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Stock Market Update: सेंसेक्स 414 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,146 के पार; IT शेयरों में जोरदार तेजी

Stock Market Update: सेंसेक्स 414 अंक चढ़ा, निफ्टी 23,146 के पार; IT शेयरों में जोरदार तेजी

समाचार नामा 16 Oct 2026 5:35 pm

सिरमौर: भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और हिमाचल में सतत विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

सिरमौर: भारतीय अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और हिमाचल में सतत विकास पर राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

अमर उजाला 16 Oct 2026 12:26 pm

Deloitte का आकलन: भारतीय अर्थव्यवस्था चालू वित्त वर्ष में 7.3 फीसदी तक बढ़ेगी

डेलॉयट इंडिया ने चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.1 से 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया है। निजी निवेश में लगातार सुधार से मांग को अतिरिक्त समर्थन मिलने की उम्मीद है। बहुराष्ट्रीय पेशेवर सेवा कंपनी ने कहा कि हालांकि भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में व्यवधान आर्थिक वृद्धि की संभावनाओं के लिए जोखिम बने हुए हैं। डेलॉयट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की आर्थिक वृद्धि को घरेलू खर्च में मजबूती और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे में लगातार निवेश से समर्थन मिला है। कारोबारों को अब बेहतर संपर्क सुविधा, मजबूत वित्तीय स्थिति और उत्पादन क्षमता का अधिक इस्तेमाल करने का लाभ मिल रहा है जिससे विस्तार की संभावना मजबूत हुई है। मजूमदार ने कहा, ‘‘सवाल यह है कि क्या ये परिस्थितियां आने वाले वर्षों में आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने में निजी निवेश की बड़ी भूमिका सुनिश्चित करेंगी। हाल के संकेत उम्मीद जगाते हैं। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण 11.9 प्रतिशत बढ़ा, जो चार साल में इसकी सबसे तेज वृद्धि है।’’डेलॉयट के आर्थिक परिदृश्य में वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.1 से 7.3 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2027-28 में 6.6 से 7.0 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि निजी निवेश में लगातार सुधार से भारत को मांग का एक अतिरिक्त स्रोत मिलेगा। साथ ही, इससे भविष्य की आर्थिक वृद्धि के लिए जरूरी उत्पादन क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। हालांकि, भू-राजनीतिक तनाव, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापार में व्यवधान इस अनुमान के लिए जोखिम बने हुए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए डेलॉयट का जीडीपी वृद्धि अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) के 7.1 प्रतिशत के अनुमान के बराबर है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक (एडीबी), एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज ने सात प्रतिशत वृद्धि का अनुमान लगाया है। मजूमदार ने कहा कि सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा तथा कृत्रिम मेधा (एआई) के बुनियादी ढांचे जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से निजी पूंजीगत व्यय को और गति मिलेगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में शुरुआत में बड़े निवेश की जरूरत होती है। उन्होंने कहा, ‘‘भारत ने कारोबार के विस्तार के लिए जरूरी कई परिस्थितियों में सुधार किया है। इन सुधारों को निजी निवेश में लगातार बढ़ोतरी में बदलना अब इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां अपनी अगली परियोजनाओं की योजना बनाने, उनके लिए वित्त जुटाने और उन्हें लागू करने को लेकर कितना भरोसा महसूस करती हैं।’’

प्रभासाक्षी 16 Oct 2026 11:33 am

Stock Market Rules: शेयर बाजार की क्लोजिंग और F&O ट्रेडिंग के नियमों में बदलाव, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर

Stock Market Rules: शेयर बाजार की क्लोजिंग और F&O ट्रेडिंग के नियमों में बदलाव, जानें निवेशकों पर क्या होगा असर

समाचार नामा 16 Oct 2026 10:37 am

Stock Market Today : बाजार पर आज इन खबरों का दिखेगा असर, कोई ट्रेड लेने से पहले इन पर डाल लें एक नजर

