यमुना एक्सप्रेस वे हादसा:मथुरा में अपनों के खोने से बदहवास दिखे परिजन, घरवाले बोले- सब उजड़ गया
मथुरा के थाना सुरीर क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार सुबह हुए हादसे में 6 लोगों की जान चली गई। पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे परिजनों के चेहरे पर अपनों के खोने का गम था तो आंखों से आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे जो हादसे के समय उसी बस में सवार थे जिसमें कैंटर ने टक्कर मारी थी। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई थी जबकि एक घायल हुए थे। आगे बढ़ने से पहले जानिए क्या हुआ यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार को दिल्ली के नांगलोई से कानपुर के रसूलाबाद जा रही स्लीपर क्लास बस को ड्राइवर ने माइल स्टोन 88 पर रोका। यहां बस में सवार यात्रियों में से कुछ टॉयलेट आदि के लिए उतरे। इसी दौरान नोएडा की तरफ से आ रहे तेज रफ़्तार कैंटर ने बस में तक्कर मार दी। इसके बाद अनियंत्रित हुए कैंटर ने टॉयलेट के लिए उतरे यात्रियों को रौंद दिया। जिसमें 6 की मौत हो गयी जबकि एक यात्री घायल हो गए थे। मरने वालों में सभी पुरुष हादसे में मृतक सभी पुरुष थे। जिसमें कन्नौज के रहने वाले असलम,औरैया के रहने वाले पुष्पांक और अनुराग,फिरोजाबाद के प्रमोद,दिल्ली के रहने वाले संतोष और बस्ती के रहने वाले देवेश थे। हादसे के बाद मौके पर चीख पुकार मच गयी। बस में सवार मृतकों के परिजन अपनों को खोजने में जुट गए। हादसे की सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। बेटी के जन्मदिन में शामिल होने जा रहे थे प्रमोद फिरोजाबाद के जसराना के रहने वाले प्रमोद दिल्ली के नांगलोई में स्थित एक कंपनी में काम करते थे। शुक्रवार देर रात वह अग्निहोत्री ट्रैवल्स की बस में सवार होकर अपने घर जाने के लिए निकले। प्रमोद की बेटी का रविवार को पहला जन्मदिन था। बेटी का जन्मदिन मनाने के लिए प्रमोद घर जा रहे थे। शनिवार की सुबह वह घर पहुंचते उससे पहले ही उनकी मौत की खबर परिवार को पहुँच गयी। प्रमोद की मौत की खबर सुनकर पत्नी का हाल बेहाल हो गया। जिस घर में बेटी के जन्मदिन मनाने की तैयारी चल रही थी वहां मातम पसर गया। दामाद की मौत से सास का रो रो कर हुआ बुरा हाल यमुना एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में कन्नोज के रहने वाले असलम की भी मृत्यु हुई। असलम दिल्ली में रहकर एक फैक्ट्री में काम कर रहे थे। वह नांगलोई से बस में सवार हुए और कन्नोज के कटरा जा रहे थे। इस बस में उनके साथ ससुर मोहम्मद आरिफ और सास भी थीं। बस रुकने पर असलम नीचे उतरे तभी हादसा हो गया। आंखों के सामने दामाद की हुई मौत से सास बदहवास हो गयीं। उनका रो रो कर बुरा हाल था। ससुर मोहम्मद आरिफ ने बताया वह इटावा के रहने वाले हैं अपने गांव जा रहे थे इसी दौरान यह हादसा हो गया। तेज आवाज से आंख खुली इस हादसे में जान गंवाने वालों में मैनपुरी के रहने वाले संतोष सिंह भी थे। संतोष दिल्ली में रहकर सेल्स मैन का काम करते हैं। यहीं वह अपनी पत्नी संतोषी और दोनों बेटों के साथ दिल्ली में ही रहते हैं। शुक्रवार की रात को संतोष पत्नी संतोषी के साथ मैनपुरी के गांव सौरिख जा रहे थे। रात ढाई बजे जब बस रुकी तो संतोष पत्नी को बस में सोता हुआ छोड़कर टॉयलेट के लिए नीचे उतर गए। इसी दौरान बस में टक्कर लगने से तेज आवाज हुई जिससे संतोषी की आंख खुली। संतोषी ने जब बगल वाली सीट पर पति को देखा तो वह दौड़कर बस से नीचे उतरीं। जहां उन्होंने देखा कि कुछ लोग कुचले हुए पड़े हैं। संतोषी ने आवाज दी तो उनके पीटीआई ने दर्द से कराहते हुए जबाब दिया वह यहां है। इसके बाद संतोष कुछ न बोल सके। रात दस बजे हुई अंतिम बार बात संतोष के बेटे अभिनय ने बताया रात दस बजे पिता से बात हुई। उन्होंने फोन पर कहा था कि वह बैठ गए हैं बस में सुबह गांव पहुँच कर कॉल करेंगे। इसके बाद रात 3 बजे मां का फोन आया और उन्होंने कहा एक्सीडेंट हो गया है। पापा मम्मी गांव जा रहे थे खेती देखने के लिए। अभिनय ने बताया कि इस हादसे में उनका सब कुछ उजड़ गया।
नोएडा के सेक्टर-146-147 से ग्रेटर नोएडा के एलजी चौक से जोड़ने के लिए एक कनेक्टिंग रोड बन रही है। इस रास्ते के दोनों तरफ नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरण अपने-अपने हिस्से में सड़क बना रहे हैं। यहां पुल बनाने का काम यूपी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन कर रहा है। कॉरपोरेशन ने अब पुल पर बिटुमिन व मैस्टिक के काम के लिए टेंडर जारी किया है। उम्मीद है कि मार्च अंत तक सड़क बनाने का काम शुरू हो जाएगा। इसे बन जाने से एक्सप्रेस वे पर यातायात भार कम होगा। साथ ही नोएडा ग्रेटरनोएडा के बीच नया लिंक मिलेगा। यूपी स्टेट ब्रिज कॉरपोरेशन के अधिकारियों ने नोएडा को बताया कि हिंडन पर पुल बनाने का काम 15 मार्च तक पूरा कर लिया जाएगा। पुल बनाने का काम पूरा होते ही इस पर बिटुमिन व मैस्टिक का काम किया जाएगा। अगर इस टेंडर में किसी एजेंसी का चयन हो जाता है तो मार्च महीने के अंत तक बिटुमिन का काम शुरू करा दिया जाएगा। इसको पूरा होने में करीब एक महीने का समय लगेगा। जुलाई में खोला जा सकता है इस बारे में प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जुलाई महीने में इसे वाहनों के लिए खोले जाने की तैयारी है। नोएडा व ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण अपने-अपने हिस्से में सड़क बना रहे हैं। इसके बन जाने से नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच सफर करने वालों को एक और वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। नोएडा की एप्रोच रोड 80 प्रतिशत पूरीपुल के अलावा नोएडा में सड़क बनाने का 80 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है जबकि ग्रेटर नोएडा में यह काम 50 प्रतिशत हो गया है। नोएडा में पुल को जोड़ने के लिए करीब 800 मीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है जिस पर 31 करोड़ 15 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि पुल बन जाने के बाद नोएडा की ओर के बचे काम को पूरा करने के लिए करीब तीन महीने का समय चाहिए होगा। ग्रेनो प्राधिकरण जल्द पूरी करेगा एप्रोच रोडपिछले सप्ताह ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक ने इस काम का जायजा लिया था। ग्रेटर नोएडा की तरफ संपर्क मार्ग की लंबाई लगभग एक किलोमीटर है, जिसे बनाने में लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। प्राधिकरण इसे शीघ्र बनाने के लिए प्रयासरत है। प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया की बाकी बचे काम पूरे होने में छह माह का समय लगेगा।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार शाम रायपुर पहुंच चुके है। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, गृहमंत्री विजय शर्मा समेत कई नेताओं ने उनका स्वागत किया। बता दें कि शाह का 2 महीने में यह दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह आज रायपुर के मेफेयर होटल में नक्सलवाद पर बैठक लेंगे। इस दौरान वे इंटेलिजेंस इनपुट्स की समीक्षा करेंगे और छत्तीसगढ़ के प्रभावित इलाकों की स्थिति पर चर्चा भी करेंगे। छत्तीसगढ़ में नक्सली खात्मे की डेडलाइन को 52 दिन बचे है। ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में होंगे शामिल छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर केंद्र सरकार की रणनीति से जुड़े अहम दौर की शुरुआत हो रही है। अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के खात्मे की डेडलाइन अब नजदीक आ चुकी है। इस समयसीमा का ऐलान खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। इसके बाद छत्तीसगढ़ समेत नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रही है। इस डेडलाइन में अब करीब 52 दिन का ही समय बाकी है। अमित शाह बस्तर में पंडुम महोत्सव के समापन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। इससे पहले वे 28 से 30 नवंबर तक नवा रायपुर स्थित IIM परिसर में आयोजित 60वें DGP-IGP सम्मेलन में पहुंचे थे। मीटिंग के बाद ऑपरेशन होंगे तेज राज्य स्तर पर अमित शाह के दौरे को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही तैयारियों में जुटी हैं। रायपुर में प्रस्तावित बैठक को लेकर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, राज्य पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि इस बैठक के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में ऑपरेशन और ज्यादा तेज किए जा सकते हैं। इस तरह कुल मिलाकर अमित शाह का यह दौरा सिर्फ एक नियमित समीक्षा नहीं, बल्कि नक्सलवाद के खिलाफ तय समयसीमा से पहले आखिरी रणनीतिक बैठक के रूप में देखा जा रहा है। जिसका असर आने वाले महीनों में जमीनी हालात पर साफ दिख सकता है। …………………………. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… शाह बोले-नक्सलियों से चर्चा नहीं, हथियार डालना ही ऑप्शन:जगदलपुर में कहा- 31 मार्च तक देश से मिटा देंगे नक्सलवाद, मुरिया दरबार की रस्म निभाई जगदलपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि 31 मार्च से पहले बस्तर नक्सलमुक्त हो जाएगा। दिल्ली के लोगों ने भ्रम फैलाया, नक्सलवाद ने बस्तर को विकास से दूर किया, लेकिन अब भाजपा शासन में मुफ्त स्वास्थ्य बीमा, 3100 रुपए प्रति क्विंटल पर धान खरीदी और एक माह में 500 से अधिक नक्सलियों का सरेंडर जैसे ठोस कदम उठाए गए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
पिछले 5 दिन से लगातार निकल रही तेज धूप के चलते तापमान काफी बढ़ गया है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस फरवरी में अब तक शनिवार को सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान रहा। इतना ही नहीं, 7 फरवरी को पिछले 10 सालों में दूसरी बार सबसे गर्म दिन और रात रहे हैं। वर्ष 2017 से 2026 के बीच 7 फरवरी का रिकॉर्ड देखें तो पता चलेगा इस साल इस डेट को दूसरी बार सबसे अधिक अधिकतम और न्यूनतम तापमान रहा। इस समयावधि में इस डेट को सबसे अधिकतम तापमान वर्ष 2023 में रहा था। 7 फरवरी 2023 को अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 13.5 डिग्री सेल्सियस रहा था। देखें पिछले 10 सालों में 7 फरवरी को तापमान की स्थिति… रविवार को मौसम का हाल रविवार सुबह से ही मौसम खुला हुआ है। ठंड और कोहरे दोनों से राहत है। सुबह से हल्की हवा चल रही है। सुबह का तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस रहा। दिन में धूप निकलने के कारण अधिकतम तापमान में और बढ़ोत्तरी हो सकती है। पिछले दिनों काफी घना कोहरा रहा था। तापमान में भी कम होने की वजह से सर्दी रही। 3 फरवरी से अधिकतम तापमान लगातार बढ़ रहा है। वहीं, न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। देखें पिछले दिनों तापमान की स्थिति… पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को दिन में धूप निकलेगी। हालांकि हल्की हवा चलती रहेगी। धूप निकलने के कारण आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है। 9 फरवरी से मौसम पूरी तरह से खुलने की संभावना जताई जा रही है। ये रह सकती है तापमान की स्थिति…
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत व सीएम योगी आदित्यनाथ की अगले सप्ताह गोरखपुर में मुलाकात हो सकती है। संघ प्रमुख 14 से 16 फरवरी तक गोरखपुर में रहेंगे। शिवरात्रि के अवसर पर सीएम के भी गोरखपुर आने की संभावना है। आधिकारिक रूप से अभी मुलाकात का कार्यक्रम तय नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि 15 या 16 फरवरी को यह मुलाकात हो सकती है। इस मुलाकात में हिन्दू एकता पर चर्चा संभावित है। इससे पहले भी संघ प्रमुख के गोरखपुर आगमन के दौरान भी सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में मौजूद थे लेकिन दोनों की मुलाकात नहीं हो पायी थी। इस बार भी संघ प्रमुख को कई कार्यक्रमों में शामिल होना है। RSS प्रमुख के दो दिनों के कार्यक्रम में अभी गोरखनाथ मंदिर जाने का शेड्यूल शामिल नहीं है। पहले जानिए गोरखपुर क्यों आ रहे संघ प्रमुखRSS की ओर से शताब्दी वर्ष समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 1 फरवरी से 28 फरवरी तक सामाजिक सद्भाव अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसी में शामिल होने के लिए संघ प्रमुख गोरखपुर पहुंच रहे हैं। वह 14 फरवरी की देर शाम यहां आएंगे। 15 व 16 फरवरी को आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगै। इस दौरान 15 फरवरी को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में सामाजिक सद्भाव कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में गोरक्ष प्रांत के लगभग 1000 लोग शामिल रहेंगे। इसी दिन प्रबुद्धजन सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। होली के दृष्टिगत पारिवारिक मिलन समारोह का आयोजन 16 फरवरी को किया जाएगा। इसमें भी संघ प्रमुख शामिल हो सकते हैं। इस दौरान संघ के स्वयं सेवकों की बैठक भी की जाएगी। 14 को ही सीएम के आने की संभावना सीएम योगी आदित्यनाथ भी 14 फरवरी को ही गोरखपुर आ सकते हैं। दोपहर बाद उनक आने की संभावना है। गोरखपुर में कोई कार्यक्रम नहीं लगा है लेकिन हर वर्ष की परंपरा के अनुसार शिवरात्रि पर वह गोरखपुर में ही रहेंगे और यहां रुद्राभिषेक करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक भी करेंगे। 3 दिनों के भीतर मुलाकात संभवसंघ प्रमुख व सीएम के बीच इन्हीं 3 दिनों के भीतर मुलाकात संभव है। 14 फरवरी को आगमन के दिन भी दोनों लोगों की मुलाकात हो सकती है। अपने पिछले दौरे पर भी संघ प्रमुख गोरखनाा मंदिर नहीं गए थे। इसीलिए यह माना जा रहा है कि इस बार भी वह मंदिर नहीं जाएंगे। हालांकि संघ की ओर से इस मुलाकात के बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा है।
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डिजिटल अरेस्ट से लेकर फिशिंग के जरिए ठगी के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन अब ठगी का एक नया पैटर्न सामने आया है। इसके जरिए हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को निशाना बनाया गया। जनवरी माह से अब तक 10 से अधिक लोग इस ठगी का शिकार हो चुके हैं। इनमें से केवल तीन पीड़ित कोहेफिजा थाने पहुंचे और कुल 30 हजार रुपए से अधिक की ठगी की शिकायत दर्ज कराई। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हमीदिया अस्पताल का स्टाफ ही ठग जितेंद्र खागरे को मरीजों की जानकारी और उनके परिजन के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था। इसके बाद ठग खुद को डॉक्टर बताकर बेहतर इलाज का लालच देता और फिर क्यूआर कोड भेजकर अपने खाते में पैसे मंगवाता था। शुक्रवार को ठगी के इस गिरोह के मुख्य आरोपी, बैतूल निवासी जितेंद्र खागरे को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर कोहेफिजा थाने की पुलिस को सौंप दिया। थाने से मिली जानकारी के अनुसार, ठग को गुरुवार रात इंदौर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ डॉक्टर बनकर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। स्टाफ को 20% मिलता था कमीशन सिक्योरटी एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, ठग का नेटवर्क हमीदिया अस्पताल में तीन विभागों तक फैला हुआ था। इसमें स्त्री रोग विभाग, पीडियाट्रिक विभाग और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग शामिल हैं। जिसमें अब तक 7 स्टाफ के शामिल होने की बात तक सामने आई है। हालांकि, इन स्टाफ की पहचान अब तक नहीं हो सकी है। हालांकि, एक बात स्पष्ट हुई है कि स्टाफ ठग को जानकारी सिर्फ कमीशन के लिए दे रहे थे। हमीदिया अस्पताल की सिक्योरिटी एजेंसी से मिली जानकारी के अनुसार, मरीजों की फुल डिटेल (वार्ड नंबर, एड्रेस, बीमारी की विवरण), मोबाइल नंबर और मरीज की स्थिति स्टाफ मुहैया कराते थे। जिसके लिए उन्हें 20 प्रतिशत कमीशन मिलता था। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जिन भी स्टाफ के नाम सामने आएंगे, उन्हें तत्काल अस्पताल से हटा दिया जाएगा। वहीं, थाना कोहेफिजा पुलिस इन स्टाफ की पहचान होने के बाद उनपर भी कार्रवाई करेगी। पीड़ित से फोन पर बातचीत की ऑडियो आया सामने आरोपी जितेंद्र खागरे और पीड़ित के बीच में फोन पर हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है। एक पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके बच्चे के दिल में छेद था। जिसके इलाज के लिए बच्चे को हमीदिया में भर्ती कराया था। जितेंद्र ने अस्पताल में भी डॉक्टर बनकर उनसे मुलाकात की थी। पढ़िए… ऑडियो में क्या कहा आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पीड़ित परिवार और उसके बीच हुई बातचीत की ऑडियो सामने आई हैं। एक ऑडियो में आरोपी बच्चे के पिता को भरोसा दिला रहा है कि दस हजार रुपए दे दो, इससे ईको करा देंगे। इस पर बच्चे के पिता ने जवाब दिया कि आईसीयू वाले बोल रहे हैं कि एक महीने बाद ही जांच होगी। इससे पहले नंबर नहीं आएगा। आरोपी जवाब देता है कि आप सब छोड़ो मेरा काम करो। तत्काल करा दूंगा। यहां तक की बाद में भी आपका साथ दूंगा। घर जाने के लिए एम्बुलेंस फ्री में दिला दूंगा। मेरे नंबर पर डेढ़ बजे तक पैसा डलवा देना। कहो तो बारकोड सेंड कर देता हूं। बच्चे का पिता जवाब देता है कि आप फिक्र मत करो डेढ़ बजे से पहले ही रकम आप तक पहुंच जाएगी, पैसा मेरे भाई के नंबर से डलवा रहा हूं। जाल में ऐसे फंसाया, वसूले 30 हजार रुपए हमीदिया अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन को ठगने का तरीका बेहद शातिर था। नेहरू नगर भोपाल निवासी नितेश विश्वकर्मा ने पुलिस को बताया कि उनकी पत्नी किरण विश्वकर्मा गर्भावस्था के चलते हमीदिया अस्पताल में भर्ती हुई थीं। ऑपरेशन के बाद उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को हमीदिया अस्पताल का डॉक्टर बताया और कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों खतरे में हैं, बेहतर इलाज के लिए तुरंत पैसे भेजने होंगे। घबराए नितेश ने बताए गए यूपीआई पर 8,000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। कुछ दिन बाद फिर कॉल आया और पत्नी की हालत गंभीर बताकर दोबारा 2,999 रुपए मंगवा लिए। बाद में कॉल बंद हो गया, तब जाकर नितेश को ठगी का शक हुआ। जांच में सामने आया कि इसी तरह विनोद अहिरवार और संजय बाटेला से भी पैसे वसूले गए। सिर्फ इन तीन पीड़ितों से ही 30 हजार रुपए से अधिक की ठगी की गई थी। अधीक्षक डॉ. टंडन बोले- यदि कोई पैसे की मांग करे तो शिकायत करें हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन ने कहा कि ठगी हो तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा यदि कोई आपसे पैसे मांगे या क्यूआर कोड भेजे तो तत्काल हमीदिया अस्पताल के सिक्योरिटी सुपरवाइजर को इसकी जानकारी दें। हमीदिया में सभी मरीजों को प्राथमिकता दी जाती है। कोई भी डॉक्टर किसी मरीज से अतिरिक्त पैसे की डिमांड नहीं करता है। ऐसा यदि कोई करता है, तो यह फ्रॉड है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… फोन पर बोला-आपकी पत्नी के लिवर में सूजन...5 हजार भेजो भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक खास तरीका अपनाकर ऑनलाइन ठगी की गई। शातिर ठग ने यहां भर्ती मरीजों और उनके परिजन को डॉक्टर बनकर फोन किया। बेहतर इलाज और सुरक्षित ऑपरेशन का झांसा देकर रकम की डिमांड की। क्यूआर कोड भेजकर पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिया। पढ़िए पूरी खबर।
झांसी में जिम के अंदर ज्वेलर के बेटे को बेरहमी से पीटा गया। वह मशीन पर कसरत कर रहा था। तभी दबंग आया और बोला कि मुझे जिम करना है। ये मशीन खाली करो। मना करने पर दबंग ने थप्पड़ जड़ दिया। फिर अपने दोस्तों को बुलाकर उसको पिटवाया। 4 युवक उसे बुरी तरह पीटते हैं। तभी दबंग ने रॉड उठाकर उसके सिर में मार दी। इससे ज्वेलर का बेटे लहूलुहान हो गया। वो इस हाल में घर पहुंचा तो पिता चौकी ले गए। वहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। घटना 6 फरवरी की रात करीब 9 बजे की है। शनिवार को मारपीट का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। पुलिस ने अज्ञात 4 युवकों के खिलाफ बीएनएस की धारा में केस दर्ज कर लिया है। पूरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के फिल्टर रोड पर M-2 जिम का है। दुकान बंद करके जिम करने गया था झारखड़िया मोहल्ला निवासी दिलीप नारायण सोनी ने बताया- मेरी कोतवाली की ढाल पर आरएस ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। मेरा बेटा रोहित सोनी (24) मेरे साथ शॉप पर बैठता है। शाम को दुकान बंद करके हम लोग घर जाते है। इसके बाद बेटा फिल्टर रोड पर गणेश चौराहा के पास M-2 जिम में कसरत करने आता है। रोजाना की तरह 6 फरवरी की रात को वह जिम करने गया था। वहां मशीन पर एक्सरसाइज कर रहा था। तभी वहां कसरत कर रहा एक दबंग युवक आया और बोला कि मशीन खाली करो, मुझे जिम करनी है। तब बेटे ने मना कर दिया। कहा- एक बार एक्सरसाइज कर लेने दो, इसके बाद कर लेना। इस पर वो गालियां देने लगा। इस पर विवाद हो गया। पहले थप्पड़ मारा, फिर रॉड पिता ने आगे बताया- विवाद इतना बढ़ गया कि दबंग युवक ने बेटे को थप्पड़ मार दिया। फिर उसके 3 से 4 साथी आ गए और बेटे को बेरहमी से पीटने लगे। इस दौरान दबंग ने लोहे की रॉड उठाई और बेटे के सिर में दे मारी। इससे उसका सिर फट गया और खून बहने लगा। लहूलुहान हालत में वो घर आया तो उसे चौकी ले गए। वहां से पुलिस हम लोगों को अस्पताल लेकर आई। जिन लोगों ने बेटे के साथ मारपीट की, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हुए घटना से जुड़े दो सीसीटीवी फुटेज वायरल हो रहे हैं। 4 मिनट 9 सेकेंड के वीडियाे में नजर आ रहा है कि मशीन पर कसरत के दौरान विवाद होता है। तब दबंग युवक रोहित सोनी को थप्पड़ मार देता है। इसी बीच आरोपी के साथी आ जाते हैं और वे उसे नीचे पटक देते हैं। इसके बाद उसके साथ मारपीट की जाती है। इस बीच जिम के अन्य लोग बीच बचाव कर मामले को शांत करवा देते हैं। रोहित और दबंग को दूर-दूर कर दिया जाता है। तभी दबंग युवक कुछ कहते हुए रोहित के पास पहुंच जाता है। दोबारा कहासुनी होने पर रोहित उसे थप्पड़ मार देता है। तभी आरोपी और उसके साथी रोहित को बुरी तरह पीटते है। इस बीच दबंग युवक लोहे की रॉड उठाकर रोहित के सिर में मार देता है। इससे वो लहूलुहान हो जाता है। इसके बाद आरोपी भाग जाते हैं। दूसरे वीडियो में रोहित लहूलुहान नजर आ रहा है। केस दर्ज कर लिया है कोतवाली थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि रोहित की तहरीर पर शनिवार को 4 अज्ञात युवकों के खिलाफ मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जिम मालिक से भी आरोपियों के बारे में डिटेल ली जा रही है। जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा।
पाकिस्तान में बैठी प्रेमिका के झांसे में आकर राजस्थान का एक युवक इंटरनेशनल साइबर ठगी गैंग का सरगना बन गया। हनुमानगढ़ पुलिस ने 1 फरवरी को हरदीप सिंह नाम के युवक को अरेस्ट किया है। महज 10वीं पास हरदीप पाकिस्तान के लाहौर से चल रहे साइबर ठगी गिरोह से संपर्क में था। उसी के इशारे पर करोड़ों की साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था। आरोपी गांव के लोगों के बैंक अकाउंट किराए पर ले लेता था। फिर पाकिस्तान में बैठे ठग उन खातों का इस्तेमाल ठगी के पैसे ट्रांसफर करने में लेते थे। पुलिस पड़ताल में सामने आया है कि इस ठगी गिरोह से उसे पाकिस्तानी गर्लफ्रेंड राबिया ने जोड़ा था। प्रेम जाल में फंसकर हरदीप पिछले साल पाकिस्तान जाने वाला था। उसके लिए वह धर्म बदलने तक को तैयार था। लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के चलते आवाजाही बंद होने के चलते ऐसा हो नहीं पाया। पुलिस के आशंका है कि इसके पीछे पाकिस्तान का धर्मांतरण साइबर ठगी मॉड्यूल हो सकता है। जम्मू-कश्मीर से भी इसका कनेक्शन सामने आया है। संडे बिग स्टोरी में पढ़िए कैसे इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ। लाहौर से मिलते थे निर्देश- इस खाते में पैसे ट्रांसफर कर दो हरदीप सिंह को 1 फरवरी को हनुमानगढ़ की साइबर थाना पुलिस ने अरेस्ट किया था। पूछताछ में सामने आया कि हरदीप सिंह पाकिस्तान में बैठे साइबर ठग गिरोह के सीधे संपर्क में था और भारत में उनके लिए फाइनेंशियल सहयोगी था। भारतीयों से ठगी का पैसा किस खाते में डलवाना है, कब निकालना है और किस रास्ते से आगे भेजना है- यह सब निर्देश पाकिस्तान के लाहौर से मिलते थे। साइबर पुलिस ने हरदीप से बरामद 3 मोबाइल का डेटा खंगाला है। जांच में यह भी सामने आया है कि ठगी में हरदीप 10 से 20 प्रतिशत कमीशन रखता था। बाकी पैसा हरदीप के किराए पर खरीदे गए बैंक अकाउंट में ट्रांसफर होते। फिर उन्हें डॉलर में कन्वर्ट कर पाकिस्तान भिजवाया जाता था। दिव्यांग पेंशन खाते में पहुंचा ठगी का पैसा तो खुला राज पूरा मामला तब सामने आया, जब हनुमानगढ़ जिले के डबली राठान निवासी राजपाल सिंह का बैंक खाता अचानक फ्रीज कर दिया गया। राजपाल सिंह पैरालिसिस पीड़ित हैं और उनके खाते में दिव्यांग पेंशन आती थी। पेंशन रुकने पर जब उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो पता चला कि उनके खाते में साइबर फ्रॉड से जुड़ी संदिग्ध रकम आई है। जांच में सामने आया कि जम्मू-कश्मीर के उधमपुर साइबर थाने और मध्यप्रदेश के देवास जिले से इस खाते को लेकर नोटिस जारी हुए थे। दरअसल, पुलिस को जम्मू-कश्मीर से संदिग्ध पैसे की लेन-देन के सबूत मिले थे। खुद का खाता ब्लॉक होने का बहाना बनाता था तीन स्टेट (मध्यप्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर) की साइबर पुलिस ने जब जांच बढ़ाई तो पता चला कि इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी डबली राठान निवासी हरदीप सिंह है। उसने अपने ही गांव और आसपास के इलाकों के लोगों को निशाना बनाया। आरोपी हरदीप सिंह ने अपने पड़ोसी राजपाल सिंह को यह कहकर भरोसे में लिया कि उसका बैंक खाता बंद हो गया है और एक पेमेंट आने वाली है, जिसे वह राजपाल के खाते में डलवा देगा। बाद में इसी खाते का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम जमा करवाई गई और एटीएम के जरिए निकाल ली गई। राजपाल की शारीरिक मजबूरी का फायदा उठाकर हरदीप ने उनसे एटीएम कार्ड और पिन तक हासिल कर लिया। जांच में सामने आया कि यह कोई एक-दो ट्रांजैक्शन का मामला नहीं था। अक्टूबर से दिसंबर 2025 के बीच राजपाल समेत 100 से ज्यादा लोगों के बैंक खाते जुटा लिए थे। इन खातों का इस्तेमाल करोड़ों रुपए की साइबर ठगी के पैसों को ठिकाने लगाने में किया गया। इन खातों से जुड़े 14 राज्यों से कुल 36 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज की गई थी। महज 10वीं पास है हरदीप सिंह आरोपी हरदीप सिंह मूल रूप से हनुमानगढ़ के डबली राठान गांव का रहने वाला है। पिता धान मंडी में पल्लेदारी कर परिवार का पेट पालते हैं। हरदीप केवल 10वीं पास है। माता-पिता गांव में रहते हैं लेकिन कुछ समय से हरदीप हनुमानगढ़ शहर में रह रहा था, जहां उसने साइबर ठगी के इस खतरनाक नेटवर्क में कदम रख दिया। पाकिस्तानी लड़की राबिया के झांसे में बन गया ठग जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान के साइबर ठग के संपर्क में आने से पहले हरदीप सिंह एक पाकिस्तानी युवती के संपर्क में था। दोनों के बीच प्रेम संबंध होने की बात सामने आई है। हरदीप उस युवती से मिलने पाकिस्तान जाना चाहता था और इसके लिए प्रयास भी कर रहा था। लेकिन इस बीच ऑपरेशन सिंदूर हुआ और दोनों तरफ से आवाजाही बंद हो गई। इसके चलते वह पाकिस्तान नहीं जा सका। पुलिस के मुताबिक इस बीच राबिया ने ही हरदीप का संपर्क लाहौर में बैठे अपने किसी परिचित के जरिए साइबर ठगों से कराया। इसके बाद हरदीप उस गिरोह के इशारे पर काम करने लगा था। ऐसे करता था गिरोह काम? जांच में सामने आया कि आरोपी हरदीप सिंह और उसके पाकिस्तान में बैठे साइबर ठग गिरोह के हैंडलर भारत में सोशल मीडिया पर कई तरीके से ठगी को अंजाम दे रहे थे। आरोपी फेसबुक, इंस्टाग्राम व अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सस्ता सामान, शेयर मार्केट में निवेश, सस्ता लोन, घर बैठे ऑनलाइन पैसा कमाने जैसे तरीकों से लोगों को झांसे में लेते थे। कट्टरपंथी या धर्मांतरण मॉड्यूल का शक पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लाहौर में बैठा साइबर ठग हरदीप से निजी बातचीत करता था। उसने हरदीप को बताया था कि वह पहले उसकी ही तरह सरदार था, लेकिन बाद में उसने मुस्लिम धर्म अपना लिया। इस बातचीत के बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जांच एजेंसियां अब इस एंगल की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं इस नेटवर्क के पीछे कोई संगठित कट्टरपंथी या धर्मांतरण से जुड़ा साइबर मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं है। गांव के लोगों को झांसे में लेता था हरदीप- साइबर पुलिस हनुमानगढ़ के साइबर थानाधिकारी राजपाल सिंह ने बताया- जांच में हरदीप के पाकिस्तानी हैंडलर्स से सीधे संपर्क के ठोस सबूत मिले हैं। आरोपी अपने ही गांव के भोले-भाले मजदूर वर्ग के लोगों को यह कहकर फंसाता था कि उसका बैंक खाता बंद हो चुका है। छोटे-मोटे लालच देकर वह उनके खातों का इस्तेमाल करता था। अशिक्षा और जानकारी के अभाव में लोग उस पर भरोसा कर लेते थे। आरोपी के पाकिस्तानी महिला से प्रेम संबंध भी सामने आए हैं। जिस ठग से वह संपर्क में था, वह उसी महिला के परिवार से जुड़ा बताया जा रहा है। इस आधार पर पूरे गिरोह के तहत साजिश रचे जाने की आशंका है।
