सहारनपुर में अवैध खनन रोकने के अभियान के तहत चिलकाना पुलिस ने मंगलवार दोपहर बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने पठेड़-टोडरपुर मार्ग पर बिना रॉयल्टी खनन सामग्री ले जा रहे पांच वाहनों को जब्त किया। इनमें चार ट्रक और एक ट्रैक्टर शामिल हैं। सभी वाहनों को सीज कर थाना परिसर में खड़ा करा दिया गया है। सीओ बेहट प्रिया यादव ने मंगलवार शाम 5:30 बजे बताया कि क्षेत्र में अवैध खनन सामग्री के परिवहन की शिकायतों के बाद वाहनों की निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों को रोककर जांच की। जांच में वाहनों में खनन सामग्री मिली, लेकिन चालक वैध दस्तावेज और रॉयल्टी नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने पांचों वाहनों को कब्जे में ले लिया। पकड़े गए वाहनों में दो डंपर नंबर प्लेट वाले थे, जबकि तीन वाहन बिना नंबर प्लेट के मिले। पुलिस ने मामले की जानकारी संबंधित विभाग को भेज दी है, ताकि आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सके। जब्त किए गए वाहनों में डंपर संख्या UK 12-CA-3939, डंपर संख्या UK 08-CB-5250, एक महिंद्रा अर्जुन ट्रैक्टर (बिना नंबर प्लेट) और दो अन्य बिना नंबर प्लेट के ट्रक शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध खनन और खनन सामग्री के अवैध परिवहन को रोकने के लिए क्षेत्र में लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। बिना अनुमति या नियमों के खिलाफ चलने वाले वाहनों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई चिलकाना थाना प्रभारी विनोद कुमार के नेतृत्व में की गई। टीम में उपनिरीक्षक रवि कुमार, हेड कांस्टेबल विवेक कुमार और कांस्टेबल विशाल यादव शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अब पकड़े गए वाहनों के दस्तावेजों और खनन सामग्री से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
झज्जर जिले में देर रात दुल्हेड़ा गांव के पास हुए भीषण सड़क हादसे में 20 वर्षीय कबड्डी खिलाड़ी की मौत हो गई, जबकि उसके साथ कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा कार और ट्रक की जोरदार टक्कर में हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और एक खिलाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई। घटना CCTV में कैद हो गई। मृतक की पहचान हिमांशु पुत्र सतीश, निवासी गांव भंडारी, जिला पानीपत के रूप में हुई है। हिमांशु की उम्र करीब 20 वर्ष थी और वह रोहतक के बहु अकबरपुर में रहकर कबड्डी की प्रैक्टिस करता था। बारात में शामिल होकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, हिमांशु अपने तीन-चार खिलाड़ी साथियों के साथ बहादुरगढ़ में एक बारात में शामिल होने आया था। देर रात वापस लौटते समय दुल्हेड़ा गांव के पास उनकी कार की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। तीन से चार खिलाड़ी घायल हादसे में हिमांशु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कार में सवार तीन से चार अन्य खिलाड़ी गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत होने पर उन्हें रोहतक PGI रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे की खबर मिलते ही परिवार और खेल जगत में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है और घायलों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गोवर्धन चौराहे पर डंपर-कार की टक्कर के बाद बवाल:युवकों में मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस जांच जारी
मथुरा के व्यस्त गोवर्धन चौराहे पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे एक डंपर और कार की टक्कर के बाद हंगामा हो गया। मामूली सड़क दुर्घटना के बाद शुरू हुई कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झड़प में बदल गई। सड़क पर युवकों के बीच लात-घूंसे चलने लगे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और भीड़ जमा हो गई। इस विवाद के कारण कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित रहा। मारपीट के दौरान एक महिला भी इस झड़प की चपेट में आ गई और सड़क पर गिर गई। राधा सिटी निवासी पूजा ने आरोप लगाया