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उत्तराखंड के केदारनाथ-बद्रीनाथ में बर्फबारी:MP-UP और राजस्थान में पारा 40°C के पार; महाराष्ट्र-तेलंगाना में हीट वेव का अलर्ट

देश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान बढ़ने लगा है। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में पारा 40C के पार पहुंच गया है। राजस्थान में मंगलवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान 41C के पार पहुंच गया। मध्य प्रदेश के तीन जिलों में भी पारा 40C से ऊपर रहा, जहां नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 42.1C दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश के बांदा में अधिकतम तापमान 40.4C रिकॉर्ड किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो सप्ताह में तापमान 6 से 8C तक बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। केरल में सरकार ने सनस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लोगों को दोपहर के समय धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। वहीं, IMD ने जम्मू-कश्मीर और असम समेत कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। अरुणाचल प्रदेश में तेज बारिश की संभावना है। दिल्ली में तापमान 38C तक पहुंच गया है और आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने के साथ रातें भी गर्म रहने की संभावना है। मौसम की दो तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल

दैनिक भास्कर 15 Apr 2026 5:01 am

अरुणाचल प्रदेश सिंघम समिट मॉर्निंग लॉटरी रिजल्ट: ₹26 लाख के जैकपॉट की घोषणा

लॉटरी विभाग ने साप्ताहिक ड्रॉ के नतीजे घोषित किए जिसमें आईडी 3303 के तहत प्रथम पुरस्कार के साथ सांत्वना और अन्य श्रेणियों के विजेताओं की सूची जारी की गई है।

प्रातःकाल 14 Apr 2026 2:45 pm

MP और छत्तीसगढ़ में तापमान 40°C के पार:15 अप्रैल से हीट-वेव का अलर्ट; सिक्किम और अरुणाचल में तेज बारिश हो सकती है

देश के उत्तर, मध्य और पश्चिम झेत्र में तापमान बढ़ने लगा है। IMD के मुताबिक, अगले दो हफ्तों तक कोई बड़ा मौसम सिस्टम सक्रिय नहीं होगा, जिससे बारिश की संभावना कम है और गर्मी और बढ़ सकती है। छत्तीसगढ़ में 15 अप्रैल से हीट-वेव का अलर्ट है। सोमवार को रायपुर में तापमान 41C तक पहुंच गया। राज्य में अगले चार दिनों में तापमान में 4 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश के 5 शहरों में रविवार को तापमान 40C के पार रहा। राजस्थान के 12 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। अगले 4-5 दिन में तापमान में 3-4C तक बढ़ोतरी होने का अनुमान है। वहीं, यूपी में आज दिन में पारा 40C पार पहुंच सकता है। इधर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में आज तेज बारिश का अलर्ट है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। दिल्ली में सोमवार को मौसम साफ रहा। अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। मौसम की दो तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 15 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में गर्मी बढ़ेगी। मध्य प्रदेश में तापमान 3-5C तक बढ़ सकता है। पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिम बंगाल में भी हल्की बारिश की संभावना है। 16 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गर्मी का असर बना रहेगा और मौसम सूखा रहेगा। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ पश्चिम बंगाल में बारिश और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।

दैनिक भास्कर 14 Apr 2026 5:01 am

Weather Update : उत्तर भारत में पारा 40°C के पार, इन राज्यों में लू का अलर्ट, IMD का बड़ा अपडेट

Weather Update 13 April : मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में कई राज्यों में अब गर्मी और लू का असर दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। हालांकि अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों ...

वेब दुनिया 13 Apr 2026 1:06 pm

जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में बर्फबारी:MP-UP, राजस्थान में तापमान 40°C के करीब; गुजरात-आंध्र प्रदेश में हीटवेव का अलर्ट

