सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित निजी विद्यालय में 9 फरवरी 2026 को विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देश पर यह शिविर आयोजित किया। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को कानून संबंधी बुनियादी जानकारी प्रदान करना था। शिविर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवचरण पटेल ने विद्यार्थियों को निःशुल्क विधिक सहायता की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। पटेल ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। कार्यक्रम के दौरान पॉक्सो अधिनियम पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसमें बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके अतिरिक्त, छात्रों को संविधान में निहित मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों से अवगत कराया गया। उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। मोबाइल के दुष्प्रभाव बताए न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव मनोरम तिवारी ने मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि मोबाइल का अनियंत्रित प्रयोग उनकी पढ़ाई, मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। शिविर के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए कई सवालों के व्यावहारिक उत्तर भी दिए गए। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी अमित शर्मा, अधिवक्ता योगेश शाह, विद्यालय के शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस आयोजन को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताया गया।
रतलाम शहर के कोठारी वास में सोमवार दोपहर निर्माणाधीन मकान के पास बने दो मंजिला मकान की दीवार गिर गई। हादसे में एक मजदूर मलबे में दब गया। जिसे बड़ी मुश्किल से लोगों ने निकाला। घायल मजदूर को मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया है। गंभीर हालात होने र उसे इंदौर रेफर करने की तैयारी का जा रही है। हादसा सोमवार दोपहर करीब 3.45 बजे हुआ। निर्माणाधीन मकान तरुण पिता मनोहरलाल जैन निवासी रतलाम हालमुकाम जखनावदा (झाबुआ) का है। मकान के पास दो मंजिला खंडहर व खाली मकान जितेंद्र ओझा निवासी रतलाम का है। दोपहर में मजदूर दिनेश (30) पिता मांगू मईड़ा निवासी पलसोड़ी काम कर रहा था। पास में मकान निर्माण का काम चल रहा थापास में ही मकान के चौकीदार की पत्नी सोनू व भतीजी अनन्या पिता जितेंद्र पांचाल (8) साल भी मौजूद थी। हालांकि वह निर्माणाधीन मकान से कुछ दूरी पर थी। अचानक से पास के मकान की दीवार गिरने से मजदूर उसमें दब गया। दीवार का पूरा मलबा मजदूर पर आकर गिरा। मकान बनाने का काम मकान मालिक ने ठेकेदार विजय कुमावत को दिया है। घटना के समय मकान मालिक व ठेकेदार मौके पर नहीं मिले। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े दीवार गिरते ही आसपास के लोग व राहगीर रुके। मौके पर जिला, पुलिस व नगर निगम के अधिकारी भी पहुंचे। लोगों के मदद से मजदूर का मलबे से निकालकर सीधे मेडिकल कॉलेज भेजा। वहीं चौकीदार की पत्नी व भतीजी को भी हल्की पैर में चोट आने पर जिला अस्पताल में उपचार कर वापस निर्माणाधीन मकान पर बने ईट के कमरे पर आ गए। मेडिकल कॉलेज पहुंचे अधिकारी घटना स्थल के बाद घायल मजदूर की हालात देखने व पर्याप्त उपचार के लिए एसडीएम आर्ची हरित, तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, माणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे मेडिकल कॉलेज पहुंचे। स्थिति गंभीर दिखने पर इंदौर रेफर करने की तैयारी की। आज ही काम पर गया था, 7 बच्चे मजदूर के घायल होने की जानकारी मिलते ही गांव से परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंचे। घायल मजदूर की बहन पूजा ने बताया कि भाई के शादी शुदा है। 7 बच्चे है। जिनमें सबसे बड़ा बेटा पिंटू, कालू, राजेश, विक्रम, आयुष, बेटी संदू (4) व सबसे छोटी 2 साल की बेटी है। बहन के अनुसार घायल भाई सोमवार को ही काम पर गया था। एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि निर्माणाधीन मकान के पास बने मकान की दीवार गिरी है। एक मजदूर घायल हुआ है। जिसका इलाज किया जा रहा है। पड़ोस का मकान जर्जर हालात में था। इसको लेकर नगर निगम से जानकारी ली जा रही है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
जालौन जनपद के कुठौंद थाना क्षेत्र के ग्राम हाजीपुर में रविवार रात एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने कुएं में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान राजा बेटी (70 वर्ष), पत्नी कालीचरण के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, राजा बेटी रविवार रात करीब 10 बजे तक घर पर थीं। इसके बाद परिवार के सदस्य सोने चले गए। रात के दौरान वह घर से बाहर निकलीं और घर से कुछ दूरी पर स्थित एक कुएं की मुंडेर पर रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों को रात में इस घटना की जानकारी नहीं हो पाई। सोमवार सुबह जब परिजन जागे और राजा बेटी घर में नहीं मिलीं, तो उनकी तलाश शुरू की गई। पहले घर के आसपास और फिर मोहल्ले में खोजबीन की गई। काफी तलाश के बाद भी जब उनका पता नहीं चला, तो ग्रामीणों की नजर पास के एक कुएं पर पड़ी। कुएं में रस्सी लटकी दिखाई देने पर संदेह हुआ। ग्रामीणों ने कुएं में झांककर देखा, तो अंदर राजा बेटी का शव फंदे से लटका हुआ पाया। घटना की सूचना तत्काल कुठौंद थाना पुलिस को दी गई। पुलिस दल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों की सहायता से शव को कुएं से बाहर निकाला। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। परिजनों ने बताया कि राजा बेटी की दो विवाहित बेटियां हैं। उनका एक पुत्र विजय भी है, जो परिवार के साथ गांव में ही रहता है और वह भी शादीशुदा है। आत्महत्या के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को एक संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा चित्तौड़गढ़ के बेड़च रेलवे स्टेशन पर नॉन इंटरलॉकिंग काम किया जा रहा है। इस तकनीकी काम के चलते रेलवे संचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। इसी क्रम में जयपुर से उदयपुर सिटी के बीच चलने वाली स्पेशल रेल सेवा को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह काम यात्रियों की सुरक्षा और भविष्य में बेहतर रेल संचालन के लिए जरूरी है, लेकिन फिलहाल इसका असर आम यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ रहा है। जयपुर-उदयपुर स्पेशल ट्रेन चंदेरिया तक ही चलेगी उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ी संख्या 09721 जयपुर–उदयपुर सिटी स्पेशल रेल सेवा 10 फरवरी को जयपुर से अपने निर्धारित समय पर रवाना होगी, लेकिन यह ट्रेन उदयपुर तक नहीं जाएगी। यह रेल सेवा सर्फ चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया स्टेशन तक ही संचालित की जाएगी। इसके बाद आगे के स्टेशनों के लिए ट्रेन को रद्द माना जाएगा। सुबह 6:27 बजे जयपुर से रवाना होगी ट्रेन रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह स्पेशल ट्रेन जयपुर से सुबह 6 बजकर 27 मिनट पर रवाना होती है। रास्ते में यह कनकपुरा, फुलेरा, किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, विजयनगर और भीलवाड़ा जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकते हुए सुबह करीब 11 बजकर 5 मिनट पर चंदेरिया स्टेशन पहुंचेगी। लेकिन इस दिन ट्रेन आगे कपासन, मावली, राणा प्रताप नगर और उदयपुर सिटी स्टेशन तक नहीं जाएगी। कपासन और उदयपुर के यात्रियों को होगी परेशानी इस आंशिक रद्दीकरण से चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन क्षेत्र और उदयपुर जाने वाले यात्रियों को एक दिन के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रोजाना कामकाज, पढ़ाई, इलाज या पारिवारिक कारणों से यात्रा करने वाले यात्रियों को अब वैकल्पिक साधन तलाशने पड़ेंगे। कई यात्रियों ने पहले से ही उदयपुर तक की टिकट बुक कर रखी है, ऐसे में उन्हें बीच रास्ते में उतरकर दूसरी ट्रेन या बस की व्यवस्था करनी होगी। इसके साथ ही अतिरिक्त किराया चुकाना पड़ेगा, जिससे यात्रा का खर्च भी बढ़ जाएगा।
अपनी मांगों को लेकर पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे ई-रिक्शा चालकों का प्रदर्शन सोमवार को समाप्त हो गया। नगर निगम के महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी के प्रभावी हस्तक्षेप और आश्वासन के बाद यूनियन ने हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया है। कृष्णा फाउंडेशन और अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति आंदोलनरत थीयह आंदोलन कृष्णा फाउंडेशन और अयोध्या जी ई-रिक्शा कल्याण सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा था। ई-रिक्शा चालक अपनी रोजी-रोटी और रूट निर्धारण जैसी समस्याओं को लेकर आंदोलित थे। गतिरोध बढ़ता देख महापौर ने इसमें मध्यस्थता की, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक वार्ता हुई। ई-रिक्शा का संचालन पुनः शुरू हो जाएगा यूनियन के संस्थापक माधव मुकुंद त्रिपाठी ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि महापौर के आश्वासन के बाद आज से हड़ताल समाप्त की जाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने फिलहाल कुछ प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए राहत दी है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही ई-रिक्शा का संचालन पुनः शुरू हो जाएगा। परिवहन व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद हालांकि, यह विराम पूर्ण विराम नहीं है; शेष मांगों को लेकर कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई जारी रहेगी हमारा उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं, बल्कि ई-रिक्शा चालकों के हितों की रक्षा करना है। महापौर के हस्तक्षेप का हम स्वागत करते हैं, लेकिन अपनी बाकी मांगों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।पिछले कई दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भारी आवागमन की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। हड़ताल समाप्त होने की घोषणा से शहर की परिवहन व्यवस्था फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद है।
अज्ञात वाहन की टक्कर से किसान की मौत:सड़क किनारे मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक सड़क हादसे में किसान की मौत हो गई। चांदपुर थाना क्षेत्र के बुड़दा गांव के पास अज्ञात वाहन ने बाइक सवार किसान को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा और ग्राम प्रधान को सूचना दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान जाफरगंज थाना क्षेत्र के ककोरा ग्राम पंचायत के मजरे खदरी गांव निवासी 50 वर्षीय छेदा लाल निषाद के रूप में हुई है। छेदा लाल गांव में खेती-किसानी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। रविवार को वह अपनी मोटरसाइकिल से चांदपुर थाना क्षेत्र के बुड़दा गांव स्थित तारनडेरा अपने ससुराल गए थे। देर शाम घर लौटते समय बुड़दा गांव के पास अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। सोमवार को ग्राम प्रधान पूनम देवी को चांदपुर थाने में तैनात उप निरीक्षक वीरेंद्र पांडे ने इस घटना की जानकारी दी। ग्राम प्रधान ने बताया कि मृतक अपने साले की बटाई पर ली गई जमीन के लिए खाद डालने के पैसे लेने गए थे। किसान की मौत की खबर सुनकर परिजन बेहाल हो गए। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उपनिरीक्षक ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
मेरा बेटा बहुत सीधा था। सबकी बहुत इज्जत करता था। कभी किसी से नजर मिलाकर बात नहीं करता था। ऐसा बेटा तो बहुत मुश्किल से मिलता है। पूरा घर संभाल रखा था। परिवार की हर जरूरत का ख्याल रखता था। पूरा मोहल्ला बता देगा मेरे कैफ के बारे में…! यह दर्द है मोहम्मद कैफ की मां तस्लीम का जिनकी आंखों से आंसू रुक नहीं पा रहे हैं। बार बार वह बेटे कैफ को याद कर रोने लगती हैं। तस्लीम कहती हैं कि उनका बेटा निहायत ही शरीफ था। आज तक भी किसी से विवाद नहीं हुआ। हर किसी के दिल में वह जगह बना लेता था। दरअसल, 22 वर्ष के मोहम्मद कैफ की जिंदगी पर मोबाइल की लत भारी पड़ गई। वह कोरोना काल में मोबाइल पर PUBG खेलने लगा था। कई कई घंटे मोबाइल पर बिताता। ब्रेन हेमरेज से पहले भी उसके हाथ में मोबाइल था। वह अपने बिस्तर से किसी काम के लिए खड़ा हुआ और फिर जमीन पर गिर गया। परिवार दौड़ा और उसे उठाकर अस्पताल भागा...! आइए जानते हैं परिवार के बारे में देहलीगेट थाना क्षेत्र के खैरनगर निवासी फारूख पिछले करीब आठ वर्ष से गूलर वाली गली में किराए का मकान लेकर रह रहे थे। फारूख प्रोपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। परिवार में पत्नी तस्लीम के अलावा एक बेटी और एक बेटा 22 वर्षीय मोहम्मद कैफ रहे। बेटी की शादी हो चुकी है और मोहम्मद कैफ कंप्यूटर डिजाइनिंग का काम करता था। घर चलाने में कैफ अपने पिता का पूरा सहयोग कर रहा था। परिवार की जुबानी, उस रात की कहानी 6 फरवरी की शाम मोहम्मद कैफ काम पर से घर लौट आया। कुछ देर घर पर रुका। खाना खाया और फिर उसका दोस्त शोएब उर्फ कैफ आ गया। दोनों हर रोज की तरह घूमने के लिए निकल गए। रात करीब 11 बजकर 30 मिनट पर शोएब ने कैफ को घर पर छोड़ दिया। परिजनों की मानें तो घर आने के बाद कैफ भी अपने बिस्तर में चला गया लेकिन मोबाइल चलाने लगा। एक घंटे बाद ही कैफ किसी काम के लिए उठा और गिर गया। कैफ के गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि परिवार ही नहीं पड़ोसियों में भी जाग हो गई। अस्पताल-अस्पताल दौड़ते रहे परिजन फारूख ने बताया कि गिरने के बाद उन्होंने कैफ को संभाला। वह अपने सिर में हाथ मार रहा था। संभवत: सिर में दर्द हो रहा था। वह बेटे कैफ को लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल दौड़ते रहे। सबसे पहले होप हॉस्पिटल गए लेकिन डाक्टर नहीं मिला। यहां के बाद सुशीला जसवंत राय और फिर साकेत के निजी अस्पताल आ गए। बिलिंग पर तो स्टाफ चर्चा करता रहा लेकिन उपचार की किसी ने बात नहीं की। कुछ देर बाद एक कर्मचारी ने आकर कहा कि मरीज की हालत सीरियस है। आप इसे दिल्ली ले जाओ। दिल्ली में बामुश्किल किया गया भर्ती फारूख का आरोप है कि मेरठ के अस्पताल ने रेफर लेटर नहीं दिया, जिस कारण दिल्ली एम्स और जीबी पंत में कैफ को भर्ती नहीं किया। बामुश्किल सफदरजंग अस्पताल ने कैफ को भर्ती किया, जिसके बाद कैफ का उपचार शुरु हो पाया। हालांकि कुछ घंटे बाद ही कैफ ने दम तोड़ दिया। पिता का आरोप है कि समय पर उपचार मिलता तो उनका बेटा कैफ बच जाता। वह कैफ को लेकर मेरठ आ गए और रात में ही उसको सुपुर्द ए खाक कर दिया। साढ़े आठ बजे तक भी ठीक था कैफ कैफ कंप्यूटर डिजाइनर था और शेख मिराज की शॉप पर काम करता था। शेख मिराज बताते हैं कि वह अपने काम के प्रति ईमानदार था। उनके यहां कोई भी वर्कर मोबाइल का प्रयोग नहीं कर सकता है, इसलिए कैफ भी मोबाइल नहीं चलाता था। रात को 8:30 बजे दुकान बंद हुई तो वह बिल्कुल ठीक था। परिजनों की मानें तो वह मोबाइल पर कुछ देख रहा था। कान में लीड भी लगी थी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री कैलाश यादव की दसवीं पुण्यतिथि उनके पैतृक निवास पर मनाई गई। इस अवसर पर जंगीपुर के विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने एक कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें समाजवादी पार्टी के सांसद भी शामिल हुए। मीडिया से बातचीत के दौरान सपा सांसद अफजाल अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। सपा सांसद ने संसद की कार्यवाही के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उपस्थित न होने और सुरक्षा कारणों का हवाला देने के मामले पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह पहली बार हुआ है जब लोकसभा अध्यक्ष ने पीठ से कहा कि प्रधानमंत्री को उनकी जान के खतरे के कारण संसद में आने से मना किया गया है। सांसद ने सवाल उठाया, जब देश के प्रधानमंत्री को देश की संसद में भी खतरा महसूस होता है और वे विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए संसद में नहीं बैठ सकते, तो उनके हाथों में देश की सीमाएं कैसे सुरक्षित रहेंगी? उन्होंने इसे 'जिम्मेदारी से भागने का संकेत' बताया और कहा कि यह सदन के इतिहास का एक अजीब दिन था। इसके अतिरिक्त, सपा सांसद ने मोहन भागवत के जनसंख्या संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। भागवत ने 19 से 25 वर्ष की आयु के बीच विवाह करने और तीन बच्चे होने को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया था। इस पर सांसद ने तंज कसते हुए कहा कि भागवत एक ही समय में वैज्ञानिक, डॉक्टर और दार्शनिक हैं। उन्होंने भागवत के पूर्व के एक बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि देश की सीमा पर तीन लाख स्वयंसेवक मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।
महोबा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में 'विराट हिंदू सम्मेलन' का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले में शहीद शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी और महंत अर्पित दास महाराज ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को समाप्त कर एकजुटता स्थापित करना और राष्ट्रविरोधी ताकतों के खिलाफ कड़ा संदेश देना था। सम्मेलन में कानपुर से आईं ऐशन्या द्विवेदी ने अपने विचार रखे। उनके पति शुभम द्विवेदी पिछले वर्ष 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। ऐशन्या ने कहा कि जो हिंदुस्तान को अपना समझेगा, वही हिंदुस्तानी है, और जो 'वंदे मातरम' नहीं बोल सकता, वह भारत का नहीं हो सकता। उन्होंने जेएनयू में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के खिलाफ लगे नारों को देश के लिए गंभीर आघात बताया और भारत की वैश्विक पहचान का विरोध करने को निंदनीय करार दिया। महंत अर्पित दास महाराज ने हिंदू समाज को जागरूक करते हुए एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की चुनौतियों को देखते हुए हिंदू और सिख समाज को एकजुट रहना होगा। महंत ने संदेश दिया कि आपसी भेदभाव भूलकर एक होने का समय आ गया है, क्योंकि आंतरिक फूट ही राष्ट्रविरोधी ताकतों को बल देती है। महोबा के एक निजी गेस्ट हाउस में आयोजित इस 'विराट हिंदू सम्मेलन' में भारी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य समाज में ऊंच-नीच की दीवारों को तोड़कर राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोना था।
बलिया के मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) त्रिभुवन ने जिलाधिकारी के निर्देश पर दुबहड़ थाने का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि थाना एक निजी भवन में संचालित हो रहा है। सीआरओ ने तत्काल प्रभाव से सरकारी भूमि पर नया थाना भवन निर्मित कर उसे वहां स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। इसके लिए ग्राम दुबहड़ में ही भूमि चिन्हित की जा चुकी है और शासन से भूमि आवंटन की मांग की गई है। उन्होंने शासन स्तर पर जल्द से जल्द पैरवी कर नवीन थाना भवन के निर्माण को गति देने के निर्देश दिए। साथ ही, थाने में साफ-सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भी निर्देशित किया गया। अपराध नियंत्रण के संबंध में, सीआरओ ने रजिस्टर नंबर 8 (अपराध रजिस्टर) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गुंडा, गैंगस्टर और अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है। थानाध्यक्ष को ऐसे अराजक तत्वों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया, ताकि आम जनता में भयमुक्त वातावरण स्थापित हो सके। सभी भूमाफिया और गुंडों को जेल भेजने के लिए भी कहा गया। सीआरओ ने थाना समाधान दिवस, महिला शिकायत और दैनिक शिकायतों के अवलोकन के बाद निर्देश दिए कि जनसुनवाई प्रतिदिन की जाए। आम लोगों की समस्याओं को सुनकर नियमों के अनुसार उनका निस्तारण किया जाए, जिससे थाने के प्रति जनता का विश्वास बढ़ सके।
करौली के श्रीराधा नवलबिहारी मंदिर में होली उत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर महिला भक्त मंडलियों ने फाग और रसिया गाकर ठाकुरजी को रिझाया। मंदिर परिसर में गुलाल तिलक, पुष्पवर्षा और नृत्य के साथ उत्सव का आयोजन हुआ। उत्सव के दौरान महिला भक्त मंडलियों ने पारंपरिक होली गीतों और रसियाओं की प्रस्तुतियां दीं। भक्तों ने ठाकुरजी के समक्ष फाग गाकर सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की।महिलाओं ने होली गीतों पर नृत्य किया, गुलाल का तिलक लगाया और पुष्पवर्षा की। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन मंदिर के पुजारी मनोज शर्मा के माता-पिता रघुनाथ प्रसाद शर्मा और गोपाली देवी ने अपनी शादी की वर्षगांठ के अवसर पर किया। इस दौरान मेरे मदन मोहन रसिया…, मेरा खो गया बाजूबंद…, भोला नाचे पार्वती नाचे… और रसिया वनों मदन मोहन… जैसे कई पारंपरिक फाग प्रस्तुत किए गए। मठ-मंदिर संघ करौली के जिला अध्यक्ष दिलीप शर्मा ने बताया कि उत्सव में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु शामिल हुईं। महिला मंडली में नीरज शर्मा, रवि शर्मा, रति देवी, गोपाली देवी, उषा शर्मा, राजकुमारी, सरोज, सुमन, मीरा, राम दुलारी, ज्योति सोनी, सुलोचना, प्रिया, माधुरी और लीला देवी सहित अन्य महिलाएं उपस्थित थीं।
सहारनपुर के भायला रोड स्थित रेती चौक के पास एक खाली प्लॉट को लेकर देवबंद में बड़ा विवाद चल रहा है। मोहल्ला पठानपुरा निवासी एक परिवार ने डीआईजी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि भूमाफियाओं ने कोर्ट में स्टे होने के बावजूद उनकी जमीन पर जबरन कब्जा कर बाउंड्री करा दी। मामले में स्थानीय पुलिस पर भी कार्रवाई न करने और सांठगांठ के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पुलिस की मिलीभगत से महिला को जेल भिजवा दिया। पीड़ित पक्ष से असमा ने बताया कि उनका एक प्लॉट भायला रोड पर स्थित है, जिस पर लंबे समय से विवाद चल रहा है और देवबंद कोर्ट में अलग-अलग वाद विचाराधीन हैं। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि मनीष सेठ, कुलभूषण सेठ ट्रांसपोर्टर, तसब्बुर उर्फ तवस्सुर, खुशनसीब खान, हिस्ट्रीशीटर जावेद ठेवा सहित कई लोगों ने फर्जी कागजात तैयार कर प्लॉट पर कब्जे की कोशिश की। परिवार का कहना है कि करीब चार माह पूर्व 35 लाख रुपए में पूरे प्लॉट का सौदा तय हुआ था, जिसमें से 50 वर्ग गज का बैनामा कर दिया गया और तीन लाख रुपए चेक से मिले, लेकिन शेष 32 लाख न तो दिए गए और न ही बैनामा वापस किया गया। इसी बीच, 7 सितंबर 2025 को पड़ोसियों ने सूचना दी कि कुछ लोग 6-7 अज्ञात साथियों के साथ जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि 10 जनवरी 2026 को, जबकि जमीन पर पहले से तीन स्टे आदेश प्रभावी थे और उनकी ओर से भी मुकदमे लंबित हैं, तब भी आरोपियों ने पुलिस की मौजूदगी में जबरन दीवार खड़ी कर दी। परिवार ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और एसएसपी को सूचना दी। उनका कहना है कि पुलिस ने कागजात देखने के बावजूद निर्माण नहीं रुकवाया। आरोप है कि मुख्य आरोपी जावेद ठेवा और उसके परिवार पर हत्या, लूट, रंगदारी जैसे सैकड़ों मुकदमे दर्ज हैं। आरोप लगाया गया है कि पहले भी देवबंद में जमीन विवादों में गोलीबारी और हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे परिवार को जान का खतरा है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनके खिलाफ फर्जी मुख्तारनामा दिखाकर एक झूठा केस दर्ज कराया गया, जिसके चलते असमा को 27 दिन की जेल काटनी पड़ी। आरोप लगाया कि मुख्तारनामे पर न तो उनका फोटो है और न ही हस्ताक्षर। साथ ही, कुछ लोगों पर फर्जी बैनामे के जरिए संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाया गया है।
