युवाओं को राज्य छोड़ने की जरूरत न पड़े, ऐसा असम बनाना लक्ष्य : सीएम हिमंता बिस्वा सरमा
गुवाहाटी, 15 अगस्त . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Saturday को एक शांतिपूर्ण, आत्मनिर्भर और अवसरों से भरपूर असम का विजन पेश किया. उन्होंने कहा कि राज्य अब केवल दूसरे राज्यों के विकास मॉडल का अनुसरण नहीं कर रहा, बल्कि धीरे-धीरे अपना खुद का विकास मॉडल तैयार कर रहा है. खानापारा में ... Read more
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और सशक्तिकरण के लिए अलग विभाग बनाने, एक सैटेलाइट सिटी और 8 नए सब-डिस्ट्रिक्ट स्थापित करने की घोषणा की. उन्होंने बच्चों की 50 गंभीर बीमारियों के मुफ्त इलाज, बाल विवाह और बहुविवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई, बाढ़ प्रभावितों के पुनर्वास और भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं का भी ऐलान किया.
शराब पार्टी और असम की लड़की... सन्न कर देगी नोएडा कांड की कहानी
एक रात... शराब की पार्टी... दो दोस्त कमरे में गए... और सुबह एक लाश मिली. इसके बाद कहानी नोएडा से निकलकर बिहार के कटिहार पहुंचती है, जहां हत्या का आरोपी पुलिस को शराब की पांच बोतलों के साथ मिला. नोएडा पुलिस जिस रमन राज को महक की हत्या के बाद ढूंढ रही थी, वो कटिहार पहुंच चुका था. अब नोएडा पुलिस कटिहार पहुंची है और उसे रिमांड पर लेकर उस रात का सच जानना चाहती है कि आखिर महक के साथ उस कमरे में क्या हुआ था?
स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले असम में बढ़ाई गई सुरक्षा
प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम-इंडिपेंडेंट (उल्फा-आई) और एनएससीएन/जीपीआरएन द्वारा स्वतंत्रता दिवस समारोह के बहिष्कार का आह्वान किए जाने के बाद असम में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि राज्यभर में शांतिपूर्ण तरीके से स्वतंत्रता दिवस समारोह संपन्न कराने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
Bhutan नरेश Jigme Khesar ने Assam flood पर जताई संवेदना, सीएम Himanta ने माना आभार
भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने असम के लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की, जहां भीषण बाढ़ के कारण अब तक 103 लोगों की मौत हो चुकी है। हिमालयी देश के राजा ने वैश्विक जलवायु परिवर्तन के असर से क्षेत्र को होने वाले साझा खतरों और भविष्य में इससे निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। समर्थन के लिए पड़ोसी देश का शुक्रिया अदा करते हुए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने असम और भूटान के बीच ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र किया। वांगचुक ने शर्मा को लिखे पत्र में कहा, ‘‘मैं अपने और भूटान के लोगों की ओर से आपके और असम के लोगों के प्रति, खासकर उन लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने हाल में आई बाढ़ में अपने परिवार और मकान खो दिए हैं। हम मृतकों की याद में प्रार्थना करते हैं।’’ शर्मा ने भूटान नरेश का यह पत्र शुक्रवार को साझा किया। पत्र में भूटान नरेश ने कहा, ‘‘हमारे क्षेत्र में ऐसी आपदाओं का बार-बार आना और उनकी गंभीरता बढ़ना बदलती वैश्विक जलवायु की चुनौतियों के परिणामों के प्रति हमारी साझा संवेदनशीलता की स्पष्ट याद दिलाता है। इन चुनौतियों का हम सभी को मिलकर सामना करना होगा और आने वाले समय में भी लगातार इससे निपटना होगा।’’