इस्तेमाल कर डुप्लीकेट चाबी तैयार की और कुछ ही मिनटों में जीपीएस सिस्टम को भी निष्क्रिय कर दिया। पूरी वारदात करीब पांच मिनट में हुई। परिवार को सुबह कार गायब मिली तो आसपास तलाश की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 350 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग बनी सबसे बड़ा सुराग कार चोरी की इस वारदात को पुलिस ने गंभीरता से लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह जोधा और वृत्ताधिकारी बृजेश सिंह के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी रजनीश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। टीम में जिला स्पेशल टीम और साइबर सेल के पुलिसकर्मियों को भी शामिल किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने घटना स्थल से लेकर बांसवाड़ा, इंदौर, अहमदाबाद और महाराष्ट्र तक के रास्तों पर लगे 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई। एक-एक फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के साथ ह्यूमन इंटेलिजेंस का भी सहारा लिया गया। कई दिनों तक लगातार रिकॉर्डिंग देखने और संदिग्ध गतिविधियों का मिलान करने के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। कार चुराने वाले अलग, खरीदने वाले अलग... ऐसे काम करता था गिरोह जांच में पता चला कि इस गिरोह का काम पूरी प्लानिंग के साथ चलता था। मुख्य आरोपी मोसिन उर्फ सोनू अपने दो साथियों के साथ अलग-अलग शहरों में जाकर क्रेटा कार चोरी करता था। चोरी के तुरंत बाद वह अपने दूसरे साथियों सरफराज और दीपक को रास्ते में बुला लेता था। चोरी की गई कार इन्हें सौंप दी जाती थी और बदले में पैसे लेकर मोसिन और उसके साथी अगली वारदात करने दूसरे शहर निकल जाते थे। यानी चोरी करने और चोरी की गाड़ियां आगे बेचने का पूरा नेटवर्क अलग-अलग लोगों के जरिए चलाया जा रहा था। इसी तरीके से पुलिस ने चोरी की गाड़ियों की खरीद-फरोख्त करने वाले दोनों आरोपियों तक पहुंच बनाई। इंदौर से बरामद हुई चित्तौड़गढ़ की चोरी हुई कार लगातार तकनीकी निगरानी के बाद पुलिस ने अहमदाबाद निवासी सरफराज और दीपक को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने चित्तौड़गढ़ से चोरी हुई क्रेटा कार इंदौर से बरामद कर ली। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी चोरी की गाड़ियां खरीदकर आगे बेचने का काम करते थे। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और कई राज्यों में इसी तरह वारदात कर चुका है। दोनों आरोपियों से अभी भी पूछताछ जारी है और पुलिस को उम्मीद है कि इस नेटवर्क से जुड़ी कई और चोरी की गाड़ियों का भी खुलासा हो सकता है। पूछताछ में छह कार चोरी करने का खुलासा एसपी धर्मेंद्र यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी मोसिन उर्फ सोनू और उसके साथियों ने चित्तौड़गढ़ के अलावा कोटा, टोंक, उज्जैन और देवास से भी क्रेटा कारें चोरी की थीं। अब तक छह क्रेटा कार चोरी करने की बात सामने आई है। इनमें से तीन गाड़ियां सरफराज और दीपक को रास्ते में ही सौंप दी गई थीं। पुलिस अब मोसिन और उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। गिरोह का नेटवर्क और भी बड़ा हो सकता है तथा आने वाले दिनों में अन्य राज्यों की पुलिस से भी इस मामले में जानकारी साझा की जाएगी। साइबर तकनीक और टीमवर्क से मिली सफलता इस पूरे मामले में साइबर तकनीक की अहम भूमिका रही। पुलिस ने सिर्फ सीसीटीवी फुटेज पर ही भरोसा नहीं किया, बल्कि तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल इनपुट और मुखबिर तंत्र का भी इस्तेमाल किया। कई जिलों और राज्यों तक जाकर सुराग जुटाए गए। आखिरकार इसी संयुक्त कार्रवाई के दम पर पुलिस चोरी की कार बरामद करने और अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करने में सफल रही। इस कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी रजनीश कुमार, एएसआई नवरंग, साइबर सेल के राजकुमार, कांस्टेबल कन्हैयालाल, संजय तथा जिला स्पेशल टीम के कांस्टेबल रामावतार, सुनील कुमार, दुर्गेश, हेमराज, प्रहलाद, पदम कुमार, जोगेन्द्र और साइबर सेल के कांस्टेबल मनीष कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत श्रीगंगानगर में गौभक्तों ने पैदल आक्रोश रैली निकाली। रैली सुखाड़िया सर्किल स्थित गौशाला से रवाना होकर कलेक्ट्रेट पहुंची। जहां गो भक्तों ने नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में गौमाता की सुरक्षा, संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रभावी कदम उठाने, गौमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने तथा गौ आधारित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की नीतियां लागू करने की मांग की गई। गौभक्तों ने बताया कि अभियान के तहत पहले व्यापक स्तर पर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया था, जिसमें लगभग सवा चार लाख लोगों ने गौ संरक्षण और गौ सम्मान के समर्थन में अपने हस्ताक्षर दर्ज कराए। उनका कहना था कि यह अभियान केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ा है। गोवंश की सुरक्षा के लिए कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाए, निराश्रित गोवंश के संरक्षण की ठोस व्यवस्था हो और गो आधारित योजनाओं को बढ़ावा देकर किसानों व गौशालाओं को सहयोग दिया जाए। इस मौके पर बड़ी संख्या में गौभक्त, गौसेवा से जुड़े कार्यकर्ता और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग मौजूद रहे।
गौ सम्मान अभियान के तहत सौंपे 2 लाख हस्ताक्षर:गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की उठाई मांग
प्रतापगढ़ में गौ सम्मान आव्हान अभियान के तहत सोमवार को बड़ी संख्या में गौभक्त, संत-महात्मा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। अभियान के तहत गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने, देशी गोवंश के संरक्षण के लिए प्रभावी नीति बनाने और गौशालाओं के सुदृढ़ीकरण सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राजस्थान सरकार के राजस्व मंत्री हेमंत मीणा के नाम भी प्रार्थना पत्र सौंपे। अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने बताया कि जिलेभर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के तहत करीब दो लाख लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए। इन प्रार्थना पत्रों के माध्यम से देशी गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए दीर्घकालिक नीति बनाने की मांग की गई। ज्ञापन में गौमाता को राजस्थान में राज्यमाता का सम्मान देने और केंद्र सरकार से उन्हें राष्ट्रमाता घोषित करने की अनुशंसा भेजने का आग्रह भी किया गया। गौशालाओं के लिए बजट और कानून लागू करने की मांग ज्ञापन में गौशालाओं के संरक्षण एवं आधुनिकीकरण, गौ आधारित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए विशेष बजट प्रावधान तथा गौवंश सुरक्षा से जुड़े कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। ज्ञापन सौंपने से पहले शहर में गौ सम्मान को लेकर जनसमर्थन कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मंदिर में गौ पूजन किया गया। इसके बाद वाहन रैली निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए हाउसिंग बोर्ड स्थित सामुदायिक भवन पहुंची। रैली के दौरान गौमाता के सम्मान में नारे लगाए गए। संतों ने बताए गौ संरक्षण के महत्व सामुदायिक भवन में आयोजित सभा को रामस्नेही संप्रदाय के संत शंभूराम जी महाराज, धरियावद के महंत द्वारकाधीश जी महाराज और श्री हरि जी शुक्ल ने संबोधित किया। संत शंभूराम जी महाराज ने गौमाता को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण आधार बताया। वहीं श्री हरि जी शुक्ल ने गौ आधारित अर्थव्यवस्था को ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए गौ उत्पादों और प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने पर जोर दिया। महंत द्वारकाधीश जी महाराज ने गौ संरक्षण को सामाजिक समरसता और पर्यावरण संतुलन से जुड़ा विषय बताया। सभा के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया।
सहारनपुर के एसबीडी जिला अस्पताल में दो महीने से मानदेय न मिलने के विरोध में संविदा सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते सोमवार को सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। करीब 45 सफाईकर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर धरना शुरू कर दिया, जिससे वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी और अस्पताल परिसर में गंदगी फैल गई। अस्पताल प्रशासन ने भुगतान में तकनीकी समस्या आने की बात कही है। वार्डों और ओपीडी में बढ़ी गंदगी हड़ताल के कारण अस्पताल के विभिन्न वार्डों, ओपीडी, इमरजेंसी और परिसर में कूड़े के ढेर लग गए हैं। मेडिकल वेस्ट का समय पर निस्तारण नहीं हो पा रहा है और नालियों की सफाई भी बाधित है। इससे मरीजों और तीमारदारों में संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ गई है। 'मई-जून का वेतन नहीं मिला' धरने पर बैठे सफाईकर्मियों का कहना है कि उन्हें मई और जून माह का मानदेय अब तक नहीं मिला है। कर्मचारियों के अनुसार, लगातार भुगतान न होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन ही मिला, जबकि वेतन वृद्धि की मांग भी लंबे समय से लंबित है। आप ने दिया समर्थन, प्रशासन ने दिया आश्वासन आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष शहजाद मलिक ने धरनास्थल पहुंचकर सफाईकर्मियों का समर्थन किया और कहा कि कम वेतन में परिवार चलाना पहले ही मुश्किल है, ऐसे में समय पर भुगतान न होना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज किया जाएगा। वहीं प्रमुख अधीक्षक डॉ. रवि प्रकाश ने बताया कि लखनऊ स्थित ऑनलाइन पोर्टल में तकनीकी समस्या के कारण भुगतान प्रभावित हुआ है। पोर्टल ठीक होते ही सभी सफाईकर्मियों का मानदेय जारी कर दिया जाएगा।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सोमवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान दीक्षांत समारोह में मेधावी छात्र-छात्राओं को 83 स्वर्ण पदक और 339 उपाधियां प्रदान की। समारोह में उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी, एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम, कुलपति व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देना होना चाहिए। डिग्री तभी सार्थक होगी, जब उससे अर्जित ज्ञान का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, प्रशासन, न्यायपालिका और शोध सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। विकसित भारत के निर्माण में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और महिला सशक्तीकरण जैसे विषयों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उनका कहना था कि यदि युवा ईमानदारी, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ आगे बढ़ेंगे तो वर्ष 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकेगा। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी उच्च शिक्षा राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि किसी भी विद्यार्थी की सफलता के पीछे उसके माता-पिता, गुरुजनों और विश्वविद्यालय का महत्वपूर्ण योगदान होता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कार भी उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बेटियों का गोल्ड मेडल हासिल करना गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में युवाओं, विशेष रूप से बेटियों की भूमिका सबसे अहम होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग प्रदेश और देश के विकास के लिए करने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। 'ईमानदारी और अनुशासन सफलता की कुंजी' एनसीसी के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर गौरव गौतम ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन की नई शुरुआत है। अब छात्र-छात्राएं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और ज्ञान का उपयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना, ईमानदारी, सदाचार और अनुशासन का पालन करना आवश्यक है। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर जोर देते हुए युवाओं से तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और सोशल मीडिया के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने की अपील की। 'नशे की आदत विकसित भारत के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा' राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रावासों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विभिन्न विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोहों में जाने के दौरान उन्होंने कई छात्रावासों के पीछे शराब की बोतलों के ढेर देखे हैं और कई जगह छात्रों में नशे की प्रवृत्ति बढ़ती नजर आई है। उन्होंने कहा कि यदि युवा नशे की लत नहीं छोड़ेंगे तो स्वस्थ और विकसित समाज का निर्माण संभव नहीं होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया। राज्यपाल ने व्यक्तिगत उदाहरण देते हुए कहा, “मेरे परिवार में पिछले चार दशक से चाय नहीं बनती। हमारे यहां कोई भी मेहमान आता है तो उसे नींबू पानी पिलाया जाता है।” मेस के भोजन की गुणवत्ता पर जताई नाराजगी राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्रावासों की मेस व्यवस्था पर भी असंतोष जताया। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों द्वारा गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है और कई बार एक्सपायरी सामग्री तक इस्तेमाल होने की आशंका रहती है, जिसका सीधा असर छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ता है। उन्होंने कुलपति को निर्देश देते हुए कहा कि छात्रावास की मेस में बनने वाले भोजन की नियमित गुणवत्ता जांच कराई जाए। खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी एक्सपायरी डेट और गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जाए तथा विश्वसनीय विक्रेताओं से ही सामग्री खरीदी जाए। विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर भी उठाए सवाल दीक्षांत समारोह के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर की कई कमियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि छात्रावासों में वॉशिंग मशीनों की संख्या पर्याप्त नहीं है, कपड़े सुखाने की उचित व्यवस्था नहीं है और सीवी रमन छात्रावास में पर्याप्त रोशनी का अभाव है। उन्होंने छात्रावासों की साफ-सफाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परिसर में कई विकास कार्य बजट के अभाव में रुके हुए हैं। कारगिल विजय दिवस पर विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित न होने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई और कुलपति से इसका कारण पूछा। 'डिजिलॉकर से भ्रष्टाचार पर लगी रोक' राज्यपाल ने कहा कि पहले मार्कशीट या प्रमाणपत्रों में त्रुटियां ठीक कराने के लिए विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे और कई जगह भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती थीं। उन्होंने कहा कि डिजिलॉकर व्यवस्था लागू होने के बाद इस समस्या पर काफी हद तक रोक लगी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि जब वह गुजरात में शिक्षा मंत्री थीं, तब करीब 25 हजार फर्जी डिग्रियां निरस्त कराई गई थीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल व्यवस्था से फर्जी डिग्रियों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हुआ है। -------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… नोएडा में बच्चे की गड्ढे में डूबकर मौत, पिता वाइस-प्रिंसिपल ग्रेटर नोएडा में 6 साल के बच्चे आव्यान की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। शनिवार शाम वह घर के बाहर क्रिकेट खेल रहा था। पढ़िए पूरी खबर…
