मैनपुरी पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के मादक पदार्थ नष्ट किए हैं। 'ऑपरेशन दहन' के तहत 129 मामलों में जब्त किए गए लगभग 1472 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थों का विनिष्टीकरण किया गया। इनकी अनुमानित कीमत 10 करोड़ 68 लाख रुपए से अधिक बताई गई है। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर नशा मुक्त समाज अभियान के तहत की गई। पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में, गांजा, स्मैक, चरस, डोडा, डायजापाम और हेरोइन जैसे विभिन्न नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। पुलिस के अनुसार, थाना कोतवाली, दन्नाहार और घिरोर के कुल 129 मुकदमों में बरामद ये मादक पदार्थ न्यायालय के आदेश और एनडीपीएस एक्ट की धारा 52A की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नष्ट किए गए। नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 1458.123 किलोग्राम गांजा, 270 ग्राम स्मैक, 1257 ग्राम चरस, 8.575 किलोग्राम डोडा, 3.596 किलोग्राम डायजापाम और 615 ग्राम हेरोइन शामिल थी। वहीं पूरी प्रक्रिया गडेरी स्थित ग्रीन हाउस वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड प्लांट में संपन्न हुई। यहां पर्यावरण सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए हाई कैपेसिटी इंसीनरेटर मशीन का उपयोग कर इन नशीले पदार्थों को भस्म किया गया। विनष्टीकरण की यह कार्रवाई सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह की मौजूदगी और गठित ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। इस दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा गया। सीओ सिटी संतोष कुमार सिंह ने बताया- मैनपुरी पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन दहन' के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि जनपद में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा। अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
सुल्तानपुर में एक प्रोफेसर और उनके पति के संयुक्त बैंक खाते से साइबर ठगों ने लगभग 21 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। यह घटना पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की KNIT शाखा में हुई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली नगर के विनोवापुरी निवासी रत्नाकर सिंह और उनकी पत्नी किरण सिंह, जो KNIPSS में प्रोफेसर हैं, का PNB की KNIT शाखा में एक संयुक्त खाता है। धोखाधड़ी से पहले उनके खाते में कुल 21 लाख रुपये जमा थे। पीड़ितों ने बताया कि 29 अप्रैल 2026 को अज्ञात साइबर ठगों ने उनके खाते से 20,70,000 रुपये निकाल लिए। इतनी बड़ी राशि निकाले जाने के बावजूद उन्हें समय रहते इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। रत्नाकर सिंह को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब वे एटीएम से पैसे निकालने गए और उन्हें 'लो बैलेंस' का संदेश मिला। बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर उन्हें ज्ञात हुआ कि उनकी जीवन भर की जमा पूंजी निकाल ली गई थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने साइबर थाने को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा को इस मामले की जांच सौंपी गई है। पुलिस बैंक लेनदेन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
पलवल जिले में लेनदेन को लेकर हुए विवाद में फायरिंग कर जानलेवा हमला करने के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस घटना में तीन लोग गोली लगने से घायल हुए थे। सीआईए हथीन और बहीन थाना पुलिस फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। सीआईए हथीन प्रभारी पीएसआई दीपक गुलिया ने बताया कि आलीमेव गांव में विवाद की शुरुआत 9 मई की सुबह हुई थी। पीड़ित शाहिद के चाचा अब्दुल सलाम आरोपी मकसूद से अपने पैसे मांगने गए थे। आरोप है कि मकसूद ने पैसे देने से इनकार कर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। घर में घुसकर बरसाई थी गलियां इसी रंजिश के चलते 10 मई की सुबह करीब 6:30 बजे आरोपियों ने हथियारों के साथ पीड़ित के घर पर हमला कर दिया। शिकायतकर्ता शाहिद के मुताबिक, आरोपी इकबाल, मकसूद, वसीम, वकार और अन्य ने घर में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। मुख्य आरोपी मकसूद ने काशिफा पर सीधी गोली चलाई, जो उसके सीने के नीचे लगी। काशिफा के गिरने के बाद अरशद ने उसकी जांघ में दूसरी गोली मारी। वसीम द्वारा चलाई गई गोली अब्दुल सलाम के बाजू में लगी, जबकि वकार ने हामिद के सिर को निशाना बनाकर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 8 लोगों के खिलाफ दी थी शिकायत घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पथराव करते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल से 12 बोर का एक खाली कारतूस बरामद किया है। बहीन थाना पुलिस ने शाहिद की शिकायत पर मकसूद, वसीम, वकार, सोहेल, अरशद, अख्तर, इकबाल और फैसल सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। सीआईए हथीन और बहीन थाना पुलिस ने ज्वाइंट ऑप्रेशन के तहत हमला करने वाले 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों के नाम आलीमेव गांव निवासी वकार और सोहेल है। पुलिस का कहना कि फरार चल रहे आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है, जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बलरामपुर में लगातार आंधी-तूफान और खराब मौसम के कारण विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसे लेकर जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने एक्शन मोड में आते हुए विकास खंड गैसड़ी के ग्राम पुरैना में बिजली व्यवस्था का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनता को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल डीएम ने निर्देश दिए कि आंधी-तूफान और अन्य दैवीय आपदाओं से क्षतिग्रस्त हुए विद्युत पोल तथा अन्य संरचनाओं का तत्काल सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने मरम्मत कार्य को युद्धस्तर पर पूरा कर बिजली आपूर्ति को पूरी तरह सुचारू करने का आदेश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि फॉल्ट सुधार में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक शिकायत का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने नियमित पेट्रोलिंग और फॉल्ट डिटेक्शन सिस्टम को मजबूत करने के भी निर्देश दिए, ताकि तकनीकी खराबियों की पहचान समय पर हो सके और उपभोक्ताओं को लंबी बिजली कटौती का सामना न करना पड़े। क्षेत्र में कम वोल्टेज की समस्या पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल इस समस्या का समाधान करने का निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को केवल बिजली ही नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और पर्याप्त वोल्टेज वाली आपूर्ति मिलनी चाहिए। कर्मचारी सक्रियता से कार्य करें लाइनमैनों और क्षेत्रीय अवर अभियंता (जेई) की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि सभी कर्मचारी सक्रियता से कार्य करें। उन्होंने चेतावनी दी कि जहां भी लापरवाही या उदासीनता पाई जाएगी, संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता विद्युत सहित विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में एक धार्मिक प्रतीक चिन्ह को लेकर विवाद गहरा गया है। शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि 14 मई को सुबह 10 बजे तक जिलाधिकारी आवास के सामने गंदगी के बीच स्थित सनातन धर्म के इस प्रतीक को नहीं हटाया गया, तो उनके कार्यकर्ता स्वयं उसे सम्मानपूर्वक हटाकर किसी पवित्र स्थान पर स्थापित करेंगे। शिवसेना नेता मनोज सैनी ने एक बैठक में बताया कि लगभग पांच दिन पहले शिवसेना की युवा शाखा ने इस मुद्दे पर धरना प्रदर्शन किया था। उस समय प्रशासन ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। जिला अध्यक्ष लोकेश सैनी ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीक के आसपास लगातार कूड़ा डाला जा रहा है और गंदगी फैलाई जा रही है, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने इसे आस्था से जुड़ा विषय बताया, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बैठक में यह भी चेतावनी दी गई कि यदि तय समय तक प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की, तो 14 मई को दोपहर 12 बजे शिवसेना कार्यकर्ता मौके पर पहुंचेंगे। वे प्रतीक चिन्ह को सम्मानपूर्वक हटाएंगे और वहां स्थानीय जनप्रतिनिधियों की तस्वीरें भी लगाएंगे, ताकि जिम्मेदार लोगों को स्थिति का अहसास हो सके।
कानपुर देहात में मंगलवार को जिला सेवायोजन कार्यालय परिसर में एक दिवसीय रोजगार मेला और करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मेले में निजी क्षेत्र की दो कंपनियों ने 85 युवाओं का प्रारंभिक चयन किया। मेले में दि इंडिया थर्मिट कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ग्रोफास्ट फर्टिलाइजर लिमिटेड जैसी कंपनियों ने भाग लिया। लगभग 110 अभ्यर्थियों ने विभिन्न पदों के लिए साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान अभ्यर्थियों को करियर संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। उन्हें रोजगार के विभिन्न अवसरों के बारे में जानकारी दी गई। रोजगार मेले को सफल बनाने में जिला सेवायोजन कार्यालय के अनुज यादव, तेज प्रताप सत्यार्थी, पुनीत और समस्त स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।
जयपुर के जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित ‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ में स्कूली स्टूडेंट्स के आइडिया और इनोवेशन देखने लायक थे। स्कूल स्तर के छात्रों ने ऐसे इनोवेटिव और समाज उपयोगी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए, जिन्हें देखकर विशेषज्ञ भी प्रभावित नजर आए। कई प्रोजेक्ट्स ऐसे रहे, जिन्हें भविष्य में पेटेंट के लिए उपयुक्त माना गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कम उम्र से ही रिसर्च, इनोवेशन और बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) के प्रति जागरूक करना था। खास बात यह रही कि पहली बार किसी यूनिवर्सिटी ने स्कूल स्तर के छात्रों को पेटेंट और इनोवेशन की प्रक्रिया से जोड़ने की पहल की। कार्यक्रम में भारत सरकार के पेटेंट एंड डिजाइन विभाग के असिस्टेंट कंट्रोलर डॉ. जितेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने छात्रों को सरल भाषा में पेटेंट, कॉपीराइट और इनोवेशन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि “नई सोच रखने के लिए उम्र मायने नहीं रखती। अगर किसी समस्या का अनोखा समाधान आपके पास है, तो वह भविष्य का बड़ा इनोवेशन बन सकता है। ज्वेलरी जैसी दिखने वाली सुरक्षा डिवाइस बनी आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा छात्रों की ओर से तैयार किए गए “सेंट्रा प्रोडक्ट इकोसिस्टम” की रही। यह महिलाओं और युवाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया एक स्मार्ट वियरेबल सुरक्षा सिस्टम है। इस प्रोजेक्ट के तहत छात्रों ने ऐसे पेंडेंट और ब्रेसलेट डिजाइन किए, जो देखने में सामान्य ज्वेलरी जैसे लगते हैं, लेकिन आपातकालीन स्थिति में सुरक्षा उपकरण के रूप में काम कर सकते हैं। एनेस्थीसिया बेस्ड पेंडेंट यह स्मार्ट पेंडेंट किसी खतरे की स्थिति में एक्टिव होकर सामने वाले व्यक्ति को अस्थायी रूप से कमजोर या असंतुलित करने में मदद कर सकता है। इसे खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इलेक्ट्रिक पल्स ब्रेसलेट यह डिवाइस हाथ में पहनने वाला स्मार्ट ब्रेसलेट है, जो खतरा महसूस होने पर हल्का इलेक्ट्रिक पल्स जनरेट कर हमलावर को रोकने में मदद कर सकता है। छात्रों ने बताया कि इसका उद्देश्य आत्मरक्षा को आसान और तुरंत प्रभावी बनाना है। इन प्रोजेक्ट्स की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि इन्हें आधुनिक तकनीक और फैशन दोनों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया, ताकि लोग इन्हें आसानी से इस्तेमाल कर सकें। सुनामी आने से पहले अलर्ट देगा स्मार्ट सिस्टम कार्यक्रम में शाश्वत, अन्वय और सौम्या की टीम द्वारा तैयार किया गया “स्मार्ट सुनामी डिटेक्शन सिस्टम” भी आकर्षण का केंद्र बना। यह सिस्टम सेंसर आधारित तकनीक पर काम करता है। समुद्र में होने वाली असामान्य गतिविधियों और पानी के दबाव में बदलाव को पहचानकर यह संभावित सुनामी का पहले से अलर्ट दे सकता है। इतना ही नहीं, यह सिस्टम लोगों को सुरक्षित रास्तों और रेस्क्यू पॉइंट्स की जानकारी भी देने में सक्षम होगा। छात्रों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही समय पर सूचना मिलना हजारों लोगों की जान बचा सकता है। इसी सोच के साथ यह प्रोजेक्ट तैयार किया गया।्र डायलिसिस प्रक्रिया को आसान बनाने की कोशिश छात्रों की ओर से प्रस्तुत “मिनीलिसिस” प्रोजेक्ट ने भी विशेषज्ञों का ध्यान खींचा। यह एक ऐसा कॉन्सेप्ट मॉडल है, जिसका उद्देश्य डायलिसिस प्रक्रिया को छोटा, सस्ता और अधिक सुविधाजनक बनाना है। छात्रों ने बताया कि वर्तमान समय में डायलिसिस उपचार काफी महंगा और समय लेने वाला होता है। ऐसे में उनका प्रयास है कि भविष्य में मरीजों को पोर्टेबल और कम लागत वाली सुविधा मिल सके। इस प्रोटोटाइप को स्वास्थ्य क्षेत्र में संभावित उपयोग के लिहाज से काफी सराहा गया। 80 में से 60 आइडियाज पेटेंट योग्य जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने कहा कि आज केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं का समाधान देने वाली सोच विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर बड़ा इनोवेशन एक छोटे आइडिया से शुरू होता है। अगर छात्र कम उम्र से रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ेंगे, तो भारत वैश्विक स्तर पर इनोवेशन हब बन सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में छात्रों द्वारा प्रस्तुत करीब 80 आइडियाज में से 60 को पेटेंट के लिए उपयुक्त पाया गया है। यूनिवर्सिटी इन छात्रों की पेटेंट फाइलिंग प्रक्रिया में भी मदद करेगी। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने इस पहल के तहत स्कूल स्तर पर भी आईपीआर (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स) सेल विकसित करने की योजना बनाई है। इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआत से ही क्रिएटिव सोच, रिसर्च और बौद्धिक संपदा अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें समाज की समस्याओं को समझकर समाधान खोजने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 3 मई को हुई NEET परीक्षा रद्द कर दी है। जांच में सामने आया है कि पेपर नासिक से लीक हुआ था। राजस्थान एसओजी ने नासिक में एक पेपर सप्लायर को डिटेन कर लोकल पुलिस को सौंप दिया। 4 दिन से एसओजी के 150 पुलिसकर्मी व अधिकारी ट्रैक करने में जुटे थे कि पेपर कहां से लीक हुआ। सबसे पहले एसओजी ने सीकर से कुछ बड़े सेंटर मालिकों से पूछताछ की। पूछताछ में पेपर की जानकारी मिली। इसके बाद पेपर का लिंक तलाशना शुरू किया गया। सीकर और जयपुर में कई नामी कोचिंग में सर्च के बाद एसओजी की टीम गुरुग्राम पहुंची। वहां से नासिक का लिंक मिला। नासिक में एसओजी ने नीट पेपर के सप्लायर को डिटेन कर लोकल पुलिस के सुपुर्द किया। एसओजी को ये भी पता चला कि उस व्यक्ति को भी किसी और ने पेपर दिया था। हालांकि नासिक पुलिस ने अभी तक मामले में कोई डिटेल शेयर नहीं की है। बड़े स्तर पर होगी गिरफ्तारियां एसओजी की जांच में सामने आया है कि पेपर मनचाहे रेट पर बांटा गया था। नासिक के बाद यह पेपर केरल, देहरादून, गुरुग्राम, जम्मू-कश्मीर, बिहार, हरियाणा और राजस्थान के कई जिलों में अलग-अलग माध्यम से पहुंचाया गया। एसओजी के पास कई नामजद लोगों के खिलाफ सबूत है कि उन्होंने पेपर खरीदा और मनचाही रेट पर आगे बेचा। किसने किस रेट पर पेपर खरीदकर बेचा, इसकी जांच अब सीबीआई करेगी। मामले में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां होंगी। डिटेन लोगों को सीबीआई को देगी एसओजी एसओजी ने चार दिन के ऑपरेशन में करीब 100 से अधिक लोगों से पूछताछ की,जिस के बाद कुछ लोगों को रिलीज कर दिया। अभी भी एसओजी के पास 15 से 18 लोग हैं, जो पेपर लीक में शामिल थे। आज सीबीआई की टीम इन आरोपियों को लेकर सीबीआई मुख्यालय जाएगी। आगे की जांच सीबीआई द्वारा की जाएगी। ये खबर भी पढ़ें… NEET रद्द, स्टूडेंट्स बोले-जेईई की तरह हो:BJP प्रदेश अध्यक्ष ने कहा-हमारे यहां पेपर लीक नहीं हुआ; राजस्थान में करीब 2 लाख ने दिया था एग्जाम 3 मई को हुई NEET 2026 परीक्षा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने रद्द कर दी। राजस्थान के 27 जिलों के 611 केंद्रों पर परीक्षा हुई थी। इन केंद्रों के लिए 2.09 लाख अभ्यर्थी रजिस्टर्ड थे। करीब 2 लाख स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) NEET रद्द-एग्जाम से 2 दिन पहले मिले 120 हूबहू सवाल:राजस्थान में कोचिंग स्टूडेंट्स को मिला था गेस पेपर, महाराष्ट्र से हुआ था लीक नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 3 मई को हुई NEET 2026 रद्द कर दी है। पेपरलीक की आशंका के कारण परीक्षा कैंसिल हुई है। दरअसल, राजस्थान के सीकर और झुंझुनूं के कई स्टूडेंट्स को एग्जाम से 2 दिन पहले गेस पेपर मिला था। दावा किया जा रहा है कि इस पेपर के 120 से ज्यादा सवाल ओरिजनल पेपर में भी आए थे। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
मैनपुरी के शहर कोतवाली क्षेत्र में जमीन और रास्ते के विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। नगला रते मोहल्ले के निवासी राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष उनके निजी रास्ते पर जबरन जल निकासी पाइप डालकर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। राजेंद्र सिंह के अनुसार, उनके परिवार में करीब 50 वर्ष पहले जमीन और मकान का बंटवारा हो चुका था और विवादित रास्ता उनके हिस्से में आता है। उन्होंने दावा किया कि इस संबंध में पहले न्यायालय में मामला भी चल चुका है, जिसका फैसला उनके पक्ष में आया था। पीड़ित का आरोप है कि 4 मई 2026 की शाम विपक्षी पक्ष के कई लोग उनके रास्ते पर पहुंचे और पानी निकालने के लिए पाइप डालने की नीयत से खुदाई शुरू कर दी। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद मामला शांत हुआ। राजेंद्र सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि घटना की सूचना डायल 112 पर देने के बावजूद मौके पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि विपक्षी पक्ष पहले भी कई बार जमीन पर कब्जे का प्रयास कर चुका है। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे मारपीट के वीडियो को लेकर पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि वह वीडियो वर्तमान घटना का नहीं, बल्कि करीब चार साल पुराना है। उनका आरोप है कि पुराने वीडियो को दोबारा वायरल कर दबाव बनाने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की मांग की गई है।
गुन्नौर-पवई मार्ग पर भीषण सड़क हादसा:शॉपिंग से लौट रहे तीन दोस्तों में एक की मौत, दूसरा गंभीर
पन्ना जिले के गुन्नौर थाना क्षेत्र में गुन्नौर-पवई मार्ग पर मंगलवार, 12 अप्रैल को एक सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर गिरने से तीन दोस्त घायल हो गए। इस दुर्घटना में 36 वर्षीय एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है। बाइक चालक को कोई चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, ग्राम मड़ैयन निवासी हरिचरण लुनिया (36), आशाराम लुनिया (40) और हक्के लुनिया (38) गांव में होने वाली एक शादी के लिए खरीदारी करने गुन्नौर गए थे। खरीदारी के बाद वापस लौटते समय पवई-गुन्नौर मार्ग पर उनकी बाइक की रफ्तार तेज हो गई, जिससे संतुलन बिगड़ गया और वे हादसे का शिकार हो गए। मृतक हरिचरण के पिता राम गुलाम ने बताया कि बाइक अनियंत्रित होते ही चालक हक्के लुनिया कूद गया, जिससे वह सुरक्षित बच गया। हालांकि, पीछे बैठे हरिचरण और आशाराम बाइक समेत सड़क पर गिर गए। उन्हें सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गुन्नौर पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल पन्ना रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने हरिचरण लुनिया को मृत घोषित कर दिया, जबकि आशाराम लुनिया का उपचार जारी है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मामला दर्ज कर लिया है। शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
पेटलावद मंडी में लहसुन-प्याज की आवक बढ़ी:व्यापारी गोदाम, हम्माल और महंगे बारदान से परेशान
पेटलावद कृषि उपज मंडी में लहसुन और प्याज की आवक में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मंडी संचालन शुरू होने के बाद पेटलावद और आसपास के कई गांवों जैसे भामल, रायपुरिया, रामगढ़, सागड़िया, रामनगर, बामनिया, रूपगढ़, झकनावदा, मेलपाडा, अनंतखेड़ी, बावड़ी, चारनपुरा, झवालिया और बनी से किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को मंडी में 20 अनुबंध हुए, जिसके तहत 298 क्विंटल प्याज की बिक्री हुई। प्याज का भाव 105 रुपये से 1075 रुपये प्रति क्विंटल तक रहा। सोमवार को लहसुन और प्याज के कुल 37 अनुबंध हुए, जिसमें लगभग 443 क्विंटल उपज की आवक दर्ज की गई। बाजार भाव की बात करें तो प्याज 101 रुपये से 1051 रुपये प्रति क्विंटल तक बिका, जिसका मॉडल भाव 450 रुपये प्रति क्विंटल रहा। वहीं, लहसुन के बाजार में तेजी देखी गई। इसका न्यूनतम भाव 2000 रुपये और अधिकतम 8500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचा, जबकि औसत मॉडल भाव 3250 रुपये दर्ज किया गया। हालांकि, आवक बढ़ने के साथ ही मंडी में कई व्यवहारिक समस्याएं भी सामने आ रही हैं, जो व्यापार को प्रभावित कर रही हैं। व्यापारियों के अनुसार, पर्याप्त गोदामों का अभाव सबसे बड़ी चुनौती है। इससे उपज को सुरक्षित रखने में कठिनाई हो रही है। इसके अतिरिक्त, मंडी में हम्मालों की भारी कमी है, जिससे लोडिंग और अनलोडिंग के काम में देरी हो रही है। आर्थिक मोर्चे पर, व्यापारी प्लास्टिक के दामों में बढ़ोतरी से परेशान हैं। बारदान महंगा होने के कारण पैकेजिंग की लागत बढ़ गई है। इन चुनौतियों के बावजूद, मंडी में किसानों की गहमागहमी बनी हुई है और नीलामी की प्रक्रिया सुचारु रूप से जारी है।
