देश की कर आमदनी के मोर्चे पर अगस्त का महीना मजबूत रहा है। सरकार की ओर से 1 सितंबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में सकल वस्तु एवं सेवा कर संग्रह सालाना आधार पर 15 फीसदी बढ़कर 1.998 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले साल अगस्त में यह आंकड़ा 1.74 लाख करोड़ रुपये था। इसके साथ ही लगातार तीसरे महीने जीएसटी संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज हुई है। मौजूद जानकारी के अनुसार जुलाई में जीएसटी संग्रह 15.4 फीसदी और जून में 13.9 फीसदी बढ़ा था। अगस्त की वृद्धि में सबसे बड़ा योगदान आयात से मिलने वाले कर का रहा है। आयात पर सकल जीएसटी संग्रह 29 फीसदी बढ़कर 62,604 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी महीने में 48,546 करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले घरेलू स्रोतों से मिलने वाला सकल जीएसटी 9.3 फीसदी बढ़कर 1.37 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले वर्ष अगस्त में घरेलू संग्रह 1.26 लाख करोड़ रुपये था। आंकड़ों से साफ है कि आयात से जुड़े कर में तेज बढ़ोतरी ने कुल जीएसटी संग्रह को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई है। हालांकि सकल संग्रह की तुलना में शुद्ध जीएसटी की वृद्धि कुछ धीमी रही है। इसकी मुख्य वजह रिफंड में हुई भारी बढ़ोतरी है। अगस्त में कुल रिफंड 67.9 फीसदी बढ़कर 31,795 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि एक साल पहले यह 18,935 करोड़ रुपये था। घरेलू रिफंड में 72.6 फीसदी और निर्यात से जुड़े रिफंड में 61.8 फीसदी की वृद्धि हुई है। रिफंड के बाद अगस्त में शुद्ध जीएसटी संग्रह 8.3 फीसदी बढ़कर 1.68 लाख करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अगस्त में यह 1.55 लाख करोड़ रुपये था। शुद्ध घरेलू राजस्व में केवल 3.4 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1.19 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं सीमा शुल्क से जुड़े जीएसटी संग्रह में 22.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 49,299 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। बता दें कि वित्त वर्ष 2026-27 के शुरुआती पांच महीनों यानी अप्रैल से अगस्त के दौरान भी जीएसटी संग्रह में अच्छी वृद्धि रही है। इस अवधि में सकल संग्रह 11 फीसदी बढ़कर 10.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 9.40 लाख करोड़ रुपये था। इस दौरान घरेलू सकल राजस्व 5.3 फीसदी बढ़ा, जबकि आयात से होने वाला संग्रह 27.3 फीसदी बढ़ा है। अप्रैल से अगस्त के बीच शुद्ध जीएसटी संग्रह 9 फीसदी बढ़कर 8.90 लाख करोड़ रुपये रहा। इस अवधि में कुल रिफंड भी 23.8 फीसदी बढ़कर 1.53 लाख करोड़ रुपये हो गया है। यानी कर संग्रह बढ़ने के साथ रिफंड का दबाव भी बढ़ा है। राज्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश ने अगस्त में घरेलू जीएसटी संग्रह में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की है। तेलंगाना 16 फीसदी, गुजरात 15 फीसदी, कर्नाटक और केरल 13-13 फीसदी तथा हरियाणा और पंजाब 12-12 फीसदी की वृद्धि के साथ आगे रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा जीएसटी योगदान देने वाले महाराष्ट्र का संग्रह 8 फीसदी बढ़कर 28,779 करोड़ रुपये रहा। दूसरी ओर तमिलनाडु में संग्रह एक फीसदी घटा। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सात-सात फीसदी की गिरावट दर्ज हुई, जबकि राजस्थान और गोवा में दो-दो फीसदी की कमी रही है। असम का आंकड़ा सबसे अलग रहा, जहां जीएसटी संग्रह में 162 फीसदी की असाधारण वृद्धि दर्ज की गई है। गौरतलब है कि जीएसटी संग्रह में लगातार हो रही वृद्धि को आर्थिक गतिविधियों, खपत और आयात से जुड़े कारोबार की स्थिति समझने के प्रमुख संकेतकों में गिना जाता है। हालांकि आने वाले महीनों में रिफंड की रफ्तार और आयात से जुड़े कर संग्रह पर नजर रहेगी, क्योंकि यही कारक शुद्ध राजस्व की वास्तविक गति को प्रभावित कर सकते हैं।
'आंखों के सामने देखी मौत', नेपाल बाढ़ के बाद असम लौटे 8 मजदूरों ने बयां किया खौफनाक मंजर
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद फंसे असम के 8 मजदूर सकुशल भारत लौट आए हैं और उन्होंने अपने भयावह अनुभव साझा किए हैं।
आईआईटी गुवाहाटी के स्थापना दिवस पर असम के सीएम ने शिक्षकों और छात्रों को दी बधाई
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मंगलवार को आईआईटी गुवाहाटी के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर संकाय, छात्रों और पूरे आईआईटी गुवाहाटी समुदाय को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और देश के विकास में संस्थान के महत्वपूर्ण योगदान को स्वीकार किया।
चार दशक में 202 मौतें... कब थमेगा असम का खूनी सीमा विवाद?
