मानहानि के मामले में कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश
कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा गुरुवार को असम पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश हुए। यह पेशी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर मानहानि के एक मामले के सिलसिले में हुई।
झारखंड के चतरा में गोली लगने से जान गंवाने वाले बक्सर के पुराना भोजपुर निवासी पूर्व असम राइफल्स जवान अतुल कुमार सैनी का पार्थिव शरीर बुधवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। एंबुलेंस दरवाजे पर रुकते ही परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। पति का पार्थिव शरीर देखते ही पत्नी निक्की देवी खुद को संभाल नहीं सकीं। वह शव से लिपटकर लगातार रोती रहीं और बार-बार कहती रहीं, बिट्टू... मुझे छोड़कर नहीं जा सकते... उठिए, देखिए मैं आ गई हूं... हमारी बेटी को किसके सहारे छोड़ गए... अब हम कैसे जिएंगे? पत्नी की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं। अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब मृतक के पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी, बड़े भाई अमन सैनी, छोटे भाई अक्षय कुमार और बहन साक्षी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल था। घर के आंगन में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम थीं। परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। शव गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही पुराना भोजपुर समेत आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। गांव की गलियां लोगों से भर गईं। कई लोग अपने घरों की छतों, खिड़कियों और दीवारों पर खड़े होकर अतुल की अंतिम झलक पाने का प्रयास करते दिखे। अंतिम यात्रा में भी भारी जनसैलाब उमड़ा और पूरे गांव ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। 3 साल पहले यूपी की लड़की से हुई थी शादी अतुल कुमार सैनी एक शिक्षित और सम्मानित परिवार से थे। उनके पिता लक्ष्मण प्रसाद सैनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में कार्यरत हैं। उनकी माता स्वर्गीय उषा देवी वर्ष 2006 से 2011 तक पुराना भोजपुर पंचायत की सरपंच रह चुकी थीं। अतुल चार भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर थे। करीब तीन वर्ष पहले उनकी शादी उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के सहतवार निवासी निक्की कुमारी से हुई थी। उनकी डेढ़ वर्ष की एक बेटी माही कुमारी है। अतुल अपनी पत्नी और बेटी के साथ गया के एपी कॉलोनी में किराये के मकान में रहते थे। डेढ़ वर्ष की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठा ग्रामीणों ने बताया कि अतुल कुमार सैनी सरल, मिलनसार और अनुशासित स्वभाव के व्यक्ति थे। असम राइफल्स में सेवा देने के बाद भी उन्होंने अपने व्यवहार और कर्मठता से लोगों का दिल जीता था। उनकी असमय मौत से पूरे इलाके में शोक की लहर है। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे अधिक पीड़ा इस बात की है कि डेढ़ वर्ष की मासूम बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया। लोगों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए हत्यारोपित को जल्द से जल्द कठोर सजा दिलाने की मांग की। वहीं पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हत्या के कारणों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। विनीत यादव के निजी सुरक्षा गार्ड थे अतुल कुमार सैनी कुछ साल पहले असम राइफल्स की नौकरी छोड़ चुके थे। इसके बाद वह गया जिले के बेलागंज विधानसभा क्षेत्र की विधायिका मनोरमा देवी के बेटे रॉकी यादव उर्फ विनीत यादव के निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत थे। 21 जुलाई मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे रॉकी यादव किसी कार्य से चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नाथवानी से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचे थे। इस दौरान उनके दोनों निजी सुरक्षा गार्ड अतुल कुमार सैनी और बलविंदर सिंह आवास के बाहर वाहन के पास मौजूद थे। खैनी मांगने को लेकर हुई कहासुनी बताया जा रहा है कि इसी दौरान दोनों के बीच खैनी मांगने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि बलविंदर सिंह ने अपना हथियार निकालकर अतुल कुमार सैनी पर गोली चला दी। गोली लगते ही अतुल मौके पर गिर पड़े और उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। गोली चलने की आवाज सुनते ही एसपी आवास पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और तत्परता दिखाते हुए आरोपी बलविंदर सिंह को हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया ।