जौनपुर के मां शीतला चौकियां धाम में बढ़ती भीड़ के मद्देनजर जिला प्रशासन ने चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक दिया है। मंगलवार को वाहनों को मुख्य मेला मार्ग से डायवर्ट किया गया, जिसके विरोध में दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि इस नई व्यवस्था से उनकी आजीविका पर संकट आ गया है। यातायात पुलिस ने बड़ागर स्कूल तिराहे के पास बैरियर लगाकर शीतला चौकियां धाम जाने वाले पुराने मुख्य मार्ग से चार पहिया वाहनों को सोनकर बस्ती चौकीपुर होते हुए मंदिर के पीछे के रास्ते भेजा। इस बदलाव के कारण मुख्य मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही घट गई, जिससे महंगूपुर क्षेत्र में सन्नाटा छा गया। दुकानदारों ने श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आने पर गहरा रोष व्यक्त किया। नानक यादव, देवानन्द, अनुराग श्रीवास्तव, रवि शास्त्री, देवानन्द मौर्य, विशाल, आशीष, जवाहर, सौरभ, सुनील मौर्य सहित कई दुकानदारों ने बताया कि उनके पास यात्रियों के लिए पर्याप्त पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, फिर भी प्रशासन वाहनों को मुख्य मार्ग पर आने की अनुमति नहीं दे रहा है। उन्होंने इस कदम को अपनी जीविका के लिए बड़ा खतरा बताया। मंगलवार सुबह से ही बैरियर लगाकर वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। इसके बाद श्रद्धालु बैरियर से आगे पैदल ही चौकियां धाम मंदिर तक दर्शन के लिए पहुंचे। इस संबंध में थानाध्यक्ष केके सिंह ने बताया कि यह नई व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है।
ग्वालियर थाटीपुर थाना क्षेत्र के विवेक नगर (मेला ग्राउंड) में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए करीब 11 लाख रुपए के माल पर हाथ साफ कर दिया। मकान मालिक अपने बीमार पिता और दादा को देखने मुरैना गए थे। इसी दौरान बदमाशों ने ताला तोड़कर नकदी और जेवर समेट लिए। मकान मालिक के रिश्ते में दादा मुरैना के जौरा से विधायक रह चुके हैं, जबकि मां भी सरपंच रह चुकी हैं। घटना बीते तीन दिन में हुई है। घटना का पता सोमवार रात को लौटने पर लगा है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। शहर के थाटीपुर थाना स्थित विवेक नगर निवासी 20 वर्षीय चंद्रप्रताप सिंह सिकरवार के दादा उम्मेद सिंह जौरा मुरैना से पूर्व विधायक हैं। चंद्रप्रताप ने पुलिस को बताया कि उनके पिता और दादा की तबीयत खराब थी, जिन्हें देखने के लिए वह 7 मई को मुरैना गए थे। जब वह 11 मई की रात वापस लौटे, तो घर के मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए; अलमारियां खुली पड़ी थीं और सामान बिखरा हुआ था। उन्हें समझते देर नहीं लगी कि चोरों ने घर में वारदात की है। चोरों ने हर रूम व किचन तक में छानबीन की है। अलमारी के लॉक टूटे मिले हैं। तत्काल चोरी की सूचना थाटीपुर थाना पुलिस को दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल के बाद चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। क्या-क्या ले गए चोर? पूर्व विधायक का परिवार है पीड़ित चोरी का शिकार हुआ यह परिवार रसूखदार पृष्ठभूमि से है। चंद्रप्रताप के दादा उम्मेद सिंह बना जौरा क्षेत्र के पूर्व विधायक हैं, जबकि उनकी मां पहाड़गढ़ की पूर्व सरपंच रह चुकी हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में भी हलचल तेज हो गई। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने की जांच घटना स्थल पर पुलिस की एफएसएल (FSL) टीम, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, डॉग स्क्वॉड ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस विवेक नगर और मेला ग्राउंड रोड पर आसपास लगे CCTV कैमरे भी खंगाल रही है ताकि चोरों के आने-जाने के रास्ते का पता चल सके। टीआई थाटीपुर विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया पीड़ित चंद्रप्रताप सिंह की शिकायत पर चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। कुछ संदिग्धों के बारे में जानकारी मिली है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
झालावाड़ जिले के असनावर में बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता को ध्यान में रखते हुए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल और राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल में 'गुड टच एवं बैड टच' विषय पर यह जागरूकता कार्यक्रम अक्षय पात्र फाउंडेशन की टीम ने चलाया। कार्यक्रम में छात्रों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में जानकारी देकर सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें समझाया गया कि वे किसी भी गलत व्यवहार की पहचान कैसे करें और स्वयं को सुरक्षित कैसे रखें। टीम के प्रबंधक अहलकर सिंह पवार, प्रोडक्शन इंचार्ज ज्ञान सिंह गुर्जर और डिस्ट्रीब्यूशन इंचार्ज राकेश पाटीदार ने बच्चों को सरल एवं प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने छात्रों को ऐसी स्थिति में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी विश्वसनीय व्यक्ति को जानकारी देने की सलाह दी।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नीट परीक्षा रद्द होने के बाद राज्य सरकार और एसओजी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा कि नीट पेपरलीक मामले में सरकार ने बदनामी के डर से कार्रवाई नहीं होने दी। एनटीए ने छात्रों की शिकायतों के बाद बिना एफआईआर दर्ज हुए पेपर रद्द कर दिया। एसओजी ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की, एसओजी की यह निगेटिव अप्रोच है। पूरे देश में राजस्थान एसओजी की बदनामी हो रही है कि मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया,क्यों नहीं रिपोर्ट भेजी। गहलोत ने कहा- यह मैं दावे से कह सकता हूं एसओजी ने यह फैसला कर लिया था कि मामले को आउट नहीं करना है, जहां तक मुझे सूचना मिल रही है उसमें यही फैसला था। एसओजी ने जानबूझकर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की? आप बिना मुकदमा दर्ज किया इंवेस्टिगेशन कैसे कर सकते हो। उनकी नियत में खराबी है इसलिए जानबूझकर एफआईआर नहीं की। इतने दिन हो गए, अब एनटीए ने पेपर रद्द कर दिया, अब तो इनकी आंखें खुलनी चाहिए। पूरे प्रदेश की बदनामी हुई है। जहां-जगह कोचिंग इंस्टिट्यूट खड़े होते हैं वहां के नाम तो हमेशा आते हैं। बाकी तो सच्चाई सामने आएगी तब बता सकते हैं कौन दोषी है। एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो गहलोत ने कहा- राज्य सरकार को तो पहले ही सूचना मिल गई थी एसओजी ने अरेस्ट करना शुरू कर दिया था। कहते हैं पेपर यहीं छपा है। राजस्थान सरकार को तो आगे बढ़कर कार्रवाई कनी थी, यह उनकी ड्यूटी थी, वो पहल करते, भारत सरकार को सूचित करते और उसके बाद में कोई फैसला होता तो ज्यादा ग्रेसफुल होता। इन्होंने छुपाया क्यों ? एसओजी को किसने आदेश दिए कि एफआईआर दर्ज मत करो। यह मालूम पड़ना चाहिए कि क्यों सरेंडर किया गया। परीक्षा के अगले ही दिन शिकायत कर दी थी लेकिन परवाह नहीं की गहलोत ने कहा- नीट परीक्षा 3 मई को हुई थी, छात्रों ने अगले ही दिन पेपरलीक की शिकायतें कर दीं लेकिन पुलिस ने परवाह नहीं की। छात्रों ने एनटीए को लिखा और एनटीए ने डीजीपी को सूचना दी कि उनके पास शिकायतें आई हैं, तब एसओजी को मामला दिया, 20-30 लोगों को अरेस्ट कर लिया लेकिन क्या कारण था कि एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। सरकार ने बदनामी के डर से आगे कार्रवाई नहीं करने दी गहलोत ने कहा- राजस्थान सरकार ने शायद बदनामी के डर से मामले में आगे कार्रवाई नहीं करने दी। एसओजी जैसी संस्था में असमंजस पैदा हो गया कि कार्रवाई आगे बढ़ानी है या नहीं। 2024 से नीट पेपरलीक हो रहा है। पेपर लीक के राज्यों में जो गैंग बन गए हैं इससे हमारे युवा पीढ़ी बहुत दुखी है। राजस्थान में पेपर आउट हो गया। यह बहुत बड़ी चुनौती के रूप में हमारे सामने है। राष्ट्रीय स्तर पर संगठित गैंग बन गई हैं इन्हें खत्म करने के लिए कदम उठाने चाहिए। चुनाव जीतने के अलावा पपेरलीक पर भी ध्यान लगाए मोदी सरकार गहलोत ने कहा- मोदी सरकार का केवल चुनाव जीतने पर ही ध्यान है, पेपरलीक की घटनाओं को रोकने के लिए भी उन्हें ध्यान देना चाहिए, केंद्रीय एचआरडी मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को चाहिए कि वह इस पर ध्यान दें कि पेपर आउट क्यों हो रहे हैं? ---------- ये खबर भी पढ़िए… जूली बोले- कोर्ट की निगरानी में हो नीट पेपरलीक जांच:नेता प्रतिपक्ष ने कहा- सीबीआई पर अब देश की जनता को भरोसा नहीं रहा नीट परीक्षा का पेपर रद्द होने के बाद पेपरलीक की जांच सीबीआई को सौंपने के मामले में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा कि नीट पेपरलीक की शिकायतों के बावजूद राजस्थान पुलिस, एसओजी ने अब तक केस दर्ज क्यों नहीं किया, इसे पेपरलीक क्यों नहीं माना ? (पूरी खबर पढ़ें…)
सहारनपुर के जनकपुरी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन से डिलीवरी के बाद एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया। सूचना पर जनकपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी ली। मृतका की पहचान पंत विहार निवासी रश्मि पत्नी परवीन कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सोमवार शाम ऑपरेशन से उसकी डिलीवरी हुई थी, जिसमें उसने एक बच्ची को जन्म दिया। यह उसका पहला बच्चा था। परिवार में बच्ची के जन्म की खुशी कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई। परिजनों के मुताबिक डिलीवरी के बाद रात में महिला को नारियल पानी पिलाया गया। इसके कुछ देर बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। आरोप है कि रात करीब 11 बजे से उसकी हालत लगातार खराब होती रही, लेकिन अस्पताल स्टाफ ने गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। तड़के करीब 2 बजे महिला की मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते सही उपचार दिया जाता तो रश्मि की जान बच सकती थी। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में हंगामा किया। परिजनों का कहना था कि ऑपरेशन के बाद महिला की हालत पर सही तरीके से निगरानी नहीं रखी गई। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही के आरोपों से इनकार किया है। अस्पताल पक्ष का कहना है कि महिला की मौत हार्ट अटैक आने से हुई है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत बिगड़ने पर उसे बचाने का पूरा प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। जानकारी के मुताबिक रश्मि को पहले दिन जांच के बाद घर भेज दिया गया था। बाद में शाम को दोबारा अस्पताल लाया गया, जहां ऑपरेशन के जरिए डिलीवरी कराई गई। सुबह अचानक उसे घबराहट की शिकायत हुई और देखते ही देखते उसकी हालत गंभीर हो गई। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराने की बात कही, लेकिन परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद बिना किसी कानूनी कार्रवाई के परिजन शव को अपने साथ घर ले गए। नवजात बच्ची पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है। जनकपुरी थाना पुलिस का कहना है कि मामले में अभी कोई तहरीर नहीं मिली है। यदि परिजनों की ओर से शिकायत दी जाती है तो जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
देश में बढ़ती आर्थिक चुनौतियों और निवेश के तौर पर सोने की खरीद पर लगाम लगाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील को लेकर आगरा के सराफा कारोबारियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। शहर के बड़े ज्वैलर्स जहां इसे देशहित में लिया गया फैसला मानते हुए पीएम के समर्थन में खड़े दिखाई दिए। वहीं सराफा व्यापार से जुड़े कुछ लोगों ने आशंका जताई कि इसका सबसे ज्यादा असर छोटे कारीगरों और लघु व्यापारियों पर पड़ सकता है। कारोबारियों का कहना है कि शादी-विवाह और पारंपरिक जरूरतों के लिए सोने की खरीदारी जारी रहेगी, लेकिन निवेश के उद्देश्य से होने वाली खरीद पर असर पड़ेगा। बाजार पहले से मंदी में, छोटे कारीगरों पर संकट: नितेश अग्रवाल सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने कहा कि सराफा बाजार पहले से ही मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री की इस अपील से बाजार पर और असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि आगरा में करीब 15 हजार छोटे कारीगर और लघु स्तर पर काम करने वाले लोग सराफा कारोबार से जुड़े हैं। यदि बाजार में गिरावट बढ़ी तो सबसे ज्यादा परेशानी इन्हीं लोगों को होगी और उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है। नितेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था कि निवेश के लिए सोना खरीदने से बचें, लेकिन पूरी तरह सोना न खरीदने की अपील से व्यापारियों में चिंता बढ़ी है। निवेश के लिए सोना खरीदने से मना किया गया: तनिष्क ज्वेलर्स एमजी रोड स्थित तनिष्क ज्वेलर्स के मालिक अनुराग बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ज्वेलरी खरीदने के लिए नहीं, बल्कि निवेश के तौर पर सोना खरीदने से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग जो गोल्ड बार और बिस्किट निवेश के लिए खरीदते हैं, उनके लिए यह संदेश दिया गया है। अनुराग बंसल ने कहा कि इसका ज्वेलरी कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। जिन परिवारों में शादी है, वहां सोने की खरीदारी होती रहेगी। उन्होंने कहा कि सोना भारतीय संस्कृति में महिलाओं के श्रृंगार का अहम हिस्सा है और इसकी मांग हमेशा बनी रहेगी। देशहित में सरकार के साथ खड़े हैं व्यापारी: दीन दयाल ज्वेलर्स दीन दयाल ज्वेलर्स के मालिक दीन दयाल अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का उनके कारोबार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर कुछ असर पड़ता भी है तो व्यापारी देशहित में उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सराफा व्यापारी हमेशा सरकार और देश के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे। उनके मुताबिक आर्थिक मजबूती के लिए यदि सरकार कोई कदम उठाती है तो व्यापारी उसका समर्थन करेंगे।
राजधानी जयपुर के आमेर क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। एक निजी बस हॉस्पिटल का स्टाफ लेकर जा रही तेज रफ्तार बस ने आरजे 60 एस के 4932 हीरो डीलक्स मोटरसाइकिल को ऐसी भीषण टक्कर मारी कि एक वर्ष की मासूम बच्ची की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई,जबकि उसके माता-पिता समेत परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई दुर्घटना का भयावह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिवार मजदूरी करने मोटरसाइकिल से कूकस जा रहे थाअचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि चंदवाजी निवासी शेर सिंह अपने परिवार के साथ मजदूरी करने के लिए मोटरसाइकिल से कूकस जा रहे था। परिवार रोजाना की तरह काम की तलाश में निकला था। लेकिन रास्ते में काल बनकर आई तेज रफ्तार बस ने उनकी जिंदगी बदल दी। निजी बस हॉस्पिटल का स्टाफ लेकर जा रही बस तेज गति में थी। इसी दौरान गलत दिशा में कट से बस ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। वही टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल बस के नीचे जा घुसी और परिवार सड़क पर दूर जा गिरा। हादसे में 10 महीने की मासूम सकीना पुत्री शेर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार हादसा इतना दर्दनाक था कि मासूम बच्ची का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की रूह कांप उठी हादसे के बाद कुछ देर के लिए पूरा क्षेत्र स्तब्ध रह गया। घटना की सूचना मिलते ही अचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। वही पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मजदूरी पर निकला था परिवार मातम में बदला सफरबताया जा रहा है कि परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है और रोजाना मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता है सुबह काम की उम्मीद लेकर निकला परिवार कुछ ही पलों में हादसे का शिकार हो गया मासूम बेटी की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। गांव में भी शोक की लहर दौड़ गई है। दुर्घटना के बाद सड़क पर लोगों की भारी भीड़हादसे के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा स्थानीय लोगों ने बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार को हादसे का मुख्य कारण बताया। अचरोल पुलिस चौकी सहायक उप निरीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं बस को जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये लोग हुए घायलसड़क हादसे में घायल संतरा देवी पत्नी शेर सिंह जाति बंजारा उम्र 30 साल निवासी चीताणु चंदवाजी,शकीना पुत्री शेर सिंह उम्र 1 वर्ष, सपना पुत्री शेर सिंह उम्र 8 साल, शेर सिंह पुत्र मांगीलाल जाति बंजारा निवासी चीताणु चंदवाजी और इंदिरा देवी पत्नी कैलाश चंद जाती बंजारा उम्र 50 वर्ष निवासी आंधी पुलिस थाना आंधी जिला जयपुर ग्रामीण को बिएसटी होस्पीटल अचरोल भेजा गया।
मेरठ: हीटवेव से बचाव के उपाय जारी:जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जनहित में जारी किए निर्देश
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सूर्य कान्त त्रिपाठी ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मेरठ ने वर्तमान वर्ष 2026 में हीटवेव (लू) की आपदा से निपटने के लिए जनहित में कई उपाय जारी किए हैं। प्राधिकरण ने सलाह दी है कि घर से बाहर निकलते समय गमछा, टोपी, चश्मा और छाते का प्रयोग करें। हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें और कड़ी धूप से बचें। पर्याप्त मात्रा में तरल पेय पदार्थ जैसे छाछ, लस्सी, नमक-चीनी का घोल, नींबू पानी और आम के पने का सेवन करें। प्यास न लगने पर भी बार-बार पानी पिएं। निर्जलीकरण से बचने के लिए ओआरएस घोल का उपयोग करें और यात्रा करते समय पानी हमेशा साथ रखें। संतुलित, हल्का और नियमित भोजन करें। घर की छत पर चूने या सफेद रंग का पेंट करें। जहां तक संभव हो, घर में ही रहें और सूर्य के सीधे संपर्क से बचें। खाना बनाते समय खिड़कियां और दरवाजे खुले रखें, तथा रात को भी खिड़कियां खुली छोड़ें। जिन खिड़कियों और दरवाजों से गर्म हवा आती है, उन पर एल्युमिनियम पन्नी, गत्ते या काले पर्दे जैसे रिफ्लेक्टर लगाएं। वृद्धों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें। अधिक परिश्रम के बीच में आराम भी करें। जानवरों को छाया में बांधें और उन्हें पर्याप्त पानी पिलाएं। स्थानीय मौसम के पूर्वानुमान को सुनें और तापमान में होने वाले परिवर्तनों के प्रति सतर्क रहें। लू लगने के लक्षणों को पहचानें: यदि कमजोरी, सिरदर्द, उल्टी महसूस हो, मांसपेशियों में ऐंठन हो या चक्कर आएं, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़ों से पोंछें या शरीर पर पानी का स्प्रे करें। आराम न मिलने पर तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाएं। आपात स्थिति से निपटने के लिए प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण लें। प्राधिकरण ने कुछ बातों से बचने की भी सलाह दी है। अधिक गर्म चाय, कॉफी और शराब जैसे पेय पदार्थों का सेवन न करें। अधिक तेज धूप में बाहर न निकलें और अधिक गर्मी या धूप में व्यायाम न करें। धूप में खड़े वाहनों में बच्चों और पालतू जानवरों को न छोड़ें।अधिक प्रोटीन वाले और बासी खाद्य पदार्थों से बचा जाए।
शहडोल जिले में अवैध पेड़ कटाई के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। यह घटना मंगलवार को गोहपारू थाना क्षेत्र के चोरमरा गांव में हुई, जहां 60 वर्षीय हीरा लाल साहू की मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, चोरमरा गांव में कुछ लोग पेड़ काट रहे थे। इसी दौरान एक विशालकाय पेड़ हीरा लाल साहू पर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके साथियों के बचाने के प्रयास विफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से जंगलों में अवैध कटाई जारी है। उनका आरोप है कि संबंधित वन विभाग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं हो रही हैं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले जैतपुर थाना क्षेत्र में भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें अवैध कटाई के दौरान एक व्यक्ति की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई थी। इन लगातार हो रहे हादसों के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
डीग जिले की कामां विधायक नौक्षम चौधरी ने ग्राम पंचायत लाडलाका में 'ग्राम रथ अभियान' के तहत जनसंपर्क किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। अभियान में बड़ी संख्या में ग्रामीण और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। 'ग्राम रथ यात्रा' के माध्यम से ग्रामीणों को बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान सम्मान निधि और महिला कल्याण सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया। यह अभियान राज्य सरकार के 'सुशासन की ओर बढ़ते कदम' पहल का हिस्सा है। 'हर पात्र व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है प्राथमिकता'विधायक नौक्षम चौधरी ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब और किसानों के विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अभियान के दौरान विधायक ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली और अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित अपनी परेशानियां विधायक के सामने रखीं।विधायक ने संबंधित अधिकारियों को इन समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
झज्जर में केमिस्ट शॉप फायरिंग केस:नाबालिग समेत 2 आरोपी गिरफ्तार, मुख्य आरोपी अब भी फरार
