CM योगी आदित्यनाथ ने अपने गोरखपुर दौरे के तीसरे दिन शुक्रवार को 200 लोगों की समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया। गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में ये लोग सुबह से ही पहुंचे थे। एक-एक कर सबके पास गए और उनसे आवेदन लेकर उनकी समस्या पूछी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाए। मुख्यमंत्री गुरुवार को गोरखपुर से ही पश्चिम बंगाल में चुनावी जनसभा को संबोधित करन गए थे। वहां से लौटने के बाद पिपराइच के लुहसी में स्व. मारकंडेय यादव के घर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह की पत्नी के ब्रह्मभोज में पहुंचकर भी उन्होंने श्रद्धांजलि दी। शुक्रवार की सुबह उन्होंने जनता दर्शन में आए लोगों की समस्याएं सुनीं। घरेलू विवाद के ज्यादा मामले आए जनता दर्शन में महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी रही। उनमें घरेलू विवाद के मामले अधिक आए। घर से निकालने और शादी के बाद आयी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गईं। उन्होंने निस्तारण करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। कुछ लोग जमीन पर कब्जा की शिकायत लेकर भी पहुंचे थे। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि यदि किसी की जमीन पर कोई अवैध रूप से कब्जा करता है तो उसपर सख्त कार्रवाई की जाए।कुछ महिलाओं ने खराब आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए सहायता और आवास दिलाने की मांग की। सीएम ने अधिकारियों को आवास के संबंध में राहत देने का निर्देश दिया। कुछ लोग दूसरे जिलों से भी आए थे। सीएम ने उनकी समस्याओं के निराकरण का भरोसा दिया। परिजनों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांगजनता दर्शन में कई ऐसे लोग भी आए थे, जिनके परिजनों को गंभीर बीमारी है और आर्थिक अभाव में वे इलाज कराने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने सीएम से इलाज के लिए आर्थिक मदद दिलाने की गुहार लगाई। सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे लोगों का इस्टीमेट बनवाकर शासन को भेजा जाए। सरकार की ओर से आर्थिक मदद की जाएगी। महिला फरियादियों के साथ आए बच्चों को सीएम ने चॉकलेट देकर दुलारा। बच्ची का अन्नप्राशन कराया जनता दर्शन से पहले गोरखनाथ मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान सीएम ने एक बच्ची का अन्नप्राशन कराया। उन्होंने पहले बच्ची को दुलारा और उसके बाद उसका अन्नप्राशन कराया। अक्सर लोग गोरखनाथ मंदिर में सीएम के हाथों बच्चों के अन्नप्राशन के लिए पहुंचते हैं।
‘आग लगने के बाद हमारे दोनों बच्चे लापता हो गए। जैसे-जैसे आग बढ़ती जा रही थी वैसे-वैसे हमारी उम्मीद घटती जा रही थी। हम हमारी पत्नी अपने बच्चों को सब जगह ढूंढ़ चुके थे मगर वे कहीं नहीं मिले। हम रोने और चीखने लगे। हमें ऐसा लगा कि हमने अपने दोनों बच्चों को खो दिया। क्योंकि आग इतनी ज्यादा थी कि कुछ समझ में नहीं आ रहा था। आग में सब कुछ जला जा रहा था। इसी बीच आप लोगों ने हमारी खबर चलाई फिर हमें यह जानकारी मिली कि हमारे बच्चे जहां आग लगी है उसकी दूसरी तरफ हैं। इन दोनों बच्चों का मिलना हमें नई जिंदगी मिलने के बराबर है।’ यह कहना था रहमान का, जिनके दो बच्चे लापता हो गए थे, जो बाद में सकुशल मिल गए। लखनऊ में 15 अप्रैल बुधवार को शाम 5 बजे भीषण आग लग गई। विकासनगर इलाके में लगी इस आग से 30 से ज्यादा सिलेंडर फट गए। 250 से ज्यादा झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। करीब 10 किलोमीटर दूर तक धुएं का गुबार देखा गया। आग लगने फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग काबू पाया। इस आग में झोपड़ी में रहने वाले लोगों का सब कुछ जलकर राख हो गया। कई ऐसे परिवार थे जिनके बच्चे कुछ देर के लिए लापता हो गए थे। उनमें से रहमान भी थे जिनके बच्चे समीर और आलिया भी लापता हुए थे। बच्चों के लापता होने के बाद दैनिक भास्कर ने रहमान की बात प्रमुखता से उठाई। बाद में बच्चे मिल गए तो रहमान की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उनसे जब पूछा गया कि हादसे वाले दिन 4 बच्चों के लापता होने की बात क्यों कही थी तो उन्होंने कहा- मैं अपने दोनों बच्चों के इतने दुख में था कि गलती से 4 बच्चे कह दिया होगा। दो बच्चे ही उस समय पता नहीं कहां चले गए थे। 2 तस्वीरें देखिए- ‘डर था कि बच्चे जल न गए हों’ बच्चों के मिलने के बाद रहमान ने बताया कि 2 घंटे बाद हमें पता चला वो दूसरी तरफ है। बेटा 5 साल का रहीम और बेटी 6 साल की आलिया लापता हुए थे। बच्चों के क्या होने की खबर चलने लगी जिसके बाद हमें किसी ने बताया गया कि बच्चे सुरक्षित हैं। आप आकर ले जाइए। बच्चों के लापता होने के बाद हम बिल्कुल बेसुध हो गए थे। बच्चों के लापता होने के बाद हमारी स्थिति बहुत खराब हो गई थी। हम यही सोच रहे थे की कहीं बच्चों जल न गए हो। माहौल से बुरी तरह डरे हुए थे। 4 महीने पहले बड़ी बेटी की मौत हुई थी रहमान ने बताया कि अभी 4 महीने पहले ही हमारे बड़ी बेटी की बीमारी से मौत हो गई थी जिसकी उम्र 12 साल थी। अगर इन बच्चों को भी कुछ हो जाता तो हम यह सदमा बर्दाश्त न कर पाते। हम इन्हीं के लिए मेहनत मजदूरी करते हैं। अगर यही न होते तो हम क्या करते? आज हमारी सारी पूंजी जलकर राख हो गई मगर उसका इतना अफसोस नहीं है। उससे ज्यादा हमको बच्चों के मिलने की खुशी ज्यादा है। फिलहाल, हम अपना गम भूल गए हैं और बच्चे मिल गए, यही हमारे लिए सब कुछ है। पिता से मिलने के बाद रहीम बोला पुलिस बनना है पिता से मिलने के बाद 5 साल का रहीम भी बेहद खुश था। उसने बताया कि मम्मी-पापा से अलग होने के बाद हम बहुत रो रहे थे। सब लोग उस समय इधर-उधर भाग रहे थे। मगर अब जब पापा मिल गए हैं तो बहुत अच्छा लग रहा है। हमें पुलिस वाले अंकल अच्छे लगते हैं। हम भी पढ़कर बड़े होकर पुलिस बनेंगे। 2 बेटियां जिंदा जल गईं विकासनगर में आग दो बच्चियों की जलकर मौत हो गई थी। उनकी पहचान बाराबंकी के काशी पुरवा के सतीश कुमार ने अपनी बेटियों के रूप में की। बड़ी बेटी श्रुति 2 साल की थी और दूसरी अभी 2 महीने की ही थी। बेटियां जिस जगह पर जलीं, वहां की तस्वीर सामने आई है। यहां पर दोनों के निशान बने हुए हैं। इन निशान से अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोनों बहनें आसपास पड़ी सो रही थीं। पीएम हाउस में दो माह वाली को तो पहचानना मुश्किल था लेकिन बड़ी का शव समझ में आ रहा था। उसकी हड्डियां बाहर आ गई थीं। परिवार ने जैसे ही बच्चियों के शव देखा, बुरी तरह रोने लगे। ऐसी हालत में देखते ही बेसुध हो गए। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- ग्राउंड रिपोर्ट- लखनऊ अग्निकांड- घर जला तो दुल्हन ससुराल नहीं आई : खाली हाथ बारात लेकर पहुंचा दूल्हा, बेबसी की 4 कहानियां... ‘हम लोग शादी की तैयारी कर रहे थे। एक घंटे बाद भतीजे की बारात निकलने वाली थी। मेहमान पहुंच चुके थे। दूल्हे को सजाने की तैयारी चल रही थी। उसे उबटन लगाया जा रहा था। घर की महिलाएं गीत गा रही थीं। अचानक चीख-पुकार मचने लगी। किसी ने चिल्लाकर बताया कि बस्ती में आग लग गई है।’ यह कहते हुए लखनऊ की रानी का गला भर आया। उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। (पूरी रिपोर्ट पढ़िए)
प्रयागराज में कच्चे घर के छप्पर में आग लगने से 5 साल की बच्ची जिंदा जल गई। हादसे के समय बड़ी बहन अपने साथ एक भाई और दो बहनों को लेकर भागी। जबकि 5 साल की सोना घर में ही सोती रह गई। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आसपास पानी की व्यवस्था न होने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जब तक आग बुझी, तब तक मासूम सोना की झुलसी हुई लाश छप्पर के अंदर मिली। घटना के दौरान मां-बाप खेत में काम करने गए थे। सूचना पर पहुंचे पति-पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसा गुरुवार दोपहर एयरपोर्ट थाना क्षेत्र के इंगुआ उर्फ काठगांव की है। पढ़िए पूरी खबर कोडीन-कफ-सिरप मामले में 38-हजार पेज की चार्जशीट दाखिल; शुभम जायसवाल सहित 18 आरोपी हैं नामजद वाराणसी पुलिस ने कोडीन कफ सिरप मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल सहित 18 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। यह चार्जशीट 38 हजार पेज की है। जिसके हर पन्ने पर कोडीन कफ सिरप मामले के आरोपियों का कला चिट्ठा लिखा गया है। बता दें की इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल दुबई में छुपा बैठा है। इसकी सूचना के बाद इंटरपोल की मदद से शुभम के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी की गयी है। अब उसे जल्द ही पुलिस वाराणसी लाएगी। पढ़िए पूरी खबर महोबा में स्कॉर्पियो ने 2 ई-रिक्शा को सामने से मारी टक्कर, महिला समेत 10 घायल महोबा में गुरुवार को एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने स्कूटी और 2 ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। जिससे 10 लोग घायल हो गए। स्कॉर्पियो कानपुर-सागर हाईवे पर नवीन बस स्टैंड से पठा तिराहा तक करीब 500 मीटर के दायरे में वाहनों को टक्कर मारी। स्कॉर्पियो ने टक्कर मारने के बाद ड्राइवर गेट खोलकर कूद गया। वहीं स्कॉर्पियो 50 मीटर दूर जाकर रुकी। स्थानीय लोगों ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया। जिसमें एक महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं पुलिस में ड्राइवर को हिरासत में लेकर कार्रवाई कर रही है। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर… अपना दल ने बरेली और मेरठ में नई कार्यकारिणी बनाई मंत्री अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल (सोनेलाल) ने गुरुवार को बरेली और मेरठ परिक्षेत्र में क्षेत्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट जारी की है। मेरठ परिक्षेत्र में तीन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 4 महासचिव, 4 सचिव, कोषाध्यक्ष और 3 कार्यकारिणी सदस्य बनाए गए हैं। इसी तरह बरेली परिक्षेत्र में तीन उपाध्यक्ष, दो महासचिव, 9 सचिव, 2 मीडिया सचिव, एक कोषाध्यक्ष और 3 कार्यकारिणी सदस्य हैं। लिस्ट देखिए... 11वीं में फेल होने के बाद छात्र ने की आत्महत्या, लिखा- गुडबाय एवरीवन मुजफ्फरनगर में 11वीं के एक छात्र ने आत्महत्या कर ली। उसके दोस्तों का आरोप है 11वीं में केवल वही फेल हुआ था। बाकी सभी छात्र पास हो गए। इस कारण वह परेशान था। आत्महत्या करने से पहले छात्र ने एक सुसाइड नोट लिखा। इसमें उसने 'गुडबाय एवरीवन' कहते हुए लिखा, अगर कोई गलती हुई हो तो माफ कर देना। अब से कोई गलती नहीं होगी और आईफोन का पासवर्ड 2525 है। नोट के नीचे उसके हस्ताक्षर भी थे। पढ़ें पूरी खबर
अलवर शहर के NEB थाना क्षेत्र की मेडिकल कॉलोनी में बहन के घर आई महिला को उसके ही पति ने इतना पीटा की अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। मामला ये था कि महिला ने किसी युवक के पेट में दर्द होने पर उसका पेट मसला था। उसका वीडियो बनाकर उसके पति को भेज दिया। फिर शक करते हुए पति ने पत्नी को बुरी तरह पीटा। जो अलवर जिला अस्पताल में भर्ती है। यह घटना रात 11 बजे की है। मेडिकल कॉलोनी में रह रही महिला बिरमा देवी ने बताया कि उसी सगी बहन वीरवती अलावड़ा से आई थी। उसे जनाना अस्पताल में छोटे-मोटे काम की तलाश में आई थी। उसके घर पर लक्ष्मणगढ़ के बिचगांव से एक युवक खुशीराम आया हुआ था। जिसके पेट में तकलीफ थी। उसका अस्पताल से भी एक्सरा कराया था। लेकिन ठीक नहीं हुआ। यहां उसकी बहन वीरवती ने कहा कि वह पेट मसल कर कुछ ठीक कर सकती है। उसने युवक खुशीराम का पेट मसला था। तब किसी ने वीडियो बना लिया। वह उसके पति श्रीचंद को भेज दिया। पति ने शक करते उसके बेटे सहित चार जनों ने आकर वीरवती को बुरी तरह पीटा है। उसके नाक, कान मुंह पर चोटें आई हैं। रात 11 बजे मारपीट करने के बाद श्रीचंद व उसके साथ आए लोग वापस चले गए। गंभीर हालत में वीरवती को अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब उसका यहीं पर इलाज जारी है। महिला बिरमा देवी का कहना है कि वह नगर निगम में काम करती है। उसका पति भी शराब पीता है। यह मामला होने के बाद वह खुद बच्चों के साथ घर से बाहर है। इधर, उसकी बहन को कोई ध्यान नहीं दे रहा है। पुलिस को रात को भी शिकायत कर दी थी। उसके बाद से पुलिस जांच कर रही है। घायल महिला के 6 बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी हो चुकी है।
प्रयागराज में इन दिनों पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अप्रैल के मध्य में ही तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के ऊपर बना हुआ है। हालात इतने गंभीर हैं कि प्रदेश में प्रयागराज दूसरा सबसे गर्म जिला दर्ज किया गया, जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, बांदा 44 डिग्री के साथ पहले स्थान पर रहा। सुबह से ही तेज धूप शुरू हो जाती है और दोपहर तक हालात और भी ज्यादा कठिन हो जाते हैं। ऐसा महसूस होता है मानो आसमान से आग बरस रही हो। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है और जो लोग बाहर निकलते हैं, वे सिर ढककर, छाता लेकर या पेड़ों की छांव में रुक-रुक कर चलते नजर आते हैं। स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा असर इस भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। दोपहर के समय छुट्टी होने के कारण बच्चों को तेज धूप में घर लौटना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। कई बच्चे थकान और गर्मी से बेहाल नजर आते हैं। अभिभावक भी बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। कोई बच्चों को टोपी और छाता दे रहा है, तो कोई पानी की बोतल, ग्लूकोज और फुल स्लीव कपड़े पहनाकर स्कूल भेज रहा है। इसके बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। स्कूल टाइमिंग बदलने की मांग बच्चों और अभिभावकों ने स्कूल प्रशासन से समय में बदलाव की मांग की है। उनका कहना है कि सुबह जल्दी छुट्टी होने से तेज धूप से बचा जा सकता है। साथ ही स्कूल परिसर में वाटर कूलर और ठंडे पानी की बेहतर व्यवस्था करने की भी मांग उठ रही है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है। फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और धूप से बचाव के उपाय अपनाएं। धूप और गर्मी से बचने के आसान उपाय: बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें धूप का चश्मा और टोपी का इस्तेमाल करें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें नींबू पानी, नारियल पानी और सत्तू जैसे ठंडे पेय लें दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें घर लौटने के बाद चेहरा धोकर एलोवेरा या मॉइस्चराइज़र लगाएं गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी उपाय अपनाएं।
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के साहिला गांव में प्रॉपर्टी विवाद को लेकर एक भाई ने अपने ही भाई पर हमला कर दिया। इस हमले में मोहम्मद सफीक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, साहिला निवासी मोहम्मद सफीक का अपने भाई के साथ लंबे समय से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि इसी विवाद के चलते कहासुनी हुई और भाई ने सफीक पर अचानक हमला कर दिया। हमले में सफीक के सिर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव कर घायल मोहम्मद सफीक को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बताया कि उनके सिर में गंभीर चोटें हैं और उनकी हालत फिलहाल नाजुक बनी हुई है। इस घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में विवाद के दौरान हुई मारपीट और हमले को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। बिहार थाना पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद को सुलझाने के कई प्रयास किए गए थे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया और अंततः यह हिंसक रूप ले लिया। थानाध्यक्ष राहुल सिंह ने जानकारी दी कि तहरीर मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा के नारनौल में शहर के एक मोहल्ले से एक किशोरी के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित पिता ने थाना शहर नारनौल में शिकायत देकर बेटी की तलाश और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मूल रूप से राजस्थान के झुंझुनूं जिला के रहने वाले तथा शहर के मन्नू नगर में रह रहे एक व्यक्ति ने बताया कि उनकी बेटी उनकी माता के पास रह रही थी। बीते दिनों सुबह करीब 9:30 बजे वह घर के बाहर से अचानक गायब हो गई। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया। राजस्थान के व्यक्तियों का हाथ पिता ने आशंका जताई है कि इस घटना में झुंझुनू (राजस्थान) के गांव लट्टू निवासी संदीप सोनी, बाबूलाल सोनी, संतोष सोनी और पूनम सोनी का हाथ हो सकता है। उसके अनुसार, उक्त लोग काफी समय से उनकी बेटी को फोन कर परेशान कर रहे थे। पहले भी दे चुके शिकायत इस संबंध में पहले भी दो बार थाने में शिकायत दी जा चुकी है। उन्होंने बताया कि 6 मार्च 2026 को ये सभी लोग थाने में आकर अपनी गलती मानते हुए माफी मांग चुके थे और भविष्य में किसी प्रकार का संपर्क न करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद अब उनकी बेटी के अचानक लापता होने से परिवार में चिंता का माहौल है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर धारा 127(6) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी गई है और संभावित स्थानों पर तलाश जारी है।
गुरुग्राम में सरेराह दो बहनों से मारपीट:ड्यूटी से पैदल घर लौट रही थी, बदतमीजी का विरोध करने पर हमला
गुरुग्राम में ग्वाल पहाड़ी इलाके में राह चलती दो बहनों के साथ बाइक सवार युवक द्वारा बदतमीजी करने का मामला सामने आया है। युवतियों के विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की और अपने जानकारों को बुलाकर लाठी-डंडों से मारपीट कर दी, जिससे दोनों बहनों को चोटें आईं। शिकायतकर्ता युवती ने पुलिस को बताया कि वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले की रहने वाली हैं और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में नौकरी करती हैं। वह बंधवाड़ी क्षेत्र के पास रहती हैं। बुधवार शाम करीब 6 बजे वह अपनी छोटी बहन के साथ कमरे पर लौट रही थीं। जब वे सौर ऊर्जा स्टेशन के पास पहुंचीं, तो एक बाइक सवार युवक ने उनके साथ अश्लील हरकतें और बदतमीजी शुरू कर दी। विरोध करने पर युवक भड़क गया और उसने अपने साथियों को फोन पर बुला लिया। आरोपियों ने दोनों बहनों पर लाठियां बरसाईं, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। युवत ने बताया कि बिना वजह हमें इस तरह पीटा गया जैसे हम कोई अपराधी हों। महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी पक्ष का दावा है कि किसी और युवक ने उनको देखकर आवाज लगाई थी और उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, पीड़ितों का कहना है कि यह स्पष्ट बदतमीजी और हमला था। इस बारे में जांच अधिकारी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान लेने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सीहोर में वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कलेक्टर द्वारा ब्लैकलिस्ट किए गए चार वेयरहाउसों में अभी भी सरकारी अनाज भरा हुआ है, जिसका किराया सरकारी खजाने से दिया जा रहा है। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि इन्हीं ब्लैकलिस्टेड परिसरों में नए नाम से खरीदी केंद्र खोलकर फिर से अनाज की खरीदी शुरू कर दी गई है। पिछले साल गेहूं उपार्जन के दौरान जिले के चार प्रमुख वेयरहाउसों में बड़ी अनियमितताएं पाई गई थीं। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने इन वेयरहाउसों को वर्ष 2026-27 तक के लिए ब्लैकलिस्ट और निलंबित कर दिया था। नियम- तुरंत खाली किया जाता है ब्लैकलिस्ट वेयरहाउसनियमों के अनुसार, जिन वेयरहाउसों को ब्लैकलिस्ट किया जाता है, उनसे सरकारी माल तुरंत खाली कराया जाना चाहिए। हालांकि, निलंबन के बावजूद इन वेयरहाउसों में अभी भी गेहूं का स्टॉक जमा है और सरकार इन वेयरहाउस मालिकों को किराया दे रही है। यह सवाल उठता है कि जब इन केंद्रों को अपात्र घोषित कर दिया गया है, तो सरकारी खजाने से इन्हें किराया क्यों दिया जा रहा है। उसी परिसर में नए नाम से ले लिया वेयरहाउसइस मामले में चरनाल में सबसे चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि जिस वेयरहाउस को ब्लैकलिस्ट किया गया था, उसी परिसर में अब एक नया केंद्र खोल लिया गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस नए नाम वाले वेयरहाउस को इस साल खरीदी के लिए चयनित भी कर लिया गया है और वहां काम भी शुरू हो चुका है। इस पूरे मामले पर जब अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिए। नोडल अधिकारी इमरतलाल सूर्यवंशी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति अलग नाम से वेयरहाउस ले सकता है। समितियों और आपूर्ति विभाग का काम है कि वे इसकी जांच करें। उन्होंने यह भी बताया कि 2024 का माल उठ चुका है, लेकिन 2025 का माल केंद्र कब उठाएगा, यह तय नहीं है। श्यामपुर वेयरहाउस की शाखा प्रबंधक दीप्ति सिंह ने कहा कि प्रोपराइटर बदलकर आवेदन कर सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर इसमें गड़बड़ी पाई जाती है या नियमों का उल्लंघन होता है तो इसकी जांच कराई जाएगी।
प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र में एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना रंगोली पैलेस के पास की बताई जा रही है, जहां कुछ युवकों ने एक युवक पर चोरी का आरोप लगाकर उसे बीच सड़क पर गिरा-गिराकर पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है। पीड़ित युवक की पहचान फैज़ान खान के रूप में हुई है। फैज़ान ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि हन्नान, मुशाहिद और उनके भाइयों ने उस पर झूठा चोरी का आरोप लगाया और फिर सरेआम उसके साथ मारपीट की। पीड़ित के मुताबिक, आरोपियों ने उसे सड़क पर पटक-पटक कर पीटा और उसके साथ अभद्रता भी की। बताया जा रहा है कि मारपीट के दौरान फैज़ान बार-बार रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन आरोपी युवकों ने उसकी एक न सुनी और लगातार उसे पीटते रहे। आसपास मौजूद लोगों में से किसी ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए करेली थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी तरह की गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
शाहजहांपुर में सड़क पर भिड़े दो सांड:एक ने दूसरे को पटका, 15 मिनट तक रुका रहा ट्रैफिक
शाहजहांपुर में कलेक्ट्रेट के ठीक पीछे सड़क पर दो सांड आपस में भिड़ गए। इस दौरान एक सांड ने दूसरे को उठाकर कई बार पटका। सांडों की इस लड़ाई के कारण सड़क पर दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रुक गई और करीब 15 मिनट तक यातायात बाधित रहा। यह घटना जिलाधिकारी (डीएम) के उन निर्देशों के बाद सामने आई है, जिनमें उन्होंने सड़कों पर आवारा पशु मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। वीडियो गुरूवार की दोपहर का है और शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। कुछ समय पहले जिले में हाईवे और शहर की सड़कों पर आवारा पशुओं से टकराने के कारण कई हादसे हुए थे। इन हादसों में कुछ लोगों की जान तक चली गई थी, जबकि कई घायल हुए थे। वाहनों की टक्कर से कई आवारा पशु भी घायल हुए और कुछ की मौत भी हो गई थी। तब इन घटनाओं के बाद डीएम ने एक सप्ताह के भीतर सड़कों से आवारा पशुओं को गौशालाओं तक पहुंचाने के निर्देश दिए थे। डीएम ने चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय के बाद यदि सड़कों पर आवारा पशु पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, गुरुवार को कलेक्ट्रेट के पीछे हुई इस घटना ने अधिकारियों के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क के बीचों-बीच सांडों को लड़ता देख बाइक सवारों सहित अन्य वाहन चालक भी किनारे हो गए। गनीमत रही कि लड़ते हुए सांड सड़क पर इधर-उधर नहीं भागे, अन्यथा किसी बड़े हादसे की आशंका थी। बाद में कुछ स्थानीय लोगों ने ईंटें फेंककर सांडों को अलग करने का प्रयास किया, जिसके बाद उनकी लड़ाई खत्म हुई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अधिकारियों के खोखले दावों की खूब फजीहत हो रही है।