Market news : भारतीय बाजार के लिए अच्छे संकेत दिख रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी में 80 प्वाइंट से ज्यादा की तेजी है। FIIs की कैश में बिकवाली हुई है, लेकिन वायदा में बड़ी कवरिंग नजर आई है। अमेरिकी बाजार में भी कल जोरदार रिकवरी दिखी। डाओ में 550 प्वाइंट से ज्यादा का उछाल दिखा। नैस्डैक और S&P में भी बढ़त रही। एशियाई बाजारों में भी रौनक दिख रही है। क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब दिख रहा है। US बॉन्ड यील्ड में भी नरमी आई है।यहां हम आपके लिए तमाम समाचार प्लेटफॉर्मों पर चल रही आज की ऐसी अहम खबरों की एक सूची जारी कर रहें हैं जो भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों को प्रभावित कर सकते हैं।मार्केट ओवरव्यूगुरुवार को भारतीय इक्विटी बेंचमार्क में तेजी आई। जियो प्लेटफॉर्म्स के IPO की घोषणा के बाद ऑटो, IT, प्राइवेट बैंकों और रिलायंस इंडस्ट्रीज में जोरदार खरीदारी के चलते निफ्टी और सेंसेक्स, दोनों में 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 1,533.72 अंक यानी 2.11 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,315.61 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 374.65 अंक यानी 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ।SEBI ने CAS में किए बड़े बदलाव, एक्सपायरी पर VWAP से होगा सेटलमेंटमार्केट रेगुलेटर सेबी ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) में बड़े बदलाव किए है। एक्सपायरी के दिन CAS के बजाए पुराने VWAP सिस्टम से सेटलमेंट होगा। CAS की टाइमिंग बदली गई है। अब CAS 3.30 बजे से 10 मिनट का होगा। यह फैसला 7 दिसंबर से लागू होगा।टेक महिंद्रा के नतीजे अनुमान के मुताबिक, Q2 में 0.9% रही विप्रो की IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथटेक महिंद्रा के दूसरी तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे है। इसके मुनाफे में 7 परसेंट तो रेवेन्यू में 3 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है। विप्रो के Q2 रिजल्ट भी उम्मीद के करीब रहे हैं। इसकी CC रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। IT सर्विसेज रेवेन्यू ग्रोथ 0.9% रही है। हालांकि Q3 में इसके माइनस 1.5% से 0.5% की रेंज में रहने का अनुमान किया गया है। वहीं, परसिस्टेंट सिस्टम का मुनाफा 27 परसेंट गिरा है। लेकिन CC रेवेन्यू ग्रोथ 7.8% रही है।एंजेव वन का Q2 मुनाफा 44.7% बढ़ा, रेवेन्यू फ्लैटदूसरी तिमाही में एंजेव वन के मुनाफे में तिमाही आधार पर 45 परसेंट का उछाल आया है। लेकिन रेवेन्यू ग्रोथ फ्लैट रही है। मार्जिन में 1060 Bps का तगड़ा उछाल देखने को मिला है। वहीं L&T FINANCE का Q2 मुनाफा 33 परसेंट बढ़ा है। इसे मजबूत रिटले ग्रोथ और NII में उछाल से बूस्ट मिला है।JIO के IPO पर बोले आकाश अंबानीJIO के IPO पर आकाश अंबानी ने कहा कि देश को डिजिटल सर्विस से कनेक्ट करना Jio का मिशन है। भारत में विकसित टेक्नोलॉजी का दूसरे देशों में इस्तेमाल होगा। IPO पर ईशा अंबानी ने कहा कि लॉन्ग टर्म प्लानिंग, स्केल और एग्जीक्यूशन पर फोकस है। यह आईपीओ 21 अक्टूबर से खुलेगा। इसकी प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपए प्रति शेयर है।चीनी 21 सेंट के पारसप्लाई की चिंता से इंटरनेशनल मार्केट में चीनी की कीमतों में जोरदार उछाल आया है। इसका भाव 21 सेंट प्रति पाउंड के साथ करीब 2 सालों की ऊंचाई पर पहुंच गया है। ब्राजील में क्रशिंग में देरी और भारत में कमजोर मॉनसून से उत्पादन गिरने की आशंका से इसके भाव में तेजी आई है।एशियन करेंसीशुक्रवार, 16 अक्टूबर को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अधिकांश एशियाई मुद्राओं में कमजोरी आई है, जिसमें दक्षिण कोरियाई वॉन और फिलीपीन पेसो सबसे ज्यादा गिरे हैं। इंडोनेशियाई रुपिया में 0.20 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि दक्षिण कोरियाई वॉन 0.36 प्रतिशत और फिलीपीन पेसो 0.23 प्रतिशत कमजोर हुए हैं। जापानी येन में 0.08 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, वहीं थाई बाह्ट और सिंगापुर डॉलर में 0.05-0.05 प्रतिशत की कमी आई है। मलेशियाई रिंगित और चीनी रेनमिनबी में भी मामूली गिरावट देखी गई है। ये 0.02 प्रतिशत और 0.018 प्रतिशत नीचे आए हैं। इसके विपरीत, ताइवान डॉलर में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.05 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है। यह 9 लिस्टेड एशियाई मुद्राओं में एकमात्र ऐसी मुद्रा है जिसमें तेजी आई है।विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारीविदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने बिकवाली का सिलसिला जारी रखा और 15 अक्टूबर को लगभग 5,285 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाजार को कुछ सहारा दिया और इस दौरान 3,319 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।Market cues : 22850 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी के लिए खुलेगा 23000 की ओर बढ़ने का रास्ता

ज़ी न्यूज़ 16 Oct 2026 8:58 am

Stock Market Live Update: GIFT निफ्टी दे रहा गैप-अप शुरुआत के संकेत, एशिया बाजारों में तेजी

Stock Market Live Update: शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क सूचकांक - सेंसेक्स और निफ्टी 50 - वैश्विक बाजारों से मिल रहे सकारात्मक संकेतों के अनुरूप आगे बढ़ सकते हैं। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के 'क्लोजिंग ऑक्शन सेशन' (CAS) नियमों में किए गए बदलावों से जुड़े घटनाक्रम भी बाजार के केंद्र में बने रहेंगे।सुबह 7:30 बजे, GIFT निफ्टी फ्यूचर्स 104.2 अंक ऊपर 23,089 के स्तर पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी फ्यूचर्स पिछले सत्र में 22,984.8 के स्तर पर बंद हुआ था।पिछले सत्र में, BSE सेंसेक्स 1,533.72 अंक (यानी 2.11%) की तेजी के साथ 74,315.61 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 सूचकांक 374.65 अंक (यानी 1.66%) की बढ़त के साथ 22,997.35 पर बंद हुआ।

ज़ी न्यूज़ 16 Oct 2026 7:31 am

Stock Market Outlook: 'शेयर बाजार में निवेश का सही मौका', राजेश कोठारी ने कहा- 3 साल में मिल सकता है तगड़ा रिटर्न