झज्जर शहर के पुराने बस स्टैंड के सामने स्थित लालचंद कॉलोनी में केमिस्ट शॉप के बाहर हुई फायरिंग मामले में पुलिस ने नाबालिग सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। हालांकि वारदात का मुख्य आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। मामले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में झज्जर के डीसीपी क्राइम शुभम ने गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि घटना में शामिल एक नाबालिग और उसके सहयोगी को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया। डीसीपी क्राइम ने बताया कि पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान कर ली है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि एक-दो दिनों के भीतर मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले का खुलासा मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही संभव हो पाएगा। गौरतलब है कि 5 मई को एक केमिस्ट शॉप के बाहर बाइक सवार नकाबपोश युवकों ने फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में पुलिस इस मामले को लेनदेन विवाद से जोड़कर देख रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात के दौरान बाइक गिरफ्तार किए गए नाबालिग द्वारा चलाई जा रही थी, जबकि दूसरे आरोपी ने घटना को अंजाम देने में सहयोग किया। फिलहाल पुलिस मुख्य आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में किन्नरों के दो गुटों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। करीब छह महीने से जारी इस विवाद के बीच मंगलवार को महक किन्नर ने अपने समर्थकों के साथ पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने अपने खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को बेबुनियाद बताया। महक किन्नर ने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ गलत बातें फैलाकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और वह हर आरोप का जवाब सबूतों के साथ देने को तैयार हैं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर मेडिकल जांच करवाने की भी बात कही। वसूली का कोई आरोप नहीं महेंद्रगढ़ में मंगल मुखी अखाड़ा नारनौल, महेंद्रगढ़ से जुड़ी महक किन्नर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि वह पिछले 15 से 20 वर्षों से महेंद्रगढ़ शहर और आसपास के इलाकों में शांतिपूर्ण और ईमानदारी से काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि आज तक उन पर जबरन वसूली या किसी अन्य तरह का कोई आरोप नहीं लगा है। 2007 में हुआ था समझौता महक किन्नर के अनुसार, 25 अगस्त 2007 को एक लिखित समझौता (एग्रीमेंट) हुआ था। यह समझौता बुलबुल किन्नर और रानी बामणी किन्नर के बीच हुआ था, जिसमें बुलबुल किन्नर ने महेंद्रगढ़ जिले के इलाके का पूरा अधिकार रानी बामणी किन्नर को सौंपा था। इस एग्रीमेंट पर दोनों पक्षों की तस्वीरें, हस्ताक्षर और फरीदकोट, बठिंडा, कोलकाता, करनाल, नारनौल और फतेहाबाद के किन्नर समाज के वरिष्ठ सदस्यों सहित कई गवाहों के हस्ताक्षर भी हैं। उन्होंने इसे अपना कानूनी हक बताया। रचना का असली नाम रोहतास पत्रकारों से बातचीत में महक किन्नर ने दावा किया कि जिस व्यक्ति को “रचना” के नाम से महेंद्रगढ़ का जिम्मा दिया गया है, उसका असली नाम रोहतास है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह गोहाना के पास का रहने वाला एक शादीशुदा व्यक्ति है, जिसके बच्चे भी हैं। महक ने कहा कि वह मीडिया, प्रशासन और जनता के सामने इस संबंध में सबूत पेश कर सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह गलत के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी, भले ही इसके लिए उन्हें किसी भी परेशानी का सामना क्यों न करना पड़े।
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) करौली ने मंगलवार को सामान्य चिकित्सालय के नवीन भवन स्थित एसएनसीयू वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान समिति ने वहां भर्ती एक लावारिस नवजात बालिका के स्वास्थ्य का जायजा लिया। समिति ने इसके बाद सखी वन स्टॉप सेंटर का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं और स्टाफ की उपस्थिति की जानकारी ली। एसएनसीयू वार्ड प्रभारी डॉ. महेंद्र मीणा ने समिति को बताया कि नवजात बालिका संक्रमण और कम वजन के कारण कमजोर थी। हालांकि, चिकित्सकों की निगरानी में उपचार के बाद उसकी स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बालिका जल्द ही पूरी तरह स्वस्थ होकर अस्पताल से डिस्चार्ज कर दी जाएगी। समिति के सदस्यों ने चिकित्सालय के नवीन भवन में स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने रह रही बालिकाओं की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और स्टाफ की उपस्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सभी कर्मचारी मौके पर उपस्थित पाए गए। सेंटर के काउंसलर ने महिलाओं एवं बालिकाओं को दी जाने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। समिति ने सेंटर की व्यवस्थाओं, विशेषकर सफाई व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को संतोषजनक पाया। इस निरीक्षण के दौरान जिला बाल कल्याण समिति अध्यक्ष अनिल शर्मा, सदस्य फजले अहमद, दिलीप कुमार मीणा और महिला सदस्य फरीदा शाह मौजूद रहे।
नूंह एसपी आधी रात को सड़कों पर उतरे:पुलिस गश्त और नाकाबंदी का जायजा लिया, वाहनों को रोक कर की चेकिंग
नूंह जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. अर्पित जैन ने सोमवार की देर रात विशेष रात्रि निरीक्षण अभियान चलाया। उन्होंने देर रात तक जिले के थानों, पुलिस चौकियों और नाकों का औचक दौरा कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जहां कुछ स्थानों पर ड्यूटी में लापरवाही पाई गई, वहीं मुस्तैदी से कार्य कर रहे पुलिसकर्मियों की सराहना भी की गई। एसपी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सुरक्षा इंतजामों का लिया जायजा उन्होंने गश्त व्यवस्था, नाकाबंदी, वाहन चेकिंग और अन्य सुरक्षा इंतजामों का बारीकी से निरीक्षण किया। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, सतर्कता और कार्यप्रणाली की गहनता से जांच की गई। पुलिस वाहनों, रिकॉर्ड रजिस्टरों और अन्य आवश्यक उपकरणों की भी जांच की गई। एसपी ने अधिकारियों को कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। अभियान के तहत जिलेभर में कई स्थानों पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। ओवरलोड वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी गई। अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की गई। एसपी बोले- कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं एसपी ने स्पष्ट किया कि नूंह जिले में कानून तोड़ने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने दोहराया कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पूरी सख्ती से लागू की जाएगी। इसी अभियान के दौरान, इआरवी-485 टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वाहन तलाशी अभियान में दो चोरी की बाइकों के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। टीम की इस तत्परता और प्रभावी कार्रवाई से एसपी डॉ. अर्पित जैन ने मौके पर ही उनकी सराहना की। जिला पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, बेहतर कार्य करने वाली इस टीम को विभागीय नियमों के तहत सम्मानित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी द्वारा घोषित 12वीं कक्षा के रिजल्ट में यमुनानगर जिले का प्रदर्शन प्रदेश में औसत रहा। जिले ने पूरे हरियाणा में 13वां स्थान हासिल किया। यमुनानगर का कुल पास प्रतिशत 85.48 फीसदी दर्ज किया गया, जो प्रदेश के ओवरऑल रिजल्ट 84.67 फीसदी से थोड़ा बेहतर रहा। बोर्ड आंकड़ों के अनुसार जिले से 9759 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 8342 विद्यार्थी पास हुए। वहीं 1138 विद्यार्थियों की कंपार्टमेंट आई, जबकि 279 विद्यार्थी परीक्षा में असफल रहे। दो वर्षों के मुकाबले थोड़ा सुधार अगर पिछले वर्षों के परिणामों पर नजर डालें तो जिले के रिजल्ट में इस बार सुधार देखने को मिला है। वर्ष 2025 में जिले का पास प्रतिशत 84.21 फीसदी रहा था, जबकि 2024 में यह 85.12 फीसदी दर्ज किया गया था। ऐसे में 2026 में 85.48 फीसदी परिणाम के साथ जिले ने पिछले दो वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। ओपन स्कूल 12वीं फ्रेश परीक्षा में यमुनानगर का प्रदर्शन कमजोर रहा। जिले का कुल पास प्रतिशत 35.96 फीसदी दर्ज किया गया। यहां 712 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से केवल 256 विद्यार्थी पास हो सके। वहीं प्राइवेट परीक्षार्थियों के रिजल्ट में जिले का पास प्रतिशत 56.57 फीसदी रहा। प्राइवेट कैटेगरी में 99 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 56 विद्यार्थी पास हुए।
अशोकनगर में प्रेमजाल में फंसाकर 1.30 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले गिरोह से मंगलवार को पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने ठगी के पैसों से आलीशान जीवन जिया और 'पाप न लगे' इसके लिए देश-विदेश के मंदिरों में दान-पुण्य भी किया। कोतवाली पुलिस की रिमांड में आरोपी आकाश चौहान और उसकी पत्नी आयुषी चौहान ने स्वीकार किया कि उन्होंने ठगी की रकम से लाखों के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे। पुलिस के अनुसार, गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चौहान चांदी की चप्पलें पहनती थी और उसके पास चांदी का पर्स भी था। पुलिस ने आरोपियों के घर से अब तक लगभग 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया है। इससे पहले महिंद्रा थार रॉक्स, स्कूटी और अन्य वस्तुएं जब्त की जा चुकी हैं। इंस्टाग्राम से युवती को प्रेमजाल में फंसायापुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इंस्टाग्राम के माध्यम से एक युवती को प्रेमजाल में फंसाया। इसके बाद अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। खुद को क्राइम ब्रांच अधिकारी बताकर पीड़िता से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वसूली की गई। इस मामले में एक तांत्रिक युवती, एक टैटू आर्टिस्ट सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक अन्य आरोपी अभी भी फरार है। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपी ठगी के पैसों से असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और नेपाल तक घूमने जाते थे। वे अपनी थार गाड़ी से मंदिरों में दर्शन करने पहुंचते और वहां भंडारे व दान-पुण्य का आयोजन करते थे। पाप न लगे इसलिए नेपाल तक में भंडारा करायाआरोपियों ने पुलिस को बताया कि गलत तरीके से कमाए गए पैसों से 'पाप न लगे', इसलिए वे जगह-जगह भंडारे करवाते थे। उन्होंने नेपाल में भी एक भंडारा आयोजित किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के जेवर, चांदी की चप्पलें और पर्स, आईफोन, एप्पल लैपटॉप, एक लाख रुपए का फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, महंगी घड़ियां और अन्य घरेलू सामान जब्त किया है। मोबाइल-लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजाकोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल और लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। आशंका है कि इनमें अन्य युवतियों और लोगों के वीडियो भी हो सकते हैं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की जांच कर रही है। हर ट्रांजेक्शन की पड़ताल की जा रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं अन्य लोगों को भी इसी तरह ब्लैकमेल कर ठगी का शिकार तो नहीं बनाया गया। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं और मामले में आगे भी कई खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। आरोपियों के पास से 1.50 लाख रुपए भी जब्क किए हैं। पुलिस का कहना है यह सामान पीड़िता को मुआवजे के तौर पर दिलवाने के लिए भी कोर्ट में पेश करेंगे। यह भी पढ़ें… इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर युवती से डेढ़ करोड़ की ठगी:क्राइम ब्रांच अफसर बनकर धमकाते रहे आरोपी अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। पूरी खबर पढ़िए…
कलेक्टर ने उमरिया जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित किया:पेयजल संकट की आशंका, नलकूप खनन पर रोक
उमरिया जिले में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी राखी सहाय ने पूरे जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित कर दिया है। इस आदेश के तहत, तत्काल प्रभाव से नए निजी हैंडपंप और ट्यूबवेल खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अतिरिक्त, स्टॉप डैम, चेक डैम, नदियों और तालाबों के पानी का सिंचाई के लिए उपयोग भी अगले आदेश तक प्रतिबंधित रहेगा। कलेक्टर राखी सहाय ने बताया कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 1215.70 मिमी है। वर्ष 2024-25 में 1036.5 मिमी और वर्ष 2025-26 में 1373.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी, जो सामान्य से 157.90 मिमी अधिक है। इसके बावजूद, गर्मी का मौसम शुरू होते ही पेयजल स्रोतों का जल स्तर तेजी से गिरने लगा है। आगामी समय में गंभीर पेयजल संकट की आशंका को देखते हुए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। यह आदेश मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम के तहत जारी किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य जिले में जल स्तर को सुरक्षित रखना और पेयजल व्यवस्था को बाधित होने से बचाना है। निजी नलकूप और हैंडपंप खनन पर प्रतिबंध इसी कारण आवश्यक बताया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए किए जाने वाले नलकूप खनन इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
6 साल की बच्ची से रेप का मामला:दोषी को आजीवन कारावास, 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया
सलूंबर की पॉक्सो कोर्ट ने 6 साल की बच्ची के साथ रेप के मामले में आरोपी को दोषी ठहराया है। दोषी को न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। घटना 12 दिसंबर 2024 की सेमारी थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। दोषी पीड़िता के गांव का ही रहने वाला था। विशेष लोक अभियोजक रणजीत पुर्बिया ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। सुनवाई के दौरान 13 गवाहों और 35 लिखित और भौतिक साक्ष्यों को कोर्ट में पेश किया गया, जिनके आधार पर दोष सिद्ध हुआ। जिस पर अंतिम सांस तक आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है।
बड़वानी जिले के राजपुर में लोकायुक्त के तीन डॉक्टरों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन सहित विभिन्न चिकित्सा संगठनों ने प्रदर्शन किया। संगठनों ने SDM को ज्ञापन देकर लोकायुक्त की इस कार्रवाई को 'षड्यंत्रपूर्वक' बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। विरोध स्वरूप क्षेत्र के मेडिकल स्टोर्स, डॉक्टर्स और लैब संचालकों ने कुछ समय के लिए अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। कमीशन सिस्टम के आरोपों को बताया निराधार ज्ञापन में चिकित्सा संगठनों ने दावा किया कि राजपुर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कमीशन सिस्टम संचालित नहीं होता है। पदाधिकारियों ने डॉक्टरों को कमीशन दिए जाने की बातों को आधारहीन और चिकित्सा क्षेत्र की छवि धूमिल करने वाला कृत्य बताया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की है। 25 हजार की रिश्वत लेते पकड़े गए थे तीन डॉक्टर उल्लेखनीय है कि हाल ही में लोकायुक्त इंदौर की इकाई ने राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और संविदा चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोहर गोदारा को कुल 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत की गई थी। प्रशासन से निष्पक्ष जांच की अपील चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने सामूहिक रूप से इस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि सच्चाई सामने लाने के लिए उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है। संगठनों ने स्पष्ट किया कि बिना तथ्यों की पुष्टि के की गई ऐसी कार्रवाइयों से सरकारी डॉक्टरों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ता है।
कलेक्टर शीला दाहिमा ने मंगलवार को जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीण समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने वर्षाकाल को देखते हुए ग्राम पंचायतों को नालों की साफ-सफाई कर पानी निकासी की व्यवस्था सुगम बनाने को कहा। इस दौरान कुल 212 आवेदन प्राप्त हुए। ग्राम इच्छापुरा निवासी जुगराज सुमन ने नाले की सफाई न होने के कारण जलभराव की समस्या संबंधी आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर कलेक्टर ने सभी ग्राम पंचायतों को समय रहते नालों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में ग्राम घूघस के ग्रामीणों ने श्यामपुर से घूघस तक कैनाल रोड निर्माण की मांग की। कलेक्टर ने ईई पीडब्ल्यूडी को इसका प्रस्ताव तैयार कर भोपाल भेजने के निर्देश दिए। ग्रामीणों के अनुसार, श्योपुर से श्यामपुर तक सड़क बन चुकी है, और घूघस तक सड़क बनने से बड़ापुरा, केवल का पुरा, मांगरोल का पुरा, राठौरपुरा, माता का पुरा और दीनबंधु का पुरा सहित कई गांवों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। कई मामलों का निराकरण मुख्यमंत्री जनकल्याण संबल योजना के तहत भी कई मामलों का निराकरण किया गया। ग्राम बगवाज निवासी शाकीब अली को उनके पिता की दुर्घटना में मृत्यु पर चार लाख रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की गई। इसी तरह, ग्राम जमूदी निवासी पातीराम कुशवाह की पत्नी की करंट लगने से हुई मृत्यु के मामले में भी चार लाख रुपये की अनुग्रह सहायता स्वीकृत की गई। किसान सम्मान निधि इसके अतिरिक्त, पीएम किसान सम्मान निधि से संबंधित आवेदनों पर पात्र किसानों को लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। बलावनी निवासी पदम सिंह बंजारा की दो भैंसों की करंट लगने से हुई मौत के मामले में एमपीईबी अधिकारियों को पात्रता परीक्षण कर मुआवजा देने के निर्देश दिए गए। ग्राम हनुमानखेड़ा की पेयजल समस्या के समाधान के लिए पीएचई विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए।
लखनऊ के चिनहट इलाके में युवती को कार से अगवा कर मारपीट की गई। उसके साथ रेप की कोशिश हुई। विरोध करने पर आरोपियों ने कार से कुचलकर जान लेने का प्रयास किया। युवती ने डॉयल 112 पर कॉल करके अपनी जान बचाई। युवती की शिकायत पर चिनहट थाने में 2 नामजद और 3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। दोस्त के घर जा रही थी युवती गोमतीनगर निवासी युवती के मुताबिक, 9 मई की रात वह अपनी दोस्त के घर हिम सिटी पार्ट-2 जा रही थी। रात करीब 10:45 बजे बाबा हॉस्पिटल मटियारी के पास अभय सिंह, धनंजय सिंह राठौर और उनके 3 अज्ञात साथियों ने उसे रोककर कार से अगवा कर लिया। बेरहमी से पीटकर कार से कुचलने की कोशिश की पीड़िता का आरोप है कि आरोपियों ने बेरहमी से मारपीट की और रेप का प्रयास किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। कार चढ़ाकर कुचलकर मारने का प्रयास किया। युवती ने बताया कि उसने तत्काल डायल-112 पर कॉल कर पुलिस से मदद मांगी। इस पर आरोपी उसे छोड़कर भागे। भागते समय आरोपियों ने शिकायत करने पर परिवार समेत गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। घटना में उसे काफी चोट आई है। युवती की शिकायत पर अभय सिंह, धनंजय सिंह राठौर और उनके 3 साथियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट, रेप का प्रयास, जानलेवा हमला और धमकी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। युवती ने कारवाई और सुरक्षा की मांग की है।
झालावाड़ के एएनएम ट्रेनिंग सेंटर पर मंगलवार को नर्सिंग दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के सभी छात्र और स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नर्सों के समर्पण, सेवा और करुणा को सम्मानित करना था। इस दौरान कार्यक्रम सहायक सुरेंद्र जांगिड़ ने कहा कि नर्सों को बिना थके, बिना रुके दूसरों के स्वास्थ्य के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए। नर्सिंग शिक्षिका लक्ष्मी वर्मा ने छात्राओं को फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभावी स्वभाव के बारे में बताया। उन्होंने जिक्र किया कि कैसे नाइटिंगेल रात में लैंप लेकर घायलों का उपचार करती थीं। नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है नर्सिंग डेशिक्षिका पिंकी वाडिया ने कहा कि यह दिन उन सभी नर्सों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जो अपने समर्पण, सेवा और करुणा से अनगिनत लोगों का जीवन बेहतर बनाती हैं। वाडिया ने जोर दिया कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है, जहां नर्स मरीज के दर्द को समझती है और उसकी देखभाल करती है। इस दौरान संस्थान द्वारा एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। प्रतियोगिता में फ्लोरेंस नाइटिंगेल के नर्सिंग में योगदान और उनके जीवन से संबंधित जानकारी दी गई। नर्सिंग अध्यापक जतिन उपाध्याय भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और इसे सफल बनाने में सहयोग किया। मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वानसीएमएचओ डॉ. साजिद खान ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन को सेवा, त्याग और करुणा का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि नाइटिंगेल न केवल नर्सों के लिए, बल्कि पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। उन्होंने सभी नर्सिंग छात्राओं को मानव सेवा के प्रति हर समय तैयार रहने का आह्वान किया।
