भोपाल एम्स में एक महिला ने बताया कि उनके पति ओरल कैंसर से पीड़ित हैं। डॉक्टर के मुताबिक तंबाकू खाने से ये हुआ है। अब कैंसर तीसरी स्टेज पर है और ऑपरेशन के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। समझ नहीं आ रहा पैसे कहां से आएंगे। घर में वो अकेले कमाने वाले थे। इस तंबाकू ने मेरा पूरा परिवार बर्बाद कर दिया है। घर में खाने तक को पैसा नही हैं। रिश्तेदार को भरोसे बच्चों को छोड़ा है। ये सिर्फ एक कहानी नहीं है ये एक छोटे से शौक से शुरू होने वाला वो खौफनाक सफर है जिसका अंत जानलेवा होता है। तंबाकू सिर्फ व्यक्ति को नहीं उसके पूरे परिवार को खत्म कर देता है। चौकाने वाली बात तो ये है कि ये जानते हुए कि यह जानलेवा है लोग इसका सेवन कर रहे हैं। अगर, मध्यप्रदेश की बात करें तो मई 2026 में आई राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) 2023-24 की रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश में 15 साल से अधिक आयु के 47.7% पुरुष और 11.6% महिलाएं किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करती हैं। यानी प्रदेश में हर 10 में से लगभग 5 पुरुष तंबाकू की लत के शिकार हैं। राष्ट्रीय औसत से काफी पीछे मध्यप्रदेश NFHS-6 के अनुसार मध्यप्रदेश में पुरुषों में तंबाकू सेवन की दर 47.7% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 36.3% है। यानी प्रदेश देश के औसत से 11.4 प्रतिशत अंक पीछे है। महिलाओं में भी स्थिति बेहतर नहीं है। प्रदेश में 11.6% महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं, जबकि राष्ट्रीय औसत 8.4% है। यह अंतर बताता है कि तंबाकू नियंत्रण अभियान के बावजूद प्रदेश में लत कम होने के बजाय बढ़ी है। एमपी में बढ़ा सेवन रिपोर्ट के मुताबिक जहां एक ओर देश में तंबाकू सेवन कम हुआ है, वहीं मध्यप्रदेश में यह बढ़ रहा है। पुरुषों में तंबाकू सेवन NFHS-5 के 46.4% से बढ़कर 47.7% हो गया है। महिलाओं में यह आंकड़ा 10.3% से बढ़कर 11.6% पहुंच गया। इसके विपरीत राष्ट्रीय स्तर पर पुरुषों में तंबाकू सेवन 38% से घटकर 36.3% और महिलाओं में 8.9% से घटकर 8.4% हो गया। बिहार, झारखंड और असम ने सुधारी स्थिति रिपोर्ट बताती है कि कई ऐसे भी राज्य हैं जहां NFHS 5 में तंबाकू का सेवन करने वाले लोगों का प्रतिशत एमपी से ज्यादा था। उनकी स्थिति NFHS 6 में एमपी से तेजी से सुधार हुआ है। बिहार, झारखंड और असम में पुरुषों का तंबाकू सेवन मध्यप्रदेश से ज्यादा था। बिहार में यह दर 48.9%, झारखंड में 47.4% और असम में 51.9% थी। महिलाओं में महाराष्ट्र ने छोड़ा मध्यप्रदेश को पीछे महिलाओं में भी ऐसा ही NFHS-5 में महाराष्ट्र में 11% महिलाएं तंबाकू का सेवन करती थीं और मध्यप्रदेश के 10.3% महिलाएं तंबाकू खाती थी। लेकिन NFHS-6 में महाराष्ट्र का आंकड़ा घटकर 8.8% रह गया। इसके उलट मध्यप्रदेश में महिलाओं का तंबाकू सेवन बढ़कर 11.6% हो गया। देश के इन राज्यों में एमपी से ज्यादा तंबाकू सेवन रिपोर्ट के अनुसार तंबाकू सेवन के मामले में मिजोरम सबसे ऊपर है, जहां 73.6% पुरुष और 61% महिलाएं तंबाकू का उपयोग करती हैं। इसके अलावा त्रिपुरा, मेघालय, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड भी मध्यप्रदेश से आगे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों में सबसे ज्यादा चिंता रिपोर्ट बताती है कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में तंबाकू सेवन की समस्या सबसे गंभीर बनी हुई है। मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश में पुरुषों और महिलाओं दोनों में तंबाकू सेवन की दर राष्ट्रीय औसत से कई गुना अधिक है। हालांकि इनमें से कुछ राज्यों में कमी आई है, फिर भी ये देश में सबसे अधिक प्रभावित राज्यों की सूची में शामिल हैं। क्यों बढ़ रहा है तंबाकू सेवन का ग्राफ मोनोचिकित्सक डॉ. सत्याकांत त्रिवेदी कहते हैं कि तंबाकू इस्तेमाल नहीं करने वाले बच्चे, जब अपने रोल मॉडल या किसी साथी को बीड़ी-सिगरेट पीते देखतें हैं तो उनमें भी इसको लेकर क्रेज बढ़ता है। जिससे उनमें लत लगने का खतरा बढ़ता है। तंबाकू