भारतीय इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स - सेंसेक्स और निफ्टी - ने कल की तेज़ी को बनाए रखा और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच बढ़त के साथ खुले। इस दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 94 USD के करीब पहुँच गई और US बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी हुई। 30-शेयर वाला BSE सेंसेक्स 163.35 अंक या 0.21 प्रतिशत बढ़कर 77,701.07 पर खुला, जबकि निफ्टी 52.2 अंक की बढ़त के साथ 24,284.05 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में, सेंसेक्स 77,537.72 पर और निफ्टी 50 24,231.85 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में बड़े इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 55.96 अंक ऊपर था, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 56.13 अंक या 0.61 प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 9,208.82 पर ट्रेड कर रहा था। इसे भी पढ़ें: कैलिफोर्निया हमारा है...Trump ने होर्मुज को बताया अमेरिका का इलाका, अब ईरान ने भी तगड़ा खेल कर दिया सेंसेक्स में शामिल शेयरों में 'इटर्नल', सन फार्मा, टाइटन, कोटक बैंक और BEL बढ़त बनाने वाले शेयरों में शामिल थे; शुरुआती कारोबार में 'इटर्नल' 0.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, इंफोसिस, TCS, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे, जिसमें इंफोसिस में 0.52 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई। इसे भी पढ़ें: Visakhapatnam: teacher के थप्पड़ से 6 वर्षीय छात्र की मौत, जांच समिति गठित शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 1,563 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 728 शेयरों में गिरावट हुई। 186 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, निकट भविष्य के लिए रुख सावधानी के साथ सकारात्मक लेकिन उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है। गुरुवार को भारतीय इक्विटी में आई रिकवरी से कुछ राहत मिली है, लेकिन कमजोर अमेरिकी बाजार, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों के कारण आगे और खरीदारी सीमित हो सकती है। घरेलू समर्थन के बावजूद, बाजार गिरावट पर चुनिंदा खरीदारी के पक्ष में रह सकता है, जबकि ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास भू-राजनीतिक घटनाक्रम अहम कारक बने रहेंगे। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक, गिफ्ट निफ्टी ने आज सपाट से नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया, क्योंकि यह पिछले बंद भाव 24,297.50 के मुकाबले 15 अंक गिरकर 24,282.50 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली की और 20 अगस्त, 2026 को 583.36 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। इसी तरह, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी जारी रखी और 3,537.71 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। आज एशियाई बाजार शुक्रवार को एशियाई इक्विटी में उतार-चढ़ाव बना रहा, क्योंकि अमेरिकी शेयर सूचकांकों में भारी गिरावट आई और बॉन्ड बाजार में मिली थोड़ी राहत अचानक खत्म हो गई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 266.79 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 65,950 पर था। हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग (Hang Seng) में 204.51 अंक या 0.80 प्रतिशत की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी (Kospi) में 59.15 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
