दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर का असर हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के संज्ञान लेने के बाद कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के काली पहाड़ी और चटनिया दह गांव में 20 साल पुराने जल संकट की समस्या का समाधान हो गया है। जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गांव में चापानल स्थापित किया है। इन गांवों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लगभग 100 लोग, जो करीब 10 परिवारों से संबंधित हैं, पिछले दो दशकों से पेयजल संकट से जूझ रहे थे। उन्हें घर से लगभग आधा किलोमीटर दूर जंगल में बहने वाले नालीनुमा पानी में चुआं खोदकर पानी छानना पड़ता था। यह पानी जानवरों, द्वारा भी इस्तेमाल किया जाता था, जिससे ग्रामीण अक्सर बीमार पड़ जाते थे। यह स्थिति ग्रामीणों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनी हुई थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का संज्ञान लेते हुए कोडरमा उपायुक्त को जल्द से जल्द समाधान का निर्देश दिया। इसके बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और पीएचडी (लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग) की एक टीम को मौके पर भेजकर जांच-पड़ताल करवाई। चूंकि यह गांव जंगल क्षेत्र में स्थित होने के कारण वन विभाग से विकास कार्यों की अनुमति मिलना एक बड़ी चुनौती थी। हालांकि, अनुमति मिलने के बाद, सोमवार को उक्त गांव में डीप बोरिंग करवाते हुए एक चापानल स्थापित किया गया, जिससे ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सका। --------------------- ये भी खबर पढ़िए कोडरमा के कारी पहाड़ी में जल संकट:20 साल से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं लोग, घर से आधा किलोमीटर दूर मिलता है पानी कोडरमा जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के कारी पहाड़ी और चटनिया दह गांवों में लगभग 100 लोग पिछले 20 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन घने जंगलों के बीच बसे 10 परिवारों को पीने के पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, हर दिन दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पानी के लिए उन्हें घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सोती नाला तक चढ़ाई-उतराई वाले रास्तों से गुजरना पड़ता है। वहां पहुंचकर वे पहले गंदे पानी से ही अपने बर्तन साफ करती हैं। पढ़िए पूरी खबर...
रामपुर में मंगलवार तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति घंटों बाधित रही। कई पुराने मकानों की दीवारें, गेट और टीनशेड भी ढह गए। आंधी-बारिश के चलते सिविल लाइन, अजीतपुर, पहाड़ी गेट और बिलासपुर गेट समेत कई बिजलीघरों से जुड़ी आपूर्ति प्रभावित हुई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जगह-जगह बिजली के खंभों और तारों पर पेड़ गिरने से फॉल्ट उत्पन्न हो गए, जिससे कई मोहल्लों में दिन में अंधेरा छा गया। बिजली विभाग की टीमें विद्युत आपूर्ति बहाल करने में लगातार जुटी हुई हैं। तेज हवाओं का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा। दिल्ली-नैनीताल हाईवे सहित कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर यातायात धीमा हो गया, जबकि कुछ रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने के बाद प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और पेड़ों को हटाकर यातायात सुचारू कराने का कार्य शुरू किया। बरेली गेट पर पाखड़ का एक पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसे मौके पर मौजूद सब इंस्पेक्टर ने जेसीबी की मदद से हाईवे से हटवाया। बारिश और तेज हवाओं के कारण कई पुराने मकानों की कमजोर दीवारें और लोहे के गेट गिर गए। हालांकि, किसी बड़े हादसे की कोई सूचना नहीं है। खराब मौसम के कारण लोग घरों में ही रहे। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
अमेठी में आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) शिकायतों के निस्तारण में प्रदेश में तीसरा और मंडल में पहला स्थान प्राप्त किया है। यह उपलब्धि जिलाधिकारी संजय चौहान के प्रयासों का परिणाम है, जो स्वयं शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेते हैं और तीन उप-जिलाधिकारियों (एसडीएम) द्वारा दिनवार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करते हैं। जिलाधिकारी संजय चौहान आईजीआरएस शिकायतों के प्रति गंभीर रहते हैं। वह प्रतिदिन सुबह 10 बजे से 12 बजे तक जनता की शिकायतों का अनुश्रवण करते हैं और उनके समयबद्ध निस्तारण का प्रयास करते हैं। इसके अतिरिक्त, वह फरियादियों से रैंडम आधार पर बातचीत कर उनकी शिकायतों के समाधान पर व्यक्तिगत फीडबैक भी लेते हैं। रजनीश के अनुसार, डॉक्टर ने रेखा को बच्चे के लिए दवा दी। रात करीब 1 बजे डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही, लेकिन सर्जन उपलब्ध न होने की जानकारी दी। जब पीड़ित ने कहीं और रेफर करने को कहा, तो डॉक्टर ने दोबारा प्रयास करने की बात कही। 12 अप्रैल को करीब 2:40 बजे बच्चा हुआ और दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। हालांकि, बच्चे के जन्म के बाद रेखा की हालत बिगड़ गई। इसके बाद डॉ. पवना मलिक ने सुबह 4 बजे पीड़ित परिवार को पानीपत के प्रेम हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। पीड़ित ने अपनी पत्नी को प्रेम हॉस्पिटल में भर्ती कराया है।
सागर जिले के जरुआखेड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में एक 20 वर्षीय युवती के साथ मारपीट और उसे कीटनाशक पिलाने का मामला सामने आया है। गंभीर हालत में युवती को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए हैं और जांच शुरू कर दी है। शादी से मुकरा, घर बुलाकर परिजनों के साथ पीटापीड़िता के अनुसार, उसका पिछले तीन साल से नीलेश कुशवाहा के साथ प्रेम प्रसंग था। नीलेश ने पहले शादी का वादा किया था, लेकिन हाल ही में उसने किसी अन्य लड़की से शादी कर ली। जब युवती ने इस बारे में बात करने के लिए कहा, तो नीलेश ने उसे अपने घर बुलाया। आरोप है कि वहां नीलेश और उसके परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की। अस्पताल में छोड़कर भागे आरोपीयुवती के भाई ने आरोप लगाया है कि विरोध करने पर आरोपियों ने उसकी बहन को जबरदस्ती कीटनाशक पिला दिया। इसके बाद हालत बिगड़ने पर वे लोग ही उसे अस्पताल में भर्ती कराकर वहां से भाग गए। जरुआखेड़ा चौकी पुलिस दर्ज बयानों के आधार पर पूरे मामले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर रही है।
शामली में एक निजी अस्पताल की महिला डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार और किसान संगठनों ने सीएमओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने एडिशनल सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों का आरोप है कि पैसों के लालच में महिला के उपचार में लापरवाही बरती गई। जब महिला की हालत गंभीर हो गई, तो उसे दूसरे अस्पताल रेफर कर दिया गया। यह मामला शामली जनपद के थाना भवन थाना क्षेत्र के गांव मानपुर का है। मानपुर निवासी रजनीश सिंह ने अपनी पत्नी रेखा को प्रसव पीड़ा के दौरान 11 अप्रैल की रात करीब 9 बजे कैराना रोड स्थित संजीवन हॉस्पिटल में डॉ. पवना मलिक की देखरेख में भर्ती कराया था। रजनीश के अनुसार, डॉक्टर ने रेखा को बच्चे के लिए दवा दी। रात करीब 1 बजे डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कही, लेकिन सर्जन उपलब्ध न होने की जानकारी दी। जब पीड़ित ने कहीं और रेफर करने को कहा, तो डॉक्टर ने दोबारा प्रयास करने की बात कही। 12 अप्रैल को करीब 2:40 बजे बच्चा हुआ और दो यूनिट ब्लड भी चढ़ाया गया। हालांकि, बच्चे के जन्म के बाद रेखा की हालत बिगड़ गई। इसके बाद डॉ. पवना मलिक ने सुबह 4 बजे पीड़ित परिवार को पानीपत के प्रेम हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। पीड़ित ने अपनी पत्नी को प्रेम हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। ओर उसकी हालत देखने के बाद डॉक्टर ने बताया।कि प्रसव करने के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के चलते यूटेरस (बच्चेदानी) डैमेज हो गई है। जिसको हमे तत्काल निकालना पड़ेगा।प्रार्थी ने लगभग 18 यूनिट ओम प्लाजा मैन इत्यादि अनेक व्यवस्थाएं की थी कि तन जाकर पीड़िता का ऑपरेशन किया और पीड़ित की पत्नी को बामुश्किल बचाया जा सका।जबकि उसकी बच्चेदानी को निकलना पड़ा। अभी भी प्रेम हॉस्पिटल में उनका इलाज लगातार जारी है।प्रार्थी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर पवना मलिक संजीवन हॉस्पिटल केराना रोड स्थित पर कठोर दंडनात्मक कार्रवाई की जाए।जिससे अन्य महिलाओं की स्थिति ऐसी ना हो।जिसके चलते अब उन्होंने किसान संगठनों के साथ मिलकर सीएमओ के नाम एडिशनल सीएमओ अतुल बंसल को एक ज्ञापन सोपा। उन्होंने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
रीवा के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत दीप ज्योति स्कूल के पास देर रात करीब 1:15 बजे एक युवती और डायल 112 में तैनात पुलिसकर्मी के बीच विवाद हो गया। सड़क पर हुई इस तीखी बहस के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीर ने बनाया वीडियो, विवाद का कारण अज्ञातघटना के दौरान वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने अपने मोबाइल से इसका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। सामने आए इस वीडियो में युवती, पुलिसकर्मी पर नाराजगी जताती हुई दिखाई दे रही है और पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद है। फिलहाल दोनों के बीच विवाद की असली वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब तक किसी भी पक्ष या पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी या बयान जारी नहीं किया गया है।
हाथरस में बहुजन मुक्ति पार्टी ने तहसील सदर में प्रदर्शन किया। पार्टी ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में केंद्र सरकार पर महंगाई और बेरोजगारी बढ़ाने का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने कहा कि स्मार्ट मीटर से अधिकतम बिजली बिल थोपे जा रहे हैं, जबकि महंगे घरेलू गैस और पेट्रोल-डीजल ने आम जनता की आर्थिक स्थिति खराब कर दी है। इसके विरोध में तीन चरणों में राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। पार्टी ने स्मार्ट मीटर को अपारदर्शी बताया। उनका आरोप है कि निजी कंपनियां इन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की तरह गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल कर रही हैं। ज्ञापन में कहा गया कि स्मार्ट मीटर से लोगों के रोजगार छीने जा रहे हैं और इनमें 'सिम' होने के कारण बिजली की यूनिट आसानी से बढ़ाई जा सकती है। बहुजन मुक्ति पार्टी के अनुसार, स्मार्ट मीटर 20-30 प्रतिशत तेजी से चल रहे हैं, जिससे बिजली के बिल बढ़ रहे हैं। आरोप है कि सरकार की मदद से निजी कंपनियां स्मार्ट मीटर के जरिए जनता को लूट रही हैं। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि 20 रुपये या इससे कम माइनस बैलेंस होने पर निजी कंपनियां तुरंत बिजली काट देती हैं। इसके अलावा, क्षेत्र में बिजली आपूर्ति चालू रहने के बावजूद कई लोगों की बिजली एक साथ काट दी जाती है। उपभोक्ताओं पर बिना बिजली सप्लाई के भी स्मार्ट मीटर द्वारा बिल थोपे जा रहे हैं। गैस सिलेंडरों के लिए उपभोक्ताओं को एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है, फिर भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति रुकने से होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट जैसे व्यवसायों का काम पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे बेरोजगारी बढ़ रही है। समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग ज्ञापन में अन्य समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर सूरजपाल सिंह, प्रेमचंद, बच्चू सिंह, अनीता बौद्ध आदि मुख्य रूप से मौजूद थे।
पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद जौनपुर में एक बार फिर मौसम गर्म हो गया है। मौसम में आए इस बदलाव के साथ तापमान लगातार बढ़ने लगा है और लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अगले एक सप्ताह में 6 से 8 डिग्री तक बढ़ सकता है तापमान मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी एक सप्ताह में तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि हो सकती है। राज्य मौसम केंद्र के प्रभारी डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि फिलहाल कोई सक्रिय मौसम तंत्र प्रभावी नहीं है, जिससे मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा और गर्मी और बढ़ेगी। तेज धूप से दिन में सड़कों पर घटा आवागमन तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही कम हो गई है। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों और दफ्तरों में ही रह रहे हैं। हालांकि अभी लू चलने की आधिकारिक चेतावनी जारी नहीं की गई है, लेकिन बढ़ता तापमान आने वाले दिनों की कठिनाइयों का संकेत दे रहा है।
दौसा के मानपुर थाना क्षेत्र में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। घटनाक्रम बीती रात कुंडेरा डूंगर रोड पर हुआ। पुलिस में शव को सिकराय उपजिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। युवक की मौत के मामले में मंगलवार को परिजन और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने हादसे को हत्या बताते हुए आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल के सामने सड़क जाम कर धरना दिया, जिससे मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। हालांकि पुलिस ने समझाइश के बाद रास्ता खुलवाया। ऑटो ड्राइवर पर लगाया आरोप जानकारी के अनुसार देर रात सिकराय से अपने गांव जा रहे बाइक सवार अशोक महावर को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच शव को उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मंगलवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के लिए परिजनों को अस्पताल में बुलाया, जहां मृतक के परिजनों ने एक ऑटो ड्राइवर पर टक्कर मारने का आरोप लगाया। परिजनों का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी होने तक शव नहीं लेंगे और पोस्टमार्टम भी नहीं करवाया जाएगा। सड़क जाम कर बैठे घटना से नाराज ग्रामीण और परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल के बाहर एकत्र हो गए। महिला-पुरुष सड़क जाम कर धरने बैठ गए और ड्राइवर की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। प्रदर्शन के चलते कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों व परिजनों से समझाइश के बाद जाम खुलवाया। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
अलवर शहर के शिवाजी पार्क टैंपो स्टैंड के निकट भूमि विकास बैंक में चपरासी ने बैंककर्मी को लाठी-डंडे से इतना पीटा कि एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया। बैंक मैनेजर सहित अन्य कर्मचारी भी खौफ में हैं। कइयों ने मारपीट करने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पर आरोप लगाए कि आए दिन हंगामा करता है। कई बार मारपीट कर चुका है। हथियार होने की धमकी देता है। अब पुलिस मामले की जांच में लगी है। मारपीट की घटना 11 मई की है। भूमि विकास बैंक में बैंकिंग सहायक लेख राज सैनी पुत्र रामनिवास निवासी तिजारा ने रिपोर्ट दी कि 11 मई को बैंक परिसर में साफ-सफाई का काम चल रहा था। कर्मचारियों की आपसी खींचतान के कारण दोपहर के समय अचानक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिवा पुत्र मनोज कुमार ने गाली गलौज करना शुरू कर दिया। बैंक में महिलाकर्मी भी मौजूद थे। गाली गलौज करने का लेखराज सैनी ने विरोध किया तो शिवा ने सबसे पहले उस पर कुर्सी उठाकर फेंकी। कुछ देर बाद डंडा लेकर हमला कर दिया। जिससे हाथ-पैर व सिर पर चोट आई है। इस दौरान बैंक के सहायक छोटेलाल, अनिल, संदीप, सुशीला व शैलेश सहित कई कर्मचारियो ने बीच बचाव किया। वरना जान से मार देता। बैंक के दूसरे कर्मचारियों ने कहा कि आए दिन हंगामा करता है। कर्मचारियों को धमकी देता रहता है। अवैध हथियार होने की बात कहता है। बैंक मैनेजर सहित पूरा स्टाफ को डर है। अब इस मामले में पुलिस जांच कर रही है। इस मामले में बैंक मैनेजर
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने मीरी पीरी चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका को खारिज करते हुए फैसला हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (HSGMC) के पक्ष में सुनाया है। इसके साथ ही अब शाहाबाद जीटी रोड स्थित मीरी-पीरी संस्थान का प्रबंधन HSGMC संभालेगी। सूत्रों के अनुसार कमेटी जल्द ही संस्थान का प्रशासनिक नियंत्रण अपने हाथों में ले सकती है। फैसले से पहले ही कुरुक्षेत्र स्थित HSGMC मुख्यालय में प्रधान जगदीश सिंह झींडा ने सदस्यों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तैयार की थी। प्रधान बोले- संगत की भावनाओं के अनुरूप चलेगा प्रबंधन फैसले के बाद झींडा ने कहा कि संस्थान के किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा और न ही संस्थान का नाम बदला जाएगा। उन्होंने कहा कि HSGMC का उद्देश्य केवल संस्थान की सेवाओं को बेहतर बनाना और संगत की भावनाओं के अनुरूप प्रबंधन चलाना है। वहीं पूर्व प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने सभी सिख संगत का आभार जताया है। यह मामला आज मंगलवार को जस्टिस जगमोहन बंसल की अदालत में सुनवाई के लिए लगा था। इससे पहले 8 मई को दोनों पक्षों की बहस पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मंगलवार को जैसे ही फैसला आया, कुरुक्षेत्र से लेकर शाहाबाद तक सिख संगत और संस्थान से जुड़े लोगों में हलचल तेज हो गई। 2022 के बाद शुरू हुआ था विवाद दरअसल यह विवाद वर्ष 2022 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी को मान्यता दिए जाने के बाद शुरू हुआ था। इसके बाद हरियाणा सरकार ने चुनाव तक एडहॉक कमेटी बनाई थी। फिर 4 सितंबर 2024 को HSGMC ने मेडिकल सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक मेडिकल बोर्ड गठित किया था। इस मेडकिल बोर्ड में ट्रस्ट से जुड़े कुछ सदस्यों को भी शामिल किया गया था। लेकिन ट्रस्ट प्रबंधन ने इसे निजी ट्रस्ट के मामलों में दखल बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। 3 अक्टूबर 2024 को हाईकोर्ट ने बोर्ड के गठन पर स्टे लगा दिया था, जो अब तक जारी था। एसजीपीसी जा सकती है सुप्रीम कोर्ट अब हाईकोर्ट द्वारा ट्रस्ट की याचिका खारिज किए जाने के बाद HSGMC को संस्थान की सेवा-संभाल का रास्ता साफ हो गया है। हालांकि हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी विवाद पूरी तरह खत्म होता नजर नहीं आ रहा। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) से जुड़े नेताओं ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि फैसला उनके पक्ष में नहीं आया तो वे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। SGPC के पूर्व उपाध्यक्ष हरभजन मसाना ने कहा था कि SGPC हर साल संस्थान पर करोड़ों रुपए खर्च करती है और जरूरत पड़ने पर वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत:तीन घायल जिला अस्पताल में भर्ती, सरकण पेट्रोल पंप के पास हादसा
डूंगरपुर जिले में सरकण पेट्रोल पंप के पास दो मोटरसाइकिलों की भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सदर थाना के हेड कॉन्स्टेबल सुरेंद्र कुमार ने बताया कि तीजवड निवासी पुष्पेंद्र डामोर अपने चचेरे भाई गोविंद और एक अन्य साथी संजय के साथ बाइक से पेट्रोल भरवाने जा रहे थे। सरकण पेट्रोल पंप के पास पहुंचने पर सामने से गलत दिशा से आ रही एक अन्य मोटरसाइकिल ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइकों पर सवार सभी लोग सड़क पर गिरकर घायल हो गए। सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस की मदद से घायलों को तुरंत डूंगरपुर के जनरल अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पुष्पेंद्र डामोर को मृत घोषित कर दिया। शव फिलहाल मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। वहीं, तीन घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
अशोकनगर जिले की बहादुरपुर थाना पुलिस ने असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाते हुए दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की है। पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध हथियार के साथ पकड़ा है, जबकि दूसरे मामले में मारपीट के एक फरार आरोपी को दबोचा गया है। दोनों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। घेराबंदी कर तलवार सहित पकड़ापुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बरखेड़ा भोगी स्थित शिव मंदिर के पास एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर घूम रहा है। टीम ने घेराबंदी कर 55 वर्षीय गोविंद दांगी को पकड़ लिया। उसके कब्जे से एक तलवार बरामद कर आयुध अधिनियम की धारा 25(बी) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। धमकी और मारपीट मामले में भी कार्रवाईएक अन्य कार्रवाई में मिर्जापुर निवासी 44 वर्षीय आज्ञाराम कटारिया को गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने 30 मार्च को गांव के ही तौफान सिंह कटारिया के साथ मारपीट कर जान से मारने की धमकी दी थी। घटना के बाद से ही वह फरार चल रहा था। इन दोनों कार्रवाइयों में थाना प्रभारी नीलम सिंह यादव सहित एसआई रामनरेश बरुआ और देवसिंह भिलाला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बलिया में परिवहन विभाग मोडिफाइड साइलेंसर, हूटर और प्रेशर हॉर्न के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय ने बताया कि नियम तोड़ने वाले वाहन स्वामियों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन (आरसी) निलंबित किए जाएंगे। यह कार्रवाई शासन के निर्देशों के तहत की जा रही है। विभाग ने 07 मई से 12 मई तक एक विशेष अभियान चलाया। इस दौरान 13 मोडिफाइड साइलेंसर, 7 हूटर और 18 प्रेशर हॉर्न वाले वाहनों का चालान किया गया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मोडिफाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का उपयोग मोटर वाहन अधिनियम की धारा 54 एवं 190(2) के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। चालान के साथ-साथ संबंधित वाहन स्वामियों को नोटिस भी भेजी जा रही है, जिसके बाद उनके लाइसेंस और आरसी के निलंबन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह अभियान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी अरुण कुमार राय और यात्री कर अधिकारी अरविंद कुमार जैसल के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि ऐसे उपकरणों का उपयोग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। परिवहन अधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
