पंजाब में 60 हजार करोड़ का निवेश शहर में बनेगा भव्य एग्जीबिशन सेंटर
भास्कर न्यूज |लुधियाना उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने दावा किया कि 2025-26 के दौरान राज्य में 60,256 करोड़ रुपए का निवेश आया है, जिससे 1 लाख 35 हजार युवाओं के लिए नौकरी के रास्ते खुलेंगे। लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। सोमवार को टेंडर खुल गए हैं और 1 साल में काम पूरा होगा। नई ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। अब उद्योगपति खुद फंड जुटाकर अपने इलाकों का विकास और रखरखाव कर सकेंगे। 25 एकड़ से बड़े पार्क बनाने वाले डेवलपर्स को सभी मंजूरियां और बड़े वित्तीय लाभ (इंसेंटिव) दिए जाएंगे। जो फैक्ट्रियां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज अपनाएंगी, उन्हें 10 करोड़ और पराली आधारित बॉयलर लगाने वालों को 7.5 करोड़ तक की मदद मिलेगी। इंडस्ट्रियल एरिया में स्नैचिंग रोकने के लिए गश्त बढ़ेगी। मंत्री ने अपील की कि मजदूरों को कैश के बजाय बैंक खाते में वेतन दें ताकि लूटपाट न हो। मंत्री अरोड़ा ने बताया कि जेएसडब्ल्यू (3000 करोड़) और मित्तल ग्रुप (2600 करोड़) जैसे बड़े घरानों ने निवेश शुरू कर दिया है। टाटा स्टील ने लुधियाना की साइकिल वैली में उत्पादन भी शुरू कर दिया है। सरकार का अगला लक्ष्य 75,000 करोड़ के निवेश का है। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि हमारी औद्योगिक नीति की तारीफ दूसरे राज्यों की विधानसभाओं में भी हो रही है। हम फोकल पॉइंट्स की सड़कों का काम मई तक हर हाल में पूरा कर लेंगे। रही बात हलवारा एयरपोर्ट की, तो उड़ानों का समय यात्रियों की सुविधा (कनेक्टिंग फ्लाइट्स) के लिए एयर इंडिया ने तय किया है, इसमें कोई भ्रम नहीं होना चाहिए।
आंध्र प्रदेश राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (एसआईपीबी) ने मंगलवार को 39,436 करोड़ रुपये के 31 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से राज्य में 1.11 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संजीव अरोड़ा ने खन्ना में आयोजित जिला स्तरीय एमएसएमई स्टेकहोल्डर इंटरैक्शन मीट में भाग लिया। उन्होंने उद्योगपतियों को गैस संकट सहित अन्य मुद्दों के समाधान का आश्वासन दिया और राज्य में रिकॉर्ड निवेश से रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही। यह बैठक उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की ओर से एक होटल में आयोजित की गई थी। इसमें खन्ना, मंडी गोबिंदगढ़, फतेहगढ़ साहिब, दोराहा और पायल समेत आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में उद्योगपतियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री संजीव अरोड़ा ने लगभग दो घंटे तक उद्योगपतियों से सीधी बातचीत की। इस दौरान उद्योगपतियों ने गैस की किल्लत, प्रदूषण, बिजली आपूर्ति, श्रमिकों के पलायन और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। नई औद्योगिक नीति की जानकारी दी मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई समस्याओं के तत्काल समाधान के निर्देश दिए। बैठक में केंद्र सरकार की रैंप (RAMP) स्कीम और पंजाब सरकार की नई औद्योगिक नीति 2026 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई। उद्योगपतियों ने नई नीति के बेहतर रिस्पांस टाइम और निवेश के अनुकूल माहौल की सराहना की। मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि उद्योगों के बढ़ने के साथ ही समस्याएं सामने आती हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि मंडी गोबिंदगढ़ में लगभग 2100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्ष 2025-26 में पंजाब में रिकॉर्ड 60,256 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिसमें विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। 5 किलो वाले गैस सिलेंडर की उपलब्धता के निर्देश गैस की किल्लत का मुद्दा बैठक में प्रमुख रूप से उठा। इस पर मंत्री अरोड़ा ने बताया कि फतेहगढ़ साहिब के डिप्टी कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं कि वे उद्योगपतियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करें। जहां गैस पाइपलाइन नहीं है, वहां नई पाइपलाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिससे गैस की कमी का असर कम होगा। इसके साथ ही श्रमिकों के पलायन को रोकने के लिए 5 किलो वाले गैस सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण को भी दे प्राथमिकता कोयले के उपयोग की अनुमति के सवाल पर मंत्री अरोड़ा ने कहा कि यह मामला एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) से जुड़ा हुआ है। सरकार इस विषय पर आईआईटी से स्टडी करवा रही है, जिसके बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार उद्योगों के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दे रही है। यह अध्ययन इस बात का आकलन करेगा कि प्रदूषण कितना है और इसमें उद्योगों का कितना योगदान है। नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा बिजली विभाग के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि पावरकॉम में स्टाफ की कमी को दूर करने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योग्य उम्मीदवारों को डिप्लोमा और डिग्री के आधार पर नियुक्त किया जाएगा, जिससे बिजली