उद्योगों के लिए नया ‘फॉर्मूला’:जितना निवेश उतनी जमीन, सर्विस सेक्टर लगा सकेंगे यूनिट
छत्तीसगढ़ को देश का औद्योगिक पावरहाउस बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा नीतिगत बदलाव किया है। वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी नए गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, ‘छत्तीसगढ़ औद्योगिक भूमि एवं भवन प्रबंधन नियम, 2015’ में आमूलचूल संशोधन किए गए हैं इस नए बदलाव के तहत अब प्रदेश में उद्योगों को जमीन का आवंटन किसी अनुमान के बजाय सीधे तौर पर उनके निवेश से जोड़ दिया गया है। इस मास्टरस्ट्रोक के जरिए सरकार ने न केवल सर्विस सेक्टर के लिए औद्योगिक क्षेत्रों के दरवाजे खोले हैं, बल्कि दशकों से उद्यमियों के गले की फांस बनी एप्रोच रोड की समस्या और छोटे प्लॉटों को आपस में जोड़ने की कानूनी अड़चनों को भी जड़ से खत्म कर दिया है। इन नए नियमों से अब नीलाम हुए उद्योगों को दोबारा शुरू करना और निरस्त पट्टों की बहाली करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और सस्ता हो जाएगा। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के तहत किए गए इन बदलावों से जहां एक ओर नए निवेशकों को जमीन मिलना आसान होगा, वहीं जमीन लेकर उसे खाली छोड़ने वालों पर सख्ती की जाएगी। नए नियमों के अनुसार, यदि तय समय में आवंटित जमीन का पूरा उपयोग नहीं किया गया, तो 10% प्रीमियम देकर केवल 6 महीने की मोहलत मिलेगी। इसके बाद भी जमीन खाली रहने पर सरकार निर्मित क्षेत्र के आधार पर शेष भूमि वापस ले लेगी या एकतरफा कब्जा कर लेगी। हालांकि, चालू इकाइयां अपनी अतिरिक्त भूमि सरेंडर कर सकती हैं, जिसे मूल आबंटी द्वारा सुझाए गए नए निवेशक को 100% प्रीमियम पर दिया जा सकेगा। इसके लिए मूल आबंटी को 20% अतिरिक्त विनियामक प्रभार देना होगा। नए नियमों की खास बातें निवेश के आधार पर तय हुई जमीन की अधिकतम सीमा उद्योगों की श्रेणी और उनके प्लांट-मशीनरी में निवेश के आधार पर जमीन का आवंटन तय कर दिया गया है: निर्धारित शुल्क देना होगाऔद्योगिक जमीन अब राज्य की औद्योगिक विकास नीति के तहत परिभाषित सर्विस सेक्टर (सेवा क्षेत्र) की इकाइयों को भी उनके स्वीकृत भूमि उपयोग के अनुसार औद्योगिक जमीन का आवंटन किया जा सकेगा। हालांकि, इन सर्विस सेक्टर की इकाइयों को लघु विनिर्माण उद्योग हेतु निर्धारित दरों का न्यूनतम 4 गुना या नीलामी दर (जो भी अधिक हो) चुकाना होगा। ट्रांसफर नियम आसान हुआबैंक या नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल- एनसीएलटी द्वारा नीलाम उद्योगों को खरीदने पर अब मात्र 10% ट्रांसफर फीस देनी होगी। संगठन का स्वरूप बदलने (जैसे प्रोपराइटरशिप से कंपनी) पर इसे तब तक ‘हस्तांतरण’ नहीं माना जाएगा, जब तक मूल प्रमोटर्स का हिस्सा 51% या अधिक रहे। लीज निरस्त होने पर 25% शुल्क देकर पट्टा बहाल कराया जा सकेगा। बहाली के बाद 5 साल तक जमीन हस्तांतरण पर रोक रहेगी। इसी तरह उद्योगपतियों के प्लॉट तक पहुंचने का रास्ता नहीं है, तो एप्रोच रोड के लिए अलग से जमीन पट्टे पर मिलेगी। इसके लिए लघु उद्योगों की दर का 4 गुना या नीलामी दर देय होगी। साथ ही, अब पास-पास स्थित दो या अधिक प्लॉट्स का एकीकरण भी कराया जा सकेगा।
आगरा में हुआ इंडिया-न्यूजीलैंड बिजनेस मीट का आयोजन, आगरा का विश्व की शू कैपिटल के रूप में हुआ लांच, निर्यात और निवेश के नए युग की शुरुआतभारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक एतिहासिक पहल की गई। रविवार को इंडिया - न्यूज़ीलैंड बिज़नेस मीट का आयोजन होटल अमर विलास में किया गया। जिसमें भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, केंद्रीय राज्यमंत्री भारत सरकार प्रो. एसपी सिंह बघेल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले और न्यूजीलैंड के भारत में उच्चायुक्त पैट्रिक राटा सहित न्यूज़ीलैंड के लगभग एक दर्जन प्रतिनिधि मंडल ने शिरकत की। इस अवसर पर आगरा के फुटवियर उद्योग को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने, निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लक्ष्य को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में यह स्पष्ट किया गया कि आगरा, जो पहले से ही भारत का सबसे बड़ा फुटवियर निर्माण क्लस्टर है, अब वैश्विक फुटवियर हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक मंच पर आगरा की मजबूत दावेदारीकार्यक्रम में बताया गया कि आगरा से भारत के लेदर फुटवियर निर्यात में 75% से अधिक का महत्वपूर्ण योगदान है। यहां 5,000 से अधिक MSME इकाइयाँ संचालित हैं, जो लगभग 4 से 5 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करती हैं। यूरोप, अमेरिका, यूके और मध्य-पूर्व जैसे बड़े बाजारों में आगरा के उत्पादों की मजबूत उपस्थिति है। परंपरा और आधुनिकता का संगमआगरा की सबसे बड़ी ताकत इसकी पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी है, जो आधुनिक मशीनरी के साथ मिलकर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार करती है। लागत के मामले में यह क्लस्टर चीन और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले प्रतिस्पर्धी साबित हो रहा है, जिससे वैश्विक खरीदारों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बनता जा रहा है। FTA और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मिलेगा बढ़ावाकार्यक्रम में विभिन्न फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA), CEPA और संभावित द्विपक्षीय व्यापार समझौतों के माध्यम से निर्यात में 3 से 5 गुना तक वृद्धि की संभावना जताई गई। साथ ही, भारत-न्यूज़ीलैंड सहयोग के तहत कच्चे माल की आपूर्ति, संयुक्त उत्पादन और डिजाइन इनोवेशन के नए अवसरों पर भी चर्चा की गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन की अहम भूमिकाजेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, प्रस्तावित फुटवियर पार्क (YEIDA) और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएँ आगरा को वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएंगी। साथ ही, उद्योग ने सरकार से 2030 तक कंपोनेंट्स पर शून्य ड्यूटी, ब्याज सब्सिडी और निर्यात प्रक्रियाओं को सरल बनाने जैसी मांगें भी रखीं। ब्रांड “आगरा” को वैश्विक पहचान देने की पहलइस पहल के तहत आगरा को “ताज नगरी” के साथ-साथ “फुटवियर उत्कृष्टता की नगरी” के रूप में ब्रांड किया जाएगा। GI टैग, अंतरराष्ट्रीय ब्रांडिंग अभियान और बायर -सेलर मीट के माध्यम से वैश्विक बाजार में आगरा की पहचान को और मजबूत किया जाएगा। निवेश और साझेदारी के लिए खुला आमंत्रणकार्यक्रम के अंत में वैश्विक ब्रांड्स, निवेशकों और नीति निर्माताओं को आगरा में निवेश और साझेदारी के लिए आमंत्रित किया गया। यह पहल न केवल आगरा बल्कि पूरे भारत के फुटवियर उद्योग को नई दिशा देने वाली साबित होगी। कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पियूष गोयल तथा न्यूज़ीलैंड सरकार के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मेक क्ले की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आगरा को “विश्व की जूता राजधानी” के रूप में स्थापित करना भारत के निर्यात को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और सरकार इस उद्योग को हर संभव नीति समर्थन प्रदान करेगी। वहीं मैक्ले ने भारत–न्यूज़ीलैंड सहयोग को मजबूत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कच्चे माल, डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। इस दौरान सीएलई के चेयरमैन रमेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आगरा का फुटवियर उद्योग देश के निर्यात का मजबूत स्तंभ है और उचित नीति समर्थन मिलने पर यह वैश्विक बाजार में और बड़ी हिस्सेदारी हासिल कर सकता है। वाइस चेयरमैन सीएलई मुख्तारुल अमिन ने उद्योग की परंपरागत कारीगरी और आधुनिक तकनीक के संयोजन को इसकी सबसे बड़ी ताकत बताते हुए निर्यात वृद्धि की अपार संभावनाएं जताईं। वहीं फुटवियर और चमड़ा उद्योग विकास परिषद के चेयरमैन पूरन डावर ने कहा कि आगरा को वैश्विक फुटवियर हब बनाने के लिए उद्योग और सरकार के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है तथा यह पहल रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। एमडी, एफडीडीआई विवेक शर्मा ने स्किल डेवलपमेंट और डिजाइन इनोवेशन को उद्योग के भविष्य की कुंजी बताते हुए कहा कि प्रशिक्षित मानव संसाधन के माध्यम से भारत वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकता है। इसके साथ ही रीजनल चेयरमैन – नॉर्थ, सीएलई मोतीलाल सेठी ने कहा कि उत्तर भारत का फुटवियर उद्योग विशेष रूप से आगरा क्लस्टर, निर्यात वृद्धि और निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, बशर्ते उसे उचित इंफ्रास्ट्रक्चर और नीति समर्थन मिले।
कपूरथला में एक फाइनेंस कंपनी की महिला पार्टनर के खिलाफ 9 लाख 30 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। थाना सिटी पुलिस ने यह कार्रवाई एक व्यक्ति की शिकायत पर की है। थाना सिटी के एसएचओ अमनदीप नाहर ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सिटी एन्क्लेव निवासी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि जनवरी 2022 में विक्रमजीत सिंह और उनकी पत्नी रजनी बाला उनके घर आए थे। उन्होंने खुद को 'राजा फाइनेंस' कंपनी का संचालक बताया और निवेश के लिए प्रेरित किया। पीड़ित उनके झांसे में आ गया और पहले 3 लाख रुपए दिए। बाद में अलग-अलग समय पर कुल 9.30 लाख रुपए कंपनी में निवेश कर दिए। पीड़ित बोला- कंपनी पंजीकृत नहीं थी शिकायतकर्ता गुरप्रीत सिंह ने यह भी बताया कि 'राजा फाइनेंस' कंपनी पंजीकृत नहीं थी। विक्रमजीत सिंह ने निवेश की गई रकम के बदले 9.30 लाख रुपये का एक चेक दिया था, जिसकी अदायगी की तारीख 20 फरवरी 2025 थी। हालांकि, चेक की तारीख से पहले ही 7 फरवरी 2025 को विक्रमजीत सिंह का निधन हो गया। इसके बाद पीड़ित ने कंपनी की पार्टनर रजनी बाला से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन उन्होंने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। पुलिस ने गुरप्रीत सिंह की शिकायत पर रजनी बाला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। आरोपी महिला की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है।
