कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया निवासी 17 वर्षीय आकाश कुमार ने अरुणाचल प्रदेश की बर्फीली चोटियों पर तिरंगा फहराकर जिले और पूरे झारखंड का मान बढ़ाया है। उन्होंने 17,500 फीट की ऊंचाई पर यह उपलब्धि हासिल की। आकाश ने अरुणाचल प्रदेश के दिरांग स्थित राष्ट्रीय पर्वतारोहण एवं साहसिक खेल संस्थान (NIMAS) से उन्नत पर्वतारोहण प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस उपलब्धि के साथ, आकाश कोडरमा जिले के पहले ऐसे एनसीसी कैडेट बन गए हैं, जिन्होंने यह कठिन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। कठोर प्रशिक्षण प्राप्त कियाएनसीसी के एएनओ नीरज कुमार ने बताया कि आकाश ने यह उपलब्धि महज 17 साल की उम्र में हासिल की है। उन्होंने लगभग एक महीने तक अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम और बर्फ से ढके क्षेत्र में रहकर कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान, आकाश चीन सीमा के निकट ऊंचाई वाले इलाकों में रहे, जहां चारों ओर बर्फ ही बर्फ थी। कठिन मौसम और सीमित संसाधनों के बीच, उन्होंने तंबू में रहकर अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय तिरंगा फहराकर अपने साहस और देशभक्ति का परिचय दिया। परिवार के संपर्क में नहीं रह सके थेऊंचाई वाले क्षेत्रों में संचार सुविधा सीमित होने के कारण आकाश लंबे समय तक अपने परिवार से संपर्क में नहीं रह सके थे। इसके बावजूद, उन्होंने धैर्य, अनुशासन और इच्छाशक्ति के बल पर यह उपलब्धि हासिल की। इस प्रशिक्षण के लिए पूरे भारत के 20 लाख एनसीसी कैडेट्स में से केवल 8 कैडेटों का चयन किया गया था। इनमें बिहार से दो और झारखंड से केवल आकाश का चयन हुआ था। इन 8 में से केवल 5 कैडेट्स ही 17,450 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने और राष्ट्रीय ध्वज फहराने में सफल रहे। कोडरमा पहुंचने पर हुआ भव्य स्वागतइधर, इस उपलब्धि को हासिल करने के बाद आकाश शनिवार को कोडरमा पहुंचे। यहां पहुंचने पर कोडरमा रेलवे स्टेशन पर उनका एनसीसी कैडेट और उनके परिवार वालों ने उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान आकाश की मां ने उनकी आरती उतार कर तथा मस्तक पर तिलक लगाकर बेटे की सफलता पर उसे बधाई दी। वहीं, एनसीसी के कैडेट्स और पदाधिकारियों ने आकाश का फूल माला पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान आकाश के भाई व परिवार के अन्य सदस्यों ने वहां मौजूद सभी लोगों को मिठाई खिलाकर अपनी अपनी खुशी जाहिर की। कई कठिनाइयों से भी गुजरना पड़ाइस दौरान बातचीत के क्रम में आकाश ने बताया कि यह प्रशिक्षण उनके लिए काफी महत्वपूर्ण था। साथ ही इस प्रशिक्षण को प्राप्त करने में उन्हें कई कठिनाइयों से भी गुजरना पड़ा। बावजूद इसके उन्होंने अपने गुरुओं द्वारा हासिल मोटिवेशन और माता-पिता के आशीर्वाद से इस मुकाम को हासिल किया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों, अपने मित्रों और साथ ही साथ अपने एनसीसी कैडेट्स को दिया। उन्होंने बताया कि इस मुकाम को हासिल करने में उनके माता-पिता का विशेष सहयोग रहा है, जिन्होंने सीमित संसाधन के बावजूद इन्हें उनके सपने को पूरा करने में उनकी हर संभव मदद की है। इधर, बेटे की इस सफलता पर उनकी मां भावुक हो उठीं और कहा कि यह हमारे लिए हमें गौरवांवित करने वाला क्षण है। हर मां-बाप का एक ही सपना होता है, उसका बेटा अपने कार्यों से अपने मां-बाप का सिर ऊंचा करें। उन्होंने कहा कि उनके पुत्र ने नाम के अनुरूप कार्य किया है और उसने आकाश की ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनका पुत्र भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुए और अपने शहर, जिले, राज्य के साथ-साथ भारत देश का मान बढ़ाएं। बताते चलें कि आकाश के पिता एक पोकलेन चालक है, जो तमिलनाडु में रहकर पोकलेन चलाते हैं। पोकलेन चलाकर वे अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। सीमित संसाधन और एक गरीब परिवार से आने वाले आकाश की उपलब्धि पर पूरा जिला आज गर्व महसूस कर रहा है।
शिवगंज में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय राजीव गांधी की पुण्यतिथि पर कांग्रेस कमेटी ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने कहा कि स्वर्गीय राजीव गांधी आधुनिक भारत के निर्माता थे। उन्होंने देश को सूचना क्रांति के माध्यम से 21वीं सदी की सोच से जोड़ा। लोढ़ा ने बताया कि राजीव गांधी ने सबसे पहले महिला आरक्षण बिल संसद में पेश किया था। इसमें पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया। उन्होंने शिक्षा को आधुनिक बनाने के लिए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 लागू की। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को निखारने और निःशुल्क शिक्षा देने के लिए 'नवोदय स्कूल' की स्थापना की। राजीव गांधी ने 61वें संविधान संशोधन के माध्यम से युवाओं के मताधिकार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी। इस ऐतिहासिक फैसले से करोड़ों युवाओं को लोकतंत्र में सीधी भागीदारी का अवसर मिला। उन्होंने पंचायती राज व्यवस्था की नींव रखी और लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण की वकालत की, जिससे ग्रामीण स्तर पर विकास को गति मिली। इसके अतिरिक्त उन्होंने मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया और लाइसेंस राज को समाप्त करने के लिए ठोस कदम उठाए। लोढ़ा ने कहा कि आज देश को राजीव गांधी जैसे दूरदर्शी नेतृत्व की आवश्यकता है, जिन्होंने सदैव लोकतंत्र, भाईचारे और विकास की राजनीति को प्राथमिकता दी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से राजीव गांधी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष वाजिंग राम घांची ने कहा कि कांग्रेस सदैव देशहित और जनहित की राजनीति करती आई है तथा राजीव गांधी का योगदान भारतीय राजनीति में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मीणा ने युवाओं से संगठन को मजबूत करने एवं कांग्रेस की विचारधारा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।कांग्रेस जिला महासचिव कुशल सिंह देवड़ा ने कहा कि राजीव गांधी ने देश को आधुनिक सोच और नई दिशा देने का कार्य किया। वहीं, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष चंपा लाल तिरगर ने कहा कि छात्र एवं युवा वर्ग आज भी राजीव गांधी के विचारों से प्रेरणा ले रहा है।कार्यक्रम में सुरेश सिंह राव, जगवीर सिंह गोहिल, किस्तूर घांची, राजेंद्र सिंह, महेंद्र वाघेला, फूला राम सुथार, पुरुषोत्तम सूथार, दशरथ सिंह, हबीब शेख, राहुल चावरिया, सुमित परमार,महिराज सिंह, कल्पेश, मयंक भाटी आदि के साथ कांग्रेस अग्रिम संगठनों के पदाधिकारी, पार्षदगण एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

