मेघालय में असम के लोगों से मारपीट के बाद भड़की हिंसा, फुटेज में जाने पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका; असम ने सीमाओं पर की नाकेबंदी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिले सीएम सरमा, असम में बाढ़ से हुए नुकसान की दी जानकारी
गुवाहाटी, 21 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्व सरमा ने Friday को कहा कि उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राज्य में आई हालिया बाढ़ के बाद चल रहे राहत कार्यों, नुकसान के आकलन, पुनर्निर्माण की योजनाओं और प्रभावित परिवारों की आजीविका बहाल करने के प्रयासों की जानकारी दी है. Chief Minister ... Read more
Himanta Biswa Sarma ने Nirmala Sitharaman से की मुलाकात, असम बाढ़ राहत पर हुई चर्चा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को राजधानी में केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण और प्रह्लाद जोशी से मुलाकात की और राज्य से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। शर्मा ने सीतारमण को बाढ़ की स्थिति पर राज्य सरकार की कार्रवाई और प्रभावित लोगों के पुनर्वास की योजना के बारे में भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री शर्मा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘माननीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मिलकर हमेशा खुशी होती है, जो लगातार असम के हितों और आंकाक्षाओं की प्रबल समर्थक रही हैं।’’शर्मा ने कहा, ‘‘हमेशा की तरह, उन्होंने हमारी चिंताओं को बहुत ध्यान और संवेदनशीलता से सुना। मैं उनके सकारात्मक रुख और इस भरोसे के लिए बहुत आभारी हूं कि भारत सरकार असम के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी, क्योंकि हम बाढ़ से प्रभावित हर परिवार की जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने के लिए कार्य कर रहे हैं।’’मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने शिक्षा, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री जोशी के साथ भी ‘‘बेहद सार्थक बैठक’’ की। शर्मा ने कहा, ‘‘हमने शिक्षा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में असम के लिए अहम प्राथमिकताओं पर चर्चा की। असम के प्रति सकारात्मक नजरिए और लगातार सहयोग के लिए जोशी जी का आभार।
भारतीय मिशन के अनुसार, बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के वित्त और योजना मंत्री अमीर खुसरू महमूद चौधरी से मुलाकात की और आर्थिक सहयोग, दोनों देशों के बीच विकास परियोजनाओं और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की ढाका की मांग के कारण रिश्तों में नई खटास आ गई है और अगले महीने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की भारत यात्रा को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। त्रिवेदी ने बांग्लादेश के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन से भी मुलाकात की और दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में सहयोग पर चर्चा की। ये बैठकें ऐसे समय में हुईं जब बांग्लादेश ने कहा कि रहमान की भारत यात्रा की संभावना बहुत कम है, जब तक कि आपसी भरोसे पर आधारित सही माहौल न बन जाए। इसे भी पढ़ें: Assam Police ने 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोका, CM Himanta Biswa Sarma ने दी जानकारी गुरुवार को बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग ने एक्स पर कहा कि उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के वित्त और योजना मंत्री महामहिम श्री अमीर खोसरू महमूद चौधरी से शिष्टाचार भेंट की और भारत तथा बांग्लादेश के बीच आर्थिक सहयोग और द्विपक्षीय विकास परियोजनाओं से जुड़े आपसी हितों के विषयों पर चर्चा की। त्रिवेदी ने चौधरी को कौटिल्य के 'अर्थशास्त्र' की एक प्रति भी भेंट की। भारतीय मिशन ने किताब का हवाला देते हुए कहा: अर्थशास्त्र कहता है, 'शिक्षा सबसे अच्छी दोस्त है। एक शिक्षित व्यक्ति का हर जगह सम्मान होता है। इससे पहले, त्रिवेदी ने हुसैन से मुलाकात की। भारतीय मिशन ने कहा दोनों पक्षों ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में लोगों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए आपसी लाभ और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की। इसे भी पढ़ें: कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर? जो बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति चुने गए बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर ने कहा कि अगले महीने ब्रिक्स समिट के लिए रहमान के भारत दौरे की संभावना बहुत कम है, जब तक कि आपसी भरोसे वाला सही माहौल न बने। कबीर ने इस बात पर भी नाराज़गी जताई कि राजनीतिक उथल-पुथल के बाद भारत भागीं हसीना को भारतीय ज़मीन का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों और मीडिया में आने के लिए करने दिया गया। इस महीने की शुरुआत में शेख हसीना ने नई दिल्ली से एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया था। बांग्लादेश सरकार ने इस मामले पर भारत के सामने राजनयिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हसीना से जुड़े मीडिया इवेंट में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।
बुधवार को मेघालय में असम के लोगों से मारपीट से शुरू हुआ विवाद अब मेघालय के कई राज्यों तक पहुंच गया है। मेघालय में सरकारी संपत्तियों पर आगजनी और पेट्रोल बम फेंकने की घटनाएं सामने आई हैं। असम ने भी मेघालय से लगी अपनी सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी है। अब जानिए विवाद शुरू होने की वजह बुधवार को मेघालय के शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की रैली के दौरान असम के लोगों के साथ मारपीट कर उनके वाहनों को आग लगा दी गई थी। हिंसा में 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिनमें ज्यादातर असम के नंबर की थीं। इसके बाद मेघालय के कई जिलों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं शुरू हो गई थीं। हिंसा के शिकार ज्यादातर लोग असम के हैं। इसके विरोध में गुरुवार को गुवाहाटी के टैक्सी चालकों ने नेशनल हाईवे-27 पर आवाजाही रोक दी थी। शिलॉन्ग में पुलिस चौकी पर हमला शिलांग में गुरुवार को दिन भर हालात सामान्य रहे। लेकिन, रात करीब 9:30 बजे नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंक दिया। बम चौकी के अंदर गिरा और आग लग गई। हालांकि, इस समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे, जो धमाके की आवाज सुनते ही नीचे पहुंचे। इसके चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। इसके अलावा शिलांग में एक जगह अज्ञात लोगों ने नेताजी सुभाषचंद्र बोष और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों में तोड़फोड़ की। इससे पूरे शहर में तनाव के हालात बन गए हैं। असम के संगठनों ने रखीं मांगें असम के ड्राइवर संगठनों और टूरिस्ट कैब ऑपरेटरों ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और पर्यटन मंत्री से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायल लोगों के लिए मुआवजा देने की मांग की। साथ ही, मेघालय में सफर करने वाले असम नंबर के वाहनों और उनके ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर लिखित भरोसा देने को कहा है। संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक मेघालय नंबर के वाहनों को असम में एंट्री नहीं दी जाएगी। असम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने छह महीने तक मेघालय को वीकेंड पर्यटन स्थल के तौर पर बहिष्कार करने की अपील भी की। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री शांति बहाल करने पर सहमत दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। दोनों ने राज्यों में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की बात कही। मेघालय के उप मुख्यमंत्री सियावभालांग धर और असम के कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा को बैठक करने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों मंत्री स्थिति सुधारने, आगे की घटनाएं रोकने, यात्रियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी सामान व सेवाओं की लगातार आवाजाही पर चर्चा कर रहे हैं। 25 अगस्त तक तैनात रहेंगी केंद्रीय बलों की 5 कंपनियां केंद्र ने गुरुवार को मेघालय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी। इनमें सीआरपीएफ की चार और रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी शामिल है। ये कंपनियां 25 अगस्त तक राज्य में तैनात रहेंगी। मेघालय सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शिलॉन्ग के संवेदनशील इलाकों और राज्य के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारी आगे की हिंसा रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने जिला भिवानी के गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री अशोक सिंघल ने माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति तथा उन्नति की कामना की। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की विभिन्न विधियों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता के बारे में भी जानकारी ली। मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया पूजा-अर्चना के बाद, स्वास्थ्य मंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में ही जलपान किया और स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं तथा मंदिर से जुड़े लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से बातचीत करते हुए क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अशोक सिंघल के पहाड़ी माता मंदिर पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके साथ मुलाकात की और उनके आगमन का स्वागत किया। इस अवसर पर माता रानी के जयकारे लगाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा करने के बाद दिल्ली हुए रवाना इस दौरे के दौरान लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं। मंत्री सिंघल ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धार्मिक स्थल की व्यवस्थाओं और क्षेत्र से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की। मंदिर में पूजा-अर्चना और जलपान के उपरांत अशोक सिंघल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे के दौरान पहाड़ी माता मंदिर में श्रद्धा और आस्था का माहौल बना रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आगमन को क्षेत्र के लिए सौभाग्यपूर्ण बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
Manipur में Assam Rifles ने जब्त किए 27 करोड़ के मादक पदार्थ, 6 तस्कर गिरफ्तार
मणिपुर के जिरीबाम जिले में छह संदिग्ध तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 27 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। एक बयान में शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। बयान के मुताबिक, असम राइफल्स और मणिपुर पुलिस ने बृहस्पतिवार को तुपीधार इलाके में संयुक्त अभियान चलाया। इसमें कहा गया कि बराक नदी के रास्ते संदिग्ध तस्करों की आवाजाही की सूचना मिलने पर असम राइफल्स के जवानों ने एक नाव को रोका, जिसके बाद उसमें सवार लोगों ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की। बयान के अनुसार, संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से 27 करोड़ रुपये मूल्य की 90,000 याबा गोलियां और 28.80 लाख रुपये की 48 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। इसके मुताबिक, गिरफ्तार लोगों की पहचान एल्बेथेल लुंगताऊ, पाना हमार, डेन्थर हमार, लालतिउंग्लियन हमार, लाल रामथार हमार और थौना हमार के रूप में हुई है। बयान में बताया गया है कि आरोपियों और जब्त मादक पदार्थों को जांच के लिए बोरो बेकरा पुलिस को सौंप दिया गया है।
यूपी, बंगाल, ओडिशा और असम में बाढ़ का संकट, प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और असम में भारी बारिश और प्रमुख बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदियां उफान पर हैं. मैदानी इलाकों के सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं और लाखों की आबादी बाढ़ के संकट से जूझ रही है.
रिलायंस के 'वंतारा' ने रचा इतिहास। बाढ़ की चपेट में आई गंभीर रूप से घायल 53 वर्षीय हथिनी 'जॉयमोती' को विशेष इलाज के लिए असम से जामनगर एयरलिफ्ट किया गया। पढ़िए पूरी विशेष ग्राउंडेड रिपोर्ट।
शिलांग हिंसा के बाद असम और मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने शांति के लिए संयुक्त प्रयासों पर जताई सहमति
शिलांग हिंसा के बाद असम और मेघालय के मुख्यमंत्रियों ने शांति के लिए संयुक्त प्रयासों पर जताई सहमति
कौन हैं मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर? जो बांग्लादेश के नए राष्ट्रपति चुने गए