नमस्कार, कानपुर में कल (शनिवार) की बड़ी खबरें… कानपुर में सपा विधायक नसीम सोलंकी और उनके पति इरफान सोलंकी ने वाीडियो जारी किया। कहा-शहर में फर्जी अफसर घूम रहे हैं। उनसे सावधान रहें। 'घूसखोर पंडत' फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज के लोग सड़क पर उतरे। यतींद्रानंद गिरी महाराज बोले-अगर ये फिल्म रिलीज हुई तो सिनेमाघर फूंके जाएंगे-अभिनेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटेंगे। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।अब सिलसिलेवार पढ़िए 10 खबरें01. 'कानपुर में घर-घर घूम रहे फर्जी BLO': सपा विधायक नसीम बोलीं- SIR फॉर्म चेक न कराएं, वोट काटने की प्लानिंग चल रही कानपुर में सपा विधायक नसीम सोलंकी ने कहा कि शहर में फर्जी BLO घूम रहे हैं। ये लोग SIR का नया फॉर्म जांचने के नाम पर लिस्ट से नाम कटवाने में जुटे हैं। मैं सीसामऊ की जनता से अपील करना चाहती हूं कि ऐसे लोगों के बहकावे में आने या डरने की जरूरत नहीं। क्योंकि, चुनाव आयोग ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। नसीम ने पति इरफान सोलंकी के साथ अपील करते हुए एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें दोनों कह रहे कि आपको इस बारे में कोई दिक्कत होती है तो तुरंत हमको फोन करके इसकी सूचना दें। वहीं, इस मामले को लेकर विधायक और सपा नेताओं ने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से शिकायत की है। पूरी खबर पढ़ें02. 'घुसखोर पंडत रिलीज हुई तो सिनेमा घर फूंके जाएंगे': स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज बोले- अभिनेताओं को पीटेंगे, जूतों की माला पहनाएंगे 'घूसखोर पंडत' वेब सिरीज को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। कानपुर पहुंचे हरिद्वार जूना अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी यतींद्रानंद गिरी महाराज ने भी इस वेब सिरीज का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इसके निर्माता और एक्टर जहां भी जाएं उन्हें जूतों की माला से स्वागत करना चाहिए। इतना ही नहीं यह भी कहा कि किसी भी सूरत में इस वेब-सिरीज इसको रिलीज नहीं होने देंगे, अगर हमको सिनेमाघरों में आग लगानी पड़ी तो आग लगाएंगे। इसके अभिनेताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अन्य मामलों में भी अपनी बात रखी। पूरी खबर पढ़ें 03.'घूसखोर पंडत' फिल्म के खिलाफ सड़कों पर उतरे ब्राह्मण: कानपुर में समाज के लोगों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर निकाला मार्च कानपुर में घूसखोर पंडत फिल्म के खिलाफ ब्राह्मण समाज के लोग सड़कों पर उतर गए। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर मार्च निकाला। शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में समकक्ष अधिकारी को सौंपा। अखिल भारतीय सर्वब्राह्मण महासभा के पदाधिकारियों ने कहा- इस फिल्म के टीचर से ब्राह्मण समाज की छवि को ठेस पहुंची है। जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एक विशेष समुदाय को टारगेट करने का काम फिल्म में किया गया है। उन्होंने कहा- हमें कोई आरक्षण नहीं मिलता है। दूसरे समुदाय के लोग देखते हैं कि सनातन धर्म की रक्षा करने के लिये ब्राह्मण डटा हुआ है। कोशिश की जा रही है कि इसे कैसे अपमानित किया जाए। पूरी खबर पढ़ें 04.कानपुर में आज होगा राजीव निगम का शो: ‘बहुत हुआ सम्मान’ शो के लिए जॉनी लीवर समेत कई बॉलीवुड सितारों ने दी बधाई कानपुर में कल रविवार यानी 8 फरवरी को स्टैंडअप कॉमेडियन राजीव निगम का शो ‘बहुत हुआ सम्मान’ होगा। कानपुर के यशोदा नगर में ही रहने वाली राजीव निगम अपने शहर में ही इस तरह का अपना पहला शो करने जा रहे हैं। इसे लेकर कानपुर की पब्लिक में काफी उत्साह है। इस प्रोग्राम को लेकर बॉलीवुड की दिग्गज हस्तियों जॉनी लीवर समेत अन्य ने लोगों से शो देखने की अपील करने के साथ ही शुभकामनाएं दी हैं। स्टैंडअप कॉमेडियन राजीव निगम ने बताया कि यह शो कंटम्प्रेरी ईश्यू यानी की मौजूदा समय में चल रहे या घट रहे मुद्दों को लेकर है। इस शो में यूपी और देश के माहौल का ऑब्जर्वेशन भी है। पूरी खबर पढ़ें 05.कानपुर में सिपाही के पिता से ठगी: पेटीएम कर्मी बनकर आए ठगों ने 1.8 लाख रुपए हड़पे, सिम भी निकाला शेयर कानपुर में एक बुजुर्ग से 1.8 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। दो ठगों ने खुद को पेटीएम कर्मी बताकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित बुजुर्ग 18 दिनों तक पुलिस चौकी और थाने के चक्कर काटते रहे। इसके बाद चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज हुआ। मामला चकेरी थाना क्षेत्र के कोयलनगर का है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। पीड़ित रामकृष्ण साहू गणेशपुर मोड़ पर साहू जूस कॉर्नर चलाते हैं। उनका बेटा अंकित साहू यूपी पुलिस में सिपाही है। उसकी तैनाती लखनऊ में है। पूरी खबर पढ़ें 06.पति ने पत्नी को जबरन डाई पिलाई: कानपुर में शराब पीकर पिटाई की, बच्चों को कमरे में बंद कर दिया; महिला की हालत गंभीर शेयर कानपुर के पनकी में पत्नी से विवाद के बाद पति ने बच्चों को अलग कमरे में बंद कर पत्नी को जमकर पीटा। जबरन उसे डाई पिला दी। उसके बाद मौके से भाग निकला। किसी तरह बाहर आए बच्चों ने पड़ोसियों को बताया। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला को इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है। पनकी थाना क्षेत्र के गंगागंज निवासी धनीराम प्राइवेट कर्मी है। उसके परिवार में पत्नी रितु के अलावा बेटी नैना, बेटा नयन व ऋषभ है। बेटी नयना ने बताया की पापा अक्सर शराब के नशे में आकर मम्मी से झगड़ा करते हैं और मारते-पीटते हैं। जब वह लोग बचाने के लिए जाते हैं तो उन्हें भी मारते पीटते हैं। पूरी खबर पढ़ें 07.रिंग रोड में 100 की स्पीड से दौड़ेंगी गाड़ियां: 6 लेन के पहले फेस का 50 प्रतिशत काम पूरा, 2028 का टारगेट कानपुर के आउटर में 5800 करोड़ की कीमत से बन रही रिंग रोड की सौगात 2028 तक लोगों को मिल जाएगी। इसको पांच हिस्सों में बांटकर बनाया जा रहा है। जिसमें पहले हिस्से का काम 50 प्रतिशत तक लगभग पूरा हो गया है। अन्य सभी हिस्सों का काम 2027 तक पूरा हो जाएगा। जिसके बाद 2028 में इस पर वाहन फर्राटा भरेंगे। 94.659 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड को पहले चार लेन का बनाया जा रहा था। जिसको अब 6 लेन का किया जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें 08.पनकी धाम स्टेशन पर 30 ज्यादा ट्रेनें रुकेंगी: 4 नई पटरियां बिछेंगी, कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन से यात्रियों का बोझ होगा कम शेयर शहर की कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का बोझ करने के लिए पनकीधाम रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास किया जा रहा है। पनकी धाम रेलवे स्टेशन और माल गोदाम में लाइन बढ़ाने का कार्य स्वीकृत होने के बाद शुरू हो गया है। उत्तर मध्य रेलवे (NCR) की गतिशक्ति यूनिट पर यह कार्य कराएगी। पनकी धाम रेलवे स्टेशन पर चार लाइन होने से ट्रेनों का आवागमन अधिक हो सकेगा। माल गोदाम से अधिक मालगाड़ी की आवा- जाही भी हो सकेगी। जिससे रेलवे को राजस्व में फायदा मिलेगा। पिछले साल मंडल रेलवे प्रबंधक रजनीश अग्रवाल शहर में आए थे। उन्होंने पनकी धाम स्टेशन और माल गोदाम का निरीक्षण किया था। तब उन्होंने यहां पनकी धाम स्टेशन अपर रेलवे लाइनें बढ़ाने पर जोर दिया था। पूरी खबर पढ़ें 09.बर्रा में छात्र ने फांसी लगाकर दी जान: कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था, पॉलिटेक्निक की तैयारी कर रहा था कानपुर के बर्रा में युवक ने घर में खुद क़ो अकेला पाकर कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बड़ा भाई ज़ब घर आया तो फोनकर घटना की जानकारी परिजनों सहित 112 नंबर डायल कर पुलिस क़ो सूचना दी। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। बर्रा विश्व बैंक के रहने वाले संजय अग्रवाल प्राइवेट कर्मी है। परिवार में पत्नी रेनू अग्रवाल बड़ा बेटा सागर अग्रवाल छोटा बेटा कार्तिकेय अग्रवाल (22) है। पिता संजय अग्रवाल ने बताया की बड़ा बेटा प्राइवेट जॉब करता है। छोटा बेटा कार्तिकेय अग्रवाल एक हॉस्पिटल के कैंटीन चलाता था और साथ ही पॉलिटेक्निक की तैयारी भी कर रहा था। पूरी खबर पढ़ें 10.कानपुर में सर्टिफिकेट फर्जी निकला, नर्सिंग अफसर की नौकरी गई: 1500 रुपये देकर EWS प्रमाण पत्र बनवाया, चयन हो चुका; अब कैफे संचालक पर FIR शेयर कैफे संचालक की लापरवाही ने एक युवती के कॅरियर और सपनों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया। फर्जी ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) प्रमाण पत्र के चलते नर्सिंग अफसर पद पर चयन के बाद भी उसकी नौकरी चली गई। अब उसकी तहरीर पर पुलिस ने धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्वालटोली निवासी कोमल श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में लोक सेवा आयोग की ओर से निकाली गई स्टाफ नर्स भर्ती के लिए आवेदन किया था। आवेदन के दौरान उन्होंने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र लगाया था, जिसे ग्वालटोली स्थित दादा प्वाइंट कैफे के संचालक अंकित से बनवाया था। उसने1500 रुपये फीस ली थी। यह प्रमाण पत्र 11 सितंबर 2023 को जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ें
संभल में छेड़छाड़ के एक आरोपी को पीड़िता ने पंचायत के फरमान पर जूती से पीटा। यह घटना थाना कुढ़फतेहगढ़ से कुछ ही दूरी पर हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। यह पूरा मामला संभल जनपद की चंदौसी तहसील के थाना कुढ़फतेहगढ़ क्षेत्र के गांव राजथल का है। जानकारी के अनुसार, आरोपी किशोर लंबे समय से पीड़िता को परेशान कर रहा था और अकेला पाकर उसके साथ छेड़छाड़ करता था। पीड़िता ने अपनी मां को यह बात बताई। शनिवार को मां-बेटी शिकायत लेकर थाना कुढ़फतेहगढ़ पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को मौखिक रूप से छेड़छाड़ की शिकायत दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। थाने से लौटते समय ग्राम प्रधान और गांव के अन्य लोगों ने उन्हें रोक लिया। करीब 4 घंटे चली पंचायत में यह तय हुआ कि पीड़िता आरोपी किशोर को पांच जूती मारेगी। पंचायत के इस फैसले के बाद, लगभग 20 लोगों की मौजूदगी में किशोरी ने किशोर को अपनी जूती से पीटा। इस घटना का किसी ने वीडियो बना लिया। थाना प्रभारी लोकेंद्र त्यागी ने बताया कि एक किशोरी अपनी मां के साथ छेड़छाड़ की शिकायत लेकर थाने आई थी, लेकिन उन्होंने लिखित तहरीर नहीं दी। थाना प्रभारी के अनुसार, थाने से बाहर क्या हुआ, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी पक्ष से शिकायत मिलती है, तो जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
देवरिया मेडिकल कॉलेज में मारपीट, VIDEO:तीमारदारों और छात्रों के बीच विवाद, इमरजेंसी के बाहर मारपीट
देवरिया के महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार देर रात मरीज के तीमारदारों और छात्रों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिसका एक वीडियो भी सामने आया है। आरोप है कि कुछ युवकों ने एक व्यक्ति और उसके परिजनों को इमरजेंसी के बाहर सड़क पर घसीटकर पीटा। सदर कोतवाली क्षेत्र के तिलई बेलवा निवासी कुछ लोग एक बीमार व्यक्ति को लेकर मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंचे थे। वहां इलाज को लेकर उनकी स्वास्थ्य कर्मचारियों से कहासुनी हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तीमारदारों ने कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बहस शुरू कर दी, जिसका कर्मचारियों ने विरोध किया। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धमकी तक की नौबत आ गई। विवाद की सूचना मिलने पर मेडिकल कॉलेज के दर्जनों छात्र इमरजेंसी के बाहर पहुंच गए। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई और हाथापाई शुरू हो गई। आरोप है कि कुछ युवकों ने घायल व्यक्ति और उसके परिजनों को इमरजेंसी से बाहर खींच लिया और सड़क पर जमकर पिटाई की। वीडियो में कुछ युवक एक व्यक्ति को जमीन पर गिराकर मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। मारपीट की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, घटना के बाद पीड़ित परिवार भयभीत होकर बिना इलाज कराए ही घर लौट गया। परिसर में देर रात तक इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना रहा। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी घटना की आंतरिक जांच की बात कही है। इस संबंध में महर्षि देवरहा बाबा कॉलेज के सीएमएस डॉक्टर एचके मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी पर किसी बात को लेकर विवाद हुआ था, जिसे सुरक्षा बलों ने समझा-बुझाकर वापस भेज दिया।
लुधियाना में ट्यूशन सेंटर पर हमला,VIDEO:टीचर और स्टाफ को बनाया बंधक, टेबल पर चढ़कर मारी पेट पर लातें
पंजाब के लुधियाना में एक ट्यूशन सेंटर संचालिका के साथ बदसलूकी, मारपीट और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि सेंटर में पढ़ने वाले एक छात्र और उसके परिजनों ने मिलकर हमला किया। घटना की CCTV वीडियो भी सामने आई है, जिसमें आरोपी टीचर के ऑफिस में घुसकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, करीब 50 से ज्यादा लोगों ने टीचर, उसके पति और स्टाफ को घंटों तक ट्यूशन सेंटर में बंधक बनाए रखा। थाना पीएयू पुलिस ने आरोपी छात्र और उसके परिजनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। टेबल पर चढ़कर पेट में मारी टांगेंCCTV फुटेज में आरोपी छात्र की मां, बहनें, पिता और अन्य सहयोगी टीचर के दफ्तर में घुसकर उसे धमकाते और पीटते दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग टेबल पर चढ़कर टीचर के पेट में टांगें मारते नजर आए, जबकि उसे धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया गया। टीचर के पति ने मिन्नतें कर किसी तरह पत्नी और स्टाफ को बचाया। छात्र को गलत हरकतों से रोका, भड़के परिजनपीड़िता सोनिया ने बताया कि वह अपने पति सचिन अरोड़ा और बहन ज्योति प्रीत राय के साथ एबिस मार्केट की दूसरी मंजिल पर स्थित ‘विद्या विंग एसएसएफ’ नाम से ट्यूशन सेंटर चलाती है। छुट्टी के समय वह नीचे खड़ी होकर बच्चों को सुरक्षित घर भेजती है। 3 फरवरी को सेंटर से पढ़ चुका एक पुराना छात्र नीचे खड़ा होकर लड़कों को वीडियो दिखाकर हंस रहा था और लड़कियों की ओर गलत इशारे कर रहा था। सोनिया ने उसे घर जाकर पढ़ाई करने की सलाह दी। इससे नाराज होकर वह चला गया और कुछ ही देर में अपने परिजनों के साथ वापस पहुंचा। तीन घंटे तक बनाया बंधक, DVR लूटने की कोशिशसोनिया का आरोप है कि छात्र के परिजनों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर हमला कर दिया। एक लड़की टेबल पर चढ़कर मारपीट करने लगी। करीब तीन घंटे तक आरोपी लोगों को बुलाते रहे और सभी को इंस्टीट्यूट में बंधक बनाए रखा। DVR तक लूटने की कोशिश की गई। पति ने मौके पर पहुंचकर बचाई जानसोनिया के पति सचिन अरोड़ा ने बताया कि पत्नी की चीखें सुनकर वह उसके ऑफिस से दौड़कर पहुंचे तो देखा कि उसे जमीन पर गिराकर पीटा जा रहा था। उन्होंने पत्नी को अपने पीछे खड़ा कर बचाने की कोशिश की, लेकिन हमलावर लगातार उस पर हाथ उठाने का प्रयास करते रहे। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की धमकियां भी दीं। छात्र ने यहां तक कहा कि उसके चाचा ने चार हत्याएं की हैं और वह भी आने वाले हैं। पुलिस ने केस दर्ज किया, गिरफ्तारी बाकीथाना पीएयू पुलिस ने इस मामले में आरोपी छात्र अमन धीर, रीतिका धीर, अमित धीर, मुस्कान धीर, काहन की बड़ी बहन और गौरव जैन को नामजद किया है। हालांकि अभी तक गिरफ्तारी न होने से पीड़ित परिवार दहशत में है। शिक्षिका का कहना है कि जब पढ़ाने की जगह ही सुरक्षित नहीं होगी तो बच्चों को कैसे पढ़ाया जाएगा।
16 ब्लैक स्पॉट, 3 साल में 27 मौतें..:इन्हें सुधारने 4 करोड़ मिले थे, निगम ने खर्च ही नहीं किए
शहर में 16 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन्हें खत्म करने के लिए सरकार ने मार्च और मई 2023 में नगर निगम भोपाल को 3.98 करोड़ रुपए दिए थे। निगम ने सिर्फ 5.30 लाख रुपए खर्च किए। उससे भी केवल बागसेवनिया थाना और आशिमा मॉल क्षेत्र का रोड सेफ्टी ऑडिट कराया गया। एसपीए द्वारा तैयार यह डीपीआर भी निगम की फाइलों में धूल खा रही है।सुधार का कोई काम नहीं हुआ। 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 तक इन ब्लैक स्पॉट पर 99 हादसे हुए और 27 लोगों की मौत हो गई। साल 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने ब्लैक स्पॉट के अनुसार हादसों और मौत के आंकड़े आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए, ताकि हकीकत सामने नहीं आ सके। पिछले साल भोपाल में लगभग 3000 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में कम से कम 215 मौतें हो गईं। कब कितनी राशि मिलीमार्च 2023 : 1.73 करोड़ मई 2023 : 2.25 करोड़(राशि मिलने के बाद भी न तो चौराहे रिडिजाइन हुए, न लेफ्ट टर्न सुधारे गए न स्पीड कंट्रोल के इंतजाम किए गए।)अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की टीम आई, फिर भी स्थिति नहीं बदलीअगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति आई थी। 8 ब्लैक स्पॉट देखे थे। अफसरों से पूछा गया था, सुधार कब होगा। फिर भी राशि उपयोग नहीं हुई। जानिए... कहां क्या समस्या प्लेटिनम प्लाजा/अटल पथ: माता मंदिर के पास दुकाने लगने से अंधा मोड़ बन गया है। स्पीड कंट्रोल के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। सिग्नल भी अक्सर बंद रहते हैं।रत्नागिरी तिराहा : यहां भी सुरक्षित और स्पष्ट लेफ्ट टर्न की कमी है। अतिक्रमण बड़ी समस्या है।11 मील तिराहा: रात के समय रोशनी की कमी बड़ी समस्या है, जिससे दुर्घटनाएं होती हैं। मंडीदीप की तरफ से वाहन बहुत तेज गति से आते हैं। इसलिए स्पीड ब्रेकर/रंबल स्ट्रिप्स की आवश्यकता है।व्यापमं चौराहा, आईएसबीटी, आशिमा मॉल के सामने, कोर्ट चौराहा: यहां खराब सड़क ज्यामिति, अपर्याप्त लेन चौड़ाई, और सुरक्षा संकेतों/रिफ्लेक्टर की कमी जैसी खामियां हैं, जिन्हें सुधारने एजेंसियों को बार-बार निर्देश दिए गए हैं। (गोविंदपुरा टर्निंग, डीबी मॉल चौराहा, 1250 चौराहा, बेस्ट प्राइस तिराहा आदि जगह भी समस्या है।) एक्सपर्ट कमेंट -डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े, ट्रैफिक एक्सपर्ट (मैनिट) बजट नहीं... इच्छाशक्ति की कमी से बने रहते हैं ब्लैक स्पॉटब्लैक स्पॉट पर हादसे सिर्फ तेज रफ्तार से नहीं होते, सड़क की खराब बनावट भी बड़ा कारण होती है। ऐसे स्थानों पर लेन का सही बंटवारा, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे बुनियादी सुधार जरूरी हैं। पैदल लोगों की सुरक्षित आवाजाही, लेफ्ट टर्न क्लियर और सिग्नल दुरुस्त करना भी उतना ही अहम है। कई जगह अतिक्रमण के कारण सड़क दिखाई नहीं देती, जिससे हादसे बढ़ते हैं। जब तक कब्जे नहीं हटेंगे, सुधार का असर नहीं दिखेगा। इन कामों के लिए इच्छाशक्ति जरूरी है। ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करके प्लान बनाया है। हर एजेंसी के अपने-अपने हिस्से के काम हैं। नगर निगम ने एक कार्ययोजना बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजी है। उसकी मंजूरी का इंतजार है।’-आरआर जारौलिया, सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर, नगर निगम, भोपाल
29 वर्षों से निभा रहे एक 'वादा':Promise Day पर जानिए गोरखपुर के खास कपल की कहानी
'प्रॉमिस' सिर्फ एक शब्द नहीं, वो विश्वास होता है,जो दो लोगों को जीवन भर साथ जोड़ें रखता। प्रॉमिस डे पर जानिए गोरखपुर के उन कपल की कहानी जिन्होंने एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया और लाइफ पार्टनर बने। कॉलेज के दिनों में मिलने वाले कंचन और संजीत को एक दूसरे की सादगी पसंद आई। दोस्ती प्यार में बदली और एक दिन संजीत ने कभी न साथ छोड़ने का वादा किया। परिवार को मना कर दोनों ने शादी की और ये वादा अब तक निभा रहे। ऐसी ही कुछ कहानी है, अल्पना और सुधीर की। 29 साल पहले दोनों को परिवार ने मिलाया, अरेंज्ड मैरिज हुई। अनजान लोगों के बीच जब कल्पना घबराई तो सुधीर के एक प्रॉमिस ने उन्हें हिम्मत दी। आज ये कपल युवाओं के लिए मिसाल है। एक दूसरे के साथ ने दी हिम्मत कहते हैं लव मैरिज में चुनौतियां बहुत होती हैं, लेकिन अगर इरादे पक्के हों तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। आज 'प्रॉमिस डे' है, और इस मौके पर शहर के प्यारे कपल, कंचन और संजीत की कहानी हमें याद दिलाती है कि वादे सिर्फ लफ्जों से नहीं, बल्कि निभाने की हिम्मत से पूरे होते हैं। शुरुआत एक 'छोटे' वादे सेकंचन और संजीत की मुलाकात कॉलेज की कैंटीन में हुई थी। प्यार हुआ, तो सबसे बड़ी दीवार खड़ी थी, दोनों के परिवार। कंचन कहती हैं कि जब हमने शादी का फैसला किया, तो सब डरा रहे थे कि लव मैरिज ज्यादा दिन नहीं चलती। तब संजीत ने मेरा हाथ पकड़कर एक छोटा सा वादा किया था, चाहे दुनिया इधर की उधर हो जाए, हम एक-दूसरे को कभी हारने नहीं देंगे। उस दिन मेरा डर विश्वास में बदल गया और मैंने उनके साथ जीवन बिताने का मन बना लिया। जब वादे ने ली हकीकत की शक्ल2004 में हमारी शादी हुई। शुरुआती साल आसान नहीं थे। घर वालों की नाराजगी और नादानी के बीच कई बार झगड़े भी हुए। संजीत बताते हैं कि प्रॉमिस डे पर लोग महंगे गिफ्ट देते हैं, लेकिन हमने एक-दूसरे को 'वक्त' और 'धैर्य' देने का वादा किया था। कंचन ने जिंदगी की हर मोड़ पर मेरा साथ दिया। ये वादा पूरे जीवन के लिए है। वो 'वादा' जो शादी के बाद हुआ अरेंज्ड मैरिज में अक्सर लोग एक-दूसरे को 'जानने' में सालों लगा देते हैं, लेकिन अल्पना और सुधीर की कहानी इस सोच को बदल देती है। अल्पना बताती हैं, 29 साल पहले उनकी शादी के अगले अनजान लोगों के बीच मैं घबराई हुई थी, तभी सुधीर मेरे पास आएं और बोले- तुम चिंता मत करो मैं हर वक्त तुम्हारे साथ हूं, वादा करता हूं, इस घर में तुम्हें कोई दिक्कत नहीं होगी। उनकी बातें सुन कर मेरे मन को तसल्ली मिली और तब मुझे लगा मुझे घबराने की जरूरत नहीं है। सुधीर आज तक उस वादें को निभाते हैं। हर मुश्किल में सबसे पहले वो ही मेरे पास होते हैं। अल्पना और सुधीर जैन की कहानी जो आज के युवाओं के लिए मिसाल है। 29 वर्षों पहले दोनों ने तय किया कि वे एक-दूसरे से अपनी कमियां नहीं छुपाएंगे। सुधीर ने वादा किया कि अल्पना की हॉबीज और उसकी सहेलियां शादी के बाद भी उसकी जिंदगी का हिस्सा रहेंगी। उन्होंने वादा किया कि वे एक-दूसरे की खामोशी को भी उतनी ही तवज्जो देंगे जितनी उनकी बातों को। परंपरा और आधुनिकता का मेलजहां दुनिया डेटिंग ऐप्स के जरिए साथी ढूंढ रही है, वहीं अल्पना और सुधीर की यह 'अरेंज्ड' शुरुआत बताती है कि अगर नीयत साफ हो, तो अनजान शख्स के साथ भी ज़िंदगी का सबसे खूबसूरत वादा निभाया जा सकता है।
4 माह पहले रोपे गए हजारों पौधे सूखे
सागर| नगर निगम प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा नमूना नरयावली नाका मुक्तिधाम स्थित नमो उद्यान में देखने को मिला है। करीब चार माह पहले जिस उद्यान को बड़े उत्साह के साथ जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने मिलकर तैयार किया था, आज वह वीरान हो चुका है। यहां पर 3 से 5 फीट के हजारों पौधे रोपे गए थे, आज उनमें से एक भी जीवित नहीं बचा है। चार महीने पहले लोकार्पण के दौरान नगर निगम के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों इसे शहर का नया ''ऑक्सीजन जोन'' बताया था। लेकिन हकीकत यह है कि रोपण के बाद पौधों की सुध लेने वाला कोई नहीं था। परिसर में अब पौधों की सूखी टहनियां, टूटी जालियां, पेवर ब्लॉक्स और सूखी जमीन नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार पानी के लिए कराई बोरिंग चालू नहीं होने के कारण पौधों को एक या दो बार ही पानी दिया गया।
शहर में जलकर के बिल वितरण का काम शुरू
सागर| नगर निगम आयुक्त राजकुमार खत्री के निर्देश पर शहर में जलकर के बिल वितरण का काम टाटा प्रोजेक्ट लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा शुरू कर दिया गया है। शहरवासी अपने जलकर के बिल की राशि नगर निगम कार्यालय में या आनलाईन ई-नगर पालिका पोर्टल के द्वारा भी जमा कर सकते हैं। टाटा प्रोजेक्ट के कर्मचारियों द्वारा जलकर बिल वितरण के समय प्रापर्टी आईडी, आधार कार्ड, बिजली बिल, मोबाइल नंबर मांगा जाएगा।
युवा वैश्य महासम्मेलन का रक्तदान शिविर आज
सागर| युवा वैश्य महासम्मेलन द्वारा रविवार को जिला चिकित्सालय में दोपहर 12 बजे से रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में रक्तदान करेंगे। प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता ने बताया कि शिविर में एकत्रित रक्त का उपयोग थैलेसीमिया से पीड़ित जरूरतमंद मरीजों के उपचार के लिए किया जाएगा। युवा इकाई जिला अध्यक्ष विकास केशरवानी, जिला प्रभारी धर्मेंद्र गुप्ता एवं रक्तदान प्रभारी समीर जैन ने अधिक से अधिक युवाओं से रक्तदान कर मानवीय सेवा में योगदान देने की अपील की है।
