न्यूज डायरी: SIR बाधित करने पर ओडिशा के शिक्षा अधिकारी निलंबित; असम में डायन बताकर हत्या, 31 साल बाद उम्रकैद
सबसे पहले ग्वालियर जिले के डबरा स्थित बौद्ध विहार कालोनी सामने आई, जहां एक ही पते पर 30 पासपोर्ट जारी हुए मिले। इसके बाद भोपाल के गोविंदपुरा इलाके के अन्ना नगर मठ का पता जांच में जुड़ा, जहां से 40 और पासपोर्ट जारी हुए।
भूपेन हजारिका का कोलकाता स्थित घर खरीदना चाहती है असम सरकार, हिमंत ने शुभेंदु को लिखा पत्र
असम सरकार महान गायक भूपेन हजारिका के कोलकाता स्थित स्मृतिधन्य आवास को खरीदने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस विरासत को संरक्षित करने के लिए बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सहयोग का अनुरोध किया है।
असम और मेघालय के CMs ने Nirmala Sitharaman से की मुलाकात, EAPs को रफ्तार देने पर हुआ मंथन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को राजधानी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और दोनों पूर्वोत्तर राज्यों में बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं (EAPs) को नई गति देने की मांग की। कर्तव्य भवन में हुई इस बैठक में पूर्वोत्तर में पूंजीगत खर्च बढ़ाने और बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं के ज़रिए भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए रास्ते बनाने पर ज़ोर दिया गया। बैठक के बाद 'X' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, हमने अपने दोनों राज्यों में बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं की गति को नई रफ़्तार देने के लिए मज़बूत पक्ष रखा, जिससे भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इसे भी पढ़ें: Assam के Cachar में 23 करोड़ की Yaba गोलियां बरामद, एक गिरफ्तार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नए सिरे से प्रयास करेगी। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि असम और मेघालय इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज़ी लाना चाहते हैं और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए ज़्यादा निवेश जुटाना चाहते हैं। इस बैठक में असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
Assam के Cachar में 23 करोड़ की Yaba गोलियां बरामद, एक गिरफ्तार
गुवाहाटी, नौ सितंबर असम के कछार जिले में 23 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त कर इस सिलसिले में एक संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। शर्मा ने मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि कछार पुलिस ने लखीपुर के शिवपुर में एक ट्रक में छिपा कर रखी गईं 23 करोड़ रुपये मूल्य की 2.3 लाख याबा गोलियां जब्त की हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा ने इस निर्णायक कार्रवाई के लिए असम पुलिस की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ राज्य की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी। याबा गोलियों को थाई में ‘क्रेजी मेडिसिन’ कहा जाता है, एक बहुत ज़्यादा लत लगाने वाली दवा है। यह मादक पदार्थ देश में अवैध है, क्योंकि इसमें मेथमफेटामीन और कैफीन होता है। मेथमफेटामीन को स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत अनुसूची-दो में रखा गया है।
इंटरनेट डेस्क। असम में दो दिन पूर्व सामने आई घटना से सबकों हिलाकर रख दिया था। यहां पति ने पत्नी का सिर काट कर हत्या कर दी और उसे फ्रिज में रख दिया। अब आरोपी ने मंगलवार को एक बयान दिया। इसमें आरोपी रामानुज गोस्वामी ने कहा कि उसे कोई पछतावा नहीं है। अब वह अपनी पत्नी के शुगर डैडी (प्रेमी) को मारने की योजना बना रहा है। आरोपी ने क्या कहा? मीडिया रिपोटर्स की माने तो गोस्वामी ने मेडिकल जांच के लिए ले जाए जाते समय पत्रकारों से यह चौंकाने वाली बात कही। उसने कहा, ‘मैंने जो कुछ भी किया, उसके लिए मुझे कोई पछतावा या अफसोस नहीं है। मैंने अपनी पत्नी को खत्म कर दिया है, जैसे ही मैं जेल से बाहर आऊंगा, तब पत्नी के शुगर डैडी की बारी होगी। हालांकि, उसने उस व्यक्ति की पहचान नहीं बताई। क्या है पूरा मामला? बता दे कि पुलिस ने गोस्वामी को रविवार रात को उनकी पत्नी रिया तालुकदार की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। आरोप है कि उन्होंने 3 सितंबर की सुबह गुवाहाटी के बेल्टोला इलाके के बसिष्ठपुर स्थित अपने फ्लैट में रिया तालुकदार की हत्या कर दी थी। जांचकर्ताओं ने फ्लैट के अंदर एक रेफ्रिजरेटर से तालुकदार का कटा हुआ सिर बरामद किया, जो एक पॉलिथीन बैग में पैक किया हुआ था। हत्या में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया एक बड़ा चाकू और शराब की कई बोतलें भी जब्त की गई। विवाहेतर संबंध का लगाया आरोप अब तक की पूछताछ से पता चला है कि दंपति के बीच कई मुद्दों पर अक्सर झगड़े होते थे। जिनमें मृतक का कथित विवाहेतर संबंध भी शामिल था, जिसके बारे में आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया था। pc -aaj tak
If I get out of jail,I'll kill the sugar daddy too Husband who beheaded wife in Assam says he has no regrets.