महम-रोहतक रोड पर सड़क किनारे लगने वाली रेहड़ियों और अस्थायी दुकानों के कारण प्रतिदिन जाम की समस्या बनी रहती है। इससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। नगर पालिका द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन ये कार्रवाई केवल एक या दो दिन तक ही प्रभावी रहती है। अभियान समाप्त होते ही रेहड़ियां और दुकानें फिर से सड़क किनारे लग जाती हैं, जिससे स्थिति जस की तस हो जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर पालिका और प्रशासन को नियमित निगरानी करनी चाहिए। उनका सुझाव है कि बार-बार अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। जाम में फंसने के कारण वाहन चालकों के बीच आगे निकलने की होड़ लग जाती है, जिससे आए दिन कहासुनी और झगड़े की घटनाएं सामने आती हैं। कई बार मामूली विवाद भी बड़ा रूप ले लेते हैं। सामान जब्त कर होगी कानूनी कार्रवाई नगर पालिका के एक अधिकारी ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाकर अवैध रूप से रखे सामान को जब्त किया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में अतिक्रमण करने पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी ने यह भी कहा कि यदि अब भी अतिक्रमण जारी है, तो दोबारा अभियान चलाकर सामान जब्त किया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लखीमपुर खीरी में सोमवार शाम मगरमच्छ नहर से बाहर आकर एक कुत्ते को निवाला बना लिया। बीच सड़क पर कुत्ते की गर्दन को दबोच लिया। वहां से गुज रहे लोग मगरमच्छ को देखकर डर गए। कुछ देर तक कुत्ते को दबोचे रखा। मौजूद लोगों ने मगरमच्छ के शिकार का वीडियों बना लिया। कुछ देर बाद कुत्ते को लेकर नहर में चला गया। यह घटना भीरा वनरेंज क्षेत्र में सुंदर नगर गांव के पास हुई। इस घटना से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। वन विभाग से मगरमच्छ को पकड़ने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, सुंदर नगर जाने वाले मार्ग के किनारे नहर के पास मगरमच्छ कुत्ते को खा रहा था। इसी दौरान, मार्ग से वाहन गुजरने की आहट सुनकर मगरमच्छ कुत्ते को मुंह में दबाए हुए नहर में चला गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से इस स्थान के आसपास मगरमच्छ लगातार दिखाई दे रहा है। नहर किनारे खेतों पर जाने वाले किसान और बच्चे भी इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे किसी हादसे का खतरा बढ़ गया है। मगरमच्छ की मौजूदगी की खबर के बाद से आसपास के गांवों में डर का माहौल है। ग्रामीण खेतों और नहर के पास जाने से कतरा रहे हैं। उन्होंने वन विभाग से तत्काल मगरमच्छ को पकड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। फिलहाल, वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है। विभागीय टीम के जल्द ही मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 10 हजार के चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। दरअसल, ग्राम सलका निवासी कृष्ण कुमार साहू ने 18 जुलाई को प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 17-18 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उनकी मोनू मोबाइल दुकान की पिछली दीवार तोड़कर प्रवेश किया। चोर 16 मोबाइल, दो सीसीटीवी कैमरे, एक एलईडी टीवी और 2 हजार नकद चुरा ले गए थे। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज चोरी हुए सामान की कुल कीमत 2.86 लाख से अधिक आंकी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। कबीर चबूतरा के पास फोन छोड़कर भागे चोर जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुलिस की सक्रियता से घबराकर चोरी किए गए 9 मोबाइल फोन कबीर चबूतरा के पास छोड़कर भाग गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। पूछताछ में मुनेश्वर सिंह उईके (21), दिलीप कुमार उर्फ मंगलू (20) और एक नाबालिग ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। टीवी, सीसीटीवी और बाकी मोबाइल नदी में फेंके आरोपियों की निशानदेही पर मुल्ले प्रताप सिंह (19) को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपियों ने यह भी बताया कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने चोरी के चार मोबाइल, सीसीटीवी कैमरे और एलईडी टीवी को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
बीजेपी बदायूं में समरसता संकल्प अभियान चलाएगी:गुरु पूर्णिमा से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा यह अभियान
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बदायूं में 29 जुलाई से 'समरसता संकल्प अभियान' शुरू करेगी। यह अभियान संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। अभियान का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा (महर्षि वेदव्यास जयंती) के अवसर पर होगा और यह अगले वर्ष 20 फरवरी तक विभिन्न चरणों में संचालित किया जाएगा। भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने जिला कार्यशाला में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को इसकी जानकारी दी। अभियान के पहले चरण को 'समरसता दीप अभियान' नाम दिया गया है। इसके तहत जिले के सभी गुरु रविदास मंदिरों में सामूहिक दीपोत्सव, दीप प्रज्वलन, आरती, भजन-कीर्तन और सामाजिक समरसता का संकल्प कराया जाएगा। जिन स्थानों पर गुरु रविदास मंदिर नहीं हैं, वहां प्रत्येक मंडल के प्रमुख मंदिरों में गुरु रविदास के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित जन्मस्थली से आने वाले पावन मिट्टी युक्त कलशों का जिले में संत-महात्माओं, मंदिर समितियों, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्धजनों की उपस्थिति में स्वागत, पूजन एवं वंदन किया जाएगा। अभियान के आगामी चरणों में संत संपर्क, मंदिर संपर्क, सामाजिक समरसता कार्यक्रम और सामाजिक नेतृत्व से संवाद जैसे आयोजन शामिल होंगे। गुरुजनों का सम्मान कर आशीर्वाद लिया इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य संत रविदास के समता, सेवा, मानवता और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। साथ ही, युवाओं, महिलाओं और सामाजिक संगठनों की सहभागिता को भी बढ़ाया जाएगा। जिलाध्यक्ष ने बताया कि गुरु पूर्णिमा भारतीय संस्कृति में ज्ञान, श्रद्धा और कृतज्ञता का पर्व है। महर्षि वेदव्यास ने भारतीय ज्ञान परंपरा को व्यवस्थित स्वरूप दिया, इसलिए यह पर्व उनकी जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। इस अवसर पर जिले के सभी मंडलों में साधु-संतों, पुजारियों, शिक्षकों और गुरुजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लिया जाएगा। बैठक में जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म (डीएलपी) का प्रशिक्षण पूर्ण कर प्रमाणपत्र प्राप्त करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री एवं अभियान संयोजक जोगेंद्र सिंह पटेल ने किया। इस दौरान पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, डीके भारद्वाज, एमपी सिंह राजपूत, शैलेन्द्र मोहन शर्मा, दिनेश कुमार सिंह, के.सी. शाक्य, अमित पाठक, कुंवर शिवम प्रताप सिंह समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद प्रदेश में स्थानीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है। कांग्रेस और बीजेपी ने इसके लिए रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने इस बार शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में आधे टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देने का फैसला किया है। इस बार पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष, सभाापति और मेयर के आधे उम्मीदवार 50 साल से कम उम्र के बनाए जाएंगे। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कांग्रेस मुख्यालय में शहरी निकायों के चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में बुलाई गई बैठक के दौरान कहा- हमने घोषणा कर रखी है कि शहरी निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के चुनावों में 50 प्रतिशत टिकट 50 साल से कम उम्र वालों को देंगे। जिनकी उम्र ज्यादा है वे अपनी जगह जवान उम्मीदवारों को तैयार करें। 70-80 साल वालों ने टिकट मांगा तो दिक्कत आएगी। हालांकि आधे टिकट तो 50 साल से ज्यादा वालों के लिए रहेंगे ही, लेकिन मैं पार्टी की थीम की बात कर रहा हूं। एक वार्ड से दूसरे वार्ड में कूदते रहेंगे तो वहां के लोग कहां जाएंगे? डोटासरा ने कहा- केवल मैं ही सोच लूं वही सच नहीं है। मान लीजिए मैं टिकट मांग रहा हूं लेकिन हो सकता है वहां के समीकरण अलग हो। एक बार इस वार्ड से लड़ लिए दूसरी बार कोई और वार्ड देख लिया। इस तरह एक वार्ड से दूसरे वार्ड में कूदने वाली बात अब नहीं चलेगी। पहले किसी और वार्ड से पार्षद बन गए, फिर दूसरे-तीसरे में चले गए तो फिर जो उस वार्ड के रहने वाले हैं, वे कहां जाएंगे। इस बार वार्ड के बाहर वाले को टिकट नहीं देंगे। जीतने के बाद छोड़कर नहीं जाएं, इसका ध्यान रखें डोटासरा ने कहा कि जो जीतने में सक्षम होता है, वह जोड़-तोड़ करके अपना बोर्ड बना लेता है और चैयरपर्सन बन जाता है। कई कांग्रेस के टिकट पर जीते हुए भी चले जाते हैं। हमें इस बात का खास ध्यान रखना है कि इस गंदगी में नहीं पड़ना है। पार्टी हाईकमान जिसे टिकट दे, निकाय प्रमुख बनाए, उसके साथ खड़े रहना है। कांग्रेस ने उदयपुर डिक्लेरेशन में की थी 50 फीसदी टिकट युवाओं को देने की घोषणा कांग्रेस ने उदयपुर में मई 2022 में हुई चिंतन बैठक के बाद जारी किए गए उदयपुर डिक्लेरेशन में 50 फीसदी टिकट 50 से कम उम्र वालों को देने की घोषणा की थी। इसके बाद शहरी निकाय और पंचायतीराज चुनावों में पहली बार इसका पालन होने जा रहा है। पहले इनके चुनाव एक साथ नहीं हुए थे। कांग्रेस ने फेजमैनर में इस फार्मूले को लागू करने की घोषणा की थी। इस बार निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में युवाओं को मिलेगा ज्यादा मौका कांग्रेस में इस बार निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं में युवाओं को ज्यादा टिकट मिलेंगे। पहली बार 50 साल से कम उम्र वालों के टिकट रिजर्व करने से स्थानीय राजनीति में युवाओं को ज्यादा मौका मिलेगा। इससे स्थानीय सियासी समीकरण भी बदलेंगे। --- ये खबर भी पढ़िए- राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनावों का पूरा शेड्यूल:5 नवंबर तक अलग-अलग पदों के लिए मतदान होगा, जानिए- कब आएगा रिजल्ट राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव की घोषणा करने से पहले उसे हाईकोर्ट को चुनाव की तारीख बतानी पड़ी है। राजस्थान में पंचायत चुनावों की घोषणा 23 सितंबर को होगी। (पढ़िए पूरी खबर)
सहारनपुर में बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के सुंदरपुर निवासी अनुसूचित जाति के युवक की शिकायत पर एससी-एसटी कोर्ट के आदेश पर देहरादून निवासी दो सगे भाइयों के खिलाफ धोखाधड़ी, जातिसूचक टिप्पणी कर अपमानित करने और धमकी देने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि आरोपियों ने पहले खराब पिकअप बेच दी, बाद में वाहन वापस लेकर पूरी रकम नहीं लौटाई और पैसे मांगने पर जातिसूचक गालियां देकर अपने पालतू कुत्ते छोड़ दिए। थाना बिहारीगढ़ के सुंदरपुर निवासी मोना पुत्र नकलीराम ने एससी-एसटी कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वो अनुसूचित जाति के वाल्मीकि समाज से हैं। उन्होंने नवंबर 2025 में देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र के बड़ा रामपुर निवासी कुरबान और इमरान से वर्ष 2014 मॉडल की महिंद्रा पिकअप (यूके-07 सीजी-5178) खरीदी थी। वाहन खरीदने के बाद उसमें कई तकनीकी खराबियां सामने आईं, जिन्हें ठीक कराने में करीब 30 हजार रुपये खर्च हुए, लेकिन इसके बावजूद वाहन सही नहीं चला। शिकायत के अनुसार, जब उन्होंने वाहन की खराबी की जानकारी आरोपियों को दी तो दोनों ने पिकअप वापस लेकर पूरी रकम लौटाने का आश्वासन दिया। इसके बाद वाहन वापस ले लिया गया और करीब दो माह के भीतर एक लाख रुपये वापस कर दिए गए। शेष एक लाख रुपए के लिए आरोपी इमरान ने एक्सिस बैंक, शंकरपुर (देहरादून) का एक चेक दिया, जिस पर 30 फरवरी 2026 की तारीख अंकित थी। घर पहुंचने पर उनके पुत्र ने बताया कि फरवरी माह में 30 तारीख होती ही नहीं। इस पर शिकायतकर्ता ने आरोपियों से संपर्क किया तो उन्होंने चेक वापस लाने और नकद भुगतान करने की बात कही। मोना का आरोप है कि 25 मार्च 2026 को वह अपनी पत्नी मैना के साथ सहसपुर में आरोपियों के घर पहुंचे। वहां आरोपियों ने चेक वापस मांगते हुए कहा कि पैसे बाद में देंगे। जब उन्होंने बिना भुगतान के चेक लौटाने से इनकार किया तो दोनों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए सार्वजनिक रूप से अपमानित किया। आरोप है कि दोनों ने अपने पालतू कुत्ते भी उन पर छोड़ दिए। शोर-शराबा होने पर आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद किसी तरह दोनों वहां से जान बचाकर निकल सके। शिकायतकर्ता का कहना है कि घटना की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने एससी-एसटी कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया। कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए बिहारीगढ़ थाना पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने का आदेश दिया। आदेश के अनुपालन में पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया और ऑनलाइन ठगी में सक्रिय 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 13 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई जयपुर रेंज में साइबर ठगी के अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। दो टीमों ने दी जगह-जगह दबिश एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया- किशनगढ़बास थाना प्रभारी नेहा मीणा (आरपीएस प्रोबेशनर) और खैरथल थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में टीमों ने 26 जुलाई को विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। 13 मोबाइल फोन किए जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त सलीम, सोहिल, अलीजान, शाहरुख उर्फ शारूप, सपात, सोहिल, रोबिन, नसीम उर्फ संटू और अजरूदीन को गिरफ्तार किया। इनके पास से ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 13 मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए गए। मामला दर्ज कर शुरू की जांच पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत खैरथल और किशनगढ़बास थानों में मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (ADA) ने सोमवार को अवैध कॉलोनियों और बिना स्वीकृत भू-विन्यास के विकसित की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। महुआखेड़ा थाना क्षेत्र में तीन स्थानों पर जेसीबी चलाकर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त कर दी गई। कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। तीन स्थानों पर चला ध्वस्तीकरण अभियान ADA उपाध्यक्ष कुलदीप मीना के निर्देश पर जोन-3 की टीम ने उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) के तहत पारित आदेशों का पालन कराते हुए कार्रवाई की। महुआखेड़ा थाना क्षेत्र के निजामतपुर (जीटी रोड), ग्राम धनीपुर असदपुर क्याम से टक्कर वाली पुलिया रोड स्थित गाटा संख्या-37 तथा ग्राम याकूतपुर बोरना के खसरा संख्या-139 (मि.) और 439 (पार्ट) पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को जेसीबी से ध्वस्त किया गया। बिना स्वीकृति काटे जा रहे थे प्लॉट प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार संबंधित कॉलोनाइजर और भू-स्वामियों द्वारा बिना मानचित्र स्वीकृति के अवैध रूप से प्लॉट काटे जा रहे थे। सभी मामलों में नियमानुसार सुनवाई पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए थे, जिनका सोमवार को पालन कराया गया। प्लॉट खरीदने से पहले करें जांच ADA ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्राधिकरण ने विकासकर्ताओं को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण न करने की चेतावनी दी है। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि जमीन या प्लॉट खरीदने से पहले उसकी वैधता और मानचित्र स्वीकृति की जानकारी प्राधिकरण से अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में कानूनी विवाद और धोखाधड़ी से बचा जा सके।
भिवानी में चोरी के 2 आरोपी गिरफ्तार:गांव में ही वारदात को दिया अंजाम, एक ट्रक ड्राइवर तो दूसरा मजदूर
भिवानी थाना तोशाम पुलिस ने घर में चोरी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम द्वारा आरोपियों से घर से चोरी किया गया एक टेबल फैन व एक टीवी बरामद किया। शिकायतकर्ता गांव खानक अजीत ने थाना तोशाम में शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह अपने परिवार के साथ इलाज के लिए झज्जर स्थित अस्पताल में भर्ती थे। 13 अगस्त 2025 को पड़ोसियों द्वारा सूचना दी गई कि उनके मकान का गेट खुला हुआ है। घर पहुंचकर देखा तो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा मकान का ताला तोड़कर घर से सामान चोरी कर लिया गया था। शिकायत पर थाना तोशाम में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। गांव में ही चोरी की वारदात को दिया अंजामथाना तोशाम के सहायक उप निरीक्षक प्रह्लाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गांव खानक निवासी शिवा पुत्र महिपाल, गोविंद पुत्र भजन लाल के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपियों से चोरी किया गया एक टेबल फैन व एक टीवी बरामद किया है। पूछताछ के दौरान सामने आया कि आरोपी शिवा मजदूरी का कार्य करता है, जबकि आरोपी गोविंद ट्रक ड्राइवर का कार्य करता है। पुलिस टीम ने इस केस में 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर उनसे भी चोरी का सामान बरामद किया जा चुका है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