Stock Market Outlook: AlfAccurate Advisors के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश कोठारी का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार अगले 3 से 5 साल में अच्छा रिटर्न दे सकता है। इसके पीछे कंपनियों की कमाई में सुधार, अर्थव्यवस्था की मजबूती और शेयरों की वाजिब वैल्यूएशन जैसे कारण हैं।CNBC-TV18 को दिए इंटरव्यू में कोठारी ने कहा कि अब इक्विटी में निवेश बढ़ाने का समय है। निवेशकों को लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप, तीनों तरह के शेयरों में मौके तलाशने चाहिए। पिछले दो साल में बाजार से खास रिटर्न नहीं मिला है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन भी कमजोर रहा है।अर्थव्यवस्था की मजबूती पर भरोसाकोठारी के मुताबिक, महंगे कच्चे तेल और ऊंची ब्याज दरों की चिंताओं के बावजूद भारत की आर्थिक बुनियाद मजबूत है। नॉन-फूड क्रेडिट ग्रोथ 17-18%, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 20% और पर्सनल लोन में 16% की बढ़ोतरी इसका संकेत है। उनके मुताबिक, इंडस्ट्रियल क्रेडिट ग्रोथ 2011 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंची है।खपत, सरकार का कैपिटल एक्सपेंडिचर और निर्यात में सुधार भी अर्थव्यवस्था को सहारा दे रहे हैं। कंपनियों की कमाई में भी सुधार दिख रहा है। साथ ही, बाजार की वैल्यूएशन अपने 10 साल के औसत P/E रेशियो से नीचे है।FII की बिकवाली हर कंपनी के लिए खतरे का संकेत नहींकोठारी ने कहा कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली को सिर्फ भारत से उनकी नाराजगी के तौर पर नहीं देखना चाहिए। निवेशकों को नेट खरीद-बिक्री के बजाय कुल खरीद और बिक्री पर भी नजर डालनी चाहिए।उनके मुताबिक, विदेशी निवेशक उन कंपनियों से पैसा निकाल रहे हैं, जो उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाईं। इसलिए बिकवाली का कारण कई बार देश के बजाय किसी खास कंपनी का कमजोर प्रदर्शन होता है।इन सेक्टरों में दिख रहे हैं मौकेकोठारी को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), एयरोस्पेस, कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग (CDMO) और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में संभावनाएं दिख रही हैं। EMS सेक्टर को सरकार की PLI स्कीम और भारतीय कंपनियों की बढ़ती उत्पादन क्षमता से मदद मिल रही है।बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज भी उनकी पसंद में शामिल हैं। मजबूत क्रेडिट ग्रोथ, बेहतर एसेट क्वालिटी और नियंत्रित क्रेडिट लागत से इस सेक्टर को फायदा मिल सकता है। उन्हें स्पेशियलिटी केमिकल्स, कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी और ट्रैवल, मीडिया व डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्लेटफॉर्म कारोबार में भी अवसर दिखते हैं।हर शेयर में तेजी की उम्मीद न करेंकोठारी ने स्टॉक चुनते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। उनके मुताबिक, पिछले पांच साल में कोई भी लार्जकैप कंपनी हर साल 20% की ग्रोथ दर्ज नहीं कर पाई। मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में भी करीब 8% ही लगातार इतनी ग्रोथ हासिल कर पाईं।उन्होंने कहा कि कई प्लेटफॉर्म कंपनियां अब कर्ज-मुक्त हो चुकी हैं। इससे कारोबार को लंबे समय तक आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।Reliance Jio Origin Story: ईशा अंबानी ने सुनाया जियो की शुरुआत का दिलचस्प किस्सा, वो घटना जिसने भारत में ला दी डिजिटल क्रांतिDisclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

ज़ी न्यूज़ 15 Oct 2026 4:58 pm

Stock Market Rally : शेयर बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स 1,533 अंक उछला, निफ्टी में भी 375 अंकों की छलांग

भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रहने के बाद बाजार ने तेजी पकड़ी और एक घंटे के भीतर सेंसेक्स 1,000 अंकों से ज्यादा उछल गया। कारोबार बंद होने तक बीएसई सेंसेक्स 1,533 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ, ...

वेब दुनिया 15 Oct 2026 4:10 pm

Stock Market Today: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा; कच्चे तेल की गिरती कीमतों से मिला सहारा

Stock Market Today: शेयर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 1000 अंक चढ़ा; कच्चे तेल की गिरती कीमतों से मिला सहारा

समाचार नामा 15 Oct 2026 10:53 am

Stock Market Updates | कमजोर ग्लोबल संकेतों के बावजूद हरे निशान में खुला बाजार, सेंसेक्स 183 अंक चढ़ा, निफ्टी 22,700 के पास, TCS 2% से ज्यादा उछला