भारतीय शेयर बाज़ार के बेंचमार्क इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी ने कल की तेज़ी को बनाए रखा और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच बढ़त के साथ खुले। इस दौरान ब्रेंट क्रूड की कीमत 94 डॉलर के करीब पहुँच गई और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में फिर से बढ़ोतरी हुई। 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 163.35 अंक या 0.21 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,701.07 पर खुला, जबकि निफ्टी 52.2 अंक की बढ़त के साथ 24,284.05 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 77,537.72 पर और निफ्टी 50 24,231.85 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती ट्रेडिंग सेशन में ब्रॉडर इंडेक्स भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स 55.96 अंक ऊपर था, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स ने 56.13 अंक या 0.61 प्रतिशत की बढ़त हासिल की और 9,208.82 पर ट्रेड किया। इसे भी पढ़ें: Stock Market Manipulation: सेबी ने सेंसेक्स में कृत्रिम तेजी लाने वाली दो फर्मों पर की बड़ी कार्रवाई, Profit पर लगाई रोक सेंसेक्स में शामिल शेयरों में Eternal, सन फार्मा, टाइटन, कोटक बैंक और BEL बढ़त बनाने वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें Eternal ने शुरुआती कारोबार में 0.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, इंफोसिस, TCS, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस और अल्ट्राटेक सीमेंट गिरावट वाले शेयरों में शामिल थे, जिनमें इंफोसिस में 0.52 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख सकारात्मक रहा; NSE पर 1,563 शेयरों में बढ़त देखी गई, जबकि 728 शेयरों में गिरावट आई। 186 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा निकट भविष्य के लिए बाजार का रुख सावधानी के साथ सकारात्मक लेकिन उतार-चढ़ाव वाला बना हुआ है। गुरुवार को भारतीय शेयरों में आई रिकवरी से कुछ राहत मिली है, लेकिन अमेरिकी बाजारों में कमजोरी, ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और कच्चे तेल की कीमतों के कारण आगे और खरीदारी सीमित हो सकती है। घरेलू बाजार को मिल रहे समर्थन को देखते हुए, बाजार में गिरावट पर चुनिंदा खरीदारी को प्राथमिकता दी जा सकती है, जबकि ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जुड़ी भू-राजनीतिक घटनाएं बाजार की चाल तय करने वाले अहम कारक बने रहेंगे। इसे भी पढ़ें: Rupee 17 पैसे मजबूत होकर 95.56 प्रति US Dollar पर पहुंचा, सेंसेक्स 504 अंक उछला गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के लिए शुरुआती संकेत देने वाले 'गिफ्ट निफ्टी' ने आज सपाट से नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 24,297.50 के मुकाबले 15 अंक गिरकर 24,282.50 पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली की और 20 अगस्त, 2026 को 583.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने खरीदारी जारी रखी और 3,537.71 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। आज एशियाई बाज़ार शुक्रवार को एशियाई शेयर बाज़ारों में उतार-चढ़ाव देखा गया। इससे पहले, प्रमुख अमेरिकी शेयर सूचकांकों में भारी गिरावट आई थी, क्योंकि बॉन्ड बाज़ार में मिली थोड़ी राहत अचानक खत्म हो गई थी। रिपोर्ट लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 सूचकांक 266.79 अंक या 0.40 प्रतिशत गिरकर 65,950 पर था। हालांकि, हांगकांग के हैंग सेंग में 204.51 अंक या 0.80 प्रतिशत की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 59.15 अंक या 0.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
Stock Market Opening :हल्की बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार, सेंसेक्स 54 अंक ऊपर; निफ्टी 24,250 के पास, 5 शेयरों में तेजी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के हालिया विचार-विमर्श और बयानों से देश में ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद लगाए बैठे कर्जदारों को झटका लग सकता है। एमपीसी के एक प्रमुख सदस्य ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि देश में खुदरा मुद्रास्फीति (Retail Inflation) तय लक्ष्य से ऊपर बनी रहती है या खाद्य महंगाई के कारण कीमतों में दोबारा उबाल आता है, तो केंद्रीय बैंक महंगाई को काबू में करने के लिए पॉलिसी रेपो रेट (Repo Rate) में बढ़ोतरी करने के कड़े कदम से परहेज नहीं करेगा। इस बयान के बाद वित्तीय बाजारों में यह संकेत गहरा गया है कि आरबीआई के लिए आर्थिक वृद्धि (Growth) को सहारा देने के साथ-साथ महंगाई को 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर स्थिर रखना सर्वोच्च प्राथमिकता बना हुआ है।