असम की सीमाओं पर दशकों से सुलग रहा विवाद स्थानिय लोगों के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है. सरकारी दस्तावेजों के आंकड़े दिखाते हैं कि इन विवादों ने अब तक कितने लोगों की जानें ली हैं.
'NHAI का सड़कों का खराब रखरखाव जिम्मेदार', सोनापुर सड़क हादसे पर बोले असम सीएम
गुवाहाटी के सोनापुर में NH-27 पर हुए भीषण सड़क हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिसके लिए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने NHAI के खराब रखरखाव को जिम्मेदार ठहराया है।
पूर्वोत्तर राज्यों के साथ सीमा विवाद में असम के 200 से अधिक लोगों ने गंवाई जान
त्रिदीप लहकरगुवाहाटी, 31 अगस्त करीब चार दशकों में सीमा विवाद को लेकर पड़ोसी राज्यों के निवासियों के साथ हुई झड़पों में असम के 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। नगालैंड, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम का असम के साथ सीमा विवाद है। इन राज्यों को 1960 और 1970 के दशक में असम से अलग करके बनाया गया था। राज्य के सीमा सुरक्षा एवं विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि सीमा निर्धारण को लेकर लंबे समय से विवादों के कारण असम की अंतरराज्यीय सीमाओं पर नियमित अंतराल पर झड़पें होती रही हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे विवादित क्षेत्रों में केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई आर्थिक गतिविधियां, जिनसे दोनों पक्षों के लोगों को लाभ मिले, लोगों की तीखी भावनाओं को शांत करने और संभावित झड़पों को रोकने में मदद कर सकती हैं। असम पुलिस के सीमा संगठन के दस्तावेजों का हवाला देते हुए अधिकारी ने बताया कि वर्ष 1989 से अब तक मेघालय, नगालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश से लगी अंतरराज्यीय सीमाओं पर हुई झड़पों में असम के कुल 202 लोगों की मौत हुई है। उन्होंने पहचान जाहिर नहीं करने का अनुरोध करते हुए कहा, ‘‘असम के वेस्ट कार्बी आंगलोंग, कार्बी आंगलोंग, गोलाघाट, कछार, जोरहाट, बिस्वनाथ, धेमाजी और कामरूप जिलों में लोगों की मौत हुई है।’’असम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा विवाद को लेकर हुई झड़पों में सबसे अधिक 142 लोगों की मौत गोलाघाट में हुई। इसके बाद कछार में 34 और बिस्वनाथ में 15 लोगों की जान गई। सीमा पर हालिया झड़पों में 10 अगस्त को धेमाजी जिले में अंतरराज्यीय सीमा के पास भूमि अतिक्रमण को लेकर अरुणाचल प्रदेश के कथित उपद्रवियों की ओर से की गई गोलीबारी में असम के कम से कम 12 लोग घायल हो गए। असम सरकार ने 29 जुलाई को राज्य विधानसभा को बताया कि उसकी करीब 83,000 हेक्टेयर जमीन पर वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मेघालय और मिजोरम का कब्जा है। असम के पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक पल्लब भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि ज्यादातर विवाद संबंधित राज्यों के लोगों को विश्वास में लिए बिना सीमाओं के गलत तरीके से निर्धारण किए जाने के कारण पैदा हुए। उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना को 2014 में आंध्र प्रदेश से अलग करके बनाया गया, लेकिन दोनों राज्यों के बीच इस तरह का कोई सीमा विवाद नहीं है। इसकी वजह यह है कि लोगों को सीमा के बारे में जानकारी दी गई थी और वे इससे सहमत थे। पूर्वोत्तर में राज्यों के गठन के समय इस तरह की पहल नहीं की गई थी।’’ऐसी जानलेवा झड़पों से बचने के लिए आगे का रास्ता पूछे जाने पर भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘आर्थिक विकास हमेशा मदद करता है। ऐसे विवादित क्षेत्रों में दोनों पक्षों के स्थानीय लोगों की भागीदारी के साथ केंद्र सरकार के नेतृत्व में आर्थिक गतिविधियां शुरू की जानी चाहिए।
