सिमंता शेखर ने छोड़ी भाजपा, असम फिल्म निगम के अध्यक्ष पद से भी दिया इस्तीफा
गंगटोक, 22 सितंबर . असम के गायक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सिमंता शेखर ने Tuesday को असम राज्य फिल्म (वित्त एवं विकास) निगम के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा की. इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की असम राज्य कार्यकारी समिति से भी इस्तीफा दे दिया और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भी ... Read more
Project Rhino: प्रोजेक्ट चीता के चार साल बाद और इसकी सफलता के बाद देश में एक ओर वन्यजीव संरक्षण अभियान शुरू किया जा रहा है। प्रोजेक्ट चीता की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी। इसके बाद अब एक सींग वाले गैंडों के संरक्षण के लिए एक बार फिर पीएम ने प्रोजेक्ट राइनो की घोषणा की है। आज विश्व गैंडा दिवस पर प्रधानमंत्री ने इस प्रोजेक्ट को शुरू करने का ऐलान किया। इस प्रोग्राम का मकसद एक सींग वाले बड़े गैंडों की सुरक्षा, रहने और फलने-फूलने की पर्याप्त व्यवस्था और संरक्षण के लिए रेंज राज्यों को वित्तीय और तकनीकी सहायता देना है।पीएम मोदी ने एक्स पर की घोषणासोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सरकार की गैंडों के संरक्षण की पहल की घोषणा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा, “देश में प्रजातियों के संरक्षण को आगे बढ़ाते हुए, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि रेंज राज्यों को सुरक्षा, हैबिटैट मैनेजमेंट, जेनेटिक सुधार और पॉपुलेशन डायनामिक्स समझने के लिए वित्तीय और तकनीकी मदद देने के लिए प्रोजेक्ट राइनो शुरू किया गया है।” On World Rhino Day, we celebrate the magnificent greater one-horned rhinoceros and laud all those at the forefront of its protection.Assam now holds nearly 80% of the world’s rhino population and Kaziranga’s efforts to end rhino poaching have been extensively appreciated.On… pic.twitter.com/RclogJ84w1— Narendra Modi (@narendramodi) September 22, 2026 प्रधानमंत्री ने गैंडों की लोकप्रिय प्रजाति के लिए खुशी जताई और वन्यजीव सुरक्षा में सबसे आगे रहने वाले वनकर्मियों और कंजर्वेशनिस्ट की लगातार कोशिशों की तारीफ की। PM मोदी ने अपने पोस्ट लिखा, “वर्ल्ड राइनो डे पर, हम शानदार एक सींग वाले बड़े गैंडे का जश्न मनाते हैं और इसकी सुरक्षा में सबसे आगे रहने वाले सभी लोगों की तारीफ करते हैं।” प्रधानमंत्री ने दुनिया भर में गैंडों के संरक्षण में असम की अहम भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “असम में अब दुनिया की लगभग 80% गैंडों की आबादी है और गैंडों के शिकार को खत्म करने के लिए काजीरंगा की कोशिशों की बहुत तारीफ हुई है।”एक्स पर पोस्ट अपने संदेश में पीएम ने ने दूसरे भारतीय राज्यों में गैंडों के संरक्षण और उनकी प्रजाति को लाने में हुई तरक्की पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंन उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में सफल कोशिशों की ओर इशारा किया। उन्होंने आगे कहा, “एक तरफ, बिहार और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में गैंडे या तो वापस आ गए हैं या पूरी तरह सुरक्षित हैं। दूसरी ओर, दुधवा (उत्तर प्रदेश) में गैंडों को फिर से लाने की सफलता इतिहास बना रही है। यह दिखाता है कि हमारे लोग जानवरों की सुरक्षा और रेंज वाले राज्यों में सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन के लिए कितना प्रतिबद्ध हैं।”यह प्रोजेक्ट भारत के वन्यजीव प्रबंधन ढांचे को मजबूत बनाता है और उसे विस्तार देता है। यह असम पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के दुधवा में सफल एक सींग वाले गैंडों के पुन: दाखिल होने के प्रोग्राम सहित रेंज राज्यों में सफल संरक्षण पहलों पर आगे बढ़ता है।टूथपेस्ट से लेकर नहाने के साबुन तक, हर सामान पर लगाना होगा वेज और नॉन वेज का निशान
भूपेश पंजाब गए वहां विरोध हुआ अब असम में भी वही हुआ, नगांव में हुए विरोध पर सीएम साय की दो टूक
असम के नगांव में सोमवार को कांग्रेस नेता भूपेश बघेल के काफिले पर हुए कथित हमले और पथराव पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया दी है।