सेवाओं में सुधार आएगा। इस दौरान उद्योगपतियों ने ईएसआई अस्पतालों में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी का मुद्दा भी उठाया, जिस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार के स्तर पर जल्द ही नियुक्तियां की जाएंगी, जबकि केंद्र से जुड़े मामलों के लिए पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा जिला उद्योग कार्यालय को मंडी गोबिंदगढ़ से जोड़ने की मांग को पूरा करने का भरोसा दिलाया गया। चुनाव जरूर होंगे, लेकिन तारीख का फैसला चुनाव आयोग करेगा मंत्री अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पंजाब निवेशकों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में बड़े औद्योगिक समूह भी निवेश के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य उद्योगों को हर संभव सुविधा देना है, ताकि पंजाब औद्योगिक क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सके। नगर कौंसिल चुनावों के बारे में पूछे जाने पर मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि चुनाव जरूर होंगे, लेकिन तारीख का फैसला चुनाव आयोग करेगा। सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीद है कि प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। वहीं, राज्यसभा सदस्य राघव चड्ढा को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो भी फैसला लिया है, वह पार्टी के हित में लिया गया है।
वोडाफोन आइडिया में भारी बिकवाली और पीसी ज्वैलर में 10% की तेजी के साथ बाजार में दिखा उतार-चढ़ाव, ओला इलेक्ट्रिक और पावर शेयरों में भी बढ़ी ट्रेडिंग।
मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के संकट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निफ्टी 22,700 के स्तर से नीचे गिरा, निवेशकों के डूबे करोड़ों रुपये।
अनजान कॉल से न डरें, न पैसे दें... डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिले तो 1930 डायल करें
भास्कर न्यूज| महासमुंद साइबर क्राइम के खतरे को भांपकर समाज को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से महासमुंद पुलिस नवा बिहान जागरूकता अभियान चला रही है। इसी कड़ी में पुलिस टीम ने हाट-बाजारों से लेकर टाउन हॉल तक दस्तक दी। साइबर क्राइम से बचाव, नशा मुक्ति व यातायात सुरक्षा के लिए टिप्स दिए। आम लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया गया। लोगों से कहा गया कि, न डरें, न पैसे दें, अगर डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिले तो 1930 डायल करें। इससे तुरंत मदद मिलेगी। जिला पुलिस की विशेष टीमों ने जागरूकता शिविर के लिए भंवरपुर साप्ताहिक बाजार, भीखापाली बाजार, बागबाहरा टाउन हॉल और पिथौरा बाजार जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों को केंद्र बनाया। इन शिविरों में लगभग 500 से अधिक ग्रामीणों और शहरवासियों को सुरक्षा के गुर बताए गए। नवा बिहान अभियान सिर्फ साइबर अपराध तक सीमित नहीं रहा। पुलिस ने नशे के सामाजिक-आर्थिक दुष्परिणामों के बारे में भी युवाओं को सचेत किया। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यातायात नियमों के पालन की अपील की गई। साथ ही, गौ-वंश तस्करी जैसी अवैध गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया। डायल-112 की उपयोगिता बताते हुए पुलिस ने इसे संकट के समय का सबसे भरोसेमंद साथी बताया। किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड न करें शिविर में बताया कि ठग खुद को पुलिस अधिकारी, सीबीआई या जज बताकर डिजिटल अरेस्ट की धमकी देते हैं। ऐसे कॉल आने पर घबराएं नहीं बल्कि तुरंत रिपोर्ट करें। इसके अलावा फेक ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से शेयर बाजार में निवेश के नाम पर पैसा दोगुना करने वाले विज्ञापनों से बचें। अनजान नंबरों से आने वाले वीडियो कॉल को अटेंड न करें। किसी भी अनजान लिंक या फाइल को डाउनलोड न करें। सोशल मीडिया पर प्राइवेसी ही सबसे बड़ा सुरक्षा उपाय अभियान के दौरान अभिव्यक्ति ऐप और सोशल मीडिया सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने सलाह दी कि फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन रखें। अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करें। संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक डिटेल, ओटीपी, घर का पता किसी से साझा न करें। किसी भी भ्रामक मैसेज को फॉरवर्ड न करें।
पटना में मंत्री दिलीप जायसवाल ने 2025-26 की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाना और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देना है। उन्होंने बताया, विधानसभा चुनाव के दौरान एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, जिसे पूरा करने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। औद्योगिक विकास को मिली रफ्तार मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में औद्योगिक विकास निरंतर गति पकड़ रहा है। निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। राज्य में बड़े स्तर पर उद्योग लगाने का माहौल तैयार हुआ है। सरकार का विजन समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार है, जिसके तहत 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर पर फोकस उद्योगों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और बिजली सबसे जरूरी है। इस दिशा में सरकार एक्सप्रेसवे, औद्योगिक कॉरिडोर, एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक नेटवर्क को मजबूत कर रही है। बक्सर में 2400 मेगावाट का पावर प्लांट और औरंगाबाद में NTPC परियोजना से उद्योगों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध होगी। बड़े निवेश और कंपनियों की एंट्री हाल ही में बक्सर में कोका-कोला और जेके सुपर सीमेंट की फैक्ट्री का उद्घाटन हुआ है। इसके अलावा रिलायंस, अदाणी, मदर डेयरी, आदित्य बिड़ला और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी बड़ी कंपनियां भी बिहार में निवेश के लिए आगे आ रही हैं। 