खप्पर योग से बदलेगी किस्मत: इन 4 राशियों पर बरसेगी सफलता और धन की वर्षा
Khappar Yoga 2026: खप्पर योग 3 तरीके से बनता है, पहला एक ही राशि में क्रूर ग्रहों की युति, दूसरा जब एक ही माह में 5 मंगलवार, शनिवार या रविवार पड़ें और तीसरा जब अमावस्या के साथ संक्रांति हो। वर्तमान में मीन में क्रूर ग्रहों का जमावड़ा है इसलिए खप्पर योग का प्रभाव प्रारंभ हो गया है परंतु 17 मई से जब ज्येष्ठ माह लगेगा जिसमें 5 मंगलवार, शनिवार या रविवार पड़ रहे हैं तब इसका स्पष्ट प्रभाव प्रारंभ होगा। इसी माह में 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के साथ मिथुन संक्रांति का योग बनेगा तब यह चरम पर रहेगा। यह मानकर चले कि मई और जून दो माह तक इस योग का असर रहेगा। हलांकि इस योग से 4 राशियों को बहुत फायदा होगा। वर्ष 2026 में कब रहेगा खप्पर योग: मई जून: मई और जून के मध्य में रहेगा खप्पर योग। पांच वार: इस दौरान ज्येष्ठ माह में पांच शुक्रवार, पांच शनिवार और पांच सोमवार रहेंगे। दिनांक: 1 मई से 29 जून के बीच रहेगा खप्पर योग। इसमें पांच शनिवार का योग बन रहा है। 1. मेष राशि: पराक्रम से फतह तक मंगल के स्वामित्व वाली मेष राशि के लिए यह समय अजेय बनने का है। खप्पर योग की ऊर्जा आपके भीतर एक नया आत्मविश्वास भरेगी। रुके हुए कार्य: जो प्रोजेक्ट महीनों से फाइलों में दबे थे, अब वे बिजली की गति से पूरे होंगे। कानूनी विजय: कोर्ट-कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आने की प्रबल संभावना है। शत्रु नाश: आपकी सक्रियता और साहस के आगे विरोधियों की चालें धरी की धरी रह जाएंगी। 2. सिंह राशि: सत्ता के शिखर पर दस्तक सूर्य की तरह चमकने का समय आ गया है। सिंह राशि वालों के लिए यह योग सामाजिक और राजनैतिक उत्थान लेकर आ रहा है। बड़ी जिम्मेदारी: यदि आप लीडरशिप या मैनेजमेंट में हैं, तो कोई महत्वपूर्ण पद आपका इंतजार कर रहा है। सामाजिक रुतबा: समाज में आपकी साख बढ़ेगी और आपके निर्णयों को 'पत्थर की लकीर' माना जाएगा। 3. वृश्चिक राशि: धन और वैभव का आगमन वृश्चिक राशि के जातकों के लिए खप्पर योग 'कुबेर का खजाना' साबित हो सकता है। यहाँ लाभ की संभावनाएं अप्रत्याशित हैं। अचानक धन लाभ: पुराने निवेश, शेयर बाजार या पैतृक संपत्ति से धन की ऐसी आवक होगी जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। पारिवारिक सुलह: संपत्ति को लेकर चल रही पुरानी रंजिशें अब समझदारी के साथ समाप्त होंगी, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। 4. धनु राशि: सौभाग्य और लंबी छलांग गुरु की कृपा और खप्पर योग का साथ धनु राशि वालों को दूरदर्शी और सफल बनाएगा। ग्लोबल सफलता: यदि आप विदेश जाने या अंतरराष्ट्रीय व्यापार बढ़ाने की सोच रहे हैं, तो यह सबसे सटीक समय है। मानसिक स्पष्टता: अध्यात्म की ओर बढ़ता झुकाव आपको कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की अद्भुत शक्ति प्रदान करेगा।
कैथल में निवेश के नाम पर 32.55 लाख हड़पे:मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया, दो पर केस
कैथल में एक कंपनी में रुपए निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर दो आरोपियों ने एक व्यक्ति से करीब 32 लाख 55 हजार रुपए हड़प लिए। आरोपियों ने उसको हर महीने लाभ होने का आश्वासन दिया था। इस संबंध में व्यक्ति ने ढांड थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नोएडा की कंपनी गांव बरोट निवासी सुनील कुमार ने ढांड थाना में दी शिकायत में बताया कि मेसर्स व्यूनो मार्केटिंग सर्विसेज लिमिटेड नोएडा गौतम बुद्ध नगर उत्तर प्रदेश के उसके सीईओ सुखविंदर सिंह खरोद व गांव मलिकपुर जिला कैथल निवासी विकास करीब एक साल पहले उसके पास आए। उसे आश्वासन दिया कि यदि वह उनके दिशानिर्देशों के अनुसार पैसा निवेश करता है तो उसे अधिक लाभ होगा। 32 लाख 54 हजार 848 रुपए का भुगतान करवाया मार्च 2024 में आरोपियों ने उससे अपनी कंपनी में 32 लाख 54 हजार 848 रुपए का भुगतान करवा लिया और कहा कि समझौता 10 वर्ष के लिए वैध है। रुपए लेने के बाद शुरू में तो आरोपियों ने उसे मासिक किराया दिया, लेकिन बाद में टाम मटौल करने लगे। जब उसने आरोपियों से अपने रुपए वापस मांगे तो वे साफ मना कर गए। उसे जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायतकर्ता ने कहा कि ऐसा करके आरोपियों ने उसे साथ धोखाधड़ी की है। ढांड थाना के जांच अधिकारी नायब सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट, पॉलीहाउस को बढ़ावा देने के लिए निवेश की अपील
