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वाराणसी अमूल बनास डेयरी प्लांट में मजदूरों का प्रदर्शन:बोले - 300 में 8 घंटे, हर दिन काम, त्योहार पर भी छुट्टी नहीं

वाराणसी जनपद के करखियांव स्थित अमूल बनास डेयरी प्लांट में शनिवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। वेतन कटौती और ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कथित शोषण के विरोध में सैकड़ों महिला-पुरुष श्रमिकों ने प्लांट के मुख्य द्वार पर 'चक्का जाम' कर दिया। सुबह 8 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में दोपहर की शिफ्ट के कर्मचारी भी शामिल हो गए, जिससे प्लांट का संचालन ठप हो गया है। इस हड़ताल से कंपनी को करीब 10 लाख रुपये से अधिक के आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। दूध की गाड़ियों को बाहर रोके रखे मजदूर आक्रोशित मजदूरों ने प्लांट के गेट पर धरना देते हुए दूध की आपूर्ति बाधित कर दी, जिससे दर्जनों टैंकर घंटों सड़क पर खड़े रहे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन मजदूरों की नाराजगी के चलते बात नहीं बन पाई। बाद में इंस्पेक्टर फूलपुर अतुल कुमार सिंह और इंस्पेक्टर बड़ागांव प्रवीण सिंह भी पहुंचे। उनके द्वारा भी समझाया गया लेकिन मजदूर नहीं माने और टैंकर बाहर खड़े रहे। एडीसीपी के कहने पर टैंकर को दिए रास्ताहालात तनावपूर्ण होते देख एडीसीपी नृपेन्द्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और श्रम विभाग के साथ मिलकर समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा। इस आश्वासन के बाद मजदूरों ने दूध की गाड़ियों को अंदर जाने का रास्ता तो दिया, लेकिन वे खुद काम पर नहीं लौटे और गेट पर ही खड़ा होकर शाम तक धरने पर बैठे रहे। मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर जारी किया पत्रमजदूरों द्वारा एक पत्र भी लिखा गया जिसमें उन्होंने मांग किया है कि ठेका प्रथा के नाम पर उनके साथ हो रहे अन्याय को रोका जाए तथा उनका शोषण बंद हो। उसमें उन्होंने यह भी लिखा है कि 8 घंटे की ड्यूटी के लिए न्यूनतम 15000 रुपए वेतन मिले और हर महीने चार छुट्टियां मिलनी चाहिए। इसके अलावा आश्रम कानून के तहत पीएफ और ईएसआई की सुविधा मिलनी चाहिए तथा कर्मचारियों को जॉइनिंग लेटर और सैलरी स्लिप व महिला कर्मचारियों को मासिक अवकाश भी मिले। कंपनी के अधिकारी अलोकमणी त्रिपाठी का कहना है कि श्रमिकों की नियुक्ति ठेकेदारों के माध्यम से होती है, इसलिए वेतन संबंधी विवाद की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में प्रबंधन, ठेकेदारों और मजदूरों के प्रतिनिधियों से बात करके मामले का हल निकाले जाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि शाम तक मजदूर अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्लांट में उत्पादन कार्य बाधित है।

दैनिक भास्कर 4 Apr 2026 5:36 pm

किशनगढ़बास में महावर वैश्य समाज का 30वां स्नेह मिलन:प्रतिभा सम्मान समारोह और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

किशनगढ़बास में श्री महावर वैश्य समाज का 30वां स्नेह मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह गुरुवार देर शाम को हुआ। आयोजन खैरथल रोड स्थित महावर धर्मशाला में हुआ। समारोह में शिक्षा, खेल और सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। श्री महावर वैश्य नवयुग समिति के संगठन मंत्री लोकेश गुप्ता ने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारा और प्रेरणा बढ़ाते हैं। सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश महावर ने कहा कि शिक्षा ही सफलता की पहली सीढ़ी है और बच्चों व युवाओं को लक्ष्य के प्रति एकाग्र होकर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। समारोह में बच्चों, युवाओं और महिला मंडल द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इनमें नृत्य, गीत और नाट्य प्रस्तुतियां शामिल थीं, जिनकी दर्शकों ने सराहना की। कार्यक्रम में एक लक्की ड्रॉ का भी आयोजन किया गया। यह आयोजन श्री महावर वैश्य सेवा समिति, महावर वैश्य नवयुवक समिति और महावर वैश्य महिला मंडल के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। इसे सफल बनाने में सेवा समिति के अध्यक्ष सतीश महावर, सचिव रिंकेश गुप्ता, कोषाध्यक्ष प्रह्लाद राय गुप्ता; नवयुवक समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार गुप्ता, सचिव मदन गुप्ता, कोषाध्यक्ष लोकेश कुचलिया; तथा महिला मंडल की अध्यक्ष पिस्ता गुप्ता, सचिव विनिता गुप्ता और कोषाध्यक्ष सुनीता गुप्ता सहित कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का योगदान रहा।

