बारडोली गुड्स शेड से पहली बार आउटवर्ड पीसमील लोडिंग, असम भेजा 56.73 टन कागज
बारडोली गुड्स शेड से पहली बार 56.73 टन कागज असम के आजारा भेजा गया। 2,450 किमी की खेप से रेलवे को 1.30 लाख रुपये से अधिक राजस्व मिला।
भारत के पूर्वोत्तर राज्य असम के गुवाहाटी स्थित पमोही गांव में एक ऐसा अनोखा स्कूल चल रहा है, जिसने देश भर में शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण की परिभाषा ही बदल कर रख दी है। जहां प्राइवेट स्कूलों में महंगी फीस, डोनेशन और किताबों का भारी खर्च गरीब परिवारों के बच्चों को पढ़ाई से दूर कर देता है, वहीं 'अक्षर स्कूल' (Akshar School) ने एक क्रांतिकारी नियम बनाया है—यदि आपके पास फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं, तो कोई बात नहीं; बस घर और आस-पास से प्लास्टिक का सूखा कचरा लेकर आएं और मुफ्त में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाएं। इस अनूठी पहल ने न केवल सैकड़ों गरीब बच्चों को बाल मजदूरी के दलदल से निकालकर स्कूल की चौखट तक पहुंचाया है, बल्कि इलाके को जहरीले प्लास्टिक कचरे और प्रदूषण से भी मुक्ति दिलाई है।माजिन मुख्तार और परमिता शर्मा की दूरदर्शी सोच से हुई शुरुआतइस प्रेरणादायक स्कूल की नींव साल 2016 में माजिन मुख्तार (Mazin Mukhtar) और उनकी पत्नी परमिता शर्मा (Parmita Sarma) ने 'अक्षर फाउंडेशन' के तहत रखी थी। जब वे दोनों पमोही गांव पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि वहां के ज्यादातर बच्चे पास की पत्थर खदानों (Stone Quarries) में दिन भर मजदूरी करते थे ताकि परिवार के लिए ₹150-₹200 कमा सकें।इसके साथ ही गांव में प्लास्टिक कचरा जलाने की बेहद खतरनाक प्रथा थी। लोग सर्दियों में ठंड से बचने या कचरा ठिकाने लगाने के लिए प्लास्टिक की थैलियों और बोतलों को जलाते थे, जिससे उठने वाले जहरीले धुएं से बच्चे और बुजुर्ग फेफड़ों की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे। इस दोहरी समस्या—बाल मजदूरी और प्लास्टिक प्रदूषण—को एक साथ खत्म करने के लिए उन्होंने 'प्लास्टिक फीस' का विचार विकसित किया।हर हफ्ते 20 से 25 पीस प्लास्टिक कचरा है स्कूल की 'ट्यूशन फीस'अक्षर स्कूल में दाखिला लेने वाले हर छात्र के लिए एक ही अनिवार्य नियम है कि उसे हर सप्ताह अपने घर, पड़ोस या रास्तों से कम से कम 20 से 25 सूखे प्लास्टिक के रैपर, पैकेट या बोतलें जमा करके स्कूल लानी होती हैं।माता-पिता का संकल्प: दाखिले के समय माता-पिता से यह लिखित वादा लिया जाता है कि वे घर का प्लास्टिक कचरा कभी नहीं जलाएंगे और उसे अपने बच्चों के जरिए स्कूल भेजेंगे।प्रदूषण पर रोक: इस नियम के चलते गांव के सैकड़ों परिवारों ने प्लास्टिक कचरा जलाना पूरी तरह बंद कर दिया और पूरा इलाका साफ-सुथरा व हरा-भरा नजर आने लगा।प्लास्टिक कचरे से बनती हैं 'इको-ब्रिक्स' और निर्माण सामग्रीस्कूल में इकट्ठा होने वाले प्लास्टिक के कचरे को यूं ही फेंका नहीं जाता, बल्कि बच्चे और शिक्षक मिलकर इसका वैज्ञानिक रीसाइक्लिंग करते हैं:इको-ब्रिक्स (Eco-Bricks): छात्र खाली प्लास्टिक की बोतलों में पॉलीथिन और सिंगल-यूज प्लास्टिक रैपर्स को कसकर ठूंसते हैं, जिससे मजबूत और ठोस 'इको-ब्रिक' तैयार होती है।स्कूल में निर्माण कार्य: इन इको-ब्रिक्स और सीमेंट के मिश्रण से स्कूल परिसर में बैठने के चबूतरे, बाउंड्री वॉल, पौधों के गमले और पक्के रास्ते बनाए गए हैं।रीसाइक्लिंग यूनिट: बचे हुए प्लास्टिक को आगे रीसाइक्लिंग प्लांट में भेजा जाता है, जिससे खिलौने और उपयोगी वस्तुएं बनती हैं।'