वैश्विक बाजारों में मंदी और महंगाई के दबाव के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को मजबूती के साथ शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया भी मजबूत नजर आया। हालांकि, प्रमुख सूचकांकों में तेजी के बीच स्मॉलकैप और मिडकैप जैसे व्यापक सूचकांकों (broader indices) में सुस्ती देखी गई। 30 शेयरों वाला बीएसई (BSE) सेंसेक्स 183.91 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 72,965.80 पर खुला, जबकि एनएसई (NSE) निफ्टी 50 48.60 अंक चढ़कर 22,671.30 पर खुला। पिछले कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 72,781.89 और निफ्टी 22,622.70 के स्तर पर बंद हुए थे। पिछले कारोबारी सत्र में, सेंसेक्स 72,781.89 पर और निफ्टी 50, 22,622.70 पर बंद हुआ था। हालांकि, शुरुआती सत्र में व्यापक सूचकांक (broader indices) लाल निशान में कारोबार करते दिखे। BSE मिडकैप सिलेक्ट इंडेक्स 3.16 अंक नीचे आया, जबकि BSE स्मॉलकैप सिलेक्ट इंडेक्स 17.31 अंक (0.19%) गिरकर 8,995.66 पर आ गया। इसे भी पढ़ें: Sensex 252 अंक टूटा, Nifty में भी गिरावट, थोक महंगाई बढ़ने से सहमा बाजार सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, M&M, HCL टेक, टेक महिंद्रा और रिलायंस में तेजी रही। शुरुआती कारोबार में TCS 2.26% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, सन फार्मा, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, इंडिगो और NTPC में गिरावट देखी गई, जिसमें सन फार्मा 1.08% नीचे रहा। शुरुआती कारोबार में बाजार का रुख नकारात्मक रहा; NSE पर 1,106 शेयरों में तेजी के मुकाबले 1,188 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। 182 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) ने क्या संकेत दिया? इसे भी पढ़ें: शुरुआती गिरावट के बाद संभले Sensex और Nifty, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा निफ्टी 50 के शुरुआती संकेतक 'गिफ्ट निफ्टी' ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया। यह पिछले बंद भाव 22,622.50 के मुकाबले 97.5 अंक गिरकर 22,525 पर खुला। बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाल बने रहे और 14 अक्टूबर, 2026 को उन्होंने 1,857.44 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,670.44 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में बढ़त के चलते बाजार की शुरुआत थोड़ी सकारात्मक हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर बाजार को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। वैश्विक स्तर पर बनी अनिश्चितता और हाल ही में हुई प्रॉफिट बुकिंग बाजार की तेजी को सीमित कर सकती है। बढ़ती अस्थिरता और FIIs की लगातार बिकवाली पर ध्यान देने की जरूरत है, जबकि DIIs की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे सकती है। बाजार की चाल उतार-चढ़ाव भरी हो सकती है। निवेशक कंपनियों के नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और अलग-अलग सेक्टर में खरीदारी के रुझान पर नजर रखेंगे। इसे भी पढ़ें: 14 October 2026 Stock Market Updates | आईटी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स सपाट खुला, निफ्टी 22,700 के स्तर पर टिका आज एशियाई बाजार महंगाई के और खराब होने के संकेतों के बीच, अमेरिकी बाजारों में जुलाई के बाद की सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा और वहां भी शेयर गिरे। खबर लिखे जाने के समय, जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) सूचकांक 3,478.29 अंक या 5.13 प्रतिशत गिरकर 64,266 पर आ गया। इसी तरह, हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 367.17 अंक या 1.51 प्रतिशत गिर गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) 481.69 अंक या 8.72 प्रतिशत लुढ़क गया। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 74.58 अंक या 1.98 प्रतिशत नीचे आ गया।

प्रभासाक्षी 15 Oct 2026 10:03 am

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा फ्लैट ओपनिंग के संकेत, एशिया बाजारों में दबाव

Stock Market Live Update: भारतीय शेयर बाज़ार के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है, क्योंकि गुरुवार, 15 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत का संकेत दिया। इस बीच, गुरुवार को एशियाई बाज़ार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि मंगलवार को अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में भी गिरावट आई।गिफ्ट निफ्टी 22,601 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 10 अंक नीचे है। इससे भारतीय शेयर बाजार सूचकांकों के लिए एक नेगेटिव या फ्लैट शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं।आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी का दिन काफी हलचल भरा रहने की उम्मीद है। IPOs की शुरुआत, प्राइस बैंड का ऐलान, नतीजों पर प्रतिक्रिया और बड़े सौदों पर प्रतिक्रिया - इन सभी पर नज़र रहेगी। हालांकि, निफ्टी 'एक दिन ऊपर, अगले दिन नीचे' वाले पैटर्न से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि बुधवार की तरह ही अच्छी बढ़त के बाद भी आगे और खरीदारी (follow-up buying) नहीं दिख रही है। इंडेक्स अभी भी अहम लेवल से ऊपर बना हुआ है और नीचे की तरफ 22,550 - 22,500 का ज़ोन एक अहम सपोर्ट लेवल होगा जिस पर नज़र रखनी होगी।ऊपर की तरफ, 22,750 - 22,800 का ज़ोन एक अहम रुकावट (hurdle) होगा और अगर निफ्टी इसके ऊपर लगातार बना रहता है, तो यह वापस 23,000 के लेवल तक जा सकता है। Nifty Bank अभी भी 54,500 - 55,500-55,700 की रेंज में बना हुआ है।

