पीएम मोदी ने बाढ़ की स्थिति पर असम के सांसदों से की चर्चा, केंद्र की ओर से मदद का दिया आश्वासन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को असम के सांसदों से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और पवित्र मार्गेरिटा ने बैठक में उन्होंने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सरकार ने बिहार, असम और राजस्थान में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं करने का दिया आश्वासन: सौरव दास
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को कानूनी कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। पार्टी का दावा है कि सरकार के प्रतिनिधियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने, हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा करने तथा केंद्र और भाजपा/एनडीए शासित राज्यों की ओर से प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिसूचनाएं जारी करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
देशभर के कई राज्यों में मानसूनी बारिश आफत बनकर बरस रही है। सबसे चिंताजनक और भयावह स्थिति असम में देखने को मिल रही है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 68 पहुंच चुका है। वर्तमान में राज्य के 5.24 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ के पानी में घिरे हुए हैं। सबसे गंभीर हालात शिवसागर, चराईदेव और नाजिरा क्षेत्रों में हैं। यहां हजारों मकान टूट चुके हैं और कई गांवों में लोगों के घरों के अंदर 5-5 फुट तक कीचड़ भर गया है, जिससे उनका अपने ही घरों में रहना दूभर हो गया है।हालांकि कुछ इलाकों में पानी का स्तर धीरे-धीरे नीचे गिर रहा है, लेकिन परेशानियां कम नहीं हुई हैं। खेत, सड़कें और पुल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। लोगों का घरेलू सामान, कपड़े और खाने का राशन पानी में बहकर बर्बाद हो गया है। कई गांव ऐसे हैं जिनका मुख्य सड़कों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है और वहां केवल नावें ही आवाजाही का एकमात्र साधन बची हैं। बेघर हुए हजारों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं, जहां स्थानीय प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाएं भोजन, साफ पानी और जरूरी सामग्री पहुंचाने का प्रयास कर रही हैं।उत्तराखंड के 9 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: टिहरी में नदियां उफान पर, स्कूल बंदपहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से हालात बिगड़ने लगे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, उधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारों का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य के बाकी जिलों में यलो अलर्ट जारी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य प्रशासन ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन तंत्र को चौकस रखने के निर्देश दिए हैं।उत्तराखंड के टिहरी जिले में बारिश के कारण भिलंगना, बालगंगा, नैलचामी और भागीरथी नदियां उफान पर हैं, जिससे तटीय इलाकों में भय का माहौल है। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने के कारण घनसाली उपजिलाधिकारी ने सुरक्षा के तौर पर कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एक दिन की छुट्टी घोषित कर दी है। जिला प्रशासन पल-पल की स्थिति पर नजर रख रहा है।हिमाचल में 108 सड़कें ठप, 31 जुलाई तक फ्लैश फ्लड का बड़ा खतराहिमाचल प्रदेश में भी मानसून का भयानक रूप देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई तक कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आने की कड़ी चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश और जगह-जगह भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने के कारण राज्य में 108 सड़कें यातायात के लिए बंद हो चुकी हैं। इसके अलावा 38 पेयजल परियोजनाएं और 9 बिजली ट्रांसफार्मर ठप पड़ गए हैं। सड़कों के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित मंडी और कुल्लू जिले हुए हैं।मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 1 अगस्त तक मानसून की सक्रियता बनी रहेगी। इस दौरान अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम और कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों को उफनते नदी-नालों तथा भूस्खलन के संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी है। असम, उत्तराखंड और हिमाचल तीनों ही राज्यों में मौसम के इस कड़े मिजाज को देखते हुए लोगों से बेवजह यात्रा न करने और केवल आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करने की अपील की गई है।
असम, गुजरात और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने जनजीवन बुरी तरह प्रभावित किया है। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बादल फटने से पुल और सड़क बह गई। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है तो गुजरात में भारी ...
जलवायु परिवर्तन से निपटने को राजस्थान अब अपनाएगा सिक्किम और असम मॉडल
ग्लोबल वार्मिंग और घटते भूजल के बीच राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था को टिकाऊ बनाने की दिशा में बड़ा नीतिगत कदम उठाया जा रहा है। राज्य को गो-आधारित जैविक अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ऑर्गेनिक फार्मर प्रोड्यूसर एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. अतुल गुप्ता 28 से 30 जुलाई तक असम और सिक्किम के अध्ययन दौरे पर रहेंगे। चारों शंकराचार्यों और धर्माचार्यों के आध्यात्मिक समर्थन के बाद अब इस अभियान को संवैधानिक और नीतिगत समर्थन दिलाने की पहल की जा रही है। 28 जुलाई को असम तथा 30 जुलाई को सिक्किम के राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों के साथ प्रस्तावित बैठकों के बाद संयुक्त समन्वय समिति गठित की जाएगी। राज्य की गोशालाओं को वर्मीकंपोस्ट और जैव-उर्वरक उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित करने, महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को ग्रेडिंग, पैकिंग और ब्रांडिंग से जोड़ने तथा प्रत्येक जिले में जैविक क्लस्टर विकसित करने की योजना है। सिक्किम ने 2003 में जैविक नीति लागू की और 2016 में देश का पहला 100 प्रतिशत जैविक राज्य बना। वहां रसायन-मुक्त खेती को पर्यटन, प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और डायरेक्ट एक्सपोर्ट से जोड़ने के बाद किसानों की आय में 40 प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इसी मॉडल के आधार पर राजस्थान में भी जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है।
बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बना गहरा डिप्रेशन अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इससे आंध्र तट पर 65kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक समुद्र में ऊंची लहरें भी उठेंगी। इधर, असम में बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। लेकिन इसके लिएि सेना, NDRF, SDRF और पुलिस जैसी कई एजेंसियों को रेस्क्यू में जुटना पड़ा। सरकारी बुलेटिन के मुताबिक असम के चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और शिवसागर जिलों में 5.24 लाख से ज्यादा लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। वहीं, सेना ने दक्षिण गुजरात, अहमदाबाद, दादरा-नगर हवेली में भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में मोर्चा संभाल लिया है। सेना ने अबतक 790 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला। मौसम विभाग ने सोमवार के लिए छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। ओडिशा के 6 जिलों प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। सैटेलाइट मैप में देखें, देश में कहां-कहां बादल छाए… देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल 28 जुलाई: 29 जुलाई:
मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा गुरुवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। यह पेशी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर मानहानि के एक मामले के सिलसिले में हुई।
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