कानपुर में पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद महिला मंगलवार दोपहर 50 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गई। घटना की जानकारी से अधिकारियों में हड़कंप मच गया, जिसपर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्टाफ आफीसर अमरनाथ यादव ने कहा कि टॉवर से नीचे उतर आओ, तभी बात हो सकेगी, चलो तुम्हे जज साहब के पास ले चलेंगे… जिस पर महिला ने कहा कि जब तक मेरे पति जेल से नही छूटेंगे तब तक मैं टॉवर से नहीं उतरूंगी।
पीएचईडी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी 13 और 14 मई को डीडवाना-कुचामन जिले के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे ग्राम रथ अभियान के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित रात्रि चौपाल और जन संवाद कार्यक्रमों में भाग लेकर आमजन से सीधा संवाद करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिला प्रभारी मंत्री चौधरी 13 मई को सुबह 10 बजे पुष्कर से रवाना होंगे। वे सुबह 11 बजे परबतसर क्षेत्र के खुंडियायास पहुंचेंगे, जहां ग्राम रथ अभियान और जन संवाद कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद शाम 4:30 बजे खुंडियायास से प्रस्थान कर शाम 5:30 बजे मकराना के ग्राम मिण्डकिया पहुंचेंगे। यहां वे ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित रात्रि चौपाल और जन संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम के बाद उनका रात्रि विश्राम कुचामन में होगा। 14 मई को प्रभारी मंत्री कुचामन से मेड़ता के लिए रवाना होंगे। मेड़ता से शाम 4:30 बजे प्रस्थान कर वे शाम 6 बजे लाडनूं क्षेत्र के गेनाणा गांव पहुंचेंगे। यहां वे ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित रात्रि चौपाल में आमजन से संवाद करेंगे। इसके बाद रात 9 बजे गेनाणा से रवाना होकर रात 10 बजे कुचामन पहुंचेंगे, जहां उनका रात्रि विश्राम प्रस्तावित है।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) से जुड़े पेपर लीक मामलों में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की जांच अब बड़े अधिकारियों तक पहुंच गई है। एसओजी सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी ने आरपीएससी के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. शिव सिंह राठौड़ को पूछताछ के लिए तलब किया है। फिलहाल एसओजी की टीम उनसे गहन पूछताछ कर रही है। एसओजी सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 के पेपर लीक मामले से जुड़ी हुई है। जयपुर स्थित एसओजी मुख्यालय में जांच एजेंसी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस बड़े पेपर लीक रैकेट का खुलासा किया था। जांच में सामने आया था कि इस भर्ती परीक्षा का पेपर लाखों रुपए में बेचा गया था। बताया जा रहा है कि पूर्व में गिरफ्तार मास्टरमाइंड शेर सिंह मीणा ने लेक्चरर पेपर लीक में पूर्व अध्यक्ष का नाम लिया था। इसमें कितनी सच्चाई है, इसकी पुष्टि के लिए एसओजी के अधिकारी अब दोनों से आमने-सामने पूछताछ भी कर सकती है। पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई हो चुके हैं गिरफ्तार जांच एजेंसी इस पूरे मामले में आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा सहित कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इन गिरफ्तारियों और जांच के दौरान हुए खुलासों के बाद ही आयोग के बड़े अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई थी। जांच में मिले सुरागों की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. राठौड़ से विस्तृत पूछताछ की जा रही है। कार्यवाहक अध्यक्ष के कार्यकाल से जुड़ी हैं भर्तियां डॉ. शिव सिंह राठौड़ को दिसंबर 2021 में आरपीएससी का कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया था। वे आयोग के सबसे युवा चेयरमैनों में गिने जाते हैं। पेपर लीक का कथित दौर भी इसी अवधि के आसपास आयोजित भर्तियों से जुड़ा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी लंबे समय से इन धांधलियों को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आयोग के पूर्व अध्यक्ष सहित अन्य शीर्ष पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठा रहे थे। अभ्यर्थियों के आंदोलन और दबाव का असर पेपर लीक प्रकरणों से नाराज प्रतियोगी अभ्यर्थी इस कार्रवाई को ‘आरपीएससी में बैठे जिम्मेदारों तक जांच की आंच पहुंचने’ के संकेत के तौर पर देख रहे हैं। एसओजी सूत्रों के अनुसार, फिलहाल एजेंसी की ओर से केवल पूछताछ की जा रही है और आगे की संभावित कार्रवाई को लेकर कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ये भी पढ़ें.. कटारा ने कृषि विज्ञान लेक्चरर भर्ती का पेपर भी बेचा:पेपरलीक माफिया से 60 लाख रुपए और भांजे के लिए भूगोल का पेपर लिया था राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के पूर्व मेंबर बाबूलाल कटारा ने स्कूल व्याख्याता (कृषि विज्ञान) भर्ती परीक्षा-2022 का पेपर 60 लाख रुपए में बेचा था। कटारा ने अपने भांजे के लिए भूगोल का पेपर भी मांगा था। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में यह खुलासा हुआ है। (पूरी खबर पढ़ें)
बहराइच में कानून व्यवस्था को बेहतर करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक ने 16 पुलिसकर्मियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इसमें तीन निरीक्षकों और 13 उपनिरीक्षकों के तबादले शामिल हैं। एक निरीक्षक और दो उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव ने कोतवाली नगर में तैनात उप निरीक्षक विशेष सिंह को चौकी चौक का नया प्रभारी नियुक्त किया है। अन्य नियुक्तियों में, लाइन में तैनात निरीक्षक सुरेश चंद्र राय को प्रभारी सम्मन सेल बनाया गया है। मुकेश मिश्रा को थाना नवाबगंज का निरीक्षक अपराध नियुक्त किया गया है। उप निरीक्षक अभय कुमार पांडे को चौकी टिकोरा मोड़ का प्रभारी बनाया गया है। इन लोगों का हुआ तबादला इसके अतिरिक्त, रोहित कुमार शर्मा को चौकी रायबोझा, अमित प्रताप सिंह को चौकी दौलतपुर, अरविंद राय को चौकी कटीलिया, हेमंत सिंह को चौकी हाइवे और चंद्रसेन को चौकी रायपुर राजा का प्रभार सौंपा गया है। वहीं, नवाबगंज में तैनात निरीक्षक अशोक कुमार वर्मा, चौकी हाइवे प्रभारी अयोध्या सिंह और कारीकोट चौकी प्रभारी राम सुधार यादव को पुलिस लाइन भेज दिया गया है।
खंडवा में मंगलवार सुबह प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के आगमन और विकास कार्यों के भूमिपूजन से ठीक पहले पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष मुल्लु राठौर को उनके निवास से हिरासत में ले लिया। पुलिस सुबह 9 बजे उनके घर पहुंची और बिना कोई स्पष्ट कारण बताए उन्हें गिरफ्तार कर कोतवाली थाने ले आई। यह कार्रवाई मंत्री के संभावित विरोध प्रदर्शन को रोकने के उद्देश्य से की गई थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट और थाने में कांग्रेस की चेतावनीहिरासत में लिए जाने के बाद राठौर ने मोबाइल के माध्यम से सोशल मीडिया पर अपनी गिरफ्तारी की जानकारी साझा की। सूचना मिलते ही शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी पदाधिकारियों के साथ कोतवाली पहुंच गईं। उन्होंने पुलिस प्रशासन को सीधी चेतावनी दी कि यदि दो मिनट के भीतर नेता प्रतिपक्ष को रिहा नहीं किया गया, तो शहर में जगह-जगह चक्काजाम किया जाएगा। इस दबाव के चलते पुलिस को अपनी वह योजना बदलनी पड़ी जिसमें मंत्री के खंडवा से लौटने के बाद ही राठौर को छोड़ने का तय किया गया था। सड़क की बदहाली और भारी काफिले पर उठाना था सवालरिहाई के बाद दैनिक भास्कर से चर्चा में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि वे शहर की बुनियादी समस्याओं, विशेषकर खंडवा-मूंदी मार्ग की जर्जर स्थिति और जिले के पिछड़ेपन को लेकर प्रभारी मंत्री से चर्चा करना चाहते थे। उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि एक तरफ प्रधानमंत्री ईंधन बचाने की अपील करते हैं, वहीं मंत्री पूरे काफिले के साथ शहर में घूम रहे हैं। राठौर ने अपनी गिरफ्तारी को प्रशासन की चापलूसी करार देते हुए कहा कि विरोध करना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है।
दमोह जिले के फुटेराकलां गांव में मंगलवार सुबह एक युवक शादी की जिद पर 150 फीट ऊंचे बिजली टावर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे तक वह टावर पर रहा, जिसके बाद पशुपालन मंत्री लखन पटेल से बात कराने के आश्वासन पर नीचे उतरा। जिस समय युवक टावर पर चढ़ा था, उस दौरान सप्लाई बंद थी, जिससे उसकी जान बच गई। स्थानीय लोगों ने बिजली कंपनी को सूचना दी, जिसके बाद बिजली आपूर्ति स्थायी रूप से बंद कर दी गई। युवक को मानसिक विक्षिप्त बताया जा रहा है। सुबह 8 बजे चढ़ा था टावर पर यह घटना बटियागढ़ ब्लॉक के फुटेराकलां गांव की है। युवक की पहचान 30 वर्षीय गणेश पिता काशीराम पटेल के रूप में हुई है। सुबह करीब 8 बजे गणेश 33 केवी बिजली लाइन के टावर पर चढ़ा। स्थानीय लोगों ने उसे नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। तस्वीरें देखिए… सुबह 11 बजे उतरा नीचे सूचना मिलने पर बटियागढ़ तहसीलदार, टीआई और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस और प्रशासन ने युवक को शादी कराने और मंत्री पशुपालन मंत्री लखन पटेल से बात कराने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद वह दोपहर करीब 11 बजे टावर से नीचे उतरा। नीचे उतरने के बाद उसने मंत्री से फोन पर बात की और अपनी समस्याएं बताईं। युवक का कहना था कि उसकी शादी कराई जाए और उसे कुछ रोजगार दिलाया जाए। मंत्री से बात के बाद नीचे उतरा स्थानीय निवासी अमित ने बताया कि युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त है। वह शादी की जिद पर टावर पर चढ़ गया था। गनीमत रही बिजली बंद थी इसलिए उसकी जान बच गई। उन्होंने युवक से बात की और कहा कि वह पशुपालन मंत्री लखन पटेल से उसकी बात कराएंगे। ताकि उसकी शादी हो जाए और रोजगार का प्रबंध हो जाए। युवक ने यह बात मानी और वह नीचे उतर आया। इसके बाद मंत्री ने युवक से फोन पर बात की। मंत्री लखन पटेल को युवक ने बताया कि उसकी शादी नहीं हो रही है इसलिए उसकी शादी कराई जाए और रोजगार उपलब्ध कराया जाए। मंत्री ने उसे रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। तीन दिन पहले भी की थी कोशिश युवक के पिता ने बताया कि तीन दिन पहले भी वह इसी तरह टावर पर चढ़ रहा था, लेकिन उस समय ग्रामीणों और परिजनों ने समझाइश देकर उसे नीचे उतार लिया था। शुक्रवार सुबह उसने फिर वही हरकत दोहराई। फुटेरा कला चौकी प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि युवक की कुछ शादी की और रोजगार की समस्या है। इसी को लेकर वह टावर पर चढ़ गया था। उसे समझाइश दी गई। जिसके बाद वह नीचे उतरा।
आजमगढ़ में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी संख्या में महिलाओं ने समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव के अनवरगंज स्थित नए आवास का घेराव करके अपना विरोध जताया है। विरोध प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना है कि जिस तरह से संसद में महिलाओं से संबंधित बिल पास नहीं हुआ है। इसमें विपक्ष की भूमिका नकारात्मक रही है। भाजपा की महिला जिला अध्यक्ष बबीता जर्सारिया क्या कहना है कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को सामाजिक आर्थिक रूप के साथ ही राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना चाहते हैं। इसी को लेकर महिला आरक्षण बिल सदन में लाया गया था। पर जिस तरह से विपक्ष ने निगेटिव वोटिंग की है निश्चित रूप से दुर्भाग्यपूर्ण है। विपक्ष के लोग अपने घर की महिलाओं को तो राजनीति में आगे बढ़ना चाहते हैं पर बड़ी संख्या में जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को राजनीति में लाना चाहते हैं विपक्ष के लोग नहीं चाहते हैं। यही कारण है कि इन लोगों ने महिला आरक्षण बिल के विरोध में वोटिंग की है जिसके कारण महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका। चार दिनों तक चलता रहेगा प्रदर्शन महिला जिला अध्यक्ष का कहना है कि हम लोगों का आज से शुरू हुआ। यह प्रदर्शन आगामी चार दिनों तक चलता रहेगा। बड़ी संख्या में महिलाएं सपा सांसद धर्मेंद्र यादव के आवास के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध जताएंगी। महिला जिला अध्यक्ष का कहना है कि विपक्ष के रवैया से हम लोग बहुत ही नाराज हैं। यही कारण है कि लगातार हम लोग विरोध प्रदर्शन करते रहेंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने नारेबाजी भी कि हम भारत की नारी हैं। फूल नहीं चिंगारी हैं।
चित्तौड़गढ़ जिले की भदेसर तहसील के सुखवाड़ा, हसमतगंज, वजीरगंज और गणपत खेड़ा गांवों के ग्रामीणों ने इलाके में प्रस्तावित माइनिंग लीज का विरोध शुरू कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों के बीच स्थित बिलानाम जमीन पर खनन शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन इससे पूरे क्षेत्र का पर्यावरण खराब हो जाएगा। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इस जमीन पर किसी भी तरह की माइनिंग लीज जारी नहीं की जाए। ग्रामीणों के अनुसार यह पूरा इलाका हल्का पहाड़ी क्षेत्र है, जहां पहले से तालाब, तलाई, एनीकट और वाटरशेड योजना के तहत पौधारोपण और ट्रेंच का काम किया गया है। इसके अलावा यहां सैकड़ों बीघा चारागाह भूमि भी मौजूद है, जहां आसपास के कई गांवों के मवेशी चरने आते हैं। खेती खराब होने की चिंता ग्रामीणों ने बताया कि जिस जमीन पर खनन की बात सामने आ रही है, वहां बड़ी संख्या में खेजड़ी, बबूल और दूसरे पेड़ लगे हुए हैं। खेजड़ी राजस्थान का राजकीय पेड़ भी है। लोगों का कहना है कि अगर यहां खनन शुरू हुआ तो हजारों पेड़ काट दिए जाएंगे, जिससे पर्यावरण को बड़ा नुकसान होगा। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि खनन के दौरान उड़ने वाली धूल मिट्टी आसपास की खेती पर भी असर डालेगी और फसलें खराब हो सकती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र के पास पांच तालाब भी हैं, जिनमें पूरे साल पानी भरा रहता है। इन तालाबों से पशु-पक्षियों को पानी मिलता है और इनका मुख्य जल स्रोत यही पहाड़ियां हैं। ऐसे में अगर पहाड़ियों में खनन हुआ तो पानी का संकट भी खड़ा हो सकता है। सर्वसम्मति से विरोध का फैसला ग्रामीणों ने बताया कि 25 अप्रैल को हुई ग्रामसभा में माइनिंग लीज के विरोध में प्रस्ताव पारित किया गया था। ग्रामसभा में मौजूद ग्रामीणों, वार्ड पंचों और प्रशासक ने एकमत होकर फैसला लिया कि इस क्षेत्र में माइनिंग लीज नहीं दी जानी चाहिए। इसके बाद गांवों के लोगों ने अलग से बैठक कर भी खनन का विरोध करने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि वे अपने क्षेत्र में किसी भी कीमत पर खनन कार्य शुरू नहीं होने देंगे। लोगों का कहना है कि अगर विरोध के बावजूद किसी ठेकेदार को लीज दी गई तो गांव के लोग मौके पर जाकर काम रुकवाएंगे। ग्रामीणों ने इसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार पर डालते हुए कहा कि बाद में किसी तरह की स्थिति बनती है तो उसके लिए प्रशासन जिम्मेदार होगा। चुनाव बहिष्कार की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर माइनिंग लीज का आवंटन किया गया तो पंचायत क्षेत्र के लोग आने वाले सभी चुनावों का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने गांव की पहाड़ियों, पेड़ों, पानी के स्रोत और चारागाह भूमि को बचाने के लिए एकजुट हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रस्तावित खनन कार्य को तुरंत रोका जाए ताकि हजारों पेड़ बच सकें और पर्यावरण सुरक्षित रह सके। साथ ही गांवों की चारागाह भूमि और तालाबों को भी नुकसान से बचाया जा सके।
भोपाल के छोला मंदिर इलाके में बाइक टकराने के विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार रात की थी। युवक ने मंगलवार तड़के इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार रासलाखेड़ी निवासी अजय लोधी (20) प्राइवेट जॉब करता था। रविवार शाम करीब 7:30 बजे उसके चचेरे भाई नितिन लोधी की बाइक राम मंदिर के पास एक नाबालिग से टकरा गई थी। नाबालिग सबरी नगर में आयोजित माता पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आया था। बाइक टकराने पर नाबालिग के साथ आए दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने नितिन से विवाद किया। सूचना मिलने पर अजय लोधी मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव किया। इस दौरान दीपक ने उसे धमकी दी। रात में फिर हुआ आमना-सामना इस विवाद के कुछ देर बाद ही रासलाखेड़ी इलाके में दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। यहां दोनों ओर से मारपीट हुई। इसी दौरान दीपक ठाकुर ने साथियों के साथ मिलकर अजय लोधी पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू अजय के पेट में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी आंते बाहर आ गई थीं। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हत्या का केस दर्ज, दो गिरफ्तार छोला मंदिर थाना पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। युवक की मौत के बाद धारा बढ़ाकर हत्या का मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर और उसके एक साथी को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
भोपाल के छोला मंदिर इलाके में बाइक टकराने को लेकर हुए विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटना शनिवार रात की है, जबकि मंगलवार तड़के इलाज के दौरान युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। माता पूजन में आए नाबालिग से टकराई बाइक पुलिस के अनुसार रासलाखेड़ी निवासी अजय लोधी (20) प्राइवेट जॉब करता था। रविवार शाम करीब 7:30 बजे उसके चचेरे भाई नितिन लोधी की बाइक राम मंदिर के पास एक नाबालिग से टकरा गई थी। नाबालिग सबरी नगर में आयोजित माता पूजन कार्यक्रम में शामिल होने आया था। बाइक टकराने को लेकर नाबालिग के साथ आए दीपक ठाकुर और उसके साथियों ने नितिन से विवाद किया। सूचना मिलने पर अजय लोधी मौके पर पहुंचा और बीच-बचाव किया। इस दौरान दीपक ने उसे धमकी दी। रात में फिर हुआ आमना-सामना कुछ देर बाद रासलाखेड़ी इलाके में दोनों पक्ष फिर आमने-सामने आ गए। यहां दोनों ओर से मारपीट हुई। इसी दौरान दीपक ठाकुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर अजय लोधी पर चाकू से हमला कर दिया। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत चाकू अजय के पेट में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसकी आंते तक बाहर आ गई थी। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां मंगलवार तड़के इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हत्या का केस दर्ज, दो गिरफ्तार छोला मंदिर थाना पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया था। युवक की मौत के बाद धारा बढ़ाकर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी दीपक ठाकुर और उसके एक साथी को सोमवार रात गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
फतेहाबाद जिले के जाखल में टोहाना की अपराध अनुसंधान शाखा (CIA) ने नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई की है। टीम ने पंजाब के संगरूर जिले के गांव बलरा निवासी गुरप्रीत उर्फ गोपी नामक युवक को 1200 नशीली गोलियों के साथ गिरफ्तार किया है। सीआईए टोहाना की टीम, जिसका नेतृत्व एसआई सुरेंद्र सिंह कर रहे थे, जाखल क्षेत्र में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि एक युवक कुदनी हेड रेलवे अंडरब्रिज के पास नशीली गोलियां बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहा है। 1200 नशीली गोलियां बरामद सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापा मारा। पुलिस को देखकर आरोपी गुरप्रीत अपनी बाइक लेकर भागने लगा, लेकिन टीम ने उसे कुछ ही दूरी पर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी बाइक के हैंडल पर लटके एक पॉलीथिन बैग से नशीली गोलियों की 120 पत्तियां (कुल 1200 नशीली गोलियां) बरामद हुईं। पुलिस ने आरोपी गुरप्रीत उर्फ गोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जाखल थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि पुलिस नशे के खिलाफ सख्त अभियान चला रही है और नशा तस्करों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मामले की गहनता से जांच जारी है।
छत्तीसगढ़ की रायपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत 13 अंतरराज्यीय गांजा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महासमुंद और धमतरी जिले में कार्रवाई कर 378 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ और वाहनों समेत कुल संपत्ति की कीमत करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, तस्करों ने इस बार गांजा सप्लाई का बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी खुद को कपड़ा बेचने वाला फेरीवाला बताकर बाइक से गांजा तस्करी कर रहे थे। बाइक की पिछली सीट के पीछे कपड़ों के ढेर की आड़ में लोहे का खास कम्पार्टमेंट बनाया गया था, जिसमें गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। बाहरी तौर पर वे सामान्य स्ट्रीट वेंडर नजर आते थे। रायपुर रेंज के आईजी ने बताया कि तकनीकी निगरानी, मुखबिर सूचना और अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर लगातार चेकिंग के कारण तस्करी की यह नई तरकीब भी नाकाम कर दी गई। गांजा ओडिशा के बालिगुड़ा और रायगढ़ा इलाके से लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की तैयारी थी। महासमुंद जिले में 10 आरोपी गिरफ्तार महासमुंद जिले में बसना और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 247 किलो गांजा जब्त किया। यहां 10 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी 7 मोटरसाइकिलों में गांजा लेकर जा रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। धमतरी में नाबालिग सहित तीन आरोपी गिरफ्तार वहीं धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान 131 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों और एक नाबालिग को पकड़ा गया। यहां भी तस्कर कपड़ा फेरी का बहाना बनाकर तीन बाइक में गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने ये सामान किया जब्त पुलिस ने कार्रवाई में कुल 11 मोटरसाइकिल, 9 मोबाइल फोन, नगदी और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के जाले जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो लगातार तस्करी के नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। इस पैटर्न पर तस्करी कर रहे तस्कर रायपुर रेंज पुलिस इससे पहले एम्बुलेंस, केला ट्रांसपोर्ट, मूवर्स एंड पैकर्स, बस, ट्रेन और ऑटो की आड़ में हो रही गांजा तस्करी का भी खुलासा कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है। इन आरोपियों की हुई गिरफ्तार मध्य प्रदेश निवासी मेताप टाटिया, रमेश चौहानख् राजू कुमावत, दीपक राजपूत,प्रकाश बंजारा, मोहम्मद रिहान,मनोज सिंह, राजेश ओबनी, दौलत सिंह, महाराष्ट्र निवासी जितेंद्र और विकास को गिरफ्तार किया है।
