प्रतापगढ़ पुलिस ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर साइबर ठगी के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया-अरनोद थाना पुलिस ने साइबर ठगी हेल्पलाइन नंबर 1930 पर मिली शिकायत के आधार पर दो मामले दर्ज किए थे। शिकायतकर्ता भरत पाटिल, निवासी सहाड़ा, महाराष्ट्र ने बताया था कि उन्हें शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर पैसे जमा कराकर ठगा गया। ठगी की रकम इन्हीं खातों में ट्रांसफर की जाती थी जांच में सामने आया कि आरोपी राहुल कुमार ने कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता साइबर ठग अंकित कुमार को किराए पर दिया था। ठगी की रकम इन्हीं खातों के माध्यम से ट्रांसफर की जाती थी। राहुल ने खाते के साथ पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और लिंक सिम भी अंकित को सौंप दिए थे। अंकित कुमार लोगों को शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर किराए के बैंक खातों में पैसे जमा करवाता था। इसके बाद वह राहुल के एटीएम का उपयोग करके उन पैसों को निकाल लेता था। इस पूरे मामले में अंकित कुमार मुख्य साइबर ठग की भूमिका में था, जबकि राहुल कुमार प्रति खाते के बदले 1,000 रुपए कमीशन लेता था। 2 मोबाइल और बैंक डायरी जब्त पुलिस ने इस मामले में राहुल कुमार और अंकित कुमार को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल फोन और बैंक डायरी जब्त की गई हैं। जांच के बाद, दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कमजोर वैश्विक संकेतों के बावजूद भारतीय स्मॉल-कैप शेयरों ने अप्रैल में किया मजबूत प्रदर्शन: रिपोर्ट
शनिवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी-ईरान संघर्ष के कारण कमजोर वैश्विक आर्थिक स्थिति के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने अप्रैल में सभी सेगमेंट में मजबूत रिटर्न दिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) के प्रथम चरण का भूमिपूजन करेंगे। यह परियोजना प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने की सरकार की रणनीति को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 12:30 बजे भोपाल से इंदौर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे एमआईसीसी नैनोद जाकर भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान एक शॉर्ट फिल्म के माध्यम से कॉरिडोर के स्वरूप, संभावनाओं और इसके क्षेत्रीय प्रभावों को भी प्रस्तुत किया जाएगा। सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ेगा यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के समीप स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ेगा। इसे एक सुव्यवस्थित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच अधिक सुगम और प्रभावी बनेगी। इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी प्रदान की जाएगी। इससे उत्पादन और वितरण तंत्र में सुधार होगा और उद्योगों के संचालन की प्रक्रिया सरल बनेगी। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट न केवल इंदौर क्षेत्र के औद्योगिक क्लस्टर्स को मजबूत करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश को एक आदर्श निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही इससे प्रदेश में निवेश प्रवाह बढ़ने और रोजगार के नए अवसर सृजित होने की भी उम्मीद है। निजी कार्यक्रम में भी शामिल होंगे सीएम कॉरिडोर के भूमिपूजन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव महू में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना होंगे। फिर वहां से लौटकर एयरपोर्ट से तिलक नगर जाएंगे। शाम 5 बजे वे यहां से होटल सेरेटन जाएंगे और वहां से एयरपोर्ट लौटकर शाम 6:50 बजे भोपाल रवाना हो जाएंगे। प्रोजेक्ट की खासियत
राजधानी में बीमा निवेश के नाम पर बड़ी ठगी का मामला सामने आया है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के नाम पर 63 लाख रुपए की धोखाधड़ी और गबन करने वाले आरोपी मयूर बारमेडा को खमतराई पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने कारोबारी अमन अग्रवाल और उसके परिजनों से निवेश के नाम पर रकम लेकर सुनियोजित तरीके से पैसे हड़प लिए। पुलिस के मुताबिक, मयूर बारमेडा वर्ष 2008 से 2022 तक कंपनी की तेलीबांधा शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर काम कर रहा था। इसी दौरान उसने अपने पद और लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर उन्हें बेहतर रिटर्न का लालच देकर निवेश के नाम पर