नेपाल बाढ़ में फंसे असम के 8 लोग सुरक्षित निकाले गए, सीएम हिमंत ने दी जानकारी
असम के कम से कम आठ लोगों को नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ से सुरक्षित बचा लिया गया है और उन्हें वापस राज्य लाया जा रहा है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने यह जानकारी दी। शर्मा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि राज्य सरकार अन्य लापता लोगों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने अभी असम के उन आठ लोगों से बात की है, जिन्हें नेपाल में सुरक्षित बचा लिया गया है।’’उन्होंने बताया कि बचाए गए लोगों में पंकज वर्मा, समर बेजबरुआ, गौतम दास, गोपाल देबनाथ, सोनेश्वर नरजारी, सरबिसन मारक, सिल्वा मारक और एल्फिसन संगमा शामिल हैं। ये सभी सुरक्षित हैं और रविवार को अपने घर लौटेंगे। शर्मा ने कहा, ‘‘अन्य लोगों का पता लगाने और उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के प्रयास जारी हैं।’’इससे पहले, शनिवार को असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा था कि हिमालयी देश नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद असम के 10 लोग लापता बताए गए हैं। शर्मा ने सोशल मीडिया पोस्ट में जिन लोगों के नाम सुरक्षित बचाए जाने के रूप में बताए थे, वे एएसडीएमए द्वारा साझा की गई लापता लोगों की सूची में शामिल नहीं थे। एएसडीएमए की सूची के अनुसार लापता लोगों में डॉ. दीपाली सरकार, पंकज नियोग, मानस कुमार घोष, ऋतुपर्ण ब्रह्मा, मंत्री बसुमतारी, सोमेश्वर नरजारी, अरुण नाथ, डॉ. तीर्थ चालीहा, राहुल दैमरी और शतदल नाथ शामिल हैं। इनमें से तीन-तीन लोग कामरूप मेट्रोपोलिटन और कार्बी आंगलोंग जिलों के हैं, जबकि दो लोग नलबाड़ी तथा एक-एक व्यक्ति गोलाघाट और होजाई जिलों से हैं। इससे पहले एएसडीएमए ने बताया था कि नेपाल में आई बाढ़ में असम के 12 लोग लापता हैं। बाद में प्राधिकरण ने कहा कि नलबाड़ी के दो लोगों के परिवारों ने उनके सुरक्षित होने की पुष्टि की है। नेपाल में आई आकस्मिक बाढ़ में मरने वालों की संख्या रविवार को बढ़कर 734 हो गई। बचावकर्मी अब भी शव बरामद कर रहे हैं, जबकि करीब 2,500 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 85 सुरक्षाकर्मी और 320 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं।
मिजोरम में भारत-म्यांमा सीमा पर असम राइफल्स ने 1.87 करोड़ रुपये की हेरोइन पकड़ी
मिजोरम के चम्फाई जिले में भारत-म्यांमा सीमा के पास असम राइफल्स ने 1.87 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की हेरोइन जब्त की है। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। असम राइफल्स के प्रवक्ता ने बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी विशेष सूचना के आधार पर बल के जवानों ने शनिवार को चम्फाई जिले के जोखावथर के वांगकाई इलाके में तियाउ नदी के किनारे घात लगाकर निगरानी शुरू की थी। उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान जवानों ने एक महिला को हरे रंग का पॉलीथीन बैग लेकर नदी पार करते देखा। महिला ने नदी किनारे बैग रखने के बाद स्कूटर पर