भारत विकास परिषद नैनवां ने किया पौधारोपण:विश्व पर्यावरण दिवस पर धरोहर संरक्षण का लिया संकल्प
बूंदी के नैनवां में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत विकास परिषद, शाखा नैनवां ने पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया। शुक्रवार को हुए इस कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और परिषद सदस्यों ने ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम के तहत सुबह 8 बजे श्री द्वारकाधीश हर्बल पार्क और 8:30 बजे अगड़ के श्री वीर बालाजी मंदिर परिसर में पौधारोपण किया गया। इस दौरान नीम, शीशम, बेलपत्र, आंवला सहित कुल 20 छायादार और औषधीय पौधे लगाए गए। पौधों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ट्री गार्ड भी स्थापित किए गए। पौधारोपण के बाद एक पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें पर्यावरणविद् भवानी सिंह सोलंकी और राधेश्याम सैनी ने पौधों के महत्व, उपयोगिता और पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। उपस्थित सभी सदस्यों ने पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन का संकल्प दोहराया। गोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने नैनवां क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहरों की बदहाल स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कनक सागर और नवल सागर तालाब की पाल को बाढ़ से हुए नुकसान, पुरानी नर्सरी स्थित ऐतिहासिक बावड़ी और सरस्वती-गणेशजी की जर्जर छतरी के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। वक्ताओं ने प्रशासन से इन धरोहरों के बचाव के लिए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने की मांग की। इस कार्यक्रम में भारत विकास परिषद, शाखा नैनवां के अध्यक्ष मुकेश श्रृंगी, सत्यनारायण साहू, नरेंद्र जैन, बालकृष्ण सोनी, सत्यनारायण स्वामी, सुरेश जैन, नाथूलाल निर्मल, रोडूलाल जाट, कैलाश टेलर, अरविंद शर्मा, पुखराज ओसवाल, शैलेंद्र मारवाड़ा और अनिल जैन सहित कई सदस्य उपस्थित थे। अगड़ वीर हनुमान सेवा समिति के अध्यक्ष अटल सोनी, महावीर गौतम और ललित गौतम भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
धमतरी शहर के शहरी विकास को नई गति देने के लिए दो महत्वपूर्ण फोरलेन सड़क परियोजनाओं और नए डिवाइडर निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। करोड़ों रुपये की इन परियोजनाओं के पूरा होने से शहर की यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित, सुगम और आधुनिक बनेगी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रत्नाबांधा चौक से मुजगहन तक लगभग 4.4 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। वहीं सिहावा चौक से कोलयारी तक करीब 5 किलोमीटर लंबे मार्ग का भी चौड़ीकरण कर फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी सड़कें परियोजनाओं के तहत सड़क चौड़ीकरण के साथ पाथ-वे, बेहतर जल निकासी व्यवस्था, सड़क सुरक्षा सुविधाएं, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था तथा सौंदर्यीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। इसके अलावा सड़क किनारे हरित पट्टियों का भी विकास किया जाएगा। व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा भूमिपूजन कार्यक्रम में महापौर रामू रोहरा ने कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन धमतरी को स्वच्छ, सुंदर, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई फोरलेन सड़कें केवल यातायात को सुगम नहीं बनाएंगी, बल्कि व्यापार, निवेश, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देंगी। महापौर ने बताया कि आकर्षक पाथ-वे और हरित पट्टियां शहर की सुंदरता में भी इजाफा करेंगी। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकास कलेक्टर अविनाश मिश्रा ने कहा कि धमतरी तेजी से विकसित हो रहा है और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकास के कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूर्ण होने पर यातायात का दबाव कम होगा, आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेगा तथा शहर को आधुनिक स्वरूप मिलेगा। विकास कार्यों में पर्यावरण संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार, प्रभावी जल निकासी और नागरिक सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। सड़क हादसों में कमी की उम्मीद शहर में नए डिवाइडर निर्माण और सड़क चौड़ीकरण की लंबे समय से मांग की जा रही थी। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन परियोजनाओं से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। शहरवासियों ने फोरलेन सड़क निर्माण को धमतरी के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
चूरू-रतनगढ़ में आंधी-बारिश से बदला मौसम:रतनगढ़ में बिजली ठप, चौथ का चांद नहीं दिखा
चूरू और रतनगढ़ में गुरुवार देर रात मौसम ने करवट ली। तेज धूलभरी आंधी के बाद बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने चूरू जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया था। चूरू में गुरुवार शाम से ही मौसम में बदलाव देखा गया था। सुबह से बादल छाए हुए थे और शाम को आंधी के साथ हल्की बारिश हुई। रात 10 बजे के बाद मौसम और बिगड़ गया। आसमान में बिजली कड़की और धूलभरी हवाएं चलीं। इसके बाद हल्की बारिश शुरू हुई, जो रुक-रुक कर देर रात तक जारी रही। क्षेत्र में कुल 4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। रतनगढ़ में खराब मौसम के कारण बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। खराब मौसम के कारण चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। गुरुवार को व्रतधारी महिलाओं को चांद के दर्शन नहीं हो पाए, जिससे उन्हें अर्घ्य देने और भोजन करने में दिक्कत हुई। शुक्रवार सुबह भी आसमान में बादल छाए रहे और हवाओं के कारण धूप का असर कम रहा।
मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस द्वारा मीनाक्षी नटराजन को उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद पार्टी के भीतर असंतोष के सुर मुखर हो गए हैं। अब मीनाक्षी का खुलकर विरोध शुरू हो गया है। भोपाल की हुजूर विधानसभा सीट से कांग्रेस के दो बार प्रत्याशी रह चुके वरिष्ठ नेता नरेश ज्ञानचंदानी ने आलाकमान के इस फैसले पर खुलकर आपत्ति दर्ज कराई है। वहीं दूसरी तरफ, इस अंदरूनी कलह पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी चुटकी लेते हुए बड़ा हमला बोला है। फैसले को बताया 'बड़ी चूक' नरेश ज्ञानचंदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के जरिए सीधे कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व को घेरा। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को टैग करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के चयन में पार्टी से बड़ी चूक हुई है। ज्ञानचंदानी के मुताबिक उन्होंने पहले भी पार्टी नेतृत्व को संदेश भेजकर आगाह किया था कि राज्यसभा उम्मीदवार का चयन बेहद सोच-समझकर किया जाए, क्योंकि प्रदेश में क्रॉस वोटिंग का खतरा मंडरा रहा है। दिग्विजय सिंह होते तो सुरक्षित रहती सीट ज्ञानचंदानी ने अपने पोस्ट में पुरजोर वकालत करते हुए दावा किया कि यदि वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह को दोबारा राज्यसभा उम्मीदवार बनाया जाता, तो पार्टी की यह सीट पूरी तरह सुरक्षित रहती। उनके अनुसार, दिग्विजय सिंह की प्रदेश के विधायकों पर मजबूत पकड़ है। वर्तमान परिस्थितियों में मीनाक्षी नटराजन के नाम पर सहमति न बनने के कारण कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। बीजेपी का तंज: अंतर्कलह और गुटबाजी कांग्रेस का चरित्र कांग्रेस के इस अंदरूनी घमासान पर तंज कसने में बीजेपी ने भी देर नहीं लगाई। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर इस कलह को लेकर एक ट्वीट किया। उन्होंने लिखा- कांग्रेस का यह घमासान हैरान नहीं करता, क्योंकि अंतर्कलह और गुटबाजी ही कांग्रेस का असली चरित्र है। जब पार्टी के अपने ही वरिष्ठ नेता शीर्ष नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं और खुलेआम क्रॉस वोटिंग की चेतावनी दे रहे हैं, तो साफ है कि कांग्रेस में सिर्फ सिर-फुटौव्वल ही तय है। जो पार्टी अपने विधायकों और नेताओं को एकजुट नहीं रख सकती, वह जनता का विश्वास क्या जीतेगी?
जैसलमेर में 1 और 2 जून को आए आंधी-तूफान ने क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले के करीब 450 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई और पूरा इलाका घने अंधेरे में डूब गया। आंधी-तूफान की तीव्रता इतनी भीषण थी कि डिस्कॉम के करीब 2239 विद्युत पोल मलबे में तब्दील हो गए, जिससे विभाग को शुरुआती आकलन में लगभग 2.5 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। तूफान के चलते चांदन और मोहनगढ़ के 132 केवी जीएसएस सहित काठोड़ी और सुखसिंह नगर के सब-स्टेशन पूरी तरह बंद हो गए, जिससे सीमांत इलाकों में पेयजल संकट का खतरा भी पैदा हो गया। हालांकि, जोधपुर डिस्कॉम के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार जोशी के नेतृत्व में विभाग की 25 विशेष टीमों और 250 से अधिक कर्मचारियों ने युद्धस्तर पर राहत कार्य शुरू कर दिया है। इस संकट काल में 'इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम' (ERS) विभाग के लिए वरदान साबित हुआ। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से अस्थायी लोहे के ढांचों पर तुरंत पोल खड़े कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। 2239 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त, 2.5 करोड़ का नुकसान 1 और 2 जून को आए भीषण आंधी-तूफान ने बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण जिले के करीब 450 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिले भर में करीब 2239 विद्युत पोल क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही चांधन और मोहनगढ़ स्थित 132 केवी जीएसएस (ग्रिड सब-स्टेशन) पूरी तरह बंद हो गए, जबकि काठोड़ी और सुखसिंह नगर जीएसएस को भी भारी नुकसान पहुंचा। प्रारंभिक आकलन के अनुसार, जोधपुर डिस्कॉम को इस आपदा में करीब 2.5 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ है, जिसके अंतिम मूल्यांकन के बाद और बढ़ने की आशंका है। बिजली निगम चीफ ने सम्भाला मोर्चा विद्युत संकट की गंभीरता को देखते हुए जोधपुर डिस्कॉम (बाड़मेर) के मुख्य अभियंता नरेंद्र कुमार जोशी ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों का सघन दौरा कर राहत और मरम्मत कार्यों की कमान अपने हाथों में ली। मुख्य अभियंता ने स्पष्ट किया कि हालांकि नुकसान बड़ा है, लेकिन जांच में विद्युत पोल और अन्य तकनीकी सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी या खामी नहीं पाई गई है। यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक आपदा का परिणाम था। पेयजल संकट से बचाने में 'बैक फीडिंग' मददगार बिजली गुल होने से सीमावर्ती इलाकों में पेयजल संकट की गंभीर स्थिति पैदा होने का खतरा मंडरा रहा था। इस चुनौती से निपटने के लिए विभाग ने अपने पहले से विकसित 'बैक फीडिंग सिस्टम' और स्टैंडबाई लाइनों का कुशलतापूर्वक उपयोग किया। राशनिंग के आधार पर बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था की गई, जिससे जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित नहीं हुईं और आम जनता को भीषण गर्मी में बड़ी राहत मिली। वरदान साबित हुई ईआरएस (ERS) तकनीक मुख्य अभियंता ने बताया कि इस संकट काल में 'इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम' (ERS) विभाग के लिए वरदान साबित हुआ। इस आधुनिक तकनीक के माध्यम से अस्थायी लोहे के ढांचों पर तुरंत पोल खड़े कर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। यदि चांधन और मोहनगढ़ क्षेत्रों में ईआरएस का उपयोग नहीं किया जाता, तो ग्रिड को दोबारा चालू करने और बिजली आपूर्ति सामान्य करने में कई दिनों का समय लग सकता था। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बिजली के बड़े टावरों या पोल के धराशायी होने पर इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। कैसे काम करती है यह तकनीक इसमें पारंपरिक सीमेंट या भारी लोहे के पोल के बजाय बेहद हल्के, मजबूत और आसानी से असेंबल होने वाले अस्थायी लोहे के ढांचों का उपयोग किया जाता है। इन्हें बिना कंक्रीट फाउंडेशन के, क्रेन और विशेष टूल किट की मदद से महज कुछ ही घंटों में खड़ा कर दिया जाता है। वर्ष 1998 के कांडला चक्रवात और 2001 के भुज भूकंप जैसी बड़ी आपदाओं के बाद गुजरात के विद्युत सेक्टर ने इस त्वरित प्रणाली को सबसे पहले और बेहद प्रभावी ढंग से अपनाया था। इसके तहत आपदा संभावित क्षेत्रों में पहले से ही ERS किट स्टैंडबाई पर रखी जाती है। विशेष टीमें मैदान में डटी वर्तमान में विद्युत व्यवस्था को पूरी तरह सुचारु करने के लिए विभाग की 20 से 25 विशेष टीमें मैदान में डटी हुई हैं, जिनमें 250 से अधिक कर्मचारी दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। मुख्य अभियंता ने कहा कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए स्टैंडबाई और बैक फीडिंग लाइनों के नियमित रखरखाव पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी क्षेत्र में अब भी बिजली की समस्या बनी हुई है, तो वे तुरंत स्थानीय विद्युत अधिकारियों को इसकी सूचना दें।
देवरिया में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने जिलाध्यक्ष काली प्रसाद के नेतृत्व में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण के लिए वृक्षारोपण किया गया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस पर वृद्धाश्रम में फल भी वितरित किए गए। कार्यक्रम के तहत विकास भवन परिसर में वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष काली प्रसाद ने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए अधिक वृक्षारोपण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने लोगों से पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल करने की भी अपील की। वृक्षारोपण के बाद, कार्यकर्ताओं ने वृद्धाश्रम पहुंचकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में बुजुर्गों के बीच फल वितरित किए। कार्यकर्ताओं ने वृद्धजनों का हालचाल जाना और उनके साथ समय बिताकर सेवा भाव का परिचय दिया। वृद्धाश्रम के बुजुर्गों ने इस पहल की सराहना की। भाजपा नेताओं ने बताया कि पार्टी केवल राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, सुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कार्य करती है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश देने का प्रयास किया गया। इस कार्यक्रम में अभियान के जिला संयोजक राजेश कुमार मिश्रा, गंगा सिंह कुशवाहा, प्रेम अग्रवाल, हरेन्द्र जायसवाल, नगर अध्यक्ष रमेश वर्मा, मीडिया प्रभारी प्रभाकर तिवारी, सुधीर मधेशिया, अजय उपाध्याय, जितेंद्र सिंह, राजन यादव, अभिषेक राय अंकुर, विजय बेलदार, सुधीर श्रीवास्तव, राहुल प्रसाद सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और समाज सेवा के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
तेज आंधी की वजह से भोपाल की बिजली सप्लाई सिस्टम फेल हो गया। 300 फीडरों के नेटवर्क से सैकड़ों इलाकों में सप्लाई पर असर पड़ा। जिसे सुधारने में टीमें शुक्रवार सुबह 4.30 बजे तक जुटी रही। वहीं, 10 विशेष टीमें लगी हुई हैं। अफसरों का कहना है कि क्षतिग्रस्त और फॉल्टी हिस्सों को हटाकर लाइनें जोड़ी गई। ताकि, तत्काल राहत मिल सके। आज पूरे हिस्से को दुरुस्त कर रहे हैं। बता दें कि गुरुवार शाम भोपाल में 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली थी। इससे पूरे शहर में बिजली की सप्लाई पर असर पड़ा। हालांकि, सवाल ये खड़ा होता है कि जब बिजली कंपनी पूरे साल लाइनों का मेंटेनेंस करती है तो फिर पहली ही तेज आंधी में सिस्टम फेल कैसे हो गया? इसे लेकर बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री प्रदीप चौहान का कहना है कि लाइन का मेंटेनेंस किया जाता है। जिसमें लाइन सुधार और पेड़ों की टहनियों को हटाया जाता है। गुरुवार शाम को तूफान इतना तेज था कि बिजली के पोल ही झुक गए थे। कई पेड़ उखड़कर जमींदोज हो गए। टीमें पूरी रात लाइन सुधारने में जुटी रही। सुबह तक बिजली सप्लाई बहाल कर दी गई। सबसे पहले देखिए आंधी के असर की 3 तस्वीरें… 11 केवी के 350 फीडर पर असर अधीक्षण यंत्री चौहान ने बताया, आंधी की वजह से शहर के 350 से अधिक 11 केवी फीडर बाधित हुए थे। तुरंत मैदान में टीमें उतारी गईं। क्षतिग्रस्त एवं फॉल्टी हिस्सों को हटाकर लाइनें शुरू की गईं। रात 8.30 बजे 165 फीडर, रात 9.30 बजे तक 66 फीडर की बिजली आपूर्ति बहाल की गई। इसके बाद बचे 11 फीडरों की सप्लाई सुबह 4.30 बजे तक बहाल हो पाई। आज भी जारी काम आंधी के कारण 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों और निम्नदाब (LT) नेटवर्क के कुछ हिस्सों में बड़े पेड़ गिरे हैं। इससे कंपनी को खासा नुकसान पहुंचा है। इसलिए मरम्मत कार्य जारी है। इसके लिए 10 से ज्यादा टीमें जुटी हुई हैं। कुछ इलाकों में सप्लाई अभी भी प्रभावित है। जहां दोपहर तक बहाल की जाएगी। लिंक रोड-1, 2 और 3 सबसे ज्यादा प्रभावित तेज आंधी की वजह से भोपाल में 200 से ज्यादा पेड़ गिर गए। निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने बताया कि लिंक रोड नंबर-1, 2 और 3, तुलसी नगर, कमला पार्क एरिया, पुराने शहर, अटल पथ, जवाहर चौक समेत कई इलाकों में ज्यादा संख्या में पेड़ और उनकी टहनियां गिरी। रात में ही टीमें तैनात हो गई और अधिकांश सड़कों से पेड़ हटा दिए गए थे। वर्तमान में भी टीम जुटी हुई है।
उन्नाव में विश्व पर्यावरण दिवस और मुख्यमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर शुक्रवार को वृहद वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत की गई। नवाबगंज स्थित वन विभाग परिसर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष शकुन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पौधरोपण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने बताया कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा और शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस वर्ष जिले में लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके लिए ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर तक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सभी विभागों, ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों के साथ-साथ किसानों, स्वयंसेवी संस्थाओं और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका संरक्षण और देखभाल भी अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक विभाग और ग्राम पंचायत को लगाए गए पौधों की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। आगामी वर्षा ऋतु में भी वृक्षारोपण अभियान लगातार जारी रहेगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान का भी उल्लेख किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान लोगों को भावनात्मक रूप से पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम है। यदि प्रत्येक व्यक्ति कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो पर्यावरण संतुलन की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है। कार्यक्रम में वन विभाग, राजस्व, पंचायत, पुलिस तथा अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
ऊर्जा मंत्री नागर ने घायल को देख रुकवाया काफिला:एस्कॉर्ट से अस्पताल भेजा, मानवता की मिसाल पेश की
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने गुरुवार देर शाम मानवता का परिचय दिया। जयपुर से कोटा लौटते समय राष्ट्रीय राजमार्ग-52 पर रामगंज बालाजी के पास सड़क किनारे एक घायल व्यक्ति को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवा दिया। घायल की गंभीर हालत को देखते हुए मंत्री नागर स्वयं उसके पास पहुंचे। उन्होंने तत्काल अपने एस्कॉर्ट वाहन में घायल को बैठाने के निर्देश दिए। पुलिस जवानों और स्टाफ को साथ भेजकर घायल को बिना किसी देरी के कोटा के एमबीएस अस्पताल रवाना किया गया। मंत्री नागर ने मौके से ही एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक को फोन कर घायल को समुचित और त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, मानव जीवन से बढ़कर कुछ भी नहीं है। संकट में फंसे व्यक्ति की मदद करना हमारा नैतिक और सामाजिक दायित्व है।
कानपुर देहात। गाजियाबाद में सूर्या चौहान हत्याकांड के विरोध में राष्ट्रीय बजरंग दल और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने नाराजगी ज़ाहिर की उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन रसूलाबाद की एसडीएम को सौंपा। रसूलाबाद तहसील परिसर में सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्र हुए। उन्होंने प्रदेश सरकार से मामले में शामिल सभी आरोपियों और कथित षड्यंत्रकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। यह ज्ञापन राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश महामंत्री अरविंद सेंगर के नेतृत्व में सौंपा गया। एसडीएम रसूलाबाद शिखा संखवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम संबोधित यह ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में हत्या के आरोपियों और कथित षड्यंत्रकारियों की निष्पक्ष जांच तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। संगठनों ने मांग की है कि सभी दोषियों की पहचान कर उन्हें उनके अपराध के अनुरूप कठोर दंड दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। प्रदेश महामंत्री अरविंद सेंगर ने बताया कि राष्ट्रीय बजरंग दल पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेगा। उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा एक आरोपी के खिलाफ की गई कार्रवाई की सराहना की, लेकिन अन्य आरोपियों और साजिशकर्ताओं के खिलाफ भी सख्त कदम उठाने की मांग दोहराई। इस प्रदर्शन के दौरान अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर शुक्रवार को निवाड़ी जिले में पर्यावरण को बचाने और पानी का स्तर सुधारने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए इस दौरान साइकिल रैली निकाली गई, पौधे लगाए गए और पर्यावरण को सुरक्षित रखने की शपथ दिलाई गई। इन आयोजनों में नेताओं, सरकारी अफसरों, छात्रों और सामाजिक संस्थाओं ने हिस्सा लिया। पृथ्वीपुर से मड़िया तक 3KM लंबी साइकिल रैली पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने और ईंधन की बचत का संदेश देने के लिए पृथ्वीपुर से मड़िया गांव तक करीब 3 किलोमीटर लंबी एक विशाल साइकिल रैली निकाली गई। इस रैली में पूर्व विधायक शिशुपाल यादव, पृथ्वीपुर एसडीएम मनीषा जैन, डिप्टी कलेक्टर स्वाति सिंह, तहसीलदार शुभम मिश्रा और उद्योग विभाग के मैनेजर शुभम राजपूत के साथ कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। कलेक्टर बाेले- कुएं और बावड़ियों को बचाने के लिए आगे आएं लोग इस दौरान कलेक्टर जमुना भिड़े ने कहा कि अगर हमें अपनी आने वाली पीढ़ी को सुरक्षित माहौल देना है, तो ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने होंगे। उन्होंने पानी बचाने पर जोर देते हुए कहा कि हमारे पुराने जल स्रोतों, जैसे कुएं और बावड़ियों को बचाने के लिए समाज के हर व्यक्ति को आगे आना होगा। ओरछा वन्य अभयारण्य में अफसरों ने रोपे पौधे ओरछा वन्य अभयारण्य इलाके में एक खास पौधारोपण कार्यक्रम रखा गया। यहां कलेक्टर जमुना भिड़े, एसपी डॉ. राय सिंह नरवरिया और जिला पंचायत सीईओ रोहन सक्सेना ने खुद पौधे लगाकर प्रकृति को हरा-भरा रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के आखिर में कलेक्टर ने वहां मौजूद सभी लोगों को पौधे लगाने, पानी बचाने और जंगलों व नदियों की सुरक्षा करने की शपथ भी दिलाई। देखें तस्वीरें…
