गणेशोत्सव को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए इंदौर नगर निगम ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस वर्ष ‘ग्रीन गणेश उत्सव-2026’ का आयोजन 14 से 23 सितंबर तक किया जाएगा। अभियान के तहत गणेश पंडालों को जीरो वेस्ट, पर्यावरण-अनुकूल और 3 आर यानी रिड्यूस, रीयूज और रिसाइकिल की अवधारणा पर तैयार करने पर जोर रहेगा। इसी सिलसिले में अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने मंगलवार को सिटी बस ऑफिस में शहर की गणेश उत्सव समितियों और पंडाल आयोजकों के साथ चर्चा की। निगम अधिकारियों ने अभियान की गाइडलाइन और पंडालों में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए। अपर आयुक्त प्रखर सिंह ने कहा कि इंदौर स्वच्छता में सिरमौर बनने के साथ ही लोगों की सहभागिता के क्षेत्र में भी देश के लिए उदाहरण है। इसी सहभागिता को गणेशोत्सव से जोड़ते हुए इस वर्ष गणेश पंडालों को 3 आर (Reduce, Reuse, Recycle) की अवधारणा पर तैयार करने तथा पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ग्रीन गणेश उत्सव-2026 के अंतर्गत गणेश समितियों एवं पंडाल आयोजकों को पंडालों को जीरो वेस्ट बनाने, मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करने तथा पंडाल की सजावट एवं अन्य व्यवस्थाओं में 3 आर एवं पर्यावरण-अनुकूल सामग्री का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। डस्टबिन की व्यवस्था की जाए पंडाल परिसर में गीले-सूखे कचरे के साथ पूजा सामग्री एवं फल-फूल आदि के पृथक्करण के लिए अनिवार्य रूप से डस्टबिन की व्यवस्था की जाए। प्रसाद एवं भंडारे के दौरान भी कचरे का स्रोत पर ही सेग्रीगेशन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही गणेश विसर्जन के दौरान जुलूस मार्ग की स्वच्छता बनाए रखने तथा मिट्टी की गणेश प्रतिमाओं का निगम ने निर्धारित स्थान पर ही विसर्जन करने पर विशेष जोर दिया गया। गणेश पंडालों में स्वच्छ, सुंदर एवं शून्य अपशिष्ट गणेशोत्सव का संदेश प्रदर्शित करने के साथ ही अभियान के दौरान की गई गतिविधियों, स्वच्छता प्रबंधन एवं नागरिक सहभागिता से संबंधित फोटो, वीडियो तथा संक्षिप्त रिकॉर्ड भी संधारित किया जाएगा। ग्रीन गणेश उत्सव-2026 के तहत निर्धारित मापदंडों के आधार पर शहर के सर्वश्रेष्ठ 3 गणेश पंडालों का चयन कर नगर निगम द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
गया में 27 लाख रुपये की रंगदारी के लिए एक युवक का अपहरण किया गया, जिसे पुलिस ने 8-12 घंटे में सकुशल छुड़ा लिया। इंस्टाग्राम पर प्रेमजाल में फंसाकर युवक को अगवा किया गया था, और रंगदारी लेने पहुंचे पति-पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार हुए।
Swine Flu vs Seasonal Flu: लक्षण तो एक जैसे, फिर स्वाइन फ्लू है या वायरल बुखार कैसे पहचानें?
कानपुर सहित प्रदेश में स्वाइन फ्लू और वायरल बुखार के बढ़ते मामलों के बीच लक्षणों में समानता से पहचान मुश्किल हो रही है। विशेषज्ञों ने दोनों बीमारियों के अंतर, बचाव के तरीके और किन लोगों को अधिक सतर्क रहना चाहिए, इस पर विस्तृत जानकारी दी है।
चंदौली के सकलडीहा विकास खंड सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए। इस दौरान अयोध्या में हुए एक कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण भी हुआ। इसमें मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए कई घोषणाएं कीं। इस मौके पर कुल 15 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र मिले। सीडीपीओ विमलेश पाल ने बताया कि बची हुई महिलाओं को भी एक-दो दिन में नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। मुख्य अतिथि बीडीओ विजय कुमार सिंह ने कहा कि सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को कई सुविधाएं दी हैं। इनमें मानदेय बढ़ाने से लेकर आयुष्मान कार्ड तक की सुविधा शामिल है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी नियुक्त कार्यकर्ता शासन की योजनाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाएंगे, ताकि आखिरी पायदान पर खड़े लोगों को भी लाभ मिल सके। सीडीपीओ विमलेश कुमार पाल ने बताया कि सकलडीहा तहसील के तीन विकास खंडों में कुल 89 नियुक्तियां हुई हैं। इनमें सकलडीहा में 52, धानापुर में 25 और चहनिया में 12 अभ्यर्थियों को नियुक्त किया गया है। इन तीनों विकास खंडों में 37 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 52 सहायिकाएं शामिल हैं। इनमें से 15 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र बांट दिए गए हैं, बाकी को एक-दो दिन में दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम के दौरान बेहतर काम करने वाली सात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सम्मान प्रमाण पत्र भी दिए गए। इसके साथ ही, पांच गर्भवती महिलाओं की गोदभराई भी की गई और उन्हें पौष्टिक पोटली भेंट की गई। इस मौके पर तहसीलदार अभिजीत प्रताप सिंह, बीडीओ विजय कुमार सिंह, सीडीपीओ विमलेश पाल, मनोज कुमार गौतम, प्रमोद, नूतन, एडीओ आईएसबी अनिल सिंह समेत कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
कोटा में निकाय चुनाव के प्रचार के दौरान दो गुटों में विवाद हो गया। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव हो गया। घटना में दो युवक घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ इलाके में सोमवार रात का है। यह विवाद जनसंपर्क के दौरान डीजे साउंड की गाड़ी बंद कराने को लेकर शुरू हुआ था। घायल राकेश खटीक ने बताया- नगर निगम चुनाव में वार्ड पार्षद प्रत्याशी गिरिराज महावर का जनसंपर्क चल रहा था। कॉलोनी में प्रत्याशी के स्वागत के लिए जनसंपर्क टीम को बुलाया गया था। इसी दौरान मेरे मकान से करीब चार मकान दूर रहने वाले सोनू गुर्जर ने जनसंपर्क में चल रही डीजे गाड़ी बंद करवा दी। राकेश के अनुसार- बातचीत करने पर सोनू ने गाली-गलौज और बदतमीजी शुरू कर दी। इसके बाद विवाद मारपीट में बदल गया। आरोप- 10-15 लोगों ने हथियारों से की मारपीट राकेश का आरोप है कि दूसरे पक्ष के 10-15 लोगों ने मुझे और मेरे दोस्त मनीष दीक्षित के साथ हथियारों से मारपीट की। हमले में मेरे सिर में चोट लगी और टांके आए हैं। वहीं मनीष को ज्यादा चोट लगने के कारण निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा- दूसरे पक्ष के लोगों की तलाश जारी उद्योग नगर थाना अधिकारी आनंद यादव ने बताया- एसएफ चौराहे के पास गली में पड़ोसियों के बीच डीजे बंद कराने को लेकर विवाद हुआ था। दोनों पक्षों में मारपीट और पथराव हुआ। राकेश और मनीष घायल हुए हैं। शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। दूसरे पक्ष के लोगों की तलाश की जा रही है।
प्रयागराज में परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई का स्तर, माहौल और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुधारने के लिए बीएसए अनिल कुमार ने मंगलवार को स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा विभाग की टीमों ने सैदाबाद और हंडिया विकासखंड के कुल 16 परिषदीय स्कूलों का अचानक दौरा किया। बीएसए ने बच्चों से बात की और उनका पढ़ाई का स्तर जांचा। इस अभियान के तहत सैदाबाद विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय भूगरसन, चकजलील, नवली, उच्च प्राथमिक विद्यालय मियां पट्टी, प्राथमिक विद्यालय मानपुर, पहाड़पुर, अमोरा और बमैला की व्यवस्थाएं देखी गईं। साथ ही, हंडिया विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय मकसूदना, उच्च प्राथमिक विद्यालय बलदिहा, संविलियन विद्यालय भदवा, प्राथमिक विद्यालय सैतापुर, मोतिहा, रनियाडीह, बरेठी और उच्च प्राथमिक विद्यालय बरेठी का भी जायजा लिया गया। इस पूरे काम में जिला समन्वयक (समेकित शिक्षा) विकास पांडेय, बीईओ अखिलेश कुमार यादव, प्रदीप कुमार सिंह और लालजी शर्मा भी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान बीएसए अनिल कुमार ने सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं की, बल्कि सीधे कक्षाओं में जाकर बच्चों से बात की। उन्होंने छात्रों से अलग-अलग विषयों पर सवाल पूछे। इससे उनके पढ़ने और सीखने के स्तर (लर्निंग लेवल) की बारीकी से जांच की गई। बीएसए ने कहा कि स्कूलों में सिर्फ बच्चों की हाजिरी लगाना काफी नहीं है। हर छात्र तक अच्छी शिक्षा पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे पढ़ाई में कमजोर बच्चों को पहचानें। उन्हें अलग से मदद और व्यक्तिगत मार्गदर्शन दें। साथ ही, क्लास में पढ़ाई को बच्चों के हिसाब से, गतिविधियों पर आधारित और मजेदार बनाने पर जोर दिया गया, ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े। निरीक्षण टीम ने स्कूल परिसरों की साफ-सफाई, पीने के पानी, शौचालय और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी देखा। इस दौरान बताया गया कि बच्चों के मानसिक और बौद्धिक विकास के लिए साफ और सुरक्षित माहौल बहुत जरूरी है। विभाग ने साफ किया कि परिषदीय स्कूलों की हालत सुधारने के लिए यह निगरानी अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा।
गन्ना किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश की विभिन्न सहकारी गन्ना विकास समितियों के अध्यक्षों का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को बिजेंद्र प्रमुख के नेतृत्व में लखनऊ पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने गन्ना आयुक्त से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इसमें आगामी पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करने समेत कई मांगें रखी गईं। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रदेश की कई चीनी मिलों पर पिछले पेराई सत्र का अरबों रुपए का गन्ना भुगतान बकाया है। किसानों को बकाया भुगतान 15 प्रतिशत ब्याज के साथ जल्द दिलाने की मांग की गई। साथ ही समय पर भुगतान नहीं करने वाली चीनी मिलों का गन्ना क्षेत्रफल कम कर समय से भुगतान करने वाली मिलों को आवंटित करने की मांग रखी। किसान प्रतिनिधियों ने सभी चीनी मिलों को हर हाल में 15 अक्टूबर तक चालू कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि गन्ना संरक्षण बैठक से पहले समितियों की बोर्ड बैठक कर प्रस्ताव पारित कराया जाए। संरक्षण बैठक में किसान प्रतिनिधियों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनने के बाद ही संरक्षण आदेश जारी किया जाए। एकतरफा आदेश जारी होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कुछ गन्ना समितियों में कर्मचारियों पर करोड़ों रुपए के गबन का आरोप लगाते हुए रकम की वसूली कराने की मांग की। चीनी मिलों से किसानों को निशुल्क प्रेसमड और कीटनाशकों पर 50 प्रतिशत अनुदान देने की मांग भी रखी गई। किसानों ने बताया कि गन्ने की कई प्रमुख प्रजातियां रोगग्रस्त हो चुकी हैं। इससे उत्पादन घट रहा है और किसानों की लागत बढ़ रही है। गन्ना संस्थान से रोगमुक्त प्रजातियों का बीज किसानों को अनुदान पर उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा समितियों को पूर्व की तरह किसानों की चकरोड पर खड़ंजा निर्माण की सुविधा बहाल करने तथा गन्ना ढुलाई वाहनों का कॉमर्शियल पंजीकरण, बीमा और आरटीओ फिटनेस अनिवार्य कराने की मांग भी उठाई गई।
छोटी गर्दन और अधिक वजन बना चुनौती: MGM के डॉक्टरों ने Fiber optic तकनीक से बचाई मरीज की जान
एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर के डॉक्टरों ने एक 62 वर्षीय महिला की जटिल पित्ताशय की सर्जरी सफलतापूर्वक की। अधिक वजन और छोटी गर्दन के कारण चुनौतीपूर्ण एनेस्थीसिया के लिए फाइबर ऑप्टिक तकनीक का उपयोग किया गया।
श्रावस्ती के सोनवा थाना क्षेत्र में महाराष्ट्र से दो नाबालिग लड़कियों को श्रावस्ती लाकर डांस पार्टी में काम कराने का मामला सामने आया है। देहात इंडिया संस्था की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संयुक्त टीम ने दोनों लड़कियों को लक्ष्मन नगर क्षेत्र में एक मकान से बरामद किया। दस्तावेजों में उनकी उम्र करीब 17 और 14 वर्ष बताई गई है। डांस पार्टी से जुड़े मकान में मिलीं दोनों दस्तावेजों के मुताबिक, 4 सितंबर को देहात इंडिया, एएचटी और पुलिस की संयुक्त टीम ने लक्ष्मन नगर क्षेत्र में निरीक्षण और चिन्हिकरण अभियान चलाया था। इस दौरान टीम ने डांस पार्टी से जुड़ी जानकारी जुटाई। इसके बाद गन्ना काटने वाली मशीन के पास स्थित एक मकान से दोनों नाबालिगों को खोज निकाला गया। महाराष्ट्र से लाने और डांस कराने की बात बाल कल्याण अधिकारी और महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुई पूछताछ में दोनों लड़कियों ने खुद को महाराष्ट्र का निवासी बताया। शिकायत के मुताबिक, दोनों को महाराष्ट्र से श्रावस्ती लाया गया था और डांस पार्टी में डांस करने के काम में लगाया गया। शिकायत में यह आशंका भी जताई गई है कि दोनों के साथ शोषण हुआ हो सकता है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया अधिकारियों को मामले की जानकारी मिलने के बाद दोनों नाबालिगों को जरूरी काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया के बाद बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। समिति के निर्देश पर दोनों को वन स्टॉप सेंटर की देखरेख में रखा गया है। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस दोनों लड़कियों को श्रावस्ती लाने, डांस पार्टी में काम कराने और शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ के खरखौदा थाना क्षेत्र की धीरखेड़ा पुलिस चौकी में मंगलवार को बाइक चोरी के शक में हिरासत में लिए गए एक युवक ने टॉयलेट में तेजाब पी लिया। गाजियाबाद के नूरपुर निवासी मिथुन को पुलिस ने दो अन्य लोगों के साथ पूछताछ के लिए पकड़ा था। घटना के बाद चौकी में हड़कंप मच गया। तेजाब पीने के बाद मिथुन की हालत बिगड़ गई। पुलिस उसे पहले एनसीआर हॉस्पिटल लेकर पहुंची, जहां से गंभीर हालत में मेरठ रेफर किया गया। फिलहाल हापुड़ रोड स्थित जगदंबा हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा है। मामले में लापरवाही पाए जाने पर धीरखेड़ा चौकी प्रभारी हरिओम गौतम को सस्पेंड कर दिया गया है। सीसीटीवी फुटेज से संदिग्धों तक पहुंची थी पुलिस पुलिस के मुताबिक, नया गांव निवासी राजीव की बाइक चोरी हुई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस को सीसीटीवी फुटेज मिले थे। फुटेज के आधार पर पुलिस ने गाजियाबाद के नूरपुर निवासी मिथुन पुत्र पप्पू समेत तीन लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिसकर्मी चौकी में उनसे बाइक चोरी के मामले में पूछताछ कर रहे थे। इसी दौरान मिथुन ने टॉयलेट जाने की बात कही। पुलिसकर्मी उसे टॉयलेट लेकर गए। आरोप है कि वहां पहुंचते ही मिथुन ने रखा हुआ तेजाब पी लिया। हालत बिगड़ी तो अस्पताल लेकर दौड़ी पुलिस तेजाब पीने के बाद मिथुन की तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिसकर्मी उसे तत्काल एनसीआर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया। इसके बाद मिथुन को हापुड़ रोड स्थित जगदंबा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। परिजनों ने लगाया मारपीट और थर्ड डिग्री का आरोप मिथुन के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान युवक के साथ मारपीट की गई और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया गया। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि युवक को बाइक चोरी के शक में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। उसके साथ किसी तरह की मारपीट या थर्ड डिग्री की बात सामने नहीं आई है। चौकी प्रभारी सस्पेंड, सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच सीओ किठौर विश्वज्योति राय ने बताया कि चौकी प्रभारी हरिओम गौतम की लापरवाही सामने आने पर एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। अब जांच सिर्फ इस बात तक सीमित नहीं है कि मिथुन ने तेजाब क्यों पिया। पुलिस यह भी पता कर रही है कि चौकी के टॉयलेट में तेजाब कैसे पहुंचा, वहां सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था कैसी थी और हिरासत में लिए गए युवक की निगरानी में कहां चूक हुई। पुलिस बाइक चोरी के मामले की जांच के साथ-साथ पूरी घटना की अलग से पड़ताल कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में आम बिजली उपभोक्ताओं की जेब से जा रहे पैसों पर पावर कॉरपोरेशन के आला अधिकारी 'इंटरनेशनल स्टडी टूर' के नाम पर विदेश की सैर कर रहे हैं। कॉरपोरेशन के वितरण निदेशक ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी और निदेशक सीपी दीपक रायजादा 1 से 3 सितंबर तक दुबई और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का दौरा करके लौटे हैं। गंभीर सवाल यह है कि ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी आगामी 10 अक्टूबर को सेवानिवृत्त (रिटायर) होने वाले हैं। ऐसे में रिटायरमेंट से ठीक एक महीने पहले किए गए इस 'स्टडी टूर' के अनुभव का विभाग को कोई फायदा मिलना मुमकिन नहीं है। दैनिक भास्कर ने ज्ञानेंद्र धर द्विवेदी से इस विदेशी टूर पर बात की तो उन्होंने मीटिंग की बात कह कॉल कट कर दिया। अब इसी महीने 21 से 24 सितंबर के बीच 5 और अफसर जकार्ता और इंडोनेशिया के दौरे पर जाने की तैयारी में हैं। इनमें पश्चिमांचल के तकनीकी निदेशक नंद किशोर मिश्रा, दक्षिणांचल के SE अंशुमान यादव, मध्यांचल के SE मनोज गुप्ता, पावर कॉरपोरेशन वाणिज्य के SE अंकित श्रीवास्तव और रेस्पो के SE सिद्धार्थ रंजन शामिल हैं। सभी को विदेशी टूर की अनुमति भी पावर कारपोरेशन से मिल चुकी है। चंदे के पैसों पर विदेश यात्रा, वीजा का खर्च भी कॉरपोरेशन के सिर इन विदेशी दौरों का आयोजन 'ऑल इंडिया डिस्कॉम एसोसिएशन' (AIDA) कर रही है। अधिकारियों के दिल्ली जाने, वहां से लौटने और वीजा का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन ही उठा रहा है। 3 जून 2025 को UPPCL और प्रदेश की पांचों बिजली वितरण कंपनियों ने मिलकर इस एसोसिएशन को 1 करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपए का भुगतान किया था। UPPCL और पूर्वांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल व केस्को ने 21.80-21.80 लाख रुपए दिए थे। इसमें 11.80 लाख रुपए सदस्यता शुल्क और 10 लाख रुपए प्रारंभिक योगदान के तौर पर दिए गए। इसके अलावा हर साल 10-10 लाख रुपए का आर्थिक सहयोग किया जा रहा है। क्यों उठ रहे हैं गंभीर सवाल? विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति (AIPEF) के संयोजक शैलेंद्र दुबे ने इस मामले पर कड़ा विरोध जता चुके हैं। उनका कहना है कि कॉरपोरेशन प्रबंधन एक तरफ वित्तीय घाटे का रोना रोकर डिस्कॉम्स के निजीकरण की बातें करता है, वहीं दूसरी ओर एक निजी एसोसिएशन को करोड़ों रुपए का दान दे रहा है। UPPCL के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ही अखिल भारतीय डिस्कॉम एसोसिएशन (AIDA) के महासचिव भी हैं। ऐसे में यहां हितों का भी टकराव हो रहा है। एसोसिएशन में देशभर की 58 कंपनियां सदस्य हैं। शैलेंद्र दुबे का कहना है कि बिजली कंपनियों के पास मौजूद पैसा आम जनता की गाढ़ी कमाई है। अगर अधिकारियों को विदेश भ्रमण करना ही है, तो वे अपनी जेब से खर्च करें न कि उपभोक्ताओं के पैसे से चंदा देकर टूर आयोजित कराएं।
कोटा जिले की 5 नगर पालिकाओं के मतदाताओं की बारी बुधवार को हैं। जिले में पहले चरण के तहत रामगंजमंडी, सुकेत, सांगोद, सुल्तानपुर व इटावा में 9 सितंबर को मतदान होगा। इन निकायों के मतदाता सुबह 7 बजे से अपने वार्ड के प्रत्याशी के लिए वोट डाल सकेंगे। जबकि नगर निगम कोटा में 11 सितंबर को मतदान होगा। सभी निकायों की मतगणना 14 सितंबर को होगी। जिले की पांचो निकाय में कुल 1,10,549 मतदाता हैं, जो 557 प्रत्याशी की किस्मत तय करेंगे। सबसे ज्यादा प्रत्याशी इटावा नगर पालिका में है। यहां 145 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इटावा- इटावा में 35 प्रत्याशी भाजपा से हैं। 34 कांग्रेस से हैं। वार्ड 16 से कांग्रेस प्रत्याशी नामांकन दाखिल नहीं कर सकी थी। रामगंजमंडी -रामगंजमंडी में वार्ड 27 में बीजेपी प्रत्याशी के नामांकन वायस ले लिया था। सांगोद -सांगोद में बीजेपी के 35 व कांग्रेस के 34 प्रत्याशी है। वार्ड 19 में कांग्रेस प्रत्याशी हेनराज मेघवाल का नॉमिनेशन आपत्ति पर खारिज हो गया था।
फतेहपुर में मंगलवार शाम करीब 7 बजे तेज रफ्तार पिकअप की टक्कर से 4 साल के बच्चे की मौत हो गई। हादसा वाटर कूलर के पास हुआ। बहेरा सादात निवासी राम भरोसे अपने बेटे सुमित के साथ सड़क पार कर घर जा रहे थे। इसी दौरान अल्लीपुर की ओर से चौकी चौराहा की तरफ जा रही भैंसों से लदी पिकअप ने दोनों को टक्कर मार दी। हादसे में सुमित की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राम भरोसे बाल-बाल बच गए। मामला सुल्तानपुर घोष थाना क्षेत्र के अल्लीपुर बहेरा का है। सड़क पार करते समय मारी टक्कर राम भरोसे शाम करीब 7 बजे बेटे सुमित के साथ घर लौट रहे थे। तभी तेज रफ्तार पिकअप संख्या UP71AT5597 ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि सुमित गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने ड्राइवर को पकड़ लिया हादसे के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने पिकअप चालक और वाहन को पकड़ लिया। इसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सुल्तानपुर घोष थाना प्रभारी तेज बहादुर सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पिकअप और चालक को हिरासत में ले लिया। पिता की शिकायत पर मुकदमा दर्ज पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस हादसे की जांच कर रही है और पिकअप चालक के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी है। एक साल पहले हुई थी मां की मौत सुमित की मां की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। इसके बाद राम भरोसे अपने तीन बच्चों की देखभाल कर रहे थे। अब सुमित की मौत के बाद परिवार में उसके 14 वर्षीय भाई सुभाष और 11 वर्षीय बहन मोहिनी ही रह गए हैं।