बड़ी रकम जुटाई। चेक लेकर किया गबन, दूसरे नाम पर कर देता था निवेश मामले की शिकायत 1 मई 2026 को भनपुरी निवासी कारोबारी अमन अग्रवाल ने खमतराई थाने में दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने वर्ष 2014 से 2021 के बीच अलग-अलग चेक के जरिए कुल 63 लाख रुपए निवेश कराने के नाम पर लिए। जब प्रार्थी ने पॉलिसी से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा और कोई कागज उपलब्ध नहीं कराया। संदेह होने पर जब पीड़ित ने कंपनी की शाखा में संपर्क किया, तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी ने चेक का दुरुपयोग करते हुए रकम को अन्य व्यक्तियों के नाम पर निवेश कर दिया था। इतना ही नहीं, उन निवेशों से मिलने वाली राशि का भी आरोपी खुद लाभ उठाता रहा। चाय दुकान से पुलिस ने पकड़ा मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम और सहायक पुलिस आयुक्त पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में टीम गठित की गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की तलाश शुरू की और पंडरी स्थित उसके प्रतिष्ठान ‘चाय गोविंदम’ में दबिश देकर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले गोलमोल जवाब देता रहा, लेकिन सबूतों के सामने आने पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी और गबन के आरोप स्पष्ट हो गए। इसके बाद 2 मई 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ केस दर्ज और गिरफ्तार पुलिस उपायुक्त मयंक गुर्जर ने बताया, कि पीड़ित की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करके जांच की और गिरफ्तार किया है। मामलें में आगे की जांच की जा रही है।
इंदौर के भंवरकुआं थाना क्षेत्र में धोखाधड़ी के दो मामले सामने आए हैं। दोनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक मामले में बदमाश ने बैंक कर्मचारी बनकर बुजुर्ग महिला को कॉल किया और उनके दो बैंक खातों से 1 लाख 49 हजार 727 रुपए निकाल लिए। दूसरे मामले में एक युवक ने यूट्यूब पर विज्ञापन देखा। विज्ञापन पर क्लिक करते ही वह एक वेबसाइट पर पहुंचा, जहां निवेश का लालच देकर बदमाशों ने उससे तीन लाख रुपए ठग लिए। दोनों मामलों में पुलिस जांच कर रही है। पहला मामला: खुद को SBI का कर्मचारी बताया भंवरकुआं पुलिस के मुताबिक, शिवमोती नगर निवासी राखी आहुजा (71) की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। बदमाश ने महिला को कॉल कर खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का कर्मचारी बताया और पेंशन योजना के नाम पर बातचीत शुरू की। उसने महिला से कहा कि यदि बैंक डिटेल अपडेट नहीं की गई तो उनकी पेंशन बंद हो जाएगी। इसके बाद बदमाश ने उनके बैंक खातों की जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी हासिल कर लिया। फिर स्क्रीन शेयरिंग के जरिए उनके दो बैंक खातों से 1 लाख 49 हजार 727 रुपए निकाल लिए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दूसरा मामला: यूट्यूब विज्ञापन के जरिए ठगी भंवरकुआं थाना क्षेत्र में रामप्रीत गुर्जर की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फरियादी ने पुलिस को बताया कि उसने यूट्यूब पर एक कंपनी का विज्ञापन देखा। विज्ञापन के जरिए वह एक वेबसाइट पर पहुंचा, जहां निवेश पर ज्यादा मुनाफे का लालच दिया है। फरियादी इस झांसे में आ गया और उससे तीन लाख रुपए की धोखाधड़ी कर ली गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने टेलीकॉम विभाग से रिटायर्ड 71 साल के इंजीनियर के साथ 75 लाख रुपए की ठगी कर ली। पीड़ित ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ठगी के संबंध में केस दर्ज कराया है। जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है,उनकी जांच की जा रही है। सेक्टर-104 स्थित एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी में रहने वाले बुजुर्ग आलोक सहदेव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 फरवरी 2026 को उन्हें वाट्सऐप पर एक निवेश ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप का नाम वेल्थ एलायंस बताया गया, जिसमें शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश कर भारी मुनाफे का दावा किया जा रहा था। ग्रुप में मौजूद लोगों द्वारा लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग की जानकारी साझा की जाती थी। पहले निवेश में मुनाफा पैसा भी मिलाग्रुप से जुड़े लोगों ने एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करवाया और बताया कि इसके जरिए भारतीय शेयर बाजार