रायपुर में 10 दिनों तक चले पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 का समापन शुक्रवार को हुआ। इसमें कर्नाटक की टीम 23 गोल्ड मेडल के साथ ओवरऑल चैंपियन रही। वहीं, ओडिशा (21 गोल्ड) और झारखंड (16 गोल्ड) क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। मेजबान छत्तीसगढ़ ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 गोल्ड, 10 सिल्वर और 6 ब्रॉन्ज समेत कुल 19 मेडल जीतकर 9वें स्थान पर रहा। मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के सभी पदक विजेताओं के लिए नकद पुरस्कारों की घोषणा की। सीएम ने कहा कि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ियों को 2 लाख रुपए, सिल्वर के लिए 1.5 लाख और ब्रॉन्ज के लिए 1 लाख रुपए दिए जाएंगे। वहीं, टीम इवेंट्स में गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज विजेताओं को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपए मिलेंगे। फुटबॉल में पुरुष टीम ने जीता सिल्वरअंतिम दिन पुरुष फुटबॉल के फाइनल मुकाबले में छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल की टीम आमने-सामने थी। दोनों टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। 45वें मिनट में बंगाल के चाको ने गोल कर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। जबकि प्रदेश के खिलाड़ी फुल टाइम तक गोल करने में असफल रहे। इसके साथ ही टीम को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा, जबकि ब्रॉन्ज अरुणाचल प्रदेश और गोवा को मिला। वहीं, इसके पहले गुरुवार को छत्तीसगढ़ की महिला टीम ने झारखंड को हराकर गोल्ड जीता। मल्लखंभ में भी हम अव्वल:ट्राइबल गेम्स में मल्लखंभ को डेमोस्ट्रेशन गेम के रूप में शामिल किया गया। अंबिकापुर के गांधी स्टेडियम में हुए मल्लखंभ प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ ने 124.35 अंक के साथ पहला स्थान हासिल किया। महाराष्ट्र 118.35 अंक के साथ दूसरे और झारखंड 86.95 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। रोप, पोल और हैंगिंग मल्लखंभ में खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रदेश को व्यक्तिगत खेल में 16 पदकछत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत खेलों में 16 मेडल जीते। इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल में हुए इवेंट में हमारी टीम ने चार सिल्वर, 3 ब्रॉन्ज मेडल जीते। इसमें अनुष्का भगत ने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चारों सिल्वर मेडल हासिल किए। वहीं, वेटलिफ्टिंग में एकमात्र गोल्ड 77 किग्रा में निकिता ने जीता। इसके अलावा जगदलपुर में हुए एथलेटिक्स में मेंस शॉटपुट में सिद्धार्थ नागेश ने गोल्ड हासिल किया। इस तरह छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत खेलों में कुल 2 गोल्ड, 9 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज जीते। इंजरी के बाद गोल्ड जीतने वाली बॉक्सर मैरी कॉम से खास बातचीत मैरी कॉम ने जताई इच्छा- छत्तीसगढ़ सरकार एकेडमी का सेटअप देगी तो युवाओं को बॉक्सिंग की ट्रेनिंग और कोर्स कराने को तैयार सुमय कर की रिपोर्ट खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में शिरकत करने पहुंची 6 बार की वर्ल्ड चैम्पियन मुक्केबाज मैरी कॉम ने अपने जीवन के सबसे कठिन संघर्षों, ओलिंपिक के दबाव और अपनी एकेडमी को लेकर खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि 2022 में उन्हें एक गंभीर चोट लगी थी। दर्द और डर के कारण मैं 6 महीने तक रोती रही। उन्होंने इच्छा जताई कि मैं छत्तीसगढ़ में बॉक्सिंग की ट्रेनिंग देना चाहती हूं। पेश है मैरी कॉम के साथ भास्कर से खास बातचीत... आपकी एकेडमी का रूटीन क्या है, क्या छत्तीसगढ़ में कोचिंग देना चाहेंगी?