बाराबंकी जिले के बड्डूपुर थाना क्षेत्र में संदिग्ध शव मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। बुधवार को नहर किनारे युवती की लाश मिलने के बाद गुरुवार को मानिकपुर गांव के पास एक युवक का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। गुरुवार को ग्रामीणों ने मानिकपुर गांव के पास एक खेत में युवक का शव देखा। मृतक की उम्र करीब 26 से 28 वर्ष बताई जा रही है। शव केवल टी-शर्ट और अंडरवियर में था और पूरी तरह मिट्टी से सना हुआ मिला। शव की हालत देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची, शिनाख्त नहीं हो सकी सूचना पर थाना प्रभारी मनोज सोनकर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। काफी प्रयासों के बावजूद मृतक की पहचान नहीं हो सकी। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया। एक दिन पहले नहर किनारे मिला था युवती का शव इससे एक दिन पहले बुधवार को भी पिपरौली शारदा नहर पुलिया के पास एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ था। शव का गला कसा हुआ था और पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर ज्वलनशील पदार्थ डालने की बात सामने आई है, जिससे तेजाब से जलाने की आशंका जताई जा रही है। दो संदिग्ध शवों से बढ़ी पुलिस की चुनौती 24 घंटे के भीतर दो अज्ञात शव मिलने से स्थानीय पुलिस की चुनौती बढ़ गई है। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और लोग दहशत में हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिनाख्त के प्रयास जारी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और परिस्थितियों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
मेरठ में बीते दिन जहां गर्मी ने सुबह से ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए थे और तापमान 40 डिग्री पार कर गया था उसमें शुक्रवार को कुछ राहत महसूस की गई। सुबह शहर का मौसम बदला-बदला नजर आया। आसमान में हल्की-हल्की घटा छाई रहने से लोगों को तेज गर्मी से कुछ राहत मिली। सुबह के समय धूप की तीव्रता कम रही और मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहा, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। मौसम विभाग के अनुसार आज अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्की हवा चलने से गर्मी का असर कम महसूस किया गया, जिससे मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों और कामकाजी वर्ग को खासा आराम मिला। वहीं, बीते दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था, जिससे पूरे दिन तेज धूप और उमस ने लोगों को परेशान किया। बाजारों और सड़कों पर दोपहर के समय लोगों की आवाजाही कम देखने को मिली थी। मौसम में आए इस हल्के बदलाव से फिलहाल राहत तो मिली है, लेकिन दोपहर के समय तापमान बढ़ने की संभावना बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्या बरतें सावधानियां - दिनभर में बार-बार पानी, नींबू पानी या छाछ पीते रहें ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो।- दोपहर 12 से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। बाहर जाना पड़े तो छाता या टोपी का इस्तेमाल करें।- हल्के और सूती कपड़े पहनें – ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनने से शरीर ठंडा रहता है।- खान-पान का ध्यान रखें – ताजे फल (तरबूज, खीरा आदि) खाएं और ज्यादा तेल-मसाले वाले भोजन से बचें।– घर से निकलते समय पानी साथ रखें, खाली पेट बाहर न जाएं और शरीर को ढककर रखें।
हमीरपुर में नाबालिग से गैंगरेप:चचेरे भाई और दोस्त ने वारदात की, एक आरोपी गिरफ्तार
हमीरपुर में एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इस वारदात को उसके चचेरे भाई ने अपने एक साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया। पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत पर दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। यह घटना सुमेरपुर थाना क्षेत्र में 11 अप्रैल को हुई। 12 वर्षीय पीड़िता राशन की दुकान पर राशन लेने गई थी। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। अगले दिन, 12 अप्रैल की सुबह करीब 4 बजे, लड़की बदहवास हालत में घर पहुंची। उसने अपनी आपबीती बताई, जिसे सुनकर माता-पिता के होश उड़ गए। पीड़िता के पिता ने बताया कि 11 अप्रैल की शाम 5 बजे उनकी बेटी राशन लेकर घर लौट रही थी। रास्ते में उसका चचेरा भाई फिरोज अपने दोस्त अरविंद के साथ बाइक पर मिला। दोनों ने बहला-फुसलाकर लड़की को अरविंद के घर ले गए। पिता के अनुसार, अरविंद के घर पर दोनों आरोपियों ने उनकी बेटी के साथ बलात्कार किया। बेटी 12 अप्रैल को जब घर लौटी तो वह बदहवास थी और कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थी। जब उसने पूरी बात बताई, तब 15 अप्रैल की शाम को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने इस मामले में आरोपी फिरोज और अरविंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे आरोपी अरविंद की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।
लखनऊ में पांच साल पहले आई स्व-स्थाने मलिन बस्ती पुनर्विकास नीति पर समय रहते अमल होता, तो विकासनगर मिनी स्टेडियम के पास बुधवार को हुई भीषण आग की यह त्रासदी शायद टल सकती थी। जिस जमीन पर सैकड़ों झुग्गी-झोपड़ियां जलकर राख हो गईं, वहीं झुग्गीवासियों के लिए मल्टीस्टोरी अपार्टमेंट बनाने की योजना प्रस्तावित थी। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इन्हें आवंटित किया जाना था, लेकिन योजना कागजों से बाहर नहीं आ सकी। यह जमीन लोक निर्माण विभाग (PWD) की थी, जिसे करीब पांच साल पहले शासन ने सूडा (राज्य नगरीय विकास अभिकरण) को हस्तांतरित किया था। उद्देश्य साफ था झुग्गीवासियों को हटाया जाए, उन्हें वहीं पुनर्वासित किया जाए, ताकि रोज़गार छूटने के डर से वे दोबारा अवैध बस्तियां न बसाएं। इसी सोच के तहत विनायकपुरम योजना तैयार की गई थी। सर्वे भी हुआ और करीब 300 परिवार पात्र पाए गए, लेकिन जमीन विवाद और प्रशासनिक उदासीनता के चलते योजना आगे नहीं बढ़ सकी। PPP मॉडल पर बननी थी योजना जानकारी के मुताबिक, यह परियोजना पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित होनी थी। इसके तहत पात्र झुग्गीवासियों को मुफ्त या रियायती फ्लैट दिए जाते, जबकि निजी बिल्डर शेष फ्लैटों को बाजार में बेचकर लागत निकालता। सर्वे में यह भी सामने आया था कि कुछ लोग पहले ही सरकारी योजनाओं में मकान ले चुके हैं, ऐसे में वास्तविक पात्रों की संख्या सीमित रखी जानी थी। PWD के अधिशासी अभियंता सत्येंद्र नाथ का कहना है कि जमीन को कई साल पहले ही आवासीय योजना के लिए सूडा को दिया जा चुका है। यहां गरीबों के लिए आवास बनाए जाने थे। वहीं, डूडा (जिला नगरीय विकास अभिकरण) के परियोजना अधिकारी चंद्रकांत त्रिपाठी ने कहा- यह पुरानी योजना थी। सर्वे हुआ था, लेकिन जमीन को लेकर विवाद रहा। फिलहाल की स्थिति हमको नहीं पता। 8 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन बुधवार शाम लगी आग ने कुछ ही मिनटों में पूरी बस्ती को चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 8 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। 30 से अधिक फायर टेंडर लगाए गए। आग की भयावहता को देखते हुए बाराबंकी से भी दमकल गाड़ियां बुलाई गईं। आग बुझने के बाद रात में एसडीआरएफ की टीम ने मोर्चा संभाला और मलबा हटाने का अभियान शुरू किया। गुरुवार सुबह करीब 4 बजे तलाशी के दौरान दो मासूम बच्चों के जले हुए शव बरामद हुए। दोनों को तत्काल ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए, जो उन्हें लेकर अपने गृह जनपद बाराबंकी चले गए। आग लगने की तीन संभावित वजहें घटना के कारणों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं सामने आ रही हैं। पहली चर्चा के अनुसार, शाम करीब 4 बजे पास स्थित देसी शराब ठेके के बगल में बनी कैंटीन से आग की शुरुआत हुई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। झोपड़ियों में रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे, जिससे आग और तेजी से फैल गई। दूसरी चर्चा में स्थानीय लोग आरोप लगा रहे हैं कि पास के एक मकान और प्लॉट के मालिक झुग्गी हटाने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने 15 तारीख तक बस्ती खाली कराने की धमकी दी थी। लोगों का आरोप है कि आग जानबूझकर लगाई गई हो सकती है। तीसरी संभावना यह जताई जा रही है कि किसी झोपड़ी में खाना बनाते समय चिंगारी उठी, जिसने पास की पन्नी और ज्वलनशील सामग्री को पकड़ लिया। तेज धूप और हल्की हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। 25 साल से बसी थी बस्ती स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस जमीन पर करीब 20-25 साल से रह रहे हैं। कई परिवारों ने बताया कि यह जमीन सरकारी है, लेकिन उन्हें कभी वैकल्पिक व्यवस्था नहीं मिली। कुसुम नाम की महिला, जिसकी झोपड़ी भी जल गई, बताती हैं 2025 में मिनी स्टेडियम में कैंप लगा था। हम सबके नाम लिखे गए थे और कहा गया था कि सरकार की तरफ से घर मिलेगा, लेकिन उसके बाद कोई सूचना नहीं मिली।
यमुनानगर के जगाधरी स्थित खेड़ा बाजार में बुधवार रात बुलेट बाइक को लेकर पुलिस और नाबालिग लड़के के बीच हुए विवाद के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। घटना के अगले दिन इस पूरे घटनाक्रम के दो अहम वीडियो सामने आए हैं—एक मौके का और दूसरा दुकान के अंदर का सीसीटीवी फुटेज—जिन्होंने मामले को और उलझा दिया है। यह वही मामला है, जिसमें बीच सड़क खड़ी बुलेट बाइक को हटवाने और चालान करने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया था कि पुलिस के अनुसार नाबालिग ने एसपीओ से चालान मशीन छीनकर फेंकी, थप्पड़ मारा और भाग गया था। इसके बाद दुकान के अंदर भी हंगामा हुआ और युवक के चाचा द्वारा पुलिस कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप लगे थे। पुलिस ने चाचा-भतीजे को काबू कर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया, जबकि परिजनों ने पुलिस पर ज्यादती के आरोप लगाए। सामने आया बहस का वीडियो अब सामने आए वीडियो में घटना का शुरुआती हिस्सा दिखाई देता है, जिसमें नाबालिग बुलेट बाइक पर बैठा हुआ पुलिसकर्मियों से तीखी बहस करता नजर आ रहा है। वीडियो में युवक बार-बार यह कह रहा है कि उसे गाली क्यों दी, इस पर पुलिसकर्मी बोल रहा है कि उसने उसे गाली नहीं दी। इस पर बाइक का चालान काटने की बात की जा रही है, लेकिन युवक बोल रहा है कि इसका चालान भी नहीं कटता। वीडियो में पुलिसकर्मी फिर से युवक को बुलेट बाइक से नीचे उतरने का बोलता है, जिस पर युवक मना कर देता है। पुलिस वाले ने कहा कि वह नीचे क्यों नहीं उतर रहा। इस पर युवक ने जवाब दिया कि उसे गाली क्यों दी गई। इस पर पुलिसकर्मी फिर से गाली देने से इंकार करते हुए कह रहा है कि ऐसे कहने से कुछ नहीं होता। इस पर युवक ने भी तुरंत कहा कि तेरे कहने से भी कुछ नहीं होता। इस पर पुलिसकर्मी कह रहा है कि उसे बाइक से उतरना ही पड़ेगा, जिसके बाद युवक बाइक से नीचे उतर जाता है। दुकान के अंदर का CCTV फुटेज भी आया सामने दूसरी ओर, जिस रेडीमेड कपड़ों की दुकान में युवक भागकर घुसा था, वहां का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में नाबालिग दुकान के अंदर दिखाई दे रहा है, जबकि कुछ ही देर में पुलिसकर्मी भी उसके पीछे अंदर पहुंचते हैं। सीसीटीवी में युवक का चाचा उसे बचाने की कोशिश करता नजर आता है और पुलिस के साथ उसकी बहस होती दिखती है। इसके बाद पुलिसकर्मी युवक को पकड़कर दुकान से बाहर खींचते हुए ले जाते दिखाई देते हैं। इस दौरान दुकान के अंदर हलचल और अफरा-तफरी का माहौल भी नजर आता है। दोनों पक्षों के दावों पर उठे सवाल इन वीडियो और फुटेज के सामने आने के बाद अब दोनों पक्षों के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि नाबालिग ने कानून हाथ में लेते हुए हमला किया और सरकारी काम में बाधा डाली। वहीं, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बिना वजह सख्ती दिखाई और नाबालिग के साथ ज्यादती की। क्या था पूरा मामला बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे जगाधरी सिटी थाना प्रभारी राजेंद्र अपनी टीम के साथ बाजार में गश्त कर रहे थे। उनके साथ एसपीओ रणदीप सिंह और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। इसी दौरान बाजार के बीच सड़क पर एक बुलेट बाइक खड़ी मिली, जिससे आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही थी। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से बाइक के मालिक के बारे में पूछा, लेकिन किसी ने जानकारी नहीं दी। इसके बाद एसपीओ रणदीप सिंह ने चालान मशीन से बाइक का नंबर चेक करना शुरू किया। तभी एक नाबालिग युवक (लगभग 16 वर्ष, 12वीं कक्षा का छात्र) मौके पर पहुंचा और बाइक को अपनी बताते हुए पुलिस कार्रवाई का विरोध करने लगा। पुलिस के हाथ से मशीन छीनकर थप्पड़ मारने का आरोप थाना प्रभारी के अनुसार, युवक ने अचानक एसपीओ रणदीप सिंह के हाथ से चालान मशीन छीनकर फेंक दी। इस पर एसपीओ ने युवक को समझाने की कोशिश की कि बाइक बीच रास्ते में खड़ी होने से लोगों को परेशानी हो रही है। लेकिन युवक गुस्से में आ गया और कहा कि उसकी बाइक यहीं खड़ी रहेगी, कोई हटाकर दिखाए। शोर-शराबा बढ़ने पर वह खुद मौके पर पहुंचे और युवक को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान युवक ने एसपीओ रणदीप सिंह को थप्पड़ मार दिया और वहां से भागकर पास की एक रेडीमेड कपड़ों की दुकान में घुस गया। चाचा ने दी वर्दी उतरवाने की धमकी थाना प्रभारी के अनुसार युवक को पकड़ने के लिए पुलिस टीम दुकान के अंदर पहुंची, जहां युवक का चाचा गुरदीप सिंह मौजूद था। गुरदीप सिंह ने अपने भतीजे को बचाने के लिए पुलिस से बहस की और सरकारी कार्य में बाधा डाली, साथ ही वर्दी उतरवाने जैसी धमकियां भी दीं। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने नाबालिग को काबू कर लिया, जबकि गुरदीप सिंह मौके से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। कुछ समय बाद गुरदीप सिंह भी थाने पहुंच गया और वहां भी हंगामा किया तथा अपने भतीजे को छुड़ाने की कोशिश की। इस पर पुलिस ने उसे भी काबू कर लिया। दोनों चाचा-भतीजे के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया और बाइक को इंपाउंड कर लिया गया। परिजनों का पक्ष वहीं, उसकी रात नाबालिग के दादा ने थाने में पहुंचकर आरोप लगाया कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा सख्ती दिखाई। उनके अनुसार, युवक पुलिस के कहने पर बाइक हटाने लगा था, लेकिन चालान की बात पर कहासुनी हो गई। उनका कहना है कि पुलिस जबरदस्ती दुकान में घुसी और युवक को खींचकर बाहर ले आई, जिससे दुकान का सामान भी बिखर गया।
हिसार के आजाद नगर स्थित श्री बालाजी क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच के आरोप में गिरफ्तार डॉ. अंतराम बरवाला को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नताशा शर्मा की अदालत से डिफॉल्ट बेल मिल गई। आरोपी पक्ष की ओर से 13 अप्रैल को जमानत याचिका दायर की गई थी। 15 अप्रैल को हुई सुनवाई में अदालत ने जमानत मंजूर कर ली। तय समय सीमा में पुलिस अदालत में कंप्लीट चालान पेश नहीं करती है तो आरोपी डिफॉल्ट बेल के लिए आवेदन कर सकता है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत याचिका स्वीकार की। वहीं इस मामले में हिसार एसपी सिद्धांत जैन का कहना है कि पीएनडीटी एक्ट के मामलों में चालान स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किया जाता है। इस संबंध में अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। बता दें कि 29 जनवरी को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर क्लीनिक पर छापा मारा था। कार्रवाई से पहले टीम ने उपायुक्त कार्यालय के नीचे पार्किंग क्षेत्र में एक महिला को बोगस ग्राहक बनाकर 35 हजार रुपए के नंबर लिखे नोट दिए थे। महिला को क्लीनिक में भेजा गया जहां उसने कथित तौर पर भ्रूण लिंग जांच के लिए डॉ. सूरजमल को रकम सौंपी। पुलिस को मिली थी अल्ट्रासाउंड मशीनसंकेत मिलते ही टीम ने क्लीनिक में दबिश दी। मौके से अल्ट्रासाउंड मशीन, लैपटॉप, गर्भपात संबंधी दवाएं और नशीली गोलियां बरामद की गईं। छापे के दौरान कमरे में दो महिलाएं और एक व्यक्ति मौजूद थे। एक महिला बेड पर लेटी थी जबकि एक व्यक्ति उसके पेट पर मशीन चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में डॉ. अनंतराम (बरवाला), डॉ. सूरजमल, प्रेम और प्रियंका को गिरफ्तार किया था। पहले भी कई मामले दर्ज हो चुकेडॉ. अनंतराम बरवाला के खिलाफ भ्रूण लिंग जांच से जुड़े कई मामले पहले भी दर्ज हो चुके हैं। वर्ष 1999 में पहला केस दर्ज हुआ था। इसके बाद 2015 में हिसार शहर थाना में दूसरी एफआईआर हुई जिसमें उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। 5 मई 2016 को बरवाला थाना में तीसरी, 18 दिसंबर 2018 को चौथी और 14 जुलाई 2021 को पांचवीं एफआईआर दर्ज की गई। 14 अक्टूबर 2023 को पीएनडीटी एक्ट के तहत छठा मामला दर्ज हुआ था। इससे पहले 2020 में डॉ. अनंतराम बरवाला और उनके पुत्र के खिलाफ भी एक मामला दर्ज किया गया था। 29 जनवरी 2026 को अंतराम सहित चार लोगों के खिलाफ 23 धाराओं के तहत नया केस दर्ज किया गया था।
आदिगुरु शंकराचार्य के प्रकटोत्सव के उपलक्ष्य में ओंकारेश्वर में 17 से 21 अप्रैल तक 5 दिनी एकात्म पर्व का आयोजन हो रहा है। जिसका शुभारंभ आज सुबह 9.30 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे। आयोजन ओंकार पर्वत स्थित एकात्म धाम पर हो रहा हैं। कार्यक्रम में द्वारका पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती, विवेकानंद केंद्र की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता भिड़े और स्वामी शारदानंद सरस्वती सहित कई संत-महात्मा उपस्थित रहेंगे। समापन 21 अप्रैल को होगा, जिसमें संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि सहित अन्य विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। अद्वैत वेदांत पर मंथन, समकालीन विषयों पर संवाद महोत्सव के दौरान अद्वैतामृतम् विमर्श श्रृंखला में अद्वैत वेदांत के विभिन्न आयामों पर चर्चा होगी। इसमें धर्म, दर्शन, पर्यावरण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), वैश्विक शांति और सांस्कृतिक एकता जैसे समसामयिक विषय शामिल हैं। 17 अप्रैल को अद्वैत और जैन परंपरा पर चर्चा होगी, वहीं 18 अप्रैल को रामकृष्ण मिशन, सिख परंपरा और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर संवाद होगा। 19 अप्रैल को अद्वैत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वैश्विक शांति और “एक भारत” जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। 20 अप्रैल को चिन्मय मिशन और वेदांत के प्रसार पर चर्चा होगी। 700 से अधिक युवा बनेंगे ‘शंकरदूत’ समापन दिवस 21 अप्रैल को सुबह नर्मदा तट पर दीक्षा समारोह आयोजित होगा, जिसमें देश-विदेश के 700 से अधिक युवा ‘शंकरदूत’ के रूप में दीक्षा लेंगे। इसी दिन अद्वैत वेदांत के प्रचार-प्रसार में योगदान के लिए स्वामी तेजोमयानंद सरस्वती और गौतम पटेल को सम्मानित किया जाएगा। रोज होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम महोत्सव के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी होंगी। 17 अप्रैल को जयतीर्थ मेवुंडी का शास्त्रीय गायन और शुभदा वराडकर का ओडिसी नृत्य होगा। 18 अप्रैल को जसलीन कौर की गुरुवाणी और डॉ. पद्मजा सुरेश का भरतनाट्यम प्रस्तुत होगा। 19 अप्रैल को पार्वती बाउल और रमा वैद्यनाथन की प्रस्तुतियां होंगी। 20 अप्रैल को लता सिंह मुंशी और एस. ऐश्वर्या-सौंदर्या का कर्नाटक संगीत होगा। 21 अप्रैल को पद्मश्री हेमंत चौहान की निर्गुण वाणी और मणिपुरी नृत्य के साथ समापन होगा।
रायसेन में गुरुवार को इस सीजन का सर्वाधिक अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर चली लू के कारण लोग भीषण गर्मी से बेहाल रहे। बीती रात का न्यूनतम तापमान भी 24 डिग्री सेल्सियस रहा, जिससे दिन और रात दोनों समय गर्मी का असर जारी है। एक सप्ताह के अंतराल के बाद गर्मी ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले कुछ दिनों से दिन के तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और अब लू भी चलने लगी है। तेज गर्मी के कारण शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। शाम के समय ही लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं, लेकिन तब भी गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं। गुरुवार को जब दिन का तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा, तो कूलर और पंखों की हवा भी राहत नहीं दे पाई। लोग गर्मी से निजात पाने के लिए कई उपाय करते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा। आसमान साफ रहेगा और तापमान में और वृद्धि हो सकती है। लू का प्रकोप भी जारी रहने की संभावना है। 42 डिग्री तापमान पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि अत्यधिक गर्मी में घर से बाहर न निकलें। छोटे बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में जाने से रोकें। थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर तरल पदार्थों का सेवन करें और खूब पानी पिएं। चक्कर आने या घबराहट होने पर तुरंत अस्पताल में चिकित्सकों की सलाह लें। यदि मजबूरी में घर से निकलना पड़े, तो छाते या गमछे का उपयोग करें। इसके अलावा, बाहर के और तेल से बने पदार्थों का सेवन कम करने की सलाह दी गई है।
अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र के जमालपुर में 10 हजार रुपए के लेनदेन और कैंटीन चलाने के विवाद में गुरुवार देर रात भाई–बहन में झगड़ा हो गया। इस पर भांजे ने अपने ही सगे मामा अफसार (26) की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस युवक को जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी की मां की हिरासत में ले लिया है। कैंटीन चलाने के लिए था विवाद अनवर ने बताया कि उनका भतीजा अफसार रसलगंज स्थित धोबी वाली में रहता था। उन्होंने बताया कि अफसार और उसकी बहन के बीच कैंटीन को लेकर विवाद शुरू हुआ था। उस कैंटीन को पहले अफसार के बहन और भांजे चलाते थे। बाद में उसे अफसार चलाने लगा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में ठन गई थी। पहले गुमराह किया, फिर खुला राज घटना के बाद परिवार ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। शुरुआत में यह कहानी गढ़ी गई कि युवक ने खुद को चाकू मारकर आत्महत्या की है। हालांकि, जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और घावों की गंभीरता देखी तो शक गहरा गया। सघन पूछताछ और जांच के बाद पता चला कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या थी। शरीर पर कई वार, छलनी हो गई देह मेडिकल कॉलेज पहुंचे मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। चाचा अनवर ने बताया कि हमने जब अफसार की लाश देखी, तो रूह कांप गई। उसका पूरा शरीर छलनी कर दिया गया है। चाकू या छुरी से इतने गहरे वार किए गए कि उसकी अंतड़ियां तक बाहर आ गई थीं। शरीर पर ऐसी कोई जगह नहीं बची जहां जख्म न हों। बच्चों के सिर से उठा पिता का साया अफसार की करीब पांच साल पहले शादी हो चुकी थी। उसके दो छोटे–छोटे बच्चे भी हैं। अनवर ने बताया कि पूरी घटना की जानकारी अफसार की पत्नी ने ही दी है। उन्होंने बताया कि कैंटीन के ही 10 हजार रुपए के लेन–देन का विवाद भी दोनों में चल रहा था। आरोपी भांजा फरार सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि गुरुवार की मध्य रात को जमालपुर में चाकू से हमले की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस घायल को जेएन मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। जांच में सामने आया है कि सगे भाई–बहन के रुपए के लेन–देन के बाद विवाद में चाकू से वार किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
अजमेर में भाजपा नेता और शराब कारोबारी 2 करोड़ की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। कॉलर के द्वारा रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बनकर जान से मारने की धमकी दी गई है। मामले में पीड़ित ने हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाने में शिकायत दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले में कहा कि पीड़ित जितेंद्र रंगवानी को रोहित गोदारा के नाम से फोन कर धमकी दी गई है। धमकी में 2 करोड़ की फिरौती मांगी है। मामले में पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीड़ित को एक सुरक्षा कर्मी भी दिया गया है। टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। कॉलेर ने कहा- कुचामन रूलानिया हत्याकांड हश्र होगा पीड़ित कोटड़ा निवासी जितेंद्र रंगवानी(43) ने पुलिस को शिकायत देकर बताया कि वह शराब का व्यवसाय का काम करता है। अजमेर में उसके चार शराब के ठेके हैं। 16 अप्रैल को शाम 4:30 बजे जब वह भगवान गंज पर सलून पर कटिंग करवा रहा था। तभी उसके पास एक कॉल आया था। पीड़ित रंगवानी ने बताया की कॉलर ने व्हाट्सएप पर कॉल किया था। इंटरनेशनल नंबर से कॉलिंग की गई थी। कॉलर के द्वारा उसे धमकी देकर 2 करोड़ रुपए की मांग की गई। कॉलर ने कहा कि नहीं देने पर कुचामन रूलानिया हत्याकांड की धमकी देने लगा। इसके साथ ही उसे रिकॉर्डिंग भेजी जिसमें उसे 2 करोड़ नहीं देने पर अंजाम भुगतने पर धमकी दी गई। रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बात कर उसे जान से मारने की धमकी दी गई है। कॉलर ने अपना नाम राहुल फतेहपुर और वीरेंद्र चरण बताया था। हरिभाऊ उपाध्याय नगर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। राहुल रिनाउ ने कॉल करके कहा कि,क्या हाल-चाल है तुम्हारे... राहुल बोल रहा हूं फतेहपुर से रोहित गोदारा गैंग का। तुझे 2 करोड़ की फिरौती के लिए फोन किया है। यदि तुझे नाटक करना है बात सुनकर फोन काटने का तो तेरे बहुत महंगी पड़ जाएगी। कल को ऐसा नहीं हो कि तुम्हारी जगह फोन कोई और ही उठाए। तुम्हारे भाईचारे वाली भाषा समझ में आ रही हो तो ठीक है। तुम बोल रहे हो ना कि जानता नहीं, तो यह वॉइस एसपी ऑफिस में ले जाना और वहां पूछ लेना कि साहब यह वॉइस कंफर्म करके बताओ। और यह भी पूछ लेना कि पैसे नहीं दिए तो क्या होगा। कुचामन में रमेश रूलानिया की भी तुझ सी ही भाषा थी वह भी नहीं जानता था। तो तुझे तो चिल्लाने नहीं नहीं देंगे तू तो सिंधी है। तेरी तो आवाज ही नहीं है। वह तो जाट था इसलिए चिल्ला गया। इसलिए कॉल कर लेना। वह कहावत सुनी होगी ना सांप ने सिंधी, इसलिए पहले सिंधी को मार देना चाहिए सांप को नहीं। अभी आधार कार्ड भेजता हूं तब अपने आप पहचान जाएगा तू।