पलवल नगर परिषद शहर में लगभग 32,797 स्ट्रीट लाइटों के उन्नयन और नई प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। इस परियोजना के लिए कुल 70 करोड़ रुपए का बजट निर्धारित किया गया है। हाल ही में आयोजित एफ एंड सीसी (FCC) बैठक में नगर परिषद अध्यक्ष डॉ. यशपाल की अध्यक्षता में 53 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। चेयरमैन डॉ. यशपाल ने बताया कि इस परियोजना के तहत पिछले माह 17 करोड़ रुपए की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी थी। इसके माध्यम से नई स्ट्रीट लाइटों और आवश्यक तकनीकी उपकरणों की खरीद प्रक्रिया शुरू की गई है। इस तरह, कुल 70 करोड़ रुपए की इस व्यापक योजना से पलवल की प्रकाश व्यवस्था को आधुनिक रूप दिया जाएगा। कमांड सिस्टम और टयूबलर पोल शामिल परियोजना में आधुनिक कंट्रोल एंड कमांड सिस्टम, सीसीएमएस पैनल्स, 1426 ऑक्टागनल पोल, 10,797 ट्यूबलर पोल और 644 डेकोरेटिव पोल शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 5 वर्षों तक संचालन और रखरखाव का कार्य भी इस योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य शहर में दीर्घकालिक, स्मार्ट और व्यवस्थित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करना है। उन्नत तकनीक आधारित लाइटिंग विकसित चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि इस परियोजना का लक्ष्य केवल सड़क प्रकाश व्यवस्था को मजबूत करना नहीं है, बल्कि नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और बेहतर शहरी वातावरण उपलब्ध कराना भी है। नई व्यवस्था के तहत शहर के प्रमुख मार्गों, कॉलोनियों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उन्नत तकनीक आधारित लाइटिंग विकसित की जाएगी। शहर के विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध उन्होंने बताया कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से रात्रिकालीन सुरक्षा बढ़ेगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु होगी और नागरिकों को सुविधाजनक शहरी जीवन का अनुभव मिलेगा। नगर परिषद पलवल भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप शहर के विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सीएम और मंत्रियों का जताया आभार इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन के लिए डॉ. यशपाल ने सभी पार्षदों की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं सांसद कृष्णपाल गुर्जर, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल और खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम का आभार व्यक्त किया।
राजधानी रायपुर के डंगनिया इलाके में देर रात किराना कारोबारी से मारपीट का मामला सामने आया है। कारोबारी का आरोप है कि दुकान बंद होने के बाद सिगरेट और गुटखा नहीं देने पर खुद को दबंग बताने वाले युवकों ने मारपीट की और घर में घुसकर हमला किया। कारोबारी की शिकायत पर डीडी नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया है। पीड़ित कारोबारी का नाम नत्थू लाल साहू और आरोपियों का नाम वैभव ठाकुर, शिवा ठाकुर एवं अन्य पुलिस द्वारा बताया जा रहा है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला डीडी नगर पुलिस के अनुसार कारोबारी नत्थू लाल साहू ने शिकायत की है। पीड़ित ने बताया, कि वो तरुण नगर डंगनिया का निवासी है। साईं प्रोविजन स्टोर्स के नाम से दुकान संचालित है। 3 जून की रात करीब 11:30 बजे वह दुकान बंद कर पैदल घर लौट रहा था। इसी दौरान राजू कार वॉश के सामने कुछ युवक खड़े मिले। पीड़ित के मुताबिक, वहां मौजूद वैभव ठाकुर ने उसे दुकान खोलकर सिगरेट और गुटखा देने के लिए कहा। कारोबारी द्वारा मना करने पर वैभव ठाकुर गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर वैभव ठाकुर, शिवा ठाकुर और उनके साथ मौजूद अन्य लोगों ने कथित रूप से जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों और डंडों से हमला कर दिया। कारोबारी किसी तरह वहां से भागकर अपने घर पहुंचा, लेकिन आरोप है कि आरोपी उसके पीछे-पीछे घर तक पहुंच गए और घर में घुसकर फिर से मारपीट की। घटना में कारोबारी की आंख के नीचे, कंधे और पैर में चोटें आई हैं। पुलिस ने शुरु की जांच घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। जांच अधिकारियो का कहना है, कि कारोबारी से मारपीट करने वाले आरोपियों को जल्द पकड़ा जाएगा।
हाथरस में उत्तर मध्य रेलवे ट्रैक पर कल देर रात एक युवक का शव मिला। सूचना मिलते ही थाना हाथरस जंक्शन पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। आज सुबह मृतक की पहचान थाना हाथरस जंक्शन क्षेत्र के गांव जलालपुर निवासी 35 वर्षीय तालेवर पुत्र दाताराम के रूप में हुई है। शव गांव के निकट रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला था। पुलिस ने युवक की मौत की जानकारी उसके परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार के लोग पोस्टमार्टम गृह पहुंच गए। युवक अविवाहित था। मृतक के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि घटना वाले दिन सुबह से गांव का एक युवक तालेवर के साथ घूम रहा था और देर रात तक उसके मोबाइल फोन पर लगातार कॉल भी आ रही थीं। पुलिस कर रही मामले को लेकर जांच पड़ताल... फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिससे मौत के सही कारणों का पता चल सके।
श्रावस्ती में नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को सोनवा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमे में पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराएं बढ़ाई गई थीं, जिसके बाद से आरोपी फरार थे। यह घटना 1 अप्रैल 2026 की है, जब आरोपी मिथुन ने कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की को शादी का झांसा देकर बहला-फुसलाकर भगा लिया था। इस संबंध में पीड़ित पक्ष ने 3 अप्रैल 2026 को सोनवा थाने में प्रार्थना पत्र दिया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पीड़िता की तलाश शुरू की और 5 अप्रैल 2026 को उसे सकुशल बरामद कर लिया। पीड़िता के चिकित्सकीय परीक्षण और उसके बयान के आधार पर मुकदमे में पॉक्सो अधिनियम की धारा 5L/6 और 16/17 की बढ़ोतरी की गई। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान राजा कश्यप पुत्र प्रेम पाल कश्यप, निवासी ग्राम फैजगंज बेहटा, थाना फैजगंज बेहटा, जनपद बदायूं, और मिथुन पुत्र त्रिवेणी, निवासी ग्राम लालकैन्दुआ (ककन्धू), थाना सोनवा, जनपद श्रावस्ती के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने 3 जून 2026 को मुखबिर की सूचना पर ग्राम लालकैन्दुआ में दबिश देकर दोनों को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस प्रशासन ने दोहराया है कि नाबालिगों और महिलाओं से जुड़े अपराधों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान और पंजाब में साइबर फ्रॉड से काली कमाई को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को रेड की कार्रवाई की गई। राजस्थान के तीन शहरों में 6 ठिकानों पर ईडी ने छापेमारी की है। वहीं, पंजाब के लुधियान में एक ठिकाने पर ईडी रेड डाली गई। साइबर फ्रॉड को लेकर सिमकार्ड खरीद के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी को लेकर ईडी की ओर से कार्रवाई की गई है। ईडी सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय की टीमों ने साइबर फ्रॉड से काली कमाई को लेकर राजस्थान-पंजाब में गुरुवार को रेड डाली। जोधपुर के बासनी साइबर ब्रांच में दर्ज शिकायत पर ईडी की ओर से कार्रवाई की गई है। राजस्थान के जोधपुर, नागौर व किशनगढ़ और पंजाब के लुधियान में ईडी की टीमों ने छापेमारी की है। साइबर क्रिमिनर्ल्स को फ्रॉड के लिए सिमकार्ड खरीद-बेचान के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी को लेकर ईडी के कार्रवाई करना बताया जा रहा है। मोबाइल सिमकार्ड का दुरुपयोग कर साइबर क्रिमिनर्ल्स को बेचा जा रहा है। साइबर क्रिमिनर्ल्स के तार विदेशों तक फैले बताए जा रहे है। ईडी की टीमों ने गुरुवार सुबह एक साथ जोधपुर में 3, नागौर में 2 और किशनगढ़ व लुधियाना में 1-1 ठिकाने पर साइबर क्राइम से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की।
सिंगरौली जिले की चितरंगी तहसील के बरहट ग्राम पंचायत के लालीमाटी क्षेत्र में शुक्रवार को एक विद्युत ट्रांसफार्मर में आग लग गई। मुकेश सिंह के घर के पास लगे ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद कई धमाकों की आवाज सुनाई दी, जिससे आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों के अनुसार ट्रांसफार्मर पर अधिक विद्युत भार होने के कारण यह घटना हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले ट्रांसफार्मर से धुआं निकलना शुरू हुआ, जिसके बाद उसमें आग लग गई। आग के दौरान लगातार धमाकों की आवाजें आती रहीं, जिससे लोगों ने एहतियात के तौर पर दूरी बना ली। समय रहते टला बड़ा नुकसान स्थानीय निवासी आलोक के ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी और लोगों को किसी बड़े विस्फोट की आशंका थी। हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। घटना में किसी के घायल होने की भी सूचना नहीं है। बिजली गुल होने से बढ़ी परेशानी ट्रांसफार्मर जलने के बाद पूरे इलाके की बिजली आपूर्ति बंद हो गई। इससे लोगों को पेयजल व्यवस्था, पंखे, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के उपयोग में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों की रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। ट्रांसफार्मर बदलने की मांग ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर पर बढ़ते लोड की समस्या काफी समय से बनी हुई थी, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। दूसरी ओर, विद्युत विभाग ने अभी तक आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रामीणों ने विभाग से जले हुए ट्रांसफार्मर को जल्द बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि लोगों को हो रही परेशानी से राहत मिल सके।
चीता KGP-3 ने पांच भेड़ों का शिकार किया:कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता मासलपुर क्षेत्र में लौटा
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से निकला चीता KGP-3 एक बार फिर करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र में पहुंच गया है। मासलपुर के नवलापुरा गांव के पास चीते ने पांच भेड़ों का शिकार किया है। इस घटना के बाद ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वन विभाग की टीम चीते की लगातार ट्रैकिंग कर रही है। करौली उपवन संरक्षक सुमित बंसल के अनुसार, चीता KGP-3 पिछले कुछ दिनों से राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे क्षेत्रों में घूम रहा था। शुक्रवार को यह दोबारा करौली जिले के मासलपुर क्षेत्र में आया और नवलापुरा गांव के पास भेड़ों का शिकार किया। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर भरतपुर डीएफओ चेतन कुमार वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कूनो नेशनल पार्क के तीन विशेषज्ञों और बंध बारैठा रेंज के तीन वनकर्मियों की एक टीम रेडियो कॉलर की मदद से चीते की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है। वन विभाग किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चीते की लोकेशन ट्रैक कर रहा है। वन विभाग ने आसपास के गांवों में एडवाइजरी जारी की है। इसमें ग्रामीणों से सतर्क रहने, अकेले जंगल या खेतों की ओर नहीं जाने, बच्चों और पशुओं को खुले में नहीं छोड़ने तथा चीते के करीब नहीं जाने की अपील की गई है। डीएफओ चेतन कुमार ने बताया कि चीता नेशनल प्रोजेक्ट का हिस्सा है, इसलिए फिलहाल उसे ट्रेंकुलाइज करने की अनुमति नहीं है। हालांकि, वन विभाग की टीम स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए है और लगातार निगरानी कर रही है।
ग्वालियर के मुरार-बड़ागांव हाईवे स्थित एक होटल में फूड ऑर्डर देने में हुई मामूली देरी पर फायरिंग और तोड़फोड़ करने वाले आरोपियों का सीधा संबंध पुलिस महकमे से निकला है। मामले में पुलिस ने एक थाना प्रभारी (TI) के दामाद समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी सहित अन्य की तलाश जारी है। वारदात मुरार बड़ागांव हाईवे पर हाईवे ग्लोरी होटल में मंगलवार रात को हुई। बदमाशों ने होटल में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। मेन गेट के कांच फोड़ दिए। रिसेप्शन काउंटर पर गोलियां दागीं। बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। करीब आधा घंटे तक उत्पात मचाया। फिर भाग निकले। होटल के स्टाफ ने टेबल के नीचे और काउंटर के पीछे छिपकर जान बचाई। घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया था। CCTV फुटेज से हुई पहचान घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी संजय सिंह यादव, चंबल संभाग में पदस्थ एक थाना प्रभारी उदयभान सिंह यादव का रिश्ते में समधी है। वहीं, गिरफ्तार आरोपी सुमित यादव थाना प्रभारी का दामाद बताया जा रहा है। मुख्य आरोपी फरार अब भी फरार पुलिस ने गुरुवार रात कार्रवाई करते हुए सुमित यादव, सूरज यादव और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार सुमित शहर से भागने की तैयारी में था, तभी सूचना मिलने पर उसकी घेराबंदी कर दबोच लिया गया। मुख्य आरोपी संजय यादव समेत तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। ऑर्डर में देरी पर शुरू हुआ विवाद घटना मंगलवार रात करीब 11:30 बजे की है। मुरार थाना क्षेत्र में मोहनपुर पुल के पास स्थित 'हाईवे ग्लोरी' होटल में संजय यादव खाना खाने पहुंचा था। उसने तुरंत ऑर्डर लेने की बात कही। होटल के रिसेप्शनिस्ट रोहित राजपूत ने वेटर के व्यस्त होने की जानकारी दी, जिससे संजय नाराज हो गया। आरोप है कि उसने काउंटर के अंदर घुसकर रोहित राजपूत से मारपीट की। बीच-बचाव करने आए वेटर सुमित लोधी को भी पीटा और जाते-जाते धमकी देकर चला गया। साथियों के साथ लौटकर की फायरिंग कुछ देर बाद संजय यादव अपने साथियों के साथ दोबारा होटल पहुंचा। आरोपियों ने होटल के मुख्य गेट पर फायरिंग की, जिससे शीशा टूट गया। इसके बाद पार्किंग में खड़ी कारों पर गोलियां चलाईं और डंडों से तोड़फोड़ की। आरोपी होटल के अंदर घुसकर रिसेप्शन काउंटर पर भी फायरिंग कर फरार हो गए। अन्य आरोपियों की तलाश जारी मुरार थाना पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई है। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपी संजय यादव और उसके अन्य साथियों की तलाश जारी है। पुलिस जल्द ही सभी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है। ये खबर भी पढ़ें… ग्वालियर के होटल में ताबड़तोड़ फायरिंग, VIDEO ग्वालियर में बदमाशों ने एक होटल में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की। मेन गेट के कांच फोड़ दिए। रिसेप्शन काउंटर पर गोलियां दागीं। बाहर खड़ी गाड़ियों में तोड़फोड़ की। करीब आधा घंटे तक उत्पात मचाया। फिर भाग निकले। होटल के स्टाफ ने टेबल के नीचे और काउंटर के पीछे छिपकर जान बचाई। पूरी खबर पढ़ें… ग्वालियर के मुरार बड़ागांव हाईवे पर महज फूड ऑर्डर में हुई चंद मिनटों की देरी पर गोलियां बरसाने और दहशत फैलाने वाले आरोपियों का सीधा कनेक्शन पुलिस महकमे से निकला है। होटल में ताबड़तोड़ गोलियां चलाने वाले हमला, मुरैना में पदस्थ एक थाना प्रभारी (TI) के रिश्ते में समधी और दामाद हैं। सोशल मीडिया पर CCTV फुटेज सामने आने के बाद, पहचान कर पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए गुरुवार रात को टीआई के दामाद सुमित यादव सहित तीन आरोपियों को दबोच लिया है। हालांकि, पुलिस अफसर का रसूखदार समधी और कुछ अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस की टीम दबिश दे रही हैं। CCTV फुटेज से हुई हमलावरों की पहचानघटना के बाद जब सोशल मीडिया पर सामने आए फुटेज पुलिस ने देखे तो हमलावरों की पहचान हुई। मुख्य हमलावर संजय सिंह यादव के बारे में पता लगा है कि वह चंबल डिविजन में पोस्टेट इंस्पेक्टर उदयभान सिंह यादव का रिश्ते में समधी लगता है। हमलावरों में एक अन्य नाम सुमित इंस्पेक्टर का दामाद है। इसके बाद पुलिस ने छह लोगांे की पहचान कर उनको नामजद कर मामला दर्ज किया। पुलिस अफसर का दामाद पकड़ा, समधी की तलाशपुलिस ने गुरुवार रात काे इस मामले में पुलिस अफसर का दामाद सुमित यादव सहित तीन आरोपी सूरज यादव, प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि समधी संजय सिंह यादव समेत तीन अभी भी फरार हैं। सुमित शहर से भागने की तैयारी में था। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली ताे पुलिस ने उसकी घेराबंदी कर दी। एक बाइक पर सुमित और दूसरी बाइक पर उसके साथी प्रदीप व सूरज पकड़े गए हैं। ऑर्डर लेने में देरी पर गुस्से में चलाई थी गोलियांयह पूरी वारदात तीन दिन पहले मुरार थाना क्षेत्र के अंतर्गत हाइवे पर मोहनपुर पुल के पास स्थित निशांत राजपूत के होटल 'हाईवे ग्लोरी' में हुई थी। मंगलवार रात करीब 11:30 बजे आरोपी संजय यादव होटल के रेस्टोरेंट में आकर बैठा। उसने रिसेप्शनिस्ट सह मैनेजर रोहित राजपूत (27) को तुरंत ऑर्डर लेने के लिए कहा। रोहित ने जब शालीनता से कहा कि वेटर थोड़ा व्यस्त है और अभी आ रहा है, तो संजय यादव भड़क गया। उसने काउंटर के अंदर घुसकर रोहित पर लात-घूंसे बरसा दिए। बीच-बचाव करने आए वेटर सुमित लोधी को भी बेरहमी से पीटा और 'देख लेने' की धमकी देकर चला गया। होटल पहुंचकर रिसेप्शन और लग्जरी कारों में गोलियां मारींहोटल स्टाफ को लगा कि विवाद खत्म हो गया है और वे रेस्टोरेंट बंद करने की तैयारी कर रहे थे। तभी संजय यादव अपने समधी, दामाद और हथियारबंद गुर्गों की 'फौज' लेकर गाड़ियों से वहां आ धमका। आते ही बदमाशों ने पहली गोली होटल के मुख्य द्वार पर मारी, जिससे उसका शीशा ब्लास्ट के साथ टूट गया। पार्किंग में खड़ी ग्राहकों और स्टाफ की कारों (क्रमांक MP07 AL-5429 और MP15 ZL-0443) पर दनादन गोलियां बरसाईं और डंडों से शीशे तोड़ डाले। इसके बाद आरोपी हाथ में कट्टा लहराते हुए अंदर घुसे और रिसेप्शन काउंटर पर फायर झोंक दिया। स्टाफ ने काउंटर के नीचे छुपकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई। मुरार थाना पुलिस का कहनाबड़ागांव हाईवे स्थित 'होटल हाईवे ग्लोरी' में फायरिंग करने वाले आरोपियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुनिश्चित की गई है। इनमें से तीन आरोपियों, जिनमें एक इस्पेक्टर का दामाद भी शामिल है, जिसको गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया गया है। वारदात में शामिल मुख्य आरोपी संजय यादव व उसके सहयोगी अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं।
गोरखपुर में पिपराइच थाने की पुलिस टीम और पशु तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। सोनबरसा मार्ग पर इस्लामपुर ईंट-भट्ठे के पास पशु लेकर जाने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी की। जिसके बाद पशु तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और पिकअप लेकर भागने लगे। रास्ता बंद होने के कारण तस्करों की पिकअप बेकाबू होकर पलट गई। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए मौके से कुछ आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान गाड़ी से तीन जीवित और एक मृत सांड बरामद हुए। जिन्हें कार्रवाई के बाद स्थानीय मंदिर प्रशासन को सौंप दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक बिहार नंबर की पिकअप, दो मोटरसाइकिलें, तीन मोबाइल, कारतूस के खोखे और रस्सियां जब्त की हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दिए है। मामला पिपराइच थाना क्षेत्र के सोनबरसा मार्ग का है। एसओजी की सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी गोरखपुर के पिपराइच थाना क्षेत्र के सोनबरसा मार्ग पर पुलिस और पशु तस्करों के बीच तड़के मुठभेड़ हो गई। पिपराइच पुलिस को एसओजी (SOG) गोरखपुर से सटीक सूचना मिली थी कि इस्लामपुर ईंट भट्ठे के पास 7-8 बदमाश एक पिकअप गाड़ी में जबरन पशुओं को लाद रहे हैं। सूचना मिलते ही एसओजी और पिपराइच पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर तस्करों की घेराबंदी शुरू कर दी। खुद को पुलिस से घिरा देख पशु तस्करों ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी और पिकअप लेकर तेजी से भागने का प्रयास किया। हालांकि, आगे रास्ता बंद होने के कारण तस्करों को अचानक गाड़ी मोड़नी पड़ी। रफ्तार तेज होने की वजह से तस्करों की पिकअप अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। इसके बाद पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग करते हुए घेराबंदी की और मौके से कुछ तस्करों को दबोच लिया। तीन जीवित और एक मृत सांड बरामद पिकअप पलटने के बाद पुलिस ने जब तलाशी ली, तो उसमें क्रूरता से लादे गए चार सांड बरामद हुए। इनमें से एक सांड की दम घुटने या चोट लगने के कारण मौत हो चुकी थी, जबकि तीन सांड जीवित मिले। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तीनों जीवित पशुओं को सुरक्षित पिपराइच के मोटे शिव मंदिर प्रशासन के सुपुर्द कर दिया। बीआर नंबर की पिकअप, बाइक और कारतूस जब्त पुलिस ने घटनास्थल से तस्करी में इस्तेमाल हो रही एक बिहार (BR) नंबर की पिकअप गाड़ी, दो मोटरसाइकिलें और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। इसके अलावा मौके से तस्करों द्वारा फायर किए गए कारतूसों के खोखे और पशुओं को बांधने वाली रस्सियां सहित अन्य सामान भी बरामद किया गया है। इस वारदात के बाद पिपराइच पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने मोहनापुर के रहने वाले जनार्दन कन्नौजिया (पुत्र रामलखन कन्नौजिया), साहब अंसारी, रोजीद अंसारी (पता अज्ञात) और पांच अन्य अज्ञात बदमाशों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के कनीना शहर में चार लाख रुपये की उधारी वापस मांगने गए एक मजदूर को कथित रूप से कमरे में बंद कर मारपीट करने और उसका चेक फाड़ने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर शहर कनीना थाना पुलिस ने प्राइवेट स्कूल संचालक और उसके भतीजे के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में गांव भड़फ निवासी सतीश कुमार ने बताया कि वह मजदूरी का कार्य करता है। उसने बैंक से ऋण लेने और एक साथी से उधार लेकर करीब तीन वर्ष पहले गांव भड़फ स्थित सरस्वती पब्लिक स्कूल से जुड़े रमेश कुमार को 4 लाख रुपये उधार दिए थे। आरोप है कि रकम के बदले रमेश कुमार ने उसे एक चेक दिया था। कमरे में बंद कर मारा सतीश कुमार के अनुसार जब उसने 16 अप्रैल 2026 को अपनी राशि वापस मांगी तो रमेश कुमार और उसके भतीजे रविकांत ने उसे चेक लेकर स्कूल में आने को कहा। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वह चेक लेकर स्कूल पहुंचा तो दोनों ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया और उसके साथ मारपीट की। पैसे लौटाने से किया इनकार पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उससे चेक छीनकर फाड़ दिया तथा जान से मारने की धमकी भी दी। साथ ही उधार लिए गए 4 लाख रुपये लौटाने से भी इनकार कर दिया। स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज शिकायत के आधार पर शहर कनीना थाना पुलिस ने रमेश कुमार और रविकांत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(3), 127(2), 316(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। स्कूल संचालक ने नहीं उठाया फोन स्कूल संचालक का पक्ष जानने के लिए संचालक रमेश भारद्वाज के फोन नंबर पर दो बार फोन किया गया, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