2026 में 747 निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनकी कुल राशि 17,217 करोड़ रुपये से अधिक है। MSME और उद्यमियों को बढ़ावा सरकार ने MSME निदेशालय का गठन किया है, ताकि छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा मिल सके। साथ ही बिहार राज्य विपणन प्राधिकरण” बनाया गया है, जिससे ग्रामीण और कुटीर उद्योगों के उत्पाद को वैश्विक बाजार मिल सके। नई नीतियां और सुधार बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति 2025 और सेमीकंडक्टर नीति 2026 लागू की गई है। इसका उद्देश्य बिहार को पूर्वी भारत का औद्योगिक हब बनाना है। साथ ही ‘जन विश्वास अधिनियम’ के तहत व्यापारियों को कानूनी राहत दी गई है। रोजगार और नई परियोजनाएं राज्य में इलेक्ट्रॉनिक सिटी, औद्योगिक पार्क और महिला छात्रावास जैसी योजनाएं शुरू हो रही हैं। 404 एकड़ भूमि आवंटन से 5500 करोड़ निवेश और 22,500 रोजगार की संभावना बनी है। इसके अलावा 24 जिलों में 13,345 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। मंत्री ने कहा कि बिहार अब तेजी से औद्योगिक विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह देश का प्रमुख निवेश केंद्र बनेगा।
चंडीगढ़ में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां PGI के एक डॉक्टर को शातिर ठगों ने अपने जाल में फंसाकर 1.10 करोड़ रुपए की ठगी कर ली। मामला सामने आते ही सेक्टर-17 स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता डॉ. राकेश प्रभुगौड़ पाटिल, निवासी सेक्टर-38, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने दिसंबर 2025 में इंटरनेट के माध्यम से शेयर मार्केट के बारे में जानकारी लेना शुरू किया था। इसी दौरान जनवरी 2026 में उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां ग्रुप के एडमिन और अन्य सदस्यों ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। 25 ट्रांजेक्शन में ट्रांसफर किए 1.10 करोड़ रुपए ठगों ने ज्यादा मुनाफे का लालच देकर डॉक्टर से अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। डॉक्टर ने करीब 25 ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.10 करोड़ रुपए निवेश कर दिए। डॉक्टर के मुताबिक शुरुआत में ऐप पर मुनाफा दिखाया गया, जिससे उनका भरोसा बढ़ गया। लेकिन जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने विभिन्न बहानों से उनसे और पैसे जमा करवाने शुरू कर दिए। RBI और ED अधिकारी बनकर मांगे 10 लाख रुपए ठगों ने खुद को RBI और ED का अधिकारी बताते हुए “सुरक्षा प्रक्रिया” के नाम पर डॉक्टर से 10 लाख रुपए और मांग लिए। इस दौरान डॉक्टर को शक हुआ और उन्होंने ग्रुप के अन्य सदस्यों से संपर्क किया। संपर्क करने पर खुला ठगी का राज जब डॉक्टर ने अन्य लोगों से बात की तो उन्हें पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को शिकायत दी। सेक्टर-17 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है, ताकि ठगों तक पहुंचा जा सके।
दलाल स्ट्रीट पर मंदी के बादल: ट्रंप की ईरान को धमकी के बाद भारतीय बाजार में बड़ी गिरावट
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव, सेंसेक्स 73,000 के करीब पहुंचा।
भारतीय बाजार में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,093 प्रति ग्राम तक पहुंची, शुद्धता के आधार पर कीमतों में विविधता बरकरार।
पंजाब सरकार अपने सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। 6 अप्रैल को PRTC के बेड़े में 100 नई बसें शामिल होंगी, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान हरी झंडी देकर रवाना करेंगे। वित्त और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य केवल बेहतर कनेक्टिविटी नहीं, बल्कि यात्रियों के आराम और सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देना भी है। वोल्वो बसें व 100 एचवीएसी बसें मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि सरकार कुल 100 मिडी और 309 साधारण बसों के लिए लगभग 125 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इसके अलावा, किलोमीटर स्कीम के तहत 254 अतिरिक्त साधारण बसें चलाई जाएंगी। पनबस के बेड़े में अब कुल 606 बसें शामिल होंगी, जिसमें 387 नई बसें सीधे बेड़े में जोड़ी जाएंगी। इसी योजना के तहत 19 वोल्वो बसें, 100 एचवीएसी बसें और 100 साधारण बसें भी शामिल होंगी। रूट प्लान भी तैयार किया गया पंजाब सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन को मजबूत बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। चूंकि राज्य के शहरों और चंडीगढ़ में मेट्रो का विस्तार अभी तक नहीं हुआ है, इसलिए बस नेटवर्क पर निर्भरता अधिक है। सरकार ने रूट सिस्टम के विवादों को सुलझाकर यात्रियों के लिए बेहतर और सुविधाजनक सेवाओं का रास्ता साफ किया है।