देश के ज्यादातर हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में दिन में तेज धूप के साथ तापमान बढ़ रहा है। राजस्थान के जयपुर, अलवर और सीकर समेत कई शहरों में तापमान 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ा है। मध्य प्रदेश में पारा 40C के पार पहुंच गया है। मौसम विभाग के मुताबिक इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में ज्यादा गर्मी महसूस हो रही है। रतलाम में सबसे अधिक 40.6C तापमान दर्ज किया गया। IMD ने आध्र प्रदेश और गुजरात के कुछ हिस्सों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश के कई जिलों में तापमान 40C के पार पहुंच गया है, जबकि कुछ जगहों पर 44C तक रिकॉर्ड किया गया। लोगों को गर्मी और उमस से सावधान रहने की सलाह दी गई है। दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान 34.7C दर्ज हुआ, जो सामान्य से 1.4C कम रहा। वहीं, मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश समेत 8 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। ओडिशा और तमिलनाडु समेत 6 राज्यों में गर्मी और उमस बनी रहने की संभावना है। मौसम की 2 तस्वीरें… अगले दो दिन के मौसम का हाल 14 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में गर्मी तेज रहेगी। बिहार और पूर्वी भारत में भी 3-5C तक बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वोत्तर राज्य असम, मेघालय, अरुणाचल में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में हल्की बारिश और बिजली गिरने के आसार हैं। 15 अप्रैल: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड में गर्मी और बढ़ेगी। मध्य प्रदेश में तापमान में 3-5C तक की बढ़ोतरी का असर बना रहेगा। इन राज्यों में मौसम सूखा रहेगा और दिन में तेज गर्मी महसूस होगी।

दैनिक भास्कर 13 Apr 2026 5:03 am

संडे जज्बात-मैंने नक्सली बने 20 अपनों को गोली मारी:अपनों पर गोली चलाना आसान नहीं था, लेकिन बम-धमाके में साथियों की मौत ने झकझोर दिया था

