शहर की राह आसान करने के लिए बन रहे टू-लेन एलिवेटेड रोड का काम तय समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसा इसलिए, क्योंकि 19 माह बीत जाने के बाद भी एलिवेटेड का महज 40 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है, जबकि इसे जनवरी 2027 तक पूरा करना है। ऐसे में 6 माह में 60 फीसदी काम होना नामुमकिन है। इस बीच कई चुनौतियां भी आएंगी, जो काम में अड़ंगे पैदा करेंगी। मानसून का दौर जारी है। लगातार बारिश में काम की रफ्तार धीमी पड़ जाएगी। अगस्त के बाद से त्योहार शुरू हो जाएंगे। काम करने वाले सभी श्रमिक दूसरे राज्यों से हैं, जो अपने-अपने घर चले जाएंगे। दिसंबर तक यही हालात रहेंगे। फिर जनवरी में काम कैसे पूरा हो पाएगा? अब तक उदियापोल, सूरजपोल रोड, टाउनहॉल रोड, कलेक्ट्री रोड और बंशी पान भंडार के पास तक 66 पिलर लगाए जा चुके हैं। 67वें पिलर की नींव का काम पूरा हो चुका है। उदियापोल और टाउनहॉल रोड के 18 पिलरों पर डेम स्लैब लग चुके हैं। इन पर डामर की सड़क बनाई जाएगी। दूसरी ओर, सूरजपोल चौराहे के लगी ऐतिहासिक छतरी को शिफ्ट कर दिया गया है। चौराहे पर ओ-शेप में पार्क बना है। पजल पार्किंग की तरफ पार्क के दोनों छोर पर एलिवेटेड के दो पिलर लगाए जाने हैं। इसके लिए पार्क का कुछ हिस्सा तोड़ा जाएगा। इसी के पास सूरजपोल की छतरी भी बनी है। इसे नुकसान नहीं पहुंचे, इसके लिए निगम ने इस छतरी को पार्क में ही पीछे की ओर शिफ्ट कर दिया है। उदियापोल रोड पर नाले की शिफ्टिंग का काम शुरू उदियापोल चौराहे से सूरजपोल चौराहे के बीच पिलर लगाने का काम जारी है। इसी रोड पर गुलाबबाग से कुम्हारों का भट्टा तक एक नाला बना है, जो आयड़ में जाकर गिरता है। इसी नाले के ऊपर दो पिलर लगाने हैं। ऐसे में नाले को शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया गया है। नाले को दोनों पिलरों के बीच से निकाला जाएगा। बता दें, रेलवे स्टेशन रोड से बंशी पान भंडार तक बन रहे एलिवेटेड रोड का काम 14 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ था। 136.89 करोड़ रुपए में बनाई जा रही यह रोड 12 मीटर चौड़ी होगी। इसका एक हिस्सा एमबी हॉस्पिटल रोड पर भी उतरेगा। पूरे मार्ग में 17-17 फीट ऊंचाई के 116 पिलर लगाए जाएंगे। करीब 70 हजार वाहन चालकों को मिलेगी राहत उदियापोल से बंशी पान तक रोज करीब 70 हजार वाहनों का दबाव रहता है। इसी मार्ग में उदियापोल, सूरजपोल, देहलीगेट और कोर्ट चौराहा जैसे शहर के सबसे व्यस्त सर्किल आते हैं। कलेक्ट्री और कोर्ट परिसर भी इसी हिस्से में हैं, जहां परिवादियों और धरना-प्रदर्शन के चलते अक्सर ट्रैफिक ठप रहता है। एलिवेटेड रोड के पूरा होने के बाद रेलवे स्टेशन रोड से एमबी हॉस्पिटल और बंशी पान तक वाहन सीधे निकल सकेंगे, जिससे शहर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मौजूदा हालात में यह राहत मिलने में देरी की आशंका है।
