India Weather Update: शनिवार 1 अगस्त को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज बेहद खराब और खतरनाक रहने वाला है। मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने वेदर बुलेटिन में बिहार, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर से लेकर दक्षिण भारत तक 20 से अधिक राज्यों के लिए मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिम विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 17 किमी प्रति घंटे की स्पीड से आगे बढ़ चुका है। अगले 24 घंटों के दौरान यह पश्चिम मध्य प्रदेश और उससे सटे मध्य महाराष्ट्र से गुजरते हुए कमजोर होकर एक वेल-मार्क्ड लो प्रेशर एरिया में बदल जाएगा। इसके असर से 1 अगस्त को देश भर में भीषण तूफानी बारिश देखने को मिलेगी। गुजरात में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्टमौसम प्रणाली के पश्चिम की ओर बढ़ने की वजह से गुजरात राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला है। आईएमडी के मुताबिक 1 अगस्त को पूरे गुजरात राज्य में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है। प्रशासन और आम जनता को जलभराव और तटीय इलाकों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।इन 6 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनीगुजरात के अलावा देश के 6 दूसरे राज्यों में शनिवार को अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। आईएमडी के मुताबिक पश्चिम भारत की बात करें तो कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। पूर्वी राजस्थान में कई इलाकों में मूसलाधार और बहुत भारी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत में तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल और माहे में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।बिहार, दिल्ली से राजस्थान तक: इन राज्यों में होगी भारी बारिशइसके अलावा भी शनिवार को देश के दूसरे बड़े हिस्सों में भारी बारिश का दौर देखने को मिलेगा। हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, पश्चिम राजस्थान, बिहार, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल और लक्षद्वीप में भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।इन इलाकों से टकराएगा थंडरस्क्वॉल, 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएंमौसम विभाग के मुताबिक 1 अगस्त को हवाओं का रुख बेहद आक्रामक रहेगा और कई राज्यों में तूफानी आंधी के साथ बारिश होगी। उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी और तूफानी हवाओं यानी थंडरस्क्वॉल का सामना करना पड़ेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश व यनम, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराकल, झारखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तराखंड में तेज गरज-चमक और 30-40 किमी/घंटे की गति से झोंके वाली हवाएं चलेंगी। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य और विदर्भ में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना में तटीय व मैदानी इलाकों में तेज सतही हवाएं चलेंगी।यह भी पढ़ें:वीकली मौसम अपडेट: 20+ राज्यों में जोरदार बारिश का अलर्ट, गुजरात-महाराष्ट्र में खतरा ज्यादा, दिल्ली से यूपी तक ऐसा रहेगा वेदर
ईडी का बड़ा एक्शन: असम-अरुणाचल शराब रैकेट में शिकंजा
19 आरोपियों पर एफआईआर, करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग का खुलासा अरुणाचल से असम तक शराब तस्करी का सिंडिकेट बेनकाब 739 केसों में 2.63 लाख लीटर शराब जब्त दीवान-शर्मा-लोहिया पर आरोप, वेयरहाउस नेटवर्क से कंट्रोल गुवाहाटी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच चल रहे बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट के मामले में 19 आरोपियों के खिलाफ 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (पीएमएलए), 2002 के तहत मुकदमा चलाने की शिकायत दर्ज कराई है। इन आरोपियों में पांच मुख्य आरोपी और 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियां शामिल हैं। ईडी के गुवाहाटी जोनल ऑफिस के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट में मुख्य आरोपियों के तौर पर संजय दीवान, नीरज शर्मा, राजन लोहिया, शंकर देब और समीर मेहता के नाम शामिल हैं। यह मामला अरुणाचल प्रदेश से असम में शराब के गुप्त उत्पादन और अवैध ट्रांसपोर्टेशन से जुड़ा था, जिसके कारण बड़े पैमाने पर टैक्स की चोरी और अपराध से कमाई हुई। मनी लॉन्ड्रिंग की जांच असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर स्थित जिलों में असम पुलिस द्वारा दर्ज की गई 173 एफआईआर के आधार पर शुरू की गई थी। ईडी द्वारा की गई बैंकिंग