मऊगंज जिले के देवतालाब क्षेत्र के सरबरा गांव में सड़क की बदहाली का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में परिजन एक गर्भवती महिला को सहारा देकर पैदल मुख्य सड़क तक ले जाते दिख रहे हैं। गांव तक सड़क खराब होने के कारण एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। ग्रामीणों के अनुसार, महिला को लगभग 1.2 किलोमीटर तक पैदल चलकर मुख्य सड़क तक जाना पड़ा। वहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। यह घटना गांव में खराब सड़क व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में गांव की स्थिति और भी खराब हो जाती है। सड़क पर गहरे गड्ढे हैं, जिनमें पानी भर जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। वाहन गांव तक नहीं पहुंच पाते, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों को सबसे अधिक परेशानी होती है। बरसात में हालात बदतर सरबरा गांव निवासी पंचवटी तिवारी ने बताया कि बरसात में सड़क पर पानी भर जाने से बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है और वे साइकिल भी नहीं चला पाते। वाहनों के गांव तक न पहुंचने के कारण गर्भवती महिलाओं को भी पैदल ही ले जाना पड़ता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से जल्द सड़क सुधारने की मांग की है। ग्रामीणों ने दावा किया है कि सड़क निर्माण और मरम्मत को लेकर कई बार मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है। वायरल वीडियो के बाद अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर सड़क की स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम उठाएगा।
डीग पुलिस ने अवैध हथियारों की सप्लाई के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कैथवाड़ा थाना पुलिस ने की है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिलाल (25) पुत्र रफीक, निवासी कठोल, थाना पहाड़ी, जिला डीग के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, बिलाल आर्म्स एक्ट के प्रकरण संख्या 133/2026 में वांछित था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले से गिरफ्तार आरोपी लखविंदर, निवासी रांफ, को अवैध हथियारों की सप्लाई करता था। मुखबिर की सूचना पर कैथवाड़ा बस स्टैंड से आरोपी को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ के बाद, अनुसंधान में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25(6) के तहत अपराध प्रमाणित पाया गया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी से अवैध हथियारों के नेटवर्क और इस सप्लाई में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। इस गिरफ्तारी अभियान में थाना प्रभारी ताराचंद शर्मा और उपनिरीक्षक विजयपाल सिंह सहित कैथवाड़ा थाना पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
अयोध्या के मिल्कीपुर सर्किल अंतर्गत खंडासा थाना क्षेत्र में विवाहिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शादी में बाइक समेत नकदी देने का दावा पीड़िता पूनम ने पुलिस को बताया कि 7 मार्च 2025 को उसकी शादी अमरगंज निवासी सूरज कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उसके अनुसार, विवाह में पिता ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार फ्रिज, वॉशिंग मशीन, आलमारी, डबल बेड, सोफा सेट, सोने के आभूषण, ₹1.11 लाख नकद समेत अन्य घरेलू सामान दिया था। शिकायत में आरोप है कि विदाई के समय ससुराल पक्ष ने अपाचे मोटरसाइकिल की मांग की, जिसके बाद पिता ने मजबूरी में बाइक उपलब्ध कराई। ₹5 लाख न लाने पर मारपीट का आरोप पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद भी पति सूरज कुमार, सास विद्या देवी, ससुर मंतराम और ननद चांदनी व शिवानी अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर प्रताड़ित करते रहे। तहरीर के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और मायके से ₹5 लाख लाने का दबाव बनाया। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया और दोबारा लौटने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने शुरू की जांच खंडासा के प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि विवाहिता की शिकायत पर पति सहित पांच लोगों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल का उदयपुर आरएनटी मेडिकल कॉलेज की एक सात सदस्यीय विशेष टीम ने औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के तहत स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से किया गया। टीम ने अस्पताल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। जिला अस्पताल के अधीक्षक डॉ. महेंद्र डामोर ने बताया कि निदेशक, चिकित्सा शिक्षा ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के पालन की जांच के लिए इस टीम का गठन किया था। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल की प्रमुख इकाइयों, जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य वार्ड, आईसीयू और एनआईसीयू का गहनता से जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में मानक संचालन प्रक्रिया और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के सुचारू पालन की स्थिति का मूल्यांकन किया। डॉ. डामोर के अनुसार निरीक्षण के बाद टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर स्वास्थ्य निदेशालय को सौंपेगी। यदि किसी व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पाई जाती है, तो रिपोर्ट के सुझावों के आधार पर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। राज्य सरकार और अस्पताल प्रबंधन का मुख्य उद्देश्य अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करना है। इसका लक्ष्य मातृ-शिशु सहित सभी मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
बस ने बाइक को मारी टक्कर, किशोर की मौत:चचेरा भाई गंभीर रूप से घायल, लखनऊ रेफर
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज हाइवे बाईपास पर सोमवार को लगभग 3:30 बजे एक भीषण सड़क हादसा हुआ। कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के नकराही गांव के पास एक स्कूल बस ने बाइक सवार दो चचेरे भाइयों को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में एक किशोर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान गोसाईगंज थाना क्षेत्र के भोंएं गांव निवासी 12 वर्षीय दिवस पुत्र लालजी के रूप में हुई है। हादसे में घायल 22 वर्षीय अर्जुन पुत्र रतिपाल को राजकीय मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर से गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। भोंएं ग्राम प्रधान योगेश कुमार ने बताया कि मृतक और घायल आपस में चचेरे भाई हैं। वे दोनों बर्फ खरीदकर घर लौट रहे थे, तभी स्कूल बस ने उन्हें रौंद दिया। ग्राम प्रधान ने मृतक के परिवार को प्रशासन से मदद दिलाने की मांग की है। मृतक के पिता मछली पकड़ने का काम करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही देहात कोतवाल धर्मवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि मृतक किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस इस पूरी घटना के सामने आए सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर आवारा पशु घूमते दिखे, जिनसे बचने के प्रयास में बाइक सवार बस से टकरा गए। इस मामले में सुल्तानपुर के जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह ने बताया कि घटना की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रेटर नोएडा के कलाधाम सोसाइटी में छह साल के बच्चे की गड्ढे में डूबने से हुई मौत के बाद नोएडा प्राधिकरण भी अलर्ट मोड में आ गया है। प्राधिकरण ने अपने सभी वर्क सर्किलों को 24 घंटे के भीतर शहर में चल रहे विकास कार्यों और खुदाई वाले स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्राधिकरण ने साफ कहा है कि शहर में जहां-जहां सड़क, सीवर, ड्रेनेज, पाइपलाइन या अन्य विकास कार्यों के लिए खुदाई की गई है, वहां सुरक्षा मानकों का हर हाल में पालन होना चाहिए। खुले गड्ढे, बैरिकेडिंग की कमी या चेतावनी बोर्ड न होने जैसी लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विस्तृत रिपोर्ट देने के निर्देशओएसडी के निर्देश पर सभी वर्क सर्किल अधिकारियों को अपनी-अपनी साइटों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। यह रिपोर्ट सबसे पहले ओएसडी इंदु प्रकाश को सौंपी जाएगी। इसके बाद संकलित रिपोर्ट सीईओ के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। पर्याप्त सुरक्षा के करे इंतजामप्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी साइट पर खुले गड्ढे, अपर्याप्त बैरिकेडिंग या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित क्षेत्र के सीनियर मैनेजर के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में खुदाई वाले स्थानों पर पानी भरने से हादसों की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में सभी निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को जालोर जिला मुख्यालय पर व्यापारियों, गौभक्तों, सामाजिक-धार्मिक संगठनों और सनातन धर्मप्रेमियों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान दो रथों में गोमाता के बछड़ों को लेकर बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मांग को लेकर 5 लाख 38 हजार 315 हस्ताक्षरयुक्त प्रार्थना पत्र प्रशासन को सौंपे। इन प्रार्थना पत्रों को केंद्र एवं राज्य सरकार को भेजा जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत मलकेश्वर मठ में आयोजित सभा से हुई। यहां संत-महात्माओं और वक्ताओं ने गोमाता के सम्मान, संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव के महत्व पर विचार व्यक्त किए। इसके बाद लोग रैली के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में करीब एक घंटे तक प्रदर्शन किया गया। बाद में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर गोमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने की मांग की गई। संत-महात्माओं का रहा सानिध्य कार्यक्रम पीर शांतिनाथ महाराज के आशीर्वाद और 1008 गंगानाथ महाराज सहित संत-महात्माओं और संन्यासियों के सानिध्य में आयोजित हुआ। अभियान में पूज्य ईश्वर नाथ महाराज (जालंधर नाथ मठ), पूज्य श्रवण भारती (मलकेश्वर मठ), पूज्य हनुमान गिरी महाराज (बागेश्वर मठ), हनुमान गिरी महाराज (कालका माता मंदिर), पूज्य अर्जुन गिरी महाराज (हल्देश्वर मठ), पूज्य गोपालनाथ महाराज (जालंधर नाथ मठ), पूज्य विजयानंद सरस्वती महाराज (दादाल मठ), पूज्य धीमाराम महाराज (चितलवाना), पूज्य तप गिरी महाराज (कोमता), पूज्य जीतानंद महाराज (पुनाडिया) और पूज्य धनानंद सरस्वती (दादाल) सहित अनेक संत-महात्माओं का सानिध्य रहा। जालोर में आयोजित ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, मातृ शक्ति, सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर गोमाता के सम्मान, संरक्षण और राष्ट्रीय गौरव के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया।
नरसिंहपुर के शासकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज की तीन मेधावी छात्राओं का चयन अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) की प्रगति छात्रवृत्ति योजना के लिए हुआ है। चयनित छात्राओं को उनकी तकनीकी पढ़ाई के लिए लगातार तीन वर्षों तक हर साल 50-50 हजार रुपए की छात्रवृत्ति मिलेगी। यह छात्रवृत्ति 10वीं कक्षा के उत्कृष्ट मेरिट अंकों के आधार पर प्रदान की जाती है। सोनम, संजना और राजेश्वरी को मिलेगा योजना का लाभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.एम. बघेल ने बताया कि चयनित छात्राओं में सोनम यादव ने 10वीं में 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। वहीं मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट की संजना मिश्रा ने 93.3 प्रतिशत और इलेक्ट्रॉनिक्स ब्रांच की राजेश्वरी पटेल ने 89.4 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। तीनों छात्राओं को इस योजना के तहत कुल 1.5-1.5 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। 14 अगस्त तक प्रवेश का मौका, संस्थान ने की अपील शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया 14 अगस्त तक जारी रहेगी। महाविद्यालय प्रशासन ने जिले के 10वीं और 12वीं पास विद्यार्थियों, विशेषकर अच्छे अंक हासिल करने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों से प्रवेश लेकर इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ उठाने की अपील की है।
हरियाणा में भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सोशल मीडिया पर तीखा राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। आप नेता अनुराग ढांडा ने भाजपा सरकार को खुली चुनौती देते हुए सवाल उठाया कि हरियाणा में बीजेपी के कार्यकाल के दौरान ऐसी कौन सी भर्ती परीक्षा आयोजित की गई, जो किसी विवाद या पेपर लीक की भेंट न चढ़ी हो। दूसार तरफ हरियाणा बीजेपी ने AAP पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और अपनी सरकार की भर्ती प्रक्रिया को सबसे अच्छा मॉडल बताया। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं, लेकिन इस राजनीतिक लड़ाई के बीच सबसे बड़ा सवाल हरियाणा के लाखों बेरोजगार युवाओं का है, जिनकी मेहनत और भविष्य बार-बार भर्ती विवादों की भेंट चढ़ता दिखाई देता है। आम आदमी पार्टी का आरोप है कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 30 से अधिक भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या गंभीर अनियमितताओं के आरोपों में घिरीं। इनमें ग्राम सचिव भर्ती, क्लर्क भर्ती, बिजली विभाग क्लर्क, एक्साइज इंस्पेक्टर, एग्रीकल्चर इंस्पेक्टर, कंडक्टर भर्ती, आईटीआई प्रशिक्षक, नायब तहसीलदार, HTET, पुलिस कांस्टेबल, पटवारी, TGT, डेंटल सर्जन, स्टेनो टाइपिस्ट, UDC, जूनियर ड्राफ्ट्समैन और अन्य कई भर्तियों का नाम लिया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि हर बार पेपर लीक की खबर आने के बाद परीक्षा रद्द हुई, जांच बैठी, लेकिन सबसे बड़ा नुकसान उन युवाओं का हुआ जिन्होंने वर्षों तक तैयारी की थी।विपक्ष यह भी सवाल उठा रहा है कि भर्ती परीक्षाओं की गोपनीयता और सुरक्षा पर हर साल 20 करोड़ से ज्यादा रुपये खर्च किए जाते हैं। इसके बावजूद बार-बार पेपर लीक और भर्ती विवाद सामने आने का मतलब क्या है? यदि व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी है तो बार-बार परीक्षाओं पर सवाल क्यों उठते हैं? युवाओं का समय, पैसा और मानसिक दबाव कौन लौटाएगा? दूसरी ओर, हरियाणा बीजेपी इन सभी आरोपों को राजनीतिक प्रचार बता रही है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार ने मेरिट के आधार पर लाखों युवाओं को बिना सिफारिश और बिना रिश्वत नौकरी दी है। बीजेपी का आरोप है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा की उपलब्धियों से ध्यान हटाने के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है और पहले उसे पंजाब में भर्ती, कानून-व्यवस्था और नशे जैसे मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। लेकिन सोशल मीडिया पर बहस अब केवल AAP और BJP तक सीमित नहीं है। बड़ी संख्या में युवा यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर हर भर्ती के साथ विवाद क्यों जुड़ जाता है। किसी की उम्र निकल जाती है, कोई सालों तक तैयारी करता है, कोई परिवार की उम्मीदों के साथ परीक्षा देता है, लेकिन जब भर्ती रद्द होती है या जांच के घेरे में आती है तो सबसे बड़ी कीमत मेहनतकश अभ्यर्थी चुकाता है। आज हरियाणा का युवा नेताओं से भाषण नहीं, बल्कि भरोसा मांग रहा है। उसे ऐसी भर्ती व्यवस्था चाहिए जिसमें परीक्षा समय पर हो, पेपर सुरक्षित रहे, दोषियों को तुरंत सजा मिले और ईमानदार अभ्यर्थियों की मेहनत पर किसी पेपर लीक माफिया का साया न पड़े। राजनीतिक बयानबाजी अपनी जगह है, लेकिन युवाओं का सवाल आज भी वही है, क्या हरियाणा में नौकरी की परीक्षा मेहनत से जीती जाएगी या फिर हर बार पेपर लीक की खबर ही सुर्खियां बनेगी?