चंदौली जिले की चकिया तहसील के मुजफ्फरपुर इलाके में सोमवार को वन विभाग, राजस्व और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान वन विभाग की 100 बीघा जमीन को अतिक्रमणकारियों से मुक्त कराया गया। इस भूमि पर पिछले 25 सालों से कुछ लोगों द्वारा खेती और अन्य कार्य किए जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस और पीएसी के जवान बड़ी संख्या में मौजूद थे। भारी सुरक्षा बल की उपस्थिति के कारण किसी भी प्रकार के विरोध का सामना नहीं करना पड़ा। चकिया तहसील के मुजफ्फरपुर क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। मामला संज्ञान में आने पर वन और राजस्व विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। संयुक्त टीम बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके बाद जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। कई घंटों तक चले इस अभियान में लगभग 100 बीघा से अधिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर मौजूद वन विभाग के रेंजर अखिलेश दुबे ने बताया कि वन विभाग की जमीन पर कई सालों से अवैध कब्जा था। इसे शासन के निर्देशानुसार मुक्त करा दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी व्यक्ति द्वारा सरकारी भूमि पर दोबारा कब्जा करने का प्रयास किया गया, तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीडवाना कब्रिस्तान में लगी आग:दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद काबू, जनहानि या बड़ी दुर्घटना नहीं
डीडवाना शहर के कायमखानी हॉस्टल के समीप स्थित कब्रिस्तान में अज्ञात कारणों से अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने सूखी घास को अपनी चपेट में ले लिया और विकराल रूप धारण कर लिया। स्थानीय लोगों की सजगता और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कब्रिस्तान से धुआं और आग की लपटें उठती देख क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। तेज हवा और सूखी घास के कारण आग तेजी से फैलने लगी, जिससे आसपास के रिहायशी इलाकों में भी दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों ने तुरंत नगर परिषद के अग्निशमन केंद्र को सूचना दी। सूचना मिलते ही नगर परिषद की दमकल गाड़ी मौके पर पहुंची। फायरमैन श्रवण कुमार और पायलट नूर मोहम्मद खान ने मुस्तैदी दिखाते हुए आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग को पूरी तरह बुझा दिया और उसे फैलने से रोक लिया। आगजनी में किसी प्रकार की जनहानि या बड़ी दुर्घटना नहीं हुई। समय पर आग पर नियंत्रण पा लेने से कब्रिस्तान के पास स्थित रिहायशी इलाकों और संपत्ति को नुकसान से बचा लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
नीमच में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या करने वाले हेड कांस्टेबल होशियार सिंह के मामले में पुलिस विभाग की संवेदनहीनता सामने आई है। सुसाइड नोट में पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाने वाले होशियार सिंह की मौत के बाद, उनके परिजनों को अंतिम समय में शव के पास नहीं जाने दिया गया। मृतक की पत्नी कमलेश बाई और बच्चों ने आरोप लगाया है कि पोस्टमार्टम के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें शव से दूर रखा। जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिवार को अस्पताल नहीं ले जाया गया, बल्कि उन्हें पुलिस लाइन स्थित उनके क्वार्टर पर ही रखा गया था। पुलिस ने परिवार को 7 किमी दूर रोका परिजन के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद जब शव को पुलिस लाइन ले जाना था, तो पुलिस ने मृतक की पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे को एक अलग वाहन में बैठाकर घटनास्थल से करीब 7 किलोमीटर दूर जावद फंटे पर छोड़ दिया। इसके बाद शव को दूसरी गाड़ी में पुलिस लाइन ले जाया गया। जब होशियार सिंह का शव पुलिस लाइन पहुंचा, तब केवल उनके बड़े भाई वहां मौजूद थे। पुलिस लाइन कॉलोनी में रहने वाले पुलिस जवानों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। शव वाहन परिवार से पहुंचने से पहले रवाना इस दौरान, 7 किलोमीटर दूर खड़े मृतक की पत्नी कमलेश बाई और उनकी बेटियों ने वापस पुलिस लाइन ले जाने की मांग की। काफी देर बाद उन्हें पुलिस लाइन के लिए रवाना किया गया। परिवार के वापस आने तक शव ले जाने वाले वाहन को रोके रखा गया था, क्योंकि पुलिस उसे पहले ही ले जाने का प्रयास कर रही थी। महिलाओं ने वाहन के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन किया। बाद में, केंट थाना प्रभारी की समझाइश पर शव को मृतक की पत्नी और बच्चों के पहुंचने से पहले ही रवाना कर दिया गया। सुसाइड नोट में यह लिखा श्रीमान डीजीपी, आईजी, डीआईजी, एसपी महोदय। निवेदन है कि मैं प्रार्थी 83 होशियार सिंह आपके अधीनस्थ पुलिस लाइन नीमच पर तैनात हूं। डीजीपी सर से निवेदन है कि पुलिस को इतना भी मत बेचो कि सही आदमी नौकरी नहीं कर पाए। नीमच जिले में सब कुछ बिक रहा है। कोई सुनने को तैयार नहीं है। थाने में पीसीआर 1, पीसीआर 2, लाइन का रोजनामचा, जिम, खेल सब पैसों में बिक रहे हैं। जहर खाने का कारण साफ नहीं टीआई नीलेश अवस्थी ने कहा- अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि हेड कॉन्स्टेबल होशियार सिंह ने जहर क्यों खाया? पुलिस इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है।
सोमवार को ग्राम स्तरीय वनाधिकार समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सामुदायिक वनाधिकार दावों के निस्तारण में हो रही देरी और पूर्व में दाखिल दावों पर कार्रवाई न होने के विरोध में किया गया। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि जनपद के विभिन्न गांवों की ओर से वर्ष 2018 और 2022 में वनाधिकार अधिनियम के तहत सामुदायिक दावा फार्म संबंधित तहसीलों के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंपे गए थे। हालांकि, वर्षों बीत जाने के बावजूद इन दावों का न तो निस्तारण हुआ है और न ही उन पर कोई ठोस कार्रवाई की गई है। प्रदर्शन में शामिल ग्रामीणों ने जानकारी दी कि रॉबर्ट्सगंज, दुद्धी, घोरावल और ओबरा तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों ने सामुदायिक वनाधिकार के लिए विधिवत आवेदन किया था। इसके बावजूद, फाइलें लंबित पड़ी हैं, जिससे ग्रामवासी अपने परंपरागत वन अधिकारों से वंचित हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन विभाग और प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में उदासीनता बरती जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सामुदायिक वनाधिकार को मान्यता नहीं दी गई, तो उनके समक्ष आजीविका और संरक्षण दोनों का संकट गहरा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि शीघ्र ही सामुदायिक वनाधिकार दावों पर निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। इस मौके पर शुभलाल सिंह गोंड़, महेन्द्र चेरो, कैलाश, भगवंती, नान्हक, पानकुंवर, शीला, नंदू, किसमतिया, पार्वती देवी, नन्हकी, जवाहर लाल, शांति सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
अलवर की पोक्सो कोर्ट संख्या-1 ने नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर ले जाने और दोस्त के साथ मिलकर गैंगरेप करने के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। पोक्सो कोर्ट-1 के न्यायाधीश जघेंद्र अग्रवाल ने दोनों आरोपियों को उम्रकैद यानी मरते दम तक की सजा से दंडित किया है। साथ ही दोनों आरोपियों पर 28 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में कुल 22 गवाहों के बयान और 26 दस्तावेज पेश किए गए, जिनके आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा किया गया कृत्य जघन्य अपराध है और इसका समाज पर गलत प्रभाव पड़ता है। सरकारी वकील विनोद शर्मा ने बताया कि पीड़िता की मां ने 7 नवंबर 2024 को अलवर जिले के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग बेटी 6 नवंबर की रात घर पर सोई थी, लेकिन अगले दिन सुबह जब उसे चाय देने के लिए उठाया गया तो वह घर पर नहीं मिली। परिजनों को एक युवक पर शक हुआ, जब उसके घर पहुंचे तो वह भी घर से गायब था और उसकी बाइक भी नहीं मिली। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और तलाश शुरू की गई। पुलिस द्वारा बरामदगी के बाद पीड़िता ने बताया कि आरोपी उसे अपने दोस्त के साथ भिवाड़ी ले गया, जहां एक कमरे में कई दिनों तक रखा गया और दोनों आरोपियों ने उसके साथ गैंगरेप किया। मामले में पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में चालान पेश किया, जिसके बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
सरगुजा जिले के भैंसाखार में बीती शाम तेज रफ्तार यात्री बस ने बाइक सवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों युवकों को हॉस्पिटल में दाखिल किया गया। इलाज के दौरान एक युवक की मौत हो गई। दूसरे युवक का उपचार जारी है। मामला सीतापुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रविवार को कांसाबेल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नकबार बहमा निवासी राजकुमार पिता सोहन (26 वर्ष) अपने मित्र रूपेश कुजूर के साथ बजाज एवेंजर बाइक क्रमांक सीजी 11 एजे 6250 से किसी काम के लिए बीजापानी कापू गया था। दोनों शाम करीब चार बजे वापस लौट रहे थे। सामने से बस ने मारी टक्कर, एक ने तोड़ा दमसीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम भैंसाखार के पास सामने से आ रही तेज रफ्तार ताज बाबा बस क्रमांक सीजी 13 क्यू 1700 ने तेज रफ्तार में बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार उछलकर दूर जा गिरे एवं दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची एवं दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीतापुर स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान डॉक्टरों ने राजकुमार को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल रूपेश कुजूर का इलाज जारी है। घटना की सूचना पर मृतक एवं घायल के परिजन हॉस्पिटल पहुंचे। मृतक राजकुमार के शव का सोमवार को पोस्टमॉर्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। मामले में पुलिस ने बस चालक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 281, 125(ए) एवं 106(1) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। घटना के बाद बस चालक फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
सुलतानपुर में किसान सहकारी चीनी मिल को अचानक बंद करने पर पूर्व अध्यक्ष गन्ना विकास परिषद अशोक कुमार वर्मा ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस कदम को किसानों के गन्ने की पेराई रोकने और मिल को बेचने की सुनियोजित साजिश बताया। वर्मा ने बताया कि मिल ने बिना किसी पूर्व सूचना, विज्ञापन या नोटिस के पेराई कार्य बंद कर दिया। गन्ना समितियों से कोई नोड्यूज नहीं लिया गया और न ही किसानों, गन्ना विभाग के अधिकारियों या समिति पदाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई। उन्होंने इसे गन्ना खरीद आपूर्ति नियमावली का स्पष्ट उल्लंघन बताया। मिल के अचानक बंद होने से हजारों गन्ना किसान प्रभावित हुए हैं। उन्हें अब अपना गन्ना निजी मिलों या अन्य स्थानों पर कम मूल्य पर बेचना पड़ रहा है, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। वर्मा ने आरोप लगाया कि मिल की मरम्मत के लिए मिले करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया और मरम्मत कार्य नहीं कराया गया। उन्होंने कहा कि इस सत्र में मिल की गन्ना पेराई क्षमता 22 लाख क्विंटल तक थी, लेकिन इसे जानबूझकर रोका गया। वर्मा के अनुसार, चीनी मिल की 14 हेक्टेयर बहुमूल्य जमीन का बाजार मूल्य आज 250 से 300 करोड़ रुपये है। उन्होंने इस जमीन को ही मिल बंद करने का मुख्य कारण बताया। उन्होंने याद दिलाया कि बसपा सरकार के दौरान भी मिल को बेचने की प्रक्रिया शुरू हुई थी। उस समय बजाज ग्रुप, बलराम ग्रुप और जे.पी. ग्रुप जैसे बड़े उद्योगपति इसमें रुचि ले रहे थे, लेकिन किसानों, कर्मचारियों के विरोध और हाईकोर्ट में मुकदमों के कारण यह प्रक्रिया रुक गई थी। पूर्व सांसद मेनका गांधी और मुख्यमंत्री ने मिल के नवीनीकरण का आश्वासन दिया था, जो पूरा नहीं हुआ। वर्मा का सुझाव है कि मिल को चालू रखने के लिए उसके कुछ हिस्से की जमीन बेचकर नवीनीकरण किया जा सकता है। उन्होंने मिल बंद करने को किसानों के साथ अन्याय बताया। अशोक कुमार वर्मा ने मांग की है कि मिल को तत्काल चालू किया जाए, शेष गन्ने की पेराई सुनिश्चित की जाए और इस मामले में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
पिलानी पुलिस ने मण्णपुरम फाइनेंस लिमिटेड की स्थानीय शाखा में हुए एक बड़े वित्तीय घोटाले का भंडाफोड़ किया है। कंपनी के ही भरोसेमंद अधिकारियों ने पद का दुरुपयोग करते हुए नकली सोने को असली बताकर लाखों रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शाखा प्रबंधक (Branch Manager) और सहायक शाखा प्रबंधक (Assistant Branch Manager) को गिरफ्तार कर लिया है।पिलानी थानाधिकारी चंद्रभान के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों को खंगाला। इसके बाद सहायक शाखा प्रबंधक नरेन्द्र सिंह (25) पुत्र बजरंग सिंह, निवासी ढाणी देवलक्या (गुढ़ागौड़जी, झुंझुनूं) और शाखा प्रबंधक संदीप सैनी (27): पुत्र गणेशराम सैनी, निवासी श्रीमाधोपुर (सीकर) को गिरफ्तार कर लिया। ऐसे हुआ 'प्योर गोल्ड' के नाम पर बड़ा खेल पुलिस जांच और कंपनी की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रांच मैनेजर संदीप सैनी और सहायक मैनेजर नरेन्द्र सिंह ने मिलकर गबन की इस साजिश को अंजाम दिया। इन्होंने अपने पद का फायदा उठाते हुए 'अंडर स्टोन' (पत्थर लगे गहने) और पूरी तरह से नकली आभूषणों को रिकॉर्ड में असली सोना दर्शाया। आरोपियों ने अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर करीब 30,08,281 रुपये का लोन स्वीकृत कर दिया और राशि हड़प ली। ऑडिट में खुली पोल, 10 बैंक खातों ने उगला राज इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 12 अक्टूबर से 24 अक्टूबर 2025 के बीच कंपनी के ऑडिटर हेमराज मीणा और मनीष कुमार ने शाखा का निरीक्षण किया। ऑडिट में पाया गया कि कई पैकेटों में सोना गायब है या फिर उसकी शुद्धता शून्य है। इसके बाद एरिया मैनेजर लोकेश शर्मा ने 9 दिसंबर 2025 को पिलानी थाने में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने ऐसे कसा शिकंजा पिलानी थानाधिकारी चंद्रभान के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी और दस्तावेजी साक्ष्यों को खंगाला। पुलिस ने बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिससे संदिग्ध लेनदेन और आरोपियों की मिलीभगत के सबूत मिले। जांच में करीब 10 ऐसे बैंक खाते सामने आए, जिनमें लोन की यह राशि ट्रांसफर की गई थी। ये खाते आरोपियों के करीबियों के थे।एएसआई कमल सिंह ने शाखा के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की, जिसमें नकली गहनों पर लोन अप्रूव करने के पुख्ता प्रमाण मिले।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों को तीन दिन के रिमांड पर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गबन में और कौन-कौन शामिल है और गबन की गई राशि का कहां निवेश किया गया है।
बुरहानपुर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप कुमार मोजेस को सोमवार को निलंबित कर दिया गया। वे नर्मदापुरम में सीएमएचओ भी रह चुके हैं। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के एक मामले में लोकायुक्त एसपी भोपाल की सिफारिश पर की गई है। डॉ. दर्पण टोके को सिविल सर्जन का अस्थायी प्रभार सौंपा गया है। डॉ. मोजेस का निलंबन संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा भोपाल के निर्देश पर हुआ है। डॉ. दर्पण टोके को प्रभारलोकायुक्त एसपी भोपाल ने मध्य प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव से डॉ. मोजेस को निलंबित करने का अनुरोध किया था। सोमवार दोपहर कलेक्टर हर्ष सिंह ने एक पत्र जारी कर डॉ. दर्पण टोके को सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला अस्पताल बुरहानपुर का अस्थायी प्रभार आगामी आदेश तक सौंपा है। डॉ. टोके शल्य क्रिया विशेषज्ञ हैं। बता दें कि डॉ. मोजेस के खिलाफ नर्मदापुरम में पूर्व पदस्थापन के दौरान रिश्वत लेने का मामला है। राज्य सरकार ने 15 दिसंबर 2025 को उनके खिलाफ कोर्ट में अभियोजन चलाने की स्वीकृति दी थी। अब इस मामले में डॉ. मोजेस के खिलाफ न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाएगा। यह है पूरा मामला पूरा मामला रिश्वतखोरी से जुड़ा है। डॉ प्रदीप मोजेस और एक महिला संविदा लेखा प्रबंधक ने सीएमएचओ कार्यालय नर्मदापुरम में पदस्थ रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग किया था। दोनों ने सहायक ग्रेड.3 मदनमोहन वर्मा से बिल भुगतान के बदले रिश्वत की मांग की थी। यह घटना 29 अप्रैल 2022 की है। 2 मई 2022 को डॉ प्रदीप मोजेस ने 2 हजार रुपए और महिला लेखा प्रबंधक ने 3 हजार रुपए रिश्वत के रूप में लिए थे। इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया था। संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं स्तर पर गठित राज्य स्तरीय समिति की 10 नवंबर 2025 को हुई बैठक में इस प्रकरण में अभियोजन स्वीकृति की अनुशंसा की गई थी। लोकायुक्त ने पिछले दिनों लिखे अपने पत्र में मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम 1966 के नियम 9.1 बी का हवाला दिया था। जिसके अनुसार शासकीय सेवक के विरुद्ध अपराध में चालान प्रस्तुत होने पर संबंधित कर्मचारी को निलंबित किया जाना अनिवार्य है। इसके बाद उनका निलंबन हुआ है।
विश्व मिर्गी दिवस पर स्वरूप रानी नेहरू हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ एन एन गोपाल ने बताया कि मिर्गी(Epilepsy) कोई दुर्लभ नहीं, बल्कि बहुत आम बीमारी है। जो हर उम्र के बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सभी में पाई जाती है। अलग-अलग उम्र में इसके कारण भी अलग होते हैं। लेकिन समय पर इलाज से यह पूरी तरह नियंत्रित और ठीक की जा सकती है। क्या होता है मिर्गी (Epilepsy) मिर्गी (Epilepsy) केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का एक न्यूरोलॉजिकल विकार है, जिसमें मस्तिष्क में असामान्य विद्युत गतिविधि के कारण बार-बार दौरे (seizures) पड़ते हैं। इसके मुख्य लक्षणों में बेहोशी, शरीर में झटके, घूरना, मांसपेशियों में अकड़न और मानसिक उलझन शामिल हैं। इसका इलाज दवाओं (एंटी-सीज़र दवाएं) और कभी-कभी सर्जरी से संभव है। बच्चों में बढ़ती समस्या डॉक्टर के अनुसार बच्चों में मिर्गी के दौरे का सबसे बड़ा कारण दिमाग में गांठें पड़ जाना है, जो अक्सर सिस्टिसरकोसिस नामक कीड़े की वजह से होता है। पेट में मौजूद कीड़ों के अंडे कभी-कभी दिमाग में जाकर गांठ बना लेते हैं। यह समस्या खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा दिखाई देती है, जहां बच्चे नंगे पैर खेलते हैं, खेतों में जाते हैं और जमीन से गिरी चीजें बिना धोए खा लेते हैं। यह बीमारी दवाओं से पूरी तरह ठीक हो सकती है, लेकिन इलाज में लापरवाही के कारण कई बार यह बड़े होने तक बनी रहती है। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से लोग मानते हैं कि मिर्गी ठीक नहीं होती, इसलिए दौरा पड़ने पर जूते सुंघाना, प्याज सुंघाना या भूत-प्रेत का इलाज कराने जैसी गलत प्रथाएं अपनाई जाती हैं। जबकि मिर्गी एक चिकित्सीय बीमारी है। जिसका वैज्ञानिक इलाज उपलब्ध है और यदि मरीज नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवा ले, तो लगभग तीन साल तक दौरा न आने पर दवा बंद भी की जा सकती है। युवाओं और वयस्कों में मिर्गी सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ते हेड इंजरी के मामलों के कारण मिर्गी के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। डॉक्टर ने कहा कि दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क हादसे भारत में हो रहे हैं और इनसे जुड़े सिर की चोट के मामले पूरे परिवार पर आर्थिक और सामाजिक बोझ बन जाते हैं, क्योंकि अकसर घायल युवक ही घर का कमाने वाला सदस्य होता है। उन्होंने हेलमेट लगाने, नशा कर वाहन न चलाने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की।इसके अलावा दिमाग की टीबी और ब्रेन ट्यूमर को भी मिर्गी के बड़े कारणों में गिना गया। ऐसे मरीजों में ऑपरेशन के बाद भी दौरे की संभावना बनी रहती है, इसलिए उन्हें लम्बे समय तक नियमित दवा और न्यूरोलॉजिस्ट की निगरानी की जरूरत होती है। आजकल मोबाइल फोन की अत्यधिक आदत मिर्गी के मरीजों में दौरे न रुकने का अहम कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि जो मरीज इलाज के बावजूद लगातार मोबाइल पर गेम खेलते हैं, रील्स देखते हैं या स्क्रीन पर अधिक समय बिताते हैं, उनमें दौरे नियंत्रित करना कठिन हो जाता है। बच्चों को मोबाइल से दूर रखना जरूरी उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी और कहा कि मोबाइल कोई खिलौना नहीं सीमित समय तक इस्तेमाल की जाने वाली वस्तु है। प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों के बारे में डॉक्टर ने बताया कि रोजाना उनके पास पहुंचने वाले कुल न्यूरोलॉजी मरीजों में लगभग 60 से 70 होते हैं, जिन्हें मिर्गी के दौरे की समस्या रहती है। हर 1 लाख की आबादी में लगभग 2 से 2.5 व्यक्ति मिर्गी से प्रभावित पाए जाते हैं। उत्तर प्रदेश के संदर्भ में उन्होंने बताया कि करीब 50 लाख लोग मिर्गी से प्रभावित हो सकते हैं। इनमें सबसे अधिक प्रभावित वर्ग बच्चे हैं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान, सही जानकारी, नियमित दवा, सड़क सुरक्षा और मोबाइल के सीमित उपयोग से मिर्गी के बोझ को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
