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हरियाणा SIR: असम से ब्याहकर आईं बहुओं का वोटिंग अधिकार दांव पर, रोहतक में सामने आए 250 से ज्यादा मामले

असम से हरियाणा ब्याहकर आईं बहुओं के वोटिंग अधिकार पर संकट है, क्योंकि एसआइआर में पुरानी पहचान साबित करने में दस्तावेजी दिक्कतें आ रही हैं।

जागरण 12 Aug 2026 8:19 am

पीजी में असम की 19 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या, कमरे से मिला लहूलुहान शव

बरौला गांव स्थित बंसल मंदिर के पास एक पीजी में असम की 19 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई

देशबन्धु 11 Aug 2026 10:59 pm

नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज

नोएडा। उत्तर प्रदेश में नोएडा सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला स्थित एक पीजी के कमरे करीब 19 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मंगलवार को जानकारी देते हुए […] The post नोएडा : पीजी में असम की युवती का शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका में जांच तेज appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 11 Aug 2026 2:22 pm

B.Tech इंजीनियर ने 19 साल की लड़की को मार डाला:नोएडा में हॉस्टल के कमरे में लाश छिपाकर भागा, असम से 6 दिन पहले आई थी

नोएडा में बीटेक इंजीनियर ने 19 साल की लड़की की हत्या कर दी। लाश हॉस्टल में अपने कमरे में छिपा दी। फिर बाहर से ताला लगाकर भाग गया। 2 दिन बाद बदबू आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर देखा, तो अंदर लाश पड़ी थी। उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया था। लड़की अपनी सहेली के साथ पेइंग गेस्ट (PG) में रह रही थी। वहीं, आरोपी बिहार का रहने वाला है। वह एक IT कंपनी में नौकरी करता था। लेकिन, अभी वह बेरोजगार है। वह भी उसी PG में किराए पर रहता था। 8 अगस्त को युवक से लड़की का कुछ झगड़ा हो गया था। वारदात सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव की है। पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा किया। घरवालों को बिना बताए नोएडा आई थी लड़की मूलरूप से असम के डिब्रूगढ़ की रहने महक अहमद (19) ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। करीब तीन सप्ताह पहले वह अपने माता-पिता को बिना बताए नोएडा आ गई थी। यहां वह अपनी सहेली संजना के साथ बरौला गांव स्थित पीजी में रह रही थी। संजना भी असम की रहने वाली है। उसकी उम्र 18 साल है। उसने अभी 12वीं की पढ़ाई भी पूरी नहीं की है। दोनों लड़कियां तीन मंजिला मकान की पहली मंजिल पर रहती थीं और कॉल सेंटर में जॉब करती थीं। इसी मंजिल पर बिहार के कटिहार में रहने वाले रमन का कमरा भी था। आरोपी ने B.Tech किया है, IT कंपनी में काम करता था 8 अगस्त को संजना किसी काम से 2 दिन के लिए बाहर चली गई। रात में महक कमरे के बाहर लॉबी में टहल रही थी। इसी दौरान रमन अपने कमरे के बाहर बैठकर शराब पी रहा था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। 10 अगस्त को संजना लौटी, तो महक कमरे में नहीं मिली। उसने महक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसके कुछ घंटे बाद ही मकान में रहने वाले लोगों को रमन के कमरे से बदबू आने लगी। कमरे में बाहर से ताला लगा था और रमन वहां नहीं था। बदबू बढ़ने पर किराएदारों को शक हुआ। उन्होंने यह बात मकान मालिक सार्थक बंसल को बताई। पुलिस ने ताला खुलवाकर देखा, तो महक की लाश मिली मकान मालिक ने 10 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खुलवाकर अंदर घुसी। कमरे के अंदर महक का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था कि लड़की पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मोबाइल भी जांच के लिए भेजा पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने कमरे और उसके आसपास की जांच की। पुलिस ने महक का मोबाइल मोबाइल फोन भी जांच के लिए भेजा है। कॉल डिटेल, चैट और अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है। जिससे यह पता चल सके कि घटना से पहले महक किन लोगों के संपर्क में थी? साथ ही पुलिस मकान में रहने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। आरोपी रमन की तलाश के साथ उसकी गतिविधियों और महक के साथ हुए झगड़े से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया- लड़की के घरवालों को जानकारी दी गई है। अभी तक हत्या की सही वजह साफ नहीं हुई है। 8 अगस्त की रात महक और रमन के बीच हुई कहासुनी हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का कारण, वार का तरीका और हत्या के समय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। -------------------------- यह खबर भी पढ़िए- अतीक के करीबियों ने टोल गेट तोड़ा, दबंगई का CCTV, प्रयागराज में उमर के काफिले की गाड़ियों ने पुलिसवालों को कुचलना चाहा माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर से जुड़ा एक और विवाद सुर्खियों में है। उमर के करीबियों ने टोल प्लाजा पर दबंगई और गुंडई दिखाई, जिसका CCTV सामने आया है। असल में अतीक के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए लखनऊ जेल से उमर को प्रयागराज लाया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 2:00 pm

भूमि पेडनेकर और रणदीप हुड्डा के बाद गुरु रंधावा ने भी बढ़ाया मदद का हाथ, असम बाढ़ पीड़ितों के लिए दिए इतने लाख

सिंगर गुरु रंधावा ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए मदद भिजवाई है। साथ ही सिंगर ने लाखों की मदद का योगदान भी दिया है। जानिए पूरा मामला।

अमर उजाला 11 Aug 2026 11:21 am

Prabhasakshi NewsRoom: Assam Arunachal Border पर क्यों चली गोलियां? 804 किलोमीटर सीमा पर 1200 विवाद क्यों नहीं सुलझ रहे हैं?

असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच वर्षों से सुलग रहे सीमा विवाद ने सोमवार को एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया। देमाजी जिले के मिंगमंग-बस्ती इलाके में कथित अतिक्रमण और जमीन के स्वामित्व को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक गोलीबारी में बदल गया। अरुणाचल प्रदेश की ओर से आए लोगों द्वारा कथित तौर पर की गई अंधाधुंध फायरिंग में असम के 12 से 18 लोग घायल बताये जा रहे हैं। इनमें कई की हालत गंभीर बताई गई है। घटना ने सीमावर्ती गांवों में दहशत पैदा कर दी और दोनों राज्यों के बीच चल रही सुलह की प्रक्रिया के सामने एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हम आपको बता दें कि यह घटना सोमवार सुबह गेरुकामुख थाना क्षेत्र के अंतर्गत गोगामुख राजस्व सर्किल के मिंगमंग इलाके की बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, असम की जमीन पर अरुणाचल प्रदेश की ओर से कथित अतिक्रमण को लेकर स्थानीय लोगों और दूसरी ओर से आए लोगों के बीच विवाद हुआ। देखते ही देखते विवाद टकराव में बदल गया और आरोप है कि दूसरी ओर से असम के ग्रामीणों को निशाना बनाकर फायरिंग की गई। इसे भी पढ़ें: Assam Flood विकराल: राज्य में मृतक संख्या 101 हुई, 1.26 लाख लोग प्रभावित घायल लोगों की पहचान दुर्गेश्वर पातिर, रोहित डोले, नागराज डोले, बिगेश्वर पातिर, पेम/पामा पेगू, संजय तायूंग, उत्पल डोले और जन डोले के रूप में हुई है। चार अन्य घायलों की पहचान अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। सभी घायलों को पहले गोगामुख ग्रामीण अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बाद में देमाजी सिविल अस्पताल रेफर किया गया, जबकि इनमें से चार को बेहतर इलाज के लिए असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। घटना के बाद सीमावर्ती क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासन की बड़ी टुकड़ी मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। एक घायल ने अस्पताल में बताया कि गोली उसके नाक के पास लगी और वह बेहोश हो गया। एक अन्य घायल ने अरुणाचल प्रशासन से जुड़े लोगों पर फायरिंग में शामिल होने का आरोप लगाया। उसने दावा किया कि उसने लोअर सियांग जिले के उपायुक्त के बेटे और एक पुलिस अधिकारी को फायरिंग करते देखा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घटना को ‘स्थानीय स्तर का संघर्ष’ बताते हुए कहा कि स्थिति को तेजी से नियंत्रण में ले लिया गया है और तनाव कम हो गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री रानोज पेगू को अरुणाचल प्रदेश सरकार से बातचीत के लिए भेजा गया है। असम के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी अरुणाचल प्रदेश के अपने समकक्षों के लगातार संपर्क में हैं। सरमा ने यह भी स्पष्ट किया कि असम अपनी जमीन को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने पुलिस को जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई करने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि असम की जमीन न जाए। देखा जाये तो यह घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि महज कुछ दिन पहले यानि 1 अगस्त को असम के मुख्यमंत्री और अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चौना मेन के बीच बैठक हुई थी। मेन ने बातचीत को ‘गर्मजोशी भरी और सार्थक’ बताते हुए दोनों राज्यों के बीच सहयोग और साझा विकास को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई थी। लेकिन सीमा पर हुई गोलीबारी ने दिखा दिया कि राजनीतिक स्तर पर रिश्तों में सुधार के बावजूद जमीन पर विवाद की जड़ें अब भी गहरी हैं। जहां तक सीमा विवाद की बात है तो आपको बता दें कि असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच करीब 804.1 किलोमीटर लंबी अंतरराज्यीय सीमा है और लगभग 1,200 बिंदुओं पर विवाद बताया जाता है। असम सरकार ने 29 जुलाई को विधानसभा में बताया था कि अरुणाचल प्रदेश ने असम की 16,144.01 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण किया है, जबकि अरुणाचल प्रदेश का दावा 858.91 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर है। यानी विवाद केवल गांवों की सीमाओं का नहीं, बल्कि बड़े भू-भाग और उसके प्रशासनिक अधिकार का है। हम आपको यह भी बता दें कि इस विवाद की जड़ें स्वतंत्रता के बाद के प्रशासनिक पुनर्गठन में हैं। आज का अरुणाचल प्रदेश स्वतंत्रता के बाद पहले केंद्र शासित प्रशासन वाला क्षेत्र था, फिर केंद्र शासित प्रदेश बना और अंततः 1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला। राज्य बनने के बाद एक त्रिपक्षीय समिति ने असम से कुछ क्षेत्रों को अरुणाचल प्रदेश में स्थानांतरित करने की सिफारिश की। असम ने इस सिफारिश को चुनौती दी और मामला अंततः सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया, जहां विवाद अभी भी विचाराधीन है। हालांकि विवाद का समाधान बातचीत से निकालने की कोशिशें जारी हैं। दोनों राज्यों ने सीमा विवाद के निपटारे के लिए 12 क्षेत्रीय समितियां बनाई हैं। 15 जुलाई 2022 को हुए नमसाई घोषणा-पत्र के जरिए असम के उन 123 गांवों को लेकर समाधान की प्रक्रिया शुरू की गई, जिन पर अरुणाचल प्रदेश दावा करता है। इसके बाद 20 अप्रैल 2023 को नई दिल्ली में दोनों मुख्यमंत्रियों ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। अधिकारियों के मुताबिक 123 में से 71 गांवों का विवाद सुलझ चुका है, जबकि 52 गांवों को लेकर प्रक्रिया अभी जारी है। यही इस गोलीकांड की सबसे बड़ी विडंबना है क्योंकि जब बातचीत की मेज पर दशकों पुराने विवाद को सुलझाने की कोशिश चल रही है, उसी समय जमीन पर सीमा की अस्पष्टता स्थानीय लोगों के बीच टकराव और हिंसा को जन्म दे रही है। मिंगमंग की गोलीबारी इसलिए महज एक स्थानीय घटना नहीं है; यह चेतावनी है कि कागज पर खींची गई सीमाओं और जमीन पर मौजूद वास्तविक दावों के बीच की खाई अभी पूरी तरह नहीं भरी गई है। बहरहाल, दोनों सरकारों के बीच संवाद और प्रशासनिक समन्वय से तत्काल तनाव भले ही थम गया हो, लेकिन स्थायी समाधान तभी संभव है जब सीमा के विवादित हिस्सों का स्पष्ट निर्धारण, जमीन के दावों का निष्पक्ष निपटारा और स्थानीय समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। वरना हर अगला अतिक्रमण का आरोप फिर वही पुराना सवाल खड़ा करेगा कि सीमा आखिर नक्शे पर है या जमीन पर?