सिरसा में इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारी से क्रेडिट कार्ड के जरिए 38 लाख की ठगी के बाद आरोपी दंपती फरार हो गए हैं। उनका परिवार भी नहीं है। पहले सिरसा में राधिका रिटेल ऑफिस में बैठते थे और अब यहां कोई नहीं है। तब से उनका कोई पता नहीं चला है। वे दोनों पति-पत्नी पुलिस की जांच में भी शामिल नहीं हुए। आरोप है कि इससे पहले अन्य लोगों से भी ठगी करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। आरोपी दंपती पर पहले भी धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है। दोनों पति-पत्नी लग्जरी लाइफ जीने के शौकीन है और अक्सर बाहर घूमते रहते हैं। दरअसल, क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन सामान खरीदकर बेचने के नाम पर 38 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी कर ली थी। आरोप है कि दंपती ने उसे इलेक्ट्रिक सामान क्रेडिट कार्ड से खरीदकर बेचकर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया और उसे अपने जाल में फंसा लिया। जिन लोगों ने बिजनेस में इनवेस्ट किया था, वो दबाव बना रहे पैसे देने का शिकायतकर्ता के अनुसार, जिन लोगों ने उसके कहने पर बिजनेस में इनवेस्ट करवाया था और क्रेडिट कार्ड से राशि इनवेस्ट करवाई थी। अब वह उस पर पैसे वापिस देने का दबाव बना रहे है, जिसकी वजह से उसे काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक वालो की तरफ से भी क्रेडिट कार्ड की किस्त भरने बाबत दबाव बनाया जा रहा है। उसके भाई का एक एचडीएफसी बैंक का क्रेडिट कार्ड भी उसके कब्जे में हैं। आरोप है कि अन्य लोगों भी राशि की धोखाधड़ी की है। इसकी जांच आर्थिक अपराध शाखा ने की। जांच में पाया कि शिकायतकर्ता व अन्य लोगों के क्रेडिट कार्ड से ओटीपी पाकर उच्च राशि की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन की गई। अपराध शाखा की सिफारिश पर शहर थाना में आरोपी दंपती पर धारा 318(3), 318(4), 61(2) BNS के तहत एफआईआर के लिए भेजी गई। आरोपी साकेत धनराशि का भुगतान करने के बजाय शहर छोड़कर चला गया है। उसकी पत्नी कोमल भी धोखाधड़ी में शामिल है। उक्त दंपती के खिलाफ पहले से धोखाधड़ी मामले में दिल्ली के जिला रोहिणी प्रेम नगर थाना में 1 मई 2022 को धारा 406/ 420 के तहत मुकदमा दर्ज है। यह है मामला जानिएं पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बेगू रोड एरिया निवासी युवक ने बताया, वह पिछले कई सालों से इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरी करता है। पिछले डेढ साल से आदित्य बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस में जॉब करता है। इसके साथ एचडीएफसी बैंक में लोन का काम करता है। डेढ साल पहले वह अग्रसेन कॉलोनी निवासी साकेत अग्रवाल से पॉलिसी के दौरान मिला। साकेत की पत्नी कोमल की पॉलिसी की थी। साकेत ने उसे लुभावनी बातों में फंसा लिया और कहा, वह राधिका रिटेल, प्राईवेट लिमिटड सदर बाजार सिरसा में बतौर मैनेजर कार्यरत है। इस फर्म में रोजाना लाखों रुपए इलेक्ट्रिक सामान क्रेडिट कार्ड पर मंगवाते हैं और उसे बेचकर मुनाफा कमाते हैं। क्रेडिट कार्ड से पेमेंट करके कैश बैक भी मिलता है। उसने अपने 12 से 13 कई जान-पहचान वालों को इस बिजनेस में इनवेस्ट करवा रखा है। अगस्त 2026 तक 23 लाख की राशि इस्तेमाल की। कोटक महेन्द्रा बैंक में 4 लाख रुपए व 99 हजार की गुगल पे से भेजी और उसकी पत्नी के कहने पर 5 लाख की राशि नकद दी। इस तरह गूगल पे व साथियों के हिस्से की करीब करीब 38,74,573 रुपए इस्तेमाल कर ली। बाद में साकेत ने फोन उठाने बंद कर दिए और टालमटोल करने लगा।
रीवा में हिट एंड रन में दो युवक गंभीर घायल:मनगवां पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, राइस मिल के पास हादसा
रीवा के थाना मनगवां क्षेत्र के ग्राम जराहा में गुरुवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की एफआरबी टीम ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, अविनाश शर्मा (35) निवासी जेपी नगर रीवा और मुकेश दहिया (31) निवासी सीजवार थाना चोरहटा, बाइक (MP09 QK 8710) से रीवा से गंगेव की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे जराहा स्थित राइस मिल के पास पहुंचे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। घायलों की हालत नाजुक हादसे में दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोट आई है और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। एफआरबी टीम ने दिखाई तत्परता सूचना मिलते ही मनगवां थाना की एफआरबी टीम मौके पर पहुंची। आरक्षक शिवेंद्र मिश्रा और स्टाफ ने बिना देरी किए घायलों को पुलिस वाहन से रीवा के संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। अज्ञात वाहन की तलाश जारी पुलिस ने मामला दर्ज कर फरार वाहन चालक की तलाश शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
भिवानी में भाजपा मजदूर प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक भगवान दास कालिया अधिकारियों की कार्यशैली से असंतुष्ट नजर आए और अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि समाधान शिविर व अधिकारियों के पास समस्या रखने के बाद भी कोई समाधान नहीं हो पाया। औद्योगिक क्षेत्र के हुड्डा सेक्टर-21 और सेक्टर-26 की बदहाली को लेकर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि वे इस समस्या को समाधान शिविर में भी उठा चुके हैं। लेकिन अधिकारी समस्याओं को ठंडे बस्ते में डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टर-21 और सेक्टर-26 में सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो चुकी है। लंबे समय से सीवरेज ओवरफ्लो हो रहे हैं। जिससे न केवल औद्योगिक इकाइयों को नुकसान हो रहा है, बल्कि वहां काम करने वाले मजदूरों और आम जनता का निकलना भी दूभर हो गया है। शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधानभाजपा मजदूर प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक भगवान दास कालिया ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर अधिकारियों को कई बार शिकायत दी है और समाधान शिविर में भी मुद्दा उठाया था। लेकिन स्थिति जस की तस बनी है। औद्योगिक क्षेत्र के पार्कों को डंपिंग ग्राउंड में तब्दील कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्कों में नगर परिषद और अन्य माध्यमों से कचरा डाला जा रहा है। जिससे गंदगी फैली हुई है। कचरे और रखरखाव के अभाव के कारण पार्कों की हरियाली पूरी तरह खत्म होने की कगार पर है। समाधान नहीं हुआ तो सीएम के समक्ष उठाएंगे समस्याहुड्डा पार्क रोड पूरी तरह टूट चुकी है और जर्जर हालत में है। जिससे आए दिन हादसे होने का डर बना रहता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने समाधान शिविरों का गठन इसलिए किया था ताकि जनता को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। लेकिन भिवानी में अधिकारी इन शिविरों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद समाधान की ओर कोई कदम नहीं उठाना सरकार की छवि को धूमिल करने जैसा है। इन समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सीवरेज की सफाई, सड़कों की मरम्मत और पार्कों से कचरा हटाकर सौंदर्यीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे समस्या मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।
गोंडा में 10 अप्रैल को 11 केवीए हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से 35 वर्षीय रंजीत तिवारी की मौत हो गई थी। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है और उनके सामने तीन मुख्य मांगें रखी गई हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने इस शिकायत का संज्ञान लिया है। अपर प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद ने देवी पाटन मंडल के कमिश्नर शशि भूषण लाल सुशील को पूरे प्रकरण की जांच कर न्यायोचित कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई मृतक की पत्नी पूजा तिवारी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के बाद की जा रही है। पूजा तिवारी ने अपने पत्र में बताया था कि उनके पति रंजीत तिवारी की मौत बिजली विभाग की लापरवाही से हुई थी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि डीएम के निर्देश पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पूजा ने बताया कि उनके पति पर 8 वर्षीय बेटी पूर्णिमा, 5 वर्षीय बेटा आर्यन और डेढ़ वर्षीय बेटा आर्यन के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। उन्होंने मांग की है कि जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और परिवार के भविष्य को सुरक्षित किया जाए। पूजा तिवारी ने स्नातक पास होने के कारण परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्थायी सरकारी नौकरी की मांग की है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कम से कम एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की भी मांग की है। पूजा तिवारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही न्याय मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री और गोंडा की डीएम प्रियंका निरंजन को अपना एकमात्र सहारा बताया है। कहा कि हमारी मजबूरी को देखते हुए जरूर हमारी मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी करेंगे क्योंकि वह भी एक परिवार का दर्द समझते हैं। गोंडा डीएम का हमको शुरू से ही सहयोग मिल रहा है अब हमें मुख्यमंत्री से भी सहयोग की अपेक्षा है।
अलीगढ़ के होटल में विधवा महिला से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहचान छिपाकर हिंदू महिला से दोस्ती की। उसे और बच्चे को सहारा देने का वादा कर प्रेम जाल में फंसाया। उसके बाद उसे मिलने के लिए अलीगढ़ के होटल में बुलाया। होटल पहुंचने पर उसे बंधक बनाकर 15 दिन तक होटल संचालक के साथ मिलकर दुष्कर्म किया। उसके पैसे और जेवर छीन लिए। महिला किसी तरह से मौका पाकर जान बचाकर होटल से भागी। आरोपी को जैसे ही पता चला। उसने पीछा किया। उसके बाद सड़क पर गिराकर पीटा। महिला के शोर मचाने पर भीड़ जमा हो गई। उसने महिला को आरोपी से छुड़ाया। आरोपी की पिटाई कर पुलिस बुला ली। उसके बाद आरोपी को उसे सौंप दिया। पुलिस महिला को लेकर इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची। यहां पर उसे भर्ती कर इलाज शुरू कराया। घटना गुरुवार रात गांधीपार्क थाना क्षेत्र की है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला एक साल पहले पति की हो गई थी मौत महिला ने बताया- वह गाजियाबाद की रहने वाली है। एक साल पहले उसके पति की मौत हो गई थी। उसका डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। एक साल पहले काम के सिलसिले में अलीगढ़ के सासनीगेट के जयगंज निवासी आदिल से उसकी मुलाकात हुई थी। वह यहां आया जाया करता था। उसने हिंदू नाम बताकर उससे दोस्ती की। बाद में उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। उसे और उसके बच्चे को सहारा देने का वादा किया। इसके बाद दोनों में अक्सर बातचीत होने लगी। होटल में बंधक बनाकर किया दुष्कर्म महिला के अनुसार- आदिल ने 15 दिन पहले उसे मिलने के लिया अलीगढ़ बुलाया। यहां गांधीपार्क थाना क्षेत्र के बोनेर स्थित एक होटल में उसे ठहराया। उसे जब पता चला कि आदिल मुस्लिम है और पहचान छिपाकर उसे प्रेमजाल में फंसाया है तो उसने विरोध किया। उसका आरोप है कि उसके बाद आदिल ने होटल संचालक के साथ मिलकर उसे बंधक बना लिया। उसके साथ 15 दिन तक होटल में दुष्कर्म किया। उसके मंगलसूत्र और करीब तीन लाख रुपए भी छीन लिए। महिला कई दिनों तक होटल के कमरे में कैद रही। भीड़ ने आदिल से महिला को बचाया महिला के मुताबिक- गुरुवार को आदिल और होटल संचालक शाम को करीब 5 बजे बाहर गए थे। वह मौका पाकर कमरे से निकलकर भागने लगी। तभी वहां आदिल पहुंच गया। उसने सड़क पर उसे रोक लिया। उसने विरोध किया तो उसके साथ मारपीट करने लगा। उसने शोर मचाया तो भीड़ जमा हो गई। उसने लोगों को अपनी आपबीती बताई। उसके बाद लोगों ने आदिल को पकड़कर पीटा। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। महिला को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी आदित्य बंसल और सीओ समेत फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गया। आरोपी आदिल को हिरासत में ले लिया। उसके बाद महिला को इलाज और मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। रात में महिला को भर्ती कर उसका इलाज शुरू किया गया उसके चेहरे और सिर पर चोट आई है। महिला से पूछताछ के बाद होगी कार्रवाई एसपी सिटी आदित्य बंसल ने बताया- महिला के शरीर पर चोट के निशान हैं। वह बेहद डरी हुई है। वह अभी ठीक से बोल नहीं पा रही है । उसका इलाज कराया जा रहा है। हालत में सुधार होने पर उससे बातचीत की जाएगी। आरोपी को हिरासत में ले गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। अगर जांच में होटल संचालक की संलिप्ता भी पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी एक्शन लिया जायेगा। अगर होटल होटल नियमों के विरुद्ध चलता पाया गया, तो उस पर भी बुलडोजर जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ये खबर भी पढ़िए… संभल में ईदगाह-इमामबाड़ा को बुलडोजर चल रहा:भीड़ को अफसरों ने हटाया, 5 थानों की फोर्स और PAC तैनात संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। इमामबाड़ा गिरा दिया गया है। अब ईदगाह को चार बुलडोजरों से तोड़ा जा रहा है। मौके पर 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। इसी बीच, गांव के लोग मौके पर जुट गए। विरोध की आशंका को देखते हुए अफसरों ने उन्हें वहां से हटा दिया। प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था। पूरी खबर पढ़िए…
कन्नौज में जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने उमर्दा स्थित बहुउद्देशीय प्राथमिक सहकारी समिति, बलनपुर सहकारी समिति और मंडी समिति तिर्वा में गेहूं खरीद केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें कई अनियमितताएं मिलीं, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के दौरान, डीएम ने पाया कि समिति परिसर में डिस्प्ले बोर्ड पर खाद्यान्न दरें और गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) अंकित नहीं था। इसके अतिरिक्त, खाद्यान्न से संबंधित आवश्यक रजिस्टर भी अनुपस्थित पाए गए। वारदाना (बोरी) की प्रविष्टियां पोर्टल पर प्रदर्शित नहीं हो रही थीं। जिलाधिकारी ने इन कमियों को तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। यूरिया के स्टॉक में भी विसंगति मिली; 105 बोरी की बिक्री दर्ज थी, जबकि मौके पर 245 बोरी यूरिया उपलब्ध थी। डीएम ने उर्वरक वितरण की प्रविष्टियों को नियमित रूप से पोर्टल पर दर्ज करने और स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित रखने का निर्देश दिया। एक गेहूं खरीद केंद्र पर तीन किसानों से 176.50 कुंतल गेहूं खरीदा गया था, लेकिन उन्हें अभी तक भुगतान नहीं किया गया था। डीएम ने किसानों को उनकी फसल का भुगतान तत्काल करने के निर्देश दिए। किसान सुनील कुमार ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि उनका गेहूं परिसर में रखा है, लेकिन उसकी खरीद नहीं की गई है। इस पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि किसान हित सर्वोपरि है और गेहूं खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि समिति में कोई भी कार्य लंबित न रहे, अभिलेखों का उचित रखरखाव हो और सभी प्रक्रियाएं शासन के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी व जवाबदेह तरीके से संचालित हों। डीएम ने चेतावनी दी कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
दौसा जिला परिषद की सामाजिक सेवाएं एवं सामाजिक न्याय समिति की चेयरमैन नीलम गुर्जर ने दौसा ब्लॉक में कई स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां सामने आईं, जिन पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए सुधार के निर्देश दिए। चेयरमैन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चांदराना, बापी, तीतरवाडा के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैंथल और कुंडल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों से बातचीत कर चिकित्सा सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी। अस्पतालों में मिली गंदगी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बापी में दो कर्मचारी एब्सेंट पाए गए, वहीं कैल्शियम सहित कुछ जरूरी दवाइयों की भी कमी मिली। चांदराना और तीतरवाडा के वार्ड रूम में गंदगी देख चेयरमैन ने नाराजगी जताई। इसके अलावा सीएचसी सैंथल और तीतरवाडा के लेबर रूम में भी गंदगी मिलने पर उन्होंने तत्काल सफाई करवाने के निर्देश दिए और जिम्मेदारों को चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान चेयरमैन नीलम गुर्जर ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। पहला सुख निरोगी काया के लक्ष्य को पूरा करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। इस मौके पर अतिरिक्त विकास अधिकारी रेवड़मल मीणा भी उनके साथ मौजूद रहे।
नर्मदापुरम में समर्थन मूल्य पर चल रही खरीदी में कुछ केंद्रों पर समितियां मनमानी कर रही है। उपार्जन नीति के नियमों को ताक पर रखकर केंद्रों पर गेहूं खरीदी हो रही। गर्मी, धूप का हवाला देते हुए वेयरहाउस के भीतर गेहूं की तुलाई कर रहे। जबकि वेयरहाउस के भीतर खरीदी करना नियम विरुद्ध है। इसी प्रकार माखननगर में छोटे तौल कांटे के बजाय बड़े तौल कांटा (फ्लेट कांटे) पर तुलाई कर किसानों से गेहूं खरीदा जा रहा है। ऐसे में गेहूं खरीदी में फिर से गड़बड़ी होने की आशंका है। मामले में जिम्मेदार अफसर भी नजर अंदाज कर रहे। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने दो दिन पहले डोलरिया तहसील के गेहूं, चना खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया था। इस दौरान हम्मालों ने उन्हें दोपहर के समय गर्मी, धूप का हवाला देते हुए वेयरहाउस के भीतर खरीदी करने का कहा। कलेक्टर मिश्रा ने कहा कि नियम अनुसार ही खरीदी करें। सुबह जल्दी तुलाई शुरू करने और केंद्र प्रभारी को छांव की व्यवस्था करने के निर्देश दिए है। बावजूद माखननगर तहसील के खरीदी केंद्रों पर गेहूं खरीदी वेयरहाउस के भीतर हो रही। मामले में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी अमित साहू को वेयरहाउस के अंदर खरीदी की जानकारी दी। दो दिन बाद इस पर कोई एक्शन नहीं लिया गया। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी नीता कोरी, नागरिक आपूर्ति निगम के जिला प्रबंधक सुरेश सनखेरे का कहना है कि गेहूं खरीदी गोदाम परिसर में होना है। वेयरहाउस के भीतर करना गलत है। अगर ऐसा हो रहा है तो हम मौके पर जाकर देखेंगे। पोर्टल की खामियां की वजह से बुकिंग में परेशानी गेहूं खरीदी शुरू होते ही ई- उपार्जन पोर्टल पर आ रही खामियों ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्लॉट बुकिंग के दौरान बार-बार पुनः सत्यापन के लिए शेष का मैसेज आने से किसान उपज बेचने के लिए भटकने को मजबूर हैं। वहीं खरीदी केंद्रों पर सन्नाटा पसरा है, जबकि घर और खलिहानों में हजारों क्विंटल गेहूं पड़ा है। सांगाखेड़ा के किसान रमन शुक्ला और शुक्करवाड़ा के अखिलेश गौर जैसे सैकड़ों किसान कई दिनों से पोर्टल पर स्लॉट बुक करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हर बार सत्यापन पेंडिंग बताकर प्रक्रिया रोक दी जा रही। रमन शुक्ला कहते हैं, सभी दस्तावेज सही हैं, आधार लिंक है, फिर भी पोर्टल बार- बार पुनः सत्यापन दिखा रहा है। खरीदी केंद्र जाने की तैयारी थी, लेकिन स्लॉट ही बुक नहीं हो रहा। किसान संगठनों ने भी इस समस्या को लेकर प्रशासन को चेताया है, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आया है।
मैथा ब्लॉक मुख्यालय पर सफाई अभियान दम तोड़ रहा:गंदगी और बदहाल शौचालय, जिम्मेदार बेपरवाह
कानपुर देहात। आगामी 1 अप्रैल से शुरू होने वाले संचारी रोग नियंत्रण अभियान से पहले मैथा ब्लॉक मुख्यालय पर सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। परिसर में फैली गंदगी, उगी झाड़ियां और बदहाल शौचालय अभियान की तैयारियों पर सवाल खड़े कर रहे हैं। ब्लॉक परिसर में कर्मचारी आवासों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह बड़ी-बड़ी घास और खरपतवार उग आए हैं, जो मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण बना रहे हैं। शौचालयों के टूटे टैंक और उनकी बदहाल स्थिति स्वच्छता व्यवस्था की खराब हालत को स्पष्ट रूप से दर्शा रही है। एक ओर जहां ग्राम पंचायतों में साफ-सफाई और झाड़ी कटाई के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ब्लॉक मुख्यालय ही इन निर्देशों का पालन करने में विफल दिख रहा है। यहां आने वाले कर्मचारी, फरियादी और ग्रामीण गंदगी के बीच से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। विकासखंड परिसर में स्थित कर्मचारी आवासों और भंडार गृहों के आसपास भी स्थिति बेहद खराब है। कर्मचारी आवासों के पीछे कंटीली झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं, जबकि शौचालय गंदगी से भरे पड़े हैं। क्षतिग्रस्त टैंक और जलभराव जैसी समस्याएं मच्छरों के पनपने का प्रमुख कारण बन रही हैं। यह उल्लेखनीय है कि ब्लॉक मुख्यालय से ही सफाई कर्मियों की निगरानी और संचालन किया जाता है। इसके बावजूद यहां की सफाई व्यवस्था बदहाल है, जो जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मैथा संजू सिंह ने बताया कि एडीओ पंचायत से बात कर जल्द ही ब्लॉक परिसर में सफाई अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आवश्यक कार्य सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। फिलहाल, यह सवाल बना हुआ है कि जब ब्लॉक मुख्यालय ही स्वच्छता मानकों का पालन नहीं कर पा रहा है, तो ग्राम स्तर पर संचारी रोग नियंत्रण अभियान कितना प्रभावी होगा।
एटा में ट्रैक्टर-बाइक भिड़ंत, एक की मौत:दो गंभीर घायल, एक बाइक पर सवार थे तीन दोस्त
एटा जिले के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में नगला सबल के पास एक ट्रैक्टर और बाइक की भीषण भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हैं। मृतक की पहचान 18 वर्षीय आकाश पुत्र किशन लाल के रूप में हुई है। घायलों में 18 वर्षीय रामू पुत्र किशनलाल और 22 वर्षीय पिंकी पुत्र विनोद शामिल हैं। ये तीनों गदनपुर निवासी दोस्त थे और बाइक से एटा की ओर आ रहे थे। नगला सबल के समीप ट्रैक्टर ने इनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर भीड़ जमा हो गई और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से घायलों को एटा के वीरांगना अवंतीबाई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के दौरान आकाश को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल रामू को हायर सेंटर रेफर किया गया है। युवक की मौत के बाद परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और हादसे के कारणों की जांच कर रही है। कोतवाली देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र पवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक युवक की मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