चेक बाउंस मामले में बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर कर जेल जाने से अंतरिम छूट दी है। हालांकि उन्हें यह राहत एक शर्त के साथ मिली। मंगलवार को चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई की। लाइव लॉ के मुताबिक, कोर्ट ने साफ कहा है कि अगर राजपाल यादव कल तक कोर्ट की रजिस्ट्री में 5 करोड़ रुपए जमा करा देते हैं, तो उन्हें फिलहाल जेल नहीं जाना पड़ेगा। राजपाल यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट के 10 जुलाई, 2026 के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें उन्हें तीन महीने की सजा और साढे़ सात करोड़ रुपए लौटाने का आदेश हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव की याचिका पर दूसरे पक्ष को नोटिस जारी कर उनका रुख मांगा है। अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 15 सितंबर को तय की गई है। यह पूरा मामला साल 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के लिए 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। बकाया रकम वापस न करने और चेक बाउंस होने के बाद यह विवाद लंबे समय से अदालत में चल रहा था। हाईकोर्ट ने कहा था- एक्टर का रवैया संदिग्ध, दोबारा जेल भेजें दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को करीब 7.5 करोड़ रुपए शिकायतकर्ता को लौटाने का फरमान सुनाया था। भुगतान न करने की स्थिति में अदालत ने एक्टर को तीन महीने की जेल की सजा भी सुनाई थी। हालांकि, फैसले के तुरंत बाद हाईकोर्ट ने उन्हें ऊपरी अदालत का दरवाजा खटखटाने के लिए दो महीने की मोहलत दे दी थी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए राजपाल यादव के आचरण पर गंभीर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि बार-बार आश्वासन देने के बाद भी अभिनेता ने बकाया रकम नहीं चुकाई। 13 दिन पहले राजपाल यादव ने कहा था- जिनका पैसा बकाया है, घर पहुंचा दूंगा एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस और कर्ज विवाद के बीच दावा किया था कि पिछले 13 साल में उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपए का निजी नुकसान हुआ है। न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में 55 साल के एक्टर ने कहा कि वे एक जिम्मेदार इंसान हैं और जिन लोगों का पैसा बकाया है, वे उसे चुका देंगे या उनके घर तक पहुंचा देंगे। फीस कम मिली, 50 से ज्यादा विदेशी टूर छूटेराजपाल यादव ने बताया कि 2013 से 2016 के बीच उनका सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि इस दौरान विदेश में उनके कम से कम 50 टूर छूट गए और मिलने वाली फीस भी काफी कम हो गई। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जहां उन्हें 100 रुपए मिलने चाहिए थे, वहां सिर्फ 10 रुपए मिले। हालांकि, राजपाल ने कहा कि वे आर्ट के स्टूडेंट हैं और वे पैसों से ज्यादा अपनी कला में परफेक्शन को अहमियत देते हैं। अपनी आर्थिक स्थिति और कर्ज पर बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि उन्होंने जिनसे भी पैसा उधार लिया था, उसे चुका दिया है या जल्द चुका देंगे। उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने 200 लोगों से भी उधार लिया है, तो वे पैसा वापस करेंगे। राजपाल ने कहा कि कोई उन्हें 5 करोड़ या 250 करोड़ रुपए में खरीद नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आर्थिक मुश्किलें उनके पूरे करियर को तय नहीं करतीं और आज भी एयरपोर्ट पर 500 लोग उनके साथ सेल्फी लेते हैं। बैंक नीलाम कर रहा 3.10 करोड़ की प्रॉपर्टीराजपाल यादव पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का कर्ज न चुकाने के कारण कार्रवाई चल रही है। राजपाल यादव ने सेंट्रल बैंक की मुंबई ब्रांच से पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर 16.61 करोड़ रुपए का लोन लिया था। शाहजहांपुर में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने उनके पैतृक घर पर 16.61 करोड़ रुपए के बकाया लोन को लेकर कुर्की का नोटिस चस्पा किया है। चेक बाउंस केस में जेल जा चुके राजपाल राजपाल यादव का चेक बाउंस केस साल 2010 में शुरू हुआ था, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' बनाने के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ का कर्ज लिया था। 2012 में रिलीज हुई यह फिल्म फ्लॉप हो गई। इसके बाद 2013 से चेक बाउंस का मामला अदालत में चल रहा है। फरवरी 2026 में भी उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था, जिसके बाद वे 12 दिन तक जेल में रहे थे। फिलहाल वे अक्षय कुमार के साथ फिल्म 'हैवान' और सलमान खान के साथ 'SVC 63' की तैयारी कर रहे हैं। राजपाल यादव का करियर… हंगामा, हलचल जैसी फिल्मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के और फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों से उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ उन्होंने लगभग 8 से 10 फिल्मों मे काम किया है। बेस्ट वर्सटाइल एक्टर अवॉर्ड जीत चुके हैं राजपाल राजपाल यादव को यश भारती अवॉर्ड मिला, जो उत्तर प्रदेश का सर्वोच्च सम्मान है। उन्हें यह अवॉर्ड 2003 की फिल्म ‘मैं माधुरी दीक्षित बनना चाहती हूं’ के लिए मिला। यह सम्मान उनके कॉमेडी और गंभीर अभिनय के रोल के लिए दिया गया था। इससे पहले यह अवॉर्ड अमिताभ बच्चन और जया बच्चन जैसे बड़े नामों को मिल चुका है। उन्हें फिल्मफेयर और आईफा जैसे प्लेटफॉर्म पर बेस्ट कॉमिक एक्टर के लिए नॉमिनेट किया गया, लेकिन वे यह अवॉर्ड नहीं जीत पाए। मुंबई मे पहला सपना सिर्फ जिंदा रहना था’ एनएसडी से पढ़ाई पूरी होने के बाद राजपाल मुंबई आए। शुरुआत में उन्हें कोई सपोर्ट नहीं मिला। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनका पहला सपना मुंबई में जिंदा रहना था। कुछ समय के संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हो गया। स्ट्रगल के दिनों में राजपाल ने 20-22 स्ट्रगलिंग एक्टर्स को अपने घर पर खाना खिलाया। एक इंटरव्यू मे नवाजुद्दीन सिद्दीकी बताते हैं कि, ‘राजपाल का घर लंगर जैसा था, फ्री का खाना और रहना।’ छोटू और बटला कहते थे स्कूल के दोस्त राजपाल यादव की हाइट लगभग 5 फीट 1 इंच है। स्कूल में छोटी हाइट की वजह से दोस्त उन्हें छोटू और बौना कहकर बुलाते थे। 20 साल की उम्र में गांव की ऑर्डनेंस क्लोदिंग फैक्ट्री में नौकरी मिली। 20 साल की उम्र में शादी राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब वे लगभग 20 साल के थे, तब उनके परिवार ने उनकी शादी करा दी थी। उस समय वे गांव में ही रहते थे और नौकरी की शुरुआत कर रहे थे। बेटी के जन्म के 15 मिनट बाद पत्नी का निधन एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने बताया कि वे 20 साल के थे जब घरवालों के दबाव में उनकी शादी कराई गई। उनकी पहली पत्नी का नाम करुणा था। एक साल बाद बेटी ज्योति का जन्म हुआ, लेकिन डिलीवरी के 15 मिनट बाद ही उनकी पत्नी का निधन हो गया। वे कहते हैं, ‘मैं अगले दिन उनसे मिलने वाला था, लेकिन उनकी डेड बॉडी को कंधे पर उठाकर ले गया। 20 साल की उम्र में इतना दर्द सहना आसान नहीं होता।’ इसके बाद वे अकेले पिता बन गए और ज्योति की देखभाल उनकी मां और भाभी ने की। राजपाल ने एक इंटरव्यू में बताया कि दूसरी पत्नी राधा से उनकी मुलाकात कनाडा में हुई थी। उस समय वे सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म हीरो: लव स्टोरी ऑफ स्पाई की शूटिंग कर रहे थे। वहीं एक कॉमन फ्रेंड के जरिए मुलाकात हुई और 10 जून 2003 को दोनों ने शादी कर ली। 2016 में अपनी पोलिटिकल पार्टी बनाई 2016 में राजपाल यादव ने सर्व संभाव पार्टी (SSP) नाम से नई राजनीतिक पार्टी लॉन्च की। पार्टी का गठन वृंदावन में हुआ था। वे पार्टी के जनरल सेक्रेटरी और स्टार कैंपेनर थे, लेकिन खुद चुनाव नहीं लड़ने वाले थे। पार्टी का मोटो, ‘विवाद की नहीं, संवाद की राजनीति’ था। उन्होंने गीता, कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब, रामायण और संविधान पर हाथ रखकर ईमानदारी से काम करने की कसम खाई। 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 403 में से करीब 390-400 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया। पार्टी का मुख्यालय लखनऊ में था। उनके दो भाई श्रीपाल सिंह यादव (बिसलपुर) और राजेश सिंह यादव (तिलहर) पार्टी से चुनाव लड़े, लेकिन पार्टी को कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। 3 बार मौत से बचे राजपाल यादव एक इंटरव्यू मे राजपाल यादव बताते हैं कि वो तीन बार जानलेवा हादसों से बचे हैं। एक बार गंगा जी में नहाते समय वे गहरे पानी में चले गए और बेहोश हो गए थे। इसके अलावा एक बार बैलगाड़ी के नीचे आने से और एक बार जंगली कुत्तों के हमले जैसी स्थिति से भी वे बाल-बाल बचे। **********************
उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री केपी मलिक ने बागपत में अपना जन्मदिन खास तरीके से मनाया। वे ग्राम कैड़वा स्थित वृद्धाश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ समय बिताया और उनके बीच अपना जन्मदिन मनाया। राज्य मंत्री के आने से बुजुर्गों में खुशी का माहौल दिखा। केपी मलिक ने वृद्धाश्रम के बुजुर्गों से मुलाकात की। उन्होंने उनका हालचाल पूछा। मंत्री ने बुजुर्गों से उनके स्वास्थ्य, रहन-सहन और वृद्धाश्रम में मिल रही सुविधाओं के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने बुजुर्गों की समस्याओं और जरूरतों को भी ध्यान से सुना। जन्मदिन के मौके पर राज्य मंत्री ने बुजुर्गों के साथ खाना खाया। उन्होंने अपनी खुशी उनके साथ बांटी। मंत्री ने कहा कि बुजुर्ग समाज और परिवार के लिए जरूरी हैं। उनका सम्मान और देखभाल करना सबकी जिम्मेदारी है। बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उन्होंने उन्हें अपनापन महसूस कराया। राज्य मंत्री ने वृद्धाश्रम का निरीक्षण भी किया। उन्होंने वहां की साफ-सफाई, खाने की व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओँ और रहने की व्यवस्था देखी। मंत्री ने अधिकारियों से वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं और बुजुर्गों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के बाद राज्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वृद्धाश्रम के बुजुर्गों को कोई परेशानी न हो। उन्हें अच्छी सुविधाएं दी जाएं। उनकी जरूरतों और समस्याओं को सबसे पहले हल किया जाए। केपी मलिक का यह जन्मदिन समारोह खास रहा। उन्होंने अपनी खुशी उन बुजुर्गों के साथ बांटी, जिन्हें अपनापन और सम्मान की सबसे ज्यादा जरूरत है। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ बिताया गया उनका समय सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता है।
छतरपुर जिले के नौगांव अनुभाग में मंगलवार को अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। अलीपुरा थाना क्षेत्र के देवथा गांव में खेत में मूंग तोड़ते समय 41 वर्षीय महिला को सांप ने डंस लिया। वहीं, हरपालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महेड़ में आंगन में बर्तन धो रही महिला के ऊपर बिजली का तार टूटकर गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। महिला पर गिरा बिजली का तार, मौत हरपालपुर थाना क्षेत्र के ग्राम महेड़ में मंगलवार सुबह करीब 6 बजे सुखवती पत्नी परसराम सेन घर के आंगन में बर्तन धो रही थीं। इसी दौरान आंगन के ऊपर से निकले बिजली के तार में स्पार्किंग हुई और तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया। करंट की चपेट में आने से सुखवती अचेत हो गईं। परिजन उन्हें हरपालपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। मृतका का 6 वर्षीय बेटा है। घटना के बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए नौगांव भेजा गया। बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ होने से परिजनों और ग्रामीणों को पोस्टमॉर्टम स्थल तक पहुंचने में परेशानी हुई।
नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का समापन:1.89 लाख बहनों ने बांधी राखी, सारंग ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा
नरेला रक्षाबंधन महोत्सव का मंगलवार को भव्य समापन हुआ। 18 साल से चली आ रही इस परंपरा में इस बार 1 लाख 89 हजार 159 बहनों ने मंत्री विश्वास कैलाश सारंग को राखी बांधी। इसके साथ ही महोत्सव ने पिछले साल का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया। वर्ष 2025 में 1 लाख 84 हजार 632 बहनों ने सारंग को रक्षासूत्र बांधा था। इस साल संख्या में 4,527 की बढ़ोतरी हुई। आयोजकों के मुताबिक नरेला रक्षाबंधन महोत्सव पहले ही विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज हो चुका है। इस बार भी नरेला विधानसभा के 17 वार्डों सहित भोपाल के अलग-अलग क्षेत्रों से बड़ी संख्या में बहनें कार्यक्रमों में पहुंचीं। खास बात यह रही कि विभिन्न धर्मों और समाजों की बहनों के साथ बड़ी संख्या में युवा पीढ़ी और जेन-जी (GenZ) की युवतियां भी आयोजन का हिस्सा बनीं।अंतिम दिन 28 हजार 742 बहनों ने बांधी राखीमंगलवार को वार्ड क्रमांक 38 और 77 में आयोजित कार्यक्रमों में भी बहनों की लंबी कतारें नजर आईं। अपने ‘भैया’ विश्वास सारंग को राखी बांधने के लिए महिलाएं और युवतियां घंटों अपनी बारी का इंतजार करती रहीं। अंतिम दिन 28 हजार 742 बहनों ने रक्षासूत्र बांधे। सारंग ने बहनों से राखी बंधवाई और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि लाखों बहनों का भाई होना उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है। बहनों का स्नेह और विश्वास उन्हें नरेला क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।18 साल में पारिवारिक परंपरा बना आयोजनसारंग ने कहा कि नरेला रक्षाबंधन महोत्सव अब केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते और सामाजिक एकजुटता की परंपरा बन चुका है। पिछले 18 वर्षों से नरेला विधानसभा के सभी 17 वार्डों सहित भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों की बहनें इसमें शामिल हो रही हैं।उन्होंने कहा कि हर साल बहनों की बढ़ती संख्या उनके विश्वास और अपनत्व को दर्शाती है। रक्षासूत्र के इस रिश्ते ने जनप्रतिनिधि और जनता के बीच की दूरी को कम कर पारिवारिक रिश्ते जैसा स्वरूप दिया है।विभिन्न धर्मों की बहनों ने दिया सामाजिक समरसता का संदेशमहोत्सव में अलग-अलग धर्मों और समाजों की बहनों ने भी सारंग को राखी बांधी। इस दौरान सामाजिक समरसता का संदेश दिखाई दिया। सारंग ने कहा कि विविधता में एकता भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी विशेषता है। रक्षाबंधन का पर्व आपसी सम्मान, विश्वास, सुरक्षा और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।जेन-जी की भागीदारी ने बदला आयोजन का अंदाज इस बार महोत्सव में बड़ी संख्या में जेन-जी की युवतियां भी शामिल हुईं। युवतियों ने उत्साह के साथ सारंग को राखी बांधी। आयोजन में युवा पीढ़ी की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि पारंपरिक त्योहारों को लेकर नई पीढ़ी का जुड़ाव कायम है। ‘बहनों का आशीर्वाद मेरी सबसे बड़ी ताकत’ समापन अवसर पर सारंग ने कहा कि लाखों बहनों का आशीर्वाद उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा कि हर साल बड़ी संख्या में बहनें उन्हें राखी बांधने पहुंचती हैं और यही स्नेह उन्हें क्षेत्र के लिए लगातार काम करने की ऊर्जा देता है।उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के प्रति सम्मान, सुरक्षा, जिम्मेदारी और विश्वास का संकल्प लेने का अवसर भी है। नरेला रक्षाबंधन महोत्सव ने इसी भावना को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का काम किया है।
हरियाणा युवा कांग्रेस ने चंडीगढ़ में भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया, जिसमें राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर और रोजगार निगम के मुद्दे उठाए गए।
उन्नाव से कानपुर आने वाले पुराने गंगापुल पर मंगलवार रात सड़क खराब होने और जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण यातायात थम गया। रात करीब 8:30 बजे पुल पर लगा जाम गंगा एक्सप्रेसवे तक पहुंच गया। उमस भरी गर्मी में घंटों फंसे वाहन सवारों को परेशानी उठानी पड़ी। हालात बिगड़ने पर उन्नाव पुलिस को यातायात संभालने के लिए मौके पर मशक्कत करनी पड़ी। लखनऊ से कानपुर लौट रहे मयंक श्रीवास्तव, नीरज कुशवाहा और आमिर कुरैशी ने बताया कि उन्नाव पहुंचते ही जाम में फंस गए। करीब 10 किलोमीटर का सफर तय करने में दो घंटे से ज्यादा लग गए। वाहन चालकों के मुताबिक पुल की सड़क पर गहरे गड्ढों के कारण गाड़ियां धीमी गति से निकल रही थीं, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। गड्ढों के कारण धीमी हुई वाहनों की रफ्तार पुराने गंगापुल की सड़क पर कई जगह बड़े और गहरे गड्ढे हो गए हैं। इनसे बचकर निकलने के चक्कर में वाहन चालकों को काफी धीमी रफ्तार से गाड़ी चलानी पड़ रही है। मंगलवार रात वाहनों की संख्या बढ़ने के बाद पुल पर दोनों तरफ लंबा जाम लग गया। लखनऊ से कानपुर आने वाले यात्रियों के मुताबिक, उन्नाव पहुंचने के बाद ही जाम की स्थिति साफ दिखाई देने लगी थी। करीब 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में दो घंटे से ज्यादा समय लगने से लोगों को काफी परेशानी हुई। पुलिस को संभालना पड़ा यातायात जाम बढ़ने के बाद उन्नाव पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने यातायात को सामान्य कराने का प्रयास किया, लेकिन पुल पर वाहनों की संख्या ज्यादा होने और सड़क खराब होने के कारण उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई घंटे तक वाहन धीमी गति से आगे बढ़ते रहे। उन्नाव से कानपुर की ओर आने वाले सैकड़ों वाहन देर रात तक जाम में फंसे रहे। 1 सितंबर को NHAI ने मांगी थी पुल बंद करने की अनुमति पुराने गंगापुल की खराब स्थिति को देखते हुए एनएचएआई ने मरम्मत के लिए 1 सितंबर को उन्नाव प्रशासन से पुल बंद करने की अनुमति मांगी थी। हालांकि, सरैया पुल के निर्माण के कारण उस समय यह मामला टल गया। इसके बाद 7 सितंबर को पुल बंद करने की अनुमति मिलने का आश्वासन दिया गया था। अब उन्नाव प्रशासन ने इसके लिए 12 सितंबर तक का समय मांगा है। गड्ढे अब सुरक्षा के लिए भी खतरा पुल पर लगातार बढ़ते गड्ढों के कारण वाहन चालकों के सामने सिर्फ जाम की समस्या नहीं है, बल्कि हादसे का खतरा भी बना हुआ है। मंगलवार रात का लंबा जाम इस बात का संकेत है कि सड़क की खराब हालत का असर सीधे यातायात पर पड़ रहा है। एनएचएआई और उन्नाव प्रशासन के बीच पुल बंद कर मरम्मत कराने को लेकर बातचीत चल रही है। अब लोगों की नजर 12 सितंबर पर है कि पुल को बंद कर मरम्मत का काम कब शुरू कराया जाता है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का आगाज 13 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से करेंगे। बुलंदशहर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा के शक्ति केंद्र प्रभारी और बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन को संबोधित करेंगे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में पश्चिम, ब्रज, अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर क्षेत्र का दौरा करेंगे। विधानसभा चुनाव में पहले चरण का चुनाव पश्चिमी यूपी में ही होता है इसलिए नितिन नबीन ने भी पश्चिम से चुनावी आगाज करने का निर्णय लिया है। नितिन नबीन पश्चिमी यूपी में पश्चिम के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक भी लेंगे। पश्चिमी यूपी में बुलंदशहर को भाजपा का गढ़ माना जाता है। 2022 विधानसभा चुनाव में बुलंदशहर की शिकारपुर, अनूपशहर, स्याना, सिकंदराबाद, बुलंदशहर सदर, डिबाई और खुर्जा में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। 2022 में पश्चिम में सपा और रालोद का गठनबंधन था, इसके बाद भी भाजपा ने 136 में से 94 सीटें जीती थी। 2027 में रालोद और भाजपा का गठबंधन होगा ऐसे में भाजपा ने पश्चिमी यूपी में 120 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
कानपुर, उन्नाव समेत 13 जिलों के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में 9 सितंबर को ओपीडी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। मरीज विभिन्न विभागों में डॉक्टरों से परामर्श ले सकेंगे, अस्पताल जाने से पहले उपलब्धता जांच लें।
पुनपुन पुल पर बुधवार से सामान्य होगा ट्रेनों का परिचालन, 10 किमी की रफ्तार से गुजरेंगी ट्रेनें
पुनपुन नदी का जलस्तर स्थिर होने के बाद पटना-गया रेलखंड पर बुधवार से ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने की उम्मीद है। शुरुआत में पुल पर ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 10 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
हरदोई के टड़ियावां क्षेत्र में गोमती नदी किनारे सोमवार शाम मिले नरकंकाल की पहचान 52 दिन से लापता 18 वर्षीय गुलशन के रूप में हुई है। मंगलवार सुबह करीब 11 बजे उसके पिता आशाराम ने मौके पर मिले कपड़ों, पैंट की बेल्ट और हाथ के कड़े से बेटे की पहचान की। गुलशन 18 जुलाई से लापता था। उसकी मौत कैसे हुई, इसे लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने नरकंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा है। 18 जुलाई को घर से लापता हुआ था गुलशन मामला टड़ियावां थाना क्षेत्र के अजीजपुर गांव का है। गुलशन 18 जुलाई को अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गोमती किनारे मिला नरकंकाल सोमवार शाम करीब 6 बजे शाहपुर मुगल गांव के पास गोमती नदी किनारे नरकंकाल मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मंगलवार को गुलशन के पिता आशाराम को मौके पर बुलाया गया। उन्होंने वहां मिले कपड़े, पैंट की बेल्ट और हाथ के कड़े को देखकर कंकाल की पहचान अपने बेटे के रूप में की। गुलशन चार भाई-बहनों में मंझला था। बेटे के अवशेष मिलने के बाद परिवार में मातम छा गया। पिता आशाराम का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि गुलशन किसी हादसे का शिकार हुआ या उसके साथ कोई अनहोनी हुई। हरियावां सीओ लक्ष्मीकांत गौतम ने बताया कि नरकंकाल को पोस्टमार्टम और डीएनए जांच के लिए भेजा गया है। मौत की सही वजह पता लगाने के लिए पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