टीकमगढ़ के सरकारी कॉलेज में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने बाबू नितिन मिश्रा को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया। यह कार्रवाई कॉलेज के ही एक रिटायर्ड स्वीपर के बेटे की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता देवेंद्र वाल्मीकि ने बताया कि उसके पिता हरिकिशन वाल्मीकि कॉलेज में स्वीपर थे और हाल ही में रिटायर हुए हैं। उनके एरियर, अर्जित अवकाश और समयमान वेतनमान के भुगतान की फाइल आगे बढ़ाने के बदले बाबू 2 लाख रुपए की मांग कर रहा था। इसके अलावा, देवेंद्र को कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर 50 हजार रुपए अलग से मांगे गए थे। जाल बिछाकर बाबू को पकड़ा देवेंद्र 50 हजार रुपए की पहली किस्त 7 मई को ही दे चुका था। मंगलवार को जैसे ही वह 1 लाख रुपए की दूसरी किस्त लेकर कॉलेज की तालकोठी शाखा पहुंचा और बाबू नितिन मिश्रा को पैसे थमाए, लोकायुक्त निरीक्षक कमल सिंह की टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। प्राचार्य और स्टाफ पर भी वसूली के आरोप देवेंद्र ने लोकायुक्त के सामने आरोप लगाया है कि इस भ्रष्टाचार में सिर्फ बाबू अकेला नहीं है। उसने कॉलेज प्राचार्य केसी जैन, सुनील चौरसिया और जयप्रकाश दीक्षित के नाम लेते हुए कहा कि इन सभी की मिलीभगत से रिश्वत का यह खेल चल रहा था। लोकायुक्त की कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस ने बाबू नितिन मिश्रा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस अब शिकायतकर्ता के प्राचार्य और अन्य कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों की भी गहराई से जांच कर रही है।
अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पूनम वर्मा को नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया। पूनम शर्मा पिछले 25 वर्षों से नर्सिंग क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में मरीजों की देखभाल करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी निभाई। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियानों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वहीं, एएलएस/बीएएलएस (ALS/BLS) प्रशिक्षण, और आईसीयू (ICU) संचालन में उत्कृष्टता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है इन चौदह हस्तियों को सम्मानित किया गया इस पुरस्कार का उद्देश्य उन नर्सों के समर्पण, साहस और सेवा भावना को सम्मान देना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। समारोह में कुल 14 नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया, जिनमें लद्दाख की कुलविंदर पाड़ी, महाराष्ट्र की उज्ज्वला महादेव सोयम, मिजोरम की लालन थांगी नामटे, सिक्किम की मधुमाला गुरुंग, उत्तराखंड की पूजा परमार राणा, पश्चिम बंगाल की गीता कर्माकर, चंडीगढ़ की पूनम वर्मा, दादर एवं नगर हवेली वदमन-दीव की दीपा बीजू, दिल्ली के डॉ. श्रवण कुमार ढाका, गोवा की रक्षा रूपो पर्वतकर, कर्नाटक की कविता जगन्नाथ, केरल की मंजू मोल वीएस, लक्षद्वीप की आयशा बीबी के, तमिलनाडु के प्रोफेसर डॉ. आर. शंकर शमुगम तथा सैन्य नर्सिंग सेवा की मेजर जनरल लिसम्मा पीवी शामिल रहीं। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी पूनम वर्मा ने आईसीयू एसओपी (ICU SOP) विकास और क्लीनिकल उत्कृष्टता में महत्वपूर्ण योगदान दिया । पूनम ने नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और जीएनएम से लेकर बीएससी, एमएससी व अन्य डिप्लोमा कोर्स पूरे किए। कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के साथ वह बेसिक लाइफ सपोर्ट की इंस्ट्रक्टर भी रहीं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देती रही हैं। लक्ष्य सर्टिफिकेशन के तहत लेबर रूम और आईसीयू की एसओपी टीम में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। पूनम वर्मा के पति सुलेमान भी पीजीआई में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर हैं।
करौली में ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) द्वारा ‘अनुभव से सीखें’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत युवाओं को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया। MY Bharat के उपनिदेशक पंकज यादव के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में युवाओं ने उचित मूल्य की दुकान पर राशन वितरण व्यवस्था, ई-पॉश मशीन के संचालन और स्टॉक प्रबंधन की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं ने उचित मूल्य की दुकान का प्रत्यक्ष भ्रमण किया। उन्होंने राशन वितरण प्रक्रिया की बारीकियों को समझा, जिसमें ई-पॉश मशीन का संचालन, लाभार्थियों का सत्यापन, स्टॉक का प्रबंधन और उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की विस्तृत जानकारी शामिल थी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को खाद्य सुरक्षा प्रणाली का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करना था। इसका लक्ष्य उन्हें सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर उनके क्रियान्वयन को बेहतर ढंग से समझने में सक्षम बनाना था। प्रशिक्षण के उपरांत युवाओं ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों को राशन कार्ड से संबंधित सुविधाओं, खाद्य अधिकारों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देकर जागरूक भी किया। इस पहल के माध्यम से युवाओं का प्रशासनिक व्यवस्थाओं से सीधा जुड़ाव उन्हें अधिक जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनने में सहायता करता है। ‘अनुभव से सीखें’ कार्यक्रम के तहत, युवा अब सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जन-जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
छिंदवाड़ा: जिले में ग्रामीण और इको-टूरिज्म को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। इंटरनेशनल टीवी सीरीज़ “रूरल टूरिज्म ऑफ द वर्ल्ड” की शूटिंग के लिए स्पेन की टीम जिले के पर्यटन ग्रामों में पहुंची। तीन दिन तक चली शूटिंग में विदेशी टीम ने सावरवानी, धूसावानी, चिमटीपुर और तामिया क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, आदिवासी संस्कृति और ग्रामीण जीवन को कैमरे में कैद किया। देशी परंपराओं को 80 देशों में दिखाया जाएगाटीम ने खास तौर पर पातालकोट में आयोजित आदिवासी विवाह की पारंपरिक रस्मों की शूटिंग की। इसके अलावा ग्रामीण पर्यटन गतिविधियों, स्थानीय खानपान, लोक परंपराओं और प्राकृतिक स्थलों को भी डॉक्यूमेंट्री का हिस्सा बनाया गया। बताया गया कि यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड और स्पेन फिल्म कमीशन के बीच हुए एमओयू का हिस्सा है। इसका उद्देश्य मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय फिल्म शूटिंग और ग्रामीण पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस डॉक्यूमेंट्री का प्रसारण करीब 80 यूरोपीय देशों में किए जाने की योजना है। टूरिज्म बोर्ड के सहयोग से पूरी शूटिंग की योजना हुई तैयारमध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक डॉ. इलैया राजा टी के नेतृत्व और अपर प्रबंध संचालक अभय अरविंद बेडेकर के मार्गदर्शन में पूरी शूटिंग की योजना तैयार की गई। स्पेन से आए जुआन मार्टिनेज फ्रूटोस, एडुआर्डो निसा वाज़क्वेज़ और लुइस पेसेरो ज़ाम्ब्रानो की टीम ने टूरिज्म बोर्ड के प्रतिनिधियों और होम-स्टे परियोजना से जुड़े अधिकारियों के सहयोग से शूटिंग पूरी की। ग्रामीणों ने विदेशी टीम का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। टीम के सदस्यों ने कहा कि फिल्म के जरिए मध्य प्रदेश के ग्रामीण पर्यटन और आदिवासी संस्कृति को दुनिया भर के पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
बिलासपुर में इसी माह रिटायर हो रहे सिविल लाइन थाना प्रभारी को एसएसपी रजनेश सिंह ने हटा दिया है। उन्हें सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पोस्टिंग दी गई है। उनकी जगह सिरगिट्टी थाना प्रभारी किशोर केंवट को सिविल लाइन थाने भेजा गया है। जबकि, सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थ निरीक्षक अभय बैस को सिरगिट्टी थाने की जिम्मेदारी दी गई है। एसएसपी रजनेश सिंह ने कानून व्यवस्था बनाने के लिए प्रशासनिक फेरबदल किया है। इसके तहत तीन निरीक्षकों के तबादला करते हुए नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं, जिनका प्रभाव तत्काल लागू कर दिया गया है। सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थापना जारी आदेश के अनुसार 31 मई को सेवानिवृत्त होने वाले सिविल लाइन टीआई एसआर साहू को सरकंडा सीएसपी ऑफिस में पदस्थापना दी गई है। अफसरों का कहना है कि सिविल लाइन थाना वीआईपी माना जाता है, यहां काम से ज्यादा मैनेजमेंट जरूरी है। यही वजह है कि किशोर केंवट को समझने के लिए शहर के महत्वपूर्ण थाने का प्रभार पहले ही सौंप दिया गया है। प्रमोशन के चलते किया इंकार माना जा रहा था कि एसएसपी ऑफिस में शिकायत सेल में पदस्थ निरीक्षक निलेश पांडेय को सिविल लाइन थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी जा रही थी। लेकिन, उनका प्रमोशन डीएसपी के पद पर होने वाला है। प्रमोशन के समय में उन्होंने वीआईपी थाना जाने के लिए तैयार नहीं हुए। लिहाजा, उनकी जगह सिरगिट्टी टीआई किशोर केंवट को एडजेस्ट किया गया है। दूसरी बार कामयाब हुए अभय अभय बैस पिछले एक साल से सिरगिट्टी थाना जाने के लिए जुगाड़ जमा रहे थे। पिछली बार एसएसपी रजनेश सिंह ने आदेश भी जारी कर दिया था। लेकिन, किशोर केंवट थाना छोड़ने के लिए तैयार नहीं थे। कहा जा रहा है कि तब वे अपनी कुर्सी बचाने में कामयाब हो गए। यही वजह है कि आदेश जारी होने के बाद भी अभय बैस सिरगिट्टी में जॉइन नहीं कर पाए। ऐसे में अब अभय बैस ने फिर से नया पैंतरा अपनाया, जिसमें उन्हें कामयाबी मिल गई है और एसएसपी ने पदस्थापना आदेश भी जारी कर दिया है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने प्राईवेट अस्पतालों द्वारा मरीजों को कम दर वाले आकर्षक उपचार पैकेज दिखाकर बाद में अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर अतिरिक्त शुल्क वसूलने की प्रथा पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस तरह की “भ्रामक पैकेजिंग” अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने हरियाणा के स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक को निर्देश दिए हैं कि राज्य के सभी सूचीबद्ध अस्पतालों की पैकेज दरों का स्वयं या संबंधित सिविल सर्जनों के माध्यम से सत्यापन कराया जाए। यदि कोई अस्पताल नीति का उल्लंघन करता पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी। मरीज को उसकी भाषा में समझानी होगी पूरी लागत हाईकोर्ट ने कहा कि इलाज की अनुमानित लागत मरीज या उसके परिजनों को उनकी समझ की सरल भाषा में स्पष्ट रूप से बताई जाए। केवल मुद्रित फार्म पर हस्ताक्षर करवाना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। सस्ता पैकेज दिखाकर बाद में वसूली पर रोक हाईकोर्ट ने कहा कि मरीजों को आकर्षित करने के लिए पैकेज दरों को कृत्रिम रूप से कम दिखाना और बाद में आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए अलग से शुल्क जोड़कर अंतिम बिल बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है और इसे तत्काल रोका जाए। तीन महीने में अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय ने पूरी प्रक्रिया को लागू करने और अनुपालन रिपोर्ट अदालत में दाखिल करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की है। न्यायमूर्ति बरार ने कहा कि चिकित्सा सेवा एक गरिमामय क्षेत्र है और राज्य की नीतियों में यह गरिमा झलकनी चाहिए। यदि करुणा पर वाणिज्य हावी हो जाए तो ऐसी नीति कल्याणकारी नहीं रह जाती। जान बचाने वाली प्रक्रियाओं का खर्च भी प्रतिपूर्ति योग्य अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी मरीज की जान बचाने के लिए “आवश्यकता और आपातकाल” के तहत कोई प्रक्रिया की गई है, तो उसका खर्च सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुरूप प्रतिपूर्ति के योग्य होगा। राज्य केवल इस आधार पर भुगतान से इनकार नहीं कर सकता कि वह प्रक्रिया मूल पैकेज में शामिल नहीं थी।
शिकायतें लेकर एसपी के पास पहुंचे लोग:झूठे केस, जमीन कब्जे, गाली-गलौज पर कार्रवाई की मांग
नरसिंहपुर में मंगलवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में जिलेभर से लोग अपनी विभिन्न समस्याओं और विवादों को लेकर पहुंचे। उन्होंने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायतें दर्ज कराईं। इन शिकायतों में झूठे मामलों में फंसाने, जमीन पर अवैध कब्जा करने, धमकी देने और गाली-गलौज जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। करेली तहसील के मिडली निवासी ऋषिराम विश्वकर्मा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पैतृक रूप से लकड़ी का काम करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बरमान खुर्द स्थित विश्वकर्मा मंदिर समिति के कुछ सदस्यों ने उन्हें अवैध सागौन लकड़ी के मामले में फंसाया है। ऋषिराम के अनुसार, 7 अप्रैल 2026 को वन विभाग ने मंदिर परिसर से सागौन लकड़ी जब्त की थी। शिकायत में कहा गया है कि इसी दौरान समिति के पदाधिकारियों ने उन्हें काम का ठेका देने के बहाने बुलाया और मंदिर पहुंचाकर वन विभाग के सामने दबाव बनाया। उन पर लकड़ी को मंदिर के पुजारी की बताने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद वन विभाग ने उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। ऋषिराम ने खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच और दर्ज प्रकरण को निरस्त करने की मांग की है। वहीं, गोटेगांव तहसील के खानापुर निवासी अहवरन सिंह लोधी ने एसपी को दिए आवेदन में नरसिंहपुर निवासी प्रिंस विश्वकर्मा पर अपनी जमीन के लगभग 930 वर्गफुट क्षेत्र पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया। लोधी ने बताया कि जब उन्होंने कब्जा हटाने की बात कही, तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आवेदक ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति दबंग और राजनीतिक प्रभाव वाला है, जिससे वह भयभीत हैं। उन्होंने पुलिस से अवैध कब्जा हटाने और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। इसी क्रम में, स्टेशनगंज निवासी साधना सेन ने करेली निवासी लोकेश गुप्ता और रमेश गुप्ता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। आवेदिका ने बताया कि उन्होंने दो लाख रुपये उधार लिए थे, लेकिन आरोपी उनसे तीन लाख रुपये लौटाने का दबाव बना रहे हैं। साधना सेन ने आरोप लगाया कि पैसे लौटाने के लिए समय मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की, बदनाम करने की धमकी दी और उनके कार्यस्थल व घर पहुंचकर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। उन्होंने पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को समझाइश देने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
राजस्थान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण अंचलों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से जिले में ग्राम रथ अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत विभिन्न ग्राम पंचायतों में उत्साहपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जहां ग्रामीण योजनाओं की जानकारी ले रहे हैं और उनका लाभ उठा रहे हैं। एलईडी वैन के जरिए किया योजनाओं का प्रचार प्रसार इसी क्रम में मंगलवार को सलूंबर विधानसभा क्षेत्र के ओडा, बगुरवा, अदवास और जावद गांवों में एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं का प्रचार-प्रसार किया गया। ग्राम रथों के इन गांवों में पहुंचते ही ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला और कार्यक्रम स्थलों पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। 13 विभागों की योजनाओं को डिजिटल माध्यम के बताया इन कार्यक्रमों के दौरान 13 विभागों की प्रमुख योजनाओं का डिजिटल माध्यम से जीवंत प्रसारण किया गया। साथ ही, मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा का संदेश भी ग्रामीणों को सुनाया गया, जिसमें उन्होंने आमजन से योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम हुए स्थानीय लोक कलाकारों ने गीत, भजन और नुक्कड़ नाटकों के जरिए योजनाओं की जानकारी को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने ग्रामीणों का मनोरंजन करने के साथ-साथ योजनाओं के लाभ और आवेदन प्रक्रिया को भी सरल भाषा में समझाया। एक साथ विशेष सुझाव पेटिका रखी गई विभागीय अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं से संबंधित मार्गदर्शिका एवं प्रचार सामग्री वितरित कर जागरूक किया। ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ग्राम रथ के साथ एक विशेष सुझाव पेटिका भी रखी गई, जिसमें ग्रामीणों ने अपने सुझाव और फीडबैक दर्ज कराए। अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उसे लाभ से जोड़ना है। ग्राम रथ अभियान में कृषि, उद्यानिकी, कृषि विपणन, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता, जल संसाधन, उद्योग, ऊर्जा, राजस्व, पंचायती राज और ग्रामीण विकास विभाग की सहभागिता है। इस अभियान के अंतर्गत प्रत्येक रथ में एलईडी स्क्रीन के माध्यम से योजनाओं की ऑडियो-वीडियो प्रस्तुति की व्यवस्था की गई है, जिससे कृषकों, पशुपालकों और अन्य ग्रामीणों को विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी मिल रही है।
गोंडा जिले के कैसरगंज से पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के बयान पर पलटवार किया है। स्टालिन ने कहा था कि सनातन लोगों को बांटता है और अलग-थलग करता है, इसलिए इसे खत्म कर देना चाहिए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण सिंह ने स्टालिन को 'रावण और हिरण्यकश्यप का वंशज' बताया। बृजभूषण सिंह ने कहा कि सनातन को हर युग में चुनौती मिली है, चाहे वह सतयुग हो, त्रेता, द्वापर या कलियुग। उन्होंने स्टालिन जैसे लोगों को 'आसुरी शक्तियां' बताते हुए कहा कि सनातन ही सत्य है और इसे कोई मिटा नहीं सकता। उन्होंने यह भी कहा कि ये 'थोड़े से बचे हुए' लोग जल्द ही समाप्त हो जाएंगे। वहीं, विनेश फोगाट के गोंडा आने और उन पर लगाए गए आरोपों के संबंध में भी बृजभूषण शरण सिंह ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, मेरे लिए ये जो रायता फैलाकर गई हैं देवी जी, हम उसी को निपट रहे हैं इस समय कोर्ट में। कुश्ती प्रतियोगिताओं के आयोजन और खिलाड़ियों के खेलने पर उन्होंने कहा कि यह वर्तमान भारतीय कुश्ती संघ (WFI) का विषय है। पूर्व WFI अध्यक्ष के रूप में अपने अनुभव का हवाला देते हुए बृजभूषण ने कहा कि WFI कभी किसी खिलाड़ी को खेलने से नहीं रोकती, क्योंकि यह खिलाड़ियों के लिए ही बनी है। उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी को रोका गया होगा, तो उसका कारण भी बताया गया होगा।
बालाघाट। मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में ग्रामीण अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पहुंचे। इस दौरान कुल 80 शिकायतें दर्ज की गईं, जिन पर अधिकारियों ने संबंधित विभागों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। बालाघाट जनपद क्षेत्र की टेकाड़ी पंचायत से आए ग्रामीणों ने पिपरटोला में निवासरत 60 आदिवासी परिवारों के लिए पट्टे की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ये परिवार तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक भूमि का पट्टा नहीं मिला है। इसी पंचायत के युवा तारा कावरे ने गांगुलपारा पर्यटन क्षेत्र में वन विभाग द्वारा पर्यटकों से वसूले जा रहे शुल्क में पंचायत की हिस्सेदारी की मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि पर्यटन शुल्क से पंचायत को कोई लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि क्षेत्र में गड्ढे और सुविधाओं का अभाव है। पंचायत के पास विकास कार्य कराने के लिए कोई मद नहीं है। जनसुनवाई में कालीमाटी गांव से पहुंची महिलाओं ने पेयजल संकट की शिकायत की। उन्होंने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गांव में पानी की समस्या बनी हुई है, जिससे उन्हें एक किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वारासिवनी तहसील के यमेंद्र गौतम अपने भाई धर्मेंद्र गौतम के प्रवेश को लेकर सांदीपनि विद्यालय, वारासिवनी के प्राचार्य से शिकायत करने पहुंचे। यमेंद्र ने बताया कि धर्मेंद्र ने सरस्वती शिशु मंदिर, वारासिवनी से कक्षा 10वीं 76 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है और अब वह सांदीपनि विद्यालय में पढ़ना चाहता है। हालांकि, सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य ने निजी स्कूलों से आए विद्यार्थियों को प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इसी तरह का एक अन्य मामला अनुज मानेश्वर का भी था, जो सांदीपनि विद्यालय, वारासिवनी में कक्षा 9वीं में प्रवेश लेना चाहते थे।
प्रदेश के स्कूलों में अब राजस्थानी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाना जरूरी होगा। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकार को निर्देश दिया कि प्रदेश की प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा में राजस्थानी भाषा को शामिल करें। इसे लेकर सरकार से 30 सितंबर तक पालना रिपोर्ट मांगी गई हैं। बता दें कि पदम मेहता व अन्य ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिस पर जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सरकार को निर्देश दिया है। कोर्ट ने सरकार को कहा- वह नीति बनाकर प्रदेश की सम्पूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था में राजस्थानी भाषा को शामिल करें। राजस्थानी भाषा, जो अत्यंत समृद्ध ऐतिहासिक, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक महत्व रखती है, उसे पहले ही कई विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में मान्यता एवं स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। कोर्ट में दोनों पक्षों का तर्क याचिकाकर्ता का तर्क- करोड़ों लोग राजस्थानी भाषा बोलते हैं सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राजस्थानी भाषा करोड़ों लोगों की ओर से बोली जाती है और उसका समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक इतिहास है। इसके बावजूद अन्य क्षेत्रीय भाषाओं को मान्यता दिए जाने के बावजूद राजस्थानी भाषा को REET परीक्षा ढांचे या शिक्षण माध्यम के रूप में शामिल नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि राजस्थान विधानसभा ने 25 अगस्त 2003 को ही एक प्रस्ताव पारित कर राजस्थानी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किए जाने की अनुशंसा की थी। सरकार ने कहा-हम परीक्षण कर रहे हैं सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने कहा कि यह विषय राज्य सरकार के नीतिगत निर्णय से संबंधित है और सरकार उचित समय पर उपयुक्त निर्णय लेगी। राज्य सरकार ने कोर्ट के सामने स्पष्ट किया कि उसने कभी यह रुख नहीं अपनाया कि राजस्थानी भाषा को शैक्षणिक व्यवस्था में शामिल करना गलत या अस्वीकार्य है। राज्य सरकार ने पूर्व में अपने जवाब में यह भी कहा था कि वर्तमान में राजस्थानी भाषा प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के स्वीकृत पाठ्यक्रम ढांचे का हिस्सा नहीं है। इसी कारण इसे REET में शामिल नहीं किया गया। कार्यवाही के दौरान राज्य ने यह भी अवगत कराया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर पहले से विचार चल रहा है और मातृभाषा में शिक्षा एवं क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल करने से संबंधित कार्यों का चरणबद्ध तरीके से परीक्षण किया जा रहा है।