हिसार जिले के अग्रोहा धाम में वैश्य समाज के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बजरंग गर्ग की अध्यक्षता में किया गया। बैठक में देश के विभिन्न शहरों—हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे, दिल्ली व उत्तर प्रदेश से आए प्रतिनिधियों ने भाग लेकर समाज और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बजरंग गर्ग ने सरकार से अग्रोहा में टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित करने की मांग की। महाराजा अग्रसेन की नीतियों को पहुंचाने का कार्य बैठक को संबोधित करते हुए बजरंग गर्ग ने कहा कि अग्रोहा धाम देश व प्रदेश में अपनी इकाइयों का लगातार विस्तार कर रहा है और महाराजा अग्रसेन जी की नीतियों व आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने अपने समय में समाजवाद की भावना को बढ़ावा देते हुए जरूरतमंदों को सहयोग देने और समाज को सशक्त बनाने का मार्ग दिखाया था, जिस पर अग्रवाल समाज आज भी चल रहा है। व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में योगदान उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने न केवल देश बल्कि विदेशों में भी व्यापार व उद्योग जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है और भारत का नाम वैश्विक स्तर पर ऊंचा करने में अहम भूमिका निभाई है। समाज के लोगों ने मेडिकल कॉलेज, अस्पताल, स्कूल, धर्मशालाएं, मंदिर व गौशालाओं के निर्माण के माध्यम से सामाजिक व धार्मिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है। टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन की मांग बजरंग गर्ग ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि अग्रोहा व हरियाणा के समग्र विकास के लिए यहां टैक्सटाइल हब और इंडस्ट्रीज जोन स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस दिशा में कदम उठाती है तो देशभर से वैश्य समाज के व्यापारी अग्रोहा में करोड़ों-अरबों रुपये का निवेश करने के लिए तैयार हैं, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की अपील उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार को अग्रोहा के विकास की ओर गंभीरता से ध्यान देते हुए व्यापार व उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए तुरंत प्रभाव से ठोस कदम उठाने चाहिए।
रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में बनाए जा रहे इंडस्ट्रीज कॉरिडोर (निवेश क्षेत्र) को लेकर ग्रामीणों द्वारा विरोध किया जा रहा है। 26 अप्रैल (रविवार) को बड़े स्तर पर विरोध को लेकर महापंचायत की जा रही है। इस महापंचायत में चार राज्यों के प्रतिनिधियों के शामिल होने का दावा किया है। बता दें कि रतलाम से गुजर रहे दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस वे के पास पलसोड़ी क्षेत्र में 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में निवेश क्षेत्र बन रहा है। कई कंपनियों ने यहां पर काम शुरू कर दिया है। निवेश क्षेत्र की जमीन पर पलसोड़ी समेत 5 गांवों की जमीन अधिग्रहण की जाना है। इसे लेकर ग्रामीण 3 अप्रैल से विरोध स्वरूप धरना दे रहे हैं। धरने में पहले दिन सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, रतलाम जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा समेत अन्य बाप पार्टी व जयस व कांग्रेस के नेताओं द्वारा शामिल होकर विरोध किया गया। आदिवासी परिवार के बैनर तले महापंचायत धरने के 24वें दिन रविवार को पलसोड़ी के हायर सेकंडरी स्कूल में सुबह 11 बजे से आदिवासी परिवार के बैनर तले चार राज्यों के प्रतिनिधियों व सामाजिक लोगों की महापंचायत रखी गई है। दावा किया है कि इस महापंचायत में प्रदेश के अलावा राजस्थान, गुजरात व महाराष्ट्र के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इन गांवों की जमीनों का होना है अधिग्रहण बिबड़ौद, सरवनीखुर्द, जुनवानिया, रामपुरिया, पलसोड़ी में रह रहे लोगों की जमीन निवेश क्षेत्र में आ रही है। जो लोग रह रहे हैं उनके पास किसी प्रकार के जमीन संबंधित कोई दस्तावेज नहीं है। ग्रामीणों कहना है कि हमारी पुश्तैनी जमीन है। इसी जमीन पर खेती कर परिवार का पालन पोषण करते है। ऐसे में हमें हटा देंगे तो हम कहां जाएंगे। भील प्रदेश विद्यार्थी मोर्चा संयोजक दिनेश माल ने बताया पूर्व में पलसोड़ी ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा रख कर निवेश क्षेत्र में किए जा रहे कामों को लेकर आपत्ति जताई थी। प्रशासन को भी आपत्ति से अवगत कराया गया। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जो सालों से रह रहे है उन्हे कैसे हटाया जा सकता है। रविवार को चार राज्यों के प्रतिनिदियों की महापंचायत की जा रही है।
Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (26 अप्रैल, 2026)