फतेहाबाद जिले की 46 महिलाएं आज (शुक्रवार) को महिला आरक्षण बिल की साक्षी बनेंगी। इन महिलाओं को दिल्ली में संसद की कार्यवाही देखने का मौका मिलेगा। महिलाओं के दल को सुबह दिल्ली के लिए रवाना किया गया है। इन महिलाओं को जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ के नेतृत्व में भेजा गया है। बता दें कि, महिला आरक्षण से जुड़े बिल पर आज लोकसभा में दूसरे दिन भी चर्चा होगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस पर जवाब देंगे। इसके बाद शाम 4 बजे बिल पर वोटिंग कराई जाएगी। इन खास पल के लिए बीजेपी की ओर से कई लोकसभा क्षेत्रों से महिलाओं को संसद कार्यवाही दिखाने के लिए आमंत्रित किया गया है। फतेहाबाद जिले में नारी शक्ति वंदन अभियान की जिला संयोजक जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ को बनाया गया। इसके बाद महिलाओं से आवेदन मांगे गए। सारी प्रक्रिया के बाद 46 महिलाओं को शॉर्ट लिस्टिड करके सूची तैयार की गई है। केंद्रीय मंत्री खट्टर की टीम संभालेंगी व्यवस्था इन महिलाओं को सबसे पहले हरियाणा भवन ले जाया जाएगा। जहां केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल की टीम इनके लिए सारी व्यवस्थाएं करेंगी। पहले इन महिलाओं को भोजन करवाया जाएगा। इसके बाद खट्टर टीम ही इनके पास की व्यवस्था करेगी। हरियाणा भवन से दोपहर बाद सीधा इन्हें संसद भवन ले जाया जाएगा। जहां दर्शक दीर्घा में बैठकर वे संसद की कार्यवाही को नजदीक से देख सकेंगी। इन महिलाओं को मिला मौका दिल्ली जाने वाली महिलाओं में जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़, भाजपा महिला जिलाध्यक्ष सुमन बजाज, नगर परिषद उपप्रधान सविता टुटेजा, पंचायत समिति चेयरपर्सन पूजा बरसीन व गुरप्रीत कौर, मनोनीत पार्षद पूनम सिंगला व वीना रानी, सरपंच सुनीता रानी व सुमन देवी जनप्रतिनिधि के तौर पर शामिल रही। साथ ही शिक्षा जगत से प्रोफेसर अमरजीत कौर, टीचर सिमरन कौर गिल, सोनिया व वंदना को चुना गया है। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पांच सदस्य भी दिल्ली गई हैं। नगर परिषद की ब्रांड एंबेसडर सियाज पूनिया भी दल में शामिल हैं। बाकी बीजेपी महिला कार्यकर्ताओं को मौका मिला है। महिलाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक- सुमन खिचड़ जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ ने कहा कि महिलाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। इस बिल के पास होने से राज्य की विधानसभाओं और देश की लोकसभा में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ेगा। इससे आम घरों की महिलाओं को भी राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। महिलाओं के हित में इतना बड़ा फैसला लेने के लिए देश की महिलाएं पीएम नरेंद्र मोदी और सरकार की आभारी रहेंगी।
बुलंदशहर में समाजवादी पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के नेता हरेन्द्र चौधरी ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। यह कार्यक्रम कैबिनेट मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की मौजूदगी में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे नसीमुद्दीन सिद्दीकी का कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं से जोरदार स्वागत किया। उन्होंने हरेन्द्र चौधरी और उनके समर्थकों को पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया और कहा कि पार्टी का बढ़ता कुनबा दर्शाता है कि जनता परिवर्तन चाहती है। पार्टी में शामिल होने के बाद हरेन्द्र चौधरी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की नीतियों और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) की विचारधारा से प्रभावित होकर सपा में शामिल होने की बात कही। उन्होंने मंच से आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव में शिकारपुर के प्रत्येक बूथ पर PDA की नीतियों की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प लिया। चौधरी ने कहा कि वे जमीनी स्तर पर संगठन को इतना मजबूत करेंगे कि यहां सिर्फ सपा का परचम लहराएगा।
सलूंबर जिला रिजर्व पुलिस लाइन में गुरुवार को 77वां राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर पुलिस के अनुशासन के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से खाकी का मानवीय और कलात्मक पक्ष भी सामने आया। देशभक्ति के गीतों और लोक नृत्यों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। समारोह की शुरुआत सलूम्बर शहर के विभिन्न स्कूलों की छात्राओं और पुलिस परिवार के नन्हे-मुन्ने बच्चों की प्रस्तुतियों से हुई। छोटे बच्चों ने हाथ में तिरंगा लेकर 'ऐ वतन तेरे लिए' और 'मां तुझे सलाम' जैसे देशभक्ति गीतों पर नृत्य किया, जिससे पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। जवानों ने भी अपनी सुरीली आवाज में राष्ट्रभक्ति के गीत गाकर वातावरण को देशप्रेम से भर दिया। इस अवसर पर जिला एसपी विशनाराम विश्नोई ने पुलिस बल को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सुरक्षा का आधार स्तंभ है। उन्होंने जवानों को पूरी निष्ठा, अनुशासन और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का एक भावुक क्षण वह था जब विभाग को अपना जीवन समर्पित करने वाले सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया। एसपी विश्नोई ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके योगदान को याद किया। इसके साथ ही, स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित वॉलीबॉल और अन्य खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं व उपविजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया। समारोह में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला, एएसपी रतन चावला, वृताधिकारी हेरम्भ जोशी (सलूम्बर), वृताधिकारी चांदमल सिंगारिया (सराड़ा), आरपीएस प्रो. सेजल शेखावत, संचित निरीक्षक पवन सिंह, थानाधिकारी हेमंत चौहान (सलूम्बर) और थानाधिकारी झल्लारा सहित जिले के सभी थानों के थानाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पुलिस जवान अपने परिजनों के साथ मौजूद रहे।
मैहर पुलिस ने नदी से निकाला अवैध लाहन:गोताखोरों की मदद से 825 किलो का जखीरा बरामद
मैहर जिले की ताला थाना पुलिस ने मुरझुआ नदी से अवैध महुआ लाहन का एक बड़ा जखीरा गुरुवार को बरामद किया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने गोताखोरों की मदद से नदी के गहरे पानी में छिपाए गए 825 किलोग्राम लाहन को निकालकर नष्ट कर दिया। इसकी अनुमानित कीमत 50 हजार रुपए बताई जा रही है। ताला थाना प्रभारी निरीक्षक महेंद्र मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चौकी मुकुंदपुर क्षेत्र से निकलने वाली मुरझुआ नदी में अवैध शराब बनाने की तैयारी चल रही है। तस्करों ने मरघट घाट से कस्तरा घाट के बीच महुआ लाहन से भरे प्लास्टिक के 55 डिब्बों को पत्थरों से बांधकर 3 से 4 फीट गहरे पानी में छिपा रखा था, ताकि किसी को शक न हो। सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक नागेश्वर मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस और वन विभाग की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने स्थानीय गोताखोरों की सहायता ली और नदी के पानी में उतरकर गहन तलाशी अभियान चलाया। कड़ी मशक्कत के बाद पानी के भीतर से सभी 55 प्लास्टिक के डिब्बे बाहर निकाले गए। आरोपी मौके से फरार इन डिब्बों में कुल 825 किलोग्राम महुआ लाहन भरा हुआ था। पुलिस ने अवैध शराब निर्माण की इस साजिश को विफल करते हुए मौके पर ही पूरे लाहन को नष्ट कर दिया। हालांकि, पुलिस की भनक लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गए थे। पुलिस अब उनकी पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है और आगे की जांच जारी है। कार्रवाई की अन्य तस्वीरें…
अयोध्या में पारा पहुंचा 40 डिग्री के पार:लू के साथ भीषण गर्मी के आसार, लू से बचाव के लिए एडवाइजरी
अयोध्या में गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। गुरुवार को सीजन का सबसे गर्म दिन रिकॉर्ड किया गया, जब दोपहर का तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह सामान्य से करीब 2.7 डिग्री अधिक है। वहीं रात के समय कुछ राहत मिली और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में और बढ़ेगी गर्मी मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है। लू चलने के साथ भीषण गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं जनजीवन को प्रभावित करेंगी। प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी बढ़ती गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है। आवश्यक कार्य होने पर ही घर से निकलने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने दिए बचाव के सुझाव स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, सिर ढककर बाहर निकलने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। तेज होती गर्मी के बीच प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां जारी हैं, वहीं लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है।
गोरखपुर में पुलिस ने 6 मरीज माफियाओं को गिरफ्तार किया है। जिनमें सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर से लेकर, ईएमटी, दो अस्पतालों के मैनेजर और प्राइवेट एम्बुलेंस ड्राइवर शामिल हैं। सभी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के मुताबिक ये सभी इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की मदद से परिजनों को बरगलाकर मरी हुई बच्ची का इलाज कराने के नाम पर प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराने की तैयारी में थे। और BRD मेडिकल कॉलेज के मेन गेट सामने एक प्राइवेट एम्बुलेंस में बैठा रहे थे। तभी गार्डों ने उन्हें पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक 5 से 10 हजार रुपए तक का कमीशन के पाने के लिए ईएनटी और सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर प्राइवेट हॉस्पिटल से संपर्क कर मरीजों भेजते थे। जानिए पूरा मामला… गुलरिहा पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि 14 अप्रैल को सिद्धार्थनगर जिले से गंभीर हालत में बच्ची को 108 सरकारी एम्बुलेंस से बीआरडी मेडिकल कॉलेज लाया गया था। 500 नंबर बेड के बाल रोग संस्थान में ईएमटी वेद प्रकाश और चालक राहुल ने बच्ची को दिखाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों बच्ची को बाहर ले आए और परिजनों से कहा कि उसकी हालत गंभीर है और वेंटिलेटर भी खाली नहीं है। इसलिए पहचान के निजी अस्पताल में भर्ती करा दें। डरे-सहमे परिजनों की सहमति मिलने पर ईएमटी वेद प्रकाश (निवासी भागलपुर, थाना पीपीगंज) और राहुल (निवासी कटुई, थाना ललिया, जिला बलरामपुर) ने तारामंडल स्थित सानवी अस्पताल के मैनेजर राहुल शर्मा को फोन किया। शौचलय के बाहर प्राइवेट एम्बुलेंस में बैठाते हुए गार्डों ने पकड़ा राहुल शर्मा ने दूरी का हवाला देकर फातिमा रोड स्थित गौरी अस्पताल के मैनेजर अंकित शुक्ला को जानकारी दी। इसी दौरान सानवी अस्पताल की एम्बुलेंस के चालक गुंजेश यादव ने बीआरडी गेट के पास स्थित शौचालय के बाहर बच्ची को निजी एम्बुलेंस में बैठाने का प्रयास किया। तभी गार्डों ने पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दे दी। पकड़े जाने के बाद आरोपियों ने बचने के लिए आनन-फानन में मृत बच्ची की दोबारा पर्ची तक कटवा दी, ताकि कार्रवाई से बच सकें। 5 से 10 हजार रुपए कमीशन लेते थे पूछताछ में सामने आया कि राहुल शर्मा (निवासी गाईबेला, थाना सिकरीगंज) के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसकी अंकित शुक्ला (निवासी पकड़ी मिसरा, थाना कटया, जिला गोपालगंज) से मिलीभगत है। दोनों देवरिया, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर के कई सरकारी एम्बुलेंस चालकों से साठगांठ कर मरीजों को निजी अस्पतालों में भेजते थे। इसके बदले ईएमटी और चालक 5 से 10 हजार रुपये तक कमीशन लेते थे। इसके बाद निजी एम्बुलेंस चालक गुंजेश यादव (निवासी बंधवा, थाना रामकोला, जिला कुशीनगर) और अमन पांडेय (निवासी घोरही, थाना महुली, जिला संतकबीरनगर) मरीजों को बीआरडी से निजी अस्पताल तक पहुंचाने का काम करते थे। बीआरडी प्राचार्य की तहरीर पर दर्ज हुआ केसबीआरडी प्राचार्य रामकुमार जायसवाल की तहरीर पर गुलरिहा पुलिस ने बुधवार देर रात निजी एम्बुलेंस चालक व अन्य अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में सभी आरोपियों की संलिप्तता सामने आने पर गुरुवार सुबह बीआरडी के सीआरसी बिल्डिंग के पीछे से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
लखनऊ में लगातार बढ़ रही गर्मी:राहत मिलने की नहीं संभावना, सुबह से चल रही पूर्वी हवा
लखनऊ में सुबह से पूर्वी हवा चल रही। तेज धूप भी निकली हुई है। पारा 40 डिग्री तक पहुंचने के चलते गर्मी का असर बढ़ गया है। इस बीच वातावरण में नमी का औसत अपने न्यूनतम स्तर तक पहुंच गया है। इसके कारण घर से बाहर निकलने में भी लोग एहतियात बरत रहे। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आसपास दर्ज किया जाएगा। लखनऊ में गुरुवार को अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री रहा। यह सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा है। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री रहा। यह सामान्य तापमान से 0.6 डिग्री अधिक रहा। अधिकतम आर्द्रता 56 फीसदी रहा। न्यूनतम आर्द्रता 8 फीसदी दर्ज की गई। लगातार बढ़ रही गर्मी उत्तर प्रदेश में शुष्क मौसम और गर्म पछुआ हवाओं ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले एक सप्ताह में प्रदेश के अधिकतम तापमान में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि वर्तमान में प्रदेश में कोई सक्रिय मौसम तंत्र मौजूद नहीं है। इसके अलावा, कर्नाटक और महाराष्ट्र के ऊपर बना प्रतिचक्रवात अब मध्य भारत की ओर खिसक रहा है। इसके प्रभाव से आने वाले 2-3 दिनों तक शुष्क पछुआ हवाओं का दौर जारी रहेगा, जिससे तापमान में अभी और मामूली बढ़ोत्तरी होने की संभावना है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं की दिशा बदलेगी और आसमान में आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। इससे बढ़ते तापमान पर थोड़ा ब्रेक लगेगा। फिलहाल बारिश होने की कोई संभावना नहीं है, केवल गर्मी के तेवर थोड़े नरम पड़ सकते हैं।
बाड़मेर में युवक के साथ मारपीट, बाल काटने, यूरिन व गंदगी खिलाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं विधि से संघर्षरत नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। मामला 14 अप्रैल को शिव थाने में दर्ज हुआ था। घटना 26 मार्च की है। वीडियो शेयर करने पर पीड़ित युवक ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज करवाया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में अन्य कोई शामिल होना पाया जाता हे तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक जैसलमेर जिले का रहने वाला है। शिव में सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। मोबाइल में युवती की फोटो रखने के आरोप में साथ काम कर रहे युवकों ने घटना को अंजाम दिया। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- सोशल मीडिया पर युवक के साथ मारपीट कर मुंह काला करने व गंदगी खिलाने का वीडियो सामने आया था। इसकी तहकीकात कर युवक की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर पुलिस थाना शिव और डीसीआरबी पुलिस ने वीडियो में पीड़ित व्यक्ति की पहचान कर घटना की पूरी जानकारी ली गई। बताया- सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। 26 मार्च को साथ में काम करने वाले युवकों ने आपसी किसी बात को लेकर घटना को अंजाम दिया। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश और एसआई जालाराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी और सूचना के आधार पर वी.पी. सिंह उर्फ विजयदान व उसके साथियों ने मिलकर मारपीट कर उसका मुंह काला कर सि के बाल काटकर उससे जबरदस्ती गंदगी खिलाना स्वीकार किया गया। आरोपी वीपीसिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया। पढ़े संबंधित खबर… मुंह काला कर युवक को यूरिन पिलाया, गंदगी खिलाई:मोबाइल में युवती की फोटो रखने पर मारपीट, दो आरोपी डिटेन
मुरैना में नगरा पुलिस ने एक कार से चार युवकों को गिरफ्तार किया है कार की तलाशी लेने पर उसमें एक कट्टा और चार जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने चारों युवकों को पकड़ पूछताछ की तो उसमें दो बाल आपाचारी निकले। पुलिस ने चारों पर मामला दर्ज कर लिया है। कार और हथियार को जब्त कार्रवाई शुरू कर दी है। वारदात की फिराक में थे नगरा थाना पुलिस को सूचना मिली कि बस स्टैंड के पास एक कार क्रमांक HR 55 AD 0549 खड़ी है उसमें चार युवक बैठे हैं जिनके पास हथियार भी हैं। किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस पर पुलिस के द्वारा दो टीम बनाकर घेरा बंदी की और कार में बैठे चारों युवकों को पकड़ा और कार की तलाशी ली तो उसमें अवैध हथियार कट्टा और चार कारतूस बरामद हुए। कार और हथियार जब्त कर आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ़्तार किया गया। थाने में पूछताछ में इनमें दो बाला आपाचारी निकले। एसडीओपी रवी भदौरिया के अनुसार मुखबिर की सूचना पर कार में चार युवक पकड़े पूछताछ में दो बाल आपाचारी निकले। सभी को गिरफ्तार किया गया है
सिवनी के खवासा टोल प्लाजा पर कंटेनर में लगी आग:दमकलों ने पाया आग पर काबू; केबिन जलकर खाक
सिवनी जिले के कुरई थाना क्षेत्र अंतर्गत खवासा टोल प्लाजा पर गुरुवार देर रात एक कंटेनर में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा ट्रक जलने लगा। घटना के समय आसपास अन्य वाहन भी मौजूद थे, जिससे कुछ समय के लिए बड़ी दुर्घटना की आशंका उत्पन्न हो गई। हालांकि, समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। देर रात कंटेनर खवासा टोल प्लाजा के पास खड़ा था, तभी अज्ञात कारणों से उसमें आग लग गई। आग लगते ही चालक और आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल दमकल विभाग और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। आग बुझने तक कंटेनर काफी हद तक जल चुका था और उसमें रखा सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। तकनीकी खराबी से आग की आशंका कुरई थाना प्रभारी कृपाल शाह टेकाम ने बताया कि उन्हें एक कंटेनर में आग लगने की सूचना मिली थी। पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल सका है, लेकिन शॉर्ट सर्किट, इंजन में तकनीकी खराबी या कंटेनर में रखे किसी ज्वलनशील पदार्थ जैसी आशंकाओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
जयपुर में मूलभूत सुविधाओं की कमी अब भी कई इलाकों में लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। कहीं सड़कें सालों से बदहाल हैं तो कहीं कॉलोनियों में स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी जरूरी सुविधाएं भी नहीं हैं। आवारा पशु, गंदगी और बदबू जैसी समस्याएं आमजन की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही हैं। इन समस्याओं को लोगों ने भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए प्रमुखता से उठाया, जिससे जिम्मेदार विभागों तक वास्तविक स्थिति पहुंची। शिकायतों के बाद कई जगहों पर त्वरित कार्रवाई भी हुई है, जिससे न सिर्फ समस्याओं का समाधान हुआ बल्कि लोगों को राहत भी मिली और व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। एक साल से खराब सड़क गांधी नगर, बजाज नगर अपार्टमेंट से प्रीति ने पोस्ट किया कि जेडीए मार्केट से नेहरू गार्डन जाने वाली सड़क पिछले एक साल से खराब हालत में है, जिससे लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो रही है। 3 साल से न लाइट न पानीमहावीर नगर, सांगानेर से श्रवण लाल जाट ने बताया कि उनकी कॉलोनी में पिछले 3 साल से रोड लाइट नहीं है और पानी की सप्लाई भी नहीं हो रही, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खातिपुरा में आवारा पशुओं का जमावड़ायोगेंद्र सिंह राठौड़ ने पोस्ट किया कि उनकी गली में आवारा पशु घूमते रहते हैं और कई बार रास्ता भी घेर लेते हैं, जिससे आवागमन में दिक्कत होती है। अशोक नगर में खुले में कचरा, बदबू से परेशानीसौरभ शर्मा ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र में खुले में कचरा पड़ा रहता है, जिससे गंदगी और बदबू के कारण लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। महनत नगर में महीनों से खराब लाइट हुई ठीकहटवाड़ा रोड, महनत नगर से हनीफ खान ने पोस्ट किया था कि उनके क्षेत्र में कई महीनों से रोड लाइट खराब थी। शिकायत के बाद इसे ठीक करवा दिया गया, जिससे क्षेत्र में रोशनी बहाल हुई। लोहा मंडी में कचरे की समस्या दूरसंपत ने पोस्ट किया था कि उनकी गली में कई दिनों से कचरा जमा था। मामला सामने आने के बाद सफाई करवाई गई और क्षेत्र को कचरे से मुक्त किया गया। आज के पब्लिक के स्टार: दशरथ सिंह (वार्ड पार्षद)महनत नगर क्षेत्र में रोड लाइट की समस्या के समाधान में दशरथ सिंह ने अहम भूमिका निभाई। शिकायत सामने आने के बाद उन्होंने संबंधित विभाग से समन्वय कर लाइट को दुरुस्त करवाया, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिली। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में कचरा-सीवर की समस्या बरकरार:भास्कर समाधान का असर, आमेर-चांदपोल में स्ट्रीट लाइट दुरुस्त; JEN संदीप मीणा बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.भास्कर समाधान का असर, 7 दिन से बंद लाइट ऑन:शिकायतों के बाद कई इलाकों में शुरू हुआ सुधार; संदीप मीणा बने पब्लिक के स्टार 3.भास्कर समाधान का असर: टूटी सड़क हुई ठीक:अधूरे कामों के बीच कई जगह शुरू हुआ सुधार; मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 4.जयपुर के सेक्टर-16 में बह रहा सीवर का पानी:तुलसी नगर में धंसा चैंबर बना खतरा, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक स्टार’ 5.भास्कर समाधान का असर, शास्त्री नगर में रोड लाइट ठीक,:जलभराव और सीवरेज समस्याओं पर कार्रवाई; राहुल अग्रवाल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 6.भास्कर समाधान का असर, जयपुर में स्ट्रीट लाइटें हुई ठीक:शहर में सीवर और कचरे की समस्या बरकरार; रूपाराम बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.भास्कर समाधान का असर जयपुर में गंदगी-सीवर की समस्याएं उजागर:शहर के कई इलाकों में सफाई से मिली राहत; कुसुम यादव फिर बनीं ‘पब्लिक की स्टार’ 8.भास्कर समाधान में उजागर हुई जयपुर की हकीकत:गंगापोल में कचरा-सीवर से लोग बेहाल, हरनाथपुरा की सड़कें बनीं मुसीबत; मनोज मुदगल फिर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 9.भास्कर समाधान में उजागर हुई शहर की दुर्दशा:न्यू सांगानेर रोड और झोटवाड़ा में जनता परेशान, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.भास्कर समाधान का असर, जिम्मेदारों तक पहुंचीं शहर की समस्याएं:कई इलाकों में मिली राहत; कुसुम यादव बनीं ‘पब्लिक की स्टार’
बेल्थरा रोड स्थित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय सीयर का मामला अब और गंभीर होता जा रहा है। पहले “शिक्षा का अधिकार” लिखे 50 स्कूली बैग जलाने का वीडियो सामने आया था, जिसे बीएसए मनीष कुमार सिंह ने प्रथम दृष्टया लापरवाही माना था। अब एक और नया वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें बैग जलाने से पहले की स्थिति दिखाई दे रही है और इसमें बच्चों के जूते व दवाइयां भी उसी ढेर में पड़ी नजर आ रही हैं। BSA ने जांच कराने का भरोसा दिया था रविवार को जांच के लिए मौके पर पहुंचे बीएसए मनीष कुमार सिंह ने पत्रकार वार्ता में कहा था कि विद्यालय में रखी सरकारी सामग्री को सुरक्षित रखना जिम्मेदारों का कर्तव्य है और पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया था कि जांच पूरी होने के बाद विभागीय निर्णय से अवगत कराया जाएगा। रिजल्ट से पहले नए वीडियो ने चौंकाया हालांकि, जांच का निष्कर्ष सामने आने से पहले ही दूसरा वीडियो वायरल हो गया, जिसने पूरे मामले को और उलझा दिया है। नए वीडियो में साफ दिख रहा है कि सिर्फ बैग ही नहीं, बल्कि बच्चों के उपयोग से जुड़ी अन्य सामग्री जैसे जूते और दवाइयां भी उसी कूड़े के ढेर में मौजूद थीं। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर विद्यालय में रखी जरूरी सामग्री इस स्थिति तक कैसे पहुंची। पैरेंटस ने लापरवाही का एग्जांपल बताया स्थानीय लोगों और अभिभावकों में अब नाराजगी और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि योजनाओं के प्रति गंभीर उदासीनता का उदाहरण है। बच्चों के लिए आई सामग्री का इस तरह दुरुपयोग या नष्ट होना व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करता है। जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब तक ? फिलहाल विभागीय जांच जारी है, लेकिन लगातार सामने आ रहे वीडियो के बाद लोगों की निगाहें अब सिर्फ जांच पर नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई और नतीजे पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि यह मामला फाइलों तक सीमित रहता है या वास्तव में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।