छत्तीसगढ़ की रायपुर रेंज पुलिस ने ‘ऑपरेशन निश्चय’ के तहत गांजा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महासमुंद, धमतरी और गरियाबंद जिले में कार्रवाई कर 378 किलो से ज्यादा गांजा जब्त किया है। जब्त मादक पदार्थ और वाहनों समेत कुल संपत्ति की कीमत करीब 1 करोड़ 98 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, तस्करों ने इस बार गांजा सप्लाई का बेहद शातिर तरीका अपनाया था। आरोपी खुद को कपड़ा बेचने वाला फेरीवाला बताकर बाइक से गांजा तस्करी कर रहे थे। बाइक की पिछली सीट के पीछे कपड़ों के ढेर की आड़ में लोहे का खास कम्पार्टमेंट बनाया गया था, जिसमें गांजा छिपाकर ले जाया जा रहा था। बाहरी तौर पर वे सामान्य स्ट्रीट वेंडर नजर आते थे। रायपुर रेंज के आईजी ने बताया कि तकनीकी निगरानी, मुखबिर सूचना और अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर लगातार चेकिंग के कारण तस्करी की यह नई तरकीब भी नाकाम कर दी गई। गांजा उड़ीसा के बालिगुड़ा और रायगढ़ा इलाके से लाकर मध्यप्रदेश में खपाने की तैयारी थी। महासमुंद जिले में 10 आरोपी गिरफ्तार महासमुंद जिले में बसना और कोमाखान पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 247 किलो गांजा जब्त किया। यहां 10 आरोपियों को पकड़ा गया। आरोपी 7 मोटरसाइकिलों में गांजा लेकर जा रहे थे। पूछताछ में सामने आया कि सभी आरोपी मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। धमतरी में नाबालिग सहित तीन आरोपी गिरफ्तार वहीं धमतरी जिले में वाहन चेकिंग के दौरान 131 किलो गांजा के साथ दो आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक को पकड़ा गया। यहां भी तस्कर कपड़ा फेरी का बहाना बनाकर तीन बाइक में गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। पुलिस ने ये सामान किया जब्त पुलिस ने कार्रवाई में कुल 11 मोटरसाइकिल, 9 मोबाइल फोन, नगदी और गांजा छिपाने के लिए इस्तेमाल किए गए लोहे के जाले जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित अंतरराज्यीय गिरोह है, जो लगातार तस्करी के नए तरीके अपनाकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश कर रहा था। इस पैटर्न पर तस्करी कर रहे तस्कर रायपुर रेंज पुलिस इससे पहले एम्बुलेंस, केला ट्रांसपोर्ट, मूवर्स एंड पैकर्स, बस, ट्रेन और ऑटो की आड़ में हो रही गांजा तस्करी का भी खुलासा कर चुकी है। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और सप्लाई चैन की गहराई से जांच कर रही है। इन आरोपियों की हुई गिरफ्तार मध्य प्रदेश निवासी मेताप टाटिया, रमेश चौहानख् राजू कुमावत, दीपक राजपूत,प्रकाश बंजारा, मोहम्मद रिहान,मनोज सिंह, राजेश ओबनी, दौलत सिंह, महाराष्ट्र निवासी जितेंद्र और विकास को गिरफ्तार किया है।
गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र अंतर्गत नयानगर गांव के पास मंगलवार सुबह भाजपा के पूर्व विधायक अशोक भगत के निजी सहायक विजय शर्मा पर धारदार हथियार से हमला किया गया। इस घटना में विजय शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज गोड्डा सदर अस्पताल में चल रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, विजय शर्मा प्रतिदिन की तरह सुबह 8 से 9 बजे के बीच अपने घर से बाइक पर निकलते हैं। मंगलवार को भी जब वह घर से लगभग आधा किलोमीटर आगे नयानगर के पास पहुंचे, तो काजेश शर्मा नामक व्यक्ति ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ पर गंभीर चोट आई है। हेलमेट पहनने के कारण उनके सिर पर चोट नहीं लगी घायल विजय शर्मा ने बताया कि जब उन पर तलवार से हमला किया गया, तो हेलमेट पहनने के कारण उनके सिर पर चोट नहीं लगी। इसके बाद हमलावर ने उनके दाएं हाथ और पैर पर तलवार से वार किया, जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गए। उन्होंने यह भी बताया कि हमलावर से उनका कोई पुराना विवाद नहीं था और हमला जान से मारने की नीयत से किया गया था। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद हमलावर काजेश शर्मा वहां से भाग गया। पीड़ित विजय शर्मा ने पुलिस को सूचना दी। सहयोगियों की मदद से उन्हें रेफरल अस्पताल महागामा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गोड्डा सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। इस पूरे मामले पर महागामा थाना प्रभारी मनोज पाल ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई लिखित आवेदन नहीं मिला है। आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुष्टि की कि घायल का इंजुरी रिपोर्ट काट दिया गया है और अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
गांधीनगर फुटओवरब्रिज का निर्माण 4 साल से अधूरा:डीआरएम बोले- दोनों पक्ष आपसी सहमति से सुलझाएं मामला
हनुमानगढ़ जंक्शन के गांधीनगर रेलवे फुटओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य कई वर्षों से अधूरा है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है। बीकानेर मंडल के डीआरएम गौरव गोयल ने सोमवार को हनुमानगढ़ रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। इस दौरान गांधीनगर साइड एफओबी के लंबित कार्य पर भी चर्चा हुई। इस दौरान डीआरएम गोयल ने बताया कि गांधीनगर साइड पर सीढ़ियों के निर्माण को लेकर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाने के कारण कार्य रुका हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक यह विवाद हल नहीं होता, रेलवे कार्य पूरा नहीं कर पाएगा। उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी सहमति से विवाद सुलझाने की अपील की। पुनर्विकास कार्यों का लिया जायजाडीआरएम गोयल ने सोमवार देर रात तक स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत चल रहे पुनर्विकास कार्यों का भी जायजा लिया। इससे पहले, उन्होंने बीकानेर से हनुमानगढ़ तक फुटप्लेट निरीक्षण किया, जिसमें यात्रियों की सुविधाओं, साफ-सफाई और विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। 4 साल पहले शुरू हुआ था निर्माणगांधीनगर फुटओवरब्रिज का निर्माण लगभग 4 साल पहले शुरू हुआ था। रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास और यात्रियों की सुविधा के लिए यह परियोजना महत्वपूर्ण मानी गई थी। परियोजना का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन तकनीकी कारणों और सीढ़ियों की ड्राइंग में बदलाव को लेकर विवाद के कारण काम बीच में ही रुक गया। पुल का निर्माण अधूरा होने से गांधीनगर क्षेत्र के निवासियों और यात्रियों को सर्वाधिक परेशानी हो रही है। लोगों को बाजार जाने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है या जोखिम उठाकर पटरियां पार करनी पड़ती हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
सीतापुर में धौरहरा से सपा सांसद आनंद भदौरिया के आवास पर मंगलवार को महिला आरक्षण बिल को लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाएं सांसद आवास का घेराव करने पहुंचीं और महिला आरक्षण को लेकर अपनी मांगें उठाईं। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी मौजूद रही। प्रदर्शन के दौरान सांसद आनंद भदौरिया स्वयं घर से बाहर आए और महिलाओं से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण के मुद्दे पर महिलाओं से सवाल किए, लेकिन प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं सांसद के सामने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकीं। इसके बाद सांसद ने पूरे प्रदर्शन को राजनीतिक प्रायोजित बताते हुए पुलिस प्रशासन पर संरक्षण देने का आरोप लगाया। मीडिया से बातचीत में सांसद आनंद भदौरिया ने केंद्र और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के नाम पर केवल राजनीति कर रही है, जबकि वास्तव में महिलाओं को उनका अधिकार नहीं देना चाहती। सांसद ने कहा कि यदि भाजपा सरकार महिला हितैषी है तो वर्ष 2027 के चुनाव से पहले महिला आरक्षण लागू करे। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सहित पूरा विपक्ष महिला आरक्षण का समर्थन करता है और महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी मिलनी चाहिए। सांसद ने आरोप लगाया कि भाजपा महिला आरक्षण बिल को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर तक सांसद आवास के बाहर हलचल का माहौल बना रहा, हालांकि बाद में बातचीत के बाद मामला शांत हो गया। पुलिस प्रशासन पूरे समय स्थिति पर नजर बनाए रहा। घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
जिला परिषद के पास कचरे में लगी आग:हवा के कारण फैली, कबाड़ वाहनों को लिया चपेट में
करौली में मंगलवार को जिला परिषद भवन के समीप कचरे के ढेर में अचानक आग लग गई। तेज गर्मी और हवा के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और पास खड़े कबाड़ वाहनों को भी अपनी चपेट में ले लिया। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। जानकारी के अनुसार दोपहर के समय जिला परिषद भवन के पास पड़े कचरे में आग भड़क उठी। आग तेजी से फैलते हुए समीप खड़े कबाड़ वाहनों तक पहुंच गई, जिससे उनमें भी आग लग गई। धुएं और आग की लपटें देखकर आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। दमकल कर्मियों ने पाया आग पर काबूजिला परिषद के कर्मचारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचना दी। दमकल कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया और समय रहते स्थिति को नियंत्रण में कर लिया। जिला परिषद कार्यालय और घनी आबादी क्षेत्र के नजदीक आग लगने से लोगों में हड़कंप मच गया था। गौरतलब है कि जिला परिषद कार्यालय जिला कलेक्टर कार्यालय से लगभग 150 मीटर की दूरी पर स्थित है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
हरियाणा के नारनौल में हरियाणा कर्मचारी महासंघ से संबंधित आल हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल कर्मचारी यूनियन ने मंगलवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी परिमंडल कार्यालय नारनौल के बाहर रोष प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में सर्किल नारनौल के अधीन आने वाले जिलों की कार्यकारिणी, शाखा पदाधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला प्रधान सुभाष यादव ने की, जबकि मंच संचालन प्रांतीय प्रचार सचिव एवं शाखा प्रधान सुरेंद्र फौजी ने किया। इस दौरान प्रांतीय प्रधान नरेंद्र धीमान, प्रांतीय महासचिव अमरीक सिंह चट्ठा और प्रांतीय मुख्य संगठनकर्ता रविंद्र फौजी मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। कर्मचारियों ने अधीक्षक अभियंता के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम ज्ञापन भेजा। सरकार वापस ले फैसला नेताओं ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा ग्रामीण जलघरों को ग्राम पंचायतों के अधीन करने का फैसला कर्मचारियों और जनहित के खिलाफ है। उनका कहना था कि पहले भी जलघरों को पंचायतों के अधीन किया गया था, लेकिन पंचायतें रखरखाव और पेयजल गुणवत्ता बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही थीं। ऐसे में सरकार को यह फैसला तुरंत वापस लेना चाहिए। हिसार में करेंगे घेराव कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि 26 मई तक प्रदेशभर में सभी सर्किलों में ज्ञापन देने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो 11 जून को हजारों कर्मचारी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के हिसार स्थित आवास का घेराव करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कई मांग उठाई इस दौरान कर्मचारियों ने डब्ल्यूपीओ सेकेंड व चतुर्थ श्रेणी से तृतीय श्रेणी में पदोन्नत कर्मचारियों को 25,500 रुपये वेतनमान देने, 2020-23 का एलटीसी जारी करने, पुरानी पेंशन बहाल करने, एक्सग्रेसिया नीति लागू करने, कैशलेस मेडिकल सुविधा देने तथा एमपीडब्ल्यू और कौशल कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा गारंटी देने की मांग भी उठाई। ये रहे मौजूद प्रदर्शन में आईबी मनीष कुमार, संदीप कुमार, दीपक शांडिल्य, कृष्ण पूनिया, कुलदीप सिंह, भवानी शंकर, सत्येंद्र दहिया, मनोज कुमार, कृष्णकांत, राकेश शर्मा, तरुण यादव, गोपीराम, रमेश बेरी, वेदपाल, रामकिशन और दिनेश कुमार सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
किशनगढ़बास के महात्मा गांधी राजकीय स्कूल, घासौली में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर “ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूजडे – नेविगेटिंग लाइफ लीगली” अभियान के तहत आयोजित हुआ। इसका संचालन राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र व्यास और सचिव रनवीर सिंह के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में सहायक विधिक सहायता रक्षा अधिवक्ता अर्पित शर्मा ने सेमिनार लिया। उन्होंने साइबर अपराधों, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और विद्यार्थियों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी दी। स्कूल की प्रधानाचार्य सुनीता और शिक्षक शफी दैया भी मौजूद रहे। साइबर फ्राॅड्स की दी जानकारी मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट जैसे नए साइबर अपराधों की पहचान करने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से उपयोग करने के तरीके बताए। इसके अतिरिक्त, बाल अधिकार, बाल विवाह निषेध कानून और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के प्रावधानों को समझाया। शिविर के दौरान स्कूल परिसर में कोर्ट वाली दीदी नामक एक शिकायत पेटिका भी स्थापित की गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं और शिकायतें गोपनीय रूप से दर्ज कराने के लिए एक सुरक्षित और विश्वसनीय मंच प्रदान करना है।
लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर बस-टैंकर की टक्कर:फिरोजाबाद में कई यात्री घायल, पुलिस ने ट्रैफिक खाली कराया
फिरोजाबाद में लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार को एक रोडवेज बस और टैंकर के बीच टक्कर हो गई। यह हादसा थाना नगला खंगर क्षेत्र में आगरा से लखनऊ की ओर जा रही बस के टैंकर से टकराने के कारण हुआ। इस दुर्घटना में बस में सवार कई यात्री घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह घटना किलोमीटर संख्या 61 पर हुई। बस संख्या NL 02 B 5005 ने टैंकर संख्या UP 85 AT 3631 को पीछे से टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में सवार यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया। हादसे में नितिन पुत्र मुन्नू लाल (निवासी विकास नगर, लखनऊ), उनकी पत्नी नीतू, निशा यादव पत्नी सुभाष साहनी, मंजू देवी पत्नी राम प्रसाद (निवासी राजीव नगर, दिल्ली) सहित कई लोग घायल हुए। इसके अतिरिक्त, ट्रक/क्रेन चालक धुर्व पुत्र भूप सिंह (निवासी महावन, मथुरा) को भी चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और यूपीडा की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एंबुलेंस की मदद से पीजीआई सैफई भेजा गया। वहीं, जुबेर पुत्र परवेज (निवासी दिल्ली) और राजकुमार पुत्र बृजपाल (निवासी मोहनगंज, अमेठी) को उपचार के लिए शिकोहाबाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने क्रेन की सहायता से क्षतिग्रस्त बस और टैंकर को सड़क किनारे हटवाकर यातायात को सुचारु कराया। अन्य यात्रियों को वैकल्पिक वाहनों से उनके गंतव्य स्थानों के लिए रवाना किया गया। हादसे के कारण एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हुए चर्चित गैंगरेप कांड की पीड़िता ने अपने मंगेतर से शादी कर ली है। समाज की तमाम अटकलों और चर्चाओं को दरकिनार करते हुए मंगेतर ने सोमवार को पूरे रीति-रिवाज के साथ यह विवाह संपन्न किया। इस शादी समारोह में जनप्रतिनिधियों, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों ने पहुंचकर नवदंपति को आशीर्वाद दिया। दूल्हा डीजे की धुन पर बारातियों के साथ नाचते-गाते मैरिज हॉल पहुंचा, जहां हिंदू रीति-रिवाज से वरमाला और सात फेरे की रस्में पूरी की गईं। खागा क्षेत्र के एक गांव में युवती के साथ हुई इस घटना ने पूरे जिले को झकझोर दिया था। पीड़िता ने न केवल हिम्मत दिखाते हुए आरोपियों के खिलाफ आवाज उठाई, बल्कि न्याय की लड़ाई भी मजबूती से लड़ी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने तत्काल संज्ञान लिया। मुकदमा दर्ज कर तत्कालीन खागा कोतवाल रमेश पटेल को निलंबित किया गया। मुख्य आरोपी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य दो आरोपी पहले ही पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके थे। दूल्हे ने कहा कि इस घटना के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने अपनी जीवन संगिनी से किए वादे को निभाया है और हर परिस्थिति में साथ रहने का संकल्प लिया है।
सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए एक जरूरी चेतावनी है। जिले में ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय हुआ है जो सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को वन विभाग (Forest Department) में सीधी भर्ती का झांसा देकर शिकार बना रहा है। ये ठग इतने शातिर हैं कि विश्वास जीतने के लिए वॉट्सएप पर फर्जी आईकार्ड और डाक से जाली नियुक्ति पत्र तक भेज रहे हैं। कैसे बुना जा रहा है ठगी का जाल ठगी का यह खेल इंस्टाग्राम से शुरू होता है। ठग वहां वन विभाग में भर्ती का आकर्षक विज्ञापन चलाते हैं। जैसे ही कोई युवक उस लिंक पर क्लिक कर अपनी जानकारी भरता है, ठग सक्रिय हो जाते हैं। ठग सीधे युवक को वॉट्सएप पर मैसेज या कॉल करते हैं। भरोसा जीतते है विभाग का फर्जी लोगो लगा आईकार्ड भेजा जाता है ताकि युवक को लगे कि प्रक्रिया असली है। सबसे पहले 'रजिस्ट्रेशन फीस' के नाम पर छोटी रकम (जैसे 500-600 रुपये) मांगी जाती है। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन, इंश्योरेंस और मेडिकल के नाम पर हजारों रुपये ऐंठ लिए जाते हैं। दो युवाओं की आपबीती: ऐसे फंसे ठगों के चंगुल में केस 1 (खुडाना गांव): यहाँ के निवासी भरत ने ऑनलाइन विज्ञापन देखकर आवेदन किया था। ठगों ने उससे रजिस्ट्रेशन और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के नाम पर 15 हजार रुपये ठग लिए। हद तो तब हो गई जब उसे डाक से एक फर्जी नियुक्ति पत्र (Appointment Letter) भी भेज दिया गया। जब ठगों ने इंश्योरेंस के नाम पर फिर से 15 हजार मांगे, तब भरत को ठगी का अहसास हुआ। केस 2 (बिशनपुरा): पुष्पेंद्र नाम के युवक ने इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर फॉर्म भरा। ठगों ने उससे 550 रुपये लिए और अगले ही दिन वॉट्सएप पर उसका फोटो लगा 'फॉरेस्ट कार्ड' भेज दिया। इसके बाद वेरिफिकेशन के नाम पर 3,260 रुपये और मांगे गए, जिससे उसे शक हो गया। अधिकारियों ने कहा सोशल मीडिया पर नहीं होती भर्तियां इस मामले पर जिला वन संरक्षक काविया पीबी ने युवाओं को आगाह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि: वन विभाग कभी भी सोशल मीडिया या वॉट्सएप के माध्यम से नियुक्तियां नहीं करता। सभी भर्तियां राज्य सरकार की अधिकृत वेबसाइट और आधिकारिक विज्ञप्तियों (Official Notifications) के जरिए ही होती हैं। किसी भी व्यक्ति या निजी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। ठगी से बचने के लिए रखे ध्यान यदि आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें कोई भी सरकारी विभाग बिना परीक्षा या आधिकारिक इंटरव्यू के सीधे आईकार्ड नहीं भेजता। सरकारी नौकरी के नाम पर यदि कोई निजी खाते में पैसा मांगे, तो समझ जाएं कि वह ठग है। हमेशा विभाग की ऑफिशियल वेबसाइट (जैसे .gov.in या .nic.in वाली साइट्स) पर जाकर ही जानकारी क्रॉस-चेक करें। अगर ठगी हो जाए तो क्या करें अगर आप या आपका कोई परिचित ठगी का शिकार हो जाता है, तो घबराएं नहीं। तुरंत ये कदम उठाएं। 1930 पर कॉल करें। यह राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है। नजदीकी पुलिस थाने में लिखित शिकायत दें और cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें। सबूत बचाएं: ठगों के साथ हुई चैट, कॉल रिकॉर्डिंग और ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
लखनऊ के बाजारखाला इलाके में भाजयुमो नेता चेतन तिवारी को मारी गई गोली उनकी रीढ़ की हड्डी में बुरी तरह फंसी है। इससे उनकी हालात क्रिटिकल बनी है। भाई ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि डॉक्टर ने कहा है गोली अंदर ही रहेगी। लंबे समय के बाद हट पाएगी। अगर ऑपरेशन करने की कोशिश की गई तो हालत खराब हो सकती है। वहीं, चेतन को गोली मारने वाले वैभव बाजपेई का उसी रात का एक वीडियो सामने आया है। इसमें वह अपना वीडियो बनवाकर थाने के अंदर सरेंडर करने जा रहा है। यह उसी रात का वीडियो है, जब उसने चेतन के घर जाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। उसने पुलिस को बताया है कि वह चेतन के नाम में ‘महाराज’ जोड़ने से चिढ़ा हुआ था। यह था मामला- हाथ में पिस्टल लेकर पैदल पहुंचा मेहंदीगंज निवासी सुरेश चंद्र तिवारी के बेटे चेतन तिवारी भाजपा युवा मोर्चा की लखनऊ महानगर कार्यसमिति के सदस्य हैं। चेतन शनिवार रात 9 से 10 बजे के बीच घर के सामने पार्किंग का निर्माण करवा रहे थे। उसी समय मोहल्ले में रहने वाला वैभव बाजपेई उर्फ कौस्तुभ बाजपेई वहां पिस्टल लेकर पैदल पहुंचा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता कि वैभव ने कंट्री मेड पिस्टल से चेतन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से चेतन सड़क पर गिर पड़े। बचाने आए उनके कर्मी उदयराज रावत पर भी फायरिंग की। हालांकि, उदय को गोली नहीं लगी। शोर-शराबा सुनकर भीड़ आई तो आरोपी वैभव भाग गया। चेतन की हालात में कोई सुधार नहीं बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया चेतन की स्थिति अभी भी क्रिटिकल बनी है। बहुत हल्का सुधार है, थोड़ी बहुत बातचीत किया है। उनके स्पाइन में बुलेट फंसी हुई है। जिसके चलते समस्या बनी हुई है और जल्दी रिकवरी नहीं हो पाएगी। ट्रॉमा सेंटर के CMS डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया- मरीज की हालत स्थिर है। अभी ऑपरेशन की कोई प्लानिंग नहीं है। टाइम के साथ रिकवरी होगी। बुलेट निकालना मुश्किल है। ऑपरेट करने से हालत और खराब हो सकती है। दबंगई से जमीन पर कब्जा कर बस्ती बसवा दी चेतन तिवारी के बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया कि आरोपी काफी दबंग किस्म के लोग हैं। अवैध कब्जे और दूसरी की जमीन हड़पना उनकी पुरानी आदत है। अगर किसी घर में बुजुर्ग महिला अकेले रह रही है, तो उससे संपर्क करते हैं। फिर उसकी हत्या करके या किसी अन्य तरीके से कब्जा जमा लेते हैं। इसके अलावा मेहंदीगंज में जिस जमीन पर जयपुरिया स्कूल बना है, उसमें भी कब्जा कर रखा है। वहां पर बग्लादेशी-रोहिंग्या को बसा रखा है। इस तरह का काम उनका चलता रहता है। इसके अलावा ई-रिक्शा वालों की बैटरी अवैध रूप से चार्ज करते हैं। इन लोगों के ऊपर कई बड़े राजनेताओं का हाथ है। इसी के चलते कभी कोई एक्शन नहीं हुआ। चेतन के घर में मार्च में मनाई गई थीं खुशियां 2 महीने पहले यानी मार्च में चेतन के घर में बेटी होने की खुशियां मनाई गई थीं। पत्नी मानसी बेटी को लेकर हॉस्पिटल से जब घर गईं तो जबरदस्त स्वागत हुआ था। सबकुछ घर में अच्छा चल रहा था। मानसी के अनुसार, चेतन 2-3 दिन बाद चारपहिया गाड़ी लाने वाले थे। आज पूरा परिवार ट्रॉमा सेंटर में मौजूद है। नवजात बेटी को गोद में लेकर मानसी भी मौन बैठी हैं। तीन साल पहले तक आरोपी-पीड़ित दोस्त थे वैभव ने पुलिस को बताया है कि 2023 तक उसकी और चेतन की गहरी दोस्ती थी। वैभव ने बताया कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने महाराज की उपाधि दी थी। दो साल से चेतन तिवारी ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया था। इस पर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। दोस्ती धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गई। दिसंबर-2024 में चेतन ने वैभव और उसके घरवालों के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। इस पर 2 FIR भी दर्ज करवाई थीं। भाजयुमो महामंत्री ने आंदोलन की चेतावनी दी भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री लखनऊ अमित त्रिपाठी ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर वीडियो पोस्ट कर लिखा- लखनऊ का थाना बाजारखाला पुलिस जो चेतन तिवारी पर हुए जानलेवा हमले में अपनी पीठ थपथपा रही है कि उसने आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह वीडियो उसी आरोपी का है, जिसने गोली चलाने के तुरंत बाद थाने पहुंचा। समर्पण करने जाते समय आरोपी के हावभाव ऐसे हैं कि जैसे पहले से ही थाने में संरक्षण प्राप्त है। उसके बाद भी न ही SHO और न ही चौकी प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर 48 घंटे के अंदर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। ------------------------------ संबंधित खबर भी पढ़िए- नाम के आगे महाराज लिखने पर BJP-नेता को मारी गोली : सालभर पहले लखनऊ में चाकू से किया था हमला, दोनों अच्छे दोस्त थे लखनऊ में भाजपा नेता चेतन तिवारी गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी वैभव बाजपेई 3 साल पहले तक चेतन का अच्छा दोस्त था। 3 साल पहले चेतन ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया। वैभव ने इसका विरोध किया। वैभव का कहना था कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने सम्मानपूर्वक महाराज की उपाधि दी थी। वैभव के मना करने के बाद भी चेतन ने अपने नाम के आगे से महाराज लिखना नहीं बंद किया। इससे दोनों की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। (पूरी खबर पढ़िए)
