भारतीय शेयर बाजारों में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी दर्ज की गई। सेंसेक्स 308.49 अंकों की बढ़त के साथ 74,459.53 पर और निफ्टी 116.35 अंकों की बढ़त के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ। बाजार में तेजी के बावजूद BSE पर लिस्टेड कंपनियों के मार्केट कैप में 4 लाख करोड़ रुपये की गिरावट दिखी। दिन में सेंसेक्स ने पिछले क्लोजिंग प्राइस से 591.55 अंकों तक की तेजी देखी और 74,742.59 के हाई तक गया।इसी तरह निफ्टी भी पिछले बंद भाव से 181.35 अंक तक चढ़कर 23,118.10 के हाई तक गया। IT कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीद और टाटा समूह की ट्रेंट के बेहतर नतीजों के बाद निवेशकों की ओर से अच्छी मांग देखने को मिली। 29 अक्टूबर को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 478.34 लाख करोड़ रुपये था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 474.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा दर्ज किया गया। यानि कि 4.01 लाख करोड़ रुपये की कमी।निफ्टी पर IT इंडेक्स 2.32 प्रतिशत और फार्मा इंडेक्स 1.55 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी पर ट्रेंट, इंडिगो, इंफोसिस, अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज और पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया टॉप गेनर्स रहे। दूसरी ओर श्रीराम फाइनेंस, नेस्ले इंडिया, महिंद्रा एंड महिंद्रा, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और अदाणी पोर्ट्स टॉप लूजर्स रहे।गुरुवार को कैसी रही थी बाजार की चालएक दिन पहले गुरुवार को सेंसेक्स 905.01 अंक या 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ था। निफ्टी 237.90 अंक या 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ था। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को शुद्ध रूप से 943.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।Sun Pharma Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 36% घटा, रेवेन्यू में 12% का इजाफा; शेयर चढ़ारुपये का हालशुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले रुपया 33 पैसे मजबूत होकर 94.93 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और बॉन्ड की यील्ड में गिरावट से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। रुपया गुरुवार को 2 पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
शेयर बाजार में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी है। आईटी कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीद और टाटा समूह की ट्रेंट के बेहतर नतीजों के बाद निवेशकों की ओर से अच्छी मांग दिख रही है।सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबार की शुरुआत हरे निशान में की। उसके बाद दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 580.38 अंक तक चढ़कर 74,731.42 के हाई तक गया। निफ्टी भी पिछले बंद भाव से 173.75 अंक तक चढ़कर 23,110.50 के हाई तक गया।एक दिन पहले सेंसेक्स 905.01 अंक या 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74,151.04 पर बंद हुआ था। निफ्टी 237.90 अंक या 1.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,936.75 पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं Stock Market में शुक्रवार को आई तेजी के अहम कारण...IT शेयरों में खरीदारीएशिया में ग्लोबल आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से जुड़े स्टॉक्स में गिरावट के बीच निफ्टी IT इंडेक्स में 2.3% की बढ़त दर्ज की गई। ऐसी चिंता जताई जा रही है कि AI पर भारी और बढ़ता खर्च शायद पर्याप्त रिटर्न न दे।एनालिस्ट AI से जुड़े स्टॉक्स में बिकवाली पर भारतीय IT कंपनियों को काफी डिफेंसिव बेनिफीशियरी के तौर पर देख रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि संभावना है कि कंपनियां महंगे इन-हाउस AI इनवेस्टमेंट के बजाय कॉस्ट-कटिंग, ऑटोमेशन और आउटसोर्सिंग को पसंद कर सकती हैं।सितंबर 2026 तिमाही में कॉग्निजेंट के स्टेबल रिजल्ट्स भी IT स्टॉक्स में तेजी की एक अहम वजह हैं। कॉग्निजेंट का रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी में सालाना आधार पर 4.8% बढ़कर 5.66 अरब डॉलर हो गया। यह काफी हद तक अनुमान के मुताबिक रहा। बुकिंग 4% बढ़कर 28.7 अरब डॉलर हो गई।Trent Share Price: अच्छे Q2 नतीजों से शेयर 6% तक भागा; जेफरीज, सिटी, नुवामा और HSBC का अब क्या है रुखरुपये में तेजीरुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 7 पैसे की बढ़त के साथ 95.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट से घरेलू मुद्रा को सपोर्ट मिला। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने रुपये की बढ़त को सीमित रखा। रुपया गुरुवार को 2 पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।चुनिंदा कंपनियों की अच्छी आयपिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स में 1% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अक्टूबर में अब तक निफ्टी में 1.6% और सेंसेक्स में 2.5% की बढ़त देखी गई है। जियोजीत इनवेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि चुनिंदा कंपनियों की आय में मजबूती और घरेलू मांग में स्थिरता से बाजार की व्यापक धारणा को सपोर्ट मिल रहा है। लेकिन कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा सुस्त शुरुआत के संकेत, एशियाई बाजारों में बिकवाली
