भाजपा की ओर से कांग्रेस के नेताओं के उपर पोस्टर वार और बदलाव की प्रकिया पर बांट कर राजनीति करने के आरोपों के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि फूट डालो और राज करो अंग्रेजों से बीजेपी से सीखा है। ये काले अंग्रेज हैं और इन्होंने यही काम सीखा है। अंग्रेजों से इन काले अंग्रेजों ने यही सब सीखा है। उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदू-मुसलमान करेंगे और आदिवासियों को भी अलग-अलग पहचान में बांटने की कोशिश करेंगे। भूपेश बघेल ने बीजेपी के पोस्टरवार का जवाब देते हुए कहा है कि भाजपा के पास कुछ बचा नहीं है। दुर्ग में कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पहुंचे बघेल ने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेताओं के लिए काले अंग्रेज शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि फूट डालो और राज करो की नीति भाजपा ने अंग्रेजों से सीखी है। बघेल ने कहा कि आदिवासियों को हिंदू आदिवासी, ईसाई आदिवासी और मुस्लिम आदिवासी के रूप में बांटने की बात की जा रही है। इसी तरह दलित और गैर-दलित के नाम पर भी समाज को बांटने का आरोप उन्होंने भाजपा पर लगाया। प्रभार बदलने को लेकर कहा- हंटर वाली से लेकर चड्ढी बनियान वाले तक बने प्रभारीपंजाब प्रभारी सचिन पायलट और भूपेश बघेल को लेकर किए जा रहे तंज पर पत्रकारों ने सवाल किया था। इस पर बघेल ने बार-बार प्रभारी बदले जाने को लेकर पलटवार किया। भाजपा के कांग्रेस में फूट के आरोप पर बघेल ने कहा कि बीजेपी में ट्रांसफर नहीं होते हैं क्या?, कितने बार बीजेपी के प्रभारी बदले जा रहे हैं। कितने बार बदले जा रहे है बीजेपी की ओर से? पहले से हंटर वाली आई थी, फिर धोती वाला आया, हाफ पैंट, चड्ढी वाला आया है। इतने लोग आ गए हैं पता ही नहीं चल रहा है। इन लोग के तो कोई टिकता नहीं है। उन्हें पहले अपने संगठन की ओर देखना चाहिए।झीरम घाटी मामले में कहा- षडयंत्रकारियों को बचाया गया बातचीत के दौरान झीरम घाटी मामले को लेकर भी बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि यह षड्यंत्र था। यह षड्यंत्रकारी कौन हैं? सबने माना कि सुरक्षा में चूक हुई है। वहां कोई आरोपी नहीं था, घटना के बाद कोई गया नहीं था। रमन सिंह ने खुद स्वीकार किया था कि चुक हुई है। सरकार की लापरवाही के कारण यह हुआ है। किसी प्रशासनिक अधिकारी को सजा हुई है क्या?, पुलिस अधिकारी को सजा हुई क्या?, जब एफआईआर में रमन्ना जैसे बड़े नक्सली नेता के नाम थे तो उन्हें हटा क्यों दिया गया। प्रारंभिक रूप से बताया गया था कि 200 नक्सली थे, लेकिन 10 लोगों को ही जांच में शामिल किया और उन्हें ही आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद जांच में लापरवाही हुई और मामले की जांच में लीपापोती की गई।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान, जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटा; राजस्थान पर क्या असर?
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से दो दिवसीय असम दौरे पर
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रविवार को दो दिवसीय असम दौरे पर जाएंगे, जहां वह एक शैक्षणिक संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह, एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
Assam में प्रणब डोले पर NSA लगाने के खिलाफ Gaurav Gogoi ने खोला मोर्चा
गुवाहाटी, पांच सितंबर कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की असहमति को दबाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने जैसे असंवैधानिक तरीकों का सहारा ले रही है। गोगोई ने आदिवासी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को इस कड़े कानून के तहत हिरासत में लिए जाने का हवाला दिया। स्वदेशी अधिकार कार्यकर्ता प्रणब डोले को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब अदालत ने पिछले महीने असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के पास प्रस्तावित पांच सितारा होटल के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़े एक मामले में उन्हें जमानत दे दी थी। गोलाघाट जिले के बोकाखाट में इस मुद्दे को लेकर आयोजित नागरिक विरोध सभा में डोले की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी हिरासत लोगों को उनके अधिकारों से वंचित करने और कॉरपोरेट हितों के लिए काजीरंगा की विशिष्टता को कमजोर करने की सरकार की एक साजिश है। सभा को संबोधित करते हुए गोगोई ने सरकार की आलोचना की और आरोप लगाया कि वह जनता की असहमति की आवाजों को दबाने के लिए एनएसए जैसे असंवैधानिक उपायों का सहारा ले रही है।
कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारी महासचिव/प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को अब छत्तीसगढ़ के स्थान पर पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा ने भी पिछले दिनों पंजाब का प्रभारी राजस्थान के ही डॉ. सतीश पूनियां को बनाया था। यानी अब दोनों प्रमुख दलों के पंजाब प्रभारी राजस्थान से ही होंगे। कांग्रेस ने असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को हटाकर उनके स्थान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी है। जितेंद्र सिंह ने असम में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रभारी पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। सुरजेवाला के पास कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। जितेंद्र सिंह, चेन्नीथला और मणिकम टैगोर के पास अब राज्यों का प्रभार नहीं है। मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर बने रहेंगे। पूनिया-पायलट में फिर सियासी मुकाबला, एक संगठन विस्तार तो दूसरा गुटबाजी साधने में जुटेगाराजस्थान की राजनीति में एक-दूसरे के मुकाबले रहे भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट अब पंजाब की सियासत में आमने-सामने होंगे। भाजपा ने कुछ दिन पहले पूनियां को पंजाब प्रभारी बनाया था, वहीं कांग्रेस ने अब पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि राजस्थान में दोनों करीब 10 महीने तक अपनी-अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए आमने-सामने रहे थे। पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठन को मजबूत कर विस्तार देने की चुनौती है। हरियाणा प्रभारी के तौर पर संगठन विस्तार का अनुभव उनके काम आएगा। वहीं पायलट के सामने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को साधकर चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती है। दिलचस्प संयोग यह भी है कि पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं। अब पायलट पंजाब के प्रभारी हैं और रंधावा उनके सामने महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। ऐसे में राजस्थान की सियासी जंग का असर अब पंजाब के चुनावी मैदान में भी दिखाई देगा।
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। विवादों के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई। भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा ताजपोशी के बाद से चन्नी गुट नाराज था। चन्नी गुट के नेताओं के मुताबिक भूपेश बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की असल ग्राउंड रियलिटी की जानकारी नहीं दी। चन्नी गुट बघेल और राजा वड़िंग को उनके पदों से हटाने पर अड़ा हुआ था। पूर्व सीएम चन्नी और उनके गुट के नेता तर्क दे रहे थे कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िग-बघेल को हटाकर इनकी जगह किसी अन्य मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। हाईकमान को आखिरकार चन्नी गुट के आगे झुकना पड़ा। कांग्रेस हाईकमान ने जारी किया आदेश- छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी के बारे में जानिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। वे कई बार विधायक रहे। 2019 में वे भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, जहां जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2025 में उन्हें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी कांग्रेस की संसदीय जिम्मेदारी दी गई थी। अप्रैल 2025 में वे AICC ऑब्जर्वर भी बनाए गए। छत्तीसगढ़ में क्या रहेगी चुनौती? सुखदेव भगत लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रही है। सचिन पायलट के कार्यकाल में भी कांग्रेस ने प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। अब नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल बनाने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को तैयार करने की चुनौती होगी। संगठनात्मक स्तर बदलाव की संभावना कांग्रेस आने वाले चुनावों को लेकर अभी से तैयारियों में जुटी है। ऐसे में प्रभारी का बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में अहम माना जा रहा है। सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। पार्टी का फोकस संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर रहेगा। नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर और बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। पंजाब से क्यों हटाए गए भूपेश? दिल्ली मीटिंग में चन्नी गुट ने बघेल को हटाने की मांग रखी थी 3 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की बैठक राहुल गांधी की टीम से मीटिंग हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में पंजाब में चल रही गुटबाजी पर चर्चा हुई। जिसके बाद टीम ने राहुल गांधी को गुटबाजी की रिपोर्ट दी। भूपेश बघेल को लेकर चन्नी खेमा लगातार विरोध कर रहा था और पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल को बदलने की मांग रखी थी। इसके बाद 4 सितंबर को भी दिल्ली में संगठन की मीटिंग हुई। इसमें चन्नी गुट के राणा गुरजीत भी शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात केसी वेणुगोपाल के साथ भी भी हुई थी। उसके बाद राणा गुरजीत ने भी सचिन पायलट के साथ मुलाकात की। राणा गुरजीत ने कहा कि- जब कल सचिन पायलट से मुलाकात के दौरान पंजाब को लेकर बात जरूर हुई, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सचिन पायलट को इंचार्ज बनाया जा रहा है। मैंने पायलट को कहा था कि पंजाब के लोग आपको पसंद करते हैं। हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम हुआ था हंगामा पंजाब कांग्रेस के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान 31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच चलाया था। इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का जमकर विरोध किया था। 