उन्नाव में गंगापुल पर रेलवे ट्रैक पर स्लीपर बदलने और मरम्मत कार्य के कारण पिछले 42 दिनों से प्रभावित रेल संचालन जल्द ही बहाल होने की उम्मीद है। रेलवे विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह ट्रैक सुधार कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक में स्लीपर लगाने का लगभग 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, और अब केवल लगभग 25 स्लीपर लगाए जाने का कार्य शेष है। रेलवे विभाग की टीम लगातार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। मजदूरों और तकनीकी कर्मचारियों की कई टीमें दिन-रात ट्रैक पर काम में जुटी हुई हैं, ताकि शेष कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि कार्य में तेजी लाई गई है और अनुमान है कि मंगलवार शाम तक पूरा काम समाप्त कर लिया जाएगा। इस मरम्मत और स्लीपर बदलने के कार्य के कारण पिछले लगभग डेढ़ महीने से कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। पैसेंजर ट्रेनों से लेकर सुपरफास्ट ट्रेनों तक को या तो रद्द कर दिया गया था या उनके मार्ग में परिवर्तन किया गया था, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेष रूप से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कार्य पूरा होने के बाद ट्रैक की तकनीकी जांच और सुरक्षा परीक्षण किया जाएगा। सभी मानकों पर ट्रैक के सुरक्षित पाए जाने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा शुरू किया जाएगा। संभावना है कि मंगलवार देर शाम या उसके बाद धीरे-धीरे रेल यातायात सामान्य होने लगेगा। रेल संचालन बहाल होने की खबर से स्थानीय लोगों और यात्रियों में राहत का माहौल है। लंबे समय से ट्रेनों के बंद रहने के कारण लोग वैकल्पिक साधनों से यात्रा करने को मजबूर थे, जिससे उनके समय और धन दोनों का अधिक व्यय हो रहा था। रेलवे विभाग का कहना है कि ट्रैक सुधार कार्य पूरा होने के बाद यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा मिल सकेगी। रेलवे अधिकारियों ने यह भी बताया कि ट्रैक पर नए स्लीपर लगाए जाने और मरम्मत कार्य के बाद रेल संचालन पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित होगा।
औरैया में सड़कों के नामकरण का प्रस्ताव:व्यापार मंडल ने नगर पालिका अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल औरैया ने शहर की सड़कों का नामकरण प्रबुद्ध जनों, समाजसेवियों और शिक्षाविदों के नाम पर करने का प्रस्ताव दिया है। इस संबंध में आज सुबह 10 बजे जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई 'बबलू' के नेतृत्व में एक ज्ञापन नगर पालिका अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता को सौंपा गया। ज्ञापन में शहर के उन विशिष्ट व्यक्तियों के नाम सुझाए गए हैं, जिन्होंने औरैया के विकास और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। व्यापार मंडल का मानना है कि इन मार्गों का नामकरण इन हस्तियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी और आने वाली पीढ़ियों को उनके योगदान से अवगत कराएगा। जिला महामंत्री स्वतंत्र अग्रवाल ने बताया कि अधिवक्ता संघ के 11 बार अध्यक्ष रहे स्वर्गीय सुरेंद्र शुक्ला का शहर के लिए विशेष योगदान रहा। उन्होंने वकालत के माध्यम से कई पीड़ितों की मदद की और शहर के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाई। इसी तरह, नगर पालिका परिषद औरैया के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय अंबिका प्रसाद चतुर्वेदी का भी औरैया के विकास और समाज सेवा में अभूतपूर्व योगदान रहा। शहर के जाने-माने शिक्षाविद स्वर्गीय बेनी माधव गुप्ता का शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा, जिसे लोग हमेशा याद रखेंगे। पूर्व नगर पालिका परिषद अध्यक्ष और तिलक महाविद्यालय व तिलक इंटर कॉलेज औरैया के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कृष्ण चंद्र भार्गव का भी शिक्षा और समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। प्रसिद्ध शिक्षाविद एवं समाजसेवी स्वर्गीय बाबू सूरज नारायण अग्रवाल ने अपना संपूर्ण जीवन शिक्षा और समाज सेवा के लिए समर्पित किया। उनके योगदान को भी शहर हमेशा याद रखेगा। नगर पालिका अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता ने प्रस्ताव पर विचार करने और दिए गए नामों पर मार्गों का नाम रखने की बात कही। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई 'बबलू', जिला महामंत्री स्वतंत्र अग्रवाल, रवि शंकर शुक्ला, नगर अध्यक्ष सतीश वर्मा, अमर बिश्नोई, भानु राजपूत, युवा जिला चेयरमैन रामू गुप्ता, युवा जिला अध्यक्ष आरती नंदन तिवारी, युवा जिला महामंत्री मयंक शुक्ला एडवोकेट, युवा जिला कोषाध्यक्ष आकाश गुप्ता, रमाकांत मिश्रा, अभय गुप्ता, नरेश पुरवार, मुन्ना गहोई सहित कई व्यापारी उपस्थित रहे।
उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में एक कार की जोरदार टक्कर से व्यक्ति की मौत के मामले में परिजनों और ग्रामीणों ने एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर मंगलवार को जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। परिजनों का कहना है कि घटना के तीसरे दिन तक पुलिस ने टक्कर मारने वाले कार ड्राइवर पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की है। जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होगा। तब तक शव नहीं उठाएंगे। मृतक नंदलाल राव(50) निवासी सियालपुरा की बेटी हर्षिता ने बताया कि मेरे पापा विद्याभवन पॉलिटेक्निक कॉलेज में बागवानी का काम करते थे। परिवार में वे ही अकेले कमाने वाले थे। मेरे पापा को जिस लड़के ने टक्कर मारी। पुलिस ने उसे अभी तक क्यों गिरफ्तार नहीं किया। धरने पर हमसे कोई भी पुलिस-प्रशासन का अधिकारी मिलने तक नहीं आया। मुझे न्याय चाहिए। तेज रफ्तार काले रंग की स्कॉर्पियो ने मारी टक्कर दरअसल, घटना 10 मई 2026 को शाम करीब 8 बजे की है। जब मृतक नंदलाल राव सियालपुरा मैन रोड से पैदल अपने गांव सियालपुरा में जा रहे थे। तभी सियालपुरा गांव की तरफ से एक काले रंग की स्कॉर्पियो कार(RJ27UC3816) तेज स्पीड में आई और लापरवाही पूर्वक नंदलाल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि नंदलाल उछलकर दूर जा गिरे। हादसे में उनका पेट और सिर पर गंभीर चोट लगी। वहीं, कार चालक टक्कर मारकर तुरंत फरार हो गया। परिजनों ने इसकी रिपोर्ट सुखेर थाना पुलिस में दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
रास्ते को लेकर हुए विवाद में एक परिवार की महिलाओं और पुरुषों के साथ जमकर मारपीट की गई। इस दौरान महिलाओं को जमीन पर घसीटा और जमकर लात घूंसे बरसाए। छत पर खड़े एक युवक ने वीडियो बना लिया। घटना भरतपुर जिले के गढ़ीबाजना थाना क्षेत्र के भोलापुरा गांव की है। थानाधिकारी श्यामलाल मीना ने बताया- दोपहर 11 बजे सूचना मिली कि गांव भोपतपुरा में दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर झगड़ा हो गया। सूचना पर पुलिस टीम गांव पहुंची और दो घायल महिला और पुरुष को बयाना के उप जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में भर्ती दशरथ (35) और उसके छोटे भाई की पत्नी रिंकी (30) का इलाज किया गया। जहां से गंभीर हालत में दशरथ को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने बताया-गांव में बंटी गुर्जर और दशरथ गुर्जर के बीच रास्ते की जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इसे लेकर दोनों पक्ष मंगलवार को आमने सामने हो गए। रास्ते को लेकर हुआ था विवाद दशरथ के छोटे भाई बिशन सिंह ने बताया- गांव में घर से 100 मीटर आगे दो साल पहले नया घर बनवाया था। पुराने घर से नए घर के बीच रास्ते को लेकर बंटी गुर्जर का कहना है कि यह उसका निजी रास्ता है। जबकि रास्ते को लेकर परिवार ने बंटी के परिवार को पैसे दे दिए थे। मंगलवार को सुबह मेरी पत्नी रिंकी नए घर पर जा रही थी। इस पर बंटी गुर्जर के परिवार ने उसे रास्ते में रोक लिया और वहां से निकलने के लिए मना दिया। इस पर रिंकी वापस लौट आई और घरवालों को मामले की जानकारी दी। महिलाओं को घसीटकर पीटा थोड़ी देर बाद बंटी, जनक सिंह, ओमा उर्फ साहब सिंह, चतर सिंह, सियाराम, जितेंद्र, गुड्डी और मंतेश सहित अन्य लोग घर के बाहर पहुंच गए। इसके बाद सभी ने बहस के करने के साथ परिवार पर हमला शुरू कर दिया। महिलाओं को घर से चबूतरे से घसीटकर मारपीट की। जब मेरा बड़ा भाई दशरथ उन्हें बचाने आया तो उस पर भी हमला कर दिया। जिससे उसके सिर में चोट लग गई। गांव में तैनात किया पुलिस बल गढ़ीबाजना थाना अधिकारी श्यामलाल ने बताया- पुलिस दोनों पक्षों से मामले की जानकारी जुटा रही है। गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। परिजनों की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें युवक की गोली मारकर हत्या:बहन ने आरोपियों के घर से सटाकर रख दी थी लकड़ियां; 5 महीने पहले भी हुई थी फायरिंग अलवर में युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक की बहन ने आरोपियों के घर की दीवार से सटाकर लकड़ियां रख दी थी। इससे दोनों पक्षों में विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने लाठियों से हमला और फायरिंग कर दी। (पढ़ें पूरी खबर)
अजमेर नगर निगम में कार्यरत करीब 2400 अस्थाई सफाई कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर उतर गए। कर्मचारियों ने निगम के पुराने भवन पर धरना देकर प्रदर्शन किया और अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। नगर निगम के ये अस्थाई सफाई कर्मचारी शहर के 42 वार्डों और मुख्य सड़कों पर रोजाना सफाई व्यवस्था संभालते हैं। हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारी नेता सनी गोयल ने बताया कि अजमेर में करीब 2400 अस्थाई सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। सभी कर्मचारी मंगलवार सुबह अपनी नियमित सेवाएं देने के बाद हड़ताल पर चले गए। कर्मचारियों ने निगम परिसर में प्रदर्शन कर अपनी मांगों को प्रशासन के सामने रखा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांग वेतन समय पर जारी करने की है। वर्तमान में कर्मचारियों को हर महीने 20 तारीख तक वेतन मिलता है, जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि उन्हें हर महीने 1 से 10 तारीख के बीच वेतन दिया जाए। इसके अलावा भीषण गर्मी और हीटवेव की आशंका को देखते हुए कर्मचारियों ने सुबह 6 बजे से 11 बजे तक एक पारी में ड्यूटी लगाने की मांग उठाई है। कर्मचारियों का कहना है कि दोपहर की तेज गर्मी में काम करना मुश्किल हो जाता है। वहीं नए टेंडर में कर्मचारियों को 500 रुपए प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग भी रखी गई है। इसके साथ ही अन्य समस्याओं को लेकर भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
लखनऊ में चलती ट्रेन से व्यक्ति को नीचे फेंका:16 किलोमीटर तक ट्रैक पर चली तलाश; सुबह मिला शव
लखनऊ में इंटरसिटी ट्रेन में सफर कर रहे एक व्यक्ति को सिरफिरे युवक ने चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। घटना निगोहां थाना क्षेत्र के आसपास की है। सूचना मिलने के बाद जीआरपी की टीम रातभर करीब 16 किलोमीटर तक रेलवे ट्रैक पर व्यक्ति की तलाश करती रही। मंगलवार सुबह ट्रैक पर उनकी डेडबॉडी मिली। मृतक की पहचान भदोही निवासी रामबिंद (55) के रूप में हुई। वह अपने साथी रमाकांत के साथ इंटरसिटी ट्रेन से भदोही से लखनऊ आ रहे थे। रात करीब 10 बजे ट्रेन में सफर के दौरान एक सिरफिरे युवक ने पहले उनका बैग फेंक दिया, इसके बाद उन्हें भी ट्रेन से नीचे फेंक दिया। घटना के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने बताया- युवक ने किसी को नीचे फेंका मृतक के बेटे दीपक ने बताया कि रामबिंद शौचालय गए थे। करीब 20 मिनट तक वापस नहीं लौटे तो उनके साथी रमाकांत उन्हें तलाशने पहुंचे। काफी खोजबीन के बाद भी उनका पता नहीं चला। तब सफर कर रहे लोगों ने बताया कि एक सिरफिरे युवक ने किसी को फेंका है। उसके बाद उनकी खोजबीन शुरू की गई। ट्रेन चारबाग पर रुकी तब मामले की जानकारी जीआरपी को दी गई। जीआरपी और निगोहां थाने की पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। सुबह स्थानीय लोगों ने बेटे दीपक बिंद को फोन कर सूचना दी कि उनके पिता का शव निगोहां थाने के पास रेलवे क्रॉसिंग से कुछ दूरी पर पड़ा है। रेलवे ट्रैक पर अभियान चलाया तब तक जीआरपी और स्थानीय पुलिस ने रेलवे ट्रैक पर तलाश अभियान चलाया। करीब 16 किलोमीटर तक सर्च ऑपरेशन चला, लेकिन तब तक गांववालों ने इसकी सूचना दी। रामबिंद भदोही में खेती-किसानी करते थे। परिवार में तीन बेटे रामदेव, लालन और दीपक तथा दो बेटियां हैं। फिलहाल, जीआरपी मामले की जांच में जुटी है।
बदायूं में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने मंगलवार को एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। इस दौरान 11 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इनमें एक इंस्पेक्टर और दो उपनिरीक्षकों को पुलिस लाइन भेजा गया है, जबकि पहले लाइन हाजिर किए गए एक निरीक्षक को नई जिम्मेदारी दी गई है। फैजगंज बेहटा थाने में तैनाती के दौरान लूट की घटना को दबाने और अधिकारियों को गुमराह करने के आरोप में लाइन हाजिर हुए निरीक्षक मनोज कुमार वर्मा को अब पुलिस लाइन से हटाकर प्रभारी मॉनीटरिंग सेल बनाया गया है। उनके स्थान पर प्रभारी मॉनीटरिंग सेल रहे निरीक्षक सुरेंद्र कुमार सागर को प्रभारी समन सेल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जारी आदेश के अनुसार, निरीक्षक देवेंद्र सिंह को प्रभारी समन सेल से पुलिस लाइन भेजा गया है। निरीक्षक राजेंद्र सिंह पुंडीर को पुलिस लाइन से प्रभारी आरटीसीसी नियुक्त किया गया है। वहीं, निरीक्षक अवधेश कुमार मिश्रा को थाना बिनावर में निरीक्षक अपराध का कार्यभार सौंपा गया है। उपनिरीक्षक अजयपाल सिंह को प्रभारी यूपी-112 से यातायात निरीक्षक बनाया गया है। उपनिरीक्षक राजेंद्र बहादुर सिंह को प्रभारी जनपदीय अंगुली चिन्ह इकाई से प्रभारी यूपी-112 नियुक्त किया गया है। उपनिरीक्षक लल्लू राम को प्रभारी विधि प्रकोष्ठ से प्रभारी जनपदीय अंगुली चिन्ह इकाई भेजा गया है। उपनिरीक्षक ललित गिरी को पुलिस लाइन से न्यायालय सुरक्षा में तैनाती मिली है। इसके अतिरिक्त, उपनिरीक्षक हरी मोहन को चौकी नूरपुर पिनौनी, थाना इस्लामनगर से पुलिस लाइन भेजा गया है। उपनिरीक्षक दीनानाथ मौर्य को प्रभारी आरटीसीसी से पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है।
लखीमपुर खीरी के नौरंगाबाद क्षेत्र में सोमवार को एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उसे नीचे उतारने के प्रयास में जुट गए। घटना स्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई। टावर पर चढ़ा युवक अवधेश पुत्र शेर सिंह है, जो मोहम्मदी थाना क्षेत्र के परवरिश नगर गांव का निवासी है। परिजनों के अनुसार, अवधेश ने गांव के शमसुद्दीन से वर्ष 2027 तक के लिए एक खेत गिरवी या लीज पर लिया था। जमीन विवाद के संबंध में शिकायत लेकर वह मूड़ा चौकी पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि चौकी पर पुलिसकर्मियों ने अवधेश के साथ कथित तौर पर मारपीट की। परिजनों ने बताया कि पुलिस की इस कथित पिटाई और कार्रवाई से आहत होकर अवधेश नाराज था। इसी नाराजगी के चलते वह लखीमपुर शहर के नौरंगाबाद स्थित ए टू जेड डायग्नोस्टिक सेंटर और डॉ. जावेद अख्तर क्लीनिक के पीछे लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। यह स्थिति काफी देर तक बनी रही, जिसके कारण मौके पर लोगों की भीड़ जमा रही। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
पलवल में यूपी का नशा तस्कर अरेस्ट:तलाशी में मिला गांजा, बुलेट बाइक जब्त, घर से चला रहा था कारोबार
पलवल में हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एचएसएनसीबी) की टीम ने लाखों रुपए कीमत के 1 किलो 119 ग्राम गांजा के साथ एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान पलवल के राजीव नगर निवासी गौरी शंकर उर्फ गौरव शर्मा के रूप में हुई है। एचएसएनसीबी इंचार्ज मनोज कुमार ने बताया कि यूनिट में तैनात सहायक उप-निरीक्षक महेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि जिला अलीगढ़ (यूपी) के शिवाला खुर्द निवासी (वर्तमान में राजीव नगर, पलवल) गौरी शंकर उर्फ गौरव हेरोइन बेचने का काम करता है और फिलहाल राजीव नगर में अपने घर के बाहर गांजा बेच रहा था। सूचना मिलते ही टीम ने तुरंत मौके पर दबिश दी और आरोपी को गांजा सहित गिरफ्तार कर लिया। राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में तलाशी लेने पर आरोपी के पास से 1 किलो 119 ग्राम गांजा और एक बुलेट बाइक बरामद हुई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया। रिमांड पर लेकर की जाएगी आरोपी से पूछताछ कोर्ट से रिमांड पर लेकर आरोपी से पूछताछ की जाएगी। यह पता लगाया जाएगा कि वह नशीला पदार्थ कहां से और किससे खरीदता था, ताकि इस नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों तक भी पहुंचा जा सके और उन्हें गिरफ्तार किया जा सके। एचएसएनसीबी ने समाज से नशे की बुराई को मिटाने के लिए जनता से सक्रिय सहयोग की अपील की है। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि नशा तस्करी या बिक्री से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तुरंत एनसीबी नेशनल हेल्पलाइन 1933, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल या हरियाणा एनसीबी हेल्पलाइन 90508-91508 पर टोल-फ्री नंबरों पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
इटावा की वैदपुरा और बसरेहर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लूट की योजना बना रहे दो बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसमें थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के दोनों पैरों में गोली लगी। पुलिस ने मौके से अवैध तमंचे, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की स्कॉर्पियो बरामद की है। घायल बदमाश को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। चेकिंग के दौरान मिली थी सूचना एसपी ग्रामीण श्रीशचंद्र ने बताया कि 11 और 12 मई की रात वैदपुरा थाना पुलिस क्षेत्र में संदिग्ध वाहन और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि बिना नंबर प्लेट की एक काली स्कॉर्पियो में सवार दो युवक इलाके में घूम रहे हैं और किसी बड़ी लूट की घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हो गई और खरदूली की तरफ पहुंची। पुलिस को देखकर भागने लगे आरोपी पुलिस टीम को देखते ही स्कॉर्पियो सवार दोनों आरोपी घबरा गए और वाहन लेकर भागने लगे। बताया गया कि आरोपी खर्दूली से इटगांव की तरफ तेजी से भागे। इसी दौरान उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही बसरेहर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और दोनों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने खुद को घिरता देखकर पुलिस को निशाना बनाकर दोबारा फायरिंग की। इस दौरान एक गोली वैदपुरा थाना प्रभारी की सरकारी गाड़ी की दाहिनी तरफ लगी, जिससे गाड़ी की लाइट टूट गई। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश घायल पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। इस कार्रवाई में सिकंदर उर्फ अखिल नाम के बदमाश के दोनों पैरों में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को चकबा बुजुर्ग जाने वाले रास्ते से पकड़ लिया। घायल आरोपी को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
बुलंदशहर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का मानदेय न मिलने से आक्रोश फैल गया है। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के बैनर तले कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार को सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की। संघ के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार ने बताया कि लगातार कार्य करने के बावजूद दो माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल फीस, किताबों, बैंक ईएमआई और घरेलू खर्चों के कारण कर्मचारियों पर भारी दबाव बन गया है। 20 मई तक भुगतान नहीं तो कार्य बहिष्कार की चेतावनी जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यदि 20 मई तक मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो 21 मई से जिले के सभी एनएचएम कर्मचारी कार्य बहिष्कार करेंगे और सीएमओ कार्यालय में धरना देंगे। जिला महामंत्री डॉ. तहसीन रज़ा ने भी “नो पे, नो वर्क” नीति अपनाने की बात कही। बड़ी संख्या में कर्मचारी हुए शामिल ज्ञापन सौंपने के दौरान डीपीएम हरिप्रसाद, डॉ. परवेज, डॉ. गौतम लाल सहित कई अधिकारी और बड़ी संख्या में एनएचएम कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने जल्द समाधान न होने पर आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है।