और विदेशी बाजार में निवेश किया जा सकता है। शुरुआत में पीड़ित ने छोटी राशि निवेश की और उन्हें आठ हजार रुपये का लाभ भी दिखाया गया, जो उनके खाते में वापस भी आया। इससे उनका विश्वास और बढ़ गया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के लिए प्रेरित किया। धीरे धीरे करके पैसा कराए ट्रांसफरउन्हें बताया गया कि न्यूनतम बैलेंस बनाए रखना जरूरी है और आईपीओ में निवेश करने पर भारी लाभ मिलेगा। धीरे-धीरे पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए गए। आरोपियों ने यह भी झांसा दिया कि उनके शेयर ज्यादा मात्रा में अलॉट हो गए हैं और अगर अतिरिक्त पैसा जमा नहीं किया गया तो खाता फ्रीज कर दिया जाएगा। अकाउंट ब्लाक किया जब पीड़ित ने और पैसे देने से मना किया, तो उनका ऐप अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया, वाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया और दिखाया जा रहा पूरा मुनाफा भी गायब हो गया। इस तरह कुल 75 लाख 64 हजार 47 रुपये की ठगी कर ली गई। यह रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से भरोसा जीतकर, झूठे मुनाफे दिखाकर और दबाव बनाकर यह ठगी की।
कैथल में निवेश के नाम पर 32.55 लाख हड़पे:मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया, दो पर केस
कैथल में एक कंपनी में रुपए निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर दो आरोपियों ने एक व्यक्ति से करीब 32 लाख 55 हजार रुपए हड़प लिए। आरोपियों ने उसको हर महीने लाभ होने का आश्वासन दिया था। इस संबंध में व्यक्ति ने ढांड थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नोएडा की कंपनी गांव बरोट निवासी सुनील कुमार ने ढांड थाना में दी शिकायत में बताया कि मेसर्स व्यूनो मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड नोएडा गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश के उसके सीईओ सुखविंदर सिंह खरोद व गांव मलिकपुर जिला कैथल निवासी विकास करीब एक साल पहले उसके पास आए। उसे आश्वासन दिया कि यदि वह उनके दिशानिर्देशों के अनुसार पैसा निवेश करता है तो उसे अधिक लाभ होगा। 32 लाख 54 हजार 848 रुपए का भुगतान करवाया मार्च 2024 में आरोपियों ने उससे अपनी कंपनी में 32 लाख 54 हजार 848 रुपए का भुगतान करवा लिया और कहा कि समझौता 10 वर्ष के लिए वैध है। रुपए लेने के बाद शुरू में तो आरोपियों ने उसे मासिक किराया दिया, लेकिन बाद में टाम मटौल करने लगे। जब उसने आरोपियों से अपने रुपए वापस मांगे तो वे साफ मना कर गए। उसे जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने कहा कि ऐसा करके आरोपियों ने उसे साथ धोखाधड़ी की है। ढांड थाना के जांच अधिकारी नायब सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के लिए निवेश की अपील
डूंगरपुर| ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत उद्यानिकी में निवेश बढ़ाने के लिए संभावित निवेशकों व उद्यमियों की पहचान कर सरकार के साथ एमओयू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें राज निवेश पोर्टल पर पंजीकरण कर निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तैयार एमओयू की अंतिम सूची 4 मई तक विभाग को भेजी जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक उद्यान विकास कुमार चेचानी ने दी।
निवेश के नाम पर 70 लाख ठगे, फर्जी दस्तावेजों से रचा खेल
भास्कर न्यूज |लुधियाना निवेश के नाम पर 70 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। फिरोज गांधी मार्केट निवासी संदीप शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह यूएमएमपीएल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। आरोप है कि मोहित कुमार साहू ने खुद को एक ब्रॉडकास्टिंग कंपनी से जुड़ा बताकर चैनल में निवेश करवाने का झांसा दिया। 23 दिसंबर 2025 को हुए एग्रीमेंट के तहत उसने करीब 70 लाख रुपए हासिल कर लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सौदे को विश्वसनीय बनाया। पैसे लेने के बाद आरोपी ने अपनी अलग कंपनी शुरू कर खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाया, जबकि निवेशक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस जांच में भी सामने आया है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया। थाना डिवीजन-5 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पाकिस्तान में निवेश की समीक्षा कर रही यूएई की टेलीकॉम कंपनी ‘एतिसलात’, बाहर निकलने की अटकलें तेज