मणिपुर में मेरी एकेडमी में 100 से ज्यादा बच्चे हैं, जो अरुणाचल, असम, झारखंड के हैं। अगर छत्तीसगढ़ सरकार एकेडमी सेटअप करके देती है, तो मैं बॉक्सिंग कोर्स और ट्रेनिंग देने को तैयार हूं। आपकी फिल्म में बच्चे की बीमारी का एक इमोशनल सीन है, असलियत क्या थी?-फिल्म में दिखाया गया है कि मुझे विदेश में फोन पर सूचना मिली, लेकिन असलियत अलग थी। मुझे चीन जाने से पहले ही पता चल गया था कि मेरे बच्चे के दिल में छेद है। मेरा मन ट्रेनिंग में नहीं लग रहा था। तब आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, मैं सब-इन्स्पेक्टर थी और सैलरी मात्र 20-30 हजार थी। मैंने हिम्मत जुटाई और देश के लिए खेलने गई। वहां गोल्ड जीता और टूर्नामेंट की ‘बेस्ट बॉक्सर’ भी चुनी गई। आज की खेल सुविधाओं में क्या बदलाव ?-हमारे समय में सुविधाएं बहुत कम थीं। हम कच्चे मैदानों पर खेलते थे। आज सरकार साईं, टॉप्स स्कीम और स्कॉलरशिप से खिलाड़ियों को सब कुछ दे रही है। यहां तक कि अब साइकोलॉजिस्ट भी उपलब्ध है। ओलंपिक जैसे बड़े मंचों पर मेडल के करीब आकर खिलाड़ी क्यों चूक जाते हैं? - इसका सबसे बड़ा कारण ‘प्रेशर’ है। खिलाड़ियों पर देश, माता-पिता और दोस्तों की उम्मीदों का बहुत बोझ होता है। हर कोई इस मानसिक दबाव को हैंडल नहीं कर पाता, जिससे परफॉर्मेंस ऊपर-नीचे हो जाती है। मैं युवाओं को यही कहती हूं कि इस दबाव को साइड में रखकर सिर्फ अपने बेस्ट प्रदर्शन पर ध्यान दें।
झांसी में पूर्व डिप्टी सीएम एवं राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा की तारीफ की। उन्होंने कहा- राघव चड्ढा एक अच्छे वक्ता हैं। उन्होंने कुछ पब्लिक इश्यू उठाए हैं, जो आम आदमी पार्टी को अच्छे नहीं लगे। रही बात भाजपा के प्रति झुकाव की तो सभी स्पीच में वे भाजपा के खिलाफ ही बोलते हैं। सांसद के तौर पर उनकी परफॉरमेंस अच्छी रही है। अब वो आम आदमी पार्टी नहीं रही, वो खास आदमी पार्टी हो गई है। पार्टी में बहुत सारे उद्योगपति सदस्य बन गए। इसलिए वहां कार्यकर्ता और नेता का कोई महत्व नहीं है। राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा शुक्रवार को झांसी में सखी हनुमान मंदिर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां से भाजपा नेता रामजी परिहार और सदर विधायक रवि शर्मा के घर पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत की। लोग अफवाह फैला रहे हैं दिनेश शर्मा ने कहा- दूसरे दलों के लोग गैस और पेट्रोल को लेकर अफवाह फैला रहे हैं। मगर ये बात सही है कि विश्व में संकट है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 रुपए लीटर पेट्रोल और डीजल पर टैक्स में छूट कर दी। प्रोडक्ट और खाद पर कस्टम ड्यूटी हटा दी। जीएसटी का सरलीकरण कर दिया। क्राइसिस का मैनेजमेंट किया जा रहा है। देश के विपक्ष को उनकी आरती उतारनी चाहिए, मगर वो आरती अमेरिका से लेकर चीन तक की उतार रहे हैं। उस पाकिस्तान के बारे में बोलते हैं, जहां बुखमरी मची है। किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा दिनेश शर्मा ने यूजीसी पर कहा- थोड़े दिन प्रतीक्षा कर लीजिए। धर्मेंद्र प्रधान का 1 मार्च को बयान आ चुका है। उन्होंने कहा- अगड़ा, पिछड़ा, दलित समेत किसी के साथ कोई भेदभाव न हो। ये सरकार की प्राथमिकता पहले भी थी और आज भी है। अभी सुप्रीम कोर्ट में मामला है। अखिलेश के भारत के विश्वगुरु खोने का मौका गंवाने वाले बयान पर कहा- विश्व गुरु कौन बनता है, जो नेतृत्व करता है। अभी G20 हुआ तो जापान, जर्मनी, फांस, अमेरिका के लोग सामने की रो में बैठे थे और मोदी अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे थे। अब गुरु तो हो ही गए न। गुरू का मतलब, नेतृत्वकर्ता और मोदी आज विश्व में है। 102 जिले हिंदू अल्पसंख्यक, उन्हें सुविधा मिले उन्होंने कहा- 2 की जगह अब हम एक बच्चे के सिद्धांत पर बढ़ रहे हैं। ये रिश्तों को समाप्त कर रहा है। संस्कृति को खत्म कर रहा है। डेमोग्राफी का परिवर्तन कर रहा है। अमेरिका रिसर्च कहती है कि जिनके यहां एक बच्चा होता है तो वे अवसादग्रस्त हो जाते हैं। सरसंघचालक ने 3 बच्चों के लिए कहा है। इस पर अमल होना चाहिए। सब लोगों को मिलकर एक राष्ट्रीय नीति तैयार करनी होगी। जनसंख्या के स्थाईकरण के संदर्भ में कानून बने। कश्मीर, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश समेत 10 राज्यों में हिंदू अल्पसंख्यक हो गए हैं। हिंदू अल्पसंख्यक है, लेकिन उसको बहूसंख्यक का दर्जा मिलता है। 102 जिलों में हिंदू अल्पसंख्यक है, उसको अल्पसंख्यक के अधिकार मिलने चाहिए। इसमें मुस्लिम, सिख या किश्चियन का विरोध नहीं है, बल्कि देश के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रत्यन की बात है। भारत बुजुर्ग भारत देश न कहलाए, इसलिए ये प्रयास करना चाहिए। मैंने खतरा बताया है, अब मानना और न मानना समाज के ऊपर है। इस दौरान मंत्री मनोहर लाल मन्नू कोरी, सांसद अनुराग शर्मा, सदर विधायक रवि शर्मा, विधायक डॉ. रश्मि आर्य, जिलाध्यक्ष सुधीर सिंह आदि मौजूद थे। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… अयोध्या में बुर्का पहनकर लूटने वाली महिला हिंदू निकली:4 महीने की गर्भवती, खिलौना पिस्टल दिखाकर ज्वेलरी लूटी; बॉयफ्रेंड के साथ गिरफ्तार अयोध्या में ज्वेलरी शॉप में बुर्का पहनकर लूट करने वाली महिला हिंदू निकली। बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर उसने वारदात की थी। पुलिस ने गुरुवार देर रात दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। महिला का नाम पायल (25) और लड़के का नाम राहुल (27) है। पढ़ें पूरी खबर….
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में देशभर के आदिवासी खिलाड़ियों का दम देखने को मिल रहा है। इसी मंच पर छत्तीसगढ़ की महिला फुटबॉलर किरण पिस्दा ने अपने खेल और आत्मविश्वास से सबका ध्यान खींचा। सेमीफाइनल मैच में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट के दौरान उन्होंने गोलकीपर बनकर टीम को संभाला—यहीं से उनकी चर्चा और तेज हो गई। किरण भारतीय टीम के लिए खेल चुकी हैं। इसके अलावा यूरोप की क्रोएशियन विमेंस लीग में डाइनेमो जागरेब वुमन के लिए खेल चुकी हैं। सबसे बड़ी खासियत: हर पोजीशन पर खेलने की क्षमता 24 साल की किरण इस समय अपने करियर के बेहतरीन दौर में हैं और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। किरण का सफर आसान नहीं रहा। स्कूल से ही उन्हें खेलने का मौका मिला, जहां से उनका आत्मविश्वास बढ़ा। उनके भाई गिरीश पिस्दा, जो खुद नेशनल लेवल खिलाड़ी हैं, उनके सबसे बड़े प्रेरणा बने। बाद में वह पढ़ाई के लिए रायपुर आईं और यहीं से उनका करियर नई दिशा में बढ़ा। पहला झटका: जब नेशनल टीम में जगह नहीं मिली नेशनल कैंप तक पहुंचने के बाद भी उनका चयन नेशनल टीम में नहीं हुआ। ये उनके लिए बड़ा झटका था।