राहुल गांधी को देश की जनता ने बार-बार नकारा: असम भाजपा विधायक भूपेन बोरा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और नवनिर्वाचित विधायक भूपेन कुमार बोरा ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणियों को लेकर तीखा हमला किया
8 घंटे की पूछताछ में पवन खेड़ा ने उगले राज? असम पुलिस ने अब इस बड़े कांग्रेसी नेता को भेजा समन
असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पवन खेड़ा विवाद में अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला को समन भेजा है। सुरजेवाला को 23 मई को गुवाहाटी में पेश होने का निर्देश दिया गया है।
चंडीगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा नया किराया कानून लागू करने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या तहसीलदार और अतिरिक्त उपायुक्त जैसे प्रशासनिक अधिकारियों को अदालत जैसी शक्तियां सौंपी जा सकती हैं। चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद इसे रोस्टर के अनुसार उपयुक्त बेंच के पास भेजने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 6 मई को अधिसूचना जारी कर चंडीगढ़ में लंबे समय से लागू ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 को हटाकर असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू कर दिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशनों ने चुनौती दी है। जानिए याचिकाकर्ता अदालत में क्या दलील दी याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि नए कानून के तहत ‘रेंट अथॉरिटी’ की शक्तियां तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारियों को दे दी गई हैं, जबकि अपील सुनने का अधिकार डिप्टी कमिश्नर को सौंपा गया है। उनका कहना है कि किराया विवादों का निपटारा हमेशा न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जाता रहा है और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी शक्तियां देना न्यायिक व्यवस्था की स्वतंत्रता पर असर डालता है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट और संविधान पीठ के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि न्यायिक प्रकृति के अधिकार केवल न्यायिक प्रशिक्षण रखने वाले स्वतंत्र अधिकारियों के पास होने चाहिए। ऐसे में कार्यपालिका के अधिकारियों को अदालत जैसी शक्तियां देना स्थापित संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या केंद्र सरकार किसी दूसरे राज्य का कानून सीधे चंडीगढ़ पर लागू कर सकती है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चंडीगढ़ की शहरी व्यवस्था, भवन संरचना और सामाजिक परिस्थितियां असम से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में बिना स्थानीय जरूरतों को समझे यह कानून लागू करना सही नहीं है। बार एसोसिएशनों ने नए कानून के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चिंता जताई। अदालत को बताया गया कि मौजूदा ढांचे में न तो पर्याप्त न्यायिक आधारभूत सुविधाएं हैं और न ही पक्षकारों को अदालत जैसी सुरक्षा मिल पाएगी। याचिका के अनुसार नए कानून से किरायेदारों की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है। मकान मालिक आसान प्रक्रिया के जरिए बेदखली की कार्रवाई शुरू कर सकता है, जबकि विवाद लंबा चलने पर किरायेदार पर बढ़ते दंडात्मक किराए का बोझ भी डाला जा सकता है।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के बस्तर दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ की सियासत गरमा गई है। PCC अध्यक्ष दीपक बैज ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गृहमंत्री बताएं कि “बस्तर 2.0” का ब्लूप्रिंट क्या है। दीपक बैज के इस सवाल पर मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने पलटवार किया। दीपक बैज का एक पुराना सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए कांग्रेस पर बस्तर और जवानों की शहादत को लेकर संवेदनहीन होने का आरोप लगाया। दीपक बैज को बस्तर के ब्लूप्रिंट की चिंता हो रही पंकज झा ने लिखा कि, आज दीपक बैज को बस्तर के ब्लूप्रिंट की चिंता हो रही है, लेकिन टेकलगुड़ा हमले के समय उनकी प्राथमिकता कुछ और थी। उस नक्सली हमले में 22 जवान शहीद हुए थे और 30 से ज्यादा घायल हुए थे। उस समय दीपक बैज बस्तर से सांसद थे और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ असम में चुनाव प्रचार में व्यस्त थे। पंकज झा ने आरोप लगाया कि हमले के कई घंटे बाद दीपक बैज ने मुख्यमंत्री के साथ रेस्तरां में डिनर करते हुए फेसबुक पोस्ट शेयर किया था। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह असम से अपना कार्यक्रम रद्द कर छत्तीसगढ़ पहुंचे थे। हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे पंकज झा ने कहा कि अमित शाह ने छत्तीसगढ़ आकर हाई लेवल बैठक की थी और घायल जवानों से मिलकर इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया था। उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि ऐसी कांग्रेस और दीपक बैज को बस्तर की चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिसने बस्तर को नक्सल मुक्त बनाया है, वही उसे संवारेगा भी। हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे।
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