सिरसा के दादा भोमिया मंदिर से कैश चोरी:चोर ने दानपात्र खाली कर लगाया दूसरा ताला; 11 दिन बाद खुलासा
सिरसा जिले की उपतहसील गोरीवाला स्थित दादा भोमिया मंदिर में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है। एक अज्ञात चोर ने मंदिर के दानपात्र से नकदी चुराने के बाद उस पर अपना नया ताला लगा दिया। इस कारण कई दिनों तक किसी को चोरी का पता नहीं चल पाया। मंदिर प्रबंधक कमेटी के अनुसार, यह घटना तब सामने आई, जब करीब 5-6 महीने बाद दानपात्र खोलने की प्रक्रिया शुरू की गई। दानपात्र का ताला खोलने का प्रयास करने पर चाबी नहीं लगी। जांच में पता चला कि दानपात्र पर लगा ताला बदला जा चुका था। इसके बाद मामले की शिकायत गोरिवाला पुलिस चौकी में दर्ज कराई गई। सीसीटीवी में कैद हुई वारदात मंदिर सेवादारों ने बताया कि चोरी का खुलासा करीब 10-11 दिन बाद हुआ। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पूरी वारदात सामने आ गई। फुटेज के अनुसार, 23 मई की दोपहर एक अज्ञात युवक मंदिर में प्रवेश करता है। वह कुछ ही मिनटों में दानपात्र का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी चोरी कर लेता है। इसके बाद वह अपने साथ लाया गया नया ताला दानपात्र पर लगा देता है, ताकि किसी को चोरी का संदेह न हो। मामले की जांच में जुटी पुलिस मंदिर प्रबंधन ने पुलिस से आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस घटना से क्षेत्र के श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में रोष है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
मंदिर दानपेटी चोरी मामले में दो गिरफ्तार:एक आरोपी पर पहले से दर्ज हैं चोरी के कई केस
हनुमानगढ़ की टिब्बी थाना पुलिस ने मंदिर की दानपेटी से चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वेदप्रकाश और सुनील उर्फ सोनू निवासी वार्ड नंबर 15, मेहरवाला के रूप में हुई है। इनमें से एक आरोपी वेदप्रकाश के खिलाफ पहले भी चोरी और नकबजनी के कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह मामला 10 मई को दर्ज किया गया था। परिवादी ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 9 मई की रात को चक 4केएसपी स्थित इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर में अज्ञात चोरों ने मंदिर का ताला तोड़कर दानपेटी से नकदी चोरी कर ली थी। इस रिपोर्ट के आधार पर टिब्बी थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान, पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की सहायता से आरोपियों की पहचान की। गहन पूछताछ में दोनों आरोपियों की संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई राशि में से 8500 रुपए भी बरामद किए हैं। फिलहाल, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे चोरी की अन्य कितनी वारदातों में शामिल रहे हैं।
रामपुर के प्रभारी मंत्री और उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने शुक्रवार को विकास भवन में समीक्षा बैठक की। उन्होंने पारंपरिक समीक्षा पद्धति को बदलते हुए अधिकारियों से विभागवार कार्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। विकास भवन पहुंचने पर जिलाधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रभारी मंत्री का स्वागत किया। बैठक में नगर विधायक आकाश सक्सेना और मिलक शाहबाद विधायक राजबाला सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। हालांकि, प्रदेश सरकार के कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख और स्वार टांडा विधायक शफीक अंसारी बैठक में अनुपस्थित रहे, जिसकी चर्चा राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में रही। समीक्षा बैठक की शुरुआत में प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि बैठक दो चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में सभी विभागीय अधिकारियों को अपना परिचय देने के साथ वर्ष 2025-26 के दौरान संचालित विकास एवं अवस्थापना संबंधी कार्यों की जानकारी देनी होगी। इसमें विभाग को मिले बजट, खर्च की गई राशि और योजनाओं की वर्तमान स्थिति का ब्योरा भी शामिल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल आंकड़ों के आधार पर समीक्षा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विभागों के कार्यों की वास्तविक स्थिति जानना आवश्यक है। परिचय के साथ बजट और उपलब्धियों की जानकारी मिलने से विभागों के प्रदर्शन का सही आकलन किया जा सकेगा। बैठक के दूसरे चरण में जिलाधिकारी को आगामी कार्यक्रमों, विकास योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों का ब्योरा प्रस्तुत करना था। अब प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा है कि प्रभारी मंत्री किन विभागों की कार्यप्रणाली पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं और विकास कार्यों को लेकर क्या नए दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं।
धौलपुर में 12 बोर का देसी कट्टा बरामद:अवैध हथियार के साथ एक व्यक्ति गिरफ्तार
धौलपुर जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सदर थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को अवैध हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 12 बोर का एक देसी कट्टा बरामद किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और वृत्ताधिकारी शहर कृष्णराज जांगिड़ के सुपरविजन में की गई। सदर थाना प्रभारी सुखराम विश्नोई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इसे अंजाम दिया। पुलिस टीम ने तिघरा मोड़ स्थित मनरूप गुर्जर के अड्डे के पास दबिश दी। वहां से आरोपी शिवचरण पुत्र हुब्बीलाल गुर्जर (50 वर्ष) निवासी तिघरा, थाना सदर धौलपुर को गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध 12 बोर कादेसी कट्टा मिला। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब अवैध हथियार की प्राप्ति के स्रोत और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रतलाम-झाबुआ मार्ग पर एमपीआरडी की ओर से कराए जा रहे सड़क निर्माण में लापरवाही के कारण स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खवासा और करवड़ बस स्टैंड के पास काम की बेहद धीमी रफ्तार और बार-बार की जा रही खुदाई से रास्ते बंद हो गए हैं। इस परियोजना में नियोजन की कमी के चलते सरकारी धन की बर्बादी के आरोप भी लग रहे हैं। करवड़ बस स्टैंड पर 15 दिन से बंद है रास्ता करवड़ बस स्टैंड पर सड़क को खोदकर पिछले 15 दिनों से काम बंद पड़ा हुआ है। ठेकेदार द्वारा आगे की सुध न लेने के कारण आसपास के घरों का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया है। स्थानीय निवासी विनाेद शर्मा ने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के बाद इस खुदे हुए हिस्से में पानी भरने से कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़क का एक हिस्सा पूरी तरह बंद होने की वजह से इस मार्ग पर रोजाना लंबा जाम लग रहा है। पाइपलाइन सुरक्षा के लिए खवासा में तोड़ी नई सीसी रोड योजना की कमी के कारण खवासा में हाल ही में बनी नई चमचमाती सीसी रोड को दोबारा तोड़ा जा रहा है। निर्माण के समय जिम्मेदार अधिकारी जमीन के नीचे मौजूद इंडियन ऑयल की पाइपलाइन की सुरक्षा का ध्यान रखना भूल गए थे। अब सड़क बनने के बाद पाइपलाइन को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते बामनिया रोड पर सांदीपनि स्कूल के पास सड़क को 12 फीट तक दोबारा खोदा गया है, ताकि पाइपलाइन पर सुरक्षा कवर (केसिंग) डाला जा सके। स्थानीय जनता का आरोप है कि बिना किसी उचित सर्वे और दूरदर्शिता के यह निर्माण कार्य शुरू कराया गया। लोग सवाल उठा रहे हैं कि सड़क बनाने की अनुमति देने से पहले समय रहते इस तकनीकी खामी पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। एमपीआरडीसी ने खुदाई को जरूरी बताया इस मामले में एमपीआरडीसी के AGM राम गोपाल हटिला ने बताया कि सुरक्षा कारणों और पाइपलाइन को बचाने के लिए यह खुदाई बेहद आवश्यक है।
बच्चों संग सो रही महिला को सांप ने डसा:हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज रेफर; परिजनों ने सांप को मारा
हरदोई के कछौना कोतवाली क्षेत्र के गढ़ी गांव में शुक्रवार सुबह सांप के डसने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। परिजनों ने उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, गढ़ी गांव निवासी कुलदीप की पत्नी रूपा (25) शुक्रवार सुबह अपने बरामदे में बच्चों के साथ सो रही थीं, जबकि उनके पति दूसरे कमरे में थे। इसी दौरान एक जहरीला सांप बरामदे में घुस आया और उसने रूपा को डस लिया। घटना के बाद रूपा के चीखने की आवाज सुनकर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहां सांप दिखाई देने पर लोगों ने उसे मार दिया। इसके बाद परिजनों ने गंभीर हालत में महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कछौना पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय रेफर किया गया। स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की देखरेख में महिला का इलाज जारी है। डॅाक्टर के अनुसार, परिजनों द्वारा दिखाई गई सांप की तस्वीर से उसकी पहचान कॉमन क्रेट (मनियार) प्रजाति के रूप में हुई है, जो अत्यंत विषैला होता है और इसका जहर तंत्रिका तंत्र पर असर करता है। फिलहाल महिला की हालत गंभीर बनी हुई है और डॅाक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।
रोहतक जिले के लाखन माजरा थाना क्षेत्र के बैंसी गांव में एक पशुपालक की गाय चोरी कर ले जाते हुए तीन युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। बाद में इनमें से दो युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि एक फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बैंसी निवासी पशुपालक गणेश पुत्र देवी दयाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह खेती और पशुपालन का काम करता है। उसके घर पर चिनाई का काम चलने के कारण उसने अपनी गाय जोहड़ के पास एक पेड़ के नीचे बांध रखी थी। एक साथी भागने में सफल जब गणेश अपनी गाय को घर लाने के लिए जोहड़ पर गया, तो उसने देखा कि तीन व्यक्ति उसकी गाय को एक पिकअप गाड़ी में जबरदस्ती चढ़ाकर ले जा रहे थे। उसने तुरंत गांव के लोगों की मदद से उनका पीछा किया।ग्रामीणों ने चोरों को गुगाहेड़ी बस स्टैंड के पास पकड़ लिया। इस दौरान एक युवक भागने में सफल रहा, लेकिन साहिल पुत्र जसवंत (गांव फरमाणा बादशाहपुर) और मंजीत पुत्र उमेर सिंह (गांव फरमाणा खास) नामक दो युवकों को काबू कर लिया गया। ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपी पिकअप पकड़े गए युवकों ने बताया कि तीसरा फरार आरोपी जुलाना गांव निवासी राहुल उर्फ लालू पुत्र रमेश है। ग्रामीणों ने पकड़े गए युवकों और चोरी में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी को पुलिस को सौंप दिया। गाय मालिक गणेश ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने साहिल, मंजीत और राहुल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिवपुरी जिले के कौलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत पूरनखेड़ी गांव के पास गुरुवार रात एक ट्रक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। इस हादसे में ट्रक चालक यशपाल गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार ट्रक शिवपुरी से बदरवास की ओर माल भरने जा रहा था। गुरुवार रात पूरनखेड़ी के समीप चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद ट्रक सीधे डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक को गंभीर चोटें आईं। स्थानीय लोगों की मदद से घायल चालक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे शिवपुरी जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पहले भी हो चुके हैं हादसे उल्लेखनीय है कि इसी स्थान पर दो दिन पहले भी इसी तरह का एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण और डायवर्जन से संबंधित पर्याप्त सूचना बोर्ड और चेतावनी संकेत नहीं लगाए गए हैं। NHAI पर लापरवाही के आरोप स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की लापरवाही के कारण इस क्षेत्र में लगातार हादसे हो रहे हैं, जिससे वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ रही है
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता, राज्यसभा सांसद संजय सिंह के निर्देश पर आज आम आदमी पार्टी आज़मगढ़ जिला के कार्यकर्ताओं ने प्रान्त अध्यक्ष राजेश यादव की उपस्थिति में व ज़िलाध्यक्ष रविन्द्र यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में व्याप्त भीषण बिजली संकट, अघोषित बिजली कटौती, महंगी बिजली दरों तथा स्मार्ट मीटर की गड़बड़ियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के उपरांत जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा गया।इस अवसर पर प्रान्त अध्यक्ष राजेश यादव ने कहा कि सरकार खुद को डबल इंजन का बताती है और बिजली चौबीस घंटे में 48 बार काट रही है। स्मार्ट मीटर बिना बिजली के भी दौड़ता है और बिजली का दाम सबसे ज़्यादा महंगा यूपी में ही है। यह अनियमितता सरकार दूर करें नहीं तो हम आंदोलन के लिये बाध्य होंगे। बिजली कटौती से जनता त्रस्तजिलाध्यक्ष रविन्द्र यादव ने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में प्रदेश की जनता बिजली संकट से त्रस्त है। अनेक जिलों में 22 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पूरे प्रदेश में आम नागरिक, किसान, व्यापारी, छात्र और कर्मचारी अघोषित बिजली कटौती से परेशान हैं। जनता देश की सबसे महंगी बिजली दरें चुकाने के बावजूद पर्याप्त और निर्बाध बिजली नहीं पा रही है। प्रदेश सरकार बिजली व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े दावे करती है। लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत है। गांवों और शहरों में घंटों बिजली गुल रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उद्योग, व्यापार, खेती और विद्यार्थियों की पढ़ाई तक प्रभावित हो रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष कृपाशंकर पाठक ने कहा कि बाराबंकी में बिजली न होने के कारण सड़क किनारे सो रहे एक परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत प्रदेश की बदहाल बिजली व्यवस्था का दुखद उदाहरण है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धौलपुर में सड़क हादसे में नाबालिग की मौत:अज्ञात वाहन की टक्कर से एक घायल, पुलिस जांच में जुटी
धौलपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र में गुरुवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार नाबालिग की मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसका साथी नवल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा तोर गांव के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ। जानकारी के अनुसार, वीरपुर निवासी प्रेम सागर (17) पुत्र रामवीर अपने साथी नवल सिंह के साथ किसी काम से धौलपुर आया था। काम पूरा होने के बाद दोनों बाइक से वापस अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान तोर गांव के निकट एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने प्रेम सागर को मृत घोषित कर दिया, जबकि नवल सिंह का उपचार जारी है। प्रेम सागर अपने परिवार का सबसे छोटा पुत्र था। उसके पिता मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस ने प्रेम सागर के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाकर परिजनों को सूचित कर दिया है। वहीं, हादसे के बाद फरार हुए अज्ञात वाहन चालक की तलाश पुलिस ने शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
भदोही में पंखा लगाते समय करंट लगा, युवक की मौत:चार बच्चे हुए अनाथ, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
भदोही के कोइरौना थाना क्षेत्र के इटहरा गांव में गुरुवार रात एक हादसे में 30 वर्षीय संतोष केसरवानी की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद उनके चार छोटे बच्चे अनाथ हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, इटहरा निवासी संतोष केसरवानी (पुत्र भगवत केसरवानी) गुरुवार रात करीब 10 बजे अपने घर में पंखा लगा रहे थे। इसी दौरान पंखे में अचानक करंट उतर आया और वह उसकी चपेट में आ गए। परिजनों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे गंभीर रूप से झुलस चुके थे। आनन-फानन में उपचार के लिए ले जाने की तैयारी की गई, लेकिन उनकी मौत हो गई। मृतक संतोष अपने पीछे पत्नी और चार छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके बच्चों में सबसे बड़ा पुत्र सात वर्ष का है, दूसरा चार वर्ष, तीसरा डेढ़ वर्ष और सबसे छोटा मात्र छह माह का है। ग्रामीणों के अनुसार, संतोष केसरवानी अपने माता-पिता की दूसरी संतान थे। परिवार पहले से ही मुश्किलों में था, क्योंकि करीब पांच माह पूर्व उनके छोटे भाई का भी बीमारी के कारण निधन हो गया था। संतोष ही परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा थे और उनकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी सामान्य नहीं बताई जा रही है। घटना के बाद मृतक की पत्नी, माता-पिता और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि चार मासूम बच्चों और शोकाकुल परिवार का भविष्य सुरक्षित हो सके।
धौलपुर में 22 जून को परशुराम शोभायात्रा:प्रख्यात कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर विशेष रूप से शामिल होंगे
धौलपुर में भगवान परशुराम जन्मोत्सव के अवसर पर 22 जून को शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में देश के प्रख्यात कथा प्रवक्ता देवकीनंदन ठाकुर विशेष रूप से शामिल होंगे। भगवान परशुराम शोभायात्रा समिति की बैठक मचकुंड रोड स्थित भगवान परशुराम चैरिटेबल ट्रस्ट में हुई। इसमें आयोजन की तैयारियों, शोभायात्रा के मार्ग और विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शोभायात्रा 22 जून को शाम 5 बजे महात्मा नंद की बगीची, पुराना शहर से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। समिति के संयोजक पंडित हरीनिवास प्रधान ने बताया कि भगवान परशुराम धर्म, न्याय, साहस, तपस्या और राष्ट्रधर्म के प्रतीक हैं। उनके आदर्श समाज को सत्य, कर्तव्य और सामाजिक उत्तरदायित्व के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने सभी लोगों से शोभायात्रा में बड़ी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय चेतना और समाज की एकता का प्रतीक है। उनका मानना है कि इससे युवा पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं से जुड़ सकेगी। शोभायात्रा में भगवान परशुराम के जीवन चरित्र पर आधारित आकर्षक झांकियां, धार्मिक ध्वज, बैंड-बाजे, भजन मंडलियां, अखाड़ों के प्रदर्शन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। नगर के विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा और स्वागत कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। बैठक में समिति अध्यक्ष मुकेश शर्मा, संरक्षक पंडित किशनचंद शर्मा, रामगोपाल शर्मा, महासचिव राजेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और समाजबंधु मौजूद रहे। सभी सदस्यों ने भगवान परशुराम के जयघोष के साथ शोभायात्रा को सफल बनाने का संकल्प लिया।
चंदौली कलेक्ट्रेट परिसर में शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान राज्यसभा सांसद साधना सिंह और दर्शना सिंह ने संयुक्त रूप से पौधा लगाकर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का शुभारंभ किया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरे देश में वायुमंडल प्रदूषण को देखते हुए शुरू किया गया है। डीएफओ बी शिवशंकर ने बताया कि इस अभियान के तहत जनपद में 6 लाख से अधिक छायादार और फलदार पौधे लगाए जाएंगे। राज्यसभा सांसद दर्शना सिंह ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के कुकरैल में पौधा लगाकर इस अभियान की शुरुआत की थी। इसी कड़ी में जनपद चंदौली में भी वन विभाग और अन्य सहयोगी विभागों की मदद से अभियान को गति दी जा रही है। राज्यसभा सांसद साधना सिंह ने पौधारोपण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधों को संरक्षित करना हम सभी का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब पौधे बड़े होकर पेड़ बनेंगे, तभी हमें फल और छाया मिलेगी, साथ ही पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि सभी लोग अपनी मां के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण का संकल्प लें। इस अवसर पर डीएफओ बी शिवशंकर, सीडीओ आर जगत साई रेड्डी, आशीष सिंह, रवि वर्मा सहित कई अन्य अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