एनालिसिस में पाया गया कि नौ होलसेल कंपनियों को कुल मिलाकर लगभग 1,047.93 करोड़ रुपए का कैश डिपॉजिट मिला, जिसे एजेंसी ने अपराध से हुई कमाई माना। इसके बाद इन फंड्स को आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए 14 बॉन्डेड वेयरहाउस कंपनियों में ट्रांसफर किया गया, फिर मैन्युफैक्चरिंग लेवल पर इकट्ठा किया गया और अंत में वैध बिजनेस मुनाफे के तौर पर दिखाया गया। लॉन्ड्रिंग से प्राप्त राशि को कथित तौर पर पर्सनल और हिंदू अनडिवाइडेड फैमिली (एचयूएफ) अकाउंट्स में डायवर्ट किया गया और चल-अचल संपत्तियों में इन्वेस्ट किया गया। ईडी का आरोप है कि आरोपियों ने एक अच्छी तरह से सुनियोजित सिंडिकेट चलाया, जो अरुणाचल प्रदेश में शराब बनाता था और जरूरी ट्रांजिट परमिट या एक्साइज वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट (ईवीसी) के बिना इसे असम में तस्करी करता था। खबरों के अनुसार, शराब की बोतलों पर 'अरुणाचल प्रदेश में बिक्री के लिए' लिखा होता था, लेकिन राज्य की काफी ज्यादा एक्साइज ड्यूटी और वैल्यू एडेड टैक्स (वीएटी) से बचने के लिए उन्हें अवैध रूप से असम भेज दिया जाता था। एजेंसी के अनुसार, असम एक्साइज अधिकारियों ने जनवरी 2023 और अप्रैल 2026 के बीच 739 अलग-अलग मामलों में ऐसी 2.63 लाख बल्क लीटर से ज्यादा शराब जब्त की, जिसकी कीमत लगभग 52.77 करोड़ थी। ईडी ने कहा कि ये जब्ती राज्य में कथित तौर पर तस्करी की गई कुल मात्रा का सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा थी। जांच में यह भी पता चला कि तीन मुख्य आरोपियों - दीवान, शर्मा और लोहिया ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स, बॉंडेड वेयरहाउस, होलसेल डिस्ट्रीब्यूटर्स और रिटेल आउटलेट्स के एक बड़े नेटवर्क के जरिए अरुणाचल प्रदेश के शराब के कारोबार पर लगभग पूरा कंट्रोल बना लिया था। जांचकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि शराब बनाने वाली यूनिट्स ने बिना जरूरी एक्साइज ड्यूटी चुकाए अपनी प्रोडक्शन क्षमता काफी बढ़ा ली, जिससे भारी मात्रा में ऐसी शराब बनी, जिसका कोई हिसाब-किताब नहीं था और जिसे बाद में असम में तस्करी करके भेजा गया।
सुप्रीम कोर्ट दल-बदल कानून से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। याचिका में कानून की व्याख्या पर पुनर्विचार की मांग की गई है। इसे सीनियर एडवोकेट और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने दायर किया है। सिब्बल ने उस प्रावधान को चुनौती दी है, जो विधायकों और सांसदों को किसी दूसरी पार्टी में विलय का दावा करके अयोग्यता से बचने की छूट देता है। सोमवार को सुनवाई के दौरान बेंच ने टिप्पणी की कि इसमें कई ऐसे मुद्दे शामिल हैं, जिन पर फैसला संसद को लेना है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। संसद को तय करना है सिस्टम क्या होगा जस्टिस नरसिम्हा ने कहा कि दसवीं अनुसूची संसद ने बनाई थी। इसके लिए सिस्टम तैयार करना भी उन्हीं का काम है। उन्होंने कहा कि ये मुद्दे सदन के पटल पर उठाए जाने चाहिए। कोर्ट ने कहा कि दसवीं अनुसूची का मकसद एक सिस्टम को रेगुलेट करना था और हम इसे देख रहे हैं। हालांकि सिब्बल ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है। गोवा मामले के साथ टैग हुई याचिका सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि दलबदल से जुड़ा एक समान मामला गोवा का भी लंबित है। इसके बाद बेंच ने सिब्बल की याचिका को गोवा वाले मामले के साथ टैग कर दिया। सिब्बल ने यह याचिका अपनी व्यक्तिगत क्षमता में दायर की है। उन्होंने 22 जुलाई को मामले की तत्काल सुनवाई की मांग की थी। सिब्बल ने दल-बदल को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया सिब्बल ने अपनी याचिका में कहा है कि दसवीं अनुसूची का पैरा 4 दलबदल को बढ़ावा दे रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यह प्रावधान एक अल्पसंख्यक पार्टी को बहुमत में और बहुमत को अल्पसंख्यक में बदलने की अनुमति देता है। सिब्बल का कहना है- यह व्याख्या संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है और इससे थोक में दलबदल, हॉर्स ट्रेडिंग और जनादेश को पलटने जैसे हालात पैदा हो रहे हैं। दलबदल से गिरी कई सरकारें याचिका में यह कहा गया है कि पिछले एक दशक में गोवा, अरुणाचल प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में दलबदल के कारण सरकारें गिरी हैं या बनने से रुकी हैं। सिब्बल ने कहा कि बसपा, कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी जैसी पार्टियां भी इसका शिकार हुई हैं। उन्होंने मांग की कि पैरा 4 की व्याख्या को सीमित किया जाए ताकि दल-बदल पर रोक लग सके।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