संभल में राजस्थान के बागड़ दर्शन कर लौट रहे संभल और मुरादाबाद के श्रद्धालुओं से भरी पिकअप हरियाणा के रोहतक जिले में हादसे का शिकार हो गई। मंगलवार शाम करीब 4 बजे पिकअप को कैंटर ने टक्कर मार दी। हादसे में 3 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती इलाज के बाद 6 गंभीर घायलों को मुरादाबाद रेफर किया गया है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद गुरुवार को संभल लाया जाएगा। संभल के दो और मुरादाबाद की एक महिला की मौत मृतकों की पहचान संभल के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी रुसी (65) पत्नी केदासी और धनारी थाना क्षेत्र के मानकपुर गांव निवासी ललतेश (32) के रूप में हुई है। तीसरी मृतक मुरादाबाद जिले के मैनाठेर थाना क्षेत्र के शहजाद खेड़ा गांव निवासी सुमन (20) पत्नी हरज्ञान हैं। सुमन के पति हरज्ञान भी हादसे में घायल हुए हैं। ललतेश के परिवार के कई लोग घायल हादसे में मृतक ललतेश की पत्नी सीमा (15), 2 साल की बेटी मीनाक्षी और 2 महीने की बेटी साक्षी भी गंभीर रूप से घायल हैं। परिवार के अन्य लोगों के साथ उन्हें भी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है। 3 सितंबर की रात दर्शन के लिए निकले थे जानकारी के अनुसार, सभी श्रद्धालु 3 सितंबर की रात राजस्थान के बागड़ दर्शन के लिए गए थे। दर्शन के बाद पिकअप से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान रोहतक जिले में पिकअप को पीछे से कैंटर ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप में सवार श्रद्धालु घायल हो गए। संभल के इन श्रद्धालुओं को आई चोट बनियाठेर थाना क्षेत्र के गुमथल गांव निवासी ठाकुरदास (35) पुत्र केदारी, प्रेम सिंह (55) पुत्र झंडू, प्रीति (16) पुत्री राजेश, तारावती (30) पत्नी राजेश, धीरेंद्र (30) पुत्र प्रकाश और रीना (28) पत्नी धीरेंद्र भी घायल हुए हैं। इन्हें शुरुआती इलाज के बाद मुरादाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बहजोई और चंदौसी क्षेत्र के लोग भी घायल बहजोई थाना क्षेत्र के मझोला गांव निवासी संतोष और उनकी पत्नी कांति भी हादसे में घायल हुए हैं। वहीं चंदौसी तहसील के गुमथल गांव निवासी प्रेमी (24) पुत्र ठाकुर, पुरुषोत्तम (35) पुत्र ठाकुरदास, उनकी पत्नी कुशमा (32), लज्जावती (38) पत्नी मुन्नालाल और उनका बेटा अजय (18) भी घायल हैं। बदायूं के श्रद्धालु भी हादसे की चपेट में बदायूं जिले के इस्लामनगर थाना क्षेत्र के चंदौई नगला गांव निवासी रानी (15) पुत्री मुन्नालाल समेत करीब एक दर्जन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। सभी घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। गंभीर घायलों को बेहतर इलाज के लिए मुरादाबाद रेफर किया गया है।
मध्यप्रदेश के लिए दुबई से बड़ी निवेश खबर सामने आई है। राणा होल्डिंग्स ने प्रदेश में अगले 10 साल में ₹35 हजार करोड़ का निवेश प्रस्ताव रखा है। कंपनी का प्रमुख निवेश सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण, एआई और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग डेटा सेंटर, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, ई-मोबिलिटी और कृषि मशीनरी जैसे क्षेत्रों में होगा। कंपनी के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के अनुसार प्रस्तावित निवेश से एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुबई में एआईएम कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन राणा होल्डिंग्स के एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ वन-टू-वन बैठक में यह निवेश कार्यक्रम आगे बढ़ाने पर चर्चा की। प्रस्तावित 10 वर्षीय कार्यक्रम को अलग-अलग परियोजनाओं और निर्धारित चरणों के साथ लागू करने की योजना है। इसमें ऊर्जा और डिजिटल अधोसंरचना से लेकर अत्याधुनिक विनिर्माण तक के क्षेत्र शामिल हैं। CM ने निवेशकों को बताया एमपी का इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट मॉडल मुख्यमंत्री ने बैठक में मध्यप्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध भूमि, बिजली और औद्योगिक अधोसंरचना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा पर तेजी से काम हो रहा है और निवेशकों के लिए लैंड बैंक तथा बिजली की उपलब्धता महत्वपूर्ण फायदे हैं। राज्य सरकार भूमि, अधोसंरचना, कौशल प्रशिक्षण, स्वीकृतियों और परियोजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन में सहयोग करेगी। दुबई में मुख्यमंत्री ने एक ही दिन कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों से बैठकें कीं। इन बैठकों में लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, डेटा सेंटर, शिक्षा, स्वास्थ्य, रिटेल, कृषि उत्पादों के निर्यात, वीजा सेवाओं और कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में मध्यप्रदेश के लिए निवेश और साझेदारी की संभावनाएं सामने आईं। मुख्यमंत्री ने अधिकांश कंपनियों के प्रतिनिधियों को अगले साल भोपाल में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2027 में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया। राणा होल्डिंग्स: 10 साल में ₹35 हजार करोड़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की राणा होल्डिंग्स के चेयरमैन एवं एमडी डॉ. दर्शन सिंह राणा के साथ बैठक में 10 वर्षीय निवेश कार्यक्रम पर चर्चा हुई। एमपीआईडीसी के अनुसार कंपनी का प्रस्तावित निवेश ₹35 हजार करोड़ है और इससे एक लाख से अधिक रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। निवेश में सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन, ऊर्जा उत्पादन एवं भंडारण, एआई, क्लाउड और हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग डेटा सेंटर कैंपस, क्रिटिकल मिनरल्स रीसाइक्लिंग और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। इसके अलावा ई-मोबिलिटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि मशीनरी निर्माण को स्थानीय आपूर्ति शृंखला से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। डीपी वर्ल्ड: पावर खेड़ा बनेगा लॉजिस्टिक्स गेटवे डीपी वर्ल्ड के सीईओ रिजवान सूमार के साथ बैठक में पावरखेडा लॉजिस्टिक्स कंपोजिट हब को अंतरदेशीय लॉजिस्टिक्स के प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने पर चर्चा हुई। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन सुविधाओं के विस्तार के साथ औद्योगिक और कृषि क्लस्टरों को इससे जोड़ने की योजना पर बात हुई। मध्यप्रदेश के निर्यातकों को प्रमुख बंदरगाहों और वैश्विक व्यापार गलियारों से जोड़ने तथा रेल आधारित माल परिवहन से लॉजिस्टिक्स लागत और समय कम करने पर भी जोर दिया गया। इससे किसानों, एफपीओ, एमएसएमई और उद्योगों को निर्यात में मदद मिल सकती है। शराफ ग्रुप: इंदौर-पीथमपुर में ₹450 करोड़ तक का पार्क शराफ ग्रुप के प्रेसिडेंट-सीईओ श्याम कपूर के साथ बैठक में 30 से 50 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹250 से ₹450 करोड़ के निवेश से रेल-साइडिंग युक्त लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव सामने आया। कंपनी इंदौर और पीथमपुर क्षेत्र में निवेश की इच्छुक है। प्रस्तावित परियोजना से करीब 300 से 600 रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, क्षेत्रीय वितरण केंद्र और कृषि, खाद्य तथा फार्मा के लिए कोल्ड-चेन विकसित करने पर भी चर्चा हुई। चोइथराम: किसानों के उत्पाद खाड़ी देशों तक चोइथराम समूह के चेयरमैन एलटी पगरानी के साथ बैठक में प्रदेश के प्रमुख शहरों में सुपरमार्केट, आधुनिक किराना रिटेल, केंद्रीय वितरण केंद्र, वेयरहाउसिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। समूह मध्यप्रदेश के किसानों और स्थानीय उत्पादकों से सीधे कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद खरीदने तथा उन्हें अपने खाड़ी देशों के खुदरा नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगा। खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग और निजी ब्रांड निर्माण की संभावनाएं भी तलाशी गईं। जेम्स एजुकेशन: भोपाल-इंदौर में खुलेंगे इंटरनेशनल स्कूल जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की के साथ बैठक में प्रदेश के प्रमुख शहरों में अंतरराष्ट्रीय स्तर के के-12 स्कूल स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी ने भोपाल और इंदौर में स्कूल खोलने में रुचि दिखाई है। इन स्कूलों में एसटीईएम, एआई, कोडिंग, उद्यमिता और कौशल प्रशिक्षण के साथ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम लागू करने पर चर्चा हुई। शिक्षक प्रशिक्षण और स्कूल नेतृत्व विकास भी योजना का हिस्सा होगा। ब्यूमर्क: हेल्थ, टेक्नोलॉजी और ऊर्जा में निवेश ब्यूमर्क कॉर्पोरेशन के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एवं सीईओ सिद्धार्थ बालाचंद्रन के साथ बैठक में स्वास्थ्य, अधोसंरचना, तकनीक, ऊर्जा और उपभोक्ता क्षेत्र में दीर्घकालीन निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, संसाधन दक्षता और टिकाऊ परियोजनाओं में निवेश के साथ मध्यप्रदेश की उभरती कंपनियों को पूंजी और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने पर भी काम कर सकती है। वीएफएस ग्लोबल: भोपाल-इंदौर में वीजा सेवाओं का विस्तार वीएफएस ग्लोबल के वैश्विक प्रमुख अमित साइचर के साथ बैठक में भोपाल और इंदौर में वीजा आवेदन सेवाओं का दायरा बढ़ाने पर चर्चा हुई। यात्रियों की मांग के अनुसार अतिरिक्त सुविधाएं विकसित करने और तकनीक आधारित सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी विचार हुआ। पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं के लिए उद्योग आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। क्रेसेंट ग्रुप: ऊर्जा और तकनीक में साझेदारी क्रेसेंट एंटरप्राइजेज के सीईओ बद्र जाफर के साथ बैठक में ऊर्जा, अधोसंरचना, पोर्ट, लॉजिस्टिक्स और तकनीक के क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई। कंपनी ने जीआईएस-2027 में प्रतिनिधिमंडल के साथ शामिल होने की सहमति जताई। जाफर के अनुसार वे अपने पारिवारिक व्यवसाय के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी और अधोसंरचना में निवेश की संभावनाएं तलाशेंगे। उनके उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल भी मध्यप्रदेश भेजे जाने की बात कही गई। बीईईएएच: कचरे से ऊर्जा बनाने में साझेदारी शारजाह में बीईईएएच मुख्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री ने ग्रुप सीईओ खालिद अल हुरैमल के साथ वेस्ट-टू-एनर्जी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सर्कुलर इकोनॉमी और ग्रीन मोबिलिटी पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इंदौर के ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और बायो-सीएनजी मॉडल का उल्लेख करते हुए बीईईएएच के साथ मिलकर नए समाधान विकसित करने का प्रस्ताव रखा। प्रदेश के नगर निगमों में आधुनिक कचरा प्रबंधन और वेस्ट-टू-एनर्जी परियोजनाओं में निवेश की संभावनाएं तलाशी गईं। शारजाह चैंबर: बनेगा बिजनेस फोरम शारजाह चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन अब्दल्ला सुल्तान अल ओवैस के साथ बैठक में मध्यप्रदेश और शारजाह के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने शारजाह के कारोबारी प्रतिनिधिमंडल को मध्यप्रदेश आने का निमंत्रण दिया। दोनों क्षेत्रों के उद्यमियों के बीच क्षेत्रवार बी2बी बैठकें कराने के लिए 'मध्यप्रदेश-शारजाह बिजनेस फोरम' बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड-चेन, लॉजिस्टिक्स, टेक्सटाइल, फार्मा, नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यटन को निवेश के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में सामने रखा गया।
युवक पर गिरा भारी पेड़, दबकर मौत हुई:काकोरी में LDA की योजना लॉन्चिंग के लिए चल रही थी कटाई-छंटाई
काकोरी में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की प्रस्तावित वरुण विहार योजना वाली जगह पर पेड़ों की कटाई-छंटाई के दौरान एक पेड़ युवक के ऊपर गिर गया। पेड़ से दबकर 28 साल के युवक की मौत हो गई। दरअसल, आगरा एक्सप्रेस-वे के किनारे जलियामऊ गांव में 14 सितंबर को वरुण विहार योजना की लॉन्चिंग है। लॉन्चिंग कार्यक्रम की तैयारियां चल रही थीं। वहां पर पार्किंग और सीएम के लिए हेलिपैड बनाया जा रहा है। आरोप है कि मंगलवार दोपहर लकड़ी ठेकेदार सुरेश, अंकित, भल्लू, महेश और शिव शंकर बिना अनुमति के पेड़ कटवा रहे थे। इसी दौरान हरिश्चंद्र रावत के बेटे अनूप रावत के ऊपर एक पेड़ गिर गया। अनूप उसके नीचे बुरी तरह से दब गया। साथी हॉस्पिटल ले गए, मृत घोषित होने पर परिजन शव घर लाए शाहपुर निवासी दीपक ने बताया कि अनूप पर जब पेड़ गिरा तो साथी मजदूरों ने जल्दी से पेड़ हटाकर उसे बाहर निकाला। इलाज के लिए मोहान रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजन शव को अपने गांव ले गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। करीब 8 साल पहले हुई थी शादी परिजनों के अनुसार, अनूप की शादी करीब 8 वर्ष पहले काकोरी के लोधौसी की रहने वाली रेखा से हुई थी। उनके परिवार में करीब आठ वर्षीय बेटा कार्तिक है। अनूप मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सब लोग रो रहे हैं। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया- पेड़ कटान की अनुमति, सुरक्षा मानकों के पालन और हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों समेत सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने सहारनपुर मस्जिद विवाद को लेकर राजनीतिक तंज कसा। मंगलवार देर शाम करीब 7 बजे उन्होंने मीडिया से बात की। कहा- चुनाव तक इस तरह के मुद्दों की चर्चा चलती रहेगी। सहारनपुर में कुआं मिलने के मुद्दे पर उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि एक दिन वहां पूजा-पाठ भी शुरू हो जाएगा। टिकैत ने चुनावी तैयारियों की तुलना पहलवानों की तैयारी से करते हुए कहा कि चुनाव की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। सहारनपुर में कुएं को लेकर कसा तंज राकेश टिकैत ने कहा, “वहां एक कुआं मिला है, तो एक दिन उसमें पूजा-पाठ भी शुरू हो जाएगा। कुआं वहां था; पूजा के लिए कुएं की जरूरत होती है। उसमें से कुछ न कुछ निकल ही आएगा।” उन्होंने कहा कि इस तरह की चर्चाएं चुनाव तक चलती रहेंगी। चुनाव की तैयारी शुरू होने की बात कही टिकैत ने कहा कि राजनीतिक दलों ने चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पहलवान अपने मुकाबले से करीब छह महीने पहले अभ्यास शुरू कर देते हैं, उसी तरह अब चुनाव की तैयारी भी शुरू हो गई है। भाजपा पर साधा निशाना भाकियू नेता ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “अब चुनाव शुरू हो चुके हैं, हिंदू-मुस्लिम, मंदिर और मस्जिद… यही भाजपा वालों का चारा है।” उनका कहना था कि चुनाव के दौरान ऐसे मुद्दों की चर्चा लगातार जारी रहेगी। सहारनपुर विवाद पर लगातार बयानबाजी राकेश टिकैत का बयान ऐसे समय आया है, जब सहारनपुर मस्जिद प्रकरण को लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इस मुद्दे पर अलग-अलग दलों के नेता लगातार प्रतिक्रिया दे रहे हैं और विवाद को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
प्रयागराज में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मंगलवार को जिलेभर में अचानक जांच की। इस दौरान सिविल लाइन्स के यात्रिक होटल के रेस्टोरेंट समेत कई बाजारों और ढाबों का निरीक्षण किया गया। जांच के बाद इन जगहों से मिठाई, पनीर, दूध और दूसरे खाद्य पदार्थों के कुल 13 सैंपल लेकर सरकारी लैब में जांच के लिए भेजे गए हैं। सिविल लाइन्स के एसपी मार्ग पर स्थित यात्रिक होटल के रेस्टोरेंट में कई कमियां मिलीं। किचन के मुख्य हिस्से में फूड फ्रिज, बर्नर के आसपास और दीवारों पर गंदगी पाई गई। कर्मचारी बिना हेड कवर, ग्लव्स और एप्रन के काम कर रहे थे। इसके अलावा, परिसर की सफाई के लिए कोई तय नियम या चेकलिस्ट नहीं थी। शाकाहारी और मांसाहारी खाने को बनाने के लिए अलग जगह तय नहीं की गई थी। होटल प्रबंधन पानी की जांच रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल प्रोग्राम भी नहीं दिखा सका। इस पर टीम ने सुधार के लिए सख्त निर्देश देते हुए नोटिस जारी किया। इस अभियान के तहत जिले के दूसरे हिस्सों में भी खाद्य सुरक्षा टीम ने जांच की। मेजा के पटेल चौराहा स्थित कृष्णा स्वीट्स और बजरंग स्वीट्स से पेड़ा और बर्फी के सैंपल लिए गए। उन्हें साफ-सफाई बेहतर करने के निर्देश दिए गए। करछना के भड़ेवरा में श्रवण कुमार शर्मा की दुकान से दही और पन्नालाल पाल की दुकान से बेसन के लड्डू का सैंपल जांच के लिए सील किया गया। झूंसी के चमनगंज स्थित शारदा डेयरी और पहलवान ढाबा से भी पनीर और तैयार दाल के सैंपल लिए गए, क्योंकि उनकी गुणवत्ता पर शक था। हंडिया, बरौत और रसाल इलाके के कई बड़े प्रतिष्ठानों में भी जांच की गई और सैंपल लिए गए। इनमें हंडिया के हमसफर रेस्टोरेंट, लालू स्वीट्स और श्री राम स्वीट्स, रसाल के रक्षक रेस्टोरेंट एवं ढाबा, और बरौत के पुष्पम स्वीट्स से पनीर के सैंपल शामिल हैं। लालगोपालगंज में मनोज मिष्ठान भंडार से उबले हुए दूध और खोया का सैंपल लिया गया। साथ ही, साफ-सफाई, ढक्कनदार डस्टबिन और हेल्थ सर्टिफिकेट से जुड़ी कमियों पर भी नोटिस दिया। सहायक आयुक्त डॉ. दीनानाथ यादव ने बताया कि 13 सैंपल जांच के लिए भेज दिया है।
जिले में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 9 सितंबर को प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक के सभी स्कूल बंद रहेंगे। कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। यह व्यवस्था परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, ICSE, CBSE और अन्य बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगी। कक्षा 1 से 5 तक के परिषदीय स्कूलों में बच्चों की छुट्टी रहेगी, लेकिन शिक्षकों और कर्मचारियों को स्कूल पहुंचकर विभागीय काम पूरे करने होंगे। प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक छुट्टी बेसिक जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश दिए हैं कि 9 सितंबर को प्री-प्राइमरी से कक्षा 5 तक सभी परिषदीय, राजकीय, सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, ICSE, CBSE और अन्य बोर्ड के स्कूल बंद रहेंगे। कक्षा 6 से 12 तक स्कूल खुले कक्षा 6 से 12 तक के स्कूल सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक संचालित होंगे। शिक्षकों को स्कूल आना होगा कक्षा 1 से 5 तक के परिषदीय स्कूलों के शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी स्कूल पहुंचकर अपार आईडी, DBT, यू-डायस समेत अन्य विभागीय काम करेंगे।
बागपत में हविकास हत्याकांड में कोर्ट ने करीब 5 साल बाद चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने संजू उर्फ संजीव, राजू धनकड़, कल्लू उर्फ संदीप और बिल्लू उर्फ ओमवीर को दोषी करार देते हुए चारों पर कुल 28 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला छपरौली थाना क्षेत्र के जागोश गांव का है। शराब पीने से मना करने पर किया था हमला मामला 25 मई 2021 का है। आरोप है कि विकास ने गांव की एक वाटिका में शराब पीने से आरोपियों को मना किया था। इसी बात को लेकर आरोपियों ने विकास के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की थी। गंभीर रूप से घायल विकास को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। भाई ने दर्ज कराया था मुकदमा घटना के बाद मृतक के भाई अशोक कुमार ने छपरौली थाने में आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर दोषी करार मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट में गवाहों के बयान दर्ज किए गए और पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों पर सुनवाई हुई। उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कोर्ट ने संजू उर्फ संजीव, राजू धनकड़, कल्लू उर्फ संदीप और बिल्लू उर्फ ओमवीर को हत्या का दोषी माना। चारों को आजीवन कारावास डीजीसी राहुल नेहरा ने बताया कि कोर्ट ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही चारों पर कुल 28 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब पांच साल से चल रहे मामले में फैसला आने के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
गाजियाबाद में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ की अध्यक्षता में मंगलवार को एक समीक्षा बैठक हुई। यह बैठक पुलिस कार्यालय के मीटिंग हॉल में हुई, जिसमें अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और आने वाले त्योहारों की तैयारियों पर चर्चा की गई। इसमें दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS समिट-2026 के साथ-साथ गणेश चतुर्थी और शारदीय नवरात्र की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियों पर खास बातचीत हुई। बैठक में अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय एवं अपराध), अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं यातायात), सभी जोनल पुलिस उपायुक्त, अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध), सभी सर्किल सहायक पुलिस आयुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध), अपराध एवं प्रज्ञान समेत कई अधिकारी शामिल हुए। कार्ययोजना की समीक्षा की समीक्षा के दौरान पिछले दो सालों के अपराधों और उन्हें रोकने के लिए की गई कार्रवाई पर बात हुई। लूट, स्नैचिंग, वाहन चोरी, चोरी और नकबजनी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले दिए गए निर्देशों और बनी हुई कार्ययोजना की समीक्षा की गई। अधिकारियों को लंबित जांचों को जल्दी और अच्छे से निपटाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एसएसओ पोर्टल के टाइमलाइन डैशबोर्ड पर 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक 60 और 90 दिनों में निपटाए गए मामलों की स्थिति जांची गई। यक्ष ऐप पर तय समय में सूचीबद्ध अपराधियों के सत्यापन और हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी की जानकारी भी ली गई। विभागीय कार्रवाई के तहत नियम 14(1) और शुरुआती जांचों को निपटाने की प्रगति पर भी चर्चा हुई। इसके साथ ही अगस्त में राजपत्रित अधिकारियों द्वारा किए गए अचानक निरीक्षणों की भी समीक्षा की गई। आने वाली गणेश चतुर्थी और शारदीय नवरात्र को देखते हुए, पुलिस आयुक्त ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात की सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा। धार्मिक आयोजनों के दौरान सतर्क रहने और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने पर खास जोर दिया गया। इसके अलावा, दिल्ली में होने वाले 18वें BRICS समिट-2026 को देखते हुए गाजियाबाद कमिश्नरेट की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर भी विस्तार से बात हुई। पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड़ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था और आने वाले आयोजनों के लिए हर स्तर पर सतर्कता और प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित की जाए।