ज़ी न्यूज़ 15 Oct 2026 7:15 am

सितंबर में WPI थोक महंगाई दर उछलकर 11.39 फीसदी हुई, ईंधन और खाद्य वस्तुएं महंगी

देश में महंगाई को लेकर चिंता बढ़ती नजर आ रही है। सितंबर 2026 में थोक महंगाई दर बढ़कर 11.39% पर पहुंच गई, जबकि अगस्त में यह 9.92% थी। ईंधन, खाद्य पदार्थों और तैयार सामान की कीमतों में तेजी ने थोक महंगाई को दोहरे अंकों में पहुंचा दिया है। 14 अक्टूबर को जारी आंकड़ों के मुताबिक, थोक स्तर पर कीमतों में बढ़ोतरी का असर अर्थव्यवस्था के कई प्रमुख क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। थोक मूल्य इंडेक्स यानी डब्ल्यूपीआई सितंबर में बढ़कर 112.5 हो गया, जबकि अगस्त में यह 110.8 था। इस तरह एक महीने के भीतर इंडेक्स में करीब 1.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह इंडेक्स बताता है कि बाजार में सामान की थोक कीमतों में कितना बदलाव हुआ है। वहीं, घरेलू उत्पादकों को मिलने वाली कीमतों पर नजर रखने वाला उत्पादक मूल्य इंडेक्स भी अगस्त के 110.8 से बढ़कर सितंबर में 112.5 पर पहुंच गया। इससे उत्पादन से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों में कीमतें बढ़ सकते हैं। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह ईंधन और बिजली की कीमतों में तेजी रही। इस श्रेणी की महंगाई अगस्त के 22.9% से बढ़कर सितंबर में 25.9% हो गई। कोयले और लिग्नाइट की महंगाई में भी तेज उछाल देखने को मिला। अगस्त में यह दर 1.6% थी, जो सितंबर में बढ़कर 9.3% पहुंच गई। वहीं, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की महंगाई 34.4% से बढ़कर 57.3% हो गई। खनिज तेल की महंगाई भी 38.5% से बढ़कर 40% पर पहुंच गई। गौरतलब है कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं रहता। इससे माल ढुलाई, बिजली उत्पादन और कई उद्योगों की लागत बढ़ सकती है। कंपनियां यदि बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डालती हैं, तो रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी इजाफा हो सकता है। मैन्युफैक्चर्ड सामान की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। थोक मूल्य इंडेक्स में करीब दो-तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले मैन्युफैक्चर्ड उत्पादों की महंगाई अगस्त के 8.4% से बढ़कर सितंबर में 9.8% हो गई। बुनियादी धातुओं की महंगाई 10.9% से उछलकर 17% पर पहुंच गई। इसी तरह रसायन और रासायनिक उत्पादों की महंगाई 14.3% से बढ़कर 16.7% दर्ज की गई। इन क्षेत्रों में बढ़ती कीमतें निर्माण, मशीनों और दूसरे औद्योगिक सामान की लागत को प्रभावित कर सकती हैं। खाद्य पदार्थों की महंगाई ने भी चिंता बढ़ाई है। थोक खाद्य इंडेक्स की महंगाई अगस्त के 7.1% से बढ़कर सितंबर में 8.7% हो गई। प्राथमिक खाद्य वस्तुओं की महंगाई 5.7% से बढ़कर 8.1% पहुंच गई। हालांकि, तैयार खाद्य उत्पादों की महंगाई में मामूली राहत मिली और यह 9.7% से घटकर 9.4% पर आ गई। बता दें कि थोक महंगाई और खुदरा महंगाई में अंतर होता है। थोक महंगाई उत्पादकों और कारोबारियों के स्तर पर कीमतों में बदलाव दिखाती है, जबकि खुदरा महंगाई का संबंध आम उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों से है। सितंबर में खुदरा महंगाई दर भी बढ़कर 5.5% बताई गई है। इससे अर्थशास्त्रियों के बीच इस साल आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर चर्चा तेज हुई है। मौजूद आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में उत्पादक मूल्य इंडेक्स के सभी 4 प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। हालांकि, थोक महंगाई में उछाल के बावजूद ब्याज दरों पर अंतिम फैसला लेने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक को खुदरा कीमतों, आर्थिक गतिविधियों और महंगाई के आगे के रुझान पर भी ध्यान देना होगा। यदि ईंधन, खाद्य और औद्योगिक सामान की कीमतें लगातार बढ़ती रहती हैं, तो इसका असर कारोबार, घरेलू बजट और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है।

प्रभासाक्षी 14 Oct 2026 6:49 pm

14 October, 2026 Stock Market Highlights: आईटी स्टॉक्स में शानदार बढ़त, फिर भी लाल निशान में बंद हुआ बाजार

सेंसेक्स की कंपनियों में शामिल आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर आज सबसे ज्यादा 2.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

खबर इंडिया टीवी 14 Oct 2026 3:49 pm

Stock Market Update: शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; IT शेयरों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

Stock Market Update: शेयर बाजार में आज उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स-निफ्टी पर दबाव; IT शेयरों में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