उन्होंने तीन अगस्त को लिखे गए पत्र में कहा, ‘‘भारी नुकसान और तबाही के बावजूद, संकट की इस घड़ी में राज्य ने जिस तरह से इसका सामना किया, आपने जिस मजबूती और संकल्प के साथ इसका नेतृत्व किया वह प्रशंसनीय है।’’वांगचुक ने कहा कि भूटान असम के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़ा है और राज्य के पुनर्निर्माण और इससे उबरने की कोशिशों में अपना पूरा समर्थन तथा दोस्ती का हाथ बढ़ाता है। इस एकजुटता के लिए आभार जताते हुए शर्मा ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘हाल में आई बाढ़ से उबर रहे असम के लिए भूटान नरेश महामहिम जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के स्नेहपूर्ण शब्दों और समर्थन के संदेश से मैं बहुत प्रभावित हुआ हूं।’’उन्होंने असम और भूटान के बीच ‘‘बेहद आत्मीय रिश्ते’’ का जिक्र किया जो ‘‘इतिहास से जुड़ा हुआ है, भौगोलिक जुड़ाव के कारण मजबूत हुआ है और दोनों क्षेत्रों के लोगों के बीच पीढ़ियों से जारी मित्रता से मजबूत हुआ है।’’मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘असम के लोगों की ओर से मैं इस कठिन समय में हमारे साथ एकजुटता और मित्रता के साथ खड़े रहने के लिए महामहिम और भूटान के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
मिजोरम में असम राइफल्स और पुलिस की कार्रवाई, ट्रक से 6.51 करोड़ रुपए की 868 ग्राम हेरोइन बरामद
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Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश में चीन की कथित ‘धीमी घुसपैठ’ के दावों को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि भारत ने कोई क्षेत्र नहीं खोया है और सभी पोस्ट भारतीय नियंत्रण में हैं। सेना के सूत्रों के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में चीन की ओर से किसी ‘स्लो एन्क्रोचमेंट’ की बात सही नहीं है और सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) सीमा पर चीनी गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। चीन को यह संदेश बिल्कुल स्पष्ट समझ लेना चाहिए कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यहां घुसपैठ, दबाव या जमीन पर तथाकथित ‘धीरे-धीरे कब्जा जमाने’ की कोई कोशिश भारत बर्दाश्त नहीं करेगा। ऐसी किसी भी हरकत का जवाब भारतीय सुरक्षा बल अपनी पूरी ताकत से देंगे। हम आपको बता दें कि यह स्पष्ट स्थिति ऐसे समय सामने आई है जब अरुणाचल प्रदेश के अपर सुबनसिरी जिले के तक्सिंग सेक्टर को लेकर पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (PPA) की एक फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी ने गंभीर दावे किए हैं। चार सदस्यीय समिति ने 10 जुलाई 2026 को तक्सिंग का दौरा किया था और स्थानीय नेताओं, बुजुर्गों, बुद्धिजीवियों के साथ-साथ वहां तैनात वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों और जवानों से बातचीत की। समिति की अध्यक्षता पूर्व मंत्री और PPA के मुख्य सलाहकार कहफा बेंगिया ने की थी। इसे भी पढ़ें: Nepal ने खो दिये Sugauli Treaty के Original Document ! अब भारत के साथ कैसे सुलझायेगा सीमा विवाद? समिति का दावा है कि PLA ने भारत के कुछ निर्धारित पेट्रोलिंग प्वाइंट तक भारतीय जवानों की पहुंच को प्रभावी रूप से रोक दिया है और पारंपरिक भारतीय चराई तथा शिकार क्षेत्रों पर अपना नियंत्रण बढ़ाने की कोशिश की है। सबसे गंभीर आरोप शेरा-5 पेट्रोलिंग प्वाइंट को लेकर है। PPA के मुताबिक, 2023 में इस स्थान पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव हुआ था। इसके बाद भारतीय बल पीछे हटे और कथित तौर पर दोबारा वहां नहीं