भाजपा के खजाने में आए 1473 करोड़, असम में हुआ सबसे ज्यादा खर्चा; तीन राज्यों का पूरा हिसाब
BJP को पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के दौरान 1,472.8 करोड़ रुपये की प्राप्तियां हुईं। असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में पार्टी ने 160 करोड़ रुपये खर्च किए। जानें चुनावी खर्च का पूरा हिसाब।
CM हिमंता की आवाज में फोन कर ठगी! असम के बड़े नौकरशाह का फर्जीवाड़ा उजागर
असम के धेमाजी जिले के डेवलपमेंट कमिश्नर देबेश्वर बोरा को भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार किया गया है. आरोप है कि उन्होंने नौकरी और ठेके दिलाने के लिए एक मिमिक्री करने वाले शख्स की मदद से लोगों को फोन पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मुख्य सचिव रवि कोटा की आवाज में बात कराई.
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मिले 25 से अधिक शुद्ध नस्ल के वनभैंसे छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वनभैंस की प्योर नस्ल बचाने के लिए वन विभाग 25 साल से प्रयोग कर रहा है। क्लोन तैयार करने पर दो करोड़ रुपए खर्च किए गए। असम से पांच वनभैंस लाए गए, लेकिन उन्हें भी पांच साल में जंगल में नहीं छोड़ा जा सका। अब बस्तर में मिले प्योर नस्ल के दो दर्जन से ज्यादा वनभैंसों के झुंड ने संरक्षण की नई उम्मीद जगाई है। बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में महाराष्ट्र सीमा से लगे जंगल में मौजूद इस झुंड को बचाने के लिए 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वनभैंसों को दूसरी जगह ले जाने के बजाय उनके मौजूदा रहवास को ही सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके लिए संवेदनशील इलाके सील किए जाएंगे। चार से पांच एकड़ में बाड़ा बनेगा। पानी के लिए छोटे-बड़े जलाशय तैयार किए जाएंगे और शिकारियों की निगरानी के लिए हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) ने संरक्षण योजना को मंजूरी दे दी है।नस्ल बचाने के तीन प्रयोग, लेकिन नतीजा नहीं क्लोन पर दो करोड़ खर्च: वनभैंसों की संख्या बढ़ाने के लिए क्लोन तैयार किया गया। बाद में पता चला कि जिस मादा के आनुवंशिक नमूने से क्लोन बनाया गया था, वह सामान्य भैंस थी। इसलिए तैयार क्लोन को वनभैंस नहीं माना जा सका।असम से पांच वनभैंस लाए, जंगल नहीं पहुंचे: संख्या बढ़ाने के लिए असम से पांच वनभैंस पकड़कर छत्तीसगढ़ लाए गए थे। इन्हें जंगल में छोड़ने की योजना थी, लेकिन करीब पांच साल से वे बारनवापारा अभयारण्य के बाड़े में हैं। जंगल में छोड़ने की मंजूरी अब तक नहीं मिली है। उदंती में अब सिर्फ ‘छोटू’: करीब 20 साल पहले उदंती-सीतानदी क्षेत्र में 20 से 22 वनभैंस थे। इनमें ज्यादातर नर थे। संख्या लगातार घटती गई। अब वहां प्योर और मूल नस्ल का केवल ‘छोटू’ नाम का वनभैंसा बचा है।नक्सल प्रभावित जंगल में कैमरों से निगरानी वनभैंसों का यह झुंड नक्सल प्रभावित जंगल में है, जहां वन अमले की नियमित आवाजाही आसान नहीं है। इसलिए पूरे इलाके में हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे वनभैंसों की गतिविधियों, संख्या और स्वास्थ्य पर नजर रखने के साथ शिकारियों की आवाजाही भी रिकॉर्ड की जाएगी। कुछ रहेंगे बाड़े में- संरक्षण योजना के तहत झुंड के कुछ वनभैंसों को चार-पांच एकड़ के बाड़े में रखा जाएगा, जबकि बाकी खुले जंगल में रहेंगे। इससे दोनों परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा और व्यवहार का अध्ययन किया जा सकेगा। वनभैंस लंबे समय तक पानी में रहते हैं, इसलिए उनके रहवास क्षेत्र में कई जलाशय बनाए जाएंगे। प्रयोग नहीं, प्राकृतिक झुंड बचाने पर जोर: पिछले प्रयासों में बाहर से वनभैंस लाने और क्लोन तैयार करने पर जोर था। नई योजना में पहले से मौजूद प्योर नस्ल के प्राकृतिक झुंड और उसके रहवास को सुरक्षित किया जाएगा। महाराष्ट्र-ओडिशा को भी जोड़ा| झुंड महाराष्ट्र सीमा से लगे नदी किनारे के इलाके में है। विभाग उन रास्तों की पहचान कर रहा है, जहां से वनभैंस सीमा पार जा सकते हैं। ऐसे संवेदनशील रास्तों को सुरक्षित किया जाएगा। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के नजदीक महाराष्ट्र और ओडिशा की सीमाएं होने के कारण दोनों राज्यों को भी योजना में शामिल किया गया है। संरक्षण योजना को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर आसपास के गांवों के लोगों की भी मदद ली जाएगी। -ओपी यादव, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ
भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती, पीएम मोदी बोले- 'भूपेन दा की आवाज ने पूरे देश में फूंकी असम की आत्मा'
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत रत्न, महान गायक और संगीतकार भूपेन हजारिका को उनकी जन्मशती पर मंगलवार को श्रद्धांजलि दी।
नेपाल और असम में भूकंप के झटके किए गए महसूस, काठमांडू से 196 किलोमीटर दूर था केंद्र
New Delhi, 8 सितंबर . देश के पूर्वोत्तर और पड़ोसी देश नेपाल में Tuesday रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) ने इसकी जानकारी अपने आधिकारिक social media प्लेटफॉर्म एक्स पर दी. एनसीएस ने अपने आधिकारिक social media प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करके भूकंप की जानकारी दी. राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान ... Read more
हिमंता बिस्वा सरमा ने असम की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने वाले भूपेन हजारिका को दी श्रद्धांजलि
गुवाहाटी, 8 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Tuesday को मशहूर संगीतकार, गायक, कंपोजर और फिल्म निर्माता डॉ. भूपेन हजारिका की 100वीं जयंती पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. उन्होंने इस सांस्कृतिक हस्ती को असम के दिल और रूह में गहराई से बसी एक भावना बताया. social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक ... Read more
इन्वेस्टमेंट स्कैम: सीबीआई कोर्ट ने असम के एक व्यक्ति को 4 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई
गुवाहाटी, 8 सितंबर . गुवाहाटी की एक सीबीआई कोर्ट ने असम में निवेशकों से पब्लिक डिपॉजिट (जनता की जमा राशि) इकट्ठा करने और उसके गबन (हेराफेरी) के मामले में एक व्यक्ति को चार साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है और 14.05 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने ... Read more
यूएन के नक्शे में अक्साई चिन और अरुणाचल पर गलत दावा, असम सीमा से नगालैंड भी गायब
संयुक्त राष्ट्र के करेक्ट द मैप प्रस्ताव के बाद जारी नए नक्शे में भारत के अरुणाचल प्रदेश और अक्साई चिन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिन्हें भारत अपना अभिन्न अंग मानता है।
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। कमीशन के मुताबिक, चुनाव की औपचारिक गजट अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी। काउंटिंग 9 अक्टूबर को की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। इन सीटों पर होंगे उपचुनाव बशीरहाट और शिलांग के चुनाव अभी नहीं संबंधित जिलों में आचार संहिता लागू हो गई। शिलॉन्ग और बशीरहाट लोकसभा सीटों की तारीख घोषित नहीं हुई है। इस साल फरवरी में वायस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकान के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी। जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है। उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के निर्देश चुनाव आयोग ने कहा कि नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक वोटर लिस्ट को लगातार अपडेट किया जाएगा, बशर्ते नॉमिनेशन की समय-सीमा से 10 दिन पहले तक आवेदन प्राप्त हो जाएं। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पोलिंग स्टेशनों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। EPIC कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। हालांकि वोटर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा बताए गए अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीएम सरमा ने असम दौरे के लिए उपराष्ट्रपति को कहा धन्यवाद, तमिलनाडु के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों को सराहा
भाजपा की ओर से कांग्रेस के नेताओं के उपर पोस्टर वार और बदलाव की प्रकिया पर बांट कर राजनीति करने के आरोपों के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि फूट डालो और राज करो अंग्रेजों से बीजेपी से सीखा है। ये काले अंग्रेज हैं और इन्होंने यही काम सीखा है। अंग्रेजों से इन काले अंग्रेजों ने यही सब सीखा है। उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदू-मुसलमान करेंगे और आदिवासियों को भी अलग-अलग पहचान में बांटने की कोशिश करेंगे। भूपेश बघेल ने बीजेपी के पोस्टरवार का जवाब देते हुए कहा है कि भाजपा के पास कुछ बचा नहीं है। दुर्ग में कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पहुंचे बघेल ने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेताओं के लिए काले अंग्रेज शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि फूट डालो और राज करो की नीति भाजपा ने अंग्रेजों से सीखी है। बघेल ने कहा कि आदिवासियों को हिंदू आदिवासी, ईसाई आदिवासी और मुस्लिम आदिवासी के रूप में बांटने की बात की जा रही है। इसी तरह दलित और गैर-दलित के नाम पर भी समाज को बांटने का आरोप उन्होंने भाजपा पर लगाया। प्रभार बदलने को लेकर कहा- हंटर वाली से लेकर चड्ढी बनियान वाले तक बने प्रभारीपंजाब प्रभारी सचिन पायलट और भूपेश बघेल को लेकर किए जा रहे तंज पर पत्रकारों ने सवाल किया था। इस पर बघेल ने बार-बार प्रभारी बदले जाने को लेकर पलटवार किया। भाजपा के कांग्रेस में फूट के आरोप पर बघेल ने कहा कि बीजेपी में ट्रांसफर नहीं होते हैं क्या?, कितने बार बीजेपी के प्रभारी बदले जा रहे हैं। कितने बार बदले जा रहे है बीजेपी की ओर से? पहले से हंटर वाली आई थी, फिर धोती वाला आया, हाफ पैंट, चड्ढी वाला आया है। इतने लोग आ गए हैं पता ही नहीं चल रहा है। इन लोग के तो कोई टिकता नहीं है। उन्हें पहले अपने संगठन की ओर देखना चाहिए।झीरम घाटी मामले में कहा- षडयंत्रकारियों को बचाया गया बातचीत के दौरान झीरम घाटी मामले को लेकर भी बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि यह षड्यंत्र था। यह षड्यंत्रकारी कौन हैं? सबने माना कि सुरक्षा में चूक हुई है। वहां कोई आरोपी नहीं था, घटना के बाद कोई गया नहीं था। रमन सिंह ने खुद स्वीकार किया था कि चुक हुई है। सरकार की लापरवाही के कारण यह हुआ है। किसी प्रशासनिक अधिकारी को सजा हुई है क्या?, पुलिस अधिकारी को सजा हुई क्या?, जब एफआईआर में रमन्ना जैसे बड़े नक्सली नेता के नाम थे तो उन्हें हटा क्यों दिया गया। प्रारंभिक रूप से बताया गया था कि 200 नक्सली थे, लेकिन 10 लोगों को ही जांच में शामिल किया और उन्हें ही आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद जांच में लापरवाही हुई और मामले की जांच में लीपापोती की गई।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान, जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटा; राजस्थान पर क्या असर?