31 जुलाई 2026 (फतेहगढ़ साहिब): अभियान के पहले ही दिन दरारें साफ दिखीं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट के प्रमुख नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई। 1 अगस्त 2026 (संगरूर और पटियाला): संगरूर में भूपेश बघेल की मौजूदगी में बैठक के दौरान चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई और बघेल के सामने ही राजा वडिंग के खिलाफ व चन्नी के समर्थन में नारे लगे। इसी दिन पटियाला की संगठनात्मक बैठक में भी चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया और आलाकमान से चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। 2 से 5 अगस्त 2026: (मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला): मालवा बेल्ट के जिलों में दौरों के दौरान जगह-जगह विरोध जारी रहा। मुक्तसर साहिब (जो राजा वडिंग का गृह क्षेत्र है) में बघेल के आगमन से पहले ही 'भूपेश बघेल गो बैक' के पोस्टर चिपका दिए गए थे और बैठकों में हंगामा हुआ। बरनाला और बठिंडा में भी चन्नी समर्थकों ने समानांतर शक्ति प्रदर्शन किया। 6 अगस्त 2026 (लुधियाना): लुधियाना की संगठनात्मक बैठक में अंतर्कलह सबसे उग्र रूप में सामने आई। यहां चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने 'बघेल गो बैक' लिखी सफेद टी-शर्ट पहनकर विरोध किया। बैठक स्थल के बाहर और अंदर कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे और तीखी झड़प हुई, जिसे शांत करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी क्यों दी गई? अंदरूनी कलह और गुटबाजी को खत्म करना: पंजाब कांग्रेस लंबे समय से भीतरी गुटबाजी और नेताओं के बीच आपसी मतभेदों से जूझ रही है। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि सचिन पायलट एक ऐसे संकटमोचक नेता हैं, जो संगठन को एकजुट कर सकते हैं। राजस्थान में खुद राजनीतिक संकट और गुटबाजी का लंबा अनुभव होने के कारण वे पंजाब के नेताओं के बीच तालमेल बिठाने के लिए सबसे मुफीद चेहरा माने गए हैं। संगठन को मजबूत करना और युवाओं को जोड़ना: सचिन पायलट की छवि एक ऊर्जावान और जमीनी पकड़ रखने वाले नेता की है, जिनका युवाओं के बीच बड़ा क्रेज है। कांग्रेस आलाकमान पंजाब में संगठन को दोबारा पुनर्जीवित करना चाहता है। पायलट की संगठनात्मक क्षमता (जैसा उन्होंने 2018 में राजस्थान में कांग्रेस को जिताकर साबित किया था) का लाभ पार्टी अब पंजाब में उठाना चाहती है।
कांग्रेस ने शनिवार को बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए कई राज्यों के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के नए प्रभारी नियुक्त किए हैं...
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने कई राज्यों के प्रभारियों में बदलाव किया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का नया प्रभारी बनाया गया है, जबकि सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य राज्यों में भी नए नेताओं की नियुक्तियां की गई हैं।
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। विवादों के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई। भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा ताजपोशी के बाद से चन्नी गुट नाराज था। चन्नी गुट के नेताओं के मुताबिक भूपेश बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की असल ग्राउंड रियलिटी की जानकारी नहीं दी। चन्नी गुट बघेल और राजा वड़िंग को उनके पदों से हटाने पर अड़ा हुआ था। पूर्व सीएम चन्नी और उनके गुट के नेता तर्क दे रहे थे कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िग-बघेल को हटाकर इनकी जगह किसी अन्य मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। हाईकमान को आखिरकार चन्नी गुट के आगे झुकना पड़ा। कांग्रेस हाईकमान जारी किया लेटर- छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी के बारे में जानिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। वे कई बार विधायक रहे। 2019 में वे भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, जहां जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2025 में उन्हें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी कांग्रेस की संसदीय जिम्मेदारी दी गई थी। अप्रैल 2025 में वे AICC ऑब्जर्वर भी बनाए गए। छत्तीसगढ़ में क्या रहेगी चुनौती? सुखदेव भगत लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रही है। सचिन पायलट के कार्यकाल में भी कांग्रेस ने प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। अब नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल बनाने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को तैयार करने की चुनौती होगी। संगठनात्मक स्तर बदलाव की संभावना कांग्रेस आने वाले चुनावों को लेकर अभी से तैयारियों में जुटी है। ऐसे में प्रभारी का बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में अहम माना जा रहा है। सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। पार्टी का फोकस संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर रहेगा। नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर और बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
Assam Police का बड़ा एक्शन, फर्जी पुलिसकर्मी बनकर ठगी करने वाले 330 आरोपी गिरफ्तार