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 10:56 am

कामाख्या कॉरिडोर पर क्या छिपा रही असम सरकार:मां के आदेश पर कोर्ट पहुंचे साधक, बोले- आत्मा मर जाएगी, तो मंदिर संवारकर क्या होगा

मां कामाख्या मंदिर का मुख्य द्वार…करीब 40-50 सीढ़ियां चढ़ने के बाद लगा कि अब मां के दर्शन होंगे। पंडित ने कहा- संभलकर पैर रखिएगा, सीढ़ियां फिसलन भरी हैं। संकरे से रास्ते पर अंधेरे में 10-11 सीढ़ियां उतरकर हम गुफा में पहुंचे। रोशनी के लिए बस एक दीये का सहारा था। सामने मूर्ति थी, पंडित ने कहा- दर्शन कीजिए। हमें लगा यही देवी मां हैं। पंडित ने चिल्लाते हुए कहा- घुटनों के बल बैठिए और हाथ नीचे गहराई में ले जाइए। फिर पूछा- जल स्पर्श हुआ, हाथ और नीचे ले जाइए। तभी जल स्पर्श हुआ। पंडित बोले- इसे माथे पर लगाइए, दर्शन हो गए। मां कामाख्या मंदिर आने वाले साधक इसी जल स्पर्श दर्शन पर मंडराते खतरे को लेकर डरे हुए हैं। दरअसल, असम सरकार ने मंदिर में कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है। साधकों को आशंका है कि कॉरिडोर बना, तो जिस प्राकृतिक जल धारा से मां के दर्शन हो रहे हैं, वो तबाह हो जाएगा। 15 दिसंबर, 2023 को कॉरिडोर के खिलाफ 13 साधकों ने सुप्रीम कोर्ट में पिटीशन लगाई थी। इनमें असम के CM हिमंता बिस्वा सरमा की बहन गीतिका भट्टाचार्य भी शामिल हैं। दूसरी याचिका मंदिर के पुजारी ने लगाई है। कोर्ट में याचिका पर सुनवाई हुई, कॉरिडोर के लिए सर्वे कराया गया, लेकिन साधकों को रिपोर्ट नहीं मिली और फैसला भी सरकार के पक्ष में आया। अब पिटीशनर्स सर्वे रिपोर्ट के लिए अगस्त के आखिर तक गुवाहाटी हाईकोर्ट में इंटरलोकेटरी एप्लीकेशन (IA) फाइल करने की तैयारी में हैं। साथ ही असम PWD, NIH और IIT गुवाहाटी में RTI से जानकारी के लिए दोबारा अपील करेंगे। हम इनमें से 3 पिटीशनर्स से मिले। तीनों तंत्र विद्या के साधक हैं। आखिर कॉरिडोर बनने से साधक क्यों डरे हुए हैं… पिटीशनर नंबर-1हिमंता की बहन बोलीं- मां के अस्तित्व से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं CM हिमंता बिस्वा सरमा की बहन गीतिका भट्टाचार्य कहती हैं, ‘मां के अस्तित्व से छेड़छाड़ कोई भी करे, बर्दाश्त नहीं करूंगी। मैंने 8-9 साल की उम्र से मां को जानना शुरू किया था। मेरे लिए सबसे पहले मां हैं, फिर कोई और।‘ कॉरिडोर से नुकसान के सवाल पर पूछती हैं, ‘आपने मां के दर्शन किए क्योंकि इसके बिना आप हमारी चिंता नहीं समझ सकतीं। यहां देवी मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि जल की प्राकृतिक धारा के रूप में हैं। उनकी दसों महाविद्याएं भी इसी रूप में हैं। जल का स्पर्श ही मां का दर्शन है। इसके अलावा दूसरा कोई ऐसा मंदिर नहीं है।’ 'ये जल धारा कितने फीट नीचे से आ रही है, इसका मूल स्रोत कहां है, 10 महाविद्याओं में जो धारा जाती है, वो इंटरकनेक्टेड है या अलग-अलग, कोई नहीं जानता। इस पर आज तक कोई सर्वे या रिसर्च नहीं हुई।' ‘बिना सर्वे कराए इतने बड़े प्रोजेक्ट का टेंडर कैसे हुआ’ गीतिका आगे कहती हैं, ‘CM हिमंता ने कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया। कुछ महीने बाद ही एक कंपनी को टेंडर दे दिया गया। ये सब बिना किसी सर्वे या एक्सपर्ट की राय के हुआ।‘ ‘प्रोजेक्ट का जलधारा पर क्या असर पड़ेगा, ये जानने के लिए सरकार ने क्या किया, इसका पता लगाने के लिए हमने RTI के तहत कई बार जानकारी मांगी। हम एक डिपार्टमेंट से दूसरे डिपार्टमेंट गए, लेकिन जवाब नहीं मिला।’ पिटीशनर नंबर-2‘मां के रूप से छेड़छाड़ और डीप कंस्ट्रक्शन के खिलाफ’ पश्चिम बंगाल के तंत्र साधक राजर्षि नंदी कहते हैं, 'हम कोई सोशल एक्टिविस्ट नहीं, सिर्फ साधक हैं। हमारा एक ही मकसद है कि मां का वास्तविक स्वरूप ना बिगड़े। पर्वत के रूप में मौजूद भगवान शिव को कोई नुकसान न पहुंचे। अगर तोड़फोड़ या खुदाई हुई, तो वहां प्रवाहित हो रही ऊर्जा डिस्टर्ब होगी।' इसे दो पॉइंट में समझिए… 1. शास्त्रों में मां कामाख्या को शिव के ऊपर रखे कमल पर बैठा दिखाया गया है, जबकि शिव खुद शेर पर लेटे हैं, यानी जिस नीलांचल पर्वत पर मां का स्थान है, वो शिव हैं। शिव के नीचे सिंह रूप में विष्णु और जिस कमल पर मां बैठी हैं, वो ब्रह्मा हैं। अब सोचिए पर्वत पर खुदाई और नया कंस्ट्रक्शन हुआ, तो क्या होगा। मैं नीलांचल पर्वत पर किसी भी तरह के डीप कंस्ट्रक्शन के खिलाफ हूं। 2. मां का अस्तित्व यहां जल के रूप में है। ये जल 10 जगह से प्रकट होता है। इसी के आधार पर इन्हें 10 महाविद्या कहा गया है। शास्त्र पढ़ने वाला साधक ही बता सकता है कि दसों जगह प्रकट जल धारा की प्रकृति में क्या अंतर है। यही जल पर्वत के नीचे भी बह रहा है। ऐसे में अगर कहीं ड्रिलिंग या ब्लास्टिंग हुई, तो जल स्रोत पर असर हो सकता है। दस में से कोई भी जल धारा बंद हो सकती है। देवप्रश्न के दौरान मां ने दिया आदेश- कोर्ट जाओ राजर्षि नंदी कहते हैं, 'हम कोर्ट जाने को लेकर दुविधा में थे। फिर सोचा मां से ही पूछ लेते हैं। आपको लगेगा कि मां से कैसे पूछेंगे। इसके लिए एक प्रक्रिया है, जिसे देवप्रश्न कहते हैं। दुनियाभर में 200-250 ऐसे साधक होंगे, जो देवप्रश्न यानी मां से सवाल कर सकते हैं। हमने केरल के दो साधकों को यहां आने के लिए राजी किया।' देवप्रश्न में हमारे दो सवाल थे: 1. हमें क्या करना चाहिए? 2. इस लड़ाई का नतीजा क्या निकलेगा? दोनों सवालों के जवाब मिले। जवाब 1. मां का आदेश मिला कि हमें कोर्ट जाना चाहिए। ये सामान्य लड़ाई नहीं होगी, बल्कि स्प्रिचुअल वर्ल्ड में लड़े जाने वाले धर्म युद्ध की तरह होगी। एक तरफ बेहद ताकतवर लोग होंगे, तो दूसरी तरफ तुम लोग। इसके लिए कठिन साधना करनी होगी, केस तभी आगे बढ़ेगा। जवाब 2. मां ने कहा कि लड़ाई का नतीजा सकारात्मक होगा। सरकार को रुकना पड़ेगा। पिटीशनर नंबर-3सरकार ने सर्वे एजेंसी चुनने का फैसला बार-बार क्यों बदला हरियाणा के योगेंद्र शर्मा 9 साल से मां कामाख्या के साधक हैं। वे कहते हैं, ‘कॉरिडोर के डिजाइन के