समाचार नामा 14 Oct 2026 2:28 pm

14 October 2026 Stock Market Updates | आईटी शेयरों में खरीदारी से सेंसेक्स सपाट खुला, निफ्टी 22,700 के स्तर पर टिका

भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के सत्र में आईटी (IT) शेयरों से मिले मजबूत समर्थन के बाद आज यानी बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को सपाट शुरुआत की है। बाजार के प्रमुख सूचकांक (बेंचमार्क इंडेक्स) शुरुआती कारोबार में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे हैं। 30 शेयरों वाले BSE सेंसेक्स ने 15.98 अंक या 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,049.76 पर कारोबार शुरू किया, जबकि निफ्टी 6.20 अंक गिरकर 22,715.75 पर खुला। पिछले ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 73,033.78 पर और निफ्टी 50 22,721.95 पर बंद हुआ था। इसी तरह, शुरुआती सेशन में बड़े इंडेक्स में मिला-जुला कारोबार हुआ। जहाँ BSE मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में 31.48 अंकों की बढ़त हुई, वहीं BSE स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.43 अंक या 0.07 प्रतिशत गिरकर 9,078.31 पर लाल निशान में कारोबार कर रहा था। बाजार की शुरुआती चाल सेंसेक्स (Sensex): बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 15.98 अंक (0.02%) की मामूली बढ़त के साथ 73,049.76 के स्तर पर खुला। पिछले सत्र में यह 73,033.78 पर बंद हुआ था। निफ्टी (Nifty 50): नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 शुरुआती कारोबार में 6.20 अंकों की हल्की गिरावट के साथ 22,715.75 के आसपास टिका रहा (पिछला बंद: 22,721.95)। ब्रॉडर मार्केट (Midcap & Smallcap): बीएसई (BSE) मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट इंडेक्स 0.07% की मामूली गिरावट के साथ 9,078.31 के स्तर पर लाल निशान में कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स में शामिल शेयरों में TCS, HCL टेक, इंफोसिस, टेक महिंद्रा और BEL में बढ़त देखी गई, जिसमें TCS शुरुआती कारोबार में 1.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। दूसरी ओर, पावर ग्रिड, L&T, एटरनल, टाइटन और बजाज फाइनेंस में गिरावट रही, जिसमें पावर ग्रिड 0.92 प्रतिशत नीचे आया। शुरुआती कारोबार में मार्केट का रुख नकारात्मक रहा; NSE पर 1,088 शेयरों में बढ़त के मुकाबले 1,529 शेयरों में गिरावट देखी गई। 131 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। गिफ्ट निफ्टी ने क्या संकेत दिया? निफ्टी 50 के शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी ने आज नकारात्मक शुरुआत का संकेत दिया; यह पिछले बंद भाव 22,850.50 के मुकाबले 113.5 अंक गिरकर 22,737 पर खुला। मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) बिकवाली करते रहे और 13 अक्टूबर, 2026 को 1,305.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) खरीदार बने रहे और उन्होंने 2,439.24 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। चॉइस ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने कहा, निकट भविष्य के लिए नजरिया सकारात्मक है लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है। पिछले सत्र में आई जोरदार रिकवरी से बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हुआ है। हालांकि, गिफ्ट निफ्टी के कमजोर संकेत और FII की लगातार बिकवाली शुरुआती उत्साह को कम कर सकती है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी से सहारा मिल रहा है, जबकि हालिया बढ़त को बनाए रखने और ऊंचे स्तरों पर सप्लाई को संभालने की बाजार की क्षमता रिकवरी को बनाए रखने के लिए अहम होगी। बीच-बीच में प्रॉफिट बुकिंग से सत्र में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आज एशियाई बाजार दो सत्रों की गिरावट के बाद एशियाई शेयरों में थोड़ी बढ़त देखी गई, जबकि अमेरिकी शेयरों में अपने रिकॉर्ड स्तर से थोड़ी गिरावट आई। खबर लिखे जाने के समय जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 528.48 अंक या 0.78 प्रतिशत बढ़कर 68,306 पर था। इसी तरह, हांगकांग के हैंग सेंग में 10.78 अंक या 0.04 प्रतिशत की बढ़त हुई। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 73.18 अंक या 1.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स 0.27 अंक या 0.01 प्रतिशत बढ़ा।

प्रभासाक्षी 14 Oct 2026 10:00 am

Stock Market Today: Tata Elxsi, BEL और Adani Enterprises समेत इन 6 शेयरों पर रहेगी नजर, जानें बड़ी वजहें

Stock Market Today: Tata Elxsi, BEL और Adani Enterprises समेत इन 6 शेयरों पर रहेगी नजर, जानें बड़ी वजहें

