कानपुर में आईटीबीपी जवानों के पुलिस कमिश्नर कार्यालय घेरे जाने के चंद घंटे बाद ही पार्षद पति का दर्द सामने आया। बकरीद से पहले क्षेत्र की स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं होने पर पार्षद जेई के सामने शर्ट उतारकर जमीन पर बैठ गए। बोले कि मेरे साथ भेदभाव हो रहा है। जब तक लाइटें ठीक नहीं होंगी मैं शर्ट नहीं पहनूंगा। मेरे साथ जेई भेदभाव कर रहे हैं। अब मैं खुद सीढ़ी लगाकर इन लाइटों को ठीक करूंगा। बकरीद से पहले स्ट्रीट लाइटें बनवाने की मांग कर रहे पार्षद पतिकानपुर साउथ सिटी के बेगमपुरवा वार्ड-102 से निशा अकील शानू पार्षद हैं। इनके पति अकील शानू ही उनका काम काज देखते हैं। पार्षद पति अकील शानू ने बताया कि उनके वार्ड में साउथ सिटी की सबसे बड़ी बगाही ईदगाह है। यहां पर एक से डेढ़ लाख नमाजी नमाज पढ़ते हैं। 15 से 20 स्ट्रीट लाइटें और 6 हाई मास्ट लाइटें खराब हैं। बीते एक महीने से वह जोन-3 के मार्ग प्रकाश विभाग में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जेई राधाकृष्ण उनकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं। बकरीद के चलते इलाके के लोग लाइट ठीक कराने के लिए लगातार उनसे शिकायत कर रहे और चक्कर काट रहे हैं। इस वजह से उन्होंने भी जोन-3 के साथ ही नगर आयुक्त से मामले की शिकायत की, लेकिन लाइटें ठीक नहीं हो रही हैं। इससे अक्रोशित होकर वह शनिवार शाम को जेई के दफ्तर में पहुंचे और शर्ट उतारकर जमीन पर बैठ गए। भेदभाव के चलते काम नहीं होने का लगाया आरोप पार्षद पति अकील शानू ने जेई राधाकृष्ण के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि बकरीद का त्योहार आने वाला है, मेरे वार्ड में दक्षिण का सबसे बड़ी ईदगाह है। यहां पर 1 लाख से ज्यादा नमाजी नमाज पढ़ते हैं। वार्ड में 15 से 20 स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। 6 हाई मास्ट लाइटें खराब हैं। मैं बीते एक महीने से लाइट ठीक करवाने के लिए जोन-3 के मार्ग प्रकाश विभाग से प्रार्थना कर रहा हूं। हाईमास्ट लाइटें ठीक कराने के लिए क्रेन की जरूरत होती है। मैं बीते एक महीने से लाइटे ठीक कराने के लिए गाड़ी मांग रहा हूं, लेकिन मेरे वार्ड में लाइट ठीक करने के लिए गाड़ी नहीं दी जा रही है। मैं किसी भी काम के लिए मार्ग प्रकाश विभाग में आता हूं तो मेरी कोई सुनवाई नहीं होती है। राधाकृष्ण जेई मेरी कोई सुनवाई नहीं कर रहे हैं। मेरे वार्ड में कोई काम नहीं करना चाहते हैं। मेरा हाथ जोड़कर नगर आयुक्त महोदय से निवेदन है कि मेरी मदद कीजिए। हम लोगों को परेशान कर लिया गया है। मेरे वार्ड में ईदगाह, कर्बला, हिन्दू कब्रिस्तान हैं, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 27 मई को बकरीद है, इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। मेरा नगर आयुक्त से निवेदन है कि त्योहार के समय तो मेरे वार्ड की लाइटों को ठीक कर दिया जाए। मैं शर्ट उतार दे रहा हूं, मैं कपड़ा नहीं पहनूंगा जब तक मेरे वार्ड की लाइटें ठीक नहीं होंगी। अब मैं खुद खंभे पर चढ़कर लाइटें ठीक करने जा रहा हूं। पार्षद ने जेई के दफ्तर में शर्ट उतारकर हाथ जोड़कर विनती की और अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पार्षद पति ने बताया कि उन्होंने जेई से लेकर नगर आयुक्त और महापौर को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद भी किसी ने संज्ञान नहीं लिया।
सीसीआरटी : समर कैंप 26 से, बच्चों को मिलेगा लोक कला का प्रशिक्षण
उदयपुर } सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी) की ओर से ग्रीष्मकालीन समर कैंप का आयोजन 26 मई से 6 जून तक किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित होगा। कैंप में कक्षा 5वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को भाग लेने का अवसर मिलेगा। शिविर में बच्चों को लोक नृत्य, माइम एंड मूवमेंट, पॉटरी, पेपरमेशी, मिनिएचर पेंटिंग, टाई एंड डाई, मैक्रेम, पतंग निर्माण तथा प्राकृतिक अपशिष्ट से खिलौने बनाने जैसी रचनात्मक गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। आयोजन का उद्देश्य बच्चों को लोक कला, संस्कृति व पारंपरिक शिल्प से जोड़ना है, ताकि वे अवकाश के समय का सदुपयोग करते हुए अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
आज से 15 जून तक थमेंगे मांगलिक कार्य, त्योहार भी खिसकेंगे आगे