ऑनलाइन ठगी के मामलों की जांच में सुस्ती पर मप्र हाई कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। जबलपुर निवासी 70 वर्षीय चैताली मित्रा से 6.25 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में सुनवाई करते हुए जस्टिस हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने कहा कि साइबर अपराधी चंद मिनटों में लोगों की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं, जबकि पुलिस की कार्रवाई घोंघे की रफ्तार से चल रही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने वेब सीरीज ‘प्रीतम और पेड्रो’ का जिक्र करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि तकनीकी विशेषज्ञता और पुलिसिंग को एक मंच पर लाकर साइबर अपराधों पर कार्रवाई की जाए। अदालत ने केंद्र, बैंकों और जांच एजेंसियों को साइबर ठगी से जुड़े मामलों के लिए केंद्रीकृत तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए। अदालत मित्र अधिवक्ता आयुष तिवारी ने बैंकों की लापरवाही का मुद्दा उठाया, जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया। आरोपी को 11 दिन में पकड़ने पर असम पुलिस की तारीफहाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल, झारखंड और असम के डीजीपी को 31 जुलाई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने के निर्देश दिए हैं। जबलपुर एसपी को अनिवार्य रूप से पेश होने के आदेश दिए। कोर्ट ने पूर्व आदेश के बावजूद अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई। मुख्य आरोपी को महज 11 दिनों में गिरफ्तार कर मप्र पुलिस को सौंपने के लिए असम पुलिस की सराहना भी की।
अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत 4 साल की सेवा पूरी करके बाहर निकलने वाले पूर्व अग्निवीरों (Ex-Agniveers) के करियर और रोजगार को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। गृह मंत्रालय (MHA) के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF - जैसे BSF, CRPF, CISF, ITBP, SSB) और असम राइफल्स में होने वाली भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को प्राथमिकता देने और 50 प्रतिशत तक आरक्षण व विशेषाधिकार देने की दिशा में संशोधन किए गए हैं। सरकार के इस कदम से 4 साल बाद सेना से सेवानिवृत्त होने वाले युवाओं को एक सुरक्षित और स्थायी करियर विकल्प मिलेगा।उम्र सीमा में छूट: पहले बैच और सामान्य बैच के लिए अलग नियमपूर्व अग्निवीरों के लिए CAPF कांस्टेबल भर्तियों में आयु सीमा (Age Limit) को लेकर भी बड़ा ढील दिया गया है:प्रथम बैच के अग्निवीर: अग्निपथ योजना के पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में अधिकतम 5 वर्ष की छूट दी जाएगी।भविष्य के बैच के अग्निवीर: पहले बैच के बाद आने वाले सभी अग्निवीरों को आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट का लाभ मिलता रहेगा।इस छूट के कारण, जो अग्निवीर 4 साल की सेवा के बाद बाहर आएंगे, वे बिना किसी परेशानी के CAPF भर्तियों में आवेदन कर सकेंगे।शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से मिलेगी पूरी तरह छूटपूर्व अग्निवीरों के लिए एक और बड़ी राहत यह है कि उन्हें CAPF और असम राइफल्स में कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) भर्ती के दौरान शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test - PET) देने की आवश्यकता नहीं होगी। चूंकि अग्निवीर पहले ही भारतीय थल सेना, नौसेना या वायुसेना में कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें शारीरिक रूप से फिट माना जाएगा और वे सीधे लिखित परीक्षा और अन्य चयन प्रक्रियाओं में भाग ले सकेंगे।देश के प्रमुख अर्धसैनिक बलों ने तैयार किया स्पेशल ब्लूप्रिंटसीआईएसएफ (CISF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), और सीआरपीएफ (CRPF) जैसे प्रमुख अर्धसैनिक बलों के महानिदेशकों ने स्पष्ट किया है कि उनके यहां निकलने वाली कांस्टेबल भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों के लिए सीटें आरक्षित रखी जाएंगी। इस फैसले से न केवल युवाओं का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि अर्धसैनिक बलों को पहले से ही प्रशिक्षित, अनुशासित और अनुभवी जवान मिलेंगे, जिससे बलों की दक्षता और परिचालन क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा।