Stock Market Live Update: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रहने के आसार हैं, क्योंकि शुक्रवार, 30 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत के संकेत दिए हैं।इस बीच, शुक्रवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला, जबकि टेक कंपनियों के निराशाजनक नतीजों के चलते अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में गिरावट दर्ज की गई।GIFT निफ्टी लगभग 23,038 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से करीब 15 अंक या 0.07% नीचे है। इससे भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के सपाट (फ्लैट) खुलने के संकेत मिलते हैं।
भारतीय अर्थव्यवस्था 2026 में 1991 जैसे बड़े मोड़ पर पहुंच सकती है, CEA Nageswaran ने दी जानकारी
मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने बृहस्पतिवार को कहा कि वर्ष 2026 भारत की अर्थव्यवस्था के लिए 1991 की तरह एक निर्णायक मोड़ साबित हो सकता है। हालांकि, मौजूदा चुनौतियां केवल बाहरी दबावों तक सीमित नहीं हैं और विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि एवं प्रौद्योगिकी से जुड़ी संरचनात्मक बाधाएं भी अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रही हैं। नागेश्वरन ने आईएसआईडी-आईडीआरए के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत वृहद आर्थिक स्थिरता और मजबूती का स्रोत है, लेकिन सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के शोर में कई बार इस तथ्य को भुला दिया जाता है। उन्होंने कहा, 2026 की तुलना 1991 से करने का मतलब यह नहीं है कि दोनों वर्षों की परिस्थितियां एक जैसी हैं। वर्ष 1991 में भारत भुगतान संतुलन संकट से जूझ रहा था, जबकि मौजूदा परिस्थितियों में बाहरी दबावों के साथ घरेलू अर्थव्यवस्था की संरचनात्मक चुनौतियां भी शामिल हैं। नागेश्वरन ने कहा कि 1991 का भुगतान संकट चार दशक में संचित गतिरोधों के चरम पर पहुंचने का नतीजा था। इसके विपरीत, 2026 में बाहरी दबावों ने भारत को अपनी वृद्धि यात्रा में एक ऐसे मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां आर्थिक रणनीति की बुनियादी समीक्षा जरूरी हो गई है। उन्होंने कहा, ‘‘2026 में चुनौती केवल बाहरी नहीं है। विनिर्माण, ऊर्जा, कृषि और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में संरचनात्मक बाधाएं भी दबाव बढ़ा रही हैं।’’नागेश्वरन ने कहा कि अब सबसे गंभीर झटके प्राकृतिक घटनाओं के कारण नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से उठाए गए कदमों से आ सकते हैं। उन्होंने चीन की ओर से सुरंग खोदने वाली मशीनों और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई उत्पादों के निर्यात के लिए लाइसेंस व्यवस्था लागू करने की घोषणा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत को भी ऐसे उत्पादों की जरूरत होगी। सीईए ने कहा, आपूर्ति पर निर्भरता को दबाव बनाने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का असर समय के साथ कम हो सकता है। हालांकि, शुरुआत में इसका असर गंभीर होता है, क्योंकि दूसरे देशों के लिए तत्काल उत्पादन बढ़ाना संभव नहीं हो पाता। नागेश्वरन ने कहा कि महामारी से पहले के चार दशकों और आने वाले 20-30 वर्षों की आर्थिक परिस्थितियों में बड़ा अंतर होगा। पहले के अधिकांश आर्थिक संकट मांग की कमी से जुड़े थे। ऐसे में केंद्रीय बैंक ब्याज दरें घटाकर और सरकारें राजकोषीय प्रोत्साहन देकर अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकती थीं। उन्होंने 1987 के शेयर बाजार संकट, 1990-91 के बचत एवं ऋण संकट, 1997-98 के पूर्वी एशियाई संकट, 2001 के प्रौद्योगिकी क्षेत्र के बुलबुले और 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन संकटों से निपटने के लिए कम ब्याज दरों, जरूरत के हिसाब से नकदी बढ़ाने और राजकोषीय प्रोत्साहन जैसे कदम उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि मांग की कमी होने पर अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना अपेक्षाकृत आसान होता है। लेकिन आपूर्ति की कमी होने पर वास्तविक वस्तुओं और उत्पादन की उपलब्धता चुनौती बन जाती है क्योंकि इसे सिर्फ मौद्रिक या राजकोषीय नीतियों से आसानी से दूर नहीं किया जा सकता। नागेश्वरन ने कहा कि अगले 30 वर्षों में आपूर्ति की कमी से उत्पादन और महंगाई पर पड़ने वाले असर के बीच मौद्रिक नीति लागू करना अधिक मुश्किल होगा। वहीं, कमजोर आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए राजकोषीय नीति की भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी।
सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल अडाणी ग्रुप की कंपनी अडाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के शेयर आज सबसे ज्यादा 5.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
29 अक्टूबर 2026 को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क सूचकांक - सेंसेक्स और निफ्टी - की शुरुआत सपाट रही। निवेशक इस समय वैश्विक मौद्रिक नीति के संकेतों के साथ-साथ मैक्रोइकॉनॉमिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं का आकलन कर रहे हैं। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 22.44 अंक (या 0.03 प्रतिशत) की बढ़त के साथ 73,268.47 पर खुला, जबकि निफ्टी 8.20 अंक गिरकर 22,690.65 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स 73,246.03 पर और निफ्टी 50, 22,698.85 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती सत्र में व्यापक सूचकांक (ब्रॉडर इंडेक्स) हरे निशान में कारोबार करते दिखे। बीएसई मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स में 40.06 अंकों की बढ़त रही, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 21.68 अंक (या 0.25 प्रतिशत) चढ़कर 8,749.80 पर हरे निशान में कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स पैक में TCS, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, NTPC और पावर ग्रिड में तेजी रही। शुरुआती कारोबार में TCS 1.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, ट्रेंट, HDFC बैंक, मारुति, बजाज फिनसर्व और बजाज फाइनेंस में गिरावट देखने को मिली, जिसमें ट्रेंट 3.98 प्रतिशत नीचे आ गया। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 1,484 शेयरों में तेजी आई, जबकि 1,284 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 94 शेयरों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ। इसे भी पढ़ें: Sensex में 245 अंकों की तेजी, Nifty भी 22761 के पार खुला गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक, 'गिफ्ट निफ्टी' ने आज बाजार में थोड़ी तेजी के साथ शुरुआत होने का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,733 के मुकाबले 87 अंक ऊपर, 22,820 पर खुला। बुधवार, 28 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने खरीदारी की और 871.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी खरीदारी की और 643.35 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। एनरिच मनी (Enrich Money) के CEO पोनमुडी आर ने कहा, कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) घरेलू बाजारों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। WTI क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है, जिससे मैक्रोइकॉनॉमिक चिंताएं बनी हुई हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव भी काफी अधिक है। तनाव कम करने की दिशा में कोई खास कूटनीतिक प्रगति नहीं दिख रही है, जिससे निकट भविष्य के आउटलुक को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। इसे भी पढ़ें: Sensex में 353 अंक की गिरावट, Reliance और IT शेयरों पर पड़ा दबाव आज के एशियाई बाज़ार अल्फाबेट की कमाई उम्मीद से कम रहने के बाद एशियाई शेयरों में गिरावट आई, जिससे वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स भी नीचे आ गए। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशक सतर्क बने रहे। खबर लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 सूचकांक 140.81 अंक (0.22%) बढ़कर 64,095 पर था। वहीं, हांगकांग का हैंग सेंग 22.83 अंक (0.10%) गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 124.50 अंक (2.07%) नीचे आ गया। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 34.35 अंक (0.93%) गिर गया।
भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए 2026 क्यों है 1991 जैसा?: मुख्य आर्थिक सलाहकार ने बताईं बड़ी चुनौतियां, जानें सबकुछ