सहारनपुर में सोमवार दोपहर दो बजे समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी, रामपुर के 38 भवनों को ध्वस्त करने की प्रस्तावित कार्रवाई का विरोध किया। संगठन ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और पूरे मामले का निष्पक्ष एवं विधिसम्मत समाधान कराने की मांग की गई है। यह प्रदर्शन संगठन के जिलाध्यक्ष उसामा गाड़ा के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन में कहा गया है कि जौहर यूनिवर्सिटी केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के भविष्य से जुड़ी संस्था है। इसमें छात्रों के हित, शिक्षा व्यवस्था और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का ध्यान रखने पर जोर दिया गया। संगठन ने मांग की कि यदि निर्माण या भूमि से जुड़ा कोई विवाद है, तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाए, न कि शैक्षणिक संस्थान को नुकसान पहुंचाकर। सपा अल्पसंख्यक सभा ने दावा किया कि यूनिवर्सिटी का निर्माण उस समय हुआ था, जब संबंधित क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था और निर्माण अनुमति की आवश्यकता नहीं थी। संगठन ने यह भी बताया कि ग्राम सींगनखेड़ा को रामपुर विकास प्राधिकरण में वर्ष 2024 में शामिल किया गया है, जबकि यूनिवर्सिटी का निर्माण इससे पहले ही पूरा हो चुका था। इस आधार पर भवनों पर प्रस्तावित कार्रवाई को संगठन ने अनुचित बताया। जिलाध्यक्ष उसामा गाड़ा ने कहा कि यदि सरकार को कोई आपत्ति है, तो उसका वैधानिक समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिक्षा के मंदिर को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित होगा। गाड़ा ने आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक द्वेष से प्रेरित प्रतीत होता है। समाजवादी पार्टी के पार्षद फहाद सलीम ने बताया कि विश्वविद्यालय में सभी वर्गों और धर्मों के छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से ध्वस्तीकरण का आदेश वापस लेने और नियमितीकरण सहित अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार करने का आग्रह किया। सलीम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया,तो समाजवादी पार्टी और उसके फ्रंटल संगठन लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे। संगठन ने राज्यपाल से हस्तक्षेप कर छात्रों के हितों की रक्षा करने की मांग दोहराई।
आगरा के बसई में नहीं लगने दी अवैध सब्जी मंडी:मंडी समिति और नगर निगम द्वारा चलाया संयुक्त अभियान
आगरा के बसई क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित सब्जी मंडी के खिलाफ सोमवार को नगर निगम और मंडी समिति ने संयुक्त अभियान चलाया। सड़क किनारे लगने वाली फल एवं सब्जी की फड़ और ठेलों को हटवा दिया। सख्ती का असर यह रहा कि जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से सब्जी लेकर पहुंचे कई किसानों को बिना सब्जी बेचे ही बैरंग लौटना पड़ा। कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बनी रही और सड़क किनारे अस्थायी रूप से दुकानें लगाने की कोशिश कर रहे किसानों को भी हटाकर वहां मंडी नहीं लगने दी गई। स्थानीय लोगों ने की थी शिकायतबसई क्षेत्र में लंबे समय से अवैध रूप से सब्जी मंडी संचालित हो रही थी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर सुबह लगने वाली इस मंडी के कारण क्षेत्र में भारी जाम की स्थिति बन जाती है। सड़कों पर अतिक्रमण, वाहनों की अव्यवस्थित पार्किंग, गंदगी और शोर-शराबे से आसपास रहने वाले हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन से इस मंडी को हटाकर विधिवत मंडी स्थल पर स्थानांतरित किए जाने की मांग उठाई है। निवासियों का कहना है, बसई में अवैध रूप से मंडी लगाने के बजाय किसानों और व्यापारियों को बरौली अहीर अथवा सिकंदरा स्थित अधिकृत मंडी परिसर में स्थान उपलब्ध कराया जाए, जिससे किसानों को भी सुविधाएं मिल सकें और स्थानीय लोगों को भी जाम व अव्यवस्था से राहत मिले।सोमवार को नगर निगम और मंडी समिति की संयुक्त टीम ने पूरे क्षेत्र में सघन अभियान चलाया। अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी स्थिति में सड़क किनारे फल एवं सब्जी की फड़, ठेल या अस्थायी मंडी नहीं लगने दी जाएगी। अभियान के दौरान कई किसान सड़क किनारे बैठकर अपनी उपज बेचने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन टीम ने उन्हें भी वहां से हटाकर वैकल्पिक मंडी स्थल पर जाने के निर्देश दिए। कार्रवाई के चलते क्षेत्र में अवैध मंडी का संचालन नहीं हो सका। नगर निगम अधिकारियों का कहना है, सार्वजनिक सड़कों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध मंडी या फड़ लगाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। सड़क यातायात को सुचारु बनाए रखने और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए भविष्य में भी नगर निगम और मंडी समिति द्वारा संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा।
पीलीभीत के पूरनपुर विकासखंड के ग्राम नवदिया में सोमवार दोपहर महिलाओं ने आबादी क्षेत्र में संचालित शराब की दुकान के खिलाफ प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने दुकान का घेराव कर बिक्री ठप करा दी। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि रिहायशी इलाके में दुकान होने से गांव का माहौल खराब हो रहा है। उनके अनुसार, शराब की आसान उपलब्धता के कारण नशाखोरी बढ़ रही है, जिससे घरों में कलह, घरेलू हिंसा और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसका सबसे अधिक बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। पहले भी हटाई जा चुकी है दुकान महिलाओं ने प्रशासन से मांग की है कि शराब की इस दुकान को तत्काल आबादी क्षेत्र से हटाकर गांव के बाहर किसी दूरस्थ स्थान पर स्थानांतरित किया जाए। हंगामे की सूचना पर जमुनिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस बल ने आक्रोशित महिलाओं को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर स्थिति को शांत कराया। इसके बाद दुकान संचालक के आने पर बिक्री दोबारा शुरू हो सकी। हालांकि, महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही दुकान हटाने का फैसला नहीं लिया, तो वे बड़े पैमाने पर आंदोलन करने को मजबूर होंगी। गौरतलब है कि क्षेत्र में आबादी के बीच चल रही शराब की दुकानों को लेकर लंबे समय से विरोध बना हुआ है। इससे पहले बूंदीभूड़ गांव में भी जन विरोध के बाद एक शराब की दुकान को हटाना पड़ा था।
कवर्धा में लोहारा पुलिस ने पति की हत्या के एक अंधे कत्ल का खुलासा किया है। पुलिस ने बताया कि, पत्नी ने अपने चचेरे भाई के साथ मिलकर पति की हत्या की। यह वारदात शराब पीने और लगातार विवाद के कारण हुई। लोहारा थाना क्षेत्र के बासिनझोरी निवासी तुलेश साहू (27) ने 26 जुलाई 2026 को सुबह करीब 7:30 बजे रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि उसे फोन पर जानकारी मिली कि उसके पिता महेश साहू का शव लोहारा के बानो रोड स्थित एक दुकान के पास पड़ा है। शरीर पर कई जगह मिले चोट के निशान मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक महेश साहू के चेहरे, दोनों हाथों की कोहनियों और पैरों के पंजों से खून बह रहा था। उनके सिर के पीछे गंभीर चोट के निशान थे और कमर के नीचे घसीटे जाने के चिन्ह भी दिखाई दिए। केस दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। खून से सना पत्थर, कपड़े जब्त किए गए इस मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा ने तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलाया। घटना स्थल का वैज्ञानिक निरीक्षण कराया गया और अज्ञात आरोपी की तलाश और साक्ष्य संकलन के लिए अलग-अलग पुलिस टीमें गठित की गईं। घटनास्थल से खून से सना पत्थर, कपड़े और अन्य भौतिक साक्ष्य जब्त किए गए। पत्नी ने खोले हत्या के राज विवेचना के दौरान मृतक की पत्नी नीता साहू (35) से गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने हत्या का राज खोला और अपना जुर्म कबूल कर लिया। नीता साहू ने बताया कि 25 जुलाई 2026 को वह अपने चचेरे भाई ओदराम साहू के साथ स्कूटी से अपने पति के पास ग्राम बासिनझोरी आई थी। भाई से पकड़वाया, पत्थर से कुचला सिर रात में पति ने अधिक शराब पी और लगातार विवाद करने लगा, जिसके कारण उनके बीच झगड़ा हुआ। 26 जुलाई की सुबह तीनों लोहारा पहुंचे, जहां मृतक ने फिर शराब पी और दोबारा विवाद करने लगा। इससे तंग आकर नीता साहू ने अपने चचेरे भाई की मदद से पति को पकड़वाया और पास में पड़े पत्थर से उसके सिर पर प्राणघातक वार कर दिया। न्यायिक रिमांड पर भेजा गया गंभीर चोट लगने से महेश साहू मौके पर अचेत होकर गिर गया, जिसके बाद दोनों आरोपियों ने शव को घसीटकर सड़क किनारे छोड़ दिया और स्कूटी से ग्राम चिमरा लौट गए। अब पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पूर्वी टुंडी में कुएं से युवक का शव बरामद:दो दिन पहले भीख मांगते दिखा था, अब तक नहीं हो सकी है पहचान
धनबाद जिले के पूर्वी टुंडी थाना क्षेत्र के सुंदरपहाड़ी गांव में एक कुएं में लगभग 35 वर्षीय अज्ञात युवक का शव तैरता दिखा। कुछ लोग पानी लेने के लिए कुएं के पास पहुंचे थे, तभी उनकी नजर पानी में पड़े शव पर पड़ी। देखते ही देखते पूरे गांव में खबर फैल गई। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना पूर्वी टुंडी थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम तुरंत हरकत में आई। शव को निकलवाया गया बाहर सूचना मिलते ही थाना प्रभारी नीतीश कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय-2 के डीएसपी नाजीर अख्तर ने भी मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम का जायजा लिया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी कीं। ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक को दो दिन पहले आसपास के इलाके में भीख मांगते देखा गया था। लोगों ने यह भी बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत हो रहा था, जिससे उसकी स्थिति को लेकर पहले से ही संदेह बना हुआ था। पहचान नहीं, मौत पर रहस्य बरकरार अब तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई है, जिससे उसकी मौत के कारणों को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) भेज दिया है। थाना प्रभारी नीतीश कुमार ने बताया कि सुंदरपहाड़ी क्षेत्र के कुएं से अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ है। स्थानीय लोगों ने युवक के मानसिक रूप से अस्वस्थ होने की बात कही है, लेकिन फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो पाएगा।
अतिजर्जर मकान पर चली निगम की पोकलेन-जेसीबी:इंदौर में 100 साल से ज्यादा पुराने मकान को किया जमींदोज
इंदौर के एमजी रोड (जेल रोड के समीप) पर नगर निगम ने सोमवार को अतिजर्जर मकान को जमींदोज करने की कार्रवाई की। इसके पहले भी निगम कार्रवाई करने पहुंची थी, लेकिन उस समय कार्रवाई नहीं कर पाई थी। सोमवार को नगर निगम का अमला दलबल के साथ पोकलेन और जेसीबी मशीन लेकर पहुंचा। मेन रोड के बजाए टीम ने मकान के पिछले हिस्से से मशीन लगाकर मकान को धराशाही करने की कार्रवाई की। हालांकि इस दौरान रोड चालू था। जर्जर स्थिति में होने के चलते चंद ही मिनट में मकान जमींदोज हो गया। 100 से ज्यादा पुराना है मकान भवन अधिकारी पल्लवी पाल ने बताया कि झोन नंबर 3 में जेल रोड पर एक मकान पर रिमूवल की कार्रवाई की गई। ये मकान 100 से 125 साल पुराना था और अति जर्जर स्थिति में था। पूर्व में मकान मालिक को नोटिस भी दिए हिुए है। यहां कोई रह नहीं रहा था। मगर नीचे दो दुकानें थी। जिन्हें खाली करा लिया गया था। पिछले सोमवार को भी रिमूवल की कार्रवाई के लिए टीम पहुंची थी, लेकिन कोर्ट की केस की जानकारी मिलने के बाद कार्रवाई नहीं की। आज यहां पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के चलते बनी जाम की स्थिति निगम की कार्रवाई के चलते एमजी रोड पर कृष्णपुरा से कोठारी मार्केट जाने वाले रास्ते के बीच जाम की स्थिति बनती रही। कार्रवाई के चलते गाड़ी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। कार्रवाई के बाद नगर निगम की टीम मलवा साफ करने में लगी थी।
जिले के 35 गांवों के किसानों ने सोमवार को ग्राम चंद्रपुरा में 167 करोड़ रुपए की चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को लेकर प्रदर्शन किया। किसानों ने परियोजना की तत्काल टेस्टिंग, खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने और निर्माण में कमी व भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग ने जून में परियोजना की टेस्टिंग का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक यह शुरू नहीं हुई है। उनका कहना था कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण 35 गांवों के किसानों को परियोजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि चंबल मुख्य दाहिनी नहर में पर्याप्त पानी उपलब्ध है। धरना स्थल पर तहसीलदार बड़ौदा सुरेश राठौर और सिंचाई विभाग के एसडीओ आरएन तिवारी पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि परियोजना की टेस्टिंग जल्द कराकर तकनीकी खामियां दूर की जाएंगी और किसानों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जाएगा। हालांकि, किसानों ने अधिकारियों के सामने परियोजना निर्माण करने वाली कंपनी और संबंधित विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप दोहराते हुए निष्पक्ष जांच की मांग पर जोर दिया। दो अगस्त से शुरू करेंगे आंदोलन किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला ने चेतावनी दी कि यदि 1 अगस्त तक किसानों के खेतों में पानी नहीं पहुंचा, तो 2 अगस्त से उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह संघर्ष केवल सिंचाई के पानी के लिए नहीं, बल्कि परियोजना में हुए कथित भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराने के लिए भी है। इस धरना-प्रदर्शन में किसान नेता हनुमान मीणा जैदा, अखिलेश मीणा लूंड, धर्मेंद्र सिंह चंद्रपुरा, मुकेश मीणा हिरनीखेड़ा, सरपंच धर्मराज मीणा लूंड, पूर्व सरपंच शिशुपाल मीणा भसुंदर सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय किसान मौजूद रहे।