मुताबिक, पहाड़ी पर बने मंदिर के लिए मल्टीलेवल पार्किंग और चौड़ी सड़कें बननी हैं। ये भूकंप वाला हाइली सेंसेटिव एरिया है। मल्टीलेवल पार्किंग के लिए नींव गहरी रखनी होगी, क्या ये संभव है।' उनके मुताबिक, 15 दिसंबर 2023 को 13 साधकों ने इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई। कोर्ट ने मामला गुवाहाटी हाईकोर्ट भेजा, जिसने सर्वे का निर्देश दिया। सरकार ने पहले IIT गुवाहाटी के जरिए पार्सन्स नाम की कंपनी चुनी, लेकिन ये हाइड्रोलॉजी के बजाय वाटर हार्वेस्टिंग के एरिया में काम करती है। लिहाजा अगली सुनवाई से पहले सरकार ने इसे हटा दिया। वे आगे बताते हैं, इसके बाद हैदराबाद की नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) को सर्वे का जिम्मा मिला और उसने 20 महीने का वक्त मांगा। सरकार ने उसे हटाकर रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी (NIH) को जिम्मा सौंपा, जिसने 6 से 8 महीने में सर्वे पूरा करने पर सहमति दी। इसे ठेका LT कंपनी के जरिए दिया गया। याचिकाकर्ताओं का सवाल है कि एक ही तरह के सर्वे के लिए दो संस्थानों के समय और प्रक्रिया में इतना अंतर क्यों। जनवरी 2026 में सरकार ने कोर्ट को बताया कि NIH ने रिपोर्ट सौंप दी है। IIT गुवाहाटी ने उसे मंजूरी भी दे दी है। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को कोर्ट ने निर्माण शुरू करने की परमिशन दे दी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार कोर्ट में दिए अपने पहले भरोसे से पलट गई, जिसमें कहा था कि केस लंबित रहने तक निर्माण नहीं होगा।‘ योगेंद्र शर्मा का दावा है कि 14 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री के असम दौरे और कॉरिडोर प्रोजेक्ट के शुभारंभ की घोषणा से पहले ये कदम उठाया गया। पिटीशनर के वकील बोले…जिसे कॉरिडोर का टेंडर, उसी को सर्वे कराने का जिम्मा भी मिला कामाख्या कॉरिडोर को लेकर 13 साधकों की पिटीशन के अलावा एक और पिटीशन लगाई गई। ये मंदिर के पुजारी नबज्योति ने मई 2024 में लगाई थी। इनके एडवोकेट उपमन्यु हजारिका कहते हैं, ‘इस हाइड्रोलॉजिकल सर्वे के लिए सरकार ने LT को 78 लाख रु. का फंड सेंक्शन किया। फिर कंपनी ने सरकारी संस्था नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलोजी (NIH) रुड़की से सर्वे कराया।‘ ‘सवाल ये है कि सरकार ने खुद इस संस्था को सर्वे का जिम्मा क्यों नहीं दिया। बीच में प्राइवेट कंपनी लाने की क्या जरूरत थी। दरअसल LT को कॉरिडोर का टेंडर दिया जा चुका था इसलिए उसे शामिल किया गया। रिपोर्ट भी तभी छिपाई जा सकती थी, जब सर्वे किसी प्राइवेट कंपनी ने कराया हो।‘ सरकार ने सर्वे रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की हजारिका कहते हैं, ‘हमारे एक साथी ने जब सर्वे रिपोर्ट के लिए PWD, NIH और IIT गुवाहाटी में RTI डाली, तो NIH से जवाब आया कि प्राइवेट कंपनी ने कराया है। मालिकाना हक भी उसी का है। जब तक वो ना कहे, रिपोर्ट की जानकारी नहीं दे सकते। हम RTI के तहत सिर्फ सरकारी डेटा ही दे सकते हैं।‘ हजारिका कहते हैं, ‘जिसके पास कॉरिडोर बनाने का टेंडर है, उसी को सर्वे का जिम्मा दिया गया। जरा सोचिए, क्या कोई टेंडर रद्द होने देगा। शुरू में ये टेंडर 402 करोड़ का था। अब एसक्लेशन चार्ज के साथ 800-1000 करोड़ का हो गया होगा।’ हमने पूछा क्या आप नहीं चाहते कि कॉरिडोर बने? इसके जवाब में हजारिका कहते हैं, ‘कॉरिडोर बने, लेकिन कम से कम कंस्ट्रक्शन हो। अगर इसे बनाने में जल प्रवाह ही बंद हो गया, तो मंदिर की शक्ति खत्म हो जाएगी। ये बड़ा नुकसान होगा। जब आत्मा ही मर जाएगी, तो फिर मंदिर को संवारकर क्या मिलेगा।‘ पुजारी नबज्योति के वकील उपमन्यु हजारिका ने सर्वे रिपोर्ट के लिए हाईकोर्ट में इंटरलोकेटरी एप्लीकेशन फाइल की है। इस पर कोर्ट ने सरकार से 30 सितंबर 2026 तक रिपोर्ट न देने की लिखित वजह बताने का आदेश दिया है। हमने साधकों के आरोपों और सवालों को लेकर सरकार का पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं मिला है। जवाब आने पर स्टोरी में अपडेट करेंगे। अब एक्सपर्ट्स की बात…जिस इंस्टीट्यूट ने सर्वे किया, उसके पूर्व डायरेक्टर ने दी थी सर्वे की सलाह इस मामले पर रुड़की के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी के पूर्व निदेशक सुधीर कुमार से पिटीशनर्स ने राय मांगी थी। उन्होंने लिखित में सलाह दी, जो पिटीशन में भी अटैच है। सुधीर कहते हैं, ‘मां कामाख्या मंदिर एक अलग पहाड़ की चोटी पर स्थित है। ये समुद्र तल से 270 फीट ऊंची है और ग्रेनाइटिक नीस से बनी है। इसमें भूजल सिर्फ दरारों और जोड़ों के जरिए प्रवाहित होता है। कोई भी निर्माण जल के प्रवाह पर असर डाल सकता है। बहुमंजिला इमारत या बड़े कंस्ट्रक्शन को देखते हुए जरूरी है कि इस पहाड़ी की एक डिटेल जियो हाइड्रोलॉजिकल स्टडी कराई जाए।‘ ‘गर्भगृह क्षेत्र की जल धारा को संरक्षित करने के लिए स्टडी जरूरी है। सभी ऐसे मंदिर, जिनके गर्भगृह में जल है, उनके चारों ओर ग्राउंड पेनिट्रेटिंग राडार (GPR) का इस्तेमाल करके सब सरफेस मैपिंग की जाए। इससे उन दरारों का पता लगाया जा सकेगा, जिनके जरिए पानी गर्भगृह में आ रहा और बाहर जा रहा है।‘ ‘पूरी पहाड़ी पर दरारें और जोड़ हैं, यही वजह है कि वहां जलाशय और कुंड भी हैं। इन कुंडों को भी दरारों और जोड़ों से ही पानी मिलता होगा, इसलिए इन कुंडों के आसपास भी GPR सर्वेक्षण कराना जरूरी है।‘ देश के चर्चित मंदिर कॉरिडोर और उनसे जुड़े विवाद… ……………………… ये खबर भी पढ़ें… सनातन धर्म के बड़े पद महामंडलेश्वर का सौदा ‘जो कहोगे, वही पद देंगे। महामंडलेश्वर बना देंगे। जगतगुरु भी बना सकते हैं। बस 20 लाख रुपए का व्यवहार करना होगा। आश्रम खोलना है, जमीन अखाड़े के नाम पर होगी। देखरेख और संचालन आप ही करना।’ ये ऑफर हमें देश के तीन बड़े अखाड़ों में ऊंचे पदों पर बैठे महंतों ने अलग-अलग मुलाकातों में दिया। पढ़िए पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 5:10 am