यूएई की बड़ी टेलीकॉम कंपनी 'एतिसलात' पाकिस्तान में अपने निवेश की समीक्षा कर रही है। माना जा रहा है कि 'एतिसलात' पीटीसीएल (पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड) से बाहर निकल सकती है।
लुधियाना में निवेश के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने एक कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में संदीप शर्मा, डायरेक्टर, यूएमएमपीएल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, निवासी फिरोज गांधी मार्केट, लुधियाना ने आरोप लगाया कि आरोपी मोहित कुमार साहू ने खुद को एक ब्रॉडकास्टिंग कंपनी से जुड़ा बताते हुए चैनल से संबंधित इन्वेस्टमेंट करवाने का झांसा दिया। 23 दिसंबर 2025 को हुआ था 70 लाख का समझौता शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने 23 दिसंबर 2025 को हुए समझौते के तहत करीब 70 लाख रुपये हासिल किए। आरोप है कि आरोपी ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग से जुड़े तथ्यों को छिपाकर और झूठे दस्तावेज तैयार कर उन्हें गुमराह किया। शिकायतकर्ता को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया इसके बाद अपनी कंपनी का बिजनेस शुरू कर खुद को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाया, जबकि शिकायतकर्ता को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हेरफेर कर पूरे मामले को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 406, 420, 465, 468, 471 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेड की जा रही है।
चित्तौड़गढ़ के मंडफिया स्थित श्रीसांवलिया जी मंदिर में इस साल (2025-26) करीब 337 करोड़ का चढ़ावा आया है। ये 34 साल में सबसे ज्यादा है। बीते लगभग चार दशक में ऐसा कोई साल नहीं है जब मंदिर में चढ़ावे में कमी आई है। हर साल चढ़ावे की रकम बढ़ रही है। ट्रस्ट बनने के बाद से हर महीने होने वाली मैराथन काउंटिंग के लिए विशेष इंतजाम किए जाते है। इस चढ़ावे की काउंटिंग के लिए करीब 200 लोगों का स्टाफ लगता है, जिसमें बैंककर्मी और मंदिर प्रशासन के लोग शामिल होते हैं। काउंटिंग प्रक्रिया में पहले हाथों से पैसे गिने जाते हैं। उसके बाद मशीनों का इस्तेमाल होता है। मान्यता है कि ठाकुर जी यहां सेठजी के रूप में विराजमान हैं, एक बार अगर उन्हें पार्टनर बना लिया तो बिजनेस बढ़ता ही जाता है। इ सलिए भक्त यहां बकायदा स्टाम्प पर अमाउंट लिखवा कर लाते हैं। मन्नत पूरी होने पर लाखों की राशि लिखित में अपने कंपनी के लेटर हेड पर लिख कर दे जाते हैं। 3 तस्वीरों में समझिए काउंटिंग का प्रोसेस… काउंटिंग के लिए 200 का स्टाफ: मंदिर प्रशासन के अनुसार, मंदिर में हर महीने चतुर्दशी के दिन दान पात्र खोले जाते हैं। राजभोग आरती के बाद 11:45 बजे बैंक कर्मी और मंदिर प्रशासन के लोग इस काउंटिंग में शामिल होते हैं। इसमें करीब 200 लोग शामिल होते हैं। इस काउंटिंग में 5 से 10 दिन का समय लग जाता है। सबसे पहले नोटों को और सिक्कों को अलग किया जाता है। इसके बाद 5 मशीनों से इनकी काउंटिंग होती है। गहनों को वजन में काउंट किया जाता है। पहले भक्तों के सामने होती थी गिनती: मंदिर प्रशासन के अनुसार, कैश के साथ-साथ चेक, मनी ऑर्डर और ऑनलाइन माध्यम से भी बड़ी मात्रा में दान आता है। विदेशी श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के कारण फॉरेन करेंसी भी बड़ी मात्रा में मिलती है। मंदिर में 1992 से लेकर 2025 तक श्रद्धालुओं के सामने ही इस दान राशि की काउंटिंग होती थी। इसके बाद पिछले साल जुलाई के बाद से इसे अलग सेपरेट कर दिया गया है, ताकि काउंटिंग में कोई गड़बड़ी न आए। पहले श्रद्धालु दर्शन करते हुए आते थे और साथ-साथ दान की काउंटिंग भी देखते थे। काउंटिंग अब सत्संग भवन में की जाती है। 34 साल पहले आया था 65 लाख का चढ़ावा अतिरिक्त जिला कलेक्टर और श्री सांवलिया जी मंदिर मंडल की मुख्य कार्यपालक (CEO) प्रभा गौतम ने बताया- श्री सांवलिया जी मंदिर के लिए साल 1991 में राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर इस मंदिर का अधिग्रहण किया था। इसके बाद मंदिर प्रशासन का संचालन अब एडिशनल कलेक्टर के निर्देशन में होने लगा। तभी से मंदिर के दान पात्र हर महीने खोलने की परंपरा शुरू की गई। साल 1992 एक्ट के तहत श्री सांवलिया जी मंदिर ट्रस्ट का संचालन किया जा रहा है। अधिग्रहण के बाद जब शुरुआत में भंडार खोला गया तब (1991-92) इसकी काउंटिंग 65 लाख के करीब थी। इसी महीने 29 दिन में ही 41.67 करोड़ रुपए की राशि मंदिर में अर्पित की गई। साल 2025 को दीपावली (अक्टूबर-नवंबर) में 51 करोड़ से ज्यादा की राशि