झुंझुनूं में सोमवार को गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत सैकड़ों गौभक्त और ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारी अपने साथ गाय भी लेकर आए। मुख्य द्वार पर पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी गाय के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हो गए। बाद में जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम स्मरण पत्र सौंपा गया। गाय के साथ कलेक्ट्रेट में दाखिल हुए गौभक्त सैकड़ों की संख्या में गौभक्त और ग्रामीण गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं। जब गौभक्त गाय को साथ लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने लगे तो मुख्य द्वार पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसके बाद प्रदर्शनकारी गाय के साथ कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर तक पहुंच गए। परिसर में पहुंचने के बाद गौभक्तों ने नारेबाजी की और गोवंश की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने की बात कही। प्रधानमंत्री के नाम सौंपा स्मरण पत्र प्रदर्शन और नारेबाजी के बाद गौभक्तों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात की। इसके बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधियों ने बताया कि 27 अप्रैल 2026 को देश की 5,100 तहसीलों से सवा 5 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ गो-सेवा और सुरक्षा के लिए प्रार्थना पत्र भेजा गया था। उस पर ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण सोमवार को दोबारा स्मरण पत्र सौंपा गया। 3,72,684 साइन का डिजिटल रिकॉर्ड पेनड्राइव में दिया अभियान दल ने पर्यावरण संरक्षण और कागज की बचत का संदेश देते हुए जनसमर्थन का डिजिटल रिकॉर्ड प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के साथ एक पेनड्राइव भी दी गई, जिसमें 14,334 पृष्ठों का डेटा शामिल है। इसमें झुंझुनूं जिले और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से मिले 3,72,684 नागरिकों और गौभक्तों के हस्ताक्षरयुक्त समर्थन पत्रों का रिकॉर्ड दर्ज है। ये तीन प्रमुख मांगें रखीं 1. अलग गो पालन मंत्रालय: गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए केंद्र स्तर पर अलग 'गो पालन मंत्रालय' बनाने की मांग की गई। 2. सख्त केंद्रीय कानून: गोवंश की हत्या और तस्करी रोकने के लिए पूरे देश में एक समान और कड़ा केंद्रीय कानून बनाने की मांग की गई। 3. देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान: संपूर्ण देशी गोवंश को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान करने की मांग रखी गई।
चूरू में सोमवार दोपहर गौभक्तों, संतों और मातृशक्ति ने एक रैली निकाली। इस दौरान उन्होंने गौमाता को राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की। गौभक्तों ने प्रधानमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें गौ संरक्षण के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही गई। यह रैली देशव्यापी गौ सम्मान अभियान के तहत आयोजित की गई थी। अभियान के तहत संत देवनाथ, ध्यान नाथ, खासोली धाम के नवरतन गिरी, श्याम नाथ और गंगा नाथ के नेतृत्व में संतों और आमजन ने रैली में हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर-तख्तियां लेकर गौ-सेवा और गौ-रक्षा का संकल्प लिया। ज्ञापन में गौभक्तों और संतों ने राज्य व केंद्र सरकार से गौमाता को शीघ्र राष्ट्र माता का दर्जा देने की मांग की। उन्होंने गोहत्या पर देशव्यापी पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सख्त कानून बनाने की भी अपील की। इसके अतिरिक्त प्रत्येक क्षेत्र में बेसहारा गोवंश के संरक्षण और संवर्द्धन के लिए प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की गई। गौभक्तों ने इस देशव्यापी अभियान को आमजन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। ज्ञापन सौंपने वालों में बाबूलाल जांगिड़, गोपीराम शर्मा, बीएन राजोतिया, राधेश्याम, घनश्याम सारोठिया, श्रीराम चोटिया, विनोद जांगिड़, हरीश बजाज, विनोद राठी, रविशंकर, ललित, सुरेश, चंद्रशेखर ओझा, सुभाषचंद्र शर्मा, हंसराज, हरिराम, बनवारीलाल पूनिया, लालचंद अग्रवाल, निशा शर्मा, विनीता शर्मा, सरोज और ललिता सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
नरसिंहपुर जिले की कृषि उपज मंडी करेली में सोमवार को अनाज की नीलामी और खरीदी-बिक्री पूरी तरह बंद रही। मंडी प्रशासन ने शेडों में व्यापारियों के लंबे समय से रखे माल को हटवाने के लिए यह कदम उठाया। व्यापारियों के कब्जा न हटाने से किसानों की उपज की नीलामी, तौल और कटाई का काम प्रभावित हो रहा था। 5 दिन पहले नोटिस, समय बीतने के बाद बंद की गतिविधियां मंडी समिति ने लगभग पांच दिन पहले संबंधित व्यापारियों को शेड खाली करने के लिए नोटिस दिए थे। इसके बावजूद व्यापारियों ने तय समय सीमा के भीतर अपना अनाज नहीं हटाया। बारिश के मौसम में शेड भरे होने से किसानों की फसल खराब होने का खतरा बना हुआ था, जिसे देखते हुए सोमवार को मंडी की सभी गतिविधियां रोक दी गईं। किसानों को परेशानी, मंडी का एक दिन का राजस्व डूबा सोमवार को नीलामी बंद रहने से दूर-दराज से आए किसानों को अपनी फसल बेचने का मौका नहीं मिल सका। मंडी में कामकाज ठप रहने के कारण मंडी समिति को भी एक दिन के राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा है। मंडी अधिनियम के तहत होगी कार्रवाई मंडी सचिव अरविंद मुदगल ने बताया कि जिन व्यापारियों ने शेड से अनाज नहीं हटाया है, उन पर मंडी नियमों के तहत कार्रवाई होगी। ऐसे व्यापारियों को आगे से नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शेड किसानों के लिए, गोदाम की तरह इस्तेमाल पर रोक मंडी सचिव ने साफ किया कि शेड किसानों की सुविधा, सुरक्षित नीलामी और तौल व्यवस्था के लिए बनाए गए हैं। इनका उपयोग व्यक्तिगत गोदाम की तरह करना नियमों के खिलाफ है और भविष्य में इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी की अल्पसंख्यक सभा ने कड़ा विरोध जताया है। अलीगढ़ के जिला मुख्यालय पर आज 27 जुलाई 2026 दिन सोमवार को सपा अल्पसंख्यक सभा के जिला और महानगर पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा, जिसमें विश्वविद्यालय को बचाने की मांग की गई। सपा नेताओं ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और शिक्षा संस्थानों के प्रति नकारात्मक सोच रखने का आरोप लगाया। सपा अल्पसंख्यक सभा के जिलाध्यक्ष सहजाद अल्वी ने बताया कि यह ज्ञापन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शकील नदवी के निर्देश पर सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है। यदि इसमें कोई कमी या प्रशासनिक खामी है, तो संबंधित अधिकारियों को उसे दूर करना चाहिए, न कि संस्थान को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई करनी चाहिए। अल्वी ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी के खिलाफ सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उनके अनुसार, विश्वविद्यालय के दस्तावेजों में ऐसी कोई कमी नहीं है जिसके आधार पर ध्वस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि कोई तकनीकी या प्रशासनिक आपत्ति है, तो उसका समाधान निकाला जाना चाहिए। सपा नेताओं ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए इसे शिक्षा विरोधी मानसिकता का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश और देश के कई शैक्षणिक संस्थान बंद हुए हैं, और जौहर यूनिवर्सिटी पर यह कार्रवाई भी उसी सोच का हिस्सा प्रतीत होती है। नेताओं का कहना था कि शिक्षा के केंद्रों को मजबूत करने के बजाय उन्हें कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। एडीए द्वारा निर्धारित समयसीमा और संभावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के संबंध में सहजाद अल्वी ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस पूरे मामले पर बारीकी से नजर रख रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्रवाई नहीं रुकती है, तो पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और शीर्ष नेतृत्व के निर्देशानुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
गुरूपूर्णिमा से ऐनवक्त पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खंडवा पहुंचे और उन्होंने दादा धूनीवाले मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान सीएम यादव ने बड़े दादाजी और छोटे दादाजी की समाधि पर मत्था टेका और नर्मदा माई की परिक्रमा कर धूनीमाई में आहुति दी। साथ ही टिक्कड़ प्रसादी खाई और नये मंदिर के लिए आए पत्थरों का अवलोकन किया। दादाजी मंदिर में दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री और उनके स्टाफ को नियमों के पालन में चुनौती का सामना करना पड़ गया। खुद मुख्यमंत्री ने अपने जूते-मोजे मंदिर गेट से वापस जाकर गाड़ी में उतारे। फिर उन्होंने पैर धोए और मंदिर में प्रवेश किया। प्रवेश करते ही उन्होंने ट्रस्टी और भाजपा महामंत्री धर्मेंद्र बजाज की चिमटी ले ली। बजाज ने हाथ में एक घड़ी पहन रखी थी, सीएम ने पूछ लिया कि इस घड़ी का बेल्ट भी तो चमड़े का हैं। इे भी खोलए, लेकन बजाज ने कोई जवाब नहीं दिया। सीएम आगे बढ़े और दोनों समाधियों के दर्शन किए। बोले- टिक्कड़ प्रसादी स्वादिष्ट हैं, दोबारा मंगवाईमुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंदिर में दर्शन के बाद ट्रस्टी धर्मेंद्र बजाज से प्रसादी के बारे में पूछा। सीएम को टिक्कड़ प्रसादी और सेवा नियमों के बारे में बताया गया। सीएम ने टिक्कड़ रोटी का एक टुकड़ा लिया और स्वाद चखा, फिर दोबारा उन्होंने टिक्कड़ बुलाया। साथ में लड्डू भी लिया। इसी दौरान मंदिर सेवादार रोचक नागौरी ने नये मंदिर निर्माण के लिए आए मार्बल पत्थरों की जानकारी दी। आग्रह किया कि एक बार दर्शन कर लिजिए। सीएम ने भक्त निवास की ओर दौड़ लगाई और वहां रखे मार्बल पत्थरों के दर्शन किए। सीएम ने लागत पूछी और कहा- मदद करेंगेमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदिर निर्माण समिति में शामिल एक आर्किटेक्ट से एक पिल्लर की लागत पूछी तब सामने आया कि एक पिल्लर बनाने में खर्च 15 लाख रुपए आया हैं। सीएम ने कहा कि दादा दरबार को नियम, संयम और दिव्यता से पहचाना जाता हैं, इस दरबार के दिव्य और भव्य निर्माण में जो भी मदद हमसे हो सकेगी, इसके लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। वे पटेल सेवा समिति के कार्यालय भी गए, जहां टिक्कड़ प्रसाद लिया और अपने साथ ले गए।
शामली में व्यक्ति पर लाठी-डंडों से हमला:घायल ने कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की
शामली के कोतवाली क्षेत्र में एक व्यक्ति पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने कोतवाली में तहरीर देकर आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कोतवाली पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, गांव झाल निवासी पिंटू पुत्र सुभाष ने आरोप लगाया है कि गांव निवासी एक व्यक्ति ने उस पर लाठी-डंडों से हमला किया। इस हमले में पिंटू गंभीर रूप से घायल हो गए। सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की पीड़ित पिंटू ने बताया कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उसके खिलाफ पहले भी गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।पिंटू ने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
आगरा कॉलेज के वर्तमान प्राचार्य के पद पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इसके बाद कॉलेज में हलचल शुरू हो गई है। वरिष्ठ शिक्षक अपने-अपने प्राचार्य पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं,वहीं पर कॉलेज की शैक्षणिक व्यवस्था डगमाती दिख रहीं हैं। कॉलेज में अब पढ़ाई कम राजनीति खेल चल रहा हैं, पद पाने के लिए अब कई प्रोफेसर जनप्रतिनिधियों के घर के चक्कर काट रह हैं। जिसकी वजह से कॉलेज के प्रोफेसर अब गुट में बंट गए हैं। सीके गौतम के वर्तमान प्राचार्य पद पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। हाईकोर्ट में सुनवाई तारिख 18 अगस्त है। अब कॉलेज मैं अगले प्राचार्य पद की चर्चाएं तेज हैं। वरिष्ठ शिक्षक आरके श्रीवास्तव औपचारिक तरीके से कमेटी को प्राचार्य पद के लिए उपयुक्त बताया हैं। वहीं दीपा रावत प्राचार्य पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रही है। लेकिन इन्होंने अभी औपचारिक तरीके से अभी कोई प्राचार्य पद के लिए कोई पत्र नहीं दिया है, लेकिन कॉलेज में प्रोफेसर की चर्चाओं के बीच दूसरी दावेदार दीपा रावत ही मानी जा रही है। लेकिन कई प्रोफेसर इस पद का दावेदार मान रहे है। कहां जा रहा है कि किन्हीं कारण की वजह से पद पर नहीं बैठ पाते तो दूसरी दावेदार दीपक रावत रहेंगी। लोगों का मानना है कि दीपा रावत ने अभी औपचारिक तरीके से पत्र इस लिए नहीं लिखा है कि आरके श्रीवास्तव पहले पत्र दे चुके हैं। कॉलेज के प्रोफेसर के बीच मनमुटाव न हो इसीलिए दीपा रावत अभी बैक फुट पर हैं। प्राचार्य पद खाली, शिक्षा पर पड़ रहा असरप्राचार्य पद खाली होने की वजह से अब कॉलेज में शिक्षा की जगह राजनीति चल रही है। जिसके चलते शैक्षणिक कार्य होने वाली गतिविधियां अब प्रभावित हो रही है। फिलहाल कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया चल रही है वे भी पूरी तरीके से प्रभावित हैं। प्राचार्य पद के लिए अब प्रोफेसर अलग-अलग जनप्रतिनिधियों के यहां दरवाजे खटखटा रहे हैं। प्राचार्य पद पाने के लिए उनकी चरण वंदना में जुटे हुए हैं। वहीं जनप्रतिनिधि आश्वासन देने में कोई कमी नहीं छोड़ रहे। प्रचार्य का पद मिले या नहीं वो बाद की बात हैं, फिलाल तो पद को लेकर चर्चा खूब सुर्खियों में है।
कैथल में सीआईए कलायत पुलिस ने चोरी की होंडा सिटी गाड़ी व 30 गाड़ी बैटरियों सहित एक शातिर चोर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पहले मोहाली से गाड़ी चोरी की थी और बाद में पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा में अलग-अलग जगहों से गाड़ियों के बोनट उखाड़कर बैटरी चोरी कर ली। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव छकोह जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश निवासी करतार सिंह उर्फ पिंकू के रूप में हुई है। डीएसपी ने दी जानकारी मामले को लेकर डीएसपी बीरभान ने अपने कार्यालय में प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि सीआईए कलायत की टीम को थाना कलायत क्षेत्र में नेशनल हाईवे-152 पर गश्त पर थी। इस दौरान पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि मटौर रोड के पास सड़क किनारे एक सिल्वर रंग की होंडा सिटी कार काफी देर से संदिग्ध अवस्था में खड़ी है। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस टीम जब बताए गए स्थान पर पहुंची तो कार के पास खड़ा एक व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा, लेकिन पुलिस कर्मचारियों ने उसे मौके पर ही काबू कर लिया। हिमाचल प्रदेश का रहने वाला पूछताछ में उसने अपनी पहचान गांव छकोह जिला बिलासपुर हिमाचल प्रदेश निवासी करतार सिंह उर्फ पिंकू के रूप में बताई। तलाशी के दौरान कार की डिग्गी से 30 बैटरियां बरामद हुईं, इसके अलावा 3 रेडिएटर, 3 पाना-चाबियां, 2 छोटे प्लास, 1 बड़ा पेचकस, 1 पीतल का गैस कटर तथा 2 टी-आकार की चाबियां भी बरामद की गईं। बोनट उखाड़कर बैटरी चोरी करता था जांच के दौरान पता लगा कि यह कार 15 जुलाई 2026 को मोहाली के थाना फेज-7 क्षेत्र से चोरी हुई थी, जिसकी शिकायत पहले से दर्ज है। आरोपी ने ये सभी बैटरी भी गाड़ियों में से चोरी करना कबूल किया। आरोपी ने बताया कि वह गाड़ी को बोनट उखाड़कर बैटरी चोरी करता है। यह सभी बैटरियां उसने पंजाब, चंडीगढ़ व हरियाणा के कई क्षेत्रों से चोरी करनी कबूल की है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