दैनिक भास्कर 3 Apr 2026 8:17 am

कैमूर में परशुराम जन्मोत्सव की तैयारी तेज:19 अप्रैल को भव्य शोभा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, गांव-गांव बैठकें शुरू

कैमूर जिले में 19 अप्रैल 2026 को मनाए जाने वाले भगवान श्री परशुराम जन्मोत्सव (अक्षय तृतीया) की तैयारियां तेज हो गई हैं। भभुआ के अखलाशपुर में राष्ट्रीय परशुराम सेना की एक महत्वपूर्ण बैठक में शोभा यात्रा और अन्य कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। बैठक में परशुराम सेना के पदाधिकारियों ने भव्य शोभा यात्रा निकालने, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने और स्थानीय स्तर पर जागरूकता फैलाने की योजना बनाई। इसमें भगवान परशुराम की शिक्षाओं जैसे धर्म रक्षा, दुष्ट दमन और ब्राह्मण सम्मान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया। सनातन संस्कृति और क्षत्रिय-ब्राह्मण परंपरा का प्रतीकपरशुराम सेना के अध्यक्ष विनोद तिवारी ने बताया, “परशुराम जन्मोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति और क्षत्रिय-ब्राह्मण परंपरा का प्रतीक है। हम पूरे जिले में भव्य शोभा यात्रा निकालेंगे ताकि युवा पीढ़ी को भगवान परशुराम के आदर्शों से जोड़ा जा सके।” परशुराम सेना के कार्यकर्ता अब विभिन्न गांवों और वार्डों में बैठकें कर रहे हैं। कार्यक्रम में भजन-कीर्तन, प्रवचन और सामूहिक पूजा का भी आयोजन किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। जिले के धर्मप्रेमी नागरिक इस पर्व को भव्यता से मनाने के लिए उत्साहित हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक जागरण का माध्यम भी बनेगा।

दैनिक भास्कर 2 Apr 2026 4:37 pm

April 2026 festivals: अप्रैल माह 2026 के प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की लिस्ट

Important festivals in April 2026: अप्रैल 2026 का महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस महीने हनुमान जयंती, अक्षय तृतीया और बैशाखी जैसे बड़े पर्व और त्योहार मनाए जाएंगे। साथ ही 3 अप्रैल से वैशाख माह का भी आरंभ हो रहा है। यहां वेबदुनिया के ...

वेब दुनिया 2 Apr 2026 1:56 pm

लाफ्टर चैंपियन सुरेश-अलबेला ने उदयपुर में लोगों को जमकर हंसाया:भगवान महावीर के संदेश और देशभक्ति की कविताओं से गूंजा भारतीय लोक कला मंडल