बदायूं के नेहरू मेमोरियल शिव नारायण दास पी.जी. कॉलेज में मंगलवार को प्रोफेसर प्रशांत कोहली ने पुनः प्राचार्य पद का कार्यभार ग्रहण किया। वे इससे पहले जून 2021 से अगस्त 2022 तक भी महाविद्यालय के प्राचार्य पद का दायित्व सफलतापूर्वक निभा चुके हैं। वर्तमान में प्रो. कोहली महाविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। महाविद्यालय प्रबंधन ने उन पर पुनः विश्वास व्यक्त करते हुए आशा जताई है कि उनके नेतृत्व में महाविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियाँ और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी होंगी। प्रबंधन ने यह भी कहा कि प्रो. कोहली के कार्यकाल में छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे महाविद्यालय की निरंतर प्रगति सुनिश्चित हो सके। कार्यभार ग्रहण समारोह के अवसर पर प्रोफेसर आशीष कुमार सक्सेना ने प्रो. प्रशांत कोहली को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपते हुए महाविद्यालय की उन्नति के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस दौरान प्रो. शिवराज कुमार, प्रो. बी.एन. शुक्ला, डॉ. एस.के. सिंह, डॉ. रामस्वारथ, डॉ. सत्यम मिश्र, डॉ. नंद गोपाल, डॉ. विक्रांत उपाध्याय, डॉ. लक्ष्य चौधरी, संदीप नायक, प्रदीप चौरसिया, डॉ. अक्षत अशेष एवं रवि कुमार सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
मऊ में HPV वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा:सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु बालिकाओं के टीकाकरण पर जोर
मऊ जनपद में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) वैक्सीनेशन अभियान की समीक्षा बैठक हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय गुप्ता की अध्यक्षता में यह बैठक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ आयोजित की गई। इसमें एचपीवी वैक्सीन के महत्व, सुरक्षा और अभियान की रणनीति पर विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन बालिकाओं को भविष्य में सर्वाइकल कैंसर से बचाने में बेहद प्रभावी है। उन्होंने सभी प्रधानाचार्यों से अपील की कि वे विद्यालय स्तर पर अभिभावकों और छात्राओं को जागरूक करें, ताकि अधिक से अधिक बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित हो सके। बैठक में वैक्सीनेशन अभियान में विद्यालयों की भूमिका, छात्राओं की सूची तैयार करने, अभिभावकों से समन्वय स्थापित करने और टीकाकरण से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने पर विशेष चर्चा हुई। प्रधानाचार्यों को अभियान के सफल संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। जेएसआई (JSI) के स्टेट टेक्निकल ऑफिसर संदीप श्रीवास्तव ने कार्यक्रम की ट्रेनिंग दी, जबकि आर.आर. कंसल्टेंट रोहित कुमार सिंह ने एचपीवी वैक्सीन के रखरखाव के बारे में जानकारी दी। इस कार्यक्रम का आयोजन जेएसआई संस्था के सहयोग से किया गया था। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, विद्यालयों के प्रधानाचार्य, ए.आर.ओ., बी.पी.एम. और डी.ई.ओ. सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आगरा में यमुना में डूबे हाथरस के युवक-युवती:जन्मदिन मनाने के बाद नहाते समय हादसा, 6 लोग डूबे थे
आगरा के बल्केश्वर घाट पर मंगलवार सुबह यमुना नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में हाथरस के सादाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव कुंजलपुर के एक युवक और एक युवती शामिल हैं। यह हादसा एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद नदी में नहाते समय हुआ। हादसे में जान गंवाने वालों में गांव कुंजलपुर की 19 वर्षीय महक पुत्री कालीचरण और 22 वर्षीय कान्हा पुत्र रिंकू उर्फ आकाश शामिल हैं। इनके अलावा, आगरा के दो अन्य लोगों की भी मृत्यु हुई है। कुल छह लोग नदी में डूब गए थे, जिनमें से चार को बचाया नहीं जा सका। सादाबाद क्षेत्र के गांव कुंजलपुर से कुछ लोग एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने आगरा आए थे। समारोह के बाद वे सभी यमुना नदी में नहाने पहुंचे, जहां यह दुखद घटना हुई। नदी के तेज बहाव और गहरे पानी में जाने से यह हादसा हुआ। मृतक महक अपने भाई अंशु पुत्र कालीचरण और अन्य परिजनों के साथ सोमवार शाम करीब पांच बजे रिश्तेदारी में आयोजित जन्मदिन पार्टी में शामिल होने गई थी। कालीचरण की पांच संतानें हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा अंशु है। महक उनकी तीसरी बेटी थी। कान्हा के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके पिता रिंकू उर्फ आकाश, जो एक वाहन चालक थे, की लगभग नौ महीने पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। रिंकू के दो बेटे थे, जिनमें से अब कान्हा की भी इस हादसे में मौत हो गई है। घटना के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मोहाली के थाना सदर खरड़ पुलिस ने एक युवती की शिकायत पर दो युवकों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया है। आरोप लगाया है कि उसे नौकरी और किराये के फ्लैट का झांसा देकर एक फ्लैट में ले जाया गया, जहां उसके साथ गैंगरेप हुआ। पीड़िता राजस्थान की रहने वाली है और ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसके पिता बीमार रहते हैं। वर्ष 2024 में वह चंडीगढ़ आई थी, जहां उसकी पहचान मोहाली निवासी एक युवती से हुई थी। 4 मई 2026 को वह अपनी बड़ी बहन के साथ काम की तलाश में मोहाली दोस्त के पास आई थी। जिसने बताया कि खरड़ में किराये के मकान सस्ते हैं और नौकरी आसानी से मिल सकती है। किराये के मकान की तलाश में पहुंची थी युवती 6 मई 2026 को दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता खरड़ में नौकरी और किराये के मकान की तलाश में पहुंची। शाम करीब 6 बजे वह सेक्टर 124 में खड़ी थी, तभी एक बाइक सवार युवक वहां आया और उससे बातचीत शुरू की। युवक ने अपना नाम अशोक बताया। युवती ने उसे बताया कि वह काम की तलाश में है, जिसके बाद दोनों ने मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान किया। अशोक ने उसे नौकरी व फ्लैट दिलाने का आश्वासन दिया। अशोक उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर अमेजन सिटी, खरड़ स्थित अपने फ्लैट में ले गया। वहां उसका दोस्त जय सिंह पहले से मौजूद था। फ्लैट में अशोक ने युवती को कोल्ड ड्रिंक दी, जिसे पीने के बाद वह बेहोश हो गई। 7 मई की सुबह जब उठी तो उसे अपने शरीर में दर्द था और उसके कपड़े उतरे हुए थे। बहाना बनाकर निकली युवती घर में जय सिंह मौजूद था और कुछ देर बाद अशोक भी वहां आ गया। पीड़िता का आरोप है कि अशोक और जय सिंह ने उसकी इच्छा के विरुद्ध उसे अगली पूरी रात भी फ्लैट में रखा और उसके साथ गैंगरेप किया। 8 मई को सुबह करीब 10 बजे युवती ने अपनी बहन को फोन कर पूरी घटना बताई। वह मां की बीमारी का बहाना बनाकर आरोपियों के चंगुल से निकली। रैपिडो के जरिए वह दोपहर करीब 1 बजे मोहाली स्थित अपनी बहन के पास पहुंची और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई।
जींद में सट्टेबाजी पर पुलिस का छापा, एक गिरफ्तार:पर्ची और कैश बरामद, घर के बाहर लगवा रहा था सट्टा
जींद जिले में CIA स्टाफ सफीदों की टीम ने एक सट्टेबाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 14 हजार रुपए से अधिक सट्टा राशि बरामद हुई है। पकड़े गए आरोपी की पहचान सफीदों के गौशाला रोड निवासी रमेश उर्फ बहुल्ला के रूप में हुई है। CIA स्टाफ सफीदों के राधेश्याम ने बताया कि उनकी एक टीम पुरानी चुंगी सफीदों क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान उन्हें सूचना मिली कि रमेश उर्फ बहुल्ला अपने घर के बाहर सट्टा लगवा रहा है। सूचना मिलते ही सीआईए सफीदों की टीम ने तुरंत छापा मारा और आरोपी को मौके से काबू कर लिया। सट्टा पर्ची और 14 हजार कैश बरामद नियमों के अनुसार तलाशी लेने पर आरोपी के पास से सट्टा पर्ची और 14 हजार 100 रुपए की सट्टा राशि बरामद हुई। आरोपी के खिलाफ थाना शहर सफीदों में हरियाणा सार्वजनिक जुआ अधिनियम 2025 की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास कोई अवैध गतिविधि या सट्टा खाईवाल दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
जालौन जनपद में यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे के किनारे एक आधुनिक होल्डिंग एरिया और डम्पिंग यार्ड का निर्माण किया जाएगा। इसका उद्देश्य ओवरलोड, जब्त और अवैध परिवहन में पकड़े गए वाहनों के सुरक्षित संचालन और पार्किंग की समस्या को दूर करना है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना ग्राम डकोर, परगना एवं तहसील उरई क्षेत्र में सर्विस रोड के किनारे विकसित की जाएगी। इस पर लगभग 1 करोड़ 61 लाख 99 हजार रुपये की लागत आएगी। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने प्रस्तावित स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में जब्त और ओवरलोड वाहनों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। इसके कारण प्रशासन को कई बार सड़क किनारे वाहनों को खड़ा करना पड़ता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित होल्डिंग एरिया बनने के बाद जब्त वाहनों को व्यवस्थित ढंग से रखने की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क किनारे होने वाली अनियोजित पार्किंग पर रोक लगेगी और एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था अधिक सुचारु एवं सुरक्षित बन सकेगी। उन्होंने इस परियोजना को प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताया, जो भविष्य में सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण को नई मजबूती प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग सीडी-3 के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द प्रारंभ कराया जाए। उन्होंने विशेष रूप से भूमि समतलीकरण कार्य को प्राथमिकता देने के निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा होना चाहिए। साथ ही, परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि आधुनिक होल्डिंग एरिया और डम्पिंग यार्ड बनने से प्रशासन को अवैध परिवहन एवं ओवरलोडिंग के विरुद्ध कार्रवाई करने में भी सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, वाहनों के सुरक्षित रखरखाव की बेहतर व्यवस्था विकसित होने से कानून व्यवस्था को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह, तहसीलदार श्रीश मिश्रा, लेखपाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित
डीग में धूल भरी आंधी से लोग परेशान:तेज हवाओं और बरसात से तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत
डीग जिले में मंगलवार दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव आया। आसमान में छाए धूल के गुबार और अचानक चली तेज ठंडी हवाओं ने लोगों को चिलचिलाती धूप से बड़ी राहत पहुंचाई है। इसके बाद कई क्षेत्रों में जोरदार बरसात हुई। दोपहर बाद जिले के विभिन्न इलाकों में धूल भरी आंधी चली, जिससे सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई। आंधी के कुछ समय बाद आसमान में काले बादलों ने डेरा डाल लिया और कई क्षेत्रों में जोरदार बरसात शुरू हो गई। सुबह से ही पारा 42C के ऊपर बना हुआ था। शाम होते-होते मौसम में आई इस तब्दीली से तापमान में करीब 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, आर्द्रता बढ़ने के कारण हल्की उमस का अहसास बना रहा।
पीथमपुर के युवा नेता राजेश असोलिया को कांग्रेस झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ का जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की अनुशंसा पर की गई है। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय ने नियुक्ति पत्र जारी किया है। युवक कांग्रेस में निभा चुके हैं जिम्मेदारियां राजेश असोलिया पहले भी युवक कांग्रेस में कई पदों पर काम कर चुके हैं। पार्टी ने उनके संगठनात्मक अनुभव और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। झुग्गी-झोपड़ी प्रकोष्ठ संगठन का वह हिस्सा है, जो आम लोगों और वंचित वर्गों के बीच काम करता है। नेताओं ने दी बधाई नियुक्ति के बाद नगर के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने राजेश असोलिया को बधाई दी। वरिष्ठ नेता सुरेश पटेल, नितिन पटेल, नगर पालिका उपाध्यक्ष पप्पू असोलिया, महेश पथरिया और सुधाकर महाजन सहित अन्य लोगों ने इसे संगठन के लिए अच्छा फैसला बताया। संगठन मजबूत करने पर रहेगा फोकस राजेश असोलिया ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और संगठन को मजबूत करने पर उनका फोकस रहेगा। इस नियुक्ति के बाद पीथमपुर की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। शहर अध्यक्ष का पद खाली होने के कारण संगठन में जल्द नई नियुक्तियों की संभावना भी जताई जा रही है।
कटनी। मंगलवार को कटनी कलेक्ट्रेट में बाणसागर परियोजना से विस्थापित आदिवासी परिवारों ने भू-अधिकार पट्टे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ये परिवार विजयराघवगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बरनमोहनगवा नई बस्ती से आए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें जल्द मालिकाना हक नहीं मिला, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। छोटू कोल ने बताया कि एक महीने पहले हजारों विस्थापितों ने इटमा, बदेरा और कुदरी गांवों से 70 किलोमीटर की पदयात्रा कर जिला मुख्यालय का घेराव किया था। तब जिला प्रशासन ने गांवों का निरीक्षण कर पात्रता के अनुसार पट्टे आवंटित करने का आश्वासन दिया था। हालांकि, एक माह बीत जाने के बाद भी कोई राजस्व अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचा। नई बस्ती में रह रहे 500 से अधिक परिवारों को आज भी दोबारा बेदखल होने का डर सता रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, वे दशकों से इस जमीन पर काबिज हैं, लेकिन उनके पास कोई कानूनी दस्तावेज नहीं है। पट्टे न होने के कारण उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है और वे अपने घरों को स्थायी रूप भी नहीं दे पा रहे हैं। उन्हें आशंका है कि प्रशासनिक उदासीनता के चलते विकास के नाम पर उन्हें फिर से विस्थापित किया जा सकता है। आदिवासियों ने स्पष्ट किया कि वे अब केवल आश्वासनों से संतुष्ट नहीं होंगे। छोटू कोल ने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें भू-अधिकार पत्र नहीं मिल जाते, तब तक यह लड़ाई चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। अधिकारियों ने ज्ञापन लेने के बाद उचित जांच और नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। हालांकि, ग्रामीण अब ठोस कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ टास्क फोर्स की बैठक:एडीएम ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
बूंदी में एडीएम रामकिशोर मीणा की अध्यक्षता में वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम तिमाही बैठक हुई। यह बैठक जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को हुई। इसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत जिला स्तरीय टास्क फोर्स, जिला महिला कल्याण समाधान समिति, सखी वन-स्टॉप सेंटर प्रबंधक समिति और अन्य विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, संरक्षण और महिला सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष रूप से चर्चा हुई। योजनाओं की प्रगति की दी जानकारीसहायक निदेशक महिला अधिकारिता विभाग भैरू प्रकाश नागर ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और उनकी प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने बूंदी जिले के विभिन्न ब्लॉकों में संचालित महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्रों द्वारा दी जा रही परामर्श, सहायता और संरक्षण सेवाओं के बारे में विस्तार से बताया। महिला सशक्तिकरण पर दिया जोरबैठक की अध्यक्षता करते हुए एडीएम मीणा ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे योजनाओं का लाभ पात्र महिलाओं और बालिकाओं तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने, सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा विभागीय कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने को कहा। बैठक में उपनिदेशक समेकित बाल विकास सेवाएं ऋचा चतुर्वेदी, जिला उद्योग अधिकारी शुभकरण, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक हुकुमचंद जाजोरिया एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी विपुल शुक्ला, पारूल शर्मा, आदित्य सिंह एवं महिला अधिकारिता विभाग की सुपरवाइजर प्रीति बंशीवाल, प्रमिला, सूचना सहायक राशि श्रृंगी, पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र से विनिता अग्रवाल, सलोनी शर्मा, सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक हिना शर्मा, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र से छाया सक्सेना, प्राची, साधना श्रृंगी, रीना चित्तौड़ा मौजूद रहे।
नमस्कार,ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. पारा 43 डिग्री पर पहुंचा, दोपहर में निकली कूलर वाली बारात भीषण गर्मी के बीच इंदौर में एक अनोखी बारात लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई। सयाजी होटल पहुंची इस बारात में लंबा शामियाना लगाया गया था, जिसके दोनों ओर 20 से ज्यादा जंबो कूलर लगाए गए थे। पढ़ें पूरी खबर... 2. धार भोजशाला में अंतिम सुनवाई पूरी, फैसला रिजर्व मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में चर्चित भोजशाला प्रकरण की सुनवाई मंगलवार को पूरी हुई। करीब दो घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। मामले में सभी पक्षों के तर्क हो चुके हैं और भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने भी अपने तर्क मजबूती से रखे। पढ़ें पूरी खबर... 3. पानी नहीं मिलने से रहवासियों ने फोड़े मटके गर्मी बढ़ने के साथ इंदौर में पानी का संकट गहराने लगा है। मंगलवार को विकास नगर इलाके में पानी की समस्या से परेशान रहवासियों ने सड़क पर चक्काजाम किया और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोगों ने खाली मटके फोड़े और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। पढ़ें पूरी खबर… 4. सोनम की जमानत पर सुनवाई आगे बढ़ी चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में आज मेघालय हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। इस मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को निचली अदालत से मिली जमानत को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि हाईकोर्ट उनकी जमानत बरकरार रखता है या फिर दोबारा हिरासत में भेजने का आदेश देता है। पढ़ें पूरी खबर... 5. नवलखा से बसें नहीं हटी तो होगा आंदोलन नवलखा इलाके में बसों में सोमवार को आग लग गई। इस घटना के बाद अब नगर निगम के एमआईसी मेंबर मनीष शर्मा ने 12 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया है। उनका कहना है कि यदि बसों को यहां से नहीं हटाया गया, तो वे रहवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करेंगे। पढ़ें पूरी खबर... 6. बारिश के पहले होगा ट्रेजर टाउन रोड का काम बारिश के पहले ट्रेजर टाउन रोड का काम पूरा किया जाएगा। इसके लिए महापौर ने अधिकारियों को काम को तेजी से पूरा करने के लिए कहा है। मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक मधु वर्मा सहित अन्य अधिकारियों के साथ वार्ड 78 में पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर... 7. पार्लर संचालिका को लात-घूंसों से पीटा विजयनगर थाना क्षेत्र में एक पार्लर संचालिका के साथ मारपीट और बदनाम करने के मामले में पुलिस ने सोमवार को एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। घटना के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर... 8. आरोपी बोला- शादी करो वरना फोटो वायरल कर दूंगा बाणगंगा में रहने वाली एक कॉलेज छात्रा ने अपने परिचित युवक पर एआई की मदद से फोटो एडिट कर बदनाम करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस ने जांच के बाद आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर... 9. सराफा में दलालों के बीच विवाद, ग्राहक को लेकर हाथापाई सराफा बाजार में मंगलवार दोपहर दो दलालों के बीच जमकर मारपीट हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दोनों पक्ष सड़क पर विवाद और हाथापाई करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। पढ़ें पूरी खबर... 10. ऑटो में बैठाकर बड़नगर के व्यापारी को लूटा परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में बड़नगर से खरीदारी करने आए एक स्टोर्स कर्मचारी के साथ लूट की वारदात हो गई। बदमाश ऑटो में बैठाकर उसे सुनसान इलाके में ले गए और रुपयों से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। बैग में करीब 1 लाख 70 हजार रुपए रखे हुए थे। पढ़ें पूरी खबर...