प्रयागराज के नैनी में दबंगों ने सरेआम गुंडई दिखाई। नैनी रेलवे स्टेशन के सामने रेस्टोरेंट में घुसकर ओनर पर थप्पड़ बरसाए। , गाली-गलौज की और गुंडा टैक्स भी मांगा। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। फिलहाल पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की है। कई साल से चला रहे हैं रेस्टोरेंट पीड़ित राजेश तिवारी का कहना है कि वह नैनी रेलवे स्टेशन के सामने कई वर्षों से रेस्टोरेंट संचालित कर रहा है। आरोप लगाया कि 8 फरवरी की रात करीब 10:35 बजे कुलदीप मिश्रा और अनिल भारतीय अपने 10–12 अज्ञात साथियों के साथ उनके रेस्टोरेंट पर पहुंचे। खाना खाने के बाद जब उन्होंने पैसे मांगे, तो सभी गाली गलौज करने लगे। हाथापाई, जान से मारने की धमकी पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने पैसे देने के बजाय उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और हाथापाई करने लगे। खुलेआम धमकी दी कि अगर दोबारा पैसे मांगे तो गोली मार देंगे। घटना के दौरान रेस्टोरेंट में मौजूद अन्य लोग दहशत में आ गए। बोले, पैसे नहीं दिए तो नहीं चलने देंगे रेस्टोरेंट राजेश का आरोप है कि दबंगों ने उनसे 2000 रुपये प्रति सप्ताह रंगदारी की मांग की। आरोपियों ने साफ शब्दों में कहा कि अगर पैसे नहीं दिए गए तो रेस्टोरेंट नहीं चलने देंगे और जान से मार देंगे। पीड़ित का कहना है कि वह इस घटना के बाद से बेहद परेशान है। SC-ST मुकदमे में फंसाने को धमकाया रेस्टोरेंट मालिक का आरोप लगाया कि आरोपियों ने यह भी धमकी दी कि उसने पुलिस में शिकायत की या रंगदारी देने से इनकार किया, तो उसे झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। इस धमकी से पीड़ित और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। CCTV फुटेज पुलिस को सौंपा पीड़ित का कहना है कि पूरी घटना रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। उसने मामले की लिखित शिकायत नैनी थाने में की है। साथ ही पुलिस को फुटेज भी सौंप दिया है। एसीपी करछना सुनील कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित शिकायत लेकर आया था। मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सान्या छाबड़ा ने सोमवार को विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण 10 फरवरी को मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत के संभावित दौरे के मद्देनजर प्रातः 10:15 बजे किया गया। इस दौरान जिला विकास कार्यालय, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, डीआरडीए, मनरेगा, एनआरएलएम, लघु सिंचाई कार्यालय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग और नेडा सहित कई कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया गया। निरीक्षण में सात कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। इनमें संविदा सहायक लेखाकार मानव कुमार, कनिष्ठ सहायक मदलसा पाण्डेय, बीएमएम विनय कुमार सिंह, कनिष्ठ सहायक विनोद कुमार, ग्राम पंचायत अधिकारी सुनीता देवी, संविदा लेखाकार रवि बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर मो. जान शामिल हैं। सीडीओ ने इन सभी अनुपस्थित कर्मचारियों का एक दिन का वेतन तत्काल प्रभाव से रोकने और उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, सीडीओ ने विकास भवन परिसर में कई सुधारों के निर्देश भी दिए। इनमें पुराना नक्शा पुनः पेंट कर पोर्टिको में लगाना, गैलरी में प्रकाश व्यवस्था में सुधार करना और सभी कर्मचारियों के लिए नेम प्लेट व सूचना बोर्ड लगाना शामिल है। उन्होंने परिसर में दोपहिया वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग सुनिश्चित करने, पीछे की रिक्त भूमि पर पौधारोपण करने, नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने और अनुपयोगी सामग्री व अभिलेखों की बीडिंग कर उनका निस्तारण करने के आदेश भी दिए। निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
इंद्रा शर्मा ने जीती केरम प्रतियोगिता:महिला वकीलों के लिए धौलपुर अभिभाषक संघ ने करवाया टूर्नामेंट
धौलपुर में अभिभाषक संघ की ओर से आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं के तहत महिला अधिवक्ताओं की केरम प्रतियोगिता संपन्न हुई। प्रतियोगिता में कुमारी इंद्रा शर्मा ने विजेता का खिताब जीता, जबकि कुमारी प्रतिमा उपविजेता रहीं। बाड़ी अभिभाषक संघ के अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह जादौन इस आयोजन के मुख्य अतिथि थे। जादौन ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार अधिवक्ता न्यायालय में पूरी शक्ति से पैरवी करते हैं, उसी प्रकार उन्हें खेलों में भी सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहिए। उन्होंने धौलपुर अभिभाषक संघ की ओर से अधिवक्ताओं के मानसिक विकास के लिए आयोजित इन प्रतियोगिताओं की सराहना की और ऐसे आयोजन प्रतिवर्ष होते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। धौलपुर अभिभाषक संघ के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ने बताया कि उनका उद्देश्य सभी वर्गों के अधिवक्ताओं के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करना है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं से इन आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर इन्हें सफल बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर धौलपुर अभिभाषक संघ के महासचिव अरविंद सिंह गुर्जर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेश त्यागी, उपाध्यक्ष हेमंत पचौरी, संयुक्त सचिव ब्रजेश सिंह बघेला, कोषाध्यक्ष विनय शर्मा, पुस्तकालय सचिव प्रशांत बघेल और ऑडिटर विवेक व्यास भी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में मोहम्मद जाकिर हुसैन, विमल शर्मा और पूजा नरसल शामिल थे।
छतरपुर में शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे और मछली माफियाओं के खिलाफ रैकवार समाज ने विरोध प्रदर्शन किया। युवा रैकवार समाज के बैनर तले समाज के सदस्यों ने पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। युवा रैकवार समाज के नेतृत्व में बड़ी संख्या में समाजजन पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। समाज ने ज्ञापन के माध्यम से शासकीय तालाबों से अवैध कब्जे हटाने, मछली माफियाओं पर कार्रवाई करने और मत्स्य पालन से जुड़ी समितियों की जांच की मांग की। शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जे का आरोप रैकवार समाज का आरोप है कि छतरपुर जिले के कई शासकीय तालाबों पर अवैध कब्जा किया गया है, जिससे पारंपरिक मछुआरों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। समाज ने आरोप लगाया कि कुछ मछली पालन से जुड़ी समितियां नियमों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को लाभ पहुंचा रही हैं, जिससे वास्तविक मछुआरा समाज को नुकसान हो रहा है। सभी तालाबों की निष्पक्ष जांच की मांग ज्ञापन में जिले के सभी शासकीय तालाबों की व्यापक और निष्पक्ष जांच कराने, अवैध कब्जे तुरंत हटाने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई। रैकवार समाज ने प्रशासन को एक माह के भीतर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है। रैकवार समाज के नेता एवं वार्ड पार्षद दिलीप (पल्ली) रैकवार ने चेतावनी दी कि यदि एक माह में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक आंदोलन करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
बलरामपुर जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने रविवार को जनपद के 14 थानों और रिजर्व पुलिस लाइंस के अंतर्गत कार्यरत 152 ग्राम प्रहरी/ग्राम चौकीदारों को साइकिलें वितरित कीं। इस पहल से उनकी कार्यक्षमता और गति में वृद्धि होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ग्राम प्रहरी पुलिस व्यवस्था की रीढ़ हैं। ग्राम स्तर पर अपराध नियंत्रण और सामुदायिक पुलिसिंग में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। साइकिल वितरण का मुख्य उद्देश्य ग्राम प्रहरियों की कार्यक्षमता बढ़ाना, उनके स्वास्थ्य को बेहतर रखना और मनोबल को ऊंचा बनाए रखना है। पुलिस अधीक्षक ने ग्राम प्रहरियों को सूचना तंत्र का मजबूत केंद्र बताते हुए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहें, आपराधिक तत्वों पर पैनी नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित थाने को दें। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि टॉर्च भत्ता, टॉर्च बैटरी भत्ता और अन्य आवश्यक सुविधाएं ग्राम प्रहरियों को समय पर उपलब्ध कराई जाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उन्हें अपने कर्तव्यों के निर्वहन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। कुल 152 साइकिलें कोतवाली नगर, कोतवाली देहात, गौरा चौराहा, ललिया, हर्रैया, महाराजगंज तराई, पचपेड़वा, तुलसीपुर, कोतवाली गैसड़ी, कोतवाली उतरौला, श्रीदत्तगंज, गैड़ास बुजुर्ग, रेहरा बाजार, सादुल्लानगर और रिजर्व पुलिस लाइंस के ग्राम प्रहरियों को वितरित की गईं। बैठक में एसपी ने पुनः स्पष्ट किया कि अपराध की रोकथाम तभी संभव है जब गांव-गांव तक पुलिस की सक्रिय मौजूदगी हो, जिसमें ग्राम चौकीदारों की भूमिका सबसे अहम है। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय, क्षेत्राधिकारी उतरौला राघवेन्द्र प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी ललिया डी.के. श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
उज्जैन में 11 से 16 फरवरी तक प्रदेश स्तरीय महाकाल वन मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, जड़ी-बूटियों और वन उत्पादों को एक मंच पर लाना है। यह मेला दशहरा मैदान पर आयोजित होगा, जिसकी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। डोम और पवेलियन लगाए जा रहे हैं। यह वन मेला प्रदेश में उपलब्ध जड़ी-बूटियों, आयुष आधारित उपचार पद्धतियों और पारंपरिक औषधीय ज्ञान को आमजन तक पहुंचाने के लिए आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले भोपाल में कई वर्षों तक इस तरह के मेले का आयोजन होता रहा है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर अब उज्जैन जैसे धार्मिक और पौराणिक नगर में इसका आयोजन किया जा रहा है। 200 से अधिक स्टॉल्स लगेंगे मेले में पूरे प्रदेश और देश से उत्पाद आएंगे। इसमें प्रदेश भर के वन धन केंद्र, स्वयं सहायता समूह और निजी स्टॉल्स शामिल होंगे। यहां आयुर्वेदिक, हर्बल उत्पाद, मिलेट्स आधारित खाद्य सामग्री, पारंपरिक खान-पान से जुड़े उत्पाद और वन उपज से बने सामान प्रदर्शित किए जाएंगे। असम सहित अन्य राज्यों की औषधीय वनस्पतियां भी मेले का हिस्सा होंगी। महाकाल वन मेले में 200 से अधिक स्टॉल्स लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 50 से अधिक आयुर्वेदिक चिकित्सक निशुल्क चिकित्सा परामर्श शिविर के माध्यम से लोगों को आयुर्वेद से जुड़े रोगों की जानकारी और उपचार प्रदान करेंगे। खास फूड जोन भी तैयार होगा मेले में एक विशेष फूड जोन भी तैयार किया जाएगा, जहां प्रदेश के विभिन्न अंचलों के पारंपरिक व्यंजन उपलब्ध होंगे। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए औषधीय पौधों, उनके गुणों और उपयोग की जानकारी भी दी जाएगी। उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रदेश स्तरीय महाकाल वन मेला केवल उत्पादों के प्रदर्शन का मंच नहीं होगा, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगा। वन उपज आधारित उत्पादों के माध्यम से लोगों को नए अवसर मिलेंगे।
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के निर्देशानुसार 13 फरवरी को अयोध्या जनपद के बीकापुर विधानसभा में मनरेगा बचाओ संग्राम पदयात्रा निकाली जाएगी, पद यात्रा में पड़ने वाले बाजारों में कांग्रेस पार्टी नुक्कड़ सभा भी आयोजित करेगी।जिला कांग्रेस प्रवक्ता शीतला पाठक ने बताया कि कांग्रेस पार्टी के जिला अध्यक्ष चेतनारायण सिंह ने जनपद के समस्त पदाधिकारी, फ्रंटल संगठनों के अध्यक्ष उनके पदाधिकारी, एआईसीसी सदस्य, पीसीसी सदस्य एवं जनपद के वरिष्ठ कांग्रेस जन इस पदयात्रा में शामिल होने की अपील किया है। उन्होंने बताया यह पदयात्रा रामपुर भगन बाजार से प्रातः 11:00 बजे शुरू होकर ग्राम मीतनपुर, गूंथौर, वासुदेवपुर, दशरथपुर चौराहा, पूरे बजाज, पिपरी चौराहा, जलालपुर तिराहा, चांदपुर शुक्लैया, तेंदुआ माफी, तहसील मुख्यालय बीकापुर में सभा के उपरांत पदयात्रा का समापन किया जाएगा। इन गांवों के चौराहों पर भाजपा की मोदी सरकार द्वारा मनरेगा कानून बदलने के संदर्भ में नुक्कड़ सभाओं व संपर्क के माध्यम से जन जागरूक किया जाएगा।
मैनपुरी के करहल थाना क्षेत्र में एक महिला ने गंभीर मारपीट के मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और लगातार मिल रही धमकियों को लेकर जिलाधिकारी से शिकायत की है। यह घटना तीन महीने पहले हुई थी। करहल थाना क्षेत्र के नगला चक गांव निवासी सुनीता देवी ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 31 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 8 बजे कूड़ा डालने की जगह को लेकर गांव के कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया था। आरोप है कि विवाद के दौरान विपक्षियों ने उनके घर में घुसकर सुनीता देवी और उनके ससुर के साथ मारपीट की। इस हमले में सुनीता देवी के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिनमें 25 टांके लगे। उनका दाहिना हाथ भी फ्रैक्चर हो गया, जो अब तक ठीक नहीं हुआ है। वहीं, उनके ससुर के दो दांत टूट गए और शरीर में कई अन्य चोटें आईं। पीड़िता का कहना है कि घटना की सूचना थाना करहल में दी गई थी, जिसके बाद मुकदमा दर्ज कर लिया गया। हालांकि, एफआईआर में न तो घर में घुसकर हमला करने की धाराएं जोड़ी गईं और न ही हाथ में हुए फ्रैक्चर की गंभीरता को दर्शाया गया। आरोप है कि घटना को तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने किसी भी नामजद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और पीड़िता व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा है कि वे जेल जाने से पहले किसी बड़ी वारदात को अंजाम देंगे। इससे पीड़िता और उसका परिवार भय के माहौल में जीने को मजबूर है। पीड़िता ने बताया कि आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका जिला एवं सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है, इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस द्वारा कुर्की की कार्रवाई की केवल औपचारिक मुनादी कराई गई, लेकिन वास्तविक कार्रवाई आज तक नहीं की गई है। इस संबंध में थाना प्रभारी महाराज सिंह भाटी ने बताया 31 अक्टूबर की घटना है। करहल थाने पर मुकदमा पंजीकृत है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है। जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
लाइन बनाते समय करंट से बिजलीकर्मी की मौत:गोरखपुर में परिजनों ने सड़क जाम कर किया हंगामा, लगाए आरोप
गोरखपुर में तिवारीपुर उपकेंद्र पर तैनात संविदा कर्मी राजू की 11 केवी हाई टेंशन लाइन पर काम के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। राजू को लाइन से संबंधित कार्य के लिए खंभे पर चढ़ाया गया था। काम शुरू करते ही अचानक लाइन में करंट आने से उसे तेज झटका लगा और वह बुरी तरह झुलस गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद सहकर्मियों ने किसी तरह राजू को नीचे उतारा और तत्काल सदर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की पुष्टि होते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। मौत की खबर से भड़के परिजन संविदा कर्मी की मौत की सूचना मिलते ही उसके परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन गुस्सा भी साफ नजर आया। उन्होंने घटना को हादसा नहीं बल्कि विभागीय लापरवाही का नतीजा बताया। परिजनों का आरोप है कि 11 केवी जैसी जानलेवा लाइन पर काम कराने से पहले न तो पूरी तरह शटडाउन लिया गया और न ही जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए। उनका कहना है कि संविदा कर्मियों से दबाव में खतरनाक काम कराया जाता है और सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज किया जाता है। अस्पताल के बाहर सड़क जाम मौत से आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल के बाहर सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने का भी विरोध किया और पहले मुआवजा तथा जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। मामले में बक्शीपुर खंड के अधिशासी अभियंता अतुल रघुवंशी ने बताया कि संविदा कर्मी को करंट का झटका लगा था और उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, लाइन पर काम के समय शटडाउन और सुरक्षा इंतजामों को लेकर विभाग की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया।
जिले की प्रभारी सचिव रुक्मणि रियार ने सोमवार को हिंडोली पंचायत समिति सभागार में विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने इस दौरान आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का भी अवलोकन किया। प्रभारी सचिव ने केंद्र और राज्य सरकार की फ्लैगशिप व अन्य विभागीय योजनाओं में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति हासिल करने के निर्देश दिए, ताकि आमजन को समय पर लाभ मिल सके। बैठक में प्रभारी सचिव ने कृषि विभाग की 'तारबंदी योजना' की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजना के लक्ष्यों, प्राप्त आवेदनों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृतियों और जारी किए गए अनुदान की जानकारी ली। इसके साथ ही 'फार्म पोंड योजना' की उपलब्धियों का भी जायजा लिया गया। उद्यान विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रभारी सचिव ने किसानों के लिए शेड नेट लगाने के कार्य और 'आत्मनिर्भर भारत अभियान' पर विशेष जोर दिया। उन्होंने 'प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण योजना' के तहत खाद्य उद्योग स्थापित करने वाले लाभार्थियों को अनुदान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता तत्परता से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने सहकारिता विभाग द्वारा संचालित 'किसान क्रेडिट कार्ड' (केसीसी) और 'सहकार किसान योजना' सहित अन्य योजनाओं में विशेष ध्यान देते हुए प्रगति लाने को कहा। उन्होंने 'मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना' के तहत निर्धारित लक्ष्यों के विरुद्ध वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और इसे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने के निर्देश दिए। 'प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना' की समीक्षा करते हुए जिला प्रभारी सचिव ने अधिक से अधिक मत्स्य पालकों को योजना से जोड़ने और लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने का कार्य) पूरी तरह से विभागीय नियमों के तहत ही होना चाहिए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। ग्राम उत्थान शिविर का किया अवलोकनइस दौरान जिला प्रभारी सचिव ने हिण्डोली पंचायत समिति परिसर में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया और यहां किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा शिविर में आमजन को अब तक उपलब्ध कराए गए कल्याणकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली और शिविर की प्रगति के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने लाभार्थियों को मंगला पशु बीमा पॉलिसी, आर्थिक सहायता राशि के चैक भी प्रदान किए। इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि वर्मा, उपखंड अधिकारी हिंडोली शिवराज मीणा, तहसीलदार हिंडोली रतन लाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:हसनगंज में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे सर्विस लाइन पर हादसा
हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के ताला सराय गांव के पास लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की सर्विस लाइन पर एक तेज रफ्तार पिकअप ने बाइक सवार युवक को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। मृतक की पहचान ताला सराय गांव निवासी 25 वर्षीय रिंकू पुत्र बिरजू उर्फ बृजलाल के रूप में हुई है। सोमवार शाम करीब 4 बजे रिंकू अपनी बाइक से शाहपुर तोदा मार्केट जा रहा था। जब वह सर्विस लाइन पर ताला सराय गांव के पास पहुंचा, तभी मटेरिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसकी बाइक में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे के बाद रिंकू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रिंकू अपने तीन भाइयों में मंझला था; पिंटू सबसे बड़ा और रामबाबू सबसे छोटा अविवाहित है। रिंकू की शादी चार वर्ष पूर्व हुई थी। उसके परिवार में पत्नी अंजू, मां राजरानी और दो वर्षीय बेटी खुशबू हैं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। इस संबंध में कोतवाल शरद कुमार ने बताया कि पिकअप की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हुई है। पुलिस ने टक्कर मारने वाले पिकअप को कब्जे में ले लिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
डीडवाना के निकटवर्ती ग्राम बड़ी छापरी स्थित केसरिया कंवर जी महाराज मंदिर परिसर में एक हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन, युवा और मातृशक्ति ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों को त्यागने और आंतरिक सुधार पर बल देना था। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शास्त्री गजेंद्र गोपाल महाराज ने अपने संबोधन में हिंदू समाज में व्याप्त कुरीतियों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आंतरिक सुधार और सकारात्मक परिवर्तन की आवश्यकता पर बल दिया। महाराज ने कहा कि समाज की मजबूती के लिए संगठित रहना, संस्कारों को अपनाना और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है। महाराज ने युवाओं को शिक्षित, संस्कारवान और राष्ट्रहित में समर्पित बनने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग ही धर्म और समाज की उन्नति का आधार है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वे परंपराओं की मूल भावना को समझें और कुरीतियों का त्याग करें।सम्मेलन में उपस्थित श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ लिया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। ग्रामीणों ने इस आयोजन को सामाजिक एवं वैचारिक जागृति की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
अतिक्रमण हटाने के दौरान हमला, 15 गिरफ्तार:राजस्व अधिकारियों पर हमला कर सरकारी काम में बाधा डाली थी
