Assam के पूर्व मंत्री Siddeque Ahmed का 63 वर्ष की आयु में निधन, कैंसर से थे पीड़ित
असम के पूर्व मंत्री सिद्दीक अहमद का लंबे समय तक कैंसर से जूझने के बाद रविवार को निधन हो गया। वह 63 वर्ष के थे। उनके निजी सचिव एस. अहमद ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सिद्दीक अहमद ने श्रीभूमि जिले के बारोइग्राम स्थित अपने आवास पर सुबह करीब आठ बजे अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी अनीमा बेगम, तीन बेटे और एक बेटी हैं। दक्षिण करीमगंज से चार बार कांग्रेस विधायक रहे अहमद लंबे समय से उपचार करा रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के मंत्रिमंडल में मंत्री रहे अहमद ने मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के पहले कार्यकाल के दौरान ‘‘सरकार को समर्थन’’ दिया था, लेकिन वह कांग्रेस में बने रहे। इसके बाद विपक्षी दल कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था और यह निलंबन अब तक जारी थ। अहमद के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि उन्होंने हमेशा लोगों के कल्याण को प्राथमिकता दी। शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम अलग-अलग राजनीतिक दलों से जुड़े थे, लेकिन हमारा रिश्ता राजनीति से कहीं आगे था। जीवन के कठिन दौर में हम एक-दूसरे के साथ खड़े रहे और मुश्किलों का मिलकर सामना किया।’’कांग्रेस प्रवक्ता बेदब्रत बोरा ने भी अहमद के निधन पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अब भी उन्हें संगठन का हिस्सा मानती है और उन्हें पूरा सम्मान दिया जाएगा।
न्यूज डायरी: असम कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने की समीक्षा बैठक; बंगाल उपचुनाव में वाम दल के भी उम्मीदवार
Assam में Bhupesh Baghel का आरोप, नगांव Lok Sabha By-election BJP ने थोपा
असम के लिए कांग्रेस के नए प्रभारी पार्टी महासचिव भूपेश बघेल ने शनिवार को आरोप लगाया कि नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव ‘डबल-इंजन’ वाली भाजपा सरकार ने उस क्षेत्र के लोगों पर थोपा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ दिन भर चली बैठक के बाद प्रेसवार्ता में बघेल ने कहा कि पिछले छह महीनों में ‘डबल-इंजन’ सरकार का ‘असली चेहरा’ सामने आ गया है। नगांव लोकसभा सीट पर उपचुनाव की ज़रूरत तब पड़ी, जब असम में विधानसभा चुनाव से पहले, इस साल मार्च में तत्कालीन कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जब तक बोरदोलोई कांग्रेस के साथ थे, वह सांसद रहे, लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद वह विधायक बन गए। बघेल ने कहा कि कोई भी सिर्फ़ सांसद से विधायक बनने के लिए राजनीतिक पार्टियां नहीं बदलता। इस बीच, कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन ने राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने का संकल्प लिया। कांग्रेस के एक प्रवक्ता के अनुसार बघेल की मौजूदगी में हुई बैठक में ऊपरी असम के तीन ज़िलों में आई विनाशकारी बाढ़ से पैदा हुई स्थिति और राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि नेताओं ने इस बाढ़ को ‘‘इंसान की वजह से आई’’ और ‘‘सिंडिकेट का नतीजा’’ बताते हुए इस मुद्दे को जनता के सामने ले जाने और इसके स्थायी समाधान के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। बैठक में आदिवासी नेता प्रणब डोले की रिहाई की मांग के लिए मिलकर काम करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। उन्हें काजीरंगा नेशनल पार्क के पास प्रस्तावित फाइव-स्टार होटल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के कारण जेल में डाल दिया गया था। प्रवक्ता ने कहा कि इसके अलावा, एक संयुक्त प्रस्ताव भी पारित किया गया जिसमें आगामी उपचुनावों में भाजपा और एआईयूडीएफ के खिलाफ एकजुट होकर लड़ने की वकालत की गई।
पुरुलिया में 20 सितंबर को होने वाला आदिवासी कुड़मी समाज का करम महोत्सव ऐतिहासिक होगा, जिसमें पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी शामिल होंगे और ओडिशा व असम के मुख्यमंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।
लोकसभा उपचुनावः असम भाजपा ने नौगांव से देबाशीष शर्मा को बनाया उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में होने वाले लोकसभा उपचुनाव 2026 को लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। भाजपा ने नौगांव लोकसभा क्षेत्र से देबाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
न्यूज डायरी: SIR बाधित करने पर ओडिशा के शिक्षा अधिकारी निलंबित; असम में डायन बताकर हत्या, 31 साल बाद उम्रकैद
भूपेन हजारिका का कोलकाता स्थित घर खरीदना चाहती है असम सरकार, हिमंत ने शुभेंदु को लिखा पत्र