बहराइच पुलिस ने किया दंगा नियंत्रण अभ्यास:आगामी पर्वों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी
बहराइच पुलिस ने आगामी पर्वों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए दंगा नियंत्रण अभ्यास किया। यह अभ्यास पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव के निर्देश पर जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन ग्राउंड में आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस बल की तत्परता, समन्वय क्षमता और कार्यकुशलता का परीक्षण करना था। इसका लक्ष्य दंगा नियंत्रण उपकरणों और आधुनिक रणनीतियों के प्रभावी उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना भी था। ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को एंटी-राइट गन, रबर बुलेट, अश्रु गैस गोले, लाठी, हेलमेट, बॉडी प्रोटेक्टर, कैन शील्ड, हैंड गार्ड और लेग गार्ड जैसे सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का वास्तविक समय में अभ्यास कराया गया। अभ्यास के दौरान पुलिस की विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों को किसी भी प्रकार की अशांति या आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए सतर्क और तैयार रहने के तरीके सिखाए गए। इस अभ्यास के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर नारायण दत्त मिश्रा, क्षेत्राधिकारी पयागपुर हर्षिता तिवारी, क्षेत्राधिकारी महसी पवन कुमार, क्षेत्राधिकारी मिहींपुरवा प्रद्युम्न सिंह, क्षेत्राधिकारी यातायात राज सिंह और क्षेत्राधिकारी नानपारा पहुप सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
डीग में मौसम ने बदली करवट:धूलभरी आंधी और हल्की बारिश से मिली गर्मी से राहत
डीग जिले में मौसम ने अचानक करवट बदली है। देर रात आसमान में काले बादल छा गए और तेज धूलभरी आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई। इस बदलाव से दिनभर की गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिली है। जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी भी हुई। धूलभरी आंधी के कारण सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे लोगों को घरों में ही रहने पर मजबूर होना पड़ा। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बारिश से किसानों को भी राहत मिली है। वे अब खरीफ की फसल की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों में भी आकाश में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। प्रशासन ने तेज आंधी के दौरान लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है।
ज्ञानपुर में स्वास्थ्य विभाग ने अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के निर्देश पर जिले के 25 ऐसे चिकित्सकों को नोटिस जारी किया गया है। इन सभी चिकित्सकों से एक सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने और क्लीनिक संचालन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। सीएमओ ने बताया कि जिले में बिना मान्यता और आवश्यक चिकित्सीय योग्यता के क्लीनिक संचालित होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के सत्यापन और जांच के बाद 25 ऐसे लोगों की पहचान की गई, जो नियमों के विपरीत चिकित्सा कार्य कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर अवैध क्लीनिकों को बंद कराया जाएगा। सीएमओ ने जोर देकर कहा कि जनपद में आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बिना डिग्री और पंजीकरण के चिकित्सा कार्य करने वाले लोगों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, और स्वास्थ्य विभाग की टीम समय-समय पर अभियान चलाकर ऐसे संस्थानों की जांच कर रही है। उन्होंने जनपदवासियों से भी अपील की कि वे उपचार के लिए केवल पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सकों और अस्पतालों का ही चयन करें। किसी भी संदिग्ध क्लीनिक या झोलाछाप चिकित्सक की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को सूचित करें। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई से अवैध रूप से चिकित्सा व्यवसाय करने वालों में हड़कंप मच गया है, जबकि आम नागरिकों ने विभाग के इस कदम का स्वागत किया है।
मऊगंज जिले में गिरते भू-जलस्तर के मद्देनजर जिला प्रशासन ने अवैध बोरिंग माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नईगढ़ी तहसील के नरैनी गांव में बिना अनुमति चल रहे हैंडपंप उत्खनन के खिलाफ राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान दो बोरिंग मशीनें जब्त की गईं। इस कार्रवाई से जिलेभर के अवैध बोरिंग कारोबारियों और दलालों में हड़कंप मच गया है। यह कार्रवाई गुरुवार, 4 जून की रात कलेक्टर संजय कुमार जैन के निर्देश पर की गई। तहसीलदार सुनील कुमार द्विवेदी और थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन को गोपनीय सूचना मिली थी कि ग्राम नरैनी में कुशवाहा परिवार की भूमि पर बिना अनुमति बोरिंग कराई जा रही है। इस मामले में 5 जून को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। जांच के दौरान, वाहन क्रमांक KA 01 D 5554 और TN 34 M 2255 की दो बोरिंग मशीनें मौके पर उत्खनन करती पाई गईं। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मशीनों को जब्त कर नईगढ़ी थाना को सौंप दिया। तहसीलदार सुनील कुमार द्विवेदी ने बताया कि मशीन मालिकों, चालकों और इस अवैध कारोबार में शामिल अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। उल्लेखनीय है कि जिले में लगातार गिरते भू-जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बोरवेल और हैंडपंप उत्खनन पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया हुआ है। इस आदेश के अनुसार, केवल विशेष परिस्थितियों में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) से लिखित अनुमति प्राप्त होने के बाद ही उत्खनन कार्य कराया जा सकता है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध बोरिंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
बांदा जिले के पैलानी थाना क्षेत्र के सोनामऊ गांव की एक महिला ने पुलिस अधीक्षक को शिकायत पत्र दिया है। महिला ने गांव के कुछ लोगों पर घर में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता भूरी देवी ने बताया कि यह घटना 2 जून 2026 को सुबह करीब 11 बजे हुई। वह अपने घर में लगे हैंडपंप से पानी भर रही थीं। उन्होंने पड़ोसियों को फालतू पानी बहाने से मना किया, जिसके बाद पड़ोसी नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे। भूरी देवी के अनुसार, जब उन्होंने विरोध किया, तो सभी आरोपी एकजुट होकर लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनकी पिटाई करने लगे। शोर सुनकर उनकी बेटी दिव्यांशी और बेटे सतेंद्र बचाने आए, तो आरोपियों ने उन्हें भी पीटा। महिला का आरोप है कि जब वे जान बचाने के लिए घर के अंदर भागे, तो हमलावर भी घर में घुस आए और मारपीट जारी रखी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बेटी को जमीन पर गिराकर उसके साथ अभद्रता की गई। इस घटना का वीडियो उनके बेटे ने अपने मोबाइल से बनाया है, जो उनके पास मौजूद है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना पैलानी थाने में दी थी। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस ने पूरी घटना दर्ज नहीं की और अपनी ओर से मुकदमा दर्ज कर लिया। साथ ही, आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। महिला ने पुलिस अधीक्षक से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पलवल में आंधी-बारिश से दो टावर और 350 खंभे टूटे:शहर में छाया अंधेरा, बिजली निगम को करोड़ों का नुकसान
पलवल जिले में गुरुवार को तेज आंधी और बारिश ने बिजली निगम को भारी नुकसान पहुंचाया। जिले में दो टावर और 350 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए, जिससे पूरा जिला देर रात तक अंधेरे में डूबा रहा। निगम को एक करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान है। मेघपुर 220 केवी से निकलने वाली लाइन के दो टावर पोल गिरने से 66 केवी अलावलपुर, चांदहट, हंसापुर खादर, पलवल शहर, हुडा और हसनपुर पावर की आपूर्ति बाधित हुई। इसके अतिरिक्त, 500 से अधिक पेड़ बिजली की लाइनों पर गिरे, जिससे बड़े पैमाने पर क्षति हुई। देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल टावर गिरने से मेघपुर, धतीर, पृथला इंडस्ट्रियल एरिया, बघौला, दुधौला, बामनीखेड़ा, औरंगाबाद और खादर सहित जिले के सैकड़ों गांव प्रभावित हुए। निगम की टीमों ने शहरी क्षेत्रों में देर रात तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में मरम्मत का कार्य जारी है। आंधी के बाद हुई तेज बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली। जिले का अधिकतम तापमान तीन डिग्री गिरकर 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि, बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, लेकिन धीरे-धीरे पानी की निकासी हो गई। होर्डिंग्स, यूनिपोल और पेड़ गिरे आंधी के चलते शहर में कई स्थानों पर होर्डिंग्स, यूनिपोल और पेड़ गिर गए। रसूलपुर गांव के पास एक साथ 11 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए। आंधी इतनी तेज थी की कई जगह छत्तों पर रखी पानी की टंकी, सौर ऊर्जा के पैनल तक उड़ा दिए। दो सौ से अधिक कर्मचारी जुटे रहे बारिश व तुफान रुकने के साथ ही बिजली वितरण निगम के 200 से अधिक कर्मचारी एवं अधिकारी बिजली बाधित होने के बाद उसके मरम्मत कार्य में जुट गए, ताकि बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारू किया जा सके। बिजली विभाग के वट्सअप ग्रुप पर बिजली की शिकायतों ने मोबाइलों तक को हैंग कर दिया। बिजली वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता रंजन राव, सेक्टर-दो सब डिविजन के एसडीओ हेमंत शर्मा, शहर के एसडीओ बृजमोहन शर्मा, दीघोट के एसडीओ आशीष मित्तल, चांदहट के एसडीओ बिजेंद्र सिंह, जेई नवल किशोर, जेई हेमंत, जेई हरप्रीत, फोरमैन हरीश सहित अन्य लाइनमैन के साथ शहर से देहात तक के बिजली अफसर और कर्मचारियों की टीम सड़कों पर रही और बिजली सुचारू कराने में जुटे रहे। दो दर्जन से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियंता रंजन राव ने बताया कि जिले में सबसे ज्यादा नुकसान पलवल, चांदहट सब डिविजन में हुआ है। यहां करीब अभी तक 200 से अधिक पोल टूटने की पुष्टि हो गई है। जबकि दो दर्जन से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब हो गए। कई जगहों पर एलटी तार भी गिर गए हैं। शहर और कई गांवों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई थी, टीम की कडी मेहनत के चलते देर रात तक शहर में बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी गई और ग्रामीण क्षेत्र में कार्य अभी भी जारी है।
देवास में उज्जैन रोड पर चल रहा निर्माण कार्य शुक्रवार को सुबह हुई हल्की बारिश के बाद लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गया। सड़क पर कीचड़ और फिसलन बढ़ने से कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए, जिससे घंटों लंबा जाम लगा रहा। वाहन रेंग-रेंग कर चलते रहे। जाम की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और जाम खुलवाने की कोशिश कर रही है। कई यात्री सुबह से फंसेइस जाम के कारण कुछ वाहन एक से दो घंटे तक सड़क पर ही फंसे रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुबह से ही मार्ग पर यातायात बाधित होना शुरू हो गया था। कीचड़ के कारण वाहन धीमी गति से आगे बढ़ रहे थे, जबकि कई वाहनों को निकलने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। जाम में यात्री बसों के साथ-साथ निजी वाहन भी फंसे रहे, जिनमें परिवार के साथ यात्रा कर रहे लोग भी शामिल थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था सुचारू करने का प्रयास किया। हालांकि, सड़क पर अत्यधिक कीचड़ और वाहनों के लगातार फंसने के कारण स्थिति सामान्य होने में काफी समय लगा। इस जाम के चलते यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
छत्तीसगढ़ में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सख्ती बढ़ा दी है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय ने 94 उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं, जबकि 82 उद्योगों के उत्पादन बंद करने अथवा उनके बिजली कनेक्शन विच्छेदित करने के निर्देश दिए गए हैं। इन जिलों में नियमित निगरानी पर्यावरण संरक्षण मंडल के अनुसार रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद और गरियाबंद जिलों में संचालित उद्योगों की नियमित निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान जिन उद्योगों में वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया गया, उनके खिलाफ वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 के तहत कार्रवाई की गई। जांच के दौरान 96 उद्योगों पर कुल 2 करोड़ 40 लाख 65 हजार रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। वहीं बिना तारपोलिन ढंके कच्चे माल, उत्पाद और ठोस अपशिष्टों का परिवहन करने वाले 136 उद्योगों एवं संस्थानों पर 51 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। फ्लाई ऐश के अवैध परिवहन और डंपिंग के मामलों में दो उद्योगों पर 12 लाख रुपये की अतिरिक्त क्षतिपूर्ति भी अधिरोपित की गई। इस प्रकार कुल जुर्माना राशि 3 करोड़ 3 लाख रुपये से अधिक पहुंच गई है। सिंगल-यूज प्लास्टिक पर भी कार्रवाई पर्यावरण मंडल ने प्रतिबंधित सिंगल-यूज प्लास्टिक के निर्माण और उपयोग के खिलाफ भी अभियान चलाया है। इस दौरान एक उद्योग का उत्पादन बंद कराते हुए 87 हजार 500 रुपये और दूसरे उद्योग पर 6 लाख 25 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई गई। दो अन्य इकाइयों के खिलाफ भी उत्पादन बंद करने की कार्रवाई की गई है। रायपुर की हवा हुई बेहतर पर्यावरण विभाग की सख्ती का असर राजधानी रायपुर की वायु गुणवत्ता पर भी देखने को मिला है। वर्ष 2024 में रायपुर का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 65.38 था, जो वर्ष 2025 में घटकर 62.86 रह गया। यानी शहर की हवा में लगभग 4 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया है। यह स्तर संतोषजनक श्रेणी में माना जाता है। पर्यावरण संरक्षण मंडल ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरणीय मानकों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के नागपुर चौकी क्षेत्र में पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कारों से करीब 6 क्विंटल गांजा जब्त किया है। पुलिस को देखते ही तस्कर वाहन छोड़कर फरार हो गए। मामले में पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदिग्ध वाहनों में मादक पदार्थ परिवहन किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर नागपुर चौकी क्षेत्र में घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान तस्कर पुलिस की मौजूदगी भांपकर दोनों कारें मौके पर छोड़कर फरार हो गए। 2 कारों से भारी मात्रा में गांजा बरामद,तौल जारी पुलिस ने वाहनों को कब्जे में लेकर तलाशी ली। जांच में एक कार से 305 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिनका वजन एक-एक किलो से अधिक बताया जा रहा है। दूसरी कार से भी बड़ी मात्रा में गांजा मिला है, जिसकी गिनती और तौल की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जब्त गांजे का कुल वजन और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार जब्ती करीब 6 क्विंटल के आसपास हो सकती है। फरार तस्करों की तलाश तेज पुलिस वाहन नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपियों की पहचान में जुटी हुई है। आसपास के क्षेत्रों में भी सर्च अभियान चलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गांजा किस स्थान से लाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। नेटवर्क की भी होगी जांच पुलिस का कहना है कि मामले में केवल वाहन चालकों ही नहीं, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जाएगी। जब्त मादक पदार्थों के स्रोत और सप्लाई चेन से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। नागपुर चौकी क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ हाल के वर्षों की सबसे बड़ी जब्तियों में से एक मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस जब्त गांजे की अंतिम मात्रा और फरार तस्करों की पहचान को लेकर जांच में जुटी हुई है।
दूध लेकर लौट रही महिला पर हमला:5 दोषियों को 10-10 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया 50-50 हजार का जुर्माना
अलवर की एडीजे कोर्ट-3 ने महिला पर लाठी-डंडों से हमला कर गंभीर चोट पहुंचाने के मामले में पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने 11 गवाहों की गवाही और 29 दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर यह फैसला दिया। सरकारी अधिवक्ता अजीत यादव ने बताया कि घटना 9 सितंबर 2020 की है। हाजीपुर ढढीकर स्थित किरो की ढाणी निवासी मिश्रों देवी शाम करीब 6 बजे दूध लेकर अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में पहले से घात लगाए बैठे तारा चंद, बैदराम, बुधसिंह, बिजेंद्र उर्फ बिज्जू और लोकेश उर्फ नेमीचंद ने पुराने विवाद को लेकर उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार सुनकर बचाव के लिए पहुंचे उनके भतीजे छाजूराम और पति झारिया पर भी आरोपियों ने हमला कर दिया। मारपीट में मिश्रों देवी के सिर पर गंभीर चोट आई, जबकि उनके पति झारिया का हाथ टूट गया। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए। पुलिस ने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के जरिए आरोप साबित किए। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एडीजे कोर्ट-3 की न्यायाधीश ज्योति के सोनी ने पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल के कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।
ब्यावर शहर और आसपास के क्षेत्रों में शुक्रवार अल सुबह करीब 2:30 बजे आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। इस दौरान तेज हवाओं और वर्षा के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। तूफान के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जिससे शहर के विभिन्न इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। तेज हवाओं से कई जगहों पर टीन-शेड उड़ गए और निजी संपत्तियों को भी क्षति पहुंची। बारिश के बाद शहर का छावनी पुलिया अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया। भारी जलभराव के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था करने की मांग की है। आंधी-तूफान के कारण सुबह के समय लोगों को आवागमन में विशेष दिक्कतें आईं। सड़कों पर गिरे पेड़ों के कारण कई क्षेत्रों में यातायात बाधित रहा। प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें नुकसान का आकलन करने तथा सामान्य व्यवस्था बहाल करने के प्रयासों में जुटी हुई हैं। मौसम विभाग ने आगामी घंटों में भी मौसम में बदलाव की संभावना जताई है। प्रशासन ने नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
एलएलबी प्रथम सेमेस्टर परिणाम लंबित:बिना रिजल्ट घोषित हुए द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा आज से शुरू
मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध विधि महाविद्यालयों के छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एलएलबी और बीएएलएलबी प्रथम सेमेस्टर का परिणाम घोषित हुए बिना ही द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं आज से शुरू हो गई हैं। इससे हजारों छात्र बिना अपना पिछला परिणाम जाने अगली परीक्षा देने को मजबूर हैं। मुरादाबाद मंडल के 34 विधि महाविद्यालयों में लगभग छह हजार विद्यार्थियों का प्रथम सेमेस्टर का परिणाम लंबित है। छात्रों का कहना है कि परिणाम जारी न होने के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वे पहले सेमेस्टर में उत्तीर्ण हुए हैं या नहीं। इस स्थिति से उनकी परीक्षा की तैयारी और मनोबल प्रभावित हो रहा है। छात्रों की आपत्तियों के बाद विश्वविद्यालय ने पहले परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव किया था। इसके तहत परीक्षाओं की तिथि 27 मई से बढ़ाकर 5 जून की गई थी। हालांकि, इसके बावजूद परिणाम जारी नहीं हो सका। द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षाएं अब 19 जून तक आयोजित की जाएंगी। स्ववित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन के सचिव अशोक यादव ने बताया कि परिणाम में देरी को लेकर छात्र लगातार चिंता व्यक्त कर रहे हैं। कई छात्र कॉलेजों में पहुंचकर जानकारी मांग रहे हैं। उन्होंने छात्रों को परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया है, ताकि परीक्षा छोड़ने या खराब प्रदर्शन से उनका शैक्षणिक वर्ष प्रभावित न हो। यादव ने यह भी बताया कि इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन बात नहीं हो सकी। दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिणाम तैयार है, लेकिन समर्थ पोर्टल पर तकनीकी खामियों के कारण उसे जारी नहीं किया जा सका है। कुलपति प्रो. सचिन माहेश्वरी के अनुसार, तकनीकी समस्या दूर होते ही परिणाम जल्द घोषित कर दिया जाएगा। परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे छात्र फिलहाल असमंजस की स्थिति में हैं।