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रामचंद्रपुर थाना क्षेत्र में शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना रामचंद्रपुर में अपराध दर्ज किया गया था। रामचंद्रपुर के तहसीलदार अश्वनी चंद्रा ने 11 दिसंबर 2025 को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। जानिए पूरा मामला शिकायत के मुताबिक, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के आदेश पर 9 दिसंबर 2025 को बालक छात्रावास रामचंद्रपुर की भूमि पर किए गए अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इस दौरान तहसीलदार, नायब तहसीलदार, पटवारी और अन्य राजस्व कर्मचारियों के साथ पुलिस बल भी मौके पर मौजूद था। कार्रवाई के समय, अवैध कब्जाधारियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की। उन्होंने लाठी-डंडों से हमला करने का भी प्रयास किया। आरोपियों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने करीब दो घंटे तक अधिकारियों को घेरकर रखा और सड़क जाम कर सरकारी काम में गंभीर बाधा उत्पन्न की। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार चल रहे थे और पुलिस जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। रामचंद्रपुर पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश कर रही थी। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 09 फरवरी 2026 को कार्रवाई करते हुए सभी 15 फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और आवश्यक साक्ष्य संकलन के बाद, गिरफ्तार किए गए आरोपियों के परिजनों को सूचित किया गया। इसके बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 12 फरवरी को जिला मुख्यालय के गांधी पार्क में किसान महापंचायत और प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। इस विरोध प्रदर्शन में विकासखंड पूरा बाजार से सैकड़ों किसान शामिल होने के लिए पहुंचेंगे। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव घनश्याम वर्मा एडवोकेट ने विकासखंड परिसर में आयोजित किसान पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि यह व्यापारिक समझौता भारत के किसानों को बर्बाद कर देगा। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार अपने किसानों को भारत की तुलना में 267 गुना अधिक सब्सिडी देती है, जिससे उनकी लागत कम हो जाती है। वर्मा ने आगे कहा कि भारत में जीरो टैरिफ होने के कारण अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजारों में सस्ते दामों पर बिकेंगे। इसके विपरीत, भारतीय उत्पादों की लागत अधिक होने के बावजूद वे महंगे दामों पर नहीं बिक पाएंगे, जिससे देश का किसान कंगाल हो जाएगा। घनश्याम वर्मा ने मांग की कि भारत सरकार को सबसे पहले भारतीय किसानों को फसलों के लाभकारी मूल्य और अमेरिका के बराबर सब्सिडी व सुविधाएं देकर उन्हें अमेरिका से मुकाबला करने के लिए तैयार करना चाहिए, उसके बाद ही कोई समझौता करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार भारतीय कृषि को घाटे का सौदा बनाकर किसानों को कृषि भूमि बेचने पर मजबूर करना चाहती है, ताकि पूंजीपतियों को कृषि भूमि और सस्ता श्रम उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि इसे होने नहीं दिया जाएगा और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिला अध्यक्ष राम गणेश मौर्य ने संगठन की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि गांव कमेटियों को सशक्त करते हुए किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूती से आंदोलन करना आवश्यक है। उन्होंने 12 फरवरी को गांधी पार्क (निकट रोडवेज) में होने वाली पंचायत और प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की। इस पंचायत को जिला उपाध्यक्ष भागीरथी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष पूरा रामवचन भारती, ब्लॉक अध्यक्ष माया जगदीश यादव, विवेक पटेल, पंकज सिंह, राम सिधार यादव, राजाराम यादव, बनवारी लाल, सरोज वर्मा, संगीता देवी और शीला देवी सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया।
रिहंद डैम में नाव से गिरा युवक लापता:वीडियो बनाते समय डूबा, एसडीआरएफ ने शुरू किया रेस्क्यू
सिंगरौली जिले के रिहंद डैम में सोमवार दोपहर एक 18 वर्षीय युवक नाव से गिरकर लापता हो गया। युवक की पहचान संतोष कुमार शाह के रूप में हुई है। घटना के बाद से जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। जानकारी के अनुसार, संतोष अपने पांच दोस्तों के साथ बैढ़न थाना क्षेत्र के बलियरी इलाके में स्थित डैम घूमने आया था। सभी दोस्त एक स्थानीय मछुआरे की नाव में सवार होकर डैम के भीतर घूमने निकले थे। नाव जब किनारे से करीब आधा किलोमीटर दूर पहुंच गई, तब संतोष नाव पर खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बना रहा था। उसके दोस्त संजय कुमार ने बताया कि संतोष सोशल मीडिया के लिए वीडियो बना रहा था। इसी दौरान नाव चला रहे मछुआरे ने स्टेयरिंग घुमाई, जिससे संतोष का संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे डैम के पानी में गिर गया। संजय कुमार ने बताया कि उसने संतोष को बचाने के लिए तुरंत पानी में छलांग लगा दी। हालांकि, पानी की अधिक गहराई के कारण संतोष का हाथ छूट गया और वह कुछ ही पलों में पानी के भीतर समा गया। इसके बाद नाव किनारे पहुंची और दोस्तों ने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बैढ़न थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। एसडीआरएफ की टीम को बुलाकर रिहंद डैम में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया है। गोताखोरों की मदद से युवक की तलाश जारी है, लेकिन पानी की अत्यधिक गहराई रेस्क्यू अभियान में बाधा बन रही है। संतोष के पिता राम सजीवन शाह ने बताया कि संतोष उनके साथ मिलकर दूध का व्यापार करता था। परिवार में तीन संताने हैं, जिनमें संतोष सबसे छोटा बेटा था। परिजनों के अनुसार संतोष इंस्टाग्राम पर रील बनाने का शौक रखता था और अक्सर जोखिम भरे वीडियो बनाता रहता था। परिजनों का कहना है कि इसी शौक के चलते यह हादसा हुआ।
गाजियाबाद में कृषि भूमि सर्किल रेट नहीं बढ़े:किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल को सौंपा ज्ञापन
गाजियाबाद में कृषि भूमि के सर्किल रेट न बढ़ने से नाराज किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल को ज्ञापन सौंपा। हरनंदिपुरम किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में किसान मेरठ मंडल कार्यालय पहुंचे और अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। किसानों ने मंडलायुक्त मेरठ मंडल के नाम से अपर आयुक्त अमित कुमार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि वे लंबे समय से परेशान हैं और अपनी बात सीधे मंडलायुक्त से मिलकर रखना चाहते हैं। इसके बाद किसान संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी से मुलाकात की। किसानों के प्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले दस वर्षों में गाजियाबाद की कृषि भूमि के सर्किल रेट केवल दो या तीन बार ही बढ़ाए गए हैं। अजय चौधरी ने जानकारी दी कि पिछले साल सर्किल रेट बढ़े थे, लेकिन इस साल जिला प्रशासन ने जीडीए के निर्देश पर पूरे जिले के कृषि भूमि सर्किल रेट रोक दिए हैं। किसानों ने जीडीए की हरनंदिपुरम आवासीय योजना पर भी आपत्ति जताई। दक्ष नागर मथुरापुर ने आरोप लगाया कि जीडीए किसानों के साथ तानाशाही रवैया अपना रहा है और शासन को गलत रिपोर्ट भेज रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसान इस कीमत पर अपनी जमीन देने को तैयार नहीं हैं और इस संबंध में अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। एडवोकेट इंदरपाल ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों का शोषण कर रहा है। मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने किसानों की समस्याओं को ध्यान से सुना और आश्वासन दिया कि वे इस मामले में जिलाधिकारी और जीडीए उपाध्यक्ष से बात करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के साथ किसी भी तरह का सौतेला व्यवहार नहीं होने दिया जाएगा। इस अवसर पर कृष्ण पाल चौधरी, पप्पू प्रधान, इंद्रपाल चौधरी, केके त्यागी, वीर सिंह नागर, राजू चौधरी, राजेंद्र चौधरी, लोकेंद्र चौधरी, ओमपाल शर्मा, गौतम चौधरी, मनीष नागर, ओमवीर चौधरी सहित सैकड़ों किसान और युवा उपस्थित थे।
सतना के धारकुंडी आश्रम के संस्थापक परमहंस स्वामी सच्चिदानंद महाराज को सोमवार दोपहर 3 बजे समाधिलीन किया गया। आश्रम परिसर में निर्माणाधीन नए मंदिर के हॉल में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्हें सिंहासन पर विराजित कर समाधि दी गई। यह प्रक्रिया पूरे धार्मिक वातावरण और श्रद्धा के भाव के साथ संपन्न हुई। समाधि कार्यक्रम में वैदिक रीति-रिवाज के अनुसार सभी अनुष्ठान पूर्ण किए गए। सुबह से ही आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं और अनुयायियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी। स्वामी सच्चिदानंद महाराज की पार्थिव देह को ध्यान मुद्रा में विराजित कर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर अपने गुरुदेव के दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को सीएम और डिप्टी सीएम अंतिम दर्शन करने पहुंचेपरमहंस सच्चिदानंद महाराज के ब्रह्मलीन होने की खबर के बाद रविवार से ही धारकुंडी आश्रम में देशभर से भक्त पहुंच रहे थे। रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री और अन्य जनप्रतिनिधियों ने देर रात तक गुरु महाराज के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी। सोमवार को भी आश्रम के निचले तल पर स्वामी जी की पार्थिव देह अंतिम दर्शन के लिए रखी गई थी। हजारों भक्तों के पहुंचने के कारण प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण के लिए आश्रम से 2 किलोमीटर पहले बैरिकेड लगाकर वाहनों का प्रवेश बंद कर दिया था। गुरु के अंतिम दर्शन के लिए भक्त पैदल आश्रम तक पहुंचे। कई परिवार छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर आश्रम तक पहुंचे। दोपहर 1 बजे के बाद वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समाधि यात्रा निकाली गई, जिसके बाद उन्हें समाधिलीन किया गया।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने सोमवार को डीग में नगर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अलीपुर (आदिबद्री धाम) में एक वृहद पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। 65.55 लाख रुपए की लागत वाली इस परियोजना की आधारशिला वैदिक मंत्रोच्चार और साधु-संतों की उपस्थिति में रखी गई। यह परियोजना राज्य सरकार की 'हर घर जल' परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक कदम है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस परियोजना के तहत ग्राम अलीपुर में 1 लाख लीटर क्षमता का आरसीसी उच्च जलाशय बनाया जाएगा। इसके अलावा जलापूर्ति को सुचारू बनाने के लिए 200 एमएम व्यास का नलकूप खनन और एक विस्तृत पाइपलाइन नेटवर्क भी स्थापित किया जाएगा।इससे क्षेत्र में दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित होगी। स्थानीय निवासियों और आदिबद्री धाम आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो सकेगा, जिससे उनकी मूलभूत आवश्यकता पूरी होगी। अधिकारियों ने ढाई महीने में काम पूरा करने का दिया आश्वासनशिलान्यास समारोह के दौरान मंत्री बेढ़म ने विभागीय अधिकारियों और संवेदकों को कार्य में किसी भी प्रकार की देरी न करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने मंत्री को आश्वस्त किया कि निर्धारित 6 माह की समय सीमा के बजाय, परियोजना को युद्धस्तर पर काम करते हुए मात्र ढाई माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसका उद्देश्य ग्रीष्मकाल से पहले श्रद्धालुओं को परियोजना का लाभ पहुंचाना है। 'यह परियोजना केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं'जनसमूह को संबोधित करते हुए बेढम ने कहा कि यह परियोजना केवल कंक्रीट का निर्माण नहीं, अपितु क्षेत्रवासियों, विशेषकर मातृशक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में हमारी सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण है। प्रदेश सरकार अंत्योदय के मूल मंत्र और हर घर जल, हर घर खुशहाली के संकल्प के साथ निरंतर विकास पथ पर अग्रसर है। कार्यक्रम का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना और शिलान्यास पट्टिका के अनावरण के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य साधु-संतों ने पूजा संपन्न कराई और मंत्री को आशीर्वाद प्रदान किया।
मुरादाबाद के गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाइयों द्वारा सड़क सुरक्षा एवं ज़ीरो फैटेलिटी विषय पर एक दिवसीय शिविर आयोजित किया गया। यह इस श्रृंखला का तीसरा शिविर था। शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं ने बस्ती क्षेत्र में जाकर राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने राहवीर योजना तथा कैशलेस उपचार योजना की विस्तृत जानकारी भी दी। स्वयंसेविकाओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बच्चों और स्थानीय लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश भी दिया। कॉलेज की प्राचार्या प्रोफेसर चारु मेहरोत्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही और नियमों की अनदेखी से कई बहुमूल्य जीवन असमय समाप्त हो जाते हैं। प्रोफेसर मेहरोत्रा ने राहवीर योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह उन नागरिकों को सम्मानित करने की पहल है जो दुर्घटना पीड़ितों की सहायता के लिए आगे आते हैं। कैशलेस उपचार योजना के तहत दुर्घटना पीड़ितों को सरकारी और निजी अस्पतालों में तत्काल व निशुल्क उपचार की सुविधा मिलती है। मुख्य अनुशासिका प्रो. किरण साहू ने कहा कि सड़क सुरक्षा आज के समय का अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है और ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लोगों को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में शारफ़ा ने प्रथम, अतूफा ने द्वितीय तथा नेहा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रो. सुधा सिंह एवं डॉ. प्रीति पांडे ने प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन एनएसएस की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सविता अग्रवाल ने किया। इस दौरान प्रो. सीमा गुप्ता एवं डॉ. सीमा रानी का विशेष सहयोग रहा। निहा, मारिया, पायल, मुस्कान, हुजैफा, वंशिका, निमत सहित कई अन्य स्वयंसेविकाएं कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
शिवपुरी जिले में सोमवार को बैंक धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। ग्राम सिंहनिवास निवासी किसान करमवीर जाट ने अपने परिचित सुमित कथूरा पर 4 लाख 80 हजार रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। आरोप है कि सुमित ने चेक चोरी कर फर्जी हस्ताक्षर से यह रकम निकाली है। करमवीर जाट के अनुसार, उनका आईसीआईसीआई बैंक की शिवपुरी शाखा में ओडी (ओवरड्राफ्ट) खाता है। उन्हें शनिवार को बैंक से पता चला कि शुक्रवार को एक चेक के माध्यम से उनके खाते से 4,80,000 रुपए निकाल लिए गए हैं। बैंक ने बताया कि यह राशि सुमित कुमार कथूरा ने निकाली है, जो सोनीपत (हरियाणा) के ग्राम कथूरा का निवासी है। घर में चेक गायब मिलेघर जाकर चेकबुक देखने पर करमवीर जाट को 16 चेक गायब मिले। इसके बाद उन्हें संदेह हुआ कि पूर्व में उनके घर आए रिश्तेदार सुमित कथूरा ने चेक चोरी किए और उनमें से एक चेक पर फर्जी हस्ताक्षर कर यह रकम निकाल ली। पीड़ित ने आरोपी से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद आ रहा है। करमवीर जाट ने तत्काल बैंक को सूचित कर शेष 15 चेकों का भुगतान रुकवाया। उन्होंने साइबर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित ने शिवपुरी पुलिस अधीक्षक से इस मामले में प्रकरण दर्ज कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी राशि वापस दिलाने की मांग की है।
बहराइच के रुपईडीहा में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) 42वीं वाहिनी ने हैदराबाद लूटकांड के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन नेपाली युवकों के पास से लूटे गए करोड़ों रुपए के जेवरात भी बरामद किए गए हैं। एसएसबी 42वीं वाहिनी के कमांडेंट गंगा सिंह उदावत ने बताया कि 6 फरवरी को हैदराबाद के जुबली हिल्स थाना क्षेत्र में एक बड़ी लूट हुई थी। हैदराबाद पुलिस ने अलर्ट जारी कर बताया था कि दो नेपाली नागरिक लाखों रुपए के जेवरात लूटकर भारत-नेपाल सीमा के रास्ते नेपाल भागने की कोशिश कर रहे हैं। इस सूचना के बाद रुपईडीहा सीमा पर चेकिंग अभियान चलाया गया। 8 फरवरी को हैदराबाद पुलिस की एक टीम भी रुपईडीहा पहुंची। एसएसबी और हैदराबाद पुलिस के संयुक्त अभियान में दोनों संदिग्धों को सीमा क्षेत्र में पहचान कर पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्ण चंद्र (23 वर्ष) पुत्र मन बहादुर चंद्र और भूपेंद्र शाही (19 वर्ष) पुत्र शेर बहादुर शाही के रूप में हुई है। ये दोनों नेपाल के दैलेख जिले के निवासी हैं। तलाशी में आरोपियों के पास से लाखों रुपए मूल्य के सोने के जेवरात बरामद हुए, जिनमें हीरे जड़े आभूषण भी शामिल हैं। एसएसबी ने बरामद सामान को जब्त कर दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में सौंप दिया। हैदराबाद पुलिस के इंस्पेक्टर कविउद्दीन और आरक्षी विजय कुमार पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रुपईडीहा पहुंचे थे। बाद में, विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों और बरामद जेवरात को हैदराबाद पुलिस को सौंप दिया गया।
अमरोहा में गोकशी कांड के दो आरोपी गिरफ्तार:नौगावां सादात पुलिस ने दो दिन बाद किया खुलासा, एक फरार
अमरोहा के नौगावां सादात थाना क्षेत्र में दो दिन पहले मिले गोवंशीय अवशेष मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस संबंध में पुलिस ने दो शातिर गौतस्करों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से पशु कटान में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। यह घटना 7 फरवरी 2026 को धनौरा-अमरोहा रोड पर निजामपुर गर्वी के पास हुई थी, जहां सड़क किनारे गोवंशीय अवशेष मिले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस की मदद से पुलिस ने ग्राम सैदपुर इम्मा निवासी शौकीन और अब्दुल रहीम उर्फ रहीश उर्फ ढबरा को नौगावां तगा कमालपुर चौराहे से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने आवारा गोवंशीय पशुओं का वध कर उनका मांस बेचने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर पहले से करीब एक दर्जन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। उनका एक साथी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। पुलिस का दावा है कि फरार आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा रहा है।
रेवाडी में पेटीएम का डिलीवरी ब्वॉयज मोटर चोर गिरोह का सदस्य निकला। गुरुग्राम का रहने वाला आरोपी दिन में नौकरी और रात में चोरी करता था। पुलिस को खेतों से मोटर चोरी के 24 मामलों में आरोपी की तलाश थी। आरोपी सुमित को कोर्ट से दो दिन के रिमांड पर लिया है। पुलिस को उसके दूसरे साथी की तलाश है। दोनों आरोपी गुरुग्राम के नानकपुरा के रहने वाले हें। चोरी के 24 मामलों में थी आरोपी की तलाश डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि रामगढ़ का इ्ंद्रजीत खेतों की रखवाली करता है। 8 फरवरी को उसने दो युवकों को खेतों में देखा। पुलिस ने मौके से गुरुग्राम के नानकपुरा निवासी सुमित को गिरफ्तार किया है। सुमित ने नानकपुरा के कर्मबीर के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। सदर थाना में 2024-25 में मोटर चोरी के 24 मामलों में आरोपियों की तलाश थी। आरोपी के पास एक चोरी की बाइक और एक मोटर मिली है। खंगाला जा रहा आपराधिक रिकार्ड उन्होंने बताया कि सदर थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ आरोपी को रामगढ़ के पास से गिरफ्तार किया है। आरोपी का आपराधिक रिकार्ड खंगलाने के लिए पुलिस थानों से संपर्क साधा जा रहा है। रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी की वारदातों के साथ इनके दूसरे साथियों का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। नशे के लिए करता था चोरी डीएसपी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपी नशे का आदी है। अपनी नशे की लत पूरी करने के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। दिन में पेटीएम की डिलीवरी करता था और रात को खेतों से मोटर चोरी। जिन्हें बेचकर अपने लिए नशीले पदार्थ खरीदता था। आरोपी के पास मोटरसाइकिल भी चोरी की मिली है।
बूंदी ब्लॉक की हटीपुरा पंचायत के दौलतपुरा गांव में कांग्रेस ने 'मनरेगा बचाओ संग्राम' कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर एक कार्यकर्ता सम्मेलन के रूप में संपन्न हुआ। सम्मेलन में बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा, कांग्रेस जिला अध्यक्ष महावीर मीणा, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल और पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा मुख्य वक्ता थे। कार्यकर्ताओं और आमजनों ने अतिथियों का स्वागत किया। बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने कार्यकर्ताओं और आमजन से आगामी पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों में कांग्रेस की विचारधारा वाले और विकास को प्राथमिकता देने वाले उम्मीदवार को वोट देने की अपील की। शर्मा ने बूंदी विधानसभा क्षेत्र और पूरे बूंदी जिले की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सांसद ओम बिरला देश के सर्वोच्च पद पर होने के बावजूद बूंदी विधानसभा क्षेत्र में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल नहीं कर पाए हैं। उन्होंने पिछली सरकार के दौरान हुए विकास कार्यों का भी जिक्र किया। विधायक शर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार को लगभग दो-तीन वर्ष हो चुके हैं, लेकिन बूंदी विधानसभा क्षेत्र के किसी भी गांव में विकास कार्यों के लिए कोई नया फंड जारी नहीं किया गया है। उन्होंने मनरेगा योजना को ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार नाम और स्वरूप बदलने के बहाने इसे बंद कर गरीबों की आजीविका छीनने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस गरीबों की है भाजपा अमीरों की है: मीणाकांग्रेस जिला अध्यक्ष महावीर मीणा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी गरीब अन्य पिछड़ा वह शोषण परिवारों की सरकार है और भारतीय जनता पार्टी अमीरों धन्नासेठों की सरकार है। गरीब लोगों का जो काम का अधिकार मनरेगा योजना के तहत मिला उस अधिकार को भी छीनना चाह रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी हर गरीब अन्य पिछड़ा वर्ग शोषित परिवारों के साथ है। हम अब जिले में सभी गांवों में मनरेगा संग्राम बचाव के तहत कार्यक्रम कर आमजन को जागरूक करने का लगातार काम कर रहे हैं। जन विरोधी सरकार जल्द हटने वाली है: गुंजललोकसभा कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद गुंजल ने कहा कि यह सरकार जन विरोधी है, जो जल्द हटने वाली है। यह सरकार अमीरों की सरकार है, जिसको गरीब अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों से कोई मतलब नहीं है। इसको तो इनको लाचार बनाकर चुनाव के टाइम में पैसा का लाभ देकर वोट लेने का स्वार्थ है। देश के हालात जो आज हुए हैं वह आजादी के पूर्व से अभी तक कभी नहीं हुए। यह देश कर्ज से डूबा हुआ है। गरीबों को हटाओ महंगाई लाओ: शर्माकार्यक्रम के दौरान पीसीसी सदस्य सत्येश शर्मा ने कहा कि पूरे देश में भारतीय जनता पार्टी गरीबों को हटाकर मंगाई बढ़ाकर धनासेठों के व्यापार बढ़ा रही है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा गरीबों को गणेश मानकर उसकी सेवा करने का काम किया है। आज भारतीय जनता पार्टी केंद्रीय और राज्य में सभी गरीब मतदाताओं को SIR के माध्यम से हटाने का काम कर रही है। पूर्ववर्ती सरकार के समय गरीबों को प्रत्येक मां खाने पीने का राशन सामग्री मिलता था। वह भी सरकार ने बंद कर दिया और अब मनरेगा जिससे गरीबों की रोजी-रोटी चलती थी उसे योजना को भी नाम के बहाने से बंद करने का प्रयास कर रही है। कार्यक्रम में बाबूलाल भातडिया, सत्यदेव पालीवाल, इकाई अध्यक्ष दुर्गा लाल सैनी पन्नालाल मीणा, गिरिराज गुर्जर, राधेश्याम मीणा, नन्दकिशोर कुशवाह, रामस्वरूप गुर्जर, रमेश मीणा, नेत्रपाल बंजारा, महेश वर्मा, सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और आमजन उपस्थित रहे! !