1. मेष (Aries) Today Horoscope Rashifal 26 April 2026 करियर: कारोबार तथा जॉब में सहकर्मियों का सहयोग प्राप्त होगा। लव: प्रेम रिश्तों में मजबूती आएगी। धन: आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी। स्वास्थ्य: सिरदर्द की समस्या हो सकती है। उपाय: हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं। ALSO READ: कैवल्य ज्ञान क्या है? जानें इसका सही अर्थ और इसे प्राप्त करने के प्रभावी तरीके 2. वृषभ (Taurus) करियर: व्यापार में विस्तार की योजना सफल होगी। लव: जीवनसाथी के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। धन: रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य: आज पेट खराब होने की समस्या हो सकती है। उपाय: छोटी कन्याओं को सफेद मिठाई खिलाएं। 3. मिथुन (Gemini) करियर: नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। लव: सिंगल लोगों को पार्टनर मिल सकता है। धन: अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखें। स्वास्थ्य: दिन भर ऊर्जावान महसूस करेंगे। उपाय: शनि चालीसा का पाठ करें। 4. कर्क (Cancer) करियर: कार्यक्षेत्र में अपने काम पर ध्यान केंद्रित करें। लव: लव मैरिज वाले घर में खुशी का माहौल होगा। धन: अचल संपत्ति खरीदने के योग बन रहे हैं। स्वास्थ्य: जोड़ों के दर्द से परेशानी हो सकती है। उपाय: गाय को हरा चारा खिलाएं। 5. सिंह (Leo) करियर: कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। लव: रिश्तों में नया उत्साह महसूस करेंगे। धन: पुराने कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। स्वास्थ्य: मानसिक तनाव कम होगा, योग का सहारा लें। उपाय: मंदिर में इत्र का दान करें। 6. कन्या (Virgo) करियर: नौकरी में आय के नए स्रोत खुलेंगे। लव: पार्टनर के साथ पुरानी गलतफहमियां दूर होंगी। धन: धन निवेश में जल्दबाजी में नुकसान हो सकता है। स्वास्थ्य: थकान की शिकायत हो सकती है। उपाय: पक्षियों को अनाज डालें। ALSO READ: Mohini Ekadashi Katha 2026: मोहिनी एकादशी के रहस्य, जानें पौराणिक व्रत कथा और लाभ 7. तुला (Libra) करियर: नौकरी में बड़ा अवसर मिल सकता है। लव: दांपत्य जीवन सुखमय रहेगा। धन: विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ सकता है। स्वास्थ्य: कमर दर्द की समस्या बढ़ सकती है। उपाय: शिवलिंग पर दूध और जल चढ़ाएं। 8. वृश्चिक (Scorpio) करियर: कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा। लव: विवाद की स्थिति बन सकती है। धन: शेयर बाजार से लाभ होने की संभावना है। स्वास्थ्य: मौसमी बीमारियों से बचकर रहें। उपाय: माथे पर केसर का तिलक लगाएं। 9. धनु (Sagittarius) करियर: नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। लव: लव लाइफ में रोमांच बना रहेगा। धन: अचानक धन लाभ होने से मन प्रसन्न रहेगा। स्वास्थ्य: घुटनों के दर्द में सावधानी बरतें। उपाय: चने की दाल का दान करें। 10. मकर (Capricorn) करियर: नौकरी लोगों के लिए दिन व्यस्त रहेगा। लव: पार्टनर के साथ भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। धन: पुरानी उधारी वापस मिल सकती है। स्वास्थ्य: त्वचा संबंधी एलर्जी हो सकती है। उपाय: माथे पर हल्दी का तिलक लगाएं। 11. कुंभ (Aquarius) करियर: सामाजिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। लव: पुराने दोस्त से मुलाकात प्रेम संबंधों में बदल सकती है। धन: पैतृक संपत्ति से लाभ होने के प्रबल योग हैं। स्वास्थ्य: रात को हल्का भोजन करें। उपाय: काले कुत्ते को तेल लगी रोटी खिलाएं। 12. मीन (Pisces) करियर: रचनात्मक कार्यों में नाम और पैसा दोनों कमाएंगे। लव: जीवनसाथी के स्वास्थ्य की चिंता रह सकती है। धन: आज धन के लेन-देन में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य: खुद को हाइड्रेटेड रखें और फल खाएं। उपाय: सूर्य देव को तांबे के लोटे से जल दें। ALSO READ: मेष राशि में सूर्य का प्लूटो से स्क्वायर, क्या होगा 4 राशियों पर इसका प्रभाव
भोपाल के ऐशबाग इलाके में जिम में निवेश करने का झांसा देकर जालसाज ने एक व्यक्ति से 32 लाख रुपए की ठगी कर ली। घटनाक्रम तीन साल पुराना है। फरियादी ने एक साल पहले इस मामले की शिकायत थाने में की। शिकायत की जांच के बाद शनिवार को पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। फिलहाल आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की जा सकी है। टीआई संदीप पवार के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाले कबीश माहेश्वरी प्राइवेट जॉब करते हैं। 2022 में उनकी मुलाकात शुभम गुप्ता से हुई थी। पहले बातचीत हुई और फिर दोनों के बीच दोस्ती हो गई। आरोपी युवक ने उसे झांसा देते हुए कहा कि वह अगर जिम के काम में निवेश करता है, तो उसे अच्छा मुनाफा होगा। इसके लिए उसे करीब 32 लाख रुपए का निवेश करना होगा। रकम लेने के बाद धमकाने लगा आरोपी युवक की बातों में आकर फरियादी ने उसे 32 लाख रुपए दे दिए। रकम लेने के बाद ना तो कोई जिम खोला गया और ना ही रकम वापस लौटाई गई। जब राशि वापस मांगी तो वह धमकाने लगा। इस मामले को लेकर फरियादी ने थाना पुलिस को लिखित में आवेदन दिया था। आवेदन की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी शुभग गुप्ता पर एफआईआर दर्ज की। पुलिस का कहना है जल्द ही आरोपी युवक की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