आई थी। मंदिर ने गोद ले रखे हैं 16 गांव CEO प्रभा गौतम ने बताया- मंडफिया सहित आसपास के 16 गांवों के विकास का कार्य मंदिर प्रशासन ही देखता है। जैसे हाई मास्क लाइट लगाना, सामुदायिक भवन का निर्माण करवाना। जिला कलेक्टर ने भी आदेश दिया है कि वहां पर जितने भी गवर्नमेंट परिसर से या भवन है वहां पर सही व्यवस्थाएं करवाया जाए। बच्चों, महिलाओं और आमजन से जुड़ी हुई सुविधा दी जाए। भक्तों की सुविधा के लिए करवाए जा रहे काम CEO प्रभा गौतम ने बताया- इसके अलावा मंदिर परिसर में व्यवस्थाएं देखना, लोगों के लिए दर्शन को सुविधाजनक बनाने पर काम किया जाता है। अभी ये प्लान है कि परिसर में तीन से चार जगह अलग-अलग टॉयलेट कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। साथ ही, पार्किंग में भी टॉयलेट बनाए जाएंगे। साथ ही स्नान घर भी बनाए जाने हैं। परिसर के पास ही 180 कमरों का की एक धर्मशाला बनाई जा रही है, जिसकी फिनिशिंग का काम चल रहा है। यह 6 महीने में पूरा हो जाएगा। पार्किंग की व्यवस्थाएं भी सुचारू करेंगे। मंदिर प्रशासन ने दान राशि से 16 गांवों के बाहर भी विकास करने की पिटिशन दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी। कैसे आता है इतना चढ़ावा मंदिर को लेकर मान्यता है कि ठाकुर जी यहां सेठजी के रूप में विराजमान है। यहां लोग बिजनेस में सांवलिया सेठ को अपना पार्टनर बनाते हैं। यही नहीं शादी, रिश्तेदारी में भी ठाकुर को अपना बना लेते हैं। कोरोना काल के बाद अचानक श्रद्धालुओं और चढ़ावे में उछाल आया था। श्रद्धालुओं की चिट्ठियां दान-पात्र से चढ़ावे के साथ ठाकुर जी को भेजी चिट्ठियां भी निकलती हैं। इसमें महिलाएं अपने परिवार और पति के बिजनेस को लेकर लिखती हैं। बिजनेसमैन स्टाम्प पर लिखवा कर पार्टनरशिप लेकर आते हैं। चिट्ठी 1 : स्टाम्प लिखा कर ले आया भक्त मैं …..निवासी जयपुर, राजस्थान यह साझेदारी करार ठाकुर जी महाराज श्री सांवलिया सेठ सांवरिया की मंदिर मंडल, मंडफिया, तहसील भदेसर, जिला चित्तौड़गढ़, पिन कोड -312027 के साथ करता हूं। जिसकी साझेदारी प्रतिशत और संपूर्ण सहमति शर्तें निम्नलिखित हैं- 1) यह कि मेरी समस्त शेयर बाजार एवं अन्य स्रोत से आय (वेतन को छोड़कर) के 10 प्रतिशत हिस्से की साझेदारी मैं ठाकुर जी महाराज श्री सांवरिया सेठ के साथ करता हूं। 2) यह है कि मेरी आय का 10 प्रतिशत हिस्सा एक/तीन माह या ठाकुर जी महाराज की इच्छा अनुसार ठाकुर जी महाराज श्रीमान सांवरिया सेठ को देने का करार करता हूं। 3) यह कि मेरी शेयर बाजार से अधिकांश तीन माह में होने वाली आय का 10 प्रतिशत हिस्से की राशि तीन माह पूर्ण होने पर अगले माह की 10 तारीख तक श्री सांवलिया सेठ जी, मंदिर परिसर में मैं स्वयं आकर अर्पित करूंगा। चिट्ठी 2 : अपने बालक को संभालिए सांवलिया सेठ हे सांवरिया सेठ बाबा, एक नजर मेरे बिजनेस पर भी डाल दीजिए कि वह खूब आगे बढ़े और मेरी हर मनोकामना पूरी करिए। बाबा, प्रभु अपने बालक को संभाल लीजिए। चिट्ठी 3 : हम पति-पत्नी बच्चों की पढ़ाई करवा सकें मैं ....... संबलपुर (उड़ीसा) से। सेठ जी, मैं आपको अर्जी लगाने आई हूं। सेठ जी, मेरे दो बच्चे हैं। आप कृपा कीजिए कि हम पति-पत्नी उनकी पढ़ाई अच्छे से करवा सकें। बच्चे दोनों आपकी कृपा से अपने-अपने क्षेत्र में प्रतिष्ठावान बनें। सेठ जी, हम कर्ज मुक्त हो जाएं और हमारे हिस्से की प्रॉपर्टी हमें मिल जाए तो सेठ जी मैं आपको ₹100000 नकद भेंट चढ़ाऊंगी। ग्राफिक्स में देखिए सांवलिया सेठ का इतिहास… …. सांवलिया सेठ से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ के सांवलिया धाम में दीवाली पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बना था। इस दौरान चढ़ावे ककी रकम 51 करोड़ से ज्यादा था। इसके अलावा सोने-चांदी की ज्वलेरी भी आई थी। पढ़ें पूरी खबर…
मेष राशि में बुद्धादित्य योग; बुध का गोचर, वहां सूर्य पहले से मौजूद... गर्मी से सेहत को खतरा
जयपुर | ग्रहों के राजकुमार ‘बुध’ ने गुरुवार को मीन राशि से निकलकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश कर लिया है। यहां ग्रहों के राजा सूर्य पहले से ही विराजमान हैं, जिससे मेष राशि में ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, मंगल और बुध के मध्य शत्रुता का भाव होने से यह गोचर राजनीति, व्यापार और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। बुध पेट व नसों के कारक हैं, अतः इस परिवर्तन से पेट और नसों संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सूर्य के साथ युति होने से शरीर में पित्त (गर्मी) की अधिकता, स्किन इन्फेक्शन और पेट की बीमारियां होने की आशंका है। आर्थिक दृष्टि से शेयर बाजार में तेजी आएगी और निवेश से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ रहेगा। बाजार में खरीदारी बढ़ेगी और सोना-चांदी जैसी धातुओं के दाम कम हो सकते हैं। ज्योतिषाचार्य ने अचानक मौसमी बदलाव और धार्मिक स्थलों पर किसी दुर्घटना के प्रति भी सचेत किया है।