मिनर्वा पब्लिक स्कूल ने असम को 3-0 से रौंदकर 65वें सुब्रतो कप अंडर-17 के फाइनल में बनाई जगह
हाफ-टाइम से ठीक पहले 32वें मिनट में मिनर्वा ने अपनी बढ़त दोगुनी कर ली। योहेनबा ने असम के दो डिफेंडरों को छकाते हुए पुनशिबा को रिवर्स पास दिया। पुनशिबा ने बॉक्स के बाहर से शानदार घुमावदार शॉट लगाते हुए गेंद को गोल में दाग दिया और स्कोर 2-0 कर दिया।
नगांव उपचुनाव: असम सीएम का दावा, प्रचार के दौरान हुई झड़प के पीछे कांग्रेस की अंदरूनी कलह
गुवाहाटी, 22 सितंबर . असम के Chief Minister हिमंत बिस्वा सरमा ने Tuesday को दावा किया कि समागुरी इलाके में आगामी नगांव उपचुनाव के लिए चुनाव प्रचार के दौरान हुई हिंसा कांग्रेस के ही विरोधी गुटों के बीच झड़प का नतीजा थी. उन्होंने विपक्षी पार्टी के राज्य नेतृत्व को सलाह दी कि वे अपने अंदरूनी ... Read more
सख्त कदमों से Assam में थमा गैंडों का अवैध शिकार, Sarbananda Sonowal ने बताई 10 साल की उपलब्धि
(फाइल फोटो के साथ)गुवाहाटी, 22 सितंबर केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंगलवार को कहा कि असम में 2016 से पहले गैंडों का अवैध शिकार एक आम बात थी, लेकिन जब उन्होंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो राज्य की शान की रक्षा के लिए ‘सख्त और बिना किसी समझौते के’ कार्रवाई शुरू की गई। सोनोवाल ने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और वन विभाग की अग्रिम पंक्ति की टीम के सहयोग से पिछले 10 वर्षों में कई बार गैंडों के अवैध शिकार की संख्या ‘शून्य’ रही है। केंद्रीय नौवहन, बंदरगाह एवं जलमार्ग मंत्री सोनोवाला ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘विश्व गैंडा दिवस की बधाई। ये प्यारे विशालकाय जानवर भारत की जैव-विविधता की शान हैं। क्या आप जानते हैं कि मेरे गृह राज्य असम में दुनिया के लगभग 80 प्रतिशत एक-सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं? आज उनकी संख्या बढ़ रही है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था।’’उन्होंने दावा किया कि 2016 से पहले ‘‘दुखद सच्चाई यह थी कि गैंडों का शिकार एक आम बात हो गई थी।’’सोनोवाल ने कहा, ‘‘जब मैंने मुख्यमंत्री का पद संभाला, तो हमने तय किया कि अब बहुत हो चुका। हमने राज्य की शान की रक्षा के लिए एक जबरदस्त और सख्त कार्रवाई शुरू की। मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और हमारे वन विभाग की अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों की बहादुरी के दम पर हमने हालात में जबरदस्त बदलाव किया।’’उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों में हमने असंभव को संभव कर दिखाया और कई वर्ष गैंडों के शिकार की घटनाओं का आंकड़ा शून्य रहा। इन प्रयासों की बदौलत आज असम में 4,000 से अधिक गैंडे हैं और इस ऐतिहासिक संरक्षण की कहानी के केंद्र में शानदार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान है।”केंद्रीय मंत्री ने लोगों ने ‘‘आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी शानदार प्राकृतिक विरासत की रक्षा करने’’ का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।’’आधिकारिक रिकार्ड के अनुसार असम में फिलहाल 3260 गैंडे हैं।
Assam में ISRO के उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र का शिलान्यास, अंतरिक्ष मलबे पर रहेगी नजर
(तस्वीरों के साथ)गुवाहाटी, 21 सितंबर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने सोमवार को कहा कि अंतरिक्ष मलबे पर नजर रखने के भारत के प्रयासों में राज्य जल्द ही एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा। शर्मा ने यहां के पास चंद्रपुर में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र की आधारशिला रखने के बाद कहा कि यह केंद्र अंतरिक्ष एजेंसी को मलबे पर नजर रखने और देश की महत्वपूर्ण अंतरिक्ष परिसंपत्तियों की सुरक्षा में मदद करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा, यह केंद्र असम को राष्ट्रीय अंतरिक्ष क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला राज्य बनाएगा। इसके साथ ही यह उन विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्योगों की सूची में एक और कड़ी है, जो राज्य में अपना आधार स्थापित कर रहे हैं। इनमें सेमीकंडक्टर, खाद्य विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, आतिथ्य और कोच ओवरहॉलिंग समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केवल उद्योगों को आकर्षित नहीं कर रही है, बल्कि ऐसी स्थितियां भी बना कर रही है, जिसमें राज्य के युवाओं को इस बदलाव का हिस्सा बनने का अवसर मिले। शर्मा ने कहा कि असम दो दशक पहले आंदोलन, धरना, बंद और उल्फा तथा एनडीएफबी जैसे उग्रवादी संगठनों की गतिविधियों के लिए जाना जाता था। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में असम के लोगों के अथक प्रयासों से राज्य में व्यापक बदलाव आया है और एम्स, आईआईटी तथा आईआईएम समेत राष्ट्रीय महत्व के कई संस्थान तथा केंद्रीय विश्वविद्यालय यहां स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में राज्य अब तक पीछे रहा था और यहां अंतरिक्ष से संबंधित कोई संस्था स्थापित नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, आईआईटी के साथ मिलकर एक लघु अंतरिक्ष केंद्र विकसित किया जा रहा है, जो छात्रों को मंच उपलब्ध कराने और विभिन्न कॉलेज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, अंतरिक्ष के साथ असम का जुड़ाव अभी शुरू हुआ है। असमसैट परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके जरिए मौसम, वर्षा, जंगलों और अन्य कारकों का मानचित्रण किया जा सकेगा, जिससे बेहतर संसाधन नियोजन में मदद मिलेगी। शर्मा ने कहा कि आने वाले कुछ वर्षों में चंद्रपुर में स्थापित होने वाला अंतरिक्ष केंद्र, अनुसंधान एवं विकास में अपने योगदान के कारण बेंगलुरु स्थित इसरो के समान महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि असम जल्द ही अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ा नाम बनकर उभरेगा। मुख्यमंत्री ने इस उन्नत रडार अनुसंधान केंद्र के लिए असम को चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इसरो के प्रति आभार जताया। असम सरकार ने इस परियोजना के लिए करीब 6.61 एकड़ जमीन आवंटित की है।
कोहिमा, 20 सितंबर . नागालैंड के मेलुरी जिले के अवांगखु में नागा स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के प्रतिनिधिमंडल को म्यांमार जाने से रोके जाने के मामले में असम राइफल्स ने स्पष्टीकरण जारी किया है. असम राइफल्स के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल को उसकी पहचान या प्रस्तावित यात्रा के उद्देश्य के कारण नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने के ... Read more
नागालैंड: एनएसएफ प्रतिनिधिमंडल को रोकने पर असम राइफल्स का स्पष्टीकरण, 'सीमा पार करने के लिए जरूरी अनुमति नहीं थी'
3200 MW का मेगा प्लांट और ₹48000 करोड़ का निवेश, असम में हुआ बड़े प्रोजेक्ट का आगाज
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को धुबरी जिले के चापर में अडानी पावर लिमिटेड के ताप बिजली संयंत्र की आधारशिला रखी। इस परियोजना में करीब 48,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
Assam के Golaghat में 30 Tokay Gecko बरामद, वन्यजीव तस्करी की कोशिश नाकाम
असम के गोलाघाट जिले से एक संदिग्ध तस्कर को गिरफ्तार कर उसके पास से 30 ‘टोके गेको’ (छिपकली की प्रजाति) को मुक्त कराया गया है। वन मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने रविवार को यह जानकारी दी। बरुआ ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद मुक्त कराई गई छिपकलियों को वापस जंगल में छोड़ दिया गया है। वन मंत्री ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि 17 सितंबर को मिली एक जानकारी के आधार पर पूर्वी असम वन्यजीव प्रभाग के तहत आने वाले बोकाखात रेंज के कर्मियों ने दीमापुर सीमा शुल्क (निवारक) प्रभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर गोलाघाट के गरमुड़ में वन्यजीव तस्करी के एक कथित प्रयास को विफल कर दिया। मंत्री ने कहा, इस अभियान के दौरान 30 जीवित टोके गेको जब्त किए गए और इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि इस खेप के स्रोत और इसे कहां भेजा जाना था, इसका पता लगाने तथा मामले में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