सड़क किनारे सो रहे युवक को ट्रक ने कुचला, मौत:उघैती में हादसा, पुलिस ने ट्रक-चालक को हिरासत में लिया
बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र में मंगलवार को आढ़त के सामने सड़क किनारे सो रहे 30 वर्षीय युवक को तेज रफ्तार ट्रक ने कुचल दिया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे इलाज के लिए सीएचसी रुदायन ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्राम बरवारा निवासी जितेंद्र पुत्र कर्मसिंह मंगलवार को उघैती में एक आढ़त के सामने सड़क किनारे पड़ा था। बताया जा रहा है कि इसी दौरान ट्रक संख्या यूपी 38 टी 4286 वहां से गुजरा और जितेंद्र उसकी चपेट में आ गया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। एंबुलेंस की मदद से घायल जितेंद्र को सीएचसी रुदायन भेजा गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने ट्रक और चालक को हिरासत में ले लिया है। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पांच भाइयों में सबसे छोटा था जितेंद्र जितेंद्र पांच भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी पत्नी कृष्णा और दो छोटे बच्चे हैं। बच्चों की उम्र करीब एक और दो साल बताई गई है। हादसे की सूचना मिलते ही पत्नी और अन्य परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि युवक ट्रक की चपेट में आने से घायल हुआ था। उसे अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना मेट्रो में अब नहीं होगी भीड़ की टेंशन! 6 कोच वाली ट्रेनें चलाने की तैयारी तेज
पटना मेट्रो जल्द ही छह बोगियों वाली ट्रेनें चलाने की तैयारी कर रही है, जिसके लिए तीन रैक खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया है। यह कदम यात्रियों की बढ़ती संख्या और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए उठाया जा रहा है, जिससे पीक आवर में भीड़ कम हो सके।
मेरठ के परतापुर क्षेत्र में रहने वाली एक महिला ने पति की ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ने और बाद में मौत होने के मामले में न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने डीएम और एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारियों पर पति का शोषण करने और अत्यधिक दबाव में ड्यूटी कराने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पति की मौत के बाद कंपनी और डीएन पॉलिटेक्निक कॉलेज की प्राचार्या ने परिवार की आर्थिक मदद का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में किसी ने परिवार की सुध नहीं ली। हवाई पट्टी के निकट रहने वाली रीता सैनी पत्नी स्व. मांगेराम सैनी के मुताबिक, उनके पति एक निजी सिक्योरिटी कंपनी में गार्ड के रूप में काम करते थे। करीब एक साल से उनकी ड्यूटी परतापुर स्थित डीएन पॉलिटेक्निक कॉलेज में लगी हुई थी। 16 अगस्त को भी मांगेराम ड्यूटी पर गए थे। दोपहर में लंच करने के कुछ देर बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। साथी सिक्योरिटी गार्ड की सूचना पर पहुंचे लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। यहां उपचार के दौरान तीसरे दिन मांगेराम की मौत हो गई। आर्थिक मदद का भरोसा, फिर फोन उठाना भी बंदरीता सैनी का कहना है कि पति की मौत के बाद सिक्योरिटी कंपनी के अधिकारियों ने परिवार की आर्थिक मदद करने का भरोसा दिया था। तेरहवीं के कार्यक्रम में भी सहयोग करने की बात कही गई थी। महिला के अनुसार, कुछ समय बाद कंपनी के अधिकारी अपने वादे से पीछे हट गए। अब स्थिति यह है कि अधिकारी उनके फोन तक नहीं उठा रहे हैं। पति की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है और मदद की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर काटना पड़ रहा है। जबरन ड्यूटी कराने का लगाया आरोपमहिला ने सिक्योरिटी कंपनी पर पति से जबरन ड्यूटी कराने का गंभीर आरोप लगाया है। रीता सैनी का कहना है कि अत्यधिक काम और दबाव के कारण उनके पति मानसिक तनाव में रहने लगे थे। वह डिप्रेशन में चले गए थे। महिला का आरोप है कि लगातार दबाव के कारण ही उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में उनकी मौत हो गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। प्राचार्या ने भी मदद का भरोसा दिया थारीता सैनी के अनुसार, पति की मौत के बाद कॉलेज की प्राचार्या की ओर से भी परिवार की मदद करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन आरोप है कि बाद में कॉलेज प्रबंधन की ओर से भी कोई मदद नहीं की गई। महिला का कहना है कि पति ही परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। डीएम-एसएसपी से की जांच करने की मांग रीता सैनी ने डीएम और एसएसपी कार्यालय में शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कराने, पति की मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच कराने और परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने सिक्योरिटी कंपनी की ओर से पति से कराई गई ड्यूटी और कथित मानसिक दबाव की भी जांच कराने की गुहार लगाई है।
रायसेन जिले में अवैध और अमानक शराब के खिलाफ पुलिस और आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है। मंगलवार को रायसेन, बाड़ी और जिले के अन्य क्षेत्रों में छापेमारी की गई। कार्रवाई में अवैध शराब और महुआ लाहन जब्त कर नष्ट किया गया। आबकारी विभाग ने 13 प्रकरण दर्ज किए, जबकि बाड़ी में करीब 5 से 6 हजार लीटर महुआ लाहन नष्ट किया गया। रायसेन में 97 क्वार्टर अवैध शराब जब्त ग्राम पठारी निवासी जीतू वेड़िया (37) के कब्जे से 55 क्वार्टर अवैध शराब जब्त की गई।वहीं, ग्राम पठारी में नारायण आदिवासी (45) के यहां से 42 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई। उसके खिलाफ भी आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। नगर पालिका के सहयोग से अस्पताल के पास स्थित गुमटी से अतिक्रमण हटाया गया। आबकारी विभाग ने 13 प्रकरण दर्ज किए आबकारी विभाग ने 8 सितंबर को जिले में कार्रवाई करते हुए 13 प्रकरण दर्ज किए। टीम ने 25 लीटर हाथ भट्टी कच्ची शराब, 500 किलो महुआ लाहन, 51 पाव देशी और 35 पाव विदेशी शराब जब्त की। विभाग के अनुसार, जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 60 हजार रुपए है। इससे एक दिन पहले 7 सितंबर को भी आबकारी विभाग ने 14 प्रकरण दर्ज किए थे। इस कार्रवाई में 70 पाव देशी शराब, 32 पाव विदेशी शराब, 75 लीटर कच्ची शराब और 1190 किलो महुआ लाहन जब्त किया गया था। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.45 लाख रुपए बताई गई थी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पाली नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में रोड शो को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपाल सिंह निम्बाड़ा ने भाजपा पर जुबानी हमला किया। निम्बाड़ा ने आरोप लगाया कि भाजपा हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन पाली में उसके दोहरे रवैये की तस्वीर सामने आई है। निम्बाड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री का रोड शो सोमनाथ मंदिर के बाहर से निकला, लेकिन मंदिर के दर्शन के लिए समय नहीं निकाला गया। इसके बाद रोड शो सराफा बाजार से सिंधी कॉलोनी पहुंचा, जहां अमर शहीद हेमू कालानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमू कालानी की प्रतिमा के अनावरण से जुड़ी लोकार्पण पट्टिका पर कांग्रेस के पूर्व नगर परिषद सभापति मांगीलाल गांधी के नाम के ऊपर टेप चिपकाकर उनका नाम छिपाया गया। निम्बाड़ा ने आरोप लगाया कि मांगीलाल गांधी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनके नाम को ढका गया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन शहीदों के सम्मान और समाज के सम्मान को राजनीति से जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि क्या केवल इसलिए किसी पूर्व जनप्रतिनिधि का नाम ढक दिया जाएगा, क्योंकि वह दूसरे राजनीतिक दल से जुड़े रहे हैं? निम्बाड़ा ने भाजपा पर पाली के औद्योगिक और रोजगार संबंधी मुद्दों की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 10 महीनों से कई फैक्ट्रियां बंद पड़ी हैं, मजदूर बेरोजगारी की कगार पर हैं और रोजगार की तलाश में कई मजदूर पाली से पलायन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री के रोड शो में इन समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि पाली की जनता को मंदिर, शहीद और राष्ट्रवाद के नाम पर केवल भाषण नहीं, बल्कि रोजगार, उद्योगों को राहत और धरातल पर विकास चाहिए।
मुरादाबाद में अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम शहर के सर्किट हाउस सभागार में हुआ। इसमें जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने जिले के 77 शिक्षकों को सम्मानित किया। इन शिक्षकों को उनके शानदार काम के लिए प्रशस्ति-पत्र और सम्मान दिया गया। समारोह में जिलाधिकारी ने शिक्षकों से पूरी लगन और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि बच्चों के हर तरह के विकास और स्कूल की अच्छी व्यवस्था बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे खास है। उन्होंने बताया कि परिषदीय स्कूलों में कई शिक्षक बहुत अच्छा और प्रेरणा देने वाला काम कर रहे हैं। दूसरे शिक्षकों को भी ऐसे कामों से सीख लेकर नए तरीके और गतिविधियां अपनानी चाहिए। डीएम ने यह भी कहा कि हर गांव में स्कूल को सबसे सुंदर और आकर्षक इमारत के तौर पर विकसित किया जाए। वहीं, शिक्षकों को गांव के सबसे आदर्श और प्रेरणा देने वाले व्यक्ति के रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षक गांव के एक अहम हिस्से के तौर पर काम करें और ग्रामीणों को अलग-अलग जागरूकता व सतर्कता गतिविधियों से जोड़ने में मदद करें। उन्होंने बताया कि प्रशासन शिक्षकों की स्थानीय दिक्कतें दूर करने के लिए गंभीरता से काम कर रहा है। लेकिन, बच्चों की पढ़ाई में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आनी चाहिए। शिक्षकों को स्कूलों में बेहतर पढ़ाई का माहौल बनाने, बच्चों के हुनर को निखारने और उन्हें जिम्मेदार व जागरूक नागरिक बनाने के लिए लगातार कोशिश करनी चाहिए। सम्मानित शिक्षकों ने शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार और बच्चों के हर तरह के विकास के लिए पूरी लगन से काम करने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह के साथ कई दूसरे अधिकारी और शिक्षक भी मौजूद थे।
मिर्जापुर में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मंगलवार को 5 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया। बच्चों को गुजरात के गांधीधाम में एक मिठाई की दुकान पर काम कराने के लिए ले जाने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान RPF ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। आरोपी के पास से छह रेलवे टिकट, 3,530 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। हावड़ा-गांधीधाम एक्सप्रेस में मिली संदिग्ध गतिविधि RPF की टीम ने एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहयोग से ट्रेन नंबर 12938 हावड़ा-गांधीधाम गरबा एक्सप्रेस में चेकिंग की। इसी दौरान टीम को एक व्यक्ति के साथ पांच नाबालिग बच्चे मिले। संदेह होने पर RPF ने बच्चों और व्यक्ति से पूछताछ की। गांधीधाम में काम कराने ले जाने की बात सामने आई शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि बच्चों को गांधीधाम स्थित एक मिठाई की दुकान पर काम कराने के लिए ले जाया जा रहा था। मामला प्रथम दृष्टया बालश्रम और मानव तस्करी से जुड़ा पाए जाने पर RPF ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांचों बच्चों को मुक्त कराया। एक आरोपी गिरफ्तार, टिकट और नकदी बरामद RPF ने कार्रवाई के दौरान मोहम्मद आहद को गिरफ्तार किया। उसके पास से छह रेलवे टिकट, 3,530 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन मिला। गिरफ्तार आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट को सौंप दिया गया है। बच्चों को चाइल्ड हेल्पडेस्क को सौंपा मुक्त कराए गए सभी पांच नाबालिग बच्चों को सुरक्षा, देखभाल और संरक्षण के लिए रेलवे चाइल्ड हेल्पडेस्क के सुपुर्द कर दिया गया। RPF अधिकारियों के मुताबिक, बच्चों से जुड़ी आगे की कार्रवाई संबंधित विभागों के समन्वय से की जाएगी। ट्रेनों और स्टेशनों पर लगातार निगरानी RPF अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन 'आहट' के तहत रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में लगातार चेकिंग और निगरानी की जा रही है। अभियान का उद्देश्य बच्चों को बालश्रम और मानव तस्करी से बचाना है। 'रेल मदद' और अन्य माध्यमों से मिलने वाली सूचनाओं के आधार पर भी तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
UPESSC ने सहायक आचार्य पदों का नोटिफिकेशन किया जारी:1936 पदों के लिए आवेदन शुरू, OTR अनिवार्य
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग(UPESSC) ने प्रदेश के अशासकीय अनुदानित सह-शिक्षा महाविद्यालयों एवं महिला महाविद्यालयों में सहायक आचार्य के लिए आवेदशन शुरू हो गया है। आयोग ने मंगलवार को 1936 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। OTR प्रक्रिया अनिवार्य आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापित पदों पर आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 'वन टाइम रजिस्ट्रेशन' (One Time Registration - OTR) व्यवस्था लागू की गई है। सभी उम्मीदवारों को OTR प्रक्रिया पूरा करने के बाद ही सहायक आचार्य पद हेतु अपना आवेदन करना होगा। पात्रता और अर्हता से जुड़ी विस्तृत विज्ञापन निर्देश पुस्तिका आयोग की वेबसाइट upessc.up.gov.in पर उपलब्ध करा दी गई है। महत्वपूर्ण तिथियां आवेदन करने की प्रक्रिया
मेरठ के मवाना में बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालकर स्वस्थ एवं सुपोषित बनाने में सहयोग करने वाले अभिभावकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, मेरठ द्वारा मवाना ब्लॉक सभागार में तहसील स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ऐसे बच्चों के माता-पिता को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पोषण संबंधी देखभाल और विभागीय योजनाओं के सहयोग से अपने बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव लाया। कार्यक्रम का शुभारंभ जल शक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक, हस्तिनापुर ब्लॉक प्रमुख नितिन पोसवाल तथा मवाना ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि योगेश ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। वहीं गंभीर रूप से कुपोषित श्रेणी से सामान्य पोषण श्रेणी में पहुंचे बच्चों को पोषण किट देकर प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम में गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की रस्म भी संपन्न कराई गई, जबकि छह माह की आयु पूरी कर चुके बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषण एवं बाल विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कार्यकत्रियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान टीएचआर से तैयार विभिन्न पौष्टिक व्यंजनों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही, जिसमें पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थों के उपयोग और उनके लाभों के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के संबोधन का लाइव प्रसारण भी देखा गया। मुख्यमंत्री द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा के बाद उपस्थित कर्मचारियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी बाल विकास परियोजना अधिकारी मवाना राजीव केसरी ने निभाई, जबकि मंच संचालन बाल विकास परियोजना अधिकारी सुषीला प्रभु माधव द्वारा किया गया। कार्यक्रम में मवाना तहसील क्षेत्र की विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं से जुड़े सीडीपीओ, मुख्य सेविकाएं, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। वक्ताओं ने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए संतुलित पोषण, गर्भवती महिलाओं की उचित देखभाल और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से संचालित सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है।
प्रयागराज में मंगलवार को मिर्जापुर स्टेशन पर नॉन-स्टॉप ट्रेन को रुकवाकर प्रसव पीड़ा और ज्यादा खून बहने से जूझ रही महिला यात्री को मेडिकल सहायता उपलब्ध कराई। ट्रेन नंबर 22362 नई दिल्ली-राजेंद्र नगर टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस में महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली थी। सूचना के समय ट्रेन ऊंचडीह रेलवे स्टेशन से आगे निकल चुकी थी। मिर्जापुर स्टेशन पर ट्रेन रुकवाने की व्यवस्था महिला की हालत गंभीर होने की सूचना मिलते ही प्रयागराज मंडल ने मिर्जापुर स्टेशन पर ट्रेन को रोकने की व्यवस्था की। इसके साथ ही स्टेशन पर रेलवे की मेडिकल टीम को भी अलर्ट कर दिया गया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही डॉ. वीके सिंह और स्वास्थ्यकर्मियों ने महिला की शुरुआती जांच की और आवश्यक चिकित्सा सहायता दी। रेलवे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा जांच के बाद महिला को आगे के इलाज की जरूरत देखते हुए रेलवे एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। रेलवे कर्मचारियों ने महिला यात्री के साथ मौजूद परिवार के सदस्यों की भी मदद की और अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था में सहयोग किया। महिला यात्रियों की सुरक्षा पर फोकस रेल प्रशासन के मुताबिक, ऑपरेशन मातृ शक्ति के तहत महिला यात्रियों की सुरक्षा और आपात स्थिति में तत्काल सहायता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रेल मदद के जरिए मिलने वाली सूचनाओं पर तेजी से कार्रवाई कर यात्रियों को जरूरत के मुताबिक मेडिकल और अन्य सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
सीहोर में काहिरी डैम के पास क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ। मंगलवार शाम को फिल्टर प्लांट से अचानक गैस रिसाव होने लगा। इसकी चपेट में आने से 4 लोग प्रभावित हुए। स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने बताया कि काहिरी डैम के पास स्थित फिल्टर प्लांट से क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ है। इससे 4 लोग प्रभावित हुए हैं। जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है। एक सिलेंडर से निकली गैसएडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई है और वहां चार लोगों को गैस से प्रभावित हुए हैं उनकी स्क्रीनिंग और जांच की जा रही है आरंभिक जांच में सामने आया है कि सिर्फ एक सिलेंडर से ही क्लोनिंग गैस का रिसाव हुआ है आसपास के इलाके को सुरक्षित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस और राहत टीम के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास किए जाएंगे। क्लोरीन गैस क्या है? क्लोरीन गैस पीले-हरे रंग की, तेज गंध वाली और बेहद जहरीली गैस है। शरीर के संपर्क में आने पर यह नमी के साथ प्रतिक्रिया कर जलन और ऊतकों को नुकसान पहुंचा सकती है। क्लोरीन गैस के असर आंख और नाक: जलन, आंखों से पानी आना और धुंधला दिखना। गला और फेफड़े: खांसी, गले में जलन, सीने में जकड़न और सांस लेने में परेशानी। त्वचा: लाल पड़ना, जलन और गंभीर स्थिति में छाले। ज्यादा मात्रा में संपर्क: फेफड़ों को गंभीर नुकसान हो सकता है और जान का खतरा भी हो सकता है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस की समझाइश का असर:ग्रामीणों ने सौंपे 15 हथियार, चाकू, तलवार और रॉड भी जमा किया
अपराध पर अंकुश लगाने के लिए रायपुर ग्रामीण पुलिस की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियान का असर अब गांवों में भी दिखाई देने लगा है। तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने स्वेच्छा से 15 हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस के सामने जमा कराया है। इनमें चाकू, तलवार, रॉड सहित अन्य सामान शामिल हैं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश में चल रहे अभियान में पुलिस के साथ गांवों के सरपंच और जनप्रतिनिधि भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे ग्रामीणों और पालकों को हथियार रखने से होने वाले नुकसान और नए कानून के प्रावधानों की जानकारी दे रहे हैं। लगातार जागरूकता के बाद ग्रामीण खुद आगे आकर अपने पास रखे हथियार पुलिस को सौंप रहे हैं। बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने की अपील रायपुर ग्रामीण डीएसपी वीरेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार अचानक आए गुस्से या मामूली विवाद में हथियार का इस्तेमाल गंभीर अपराध का कारण बन जाता है। छोटी-सी कहासुनी में चाकू, तलवार या रॉड का इस्तेमाल होने से किसी व्यक्ति को गंभीर चोट लग सकती है या मामला जानलेवा भी हो सकता है। इसी वजह से पुलिस की ओर से बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने के लिए पालकों को भी जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि घर या आसपास ऐसे हथियार न रखें, जिनका इस्तेमाल विवाद की स्थिति में नुकसान पहुंचाने के लिए किया जा सकता है। जनसहयोग से अपराध रोकने की कोशिश पुलिस की कार्रवाई के साथ ग्रामीणों का सहयोग मिलने से अभियान को मजबूती मिल रही है। ग्रामीणों द्वारा स्वेच्छा से हथियार जमा कराना पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर समन्वय का उदाहरण है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गांव-गांव में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जागरूकता अभियान आगे भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य हथियारों से होने वाली हिंसक घटनाओं को रोकना और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित माहौल तैयार करना है।