भास्कर अपडेट्स:अरुणाचल सीमा पर फायरिंग में असम के 12 लोग घायल, जमीन कब्जे पर विवाद

असम के धीमाजी जिले में सोमवार सुबह अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, जमीन पर कब्जे के विवाद के बाद यह घटना हुई। घटना गेरुकामुख थाने के गोगामुख राजस्व सर्किल में असम-अरुणाचल सीमा पर स्थित मिंगमंग बस्ती में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीमा पार से आए लोगों ने असम के ग्रामीणों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों को पहले गोगामुख ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 7 लोगों को गंभीर हालत में धीमाजी सिविल अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को बेहतर इलाज के लिए असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर किया गया। आज की अन्य बड़ी खबरें… दीपके ने गांवों के स्कूल सुधार अभियान का ऐलान किया, 15 अगस्त से सरपंचों को जोड़ने की अपील कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान का ऐलान किया है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने ने अभिभावकों से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने और सरपंचों से सरकारी स्कूलों को सुधारने की जिम्मेदारी उठाने की अपील की। दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि वह महाराष्ट्र के अपने गांव हिंगोली से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। अमेरिकी राजदूत ने विदेश सचिव मिश्री से मुलाकात की सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिश्री से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा से भी अलग बैठक की। दोनों बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार और निवेश पर चर्चा हुई। गोर ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर दोनों मुलाकातों की जानकारी साझा की। असम सरकार साइंस सिटी के लिए 100 करोड़ देगी, सीएम बोले- मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कामरूप मेट्रो जिले के सोनापुर स्थित गुवाहाटी साइंस सिटी का दौरा किया। उन्होंने केंद्र में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साइंस सिटी के विकास के अगले चरण के लिए तय कामों की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि साइंस सिटी का औपचारिक उद्घाटन पांच महीने पहले हुआ था। साइंस सिटी को लोगों के लिए ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त देगी।

दैनिक भास्कर 11 Aug 2026 4:53 am

बाप-बेटी की दर्दनाक मौत पर कोहराम, दो थाना इलाकों में मिले शव; असम राइफल्स जवान थे पिता

नहर में बाइक गिरने से आसाम राइफल्स के जवान राम प्रकाश राम और उनकी 17 वर्षीय बेटी सोनाली कुमारी दोनों डूब गए। दोनों की लाशें अलग-अलग थाना इलाकों में मिलीं।

लाइव हिन्दुस्तान 10 Aug 2026 8:01 pm

असम बाढ़ पीड़ितों को छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 करोड़:मुख्यमंत्री साय ने कहा- पूरा देश और हम असम के लोगों के साथ खड़े हैं

छत्तीसगढ़ सरकार असम में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों को 5 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ संकट की इस घड़ी में असम के लोगों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री साय ने असम में बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान गई है, जो अत्यंत दुखद है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। इस प्राकृतिक आपदा के कठिन समय में असम के लोगों के साथ पूरा देश खड़ा है। मल्लिकार्जुन खड़गे के एफसीआरए बयान पर भी प्रतिक्रिया इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एफसीआरए संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब मुद्दाविहीन हो गई है और इसी वजह से ऐसे विषयों पर राजनीति कर रही है। किसी भी नेता पर हमला गलत पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले के सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी नेता पर हमला गलत है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या नेता के साथ हिंसा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।

दैनिक भास्कर 10 Aug 2026 5:47 pm

Weather Update : MP-राजस्थान में मूसलाधार बारिश, 15 राज्यों में अलर्ट; असम में बाढ़ से 100 की मौत

Weather Update 10 August : राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और पूर्वोत्तर के कई इलाकों में सोमवार को भी बारिश का दौर जारी है। असम में बाढ़ से अब तक 100 से ज्यादा की मौत हो गई। मौसम विभाग ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश 15 राज्यों में भारी बारिश ...