गोरखपुर के रहने वाले अवनीश शर्मा ने दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित क्विज़ कॉन्टेस्ट में सभी सवालों के सही जवाब देकर ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन अपने नाम की है। इनाम मिलने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। अवनीश ने कहा कि यह उनके लिए बड़ा सरप्राइज था और उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अवनीश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 2 साल से ऐप का रेगुलर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं रोज ऐप पर न्यूज पढ़ता हूं, लेकिन मुझे इसमें शेयर बाजार की लाइव अपडेट और बिजनेस से जुड़ी खबरें सबसे ज्यादा पसंद हैं। बाजार की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए काफी काम की होती है।” जानिए कौन हैं अवनीश शर्मा?अवनीश शर्मा गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के रहने वाले हैं और पिछले 2 साल से दैनिक भास्कर ऐप के रेगुलर यूजर हैं। वह रोज न्यूज पढ़ते हैं और खुद को अपडेट रखते हैं। इसी आदत ने उन्हें इस कॉन्टेस्ट का विजेता बना दिया। उन्होंने बताया, “ऐप पर क्विज़ कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा ट्राय करता हूं। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए और बाद में पता चला कि मेरा नाम इनाम के लिए चुना गया है। वॉशिंग मशीन मिलना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है।” बिजनेस न्यूज की मिलती है सटीक जानकारी अवनीश ने बताया कि ऐप पर करंट अफेयर्स के साथ-साथ बिजनेस न्यूज लगातार अपडेट होती रहती है। वह बोले यह ऐप खासकर व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद है। शेयर बाजार और बिजनेस की जानकारी समय पर मिलती है, जिससे काम में मदद मिलती है और फैसले लेना आसान होता है। उन्होंने कहा, “गोरखपुर की लोकल न्यूज से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट तक सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय भी बचता है और मैं हमेशा अपडेट रहता हूं। साथ ही, नोटिफिकेशन फीचर से बड़ी खबरों की जानकारी तुरंत मिल जाती है। कोई भी जरूरी न्यूज मिस नहीं होती।”
पलवल में ऑनलाइन निवेश कर मोटा मुनाफा देने के झांसे में आकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी मार्च माह में की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार के अनुसार, पलवल निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत में बताया कि एक व्यक्ति ने उसे ‘अल्फा एलायंस आर्बिट्रेज ट्रेडिंग’ और ‘वेल्थ क्लब जी-10’ नामक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। इन ग्रुपों को संचालित करने वाले लोग खुद को विदेशी संस्थागत निवेशक और शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते थे। उन्होंने कई सप्ताह तक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया और फोन में ‘मार्क सीएम’ नामक ऐप इंस्टॉल कराया, जिसके माध्यम से निवेश और ट्रेडिंग कराई जाती थी। छोटे निवेश पर दिखाया मुनाफा, फिर बढ़ाई रकम शुरुआत में ठगों ने छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद दस प्रतिशत से लेकर तीन सौ प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर अधिक निवेश करने का दबाव बनाया। जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, पीड़ित को और अधिक लाभ दिखाया गया और उसे ‘शार्क क्लब जी-10’ जैसे अन्य ग्रुपों में भी शामिल किया गया। इस तरह पीड़ित से कुल तीन करोड़ पांच लाख पचास हजार रुपए ठग लिए गए। निकासी रोककर गायब हुए आरोपी पीड़ित ने बताया कि जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा। मना करने पर निकासी रोक दी गई और बाद में सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कई आरोपियों पर केस दर्ज, जांच जारी साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर एसीपी गोडसे, परेश चौकसी, डॉ. राजीव सिंह, कमल नाथ अंचल, अंसारी अनीस, वरुण शाह, पारस पारीख, अंजलि मुर्मू, संदीप कुमार, बराखी गुप्ता और हिमांशु सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये सभी वाट्सएप कॉल और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए संपर्क में थे। पीड़ित ने पुलिस को संदिग्धों के मोबाइल नंबर, चैट स्क्रीनशॉट और बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