जबलपुर में 75 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपनी ही बेटी, दामाद और उनके एक साथी पर करीब 22 लाख रुपए, एफडी और जेवर हड़पने का आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि एक साल तक उसे फर्जी लॉकर की चाबी गले में लटकाकर यह विश्वास दिलाया जाता रहा कि उसकी जमा पूंजी और जेवर बैंक लॉकर में सुरक्षित हैं। बैंक पहुंचने पर पता चला कि उसके नाम से कोई लॉकर ही नहीं है। रांझी निवासी 75 वर्षीय लल्ली बाई केवट सोमवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) कार्यालय पहुंचीं और बेटी राजकुमारी केवट, दामाद चंद्रभान केवट तथा उनके एक परिचित निकेश मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि तीनों ने धोखे से उनकी एफडी, पेंशन की राशि और जेवरात अपने कब्जे में कर लिए। महिला ने पुलिस को वह चाबी भी दिखाई, जिसे बेटी-दामाद ने बैंक लॉकर की चाबी बताकर एक साल पहले उनके गले में पहनवा दिया था। जब वह यूनियन बैंक पहुंचीं तो बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट कर दिया कि उनके नाम से कोई लॉकर मौजूद ही नहीं है। हर महीने पेंशन निकलवाते रहे लल्ली बाई ने बताया कि बेटी और दामाद हर महीने पेंशन आने पर उन्हें बैंक ले जाते थे। चेक पर अंगूठा लगवाकर रुपये निकाल लेते और कहते कि रकम बैंक लॉकर में जमा की जा रही है। इसी तरह उन्होंने घर के सभी जेवर भी यह कहकर अपने पास रख लिए कि उन्हें सुरक्षित लॉकर में रखा जाएगा। महिला का आरोप है कि बैंक में उनसे दस्तावेजों पर अंगूठा लगवाकर कई एफडी भी तुड़वा ली गईं और पूरी जमा राशि अपने नाम कर ली गई। करीब 22 लाख रुपए की हेराफेरी का आरोप लल्ली बाई ने बताया कि वह जीसीएफ फैक्ट्री में कार्यरत थीं। पति की मृत्यु के बाद उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। नौकरी और रिटायरमेंट के दौरान जमा की गई पूरी पूंजी, एफडी और लाखों रुपए के जेवर बेटी-दामाद ने धोखे से अपने कब्जे में ले लिए। कुल हेराफेरी करीब 22 लाख रुपए की बताई जा रही है। बहू को हुआ शक, खुला राज मामले का खुलासा तब हुआ जब महिला की बहू रीना को बैंक संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने की बात संदिग्ध लगी। वह यूनियन बैंक पहुंचीं, जहां पता चला कि लल्ली बाई के नाम पर केवल बैंक खाता है, लॉकर नहीं। जांच में यह भी सामने आया कि लॉकर बेटी राजकुमारी के नाम से है। इसके बाद बैंक अधिकारियों ने बताया कि लल्ली बाई के नाम पर कोई एफडी भी शेष नहीं है। तब परिवार को पूरे मामले की जानकारी हुई। फर्जी चाबी देकर करते रहे गुमराह शिकायत के अनुसार, बेटी-दामाद और उनके परिचित निकेश मिश्रा ने महिला को एक चाबी देकर कहा था कि यह बैंक लॉकर की चाबी है और इसे हमेशा गले में पहनकर रखना। महिला करीब एक साल तक उसी चाबी को असली लॉकर की चाबी समझकर अपने गले में लटकाए रही। पुलिस ने शुरू की जांच एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश रांझी थाना प्रभारी को दिए गए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल की जा रही है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो बेटी, दामाद और अन्य संबंधित व्यक्ति के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं, बजट घोषणाओं, विकास कार्यों और विभिन्न पोर्टलों पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए। सभी ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए। राजस्थान संपर्क 2.0 की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के निर्देश बैठक में जिला कलेक्टर ने राजस्थान संपर्क 2.0 पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण समाधान के साथ समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री जनसुनवाई के लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही एलआईटीईएस पोर्टल पर लंबित प्रविष्टियां अपडेट करने और सभी विभागों को समय पर आवश्यक डेटा अपलोड करने के लिए कहा। उन्होंने यूसीसी ऑनलाइन पोर्टल के बारे में आमजन को जागरूक करने तथा सेवा शिविरों के माध्यम से लंबित प्रकरणों के निस्तारण पर भी जोर दिया। हरियालो राजस्थान अभियान में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश हरियालो राजस्थान अभियान की समीक्षा के दौरान जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप पौधारोपण और पौधों के संरक्षण का कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागवार प्रगति की नियमित निगरानी करने पर भी बल दिया। बरसात के मौसम को देखते हुए जिला कलेक्टर ने सभी विभागों को स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक भवनों का सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जर्जर भवनों की पहचान कर आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल खाली करवाने, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने और कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। ओबीसी सर्वे समयबद्ध पूरा करने के निर्देश बैठक में ओबीसी सर्वे से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सर्वे का कार्य तय समय सीमा में और पूरी गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा, सीएमएचओ डॉ. आशीष शेखावत सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अमरोहा में तीन बहनों की एक लड़के से शादी:सोशल मीडिया प्रैंक निकला, CWC के सामने किया खुलासा
अमरोहा में तीन बहनों द्वारा एक ही लड़के से शादी का बहुचर्चित मामला फर्जी निकला। बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश हुईं तीनों लड़कियों ने बताया कि यह शादी असल में एक सोशल मीडिया प्रैंक था। लड़कियों ने बताया कि वे सोशल मीडिया पर वीडियो बनाती हैं। शादी का जो वीडियो वायरल हुआ था, वह केवल एक मज़ाक था। हालांकि, लोगों द्वारा अत्यधिक ट्रोल किए जाने के बाद, उन्हें सफाई देते हुए यह कहना पड़ा कि उन्होंने वास्तव में एक ही लड़के से शादी की है। तीनों लड़कियों ने अब इस बात पर पछतावा व्यक्त किया है कि उन्हें यह प्रैंक इतना लंबा नहीं चलाना था और सच्चाई जल्द ही सामने लानी थी। दरअसल, तीन दिन पहले बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अतुलेश भारद्वाज ने मामले का संज्ञान लिया था। उन्होंने हसनपुर पुलिस को नोटिस जारी करते हुए बताया था कि इनमें से एक लड़की नाबालिग है। इसके बाद सोमवार को तीनों लड़कियां बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचीं। पूछताछ के दौरान, उन्होंने अपनी शादी को नकली बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने असलियत में शादी नहीं की थी, बल्कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्ध होने के लिए यह प्रैंक किया था। तीनों बहनों ने यह वीडियो 17 जुलाई को बनाया था, जिसके बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि, पहले युवतियों ने दावा किया था कि उन्होंने वास्तविक शादी की है, लेकिन अब सच्चाई सामने आ गई है।
गुमला में मवेशी चराने गया; घर ही नहीं लौटा:तीन दिन बाद नदी में तैरती मिली लाश, डूब कर मरने की आशंका
गुमला जिले के पुसो थाना क्षेत्र में एक 45 वर्षीय ग्रामीण का शव नदी से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान लाका ग्राम निवासी सुरेश उरांव के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, सुरेश उरांव गुरुवार सुबह करीब 9:10 बजे अपने मवेशी चराने के लिए कुलडिपा की ओर गए थे। दिनभर बीतने के बाद जब शाम को मवेशी अपने आप घर लौट आए। मवेशी चराने गया सुरेश घर नहीं पहुंचे थे। परिजनों ने तत्काल आसपास के इलाकों में उनकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन पहले दिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद लगातार तीन दिनों तक गांव और आसपास के क्षेत्रों में खोजबीन जारी रही। बच्चों ने नदी में देखा शव, मचाया शोर घटना के तीसरे दिन बड़री गांव के कुछ बच्चे नदी में नहा रहे थे। तभी उनकी नजर पानी में एक शव पर पड़ी। बच्चों ने तुरंत शोर मचाया, जिसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। देखते ही देखते वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नदी से बाहर निकाला। शव की स्थिति को देखकर आशंका जताई जा रही है कि वह कई दिनों से पानी में पड़ा हुआ था। बाद में पहचान होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के बाद सौंपा गया शव घाघरा के एसआई राजेंद्र सवैया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुसो थाना क्षेत्र की नदी से एक शव बरामद हुआ है, जिसकी पहचान सुरेश उरांव के रूप में हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे सदर अस्पताल गुमला भेजा, जहां पोस्टमार्टम कराया गया। प्रथम दृष्टया मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
तीन दिन से घने बादल छा रहे, बारिश नहीं हुई:अगले 5 दिन फिर सक्रिय रहेगा मानसून; तापमान में आई गिरावट
मंदसौर जिले में मानसून की गति धीमी पड़ गई है। पिछले तीन दिनों से जिला मुख्यालय सहित अधिकांश क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज नहीं हुई है। बीते 24 घंटों में जिले के किसी भी स्थान पर वर्षा रिकॉर्ड नहीं की गई है। हालांकि, अब तक कुल 13.40 इंच बारिश हो चुकी है और तापमान में गिरावट से मौसम सुहाना बना हुआ है। शनिवार, रविवार और सोमवार को सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे, लेकिन अधिकांश स्थानों पर बारिश नहीं हुई। पिछले सप्ताह हुई लगातार बारिश के बाद शुक्रवार रात से मौसम कुछ थमा हुआ है। सोमवार देर शाम तक जिला मुख्यालय के साथ-साथ सीतामऊ, नाहरगढ़, भानपुरा, गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, दलौदा, मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, डिगांव, बरखेड़ा और अफजलपुर सहित अधिकांश क्षेत्रों में बारिश नहीं हुई। हाल के दिनों में हुई अच्छी बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। किसानों का कहना है कि सोयाबीन, मक्का, उड़द सहित अन्य खरीफ फसलों की बढ़वार के लिए यह बारिश काफी लाभदायक साबित हुई है। खेतों में पर्याप्त नमी बनने से फसलों की अच्छी वृद्धि की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले पांच दिनों में जिले में मानसून फिर से सक्रिय रहेगा। बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ तेज बौछारें भी पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक जिले में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान जताया है। बीच-बीच में धूप निकल सकती है, लेकिन बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विभाग ने गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों तथा पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।
कानपुर में सड़क धंसने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कंपनी बाग चौराहे पर अचानक सड़क धंसने से बड़ा गड्ढा हो गया। हादसे के बाद चौराहे के एक हिस्से का यातायात रोकना पड़ा, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जांच में पता चला कि चौराहे के नीचे से गुजर रही मुख्य सीवर लाइन करीब डेढ़ मीटर तक टूट गई है। मौके पर जलकल की टीम ने गड्ढे के किनारे बैरिकेडिग लगाकर काम शुरू करा दिया है। वहीं अधिकारियों के मुताबिक, सीवर लाइन क्षतिग्रस्त होने से सड़क की नींव कमजोर हो गई थी। इसी दौरान एक ट्रक के गुजरने पर सड़क अचानक धंस गई। बैरिकेडिंग कर मरम्मत का काम शुरू जोन-4 की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग कर बुलडोजर से खुदाई शुरू कर दी गई है। मरम्मत का कार्य चल रहा है और जल्द ही सीवर लाइन को दुरुस्त कर सड़क को सुरक्षित बनाया जाएगा। जलकल विभाग के सहायक अभियंता रविकांत ने बताया कि रावतपुर से सीसामऊ, वीआईपी रोड होते हुए जाजमऊ तक जाने वाली मुख्य सीवर लाइन कंपनी बाग चौराहे के नीचे से गुजरती है। इसी जगह से जल निगम की पाइपलाइन भी निकली है। सीवर लाइन टूटने की वजह से सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे यह हादसा हुआ। जाम और जलभराव से बढ़ी परेशानी सड़क धंसने के बाद कंपनी बाग से रावतपुर की ओर जाने वाला यातायात प्रभावित हो रहा है। वहीं बारिश के कारण चौराहे पर जलभराव होने से स्थिति और बिगड़ गई। यातायात को नवाबगंज की ओर डायवर्ट करने से वहां भी लंबा जाम लग गया और वाहन चालकों को काफी देर तक फंसना पड़ा।
पन्ना जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग ने सोमवार को कार्रवाई की। कलेक्टर ऊषा परमार के निर्देश और जिला आबकारी अधिकारी मुकेश कुमार मौर्य के मार्गदर्शन में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर बीयर, देशी शराब और हाथभट्टी महुआ शराब जब्त की गई। इस दौरान 5 आरोपियों के खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए। हरदुआ में ढाबे से बीयर और देशी शराब जब्त आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि पवई वृत्त के अंतर्गत हरदुआ पटेल स्थित यादव ढाबा पर दबिश देकर पुष्पेंद्र यादव (26) के कब्जे से 12 कैन बीयर और 18 पाव देशी सादा शराब (करीब 10 बल्क लीटर) जब्त की गई। ग्राम पटी खुर्द में गजेंद्र सिंह बुंदेला (27) के घर से 42 पाव देशी सादा और 18 पाव देशी मसाला शराब (करीब 10.8 बल्क लीटर) बरामद हुई। वहीं ग्राम मड़वा में किराना दुकान संचालक नीरज राय (26) के पास से 53 पाव देशी सादा और 17 पाव देशी मसाला शराब (करीब 12.6 बल्क लीटर) जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। देवेंद्रनगर में हाथभट्टी महुआ शराब पकड़ी आबकारी वृत्त पन्ना के देवेंद्रनगर में वार्ड क्रमांक-5 निवासी निर्मला सिसोदिया (71) के घर से करीब 12 लीटर हाथभट्टी महुआ शराब जब्त की गई। वहीं रविन्द्र सेन (50) के कब्जे से 9 बल्क लीटर हाथभट्टी महुआ शराब बरामद कर दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। संयुक्त टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी शम्भु दयाल सिंह जाटव, आबकारी उपनिरीक्षक मुकेश कुमार पाण्डेय, हरीश पाण्डेय सहित आबकारी अमले और नगर सैनिकों की टीम शामिल रही। विभाग ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