वेब दुनिया 10 Aug 2026 3:21 pm

हरिद्वार, देवघर से लेकर असम के नागांव तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़, महादेव का जलाभिषेक करने पहुंच रहे भक्त

हरिद्वार, 10 अगस्त . सावन के दूसरे Monday को देशभर के शिवालयों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु महादेव का जलाभिषेक कर रहे हैं. हरिद्वार के कनखल स्थित ऐतिहासिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है. भक्तों ने गंगा जल ले जाकर भोलेनाथ का जलाभिषेक कर प्रार्थना की. मंदिर हर-हर महादेव के ... Read more

डेली किरण 10 Aug 2026 11:02 am

Assam Flood: असम में बाढ़ का कहर! मरने वालों की संख्या 100 तक पहुंची, 1.37 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

Assam Flood: असम में बाढ़ की स्थिति रविवार को भी गंभीर बनी रही, जिसवजह से राज्य में इस साल बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 100 हो गई। वहीं, कई इलाकों में अब भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है और सैकड़ों गांव इससे प्रभावित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में बाढ़ से दो और लोगों की मौत हुई है। गोलाघाट में एक व्यक्ति की बाढ़ के पानी में डूबने से मौत हुई, जबकि कार्बी आंगलोंग में एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई।डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इन्फॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIMS) के बुलेटिन के अनुसार, मरने वालों की कुल संख्या में 60 पुरुष, 23 महिलाएं और 18 बच्चे शामिल हैं। हालांकि, अधिकारियों ने शिवसागर के आंकड़ों में भी सुधार किया है, क्योंकि उन्हें पता चला कि एक ही व्यक्ति की मौत का रिकॉर्ड एक ही नाम से दो बार दर्ज हो गया था। इसके बाद जिले में मरने वालों की संख्या को 50 से घटाकर 49 कर दिया गया। इसके बाद कछार में 22, करीमगंज में 9 और गोलाघाट में 8 मौतें हुई हैं। धेमाजी, नागांव, उदलगुरी, सोनितपुर और कार्बी आंगलोंग से भी मौत की खबरें आई हैं।1.37 लाख से ज्यादा लोग प्रभावितASDMA के ताजा आकलन से पता चला है कि सात जिलों - चराइदेव, दरांग, गोलाघाट, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, नागांव और शिवसागर - में 1.37 लाख से ज्यादा लोग अभी बाढ़ से प्रभावित हैं।गोलाघाट सबसे ज्यादा प्रभावित जिला बनकर उभरा है, जहां लगभग 70,000 लोग प्रभावित हुए हैं; इसके बाद शिवसागर का नंबर है, जहां करीब 40,000 निवासी बाढ़ का असर झेल रहे हैं। जोरहाट में भी 16,000 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।हालांकि, शनिवार की तुलना में स्थिति में थोड़ी सुधार हुआ है। उस समय आठ जिलों में लगभग 1.5 लाख लोगों के प्रभावित होने की खबर थी।अधिकारियों ने छह जिलों में 125 राहत कैंप और राहत वितरण केंद्र बनाए हैं, जहां अभी 49,000 से ज्यादा बाढ़ प्रभावित लोग शरण लिए हुए हैं।456 गांव पानी में डूबे, खेती की जमीन को नुकसानन्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, बाढ़ से 456 गांव जलमग्न हो गए हैं, जबकि लगभग 11,933 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा है।इसके अलावा, इस बाढ़ ने राज्य के कई हिस्सों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को भी नुकसान पहुंचाया है। गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी नदी और श्रीभूमि में कुशियारा नदी का जलस्तर अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है।बाढ़ ने राज्य भर में 43,000 से ज्यादा पालतू जानवरों और पोल्ट्री को भी प्रभावित किया है, जिससे ग्रामीण समुदायों को होने वाला नुकसान और बढ़ गया है।बचाव, राहत और पुनर्वास का काम जारी हैजिला प्रशासन और राजस्व अधिकारी पानी के स्तर पर नजर रखे हुए हैं और बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद कर रहे हैं। अधिकारी जरूरी सामान और मेडिकल मदद की सप्लाई बनाए रखने के लिए भी काम कर रहे हैं, क्योंकि प्रभावित इलाके धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं।छत्तीसगढ़ ने 5 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान कियालगातार जारी संकट के बीच, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को असम में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद का ऐलान किया है।साय ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बात की और बाढ़ प्रभावित इलाकों में हालात का जायजा लिया। उम्मीद है कि इस मदद से प्रभावित समुदायों के लिए चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास के कामों में मदद मिलेगी।यह भी पढ़ें:Jharkhand Student Protest: CGL परीक्षा को लेकर छात्र करेंगे झारखंड विधानसभा का घेराव, जानें प्रोटेस्ट से जुड़ी 10 बड़ी बातें

ज़ी न्यूज़ 10 Aug 2026 10:51 am

चीन सीमा से सटे माणा गांव में सेना-पुलिस के बीच विवाद, असम रेजीमेंट के मेजर और जवानों से मारपीट का आरोप

चीन सीमा से सटे माणा गांव में सेना-पुलिस के बीच विवाद, असम रेजीमेंट के मेजर और जवानों से मारपीट का आरोप

समाचार नामा 10 Aug 2026 10:01 am

मानसून फिर सक्रिय: हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, असम की बाढ़ में 100+ मौतें; IMD की ताजा चेतावनी क्या?

मानसून फिर सक्रिय: हिमाचल-उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट, असम की बाढ़ में 100+ मौतें; IMD की ताजा चेतावनी क्या?

अमर उजाला 10 Aug 2026 4:56 am

Sonipat News: असम से किशोरी को खरीदकर लाए थे दंपती, मौत के बाद गाड़ दिया था शव

Couple had bought a teenage girl from Assam; buried her body after her death.