इंतजार कर रहे एक व्यक्ति को इशारा किया। अधिकारी के अनुसार, असम राइफल्स के जवानों को अपनी ओर आता देख महिला म्यांमा की तरफ भाग गई, जबकि दूसरा व्यक्ति स्कूटर लेकर फरार हो गया और बैग वहीं छोड़ गया। उन्होंने बताया कि बाद में बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 250.21 ग्राम हेरोइन बरामद हुई, जिसकी कीमत 1.87 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है। अधिकारी ने बताया कि जब्त मादक पदार्थ को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए चम्फाई के आबकारी एवं मादक पदार्थ विभाग को सौंप दिया गया है।
नॉर्थ-ईस्ट को असम में मिलेगा पहला 'स्विमिंग सेंटर ऑफ एक्सीलेंस'
गुवाहाटी, 29 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई), भारतीय बैडमिंटन संघ (बाई) और असम खेल प्राधिकरण (एसएए) के बीच शनिवार को एक त्रिपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत असम के अमिंगांव स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में तैराकी के लिए एक 'नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' (एनसीओई) स्थापित किया जाएगा।
Chandauli News: असम के राज्यपाल लक्ष्मण आचार्य ने बहन से बंधवाई राखी
Assam Governor Laxman Acharya got his sister to tie a Rakhi.
असम में आई भीषण बाढ़ के बीच बाढ़ प्रभावित बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अम्बेडकरनगर के परम फाउंडेशन ने पहल की है। संस्था की ओर से असम के शिवसागर जिले में बाढ़ प्रभावित बच्चों को पठन-पाठन की सामग्री वितरित की गई। शैक्षिक सामग्री मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। क्राउडफंडिंग से जुटाए संसाधन असम में बाढ़ से हजारों परिवार प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण जनजीवन के साथ बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हुई है। गुरुवार को परम फाउंडेशन के सदस्यों फागू व अन्य सहयोगियों ने क्राउडफंडिंग के माध्यम से सहायता राशि जुटाई। संसाधन एकत्र करने के बाद संस्था के सदस्य बाबू जी और रवि जी शिवसागर पहुंचे। बच्चों के बीच बांटी पढ़ाई की सामग्री शिवसागर जिले में फाउंडेशन के सदस्यों ने बाढ़ प्रभावित परिवारों के बच्चों से मुलाकात की और उनके बीच पठन-पाठन की सामग्री वितरित की। संस्था का कहना है कि आपदा के कारण बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसी उद्देश्य से यह सहायता पहुंचाई गई है। फाउंडेशन के सदस्यों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा किसी बच्चे की शिक्षा और उसके सपनों के रास्ते में स्थायी बाधा नहीं बननी चाहिए। शिक्षा को सामाजिक बदलाव का मजबूत माध्यम मानते हुए संस्था जरूरतमंद बच्चों तक मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है। सहयोगियों का जताया आभार परम फाउंडेशन ने अभियान में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया। संस्था ने कहा कि असम के नन्हे विद्यार्थियों के चेहरों पर मुस्कान लाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से योगदान देने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस सेवा अभियान का हिस्सा है। फाउंडेशन ने भविष्य में भी जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया।
Assam NEET UG Counselling 2026 के लिए MBBS-BDS प्रोविजनल मेरिट लिस्ट जारी हो गई है। 690 मार्क्स लाने वाले शुभ प्रसाद ने टॉप किया है।