केंद्रीय राज्यमंत्री को सौंपा मांगों का ज्ञापन
सागर| मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच सागर द्वारा सागर प्रवास पर आए केंद्रीय जनजातीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके का मोतीनगर चौराहे पर पुष्पमाला के साथ स्वागत किया गया। इस अवसर पर कर्मचारी मंच के पदाधिकारियों ने मंत्री उईके को कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं से अवगत कराते हुए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, आठवां वेतनमान लागू करने, कर्मचारियों की पदोन्नति सहित अन्य ज्वलंत मांगों को प्रमुखता से रखा गया। इस अवसर पर भूपत मरकाम, बलराम पाराशर, राजू यादव, बद्री भारद्वाज, नरेंद्र कटारी, राजू घोसी सहित बड़ी संख्या में वन विभाग के वरिष्ठ कर्मचारी, समाजसेवी, गोंडवाना पार्टी के प्रतिनिधि सहित अनेक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय मंत्री चौहान का किया स्वागत
सागर| केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान शुक्रवार को अल्प प्रवास पर सागर पहुंचे। ढाना हवाई पट्टी पर उनके आगमन पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम तिवारी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष तिवारी ने केंद्रीय मंत्री से संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए जिले में संचालित पार्टी गतिविधियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री चौहान ने संगठनात्मक कार्यों की सराहना करते हुए संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
सुरक्षा के लिए कृषि उपज मंडी में ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए
सुरक्षा की दृष्टि से और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से शनिवार को कृषि उपज मंडी में आने वाली 0000 ट्रॉलियों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए। मंडी प्रशासन और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से जागरूकता के लिए इस पहल के साथ कदम उठाया। कुछ दिनों पहले कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने इस संबंध में निर्देश दिए थे। अक्सर ट्रॉली के पीछे लाइट नहीं लगी होने के कारण वाहन चालकों को आगे जा रही ट्रॉली का पता नहीं चलता और दुर्घटना हो जाती है। लिहाजा रेडियम रिफ्लेक्टर लगे होने से इस प्रकार की दुर्घटनाएं नहीं होगी। अधिकारियों ने रिफ्लेक्टर लगाने के साथ ही किसानों को ट्रैक्टर, ट्रॉली सड़क के किनारे खड़ी करने के सुरक्षात्मक उपाय भी बताए। यह भी भरोसा दिलाया कि रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने की यह प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। इस दौरान मंडी सचिव राजेश गोयल, उप पुलिस अधीक्षक यातायात विक्रम सिंह, जितेंद्र अग्रवाल, हजारीलाल मालवीय आदि ने सुरक्षा की दृष्टि से किसानों से रेडियम रिफ्लेक्टर लगवाने का आग्रह किया है। 3 साल में 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की हुई मौत कृषि मंडी चिमनगंज थाना क्षेत्र में आती है। थाने का रिकॉर्ड बताता है कि तीन साल में इस थाना क्षेत्र में सर्वाधिक 7 दुर्घटनाओं में 6 लोगों की मौत हुई हैं। इनमें से कुछ ट्रैक्टर ट्रॉलियों से जुड़े हादसे भी थे। अधिकांश हादसे आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के समीप हुए हैं। ये हादसे 2022 से 2024 के बीच के हैं। पुलिस का मानना है कि मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के बंद रहने की स्थिति में जब वाहन अंधेरे में आवागमन करते हैं और वाहनों की लाइट भी बंद रहती है तो दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसके अलावा सड़क किनारे खड़े वाहन में चमकीले व लाइट संकेतक नहीं होने से भी हादसे होते हैं। रेडियम रिफ्लेक्टर से हादसों में कमी आती है।
प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहरों में उज्जैन
भास्कर संवाददाता | उज्जैन पछुआ जेट स्ट्रीम चलने के बाद भी प्रदेश के पांच सबसे गर्म शहरों में उज्जैन शामिल रहा। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को उपोष्ण पछुआ जेट स्ट्रीम बह रही है। यही कारण है कि मैदानी क्षेत्रों में कहीं सर्दी तो कहीं तपन महसूस होने लगी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री रहा जो कि शुक्रवार के अधिकतम तापमान 29.5 से एक डिग्री कम रहा। शनिवार को न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा जो शुक्रवार के न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री से 0.8 डिग्री ज्यादा है। प्रदेश के पांच सबसे ज्यादा गर्म शहरों में खरगोन 31.2 डिग्री, बड़वानी 29.5, सीहोर 29.4, रतलाम 29.2 और उज्जैन 28.5 डिग्री रहा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ 9 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने की संभावना है।
यमुना एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप और पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय द्वारा मांट टोल प्लाजा पर यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा, एस पी यातायात मनोज कुमार, क्षेत्राधिकारी मांट संदीप सिंह सहित यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी के अधिकारी उपस्थित रहे। परमिट वैद्यता की हो जांच कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप ने दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि आगरा-नोएडा एक्सप्रेस वे पर चलने वाले भारी वाहनों के परमिट की वैधता की जांच की जाए। जिन वाहनों के पास वैध परमिट नहीं होगा उन्हें एक्सप्रेस वे से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। टोल प्लाजा पर स्कैनर एवं वाहन परमिट डाटाबेस से जुड़े सॉफ्टवेयर इंस्टॉल किए जाएं, जिससे बिना परमिट वाहन गुजरते ही अलर्ट मिल सके। कमिश्नर नगेन्द्र प्रताप ने एक्सप्रेस वे के एंट्री और एग्जिट प्वाइंट पर गाइडलाइंस व हेल्पलाइन नंबर अंकित करने तथा बड़े साइनेज बोर्ड लगाए जाने के निर्देश दिए। जगह जगह बनाये जाएं ट्रक ले बाय बैठक में बताया गया कि एक्सप्रेस वे किनारे बने फूड हब प्वाइंट पर भारी वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल उपलब्ध नहीं है। इस पर मण्डलायुक्त नगेंद्र प्रताप ने निर्देश दिए कि एक्सप्रेस वे किनारे स्थान चिन्हित कर बस एवं ट्रक ले-बाय बनाए जाएं और उनका संचालन पीपीपी मोड पर कराया जाए। एक्सप्रेस वे पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए कैटल कैचर वाहनों का लगातार संचालन किया जाए। किनारे लगी तार फेंसिंग की पूरी जांच कर कटी-फटी फेंसिंग को दुरुस्त कराया जाए। पूरे यमुना एक्सप्रेस वे को सीसीटीवी कैमरों से कवर करने के निर्देश भी दिए गए। अवैध कट किये जाएं बंद पुलिस उप महानिरीक्षक शैलेश पांडे ने यमुना एक्सप्रेस वे अथॉरिटी द्वारा की जा रही प्रवर्तन कार्रवाई की समीक्षा की और निर्देश दिए कि ओवरलोड व ओवरस्पीड वाहनों के विरुद्ध जुर्माना सहित सख्त कार्रवाई की जाए। इमरजेंसी एग्जिट प्वाइंट को क्रियाशील बनाया जाए। डबल डेकर एवं स्लीपर बस मानकों के अनुरूप हों, मानकों के विपरीत चलने वाली बसों के विरुद्ध प्रवर्तन की कार्रवाई की जाए। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस विभाग से समन्वय कर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने निर्देश दिए कि सभी अवैध कट बंद किए जाएं, फेंसिंग दुरुस्त कराई जाए, प्रकाश व्यवस्था बढ़ाई जाए तथा पीआरवी की गश्त तेज की जाए।
उदयपुर विकास प्राधिकरण (यूडीए) की कार्यशैली पर न्यायालय ने सख्त नाराजगी जताई है। दो साल तक कोर्ट के आदेशों की पालना नहीं करने पर अतिरिक्त सिविल कोर्ट-1 (उत्तर) ने यूडीए सचिव की कुर्सी 23 फरवरी से पहले कुर्क करने के आदेश दिए हैं। आदेश की पालना होने के बाद ही सचिव को कुर्सी वापस मिलेगी। प्रकरण के अनुसार पायड़ा निवासी शांतिलाल बापना, महेश आचार्य, हरीश भट्ट, कुसुम पालीवाल और हरिशंकर नागदा ने 23 अप्रैल 2024 को यूडीए सचिव के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा का प्रार्थना पत्र पेश किया था। परिवादी श्रीनाथ कॉलोनी में रहते हैं, जहां यूआईटी (अब यूडीए) के स्वीकृत प्लान में आराजी नंबर 541 और 542 के बीच 20 फीट चौड़ी सड़क प्रस्तावित थी। इसी भूमि पर नंदलाल पालीवाल ने कृषि भूमि पर अवैध निर्माण कर लिया, जिससे कॉलोनी के गंदे पानी की निकासी बाधित हो गई। शिकायत पर यूडीए ने निर्माण हटाने के आदेश दिए, लेकिन आरोप है कि कर्मचारियों की मिलीभगत से सड़क की चौड़ाई 20 फीट से घटाकर 10 फीट कर प्लान स्वीकृत करवा लिया गया। न तो अवैध निर्माण हटाया गया और न ही नाली बनाई गई। सिविल कोर्ट ने 1 जून 2024 को आराजी 541 और 542 के बीच 109 फीट लंबी नाली तीन माह में बनाने के निर्देश दिए थे, जिनकी पालना अब तक नहीं हुई। यूडीए ने कहा- मकान बिक चुका, डिक्री जरूरी नहींयूडीए की ओर से आरआई प्रताप सिंह राणावत ने तर्क दिया कि नंदलाल मकान बेच चुका है, इसलिए डिक्री की पालना जरूरी नहीं है। दूसरे पक्ष ने बिक्री की पुष्टि की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इससे पालना याचिका अपोषणीय नहीं होती। परिवादियों ने 8 जुलाई 2024 को हकरसी प्रार्थना पत्र दायर किया। यूडीए ने 6 नवंबर 2024 को जवाब दिया कि पानी नाली से निकल रहा है, इसलिए तोड़फोड़ नहीं की गई। कोर्ट ने इसे आदेश की पालना नहीं माना। जज रवींद्र सोलंकी ने अवमानना मानते हुए सचिव की कुर्सी कुर्क करने और वारंट जारी करने के आदेश दिए। अगली सुनवाई 23 फरवरी को होगी। कोर्ट आदेश की प्रभावी पालना तय करना उद्देश्य जब कोई सरकारी अधिकारी या विभाग न्यायालय के आदेशों की पालना नहीं करता, तो अदालत सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) के तहत उसकी अचल संपत्ति कुर्क करने का अधिकार रखती है। अधिकारी की कुर्सी को प्रतीकात्मक रूप से अचल संपत्ति मानकर कुर्क किया जाता है। इसका उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि आदेशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करना है। अधिवक्ता बंशीलाल गवारिया के अनुसार कोर्ट मुंसरीम संबंधित कार्यालय में जाकर कुर्सी पर कुर्की आदेश चस्पा करता है और कार्रवाई रिकॉर्ड में दर्ज होती है। इसके बाद अधिकारी कुर्सी पर बैठकर आधिकारिक काम नहीं कर सकता, जिससे विभागीय कामकाज प्रभावित होता है। कुर्की के बावजूद काम करना अवमानना माना जाएगा, जिस पर अदालत कठोर कार्रवाई कर सकती है। आदेशों की पालना होने पर कुर्की हटाई जाती है और अधिकारी पुनः कार्यभार संभाल सकता है।
वायरल का नया खतरा:युवाओं में हार्ट अटैक जैसे लक्षण, दिल की सूजन से बिगड़ रही हालत
अंचल में इस बार वायरल संक्रमण का स्वरूप बदल गया है। अब यह सिर्फ बुखार, खांसी या बदन दर्द तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि सीधे हृदय की मांसपेशियों और दिल को घेरे झिल्ली पर असर डाल रहा है। नतीजा-मरीजों में हार्ट अटैक जैसे लक्षण दिख रहे हैं। जांच में सामने आ रहा है कि यह हार्ट अटैक नहीं, बल्कि मायो-पेरिकार्डियाटिस है। हाल ही में 18 साल के युवक को हार्ट अटैक बताकर जेएएच के के कार्डियोलॉजी विभाग में रैफर किया गया। ईसीजी रिपोर्ट में बदलाव और सीने में दर्द के चलते स्थिति गंभीर लग रही थी। जीआरएमसी के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत रस्तोगी के मुताबिक, मायो-पेरिकार्डियाटिस में ईसीजी के बदलाव हार्ट अटैक जैसे ही दिखते हैं, लेकिन वजह नसों में ब्लॉकेज नहीं, बल्कि सूजन होती है। यही वजह है कि इसका इलाज हार्ट अटैक से अलग है। चिंता की बात यह है कि यह समस्या युवाओं में भी देखी जा रही है, जो सामान्य तौर पर हार्ट अटैक के हाई रिस्क में नहीं माने जाते। मायो-पेरिकार्डियाटिस के यह है प्रमुख लक्षण इसके लक्षण हार्ट अटैक जैसे ही होते हैं। मरीज को अचानक सीने में दर्द, सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना, अत्यधिक पसीना आना और थकान इसके प्रमुख संकेत हैं।सावधानी: बुखार उतरने के बाद भी सीने में दर्द, सांस की तकलीफ लगे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से दवाएं न लें और हार्ट अटैक मानकर घबराएं नहीं। ईसीजी के साथ ईको जैसी जांच जरूरी है, ताकि सही कारण सामने आ सके। वायरल अब हार्ट पर भी कर रहा है असरडॉक्टरों के मुताबिक इस बार वायरल संक्रमण सिर्फ श्वसन तंत्र तक सीमित नहीं रहकर सीधे हृदय की मांसपेशियों (मायोकार्डियम) और दिल को घेरे झिल्ली (पेरिकार्डियम) को प्रभावित कर रहा है। इसी कारण ईसीजी में ऐसे बदलाव दिख रहे हैं, जो हार्ट अटैक जैसे हैं। फर्क इतना है कि यहां नसों में ब्लॉकेज नहीं, बल्कि सूजन होती है। यही बदलाव डॉक्टरों के लिए चुनौती बन रहा है।
पार्किंग पास के नाम पर गुंडागर्दी:वकील को धमकाया, गाड़ी की चाबी भी छीनी
ग्वालियर व्यापार मेले की पार्किंग में गुंडागर्दी हो रही है। शुक्रवार को खुद को पार्किंग ठेकेदार बताने वाले बदमाश ने वकील का रास्ता रोक लिया और गाड़ी का पास मांगने लगा। पास नहीं होने पर गुंडा भड़क गया और वकील के साथ गाली-गलौज करने लगा। वकील ने शालीनता से बात करने को कहा तो कथित ठेकेदार ने धमकाते हुए कहा कि तेरे जैसे एडवोकेट बहुत देखे हैं। इसके बाद दो अन्य बदमाश मौके पर पहुंचे और वकील की गाड़ी की चाबी छीन ली। वकील ने चाबी मांगी तो बदमाशों ने जान से मारने की धमकी दी। इसी बीच मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने हालात संभाले और वकील को वहां से जाने दिया। घटना के बाद वकील ने गोला का मंदिर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार श्रीराम कॉलोनी गोल पहाड़िया निवासी 26 वर्षीय नीरज शर्मा जिला कोर्ट में वकील हैं। शुक्रवार को वे व्यापार मेला स्थित श्रीराम मंदिर में पूजा करने के बाद स्कूटी से लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अनीश कंषाना नाम के व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया और गाड़ी का पास पूछने लगा। वकील नीरज ने बताया कि वे रोज मंदिर में पूजा करने आते हैं और तय समय से पहले पहुंचते हैं, इसलिए पास की जरूरत नहीं होती। इसी बात पर खुद को पार्किंग ठेकेदार बताने वाला अनीश भड़क गया और अभद्र भाषा में धमकाने लगा। उसने कहा कि तू मुझे नियम बताएगा? अभी यहीं मार दूं क्या? ‘तेरे जैसे बहुत एडवोकेट देखे हैं। नीरज ने खुद को एडवोकेट बताते हुए सभ्य भाषा में बात करने को कहा तो कथित ठेकेदार और उग्र हो गया। उसने कहा कि तेरे जैसे बहुत एडवोकेट देखे हैं पास तो बनवाना पड़ेगा। इसके बाद जान से मारने की धमकी दी गई। इसी बीच दो अन्य युवक भी वहां पहुंच गए और वकील की स्कूटी की चाबी निकाल ली। सीएसपी अतुल कुमार सोनी ने बताया कि पार्किंग कर्मियों ने वकील के साथ अभद्र व्यवहार किया। पास नहीं होने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले पुलिस ने किया बचाव, विवाद बढ़ा तो FIR मौके पर पहुंचे पुलिस सिपाहियों ने कथित ठेकेदार का पक्ष लेते हुए कहा कि पंडित जी जाने दीजिए, पार्किंग वाले ऐसे ही बात करते हैं। घटना से आहत वकील नीरज शर्मा सीधे गोला का मंदिर थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ISBT: तीन माह में ही लगे ताले, पुराने स्टैंड से चल रही हैं बसें
आईएसबीटी से बस संचालन शुरू होने के महज तीन महीने बाद कुछ महीनों बाद ही ठप हो गया है। यहां बीते वर्ष 10 नवंबर से भिंड और मुरैना रूट की बसों का संचालन शुरू हुआ था, लेकिन नियमित मॉनिटरिंग के अभाव में व्यवस्था चरमरा गई। अब आईएसबीटी में एक भी बस नहीं चल रही। इस टर्मिनल में ताले लग गए हैं। बसें पुराने बस स्टैंड से चल रही हैं।
रेल स्प्रिंग कारखाने में आग की जांच:ठेकेदार की लापरवाही उजागर हुई, मेंटेनेंस का काम बंद हुआ
सिथौली स्थित रेल स्प्रिंग कारखाने में दो दिन पहले हुए हादसे ने फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था और मेंटेनेंस प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एलपीजी गैस रिसाव से लगी आग में पांच कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए थे। अब इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है, जिसमें प्रारंभिक तौर पर ठेकेदार द्वारा मेंटेनेंस में लापरवाही की बात सामने आ रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के समय फैक्ट्री में भारी मशीनों का वार्षिक रखरखाव चल रहा था। मशीनों से जुड़ी एलपीजी पाइपलाइन से गैस का रिसाव हो रहा था, लेकिन न तो सुरक्षा अलार्म सक्रिय हुआ और न ही काम रोका गया। इसी दौरान चिंगारी निकलते ही आग लग गई। जिसकी चपेट में कर्मचारी आ गए। इससे पांच कर्मचारी झुलस गए। घायलों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है, जिनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि स्प्रिंग फैक्ट्री की बड़ी मशीनों का वार्षिक मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट करीब 11 करोड़ रुपये में मैसर्स ताइकिशा कंपनी को दिया है। इसके बावजूद संवेदनशील कार्यों में प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारियों के बजाय अप्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती किए जाने की जानकारी सामने आ रही है। अब जांच में एएमसी की शर्तों, सुरक्षा मानकों और निगरानी तंत्र की गहन समीक्षा की जा रही है। यदि लापरवाही प्रमाणित होती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। फिलहाल फैक्ट्री में मेंटेनेंस काम रोक दिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
नमस्कार, कल की बड़ी खबर अमेरिका की तरफ से जारी भारत के मैप से जुड़ी रही। इसमें PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा बताया गया है। दूसरी बड़ी खबर RSS के प्रोग्राम में सलमान खान के पहुंचने की रही। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिका ने PoK-अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया, ट्रेड डील के बाद इंडियन मैप शेयर किया भारत-US डील के बाद ट्रम्प प्रशासन ने भारत का नक्शा जारी किया है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और चीन के कब्जे वाला इलाका अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इससे पहले अमेरिका कई नक्शों में PoK को अलग रंग या डॉटेड लाइन्स से दिखाता था। अब PoK और अक्साई चिन का इतिहास पढ़िए जम्मू-कश्मीर (PoK सहित) भारत का अभिन्न अंग है, क्योंकि महाराजा ने इसे भारत में विलय किया था। पाकिस्तान का इस पर अवैध कब्जा है और भारत इसे वापस लेने की बात करता है। अक्साई चिन लद्दाख के पूर्वोत्तर में स्थित लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का ऊंचा और बंजर क्षेत्र है। 1950 के दशक में चीन ने तिब्बत-शिनजियांग सड़क बनाई, जिसका भारत ने विरोध किया। यह विवाद 1962 के युद्ध का मुख्य कारण बना और तब से अक्साई चिन चीन के कब्जे में है। पढ़ें पूरी खबर... 3. एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की चैट सामने आई, सुनहरे बालों वाली स्वीडिश महिला की पेशकश हुई एपस्टीन फाइल्स में अनिल अंबानी की 2017-19 की चैट सामने आई है। इसमें बिजनेस के साथ महिलाओं पर बातचीत हुई। एपस्टीन ने अनिल अंबानी को एक लंबी, गोरी स्वीडिश लड़की का ऑफर दिया। इस पर अनिल ने कहा कि इसका इंतजाम कीजिए। रिकॉर्ड दिखाते हैं कि दोनों पेरिस और न्यूयॉर्क में मिले थे। एपस्टीन ने अंबानी से पूछा- आपकी फेवरेट हीरोइन कौन: एपस्टीन ने अनिल अंबानी से पूछा कि आपकी फेवरेट हीरोइन कौन हैं। इस पर अंबानी ने हॉलीवुड अभिनेत्री स्कारलेट जोहानसन का जिक्र किया। मई 2019 में अनिल अंबानी न्यूयॉर्क गए थे, तब एपस्टीन ने उन्हें मैनहैटन स्थित अपने घर बुलाया था। एपस्टीन फाइल्स के बारे में पढ़िए: जेफ्री एपस्टीन नाबालिग लड़कियों की तस्करी और उनका यौन शोषण करता था। वह पार्टियां करता था, जिनमें बड़े नेता और सेलिब्रिटी शामिल होते थे और लड़कियों का शोषण होता था। इन मामलों में ट्रम्प और बिल गेट्स जैसे नाम भी सामने आए। 2019 में एपस्टीन जेल में मौत हो गई थी। पढ़ें पूरी खबर... 3. मथुरा में एक्सप्रेस-वे पर 6 की मौत, कंटेनर ने रौंदा, बस से उतरकर सड़क किनारे खड़े थे मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस से उतरकर खड़े यात्रियों को तेज रफ्तार कंटेनर ने रौंद दिया। हादसे में 6 की मौके पर मौत हो गई। एक गंभीर घायल है। घटना शनिवार तड़के 2.45 बजे की है। बस दिल्ली के नागलोई से कानपुर देहात के रसूलाबाद जा रही थी। रास्ते में कुछ यात्रियों ने ड्राइवर को बाथरूम के लिए बस रोकने को कहा। ड्राइवर ने ग्रीन जोन की बजाय रास्ते में बस रोक दी। कुछ यात्री बस से उतरकर नीचे खड़े हो गए, तभी पीछे से आ रहे कंटेनर ने पहले बस को टक्कर मारी। फिर यात्रियों को रौंद दिया। कंटेनर का चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। पढ़ें पूरी खबर… 4. T-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत से शुरुआत, अमेरिका को 29 रन से हराया; कप्तान सूर्या की फिफ्टी भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में जीत से शुरुआत की है। टीम ने अमेरिका को 29 रन से हराया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने टॉस हारकर बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 9 विकेट पर 162 रन बनाए। लेकिन अमेरिकी टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 132 रन ही बना सकी। मैच के हाईलाइट्स: भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 49 बॉल पर नाबाद 84 रन की पारी खेली। उन्होंने कप्तानी करते हुए 8वां अर्धशतक लगाया है। इतना ही नहीं, सूर्या ने बतौर कप्तान टी-20 इंटरनेशनल में एक हजार रन भी पूरे कर लिए हैं। अमेरिका की ओर से शुभम रंजने और संजय कृष्णमूर्ति ने 37-37 रन बनाए। जबकि मिलिंद कुमार ने 34 रन स्कोर किए। भारत से मोहम्मद सिराज ने 3 विकेट झटके। अर्शदीप सिंह और अक्षर पटेल ने 2-2 विकेट लिए। पढ़ें पूरी खबर... 5. मायावती बोलीं- कमर कस लीजिए, पार्टी को कमजोर करने की साजिश चल रही यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती एक्शन मोड में हैं। शुक्रवार को पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने सभी को SIR और आगामी चुनाव की तैयारियों के लिए एक्टिव रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा- अब समय कम बचा है, ऐसे में सभी को कमर कसकर मैदान में उतरना होगा। आपको पता होगा कि पार्टी को कमजोर करने के लिए लगातार साजिशें रची जा रही हैं। कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को ऐसे लोगों से सतर्क रहने की जरूरत है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सलमान खान RSS के कार्यक्रम में पहुंचे, भागवत बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए प्रोग्राम में सलमान खान पहुंचे। वे फिल्ममेकर सुभाष घई और गीतकार प्रसून जोशी के साथ मंच के सामने बैठे और RSS चीफ मोहन भागवत का भाषण सुना। इस दौरान भागवत ने कहा कि भारत में रहने वाला हर कोई हिंदू है। हिंदू एक विशिष्ट समुदाय का नाम नहीं है। हिंदू संज्ञा नहीं, बल्कि एक विशेषण है और यह शब्द बाहर से आया है। पहले के जमाने में विदेशी भारत में रहने वाले हर व्यक्ति को हिंदू कहते थे। भागवत के स्पीच की 2 बड़ी बातें... RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई RSS के प्रधानमंत्री हैं। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है, वह संघ की नहीं है। हालांकि, संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पढ़ें पूरी खबर... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शख्स को ₹20 की रिश्वत के लिए 4 साल की सजा, निर्दोष साबित होते ही उसकी मौत गुजरात के बाबूभाई प्रजापति को 20 रुपए की रिश्वत लेने के झूठे केस में 4 साल की सजा मिली। वे इसके खिलाफ 30 साल तक गुजरात हाईकोर्ट के चक्कर लगाते रहे। वहीं, 4 फरवरी को जैसे ही हाईकोर्ट ने उन्हें बेगुनाह साबित किया, अगले ही दिन हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज वृष राशि वालों को काम में मेहनत का फायदा मिलेगा। तुला राशि वालों की कमाई में सुधार का संकेत है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
उदयपुर का महाराणा प्रताप एयरपोर्ट (डबोक) देश के उभरते बड़े एविएशन हब की दौड़ में दिखाई दे रहा है। लोकसभा में चित्तौड़गढ़ सांसद सी.पी. जोशी के सवाल के लिखित जवाब में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया कि साल 2024-25 में उदयपुर एयरपोर्ट से आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या 16,50,607 तक पहुंच गई। यह अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड है। आंकड़ा दर्शाता है कि उदयपुर का टूरिज्म और बिजनेस कनेक्टिविटी नए व तेजी से बढ़ते दौर में है। इतना नहीं, इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में तेजी से सुधार के साथ उदयपुर एयरपोर्ट न केवल वर्तमान में यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा कर रहा है, बल्कि भविष्य में मेवाड़ को देश-विदेश से जोड़ने का मजबूत हब बनने जा रहा है। टूरिज्म, डेस्टिनेशन वेडिंग व कनेक्टिविटी का दायरा बढ़ा उदयपुर एयरपोर्ट पर साल 2015-16 में 7.11 लाख यात्री थे। यह आंकड़ा 2018-19 में 13.92 लाख तक पहुंच गया। कोरोना काल में धक्का लगा और यात्री 4.04 लाख रह गई, लेकिन पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग की मांग और बढ़ती कनेक्टिविटी ने इसे तेजी से बढ़ाया। यही नहीं, विमानों की आवाजाही में भी अप्रत्याशित इजाफा हुआ। साल 2015-16 में 7,462 उड़ानें थीं, जबकि 2024-25 में यह संख्या 13,821 पार कर गई, यानी 85% की वृद्धि। फिलहाल रोजाना औसतन 37-38 उड़ानें हो रही हैं। इस बीच शहर में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा की मांग लगातार बढ़ रही है।
कोटा के तलवंडी में शनिवार रात 9 बजे तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद हर तरफ चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे एक युवक ने जिंदगी की आस में अपनों को फोन किया और बचाने की गुहार लगाई। खाना खा रहे कोचिंग स्टूडेंट समेत कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में 20 साल के कोचिंग स्टूडेंट और 14 साल के बच्चे ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 13 घायलों को कोटा मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इमारत गिरने की खबर मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। हालात इतने दर्दनाक थे कि मलबे में दबे लोग चीख रहे थे, हमें बचा लो। मलबे में दबे लोगों का कहीं हाथ दिख रहा था तो कहीं पैर। एक शख्स के तो दोनों पैर कटकर अलग हो गए थे। 3 मंजिला बिल्डिंग में नॉनवेज रेस्टोरेंट चलता था। सबसे नीचे वाले हिस्से में खाना बनता था और ऊपर के फ्लोर खाली थे। अब देखिए हादसे से जुड़ी 10 PHOTOS... ------------------------------------ कोटा हादसे की यह खबर भी पढ़िए.... कोटा में 3-मंजिला बिल्डिंग गिरी, स्टूडेंट समेत 2 की मौत:13 घायल, मलबे में दबे दिखे हाथ-पैर; घायल बोले- खाना खाते समय इमारत ढही राजस्थान के कोटा में शनिवार रात करीब 9 बजे एक 3 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। मलबे में स्टूडेंट्स समेत कई लोग दब गए। हादसे में एक कोचिंग स्टूडेंट समेत 2 लोगों की की मौत हो गई, जबकि 8 घायल हॉस्पिटल में भर्ती है। पढ़ें पूरी खबर...
