लोकसभा उपचुनावः असम भाजपा ने नौगांव से देबाशीष शर्मा को बनाया उम्मीदवार
भारतीय जनता पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में होने वाले लोकसभा उपचुनाव 2026 को लिए उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। भाजपा ने नौगांव लोकसभा क्षेत्र से देबाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है।
न्यूज डायरी: SIR बाधित करने पर ओडिशा के शिक्षा अधिकारी निलंबित; असम में डायन बताकर हत्या, 31 साल बाद उम्रकैद
सबसे पहले ग्वालियर जिले के डबरा स्थित बौद्ध विहार कालोनी सामने आई, जहां एक ही पते पर 30 पासपोर्ट जारी हुए मिले। इसके बाद भोपाल के गोविंदपुरा इलाके के अन्ना नगर मठ का पता जांच में जुड़ा, जहां से 40 और पासपोर्ट जारी हुए।
भूपेन हजारिका का कोलकाता स्थित घर खरीदना चाहती है असम सरकार, हिमंत ने शुभेंदु को लिखा पत्र
असम सरकार महान गायक भूपेन हजारिका के कोलकाता स्थित स्मृतिधन्य आवास को खरीदने की पहल कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने इस विरासत को संरक्षित करने के लिए बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सहयोग का अनुरोध किया है।
असम और मेघालय के CMs ने Nirmala Sitharaman से की मुलाकात, EAPs को रफ्तार देने पर हुआ मंथन
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने बुधवार को राजधानी में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की और दोनों पूर्वोत्तर राज्यों में बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं (EAPs) को नई गति देने की मांग की। कर्तव्य भवन में हुई इस बैठक में पूर्वोत्तर में पूंजीगत खर्च बढ़ाने और बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं के ज़रिए भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए रास्ते बनाने पर ज़ोर दिया गया। बैठक के बाद 'X' पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, हमने अपने दोनों राज्यों में बाहरी मदद से चलने वाली परियोजनाओं की गति को नई रफ़्तार देने के लिए मज़बूत पक्ष रखा, जिससे भौतिक और सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इसे भी पढ़ें: Assam के Cachar में 23 करोड़ की Yaba गोलियां बरामद, एक गिरफ्तार शर्मा ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री ने प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और मुख्यमंत्रियों को भरोसा दिलाया कि भारत सरकार विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए नए सिरे से प्रयास करेगी। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि असम और मेघालय इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेज़ी लाना चाहते हैं और क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए ज़्यादा निवेश जुटाना चाहते हैं। इस बैठक में असम भवन की रेजिडेंट कमिश्नर कविता पद्मनाभन और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
Assam के Cachar में 23 करोड़ की Yaba गोलियां बरामद, एक गिरफ्तार
गुवाहाटी, नौ सितंबर असम के कछार जिले में 23 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त कर इस सिलसिले में एक संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। शर्मा ने मंगलवार रात सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि कछार पुलिस ने लखीपुर के शिवपुर में एक ट्रक में छिपा कर रखी गईं 23 करोड़ रुपये मूल्य की 2.3 लाख याबा गोलियां जब्त की हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध मादक पदार्थ तस्कर को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा ने इस निर्णायक कार्रवाई के लिए असम पुलिस की सराहना की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मादक पदार्थों के खतरे के खिलाफ राज्य की लड़ाई पूरी ताकत से जारी रहेगी। याबा गोलियों को थाई में ‘क्रेजी मेडिसिन’ कहा जाता है, एक बहुत ज़्यादा लत लगाने वाली दवा है। यह मादक पदार्थ देश में अवैध है, क्योंकि इसमें मेथमफेटामीन और कैफीन होता है। मेथमफेटामीन को स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत अनुसूची-दो में रखा गया है।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिले 1,472 करोड़ रुपये, असम में सबसे ज्यादा खर्च
विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनावी खर्च और प्राप्त राशि का ब्योरा सामने आया है।
If I get out of jail,I'll kill the sugar daddy too Husband who beheaded wife in Assam says he has no regrets.