देशभर में मौसम का कहर! असम बाढ़ में 98 मौतें, हिमाचल से पश्चिम बंगाल तक भारी बारिश का अलर्ट, जानें यूपी-बिहार का हाल
बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मानवीय सहायता पहुंचाने के बाद एक मिसाल पेश की है। राहत कार्य पूरा करने के बाद, रणदीप अपने लंबे समय से सहयोगी (हेल्पर) रहे सागर लिंबू के पैतृक गांव पहुंचे। यह गांव असम के गोलाघाट जिले के सरुपोथार क्षेत्र में स्थित है। रणदीप ने बताया कि जब वे बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए असम आए हुए थे, तब सागर ने उन्हें अपने पास के गांव के बारे में बताया, जिसके बाद उन्होंने वहां जाने का फैसला किया। इसे भी पढ़ें: 'टीआरपी चाहिए तो इंसानियत को बेच दोगे?' रियलिटी शो के घिनौने कंटेंट पर फूटा Sourabh Raaj Jain का गुस्सा दौरे के दौरान 'इंडिया टुडे NE' से बात करते हुए हुड्डा ने उस इलाके को बहुत खूबसूरत बताया और कहा कि वहाँ के लोग खुशमिजाज़, मिलनसार और मेहमाननवाज़ हैं। उन्होंने बताया कि पिछली रात वह नागालैंड के लुकुटो गाँव में रुके थे और सागर के गाँव पहुँचने पर उन्हें लगा कि यह इलाका 'सच में धरती पर स्वर्ग' जैसा है। मज़ाक-मज़ाक में उन्होंने कहा कि अब वह नॉर्थ-ईस्ट के 'दामाद' बन गए हैं, क्योंकि लोग उन्हें यही कह रहे थे कि वह जहाँ भी जा रहे हैं। हुड्डा ने कहा कि वह पहले कभी इस इलाके में नहीं आए थे और उन्हें खुशी है कि उन्होंने यहाँ आने का फ़ैसला किया। उन्होंने कहा कि उन्हें स्थानीय लोगों और सागर के परिवार (जिसमें उनके चाचा भी शामिल थे) से मिलकर खुशी हुई और उन्होंने दोहराया कि यह जगह वाकई बहुत खूबसूरत है। इसे भी पढ़ें: Musafir Cafe Season 2 Announced Netflix | 'मुसाफ़िर कैफ़े' सीज़न 2 का आधिकारिक ऐलान! क्या चंदर, सुधा और प्रीति को मिलेगा उनका सही अंजाम? स्थानीय लोगों और पत्रकारों से बातचीत के दौरान हुड्डा को बताया गया कि यह गाँव मशहूर खिलाड़ियों से जुड़ा है, जिनमें ओलंपियन बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन और एथलीट नयनमोनी सैकिया शामिल हैं। यह जानकर उन्हें हैरानी हुई कि वे यहीं पैदा हुए थे। हुड्डा ने कहा कि यह खिलाड़ियों का गाँव लगता है और उन्हें हरियाणा की याद दिलाता है, जहाँ उनके अनुसार हर गाँव में खेल-कूद का ऐसा ही माहौल होता है। यह दौरा हुड्डा के अपर असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों (जैसे शिवसागर) में जाने के बाद हुआ। वहाँ उन्होंने 'ग्लोबल सिख' नाम की मानवीय संस्था के साथ मिलकर राहत कार्यों में हिस्सा लिया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की, वॉलंटियर्स से बातचीत की और ज़रूरी सामान बाँटा। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट और नगाँव जैसे ज़िले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। सागर लिंबू के गाँव में अपनी यात्रा खत्म करते हुए हुड्डा ने वहाँ के लोगों का स्वागत के लिए शुक्रिया अदा किया और कहा कि उन्होंने उन्हें बहुत अच्छा महसूस कराया। Entertainment News Hindi Todayonly at Prabhasakshi View this post on Instagram A post shared by Global Sikhs (@theglobalsikhs) View this post on Instagram A post shared by Randeep Hooda (@randeephooda)
Devoleena Bhattacharjee On Assam Floods: इस समय भारी बारिश की वजह से असम में बाढ़ आ चुकी है और हालात काफी ज्यादा बिगड़ चुके हैं। जिसमें काफी सारे लोगों की जान भी गई है और काफी ऐसी भी लोग हैं जो