मैं शरतचंद्र बुरुदा हूं, ओडिशा के मलकानगिरी जिले के सरपल्ली गांव का रहने वाला। एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हूं। 1990 के दशक के आखिर में जब मैंने पुलिस की नौकरी जॉइन की, तब ओडिशा के दंडकारण्य इलाके में नक्सलवाद अपने चरम पर था। आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सीमा पर स्थित चित्रकुंडा इलाका उस वक्त नक्सलियों के एकतरफा कंट्रोल में था। 19 दिसंबर 1998 की रात, चित्रकुंडा थाने के अंतर्गत आने वाली मल्लिगुड़ा जुडाम पोस्ट पर नक्सलियों ने हमला कर दिया। हमले में पोस्ट पर तैनात सभी पुलिसकर्मी मारे गए। इसके बाद पुलिस प्रशासन चिंतित हो गया। हालात पर काबू पाने के लिए एक स्थानीय आदिवासी पुलिस अधिकारी की तलाश शुरू हुई, जो इलाके की भौगोलिक बनावट को अच्छी तरह जानता हो और स्थानीय भाषा समझता-बोलता हो। साथ ही नक्सलियों के बीच का आदमी हो। उस वक्त मैं ओडिशा के कोरापुट जिले में तैनात था। मुझे इस जिम्मेदारी के लिए सबसे बेहतर पाया गया और बुलाकर वहां तैनात किया गया। हालांकि, मैं वहां बिल्कुल नहीं जाना चाहता था, क्योंकि वह मेरा अपना इलाका था और वहां के लोग अपने थे। मैं सोच रहा था- अपने ही लोगों के सामने एक पुलिस अफसर बनकर कैसे खड़ा हो पाऊंगा? अगर गोली चलानी पड़ी, तो कैसे चलाऊंगा? एक तरफ ड्यूटी थी, तो दूसरी तरफ अपने लोग। आखिरकार, मैंने ड्यूटी को चुना। दरअसल, नक्सलियों ने चित्रकोंडा थाने के तहत 1962 में बने बालिमेला बांध के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया था और इलाके में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए थे। उन्होंने आस-पास के गांवों और ओडिशा के दंडकारण्य क्षेत्र में लोगों को प्रशासन के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। मजदूरों के अधिकार के नाम पर गांव वालों को अपने साथ जोड़ने लगे और धीरे-धीरे उन्हें नक्सल आंदोलन में शामिल करने लगे। बांध के खिलाफ उन्होंने एक तरह से संगठित मुहिम ही छेड़ दी। उस वक्त हमारी मल्लिगुड़ा पोस्ट पर कुल 35 सुरक्षा बल के जवान तैनात थे। वहां शौच की बड़ी समस्या थी- करीब 500 मीटर दूर एक नाले के पास जाना पड़ता था। साल 2001 की बात है। उस दिन हमारा एक सिपाही उसी नाले के पास शौच के लिए गया। वहां नक्सलियों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और उसे 28 गोलियां मारीं। यह हमला एक सुनियोजित साजिश के तहत किया गया था। दरअसल, नक्सलियों को उम्मीद थी कि एक सिपाही पर हमला होने की खबर मिलते ही बाकी सुरक्षा बल भी मौके पर पहुंच जाएगा और फिर हम सभी को जमीन में बिछाई अपनी एंटी-बारूदी सुरंग यानि लैंडमाइन से एक साथ उड़ा देंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीएसएफ ने हमें इस घटना की जानकारी दे दी थी। सभी पुलिस मुख्यालय अलर्ट हो गए थे। उसके बाद फोर्स के कमांडेंट, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, एंटी-नक्सल फोर्स और बाकी पुलिस अधिकारी मौके पर अलग-अलग हिस्सों में जाने के लिए तैयार हुए। वहां जाने के दो रास्ते थे- एक सड़क के जरिए और दूसरा मोटर लॉन्च के जरिए। हमने मोटर लॉन्च वाला रास्ता चुना। लेकिन उस पूरे रास्ते में नक्सलियों ने जगह-जगह लैंडमाइन बिछा रखी थीं। हम आगे बढ़ते रहे। जाते समय तो सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन लौटते वक्त अचानक रास्ते में बिछी बारूदी सुरंगें फटने लगीं। मेरी मोटर लॉन्च आगे निकल चुकी थी, इसलिए मैं और मेरे कुछ साथी बच गए। पीछे मुड़कर देखा, तो दिल दहल गया- पीछे आ रही हमारे साथियों की गाड़ियां एक-एक कर धमाकों में उड़ रही थीं। कुछ ही पलों में सब खत्म हो गया… सभी साथी मार दिए गए। उसके बाद नक्सलियों ने हमारा पीछा किया और हम पर फायरिंग शुरू कर दी। उस वक्त भागने के अलावा हमारे पास कोई रास्ता नहीं था। अगर मैं भावनाओं में बहकर साथियों के लिए वापस लौटता, तो जिंदा न बचता। उस दिन अपने साथियों को पीछे छोड़कर भागना मेरे लिए सबसे दर्दनाक फैसला था। उसके बाद कई दिनों तक नींद नहीं आई। आंखें बंद करता, तो वही मंजर सामने आ जाता- साथियों की मौत, धमाकों की आवाजें… सब कुछ। उस दौरान जब भी फील्ड में जाता, उन साथियों की याद बार-बार लौट आती। आज भी वही होता है। आज भी अगर मेरे पीछे अचानक कोई गाड़ी आती दिखती है, तो चौंक जाता हूं- एक पल के लिए लगता है, कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं। आखिर वह हमला मेरी जिंदगी का टर्निंग प्वाइंट बन गया। मैंने तय कर लिया कि अब नक्सलियों को नहीं छोड़ूंगा। अब तक मैं बातचीत का रास्ता अपना रहा था, लेकिन यह तरीका कारगर साबित नहीं हो रहा था। मैंने प्लान तैयार करना शुरू किया। मैं उन्हीं के बीच पला-बढ़ा था और उनका मुझ पर भरोसा था, इसलिए मैंने उसी भरोसे को ताकत बनाया। सबसे पहले उनके इलाकों में अपनी खुफिया टीमें तैयार करनी शुरू की और उन्हें अलग-अलग जगहों पर तैनात करना शुरू किया। वे टीमें मुझे नक्सलियों की हर गतिविधि की जानकारी देने लगीं- कौन कहां जा रहा है, किस इलाके में उनकी मौजूदगी है, वगैरह-वगैरह। हालांकि, भले ही रिटायर हो चुका हूं, फिर भी एनकाउंटर की पूरी रणनीति आपसे साझा नहीं कर सकता। यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला है। फिलहाल, उन जानकारियों के आधार पर मैं अपनी रणनीति तैयार करता और एक-एक करके उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करता। उस दौरान हमने नक्सली बने अपने लगभग 20 लोगों का एनकाउंटर किया। यहीं से ओडिशा में नक्सलवाद के खात्मे की शुरुआत हुई। मैं जिस तरह एक के बाद एक एनकाउंटर कर रहा था, उससे नक्सलियों के निशाने पर आ गया। उन्हीं के बीच का आदमी था- उनकी चाल, उनका तरीका, सब जानता था… और शायद यही वजह थी कि वे भी मुझे किसी भी हालत में खत्म करना चाहते थे। कई बार तो मेरी पुलिस चौकी उड़ाने की कोशिश की। हर बार लगा कि अब बचना मुश्किल है… लेकिन किसी तरह बच जाता था। जब वह मुझे नहीं मार पाए तो मेरे परिवार को निशाना बनाने लगे। 