त्योहारों की आहट के साथ जयपुर में आयोजित काजा के विशेष फेस्टिव प्रीव्यू पॉप-अप शो ने शहर के फैशन प्रेमियों, उद्यमियों और लाइफस्टाइल से जुड़े लोगों को एक ही मंच पर एकत्रित कर दिया। रंगों, रचनात्मकता और उत्सव की भावना से सराबोर इस आयोजन में पारंपरिक भारतीय शिल्प और आधुनिक डिजाइन का ऐसा खूबसूरत मेल देखने को मिला, जिसने सभी को आकर्षित किया। कार्यक्रम में देशभर के प्रतिभाशाली कारीगरों और डिजाइनर्स की ओर से तैयार किए गए हस्तनिर्मित फेस्टिव आउटफिट्स, होम फर्निशिंग्स, डेकोर आइटम्स, लाइफस्टाइल प्रोडक्ट्स और एक्सक्लूसिव कलेक्शन्स प्रदर्शित किए गए। प्रत्येक स्टॉल भारतीय हस्तकला की समृद्ध विरासत और आधुनिक फैशन की नई सोच का परिचय दे रहा था। त्योहारों के मौसम को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इन विशेष कलेक्शन्स को खरीदने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन स्थल को एफबीएस वीमन फोरम जयपुर की ओर से आकर्षक रंगों, कलात्मक सजावट, रोशनी और फेस्टिव थीम से सजाया गया था। जीवंत माहौल, मधुर लाइव म्यूजिक और शहर के लोगों की उत्साहपूर्ण मौजूदगी ने कार्यक्रम को किसी उत्सव से कम नहीं रहने दिया। इस दौरान शहर की कई जानी-मानी हस्तियां, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, उद्यमी, फैशन डिजाइनर्स और लाइफस्टाइल जगत से जुड़े लोग एक-दूसरे से मिले और नए विचारों का आदान-प्रदान भी किया। खरीदारी के साथ-साथ मेहमानों के लिए विशेष रूप से तैयार की गई फ्यूजन ग्रेजिंग टेबल भी आकर्षण का केंद्र रही। यहां भारतीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजनों के अनूठे मेल ने सभी का स्वाद बढ़ाया। पारंपरिक फ्लेवर को आधुनिक अंदाज में प्रस्तुत किए गए व्यंजनों को मेहमानों ने खूब पसंद किया और पूरे आयोजन का आनंद लिया। आयोजन से जुड़े दिव्यांक वासवानी ने बताया कि यह फेस्टिव पॉप-अप केवल खरीदारी तक सीमित नहीं था, बल्कि स्थानीय कारीगरों, महिला उद्यमियों और रचनात्मक प्रतिभाओं को एक मंच देने का प्रयास भी था। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से छोटे ब्रांड्स और हस्तशिल्प से जुड़े कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और नए ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलता है। वहीं एफबीएस की फाउंडर मेघा गुप्ता ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को केवल उत्पाद उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें हस्तनिर्मित कला और स्थानीय शिल्पकारों की मेहनत से जोड़ना भी है। उन्होंने बताया कि पूरे कार्यक्रम के दौरान उत्साह, अपनापन और त्योहारों की खुशियां हर पल महसूस की गईं। शहर के लोगों ने भी इस पहल को भरपूर सराहा और स्थानीय उत्पादों के प्रति विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित उत्पाद केवल सजावटी वस्तुएं नहीं होते, बल्कि उनमें हमारे कारीगरों की मेहनत, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई देती है। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों और महिला उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत होने का अवसर मिलता है और लोगों को गुणवत्ता, मौलिकता तथा भारतीय शिल्प से जुड़ने का नया अनुभव मिलता है।
August 2026 Festivals: अगस्त 2026 माह के व्रत एवं त्योहारों और जयंतियों की लिस्ट
August 2026 Hindu Festivals List. अगस्त 2026 में सावन सोमवार व्रत, कामिका एकादशी, हरियाली तीज, नाग पंचमी, सिंह संक्रांति, श्रावण पुत्रदा एकादशी, वरलक्ष्मी व्रत, रक्षाबंधन, श्रावणी पूर्णिमा, गायत्री जयंती, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी और कजरी तीज जैसे अनेक ...
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