लौटे। समिति का दावा है कि PLA ने वहां मौजूद भारतीय निशान और प्रतीकात्मक ढांचे हटा दिए तथा भारतीय गश्त को रोकना शुरू कर दिया। यही वह बिंदु है जहां चीन की सीमा रणनीति पर गंभीर सवाल उठते हैं। PPA ने इसे चीन की उस कथित रणनीति से जोड़ा है जिसमें पहले किसी इलाके में पहुंच सीमित की जाती है, फिर अस्थायी रोक को जमीन पर स्थायी वास्तविकता में बदलने की कोशिश होती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये PPA समिति के निष्कर्ष हैं, भारतीय सेना का आधिकारिक आकलन नहीं। सेना ने इसके उलट कहा है कि भारत ने कोई क्षेत्र नहीं खोया और सभी पोस्ट नियंत्रण में हैं। मामला केवल एक पेट्रोलिंग प्वाइंट तक सीमित नहीं है। PPA समिति ने तक्सिंग, माजा और गालमो के इलाकों में मौसमी सैन्य उपस्थिति को एक बड़ी चुनौती बताया है। उसके अनुसार, भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के कारण नियमित भारतीय पेट्रोलिंग मुख्यतः अप्रैल से अक्टूबर तक सीमित रहती है, जबकि PLA की गतिविधियां पूरे वर्ष जारी रहती हैं। सर्दियों में स्थानीय पोर्टरों की सेवाएं भी काफी हद तक बंद हो जाती हैं, जिससे अग्रिम क्षेत्रों में भारतीय मौजूदगी घटने का खतरा पैदा होता है। समिति ने इसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील LAC पर ‘सीजनल वैक्यूम’ बताया है। इसका सीधा असर स्थानीय लोगों पर भी पड़ता है। नांगा पहाड़ जैसे क्षेत्र पारंपरिक रूप से नाह और मारा समुदायों के शिकार तथा याक पालन के इलाके रहे हैं, लेकिन PPA के अनुसार अब स्थानीय लोगों की वहां पहुंच प्रतिबंधित है। समिति का दावा है कि इस तरह के प्रतिबंध PLA को आगे बढ़ने के लिए अधिक गुंजाइश दे सकते हैं। सीमा पर रहने वाले लोगों के लिए यह सिर्फ सुरक्षा का प्रश्न नहीं, बल्कि उनकी सदियों पुरानी आवाजाही, चराई और पारंपरिक अधिकारों का सवाल भी है। यही कारण है कि अरुणाचल की सीमा नीति में सड़क, संचार और सैन्य ढांचे को हथियार से कम महत्वपूर्ण नहीं माना जा सकता। PPA ने Nacho-Taksing BRO सड़क को युद्धस्तर पर पूरा करने, 68 किलोमीटर लंबी Galemo-Pokorla सड़क को प्राथमिकता देने और Taksing-Pokorla मार्ग को Yaja तथा Huri होते हुए समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है। समिति ने Sipi-2 में हेलीपैड तथा Sipi-4 और Sipi-6 में स्थायी सेना बेस बनाने, अग्रिम इलाकों में विश्वसनीय बिजली और Maza-Galemo में बेहतर टेलीफोन व नेटवर्क कनेक्टिविटी की भी मांग की है। देखा जाये तो सामरिक दृष्टि से यह पूरा क्षेत्र इसलिए बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अपर सुबनसिरी का यह इलाका भारत-चीन सीमा के उन कठिन और दुर्गम हिस्सों में आता है जहां भौगोलिक परिस्थितियां ही सैन्य चुनौती बन जाती हैं। चीन ने पिछले वर्षों में सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी ढांचे को मजबूत कर अपनी निगरानी और पेट्रोलिंग क्षमताओं को बढ़ाया है। भारतीय पक्ष भी इंफ्रास्ट्रक्चर और सीमा प्रभुत्व पर लगातार जोर दे रहा है। सेना के अनुसार, अनिर्धारित सीमा के कारण पेट्रोलिंग के दौरान दोनों पक्षों के सैनिकों का आमना-सामना हो सकता है और ऐसे मामलों को स्थापित प्रोटोकॉल के जरिए संभाला जाता है। बीजिंग ने भी फिलहाल स्थिति को ‘सामान्यतः स्थिर’ बताया है और कहा है कि दोनों देश सैन्य तथा कूटनीतिक माध्यमों से संवाद बनाए हुए हैं। लेकिन चीन की भाषा चाहे जितनी संयमित हो, भारत के लिए असली कसौटी जमीन पर वास्तविक स्थिति है। इतिहास भी भारत को सतर्क रहने की वजह देता है। 