मेकअप के बाद ये गलतियां कर रहीं हैं आपकी स्किन खराब, जानिए चेहरे की चमक बचाने का सही तरीका
ऑफिस या किसी पार्टी में शामिल होना हो या किसी खास मौके पर तैयार होना हो, मेकअप से चेहरा ज्यादा निखरा हुआ नजर आता है
बढ़ते ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है ये मीठा ड्राई फ्रूट
डायबिटीज में इस ड्राई फ्रूट का सेवन सेहत के लिए कई प्रकार से फायदेमंद है
उंगलियां, कोहनी और घुटने पड़ गए हैं काले तो न करें नजरअंदाज, ये हो सकते हैं संकेत
चेहरे की देखभाल पर तो ज्यादातर लोग ध्यान देते हैं, लेकिन शरीर के कुछ हिस्से अक्सर नज़रअंदाज़ हो जाते हैं। हाथों की उंगलियों के जोड़, कोहनी और घुटनों पर जमा कालापन खूबसूरती को फीका कर देते हैं। इन हिस्सों के काले होने के पीछे केवल गंदगी या सफाई की कमी नहीं होती, बल्कि शरीर के अंदर कुछ ऐसे बदलाव होते हैं, जो इन हिस्सों को प्रभावित करते हैं।
सिर्फ डाइट नहीं, सही आदतें भी हैं जरूरी...ऐसे रखें वजन पर कंट्रोल और रहें लंबे समय तक स्वस्थ
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बढ़ता वजन एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। मोटापा सिर्फ शरीर का आकार नहीं बढ़ाता, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को भी न्योता देता है। टाइप-2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और स्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा मोटापे के साथ काफी बढ़ जाता है।
ऑफिस में घंटों बैठते हैं? रोज करें पादहस्तासन, तनाव और अकड़न से मिलेगा छुटकारा
ऑफिस में लंबे समय तक डेस्क पर बैठे रहने से कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्या शरीर को जकड़ने लगती हैं। ऐसी स्थिति में रोजाना समयानुसार, नियमित आहार और योगासन शरीर को इन समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार है, योग के इन्हीं आसनों में पादहस्तासन श्रेष्ठ बताया गया है, जिसके अभ्यास से शरीर को धीरे-धीरे आराम मिलने लगता है।
किडनी को उम्रभर स्वस्थ रखना है तो अपनाएं ये 5 आदतें, छोटी लापरवाही बन सकती है बड़ी बीमारी की वजह
शरीर को स्वस्थ रखने की बात आती है तो ज्यादातर लोग दिल, फेफड़ों और वजन पर ज्यादा ध्यान देते हैं,
रोज करें गरुड़ासन, मजबूत होंगे हाथ-पैर और दूर होगी शरीर की जकड़न
स्वस्थ शरीर के लिए रोजाना योगासन और संतुलित आहार जरूरी है। योग में गरुड़ासन एक ऐसा आसन है जो शरीर को लचीलापन और मजबूती देता है। खासकर बच्चों के शारीरिक विकास और सेहत के लिए योग एक आसान और बहुत लाभकारी तरीका माना जाता है।
बोन मैरो ट्रांसप्लांट: प्रक्रिया, प्रकार और भारत में खर्च
बोन मैरो ट्रांसप्लांट एक ऐसा चिकित्सीय उपचार है जिसमें रक्त बनाने वाली रोगग्रस्त कोशिकाओं की जगह स्वस्थ कोशिकाएँ लगाई जाती हैं
मुल्तानी मिट्टी में मिलाएं ये 5 चीजें, चेहरे की गंदगी और ऑयली स्किन से मिलेगा छुटकारा
आज के समय में बाजार में चेहरे पर निखार लगाने के लिए तरह-तरह के महंगे प्रोडक्ट मौजूद हैं,
पेट संबंधित समस्याओं से हैं परेशान? बस 5 मिनट इस योगासन को करने से मिलेगा आराम
दिनभर ऑफिस में बैठकर रहने से पेट संबंधित समस्याएं शुरू होने लगती है। लगातार बैठने से पाचन तंत्र धीमा होता है और पेट की चर्बी बढ़ने लगती है। ऐसी स्थिति में पश्चिमोत्तानासन सबसे सरल और असरदार योगासनों में से एक माना जाता है।
Gajanan Sankranti 2026: सावन की गजानन चतुर्थी आज, इन Mantras के जाप से चमक सकती है आपकी Fortune
हिंदू धर्म में हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। वहीं सावन महीने में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को गजानन संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो भी व्यक्ति श्रद्धा और भक्ति के साथ भगवान गणेश की पूजा करते हैं, उनके जीवन की सभी परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही सुख-समृद्धि आती है। इस बार आज यानी की 02 अगस्त को गजानन संक्रांति का व्रत किया जा रहा है। तो आइए जानते हैं इस दिन की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और मंत्र आदि के बारे में... तिथि और मुहूर्त वैदिक पंचांग के मुताबिक 01 अगस्त की रात 11:07 मिनट से सावन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरूआत हुई है। वहीं आज यानी की 02 अगस्त की सुबह 11:15 मिनट पर इस तिथि की समाप्ति होगी। ऐसे में उदयातिथि के मुताबिक 02 अगस्त संकष्टी चतुर्थी का व्रत किया जाएगा। पूजन विधि इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद साफ कपड़े पहनें। फिर भगवान गणेश