4% के लक्ष्य से भटकी महंगाई तो सख्त रुख अपनाएगा केंद्रीय बैंकआरबीआई का मुख्य कानूनी अधिदेश उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई को 4 प्रतिशत (+/- 2% के टॉलरेंस बैंड) के दायरे में बनाए रखना है। एमपीसी सदस्य के अनुसार, भले ही हेडलाइन महंगाई कुछ समय के लिए 5 प्रतिशत के आसपास स्थिर दिखे, लेकिन जब तक यह टिकाऊ आधार पर 4 प्रतिशत के लक्ष्य के करीब नहीं आती, तब तक नीतिगत ढिलाई की कोई गुंजाइश नहीं है। यदि मौसम की मार, भू-राजनीतिक संकट या कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, तो केंद्रीय बैंक अपनी 'विड्रॉल ऑफ एकॉमोडेशन' (Withdrawal of Accommodation) या तटस्थ नीति को बदलकर दरों में इजाफे का सख्त रुख अपना सकता है।खाद्य महंगाई और अनिश्चित मॉनसून बने सबसे बड़े जोखिमभारतीय अर्थव्यवस्था में खुदरा महंगाई को भड़काने में सबसे बड़ा हाथ खाद्य वस्तुओं की टोकरी (Food Basket) का होता है, जिसकी सीपीआई इंडेक्स में लगभग 45 प्रतिशत हिस्सेदारी है:सब्जियों, दालों और मसालों में उतार-चढ़ाव: जलवायु परिवर्तन और बेमौसम बारिश या अत्यधिक गर्मी के कारण दलहन, खाद्य तेल और सब्जियों की कीमतों में बार-बार आने वाला उछाल कोर इन्फ्लेशन (Core Inflation) को भी प्रभावित करने लगता है।सप्लाई चेन और वैश्विक रुकावटें: पश्चिम एशिया और लाल सागर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के चलते समुद्री माल ढुलाई (Freight Rates) और आयातित कच्चे माल की लागत बढ़ने से विनिर्माण क्षेत्र में लागत बढ़ रही है, जिसका बोझ अंततः उपभोक्ताओं पर पड़ता है।कच्चे तेल की कीमतें: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल के दामों में अचानक होने वाली तेजी भारत के आयात बिल और परिवहन लागत को सीधे तौर पर बढ़ाकर महंगाई के दबाव को हवा देती है।लोन की EMI और आम जनता की जेब पर सीधा प्रभावयदि केंद्रीय बैंक आगामी नीतिगत बैठकों में रेपो रेट बढ़ाने का फैसला लेता है, तो इसका सीधा असर आम जनता, होम बायर्स और मिडिल क्लास के बजट पर पड़ेगा:होम और ऑटो लोन की EMI में इजाफा: वाणिज्यिक बैंक (जैसे SBI, HDFC, ICICI आदि) अपने लोन की ब्याज दरों को सीधे आरबीआई के एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR/RLLR) से जोड़ते हैं। रेपो रेट बढ़ते ही फ्लोटिंग रेट वाले सभी होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की मासिक किस्त (EMI) या लोन की अवधि तुरंत बढ़ जाएगी।नई उधारी होगी महंगी: कंपनियों और कॉरपोरेट्स के लिए बैंकों से वर्किंग कैपिटल या नया निवेश जुटाने की लागत बढ़ेगी, जिससे नई परियोजनाओं और रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी हो सकती है।बैंक एफडी पर मिलेगा लाभ: ब्याज दरें बढ़ने का एकमात्र सकारात्मक पहलू जमाकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों को मिलता है, क्योंकि बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और बचत खातों पर ब्याज दरें बढ़ा देते हैं।आगामी एमपीसी बैठकों का आउटलुक और विश्लेषकों की रायआर्थिक विश्लेषकों और ब्रोकरेज हाउसेज का मानना है कि आरबीआई जल्दबाजी में कोई भी नीतिगत ढिलाई नहीं दिखाएगा। जब तक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और घरेलू कृषि उत्पादन के स्पष्ट आंकड़े सामने नहीं आते, तब तक केंद्रीय बैंक 'वेट एंड वॉच' की मुद्रा में रहेगा। यदि आने वाले महीनों में महंगाई के आंकड़े तय सीमा से बाहर जाते हैं, तभी दरों में बढ़ोतरी की वास्तविक संभावना बनेगी, अन्यथा लंबे समय तक दरों को ऊंचे स्तर (Higher for Longer) पर बनाए रखने की रणनीति जारी रहेगी।