मेरठ की शीलकुंज कॉलोनी में विभिन्न समस्याओं को लेकर सात दिन से चल रहा शांतिपूर्ण धरना मंगलवार को खत्म हो गया। एसडीएम कार्यालय सरधना में प्रशासन और बीएनबी/इंडस वैली प्रबंधन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में सुरक्षा, आरएफआईडी, सीसीटीवी, बूम बैरियर, आवारा कुत्तों, एसटीपी-सीवर और मेंटेनेंस में पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर सहमति बनी। बैठक में एसडीएम सरधना उदित सेंगर और सीओ दौराला मौजूद रहे। दोनों गेटों की सुरक्षा मजबूत करने, गेट नंबर-1 का बूम बैरियर 1 नवंबर तक चालू करने और आरएफआईडी के बिना आने वाले वाहनों की एंट्री दर्ज करने पर सहमति बनी। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने और आवारा कुत्तों की समस्या के लिए नियमित अभियान चलाने की बात भी तय हुई। सहमति बनने के बाद समिति ने निवासियों को जानकारी दी और धरना समाप्त कर दिया। हर फेस से 2 निवासी प्रतिनिधि होंगे बैठक में तय हुआ कि कॉलोनी के प्रत्येक फेस से दो निवासी प्रतिनिधि चुने जाएंगे। ये प्रतिनिधि प्रबंधन के साथ हर महीने बैठक करेंगे। बैठक में कॉलोनी में चल रहे काम, सुरक्षा व्यवस्था और सामने आ रही समस्याओं की समीक्षा की जाएगी। समिति ने साफ किया कि उसका मकसद मेंटेनेंस व्यवस्था अपने हाथ में लेना नहीं है। समिति सुरक्षा, सुविधाओं, काम में पारदर्शिता और प्रबंधन की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी। कंपनी के वादे पूरे होने की उम्मीद समिति सदस्य अवनीश काजला ने कहा कि प्रशासन के सामने सभी प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बनी है। उम्मीद है कि कंपनी तय समय-सीमा के अनुसार अपने आश्वासन पूरे करेगी। उन्होंने कहा कि अगर कंपनी अपने वादों से पीछे हटती है तो निवासियों को दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ सकता है। सुरक्षा और आवारा कुत्तों की समस्या पर भी फैसला बैठक में दोनों गेटों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर सहमति बनी। गेट नंबर-1 पर बूम बैरियर को 1 नवंबर तक चालू करने की समय-सीमा तय की गई है। आरएफआईडी के बिना आने वाले वाहनों की एंट्री दर्ज करने की व्यवस्था भी की जाएगी। कॉलोनी में आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर नियमित अभियान चलाने पर सहमति बनी। जरूरत पड़ने पर सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की बात भी प्रबंधन की ओर से कही गई। बैठक के बाद शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ धरना समिति ने बैठक में तय हुए सभी बिंदुओं की जानकारी कॉलोनी के निवासियों को दी। प्रशासन और प्रबंधन के साथ सहमति बनने के बाद सात दिन से चल रहा धरना शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त कर दिया गया। बैठक में अवनीश काजला, विनोद जैन, प्रदीप सेठी, विपिन राणा, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, हरिओम कंसल, मनोज गर्ग, हर्ष पुनिया, प्रज्ञा पंवार, पंकज यादव, प्रबल साहनी और तनुज पुनिया समेत अन्य निवासी मौजूद रहे।
बालाघाट में चांगोटोला पुलिस ने गांजा तस्करी के मामले में ओडिशा के दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के पास से 12 किलो गांजा और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त गांजे की कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों को पहले पकड़े गए आरोपी महेंद्र मलिक की निशानदेही पर ओडिशा से पकड़ा गया। इस मामले में अब तक पांच आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं और करीब 33.5 लाख रुपए का गांजा जब्त किया जा चुका है। महेंद्र की पूछताछ में सामने आए नाम चांगोटोला पुलिस ने 31 अगस्त को ओडिशा के बरगड़ जिले के मांडोसिल निवासी महेंद्र मलिक (42) को गिरफ्तार किया था। उसके पास से 31.570 किलो गांजा मिला था। पूछताछ में महेंद्र ने सुरेश वारिक और सुदमचरण उर्फ राजू महानंदा के नाम बताए। पुलिस टीम ओडिशा पहुंची और बरगड़ जिले के पुरैना निवासी सुरेश वारिक (39) और समरपली निवासी सुदमचरण उर्फ राजू महानंदा (38) को गिरफ्तार कर लिया। ओडिशा में गांजे की खेती करने की बात पुलिस के मुताबिक पूछताछ में सामने आया कि सुरेश और सुदमचरण ओडिशा में गांजे की खेती करते थे। इसके बाद गांजा बालाघाट तक लाकर सप्लाई किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। 12 किलो गांजा और मोबाइल जब्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 12 किलो गांजा बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा 17 हजार रुपए कीमत के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पहले ढाबे से पकड़े गए थे दो तस्कर इस मामले में 25 अगस्त को चांगोटोला पुलिस ने पाद्रीगंज स्थित आरआरआर ठाकुर ब्रदर्स ढाबे से दो अंतरराज्यीय तस्करों को पकड़ा था। इनमें ओडिशा के झारबंध थाना क्षेत्र के संकरी निवासी जयकुमार नायक (34) और दुलामनी गुआल (26) शामिल थे। दोनों के पास से 22 किलो 290 ग्राम गांजा मिला था, जिसकी कीमत करीब 11 लाख 14 हजार रुपए बताई गई थी। पूछताछ में जयकुमार से महेंद्र मलिक के बारे में जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस ने 31 अगस्त को महेंद्र को गिरफ्तार किया था। अब सप्लाई नेटवर्क की जांच चांगोटोला थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों से गांजे के सोर्स और सप्लाई नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि गांजा कहां से लाया जाता था, बालाघाट में किन लोगों तक पहुंचाया जाता था और इस नेटवर्क में और कौन लोग जुड़े हैं।
सागर शराब कांड के बाद बैतूल जिले में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई जारी है। मंगलवार को आबकारी विभाग ने सारणी, पुरानी सारणी और मोरडोंगरी में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कच्ची महुआ शराब बनाने वाली भट्टियों पर दबिश दी गई। मौके से 53 लीटर हाथ भट्टी शराब और 1950 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। विभाग के अनुसार, जब्त सामान की अनुमानित कीमत करीब 2 लाख 2 हजार 950 रुपए है। भट्टियां तोड़ीं, महुआ लाहन नष्ट किया छापेमारी के दौरान शराब बनाने के लिए तैयार की जा रही भट्टियों को तोड़ा गया। महुआ लाहन भी मौके पर नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान आबकारी टीम को कोई आरोपी नहीं मिला। आबकारी विभाग ने बताया कि अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
सीलिंग जमीन को लेकर चल रहे विवाद में इंदौर जिला प्रशासन को हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हातोद तहसील के सोनगीर क्षेत्र की कुछ जमीनों को सरकारी सीलिंग जमीन बताकर कॉलोनियों की विकास मंजूरी रोकने के प्रशासनिक फैसले को हाई कोर्ट ने गलत और मनमाना माना है। मामला करीब 1500 करोड़ रुपए की प्रस्तावित कॉलोनियों से जुड़ा बताया जा रहा है। विवाद के चलते भाजपा नेता नीलेश चौधरी और उनके परिवार की स्वास्तिक ग्रांड कॉलोनी की पहले से दी गई विकास मंजूरी निरस्त कर दी गई थी। वहीं मेहुल पिता नवीन मेहता की ल्यूमिनियस कॉरिडोर कॉलोनी को भी विकास मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया था। स्वास्तिक ग्रांड मामले में चौधरी ने संभागायुक्त न्यायालय से स्टे लिया, जबकि ल्यूमिनियस कॉरिडोर ने हाईकोर्ट का रुख किया। जून 2026 में विकास मंजूरी के आवेदन से खुला मामला ल्यूमिनियस कॉरिडोर की ओर से जून 2026 में कॉलोनी की विकास मंजूरी के लिए आवेदन किया गया था। जांच के दौरान सामने आया कि आवेदन में शामिल कुछ सर्वे नंबर वर्ष 2006 से 2010 के बीच सीलिंग में दर्ज होकर सरकारी जमीन के रूप में दर्ज थे। कॉलोनाइजर और जमीन मालिकों का कहना था कि इन जमीनों को 8 दिसंबर 2010 के आदेश से सीलिंग से मुक्त कर निजी भूमि के रूप में दर्ज किया जा चुका है। इसके समर्थन में एसडीओ के आदेश का भी हवाला दिया गया। हालांकि जिला प्रशासन की जांच में 8 दिसंबर 2010 का यह आदेश रिकॉर्ड में नहीं मिला। अधिकारियों को न तो संबंधित आदेश मिला और न ही रजिस्टर में उसकी एंट्री मिली। इसके बाद ल्यूमिनियस कॉरिडोर की विकास मंजूरी का आवेदन निरस्त कर दिया गया। इसी सर्वे नंबर के आधार पर पहले से स्वीकृत स्वास्तिक ग्रांड कॉलोनी की विकास मंजूरी भी निरस्त कर दी गई। ल्यूमिनियस कॉरिडोर की ओर से हाईकोर्ट में दायर याचिका में मध्यप्रदेश सरकार, अपर कलेक्टर कॉलोनी सेल और संयुक्त कलेक्टर कॉलोनी सेल को पक्षकार बनाया गया। कॉलोनाइजर की ओर से तर्क दिया गया कि जमीन से जुड़ी सीलिंग कार्रवाई को बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने जून 2004 में ही रद्द कर दिया था। इसके बाद प्रशासन ने इस फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं की। याचिकाकर्ता ने कहा कि जमीन वैध तरीके से खरीदी गई। इसके बाद नामांतरण, डायवर्सन और टीएंडसीपी से संबंधित मंजूरियां भी ली गईं। इन प्रक्रियाओं के दौरान किसी अधिकारी ने जमीन को सरकारी या सीलिंग जमीन बताते हुए आपत्ति नहीं की। याचिका में कहा गया कि अब वर्ष 2010 के ऐसे आदेश का रिकॉर्ड नहीं मिलने के आधार पर विकास मंजूरी रोकना उचित नहीं है। प्रशासन ने कहा- 151 एकड़ जमीन सीलिंग में गई थी जिला प्रशासन की ओर से कोर्ट में बताया गया कि जमीन पर सीलिंग एक्ट के तहत 1976 में कार्रवाई की गई थी। उस समय जमीन के मालिक हिंदू सिंह थे। प्रशासन के अनुसार उन्हें 81 एकड़ जमीन रखने की पात्रता थी, जबकि करीब 151 एकड़ जमीन सीलिंग में घोषित की गई थी। प्रशासन ने वर्ष 1982, 1984 और 1988 में हुई कार्रवाई का भी हवाला दिया। उसके अनुसार बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने वर्ष 2003 में हिंदू सिंह की याचिका खारिज कर दी थी। हालांकि जून 2004 में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू ने उनके उत्तराधिकारियों की याचिका स्वीकार करते हुए सीलिंग कार्रवाई रद्द कर दी थी। प्रशासन का तर्क था कि इस आदेश से 151 एकड़ जमीन को राहत नहीं मिली थी, इसलिए बाद की कार्रवाई सही थी। हाईकोर्ट ने कहा- 2004 के बाद प्रशासन ने कोई अपील नहीं की मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि वर्ष 2004 के फैसले के बाद प्रशासन ने उसके खिलाफ कोई अपील नहीं की और न ही सीलिंग की कार्रवाई आगे बढ़ाई। कोर्ट ने यह भी कहा कि केवल वर्ष 2006 से 2010 के राजस्व रिकॉर्ड और उसमें दर्ज एक एंट्री के आधार पर बाद में मनमाना फैसला नहीं लिया जा सकता। कोर्ट के सामने यह तथ्य भी रखा गया कि सितंबर 2025 में नामांतरण के आदेश में तहसीलदार ने स्वयं रिकॉर्ड के आधार पर जमीन को सरकारी नहीं पाया था। भारी निवेश के बाद मंजूरी रोकना उचित नहीं 8 सितंबर को जारी आदेश में हाई कोर्ट ने माना कि जब जमीन की खरीद वैध तरीके से हुई, नामांतरण और डायवर्सन सहित अन्य प्रक्रियाएं पूरी हुईं और संबंधित अधिकारियों ने उस समय कोई आपत्ति नहीं उठाई, तो बाद में पुराने आदेश के रिकॉर्ड में नहीं मिलने के आधार पर विकास मंजूरी रोकना उचित नहीं है। कोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई को मनमाना, गैर-कानूनी और अनुचित माना और याचिकाकर्ता की मांगों को स्वीकार करते हुए रिट याचिकाओं का निराकरण किया।
बिजनौर esa अपर जिला जज प्रशांत मित्तल की कोर्ट ने हत्या के एक मामले में आरोपी नकुल को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने मामले में गवाहों के बयानों को विरोधाभासी और मिथ्या पाया। इसके साथ ही झूठी गवाही देने के मामले में मृतक की पत्नी चंचल, सुरेंद्र पाल त्यागी और मृतक के भाई प्रकांत कुमार के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। गन्ने के खेत में मिला था शव मामला 27 अक्टूबर 2018 का है। सिसौना गांव, थाना हीमपुर निवासी प्रकांत कुमार ने अपने भाई विपिन कुमार की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि विपिन शराब पीने का आदी था और बिना बताए घर से चला गया था। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चला। 29 अक्टूबर को प्रकांत ने पुलिस को सूचना दी कि नारनौर के जंगल में गन्ने के खेत में एक शव पड़ा है। गांव वालों के साथ मौके पर पहुंचने पर उन्होंने शव की पहचान अपने भाई विपिन के रूप में की। शव करीब दो-तीन दिन पुराना बताया गया था। पत्नी ने नकुल पर लगाया था हत्या का आरोप मृतक की पत्नी चंचल ने 30 अक्टूबर को हीमपुर थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि 26 अक्टूबर को वह, उनके पति विपिन और गांव के सुरेंद्र त्यागी बैठे थे। इसी दौरान सुरेश सिंह का बेटा नकुल एक अज्ञात व्यक्ति के साथ वहां आया और विपिन को अपने साथ ले गया। आरोप था कि इसके बाद दोनों ने विपिन की गोली मारकर हत्या कर दी। चंचल ने यह भी आरोप लगाया था कि नकुल ने विपिन से दो बीघा जमीन खरीदी थी और बाकी जमीन ठेके पर ले रखी थी। आरोप के मुताबिक, नकुल लगातार विपिन पर जमीन बेचने का दबाव बना रहा था। जमीन बेचने से इनकार करने पर हत्या किए जाने की बात कही गई थी। पुलिस ने मामले में नकुल को गिरफ्तार किया था। पोस्टमार्टम में मिला था गोली का घाव मामले की सुनवाई के दौरान चंचल, निर्मला, सुरेंद्र पाल, प्रकांत कुमार, चंद्रशेखर, हेड कांस्टेबल राजेंद्र शर्मा, डॉ. राजकुमार, सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक सुधीर कुमार, उपनिरीक्षक रमेश चंद्र, निरीक्षक कांता प्रसाद शर्मा और सेवानिवृत्त उपनिरीक्षक तेजवीर सिंह समेत गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विपिन के शरीर पर गोली लगने का घाव पाया गया था। गवाह आरोप साबित नहीं कर सके कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के गवाह घटना में आरोपी नकुल की भूमिका को साबित करने में सफल नहीं हो सके। गवाहों के बयानों में विरोधाभास सामने आया। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी नकुल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। तीन गवाहों के खिलाफ केस के आदेश न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने मामले में विरोधाभासी और मिथ्या बयान देने पर मृतक की पत्नी चंचल, सुरेंद्र पाल त्यागी और मृतक के भाई प्रकांत कुमार के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद हत्या के मामले में आरोपी नकुल को राहत मिली है।
भिवनी जिले के लोहारू में पुलिस ने 28 साल के एक युवक के लापता होने की शिकायत पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने युवक की तलाश शुरू कर दी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। यह कार्रवाई BNS की धारा 127(6) के तहत की गई है। शिकायतकर्ता राजकुमार ने पुलिस को बताया कि उनका 28 साल का बेटा देवेंद्र शादीशुदा है और उसके 3 बच्चे हैं। देवेंद्र मजदूरी का काम करता है। वह भिवानी जिले के लोहारू में वार्ड नंबर 14 का रहने वाला है। पैसों का दबाव बनाने के आरोप राजकुमार के मुताबिक, देवेंद्र पहले कुछ लोगों के संपर्क में था। आरोप है कि वे लोग उससे नाजायज पैसों की मांग कर रहे थे और कई दिनों से उसे परेशान कर दबाव बना रहे थे। शिकायत में यह भी कहा गया है कि उन लोगों ने देवेंद्र को बहला-फुसलाकर या दबाव डालकर कुछ कागजात पर दस्तखत करवाए थे। परिवार ने उन लोगों से देवेंद्र को परेशान न करने के लिए कहा था। लेकिन, आरोप है कि इसके बावजूद उन पर दबाव बनाना जारी रहा। शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर 2026 को दोपहर करीब 12 बजे देवेंद्र घर से लापता हो गया। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में घर पर देवेंद्र का लिखा हुआ एक नोट भी मिला, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। दंपती और बेटे पर लगाए आरोप शिकायतकर्ता ने आशंका व्यक्त की है कि उसका पुत्र संबंधित व्यक्तियों के दबाव में किसी अप्रिय घटना का शिकार हो सकता है। शिकायत में जिन व्यक्तियों के विरुद्ध आरोप लगाए गए हैं, उनमें धीरज पुत्र विजयपाल, विजयपाल और शर्मिला पत्नी विजयपाल, निवासी गांव गहलड़ी, तहसील नारनौल, जिला महेंद्रगढ़ हाल निवासी दादरी रोड, बाढ़ड़ा क्षेत्र के नाम शामिल हैं। शिकायत में विजयपाल का मोबाइल नंबर भी दर्ज किया गया है। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए थाना लोहारू पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(6) के तहत मामला दर्ज किया है। उक्त धारा गुप्त रूप से गलत तरीके से किसी व्यक्ति को बंदी बनाने से संबंधित है। पुलिस कर रही युवक की तलाश थाना लोहारू प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पुलिस को प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर पुलिस द्वारा आगामी कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच जारी है। साथ ही लापता युवक देवेन्द्र की तलाश के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस द्वारा मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
साइबर ठगी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क के खिलाफ एरोड्रम थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल होने वाले म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन आरोपियों के खातों से महज एक महीने में करीब 3.42 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, इसी नेटवर्क से जुड़े आरोपियों ने शेयर मार्केट और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का झांसा देकर 17.84 लाख रुपए की साइबर ठगी भी की है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों के बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में 200 से ज्यादा ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतें NCRP पोर्टल पर दर्ज हैं। 55 हजार रुपए के लालच में बेच दिया बैंक खाता टीआई वीरेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि विपिन गंगवाल की 1.44 लाख रुपए की साइबर ठगी की शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले सूरज जेसवाल को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि उसने महज 55 हजार रुपए के लालच में अपना बैंक खाता साइबर एजेंट को उपलब्ध कराया था। आगे की जांच में पता चला कि गिरोह गरीब और सीधे-साधे लोगों को कमीशन का लालच देकर फर्जी फर्मों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद रकम को क्रिप्टोकरेंसी USDT के जरिए ट्रांसफर कर दिया जाता था। 200 से ज्यादा शिकायतों से जुड़े खाते पुलिस ने NCRP पोर्टल पर आरोपियों के बैंक खातों की जानकारी खंगाली तो इनके खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी की 200 से अधिक शिकायतें सामने आईं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन खातों का इस्तेमाल कितनी साइबर ठगी में हुआ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। एटीएम, पासबुक और इंटरनेट बैंकिंग की डायरी जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 34 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 बैंक पासबुक, 24 चेकबुक, 8 मोबाइल फोन, 1.08 लाख रुपए नकद और 1 वाईफाई राउटर बरामद किया है। इसके अलावा इंटरनेट बैंकिंग की आईडी-पासवर्ड लिखी एक डायरी भी मिली है। इन आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने सूरज जेसवाल, हर्ष उर्फ लकी प्रजापति, सौरभ साहू, पवन प्रजापति, हरिओम प्रजापति, आयुष प्रजापति, संदीप सिसौदिया, सन्नी जाटव, आलोक द्विवेदी, भावेश पारशी, आदित्य पांडेय, साहिल पवार, निलेश खेड़ेकर, जयवर्धन सिंह भदौरिया, प्रदीप लोधी और राजेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ BNS की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। पुलिस रिमांड लेकर अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की कड़ियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
राजधानी भोपाल के बड़ा तालाब की वास्तविक सीमा, कैचमेंट क्षेत्र और संभावित अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने सात सदस्यीय टीम बनाई है। जिसका सर्वे चौथे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण स्थानों पर टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का तकनीकी एवं भौतिक निरीक्षण किया। शुरुआत मुगलिया छाप क्षेत्र में ड्रोन सर्वे से हुई। इसके बाद टीम सेंट्रल पार्क कॉलोनी पहुंची। जहां पार्क के अंतिम छोर और तालाब से लगे हिस्से का निरीक्षण किया गया। इस दौरान मौके पर मुंढेर/मुंडेरनुमा संरचनाएं एवं तालाब की पुरानी सीमा दर्शाने वाले मुनारे दिखाई दिए, जबकि पानी इन मुनारों से आगे लगभग 15 फीट तक फैला हुआ नजर आया। साथ ही पार्क के कुछ हिस्सों में पानी के भराव के भी संकेत दिखाई दिए। इससे मौके पर मौजूद जल सीमा और वर्तमान स्थिति के बीच अंतर की स्थिति सामने आई। जिसका राजस्व रिकॉर्ड, पूर्व जल सीमा और तकनीकी सर्वे के आधार पर सत्यापन किया जाना आवश्यक है। सेंट्रल पार्क के अंदर बने निर्माण भी देखेटीम ने सेंट्रल पार्क के अंदर बने बड़े आकार के निजी निर्माण और विशाल कोठियों को भी टीम ने मौके पर देखा। तालाब की सीमा, कैचमेंट और संबंधित प्रतिबंधित क्षेत्र के संदर्भ में इन निर्माणों की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन किया जाना आवश्यक है। इसके बाद टीम ने बिशनखेड़ी रोड, मयंक नर्सरी के पास, गौरा सेवानिया सीमा, एसपीएस के पास, नाथू बरखेड़ा बॉर्डर पुलिया और नाथू बरखेड़ा रोड सहित अन्य क्षेत्रों का निरीक्षण किया। टीम ने इन स्थानों पर तालाब की सीमा, जलभराव क्षेत्र, निर्माण एवं संभावित अतिक्रमण की स्थिति को मौके पर जांचा। शाम 6 बजे तक सर्वे चलता रहा। सर्वे के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण बिंदू ये रहे मौजूदइस विशेष सर्वे में सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, एमपी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड, मध् यप्रदेश वेटलैंड अथॉरिटी, मध्य प्रदेश वन विभाग, नगर निगम भोपाल और राजस्व विभाग के प्रतिनिधियों के साथ याचिकाकर्ता एवं विशेष सदस्य राशिद नूर खान, पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडेय मौजूद रहे। MPPCB के नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया भी टीम के साथ मौजूद थे।