शाइन सिटी घोटाले में एक और आरोपी गिरफ्तार:EOW लखनऊ टीम ने कृष्णा नगर से फरार नेकपाल सिंह को पकड़ा
शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े करोड़ों रुपये के निवेश घोटाले में आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (EOW) उत्तर प्रदेश को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रहे वांछित अभियुक्त नेकपाल सिंह उर्फ निक्की को ईओडब्ल्यू की टीम ने लखनऊ के कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी निवेशकों को सस्ते भूखंड और धन दोगुना करने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी में शामिल था। निवेशकों से करोड़ों की ठगी का मामलाईओडब्ल्यू के अनुसार शाइन सिटी इन्फ्रा प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड ने प्रदेश के कई जनपदों में सस्ते भूखंड और आकर्षक योजनाओं के नाम पर निवेशकों से भारी धनराशि निवेश कराई। बाद में न तो निवेशकों को भूखंड दिए गए और न ही उनकी जमा पूंजी वापस की गई। कंपनी के निदेशक और पदाधिकारी कार्यालय बंद कर फरार हो गए। लखनऊ कार्यालय में एसोसिएट था आरोपीगिरफ्तार आरोपी नेकपाल सिंह उर्फ निक्की, निवासी गागन, थाना माल, लखनऊ, शाइन सिटी के लखनऊ स्थित कार्यालय आर स्क्वायर, विपुल खंड में एसोसिएट के पद पर कार्यरत था। वह आम जनता और निवेशकों को गुमराह कर कुछ ही महीनों में पैसा दोगुना होने जैसे प्रलोभन देकर निवेश कराता था। 2020 में दर्ज हुआ था मुकदमा, ईओडब्ल्यू को सौंपी गई विवेचनाइस मामले में थाना गोमतीनगर, लखनऊ में वर्ष 2020 में मुकदमा संख्या 05/2020 दर्ज किया गया था। इसमें धारा 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत केस पंजीकृत हुआ। प्रारंभिक विवेचना जिला स्तर पर हुई, बाद में शासन के आदेश पर जांच ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई। नाम बदलकर कर रहा था रियल एस्टेट कंपनी में काममुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना नाम बदलकर हर्षित सिंह रख लिया और WIN-MORE नामक रियल एस्टेट कंपनी में काम कर रहा था। ईओडब्ल्यू की टीम ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर उसे ट्रेस कर लिया। कृष्णानगर से हुई गिरफ्तारीईओडब्ल्यू टीम ने सोमवार, 9 फरवरी की दोपहर आरोपी को कोतवाली कृष्णानगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PMSG-MBY) को लेकर केंद्र सरकार ने ताजा आंकड़े जारी किए हैं। 30 जनवरी 2026 तक की स्थिति के अनुसार, राजस्थान में सौर ऊर्जा को लेकर मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। प्रदेश में अब तक कुल 1 लाख 32 हजार 231 घरों की छतों पर सोलर प्लांट इंस्टॉल किए जा चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस योजना से अब तक 1 लाख 36 हजार 187 परिवारों को जोड़ा गया है और कुल 925.12 करोड़ रुपए की सब्सिडी (CFA) जारी की गई है। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के सवाल पर केन्द्र सरकार के जवाब दिया है। रिपोर्ट का गहराई से विश्लेषण करें तो साफ पता चलता है कि योजना का लाभ कुछ बड़े शहरों तक ही सिमटकर रह गया है, जबकि नए और ग्रामीण जिलों में यह अभी भी संघर्ष कर रही है। जयपुर का एकतरफा दबदबा, श्रीगंगानगर दूसरे नंबर पर योजना के क्रियान्वयन में राजधानी जयपुर प्रदेश के अन्य सभी जिलों से कोसों आगे है। यहां अब तक 27,090 सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं, जिसके बदले सरकार ने 192.35 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे लोगों के खातों में भेजी है। जयपुर के बाद श्रीगंगानगर में 11,923 और हनुमानगढ़ में 7,752 घरों में सोलर सिस्टम लगे हैं। शेखावाटी बेल्ट में सीकर (7,813) और झुंझुनू (6,067) में भी काम अच्छा हुआ है। यह आंकड़े बताते हैं कि योजना की पहुंच और जागरूकता उत्तरी राजस्थान और राजधानी के आसपास ही केंद्रित है। जोधपुर-उदयपुर में औसत काम, औद्योगिक हब पीछेपश्चिमी राजस्थान के सबसे बड़े केंद्र जोधपुर में अब तक 7,389 घरों पर पैनल लगे हैं, जबकि पाली जिले में यह संख्या 2,598 ही है। मेवाड़ के केंद्र उदयपुर में 6,700 और बीकानेर में 5,406 परिवारों ने योजना का लाभ लिया है। औद्योगिक शहरों की बात करें तो कोटा में 4,828, भीलवाड़ा में 4,437 और चित्तौड़गढ़ में 4,293 इंस्टॉलेशन दर्ज किए गए हैं। अजमेर में भी 5,361 घरों में सोलर सिस्टम लगाए गए हैं। इन बड़े शहरों में आबादी के अनुपात में सोलर इंस्टॉलेशन की संख्या अभी और अधिक होने की उम्मीद थी। नए जिलों की स्थिति चिंताजनक, जैसलमेर में भी रुझान कमरिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला पहलू नए बने जिलों और दूर-दराज के इलाकों की खराब स्थिति है। आंकड़ों के अनुसार, दूदू जिले में अब तक मात्र 8 और जोधपुर ग्रामीण में केवल 3 सोलर प्लांट लगे हैं। इसी तरह जयपुर ग्रामीण में 24, सांचौर में 151, सलूंबर में 157 और डीग में 154 इंस्टॉलेशन ही हो पाए हैं। हैरानी की बात यह है कि जैसलमेर जैसे जिले में, जहां सौर ऊर्जा की सबसे अधिक संभावनाएं हैं और धूप की प्रचुरता है, वहां भी आंकड़ा महज 270 पर ही अटका हुआ है। राजस्थान की रिपोर्ट के मुख्य बिंदु :राजस्थान में अब तक कुल 1,32,231 सोलर प्लांट लगे हैं, जिनसे 1,36,187 परिवारों को लाभ पहुंचा है।
नमस्कार, कानपुर में आज (सोमवार) की बड़ी खबरें… लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को कुचलने के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। कमिश्नर ने कहा- जांच में तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा का नाम सामने आया है। वहीं महाराणा प्रताप इंजीनियरिंग कॉलेज में सोमवार को एक बार फिर बवाल हो गया। करीब 300 छात्र कॉलेज गेट पर हंगामा किया। दबौली वेस्ट वार्ड-72 में क्षेत्रीय समस्याओं के विरोध में सैकड़ों महिलाएं ढोलक और मंजीरा लेकर सड़कों पर उतर आईं। महिलाओं ने महापौर, विधायक और क्षेत्रीय पार्षद के खिलाफ अनोखा और जोरदार प्रदर्शन किया। कानपुर की ऐसी ही 10 बड़ी खबरों से गुजरने के लिए ऊपर वीडियो पर क्लिक करें…।
जैसलमेर के रामगढ़ क्षेत्र में ओरण और गोचर भूमि को बचाने की मुहिम अब जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। रामगढ़ में डालमिया कंपनी के खिलाफ पिछले एक महीने से चल रहा धरना सोमवार को उग्र हो गया। ग्रामीणों को सूचना मिली कि कालरा तला के पास एक सोलर कंपनी को जमीन आवंटित की गई है। इस फैसले के विरोध में खडाल क्षेत्र से हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और 'जन आक्रोश रैली' निकालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन दिया। बोले- परिणाम गंभीर होंगे रैली का आगाज रामगढ़ के श्रीराम मंदिर प्रांगण से हुआ। इसमें केवल युवा ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली में शामिल लोग हाथों में तख्तियां लिए ओरण-गोचर संरक्षण के नारे लगा रहे थे। मंदिर प्रांगण में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए महंत बाल भारती महाराज ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा- ओरण और गोचर हमारी सांस्कृतिक विरासत और जीविका का आधार है। सरकार ने इन जमीनों को निजी कंपनियों के हवाले करना बंद नहीं किया, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। पशुपालन और पर्यावरण पर संकट सभा के पश्चात भारत माता की आरती कर रैली तहसील कार्यालय की ओर रवाना हुई। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस मरुस्थलीय क्षेत्र की आजीविका पूरी तरह से पशुपालन पर टिकी है। यदि ओरण-गोचर की जमीनें कंपनियों को दे दी गईं, तो मवेशियों के चरने के लिए जगह नहीं बचेगी, जिससे क्षेत्र में आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। ग्रामीणों ने चिंता जताई धार्मिक और प्राकृतिक स्थल: प्रस्तावित जमीनों के बीच प्राचीन देवस्थान, तालाब, तले और नाड़ियां स्थित हैं। वन्यजीव संरक्षण: यह क्षेत्र दुर्लभ वन्य जीवों का बसेरा है, जो सोलर प्लांट लगने से विलुप्त हो सकते हैं। पर्यावरण पर प्रभाव: बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य से स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र (Eco-system) बिगड़ जाएगा। महिलाओं ने सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन महिलाओं ने आगे आकर रामगढ़ तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि कालरा तला और आसपास के क्षेत्रों में सोलर कंपनियों को किए गए भूमि आवंटन को तुरंत रद्द किया जाए और ओरण-गोचर को 'संरक्षित श्रेणी' में घोषित किया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन और तेज किया जाएगा।
MPPSC 2026: आवेदन का आज आखिरी दिन:सर्वर ठप होने से अभ्यर्थी परेशान; रात 12 के बाद लगेगी ₹3 हजार फीस
मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए आवेदन करने वाले हजारों अभ्यर्थियों के लिए आज यानी 9 फरवरी बेहद अहम दिन है। आज बिना किसी पेनल्टी के आवेदन करने की आखिरी तारीख है, लेकिन बीते दो दिनों से सर्वर की समस्या ने उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई अभ्यर्थी लगातार साइबर कैफे के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन फॉर्म सबमिट नहीं हो पा रहा। रात 12 बजे के बाद आवेदन करने पर 3 हजार रुपए की लेट फीस लगेगी, जिससे छात्रों में असमंजस और तनाव का माहौल है। सर्वर स्लो, अंतिम दिन बढ़ा दबाव अभ्यर्थियों का कहना है कि वेबसाइट खुल तो रही है, लेकिन फॉर्म सबमिट करते समय बार-बार एरर आ रहा है। खासकर फोटो, सिग्नेचर अपलोड और फीस भुगतान के दौरान सर्वर हैंग हो रहा है। कई उम्मीदवारों ने बताया कि वे दो दिन से प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक आवेदन पूरा नहीं हो सका है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित कई शहरों में साइबर कैफे पर भारी भीड़ देखी जा रही है। छात्र सुबह से शाम तक इंतजार कर रहे हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि यदि आज भी फॉर्म नहीं भर पाया, तो मजबूरी में 3 हजार रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे, जो मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए बड़ी रकम है। कोचिंग एक्सपर्ट बोले- आयोग भी जिम्मेदार ध्येय आईएएस पीएससी एकेडमी के फैकल्टी मेंबर विकास सिंह का कहना है कि अधिकतर अभ्यर्थी अंतिम दिन तक आवेदन टालते हैं, जिससे अचानक सर्वर पर लोड बढ़ जाता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि आयोग को ऐसी तकनीकी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे अंतिम दिन भी उम्मीदवार आसानी से फॉर्म भर सकें। साथ ही उन्होंने 3 हजार रुपए की लेट फीस को ज्यादा बताते हुए इसे कम करने की मांग की। आयोग का पक्ष- एक्स्ट्रा लिंक की व्यवस्था एमपीपीएससी अध्यक्ष प्रोफेसर राजेश लाल मेहरा ने कहा कि सर्वर पर दबाव कम करने के लिए एक अतिरिक्त लिंक तैयार की गई है। अब उम्मीदवार एक साथ दो लिंक के जरिए आवेदन कर सकेंगे। इससे लोड बंटेगा और फॉर्म भरने में आसानी होगी। उन्होंने बताया कि अंतिम दिन अचानक बड़ी संख्या में आवेदन आने से ऐसी स्थिति बनती है। परीक्षा और भर्ती से जुड़ी जरूरी जानकारी एमपीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2026-27 के लिए कुल 155 पदों पर भर्ती की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू हुई थी। बिना विलंब शुल्क के आवेदन की अंतिम तिथि 9 फरवरी है, जबकि 16 फरवरी तक 3 हजार रुपए लेट फीस के साथ फॉर्म भरे जा सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को प्रस्तावित है। पात्रता के लिए स्नातक डिग्री और आयु सीमा 21 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। ये खबर भी पढ़ें… असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए आवेदन की तारीख आगे बढ़ा दी है। वहीं, असिस्टेंट टाउन प्लानर के 39 पदों के लिए भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। इसके लिए 20 सितंबर को एग्जाम होगा। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के लिए अभ्यर्थी अब 10 मई से 9 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। पहले यह प्रक्रिया 27 फरवरी से 26 मार्च तक प्रस्तावित थी। पढ़िए पूरी खबर। इस साल 14 हजार सरकारी पदों पर होगी भर्ती इस साल होने वाली भर्ती और पात्रता परीक्षाओं का कैलेंडर जारी हो गया है। मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के कैलेंडर के अनुसार, 2026 में ग्रुप 'ए' से लेकर ग्रुप 'डी' तक के 14,000 से अधिक पदों को भरने के लिए कुल 22 भर्ती परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा। पढ़िए पूरी खबर।
सागर में सोमवार को अखिल भारतवर्षीय जिला यादव महासभा ने बांदरी थाना पुलिस के खिलाफ एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बांदरी थाना प्रभारी और स्टाफ पर यादव समाज के लोगों के साथ सार्वजनिक स्थल पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। यादव समाज के लोग सोमवार को रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि 6 फरवरी को नगर परिषद बांदरी में यादव समाज के राजा यादव, मुंशीराम यादव, रामजी यादव का आपसी विवाद हुआ था। विवाद में पुलिस ने कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान बांदरी थाना प्रभारी समेत स्टाफ ने कानूनी कार्रवाई करने की वजह सार्वजनिक स्थान पर उक्त लोगों के साथ मारपीट की। मारपीट में उन्हें चोटे आई हैं। इतना ही नहीं पुलिस ने बाजार में उनका जुलूस निकाला। जबकि वह लोग आपराधिक प्रवृत्ति के नहीं हैं। उन्होंने थाना प्रभारी समेत अन्य स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की। एडिशनल एसपी संजीव उईके ने मामले में घायलों की एमएलसी कराकर जांच कराने का आश्वासन दिया है। कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगेशिकायत करने पहुंचे राजा यादव ने बताया कि 6 फरवरी को दूध के लेनदेन को लेकर आपसी विवाद हुआ था। विवाद में पुलिस पकड़कर ले गई और हम लोगों के साथ मारपीट की गई। मारपीट में मेरा हाथ फ्रैक्चर हुआ है। यादव महासभा के जिला अध्यक्ष शिवशंकर यादव ने कहा कि जिन लोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की, वह अपराधी नहीं है। मामले में कार्रवाई का आश्वासन मिला है। यदि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी तो न्यायालय की शरण लेंगे। इस दौरान रुपनारायण यादव, रज्जन यादव, गोपालाल यादव, लीलाधर यादव, बब्बू यादव, मोंटी यादव समेत अन्य यादव समाज के लोग मौजूद थे।
सोमवार को मेरठ की चौधरी चरण सिंह विवि में छात्र संघ चुनाव की बहाली को लेकर विवि और अन्य कॉलेजों के छात्र नेताओं ने कुलपति कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान दिल्ली विवि के छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने भी पहुंच मेरठ कर छात्रों को अपना समर्थन दिया और प्रबंधन से चुनाव की मांग की। सिर्फ युपी में ही क्यों बंद- झांसलादिल्ली विवि के छात्र संघ उपाध्यक्ष राहुल झांसला ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में हर वर्ष छात्र संघ के चुनाव होते हैं। इसके साथ ही अन्य प्रदेशों में भी चुनाव होते हैं। सिर्फ उत्तर प्रदेश में ऐसा क्या है कि यहां सरकार नहीं चाहती कि चुनाव बहाल किए जाए। हमारे साथियों के पास अगर अपने प्रतिनिधि ही नहीं होंगे तो उनकी समस्या को कौन उठाएगा। सिर्फ छात्र संघ से ही क्या परेशानी- शुभम मलिकमेरठ कॉलेज के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शुभम मलिक ने कहा कि प्रदेश में एक मात्र चुनाव छात्र संघ ही है कि जिसपर प्रतिबंध लगाया हुआ है। बाकि जिला पंचायत, विधानसभा, लोकसभा, विधान परिषद किसी चुनाव से सरकार को कोई समस्या नहीं है तो आखिर इस चुनाव में ऐसा क्या है जो बहाल नहीं हो पा रहे हैं। किसान के बेटे को रोकने की साजिशछात्र नेता आदित्य पंवार ने कहा कि अधिकांश इस प्रकार के कॉलेजों में किसान, मजदूरों के बच्चे पढ़ने आते हैं। सरकार नही चाहती कि इन्हीं के बीच से आकर कल कोई आगे आकर सरकार से अपने हक की मांग रखे, इसलिए छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाया हुआ है।
अपनायत के शहर जोधपुर में जीवों के प्रति प्रेम का अनूठा नजारा दिखाई दिया। यहां जोधपुर के नागोरी गेट सर्कल पर करीब 100 फीट ऊंची हाई मास्क लाइट पर एक बाज फंस गया। जिसे निकालने के लिए फायर ब्रिगेड टीम की क्रेन पहुंची और उसकी जान बचाई गई। पूरा वाकया आज दोपहर 12 बजे के करीब का है। शहर के नागौरी गेट सर्किल के पास हाई मास्क लाइट पर बैठे बाज के पंख फंस गए थे। इस दौरान उसकी मदद के लिए कई अन्य बाज उसके ऊपर मंडराते रहे। काफी देर तक बाज मदद के लिए तड़पता रहा लेकिन किसी की नजर उसे पर नहीं गई। इस दरमियान वहां से निकल रहे एक युवक आशीष भाटी ने बाज को इस हालत में देखा तो उसने तुरंत एक्सपर्ट इस्माइल रंगरेज को सूचना दी। इस्माइल मौके पर पहुंचे। ऊंचाई अधिक होने की वजह से बाज को बचा पाना काफी कठिन था। इस पर उन्होंने फायर ब्रिगेड टीम को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची। यहां पर हाइड्रा क्रेन की मदद से बाज को पकड़कर लाइट से निकाला गया। बाद में उसे नीचे उतारकर वन विभाग की टीम को सुपुर्द किया गया।
झज्जर के मुक्केबाजों ने कर्नाटक के बेंगलुरु शहर में 4 से 9 फरवरी तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय स्कूली मुक्केबाजी प्रतियोगिता में अपने शानदार प्रदर्शन से जिले का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया। झज्जर स्टेडियम में अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों में अद्भुत साहस, तकनीक और संयम का परिचय देते हुए तीन पदक अपने नाम किए। प्रतियोगिता में देशभर से आए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के बीच मुकाबले बेहद चुनौतीपूर्ण रहे। ऐसे माहौल में झज्जर के खिलाड़ियों ने न केवल आत्मविश्वास के साथ रिंग में कदम रखा, बल्कि अपने दमदार पंच और रणनीतिक खेल से दर्शकों और निर्णायकों का दिल भी जीत लिया। अभिनव ने रजत पर जमाया कब्जा 75 किलोग्राम भार वर्ग में अभिनव भलारा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने जबरदस्त संघर्ष किया और अंत तक पूरी ताकत से लड़े। वहीं 90 किलोग्राम भार वर्ग में सागर ने कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शगुन ने जीता कांस्य पदक सागर ने सेमीफाइनल तक पहुंचने के लिए कठिन मुकाबलों में बेहतरीन संयम और ताकत का प्रदर्शन किया। इसी तरह 80 किलोग्राम भार वर्ग में शगुन ने कांस्य पदक जीतकर झज्जर का परचम लहराया और साबित किया कि जिले की बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं। कोच हितेश देशवाल ने दी बधाई कोच हितेश देशवाल ने खिलाड़ियों की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि नियमित अभ्यास, अनुशासन और अथक परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने बताया कि झज्जर स्टेडियम में खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, साथ ही तकनीकी मार्गदर्शन और फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया जाता है। हमारा लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि खिलाड़ियों का समग्र विकास करना है। अभिभावकों व खेल संगठनों ने कोच को दी शुभकामनाएं इस उपलब्धि की खबर मिलते ही जिले में खुशी की लहर दौड़ गई। खेल प्रेमियों, अभिभावकों और विभिन्न खेल संगठनों ने कोच हितेश देशवाल और सभी पदक विजेता मुक्केबाजों को हार्दिक बधाई दी। कई सामाजिक संगठनों ने खिलाड़ियों को सम्मानित करने की भी घोषणा की है। झज्जर के इन होनहार मुक्केबाजों की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रतिभा को सही दिशा और मंच मिले, तो छोटे शहरों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना सकते हैं।
इंदौर में रालामंडल ब्रिज पर ट्रैफिक शुरू:6-लेन फ्लायओवर से अब खंडवा रोड और तिंछा जाना हुआ आसान
40 करोड़ की लागत से तैयार रालामंडल फ्लायओवर को सोमवार से खोल दिया गया है। डेढ़ साल की देरी और कई हादसों के बाद खुले इस ब्रिज से अब हर दिन 1 लाख से ज्यादा वाहन बिना रुके गुजर सकेंगे। रालामंडल फ्लायओवर शुरू होने से अब तिल्लौर और रालामंडल की तरफ जाने वाले वाहनों को जान जोखिम में डालकर डिवाइडर पार नहीं करना पड़ेगा। इस ब्रिज के शुरू होने से न केवल समय बचेगा बल्कि ईंधन की भी बड़ी बचत होगी। 800 मीटर लंबा यह छह लेन ब्रिज अपनी तय समयसीमा से लगभग दो साल देरी से तैयार हुआ है। फिलहाल अधूरी तैयारियों के बीच इसकी एक ही लेन ट्रैफिक के लिए शुरू की गई है। अभी मांगलिया से तेजाजी नगर की दिशा में जाने वाली लेन ही खोली गई है, जबकि दूसरी लेन पर ट्रैफिक शुरू नहीं किया गया है। पिछले चार दिनों से ब्रिज पर ट्रायल रन चल रहा था, जिसके बाद सोमवार से आंशिक रूप से इसे खोल दिया गया। फिनिशिंग अधूरी है और डिवाइडर की जगह रेत की बोरियां रखी हैं, लेकिन ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए प्रशासन ने इसे शुरू करने का फैसला लिया है। इस ब्रिज के बनने से क्या-क्या बदलेगा फायदा: रालामंडल, तिल्लौर, तिंछा फॉल और खंडवा रोड की तरफ जाने वाले वाहन चालक अब बिना चक्कर लगाए सीधे निकल सकेंगे। समय की बचत: पहले फ्लायओवर नहीं होने से बायपास पर लंबा जाम लगता था। अब रोजाना करीब 1 लाख वाहन ऊपर से फर्राटा भर सकेंगे। सुरक्षा: पहले ग्रामीण रास्ता न होने के कारण डिवाइडर तोड़कर वाहन निकालते थे, जिससे हादसे होते थे। अब ब्रिज के नीचे से सुरक्षित रास्ता दिया गया है। आगे ये प्रोजेक्ट भी सुधारेंगे इंदौर का ट्रैफिक बायपास पर अर्जुन बड़ौद और एमआर-10 जंक्शन के ब्रिज भी तैयार किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार इन्हें ट्रैफिक के लिए खोलने में अभी तीन से चार महीने लग सकते हैं। इन प्रोजेक्ट्स के पूरे होने से शहर का ट्रैफिक और सुगम होने की उम्मीद है।
MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास… 1. रेबीज इंजेक्शन के बावजूद मौत: कुत्ते के काटने से बच्चे की जान गई दतिया जिले में कुत्ते के काटने के बाद इलाज कराने के बावजूद एक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, कुत्ते के काटने के बाद बच्चे को अस्पताल ले जाया गया था, जहां उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया गया। इसके बावजूद कुछ दिनों बाद उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। पढ़ें पूरी खबर 2. पुलिसकर्मी की पत्नी ने की आत्महत्या, कारणों की जांच में जुटी पुलिसइंदौर में एक पुलिसकर्मी की पत्नी द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। अभी आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस परिवारजनों से पूछताछ कर रही है और घरेलू परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। पढ़ें पूरी खबर 3. BJP नेता की दबंगई: युवक को लात-घूंसों से पीटने का VIDEO अशोकनगर में भाजपा नेता द्वारा एक युवक के साथ मारपीट का वीडियो सोशल सामने आया है। वीडियो में युवक को लात-घूंसों से पीटते हुए देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि किसी विवाद के बाद यह घटना हुई। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। पुलिस का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर 4. शिवपुरी स्टेशन पर बड़ा हादसा टला: चलती ट्रेन में चढ़ते वक्त महिला गिरीशिवपुरी रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान एक महिला का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गई। घटना के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद यात्रियों और कर्मचारियों की मदद से महिला को बाहर निकाला गया। महिला को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से चलती ट्रेन में चढ़ने से बचने की अपील की है। पढ़ें पूरी खबर 5. MP में दो दिन और कड़ाके की ठंड, फिर चढ़ेगा पारा मध्य प्रदेश में अगले दो दिनों तक तेज सर्दी का असर बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार कटनी और शहडोल में तापमान सबसे कम दर्ज किया गया है। भोपाल और इंदौर में भी ठंड बढ़ी है और रात के तापमान में गिरावट आई है। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना जताई गई है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पढ़ें पूरी खबर 6. भभूत समझकर जहर खा गई 12वीं की छात्रा, इलाज के दौरान मौतभोपाल में एक 12वीं कक्षा की छात्रा ने भभूत समझकर जहरीला पदार्थ खा लिया। परिजन छात्रा को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक घर में रखा चूहे मारने का जहर भभूत जैसा दिख रहा था। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर 7. नशे में ड्यूटी पर डॉक्टर: गुना जिला अस्पताल का VIDEO सामने आयागुना जिला अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक डॉक्टर के नशे में होने का वीडियो सामने आया है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। आरोप है कि डॉक्टर शराब पीकर अस्पताल पहुंचा था। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर 8.भोपाल में हार्ट मरीजों को राहत: 80 हजार की जांचें अब मुफ्त भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हार्ट मरीजों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की गई है। यहां अब हार्ट की उन्नत जांचें मुफ्त की जाएंगी, जिनकी कीमत करीब 80 हजार रुपए तक होती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को राहत मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस सुविधा से हृदय रोगों की सही और समय पर पहचान संभव हो सकेगी। पढ़ें पूरी खबर खबर जरा हटके 9. शादी में हादसा टला: दूल्हे की घोड़ी कुएं में गिरी, कूदकर बचाईखंडवा में शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दूल्हे की घोड़ी अचानक कुएं में गिर गई। हालात बिगड़ते देख दूल्हा खुद कुएं में कूद गया और घोड़ी की जान बचाई। कुछ देर की मशक्कत के बाद घोड़ी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट10. MP में कल से बोर्ड परीक्षा..16 लाख स्टूडेंट्स होंगे शामिल मध्य प्रदेश में कल से बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। मंगलवार को 12वीं क्लास का पहला पेपर अंग्रेजी का होगा।सभी परीक्षाएं सुबह 9 से 12 बजे तक होंगी। इस बार प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षा में करीब 16 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। इनमें 9 लाख 7 हजार विद्यार्थी कक्षा 10वीं की परीक्षा देंगे, जबकि करीब 7 लाख छात्र 12वीं की बोर्ड परीक्षा में बैठेंगे।
करनाल जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक और सफलता मिली है। सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में भारी मात्रा में नशीली गोलियों की बरामदगी हुई है। पुलिस ने मौके से एक युवक को काबू किया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। मामले को लेकर पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली गोलियों की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।करनाल की सीआईए-2 पुलिस टीम ने इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। तलाशी के दौरान नशे की गोलियां बरामद बता दे कि एएसआई रामनिवास की अगुवाई में टीम ने तरावड़ी क्षेत्र में दबिश दी, जहां संदिग्ध युवक को रोका गया। तलाशी के दौरान उसके पास से 600 नशीली गोलियां बरामद की गईं। पुलिस ने इस मामले में गांव सोकड़ा जिला करनाल अजय को गिरफ्तार किया है। बरामदगी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें नशीली गोलियों को लेकर अहम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। थाना तरावड़ी में दर्ज किया गया मामला जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ थाना तरावड़ी में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है और बरामद नशीली गोलियों को कब्जे में ले लिया गया है। अन्य साथियों और सप्लाई चेन की जांच जारी पुलिस का कहना है कि यह केवल एक व्यक्ति तक सीमित मामला नहीं हो सकता। नशे के इस कारोबार में शामिल अन्य साथियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है। संभावित लिंक और सप्लाई नेटवर्क को खंगाला जा रहा है, ताकि पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके। पुलिस ने साफ किया है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
मऊगंज जिले में अवैध उत्खनन और खनिज माफिया के आतंक को लेकर रीवा संभाग आयुक्त कार्यालय में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई है। सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता बीके माला ने आरोप लगाया है कि खनिज विभाग के स्थानीय अधिकारी माफिया के साथ मिले हुए हैं और उन्हें संरक्षण दे रहे हैं। शिकायत के मुताबिक, हनुमना, नईगढ़ी और लोढ़ी क्षेत्रों में आबादी के पास ही अवैध रूप से क्रेशर चलाए जा रहे हैं और भारी ब्लास्टिंग की जा रही है। इसकी वजह से ग्रामीणों के कच्चे मकानों में दरारें आ गई हैं और कई घर गिरने की स्थिति में हैं। अधिवक्ता ने बताया कि रात और सुबह के समय होने वाली इन धमाकों से बच्चों और ग्रामीणों की जान जोखिम में है। कार्रवाई न होने पर माफिया के हौसले बुलंद बीके माला का आरोप है कि पहले भी कई बार शिकायतें की गईं और बड़े अधिकारियों ने जांच के आदेश भी दिए, लेकिन स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। खनिज विभाग के अधिकारी मौके पर जाने से बचते हैं, जिससे अवैध उत्खनन बेखौफ जारी है। यह भी आरोप है कि यहां से निकलने वाली गिट्टी और पत्थर उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे माफियाओं को बेचे जा रहे हैं। एनजीटी जाने की चेतावनी सामाजिक कार्यकर्ता ने संभाग आयुक्त और मऊगंज कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही अवैध खनन और ब्लास्टिंग नहीं रोकी गई, तो वे राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) और अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। फिलहाल अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।
सीधी आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के बैनर तले सोमवार को जिले के शिक्षकों ने अपनी बरसों से लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की राज्य मंत्री राधा सिंह और सीधी विधायक रीति पाठक से मुलाकात कर उन्हें सीएम के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान शिक्षकों ने कहा कि उनकी जायज मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। पुरानी पेंशन योजना' बहाली की मांग शिक्षकों की सबसे प्रमुख मांग 'पुरानी पेंशन योजना' (OPS) को बहाल करना है। ज्ञापन में बताया कि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से की जाए, ताकि उन्हें अवकाश के बदले नकद भुगतान (लीव एनकैशमेंट) और अन्य लाभ मिल सकें। इसके साथ ही, शिक्षकों ने दोषपूर्ण 'ई-अटेंडेंस' प्रणाली को बंद करने की भी पुरजोर मांग की है। इन 5 बड़ी मांगों पर अड़ा शिक्षक संघ शिक्षकों ने अपनी समस्याओं को लेकर 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है, जिनमें प्रमुख ये हैं: वेतन विसंगति: नवनियुक्त शिक्षकों को उनकी पहली नियुक्ति से ही 100 प्रतिशत वेतन दिया जाए। अतिथि शिक्षक: अतिथि शिक्षकों को नियमित किया जाए और उन्हें मेडिकल व बीमा जैसी सुविधाएं मिलें। कैश लेस इलाज: सभी शिक्षकों के लिए हेल्थ केयर कैशलेस कार्ड योजना लागू हो। विभाग विलय: जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग में शामिल किया जाए। काम का दबाव: रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन शिक्षकों को ट्रेनिंग या मीटिंग से मुक्त रखा जाए। शिक्षक बोले- नीतिगत उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री और विधायक को बताया कि प्रदेश का शिक्षक संवर्ग लंबे समय से प्रशासनिक उपेक्षा का शिकार है। गुरुजी संवर्ग को वरिष्ठता देने और राज्य शिक्षा सेवा में संविलियन से छूटे हुए शिक्षकों के क्रमोन्नति आदेश तत्काल जारी करने की जरूरत है। राज्य मंत्री राधा सिंह और विधायक रीति पाठक ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि वे इन मांगों को सरकार के उच्च स्तर तक पहुंचाकर समाधान का प्रयास करेंगी।
झालावाड़ में राजकीय कन्या महाविद्यालय में महिला प्रकोष्ठ और नशा मुक्ति केंद्र के तहत एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को नशा मुक्ति, साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का उद्घाटन कार्यवाहक प्रिंसिपल अजय मीना ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। झालरापाटन सदर पुलिस थाने के एएसआई महावीर ने मुख्य वक्ता के रूप में नशा मुक्ति, साइबर क्राइम और रोड सेफ्टी पर महत्वपूर्ण व्याख्यान दिया। उन्होंने छात्राओं को दैनिक जीवन में होने वाले सामान्य और गंभीर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। इस अवसर पर कार्यवाहक प्राचार्य अजय मीना ने छात्राओं को प्रेरित किया, जबकि नशा मुक्ति केंद्र प्रभारी चेतन पुरी ने नशे से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में नंदी फाउंडेशन के ट्रेनर संदीप शर्मा ने छात्राओं को आत्मविश्वास से बात करने और कम्युनिकेशन स्किल्स (संचार कौशल) पर प्रशिक्षण दिया।संदीप शर्मा ने रोजगार संबंधी कौशल पर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसमें इंटरव्यू कैसे दें, सवालों के जवाब कैसे दें, रिज्यूम कैसे बनाएं, कार्यस्थल पर व्यवहार और करियर प्लानिंग जैसे विषय शामिल थे। यह प्रशिक्षण छात्राओं को बिल्कुल मुफ्त प्रदान किया गया। कार्यक्रम में सहायक आचार्य हर्षित शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन दिया, और मंच संचालन रुचि कुलश्रेष्ठ ने किया। इस अवसर पर सहायक आचार्य प्रवेश कुमार चौहान, धापू जाट, विनय यादव, खुशबू विजय, राकेश शर्मा, गोपाल गालय, रामहेत, अभिषेक सहित अन्य उपस्थित रहे।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर शिवपाल जाट की अध्यक्षता में जिला स्तरीय साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में संपर्क पोर्टल पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को 30 दिन से ज्यादा पुरानी परिवादों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। एडीएम ने एवरेज डिस्पोजल टाइम में सुधार लाने और तय समय-सीमा में शिकायतों का समाधान सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारी रोज कम से कम 2 शिकायतकर्ता परिवारों से फोन पर बात कर फीडबैक लें और उसका रिकॉर्ड भी रखें। घुमंतू समुदाय के लिए लगेंगे शिविर बैठक में विमुक्त, घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समुदाय के उत्थान पर भी चर्चा हुई। इन समुदायों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सहायता शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पात्र लोगों के- मतदाता पहचान पत्र आधार कार्ड जाति प्रमाण पत्र मूल निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया कराई जाएगी, ताकि वे योजनाओं का लाभ ले सकें। बैठक में समाज कल्याण अधिकारी रमेश देहमिवाल, कोषाधिकारी सुरेश कुमार बंसल, पीएचईडी अभियंता धर्मवीर यादव, अधीक्षण अभियंता सार्वजनिक निर्माण विभाग ओमप्रकाश किराड, नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा, उपनिदेशक सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग वीरेंद्र त्यागी, कृषि अधिकारी गोपाललाल मीणा, सहायक निदेशक कोऑपरेटिव वेदप्रकाश सैनी, एसीएफ वन विभाग संजय चौधरी, अधिशासी अभियंता वाटरशेड छत्रपाल, सहायक अभियंता बिजली विभाग दिनेश भड़ाना, प्रवर्तन अधिकारी पूनम चौधरी सहित पुलिस, राजीविका, बिजली, कृषि, वन, शिक्षा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
डीग जिले के कामां थाना क्षेत्र में गांव सबलाना और मोरोली के बीच दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 13 वर्षीय एक बालक की मौत हो गई, जबकि दोनों बाइकों पर सवार तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को कामां अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गांव सबलाना निवासी अरमान खान (13) को मृत घोषित कर दिया। जानकारी के अनुसार कामां थाना क्षेत्र के गांव सबलाना निवासी तौहीद खान के तीन पुत्र अरमान खान, अयान खान और कैफ खान एक बाइक पर सवार होकर अपने गांव सबलाना से मोरोली गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रहे गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान की बाइक से उनकी टक्कर हो गई। हादसे में एक बाइक पर सवार गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान (13) और दूसरी बाइक पर सवार अयान खान (11) व कैफ खान (9) घायल हो गए। बाइक चला रहे अरमान खान की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक अरमान खान के पिता ट्रक ड्राइवर हैं और इस समय गांव में मौजूद नहीं हैं। वहीं, हादसे में घायल हुए गांव चुल्हैरा निवासी मुबीन खान भी ट्रक ड्राइवर हैं। वह अपने गांव से कंपनी में ट्रक चलाने के लिए जा रहे थे, तभी यह दुर्घटना हो गई।
टीकमगढ़ में रेलवे रैक पॉइंट पर अब ट्रक गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से नहीं जाएंगे। यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका ने रेलवे पुल के पास बने डिवाइडर को तोड़ दिया है। इस कदम से रेलवे स्टेशन पर खाद और अनाज के रैक उठाने वाले ट्रकों को सीधा रास्ता मिलेगा, जिससे लगातार लगने वाले जाम और यातायात की समस्या से निजात मिलेगी। यह निर्णय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिया गया था, जिस पर अब अमल किया जा रहा है। सोमवार को जेसीबी मशीन की मदद से डिवाइडर को तोड़ा गया। आए दिन लगता था जाम दरअसल, टीकमगढ़ के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खाद, अनाज और अन्य सामग्री के रैक लगाए जाते हैं। प्लेटफॉर्म के निर्माण से पहले, जिला न्यायालय द्वार से रेलवे पुल तक नगर पालिका द्वारा डिवाइडर का निर्माण किया गया था। इस डिवाइडर के कारण स्टेशन पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रकों को निकलने में काफी परेशानी होती थी, जिससे आए दिन घंटों जाम की स्थिति बन जाती थी। इससे आम जनता और कार्यालय आने वाले लोग परेशान होते थे। डिवाइडर हटने से दोनों ओर से आने-जाने वाले वाहनों को सीधा रास्ता मिल जाएगा और ट्रकों की लंबी कतारें समाप्त हो सकेंगी। इससे जिला न्यायालय, संयुक्त कार्यालय सहित अन्य शासकीय विभागों में आने वाले लोगों को ट्रकों के जाम के कारण होने वाली परेशानी से भी राहत मिलेगी। इससे पहले भी डिवाइडर तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन उसे रोक दिया गया था। अब समिति के निर्णय के बाद यह कार्य दोबारा शुरू किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि सड़क पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए यह कार्य किया जा रहा है और जल्द ही शहर की अन्य यातायात संबंधी समस्याओं का भी समाधान किया जाएगा।
वेदांता समूह के चैयरमैन अनिल अग्रवाल ने सोमवार को मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात पर ट्वीट करते लिखा कि दुनिया नहीं चाहती कि भारत कच्चे तेल और गैस का उत्पादन करे। बल्कि वह चाहती है कि भारत इन उत्पादों का केवल एक बड़ा बाजार बना रहे। लेकिन घरेलू उत्पादन रोजगार पैदा करता है, जो दुनिया के कई हिस्सों में सिद्ध हो चुका है। हमें इसका मुकाबला करना होगा और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रयास करना होगा। अनिल अग्रवाल ने कहा है कि मौजूदा अस्थिर वैश्विक हालात में भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद अहम हो गई है। देश को तेल व गैस के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर घरेलू खोज (एक्सप्लोरेशन) बढ़ाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि भारत अपनी तेल और गैस की लगभग 90 प्रतिशत जरूरतें आयात से पूरी करता है, जिससे देश की स्थिति संवेदनशील बनी रहती है। तीन ओर से समुद्र से घिरे होने के कारण युद्ध या तनाव की स्थिति में समुद्री नाकेबंदी का खतरा भी रहता है। हमारे पास कोई दूसरा ठोस विकल्प नहीं अनिल अग्रवाल ने कहा- आज के हालात में घरेलू उत्पादन बढ़ाने के अलावा हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता तेल और गैस बाजार है। अगले कम से कम 20 सालों तक इसकी मांग लगातार बढ़ती रहेगी। ऐसे में ऊर्जा आत्मनिर्भरता भारत के लिए रणनीतिक के साथ-साथ आर्थिक जरूरत भी है। अनिल अग्रवाल के अनुसार भारत के पास लगभग 300 अरब बैरल तेल और गैस के बराबर संसाधनों की संभावना है। जो गुयाना जैसे देशों से कई गुना अधिक है। उन्होंने कहा कि देश के पास कुशल मानव संसाधन, युवा उद्यमी और स्टार्टअप की मजबूत क्षमता मौजूद है और दुनिया भर में इस क्षेत्र के करीब 10 प्रतिशत विशेषज्ञ भारतीय हैं। अमेरिका पहले आयात पर निर्भर था, अब आत्मनिर्भर अग्रवाल ने कहा कि तेल और गैस उद्योग की सबसे बड़ी जरूरत खोज है। अमेरिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि दो दशक पहले अमेरिका भी आयात पर निर्भर था, लेकिन खोज को उद्यमियों के लिए खोलने के बाद वह आत्मनिर्भर बन गया। भारत आयात की तुलना में आधी लागत पर तेल और गैस का उत्पादन कर सकता है। अब तक इस उद्योग ने सरकारी खजाने में करीब 40 अरब डॉलर का योगदान दिया है और बीते वर्षों में 1.3 अरब बैरल तेल का उत्पादन किया जा चुका है। लाइसेंस की संख्या बढ़ाने की जरूरत वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए अग्रवाल ने कहा कि भारत में खोज के लिए केवल करीब 20 लाइसेंस हैं, जबकि यह संख्या कहीं अधिक होनी चाहिए। नोटिस, कानूनी मामलों और लाइसेंस रद्द होने की आशंका से निवेशक असहज रहते हैं, जिससे निवेश का माहौल प्रभावित होता है। स्थिर और सहयोगी माहौल जरूरी अनिल अग्रवाल ने कहा- अगर हमें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है तो स्थिर और सहयोगी माहौल बनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। जिस तरह भारत खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर बना, उसी तरह ऊर्जा के क्षेत्र में भी यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। अग्रवाल ने कहा कि वेदांता का लक्ष्य उत्पादन को पांच गुना बढ़ाने का है, जबकि देश की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए कुल उत्पादन को दस गुना तक बढ़ाना होगा। इसके लिए नीतियों में सरलता और सहयोग जरूरी है।