'370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार स्टेज पर लौटे Pranit More, फैंस का सपोर्ट देखकर हुए भावुक
स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे ने '370 की बिरयानी' विवाद के बाद पहली बार लाइव परफॉर्मेंस दी। लंबे समय बाद स्टेज पर लौटे प्रणित अपने फैंस का प्यार देखकर भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें इतनी मुश्किलों के बाद भी लोगों से इतना सपोर्ट मिलने की उम्मीद नहीं थी। स्टेज पर फैंस का किया धन्यवाद लाइव शो के दौरान प्रणित मोरे ने दर्शकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, जब मैं स्टेज पर आया और आप लोगों ने मेरा स्वागत किया, तब मेरे मन में यही सवाल था कि क्या लोग मुझे फिर से स्वीकार करेंगे? लेकिन आप सभी ने जिस तरह मेरा साथ दिया, उसके लिए मैं दिल से आपका शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने कभी स्टैंडअप कॉमेडी सिर्फ पैसे या शोहरत के लिए नहीं शुरू की थी। उनका मकसद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाना था। प्रणित ने कहा, मैं नौकरी के साथ स्टैंडअप करता था क्योंकि इससे मुझे खुशी मिलती थी। हमेशा यही चाहता था कि मेरी वजह से दूसरे लोगों को भी खुशी मिले। जब ऐसा नहीं होता तो दुख जरूर होता है। इसे भी पढ़ें: Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना मां की बात ने बढ़ाया हौसला शो के दौरान प्रणित ने अपनी मां की कही बात भी साझा की। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनसे कहा, गलती सबसे होती है। अगर तुमने अपनी गलती मान ली है और माफी भी मांग ली है, तो आगे बढ़ो। अगर किसी को लगता है कि उसने कभी गलती नहीं की, तो वह बता दे। प्रणित ने कहा कि उनकी मां की इन बातों ने उन्हें हिम्मत दी और फिर से स्टेज पर लौटने का भरोसा भी दिया। क्यों हुआ था विवाद? कुछ समय पहले प्रणित मोरे के एक स्टैंडअप शो का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसमें एक लड़के द्वारा '370 की बिरयानी' के बदले एक लड़की से सेक्सुअल फेवर मांगने वाली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ा और उन्होंने माफी भी मांगी थी। इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर वीडियो हो रहा वायरल अब विवाद के बाद प्रणित मोरे की पहली लाइव परफॉर्मेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह भावुक होकर अपने फैंस का धन्यवाद करते नजर आ रहे हैं। उनके इस अंदाज पर सोशल मीडिया पर कई लोग उनका समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ यूजर्स अभी भी इस पूरे विवाद पर अपनी अलग-अलग राय दे रहे हैं। This Clip Is from his Georgia Show (14th June) #PranitMore pic.twitter.com/NtTHGUhkB0 — Supreme (@DarshanShi67146) July 30, 2026
विचार: असम की भूमि को लीलती बाढ़
आने वाले दिनों में कम समय में अत्यधिक और तेज बरसात होना ही है। ऐसे में असम के अस्तित्व को बचाने के लिए उसके तटों की सुरक्षा के लिए दूरगामी योजना अनिवार्य है, जो यहां के जल और जन दोनों को बचा सके।
Global Sikhs के साथ मिलकर Assam में राहत कार्य कर रहे हैं Randeep Hooda, गुरुद्वारे में की प्रार्थना