अमर उजाला 10 Aug 2026 1:58 am

Assam Flood से मृतकों की संख्या 99 हुई, Himachal Pradesh में 153 सड़कें बंद

नयी दिल्ली, आठ अगस्त देश के कई हिस्सों में शनिवार को बारिश का प्रकोप कम हुआ, लेकिन इससे हुई तबाही का असर बरकरार रहा। असम में बारिश और बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 99 हो गई, जबकि हिमाचल प्रदेश में 153 सड़कें बंद होने से आवागमन प्रभावित रहा। केरल में मकानों और सड़कों को हुए नुकसान के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के बुलेटिन के अनुसार, शनिवार को भी राज्य में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही तथा एक और मौत की खबर के साथ मरने वालों की संख्या 99 हो गई। इसमें कहा गया कि असम में 1.47 लाख से अधिक लोग अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं। मौत का नया मामला गोलाघाट ज़िले से सामने आया है। इसके साथ ही, असम में इस साल बाढ़ से मरने वालों की संख्या 99 हो गई है। बुलेटिन में कहा गया कि बाढ़ से असम में 12 जिले-सोनितपुर, नागांव, गोलाघाट, शिवसागर, होजई, दरांग, जोरहाट, धेमाजी, चराइदेव, कार्बी आंगलोंग, लखीमपुर और विश्वनाथ प्रभावित हैं। चार दिन से लगातार हो रही बारिश के बीच, राष्ट्रीय राजधानी में शनिवार का दिन दो वर्षों में अगस्त का सबसे अधिक बारिश वाला दिन दर्ज किया गया। महीने के पहले आठ दिनों में ही अगस्त में होने वाली औसत मासिक बारिश लगभग पूरी हो गई है। शनिवार को सुबह 8:30 बजे तक दिल्ली में 98.7 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की गई, जो अगस्त में 2024 के बाद की सबसे अधिक बारिश है। वर्ष 2024 में अगस्त के पहले दिन 107.6 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। लगातार बारिश के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में यातायात जाम की स्थिति देखने को मिली। कालिंदी कुंज बॉर्डर, आईटीओ, प्रेस एन्क्लेव मार्ग, गीतांजलि मार्ग और महरौली-बदरपुर रोड पर भारी जाम रहा। पूर्वी दिल्ली के कुछ हिस्सों में भी यातायात प्रभावित हुआ, जिसमें जीटी रोड के कुछ हिस्से शामिल हैं। अगस्त के पहले सात दिनों के दौरान दिल्ली में 127 मिमी बारिश दर्ज की गई। शुक्रवार तक लगातार जारी बारिश ने राष्ट्रीय राजधानी को प्रभावित किया। शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव हो गया, नालों में पानी का बहाव बढ़ गया और कई जगहों पर दीवारों तथा मकानों के ढहने की घटनाएं सामने आईं। हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण 153 सड़कें बंद हो गई हैं। वहीं, शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार और मंगलवार को राज्य में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी देते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। राज्य आपातकालीन अभियान केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार सुबह तक 77 जलापूर्ति योजनाएं और 92 ट्रांसफॉर्मर भी प्रभावित हुए थे। अधिकारियों ने बताया कि 30 जून को मानसून शुरू होने के बाद से अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 66 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 लोगों की जान भूस्खलन और एक व्यक्ति की मौत अचानक आई बाढ़ में हुई। उन्होंने बताया कि राज्य को कुल 835 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य में 14 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। केरल में शनिवार को बारिश जारी रही। हालांकि, कई इलाकों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन कई सड़कें और मकान अब भी जलमग्न होने के कारण सैकड़ों लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अलप्पुझा के अपर कुट्टनाड और कुट्टनाड इलाकों तथा कोट्टायम जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बाढ़ का सबसे अधिक असर रहा, हालांकि कई स्थानों पर पानी का स्तर अब धीरे-धीरे कम होने लगा है। कुछ इलाकों में बाढ़ का पानी केवल मामूली रूप से कम हुआ है, जबकि कई लोग अब भी फंसे हुए या प्रभावित हैं, क्योंकि उनके मकान और सड़कें अभी भी पानी में डूबी हुई हैं। अलप्पुझा-चंगनास्सेरी सड़क समेत कई प्रमुख सड़कें अब भी जलमग्न हैं, जिससे क्षेत्र में यातायात बाधित है। जलभराव वाले इलाकों से लोगों को निकालने और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए छोटी नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर शनिवार को आठ जिलों-कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड, त्रिशूर, कोट्टायम, पथनमथिट्टा और अलप्पुझा के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया। स्थानीय स्वशासन संस्थाओं, राजस्व अधिकारियों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से कहा गया कि जरूरत पड़ने पर कमजोर और जोखिम वाले लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों और राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है। अधिकारियों ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की है। पंजाब और हरियाणा के कुछ इलाकों में दिन के दौरान बारिश हुई, जिनमें लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, बठिंडा, हिसार, रोहतक, भिवानी, सिरसा और गुरुग्राम शामिल हैं। हरियाणा के फरीदाबाद में शनिवार को 50 से अधिक स्थानों पर जलभराव हो गया। पिछले 24 घंटों से लगातार हो रही बारिश के कारण भारी यातायात जाम लगा और जनजीवन व्यापक रूप से प्रभावित हुआ। वहीं, सूरजकुंड रोड पर एक पुलिया का बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे पैदल यात्रियों और वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा हो गया। जिला प्रशासन के अनुसार, फरीदाबाद में शुक्रवार सुबह आठ बजे से शनिवार सुबह आठ बजे तक 120 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो शुरुआती अनुमान से अधिक है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून के सक्रिय रहने के कारण राजस्थान के कई इलाकों में भी भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि अगले एक सप्ताह के दौरान पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने की संभावना है। भारी बारिश के बाद कोटपूतली-बहरोड़ जिले से गुजरने वाले जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। शहरी इलाकों में पानी बाजारों और घरों में भी घुस गया। भरतपुर में बारिश के कारण स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को बंद कर दिया गया। वहीं, अलवर के गोविंदगढ़ में एक मकान की छत ढह गई। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। जम्मू-कश्मीर में आने वाले दिनों में व्यापक बारिश और गरज-चमक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नौ से 11 अगस्त के बीच जम्मू संभाग के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम, अगले कुछ दिनों में भारी बारिश के पूर्वानुमान और श्रद्धालुओं की संख्या में कमी को देखते हुए शनिवार को जम्मू से अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी गई। राजौरी जिले में एक दुखद घटना सामने आई है। हाल में हुई भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़क पर कीचड़ में कई घंटे तक फंसे रहने के बाद अस्पताल ले जा रहे वाहन में सवार 17 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शनिवार को नगालैंड के दीमापुर जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ आ गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। वहीं, घर में पानी घुसने के बाद करंट लगने से अंतिम वर्ष के एक कॉलेज छात्र की मौत हो गई। शनिवार सुबह से दीमापुर जिले में भारी बारिश हो रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा स्थिति मुख्य रूप से लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों तथा पहाड़ी जलग्रहण क्षेत्रों से बड़ी मात्रा में सतही जल बहाव के कारण बनी है। इससे दीमापुर के निचले हिस्सों में जल निकासी तंत्र में पानी का प्रवाह बढ़ गया है। एसडीआरएफ ने बाढ़ में फंसे एक घर से दो बच्चों और एक बुजुर्ग सहित नौ लोगों को सुरक्षित बचाकर बाहर निकाला। रिवर बेल्ट कॉलोनी स्थित एक छात्रावास से चार छात्रों को बचाया गया, जबकि होली क्रॉस स्कूल क्षेत्र में फंसे पांच अन्य लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से अगले पांच दिनों में ओडिशा में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी ने कहा कि इसके प्रभाव से उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा के कुछ हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है।