डूंगरपुर| ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट के तहत उद्यानिकी में निवेश बढ़ाने के लिए संभावित निवेशकों व उद्यमियों की पहचान कर सरकार के साथ एमओयू करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों के निवेशकों से संपर्क स्थापित कर उन्हें राज निवेश पोर्टल पर पंजीकरण कर निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तैयार एमओयू की अंतिम सूची 4 मई तक विभाग को भेजी जाएगी। यह जानकारी उप निदेशक उद्यान विकास कुमार चेचानी ने दी।
निवेश के नाम पर 70 लाख ठगे, फर्जी दस्तावेजों से रचा खेल
भास्कर न्यूज |लुधियाना निवेश के नाम पर 70 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। फिरोज गांधी मार्केट निवासी संदीप शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह यूएमएमपीएल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। आरोप है कि मोहित कुमार साहू ने खुद को एक ब्रॉडकास्टिंग कंपनी से जुड़ा बताकर चैनल में निवेश करवाने का झांसा दिया। 23 दिसंबर 2025 को हुए एग्रीमेंट के तहत उसने करीब 70 लाख रुपए हासिल कर लिए। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं और फर्जी दस्तावेज तैयार कर सौदे को विश्वसनीय बनाया। पैसे लेने के बाद आरोपी ने अपनी अलग कंपनी शुरू कर खुद को आर्थिक लाभ पहुंचाया, जबकि निवेशक को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पुलिस जांच में भी सामने आया है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी की वारदात को अंजाम दिया। थाना डिवीजन-5 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पाकिस्तान में निवेश की समीक्षा कर रही यूएई की टेलीकॉम कंपनी ‘एतिसलात’, बाहर निकलने की अटकलें तेज
यूएई की बड़ी टेलीकॉम कंपनी 'एतिसलात' पाकिस्तान में अपने निवेश की समीक्षा कर रही है। माना जा रहा है कि 'एतिसलात' पीटीसीएल (पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन कंपनी लिमिटेड) से बाहर निकल सकती है।
लुधियाना में निवेश के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। थाना डिवीजन नंबर 5 की पुलिस ने एक कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। शिकायत में संदीप शर्मा, डायरेक्टर, यूएमएमपीएल मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड, निवासी फिरोज गांधी मार्केट, लुधियाना ने आरोप लगाया कि आरोपी मोहित कुमार साहू ने खुद को एक ब्रॉडकास्टिंग कंपनी से जुड़ा बताते हुए चैनल से संबंधित इन्वेस्टमेंट करवाने का झांसा दिया। 23 दिसंबर 2025 को हुआ था 70 लाख का समझौता शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने 23 दिसंबर 2025 को हुए समझौते के तहत करीब 70 लाख रुपये हासिल किए। आरोप है कि आरोपी ने हरियाणा सरकार के संबंधित विभाग से जुड़े तथ्यों को छिपाकर और झूठे दस्तावेज तैयार कर उन्हें गुमराह किया। शिकायतकर्ता को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया इसके बाद अपनी कंपनी का बिजनेस शुरू कर खुद को अवैध आर्थिक लाभ पहुंचाया, जबकि शिकायतकर्ता को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हेरफेर कर पूरे मामले को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 406, 420, 465, 468, 471 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए रेड की जा रही है।
मेष राशि में बुद्धादित्य योग; बुध का गोचर, वहां सूर्य पहले से मौजूद... गर्मी से सेहत को खतरा
