सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, उज्जैन में एक बार फिर युवाओं का जोश, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और साहित्यिक विमर्श देखने को मिलेगा। विश्वविद्यालय में राज्य स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो विश्वविद्यालय परिसर सहित तीन अलग-अलग स्थलों पर आयोजित होगा। उत्सव का शुभारंभ गुरुवार को होगा। उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में मध्यप्रदेश शासन के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार, सांसद बालयोगी उमेशनाथ महाराज, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और महापौर मुकेश टटवाल उपस्थित रहेंगे। सीएम आयोजन में वर्चुअली जुड़ेंगे। करीब सात वर्षों बाद सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय को इस राज्य स्तरीय युवा उत्सव की मेजबानी का अवसर मिला है। इस बार के आयोजन को युवाओं के 'लघु कुंभ' के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा 8 से 10 जनवरी तक तीन दिवसीय उत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। शुभारंभ समारोह गुरुवार सुबह 10 बजे माधव भवन परिसर स्थित मुक्ता काशी मंच पर होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज करेंगे। उद्घाटन सत्र के पश्चात विश्वविद्यालय परिसर से सांस्कृतिक रैली निकाली जाएगी, जिसका समापन शहीद पार्क पर होगा। 800 विद्यार्थियों का होगा महासंगमकुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य केवल प्रतियोगिताएं कराना नहीं है, बल्कि उज्जैन की ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा से प्रदेशभर से आए विद्यार्थियों को परिचित कराना भी है। तीन दिवसीय उत्सव में मध्यप्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से चयनित लगभग 800 विद्यार्थी भाग लेंगे। उत्सव का समापन 10 जनवरी को होगा। समापन समारोह में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा, जो आगे चलकर राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रतिभागी कुल 22 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
Basant Panchami 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार कब मनाए जाएगा
Basant Panchami Saraswati Puja Timings 2026: वर्ष 2026 में बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी, दिन शुक्रवार को मनाया जा रहा है। इस दिन सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस तिथि पर विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती का प्राकट्स दिवस होता है। ...
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में दो अलग-अलग मामलों में अज्ञात चोरों ने कुल 2 लाख 10 हजार रुपए और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर लिए। दोनों परिवार घर में ताला लगाकर त्योहार मनाने बाहर गए थे। इसी दौरान चोरों ने मौका पाकर कैश और जेवरात पार कर दिए। मामले में संबंधित थानों में अपराध दर्ज किया गया है। पहला मामला जूटमिल थाना क्षेत्र का है। मिट्ठुमुड़ा के रहने वाले शिव कुमार साव (42) ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि वे पीडी कॉमर्स कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत हैं। शनिवार की सुबह वह परिवार के साथ बड़े भंडार त्योहार मनाने गए थे। सोमवार को घर लौटने पर देखा कि कमरे का ताला टूटा हुआ है और सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी का लॉकर तोड़ा गया था और उसमें रखे 80 हजार रुपए कैश और 1 लाख 20 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए। आसपास पूछताछ करने पर कोई जानकारी नहीं मिलने पर शिव कुमार ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अलमारी को लॉक तोड़कर जेवरात किया पार दूसरा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। रामभांठा के रहने वाले अनिल कुजूर (52) जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में कार्यरत हैं। 26 दिसंबर को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने गृह ग्राम बासाडीह (जिला जशपुर) गए थे। अगले दिन उनके मकान मालिक ने बताया कि मकान का ताला टूटा है। वापस लौटकर उन्होंने देखा कि अलमारी का लॉकर टूटा हुआ है और उसमें रखे लगभग 90 हजार रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। इसके बाद अनिल कुजूर ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फिलहाल, पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
प्रयागराज माघ मेला 2026 के तहत परेड ग्राउंड सेक्टर-3 स्थित संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के कला संगम पंडाल में सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सूफी, भक्ति और लोक कला का शानदार संगम देखने को मिला। पंजाबी-सूफी गायिका ममता जोशी ने भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चंडीगढ़ की मशहूर पंजाबी-सूफी गायिका ममता जोशी रहीं, जिन्होंने कबीर के निर्गुण विचारों से प्रेरित भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। ममता जोशी ने कबीर के प्रसिद्ध दोहे “जब मैं था तब हरि नहीं…” और भजन “चदरिया झीनी रे झीनी” से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की। इसके बाद “मेरे राम गाड़ी वाले”, “भला हुआ मेरी गगरी टूटी”, “लाली मेरे लाल की”, “मेरे राम की कृपा से” और “दमादम मस्त कलंदर” जैसे