सरकारी रिकॉर्ड में जो मशीन जोधपुर के बिलाड़ा कार्यालय में ‘सीलपैक’ थी, वह आधी रात फर्जी आधार स्लिप जनरेट कर रही थी। जो मशीन असम के सुदूर इलाकों के लिए अलॉट थी, वह राजस्थान के ओसियां में अवैध कैंप में बच्चों की उम्र बदल रही थी। जिस व्यक्ति को राजस्थान के एक अस्पताल ने ‘मृत’ घोषित कर दिया था, वह उसी वक्त एमपी में कार फाइनेंस करवा रहा था। भास्कर पड़ताल में आया कि यूआईडीएआई में भी गिरोह ने सेंध लगा दी। गिरोह ने जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा कर आरटीई में एडमिशन दिला दिया। बुजुर्ग पेंशन को लेकर भी आयु में हेरफेर कर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाया। फर्जी दस्तावेज बनाने में कमाई के साथ उपयोग कर गिरोह ने करोड़ों कमाए। लोहावट थाना (केस 93/2026) और मतोड़ा थाना (केस 65/2026) दर्ज हैं। मृत विजय के नाम कार फाइनेंस को लेकर आरटीओ जोधपुर ने एमपी के डीलर और एचडीएफसी बैंक को दस्तावेजों के साथ तलब किया है। बच्चों के जन्मतिथि में हेरफेर, RTE में दाखिले असम की इन बाईपास मशीनों का इस्तेमाल राजकीय डिजिटल रिकॉर्ड में हेरफेर करके जन्मतिथियां बदलने में भी हो रहा था। गैंग बच्चों के असली जन्म प्रमाण पत्रों को गायब कर देती थी। बालक महेश की जन्म तिथि 10 मार्च 2018 (जन आधार आईडी- 5082305486) की उम्र 2 साल कर दी गई। अफसाना नाम के दो फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए यह गिरोह पहचान पोर्टल पर मौजूद वास्तविक नागरिकों के क्यूआर कोड चुराता था। पोर्टल पर पंजीकरण संख्या 08133008410008700072/2025 में ‘झनकारी’ पुत्री किशना राम के नाम पर पंजीकृत थी। गिरोह ने बारकोड के डेटा को एडिट किया ‘अफसाना खातून’ के नाम से दो जन्म प्रमाण पत्र बनाए। सरकारी सिस्टम को चुनौती और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाली गैंग की पूरी कहानी कर्मी की आईडी हैक कर व्यक्ति के दो मृत्यु प्रमाणपत्र बना दिए असम से राजस्थान तक सीलपैक मशीनों का अवैध नेटवर्क बनाया एमपी में शोरूम, जोधपुर में बैंक से ‘मुर्दे’ के नाम कार फाइनेंस मुख्य सूत्रधार पकड़ से दूर जिम्मेदार बोले-हमारे पास डेटा नहीं, जांच की जा रही हमने इस मामले में निदेशालय और गुजरात इंफोटेक कंपनी को अवगत करा दिया है। वे ही इसकी जांच करेंगे। हमारे पास न तो डेटा है और न ही संसाधन।-रावताराम, उप निदेशक, महिला एवं बाल विकास विभाग, जोधपुर डॉक्टर के फर्जी हस्ताक्षर से मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के मामले में जांच चल रही है। आरोपियों का पता लगा रहे हैं। इसमें पहले लोग नामजद नहीं थे, इसलिए अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था।’-हरीसिंह राजपुरोहित, केस के आईओ
सिंगर जुबीन गर्ग की मौत का सच गहराया, असम सरकार ने जांच के लिए गठित की एसआईटी
फेमस असमिया और बॉलीवुड सिंगर जुबीन गर्ग के अचानक निधन से उनके फैंस के बीच शोक की लहर है। जुबीन गर्ग का 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में स्कूबा डाइविंग के दौरान निधन हो गया था। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने राज्य के डीजीपी से जुबीन गर्ग ...
घर पर ताला लगाकर गायब हुए रणवीर अल्लाहबादिया, खाली हाथ लौटी मुंबई और असम पुलिस!
कॉमेडियन समय रैना के शो 'इंडियाज गॉट लेटेंट' में माता-पिता पर भद्दा कमेंट करके यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया मुश्किलों में घिर चुके हैं। देश के कई राज्यों में रणवीर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वहीं यह मामला संसद तक उठ चुका है। अब खबर आ रही है कि ...
Ramen Baruah missing : मनोरंजन जगत से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। असम के प्रख्यात गायक, संगीतकार और निर्देशक रमन बरुआ तीन दिन से लापता हैं। रमन बरुआ बीते सोमवार गुवाहाटी के लतासिल इलाके में अपने घर से पास के मंदिर में दर्शन करने के लिए ...