झज्जर के बादली क्षेत्र के बाढ़सा गांव में मामूली विवाद के बाद एक मजदूर की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के पटई गांव निवासी कमलेश के रूप में हुई है। कमलेश बाढ़सा गांव में रहकर संजय के खेतों में मजदूरी करता था। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। कहासुनी के बाद चाकू से किया हमला जानकारी के अनुसार कमलेश का गांव के ही मोनू के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान मोनू ने कमलेश पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू के वार से कमलेश गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। अस्पताल पहुंचने से पहले बिगड़ी हालत घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल कमलेश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद कमलेश को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या की वजह आपसी विवाद सामने आ रही है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वारदात के बाद से आरोपी मोनू फरार है, जिसकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें जुटी हुई हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और हत्या के पीछे की पूरी वजह का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
बुरहानपुर जिले में परिवहन विभाग यात्री और स्कूली बसों की जांच का अभियान चला रहा है। मंगलवार को RTO विभाग ने कार्रवाई की। इस दौरान 4 स्लीपर कोच यात्री बसों के परमिट रद्द किए गए। एक यात्री बस को करीब 2 लाख रुपए टैक्स बकाया होने पर जब्त किया गया, जबकि एक स्कूली बस का फिटनेस और बीमा नहीं होने पर 10 हजार रुपए का चालान काटा गया। RTO राजेश गुप्ता ने बताया कि एक बस संचालक ने करीब डेढ़ साल से टैक्स जमा नहीं किया था। बस का फिटनेस भी नहीं था। करीब 2 लाख रुपए टैक्स बकाया होने के कारण बस जब्त की गई। स्कूल बस का 10 हजार रुपए चालान सेंट जेवियर स्कूल की बस का फिटनेस और बीमा नहीं था। इस पर परिवहन विभाग ने 10 हजार रुपए का चालान काटा। जिन 4 यात्री बसों के परमिट रद्द किए गए, उनमें जलगांव (महाराष्ट्र) की 1, अरुणाचल प्रदेश की 2 और अलीराजपुर की 1 बस शामिल है। राजेश गुप्ता ने बताया कि यात्री और स्कूली बसों की जांच आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने बस संचालकों से नियमों का पालन करने की अपील की।
प्रयागराज में सोमवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्रक ने जोगापुर मंडी के सामने एक पिकअप को टक्कर मार दी। इस हादसे में पिकअप सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, पिकअप का खलासी और ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान मंगलवार देर शाम को ट्रक चालक ने भी दम तोड़ दिया। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रक हाईवे की रेलिंग तोड़कर दूसरी लेन में चला गया। वहां उसने प्रयागराज से गोरखपुर जा रही पिकअप को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद पिकअप बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बेकाबू ट्रक सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गया। खंभे से निकली लोहे की पाइप ट्रक चालक के सीने में घुस गई। हादसे में पिकअप सवार सुधीर कुमार साहू (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वह पट्टी महरौड़ा निवासी स्वर्गीय फूलचंद साहू के बेटे थे। पिकअप का खलासी कमलेश विश्वकर्मा, जो झूंसी का रहने वाला है, बुरी तरह घायल हो गया। ट्रक चालक महेंद्र यादव (45), जो अयोध्या का निवासी था, को गंभीर हालत में एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस को सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंची। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। मृतकों के शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को सड़क से हटवाया और यातायात सामान्य कराया। हादसे के बाद कुछ देर तक मौके पर लोग परेशान रहे। पिकअप चालक के भाई मनोज कुमार की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जबलपुर के मोती नाले के पास मिला भ्रूण:3-4 महीने का बताया जा रहा, CCTV चेक करने में जुटी पुलिस
जबलपुर के हनुमानताल थाना क्षेत्र के चार खंभा इलाके में मोती नाले के पास एक भ्रूण मिला है। स्थानीय लोगों ने नाले के किनारे भ्रूण पड़ा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच की। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया कि भ्रूण लगभग 3 से 4 महीने का है। पुलिस ने भ्रूण को कब्जे में लेकर केस दर्ज कर लिया है। पास में ही एक प्रसूति गृह होने की बात भी सामने आ रही है, जिसे लेकर पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा है। पुलिस का कहना है कि अभी इस मामले में कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। यह भ्रूण हत्या का मामला है या किसी और वजह से शिशु को यहां छोड़ा गया, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की जांच के बाद ही होगा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज चेक करने और प्रसूति गृह से जानकारी जुटाने में लगी है।
रीवा में कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में मंगलवार को सातवें दिन भी तनाव बना रहा। मृतका के पिता ने एक बार फिर भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं परिजन और समर्थक एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर अमहिया थाने पहुंच गए और थाने का घेराव किया। करीब 4 घंटे तक थाने में तनाव की स्थिति बनी रही। परिजनों का आरोप है कि कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ शिकायत देने के बावजूद पुलिस एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है। इसी मांग को लेकर परिजन और समर्थक थाने के बाहर नारेबाजी करते रहे। उन्होंने पुलिस से तत्काल मामला दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि एफआईआर दर्ज होने तक विरोध जारी रहेगा। एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाईमामले में प्रशासन की ओर से एसडीएम अनुराग तिवारी ने कहा कि बिना जांच के सीधे एफआईआर दर्ज करना सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दूसरे पक्ष ने पुलिस पर पक्षपात का लगाया आरोपदूसरे पक्ष ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस एक पक्ष की शिकायत पर कार्रवाई कर रही है, लेकिन कल्पना मिश्रा की मौत से जुड़े आरोपों में एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही। इसे लेकर परिजनों और समर्थकों में नाराजगी है। सात दिन से अस्पताल और प्रशासन पर सवालकल्पना मिश्रा की मौत के बाद से परिजन लगातार अस्पताल और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। सोमवार से जय स्तंभ चौराहे पर कांग्रेस की ओर से धरना-प्रदर्शन भी किया जा रहा है। मंगलवार को मृतका के पिता के भूख हड़ताल पर बैठने और अमहिया थाने के घेराव के बाद मामला फिर गरमा गया। करीब 4 घंटे तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा
खैरथल में नगर निकाय चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट है। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर अतुल प्रकाश ने मंगलवार को भिवाड़ी नगर परिषद क्षेत्र के 9 मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और चुनाव की तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अतुल प्रकाश ने घटाल, खिजरपुर, हरचंदपुर और सांथलका के सरकारी स्कूलों में बने 9 मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि चुनाव आयोग के नियमों के हिसाब से सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी की जाएं। साथ ही, मतदान के दौरान किसी भी तरह की परेशानी नहीं आनी चाहिए। EVM और चुनाव सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश कलेक्टर अतुल प्रकाश ने मतदान दलों को EVM और चुनाव सामग्री की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ किया कि चुनाव प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मतदान कर्मियों को सतर्क रहकर राज्य चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन करने और मतदान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने को कहा गया। उन्होंने मतदान दलों से यह भी कहा कि चुनाव के दौरान कोई भी समस्या आने पर तुरंत बड़े अधिकारियों को बताएं। इससे समय रहते उसका समाधान किया जा सकेगा। एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने मतदान दलों को सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में वोटिंग कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने मतदान दलों से सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों के साथ अच्छा तालमेल बनाए रखने को कहा। एसपी ने कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करने के निर्देश भी दिए। ये रहे मौजूद निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय, आरओ टपूकड़ा कृष्ण यादव, नगर परिषद आयुक्त सुरेश मीणा, जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के विशेष अधिकारी ऐश्वर्यम प्रजापत और आरओ भिवाड़ी सुमित्रा मिश्र मौजूद थे। इनके साथ संबंधित अधिकारी और मतदान दलों के कर्मी भी उपस्थित रहे।
सुप्रीम कोर्ट में झारखंड डीजीपी नियुक्ति मामले की अगली सुनवाई अब 16 सितंबर को
झारखंड में डीजीपी नियुक्ति से जुड़े मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में अब 16 सितंबर को होगी। राज्य सरकार की डीजीपी नियुक्ति नियमावली को प्रकाश सिंह बनाम केंद्र सरकार के दिशानिर्देशों के अनुरूप न होने के कारण चुनौती दी गई है।
भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है एक तरफ जहां भाजपा संसद में नगर निगम की मी और महापौर पर केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा भेजी जाने वाली राशि और विकास कार्यों पर रोक लगाने का आरोप लगाया है तो वहीं दूसरी तरफ इस पर पटवार करते हुए महापौर डॉ. शोभा सेकरवार और कांग्रेस जिला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने संसद से जवाब मांगा है कि आखिर विसजनक तौर पर बताएं कि कौन सी राशि को लेकर आए थे जिसे उनके द्वारा रोका गया है तो वही जिला अध्यक्ष यादव ने तो यहां तक कह दिया कि वह जल्दी ही भाजपा के लिए काम करने वाले अधिकारियों का मुंह काला करेंगे। शहर की बदहाल सड़कें, सीवर व्यवस्था और पानी की समस्या के बीच ग्वालियर की सियासत में महापौर और भाजपा सांसद के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह ने इन समस्याओं के लिए नगर निगम की महापौर और एमआईसी को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने भाजपा सरकार पर ग्वालियर की अनदेखी और पर्याप्त राशि नहीं देने का आरोप लगाया है। ताजा विवाद भाजपा की जिला कार्यसमिति की बैठक के बाद और तेज हुआ है, जहां सांसद कुशवाह ने नगर सरकार पर निशाना साधा। सांसद का आरोप- राशि का इस्तेमाल नहीं कर पा रही नगर सरकार बताया जा रहा है। भाजपा सांसद भारत सिंह कुशवाह का आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार से ग्वालियर के विकास के लिए राशि लाई जा रही है, लेकिन नगर निगम की महापौर और एमआईसी उस राशि का उपयोग नहीं कर पा रही हैं। सांसद ने सड़क, सीवर और पानी की बदहाली के लिए महापौर और उनकी एमआईसी को जिम्मेदार बताया। कांग्रेस का पलटवार, अधिकारियों को चेतावनी सांसद के बयान के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर पलटवार किया। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली के कारण शहर की समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि निगम अधिकारियों ने कामकाज में सुधार नहीं किया तो उनका मुंह काला किया जाएगा। पार्टी ने सांसदों और मंत्रियों के बंगलों के बाहर धरना देने का भी ऐलान किया है। महापौर का आरोप- मेहमानों को आवभगत में लग रहा निगम का पैसा वहीं, महापौर डॉ. शोभा सिकरवार ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि ग्वालियर के विकास के लिए नगर निगम को पर्याप्त राशि नहीं दी जा रही है। महापौर ने यह भी आरोप लगाया कि निगम के अधिकारियों से सरकार के मंत्रियों और नेताओं की आवभगत कराई जा रही है। महापौर ने सांसद भारत सिंह कुशवाह से सवाल किया कि उन्होंने ग्वालियर के विकास के लिए कौन-सी राशि उपलब्ध कराई है? उनका सवाल है कि यदि सांसद विकास के लिए राशि लेकर आए थे तो वह कौन-सी राशि थी, जिसे महापौर या नगर निगम ने रोक दिया। महापौर का यह भी आरोप है कि ग्वालियर के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर सरकार और भाजपा की ओर से क्या जवाब आता है, यह भी महत्वपूर्ण होगा। गौर करने वाली बात यह है कि नगर निगम की वित्तीय स्थिति को लेकर महापौर पहले भी सार्वजनिक रूप से सवाल उठा चुकी हैं। दिसंबर 2023 में उन्होंने निगम की खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए सरकारी वाहन तक वापस कर दिया था और शासन से आर्थिक मदद नहीं मिलने की बात कही थी।
कन्नौज में बीमारी फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई। गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर 31 लोगों की जांच की गई। इनमें 11 लोग बुखार से पीड़ित मिले। हालांकि जांच में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। बीमारी की सूचना के बाद ग्रामीणों में डेंगू को लेकर आशंका बनी हुई थी। मामला मानीमऊ क्षेत्र के बंसरामऊ गांव का है। पेट दर्द, जोड़ों के दर्द और बुखार से परेशान थे ग्रामीण ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले दो दिनों से कई लोग पेट दर्द, जोड़ों के दर्द और बुखार की शिकायत से परेशान थे। इसके बाद गांव में डेंगू फैलने की चर्चा शुरू हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर सीएमओ डॉ. विकास चन्द्रा ने स्वास्थ्य टीम को गांव भेजा। शिविर में 31 लोगों की जांच की गई। इनमें 11 बुखार, एक अपच, पांच चर्म रोग, चार जोड़ों के दर्द और चार सामान्य कमजोरी से पीड़ित मिले। छह लोगों में अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पाई गईं। ग्रामीणों को बांटी ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां जांच में डेंगू की सभी रिपोर्ट निगेटिव आईं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों को जरूरत के अनुसार ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां वितरित कीं। ग्रामीणों को पानी उबालकर और उसमें क्लोरीन की गोली डालकर शुद्ध करने के बाद ही पीने की सलाह दी गई। 48 घरों में सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आशा कार्यकत्रियों के माध्यम से गांव के 48 घरों का भ्रमण कराया। इस दौरान पानी जमा होने वाले स्थानों की जांच कर सोर्स रिडक्शन की कार्रवाई की गई, ताकि मच्छरों के प्रजनन को रोका जा सके। ग्रामीणों को घर और आसपास साफ-सफाई रखने, बारिश का पानी जमा नहीं होने देने और स्वच्छ व सुपाच्य भोजन लेने के लिए जागरूक किया गया। मलेरिया और डेंगू से बचाव के लिए पूरे आस्तीन के कपड़े पहनने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई।
कानपुर में एक युवक को दोगुनी उम्र की शादीशुदा महिला से प्रेम करना महंगा पड़ा। महिला के परिजनों ने युवक को दो दिन तक बंधक बनाकर पीटा, जिसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर उसे छुड़ाया।
सोनीपत में एसीबी की टीम ने जमीन की तकसीम, इंतकाल और कब्जा दिलवाने की कार्रवाई के बदले 25 हजार रुपए रिश्वत लेते कानूनगो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एसीबी रोहतक में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। वहीं मामले में एसीबी की टीम जांच कर रही है और आरोपी को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसीबी को दी शिकायत में शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके चाचा की जमीन से संबंधित मामले में नायब तहसीलदार की अदालत से आदेश जारी हो चुके थे। इसके बाद जमीन की तकसीम सनद, इंतकाल और भूमि का कब्जा दिलवाने की कार्रवाई करवाने के लिए वह कानूनगो राजेश से मिला था। आरोप है कि संबंधित कार्य करवाने में मदद करने की एवज में कानूनगो ने उससे 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग की। शिकायत के बाद बिछाया ट्रैप एसीबी इंस्पेक्टर उषा ने बताया कि शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने मामले की शिकायत एसीबी को दी। शिकायत की पुष्टि के बाद टीम ने नियमानुसार ट्रैप की कार्रवाई की। एसीबी की सोनीपत यूनिट की टीम ने आरोपी राजेश कानूनगो (52) को 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी राजेश कानूनगो हलका तहसील राई में कानूनगो के पद पर तैनात था। उसके पास सोनीपत और राई दोनों जगह का चार्ज बताया गया है। आरोपी हाल में मलिक कॉलोनी, सोनीपत में रह रहा था। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस एसीबी के निदेशक डॉ. ए.एस. चावला ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में एसीबी की जीरो टॉलरेंस की नीति है। भ्रष्टाचार में संलिप्त कोई भी अधिकारी या कर्मचारी कानून से ऊपर नहीं है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रिश्वत मांगे तो एसीबी को दें सूचना डॉ. ए.एस. चावला ने आमजन से अपील की कि यदि कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी सरकारी काम करने की एवज में रिश्वत मांगता है तो इसकी सूचना तुरंत एसीबी के टोल फ्री नंबर 1800-180-2022 या 1064 पर दें। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी का अभियान लगातार जारी रहेगा।
शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) मेरठ महानगर की ओर से मंगलवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के अटल सभागार में ‘गुरुत्सव’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की सरहाना की गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने की। मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थी परिषद मेरठ प्रांत के प्रांत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम वत्स मौजूद रहे। विद्यार्थी परिषद मेरठ महानगर अध्यक्ष डॉ. नेहा गर्ग, महानगर मंत्री अनुज बैसला सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, विद्यार्थी और विद्यार्थी परिषद कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विद्यार्थियों को तुरंत गलत न ठहराएं मुख्य वक्ता डॉ. घनश्याम वत्स ने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण और राष्ट्र के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विद्यार्थियों के साथ शिक्षक को स्नेह, अपनापन और धैर्य रखना चाहिए। उनकी बात और तर्क को समझना जरूरी है। यदि विद्यार्थी कहीं भ्रमित हो रहा है तो उसे तुरंत गलत ठहराने के बजाय प्रेमपूर्वक सही दिशा दिखानी चाहिए। उन्होंने किसान का उदाहरण देते हुए बताया कि एक किसान हर साल मक्के की सबसे अच्छी फसल पैदा करता था और उसे श्रेष्ठ किसान का पुरस्कार मिलता था। इसी तरह विद्यार्थियों के विकास के लिए भी शिक्षक को निरंतर प्रयास और सहयोग की भावना रखनी चाहिए। सपनों को दिशा देना शिक्षक की जिम्मेदारी कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला ने कहा कि सच्चा शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देता, बल्कि विद्यार्थियों में जिज्ञासा, तर्क, कल्पना और अच्छे संस्कार भी विकसित करता है। बच्चे के मन में कोई सपना हो तो शिक्षक का काम उस सपने को सही दिशा देना और उसे पूरा करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में शिक्षकों का सम्मान किया गया और शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को सराहा गया। आयोजकों ने कहा कि गुरुत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों में गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षक सम्मान और सामाजिक दायित्व की भावना को मजबूत करना है।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने मंगलवार शाम को कार्यभार ग्रहण कर लिया। जिसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की एकेडमिक एक्सीलेंस, रिसर्च और इनोवेशन, स्टूडेंट्स के लिए स्किल डेवलपमेंट और जॉब ओरिएंटेड एजुकेशन को और मजबूत करना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने सभी को टीम भावना और समन्वय के साथ काम करने और स्टूडेंट्स के हित को सबसे पहली प्राथमिकता देने का आह्वान किया। अधिकारियों और शिक्षकों ने किया स्वागत विश्वविद्यालय अतिथि गृह पहुंचने पर नवनियुक्त कुलपति का अधिकारियों और शिक्षकों ने स्वागत किया। इस अवसर पर प्रो. दिनेश यादव, प्रो. रामवंत गुप्ता, डॉ राम सेवक सिंह, कुलसचिव धीरेंद्र श्रीवास्तव, अतिथि गृह प्रभारी डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह तथा अभियंता शशांक श्रीनेत सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी व शिक्षक उपस्थित रहे। व्यापक एकेडमिक और प्रशासनिक अनुभव प्रो. के. पी. सिंह उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखते हैं। वे जी. बी. पंत कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में बायोफिजिक्स के प्रोफेसर रहे हैं। इससे पहले वे महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय, बरेली के कुलपति के रूप में काम कर चुके हैं। वे चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार और महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल के कुलपति का दायित्व भी संभाल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने उत्तराखंड काउंसिल फॉर बायोटेक्नोलॉजी के डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं। प्रो. सिंह ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में एम.एससी., एम. फिल. और पीएच. डी. की उपाधियां प्राप्त की हैं। उनका शोध कार्य मेम्ब्रेन बायोफिजिक्स, नैनोबायोसेंसर, नैनोमैटेरियल्स, लक्षित औषधि वितरण, नैनो-सिग्सलिंग और आणविक निदान जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित रहा है। उन्होंने स्लोवाकिया, क्रोएशिया और ब्रिटेन में भी बेहतरीन शोध कार्य किया है। प्रो. सिंह के नाम बड़ी संख्या में शोध प्रकाशन और पुस्तक हैं और वे नैनोबायोटेक्नोलॉजी व अनुप्रयुक्त विज्ञान के क्षेत्र में सक्रिय शोधकर्ता रहे हैं।