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा इस समय असम के शिवसागर जिले में हैं। वह एक एनजीओ के जरिए बाढ़ से परेशान लोगों तक राहत सामग्री पहुंचाने के काम में हिस्सा ले रहे हैं। शनिवार को रणदीप ने 'ग्लोबल सिखों' संस्था के साथ मिलकर बाढ़ से प्रभावित लोगों को राशन और बाकी जरूरी सामान बांटा। आपको बता दें कि असम में बाढ़ की वजह से अब तक 82 लोगों की जान जा चुकी है और लाखों लोग बेघर हो चुके हैं। पानी भरा रहा तो बीमारियां फैलने का डर रविवार को शिवसागर में राहत काम के दौरान रणदीप हुड्डा ने बताया कि इलाके में पानी अभी भी बहुत गहरा है। बाढ़ आए 10 दिन हो चुके हैं, लेकिन कई परिवार अभी भी पानी में फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया, 'हमने जरूरी सामान बांटा है। दूर-दराज के इलाकों में लोग काफी परेशान हैं। कई घरों में कीचड़ भर गया है और अगर पानी जल्द नहीं निकला, तो बीमारियां फैलने का बड़ा खतरा है।' उन्होंने आगे बताया कि 'ग्लोबल सिखों' की टीम हफ्ते भर से यहां काम कर रही है। जिन लोगों के बर्तन और जरूरी चीजें बह गई हैं, उन्हें वे सामान पहुंचाए जा रहे हैं। #WATCH | Sivasagar, Assam: On flood relief work, Actor, Randeep Hooda says, ... The water is still very deep. It has been 10 days since the flood, but many families are still stranded in the water in several places. We distributed essential items and returned. Many people in… pic.twitter.com/ZBAwYZ8nfl — ANI (@ANI) August 2, 2026 इसे भी पढ़ें: Viral Post: जान्हवी कपूर ने बॉयफ्रेंड Shikhar Pahariya संग शेयर की रोमांटिक तस्वीरें, Family के साथ आए नजर रेलवे स्टेशन पर बांटी राहत सामग्री शनिवार को रणदीप हुड्डा ने शिवसागर रेलवे स्टेशन पर रह रहे बेघर लोगों को जरूरत का सामान दिया। इसके बाद उन्होंने शिवसागर के गुरुद्वारा साहिब जाकर असम के लोगों की सलामती और भलाई के लिए प्रार्थना भी की। इसे भी पढ़ें: Naseeruddin Shah ने Lifetime Achievement Award ठुकराने की बताई वजह, कहा- अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ इंसानियत सबसे ऊपर है रेलवे स्टेशन पर लंगर का खाना बांटते हुए रणदीप हुड्डा ने मीडिया से कहा कि पास के इलाकों से कई परेशान परिवार यहां आकर ठहरे हुए हैं। वे लोग खाना बनाकर पिछले सात दिनों से हर रोज यहां ला रहे हैं। रणदीप ने कहा, 'इंसानियत सबसे ऊपर है। मैं काफी समय से 'ग्लोबल सिखों' की टीम के साथ काम कर रहा हूं और उनका काम बहुत बेहतरीन है। मैं सभी लोगों से अपील करता हूं कि वे जरूरत मंदों की मदद के लिए आगे आएं। एक इंसान होने के नाते दूसरों की मदद करना हमारा फर्ज है।'
इस साल अलग क्यों है असम की बाढ़
पूर्वोत्तर राज्य असम एक बार फिर भयावह बाढ़ की चपेट में है. तीन सबसे सुरक्षित समझे जाने वाले जिले पहली बार इसकी चपेट में आए हैं. इससे मौसम विज्ञानियों और पर्यावरणविदों की चिंता बढ़ गई है
फैक्ट चेक: असम में आई बाढ़ से जोड़कर AI जनरेटेड और असंबंधित वीडियो हो रहे वायरल
बूम ने पाया वायरल हो रहा एक वीडियो AI की मदद से क्रिएट किया गया है, वहीं दूसरा वीडियो Simran SK नाम की एक क्रिएटर द्वारा बनाया गया नाटकीय वीडियो है.
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
कौन हैं असम की अर्चिता फुकन? अमेरिकी एडल्ड स्टार संग तस्वीर शेयर करके मचाई सनसनी
असम की रहने वाली अर्चिता फुकन इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। बीते दिनों अर्चिता ने एक अमेरिकी एडल्ड स्टार केंड्रा लस्ट के साथ तस्वीर शेयर की थी, जो देखते ही देखते वायरल हो गई। इसके बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर अर्चिका फुकन है कौन? ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