लुधियाना के टिब्बा रोड स्थित रॉयल कॉलोनी (कूड़े के डंप के पास) 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक 13 वर्षीय बच्चे ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। मृतक की पहचान रवि के रूप में हुई है जो अपने 4 भाइयों में सबसे छोटा था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार रवि जैन पब्लिक स्कूल का छात्र था। घटना वाले दिन दोपहर करीब 3 बजे उसके पिता गंगाराम जो स्टीम प्रेस का काम करते हैं खाना खाकर काम पर गए थे। सोमवार देर रात करीब 11 बजे जब पिता वापस आए तो रवि बाहर खेल रहा था। उस दौरान रवि ने अपने पिता से मोबाइल खराब होने की बात भी कही थी। कुछ देर बाद जब पिता फिर से बाहर किसी काम से गए तो पीछे से रवि घर के अंदर दाखिल हुआ और लोहे की पाइप के सहारे चुन्नी से फंदा लगाकर लटक गया। जब पिता वापस लौटे और कमरा अंदर से बंद पाया तो दरवाजा तोड़ने पर अंदर का देख उनका छोटा बेटा फंदे से झूल रहा था। भावुक पिता शव लेकर बैठे रहे हादसे के बाद पिता ने बेटे के शव को फंदे से उतारा और गहरे सदमे में वहीं बैठे रहे। उन्होंने रात में ही अपने जानकारों को सूचना दी, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी सुबह दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। परीक्षा के कारण नहीं गया था गांव परिजनों ने बताया कि रवि के 2 बड़े भाई दिल्ली में काम करते हैं जो खबर मिलते ही सुबह तक लुधियाना पहुंच गए। वहीं एक भाई फैक्ट्री में काम करता है। रवि की मां कुछ दिन पहले ही गांव गई थी। जाते समय मां ने रवि को साथ चलने के लिए कहा था लेकिन रवि ने यह कहकर मना कर दिया था कि उसके पेपर आने वाले हैं और वह पढ़ाई करना चाहता है। किसी को अंदाजा नहीं था कि पढ़ाई के प्रति इतना गंभीर रहने वाला बच्चा ऐसा कदम उठा लेगा। जांच में जुटी पुलिस पुलिस प्रशासन के अनुसार घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है और न ही अभी तक आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता चल सका है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर धारा मामले की बारीकी से जांच की जा रही है
नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में मंगलवार को जिला पंचायत सदस्य शिवा राजपूत ने युवाओं के साथ पहुंचकर अवैध शराब बिकने की शिकायत की। कलेक्टर सोमेश मिश्रा से शिवा राजपूत ने कहा ग्राम डोलरिया और आसपास के गांव में दबाव बनाकर ठेकदार अवैध शराब का कारोबार कर रहा है। जिला पंचायत सदस्य ने ठेकेदार पर कार्रवाई की मांग कीजिला पंचायत सदस्य ने बताया कि गांव के नौजवानों को शराब की लत लगाकर, मजदूरों को रुपए उधार देकर शराब का अवैध कारोबार चल रहा है। कलेक्टर मिश्रा से निवेदन किया कि शराब का अवैध कारोबार करने वाले ठेकेदार और लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई हो। बुजुर्ग बोले- बहु ने घर से निकालाइसी प्रकार पथरौटा के 66 साल के बुजुर्ग रजनीकांत महालहा ने बहु के कब्जे से उनका मकान दिलाने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा मेरे बेटे की शादी 11 मई 2013को हुई थीं। बहु बेटा के बीच संबंध ठीक न होने से तलाक के लिए कोर्ट में केस चल रहा है। इस बीच कुछ महीने से बहु ने पथरौटा वाले मकान से हमें बाहर निकाल दिया और बहु ने उस पर कब्जा कर लिया। उन्होंने बताया मैं किडनी एवं हार्ट पेशेंट हूं। पूर्व में भी हार्ट अटैक आ चुका है एवं अभी 20 जनवरी 2026 को सभी के परेशान करने के कारण पुनः दूसरी बार हार्ट अटैक आया था। बेटे के साथ किराए के मकान में रहने को मजबूरजनवरी में ही मेरा ऑपरेशन हुआ। खुद का मकान होने के बावजूद मैं, मेरा बेटा किराए के मकान में रहने को मजबूर है। साहब… बहु से कब्जा हटवाकर मेरा मकान मुझे दिलवा दो। कलेक्टर मिश्रा ने समस्या सुनने के बाद उन्हें वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन दिया। महिला बोली- गलत ऑपरेशन से बिगड़ा हाथ पिपरिया के हथवास की रहने वाली महिला रेखा अहिरवार फैक्चर बंधे हालत में कलेक्टर के पास पहुंची और कहा कि साहब मेरी यह स्थिति लापरवाही से किए ऑपरेशन की वजह से हुई है। जिस कारण एक साल बाद भी मेरा हाथ ठीक नहीं हो पाया। पीड़ा बताते हुए महिला रेखा अहिरवार की आंखों से आंसू निकल आए। महिला ने रोते हुए कहा कि 17 मई 2025 को गिरने के कारण सीधे हाथ की हड्डी टूट गई थी, इलाज के लिए नर्मदापुरम के मीना फ्रेक्चर हॉस्पिटल नर्मदापुरम में भर्ती हुई। जहां एक ऑपरेशन कर रॉड डाली गई। मुझे करीब 12-15 टांके आएं। ऑपरेशन के बाद 3-4 दिन बाद में मेरी की छुट्टी कर दी गई। 1 माह बाद चेकअप के लिए हॉस्पिटल आई तो मेरे हाथ की कोहनी से रॉड 2 इंच बाहर निकलीं थी। डॉ. के द्वारा कहा गया कि आपके हाथ की हड्डी जुड़ी नहीं, दूसरा ऑपरेशन होगा। कलेक्टर ने शिकायत की जांच कराने निर्देश दिएडॉ. की लापरवाही के वजह से मेरे हाथ में रॉड को ठीक तरीके से नहीं डाला गया, जो कि कोहनी से बाहर निकल रही थी। बाद एवं खून बह रहा था। उन्होंने दूसरा ऑपरेशन किया, बावजूद हाथ आज तक नहीं सुधर पाया है। लापरवाही की वजह से मेरा एक हाथ खराब हो गया है। उन्होंने कार्रवाई की मांग की। कलेक्टर मिश्रा ने सीएमएचओ प्रतिनिधि को बुलाकर शिकायत की जांच कराने के निर्देश दिए।
मंडला जिले के बिछिया थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-30 पर ओरई ग्राम के चिकलहा पुल के पास एक चलते ट्रक में अचानक आग लग गई। इस घटना में ट्रक ड्राइवर समय रहते बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आग की चपेट में आने से ड्राइवर का हाथ मामूली रूप से झुलस गया। आग लगने के दौरान ट्रक में हुए धमाके से आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय निवासियों ने खेत के पंप और पाइप का उपयोग कर आग बुझाने का प्रारंभिक प्रयास किया। जानकारी के अनुसार, ट्रक जबलपुर से बॉक्साइट लेकर रायपुर की ओर जा रहा था। रास्ते में ड्राइवर ने ट्रक से धुआं निकलते देखा और वाहन को सड़क किनारे रोक दिया। ड्राइवर ने बोनट खोलकर धुएं का कारण जानने का प्रयास किया। इसी दौरान अचानक आग भड़क उठी और देखते ही देखते ट्रक के अगले हिस्से तथा केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। तस्वीरें देखिए… मशक्कत के बाद आग पर काबू घटना की सूचना मिलते ही बिछिया पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस आगजनी में ट्रक का अगला हिस्सा और केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया। बिछिया पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। पुलिस इस मामले की आगे की जांच कर रही है।
रामपुर बार एसोसिएशन की एल्डर कमेटी द्वारा निष्कासित किए गए 63 अधिवक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने इन सभी अधिवक्ताओं के अधिकार बहाल करते हुए एल्डर कमेटी के 24 मार्च 2026 के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। एल्डर कमेटी ने 24 मार्च 2026 को बिना किसी नोटिस, कारण या अधिवक्ताओं का पक्ष सुने 63 सदस्यों को निष्कासित कर दिया था। यह कार्रवाई 19 जनवरी 2026 को हुए चुनाव, 20 जनवरी को आए परिणाम और 23 जनवरी को हुए शपथ ग्रहण के बाद की गई थी। आरोप है कि निष्कासन से पहले इन अधिवक्ताओं से चार-चार हजार रुपये सदस्यता शुल्क और तीन सौ रुपये वार्षिक शुल्क भी लिया गया था। इसके बावजूद, उन्हें 19 जनवरी 2026 को हुए बार एसोसिएशन के चुनाव में मतदान करने से रोक दिया गया था। इस मामले को लेकर सभी 63 अधिवक्ताओं ने 15 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। सुनवाई के बाद, 11 मई 2026 को अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने एल्डर कमेटी के निर्णय को रद्द करते हुए सभी अधिवक्ताओं की सदस्यता और अधिकार बहाल करने का आदेश जारी किया। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने जिला जज, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, बार एसोसिएशन अध्यक्ष और महासचिव को पत्र भेजकर तीन दिन के भीतर सभी अधिवक्ताओं की सदस्यता बहाल करने और इसकी सूचना देने के निर्देश दिए हैं। निर्देशों का पालन न होने पर अधिवक्ता अधिनियम की धारा-35 के तहत कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। इस फैसले पर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू सहित सभी अधिवक्ताओं ने खुशी व्यक्त की और मिठाई बांटी। वरिष्ठ अधिवक्ता दीप चंद गुप्ता, अधिवक्ता दिलशाद हसन, अबुल हसन, दिनेश चंद चौरसिया, मकदूम अली, सेजी खान, जमीर अहमद, रूप सिंह, शिव कुमार, मुजफ्फर अली, शहजाद हसन, राशिद अली, सुलेमान, तारीक, श्रीमती पूजा और संजीव यादव समेत अन्य अधिवक्ताओं ने इसे अधिवक्ताओं के सम्मान और न्याय की जीत बताया।
शिवपुरी जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में मंगलवार को दो अलग-अलग मामलों में शवों का पोस्टमार्टम किया गया। इनमें एक बुजुर्ग की मौत बिजली के करंट लगने से हुई, जबकि दूसरे व्यक्ति की जहरीली दवा के सेवन से जान चली गई। पुलिस ने दोनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, राजा की मुड़ेरी गांव निवासी 65 वर्षीय डोंगर सिंह तोमर मंगलवार को अपने घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान घर के लिए बिछाई गई बिजली की लाइन का तार अचानक टूटकर उन पर गिर गया। करंट लगने से वे गंभीर रूप से झुलस गए और बेहोश हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिरसौद थाना पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। दूसरे मामले में, सर्किट हाउस रोड निवासी 50 वर्षीय सरवन पाल ने अज्ञात कारणों से जहरीली दवा का सेवन कर लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जिला अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि सरवन पाल ने यह कदम किन कारणों से उठाया। कोतवाली थाना पुलिस ने इस संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
आजमगढ़ में मिले गौवंश के अवशेष:ग्रामीणों ने किया हंगामा, कहा- मांस तस्करी की जा रही
आजमगढ़ के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के कुसम्हारा गांव में मंगलवार सुबह 6 से अधिक गोवंशों के अवशेष मिलने से हड़कंप मच गया। गांव के सिवान में जगह-जगह खून, मांस और कटे हुए अवशेष पड़े मिले। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और विरोध जताने लगे। सुबह गांव के लोग शौच के लिए खेतों की तरफ गए थे। इसी दौरान उन्होंने कई स्थानों पर पशुओं के कटे हुए अवशेष देखे। लोगों ने तुरंत डायल-112 और पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि तस्कर गोवंशों की हत्या कर मांस अपने साथ ले गए और अवशेष मौके पर छोड़कर फरार हो गए। सीमा विवाद में उलझी रही पुलिस सूचना मिलने पर डायल-112, कप्तानगंज थाना और अहरौला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि करीब एक घंटे तक दोनों थानों की पुलिस क्षेत्राधिकार को लेकर उलझी रही। बाद में कप्तानगंज पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग घटना स्थल गहजी गांव के पूर्व प्रधान सुरेंद्र सिंह के चक के पास बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर गोवंशों की हत्या की घटना सामने आई है। घटना को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
पीएम श्री स्कूल में पक्षियों के लिए परिंडे बांधे:भीषण गर्मी में दाना-पानी की व्यवस्था का दिया संदेश
धौलपुर में पीएम श्री महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सिटी कोतवाली परिसर में पक्षियों के लिए परिंडे बांधे गए। इसके साथ ही भीषण गर्मी के बीच बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने और उनके संरक्षण का संदेश हदया बयौ प्रिंसिपल रमन परमार के नेतृत्व में विद्यार्थियों और स्टाफ ने परिसर में विभिन्न स्थानों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था की। प्रिंसिपल परमार ने बताया कि गर्मियों के मौसम में पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था करना प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से अपने घरों की छतों, आसपास के पेड़ों और सार्वजनिक स्थानों पर भी पक्षियों के लिए पानी के पात्र रखने का आह्वान किया।इस कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने पक्षियों की सेवा और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर विद्यालय के अजय बघेल, जितेंद्र परमार, अनिल उपाध्याय, कमल किशोर, पूर्णिमा शर्मा, किरण गोगोई सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
देवनारायण भगवान की प्राण प्रतिष्ठा 14 मई को:जूना कुम्हारिया में पंच कुंडीय विष्णु महायज्ञ जारी
क्षेत्र के जूना कुम्हारिया स्थित महामाया आश्रम नृसिंह माता मंदिर परिसर में इन दिनों धार्मिक आयोजन चल रहा है। यहां महंत श्री मोहनप्रकाश जी महाराज के सानिध्य में पांच दिवसीय पंच कुंडीय विष्णु महायज्ञ, भगवान देवनारायण की मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर शिखर कलश स्थापना महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। भगवान देवनारायण की प्राण प्रतिष्ठा 14 मई को होगी। आयोजन समिति से जुड़े सांवरलाल गुर्जर ने बताया कि महायज्ञ में यज्ञाचार्य महावीर प्रसाद शर्मा सहित पांच विद्वान पंडितों द्वारा प्रतिदिन वैदिक रीति-रिवाज से पूजा-अर्चना, हवन और धार्मिक अनुष्ठान कराए जा रहे हैं। इस महायज्ञ में 51 जोड़े यज्ञ कुंड में आहुतियां देकर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की कामना कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुबह से देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है।कार्यक्रम के पहले दिन रविवार को पातलियास स्थित काला जी बावजी मंदिर से 101 कलशों की विशाल कलश यात्रा निकाली गई। इस यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते हुए मंदिर परिसर पहुंचे, जहां वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा संपन्न हुई। यात्रा के दौरान गांव सहित आसपास क्षेत्रों के लोगों में भारी उत्साह देखा गया।आयोजन समिति के अनुसार, 14 मई गुरुवार को भगवान देवनारायण की भव्य मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसी दिन नव निर्मित मंदिर के शिखर पर विधि-विधान से कलश स्थापना भी होगी। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। श्रद्धालुओं के लिए विशाल महाप्रसादी का आयोजन भी रखा गया है, जिसमें करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का अनुमान है।ग्रामीणों और भक्तों के सहयोग से चल रहे इस धार्मिक आयोजन ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल में रंग दिया है। हवन पूर्णाहुति के दौरान माधु गुर्जर, रामचंद्र गुर्जर, रामेश्वरलाल गुर्जर, नंदलाल गुर्जर, हीरालाल फागणा, गिरधारी सिंह, नाथु सिंह, नारूलाल भड़ाना, कालूलाल गुर्जर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
झालावाड़ जिले के डग में अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज डे उत्साहपूर्वक मनाया गया। यह कार्यक्रम भेरू महाराज मंदिर परिसर में दोपहर को आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता एसडीएच चिकित्सा प्रभारी डॉ. राममनोहर कुशवाह ने की। इस मौके पर सेवा भावना और मानवता के संदेश पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मॉडर्न नर्सिंग की जनक फ्लोरेन्स नाइटिंगेल की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। उपस्थित नर्सिंग अधिकारियों और डॉक्टरों ने फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के आदर्शों, उनके जीवन संघर्ष, सेवा भावना और मानवता के प्रति समर्पण को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. राममनोहर कुशवाह ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग स्टाफ स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूत नींव है। उन्होंने मरीजों की सेवा, देखभाल और उपचार में नर्सिंग कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. रघुवीर शर्मा समेत अन्य वक्ताओं ने कहा कि नर्सें कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करती हैं। उनका यह कार्य समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। वक्ताओं ने फ्लोरेन्स नाइटिंगेल के ऐतिहासिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि क्रिमियन युद्ध के दौरान नाइटिंगेल ने अपने 38 सदस्यीय नर्सिंग दल के साथ घायल सैनिकों की सेवा कर नर्सिंग पेशे को वैश्विक पहचान दिलाई। रातभर हाथ में लैंप लेकर घायलों की सेवा करने के कारण उन्हें 'द लेडी विद द लैंप' के नाम से भी जाना जाता है। इस अवसर पर मौजूद सभी नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के प्रति निष्ठा और समर्पण दोहराते हुए मरीजों की बेहतर सेवा का संकल्प लिया। कार्यक्रम में नर्सिंग ऑफिसर नरेश मीणा, कपिल व्यास, अंतिम नागर, अब्दुल कलीम खान, कमलेश मेहरा, राधेश्याम गुर्जर, बालमुकुंद गुर्जर, राजुलाल दांगी, आकिब खान, अनस मोहम्मद, राकेश सुमन, उम्मेद सिंह, इमरान मोहम्मद, नंदकिशोर, धीरप सिंह, रघुराज सिंह, ईश्वर सिंह, सुनील व्यास, अनिल शर्मा, पूजा सिनम, गरिमा, मधु मेहरा, कविता नागर, शक्ति सिंह, नीरज सोनी, रोहित पंवार, उमाशंकर, राकेश वर्मा, हेमंत यादव सहित अन्य चिकित्सक, हेल्पर, एएनएम और पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित थे।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा के प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव ने 'योगी-मोदी मुर्दाबाद' के नारे लगाए। यह घटना सपा कार्यालय के बाहर हुई, जहां भाजपा महिला मोर्चा नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रही थी। भाजपा महिला मोर्चा, जिलाध्यक्ष ज्योति प्रवीण के नेतृत्व में छह दिवसीय धरना प्रदर्शन कर रही थीं। उनका आरोप है कि सपा ने बढ़ती महंगाई और वैश्विक संकट से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सदन में विरोध किया था। आज प्रदर्शन के दौरान जब भाजपा कार्यकर्ता सपा और उसके नेताओं के खिलाफ नारेबाजी कर रही थीं, तब सपा जिलाध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह यादव अपने कार्यालय सहायक कामता के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी महिलाओं से मोर्चा संभाला और 'योगी-मोदी मुर्दाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के विरोध में नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा वास्तव में महिलाओं को आरक्षण देना ही नहीं चाहती। यादव ने बताया कि यह कानून 2023 में पारित हो गया था, लेकिन इसे लागू नहीं किया गया और 2029 में आरक्षण देने की बात की जा रही थी, जिसका सपा ने विरोध किया।
रायपुर में देर रात बंदूक और चाकू की नोक पर लूट की वारदात सामने आई है। मौदहापारा थाना क्षेत्र में फल बेचकर घर लौट रहे युवक को उसके ही परिचित ने तीन साथियों के साथ मिलकर रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने युवक को सुनसान गली में ले जाकर मारपीट की और 36 हजार 600 रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। जानकारी के मुताबिक, मौदहापारा निवासी शेख शाहिल बाम्बे मार्केट में फल का ठेला लगाता है। सोमवार रात करीब 10:20 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर दिनभर की कमाई लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान तालाबपार स्थित महतो गैरेज के पास फिरोज कबाड़ी गली में उसका सामना पिता के पुराने परिचित राजा बैझड़ से हुआ। राजा अपने तीन साथियों के साथ बाइक और एक्टिवा में वहां पहुंचा था। बताया जा रहा है कि राजा बैझड़ ने शाहिल को अल्ताफ नाम के व्यक्ति का घर पूछने के बहाने रोका। परिचित होने की वजह से शाहिल को किसी तरह का शक नहीं हुआ और वह उनके साथ गली की तरफ चला गया। इसी दौरान आरोपियों ने उसे घेर लिया। एक युवक ने पीछे से गला पकड़ लिया, जबकि बाकी आरोपियों ने उसके हाथ दबोच लिए। इसके बाद आरोपियों ने बंदूक और चाकू दिखाकर उसकी जेब में रखे 36,600 रुपए छीन लिए। वारदात के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने किसी तरह खुद को संभाला और पहले परिचितों, फिर परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह मौदहापारा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। तीन आरोपियों पर केस दर्ज पुलिस ने आरोपी राजा बैझड़ और उसके तीन साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। आदतन अपराधी है आरोपी पुलिस की जांच में सामने आया है,कि जिस व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है, वो आदतन आरोपी है। लूट की वारदात से पहले भी आरोपी के खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
कूनो नेशनल पार्क में चार चीता शावकों की मौत:शिकार की आशंका; शव आंशिक रूप से खाए गए, एक महीने के थे
श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क के जंगल में जन्मी मादा चीता KGP12 के चारों शावक मृत पाए गए हैं। 12 मई 2026 की सुबह जब मॉनिटरिंग टीम श्योपुर टेरिटोरियल डिवीजन पहुंची, तब उन्हें डेन साइट (मांद) के पास शावकों के शव मिले। वन विभाग के जारी प्रेस नोट के अनुसार, शावकों के शव आंशिक रूप से खाए हुए पाए गए हैं। इन शावकों का जन्म 11 अप्रैल 2026 को हुआ था और वे महज एक महीने के थे। मॉनिटरिंग टीम ने 11 मई की शाम को इन्हें अंतिम बार जीवित देखा था। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि किसी अन्य जंगली जानवर ने इनका शिकार किया है, हालांकि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम के बाद ही सामने आएगी। मादा चीता पूरी तरह स्वस्थ राहत की बात यह है कि मादा चीता KGP12 पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ है। विभाग की टीम फिलहाल उस इलाके की कड़ी निगरानी कर रही है ताकि सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रहे। अधिकारियों का कहना है कि पार्क में मौजूद अन्य सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं। चीता प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति फील्ड डायरेक्टर की दी गई जानकारी के अनुसार, इस घटना के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब कुल 50 चीते बचे हैं। इनमें से 33 चीते वे हैं जिनका जन्म भारत में ही हुआ है। इसके अलावा, गांधी सागर अभयारण्य में भी 3 चीते मौजूद हैं। इस हिसाब से देश में चीतों की कुल संख्या अब 53 है।
स्कूली बच्चियों ने की सड़क निर्माण की मांग:राजस्थान-हरियाणा सीमा पर 30 साल से 9 किमी रास्ता बदहाल
डीग जिले में राजस्थान-हरियाणा सीमा को जोड़ने वाला लगभग 9 किलोमीटर लंबा सड़क मार्ग पिछले 30 साल से बदहाल स्थिति में है। पहाड़ी से धीमरी, घाटमिका होते हुए रावलका हरियाणा बॉर्डर तक जाने वाली यह सड़क टूटी हुई है, जिसमें गड्ढे और धूल-मिट्टी है। इससे परेशान ग्रामीणों और स्कूली बच्चियों ने अब प्रशासन से सड़क निर्माण की गुहार लगाई है। स्कूल जाने वाली बच्चियों ने अधिकारियों से सड़क निर्माण की मांग करते हुए कहा कि खराब सड़क के कारण उन्हें रोज स्कूल आने-जाने में भारी परेशानी होती है। उनका कहना है कि जगह-जगह गड्ढे, धूल और बरसात में कीचड़ के कारण दुर्घटना का डर बना रहता है। 15 गांवों को जोड़ने वाला रास्ता बदहालयह सड़क करीब 15 गांवों और 3 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और मरीजों को वर्षों से इस खराब सड़क के कारण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को सड़क की बदहाली से अवगत कराया है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। सड़क की खराब स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों में असंतोष व्याप्त है।क्षेत्रवासियों ने कामां विधायक नौक्षम चौधरी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से जल्द सड़क निर्माण करवाने की मांग की है, ताकि स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों को इस समस्या से राहत मिल सके।