2006 में उन्होंने सबसे पहले मेरे पिता जी को निशाना बनाया। वह एक गाड़ी से जा रहे थे। तभी, अचानक, नक्सलियों ने उनकी गाड़ी में विस्फोट कर दिया। धमाका इतना जोरदार था कि गाड़ी पलट गई। उस गाड़ी में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई… और मेरे पिता जी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी। इसके बाद भी मेरे परिवार के कई लोगों पर हमले हुए। कोई बुरी तरह घायल हुआ, कोई किसी तरह बचा। दरअसल, अब नक्सली मेरा हौसला तोड़ में जुट गए थे। वे जानते थे कि सीधे मुझ तक पहुंचना मुश्किल है… इसलिए उन्होंने मेरे अपने लोगों को ही निशाना बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच… एक और घटना हुई, जिसने मुझे फिर से अंदर तक झकझोर दिया। एक लड़का जो कि कोई मुखबिर नहीं था। बस इलाके के एक गांव का जवान लड़का था। सीधा-सादा… और, सच कहूं, इंसानियत के नाते मेरी मदद कर रहा था। उस दिन वह मुझसे मिलने आया था। हम मिले, थोड़ी बात हुई… और फिर वह वापस अपने गांव लौट गया। मुझे क्या पता था कि यही मुलाकात उसकी जिंदगी की आखिरी मुलाकात बन जाएगी। रास्ते में… नक्सलियों ने उसे घेर लिया। उसे कोई मौका नहीं दिया। वहीं उसकी हत्या कर दी। जब मुझे ये खबर मिली… मैं कुछ पल के लिए बिल्कुल सन्न रह गया। एक ही बात दिमाग में घूमने लगी- क्या उसकी मौत की वजह मैं हूं? सच बताऊं, उस दिन पहली बार मुझे लगा कि ये लड़ाई सिर्फ मेरी नहीं रही… इसमें अब बेगुनाह लोग भी कुर्बान हो रहे हैं। दरअसल, जंगल में काम करते-करते ऐसा होता है। लोग आपके करीब आ जाते हैं। हर कोई मुखबिर नहीं होता… हर कोई खुफिया नहीं होता। कई लोग तो बस इसलिए मदद करते हैं क्योंकि वे इस हिंसा से परेशान होते हैं… क्योंकि वे चाहते हैं कि हालात बदलें। ऐसा नहीं है कि उस दौरान मैं केवल एनकाउंटर ही कर रहा था। मैंने कई नक्सलियों की गिरफ्तारियां भी कराईं और कई लोगों को आत्मसमर्पण भी करवाया। ऐसे ही एक नक्सली की कहानी है, जिसे मैं आज तक नहीं भूल पाया। मैंने एक बड़े नक्सली नेता को गिरफ्तार किया था। उसका नाम नहीं बता सकता। वह अपने ग्रुप का सी-कमांडर था। दरअसल, उसके घर में चोरी हो गई थी। वह बार-बार पुलिस स्टेशन जा रहा था, लेकिन उसे कोई मदद नहीं मिल रही थी। आखिरकार वह नक्सलियों के पास पहुंचा। नक्सलियों न सिर्फ उसका चोरी हुआ सामान बरामद करवाया, बल्कि हर तरह से उसका साथ दिया। जिसके बाद वह भी नक्सलियों बन गया। इसके अलावा नक्सल प्रभावित इलाकों में न तो ठीक से स्कूल हैं, न साफ पानी की व्यवस्था और न ही बाकी बुनियादी सुविधाएं। इन्हीं समस्याओं के नाम पर नक्सली लोगों को बरगलाते हैं और अपने गुट में शामिल करते हैं। लिहाजा, यही कहूंगा कि कुछ गलतियां हमारी भी हैं, जिनका नक्सली फायदा उठाते हैं। अगर इन चीजों को ठीक किया जाए, तो नक्सलवाद काफी हद तक अपने आप खत्म हो जाएगा। फिलहाल, आखिर में कहूंगा कि अपने काम से तो संतुष्ट हूं, लेकिन अपने ही लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का मुझे अफसोस भी है। न चाहते हुए भी उन पर गोलियां चलानी पड़ीं। (शरतचंद्र बुरुदा ने अपने ये जज्बात भास्कर रिपोर्टर मनीषा भल्ला से साझा किए) ---------------------------------------- 1- संडे जज्बात-उन्होंने हेलिकॉप्टर से लाश भेजी, हम ट्रेनें भर देंगे:दिल्ली वालों ने पीट-पीटकर मार डाला मेरा बेटा, क्योंकि हमारी शक्ल अलग है मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर की रहने वाली मरीना नीडो हूं- नीडो तानिया की मां, जिसे दिल्ली में भीड़ ने पीट-पीटकर मार दिया। अगर ऐसी नफरत बढ़ती रही, तो किसी दिन हालात खतरनाक हो सकते हैं। हम बस इतना चाहते हैं कि- आप हमें समझिए। हम अलग दिखते हैं, लेकिन अलग नहीं हैं। हम भी इसी देश के हैं। मेरे बेटे को सिर्फ इसलिए मार दिया गया, क्योंकि उसका चेहरा आपसे अलग था। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें 2- संडे जज्बात-पुलिस ने मेरे प्राइवेट पार्ट पर ईंट बांधी:सिर कुर्सी में बांधकर उल्टा टांगा, मैं वकील बनकर केस खुद लड़ा- 12 साल बाद जीता 18 साल की उम्र में पुलिस ने मुझे हत्या के मामले में आरोपी बना दिया। मैंने अपने केस की खुद पैरवी की और 12 साल बाद बाइज्जत बरी हुआ। अपना केस लड़ने के लिए लॉ किया और अब मैं एडवोकेट अमित चौधरी हूं। मेरठ बार एसोसिएशन का सदस्य भी हूं। मेरी जिंदगी पर जल्द ही एक फिल्म बन रही है, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी। पूरी स्टोरी यहां पढ़ें