कि दुर्घटना के बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी बताया कि घटना के समय ट्रैफिक पुलिस मौके पर मौजूद थी, लेकिन समय रहते प्रभावी ढंग से बीच-बचाव नहीं किया जा सका। इस पूरी घटना और मारपीट का वीडियो किसी राहगीर ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। यह वीडियो अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसके बाद मामले को लेकर विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी जुटाई है और वायरल वीडियो तथा प्राप्त शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र निवासी एक युवक पर मंगलवार दोपहर 2 बजे मुरादाबाद रेलवे स्टेशन के पास आधा दर्जन से अधिक लोगों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित का आरोप है कि हमलावरों ने मारपीट के दौरान उससे पांच हजार रुपये नकद और चांदी का ब्रेसलेट भी लूट लिया। घायल युवक ने दो हमलावरों की पहचान कर ली है, जबकि अन्य अज्ञात हैं। पुलिस के अनुसार, एकता कॉलोनी निवासी वीरेंद्र उर्फ वीरू पुत्र स्वर्गीय छोटे लाल मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे अपनी मां और पत्नी के साथ चंदौसी स्थित अपनी मौसी के घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। वीरेंद्र अपनी मां और पत्नी को एक ओर खड़ा कर टिकट लेने गया था। इसी दौरान रेलवे स्टेशन के पास रामतलैया पुलिस चौकी क्षेत्र में पहले से घात लगाए बैठे छह-सात लोगों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया। घटना के दौरान वहां से गुजर रहे वीरेंद्र के एक परिचित ने उसे पहचान लिया और तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है। होश में आने पर वीरेंद्र ने पुलिस को बताया कि हमला करने वाले लोग कुछ दिन पहले मंदिर में हुई गुल्लक चोरी की घटना में पकड़े गए थे। उस समय लोगों ने उनकी पिटाई की थी और वह भी मौके पर मौजूद था। वीरेंद्र के अनुसार, आरोपियों को उम्मीद थी कि वह उनका बचाव करेगा, लेकिन ऐसा नहीं होने पर वे उससे रंजिश मानने लगे थे। पीड़ित का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने रेलवे स्टेशन पर उसे अकेला पाकर हमला किया। मारपीट के दौरान उसके हाथ से चांदी का ब्रेसलेट और जेब में रखे पांच हजार रुपये निकाल लिए और फरार हो गए। वीरेंद्र ने अपनी तहरीर में दो आरोपियों की पहचान होने की बात कही है, जबकि अन्य को अज्ञात बताया है।
वाराणसी में कार ने साइकिल सवार को रौंदा, मौत:नंबर प्लेट टूटी मिली, चालक मौके से फरार
वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार कार मोहनसराय से रोहनिया की तरफ जा रही। इस अज्ञात कार ने 55 वर्षीय साइकिल सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वृद्ध घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। देखिए तस्वीरें… नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया दुर्घटना के तुरंत बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। रोहनिया थाना पुलिस ने घायल वृद्ध को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। समाचार लिखे जाने तक घायल की पहचान नहीं हो सकी थी। घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट घटनास्थल से बरामद नंबर प्लेट के आधार पर पुलिस वाहन मालिक और फरार चालक की तलाश में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि दुर्घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि चालक की पहचान होते ही उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
रोटरी इंटरनेशनल के नए रोटरी वर्ष 2026–27 की शुरुआत 1 जुलाई से हो रही है। इस अवसर पर रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 के डिस्ट्रिक्ट गवर्नर अरुण बगड़िया ने सेवा, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व को केंद्र में रखते हुए पूरे वर्ष का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि सेवा ही सर्वोपरि केवल रोटरी का आदर्श नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है। अरुण बगड़िया ने बताया कि रोटरी इंटरनेशनल पिछले 120 वर्षों से मानव सेवा के क्षेत्र में कार्य कर रही है और अब डिस्ट्रिक्ट 3056 भी सेवा के नए अध्याय की शुरुआत करेगा। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष रोटरी के आदर्श Service Above Self को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3056 ने वर्ष 2026–27 में करीब 15 करोड़ रुपये की सेवा परियोजनाओं का लक्ष्य निर्धारित किया है। इनमें स्वच्छ पेयजल, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा, बालिका शिक्षा, डिजिटल शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, ग्रामीण विकास, रक्तदान, अंगदान जागरूकता और आपदा राहत जैसी योजनाएं शामिल हैं। डिस्ट्रिक्ट गवर्नर ने कहा कि द रोटरी फाउंडेशन को और अधिक सशक्त बनाना इस वर्ष की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही सदस्यता बढ़ाने, नए रोटरी क्लब स्थापित करने तथा युवाओं को जोड़ने के लिए रोटरैक्ट और इंटरैक्ट क्लबों का विस्तार भी किया जाएगा। उन्होंने रोटरी कम्युनिटी कॉर्प्स (RCC) को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया, ताकि आम नागरिक भी सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। पर्यावरण संरक्षण को लेकर अरुण बगड़िया ने विशेष अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि 1 जुलाई को प्रत्येक रोटेरियन कम से कम 10 पौधे लगाए और उनकी देखभाल का संकल्प ले। वहीं प्रत्येक क्लब अध्यक्ष 1000 पौधे लगाने और उनका संरक्षण सुनिश्चित करने का प्रयास करें। लक्ष्य है कि 30 जून 2027 तक एक लाख से अधिक स्वस्थ एवं विकसित वृक्ष समाज को समर्पित किए जाएं। उन्होंने सभी क्लबों से अपील की कि उनके स्वागत में फूल-मालाओं, साफों और शॉल पर खर्च करने के बजाय उसी राशि का योगदान द रोटरी फाउंडेशन में करें। उनके अनुसार यही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान होगा और इससे सेवा कार्यों को नई गति मिलेगी। अरुण बगड़िया ने सभी रोटेरियन्स, रोटरैक्टर्स, इंटरैक्टर्स, आरसीसी सदस्यों, दानदाताओं और डिस्ट्रिक्ट टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से वर्ष 2026–27 को सेवा, सहयोग, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन का स्वर्णिम अध्याय बनाया जाएगा।
भोपाल के सेल्समैन ने ग्वालियर में लगाई फांसी:पत्नी से कलह के बाद धर्मशाला में की आत्महत्या
ग्वालियर में मार्केटिंग कंपनी के सेल्समैन ने फांसी लगा ली। वह यहां एक धर्मशाला में रुका हुआ था। शाम को जब वह नजर नहीं आया। धर्मशाला के कर्मचारियों ने उसके कमरे में जाकर देखा तो वह पंखे से लटका मिला्। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चुरी भिजवाया। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित श्रीराम धर्मशाला की है। मृतक की पहचान अमित सिंह पिता कैलाश सिंह, उम्र 48 वर्ष के रूप में हुई है। वह भोपाल के कोलार रोड का निवासी था। भोपाल की ही एक मार्केटिंग कंपनी में सेल्समैन का काम करता है। 17 जून को लिया था कमराबताया जा रहा है कि 17 जून से वह भोपाल से आकर महाराज बाड़ा स्थित श्रीराम धर्मशाला में आकर ठहरा था। धर्मशाला के कर्मचारियों के अनुसार मंगलवार रात 9 बजे तक अमित बाहर टहलता हुआ नजर आया, उसके बाद नहीं दिखा। धर्मशाला में किसी की उठावनी का कार्यक्रम था तो कर्मचारी उसमें व्यस्त रहे। धर्मशाला में जो आकर ठहरता है उससे प्रतिदिन किराया जमा कराया जाता है। शाम तक जब अमित सिंह ने रिसेप्शन पर आकर पैसे जमा नहीं कराए तो एक कर्मचारी को उसके कमरे पर भेजा गया। कर्मचारी ने कई बार रूम का गेट खटखटाया, लेकिन बहुत देर तक गेट नहीं खोला तो उसे संदेह हुआ। बेडशीट से बनाया फंदाकर्मचारी ने कमरे के वेंटिलेशन से झांककर देखा तो अमित सिंह पंखे से लटका हुआ था। पंखे से अमित को लटकता देख धर्मशाला के कर्मचारियों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़ा और अंदर पहुंची। अमित ने बेडशीट को फाड़कर फंदा बनाया था और इसी से पंखे से लटक गया। पत्नी से चल रहा है विवाद अमित सिंह ने धर्मशाला में जो पता लिखाया था उसके तहत कोतवाली थाना पुलिस ने भोपाल के कोलार रोड थाने फोन लगाकर जानकारी दी। कोलार रोड पुलिस जब बताए गए पते पर पहुंची तो पता चला कि जिस घर का एड्रेस लिखा है वह बिक चुका है। पुलिस ने पूछताछ करके अमित के घरवालों का एडे्रस निकाला और परिजनों तक पहुंची। अमित के भाई ने पुलिस को बताया कि पिछले दो वर्ष से वह पारिवारिक कलह से जूझ रहा था। अमित की पत्नी बच्चों को लेकर अलग हो गई है और दूसरी जगह जाकर रहने लगी है। इसी से अमित तनाव में रहता था