गोरखपुर की रहने वाली डॉ. समृद्धि सिंह ने अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। उनका सिलेक्शन लखनऊ के 'डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय' में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। समृद्धि की इस सफलता से उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। पढ़ाई में शुरू से रही हैं मेधावीसमृद्धि के पिता यशपाल सिंह ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार रही हैं। उन्होंने न सिर्फ परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन किया, बल्कि रिसर्च के क्षेत्र में भी काफी काम किया है। अब तक उनके 5 से ज्यादा नेशनल और इंटरनेशनल रिसर्च पेपर पब्लिश हो चुके हैं। फिलहाल वह गोरखपुर के दिग्विजयनाथ पी.जी. कॉलेज में समाजशास्त्र विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर पढ़ा रही हैं। पति और परिवार का रहा पूरा सपोर्टसमृद्धि की इस सफलता की सबसे खास बात यह है कि उन्होंने यह मुकाम शादी के बाद हासिल किया है। अपनी उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपने पति डॉ. आकाश कुमार सिंह को दिया है। समृद्धि का कहना है कि शादी के बाद उनके पति ने हर कदम पर उनका साथ दिया और पढ़ाई जारी रखने के लिए हिम्मत बढ़ाई। उनका कहना है कि अगर परिवार का सहयोग मिले, तो शादी के बाद भी महिलाएं अपने सपनों को पूरा कर सकती हैं।
राजस्थान में घरेलु गैस उपभोक्ता को इन दिनों तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL की ओर से एक मैसेज भेजा जा रहा है, जिसमें उनसे उनकी आय संबंधी जानकारी मांगी जा रही है। कंपनियों की तरफ से भेजे गए मैसेज में कंपनियों ने उपभोक्ताओं से पूछा है '' कि क्या आपकी या आपके परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है। अगर आपको आपत्ति है तो हमारे पोर्टल या टोल-फ्री नंबर पर 7 दिन के अंदर इसकी शिकायत या जानकारी दर्ज करवाएं। अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं आता है तो आपकी एलपीजी सब्सिडी बंद कर दी जाएगी।'' उज्ज्वला और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट कनेक्शनधारियों की बढ़ी चिंता इस तरह के मैसेज के आने के बाद उज्जवला और नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) कनेक्शनधारियों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इन उपभोक्ताओं को घरेलु एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी दी जा रही है। बताया जा रहा है कि तेल कंपनियां घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं का डेटा नए सिरे से अपडेट कर रही हैं। इसके लिए आयकर विभाग से भी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है, ताकि ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जा सके जिनकी सालाना आय 10 लाख रुपए से ज्यादा है। बतादें, साल 2015 में बने नियमों के अनुसार 10 लाख रुपए से अधिक आय वाले परिवार एलपीजी सब्सिडी के पात्र नहीं हैं। हालांकि अब तक यह प्रक्रिया स्वघोषणा के आधार पर चल रही थी। अभी केवल इन उपभोक्ताओं को ही सब्सिडी वर्तमान में केन्द्र और राज्य सरकार केवल उज्ज्वला योजना, बीपीएल और एनएफएसए श्रेणी के उपभोक्ताओं को ही घरेलू गैस सिलेंडर पर सब्सिडी उपलब्ध करवा रही है। यह सब्सिडी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से उपभोक्ताओं के खातों में भेजी जाती है। सामान्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की सब्सिडी नहीं दी जाती। 3 सरकारी तेल कंपनियों के 1.85 करोड़ उपभोक्ता राजस्थान में वर्तमान में तीनों सरकारी तेल कंपनियों के करीब 1 करोड़ 85 लाख घरेलु एलपीजी उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 74 से 75 लाख की संख्या में उज्ज्वला कनेक्शनधारी हैं। तेल कंपनियों का फोकस सिर्फ सब्सिडी तक सीमित नहीं है। कंपनियां पूरे एलपीजी डाटाबेस को अपडेट करने में जुटी हैं। इस अभियान के तहत उन कनेक्शन को भी रिव्यू किया जा रहा है, जो किसी मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे हैं। ऐसे मामलों में भी परिजनों को SMS भेजे जा रहे हैं और 30 दिन के अंदर केवाईसी करवाने और कनेक्शन परिवार के किसी पात्र सदस्य के नाम ट्रांसफर करवाने के लिए कहा जा रहा है। ऐसा नहीं करने पर कनेक्शन स्थायी रूप से बंद करने की चेतावनी दी गई है। कुछ ही ग्राहकों को भेजे हैं मैसेज राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया कि फिलहाल केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को मैसेज भेजे गए हैं, जिनकी आय 10 लाख रुपए से अधिक होने की संभावना है। कंपनियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि केवल पात्र उपभोक्ताओं को ही एलपीजी सब्सिडी का लाभ मिले। साथ ही ऐसे निष्क्रिय या मृत उपभोक्ताओं के नाम पर चल रहे कनेक्शनों का रिकॉर्ड भी अपडेट किया जा रहा है। --- ये खबर भी पढ़ें… घरों में सप्लाई होने वाली पाइप्ड गैस की रेट बढ़ी:जयपुर में कंपनी ने 2 रुपए बढ़ोतरी की, बढ़ी कीमतें आज से होगी लागू जयपुर में घरों पर सप्लाई होने वाली पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) आज से महंगी हो गई। PNG सेवा देने वाली कंपनी टोरेंट गैस लि. ने शुक्रवार से कीमतों में करीब 2 रुपए तक का इजाफा किया है। जानकारी के मुताबिक अभी तक जयपुर के अलग-अलग एरिया में घरों में सप्लाई होने वाली PNG 49.50 रुपए प्रति स्टेण्डर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) की दर से होती है। (पूरी खबर पढ़ें)
अहमदाबाद (गुजरात) पुलिस में तैनात राजस्थान के युवक के खिलाफ मंगलवार को पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पाली जिले के शिवतलाव निवासी अर्जुन सिंह पुरोहित अहमदाबाद के वासणा क्षेत्र स्थित सैटेलाइट पुलिस स्टेशन में कॉन्स्टेबल के पद पर है। 15 अप्रैल को वासणा इलाके में उसकी पत्नी गीता राजपुरोहित (35) घर में फंदे से लटकी मिली थी। मामले में गीता के पीहर पक्ष ने वासणा पुलिस थाने में पति अर्जुन सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने को लेकर रिपोर्ट दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग और करणी सेना के कार्यकर्ता अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। राजस्थान के करणी सेना के अध्यक्ष राज शेखावत भी प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी कॉन्स्टेबल की तत्काल गिरफ्तारी, हत्या का मामला दर्ज करने और जांच क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की। गीता के परिजन का आरोप है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की जा रही है। जोधपुर के पाल गांव निवासी गीता राजपुरोहित पुत्री जेठू सिंह की शादी 2013 में अर्जुन सिंह से हुई थी। भीड़ बढ़ने पर पुलिस कमिश्नर ऑफिस के गेट बंद किए FIR दर्ज होने के बावजूद आरोपी कॉन्स्टेबल की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतका के परिजन और राजस्थानी समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ गई। न्याय की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग रैली के रूप में अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। राजस्थान के विभिन्न संगठनों के लोग भी प्रदर्शन में शामिल हुए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस कमिश्नर कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रताड़ित करता था पति गीता के परिवार का कहना है कि आरोपी अर्जुन, गीता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता था। आरोप है कि वह अक्सर विवाद और मारपीट करता था। परिजनों का दावा है- अर्जुन ने गीता के भाई नत्थू सिंह को फोन कर कहा था कि बेटे की मेडिकल रिपोर्ट अच्छी नहीं आने के कारण गीता परेशान है। वह नींद की गोलियां लेकर सो गई है। हालांकि, वीडियो कॉल के दौरान गीता आधी बेहोश नजर आ रही थी। इसके बाद नत्थू सिंह तुरंत जोधपुर से अहमदाबाद के लिए रवाना हो गया। इसी दौरान जेठ ने गीता के आत्महत्या किए जाने की सूचना दी। कमिश्नर से मुलाकात नहीं होने पर धरने पर बैठे परिजन प्रदर्शन के दौरान गीता के परिवार को कमिश्नर ऑफिस में लेकर गए, लेकिन पुलिस कमिश्नर से मुलाकात नहीं होने पर परिजन नाराज हो गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस कमिश्नर उनसे मुलाकात नहीं करते हैं तो वे कार्यालय के बाहर ही धरना जारी रखेंगे। बाद में पुलिस कमिश्नर की अनुपस्थिति में परिवार को प्रभारी कमिश्नर के सामने अपनी बात रखने के लिए ले जाया गया। बता दें कि परिवार पिछले 20 दिन से वासणा पुलिस स्टेशन के बाहर धरना-प्रदर्शन कर रहा है। परिवार की तीन बड़ी मांगें परिजन ने आरोपी पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा हटाकर हत्या का मामला दर्ज करने, आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी करने और मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय क्राइम ब्रांच को सौंपने की मांग की है। …… घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … विवाहिता की मौत के बाद कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन:तपती धूप में नंगे पैर पहुंचा भाई, बोला- बहन का पति पुलिस में, निष्पक्ष जांच नहीं हो रही जोधपुर में विवाहिता की मौत के बाद आज परिजनों और समाज के लोगों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। विवाहिता का भाई तपती धूप में नंगे पैर पहुंचा। पूरी खबर पढ़ें
गोड्डा पुलिस ने दो अपराधी पकड़े:मेहरमा लूटकांड का सामान और मोबाइल बरामद, क्राइम कर भाग जाते थे बिहार
गोड्डा पुलिस ने मेहरमा थाना क्षेत्र में हुए लूटकांड का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटा गया बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह लूट 26 मार्च को शाम करीब 7:30 बजे मेहरमा ब्रह्मबाबा स्थान धमड़ी रोड पर माइक्रो फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन बॉय से हुई थी। गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई महागामा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि गोड्डा एसपी मुकेश कुमार को गुप्त सूचना मिली थी कि इस लूटकांड में शामिल ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल अपने गांव मोहनपुर, थाना एकचारी दियारा में घूम रहे हैं और उनके पास लूटा हुआ सामान है। लूटी गई बाइक और मोबाइल फोन बरामदसूचना के आधार पर एसपी ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया। छापेमारी दल ने दोनों अभियुक्तों ब्रजेश कुमार मंडल और सूरज कुमार मंडल से पूछताछ की। उनकी निशानदेही पर 26 मार्च को लूटी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद किया गया। इसके बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि इस वारदात में उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जो वर्तमान में भागलपुर जिले में गिरफ्तार होकर न्यायिक हिरासत में है। ब्रजेश कुमार मंडल पर पूर्व से अपराधिक इतिहास रहा है। ये अपराधी मेहरमा जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध करके बिहार भाग जाते थे, जहां उन्हें सुरक्षित ठिकाना मिल जाता था।
कानपुर के छात्रों में नीट यूजी का पेपर रद्द होने से नाराजगी है। पेपर रद्द होने की सूचना मिलते ही छात्र काकादेव स्थित कोचिंग संस्थानों में पहुंच गए। छात्रों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और पेपर लीक करने वालों को जमकर कोसा। आक्रोशित छात्रों ने यहां तक कह डाला कि कई बार नीट का पेपर लीक हो चुका है। अब सीपीएमटी की तर्ज पर पेपर होना चाहिए और एनटीए को इसकी जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। पेपर दोबारा होने पर छात्रों ने मानसिक दबाव बढ़ने की बात भी कही। हालांकि नीट देने वालों ने एक बार फिर से तैयारी करना शुरू कर दिया है। छात्र प्रशांत का सवाल- बार बार नीट लीक क्यों होता है? नीट का पेपर देने वाले प्रशांत ने कहा कि छात्र परीक्षा देने के बाद निश्चिंत थे। जिन बच्चों का एग्जाम अच्छा गया था वह अब प्रेशर में आएंगे। बार बार नीट का पेपर लीक क्यों होता है। जब पेपर बनाया जाए तब वहां मोबाइल न हो। इसके अलावा पेपर होने तक बनाने वालों को किसी ने मिलने न दिया जाए। एनटीए साल में 100 पेपर करा रही है तो 70 लीक हो रहे हैं। अब एनटीए को यह जिम्मेदारी नहीं देनी चाहिए। हमारे ऊपर प्रेशर बढ़ता है अन्वेशा का कहना है कि बीते कुछ सालों से यही हो रहा है। 2024 में भी यही हुआ था। री नीट में पेपर हार्ड आता है। ऐसे में लोग प्रेशर में आते हैं। हम कई साल से तैयारी कर रहे हैं। पेपर लीक होने के बाद अब पेपर का लेवल हार्ड आएगा। अब फिर से नए तरीके से तैयारी करनी होगी। हर बच्चा 100 परसेंट दे रहा नीट देने वाली पार्वदिशा ने कहा कि पेपर हमारा भी अच्छा गया था। बार-बार नीट का पेपर ही लीक क्यों हो रहा है। हर बार बच्चा 100 परसेंट दे रहा है। अब दोबारा पेपर देना पड़ेगा तो हम लोगों पर प्रेशर बढ़ेगा। हम लोग क्या केवल पेपर ही देते रहेंगे। ऐसा सिस्टम बने कि पेपर लीक न हो सके। अगली परीक्षा फेयर होगी, यह कैसे मान लें नीट की तैयारी करने वाले छात्रों को बायो पढ़ाने वाले शिक्षक प्रदीप त्रिपाठी ने कहा कि साल भर बच्चा सपने के साथ परिश्रम करता है। दोबारा पेपर होने से बच्चे टूट जाते हैं। ओवर ऑल नीट करा रहे यह प्रशंसनीय विषय है। अगली परीक्षा फेयर होगी, यह कैसे मान लें। बच्चों को दोबारा से पढ़ाई करनी पड़ेगी।
जोधपुर हाईकोर्ट ने नगर निगम पाली को राहत देते हुए नगर निगम ऑफिस की संपत्ति जब्त करने संबंधी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि सिविल प्रथम अपील और उससे जुड़े स्थगन आवेदन पर सुनवाई होने तक डिक्री के निष्पादन की कार्यवाही स्थगित रहेगी। यह आदेश 11 मई को जोधपुर हाईकोर्ट जज शुभा मेहता ने जारी किए। बता दें कि एक परिवादी को कोर्ट के आदेश के बाद भी पट्टा जारी नहीं होने पर 7 मई को पाली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के जज राजेंद्र कुमार ने पाली नगर निगम ऑफिस की सम्पति जब्त और गाड़ी जब्त करने के आदेश दिए थे। पहले 3 पॉइंट्स में पढ़िए पूरा मामला नगर निगम पहुंचा हाईकोर्ट, मिली राहतइसके बाद नगर निगम हाईकोर्ट पहुंचा। नगर निगम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पंवार और अधिवक्ता वीएलएस राजपुरोहित ने पक्ष रखते हुए अदालत को बताया कि मूल डिक्री 6 सितंबर 2025 के खिलाफ सिविल प्रथम अपील संख्या 1265/2025 पहले से लंबित है और उसके साथ स्थगन प्रार्थना पत्र भी दायर किया गया है। अदालत को बताया गया कि 25 फरवरी 2026 को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने निष्पादन न्यायालय की कार्यवाही 23 मार्च 2026 तक स्थगित रखने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अपील की पत्रावली अदालत कार्यालय में उपलब्ध नहीं हो सकी, जिसके कारण अपील एवं स्थगन आवेदन पर नियमित सुनवाई नहीं हो पाई। नगर निगम की ओर से यह भी कहा गया कि इसमें उनकी कोई त्रुटि नहीं है, जबकि कुर्की की कार्यवाही के चलते नगर निगम कार्यालय का सामान्य कामकाज प्रभावित हो रहा है। वहीं, डिक्रीधारक पक्ष की ओर से दलील दी गई कि निष्पादन न्यायालय का आदेश विधिसम्मत है और याचिकाकर्ता पहले से लंबित अपील में ही राहत प्राप्त कर सकता है। यह भी कहा गया कि समानांतर कार्यवाही की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने माना कि अपील एवं स्थगन आवेदन की सुनवाई केवल पत्रावली उपलब्ध नहीं होने के कारण लंबित है और इसमें नगर निगम की कोई गलती नहीं है। अदालत ने कहा कि ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता को 'उपचारविहीन' नहीं छोड़ा जा सकता। इसी आधार पर उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश पारित करते हुए नगर निगम कार्यालय की संपत्ति की कुर्की एवं डिक्री निष्पादन की समस्त कार्यवाही पर रोक लगा दी। साथ ही निर्देश दिए कि प्रथम अपील और स्थगन आवेदन पर सुनवाई के समय लंबित रिट याचिका की जानकारी भी न्यायालय को दी जाए।
प्रतापगढ़ में घर में घुसे चोर को ग्रामीणों ने पकड़ लिया। चोर को पकड़कर रस्सी से बांध दिया और पुलिस के हवाले कर दिया। चोर पानी पीने के बहाने घर में घुसे थे। इस दौरान मकान मालिक ने देख लिया और रोकने लगा तो चोरों ने चाकू से हमला भी कर दिया। मामला चनियाखेड़ी गांव में मंगलवार दोपहर का है। आरोपी पर मध्यप्रदेश में चोरी सहित विभन्न मामले दर्ज हैं। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने चोर को गिरफ्तार कर लिया और मध्यप्रदेश पुलिस को सौंप दिया है। पानी पीने बहाने घर में घुसेप्रतापगढ़ थाने के जांच अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया- चनियाखेड़ी में एक युवक के घर में घुसने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचे तो पता चला कि युवक पानी पीने के बहाने घर में घुसा था। दरअसल, चनियाखेड़ी में राहुल आंजना के घर के बाहर प्याऊ है। एक बाइक पर आए तीन युवक प्याऊ पर पानी पीने रुके। इस दौरान तीनों युवक की नजर राहुल आंजना के घर पर पड़ी। यहां तीनों को कोई नजर नहीं आया तो तीनों घर के अंदर घुसने लगे। घर में घुसता देख आया मकान मालिकराहुल आंजना घर के पास ही घूमने निकले थे। तीन अज्ञात युवकों को घर में घुसता देख राहुल तुरंत वापस लौटे और तीनों को रोका। इतने में दो युवक तो मौके से भाग निकले, जबकि एक मकान मालिक राहुल के चंगुल में फंस गया। चाकू से किया हमलाआरोपी ने राहुल को अकेला देख चाकू निकाल लिया और हमला करने लगा। राहुल ने तेज आवाज लगाई तो आस-पास के लोग और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। सभी ने आरोपी को पकड़ लिया और रस्सी से हाथ-पैर बांध दिए। मकान मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। आरोपी की पहचान तेजमल (22) पुत्र राधे श्याम, निवासी रूपी मलदगढ़, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस उसे प्रतापगढ़ थाने ले आई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पर मध्य प्रदेश में चोरी सहित विभिन्न मामले दर्ज हैं। मल्हारगढ़ पुलिस (मध्य प्रदेश) प्रतापगढ़ थाने पहुंची और प्रतापगढ़ पुलिस ने आरोपी को मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दिया।
नूपपुर जिले में मानव और हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष को कम करने के लिए वन विभाग ने मंगलवार को 'गजरक्षक' मोबाइल ऐप की शुरुआत की। मध्यप्रदेश वन विभाग के इस ऐप के माध्यम से ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी और उनके विचरण की दिशा की जानकारी समय रहते मिल सकेगी। वन मंडलाधिकारी डेविड व्यंकटराव चनाप ने बताया कि तकनीक के इस उपयोग का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एसएमएस और सायरन से मिलेगा तत्काल अलर्ट जब भी हाथी आबादी वाले क्षेत्र के करीब पहुंचेंगे, गजरक्षक ऐप पंजीकृत ग्रामीणों और वनकर्मियों को एसएमएस, वॉयस कॉल और सायरन के माध्यम से तुरंत सचेत कर देगा। ऐप के जरिए हाथियों के मूवमेंट की रीयल-टाइम लोकेशन देखी जा सकती है। इस डेटा की मदद से वन विभाग की टीम प्रभावित क्षेत्रों को समय रहते खाली कराने या हाथियों को सुरक्षित मार्ग पर मोड़ने की कार्रवाई कर सकेगी। चार महीनों से हाथियों ने बनाया स्थायी ठिकाना अनूपपुर वन मंडल में वर्तमान में चार हाथी दो समूहों में विचरण कर रहे हैं, जिनमें एक आक्रामक हाथी भी शामिल है। पूर्व में हाथी छत्तीसगढ़ से आकर बांधवगढ़ की ओर निकल जाते थे, लेकिन पिछले चार महीनों से हाथियों ने अनूपपुर में ही स्थायी रहवास बना लिया है। हाथियों द्वारा जान-माल के नुकसान के कारण स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के खिलाफ बढ़ते आक्रोश को देखते हुए यह तकनीकी पहल की गई है। अलर्ट को अनदेखा न करने की अपील वन मंडलाधिकारी ने ग्रामीणों से अधिक से अधिक संख्या में ऐप डाउनलोड करने का आग्रह किया है। उन्होंने विशेष रूप से अपील की है कि ग्रामीण ऐप से आने वाले नोटिफिकेशन या सायरन अलर्ट को ब्लॉक न करें। अक्सर लोग वॉयस कॉल को सामान्य कॉल समझकर अनदेखा कर देते हैं, जो भविष्य में जानलेवा साबित हो सकता है। विभाग का मानना है कि यह ऐप ग्रामीणों और हाथियों, दोनों के संरक्षण के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।
छिंदवाड़ा के चिखलीकला में सोमवार रात तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपती को टक्कर मार दी। हादसे में गर्भवती महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि पति को भी चोटें आई हैं। दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। महिला सात माह की गर्भवती थी, हादसे के बाद ऑपरेशन करना पड़ा। पुलिस ने मंगलवार को कार चालक के खिलाफ में मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। आसपास मौजूद लोगों ने पहुंचाया अस्पतालजानकारी के मुताबिक दंपती शुभम साहू अपनी पत्नी योगिता के साथ बाइक से छिंदवाड़ा जा रहे थे। इसी दौरान छिंदवाड़ा-नागपुर हाईवे पर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 7वें महीने में ही करना पड़ा ऑपरेशनगंभीर हालत में गर्भवती महिला को नागपुर रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों को महिला और बच्चे की जान बचाने के लिए सातवें महीने में ही ऑपरेशन करना पड़ा। फिलहाल महिला और नवजात का इलाज नागपुर में जारी है। उमरानाला पुलिस चौकी से मिली जानकारी के अनुसार घटना सोमवार की है, जबकि मंगलवार को कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार वाहन चालक की तलाश में जुटी हुई है।
धौलपुर जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आंगई थाना पुलिस ने मंगलवार को एक कार्रवाई की। पुलिस ने एनएच-11बी रोड स्थित राधा कृष्णा स्टोन के पास से अवैध ब्लॉक पत्थरों से भरी 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। आंगई थाना प्रभारी कृपाल सिंह के नेतृत्व में एक टीम गश्त पर थी। इसी दौरान टीम ने बिना वैध रवन्ना के ब्लॉक पत्थरों का परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा।पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। थाना पुलिस ने बताया कि जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
राजसमंद झील पर नहाने के दौरान दो लोगों की मौत के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। मंगलवार को सिविल डिफेंस के जवानों को रेस्क्यू बोट संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी गई। रैपिड एक्शन के गुर सिखाए एडीएम नरेश बुनकर के अनुसार ट्रेनिंग के लिए भीलवाड़ा से पहुंचे बोट ट्रेनर नारायण कीर और उनकी टीम ने जवानों को बोट असेंबल करने, फ्यूल भरने, पानी में उतारने, इंजन फिट करने और बोट स्टार्ट करने की प्रक्रिया सिखाई। इसके साथ ही बोट को पानी में रन करना, रिवर्स लेना और एक ही जगह पर नियंत्रित तरीके से घुमाने जैसी तकनीकी बारीकियों की भी जानकारी दी गई। बोले- गहराई में फंसे शवों को निकाला जा सकेगा प्रशिक्षण के दौरान सिविल डिफेंस जवानों ने खुद भी बोट ऑपरेट कर अभ्यास किया। जवान विक्रम सिंह ने बताया कि झील में रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान खासकर गहराई में फंसे शवों को बाहर निकालने में यह बोट काफी मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि पहले ट्यूब के सहारे रेस्क्यू करना पड़ता था, जिससे समय अधिक लगता था और कई परेशानियां आती थीं। देखें ट्रेनिंग की तस्वीरें…