उदयपुर के भारतीय लोक कला मंडल में मंगलवार की रात को हास्य कवि सम्मेलन देर रात तक जमा। कवियों ने भगवान महावीर से जुड़े संदेश कविताओं के जरिए दिए। आखिरी कवि लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला ने हंसाते हुए सबको लोट पोट कर दिया। गुरु कमल चंद्रोशन गौ सेवा ट्रस्ट एवं विद्यार्थी कल्याण संस्थान के साझे में भारतीय लोककला मंडल में आयोजित कवि सम्मेलन की शुरूआत राजसमंद के केलवा से आई कवियित्री भावना लोहार ने सरस्वती वंदना से की। कवि लाफ्टर चैंपियन सुरेश अलबेला ने रात तक सबको हंसाया, उन्होंने कई किस्से सुनाते हुए जीवन से जुड़ी कई शिक्षा कविताओं के जरिए दी। इंदौर से आए मुकेश मौलवा ने राणा सांगा, बप्पारावल और भामाशाह के जीवन से जुड़ी कविताएं सुनाकर देशभक्ति के भाव भर दिए। कोटा से आए कवि राजेंद्र पंवार ने अपनी रचना फिक्र नहीं करते वीर कभी अपनी जान की ,गरिमा व महिमा बनीं रहे बस हिंदुस्तान की, अपनी वीरता से इतिहास नया गढ़ना बेटे अंतिम सांस तक, विश्व बनाकर लड़ना बेटे, कुर्बानियों पर गर्व करते हैं लोग शान से ,कोख धन्य होती है मां के पुत्र के बलिदान से... पर सुर्खियां बटोरी। कांकरोली से आए कवि सुनील व्यास ने धरा का सार है गौ में, प्रकृति की दिव्य ऊर्जा है,शून्य से पूर्ण की ओर, चलने की ये पूजा है, अमृत है पय में इसके, प्राण में ब्रह्मांड समाया,यही तो ब्रह्म का विग्रह, न कोई और दूजा है... सुनाई। सुनील ने भी खूब हंसाया। कपासन से आए कवि शंकर सुखवाल ने नारियों पे हो रहा है, देखो अत्याचार, बढ़ता ही जा रहा ,हिंसा का कारोबार... कविता पर श्रोताओं ने तालियों की दाद दी। चेचट से आए कवि अर्जुन अल्हड़ ने रचना धरो पुनः विराट स्वरूप, संग गीता का सार लो,पापा सिंधु में वसुधा डूबी, बन वराह वसुधा तार लो, वंश मिटा दो गौ हत्यारों का,संतों को पुनःउत्थान दो... कविता सुनाई। कार्यक्रम का संचालन करते हुए उदयपुर के राव अजातशत्रु ने हिंसा की चौखट पर दुनिया,दुनिया में अहिंसा की जय हो, हे महावीर तेरी जय हो तेरी जय हो जय निश्चय हो....सुनाकर भगवान महावीर के संदेश श्रोता तक पहुंचाए। उदयपुर के मावली के मनोज गुर्जर ने रचना मान जनक का जो ना करता, सुत दागी हो जाता हैं, सच कहता हूँ सुनो पाप का, वो भागी हो जाता हैं...प्रस्तुत कर पिता की महिमा को बताया। मुख्य अतिथि 108 गौशालाओं में 56 भोग के ब्रांड एंबेसेडर डॉ जिनेंद्र शास्त्री ने इस अभियान में अधिक जुड़ने का आह्वान किया मुख्य अतिथि प्रमुख पर्यावरणविद् इंदौर के अशोक मेहता ने की। सद्गुरु कमल चंद्ररोशन गोसेवा ट्रस्ट के संस्थापक संजय जैन ने स्वागत करते हुए बताया कि गुरुदेव कमल मुनि कमलेश की प्रेरणा व माता चंद्रकला एवं पिता रोशन लाल पोरवाल के आशीर्वाद से संचालित ट्रस्ट मुख्यतः गौ सेवा के लिये संकल्पित है। इस वर्ष गोवर्धन पूजा तक 108 गौशालाओं में 50000 से ज्यादा गौ माता को छप्पन भोग धराया जायेगा।

दैनिक भास्कर 1 Apr 2026 11:13 am

भोजपुर में लापता व्यक्ति का शव मिला:रामनवमी के दिन घर से सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने निकले थे, हत्या मामला मे बेटा है आरोपी

भोजपुर के निर्मलपुर गांव से पांच दिन से लापता अधेड़ का शव बरामद हुआ है। शव गांव में ही घर से दो सौ मीटर दूरी पर स्थित गेहूं के खेत से बरामद हुआ। मृतक का पूरा शरीर काला और दाहिने तरफ पेट फटा हुआ था। मृतक की पहचान अरुण सिंह(50) के तौर पर हुई है। गांव पर रहकर खेती करते थे। कभी-कभी बाहर जाकर भी प्राइवेट कंपनी में लेबर का काम करते थे। परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के निर्मलपुर गांव की है। रात में घर से निकले थे मृतक के चचेरे भाई राहुल सिंह ने बताया कि 26 मार्च की रात करीब 11 बजे वह घर से यह कहकर निकले थे कि गांव में नवमी पर प्रोग्राम देखने जा रहा हूं। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। 27 मार्च को कई जगह उनकी खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। 28 मार्च को थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी बीच सोमवार को आसपास के घरों में बदबूदार गंध आने लगी तो वहां जाकर देखा तो एक शव पड़ा मिला। जिसके बाद उन्होंने गांव में शोर करना शुरू किया। शोर सुनकर परिजन पहुंचे। शव देखकर उनकी पहचान की और इसकी सूचना स्थानीय थाना को दी गई। कुछ माह पूर्व गजराजगंज ओपी क्षेत्र अंतर्गत एक बावर्ची को गोली मारी गई थी। जिसमें उनके बड़े बेटे अनिकेत सिंह आरोपी बनाया गया था। जिसके बाद पुलिस उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दी थी। उसी विवाद में हत्या हुई है। गांव में किसी से कोई विवाद नहीं है। छानबीन में जुटी पुलिस मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के लिए FSL की टीम को भी बुलाया गया। सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।