धार प्रदेश सरकार के जल गंगा संवर्धन अभियान की उपलब्धियों पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के धार जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि जल संरक्षण के नाम पर किए गए कार्यों के सरकारी आंकड़े जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि अभियान को सफल दिखाने के लिए उपलब्धियों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। ठाकुर ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले इस अभियान के दौरान अधिकांश स्थानों पर जल स्रोतों की सफाई का काम अवकाश के दिनों में ही किया गया। उनका दावा है कि सीमित समय और संसाधनों में जितना काम संभव था, उससे कहीं अधिक उपलब्धियां सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज की गई हैं। धार नगर का दिया उदाहरण कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि धार नगर में भी जल स्रोतों की सफाई को लेकर जारी किए गए सरकारी आंकड़ों और जमीनी स्तर पर हुए कार्यों में बड़ा अंतर है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताया। अजय सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि धार जिले में ही सरकारी दावों और वास्तविक स्थिति में अंतर है, तो प्रदेश स्तर पर जारी किए गए आंकड़ों की भी स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि अभियान को सफल साबित करने के लिए वास्तविक कार्यों से अधिक उपलब्धियां दिखाई गई हैं। अनियमितता मिलने पर कार्रवाई की मांग कांग्रेस ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, अभियान के तहत हुए कार्यों का वास्तविक विवरण सार्वजनिक करने और कहीं अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू (डीएनटी) समाज ने 10 फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। समाज की ओर से बुधवार को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में महापड़ाव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि इसमें राजस्थान सहित देशभर से करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। मंगलवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएनटी समाज के प्रदेशाध्यक्ष रतन नाथ कालबेलिया और पशुपालन संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने आंदोलन की रूपरेखा साझा की। रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि घुमंतू एवं अर्ध-घुमंतू समुदाय राजस्थान की करीब 15 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन आज भी समाज के लोग स्थायी आवास, पहचान और मूलभूत अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीएनटी समाज पिछले दो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत है। पाली में 32 घंटे तक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जाम किया गया था और 11 मई से जैसलमेर से 'जेल भरो आंदोलन' भी शुरू किया गया। इसके बावजूद सरकार ने उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया। शाम 4 बजे तक सरकार को अल्टीमेटम रतन नाथ कालबेलिया ने कहा कि सरकार को बुधवार शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि तय समय तक मांगें नहीं मानी गईं तो महापड़ाव से शहीद स्मारक तक कूच किया जाएगा। वहां सभा के बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिए मार्च निकाला जाएगा। 