समाचार नामा 14 Oct 2026 9:42 am

खुदरा महंगाई दर 2 साल के उच्चतम स्तर पर: आम आदमी की जेब पर दोहरा झटका

देश में आम उपभोक्ताओं की रसोई के बजट और रोजमर्रा की जिंदगी पर महंगाई की मार एक बार फिर तेज हो गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई दर उछलकर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो पिछले महीने (अगस्त) में 4.83 प्रतिशत थी। यह उछाल पिछले लगभग दो वर्षों में खुदरा महंगाई का सबसे उच्च स्तर है। हालांकि यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4 (+/- 2) प्रतिशत के ऊपरी संतोषजनक दायरे (Upper Tolerance Band) यानी 6 प्रतिशत के भीतर है, लेकिन 5.5 प्रतिशत को पार कर जाना केंद्रीय बैंक के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। सब्जियों, खाद्य तेलों, मसालों और रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुओं में आई इस तेज तेजी ने त्योहारी सीजन से ठीक पहले परिवारों के मासिक खर्च को बुरी तरह प्रभावित किया है।थाली से बिगड़ा पूरा खेल: खाद्य महंगाई दर में बेतहाशा बढ़ोतरीमहंगाई में आए इस अचानक उछाल की सबसे बड़ी वजह खाद्य टोकरी (Consumer Food Price Index) की कीमतों में आई भारी तेजी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खाद्य महंगाई दर बढ़कर 7.74 प्रतिशत के पार निकल गई है। मॉनसून के अंतिम चरण में देश के कई राज्यों में अत्यधिक वर्षा और जलभराव के चलते खरीफ फसलों की आवक प्रभावित हुई, जिससे हरी सब्जियों, विशेषकर टमाटर, प्याज और आलू की कीमतों में 40 से 60 प्रतिशत तक की जबर्दस्त तेजी दर्ज की गई। ग्रामीण इलाकों में महंगाई का दबाव शहरी इलाकों की तुलना में कहीं अधिक गंभीर रहा है, जहां ग्रामीण महंगाई दर 6.08 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.88 प्रतिशत के आसपास रही। खाद्य पदार्थों के अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और रुपये की विनिमय दर में नरमी के कारण आयातित महंगाई (Imported Inflation) ने भी इस आंकड़े को ऊपर धकेलने में अहम भूमिका निभाई है।आरबीआई का अगला कदम क्या होगा? ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों पर फिरा पानीदेश भर के कर्जदारों और कॉरपोरेट जगत की सबसे बड़ी उम्मीद यह थी कि वैश्विक स्तर पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती शुरू किए जाने के बाद भारतीय रिजर्व बैंक भी अक्टूबर या दिसंबर की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कटौती करके राहत देगा। लेकिन महंगाई के 5.54 प्रतिशत तक पहुंच जाने के बाद अब रेपो रेट में किसी भी प्रकार की कटौती की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई है। आरबीआई गवर्नर और एमपीसी के सदस्यों का प्राथमिक रुख हमेशा से महंगाई को टिकाऊ तरीके से 4 प्रतिशत के लक्ष्य पर स्थिर करने का रहा है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई 'हॉकिश' (कड़ा) रुख बनाए रखेगा। जानकारों का मानना है कि केंद्रीय बैंक अब ब्याज दरों में कटौती को कम से कम अगली 2 से 3 तिमाहियों के लिए टाल सकता है, और यदि खाद्य महंगाई जल्द नियंत्रित नहीं हुई तो सिस्टम से अतिरिक्त नकदी (Liquidity) खींचने के लिए नीतिगत दरों को और कड़ा किया जा सकता है।होम लोन, पर्सनल लोन और कार लोन की EMI पर कितना पड़ेगा असरजब भी महंगाई दर ऊपर जाती है और रेपो रेट में कटौती टलती है, तो इसका सीधा असर आम नौकरीपेशा और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर पड़ता है:ईएमआई में राहत का इंतजार बढ़ा: जो लोग उम्मीद कर रहे थे कि अक्टूबर-दिसंबर में रेपो रेट 25 बेसिस प्वाइंट घटेगा और उनकी होम लोन की मासिक किस्त कम होगी, उन्हें अब लंबे समय तक ऊंची ईएमआई भरते रहना होगा।एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR): बैंकों के अधिकांश नए होम लोन और फ्लोटिंग रेट लोन सीधे आरबीआई के रेपो रेट से लिंक्ड होते हैं। यदि केंद्रीय बैंक दरों में कोई बढ़ोतरी करता है, तो बैंकों द्वारा तुरंत लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी जाएंगी।लोन टेन्योर और कुल ब्याज का बोझ: उदाहरण के तौर पर, यदि किसी का ₹50 लाख का होम लोन 20 साल के लिए 8.75% की ब्याज दर पर चल रहा है, तो उसकी वर्तमान ईएमआई लगभग ₹44,186 है। यदि दरों में महज 0.25% की भी वृद्धि होती है, तो मासिक ईएमआई बढ़कर लगभग ₹45,000 हो जाएगी, या फिर लोन की अवधि 12 से 18 महीने और लंबी खिंच जाएगी, जिससे ग्राहक को लाखों रुपये का अतिरिक्त ब्याज चुकाना पड़ेगा।प्रमुख ब्रोकरेज हाउसों और अर्थशास्त्रियों की क्या है रायमहंगाई के इस ताजे झटके के बाद प्रमुख वैश्विक और घरेलू ब्रोकरेज फर्मों ने अपने अनुमानों में बड़ा बदलाव किया है:नोमुरा (Nomura): जापानी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा का आकलन है कि खाद्य और ऊर्जा कीमतों का दबाव आने वाले महीनों में भी बना रह सकता है। नोमुरा के अनुसार, अगर प्रतिकूल बेस इफेक्ट और कमजोर रुपये का दबाव जारी रहा, तो वित्त वर्ष 2026-27 के लिए औसत सीपीआई महंगाई 5.2% तक जा सकती है। नोमुरा ने संकेत दिया है कि आरबीआई दरों में कटौती करने के बजाय नीतिगत सख्ती को लंबे समय तक जारी रख सकता है या जरूरत पड़ने पर 25 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी पर भी विचार कर सकता है।मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley): ग्लोबल ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली के विश्लेषकों का मानना है कि उच्च खाद्य महंगाई हेडलाइन मुद्रास्फीति को अस्थिर बनाए रखेगी। मॉर्गन स्टेनली के मुताबिक, कोर इन्फ्लेशन (जिसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं है) भले ही नियंत्रित दायरे में हो, लेकिन गैर-खाद्य श्रेणियों में मांग दबाव बढ़ने से आरबीआई को दर कटौती का चक्र शुरू करने के लिए 2027 के मध्य तक इंतजार करना पड़ सकता है।एसबीआई रिसर्च (SBI Research): भारतीय स्टेट बैंक के अर्थशास्त्रियों ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि जब तक सब्जियों और दालों की आवक सामान्य नहीं होती और खुदरा महंगाई 4.5% से नीचे नहीं आती, तब तक नीतिगत दरों में किसी भी प्रकार की ढील देना वित्तीय स्थिरता के लिए जोखिम भरा होगा।आम उपभोक्ताओं के लिए आगे की राह और बजट प्रबंधनमहंगाई के इस दौर में वेतनभोगी और मध्यमवर्गीय परिवारों को अपने मासिक बजट को पुनर्गठित करने की सख्त आवश्यकता है। जब तक आवश्यक खाद्य वस्तुओं के दाम सामान्य स्तर पर नहीं आते, तब तक अनावश्यक गैर-जरूरी (Discretionary) खर्चों पर अंकुश लगाना ही समझदारी होगी। फ्लोटिंग होम लोन धारकों के लिए सबसे व्यावहारिक वित्तीय सलाह यह है कि वे ईएमआई में कटौती का इंतजार करने के बजाय, हर साल अपने मूलधन (Principal) का 5 से 10 प्रतिशत हिस्सा प्री-पेमेंट के रूप में जमा करें। ऐसा करने से न केवल लोन का कुल कार्यकाल छोटा होगा, बल्कि ऊंची ब्याज दरों के इस लंबे दौर में लाखों रुपये के अतिरिक्त ब्याज के नुकसान से भी बचा जा सकेगा।