ओडिशा विजिलेंस ने जूनियर असिस्टेंट मीर इम्तियाज अली को सरकारी खजाने और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के 1.15 करोड़ रुपये के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है।
मैहर कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने खरीफ 2026-27 के तहत फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी के काम में कम प्रगति होने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने संबंधित तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को मंगलवार को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। कलेक्टर ने इन दोनों कामों को शासन की जरूरी प्राथमिकताओं में बताया है और समय पर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने समीक्षा में पाया कि जिले की कुछ तहसील और राजस्व वृत्तों में फार्मर रजिस्ट्री और फसल गिरदावरी के काम में कम प्रगति हुई है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इनको जारी किए नोटिस जिन अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें मैहर तहसील के तहसीलदार मैहर और नायब तहसीलदार अमदरा, नादन एवं बदेरा शामिल हैं। इसके अलावा अमरपाटन तहसील के तहसीलदार अमरपाटन और नायब तहसीलदार ताला को भी नोटिस मिला है। रामनगर तहसील के तहसीलदार रामनगर और नायब तहसीलदार बड़वार एवं झिन्ना भी इस लिस्ट में हैं। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस मिलने के तीन दिन के अंदर लिखित जवाब देने को कहा है। उन्होंने साफ किया कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर माना जाएगा कि उन्हें इस मामले में कोई सफाई नहीं देनी है और नियमों के हिसाब से एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।
बरेली ऑब्स्टेट्रिक एंड गायनेकोलॉजी सोसाइटी (BOGS), इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), UPCOG और विमेंस वेलफेयर कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में आज आईएमए हॉल में ‘एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस जिला स्तरीय अभियान का मुख्य उद्देश्य किशोरियों में एनीमिया की रोकथाम और सर्वाइकल कैंसर से बचाव के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना है। CMO ने किया कार्यक्रम का उद्घाटनकार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विश्राम सिंह ने अभियान की स्टैंडी का अनावरण कर किया। उन्होंने सरकार द्वारा संचालित किशोर स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी साझा करते हुए BOGS के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान डिप्टी CMO डॉ. लईक अंसारी और ACMO डॉ. अमित सिंह ने पहल को किशोरियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद उपयोगी बताया। IMA अध्यक्ष डॉ. अतुल श्रीवास्तव और सचिव डॉ. अंशु अग्रवाल भी मंच पर उपस्थित रहे। एक दर्जन स्कूलों का चयनअभियान के तहत शहर के 10 से 12 चयनित स्कूलों में विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक स्कूल में BOGS के दो विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम पहुंचेगी। ये सत्र मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित होंगे: एनीमिया की पहचान, उपचार, आयरन और सही पोषण का महत्व। सर्वाइकल कैंसर से बचाव, स्क्रीनिंग और HPV वैक्सीनेशन के प्रति जागरूकता। किशोरावस्था से जुड़ी शारीरिक समस्याओं व स्त्रीरोग संबंधी शंकाओं का समाधान। BOGS अध्यक्ष डॉ. लतिका अग्रवाल ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल भाषण देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छात्राओं के साथ खुला संवाद स्थापित करेगा ताकि वे बिना झिझक अपनी समस्याएं साझा कर सकें। BOGS सचिव डॉ. अनीता नाथ ने कहा कि पहले चरण में 1,000 छात्राओं तक सीधी पहुंच बनाने का लक्ष्य है। अभियान का स्वरूप और इसके प्रमुख लाभ'एडोलसेंट हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव' मुख्य रूप से स्कूल जाने वाली 10 से 19 वर्ष की किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाने और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का एक जमीनी अभियान है। इसमें विशेषज्ञ महिला चिकित्सक सीधे स्कूलों में जाकर छात्राओं से संवाद करेगी। इसके प्रमुख फायदे निम्नलिखित हैं:एनीमिया की समय रहते पहचान व रोकथाम: छात्राओं को खून की कमी (एनीमिया) के लक्षणों, आयरन युक्त पोषण और सही खान-पान की जानकारी मिलेगी, जिससे उनकी शारीरिक कमजोरी और पढ़ाई में एकाग्रता की कमी दूर होगी। सर्वाइकल कैंसर से समय से बचाव: किशोरियों और उनके अभिभावकों को एचपीवी (HPV) वैक्सीन के महत्व और सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती संकेतों के बारे में सही चिकित्सकीय जानकारी मिलेगी। झिझक मिटाने वाला खुला संवाद: विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञों से सीधे बातचीत होने से छात्राएं पीरियड्स (माहवारी) और शारीरिक बदलावों से जुड़ी व्यक्तिगत समस्याएं बिना किसी संकोच के साझा कर सकेंगी। सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: स्वास्थ्य विभाग और BOGS के तालमेल से किशोरियों को सरकार द्वारा चलाई जा रही पोषण व स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ सीधे स्कूल स्तर पर मिल सकेगा। स्वस्थ मातृत्व की मजबूत नींव: किशोरावस्था में बेहतर पोषण और स्वास्थ्य की समझ आगे चलकर एक स्वस्थ महिला, सुरक्षित मातृत्व और मजबूत समाज का निर्माण करती है। कार्यक्रम में डॉ. लता अग्रवाल, डॉ. नीरा अग्रवाल, डॉ. दरक्षा, डॉ. अनुजा सिंह, डॉ. प्रगति, डॉ. मीरा वैश्य, डॉ. कोमल कक्कड़ सहित कई वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ मौजूद रहीं। ‘स्वस्थ किशोरी, स्वस्थ महिला, स्वस्थ समाज’ के संदेश के साथ संस्था ने इस पहल को एनीमिया मुक्त समाज की दिशा में अहम कदम बताया।
सहारनपुर के जिला कारागार में बंद 28 वर्षीय धर्मेंद्र की मेरठ मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान सोमवार रात मौत हो गई। वह फतेहपुर थाना क्षेत्र के मुजफ्फरपुर गांव का निवासी था। जेल में रहने के दौरान उसकी तबीयत कई बार खराब हुई थी। गंभीर स्थिति होने पर उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भेजा गया था। पिछले कुछ दिनों से चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था। धर्मेंद्र को मार्च 2025 में मिलावटी शराब की तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेज दिया गया था। जेल प्रशासन के अनुसार, बंद रहने के दौरान उसकी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बनी रहीं। तबीयत खराब होने पर उसे अलग-अलग मौकों पर चिकित्सकीय उपचार दिलाया गया। 25 अगस्त को भर्ती कराया, तीन दिन बाद मिली थी छुट्टी जानकारी के मुताबिक, धर्मेंद्र की हालत बिगड़ने पर उसे 25 अगस्त को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। वहां उपचार के बाद चिकित्सकों ने 28 अगस्त को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी थी। इस दौरान उसे टीबी की शिकायत भी बताई गई थी। उपचार के बाद उसकी शारीरिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ था, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति सामान्य नहीं थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे वापस जेल लाया गया। इसके बाद दोबारा स्वास्थ्य संबंधी परेशानी सामने आने पर तीन सितंबर को उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। चिकित्सक लगातार उसकी स्थिति पर नजर रख रहे थे। सोमवार रात अचानक उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इलाज के दौरान चिकित्सकों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौत हो गई। नशे का आदी था बंदी, मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी जेलर आलोक सिंह ने बताया कि धर्मेंद्र नशे का आदी था और उसकी मानसिक स्थिति भी ठीक नहीं थी। स्वास्थ्य खराब होने पर उसे कई बार अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने बताया कि बंदी की मौत के बाद नियमानुसार सभी आवश्यक कार्रवाई पूरी की गई और शव परिजनों को सौंप दिया गया। धर्मेंद्र की मौत की सूचना जेल प्रशासन की ओर से संबंधित अधिकारियों और उसके परिजनों को दी गई। शव को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया गया।
बागपत के निरोजपुर गुर्जर गांव में मंगलवार शाम मकान का छज्जा गिरने से 42 वर्षीय किसान प्रदीप कुमार की मौत हो गई। हादसे में तीन मजदूर भी घायल हो गए। बताया गया कि प्रदीप खेत से लौटने के बाद मकान में चल रहे चिनाई के काम को देखने छत पर पहुंचे थे। इसी दौरान वह छज्जे पर बैठे और अचानक छज्जा भरभराकर नीचे गिर गया। मलबे में दबे किसान ने मौके पर तोड़ा दम छज्जा गिरने से प्रदीप मलबे के नीचे दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और मलबा हटाकर प्रदीप को बाहर निकाला। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मकान में चल रहा था चिनाई का काम बताया गया कि प्रदीप के मकान में निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान वह काम देखने के लिए छत पर गए थे। छज्जे पर बैठने के कुछ ही देर बाद वह गिर गया। हादसे में वहां काम कर रहे तीन मजदूर भी घायल हुए हैं। प्रदीप खेती करके परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं। किसान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद गांव के लोग भी पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।
हरदा जिले के छोटी हरदा गांव के ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बिक रही शराब से युवाओं में नशे की लत बढ़ रही है, जिसके कारण पिछले डेढ़ साल में छह युवाओं की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में शराब की अवैध बिक्री पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। ग्राम निवासी अनिल पटेल ने बताया कि गांव में अवैध शराब की बिक्री एक कुटीर उद्योग की तरह फल-फूल रही है, जिसका गलत असर युवाओं और मजदूरों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शराब के नशे में घर लौटने वाले कुछ लोग अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते हैं। उनका कहना है कि इससे कई परिवारों में डर और तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने एकमत होकर प्रशासन से अवैध बिक्री रोकने के साथ ही ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि शराब बेचने वालों की जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग को दी जाएगी।
शाजापुर में भादौ माह के दूसरे मंगलवार को मंगलनाथ महादेव की शाही सवारी धूमधाम से निकाली गई। पूजन और आरती के बाद बाबा को सुसज्जित रथ में बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया। सवारी में ढोल-ताशे, डीजे, बैंड और आकर्षक झांकियां शामिल थीं। बस स्टैंड सहित पूरे रास्ते में श्रद्धालुओं ने स्वागत द्वार बनाए और पुष्पवर्षा कर भगवान के जयकारे लगाए। परंपरा के मुताबिक, यह सवारी सोमवारिया बाजार स्थित सोमेश्वर महादेव मंदिर पहुंची। यहां दोनों महादेव का एक साथ पूजन किया गया और प्रसाद बांटा गया।0 सवारी के मुख्य आकर्षणों में उज्जैन की तोप (कड़ाबीन), बड़नगर का प्रकाश ब्रॉस बैंड, रतलाम और तराना की ढोल-ताशा पार्टियां, आकर्षक झांकियां और मलखंभ प्रदर्शन शामिल थे। 3 क्विंटल पंचमेवा और लड्डू का महाप्रसादी बांटी इसके अलावा, साढ़े 3 क्विंटल पंचमेवा और लड्डू की महाप्रसादी भी बांटी गई। शाजापुर संभाग में यह एक खास परंपरा है, जिसमें भादौ के दूसरे मंगलवार को मंगलनाथ महादेव नगर भ्रमण पर निकलते हैं। इस सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। शाही सवारी की अन्य तस्वीरें…
ललितपुर में एक नवविवाहिता ने अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले ससुराल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने से पहले युवती ने अपनी मां को मोबाइल पर फोन कर कहा कि अगर उससे कोई गलती हुई हो तो उसे माफ कर देना। इसके बाद उसने फोन काट दिया। कोतवाली सदर के रावतयाना मोहल्ले में रहने वाली 20 साल की रेश्मा, जो नदीम की पत्नी थी, सुबह दूसरे मंजिल पर बने कमरे में चली गई। जब वह दोपहर 12 बजे तक नीचे नहीं आई, तो उसकी सास ने पड़ोसियों को बुलाकर रेश्मा को छत पर देखने के लिए कहा। पड़ोसी महिला जब दूसरी मंजिल पर बने कमरे में गई, तो रेश्मा का शव दुपट्टे से फांसी के फंदे पर लटका मिला। मंगलवार रात 8 बजे ललितपुर पहुंची मृतका की मां शबाना बानो मध्य प्रदेश के गुना की रहने वाली हैं। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया कि उनकी बेटी रेश्मा तीन बहनों और एक भाई में सबसे बड़ी थी। रेश्मा की शादी 17 अप्रैल को ललितपुर निवासी नदीम से हुई थी। मां ने आरोप लगाया कि रेश्मा को उसके जेठ और सास दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। पुलिस कर रही मामले की जांच शबाना बानो ने बताया कि वह तीन दिन पहले अपनी बेटी को लेने ललितपुर आई थीं। लेकिन, जेठ ने यह कहते हुए रेश्मा को नहीं भेजा कि उनकी पत्नी घर पर नहीं है। उन्होंने कहा था कि पत्नी के आने पर रेश्मा को भेज देंगे। मां ने आगे बताया कि मंगलवार सुबह करीब 11 बजे बेटी रेश्मा का फोन आया था। उसने कहा, मम्मी, मुझसे कोई गलती हुई हो तो माफ कर देना। इसके बाद उसने फोन काट दिया। जब शबाना बानो ने अपनी बेटी को दोबारा फोन किया, तो उसने फोन नहीं उठाया। तब उन्होंने दामाद नदीम को फोन कर बताया कि रेश्मा फोन नहीं उठा रही है। इसके बाद दामाद ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी। मां ने रोते हुए कहा कि रेश्मा का जन्मदिन 9 सितंबर यानी बुधवार को था। जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले ही उसकी मौत हो गई, जिससे उनका जन्मदिन मरण दिन में बदल गया। वहीं मृतका के जेठ ने बताया कि रेश्मा का पति नदीम अहमदाबाद में एक कम्पनी में ड्राईवर है और वह अहमदाबाद गया हुआ है, रेश्मा 2 अगस्त को ही ससुराल आई थी, उसने क्यों फांसी लगाई यह उसे नहीं पता। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सदर अनुराग अवस्थी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, मामले की जांच कराई जा रही है।
सिरसा के डबवाली पुलिस जिला में नशे के एक मामले में चौटाला चौकी के हेड कांस्टेबल संदीप को सस्पेंड किया गया है। आरोप है कि उसने नशीली गोलियों के मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को पैसे लेकर छोड़ दिया। मामला डबवाली एसपी जसलीन कौर तक पहुंचा। प्राथमिक जांच में संलिप्तता सामने आने के बाद विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, चौटाला गांव में खुलेआम नशा बिकने और पुलिस की मिलीभगत का आरोप ग्रामीणों ने इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला के सामने उठाया था। इसके बाद अभय चौटाला ने एसपी से फोन पर बात की। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने एक सप्ताह में कार्रवाई न होने पर एसपी कार्यालय के घेराव की चेतावनी दी थी। एसपी ने चौकी का किया निरीक्षण इसके बाद एसपी जसलीन कौर ने चौटाला चौकी का निरीक्षण किया और नशा तस्करी व सप्लाई से जुड़ी जानकारी की रिपोर्ट तलब की। चौटाला और आसपास के गांवों में पुलिस गश्त बढ़ाई गई तथा नशा बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी दौरान हेड कांस्टेबल संदीप की कथित मिलीभगत की जानकारी सामने आई। 2-3 माह पहले हुई थी नियुक्ति पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल संदीप की करीब 2-3 माह पहले चौटाला चौकी में नियुक्ति हुई थी। इससे पहले वह एएनसी टीम में तैनात था। चौटाला क्षेत्र में नशे पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीम बढ़ाते हुए उसकी नियुक्ति की गई थी। पुलिस प्रवक्ता आनंद बेनीवाल के अनुसार, प्राथमिक जांच में हेड कांस्टेबल संदीप की संलिप्तता मिली है। विभागीय जांच में पूरी स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल उसे सस्पेंड कर दिया गया है।
चुनाव प्रचार थमने से ठीक पहले चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के वार्ड नंबर 53 और वार्ड नंबर 17 में भाजपा, कांग्रेस के प्रत्याशी और उनके समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों जगह पहले बहस हुई, फिर धक्का-मुक्की तक नौबत पहुंच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को संभाला। इन घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे शहर में निगरानी बढ़ा दी है, जिससे बुधवार को होने वाला मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से कराया जा सके। वार्ड 53 में चुनाव कार्यालय के बाहर शुरू हुआ विवाद पहली घटना वार्ड नंबर 53 में हुई। भाजपा प्रत्याशी निकिता सैनी के चुनाव कार्यालय के बाहर उस समय माहौल बिगड़ गया, जब उनके पति राजन माली की नजर एक युवक पर पड़ी। राजन माली का कहना है कि वह युवक करीब दो घंटे से कार्यालय के आसपास घूम रहा था और उसकी गतिविधियां उन्हें संदिग्ध लगीं। जब उन्होंने युवक से वहां खड़े रहने का कारण पूछा तो दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में कांग्रेस प्रत्याशी राधा देवी के पति देवराज साहू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी होने लगी और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर माहौल शांत करने की कोशिश की और राजन माली को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। बाद में राजन माली ने कोतवाली थाने में शिकायत देकर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने लगाए हमले के आरोप, कांग्रेस ने किया खंडन वार्ड 53 की घटना के बाद भाजपा की ओर से कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए गए। राजन माली ने कहा कि उनके और उनके परिवार पर हमला किया गया। वहीं भाजपा प्रत्याशी निकिता सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को चुनाव हारने का डर है, इसलिए उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से अपने परिवार की सुरक्षा बढ़ाने और घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। दूसरी ओर कांग्रेस की ओर से इस मामले में अलग पक्ष सामने आया। हालांकि इस घटना पर कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई, लेकिन दोनों पक्षों के आरोपों के बाद मामला पूरी तरह पुलिस जांच के दायरे में पहुंच गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी लेकर पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है। वार्ड 17 में बूथ की दूरी को लेकर बढ़ा विवाद दूसरी घटना वार्ड नंबर 17 में हुई, जहां मतदान केंद्र के बाहर लगाए जाने वाले पार्टी बूथ की दूरी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच विवाद हो गया। कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह मेड़तिया ने बूथ लगाए जाने की जगह और उसकी दूरी को लेकर आपत्ति जताई। इसी दौरान भाजपा प्रत्याशी सुरेश झंवर और उनके समर्थक भी मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और समर्थक भी आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर अलग किया और किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति बनने से पहले मामला शांत करा दिया। कुछ देर तक मौके पर तनाव का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हो गई। दोनों प्रत्याशियों ने अपने-अपने पक्ष रखे वार्ड 17 की घटना के बाद भाजपा प्रत्याशी सुरेश झंवर ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकर्ता निलेश बल्देवा के साथ कांग्रेस प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया है और इस तरह की हरकत किसी भी हालत में स्वीकार नहीं की जा सकती। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी महेंद्र सिंह मेड़तिया ने इन आरोपों से इनकार किया। उनका कहना था कि किसी तरह की गाली-गलौज नहीं हुई। विवाद केवल इस बात को लेकर था कि मतदान केंद्र से पार्टी का टेंट कितनी दूरी पर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला प्रशासन को करना चाहिए था, लेकिन बहस के दौरान माहौल गर्म हो गया। मेड़तिया ने कहा कि मतदान से पहले सभी लोगों को संयम रखना चाहिए और चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में होना चाहिए। मतदान से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क चित्तौड़गढ़ नगर परिषद के 60 वार्डों में बुधवार को मतदान होना है। ऐसे में मतदान से एक दिन पहले दो अलग-अलग वार्डों में हुए विवाद ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने संबंधित क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराना उसकी प्राथमिकता है। किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं पुलिस ने सभी प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से अपील की है कि मतदान के दौरान संयम बनाए रखें और किसी भी विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में लेने के बजाय प्रशासन को सूचना दें।