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी 70 अंक चढ़ा, सेंसेक्स-निफ्टी की हो सकती है मजबूत शुरुआत
Stock Market Live Update: अमेरिका-ईरान के बीच गहराते विवाद से US बॉन्ड यील्ड में फिर उछाल देखने को मिला। अमेरिकी बाजार 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% पर पहुंचने से नर्वस हुआ। डाओ जोंस 700 प्वाइंट से ज्यादा फिसला। S&P और नैस्डैक भी एक परसेंट फिसले। उधर एशियाई बाजारों में भी नरमी देखने को मिली। निक्केई और कॉस्पी में करीब एक परसेंट का दबाव दिख रहा है । इस बीच अमेरिका और एशिया से खराब संकेतों के बावजूद गिफ्ट निफ्टी में मजबूती देखने को मिली। करीब 70 प्वाइंट ऊपर चढ़ा। इधर FIIs की कैश में हल्की बिकवाली देखने को मिला। लेकिन वायदा में खरीदारी रही। हालांकि FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट दो लाख 12 हजार के पार रहा।
शेयर बाजार में कारोबार खत्म होने से कुछ मिनट पहले सेंसेक्स में आई असामान्य तेजी ने अब बाजार नियामक का ध्यान खींच लिया है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने 13 अगस्त को हुए कारोबार में कॉप्थॉल मॉरीशस इन्वेस्टमेंट और मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग पर कथित तौर पर बाजार में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। दोनों संस्थाओं से कुल 3.68 करोड़ रुपये का कथित अनुचित लाभ रोकने का आदेश दिया गया है। मामला सेंसेक्स के नए समापन नीलामी सत्र से जुड़ा है। गौरतलब है कि यह व्यवस्था अगस्त की शुरुआत में शुरू की गई थी और इसका मकसद कारोबार खत्म होने पर शेयरों की अंतिम कीमत तय करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। 13 अगस्त को साप्ताहिक विकल्प सौदों की समाप्ति का दिन था। इसी दौरान सेंसेक्स में कुछ ही मिनटों के भीतर तीन बार अचानक तेज उछाल देखने को मिला। मौजूद जानकारी के अनुसार, सेंसेक्स एक समय 77,661 से बढ़कर 78,023 अंक तक पहुंच गया। इसके बाद 77,708 से 77,841 और फिर 77,788 से 78,193 अंक तक उछाल आया। सेबी के मुताबिक ये बदलाव सामान्य बाजार गतिविधि के मुकाबले असामान्य थे और बड़े आदेशों के साथ इनका सीधा संबंध दिखाई दिया। सेबी की जांच में सामने आया कि कॉप्थॉल ने सेंसेक्स में शामिल कंपनियों के शेयरों के लिए ऊंची कीमतों पर बड़े खरीद आदेश लगाए। उसने 32 आदेशों के जरिये करीब 3.17 करोड़ शेयर खरीदने की पेशकश की, जिनकी कुल कीमत लगभग 66.57 करोड़ रुपये थी। इनमें से करीब 1.04 करोड़ शेयरों के आदेश बाद में रद्द कर दिए गए। ये आदेश तय संदर्भ कीमत से करीब तीन प्रतिशत ऊपर रखे गए थे। इसके बाद कॉप्थॉल ने कुछ ही सेकंड में दोबारा बड़े खरीद आदेश लगाए। सेबी के अनुसार, 12 सेकंड के भीतर उसके आदेशों का कुल मूल्य 126.59 करोड़ रुपये रहा। तीसरे उछाल के दौरान भी उसने बड़े पैमाने पर खरीद आदेश दिए और थोड़े समय बाद उन्हें वापस ले लिया। दूसरी ओर, मानसी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकिंग ने रिलायंस, भारतीय स्टेट बैंक, एटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, एल एंड टी और इन्फोसिस जैसे शेयरों में संदर्भ कीमत से 1.5 से 3 प्रतिशत नीचे बिक्री आदेश लगाए। इन आदेशों की कुल कीमत 145.65 करोड़ रुपये थी, जबकि बाद में 99 प्रतिशत से अधिक आदेश रद्द कर दिए गए। सेबी के मुताबिक, दोनों संस्थाओं के पास उसी दिन समाप्त होने वाले सेंसेक्स विकल्प सौदों में ऐसी स्थितियां थीं, जिनसे सूचकांक के ऊपर जाने पर फायदा हो सकता था। कॉप्थॉल के पास 77,500, 78,000 और 78,500 के स्तर पर खरीद विकल्प और बिक्री विकल्प की स्थिति थी, जबकि मानसी के पास 77,800 के खरीद विकल्प तथा 77,800, 77,900 और 78,000 के स्तर पर बिक्री विकल्प की स्थिति थी। नियामक का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण सेंसेक्स 13 अगस्त को 77,840 के बजाय करीब 78,080 अंक पर बंद हुआ। सेबी ने दोनों संस्थाओं को शेयर बाजार और समापन नीलामी सत्र में कारोबार से रोक दिया है। उनके खातों से बिना अनुमति राशि निकालने पर भी रोक लगाई गई है। साथ ही, दोनों को अपने नाम पर सावधि जमा बनाकर संबंधित रकम पर सेबी के पक्ष में अधिकार दर्ज कराने को कहा गया है। बता दें कि सेबी ने इसी समापन नीलामी सत्र में सेंसेक्स में करीब 451 अंकों की तेज गिरावट की भी अलग से जांच शुरू की है। फिलहाल यह कार्रवाई अंतरिम आदेश के आधार पर है और मामले की आगे की जांच जारी है।