भिवानी की साइबर क्राइम पुलिस ने रुपए दोगुने करने के नाम पर 4 लाख 50 हजार रुपए की धोखाधड़ी के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता गांव फरटिया निवासी नरेश ने थाना साइबर क्राइम भिवानी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि 12 सितंबर 2025 को उसके मोबाइल नंबर पर अज्ञात व्यक्तियों द्वारा फोन किया गया। जिन्होंने क्विक प्रोफिट रेडी टू चैलेंज योवर लाइफ नामक कंपनी में निवेश करने पर कुछ ही घंटों में पैसे दोगुने करने का लालच दिया। आरोपियों द्वारा बार-बार संपर्क कर उसे विश्वास में लेकर 4 लाख 50 हजार रुपए की राशि निवेश करवाई। इसके बाद आरोपी लगातार और पैसे की मांग करने लगे। जिस पर उसे धोखाधड़ी का संदेह हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दी। शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हिसार का रहने वाला आरोपी थाना साइबर क्राइम के जांच अधिकारी सहायक उप निरीक्षक प्रदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिसार के आदमपुर के टिब्बा बस्ती निवासी सोनू के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने अन्य साथियों को धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देने के लिए अपने नाम पर सिम उपलब्ध करवाई थी। जिसके बदले में उसे एक हजार रुपए प्राप्त हुए थे। मामले में एक आरोपी को पूर्व में ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मजबूत होता भारतीय बाजार: निवेश के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बना सोना, जानें ताज़ा रेट
सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,093 प्रति ग्राम पहुंचा, जानिए 22 और 18 कैरेट की ताजा दरें और बाजार का हाल।
भारतीय शेयर बाजार ने वित्त वर्ष 2025-26 का समापन निराशाजनक प्रदर्शन के साथ किया। कोविड-19 से प्रभावित वर्ष को छोड़ दें, तो सेंसेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों के लिए यह पिछले एक दशक का सबसे खराब साल साबित हुआ
जोधपुर के महामंदिर थाने में एक व्यक्ति ने करोड़ों की ठगी के मामले को लेकर रिपोर्ट दी है। पीड़ित रमेश पुरी ने समृद्ध जीवन मल्टी स्टेट मल्टी प्रपोज कोऑपरेटिव सोसाइटी और फूड्स इंडिया लिमिटेड के डायरेक्टर्स व अधिकारियों पर 5-6 करोड़ की ठगी का आरोप लगाते हुए अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर-3 में परिवाद दायर किया है। परिवादी ने बताया कि विनोद डांगी ने आकर्षक निवेश योजनाओं का लालच देकर कई लोगों से पैसे इकट्ठा किए, लेकिन समय पूरा होने पर न तो मूल रकम लौटाई और न ही मुनाफा। उन्होंने बताया कि विनोद डांगी ने पावटा सन सिटी अस्पताल के पास जोधपुर ऑफिस से संपर्क कर पुरी व अन्य (कुशालाराम सोलंकी, हनुमानाराम, सुनंदा बोराणा आदि) को पुणे मुख्यालय ले जाकर मीटिंग कराई। जहां कंपनी के डायरेक्टर महेश किशन मोतेवार, वैशाली मोतेवार, राजेश पंडुरंग भंडारे व अन्य ने बकरी-भैंस पालन, कृषि, होटल जैसे कारोबार का लाभ दिखाया। उनकी बातों पर विश्वास में आकर निवेशकों ने एजेंट बनकर स्थानीय स्तर पर 5-6 करोड़ जमा करा दिए। आरोपियों ने झांसे में लेने के लिए अजमेर के कैकड़ी में 700-800 बीघा जमीन भी दिखाई। बताया कि यहां पर कृषि संबंधी कार्य किया जाता है, लेकिन नियत समय पूरा होने पर निवेश के रुपए नहीं लौटाए।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में कैंसर अस्पताल और लॉ कॉलेज खोलने के नाम पर वकील से करीब 3 करोड़ रुपए की ठगी हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने पीड़ित को स्कॉटलैंड से 103 करोड़ रुपए का डिमांड ड्राफ्ट भेजने का झांसा दिया। इस रकम को क्लियर कराने के नाम पर अलग-अलग प्रोसेसिंग फीस और टैक्स के बहाने 3 करोड़ रुपए वसूल लिए गए। काफी समय तक डिमांड ड्राफ्ट क्लियर नहीं होने पर पीड़ित को संदेह हुआ। जांच करने पर खुद के साथ ठगी होने का एहसास हुआ। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इस मामले में पीड़ित ने बैंक कर्मी दोस्त पर ठगी के आरोप लगाए थे, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित वकील का नाम अरुण मिश्रा है। आरोपी HDFC बैंक में काम करता था। मामला चकरभाठा थाना क्षेत्र का है। आरोपी नवीन जून (34), सोनीपत (हरियाणा) का रहने वाला है, जो वर्तमान में बिलासपुर में रह रहा था। उसके कब्जे से थार और वेन्यू कार, मोबाइल, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी हो सकती है, जिसकी जांच जारी है। इस तरह दिया ठगी की वारदात को अंजाम पीड़ित ने थाना चकरभाठा में शिकायत दर्ज कराई कि जनवरी-फरवरी 2024 में उसे एक विदेशी नंबर से वॉट्सएफ मैसेज मिला। मैसेज भेजने वाले ने खुद को ग्रेट ब्रिटेन का ‘डॉ. लोव्हीत’ बताया और बाद में उसे अपनी कथित सहयोगी ‘ग्रेस डेविड’ (स्कॉटलैंड निवासी) से जोड़ दिया। ग्रेस डेविड ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टिट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज में करीब 500 करोड़ रुपए निवेश करने का झांसा दिया और पीड़ित को पार्टनर बनाने की बात कही। इस झांसे में आकर पीड़ित ने प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कराई और लगातार