जौनपुर में एक महिला ने पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह से शिकायत की है कि उसके बेटे को ग्राम प्रधान चुनाव लड़ने से रोकने के लिए हत्या के एक मामले में फंसाया जा रहा है। महिला ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बडऊर गांव निवासी मंशा देवी ने बताया कि उनका बेटा अविनाश चौहान जपटापुर बाजार में मेडिकल स्टोर चलाता है। अविनाश गांव में काफी लोकप्रिय है और ग्रामीणों के कहने पर प्रधानी का चुनाव लड़ना चाहता है। मंशा देवी के अनुसार, गांव के वर्तमान प्रधानपति अमर कुमार बिंद के खानदान के लड़के आजाद बिंद की हत्या कर दी गई थी। उनका आरोप है कि वर्तमान प्रधान उनके बेटे अविनाश को चुनाव लड़ने से रोकने के इरादे से इस हत्याकांड में फंसाना चाहते हैं। मंशा देवी ने स्पष्ट किया कि उनके परिवार का मृतक आजाद बिंद के परिवार से कोई संबंध या विवाद नहीं है। न ही कभी कोई भूमि विवाद या मुकदमाबाजी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके बेटे अविनाश चौहान का कोई आपराधिक रिकॉर्ड थाने या किसी न्यायालय में दर्ज नहीं है। महिला का आरोप है कि यह सब केवल प्रधानी चुनाव को लेकर उनके बेटे को फंसाने का प्रयास है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने तथा उनके निर्दोष बेटे और परिवार को झूठे मुकदमे और अनावश्यक उत्पीड़न से बचाने का आग्रह किया है। उन्होंने सच्चाई सामने लाने और न्याय सुनिश्चित करने के लिए उच्च स्तरीय या सीबीआई जांच की भी मांग की है।
हरबंश मोहाल थानाक्षेत्र में 11 साल की छात्रा से छेड़खानी करने वाले पल्लेदार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की कोर्ट ने 6 साल की सजा सुनाई है। सितंबर 2023 में स्कूल जाने के दौरान दोषी युवक ने घर से महज 50 मीटर की दूरी पर छेड़खानी की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के शोर मचाने पर इलाकाई लोगों के एकत्र होने पर युवक मौके से फरार हो गया था। एक सितंबर 2023 को वारदात को दिया था अंजाम पीड़िता के भाई ने हरबंश मोहाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी छोटी बहन शुक्लागंज स्कूल में सातवीं की छात्रा थी। एक सितंबर 2023 की सुबह छोटी बहन साइकिल से स्कूल जा रही थी। रास्ते में गोवंश खड़ा देख उसने बाबूपुरवा, अजीतगंज निवासी पल्लेदार अकील अहमद उर्फ मो. शरजील से गोवंश को हटाने को कहा। इस दौरान उसने बहन के साथ छेड़खानी की। बहन के शोर मचाने पर इलाकाई लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी मौक से भाग निकला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को जेल भेजा था। मामला विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट रश्मि सिंह की कोर्ट में ट्रायल पर था। एडीजीसी भावना गुप्ता ने बताया कि अभियोजन की ओर से 5 गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। कोर्ट ने अकील को पॉक्सो एक्ट में 6 साल कैद व 15 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है।
उज्जैन की भैरवगढ़ सेंट्रल जेल परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में रहने वाली एक महिला ने जेल प्रहरी के बेटे पर दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। मामले में भैरवगढ़ थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार भैरवगढ़ सेंट्रल जेल में पदस्थ एक प्रहरी अपने परिवार के साथ जेल क्वार्टर में रहता है। उसके सामने अन्य प्रहरी सत्यनारायण सक्सेना का परिवार रहता है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्रहरी का बेटा आयुष सक्सेना पिछले तीन वर्षों से उसे ब्लैकमेल कर दुष्कर्म कर रहा था। विरोध करने पर बदनाम करने की धमकी देता महिला का कहना है कि आरोपी उसे लगातार धमकाता था और विरोध करने पर बदनाम करने की बात कहता था। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ मारपीट भी की। महिला का मेडिकल परीक्षण कराया भैरवगढ़ थाना पुलिस के मुताबिक सोमवार शाम महिला थाने पहुंची और आरोपी आयुष सक्सेना के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर महिला का मेडिकल परीक्षण कराया गया है तथा आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, मारपीट और धमकी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुल्तानपुर में 24 मृत और 3 गंभीर रूप से घायल गोवंश मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक चारू निगम ने कड़ा कदम उठाते हुए जयसिंहपुर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार मिश्र को पुलिस लाइन भेज दिया है। उनकी जगह उपनिरीक्षक विवेक कुमार राय को नया प्रभारी बनाया गया है। यह घटना सोमवार को सेमरी चौकी क्षेत्र के माधवपुर देवरी गांव के पास टांडा-बांदा हाईवे किनारे सामने आई थी, जहां खेतों में बड़ी संख्या में गोवंश मृत और कुछ घायल अवस्था में पाए गए थे। सूचना पर प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वाहन से लाकर फेंकने की आशंका प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गोवंशों को किसी वाहन से लाकर यहां फेंका गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी सहित चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है, जो सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही हैं। पुलिस विभाग में फेरबदल, कई निरीक्षक बदले गए इसी क्रम में जयसिंहपुर सर्किल में भी प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। निरीक्षक अपराध सुबेदार यादव को दोस्तपुर थाने भेजा गया है, जबकि अवनेश कुमार यादव को अस्वस्थता के चलते पुलिस लाइन स्थानांतरित किया गया है। पुलिस अब पूरे मामले की हर एंगल से जांच कर रही है।
खैरथल नगर परिषद में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ गई है। सोमवार को नेता प्रतिपक्ष विक्रम सिंह चौधरी (विक्की) के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों और पार्षदों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें सफाई कर्मचारियों की मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कई दिनों से जारी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मुख्य बाजारों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर कचरे के ढेर लगे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों के आसपास भी गंदगी जमा होने से आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेता प्रतिपक्ष विक्रम सिंह चौधरी ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान जल्द नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में स्थिति और बिगड़ सकती है। शहर के प्रमुख नालों और नालियों में कचरा जमा होने से जलभराव का खतरा बढ़ गया है। बारिश होने पर गंदा पानी लोगों के घरों तक पहुंच सकता है, जिससे बीमारियां फैलने की आशंका है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सफाई कर्मचारियों को उचित मानदेय, नियमित सुविधाएं और निश्चित अवकाश प्रदान किया जाए। साथ ही, सभी अस्थायी सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेकर हड़ताल जल्द समाप्त कराई जाए, ताकि शहर की सफाई व्यवस्था बहाल हो सके। ज्ञापन सौंपते समय जाटव समाज के संरक्षक रामचंद्र कामरेड, पार्षद राजेंद्र चौधरी, नारायण छगाणी, मनोज बुराहड़िया, राहुल रसगोन, अभिषेक हैडाऊ, मुशर्रफ खान, कालू हैडाऊ, दीपक चौधरी, वासु सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
शरद पवार ने मंगलवार को पश्चिम एशिया संकट पर सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में सभी दलों को निर्णय प्रक्रिया में शामिल करना देशहित के लिए जरूरी है। पवार ने X पर लिखा- पीएम मोदी ने अचानक जनता से सोना न खरीदने, पेट्रोल और डीजल कम खर्च करने की अपील की है। इससे अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक असर पड़ सकता है। अचानक हुई इन घोषणाओं से आम लोगों और कारोबारियों के बीच बेचैनी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को सभी पक्षों से बात करनी चाहिए। प्रधानमंत्री को अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए। दरअसल, पीएम मोदी ने लगातार दो दिन लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील की। हालांकि, इस बीच पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि देश में तेल और गैस की कोई कमी नहीं है। भारत के पास 69 दिन का कच्चे तेल और 45 दिन का LPG स्टॉक मौजूद है। ज्वेलर्स बोले- रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा महाराष्ट्र स्वर्णकार सराफा महामंडल के अध्यक्ष पुरुषोत्तम कवाले ने कहा देशभर के ज्वेलर्स में चिंता बढ़ गई है। इतना बड़ा फैसला लेने से पहले ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वेलरी काउंसिल और महाराष्ट्र बोर्ड से चर्चा होनी चाहिए थी। सरकार को पहले हमारी राय लेनी चाहिए थी। कवाले ने कहा- अगर कारोबार बंद हुए तो जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सरकार इन लोगों को रोजगार देगी? ऐसी कोई गारंटी नहीं है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के गुजरात अध्यक्ष नैनेश पच्छीगर ने कहा कि हम देश के साथ हैं और ‘नेशन फर्स्ट’ में भरोसा रखते हैं। लेकिन ज्वेलरी कारोबार से छोटे और मझोले स्तर के लाखों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। सरकार को फैसला लेते समय इनके रोजगार और आगे पड़ने वाले असर का भी ध्यान रखना चाहिए। पीएम ने 7 अपील की थी, कहा- भारत में तेल के कुएं नहीं, पेट्रोल कम यूज करें राहुल ने कहा था- देश चलाना मोदी के बस की बात नहीं राहुल गांधी ने सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अपीलों पर पलटवार किया था। उन्होंने इसे नाकामी करार दिया था। उन्होंने कहा था कि अब देश चलाना प्रधानमंत्री के बस में नहीं रह गया है। X पर एक पोस्ट में राहुल ने लिखा था- 'कल मोदी जी ने जनता से त्याग मांगा। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम इस्तेमाल करो, खाद और खाने के तेल का उपयोग घटाओ, मेट्रो से चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं हैं। ये विफलता हैं।' 12 साल में देश को इस मुकाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है। क्या खरीदें, क्या नहीं। कहां जाए, कहां नहीं।’ इन 4 मदों में ही इस साल 22 लाख करोड़ रुपए खर्च हो रहे 1. सोने में सालाना 6 लाख करोड़ खर्च: भारत में हर साल सोने के आयात पर लाखों करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। 2024-26 में यह आंकड़ा 4.89 लाख करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में 6.40 लाख करोड़ रुपए रहा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की ताजा रिपोर्ट बताती है कि 2026 की पहली तिमाही में भारत में निवेश के लिए सोने की मांग गहनों से भी ज्यादा है। 2. विदेश यात्रा- 3 लाख करोड़ उड़ा रहे: 2023-24 में विदेश यात्राओं में भारतीयों का कुल खर्च 2.72 लाख करोड़ रुपए था, जो 2025-26 में 3.65 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी भारतीयों ने विदेशों में खर्च बढ़ा दिया है। 3. फर्टिलाइजर- 1.50 लाख करोड़ आयात: इस साल भारत ने विदेशों से 1.50 लाख करोड़ रुपए का फर्टिलाइजर खरीदा है। यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 76% ज्यादा है। हम सबसे ज्यादा फर्टिलाइजर कतर से आयात करते हैं, जो ईरान के हमलों की चपेट में है। इसलिए फर्टिलाइजर के दाम चढ़े हुए हैं। 4. कच्चा तेल- इस साल 10 लाख करोड़ रु. का तेल आयात करना पड़ा: भारत जरूरत का 70% तेल आयात करता है। इस पर 2024-25 में 11.66 लाख करोड़ खर्च हुए। क्रूड के भाव घटने से 2025-26 में खर्च 10.35 लाख करोड़ रुपए था। पिछले दो महीने के युद्ध में क्रूड 50% महंगा हुआ है। ऐसे में खर्च 17 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। ------------ ये खबर भी पढ़ें… केंद्र बोला- 60 दिनों का पेट्रोल-डीजल, फिर भी कम खर्चें:रोजाना ₹1000 करोड़ का नुकसान; बचत के लिए मोदी की 2 दिन में 2 बार अपील पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा था कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है, जबकि LPG का 45 दिन का स्टॉक है। लोगों को घबराने या पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़ें…
कैथल शहर में नगरपालिका कर्मचारी संघ की हड़ताल लगातार जारी है। शहर के कर्मचारी 12 दिन से हड़ताल पर हैं और सफाई का कार्य नहीं कर रहे। ऐसे में शहर के कई चौक चौराहों पर कूड़े और गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। गंदगी से आ रही बदबू के कारण आसपास से गुजर रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगरपालिका कार्यालय पर प्रदर्शन मंगलवार को भी कर्मचारियों ने सफाई का कार्य न करके नगर पालिका कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन में शामिल विक्की, रवि, वर्षा, सोनिया व अन्य कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले 12 दिन से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं, लेकिन सरकार का कोई नेता उनकी बात सुनने के लिए नहीं आया। प्रदर्शन को आंदोलन में तब्दील की चेतावनी कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल वे 14 मई तक हड़ताल पर हैं, लेकिन अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे हड़ताल को अनिश्चितकालीन कर देंगे। अपने प्रदर्शन को आंदोलन में तब्दील कर देंगे। पे-रोल के कर्मियों को पक्का करो कर्मचारियों ने सरकार से मांग की कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी को 26 हजार और शहरी सफाई कर्मचारी को 27 हजार वेतन प्रतिमाह दिया जाए। पे रोल के कर्मचारियों को पक्का किया जाए, सफाई व फायर विभाग के मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा, 1 करोड़ रुपए की मदद व सरकारी नौकरी दी जाए।
छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के भीतर इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा किसी चुनाव या विपक्ष को लेकर नहीं, बल्कि खुद पार्टी के अंदर संभावित बड़े फेरबदल को लेकर है। सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर बदलाव की अटकलें तेज हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा लगातार चल रही है कि पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद भाजपा अपने राष्ट्रीय संगठन और राज्यों की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव कर सकती है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ को भी सबसे अहम राज्यों में गिना जा रहा है। इन चर्चाओं के बीच 12 और 13 मई को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होने जा रही कोर कमेटी, प्रदेश पदाधिकारियों और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पार्टी भले इसे नियमित संगठनात्मक बैठक बता रही हो, लेकिन अंदरखाने इसे आने वाले बदलावों की भूमिका बैठक के तौर पर देखा जा रहा है। क्यों महत्वपूर्ण मानी जा रही 12-13 मई की बैठक भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय के मुताबिक 12 मई को शाम 6 बजे कोर कमेटी की बैठक होगी। इसके बाद 7:30 बजे प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी। वहीं 13 मई को सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक होगी। इन बैठकों में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देवऔर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय मौजूद रहेंगे। औपचारिक तौर पर बैठक का एजेंडा आगामी कार्ययोजना, संगठन की समीक्षा और भविष्य के कार्यक्रम तय करना बताया गया है। लेकिन भाजपा के अंदर चल रही चर्चाओं को देखें तो यह बैठक सिर्फ संगठन समीक्षा तक सीमित नहीं मानी जा रही। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव परिणाम के बाद भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में आगे बढ़ेगी और उसी रणनीति का असर छत्तीसगढ़ में भी दिखाई दे सकता है। सत्ता और संगठन दोनों में बदलाव की चर्चा क्यों? दरअसल, छत्तीसगढ़ भाजपा इस समय दो समानांतर परिस्थितियों से गुजर रही है। पहली सरकार को ढाई साल पूरे होने की ओर बढ़ रही है और दूसरी संगठन में कई बड़े पदाधिकारियों का कार्यकाल समाप्ति की स्थिति में है। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय और क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल के कार्यकाल को लेकर भी पार्टी के भीतर चर्चा तेज है। संगठन में नए चेहरों को जिम्मेदारी देने और कई नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर एडजस्ट करने की संभावनाएं जताई जा रही हैं। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि पार्टी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ में सत्ता और संगठन को लेकर फीडबैक और सर्वे कराया है। उसी आधार पर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। यही वजह है कि अब चर्चा सिर्फ छोटे बदलाव की नहीं, बल्कि व्यापक पुनर्संतुलन की हो रही है। डिप्टी सीएम को मिलेगी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी? सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि राज्य के एक उप मुख्यमंत्री को संगठन में राष्ट्रीय स्तर की जिम्मेदारी दी जा सकती है। राजनीतिक हलकों में डिप्टी सीएम विजय शर्मा का नाम सबसे ज्यादा लिया जा रहा है। हालांकि कुछ जगहों में अरूण साव का नाम भी सामने आ रहा है। कहा जा रहा है कि भाजपा अपने राष्ट्रीय संगठन में ऐसे चेहरों को आगे लाना चाहती है जो चुनावी मैनेजमेंट, आक्रामक राजनीति और संगठन विस्तार में प्रभावी रहे हों। बंगाल चुनाव में जिन नेताओं को जिम्मेदारी दी गई थी, उनके कामकाज का मूल्यांकन भी इसी संदर्भ में देखा जा रहा है। यह भी चर्चा है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन अपनी नई टीम तैयार कर सकते हैं। क्योंकि वे लंबे समय तक छत्तीसगढ़ प्रभारी रहे हैं, इसलिए यहां के नेताओं की कार्यशैली और क्षमता से अच्छी तरह परिचित हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कुछ नेताओं को राष्ट्रीय टीम में जगह मिल सकती है या दूसरे राज्यों की जिम्मेदारी दी जा सकती है। महिला डिप्टी सीएम का फार्मूला क्यों चर्चा में? यदि डिप्टी सीएम स्तर पर बदलाव होता है, तो भाजपा एक महिला चेहरे को आगे कर सकती है। राजनीतिक गलियारों में लता उसेंड़ी और रेणुका सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। इसके पीछे भाजपा की बहुस्तरीय रणनीति देखी जा रही है। पार्टी यदि किसी महिला आदिवासी या ओबीसी चेहरे को डिप्टी सीएम बनाती है तो वह एक साथ कई सामाजिक समीकरण साध सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा अब सिर्फ सरकार चलाने के मोड में नहीं, बल्कि 2028 विधानसभा चुनाव की सामाजिक और क्षेत्रीय रणनीति पर काम कर रही है। मंत्रिमंडल में किन चेहरों पर चर्चा? चर्चा है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व पर केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह भरोसे में है और फिलहाल मुख्यमंत्री बदलने जैसी कोई स्थिति नहीं है। बल्कि पार्टी आगामी चुनाव भी उनके चेहरे पर लड़ने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। लेकिन मंत्रिमंडल में फेरबदल और विस्तार की चर्चा काफी तेज है। कहा जा रहा है कि 2-4 मंत्री पदों में चेहरे बदल सकते है और उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है। खास बात यह है कि इस बार पुराने और वरिष्ठ विधायकों की तुलना में नए चेहरों को प्राथमिकता मिलने की संभावना ज्यादा बताई जा रही है। संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल में एक और महिला चेहरे को शामिल किया जा सकता है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की रणनीति पर काम हो रहा है। राजनीतिक चर्चाओं में जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें: और सरगुजा क्षेत्र की किसी आदिवासी महिला विधायक का नाम प्रमुख है। आखिर भाजपा इतनी जल्दी बदलाव क्यों चाहती है? भाजपा की राजनीति में अब चुनाव से ठीक पहले बदलाव के बजाय समय रहते परफॉर्मेंस ट्यूनिंग का मॉडल ज्यादा दिख रहा है। छत्तीसगढ़ में पार्टी सत्ता में आने के बाद अब दूसरे चरण की रणनीति पर काम कर रही है। इस रणनीति के तीन बड़े कारण 1. 2028 की तैयारी अभी से भाजपा अगले विधानसभा चुनाव को सिर्फ सरकार बचाने का नहीं, बल्कि संगठन विस्तार के अवसर के रूप में देख रही है। इसलिए युवा, आक्रामक और सामाजिक रूप से संतुलित टीम तैयार करने पर जोर है। 2. सत्ता-संगठन तालमेल पार्टी के भीतर यह फीडबैक लगातार सामने आता रहा है कि सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत है। ऐसे में दोनों स्तरों पर रीसेट की कोशिश हो सकती है। 3. राष्ट्रीय राजनीति में CG नेताओं की एंट्री छत्तीसगढ़ भाजपा के कई नेताओं ने पिछले डेढ़ साल में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। बंगाल चुनाव और दूसरे राज्यों में संगठनात्मक जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं का कद बढ़ा है। भाजपा इन्हें बड़े रोल में उपयोग कर सकती है। क्या बैठक में ही होगा कोई बड़ा फैसला? संभावना कम है कि 12-13 मई की बैठक में कोई बड़ा राजनीतिक ऐलान हो। भाजपा आमतौर पर ऐसे फैसले केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर अंतिम रूप देने के बाद ही सार्वजनिक करती है। लेकिन राजनीतिक संकेत जरूर मिल सकते हैं। बैठक में नेताओं की बॉडी लैंग्वेज, मंच पर बैठने का क्रम, किन चेहरों को ज्यादा महत्व मिलता है, किन नेताओं की सक्रियता बढ़ती है इन सभी बातों पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। फिलहाल इतना तय माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ भाजपा अब सिर्फ नियमित संगठनात्मक गतिविधियों के दौर में नहीं है। पार्टी अगले चुनावी चक्र की तैयारी में प्रवेश कर चुकी है। ऐसे में सत्ता और संगठन दोनों में बड़े बदलाव की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज भी नहीं किया जा सकता।
सरयू नदी में डूबे वृद्ध का शव मिला:अम्बेडकरनगर में तीसरे दिन हुआ बरामद, पुलिस ने पोस्टमार्टम को भेजा
अम्बेडकरनगर जिले में सरयू नदी में डूबे एक 56 वर्षीय वृद्ध का शव तीसरे दिन बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान आलापुर थाना क्षेत्र के शाहपुर औरांव गांव निवासी रामअजोर के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, रामअजोर रविवार को अपने घर से सरयू नदी में स्नान करने की बात कहकर निकले थे। जब वह काफी समय तक वापस नहीं लौटे, तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने उनकी तलाश शुरू कर दी। खोजबीन के दौरान, चहोंड़ा घाट पर सरयू नदी के किनारे रामअजोर के कपड़े और चप्पल मिले। इन वस्तुओं को देखकर परिजनों और स्थानीय लोगों को आशंका हुई कि रामअजोर नदी में डूब गए हैं। सूचना मिलते ही आलापुर थानाध्यक्ष रितेश पांडे के नेतृत्व में एसडीआरएफ की टीम ने तुरंत सर्च अभियान चलाया। रविवार और सोमवार को लगातार तलाश की गई, लेकिन रामअजोर का पता नहीं चल सका। मंगलवार को, जहांगीरगंज थाना क्षेत्र के नयागांव के पास सरयू नदी में रामअजोर का शव उतराता हुआ दिखाई दिया। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को नदी से बाहर निकाला और उसकी शिनाख्त की। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। थानाध्यक्ष रितेश पांडे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। पुलिस इस मामले में अन्य विधिक कार्रवाई भी कर रही है।