हनुमानगढ़ में सोमवार को जिला मुख्यालय पर अलग-अलग संगठनों ने तीन प्रमुख मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। संत समाज एवं गोभक्तों ने गोवंश संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार से मांगें रखीं। छात्र और सामाजिक संगठनों ने शिक्षा एवं भर्ती से जुड़े मुद्दों पर विरोध जताया, जबकि भारतीय किसान यूनियन ने किसानों के लंबित भुगतान और सरकारी खरीद व्यवस्था में सुधार की मांग करते हुए 30 जुलाई को किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी के प्रस्तावित दौरे के दौरान विरोध की चेतावनी दी। विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकारों को ज्ञापन सौंपे। गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग 'गो सम्मान आह्वान अभियान' के तहत संत समाज, गोसेवकों और गोभक्तों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में देशभर में गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा, गोपालन मंत्रालय के गठन तथा गोवंश संरक्षण के लिए केंद्रीय कानून बनाने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इससे पहले देश की 5100 तहसीलों से सवा पांच करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ प्रधानमंत्री को प्रार्थना-पत्र भेजा जा चुका है। उनका कहना है कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अनुस्मारक ज्ञापन सौंपा गया है। छात्र संगठनों ने निकाली शवयात्रा, सात सूत्री मांगें रखीं जंक्शन क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक और जनसंगठनों के कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर चौक से जिला कलेक्ट्रेट तक प्रधानमंत्री के पुतले की शवयात्रा निकाली और बाद में पुतले का दहन किया। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को सात सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच, पेपर लीक रोकने के लिए प्रभावी केंद्रीय कानून, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, नई शिक्षा नीति पर पुनर्विचार तथा दलितों पर अत्याचार रोकने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। किसानों ने भुगतान और खरीद व्यवस्था पर उठाए सवाल भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका के नेतृत्व में किसानों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने गेहूं के लंबित भुगतान, अटल भूजल योजना के तहत डिग्गियों की अनुदान राशि, तारबंदी, कृषि यंत्र और मिनीकिट के बकाया अनुदान का शीघ्र भुगतान करने की मांग की। इसके साथ ही मूंग और पीआर धान की सरकारी खरीद समय पर शुरू करने तथा गेहूं खरीद में हुई अनियमितताओं की जांच की मांग भी रखी गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 30 जुलाई को हनुमानगढ़ दौरे पर आने वाले किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी का विरोध किया जाएगा।
दमोह जिले की बटियागढ़ पुलिस ने रविवार रात एक यात्री बस से गांजा तस्करी कर रही महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से 3 किलो 510 ग्राम गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 52,000 रुपए है। निमन तिराहे पर कार्रवाई बटियागढ़ थाना प्रभारी रजनी शुक्ला ने बताया कि रविवार रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक महिला बस से छतरपुर से गांजा लेकर आ रही है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने निमन तिराहे पर नाकाबंदी कर बस को रुकवाया। बैग की तलाशी में बरामद हुआ नशा बस में सवार संदिग्ध महिला के बैग की तलाशी लेने पर 3 किलो 510 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने घनश्यामपुरा निवासी 25 वर्षीय जयंती ठाकुर को मौके से गिरफ्तार कर लिया। एनडीपीएस एक्ट में केस पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह गांजा छतरपुर से लाकर बटियागढ़ में बेचने की फिराक में थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
अयोध्या के युवक की सऊदी में मौत:विधायक चंद्रभानु पासवान ने शव मंगाने के लिए लिखा लेटर
अयोध्या जिले के कुमारगंज थाना क्षेत्र के रसूलपुर लिलाह गांव निवासी 28 वर्षीय बृजेश कुमार की सऊदी अरब में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। परिजनों ने उनके शव को भारत लाकर पैतृक गांव में अंतिम संस्कार कराने की मांग की है। क्षेत्रीय विधायक चंद्रभानु पासवान ने इस संबंध में सोमवार 27 जुलाई को बताया कि जिलाधिकारी अयोध्या को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश शासन के गृह (वीजा) अनुभाग-4, लखनऊ को पत्र प्रेषित कर शव को भारत लाने की प्रक्रिया शुरू कराने का आग्रह किया है। परिजनों के अनुसार, बृजेश कुमार 3 अप्रैल 2026 को रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वह वहां अल-गरा, महदिया-25 नंबर क्षेत्र में मजदूरी कर रहे थे। बताया गया है कि 22 जुलाई 2026 की रात उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। वहां मौजूद लोगों ने घटना की सूचना परिजनों को दी। बृजेश कुमार का विवाह चार वर्ष पहले कुमारगंज थाना क्षेत्र के गोयड़ी गांव निवासी लक्ष्मी से हुआ था। उनके दो छोटे बेटे हैं, जिनमें अभी की उम्र लगभग दो वर्ष और दूसरे बेटे कार्तिक की उम्र करीब सात माह है। मृतक का छोटा भाई चंद्रमोहन भी सऊदी अरब में ही मजदूरी करता है। परिजनों ने बताया कि घटना के बाद भी वह अपने बड़े भाई के शव तक नहीं पहुंच सका है। मृतक की मां के अनुसार, उनके दोनों बेटे पहली बार रोजगार के लिए विदेश गए थे। मिल्कीपुर विधायक चंद्रभानु पासवान ने बताया कि संबंधित अधिकारियों से पत्राचार कर शव को जल्द भारत लाने का प्रयास किया जा रहा है। परिजनों की इच्छा है कि बृजेश कुमार का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में परिजनों और शुभचिंतकों की मौजूदगी में किया जाए। विधायक ने कहा कि मृतक बृजेश के शव को जल्द ही लाया जाएगा। शासन स्तर से आगे की कार्यवाही चल रही है।
सिरसा जिले के रानियां में महिलाओं से छीना-झपटी की 2 वारदात हुई है। सीनियर सेकेंडरी स्कूल से अपनी 12वीं कक्षा की मार्कशीट लेकर लौट रही एक छात्रा से दिनदहाड़े पर्स छीन लिया गया। यह घटना आज दोपहर वार्ड नंबर-6 स्थित गर्ल्स स्कूल और शनि मंदिर के पास हुई। दूसरी घटना में बाजार गई एक महिला का पर्स छीनकर बाइख सवार युवक फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, छात्रा नीलम अपनी मां कांता रानी के साथ स्कूल से मार्कशीट लेकर निकली थीं। तभी बाइक सवार एक युवक आया और मां-बेटी से पर्स छीनकर फरार हो गया। पर्स में नीलम की 12वीं कक्षा की मार्कशीट और कुछ नकदी थी। बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपना चेहरा कपड़े से ढका हुआ था। बाइक सवार की तलाश कर रही पुलिस नीलम रानियां के इसी स्कूल की पूर्व छात्रा हैं। वह अपने पिता जसवीर सिंह और मां कांता रानी के साथ ओटू गांव की निवासी हैं। नीलम के चाचा ने बताया कि घटना के बाद रानियां थाने में शिकायत दर्ज करा दी गई है। पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। रानियां के एडिशनल थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस की कई टीमें जांच में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज की लगातार जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही छीना-झपटी करने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने अपराधियों को कड़ी चेतावनी भी दी। महिला के पर्स में थे 3 हजार कैश वहीं हरीपूरा की एक महिला से मुख्य बाजार रानिया में एक बाइक सवार ने पर्स छीन लिया गया। महिला बाजार में किसी काम के सिलसिले में आई हुई थी, और बाइक सवार युवक ने महिला का पर्स छीना और मौके से फरार हो गया। महिला का कहना है कि उसके पर्स में 3 हजार रुपए थे। महिला ने शोर मचाया और आसपास के लोगों ने भी पुलिस को सूचना दी, वहीं पुलिस टीम मौके पर है सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग देखी जा रही है। एक ही दिन में दो छीना झपटी की वारदातों को लेकर पुलिस विभाग भी हरकत में नजर आ रहा है जिसके चलते आज रानियां में नाका बंदी करके तलाश की जा रही है।
गोरखपुर में रोडवेज चुनाव संपन्न:रामनरेश सिंह 5वीं बार अध्यक्ष, अजय कुमार 13वीं बार मंत्री चुने गए
गोरखपुर के राप्तीनगर स्थित रोडवेज क्षेत्रीय कार्यशाला में रविवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद की शाखा का वार्षिक चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। चुनाव केंद्रीय प्रबंध समिति और क्षेत्रीय पदाधिकारियों के निर्देश पर कराया गया। चुनाव अधिकारी राम मणि चौबे और अरविंद कुमार की देखरेख में पूरी प्रक्रिया पूरी हुई। चुनाव में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। शाखा अध्यक्ष पद के लिए रामनरेश सिंह, शाखा मंत्री पद के लिए अजय कुमार और शाखा कोषाध्यक्ष पद के लिए शशिकांत ने नामांकन दाखिल किया। तय समय तक किसी अन्य कर्मचारी ने इन पदों पर नामांकन नहीं किया। इसके बाद चुनाव अधिकारियों ने तीनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया। घोषणा होते ही कर्मचारियों ने तालियां बजाकर नई टीम का स्वागत किया। नई कार्यकारिणी को मिली जिम्मेदारी चुनाव के बाद शाखा की नई कार्यकारिणी का गठन भी किया गया। रामनरेश सिंह लगातार पांचवीं बार शाखा अध्यक्ष चुने गए। अजय कुमार तेरहवीं बार शाखा मंत्री और शशिकांत छठवीं बार शाखा कोषाध्यक्ष बने। इसके अलावा राकेश कुमार श्रीवास्तव और अजीत कुमार यादव को उपाध्यक्ष, अमर कुमार गुप्ता और संत शरण सिंह को संगठन मंत्री, उपेंद्र दास को संयुक्त मंत्री, रत्नेश कुमार पांडे को प्रचार मंत्री तथा संतोष कुमार यादव को लेखा परीक्षक बनाया गया। साथ ही कई अन्य कर्मचारियों को कार्यकारिणी सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई। फूल-माला पहनाकर किया सम्मान चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कार्यशाला के कर्मचारियों ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और मिठाई खिलाकर खुशी जताई। इस दौरान पूरे कार्यशाला परिसर में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कर्मचारियों ने नई टीम को सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। कर्मचारियों के हित में काम करने का वादा नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने चुनाव अधिकारियों और सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संगठन की पहली प्राथमिकता परिवहन निगम को आगे बढ़ाना, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दिलाने में सहयोग करना और कर्मचारियों की समस्याओं का समय पर समाधान कराना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हर सुख-दुख में संगठन पहले की तरह आगे भी उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। चुनाव कार्यक्रम में कार्यशाला के बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। सभी ने निर्विरोध चुनी गई नई टीम का स्वागत किया और संगठन को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
बिजनौर में सीबीएसई पूरक परीक्षा:डीएम ने निष्पक्ष और नकलविहीन आयोजन के दिए निर्देश
बिजनौर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की कक्षा-12 पूरक परीक्षा-2026 को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन संपन्न कराने के संबंध में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सोमवार शाम 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने 28 जुलाई, 2026 को होने वाली परीक्षा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी परीक्षा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर पेयजल, विद्युत आपूर्ति, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, बैठने की समुचित व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित भंडारण, समयबद्ध वितरण और सुरक्षित संकलन की व्यवस्था पूर्ण पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित करने को भी कहा। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। किसी भी प्रकार की नकल, अवैध गतिविधि या परीक्षा की गोपनीयता भंग करने के प्रयास पर तत्काल प्रभावी और कठोर कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सीबीएसई और शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि परीक्षा पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित वातावरण में संपन्न हो सके। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जनपद के 08 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मजिस्ट्रेट नामित किए गए हैं, जबकि पर्याप्त पुलिस व्यवस्था पुलिस अधीक्षक, बिजनौर द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह, न्यायिक शरदपाल पाल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी सदर स्मृति मिश्रा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
बलरामपुर: माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर में 'एक पेड़ मां पाटेश्वरी के नाम' अभियान के तहत एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण अभियान और विश्वविद्यालय की पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का हिस्सा था। विश्वविद्यालय ने सोमवार शाम 4:11 बजे इसकी जानकारी दी। यह विशेष आयोजन विश्वविद्यालय में हाल ही में संपन्न हुई प्रथम प्री-पीएच.डी. कोर्सवर्क परीक्षा के सफल समापन के बाद शोधार्थियों की प्रेरणादायक पहल पर किया गया। इसमें 145 शोधार्थियों ने शिक्षकों, अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के संरक्षक एवं कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह के नेतृत्व में हुआ। शोधार्थियों ने परिसर के विभिन्न स्थानों पर छायादार, फलदार और औषधीय पौधों का रोपण किया। इस दौरान उन्होंने हरित परिसर के निर्माण और प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने कहा कि 'एक पेड़ माँ पाटेश्वरी के नाम' केवल एक वृक्षारोपण अभियान नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, मातृशक्ति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का एक जनआंदोलन है। उन्होंने आगे कहा कि शोध केवल पुस्तकों और प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि समाज, पर्यावरण और मानवता के प्रति उत्तरदायित्व की भावना भी शोधार्थियों के व्यक्तित्व का अभिन्न अंग होनी चाहिए। कुलपति ने सभी शोधार्थियों और विद्यार्थियों से अपने लगाए गए पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि विश्वविद्यालय परिसर भविष्य में एक आदर्श ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित हो सके। परीक्षा समाप्त होने के बाद शोधार्थियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सभी प्रतिभागियों ने पूरे परिसर में उत्साहपूर्वक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण और जलवायु संतुलन का प्रभावी संदेश दिया। उनकी सामूहिक सहभागिता ने इस वृक्षारोपण कार्यक्रम को प्रेरणादायी और अनुकरणीय स्वरूप प्रदान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि भविष्य में प्रत्येक शैक्षणिक,शोध एवं संस्थागत गतिविधि कोएक पेड़ माँ पाटेश्वरी के नामअभियान से जोड़ते हुए वृक्षारोपण को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जाएगा,ताकि पर्यावरण संरक्षण,हरित विकास और सतत जीवन शैली के प्रति समाज में व्यापक जागरूकता विकसित की जा सके। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य,रजिस्ट्रार परमानंद सिंह,परीक्षा केंद्राध्यक्ष प्रो.राघवेंद्र सिंह,सहायक केंद्राध्यक्ष प्रो. विमल प्रकाश वर्मा,डॉ.बसंत कुमार सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी,शिक्षक,कर्मचारी एवं सभी शोधार्थी उपस्थित रहे।