ग्वालियर में 17 ‘डेथ स्पॉट’...:यहां रफ्तार और नशे में एक साल में 86 लोगों की एक्सीडेंट में मौत
ग्वालियर के 18 पुलिस थानों से होकर गुजरने वाली सड़कें मौत के रास्ते बन चुके हैं। बीते एक साल में इन सड़कों पर तेज रफ्तार वाहनों ने 268 लोगों की जान ले ली। कई वाहन लोगों को कुचलकर फरार हो गए, जिन तक पुलिस नहीं पहुंच सकी। शहर और ग्रामीण इलाकों में 17 ऐसे सड़क पॉइंट हैं, जो मौत के हॉट स्पॉट बन चुके हैं। इन जगहों पर 86 लोगों की जान चली गई। सबसे ज्यादा खतरा ग्वालियर-डबरा हाईवे पर है। इस 44 किमी लंबे इस मार्ग पर एक साल 30 लोगों की मौत हुई। सिकरौदा तिराहा भी जानलेवा है, जहां 10 लोगों की जान गई। भिंड रोड पर सालभर में 9 मौतें हुईं। हादसों की मुख्य कारण-ओवरस्पीड, नशे में वाहन चलाना और हेलमेट न पहनना। पुलिस के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। 2024 में 2040 सड़क हादसों में 351 लोगों की मौत हुई थी। 2025 में हादसे घटकर 1951 हुए, लेकिन मौतें बढ़कर 377 हो गईं। 70 फीसदी मौतों की वजह ओवर स्पीड है। बाकी मामलों में नशा और हेलमेट न पहनना जानलेवा साबित हुआ। 73 फीसदी मौतें गांव की सड़कों पर हुईंपुलिस के सर्वे में खुलासा हुआ कि 73 फीसदी मौतें गांव की सड़कों पर हुईं। इसकी बड़ी वजह सड़क डिजाइन की गंभीर खामियां हैं। गांव की सड़कें सीधे 90 डिग्री एंगल पर हाईवे से जुड़ रही हैं। कर्व न होने से वाहनों की रफ्तार कम नहीं होती। चौराहों पर अतिक्रमण से विजिबिलिटी खत्म है। कई जगह साइनेज और स्ट्रीट लाइट तक नहीं है। अंधेरे में तेज रफ्तार वाहन सीधे हाईवे पर टकरा जाते हैं। हाईवे पर भी कई जगह इंजीनियरिंग फॉल्ट सामने आए हैं। हादसों की दर्दनाक कहानियां हंसते-खेलते गए थे, लौटे तो कफन में: 16 नवंबर की रात सिकरौदा तिराहे पर तेज रफ्तार कार रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। कार में सवार पांच दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। तीन युवक अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। दोस्त की बर्थ-डे पार्टी की बात कहकर निकले थे, किसी को नहीं पता था कि यह आखिरी सफर होगा। मां-बेटे गए थे कार्यक्रम में, लौटे कभी नहीं: 28 नवंबर को आगरा–मुंबई हाईवे पर डंपर ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया। दोनों किसी कार्यक्रम में शामिल होने निकले थे। हादसे की जगह आज भी परिजनों को झकझोर देती है। सब्जी लेने गया, मौत की खबर आई: मोतीझील रोड पर तेज रफ्तार कार ने 22 साल के राधेश्याम को कुचल दिया। पिता कहते हैं—बेटा सब्जी लेने निकला था, फिर कभी लौटकर नहीं आया। पिता की मौत के बाद रोटी को मोहताज: पड़ाव पुल पर कार की टक्कर से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बेटी कहती है—पिता ही घर चलाते थे, उनके जाने के बाद सब कुछ उजड़ गया। आंखों के सामने पत्नी ने तोड़ा दम: ईदगाह चौराहे पर तेज रफ्तार ऑटो ने सड़क पार कर रही महिला को कुचल दिया। पति अजय गुप्ता आज भी उस पल को भूल नहीं पाए हैं-“मेरी आंखों के सामने पत्नी तड़पती रही, मैं कुछ नहीं कर सका। 14 नए दुर्घटना स्पॉट पर करेंगे काम पिछले साल की तुलना में इस बार सड़क हादसों में मौत के आंकड़े बढ़े हैं। ग्रामीण इलाकों से जुड़े थाना क्षेत्रों में हादसे में मौत ज्यादा हुई है। प्रशासन के साथ मिलकर ब्लैक स्पॉट के संभावित स्थान चिन्हित किए गए हैं, जहां सुधार कार्य कराए जाएंगे। -अजीत सिंह चौहान, डीएसपी यातायात
प्रयागराज में ‘किराये की कोख’ के लिए अंडाणु बेचा जा रहा है। इस रैकेट का पीछा करते हुए पुलिस 5 लोगों तक पहुंची, इनमें 4 महिलाएं हैं। कम उम्र की लड़कियों के अंडाणु छोटे ऑपरेशन के बाद निकाले जाते थे। अमीर बेऔलाद महिलाओं से 2 से 5 लाख तक की डीलिंग होती थी। ये घिनौना खेल सिविल लाइंस के IVF सेंटर के अंदर हो रहा था। सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट कल्पना को भी अरेस्ट किया गया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि 15 साल की कोमल को उसने फर्जी आधार कार्ड और दस्तावेज लगाकर बालिग बताया था। ये दस्तावेज बनाने में उसके साथी हिमांशु ने मदद की थी। पुलिस अभी तक यह नहीं जान सकी है कि 8 साल में कितनी लड़कियों के अंडाणु निकाले गए। उन्हें किन-किन महिलाओं को बेचा गया। ब्रेनवॉश करके कितनी लड़कियों को इस्लाम कबूल कराया गया। इसके लिए 5 आरोपियों से पूछताछ जारी है। पढ़िए रिपोर्ट… अब तक की छानबीन 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) के बयानों के आधार पर चली। इस लड़की के अंडाणु निकाले गए। कीमत लगाई गई सिर्फ 1 आईफोन और 15 हजार रुपए। पुलिस तक लड़की की मां शालिनी (बदला हुआ नाम) पहुंची। जांच शुरू हुई तो एक-एक करके 5 लोग अरेस्ट हुए। सामने आया कि करीब 8 साल से ये लोग प्रयागराज में किराये की कोख के लिए अंडाणु डोनेट करने के लिए लड़कियों को तैयार करते थे। इसके लिए उन्हें एक फिक्स रकम दी जाती थी। इस सिंडिकेट में काम करने वाले लोगों को 2 तरह के टास्क दिए गए थे। पहला- अंडाणु डोनेट करने के लिए लड़कियों को तैयार करना। दूसरा- ब्रेनवॉश करके लड़कियों को इस्लाम कबूल करने के लिए उकसाना। जानिए कौन-कौन अरेस्ट हुए, उन्हें क्या टास्क मिले थे… 19 साल की पलक रिंकी की बेटी है। वह ज्यादातर सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी। वह ज्यादातर कम उम्र की लड़कियों से दोस्ती करती। फिर उन्हें चैट करते हुए कैटरिंग, वेटर्स और एजेंट की जॉब का लालच देती थी। जब लड़कियों से उसकी मुलाकात होती, तब वो उन्हें अपनी मां रिंकी के पास तक लेकर जाती थी। कई लड़कियों को इन लोगों ने अच्छे मोबाइल दिलाए। दबाव में आने वाली लड़कियों से अलग-अलग जिलों के IVF सेंटर में अंडाणु डोनेट कराए। सामान्य सी दिखने वाली महिला रिंकी सिंडिकेट में लीडर की भूमिका में थी। जब पलक उसके पास लड़कियां लेकर आती। तब वह उन्हें कहती कि ठीक है, तुम्हारी नौकरी लगवा देंगे। फिर उन्हें IVF के लिए अंडाणु डोनेट करने का कॉन्सेप्ट समझाया जाता। अंडाणु डोनेट कराने के बाद पैसे देना, फिर धीरे-धीरे जब लड़कियों का भरोसा बन जाए, तब उन्हें दरगाह लेकर जाना। ये इनकी प्लानिंग का हिस्सा था। कोमल को भी 6 दिन प्रयागराज की एक दरगाह पर ले जाया गया था। कल्पना IVF सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट थी। IVF सेंटर के अंदर के कामकाज वही संभालती थी। कोमल के केस में उसने ही फर्जी आधार कार्ड और हलफनामा लगाकर 15 साल की लड़की को 22 साल की शादीशुदा बताया था। कल्पना IVF सेंटर तक आने वाली अमीर बेऔलाद महिलाओं से संपर्क करती थी। लाखों रुपए की डीलिंग कर लेती थी। गारंटी देती थी कि प्रोसेस के बाद आपको बच्चा होगा। सीमा के लिए सबसे बड़ा टास्क नई लड़कियां तलाशना था। वह लगातार फील्ड में नई लड़कियों की तलाश में रहती थी। ताकि, उन्हें रिंकी और कल्पना की मदद से अंडाणु डोनेट करने के प्रोसेज में लाया जा सके। हर लड़की पर 30 से 35 हजार रुपए का कमीशन होता था। सिंडिकेट में हिमांशु के पास फर्जी दस्तावेज तैयार करने का टास्क था। वह लड़कियों के नाम, पते और तस्वीर लेकर उनकी मदद से फर्जी आधार कार्ड और एफिडेविट बनवाता था। इतना ही नहीं, वह दस्तावेजों पर फोटो एडिटिंग भी करता था। शादी के फर्जी प्रमाण-पत्र भी बनवाता था। इन्हीं की मदद से लड़कियों के अंडाणु डोनेट कराए जाते थे। लड़कियों को दरगाह में 4-5 घंटे रखते पुलिस ने 5 पांचों आरोपियों से लंबी पूछताछ की, तब सामने आया कि कोमल के अंडाणु डोनेट करने से पहले उसका ब्रेनवॉश किया गया। उसे समझाया गया कि इस्लाम में बहुत फ्री माहौल होता है। बुर्के में सिक्योरिटी रहती है। कोमल को पलक और रिंकी एक मशहूर दरगाह पर भी लेकर जाते थे। उसे 6 दिन लगातार ले जाया गया, वहां कुछ मौलाना से भी मिलवाया गया था। वहां कोमल को 4-5 घंटे रखा जाता था। मुस्लिम रीति-रिवाज के बारे में बताया जाता था। कई बार मुस्लिम पकवान भी खिलाए जाते थे। पलक अक्सर कोमल से कहती थी, तुम गूगल की मदद से अपनी पसंद का मुस्लिम नाम ढूंढ लो। जब तुम इस्लाम कबूल कर लोगी, तब पहचान भी नई हो जाएगी। अल्पसंख्यक को मिलने वाले फायदे भी मिलेंगे। पहले नाम तय कर लो, फिर मौलाना से उसका अरबी में मतलब भी पूछ लेंगे। पहले प्रयागराज, फिर आसपास के जिलों में ऐग डोनेट करवाते कोमल को यह भी भरोसा दिलाया गया कि डोनर बनने के बाद एक फिक्स रकम उसको मिलती रहेगी। पहले प्रयागराज, फिर कौशांबी, प्रतापगढ़, जौनपुर, भदोही, मिर्जापुर के IVF सेंटर्स पर जाकर भी अंडाणु डोनेट करने होंगे। सिर्फ इतना ही नहीं, ये भी कहा जाता था कि अपनी तरह और लड़कियों को इस सिंडिकेट से जोड़ना होगा। पूरा बिजनेस ही कमीशन पर आधारित है। जितनी लड़कियां बढ़ती जाएंगी, उतना पैसा बढ़ता चला जाएगा। पलक ने कोमल से कहा था कि वह पहले भी डोनर बन चुकी है। क्योंकि अब उसकी शादी हो चुकी है, इसलिए कोई दिक्कत ही नहीं होती है। कोमल से कहा गया कि एक बार सब सेट हो जाए, फिर एक अच्छे मुस्लिम लड़के से तुम्हारी शादी करवा देंगे। शादी के बाद भी ऐग डोनेट का काम कर सकती हो। IVF सेंटर की मिलीभगत होने का अंदेशा इस गिरोह के भंडाफोड़ होने के बाद IVF सेंटर की गतिविधियों को लेकर भी जांच हो रही है। अभी तक सेंटर की रजिस्टर्ड एजेंट को ही जेल भेजा जा सका है। दरअसल, IVF सेंटर का सारा प्रोसेस बहुत ही टफ है। दस्तावेजों के साथ ही डॉक्टरों की जांच और कई फॉर्म भराए जाते हैं। ऐसे में महज एक एजेंट पूरे सिस्टम को कैसे चला सकती है। इसलिए और लोगों की मिलीभगत का भी अंदेशा जताया जा रहा है। कोमल की मांग में सिंदूर, साड़ी का पल्लू IVF सेंटर में पूछताछ हुई, तो उन लोगों ने पुलिस को बताया कि दस्तावेज में प्रिया शादीशुदा दिखाई गई। उसका रजिस्ट्रेशन प्रिया दीपक के नाम से हुआ। आधार पर भी यही नाम दर्ज था। प्रिया को वहां जब भी ले जाया गया, तब मांग में सिंदूर और गले में मंगलसूत्र पहना देते थे। साड़ी या फिर दुपट्टे का पल्लू यूं करते थे कि चेहरा साफ तौर पर नजर न आए। गेटअप ऐसा होता था कि लड़की पूरी तरह से शादीशुदा दिखे। अब पुलिस की बात 5 अरेस्टिंग हुईं, जांच अभी जारी हैDCP कुलदीप सिंह गुनावत ने कहा- पहली शिकायत एक महिला से मिली थी। उसको ट्रेस करते हुए 5 लोगों को अरेस्ट किया गया है। IVF सेंटर में अंडाणु डोनेट करने की बात सामने आई है। कुछ फर्जी दस्तावेज की मदद से ऐसा किया गया था। लड़की 15 साल की थी, उसको शादीशुदा दिखाया गया था। अभी हम मामले की जांच कर रहे हैं। ….ये पढ़ें - प्रयागराज में किराये की कोख का रेट आईफोन: मुस्लिम महिला ने ब्रेनवॉश किया, IVF सेंटर में ऑपरेशन से अंडाणु निकलवाए प्रयागराज में 15 साल की लड़की के अंडाणु बेचने का मामला सामने आया है। ‘किराये की कोख’ (सरोगेसी) के लिए कीमत लगाई एक एप्पल का आईफोन और 15 हजार रुपए। पूरे रैकेट के पीछे एक मुस्लिम महिला सामने आई है। उसने ही 15 साल की लड़की कोमल (बदला हुआ नाम) का ब्रेनवॉश किया था। कहा था- छोटे से ऑपरेशन के बाद तुम्हें नई जिंदगी मिल जाएगी। पढ़िए पूरी खबर...
गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र पेवनपुर गांव के सीवान में शनिवार सुबह सरसों के खेत में एक युवक की खून से सनी लाश मिली। मृतक के सीने में एक चाकू धंसा था। उसके शरीर पर चाकू के कई जगह जख्म दिखाई दे रहे थे। सीने में एक चाकू धंसा हुआ था। आस-पास के लोगों ने तत्काल गीडा पुलिस को सूचना दी। गीडा पुलिस के साथ फारेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। युवक की पहचान गीडा थाना क्षेत्र के ही नौसड़ निवासी 18 साल के अभिषेक सिंह के रूप में हुई। सूचना पर पिता विजय सिंह गीडा थाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि अभिषेक हाई स्कूल में पढ़ रहा था। इसके साथ ही वह वेटर का भी काम करता था। यह कहते हुए वह रोने लगे, उन्होंने खून से सनी बॉडी देखकर कहा कि हत्यारों ने बड़ी बेरहमी से मारकर हत्या की है। वहीं अभिषेक की मौत की सूचना घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। घर की महिलाएं चीखने चिल्लाने लगीं। पुलिस ने लाश कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में लाश एंबुलेंस में लादकर परिजन घर के लिए निकले। जैसे ही नौसड़ के पास पासवान ढाला पर एंबुलेंस पहुंची। वहां भीड़ ने गाड़ी रोक दी। इसके बाद हत्या से नाराज भीड़ हाइवे पर ही प्रदर्शन करने लगी। करीब 20 मिनट तक सड़क पर जाम लग गया। सूचना पर कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ ही अधिकारी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाया कि सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। परिजनों को समझाकर पुलिस ने दाह संस्कार कराया। इस दौरान सैकड़ों की भीड़ वहां मौजूद रही। पिता विजय सिंह ने तहरीर देकर कुछ युवकों पर हत्या की आशंका जाहिर किए। इस आधार पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अभिषेक की तीन बहनें हैं, जिनकी शादी नहीं हुई है। अभिषेक दो भाईयों में बड़ा था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह पढ़ाई के साथ ही शादी विवाह में वेटर का काम भी करता था। घटनास्थल पर संघर्ष के निशान मिले हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अभिषेक जान बचाने के लिए काफी देर तक हत्यारोपियों से संघर्ष किया है। इस वजह से ही शरीर के कई स्थानों पर चाकू के जख्म भी मिले हैं। अब विस्तार से जानें पूरा मामला गोरखपुर में शनिवार सुबह सरसों के खेत में अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव मिला। जिसे देखने के लिए वहां भीड़ जुट गई, लेकिन काेई उसे पहचान नहीं पाया। लोगों ने पुलिस को सूचना दी। खून से सनी लाश और सीने में चाकू धंसा हुआ था। साथ ही शरीर पर कई गहरे जख्मों के निशान थे। जिसे देखकर लोगाेंं की रूह कांप गई। घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले। पुलिस और आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मृतक की पहचान नौसढ़ निवासी अभिषेक सिंह के रूप में हुई है। पूरा मामला गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर गांव का है। वेटर का काम करता था अभिषेक परिजनों ने बताया कि अभिषेक शादी-विवाह और पार्टी में वेटर का काम करता था। शुक्रवार शाम वह घर से पैदल निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। तब उन्हें अंदेशा नहीं था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा। पार्टी के बाद हत्या की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि जब वे शनिवार सुबह खेत की ओर गए, तो वहां का दृश्य देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। युवक का शव जमीन पर पड़ा था और चारों तरफ खून फैला हुआ था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने धारदार हथियार से युवक पर कई बार वार किए थे। हत्या के बाद आरोपी चाकू को उसके सीने में ही छोड़कर भाग गए। पुलिस को घटनास्थल से करीब 20 मीटर की दूरी पर शराब की खाली बोतलें और पानी के पाउच मिले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि हत्या से पहले वहां शराब पार्टी हुई थी। संभावना है कि युवक अपने किसी परिचित के साथ वहां आया था और नशे की हालत में हुए विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। जांच के दौरान मृतक के पास से इयरबड्स तो मिले, लेकिन उसका मोबाइल फोन गायब था। पुलिस का मानना है कि साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी फोन साथ ले गए। कुछ दिन पहले हरैया के कुछ युवकों ने अभिषेक को घेर लिया था। उनसे किसी बात को लेकर दुश्मनी चल रही थी। घरवालों ने पुलिस को यह बातें बताई हैं। इस संबंध में एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र प्रसाद ने बताया कि परिजनों ने कुछ युवकों पर हत्या का आरोप लगाया है। इस आधार पर मुकदमा दर्ज कर चार युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वित्तमंत्री सुरेश खन्ना 11 फरवरी को यूपी विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगे। चुनावी साल में सरकार क्या सौगात देगी, यह तो बजट वाले दिन ही पता चलेगा। लेकिन, पिछले बजट का भी लेखा-जोखा जरूरी है। पिछला बजट पेश हुए 11 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। प्रदेश सरकार ने स्वीकृत बजट 865079.46 करोड़ में से महज 470835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) ही विभागों को जारी किया है। सीएम योगी की ओर से बजट खर्च की समय-समय पर समीक्षा के चलते सरकारी महकमों ने जारी राशि 470835.97 करोड़ रुपए में से 428495.95 करोड़ (91 फीसदी) खर्च कर लिया है। विभागवार बजट की क्या स्थिति है? किसको अब तक कितनी रकम मिली? उसमें से कितना खर्च हुआ? पढ़िए पूरा लेखा-जोखा… पहले डालिए वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट पर नजरवित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने 20 फरवरी, 2025 को विधानसभा में 2025-26 के लिए 8,08,736 करोड़ का बजट पेश किया था। उसके बाद वित्तमंत्री ने मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र में दो बार अनुपूरक बजट पेश किया। इस तरह वर्तमान वित्तीय वर्ष में बजट का कुल आकार 8,65,079.46 करोड़ रुपए हुआ। वित्त विभाग ने बजट में से विभिन्न सरकारी विभागों के लिए 6 फरवरी तक 5,17,168.91 करोड़ (59.78) फीसदी बजट स्वीकृत किया। 4,70,835.97 करोड़ (54.42 फीसदी) बजट विभागों को आवंटित किया गया। विभागों ने 31 जनवरी तक 4,17,305.32 करोड़ (48.23 फीसदी) और 6 फरवरी तक 4,28,495.95 करोड़ (49.53 फीसदी) बजट खर्च किया है। शिक्षा विभाग- थोड़ा है, थोड़े की जरूरत हैवित्त मंत्रालय ने बजट आवंटन में बेसिक, माध्यमिक, उच्च, व्यावसायिक शिक्षा विभाग पर मेहरबानी की है। इन विभागों ने बजट भी 85 फीसदी से अधिक खर्च किया है। सुरक्षा से समझौता नहींवित्त मंत्रालय ने बजट खर्च में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया है। गृह विभाग के अधीन पुलिस और होमगार्ड को 95 फीसदी से अधिक बजट आवंटित किया है। वहीं, कारागार के लिए भी 60 फीसदी से अधिक बजट जारी किया है। हालांकि, गृह विभाग खुद सीएम योगी के पास है। खाद्य आपूर्ति के लिए खजाना खोलासरकार ने खाद्य और रसद आपूर्ति के लिए खजाना खोला। 10 महीने में करीब 74 फीसदी बजट जारी किया है। इसी तरह गन्ना किसानों के लिए चीनी विभाग को भी 82.63 फीसदी बजट जारी किया है। परिवार कल्याण में दिखी कंजूसीवित्त मंत्रालय ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के परिवार कल्याण विभाग में बजट आवंटन में थोड़ी कंजूसी दिखाई। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की कमी, दवाइयों की कमी और संसाधनों की कमी की शिकायतें जगजाहिर हैं। लेकिन 11 महीने में सरकार से परिवार कल्याण विभाग को 59.75 प्रतिशत, चिकित्सा-शिक्षा को 68.44 फीसदी प्रतिशत बजट मिला है। हालांकि चिकित्सा एवं स्वास्थ विभाग को 69.30 फीसदी से अधिक राशि जारी की गई है। दयाशंकर पर नहीं आई खन्ना को दयावित्तमंत्री सुरेश खन्ना के महकमे ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के परिवहन विभाग पर दया नहीं की है। परिवहन विभाग को अभी तक पास बजट में से केवल 42.60 फीसदी राशि ही दी गई। सबका साथ-सबका विकासवित्त मंत्रालय ने बजट में सबका साथ-सबका विकास की झलक भी दिखाई है। मुस्लिम वक्फ को 91.31 फीसदी बजट जारी किया। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर, बजट कमजोरप्रदेश सरकार का पूरा फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास पर है। सरकार का मानना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से ही व्यापार और रोजगार बढ़ता है। लेकिन, प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़े महकमों को जारी बजट राशि की स्थिति कमजोर है। नगर विकास विभाग मंत्री अरविंद कुमार शर्मा के ऊर्जा विभाग को 69.27 प्रतिशत और नगर विकास विभाग को 47.22 प्रतिशत बजट मिला है। पीडब्ल्यूडी को सड़कों के लिए 60 फीसदी, ब्रिज के लिए 47.81, आवास विभाग को 52.33 प्रतिशत और नागरिक उड्डयन विभाग को 61.88 फीसदी बजट मिला है। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के नमामि गंगे को केवल 39.11 प्रतिशत और सिंचाई विभाग को 45 प्रतिशत बजट ही अभी मिला है। सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों के लिए बजट पूरा देने की कोशिश की गई है। ओबीसी और दिव्यांगों से जुड़ी योजनाओं के लिए करीब 90 फीसदी बजट जारी किया है। श्रम कल्याण के लिए भी 70 फीसदी बजट जारी किया गया। प्रदेश सरकारी में एकमात्र महिला कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य के महिला कल्याण विभाग को मंजूर बजट का 69.77 प्रतिशत दिया है। केशव और राजभर के विभाग को 59 फीसदी बजट मिलावित्त मंत्रालय ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के ग्राम्य विकास विभाग को भी 11 महीने में महज 59.58 फीसदी बजट दिया है। वहीं, पंचायतीराज मंत्री और सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के पंचायतीराज विभाग को 59.71 फीसदी बजट मिला है। जानकार मानते हैं, ओपी राजभर पंचायत चुनाव समय पर होने का दावा कर रहे हैं। पंचायत चुनाव में ग्राम्य विकास और पंचायतीराज दोनों विभागों के कामकाज के आधार पर जनता मतदान करती है। ऐसे में दोनों विभागों को कम बजट मिलना अच्छा संकेत नहीं। वित्त मंत्रालय ने पेंशन और भत्तों के भुगतान में कतई देरी और कंजूसी नहीं की है। भत्ते और पेंशन के लिए शत प्रतिशत बजट जारी करने के साथ उसका खर्च भी सौ फीसदी किया है। तो कैसे बढ़ेगी औद्योगिक विकास की रफ्तारप्रदेश सरकार का पूरा फोकस प्रदेश के औद्योगिक विकास पर है। औद्योगिक विकास के लिए सरकार हर संभव कोशिश कर रही है। लेकिन, वित्त मंत्रालय ने औद्योगिक विकास के लिए बजट में उतनी दरियादिली नहीं दिखाई। औद्योगिक विकास विभाग मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के विभाग को 45 फीसदी बजट भी नहीं मिला। वहीं, एमएसएमई मंत्रीराकेश सचान के विभाग को करीब 60 फीसदी से अधिक बजट मिला। आपदा के लिए नहीं पड़ी बजट की जरूरतप्रदेश में दैवीय आपदाओं के लिए ज्यादा बजट की आवश्यकता नहीं पड़ी है। 11 महीने में केवल 22.99 फीसदी बजट खर्च किया। अब जानिए सरकार की आय की क्या स्थिति रही नहीं हो रही लक्ष्य के मुकाबले आयवित्त विभाग के एक अधिकारी बताते हैं कि सरकार को लक्ष्य के मुकाबले राजस्व नहीं मिल रहा। इसका सीधा असर विभागों को आवंटित होने वाले बजट पर पड़ रहा। जनवरी तक सरकार को विभिन्न आय के स्रोतों से 1,78,556.43 करोड़ रुपए की आय हुई है जो कि लक्ष्य का 74.1 प्रतिशत है। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी तक कर-राजस्व के तहत 178556.43 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। जबकि लक्ष्य 240980.67 करोड़ रुपए था। इस तरह लक्ष्य के सापेक्ष 74.1 प्रतिशत कर राजस्व मिला है। जीएसटी में भी कमीरिपोर्ट के मुताबिक, पिछले वर्ष जनवरी की तुलना में इस वर्ष जनवरी में वैट और जीएसटी से होने वाली आय में भी खास वृद्धि नहीं हुई है। जीएसटी से जनवरी 2026 में 7,161.95 करोड़ रुपए मिले, जबकि जनवरी 2025 में 7167.29 करोड़ रही थी। वहीं वैट से जनवरी 2026 में 2,816.47 करोड़ रुपए की आय हुई, जबकि जनवरी 2025 में 2,797.32 करोड़ रुपए की आय हुई थी। बजट मंजूर करने और खर्च राशि को लेकर यूपी के पूर्व अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल कहते हैं- सरकारें अपनी सहूलियत और राजनीतिक एजेंडे के आधार पर बजट तैयार करती हैं। अधिकांश बजट का आकार ज्यादा रखा जाता है। वास्तविकता में सरकार के पास जितनी आय होती है, उतना ही बजट खर्च होता है। जब सरकार के पास उतनी आय नहीं हो रही, तो बजट कैसे जारी किया जाएगा। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… यूपी में 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं:दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार जल्द; गुजरात मॉडल अपनाने की तैयारी यूपी में योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार बहुत जल्द होने जा रहा है। 2027 विधानसभा चुनाव और इस साल होने वाले पंचायत चुनाव को देखते हुए योगी सरकार गुजरात मॉडल की तर्ज पर आधे से अधिक मंत्रियों की छुट्टी कर नई टीम भी उतार सकती है। करीब 12 से अधिक मंत्री बदले जा सकते हैं। नए सामाजिक समीकरणों के साथ करीब 15 विधायक और पार्टी पदाधिकारियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाएगी। पढ़ें पूरी खबर