पानीपत के समालखा स्थित करहंस गांव के पास नेशनल हाईवे-44 (GT रोड) पर एक होटल के सामने सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए भारी-भरकम सीमेंटेड बैरिकेड्स को होटल कर्मचारियों द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए हटा दिया गया। होटल संचालकों ने अपनी व्यावसायिक सहूलियत के लिए महज 40 फीट खुली सड़क को बैरिकेड्स हटाकर करीब 120 फीट तक खोल दिया, जिससे हाईवे पर तेज रफ्तार वाहनों के लिए एक बड़ा खतरा पैदा हो गया। होटल कर्मचारियों की इस मनमानी और अवैध कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद हरकत में आए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और समालखा ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। वीडियो वायरल होने पर मौके पर पहुंचीं टीमें, 2 घंटे तक खड़े होकर भांपा खतरा प्राप्त जानकारी के अनुसार, करहंस गांव के पास स्थित एक होटल के सामने वाहनों के सुरक्षित एग्जिट पॉइंट के लिए NHAI द्वारा सीमेंटेड बैरिकेड्स लगाए गए थे। लेकिन होटल प्रबंधन ने अपने ग्राहकों की गाड़ियों के सीधे प्रवेश और निकास के लिए इन बैरिकेड्स को वहां से हटवा दिया। 4 अप्रैल को जब बैरिकेड्स हटाए जाने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही समालखा ट्रैफिक पुलिस और NHAI की रोड पेट्रोलिंग टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। जांच के दौरान अधिकारियों ने खुद करीब 2 घंटे तक मौके पर खड़े होकर यह देखा कि बैरिकेड्स हटने की वजह से हाईवे पर कितनी खतरनाक स्थिति पैदा हो गई थी और वाहन चालकों की जान पर कितना बड़ा जोखिम मंडरा रहा था। खतरे को भांपते हुए देर रात टीमों ने कार्रवाई की और नेशनल हाईवे के तय मानकों के हिसाब से वहां दोबारा 5 बड़े सीमेंटेड बैरिकेड्स स्थापित करवाए। जिम्मेदारों पर कार्रवाई करने के बजाय एक-दूसरे पर डाल रहे बात हाईवे की सुरक्षा के साथ किए गए इस खिलवाड़ और नियमों की धज्जियां उड़ाने के बावजूद पुलिस और NHAI के अधिकारियों ने अभी तक दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कानूनी या दंडात्मक कार्रवाई नहीं की है। दोनों ही विभाग इस मामले में सुस्त नजर आ रहे हैं और कार्रवाई करने के बजाय गेंद एक-दूसरे के पाले में डाल रहे हैं। इस संबंध में जब NHAI के मैनेजर रवि से बात की गई तो उन्होंने कहा, फिलहाल मौके पर दोबारा बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं। जल्द ही उच्च अधिकारी इस स्थान का दौरा (विजिट) करेंगे और पूरी जांच-पड़ताल की जाएगी। जांच में जो भी होटल कर्मचारी या संचालक इसके लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को लिखा जाएगा। दूसरी ओर, इस पूरे मामले पर समालखा ट्रैफिक इंचार्ज का कहना है कि वे कार्रवाई के लिए तैयार हैं, लेकिन जैसे ही NHAI की तरफ से इस संबंध में कोई आधिकारिक लिखित शिकायत मिलेगी, उसी आधार पर आगामी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
आगरा में वाटर वर्क्स फ्लाई ओवर पर हादसा:वाहन की चपेट में आने से स्कूटी सवार की मौत, लंबा जाम लगा
आगरा में शुक्रवार सुबह वाटर वर्क्स फ्लाई ओवर पर स्कूटी सवार को अनियंत्रित वाहन ने चपेट में ले लिया। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थाना छत्ता प्रभारी अंकुर मलिक ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे 67 साल के रमेश तिलक निवासी कालिंदी विहार स्कूटी से भगवान टॉकीज की ओर जा रहे थे। वाटर वर्क्स फ्लाई ओवर पर उनकी स्कूटी किसी वाहन से टकरा कर अनियंत्रित हो गई। इससे वो सड़क पर गिर पड़े। तभी पीछे से रहे वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हादसे के बाद लग गया जामहादसे के वाटर वर्क्स फ्लाई ओवर पर यातायात बाधित हो गया। रामबाग की ओर से आने वाले वाहन थम गए। इससे जाम लग गया। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू किया। करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा।
सलूंबर में महिला खेल व जागरूकता कार्यक्रम:राजीविका समूहों, छात्राओं ने जल संरक्षण की शपथ ली
सलूंबर में 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक महिला खेल एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुए इस कार्यक्रम में राजीविका समूहों की महिलाओं, महिला अधिकारिता विभाग के कर्मियों और नर्सिंग छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसका उद्देश्य जल संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। स्कूल परिसर में रस्साकसी और कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता विद्यालय परिसर में रस्साकसी और कुर्सी दौड़ सहित विभिन्न पारंपरिक व मनोरंजक खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। महिलाओं ने इन खेलों में पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे परिसर में उत्सव जैसा माहौल बन गया। इन खेल गतिविधियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रतिभागियों तक पहुंचाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी माया बजाड़ ने जल संरक्षण को केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बताया। उन्होंने जल बचत की आदतों को विकसित करने में महिलाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि वे अपने परिवार और समाज में इन आदतों को बढ़ावा दे सकती हैं। संरक्षण को दिनचर्या को हिस्सा बनाने का आवश्यकताओं पर दिया जोर बजाड़ ने कहा कि यदि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी मिले, तो जल संरक्षण को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया जा सकता है। उन्होंने भविष्य में संभावित जल संकट को एक गंभीर चुनौती बताते हुए आज से ही जल के विवेकपूर्ण उपयोग और संरक्षण को दिनचर्या का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और छात्राओं को जल संरक्षण के महत्व, जल स्रोतों के संरक्षण और जल के जिम्मेदार उपयोग के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल संरक्षण की शपथ लेते हुए इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज शुक्रवार को कुरुक्षेत्र के श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय को दो बड़ी सौगातें देने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय में करीब 9 करोड़ रुपए की लागत से बने परीक्षा एवं बहुउद्देशीय सभागार का लोकार्पण करेंगे। इसके साथ ही करीब 8 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले महिला छात्रावास की आधारशिला भी रखेंगे। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम में स्वास्थ्य एवं आयुष मंत्री आरती राव, सांसद नवीन जिंदल और पूर्व मंत्री सुभाष सुधा भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुलगीत का औपचारिक विमोचन भी किया जाएगा। विद्यार्थियों को मिलेगा बेहतर माहौल नए परीक्षा एवं बहुउद्देशीय सभागार के शुरू होने से शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच मिलेगा। बड़े स्तर के कार्यक्रम, सेमिनार, परीक्षाएं और अन्य अकादमिक आयोजन अब आधुनिक सुविधाओं के साथ आयोजित किए जा सकेंगे। वहीं महिला छात्रावास बनने से छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। पौधरोपण भी करेंगे मुख्यमंत्री इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाली छात्राओं को विशेष लाभ मिलेगा और विश्वविद्यालय में छात्राओं की संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अपने दौरे के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में पौधारोपण भी करेंगे। इसके जरिए पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास का संदेश दिया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्था की है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। कार्यक्रम स्थल, पार्किंग, सुरक्षा, अतिथि स्वागत, बैठक व्यवस्था और यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। कार्यक्रम के लिए विभिन्न समितियां गठित की गई हैं। सभी विभागों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
बांदा में ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचला:पेट्रोल भरवाने जा रहा था, एक साल पहले हुई थी शादी
बांदा जिले में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। तिंदवारी थाना क्षेत्र के कुरसेजा चौकी के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिंदवारी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के जारी गांव निवासी 35 वर्षीय प्रहलाद सिंह पुत्र नत्थू सिंह के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि प्रहलाद सुबह घर से निकले थे और उनकी बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया था। वह कुरसेजा चौकी के आगे स्थित पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे। इसी दौरान तिंदवारी की तरफ से आ रहे एक ट्रक ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे प्रहलाद सिंह ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में गंभीर रूप से घायल प्रहलाद सिंह को तुरंत तिंदवारी पीएचसी पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में शोक छा गया। प्रहलाद सिंह अपने चार भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी शादी लगभग एक वर्ष पहले हुई थी और उनकी पत्नी गर्भवती हैं। इस आकस्मिक घटना से परिवार सदमे में है। मृतक के भतीजे सूरज सिंह ने बताया कि चाचा की शादी को अभी एक साल ही हुआ था। परिवार में खुशियों का माहौल था, जो इस हादसे के बाद गम में बदल गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है।
उन्नाव में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती (एनरोलमेंट-2025) लिखित परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा 8, 9 और 10 जून 2026 को जनपद के 12 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। परीक्षा की तैयारियों के संबंध में शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित सभागार में अधिकारियों और कर्मचारियों की संयुक्त ब्रीफिंग आयोजित की गई। ब्रीफिंग में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह, अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार तथा अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी अखिलेश सिंह उपस्थित रहे। बैठक में परीक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों-कर्मचारियों को उनके दायित्वों और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परीक्षा को नकलविहीन, पारदर्शी और व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया गया। अभ्यर्थियों के प्रवेश, पहचान सत्यापन, सुरक्षा व्यवस्था तथा परीक्षा सामग्री की सुरक्षा को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित प्रक्रिया के बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और सभी की पहचान का गहन सत्यापन किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने हेतु विशेष ट्रैफिक प्लान भी तैयार किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारियों को परीक्षा के दौरान पूर्ण सतर्कता बरतने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयासों से परीक्षा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं।
40 घंटे बाद तालाब से मिला मासूम का शव:जींद के पौली से हुआ था लापता; पुलिस ने चलाया अभियान
जींद जिले के जुलाना के पौली गांव से बुधवार शाम लापता हुए ढाई वर्षीय कार्तिक का शव 40 घंटे बाद तालाब में बहता मिला है। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश की थी, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की मदद से खोज अभियान चलाया। जानकारी के अनुसार, पौली गांव निवासी कार्तिक बुधवार शाम करीब 6 बजे अपने घर के पास स्थित तालाब के निकट खेल रहा था। कुछ देर बाद वह अचानक गायब हो गया। परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास उसकी तलाश की, लेकिन जब वह नहीं मिला, तो तालाब में गिरने की आशंका जताई गई। परिजनों ने ग्रामीणों संग की तलाश घटना की सूचना मिलते ही जुलाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से बच्चे की खोज शुरू की। देर रात तक तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने गोताखोरों की टीम को बुलाया। गुरुवार सुबह से ही गोताखोर तालाब में बच्चे की तलाश में जुटे हुए थे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी तालाब के आसपास एकत्रित थे। ग्रामीणों ने जब तालाब को खाली किया, तो एक किनारे पर मासूम बच्चे का शव बहता हुआ मिला। मामले की जांच में जुटी पुलिस मौके पर एसएफएल (स्टेट फॉरेंसिक लैब) टीम को भी बुलाया गया है। पुलिस शव का जींद के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाएगी। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। टीम को शव पर कोई बाहरी निशान नहीं मिला है, हालांकि शव पानी में रहने के कारण फूला हुआ था।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार को दिनदहाड़े लूट की बड़ी वारदात हो गई। व्यापारी युवक घी लेने के लिए गया था। इसी दौरान चार नकाबपोश बदमाशों ने उसे रोक लिया। उसे चाकू दिखाकर डंडे व रॉडनुमा हथियार से हमला किया, जिसके बाद उसके पास से एक लाख 60 हजार रुपए, सोने की चेन समेत तीन लाख 50 हजार रुपए का माल लूटकर भाग गए। घटना कोनी थाना क्षेत्र की है। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के कतियापारा निवासी अभिषेक गुप्ता गुरुवार शाम करीब 4 बजे घी खरीदने कोनी स्थित देवभोग ऑफिस जा रहा था। वह पेमेंट के लिए एक लाख 60 हजार रुपए कैश लेकर बाइक से निकला था। जैसे ही वह बिरकोना रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचा, पीछे से आए बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने उसे ओवरटेक कर रोक लिया। बदमाशों ने हमला कर की लूटपाटइस दौरान बदमाशों ने कारोबारी युवक पर अचानक हमला कर दिया। चाकू और कटर के साथ ही राडनुमा हथियार व डंडे से मारपीट की गई, जिससे युवक सहम गया। घायल युवक से बदमाशों ने कैश व 16 ग्राम वजनी सोने की चेन लूट लिए। जिसके बाद बाइक से फरार हो गए। 20 मिनट तक बदहवास पड़ा रहा युवकअभिषेक ने बताया कि इस घटना के बाद वह खून से लथपथ होकर करीब 20 मिनट तक पड़ा रहा। बाद में उसने शोर मचाया, जिसके बाद अपने दोस्तों को घटना की जानकारी दी। फिर किसी तरह अपने घर पहुंचा और परिजन को घटना की जानकारी दी। इलाज कराने के बाद वह थाने पहुंचा। उसकी रिपोर्ट पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस रास्ते में पहले भी हो चुकी है वारदात बताया जा रहा है कि कोनी-बिरकोना रोड में अंधेरा रहता है। सूनसान रोड पर इसके पहले भी कई बार लूट की वारदात हो चुकी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कोनी थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। ताकि, लुटेरों की पहचान कर उनकी धरपकड़ की जा सके।
आवारा कुत्तों के हमले से 4 साल के चीतल की:कोरबा में 3 किमी तक दौड़ाकर किया घायल, इलाज के दौरान मौत
कोरबा वन मंडल के करतला रेंज अंतर्गत पुरेना गांव में आवारा कुत्तों के हमले से एक चार वर्षीय चीतल की मौत हो गई। गुरुवार सुबह तीन से चार कुत्तों ने चीतल को करीब तीन किलोमीटर तक दौड़ाया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बरपाली में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वन विभाग के अनुसार, यह वर्ष 2026 की पहली वन्यजीव दुर्घटना है। ग्राम पंचायत पुरेना के सरपंच कृष्णा बिंझवार ने बताया कि मड़वारानी पहाड़ के नीचे स्थित तालाब और अन्य जल स्रोतों पर अक्सर हिरण और चीतल पानी पीने आते हैं। बुधवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर की ओर से आए तीन-चार आवारा कुत्तों ने एक चीतल का पीछा करना शुरू कर दिया और उसे दौड़ाते हुए गांव के पास तक ले आए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना चौकीदार बुधराम यादव को दी। लोगों ने मिलकर कुत्तों को भगाया, लेकिन तब तक चीतल गंभीर रूप से घायल हो चुका था। इलाज के दौरान हुई मौत सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम घायल चीतल को उपचार के लिए बरपाली स्थित सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी के पास लेकर पहुंची। चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद चीतल को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और ग्रामीणों की उपस्थिति में चीतल का अंतिम संस्कार किया गया। पहले हर साल होती थीं कई मौतें वन विभाग के एसडीओ एसके सोनी ने बताया कि इस वर्ष वन्यजीव से जुड़ी यह पहली दुर्घटना है। उन्होंने कहा कि पूर्व में मड़वारानी क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमलों से हर साल पांच से छह चीतलों की मौत हो जाती थी। एसडीओ के अनुसार, जंगलों के भीतर जल स्रोत विकसित किए जाने के बाद वन्यजीवों का गांवों की ओर आना कम हुआ है, जिससे ऐसी घटनाओं में कमी आई है। वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए क्षेत्र में चौकीदार भी तैनात किए गए हैं। ग्रामीणों ने जताई चिंता ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में बड़ी संख्या में भालू, जंगली सुअर और अन्य वन्यजीव भी रहते हैं। इससे पहले भी कई बार आवारा कुत्तों ने हिरणों और चीतलों पर हमला किया है, हालांकि ग्रामीणों की सतर्कता से उनकी जान बच गई थी। वन विभाग ने लोगों से वन्यजीवों की गतिविधियों की सूचना तत्काल देने और आवारा कुत्तों की समस्या पर सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र में एक किसान की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई। किसान अपनी भैंस के लिए खेत पर भूसा लेने गया था। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान 40 वर्षीय न्यारे लाल पुत्र रामगोपाल के रूप में हुई है। वह रामपुर गांव के निवासी थे और खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। न्यारे लाल रोज की तरह अपने खेत पर गए थे। खेत में बने कमरे से वह अपनी भैंस के लिए भूसा निकाल रहे थे। इसी दौरान उनका पैर कमरे में छिपे एक जहरीले सांप पर पड़ गया, जिसने उन्हें डस लिया। सांप के काटने के बाद न्यारे लाल घर पहुंचे और परिजनों को घटना की जानकारी दी। उनकी हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद किसान को मृत घोषित कर दिया। किसान की मौत की खबर से परिवार में दुख का माहौल है। ग्रामीणों ने न्यारे लाल को मेहनती और मिलनसार स्वभाव का व्यक्ति बताया। उनकी आकस्मिक मृत्यु से गांव में शोक व्याप्त है। गौरतलब है कि बरसात और गर्मी के मौसम में सांप निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को खेतों या बंद कमरों में जाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
गोरखपुर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों की सुविधा का विस्तार करने की तैयारी है। अब लोग इन बसों से सिर्फ शहर के अंदर ही सफर नहीं करेंगे, बल्कि आने वाले दिनों में पिकनिक, धार्मिक यात्रा और ग्रुप टूर के लिए भी बुक करा सकेंगे। परिवहन निगम इसके लिए नई योजना तैयार कर रहा है। इस योजना के शुरू होने के बाद परिवार, दोस्तों और ग्रुप के साथ AC इलेक्ट्रिक बसों से आसपास के जिलों तक टूर का मजा ले सकेंगे। करीब 180 किलोमीटर तक की दूरी के लिए बसों की बुकिंग हो सकेगी। इससे अयोध्या, वाराणसी, कुशीनगर और आसपास के पर्यटन स्थलों पर जाना आसान हो जाएगा। घर बैठे ग्रुप के लिए बुक करा सकेंगे पूरी बस अभी तक इलेक्ट्रिक बसों का इस्तेमाल शहर में यात्रियों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए किया जा रहा था। अब परिवहन निगम इन बसों को पर्यटन और धार्मिक यात्रा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। नई सुविधा शुरू होने के बाद लोग परिवार के कार्यक्रम, पिकनिक, धार्मिक यात्रा या किसी ग्रुप टूर के लिए पूरी इलेक्ट्रिक बस बुक कर सकेंगे। इससे लोगों को प्राइवेट बसों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। परिवहन निगम की ओर से बसों की बुकिंग, किराया और रूट को लेकर प्लान तैयार किया जा रहा है। कितनी बसें बुकिंग के लिए उपलब्ध रहेंगी और यात्रियों को कैसे सुविधा मिलेगी, इस पर काम किया जाएगा। मुख्यालय से मंजूरी मिलने के बाद गोरखपुर में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। स्कूल-कॉलेज और संस्थाओं को मिलेगी राहत इस सुविधा से स्कूल-कॉलेज, सामाजिक संस्थाओं और अलग-अलग ग्रुप को काफी फायदा होगा। बच्चों के एजुकेशनल टूर से लेकर धार्मिक यात्राओं तक के लिए बसें आसानी से मिल सकेंगी। एक साथ ज्यादा लोग कम खर्च में सफर कर पाएंगे। AC इलेक्ट्रिक बस होने की वजह से यात्रियों का सफर आरामदायक रहेगा।
भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी शुक्रवार को अपने निजी दौरे पर अयोध्या पहुंचे और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन-पूजन किए। सेना प्रमुख करीब 35 मिनट तक रामलला के दरबार में रहे। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश की सुरक्षा, शांति और समृद्धि की कामना की। इस दौरान उनकी पत्नी समेत परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ मौजूद रहे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर पहुंचने पर मंदिर प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दर्शन के दौरान जनरल द्विवेदी ने रामलला के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद लिया और मंदिर परिसर का भी अवलोकन किया। उन्होंने मंदिर के निर्माण कार्यों और परिसर में विकसित की जा रही विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की। मंदिर सूत्रों के अनुसार रामलला के दर्शन के बाद सेना प्रमुख काफी भावुक नजर आए। उन्होंने न केवल मुख्य मंदिर में दर्शन किए, बल्कि परकोटा क्षेत्र में स्थित विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में भी जाकर पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पूरे परिसर का भ्रमण कर निर्माण और विकास कार्यों को करीब से देखा। डोगरा रेजीमेंटल सेंटर में हुआ भव्य स्वागत रामलला के दर्शन से पहले जनरल उपेंद्र द्विवेदी अयोध्या स्थित डोगरा रेजीमेंटल सेंटर भी पहुंचे। यहां सैन्य अधिकारियों और जवानों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और रेजीमेंट की गतिविधियों, प्रशिक्षण व्यवस्था तथा अन्य सैन्य कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। मंदिर व्यवस्था से जुड़े विहिप के वरिष्ठ पदाधिकारी गोपाल नागरकट्टे ने उनका सत्कार किया। थल सेना प्रमुख बनने के बाद पहला अयोध्या दौरा सेना प्रमुख का यह दौरा पूरी तरह निजी बताया गया है। हालांकि थल सेना प्रमुख का पद संभालने के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा है, जिसके चलते इसका विशेष महत्व माना जा रहा है। उनके आगमन को देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। दर्शन कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और सेना प्रमुख निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वापस रवाना हो गए।