प्रभासाक्षी 9 Aug 2026 8:19 am

Firozabad News: परिजन की डांट से नाराज होकर दिल्ली जा रही असम की दो सहेलियां पकड़ी

परिजन की डांट से नाराज होकर दिल्ली जा रही असम की दो सहेलियां पकड़ी

अमर उजाला 9 Aug 2026 1:43 am

रेल यात्री ध्यान दें! भारी बारिश के चलते असम जाने वाली कई ट्रेनों का रूट बदला, देखें पूरी लिस्ट

असम में भारी बारिश से पटरियों को नुकसान के कारण गोमतीनगर-डिब्रुगढ़ सहित कई ट्रेनें परिवर्तित मार्ग से चलेंगी।

जागरण 8 Aug 2026 8:54 pm

शिक्षक जाली नोटों के साथ असम में गिरफ्तार:7.37 लाख रुपए बरामद, पत्नी के इलाज की छुट्टी पर था; झारखंड में खपाने की थी तैयारी

पाकुड़ सदर प्रखंड के एक सहायक शिक्षक को असम पुलिस ने जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी गुवाहाटी के कामाख्या रेलवे जंक्शन पर एक विशेष अभियान के दौरान हुई। पुलिस ने शिक्षक के पास से 7 लाख 37 हजार रुपए के जाली नोट बरामद किए हैं। गिरफ्तार शिक्षक की पहचान नव प्राथमिक विद्यालय केतकापाड़ा के सहायक अध्यापक गुलाब शेख के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके साथ दयाल दास नामक एक अन्य व्यक्ति को भी पकड़ा है। जानकारी के अनुसार, शिक्षक गुलाब शेख अपनी पत्नी के इलाज के लिए एक महीने की छुट्टी पर स्कूल से गए थे। उनकी गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में आया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों आरोपी इन जाली नोटों को झारखंड में खपाने की तैयारी में थे। पाकुड़ निवासी होने के कारण इस गिरफ्तारी से जिले में भी चर्चा का विषय बन गया है। छुट्टी पर जाने के बाद से शिक्षक का मोबाइल फोन बंद था, जिससे उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुमिता मरांडी ने बताया कि शिक्षक ने पत्नी के इलाज के लिए बाहर जाने का आवेदन देकर छुट्टी ली थी। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो विभागीय नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी कुमार गौरव ने पुष्टि की कि असम पुलिस ने उन्हें सूचना दी है। इस सूचना के अनुसार, पाकुड़ के दो व्यक्ति, दयाल दास और सहायक अध्यापक गुलाब शेख, को जाली नोट मामले में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल, पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या शिक्षक जाली नोटों के नेटवर्क का हिस्सा था या इस मामले में कोई अन्य तथ्य सामने आएगा। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Aug 2026 4:29 pm

देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल

देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल

समाचार नामा 8 Aug 2026 10:10 am

Bihar: असम से बीमार मां को देखने आ रहा था इकलौता बेटा, ट्रेन से उतरने के दौरान चली गई जान; मची चीख-पुकार

गोपालगंज के सिधवलिया रेलवे स्टेशन पर चलती ताप्ती गंगा एक्सप्रेस से उतरने की कोशिश में 36 वर्षीय राजेश यादव की मौत हो गई। वह असम से अपनी बीमार मां से मिलने गांव लौट रहे थे। ट्रेन का स्टेशन पर ठहराव नहीं था।

अमर उजाला 7 Aug 2026 11:22 am

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, असम के बाढ़ प्रभावितों के लिए तीन करोड़ की मदद मंजूर

झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू, असम के बाढ़ प्रभावितों के लिए तीन करोड़ की मदद मंजूर

समाचार नामा 6 Aug 2026 2:10 pm

Humanity First: कार सेवादल कुल्लू ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी 1.11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

Humanity First: कार सेवादल कुल्लू ने असम बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी 1.11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता

अमर उजाला 6 Aug 2026 12:56 pm

Assam में बाढ़ राहत कार्य के बाद अपने हेल्पर के गांव पहुंचे Randeep Hooda, नगालैंड बॉर्डर को देखकर बोले- 'यह तो धरती पर स्वर्ग है'

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)

प्रभासाक्षी 5 Aug 2026 3:56 pm

रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल

Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।

फिल्मी बीट 3 Aug 2026 3:12 pm

असम की बाढ़ में फंसी 'गोपी बहू' की मां, नानी-मौसी के डूब गए घर, वीडियो में रोई एक्ट्रेस बोलीं- सब बर्बाद हो गया

Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो

फिल्मी बीट 3 Aug 2026 1:14 pm

'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक

स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026

प्रभासाक्षी 3 Aug 2026 12:56 pm

विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़

आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।

जागरण 2 Aug 2026 11:11 pm

Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना

बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'

प्रभासाक्षी 2 Aug 2026 12:35 pm

फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल

बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.

बूमलाइव 29 Jul 2026 4:17 pm

सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी

फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...

वेब दुनिया 25 Sep 2025 12:25 pm

कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी

असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...

वेब दुनिया 10 Jul 2025 2:39 pm

घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!

कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...

वेब दुनिया 15 Feb 2025 10:52 am

3 दिन से लापता असम के प्रख्यात संगीतकार रमन बरुआ, सीएम हिमंत बिस्वा ने दिया त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश

Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के ‍लिए ...

वेब दुनिया 24 Jul 2024 12:15 pm