दैनिक भास्कर 31 Mar 2026 1:24 pm

MLA चौधरी बोले-गैंगरेप करने वाले दरिंदों को राजनैतिक संरक्षण:इन्हीं आरोपियों ने धार्मिक स्थल की दीवार तोड़ी, कार्रवाई होनी चाहिए

बाड़मेर में नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप, फिर गांव में एक धार्मिक स्थल और आसपास के कच्चे घरों में तोड़फोड़ को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी ने आरोपियों को राजनैतिक संरक्षण होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है- गैंगरेप मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, लेकिन अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। इन्हीं आरोपियों में शामिल दरिंदों ने विवाद खड़ा किया है और धार्मिक स्थल की दीवार भी इन्होंने ही तोड़ी है। चौधरी ने सोमवार को मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि रामनवमी (पत्थरबाजी) पर जिस घटना को बताया जा रहा है, ऐसी घटना हुई ही नहीं है। हमारे पूर्व विधायक ने गांव जाकर पूरी जानकारी जुटाई और मैंने भी सैकड़ों लोगों से बातचीत की है। दरअसल, बाड़मेर के एक गांव में बीते तीन दिनों से रामनवमी में पत्थरबाजी, धार्मिक स्थल और कच्चे घरों को तोड़ने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसके साथ बायतु विधायक ने 27 फरवरी को दर्ज नाबालिग बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में पुलिस और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। विधायक हरीश चौधरी ने जिला कलेक्टर टीना डाबी से भी मुलाकात की और मामले में कार्रवाई की मांग की। जिन्हें रोकने की जिम्मेदारी, वहीं संरक्षण दे रहे बायतु विधायक हरीश चौधरी ने कहा कि गांव और आसपास के इलाकों में संगठित गिरोह के जरिए क्राइम हो रहा है। बीते दिनों एक एफआईआर दर्ज हुई। एक नाबालिग के साथ में गैंगरेप हुआ। वहां पर बनी ढाणियां को ध्वस्त किया गया। एक धार्मिक स्थल की दीवार भी तोड़ी गई, यह संगठित गिरोह का प्रयास था, जो चिंताजनक है। विधायक ने कहा कि सभी मिलकर सच्चाई का पता लगाओ और इस तरह का कृत्य और संगठित अपराध हो रहा है। उसको रोकने की जिसकी जिम्मेदारी है, वही संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा- राजनैतिक दल विवाद करवा रहा है। जाति और धर्म के नाम पर संगठित गिरोह बनवाना और राजनीतिक संरक्षण देना, यह यहां के लोगों को कभी मंजूर नहीं होना चाहिए। हम सभी मिलकर राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर इस तरीके की ताकतों का मुकाबला करें। एफआईआर में सिर्फ दो, लेकिन हकीकत में आरोपी ज्यादाबायतु विधायक ने कहा कि एफआईआर में नामजद दो जने थे। लेकिन एफआईआर के बाद जांच और नाबालिग के बयान में कई आरोपी निकले है। यह ऑन रिकॉर्ड है। एक आरोपी भी उस क्राइम में भी शामिल है। उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। आरोपियों को मिल रहा राजनैतिक संरक्षणविधायक ने कहा कि इन आरोपियों पर राजनैतिक संरक्षण है। बिना किसी का नाम लिए आरोप लगाया कि जो रामनवमी पर जो विवाद की बात कर रहे है। वैसा वहां पर कुछ हुआ ही नहीं है। आप जाकर किसी से पूछ लो। आज हमारे पूर्व विधायक भी वहां पर गए। मेरी भी वहां पर सैकड़ों लोगों की बात हुई है। बीजेपी से जुड़े लोगों ने भी मुझे बताया कि इस तरह की कोई भी घटना नहीं हुई। चौधरी ने कहा कि यह जो प्रयास किए जा रहे है। जाति को जाति से अलग करना, पीढ़ियां से यह सभी जातियां साथ में रह रही थी। पुलिस व प्रशासन कार्रवाई नहीं करता है तो हम संविधान के दायरे में रहकर सभी अधिकारों का उपयोग करेंगे। इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धार्मिक स्थल पर तोड़फोड़ का विरोध, पुलिस जाब्ता तैनात:SP- DSP मौके पर पहुंचे; पूर्व मंत्री बोले- पत्थरबाजी की घटना कायराना हरकत