चूरू जिले के राजलदेसर में स्वायत्त शासन विभाग के निर्देश पर सीवरेज योजना के सर्वेक्षण के लिए एक टीम सोमवार को पहुंची। यह टीम नगरपालिका क्षेत्र में सीवरेज बिछाने की संभावनाओं का आकलन करेगी।सीनियर डिप्टी मैनेजर महेंद्र कुमार के नेतृत्व में यह टीम राजलदेसर नगरपालिका क्षेत्र का विस्तृत सर्वे करेगी। सर्वे पूरा होने के बाद टीम अपनी रिपोर्ट स्वायत्त शासन विभाग को सौंपेगी। राजलदेसर निवासी गोपाल मारू ने बताया कि पूर्व विधायक अभिनेष महर्षि की मांग पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजलदेसर में पानी निकासी की समस्या के समाधान के लिए पहल की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस सर्वे से क्षेत्र की जल निकासी की समस्या का समाधान होगा। सीनियर डिप्टी मैनेजर महेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि उनकी टीम को 6 भागों में बांटा गया है। यह टीमें राजलदेसर कस्बे में सीवरेज लाइन बिछाने के लिए सर्वेक्षण कर रही हैं। उन्होंने बताया कि सर्वे 2 से 3 दिन में पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद रिपोर्ट स्वायत्त शासन विभाग को सौंपी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में चैतन्य बघेल की जमानत को चुनौती देने वाली छत्तीसगढ़ सरकारी की याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की पीठ मामले में अब एक सप्ताह बाद सुनवाई करने की बात कही है। वहीं, सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट जाने के निर्देश। सरकार की ओर से सीनियर एडवोकेट महेश जेठमलानी ने पैरवी करते हुए कोर्ट को बताया कि, चैतन्य बघेल को जमानत मिलने के बाद एक अहम गवाह सामने नहीं आ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी स्थिति में जांच प्रभावित हो सकती है। जेठमालानी ने चैतन्य की जमानत आदेश पर पुनर्विचार करने की बात रखी। सौम्या चौरसिया को हाईकोर्ट जाने के निर्देश सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री की उप सचिव रही सौम्या चौरसिया की याचिका पर भी सुनवाई की। कोर्ट ने उन्हें राहत देने के बजाय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का रुख करने का निर्देश दिया। चौरसिया को कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में ईडी ने पिछले साल दिसंबर में गिरफ्तार किया था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने दलील दी है कि, एजेंसियां नई-नई FIR दर्ज कर बार-बार गिरफ्तारी कर रही हैं। अब तक उन्हें 6 बार हिरासत में लिया जा चुका है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह पहले हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर करें। साथ ही हाईकोर्ट को उनकी याचिका पर प्राथमिकता से सुनवाई करने कहा है। जांच एजेंसियों के दावे ED के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच हुए कथित शराब घोटाले से राज्य को भारी आर्थिक नुकसान हुआ और एक शराब सिंडिकेट को फायदा पहुंचा। एजेंसी का दावा है कि चैतन्य बघेल इस सिंडिकेट के प्रमुख थे और करीब 1000 करोड़ रुपए की राशि संभाली। वहीं ACB/EOW का कहना है कि घोटाले की कुल रकम 3500 करोड़ रुपए से ज्यादा हो सकती है। इसमें कई लोगों ने मिलकर अपराध से कमाई गई राशि का प्रबंधन किया।
अलवर सदर थाना क्षेत्र में अपना घर शालीमार निवासी डॉ लवेश गुप्ता व डॉ आकृति गुप्ता के घर से केयर टेकर महिला जूते, चप्पल, जेवर सहित करीब 10 से 15 लाख रुपए के कीमती सामान चोरी कर ले गई। डॉक्टर दंपति की रविवार को शादी की सालगिरह के दिन पता चला। शिकायत के बाद पुलिस ने महिला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। अभी महिला के घर से जूते-चप्पल, खिलौने सहित अन्य सामान मिला है। लेकिन ज्वैलरी का पता नहीं चला है। हरीश हॉस्पिटल के मालिक डॉ लवेश गुप्ता ने बताया कि रविवार को उसकी शादी की सालगिरह थी। हम दिल्ली से वापस घर लौटते थे। दिल्ली जाते समय भी पत्नी आकृति का कुछ सामान घर में नहीं मिला। तब हमने सोचा वापस आकर देखेंगे। घर लौटने पर दूसरा सामान देखा तो नहीं मिला। इसके बाद जेवर की जगह देखी तो वहां सोने की रिंग, चूड़ी, इयर रिंग सहित अन्य ज्वैलरी नहीं मिली। इसके बाद केयर टेकर महिला पर शक हुआ। असल में केयर टेकर महिला भी शालीमार में रहती है। जो मूल रूप से नेपाल की रहने वाली है। 20 दिन पहले महिला को रखा था डॉक्टर ने बताया कि 20 दिन पहले ही महिला को घर में छोटे बच्चे की केयर के लिए रखा था। महिला आने के बाद से छोटी-छोटी चोरी करने लगी। उसके बाद धीरे-धीर सामान को चुराया है। घर के अंदर से जिंस, बूट व पेंट भी चोरी हो गए। तब शक हुआ। इसके बाद ज्वैलरी को देखा। तब पता लगा कि चोरी हो गई।
कोरबा के सीतामढ़ी इलाके में दो युवकों ने एक नाबालिग पर चाकू से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। परिजनों ने घायल को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया है। जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 3 बजे सीतामढ़ी स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस के पीछे अपने घर के पास खेल रहे किशन गोस्वामी पर हमला हुआ। रेलवे स्टेशन मार्ग निवासी मिठू साहू और अंकित ठाकुर ने मोहल्ले में आकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जान से मारने की नीयत से चाकू से किया हमला घायल नाबालिग के दादा ने बताया कि दोनों युवकों ने जान से मारने की नीयत से उसके पेट पर चाकू से हमला किया था। बचाव में उसने अपना हाथ आगे किया, जिससे चाकू हाथ में लगा। यदि ऐसा न होता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावर युवक अक्सर बस्ती में दहशत फैलाते रहते हैं, जिससे मोहल्ले के लोग उनकी हरकतों से परेशान हैं। नशे की वजह से आए दिन मारपीट-चाकूबाजी की घटनाएं स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि सीतामढ़ी इलाके में नशे का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। यहां शराब, गांजा, नाइट्रागोली, अंटागोली (मधु मुनक्का) और बोनफिक्स जैसे नशीले पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इसी कारण इलाके में आए दिन मारपीट, छेड़खानी और चाकूबाजी की घटनाएं होती रहती हैं। पूर्व में भी इस तरह की कई घटनाएं हो चुकी हैं। साल भर में दर्जन भर से अधिक मामले सामने आते हैं, लेकिन पुलिस की कार्रवाई में गंभीरता नहीं दिखती है। नशे के सामान बेचने वालों पर कार्रवाई न होने के कारण सीतामढ़ी इलाके में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं। इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि घटना को गंभीरता से लिया गया है। हमलावरों की तलाश शुरू कर दी गई है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर में 24 घंटे तक पानी की सप्लाई नहीं होगी। 10 फरवरी 2026 को रात 12 बजे से 11 फरवरी 2026 को रात 12:00 बजे तक 24 घण्टे का शटडाउन लिया जाना प्रस्तावित है। दरअसल, बीसलपुर पेयजल योजना के पम्प हाउस के रखरखाव और पाइप लाइन लीकेज को सही करने के लिए जल संसाधन विभाग शटडाउन लेगा। इस शटडाउन के कारण अजमेर, ब्यावर, किशनगढ, नसीराबाद, पुष्कर, केकडी एवं सरवाड़ के शहरी क्षेत्रों एवं नसीराबाद, पीसांगन एवं गोयला पम्प हाउसों से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की 11 फरवरी 2026 को पेयजल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित रहेगी। 12 फरवरी 2026 की प्रातःकालीन पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी। जल संसाधन विभाग के अधिशाषी अभियन्ता विनोद यादव ने बताया- बीसलपुर अजमेर पुष्कर पेयजल परियोजना के अन्तर्गत 10 फरवरी 2026 मंगलवार को रात्रि 12 बजे से 11 फरवरी 2026 रात्रि 12:00 बजे तक 24 घण्टे का शटडाउन लिया जाना प्रस्तावित है। शटडाउन के अन्तर्गत थडोली, केकडी व नसीराबाद पम्प हाउसों पर आवश्यक रख-रखाव संबंधित कार्य, एवं द्वितीय फेज में डाली गई केकडी से गोयला तक 1600/1500 एमएम एमएस पाइप लाइन में विभिन्न स्थानों पर वेल्डिंग लीकेजों को दुरस्त करने के कार्य किए जाएंगे। डिस्कॉम द्वारा केकडी व नसीराबाद पम्प हाउसों पर FBTS कार्य के अन्तर्गत कनेक्शन करने का कार्य भी किया जाना प्रस्तावित है। ……… पढें ये खबर भी…. सीनियर टीचर भर्ती-संस्कृत, कल से भरे डिटेल फार्म:778 कैंडिडेट्स अस्थाई रूप से सफल घोषित किए; 309 पदों पर थी वैकेंसी राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) प्रतियोगी परीक्षा-2024 के अंतर्गत संस्कृत विषय की विचारित सूची में सफल घोषित कैंडिडेट्स कल से विस्तृत आवेदन फार्म भर सकेंगे। आयोग की ओर से इसके लिए लिंक 16 फरवरी तक खोला जाएगा। पूरी खबर पढें
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) की प्रधान पीठ नई दिल्ली ने भोपाल के कोलार रोड क्षेत्र में खेतों में सीवेज जल छोड़े जाने से संबंधित मामले को स्वत: संज्ञान में लिया है। सुनवाई के लिए भोपाल बैंच में प्रकरण प्रस्तुत करने के आदेश भी दिए हैं। ट्रूब्नल ने यह मामला रामलाल मीणा द्वारा भेजी गई पत्र याचिका के आधार पर दर्ज किया। जिसमें आरोप लगाया गया कि मानसरोवर डेंटल एवं आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज कोलार रोड से प्रतिदिन भारी मात्रा में बिना उपचारित सीवेज जल खुले खेतों में छोड़ा जा रहा है। याचिका के अनुसार, लगभग 130 एकड़ भूमि इस जल से सिंचित हो रही है। इस भूमि पर उत्पन्न खाद्यान्न व सब्जियां कोलार क्षेत्र की लगभग 20 प्रतिशत आबादी द्वारा उपभोग की जा रही हैं। जिससे गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो रहा है। शिकायत में बीमारियों के बारे में बताया शिकायत में भूजल स्रोतों के प्रदूषण, दुर्गंध फैलने और कैंसर, पेट संबंधी रोग, हेपेटाइटिस समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के मामलों में वृद्धि का भी उल्लेख किया गया। ट्रूब्नल ने मामले को संज्ञान में लिया। हालांकि, सुनवाई के दौरान आवेदक उपस्थित नहीं हुआ। फिर भी न्यायहित में आवेदन को खारिज न करते हुए उसे स्थगन प्रदान किया गया। चूंकि कारण कार्य मध्य प्रदेश में हुआ। इसलिए ट्रूब्नल ने यह मामला एनजीटी की केंद्रीय क्षेत्रीय पीठ भोपाल के समक्ष सुनवाई के लिए प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 12 मार्च को मामले में सुनवाई होगी।
राजस्थान में अब जिला कांग्रेस कमेटियों में कार्यकारिणी की लिस्ट लंबी-चौड़ी नहीं होगी। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने अब कार्यकारिणी को लेकर नए पैरामीटर बना दिए हैं। इससे जंबो कार्यकारिणी नहीं बनेगी। अब ठोक-बजाकर सीमित लोगों को जगह दी जाएगी। अब जिलेवार संख्या तय कर दी गई है, जिससे न्यूनतम 31 और अधिकतम 51 सदस्यों की कार्यकारिणी होगी। इससे पहले 100 पार की कार्यकारिणी बनती रही है। उदयपुर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष फतह सिंह राठौड़ ने बताया- AICC के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के नए निर्देश मिलने के बाद राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सभी जिलाध्यक्षों को नए पेरामीटर वाला वेणुगोपाल वाला पत्र भेज दिया है। उसके अनुसार संगठन में कार्यकारिणी गठन करने को कहा है। फतह सिंह राठौड़ ने बताया- प्रदेश अध्यक्ष के मिले निर्देश के अनुसार हम कार्यकारिणी जल्द बनाकर पीसीसी को भेजेंगे। अब कार्यकारिणी नई जो गाइडलाइन आई है, उसके अनुसार बनाई जाएगी। अब समझे कैसे होगी कांग्रेस की नई टीम 10 फरवरी तक कार्यकारिणी की सूची पीसीसी को जाएगी डोटासरा ने सभी जिलाध्यक्षों को 10 फरवरी तक अपनी कार्यकारिणी की सूची प्रदेश कांग्रेस कार्यालय को भेजनी होगी। इसके बाद वहां से कार्यकारिणी को स्वीकृति दी जाएगी। कार्यकारिणी बनाने की भी सीमा तय की वेणुगोपाल ने 30 जनवरी को जारी किए पत्र में कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी 30 दिन के भीतर और जिला कांग्रेस कमेटी कार्यकारिणी 15 दिन में घोषित कर दी जाए। 31 की कार्यकारिणी में इतने होंगे पद संगठन महासचिव 1कोषाध्यक्ष 1उपाध्यक्ष 5महासचिव 7सचिव 15प्रवक्ता 1सोशल मीडिया प्रभारी 1 पहले 100 पार कार्यकारिणी कांग्रेस की जिला कमेटियों का गठन पूर्व में जंबो होता था। पूर्व में जिलाध्यक्षों ने करीब 70 और 100 से ज्यादा को कार्यकारिणी में लिया गया था। अब संख्या घटने से अधिकतर को मौका देने के लिए भी संकट सामने है कि किसको ले और किसको नहीं ले क्योंकि संख्या तो सीमित हो गई है।
खाटूश्याम के फाल्गुनी लक्खी मेले पर श्रद्धालुओं और अन्य यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने 1 स्पेशल ट्रेन चलाई है। रेलवे के PRO अमित सुदर्शन ने बताया- श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मदार-रोहतक स्पेशल जनरल कोच ट्रेन का संचालन किया जाएगा। इससे हरियाणा और अजमेर-किशनगढ़ के श्रद्धालुओं को फायदा मिलेगा। PRO अमित सुदर्शन ने बताया- मदार-रोहतक स्पेशल ट्रेन का 16 फरवरी से 28 फरवरी तक संचालन किया जा रहा है। PRO अमित सुदर्शन ने बताया कि ट्रेन नंबर 09639, मदार-रोहतक स्पेशल ट्रेन 16 फरवरी से 28 फरवरी तक मदार से रोजाना सुबह साढ़े 4 बजे रवाना होकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर रोहतक पहुंचेगी। इसी प्रकार, ट्रेन नंबर 09640, रोहतक-मदार स्पेशल ट्रेन 16 फरवरी से 28 फरवरी तक रोजाना रोहतक से दोपहर डेढ़ बजे रवाना होकर 10 बजकर 35 मिनट पर मदार पहुंचेगी। इन जगह रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन रास्ते में किशनगढ़, नरैना, फुलेरा, रेनवाल, बधाल, रींगस, श्रीमाधोपुर, कांवट, भगेगा, नीम का थाना, मावंडा, डाबला, निजामपुर, नारनौल, अटेली, कुंड, रेवाड़ी, गोकलगढ़, झज्जर व अस्थल बोहर स्टेशनों पर स्टॉपेज करेगी। इस ट्रेन में सभी कोच जनरल कैटेगरी के होंगे।
आगर मालवा के ग्राम निपानिया बैजनाथ में मस्जिद के इमाम और बंटवारे को लेकर एक ही समुदाय के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस हिंसक झड़प में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए उज्जैन रेफर किया गया है। विवाद की मुख्य वजह मस्जिद में बाहर से आए इमाम से नमाज पढ़वाने को लेकर थी। एक पक्ष इसके खिलाफ था, जबकि दूसरा पक्ष अड़ा हुआ था। इसी बात को लेकर शुरू हुई बहस देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। दो घायल उज्जैन रेफर झड़प के दौरान इरफान (पिता सत्तार लाला) और साहिल (पिता अजगर लाला) को गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल में शुरुआती इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए उज्जैन भेज दिया है। पुलिस ने संभाली स्थिति घटना के बाद जब बड़ी संख्या में लोग थाने पर इकट्ठा हुए, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए लाठियां फटकारीं और स्थिति पर काबू पाया। फिलहाल गांव में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
जमीन विवाद में युवक के सिर पर सब्बल से हमला:कोंडागांव पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा
छत्तीसगढ़ के कोंडागांव के केशकाल थाना क्षेत्र के ग्राम गारका में जमीन विवाद को लेकर हुए हमले के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 6 फरवरी 2026 को हुई थी। प्रार्थिया ने केशकाल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके पति प्रदीप सिन्हा अपने घर के बाड़ी में मजदूरों के साथ बाड़ लगाने के लिए तार-खूंटा लगा रहे थे। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले सुंदर लाल सिन्हा और किशुन सिन्हा वहां पहुंचे और जमीन को लेकर विवाद शुरू कर दिया। आरोपियों ने पड़ोसी को धमकी दी आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों आरोपियों ने प्रदीप सिन्हा को धमकी दी। सुंदर लाल सिन्हा ने प्रदीप सिन्हा के दोनों पैर पकड़ लिए, जबकि किशुन सिन्हा ने लोहे के सब्बल से उनके सिर पर वार कर दिया। इस हमले में प्रदीप सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल प्रदीप सिन्हा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र केशकाल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें रायपुर रेफर कर दिया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों को किया गिरफ्तार पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर, केशकाल थाने में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, ग्राम गारका निवासी आरोपी सुंदर लाल सिन्हा (60 वर्ष) और किशुन सिन्हा (58 वर्ष) को पूछताछ के लिए बुलाया गया। दोनों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद, 9 फरवरी 2026 को उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
मुरैना जिले के अहरौली गांव में माता मंदिर की छत गिर गई। मलबे में दबकर 3 बच्चियों की मौत हो गई। 4 अन्य बच्चियां और एक दंपती घायल हैं। हादसा रविवार दोपहर करीब दो बजे मंदिर में गुंबद निर्माण के लिए पुरानी छत तोड़ते वक्त हुआ। गांव में ही रहने वाले सतीश गौड पत्नी पृथ्वी के साथ मंदिर में प्रसाद चढ़ाने आए थे। उन्होंने प्रसाद देने के लिए कुछ बच्चियों को भी मंदिर के भीतर बुला लिया। इसी दौरान पुरानी छत की पटिया गिर गई और नीचे बैठीं बच्चियां मलबे में दब गईं। इन बच्चियों की गई जान हादसे में ये घायल देखिए, हादसे के बाद की तीन तस्वीरें… पुलिस और एसडीएम मौके पर मौजूदमौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबा हटाकर घायलों और शवों को बाहर निकाला। सूचना पर एसडीएम जौरा शुभम शर्मा, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। घायलों को कैलारस अस्पताल में भर्ती कराया। खबर लगातार अपडेट की जा रही है…
गुरुग्राम जिले में नगर निगम (MCG) द्वारा धनकोट गांव में चल रहे सीवर लाइन बिछाने के कार्य के चलते सड़क मार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। इस निर्माण कार्य से यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और MCG ने वैकल्पिक रूट निर्धारित किए हैं। पुलिस ने वाहन ड्राइवरों से अपील की गई है कि वे इन वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और धनकोट गांव की मुख्य सड़क से बचे, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित रहे और जाम की स्थिति न बने। MCG के इंजीनियरिंग विंग द्वारा चलाया जा रहा यह कार्य गांव में सीवेज सिस्टम स्थापित करने के उद्देश्य से है। एमसीजी ने सीवर कार्यों को मंजूरी दी थी हाल ही में MCG की फाइनेंस एंड कॉन्ट्रेक्ट्स कमिटी ने 25 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी थी, जिसमें धनकोट सहित कई गांवों में वाटर सप्लाई पाइप लाइन और सीवरेज से जुड़े कार्य शामिल हैं। यहां पुरानी सीवर लाइनों के कारण जलभराव और ओवरफ्लो की समस्या है। इससे जाम भी लग जाता है। ट्रैफिक एडवाइजरी जारी बादली से गुरुग्राम की ओर आने वाले वाहन ड्राइवरों को धनकोट गांव के अंदर से गुजरते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे की ओर जाना होगा। यह रूट सीधा और सुरक्षित बनाया गया है, ताकि मुख्य प्रभावित सड़क से बचा जा सके। द्वारका एक्सप्रेसवे से चंदू-बादली की ओर जाने वाले वाहन श्याम चौक से लगभग 500 मीटर सीधे चलने के बाद दाएं मुड़े और धनकोट नहर के साथ-साथ वाली सड़क से चंदू-बादली की ओर बढ़े। यह डायवर्शन नहर के किनारे की उपलब्ध सड़क का उपयोग करता है, जो अस्थायी रूप से ट्रैफिक के लिए खोला गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे से धनकोट, चंदू, बादली और फरूखनगर की ओर जाने वाला मार्ग को धनकोट गांव में वन-वे घोषित कर दिया गया है। इस दिशा में आने वाले वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध है। ऐसे सभी वाहन ड्राइवर धनकोट नहर के साथ वाली वैकल्पिक सड़क का इस्तेमाल करें। वैकल्पिक मार्ग से निकलें ट्रैफिक पुलिस ने वाहन ड्राइवरों से अनुरोध किया है कि वे इन निर्देशों का सख्ती से पालन करे, अनावश्यक रूप से प्रभावित क्षेत्र में न जाए और यदि संभव हो तो वैकल्पिक समय या मार्ग चुने। निर्माण कार्य की अवधि के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन MCG के हालिया प्रोजेक्ट्स को देखते हुए यह कुछ हफ्तों या महीनों तक चल सकता है।
उदयपुर शहर में 10 फरवरी के दिन करीब 50 से ज्यादा स्थानों पर बिजली बंद रहेगी। अजमेर विद्युत वितरण निगम की और से मेंटेंनेंस के चलते मंगलवार को सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रख्री जाएगी। यहां होगा पावर कट