Stock Market Opening :बाजार में लौटी रौनक! सेंसेक्स545 और निफ्टी134 नक उछला, Infosys समेत दिग्गज शेयरों में तेजी
Stock Market Rally: अमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमी, एशियाई बाजारों में रौनक और निचले स्तर पर खरीदारी के चलते घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज काफी चहल-पहल दिख रही हैं। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24200 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी अच्छी रौनक है और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सों की बात करें तो फिलहाल 09:40 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 554.30 प्वाइंट्स यानी 0.72% की बढ़त के साथ 77,463.98 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 127.30 प्वाइंट्स यानी 0.53% के उछाल के साथ 24,205.60 पर है। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 585.11 प्वाइंट्स चढ़कर 77,494.79 और निफ्टी 147.15 प्वाइंट्स बढ़ककर 24,225.45 तक पहुंच गया था।Stock Market Rally: ये है वजहअमेरिकी बॉन्ड मार्केट में नरमीअमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स का बायबैक बढ़ाने का चौंकाने वाला फैसला किया तो लॉन्ग टर्म वाली ट्रेजरी बॉन्ड्स की यील्ड्स अचानक नीचे आ गई। इससे स्टॉक मार्केट में बहार छा गई। अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने सरकारी डेट बायबैक को कम से कम दोगुना करने का ऐलान किया है। इस ऐलान से 30-साल का ट्रेजरी बॉन्ड की फटाक से गिरकर 5.26% से 5.18% और 10-साल का ट्रेजरी यील्ड 4.68% से 4.63% पर आ गया। इसके नीचे आने से भारत जैसे एमर्जिंग मार्केट में निवेश और आकर्षक हो गया।आईटी सेक्टर का मजबूत सपोर्टसेक्टरवाइज मार्केट को सभी सेक्टर का मजबूत सपोर्ट मिल रहा है और सबसे अधिक आईटी सेक्टर का। सिर्फ निफ्टी आईटी में ही फिलहाल 1% से अधिक बढ़त है मेटल, फार्मा, पीएसयू बैंक और प्राइवेट बैंक के निफ्टी इंडेक्सेज में आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त है।एशियाई बाजारों में रौनकभारतीय स्टॉक मार्केट को अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से सपोर्ट मिला है। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 6% से अधिक, इंडोनेशिया का जकार्ता कंपोजिट, जापान का निक्केई 225 और हॉन्ग कॉन्ग का हैंग सैंग 1% से अधिक उछल पड़ा। थाईलैंड के सेट कंपोजिट में आधे फीसदी की बढ़त है। हालांकि सिंगापुर के स्ट्रेट टाइम्स और ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।निचले स्तर पर खरीदारीएक कारोबारी दिन पहले स्टॉक मार्केट की भयंकर मारकाट में आईटीसी, एचडीएफसी बैंक, एचयूएल, डाबर इंडिया, आईआरएफसी, यूपीएल, आईआरबी इंफ्रा, एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट जैसे दिग्गजों समेत 100 से अधिक स्टॉक्स एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए थे। इसका फायदा निवेशकों ने उठाया जिससे भाव मजबूत हुए।स्टॉक मार्केट में आज की लाइव हलचल के लिए यहां जुड़ेंडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को कारोबार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 545.29 अंक की बढ़त के साथ 77,454.97 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 134.80 अंक उछलकर 24,213.10 पर कारोबार करता नजर आया।
Stock Market Today: शेयर बाजार में तूफानी तेजी, 7 दिनों की गिरावट पर लगा ब्रेक, सेंसक्स 500 अंक उछला
Stock Market Today: शेयर बाजार में लगातार 7 दिनों से जारी गिरावट पर लगा ब्रेक! सेंसेक्स 500 से ज्यादा अंक उछला और निफ्टी 24,200 के पार पहुंचा. जानिए HDFC बैंक और LIC के शेयरों में क्यों आई बंपर तेजी.