कानपुर की वीआईपी रोड पर पावर हाउस के पास मंगलवार को सीवर लाइन बैठने से भीषण जलभराव हो गया। जल निगम की गंगा प्रदूषण इकाई की सीवर लाइन धंसने के कारण चैंबर से गंदा पानी ओवरफ्लो होकर सड़क और आसपास की गलियों में भर गया। सड़क पर सीवर का बदबूदार पानी भरने से वाहन सवारों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। फिलहाल सीवर लाइन की मरम्मत कौन सा विभाग कराएगा, यह अभी तय नहीं हो सका है। वीआईपी रोड पर बह रहा सीवर का पानी वीआईपी रोड पर पिछले कई दिनों से सीवर का गंदा पानी सड़क पर बह रहा है। इससे लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया था। मंगलवार को चैंबर से पानी तेजी से ओवरफ्लो होने लगा और देखते ही देखते सड़क पर जलभराव की स्थिति बन गई। गंदे और बदबूदार पानी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा दिक्कत बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को हुई। वीआईपी रोड पर धंसी सीवर लाइन जलनिगम की है। नगर निगम जोन-4 के अधिकारी मौके पर पहुंचे जलभराव की सूचना पर नगर निगम जोन-4 के अधिकारी मौके पर पहुंचे। जांच में सामने आया कि यहां से जल निगम की गंगा प्रदूषण इकाई की सीवर लाइन गुजर रही है। नगर निगम अधिकारियों ने संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी। नगर निगम की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल ने बताया कि मौके पर जलकल की लाइन बैठने की जानकारी मिली है। वहीं जल निगम गंगा प्रदूषण इकाई के अवर अभियंता विपिन पाल ने बताया कि लाइन काफी पुरानी है और बैठ गई है। उन्होंने कहा कि इसकी मरम्मत कौन कराएगा, इसका निर्णय आला अधिकारियों की ओर से लिया जाएगा।
हरियाणा के गुरुग्राम में मंगलवार देर शाम एक पीजी संचालक को गोली मार दी गई। हमलावर ने सेक्टर-14 स्थित उनके घर में ही घटना को अंजाम दिया। दोनों के बीच पैसों के लेनदेन का विवाद चल रहा था। आरोपी ने पॉइंट ब्लैंक से पीजी संचालक के सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही वे जमीन पर गिर पड़े। आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गया। परिजनों ने उन्हें पास के ही कल्याणी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें फोर्टिस अस्पताल में रेफर कर दिया। पुलिस टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की है। कुछ पुलिसवाले कल्याणी अस्पताल भी आए हैं। घायल युवक की पहचान हेमंत कौशिक के रूप में हुई है। घर आते ही बहस, गन निकाल गोली मारी गुरुग्राम सेक्टर-14 के आचार्यपुरी में शाम करीब 7 बजे पीजी संचालक हेमंत के घर आरोपी पहुंचा। घर के अंदर ही कुछ देर तक दोनों के बीच बातचीत हुई। हेमंत का आरोपी के साथ पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आसपास के लोगों का कहना है कि हेमंत के घर से तेज आवाजें आ रही थीं। आशंका है कि दोनों के बीच काफी देर तक बहस भी हुई। कुच ही देर बाद अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर पड़ोस के लोग वहां पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपी तुरंत वहां से फरार हो गया। वहीं, हेमंत के सिर में गोली लगी थी। आनन-फानन में उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। अभी यह सामने नहीं आया कि हेमंत पर किसने गोली चलाई है और घर में उनके अलावा कौन था। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…
पाली में पोलिंग टीम प्रशिक्षण के बाद अपने-अपने मतदान क्षेत्रों और मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गए। प्रशिक्षण के दौरान जोनल मजिस्ट्रेटों को मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन संबंधी दिशा-निर्देशों, कानून-व्यवस्था और मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी गई। 165 मतदान केंद्रों पर वोटिंग होगी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाना सुनिश्चित करें। नगर निगम चुनाव के तहत 165 मतदान केंद्रों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ-साथ सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था को लेकर भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। जिले के सोजतरोड, सोजत सिटी, मारवाड़ जंक्शन और रानी खुर्द में मतदान होगा। वहां के लिए भी मतदान दलों को रवाना किया गया है।
Diwali 2026 Train Ticket: रांची आने वाली प्रमुख ट्रेनों में कंफर्म टिकट की कमी। कई ट्रेनों में लंबी वेटिंग और रिग्रेट। विमान किराये में भी भारी उछाल। यात्रियों को अब रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनें चलाने और अतिरिक्त कोच जोड़ने की उम्मीद है ताकि वे त्योहारों पर घर पहुंच सकें।
बिहार का करोड़पति BDO: 12 साल की नौकरी में 1.71 करोड़ की 'काली कमाई', आय से 121% अधिक संपत्ति
आर्थिक अपराध इकाई ने दरभंगा के बीडीओ आनंद कुमार विभूति के पांच ठिकानों पर छापा मारकर करीब 1.71 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति का खुलासा किया है।
बालाघाट कोतवाली पुलिस ने तीन अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नोटों का बंडल दिखाकर लोगों को दोगुनी या चार गुनी रकम करने का लालच देकर ठगी करते थे। पुलिस ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। महाराष्ट्र और छग से किया गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में महाराष्ट्र के नागपुर के मनकापुर निवासी आर्यन (23), लकेश चचाने (27) और छत्तीसगढ़ के राजगढ़ के बाजारापारा निवासी अंकित पांडे (26) शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो बाइक, चार मोबाइल और सात हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई धोखाधड़ी के तीन मामलों में की है। इन मामलों में आरोपियों ने निवेशकों को चार गुना राशि का लालच देकर ठगा था। तीन शिकायतें हुईं थी दर्ज मामले की जांच कर रहे एसआई संदीप भारतीय ने बताया कि कोतवाली थाने में 20 मई, 9 अगस्त और 3 सितंबर को अलग-अलग शिकायतें दर्ज हुई थीं। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि आरोपियों ने नोटों का बंडल दिखाकर करीब 3 लोगों से 1 लाख 10 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी। आरोपी निवेशकों को उनकी रकम वापस देने में टालमटोल करते रहे और उन्हें पैसे नहीं लौटाए। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय किया और आरोपियों की तलाश शुरू की। मंगलवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी शहर में वैनगंगा नदी के पुल के नीचे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। चार गुना रकम का झांसा देते थे आरोपियों ने कबूल किया कि वे निवेशकों को चार गुना रकम का झांसा देकर उनसे पैसे लेते थे। वे जिस बाइक से आते थे, उस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर आते थे, ताकि उनकी पहचान न हो सके। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए जिन नोटों के बंडल का इस्तेमाल करते थे, उनमें ऊपर असली नोट होते थे। बाकी बंडल में कागज के टुकड़े होते थे। फिलहाल पुलिस इन आरोपियों से धोखाधड़ी से जुड़े और भी मामलों को लेकर पूछताछ कर रही है।
नर्मदापुरम में एनजीटी की रोक के बावजूद नर्मदा नदी से अवैध रेत उत्खनन जारी है। इसे रोकने के लिए खनिज विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। मंगलवार को सिवनी मालवा के बाबरी और पथाड़ा घाट पर अवैध रेत उत्खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने दोनों घाटों पर दबिश दी। नर्मदा नदी में तेज बहाव और उफान के बीच भी रेत निकाली जा रही थी। रेत निकालने वालों को पकड़ने के लिए टीम संयुक्त नाव से नदी में पहुंची। टीम को देखते ही वहां हड़कंप मच गया। टीम के मौके पर पहुंचने से पहले ही रेत निकाल रहे लोग मोटर बोट से कूदकर भाग गए। टीम मौके से 11 मोटर बोट ही जब्त कर पाई। सभी मोटर बोट को पुलिस थाना शिवपुर परिसर में खड़ा कराया गया। कार्रवाई के दौरान खनिज निरीक्षक बसंत पाटिल, नायब तहसीलदार सिवनी मालवा हीरू कुमरे, प्रभारी खनि निरीक्षक कृष्ण कांत परस्ते, खनिज सिपाही हेमंत राज और पुलिस थाना शिवपुर का बल मौजूद रहा। ओवरलोड रेत परिवहन करता डंपर पकड़ा इससे पहले सोमवार शाम खनिज और पुलिस विभाग ने जांच के दौरान ओवरलोड रेत परिवहन करते डंपर MP04ZW9232 को पकड़ा था। डंपर के पास रॉयल्टी थी, लेकिन उसमें क्षमता से अधिक रेत भरी हुई थी।
बांसवाड़ा में निकाय चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद से गरमाई सियासत और भीतरघात के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सख्त कदम उठाया है। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ जाकर बगावत करने और निर्दलीय के रूप में मैदान में उतरने वाले 10 नेताओं के खिलाफ कार्यवाही की है। बांसवाड़ा जिला भाजपा अध्यक्ष पूंजीलाल गायरी के निर्देश पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 10 कार्यकर्ताओं को प्राथमिक सदस्यता से हटा दिया गया है। इनमें 9 कार्यकर्ता परतापुर-गढ़ी नगरपालिका के चुनावी मैदान में हैं। नगर पालिका परतापुर-गढ़ी क्षेत्र: परतापुर-गढ़ी नगरपालिका चुनाव कोर कमेटी से प्राप्त सूचना के आधार पर पार्टी के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले 9 लोगों को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित किया गया है। इनमें मंडल महामंत्री से लेकर पूर्व सरपंच और प्रत्याशी तक शामिल हैं। बांसवाड़ा नगर परिषद क्षेत्र: बांसवाड़ा नगरपरिषद के वार्ड 13 में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी गौरव सिंह राव के खिलाफ जाकर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे लोकेंद्र वैष्णव पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। पार्टी ने इनको किया निष्कासित पार्टी ने दीपक जोशी मंडल महामंत्री, चंदूलाल जोशी, ओम प्रकाश भावसार, सुभाष परमार, रीना परमार, सुरेंद्र सिंह राठौड़, ममता राठौड़, चिराग पंचाल, अतीक अहमद, लोकेंद्र वैष्णव को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। पार्टी नेतृत्व की इस सख्त कार्रवाई से बागी तेवर अपनाए बैठे अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी हड़कंप मच गया है। भाजपा जिला अध्यक्ष ने साफ कर दिया है कि अनुशासनहीनता और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ काम करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने दबिश देकर ड्रग्स तस्कर को दबोचा:11 KG डोडा-पोस्त और मोबाइल जब्त; पूछताछ जारी
बालोतरा जिले की मंडली पुलिस ने अवैध मादक-पदार्थ खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इसके कब्जे से 11 किलो अवैध डोडा-पोस्त जब्त किया गया है। फिलहाल पुलिस आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। एसपी राजेश कुमार कॉवत के अनुसार-टीम को डीएसटी से सूचना मिली थी कि मंडली कस्बे में रहवासी ढाणी में अवैध मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त की जा रही है। इस पर टीम ने सूचना के आधार पर मंडली गांव में मांगीलाल पुत्र पुनाराम के घर में दबिश दी। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 11 किलोग्राम अवैध डोडा-पोस्त और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। आरोपी मांगीलाल को गिरफ्तार किया गया है। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज इस संबंध में मंडली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। फिलहाल पुलिस अवैध मादक-पदार्थ तस्करी में शामिल व्यक्तियों को लेकर पूछताद कर रही है। कार्रवाई डीएसटी एएसआई आईदानराम, हेड कॉन्स्टेबल मांगूसिंह, कॉन्स्टेबल श्यामदान शामिल रहे। एसपी के मुताबिक- नशाखोरी पर कंट्रोल करने और पुलिस मुख्यालय की मंशानुसार मादक-पदार्थ की तस्करी की रोकथाम एवं कंट्रोल के लिए अभियान चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह मीना डीएसपी योगेश चौधरी सुपरविजन के सुपरविजन में मंडली थानाधिकारी अनु चौधरी के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी।
भिंड में बुखार से पीड़ित 17 वर्षीय किशोरी की मंगलवार को जिला अस्पताल में मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने हाउसिंग कॉलोनी स्थित निजी क्लीनिक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसडीएम अखिलेश शर्मा मौके पर पहुंचे। परिजनों की मांग पर प्रशासन ने क्लीनिक सील करा दिया। एसडीएम ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही किशोरी की मौत के वास्तविक कारण और किसी स्तर पर लापरवाही की स्थिति स्पष्ट होगी। चार सितंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया थामोहनसिंह का पुरा, ऊमरी निवासी जाह्नवी पुत्री अरविंद सिंह तोमर को चार सितंबर को बुखार आने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वार्ड फुल होने के कारण उसे महिला वार्ड में रखा गया। दो दिन बाद भी बुखार कम नहीं हुआ तो छह सितंबर को परिजन उसे हाउसिंग कॉलोनी स्थित डॉ. विनीत गुप्ता के क्लीनिक लेकर पहुंचे। जांच के बाद डॉक्टर ने किशोरी को आईसीयू में भर्ती करने की सलाह दी। हालांकि, आईसीयू में पलंग उपलब्ध नहीं होने के कारण वह महिला वार्ड में ही भर्ती रही। मंगलवार सुबह क्लीनिक ले गए थे परिजनपरिजनों के अनुसार, सात सितंबर को भी वे जाह्नवी को डॉक्टर को दिखाने पहुंचे और आराम नहीं मिलने की बात कही। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे वे उसे लेकर क्लीनिक पहुंचे। परिवार का आरोप है कि उस समय डॉक्टर क्लीनिक में मौजूद नहीं थे। परिजनों के मुताबिक, क्लीनिक पहुंचते ही जाह्नवी को उल्टी हुई और उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद वे उसे तत्काल जिला अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। क्लीनिक के बाहर हंगामा, FIR की मांगकिशोरी की मौत के बाद परिजन क्लीनिक के बाहर एकत्र हो गए और हंगामा किया। मृतका के मौसा संतोष सिंह तोमर ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। सूचना पर सिटी कोतवाली पुलिस और एसडीएम अखिलेश शर्मा मौके पर पहुंचे। मामले की जांच और परिजनों की मांग को देखते हुए प्रशासन ने क्लीनिक सील करा दिया। डॉक्टर बोले- मंगलवार को मैंने इलाज नहीं कियाक्लीनिक के संचालक डॉ. विनीत गुप्ता ने कहा कि किशोरी का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा था। जब परिजन उसे क्लीनिक लेकर आए, उस समय वह वहां मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि मंगलवार को उनकी ओर से किशोरी का इलाज नहीं किया गया और उनकी मौजूदगी में उसकी हालत नहीं बिगड़ी। डॉ. गुप्ता ने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एसडीएम अखिलेश शर्मा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। परिजनों की मांग पर क्लीनिक सील किया गया है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया बीआरसी में कक्षा 1 और 2 के शिक्षकों के लिए चार दिन का FLN (Foundational Literacy and Numeracy) ट्रेनिंग प्रोग्राम चल रहा है। इसका पहला चरण 7 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 10 सितंबर तक चलेगा। पहले चरण में विकासखंड के 105 शिक्षक ट्रेनिंग ले रहे हैं। इन्हें छह मास्टर ट्रेनर शुरुआती साक्षरता और संख्या ज्ञान से जुड़ी अलग-अलग एक्टिविटी और पढ़ाने के तरीकों के बारे में बता रहे हैं। इस ट्रेनिंग का मकसद कक्षा 1 और 2 के बच्चों में भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करना है। इससे बच्चों की शुरुआती पढ़ाई की नींव बेहतर हो सकेगी। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को बच्चों की सीखने की क्षमता के हिसाब से एक्टिविटी आधारित पढ़ाई, भाषा का विकास, पढ़ने-लिखने की समझ और शुरुआती गणित के कॉन्सेप्ट्स को आसान तरीके से सिखाने के तरीके बताए जा रहे हैं। बीआरसी मोहन बड़ोदिया के गोकुल प्रसाद कुलमिया ने मंगलवार शाम 5 बजे बताया कि विकासखंड में कक्षा 1 और 2 को पढ़ाने वाले कुल 175 शिक्षक हैं। इनमें से 105 शिक्षकों को पहले चरण में ट्रेनिंग दी जा रही है। बाकी बचे 70 शिक्षकों को 15 से 18 सितंबर तक दूसरे चरण में ट्रेनिंग मिलेगी।
बीमारी की पूरी हिस्ट्री संभालकर रखेगा आभा कार्ड, ऐसे बनाएं डिजिटल हेल्थ अकाउंट
आभा कार्ड मरीजों को पुरानी जांच रिपोर्ट और उपचार रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सहेजने में मदद करेगा, जिससे विभिन्न अस्पतालों में रिकॉर्ड साझा करना आसान होगा।
आज का कानपुर मंडी भाव 8 सितंबर: गेहूं, चावल, दाल और Gold-Silver Price
Kanpur Mandi Bhav Today: 8 सितंबर 2026 को कानपुर मंडी में गेहूं, चावल, दाल, तिलहन और सोना-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यहां जानें आज के ताजा मंडी रेट और सराफा बाजार भाव।
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में मंगलवार को हॉस्टल में सीट आवंटन को लेकर छात्रों ने धरना दिया। विवाद एक कमरे में निर्धारित संख्या से अधिक छात्राओं को रखने को लेकर हुआ। छात्रों का आरोप था कि हॉस्टल में सीटों की कमी के कारण छात्राओं को परेशानी हो रही है और विश्वविद्यालय प्रशासन बिना सहमति के कमरों में ट्रिपलिंग कर रहा है। धरने की जानकारी मिलने पर कुलपति संगीता शुक्ला छात्रों के बीच पहुंचीं। इस दौरान छात्र नेताओं और कुलपति के बीच काफी देर तक बहस हुई। हंगामे की सूचना पर सीओ सिविल लाइन भी मौके पर पहुंचे और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। बाद में विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुर्गा भाभी छात्रावास में अतिरिक्त रह रही छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में शिफ्ट कर दिया। इसके बाद छात्रों ने धरना समाप्त कर दिया। छात्रों का आरोप- क्षमता नहीं बढ़ी, इसलिए हो रही परेशानी छात्र नेता अक्षय बैसला ने कहा कि छात्रों के लिए हॉस्टल की व्यवस्था करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है। विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन हॉस्टल की क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने कहा कि प्रशासन को पहले से पता था कि आने वाले समय में हॉस्टल की जरूरत बढ़ेगी। इसके बावजूद नए हॉस्टल तैयार नहीं किए गए। अब सीटों की कमी के कारण छात्र-छात्राओं को रहने के लिए परेशान होना पड़ रहा है। बिना सहमति ट्रिपलिंग को लेकर आपत्ति विश्वविद्यालय की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि एक कमरे में केवल दो छात्र या छात्राओं को सीट आवंटित की जाएगी। अगर किसी कमरे में ट्रिपलिंग यानी तीन छात्र या छात्राएं रहती हैं तो यह तीनों की आपसी सहमति से ही की जाएगी। छात्रों का आरोप है कि कुछ कमरों में बिना सहमति के तीसरी छात्रा को रखा जा रहा था। इसी को लेकर उन्होंने आपत्ति जताई। छात्रों ने मांग की कि सीट आवंटन विश्वविद्यालय की ओर से जारी नियमों के मुताबिक ही किया जाए। पिछले साल भी नए हॉस्टल की मांग उठाई थी छात्र नेता अक्षय बैसला और शुभम बड़ाना ने 17 सितंबर 2025 को कुलपति को ज्ञापन देकर नए हॉस्टल बनाने की मांग की थी। इसमें लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाने की मांग रखी गई थी। छात्र नेताओं का कहना था कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन उनके रहने के लिए पर्याप्त हॉस्टल नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि दूसरी जरूरतों के लिए भवन बनाए जा रहे हैं, लेकिन हॉस्टल की समस्या को दूर करने के लिए पर्याप्त काम नहीं किया गया। पुलिस पहुंची तो छात्रों से भी हुई बहस धरने के दौरान छात्रों और पुलिस अधिकारियों के बीच भी बहस हुई। हंगामे की सूचना पर सीओ सिविल लाइन मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। छात्रों ने पुलिस अधिकारियों के सामने हॉस्टल में सीट आवंटन और बिना सहमति अतिरिक्त छात्राओं को कमरों में रखने की अपनी शिकायत रखी। छात्राओं को दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट किया काफी देर तक छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन के बीच बातचीत चलती रही। इसके बाद दुर्गा भाभी छात्रावास में अतिरिक्त रह रही छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में शिफ्ट कर दिया गया। छात्राओं की शिफ्टिंग के बाद छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
अवैध शराब के खिलाफ लगातार तीसरे दिन कार्रवाई की गई। आबकारी विभाग की टीम ने कंजर डेरे से जमीन में छिपाकर रखी गई करीब 400 लीटर OP बरामद की। इसके अलावा 2500 किलो गुड़ लहान मौके पर नष्ट किया गया। टीम ने मौके पर शराब बनाने के लिए तैयार करीब 2500 किलो गुड़ लहान नष्ट किया। इसके अलावा हाथ भट्टी शराब बनाने के लिए बनाई गई 10 पक्की भट्टियों और लहान गलाने के लिए बनी 5 पक्की टंकियों को JCB की मदद से तोड़ा गया। शराब बनाने में ईंधन के तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली अवैध लकड़ी भी मौके से मिली। आबकारी टीम ने करीब तीन ट्रॉली लकड़ी जब्त की। विभाग के अनुसार, जब्त और नष्ट की गई सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 7.5 लाख रुपए है। तीन दिन में 10 मामले दर्ज आबकारी विभाग के अनुसार, अभियान के दौरान तीन दिनों में आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1) के तहत 10 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। वृत्त प्रभारी तीर्थराज भारद्वाज ने बताया कि आम लोगों से मिल रही शिकायतों के आधार पर संवेदनशील इलाकों में लगातार जांच और छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब बनाने और बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
पानीपत जिले के इसराना में पुलिस ने एक युवक को 5 किलो 10 ग्राम गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान इसराना की गांधी कॉलोनी निवासी राम भगत के रूप में हुई है। पुलिस अधीक्षक मेधा भूषण के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ चलाए गए अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। सीआईए- थ्री प्रभारी सब इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि सोमवार को उनकी टीम पानीपत-गोहाना रोड पर गश्त कर रही थी। तभी उन्हें सूचना मिली कि पलड़ी मोड़ पर एक युवक प्लास्टिक के कट्टे में मादक पदार्थ लेकर ग्राहक तलाश रहा है। दो महीने पहले समालखा से खरीदा गांजा सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखकर युवक भागने लगा, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम राम भगत बताया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट ध्रुव गोस्वामी की मौजूदगी में कट्टे की तलाशी ली गई, जिसमें 5 किलो 10 ग्राम गांजा मिला। पूछताछ में आरोपी राम भगत ने बताया कि उसने दो महीने पहले समालखा निवासी एक जान पहचान वाले से 10 किलो गांजा खरीदा था। उसने कुछ गांजा खुद इस्तेमाल किया और कुछ बेच दिया। सोमवार को वह बचा हुआ गांजा बेचने के लिए ग्राहक ढूंढ रहा था। पुलिस ने राम भगत के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 2 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