पीयर-टू-पीयर' लर्निंग और वोकेशनल कमाई का मॉडलअक्षर स्कूल का पाठ्यक्रम केवल पारंपरिक किताबों (गणित, विज्ञान, अंग्रेजी) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है:सीखो और कमाओ (Learn and Earn): स्कूल में बड़े और वरिष्ठ छात्र छोटे बच्चों को पढ़ाते हैं। इसके बदले में बड़े छात्रों को टॉय-करेंसी (Toy Currency) या मानदेय मिलता है, जिसे वे स्टेशनरी, कपड़े, जूते या खाने के सामान में बदल सकते हैं। इससे उन्हें पत्थर खदानों में मजदूरी करने की जरूरत नहीं पड़ती।व्यावहारिक कौशल (Skill Training): स्कूल में छात्रों को सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, कारपेंट्री, ऑर्गेनिक फार्मिंग, पशु देखभाल, कोडिंग और सिलाई-कढ़ाई का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि 16-17 साल की उम्र तक पहुंचते ही वे एक आत्मनिर्भर करियर चुन सकें।असम के पमोही गांव से शुरू हुआ यह मॉडल आज संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा जा रहा है। अक्षर स्कूल ने साबित कर दिखाया है कि अगर सोच में नवाचार और समाज के प्रति सच्ची निष्ठा हो, तो कचरे को भी शिक्षा की ताकत में बदलकर एक नई पीढ़ी का भविष्य संवारा जा सकता है।
Supreme Court ने Kerala Govt से मांगा जवाब, Death Row Convict को Assam जेल भेजने पर टिकी निगाहें
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केरल सरकार से मौत की सज़ा पाए कैदी मुहम्मद अमीर-उल-इस्लाम की याचिका पर जवाब मांगा। उसने केरल की विय्युर सेंट्रल जेल से असम की जेल में ट्रांसफर करने की मांग की थी, जहाँ उसकी पत्नी और बुज़ुर्ग माता-पिता रहते हैं। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने केरल से याचिकाकर्ता को असम की जेल में ट्रांसफर करने के मामले में अपना जवाब दाखिल करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट, केरल के पेरुम्बावूर में 2016 में एक दलित लॉ स्टूडेंट के रेप और मर्डर के मामले में अमीर-उल-इस्लाम की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। वह इस मामले में दोषी ठहराया गया और मौत की सज़ा पाने वाला एकमात्र आरोपी है। अमीर-उल-इस्लाम की ओर से पेश हुईं सीनियर वकील रेबेका जॉन ने कहा कि आम तौर पर, मौत की सज़ा पाए कैदी को तब तक दूसरी जगह नहीं भेजा जा सकता जब तक अपील का समय खत्म न हो जाए या अपील पर फ़ैसला न हो जाए, और इस मामले में वह चरण पहले ही पार हो चुका था। इसे भी पढ़ें: Privacy Violation: दिल्ली हाईकोर्ट ने Abhijit Iyer-Mitra और मीडिया आउटलेट्स को जारी किया समन, मांगा जवाब उन्होंने कहा कि केरल हाई कोर्ट ने मौत की सज़ा पर पहले ही मुहर लगा दी थी और अपील से जुड़ी कार्यवाही पूरी हो चुकी थी। हालांकि, बेंच ने सवाल किया कि क्या असम सरकार अमीर-उल-इस्लाम को लेने के लिए सहमत हुई है। इसे भी पढ़ें: Madras High Court ने Tamil Nadu की 5 सीटों पर By-elections पर रोक बढ़ाई, ECI के जवाब के बाद बड़ा फैसला जॉन ने जवाब दिया कि असम ने अभी तक कोई फ़ैसला नहीं लिया है क्योंकि राज्य, प्रस्तावित ट्रांसफर के लिए केरल की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा है। असम की ओर से पेश वकील ने भी सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अगर केरल ट्रांसफर की इजाज़त देता है तो राज्य इस अनुरोध पर विचार करेगा। असम के रहने वाले और प्रवासी मज़दूर अमीर-उल-इस्लाम को दिसंबर 2017 में 28 अप्रैल 2016 को पेरुम्बावूर में दलित लॉ स्टूडेंट के रेप और मर्डर का दोषी ठहराया गया था। ट्रायल कोर्ट ने उसे मौत की सज़ा सुनाने से पहले मुख्य रूप से DNA सबूतों और गवाहों के बयानों पर भरोसा किया था। बाद में केरल हाई कोर्ट ने सज़ा पर मुहर लगा दी। सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2024 में उसकी फांसी पर रोक लगा दी।
अभिलाष मौर्य की टीम ने असम प्रीमियर लीग जीती:जौनपुर के अभिलाष ने 300 रन बनाए, 10 विकेट लिए