सहारनपुर के आसपास से गुजर रही ट्रेन संख्या 15904 (चंडीगढ़ से डिब्रूगढ़ जाने वाली) में एक किन्नर द्वारा हंगामा करने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे 15/16 अप्रैल की रात का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे सुरक्षा बल (RPF) भी हरकत में आ गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ट्रेन में बहस, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन के कोच के अंदर एक किन्नर यात्रियों के साथ बहस करता नजर आ रहा है। इस दौरान वह अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता है और कुछ यात्रियों के साथ धक्का-मुक्की भी करता दिख रहा है। वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि वह अपने फोन से किसी को बुलाने की धमकी देता है, जिससे कोच में मौजूद यात्रियों में डर का माहौल बन गया। बच्चों और महिलाओं के सामने अश्लील हरकतों का आरोप यात्रियों का आरोप है कि उक्त व्यक्ति ने कोच में मौजूद महिलाओं और बच्चों के सामने अश्लील हरकतें भी कीं और गंदी गालियों का प्रयोग किया। इससे यात्रियों को काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना रात के समय हुई, जब अधिकांश यात्री सफर कर रहे थे। सहारनपुर स्टेशन पर उतरने की बात वीडियो में संबंधित व्यक्ति को सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर उतरने की बात कहते हुए भी सुना जा सकता है। हालांकि, इस बात की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। घटना का वीडियो किसी यात्री द्वारा बनाया गया और बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया, जिसके बाद मामला तेजी से वायरल हो गया। पहले भी सामने आते रहे हैं ऐसे मामले यात्रियों का कहना है कि ट्रेनों में इस तरह की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यात्रियों में चिंता देखी जा रही है। RPF ने लिया संज्ञान, जांच तेज मामले का संज्ञान लेते हुए आरपीएफ अंबाला डिवीजन ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया दी है। अधिकारियों के अनुसार, वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान और घटना की सत्यता की जांच की जा रही है। जल्द ही संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेलवे सुरक्षा बल ने बताया कि ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए नियमित चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी में महिला कर्मचारियों के कथित यौन शोषण और धार्मिक उत्पीड़न के आरोपों को लेकर भोपाल में विरोध तेज हो गया है। बजरंग दल ने शुक्रवार को एमपी नगर में प्रदर्शन का ऐलान किया है। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम बढ़ा दिए हैं। 9 युवतियों और एक युवक ने दर्ज कराई शिकायत नासिक में कंपनी के 9 महिला कर्मचारियों और एक युवक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें टीम लीडर्स और एचआर मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। साथ ही धार्मिक गतिविधियों को लेकर दबाव बनाया जा रहा था। सात आरोपी गिरफ्तार, एसआईटी गठित मामले में महाराष्ट्र पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राज्य सरकार ने जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। भोपाल में प्रदर्शन का ऐलान इस मुद्दे को लेकर बजरंग दल ने भोपाल के एमपी नगर में प्रदर्शन की घोषणा की है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के जुटने की संभावना है। प्रदर्शन को देखते हुए भोपाल पुलिस अलर्ट पर है। इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और निगरानी रखी जा रही है। ये खबर भी पढ़ें… नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।पढ़ें पूरी खबर
रतलाम के नामली थाने में रेप के आरोपी पिता के फांसी लगाकर आत्महत्या के मामले में चौकाने वाली बात सामने आई है। रेप की एफआईआर के पहले पिता ने नामली थाने में बेटी और पत्नी के खिलाफ झूठी रिपोर्ट कराने की साजिश और धमकी देने की शिकायत की थी। पिता ने बेटी को किसी के साथ वीडियो कॉल पर बात करते देखने पर समझाने की बात कही थी। पुलिस ने आवेदन लेकर रख लिया। दोपहर को बेटी ने मां के साथ जाकर पिता के खिलाफ रेप की रिपोर्ट लिखा दी। रतलाम एसपी अमित कुमार ने पूरे घटनाक्रम की जांच सीएसपी को सौंपी है। इसके साथ ज्यूडिशियल जांच भी होगी। 16 साल की बेटी से रेप के आरोप में गिरफ्तार 38 वर्षीय पिता ने गुरुवार सुबह नामली थाने की हवालात (बंदी गृह) में अपने लोअर के नाड़े से फांसी का फंदा लगा लिया था। जिससे उसकी मौत हो गई थी। हवालात में एक कोने में टॉयलेट बना था। जिसकी दीवार केवल तीन फीट लंबी थी। ऊपर से स्पेस खुला था। टॉयलेट के पास ही नल का पाइप था। पाइप के सहारे लोअर के नाड़े से गले में फांसी का फंदा लगा लिया था। सीसीटीवी में नहीं दिखा बंदीगृह की ड्यूटी पर तैनात हेड कॉन्स्टेबल को सीसीटीवी में आरोपी नहीं दिखाई दिया। तब वह बंदीगृह में पहुंचा तो आरोपी हवालात के एक कोने में बनी टॉयलेट की तरफ फांसी के फंदे से घुटने के बल जमीन पर टीका था। तुरंत थाना प्रभारी समेत अन्य अधिकारियों को सूचना दी। सुबह तक तमाम पुलिस अधिकारी व एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल व डॉक्टरों की टीम पहुंची। डॉक्टरों ने आरोपी को मृत घोषित कर दिया। मौके पर ज्यूडिशियल टीम भी पहुंची। कागजी कार्रवाई के बाद शव को मेडिकल कॉलेज भेजा। जहां पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा। सीसीटीवी टॉयलेट के कोने वाले क्षेत्र को कवर नहीं कर रहा था। परिजनों ने पत्नी और बेटी पर जताया था आक्रोश गुरुवार दोपहर मृतक का अंतिम संस्कार उसके गांव में किया गया। मृतक गांव के मंदिर में पूजा करने के साथ खेती भी करता था। आरोपी पिता के बाद परिजनो ने मृतक के ससुराल वालों पर परेशान करने व झूठी रिपोर्ट लिखाने को लेकर थाने में आक्रोश भी जताया था। यहां तक बिना जांच के गिरफ्तार करने पर भी सवाल खड़े किए थे। परिजन झूठी रिपोर्ट लिखाने का आरोप लगाते हुए मृतक की पत्नी व बेटी को अरेस्ट करने की मांग की थी। तब थाना प्रभारी गायत्री सोनी ने दोनों को हिरासत में लेने की जानकारी दी। पुलिस हिरासत में होने के कारण पत्नी व बेटी भी अंतिम संस्कार में नहीं पहुंची थी। यहां तक परिजनों ने भी दोनों के आने पर आपत्ति जताई थी। पत्नी, सास व साली पर साजिश की शिकायत मृतक द्वारा थाने पर फांसी लगाने व उस पर की गई एफआईआर के पहले थाने पर पत्नी, सास, साली व एक पुरुष का नाम लिख झूठी रिपोर्ट करने की योजना बनाकर साजिश का आरोप लगाया था। लेटर में लिखा था कि मेरी बेटी के किसी अज्ञात लड़के से वीडियो कॉल पर बातचीत कर रही थी। मैनें स्वयं देख उसे समझाया। उसके बाद से पत्नी, सास, साली व एक अन्य पुरुष (लेटर में नाम लिखे है) साजिश कर मेरे खिलाफ गलत आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज करा देंगे। वे लोग मुझे लगातार डराने-धमकाने के साथ जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं, जिससे मुझे अपनी सुरक्षा का गंभीर खतरा महसूस हो रहा है। लेटर में स्पष्ट लिखा था कि मेरी इस सूचना को रिकॉर्ड में लिया जाए। संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी। साथ ही यह भी लिखा था कि भविष्य में यदि मेरे खिलाफ कोई झूठी रिपोर्ट दी जाती है तो उसकी निष्पक्ष जांच की जाए। मेरे पूरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। इस लेटर की थाने की सील भी लगी है। साथ ही परिजनों ने भी इस शिकायत लेटर की पुष्टि की है। बेटी का आरोप- मां इलाज कराने गुजरात गई तब पिता ने किया गलत काम पुलिस ने 15 अप्रैल को दोपहर 2.30 बजे नाबालिग बेटी की शिकायत पर पिता के खिलाफ रेप व पॉक्सों एक्ट में केस दर्ज किया था। बेटी के साथ मां भी थाने पहुंची थी। रात करीब 9.40 बजे आरोपी पिता को पुलिस ने अरेस्ट कर थाने लेकर आई थी। बेटी ने रिपोर्ट में बताया था कि वह कक्षा 9 वी तक पढ़ी लिखी है। हम दो बहने है जिसमें बड़ी वह है। घर मम्मी, पापा, बहन तथा दादा दादी रहते है। 11 मार्च 26 को मां उनका इलाज करवाने बडोदरा गुजरात नानी के साथ गई थी। उस दिन घर पर मैं तथा पापा व दादा-दादी थे। उस दिन रात दादा दादी बाहर सोए थे। मैं तथा पापा घर के अंदर सोए थे। मैं पलंग पर सोई थी। पापा नीचे सोए थे। रात 11 बजे से 11.30 बजे के बीच पापा ने लाईट बंद कर दी। मेरे पास आकर सो गए। तो मेरी नींद खुल गई। पापा मेरे साथ गलत हरकते करने लगे। मैने मना किया फिर मै चिल्लाई तो पापा ने जबरजस्ती मेरी इच्छा के विरुद्ध गलत काम बलात्कार लगातार दो बार किया। कहा कि अगर तुने किसी को बताया तो तुझे मार डालुंगा। माता पिता की बदनामी व समाज में बेइज्जती होने के डर से मैनें घटना किसी को नही बताई थी। बाद में हिम्मत कर पुरी घटना मां, नानी व मामा को बताई। पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग जांच एसपी अमित कुमार ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जांच की जाएगी। ज्यूडिशियल जांच के साथ ही पुलिस की जांच भी अलग से होगी। रतलाम शहर सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया जांच करेंगे। एफआईआर के पहले मृतक का लेटर भी थाने पर देने की बात सामने आई है। उसकी भी जांच की जाएगी। नाबालिग द्वारा गंभीर आरोप लगाए थे, शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की। इस मामले से जुड़ी यह खबर पढ़ें… आरोपी ने नाड़े से फंसी लगाकर थाने में दी जान रतलाम के नामली थाने में रेप के एक आरोपी ने हवालात में फांसी लगा ली। मृतक के खिलाफ उसी के 16 साल की बेटी ने रेप का केस दर्ज कराया था। बंदी गृह में फांसी लगाने की सूचना पर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मृतक नामली थाना क्षेत्र के एक गांव का रहने वाला था। बुधवार शाम मृतक की 16 साल की बेटी ने रेप का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़ें…
सीतापुर के लहरपुर कोतवाली क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। घटना बृहस्पतिवार देर रात केसरीगंज चौकी क्षेत्र के अंतर्गत तहसील मार्ग पर हुई, जहां अज्ञात वाहन की टक्कर से एक पैदल जा रहे व्यक्ति की मौके पर ही जान चली गई। प्रजानकारी के अनुसार, मोहल्ला पुरवा बेहटी निवासी आशा पुत्र पंचम (50 वर्ष) गुरुवार रात किसी कार्य से पैदल तहसील मार्ग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। राहगीरों ने तत्काल मानवता दिखाते हुए 108 एंबुलेंस को सूचना दी और घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लहरपुर पहुंचाया गया। हालांकि, वहां मौजूद चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को दी। परिजनों में हादसे की खबर सुनते ही कोहराम मच गया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कोतवाली प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि हादसा अज्ञात वाहन की टक्कर से हुआ है। वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही आरोपी वाहन और चालक की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अज्ञात वाहन की टक्कर से युवक की मौत:फिरोजाबाद में घर लौटते समय हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
फिरोजाबाद के थाना मक्खनपुर क्षेत्र में गुरुवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक अपने घर लौट रहा था, तभी बदनपुर कोटला के पास एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को राहगीरों की सूचना पर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान नगला वाईदापुर, थाना मक्खनपुर निवासी 24 वर्षीय गोविंद पुत्र गणेश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गोविंद किसी काम से बाहर गया था और देर शाम अपनी बाइक से घर लौट रहा था। बदनपुर कोटला के पास पहुंचते ही एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोविंद गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। राहगीरों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, जिसके बाद युवक को जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और राहगीरों से मिली जानकारी के आधार पर वाहन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
देश में महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के जरिए महिलाओं को लोकसभा, विधानसभाओं में आरक्षण देने की तैयारी है। देशभर में महिला बिल पर चल रही बहस के बीच लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों ने आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती हिस्सेदारी पर सबका ध्यान खींचा है। एमपी में 8.87 लाख एमएसएमई में 2.28 लाख महिला उद्यमीआंकड़ों के अनुसार मध्य प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की संख्या में महिलाओं की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ी है। 28 फरवरी 2026 तक प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक राज्य में कुल 8,87,087 पंजीकृत एमएसएमई हैं। इनमें से 2,28,959 एमएसएमई में महिलाएं सर्वेसर्वा हैं। आंकड़ों से पता चलता है कि एमपी की हर चौथी एमएसएमई इकाई की कमान अब महिलाओं के हाथ में है, जो नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण है । 6 सालों में 10 लाख महिलाओं को मिला रोजगार महिला उद्यमियों की इस बढ़ती संख्या ने एमपी में रोजगार के आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि पिछले 6 सालों में एमएसएमई के माध्यम से महिलाओं को काम मिलने की रफ्तार में जबरदस्त उछाल आया है। वर्ष 2020-21 में जहां राज्य के एमएसएमई में केवल 1,53,493 महिलाएं कार्यरत थीं, वहीं 28 फरवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 10,07,995 हो गई है। यह 6 गुना से अधिक की बढ़ोत्तरी बताती है कि महिला उद्यमी न केवल खुद को स्थापित कर रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी बड़े पैमाने पर आजीविका के रास्ते खोल रही हैं। एमपी में एमएसएमई के आंकड़े एमपी में महिला उद्यमियों की संख्या ऐसे बढ़ी देश में सबसे ज्यादा एमएसएमई महाराष्ट्र मेंएमएसएमई और महिला नेतृत्व में अग्रणी राज्ययदि राष्ट्रीय स्तर पर तुलना करें, तो एमएसएमई पंजीकरण के मामले में महाराष्ट्र देश का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां कुल पंजीकृत इकाइयों की संख्या सबसे अधिक है । वहीं, महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई (Woman-owned MSMEs) के मामले में आंध्र प्रदेश ने बाजी मारी है, जो देश में सर्वाधिक महिला उद्यमियों वाला राज्य बना हुआ है। इन अग्रणी राज्यों की सूची में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए हैं। पूरे देश की बात करें तो उद्यम पोर्टल पर अब तक 3.07 करोड़ महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई पंजीकृत हो चुके हैं, जो देश की अर्थव्यवस्था में महिलाओं के बढ़ते योगदान को प्रमाणित करते हैं।
लखनऊ में वकीलों के 3 चैंबर जलकर राख:फायर की दो गाड़ियों ने पाया आग पर काबू; दस्तावेज नष्ट
लखनऊ के वजीरगंज क्षेत्र स्थित तहसील परिसर में शुक्रवार को आग लग गई। देखते देखते गेट नंबर-3 के पास बने वकीलों के चैंबर में आग भड़क उठी। आग ने तीन चैंबर को अपनी चपेट में ले लिया। आग से तीनों चैंबर पूरी तरह जलकर राख हो गए। अंदर रखे जरूरी दस्तावेज, फर्नीचर और अन्य सामान भी जलकर नष्ट हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें तेज होने के कारण काबू नहीं पाया जा सका। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
इंदौर के लसूडिया थाना क्षेत्र स्थित स्कीम नंबर 136 में शुक्रवार सुबह एक मजदूर का शव खाली मैदान में मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मृतक की सिर कुचलकर हत्या किए जाने की बात सामने आई है। लसूडिया पुलिस को स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि बगीचे के पास खाली मैदान में एक व्यक्ति का शव पड़ा है। इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है। सिर बुरी तरह कुचला, हत्या की आशंका पुलिस के अनुसार मृतक का सिर बुरी तरह कुचला गया है। प्राथमिक तौर पर इसे हत्या का मामला माना जा रहा है। शराब के बाद विवाद में वारदात की आशंका शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि शराब पीने के बाद हुए विवाद में हत्या की गई हो सकती है। स्थानीय लोगों के अनुसार बगीचे और आसपास के मैदान में लाइट नहीं है, जिससे यहां नशेड़ी और असामाजिक तत्व अक्सर जमा होते हैं।
भोपाल से सागर आ रहे युवक की बाइक 10 अप्रैल को अनियंत्रित होकर पुलिया से नीचे गिर गई थी। दुर्घटना में पुलिया में लगा 12एमएम का सरिया युवक के सीने में घुस गया। सरिया सीने के आर-पार निकल गया। घटना के बाद युवक चिल्लाता रहा। 11 अप्रैल को युवक को अस्पताल ले जाया गया। करीब 2 घंटे तक मौके पर पड़ा था। तभी राहगीरों ने देखा और आसपास के लोगों की मदद से सरिया काटा और युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजन को सूचना दी। परिजन ने सागर के मकोनिया में स्थित निजी अस्पताल में युवक को भर्ती कराया। युवक के सीने में सरिया आर-पार निकला था। मरीज के आने पर डॉक्टर्स की टीम ने उपचार शुरू किया। जांचें करने के बाद ओटी में शिफ्ट किया। जहां करीब 2 घंटे की सर्जरी करने के बाद सरिया को सीने से बाहर निकाला गया। युवक को वेंटिलेटर पर रखा गया। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद वेंटिलेटर हटा दिया गया है। उसे आईसीयू में शिफ्ट किया गया है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए हालत में सुधार होने के बाद गुरुवार शाम घायल लकी माली उम्र 30 साल निवासी भोपाल ने बताया कि घटना 10 अप्रैल की रात करीब 2 बजे के आसपास की है। वह भोपाल से सागर डीजे के काम के लिए आ रहा था। तभी रायसेन जिले में बेगमगंज के पास पुलिया पर बाइक अनियंत्रित हो गई और मैं पुलिया से नीचे गिर गया। घटना में पुलिया का सरिया मेरे सीने के आर-पार निकल गया। मैं मदद के लिए चिल्लाता रहा। किसी बाइक वाले ने मुझे देखा और लोगों की मदद से सरिया काटकर बाहर निकाला। 11 अप्रैल की सुबह मुझे अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल लकी ने कहा कि पुलिया के आसपास अंधेरा था। वहां कोई सूचना बोर्ड भी नहीं लगा था। यह निर्माण एजेंसी और प्रशासन की लापरवाही है। ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होना चाहिए। मरीज की हालत में सुधार, बात कर रहा अस्पताल के डॉक्टर मनीष राय ने बताया कि मरीज गंभीर हालत में अस्पताल आया था। उसके सीने में सरिया धंसा था। तत्काल सीनियर सर्जन डॉ संतोष राय, एनेस्थेटिक डॉ स्वाति जैन, एनेस्थेटिक डॉ अंशुल नेमा को मरीज के इलाज में लगाया गया। टीम ने जांचें कराने के बाद मरीज का ऑपरेशन शुरू किया। करीब 2 घंटे की सर्जरी के बाद सरिया निकाला गया। मरीज को स्टेबल किया। सर्जरी के बाहर मरीज की हालत में सुधार आया है। अब वह बात कर रहा है। फिलहाल खतरे से बाहर है। उन्होंने कहा कि यह अनोखा केस था। 20 साल के डॉक्टरी कैरियर में ऐसे केस बहुत कम देखे हैं। लेकिन हमारी टीम ने मरीज की जान बचा ली।
भदोही पुलिस ने पुश्तैनी जमीन विवाद में हत्या के प्रयास और आपराधिक साजिश के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। ये गिरफ्तारियां थाना चौरी क्षेत्र से हुई हैं। यह मामला 11 अप्रैल का है, जब आवेदिका रीता देवी अपने पुत्र अनुराग के साथ ग्राम भकोड़ा स्थित अपनी निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल पर सुबह करीब 10 बजे पानी का छिड़काव कर रही थीं। इसी दौरान उनके पाटीदार सुग्रीव दूबे, शिवम दूबे, सुभम दूबे और लक्ष्मी देवी ने मिलकर उन पर और उनके बेटे पर लाठी व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से गाली-गलौज की। हमले में बेटे अनुराग का पर्स, जिसमें लगभग 9000 रुपये, घड़ी और मोबाइल थे, छीन लिया गया। शिवम दूबे ने लोहे के धारदार हथियार से अनुराग के सिर पर हमला किया। निर्माणाधीन दीवार को भी तोड़ दिया गया, जिससे करीब एक लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। रीता देवी की तहरीर के आधार पर थाना चौरी में संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए त्वरित कार्रवाई की गई। मुखबिर की सूचना पर थाना पुलिस ने पुरानी रंजिश, मारपीट, आपराधिक साजिश, आपराधिक धमकी और हत्या के प्रयास से संबंधित इस मामले के दो वांछित अभियुक्तों को सरपतहा न्यायालय के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से मुकदमे से संबंधित 5850 रुपये और जमातलाशी के 420 रुपये बरामद किए गए। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान शिवम दूबे पुत्र सुग्रीव दूबे उर्फ छोटे लाल दूबे और सुग्रीव दूबे उर्फ छोटे लाल दूबे पुत्र स्व० राममूरत दूबे, निवासीगण ग्राम भकोड़ा, थाना चौरी, जनपद भदोही के रूप में हुई है।
बस्ती जिले के दुबौलिया थाना क्षेत्र के साड़पुर गांव में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब 70 वर्षीय वृद्ध का शव घर के सामने पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मृतक की पहचान साड़पुर गांव निवासी केशव प्रसाद (70) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सुबह घर के बाहर निकलने पर परिजनों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा। इस दृश्य के बाद परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस मौके पर पहुंची, शव कब्जे में लिया सूचना पर दुबौलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने घटनास्थल की गहन जांच-पड़ताल की और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। प्रारंभिक जांच में घटना के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र में गेहूं की कटाई के बाद पराली जलाने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। 16 अप्रैल की रात सनई मार्च क्षेत्र के धेन्सा नानकार, कपिया चौराहा, बसठा और बरगदवा सहित कई गांवों में किसानों द्वारा खुलेआम पराली जलाई गई। रात के अंधेरे में खेतों से उठती आग की ऊंची लपटें और घना धुआं दूर-दूर तक दिखाई दिया। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और कई खेत इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई जगह एक साथ पराली जलने से पूरा इलाका धुएं की चादर में ढक गया और आसमान लाल नजर आने लगा। धुआं नेशनल हाईवे तक पहुंचा, यातायात प्रभावित हालात इतने गंभीर हो गए कि खेतों से उठता धुआं पास के नेशनल हाईवे तक पहुंच गया। इससे वाहनों की रफ्तार धीमी करनी पड़ी और कई जगह दृश्यता कम होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया। राहगीरों को सांस लेने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। नियमों के बावजूद जारी पराली जलाना, NGT के निर्देश बेअसर पराली जलाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और शासन द्वारा सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। नियमों के अनुसार यह दंडनीय अपराध है और किसानों पर जुर्माने का प्रावधान भी है। इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार पराली जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं। जुर्माने का प्रावधान, फिर भी नहीं थम रहा सिलसिला 2 एकड़ तक भूमि वाले किसानों पर 2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक 5000 रुपये और 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 15000 रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा सरकारी योजनाओं से वंचित किए जाने और राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि तक की कार्रवाई हो सकती है। मिट्टी की सेहत और उपज पर गंभीर असर विशेषज्ञों के अनुसार पराली जलाने से मिट्टी का तापमान बढ़ जाता है, जिससे लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटाश और सल्फर जैसे आवश्यक पोषक तत्व खत्म होने से खेत की उर्वरता घटती है और उत्पादन पर असर पड़ता है। स्वास्थ्य के लिए भी खतरा, बढ़ रहे सांस के मरीज पराली से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को खतरनाक स्तर तक पहुंचा देता है। इससे सांस की बीमारियां, एलर्जी, आंखों में जलन और अस्थमा जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। प्रशासनिक सक्रियता पर उठे सवाल लगातार घटनाओं से प्रशासनिक दावों और जमीनी हकीकत के बीच अंतर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या पर्यावरण और जनजीवन दोनों के लिए गंभीर संकट बन सकती है।
देवकृष्ण की हत्या पर महिलाओं ने निकाली आक्रोश रैली:आरोपी पत्नी प्रियंका को फांसी देने की मांग