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
Stock Market Live Update: ट्रेजरी डिपार्टमेंट के अगले महीने से बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के एलान से अमेरिका बाजारों में तीन दिन की गिरावट पर ब्रेक लगी है। 10 साल और 30 साल की बॉन्ड यील्ड नरम पड़ी। डाओ जोंस में 100 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी दिखी। वहीं एशिया में भी रौनक देखने को मिला। निक्केई में 1 फीसदी तो कॉस्पी में 5 फीसदी से ज्यादा का उछाल आया।इस बीच बॉन्ड यील्ड में नरमी से भारतीय बाजारों का भी मूड सुधरा है। गिफ्ट निफ्टी में करीब 100 प्वाइंट की तेजी आई। FIIs की कैश में हल्की खरीदारी रही। लेकिन वायदा में बिकवाली दिखी। उधर अमेरिका में सॉफ्टवेयर कंपनियों में जोरदार खरीदारी रही। इंफोसिस और विप्रो के ADR दो परसेंट चढ़े।
Stock Market: भारत की कमाई बढ़ी, फिर भी भरोसा घटा; विदेशी निवेशकों को क्यों नहीं भा रहा भारतीय शेयर बाजार?
Stock Market Closing : बाजार में फिर मचा हाहाकार! सातवें दिन भी सेंसेक्स-निफ्टी लुढ़के, 2 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति साफ
Stock Market Opening : सपाट खुला शेयर बाजार, कारोबार शुरू होते ही Nifty में गिरावट, 24,100 के करीब आया इंडेक्स
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों और घरेलू स्तर पर ऑटो, मेटल, एनर्जी तथा रियल्टी शेयरों में आई बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी बुधवार को सपाट खुले।
Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर
Market news :खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर हो सकते हैं। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव है। FIIs की कैश में खरीदारी देखने को मिली है। लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई है। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंच गए हैं। यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यू18 अगस्त को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए,निफ्टी 24,200 के निशान से नीचे फिसल गया और लगातार छठे सेशन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़े पैमाने पर बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह गिरावट आई। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 492.70 अंक या 0.63 प्रतिशत गिरकर 77,235.46 पर और निफ्टी 132.75 अंक या 0.55 प्रतिशत गिरकर 24,154.90 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.4 प्रतिशत गिरा।हॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ीहॉर्मुज को लेकर टेंशन बढ़ गई है। ट्रंप ने नक्शा जारी करके बताया है कि हॉर्मुज अमेरिका का हिस्सा है। इधर ईरान ने किसी भी बातचीत से इनकार किया है। विदेश मंत्री अराघची ने कहा है कि बातचीत हमारी शर्तों पर ही होगी। US- ईरान टेंशन से कच्चा तेल लगातार चौथे दिन चढ़ा है। इसके भाव 92 डॉलर के करीब पहुंच गए हैं।अमेरिकी और एशियाई बाजारअमेरिकी बाजार दूसरे दिन भी फिसले हैं। क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर आ गई है। 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव रहा। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक 1.25 फीसदी से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 फीसदी से ज्यादा नीचे आया है। निक्केई में भी 2.5 फीसदी की गिरावट है।IT कंपनियों के लिए सेंटिमेंट पॉजिटिव, इंफोसिस का ADR करीब 2% चढ़ाचिप शेयरों की बिकवाली से IT कंपनियों के सेंटिमेंट पॉजिटिव दिख रहे हैं। कल अमेरिका में एक्सेंचर,सेल्सफोर्स और एडोबी जैसी सॉफ्टवेयर कंपनियां दो से चार फीसदी उछलीं। इंफोसिस का ADR भी करीब 2% चढ़ा।