जयपुर | ग्रहों के राजकुमार ‘बुध’ ने गुरुवार को मीन राशि से निकलकर मंगल की राशि मेष में प्रवेश कर लिया है। यहां ग्रहों के राजा सूर्य पहले से ही विराजमान हैं, जिससे मेष राशि में ‘बुधादित्य राजयोग’ का निर्माण हो रहा है। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास के अनुसार, मंगल और बुध के मध्य शत्रुता का भाव होने से यह गोचर राजनीति, व्यापार और स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। बुध पेट व नसों के कारक हैं, अतः इस परिवर्तन से पेट और नसों संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। सूर्य के साथ युति होने से शरीर में पित्त (गर्मी) की अधिकता, स्किन इन्फेक्शन और पेट की बीमारियां होने की आशंका है। आर्थिक दृष्टि से शेयर बाजार में तेजी आएगी और निवेश से जुड़े लोगों के लिए समय शुभ रहेगा। बाजार में खरीदारी बढ़ेगी और सोना-चांदी जैसी धातुओं के दाम कम हो सकते हैं। ज्योतिषाचार्य ने अचानक मौसमी बदलाव और धार्मिक स्थलों पर किसी दुर्घटना के प्रति भी सचेत किया है।
गोरखपुर के रहने वाले अवनीश शर्मा ने दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित क्विज़ कॉन्टेस्ट में सभी सवालों के सही जवाब देकर ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन अपने नाम की है। इनाम मिलने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। अवनीश ने कहा कि यह उनके लिए बड़ा सरप्राइज था और उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अवनीश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 2 साल से ऐप का रेगुलर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं रोज ऐप पर न्यूज पढ़ता हूं, लेकिन मुझे इसमें शेयर बाजार की लाइव अपडेट और बिजनेस से जुड़ी खबरें सबसे ज्यादा पसंद हैं। बाजार की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए काफी काम की होती है।” जानिए कौन हैं अवनीश शर्मा?अवनीश शर्मा गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के रहने वाले हैं और पिछले 2 साल से दैनिक भास्कर ऐप के रेगुलर यूजर हैं। वह रोज न्यूज पढ़ते हैं और खुद को अपडेट रखते हैं। इसी आदत ने उन्हें इस कॉन्टेस्ट का विजेता बना दिया। उन्होंने बताया, “ऐप पर क्विज़ कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा ट्राय करता हूं। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए और बाद में पता चला कि मेरा नाम इनाम के लिए चुना गया है। वॉशिंग मशीन मिलना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है।” बिजनेस न्यूज की मिलती है सटीक जानकारी अवनीश ने बताया कि ऐप पर करंट अफेयर्स के साथ-साथ बिजनेस न्यूज लगातार अपडेट होती रहती है। वह बोले यह ऐप खासकर व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद है। शेयर बाजार और बिजनेस की जानकारी समय पर मिलती है, जिससे काम में मदद मिलती है और फैसले लेना आसान होता है। उन्होंने कहा, “गोरखपुर की लोकल न्यूज से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट तक सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय भी बचता है और मैं हमेशा अपडेट रहता हूं। साथ ही, नोटिफिकेशन फीचर से बड़ी खबरों की जानकारी तुरंत मिल जाती है। कोई भी जरूरी न्यूज मिस नहीं होती।”
भारत को टेक्नोलॉजी और निवेश में आगे बढ़ने के लिए वैश्विक पार्टनरशिप जरूरी: निवृत्ति राय
इन्वेस्ट इंडिया की प्रबंध निदेशक और सीईओ निवृत्ति राय ने भारत की आर्थिक वृद्धि, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और निवेश के अवसरों को लेकर बातचीत की
बिकवाली के दबाव में Share Bazaar में आई गिरावट, Sensex 583 अंक लुढ़का, Nifty भी आया 24000 के नीचे
Share Market Update News : कच्चे तेल के ऊंचे स्तर, कमजोर वैश्विक रुख और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भारतीय शेयर बाजार आज गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 582.86 अंक यानी 0.75 प्रतिशत लुढ़ककर 76,913.50 अंक पर ...