किरण मानती हैं—उस समय फिटनेस और मानसिक तैयारी उतनी मजबूत नहीं थी। वो कहती हैं कि सलेक्शन नहीं हुआ तोसमझ आया कि सिर्फ टैलेंट नहीं, खुद को हर स्तर पर बेहतर बनाना जरूरी है। खुद को बदला: मेहनत, फिटनेस और पॉजिटिव सोच इस असफलता के बाद किरण ने हार नहीं मानी। फिटनेस पर जमकर काम किया मैच को समझना शुरू किया। हर स्थिति में खेलने की तैयारी की। वो कहती हैं कि सबसे बड़ा बदलाव उनके सोच में आया। उन्होंने तय किया कि कभी निगेटिव नहीं सोचूंगी, क्योंकि इसका सीधा असर खेल पर पड़ता है। कोच का साथ बना टर्निंग पॉइंट उनके कोच योगेश ने मुश्किल समय में उन्हें संभाला। जब भी आत्मविश्वास गिरता, कोच उन्हें पॉजिटिव रहने की सलाह देते। किरण की सबसे बड़ी ताकत उनकी वर्सेटिलिटी (हर पोजीशन पर खेलना) है। इंटरनेशनल सफर और चुनौतियां किरण भारत के लिए कई बार खेल चुकी हैं। 2022 SAFF चैंपियनशिप टीम का हिस्सा रहीं और यूरोप में भी खेल चुकी हैं। लेकिन यहां भी चुनौतियां खत्म नहीं हुईं। हाल ही में AFC विमेंस एशियन कप के लिए चयन नहीं होने का दर्द उन्हें झेलना पड़ा। किरण कहती हैं कि उनका फोकस साफ है। घरेलू लीग में लगातार अच्छा प्रदर्शन, भारतीय टीम में जगह पक्की करना और बड़े इंटरनेशनल टूर्नामेंट खेलना। सेलेक्शन नहीं हुआ तो इसका मतलब ये नहीं कि आप अच्छे खिलाड़ी नहीं हैं… इसका मतलब है कि आपको और मेहनत करनी है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे वॉर की वजह से टूरिज्म सेक्टर पर बुरा असर पड़ा है। जिससे गोरखपुर के टूरिज्म व्यापारियों का बिजनेस ठप पड़ गया है। समर वेकेशन में फॉरेन ट्रिप जाने वाले लोगों ने भारी मात्रा में अपने टिकट कैंसल करा दिया है। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट देशों की सभी बुकिंग्स कैंसल हो गई हैं। दूसरी तरफ फ्लाइट की टिकट भी महंगी हो गई है। इसका असर डोमेस्टिक ट्रिप पर भी देखने को मिल रहा है। वॉर की वजह से लोग देश के अंदर भी ट्रैवेल करने से कतरा रहे हैं। वहीं जो लोग बुकिंग्स करवा रहे भी रहे हैं। वे भी अपना डेस्टिनेशन साउथ एशियाई देशों को चुन रहे हैं। इन देशों में ज्यादातर बुकिंग्स वियनाम की हुई है। इसके अलावा, सिंगापुर, मालदीव, थाईलैंड जाना भी लोग पसंद कर रहे हैं। वहीं देश के अंदर नैनीताल, शिमला और अरुणाचल प्रदेश की बुकिंग्स हैं। 35 से अधिक बुकिंग्स कैंसिल होप फन ट्रैवल एजेंसी के ओनर शिव मिश्रा ने बताया कि महीने भर में दुबई, साउदी अरब, अबू धाबी, कतर समेत अन्य मिडिल ईस्ट देशों कि करीब 30-35 बुकिंग कैंसिल हुई हैं। जिनमें लगभग 150 पैसेंजर शामिल हैं। इंटरनेशनल उड़ानों की रेट भी 10-20 परसेंट तक बढ़ गई है। जिसकी वजह से बूकिंग्स नहीं हो रही है। इसके अलावा समर वोकेशन के लिए जो भी बूकिंग्स हो रही हैं, उनमें ज्यादातर लोगों की पहली पसंद वियतनाम है। वियतनाम पहली पसंद बनी साथ ही सिंगापुर, मलेशिया, मारिशस, दार्जिलिंग इंडोनेशिया, कंबोडिया की बुकिंग आ रही हैं। इस समय वार और फ्लाईट की टिकट महंगी होने की वजह से लोग इंडिया हो या फॉरेन कहीं भी ट्रैवल