मार्केट क्रैश: क्या अगले हफ्ते संभलेगा शेयर बाजार? शांति वार्ता पर टिकी निवेशकों की निगाहें
Share Market Weekly Review : वैश्विक बाजार में नकारात्मक रुझान और हार्मुज पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से भारतीय शेयर बाजार के लिए यह हफ्ते निराशाजनक रहा। इस कारोबारी हफ्ते में सेंसेक्स में 1829 अंक गिरा तो निफ्टी में भी 455 अंकों की गिरावट रही। आखिरी 3 सत्रों में आई गिरावट से निवेशकों की संपत्ति 7.17 लाख करोड़ रुपए घट गई। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा आने वाला सप्ताह। कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सेंसेक्स 27 अंक बढ़कर 78,520 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 11 अंक बढ़कर 24,365 पर जा पहुंचा। मंगलवार को सेंसेक्स 753 अंक बढ़कर 79,273 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 212 अंक बढ़कर 24,577 पर पहुंच गया। इसके बाद लगातार 3 दिन बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा। सेंसेक्स बुधवार को 757 अंक गिरकर 78,516 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 199 अंकों की गिरावट के साथ 24,378 पर जा पहुंचा। गुरुवार को सेंसेक्स में 852 अंकों की गिरावट आई और यह 77,664 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 205 अंक गिरकर 24,173 पर आ गया। हफ्ते के आखिरी दिन सेंसेक्स 999 अंक गिरकर 76,664 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 275 अंकों की गिरावट के साथ 23,897 पर जा पहुंचा। इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल हार्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल पर दबाव बन रहा है और इसकी कीमतों में तेजी दिखाई दी। विदेशी निवेशकों ने इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में जमकर बिकवाली की। निराशाजनक तिमाही परिणामों से भी आईटी सेक्टर के शेयरों में गिरावट आई। कैसा रहेगा अगला हफ्ता पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के नतीजों पर अगले हफ्ते बाजार की चाल निर्भर करेगी। अगर वार्ता के सकारात्मक नतीजे निकलते हैं तो दुनियाभर के बाजारों में तेजी का दौर शुरू होगा। हार्मुज के रास्ते अगर तेल की आपूर्ति शुरू होने पर दुनियाभर के देशों को तेल संकट से भी राहत मिलेगी। हालांकि अमेरिका मिडिल ईस्ट में पूर्ण शांति होने तक हार्मुज की नाकेबांदी पर अड़ा हुआ है। इससे ईरान की नाराजगी भी काफी बढ़ गई है। बहरहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के कैदी वार्ड में शुक्रवार को हत्या के आरोप में बंद कैदी अशोक कुमार महतो ने सातवीं मंजिल की खिड़की से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। घटना इतनी अचानक हुई कि मौके पर मौजूद डॉक्टर, नर्स, पुलिसकर्मी और परिजन कुछ समझ ही नहीं पाए। अशोक को चेकअप के लिए वार्ड से बाहर ले जाया जा रहा था, तभी वह खिड़की के पास पहुंचा और नीचे कूद गया। गिरते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आज वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। पत्नी और बच्चों की हत्या था आरोपी अशोक कुमार महतो चौका थाना क्षेत्र के कुरली गांव का निवासी था। 2024 से घाघीडीह जेल में बंद था। उस पर अपनी पत्नी और डेढ़ साल के मासूम बच्चे की हत्या का गंभीर आरोप था। बताया जाता है कि शेयर बाजार में भारी नुकसान के बाद वह गहरे अवसाद में चला गया था। इसी मानसिक स्थिति में उसने यह जघन्य अपराध किया। जेल में रहते हुए भी उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल लगातार अस्थिर बना हुआ था। जिसके चलते उसे एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रिम्स रांची रेफर करने की तैयारी की थी। 37 दिन में दूसरी बार घटी घटना अस्पताल में हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बीते 37 दिनों में अस्पताल परिसर से कूदकर आत्महत्या की यह दूसरी घटना है। जबकि इसी अवधि में तीन अन्य मरीजों ने भी जान देने की कोशिश की थी। अस्पताल की खिड़कियों में पारंपरिक लोहे की ग्रिल की जगह स्लाइडिंग सिस्टम लगा है। जिसे आसानी से खोला जा सकता है। यही व्यवस्था अब मरीजों के लिए खतरा बन गई है। अस्पताल प्रबंधन ने पिछले एक साल में 14 बार स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर खिड़कियों में ग्रिल लगाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। पिता के सामने कूद गया बेटा घटना के वक्त अशोक के पिता विजय चंद्र महतो भी अस्पताल में मौजूद थे। बेटे के भर्ती होने की सूचना पर वे सुबह ही मिलने पहुंचे थे, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण वे वार्ड के बाहर ही खड़े थे। इसी दौरान उन्होंने अपने बेटे को खिड़की की ओर जाते और अचानक छलांग लगाते देखा। यह मंजर इतना भयावह था कि वे घबरा कर मौके से भाग गए। करीब दो घंटे बाद वे वापस लौटे और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। उनके बयान पर यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि पांच दिन पहले भी अशोक ने जेल में आत्महत्या की कोशिश की थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। --------------------------------------- इसे भी पढ़ें कैदी ने अस्पताल की 7वीं मंजिल से कूदकर की आत्महत्या:जेल से लाया गया था इलाज के लिए, पहले भी कर चुका था सुसाइड का प्रयास जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल में इलाज करा रहे एक कैदी ने शुक्रवार को अस्पताल की सातवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक कैदी की पहचान अशोक कुमार के रूप में हुई है। उसे रविवार को घाघीडीह केंद्रीय कारा में गला काटकर आत्महत्या करने की कोशिश के बाद गंभीर हालत में एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूरी खबर यहां पढ़ें…