बांग्लादेश ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर को अपना 23वां राष्ट्रपति चुना। जातीय संसद (बांग्लादेश की संसद) में हुए राष्ट्रपति चुनाव में आलमगीर को 255 वोट मिले और उन्होंने ओली अहमद को हराया, जिन्हें 88 वोट मिले थे। इस चुनाव में कुल 343 सांसदों ने हिस्सा लिया। चुनाव स्थानीय समयानुसार दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ASM नासिर उद्दीन की देखरेख में कराया गया। इसके बाद मुख्य चुनाव आयुक्त ने नतीजे घोषित किए और औपचारिक रूप से आलमगीर को देश का नया राष्ट्रपति घोषित किया। यह चुनाव इसलिए खास था क्योंकि 35 सालों में यह बांग्लादेश का पहला ऐसा राष्ट्रपति चुनाव था जिसमें एक से ज़्यादा उम्मीदवार थे। इससे पहले के राष्ट्रपति चुनावों में आम तौर पर विपक्षी पार्टियाँ उम्मीदवार खड़ा करने से बचती थीं, जिसके कारण केवल एक ही उम्मीदवार मैदान में होता था। इसे भी पढ़ें: Assam Police ने 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोका, CM Himanta Biswa Sarma ने दी जानकारी मिर्ज़ा फ़खरुल इस्लाम आलमगीर कौन हैं? आलमगीर BNP के एक सीनियर नेता हैं जो पहले पार्टी के सेक्रेटरी जनरल रह चुके हैं। विपक्षी पार्टी में कई सालों तक अहम संगठनात्मक भूमिका निभाने के बाद उन्हें प्रेसिडेंट पद के लिए चुना गया है। BNP ने पिछले हफ़्ते आलमगीर को अपना प्रेसिडेंट पद का उम्मीदवार बनाया था। नॉमिनेशन के बाद, उन्होंने पार्टी के सेक्रेटरी जनरल और BNP की नेशनल स्टैंडिंग कमिटी से इस्तीफ़ा दे दिया, जिससे प्रेसिडेंट पद का चुनाव लड़ने से पहले पार्टी में उनकी संगठनात्मक ज़िम्मेदारियाँ औपचारिक रूप से खत्म हो गईं। BNP के सीनियर जॉइंट सेक्रेटरी जनरल रूहुल कबीर रिज़वी ने सेक्रेटेरिएट में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री कार्यालय के पास हुई पार्टी की नेशनल स्टैंडिंग कमिटी की बैठक के बाद आलमगीर के नॉमिनेशन की घोषणा की। रिज़वी ने कहा कि यह फ़ैसला बांग्लादेश की प्रधानमंत्री और BNP चेयरमैन तारिक़ रहमान के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिसके बाद आलमगीर को औपचारिक रूप से पार्टी का उम्मीदवार चुना गया। इसे भी पढ़ें: Bangladesh में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान जारी, Mirza Alamgir मजबूत स्थिति में कई उम्मीदवारों वाले मुक़ाबले में आलमगीर ने ओली अहमद को हराया। आलमगीर के मुख्य प्रतिद्वंद्वी ओली अहमद थे, जिन्हें बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी और नेशनल सिटिज़न पार्टी (NCP) के नेतृत्व वाले 11-पार्टियों के विपक्षी गठबंधन का समर्थन प्राप्त था। NCP को बांग्लादेश की पहली प्रमुख छात्र-नेतृत्व वाली राजनीतिक पार्टी बताया गया है। अंतिम नतीजों में आलमगीर को स्पष्ट जीत मिली; उनके पक्ष में 255 सांसदों ने वोट दिया, जबकि अहमद को 88 वोट मिले। कार्यवाहक राष्ट्रपति और जातीय संसद के स्पीकर मेजर (रिटायर्ड) हफ़ीज़ उद्दीन अहमद, तारिक़ रहमान और संसद के अन्य सदस्यों ने भी वोटिंग में हिस्सा लिया। हालाँकि जातीय संसद में 350 सीटें हैं, लेकिन वोटिंग 349 सदस्यों के बीच हुई क्योंकि एक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव स्थगित कर दिया गया था। वोट देने के योग्य उन 349 सांसदों में से 343 ने अंततः अपने वोट डाले।
सीएम हिमंता सरमा ने पीएम मोदी से की मुलाकात, असम में बाढ़ से निपटने का दिया भरोसा
New Delhi, 20 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Thursday को New Delhi में Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात की. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने पोस्ट के माध्यम से उन्होंने मुलाकात की जानकारी दी है. Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा की ओर से पोस्ट में लिखा गया, “New Delhi ... Read more
Assam Police ने 17 बांग्लादेशी घुसपैठियों को रोका, CM Himanta Biswa Sarma ने दी जानकारी
असम पुलिस ने बृहस्पतिवार को 17 कथित बांग्लादेशी घुसपैठियों को राज्य में प्रवेश करने से रोक दिया। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि घुसपैठियों से निपटने का एक ही तरीका है कि उन्हें वापस भेज दिया जाए। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, कागज नहीं, तो प्रवेश नहीं! असम पुलिस की सतर्कता और सक्रियता की वजह से बृहस्पतिवार तड़के 17 घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि वैध तरीके से आने वाले लोगों के लिए राज्य के दरवाजे खुले हैं जबकि अवैध रूप से प्रवेश करने वालों को वापस भेजा जाएगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने यह नहीं बताया कि इन लोगों को किस क्षेत्र में रोककर वापस भेजा गया। असम के श्रीभूमि में एकीकृत जांच चौकी और मानकाचर में भूमि सीमा शुल्क केंद्र है। शर्मा पहले भी कह चुके हैं कि राज्य सरकार घुसपैठ मुक्त असम के लिए प्रतिबद्ध है। पड़ोसी देश में पिछले साल अशांति शुरू होने के बाद से सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पूर्वोत्तर में 1,885 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर निगरानी बढ़ा दी है। एक अधिकारी ने बताया कि असम पुलिस भी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पूरी तरह सतर्क है, ताकि कोई व्यक्ति अवैध रूप से राज्य में प्रवेश न कर सके और बिना वैध दस्तावेजों के पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को वापस भेजा जा सके।