Stock Market Today: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 100 अंक चढ़ा; IT और बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news : सेंसेक्स की मंथली एक्सपायरी के दिन ठीक-ठाक संकेत हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्की बढ़त है। FIIs की कैश में लगातार दूसरे दिन खरीदारी रही। वहीं एशियाई बाजार मिक्स दिख रहे हैं। निक्केई में बढ़त है। लेकिन कॉस्पी 2% नीचे है। दूसरी ओर US INDICES में भी हल्की बढ़त रही है। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यू28 अक्टूबर को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी 22,700 के स्तर के आसपास बंद हुआ। IT और तेल एवं गैस शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव बनाया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 352.64 अंक या 0.48 प्रतिशत गिरकर 73,246.03 पर और निफ्टी 50.90 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 22,698.85 पर बंद हुआ।US FED ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कियाअमेरिकी फेड ने ब्याज दरें नहीं बढ़ाईं हैं और इसकी 3.75%-4% की रेंज बरकरार रखी है। फेड के बयान में कहा गया है कि इकोनॉमी मजबूत है लेकिन ऊंची महंगाई को लेकर चिंता है। जानकारों ने दिसंबर में रेट हाईक की आशंका जताई है।कच्चे तेल की टेंशन कायमकच्चे तेल की टेंशन कायम है। क्रूड 114 डॉलर के पास ट्रेड कर रहा है। ट्रंप की धमकी में कहा गया है कि इलेक्शन के बाद ईरान पर बड़ा फैसला ले सकते हैं।हीरो मोटोकॉर्प के Q2 नतीजे अनुमान के मुताबिकदूसरी तिमाही में हीरो मोटोकॉर्प के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे। कंपनी के स्टैंडलोन मुनाफे में 4.5 परसेंट तो रेवेन्यू में 21 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। लेकिन मार्जिन पर 160 bps का दबाव दिखा है। उधर फोर्स मोटर्स का मुनाफा 16 परसेंट तो मार्जिन 260 Bps घटा है।बंधन बैंक का मुनाफा 24% बढ़ा, NII फ्लैटQ2 में बंधन बैंक का मुनाफा करीब 24% बढ़ा है। लेकिन ब्याज से कमाई सिर्फ एक परसेंट बढ़ी है। हालांकि असेट क्वॉलिटी में सुधार हुआ है। दूसरी ओर PNB हाउसिंग का प्रॉफिट 33% बढ़ा है। NII में 16% का उछाल आया है।पिडिलाइट के नतीजे कमजोर, मार्जिन पर पड़ी मारदूसरी तिमाही में पिडिलाइट के नतीजे कमजोर रहे हैं। कंपनी का मुनाफा और रेवेन्यू दोनों बढ़े हैं। लेकिन उम्मीद से कम रहे हैं। मार्जिन पर भी मार पड़ी है, दूसरी ओर युनाइटेड स्पिरिट्स के रिजल्ट भी फीके रहे हैं। प्रॉफिट दो परसेंट घटा है। मार्जिन भी अनुमान से कम रहा है।निफ्टी की चार कंपनियों के नतीजे आजनिफ्टी की चार कंपनियां,एशियन पेंट्स, ट्रेंट, इंडिगो और कोल इंडिया आज अपने तिमाही नतीजे पेश करेंगी। एशियन पेंट का मुनाफा 12% बढ़ सकता है। हालांकि मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिख सकता है । साथ ही लॉरस लैब, ब्लूस्टार, गोदरेज कंज्यूमर समेत वायदा की 8 कंपनियों के नतीजों का भी इंतजार रहेगा।एशियाई मुद्राओं में बढ़तअमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई मुद्राओं में तेजी आई है। दक्षिण कोरियाई वॉन 0.744 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे है। जबकि फिलीपीन पेसो में 0.258 प्रतिशत की तेजी आई है। मलेशियाई रिंगित, थाई बाहत, सिंगापुर डॉलर, ताइवान डॉलर और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई है। इस बीच,डॉलर के मुकाबले इंडोनेशियाई रुपया 0.154 प्रतिशत कमजोर हुआ है। जबकि जापानी येन में 0.038 प्रतिशत की गिरावट आई है।विदेशी निवेशक नेट बॉयर बने रहे28 अक्टूबर को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी खरीदारी का सिलसिला जारी रखा और 871 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे,जबकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी शुद्ध खरीदार बन गए और उन्होंने इस सत्र के दौरान शेयरों में 643 करोड़ रुपये का निवेश किया।US बॉन्ड यील्डकेविन वॉर्श के प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू करने के बाद ट्रेजरी यील्ड कर्व में तेजी आई। 10-वर्षीय ट्रेजरी की यील्ड 5.01 प्रतिशत पर स्टेबल रही, जबकि 2-वर्षीय ट्रेजरी की यील्ड मामूली बढ़त के साथ 4.70 प्रतिशत हो गई है।डॉलर इंडेक्सगुरुवार को अमेरिकी डॉलर में स्थिरता रही। फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों को स्थिर रखा, साथ ही यह संकेत दिया कि आने वाले समय में महंगाई के आंकड़े भविष्य की नीति को प्रभावित करेंगे। इससे ब्याज दरों के भविष्य को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी हुई है। फिलहाल डॉलर इंडेक्स 102.25 के लेवल पर दिख रहा है।Market cues : टेक्निकल इंडिकेटर्स कमजोर रुझान के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने के दे रहे संकेत, रहें सतर्क
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा पॉजिटिव शुरुआत के संकेत, एशिया में तेजी
Stock Market Live Update: भारतीय शेयर बाजार के बढ़त के साथ खुलने की संभावना है, क्योंकि गुरुवार, 29 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सकारात्मक शुरुआत के संकेत दिए हैं।इस बीच, एशियाई बाजारों में काफी तेजी देखी गई, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा यथास्थिति बनाए रखने के बाद अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में उतार-चढ़ाव रहा और वे एक सीमित दायरे में कारोबार करते रहे।GIFT निफ्टी लगभग 22,766 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 33 अंक या 0.15% ऊपर है। इससे भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के सकारात्मक शुरुआत करने के संकेत मिलते हैं।