ट्रंप के इस बयान से Share Bazaar में बड़ी गिरावट, Sensex 1200 अंक लुढ़का, Nifty भी 24 हजार के नीचे
Share Market Update News : बुधवार की तेजी के बाद आज शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। सेंसेक्स सुबह 1200 अंक से ज्यादा गिर गया, वहीं निफ्टी भी 300 अंक से ज्यादा लुढ़क गया। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 1,206.75 (-1.56%) अंकों की गिरावट के साथ ...
जमुई में जिला प्रशासन और बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (BIA) ने एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम अद्भुत जमुई पर्यटन एवं उद्योग विकास की नई दिशा का आयोजन किया। बुधवार को समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में हुए इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों, निवेशकों और अधिकारियों ने जिले को एक उभरते औद्योगिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर चर्चा की। 70 के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन क्षेत्र BIA के अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जमुई की समृद्ध विरासत और खनिज संपदा को जिले की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि सत्तर के दशक का 'स्लीपिंग टाउन' अब पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने के लिए तैयार है। सिंह ने हेरिटेज, विलेज और एडवेंचर टूरिज्म की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कुकुरझप डैम पर रोपवे निर्माण, पर्यटन स्थलों पर साइनेज लगाने और स्थानीय युवाओं को टूरिस्ट गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने होम-स्टे योजना के तहत मिलने वाले ऋण का लाभ उठाने की भी अपील की। BIA के पूर्व अध्यक्ष संजय गोयनका ने औद्योगिक निवेश के लिए सरकार की नीतियों और बैंकिंग सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जमुई में लगभग 7100 करोड़ रुपये के निवेश की योजना तैयार है, और कुछ परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क गोयनका ने होटल उद्योग, सैटेलाइट सिटी और इको-टूरिज्म पार्क के लिए भूमि अधिग्रहण में मिल रही रियायतों को निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर बताया। एक अन्य पूर्व अध्यक्ष के.पी. केशरी ने जमुई की भौगोलिक स्थिति को इसकी बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि देवघर और कोलकाता के निकट होने के कारण यह एक महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र बन सकता है। जिला नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त-DM जिला पदाधिकारी ने अपने संबोधन में जमुई को 'बिहार का कोहिनूर' बताया। उन्होंने कहा कि यह जिला अब नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। जिला पदाधिकारी ने सिमुलतला में वेलनेस सेंटर स्थापित करने और जिले के समग्र विकास के लिए तेजी से कार्य करने की बात भी कही। कार्यक्रम के अंत में यह निष्कर्ष निकला कि प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण जमुई निवेश और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पलवल में ऑनलाइन निवेश कर मोटा मुनाफा देने के झांसे में आकर एक सर्राफा व्यापारी से करीब तीन करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। यह ठगी मार्च माह में की गई थी। साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार के अनुसार, पलवल निवासी विक्रम सिंह ने शिकायत में बताया कि एक व्यक्ति ने उसे ‘अल्फा एलायंस आर्बिट्रेज ट्रेडिंग’ और ‘वेल्थ क्लब जी-10’ नामक वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया। इन ग्रुपों को संचालित करने वाले लोग खुद को विदेशी संस्थागत निवेशक और शेयर बाजार विशेषज्ञ बताते थे। उन्होंने कई सप्ताह तक ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया और फोन में ‘मार्क सीएम’ नामक ऐप इंस्टॉल कराया, जिसके माध्यम से निवेश और ट्रेडिंग कराई जाती थी। छोटे निवेश पर दिखाया मुनाफा, फिर बढ़ाई रकम शुरुआत में ठगों ने छोटे निवेश पर अच्छा मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता। इसके बाद दस प्रतिशत से लेकर तीन सौ प्रतिशत तक रिटर्न का लालच देकर अधिक निवेश करने का दबाव बनाया। जैसे-जैसे निवेश की राशि बढ़ती गई, पीड़ित को और अधिक लाभ दिखाया गया और उसे ‘शार्क क्लब जी-10’ जैसे अन्य ग्रुपों में भी शामिल किया गया। इस तरह पीड़ित से कुल तीन करोड़ पांच लाख पचास हजार रुपए ठग लिए गए। निकासी रोककर गायब हुए आरोपी पीड़ित ने बताया कि जब उसने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा कराने को कहा। मना करने पर निकासी रोक दी गई और बाद में सभी आरोपियों ने संपर्क बंद कर दिया। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने तुरंत साइबर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कई आरोपियों पर केस दर्ज, जांच जारी साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर एसीपी गोडसे, परेश चौकसी, डॉ. राजीव सिंह, कमल नाथ अंचल, अंसारी अनीस, वरुण शाह, पारस पारीख, अंजलि मुर्मू, संदीप कुमार, बराखी गुप्ता और हिमांशु सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। ये सभी वाट्सएप कॉल और अलग-अलग मोबाइल नंबरों के जरिए संपर्क में थे। पीड़ित ने पुलिस को संदिग्धों के मोबाइल नंबर, चैट स्क्रीनशॉट और बैंक लेनदेन से जुड़े दस्तावेज सौंपे हैं। पुलिस अब इन साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।
एआई की होड़ ने बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों पर भारी दबाव बढ़ा दिया है। एआई में वे दूसरों से पीछे न रह जाएं इसके लिए अरबों डॉलर झोंक रही हैं। इससे लागत बढ़ रही है, जिसे घटाने के लिए कंपनियां वर्करों की छंटनी कर रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ-साथ नई कंपनियां भी लागत घटाने में जुट गई हैं। ओपन एआई सहित कई नई कंपनियां कड़े फैसले लेने जा रही हैं। माइक्रोसॉफ्ट ने संकेत दिया है कि वह एआई की योजनाओं में पैसा लगाने के लिए लागत में कटौती जारी रखेगी। मेटा ने एआई को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाया है। इसके साथ अमेजन,गूगल, टेस्ला, स्पेसएक्स भी एआई पर नया निवेश कर रही हैं। टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में कर्मचारियों की छंटनी पर नजर रखने वाली लेऑफ डॉट एफवाईआई के मुताबिक इस वर्ष 98 कंपनियों ने 92 हजार से अधिक कर्मचारी कम करने का इरादा जाहिर किया है। ओपन एआई ने बहुत बड़े खर्चीले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का विचार बदल दिया है। कंपनी ने खुद के डेटा सेंटर बनाने और चलाने की योजना छोड़ दी है। इसकी बजाय कंपनी मौजूदा क्लाउड कंपनियों से किराए पर सर्वर लेगी। इससे उसकी बैलेंस शीट पर थोड़ा असर पड़ेगा। फिर भी, 56 लाख करोड़ पए खर्च करने पड़ सकते हैं। दूसरी ओर कड़ी प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। दरअसल, एंथ्रोपिक जैसे प्रतिद्वंद्वियों ने तकनीकी क्षमता में बढ़ोतरी की है। उसने नए मॉडल क्लॉड मायथोस से तकनीकी दबाव बढ़ाया है। इसके जवाब में ओपन एआई ने नया मॉडल जीपीटी-5.5 पेश किया है। हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार उसकी क्षमता अभी काफी कम है। चीनी एआई कंपनी डीपसीक ने नया ओपन-सोर्स मॉडल लाने की घोषणा की है। साफ, है एआई की यह दौड़ अब केवल तकनीक की नहीं, बल्कि पूंजी, प्रतिभा और टिकाऊ बिजनेस मॉडल की लड़ाई बन चुकी है। नए टूल्स ने खर्च भी बढ़ाए हैं एआई कंपनियों पर उनके टूल्स की सफलता भी भारी पड़ रही है। ओपन एआई और एंथ्रोपिक ने यूजर की तरफ से टास्क निपटाने वाले अपने एजेंट