धार जिले के ग्राम गोंदीखेड़ा में राजगौर ब्राह्मण समाज के युवा देवकृष्ण पुरोहित की हत्या के विरोध में गुरुवार रात महिलाओं ने 'जन आक्रोश रैली' निकाली। आदिशक्ति महिला मंडल और करणी सेना क्षत्राणी महिला इकाई के नेतृत्व में निकली इस रैली में आरोपी पत्नी प्रियंका को फांसी देने की मांग की गई। यह घटना 7 अप्रैल की रात की है, जब देवकृष्ण पुरोहित की उसकी पत्नी प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश और साथी सुरेंद्र भाटी के साथ मिलकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हालांकि, अन्य आरोपी सुरेंद्र भाटी अभी भी फरार है। इस हत्याकांड के पीछे प्रेम प्रसंग को मुख्य कारण बताया जा रहा है। रैली के माध्यम से महिला संगठनों ने स्पष्ट संदेश दिया कि समाज में ऐसे अपराध करने वाली महिलाओं के लिए कोई स्थान नहीं है और न ही उन्हें किसी भी प्रकार का समर्थन दिया जाएगा। महिला संगठनों ने कहा कि वे सदैव पीड़ित महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए खड़ी रहती हैं, लेकिन जो महिलाएं ऐसे कृत्यों को अंजाम देकर पूरे महिला समाज को शर्मसार करती हैं, उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा। यह जन आक्रोश रैली गुरुवार देर शाम श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर से शुरू हुई। यह नगर के प्रमुख गांधी चौक से होते हुए श्रद्धांजलि स्थल तक पहुंची। रैली में कई समाजों की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। शालिनी यादव, चांदनी चौहान और सपना चौहान सहित अन्य महिलाओं ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की। रैली की अन्य तस्वीरें…
माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) द्वारा 15 अप्रैल को घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में एक गंभीर तकनीकी गड़बड़ी सामने आई है। सतना निवासी छात्र आर्यन चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि उसकी ऑनलाइन अंकसूची में उसकी फोटो के स्थान पर किसी अन्य छात्र की तस्वीर प्रदर्शित हो रही है। इसके साथ ही, उसने प्राप्त अंकों को लेकर भी संदेह जताया है। आर्यन के अनुसार, जब उसने अपना परिणाम देखा तो उसकी मार्कशीट पर दिव्यराज चौहान नामक छात्र की फोटो लगी हुई थी। उसे हर विषय में अपेक्षा से काफी कम अंक दिए गए हैं, जबकि रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विषय में पूरक (सप्लीमेंट्री) दर्शाई गई है। छात्र का कहना है कि यह पूरी तरह से तकनीकी गड़बड़ी का मामला प्रतीत होता है। छात्र बोला- नीट की परीक्षा से पहले मानसिक तनाव बढ़ाछात्र ने बताया कि 3 मई को उसकी नीट प्रवेश परीक्षा है। ऐसे में गलत अंकसूची और तकनीकी त्रुटि के कारण वह मानसिक तनाव से गुजर रहा है। उसका कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ तो उसका पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता है। आर्यन ने इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा मंडल को ईमेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। उसने री-टोटलिंग के लिए भी आवेदन किया है, हालांकि मुख्य समस्या अंकसूची में फोटो और अंकों की विसंगति की है।
सीतापुर के कोतवाली नगर क्षेत्र के बंभनपुरवा पुरवा गांव में गुरुवार देर शाम पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस घटना में दो सगे भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, प्राइवेट फॉलोअर के रूप में कार्यरत निर्मल गुरुवार शाम मेस से लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और पुरानी रंजिश को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और करीब आधा दर्जन लोगों ने निर्मल पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि इसी बीच निर्मल का भाई सरवन भी दुकान से सामान लेने जा रहा था। जब उसने अपने भाई को घिरा देखा तो वह बीच-बचाव के लिए पहुंचा, लेकिन हमलावरों ने उसे भी निशाना बना लिया और दोनों भाइयों की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट के दौरान दोनों को गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार दोनों की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष ने गांव के ही हिस्ट्रीशीटर शेखू, पीके, संजय और सुरेंद्र समेत अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कही जा रही है।
उन्नाव के पुरवा तहसील क्षेत्र के कालूखेड़ा गांव में सरकारी जमीन (नवीन परती) पर अवैध कब्जे का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां तहसील न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद अवैध रूप से बनी दुकानों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे प्रशासनिक सख्ती केवल कागजों तक सीमित दिख रही है। जानकारी के अनुसार, प्रशासन ने 6 अप्रैल को 11 किरायेदारों को बेदखली नोटिस जारी किया था। इस नोटिस में 11 अप्रैल तक दुकानों को खाली करने का सख्त अल्टीमेटम दिया गया था। चेतावनी दी गई थी कि निर्धारित समयसीमा में कब्जा न हटाने पर प्रशासन पुलिस बल के साथ स्वयं अतिक्रमण हटाएगा। हालांकि, आज 15 अप्रैल हो चुकी है और डेडलाइन बीते चार दिन हो गए हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। न तो बुलडोजर चला और न ही अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया। इससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। तहसीलदार न्यायालय ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए न केवल बेदखली का आदेश दिया था, बल्कि 57 हजार रुपये से अधिक का जुर्माना भी तय किया था। इसके बावजूद अतिक्रमणकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल कागजी नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर अवैध कब्जे बरकरार हैं। इससे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के हौसले बढ़ रहे हैं। इस पूरे मामले में प्रशासन की चुप्पी और ढिलाई चर्चा का विषय बनी हुई है। एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि विभागीय कार्यवाही जारी है और जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर आदेशों का पालन कराया जाएगा।
यात्रियों की सुविधा व भीड़ क्लियर करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा जयपुर-खड़की सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन एक ट्रिप के लिए किया जा रहा हैं। गाड़ी संख्या 09703, जयपुर-खड़की आज एक तरफा चलेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि ये ट्रेन आज शुक्रवार को जयपुर से 11 बजे रवाना होगी, अगले दिन शनिवार को 10 बजे खड़की पहुंचेगी। यह गाड़ी कोटा मंडल के सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी एवं भवानी मंडी स्टेशनों से होकर गुजरेगी। यह गाड़ी रास्ते में दुर्गापुरा, वनस्थली निवाई, सवाई माधोपुर, कोटा, रामगंज मंडी, भवानी मंडी, नागदा, रतलाम, वडोदरा, सूरत, वसई रोड़, कल्याण, लोनावला व पुणे स्टेशनों पर ठहराव करेगी। इस गाड़ी में 15 शयनयान श्रेणी, 3 सामान्य श्रेणी व 2 गार्ड डिब्बों सहित कुल 20 डिब्बे होंगे। ऑपरेशन अमानत-गुम हुआ मोबाइल लौटाया कोटा मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने यात्री का गुम हुआ मोबाइल फोन लौटाया हैं। रेलवे सुरक्षा बल भरतपुर के निरीक्षक, सहायक उप-निरीक्षक राजाराम अहिरवार, आगरा-भरतपुर ब्रांच लाइन एवं भरतपुर यार्ड में रात समय गश्त कर रहे थे। प्लेटफार्म नंबर 1 पर आगरा छोर की ओर एक मोबाइल फोन लावारिस अवस्था में पड़ा मिला। मोबाइल को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट में सुरक्षित रखा। दो घंटे बाद एक व्यक्ति ने पोस्ट पर आकर मोबाइल गुम होने की शिकायत दी। पूछताछ पर उसने अपना नाम मोहम्मद मिराज, निवासी बाराबंकी, उत्तर प्रदेश होना बताया। यात्री ने बताया कि वो भरतपुर से मथुरा जाने के लिए सामान्य टिकट लेकर प्लेटफार्म पर था, तभी उसका मोबाइल फोन, जिसकी कीमत लगभग 15 हजारहैं, गुम हो गया। रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ ने तस्दीक होने के बाद मोबाइल यात्री को सौंप दिया।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से संबद्ध जौनपुर और गाजीपुर के विधि महाविद्यालयों में एलएलबी विषम सेमेस्टर के छात्रों के परीक्षा परिणाम अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। इस देरी के कारण विद्यार्थियों में अनिश्चितता बनी हुई है। इन परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन पिछले माह ही पूरा हो चुका था। इसके बावजूद, विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परिणाम जारी करने में लगातार विलंब हो रहा है। परिणाम में इस देरी से कैरी फारवर्ड वाले छात्र-छात्राओं के साथ-साथ सामर्थ पोर्टल के माध्यम से एलएलबी प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले अभ्यर्थी भी प्रभावित हुए हैं। इन सभी का परिणाम भी अभी तक लंबित है। विश्वविद्यालय ने अन्य कई पाठ्यक्रमों के परिणाम पहले ही घोषित कर दिए हैं, लेकिन विधि संकाय के परिणामों को जारी करने में लगातार देरी हो रही है।
रायगढ़ के केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड स्थित मटन मार्केट में फैली गंदगी को लेकर निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने सख्ती दिखाई है। वे अचानक टीम के साथ निरीक्षण के लिए पहुंचे, जहां बदहाल सफाई व्यवस्था और अव्यवस्था देख नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान मटन मार्केट में जगह-जगह फैले कचरे और बदबू की स्थिति सामने आई। आयुक्त ने अधिकारियों को साफ-सफाई व्यवस्था तुरंत सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। अतिक्रमण पर भी सख्ती, दुकानदारों को नोटिस जांच में पाया गया कि कई दुकानदारों ने छज्जा निकालकर अतिक्रमण कर रखा है। इस पर आयुक्त ने गंदगी फैलाने और अतिक्रमण करने वाले दुकानदारों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। पहले भी मिल चुकी हैं शिकायतें मटन मार्केट की गंदगी को लेकर पहले भी कई शिकायतें सामने आ चुकी हैं। यहां कचरा खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे दूर तक दुर्गंध फैलती है। आयुक्त ने इस अव्यवस्था को जल्द सुधारने के निर्देश दिए हैं। नाला निर्माण कार्य का भी किया निरीक्षण निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने केवड़ाबाड़ी रोड पर चल रहे नाला निर्माण कार्य का भी जायजा लिया। उन्होंने काम को गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। अनियमितता पर होगी कार्रवाई आयुक्त ने साफ कहा कि, नाला निर्माण या अन्य कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लुधियाना में पंजाब मंडी बोर्ड की मार्केट कमेटी से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। सब्जी मंडी में रेहड़ी-फड्डी वालों से जबरन वसूली करने और अफसरों को जान से मारने की धमकियां देने वाले पार्किंग ठेकेदार सैय्यद रजा हुसैन उर्फ राजू को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बता दें इस ठेकेदार का ये कोई पहला विवाद नहीं है। प्रदेश में जिस भी राजीनित पार्टी की सत्ता होती है ये उसे के विधायक का खासमखास बन जाता है। अलग-अलग नामों से इसी कई फर्में चल रही है। यहां बता दें कि कुछ वर्ष पहले बस स्टेंड क जब ठेके इसी ठेकेदार के पास था तो कई खामियां मिलने के कारण इसका ठेके ब्लेकलिस्ट कर दिया गया था। शिकायतकर्ता हरिंदर सिंह गिल ने आरोप लगाया है कि मंडी में रेहड़ियों, फड़ियों और पार्किंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार सैयद रजा हुसैन उर्फ राजू द्वारा जबरन वसूली और धमकाने का काम किया जा रहा था। जानकारी के मुताबिक, ठेकेदार सैयद रजा हुसैन ने 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक मंडी में रेहड़ी, फड़ी और पार्किंग का ठेका लिया हुआ था। हालांकि, साल 2026-27 के नए ठेके को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में केस चलने के कारण कमेटी की मंजूरी के बाद पुराने ठेके को ही 1 अप्रैल 2026 से आगे बढ़ा दिया गया। रेहड़ी-फड़ी वालों को डराकर पार्किंग कर्मी वसूलते रुपए शिकायत में बताया गया कि ठेकेदार और उसके साथी रेहड़ी-फड़ी वालों व पार्किंग कर्मियों को डराकर सरकारी रेट से ज्यादा पैसे वसूलने लगे। जब इस संबंध में शिकायतें मिलने पर शिकायतकर्ता ने आरोपी को दफ्तर बुलाकर समझाने की कोशिश की, तो उसने उल्टा धमकियां देनी शुरू कर दीं। आरोप है कि आरोपी ने सरकारी ड्यूटी में बाधा डालते हुए न केवल धमकाया, बल्कि रेहड़ी-फड़ी वालों के साथ मारपीट कर उनसे जबरन वसूली भी की और जान से मारने की धमकियां दीं।। इस मामले में थाना जोधेवाल पुलिस ने आरोपी सैयद रजा हुसैन उर्फ राजू निवासी बोरा कॉलोनी, जालंधर बाईपास चौक लुधियाना समेत अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 132, 221, 308 और 351(3) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
छत्तीसगढ़ में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है और बीते 24 घंटों के दौरान पूरे प्रदेश में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने के आसार हैं, जिससे लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ेगा। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक प्रदेश में तापमान 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है। इसके बाद दो दिनों में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन इससे गर्मी से बहुत ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदेश के बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के कुछ इलाकों में 19 अप्रैल तक हीट वेव यानी लू चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। वर्तमान में पूरे छत्तीसगढ़ में मौसम शुष्क बना हुआ है और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई है। मौसम से जुड़ा कोई बड़ा सिस्टम सक्रिय नहीं है, जिसके कारण आने वाले दिनों में भी मौसम सूखा ही रहने की संभावना है। बीते दिन प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस राजनांदगांव में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड किया गया। रायपुर में लू के आसार राजधानी में आज लू चल सकती है। यहां अधिकतम तापमान लगभग 43 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। अगले दो दिन भी नहीं मिलेगी राहत मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले दो दिनों तक भी प्रदेश में गर्म और शुष्क मौसम बना रहेगा और कुछ जगहों पर हीट वेव की स्थिति जारी रह सकती है। कुल मिलाकर छत्तीसगढ़ में फिलहाल गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं और लोगों को खासकर दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
सतना। सिविल लाइन थाना पुलिस ने दुष्कर्म के दो अलग-अलग मामलों में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक मामले में पुलिस ने गोवा से एक नाबालिग को खोज निकाला है और उसके अपहरण-दुष्कर्म के आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 2 मार्च को 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। लगभग एक महीने की तलाश के बाद, मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने गोवा में दबिश दी। नाबालिग की गवाही पर आरोपी पर दुष्कर्म का केस दर्जइस कार्रवाई में नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया गया और आरोपी शिवम पुत्र गोविंद रैदास, निवासी सितपुरा, थाना नागौद को भी पकड़ लिया गया। सतना वापस आने पर, नाबालिग ने कोर्ट में दिए अपने बयान में बताया कि आरोपी उसका दूर का रिश्तेदार है। उसने शादी का झांसा देकर उसे घर से भागने के लिए मजबूर किया और गोवा ले जाकर उसका दैहिक शोषण किया। नाबालिग के बयान के आधार पर पुलिस ने मामले में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं। आरोपी शिवम रैदास को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। दो साल तक किया दुष्कर्मउधर, सिविल लाइन थाना पुलिस ने दुष्कर्म के एक अन्य मामले में सभाराज (24 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। सभाराज निवासी अमदरा, जिला मैहर, हाल पौराणिक टोला पर शादी का झांसा देकर दो साल तक एक नाबालिग का दैहिक शोषण करने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि लगभग दो साल पहले जब नाबालिग अपनी बीमार बहन की देखभाल के लिए सतना आई थी, तब आरोपी सभाराज ने उससे दोस्ती की। उसने शादी का वादा कर नाबालिग को बहला-फुसलाकर उसका दैहिक शोषण किया। काफी इंतजार के बाद जब नाबालिग ने रिश्ते की बात छेड़ी, तो आरोपी मुकर गया और उसे धमकाने लगा। बीते दिनों यह शिकायत सामने आने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी। सभाराज को गुरुवार को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
अमेठी में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर देर रात एक पिकअप वाहन टायर फटने से अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा किलोमीटर संख्या 66.9 (LHS) पर देर रात करीब 12:15 बजे हुआ। गनीमत रही कि चालक मोहम्मद अमीन को कोई चोट नहीं आई। पिकअप (रजिस्ट्रेशन नंबर UP32JN7354) सीतापुर से सिकरीगंज जा रही थी। चालक मोहम्मद अमीन पुत्र रसूल बख्श, निवासी मोहल्ला सैयद बड़ा, थाना कोतवाली, जनपद लखीमपुर खीरी, वाहन चला रहा था। अचानक गाड़ी का पिछला टायर फट गया, जिससे वाहन बेकाबू होकर पलट गया। गाड़ी में चालक के अलावा कोई अन्य यात्री सवार नहीं था। हादसे की सूचना मिलते ही सहायक सुरक्षा अधिकारी बृजपाल कनौजिया अपनी पेट्रोलियम टीम 2 के साथ करीब साढ़े 12 बजे मौके पर पहुंचे। इसके बाद गायत्री और कोरल की एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंचीं। वही गायत्री कंपनी का हाइड्रा वाहन भी मौके पर पहुंच गया। पलटे हुए वाहन को उठाकर पीली पट्टी में खड़ा कर दिया गया है और सुरक्षा के लिए सेफ्टी कोन लगा दिए गए हैं। फिलहाल, यातायात सुचारू रूप से चल रहा है।
लुधियाना के सराभा नगर थाना इलाके के अंतर्गत कनाल रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में सैटरडे नाइट इवेंट के दौरान हुड़दंगियों ने जमकर उत्पात मचाया। मामूली कहासुनी के बाद आरोपियों ने एक युवक को घेरकर उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी और उसके कपड़े तक फाड़ दिए। पुलिस ने इस मामले में 5 नामजद समेत 8 लोगों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। टेबल पर लात मारने से शुरू हुआ विवाद पुलिस को दिए बयान में ऋषि नगर के रमन एनक्लेव निवासी पीड़ित (20 वर्ष) ने बताया कि 5 और 6 अप्रैल की दरमियानी रात वह अपने दोस्तों के साथ अगावे रेस्टोरेंट सुखमनी एनक्लेव,कनाल रोड में आयोजित एक इवेंट में गया था। वहां बगल की टेबल पर कुछ युवक शराब पी रहे थे और शोर मचा रहे थे। इसी दौरान उनमें से एक युवक ने पीड़ित की टेबल पर जोर से लात मारी। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया,तो आरोपियों ने उसे घेर लिया और हमला कर दिया। मारपीट में टूटी स्मार्ट वॉच, कपड़े भी फाड़े पीड़ित के मुताबिक,आरोपियों ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और उसके कपड़े फाड़ दिए। इस छीनाझपटी और मारपीट के दौरान पीड़ित की सैमसंग स्मार्ट वॉच भी टूट गई। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर सैम गांधी (निवासी ऋषि नगर, लुधियाना),आयुष गांधी (निवासी ऋषि नगर, लुधियाना)गोरिस अरोड़ा (निवासी टैगोर नगर, लुधियाना)अनमोल (अज्ञात पता) प्रणव हरजाई (निवासी नजदीक श्रृंगार सिनेमा, लुधियाना) इसके अलावा 3 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। पुलिस कार्रवाई: थाना सराभा नगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 115(2), 126(2) और 351 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
शाहजहांपुर में यूपीएससी की तैयारी कर रहे एक आईआईटी इंजीनियर अभिनव वर्मा ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली है। उनका शव बुधवार रात नदी किनारे मिला। पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि किसान या माली बन जाना, लेकिन बेवजह पढ़ाई का दबाव मत लेना। पुलिस के अनुसार, अभिनव का शव नदी किनारे से बरामद किया गया। सुसाइड नोट में उन्होंने यह भी लिखा है कि वही काम करना जिसमें किसी प्रकार का दबाव महसूस न हो और दुनिया क्या कहेगी, इसकी चिंता बिल्कुल न करना। परिजनों ने बताया कि घर से निकलने से लगभग दस मिनट पहले अभिनव ने अपने भाई को फोन भी किया था। 25 वर्षीय अभिनव वर्मा तिलहर क्षेत्र के सैय्यद बाड़ा के निवासी थे। उन्होंने दो साल पहले मुंबई से आईआईटी से इंजीनियरिंग पूरी की थी। इसके बाद वे यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। इस साल तैयारी पूरी न होने के कारण उन्होंने अगले साल यूपीएससी का फॉर्म भरने का मन बनाया था, लेकिन पढ़ाई का अत्यधिक बोझ बर्दाश्त नहीं कर पाए। अभिनव के पिता राकेश वर्मा कलान में ग्राम विकास अधिकारी हैं, जबकि उनकी मां मीनाक्षी एक सरकारी शिक्षिका हैं। उनका छोटा भाई आयुष्मान वर्मा कोटा में नीट की तैयारी कर रहा है। अभिनव 13 अप्रैल की सुबह घर से निकले थे। घर से निकलने से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखा था। इसमें उन्होंने अपने माता-पिता की सेवा करने और अपनी कामयाबी का मानक खुद तय करने की बात भी कही थी। उन्होंने कोटा में नीट की तैयारी कर रहे अपने छोटे भाई को फोन कर कहा था कि मेहनत से पढ़ाई करना और दुनिया क्या कहेगी, इसकी चिंता मत करना। 13 अप्रैल को जब माता-पिता काम से घर लौटे तो अभिनव वहां नहीं मिले और दरवाजे खुले थे। दिन भर तलाश के बाद भी उनका कुछ पता नहीं चल सका। उसी रात पिता ने थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सोशल मीडिया पर भी सूचना देने वाले को एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा कर पोस्ट की गई थी।
रायपुर के उरला इलाके में 4.80 क्विंटल गांजा की तस्करी के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) शैलेश शर्मा की कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 20-20 साल की सजा और 2-2 लाख रुपए जुर्माना लगाया है। विशेष लोक अभियोजक स्वाति शर्मा ने बताया कि, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक ट्रक में भारी मात्रा में गांजा भरकर ओडिशा से नागपुर ले जाया जा रहा है। पुलिस टीम ने सिक्स लेन कन्हेरा, सांई निर्मल कंपनी के पास घेराबंदी की। कुछ देर बाद बताए गए नंबर का ट्रक आता दिखा, जिसे रोककर जांच की गई। ट्रक में छिपाकर रखा था गांजा जांच अधिकारी भरत लाल बरेठ ने बताया कि, ट्रक चालक रंजन कुमार साहू और कंडक्टर मिट्ठू पदयाली से पूछताछ के बाद वाहन की तलाशी ली गई। कुल 4.80 क्विंटल गांजा मिला। दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी पुलिस ने आरोपियों से गांजा के परिवहन से जुड़े दस्तावेज मांगे, लेकिन वे कोई वैध कागज पेश नहीं कर सके। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया। कोर्ट का फैसला इस मामले की सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए 20-20 साल का कठोर कारावास और 2-2 लाख रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर 6-6 महीने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
जैसलमेर जिले के बड़ौडा गांव में गुरुवार देर रात एक घर के दरवाजे में करीब 4 फीट लंबा जहरीला कोबरा फंस गया। रात 11 से 12 बजे के बीच हुई इस घटना में परिवार ने समय रहते सांप को देख लिया, जिसके बाद स्नेक कैचर को बुलाया गया और करीब 30 मिनट में रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ा गया। दरवाजे में फंसा, फिर पत्थर के नीचे छिपा परिजनों के अनुसार कोबरा घर के मुख्य दरवाजे के नीचे फंस गया था। कुछ देर छटपटाने के बाद वह बाहर निकला और पास में पड़े एक बड़े पत्थर के नीचे जाकर छिप गया। सांप को देखकर घर में डर का माहौल हो गया, जिसके बाद तुरंत स्थानीय स्नेक कैचर साहिल खान को सूचना दी गई। 30 मिनट में रेस्क्यू, सुरक्षित जंगल में छोड़ासूचना मिलते ही साहिल खान मौके पर पहुंचे और सावधानी के साथ रेस्क्यू शुरू किया। पत्थर के नीचे छिपे कोबरा को बाहर निकालने में करीब 30 मिनट लगे। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित तरीके से दूर सुनसान जंगल में छोड़ दिया गया। इसके बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत महसूस की। गर्मियों में क्यों निकलते हैं सांप? स्नेक कैचर साहिल खान ने बताया कि जैसलमेर जैसे रेतीले इलाकों में तापमान बढ़ने पर सांपों का निकलना आम बात है। उन्होंने इसके पीछे मुख्य कारण बताए: सांप दिखने पर क्या करें? साहिल खान ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हुए ये एक्सपर्ट टिप्स साझा कीं:
