नए वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। 31 मार्च की आधी रात से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत वेस्ट यूपी के कई हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर कार, जीप और हल्के वाहनों के लिए टोल ₹170 से बढ़ाकर ₹175 कर दिया गया है, जबकि बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों पर ₹15 तक की बढ़ोतरी की गई है। मल्टी एक्सल और ओवरसाइज वाहनों के टोल में भी इजाफा हुआ है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने के संकेत हैं। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बढ़ोतरी सबसे ज्यादा देखने को मिली है। यहां कार का टोल सीधे ₹35 से बढ़कर ₹85 हो गया है, जबकि बस और ट्रक के लिए ₹115 से ₹300 तक वसूले जाएंगे। भारी वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी ढाई गुना तक पहुंच गई है। मेरठ-पौड़ी हाईवे के भैंसा टोल प्लाजा पर भी 5 से 25 रुपए तक टोल बढ़ाया गया है। हालांकि मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर कार चालकों को राहत देते हुए एक तरफ का किराया ₹85 ही रखा गया है, लेकिन बस और ट्रक पर ₹20 की बढ़ोतरी की गई है। भैंसा और भूनी टोल प्लाजा पर 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास ₹350 में जारी रहेगा, जिससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। दिल्ली-देहरादून हाईवे के वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा पर फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां जुलाई तक पुराने रेट लागू रहेंगे। टोल दरों में इस बढ़ोतरी से रोजाना दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का मासिक बजट प्रभावित होगा, वहीं ट्रांसपोर्ट महंगा होने से बाजार में भी असर दिख सकता है।
आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई, जहाँ सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा टूट गया और निफ्टी 22,300 के स्तर पर बंद हुआ। वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच बाजार का हाल जानें।
तीन दिन की लगातार छुट्टी के बाद सोमवार को पंजीयन कार्यालयों में काम की उम्मीद लेकर पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। गर्मी को देखते हुए पंजीयन विभाग ने टेंट की व्यवस्था तो की थी, लेकिन आंतरिक समन्वय न होने से लोग परेशान होते रहे। बाहर लोग बैठे थे, लेकिन अंदर काम ठप रहा। वजह रही बैंकों की छुट्टी को लेकर गफलत, संपदा 2.0 का धीमा सर्वर और भू-अभिलेख की खामियां। महावीर जयंती की छुट्टी को लेकर असमंजस के चलते कई बैंक खुले ही नहीं, कुछ खुले तो दो घंटे में बंद करा दिए गए। ऐसे में स्टांप और लिमिट की प्रक्रिया अटक गई, जिससे रजिस्ट्री नहीं हो सकी। उधर, सर्वर की धीमी गति और राजस्व रिकॉर्ड में संशोधन नहीं होने से भी सही खसरे नहीं निकल पाए। वकील वरिष्ठ जिला पंजीयक से भी मिले और परेशानी बताई। आज रात 12 बजे तक हो सकेगी रजिस्ट्री मंगलवार को पुरानी गाइड लाइन से रजिस्ट्री का आखिरी दिन है। रात 12 बजे बाद नई गाइड लाइन आ जाएगी। बैंक बंद होने से स्टांप और लिमिट की प्रक्रिया अटकी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने बताया सोमवार को अचानक बैंकों की छुट्टी घोषित कर दी गई। रजिस्ट्री या अन्य पंजीयन से जुड़े कार्य कोषालय के बिना नहीं हो सकते। बैंक बंद होने से स्टाम्प और लिमिट की प्रक्रिया अटक गई। उधर, सर्वर की धीमी गति और खसरे में त्रुटियों के कारण भी दस्तावेज आगे नहीं बढ़ पाए। द्विवेदी ने