न्यूज़ इंडिया लाइव 14 Oct 2026 8:16 am

Stock Market Live Update: GIFT निफ्टी से कमजोर शुरुआत के संकेत, वॉल स्ट्रीट में गिरावट, एशियाई बाजारों में तेजी

Stock Market Live Update: 14 अक्टूबर को GIFT निफ्टी ने सुस्त शुरुआत का संकेत दिया है, जिससे भारतीय शेयर बाजार के गिरावट के साथ खुलने की संभावना है। इस बीच, मंगलवार को एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जबकि महंगाई के अहम आंकड़ों से पहले अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए। GIFT निफ्टी 22,765 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स की पिछली क्लोजिंग से लगभग 85 अंक नीचे है; इससे भारतीय शेयर बाजार के इंडेक्स के लिए नकारात्मक शुरुआत का संकेत मिलता है।Q2 नतीजों के सीज़न के पहले मुख्य हफ़्ते में कंपनियों की कमाई पर सबकी नज़र है; नतीजे घोषित करने के बाद जिन स्टॉक्स पर फोकस है, उनमें Hero Motors, ICICI Pru, Trans and Rectifiers, Tata Elxsi और अन्य शामिल हैं।अन्य कंपनियां जो अपने नतीजे घोषित करने वाली हैं, उनमें Bajaj Consumer, BHEL, Tata Tech और Leela Hotels वगैरह शामिल हैं।

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 7:25 am

डब्ल्यूपीआई: सितंबर में थोक महंगाई दर 11.39% पर पहुंचने के क्या मायने? जानिए आपकी जेब पर कैसे असर

देश में थोक महंगाई दर अगस्त के 9.92% से बढ़कर सितंबर 2026 में 11.39% के दोहरे अंक पर पहुंच गई है। ईंधन, बिजली और खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से थोक बाजार गर्म है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें और समझें इसका सीधा असर।

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 1:41 am

थोक महंगाई दर में बड़ा उछाल: सितंबर में बढ़कर 11.39% हुई; खाद्य और ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

थोक महंगाई दर में बड़ा उछाल: सितंबर में बढ़कर 11.39% हुई; खाद्य और ईंधन की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

ज़ी न्यूज़ 14 Oct 2026 1:04 am

13 October, 2026 Stock Market Highlights: शेयर बाजार में बंपर बढ़त, आईटी स्टॉक्स बने रॉकेट

आज एचसीएल टेक, टीसीएस, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर भारी बढ़त के साथ बंद हुए।

ज़ी न्यूज़ 13 Oct 2026 3:47 pm

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

Stock Market Update: शेयर बाजार में लौटी तेजी, सेंसेक्स 600 अंक तक उछला, निफ्टी 22,500 के पार; IT शेयरों में जोरदार खरीदारी

समाचार नामा 13 Oct 2026 2:09 pm

India's GDP Row: पहले Subhash Garg अब Shankar Sharma ने उठाए GDP Growth पर सवाल

पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग ने GDP के आधिकारिक आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। अब दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा ने ‘Real Feel GDP’ का मुद्दा उठाते हुए कहा है कि आंकड़ों में ग्रोथ भले ही 7% से ज्यादा दिख रही हो, लेकिन आम लोगों को इसका असर उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में उतना महसूस नहीं होता।

लाइव हिन्दुस्तान 4 Sep 2026 10:31 pm

PM Modi के GDP Growth पर INDIA ने कसके सुनाया | Congress | Pawan Khera | Pappu Yadav | Manoj Jha

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जीडीपी ग्रोथ रेट 7.8% रहने पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने मंगलवार को वीडियो जारी कर कहा कि ये उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है. अब इस वीडियो पर विपक्ष ने घेर लिया. विपक्ष ने क्या कुछ कहा. देखिए इस वीडियो में

लाइव हिन्दुस्तान 1 Sep 2026 5:25 pm

Stock Market Opening : हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

Stock Market Opening :हफ्ते की शानदार शुरुआत! 189 अंक चढ़कर खुला Nifty, सेंसेक्स 788 अंक ऊपर

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:42 am

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

Stock Market Timing Change: निवेशकों के लिए बड़ी खबर! आज से बदल गई NSE-BSE की ट्रेडिंग टाइमिंग, देखें नया शेड्यूल

समाचार नामा 3 Aug 2026 9:14 am