का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। वहीं शाम को पूजा स्थान पर लकड़ी की चौकी लगाकर लाल कपड़ा बिछाएं। उस पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करें। फिर धूप-दीप जलाएं और भगवान गणेश को चंदन, रोली और फूल आदि अर्पित करें। भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं और दूर्वा अर्पित करें। इसके बाद संकष्टी व्रत कथा का पाठ करें और आरती करें। वहीं चंद्रमा निकलने पर दूध, जल, फूल और अक्षत मिलाकर चंद्रदेव को अर्घ्य दें। इसके बाद प्रसाद ग्रहण करके व्रत का पारण करें। मंत्र वक्रतुंड महाकाय, सूर्यकोटि समप्रभ, निर्विघ्नम कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।। ॐ गण गणपतए नमः।। गजाननं भूतगणादि सेवितं, कपित्थ जंबू फल चारु भक्षणम, उमा शतम् शोक विनाश कार्यक्रम, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम।।
मानसून में क्यों बढ़ रहे हैं फ्लू के मामले? एम्स के डॉक्टर ने बताए लक्षण और बचाव के उपाय
मानसून का मौसम अपने साथ राहत तो लेकर आता है, लेकिन इसी मौसम में वायरल संक्रमण और फ्लू के मामले भी तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसको लेकर दिल्ली स्थित एम्स के मेडिसिन विभाग के डॉक्टर संजीव सिन्हा ने आईएएनएस से खास बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में खांसी, जुकाम, बुखार और शरीर दर्द जैसी शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
मणिचक्र को एक्टिव करता है ये आसन, रक्त संचार को भी नियंत्रित करने में करता है मदद
दफ्तर में घंटों कुर्सी पर बैठने से शरीर में अकड़न, कमर दर्द और पीठ दर्द होना आम है। इससे निजात पाने के लिए व्याघ्रासन एक सटीक, सरल और असरदार समाधान है। इसको करने से पेट कम होता है और शरीर में नई ऊर्जा आती है।
बच्चों की बातचीत का पैटर्न बताता है भविष्य में कैसी रहेगी उनकी मेंटल हेल्थ, नए शोध में खुलासा
क्या किसी बच्चे के बोलने के तरीके से यह पता लगाया जा सकता है कि भविष्य में उसे डिप्रेशन या एंग्जायटी जैसी मानसिक समस्याएं हो सकती हैं? सुनने में यह बात थोड़ी हैरान करने वाली लग सकती है, लेकिन एक नए शोध में कुछ ऐसा ही सामने आया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि बच्चे क्या बोलते हैं, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि वे कैसे बोलते हैं। यानी उनके शब्दों को जोड़ने का तरीका, वाक्य बनाने का अंदाज और बातचीत की शैली भविष्य में उनकी मानसिक सेहत के बारे में अहम संकेत देती है।
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत का समापन, जानिए Puja Vidhi और Udyapan का सही समय और नियम
सावन माह की शुरूआत को चुकी है। वहीं आषाढ़ शुक्ल त्रयोदशी से जया-विजया पार्वती व्रत शुरू हुआ था। जोकि सावन कृष्ण तृतीया यानी की 5 दिनों तक रखा जाता है। जया पार्वती व्रत भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित है। यह व्रत महिलाएं अखंड सुहाग और खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए रखती हैं और कुंवारी कन्याएं मनचाए वर की प्राप्ति के लिए रखती हैं। इस बार आज यानी की 01 अगस्त को जया पार्वती व्रत का समापन किया जाएगा। कैसे करें समापन जया पार्वती व्रत 5 दिनों तक चलने वाला विशेष व्रत है। इसको मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं और कुंवारी कन्याएं रखती हैं। वहीं व्रत के अंतिम दिन विधि-विधान से उद्यापन और समापन करना शुभ माना जाता है। पूजन विधि इस दिन सुबह जल्दी स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव और मां पार्वती का पूजन करें। पूजा में भगवान शिव और मां पार्वती को अक्षत, फूल, फल, धूप-दीप और नैवेद्य आदि अर्पित करें। इसके बाद व्रत कथा का पाठ करें। क्योंकि माना जाता है कि बिना कथा सुने व्रत का पूजा पूरा फल मिलता है। मां पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित करें और इसमें चूड़ियां, बिंदी, चुनरी, सिंदूर, मेहंदी और श्रृंगार की अन्य वस्तुएं शामिल करें। इसके बाद आरती करें और पूजा में हुई भूलचूक के लिए मां पार्वती और भगवान शिव से क्षमायाचना करें। वहीं अपनी श्रद्धा अनुसार ब्राह्मण, जरूरतमंद या किसी सुहागिन को फल, वस्त्र, दक्षिणा या अन्न का दान करें। प्रसाद वितरित करें और सात्विक भोजन ग्रहण कर व्रत का पारण करें। धार्मिक मान्यता धार्मिक मान्यता है कि जो भी महिला विधिपूर्वक यह व्रत करके समापन करती हैं, उनका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। वहीं अविवाहित कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति होती है।