'अब मुख्यमंत्री स्तर पर ही होगी वार्ता' राष्ट्रीय अध्यक्ष लालजी राइका ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के साथ हुई बैठक से स्पष्ट हो गया कि सरकार ने अब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अब डीएनटी समाज मुख्यमंत्री स्तर के अलावा किसी अन्य अधिकारी से बातचीत नहीं करेगा। समाज की प्रमुख मांग है कि डीएनटी वर्ग की अनुसूचित जाति (एससी) में आने वाली जातियों को 3 प्रतिशत और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) में शामिल जातियों को 7 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए, ताकि कुल 10 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को उन्नाव के सोहरामऊ क्षेत्र स्थित एक वाटर पार्क का दौरा किया। उन्होंने यहां बालिकाओं के साथ लगभग चार घंटे का समय बिताया और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चों से संवाद किया, उनके अनुभवों को जाना और राजभवन द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। राज्यपाल दोपहर करीब दो बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने बालिकाओं का स्वागत किया और पूरे वाटर पार्क का भ्रमण कराया। शाम करीब साढ़े पांच बजे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद राज्यपाल लखनऊ के लिए रवाना हुईं। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बताया कि राजभवन द्वारा बालिकाओं के लिए नियमित रूप से विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक और व्यावहारिक कौशल प्रदान कर उन्हें स्वावलंबी बनाना है। उन्होंने जानकारी दी कि राजभवन में बालिकाओं को भोजन प्रशिक्षण, जूडो और संगीत सहित अन्य कौशल से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाते हैं। इन प्रशिक्षणों के माध्यम से ऐसा वातावरण तैयार किया जाता है, जिससे उनमें किसी प्रकार की हीन भावना न आए और वे आत्मविश्वास के साथ अपने भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें। इस अवसर पर औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता 'नंदी' ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने राजभवन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्यपाल ने जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, उपजिलाधिकारी हसनगंज प्रज्ञा पाण्डेय और तहसीलदार अवनीश कुमार को अपनी लिखित पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।
बिजनौर में ड्यूटी पर सिपाही पर हमला:पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, दूसरे की कर रही तलाश
बिजनौर में ड्यूटी पर तैनात एक यातायात सिपाही पर हमला करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह घटना सोमवार रात कोतवाली शहर क्षेत्र के रामलीला चौक के पास हुई थी, जिसमें बाइक सवार युवकों ने सिपाही को घायल कर दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटना सोमवार रात करीब 8:30 बजे की है। सिपाही सौरभ कुमार (निवासी बुलंदशहर) चांदपुर की चुंगी के तिराहे पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। बताया गया है कि कुछ बाइक सवार युवक शराब पीकर सड़क पर हंगामा कर रहे थे। जब सिपाही सौरभ ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो युवकों ने उन पर हमला कर दिया, जिससे सिपाही के सिर में गंभीर चोट आई। हमले में घायल सिपाही सौरभ को आसपास मौजूद लोगों और अन्य यातायात पुलिसकर्मियों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को आरोपी ऋतिक (निवासी पृथ्वी मोलड पुर, शहर कोतवाली) को गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी अभय पांडे ने बताया कि सोमवार रात करीब 8:30 बजे ट्रैफिक कांस्टेबल सौरभ के साथ बदसलूकी और उन्हें घायल करने के मामले में केस दर्ज किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि इस वारदात को ऋतिक और हिमांशु नामक दो युवकों ने अंजाम दिया था। पुलिस ने ऋतिक को हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि दूसरे आरोपी हिमांशु की तलाश जारी है।