Aster DM में आज बड़ी ब्लॉक डील संभवAster DM में आज करीब 4,780 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील संभव है। सेंटेला मॉरिशस होल्डिंग्स (Centella Mauritius Holdings) 7.2% हिस्सा बेच सकता है। इसके लिए 6.3% डिस्काउंट पर 766 रुपए प्रति शेयर फ्लोर प्राइस तय की गई है।घरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीमघरेलू PNG कनेक्शन के लिए इन्सेंटिव स्कीम को सरकार ने मंजूरी दे दी है। PNG कनेक्शन के लिए सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के प्रोत्साहन के लिए यह स्कीम 1 सितंबर से लागू होगी। इस खबर के चलते आज IGL, MGL और गुजरात एनर्जी के शेयरों में एक्शन आज बढ़ सकता हैएफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो18 अगस्त को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने ₹1,651 करोड़ के शेयर खरीदे और वे नेट खरीदार बन गए। वहीं,घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार छठे सेशन में भी खरीदारी जारी रखी और भारतीय शेयरों में ₹2,579 करोड़ का निवेश किया।Market cues : लगातार गिरावट के बाद आज हो सकती है वापसी की कोशिश, निफ्टी के लिए 24200-24300 पर रेजिस्टेंस
Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, फ्लैट हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत
Stock Market Live Update:क्रूड के साथ बाजारों को US बॉन्ड यील्ड की भी टेंशन है। 30 साल की बॉन्ड यील्ड 19 साल की ऊंचाई पर पहुंचा है। 10 साल वाली 4.7% के ऊपर बरकरार है। इधर अमेरिकी बाजारों में दूसरे दिन भी दबाव दिख रहा है। चिप शेयरों में 9% तक की भारी बिकवाली से नैस्डैक सवा परसेंट से ज्यादा फिसला है। चिप शेयरों की पिटाई से कॉस्पी 4 परसेंट से ज्यादा नीचे है। निक्केई में भी ढ़ाई परसेंट की गिरावट आई है।यहीं वजह है कि खराब ग्लोबल संकतों से भारतीय बाजारों के सेंटिमेंट कमजोर रहा है। गिफ्ट निफ्टी में हल्का दबाव दिख रहा है। FIIs की कैश में खरीदारी रही, लेकिन वायदा में तगड़ी बिकवाली हुई। FIIs के नेट शॉर्ट कॉन्ट्रैक्ट भी दो लाख के करीब पहुंचे।
मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव 2000 रुपये बढ़कर 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
Stock Market में Milky Mist की धमाकेदार Entry, लिस्टिंग के पहले ही दिन 30% तक उछला Share Price
शेयर बाजार में मंगलवार को मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के निवेशकों के लिए अच्छी खबर रही। कंपनी के शेयरों ने बाजार में पहली बार कारोबार शुरू करते ही करीब 30 प्रतिशत की जोरदार बढ़त दर्ज की। कंपनी के शेयर 140 रुपये के इस्यू मूल्य के मुकाबले 180 रुपये से ऊपर पहुंच गए। कारोबार के दौरान शेयर 181.50 रुपये तक गया, जिससे कंपनी का कुल बाजार मूल्य करीब 13,969 करोड़ रुपये हो गया है। मिल्की मिस्ट डेयरी फूड के शेयर 140 रुपये के इस्यू मूल्य से 29.61 प्रतिशत की बढ़त के साथ बाजार में सूचीबद्ध हुए। कंपनी ने अपने शुरुआती शेयर निर्गम के जरिए करीब 1,360 करोड़ रुपये जुटाए हैं। बाजार में कंपनी की मजबूत शुरुआत को डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग और कंपनी के कारोबार को दक्षिण भारत से आगे दूसरे क्षेत्रों में फैलाने की योजना से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दें कि मिल्की मिस्ट डेयरी फूड में सिंगापुर की सरकारी निवेश कंपनी टेमासेक का भी निवेश है। कंपनी दूध से बने कई तरह के वैल्यू एडेड उत्पाद बेचती है। इनमें पनीर, मक्खन, चीज, आइसक्रीम, दही और ग्रीक दही जैसे