1959 में चीन ने Longju में Assam Rifles की चौकी पर हमला कर उसे कब्जे में लिया था और यह क्षेत्र लंबे समय से चीन की गतिविधियों तथा बुनियादी ढांचा निर्माण के कारण चर्चा में रहा है। 1962 के युद्ध में भी Kameng, Subansiri, Siyom, Siang और Lohit घाटियों में बड़े चीनी सैन्य अभियान हुए थे। युद्धविराम के बाद PLA LAC के उत्तर में लौट गया था। इसलिए आज की चुनौती केवल यह साबित करने की नहीं है कि किसी खास बिंदु पर जमीन गई या नहीं। असली चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि सीमा पर भारत की मौजूदगी कभी कमजोर न पड़े। चीन यदि दबाव, बुनियादी ढांचे, स्थानीय आवाजाही पर प्रतिबंध या लगातार पेट्रोलिंग के जरिए जमीन पर नई ‘वास्तविकताएं’ बनाने की कोशिश करता है, तो भारत को हर मोर्चे पर उससे आगे रहना होगा। बहरहाल, अरुणाचल पर भारत का रुख दोटूक है न जमीन छोड़ी जाएगी, न भारतीय संप्रभुता पर कोई सवाल स्वीकार किया जाएगा। सेना का यह स्पष्ट संदेश कि भारत ने कोई क्षेत्र नहीं खोया और सभी पोस्ट नियंत्रण में हैं, चीन के लिए पर्याप्त चेतावनी है। अब जरूरत इस चेतावनी को सड़क, सुरंग, हेलीपैड, संचार, स्थायी सैन्य ठिकानों और सालभर सक्रिय सीमा निगरानी की ताकत में बदलने की है। अरुणाचल की बर्फीली चोटियों पर भारत की मौजूदगी जितनी मजबूत होगी, चीन की ‘धीरे-धीरे दबाव बनाने’ की कोई भी रणनीति उतनी ही पहले चरण में नाकाम होगी। -नीरज कुमार दुबे
Assam-Arunachal Border: असम-अरुणाचल सीमा पर क्यों हुआ टकराव? पुलिस ने की हवाई फायरिंग; CM ने की शांति की अपील
Noida में असम की युवती की हत्या का आरोपी Raman Raj गिरफ्तार, बिहार से ला रही पुलिस
गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर-49 थानाक्षेत्र के बरौला गांव में स्थित एक पीजी में असम की एक युवती की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी रमन राज को बुधवार को बिहार के कटिहार से गिरफ्तार किया। अपर पुलिस उपायुक्त मनीषा सिंह ने बताया कि आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में धारदार हथियार से वार किए जाने और अधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार से नोएडा ला रही है। हत्या के बाद आरोपी बिहार में अपने गृह नगर भाग गया था। असम की बीपीओ कर्मी 19 वर्षीय महक अहमद का शव मंगलवार को बरौला गांव में पड़ोस में रहने वाले एक युवक के कमरे में मिला था। पुलिस के अनुसार, रमन बीटेक कर चुका है और पहले नोएडा की एक आईटी कंपनी में काम करता था। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी महक से दोस्ती थी। घटना वाली रात दोनों बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान महक ने उसकी पूर्व प्रेमिका के बारे में कथित तौर पर कुछ अपशब्द कह दिए, जिससे वह आक्रोशित हो गया और धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। महक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर पर धारदार हथियार के करीब 10 वार और अत्यधिक रक्तस्राव से मौत की पुष्टि हुई है। पुलिस हत्या में प्रयुक्त हथियार बरामद करने का प्रयास करेगी। महक करीब तीन सप्ताह पहले अपने माता-पिता को बिना बताए असम से अपनी सहेली के साथ नोएडा आई थी और एक कॉल सेंटर में काम कर रही थी।
देश के जाने-माने उद्योगपति अनंत अंबानी के वनतारा फाउंडेशन ने असम की बाढ़ में फंसे हाथियों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इसके लिए असम के सीएम हिमंता ने थैंक्यू भी कहा है।
Assam Flood: CM Sarma ने किया 1000 करोड़ के महापैकेज का ऐलान, पीड़ितों को हरसंभव मदद!