सिरसा जिले में रानियां की अनाज मंडी में शेड के नीचे दो युवकों पर तेजधार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला किया गया। हमलावरों ने युवकों की बाइक को भी आग के हवाले कर दिया। लाठी, डंडे और तलवारों से वार किए गए, जिससे दोनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। अपनी जान बचाने के लिए वे बाइक मौके पर छोड़कर भाग गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, जिससे जली हुई बाइक की आग बुझाई जा सकी। घायलों में 18 वर्षीय लवप्रीत निवासी वार्ड नंबर-9, रानिया शामिल है। उसके साथ जसकरण भी घायल हुआ है। गंभीर चोटों के कारण दोनों को सिरसा अस्पताल रेफर किया गया है। क्रिकेट खेल रहा था युवक बताया जा रहा है कि लवप्रीत अपने 5-6 साथियों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। उसी दौरान दीप निवासी फिरोजाबाद, और अजय निवासी वार्ड नंबर-13, अपने 4-5 साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने जसकरण और लवप्रीत के साथ गाली-गलौज और झगड़ा शुरू कर दिया। इसके बाद दूसरे पक्ष के युवकों ने तलवारों, लाठी और डंडों से लवप्रीत और जसकरण पर हमला कर दिया। दोनों युवक किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागने में सफल रहे। अपनी बाइक वहीं पर छोड़कर भाग गए। बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष ही आवारा की किस्म के युवक हैं और आए दिन इनके झगड़े होते रहते हैं और आज दिन में भी बालासर रोड पर इन लोगों की काफी बहस हुई बताई जा रही है। वहीं, जब इस मामले में रानियां थाना प्रभारी सुखबीर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामला हमारे संज्ञान में आ चुका है और जल्द ही ऐसे शरारती तत्वों को सबक सिखाने का काम करेंगे और इन लोगों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
प्रयागराज में पिछले एक सप्ताह से भीषण गर्मी और 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान झेल रहे प्रयागराजवासियों को मंगलवार देर शाम आखिरकार राहत मिल गई। गरज-चमक के साथ मानसून ने शहर में दस्तक दी और करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया। बारिश के बाद तापमान में लगभग 5-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। दिनभर उमस और तेज गर्मी से लोग परेशान रहे, लेकिन शाम होते-होते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ शुरू हुई बारिश ने पूरे शहर को भिगो दिया। लंबे समय बाद हुई इस अच्छी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया और कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। देखें तस्वीरें….. बारिश के कारण शहर में कई स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। हालांकि, भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बारिश किसी राहत से कम नहीं रही। पिछले एक सप्ताह से शहर का अधिकतम तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा था। मानसून की पहली अच्छी बारिश किसानों के लिए भी राहत लेकर आई है। धान की बुवाई का मौसम शुरू हो चुका है और खेतों को पानी की जरूरत थी। ऐसे में इस बारिश से किसानों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में भी इसी तरह बारिश होती रही तो खरीफ फसलों की बुवाई को गति मिलेगी और किसानों की सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट आएगी तथा लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलती रहेगी।
दमोह-जबलपुर स्टेट हाईवे पर सोमवार शाम जबेरा थाना क्षेत्र में ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार युवक को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही जब परिजन मौके पर पहुंचे, तो बेटे का शव ट्रक के पहिए के नीचे फंसा देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे का शिकार हुए मृतक की पहचान जबेरा थाना क्षेत्र के ग्राम गिदरा निवासी 18 वर्षीय गिरवर उर्फ कुलदीप (पिता जालम सिंह) के रूप में हुई है। कुलदीप किसी घरेलू काम से अपनी बाइक लेकर जबेरा आया हुआ था। काम निपटाकर जब वह वापस अपने गांव लौट रहा था, तभी भदर नाले के पास दमोह से जबलपुर की ओर जा रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी और उसे कुचल दिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें हादसे के तुरंत बाद स्थानीय युवक मोंटू बाजपेयी ने इसकी सूचना जबेरा थाना पुलिस को दी। खबर मिलते ही एएसआई अशोक सिंह और आरक्षक वीरेंद्र सिंह बिना देर किए मौके पर पहुंचे। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद युवक को ट्रक के नीचे से निकाला और तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जबेरा भिजवाया। हालांकि, अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए शवगृह भेज दिया है। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।