औरैया में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पर्यावरण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान 'जीवनधारा पौधारोपण अभियान' की घोषणा की गई, जिसके तहत 5100 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। यह कार्यक्रम 5 जून, 2026 को आवास विकास कॉलोनी स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई पार्क में हुआ। गोष्ठी का संयुक्त आयोजन समाजसेवी संगठन 'एक विचित्र पहल सेवा समिति औरैया' और वन विभाग-जिला गंगा समिति, औरैया ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वयोवृद्ध रामेश्वर दयाल गुप्ता ने की। मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिका परिषद, औरैया के अध्यक्ष अनूप कुमार गुप्ता और विशिष्ट अतिथि के रूप में डिप्टी रेंजर डी.एस. गौतम, परियोजना अधिकारी साक्षी शुक्ला तथा सफाई निरीक्षक आशीष पांडे उपस्थित रहे। आयोजकों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया। समिति के संस्थापक आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि 'जीवनधारा पौधारोपण अभियान' के तहत शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, स्कूलों, कॉलेजों, सार्वजनिक पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निःशुल्क 5100 पौधे लगाए जाएंगे। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत पिछले वर्षों की भांति इस वर्ष भी चलाया जा रहा है। मुख्य अतिथि अनूप कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण और प्राणी एक-दूसरे पर निर्भर हैं, और पेड़-पौधों से ही हमें प्राणवायु मिलती है। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने प्रकृति से अत्यधिक छेड़छाड़ के परिणामों पर चिंता व्यक्त की। आनंद नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बढ़ते तापमान और बंजर होते इलाकों को पर्यावरण की उपेक्षा का प्रमाण बताया। अध्यक्ष रामेश्वर दयाल ने पर्यावरण असंतुलन के बढ़ते खतरे पर जोर दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनमानस को जागरूक करने और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की शपथ ली। तिलक इंटर कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. उपेंद्रनाथ मिश्रा और कार्यक्रम संयोजक संजय अग्रवाल सहित अन्य लोगों ने भी गोष्ठी को संबोधित किया।
हरियाणा के सिरसा जिले में एटीएम कार्ड बदलकर एक व्यक्ति से 1.96 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव अबूबशहर निवासी राजेश कुमार पुत्र कृष्ण कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका खाता पंजाब नेशनल बैंक की अबूबशहर शाखा में है। 24 मई 2026 को शाम करीब 5:30 बजे वे गांव के डाकघर स्थित एटीएम से पैसे निकालने गए थे। एटीएम का दुरुपयोग कर निकाली राशि इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक अज्ञात व्यक्ति ने चालाकी से उनका एटीएम कार्ड बदल लिया और उनका पिन नंबर भी जान लिया। शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपी ने बाद में उनके एटीएम कार्ड का दुरुपयोग करते हुए खाते से कई बार नकदी निकाली। मोबाइल पर आए बैंक संदेशों से उन्हें इस धोखाधड़ी का पता चला। पीड़ित ने बताया कि उनके खाते से कुल 1 लाख 96 हजार रुपए निकाल लिए गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ। मामले की जांच में जुटी पुलिस पुलिस चौकी चौटाला द्वारा मामले की जांच के दौरान बैंक रिकॉर्ड प्राप्त किए गए। जांच में प्रथम दृष्टया एटीएम कार्ड बदलकर धोखाधड़ी से राशि निकालने की पुष्टि हुई। इसके बाद थाना सदर डबवाली में अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत मुकदमा नंबर 189, दिनांक 04 जून 2026 को दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपी की पहचान कर उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बीकानेर के लूणकरणसर के गारबदेसर गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय में बुधवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान एक कमरे की छत भरभराकर गिर गई। हादसे में कमरे के अंदर रखा फर्नीचर भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि स्कूलों में ग्रीष्मावकाश होने और घटना रात के समय होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। इस कमरे में कुल साठ पटि्टयां लगी हुई है, जिसमें 17 भरभराकर गिर गई। झालावाड़ हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्कूलों की ऑडिट करवाते हुए क्षतिग्रस्त स्कूलों की सूची तैयार की थी, इस सूची में गारबदेसर के इस विद्यालय का नाम नहीं था। सुबह सामने आई घटना ग्रामीणों के अनुसार रात करीब 11 बजे तेज आंधी और बारिश के दौरान स्कूल भवन के एक कमरे की छत गिर गई। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण और स्कूल से जुड़े लोग परिसर में पहुंचे तो कमरे की छत गिरी हुई मिली। इसके बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग को सूचना दी गई। छुट्टियां होने से टला बड़ा हादसा गनीमत रही कि इन दिनों स्कूलों में छुट्टियां चल रही हैं और घटना रात के समय हुई। यदि स्कूल संचालन के दौरान यह हादसा होता तो छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की जान जोखिम में पड़ सकती थी। घटना के बाद स्कूल भवन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां पटि्टयां गिरी, वहां बच्चे पढ़ते थे स्कूल में एक बड़ा हॉल बना हुआ है, जिसमें दसवीं क्लास लगती है। चालीस से ज्यादा स्टूडेंट्स इस क्लास में पढ़ते हैं। गर्मी की छुट्टियां होने के कारण और तूफान रात में होने के कारण बड़ा हादसा टल गया। क्षतिग्रस्त नहीं माना था भवन आश्चर्य की बात है कि गारबदेसर की इस स्कूल का नाम जिले की क्षतिग्रस्त स्कूल भवनों में नहीं था। शिक्षा विभाग ने सभी प्रिंसिपल से रिपोर्ट मांगी थी कि उनका विद्यालय अगर क्षतिग्रस्त है तो इसकी रिपोर्ट दें। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) किसनदान चारण ने बताया कि क्षतिग्रस्त स्कूलों की लिस्ट में इस स्कूल का नाम नहीं था। घटना के बारे में पता लगाया जा रहा है। भवन की स्थिति पर उठे सवाल छत गिरने की घटना के बाद स्कूल भवनों के रखरखाव और सुरक्षा जांच को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बरसात के मौसम से पहले सरकारी स्कूलों की मरम्मत और भवनों की तकनीकी जांच की जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होती है। ऐसे में एक कमरे की छत गिरना भवन की जर्जर स्थिति और रखरखाव में लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी उमराव यादव ने बताया कि गारबदेसर राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के एक कमरे की छत गिरने की सूचना मिली है। कनिष्ठ अभियंता के साथ मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही घटना के कारणों और भवन की स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जा सकेगी। अन्य स्कूल भवनों की जांच की मांग घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने क्षेत्र के अन्य पुराने स्कूल भवनों की भी सुरक्षा जांच कराने की मांग उठाई है, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। कंटेंट : रामप्रताप गोदारा, लूणकरनसर
कानपुर के साउथ जोन में ड्रग सप्लाई का गढ़ माने जाने वाले कंजड़नपुरवा में शुक्रवार तड़के पुलिस ने रेड की। कंजड़नपुरवा में सुबह 4 बजे पांच थानों में तैनात 150 पुलिसकर्मी हर एंट्री-एग्जिट प्वाइंट से बस्ती में घुसे तो इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ड्रोन उड़ाकर बस्ती के एक-एक घर की निगरानी की और 75 संदिग्ध घरों में तलाशी अभियान चलाया। छापेमारी की भनक लगते ही, कई सप्लायर्स घरों में ताला बंद कर फरार हो गए। तकरीबन 5 घंटे चली छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो घरों से 10 किलो मादक पदार्थ बरामद कर 10 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को लाउड स्पीकर से चेतावनी दी- कि अगर ड्रग सप्लाई की गई तो बहुत बुरे अंजाम भुगतने पड़ेंगे, जीवन सलाखों के पीछे ही कटेगा। पहले देखिए छापेमारी की तीन तस्वीरें… जिला समन्वय समिति की बैठक में उठा था मुद्दा गुरुवार को जिला समन्वय समिति की बैठक में प्रदेश सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों के साथ कानून व्यवस्था की स्थिति का भी प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने जायजा लिया। इस दौरान शहर में मादक पदार्थों की बड़े पैमाने में खरीद–फरोख्त का मुद्दा भी हावी रहा था। जिसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी का गढ़ माने जाने वाले कंजड़नपुरवा में डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बर्रा, किदवई नगर, गोविंद नगर, जूही, बाबूपुरवा की टीम ने कंजड़नपुरवा में तड़के चार बजे छापेमारी की। 50 दरोगा, 80 पुरुष, 24 महिला कांस्टेबल समेत 150 पुलिसकर्मियों की अलग–अलग टोलियां अलग-अलग रास्तों से बस्ती में घुसी तो इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ड्रग सप्लायर्स के संभावित ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। दबिश के दौरान पुलिस ने ड्रोन के जरिए पूरी बस्ती की निगरानी कर 75 संदिग्ध घरों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। भोर पहर हुई छापेमारी की कार्रवाई लोग छतों से झांक-झांक कर देखते नजर आए। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि छापेमारी का उद्देश्य ड्रग सप्लायर्स के सिंडिकेट को तोड़ने का है। ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले है। छापेमारी के दौरान 10 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, सप्लायर्स कहां से ड्रग लाते है, किसको बेचा जाता है, कहां रखा जाता है, ड्रग सप्लाई चेन में कौन–कौन शामिल है। इन सभी तथ्यों पर जानकारी जुटाई जा रही है।
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, जाम्बा की ढाणी में विश्व पर्यावरण दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति उनके उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना था। एनसीसी कैडेट्स ने पोस्टर और निबंध प्रतियोगिता में लिया भाग एनसीसी कैडेट्स ने पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं में उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश दिए गए। इसके साथ ही, विद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में एक पर्यावरण जागरूकता रैली निकाली गई। इस रैली के माध्यम से आमजन को वृक्षारोपण, जल संरक्षण और स्वच्छ पर्यावरण के महत्व से अवगत कराया गया। पौधारोपण के लिए गड्ढे किए तैयार वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर में पौधे लगाने के लिए गड्ढे तैयार किए। भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए जल उपलब्ध कराने की पहल के तहत एनसीसी कैडेट्स को परिंडे वितरित किए गए। उन्हें अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया गया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम के सफल संचालन में व्याख्याता बुधाराम, वरिष्ठ अध्यापक शैतानसिंह, एएनओ ज्योत्स्ना, वरिष्ठ अध्यापक बुद्धराम, बीसीआई रामदयाल सहित इम्मीलाल और महिपाल का विशेष योगदान रहा। विद्यालय परिवार ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।
उन्नाव में आम के बाग में युवक का शव मिला:पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा, आत्महत्या की आशंका
उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के बछौली गांव में शुक्रवार को एक युवक का शव आम के बाग में पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान बछौली गांव निवासी 22 वर्षीय अरविंद पुत्र हंसराज के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह कुछ लोग आम के बाग की ओर गए थे, जहां उन्होंने सुरेंद्र पुत्र जगन्नाथ के बाग में एक पेड़ से अरविंद का शव लटका देखा। घटना की सूचना तत्काल औरास थाना पुलिस को दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को पेड़ से नीचे उतारा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। परिजनों के अनुसार, अरविंद अविवाहित था। उसके परिवार में एक बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दो बहनें सोनी और सोनिका अभी अविवाहित हैं। परिवार इस घटना से दुखी है। ग्रामीणों ने बताया कि अरविंद सामान्य स्वभाव का युवक था और किसी बड़े विवाद की जानकारी सामने नहीं आई है। युवक ने यह कदम क्यों उठाया, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि घटना के पीछे की परिस्थितियों का पता लगाया जा सके। थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ के गांव चिश्तियां में एक विवाहित महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। महिला बुधवार को घर से रिश्तेदारी में जाने की बात कहकर निकली थी। उस पर कथित तौर पर हथियारों से हमला किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान मंजीत कौर (42) पत्नी जसवंत सिंह बावरी, निवासी वार्ड 11, गांव चिश्तियां के रूप में हुई है। वह बुधवार दोपहर अपने घर से निकली थी। परिजनों के अनुसारि उसने अपनी बेटी को बताया था कि वह किसी रिश्तेदार से मिलने जा रही है और शाम तक लौट आएगी। हालांकि, देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार चिंतित हो गया। गुरुवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि जंक्शन क्षेत्र में अग्रसेन चौक के पास श्रीगंगानगर रोड पर मंजीत कौर के साथ मारपीट की गई थी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। सूचना मिलने पर परिजन जिला अस्पताल की मोर्चरी पहुंचे और शव की शिनाख्त की। मृतका के पति जसवंत सिंह ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि जण्डावाली निवासी मनोज खां और उसके तीन-चार साथियों ने मिलकर मंजीत कौर के साथ मारपीट की, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस रिपोर्ट के आधार पर हत्या, एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि मामले की हर कोण से पड़ताल की जा रही है और जल्द ही इसका खुलासा किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। एएसपी अरविंद ने जानकारी दी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। हत्या के पीछे के कारणों, मृतका और आरोपियों के बीच संबंधों तथा घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है।
रायबरेली में डंपर ने बाइक सवार को रौंदा:युवक की मौत, गाड़ी लेकर ड्राइवर फरार; तलाश जारी
रायबरेली के मिल एरिया थाना क्षेत्र में देर रात एक अनियंत्रित डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान पूरे ठकुराइन निवासी दिलीप कुमार के रूप में हुई है। वह अमावां चौराहे पर बेकरी और होटल का संचालन करते थे। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे दिलीप कुमार रायबरेली शहर से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दिलीप गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद अनियंत्रित डंपर आगे जाकर दुसौती चौराहे के पास सामने से आ रहे एक ट्रक से भी टकरा गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर घायल युवक को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल के आपातकालीन चिकित्सक ने बताया कि युवक को अस्पताल लाए जाने पर जांच के दौरान मृत पाया गया। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई। मिल एरिया थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया- डंपर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फरार डंपर और उसके चालक की तलाश की जा रही है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
जयपुर में एक साल के बच्चे को पड़ोसी ने ही अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी ने कुचल दिया। बच्चा अपने ननिहाल में घर के बाहर खेल रहा था। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने गाड़ी को जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं कांवटिया हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। हादसा गुरुवार शाम का है। ननिहाल आया हुआ था बच्चा हेड कॉन्स्टेबल सज्जन सिंह ने बताया कि हादसे में जालूपुरा के रहने वाले मोहम्मद रिजवान के बेटे मोहम्मद इब्राहिम (1) की मौत हो गई। मजदूरी का काम करने वाला रिजवान की पत्नी करीब 7 दिन पहले झोटवाड़ा के जगन्नाथपुरी में अपने बेटे-बेटी को लेकर पीहर आई थी। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे एक साल का बच्चा इब्राहिम घर के बाहर खेल रहा था। बच्चे को कुचलते हुए निकला पड़ोसी इस दौरान पड़ोसी युवक काम पर जाकर अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी से घर लौटा था। बच्चा दौड़ते हुए सड़क पर आया और स्कॉर्पियो गाड़ी की चपेट में आ गया। युवक को बच्चा दिखाई नहीं दिया और गाड़ी से मासूम को रौंदते हुए निकल गया। शोर-शराबा होने पर परिजनों ने खून से लथपथ बच्चे को संभाला। परिजनों ने गंभीर हालत में उसे कावंटिया हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां जांच के बाद डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने स्कॉर्पियो गाड़ी को शांतिभंग में अरेस्ट किया है।
महराजगंज के शास्त्री नगर मोहल्ले में नालियों की खराब स्थिति और जलभराव से स्थानीय लोग परेशान हैं। नियमित सफाई और मरम्मत न होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे निवासियों में नगर पालिका प्रशासन के प्रति भारी असंतोष है। मोहल्ले के निवासियों का आरोप है कि वकील साहब के घर से लेकर आर. पांडेय के घर तक की नाली पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इस वजह से जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है। सड़क पर फैले गंदे पानी से राहगीरों, स्कूली बच्चों और आसपास के परिवारों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। गंदगी और बदबू के कारण संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। मोहल्लेवासियों ने बताया कि इस समस्या के बारे में संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन को कई बार सूचित किया जा चुका है। हालांकि, अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से तत्काल नाली की सफाई कराने, क्षतिग्रस्त नाली का पुनर्निर्माण करने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। दिलीप कुमार, मोहम्मद सिद्दीक, रियाजुद्दीन और रविंद्र पांडे जैसे नगरवासी इस समस्या से प्रभावित हैं।
मिर्जापुर में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नगर विधायक रत्नाकर मिश्र, मझवां विधायक शुचिश्मिता मौर्य, छानबे विधायक रिकी कोल, मंडलायुक्त राजेश प्रकाश और जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पौधरोपण किया। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। पौधरोपण के बाद सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता के महत्व और प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के मद्देनजर प्रत्येक नागरिक से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। तस्वीरें देखिए- इस कार्यक्रम में विशेष रूप से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मातृ सम्मान का भी प्रतीक है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) राकेश कुमार और मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार भी उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त अन्य अधिकारी, चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना था। साथ ही, अधिकाधिक वृक्षारोपण के माध्यम से हरित और स्वच्छ वातावरण का निर्माण करना भी इसका लक्ष्य रहा।
फतेहाबाद जिले के भूना में भाभू गैंग की वारदात के बाद एसपी निकिता खट्टर ने टोहाना सीआईए इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है। इसके अतिरिक्त भूना के एसएचओ ओमप्रकाश को भी बदल दिया गया है। ओमप्रकाश की जगह बिजेंद्र हुड्डा को भूना थाना प्रभारी लगाया गया है। ओमप्रकाश को इकोनॉमिक सेल में भेजा गया है। बता दें कि, मंगलवार रात को भूना निवासी युवक सचिन की तेजधार हथियारों से वार कर हत्या कर दी गई थी। बाइक पर जा रहे सचिन को घेरकर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियारों से कई वार किए। हमलावरों ने उस पर गाड़ी भी चढ़ा दी। हालांकि, इसके बाद पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। अब एसपी ने यह कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में खलबली मची हुई है। यह था पूरा मामला दरअसल, भूना के वार्ड नंबर 5 निवासी राजबीर सिंह का छोटा बेटा सचिन कुमार पहले भूना कॉलेज में बीए की पढ़ाई कर रहा था। बाद में उसने पढ़ाई बीच में छोड़ दी। एक महीना पहले गुरुग्राम की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करने लगा। 27 मई को वह अपने भतीजे के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर लौटा था। 3 जून को उसे वापस गुरुग्राम जाना था। इससे पहले 2 जून की रात को उसका मर्डर कर दिया गया। इन आरोपियों को पकड़ चुकी पुलिस पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा था। उनकी पहचान खेड़ी चौक भूना निवासी प्रवेश उर्फ मिचू, कंबोज मोहल्ला निवासी कार्तिक उर्फ कारु, भूना निवासी दीपक उर्फ बिल्ला, वार्ड नंबर 1 निवासी संजय उर्फ चिड़ीमार और वार्ड नंबर 9 निवासी अमन के रूप में हुई।