संपर्क में रहा। डिमांड ड्राफ्ट क्लियरेंस के नाम पर मांगे रुपए 10 जून 2024 को महिला के भारत आने और उसके नाम पर 103 करोड़ रुपए के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस के नाम पर पीड़ित से पैसे मांगे जाने लगे। शुरुआत में होटल, खर्च और औपचारिकताओं के नाम पर रकम ली गई, फिर एंबेसी, बैंक, आरबीआई, ईडी और कस्टम की कार्रवाई का हवाला देकर लगातार पैसे मांगे गए। इस तरह प्रार्थी ने 31 जुलाई 2024 तक अलग-अलग खातों से करीब 11.5 लाख रुपए और बाद में आरोपी नवीन जून के खाते में किस्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल किया जांच में सामने आया कि आरोपी नवीन जून ने फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक और एंबेसी का अधिकारी बताकर पीड़ित को गुमराह किया। आरोपी पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट रह चुका है और उसने अपनी बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल कर साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। ………………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रायपुर में 10वीं पास बना रहा था डॉक्टर-पोस्ट मास्टर: फर्जी-ऑफिस खोलकर 2.34 करोड़ की ठगी, 52 पीड़ितों ने की शिकायत, पुलिस ने चार आरोपी पकड़े छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के विधानसभा इलाके में फर्जी ऑफिस खोलकर बेरोजगारों को सरकारी नौकरी और डॉक्टर बनाने का झांसा देने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। खुद को दिल्ली पोस्ट ऑफिस का डायरेक्टर बताने वाला गिरोह का मास्टरमाइंड 10वीं पास है और अब तक 52 लोगों से 2 करोड़ 34 लाख रुपए ठग चुका है। पढ़ें पूरी खबर…
जबलपुर में साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। “रुपए कई गुना करने” के लालच में एक 40 वर्षीय डॉक्टर से ठगों ने दो महीने के भीतर 3 करोड़ 4 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। जब रकम बड़ी हो गई तो ठगों ने अकाउंट बंद कर दिया। पीड़ित ने साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गौरा बाजार क्षेत्र निवासी डॉक्टर क्लीनिक में बैठे फेसबुक चला रहे थे, तभी उन्हें शेयर बाजार से जुड़ा एक लिंक मिला। लिंक क्लिक करने के बाद अगले दिन कॉल आया, जिसमें ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश पर रोज 91% और लंबे समय में 500% तक रिटर्न का झांसा दिया। अलग-अलग स्कीम बताकर धीरे-धीरे डॉक्टर को अपने जाल में फंसा लिया। फर्जी ऐप में दिखता था बढ़ता पैसा ठगों ने डॉक्टर को एक लिंक के जरिए ऐप डाउनलोड कराया और खुद को बड़ी कंपनी से जुड़ा बताया। ट्रेडिंग अकाउंट बनाकर उसमें रोज निवेश के बाद बढ़ती रकम दिखाई जाती थी। इसी लालच में डॉक्टर ने 2 महीने में किश्तों में 3.04 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। अचानक अकाउंट बंद होने पर ठगी का खुलासा हुआ। 80 लाख रुपए होल्ड, 2 आरोपी गिरफ्तार मामले में एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर टीम गठित कर जांच शुरू की गई। जांच में शीतलामाई निवासी संस्कार केशरवानी और खमरिया तिघरा निवासी सौरभ विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि बैंक खातों को खरीदकर उनके जरिए ठगी की रकम मंगाई जाती थी और फिर निकाल ली जाती थी। पुलिस ने समय रहते करीब 80 लाख रुपए होल्ड करवा लिए हैं। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। ऐसे करते थे ठगी का खेल आरोपी टेलीग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए अलग-अलग राज्यों में बैठे गिरोह से जुड़े थे। ये लोग लोगों के नाम से करंट/कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाकर उन्हें आगे भेज देते थे, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर होती थी। इसके बाद हिस्सेदारी में पैसा बांट लिया जाता था। पुलिस की अपील
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आदर्श घोटाले को लेकर सरकार और अतिरिक्त महाधिवक्ता की भूमिका पर निशाना साधा है। जूली ने कहा-राजस्थान के लाखों गरीबों और मध्यमवर्गीय परिवारों का पैसा हड़पने वाले बहुचर्चित आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी घोटाले में राजस्थान सरकार एक वकील को डबल रोल में रखकर पीड़ितों के साथ अन्याय कर रही है। घोटाले के आरोपियों और सरकार का वकील एक ही है। सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता और आदर्श घोटाले के आरोपियों के बीच गहरा संबंध है। जूली ने कहा- 1999 में मुकेश मोदी और परिवार की तरफ से शुरू की गई सोसाइटी ने 2010 से 2014 के बीच करीब 22 लाख मासूम लोगों से 15,000 करोड़ रुपए की ठगी की। जांच में सामने आया कि लगभग 125 फर्जी कंपनियों के माध्यम से जनता का पैसा मोदी परिवार के सदस्यों और उनके करीबियों तक पहुंचाया गया। 