गाजियाबाद में 3 बच्चियों का सुसाइड। केस जितना सीधा दिखा, अब उतना ही उलझता जा रहा। कभी पिता का बयान सवालों के घेरे में आता है, तो कभी दोनों मां का सामने न आना केस को संदिग्ध बनाता है। तीनों बच्चियां जिस जगह से नीचे गिरीं, वहां से उनका एक साथ कूदना संभव नहीं। एक बच्ची की लाश अपार्टमेंट की दीवार से महज 1 फीट दूर पड़ी थी। यह भी एक सवाल है। चेतन पहले जिस अपार्टमेंट में रहते थे, वहां उनकी साली की गिरकर मौत हो चुकी है। परिवार ने इसे एक दुर्घटना माना था। लेकिन, ताजा घटना के बाद लोग उस हादसे को इससे जोड़कर देख रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम इस पूरे मामले के हर पहलू को लगातार आप तक पहुंचा रही है। संडे बिग स्टोरी में हम इस केस पर उठे सवालों को जानेंगे… चेतन ने 3 शादियां कीं, बच्चियों पर ध्यान नहीं दियागाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में फ्लैट नंबर- 907 में चेतन अपने परिवार के साथ रहते हैं। चेतन कुमार ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग करते हैं। उनके साथ उनकी 3 पत्नियां रहती हैं। इनके नाम सुजाता, हिना और टीना हैं। सुजाता और हिना सगी बहन हैं। इनकी एक और बहन नेहा भी अक्सर यहां आती रहती है। 3 शादियों की वजह अभी तक यह निकलकर सामने आई है कि चेतन को सुजाता से शुरुआत में बच्चे नहीं हुए। इसलिए उसने हिना से शादी की। हालांकि बाद में दोनों (सुजाता-हीना) से बच्चे हुए। सुजाता से निकिता और लविश हुआ। हिना ने प्राची और पाखी को जन्म दिया। 4 साल की देबू नाम की बच्ची टीना की है। चेतन के ससुर दिलीप कुमार दिल्ली के सीलमपुर में रहते हैं। पहले टैक्सी चलाते थे। पैर में दिक्कत के चलते 2 साल से घर पर ही रहते हैं। वह कहते हैं- मेरे कुल 14 बच्चे हैं। इनमें 11 बेटियां और 3 बेटे हैं। चेतन से हमने अपनी बड़ी बेटी सुजाता की शादी की थी। कुछ साल उससे कोई बच्चा नहीं हुआ। इस पर हमने हिना की भी शादी चेतन से कर दी। चेतन पहले छोटा-मोटा काम करता था। बाद में वह प्रॉपर्टी का काम, गाड़ियों के फाइनेंस का काम, पुराने मकान को ठीक कराकर बेचने का काम करने लगा। उसने अच्छा पैसा कमाया। उस वक्त वह फॉर्च्यूनर से चलता था। बिजनेस में घाटा हुआ, बच्चियों की पढ़ाई रोक दीचेतन पहले दिल्ली के एकता पार्क स्थित शालीमार गार्डेन के फ्लैट में रहते थे। बाद में साहिबाबाद के राजेंद्र नगर चले गए। वहां शुभधाम अपार्टमेंट में रहने लगे। लेकिन, धीरे-धीरे बिजनेस खराब होता गया। ऑनलाइन ट्रेडिंग में चेतन को घाटा हुआ। इसके बाद उन पर कर्ज हो गया। इसी के चलते बेटियों की पढ़ाई भी छुड़वा दी। निकिता चौथी, प्राची तीसरी और पाखी दूसरी क्लास तक ही स्कूल जा सकी थीं। इसके बाद ये लड़कियां घर में ही रहने लगीं। दिन भर मोबाइल में कोरियन कल्चर से जुड़े ड्रामा और वीडियो देखती रहती थीं। लड़कियों पर हावी हुआ कोरियर कल्चरलड़कियों ने एक कमरे को अपना ठिकाना बना लिया था। उसी में साथ रहती थीं। कोरियन कल्चर इतना हावी हो गया था कि उसी के जैसे अपना लुक बना लिया था। नाम बदल लिया था। बात भी उसी तरह से करने लगी थीं। बच्चियों के पिता चेतन ने कहा था- मेरी लापरवाही रही है। मैंने अपने बच्चों पर ध्यान नहीं दिया। बेटियां कोरियन पर्सनैलिटी से प्रभावित थीं। मैं सरकार से गुजारिश करता हूं कि कोरियन वीडियो, सीरियल और अन्य सभी गेम बंद किए जाएं। मेरे बच्चों की तरह कोई दूसरा परिवार इसका शिकार न हो। इसका बच्चों पर बहुत गलत असर पड़ता है। आर्थिक तंगी में बेचा लड़कियों का मोबाइलइन लड़कियों के पास 2 मोबाइल फोन थे। चेतन की आर्थिक तंगी ऐसी थी कि 6 महीने पहले उसने एक फोन बेच दिया था। दूसरा फोन भी उसने 15 दिन पहले बेटियों से छीनकर बेच दिया था। इसके बाद बच्चियां अकेली हो गईं। हालांकि जांच में ये भी सामने आया है कि बच्चियां बीच-बीच में मां सुजाता का मोबाइल इस्तेमाल कर रही थीं। सोसाइटी के कुछ लोगों के मुताबिक, 3 फरवरी की रात चेतन के घर से गाली-गलौज की आवाजें आ रही थीं। इसी दौरान रात के 2 बजे बच्चियों के बिल्डिंग से नीचे गिरने की आवाज आई। बच्चियों की दोनों माएं दौड़ते हुए नीचे पहुंचीं और लाशों के पास बैठकर दहाड़े मारकर रोने लगीं। सुजाता अपने कपड़े उतारकर बच्चियों के ऊपर डाल रही थी। अपने चप्पल को हाथ में लेकर सीने पर मार रही थी। लगातार गालियां दे रही थी। कह रही थीं- सब बता दूंगी, तूने क्या-क्या किया है। कुछ देर बाद पुलिस पहुंची। लाशों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। इसके बाद से दोनों महिलाएं बाहर नहीं निकलीं। 3 बच्चियों की मौत के मामले में कुछ हद तक पिता चेतन ही सवालों के जवाब दे रहे हैं। चेतन के घर में कलह चल रही थी3 शादियों के चलते चेतन घर में कलह थी। इससे बचने के लिए चेतन लगातार फ्लैट बदलते रहते थे। भारत सिटी में ही उन्होंने एक और फ्लैट ले रखा था। 6 फरवरी को वह उस फ्लैट की बिजली का रिचार्ज करने पहुंचे, तो लोग उन्हें पहचान गए। अब बताया जा रहा कि इस फ्लैट में टीना रहती थी। चेतन भी यहां आते-जाते रहते थे। घटना के बाद से टीना कहीं दूसरी जगह चली गई है। साली की भी गिरने से मौत हुई थीदैनिक भास्कर की टीम ने इस मामले में चेतन के ससुर दिलीप से बात की। वह बताते हैं- आज से करीब 6-7 साल पहले निशिका का जन्मदिन था। तब मेरी छठे नंबर की बेटी आंचल चेतन के घर गई थी। उस वक्त चेतन एकता पार्क के शालीमार गार्डेन की बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर रहता था। आंचल बालकनी में फैलाए गए कपड़े उतार रही थी। तभी फिसलकर गिरी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उस वक्त परिवार ने इसे दुर्घटना माना था। पुलिस में कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई थी। आंचल की उस वक्त उम्र 16 साल के आसपास थी। इतनी छोटी खिड़की से कैसे कूदीं?बालकनी पर जहां से तीनों बहनों ने कूदकर सुसाइड किया, वहां अच्छे से खड़े होने तक की जगह नहीं थी। जिस जगह से बच्चियों के कूदने की बात कही जा रही, वह कमरे से करीब 4 फीट की ऊंचाई पर है। मौके पर देखा गया कि लड़कियों ने वहां प्लास्टिक का स्टूल रखा था। जिस जगह से कूदीं, उस खिड़की की ऊंचाई ढाई फीट और चौड़ाई 1.75 फीट है। मतलब, एक साथ तीनों लड़कियां खिड़की पर खड़ी होकर नहीं कूद सकतीं। एक लड़की की लाश नीचे बिल्डिंग की दीवार से महज 1 फीट की दूरी पर सटकर पड़ी थी। दूसरी और तीसरी बच्ची 8 और 9 फीट की दूरी पर पड़ी थीं। पुलिस इस चीज को भी समझने की कोशिश कर रही है कि ये अंतर कैसे है? दो बच्चियां दूर तो एक इतने करीब कैसे गिरी? इतनी ऊंचाई से दीवार से सटकर गिरना संदेह पैदा कर रहा। सुसाइड नोट की राइटिंग की जांच कर रही पुलिसपुलिस को कमरे से एक छोटी डायरी मिली, इसमें 8 पेज में सुसाइड नोट लिखा है। कोरियन कल्चर, वहां के ड्रामा का जिक्र है। एक जगह यह भी लिखा है, ‘पापा सॉरी… गेम नहीं छोड़ पा रही हूं। अब आपको एहसास होगा कि हम गेम से कितना प्यार करते थे, जिसको आप छुड़वाना चाहते थे।’ पुलिस इस सुसाइड लेटर की राइटिंग की जांच कर रही है। सुसाइड लेटर में I (आई) शब्द का इस्तेमाल है, अगर तीनों लिखतीं तो WE लिखा जाता। दूसरी बात यह कि लेटर में पिता का ही जिक्र है, मां का नहीं। बच्ची सॉरी भी सिर्फ पिता से कह रहीं। लेकिन मौत के बाद महिलाएं जिस तरह से दहाड़े मारकर रो रही थीं, ऐसा लगता है कि माएं अपनी बच्चियों को बहुत प्यार करती थीं। वहीं चेतन चुपचाप खड़े थे, अगले दिन मास्क लगा लिया और फिर किसी से बात नहीं की। अब घर में ताला लगाकर कहीं और चले गए। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, इतनी ऊंचाई से गिरने के कारण बच्चियों की सभी पसलियां टूट गई थीं। साथ ही दिल, लिवर, फेफड़े, गुर्दे सहित सभी अंदरूनी अंग फट गए थे। रिपोर्ट में ये भी पता चला कि निशिका के पेट से 50 ग्राम ही खाना था, जबकि प्राची और पाखी के पेट से 200-300 ग्राम तक खाना मिला। इसका मतलब, निशिका ने दोपहर के बाद से खाना नहीं खाया था। जबकि दोनों बच्चियों ने रात में खाना खाया था। चेतन की मानें तो प्राची सभी की लीडर थी। अब सवाल है कि अगर लीडर प्राची थी, तो फिर निशिका ने खाना क्यों नहीं खाया? फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में अभी कड़ी से कड़ी जोड़ रही है। तमाम जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। DCP ट्रांस हिंडन निमिष पाटील ने कहा- टीम कई बिंदुओं पर जांच कर रही। जो भी बिंदु सामने आ रहे, उन्हें जांच में शामिल किया जा रहा। घर के अंदर क्राइम सीन को रिक्रिएट किया गया था, उसके भी कुछ फैक्ट सामने आए हैं। जिन मोबाइल को चेतन ने बेचा है, उन्हें रिकवर किया जा रहा है, ताकि डेटा रिकवर करके सभी तस्वीर सामने लाई जा सके। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… गाजियाबाद सुसाइड-बच्चियों की मौसी भी घर से गिरकर मरी थी, नाना बोले- दामाद फॉर्च्यूनर से चलता था ‘चेतन के पास अच्छा पैसा था। फॉर्च्यूनर गाड़ी थी। वह गाड़ियों के फाइनेंस का काम करता था। पुराने मकान खरीदकर उन्हें बेचता था। यहीं एकता पार्क (दिल्ली) के पास शालीमार बिल्डिंग में रहता था। फिर पता नहीं क्या हुआ…कर्जदार होता चला गया।… अगर ये लोग बच्चियों को अपने साथ सुलाते तो ऐसी कहानी थोड़ी होती।’ ऐसा कहना दिलीप कुमार का है। वे उन तीन बच्चियों- निशिका, प्राची, पाखी के नाना हैं, जिनकी गाजियाबाद में अब मौत हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर
कैथल में हिसार से सांसद जयप्रकाश ने विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पेंशन कटने, हिसार में छात्रा से छेड़खानी सहित कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। बुजुर्गों की पेंशन कटने के मुद्दे पर सीएम द्वारा दिए गए बयान पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सीएम को खुद पता नहीं कि वे क्या कह रहे हैं। पेंशन कटी है और सीएम कह रहे हैं कि किसी की पेंशन नहीं काटी गई। उनके पास 50 व्यक्ति आ चुके हैं, जिनकी पेंशन कटी है। सीएम अगर ऐसा प्रचार करते हैं तो यह निंदनीय है। एमएसपी पर नहीं खरीदी धान भास्कर एप से बातचीत में सांसद जेपी ने कहा कि सीएम तो ये भी कहते हैं कि धान को एमएसपी पर बेचा गया, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। वे हरियाणा में सदन में भी ये मुद्दा उठा चुके हैं कि इसकी जांच करवाई जाए, लेकिन आज तक नहीं हुई। ऐसे में वे खेद प्रकट करते हैं कि कैसी पार्टी को हरियाणा की जनता ने सत्ता दे दी। व्यक्तिगत डायलोग को तोड़ मरोड़कर पेश कर रही भाजपा कांग्रेस से राहुल गांधी द्वारा उनके करीबी रहे रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार बोलने के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सांसद ने कहा कि राहुल गांधी ने तो उन्हें मित्र कहा था। ये तो भाजपा द्वारा ड्रामा किया जा रहा है। ये उनके व्यक्तिगत डायलोग थे, जिसे भाजपा जान बूझकर तोड़ मरोड़कर लोगों के सामने लाई। यह तथ्य सरकार की कमजोरी को साबित करता है। हिसार में छात्रा से छेड़खानी और शिक्षकों को सस्पेंड करने के मामले पर बोलते हुए सांसद जेपी ने कहा कि पहले भी उन्होंने इस मामले को उठाया था। यह बहुत गलत हुआ है। इस सरकार में न्याय की उम्मीद बहुत कठिन है। भाजपा में बेईमान प्रवृत्ति के लोग शामिल हैं।
एबी रोड पर 11 किमी लंबा बीआरटीएस कॉरिडोर हटते ही शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली आई-बस सेवा गड़बड़ा गई है। मिक्स लेन में बसें चलने से बार-बार जाम में फंस रही हैं। स्थिति यह है कि 40 मिनट के सफर में करीब 65 मिनट लग रहे हैं। इसका असर यात्रियों की संख्या पर साफ नजर आ रहा है। यात्री 92 हजार से घटकर 55 हजार रह गए हैं। बसें भी 60 से 30 ही रह गई हैं। सबसे ज्यादा परेशानी प्रतिदिन सफर करने वाले कॉलेज स्टूडेंट्स को उठाना पड़ रही है। देरी के कारण कई बार वे समय पर कॉलेज नहीं पहुंच पाते हैं। वहीं बस स्टॉप हटने से यात्रियों को बीच सड़क पर खड़े रहकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। पीक ऑवर्स में चौराहों पर जाम की स्थिति बनती है। करीब 40 प्रतिशत यात्री संख्या कम होने से एआईसीटीएसएल के राजस्व को बड़ा झटका लगा है। बस स्टैंड पर बैठने की सुविधा नहीं होने से छात्र, बुजुर्ग और रोजाना सफर करने वाले सबसे ज्यादा परेशान हैं। परेशानियां और भी... बीआरटीएस कॉरिडोर के समय औसत 40 मिनट में पूरा होने वाला सफर अब मिश्रित ट्रैफिक में 1 घंटा 5 मिनट तक खिंच रहा है। विजयनगर से एलआईजी चौराहा तक का हिस्सा सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां बस के कुछ सेकंड रुकते ही पीछे वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है और कई बार बसों को रुकने तक की जगह नहीं मिलती। यात्रियों का कहना है कि डेडिकेटेड लेन के दौरान सफर समयबद्ध और आरामदायक था, लेकिन अब जाम में फंसकर सफर थकानभरा हो गया है। मजबूरी में कई लोग निजी साधनों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव और बढ़ने की आशंका है। इधर, एबी रोड की सर्विस रोड और फुटपाथ तक लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, जिससे बस खड़ी भी नहीं हो पाती है। तैयारी अधूरी, सड़क किनारे बस स्टॉप नहीं एबी रोड से बीआरटीएस कॉरिडोर हटाने का फैसला हाई कोर्ट के आदेश पर लिया गया था। फरवरी 2025 में इसे हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। टेंडर विवादों के चलते काम में देरी हुई, लेकिन नवंबर 2025 तक कार्य तेज कर दिया गया। हालांकि, कॉरिडोर हटने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट को संभालने की कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नजर नहीं आई। ट्रैफिक सुधार के नाम पर लिया गया यह फैसला फिलहाल आई-बस सेवा और यात्रियों के लिए भारी पड़ता दिख रहा है।
एलिवेटेड कॉरिडोर:एलआईजी, नौलखा व शिवाजी वाटिका पर रोटरी बनाने का प्रस्ताव
एलआईजी से नौलखा तक एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर दो नए प्रस्ताव बनाए गए हैं। तीन चौराहों एलआईजी, शिवाजी वाटिका और नौलखा पर एलिवेटेड रोटरी बनाने और गिटार तिराहा व गीता भवन पर एक-एक भुजा उतारने की योजना है। शनिवार को सिटी बस कार्यालय में हुई बैठक में इन प्रस्तावों पर सहमति बनी। इंडस्ट्री हाउस, पलासिया, जीपीओ और इंदिरा प्रतिमा पर कोई भुजा या रोटरी की योजना नहीं है। नए प्रस्ताव के साथ फिर ड्राइंग बनाई जाएगी। 10 दिन में सर्वे पूरा किया जाएगा और तुरंत काम भी शुरू होगा। बैठक की अध्यक्षता मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। छह साल से अटका है प्रोजेक्ट एलिवेटेड कॉरिडोर प्रोजेक्ट का वर्क ऑर्डर 6 साल पहले जारी हो चुका है। वर्क ऑर्डर निरस्त होने पर कॉन्ट्रैक्टर को 30 करोड़ से अधिक हर्जाने में देना होंगे। प्रोजेक्ट को 15 फरवरी के बाद से शुरू किया जाना है। इसका कॉन्ट्रैक्ट अहमदाबाद की कंपनी राजकमल बिल्डर इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया है। हाई कोर्ट में 25 को सुनवाई बीआरटीएस की परेशानियों को लेकर विचाराधीन याचिका के साथ अतुल सेठ द्वारा दायर याचिका भी कोर्ट में लगी है। इस मामले की सुनवाई अब 25 फरवरी को होगी। आमने-सामने कॉरिडोर पर दो पक्ष नौलखा से एलआईजी तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने का फायदा नहीं होगा। हर बड़े चौराहे पर अलग फ्लायओवर बनाने चाहिए। - अतुल शेठ, इंजीनियरअलग-अलग फ्लायओवर 7 साल में ही अनुपयोगी हो जाएंगे। इतनी पास-पास फ्लायओवर बनाने से ग्रेडियंट अत्यधिक होकर आईआरसी मानकों के विपरीत सड़क बनेगी। - अजीत सिंह नारंग, इंदौर उत्थान समिति हर चौराहे की प्रस्तावित प्लानिंगबैठक में लोक निर्माण विभाग ने एलिवेटेड रोटरी डिजाइन को लेकर नया प्रस्ताव रखा, इसमें हर चौराहे के लिए प्लानिंग पेश की।
उत्तर प्रदेश के 10 से अधिक जिलों में घना कोहरा देखने को मिला। प्रदेश में सबसे कम विजिबिलिटी 80 मीटर बहराइच में दर्ज की गई। बिहार के गोपालगंज में भी शनिवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी जीरो रही। मधुबनी में भी घना कोहरा छाया रहा। यहां न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के 11 जिलों में टेंपरेचर 10 डिग्री से रहा। उमरिया सबसे ठंडा शहर रहा, जहां पारा गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री सेल्सियस रहा। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग ने 9 फरवरी से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी का अनुमान जताया है। वहीं 10 फरवरी को दोनों ही प्रदेशों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। मौसम की 2 तस्वीरें… अगले दो दिन का मौसम…
गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक 22 साल की लड़की बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने पहुंच गई। यह सूचना लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने की पुलिस को मिली। इसके बाद स्टेशन पर पुलिस कर्मी लड़की को ढूंढना शुरू किए। काफी मशक्कत के बाद प्लेटफार्म नंबर 3 पर लड़की की लोकेशन मिली। इसके बाद जीआरपी के जवान दौड़ते हुए वहां पहुंचे तो देखा एक लड़की ट्रैक के बीच में खड़ी है, उसके सामने से एक ट्रेन आ रही थी। तत्काल पुलिस दौड़ लगाते हुए लड़की तक पहुंची। उसे पकड़कर किनारे कर उसकी जान बचाई। लड़की की काउंसलिंग करने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। अब विस्तार से जानें पूरा मामला लखनऊ कंट्रोल रूम से जीआरपी थाने की पुलिस को दोपहर करीब 1 बजे सूचना मिली कि एक लड़की गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर सुसाइड करने पहुंची है। इसके बाद पुलिस जल्दी-जल्दी लड़की की तलाश शुरू की। काफी देर तक सर्च करने के बाद भी लड़की स्टेशन पर कहीं नहीं मिली। पुलिस ने कंट्रोल रूम से लड़की का मोबाइल नंबर प्राप्त किया। इसके बाद हाइटेक तकनीक से नंबर ट्रैक करना शुरू किया। तभी उसकी लोकेशन 3 प्लेटफार्म पर मिला। वहां जब पुलिस पहुंची तो एक जींस और जैकेट पहने लड़की रेलवे ट्रैक के बीचो बची खड़ी दिखी। उसी समय उस ट्रैक पर एक ट्रेन भी आ रही थी। पहले दूर से ही पुलिस ने चिल्लाकर उसे हटाना चाहा, लेकिन लड़की ने अनसुना कर दिया। इसके बाद दौड़ते हुए पुलिसकर्मी समय रहते लड़की के पास पहुंच गए, उसे ट्रेन आने से पहले ट्रैक से हटाकर उसकी जान बचाई। लड़की ने अपने सहेली को भेजा था वीडियो लड़की से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में रहती है। उसका एक लड़के से काफी दिनों से अफेयर चल रहा है। रोज डे के दिन बॉयफ्रेंड से किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद वह सुसाइड करने का मूड बना ली। इसलिए वह रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। रेलवे स्टेशन पर खड़ी होकर उसने एक वीडियो बनाया। जिसमे वह कहती दिख रही है कि मैं बॉयफ्रेंड से नाराज होकर सुसाइड करने जा रही हूं। यह वीडियो उसने अपने सहेली को भेज दिया। सहेली ने पहले कॉल कर उसे समझाना चाहा, लेकिन वह नहीं मानी। तब सहेली ने लखनऊ कंट्रोल रूम के नंबर 112 पर कॉल कर सूचना दी। जहां से तत्काल सूचना गोरखपुर जीआरपी को दी गई। सहेली की समझदारी और जीआरपी की सक्रियता से लड़की की जान बचाई गई। रेलवे स्टेशन पर काफी देर तक एक्सपर्ट को बुलाकर लड़की की कांउसलिंग कराई गई। उसने बताया कि वह ग्रेजुएशन करके प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है। इसके बाद परिवार वालों को बुलाकर सौंप दिया गया। लड़की ने विश्वास दिलाया कि आगे ऐसा कदम कभी नहीं उठाएगी। पुलिस के इस कार्य से आस पास के लोगों व लड़की के परिजनों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए जीआरपी थाना गोरखपुर का धन्यवाद कहा। जीआरपी थाना प्रभारी अनुज कुमार सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से एक वीडियो मिला था। कार्यालय में मौजूद मुख्य आरक्षी आशुतोष मिश्रा, मुख्य आरक्षी सिकंदर प्रसाद, मुख्य आरक्षी आशुतोष सिंह के साथ तत्काल वीडियो में दिख रहे स्थान पर पहुंचे, जहां लड़की नहीं पाई गई। लड़की का मोबाइल नंबर प्राप्त किया गया। इसके बाद आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए नंबर को ट्रैक किया गया तो यह पाया गया कि वह लड़की वहां से कुछ दूर पर प्लेटफार्म की आखिरी छोर पर बीचों-बीच ट्रैक में खड़ी होकर ट्रेन आने की प्रतीक्षा कर रही थी। पुलिस टीम की तत्परता व सतर्कता से लड़की को बचाया गया।
जबलपुर में बरगी डैम की दाईं तट नहर 1 फरवरी को क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके चलते नहर का पानी पास से बह रहे नर्रई नाले में चला गया और खेतों में भर गया। बाढ़ जैसे हालात बन गए और फसलें जलमग्न हो गईं। जानकारी मिलते ही प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के अधिकारी मौके पर पहुंचे। तत्काल डैम से आने वाला पानी बंद कराया गया और जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि नहर का करीब 27 मीटर हिस्सा कट गया है। इस हिस्से से बीते कई महीनों से पानी रिस रहा था। विभाग का दावा है कि क्षतिग्रस्त हिस्से की जल्द मरम्मत कर ली जाएगी। साथ ही किसानों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। नहर फटे करीब सात दिन हो चुके हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पहुंचकर अब तक हुए काम का जायजा लिया। 100 से ज्यादा मजदूर लगे रबी सीजन में जब खेतों में गेहूं और अरहर की फसल खड़ी है, ऐसे समय नहर के क्षतिग्रस्त होने से किसानों की चिंता बढ़ गई। आशंका थी कि यदि समय पर पानी नहीं पहुंचा तो सैकड़ों एकड़ में लगी फसल सूख सकती है। नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण का कहना है कि हर हाल में 15 से 20 फरवरी तक नहर को फिर से चालू कर दिया जाएगा। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत माइनर नहरों से भी पानी दिया जा रहा है। मरम्मत कार्य में तेजी लाने के लिए 100 से अधिक मजदूर, जेसीबी मशीन और एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। नहर का पानी खेतों में घुसा, फसल बर्बाद ईई ने टीम के साथ डाला डेरा बरगी विधानसभा के ग्राम सगड़ा-झपनी में दाईं तट नहर क्षतिग्रस्त होने की जानकारी भोपाल तक पहुंची। इसके बाद भोपाल से एक टीम जबलपुर आई और मौके पर निरीक्षण किया। एनवीडीए की ईई श्रद्धा बनसोडकर ने बताया कि मरम्मत का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। बरगी, पनागर, बरेला और सिहोरा क्षेत्र में किसानों तक पानी पहुंचाने के लिए रिपेयरिंग शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जमीन का काम किया जा रहा है। बोरियों में मिट्टी भरकर पानी को डायवर्ट किया जा रहा है और तिरछी दीवार (कर्व) बनाई जा रही है। प्रयास है कि काम 24 घंटे लगातार चलता रहे। ईई श्रद्धा बनसोडकर के अनुसार पिपरिया और वसा गांव की माइनर नहर से फिलहाल पानी दिया जा रहा है। जिस स्थान पर नहर फटी है, वहां दो बैराज हैं। एक ओर मरम्मत कार्य जारी है, जबकि दूसरी ओर से जल्द पानी शुरू करने की कोशिश की जा रही है। मेंटेनेंस की जिम्मेदारी पर सवाल जानकारी के मुताबिक बरगी नहर का निर्माण वर्ष 2002 में करोड़ों रुपए की लागत से किया गया था, ताकि जबलपुर सहित कटनी, सतना और रीवा जिलों तक सिंचाई का पानी पहुंचाया जा सके। समय-समय पर नहर के रखरखाव की जिम्मेदारी भी तय थी, लेकिन लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी। अब होगा सिस्टम करेक्शन बरगी नहर की दाईं और बाईं तट नहर के सिस्टम करेक्शन के लिए जल्द टेंडर निकाले जाएंगे। करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से दोनों नहरों का सुधार किया जाएगा। इसका डीपीआर तैयार कर भोपाल भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही काम शुरू होगा। दाईं तट नहर का रखरखाव नरसिंहपुर-करेली तक और बाईं तट नहर का रीवा तक किया जाएगा। किसान बोले- अभी मिल रहा है पानी ग्राम पिपरिया निवासी शत्रुघन पटेल ने बताया कि नहर टूटने के एक दिन पहले तक खेतों में पानी मिल चुका था, जिससे करीब 21 दिन तक फसल को परेशानी नहीं होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि नहर जल्द तैयार हो जाएगी। कुछ किसानों को पानी की कमी जरूर हुई थी, लेकिन बाद में पाइप के जरिए पानी की सप्लाई की गई। यह खबर भी पढ़ें… बरगी बांध की नहर टूटी, खेतों में घुसा पानी बरगी थाना क्षेत्र में रविवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दोपहर करीब 12 बजे बरगी बांध की मुख्य दाईं तट नहर ग्राम सगड़ा-झपनी के पास टूट गई। नहर टूटते ही तेज बहाव के साथ पानी आसपास के 6 गांवों के खेतों में घुस गया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
इंदौर के हर वार्ड में क्या सच में विकास हो रहा है और जनता उसे कैसे देखती है इसी का जवाब तलाशने के लिए दैनिक भास्कर ने खास सीरीज ‘वार्ड टॉक’ शुरू की है। इसमें हम पार्षदों के दावों के साथ जनता की राय, अधूरे काम और आगे की जरूरतों को सामने रखेंगे। आज के एपिसोड में हम वार्ड 44 पहुंचे हैं, जहां से निशा रूपेश देवलिया पार्षद हैं। यहां कौन-से काम पूरे हुए, कौन-से बाकी हैं? जनता 10 में से कितने नंबर देती है। ‘आज का पार्षद’ में देखिए काम का पूरा हिसाब। सवाल: आपके वार्ड का कौन-सा काम अधूरा है और क्यों?जवाब: वार्ड में कुछ जगहों पर पानी की समस्या है। इसके अलावा ड्रेनेज का जो 10 प्रतिशत काम बाकी है, उसका भी निराकरण किया जाना है। यह काम जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे पानी और ड्रेनेज की समस्या समाप्त हो जाएगी। सवाल: आपके वार्ड में जनता की सबसे आम शिकायत कौन-सी आती है?जवाब: जनता की आम शिकायतों की बात करें तो राशन, पेंशन, ड्रेनेज और पानी से जुड़ी समस्याएं आती हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए पूरी मॉनिटरिंग की जाती है। जो काम संबंधित विभाग या व्यक्ति को दिया जाता है, वह पूरा हुआ है या नहीं, इस पर पूरी नजर रखी जाती है, ताकि लोगों की समस्याएं दूर हो सकें। सवाल:ऐसा कौन-सा प्रयोग आपने किया और उससे बदलाव देखने को मिला हो?जवाब: हमने यहां पार्षद हेल्पलाइन शुरू की है। लोगों की समस्याओं का निराकरण हुआ या नहीं, इसका पूरा फीडबैक लिया जाता है। ऑफिस में आने वाली शिकायतों पर काम हुआ है या नहीं, इसे वार्ड में जाकर स्वयं जांचा जाता है। लोगों से सीधे बातचीत की जाती है, जिससे जनता से निरंतर संपर्क बना रहता है। लोग खुलकर अपनी समस्याएं बता पाते हैं और आपसी संवाद से समाधान जल्दी हो पाता है। सवाल: आपके यहां पानी की शिकायत आई है क्या?जवाब: हमारे वार्ड में कुछ ही जगहें ऐसी हैं, जहां पानी कम आने की समस्या है। जहां पानी कम आ रहा है, वहां नई लाइन डालने का काम कराया जा रहा है। कुछ जगहों पर गंदे पानी की समस्या भी आती है, जिसे जांच कर ठीक कराया जाता है। ड्रेनेज की सफाई कराने से गंदे पानी की समस्या भी दूर हो जाती है। सवाल: अगले 6 महीने का रोडमैप क्या है?जवाब: पार्षद निशा रूपेश देवलिया ने बताया कि आगामी 6 महीनों में वे वार्ड में ड्रेनेज और पानी की समस्या को पूरी तरह दूर करने का प्रयास करेंगी, ताकि वार्ड से ये समस्याएं हमेशा के लिए खत्म हो जाएं और लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से जुड़े हालिया फैसलों के विरोध में क्षत्रिय करणी सेना शनिवार को भोपाल में मशाल जुलूस निकालेगी। यह जुलूस आज 8 फरवरी की शाम 6 बजे भारत माता चौराहा से शुरू होकर राजभवन तक जाएगा। जुलूस के समापन पर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें यूजीसी के निर्णयों को लेकर समाज की आपत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष और भोपाल जिला अध्यक्ष आशु सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा और प्रदेश महिला अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान करेंगी। उन्होंने कहा कि जुलूस में भोपाल सहित आसपास के जिलों से हजारों करणी सैनिकों के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा सवर्ण समाज के कई संगठन और आम नागरिक भी इस प्रदर्शन में भाग लेंगे। फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वालाआशु सिंह के अनुसार यूजीसी से जुड़े कुछ हालिया निर्णयों को लेकर समाज में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि ये फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी असंतोष को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाने के लिए मशाल जुलूस का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी तरह की अव्यवस्था नहीं की जाएगी। करणी सेना का उद्देश्य केवल अपनी बात रखना और सरकार व संबंधित संस्थाओं का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। जारी रहेगा आंदोलन कार्यक्रम को लेकर प्रशासन को भी सूचना दे दी गई है, ताकि जुलूस के दौरान यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे। करणी सेना ने अपने कार्यकर्ताओं से समय पर पहुंचने और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। करणी सेना का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा। फिलहाल आज होने वाला मशाल जुलूस यूजीसी के फैसलों के खिलाफ एक बड़ा और संगठित विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।