टूल्स को जोरशोर से आगे बढ़ाया है। उन्हें नए सब्सक्राइबर तो मिले हैं पर इन टूल्स में कंप्यूटिंग पॉवर की अधिक खपत हो रही है, जिससे कंपनियों को दूसरी जगह पर लागत कम करना पड़ रही है। कर्मचारी हटाए जा रहे, एआई में भारी निवेश - माइक्रोसॉफ्ट ने अमेरिका में अपने 7 फीसदी कर्मचारियों, खासकर सीनियर अधिकारियों को जल्द रिटायरमेंट का ऑफर दिया है। - मेटा ने अपने दस फीसदी (8हजार) कर्मचारी कम करने की घोषणा की है। - अमेजन एंथ्रोपिक पर 2.35 लाख करोड़ रुपए और निवेश कर रही है। गूगल 3.76 लाख करोड़ रुपए लगाएगी। - टेस्ला के इस साल एआई पर .35 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की संभावना है। इलोन मस्क की रॉकेट कंपनी स्पेस एक्स ने एआई स्टार्टअप कर्सर से करार किया है।
प्रमुख उद्योग संगठन एसोचैम ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड व्यापार परिषद (आईएनजेडबीसी) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत उद्योगों से जुड़े कदमों को व्यवस्थित रूप से लागू करना और दोनों देशों के व्यवसायों को इस समझौते से मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ दिलाना है।
ग्वालियर में क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 1 करोड़ 41 लाख रुपए की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने साइबर ठगों को कमीशन पर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराया था। करीब 6 महीने पहले पिंटो पार्क क्षेत्र में बॉक्स फैक्ट्री संचालित करने वाले दुर्गाशंकर नागर को ई-मेल के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का ऑफर मिला। ठगों ने “गोल्ड DGM कॉइन फिक्स डॉट कॉम” नाम की फर्जी कंपनी में निवेश पर मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया। दुर्गाशंकर नागर ने भरोसा कर दो महीने के भीतर अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 41 लाख 17 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए, लेकिन उन्हें कोई मुनाफा नहीं मिला। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीएसपी क्राइम मनीष यादव ने बताया कि क्रिप्टो निवेश के नाम पर हुई ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके बैंक खातों में बड़े पैमाने पर संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले हैं और पूछताछ जारी है। जांच में खुला फर्स्ट लेयर का राज, गाजियाबाद से करते थे ऑपरेट पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम का हिस्सा सबसे पहले गाजियाबाद के “महादेव सर्जिकल” नाम के खाते में पहुंचा। यह खाता गाजियाबाद के रहने वाले आदित्य शर्मा और प्रियांशु शर्मा का जॉइंट अकाउंट था, जिसमें 10 लाख 50 हजार रुपए ट्रांसफर हुए थे। पुलिस ने आरोपियों को नोटिस देकर ग्वालियर बुलाया, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद साइबर टीम गाजियाबाद में डेरा डालकर उनकी तलाश में जुटी रही। इसी बीच सूचना मिली कि आरोपी ग्वालियर में जमानत लेने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने बिरला हॉस्पिटल के पास से दोनों को दबोच लिया। 1% कमीशन पर देते थे बैंक खाता, मुख्य गिरोह तक पहुंचने की कोशिश पूछताछ में दोनों भाइयों ने कबूल किया कि उन्होंने 1 प्रतिशत कमीशन पर अपना बैंक खाता साइबर ठगों को दिया था। खाते की जांच में 1 करोड़ 68 लाख रुपए के अलग-अलग ट्रांजेक्शन सामने आए। हालांकि पुलिस को खाते में केवल 59 हजार रुपए ही बरामद हुए हैं। इस मामले में पुलिस पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब आदित्य और प्रियांशु को 2 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस मनी ट्रेल खंगाल रही है, ताकि मुख्य साइबर ठगों तक पहुंचा जा सके। आशंका है कि यह गिरोह देशभर में कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है।