पानीपत शहर के तहसील कैंप क्षेत्र में मामूली विवाद ने उस समय बड़ा रूप ले लिया, जब एक महिला और उसके साथियों ने मिलकर एक युवक पर जानलेवा हमला कर दिया। मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब पीड़ित ने पुलिस पर राजनीतिक दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप लगाया। अंततः, कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद महिला नगर पार्षद सहित 13 नामजद आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। विवाद की शुरुआत: एक दोपहिया वाहन बना कारण घटना की शुरुआत 15 सितंबर 2025 को हुई। देवी मूर्ति कॉलोनी के हिमांशु डावर ने अपनी बहन के लिए आरोपी विजय से उसकी एक्टिवा उधार मांगी थी। हिमांशु की बहन को बाजार में कुछ व्यक्तिगत काम के कारण देर हो गई, जिससे एक्टिवा मालिक की पत्नी अनवी नाराज हो गई। आरोप है कि अनवी एक अन्य व्यक्ति के साथ हिमांशु के घर पहुंची और उसकी मां के साथ बदतमीजी करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। जब हिमांशु घर लौटा और उसने इस व्यवहार का विरोध किया, तो विवाद और बढ़ गया। साजिश के तहत हमला और लूटपाट शिकायत के अनुसार, उसी रात करीब 8:45 बजे हिमांशु के दोस्त मन्नी मानुष को आरोपी शंकी का फोन आया। शंकी ने समझौते के बहाने हिमांशु को मेला राम पार्क स्थित हनुमान सभा में बुलाया। जब हिमांशु अपने दोस्त के साथ वहां पहुंचा, तो वहां पहले से ही 12-15 लोग हथियारों के साथ तैयार बैठे थे। आरोप है कि अनवी, विजय, शंकी, बॉबी चोपड़ा, तुषार और अन्य आरोपियों ने हिमांशु पर लोहे की रॉड, डंडों, ईंटों और 'आइस पिक' (बर्फ तोड़ने वाला सुआ) जैसे नुकीले हथियारों से हमला कर दिया। हमले में हिमांशु को बुरी तरह पीटा गया और उसकी कार (HR-10-AB-0208) को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इतना ही नहीं, हमलावरों ने हिमांशु का मोबाइल फोन और पर्स भी छीन लिया, जिसमें जरूरी दस्तावेज और कंपनी का चेक था। पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल पीड़ित हिमांशु ने आरोप लगाया कि जब उसके पिता उसे घायल अवस्था में सिविल अस्पताल ले गए, तो वहां भी कुछ आरोपी मौजूद थे। अगले दिन जब वह तहसील कैंप थाने पहुंचा, तो पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे ही प्रताड़ित किया। हिमांशु का दावा है कि पुलिस अधिकारियों ने उसे खून से सने कपड़े नाले में फेंकने के लिए कहा और मेडिकल रिपोर्ट को नजरअंदाज कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि स्थानीय नगर निगम पार्षद अंजलि शर्मा के राजनीतिक दबाव और आरोपियों द्वारा दी गई कथित रिश्वत के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यहां तक कि सीसीटीवी फुटेज जुटाने और कार को कब्जे में लेने के अनुरोध को भी पुलिस ने ठुकरा दिया। कोर्ट का रुख और FIR दर्ज पुलिस प्रशासन से न्याय न मिलने पर हिमांशु ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए JMIC कोर्ट, पानीपत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 175(3) के तहत आदेश जारी कर पुलिस को तुरंत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। इन लोगों पर केस दर्ज पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अनवी, विजय, शंकी, बॉबी चोपड़ा, तुषार, दीपा दारूवाला, गौतम धमीजा, राहुल, सुरेंद्र गग्गू, अशोक सोनी, साहिल चुघ, सौरभ चोपड़ा और नगर निगम पार्षद अंजलि शर्मा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सभी पर 109, 351, 115, 118, 130, 303 व 61 BNS के तहत केस दर्ज किया गया है।
बैतूल जिले में कल (10 फरवरी) से शुरू हो रही हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं के मद्देनजर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। विद्यार्थियों को शांत माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिलेभर में ध्वनि विस्तारक यंत्रों (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नर्सरी से माध्यमिक स्तर तक की वार्षिक परीक्षाएं भी फरवरी से अप्रैल तक चलेंगी, जिसके कारण यह निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार, परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का शोर या लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अतिरिक्त, रात 10 से सुबह 6 बजे तक पूरे जिले में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों के आसपास का वातावरण शांत और नकलमुक्त होना चाहिए। परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाना भी पूरी तरह वर्जित किया गया है। परीक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, किसी भी स्कूल के 100 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगाई गई है। प्रशासन ने यह भी कहा है कि परीक्षा अवधि के दौरान किसी भी कार्यक्रम या आयोजन की अनुमति तभी दी जाएगी, जब उससे परीक्षाओं में कोई बाधा न पहुंचे। जिलेवासियों से अपील की गई है कि वे परीक्षार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शांति और अनुशासन बनाए रखने में सहयोग करें।
धौलपुर में अधीक्षण अभियंता गोविंद सिंह चौधरी ने विद्युत निगम कार्यालय में जिले के सभी सर्किलों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। इस बैठक में एक्सईएन, जेईएन और एआरओ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्युत उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही, उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने पर विशेष जोर दिया गया। बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देशउन्होंने फरवरी माह में जिले में शत-प्रतिशत राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित करते हुए बकाया वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा नए विद्युत कनेक्शन निर्धारित समय-सीमा में जारी करने और जले हुए ट्रांसफॉर्मरों को तत्काल बदलने के भी निर्देश दिए गए। अधीक्षण अभियंता ने विद्युत दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने को कहा। इसके साथ ही, विद्युत चोरी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए बीसीआर (बिजली चोरी रिपोर्ट) भरने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि उपभोक्ता सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों को अपने कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी से कार्य करने को कहा।
हजारीबाग पुलिस ने जिले में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने शहर के बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र से ब्राउन शुगर की तस्करी में संलिप्त एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से लगभग 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 10,100 रुपए नगद बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग को 09 फरवरी 2026 को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र के सिसरा रेस्ट हाउस के पीछे स्थित पेट्रोल पंप के आसपास ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना की सत्यता की पुष्टि होने के बाद अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर अमित आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। इस दल में पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार (परिसंचरण) सहित बड़ा बाजार ओपी के पदाधिकारी और थाना सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा, जिसे पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से 38.80 ग्राम ब्राउन शुगर और 10,100 रुपए नगद बरामद हुए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बाहर से ब्राउन शुगर खरीदकर हजारीबाग शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर पुड़िया बनाकर 300 से 500 रुपए में बेचता था। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. एजाज (लगभग 30 वर्ष), पिता मो. उस्मान, निवासी यासिन गली, खिरगांव थाना सदर, हजारीबाग के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और उसके विरुद्ध पूर्व में थाना सदर (बड़ा बाजार) में कांड संख्या 367/16 दर्ज है। इस मामले में थाना सदर (बड़ा बाजार) में कांड संख्या 46/26, दिनांक 09.02.2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी)/22(बी)/29 के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीएसपी प्रशांत कुमार ने प्रेस वार्ता कर यह सारी जानकारी मीडिया के साथ साझा की है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिव नवरात्रि पर्व के चौथे दिन भगवान महाकाल का घटाटोप स्वरूप में श्रृंगार किया गया। मंदिर प्रांगण स्थित कोटितीर्थ के तट पर सुबह श्री कोटेश्वर महादेव भगवान का पूजन-अभिषेक और आरती हुई। मुख्य पुजारी घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों ने रुद्रपाठ के साथ अभिषेक किया। दोपहर 3 बजे के बाद संध्या पूजन किया गया। इसके पश्चात महाकालेश्वर को नवीन वस्त्र, रजत मुकुट और शेषनाग का कुंडल अर्पित कर घटाटोप स्वरूप में श्रृंगारित किया। बता दें, 15 फरवरी तक प्रतिदिन संध्या समय अलग-अलग स्वरूपों में भगवान के दर्शन होंगे। जानिए, किस दिन क्या श्रृंगार होगा
कटनी जिले के कनकी गांव में सोमवार सुबह सियार ने घर के भीतर घुसकर हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद उसने घर में बंधी भैंस को भी बुरी तरह जख्मी कर दिया। चारा डालते समय हुआ अचानक हमला घटना सुबह करीब 10 बजे की है। मनीराम पटेल (38) अपने परिवार के साथ घर की बाड़ी में मवेशियों को चारा डाल रहे थे। इसी दौरान जंगल की तरफ से आया एक सियार बाड़ी के रास्ते घर के आंगन में घुस गया। सियार ने सबसे पहले मनीराम पर हमला किया, उन्हें बचाने दौड़ीं सोमवती (36) और महिमा बाई (60) को भी सियार ने काटकर बुरी तरह घायल कर दिया। खूंटे से बंधी भैंस पर हमला किया परिजनों को लहूलुहान करने के बाद सियार ने खूंटे पर बंधी भैंस पर भी हमला किया। इसके बाद ग्रामीणों के शोर मचाने पर सियार वहां से भाग निकला। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से तीनों घायलों को रीठी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। गांव में दहशत, वन विभाग को दी सूचना इस घटना के बाद से कनकी गांव के लोग डरे हुए हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को मामले की जानकारी दे दी है। लोगों का कहना है कि जंगली जानवर अब रिहायशी इलाकों में घुसने लगे हैं, जिससे बच्चों और पालतू पशुओं की सुरक्षा को लेकर खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और सियार को पकड़ने की मांग की है।
आलीराजपुर की कलेक्टर नीतू माथुर ने सोमवार को चंद्रशेखर आजाद नगर का दौरा कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। मुख्यमंत्री 27 फरवरी को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर यहां आने वाले हैं। कलेक्टर माथुर ने हेलिपैड, आजाद कुटिया (शहीद आजाद का जन्म स्थल) और मुख्य सभा स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने हेलिपैड पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की समीक्षा की, साथ ही आजाद कुटिया पहुंचकर प्रतिमा को नमन किया और वहाँ होने वाले कार्यक्रमों के लिए जरूरी निर्देश दिए। अफसरों को दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हेलिपैड से लेकर कार्यक्रम स्थलों तक जाने वाले रास्तों की सफाई, बिजली, पानी और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ समय पर सारी तैयारियां पूरी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। मौके पर मौजूद अधिकारी इस दौरे के दौरान आलीराजपुर की एसडीएम निधि मिश्रा, तहसीलदार जितेंद्र तोमर और अलग-अलग विभागों के अफसर मुख्य रूप से मौजूद रहे। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि मुख्यमंत्री के आगमन पर शहीद आजाद को दी जाने वाली श्रद्धांजलि का यह कार्यक्रम पूरी भव्यता और अनुशासन के साथ संपन्न हो।
दतिया मेडिकल कॉलेज में पदस्थ नर्सिंग ऑफिसर्स ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नर्सिंग ऑफिसर्स ने डीन डॉ. दीपक सिंह मरावी पर पिछले 18 महीनों से आर्थिक और मानसिक शोषण करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। नर्सिंग ऑफिसर्स का कहना है कि उनकी नियुक्ति वर्ष 2021 में हुई थी। नियुक्ति के बाद भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर तत्कालीन अधिष्ठाता और चयन समिति के विरुद्ध लोकायुक्त एवं आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) द्वारा जांच शुरू की गई थी। लेकिन पिछले 4 से 5 वर्षों में जांच का क्या निष्कर्ष निकला, इसकी कोई जानकारी आज तक नहीं दी गई। दोषी मौज में, नर्सिंग ऑफिसर्स परेशाननर्सिंग ऑफिसर्स का आरोप है कि जिन अधिकारियों पर जांच चल रही है, वे आज भी आराम से अपनी जिंदगी जी रहे हैं, जबकि हम पिछले 18 महीनों से परिवीक्षा अवधि समाप्त होने, पूर्ण वेतन और नियमितीकरण के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिव्यांग नर्सिंग ऑफिसर्स को नियमित कर दिया गया है, वहीं कुछ नर्सिंग ऑफिसर्स जो म्यूचुअल ट्रांसफर के जरिए यहां से जा चुके हैं, उनका भी नियमितीकरण हो चुका है। लेकिन समान स्थिति में होने के बावजूद शेष नर्सिंग ऑफिसर्स को उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहींनर्सिंग ऑफिसर्स ने बताया कि उन्होंने डीन को मौखिक और लिखित रूप से कई बार अपनी समस्या से अवगत कराया। इसके बाद उच्च न्यायालय ग्वालियर में याचिका भी दायर की गई, जिसमें डीन को उचित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। नर्सिंग ऑफिसर्स का आरोप है कि जब मजबूर होकर उन्होंने सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई, तो उन्हें अधिकारियों द्वारा धमकाया जाने लगा और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। नर्सिंग ऑफिसर्स ने कहा कि वे खुद को आर्थिक और मानसिक रूप से शोषित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने शासन और प्रशासन से मांग की कि दोषियों को सजा दी जाए, लेकिन निर्दोष नर्सिंग ऑफिसर्स को उनका हक जल्द से जल्द दिलाया जाए।
कोटा में तीन मंजिला रेस्टोरेंट बिल्डिंग गिरने के बाद अब अवैध निर्माण को लेकर मुद्दा उठने लगा है। सोमवार शाम को नायक संस्था के युवाओं ने केडीए की कुछ नोटशीट दिखाते हुए आरोप लगाए कि जिन भवनों को केडीए ने अवैध निर्माण माना। उन्हें पूरा बनने दिया गया। उनका निर्माण काम न तो रूकवाया गया न ही तोड़ा गया। सामाजिक कार्यकर्ताओं की संस्था नायक के प्रतिनिधियों ने केडीए पहुंचकर केडीए के बोर्ड के नीचे पोस्टर चिपका दिया। कार्यकर्ताओं ने यहां कोटा विकास प्राधिकरण के बोर्ड के नीचे अवैध निर्माण विकास प्राधिकरण का पोस्टर लगा दिया। संस्था के शंशाक ने बताया- रंगबाडी पुनर्वास कॉलोनी में 7 मंजिला बिल्डिंग का निर्माण को केडीए, तत्कालीन यूआईटी ने नोटशीट में अवैध निर्माण माना था। एलआईसी भवन के सामने बन रही इस बिल्डिंग को निर्धारित मापदंडो के अनुरूप नहीं माना गया था। कार्रवाई के लिए अधिकारियों को भेजा गया था। 13 जनवरी 2025 को ये नोटशीट चली थी, लेकिन आज तक इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। शंशाक ने बताया कि इसी तरह विश्वकर्मा नगर स्पेशल में मेन रोड पर भूखंड संख्या 33-34 में अवैध रूप से निर्माण किया गया है। इसे भी केडीए ने गलत माना था और कार्यवाही के लिए नोटशीट चलाई गई थी। लेकिन वहां होटल बनकर तैयार हो चुके हैं। यहां दस मंजिला अवैध निर्माण कर लिया गया, लेकिन कागजों में ही कार्रवाई चलती रही। एक साल इस नोटशीट को भी चले हुए हो गया है। शंशाक ने बताया- केडीए की तरफ से आंखे मूंद ली गई और शहर में अवैध निर्माण होते रहे। इसी तरह निगम के अधीन आने वाले भवनों में भी ऐसे ही निर्माण हो रहे हैं। फिर भले ही बिल्डिंग गिरे और लोगों की मौत हो। उन्होंने कहा- जल्द ही शहर की ऐसी सौ भवनों की लिस्ट जारी की जाएगी। जो बिना अनुमति और अवैध तरीके से बनाई गई है। वहीं, इस बारे में जब डिप्टी कमीश्नर मालविका से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं मिला।
डिंडौरी में स्वास्थ्यकर्मियों ने सोमवार को कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने निलंबित फार्मासिस्ट विमला द्विवेदी और नर्सिंग ऑफिसर जयमती नंदेहा को बहाल करने की मांग की। इन दोनों को 6 फरवरी को कलेक्टर ने निलंबित किया था। उन पर रेफर किए गए मरीज रविंद्र मरावी की ऑक्सीजन की कमी से मौत का आरोप था। इस मामले में सिविल सर्जन ने 6 फरवरी को जिला जनसंपर्क अधिकारी को एक पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि मरीज रविंद्र मरावी की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई, यह कहना सही नहीं है, जब तक कि पोस्टमार्टम न हुआ हो। सिविल सर्जन के अनुसार, मरीज को 4 फरवरी को सुबह 6:30 बजे परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन 7:30 बजे वे उसे घर ले गए। बाद में तबीयत बिगड़ने पर उसे दोबारा अस्पताल लाया गया। मेडिकल रिपोर्ट में मरीज के पेट में छाले के लक्षण थे। इलाज के दौरान सुधार न होने पर 5 फरवरी की सुबह उसे मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर किया गया। एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण जननी एक्सप्रेस से रेफर करने से पहले ड्यूटी डॉक्टर ने परिजनों को मरीज की गंभीर हालत के बारे में सूचित किया था। सिविल सर्जन ने आशंका जताई कि मरीज की मौत पेप्टिक अल्सर परफोरेशन से होने वाले शॉक के कारण परिवहन के दौरान हुई होगी। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था, जिससे मौत का सही कारण पता नहीं चल सका। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑक्सीजन की कमी से मौत का दावा पूरी तरह गलत है। सीएमएचओ को भी सौंपा था ज्ञापन 6 फरवरी को निलंबन आदेश जारी होने के बाद, 7 फरवरी को कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज पांडेय को भी ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को बिना नोटिस के एकतरफा निलंबित करने को गलत बताया था। कर्मचारियों ने तत्काल बहाली की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो 10 फरवरी से जिला अस्पताल के सभी अधिकारी-कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। कलेक्टर ने जवाब देने के निर्देश सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे स्वास्थ्य कर्मियों ने कलेक्टर से मुलाकात की। निलंबित फार्मासिस्ट और नर्सिंग ऑफिसर ने भी अपना पक्ष रखा। कलेक्टर ने दोनों निलंबित कर्मचारियों को लिखित में अपना जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।
कांग्रेस ने राज्यभर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि, सरकार जानबूझकर इस महत्वाकांक्षी योजना को कमजोर कर रही है। पार्टी नेताओं ने स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों, छात्रों और पालकों से संवाद किया और जमीनी हकीकत सामने रखी। कांग्रेस के अनुसार, राजधानी रायपुर समेत कई स्कूलों में एक साल से बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। नया सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक न ड्रेस पहुंची है और न ही जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षकों की भारी कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। एक स्कूल में 1200 से अधिक बच्चों पर पांच शिक्षकों और दो प्यून की कमी बताई गई। इसके बावजूद शिक्षकों की अन्य जगहों पर ड्यूटी लगा दी गई है। योग्य बच्चे वंचित हो रहे कांग्रेस का कहना है कि यह योजना पूर्ववर्ती सरकार के दौरान बेहतर तरीके से संचालित हो रही थी। तब स्कूलों का स्तर इतना बेहतर था कि निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से बच्चे निकालकर पालक आत्मानंद स्कूलों में दाखिला दिला रहे थे। प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में कथित तौर पर सिफारिश के आधार पर प्रवेश कराए जा रहे हैं, जिससे योग्य बच्चे वंचित हो रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि, स्कूलों को पर्याप्त फंड नहीं दिया जा रहा। अंग्रेजी माध्यम के योग्य विषय शिक्षक और प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो रही है। कुर्सी-टेबल, लैब सामग्री, ड्रेस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पहले डीएमएफ फंड से प्रति स्कूल सालाना 5–6 लाख मिलते थे, जो अब घटकर दो लाख से भी कम रह गए हैं। आर्थिक तंगी के चलते कई स्कूलों में बिजली बिल तक का भुगतान नहीं हो पा रहा। पालक बच्चों का भविष्य लेकर चिंतित कांग्रेस का दावा है कि अव्यवस्थाओं और अनुशासनहीनता के कारण पालक बच्चों का भविष्य लेकर चिंतित हैं। हाल के समय में स्कूल परिसरों में गंभीर घटनाओं की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। पार्टी का कहना है कि इन हालातों के चलते आत्मानंद स्कूलों की स्थापना की मूल भावना को खत्म करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि सोमवार को रायपुर में विभिन्न क्षेत्रों के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दोपहर 12:30 से 1:30 बजे के बीच पार्टी कार्यकर्ता, पालक और स्थानीय पदाधिकारी पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे, शिक्षकों व छात्रों से संवाद करेंगे और आवश्यक संसाधनों की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे। क्या है स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना ? साल 2022 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराना है। राज्य में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलकर बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं देने की परिकल्पना की गई थी।
ब्यावर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत 100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान सोमवार को शुरू किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर कमलराम मीना और ब्यावर विधायक शंकर सिंह रावत ने बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।दिशा-आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था और बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान चलाया जा रहा है। पोस्टरों का विमोचन कियाइस गहन अभियान का उद्देश्य समुदाय स्तर पर जन-जागरण, संवाद कार्यक्रम और बाल विवाह विरोधी प्रतिज्ञा के माध्यम से लोगों को जागरूक करना है। इसके साथ ही, बाल विवाह की समय रहते पहचान और प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए रिपोर्टिंग तंत्र को सुदृढ़ किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों ने अभियान के पोस्टरों का विमोचन किया और हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर बाल विवाह मुक्त भारत के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। इस अवसर पर अभिषेक गुजराती (सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग), अंजली शर्मा (अध्यक्ष, बाल कल्याण समिति), विशाल सोलंकी (समाज कल्याण अधिकारी) और फादर जेरिश एंटोनी (निदेशक, दिशा–आर.सी.डी. समाजसेवी संस्था) सहित कई लोग मौजूद रहे।