इंद्रावती टाइगर रिजर्व में मिले 25 से अधिक शुद्ध नस्ल के वनभैंसे छत्तीसगढ़ के राजकीय पशु वनभैंस की प्योर नस्ल बचाने के लिए वन विभाग 25 साल से प्रयोग कर रहा है। क्लोन तैयार करने पर दो करोड़ रुपए खर्च किए गए। असम से पांच वनभैंस लाए गए, लेकिन उन्हें भी पांच साल में जंगल में नहीं छोड़ा जा सका। अब बस्तर में मिले प्योर नस्ल के दो दर्जन से ज्यादा वनभैंसों के झुंड ने संरक्षण की नई उम्मीद जगाई है। बीजापुर के इंद्रावती टाइगर रिजर्व में महाराष्ट्र सीमा से लगे जंगल में मौजूद इस झुंड को बचाने के लिए 16 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वनभैंसों को दूसरी जगह ले जाने के बजाय उनके मौजूदा रहवास को ही सुरक्षित बनाया जाएगा। इसके लिए संवेदनशील इलाके सील किए जाएंगे। चार से पांच एकड़ में बाड़ा बनेगा। पानी के लिए छोटे-बड़े जलाशय तैयार किए जाएंगे और शिकारियों की निगरानी के लिए हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। वाइल्डलाइफ ट्रस्ट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूटीआई) ने संरक्षण योजना को मंजूरी दे दी है।नस्ल बचाने के तीन प्रयोग, लेकिन नतीजा नहीं क्लोन पर दो करोड़ खर्च: वनभैंसों की संख्या बढ़ाने के लिए क्लोन तैयार किया गया। बाद में पता चला कि जिस मादा के आनुवंशिक नमूने से क्लोन बनाया गया था, वह सामान्य भैंस थी। इसलिए तैयार क्लोन को वनभैंस नहीं माना जा सका।असम से पांच वनभैंस लाए, जंगल नहीं पहुंचे: संख्या बढ़ाने के लिए असम से पांच वनभैंस पकड़कर छत्तीसगढ़ लाए गए थे। इन्हें जंगल में छोड़ने की योजना थी, लेकिन करीब पांच साल से वे बारनवापारा अभयारण्य के बाड़े में हैं। जंगल में छोड़ने की मंजूरी अब तक नहीं मिली है। उदंती में अब सिर्फ ‘छोटू’: करीब 20 साल पहले उदंती-सीतानदी क्षेत्र में 20 से 22 वनभैंस थे। इनमें ज्यादातर नर थे। संख्या लगातार घटती गई। अब वहां प्योर और मूल नस्ल का केवल ‘छोटू’ नाम का वनभैंसा बचा है।नक्सल प्रभावित जंगल में कैमरों से निगरानी वनभैंसों का यह झुंड नक्सल प्रभावित जंगल में है, जहां वन अमले की नियमित आवाजाही आसान नहीं है। इसलिए पूरे इलाके में हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनसे वनभैंसों की गतिविधियों, संख्या और स्वास्थ्य पर नजर रखने के साथ शिकारियों की आवाजाही भी रिकॉर्ड की जाएगी। कुछ रहेंगे बाड़े में- संरक्षण योजना के तहत झुंड के कुछ वनभैंसों को चार-पांच एकड़ के बाड़े में रखा जाएगा, जबकि बाकी खुले जंगल में रहेंगे। इससे दोनों परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा और व्यवहार का अध्ययन किया जा सकेगा। वनभैंस लंबे समय तक पानी में रहते हैं, इसलिए उनके रहवास क्षेत्र में कई जलाशय बनाए जाएंगे। प्रयोग नहीं, प्राकृतिक झुंड बचाने पर जोर: पिछले प्रयासों में बाहर से वनभैंस लाने और क्लोन तैयार करने पर जोर था। नई योजना में पहले से मौजूद प्योर नस्ल के प्राकृतिक झुंड और उसके रहवास को सुरक्षित किया जाएगा। महाराष्ट्र-ओडिशा को भी जोड़ा| झुंड महाराष्ट्र सीमा से लगे नदी किनारे के इलाके में है। विभाग उन रास्तों की पहचान कर रहा है, जहां से वनभैंस सीमा पार जा सकते हैं। ऐसे संवेदनशील रास्तों को सुरक्षित किया जाएगा। इंद्रावती टाइगर रिजर्व के नजदीक महाराष्ट्र और ओडिशा की सीमाएं होने के कारण दोनों राज्यों को भी योजना में शामिल किया गया है। संरक्षण योजना को मंजूरी मिलने के बाद काम शुरू कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर आसपास के गांवों के लोगों की भी मदद ली जाएगी। -ओपी यादव, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल की विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इन सीटों पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे और 9 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। कमीशन के मुताबिक, चुनाव की औपचारिक गजट अधिसूचना 9 सितंबर 2026 को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 16 सितंबर है। वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी। काउंटिंग 9 अक्टूबर को की जाएगी। पूरी प्रक्रिया 11 अक्टूबर 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। इन सीटों पर होंगे