बिना निवेश का मुनाफा:भोपाल की छतों पर साल भर में तैयार हो रही 4 लाख यूनिट बिजली
राजधानी के बड़े सरकारी और निजी भवनों की छतें अब सिर्फ खाली जगह नहीं, बल्कि बिजली पैदा करने वाली ‘खदानें’ बन गई हैं। शहर के 13 बड़े परिसरों, जिनमें रेलवे स्टेशन, कॉलेज और यूनिवर्सिटी शामिल हैं, की छतों से साल भर में 4 लाख यूनिट बिजली पैदा की जा रही है। खास बात यह है कि यह पूरा बदलाव ‘रेस्को’ मॉडल पर हो रही है, यानी भवन मालिकों को एक पैसा भी निवेश नहीं करना पड़ा। निजी वेंडरों ने खुद सिस्टम लगाए हैं और अब इन भवनों को मात्र 1.38 से 2 रुपए प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। सौर ऊर्जा के इस इस्तेमाल से वातावरण में हर साल 4446 टन कार्बन डाइऑक्साइड को घुलने से रोका जा रहा है। विशेषज्ञों की मानें तो यह प्रभाव सालाना 2 लाख पेड़ लगाने के बराबर है। प्रदूषण कम करने के साथ-साथ ये बड़े संस्थान अपने बिजली बिलों में सालाना 29 लाख रुपए तक की बचत कर रहे हैं। हाल ही में कुक्कुट पालन अनुसंधान केंद्र ने भी अनुबंध किया है। इन संस्थानों में तैयार हो रही सस्ती बिजली अब इन इमारतों पर तैयारी आगे क्या : नवकरणीय ऊर्जा विभाग अब केंद्र और राज्य सरकार के 200 और भवनों को इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में है। इसमें गांधी मेडिकल कॉलेज, लोकायुक्त भवन और इनकम टैक्स ऑफिस जैसे बड़े दफ्तर शामिल हैं। अगले डेढ़-दो सालों में जब ये सिस्टम तैयार होंगे, तब 13 लाख यूनिट बिजली बनेगी। यह उपलब्धि सालाना 7 लाख पेड़ लगाने के बराबर होगी
पंचकूला नगर निगम मेयर चुनाव को लेकर शुक्रवार को सियासी हलचल तेज हो गई। भाजपा और कांग्रेस के मेयर प्रत्याशियों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन पत्र के अनुसार दोनों के पास करोड़ों की चल-अचल संपति है। कांग्रेस प्रत्याशी सुधा भारद्वाज के शपथ पत्र अनुसार, उनके पास करीब 2.49 लाख रुपए कैश मौजूद हैं। 7 अलग-अलग बैंक खातों में भी दपंती का 11 लाख रुपए जमा है। वहीं, भारद्वाज दपंती ने 7 लोगों को भी लाखों रुपए का कर्ज दे रखा है। इतना ही नहीं सुधा के पास 495 ग्राम सोना तथा उनके पति संजीव भारद्वाज के पास 103 ग्राम सोना व 32 बोर रिवॉल्वर और 12 बोर दोनाली बंदूक भी हैं। सुधा भारद्वाज के पास केवल स्कूटी है लेकिन उनके पति के पास फोर्ड इंडेवर कार है। 7 लोगों को दिया लोन, पति ने भी दिया कर्ज BJP प्रत्याशी श्याम लाल बंसल: जमीन में करोड़ों का निवेश भाजपा प्रत्याशी श्याम लाल बंसल के शपथ पत्र में सबसे बड़ी संपत्ति जमीन के रूप में सामने आई है। उनके पास करीब ₹12.20 करोड़ की कृषि भूमि है, जबकि उनकी पत्नी के नाम ₹45.70 करोड़ की जमीन दर्ज है। बंसल परिवार की अंबाला व पंचकूला में खेती योग्य जमीनें हैं। बंसल के पास 3 प्रापॅर्टी तथा उनकी पत्नी के पास 5 प्रापॅर्टी हैं। वहीं, बंसल के खातों में भी करीब 33 लाख रुपए तथा उनकी पत्नी के खातों में 9 करोड़ रुपए जमा हैं। प्रॉपर्टी-कैश, जमीन तथा गोल्ड सहित हर मामले में बंसल की पत्नी उनसे अमीर हैं। बंसल के पास एक 2015 मॉडल की टोयोटा फॉर्च्यूनर गाड़ी है। जिसकी कीमत करीब ₹15.86 लाख दर्शाई गई है। बंसल दंपति के पास आभूषण
यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इस अवसर पर प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि YEIDA अब उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक बन गया है। मास्टर प्लान 2041 की मंजूरी के बाद यह क्षेत्र वैश्विक निवेश के लिए तैयार है। इस क्षेत्र के विकास में जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका है, जिसका उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हुआ था। यह हवाई अड्डा न केवल यात्रियों के आवागमन को सुगम बना रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स और वैश्विक व्यापार को भी नई गति दे रहा है। इसके अतिरिक्त, यमुना एक्सप्रेस-वे अब दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे और अन्य प्रमुख कॉरिडोर से जुड़कर देश का एक प्रमुख कनेक्टिविटी हब बन गया है। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब तक 3,000 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इससे लगभग 50,000 करोड़ रुपये के निवेश और 4 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। भविष्य की प्रमुख परियोजनाओं में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर शामिल हैं। सेक्टर-21 में 1000 एकड़ में एक आधुनिक इंटरनेशनल फिल्म सिटी भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही, मेडिकल डिवाइस पार्क, फिनटेक पार्क और अपैरल पार्क जैसे विशेष क्लस्टर तेजी से विकसित किए जा रहे हैं। जापानी, कोरियन और सिंगापुर सिटी जैसी अंतरराष्ट्रीय टाउनशिप की भी योजना है। प्राधिकरण का विकास केवल उद्योगों तक सीमित नहीं है। 'अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय' योजना के माध्यम से ग्रामीण शिक्षा को विश्वस्तरीय बनाया जा रहा है। वहीं, मथुरा में हेरिटेज सिटी और टप्पल-बजाना अर्बन सेंटर के जरिए पर्यटन और शहरीकरण का संतुलित विकास किया जा रहा है। मास्टर प्लान 2041 के तहत लगभग 37 लाख की आबादी को बसाने का लक्ष्य है। अपनी रणनीतिक स्थिति और अत्याधुनिक बुनियादी ढांचे के कारण, YEIDA आने वाले वर्षों में भारत और दुनिया के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में से एक बनने की ओर अग्रसर है।
आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली, सेंसेक्स एक हजार अंक लुढ़का
मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों में शुक्रवार को आईटी सेक्टर की कंपनियों में तेज बिकवाली देखी गयी जिससे सकल निवेश धारणा प्रभावित हुई और बीएसई का सेंसेक्स एक हजार अंक टूट गया। सेंसेक्स सुबह 180 अंक नीचे खुला और एक समय 1,260 अंक गिर गया था। अंत में यह 999.79 अंक (1.29 प्रतिशत) की गिरावट में […] The post आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली, सेंसेक्स एक हजार अंक लुढ़का appeared first on Sabguru News .
जोधपुर के रातानाडा थाना क्षेत्र में म्यूचुअल फंड में निवेश कर एक साल में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 26 लाख 38 हजार की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने तीन लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे नकद और ऑनलाइन माध्यम से लाखों रुपए ऐंठ लिए। अब पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। रातानाडा थानाधिकारी दिनेश लखावत ने बताया कि जोधपुर के रातानाडा सुभाष चौक न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी प्रमोद जटवाल (33) पुत्र जयराम जटवाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया गया कि उसकी पहचान 2022 से झुंझुनूं के बासरी निवासी गौरव शर्मा पुत्र कृष्ण कुमार शर्मा से थी। गौरव ने ही परिवादी की मुलाकात झुंझुनूं के वार्ड संख्या 37, पुजारियों का मोहल्ला निवासी ललित शर्मा पुत्र रामकांत शर्मा से करवाई थी। आरोपियों ने खुद को बड़ी कंपनी से जुड़ा बताकर म्यूचुअल इंडेक्स फंड में निवेश के जरिए भारी मुनाफे का प्रलोभन दिया था। फोन पे और बैंक खातों से ट्रांसफर किए 9 लाख रुपये आरोपियों के झांसे में आकर परिवादी प्रमोद जटवाल ने 13 से 17 नवंबर 2024 और फिर 1 से 11 अक्टूबर 2025 के बीच कुल 9 लाख रुपये ट्रांसफर किए। यह राशि आरोपियों द्वारा बताए गए अलग-अलग बैंक खातों में फोन पे और गूगल पे के माध्यम से भेजी गई थी। आरोपियों ने भरोसा दिलाया था कि एक साल के भीतर यह जमा राशि दोगुनी होकर वापस मिलेगी। दो अन्य पीड़ितों से भी ऐंठे लाखों रुपए ठगी का यह खेल केवल प्रमोद तक सीमित नहीं रहा। परिवादी के साथ ही न्यू रेलवे लोको कॉलोनी निवासी राम अवतार मेघवाल पुत्र रामनिवास ने भी आरोपियों के आश्वासन पर 16 जून से 8 नवंबर 2025 के बीच कुल 13 लाख रुपये नकद दिए। वहीं, इसी कॉलोनी के निवासी अश्विनी कुमार सैनी पुत्र जयराम सैनी ने भी आरोपियों के बताए बैंक खातों में 4 लाख 38 हजार रुपये जमा करवाए। इस प्रकार तीनों परिवादियों से कुल 26 लाख 38 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। रकम डकार कर ठिकाने बदल चुके हैं आरोपी निवेश के बाद जब 16 महीने का समय बीत गया और पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपियों ने टालमटोल शुरू कर दी। बार-बार तकाजा करने पर आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए और अपने पुराने ठिकाने भी बदल दिए। पीड़ितों ने जब अपनी स्तर पर तलाश की तो पता चला कि गौरव और ललित शर्मा ने उनके अलावा अन्य कई लोगों के साथ भी इसी तरह का साइबर फ्रॉड किया है।
ग्वालियर में निवेश के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। एक दंपति ने ‘मोटे मुनाफे’ का सपना दिखाकर करीब 40 लोगों से करीब 2 करोड़ रुपए तक की ठगी कर डाली। खास बात यह है कि फरियादी सभी आपस में रिश्तेदार है। मामले में मंगलवार को फिर शिकायती आवेदन दिया गया। पीड़ित गुरुदयाल सिंह राठौर ने बताया कि अजय राठौर और उसकी पत्नी नीतू राठौर ने “मानसी इंटरप्राइजेज टू” नाम से कंपनी बनाकर निवेश पर हर महीने मोटे मुनाफे का लालच दिया। साथ ही नए निवेशक जोड़ने पर 4-5% कमीशन का भी झांसा दिया गया। रिश्तेदार होने के कारण लोगों ने बिना ज्यादा जांच-पड़ताल के इन पर भरोसा कर लिया। गुरु दयाल राठौर ने तो भरोसे में आकर 30 लाख रुपए तक निवेश कर दिए। उन्होंने अपना सोना गिरवी रखा और फ्लैट पर लोन