2018 में SOG की FIR के बाद गिरफ्तारियां तो हुईं, लेकिन आज न्याय की उम्मीद पर सरकार के वकील ही पानी फेर रहे हैं। जूली ने कहा- घोटाले के अन्य आरोपियों के अतिरिक्त इसमें एक आरोपी सिद्धार्थ चौहान भी शामिल है। राजस्थान सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में इस केस की पैरवी कर रहे AAG शिवमंगल शर्मा और उनकी लॉ फर्म ऑरा एंड कंपनी का इस घोटाले के आरोपियों के साथ गहरा संबंध है। इसी घोटाले में दो और मुकदमे गुड़गांव और दिल्ली में चल रहे हैं। इन मुकदमों में सिद्धार्थ चौहान सह आरोपी है और अभी तक फरार होने के कारण भगौड़ा घोषित किया जा चुका है। इस आरोपी सिद्धार्थ चौहान के दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे मुकदमे में आरोपी की ओर से लॉ फर्म ऑरा एंड कंपनी नियुक्त है, जो वकील शिवमंगल शर्मा, सौरभ राजपाल, निधि जायसवाल तथा इनके साथियों की फर्म है। न्यायिक मर्यादाओं और बार काउंसिल नियमों की धज्जियां उड़ाई जूली ने कहा- बार काउंसिल ऑफ इंडिया का नियम 33 स्पष्ट रूप से किसी भी वकील को विरोधी हितों वाले पक्षों के लिए कार्य करने से रोकता है। सुप्रीम कोर्ट ने भी 'चंद्र प्रकाश त्यागी बनाम बनारसी दास' मामले में व्यवस्था दी है कि वकील और क्लाइंट का संबंध विश्वास पर टिका होता है। जब वकील के पास दोनों पक्षों की गोपनीय जानकारियां हों, तो न्याय की निष्पक्षता खत्म हो जाती है। एक ही घोटाले से जुड़े मामलों में एक वकील दिल्ली हाईकोर्ट में सह-आरोपी की पैरवी कर रहा हो और वहीं सुप्रीम कोर्ट में उसी प्रकरण से जुड़े राज्य पक्ष (SOG केस) में राजस्थान सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG) के रूप में उपस्थित हो, तो यह स्थिति स्पष्ट रूप से दोनों पक्षों के हितों का प्रतिनिधित्व करने की श्रेणी में आती है। क्या सरकार वकील शिवमंगल शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस रखती है?जूली ने कहा- क्या शिवमंगल शर्मा और ऑरा लॉ फर्म ने राजस्थान सरकार को यह जानकारी दी थी कि वे इसी घोटाले के सह-आरोपी के वकील के रूप में भी काम कर रहे हैं? यदि सरकार को इस तथ्य की जानकारी दी गई थी, तो फिर ऐसे 'हितों के टकराव' वाले वकील को राज्य का पक्ष रखने के लिए नियुक्त करना पीड़ितों के साथ सरासर धोखा है। यदि वकील ने यह जानकारी छिपाई, तो क्या राजस्थान सरकार अब उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई और प्रोफेशनल मिसकंडक्ट का मामला दर्ज करने का साहस दिखाएगी? इन सवालों का जवाब न मिलना यह साबित करेगा कि सरकार की मिलीभगत से 22 लाख निवेशकों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
रतलाम के पलसोड़ी क्षेत्र में बनाए जा रहे इंडस्ट्रीज कॉरिडोर (निवेश क्षेत्र) को लेकर एक बार फिर क्षेत्र के लोग विरोध पर उतर आए है। ग्रामीणों के साथ सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार भी निवेश क्षेत्र में धरने पर बैठ गए है। प्रशासनिक अधिकारी भी समझाने पहुंचे है। अधिकारियों को भी नीचे जमीन पर बैठ बात करना पड़ी। रतलाम के दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस वे के पास पलसोड़ी क्षेत्र में 1700 हेक्टेयर क्षेत्र में निवेश क्षेत्र बन रहा है। कई कंपनियों ने यहां पर काम शुरू कर दिया है। निवेश क्षेत्र की जमीन पर तीन से चार गांवों के लोगों की जमीने व घर आ रहे है। ऐसे में उन्हें हटाया जाना है। पूर्व में पलसोड़ी ग्राम पंचायत द्वारा ग्राम सभा रख कर निवेश क्षेत्र में किए जा रहे कामों को लेकर आपत्ति जताई थी। प्रशासन को भी आपत्ति से अवगत कराया गया। लेकिन किसी ने संज्ञान नहीं लिया। इसी के विरोध में क्षेत्र के आसपास के गांवों व पलसोड़ी के ग्रामीण निवेश क्षेत्र में शुक्रवार सुबह से धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों के साथ धरने पर सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा, कांग्रेस नेता लक्ष्मणसिंग डिंडोर, ग्राम पंचायत पलसोड़ी सरपंच पति गोरधन बोरासी, जुलवानिया सरपंच छोटू भाबर आदि धरने पर बैठे। अधिकारी पहुंचे, दस्तावेज दिखाए धरने की सूचना पर सैलाना एसडीएम तरुण जैन, रतलाम तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, मनोज जैन के अलावा एमपीआरडीसी के अधिकारी व पुलिस बल भी पहुंचा। अधिकारियों ने सभी की बात सुनी। धरना दे रहे विधायक व ग्रामीणों के साथ सैलाना एसडीएम व तहसीलदार को भी नीचे जमीन पर बैठ बातचीत करना पड़ी। दोपहर तक कोई निराकरण नहीं निकला। ग्रामीण धरने पर बैठे है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष केशुराम निनामा ने बताया निवेश क्षेत्र को लेकर पूर्व में ग्राम पंचायत पलसोड़ी द्वारा आमसभा रख प्रस्ताव पारित कर आपत्ति जताई थी। ग्राम पंचायत की बिना अनुमति के काम किया जा रहा है। जब तक बात नहीं मानी जाएगी, धरने पर बैठेंगे।
हरियाणा के हिसार जिले में साइबर अपराधियों ने एक व्यापारी और उनके रिश्तेदार को अपना निशाना बनाकर ₹2 करोड़ 40 लाख 5 हजार रुपए की रिकॉर्ड ठगी को अंजाम दिया है। ठगों ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर जीजा-साले की इस जोड़ी को फर्जी निवेश के जाल में फंसा लिया। हिसार के नागोरी गेट निवासी सन्नी बंसल, जो मिर्जापुर रोड पर स्टील पाइप की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब एक महीने पहले उन्हें अज्ञात व्यक्तियों ने “Trading Friends Club G7” और “Shark Club G7” नामक वॉट्सएप ग्रुपों में जोड़ा था। इन ग्रुपों में निवेश के जरिए भारी कमाई के दावों से प्रभावित होकर सन्नी ने अपने जीजा सतीश कुमार को भी इसमें शामिल कर लिया। डॉ. राजीव सिंह, मीना और खुशी नाम के व्यक्तियों ने उन्हें एक विदेशी ट्रेडिंग एप ‘मार्क सीएम’ डाउनलोड करने का लिंक भेजा, जिसे ठगों ने भारत और अमेरिका में लाइसेंस प्राप्त बताया था। जानिए पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने क्या कहा...