उपचुनाव बशीरहाट और शिलांग के चुनाव अभी नहीं संबंधित जिलों में आचार संहिता लागू हो गई। शिलॉन्ग और बशीरहाट लोकसभा सीटों की तारीख घोषित नहीं हुई है। इस साल फरवरी में वायस ऑफ द पीपल पार्टी (वीपीपी) के सांसद रिकी एंड्रयू जे. सिंगकान के निधन के बाद शिलांग सीट रिक्त हो गई थी। जबकि सितंबर 2024 में तृणमूल कांग्रेस के सांसद हाजी शेख नूरुल इस्लाम के निधन के बाद से बशीरहाट की सीट खाली है। उपचुनाव से पहले चुनाव आयोग के निर्देश चुनाव आयोग ने कहा कि नॉमिनेशन दाखिल करने की आखिरी तारीख तक वोटर लिस्ट को लगातार अपडेट किया जाएगा, बशर्ते नॉमिनेशन की समय-सीमा से 10 दिन पहले तक आवेदन प्राप्त हो जाएं। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि सभी पोलिंग स्टेशनों पर EVM और VVPAT का इस्तेमाल किया जाएगा। EPIC कार्ड मुख्य पहचान दस्तावेज बना रहेगा। हालांकि वोटर आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और चुनाव आयोग द्वारा बताए गए अन्य दस्तावेजों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सीएम सरमा ने असम दौरे के लिए उपराष्ट्रपति को कहा धन्यवाद, तमिलनाडु के साथ संबंधों को मजबूत करने के प्रयासों को सराहा
भाजपा की ओर से कांग्रेस के नेताओं के उपर पोस्टर वार और बदलाव की प्रकिया पर बांट कर राजनीति करने के आरोपों के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि फूट डालो और राज करो अंग्रेजों से बीजेपी से सीखा है। ये काले अंग्रेज हैं और इन्होंने यही काम सीखा है। अंग्रेजों से इन काले अंग्रेजों ने यही सब सीखा है। उन्होंने कहा कि ये लोग हिंदू-मुसलमान करेंगे और आदिवासियों को भी अलग-अलग पहचान में बांटने की कोशिश करेंगे। भूपेश बघेल ने बीजेपी के पोस्टरवार का जवाब देते हुए कहा है कि भाजपा के पास कुछ बचा नहीं है। दुर्ग में कांग्रेस के तीन दिवसीय संगठन प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन पहुंचे बघेल ने भाजपा पर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा नेताओं के लिए काले अंग्रेज शब्द का इस्तेमाल किया और कहा कि फूट डालो और राज करो की नीति भाजपा ने अंग्रेजों से सीखी है। बघेल ने कहा कि आदिवासियों को हिंदू आदिवासी, ईसाई आदिवासी और मुस्लिम आदिवासी के रूप में बांटने की बात की जा रही है। इसी तरह दलित और गैर-दलित के नाम पर भी समाज को बांटने का आरोप उन्होंने भाजपा पर लगाया। प्रभार बदलने को लेकर कहा- हंटर वाली से लेकर चड्ढी बनियान वाले तक बने प्रभारीपंजाब प्रभारी सचिन पायलट और भूपेश बघेल को लेकर किए जा रहे तंज पर पत्रकारों ने सवाल किया था। इस पर बघेल ने बार-बार प्रभारी बदले जाने को लेकर पलटवार किया। भाजपा के कांग्रेस में फूट के आरोप पर बघेल ने कहा कि बीजेपी में ट्रांसफर नहीं होते हैं क्या?, कितने बार बीजेपी के प्रभारी बदले जा रहे हैं। कितने बार बदले जा रहे है बीजेपी की ओर से? पहले से हंटर वाली आई थी, फिर धोती वाला आया, हाफ पैंट, चड्ढी वाला आया है। इतने लोग आ गए हैं पता ही नहीं चल रहा है। इन लोग के तो कोई टिकता नहीं है। उन्हें पहले अपने संगठन की ओर देखना चाहिए।झीरम घाटी मामले में कहा- षडयंत्रकारियों को बचाया गया बातचीत के दौरान झीरम घाटी मामले को लेकर भी बघेल ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि यह षड्यंत्र था। यह षड्यंत्रकारी कौन हैं? सबने माना कि सुरक्षा में चूक हुई है। वहां कोई आरोपी नहीं था, घटना के बाद कोई गया नहीं था। रमन सिंह ने खुद स्वीकार किया था कि चुक हुई है। सरकार की लापरवाही के कारण यह हुआ है। किसी प्रशासनिक अधिकारी को सजा हुई है क्या?, पुलिस अधिकारी को सजा हुई क्या?, जब एफआईआर में रमन्ना जैसे बड़े नक्सली नेता के नाम थे तो उन्हें हटा क्यों दिया गया। प्रारंभिक रूप से बताया गया था कि 200 नक्सली थे, लेकिन 10 लोगों को ही जांच में शामिल किया और उन्हें ही आरोपी बनाया गया है। घटना के बाद जांच में लापरवाही हुई और मामले की जांच में लीपापोती की गई।
सचिन पायलट को पंजाब की कमान, जितेंद्र सिंह से असम का प्रभार हटा; राजस्थान पर क्या असर?
राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का प्रभारी बनाया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