करने से कतरा रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि इस क्राइसिस के बीच क्या पता कब कहा फंस जाएं। उन्होंने बताया कि मार्च-अप्रैल का पीक सीजन होता है। मेरे पास जहां पहले 150- 200 तक बूकिंग्स होती थी। वह घट कर महज 15 से 20 तक रह गई हैं। जिन्होंने पहले से कराई थी वे भी कैंसिल हो गई हैं। डोमेस्टिक टूरिज्म को दे रहे बढ़ावा वहीं रॉयल टूर एंड ट्रेवल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के ओनर अहमद माआज ने बताया कि वॉर की वजह से इंटरनेशनल टूरिज्म को नुकसान पहुंचा है, लेकिन इससे गोरखपुर के लोगों में देश के अंदर ही घूमने का रुझान बढ गया है। क्योंकि ट्रैवल एजेंट्स भी डोमेस्टिक टूरिज्म को ही बढ़ावा दे रहे है। डोमेस्टिक ट्रिप के लिए लोग राजस्थान, आंध्र प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु, बनारस, नैनीताल, अरुणाचल प्रदेश जैसे जगहों को पसंद कर रहे हैं। वहीं वे लोग एशियाई देशों के पैकेज ऑफर कर रहे हैं, ताकि लोग कम से कम कुछ छुट्टियां मना सकें। इनमें मालदिव, थाईलैंड, श्रीलंका, सिंगापुर सस्ते और कम जोखिम वाले ऑप्शन हैं, क्योंकि इन रूट्स पर मध्य पूर्व का हवाई क्षेत्र शामिल नहीं होता। लगातार फ्लाइट्स कैंसिल हो रही त्रिदेव टूर एंड ट्रेवल के ओनर ध्रुव गौर ने बताया कि वॉर ने टूरिज्म को बहुत ही प्रभावित किया है। लोग लगातार फ्लाइट कैंसिल करवा रहे है। पहले की बुकिंग्स तो कैंसल हो रही है। फॉरेन ट्रिप के लिए नई बुकिंग्स भी नहीं मिल रही। जिसकी वजह से हमने डोमेस्टिक टूरिज्म का ऑप्शन लोगों के सामने रखना शुरू कर दिया है। ऐसा अगर लंबे समय तक चला तो दिक्कत होगी। जिसमें लोग फिर ऐसे ऑप्शन की तलाश करेगें जो आस पास के ही हो।
रतलाम के क्रिकेटर आशुतोष शर्मा मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) के सबसे महंगे खिलाड़ी बन गए हैं। उन्हें मालवा स्टैलियंस ने 15 लाख रुपए में खरीदा है। खुद आशुतोष ने रतलाम में फोन कर अपनी मां और बड़े भाई को इसकी जानकारी दी। 11 गेंदों में 50 रन बनाकर रिकॉर्ड बनाने वाले आशुतोष अब मध्यप्रदेश के सबसे महंगे खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं। परिजनों को जब यह जानकारी मिली तो वे बेहद खुश हो गए। उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। आशुतोष की मां हेमलता शर्मा ने बताया, “मुझे बड़े बेटे ने बताया, फिर आशु का भी फोन आया। बहुत खुशी हुई। बचपन से उसे क्रिकेट का शौक है। जब से उसने होश संभाला, तब से बल्ला ही संभाला है। क्रिकेट के अलावा उसे कुछ पसंद नहीं है। आज भी उसे खेलना ही सबसे अच्छा लगता है। बचपन से ही उसमें क्रिकेट के प्रति लगन रही है। वह 9 साल की उम्र से क्रिकेट खेल रहा है।” भाई अनिल शर्मा ने बताया, “बहुत खुशी हो रही है। शाम को आशु का फोन आया। उसने कहा—भैया, न्यूज देखी क्या? MPL में इंदौर में मेरी सबसे ऊंची बोली लगी है। तभी मुझे पता चला। बहुत अच्छा लग रहा है।” रतलाम में हुआ जन्म आशुतोष के पिता रामबाबू शर्मा मूलत मुरैना के पास कुमेरी के रहने वाले है। रतलाम में बीमा हॉस्पिटल में सर्विस के कारण वह रतलाम आकर बस गए। आशुतोष का जन्म रतलाम में हुआ है। 27 साल के आशुतोष शर्मा को घर में प्यार से सभी आशु बुलाते है। इसके अलावा भय्यु भी कहते है। मां हेमलता शर्मा बताती है कि आईपीएल टूर्नामेंट में जाने के पहले 16 मार्च को इंदौर में बेटे आशु के साथ दो से तीन साथ में रहे थे। 