गुवाहाटी, 20 अगस्त . असम में एनडीए 3.0 Government के 100 दिन पूरे होने पर Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने social media पर महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, आजीविका और स्वास्थ्य सेवा पर राज्य Government के लगातार फोकस का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एनडीए 3.0 के पहले 100 दिनों के तहत शुरू की गई पहलों ... Read more
Pilibhit News: रुरिया और असम हाईवे के समीप खेत में दिखा तेंदुआ
चीनी मिल सहित क्षेत्र में पिछले कई दिन से चहलकदमी कर रहा तेंदुआ बुधवार शाम को गांव रुरिया के समीप देखा गया। इस बीच लोगों में दहशत का माहौल रहा।
कांग्रेस गैंडों की रक्षा करने में विफल रही: असम के मंत्री पीयूष हजारिका
गुवाहाटी, 19 अगस्त . असम के कृषि मंत्री और कार्बी आंगलोंग जिले के प्रभारी मंत्री पीयूष हजारिका ने Wednesday को काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के संरक्षण को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपने शासनकाल में एक सींग वाले गैंडों की रक्षा करने में विफल रही और अब काजीरंगा के संरक्षण ... Read more
पद्म श्री से सम्मानित असम की बुनकर ने बदरुद्दीन अजमल से की मुलाकात
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असम माला 4.0: असम सरकार ने ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए 10,000 करोड़ की योजना का किया ऐलान
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Subrato Cup: लगातार 11 वीं बार माता रूक्मणी कन्या आश्रम की टीम ने बनाई जगह, आज असम से मुकाबला
राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित सुब्रतो कप फुटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर रही माता रुक्मणी कन्या आश्रम की टीम आज असम से भिड़ेगी। गत 12 सालों में 11 वीं बार लगातार आश्रम की टीम ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया है।
संगठित अपराध और विदेशों में बैठकर गैंग चलाने वाले अपराधियों के खिलाफ पंजाब पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। कुख्यात दविंदर बंबीहा गैंग (Davinder Bambiha Gang) से जुड़े 3 मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों को मलेशिया से डिपोर्ट (Deported) करवाकर भारत वापस लाया गया है। जैसे ही तीनों आरोपी नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (IGI) एयरपोर्ट पहुँचे, पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों की संयुक्त टीम ने उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया। इन तीनों आरोपियों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवनदीप सिंह के तौर पर हुई है। पंजाब में हत्या, जबरन वसूली, विस्फोटक रखने और अन्य गंभीर अपराधों के मामलों में इनकी तलाश थी। बंबीहा गैंग के तीन कथित सदस्य वापस लाए गए ये तीनों व्यक्ति दविंदर बंबीहा गैंग से जुड़े होने के आरोपी हैं और मलेशिया में छिपे हुए थे। केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से OFTEC के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन के तहत उन्हें उस देश से डिपोर्ट करके भारत लाया गया। आरोपियों की तलाश पंजाब में कई गंभीर आपराधिक मामलों के सिलसिले में थी। उन पर लुधियाना में हैंड ग्रेनेड धमाका करने की साजिश में शामिल होने का भी आरोप है। इसे भी पढ़ें: Assam Cabinet ने नए युवा कल्याण विभाग के गठन को मंजूरी दे दी, 17 सितंबर से होगा शुरू पाकिस्तान की ISI से कनेक्शन की जांच मामलों की जांच से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से भी कनेक्शन का संकेत मिला है। इन तीनों आरोपियों के खिलाफ चल रहे मामलों में ये कथित कनेक्शन भी शामिल हैं। मलेशिया से डिपोर्ट किए जाने के बाद, नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचते ही तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसे भी पढ़ें: Mohanlal ने मचाया तहलका! प्रियदर्शन और जीतू जोसेफ समेत 7 दिग्गजों के साथ मेगा प्रोजेक्ट्स का ऐलान! पंजाब पुलिस अब तीनों आरोपियों को पूछताछ और मामलों की आगे की जांच के लिए पंजाब ले जाएगी, साथ ही संगठित अपराध नेटवर्क से उनके कथित संबंधों की भी जांच की जाएगी। विदेशों में छिपे गैंगस्टरों और सीमा पार काम करने वाले संगठित अपराध नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कोशिशों में इस ऑपरेशन को एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है।