सेवन से बढ़ रही कैंसर की शिकायतें सिर्फ हमीदिया अस्पताल में साल 2021 में 5 हजार 96 यानी रोजाना लगभग 14 कैंसर के मरीज इलाज के लिए आए। वहीं साल 2022 में यह आंकड़ा 6 हजार 112 दर्ज किया गया। यानी हर दिन 18 लोग कैंसर के इलाज के लिए हमीदिया आए। भोपाल में रोज 10 लाख से अधिक का करोबार राजधानी में पान-मसाला सिगरेट और गुटखे का कारोबार दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। शहर में ही करीब 10 लाख रुपए रोज के गुटखे की खपत है। पान-मसाला, बीड़ी और सिगरेट की खपत अलग से है। मांग बढ़ने के साथ ही दो नंबर का व्यवसाय चरम पर है।
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) ने युवाओं से पारंपरिक मूल्यों, स्वदेशी ज्ञान, भाषाओं और सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सतत जीवनशैली को अपनाने का आह्वान किया।
गुना में ट्रक से पकड़ी गई एक करोड़ की शराब के मामले में ट्रक मालिक की अग्रिम जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी है। पंजाब के ट्रक मालिक ने गुना कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन लगाया था। ट्रक से 34 हजार लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल पकड़ा गया था। ट्रक दमन से अरुणाचल प्रदेश ले जाया जा रहा था। बता दें कि मामला वर्ष 2023 का है। 9 अक्टूबर को कैंट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रूठियाई की ओर से आ रहे एक टैंकर क्रमांक HR37 D 0071 में भारी मात्रा में अवैध शराब ले जाई जा रही है। टेंकर अभी रूठियाई से शिवपुरी तरफ निकला है। अवैध शराब परिवहन की इस सूचना के मिलते ही SP ने सूचना की तस्दीक व कार्यवाही के लिए कैंट थाना प्रभारी TI पंकज त्यागी को निर्देश दिये। निर्देश मिलने पर कैंट थाना प्रभारी द्वारा कार्यवाही के लिए थाने से तत्काल पुलिस की रवाना की गई। पुलिस टीम ने एबी रोड पर ग्राम बीलाबावडी के पास टैंकर को रोक लिया। टैंकर चालक ने अपना नाम अजय कुमार(38) पुत्र राधेरमन सिंह निवासी ग्राम दादवा जिला सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश बताया। उसके पास टेंकर के कोई दस्तावेज नहीं थे। पुलिस ने टैंकर को चैक किया तो उसमें 34 हजार लीटर अवैध शराब भरी हुई थी। इसकी कीमत लगभग एक करोड़ आंकी गयी है। अवैध शराब परिवहन में पकड़े गये टेंकर के संबंध में जानकारी पता करने पर टैंकर की नंबर प्लेट पर अंकित नंबर HR 37 D0071 से टैंकर के चेचिस नंबर को मिलाया गया, तो वह मैच नहीं हुआ। आरोपी टेंकर के असली नंबर को छिपाकर उसपर फर्जी नंबर अंकित कर शराब तस्करी करते पाया गया है। अवैध शराब तस्करी में पकड़े गये आरोपी अजय कुमार द्वारा अपने पास उक्त शराब से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं थे। उसने पूछताछ में बताया कि वह दमन से शराब भरकर अरूणाचल प्रदेश लेकर जा रहा था। ट्रक में भरा था एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल टैंकर में एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहोल भरा हुआ था। एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल (ईएनए) अल्कोहल का सबसे शुद्ध रूप है, जिसमें कोई स्वाद या गंध नहीं होती है। इसे विभिन्न कच्चे माल जैसे गन्ने के गुड़ या मक्का, राई, गेहूं, जौ और चावल जैसे अनाज से बनाया जा सकता है। ईएनए का उपयोग मुख्य रूप से स्पिरिट और मादक पेय पदार्थों के लिए आधार के रूप में किया जाता है, लेकिन इसके कई अन्य अनुप्रयोग भी हैं। इसी से शराब बनाई जाती है। एक गुणा एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से तीन गुना शराब बनती है। यानि 1 लीटर एक्स्ट्रा न्यूट्रल अल्कोहल से 3 लीटर शराब बनाई जाती है। यह अत्यधिक ज्वलनशील भी होता है। आगे की जांच में यह सामने आया कि यह ट्रक जवाहर सिंह(51) पुत्र छीतर सिंह निवासी गुरुनानक नगर, पटियाला पंजाब को आरोपी बनाया था। उस पर फ्रॉड, कूट रचित दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। आरोपी की ओर से गुना कोर्ट में अग्रिक जमानत के लिए आवेदन लगाया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