28 October, 2026 Stock Market Highlights: लाल निशान में बंद हुआ बाजार, आईटी स्टॉक्स में बड़ी गिरावट
आज सेंसेक्स की 30 में से सिर्फ 9 कंपनियों के शेयर ही बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुए और बाकी की सभी 21 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
Stock Market Update: शेयर बाजार में दिनभर रही उतार-चढ़ाव की स्थिति, सेंसेक्स 700 अंक तक फिसला; कच्चे तेल और IT शेयरों ने बढ़ाई चिंता
वॉल स्ट्रीट में रात भर की बढ़त और एशियाई बाजारों में मजबूती के बावजूद, भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी 28 अक्टूबर, 2026 को गिरावट के साथ खुले। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 345.23 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 73,253.44 पर आ गया, जबकि निफ्टी 71.75 अंक गिरकर 22,708.80 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 73,606.75 और निफ्टी 50 22,678 पर बंद हुआ था। हालांकि, व्यापक सूचकांकों में शुरुआती सत्र में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जहां बीएसई मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 57.11 अंक गिर गया, वहीं बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 9.45 अंक या 0.11 प्रतिशत बढ़कर 8,663.67 पर हरे निशान में कारोबार कर रहा था। सेंसेक्स बाजार में एल एंड टी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक, मारुति और पावर ग्रिड के शेयरों में तेजी देखी गई। शुरुआती कारोबार में एल एंड टी के शेयरों में 5.86 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, टीसीएस और आईटीसी के शेयरों में गिरावट आई। इंफोसिस के शेयर 3.98 प्रतिशत गिरे। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा। एनएसई पर 1,650 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि 1,192 शेयरों में बढ़त हुई। 105 शेयर अपरिवर्तित रहे। इसे भी पढ़ें: Jio Platforms की शेयर बाजार में मजबूत शुरुआत, 21 प्रतिशत से ज्यादा प्रीमियम पर लिस्ट गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक गिफ्ट निफ्टी ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,812 से 98.5 अंक गिरकर 22,713.50 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने मंगलवार, यानी 27 अक्टूबर को 4,240.39 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने शेयर बेचकर 1,250.03 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। चॉइस ब्रोकिंग के तकनीकी अनुसंधान विश्लेषक हितेश टेलर ने कहा घरेलू बाजारों में कमजोर शुरुआत देखने को मिल सकती है, क्योंकि हालिया FII खरीदारी के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में गिरावट के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, शुरुआती गैप, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और फेड के नीतिगत फैसले से बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निफ्टी का प्रमुख सपोर्ट लेवल के पास स्थिर होना इस बात को तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि शुरुआती कमजोरी खरीदारी को आकर्षित करती है या गिरावट को और बढ़ाती है। इसे भी पढ़ें: Jio Platforms की शेयर बाजार में बंपर शुरुआत, 23 प्रतिशत बढ़त के साथ बनी देश की दूसरी मूल्यवान कंपनी आज एशियाई बाज़ार अमेरिकी बाज़ारों में उछाल के बाद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रति उत्साह में पुन: वृद्धि के चलते एशियाई बाज़ारों में तेज़ी देखी गई। जापान का निक्केई 225 सूचकांक 822.63 अंक या 1.30 प्रतिशत बढ़कर 64,091 पर पहुँच गया। इसी प्रकार, हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक 69.68 अंक या 0.30 प्रतिशत बढ़ा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक 352.11 अंक या 6.24 प्रतिशत बढ़ा। शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक 26.14 अंक या 0.72 प्रतिशत बढ़ा।
भारत की आर्थिक प्रगति, आत्मनिर्भरता और वैश्विक स्तर पर बढ़ती भूमिका को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और आर्थिक विकास के साथ नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे […] The post CM Yogi on Indian Economy: ‘भारत आर्थिक शक्ति का नया अध्याय लिख रहा’, योगी आदित्यनाथ ने PM मोदी के नेतृत्व को दिया श्रेय appeared first on https://rajsattaexpress.com .
PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में
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