जौनपुर के क्रिकेट खिलाड़ी अभिलाष मौर्य की टीम ने असम प्रीमियर लीग का फाइनल मुकाबला जीत लिया है। अभिलाष ने इस लीग में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन किया, जिससे उनके आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में खेलने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। असम क्रिकेट लीग मैच का आयोजन 2026 एसीए स्टेडियम, गुवाहाटी, असम में किया गया था। जौनपुर जिले के सदनपुर मुरादगंज सदर निवासी डॉ. एलपी मौर्या के पुत्र अभिलाष का चयन बारपेटा बेव्स टीम में हुआ था। डॉ. एलपी मौर्या शिया कॉलेज के बॉटनी विभाग के प्रमुख हैं। अभिलाष मौर्य ने रेलवे क्रिकेट प्लेयर कामाख्या, गुवाहाटी, असम एनएफ रेलवे की ओर से प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने असम प्रीमियर लीग के कुल 10 मैचों में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान उन्होंने लगभग 300 रन बनाए और 10 विकेट भी हासिल किए। विजेता टीम को 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया। अभिलाष की सफलता पर उनके पिता डॉ. एलपी मौर्या ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बेटे के प्रदर्शन से अब आईपीएल जैसे मैचों के लिए संभावनाएं जाग उठी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि अभिलाष निश्चित रूप से एक बड़ा क्रिकेटर बनकर उभरेंगे।
Himanta Biswa Sarma ने Amit Shah को दी असम में बाढ़ और राहत कार्यों की जानकारी
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य में आई बाढ़ के बाद उठाए जा रहे कदमों और राहत कार्यों की जानकारी दी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया है। शर्मा ने रविवार देर रात ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज मैं नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला और उन्हें असम बाढ़ राहत कार्यों के साथ-साथ राज्य से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी।’’उन्होंने कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए गृह मंत्री लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘आज की बैठक में उन्होंने (शाह ने) ने भी माना कि बाढ़ से व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। उन्होंने पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए केंद्र सरकार के सहयोग का आश्वासन दिया।’’राज्य में इस साल आई भीषण बाढ़ के कारण अब तक कम से कम 105 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि राज्य के चार पूर्वी जिलों में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है।
Assam लॉन्च करेगा अपना Satellite, Private Partner चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार अपना उपग्रह प्रक्षेपित करने के लिए निजी क्षेत्र से साझेदार चुनने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है। शर्मा ने दावा किया कि असम भारत का पहला ऐसा राज्य होगा, जिसके पास अपनी पृथ्वी अवलोकन प्रणाली होगी। उन्होंने कहा कि सरकार ‘डीबीएलओटीटी मॉडल’ के तहत उपग्रह संचालित करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘इस साल की शुरुआत में हमने डीबीएलओटीटी मॉडल (डिजाइन, निर्माण, प्रक्षेपण, संचालन, प्रशिक्षण और हस्तांतरण) के तहत कार्यान्वयन साझेदार का चयन करने के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) आमंत्रित की थी।’’शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘भारत की निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की कंपनियों की ओर से मजबूत रुचि दिखाए जाने के बाद अब हम साझेदार के चयन के अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में हैं। इसके लिए गठित समितियां प्रस्तावों का मूल्यांकन कर रही हैं।’’