गुवाहाटी, पांच सितंबर असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह ने कहा कि राज्य पुलिस ने गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ शनिवार तड़के चलाए गए एक विशेष अभियान में लगभग 330 लोगों को गिरफ्तार किया है। सिंह ने कहा कि खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों से ठगी करने वाले आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि धोखाधड़ी के खिलाफ यह कार्रवाई अभी जारी है और गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़ सकती है। सिंह ने कहा कि कुछ संदिग्धों का पता असम के बाहर भी चला है। इनमें हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे शहरों में मौजूद लोग शामिल हैं। उन्हें भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में लाया जाएगा। पुलिस महानिदेशक ने कहा, “शनिवार तड़के से चलाए जा रहे विशेष अभियान में विभिन्न प्रकार की धोखाधड़ी में शामिल होने के आरोप में करीब 330 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।”उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों पर पुलिस से जुड़े मामलों को निपटाने का झांसा देकर लोगों को फंसाने, खुद को पुलिस अधिकारी बताकर और फोन पर लोगों को धमकाकर उनसे पैसे ऐंठने जैसी धोखाधड़ी में शामिल होने का आरोप है। सिंह ने कहा, “पुलिस धोखाधड़ी के इस तरह के मामलों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
कार्बी आंगलोंग शांति समझौते ने असम में विकास का रास्ता साफ किया : सीएम सरमा
गुवाहाटी, 4 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Friday को पांच साल पहले हुए कार्बी आंगलोंग शांति समझौते को याद किया और इस क्षेत्र में शांति बहाल करने और उसे बनाए रखने में अहम भूमिका निभाने के लिए Prime Minister Narendra Modi और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सराहना की. ... Read more
Assam के Kamrup Court ने ड्रग्स तस्करी मामले में 3 दोषियों को सुनाई 15 साल की कैद
गुवाहाटी, चार सितंबर असम के कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले की एक विशेष अदालत ने छह साल पुराने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में तीन लोगों को 15 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की गुवाहाटी क्षेत्रीय इकाई ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अदालत ने दोषी ठहराए गए प्रत्येक व्यक्ति पर दो-दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। इनमें से दो दोषी, शकील खान और मोहम्मद याहिया खान, मणिपुर के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा दोषी मिथिलेश कुमार बिहार का रहने वाला है। एनसीबी ने कहा कि जुर्माने की राशि का भुगतान नहीं करने पर दोषियों को एक वर्ष की अतिरिक्त जेल की सजा भुगतनी होगी। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें अक्टूबर 2020 में गुवाहाटी के सिक्स माइल इलाके से 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ गिरफ्तार किया गया था और उनके खिलाफ स्वापक औषधि और मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
Himanta Biswa Sarma बोले, Karbi Peace Accord से असम के कार्बी आंगलोंग में बढ़ा विकास
गुवाहाटी, चार सितंबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि पांच साल पहले हस्ताक्षरित कार्बी शांति समझौते से कार्बी आंगलोंग जिले के विकास में तेजी आयी है। उन्होंने कहा कि जिला विकास के मानकों पर आगे बढ़ रहा है, जो इस बात को प्रमाणित करता है कि संवाद मजबूत भविष्य का निर्माण करता है। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, आज हम कार्बी शांति समझौते पर हुए ऐतिहासिक हस्ताक्षर की वर्षगांठ मना रहे हैं। यह एक ऐसा महत्वपूर्ण कदम रहा जिसने असम के सामाजिक और राजनीतिक परिदृश्य को हमेशा के लिए बदल दिया और संघर्ष के दौर को समाप्त कर स्थायी सद्भाव के एक नये अध्याय की शुरुआत की। वर्ष 2021 में केंद्र, राज्य सरकार और पांच प्रमुख उग्रवादी समूहों के बीच नयी दिल्ली में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस समझौते ने कार्बी आंगलोंग में अलग मातृभूमि के लिए विद्रोहियों के बीच संघर्ष के दौरान वर्षों से जारी हिंसा, हत्याओं और अपहरण के दौर को खत्म कर दिया। कार्बी आंगलोंग जातीय कार्बी आदिवासियों का इलाका है। शर्मा ने कहा कि इस समझौते से कार्बी लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाएं पूरी हुईं और साथ ही असम की क्षेत्रीय अखंडता भी सुरक्षित रही। मुख्यमंत्री ने कहा, “कार्बी आंगलोंग जैसे-जैसे समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहा है, हम शांति और एकता की उस भावना को नमन करते हैं, जिसने इस समझौते को संभव बनाया। यह इस बात का उदाहरण है कि संवाद किस तरह मजबूत भविष्य का निर्माण करता है।
जेब में थे सिर्फ 800 रुपये, गौशाला से शुरू की एकेडमी, असम के इस व्यक्ति ने संवारा बच्चों का भविष्य
पारिजात एकेडमी की शुरुआत उत्तम टेरोन ने की थी. इस एकेडमी में गरीब बच्चों को फ्री में पढ़ाया जाता है.असम के दूरदराज के गांवों में रहने वाले बच्चों के लिए पारिजात एकेडमी शुरू की गई थी. अब तक इस स्कूल से 2,000 से ज्यादा बच्चे पास होकर निकले हैं.
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