उद्योगों के लिए नया ‘फॉर्मूला’:जितना निवेश उतनी जमीन, सर्विस सेक्टर लगा सकेंगे यूनिट
छत्तीसगढ़ को देश का औद्योगिक पावरहाउस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015’ में आमूलचूल संशोधन किए गए हैं इस नए बदलाव के तहत अब प्रदेश में उद्योगों को जमीन का आवंटन किसी अनुमान के बजाय सीधे तौर पर उनके निवेश से जोड़ दिया गया है। इस मास्टरस्ट्रोक के जरिए सरकार ने न केवल सर्विस सेक्टर के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के दरवाजे खोले हैं, बल्कि दशकों से उद्यमियों के गले की फांस बनी एप्रोच रोड की समस्या और छोटे प्लॉटों को आपस में जोड़ने की कानूनी अड़चनों को भी जड़ से खत्म कर दिया है। इन नए नियमों से अब नीलाम हुए उद्योगों को दोबारा शुरू करना और निरस्त पट्टों की बहाली करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत किए गए इन बदलावों से जहां एक ओर नए निवेशकों को जमीन मिलना आसान होगा, वहीं जमीन लेकर उसे खाली छोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी। नए नियमों के अनुसार, यदि तय समय में आवंटित जमीन का पूरा उपयोग नहीं किया गया, तो 10% प्रीमियम देकर केवल 6 महीने की मोहलत मिलेगी। इसके बाद भी जमीन खाली रहने पर सरकार निर्मित क्षेत्र के आधार पर शेष भूमि वापस ले लेगी या एकतरफा कब्जा कर लेगी। हालांकि, चालू इकाइयां अपनी अतिरिक्त भूमि सरेंडर कर सकती हैं, जिसे मूल आबंटी द्वारा सुझाए गए नए निवेशक को 100% प्रीमियम पर दिया जा सकेगा। इसके लिए मूल आबंटी को 20% अतिरिक्त विनियामक प्रभार देना होगा। नए नियमों की खास बातें निवेश के आधार पर तय हुई जमीन की अधिकतम सीमा उद्योगों की श्रेणी और उनके प्लांट-मशीनरी में निवेश के आधार पर जमीन का आवंटन तय कर दिया गया है: निर्धारित शुल्क देना होगाऔद्योगिक जमीन अब राज्य की औद्योगिक विकास नीति के तहत परिभाषित सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र) की इकाइयों को भी उनके स्वीकृत भूमि उपयोग के अनुसार औद्योगिक जमीन का आवंटन किया जा सकेगा। हालांकि, इन सर्विस सेक्टर की इकाइयों को लघु विनिर्माण उद्योग हेतु निर्धारित दरों का न्यूनतम 4 गुना या नीलामी दर (जो भी अधिक हो) चुकाना होगा। ट्रांसफर नियम आसान हुआबैंक या नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल- एनसीएलटी द्वारा नीलाम उद्योगों को खरीदने पर अब मात्र 10% ट्रांसफर फीस देनी होगी। संगठन का स्वरूप बदलने (जैसे प्रोपराइटरशिप से कंपनी) पर इसे तब तक ‘हस्तांतरण’ नहीं माना जाएगा, जब तक मूल प्रमोटर्स का हिस्सा 51% या अधिक रहे। लीज निरस्त होने पर 25% शुल्क देकर पट्टा बहाल कराया जा सकेगा। बहाली के बाद 5 साल तक जमीन हस्तांतरण पर रोक रहेगी। इसी तरह उद्योगपतियों के प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, तो एप्रोच रोड के लिए अलग से जमीन पट्टे पर मिलेगी। इसके लिए लघु उद्योगों की दर का 4 गुना या नीलामी दर देय होगी। साथ ही, अब पास-पास स्थित दो या अधिक प्लॉट्स का एकीकरण भी कराया जा सकेगा।
आगरा में हुआ इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट का आयोजन, आगरा का विश्व की शू कैपिटल के रूप में हुआ लांच, निर्यात और निवेश के नए युग की शुरुआतभारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।