उन्होंने कहा कि ‘असमसैट’ एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। शर्मा ने कहा कि असम अब केवल उपग्रह डेटा का उपयोग करने वाला राज्य नहीं रहेगा, बल्कि अंतरिक्ष-प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र में सक्रिय भागीदार बनेगा। इससे शासन व्यवस्था में तेजी आएगी और फैसले साक्ष्यों पर आधारित होंगे। पिछले साल मार्च में 2025-26 का राज्य बजट पेश करते हुए तत्कालीन वित्त मंत्री अजंता नियोग ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार अपना उपग्रह बनाएगी। उन्होंने कहा था कि इससे महत्वपूर्ण सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए डेटा जुटाने में मदद मिलेगी और राज्य की सीमा पर निगरानी भी रखी जा सकेगी।
Manipur में Assam Rifles काफिले पर 2021 के हमले का मुख्य आरोपी PLA उग्रवादी गिरफ्तार
सुरक्षा बलों ने मणिपुर के थौबल जिले से एक प्रतिबंधित संगठन के उग्रवादी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि यह उग्रवादी वर्ष 2021 में असम राइफल्स के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले में कथित तौर पर शामिल था। अधिकारियों ने बताया कि 28 वर्षीय आरोपी प्रतिबंधित संगठन पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) में स्वयंभू कैप्टन है। उन्होंने बताया कि यह गिरफ्तारी गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार को थौबल जिले के लिलोंग उशोईपोकपी से की गई है। पुलिस के एक बयान में कहा गया, “पूछताछ के दौरान यह पता चला कि वह उस टीम का हिस्सा था जिसने 13 नवंबर 2021 को चूराचांदपुर के बेहियांग में 46 असम राइफल्स (एआर) के कमांडिंग ऑफिसर (सीओ) और छह अन्य लोगों पर घात लगाकर हमला किया था।”सेना की पूर्वी कमान ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “गिरफ्तार व्यक्ति 2021 में चूराचांदपुर में कर्नल विप्लव त्रिपाठी, उनके परिवार के सदस्यों और सुरक्षा बलों पर घात लगाकर किए गए हमले के मामले का मुख्य आरोपी है। यह सफल अभियान उग्रवादी नेटवर्क को ध्वस्त करने और मणिपुर में शांति व स्थिरता की रक्षा करने के लिए सुरक्षा बलों के संकल्प को दोहराता है।”चूराचांदपुर जिले में सेहकेन गांव के पास 13 नवंबर 2021 को उग्रवादियों ने 46 असम राइफल्स के सीओ त्रिपाठी के सुरक्षा काफिले पर घात लगाकर हमला किया था। इस हमले में कर्नल त्रिपाठी, उनकी पत्नी, उनके मासूम बेटे और अर्धसैनिक बल के चार जवानों की मौत हो गई थी।
Assam के टैक्सी चालकों ने Meghalaya वाहनों की नाकेबंदी खत्म की, सुरक्षा का मिला भरोसा
असम के टैक्सी संचालकों ने शनिवार को मेघालय में पंजीकृत वाहनों के खिलाफ अपनी नाकेबंदी समाप्त कर दी। यह फैसला दोनों राज्यों के मंत्रियों के बीच बैठक के बाद सुरक्षा के आश्वासन पर लिया गया। इससे पहले, असम के सीमा सुरक्षा मंत्री अतुल बोरा और मेघालय के उपमुख्यमंत्री एस. धर के बीच बैठक हुई। बोरा के साथ बैठक के बाद जोराबाट में नाकेबंदी वाली जगह पर एक टैक्सी संचालक ने कहा, ‘‘हमने फिलहाल नाकेबंदी हटाने का फैसला किया है। मेघालय सरकार ने 19 अगस्त को हुई हिंसा की जांच के लिए एक एसआईटी बनाई है। हम इसकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’’उन्होंने कहा, ‘‘हमारे मंत्री ने कहा है कि मेघालय सरकार हमारे चालकों और गाड़ियों को हुए नुकसान का मुआवजा देगी।’’धर से मिलने के बाद बोरा प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल रविवार को असम सरकार के प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी मांगें रखेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बताया कि मेघालय में फंसे असम के 246 लोगों में से 131 लोग रात 8:30 बजे तक सुरक्षित वापस आ चुके हैं। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम मेघालय सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि बाकी लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित गुवाहाटी वापस लाया जा सके।’’शर्मा ने दोनों सरकारों के बीच हुई बैठक के नतीजों का भी स्वागत किया और कहा कि इससे हालात सामान्य करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मेघालय सरकार द्वारा एक एसआईटी का गठन और हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी सही दिशा में उठाए गए कदम हैं। शिलांग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (केएसयू) की ओर से 19 अगस्त को आयोजित बाइक रैली के दौरान हिंसा भड़क गई थी। पुलिस के मुताबिक, असम में पंजीकृत वाहनों समेत कम से कम 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और 16 लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद, असम में टैक्सी संचालकों ने बृहस्पतिवार से पड़ोसी राज्य में जाने वाले मुख्य रास्तों -जोराबाट और खानापारा- पर मेघालय जाने वाले वाहनों के खिलाफ नाकेबंदी कर दी थी।
हवलदार देवचरण उरांव का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव मान्हा में सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ किया गया।
मेघालय में असम के लोगों से मारपीट के बाद भड़की हिंसा, फुटेज में जाने पुलिस चौकी पर पेट्रोल बम फेंका; असम ने सीमाओं पर की नाकेबंदी
बुधवार को मेघालय में असम के लोगों से मारपीट से शुरू हुआ विवाद अब मेघालय के कई राज्यों तक पहुंच गया है। मेघालय में सरकारी संपत्तियों पर आगजनी और पेट्रोल बम फेंकने की घटनाएं सामने आई हैं। असम ने भी मेघालय से लगी अपनी सीमाओं पर नाकेबंदी कर दी है। अब जानिए विवाद शुरू होने की वजह बुधवार को मेघालय के शिलॉन्ग में खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) की रैली के दौरान असम के लोगों के साथ मारपीट कर उनके वाहनों को आग लगा दी गई थी। हिंसा में 31 गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया गया था, जिनमें ज्यादातर असम के नंबर की थीं। इसके बाद मेघालय के कई जिलों में हिंसा की छिटपुट घटनाएं शुरू हो गई थीं। हिंसा के शिकार ज्यादातर लोग असम के हैं। इसके विरोध में गुरुवार को गुवाहाटी के टैक्सी चालकों ने नेशनल हाईवे-27 पर आवाजाही रोक दी थी। शिलॉन्ग में पुलिस चौकी पर हमला शिलांग में गुरुवार को दिन भर हालात सामान्य रहे। लेकिन, रात करीब 9:30 बजे नोंगमेंसोंग पुलिस चौकी पर अज्ञात लोगों ने पेट्रोल बम फेंक दिया। बम चौकी के अंदर गिरा और आग लग गई। हालांकि, इस समय इमारत की ऊपरी मंजिल पर सीआरपीएफ के जवान मौजूद थे, जो धमाके की आवाज सुनते ही नीचे पहुंचे। इसके चलते समय रहते आग पर काबू पा लिया गया था। इसके अलावा शिलांग में एक जगह अज्ञात लोगों ने नेताजी सुभाषचंद्र बोष और स्वामी विवेकानंद की मूर्तियों में तोड़फोड़ की। इससे पूरे शहर में तनाव के हालात बन गए हैं। असम के संगठनों ने रखीं मांगें असम के ड्राइवर संगठनों और टूरिस्ट कैब ऑपरेटरों ने मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और पर्यटन मंत्री से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने क्षतिग्रस्त वाहनों और घायल लोगों के लिए मुआवजा देने की मांग की। साथ ही, मेघालय में सफर करने वाले असम नंबर के वाहनों और उनके ड्राइवरों की सुरक्षा को लेकर लिखित भरोसा देने को कहा है। संगठनों ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक मेघालय नंबर के वाहनों को असम में एंट्री नहीं दी जाएगी। असम में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने छह महीने तक मेघालय को वीकेंड पर्यटन स्थल के तौर पर बहिष्कार करने की अपील भी की। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री शांति बहाल करने पर सहमत दोनों राज्यों के बीच तनाव कम करने के लिए मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। दोनों ने राज्यों में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की बात कही। मेघालय के उप मुख्यमंत्री सियावभालांग धर और असम के कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा को बैठक करने की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों मंत्री स्थिति सुधारने, आगे की घटनाएं रोकने, यात्रियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरी सामान व सेवाओं की लगातार आवाजाही पर चर्चा कर रहे हैं। 25 अगस्त तक तैनात रहेंगी केंद्रीय बलों की 5 कंपनियां केंद्र ने गुरुवार को मेघालय में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की मदद के लिए केंद्रीय बलों की पांच कंपनियां तैनात करने को मंजूरी दी। इनमें सीआरपीएफ की चार और रैपिड एक्शन फोर्स की एक कंपनी शामिल है। ये कंपनियां 25 अगस्त तक राज्य में तैनात रहेंगी। मेघालय सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचने की अपील की है। पुलिस और सुरक्षा बलों ने शिलॉन्ग के संवेदनशील इलाकों और राज्य के दूसरे हिस्सों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अधिकारी आगे की हिंसा रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
असम सरकार के स्वास्थ्य मंत्री अशोक सिंघल ने जिला भिवानी के गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मंत्री अशोक सिंघल ने माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति तथा उन्नति की कामना की। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पूजा की विभिन्न विधियों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर की धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्ता के बारे में भी जानकारी ली। मंदिर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया पूजा-अर्चना के बाद, स्वास्थ्य मंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंदिर परिसर में ही जलपान किया और स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं तथा मंदिर से जुड़े लोगों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आत्मीयता से बातचीत करते हुए क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अशोक सिंघल के पहाड़ी माता मंदिर पहुंचने को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके साथ मुलाकात की और उनके आगमन का स्वागत किया। इस अवसर पर माता रानी के जयकारे लगाए गए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। पूजा करने के बाद दिल्ली हुए रवाना इस दौरे के दौरान लोहारू के एसडीएम मनोज दलाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। इन अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं संभालीं। मंत्री सिंघल ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी में धार्मिक स्थल की व्यवस्थाओं और क्षेत्र से संबंधित विषयों पर जानकारी प्राप्त की। मंदिर में पूजा-अर्चना और जलपान के उपरांत अशोक सिंघल दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके दौरे के दौरान पहाड़ी माता मंदिर में श्रद्धा और आस्था का माहौल बना रहा। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने स्वास्थ्य मंत्री के आगमन को क्षेत्र के लिए सौभाग्यपूर्ण बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
Pilibhit News: रुरिया और असम हाईवे के समीप खेत में दिखा तेंदुआ
चीनी मिल सहित क्षेत्र में पिछले कई दिन से चहलकदमी कर रहा तेंदुआ बुधवार शाम को गांव रुरिया के समीप देखा गया। इस बीच लोगों में दहशत का माहौल रहा।
Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