रेवाड़ी जिले की कुंड चौकी पुलिस ने खेतों में लगे ट्यूबवेलों से कॉपर केबल चोरी करने वाले दो आरोपियों को वारदात के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव पाडला निवासी कुलदीप उर्फ अंकित और धीरज के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान चोरी का सामान बरामद करने और अन्य साथियों की पहचान करने का प्रयास किया जाएगा। दो किसानों के ट्यूबवेल बनाए निशाना जांच अधिकारी के अनुसार 26 जुलाई को गांव पाडला निवासी राजीव ने शिकायत दी कि गांव पाडला से हुडिया जाने वाले रास्ते पर स्थित उसके ट्यूबवेल से करीब 200 फुट कॉपर केबल चोरी हो गई। जांच के दौरान पता चला कि चोरों ने गांव मनेठी निवासी राजेश के ट्यूबवेल को भी निशाना बनाया और वहां से भी करीब 200 फुट कॉपर केबल काटकर ले गए। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष टीम गठित की। गुप्त सूचना और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को वारदात के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड मंजूर किया गया। अन्य वारदातों का भी होगा खुलासा पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी। चोरी की गई कॉपर केबल की बरामदगी के साथ यह भी पता लगाया जाएगा कि आरोपी क्षेत्र में अन्य चोरी की घटनाओं में शामिल रहे हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि चोरी का सामान किसे बेचा जाता था और इस गिरोह में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस कर रही आगे की जांच कुंड चौकी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी और चोरी के सामान की शत-प्रतिशत बरामदगी के लिए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) ने ग्वालियर रोड स्थित अटल पुरम योजना की सफलता के बाद ग्रेटर आगरा योजना में भी प्लॉटों की बुकिंग चल रही है। यहां की 2 टाउनशिप में 1626 प्लॉटों के सापेक्ष अब तक 908 आवेदन ही आए हैं। जबकि 2 दिन बाद बुकिंग की लास्ट डेट है। इनर रिंग रोड के पास स्थित रहनकलां-रायपुर में विकसित हो रहे ग्रेटर आगरा की गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में 29 जून से प्लॉटों की बुकिंग शुरू थी, जोकि 29 जुलाई तक चलेगी। गंगापुरम में विभिन्न श्रेणियों में 808 प्लॉट हैं। जबकि नर्मदापुरम में 718 प्लॉट हैं। इन दोनों टाउनशिप के लिए अब तक 908 आवेदन आए हैं। गंगापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या नर्मदापुरम योजना में प्लॉटों की संख्या अब विस्तार से पढ़िये… एडीए ने इनर रिंग रोड के पास लगभग 449 हेक्टेयर क्षेत्र में ग्रेटर आगरा योजना 7 अप्रैल को लांच की थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूमि पूजन कर इस योजना का शिलान्यास किया था। ग्रेटर आगरा में एडीए 10 नदियों के नाम पर 10 टाउनशिप विकसित कर रहा है। इनमें से गंगापुरम और नर्मदापुरम टाउनशिप में प्लॉटों की बुकिंग 29 जून से प्रारंभ कर दी गई है। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी। प्लॉटों की बुकिंग ऑनलाइन जनहित पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने बताया, इन योजनाओं में भूखंडों की कीमत 33 हजार रुपये प्रति वर्गमीटर रखी गई है। आवेदन के समय अनारक्षित वर्ग के आवेदकों को 10 फीसदी और आरक्षित वर्ग के आवेदकों को 5 फीसदी धनराशि जमा करानी होगी।ये होंगे 10 टाउनशिप के नाम सबसे बड़ी होगी गोमती पुरम टाउनशिप ले-आउट प्लाने के अनुसार, 49.45 हेक्टेयर में फैली ‘गोमतीपुरम’ सबसे बड़ी प्रस्तावित टाउनशिप होगी, जबकि 26.83 हेक्टेयर के साथ ‘सिंधुपुरम’ सबसे छोटी होगी। 8 टाउनशिप रेजीडेंशियल होंगी ग्रेटर आगरा की इनर रिंग रोड के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे, लखनऊ एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग-19 से बेहतर कनेक्टिविटी है, जिससे शहरवासी टाउनशिप में बुकिंग शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। इसके साथ ही वह प्लॉट की दरों के बारे में जानना चाहते हैं। ग्रेटर आगरा की 8 टाउनशिप में 4353 आवासीय भूखंड हैं। यमुनापुरम पूरी तरह व्यावसायिक केंद्र के रूप में विकसित की जाएगी, जबकि कावेरीपुरम में रिक्रिएशनल क्षेत्र रहेगा। यहां यमुना किनारे डूब क्षेत्र में और हाईटेंशन लाइन के नीचे हरित क्षेत्र रहेगा।
उन्नाव में 27वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर सोमवार दोपहर जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में हुए इस समारोह में कारगिल युद्ध के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम के दौरान शहीद स्मारक पर माल्यार्पण, दो मिनट का मौन, शहीद परिवारों का सम्मान और पौधरोपण जैसे आयोजन हुए। कार्यक्रम की शुरुआत सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर स्थित शहीद स्मारक पर जिलाधिकारी द्वारा माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करने से हुई। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों ने दो मिनट का मौन रखकर कारगिल के वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उत्तर प्रदेश सरकार की कारगिल शहीद परिवार पेंशन योजना के तहत जनपद के एकमात्र कारगिल शहीद लांस नायक अमर बहादुर सिंह की वीरांगना श्रीमती मिथलेश को ₹22,500 का चेक प्रदान किया। शहीद के माता-पिता मनमोहन सिंह एवं रामप्यारी को भी ₹15,000 की सम्मान राशि का चेक भेंट किया गया। अपने संबोधन में जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने कहा कि देश शहीद सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने शहीद परिवारों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा और प्रशासन उनके कल्याण के लिए हर संभव सहायता प्रदान करेगा। उन्होंने पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से किसी भी समस्या के समाधान के लिए सीधे प्रशासन से संपर्क करने का आग्रह किया। कारगिल विजय दिवस समारोह के उपलक्ष्य में शहीदों के सम्मान में सैनिकों और उनके परिवारों के साथ केक भी काटा गया। इस दौरान देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के साहस और बलिदान को याद करते हुए सभी ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत सैनिक कल्याण कार्यालय परिसर में पौधरोपण किया। उन्होंने संदेश दिया कि शहीदों की स्मृति को सम्मान देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण भी हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर जिला सैनिक बंधु के उपाध्यक्ष कर्नल डी.पी. सिंह, जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी स्क्वाड्रन लीडर मधु मिश्रा, वरिष्ठ सहायक राजेंद्र कुमार सैनी, उमाकांत, संजय सहित पूर्व सैनिक, शहीद परिवारों के सदस्य और अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बुरहानपुर में बिजली कंपनी मंगलवार, 28 जुलाई को 11 केवी आजाद नगर सहित चार फीडरों का रखरखाव करेगी। इस कारण शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सहायक यंत्री एचटी मेंटेनेंस रोहित भारती ने बताया कि 11 केवी आजाद नगर फीडर के रखरखाव कार्य के चलते 28 जुलाई मंगलवार को सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इससे अख्तर कॉलोनी, ट्रांसपोर्ट नगर, टीआईटी कॉलोनी, आदिल सेठ की डीपी और जलगांव डीजल के आसपास के क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। इसी तरह, 11 केवी नागझिरी फीडर, 11 केवी गुजराती स्कूल फर्स्ट फीडर और 11 केवी कांच मंदिर फीडर का रखरखाव भी 28 जुलाई मंगलवार को किया जाएगा। इन फीडरों से संबंधित क्षेत्रों में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में उदासीन आश्रम, नागझिरी घाट क्षेत्र, इतवारा क्षेत्र, बंगड़ीवाला क्षेत्र, बैरी मैदान, बुधवारा चौराहा, कादरिया स्कूल, बीबी की मस्जिद, कड़वी बाजार, हनुमान साइजिंग, आलमगंज क्षेत्र, सिंधीपुरा गेट क्षेत्र, आजाद नगर क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, केएल लाइन, सोनार पट्टी, सिंधी धर्मशाला, गुजराती स्कूल, कांच मंदिर क्षेत्र, सरदार पटेल कॉलोनी और खैरखानी वार्ड क्षेत्र शामिल हैं। अधिकारी ने बताया कि कार्य की आवश्यकता के अनुसार विद्युत प्रदाय बंद रहने का समय कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।
ब्यावर के देलवाड़ा रोड स्थित एक गार्डन में कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने, जनहित के मुद्दों पर सक्रियता बढ़ाने और आगामी नगरीय निकाय तथा पंचायती राज चुनावों की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सचिव एवं राजस्थान सहप्रभारी पूनम पासवान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी और जिला प्रभारी प्रतिष्ठा यादव प्रमुख रूप से मौजूद रहे। एआईसीसी सचिव पूनम पासवान ने कार्यकर्ताओं को कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने प्रत्येक बूथ को मजबूत करने, जनता के बीच लगातार सक्रिय रहने और आगामी चुनावों की तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान किया। जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी ने कहा कि संगठन की एकजुटता ही कांग्रेस की वास्तविक शक्ति है। उन्होंने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने और चुनावों में सफलता सुनिश्चित करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आग्रह किया। प्रदेश सचिव एवं जिला प्रभारी प्रतिष्ठा यादव ने संगठनात्मक अनुशासन, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन की महत्वपूर्ण कड़ी है और उसकी सक्रियता से ही कांग्रेस को मजबूती मिलेगी। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने कहा कि कांग्रेस हमेशा जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है और संगठन की मजबूती से ही जनता की आवाज प्रभावी ढंग से उठाई जा सकती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से निकाय एवं पंचायती राज चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। बैठक को विधानसभा प्रत्याशी पारस पंच, प्रदेश सचिव अर्चना सुराणा, आशीष पाल पदावत, पूर्व प्रधान लाल मोहम्मद, धर्मेश रिणवा, राजेश देवड़ा और महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष इशिका जैन सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त बनाने और चुनावों में कांग्रेस की सफलता के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर बल दिया। बैठक में जिला एवं ब्लॉक कांग्रेस पदाधिकारी, पीसीसी सदस्य, पूर्व एवं वर्तमान कांग्रेस प्रत्याशी, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, मंडल एवं बूथ अध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वृतंजय आर्य एवं जितेंद्र सिंह राजावत ने किया, जबकि जवाजा ब्लॉक अध्यक्ष धरमसिंह भाटी ने आभार व्यक्त किया। बैठक का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
रायबरेली में पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति अब तक फरार है। मृतक की बेटी ने अपर पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपी पिता की गिरफ्तारी और संपत्ति बेचने पर रोक लगाने की मांग की है। व्यक्ति पर अपनी पत्नी की लाठी-डंडों और ईंट से हमला कर हत्या करने का आरोप है। इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। घटना के बाद से आरोपी फरार बताया जा रहा है। मामला गुरुबक्शगंज थाना क्षेत्र के केलौली गांव का है। जानकारी के अनुसार, 21 जुलाई 2026 की सुबह करीब 5 बजे आरोपी रामशंकर पुत्र गुरुप्रसाद ने अपनी पत्नी मनोरमा पर कथित रूप से जानलेवा हमला किया। आरोप है कि उसने लाठी-डंडों और ईंट से मनोरमा के सिर और हाथों पर गंभीर वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। परिजनों ने गंभीर रूप से घायल मनोरमा को एंबुलेंस से जिला अस्पताल रायबरेली पहुंचाया। वहां उनकी हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें एम्स मुंशीगंज रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 25 जुलाई 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। सोमवार को मृतका की बेटी नेहा, निवासी केलौली, थाना गुरुबक्शगंज, अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची। उसने अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि उसके पिता ने उसकी मां पर ईंट और लाठियों से हमला किया था, जिसके कारण उनकी मौत हो गई। नेहा का आरोप है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका पिता खुलेआम घूम रहा है और परिवार को धमकी दे रहा है कि वह सारी जमीन-जायदाद बेचकर उन्हें बेघर कर देगा। इस मामले में गुरुबक्शगंज थाने में मुकदमा दर्ज है। मृतका की बेटी ने अपर पुलिस अधीक्षक से आरोपी रामशंकर की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करने और उसकी संपत्ति की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।
नाबालिग से रेप के दोषी को 12 साल की सजा:भरतपुर पॉक्सो कोर्ट ने 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
नाबालिग से दरिंदगी के दोषी को भरतपुर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-02 के जज ने 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही 55 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। आरोपी ने नाबालिग के घर में घुसकर उसका रेप किया था, जब नाबालिग ने विरोध किया तो, आरोपी ने उसकी कनपटी पर देसी कट्टा तान दिया था। रात डेढ़ बजे घर में घुसा था आरोपीलोक अभियोजक चंद्रकिशोर भारद्वाज ने बताया कि 17 सितंबर 2025 को एक व्यक्ति ने थाने में FIR दर्ज करवाते हुए बताया कि देर रात मेरी 15 साल की बेटी कमरे में अकेले सो रही थी। रात करीब डेढ़ बजे सागर नाम का युवक उसके घर में घुस आया। सागर नाबालिग के कमरे में गया और उसने नाबालिग के साथ रेप करने की कोशिश की। जब नाबालिग ने विरोध किया तो, सागर ने उसकी कनपटी पर कट्टा तान दिया और उसे जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ रेप किया। नाबालिग के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके परिजन उसके कमरे में गए तो सागर कमरे था। 10 साल की सजा, 55 हजार का जुर्माना लगायानाबालिग ने परिजनों को सारी घटना बताई, लेकिन कमरे में मौजूद आरोपी फरार हो गया। सुबह नाबालिग के पिता ने थाने में जाकर FIR दर्ज करवाई। मामला कोर्ट में गया। आज पॉक्सो कोर्ट संख्या-02 के विशिष्ठ न्यायाधीश सचिन गुप्ता ने आरोपी को 10 साल की सजा और 55 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया है।