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 9:33 pm

देशभर के अवॉर्ड विजेता कारीगरों के हस्तशिल्प को मिला मंच:क्राफ्ट और सिल्क उत्पाद बने आकर्षण का केंद्र, आर्टिजन बता रहे बनाने की कला

देशभर के अवॉर्ड विजेता कारीगरों के हुनर को एक ही मंच पर देखने का अनूठा अवसर मिला, जहां पारंपरिक कला और आधुनिक डिजाइन का शानदार संगम नजर आया। हस्तशिल्प और सिल्क उत्पादों की विविधता ने दर्शकों को खासा आकर्षित किया, वहीं आर्टिजन खुद अपनी कला के निर्माण की बारीकियां समझाते हुए इस प्रदर्शनी को और भी जीवंत बना रहे हैं। दरअसल, जयपुर के जवाहर कला केन्द्र(JKK) के साउथ विंग में इन दिनों ‘शिल्प एंड कॉटन फेयर’ का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में देशभर से आए अवॉर्ड विनिंग आर्टिजन अपने हस्तशिल्प और सिल्क उत्पादों के साथ मौजूद हैं। करीब 100 से अधिक स्टॉल्स पर विभिन्न राज्यों के पारंपरिक शिल्प और वस्त्रों को प्रदर्शित किया गया है। खास बात यह है कि कारीगर यहां न केवल अपने उत्पाद बेच रहे हैं, बल्कि लोगों को उनके बनने की पूरी प्रक्रिया भी समझा रहे हैं। मेले में राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिलनाडु और ओडिशा सहित कई राज्यों के प्रसिद्ध हस्तशिल्प और वस्त्रों को प्रदर्शित किया गया है। राजस्थान से बाग्रू और सांगानेरी ब्लॉक प्रिंट, कोटा डोरिया साड़ी, ब्लू पॉटरी, लाख की चूड़ियां और मोजड़ी जैसे पारंपरिक उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। हर राज्य के प्रसिद्ध क्राफ्ट की झलक मेले में गुजरात की बंधनी और पटोला साड़ियां, उत्तर प्रदेश की चिकनकारी कढ़ाई, पश्चिम बंगाल की कांथा एम्ब्रॉयडरी और बालूचरी साड़ियां, कर्नाटक की मैसूर सिल्क, तमिलनाडु की कांचीपुरम सिल्क साड़ियां और ओडिशा की इकत बुनाई जैसे उत्पाद भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। इन सभी उत्पादों में पारंपरिक हस्तकला और महीन कारीगरी की झलक साफ दिखाई देती है। बंधनी में सैकड़ों छोटे-छोटे बिंदुओं में बांधकर रंगा जाता कपड़ा फेयर में आए कारीगर अपने-अपने स्टॉल पर लोगों को इन उत्पादों के बनने की प्रक्रिया भी समझा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर ब्लॉक प्रिंटिंग में लकड़ी के हाथ से तराशे गए ब्लॉक्स को प्राकृतिक रंगों में डुबोकर कपड़े पर छापा जाता है। वहीं बंधनी में कपड़े को सैकड़ों छोटे-छोटे बिंदुओं में बांधकर रंगा जाता है, जिससे खूबसूरत पैटर्न बनते हैं। इसी तरह इकत और पटोला बुनाई में धागों को पहले रंगा जाता है और फिर करघे पर विशेष तकनीक से बुना जाता है, जिससे डिजाइन कपड़े में स्वतः उभरकर सामने आता है। कांचीपुरम और मैसूर सिल्क साड़ियों में रेशम के धागों से महीन और जटिल डिजाइन तैयार किए जाते हैं, जो इनकी खास पहचान है। समर और वेडिंग सीजन को ध्यान में रखकर उत्पाद मेले के आयोजक धर्मेश जांगिड़ ने बताया कि इस फेयर का उद्देश्य देशभर के कारीगरों को एक मंच देना है, ताकि वे अपने हुनर को सीधे लोगों तक पहुंचा सकें। उन्होंने कहा कि इस बार हमने समर और शादी के सीजन को ध्यान में रखते हुए उत्पादों का चयन किया है। यहां घर की सजावट से लेकर परिधान और गिफ्ट आइटम तक कई तरह की चीजें उपलब्ध हैं, जिन्हें लोग काफी पसंद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मेले में शामिल सभी कारीगर अपने-अपने राज्यों में पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं और वर्षों से पारंपरिक शिल्प को जीवित रखने का काम कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 12:33 pm