उत्पाद शामिल हैं। खास तौर पर प्रोटीन से भरपूर और सामान्य दूध उत्पादों से अलग श्रेणी के सामान की मांग बढ़ने से कंपनी को फायदा मिलने की उम्मीद है। वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी रणनीति निदेशक क्रांति बाथिनी के मुताबिक कंपनी की मजबूत ब्रांड पहचान और तेजी से बढ़ रहे मूल्यवर्धित डेयरी उत्पादों के बाजार में मौजूदगी ने निवेशकों को आकर्षित किया है। उनका कहना है कि कंपनी का निर्गम मूल्य भी निवेशकों के लिए आकर्षक था और प्रीमियम डेयरी उत्पादों में बढ़ती दिलचस्पी का फायदा कंपनी को मिल रहा है। गौरतलब है कि मिल्की मिस्ट के 1,553 करोड़ रुपये के शुरुआती शेयर निर्गम को पिछले सप्ताह 2.17 गुना अभिदान मिला था। इसमें खुदरा निवेशकों और बड़े व्यक्तिगत निवेशकों की अच्छी भागीदारी रही। निर्गम से पहले कंपनी ने टेमासेक, अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड समेत बड़े निवेशकों से 465 करोड़ रुपये जुटाए थे। मौजूद जानकारी के अनुसार, भारत के शुरुआती शेयर बाजार में हाल के हफ्तों में फिर से तेजी देखने को मिली है। जुलाई से अब तक दो महीने से भी कम समय में 26 कंपनियों ने शुरुआती शेयर निर्गम शुरू किए हैं या उनकी घोषणा की है। यह संख्या 2026 की पहली छमाही में आए 28 निर्गमों के करीब पहुंच चुकी है। बाथिनी का कहना है कि बाजार में खुदरा निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है और निवेश के लिए पर्याप्त पैसा उपलब्ध है। हालांकि, निवेशक अब केवल तेजी के भरोसे शेयर नहीं खरीद रहे हैं, बल्कि कंपनी के मूल्यांकन और भविष्य में आय बढ़ाने की क्षमता को भी ध्यान में रख रहे हैं। कंपनी की आगे की योजना भी काफी महत्वपूर्ण है। मिल्की मिस्ट को उम्मीद है कि उसकी सालाना आय करीब 30 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। शुरुआती शेयर निर्गम से मिली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के साथ तमिलनाडु के पेरुंदुरई स्थित मुख्य उत्पादन संयंत्र के विस्तार और आधुनिकीकरण पर किया जाएगा। कंपनी दक्षिण भारत में अपनी मजबूत पकड़ के बाद दूसरे बाजारों में भी विस्तार करना चाहती है। ऐसे में शेयर बाजार में मिली मजबूत शुरुआत उसके विस्तार की योजनाओं के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।
Stock Market Closing :शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी, लगातार 6वें दिन लाल निशान में बंद हुआ Nifty; Sensex भी लुढ़का
सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स के शेयर आज सबसे ज्यादा 2.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
ग्लोबल मार्केट से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच 18 अगस्त को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सुस्ती और दबाव के साथ हुई। हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन आईटी और हैवीवेट शेयरों में आई बिकवाली के कारण सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
वित्त वर्ष 27 में महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान, छोटी अवधि में होगी बढ़ोतरी: आरबीआई
मुंबई, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने बुधवार को वित्त वर्ष 27 के लिए खुदरा महंगाई दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान जारी किया है। साथ ही कहा कि वैश्विक अस्थिरता के कारण छोटी अवधि में महंगाई दर में बढ़ोतरी हो सकती है।
Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर
Stock Market Opening :हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर
Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

35 C