असम सरकार ने 19 जुलाई से ऊपरी असम के शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट ज़िलों में आई असामान्य बाढ़ के बाद राहत, सहायता और पुनर्वास कार्यों के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये देने का वादा किया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि एक मोबाइल एप्लिकेशन के ज़रिए नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वे किया जा रहा है। अब तक, 960 सर्वेक्षकों ने 8,325 परिवारों का सर्वे पूरा कर लिया है और दूसरा चरण चल रहा है। उम्मीद है कि सर्वे की प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी हो जाएगी। इसे भी पढ़ें: Parliament में विपक्ष का हंगामा 'चर्चा से भागने' की साजिश, Nitin Nabin बोले- जनता जानती है कौन दोषी उन्होंने भरोसा दिलाया कि सर्वे पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा और बाढ़ से प्रभावित लोग लाभार्थियों की विस्तृत सूची देख सकेंगे। जिन लोगों का नाम शुरू में छूट जाएगा, उन्हें सर्वे पूरा होने के बाद भी सूची में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उन इलाकों में 'मुख्यमंत्री राहत कोष' का इस्तेमाल करके हाउसिंग कॉलोनी बनाने की योजना का भी संकेत दिया, जहाँ बाढ़ से घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। उन्होंने बाढ़ से हुए नुकसान के लिए इंश्योरेंस से मुआवज़ा पाने के हकदार लोगों से अपने क्लेम फाइल करने को कहा और बैंक लोन चुकाने में छह महीने की मोहलत या समय बढ़ाने के लिए 30 अगस्त तक आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्कूलों को फिर से चालू करने की कोशिशें चल रही हैं और सरकार का लक्ष्य 15 अगस्त तक पढ़ाई-लिखाई की गतिविधियां शुरू करना है। इस काम में मदद के लिए 793 स्कूलों में से हर एक को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसे भी पढ़ें: Mohan Yadav ने Rahul Gandhi पर बोला हमला, संसद की कार्यवाही बाधित करने का लगाया आरोप असम की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए, सरकार पवित्र 'भादा' महीने के दौरान 'नाम प्रसंग' में मदद के लिए हर 'नामघर' को 1.50 लाख रुपये देने की योजना बना रही है। सरकार बाढ़ की स्थिति का फ़ायदा उठाकर पैसे कमाने या ऐतिहासिक रूप से एकजुट रहे असमिया समाज में फूट डालने वाली किसी भी नकारात्मक गतिविधि या टिप्पणी पर कड़ी नज़र रखेगी और उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई करेगी। मुख्यमंत्री सरमा ने बताया कि 72 यूट्यूबर ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फ़ंड इकट्ठा किया है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अगर इस फ़ंड का इस्तेमाल सच में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए किया गया है, तो सरकार उनके प्रयासों को सम्मान देगी; इसे किसी जांच के बजाय उनके काम को मान्यता देने की प्रक्रिया माना जाएगा। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
असम में बाढ़ की स्थिति को 'डरावना' बताते हुए, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने बुधवार को पड़ोसी राज्य की इस संकट से निपटने में मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। अधिकारी ने कहा कि असम में बाढ़ से 100 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, और पश्चिम बंगाल का असम के साथ 'खास आध्यात्मिक संबंध' है। अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि पड़ोसी राज्य असम में स्थिति डरावनी है। असम के साथ हमारा खास आध्यात्मिक संबंध है। मणिपुर और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने असम को मदद देने की घोषणा की है। हम भी मुख्यमंत्री राहत कोष से असम को 10 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देंगे। इसे भी पढ़ें: West Bengal Voter List से नाम हटाने पर Supreme Court सख्त, ECI से मांगा SIR Tribunals का डिस्पोजल डेटा पुनर्वास के लिए 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा की ज़रूरत हो सकती है: असम के CM इससे पहले दिन में, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ की हालिया लहर से बुरी तरह प्रभावित ज़िलों में संपत्तियों की मरम्मत और बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए कम से कम 1,000 करोड़ रुपये की ज़रूरत होगी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्वास प्रक्रिया में पूरी मदद का भरोसा दिया है। सरमा ने कहा स्थायी राहत देने के लिए 9 अगस्त को तेज़ी से राहत का आकलन करने का अभियान शुरू किया गया था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, 8,000 से ज़्यादा परिवारों का आकलन किया गया है और 150 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है। सरमा ने कहा कि यह सर्वे 30 अगस्त तक जारी रहेगा और उम्मीद है कि इसमें ऊपरी ज़िलों के 50,000-60,000 परिवार शामिल होंगे, जो हालिया बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। सरमा ने कहा मेरा मानना है कि नुकसान की मरम्मत और पुनर्वास में 1,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च होंगे। PM ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित परिवारों को भुगतान करने में कोई दिक्कत नहीं है और हमसे कहा है कि बिना किसी चूक के आकलन करें। 72 YouTubers ने फंड इकट्ठा किया प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के लिए अलग-अलग ग्रुप्स से मिले सहयोग को मानते हुए, उन्होंने कहा कि देश भर के 72 YouTubers ने इस काम के लिए फंड इकट्ठा किया है। उन्होंने कहा, उनमें से कई पहले से ही ज़मीनी स्तर पर काम कर रहे हैं और लोगों को राहत पहुँचा रहे हैं। हम इस बात पर कड़ी नज़र रख रहे हैं कि क्या वे बाढ़ से प्रभावित इलाकों के लिए पैसे खर्च कर रहे हैं। सरमा ने ऊपरी असम में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 494 आंगनवाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण के लिए 11.3 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने कहा हम चाहते हैं कि ये केंद्र जल्द से जल्द फिर से शुरू हों ताकि सभी सेवाएँ दी जा सकें। इस अभियान में कुल 494 क्षतिग्रस्त आंगनवाड़ी केंद्रों का पुनर्निर्माण किया जाएगा।
पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने असम की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। गौरतलब है कि असम में बाढ़ की वजह से काफी बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।
असम से हरियाणा ब्याहकर आईं बहुओं के वोटिंग अधिकार पर संकट है, क्योंकि एसआइआर में पुरानी पहचान साबित करने में दस्तावेजी दिक्कतें आ रही हैं।
पीजी में असम की 19 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या, कमरे से मिला लहूलुहान शव
बरौला गांव स्थित बंसल मंदिर के पास एक पीजी में असम की 19 वर्षीय युवती की बेरहमी से हत्या कर दी गई
नोएडा में बीटेक इंजीनियर ने 19 साल की लड़की की हत्या कर दी। लाश हॉस्टल में अपने कमरे में छिपा दी। फिर बाहर से ताला लगाकर भाग गया। 2 दिन बाद बदबू आने पर मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कमरे का ताला तोड़कर देखा, तो अंदर लाश पड़ी थी। उसके शरीर पर धारदार हथियार से कई बार हमला किया गया था। लड़की अपनी सहेली के साथ पेइंग गेस्ट (PG) में रह रही थी। वहीं, आरोपी बिहार का रहने वाला है। वह एक IT कंपनी में नौकरी करता था। लेकिन, अभी वह बेरोजगार है। वह भी उसी PG में किराए पर रहता था। 