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध की वजह से शेयर बाजार में आई अस्थिरता ने पानीपत के एक परिवार में संकट खड़ा कर दिया है। शहर के सेक्टर 11 के एक 46 वर्षीय शेयर मार्केट ब्रोकर, गगन आहुजा, बाजार में हुए भारी नुकसान और मानसिक तनाव के चलते संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। परिजनों ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज कराई है। पानीपत पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर गगन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनका पता लगाने का प्रयास कर रही है। नाइट सूट में पार्क गए थे, मोबाइल-कैश साथ ले गए लापता ब्रोकर के पिता केएल आहुजा ने जानकारी देते हुए बताया कि 30 अप्रैल की सुबह करीब 7:00 बजे गगन घर से नाइट सूट पहनकर पास के पार्क में मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। वह अपने साथ मोबाइल फोन और करीब 1500 रुपए नकद भी ले गए थे। जब वह सुबह 10 बजे तक वापस नहीं लौटे और उनका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी, जिसके आधार पर गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया है। युद्ध के चलते क्लाइंट्स को हुआ नुकसान परिजनों के अनुसार, गगन लंबे समय से शेयर मार्केट ब्रोकर का काम कर रहे थे। पिछले कुछ समय से मध्य पूर्व में जारी वैश्विक संघर्ष और युद्ध की वजह से बाजार में बड़ी गिरावट आई, जिससे गगन के कई क्लाइंट्स को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। इस बात को लेकर वह अत्यधिक मानसिक तनाव और परेशानी में थे। पिता का मानना है कि संभवतः इसी दबाव के चलते उन्होंने घर छोड़ने का कदम उठाया है। 10वीं में होना है बेटे का दाखिला गगन के अचानक लापता होने से घर में कोहराम मचा हुआ है। उनकी मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार की चिंता इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि गगन के बेटे का इसी महीने 10वीं कक्षा में एडमिशन होना है। पूरा परिवार उनकी सुरक्षित वापसी की आस लगाए बैठा है। 4 करोड़ की देनदारी के आरोप निराधार- पिता ब्रोकर के गायब होने के बाद सोशल मीडिया और शहर में ऐसी चर्चाएं फैल रही हैं कि उन पर 4 करोड़ रुपए की देनदारी है, जिसके कारण वह लापता हुए हैं। हालांकि, पिता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे पर लेन-देन के जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें कोई सच्चाई नहीं है।
नोएडा में निवेश में मुनाफा दिखाकर एमबीए पास युवक से 91 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित एक निजी कंपनी में काम करता है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने उसकी शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट निवासी अक्षत सिंह ने शिकायत में बताया कि वह एमबीए पास हैं । वर्तमान में एक निजी कंपनी में वर्क फ्रॉम होम करते हैं। उनके मोबाइल में एक मार्च को एक लिंक आया, जिसमें एक ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा। 50 हजार पर मिला मुनाफायह ऐप शेयर बाजार में निवेश और आईपीओ ट्रेडिंग के नाम पर था। इसके बाद अक्षत से संपर्क करने वाले लोगों ने खुद को मार्क सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का कर्मचारी बताया और कहा कि उनकी कंपनी सेबी से रजिस्टर्ड है। कुछ लोगों ने अपना नाम डॉ. राजीव सिंह, खुशी गोयल और मीनाक्षी बताया और अक्षत को भरोसे में लेकर निवेश करने के लिए तैयार कर लिया ।शुरुआत में युवक ने 50 हजार रुपये निवेश किए। इस पर उसे मुनाफा हुआ। 12 मार्च तक लगाया पैसाबाद में कंपनी के लोगों ने उसे ज्यादा मुनाफा दिखाया और लगातार गाइड करते रहे। इसी भरोसे में आकर युवक ने पांच से 12 मार्च के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल करीब 51.5 लाख रुपये निवेश कर दिए। ऐप में उसे अच्छा मुनाफा भी दिखाया जाता रहा, जिससे उसका विश्वास और बढ़ गया। कैपिटल गेन टैक्स मांगने पर हुआ शकयुवक को 27 मार्च को बताया गया कि वह अपने शेयर बेच सकता है। जब उसने रुपये निकालने की कोशिश की, तो कंपनी की तरफ से कहा गया कि रुपये एक दिन बाद खाते में आ जाएंगे। मीनाक्षी नाम की महिला ने 30 मार्च को अक्षत से कहा कि रकम निकालने के लिए पहले 5.75 लाख रुपये कैपिटल गेन टैक्स के रूप में जमा करने होंगे। यहीं से युवक को शक हुआ। उसने देखा कि टैक्स से जुड़ी जानकारी और लिंक किसी दूसरी संस्था से जुड़ा है, जो फर्जी लग रहा था। तब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हो चुकी है। पीड़ित ने बताया कि उससे कुल 91 लाख 78 हजार 155 रुपये की ठगी हुई। इस धोखाधड़ी के कारण वह आर्थिक और मानसिक रूप से काफी परेशान है। शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि जिन खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई, उनकी जानकारी एकत्र की जा रही है। किराये के खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर होने की आशंका जताई जा रही है।