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन आज से दो दिवसीय असम दौरे पर
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन रविवार को दो दिवसीय असम दौरे पर जाएंगे, जहां वह एक शैक्षणिक संस्थान के स्वर्ण जयंती समारोह, एक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह और एक नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे।
कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए छह राज्यों के प्रभारी महासचिव/प्रभारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट को अब छत्तीसगढ़ के स्थान पर पंजाब की जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा ने भी पिछले दिनों पंजाब का प्रभारी राजस्थान के ही डॉ. सतीश पूनियां को बनाया था। यानी अब दोनों प्रमुख दलों के पंजाब प्रभारी राजस्थान से ही होंगे। कांग्रेस ने असम प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह को हटाकर उनके स्थान पर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जिम्मेदारी दी है। जितेंद्र सिंह ने असम में पार्टी की हार की जिम्मेदारी लेते हुए प्रभारी पद से इस्तीफा दिया था। वहीं, रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का प्रभारी बनाया गया है। सुरजेवाला के पास कर्नाटक का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा। इसके अलावा सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरीवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी.वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। जितेंद्र सिंह, चेन्नीथला और मणिकम टैगोर के पास अब राज्यों का प्रभार नहीं है। मुकुल वासनिक एआईसीसी महासचिव के पद पर बने रहेंगे। पूनिया-पायलट में फिर सियासी मुकाबला, एक संगठन विस्तार तो दूसरा गुटबाजी साधने में जुटेगाराजस्थान की राजनीति में एक-दूसरे के मुकाबले रहे भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां और कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट अब पंजाब की सियासत में आमने-सामने होंगे। भाजपा ने कुछ दिन पहले पूनियां को पंजाब प्रभारी बनाया था, वहीं कांग्रेस ने अब पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी सौंपी है। खास बात यह है कि राजस्थान में दोनों करीब 10 महीने तक अपनी-अपनी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रहते हुए आमने-सामने रहे थे। पूनिया के सामने पंजाब में भाजपा के संगठन को मजबूत कर विस्तार देने की चुनौती है। हरियाणा प्रभारी के तौर पर संगठन विस्तार का अनुभव उनके काम आएगा। वहीं पायलट के सामने कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान को साधकर चुनाव से पहले संगठन को एकजुट करने की चुनौती है। दिलचस्प संयोग यह भी है कि पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी रह चुके हैं। अब पायलट पंजाब के प्रभारी हैं और रंधावा उनके सामने महत्वपूर्ण भूमिका में हैं। ऐसे में राजस्थान की सियासी जंग का असर अब पंजाब के चुनावी मैदान में भी दिखाई देगा।
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। विवादों के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई। भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा ताजपोशी के बाद से चन्नी गुट नाराज था। चन्नी गुट के नेताओं के मुताबिक भूपेश बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की असल ग्राउंड रियलिटी की जानकारी नहीं दी। चन्नी गुट बघेल और राजा वड़िंग को उनके पदों से हटाने पर अड़ा हुआ था। पूर्व सीएम चन्नी और उनके गुट के नेता तर्क दे रहे थे कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िग-बघेल को हटाकर इनकी जगह किसी अन्य मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। हाईकमान को आखिरकार चन्नी गुट के आगे झुकना पड़ा। कांग्रेस हाईकमान ने जारी किया आदेश- छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी के बारे में जानिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। वे कई बार विधायक रहे। 