15 जनवरी को रतलाम से गया था। देहली कैपिटल टीम में शामिल आशुतोष अभी आईपीएल टूर्नामेंट में लखनऊ में है। देहली कैपिटल टीम का वह खिलाड़ी है। 1 अप्रैल को लखनऊ में देहली कैपिटल व लखनऊ की टीम का मैच है। उसमें आशुतोष खेलेगा। भाई अनिल शर्मा ने बताया कि आशुतोष तीसरी बार आईपीएल टूर्नामेंट खेल रहा है। 2 साल से वह देहली कैपिटल टीम में शामिल है। युवराज सिंह का तोड़ा था रिकॉर्ड आशुतोष शर्मा ने अक्टूबर 2023 में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी मैच में 11 गेंदों पर 50 रन बनाने का रिकॉर्ड बनाया था। जो कि टी-20 क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक बनाने का रिकॉर्ड था। आशुतोष ने क्रिकेटर युवराजसिंह के 12 गेंद का रिकॉर्ड तोड़ा था। 244 खिलाड़ियों की लगाई जा रही बोली MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। इसी बोली में आशुतोष को लेकर 15 लाख की बोली लगी है। जबकि दूसरे नंबर पर अक्षत रघुवंशी हैं, जिन्हें रीवा जगुआर ने 13.80 लाख रुपए देकर लिया है। तीसरी सबसे बड़ी बोली अनिकेत वर्मा को मिली। अनिकेत को भोपाल लेपर्ड्स ने 13 लाख 20 हजार रुपए में खरीदा। हर फ्रेंचाइजी को 50 लाख रुपए का पर्स इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में चल रही नीलामी में 244 खिलाड़ियों के लिए बोली लगाई जा रही है। हर फ्रेंचाइजी को खिलाड़ियों की खरीद के लिए 50 लाख रुपए का पर्स दिया गया है। MPL जून 2026 में इंदौर और ग्वालियर में खेला जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में रविवार को बर्फबारी हुई। लाहौल-स्पीति, कुल्लू के मनाली में बर्फबारी के बाद मौसम बदला नजर आया। वहीं, कश्मीर में भी घाटी के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक ऐसा वेस्टर्न डिस्टर्वेंस के कारण हुआ। जम्मू-कश्मीर में गुलमर्ग, पहलगाम, यूसमर्ग, गुरेज, रजदान टॉप और सोनमर्ग-जोजिला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई। श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और बांदीपोरा-गुरेज सड़क को बंद करना पड़ा। इधर हरियाणा-पंजाब के कुछ हिस्सों में रविवार को बारिश हुई। चंडीगढ़ में बारिश हुई। रविवार को दिल्ली में दिन का तापमान 36.2C रहा। जो सामान्य से 3.6C ज्यादा रहा। मौसम विभाग ने आज दिल्ली में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश में आज बारिश की संभावना है। साथ ही हीटवेव की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य के मौसम में अगले 48 घंटे में गिरावट आने की उम्मीद है। रविवार को राज्य की 78 जगहों पर तापमान 40C से ज्यादा रहा। बर्फबारी की 2 तस्वीरें… अगले दिन के मौसम का हाल 31 मार्च- मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश की संभावना है। केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में बिजली गिरने की आशंका है। 31 मार्च को बंगाल, सिक्किम और बिहार में आंधी आने की संभावना है।
Bigg Boss 18 : चुम दरांग को मिला अरुणाचल प्रदेश के सीएम का सपोर्ट
सलमान खान का पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 18' अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। हर कोई इस सीजन का विनर बनने के लिए पूरा जोर लगा रहा है। इन दिनों शो में 'टिकट टू फिनाले' टास्क चल रहा है। इस टास्क में विवियन डीसेना और चुम दरंग आमने-सामने खड़े हैं। वहीं ...