Assam Cabinet ने नए युवा कल्याण विभाग के गठन को मंजूरी दे दी, 17 सितंबर से होगा शुरू
असम सरकार ने युवा पीढ़ी को लुभाने के इरादे से राज्य में युवाओं के लिए समर्पित एक नया विभाग बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने मंगलवार को यह जानकारी दी। गुवाहाटी में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन में हिमंत ने कहा कि खनिजों और कच्चे तेल की खोज को बढ़ावा देने के लिए नयी हाइड्रोकार्बन नीति को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि खोज के दौरान कोई भंडार नहीं मिलने पर भी प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हिमंत ने कहा, “मंत्रिमंडल ने युवा सशक्तीकरण और कल्याण विभाग की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही असम संभवतः ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां युवाओं के लिए एक समर्पित विभाग होगा।”उन्होंने बताया कि यह विभाग 17 सितंबर से कामकाज शुरू कर देगा और रोजगार कार्यालय समेत युवाओं से जुड़े सभी मामलों को देखेगा। हिमंत ने कहा, “हमारी सरकार के ज्यादातर कार्यक्रम युवाओं पर केंद्रित हैं। हमारे 10 में से नौ कार्यक्रम युवाओं के लिए समर्पित हैं। यही वजह है कि युवाओं ने हर बार हमारा समर्थन किया है। यह कोई नयी बात नहीं है, बल्कि युवाओं के लिए लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।”उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा खेल और युवा कल्याण विभाग का नाम बदलकर ‘खेल विभाग’ कर दिया जाएगा, जो पूरी तरह से खेलों के विकास के लिए समर्पित होगा।’’मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्रिमंडल ने तेल भंडार की खोज को बढ़ावा देने के लिए नयी हाइड्रोकार्बन नीति को भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित ‘असम हाइड्रोकार्बन खोज, उत्पादन और खनन पारिस्थितिकी विकास नीति - 2026’ की वैधता इस संबंध में अधिसूचना जारी होने की तारीख से पांच साल तक होगी। उन्होंने कहा, “असम में कच्चे तेल का उत्पादन सभी पुराने भंडारों से हो रहा है। पिछले 20 वर्षों में हमें कोई नया खनिज नहीं मिला है, क्योंकि हमने कोई खोज अभियान नहीं चलाया। खोज में जोखिम होता है, क्योंकि हो सकता है कि इसमें कोई भंडार न मिले और तब पूरा निवेश बेकार हो जाए।”हिमंत ने कहा कि सकारात्मक माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार जीएसटी में छूट या रियायती दर पर भूमि पट्टे जैसे प्रोत्साहन देगी। उन्होंने कहा, “हम हर साल करीब 40 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का उत्पादन कर रहे हैं। अगर हमारे पास नये भंडार नहीं होंगे, तो 10 साल बाद इसमें कमी आने लगेगी।”मुख्यमंत्री ने कहा कि वेदांता समूह को असम-नगालैंड सीमा के पास तेल के कुछ नए भंडार मिले हैं, लेकिन यह इलाका विवादित है। उन्होंने कहा, ‘‘हम जो प्रोत्साहन देना चाहते हैं, वह शायद बहुत बड़ा न हो, लेकिन हम उद्योग को केवल एक संदेश देना चाहते हैं। असम एक अनुकूल राज्य है और यहां खोज करने वालों का स्वागत है।’’मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने ‘असम निजी कोचिंग संस्थान (नियंत्रण एवं छात्र मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय) नियमावली-2026’ को लागू करने की भी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि इस नियम के अनुसार, 50 से अधिक छात्रों वाले किसी भी संस्थान को पंजीकृत कराना होगा और जिला आयुक्त सक्षम प्राधिकार के तौर पर काम करेंगे। हिमंत ने कहा कि मंत्रिमंडल ने कामरूप ज़िले में भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)-गुवाहाटी को 574 बीघा और अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अजीम प्रेमजी फ़ाउंडेशन को 200 बीघा ज़मीन आवंटित करने को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि बराक घाटी क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता को मजबूत करने के लिए, मंत्रिमंडल ने ‘मिनी सचिवालय, बराक घाटी’ का नाम बदलकर ‘असम सचिवालय बराक घाटी, सिलचर’ करने को भी मंजूरी दी।
Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