2019 में वे भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, जहां जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2025 में उन्हें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी कांग्रेस की संसदीय जिम्मेदारी दी गई थी। अप्रैल 2025 में वे AICC ऑब्जर्वर भी बनाए गए। छत्तीसगढ़ में क्या रहेगी चुनौती? सुखदेव भगत लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रही है। सचिन पायलट के कार्यकाल में भी कांग्रेस ने प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। अब नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल बनाने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को तैयार करने की चुनौती होगी। संगठनात्मक स्तर बदलाव की संभावना कांग्रेस आने वाले चुनावों को लेकर अभी से तैयारियों में जुटी है। ऐसे में प्रभारी का बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में अहम माना जा रहा है। सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। पार्टी का फोकस संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर रहेगा। नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर और बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है। पंजाब से क्यों हटाए गए भूपेश? दिल्ली मीटिंग में चन्नी गुट ने बघेल को हटाने की मांग रखी थी 3 सितंबर को दिल्ली में कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल, राजा वड़िंग, प्रताप सिंह बाजवा समेत अन्य नेताओं की बैठक राहुल गांधी की टीम से मीटिंग हुई थी। सूत्रों के अनुसार, इस मीटिंग में पंजाब में चल रही गुटबाजी पर चर्चा हुई। जिसके बाद टीम ने राहुल गांधी को गुटबाजी की रिपोर्ट दी। भूपेश बघेल को लेकर चन्नी खेमा लगातार विरोध कर रहा था और पंजाब में रैलियों के दौरान भूपेश बघेल गो बैक के नारे लगाए गए। चन्नी खेमे ने भूपेश बघेल को बदलने की मांग रखी थी। इसके बाद 4 सितंबर को भी दिल्ली में संगठन की मीटिंग हुई। इसमें चन्नी गुट के राणा गुरजीत भी शामिल हुए थे। इस दौरान उनकी मुलाकात केसी वेणुगोपाल के साथ भी भी हुई थी। उसके बाद राणा गुरजीत ने भी सचिन पायलट के साथ मुलाकात की। राणा गुरजीत ने कहा कि- जब कल सचिन पायलट से मुलाकात के दौरान पंजाब को लेकर बात जरूर हुई, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि सचिन पायलट को इंचार्ज बनाया जा रहा है। मैंने पायलट को कहा था कि पंजाब के लोग आपको पसंद करते हैं। हर बूथ, कांग्रेस मजबूत मुहिम हुआ था हंगामा पंजाब कांग्रेस के 'हर बूथ, कांग्रेस मजबूत' अभियान 31 जुलाई से 8 अगस्त के बीच चलाया था। इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी गुट ने भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का जमकर विरोध किया था। 31 जुलाई 2026 (फतेहगढ़ साहिब): अभियान के पहले ही दिन दरारें साफ दिखीं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उनके समर्थक गुट के प्रमुख नेताओं ने इस कार्यक्रम से दूरी बनाई। 1 अगस्त 2026 (संगरूर और पटियाला): संगरूर में भूपेश बघेल की मौजूदगी में बैठक के दौरान चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ताओं के बीच हाथापाई और धक्का-मुक्की की नौबत आ गई और बघेल के सामने ही राजा वडिंग के खिलाफ व चन्नी के समर्थन में नारे लगे। इसी दिन पटियाला की संगठनात्मक बैठक में भी चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने तीखा विरोध दर्ज कराया और आलाकमान से चन्नी को मुख्यमंत्री का चेहरा बनाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। 2 से 5 अगस्त 2026: (मुक्तसर, बठिंडा, बरनाला): मालवा बेल्ट के जिलों में दौरों के दौरान जगह-जगह विरोध जारी रहा। मुक्तसर साहिब (जो राजा वडिंग का गृह क्षेत्र है) में बघेल के आगमन से पहले ही 'भूपेश बघेल गो बैक' के पोस्टर चिपका दिए गए थे और बैठकों में हंगामा हुआ। बरनाला और बठिंडा में भी चन्नी समर्थकों ने समानांतर शक्ति प्रदर्शन किया। 