चैत्र नवरात्र के समापन पर भव्य मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन

सिटी रिपोर्टर | शेखपुरा घाटकुसुम्भा गांव में चैत्र नवरात्र की विजय दशमी के पावन अवसर पर भव्य मेला एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान क्षेत्र के पूर्व विधायक विजय सम्राट माता रानी के दर्शन हेतु पहुंचे, जहां आयोजन समिति द्वारा अंगवस्त्र देकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। विजय दशमी के अवसर पर आयोजित इस मेले में आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु एवं दर्शक पहुंचे। पूरे दिन मेले में जनसैलाब उमड़ा रहा। मेले में लगे रंग-बिरंगे झूले, खेल-तमाशे, खान-पान की दुकानों और आकर्षक सजावट ने लोगों को खूब लुभाया। खासकर बच्चों और युवाओं में मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने जागरण गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 4:24 am

गुरशरण कला भवन में लोक कला मंच के तहत नाटक समारोह का आयोजन

शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की कुर्बानी को याद करते हुए गुरशरण कला भवन में शनिवार को नाटक समारोह आयोजित किया गया। लोक कला मंच (रजि:) मंडी मुल्लांपुर द्वारा आयोजित कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन शहीद भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह, पूर्व आईपीएस अधिकारी गुरप्रीत सिंह तूर, बलदेव औलख, प्रिंसिपल अवतार सिंह, प्रो. रणजीत कौर ग्रेवाल, प्रो. हरदेव सिंह ग्रेवाल, प्रिं. राजिंदर सिंह तथा उजागर सिंह ने किया। इस मौके पर लोक कला मंच रजि. मंडी कार्यक्रम में बलदेव सिंह औलख, गुरप्रीत सिंह तूर और प्रोफेसर रुपिंदर कौर तूर के साथ जगसीर सिंह और गुरशरण कौर सहित नाटक टीम को लोक कला मंच द्वारा सम्मानित किया गया। इसके बाद नाद संवाद आर्ट फोक की टीम द्वारा डॉ. निर्मल जोड़ा के लिखे तथा निर्मल सिंह धालीवाल के निर्देशन में नाटक वापसी प्रस्तुत किया गया। नाटक ने संदेश दिया कि पंजाब के युवाओं को विदेशों में गैरकानूनी रूप से बसने के बजाय अपनी धरती पर लौट आना चाहिए। स्टेज सचिव की भूमिका मास्टर दीपक राय ने निभाई। इस मौके पर डॉक्टर अमरप्रीत देओल, एसडीओ हरजीत सिंह, गुरमीत सिंह, भाग सिंह गिल, तेजा सिंह गिल, मेंबर जरनैल सिंह, एक्सियन प्रदीप लोटे, लेक्चरर प्रगट सिंह, लेक्चरर इकबाल सिंह, बलजीत सिंह ग्रेवाल, हेड मास्टर लखिंदर सिंह, अंजू चौधरी, रणवीर सिंह और अन्य मौजूद रहे। मुल्लांपुर के प्रधान हरकेश चौधरी ने कहा कि जिन शहीदों ने भाईचारे का संदेश देते हुए कुर्बानी दी थी, शाहजहांपुर में अशफाक उल्ला व राम प्रसाद बिस्मिल के बुत तोड़े जा रहे हैं।गुरप्रीत सिंह तूर ने कहा कि नई पीढ़ी को साहित्य की ओर लौटना चाहिए व शहीदों से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