सोनीपत पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह मुफ्त में शेयर बाजार में निवेश करना सिखाने के नाम पर लोगों से ठगी करता था। पुलिस ने राजस्थान के बाड़मेर से गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने एक व्यक्ति से 10 लाख रुपए से अधिक की ठगी की थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान बालोतरा, राजस्थान निवासी होता राम, जेठू सिंह और किशना राम के रूप में हुई है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह और पुलिस उपायुक्त पश्चिम एवं साइबर सोनीपत कुशल पाल सिंह के मार्गदर्शन में साइबर थाना पुलिस टीम द्वारा की गई। 3 मार्च को दर्ज कराई गई थी शिकायत मामले का खुलासा तब हुआ, जब 3 मार्च 2025 को सोनीपत के नरेंद्र नगर निवासी पंकज ने साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। पंकज ने बताया कि 1 फरवरी 2025 को उन्हें एक टेलीग्राम चैनल पर मुफ्त में शेयर बाजार में निवेश करने की जानकारी देने निमंत्रण मिला था। कंपनी ने खुद को बहुउद्देशीय बताकर पैसे को बाजार में निवेश कर दोगुना करने का लालच दिया। शिकायतकर्ता को टेलीग्राम पर एक लिंक साझा कर खाता बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कुछ दिनों बाद, उन्हें इस खाते के माध्यम से पैसे निवेश करने और तीन गुना रिटर्न पाने का लालच दिया गया। पंकज ने 8 फरवरी 2025 से 13 फरवरी 2025 के बीच विभिन्न खातों में कुल 10 लाख 14 हजार 022 रुपए का निवेश कर दिया। रुपए निकालने की कोशिश की, कंपनी ने किया इनकार जब पंकज ने अपने पैसे वापस निकालने की कोशिश की, तो कंपनी ने इनकार कर दिया। उन्हें तब पता चला कि फर्जी वेबसाइट और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर खोले गए खातों के माध्यम से उनके साथ धोखाधड़ी की गई है। इस संबंध में साइबर थाना सोनीपत में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब थाना साइबर सोनीपत के प्रबंधक निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम (उप निरीक्षक कृष्ण, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र, सहायक उप निरीक्षक संजय, सिपाही सुमित व मुख्य सिपाही विनोद शामिल हैं) ने कार्रवाई करते हुए बाड़मेर से तीनों आरोपियों को अरेस्ट कर लिया। आरोपियों के कब्जे से दो हजार की नकदी भी बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ईरान वॉर को लेकर ट्रंप के ऐलान से शेयर बाजार में हड़कंप, सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निफ्टी भी धड़ाम
Stock Market Crash on 2 April: ट्रंप के बयान के बाद आज शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। सेंसेक्स 1400 और निफ्टी 460 अंक से ज्यादा टूट गए हैं। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने बाजार का मूड बिगाड़ा।
देश के लिए फायदेमंद है चाइल्ड केयर में निवेश करना
न्यूयार्क में मेयर का चुनाव जीतने वाले जोहरान ममदानी की जीत का एक बड़ा कारण शहर के सभी बच्चों के लिए राज्य प्रायोजित चाइल्ड केयर की गारंटी देना था।
अरशद वारसी पर लगा शेयर मार्केट में बैन, जानिए क्या है मामला
बॉलीवुड एक्टर अरशद वारसी और उनकी पत्नी मारिया गोरेट्टी समेत 57 लोगों पर शेयर बाजार नियामक SEBI ने बैन लगा दिया है। उन्हें 1 साल के लिए सिक्योरिटी मार्केट से प्रतिबंधित कर दिया है। सेबी का कहना है कि ये लोग मार्केट में धोखाधड़ी जैसे कामों में पाए गए।
काजोल ने किया रियल एस्टेट में निवेश, खरीदी इतने करोड़ की कमर्शियल प्रॉपर्टी
बॉलीवुड एक्ट्रेस काजोल ने इंडस्ट्री में एक अलग मुकाम हासिल किया है। काजोल भले ही फिल्मों में कम नजर आती हो, लेकिन वह सुर्खियों में बनी रहती हैं। काजोल ने अब एक्टिंग के साथ-साथ रियल एस्टेट में भी कदम रख दिया है। काजोल ने मुंबई के गोरेगांव वेस्ट ...
जानिए क्यों पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास पर है 2100 करोड़ रुपए निवेश
पैन इंडिया सुपरस्टार प्रभास अपने करियर के शानदार दौर से गुजर रहे हैं, और निर्विवाद रूप से अखिल भारतीय सुपरस्टार के रूप में अपनी जगह पक्की कर रहे हैं। बाहुबली, सलार, कल्कि 2898 एडी जैसी बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने वाली फिल्मों के साथ, उन्होंने भारतीय ...
खतरों के खिलाड़ी सीजन 14 के कंटेस्टेंट अभिषेक कुमार जिन्होंने बिग बॉस 17 में अपने कार्यकाल से काफी लोकप्रियता हासिल की, अपने आकर्षक व्यक्तित्व से लोगों के दिलों पर राज कर रहे हैं। विवादित रियलिटी शो में उनकी भागीदारी ने उन्हें स्टार बना दिया और उन्हें रातोंरात सफलता दिलाई। अभिषेक जो वर्तमान में रोहित शेट्टी के शो खतरों के खिलाड़ी 14 में हैं, ने साझा किया कि वह एक प्रोडक्शन हाउस खोलना चाहते हैं। इसे भी पढ़ें: Kartik Aaryan का खुलासा, Pyaar Ka Punchnama की सफलता के बावजूद उनके पास ‘कोई ऑफर नहीं था, कोई पैसा नहीं था ईटाइम्स टीवी के साथ एक इंटरव्यू में, अभिषेक ने खुलासा किया कि वह भविष्य के लिए पैसे बचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता चाहते हैं कि वह मुंबई में एक घर खरीदें, लेकिन वह एक व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। अभिषेक ने कहा कि वह एक उद्यमी बनना चाहते हैं और उनके बड़े सपने हैं जिन्हें वह हासिल करना चाहते हैं। अभिषेक कुमार मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते इंटरव्यू में, अभिषेक ने कहा कि उन्होंने पैसे बर्बाद करना बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह मुंबई में घर नहीं खरीदना चाहते क्योंकि शहर काफी महंगा है और कहा कि किराए पर रहना एक समझदारी भरा फैसला है। उन्होंने यहां तक कहा कि घर खरीदने में बड़ी रकम लगाने और फिर हर महीने लोन के रूप में बैंक को बड़ी EMI चुकाने का कोई मतलब नहीं है। इसे भी पढ़ें: Karan Johar को कोर्ट से मिली राहत, फिल्म Shaadi Ke Director Karan Aur Johar की रिलीज परह लगी रोक अभिषेक ने कहा कि वह अपना पैसा निवेश करना चाहते हैं और उस पर ब्याज पाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह रवि दुबे और सरगुन मेहता की तरह एक प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनका परिवार चंडीगढ़ में घर खरीदे, लेकिन मुंबई में नहीं क्योंकि वे वहीं रह सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह पैसे बचाना चाहते हैं और कोई दूसरा व्यवसाय शुरू करने में निवेश कर सकते हैं। KKK 14 की बात करें तो शिल्पा शिंदे शो से बाहर हो गईं। एक यूट्यूब चैनल के अनुसार, सनी वरुण ने बात की, गश्मीर, करणवीर, अदिति और अभिषेक ने निष्कासन स्टंट किया।

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