भरतपुर की मथुरा गेट थाना पुलिस ने एक मकान से 5 किलो 828 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया गया है। साथ ही एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी घर से डोडा चूरा बेचता था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जिससे यह पता लगाया जा सके कि आरोपी डोडा चूरा कहां से लेकर आया था। घर से आरोपी बेचता था मादक पदार्थ सब इंस्पेक्टर होतम सिंह ने बताया कि आज मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि गुलाल कुंड मोहल्ले में बाबू सिंह के घर पर अवैध मादक पदार्थ है। इस सूचना पर पुलिस बाबू सिंह के मकान पर पहुंची। मकान की तलाशी ली तो, उसके मकान से 5 किलो 828 ग्राम डोडा चूरा बरामद किया गया। आरोपी बाबू सिंह को हिरासत में लिया गया है। बाबू सिंह से पूछताछ की जा रही है कि वह डोडा चूरा कहां से लेकर आया था। अवैध मादक पदार्थ की कीमत का पता लगाया जा रहा है।
राजधानी रायपुर के शंकर नगर इलाके में स्थित लक्ष्य ज्वेलर्स में हुई करीब 90 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक आदतन चोर है, जो पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। आरोपियों के फरार साथियों की तलाश पुलिस कर रही है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला लक्ष्य ज्वेलर्स में घटना शनिवार-रविवार की दरमियानी रात की है। दो नकाबपोश बदमाश बाइक से दुकान पहुंचे और कटर से ताला काटकर अंदर घुस गए। करीब आधे घंटे तक दुकान के भीतर रहे और सोने के जेवर बैग में भरकर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण चोरी की जानकारी नहीं मिल सकी। सोमवार सुबह दुकान खुलते ही वारदात का खुलासा हुआ और इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नॉर्थ जोन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुकान के CCTV फुटेज में दोनों आरोपी आराम से चोरी करते नजर आए। खास बात यह रही कि चोरों ने केवल सोने के जेवरों पर हाथ साफ किया, जबकि चांदी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी को नहीं छुआ। गांधी नगर-काली नगर रोड में रुका डॉग स्क्वॉड जांच के दौरान फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की टीम को भी बुलाया गया। डॉग दुकान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर गांधी नगर-काली नगर रोड तक पहुंचा और वहीं जाकर रुक गया। इसके बाद पुलिस ने आसपास के इलाकों में दबिश शुरू की। देर रात कालीनगर इलाके से एक पुराने चोर को हिरासत में लिया गया। उसके पास से कुछ सोने के जेवर भी बरामद किए गए हैं। किराए का मकान लेकर रेकी की आरोपियों ने पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपी फिलहाल कालीमाता वार्ड में किराए के मकान में रह रहे थे और मूल रूप से ओडिशा के निवासी हैं। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी है। आशंका है कि उसके पकड़े जाने पर शहर में हुई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने करीब 20 दिन पहले ही दुकान संचालक को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और सेंट्रल लॉक सिस्टम लगाने की सलाह दी थी। इसके बावजूद बदमाश वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।
लखनऊ जिला कोर्ट के वकीलों के कई चैंबर्स की दीवारों पर नगर निगम ने लाल क्रॉस लगा दिए हैं। इसके साथ ही नोटिस लगाया है, जिसमें 16 मई तक का समय दिया गया है। कहा गया है कि अगर 16 तक ये अतिक्रमण नहीं हटाए गए तो 17 तारीख को प्रशासन खुद ही एक्शन लेगा। उस दौरान जो भी खर्च आएगा, उसका वहन अतिक्रमणकारी को करना होगा। इस नोटिस पर वकीलों का कहना है कि ये सारे नोटिस रात के अंधेरे में लगाए गए। उनके चैंबर्स पर लाल निशान लगा दिया गया। परिसर के बाहर के चैंबर्स में तो निशान लगाए ही, कोर्ट परिसर के अंदर के चैंबर्स पर भी निशान लगा दिए गए। एक चाय दुकानदार ने कहा- 5 तस्वीरें देखिए- 'असली समस्या चैंबर डालने की है' पुराने हाईकोर्ट गेट के बाहर स्थित बसंत लाल टी स्टॉल के संचालक दीपक ने बताया कि वह पिछले करीब 50–55 सालों से यहां दुकान चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुबह करीब 7 बजे जब वह दुकान पर पहुंचे, तभी उन्हें नोटिस चिपका हुआ दिखाई दिया। दीपक ने कहा- उनकी पक्की दुकान है, लेकिन नगर निगम की कार्रवाई के चलते उन्हें इसे हटाना पड़ सकता है। असली समस्या चैंबर डालने की है। इलाके में जाम पहले भी लगता था और अब भी लग रहा है, ऐसे में दुकान हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। हाईकोर्ट को निगम ने बताया- 72 पर मार्किंग हाईकोर्ट में लखनऊ नगर निगम की ओर से दाखिल रिपोर्ट में बताया गया कि कोर्ट क्षेत्र में 72 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं। इनमें अधिकांश वकीलों के चैंबर हैं। कुछ दुकानें भी हैं। अदालत ने इससे पहले भी नगर निगम को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन, पुलिस बल पर्याप्त न होने पर कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी थी। पुलिस अधिकारियों के पत्र कोर्ट में पेश बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने डीसीपी मुख्यालय, डीसीपी पश्चिम और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पश्चिमी के पत्र अदालत में पेश किए। इन पत्रों में बताया गया कि अपरिहार्य कारणों से पूर्व निर्धारित तारीख पर नगर निगम को पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया जा सका। नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया था कि अतिक्रमण हटाने के लिए अब 12 मई की नई तारीख तय की गई है। हालांकि, 12 मई को केवल नोटिस दिया गया। ----------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- लखनऊ कोर्ट के आसपास वकीलों के अतिक्रमण हटाएगा नगर निगम : 12 मई को चलेगा बुलडोजर, दुकानों सहित 72 कब्जे चिह्नित लखनऊ जिला कोर्ट परिसर के आसपास वकीलों के वो चैंबर हटाए जाएंगे, जो अवैध रूप से बनाए गए हैं। नगर निगम ने ऐसे 72 अतिक्रमण चिह्नित किए हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आदेश दिया है कि तय तारीख 12 मई को नगर निगम ऐसे चैंबरों को अभियान चलाकर हटाए। इसके लिए प्रशासन पुलिस बल उपलब्ध कराएगा। (पूरी खबर पढ़िए)
हिसार जिले में उकलाना के कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल के दिनों में सरकार द्वारा जनता से की जा रही विभिन्न अपील देश में गहराते आर्थिक और प्रशासनिक संकट की ओर इशारा करती हैं। उन्होंने इन परिस्थितियों को इमरजेंसी जैसे हालात का संकेत बताया। विधायक नरेश सेलवाल ने जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री लगातार लोगों से सोना कम खरीदने, पेट्रोल-डीजल की खपत घटाने, खाद एवं खाने के तेल के उपयोग में कटौती करने, विदेश यात्राएं सीमित रखने तथा वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास जैसी व्यवस्थाएं अपनाने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ये अपीलें सामान्य नहीं हैं, बल्कि देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को दर्शाती है। चिंता बढ़ाने वाली है वर्क फ्रॉम होम जैसी बात : सेलवान सेलवाल ने कहा कि, देश पहले ही बेरोजगारी और महंगाई की मार झेल रहा है। ऐसे समय में ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम जैसी बातें युवाओं और आम लोगों की चिंता और बढ़ाने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण गरीब और मध्यम वर्ग का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है और आम आदमी आर्थिक दबाव में जीने को मजबूर है। उन्होंने नीति आयोग द्वारा बड़े निर्माण कार्यों पर रोक लगाने संबंधी सुझावों का हवाला देते हुए कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि देश की आर्थिक स्थिति गंभीर दौर से गुजर रही है। विधायक बोले- देश के हालात खराब होते जा रहे विधायक नरेश सेलवाल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को सही दिशा देने में असफल रहे हैं और अब अपनी नीतिगत विफलताओं का बोझ जनता पर डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है और देश के हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। नरेश सेलवाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाती रहेगी और आम आदमी के हितों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
बिजनौर जेल में बंदी दीपक की मौत के बाद सोमवार को भी पुलिस और ग्रामीणों के बीच तनाव बना रहा। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम दीपक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शन करने वाले 12 नामजद सहित 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर जेल प्रशासन ने दो वार्डन को निलंबित कर दिया है, जबकि जिलाधिकारी ने एसडीएम सदर को मजिस्ट्रेट जांच सौंपी है। यह मामला बिजनौर जिला जेल में गैंगस्टर एक्ट के तहत बंद पृथ्वीपुर निवासी दीपक कुमार की मौत से जुड़ा है। रविवार दोपहर जिला कारागार में संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाने से उसकी मौत हो गई थी। इस घटना के बाद रविवार को भी परिजनों और ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम हाउस, जजी चौक और जेल तक घंटों हंगामा किया था। सोमवार को दीपक के शव का पोस्टमार्टम होने से पहले भी परिजनों और ग्रामीणों ने कई बार हंगामा किया। दोपहर करीब तीन बजे सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए महिलाएं जजी चौक पर जाम लगाने की बात कहकर पोस्टमार्टम हाउस से जाने लगीं। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिससे दोनों ओर से धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति बन गई। इस दौरान कुछ महिलाएं पुलिस को चकमा देकर पोस्टमार्टम हाउस से निकल गईं और जजी चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सड़क पर बैठकर और वाहनों के आगे लेटकर यातायात बाधित कर दिया। जाम के कारण जजी चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह, सीओ सिटी संग्राम सिंह, सीओ नजीबाबाद अंजनी चतुर्वेदी, सीओ नितेश प्रताप सिंह सहित कई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ चौक पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाकर हटाने का प्रयास किया। स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब महिला पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, इस दौरान महिलाओं और महिला पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई।
रांची और आसपास के क्षेत्रों से बाहर जाने वाले यात्रियों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। इसके चलते ट्रेनों, बसों और हवाई सेवाओं पर भारी दबाव बन गया है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु और पटना जैसे प्रमुख रूटों पर चलने वाली अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। कई ट्रेनों में स्लीपर और एसी दोनों श्रेणियों में वेटिंग 100 के पार पहुंच गई है, जबकि कुछ ट्रेनों में सीटें पूरी तरह फुल हो चुकी हैं। झारखंड संपर्क क्रांति, रांची गरीब रथ, राजधानी एक्सप्रेस और हटिया-बेंगलुरू एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में 17 से 21 मई तक लगातार वेटिंग की स्थिति बनी हुई है। समर स्पेशल ट्रेनें चलाए जाने के बावजूद यात्रियों को कन्फर्म टिकट नहीं मिल पा रहा है, जिससे उनकी यात्रा योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। वहीं, हवाई सेवाओं में भी स्थिति सामान्य नहीं है। अगले दस दिनों तक प्रमुख शहरों के लिए उड़ानों में 65 प्रतिशत से अधिक सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। समर स्पेशल फ्लाइट्स में भी 60 प्रतिशत से ज्यादा बुकिंग दर्ज की गई है। सड़क मार्ग से यात्रा के सीमित विकल्पों के कारण लोग रेल और हवाई यात्रा पर अधिक निर्भर हो रहे हैं। इधर यात्रियों और पैसेंजर एसोसिएशन ने रेलवे से महानगरों के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने की मांग की है। इन ट्रेनों में लंबी वेटिंग 12873 झारखंड संपर्क क्रांति : 21 मई तक सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग12877 रांची गरीब रथ : मई हीना में प्रत्येक दिन 100 से ज्यादा वेटिंग18309 संबलपुर-जम्मूतवी : मई में सभी श्रेणियों में वेटिंग, रिग्रेट।12453 राजधानी एक्सप्रेस वीकली : 17 व 21 मई को सभी श्रेणियों में वेटिंग।18451 तपस्विनी एक्स. : 18 तक प्रत्येक दिन वेटिंग या आरएसी।18616 हटिया-हावड़ा : 17 मई तक हर दिन सभी श्रेणियों में वेटिंग।15661 रांची-कामाख्या वीकली : मई में प्रत्येक दिन लंबी वेटिंग।13351 धनबाद-एलेप्पी : 17 मई तक सेकेंड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में 100 से ज्यादा वेटिंग।18637 हटिया बेंगलुरु साप्ताहिक : मई में लंबी वेटिंग, सेकेंड एसी में रिग्रेट। प्रभावित रहेंगी ट्रेनेंदक्षिण-पूर्व रेलवे के आद्रा मंडल में विकास कार्य के लिए रोलिंग ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे रांची रेल मंडल की कुछ ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। ट्रेन संख्या 18036 हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 13 और 16 मई 2026 को अपने निर्धारित समय से 120 मिनट विलंब से हटिया स्टेशन से प्रस्थान करेगी। वहीं, ट्रेन संख्या 18601 टाटानगर-हटिया एक्सप्रेस 12 मई को परिवर्तित मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग चांडिल-पुरुलिया-कोटशिला-मूरी के बजाय चांडिल-गुंडा बिहार-मूरी होकर संचालित की जाएगी। रांची से खुलने वाली स्पेशल ट्रेनों में भी सीटें नहींएलटीटी सुपर साप्ताहिक स्पेशल : थर्ड एसी में दस जून तक रिग्रेट।रांची नई दिल्ली एक्स साप्ताहिक स्पेशल : 16,23 और 30 मई को सभी श्रेणियों में वेटिंगरांची-अजमेर साप्ताहिक स्पेशल : 17 मई को सभी श्रेणियों में आरएसी।
कानपुर में ग्रीनपार्क चौराहे से घंटाघर तक बन रही सीएम ग्रिड रोड अब निर्माण से ज्यादा डिजाइन और गुणवत्ता को लेकर चर्चा में है। करीब 2.85 किमी लंबी और करीब 28 करोड़ रुपए की इस परियोजना में फुटपाथ की चौड़ाई, नाली निर्माण, सड़क की घटती चौड़ाई और यूटिलिटी शिफ्टिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दैनिक भास्कर न्यूज एप की ग्राउंड रिपोर्ट में कई ऐसी खामियां सामने आईं, जिन पर स्थानीय विधायक से लेकर आम राहगीर तक नाराज नजर आए। सड़कों को चौड़ाई घटी मिलीं। इसके अलावा नालियां ऐसी मिलीं कि बरसात का पानी सड़कों पर आना तय है। स्टॉक एक्सचेंज के सामने दिखीं खामियां ग्रीनपार्क चौराहे से आगे स्टॉक एक्सचेंज के सामने सड़क पर साफ दिखा कि फुटपाथ जरूरत से ज्यादा चौड़ा बना दिया गया है। पहले जहां पर्याप्त चौड़ी सड़क थी, वहां अब फुटपाथ और नाली ने काफी जगह घेर ली है। नालियों की बनावट भी ऐसी दिखी कि बरसात में पानी सड़क और फुटपाथ पर भरने की आशंका है। यहीं आर्यनगर विधानसभा से सपा विधायक अमिताभ बाजपेई मिले। उन्होंने मौके पर ही निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई। विधायक बोले करोड़ों के प्रोजेक्ट में घोटाला विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा, “सीएम ग्रिड रोड को लेकर पहले से ही हमारे मन में सवाल थे। कहा गया था कि सभी यूटिलिटी शिफ्ट होंगी, लेकिन अब तक कोई अधिकारी प्रगति आख्या देने सामने नहीं आया। मौके पर आकर दिख रहा है कि सड़क की चौड़ाई घट गई है। फुटपाथ बहुत चौड़ा बना दिया गया है। नाली ऐसी बनाई गई है कि बरसात का पानी निकल नहीं पाएगा। यह 28-30 करोड़ का प्रोजेक्ट है और इसमें घोटाला हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नई सड़क पर बिजली लाइन डालने के लिए जो पाइप डाले जा रहे हैं, उनकी लाइन भी सीधी नहीं है, जिससे आगे और दिक्कतें बढ़ सकती हैं। हडर्ड स्कूल चौराहे पर भी वही हाल ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान हडर्ड स्कूल चौराहे पर भी यही स्थिति नजर आई। यहां भी फुटपाथ की चौड़ाई इतनी बढ़ा दी गई कि सड़क संकरी हो गई। इससे ट्रैफिक दबाव बढ़ने की संभावना साफ दिख रही थी। इतना ही नहीं, सीएम ग्रिड रोड के लिए लगाए जा रहे खंभे पुरानी बनी सड़क के हिस्से में ही नजर आए, जिससे निर्माण की योजना और क्रियान्वयन दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आगे बढ़ते ही जाम, धूल और अधूरा काम नई सड़क के हिस्से में हालात और खराब दिखे। सड़क किनारे बिजली लाइन डालने का काम चल रहा था, जिसकी वजह से टू-वे रोड का एक हिस्सा पूरी तरह बंद था। दूसरी ओर वाहनों की लंबी कतार और भीषण जाम लगा था। धूल इतनी उड़ रही थी कि राहगीरों को गुजरना मुश्किल हो रहा था।स्थानीय लोगों का कहना था कि निर्माण की धीमी रफ्तार और अधूरी प्लानिंग से रोजाना जाम और परेशानी झेलनी पड़ रही है। मेयर बोलीं जहां गड़बड़ी होगी, ठीक कराएंगे पूरे मामले पर मेयर प्रमिला पांडेय ने कहा, “विपक्ष का काम आरोप लगाना है। हम वह काम करते हैं जिससे जनता को राहत मिले। ग्रीनपार्क और हडर्ड वाले चौराहे को ठीक करा दिया गया है। कहीं कुछ गड़बड़ी होगी तो मैं खुद ठीक कराऊंगी। उन्होंने बताया कि हडर्ड से ग्रीनपार्क चौराहे तक फूड जोन भी विकसित किया जाना है, जिससे क्षेत्र को नया स्वरूप मिलेगा।
धार भोजशाला में मंगलवार को आयोजित सत्याग्रह में विश्व हिंदू परिषद (VHP) की प्रांत उपाध्यक्ष माला सिंह ठाकुर शामिल हुईं। उन्होंने मां वाग्देवी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उपस्थित लोगों को संबोधित किया और सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं। ASI सर्वे और स्थापत्य को बताया मंदिर का साक्ष्यमाला सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1034 में राजा भोज ने यहां मां वाग्देवी की स्थापना की थी। यहां मौजूद आकृतियां और स्थापत्य स्पष्ट रूप से हिंदू संस्कृति को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि न्यायालय के आदेश पर 100 दिनों तक चले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वे में सामने आए साक्ष्य इस स्थान को सरस्वती मंदिर साबित करते हैं। सत्याग्रह पर जताया दुख, अदालत के फैसले का इंतजारविहिप उपाध्यक्ष ने इस बात पर दुख व्यक्त किया कि हिंदू समाज को अपने ही आराध्य स्थल के लिए सत्याग्रह कर न्यायालय की शरण लेनी पड़ रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि समाज न्यायालय का पूरा सम्मान करता है और इस मामले में आने वाले अंतिम फैसले की प्रतीक्षा कर रहा है। देखिए तस्वीरें…
आगरा जिला अस्पताल में मरीजों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। सुबह सात बजे से लाइन में लगने के बावजूद मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। पर्चा बनवाने में ही 45 मिनट से एक घंटे तक लग रहे हैं, वहीं ओपीडी का समय सुबह आठ बजे होने के बावजूद अधिकतर डॉक्टर करीब डेढ़ से दो घंटे देरी से पहुंच रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि मरीजों को अस्पताल पहुंचने के करीब दो घंटे बाद डॉक्टर से परामर्श मिल पा रहा है। इस दौरान बुजुर्ग, महिलाएं और दूर-दराज से आए मरीज जमीन पर बैठकर डॉक्टरों का इंतजार करने को मजबूर हैं। मंगलवार सुबह दैनिक भास्कर टीम जब जिला अस्पताल पहुंची तो पंजीकरण काउंटर से लेकर डॉक्टर कक्ष और दवा वितरण केंद्र तक लंबी लाइनें लगी थीं। अधिकांश डॉक्टर कक्ष बंद मिले और कई कमरों के बाहर कुंडी लगी थी। सुबह 8:30 बजे तक भी ज्यादातर डॉक्टर अपनी सीट पर नहीं पहुंचे थे। अस्पताल में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि मरीजों को बैठने तक की जगह नहीं मिली और कई लोग जमीन पर बैठकर इंतजार करते नजर आए। मरीजों का कहना है कि अस्पताल में सुबह सात बजे से ही पर्चा बनवाने की लाइन लग जाती है। पंजीकरण में ही करीब एक घंटा लग जाता है, उसके बाद डॉक्टर समय से नहीं बैठते। ओपीडी का समय सुबह आठ बजे तय है, लेकिन अधिकतर सीनियर डॉक्टर 9:30 से 10 बजे के बीच पहुंचते हैं। सोमवार को भी भास्कर टीम के निरीक्षण में कई कक्षों में सीनियर डॉक्टर मौजूद नहीं मिले थे और जूनियर डॉक्टर मरीजों को देख रहे थे। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञानी इंटर भी अपनी सीट पर नहीं मिले थे। प सेमरा गांव से करीब 35 किलोमीटर दूर से आए मरीज हरपाल ने बताया कि उनकी आंख का ऑपरेशन होना है। डॉक्टर ने उन्हें सुबह आठ बजे बुलाया था, लेकिन 8:30 बजे तक भी कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा था। उन्होंने कहा, “यहां डॉक्टरों के बैठने का कोई तय समय नहीं है, 9 बजे से पहले तो कोई आता ही नहीं।” वहीं एक तीमारदार युवती ने बताया, “यहां डॉक्टरों के आने का कोई फिक्स टाइम नहीं है। ज्यादातर डॉक्टर 9:30 से 10 बजे के बीच आते हैं और मरीज घंटों इंतजार करते रहते हैं।” एक बुजुर्ग मरीज ने भी नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें सुबह आठ बजे बुलाया गया था, लेकिन काफी देर तक कोई डॉक्टर नहीं आया। दवा वितरण केंद्र पर भी मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ा। सुबह 8:30 बजे तक दवा काउंटर नहीं खुला था। एक महिला मरीज ने बताया कि वह आधे घंटे से दवा के लिए बैठी है, लेकिन अब तक काउंटर नहीं खुला। भास्कर टीम ने जब हेल्पिंग सेंटर पर डॉक्टरों की ओपीडी का समय पूछा तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने डॉक्टर के आने का समय सुबह 9 बजे बताया। हालांकि सोमवार को 9:30 बजे तक भी मनोरोग विशेषज्ञ कक्ष में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। अस्पताल में डॉक्टरों की देरी और अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को घंटों परेशान होना पड़ रहा है।