6 अगस्त 2026 (लुधियाना): लुधियाना की संगठनात्मक बैठक में अंतर्कलह सबसे उग्र रूप में सामने आई। यहां चन्नी गुट के कार्यकर्ताओं ने 'बघेल गो बैक' लिखी सफेद टी-शर्ट पहनकर विरोध किया। बैठक स्थल के बाहर और अंदर कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूंसे और तीखी झड़प हुई, जिसे शांत करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा था। पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी क्यों दी गई? अंदरूनी कलह और गुटबाजी को खत्म करना: पंजाब कांग्रेस लंबे समय से भीतरी गुटबाजी और नेताओं के बीच आपसी मतभेदों से जूझ रही है। कांग्रेस आलाकमान का मानना है कि सचिन पायलट एक ऐसे संकटमोचक नेता हैं, जो संगठन को एकजुट कर सकते हैं। राजस्थान में खुद राजनीतिक संकट और गुटबाजी का लंबा अनुभव होने के कारण वे पंजाब के नेताओं के बीच तालमेल बिठाने के लिए सबसे मुफीद चेहरा माने गए हैं। संगठन को मजबूत करना और युवाओं को जोड़ना: सचिन पायलट की छवि एक ऊर्जावान और जमीनी पकड़ रखने वाले नेता की है, जिनका युवाओं के बीच बड़ा क्रेज है। कांग्रेस आलाकमान पंजाब में संगठन को दोबारा पुनर्जीवित करना चाहता है। पायलट की संगठनात्मक क्षमता (जैसा उन्होंने 2018 में राजस्थान में कांग्रेस को जिताकर साबित किया था) का लाभ पार्टी अब पंजाब में उठाना चाहती है।
सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नया प्रभारी बनाया गया है। विवादों के बाद भूपेश बघेल को पंजाब प्रभारी के पद से हटा दिया गया। उनकी जगह छत्तीसगढ़ प्रभारी सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी दी गई। भूपेश बघेल को असम का महासचिव प्रभारी बनाया गया है। बता दें कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनके गुट ने बघेल के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था। अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी पर दोबारा ताजपोशी के बाद से चन्नी गुट नाराज था। चन्नी गुट के नेताओं के मुताबिक भूपेश बघेल ने प्रदेश प्रभारी होने के बावजूद कांग्रेस हाईकमान को पंजाब की असल ग्राउंड रियलिटी की जानकारी नहीं दी। चन्नी गुट बघेल और राजा वड़िंग को उनके पदों से हटाने पर अड़ा हुआ था। पूर्व सीएम चन्नी और उनके गुट के नेता तर्क दे रहे थे कि विधानसभा चुनाव में अगर कांग्रेस को अच्छा प्रदर्शन करना है तो वड़िग-बघेल को हटाकर इनकी जगह किसी अन्य मजबूत नेता को कमान सौंपी जाए। हाईकमान को आखिरकार चन्नी गुट के आगे झुकना पड़ा। कांग्रेस हाईकमान जारी किया लेटर- छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी के बारे में जानिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नए प्रभारी सुखदेव भगत झारखंड के लोहरदगा से कांग्रेस सांसद हैं। उनका जन्म 22 अक्टूबर 1960 को लोहरदगा में हुआ और उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई की है। राजनीति में आने से पहले वे राज्य प्रशासनिक सेवा में कार्यरत थे। वर्ष 2005 में नौकरी छोड़कर विधानसभा चुनाव लड़ा और लोहरदगा से विधायक चुने गए। मई 2013 में उन्हें झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। वे कई बार विधायक रहे। 2019 में वे भाजपा में शामिल हुए और विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन जनवरी 2022 में कांग्रेस में वापसी कर ली। 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें लोहरदगा से प्रत्याशी बनाया, जहां जीत दर्ज कर वे पहली बार लोकसभा पहुंचे। वर्ष 2025 में उन्हें झारखंड, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से जुड़ी कांग्रेस की संसदीय जिम्मेदारी दी गई थी। अप्रैल 2025 में वे AICC ऑब्जर्वर भी बनाए गए। छत्तीसगढ़ में क्या रहेगी चुनौती? सुखदेव भगत लंबे समय से कांग्रेस संगठन में सक्रिय रहे हैं। उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी ऐसे समय में दी गई है, जब पार्टी प्रदेश में संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दे रही है। सचिन पायलट के कार्यकाल में भी कांग्रेस ने प्रदेश संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया। अब नए प्रभारी के सामने पार्टी के भीतर बेहतर तालमेल बनाने, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए संगठन को तैयार करने की चुनौती होगी। संगठनात्मक स्तर बदलाव की संभावना कांग्रेस आने वाले चुनावों को लेकर अभी से तैयारियों में जुटी है। ऐसे में प्रभारी का बदलाव पार्टी की चुनावी रणनीति में अहम माना जा रहा है। सुखदेव भगत प्रदेश के नेताओं के साथ बैठक कर संगठन की मौजूदा स्थिति, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर सकते हैं। पार्टी का फोकस संगठन को सक्रिय करने के साथ-साथ जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका बढ़ाने पर रहेगा। नए प्रदेश प्रभारी की नियुक्ति के बाद कांग्रेस में आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर और बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