बताया खसरा और भूअभिलेख के नामों में गलती थी। आवेदन दे दिए, फिर भी सुधार नहीं हुआ। खसरे में गलती के कारण कई रजिस्ट्रियां नहीं हो पा रही थीं। विभागीय त्रुटियों से परेशानी आम जनता को हुई। इसी कारण पंजीयन कार्यालय के बाहर तो भीड़ थी पर अंदर खाली पड़ा था। जिला पंजीयक से मिले वकील, सिस्टम की गड़बड़ बताई इधर, अधिवक्ता द्विवेदी, संजीव गवते, प्रकाश वर्मा, राजकुमार शर्मा, सतनामसिंह छाबड़ा सहित अन्य वकील वरिष्ठ जिला पंजीयक मंजूलता पटेल से भी मिले और परेशानी बताई। वकीलों ने कहा- निष्पादित दस्तावेज 4 माह तक प्रस्तुत किया जा सकता है। सरकारी लापरवाही, सिस्टम का सही काम न करना, तीन दिन बैंकों के बंद रहने और भू-अभिलेख में खामियों की वजह से पक्षकारों को परेशानी हुई है। पिछले कुछ दिनों में 1400 से 1500 डॉक्यूमेंट पंजीकृत हुए इधर, वरिष्ठ पंजीयक अमरेश नायडू ने बताया बैंकों की छुट्टी से कुछ हद तक परेशानी जरूर हुई, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हर दिन 1400 से 1500 दस्तावेज पंजीयन हुए। प्रत्येक जोन में 200 से 300 तो कहीं 400 से 500 भी हुए। इस वित्तीय वर्ष में अब तक की आय 2650 करोड़ तक पहुंच गई है और यह मंगलवार को 2700 करोड़ पहुंचने की संभावना है। पिछले साल इस अवधि में सरकार की इंदौर से आय 2540 करोड़ थी। इस साल का टारगेट 3300 करोड़ का था। हालांकि यह लक्ष्य पूरा होना मुश्किल है। तीन दिन छुट्टी के बाद थी आस, निराश होकर लौटे लोग वरिष्ठ अधिवक्ता पं. देवीप्रसाद शर्मा ने बताया तीन दिन के बाद आस थी कि सोमवार को पंजीयन सहित अन्य काम हो पाएंगे। बैंक खुलने का इंतजार था, पक्षकारों को आरटीजीएस जैसे काम भी करना थे। मुख्यालय के बैंक खुले भी थे, लेकिन दो घंटे बाद ही बंद करवा दिए गए।
कटिहार नगर निगम बजट बैठक:वित्तीय वर्ष 2026-27 में 300 करोड़ का बजड पास हुआ
कटिहार नगर निगम की बजट बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट पारित किया गया। यह बैठक शहर के विकास योजनाओं पर केंद्रित थी। बैठक की अध्यक्षता मेयर उषा देवी अग्रवाल ने की। इस दौरान सदर विधायक तारकेश्वर प्रसाद, डिप्टी मेयर मंजूर खान और नगर आयुक्त संतोष कुमार सहित कई निगम पार्षद उपस्थित रहे। पारित बजट में शहर के विकास हेतु कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। इनमें सुदृढ़ सड़क और नाला निर्माण, शहर का सौंदर्यीकरण, पार्क निर्माण, आधुनिक स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक सिग्नल जैसी परियोजनाएं प्रमुख हैं। इसके अतिरिक्त, पूरे शहर में सीसीटीवी सुरक्षा व्यवस्था, जल-जीवन-हरियाली अभियान, शहरी पेयजल योजना और हर घर नल का जल जैसी जनहितैषी योजनाएं भी बजट का हिस्सा हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, समग्र शहरी विकास और मोक्ष धाम निर्माण के लिए भी प्रावधान किया गया है। मेयर उषा देवी अग्रवाल ने बताया कि इस बजट का मुख्य उद्देश्य शहर के समग्र विकास को गति देना और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में अब केवल 1 दिन शेष हैं। ऐसे में मुजफ्फरपुर नगर निगम ने राजस्व वसूली को तेज करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू किया है। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह के निर्देश पर 31 मार्च को निगम और अंचल काउंटर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक खुले रहेंगे। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वे वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक बकाया टैक्स जमा करने पर किसी प्रकार का ब्याज (इंटरेस्ट) नहीं लगेगा, जिससे करदाताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। ऑनलाइन भी कर सकते हैं भुगतान उन्होंने कहा कि निगम की टीमें इन दो दिनों में लगातार कार्यरत रहेंगी, ताकि लोग आसानी से अपने टैक्स का भुगतान कर सकें। करदाता चाहें तो निगम कार्यालय पहुंचकर भुगतान कर सकते हैं, वहीं ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है। इसके लिए लोग mymmc.org वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे टैक्स जमा कर सकते हैं। नगर निगम प्रशासन को उम्मीद है कि इस विशेष अभियान से अधिक से अधिक लोग अपने बकाया कर का निपटारा करेंगे और शहर के विकास कार्यों के लिए राजस्व में वृद्धि होगी।
नीमच कृषि मंडी में 5 दिन बंद रहेगी नीलामी:वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग और त्योहारों के कारण अवकाश
नीमच जिले की कृषि उपज मंडियों में सोमवार से पांच दिनों तक नीलामी कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। नीमच, जीरन, मनासा और जावद की सभी मंडियों में यह अवकाश लागू रहेगा। यह फैसला वित्तीय वर्ष की क्लोजिंग और लगातार आ रहे त्योहारों के कारण लिया गया है। मंडी प्रशासन और व्यापारी संघ ने किसानों की सुविधा के लिए पिछले शनिवार और रविवार को विशेष रूप से मंडियां चालू रखी थीं, ताकि आवक का दबाव कम हो सके। किसानों को अनाज लेकर नहीं आने की अपील मंडी सचिव उमेश बसेड़िया ने बताया कि सोमवार वार्षिक लेखा बंदी के कारण अवकाश रहेगा। मंगलवार को महावीर जयंती का शासकीय अवकाश है। इसके बाद बुधवार, 1 अप्रैल को बैंकों की वार्षिक क्लोजिंग के कारण बैंक कार्य बंद रहेंगे। गुरुवार, 2 अप्रैल को हनुमान जयंती और शुक्रवार, 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे का शासकीय अवकाश होने से इन पांच दिनों में कोई भी व्यापारिक गतिविधि नहीं होगी। पांच दिनों के इस लंबे अंतराल के बाद मंडियों में दोबारा नीलामी कार्य शुरू होगा। किसानों से अपील की गई है कि वे अवकाश की अवधि के दौरान अपनी उपज लेकर मंडी न पहुंचें, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जयपुर विद्युत वितरण निगम ने वित्तीय वर्ष के अंत को देखते हुए झालावाड़ जिले में अपने कार्यालयों को सरकारी छुट्टियों में भी खुला रखने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य शत-प्रतिशत बकाया वसूली और बिजली बिलों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। इस पहल से आम उपभोक्ता अपनी बकाया राशि और बिजली बिल आसानी से जमा करा सकेंगे। यह कदम वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व वसूली के लक्ष्यों को प्राप्त करने में भी सहायक होगा। जयपुर विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता (एसई) विशंभर सहाय ने बताया कि 31 मार्च, मंगलवार तक बिजली बिल जमा कराने के लिए कार्यालय खुले रहेंगे। इसमें शनिवार, रविवार और अन्य सरकारी छुट्टियां भी शामिल हैं, जब कार्यालय सामान्य दिनों की तरह कार्य करेंगे। झालावाड़ जिले के सभी उपखंड कार्यालय स्तर के विद्युत निगम कार्यालयों पर यह व्यवस्था लागू होगी। उपभोक्ता इस अवधि के दौरान कार्यालय में संपर्क कर अपनी बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान करवा सकते हैं और बकाया विद्युत बिल जमा कर सकते हैं।
ईरान युद्ध से भारतीय अर्थव्यवस्था को जोरदार झटका संभव
पश्चिम एशिया में चल रहे व्यापक युद्ध, जिसमें अमेरिका-इज़राइल जोड़ी और ईरान शामिल हैं

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