जबलपुर के रामपुर क्षेत्र में अमरनाथ यात्रा रजिस्ट्रेशन के दौरान विवाद के बाद एक युवक ने पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसपी संपत उपाध्याय ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है। घटना गुरुवार सुबह की है, जब कांचघर निवासी गौरव महरोलिया (33) पंजाब नेशनल बैंक, रामपुर में रजिस्ट्रेशन के लिए लाइन में लगा था। बैंक खुलने पर भीड़ बढ़ी और अंदर जाने को लेकर विवाद हुआ। पीड़ित के अनुसार, भीड़ में धक्का-मुक्की के दौरान उसने विरोध किया। मौके पर पहुंचे रामपुर चौकी के दो आरक्षकों ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। चौकी ले जाकर बेल्ट और लाठी से पीटने का आरोप गौरव ने आरोप लगाया कि आरक्षक योगेंद्र और तरुण मिश्रा उसे चौकी ले गए, जहां करीब आधे घंटे तक बेल्ट और लाठी से मारपीट की गई। पीड़ित के अनुसार, उसे सुबह साढ़े 10 बजे चौकी ले जाया गया और दोपहर करीब 3 बजे छोड़ा गया। इस दौरान शिकायत करने पर धमकी भी दी गई। गोरखपुर थाने में शिकायत पर दबाव का आरोप शाम को गोरखपुर थाने पहुंचने पर पीड़ित ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया और एफआईआर की चेतावनी दी। गोरखपुर थाना प्रभारी नितिन कमल ने कहा कि युवक बैंक में उपद्रव कर रहा था। समझाने पर नहीं मानने पर हल्का बल प्रयोग किया गया। एसपी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया मामले की जानकारी मिलने पर एसपी ने जांच के निर्देश दिए हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही गई है।
सतना में 'ऑपरेशन फेस' के तहत कोलगवां पुलिस ने एक बड़ी जालसाजी का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सिद्धार्थ नगर निवासी पीओएस एजेंट विजय कुमार तिवारी (42) को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने अपनी पत्नी के चेहरे का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी से 367 मोबाइल सिम एक्टिवेट किए। यह फर्जीवाड़ा दूरसंचार विभाग के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित टूल एएसटीआर (फेसियल रिकगनिशन टूल) की मदद से सामने आया। प्रदेशभर में सिम फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पुलिस मुख्यालय द्वारा 'ऑपरेशन फेस' चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिला साइबर सेल को सक्रिय किया गया, जिसमें सिद्धार्थ नगर में विभोर प्वाइंट के नाम से मोबाइल सिम बिक्री की दुकान चलाने वाले विजय तिवारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई। 367 सिमकार्ड जारी एक चेहरे पर लिएजांच में पता चला कि आरोपी ने वर्ष 2020 से 2021 के बीच एक ही चेहरे पर 367 सिमकार्ड जारी किए थे, जबकि उनके नाम और पते अलग-अलग थे। आरोपी विजय सिम एक्टिवेट करने के लिए ग्राहकों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करता था, लेकिन वेरिफिकेशन के समय अनिवार्य लाइव फोटो की जगह अपनी पत्नी की तस्वीर का उपयोग करता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने सिम कंपनियों द्वारा दिए गए टारगेट को पूरा करने और अधिक कमाई के लालच में यह धोखाधड़ी की। हालांकि, अंततः वह पुलिस के रडार पर आ गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अंबेडकर जयंती के जुलूस में डीजे से करंट फैला:संचालक समेत 3 झुलसे, सेटअप से वाहन में फैला करंट
सतना जिले के मझगवां थाना क्षेत्र के हिरौंदी गांव में गुरुवार देर शाम एक डीजे रैली के दौरान करंट फैलने से तीन युवक गंभीर रूप से झुलस गए। यह रैली अंबेडकर जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही थी। हादसे में डीजे संचालक आजाद चौधरी समेत जय प्रकाश वर्मा और शिवा सतनामी घायल हुए हैं। स्थानीय जानकारी के अनुसार, अंबेडकर जयंती के दिन गांव की बस्ती में एक आकस्मिक मृत्यु हो जाने के कारण उस दिन जुलूस नहीं निकाला गया था। इसके बाद गुरुवार को जयंती के उपलक्ष्य में यह डीजे रैली निकाली जा रही थी, तभी यह हादसा हुआ। डीजे के सेटअप से वाहन में करंट फैलाप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रैली पूरे उत्साह के साथ निकाली जा रही थी। इसी दौरान अचानक डीजे सेटअप के पास करंट फैल गया। आशंका जताई जा रही है कि डीजे वाहन या उसके उपकरण का बिजली लाइन से संपर्क हो गया, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। हादसे में डीजे संचालक आजाद चौधरी (निवासी महादेवा, सतना), जय प्रकाश वर्मा और शिवा सतनामी (दोनों निवासी हिरौंदी) करंट की चपेट में आ गए। ग्रामीणों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां पहुंचाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दिवाकर सिंह ने घायलों का प्राथमिक उपचार किया। जांच के बाद आजाद चौधरी की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल सतना रेफर कर दिया गया है, जबकि अन्य दो घायलों का इलाज मझगवां में जारी है। मझगवां थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गुना के जामनेर थाना इलाके में गश्त के दौरान पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। रायसेन से नाबालिग का अपहरण कर ले जा रहे दो युवकों को पुलिस ने चेकिंग के दौरान पकड़ लिया। इससे एक बड़ी घटना होने से टल गई।जामनेर पुलिस ने बताया कि SP हितिका वासल के निर्देशन में महिलाओं और बच्चियों संबंधी अपराधों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने एक बार फिर सतर्कता और तत्परता का परिचय देते हुए नाबालिग बालिका को सुरक्षित बचाने में बड़ी सफलता हासिल की है। रात्रि गश्त के दौरान जामनेर थाना पुलिस ने संदिग्ध हालात में एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों और एक नाबालिग लड़की को रोककर पूछताछ की, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ। जानकारी के अनुसार जामनेर थाना प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार मेहरा अपनी टीम के साथ जामनेर रोड चौक स्थित पेट्रोल पंप के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें एक बाइक पर दो युवक और एक लड़की संदिग्ध अवस्था में नजर आए। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें रोककर पूछताछ की। पूछताछ में युवकों ने अपने नाम अभिषेक कोली (22) निवासी दिहायला थाना सीहोर जिला शिवपुरी और राहुल रजक (21) निवासी नरवर जिला शिवपुरी बताए। उनके साथ में मौजूद लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क किया। जांच में सामने आया कि बालिका के अपहरण का मामला रायसेन जिले के थाना सतलापुर में पहले से दर्ज है। पुलिस तीनों को सुरक्षित थाने लेकर आई और बालिका को संरक्षण में रखा। इसके बाद सतलापुर थाना पुलिस से समन्वय कर उन्हें सूचित किया गया। कुछ ही समय में बालिका के परिजन और रायसेन पुलिस जामनेर थाना पहुंचे, जहां नियमानुसार कार्रवाई करते हुए तीनों को विधिवत उनके सुपुर्द कर दिया गया।
दौसा में छाए बादल, हल्की बारिश की संभावना:अधिकतम तापमान में 40 डिग्री पहुंचा
दौसा जिले में पिछले कई दिनों से प्रचंड धूप और तेज गर्मी के बीच मौसम में अचानक बदलाव आया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से यहां बीती रात से ही आसमान में बादल छाए हुए हैं। इससे धूप नहीं निकलने से मौसम सुहाना बना हुआ है। मौसम में अचानक आए बदलाव से हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। पिछले कई दिनों से मौसम पूरी तरह साफ होने से तेज धूप और गर्मी का असर बना हुआ है। साथ में लू के चलते अधिकतम तापमान में 40 डिग्री पर पहुंच गया है। गुरूवार को अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहा था। जबकि शुक्रवार को अधिकतम 40 और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। नए सिस्टम के कारण बदला मौसम मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- एक हल्के प्रभाव का पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा, जिसके असर से राज्य में मौसम में बदलाव हुआ है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से प्रदेश के 5 से ज्यादा जिलों हल्की बरसात हो सकती है। हालांकि दौसा जिले को लेकर कोई अलर्ट नहीं है।
इंदौर के गीताभवन क्षेत्र में गुरुवार-शुक्रवार दरमियानी रात एक कैफे में आग लग गई। सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। इस दौरान सिलेंडर फटने से बड़ा धमाका भी हुआ, हालांकि किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। फायर ब्रिगेड के अनुसार, रात करीब 2:15 बजे सूचना मिली कि गीताभवन मंदिर के पास स्थित एक कैफे में आग लगी है। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने आग बुझाने का काम शुरू किया, लेकिन तब तक शेड और अंदर का सामान पूरी तरह जल चुका था। दो टैंकर पानी से आग पर काबू पाया दमकल विभाग ने करीब दो टैंकर पानी डालकर आग को कंट्राेल किया। सूचना पर पलासिया थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। मल्हारगंज के फ्लैट में भी लगी आग इसी रात मल्हारगंज क्षेत्र के गोपाल चौराहे के पास एक फ्लैट में आग लग गई। आग से घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। फ्लैट में किराए से रहने वाला बंसल परिवार समय रहते बाहर निकल गया। फायर ब्रिगेड ने करीब 10 हजार लीटर पानी डालकर आग पर काबू पाया। घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
हरदा की खिरकिया तहसील के ग्राम मुहालकला स्थित समृद्धि वेयरहाउस में गेहूं के स्टॉक में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में ऑनलाइन रिकॉर्ड से अधिक गेहूं पाया गया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। बुधवार को एसडीएम शुभांगी बघेल और डीएमओ योगेश मालवीय सहित अन्य अधिकारियों ने वेयरहाउस का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वेयरहाउस में करीब 8007 बोरे (4003.5 क्विंटल) और लगभग 1100 क्विंटल खुला गेहूं मिला। इस तरह कुल स्टॉक लगभग 5103 क्विंटल पाया गया। रिकॉर्ड से नहीं मिला हिसाब जांच में सामने आया कि कुल स्टॉक में से केवल 577 क्विंटल गेहूं के ही बिल बने हुए थे। बुक किए गए स्लॉट के अनुसार 12 किसानों के करीब 600 से 700 क्विंटल गेहूं के बिल बनना बाकी था। इसके अलावा करीब 3800 क्विंटल गेहूं ऐसा मिला, जिसका कोई वैध रिकॉर्ड या स्लॉट बुकिंग नहीं थी। 3800 क्विंटल गेहूं संदिग्ध एसडीएम की मौजूदगी में बिना स्लॉट बुकिंग वाले 3800 क्विंटल गेहूं का पंचनामा तैयार किया गया है। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि यह गेहूं वेयरहाउस तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे कौन जिम्मेदार है। समृद्धि वेयरहाउस में गेहूं की खरीदी सहकारी विपणन एवं प्रक्रिया संस्था मर्यादित, खिरकिया द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह संस्था पिछले करीब 10 वर्षों से बंद थी और डिफाल्टर श्रेणी में शामिल रही है। ऐसे में इस संस्था को समर्थन मूल्य पर खरीदी का कार्य सौंपे जाने पर सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मिलीभगत से बड़े घोटाले की आशंका सूत्रों के अनुसार, समिति और व्यापारियों की मिलीभगत से बिना स्लॉट बुकिंग के बड़ी मात्रा में गेहूं वेयरहाउस में रखा गया था। आशंका जताई जा रही है कि यह गेहूं किसानों से मंडी में कम दाम (करीब 2200 रुपये प्रति क्विंटल) पर खरीदा गया और बाद में समर्थन मूल्य पर समायोजित कर लाभ कमाने की तैयारी थी। वहीं छोटे किसान अपनी बारी का इंतजार करते रहे। इस बीच कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर तुलाई, गुणवत्ता परीक्षण और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसानों को उपज बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि वेयरहाउस में बिना स्लॉट बुकिंग के गेहूं मिलने के मामले की जांच की जा रही है। मामले में सहकारिता विभाग के अधिकारी वासुदेव भदौरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
पानीपत शहर के औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर-25 पार्ट-2 में शुक्रवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब JK हैंडलूम हाउस में अचानक भयंकर आग लग गई। सुबह करीब 7:30 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय फैक्ट्री में श्रमिकों की संख्या कम थी, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले फैक्ट्री के सबसे ऊपरी हिस्से (टॉप फ्लोर) में दिखाई दी। चूंकि हैंडलूम फैक्ट्री में भारी मात्रा में धागा, कपड़ा और अन्य ज्वलनशील कच्चा माल मौजूद था, इसलिए आग चंद सेकंडों में ही पूरी मंजिल पर फैल गई। धुएं का काला गुबार आसमान में कई किलोमीटर दूर से देखा जा रहा था। सामान बचाने की कोशिश में जुटे श्रमिक जिस समय आग लगी, कुछ श्रमिक काम पर पहुंच चुके थे। आग की भयावहता देख श्रमिकों ने जान जोखिम में डालकर फैक्ट्री के निचले हिस्सों से तैयार माल और कच्चा सामान बाहर निकालना शुरू किया। फैक्ट्री मालिक ने तुरंत डायल 112 पर सूचना दी, जिसके बाद दमकल की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची और मोर्चा संभाला। पड़ोसी फैक्ट्रियों में काम बंद, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम आग इतनी जबरदस्त थी कि लपटें साथ लगती फैक्ट्रियों तक पहुंचने का डर पैदा हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पड़ोसी फैक्ट्री मालिकों को आग पर काबू पाने तक काम बंद रखने की सलाह दी है। पड़ोसी उद्यमी और उनके कर्मचारी भी अपने स्तर पर पाइप और अग्निशमन यंत्रों के जरिए आग को फैलने से रोकने में मदद कर रहे हैं। आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन अंदेशा जताया जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से यह हादसा हुआ होगा। दमकल की और गाड़ियां भी मौके पर पहुंच रही हैं ताकि आग को पूरी तरह बुझाया जा सके। फैक्ट्री में रखे लाखों रुपए के माल के जलने का अनुमान लगाया जा रहा है।
जोधपुर पुलिस कमिश्नर शरद कविराज ने पुलिस महकमे में आंशिक बदलाव किया है। उन्होंने चार पुलिस निरीक्षकों को इधर-उधर किया है। जानकारी के अनुसार पुलिस लाइन में सेवाएं दे रहे संचित निरीक्षक शेषकरण बारहठ को मंडोर थानाधिकारी बनाया गया है। आदेश के अनुसार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर रमेश खिड़िया को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में पदस्थापित किया गया है। वहीं, इंस्पेक्टर सुंदरकला को रिजर्व पुलिस लाइन से ट्रैफिक में लगाया गया है। जबकि, अब तक मंडोर थाने की जिम्मेदारी संभाल रहे निवर्तमान थानाधिकारी किशनलाल को फिलहाल कोई नई जगह नहीं दी गई है। ऐसे में वे अपने नवीन पदस्थापन की प्रतीक्षा में हैं। एक नजर में: किसे-कहां मिली जिम्मेदारी
मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार देर शाम एक सड़क हादसे में एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इस दुर्घटना में दो मासूम बच्चों सहित एक पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय मंदसौर रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। परिजनों के अनुसार, पूरालाल (48) पिता कचरूलाल अपने पोते दिलीप (5) पिता विष्णु भील के साथ प्रेमबाई (42) पति विष्णु और उनके पोते दिलखुश (8) पिता दिनेश भील को बर्डियापूना गांव से शामगढ़ के पास स्थित मेलखेड़ा बस स्टैंड छोड़ने जा रहे थे। प्रेमबाई और दिलखुश भानपुरा के निवासी हैं और वे बर्डियापूना गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। बताया जा रहा है कि गुरुवार देर शाम सभी लोग घर से निकले ही थे कि करीब 1 किलोमीटर दूर उनकी मोटरसाइकिल को एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि प्रेमबाई की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में शामिल हुंडई वेन्यू कार (क्रमांक एमपी 44 जेडई 6999) को शामगढ़ पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने कार चालक को भी हिरासत में ले लिया है और मामले की जांच कर रही है। घायल मासूम दिलीप के सिर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि दिलखुश के सिर, पैर और पीठ पर चोटें लगी हैं। वहीं, पूरालाल के पूरे शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं। प्राथमिक उपचार के बाद सभी घायलों को शामगढ़ अस्पताल से जिला चिकित्सालय मंदसौर रेफर किया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
दतिया जिले में अवैध खनन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए कलेक्टर न्यायालय ने 9 लोगों पर कुल 2 करोड़ 25 लाख रुपए का भारी जुर्माना ठोका है। बिना अनुमति पत्थर और बोल्डर के उत्खनन के इस मामले ने खनन माफिया पर सख्ती का साफ संकेत दिया है। खनिज विभाग की जांच में गिर्द क्षेत्र के सर्वे नंबर 1302 (रकबा 6.726 हेक्टेयर) की निजी जमीन पर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन सामने आया। जांच के दौरान करीब 500 मीटर लंबी, 3 मीटर चौड़ी और 10 मीटर गहरी खुदाई मिली, जिसमें लगभग 15 हजार घन मीटर खनिज निकाले जाने की पुष्टि हुई। मामले में राघवेंद्र गुगौरिया, महेंद्र कुमार, अवधेश उर्फ अवधकिशोर, लव अग्रवाल, गोविंद, संजय कुमार, यशदेव सिंह, विपिन गुप्ता और अनिल सोनी के नाम सामने आए हैं। सभी पर बिना अनुमति खनन करने का आरोप है। इसी दौरान असनई तालाब के पास सर्वे नंबर 1279 की करीब 10.66 हेक्टेयर जमीन पर पत्थर और बोल्डर का अवैध भंडारण भी पकड़ा गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित लोगों ने खनन के लिए कोई वैध अनुमति नहीं ली थी। खनन रॉयल्टी का 15 गुना फाइनमामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने रॉयल्टी के 15 गुना के आधार पर अर्थदंड के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति जोड़ते हुए कुल 2.25 करोड़ रुपए का जुर्माना निर्धारित किया है। साथ ही आगे की कार्रवाई के संकेत भी दिए गए हैं। जिनमें संपत्ति जब्ती जैसे कदम शामिल हो सकते हैं। इस कार्रवाई से जिले में अवैध खनन पर कड़ा संदेश गया है और आने वाले समय में ऐसी गतिविधियों पर और सख्ती की संभावना जताई जा रही है।
छिंदवाड़ा में नरवाई जलाने पर सख्ती:14 एफआईआर दर्ज, 497 मामलों की सैटेलाइट से पहचान
छिंदवाड़ा: जिले में गेहूं कटाई के साथ ही नरवाई (फसल अवशेष) जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब तक जिले में नरवाई जलाने के 14 मामलों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है, जबकि 497 घटनाएं सैटेलाइट के माध्यम से चिन्हित की गई हैं। प्रशासन लगातार निगरानी कर रहा है और दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। इन क्षेत्रों में दर्ज हुई एफआईआर नरवाई जलाने के मामलों में विकासखंड अमरवाड़ा में 6, चौरई में 3, बिछुआ में 4 और परासिया में 1 एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं बिछुआ और छिंदवाड़ा विकासखंड में एक-एक किसान पर जुर्माना भी लगाया गया है।कृषि विभाग के अनुसार नरवाई जलाने से खेत में मौजूद लाभकारी कीट नष्ट हो जाते हैं, जिससे मिट्टी की उर्वरता कम होती है। इसका सीधा असर अगली फसल के उत्पादन पर पड़ता है। हर पंचायत में टीम गठित कर चौपाल और संगोष्ठियों के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है। मुनादी कराई जा रही है और किसानों को नरवाई न जलाने की शपथ भी दिलाई जा रही है। साथ ही दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी भी दी जा रही है। निगरानी के लिए संयुक्त टीम सक्रिय राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीम लगातार नजर बनाए हुए है। पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी और पंचायत स्तर की टीम मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार कर कार्रवाई कर रही है। कृषि विभाग ने किसानों को नरवाई प्रबंधन के लिए सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रा रीपर, मल्चर और रोटावेटर जैसे उपकरणों के उपयोग की सलाह दी है। इसके अलावा डीकंपोजर के जरिए फसल अवशेषों को खाद में बदलने की भी अपील की गई है।
सिवनी में गिट्टी से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटा:आमई ग्राम के पास हादसा, चालक सुरक्षित
सिवनी जिले के लखनादौन विकासखंड अंतर्गत आमई ग्राम के समीप गुरुवार देर रात गिट्टी से भरा एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, जिससे एक बड़ा नुकसान टल गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली गिट्टी भरकर एक निर्माण स्थल की ओर जा रहा था। आमई ग्राम के पास एक मोड़ पर चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे पलट गई। ट्रॉली में भरी गिट्टी सड़क पर बिखर गई और ट्रैक्टर और ट्रॉली दोनों को क्षति पहुंची। स्थानीय लोगों ने की चालक की मदद घटना स्थल पर स्थानीय लोग जमा हो गए। उन्होंने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और चालक संदीप यादव की मदद की। चालक को हल्की चोटें आईं, लेकिन वह सुरक्षित बताया गया है। लखनादौन थाना प्रभारी केपी धुर्वे ने बताया कि उन्हें बेकाबू होकर ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने की सूचना मिली थी और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन से अपेक्षा है कि सड़क सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएं, जिससे दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
पाली में डंपर और कार की टक्कर में डॉक्टर की मौत हो गई। वहीं एक डॉक्टर गंभीर घायल होकर कोमा में है। हादसा टीपी नगर थाना इलाके के नया गांव रोड पर गुर्जर छात्रावास के पास गुरुवार रात करीब एक बजे हुआ। हादसे के बाद डंपर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। ड्राइवर की तलाश के लिए पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। ASI ओमप्रकाश चौधरी ने बताया- गुर्जर छात्रावास के पास कार के साइड में चल रहे डंपर ने अचानक टर्न ले लिया। कार सवार डॉक्टर ने तुरंत ब्रेक लगाए। इसके बावजूद कार डंपर से टकरा गई। हादसे में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। एक डॉक्टर की मौके पर मौत, दूसरा कोमा में हादसे में कार चला रहे जालोर के दांता (सांचौर) निवासी डॉक्टर शैलेष विश्नोई (34) पुत्र बाबूलाल विश्नोई की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं पाली के धिंगाणा (जैतपुर) निवासी डॉक्टर गौरवसिंह (30) पुत्र देवीसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें शहर के प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। सिर में गहरी चोट के कारण वे कोमा में हैं और हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने डॉक्टर शैलेष का शव बांगड़ हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया है। एक ही हॉस्पिटल में कार्यरत थे दोनों डॉक्टर पाली के जन हॉस्पिटल में सेवा दे रहे थे। हॉस्पिटल के पीछे किराए के मकान में रहते थे। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों डॉक्टरों के परिजन पाली पहुंचे। परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है।