लेकर यह रकम जुटाई, लेकिन 6 महीने बाद भी न पैसा लौटा और न ही कोई मुनाफा मिला। शुरुआत में दिया मुनाफा, फिर किया खेल खत्म दूसरे पीड़ित नरेंद्र राठौर ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कुछ महीनों तक मुनाफा दिया गया, ताकि भरोसा मजबूत हो सके। इसके बाद अचानक पेमेंट बंद कर दिया गया। उन्होंने करीब 11-12 लाख रुपये निवेश किए थे। इसी तरह दिनेश राठौर ने बताया कि पहले 3 लाख रुपये लगाए, जिन पर कुछ समय तक मुनाफा मिला। भरोसा बढ़ने पर उन्होंने 4 लाख रुपये और निवेश कर दिए, लेकिन उसके बाद से पैसा मिलना बंद हो गया। ऑनलाइन ट्रांजैक्शन से घूमाया पैसा ठगी की रकम पेटीएम, फोनपे और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से ट्रांसफर की गई, जिससे ट्रांजैक्शन का बड़ा नेटवर्क सामने आ रहा है। जब पीड़ितों को शक हुआ तो पता चला कि अजय राठौर और नीतू राठौर फरार हो चुके हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। दोनों भिंड के रहने वाले हैं। पत्नी नीतू चंडीगढ़ में रह रही थी, जबकि पति अजय नोएडा में रह रहा था। पीड़ितों का आरोप है कि वे कई बार थाने, क्राइम ब्रांच और एसपी ऑफिस में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अब ठगी के शिकार लोग न्याय की गुहार लगा रहे हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व अपनी रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं।
झारखंड के बिल्डरों से बिहार में निवेश करने की अपील की
बिहार भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के अध्यक्ष विवेक सिंह ने झारखंड में काम कर रहे बिल्डरों से बिहार में निवेश की अपील की है। रेरा बिहार द्वारा रांची में आयोजित कार्यक्रम में विवेक बोल रहे थे। इस कार्यक्रम का आयोजन बिहार के भू-संपदा प्रक्षेत्र में ‘ईज आफ डूइंग बिजनस’ से अवगत कराना था। कार्यक्रम में झारखंड के विकास आयुक्त अजय कु. सिंह, झारखंड रेरा के अध्यक्ष बीरेंद्र भूषण भी मौजूद थे।
वर्तमान समय में बाजार में निवेश के कई विकल्प मौजूद हैं, जहां पैसा लगाकर कम समय में मोटी कमाई की जा सकती है। लेकिन हर किसी के पास सीधे प्रॉपर्टी खरीदने के लिए बड़ी पूंजी नहीं होती। ऐसे में रीट्स यानी आरईआईटी (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और इनविट्स यानी आईएनवीआईटी (इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) आम निवेशकों के लिए बेहतरीन विकल्प बनकर उभरे हैं। ये ऐसे निवेश माध्यम हैं, जिनके जरिए आप कम पैसे में भी रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश कर सकते हैं और नियमित आय कमा सकते हैं।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
कंगना रनौत के किस बयान पर भड़की CISF की महिला जो सरेआम एक्ट्रेस को जड़ दिया थप्पड़, जानिए पूरा मामला
चंडीगढ़: हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी सांसद एवं एक्ट्रेस कंगना रनौत से चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर बदसलूकी के पश्चात् हंगामा मचा हुआ है. दरअसल, 6 जून को कंगना दिल्ली जाने के लिए चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर पहुंची थीं. तभी सिक्योरिटी चेक के पश्चात् CISF की एक महिला जवान कुलविंदर कौर ने उनको थप्पड़ मार दिया. हालांकि CISF की अपराधी महिला कर्मी को निलंबित कर दिया गया है तथा उनके खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि CISF की जवान ने थप्पड़ क्यों मारा, तो इसका जवाब है कंगना का 4 वर्ष पुराना एक ट्वीट. कंगना रनौत ने इस ट्वीट में 3 कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के चलते पंजाब की 80 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते तथा उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना ने जो ट्वीट किया था उसमें एक वृद्ध महिला नजर आ रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था. कंगना ने मोहिंदर कौर की फोटो को ट्वीट करते हुए लिखा था कि ''हा हा. ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगज़ीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में सम्मिलित किया गया था.... और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं. हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला हैं तथा उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के चलते अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं. कंगना के इस बयान को लेकर CISF की महिला जवान भड़की हुई थी. चंडीगढ़ हवाईअड्डे पर कंगना से बदसलूकी का वीडियो सामने आया था, इसमें CISF की यह जवान कहती नजर आ रही है कि 'इसने बोला था किसान आंदोलन में 100-100 रुपये में महिलाएं बैठती थीं. वहां मेरी मां भी थी'. राहुल गांधी ने भाजपा पर लगाया शेयर बाजार में हेराफेरी का आरोप, बताया देश का सबसे बड़ा घोटाला उत्तर भारत में भीषण गर्मी का कहर जारी, यूपी के कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद बिहार के गया जिले में भीषण सड़क हादसा, तीन लोगों की मौत

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