दैनिक भास्कर 12 Apr 2026 4:57 am

अरुणाचल के राज्यपाल 15 से उदयपुर में

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक 15 से 18 अप्रैल तक उदयपुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे शहर में आयोजित स्थानीय कार्यक्रम में भाग लेंगे। राज्यपाल के दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिला कलक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यात्रा कार्यक्रम के मद्देनजर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित की जाएं, ताकि दौरे के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

दैनिक भास्कर 11 Apr 2026 5:30 am

जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में बारिश:हिमाचल के 3 शहरों में माइनस में पारा, MP में आज से 5-6°C बढ़ेगा तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज अरुणाचल प्रदेश और असम समेत 9 राज्यों में आंधी के साथ हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया है। हालांकि, देश के ज्यादातर हिस्सों में आज से मौसम सामान्य रहने का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गुरुवार को बारिश हुई। हिमाचल के कुमसैरी, कल्पा और केलांग में तापमान माइनस में पहुंच गया। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी समेत 7 जिलों में बारिश हुई। मध्य प्रदेश में आज से गर्मी बढ़ेगी। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान में 5 से 6 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में बारिश, आंधी और गरज-चमक की संभावना बनी हुई है। दिल्ली-NCR में आसमान साफ रहेगा। दिन का तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। दिन में 20 से 30 किमी/घंटा की रफ्तार से उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिससे हल्की ठंडक महसूस होगी। राजस्थान में अगले 4-5 दिन मौसम साफ रहेगा। दिन में तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ सकती है। पिछले 20 दिनों से बदले मौसम के कारण अप्रैल में भी ठंडक का एहसास बना हुआ है। इधर, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और गोवा में गर्मी के साथ उमस बनी रहीगा। मौसम की तीन तस्वीरें… 11 अप्रैल: जम्मू-कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी के साथ 30-40 किमी/घंटा की हवा चल सकती है। असम, मेघालय में बारिश हो सकती है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक की संभावना। 12 अप्रैल: पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट। अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। दक्षिण कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है।

दैनिक भास्कर 10 Apr 2026 5:30 am

Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट

सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

वेब दुनिया 10 Jan 2025 2:40 pm