जागो-जागो रे बिश्नोई भाइयों, खेजड़ली है संकट में… यह बोल उस गीत के हैं, जो खेजड़ी को लेकर गाए जा रहे हैं। खेजड़ी को बचाने के लिए चल रहा आंदोलन इन दिनों भक्ति का केंद्र बना हुआ है। संतों के सानिध्य में पूरे दिन भजन-कीर्तन चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर प्रदेश और देशभर में बिश्नोई समाज के लोगों से महापड़ाव में पहुंचने की अपील की जा रही है। आंदोलन के तहत बिश्नोई धर्मशाला के सामने महापड़ाव छठे दिन भी जारी रहा। पूर्व घोषणा के अनुसार शनिवार को 51 पर्यावरण प्रेमी क्रमिक अनशन पर बैठे। फलौदी के आउ गांव में शनिवार को हुई खेजड़ी कटने की घटना पर लोगों ने आक्रोश जताया। संत सच्चिदानंद, भागीरथ शास्त्री, आनंद प्रकाश ने कहा कि जब सरकार के मंत्री ने दो संभागों में खेजड़ी की कटाई पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है तो इस अपराध को क्यों नहीं रोका जा रहा है। आंदोलन के संयोजक परसराम बिश्नोई ने बताया कि रविवार को भी 51 लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे। कांग्रेस का पैदल मार्चपूर्व कैबिनेट मंत्री बीडी कल्ला अपने कार्यकर्ताओं के साथ महापड़ाव तक पैदल मार्च कर पहुंचे। उन्होंने खेजड़ी के महत्व को उजागर करते हुए मांग रखी कि सरकार को यथाशीघ्र ट्री प्रोटेक्शन एक्ट बनाकर खेजड़ी की कटाई पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाना चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि सोलर पश्चिमी राजस्थान में प्रकृति के विनाश का एक बहुत बड़ा कारण बनेगा। पर्यावरण संघर्ष समिति के संयोजक रामगोपाल बिश्नोई ने बताया कि पूर्व विधायक गिरधारी महिया, सीपीएम, आम आदमी पार्टी, साइका समाज सहित कई समाजों के प्रतिनिधियों ने महापड़ाव में पहुंचकर आंदोलन का समर्थन दिया है। संभाग के श्रीगंगानगर सहित विभिन्न जिलों से भी पर्यावरण प्रेमी पहुंचे।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU) के कुलपति डॉ. बलदेव राज कंबोज की धर्मपत्नी संतोष कुमारी विवादों के घेरे में हैं। उन पर सरकारी आवास में रहते हुए गलत तरीके से 39 महीने तक करीब 3 लाख रुपए मकान किराया भत्ता (HRA) लेने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद अब विजिलेंस जांच और FIR दर्ज करने की मांग तेज हो गई है। संतोष कुमारी वर्तमान में एचएयू स्थित कैंपस स्कूल की निदेशक हैं। संतोष कुमारी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नियमों का उल्लंघन करते हुए उस अवधि का भी HRA लिया, जब वे अपने पति के साथ विश्वविद्यालय के आधिकारिक कुलपति निवास में रह रही थीं। नियमानुसार, यदि कोई कर्मचारी सरकारी आवास में रहता है, तो वह HRA का हकदार नहीं होता। मामला तब उजागर हुआ, जब एक प्रोफेसर डॉ. अनिल पणिक्कर द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई। बता दें कि, एचएयू के वीसी प्रो. बीआर कंबोज 2019 से एचएयू में हैं। वह पहले इसी यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार थे, इसके बाद वीसी बने। जांच में चौकाने वाली चीजें सामने आई आरटीआई से मिली सूचना में चौकाने वाली चीजें सामने आई। आरटीआई से पता चला कि इस मामले में शिक्षा विभाग द्वारा प्रारंभिक जांच की गई, लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उचित दंडात्मक विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। हिसार के जिला शिक्षा अधिकारी की इस संबंध में 1 अगस्त 2024 की एक रिपोर्ट भी मिली है। जिसके अनुसार, डॉ. अनिल पणिक्कर की शिकायत पर बीईओ (ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर) हिसार-I और बीईओ हिसार-II ने इस मामले की जांच की थी। जांच अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में माना कि संतोष कुमारी ने सरकारी आवास (कुलपति निवास) में रहते हुए अनजाने में HRA लिया था। विभाग ने इस जांच के आधार पर गलत लिए गए HRA की राशि सरकारी खाते में जमा करवा ली है। कुलपति की पत्नी से जुड़े तीन मामले… आरटीआई के बेस पर विजिलेंस को शिकायत अधिवक्ता एवं समाजसेवी डॉ. रमेश चंद पुनिया और मुकेश सैनी ने राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत भेजकर इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में तर्क दिया गया है कि यह केवल पैसे लौटाने का मामला नहीं, बल्कि सरकारी धन की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने बार-बार जानबूझकर तथ्यों को छिपाया और गलत घोषणाएं कीं। हरियाणा सिविल सेवा नियमों के तहत ऐसे मामलों में बड़ी सजा का प्रावधान है। शिकायत में कहा गया है कि एक शिक्षक और प्रिंसिपल जैसे जिम्मेदार पद पर रहते हुए इस तरह का आचरण अनैतिक है। किराया भी नहीं दिया और भत्ता भी लिया डॉ. रमेश पूनिया ने बताया कि संतोष कुमारी जब हिसार के मंगली और रावलवास कलां स्कूलों में प्रिंसिपल और पीजीटी के पद पर तैनात थीं, तब वे अपने पति के साथ विश्वविद्यालय के सरकारी आवास (वीसी हाउस) में रह रही थीं। नियम कहता है कि सरकारी आवास में रहने वाला कर्मचारी HRA का हकदार नहीं होता, लेकिन मैडम ने न केवल इसे लिया बल्कि विभाग को यह जानकारी भी नहीं दी कि वे सरकारी आवास का उपयोग कर रही हैं।
शहर में फूड एंड ड्रग लैब की शुरुआत अक्टूबर 2025 में हो चुकी, लेकिन 4 महीने बाद भी यहां फूड सैंपल की जांच शुरू नहीं हो सकी है। फूड सैंपल की जांच के लिए अभी भी भोपाल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। इंदौर की लैब में सिर्फ भोपाल से भेजे जा रहे ड्रग टेस्टिंग के सैंपल ही जांच कर दोबारा भोपाल भेजे जा रहे हैं। दरअसल, इंदौर की लैब का एनएबीएल ऑडिट और फूड सेफ्टी ऑडिट बाकी है। एनएबीएल ऑडिट मार्च अंत तक और मई तक फूड सेफ्टी ऑडिट हो जाएगा। संभवत: जून से ही इंदौर की लैब में फूड सैंपल की जांच शुरू हो पाएगी। अगस्त 2020 में इस लैब का काम शुरू हुआ था। साढ़े 8 करोड़ लागत वाली लैब का काम 2022 तक पूरा होना था, लेकिन 2025 में यह तैयार हो सकी। ताबड़तोड़ अक्टूबर में सीएम डॉ. मोहन यादव के हाथों इसका लोकार्पण करवाया गया। दावा किया गया है कि यह प्रदेश की दूसरी ऐसी लैब है, जहां खाद्य और औषधि नमूनों की जांच होगी, जिससे सालाना 20 हजार नमूनों का परीक्षण होगा। उद्देश्य मिलावट रोकना पर कागजी प्रक्रिया ही पूरी नहीं सीएम ने कहा था कि इस लैब के बनने के बाद मिलावटखोरों पर और अधिक सख्ती हो सकेगी। विभाग खासकर मुख्यालय ड्रग कंट्रोल इसकी एनएबीएल ऑडिट और फूड सेफ्टी ऑडिट चार महीने में भी नहीं करवा सका। सीएम के उद्घाटन के पहले भी इसे इन दो ऑडिट के चलते ही टाला जा रहा था। 3700 वर्ग फीट में फैली इस लैब के बाद सरकार ऐसी लैब जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन में भी शुरू करने वाली है। तीन टीमें मैदान में, हर महीने 50 से 60 सैंपल, पर जांच भोपाल के भरोसे इंदौर जिला प्रशासन व खाद्य और औषधि विभाग हर महीने मिलावट के खिलाफ सघन जांच करता है। 50 से 60 सैंपल लेते हैं। इसके अलावा सीएम हेल्पलाइन, मेयर हेल्पलाइन 311 और जिला प्रशासन की जनसुनवाई में भी इसे लेकर शिकायतें आती हैं। विभाग की तीन टीमें इन शिकायतों पर और रूटीन में भी जांच अभियान चलाते हैं। हालांकि सैंपल लेने के बाद उन्हें भोपाल भेजा जाता है। इस कवायद में कई बार सैंपल पुराने हो जाते हैं और समय पर रिजल्ट नहीं मिल पाता। इसलिए चाहकर भी प्रशासन ऐसे मिलावटखोरों पर कार्रवाई नहीं कर पाता है। अभी रिपोर्ट आने में लगता है एक महीना अभी प्रदेश के सभी सैंपल जांच के लिए भोपाल स्थित खाद्य प्रयोगशाला भेजे जाते हैं। यहां से रिपोर्ट आने में कई बार एक माह तक समय लग जाता है। इंदौर के सैंपलों की जांच, लैब शुरू होने के बाद एक सप्ताह के भीतर हो जाएगी। लैब में फूड टेस्टिंग के लिए 3 करोड़ रुपए की लागत से 8 से ज्यादा बड़ी मशीनें इंस्टॉल की गई हैं। इस लैब में इंदौर-उज्जैन संभाग के 15 जिलों के सैंपल की जांच भी होगी।
अब जमीन की पैमाइश में इंच भर की भी गलती की गुंजाइश नहीं बचेगी। राजस्थान में जमीन विवाद, सीमांकन और सरकारी परियोजनाओं के सर्वे का चेहरा बदलने जा रहा है। भारतीय सर्वेक्षण विभाग पूरे प्रदेश में हाईटेक CORS नेटवर्क का बड़ा विस्तार कर रहा है, जिससे सेटेलाइट आधारित डिजिटल बाउंड्री सिस्टम लागू होगा। इसके जरिए जमीन की लोकेशन 3 से 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता से दर्ज की जा सकेगी। प्रदेश में पहले से सक्रिय 88 स्टेशनों के अलावा 84 नए स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। भरतपुर व अजमेर सहित कई जिलों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। भारतीय सर्वेक्षण विभाग की टीम अब जिलों में सरकारी भवनों और परिसरों में 5x5 मीटर भूमि का चयन करेगी, जहां ये स्थायी स्टेशन लगाए जाएंगे। सिस्टम एक्टिव होते ही जमीन की पैमाइश, नक्शा निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का सर्वे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट हो जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल जमीन विवाद घटेंगे बल्कि राजस्व रिकॉर्ड भी तकनीकी रूप से मजबूत होंगे। सर्वे ऑफ इंडिया ने प्रदेश के 41 प्रमुख क्षेत्रों को इस नेटवर्क विस्तार में शामिल किया है।सर्वे ऑफ इंडिया की तकनीकी टीम उन सरकारी परिसरों को प्राथमिकता देगी जो तकनीकी मापदंडों पर खरे उतरते हों। इनमें मुख्य रूप से सरकारी स्कूल परिसर, सुरक्षित शासकीय भवन या खाली पड़े सरकारी भूखंड शामिल होंगे । जमीन उपलब्ध होने के बाद यहाँ ‘जियोडेटिक एसेट्स’स्थापित किए जाएंगे, जिससे राज्य और राष्ट्र स्तर की परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके ।इससे जमीन की सही पैमाइश होगी। ‘स्वामित्व’ और ‘नक्शा’ जैसे प्रोजेक्ट्स के तहत ग्रामीण इलाकों में घरों और जमीनों का जो सर्वे होगा, वह पूरी तरह डिजिटल और अचूक होगा। पहले जिस सर्वे में हफ़्तों लगते थे, इस तकनीक से वह काम अब बहुत कम समय में पूरा हो सकेगा। जीपीएस आधारित सटीक लोकेशन होने से जमीन के सीमा विवादों में कमी आएगी। तकनीक का कमाल: 3 से 5 सेमी. तक की अचूक शुद्धता हाईटेक सीओआरएस सिस्टम के जरिए किसी भी जगह की भौगोलिक स्थिति अब 3 से 5 सेंटीमीटर तक की सटीकता से तुरंत मापी जा सकेगी। आने वाले समय में जमीन सर्वे, सीमांकन और बड़े सरकारी प्रोजेक्ट्स की बुनियाद बनेगा। ‘स्वामित्व’, ‘नक्शा’, ‘अमृत’ और ‘रेवेन्यू लैंड मॉडर्नाइजेशन’ जैसे राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय अभियानों में यही डेटा आधार बनेगा, जिससे सर्वे और मैपिंग कार्यों की गुणवत्ता और गति दोनों में बड़ा सुधार होगा। सीओआरएस (कंटीन्यूअसली ऑपरेटिंग रेफरेंस स्टेशन) एक स्थायी सेटेलाइट आधारित ढांचा है, जो रियल टाइम लोकेशन डेटा उपलब्ध कराता है। इसके सक्रिय होने से जमीन के नक्शों में त्रुटियां कम होंगी, राजस्व रिकॉर्ड अधिक सटीक होंगे।
ऑटो और ई रिक्शा के चक्रव्यूह में फंसा ट्रैफिक
जवाहर मार्ग पर शनिवार को लंबे समय तक जाम लगा रहा। दरअसल, बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे ऑटो, ई रिक्शा कहीं पर भी रुककर सवारी बैठाने और उतारने लगते हैं। इससे ट्रैफिक फंसने लगता है। ई रिक्शा की इसी समस्या को देखते हुए शहर को 7 सेक्टर में बांटकर ई रिक्शा के रूट तय किए गए थे। जनवरी 2026 में यह योजना बनाई गई थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं कर सके हैं। यह नियम बनाए थे प्रत्येक सेक्टर को अलग-अलग रंग-कोडिंग और स्टिकर/पहचान दी जाएगी, ताकि यह पता चले कि किस ई-रिक्शा को किस सेक्टर में चलने की अनुमति है। साथ ही ई-रिक्शा स्टैंड भी चिन्हित किए जाएंगे और वैध दस्तावेज के आधार पर रजिस्ट्रेशन, सीरियल नंबर, रंग कोड आदि दिए जाएंगे। इसलिए हो रही देरी अभी तक सेक्टर-वाइज संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन जारी है। लगभग 3,000+ ई-रिक्शाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
प्रेग्नेंसी के दौरान की जाने वाली सोनोग्राफी और नॉन इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट (NIPT) समेत वे सभी हाईटेक जांचें, जिनसे भ्रूण का लिंग पता चलने की आशंका है, अब पीसीपीएनडीटी एक्ट के दायरे में लाई जाएंगी। केंद्र के निर्देश के बाद मप्र में अस्पतालों, डायग्नोस्टिक लैब और IVF/ART सेंटर की मैपिंग शुरू होगी। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी सभी जांचों के लिए पीसीपीएनडीटी के तहत रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण जांच करना कानूनन अपराध माना जाएगा। इसमें 10 हजार रुपए जुर्माने और 3 साल तक की कैद का प्रावधान है। अब तक यह कानून मुख्य रूप से सोनोग्राफी जांचों पर लागू था। क्या है NIPT, जिसे लेकर बढ़ी सख्तीNIPT यानी नॉन इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट, गर्भवती के रक्त के सैंपल से की जाने वाली जांच है। इसमें भ्रूण के डीएनए की जानकारी मिलती है, जिससे कुछ आनुवांशिक बीमारियों का पता चलता है। लेकिन इसी प्रक्रिया से भ्रूण का लिंग सामने आने की आशंका भी रहती है।
प्रदेश में पिछले वित्तीय वर्ष में 133 बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा है कि आय की तुलना में खर्च बढ़ गया। राजस्व आय और खर्चों के नकद बेमेल को दूर करने के लिए 91,251 करोड़ का रिजर्व बैंक से विशेष एडवांस लेना पड़ा। करीब 271 दिनों तक इस्तेमाल किए गए इस पैसे के बदले सरकार ने 161 करोड़ रुपए का ब्याज चुकाया है। भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की साल 2024—25 रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024—25 के दौरान राज्य सरकार ने सरकारी कंपनियों, जॉइंट वेंचर और सहकारी समितियों में 1047 करोड़ का निवेश किया था। इसी तरह रोडवेज में 855 करोड़ रुपए और राजस्थान पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड में 170 करोड रुपए का निवेश किया गया। रिपोर्ट में सामने आया है कि पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार के 62 हजार 818 करोड़ के निवेश पर साल 2024—25 में केवल 6 करोड़ का लाभ हुआ था। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में राज्य सरकार ने अंश पूंजी के रूप में 62,818 करोड़ का निवेश था। सरकार कोई भी, कर्ज लेने में कमी नहीं प्रदेश में सरकार कांग्रेस की रही या फिर भाजपा की। सरकारों ने हर साल कर्ज लेने में कोई कमी नहीं छोड़ी। कैग रिपोर्ट से साफ है कि वर्ष 2020-21 से लेकर 2024-25 में सरकार ने हर साल कर्ज लिया। महत्वपूर्ण पहलु यह है कि इसमें से ठोस विकास और भविष्य की संपत्तियां बनाने में उसका आधा भी खर्च नहीं किया। कर्ज का आधा हिस्सा प्रशासनिक और दूसरे खर्चों में चला गया। सरकार ने 2024-25 में 59,098 करोड़ का कर्ज लिया और उसमें से पूंजीगत खर्च 30,777 करोड़ ही किया। साल 2020-21 में सरकार ने 48,941 करोड़ का कर्ज लिया लेकिन पूंजीगत खर्च 15,271 करोड़ ही रहा। पंचायत-निकायों के अनुदान में 15000 करोड़ की बढ़ोतरी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 5 साल में स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं को दिए जाने वाले अनुदान के पैसे में करीब 15000 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी हुई है। साल 2020-21 में 39,745 करोड़ रुपए दिए गए थे जो 2024-25 में बढ़कर 54,819 करोड रुपए हो गए। जिला परिषद , पंचायत समितियां और नगर पालिकाओं को 2024-25 में 4819 करोड रुपए दिए गए इस में से जिला परिषदों को 7940 करोड़, नगर पालिका और नगर निगम को सजा 7355 करोड़, पंचायत और पंचायत समितियां को 12,313 करोड़ का अनुदान दिया गया।
शीशे तोड़ने का असफल संघर्ष:पुल की रेलिंग तोड़कर नहर के पानी में गिरी कार, तीन की मौत
इटारसी-पथरौटा मार्ग पर शुक्रवार रात तेज रफ्तार कार पुल की रेलिंग तोड़कर पथरौटा की बड़ी नहर में जा गिरी, जिसमें लकी पटेल (30) रैसलपुर, शिवम तिवारी (26) छीरपानी और अभय चौहान (19) इटारसी की मौके पर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक कार के अंदर फंसे रहे और शीशे तोड़ने की कोशिश करते रहे। सूचना पर पुलिस व नर्मदापुरम से एसडीआरएफ टीम पहुंची। प्लाटून कमांडर अमृता दीक्षित ने बताया कि कार पानी में लॉक हो गई थी। करीब ढाई घंटे बाद क्रेन से कार बाहर निकाली गई। तीनों परिवारों में मातम पसरा है। लकी साईनाथ इलेक्ट्रिशियन सर्विस चलाता था, शिवम किसान संघ पदाधिकारी का बेटा था, जबकि अभय फैक्ट्री कर्मचारी का पुत्र था। हादसे के बाद जर्जर पुल और कमजोर रेलिंग को लेकर लोगों ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। 48 साल पुराना पुल, सुरक्षा इंतजाम नहीं पथरौटा मार्ग का पुल 1978 में बना था। सीमेंट रेलिंग टूटने के बाद केवल पतले लोहे के पाइप लगाए गए, जो हाथ लगाने से हिलते हैं। ढाल और मोड़ पर सुरक्षा दीवार नहीं है। जनवरी 2026 में भी यहां ऑटो हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। कार पानी में गिर जाए ये करें कार के पानी में गिरते ही संभलने के महज 30 से 60 सेकंड होते हैं। ऐसे में पानी के दबाव से दरवाजे नहीं खुलते। तुरंत शीशे नीचे कर दें। यदि शीशा न खुले, तो सीट के हेड रेस्ट को निकालकर लोहे की रॉड से खिड़की का कांच व सामने का कांच तोड़ें। खिड़की से निकलें। -अमृता दीक्षित , प्लाटून कमांडर एसडीआरएफ हादसे की मामले की जांच चल रही है। पीएम रिपोर्ट में पता चल पाएगा कि युवकों में किसी ने शराब तो नहीं पी थी। हालांकि कार से एक शराब की खाली बोतल मिली है। - संजीव पवार, थाना प्रभारी पथरौटा
भिंड नगर पालिका में संबल योजना और कर्मकार मंडल घोटाले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मंजू अर्गल, संतोष शाक्य और जितेंद्र वर्मा शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक मंजू ने 16 बैंक खातों में 32 लाख और संतोष ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र नगर पालिका के सामने ऑनलाइन कंप्यूटर दुकान चलाता था और फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाता था। 1 अप्रैल 2021 से 31 मार्च 2024 के बीच 152 हितग्राहियों की सहायता राशि दूसरे खातों में भेजकर करीब 3 करोड़ 4 लाख रुपए का गबन किया गया। मामले की जांच सीएसपी निरंजन सिंह राजपूत कर रहे हैं। इससे पहले मुख्य आरोपी बाबू राजेंद्र चौहान समेत अन्य आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कैसे हुआ 3 करोड़ का फर्जीवाड़ा : संबल और कर्मकार मंडल योजना में मृत हितग्राहियों के परिवार को 2-2 लाख रुपए मिलना था, लेकिन राशि 152 फर्जी खातों में भेज दी गई। जांच समिति की रिपोर्ट 18 जुलाई 2024 को कलेक्टर को सौंपी गई थी। इसके बाद तत्कालीन सीएमओ व कर्मचारियों के खिलाफ कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज की गई। आरोपियों की भूमिका : मंजू 0 अर्गल ने खुद और परिवार के खातों में 32 लाख रुपए लिए। संतोष शाक्य ने 10 खातों में 20 लाख रुपए ट्रांसफर कराए। जितेंद्र वर्मा ने अपनी ऑनलाइन दुकान से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार किए और अपनी मां व पत्नी के खातों में 4 लाख रुपए डलवाए। दैनिक भास्कर ने पहले ही दलालों के नाम उजागर किए थे।
मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) के स्टेट हाइवे-15 बाड़ी-बकतरा टोल वसूली में सरकारी खजाने को 9.35 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। यहां जिस टोल कंपनी के पास रखरखाव का काम था, उसके ठीक से काम नहीं करने पर एमपीआरडीसी ने 9,41,24,775 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। शुरुआत में यह 6.39 करोड़ रुपए था, लेकिन ब्याज और अन्य राशि मिलाकर यह बढ़कर 9.41 करोड़ रुपए हो गया। संभागीय स्तर के अफसरों ने 21 नोटिस जारी करके इतनी राशि तय की थी, जिसे बाद में कुछ अफसरों ने केवल 6.23 लाख रुपए में बदलकर पूरा निपटा दिया। यह पूरा मामला हाल ही में तब सामने आया, जब इसकी जांच के लिए एमपीआरडीसी ने दस दिन पहले एक कमेटी बनाई। यह है मामला स्टेट हाइवे-15 बाड़ी, बकतरा पर करीब 58.80 किमी सड़क पर बीओटी मॉडल पर बाड़ी बकतरा टोल प्राइवेट लिमिटेड को साल 2016 में दस साल के लिए काम सौंपा गया था। अनुबंध के मुताबिक गुजरात की इस कंपनी को टोल वसूली के साथ-साथ सड़क का नियमित रखरखाव, नवीनीकरण और मरम्मत भी करनी थी। हर साल सड़क की कुल लंबाई में से 15 फीसदी पर बिटुमिन वर्क करना था। लेकिन रिकॉर्ड बताते हैं कि कंपनी ने पांच के अनुबंध के दौरान रखरखाव नहीं किया और टोल वसूली लगातार जारी रखी। 21 नोटिस के बाद तय की थी 9.41 करोड़ रुपए की राशि कंपनी को काम मिलने के दूसरे साल से ही सड़क में मेंटनेंस नहीं होने की शिकायत मिलने लगी। इसके बाद एमपीआरडीसी के डिवीजनल मैनेजर की तरफ से इस कंपनी को लगातार नोटिस दिए जाने लगे। खासकर साल 2019 से 2022 के बीच सबसे अधिक नोटिस दिए। इन नोटिस में स्पष्ट उल्लेख है कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे, टूट-फूट और दुर्घटना की स्थिति बनने लगी थी। इसके बाद भी कंपनी ने मरम्मत नहीं कराई। एमपीआरडीसी के एमडी भरत यादव ने बताया कि हमने कमेटी बनाकर जांच शुरू करवा दी है। 28 जनवरी को गठित की गई कमेटी में तकनीकी सलाहकार आरके मेहरा को अध्यक्ष, जीएम बीओटी आरएस चंदेल और विधिक सलाहकार स्वास्तिक सिंह को बतौर सदस्य शामिल किया है।
मध्य प्रदेश में सर्दी फिर से बढ़ गई है। करीब 15 दिन के बाद रात का टेम्पेरेचर 4 डिग्री से नीचे आ गया है। कटनी, शहडोल और उमरिया सबसे ठंडे हैं। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री है, जबकि 13 शहरों में टेम्पेरेचर 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। बीती तीन रात से ठंड का असर बढ़ा है। कई शहरों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शुक्रवार-शनिवार रात की बात करें तो भोपाल, इंदौर और ग्वालियर में तापमान 11 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि जबलपुर में 10.8 डिग्री और उज्जैन में 13 डिग्री रहा। करौंदी में 3.5 डिग्री, शहडोल के कल्याणपुर में 4.9 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा-खजुराहो में 7.4 डिग्री, मंडला में 7.9 डिग्री, नौगांव में 8.8 डिग्री, सतना में 8.9 डिग्री, राजगढ़-शिवपुरी में 9 डिग्री, पचमढ़ी में 9.4 डिग्री, दमोह और मलाजखंड में तापमान 9.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। 2 से 3 डिग्री बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग की माने तो अगले 2 दिन तक तेज सर्दी रहेगी। इसके बाद अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में ग्वालियर, चंबल, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा है। 5 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में भी पारा 13 डिग्री से नीचे चल रहा है। इन्हीं जिलों में 8 और 9 फरवरी को भी ठंड का असर बढ़ा हुआ रहेगा। इधर, रविवार सुबह ग्वालियर-चंबल में हल्का कोहरा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल कोहरे और बारिश की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप खिलेगी, लेकिन भोपाल, सीहोर, गुना, ग्वालियर, भिंड, मुरैना आदि जिलों में सर्द हवाएं भी चलेगी। देर रात और अलसुबह ठंड ज्यादा असर दिखाएगी। अगले 2 दिन ऐसा रहेगा मौसम नए सिस्टम का असर देखने को मिलेगापश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 9 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है। जिसका असर फिर से प्रदेश में देखने को मिलेगा। 12 फरवरी से मावठा गिरने का अनुमान है। यानी, अगले 5 दिन तक तो प्रदेश में बारिश या ओले गिरने का अनुमान नहीं है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, दिन गर्मभोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया था। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहींफरवरी में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंडग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी। इस बार यहां फरवरी के पहले ही दिन बारिश का दौर रहा है। जबलपुर में भी बदला रहता है मौसमजबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौरउज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है।
अलवर टाइगर मैराथन 2026 (इंटरनेशनल हॉफ मैराथन) रविवार सुबह साढ़े 5 बजे प्रताप ऑडिटोरियम के सामने से शुरू हो गई। एक दिन पहले ही रात को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, डिप्टी सीएम दिया कुमारी, एक्टर रणवीर हुड्डा, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व वन राज्य मंत्री संजय शर्मा अलवर पहुंच गए। इस मैराथन में भारत सहित कुल 8 देशों से 18 हजार 600 से अधिक लोग भाग ले रहे हैं। 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन में पहले नंबर पर आने वाले खिलाड़ी को 7500 डॉलर ईनाम मिलेगी। कुल 8 कैटेगिरी में मैराथन है। सब विजेताओं को ईनाम मिलेगा। कई देशों में मैराथन में पहले 5 नंबर तक आने वाले खिलाड़ी भी भाग ले रहे हैं। केन्या, नीदरलैंड व साउथ अफ्रिका सहित 7 अन्य देशों के खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर व 2 किलोमीटर की दौड़ होगी। खास बात यह है कि यहां 2 किलोमीटर में दौड़ में करीब डेढ़ हजार से अधिक दिव्यांग दौड़ेंगे। यह संख्या में पिछली बार से तीन गुना से अधिक है।
पीड़ितों से मिले राहुल-प्रियंका:सिंगरौली दौरे पर आ सकते हैं राहुल गांधी
मप्र के सिंगरौली जिले में जंगलों की अंधाधुंध कटाई और खनन से प्रभावित आदिवासियों की गूंज अब दिल्ली के गलियारों में सुनाई दी है। शनिवार को राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुसूचित जनजाति के अध्यक्ष डॉ. विक्रांत भूरिया के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने संसद भवन में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मुलाकात की। राहुल गांधी ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वे इस लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं और जल्द ही सिंगरौली का दौरा भी कर सकते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने राहुल को बताया कि सिंगरौली के दो कौल ब्लॉक इलाकों में अडानी समूह द्वारा संचालित खदानों के लिए बिना ग्राम सभा की अनुमति के हजारों पेड़ काटे जा रहे हैं। आदिवासियों ने आरोप लगाया कि नियम-कायदों को ताक पर रखकर खदानों का विस्तार किया जा रहा है, जिससे उनकी संस्कृति और आजीविका खतरे में है। राहुल गांधी ने साफ किया कि इस मुद्दे को संसद के चालू सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहीं, प्रियंका गांधी ने भी विस्थापन और पर्यावरणीय नुकसान पर गहरी चिंता जताई। बैठक में बासी बेरधा के पीड़ित अशोक पैगाम और सोनमति ने अपनी आपबीती सुनाई।
हरियाणा के यमुनानगर में शनिवार रात दो दोस्तों की चाकू मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उनका एक तीसरा दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों के शवों का आज पोस्टमार्टम होगा। बताया जा रहा है कि कॉलेज से जुड़े पुराने विवाद को सुलझाने के बहाने कॉलेज के ही एक छात्र रक्षित निवासी खजूरी ने तीनों युवकों को गांव खजूरी बुलाया था। मौके पर बातचीत के दौरान अचानक कहासुनी बढ़ गई और मामला झगड़े में बदल गया। इसी दौरान आरोपियों ने युवकों की गर्दन पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में गांव नागल निवासी आदित्य (18) और खजूरी निवासी राज कुमार की मौत हो गई, जबकि अर्जुन घायल है और उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में आरोपी रक्षित व उसके पिता प्रीतम सिंह पर हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विवाद सुलझाने के बहाने बुलाया पुलिस को दी शिकायत में अर्जुन निवासी गांव नागल ने बताया कि वह खालसा कॉलेज यमुनानगर से बीए की पढ़ाई कर रहा है। घटना वाले दिन शाम करीब 6 बजे वह घर पर जिम जाने की तैयारी कर रहा था, तभी उसके चाचा का लड़का आदित्य जोकि खालसा कॉलेज में प्रथम वर्ष का छात्र था उसे कॉलेज के ही एक रक्षित नामक युवक से बातचीत कर विवाद सुलझाने के लिए गांव खजुरी स्थित राजपूत धर्मशाला चलने को कहने लगा। आदित्य के अनुसार रक्षित ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की थी और वहीं बैठकर समझौता करने के लिए बुलाया था। इसके बाद अर्जुन और आदित्य मोटरसाइकिल पर खजुरी पहुंचे, जहां रास्ते में उनका दोस्त राजकुमार भी साथ हो गया और तीनों धर्मशाला पहुंच गए। वहां रक्षित अपने पिता प्रीतम सिंह और पांच-छह अन्य लड़कों के साथ पहले से मौजूद था। गाली देकर गर्दन पर किया वार अर्जुन के अनुसार उन्हें देखते ही रक्षित ने गाली दी और तुरंत छिपा हुआ तेजधार हथियार निकालकर आदित्य की गर्दन पर वार कर दिया तथा दूसरा वार राजकुमार के गले पर किया। बीच-बचाव करने पर रक्षित ने अर्जुन की बाईं जांघ पर भी वार किया। इसी दौरान रक्षित के पिता ने भी हमलावरों को तीनों को सबक सिखाने के लिए उकसाया और अन्य साथियों ने भी रक्षित का साथ दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए, जिससे आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में गांव के ही मोहित और गौरव तीनों घायलों को अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया और राजकुमार को गंभीर हालत में पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया, जिसकी रास्ते में मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रक्षित, उसके पिता और अन्य साथियों ने आपसी साजिश के तहत उन्हें बुलाकर जान से मारने की नीयत से हमला किया, जिसके कारण आदित्य और राजकुमार की मौत हो गई। उसने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस जांच में जुटी, आरोपी फरार घटना की सूचना मिलते ही थाना जठलाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एहतियातन गांव खजूरी और सिविल अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। प्रारंभिक जांच में पुलिस आपसी रंजिश या पुराने विवाद की आशंका जता रही है। फिलहाल आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आज होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर शनिवार की रात को सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवाद दिया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम आज रविवार को कराया जाएगा, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।
हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) को अनिवार्य किए जाने के बाद बंद हो चुकी वाहन निर्माता कंपनियों के हजारों वाहन मालिक बड़ी प्रशासनिक परेशानी में फंस गए हैं। निर्माता कंपनी का अस्तित्व ही न होने के कारण एचएसआरपी पोर्टल पर वाहन का डेटा है ही नहीं। इसके बाद भी परिवहन विभाग ने फिटनेस सर्टिफिकेट, परमिट नवीनीकरण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं रोक रखी हैं। भोपाल में ही ऐसे करीब 1500 वाहन हैं, जबकि प्रदेशभर में यह संख्या 55 हजार से ज्यादा बताई जा रही है। इसके बाद विभाग ने इन वाहन स्वामियों के हित में इतने दिन बाद भी कोई फैसला नहीं किया है। इसे लेकर एएमडब्ल्यू कंपनी के ट्रक के वाहन स्वामी अरुण मोदी ने विभाग के अफसरों और मंत्री से शिकायत की है। अरुण का कहना है कि एएमडब्ल्यू कंपनी वर्षों पहले बंद हो चुकी है, जिससे अधिकृत एचएसआरपी प्रणाली में आवेदन संभव नहीं हो पा रहा। यह स्थिति वाहन स्वामी के दायरे से बाहर है। इसके बाद भी विभाग ने फिटनेस और परमिट रोक दिया है। विभाग की ओर से ऐसा किया जाना, प्राकृतिक न्याय सिद्धांतों के खिलाफ है। बंद कंपनियों के वाहन, कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं विभागीय सूत्रों का कहना है कि यह परेशानी केवल एएमडब्ल्यू तक सीमित नहीं है। फिएट, शेवरोलेट, मित्सुबिशी, पंजाब ट्रैक्टर्स और विलीज जैसी कई कंपनियां भी बंद हो चुकी हैं, लेकिन इनके वाहनों के लिए भी परिवहन विभाग ने कोई वैकल्पिक या मैन्युअल एचएसआरपी व्यवस्था नहीं बनाई। वाहन मालिक बोले- फिटनेस अटकी तो जिम्मेदारी किसकी वाहन स्वामियों ने सवाल उठाया है कि यदि विभागीय कारणों से एचएसआरपी जारी नहीं होती है और इसी दौरान वाहन संचालन में कोई हादसा, दंडात्मक कार्रवाई, विधिक विवाद या जन-धन हानि होती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या प्रशासनिक व कानूनी जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होगी? क्योंकि सैकड़ों वाहन स्वामियों ने इसके लिए समय-समय पर अपनी ओर से सभी जरूरी कोशिशें कर ली हैं। वाहन स्वामियों की मांग... बंद या निष्क्रिय कंपनियों के वाहनों के लिए मैन्युअल या वैकल्पिक एचएसआरपी प्रक्रिया बनाई जाए। { फिटनेस, परमिट व अन्य वैधानिक कार्यवाही न रोकी जाए। { जब तक समाधान नहीं निकलें, तब तक ऐसे वाहन स्वामियों को राहत दी जाए। HSRP से जुड़ी 5 जरूरी बातें अनिवार्यता: सभी दोपहिया, चार पहिया, व्यावसायिक वाहनों पर एचएसआरपी लगाना अनिवार्य है। कानूनी प्रावधान: मोटर वाहन अधिनियम, 1988 और केंद्रीय मोटर वाहन नियम के नियम 50 के तहत यह अनिवार्यता लागू की गई है। कैसे मिलती है प्लेट: केवल परिवहन विभाग द्वारा अधिकृत वेंडर के ऑनलाइन पोर्टल के जरिए, वाहन निर्माता के डेटा के आधार पर ही मिलती है एचएसआरपी। न लगाने पर असर: चालान के साथ फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट नवीनीकरण और अन्य वैधानिक प्रक्रियाएं रोकी जा सकती हैं। क्या हो रही दिक्कत: जो वाहन निर्माता कंपनियां बंद हो चुकी हैं, उनके वाहनों का डेटा पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होने से एचएसआरपी के लिए आवेदन संभव नहीं हो पा रहे हैं।
हरियाणा के रोहतक निवासी DANIPS (दिल्ली, अंडमान एंड निकोबार आईलैंड पुलिस सर्विस) राहुल बल्हारा के पिता जयपाल ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। दो दिन पहले हुई इस घटना का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगा है। इसमें जयपाल अनाज मंडी में अपनी दुकान नंबर 38A के बाहर कुर्सी पर बैठे दिखाई दे रहे है। पुलिस के मुताबिक, यहां बैठने से पहले वे अनाज मंडी की आढ़ती एसोसिएशन की मीटिंग में शामिल हुए थे। मीटिंग से वे हंसते हुए लौट कर आए थे। इसके बाद दुकान के बाहर बैठकर कुछ सोचने लगे। कुछ देर तक उनके पास कुछ लोग बैठे रहे। मगर, जैसे ही वे लोग उठकर गए, जयपाल ने अपनी जेब वे मोबाइल निकाला और उसे कुछ देर देखा। इसके बाद अचानक उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और सिर से सटाकर गोली चला दी। गोली लगने से ही वे खून से लथपथ होकर नीचे गिर पड़े। इसकी सूचना पाकर शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शनिवार को शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मगर, अभी तक भी जयपाल के सुसाइड करने के पीछे कोई स्प्ष्ट वजह सामने नहीं आई। मामले की सूचना मिलते ही उनके बेटे राहुल बल्हारा रात में दमनदीव से रोहतक लौट आए थे। हर कोई हैरान है कि अचानक ऐसा क्या हुआ, जो जयपाल को सुसाइड जैसा कदम उठाना पड़ा। एक ओर जहां पुलिस इसके पीछे अभी घरेलू विवाद, लेनदेन और साथियों से मनमुटाव जैसी थ्योरी पर जांच कर रही है, वहीं, परिवार अब तक इस मामले में पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। पहले जानिए जयपाल ने कैसे किया सुसाइड, 2 पॉइंट… अब जानिए पुलिस को इस मामले में क्या मिला…. हर कोई हैरान, जयपाल ने सुसाइड जैसा कदम क्यों उठाया… बेटा दो साल पहले ही बना DANIPS, तीन बेटियां भी मृतक जयपाल की 3 बेटियां है, जबकि एक बेटा राहुल बल्हारा है। राहुल बल्हारा का चयन DANIPS (दिल्ली, अंडमान एंड निकोबार आईलैंड पुलिस सर्विस) के लिए हुआ था, जो दमनदीव में तैनात है। जयपाल का परिवार समृद्ध है और किसी से कोई पैसों को लेकर या अन्य कोई विवाद भी नहीं है। फिर आत्महत्या क्यों की, यह सवाल सबके लिए बना हुआ है। जयपाल फोन में क्या देख रहा था, यह बड़ा सवालजयपाल मरने से पहले फोन में क्या देख रहे थे। यह सवाल सबके दिमाग में घूम रहा है। हालांकि आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में जयपाल बिल्कुल ठीक था और लोगों से बातचीत करते हुए चाय भी साथ में पी थी। दुकान आने के बाद ऐसा क्या हुआ कि जयपाल ने आत्महत्या कर ली, यह भी बड़ा सवाल है। सीसीटीवी नहीं होता तो आत्महत्या का यकीन नहीं होता आढ़ति एसोसिएशन के पूर्व प्रधान डिंपल बुधवार ने बताया कि अगर दुकान में सीसीटीवी लगा नहीं होता तो किसी को यह यकीन ही नहीं होता कि जयपाल ने सुसाइड किया। क्योंकि सीसीटीवी में खुद को गोली मारते हुए जयपाल दिख रहा है। कुछ देर पहले हंसते हुए जयपाल को अचानक आत्महत्या करने की क्या सुझी, यह समझ नहीं आ रहा। पैसों का लेनदेन नहीं हो सकता आत्महत्या का कारण घटनास्थल के आसपास के दुकानदारों का कहना है कि जयपाल का परिवार साधन संपन्न है। पैसों का कोई लेनदेन आत्महत्या का कारण नहीं हो सकता, क्योंकि जयपाल काफी सरल स्वभाव का था। कोई उसे कुछ कह भी देता तो वह हंस कर टाल दिया करता था। आत्महत्या का असली कारण किसी को नहीं पता। एसएचओ बोले- पुलिस मामले में कर रही जांच शिवाजी कॉलोनी थाना एचएसओ राकेश सैनी ने बताया कि अनाजमंडी में एक सुसाइड की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। परिवार के लोगों ने शनिवार को ही उनका अंतिम संस्कार कर दिय। एसएचओ ने बताया कि पुलिस आत्महत्या के कारण का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए परिजनों के बयान भी लिए गए हैं। ---------------------ये खबर भी पढ़ें... रोहतक में IPS के पिता ने किया सुसाइड:अनाज मंडी में कुर्सी पर बैठै थे, पिस्टल निकाल सिर में मारी गोली; बेटा दमनदीव में तैनात हरियाणा के रोहतक में डीएएन आईपीएस राहुल बल्हारा के पिता जयपाल ने खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया। शुक्रवार की शाम को वे अनाज मंडी में दुकान के बाहर कुर्सी पर बैठे थे। इस दौरान उन्होंने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकाली और सिर में गोली मार ली। (पूरी खबर पढ़ें)
खाटू में लगने वाले वार्षिक फाल्गुनी श्याम मेले व यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा रेवाड़ी-रींगस-रेवाड़ी की दो जोड़ी तथा जयपुर-भिवानी-जयपुर एक्सप्रेस स्पेशल रेल सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। इन विशेष ट्रेनों के संचालन से हरियाणा और राजस्थान के यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, गाड़ी संख्या 09633 रेवाड़ी-रींगस एक्सप्रेस स्पेशल रेल सेवा दिनांक 20 फरवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक कुल 09 ट्रिप संचालित होगी। यह ट्रेन रेवाड़ी से रात 10:50 बजे रवाना होकर 1:45 बजे रींगस पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09634 रींगस-रेवाड़ी एक्सप्रेस स्पेशल दिनांक 21 फरवरी से 01 मार्च 2026 तक कुल 09 ट्रिप चलेगी, जो रींगस से 2:05 बजे रवाना होकर सुबह 5:10 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव अटेली, नारनौल, डाबला, नीम का थाना, कावंट और श्रीमाधोपुर स्टेशनों पर रहेगा। इस सेवा में 16 डिब्बों वाला डेमू रैक लगाया गया है। यह गाड़ी चलेगी 20 से इसके अलावा गाड़ी संख्या 09637 रेवाड़ी-रींगस एक्सप्रेस स्पेशल 20 से 28 फरवरी 2026 तक संचालित होगी, जो रेवाड़ी से 11:00 बजे रवाना होकर 14:20 बजे रींगस पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 09638 रींगस-रेवाड़ी एक्सप्रेस स्पेशल इसी अवधि में रींगस से 14:55 बजे रवाना होकर 18:20 बजे रेवाड़ी पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव इस ट्रेन का ठहराव कुंड, काठूवास, अटेली, नारनौल, अमरपुर जोरासी, निजामपुर, डाबला, मांवडा, नीम का थाना, कावंट व श्रीमाधोपुर स्टेशनों पर रहेगा। इसमें कुल 10 डिब्बे लगाए गए हैं। जयपुर-भिवानी चलेगी 13 ट्रिप वहीं, गाड़ी संख्या 09733 जयपुर–भिवानी एक्सप्रेस स्पेशल 16 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक 13 ट्रिप चलेगी, जबकि वापसी में गाड़ी संख्या 09734 भिवानी–जयपुर एक्सप्रेस स्पेशल भी इसी अवधि में संचालित होगी। इस सेवा में कुल 11 डिब्बे होंगे और यह कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
हरियाणा के रेवाड़ी में 19 वर्षीय विकास के सुसाइड में खुलासा हुआ है। विकास जेईई-मेन्स एग्जाम पास करके बीटेक करना चाहता था और उसका इंजीनियर बनने का सपना था। 12वीं कक्षा में स्कूल में टॉप करने के बाद, वह घर पर रहकर ही तैयारी कर रहा था। 4 फरवरी को उसने घर में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उसने लिखा था, हां, मैं सुसाइड कर रहा हूं और इसके लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। गुडबॉय लाइफ। परिवार के लोग हैरान हैं कि विकास ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया। उसकी टीचर का कहना है कि स्कूल के दिनों में वह हमेशा कहता था कि वह एक सफल इंसान बनकर अपने घर की स्थिति को सुधारना चाहता है। विकास के चाचा मनोज ने बताया कि 4 फरवरी को जेईई-मेन्स की आंसर की आई थी, जिसके बाद से ही विकास परेशान था। परिवार के लोग इससे ज्यादा कुछ नहीं कह रहे। स्कूल में नॉन मेडिकल में टॉपरविकास रेवाड़ी जिले के ढ़ालियावास गांव का रहने वाला था। उसके घर में पिता बलबीर हैं, जो खेती-बाड़ी करते हैं। बड़ा भाई गुरुग्राम की एक कंपनी में नौकरी करता है। मां हाउस वाइफ है। विकास ने 2025 में बिठवाना गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं पास की थी। नॉन मेडिकल स्ट्रिम में उसके 87 प्रतिशत नंबर आए थे। वह स्कूल में नॉन मेडिकल स्ट्रिम का टॉपर था। 20 फरवरी को मामा के घर शादीविकास के मामा के घर 20 फरवरी को शादी है। विकास की मां अपने घर गई थी। उन्होंने विकास को भी साथ चलने को कहा था, लेकिन उसने साथ जाने से इनकार कर दिया। विकास ने अपने मामा से फोन पर बात कर कहा था कि बड़े भाई के आने के बाद कपड़े लेकर आऊंगा। इसके बाद मैं भी शादी में शामिल होऊंगा। पिता की आंखों से नहीं रुक रहे आंसूविकास की मौत के करीब 3 दिन बीतने के बाद पिता की आंखों के आंसू नहीं सूख रहे हैं। जब लोग विकास की मौत पर शोक व्यक्त करने पहुंच रहे थे तो एक कोने में बैठे विकास के पिता की आंखों से आंसू बह रहे थे। परिवार के सदस्य उन्हें बार-बार समझाने का प्रयास कर रहे थे। अब जानिए विकास ने कैसे किया सुसाइड… पिता टहलने गए, मां मामा के घर थी4 फरवरी को विकास घर पर अकेला था। उसके पिता बलबीर गांव में टहलने की बात कहकर गए थे, जबकि उसकी मां मामा के घर गई हुई थी। उसका बड़ा भाई ड्यूटी पर गया हुआ था। विकास ने मकान का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। उसने अलमारी से कपड़े निकाले और बेड से गद्दा उठाकर बेड पर रखा। फिर टेबल का सहारा लेकर अलमारी पर चढ़ा और पंखा लगाने वाले हुक में रस्सी डालकर पहले फंदा बनाया और फिर नीचे कूद गया। सबमर्सिबल की बची रस्सी का इस्तेमालविकास के पिता घर पर लगे सबमर्सिबल में डालने के लिए प्लास्टिक की नई रस्सी लेकर आए थे। सबमर्सिबल में डबल रस्सी डालने के बाद, एक छोटा सा टुकड़ा बच गया था, जिसे उन्होंने संभालकर घर में रख लिया था। विकास ने उसी बचे हुए रस्सी के टुकड़े से फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पिता आए तो दरवाजा बंद मिलाटहलने के बाद जब उसके पिता घर आए तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो विकास फंदे पर झूल रहा था। विकास के पिता ने तुरंत मॉडल टाउन थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घर का दरवाजा तोड़ा और शव को फंदे से नीचे उतारा।
आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार को करीब 25 वर्षीय युवती की निर्मम हत्या कर शव फेंक दिया गया। गला दबाने के बाद शव को कंबल में लपेटा गया था। कंबल पर को काला टेप लगाकर पैक कर दिया। एक्सप्रेस वे के किनारे पर बनी नाली में डालकर आरोपी भाग गए। पुलिस ने इस ब्लाइंड केस को खोलने के लिए 4 टीमें लगाई हैं। शनिवार देर शाम पुलिस ने मृतका की शिनाख्त कर ली। युवती दिल्ली की रहने वाली है। उसका मायका मध्यप्रदेश में है। पुलिस हत्यारों तक पहुंचने के लिए लगाताद दबिश दे रही है। पहले बताते हैं क्या था मामलाशुक्रवार दोपहर 3:30 बजे बकरी चराने पहुंचे ग्रामीणों ने यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन 148 के पास ग्राम सौरई के समीप नाली में कंबल पड़ा देखा। पास जाने पर दुर्गंध आने लगी तो शक हुआ। उन्होंने एक्सप्रेस-वे पर पेट्रोलिंग कर रहे गार्डों और पुलिस को सूचना दी। आधा घंटे बाद डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह और एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार, एसओजी टीम, फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वॉड के साथ पहुंच गए। पुलिस ने शव को नाली से बाहर निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आसपास तलाश भी की गई लेकिन मृतका की पहचान से संबंधित कुछ भी नहीं मिला। गाड़ी से शव लाकर फेंकाडीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि मृतका मेहंदी रंग का सलवार सूट पहने थी। पैरों में बिछुए भी थे। हथेली के पास, हाथ और कंधे पर आर-एस लिखा था। मृतका के गले पर दबाने के निशान थे। गाल पर नीचे चोट का निशान भी था। आशंका है कि हत्या कहीं और की गई, फिर शव को किसी गाड़ी से लाकर एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया। मृतका की शिनाख्त दिल्ली निवासी सोनाली के रूप में हुई है। मृतका ही हत्या कर शव को कार से लाकर आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर फेंका गया। चेहरे पर मेकअपमहिला के शरीर पर अच्छे कपड़े थे। आंखों में काजल होठों पर लिपिस्टिक और हाथ में अंगूठी पहने थी। पुलिस का मानना है कि महिला को धोखे से बुलाया गया। उसे इस बात का बिल्कुल भी आभास नहीं रहा होगा कि उसकी हत्या कर दी जाएगी। अचानक उसका गला दबा दिया गया। बचने के प्रयास में गाल पर चोट लगी होगी। हाथ पर लिखा है सनीपुलिस सनी नाम के व्यक्ति की तलाश में लगी है क्योंकि महिला के हाथ पर एक जगह पर सनी लिखा था। जिस जगह पर शव मिला, वो जगह खंदौली टोल प्लाजा से एक किलोमीटर की दूरी पर दिल्ली रोड पर है। इससे दो किलोमीटर आगे मथुरा की सीमा शुरू हो जाती है। पुलिस दो बिंदुओं पर जांच कर रही है। एक तो हत्या के बाद शव फेंकने वाला आगरा की तरफ से आया होगा। उसने टोल पार किया और शव फेंकने के बाद भाग गया। वहीं दिल्ली की तरफ से आने वाले छोटे वाहनों के लिए खंदाैली टोल से 200 मीटर पहले एक कट बना है। हत्या करने वाला दिल्ली की तरफ से आया होगा तो वह टोल प्लाजा के पार नहीं गया होगा। गाड़ी को कट से टर्न करने के बाद शव को फेंककर भाग गया। पुलिस अब यमुना एक्सप्रेस-वे के सभी टोल पर लगे कैमरों के फुटेज देख रही है।
देशभर में 1000 दाल मिल लगेंगी, इनमें से मप्र में 55 लगाई जाएंगी
देश में दलहन उत्पादन को नई गति देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसके तहत देशभर में 1000 दाल मिलें स्थापित की जाएंगी, जिनमें से 55 मध्यप्रदेश में लगाई जाएंगी। यह घोषणा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को अमलाहा में आयोजित दलहन क्षेत्र के राष्ट्रीय सम्मेलन में की। उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर दलहन खरीदी की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि तुअर 8 हजार रुपए, उड़द 7800 रुपए, चना 5875 रुपए और मसूर 7 हजार रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएगी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार बीज से लेकर बाजार तक किसानों की चिंता करेगी। दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि मंत्रियों के साथ मंथन कर राष्ट्रीय रोडमैप तैयार किया जाएगा।
नया ट्रैफिक प्लान:आज शाम 5 से रात 10 बजे तक पायलट प्रोजेक्ट
गवर्नमेंट हॉस्टल चौराहे पर लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव को कम करने के लिए यातायात पुलिस ने आज शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ट्रैफिक व्यवस्था बदली है। डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने बताया कि अजमेर रोड से चर्च रोड पर वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। पोलोविक्ट्री से गणपति प्लाजा होकर खासाकोठी की तरफ यातायात रोका जाएगा और एमईएस तिराहा से अजमेर रोड की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। ऐसे चलेगा ट्रैफिक
शहर में 16 ब्लैक स्पॉट ऐसे हैं, जहां बार-बार दुर्घटनाएं हो रही हैं। इन्हें खत्म करने के लिए सरकार ने मार्च और मई 2023 में नगर निगम भोपाल को 3.98 करोड़ रुपए दिए थे। निगम ने सिर्फ 5.30 लाख रुपए खर्च किए। उससे भी केवल बागसेवनिया थाना और आशिमा मॉल क्षेत्र का रोड सेफ्टी ऑडिट कराया गया। एसपीए द्वारा तैयार यह डीपीआर भी निगम की फाइलों में धूल खा रही है। सुधार का कोई काम नहीं हुआ। 1 जनवरी 2022 से 31 दिसंबर 2024 तक इन ब्लैक स्पॉट पर 99 हादसे हुए और 27 लोगों की मौत हो गई। साल 2025 में ट्रैफिक पुलिस ने ब्लैक स्पॉट के अनुसार हादसों और मौत के आंकड़े आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए, ताकि हकीकत सामने नहीं आ सके। पिछले साल भोपाल में लगभग 3000 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज हुईं। इन हादसों में कम से कम 215 मौतें हो गईं। बंद सिग्नल, असुरक्षित लेफ्ट टर्न, अतिक्रमण जैसे छोटे-छोटे कारण बड़े हादसों की वजह जानिए... कहां क्या समस्या (गोविंदपुरा टर्निंग, डीबी मॉल चौराहा, 1250 चौराहा, बेस्ट प्राइस तिराहा आदि जगह भी समस्या है।) कब कितनी राशि मिलीमार्च 2023 : 1.73 करोड़ मई 2023 : 2.25 करोड़ (राशि मिलने के बाद भी न तो चौराहे रिडिजाइन हुए, न लेफ्ट टर्न सुधारे गए न स्पीड कंट्रोल के इंतजाम किए गए।) अगस्त में सुप्रीम कोर्ट की टीम आई, फिर भी स्थिति नहीं बदलीअगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा समिति आई थी। 8 ब्लैक स्पॉट देखे थे। अफसरों से पूछा गया था, सुधार कब होगा। फिर भी राशि उपयोग नहीं हुई। एक्सपर्ट कमेंट - डॉ. सिद्धार्थ रोकड़े, ट्रैफिक एक्सपर्ट (मैनिट) बजट नहीं... इच्छाशक्ति की कमी से बने रहते हैं ब्लैक स्पॉट ब्लैक स्पॉट पर हादसे सिर्फ तेज रफ्तार से नहीं होते, सड़क की खराब बनावट भी इसका बड़ा कारण होती है। ऐसे स्थानों पर लेन का सही बंटवारा, रिफ्लेक्टर, स्पीड कंट्रोल और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे बुनियादी सुधार जरूरी हैं। पैदल लोगों की सुरक्षित आवाजाही, लेफ्ट टर्न क्लियर और सिग्नल दुरुस्त करना भी उतना ही अहम है। कई जगह अतिक्रमण होने के कारण सड़क दिखाई ही नहीं देती, जिससे सड़क हादसे बढ़ते हैं। जब तक अतिक्रमण नहीं हटेंगे, तब तक सुधार का असर नहीं दिखेगा। इन कामों के लिए इच्छाशक्ति होना भी जरूरी है। ब्लैक स्पॉट में सुधार के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय करके प्लान बनाया है। हर एजेंसी के अपने-अपने हिस्से के काम हैं। निगम ने एक कार्ययोजना बनाकर शासन को मंजूरी के लिए भेजी है। उसकी मंजूरी का इंतजार है। -आरआर जारौलिया, सुप्रिटेंडेंट इंजीनियर, नगर निगम, भोपाल
लुधियाना| स्वरंगण वेलफेयर सोसाइटी की तरफ से बरसाना स्थित श्री मान मंदिर में विशेष संगीत कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में पद्माश्री रमेश बाबा के सानिध्य में रहने वाली बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शास्त्रीय संगीत की बुनियादी जानकारी देना और उनमें संगीत के प्रति रुचि विकसित करना था। नगर के युवा गायक कपिल शर्मा ने कार्यशाला के दौरान बालिकाओं को राग विद्या, सुर, ताल और नियमित संगीत अभ्यास की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संगीत साधना में निरंतर अभ्यास और अनुशासन सबसे महत्वपूर्ण होता है। बालिकाओं ने भी रागों का अभ्यास किया।
संदली सांझ में कॉलेज की पुरानी यादें ताजा हुईं
लुधियाना। खालसा कॉलेज फॉर वुमन, सिविल लाइंस में शनिवार को पूर्व छात्राओं के लिए एलुमनी गेट-टुगेदर ‘संदली सांझ’ का भव्य आयोजन किया गया। ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 250 से अधिक एलुमनी सदस्यों ने पंजीकरण कर हिस्सा लिया और अपने कॉलेज की पुरानी यादों को ताजा किया। कार्यक्रम में पंजाब यूथ सर्विस की सहायक निदेशक रूपिंदर कौर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं, जबकि डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा विशिष्ट अतिथि रहे। कॉलेज की निदेशक डॉ. मुक्ति गिल, राज्य पुरस्कार विजेता व बाल विकास ट्रस्ट की चेयरमैन डॉ. रचना शर्मा, विभिन्न विभागों के सेवानिवृत्त शिक्षक और अनेक प्रतिष्ठित एलुमनी सदस्य भी समारोह में शामिल हुए। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत ग्रेवाल ने अतिथियों का स्वागत किया। पंजाबी गायक गगन कोकरी ने अपनी मधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह का प्रमुख आकर्षण रैफल ड्रॉ रहा, जिसे मुख्य अतिथि और अन्य गणमान्य अतिथियों ने निकाला। इस अवसर पर वर्ष 1985 से लेकर हाल के वर्षों तक की 17 शानदार एलुमनी सदस्याओं को उनकी उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल डॉ. कमलजीत ग्रेवाल ने कार्यक्रम के आयोजन में समन्वयक जसबीर कौर के प्रयासों की प्रशंसा की।
लुधियाना में लीफोर्ड फ्री इवनिंग स्कूल का औपचारिक उद्घाटन
लुधियाना| 200 फीट रोड क्षेत्र में लीफोर्ड फ्री इवनिंग स्कूल का औपचारिक उद्घाटन किया गया। यह स्कूल एनजीओ इनिशिएटर्स ऑफ चेंज और लीफोर्ड हेल्थकेयर लिमिटेड की संयुक्त पहल के तहत शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य आसपास के गांवों के लगभग 150 जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा, यूनिफॉर्म, किताबें और स्कूल बैग उपलब्ध कराना है। उद्घाटन समारोह में नगर निगम लुधियाना के ज्वाइंट कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर लीफोर्ड हेल्थकेयर लिमिटेड की सीएफओ सारिका गुप्ता और इनिशिएटर्स ऑफ चेंज के चेयरमैन गौरवदीप सिंह भी विशेष रूप से मौजूद रहे। कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों ने गीत, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्य अतिथि जसदेव सिंह सेखों ने कहा कि इनिशिएटर्स ऑफ चेंज लंबे समय से जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहा है। गौरवदीप सिंह ने इस स्कूल को उद्देश्य और करुणा के सहयोग से संभव हुई उपलब्धि का प्रतीक बताया। यह स्कूल इनिशिएटर्स ऑफ चेंज के ‘यूएसएएआरआई’ प्रोजेक्ट के तहत संचालित होगा।
गेम्स, म्यूजिक, डांस और मस्ती के संगम से कैंपस बना उत्सव स्थल
भास्कर न्यूज | लुधियाना गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमन, गुजरखान कैंपस, मॉडल टाउन में आयोजित एलुमनाई कार्निवल यादों, संगीत और उत्साह से भरा रहा। इस भव्य आयोजन में कॉलेज की पूर्व छात्राएं बड़ी संख्या में शामिल हुईं और अपने कॉलेज जीवन की सुनहरी यादों को एक-दूसरे के साथ साझा किया। कार्यक्रम में हर ओर अपनापन और खुशी का माहौल नजर आया। पूर्व छात्राओं ने न सिर्फ पुराने दिनों को याद किया, बल्कि कॉलेज के साथ अपने भावनात्मक जुड़ाव को भी खुलकर व्यक्त किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर निगम लुधियाना की पार्षद भवनीत कौर रहीं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थान समाज निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे एलुमनाई आयोजन पूर्व और वर्तमान छात्राओं के बीच मजबूत संबंध बनाने का काम करते हैं। कार्निवल में खाने-पीने की विभिन्न स्टॉल्स, कपड़ों और ज्वेलरी की दुकानों के साथ मजेदार गेम्स लगाए गए, जिससे पूरा कैंपस उत्सव स्थल में बदल गया। फनकार्स बैंड की लाइव म्यूजिकल परफॉर्मेंस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही, जिस पर दर्शक झूमते नजर आए। रैफल ड्रॉ ने कार्यक्रम में खासा रोमांच भर दिया, जिसमें कई लोगों ने आकर्षक इनाम जीते। इसके अलावा पूर्व और वर्तमान छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग डांस परफॉर्मेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. मनीता काहलों ने पूर्व छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियां छात्राओं के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने रैफल ड्रॉ के विजेताओं को पुरस्कार देकर आयोजन को सफल बनाने वाले स्टाफ और आयोजकों की सराहना की। एलुमनाई कार्निवल पूर्व छात्राओं के लिए एक यादगार मिलन साबित हुआ, जहां दोस्ती, यादें और उत्सव का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रिंसिपल ने किया पूर्व छात्राओं का स्वागत गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमन, गुजरखान कैंपस, मॉडल टाउन में एलुमनाई कार्निवल।
चाबी लगी बाइक से लेकर घर के बाहर खड़ी एक्टिवा चोरी, पुलिस जांच में जुटी
भास्कर न्यूज |लुधियाना शहर में दोपहिया वाहन चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों से सामने आई इन वारदात ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामलों में बाइक और एक्टिवा चोरी की पांच घटनाएं दर्ज की गई हैं। सभी मामलों में चोरों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली वारदात 11 नवंबर को थाना मोती नगर क्षेत्र में हुई। गोपाल नगर, टिब्बा रोड निवासी सुरिंदर कुमार ने पुलिस को बताया कि वह शिव चौक के पास से गुजर रहे थे। रास्ते में लघुशंका के लिए रुके और बाइक (PB-10-DA-1445) सड़क किनारे खड़ी कर दी। बाइक में चाबी लगी थी और उस पर बैग भी रखा था। कुछ ही देर बाद लौटे तो बाइक गायब मिली। दूसरी घटना 19 जनवरी की है। बसंत नगर, डाबा निवासी मोहम्मद अब्दुल ने बताया कि वह रात करीब 10 बजे डाबा रोड पर दोस्त से मिलने गया था। दोस्त के घर के बाहर बाइक (PB-10-HH-3421) खड़ी की थी। इसी दौरान एक युवक आया और बाइक स्टार्ट कर फरार हो गया। दोस्त ने पीछा किया, लेकिन आरोपी हाथ नहीं आया। थाना डाबा पुलिस ने केस दर्ज किया है। तीसरी वारदात 31 जनवरी को थाना डिवीजन-1 क्षेत्र में हुई। गुरनाम नगर, जासियां रोड निवासी राजदेव ने बताया कि वह जन्मदिन की पार्टी के लिए घंटाघर के पास होटल हेवन गया था। होटल के बाहर खड़ी उसकी बाइक (PB-10-JM-5828) चोरी हो गई। चौथी घटना भी 31 जनवरी को थाना दुगरी क्षेत्र में हुई। दुगरी फेस-2 निवासी जोगिंदर पाल सिंह ने बताया कि वह शाम को सब्जी मंडी एक्टिवा (PB10EJ-7093) पर गया था। वापस आने पर एक्टिवा गायब मिली। पांचवीं वारदात 2 फरवरी को थाना डिवीजन-8 क्षेत्र में सामने आई। प्रेम नगर, सिविल लाइन्स निवासी विशाल सैनी ने बताया कि उनकी पत्नी ने उन्हें सूचना दी कि घर के बाहर खड़ी एक्टिवा (PB10JG-4820) चोरी हो गई है। सभी मामलों में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि चोरों तक पहुंचा जा सके।