असम सरकार महान गायक भूपेन हजारिका के कोलकाता स्थित स्मृतिधन्य आवास को खरीदने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस विरासत को संरक्षित करने के लिए बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सहयोग का अनुरोध किया है।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मिले 25 से अधिक शुद्ध नस्ल के वनभैंसे छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वनभैंस की प्योर नस्ल बचाने के लिए वन विभाग 25 साल से प्रयोग कर रहा है। क्लोन तैयार करने पर दो करोड़ रुपए खर्च किए गए। असम से पांच वनभैंस लाए गए, लेकिन उन्हें भी पांच साल में जंगल में नहीं छोड़ा जा सका। अब बस्तर में मिले प्योर नस्ल के दो दर्जन से ज्यादा वनभैंसों के झुंड ने संरक्षण की नई उम्मीद जगाई है। बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में महाराष्ट्र सीमा से लगे जंगल में मौजूद इस झुंड को बचाने के लिए 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वनभैंसों को दूसरी जगह ले जाने के बजाय उनके मौजूदा रहवास को ही सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके लिए संवेदनशील इलाके सील किए जाएंगे। चार से पांच एकड़ में बाड़ा बनेगा। पानी के लिए छोटे-बड़े जलाशय तैयार किए जाएंगे और शिकारियों की निगरानी के लिए हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) ने संरक्षण योजना को मंजूरी दे दी है।नस्ल बचाने के तीन प्रयोग, लेकिन नतीजा नहीं क्लोन पर दो करोड़ खर्च: वनभैंसों की संख्या बढ़ाने के लिए क्लोन तैयार किया गया। बाद में पता चला कि जिस मादा के आनुवंशिक नमूने से क्लोन बनाया गया था, वह सामान्य भैंस थी। इसलिए तैयार क्लोन को वनभैंस नहीं माना जा सका।असम से पांच वनभैंस लाए, जंगल नहीं पहुंचे: संख्या बढ़ाने के लिए असम से पांच वनभैंस पकड़कर छत्तीसगढ़ लाए गए थे। इन्हें जंगल में छोड़ने की योजना थी, लेकिन करीब पांच साल से वे बारनवापारा अभयारण्य के बाड़े में हैं। जंगल में छोड़ने की मंजूरी अब तक नहीं मिली है। उदंती में अब सिर्फ ‘छोटू’: करीब 20 साल पहले उदंती-सीतानदी क्षेत्र में 20 से 22 वनभैंस थे। इनमें ज्यादातर नर थे। संख्या लगातार घटती गई। अब वहां प्योर और मूल नस्ल का केवल ‘छोटू’ नाम का वनभैंसा बचा है।नक्सल प्रभावित जंगल में कैमरों से निगरानी वनभैंसों का यह झुंड नक्सल प्रभावित जंगल में है, जहां वन अमले की नियमित आवाजाही आसान नहीं है। इसलिए पूरे इलाके में हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे वनभैंसों की गतिविधियों, संख्या और स्वास्थ्य पर नजर रखने के साथ शिकारियों की आवाजाही भी रिकॉर्ड की जाएगी। कुछ रहेंगे बाड़े में- संरक्षण योजना के तहत झुंड के कुछ वनभैंसों को चार-पांच एकड़ के बाड़े में रखा जाएगा, जबकि बाकी खुले जंगल में रहेंगे। इससे दोनों परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा और व्यवहार का अध्ययन किया जा सकेगा। वनभैंस लंबे समय तक पानी में रहते हैं, इसलिए उनके रहवास क्षेत्र में कई जलाशय बनाए जाएंगे। प्रयोग नहीं, प्राकृतिक झुंड बचाने पर जोर: पिछले प्रयासों में बाहर से वनभैंस लाने और क्लोन तैयार करने पर जोर था। नई योजना में पहले से मौजूद प्योर नस्ल के प्राकृतिक झुंड और उसके रहवास को सुरक्षित किया जाएगा। महाराष्ट्र-ओडिशा को भी जोड़ा| झुंड महाराष्ट्र सीमा से लगे नदी किनारे के इलाके में है। विभाग उन रास्तों की पहचान कर रहा है, जहां से वनभैंस सीमा पार जा सकते हैं। ऐसे संवेदनशील रास्तों को सुरक्षित किया जाएगा। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के नजदीक महाराष्ट्र और ओडिशा की सीमाएं होने के कारण दोनों राज्यों को भी योजना में शामिल किया गया है। संरक्षण योजना को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर आसपास के गांवों के लोगों की भी मदद ली जाएगी। -ओपी यादव, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। कमीशन के मुताबिक, चुनाव की औपचारिक गजट अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी। काउंटिंग 9 अक्टूबर को की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। इन सीटों पर होंगे उपचुनाव बशीरहाट और शिलांग के चुनाव अभी नहीं संबंधित जिलों में आचार संहिता लागू हो गई। शिलॉन्ग और बशीरहाट लोकसभा सीटों की तारीख घोषित नहीं हुई है। इस साल फरवरी में वायस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकान के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी। जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है। उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के निर्देश चुनाव आयोग ने कहा कि नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक वोटर लिस्ट को लगातार अपडेट किया जाएगा, बशर्ते नॉमिनेशन की समय-सीमा से 10 दिन पहले तक आवेदन प्राप्त हो जाएं। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पोलिंग स्टेशनों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। EPIC कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। हालांकि वोटर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा बताए गए अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीएम सरमा ने असम दौरे के लिए उपराष्ट्रपति को कहा धन्यवाद, तमिलनाडु के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों को सराहा
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