8 अगस्त को युवक से लड़की का कुछ झगड़ा हो गया था। वारदात सेक्टर-49 थाना क्षेत्र के बरौला गांव की है। पुलिस ने मंगलवार को वारदात का खुलासा किया। घरवालों को बिना बताए नोएडा आई थी लड़की मूलरूप से असम के डिब्रूगढ़ की रहने महक अहमद (19) ने 12वीं तक पढ़ाई की थी। करीब तीन सप्ताह पहले वह अपने माता-पिता को बिना बताए नोएडा आ गई थी। यहां वह अपनी सहेली संजना के साथ बरौला गांव स्थित पीजी में रह रही थी। संजना भी असम की रहने वाली है। उसकी उम्र 18 साल है। उसने अभी 12वीं की पढ़ाई भी पूरी नहीं की है। दोनों लड़कियां तीन मंजिला मकान की पहली मंजिल पर रहती थीं और कॉल सेंटर में जॉब करती थीं। इसी मंजिल पर बिहार के कटिहार में रहने वाले रमन का कमरा भी था। आरोपी ने B.Tech किया है, IT कंपनी में काम करता था 8 अगस्त को संजना किसी काम से 2 दिन के लिए बाहर चली गई। रात में महक कमरे के बाहर लॉबी में टहल रही थी। इसी दौरान रमन अपने कमरे के बाहर बैठकर शराब पी रहा था। किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। 10 अगस्त को संजना लौटी, तो महक कमरे में नहीं मिली। उसने महक से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल बंद था। काफी तलाश के बाद भी उसका कुछ पता नहीं चला। इसके कुछ घंटे बाद ही मकान में रहने वाले लोगों को रमन के कमरे से बदबू आने लगी। कमरे में बाहर से ताला लगा था और रमन वहां नहीं था। बदबू बढ़ने पर किराएदारों को शक हुआ। उन्होंने यह बात मकान मालिक सार्थक बंसल को बताई। पुलिस ने ताला खुलवाकर देखा, तो महक की लाश मिली मकान मालिक ने 10 अगस्त की दोपहर करीब 12 बजे डायल-112 पर सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खुलवाकर अंदर घुसी। कमरे के अंदर महक का शव लहूलुहान हालत में पड़ा था। उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। ऐसा लग रहा था कि लड़की पर धारदार हथियार से कई वार किए गए थे। फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य, मोबाइल भी जांच के लिए भेजा पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने कमरे और उसके आसपास की जांच की। पुलिस ने महक का मोबाइल मोबाइल फोन भी जांच के लिए भेजा है। कॉल डिटेल, चैट और अन्य गतिविधियों की जांच की जा रही है। जिससे यह पता चल सके कि घटना से पहले महक किन लोगों के संपर्क में थी? साथ ही पुलिस मकान में रहने वाले अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है। आरोपी रमन की तलाश के साथ उसकी गतिविधियों और महक के साथ हुए झगड़े से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। एडीसीपी मनीषा सिंह ने बताया- लड़की के घरवालों को जानकारी दी गई है। अभी तक हत्या की सही वजह साफ नहीं हुई है। 8 अगस्त की रात महक और रमन के बीच हुई कहासुनी हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत का कारण, वार का तरीका और हत्या के समय से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा। -------------------------- यह खबर भी पढ़िए- अतीक के करीबियों ने टोल गेट तोड़ा, दबंगई का CCTV, प्रयागराज में उमर के काफिले की गाड़ियों ने पुलिसवालों को कुचलना चाहा माफिया अतीक अहमद के बड़े बेटे उमर से जुड़ा एक और विवाद सुर्खियों में है। उमर के करीबियों ने टोल प्लाजा पर दबंगई और गुंडई दिखाई, जिसका CCTV सामने आया है। असल में अतीक के छोटे बेटे अबान की मौत के बाद सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए लखनऊ जेल से उमर को प्रयागराज लाया जा रहा था। पढ़ें पूरी खबर…
भास्कर अपडेट्स:अरुणाचल सीमा पर फायरिंग में असम के 12 लोग घायल, जमीन कब्जे पर विवाद
असम के धीमाजी जिले में सोमवार सुबह अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास फायरिंग में 12 लोग घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, जमीन पर कब्जे के विवाद के बाद यह घटना हुई। घटना गेरुकामुख थाने के गोगामुख राजस्व सर्किल में असम-अरुणाचल सीमा पर स्थित मिंगमंग बस्ती में हुई। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सीमा पार से आए लोगों ने असम के ग्रामीणों को निशाना बनाकर अंधाधुंध फायरिंग की। घायलों को पहले गोगामुख ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से 7 लोगों को गंभीर हालत में धीमाजी सिविल अस्पताल भेजा गया, जबकि गंभीर रूप से घायल 4 लोगों को बेहतर इलाज के लिए असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर किया गया। आज की अन्य बड़ी खबरें… दीपके ने गांवों के स्कूल सुधार अभियान का ऐलान किया, 15 अगस्त से सरपंचों को जोड़ने की अपील कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने गांवों के सरकारी स्कूलों की सुविधाएं सुधारने के लिए देशव्यापी अभियान का ऐलान किया है। यह अभियान 15 अगस्त से शुरू होगा। उन्होंने ने अभिभावकों से स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं का सोशल ऑडिट करने और सरपंचों से सरकारी स्कूलों को सुधारने की जिम्मेदारी उठाने की अपील की। दीपके ने वीडियो जारी कर कहा कि वह महाराष्ट्र के अपने गांव हिंगोली से इस अभियान की शुरुआत करेंगे। अमेरिकी राजदूत ने विदेश सचिव मिश्री से मुलाकात की सोमवार को भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने विदेश सचिव विक्रम मिश्री से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने शिवसेना के राज्यसभा सांसद मिलिंद देवड़ा से भी अलग बैठक की। दोनों बैठकों में भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार और निवेश पर चर्चा हुई। गोर ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर दोनों मुलाकातों की जानकारी साझा की। असम सरकार साइंस सिटी के लिए 100 करोड़ देगी, सीएम बोले- मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कामरूप मेट्रो जिले के सोनापुर स्थित गुवाहाटी साइंस सिटी का दौरा किया। उन्होंने केंद्र में चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में साइंस सिटी के विकास के अगले चरण के लिए तय कामों की प्रगति की जानकारी ली गई। मुख्यमंत्री ने मीडिया से कहा कि साइंस सिटी का औपचारिक उद्घाटन पांच महीने पहले हुआ था। साइंस सिटी को लोगों के लिए ज्यादा आकर्षक और उपयोगी बनाने के लिए 100 करोड़ रुपए अतिरिक्त देगी।
बाप-बेटी की दर्दनाक मौत पर कोहराम, दो थाना इलाकों में मिले शव; असम राइफल्स जवान थे पिता
नहर में बाइक गिरने से आसाम राइफल्स के जवान राम प्रकाश राम और उनकी 17 वर्षीय बेटी सोनाली कुमारी दोनों डूब गए। दोनों की लाशें अलग-अलग थाना इलाकों में मिलीं।
छत्तीसगढ़ सरकार असम में आई भीषण बाढ़ के पीड़ितों को 5 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने यह घोषणा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ संकट की इस घड़ी में असम के लोगों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री साय ने असम में बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आपदा में सैकड़ों लोगों की जान गई है, जो अत्यंत दुखद है। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति व्यक्त की। इस प्राकृतिक आपदा के कठिन समय में असम के लोगों के साथ पूरा देश खड़ा है। मल्लिकार्जुन खड़गे के एफसीआरए बयान पर भी प्रतिक्रिया इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एफसीआरए संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब मुद्दाविहीन हो गई है और इसी वजह से ऐसे विषयों पर राजनीति कर रही है। किसी भी नेता पर हमला गलत पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए हमले के सवाल पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसी भी नेता पर हमला गलत है। उन्होंने जोर दिया कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि या नेता के साथ हिंसा स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
Sonipat News: असम से किशोरी को खरीदकर लाए थे दंपती, मौत के बाद गाड़ दिया था शव
Couple had bought a teenage girl from Assam; buried her body after her death.
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
रणदीप हुड्डा बाढ़ त्रासदी के बीच असम पहुंचे, ग्लोबल सिख्स के राहत अभियान में हुए शामिल
Randeep Hooda Assam: अभिनेता, फिल्म निर्माता और समाजसेवी रणदीप हुड्डा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा से प्रभावित लोगों की मदद के लिए आगे आए हैं। इस बार वह बाढ़ से प्रभावित असम पहुंचे, जहां उन्होंने राहत कार्यों में खुद हिस्सा लिया।
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