दैनिक भास्कर 30 Mar 2026 4:00 am

मुजफ्फरपुर एसकेजे लॉ कॉलेज में पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह:न्यायिक अधिकारियों ने साझा किए अनुभव, सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां

मुजफ्फरपुर के एसकेजे लॉ कॉलेज में आज पूर्ववर्ती छात्र एसोसिएशन की ओर से भव्य एलुमनी मीट (पूर्ववर्ती छात्र मिलन समारोह) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कृष्ण सिंह और एल.पी. शाही की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और स्वागत गान के साथ किया। कार्यक्रम में पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश सह बिहार राज्य पिछड़ा आयोग के अध्यक्ष संजय कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ महाविद्यालय के अध्यक्ष एस.के. मिश्रा, सचिव डॉ. उज्ज्वला मिश्रा, निदेशक सह एलुमनी एसोसिएशन के अध्यक्ष जयंत कुमार, प्राचार्य डॉ. के.के.एन. तिवारी, डॉ. एस.पी. चौधरी, डॉ. रत्नेश कुमार सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। कॉलेज की विरासत-विकास पर चर्चा निदेशक जयंत कुमार ने अपने संबोधन में कॉलेज की स्थापना से लेकर अब तक की प्रगति पर प्रकाश डाला। अध्यक्ष एस.के. मिश्रा ने कहा कि पूर्ववर्ती छात्रों की सक्रिय भागीदारी और सुझाव संस्थान के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। सचिव डॉ. उज्ज्वला मिश्रा ने कॉलेज के गौरवशाली इतिहास और वर्तमान शैक्षणिक उपलब्धियों को रेखांकित किया। मुख्य अतिथि ने किया प्रेरित मुख्य अतिथि संजय कुमार ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्रों को कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य न्यायिक अधिकारियों ने भी अपने कॉलेज जीवन के अनुभव साझा किए। सामाजिक सरोकार से जुड़ी पहल एलुमनी एसोसिएशन के सचिव डॉ. एस.पी. चौधरी ने संस्था की ओर से किए जा रहे सामाजिक कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान जरूरतमंद डिग्री कॉलेज, कुढ़नी को इन्वर्टर और बैटरी प्रदान की गई, वहीं जरूरतमंद बच्चों के बीच बैग और शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां समारोह में छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. रत्नेश कुमार ने किया, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन आशी तिवारी और अभिनय चौधरी ने किया।

दैनिक भास्कर 29 Mar 2026 8:17 pm

तमिल त्योहार कारादाइयन नौम्बू क्यों मनाया जाता है?

karadaiyan nombu: कारादाइयन नौम्बू (सावित्री व्रतम) तमिल संस्कृति का एक पावन उत्सव है, जो वैवाहिक सुख और पति की दीर्घायु के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व तब मनाया जाता है जब सूर्य कुंभ से मीन राशि में प्रवेश करते हैं (मीन संक्रांति)। इस बार यह पर्व ...

वेब दुनिया 11 Mar 2026 12:31 pm

Rangpanchami Special Thandai: रंगपंचमी पर बनाएं भांग की ठंडाई, होगा त्योहार का आनंद दोगुना

Bhang ki Thandai Recipe: होली- रंगपंचमी एक और पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोग रंगों में रंगकर एक-दूसरे पर रंग डालते हैं और खुशियों का आदान-प्रदान करते हैं। इस दिन का महत्व केवल रंगों के खेलने में नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़ी परंपराओं और विशेष पेय ...

वेब दुनिया 6 Mar 2026 9:08 am

“बुरा मानो होली है”– त्योहार की आड़ में छिपी हिंसा (त्यौहार, सहमती, गरिमा, आधिकार)

होली का दिन रंगों से खेलने के लिए मशहूर है, लेकिन कई लोग आज के दिन महिलाओं और लड़कियों, लड़कों के साथ रंग लगाने के बहाने छेड़छाड़ करते हैं। कई जगहों पर होली के नाम पर गोबर, कीचड़ आदि से भी होली खेली जाती है। “बुरा न मानो होली है” कहकर बहुत शर्मनाक व्यवहार करते ... Read more

अजमेरनामा 1 Mar 2026 9:03 pm