राजस्थान के शुष्क और कम उपजाऊ जमीन वाले क्षेत्रों में कुसुम (सैफ्लावर) की खेती नई उम्मीद है। सवाईमाधोपुर में पहली बार एक हेक्टेयर में प्रयोग किया है। कम लागत, कम जोखिम और औषधीय गुणों से भरपूर यह फसल किसानों की आमदनी बढ़ाने वाली है। कुसुम के फूल और बीज दोनों से कमाई होती है। औषधीय उपयोग के लिए बाजार में काफी डिमांड रहती है। भाव भी अच्छे मिलते हैं। जिले के किसानों को कुसुम की खेती के बारे में जानकारी देकर प्रेरित किया जा रहा है। म्हारे देस की खेती में इस बार बात सवाईमाधोपुर के कृषि विज्ञान केंद्र की … कम पानी और कम उपजाऊ जमीन में भी होती है खेती कृषि वैज्ञानिक डॉ. भरतलाल मीणा ने बताया - जिले के अधिकांश किसान पारंपरिक खेती करते हैं, जिसमें पानी की ज्यादा जरूरत होती है। इसके मुकाबले कुसुम की खेती कम पानी और कम उपजाऊ जमीन में भी आसानी से हो जाती है। लागत कम आती है और कीटनाशकों की जरूरत भी कम पड़ती है। कुसुम की खेती किसानों की कमाई बढ़ाने का बेहतर विकल्प है। कुसुम में औषधीय गुण होते हैं। बाजार में डिमांड और अच्छे भावों को देखते हुए जिले में पहली बार इसका प्रयोग किया गया है। अक्टूबर महीने में एक हेक्टेयर (4 बीघा) में कुसुम की खेती की थी। एक हेक्टेयर में 100 किलो तक उत्पादन कृषि वैज्ञानिक नूपुर शर्मा के अनुसार, बुवाई के लिए प्रति हेक्टेयर लगभग 25 से 30 किलो बीज पर्याप्त है। बाजार में इनकी कीमत 1500 रुपए प्रति किलो तक मिल जाती है। एक हेक्टेयर में करीब 100 किलो बीज का उत्पादन होता है। बीज से 45 फीसदी तेल निकलता है, जबकि बाकी खली के रूप में पशु चारे में इस्तेमाल की जाती है। बाजार में तेल 400 रुपए लीटर तक बिकता है। ऐसे में किसान कम लागत में इस फसल से अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। अगर जिले के किसान इस खेती को अपनाते हैं तो उनकी आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। कुसुम रबी फसल, शुष्क क्षेत्रों के लिए उपयुक्त कृषि वैज्ञानिक डॉ. भरतलाल मीणा ने बताया कि कुसुम एक रबी फसल है। अक्टूबर से नवंबर के बीच बुवाई की जाती है। यह मुख्य रूप से शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगाई जाती है। यह कम जोखिम वाली फसल है, क्योंकि सूखा और ठंड दोनों सहन करती है। राजस्थान में इसकी खेती अब धीरे-धीरे बढ़ रही है। अभी भारत में मुख्यतः महाराष्ट्र में सबसे अधिक उत्पादन होता है। इसके अलावा कर्नाटक, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा, पंजाब में भी इसकी खेती हो रही है। कुसुम के लिए ठंडी और शुष्क जलवायु उपयुक्त होती है। हल्की से मध्यम दोमट मिट्टी और कम उपजाऊ जमीन में भी यह उगाई जा सकती है। प्रति हेक्टेयर 25-30 किलो बीज की जरूरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. भरतलाल मीणा ने बताया कि प्रति हेक्टेयर लगभग 25 से 30 किलो बीज की जरूरत होती है। सामान्य फसलों की तरह खेत को समतल करने के बाद सीडर से बुवाई की जाती है। हालांकि फसल में किसी प्रकार का रोग कम आता है, लेकिन फिर भी बीजों को उपचारित करके बोना बेहतर रहता है। बीज उपचार से फफूंद रोगों से बचाव कार्बेन्डाजिम या थायरम 2 ग्राम दवा से प्रति किलो बीज का उपचार कर बुवाई करनी चाहिए। इसका उपयोग फसल में लगने वाले फफूंद रोगों को रोकने के लिए किया जाता है। सिंचाई और देखभाल से बेहतर उत्पादन कृषि वैज्ञानिक डॉ. भरतलाल मीणा ने बताया कि बुवाई के बाद एक सिंचाई की जरूरत होती है। इसके बाद करीब 30 दिन के अंतराल पर 1–2 सिंचाई पर्याप्त होती है। शुरुआती 30–40 दिन के बाद निराई-गुड़ाई करनी चाहिए, इससे पौधा मजबूत होता है। फसल 120–140 दिन में तैयार हो जाती है। पोषण प्रबंधन से बढ़ेगी पैदावार अगर पौधा कमजोर हो तो नाइट्रोजन या फास्फोरस का उपयोग किया जाता है। नाइट्रोजन के लिए यूरिया का छिड़काव कर सकते हैं। जैविक तरीके में बुवाई से पहले ढैंचा, मूंग, उड़द जैसी फसलों को उगाकर मिट्टी में पलट देने से प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन बढ़ता है। हालांकि कुसुम कम उपजाऊ जमीन में भी अच्छा उत्पादन देती है। --- खेती-किसानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए... महिला किसान ने उगाया मशरूम, उससे बनाया प्रोटीन पाउडर:घर के कमरों में फार्मिंग का पूरा सेटअप, जयपुर-दिल्ली तक प्रोडक्ट की डिमांड राजस्थान की महिला किसान के एक प्रयोग ने उन्हें दिल्ली-जयपुर तक पॉपुलर कर दिया है। घर के कमरे में लगाई पहली फसल के बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। पूरी खबर पढ़िए
गुना के नानाखेड़ी इलाके में दुकानदार पर फायर करने वाले आरोपी के पास एक और बंदूक भी थी। पुलिस ने रिमांड के दौरान हुई पूछताछ में मिली जानकारी के बाद बंदूक और जिंदा राउंड जब्त कर लिए हैं। बता दें कि राधा कॉलोनी निवासी संजीव जैन की नानाखेड़ी मंडी गेट के पास पुरानी गाडिय़ां खरीदने-बेचने की दुकान है। 9 अप्रैल को संजीव अपनी दुकान पर मौजूद थे, तभी शाम 4 बजे अचानक एक युवक चेहरे पर कपड़ा बांधे हुए बाइक से वहां पहुंचा। आरोपी ने चिल्लाते हुए संजीव को ललकारा और कहा, मैं बताता हूं तुझे, तू बहुत बड़ा गुंडा बनता है। इतना कहते ही आरोपी ने पिस्तौल निकाली और करीब 20 फीट की दूरी से संजीव को निशाना बनाकर दनादन दो फायर झोंक दिए। संजीव ने फुर्ती दिखाते हुए खुद को बचाया, जिससे दोनों गोलियां उन्हें छुए बिना दुकान की दीवार में जा धंसी। हमलावर ने जैसे ही तीसरा फायर करने की कोशिश की, गोली पिस्तौल के चैंबर में ही फंस (मिसफायर) गई। तीसरा फायर अटकते ही आरोपी छोटू बैरागी घबरा गया और मौके से भागने की कोशिश करने लगा। लेकिन दुकानदार संजीव जैन ने हार नहीं मानी और शोर मचाते हुए स्थानीय लोगों की मदद से आरोपी को घेर लिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए संजीव ने आरोपी को पकडक़र दुकान के अंदर धकेला और बाहर से शटर गिराकर उसे कैद कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। SP हितिका वासल ने बताया था कि पुलिस इस मामले में यह पता लगाएगी कि वो हथियार कहां से लाया था। कैंट पुलिस ने बताया कि आरोपी से जब्त पिस्टल के अन्य स्त्रोत के संबंध पूछताछ के लिए न्यायालय से उसे पुलिस रिमाण्ड पर लेकर पूछताछ की गई। इसमें आरोपी ने और एक लोडेड पिस्टल विलोनिया गांव के पास छिपाकर रखना बताया। उसने बताया कि कमलापुर निवासी अरविन्द कटारिया से उसने पिस्टल खरीदी थी। इसके बाद पुलिस द्वारा आरोपी छोटू बैरागी की निशादेही से एक पिस्टल और एक जिंदा राउण्ड बरामद कर लिया। साथ ही आरोपी छोटू बैरागी और अरिवन्द कटारिया के खिलाफ एक और मामला आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज किया है।
मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में शुक्रवार को विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार 11 केवी लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रख-रखाव कार्य के चलते निर्धारित समय पर बिजली सप्लाई बाधित की जाएगी। शुक्रवार को मंदसौर शहर के गांधी चौराहा अंतर्गत स्टेडियम फीडर पर कार्य किया जाएगा। इसके चलते सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान नयापुरा रोड, दशपुर कुंज, हॉस्पिटल रोड, गांधी चौराहा, युवराज क्लब, बालागंज, काला खेत और गोशाला मार्केट क्षेत्र सहित आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए बताया है कि रख-रखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है। बिजली विभाग ने नागरिकों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्य पूर्व में ही निपटाने की सलाह दी है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय कैंडिडेट के पक्ष में वोटिंग करने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों शैली चौधरी (नारायणगढ़), रेनू बाला (साढ़ौरा), मोहम्मद इलियास (पुन्हाना), मोहम्मद इजराइल (हथीन) और जरनैल सिंह (रतिया) को निलंबित कर दिया है। कहने का मतलब यह है कि ये पांचों विधायक तो रहेंगे, लेकिन कांग्रेसी नहीं रहे। कांग्रेस हाईकमान के इस कदम के बाद हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कह चुके है कि पार्टी में अनुशासन ही सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला उन सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि पार्टी के खिलाफ चलने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस एक्शन का पार्टी को फायदा कम नुकसान ज्यादा होता दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह असर मौजूदा समय या यूं कहे कि तत्काल दिखाई ना दे,लेकिन 2028 में राज्यसभा की 2 सीटों पर होने वाले चुनाव पर इसका असर पड़ेगा। साथ ही 2029 में भी पार्टी को दिक्कतें आ सकती हैं। आठ पॉइंट्स में जानिए कितने फायदे और कैसे होगा नुकसान…. पहले विधायकों के निलंबन से होने वाले नुकसान पर डालते हैं नजर… 1. विधानसभा में संख्या बल घटने का जोखिम हरियाणा विधानसभा में अभी कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, लेकिन पांच के निलंबन के बाद ये संख्या बल घटकर 32 रह गया है। अब संबंधित विधायक पार्टी की सक्रिय राजनीतिक गतिविधियों से बाहर रहेंगे, ऐसे में सदन में पार्टी का प्रभाव कमजोर पड़ना निश्चित है। सदन में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले महत्वपूर्ण बिल, प्रस्ताव या अविश्वास प्रस्ताव जैसे मामलों में इस एक्शन से नुकसान बड़ा हो सकता है। इसका सीधा असर पार्टी की निर्णय क्षमता और राजनीतिक ताकत में दिखाई देगा। 2. संगठन में असंतोष और गुटबाजी बढ़ने की आशंका राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तों निलंबन जैसी कठोर कार्रवाई को कई बार पार्टी के दूसरे विधायक कठोर कार्रवाई के रूप में देखते हैं। इससे अंदरखाने असंतोष बढ़ने की संभावना और बढ़ सकती है। खासकर तब जब चुनाव के दौरान टिकट वितरण, नेतृत्व या लोकल राजनीति से जुड़ा हो। इससे पार्टी के भीतर ही इंटरनल गुट मजबूत हो सकते हैं। भविष्य में और बगावत या क्रॉस वोटिंग का खतरा और बढ़ जाता है। 3. कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम और मनोबल पर असर जब विधायक को निलंबित किया जाता है, तो उसके समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं में नाराजगी पैदा हो सकती है। इससे बूथ स्तर पर संगठन कमजोर हो सकता है। इसका दीर्घकालिक असर चुनावी तैयारी और जमीनी नेटवर्क को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञों की मानें तो निलंबित विधायक खुलकर सार्वजनिक मंच पर पार्टी नेताओं और उनकी नीतियों के खिलाफ कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच सक्रिय रहेंगे, जिससे नुकसान होना तय है। निलंबित किए गए विधायक इजराइल तो सार्वजनिक मंच पर ऐसा कर भी चुके है। 4. विपक्ष को पॉलिटिकल नैरेटिव बनाने का मौका कांग्रेस की इस कार्रवाई के खिलाफ दूसरे राजनीतिक दल खासकर बीजेपी यह प्रचार कर सकती है कि पार्टी के अंदर अस्थिरता और असंतोष है। इससे कार्यकर्ताओं और पार्टी नेताओं में राजनीतिक छवि पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण नैरेटिव के रूप में पार्टी अपने विधायकों को संभाल नहीं पा रही या नेतृत्व कमजोर है। पूर्व राज्यसभा सांसद व भाजपा नेत्री किरण चौधरी का बयान भी इसे लेकर आ चुका है। उन्होंने भूपेंद्र हुड्डा पर निशाना साधते हुए कहा कि जिसके नेतृत्व के अंदर ये सब हुआ, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। 5. उपचुनाव की स्थिति में ज्यादा जोखिम अगर मामला आगे बढ़कर निष्कासन या इस्तीफे तक पहुंच जाए, तो सीट खाली हो सकती है। ऐसे में उपचुनाव में हार का खतरा बढ़ जाता है, जिससे पार्टी की संख्या और कम हो सकती है। निलंबित विधायक अक्सर अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखते हैं। उनके अलग होने से स्थानीय स्तर पर वोट बैंक और संगठनात्मक ढांचा प्रभावित हो सकता है। इससे विधानसभा या लोकसभा चुनाव में सीट हारने का जोखिम बढ़ सकता है। क्या फायदा पार्टी को होगा, यहां पढ़िए... 1. अनुशासन का सख्त संदेश राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि कांग्रेस हाईकमान ने पांच विधायकों के निलंबन से यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पार्टी लाइन के खिलाफ जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे अन्य विधायकों और नेताओं में अनुशासन बना रहेगा। भविष्य में राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग या बगावत की संभावना कम हो सकती है। 2. हाईकमान की पकड़ मजबूत दिखती है विशेषज्ञों का कहना है कि हरियाणा में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में विधायकों के खिलाफ कार्रवाई से यह दिखा दिया है कि पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व का फैसला ही निर्णायक होगा। इसके अलावा हाईकमान राज्य स्तरीय पार्टी गतिविधियों को लेकर भी एक्टिव है। इससे संगठन के अंदर नेतृत्व की विश्वसनीयता बढ़ेगी। ये संदेश भी जाएगा कि पार्टी कमजोर नहीं, बल्कि नियंत्रण में है। 3. भविष्य के चुनावी कंट्रोल और प्लानिंग मजबूत होगी निलंबन के बाद पार्टी उम्मीदवार चयन, व्हिप और वोटिंग प्रबंधन को लेकर ज्यादा अलर्ट हो जाएगी। इससे अगले राज्यसभा या विधानसभा चुनाव में रणनीतिक तैयारी बेहतर होगी। अगर विपक्ष यह आरोप लगाता है कि पार्टी में अराजकता है, तो निलंबन दिखाता है कि पार्टी ने तुरंत कार्रवाई की है और स्थिति को संभाल लिया है। राजनीतिक नैरेटिव को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। इन तीन कारणों ने निष्कासन से बचाया… 2028 के राज्य सभाचुनाव : बता दें कि 2028 में राज्यसभा की 2 सीटों के चुनाव हैं। कांग्रेस को 31 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। 5 को निष्कासित कर दिया जाता तो 32 बचते। इससे मामला फंसने की संभावना बनती। ऐसे में निलंबन का विकल्प चुना। सूत्रों का कहना है कि पार्टी 2028 तक इनकी गतिविधियां देखेगी। उस वक्त चुनाव में क्रॉस वोटिंग जैसी बात आती है तो फिर निष्कासन हो सकता है। है। पार्टी के प्रति वफादार रहते हैं तो सस्पेंशन को खत्म भी किया जा सकता है। पहले भी क्रॉस वोटिंग पर नहीं हुई थी कार्रवाई: कांग्रेस हाईकमान ने यह फैसला सख्त संदेश देने के लिए भी किया है। दरअसल, 2016 और 2022 के राज्यसभा चुनाव में खेला होने पर कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इस बार कई सीनियर नेताओं ने कहा कि तब सख्त एक्शन लिया होता तो अब ऐसी नौबत नहीं आती। इसलिए विधायकों का निलंबन यह संदेश देने के लिए किया गया कि पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। 2029 के विधानसभा चुनाव पर नजर: हरियाणा में 2029 में विधानसभा चुनाव होने हैं। फिलहाल सख्त निर्णय से पार्टी को कोई नुकसान भी नहीं। कांग्रेस हरियाणा में 2024 में आपसी खींचतान में ही सत्ता से चूक गई थी। तब हाईकमान ने कमेटी से फीडबैक कराया था। इसके बाद से संगठन से जुड़े बड़े निर्णय हाईकमान ने ही लिए हैं। यह कार्रवाई भी राज्य अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति की अनुशंसा पर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद हुई। ऐसे में निलंबन पर विधायकों ने इस तरह दी प्रतिक्रिया… रतिया विधायक बोले- बहुत धक्का हुआ : रतिया से विधायक जरनैल सिंह ने कहा कि हमारे साथ बहुत धक्का हुआ है। हमारी सुनवाई नहीं हुई। जवाब मांगा था, मैंने लिखित में दे दिया था। मगर, बाद में हमें बुलाना चाहिए था। एक तरफा कार्रवाई हुई है, जिसका हमें बहुत दुख हुआ है। दुख तो इसी बात का है कि जिस आदमी की वफादारी की है, उसी ने यह सिला दिया है। शैली चौधरी बोलीं- हमें कोई चिट्ठी नहीं मिली: कांग्रेस पार्टी से निलंबन किए जाने पर नारायणगढ़ से विधायक शैली चौधरी का पहला रिएक्शन आया है। उन्होंने बताया कि अभी उन्हें इस मामले में कोई चिट्ठी पार्टी की ओर से प्राप्त नहीं हुई है। जब तक वह उन्हें नहीं मिल जाती, तब तक वह इस मामले में कुछ नहीं कह पाएंगी। कहा कि वह अभी अपने परिवार के साथ हरियाणा से बाहर आई हुई हैं। संडे को उन्होंने लौटने की बात कही है। इजराइल बोले-हलके के लिए क्रॉस वोट किया : हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा-इलाके के लोगों की भलाई के लिए क्रॉस वोट किया था। कांग्रेस का राज्यसभा का उम्मीदवार पसंद नहीं था। देश में लोकतंत्र है और कोई किसी को भी अपना वोट दे सकता है। हाईकमान का फैसला मंजूर है। किसी दूसरी पार्टी में जाने का मन में विचार नहीं है। इलाके के लोगों को एकत्रित करूंगा। इलियास बोले-कुछ नहीं कहूंगा : पुन्हाना विधानसभा मोहम्मद इलियास ने कहा-पार्टी का अधिकार है, हम इसमें कुछ नहीं कह सकते, वह चाहे जो कर सकते हैं। BJP या दूसरी किसी पार्टी में शामिल होने वाले सवाल पर वे चुप्पी साध गए। साढौरा विधायक रेनू बाला का फोन बंद: उधर, साढौरा की विधायक रेनू बाला का मोबाइल फोन फिलहाल स्विच ऑफ है। उनके निजी सहायक (पीए) रवि ने बताया कि मैडम आज एक पारिवारिक कार्यक्रम में व्यस्त हैं। सस्पेंशन का आधिकारिक पत्र नहीं मिला है। हालांकि, 20 मार्च को उनका एक बयान सामने आया था। इसमें उन्होंने कहा था कि कुछ नेता चाहते हैं कि विधायक उनके पीछे चलें। ऐसा न करने पर राजनीति करते हैं। --------------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 MLA सस्पेंड:हरियाणा कांग्रेस की सिफारिश पर हाईकमान का एक्शन; जरनैल बोले-एकतरफा कार्रवाई, दो ने कहा-फैसला मंजूर हरियाणा राज्यसभा चुनाव में भाजपा समर्थित निर्दलीय कैंडिडेट के पक्ष में वोटिंग करने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों शैली चौधरी (नारायणगढ़), रेनू बाला (साढ़ौरा), मोहम्मद इलियास (पुन्हाना), मोहम्मद इजराइल (हथीन) और जरनैल सिंह (रतिया) को निलंबित कर दिया है। (पूरी खबर पढ़ें)
मध्य प्रदेश सरकार यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने की तैयारी में जुट गई है। इसके तहत शादी, तलाक, संपत्ति और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव हो सकते हैं। सरकार ने ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनाने को मंजूरी दे दी है। इसकी जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई को दी जा सकती है। प्रस्तावित नियम उत्तराखंड और गुजरात मॉडल जैसे हो सकते हैं। इसमें लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया जा सकता है, यानी साथ रहने वाले जोड़ों को रजिस्ट्रार के पास अपनी जानकारी दर्ज करानी होगी। लिव-इन से जन्मे बच्चों को कानूनी अधिकार मिलेंगे और महिला को भरण-पोषण का दावा करने का हक भी होगा। हालांकि, एमपी में इसे लागू करना आसान नहीं माना जा रहा। राज्य में करीब 21% जनजातीय आबादी है, जिनकी अपनी परंपराएं हैं। ऐसे में यह बड़ा सवाल है कि क्या इन्हें यूसीसी से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा लिव-इन रजिस्ट्रेशन को लेकर प्राइवेसी, सामाजिक स्वीकार्यता और कानूनी जटिलताएं भी बड़ी चुनौती बन सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को संतुलन बनाकर ही इस कानून को लागू करना होगा। 1. मध्य प्रदेश में लगभग 21% आबादी अनुसूचित जनजातियों की मध्य प्रदेश जनजातीय बहुल राज्य है। लगभग 21% आबादी अनुसूचित जनजातियों की है। 46 से अधिक जनजातियां अपनी परंपराओं के साथ रहती हैं। उत्तराखंड में यह आंकड़ा 2.9% और गुजरात में करीब 15% है। इन राज्यों ने संवैधानिक अधिकारों के तहत जनजातीय समुदाय को यूसीसी से बाहर रखा है। ऐसे में सवाल है कि क्या मध्य प्रदेश भी यही करेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मुद्दा जनजातीय आबादी और चुनावी प्रभाव से जुड़ा है। एक्सपर्ट की राय: एमपी में यूसीसी लागू करने में संतुलन जरूरी वरिष्ठ पत्रकार एनके सिंह के अनुसार, बीजेपी की विचारधारा में लंबे समय से यूसीसी शामिल रहा है। यह जनसंघ काल से प्रमुख मुद्दा रहा है। मध्य प्रदेश में हर पांचवां मतदाता जनजातीय वर्ग से है, जिनके अपने नियम और रीति-रिवाज हैं। ऐसे में संतुलन बनाना आसान नहीं होगा। खासकर जब जनजातीय क्षेत्रों में पकड़ कमजोर रही है। उनका कहना है कि यूसीसी लागू करने में सरकार को सावधानी बरतनी होगी। यदि सभी समुदाय शामिल नहीं हुए तो इसकी संवैधानिक वैधता पर सवाल उठ सकते हैं। दो साल बाद चुनाव, इसलिए जनजातियों को बाहर रख सकते हैं सीनियर एडवोकेट वाहिद खान के अनुसार, जनजातीय समुदाय को यूसीसी में शामिल करना चुनौतीपूर्ण होगा, इसलिए संतुलित रास्ता अपनाया जा सकता है। उनका मानना है कि सरकार बिना भावनाएं आहत किए उन्हें मुख्य धारा से जोड़ने की कोशिश करेगी। सीनियर एडवोकेट सुधीर दुबे के अनुसार, एमपी में दो साल बाद चुनाव हैं, इसलिए जनजातियों को बाहर रखा जा सकता है। हालांकि, उनके अनुसार यह कानून बिना उन्हें शामिल किए भी प्रदेश के हित में हो सकता है। 2. लिव-इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन का मुद्दा मध्य प्रदेश में यूसीसी लागू होने पर लिव इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य हो सकता है। सहमति से साथ रहने वाले जोड़ों को नजदीकी रजिस्ट्रार के पास रजिस्ट्रेशन कराना होगा। क्या हो सकते हैं प्रावधान लिव इन रिलेशनशिप रजिस्ट्रेशन: प्रमुख चुनौतियां उत्तराखंड मॉडल पर सवाल: आंकड़ों के अनुसार, अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के बावजूद एक साल में केवल 70 रजिस्ट्रेशन हुए और दो रद्द हुए। रजिस्ट्रार द्वारा स्वत: संज्ञान लेकर नोटिस भेजने का कोई सार्वजनिक उदाहरण नहीं है। सरकार की ओर से विस्तृत आधिकारिक डेटा भी उपलब्ध नहीं है। इससे क्रियान्वयन पर सवाल उठते हैं। प्राइवेसी की चिंता: इन प्रावधानों में निजी जानकारी सार्वजनिक होने का जोखिम है। 21 वर्ष से कम उम्र के जोड़ों के लिए माता-पिता की सहमति जरूरी होगी और जानकारी स्थानीय प्रशासन तक पहुंच सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रावधान की वैधता को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि पारिवारिक आपत्तियों में काउंसलिंग का विकल्प अपनाया जा सकता है। कानूनी जटिलताएं: उत्तराखंड में कई लोगों ने लिव-इन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को जटिल बताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ दंपती ने इसे दखलंदाजी माना, जबकि वकीलों के मुताबिक कई युवाओं ने गोपनीयता को लेकर चिंता जताई है। सामाजिक स्वीकार्यता: फैमिली काउंसलर शैल अवस्थी के अनुसार, समाज में लिव-इन रिलेशनशिप को अभी व्यापक स्वीकृति नहीं मिली है। इसके कारण कई युवा इसे छिपाते हैं। पारिवारिक और सामाजिक दबाव से जोड़ों में असुरक्षा रहती है। भारतीय समाज इसे विवाह के समान मान्यता नहीं देता।
वाराणसी पुलिस ने कोडीन कफ सिरप मामले के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल सहित 18 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया है। यह चार्जशीट 38 हजार पेज की है। जिसके हर पन्ने पर कोडीन कफ सिरप मामले के आरोपियों का कला चिट्ठा लिखा गया है। बता दें की इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल दुबई में छुपा बैठा है। इसकी सूचना के बाद इंटरपोल की मदद से शुभम के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी की गयी है। अब उसे जल्द ही पुलिस वाराणसी लाएगी। 38 हजार पन्ने की है चार्जशीट एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया - कोतवाली थाने में ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने कोडीन युक्त कफ सिरप मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें शैली ट्रेडर्स के मालिक भोला प्रसाद जायसवाल, भोला प्रसाद का लड़का शुभम जायसवाल और 16 अन्य को आरोपी बनाया गया था। इसमें शुभम जायसवाल फरार है बाकी सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इनके खिलाग वाराणसी कोर्ट में अब चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। यह चार्जशीट 38 हजार पन्ने की है। इनके खिलाफ दयार हुआ आरोप पत्र एसीपी ने बताया - कोडीन कफ सिरप मामले में फरार शुभम जायसवाल, जेल में बंद शुबह के पिता भोला जायसवाल, बजरडीहा निवासी प्रतीक जायसवाल, खोजवां निवासी विशाल कुमार सोनकर, पांडेयपुर निवासी प्रतीक कुमार, ताराधाम कालोनी निवासी धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल, चौक निवासी आदित्य जायसवाल और गायघाट निवासी राहुल यादव, पानदरीबा निवासी हिमांशु कसेरा, मैदागिन निवासी आकाश पाठक शामिल हैं। इसके अलावा आजमगढ़ निवासी विकास सिंह, जौनपूर निवासी अंकित कुमार श्रीवास्तव, मुगलसराय निवासी स्वप्निल केसरी, सप्तसागर निवासी दिनेश यादव, ईश्वरगंगी निवासी आशीष यादव, लंका निवासी महेश खेतान, हुकुलगंज निवासी बादल आर्या और विशाल कुमार जायसवाल शामिल हैं। अब जानिए अभी तक क्या-क्या हुआ? 15 नवंबर 2025 को दर्ज हुआ था मुकदमा कोतवाली थाने में 15 नवंबर को दर्ज मुकदमे में शुभम जायसवाल, उसके पिता भोला जायसवाल समेत करीब 40 लोगों को नामजद किया गया था। विवेचना के दौरान जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई लोगों के नाम सामने आये। जिनमे से कई को गिरफ्तार किया जा चुका है। हाल ही में हवाला कारोबारी वैभव जायसवाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पिता है जेल में प्रह्लाद घाट के कायस्थ टोला के रहने वाले शुभम के पिता और शैली ट्रेडर्स के प्रोपराइटर भोला प्रसाद को सोनभद्र पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, उसके बेटे शुभम जायसवाल की गिरफ्तारी को लेकर एसटीएफ और एसआईटी दबिश दे रही है। बाप-बेटे के खिलाफ कोतवाली समेत अन्य थानों में 10 से अधिक FIR दर्ज हो चुकी है। ईडी की जांच में 200 करोड़ की संपत्ति बेनकाब हुई है। रेड कार्नर नोटिस जारी हुई हाल ही में फरार मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल के खिलाफ रेड कार्नर नोटिस जारी हुई है। इंटरपोल ने उसे भगोड़ा घोषित कर उसकी तस्वीर अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। बताया जा रहा है कि वह दुबई में छुपा बैठा है। ऐसे में उसे अब भारत लाने में आसानी होगी और उसपर केस चलाया जा सकेगा। FSDA ने क्या किया? FSDA ने मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन लेवल पर सख्ती बरती। शेल फर्म्स को निशाना बनाया, जो कोडीन सिरप को 'मेडिकल सप्लाई' के नाम पर नशे के बाजार में पहुंचा रही थीं। ये नेटवर्क पूर्वी यूपी के वाराणसी, जौनपुर, चंदौली, गाजीपुर, आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे जिले में सक्रिय था। अकेले वाराणसी में 26 फर्म्स के खिलाफ 15 नवंबर को FIR दर्ज की गई। इसके बाद 12 और फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। जौनपुर में दिल्ली बेस्ड वन्या ट्रेडर्स और 3 लोकल फर्म्स पर 2.6 करोड़ के अनियमित ट्रांजैक्शन के लिए कार्रवाई की गई। यहां कुल 18 फर्म्स पर केस दर्ज किया गया। बाकी जिलों में मिलाकर करीब 128 केस अब तक दर्ज हो चुके हैं। FSDA लगातार ड्रग्स सप्लायर्स को नोटिस दे रहा और लाइसेंस निरस्त कर रहा है।