कांग्रेस संगठन में बिलासपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अरविंद शुक्ला को AICC की ओर से बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। संगठन ने उन्हें असम लोकसभा उपचुनाव के लिए पर्यवेक्षक बनाया है। 18 सितंबर को जारी नियुक्ति में शुक्ला समेत नेताओं को असम प्रदेश कांग्रेस के साथ समन्वय और चुनावी संगठन से जुड़े काम की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व CM के करीबी माने जाने वाले अरविंद शुक्ला की नियुक्ति इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल को हाल ही में असम का प्रभारी बनाया गया है। ऐसे में बघेल के प्रभाव वाले संगठनात्मक नेटवर्क से जुड़े बिलासपुर के नेता को उसी राज्य के उपचुनाव की जिम्मेदारी मिलना कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में चर्चा का विषय है। बिलासपुर से पंजाब और अब असम तक बढ़ी भूमिका अरविंद शुक्ला की संगठनात्मक सक्रियता पहले भी बिलासपुर से बाहर दिखाई दे चुकी है। जब भूपेश बघेल को पंजाब का प्रभारी बनाया गया था, तब भी उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारी दी गई थी। अब असम की जिम्मेदारी मिलने से उनका राजनीतिक दायरा एक बार फिर प्रदेश से बाहर बढ़ा है। कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान के बीच नियुक्ति के राजनीतिक मायने छत्तीसगढ़ कांग्रेस में पिछले कुछ वर्षों से अलग-अलग नेताओं के प्रभाव और संगठनात्मक पकड़ को लेकर खींचतान सार्वजनिक चर्चा का विषय रही है। ऐसे माहौल में किसी नेता को प्रदेश से बाहर लगातार संगठनात्मक जिम्मेदारी मिलना उसके संगठन के भीतर सक्रिय नेटवर्क और नेतृत्व के भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जाता है। शुक्ला को पहले पंजाब और अब असम में जिम्मेदारी मिलना भी इसी संदर्भ में चर्चा में है। खास तौर पर बघेल के असम प्रभारी बनने के बाद शुक्ला की नियुक्ति ने बिलासपुर कांग्रेस की स्थानीय गुटीय राजनीति को भी चर्चा में ला दिया है। बघेल-अटल के करीबी माने जाते हैं शुक्ला शुक्ला को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी नेताओं में माना जाता है। ऐसे में असम की जिम्मेदारी को बिलासपुर की कांग्रेस राजनीति के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस में संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर जोर है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में अलग-अलग नेताओं के प्रभाव क्षेत्रों को लेकर राजनीतिक समीकरण भी बनते-बिगड़ते रहे हैं। ऐसे में शुक्ला की नई जिम्मेदारी आने वाले समय में बिलासपुर कांग्रेस के संगठनात्मक समीकरणों पर भी असर डाल सकती है।
अरविंद असम लोकसभा उप चुनाव के पर्यवेक्षक बने
कांग्रेस ने अक्टूबर 2028 में होने वाले असम लोकसभा उपचुनाव को ध्यान में रखते हुए पर्यवेक्षक की नियुक्ति की है। इस सूची में बिलासपुर के पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरविंद शुक्ला का नाम भी शामिल है। बिलासपुर में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने लगातार रैलियों,सभाओं और संगठनात्मक कार्यक्रमों के जरिए अपनी सक्रियता दिखाई है । संगठन में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते पंजाब में बूथ समन्वय समिति में शामिल किया गया था। ब्लॉक अध्यक्ष रहते हुए उनके नेतृत्व में लोकसभा ,विधानसभा ,निगम चुनाव संपन्न हुए हैं। निगम चुनाव में कई ऐसे वार्डों में सफलता मिली ,जहां कांग्रेस ने 30 सालों से खाता नहीं खोला था। शुक्ला पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल एवं कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव के करीबी एवं विश्वस्त माने जाते हैं।
Guwahati Riya Talukdar Murder Case: पति Ramanuj Goswami पुलिस की चलती गाड़ी से कूदा, मौत। Assam
गुवाहाटी के जिस मर्डर केस ने पूरे शहर को झकझोर दिया था... अब उस केस में सबसे बड़ा आरोपी ही इस दुनिया में नहीं रहा. जिस पति पर अपनी पत्नी की हत्या करके उसका सिर फ्रिज में छिपाने का आरोप था... उसकी पुलिस हिरासत के दौरान मौत हो गई...
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