एसएसपी रूपनगर के चाचा के साथ चोरी, 36 दिन बाद पर्चा
लुधियाना| सराभा नगर इलाके में एक आईपीएस अधिकारी के चाचा के साथ चोरी की वारदात हो गई। हैरानी की बात ये रही कि पीड़ित को एफआईआर दर्ज करवाने के लिए पूरे 36 दिन तक इंतजार करना पड़ा। इतना ही नहीं, लंबा इंतजार कराने के बाद भी पुलिस ने मामला अज्ञात आरोपी के खिलाफ ही दर्ज किया। मामले में तरलोचन सिंह निवासी सराभा नगर ने बताया कि उनके भतीजे आईपीएस अधिकारी गुलनीत सिंह खुराना हैं, जो वर्तमान में एसएसपी रूपनगर के पद पर तैनात हैं। तरलोचन सिंह ने बताया कि 31 दिसंबर को दोपहर के समय वे अपनी एक्टिवा पर सवार होकर एएसजे अस्पताल, सराभा नगर गए थे। उन्होंने अस्पताल के बाहर अपनी एक्टिवा खड़ी की और अंदर चले गए। जब वे वापस लौटे तो जिस स्थान पर वाहन पार्क किया था, वहां एक्टिवा नहीं मिली। हालांकि उस समय उन्होंने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। करीब दो घंटे बाद जब उन्होंने एक्टिवा की डिग्गी चेक की तो उसमें रखे 40 हजार रुपये गायब मिले। इसके बाद उन्होंने थाना डिवीजन-5 की पुलिस को लिखित शिकायत दी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस ने यह कहकर मामला दर्ज नहीं किया कि पहले आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा, उसके बाद केस दर्ज किया जाएगा। जबकि मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी उपलब्ध थी। बावजूद इसके पुलिस आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा सकी। करीब 36 दिन बाद पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है।
14 साल की बच्ची से छेड़छाड़ का प्रयास, शोर मचाने पर आरोपी फरार
लुधियाना| थाना डिवीजन-6 क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। आरोपी पड़ोसी ने घर में अकेली बच्ची को देखकर वारदात को अंजाम देने की कोशिश की, लेकिन बच्ची ने हिम्मत दिखाते हुए खुद का बचाव किया और शोर मचाया, जिससे आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 फरवरी को दोपहर करीब 1:30 बजे पेट दर्द होने के कारण वह दवा लेने गई थीं। घर पर 14 वर्षीय बेटी अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला एक युवक, जो पेशे से ड्राइवर है, पानी लेने के बहाने घर पर आया और दरवाजा खटखटाने लगा। बच्ची द्वारा मना करने पर आरोपी ने जबरन दरवाजा खोल लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ गलत हरकत करने की कोशिश की। बच्ची ने रोते हुए शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी धमकी देकर मौके से फरार हो गया। कुछ देर बाद मां के घर लौटने पर पीड़िता ने पूरी घटना बताई। शिकायत के आधार पर थाना डिवीजन-6 पुलिस ने प्रताप नगर निवासी वरिंदर कुमार उर्फ विक्की पुत्र हरभजन सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मॉडल निर्माण प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाया हुनर
लुधियाना। आर्य कॉलेज गर्ल्स सेक्शन के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा भारतीय अर्थव्यवस्था विषय पर मॉडल बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों और उससे जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूक करना था। बी.ए. पहले वर्ष की दीया ने भारत के आर्थिक क्षेत्रों पर बनाए गए मॉडल के लिए पहला स्थान प्राप्त किया। खुशी और नीरल ने नीति आयोग पर मॉडल के लिए दूसरा पुरस्कार जीता, जबकि गौरी और कोमल ने पर्यावरण क्षरण विषय पर मॉडल के लिए तीसरा स्थान हासिल किया। लता को लघु उद्योग पर मॉडल के लिए सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। एसीएमसी के सचिव डॉ. एस.एम. शर्मा और प्रिंसिपल डॉ. सूक्ष्म आहलूवालिया ने छात्राओं और विभाग के प्रयासों की सराहना की। विभाग प्रभारी डॉ. ममता कोहली ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता और भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रति उनकी जागरूकता की प्रशंसा करते हुए विजेताओं को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. पारुल ने किया।
एमपी बोर्ड:परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर फर्जी पेपर लीक, साइबर क्राइम पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
एमपी बोर्ड परीक्षा से पहले जालसाजों ने टेलीग्राम के जरिए फर्जी प्रश्नपत्र बेचने का नेटवर्क सक्रिय कर दिया है। जालसाजों ने फर्जी प्रश्नपत्रों को असली दिखाने के लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल के लोगो और मोनो का दुरुपयोग किया। मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने बोर्ड से शिकायत मिलने के बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार माध्यमिक शिक्षा मंडल भोपाल ने शिकायत में बताया कि कुछ टेलीग्राम चैनलों के जरिए छात्रों से रुपए वसूलकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान टेलीग्राम पर अब तक एमपी बोर्ड एग्जाम पेपर 2026, एमपी बोर्ड पेपर, एमपी बोर्ड 2025 एग्जाम पेपर, एमपी बोर्ड पेपर लीक, ऑल बोर्ड्स पेपर 2026, एमपी बोर्ड ऑफिशियल और एमपी बोर्ड प्रश्न 2026 जैसे सात चैनल सामने आए हैं। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पीएयू में डायमंड जुबली एलुमनी मीट, देश-विदेश से पहुंचे 300 से अधिक पूर्व छात्र
भास्कर न्यूज | लुधियाना पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के कॉलेज ऑफ कम्युनिटी साइंस में शनिवार को डायमंड जुबली एलुमनी मीट का आयोजन कॉलेज लॉन में किया गया। इस मौके पर देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए पूर्व छात्रों ने शिरकत की और अपने कॉलेज जीवन की पुरानी यादों को ताजा किया। एलुमनी मीट के लिए 300 से अधिक पूर्व छात्रों ने पंजीकरण करवाया था।कार्यक्रम में कॉलेज की चार पूर्व डीन डॉ. सुखवंत कौर मान, डॉ. नीलम ग्रेवाल, डॉ. जतिंदर कौर गुलाटी और डॉ. संदीप बैंस के साथ बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त फैकल्टी सदस्य भी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना के साथ की गई। मुख्य अतिथि वाइस चांसलर डॉ. सतबीर सिंह गोसल ने गुब्बारे छोड़कर एलुमनी मीट का शुभारंभ किया। उन्होंने एलुमनी की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों और नेतृत्व क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थान के समग्र विकास को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कॉलेज की डीन डॉ. किरण बैंस ने एलुमनी को कॉलेज की अकादमिक, खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उपलब्धियों से अवगत कराया। इस अवसर पर एलुमनी डायरेक्टरी और स्मारिका ‘को-एलुमनस 2025-26’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में कॉलेज की पूर्व डीन को सम्मानित किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठतम डीन डॉ. के. के. शर्मा ने की। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए फैकल्टी को नवाचार अपनाने, पेशेवर प्रतिबद्धता मजबूत करने और शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया। डायमंड जुबली के अवसर पर वर्ष 1966 से 1976 बैच के एलुमनी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पद्मश्री से सम्मानित रजनी बेक्टर इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि रहीं। कार्यक्रम में कॉलेज की स्थापना से अब तक की सुविधाओं, गतिविधियों और आयोजनों पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। मनोरंजक सत्र में छात्रों, फैकल्टी और एलुमनी की प्रस्तुतियां हुईं। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सरप्राइज गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया। एलुमनी ने कॉलेज में नवनिर्मित ‘एल्मा-कनेक्ट’ सुविधा का भी उत्साहपूर्वक भ्रमण किया। इस अवसर पर रजिस्ट्रार, डायरेक्टर ऑफ रिसर्च, डीन पोस्टग्रेजुएट स्टडीज, डायरेक्टर स्टूडेंट्स वेलफेयर, कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चर व कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड फॉरेस्ट्री के डीन, चीफ इंजीनियर सहित यूनिवर्सिटी के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में एलुमनी एसोसिएशन की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. दीपिका विग ने सभी अतिथियों और अधिकारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
एनडीएसए चेयरमैन ने किया निरीक्षण:सेफ्टी जांच के लिए खोला भदभदा डैम का एक गेट
बरसात में आम तौर पर खोले जाने वाले भदभदा डैम का एक गेट शनिवार सुबह सेफ्टी जांच के लिए खोला गया। सुबह करीब 9:30 बजे गेट से पानी निकलता देख लोग हैरान हुए। बाद में पता चला कि नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (एनडीएसए)के चेयरमैन अनिल जैन भदभदा और कलियासोत डैम सहित अन्य बांधों के निरीक्षण के लिए भोपाल आए थे। निरीक्षण के दौरान गेट के पास घास उगी देख जैन ने आशंका जताई कि गेट ऑपरेट नहीं हो रहे होंगे। नगर निगम इंजीनियरों ने भदभदा डैम का पहला गेट खोलकर दिखाया। करीब दो मिनट तक गेट खुला रहा और फिर बंद कर दिया गया। जैन ने डैम और गेट की सेफ्टी की जानकारी ली। उन्होंने संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए वार्षिक डैम सेफ्टी कांट्रैक्ट का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि देशभर में 10 मीटर और उससे ऊंचे सभी डैम की भारत सरकार नियमित मॉनिटरिंग करेगी। दौरे के दौरान कलियासोत डैम का भी निरीक्षण किया गया।
बारात, धार्मिक आयोजनों व विशेष बसों के परमिट हुए महंगे, टेंपरेरी शुल्क भी बढ़ाया
परिवहन विभाग ने बारात सहित शादी-ब्याह, धार्मिक आयोजनों, टूर और अन्य विशेष अवसरों पर चलने वाली बसों के परमिट शुल्क में बढ़ोतरी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब इन बसों का परमिट शुल्क 12 रुपए प्रतिदिन प्रति सीट से बढ़ाकर 18 रुपए प्रतिदिन प्रति सीट कर दिया गया है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। विभाग के अनुसार इन बसों के संचालन को नियंत्रित करने और राजस्व में वृद्धि के उद्देश्य से यह बदलाव किया गया है। इसके साथ ही टेंपरेरी (अस्थायी) परमिट की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। अब अस्थायी परमिट पर 100 किमी तक 200 रुपए प्रति सीट का शुल्क रहेगा। इसके बाद हर 10 किमी पर 12 रुपए प्रति सीट चुकाने होंगे। पहले यह दर 10 रुपए प्रति 10 किमी प्रति सीट थी। विभाग का कहना है कि लंबे रूट पर अस्थायी परमिट पर चलने वाली बसों पर निगरानी के लिए यह कदम जरूरी था। भोपाल-मंडीदीप उपनगरीय बस परमिट सस्ता हुआ ट्रकों के टैक्स का नया नियम पहले ट्रक की चेसिस और बॉडी पर अलग-अलग टैक्स लगता था। अब रेडी ट्रक खरीदने पर मूल कीमत का 5 प्रतिशत टैक्स लगेगा। केवल चेसिस लेने पर 6 प्रतिशत टैक्स देना होगा। बॉडी पर अलग टैक्स नहीं लगेगा। इस नए तरीके से आगे चलकर माल परिवहन की लागत में आंशिक बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। किराए-मालभाड़े पर होगा असर विभाग का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य परिवहन व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना और राजस्व को संतुलित करना है। अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए दरों में संशोधन जरूरी होता है। बस और ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि बढ़ी दरों का असर किराये और मालभाड़े पर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम निर्णय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा। उपनगरीय बसों के परमिट सस्ते... भोपाल-मंडीदीप और इंदौर पीथमपुर जैसे रूट पर चलने वाली उपनगरीय बसों के परमिट शुल्क में राहत दी गई है। पहले 150 रुपए प्रतिमाह प्रति सीट देने पड़ते थे, अब यह घटाकर 150 रुपए प्रति तिमाही प्रति सीट कर दिया गया है। इससे नियमित बस संचालन को बढ़ावा मिलेगा।
आप नेता को बदनाम करने का आरोप: कांग्रेसी पार्षद समेत दो लोगो पर मामला दर्ज किया
भास्कर न्यूज |लुधियाना आम आदमी पार्टी के एक नेता की छवि खराब करने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने के आरोप में थाना मोती नगर की पुलिस ने कांग्रेस के वार्ड-26 से पार्षद गौरव भट्टी और साहिब राजपूत के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता जमालपुर कॉलोनी निवासी और वार्ड 26 के आप इंचार्ज इंद्रदीप सिंह मिंकू ने शिकायत में बताया कि पंजाब सरकार प्रदेशवासियों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने के लिए हेल्थ कार्ड बनाने की मुहिम चला रही है। इसके लिए सभी वार्डों में मशीनें जारी की गई हैं। इसी दौरान भामियां रोड निवासी साहिब राजपूत ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में साहिब ने आरोप लगाया कि मिंकू ने उसे निर्देश दिए हैं कि जिन लोगों की पर्चियां काटकर भेजी जाएं, उनसे पैसे वसूले जाएं और उस रकम का 90 प्रतिशत हिस्सा मिंकू को दिया जाए। मिंकू ने कहा कि उनकी साहिब राजपूत से ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई। यह वीडियो पूरी तरह झूठा और उन्हें बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस साजिश में वार्ड के पार्षद गौरव भट्टी भी शामिल हैं, जिन्होंने बिना किसी सबूत के उक्त वीडियो को बार-बार फेसबुक पर शेयर किया ताकि उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके। वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें और उनके परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। थाना मोती नगर की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 351 (1,2) और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पार्षद गौरव भट्टी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। हालांकि उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-‘मेरे ऊपर केस दर्ज करवाने के लिए कूमकलां से एसएचओ परमदीप सिंह को मोती नगर थाना लाया गया। आज तक नहीं हुआ कि एक थाने का एसएचओ दूसरे थाना में जाकर स्पेशल पर्चा दर्ज करे। वार्ड नंबर 26 के इलाका निवासियों के हितों की आवाज दबाने के लिए मेरे ऊपर केस दर्ज करवाया गया है।
मनोज चौहान ने वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से की मुलाकात
लुधियाना | भाजपा के सीनियर नेता मनोज चौहान ने केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी से शिष्टाचार भेंट कर केंद्र सरकार की जनहित योजनाओं को आम लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पंजाब के सभी बैंकों में विभिन्न ऋण योजनाओं को सरल प्रक्रिया के साथ लागू करने संबंधी मांग-पत्र सौंपा। मंत्री ने आश्वासन दिया कि गरीब, वंचित वर्ग, युवाओं और छोटे व्यापारियों को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।
12.5 करोड़ रुपए का केमिकल जब्त किया:खेत में चल रही थी एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री, दो आरोपी गिरफ्तार
मंदसौर के गरोठ र में पुलिस ने एमडी ड्रग्स बनाने की एक बड़ी फैक्ट्री का खुलासा किया है। शनिवार देर रात सुरजना गांव में दबिश देकर पुलिस ने खेत में बने एक मकान से 12.5 किलो क्रूड एमडी केमिकल जब्त किया है। यह फैक्ट्री गांधीसागर के डूब क्षेत्र से लगे जंगल के पास चल रही थी। जब्त स्टॉक की कीमत 12 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने मौके से फैक्ट्री चला रहे सुरजना निवासी दीपक सिकलीगर (32) व सुमीत सिकलीगर (29) को गिरफ्तार किया है। पहले भी इसी क्षेत्र में हो चुकी है कार्रवाईजनवरी 2025 में भी गरोठ थाना क्षेत्र के खारखेड़ा गांव में नारकोटिक्स टीम ने एमडी ड्रग्स फैक्ट्री पर छापा मारा था। संतरे के बगीचे के बीच चल रही फैक्ट्री से 50 करोड़ के केमिकल जब्त किए गए थे।
हेरोइन और नशीली गोलियों के साथ 9 आरोपी गिरफ्तार
लुधियाना | शहर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नशा करने और तस्करी के मामलों में 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने हेरोइन और नशीली गोलियां बरामद की हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
रोज इन्क्लेव में कुत्तों से लोग परेशान
लुधियाना| गांव दाद में स्थित रोज इन्क्लेव में करीब एक दर्जन आवारा कुत्तों से लोग परेशान है। रोज इन्क्लेव के लोगों ने डीसी, निगम कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर को शिकायत कि इलाके में एक महिला आवारा कुत्तों को खाना खिलाती है। उसने खाली प्लॉट में इन कुत्तों से रखा हुआ है। जो आये दिन वहां से निकलने वाले लोगों दौड़ाते है। कई बार तो पैदल जा रहे बच्चों को दौड़ा तक लेते है। हालात यहां तक हो गए है कि वहां से निकलना तक मुश्किल हो गया है। हम लोग कई बार महिला से इस संबंध में कह चुके है। लेकिन वह झगड़ा करना शुरू कर देती है। लोगों ने आवारा कुत्तों की समस्या को हल करने की मांग की है।
प्रॉपर्टी रेट बढ़ाने का नया तरीका...:भोपाल में 500 से ज्यादा लोकेशन मर्ज करने की तैयारी
भोपाल में प्रॉपर्टी खरीदना और रजिस्ट्री कराना आने वाले समय में और महंगा पड़ सकता है। नई कलेक्टर गाइडलाइन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होते ही पंजीयन विभाग के अफसरों ने रेट बढ़ाने का नया तरीका निकाल लिया है। इस बार सीधे रेट बढ़ाने की बजाय शहर की 500 से ज्यादा लोकेशन को आपस में मर्ज करने की तैयारी की जा रही है। इस प्रस्ताव को लेकर उपमूल्यांकन समिति के अध्यक्ष विनोद सोनकिया ने सवाल खड़े किए हैं। अफसरों से ठोस तर्क के साथ दोबारा प्रस्ताव लाने को कहा है। आम पर असर: घर-प्लॉट खरीदना और महंगा हो जाएगा उदाहरण के तौर पर किस तरह से अफसर लोकेशन को मर्ज करने की बात कह रहे हैं इसका असर क्या होगा जानिए:वार्ड नंबर 80 ग्राम अकबरपुर का रेट 18000 हजार रु प्रति वर्ग मीटर यानी (1672 रु प्रति वर्ग फीट) है। जबकि उसी के पास की कॉलोनी का रेट 15 हजार ( 1394 रु प्रति वर्ग फीट ) से लेकर 16 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर (1486 रु प्रति वर्ग फीट ) है। यानी आसपास की कॉलोनियों में ही प्रति वर्ग फीट के रेट 278 रु से लेकर 186 रु से प्रति वर्ग फीट का अंतर बताया जा रहा है। कुछ इस तरह के उदाहरण देकर लोकेशन को मर्ज करने की तैयारी चल रही है।
बीकानेर की पहचान रही उस्ता कला आज अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। बेशक इस कला को जीआई टैग मिला, लेकिन मुश्किल से 10-15 कारीगर हैं, जो उस्ता कला को निभा रहे हैं। कला व विरासत विशेषज्ञ लतीफ उस्ता बताते हैं- शुरुआत में यह कला सिर्फ दीवारों पर की जाती थी। बीकानेर के किलों और हवेलियों की दीवारों पर उभरी हुई सुनहरी नक्काशी उसी परंपरा का हिस्सा थी। लेकिन जब अंग्रेज अधिकारी इस कला को अपने साथ ब्रिटेन ले जाना चाहते थे, तब से ही उस्ता कला को ऊंट की खाल से बने कुप्पे, कुप्पियों और अन्य उपयोगी वस्तुओं जैसे टेबल लैंप आदि पर करने की शुरुआत हुई। उस्ता कला कारीगर कहते हैं- हस्तशिल्प पुरस्कार और नियमित सरकारी संरक्षण चाहिए उस्ता कला की प्रक्रिया बेहद लंबी और श्रमसाध्य है। इसके लिए ऊंट की खाल बड़ी मुश्किल से मिल पा रही है, जिससे कुप्पी बनती है। पहले सूखी कुप्पी लाई जाती है, उसके अंदर की मिट्टी निकाली जाती है, मूल आकार बना रहता है। पहले कागज पर डिजाइन बनाते हैं। ट्रेसिंग पेपर पर बारीक सुई से छेद करते हैं, जिसे सुरजन कहते हैं। फिर सफेद और चारकोल पाउडर की मदद से वही डिजाइन कुप्पी पर उतारी जाती है। पुराने घड़ों की कूटी हुई मिट्टी, गुड़ और गोंद मिलाकर बने पेस्ट से डिजाइन उभारी जाती है। जब ये सूख जाती है तो उसके बाद पीली और केसरिया रंग की परत चढ़ती है। फिर असली सोने का वर्क लगाया जाता है। उभरे हिस्सों पर काली स्याही से आउटलाइन और बाकी हिस्सों में रंग भरे जाते हैं। हर चरण में 10 से 12 घंटे सूखने में लगते है। राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित कलाकार अयूब अली उस्ता बताते हैं- उस्ता कला के सामने आज सबसे बड़ी समस्या कच्चे माल की उपलब्धता और महंगाई है। सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है, जबकि खरीदार कम होते जा रहे हैं। 200-250 ग्राम की एक चमड़े की कुप्पी की कीमत उस पर की जाने वाली उस्ता कला नक्काशी के अनुसार 5 से 6 हजार तक पहुंच जाती है। राज्य स्तर पर हस्तशिल्प पुरस्कार और नियमित सरकारी संरक्षण बंद हो चुका है। कारीगर कहते हैं, जब पहचान, बाजार और आमदनी तीनों अनिश्चित हों, तो नई पीढ़ी इस कला में क्यों आएगी। उस्ता कला आज भी जीवित है, लेकिन कुछ गिने-चुने हाथों और सीमित उम्मीदों के सहारे।
राहुल के बयान के विरोध में भाजपा ने किया जोरदार प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | लुधियाना संसद के बाहर राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय रेल मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ अपमानजनक और असभ्य भाषा इस्तेमाल किए जाने के विरोध में गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी, लुधियाना द्वारा ताजपुर रोड पर एक जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन की अगुवाई भाजपा के वरिष्ठ नेता सनी मलिक ने अपने साथियों के साथ की। इस मौके पर भाजपा के नेताओं ने राहुल गांधी का पुतला फूंका। इस मौके पर सनी मलिक ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा संसद की मर्यादा को ताक पर रखकर एक केंद्रीय मंत्री के लिए अनुचित इस्तेमाल का प्रयोग करना निंदनीय है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की यह सोच सिर्फ राजनीतिक निराशा नहीं, बल्कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों का अपमान भी है। प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि वे अपने बयान के लिए देश से माफी मांगें। सनी मलिक ने कहा कि जिस सिख भाई के परिवार ने पंजाब के लिए कुर्बानियां दी हैं, उसे ‘गद्दार’ कहकर संबोधित करना सिर्फ उस व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे पंजाब का अपमान है। देश की राजधानी में एक सिख परिवार और एक देशभक्त सिख नेता को बदनाम करना बिलकुल अस्वीकार्य है।
राइडइंडिया एक्सपो: दूसरे दिन बिजनेस में जबरदस्त तेजी
लुधियाना| राइडइंडिया एक्सपो के दूसरे दिन लुधियाना में बिजनेस में जबरदस्त तेजी देखी गई, क्योंकि एग्जिबिशन हॉल पूरे इलाके के डीलरों, डिस्ट्रीब्यूटरों, रिटेलरों और सीरियस ट्रेड खरीदारों से भरे हुए थे। लगातार आने वालों और खास विजिटर प्रोफाइल ने दिन को बहुत प्रोडक्टिव बना दिया, जिससे साइकिलिंग और मोबिलिटी इंडस्ट्री के लिए एक लीडिंग ट्रेड प्लेटफॉर्म के तौर पर राइडइंडिया की जगह पक्की हो गई। लुधियाना के आत्म नगर के MLA कुलवंत सिंह सिद्धू के आने से एक्सपो को बड़ा बूस्ट मिला। अलग-अलग कैटेगरी के एग्जीबिटर्स ने विजिटर्स की क्वालिटी पर बहुत खुशी ज़ाहिर की। कई प्रदर्शकों ने कहा कि एक्सपो उनकी उम्मीदों से बढ़कर रहा और उन्होंने लुधियाना में एक सुव्यवस्थित, व्यवसाय-संचालित प्रदर्शनी देने के लिए आयोजकों को धन्यवाद दिया। जबरदस्त प्रतिक्रिया पर अपने विचार साझा करते हुए, पद्मश्री एस ओंकार सिंह पाहवा ने टिप्पणी की, दूसरे दिन जबरदस्त प्रतिक्रिया राइडइंडिया में उद्योग द्वारा रखे गए विश्वास को दर्शाती है। लुधियाना ने एक बार फिर साइकिलिंग और मोबिलिटी उद्योग के दिल के रूप में अपनी ताकत साबित की है। मजबूत एग्जीबिटर कॉन्फिडेंस, लगातार बायर एंगेजमेंट और एक एनर्जेटिक बिजनेस माहौल के साथ, RideIndia Expo तेज़ी से साइकिलिंग और मोबिलिटी सेक्टर के लिए एक अहम इवेंट के तौर पर उभर रहा है।
गम्सा एक्सपो में दो दिन में 10 हजार से ज्यादा विजिटर
भास्कर न्यूज |लुधियाना केंद्र सरकार द्वारा भारत और यूरोप के बीच किए गए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर ट्रेड इंडस्ट्री में उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। इसका प्रमाण गारमेंट्स मैन्युफैक्चरर्स मशीनरी एंड सप्लायर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित 10वें गम्सा एक्सपो में देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, प्रदर्शनी के पहले दो दिनों में ही विजिटर्स की संख्या 10 हजार से पार पहुंच गई है। एक्सपो में हाई-एंड सर्कुलर निटिंग, अल्ट्रा-कम्पैक्ट फ्लैट निटिंग, एम्ब्रॉयडरी, प्रिंटिंग, डाइंग, वॉशिंग और फिनिशिंग जैसी अत्याधुनिक मशीनरी पेश की जा रही है। दूसरे दिन मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के दिग्गज उद्योगपति नई तकनीक, ऑटोमेशन और प्रोडक्शन एफिशिएंसी बढ़ाने वाले सॉल्यूशंस की जानकारी लेते नजर आए। मशीनरी ट्रेडिंग सेक्टर के पायनियर नरेंदर इंटरनेशनल के नरेंदर कुमार ने कहा कि भारत–यूरोप डील देश के सुनहरे भविष्य की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि गुजरात, सूरत और पानीपत जैसे क्षेत्रों में इंडस्ट्री-फ्रेंडली स्कीम और सब्सिडी के कारण बड़े स्तर पर निवेश हो रहा है और अगले 25 वर्षों का औद्योगिक रोडमैप साफ दिखाई देता है। गम्सा एक्सपो के प्रधान गुरप्रीत सिंह केपी ने बताया कि 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाली यह डील देश की GDP को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखती है। गोल्ड स्टोन इंटरनेशनल के भूपेश जैन ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर देख रहा है।
92 छात्रों को बांटे जूते, केक व चॉकलेट
लुधियाना। हंबड़ां के पास स्थित दो सरकारी मिडिल स्कूलों तलवंडी नौबाद और घमनेवाल में बॉर्न टू हेल्प वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से छात्रों के लिए विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था ने दोनों स्कूलों के कुल 92 छात्रों को स्कूल शूज, केक और चॉकलेट वितरित किए। संस्था की प्रतिनिधि नमिता सिंगला (सीएमए) ने बताया कि दोनों सरकारी मिडिल स्कूल उनकी एनजीओ द्वारा गोद लिए गए हैं और संस्था लगातार बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कई ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे आर्थिक कारणों से अपनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर पाते, इसलिए एनजीओ का उद्देश्य उन्हें सहयोग और प्रोत्साहन देना है। जूते और मिठास भरे उपहार पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। स्कूल प्रशासन और टीचरों ने भी एनजीओ की इस पहल की सराहना की। बॉर्न टू हेल्प वेलफेयर एसोसिएशन ने भविष्य में भी इसी तरह के सामाजिक और शैक्षिक कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प दोहराया।
वार्षिक खेल समारोह में स्टूडेंट्स ने किया प्रतिभा का प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | लुधियाना आत्म पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिक खेल समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शारीरिक व मानसिक क्षमता, आत्मविश्वास, अनुशासन, सहयोग और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना था, ताकि वह पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष संजीव हीरालाल जैन और शिक्षा निर्देशक डॉ. बीडी बुद्धि राजा ने किया। विद्यालय की तरफ से खेल समारोह का सीधा प्रसारण अभिभावकों के लिए भी उपलब्ध करवाया गया। आचार्य सम्राट पूज्य आत्माराम महाराज के चरणों में नतमस्तक होकर नवकार मंत्र और प्रार्थना की। स्कूल अध्यापिका संगीता बेरी और स्टूडेंट्स की तरफ से प्रस्तुत किए वंदे मातरम ने सभी को देश भक्ति से ओत- प्रोत कर दिया। विद्यालय की प्रिंसिपल बंदना सेठी ने सभी का अभिनंदन किया। पंचवर्णीय जैन ध्वजारोहण अध्यक्ष संजीव हीरालाल जैन, शिक्षा निर्देशक प्रोफेसर डॉ. बीडी बुद्धिराजा, प्रिंसिपल वंदना सेठी, प्राचार्य आत्म नर्सरी संजना अरोड़ा, बाइस प्रिंसिपल हरमन मंगेड़ा और सुमन भाटिया की उपस्थिति में संपन्न हुआ। खेल समारोह की शुरुआत महान खिलाड़ियों मैरी कॉम, मिल्खा सिंह, नीरज चोपड़ा के नाम पर बनी टीमों की तरफ से प्रस्तुत मार्च-पास्ट और खेल शपथ ग्रहण से हुई। विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।