भजनों पर पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम की शुरुआत प्रयागराज के विजय चन्द्रा ने की-बोर्ड (इलेक्ट्रॉनिक सिंथेसाइजर) वादन से की, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। इसके बाद वाराणसी से आई राज्यपाल सम्मानित हरप्रीत कौर और उनकी टीम ने “ओ पालन हारे”, “श्रद्धा भक्ति का मेला है” और “कभी राम बनके कभी श्याम बनके” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय बना दिया। तीसरी प्रस्तुति में महोबा से आए विपिन यादव और उनकी टीम ने दिवारी पई डंडा लोक नृत्य प्रस्तुत किया। लाठियों के साथ युद्ध शैली में किए गए इस नृत्य को दर्शकों ने उत्साह के साथ देखा। वहीं आस्था गुप्ता और उनकी टीम ने द्रौपदी चीर हरण प्रसंग पर कथक नृत्य नाटिका प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। कार्यक्रम का संचालन उद्घोषक अभिजीत मिश्रा ने किया। अंत में सभी कलाकारों और टीमों को नोडल अधिकारी और उत्तर प्रदेश नाट्य अकादमी के निदेशक शोभित नाहर और गुलाम सरवर ने अंगवस्त्र और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
दुष्कर्म केस में धार्मिक स्थल के मुख्य सेवादार बलजिंदर को 10 साल कैद
एडिशनल सेशन जज की अदालत ने दुष्कर्म मामले में गुरुद्वारा ठाठ चरण घाट के मुख्य सेवादार बाबा बलजिंदर सिंह को 10 साल कैद और 55 हजार रुपए जुर्माने का फैसला सुनाया है। थाना मैहना पुलिस ने बताया कि 18 सितंबर 2024 को लुधियाना जिले से संबंधित 25 साल की लड़की ने पुलिस को दिए बयान में आरोप लगाया था कि उसका परिवार एक धार्मिक डेरे में जाता था। उसका भाई नशे का आदि था। इसके चलते वह धार्मिक डेरे के मुख्य सेवादार बलजिंदर सिंह के पास गई। वहां उसने भाई की हालत के बारे में बताया। सेवादार बलजिंदर सिंह ने अरदास करने की बात कही और साथ चलने के लिए कहा। छह मई 2024 को बलजिंदर सिंह अपने अन्य साथी के साथ उसे गाड़ी में बिठाकर मोगा की ओर आ रहा था। रास्ते में बुगीपुरा चौक से पहले होटल के पास सेवादार ने उससे कहा कि पहले कुछ खा लेते हैं। बाद में अरदास करेंगे। वह उसे होटल में ले गया। जहां उसने पहले से ही कमरा बुक करवा रखा था। कमरे में जाते ही उसने अपने साथी को बाहर भेज दिया और अंदर से कमरा बंद करके उसके साथ गलत हरकत करने लगा। उसने विरोध किया। बलजिंदर सिंह ने उसके साथ मारपीट की तथा कपड़े उतारकर वीडियो बनाने के बाद उसके बाद दुष्कर्म किया। उसे वीडियो वायरल करने की धमकी देकर सप्ताह में दो बार अपने डेरे में बुलाकर वहां पर उसके साथ दुष्कर्म करता रहा। {शेष पेज 3 पर
कोटपूतली में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के स्थानीय सेवा केंद्र पर नववर्ष स्नेह मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सेवा केंद्र प्रभारी बीके लक्ष्मी बहन ने सभी उपस्थित लोगों को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में बीके लक्ष्मी बहन ने ईश्वरीय महावाक्यों का वाचन किया और बाबा को भोग लगाया गया। नववर्ष का उत्सव केक काटकर मनाया गया। इस कार्यक्रम में समाजसेवी एडवोकेट अशोक बंसल और बंशीलाल गुर्जर सहित संस्था से जुड़े सैकड़ों सदस्य मौजूद रहे। देखें कार्यक्रम से जुड़ी PHOTOS
शाजापुर जिले के बक्सू खेड़ी गांव में शुक्रवार सुबह माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब कुछ असामाजिक तत्वों ने एक धार्मिक स्थल के चबूतरे को क्षतिग्रस्त कर दिया। ग्रामीण जब शुक्रवार सुबह धार्मिक स्थल पर पहुंचे, तो वहां का ढांचा टूटा हुआ मिला। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और घटना को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालते हुए लोगों को शांत कराया। पुलिस कर रही है सीसीटीवी कैमरों की जांच कोतवाली थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने चबूतरे को नुकसान पहुंचाया है। पुलिस ने ग्रामीणों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आरोपियों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि दोषियों को जल्द पकड़कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बंजारा समाज के लिए आस्था का केंद्र यह धार्मिक स्थल बंजारा समाज के लिए खास है। समाज के लोग रूप सिंह जी महाराज को अपना कुलदेवता और आराध्य देव मानते हैं। उनके वंश, इतिहास और पुण्य स्मृति से जुड़े कार्यक्रम समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का एक अहम हिस्सा हैं, जिस कारण इस घटना से समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
Paush Month Festivals: पौष महीना 2025-2026: प्रमुख व्रत और त्योहारों की सूची
Paush Vrat and Festival List 2025: पौष मास में कुछ विशेष पर्व होते हैं जो धार्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक दृष्टि से बहुत महत्व रखते हैं। पौष मास की शुद्ध एकादशी का व्रत भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है।इसे विशेष रूप से आत्म-संयम और पापों ...
Traditional Punjabi Recipe: कैसे बनाएं पारंपरिक पंजाबी भोजन सरसों का साग और मक्के की रोटी
Sarson Ka Saag Aur Makki Ki Roti: सरसों का साग और मक्के की रोटी न केवल एक लाजवाब व्यंजन बनाता है, बल्कि सर्दी की डाइट के लिए एक संपूर्ण और हेल्दी मील भी बनाता है। क्या आप सरसों का साग बनाने की पारंपरिक रेसिपी जानना चाहेंगे? यदि हां, तो आपकी पारंपरिक ...
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