पुशांत मोदगिल | लुधियाना सनातन पंचांग और खगोलीय गणना के लिहाज से 17 मई यानी आज से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सूर्य और चंद्रमा के बीच दिनों के अंतर को पाटने के लिए आज से ज्येष्ठ अधिमास की शुरुआत हो रही है जो अगले एक महीने यानी 15 जून तक चलेगा। प्रथम ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होकर यह महीना द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की समाप्ति तक रहेगा। आम बोलचाल में इसे मलमास और धार्मिक भाषा में पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। प्राचीन दुर्गा मंदिर शास्त्री नगर ए-ब्लॉक के भागवत कथा व्यास पंडित देवानंद शास्त्री हीने की अवधि में शादी-ब्याह, गृह प्रवेश जैसे तमाम सांसारिक मांगलिक कार्यों पर पूरी तरह से विराम लग जाएगा। इस अतिरिक्त महीने के कारण इस साल के तमाम बड़े त्योहार भी अपने सामान्य समय से करीब 20 से 25 दिन आगे खिसक जाएंगे। ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, चंद्र वर्ष 354 दिनों का और सौर वर्ष 365 दिनों का होता है। हर साल दोनों पंचांग में आने वाले 11 दिनों के अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीसरे साल एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिमास कहते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, जब इस महीने को सूर्य संक्रांति न होने के कारण अपवित्र मानकर सभी देवताओं ने त्याग दिया था तब भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम पुरुषोत्तम दिया। {16 जून से फिर बजेंगी शहनाइयां: अधिमास की यह खगोलीय स्थिति 15 जून की रात को समाप्त हो जाएगी। पंडित ने बताया कि इसके ठीक अगले दिन यानी मंगलवार 16 जून से पंचांग पूरी तरह शुद्ध हो जाएगा और समाज में मांगलिक कार्यों की रौनक फिर से लौट आएगी। अतिरिक्त महीने के प्रभाव से त्योहारों पर असर: इस साल ज्येष्ठ महीना दो भागों में बंटने के कारण हिंदू पंचांग के आगे के सभी त्योहारों की तारीखें बदल गई हैं। पंडित देवानंद शास्त्री के अनुसार, अधिमास की वजह से इसके बाद आने वाले सावन, रक्षाबंधन, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नवरात्रि, दशहरा और दीपावली जैसे सभी बड़े पर्व अपने सामान्य समय से लगभग तीन से चार सप्ताह की देरी से आएंगे। मांगलिक कार्य भले ही बंद हों लेकिन यह समय परोपकार और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सबसे उत्तम माना गया है। इस महीने निम्नलिखित कार्य करने से महा पुण्य मिलता है। • व्रत और पूजन के नियम: हेमाद्रि के अनुसार, इस महीने सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर एक भुक्त यानी दिन में एक बार भोजन या नक्तव्रत यानी रात में भोजन रखना चाहिए। भगवान विष्णु के स्वरूप सहस्रांशु का मंत्रों द्वारा लाल पुष्प से पूजन करना चाहिए। • 33 पूओं का दान: इस महीने में या इसके अंतिम दिन घी, गेहूं और गुड़ से बनाए गए तेन्दिस यानी 33 पूओं को कांसे के पात्र में रखकर, फलों, वस्त्र और दक्षिणा सहित ब्राह्मण को दान देने का विधान है। • ग्रंथों का नियमित पाठ: इस पूरे महीने रोज श्रद्धापूर्वक श्री पुरुषोत्तम महात्म्य का पाठ करना चाहिए। इसके अतिरिक्त श्रीविष्णु स्तोत्र, विष्णु सहस्रनाम, श्रीसूक्त और पुरुषसूक्त का पाठ करने से घर की नकारात्मकता समाप्त होती है और समृद्धि आती है। • अंतिम दिन का विशेष विधान : महीने की समाप्ति पर पवित्र स्नान और जप के बाद गुड़, गेहूं, घी, वस्त्र, किशमिश, केले, कद्दू, ककड़ी और मूली का दान करना चाहिए। इसके बाद भगवान को 3 बार अर्घ्य देकर व्रत संपन्न करना चाहिए। इन कार्यों पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध • विवाह और मांगलिक उत्सव: शादी, सगाई, द्विरागमन जैसे संस्कारों के लिए इस दौरान कोई मुहूर्त नहीं मिलेगा। • भवन निर्माण और गृह प्रवेश: नए मकान की नींव रखना, भूमि पूजन और नए बने घर में प्रवेश करने जैसे शुभ काम ठप रहेंगे। • उपनयन और मुंडन संस्कार: बच्चों का जनेऊ संस्कार और पहली बार बाल कटवाने का अनुष्ठान इस अवधि में वर्जित है। • बड़ी व्यावसायिक शुरुआत: नई दुकान का उद्घाटन, नए व्यापारिक अनुबंध या बड़ी संपत्ति की रजिस्ट्री को इस एक महीने के लिए टालना ही बेहतर माना जाता है।
“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)
होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more
होली को छपरियों का त्योहार बताकर फंसीं फराह खान, दर्ज हुआ केस
फिल्ममेकर-कोरियोग्राफर फराह खान इन दिनों कुकिंग रियलिटी शो 'सेलिब्रिटी मास्टशेफ' को जज करती नजर आ रही हैं। हाल ही में शो के एक एपिसोड में फराह खान ने होली को 'छपरी लोगों का फेवरेट फेस्टिवल' बताया था। इसके बाद फराह मुश्किलों में घिर गई हैं। फराह खान ...