सिरसा में आज शुक्रवार को कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी का दौरा प्रस्तावित है। इसके चलते जिला प्रशासन एवं भाजपा नेताओं की ओर से तैयारी की जा रही है। मंत्री कृष्ण बेदी पहले हुडा सेक्टर स्थित भाजपा कार्यालय में आएंगे। शुक्रवार शाम करीब 4 बजे यहां पहुंचेंगे और कार्यकर्ताओं व नेताओं से मिलेंगे। इस दौरान भाजपा वर्करों के साथ मीटिंग करेंगे और शहर के विकास कार्यों पर भी चर्चा होगी। जानकारी के अनुसार, मंत्री बेदी का यह दौरा हरियाणा लेबर बोर्ड के नवनियुक्त चेयरमैन रोहताश जांगड़ा से जुड़ा हुआ है। मंत्री बेदी वर्करों से मीटिंग के बाद चेयरमैन रोहताश जांगड़ा के आवास पर जाएंगे और उनको नियुक्ति पर भेंट कर सम्मानित करेंगे। शाम करीब 5 बजे का समय तय है। इस खबर को बाद में अपडेट किया जाएगा। मंत्री कृष्ण बेदी का करीब तीन माह के बाद इस साल का यह दूसरा दौरा है। इससे पहले फरवरी माह में सिरसा आए थे। उस समय नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप और भाजपा समर्थित पार्षदों के साथ वाइस चेयरमैन पद पर चुनाव के उम्मीदवार चयन पर चर्चा की थी। बाद में ये चुनाव स्थगित करवा दिए गए। रोहताश जांगड़ा पुराने समय से आरएसएस से जुड़े हुए हैं और गत विधानसभा चुनाव में पार्टी के कहने पर नामांकन पत्र भी वापस ले लिया था। फिर भी वे पार्टी के चुनाव प्रचार व हर कार्य में जुटे रहे। उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, पूर्व सीएम व केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के करीबी है। इसी चलते उनको हरियाणा लेबर वेलफेयर बोर्ड, पंचकूला का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। पंचकूला में कार्यभार ग्रहण करने के बाद वीरवार शाम को वे सिरसा लौटे और अब उनसे मिलने मंत्री कृष्ण बेदी आ रहे हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बहराइच में एक वृहद पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिभा संरक्षण सेवा न्यास और वन प्रभाग बहराइच के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय नर्सरी परिसर टेड़वा बसन्तपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के संरक्षक घनश्याम वाजपेई ने की। इस दौरान रमाकांत मिश्र ने आम, आंवला, गुलमोहर, नींबू और पीपल के पौधे रोपित करवाए। प्रतिभा संरक्षण सेवा न्यास के अध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र कुमार उपाध्याय ने पेड़ों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पेड़ पर्यावरण के समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विभिन्न साधन प्रदान करते हैं। ये वन्यजीवों के लिए आवास उपलब्ध कराते हैं, जैव विविधता बढ़ाते हैं और जलवायु परिवर्तन को कम करते हैं। डॉ. उपाध्याय ने आगे कहा कि वृक्षारोपण ही एकमात्र समाधान है जो इस धरती को रहने लायक बनाता है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वन क्षेत्राधिकारी मोहम्मद शाकिब ने प्राणिमात्र की रक्षा के लिए पीपल, बरगद, नीम, पाकड़, आम और जामुन जैसे पौधों का रोपण और संरक्षण करने का आह्वान किया। घनश्याम बाजपेई ने 'वृक्ष लगाओ और जीवन बचाओ' के संदेश पर जोर देते हुए कहा कि इसी में हमारा हित निहित है। इस अवसर पर ध्रुव कुमार मिश्र, संजय सिंह, डॉ. अनंतराम निषाद, रोहित चौधरी, रिशु चौधरी, अशोक मधेशिया, हनुमान प्रसाद, पुण्डरीक पाण्डेय, बजरंग बली पाठक, कृष्ण कुमार मिश्र, अमित शुक्ल, ज्ञानेंद्र तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, राम लखन सिंह, कमलेश यादव, अखिलेश कुमार सिंह, प्रभारी नर्सरी महर्षि बाजपेई, वन रक्षक श्रेया पटेल और विशाल जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सरगुजा में 7 हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़े गए जल संसाधन विभाग के लिपिक को विशेष न्यायाधीश, (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने तीन साल की सजा सुनाई है। लिपिक को वर्ष 2020 में एसीबी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। लिपिक ने विभाग के रिटायर्ड चौकीदार के गेच्युटी पे के भुगतान और पेंशन स्वीकृति के लिए रिश्वत मांगी थी। न्यायालय ने पांच हजार रुपये अर्थदण्ड भी लगाया है। जानकारी के मुताबिक, 13 अगस्त 2020 को एसीबी सरगुजा की टीम ने जल संसाधन विभाग के ईई कार्यालय में पदस्थ लिपिक व्हीके सिन्हा को 7 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। व्हीके सिन्हा कार्यालय के बार मेन रोड में शिकायतकर्ता से रिश्वत ले रहे थे, जहां एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया था। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ममता पटेल की अदालत में की जा रही थी। रिटायर्ड चौकीदार से मांगी थी रिश्वत जल संसाधन विभाग में कार्यरत चौकीदार लरघुराम 30 नवंबर 2015 को रिटायर हुए थे। रिटायर होने पर उन्हें बचत निधि का मात्र 7224 रुपये का भुगतान किया गया था। पांच साल बाद भी रिटायर्ड चौकीदार को ग्रेच्युटी पे का भुगतान नहीं किया गया था और पेंशन प्रकरण भी स्वीकृत नहीं किया गया था। गेच्युटी पे के भुगतान और पेंशन प्रकरण बनाने के लिए रिटायर्ड चौकीदार के बेटे लोचन सिंह ने विभाग के लिपिक व्हीके सिन्हा से मुलाकात की। लिपिक ने खर्चा-पानी मांगा तो लोचन सिंह ने 3 हजार रुपये दे दिया। इसके बाद भी काम नहीं हुआ तो लोचन सिंह ने फिर से व्हीके सिन्हा से मुलाकात की। व्हीके सिन्हा ने ग्रेच्युटी पे और पेंशन प्रकरण बनाने के लिए 8000 रुपये रिश्वत मांगी। बाद में दोनों में 7000 रुपये में बात बनी। लोचन राम ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो में की। एसीबी ने रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर लोचन सिंह से 7000 रुपये रिश्वत लेते व्हीके सिन्हा को गिरफ्तार किया था। रिटायर होने के बाद लिपिक को सजा मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश ममता पटेल ने व्हीके सिन्हा को 3 साल की सजा और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। लिपिक व्हीके सिन्हा भी रिटायर हो चुके हैं।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कानपुर देहात में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय निषाद, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान और राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला सहित कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट व जनपद के प्रभारी मंत्री डॉ. संजय निषाद रहे। उनके साथ कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इसमें भाग लिया। बीते दिनों ही पीएम और सीएम ने डीज़ल पेट्रोल बचाने का आवाहन किया था। इसके बाद मंत्रियों नेताओं और अफसरों ने साइकिल पैदल और अन्य तरहों से ईंधन बचाने का संदेश दिया था, लेकिन कानपुर देहात में विश्व पर्यावरण दिवस के कार्यक्रम में क़रीब 80 गाड़ियों का जमघट दिखाई दिया। बड़े काफिलें के साथ मंत्री और अफसर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे जहां यांत्रिक हवा में बैठ कर नेताओं और अफसरों ने पर्यावरण को बचाने का संकल्प लिया। मंत्रियों और अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर पौधरोपण किया। इस दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने की अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है और इसमें सभी को अपनी भागीदारी निभानी चाहिए। जनप्रतिनिधियों ने अपने संबोधन में कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखरेख और संरक्षण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर दिया कि यदि लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए, तभी वृक्षारोपण अभियान का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा। इस अवसर पर मंच से पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना था कि पेड़-पौधे न केवल प्रकृति की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि मानव जीवन और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने का भी आधार हैं।
उमरिया में आठ मवेशियों की संदिग्ध मौत:दो दिन में दूसरी घटना, प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश
उमरिया जिले के करकेली विकासखंड की ग्राम पंचायत अमदरी के करुआ गांव में आठ मवेशियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में चर्चा और चिंता का माहौल है। सूचना मिलने पर प्रशासन और पशुपालन विभाग ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि गांव में एक के बाद एक कुल आठ मवेशी मृत मिले। ग्रामीणों ने इसकी सूचना प्रशासन और पशुपालन विभाग को दी। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। कई मवेशियों के शव घटनास्थल पर ही पड़े हुए हैं। पानी भरे गड्ढे को लेकर उठ रहे सवाल ग्रामीणों के मुताबिक जिस जगह मवेशियों की मौत हुई, उसके पास एक गड्ढे में पानी भरा हुआ मिला है। हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि मवेशियों की मौत किस वजह से हुई। ग्रामीण अलग-अलग कारणों की आशंका जता रहे हैं, लेकिन किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दो दिन में दूसरी घटना जिले में दो दिनों के भीतर मवेशियों की मौत का यह दूसरा मामला सामने आया है। लगातार ऐसी घटनाएं होने से ग्रामीणों के साथ-साथ प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी वजह एसडीएम अंबिकेश सिंह ने बताया कि करुआ गांव में मवेशियों की मौत की सूचना मिली है। मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। मृत मवेशियों का परीक्षण कराया जाएगा ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में भारतीय कुश्ती संघ (WFI) की ओर से तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप का आयोजन 6 जून से शुरू होगा। प्रतियोगिता के लिए अब तक देशभर से 1000 से अधिक पहलवान विभिन्न भार वर्गों में पंजीकरण करा चुके हैं। चैंपियनशिप को लेकर स्टेडियम में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। विभिन्न राज्यों से पहुंचे पहलवान अभ्यास में जुटे हैं और प्रतियोगिता के लिए माहौल पूरी तरह तैयार है। प्रतियोगिता का मुख्य आयोजन 6 से 8 जून तक होगा, जबकि महिला वर्ग के फाइनल मुकाबले 9 जून को खेले जाएंगे। 7 जून को पुरुषों की ग्रीको-रोमन प्रतियोगिता प्रतियोगिता के कार्यक्रम के अनुसार 6 जून को पुरुष वर्ग की फ्री स्टाइल कुश्ती होगी। 7 जून को पुरुषों की ग्रीको-रोमन प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहीं 8 जून को महिला कुश्ती के मुकाबले शुरू होंगे और उनके फाइनल 9 जून को संपन्न होंगे। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता के लिए रिकॉर्ड संख्या में पहलवानों ने पंजीकरण कराया है। खिलाड़ियों के आवास, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि सभी खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है तथा प्रतियोगिता के दौरान किसी भी प्रतिभागी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उनके अनुसार नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में पहले भी राष्ट्रीय स्तर की कुश्ती प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन हो चुका है। इस बार भी खिलाड़ियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के माध्यम से युवा पहलवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा और राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग हासिल करने का मंच भी प्राप्त होगा।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड में एक सड़क दुर्घटना में 28 वर्षीय तुरिया किंडो की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में उनका दोस्त 28 वर्षीय विमल किंडो गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना गुरुवार-शुक्रवार की मध्य रात्रि को हुई। घायल विमल किंडो ने बताया कि वे दोनों दोस्त बघिमा पाहन टोली से ढिरौली जाम टोली में एक मेहमानी से लौट रहे थे। कसीरा अंबा टोली के पास एक अज्ञात वाहन के चालक ने तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। बाइक पर पीछे बैठे तुरिया किंडो को गंभीर चोटें आईं, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। विमल किंडो के हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार को सदर थाना के एसआई अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।दोनों में किसी ने हेलमेट भी नहीं पहना था।
गुना के कैंट थाना इलाके के सिंगवासा गांव में रहने वाले एक युवक ने गुरुवार को फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। परिवार के सभी लोग शिवपुरी में शादी में गए थे। घर पर युवक और उसकी पत्नी ही थी। जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। मिली जानकारी के अनुसार सिंगवासा का रहने वाला नीतुल सहरिया(25) मजदूरी करता था। पांच वर्ष पहले उसकी शादी हुई थी। उसके तीन बच्चे हैं। वह पूरे परिवार के साथ रहता था। परिवार शादी में गया थाउसकी भतीजी की शादी थी, तो पूरा परिवार शिवपुरी गया हुआ था। शिवपुरी में सम्मेलन में उसकी शादी के कार्यक्रम थे। घर में केवल नीतुल और उसकी पत्नी ही थी। देर रात उसने अपने कमरे में फंदा बनाकर सुसाइड कर लिया। पत्नी की नींद खुली, तो उसने पति को फंदे पर लटका हुआ देखा। पत्नी ने फंदे पर लटका देख परिजनों को जानकारी दीपत्नी ने परिवार वालों को कॉल कर मामले की जानकारी दी। साथ ही पुलिस को भी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और जिला अस्पताल भिजवाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल में शुक्रवार सुबह शव का पोस्टमार्टम किया गया। नीतुल के बड़े भाई ने बताया कि पूरा परिवार शादी में गया था। नीतुल को कोई परेशानी नहीं थी। उसने कभी किसी से कुछ भी जिक्र नहीं किया। अचानक उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, यह समझ नहीं आ रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
चित्तौड़गढ़ दुर्ग की तलहटी स्थित पाड़नपोल झरने के पास शुक्रवार सुबह एक अज्ञात युवती का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका की उम्र करीब 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है। शव की हालात देख पुलिस प्रथम दृष्टया हत्या का मामला मानकर जांच कर रही है। युवती का चेहरा पत्थर से बुरी तरह से कुचला हुआ था। शव करीब तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण की तैयारियां चल रही थीं और नरेगा मजदूर झाड़ियों की सफाई कर रहे थे। बदबू आने पर मजदूरों ने वहां जाकर देखा तो एक युवकी शव पड़ा हुआ था। शव मिलने की सूचना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और पुलिस अधिकारियों ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। सफाई के दौरान बदबू आने पर हुआ खुलासा SHO तुलसीराम प्रजापत ने बताया- शुक्रवार सुबह नरेगा मजदूर पाड़नपोल झरने के आसपास पौधरोपण के लिए सफाई कार्य कर रहे थे। इसी दौरान दुर्ग की तलहटी में झरने की ओर जाने वाले रास्ते में तेज बदबू आने लगी। श्रमिक जब बदबू के स्रोत की ओर पहुंचे तो वहां एक युवती का शव पड़ा मिला। शव नग्न अवस्था में था, जिससे मजदूर घबरा गए और उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को सूचना दी। स्थानीय लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को जानकारी दी, जिसके बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची।शुरुआती जांच में सामने आया कि शव कई दिनों से वहीं पड़ा हुआ था, जिसके कारण आसपास दुर्गंध फैल रही थी। चेहरा पत्थर से कुचला मिला कोतवाली थाना प्रभारी तुलसीराम के अनुसार मृतका का चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचला हुआ मिला। इतना ही नहीं, जिस पत्थर से हमला किए जाने की आशंका है, वह भी शव के चेहरे के ऊपर रखा हुआ था। युवती की टी-शर्ट भी चेहरे की ओर खींची हुई मिली। ऐसे में पुलिस को आशंका है कि पहचान छिपाने के उद्देश्य से चेहरे को नुकसान पहुंचाया गया है। मामला दुष्कर्म से जोड़ कर भी देखा जा रहा है। हालांकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस हत्या के विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस जांच में जुटी सूचना मिलने के बाद एएसआई हरवीर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को सूचना दी। उसके बाद DSP ब्रजेश सिंह, कोतवाली सीआई तुलसीराम, सदर सीआई प्रेम सिंह और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के लिए एमओबी और एफएसएल टीम को बुलाया, जिन्होंने मौके से जरूरी सबूत जुटाए। शव के पास एक पानी की बोतल, चिप्स का पैकेट और नमकीन की थैली भी मिली है, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती मृतका की पहचान करना है। पहचान होने के बाद ही उसके अंतिम दिनों की गतिविधियों और संभावित आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिल सकेगी। पुलिस आसपास के थानों तथा गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मरवाही वनमंडल से जंगलों की अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि वन माफिया वन विभाग की कथित उदासीनता और मिलीभगत का फायदा उठाकर हरे-भरे जंगलों को तेजी से उजाड़ रहे हैं। ताजा मामला मरवाही वनमंडल के खोड़री रेंज अंतर्गत लमना बीट का बताया जा रहा है। आरोप है कि तस्करों ने पेड़ों की कटाई के लिए नया तरीका अपनाया है। पहले पेड़ों की छाल को चारों ओर से काट दिया जाता है, जिससे पेड़ धीरे-धीरे सूख जाते हैं। बाद में इन्हें आसानी से काटकर लकड़ी की तस्करी कर दी जाती है। कई इलाकों में कट रहे जंगल स्थानीय लोगों के अनुसार, अवैध कटाई केवल लमना बीट तक सीमित नहीं है। कोटमी, देवरीकला, पीपरखूंटी, बस्तीबगरा और खोड़री क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई की शिकायतें सामने आ रही हैं। जिले के बहुमूल्य साल और सरई के पेड़ सबसे अधिक निशाने पर हैं। लकड़ी से लदे ट्रैक्टर खुलेआम गुजरते दिखे ग्रामीणों का कहना है कि विश्व पर्यावरण दिवस की सुबह पेंड्रा दुर्गा चौक से मुख्य मार्ग होते हुए हरे पेड़ों की लकड़ियों से लदे तीन ट्रैक्टर गौरेला की ओर जाते देखे गए। ट्रैक्टर हाई स्कूल क्षेत्र से होकर गुजरे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें रोकने या जांचने वाला कोई नहीं था। वन विभाग की भूमिका पर सवाल घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग की पेट्रोलिंग व्यवस्था लगभग निष्क्रिय हो चुकी है। उनका कहना है कि मरवाही वनमंडल की उड़नदस्ता टीम की गाड़ी पिछले दो वर्षों से क्षेत्र में सक्रिय नजर नहीं आई है। इसके अलावा पेंड्रा और गौरेला के प्रमुख चेकपोस्ट भी बंद बताए जा रहे हैं, जिससे लकड़ी तस्करों को आवागमन में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो रही है। पर्यावरण पर पड़ रहा असर जिले के वरिष्ठ नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि अवैध कटाई पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र की हरियाली गंभीर संकट में पड़ सकती है। उनका मानना है कि जंगलों के लगातार खत्म होने से तापमान में वृद्धि, जल स्रोतों पर दबाव और पर्यावरणीय असंतुलन जैसी समस्याएं और बढ़ेंगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग पूरे मामले की जांच कर अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करे तथा जंगलों की सुरक्षा के लिए नियमित निगरानी और चेकिंग व्यवस्था को फिर से सक्रिय किया जाए।
19 हजार अभ्यर्थी देंगे पुलिस भर्ती परीक्षा:11 केंद्रों पर तीन दिन चलेगी, नकल पर जीरो टॉलरेंस
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा 8, 9 और 10 जून को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा जिले के 11 केंद्रों पर दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 19,286 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और नकलविहीन संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापकों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि इस परीक्षा से प्रदेश और जिले की प्रतिष्ठा जुड़ी हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को परीक्षा से संबंधित मानक प्रक्रियाओं का गंभीरता से अध्ययन करने और किसी भी शंका को पहले ही स्पष्ट करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने आगाह किया कि छोटी सी चूक भी गंभीर परिणाम दे सकती है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिलाधिकारी ने प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी को प्रत्येक केंद्र पर एंबुलेंस, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात करने के साथ ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराने को कहा गया। नगर पालिका को भी प्रत्येक केंद्र पर ठंडे पानी का टैंकर उपलब्ध कराने और प्रतिदिन पानी बदलने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, केंद्रों पर साफ-सफाई और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने बताया कि परीक्षा संचालन के लिए निर्धारित सुरक्षा योजना पूर्व की घटनाओं और अनुभवों के आधार पर तैयार की गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि पूर्व में कुछ स्थानों पर बाथरूम जैसी प्रक्रियाओं का दुरुपयोग कर प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई थीं। इसे देखते हुए इस बार हर प्रक्रिया की कड़ी निगरानी की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्ति तक सभी नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी परीक्षा में शामिल होंगी, इसलिए सुरक्षा और चेकिंग व्यवस्था पूरी सतर्कता के साथ संचालित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, 6 जून से किसी भी परीक्षा केंद्र में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक रहेगी। सभी केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे लगातार सक्रिय रखे जाएंगे ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके। अपर जिलाधिकारी श्याम लता आनंद ने बताया कि परीक्षा की पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे तथा दूसरी पाली दोपहर 3 से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। परीक्षा केंद्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है ताकि परीक्षा निष्पक्ष और नकलविहीन ढंग से संपन्न कराई जा सके।
सीहोर जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। प्री-मानसून की तेज बारिश से भीषण गर्मी और तीखी धूप से परेशान जिलेवासियों को बड़ी राहत मिली है। भू-अभिलेख से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार सीहोर, आष्टा, जावर और इछावर में आधा-आधा इंच बारिश दर्ज की गई, जबकि बुधनी में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। तापमान में बड़ी गिरावट इस प्री-मानसून बारिश का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव तापमान पर देखने को मिला। पिछले कई दिनों से 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चल रहा अधिकतम तापमान अचानक गिरकर 23 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तापमान में इस भारी गिरावट के कारण जिले में ठंडी हवाएं चलने लगी हैं, जिससे लोगों को जून की गर्मी से राहत मिली है। किसानों को भी मिली राहत इस पहली बारिश से किसानों के चेहरों पर भी खुशी देखी गई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों और खेतों की जुताई के लिए सहायक सिद्ध होगी। शहर से लेकर गांवों तक आमजन सुहाने मौसम का आनंद ले रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्री-मानसून गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। माना जा रहा है कि यह स्थिति जल्द ही मानसून के आगमन का मार्ग प्रशस्त करेगी।
गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के कवईतांड गांव में मिले एक अज्ञात शव को जेसीबी से दफनाने पहुंची पुलिस का ग्रामीणों ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस को शव के साथ वापस लौटना पड़ा। जानकारी के अनुसार, शव का पोस्टमॉर्टम धनबाद में कराया गया था। पोस्टमॉर्टम के बाद शव को जमुआ थाना लाया गया था। जमुआ थाना प्रभारी विभूति देव पुलिस बल और एक जेसीबी मशीन के साथ शव को दफनाने के लिए पाराखारो पहाड़ी के समीप पहुंचे थे। शव दफनाने की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया पुलिस शव को लावारिस मानकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करना चाहती थी। इसकी सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने गांव के बगल में शव दफनाने की कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त समय दिए और पहचान की सभी संभावनाओं को तलाशे बिना शव को जल्दबाजी में दफनाया जा रहा था। उनका कहना था कि प्रशासन को अज्ञात शव की पहचान के लिए सोशल मीडिया, आसपास के थानों और अन्य माध्यमों से व्यापक प्रयास करने चाहिए। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि यदि शव किसी दूसरे क्षेत्र के व्यक्ति का है और उसके परिजन उसकी तलाश कर रहे हैं, तो जल्दबाजी में दफनाने से उन्हें अंतिम दर्शन का अवसर नहीं मिलेगा। उन्होंने इसे संवेदनहीनता और मानवता के विरुद्ध बताया। प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए विरोध बढ़ता देख पुलिस को शव के साथ वापस लौटना पड़ा। इस दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि लावारिस शवों के मामले में भी मानवीय संवेदनाओं और कानूनी प्रक्रियाओं का पूरी तरह पालन होना चाहिए। इस घटना ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, सामान्यतः किसी अज्ञात शव की पहचान कराने के लिए प्रशासन द्वारा निर्धारित अवधि तक प्रयास किए जाते हैं। विभिन्न माध्यमों से पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश के बाद ही विधिसम्मत तरीके से अंतिम संस्कार किया जाता है। ऐसे में जेसीबी के माध्यम से शव को दफनाने की तैयारी और उसमें दिखाई गई जल्दबाजी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। इस मामले में एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि एक अज्ञात शव बरामद हुआ था, जिसकी स्थिति पूरी तरह खराब हो चुकी थी। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए धनबाद भेजा गया था। उन्होंने कहा कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर शव को दफनाने की प्रक्रिया की जा रही थी। इसी क्रम में पुलिस शव को दफनाने के लिए निर्धारित स्थान पर गई थी, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा विरोध किए जाने पर वहां से शव को हटाकर नदी किनारे विधि-सम्मत तरीके से दफना दिया गया।
करौली जिले में स्वास्थ्य विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों और नीम हकीमों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इस अभियान के तहत सपोटरा और मंडरायल ब्लॉक में कई अवैध क्लिनिक और दुकानें सीज की गईं। टोडाभीम और गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र में भी दबिश देकर नोटिस जारी किए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि सपोटरा ब्लॉक में बीसीएमओ डॉ. मनोज कुमार मीणा, तहसीलदार दिलीप अग्रवाल और आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. दुर्गेश मीणा की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम ने डाबरा में विनोद कुमार के क्लीनिक और सपोटरा में संजीत कुमार विश्वास के क्लीनिक को सीज किया। इसी क्रम में मंडरायल ब्लॉक में बीसीएमओ डॉ. महेश मीणा और तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम ने चार झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानों को सीज किया। टोडाभीम और गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्रों में भी टीमों ने झोलाछापों के खिलाफ दबिश दी। गुढ़ाचंद्रजी ब्लॉक में उपखंड अधिकारी के नेतृत्व वाली टीम ने रौंसी गांव में तीन झोलाछाप डॉक्टरों को नोटिस चस्पा किए। स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रूप से क्लिनिक संचालित करने वाले और बिना मान्यता उपचार करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
बरेली के भोजीपुरा में बस ऑपरेटरों की पुरानी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया। बिल्वा पुल के पास 2 जून की रात फायरिंग और मारपीट की घटना हुई थी। मामले में पहले एक पक्ष के लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। अब पुलिस ने दूसरे पक्ष के 3 मुख्य आरोपियों को भी हथियारों और स्कॉर्पियो गाड़ी के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह पूरा विवाद बस संचालन को लेकर पुरानी दुश्मनी का नतीजा है। 2 जून को वीरेंद्र सिंह गोल्डी की बस शाहजहांपुर से मेरठ मरम्मत के लिए जा रही थी, तभी मिलक बाईपास के पास ब्रेक लगाने पर पीछे से आ रही मोनू उर्फ मानवेंद्र की बस उससे टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई। इसी मामूली टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद फिर भड़क उठा और मामला गैंगवार तक पहुंच गया। टोल प्लाजा पार करते ही चली गोलियां टक्कर की सूचना मिलते ही वीरेंद्र सिंह गोल्डी अपने साथियों पिंटू तिवारी, पिंटू यादव, विशाल यादव, पंकज, बॉबी, कामरान और बाबर चौधरी को लेकर स्कार्पियो से फतेहगंज पश्चिमी टोल के पास पहुंच गया। जैसे ही टोल पार हुआ, मोनू और उसके साथियों ने बस को रोकने की कोशिश की। ड्राइवर ने डर के मारे गाड़ी नहीं रोकी तो मोनू के पक्ष से अमरीश ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल से जान से मारने की नीयत से सीधे फायर झोंक दिया। गोली चलते ही गोल्डी के पक्ष वाले भी तैश में आ गए। उनके साथ मौजूद विशाल यादव ने अपने पास मौजूद तमंचे से मोनू की बस पर जवाबी फायरिंग कर दी। इसके बाद दबंगों ने बिल्वा पुल के पास अपनी गाड़ियां अड़ाकर बस को रोक लिया। वहां लाठी-डंडों से जमकर मारपीट की गई। गोल्डी के पक्ष ड्राइवर और हेल्पर को दूसरे पक्ष ने बुरी तरह पीटा और उन्हें जबरन अपनी गाड़ी में डालकर किडनैप कर लिया। बाद में उन्हें निगोही थाने के पास छोड़कर भाग निकले। मुखबिर की सूचना पर रात में घेराबंदी इस वारदात के बाद पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। इसी बीच पांच जून की रात को पुलिस को मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि इस सनसनीखेज वारदात से जुड़े कुछ आरोपी अपनी स्कार्पियो कार के साथ कहीं भागने की फिराक में बिल्वा पुल के पास खड़े हैं। सूचना मिलते ही उपनिरीक्षक विनय बहादुर सिंह, केशवदत्त शर्मा और रंजीत सिंह ने पुलिस बल के साथ मौके पर घेराबंदी कर दी। पुलिस ने घेराबंदी करके मौके से तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों में विशाल यादव, आकाश राठौर और वीरेंद्र सिंह गोल्डी शामिल हैं। ये सभी शाहजहाँपुर के सदर बाजार इलाके के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब इनकी स्कार्पियो (UP27BW1300) की तलाशी ली, तो उसके अंदर से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक .315 बोर का तमंचा, जिंदा कारतूस और चार मजबूत लाठी-डंडे बरामद हुए। पकड़े गए आरोपियों का तगड़ा क्राइम रिकॉर्ड पुलिस की गिरफ्त में आए इन आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास है। मुख्य आरोपी वीरेंद्र पाल उर्फ गोल्डी के खिलाफ शाहजहाँपुर के अलग-अलग थानों में हत्या के प्रयास (307), सरकारी काम में बाधा, जालसाजी और एससी-एसटी एक्ट समेत कुल आठ संगीन मामले दर्ज हैं। वहीं, विशाल यादव के खिलाफ भी छेड़खानी, घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस अब इन सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेजने की तैयारी कर रही है।
इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर बस-कंटेनर में भिड़ंत:3 यात्री घायल, खरेली घाट पर बस सड़क से उतरी
धार जिले के सरदारपुर क्षेत्र में इंदौर-अहमदाबाद फोरलेन पर खरेली घाट में एक यात्री बस और कंटेनर की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में तीन यात्री और कंटेनर चालक घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। घटना के बाद बस सड़क से नीचे उतर गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को इंदौर से झाबुआ की ओर जा रही यात्री बस (क्रमांक MP 45 ZG 9950) अमझेरा थाना क्षेत्र के खरेली घाट में सामने से आ रहे कंटेनर (क्रमांक RJ 42 GA 2920) से टकरा गई। बताया जा रहा है कि फोरलेन रोड के कट पर अचानक एक डंपर के मुड़ने से बस का संतुलन बिगड़ गया, जिसके कारण वह सामने से आ रहे कंटेनर से जा भिड़ी। हादसे के बाद बस सड़क से नीचे उतर गई और यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अमझेरा थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और फोरलेन पर यातायात को सुचारू करवाया। अमझेरा थाना प्रभारी राजू मकवाना ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने पुष्टि की कि बस और कंटेनर में भिड़ंत हुई है और घायलों को अस्पताल भेजा गया है। यातायात भी सामान्य कर दिया गया है।
बालाघाट में ठेकेदार की मौत:दो साल पहले हुआ था एक्सीडेंट; बेटा बोला-पिता शराब पीने का आदी थे
बालाघाट शहर के ठेकेदार सत्येन्द्र पिता प्रकाश शुक्ला (45) का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्हें घर में मृत हालत में पाया गया था। बेटे जयेश शुक्ला और परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों की सूचना पर पुलिस ने शुक्रवार को शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि ठेकेदार पहले अपने बड़े भाई के साथ ठेकेदारी का व्यवसाय करते थे। करीब दो साल पहले हुए सड़क हादसे के बाद शरीर कमजोर हो गया था। हादसे में उनके गले और पैर में रॉड लगी थी, जिसके कारण उन्हें अक्सर दर्द रहता था। बेटे जयेश शुक्ला के अनुसार, संभवतः इसी दर्द से राहत पाने के लिए ठेकेदार पिछले दो हफ्ते से अधिक शराब पी रहे थे। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले ही पिता ने उन्हें नई गाड़ी लेकर दी थी। बेटे बुधवार रात को अपनी नई गाड़ी से नागपुर गया था। वहां से लौटते समय उसे मकान मालिक से पिता के निधन की सूचना मिली। सत्येन्द्र शुक्ला पहले बालाघाट के नगरीय क्षेत्र में रहते थे, लेकिन हाल ही में बेटे के साथ गर्रा में निवास कर रहे थे।
पंचायत चुनाव तय समय पर क्यों नहीं, इसे लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर आज यानी शुक्रवार को सुनवाई होगी। इस मामले में 25 मई सुनवाई हुई थी तब यूपी सरकार ने जवाब दाखिल किया था। पंचायत चुनाव को लेकर दाखिल इस याचिका की सुनवाई अब तक 6 बार टल चुकी है। हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट में इस अहम मामले पर सुनवाई लगातार टलती रही लेकिन यूपी राज्य निर्वाचन आयोग की तरफ से जवाब दाखिल किया जा चुका है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट की ओर से इस मामले में कोई निर्देश, आदेश जारी हो सकता है। 17 मार्च को कोर्ट ने मांगा था जवाबयाचिका दाखिल होने के बाद 17 मार्च को हाईकोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। पूछा था कि समयसीमा पर चुनाव क्यों नहीं हो सकते। 17 मार्च के बाद मामले की सुनवाई 25 मार्च को होनी थी, लेकिन किन्हीं कारणों सुनवाई टल गई थी। इसके बाद 8 अप्रैल तय की, लेकिन ये तारीख भी टल गई। कई याचिकाओं पर एक साथ सुनवाईइलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी करने की मांग में दाखिल याचिका को पहले से लंबित इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का आदेश निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति अजित कुमार एवं न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ के समक्ष जब याचिका सुनवाई के लिए पेश हुई तो याची के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इसी मांग में एक अन्य याचिका पर सुनवाई के लिए 30 अप्रैल की तारीख नियत है। इस पर कोर्ट ने इस याचिका को इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया। अब जानिए, पूरा मामला क्या है…गौरतलब है कि इम्तियाज हुसैन की याचिका में मांग की गई है कि राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने का विस्तृत कार्यक्रम जारी रखने का निर्देश दिया जाए। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव 26 मई 2026 या उससे पहले हो जाने चाहिए। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से एक हलफनामा मांगा था। कोर्ट ने पूछा था कि आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 ई के जनादेश के अनुसार चुनाव कराने की स्थिति में है या नहीं। कोर्ट का कहना था कि राज्य निर्वाचन आयोग से यह अपेक्षा की जाती है कि चुनाव कराने का पूरा कार्यक्रम अंतिम रूप देकर अगली सुनवाई की तारीख से पहले रिकॉर्ड पर लाया जाए। हालांकि उसके बाद से इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। 8 अप्रैल को सुनवाई टली थीइलाहाबाद हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव को लेकर एक बार फिर नहीं हो सकी। लंच बाद मामले की सुनवाई होनी थी लेकिन अत्याधिक केसों की वजह से मामला नहीं सुना जा सका। अब सुनवाई की नई तारीख आएगी। हाईकोर्ट के जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच को मामले की सुनवाई करनी है। 17 मार्च को याचिका दाखिल होने के बाद हाईकोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। पूछा था कि समयसीमा पर चुनाव क्यों नहीं हो सकते। 17 मार्च के बाद मामले की सुनवाई 25 मार्च को होनी थी लेकिन किन्हीं कारणों सुनवाई टल गई थी। पहले जानिए 17 मार्च को हाईकोर्ट ने क्या कहा था… ‘पंचायत चुनाव समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं? संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं?’ यह सवाल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था। कोर्ट ने ग्राम पंचायत चुनाव- 2026 को लेकर आयोग से चुनाव की तैयारियों की स्थिति साफ करने को कहा है। दरअसल, यूपी में पंचायत चुनाव टाले जाने का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट में है। 17 मार्च को याचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। इसमें मांग की गई है कि जिला पंचायत का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पंचायत चुनाव की पूरी प्रक्रिया के लिए विस्तृत और समयबद्ध कार्यक्रम कोर्ट के सामने पेश किया जाए। मामले की सुनवाई जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की डिवीजन बेंच ने की। राज्य सरकार की जिम्मेदारी बताईयाचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन ने कोर्ट में दलील दी कि संविधान के अनुच्छेद 243E के अनुसार पंचायत का कार्यकाल उसकी पहली बैठक की तारीख से अधिकतम 5 साल तक ही हो सकता है, इससे ज्यादा नहीं। इसलिए समय पर चुनाव कराना जरूरी है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दलील दी गई कि यूपी पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 12-BB के अनुसार प्रधान के सामान्य चुनाव या उपचुनाव की तिथि तय करने की अधिसूचना जारी करना राज्य सरकार का दायित्व है। यह अधिसूचना राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श से जारी की जाती है। आयोग से मांगी गई सफाईसभी पक्षों को सुनने के बाद हाकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा है कि 19 फरवरी, 2026 की मौजूदा अधिसूचना के हिसाब से क्या वह पंचायत चुनाव कराने की स्थिति में है? कोर्ट ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव 26 मई, 2026 तक या उससे पहले संपन्न हो जाने चाहिए। 2 मई को खत्म हो जाएगा कार्यकाल यूपी में पंचायत चुनाव 2021 में हुए थे। इस आधार पर ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायत सदस्यों, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्यों का कार्यकाल 2 मई को खत्म हो जाएगा। यही वजह है कि पंचायत चुनाव अप्रैल से जून 2026 तक होना प्रस्तावित है। पंचायत चुनाव में देरी की दो वजहें… पंचायत चुनाव के लिए मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) का काम भी 27 मार्च को पूरा होगा। इसी दिन मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा। सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अप्रैल-मई में ही पंचायत चुनाव कराने की तैयारी थी। लेकिन अब प्रदेश का बड़ा प्रशासनिक, शिक्षक और कर्मचारी अमला जनगणना के लिए हाउस लिस्टिंग के कार्य में जुटेगा। भाजपा के सूत्रों के मुताबिक, सितंबर तक हाउस लिस्टिंग का काम चलेगा। उससे पहले पार्टी की ओर से विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में सपा समेत सभी राजनीतिक दल भी सितंबर के बाद पंचायत चुनाव कराने के पक्ष में नहीं हैं। सरकार और संगठन भी नहीं चाहते समय पर चुनाव होंभाजपा के सूत्रों का कहना है कि पार्टी और सरकार भी समय पर चुनाव कराने के पक्ष में नहीं है। विधानसभा चुनाव से पहले पंचायत चुनाव में कई तरह के राजनीतिक जोखिम हैं। पहला तो गांवों में पार्टी के ही कार्यकर्ताओं के बीच राजनीतिक रंजिश बढ़ जाएगी। दूसरा प्रत्याशी चयन नहीं होने से नाराज पार्टी के कार्यकर्ता दूसरे दलों से टिकट लेकर पार्टी को कमजोर कर सकते हैं। जिला पंचायत सदस्य और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव में यदि पार्टी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहता, तो इसका सीधा असर विधानसभा चुनाव पर भी पड़ेगा। 2021 में भी पंचायत चुनाव के पहले चरण का अनुभव योगी सरकार और भाजपा के लिए अच्छा नहीं था। उसका डैमेज कंट्रोल करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी थी। पंचायतराज विभाग की तैयारी नहींराज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायतीराज विभाग को पत्र लिखा था कि पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण निर्धारण कर सूची सौंपी जाए। आरक्षण का निर्धारण करने के लिए पंचायती राज विभाग को एक कमेटी बनानी है। कमेटी ही 2021 और 2015 के पंचायत आरक्षण के आधार पर 2026 के लिए आरक्षण निर्धारित करेगी। आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया में करीब 2 महीने का समय लगता है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कमेटी का गठन करने की कवायद भी शुरू नहीं की गई है। विभाग के उच्च पदस्थ अधिकारी ने भी संकेत दिए हैं कि पंचायत चुनाव की फिलहाल कोई तैयारी नहीं है। सरकार में भी उच्च स्तर से इसके लिए कोई संकेत नहीं मिला है।
वाराणसी के सिगरा थाना क्षेत्र के औरंगाबाद रोड पर तेज रफ्तार थार की लापरवाही से बड़ा हादसा हो गया। अनियंत्रित थार ने पहले एक बाइक को टक्कर मारी, इसके बाद कई राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में चार से पांच लोग घायल हो गए। जबकि सड़क किनारे स्थित एक दुकान को भी भारी नुकसान पहुंचा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थार में 18 से 20 वर्ष आयु के युवक सवार थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि वाहन में मौजूद कुछ युवकों के नाबालिग होने की भी चर्चा है। बताया जा रहा है कि थार तेज गति से औरंगाबाद रोड से गुजर रही थी। इसी दौरान उसने एक बाइक को टक्कर मार दी। लोगों ने रोकने की कोशिश की, चालक ने बढ़ा दी रफ्तार बाइक को टक्कर लगने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने गाड़ी की गति कम करने के बजाय और तेज कर दी। इसके बाद बेकाबू थार ने रास्ते में मौजूद तीन से चार लोगों को टक्कर मार दी। वाहन की रफ्तार इतनी अधिक थी कि एक दुकान के शटर और दरवाजे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। आगे जाकर पलटी थार, चालक समेत साथी हिरासत में प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और थार पलट गई। दुर्घटना के बाद वाहन के शीशे और अन्य हिस्से सड़क पर बिखर गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चालक समेत उसके साथियों को हिरासत में लेकर सिगरा थाने भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। साथ ही वाहन चला रहे युवक की उम्र और हादसे की परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
भारत-पाकिस्तान सीमा के पास बने अवैध कब्जों और निर्माणों की पहचान के लिए जैसलमेर प्रशासन ने सीमा इलाके में खास सर्वे शुरू किया है। जांच पूरी होने के बाद नियमों के खिलाफ बने निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिन निर्माणों में बड़ी रकम लगाई गई है, उनकी फंडिंग और उससे जुड़े लोगों की भी जांच होगी। इसके साथ ही सीमा इलाके में निगरानी और सूचना तंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन, बीएसएफ (BSF), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और अन्य सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम करेंगी। गांवों में पटवारी, पशुपालक, पूर्व सैनिक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मदद से ऐसा नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नए कब्जे की जानकारी तुरंत प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों तक पहुंच सके। यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बीकानेर दौरे के दौरान हुई हाईप्रोफाइल बैठक के बाद शुरू की गई है। इसके तहत भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जिलों में अवैध कब्जों के खिलाफ 'ऑपरेशन क्लीन' चलाया जा रहा है। जैसलमेर जिला कलेक्टर अनुपमा जोरवाल ने बताया कि इसका मकसद अवैध निर्माणों और कब्जों की पहचान करना है। उन्होंने साफ कहा कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राजस्व अधिकारियों की टीमें तैनात, चल रहा है सर्वे प्रशासन के अनुसार कार्रवाई से पहले पूरे क्षेत्र की विस्तार से जांच की जा रही है। इसके लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीमों को जिम्मेदारी दी गई है। टीमें मौके पर पहुंचकर निर्माणों के दस्तावेज और उनकी वैधता की जांच कर रही हैं। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा। फंडिंग और सुरक्षा जांच के दायरे में भारी निवेश वाले निर्माण इस पूरे अभियान में सबसे महत्वपूर्ण पहलू सुरक्षा जांच और फंडिंग का है। प्रशासन यह बारीकी से देख रहा है कि अतिक्रमण किस तरह का है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यदि सीमा क्षेत्र में कोई ऐसा निर्माण पाया जाता है जिसमें भारी निवेश (मोटा पैसा) किया गया है, ऐसे मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जानकारी जुटाई जाएगी। इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और मिलिट्री इंटेलिजेंस के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर इस तरह के संदिग्ध और भारी निर्माणों के पीछे किसका हाथ है और इसकी फंडिंग कहां से हो रही है। देश की आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से इसे बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। गांव-गांव से जुटाई जाएगी जानकारी सीमा क्षेत्र में निगरानी मजबूत करने के लिए प्रशासन स्थानीय स्तर पर सूचना तंत्र भी तैयार कर रहा है। इसके तहत पटवारी, पशुपालक, पूर्व सैनिक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। इनकी मदद से ऐसा नेटवर्क बनाया जाएगा, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या नए अतिक्रमण की जानकारी समय पर प्रशासन तक पहुंच सके। दिवाली से पहले कार्रवाई की तैयारी प्रशासन ने सर्वे और जांच का काम तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन का कहना है कि दिवाली से पहले अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई पूरी करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