गुरुग्राम साइबर पुलिस ने जोमैटो के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन टिकट बेचने वाले गिरोह के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी थाना साइबर अपराध दक्षिण पुलिस द्वारा की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय प्रियांशु कुशवाह के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के उधम सिंह नगर स्थित इंद्रा कॉलोनी का रहने वाला है। उसे 11 मई को गुरुग्राम से पकड़ा गया है। फर्जी वेबसाइट्स बनाकर बेचे नकली टिकट इस मामले में जोमैटो ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के अनुसार, कुछ साइबर ठगों ने जोमैटो के नाम से फर्जी वेबसाइट्स और ईमेल आईडी बनाईं। इन फर्जी प्लेटफॉर्म्स का उपयोग प्रसिद्ध सिंगर दिलजीत दोसांझ के 'दिल-लुमिनाटी' (Dil-Luminati) इंडिया टूर के नकली टिकट ऑनलाइन बेचने के लिए किया गया। आरोपियों ने https://zomato-live.com जैसी फर्जी वेबसाइट्स तैयार की थीं और इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को टिकट खरीदने के लिए गुमराह किया। जबकि कॉन्सर्ट के टिकट बेचने का आधिकारिक अधिकार केवल जोमैटो के पास था। 2 आरोपी पहले पकड़े जा चुके पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी प्रियांशु ने अन्य आरोपी नितिन के कहने पर यह फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। इस काम के लिए उसे 5 हजार रुपए दिए गए थे। प्रियांशु ने वर्ष 2024 में गाजियाबाद से बीसीए की पढ़ाई पूरी की है और वर्तमान में वह देहरादून में फ्रीलांसर के तौर पर वेबसाइट डिजाइनिंग का काम करता है। इस मामले में नितिन और विष्णु नामक 2 आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
डिस्कॉम जनसुनवाई में 62 मामले निपटाए:बिजली विभाग को 6 लाख का मिला राजस्व, 85 मामलों की हुई सुनवाई
जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर एसई विवेक शर्मा ने बाड़ी और सरमथुरा एईएन कार्यालयों में विशेष जनसुनवाई आयोजित की। इस दौरान उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं को सुना गया। जनसुनवाई में कुल 85 मामले सामने आए, जिनमें से 62 मामलों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष समस्याओं के समाधान के लिए 7 दिन का समय निर्धारित किया गया है। बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें भी आईजनसुनवाई में बिजली बिलों से जुड़े 24 प्रकरण, वीसीआर के 55 मामले और 6 अन्य विद्युत संबंधी शिकायतें शामिल थीं। कटे हुए और नियमित बिजली उपभोक्ता भी बिलों में गड़बड़ी की शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने रिकॉर्ड के आधार पर सुनवाई कर कई उपभोक्ताओं के बिल संशोधित किए, जिसके बाद संबंधित उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कराई। एसई विवेक शर्मा ने बताया कि 38 नए और पुराने कटे हुए उपभोक्ताओं द्वारा बकाया राशि और लंबित वीसीआर जमा कराने से डिस्कॉम को लगभग 6 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्धारित राजस्व वसूली लक्ष्य प्राप्त करने और उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए इस प्रकार की विशेष जनसुनवाई आयोजित की जा रही हैं।
राजगढ़ जिले के माचलपुर में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली मंगलवार को राजनीतिक मुद्दा बन गई। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में डॉक्टरों की कमी और मरीजों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ रैली निकाली और अस्पताल पहुंचकर जमकर नारेबाजी की। इसके बाद नायब तहसीलदार कपिल शर्मा को कलेक्टर के नाम 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि माचलपुर अस्पताल पिछले करीब 10 महीनों से स्थायी डॉक्टर के बिना संचालित हो रहा है। महिला डॉक्टर नहीं होने से महिला मरीजों को इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ रहा है। फिलहाल अलग-अलग डॉक्टरों की साप्ताहिक ड्यूटी लगाकर व्यवस्था संभाली जा रही है, लेकिन इससे मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा। नेताओं ने कहा कि क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के लोग इसी अस्पताल पर निर्भर हैं, लेकिन यहां की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार कमजोर होती जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि मरीजों को पर्याप्त दवाइयां नहीं मिल रही हैं। अस्पताल परिसर में सार्वजनिक मूत्रालय तक नहीं है। भीषण गर्मी के बावजूद मरीजों और उनके परिजनों के लिए ठंडे पानी, पंखे और कूलर जैसी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार की स्वास्थ्य योजनाएं सिर्फ कागजों में चल रही हैं, जबकि जमीनी स्तर पर मरीज परेशान हो रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। धरना-प्रदर्शन के साथ चक्का जाम तक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन में रखी गई ये प्रमुख मांगें प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। अस्पताल परिसर में कुछ देर तक विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
लखनऊ में मड़ियांव थाना पुलिस ने ई-रिक्शा और टेंपो में सवारियों के बैग से जेवर और नकदी चोरी करने वाले गिरोह को पकड़ा है। पुलिस ने 3 महिलाओं समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से सोने के जेवर और 29,400 रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगाल रही है। पुलिस ने घेराबंदी करके पकड़ा एडीसीपी नार्थ ने बताया सोमवार को मड़ियांव थाना पुलिस भिठौली तिराहे पर चेकिंग कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ई-रिक्शा और टेंपो में चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ संदिग्ध महिलाएं और पुरुष नौबस्ता मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क के पास मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर 5 लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान जयप्रकाश उर्फ जैकी, मनोज कुमार उर्फ जत्थू, रजनी, रामवती और अनीता के रूप में बताई। सभी आरोपी हरियाणा और राजस्थान के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में मल्हौर रेलवे स्टेशन के पास चिनहट इलाके में रह रहे थे। मड़ियांव और गोमती नगर से चुराए गहने बरामद हुए तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक गले का हार, दो चैन, दो मंगलसूत्र, माथे का टीका, एक अंगूठी, एक जोड़ी कान के टप्स और 29 हजार 400 रुपए नगद बरामद हुए। जांच में सामने आया कि बरामद सामान मड़ियांव और गोमतीनगर थानों में दर्ज चोरी के कई मुकदमों से संबंधित है। पुलिस पूछताछ में बताया कि ई-रिक्शा और टेंपो में यात्रियों के साथ सफर करते थे और मौका मिलते ही उनके बैग से जेवर व कीमती सामान चोरी कर लेते थे। बाद में चोरी का माल राह चलते लोगों को बेचकर खर्च चलाते थे।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गुब्बारे बेचने का काम करते थे। इनके आपराधिक इतिहास की जानकारी अन्य जिलों और थानों से जुटाई जा रही है।
बलरामपुर जिले के ग्राम भवरमाल निवासी आदिवासी किसान केदार सिंह को धान बिक्री की राशि नहीं मिली है। बैंक द्वारा खाता रोके जाने से परेशान किसान ने कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। केदार सिंह गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और इलाज के लिए इस राशि की आवश्यकता है। केदार सिंह (60 वर्ष), जो स्व. मेवा सिंह के पुत्र हैं और रामानुजगंज थाना क्षेत्र के भवरमाल गांव के निवासी हैं, लकवा और किडनी में पथरी जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्होंने खरीफ वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर 38.80 क्विंटल धान बेचा था, जिसकी कुल राशि 1,20,280 रुपए बनती है। बैंक ने खाते को होल्ड किया किसान के अनुसार, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित शाखा रामानुजगंज ने उनके खाते से राशि का भुगतान रोक दिया है। बैंक प्रबंधन ने बताया है कि उनके खाते में वर्ष 2022 का 1.92 लाख रुपए का ऋण दर्ज है। हालांकि, किसान केदार सिंह का दावा है कि उन्होंने कभी कोई ऋण नहीं लिया है। पीड़ित किसान ने यह भी बताया कि वर्ष 2025 में भी इसी तरह के मामले को लेकर बैंक प्रबंधन और कलेक्टर जनदर्शन में शिकायत की गई थी। उस समय शिकायत के बाद पिछले वर्ष की धान बिक्री की राशि जारी कर दी गई थी। बैंक पर किसान से 500 रुपए लेने का भी आरोप किसान ने आरोप लगाया कि 29 अप्रैल 2026 को जब वे बैंक से राशि निकालने पहुंचे, तो एक कर्मचारी ने 500 रुपए लेकर 49 हजार रुपए देने की बात कही। लेकिन बाद में खाता होल्ड बताकर भुगतान से इनकार कर दिया गया। किसान का कहना है कि न तो उन्हें राशि मिली और न ही लिए गए 500 रुपए वापस किए गए। कलेक्टर को सौंपे गए आवेदन में किसान ने इस पूरे मामले की जांच कर धान बिक्री की बकाया राशि जल्द से जल्द दिलाने की मांग की है, ताकि वे अपना इलाज करा सकें।
इंदौर में नगर निगम कमिश्नर मंगलवार को एक बार फिर मैदान में उतरे। उन्होंने शहर के विभिन्न गार्डन, सीटीपीटी और घाट क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने बांगड़दा इलाके में बने सीटीपीटी और कुएं के हालात देखे। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। यहां से वे रामकृष्ण आश्रम के पास बने गार्डन पहुंचे। गार्डन में सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिलने पर संबंधित उद्यान दरोगा को फटकार लगाई और सुधार करने के निर्देश दिए। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर कचरा और गंदगी फैलाने वालों को पहले समझाइश देने, नहीं मानने पर कार्रवाई करते हुए पेनल्टी लगाने को कहा। कई जगह लिया व्यवस्थाओं का जायजा इसके बाद निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अग्रसेन कॉलोनी गार्डन, वीआईपी रोड स्थित आरएपीटीसी गार्डन और सीटीपीटी की सफाई व्यवस्था जांचने पहुंचे। यहां से एयरपोर्ट रोड और आसपास के इलाकों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। निगम कमिश्नर ने गणगौर घाट और कृष्णपुरा छत्री घाट की स्थिति भी देखी। नदी-नाला सफाई अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को घाट क्षेत्रों में लगातार सफाई कार्य संचालित करने, जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने और अभियान को तेज करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
धार भोजशाला में अंतिम सुनवाई पूरी:फैसला रिजर्व फॉर ऑर्डर, अब नजरें कोर्ट के फैसले पर
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में चर्चित भोजशाला प्रकरण की सुनवाई मंगलवार को पूरी हुई। करीब दो घंटे से ज्यादा सुनवाई चली। मामले में सभी पक्षों के तर्क हो चुके हैं और भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI) ने भी अपने तर्क मजबूती से रखे। मामले में कोर्ट ने फैसला रिजर्व फॉर ऑर्डर रखा है। इसके पूर्व सोमवार को लंबी बहस हुई थी। सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष की ओर से सीनियर एडवोकेट शोभा मेनन और सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पक्ष रखा था, जबकि एडवोकेट तौसिफ वारसी कोर्ट में उपस्थित रहे थे। सुनवाई के दौरान मुख्य रूप से राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रस्तुत तर्कों और सर्वे रिपोर्ट का विरोध किया गया। वर्ष 2022 में रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने तथा हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार दिए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। इसी प्रकरण में वर्ष 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने भोजशाला परिसर में 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था। बाद में 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति सुप्रीम कोर्ट ने दी थी। यह तय नहीं हुआ है कि भोजशाला मंदिर है या मस्जिद भोजशाला मामले की नियमित सुनवाई 6 अप्रैल से हाईकोर्ट में चली। 6 से 9 अप्रैल तक हिंदू पक्ष की ओर से विष्णुशंकर जैन और विनय जोशी ने भोजशाला को मंदिर बताते हुए अपने तर्क रखे थे। एडवोकेट शोभा मेनन ने कोर्ट में कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि भोजशाला मंदिर है, मस्जिद है या जैन शाला। उन्होंने कहा कि यदि यह मंदिर होता तो वहां मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होती, जबकि ऐसा कोई प्रमाण नहीं है। धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को तर्क दिया कि विवादित स्थल का धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है, जबकि हाई कोर्ट में अनुच्छेद 226 के तहत रिट याचिका दायर की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि याचिकाकर्ताओं द्वारा जनहित याचिका के माध्यम से स्वयं को समाजसेवी बताना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है। सलमान खुर्शीद ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई वीडियोग्राफी और तस्वीरें स्पष्ट नहीं थीं तथा रंगीन फोटो भी उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्होंने कहा कि अयोध्या मामले में रामलला विराजमान की मूर्ति मौजूद थी, जबकि भोजशाला में ऐसी कोई मूर्ति स्थापित नहीं है। रिपोर्ट में गौतम बुद्ध की प्रतिमा का नहीं है उल्लेख आरोप लगाया कि सर्वे की सूचना मुस्लिम पक्ष को औपचारिक रूप से नहीं दी गई और जानकारी केवल सोशल मीडिया के माध्यम से मिली। खुर्शीद ने कहा कि सर्वे एक साथ कई स्थानों पर किया गया, जिससे सभी स्थानों पर पक्षकारों की मौजूदगी संभव नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि सर्वे के दौरान गौतम बुद्ध की प्रतिमा मिली थी, लेकिन उसका उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया। साथ ही सर्वे में कार्बन डेटिंग तकनीक का उपयोग नहीं किए जाने पर भी सवाल उठाए गए। सर्वे प्रक्रिया पर भी उठे सवाल एडवोकेट तौसिफ वारसी ने कहा कि सर्वे के दौरान पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर की मौजूदगी के लिए कोई स्पष्ट न्यायालयीन आदेश नहीं था, फिर भी वे पूरे समय उपस्थित रहे उन्होंने यह भी कहा कि सर्वे आधुनिक तकनीक से किया जाना था, लेकिन सर्वे टीम ने पुरानी तकनीक “टोटल स्टेशन” का इस्तेमाल किया।
रतलाम नगर के जावरा फाटक क्षेत्र के पास महू-नीमच हाईवे स्थित ‘पहलवान बाबा की दरगाह’ के नाम पर किए जा रहे कथित अवैध अतिक्रमण और पक्के निर्माण का हिंदू संगठनों ने विरोध किया है। मंगलवार को विभिन्न संगठनों और हिंदू समाज के लोगों ने जनसुनवाई में जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इसमें अवैध अतिक्रमण रोकने और आगामी दिनों में होने वाले आयोजन पर रोक लगाने की मांग की गई। 25 से 30 फीट लंबे शेड बनाने का आरोपहिंदू संगठनों द्वारा कलेक्टर के नाम दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि शासकीय भूमि सर्वे क्रमांक 104 पर स्थित उक्त दरगाह के वास्तविक क्षेत्रफल को षड्यंत्रपूर्वक बढ़ाया जा रहा है। हाईवे के दोनों ओर लोहे की चद्दरें और स्टील की जालियां लगाकर करीब 25 से 30 फीट लंबे क्षेत्र में अवैध शेड बना दिया गया है। ज्ञापन में बताया गया कि उक्त स्थल से संबंधित प्रकरण (आर.सी.एस.ए. 337/2024) वर्तमान में तृतीय व्यवहार न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन है। मामले की अगली सुनवाई 16 अगस्त 2026 को निर्धारित है। इसके बावजूद वहां निर्माण कार्य जारी रहने का आरोप लगाया गया है। रोड के बीचों बीच है दरगाह सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि यह दरगाह महू-नीमच हाईवे के मुख्य मार्ग के बीचों-बीच स्थित है। भारी वाहनों की निरंतर आवाजाही के कारण यहां किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। ज्ञापन में भी यह भी बताया कि यहां पर बिना अनुमति के आगामी 13, 14 और 15 मई को उर्स और कव्वाली के कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है। संगठनों ने जनहित को ध्यान में रखते हुए इस आयोजन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। कार्रवाई की मांग कीहिंदू संगठनों ने मांग की है कि वर्तमान में हो रहे अवैध निर्माण को तुरंत ध्वस्त किया जाए। इस कृत्य में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही, भविष्य में भी यहां किसी भी प्रकार के सार्वजनिक कार्यक्रम की अनुमति प्रदान न की जाए। ज्ञापन देते समय बड़ी संख्या में हिंदू समाज के प्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डीडवाना जिले के खारिया गांव में दो पक्षों के बीच चल रहा विवाद अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर पहुंच गया है। गांव के पीड़ित लोगों ने डीडवाना पहुंचकर भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा से मुलाकात की और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित प्रतिनिधिमंडल ने लाडनू में भाजपा नेता करणी सिंह से भी मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय दिलाने की मांग रखी। पीड़ित पक्ष में अलादीन खान, युनुस खान (राजू), मुराद खान खोखर, रमजान खान, गुलाम नबी आजाद, शौकत खान और अन्य ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने भाजपा नेताओं को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें आरोप लगाया गया कि गांव के एक परिवार से जुड़े कुछ लोग लगातार झगड़े, मारपीट और धमकियों की घटनाओं में शामिल रहते हैं। ग्रामीणों ने नबाब खान, हाकम अली खान, हनीफ खान, शाहरुख खान, नवाज शरीफ, नाना भानू, समीर भानू, शरीफ खान, सदाम खान, परवेज खान और मकसूद मक्कू सहित कुछ अन्य लोगों पर आदतन झगड़ालू होने का आरोप लगाया। उनके अनुसार इन व्यक्तियों के खिलाफ पहले भी मारपीट, हमला और धमकी देने के कई मामले दर्ज हो चुके हैं, और इनमें से कई जेल भी जा चुके हैं। पीड़ितों ने बताया कि हाल ही में पूर्व एएसआई कासम खान और उनके परिवार पर हमला हुआ था। इस घटना में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए थे। इस संबंध में पुलिस में मामले दर्ज किए गए हैं और जांच जारी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी गांव में अफवाहें फैलाकर लोगों को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर हथियारों के साथ तस्वीरें साझा कर गांव में भय का माहौल बनाया जा रहा है। पीड़ित पक्ष ने बताया कि अलादीन खान, युनुस खान, मुराद खान खोखर, रमजान खान, गुलाम नबी आजाद और शौकत खान के परिवारों को भी धमकियां मिली हैं और उनके साथ मारपीट की घटनाएं हुई हैं। इन मामलों से संबंधित शिकायतें पुलिस और न्यायालय में विचाराधीन हैं। ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और गांव में शांति व कानून व्यवस्था बहाल करने की मांग की।
मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2025 का परिणाम जारी होने के बाद देवास जिला अस्पताल में चयनित अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण चल रहा है। विभिन्न जिलों से अभ्यर्थी यहां पहुंचे हैं। अभ्यर्थियों ने बताया कि 9 अप्रैल को परिणाम घोषित होने के बाद अब मेडिकल प्रक्रिया चल रही है, जिसके बाद सीधे पोस्टिंग दी जाएगी। यह प्रक्रिया 14 मई तक जारी रहेगी, जिसमें कुल 128 अभ्यर्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना है। जिला अस्पताल में सोमवार को 26 पुरुष और 3 महिला अभ्यर्थियों का मेडिकल परीक्षण किया गया। वहीं, मंगलवार को 27 पुरुष और 3 महिला अभ्यर्थियों का परीक्षण जारी है। इस दौरान तीन बेटियों की प्रेरणादायक कहानियां सामने आई हैं। इनमें से कुछ के पिता किसान हैं तो कुछ के ड्राइवर। इन बेटियों ने मजबूत हौसलों के साथ खाकी वर्दी पहनकर अपने गांव और परिवार का नाम रोशन करने का संकल्प लिया है। मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2025 में चयनित होकर देवास जिला अस्पताल में मेडिकल परीक्षण के लिए पहुंचीं कई युवतियां अपने गांव की पहली ऐसी बेटियां हैं, जिनका चयन पुलिस सेवा में हुआ है। कठिन परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के बावजूद, इन बेटियों ने कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर यह सफलता हासिल की है। पिता ड्राइवर हैं, देश सेवा का जज्बाउज्जैन जिले के तालोद की रहने वाली एक चयनित अभ्यर्थी ममता वाघेला ने बताया कि उनके पिता ड्राइवर हैं। उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए पुलिस भर्ती की तैयारी की और कांस्टेबल पद पर चयनित हुईं। उन्होंने कहा कि वह अपने गांव की पहली बेटी हैं जो पुलिस सेवा में जा रही हैं। गांव में रहकर की तैयारीवहीं, गुना जिले के गड़ा गांव की रहने वाली वर्षा कुशवाह ने बताया कि उनके पिता किसान हैं। गांव में रहकर ही उन्होंने तैयारी की और बचपन से पुलिस में जाने का सपना देखा था। वर्षा ने कहा कि आज उनका सपना पूरा हो गया और वह भी अपने गांव की पहली बेटी हैं, जिनका चयन पुलिस विभाग में हुआ है। रायसेन के उडिया गांव से आई ज्योति राजपूत ने बताया कि उनके पिता भी किसान हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता ने हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। किसान परिवार से होने के बावजूद उन्हें पढ़ाई और तैयारी के लिए पूरा सहयोग मिला। ज्योति ने कहा कि अब उनका सपना साकार होने जा रहा है और वह अपने गांव की पहली बेटी होंगी जो पुलिस की वर्दी पहनेंगी।
झालावाड़ में पोक्सो कोर्ट ने नाबालिग के किडनैप और शादी कराने की कोशिश के मामले में 3 आरोपियों को पांच-पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने यह जानकारी दी। मामला 27 मई 2025 का है, जब पीड़िता के पिता ने पिड़ावा थाने में अपनी बेटी के सुबह 8 बजे से लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने अपनी बेटी की तलाश रिश्तेदारों और परिचितों के यहां की, लेकिन वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पिड़ावा से पीड़िता को किया था बरामदपुलिस ने 2 दिन बाद पीड़िता को पिड़ावा से बरामद किया। पीड़िता ने अपने बयानों में बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाली एक महिला और उसके पति ने उसकी शादी कोटा में एक सुनार के लड़के से तय की थी। हालांकि, किसी कारणवश लड़के ने शादी से इनकार कर दिया था। पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे किसी अन्य लड़के से मिलवाने के लिए बुर्का पहनाकर बस से पिड़ावा से भवानीमंडी ले गए। वहां से वे ट्रेन से कोटा पहुंचे और एक होटल में रुके, जहां उन्होंने पीड़िता को एक लड़का दिखाया। 2 महिलाओं समेत 3 आरोपियों को पकड़ाअगले दिन उस लड़के ने भी शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला और उसके पति ने लड़के से 50 हजार रुपए फोन में डालने को कहा। बाद में वे पीड़िता को कोटा स्टैंड पर छोड़कर अपने ससुराल चले गए। इसके बाद आरोपी की मां आई और पीड़िता को एक गांव ले गई, जहां वे एक रात रुके। अगले दिन सुबह 9 बजे आरोपी की मां पीड़िता को कोटा स्टैंड पर छोड़कर बाजार चली गई। इसके बाद पिड़ावा पुलिस पीड़िता को अपने साथ पिड़ावा ले आई। पुलिस ने इस मामले में 2 महिला समेत 3 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें कोर्ट में पेश किया था।