हिसार जिले के अग्रोहा धाम में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में देश के विभिन्न शहरों—हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से आए प्रतिनिधियों ने भाग लेकर समाज और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बजरंग गर्ग ने सरकार से अग्रोहा में टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित करने की मांग की। महाराजा अग्रसेन की नीतियों को पहुंचाने का कार्य बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम देश व प्रदेश में अपनी इकाइयों का लगातार विस्तार कर रहा है और महाराजा अग्रसेन जी की नीतियों व आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने अपने समय में समाजवाद की भावना को बढ़ावा देते हुए जरूरतमंदों को सहयोग देने और समाज को सशक्त बनाने का मार्ग दिखाया था, जिस पर अग्रवाल समाज आज भी चल रहा है। व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में योगदान उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने न केवल देश बल्कि विदेशों में भी व्यापार व उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और भारत का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाई है। समाज के लोगों ने मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, स्कूल, धर्मशालाएं, मंदिर व गौशालाओं के निर्माण के माध्यम से सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन की मांग बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अग्रोहा व हरियाणा के समग्र विकास के लिए यहां टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो देशभर से वैश्य समाज के व्यापारी अग्रोहा में करोड़ों-अरबों रुपये का निवेश करने के लिए तैयार हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को अग्रोहा के विकास की ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तुरंत प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए।
रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में बनाए जा रहे इंडस्ट्रीज कॉरिडोर (निवेश क्षेत्र) को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। 26 अप्रैल (रविवार) को बड़े स्तर पर विरोध को लेकर महापंचायत की जा रही है। इस महापंचायत में चार राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस वे के पास पलसोड़ी क्षेत्र में 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में निवेश क्षेत्र बन रहा है। कई कंपनियों ने यहां पर काम शुरू कर दिया है। निवेश क्षेत्र की जमीन पर पलसोड़ी समेत 5 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाना है। इसे लेकर ग्रामीण 3 अप्रैल से विरोध स्वरूप धरना दे रहे हैं। धरने में पहले दिन सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा समेत अन्य बाप पार्टी व जयस व कांग्रेस के नेताओं द्वारा शामिल होकर विरोध किया गया। आदिवासी परिवार के बैनर तले महापंचायत धरने के 24वें दिन रविवार को पलसोड़ी के हायर सेकंडरी स्कूल में सुबह 11 बजे से आदिवासी परिवार के बैनर तले चार राज्यों के प्रतिनिधियों व सामाजिक लोगों की महापंचायत रखी गई है। दावा किया है कि इस महापंचायत में प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन गांवों की जमीनों का होना है अधिग्रहण बिबड़ौद, सरवनीखुर्द, जुनवानिया, रामपुरिया, पलसोड़ी में रह रहे लोगों की जमीन निवेश क्षेत्र में आ रही है। जो लोग रह रहे हैं उनके पास किसी प्रकार के जमीन संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है। ग्रामीणों कहना है कि हमारी पुश्तैनी जमीन है। इसी जमीन पर खेती कर परिवार का पालन पोषण करते है। ऐसे में हमें हटा देंगे तो हम कहां जाएंगे। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा संयोजक दिनेश माल ने बताया पूर्व में पलसोड़ी ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा रख कर निवेश क्षेत्र में किए जा रहे कामों को लेकर आपत्ति जताई थी। प्रशासन को भी आपत्ति से अवगत कराया गया। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जो सालों से रह रहे है उन्हे कैसे हटाया जा सकता है। रविवार को चार राज्यों के प्रतिनिदियों की महापंचायत की जा रही है।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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