एआई की होड़ ने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भारी दबाव बढ़ा दिया है। एआई में वे दूसरों से पीछे न रह जाएं इसके लिए अरबों डॉलर झोंक रही हैं। इससे लागत बढ़ रही है, जिसे घटाने के लिए कंपनियां वर्करों की छंटनी कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ नई कंपनियां भी लागत घटाने में जुट गई हैं। ओपन एआई सहित कई नई कंपनियां कड़े फैसले लेने जा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने संकेत दिया है कि वह एआई की योजनाओं में पैसा लगाने के लिए लागत में कटौती जारी रखेगी। मेटा ने एआई को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है। इसके साथ अमेजन,गूगल, टेस्ला, स्पेसएक्स भी एआई पर नया निवेश कर रही हैं। टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में कर्मचारियों की छंटनी पर नजर रखने वाली लेऑफ डॉट एफवाईआई के मुताबिक इस वर्ष 98 कंपनियों ने 92 हजार से अधिक कर्मचारी कम करने का इरादा जाहिर किया है। ओपन एआई ने बहुत बड़े खर्चीले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का विचार बदल दिया है। कंपनी ने खुद के डेटा सेंटर बनाने और चलाने की योजना छोड़ दी है। इसकी बजाय कंपनी मौजूदा क्लाउड कंपनियों से किराए पर सर्वर लेगी। इससे उसकी बैलेंस शीट पर थोड़ा असर पड़ेगा। फिर भी, 56 लाख करोड़ पए खर्च करने पड़ सकते हैं। दूसरी ओर कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। दरअसल, एंथ्रोपिक जैसे प्रतिद्वंद्वियों ने तकनीकी क्षमता में बढ़ोतरी की है। उसने नए मॉडल क्लॉड मायथोस से तकनीकी दबाव बढ़ाया है। इसके जवाब में ओपन एआई ने नया मॉडल जीपीटी-5.5 पेश किया है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार उसकी क्षमता अभी काफी कम है। चीनी एआई कंपनी डीपसीक ने नया ओपन-सोर्स मॉडल लाने की घोषणा की है। साफ, है एआई की यह दौड़ अब केवल तकनीक की नहीं, बल्कि पूंजी, प्रतिभा और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की लड़ाई बन चुकी है। नए टूल्स ने खर्च भी बढ़ाए हैं एआई कंपनियों पर उनके टूल्स की सफलता भी भारी पड़ रही है। ओपन एआई और एंथ्रोपिक ने यूजर की तरफ से टास्क निपटाने वाले अपने एजेंट टूल्स को जोरशोर से आगे बढ़ाया है। उन्हें नए सब्सक्राइबर तो मिले हैं पर इन टूल्स में कंप्यूटिंग पॉवर की अधिक खपत हो रही है, जिससे कंपनियों को दूसरी जगह पर लागत कम करना पड़ रही है। कर्मचारी हटाए जा रहे, एआई में भारी निवेश - माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका में अपने 7 फीसदी कर्मचारियों, खासकर सीनियर अधिकारियों को जल्द रिटायरमेंट का ऑफर दिया है। - मेटा ने अपने दस फीसदी (8हजार) कर्मचारी कम करने की घोषणा की है। - अमेजन एंथ्रोपिक पर 2.35 लाख करोड़ रुपए और निवेश कर रही है। गूगल 3.76 लाख करोड़ रुपए लगाएगी। - टेस्ला के इस साल एआई पर .35 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की संभावना है। इलोन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेस एक्स ने एआई स्टार्टअप कर्सर से करार किया है।
प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस्थित रूप से लागू करना और दोनों देशों के व्यवसायों को इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ दिलाना है।
ग्वालियर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 41 लाख रुपए की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने साइबर ठगों को कमीशन पर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। करीब 6 महीने पहले पिंटो पार्क क्षेत्र में बॉक्स फैक्ट्री संचालित करने वाले दुर्गाशंकर नागर को ई-मेल के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का ऑफर मिला। ठगों ने “गोल्ड DGM कॉइन फिक्स डॉट कॉम” नाम की फर्जी कंपनी में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। दुर्गाशंकर नागर ने भरोसा कर दो महीने के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया कि क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके बैंक खातों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं और पूछताछ जारी है। जांच में खुला फर्स्ट लेयर का राज, गाजियाबाद से करते थे ऑपरेट पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का हिस्सा सबसे पहले गाजियाबाद के “महादेव सर्जिकल” नाम के खाते में पहुंचा। यह खाता गाजियाबाद के रहने वाले आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा का जॉइंट अकाउंट था, जिसमें 10 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस देकर ग्वालियर बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद साइबर टीम गाजियाबाद में डेरा डालकर उनकी तलाश में जुटी रही। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर में जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने बिरला हॉस्पिटल के पास से दोनों को दबोच लिया। 1% कमीशन पर देते थे बैंक खाता, मुख्य गिरोह तक पहुंचने की कोशिश पूछताछ में दोनों भाइयों ने कबूल किया कि उन्होंने 1 प्रतिशत कमीशन पर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को दिया था। खाते की जांच में 1 करोड़ 68 लाख रुपए के अलग-अलग ट्रांजेक्शन सामने आए। हालांकि पुलिस को खाते में केवल 59 हजार रुपए ही बरामद हुए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब आदित्य और प्रियांशु को 2 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मनी ट्रेल खंगाल रही है, ताकि मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके। आशंका है कि यह गिरोह देशभर में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
उद्योगों के लिए नया ‘फॉर्मूला’:जितना निवेश उतनी जमीन, सर्विस सेक्टर लगा सकेंगे यूनिट
छत्तीसगढ़ को देश का औद्योगिक पावरहाउस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015’ में आमूलचूल संशोधन किए गए हैं इस नए बदलाव के तहत अब प्रदेश में उद्योगों को जमीन का आवंटन किसी अनुमान के बजाय सीधे तौर पर उनके निवेश से जोड़ दिया गया है। इस मास्टरस्ट्रोक के जरिए सरकार ने न केवल सर्विस सेक्टर के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के दरवाजे खोले हैं, बल्कि दशकों से उद्यमियों के गले की फांस बनी एप्रोच रोड की समस्या और छोटे प्लॉटों को आपस में जोड़ने की कानूनी अड़चनों को भी जड़ से खत्म कर दिया है। इन नए नियमों से अब नीलाम हुए उद्योगों को दोबारा शुरू करना और निरस्त पट्टों की बहाली करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत किए गए इन बदलावों से जहां एक ओर नए निवेशकों को जमीन मिलना आसान होगा, वहीं जमीन लेकर उसे खाली छोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी। नए नियमों के अनुसार, यदि तय समय में आवंटित जमीन का पूरा उपयोग नहीं किया गया, तो 10% प्रीमियम देकर केवल 6 महीने की मोहलत मिलेगी। इसके बाद भी जमीन खाली रहने पर सरकार निर्मित क्षेत्र के आधार पर शेष भूमि वापस ले लेगी या एकतरफा कब्जा कर लेगी। हालांकि, चालू इकाइयां अपनी अतिरिक्त भूमि सरेंडर कर सकती हैं, जिसे मूल आबंटी द्वारा सुझाए गए नए निवेशक को 100% प्रीमियम पर दिया जा सकेगा। इसके लिए मूल आबंटी को 20% अतिरिक्त विनियामक प्रभार देना होगा। नए नियमों की खास बातें निवेश के आधार पर तय हुई जमीन की अधिकतम सीमा उद्योगों की श्रेणी और उनके प्लांट-मशीनरी में निवेश के आधार पर जमीन का आवंटन तय कर दिया गया है: निर्धारित शुल्क देना होगाऔद्योगिक जमीन अब राज्य की औद्योगिक विकास नीति के तहत परिभाषित सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र) की इकाइयों को भी उनके स्वीकृत भूमि उपयोग के अनुसार औद्योगिक जमीन का आवंटन किया जा सकेगा। हालांकि, इन सर्विस सेक्टर की इकाइयों को लघु विनिर्माण उद्योग हेतु निर्धारित दरों का न्यूनतम 4 गुना या नीलामी दर (जो भी अधिक हो) चुकाना होगा। ट्रांसफर नियम आसान हुआबैंक या नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल- एनसीएलटी द्वारा नीलाम उद्योगों को खरीदने पर अब मात्र 10% ट्रांसफर फीस देनी होगी। संगठन का स्वरूप बदलने (जैसे प्रोपराइटरशिप से कंपनी) पर इसे तब तक ‘हस्तांतरण’ नहीं माना जाएगा, जब तक मूल प्रमोटर्स का हिस्सा 51% या अधिक रहे। लीज निरस्त होने पर 25% शुल्क देकर पट्टा बहाल कराया जा सकेगा। बहाली के बाद 5 साल तक जमीन हस्तांतरण पर रोक रहेगी। इसी तरह उद्योगपतियों के प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, तो एप्रोच रोड के लिए अलग से जमीन पट्टे पर मिलेगी। इसके लिए लघु उद्योगों की दर का 4 गुना या नीलामी दर देय होगी। साथ ही, अब पास-पास स्थित दो या अधिक प्लॉट्स का एकीकरण भी कराया जा सकेगा।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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