कानपुर के उर्सला अस्पताल में मंगलवार को DM अचानक निरीक्षण करने पहुंच गए। इस दौरान 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मचारी गायब मिले। जबकि 2 दलाल को भी डीएम की टीम ने पकड़ा। मरीज डॉक्टरों का इंतजार करते रहे लेकिन कोई नहीं पहुंचा। जांच में सामने आया कि डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। इस पर डीएम ने फटकार लगाई और दवाएं बाहर से लिखने पर रोक लगा दी। डीएम ने दो दलालों को मरीजों को गुमराह करते हुए पकड़ा डीएम जितेन्द्र प्रताप सिंह सुबह एडीएम सिटी राजेश कुमार सिंह के साथ उर्सला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थिति रजिस्टर की जांच की तो सामने आया कि 22 डॉक्टर और 10 स्वास्थ्य कर्मी बगैर कोई सूचना दिए ड्यूटी से नदारद हैं। जांच में पता चला कि इन डॉक्टरों ने छुट्टी के लिए कोई आवेदन नहीं दिया है। इस दौरान ओपीडी में देखने को मिला कि कई मरीज घंटों से इंतजार कर रहे और डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं पहुंचे है। डीएम ने ओपीडी में दिखाकर जा रही महिला से रोककर पूछा और उनका पर्चा देखा। तब सामने आया कि उर्सला के डॉक्टर बाहर की दवाएं भी लिख रहे हैं। इस पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए बाहर से दवाएं लिखने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इतना ही नहीं डीएम की टीम ने दो दलालों को भी मौके से पकड़ा। दोनों दलाल मरीजों को निजी अस्पताल में एडमिट कराने व रुपए लेकर अच्छा इलाज कराने समेत अन्य प्रलोभन देकर गुमराह कर रहे थे। डीएम ने उर्सला के सीएमएस बाल चंद्र पाल को फटकार लगाते हुए व्यवस्था को बेहतर करने की चेतावनी दी। उन्होंने हिदायत देते हुए कहा कि दलाल अस्पताल में नहीं भटकने चाहिए और डॉक्टरों का बाहर से दवा लिखवाने पर पूरी तरह से रोक लगा दीजिए। इसके साथ ही अनुपस्थित डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों का 1 दिन का वेतन काटने के साथ ही सभी से स्पष्टीकरण लेने का आदेश जारी किया है। ये डॉक्टर ड्यूटी से थे नदारत अनुपस्थित डॉक्टर में डॉ. राजकुमार सिंह, डॉ. आरके अग्रवाल, डॉ. महेश कुमार, डॉ. प्रीती मेहता, डॉ. विजय कुमार सिंह, डॉ. राहुल वर्मा, डॉ. आशीष कुमार, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. अरुण प्रकाश, डॉ. आरसी यादव, डॉ. बीसी पॉल, डॉ. राजकिशोर, डॉ. एके कनौजिया, डॉ. बृजेंद्र कुमार शुक्ला, डॉ. सूरज शिवहरे, डॉ. अल्तमस खान, डॉ. अवधेश कुमार, डॉ. अपूर्व गुप्ता, डॉ. गीता पोरवाल, बीके सिंह, आरपी गुप्ता, अरुणेश सिंह, पैरामेडिकल स्टाफ दयाशंकर, नीलू, अमित सोनकर, रजनीश समेत 32 कार्मिक अनुपस्थित मिले।
दुर्ग जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में 20 साल के युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सुबह तक 5 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। आशंका है कि, गर्लफ्रेंड से बातचीत के विवाद में वारदात को अंजाम दिया गया है। राजीव नगर निवासी जितेश ठाकुर अपने दोस्त राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर के साथ सोमवार देर रात केजू राइस मिल के पास था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते कुछ युवकों के साथ उनका विवाद हो गया। बात बढ़ते-बढ़ते मारपीट तक पहुंच गई और आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। दो युवकों की हालत गंभीर हमले में जितेश ठाकुर को गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जितेश को मृत घोषित कर दिया। वहीं राहुल ठाकुर और नेहरू ठाकुर गंभीर रूप से घायल हैं। दोनों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। इनमें से एक युवक की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस, पांच को हिरासत में लिया घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। रातभर चली तलाश और पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में शामिल पांच संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। गर्लफ्रेंड की वजह से विवाद की बात आ रही सामने बताया जा रहा है कि इस पुरानी रंजिश की वजह गर्लफ्रेंड है। युवती से बातचीत को लेकर उनके बीच पहले से विवाद चल रहा था। सोमवार देर रात फिर से दोनों पक्ष आमने-सामने आए, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात में और कौन-कौन शामिल था। पुलिस ने दर्ज किया मामला कोतवाली थाना पुलिस ने हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। घटना के बाद राजीव नगर और आसपास के इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
जौनपुर में उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन (USRA) ने मंगलवार को 'राष्ट्रीय मांग दिवस' पर मजदूरों के खिलाफ कथित दमन की कड़ी निंदा की। संगठन ने सरकार से हस्तक्षेप करते हुए गिरफ्तार मजदूरों की तत्काल रिहाई और न्यूनतम मासिक वेतन 26,000 रुपये घोषित करने की मांग की है। USRA ने आरोप लगाया है कि नियोक्ता श्रम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। वे श्रमिकों के लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार को दबाने के लिए उनके खिलाफ झूठी पुलिस शिकायतें दर्ज कर रहे हैं। यह स्थिति विशेष रूप से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में देखी जा रही है, जहां उत्तर प्रदेश और हरियाणा की सरकारों द्वारा मजदूरों के संघर्षों पर कार्रवाई की जा रही है। संगठन ने सभी गिरफ्तार मजदूरों और कार्यकर्ताओं की तत्काल व बिना शर्त रिहाई की मांग की है। इसके साथ ही, सभी झूठे मामलों को वापस लेने, दमन को समाप्त करने और सभी अवैध हिरासत को खत्म करने की भी अपील की गई है। USRA की अन्य प्रमुख मांगों में ट्रेड यूनियनों के साथ तत्काल त्रिपक्षीय वार्ता, भारतीय श्रम सम्मेलन का शीघ्र आयोजन और पूर्ण वैधानिक लाभों के साथ 26,000 रुपये न्यूनतम मजदूरी का क्रियान्वयन शामिल है। संगठन ने सख्त 8 घंटे का कार्य दिवस, डबल ओवरटाइम भुगतान और कार्यस्थल सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। संगठन ने ठेका मजदूरों के साथ समान व्यवहार, सस्ती एलपीजी, ठेका श्रम व्यवस्था के उन्मूलन और उनके नियमितीकरण की भी मांग की है। इसके अतिरिक्त, चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने और बिक्री संवर्धन कर्मचारी (सेवा की शर्तें) अधिनियम, 1976 सहित मौजूदा श्रम कानूनों को जारी रखने की अपील की गई है। उन्होंने नियोक्ताओं को सेल्स प्रमोशन कर्मचारियों की निश्चित अवधि रोजगार (Fixed Term Employment) पर नियुक्ति की अनुमति न देने और ईंधन व अन्य वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के कारण उनके दैनिक/यात्रा भत्ते में वृद्धि करने का आदेश देने की मांग की है। USRA ने सरकार से ट्रेड यूनियनों और श्रमिकों के कानूनी व संवैधानिक अधिकारों पर हमला बंद करने का आग्रह किया है। संगठन ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और आवश्यक कार्रवाई की उम्मीद जताई है, ताकि कर्मचारियों को राहत मिल सके।
मथुरा के बरसाना में 10 मई को सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता दिवाकर शर्मा के कथित अपहरण- मारपीट का मामला तूल पकड़ने लगा है। अधिवक्ता को पेट्रोल पंप से अगवा करने का पूर्व चेयरमैन के बेटे का वीडियो सामने आने के बाद से बरसाना के लोगों ने महापंचायत की। पंचायत में फैसला लिया गया कि कस्बे का कोई भी व्यक्ति बलराज चौधरी का समर्थन नहीं करेगा। इसके साथ ही आसपास के गांवों की भी पंचायत बुलाने और आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी का बेटा गोपाल अपने साथियों के साथ वकील के पीछे जाता दिखाई दे रहा है। आरोप है कि पेट्रोल पंप से निकलते ही दिवाकर शर्मा को रास्ते में रोककर अगवा कर लिया गया और फिर उन्हें कोठी में ले जाकर मारपीट की गई। पेट्रोल पंप से ही रची गई थी साजिश जानकारी के अनुसार, बरसाना निवासी अधिवक्ता दिवाकर शर्मा पेट्रोल पंप पर मौजूद थे। इसी दौरान गोपाल अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा। CCTV फुटेज में आरोपी पक्ष को पंप के आसपास घूमते देखा गया है। पंप पर कर्मचारियों और कैमरों की मौजूदगी के कारण आरोपी वहां कुछ नहीं कर सके। जैसे ही दिवाकर शर्मा पेट्रोल पंप से निकले, आरोपी उनकी गाड़ी के पीछे लग गए। कुछ दूरी पर उनकी कार रोककर उनके साथ मारपीट की गई। इलेक्ट्रिक वाहन में डालकर कोठी ले गए आरोप है कि मारपीट के बाद गोपाल और उसके साथी दिवाकर शर्मा को जबरन इलेक्ट्रिक व्हीकल में डालकर कोठी ले गए। वहां पूर्व चेयरमैन बलराज चौधरी, उनके परिवार और अन्य लोगों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि उनसे जबरन कोरे कागज पर अंगूठा लगवाया गया। पीड़ित को करीब दो घंटे तक कोठी में बंधक बनाकर रखा गया। पुलिस ने कोठी से कराया मुक्त घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस को काफी देर तक कोठी के अंदर नहीं घुसने दिया गया। करीब 15 मिनट बाद पुलिस किसी तरह अंदर पहुंची और अधिवक्ता को मुक्त कराया। इस दौरान कोठी के अंदर बड़ी संख्या में बाहरी लोग लाठी-डंडों से लैस मिले। पुलिस ने मौके से 44 लोगों को हिरासत में लिया था, जिनका बाद में चालान कर जेल भेज दिया गया।
SMS हॉस्पिटल में मनाया नर्सेज-डे:कैंडल लाइटिंग कर मिस फ्लोरेन्स नाइटिंगेल को श्रद्धा सुमन अर्पित किए
जयपुर। नर्सिंग प्रोफेशन की जन्मदात्री मिस फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के जन्म दिवस कल देर शाम सवाई मानसिंह हॉस्पिटल जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस मनाया गया l राजस्थान नर्सेज एसोसिएशन जयपुर के जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह चौधरी ने बताया कि समारोह में एसएमएस मेडिकल कॉलेज से अटैच सभी हॉस्पिटल, राजकीय कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग, स्कूल ऑफ नर्सिंग, RUHS, राजकीय जयपुरिया हॉस्पिटल आदि में कार्यरत सभी नर्सेज, फैकल्टीज और स्टूडेंट्स ने कैंडल लाइटिंग कर मिस फ्लोरेन्स नाइटिंगेल को श्रद्धा सुमन अर्पित की l कार्यक्रम संयोजक रोशन लाल यादव ने बताया कि समारोह का शुभारंभ एस.एम.एस हॉस्पिटल जयपुर के नर्सिंग अधीक्षक बन्ने सिंह मीणा और प्रदेश अध्यक्ष श्याम सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया l नर्सिंग अधीक्षक बनैसिंह ने उपस्थित नर्सेज को मिस फ्लोरेंस नाइटेंगल के उच्च आदर्शों को अपनाते हुए नि:स्वार्थ भाव से कर्तव्यनिष्ठा के साथ नर सेवा, नारायण सेवा के रूप में मरीजों की सेवा सुश्रुषा करने का संकल्प दिलाया।
आगरा के थाना कमला नगर क्षेत्र में यमुना में नहाते समय 5 लोग डूब गए। चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर लोग बचाने पहुंचे। लोगों ने तीन लोगों को गंभीर हालत में बाहर निकाल लिया। जबकि दो की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हादसे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई है। पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया है। यमुना से बाहर निकाले गए लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि तीन लोगों को निकाला गया है। उन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। खबर अपडेट की जा रही है….
राजस्थान से महाराष्ट्र तक चलेगी स्पेशल ट्रेन:मुंबई-गुजरात जाने वाले यात्रियों को मिलेगी राहत
गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में बढ़ रही यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने यात्रियों को राहत दी है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा मदार से बान्द्रा टर्मिनस के बीच एक तरफा स्पेशल रेलसेवा शुरू की जा रही है। यह ट्रेन एक तरफा संचालित की जाएगी। इस स्पेशल ट्रेन का लाभ चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों को भी मिलेगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार छुट्टियों के दौरान मुंबई और गुजरात की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है ताकि यात्रियों को कंफर्म सीट मिल सके और यात्रा में परेशानी कम हो। 15 मई को मदार से रवाना होगी स्पेशल ट्रेन उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि गाड़ी संख्या 09631 मदार-बान्द्रा टर्मिनस एक तरफा स्पेशल रेलसेवा का संचालन 15 मई शुक्रवार को किया जाएगा। यह ट्रेन मदार स्टेशन से सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी और अगले दिन शनिवार सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी। यह स्पेशल ट्रेन केवल एक ट्रिप के लिए चलाई जा रही है। रेलवे का कहना है कि यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने और लंबी दूरी की यात्रा को आसान बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। ट्रेन के संचालन से राजस्थान से मुंबई की यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। चित्तौड़गढ़ सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रहेगा ठहराव यह स्पेशल रेलसेवा अपने मार्ग में कई स्टेशनों पर रुकेगी। ट्रेन अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, मांडल, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, मंदसौर, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वापी और बोरीवली स्टेशनों पर ठहराव करेगी। ऐसे में चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों को सीधे मुंबई की ओर जाने के लिए अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। यह ट्रेन राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे चार राज्यों को जोड़ते हुए चलेगी। इससे व्यापार, नौकरी और पारिवारिक यात्रा करने वाले लोगों को काफी फायदा होगा। ट्रेन में होंगे 22 डिब्बे, यात्रियों को मिलेगी सुविधा रेलवे द्वारा चलाई जा रही इस स्पेशल ट्रेन में कुल 22 डिब्बे लगाए जाएंगे। इनमें 18 द्वितीय शयनयान कोच, 2 साधारण श्रेणी के डिब्बे और 2 गार्ड डिब्बे शामिल होंगे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अतिरिक्त कोच लगाए जाने से ज्यादा संख्या में यात्रियों को यात्रा करने का मौका मिलेगा।
चित्रकूट में फ्लाईओवर पर थीम पेंटिंग:बढ़ी नगर की खूबसूरती, 9.23 लाख रुपए की लागत से हो रहा काम
चित्रकूट विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (CADA) ने कर्वी नगर के मुख्य मार्ग स्थित फ्लाईओवर का सौंदर्यीकरण कार्य पूरा किया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के मार्गदर्शन में फ्लाईओवर के दोनों ओर आरसीसी बैरियर्स पर आकर्षक पेंटिंग्स बनाकर इसे नया और सांस्कृतिक स्वरूप दिया गया है। 9.23 लाख रुपये की लागत से हुआ सौंदर्यीकरण कार्य यह कार्य पीडब्ल्यूडी कार्यालय से लेकर शंकर बाजार स्थित फ्लाईओवर तक किया गया, जिस पर कुल 9.23 लाख रुपये की लागत आई है। बैरियर्स पर पारंपरिक और सांस्कृतिक विषयों पर आधारित कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो जनपद की विरासत और पहचान को दर्शाती हैं। नगर की सुंदरता के साथ जागरूकता का उद्देश्य इस पहल से न केवल मुख्य मार्ग का स्वरूप बदला है, बल्कि यह नागरिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन गया है। साथ ही, इस कार्य का उद्देश्य सार्वजनिक संपत्तियों को सुरक्षित रखना और लोगों में सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है।
फतेहाबाद जिले के रतिया शहर में एक कबाड़ कारोबारी पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीरु राम बस्ती निवासी बब्बी राम पर शनिवार रात करीब 9:30 बजे टोहाना रोड स्थित टैक्सी स्टैंड के पास तलवारों से हमला किया गया। हमले में रब्बी राम के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल बब्बी राम ने बताया कि वह बीड़ी लेने के लिए टैक्सी स्टैंड गया था, तभी दो महिला और तीन युवकों ने उस पर हमला कर दिया। हमलावर उसे घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर उनके बेटे हैप्पी ने उसे टैक्सी स्टैंड पर खून से लथपथ पाया। इसके बाद बब्बी राम को तुरंत रतिया के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। परिजन बोले- नशा करने का आदी है हमलावर युवक पीड़ित परिवार ने बस्ती के ही कुछ लोगों पर हमला करने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि आरोपी नशे के आदी हैं। हमले के दौरान बब्बी राम की जेब से करीब 5 हजार रुपए भी निकाल लिए गए। बब्बी राम कबाड़ी का काम करता है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच अधिकारी दयाराम ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और पीड़ित के बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
यमुनानगर में आज मंगलवार को आम आदमी पार्टी ने सेक्टर-17 की टूटी सड़कों को लेकर अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हाथों में भाजपा के झंडे लेकर रोष मार्च निकाला और बाद में सड़क पर बने गड्ढों में भाजपा के झंडे गाड़कर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। यह प्रदर्शन सेक्टर-17 स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल से लेकर भाजपा कार्यालय तक करीब 250 मीटर लंबी सड़क को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क का आधे से ज्यादा हिस्सा पूरी तरह टूट चुका है और यहां 100 से अधिक गड्ढे बने हुए हैं। सड़क की खराब हालत के कारण रोजाना हादसों का खतरा बना रहता है। अधिकारी रोजाना सड़क से गुजरते हैं नेताओं ने बताया कि इसी सड़क से रोजाना स्कूली बच्चे, अभिभावक, स्थानीय निवासी और विभिन्न विभागों के अधिकारी गुजरते हैं। सड़क के पास समाज कल्याण विभाग का कार्यालय और भाजपा कार्यालय भी स्थित है, इसके बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं करवाई जा रही। आप नेता चिराग सिंघल ने कहा कि भाजपा सरकार केवल विकास के दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सेक्टर-17 जैसी पॉश कॉलोनी में सड़क की हालत बेहद खराब है। उन्होंने कहा कि रोजाना भाजपा के नेता और अधिकारी इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन किसी का ध्यान जनता की परेशानी की तरफ नहीं है। पुलिस बल मौके पर रहा मौजूद जिलाध्यक्ष राहुल भान ने कहा कि टूटी सड़कें सरकार की लापरवाही को उजागर कर रही हैं। स्कूल के बाहर सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिससे बच्चों और अभिभावकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नहीं करवाई गई तो आम आदमी पार्टी बड़ा आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर मौजूद रहा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा रद्द कर दी है। NTA ने आदेश जारी कर बताया कि पेपरलीक की आशंकाओं के चलते एग्जाम को रद्द किया गया है। अब जल्द ही नई डेट जारी कर परीक्षा को वापस करवाया जाएगा। बता दें कि राजस्थान के 27 जिलों के 611 परीक्षा केंद्रों पर NEET-UG 2026 परीक्षा शुरू हुई थी। परीक्षा में 2.09 लाख अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। सीकर के स्टूडेंट को मिला था गैस पेपर दरअसल, राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं में कई स्टूडेंट्स के पास गैस पेपर मिला था। बताया जा रहा है कि 720 में से 600 नंबर के प्रश्न इस गैस पेपर में थे। करीब 120 से 140 प्रश्न हूबहू परीक्षा में आए थे। गैस पेपर में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के 300 से ज्यादा सवाल थे। यह गैस पेपर केरल में पढ़ने वाले चूरू जिले के MBBS स्टूडेंट ने सीकर में अपने दोस्त को भेजा था। इसके बाद वह गैस पेपर एक पीजी संचालक को मिला था। उसने यह पेपर अपने यहां रहने वाले स्टूडेंट को दे दिया था। पीजी संचालक SOG के रडार पर परीक्षा होने के बाद सीकर के एक पीजी संचालक ने उद्योग नगर थाने और एनटीए को यह शिकायत दी थी कि एक कथित ‘क्वेश्चन बैंक’ बड़ी संख्या में छात्रों को मिला है। यह शख्स भी अब एसओजी के रडार पर है। जांच में इस बात की पुष्टि हुई है कि पीजी संचालक को भी परीक्षा से पहले वॉट्सएप पर ‘क्वेश्चन बैंक’ मिला था, जिसे उसने अपने यहां रहने वाले छात्रों और करियर काउंसलर्स को भेजा। तब SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) की टीम 9 मई को सीकर पहुंची और यहां कई लोगों को पकड़कर उनसे पूछताछ की गई। फिलहाल SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने सीकर में कंसल्टेंसी सेंटर चलाने वाले राकेश मंडवरिया सहित 3 को पकड़ा था। एजेंसी के अनुसार, पीजी संचालक ने पकड़े जाने की आशंका होने पर पुलिस और एनटीए को शिकायत दी थी। हालांकि, कई दूसरे छात्रों ने भी एनटीए को शिकायत मेल की थी। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने किया रद्द पूव सीएम अशेाक गहलोत ने ट्वीट कर लिखा- NEET (UG) प्रवेश परीक्षा का रद्द होना यह दर्शाता है कि इस पेपर में बड़े स्तर पर गड़बड़ी हुई थी। राजस्थान की भाजपा सरकार ने जानबूझकर दो सप्ताह तक इसे छिपाने की कोशिश की और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ किया। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने परीक्षा रद्द कर और सीबीआई को जांच सौंपकर युवाओं के हित में एक साहसिक निर्णय लिया है। राजस्थान की भाजपा सरकार ने पहले कर्मचारी चयन बोर्ड में हुए OMR शीट घोटाले को छिपाया, ताकि सरकार की बदनामी न हो। कमजोर पैरवी के कारण उस मामले के आरोपियों को जमानत भी मिल गई। इसी प्रकार, अब NEET (UG) परीक्षा लीक की जानकारी को भी छिपाने का प्रयास किया गया और एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। अब सच्चाई सामने आ गई है और भाजपा सरकार का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।
उज्जैन कोर्ट में मंगलवार को मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव के लिए मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई। सुबह 10 बजे से मतदान जारी है, जो शाम 5 बजे तक चलेगा। इस दौरान करीब 2367 अधिवक्ता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। प्रदेशभर में अधिवक्ता परिषद के सदस्यों के चयन के लिए चुनाव कराए जा रहे हैं। उज्जैन में भी सुबह से अधिवक्ताओं की भीड़ मतदान केंद्र पर पहुंचने लगी थी। कोर्ट परिसर के बाहर प्रत्याशियों द्वारा मतदान को लेकर अधिवक्ताओं को प्रेरित करने की भी व्यवस्था की गई थी। महिला अधिवक्ता भी बड़ी संख्या में मतदान के लिए पहुंचीं। तीन हॉल में मतदान की व्यवस्था कोर्ट परिसर में मतदान के लिए तीन हॉल बनाए गए हैं। गर्मी को देखते हुए सुबह के समय मतदान केंद्र पर अधिक भीड़ देखी गई। चार प्रत्याशी मैदान में उज्जैन में इस चुनाव में चार प्रत्याशी मैदान में हैं, जिनमें संदीप मेहता, आशीष उपाध्याय, अतुल रैना और सुरेंद्र चतुर्वेदी शामिल हैं। शांतिपूर्ण मतदान की व्यवस्था बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओम सारवान ने बताया कि मुख्य चुनाव अधिकारी विशेष सत्र न्यायाधीश एपीएस चौहान और अन्य न्यायिक अधिकारी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान प्रक्रिया संपन्न करा रहे हैं। 25 सदस्यों के चयन के लिए मतदान प्रदेशभर में अधिवक्ता 25 सदस्यों के चयन के लिए मतदान कर रहे हैं। मतदान के बाद मतगणना आगामी चरण में जबलपुर में की जाएगी।
जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा- मैं तो फिर भी थोड़ा पीछे चला जाता हूं। ये डीएम टीना डाबी हैं। एक बार आगे बढ़ गईं तो पीछे नहीं हटतीं, आप लोग सोच लो। मंत्री की यह बात सुनकर कलेक्टर टीना डाबी भी मुस्कुराने लगीं और चौपाल में मौजूद लोग भी हंस पड़े। दरअसल, टोंक के मालपुरा उपखंड के चैनपुरा गांव में सोमवार रात रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने करीब 150 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग उठाई। इस पर मंत्री ने कहा- डीएम (कलेक्टर) मौजूद है अभी जो होगा 100 प्रतिशत होगा। ये तो अभी टीम बना देंगे। अतिक्रमण तो हट जाएगा, लेकिन सुरक्षा का खुद से देख लेना। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि कार्रवाई के साथ ही लोगों को कानूनी रूप से पाबंद किया जाए। मंत्री बोले-अवैध कनेक्शन खुद से काट लो रात्रि चौपाल में पेयजल की समस्या पर मंत्री ने कहा- हम सरपंच को लिस्ट दे रहे हैं, अवैध कनेक्शनों को खुद ही काट लो। अवैध कनेक्शनों की वजह से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। अगर अवैध कनेक्शन नहीं हटाओगे तो फिर दिक्कत होगी। बिजली-पानी समेत कई समस्याएं उठाईं रात्रि चौपाल में ग्रामीणों ने बिजली, पानी, सड़क और अन्य मूलभूत समस्याओं से निजात दिलाने की मांग भी रखी। चौपाल में 57 एप्लीकेशन मिले। इनमें 150 बीघा चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने, चैनपुरा तालाब को मॉडल तालाब बनाने, आम रास्तों से अतिक्रमण हटवाने, खेतों तक पहुंच मार्ग उपलब्ध कराने, हैंडपंप लगवाने, पेयजल समस्या के समाधान, कम वोल्टेज की बिजली सप्लाई सुधारने, पेंशन दिलाने, पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने और आंगनबाड़ी भवन की मरम्मत करवाने जैसी प्रमुख मांगें शामिल रहीं। मंत्री बोले- जनहित में जरूरी हैं सरकार के प्रयास कैबिनेट मंत्री ने सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। वहीं जलदाय मंत्री ने राजस्थान सरकार के प्रयासों को जनहित में बताते हुए लोगों से सोना कम खरीदने, डीजल-पेट्रोल की खपत कम करने और विदेश यात्राएं सीमित रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि चीन युद्ध के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने भी लोगों से अनाज बचाने के लिए सप्ताह में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी।
धनबाद के धनसार थाना क्षेत्र स्थित चांदमारी ग्राउंड के पास एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान दहुहाटांड़ निवासी जितेश कुमार के रूप में हुई है। आशंका है कि युवक की हत्या चेहरे को पत्थर से कुचलकर की गई है। मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने जंगल की ओर शव पड़ा होने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही धनसार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटनास्थल से एक बाइक, मोबाइल फोन और खून से सना पत्थर बरामद किया गया है, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सोमवार शाम काम से कुछ लोगों के साथ निकला था मृतक के चाचा टुनटुन कुमार ने बताया कि जितेश सोमवार शाम काम से कुछ लोगों के साथ घर से निकला था। रात करीब 11 बजे उसकी आखिरी बार बातचीत हुई थी। 1:30 बजे रात मोबाइल स्विच ऑफ हो गयाटुनटुन के अनुसार, रात 12:30 बजे एक बार कॉल रिसीव हुआ, जिसमें हल्की आवाज में किसी तरह का झगड़ा होने की बात सुनाई दी। इसके तुरंत बाद फोन कट गया और फिर रात 1:30 बजे से मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा। धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि युवक की हत्या कहीं और की गई और बाद में शव को चांदमारी ग्राउंड के पास लाकर फेंका गया। उन्होंने कहा कि परिजनों द्वारा कुछ लोगों पर संदेह जताया गया है, जिनके आधार पर जांच की जा रही है। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है।
दमोह जिले की पथरिया जनपद कार्यालय में मंगलवार सुबह निरीक्षण के दौरान अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित मिले। जनपद सदस्य कालूराम पटेल जब कार्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि खरगराम पटेल भी मौके पर पहुंचे। दोनों ने कार्यालय के अलग-अलग कमरों का निरीक्षण किया। इस दौरान कृषि कार्यालय में केवल दो कर्मचारी मौजूद मिले। जनपद सदस्य ने जताई नाराजगी जनपद सदस्य कालूराम पटेल ने कहा कि कार्यालय में मनमानी की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे कार्यालय आते हैं, अधिकतर अधिकारी और कर्मचारी अनुपस्थित रहते हैं और केवल चपरासी मिलता है। इससे क्षेत्र के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जनपद सीईओ को फोन लगाया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। कई बार वरिष्ठ अधिकारियों को भी शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंत्री से भी की जा चुकी है शिकायत कालूराम पटेल ने बताया कि तीन दिन पहले क्षेत्रीय विधायक और मंत्री लखन पटेल को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन अभी तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। चपरासी भी नहीं मिला मौजूद जनपद उपाध्यक्ष प्रतिनिधि खरगराम पटेल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान कार्यालय खोलने की जिम्मेदारी संभालने वाला चपरासी भी मौके पर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय आएंगे तभी आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के काम समय पर हो सकेंगे। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के इस रवैये पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्था सुधारने और नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।
राजसमंद में सड़क पर टहलते दिखे 3 लेपर्ड:पानी की तलाश में गांव में पहुंचे; राहगीरों ने वीडियो बनाया
राजसमंद जिले में बढ़ती गर्मी का असर अब वन्यजीवों पर भी दिखाई देने लगा है। रविवार रात करीब 1 बजे कुंवारिया और पोदावली के बीच एक साथ तीन लेपर्ड सड़क पर घूमते नजर आए। राहगीरों ने उनका वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड किया, जिसके बाद आसपास के गांवों में डर का माहौल बन गया। जंगलों में पानी के स्रोत सूखने के कारण लेपर्ड आबादी वाले इलाकों की तरफ पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से निगरानी बढ़ाने और लोगों को सतर्क करने की मांग की है। कुंवारिया-पोदावली रोड पर दिखे तीन लेपर्ड राहगीरों के अनुसार रविवार रात कुंवारिया और पोदावली के बीच सड़क से गुजर रहे लोगों ने एक साथ तीन लेपर्ड को सड़क पर विचरण करते देखा। यह इलाका राजसमंद जिला मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर बताया जा रहा है। इस दौरान राहगीरों ने मोबाइल से वीडियो भी बनाया। पानी और शिकार की तलाश में आबादी क्षेत्र पहुंचे स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी के चलते जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में पानी के स्रोत लगातार सूख रहे हैं। ऐसे में वन्यजीव पानी और शिकार की तलाश में आबादी क्षेत्रों की तरफ आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इलाके में लेपर्ड का मूवमेंट लगातार बढ़ने की बात भी सामने आई है। वाहन चालकों में बढ़ी चिंता ग्रामीणों और वाहन चालकों का कहना है कि खासकर रात के समय दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी हो सकती है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में डर का माहौल बना हुआ है। वन विभाग ने सतर्क रहने की अपील की डीएफओ रामानन्द भाकर ने बताया कि भीषण गर्मी के चलते पानी की तलाश में लेपर्ड का मूवमेंट जंगलों से निकलकर आबादी क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने निगरानी बढ़ाने की मांग की ग्रामीणों ने वन विभाग से इलाके में निगरानी बढ़ाने, गश्त तेज करने और लोगों को सतर्क करने की मांग की है, ताकि किसी तरह की जनहानि या हादसे से बचाव किया जा सके।
खरगोन के बिस्टान में सोमवार रात बस स्टैंड क्षेत्र से अवैध शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई। पार्षद और स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 1 लाख 37 हजार रुपए मूल्य की शराब जब्त की। पार्षद रूपेश राठौड़ ने बताया कि क्षेत्र में अवैध शराब परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सोमवार रात लोगों की सूचना पर 10 से अधिक युवकों ने एक संदिग्ध वाहन को रोका और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बिना नंबर की जीप की तलाशी ली, जिसमें 41 पेटी देशी-विदेशी शराब मिली। जब्त शराब की मात्रा 354 बल्क लीटर बताई गई है। चालक और मैनेजर फरार कार्रवाई के दौरान वाहन चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक जीप में मौजूद मैनेजर अशोक शर्मा भी मौके से भाग निकला। सूत्रों के अनुसार अशोक शर्मा पहले भी भोगर्या पर्व के दौरान भगवानपुरा रोड क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर संदिग्ध रहा है, जिस पर शिकायतों के बाद कार्रवाई भी हुई थी। पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
रायसेन नगर पालिका ने स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत शहर को साफ और सुंदर बनाने का अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार सुबह मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) सुरेखा जाटव के नेतृत्व में एक टीम ने विभिन्न इलाकों का निरीक्षण कर गंदगी फैलाने वालों पर सीधे कार्रवाई की। शोरूम प्रबंधन को 10 हजार जुर्माने की चेतावनीनिरीक्षण के दौरान सुबह करीब 9:30 बजे मुख्य मार्ग स्थित होंडा शोरूम के सामने कर्मचारियों द्वारा सड़क पर बड़ी मात्रा में कचरा फेंका हुआ मिला। इस लापरवाही पर नगर पालिका टीम ने तत्काल 2500 रुपए का जुर्माना वसूल किया। साथ ही प्रबंधन को सख्त हिदायत दी गई है कि भविष्य में दोबारा ऐसा करते पाए जाने पर 10 हजार रुपए का दंड लगाया जाएगा। नालों में कचरा न डालने की समझाइश और दिलाई शपथकार्रवाई के अलावा टीम ने श्रीजी कॉलोनी गेट क्षेत्र के निवासियों को नालियों की बजाय निर्धारित स्थान पर ही कचरा फेंकने की समझाइश दी। सीएमओ ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए स्वच्छ रायसेन, सुंदर रायसेन की शपथ भी दिलाई और शहर को बेहतर बनाने में आमजन से सहयोग की अपील की।
बूंदी जिले की देई थाना पुलिस ने ट्रॉली चोरी के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में थानाधिकारी कमलेश कुमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। इसी टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 5 मार्च 2025 को सामने आया, जब ग्राम बांसी निवासी लाला पुत्र बलदेव कुशवाह ने देई थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि उन्होंने करीब 20 दिन पहले 2,05,000 रुपए में एक नई ट्रॉली बनवाई थी। सुबह ट्रॉली लेने पहुंचा मालिक तो मिली गायबलाला इस ट्रॉली को अपने बाड़े के बाहर मुख्य सड़क पर खड़ा करते थे। 4 मार्च 2025 को सुबह 9 से 10 बजे के बीच उनके ड्राइवर ने ट्रॉली को बाहर खड़ा किया था। अगली सुबह जब लाला ट्रॉली लेने पहुंचे, तो वह वहां नहीं मिली। उन्होंने आसपास और परिचितों से काफी तलाश की, लेकिन ट्रॉली का कोई सुराग नहीं मिला। प्रार्थी की शिकायत के आधार पर देई थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। पुलिस ने इसी मामले में आरोपियों ओमेश और कुशाल उर्फ विष्णु कोगिरफ्तार किया है।
सिरसा जिले के डबवाली में एक डेयरी और बेकरी की दुकान में सोमवार रात आग लग गई। आरोप है कि, उधार सामान न देने को लेकर हुए विवाद के बाद एक युवक ने दुकान में आग लगाई। इस घटना में दुकान का करीब 4 लाख रुपए का सामान जलकर राख हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डबवाली के मुख्य बस स्टैंड पर गुरुद्वारे के पास बनी दुकानों में हुई। डेरी संचालक सुखी ने बताया कि सोमवार रात दुकान बंद करते समय गांव का ही एक युवक उधार सामान लेने आया था। सुखी द्वारा उधार देने से मना करने पर युवक और उनके बीच कहासुनी हो गई थी। दुकान बंद होने के बाद पेट्रोल लेकर पहुंचा युवक बहस के बाद युवक अपने घर लौट गया था। हालांकि, बस स्टैंड की दुकानें बंद होने के बाद वह पेट्रोल लेकर दुकान पर पहुंचा। उसने पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने का प्रयास किया, लेकिन आग नहीं लगी। इसके बाद वह दोबारा डीजल लेकर आया और दुकान में आग लगाकर मौके से फरार हो गया। रात करीब 11:30 बजे किसी व्यक्ति ने दुकान मालिक सुखी को आग लगने की सूचना दी। जब सुखी ने दुकान का शटर खोला तो अंदर धुआं और आग की लपटें दिखाई दीं। आसपास के लोगों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकान का फर्नीचर, एलईडी, बेकरी का सामान, दो डीप फ्रीजर, दुग्ध मशीन और फेंट मशीन सहित लगभग 4 लाख रुपए का सामान जलकर राख हो चुका था। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। संदिग्ध युवक की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई हैं। पुलिस ने सुखी के बयान और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में तरबूज और चिकन खाने के बाद 4 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि 3 बच्चों का अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। सिविल सर्जन डॉ. कुजूर ने बताया कि, सुबह का कटा हुआ तरबूज काफी देर बाद खाने की वजह से बच्चों को संक्रमण हुआ है। फूड पॉइजनिंग की वजह से बच्चों की हालत बिगड़ी है। घटना सिटी कोतवाली थाना इलाके के ग्राम घुरकोट की है। पहले ये तस्वीर देखिए… जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, एक ही परिवार के पोड़ी दलहा निवासी अखिलेश धीवर (15), अवरीद निवासी श्री धीवर (4), खटोला निवासी पिंटू धीवर (12) और कोटगढ़ निवासी हितेश धीवर (13) अपने परिजनों के साथ घुरकोट आए थे। मामा के घर शादी होने के बाद तीन-चार दिन से रुके हुए थे। रविवार (10 मई) की सुबह तरबूज काटकर रखे थे। जिसे दोपहर के समय चारों ने बच्चों ने खाया। इसके बाद शाम को उन्होंने घर का बना चिकन भी खाया। शाम को अचानक सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। अखिलेश धीवर की हालत खराब होने लगी। उसे लगातार उल्टी-दस्त, पेट दर्द और सांस लेने में तकलीफ हुई, जिसके बाद वह बेहोश हो गया। परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप डॉक्टर से इलाज करवाकर घर ले गए। सोमवार सुबह उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। एक की मौत, 3 बच्चों का इलाज जारी परिजन उसे तत्काल एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले गए, लेकिन पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। वहीं, तीन बच्चे श्री धीवर, पिंटू और हितेश में सामान्य लक्षण दिखाई दिए। उन्हें भी तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। प्रशासन मामले की गंभीरता से कर रहा जांच आशंका जताई जा रही है कि, तरबूज में किसी प्रकार का संक्रमण था या वह खराब हो चुका था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है, जिससे पॉइजनिंग के सही कारणों का पता लगाया जा सके। …………………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… गुपचुप खाने से 21 ग्रामीण फूड पॉइजनिंग के शिकार:सारंगढ़ कलेक्टर ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल, बेहतर इलाज के दिए निर्देश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम रेड़ा में रविवार शाम गुपचुप खाने से 21 ग्रामीण फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए। उल्टी और अस्वस्थता की शिकायत के बाद सरपंच और परिजनों की मदद से सभी को सारंगढ़ जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पढ़ें पूरी खबर…
मऊ में मेमू ट्रेन के उद्घाटन समारोह में ट्रेन चलवाने का श्रेय लेने के लिए भाजपा मंत्री एके और सपा सांसद राजीव राय मंच पर ही भिड़ गए। दोनों में जमकर तीखी नोंकझोंक हुई। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। सपा सांसद ने मंच पर मंत्री एके शर्मा से कहा- ‘मंत्री जी यह ठीक नहीं है। मैं यहां का सांसद हूं और मेरे सामने ही कार्यकर्ताओं को पुलिस धक्का दे रही है। आप मंत्री हो गए हैं तो आपको अहंकार हो गया है। यह घमंड ठीक नहीं।' इसके बाद दोनों करीब डेढ़ घंटे तक मंच पर साथ रहे। दोनों ने मंच पर एक साथ हरी झंडी दिखाई। साथ ही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। भाजपा-सपा कार्यकर्ता एक दूसरे से भिड़े बता दें सोमवार को दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर 2 बजे दोहरीघाट-औड़िहार रूट पर मेमू ट्रेन का शुभारंभ कार्यक्रम था। जहां सपा और भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। विवाद बढ़ता देख सपा सांसद राजीव राय मंच पर जाने लगे इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोक दिया। इसपर राजीव राय गुस्सा हो गए। मंच पर पहुंचते ही कैबिनेट मंत्री एके शर्मा से और सांसद आमने सामने आ गए। दोनों के बीच जमकर बहस हुई। इस बहसबाजी का एक वीडियो भी सामने आया है। सपा सांसद राजीव राय, मंत्री एके शर्मा से गुस्से उंगली दिखाते हुए में कहा- सपा सांसद ने मंच पर मंत्री एके शर्मा से कहा- ‘मंत्री जी यह ठीक नहीं है। मैं यहां का सांसद हूं और मेरे सामने ही कार्यकर्ताओं को पुलिस धक्का दे रही है। आप मंत्री हो गए हैं तो आपको अहंकार हो गया है। यह घमंड ठीक नहीं।' सपा केवल श्रेय लेने के लिए इस तरह का विरोध कर रही ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा- सपा की गुंडई और जबरदस्ती को जनता देख रही है। क्षेत्र में हो रहे सभी विकास कार्य भाजपा सरकार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कराए जा रहे हैं। सपा केवल इन कार्यों का श्रेय लेने के लिए इस तरह का विरोध और हंगामा कर रही है। अब जानिए क्या है पूरा मामला मऊ जिले के दोहरीघाट रेलवे स्टेशन पर सोमवार दोपहर 2 बजे दोहरीघाट-औड़िहार रूट पर मेमू ट्रेन का शुभारंभ कार्यक्रम था। इसमें प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एके शर्मा समेत जिले के जनप्रतिनिधि और बीजेपी के पदाधिकारी मौजूद थे। करीब ढाई बजे कार्यक्रम में सपा सांसद राजीव राय अपने समर्थकों के साथ पहुंचे। सपा कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे। उन्हें देखकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भी नारेबाजी शुरू कर दी। देखते-देखते विवाद बढ़ गया। भाजपा और सपा कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की होने लगी। इसके बाद पुलिस ने हंगामा कर रहे सपा कार्यकर्ताओं को पीछे धकेला। एक सपा कार्यकर्ता मंच पर चढ़ने लगा। सीओ ने उसे रोका तो वह सीओ से भी धक्का-मुक्की करने लगा। सीओ ने सपा कार्यकर्ता को मंच से नीचे धकेला। इसके बाद पुलिस वाले उसे खींचकर ले गए। किसी तरह पुलिस और आरपीएफ ने हालात को संभाला। सीओ मधुबन ने सपा नेता अखिलेश राठौर को मंच से धक्का देकर उतार दिया। पूर्व विधायक सुधाकर सिंह के बेटे सुजीत सिंह को भी मंच से उतार दिया। इससे बवाल और मच गया और सांसद इससे गुस्सा गए। पुलिस और आरपीएफ ने किसी तरह हालात को संभाला। मंत्री एके शर्मा और सांसद राजीव राय ने भी कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की। करीब दो घंटे तक बवाल चला। शाम 4 बजे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मेमू ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 6 पॉइंट में पढ़ें सपा सांसद ने क्या-क्या कहा अब जानिए श्रेय लेने की पूरी राजनीति ऊर्जा मंत्री एके शर्मा मधुबन विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। इस ट्रेन के चलने से यहां के लोगों को सीधा फायदा होगा। यहां से सीधी वाराणसी की कनेक्टिविटी हो जाएगी। ट्रेन चलाने को लेकर ऊर्जा मंत्री और घोसी सांसद के बीच श्रेय लेने की होड़ मची है। कार्यक्रम स्थल के बाहर भाजपा गुट पर फायरिंग का आरोप मऊ में मेमू ट्रेन का उद्घाटन समारोह सोमवार को राजनीतिक टकराव और फायरिंग की घटना के कारण जंग का मैदान बन गया। एक ओर मंच पर भाजपा सरकार के मंत्री एके शर्मा और सपा सांसद राजीव राय के बीच तीखी नोकझोंक चल रही थी, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल के बाहर फायरिंग की घटना से अफरा-तफरी मच गई। बसपा पूर्व सांसद ने कहा- यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक वहीं इस मामले पर बसपा के पूर्व सांसद अतुल राय ने ट्वीट कर इस घटना को 'बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निराशाजनक' बताया। अतुल राय ने अपने पोस्ट में लिखा कि दोनों माननीय सदस्यों का रवैया किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करने जैसा है। उन्होंने एक को 'वरिष्ठ राजनयिक' और दूसरे को 'कथित बुद्धिजीवी' बताते हुए तंज कसा। अतुल राय ने मेमू ट्रेन के दोहरीघाट से औड़िहार तक चलने पर श्रेय लेने पर भी सवाल उठाया। कहा कि रेल मंत्री ने बनारस तक ट्रेन चलाने का आश्वासन दिया है, लेकिन औड़िहार जाकर लोगों को फिर दूसरे माध्यम से बनारस की दूरी तय करनी होगी। उन्होंने दावा किया कि यह केवल उनकी राय नहीं, बल्कि मऊ की आम जनता की भावना है, जो 'किए गए विकास से ठगा हुआ महसूस कर रही है'। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- 26 घंटे में 3 हत्याएं करने वाला साइको किलर ढेर:यूपी पुलिस बोली- आरोपी ने पिस्तौल छीनकर फायरिंग की, एनकाउंटर में मारा गया यूपी में चलती ट्रेन और अस्पताल में तीन हत्याएं करने वाला साइको किलर सोमवार देर रात पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। चंदौली SP आकाश पटेल ने बताया- पुलिस आरोपी को क्राइम सीन रीक्रिएट कराने के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस अफसर की पिस्टल छीन ली और फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
गुना शहर में मिलावटी दूध बेचने के आरोप में न्यायालय ने 'श्याम डेयरी' के संचालक रूपम शर्मा को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। लाइसेंस नहीं दिखा पाया था विक्रेतासहायक मीडिया सेल प्रभारी (एडीपीओ) मयंक भारद्वाज के अनुसार, यह मामला 29 नवंबर 2007 का है। तत्कालीन खाद्य निरीक्षक भावना ठाकुर ने बोहरा मस्जिद के पास स्थित उक्त डेयरी का निरीक्षण किया था। कार्यवाही के दौरान मौके पर मौजूद प्रभारी विक्रेता रूपम शर्मा पीएफए (खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम) के तहत बना अपना लाइसेंस प्रस्तुत करने में विफल रहा था। 40-50 लीटर मिक्स दूध में हुई थी मिलावट की पुष्टिछापेमारी के समय दुकान पर घी, ब्रेड और बिस्किट के अलावा बिक्री के लिए करीब 40 से 50 लीटर गाय-भैंस का मिक्स दूध रखा हुआ मिला था। संदेह के आधार पर विभाग की टीम ने इस दूध के सैंपल लिए, जो प्रयोगशाला जांच में मिलावटी पाए गए। इसके बाद न्यायालय में परिवाद पत्र पेश किया गया। इस पूरे मामले में अभियोजन की ओर से एडीपीओ राजेश आर्य ने पैरवी की, जिसके आधार पर कोर्ट ने यह सजा तय की है।
उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र में आज मंगलवार सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने गए एक युवक पर बाघ ने हमला कर दिया। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना मानपुर बीट के कक्ष क्रमांक पीएफ 385 स्थित अमहाई नाला के पास हुई। घायल युवक की पहचान धर्मेंद्र के रूप में हुई है। वह सुबह तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल गया था, तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। हमले में धर्मेंद्र के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, और उसके शरीर पर बाघ के दांतों व पंजों के कई निशान मिले हैं। युवक को मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। घायल युवक को तत्काल मानपुर अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक भरा गायकवाड़ ने बताया कि वन विभाग का स्टाफ घायल युवक के साथ है और उसके इलाज की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।