शिवपुरी के करैरा में मृत गाय को ट्रैक्टर से बांधकर सड़क पर घसीटने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला करैरा के टीला रोड क्षेत्र का है। वायरल वीडियो में सिल्वर आयशर ट्रैक्टर से मृत गाय को पक्की सड़क और कच्चे पथरीले रास्तों पर घसीटते हुए देखा जा सकता है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से जुड़े कार्यकर्ता नचिकेता तिवारी ने करैरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। देखिए दो तस्वीरें… धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप शिकायत में नचिकेता तिवारी ने ट्रैक्टर चालक की पहचान करैरा निवासी प्रकाश जाटव के रूप में बताते हुए कहा कि गाय हिंदू समाज की आस्था का प्रतीक है। मृत गाय को इस तरह सड़क पर घसीटने से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बीएनएस की धारा 298 में मामला दर्ज पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकाश जाटव के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 298 के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनग में बिजली कटौती को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर मुकदमे के बाद मामला कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग के बीच टकराव तक पहुंच गया। मंगलवार शाम 5 बजे समीक्षा बैठक में प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने बिजली विभाग के मुख्य अभियंता विनोद कुमार को फटकार लगा दी। कहा- अगर नेता बनने का इतना ही शौक है तो नौकरी छोड़कर मैदान में आ जाइए। इस दौरान गुस्से में चीफ इंजीनियर कुर्सी से उठकर जाने लगे, लोगों के समझाने पर फिर बैठ गए। बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों की कार्यशैली और जनता के प्रति व्यवहार पर नाराजगी जताई। जिला मुख्यालय पर हुई समीक्षा बैठक देर शाम तक चली। इस दौरान बिजली कटौती, ट्रांसफॉर्मर खराब होने की घटनाओं और आम जनता की शिकायतों की समीक्षा की गई। जनता से सम्मानजनक व्यवहार करने की नसीहत बैठक के दौरान मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार से कहा- अधिकारी जनता और जनप्रतिनिधियों से सम्मानजनक एवं संवेदनशील भाषा में बात करें। सरकारी अधिकारी जनता की सेवा के लिए हैं, राजनीति करने के लिए नहीं। इस दौरान दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि मुख्य अभियंता एक बार अपनी कुर्सी छोड़कर बैठक से बाहर जाने के लिए खड़े हो गए। हालांकि, वहां मौजूद अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समझाकर दोबारा बैठाया। इसके बाद बैठक आगे जारी रही। पूरे मामले का वीडियो भी सामने आया है। अब पढ़िए मंत्री और अफसर में हुई बातचीत… मंत्री: यह सही नहीं है। मेरी बात एक मिनट सुनिए। तर्क-वितर्क मत कीजिए। सब सत्यानाश करके रख दिया है। बिजली विभाग को, चाहे उपभोक्ता हो या जनप्रतिनिधि, सभी के साथ शालीन व्यवहार करना चाहिए। भाषा संयमित और संवैधानिक होनी चाहिए, गुंडागर्दी वाली नहीं। अगर आपको नेता बनना है तो इस्तीफा दे दीजिए। मैदान में आइए और नेता बन जाइए। आपने अखबारों में बयान दिया है कि 'मैं किसी से दबता नहीं, मैं पीछे नहीं हटता, मैंने संभल भी देखा है।' यह क्या तरीका है? यह अधिकारियों की नहीं, नेताओं वाली भाषा है। अधिकारी: नहीं सर, ऐसा कुछ नहीं है… मंत्री: अरे, आपका बयान अखबार में छपा है। अधिकारी: नहीं सर, अखबार में ऐसा नहीं है... जो भी है… मंत्री: एक बात सुनिए, यह 'जो भी है' कहना बंद कीजिए। सीधे और स्पष्ट जवाब दीजिए, जो पूछा जा रहा है उसी का उत्तर दीजिए। अधिकारी: सर, मेरी बात सुनिए। पूरा प्रस्ताव भेजा गया था। कोई भी रिकॉर्ड निकालकर देख सकता है। यहां से प्रस्ताव लखनऊ भेजा गया था, लेकिन वहां से रिजेक्ट हो गया। लाइन लॉस की वजह से चार बिजलीघरों का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें केवल एक बिजलीघर स्वीकृत हुआ। क्षमता वृद्धि का प्रस्ताव भी गया था, उसमें चार ही स्वीकृत हुए। जहां कमर्शियल लॉस और लाइन लॉस कम था, वहीं मंजूरी मिली। मंत्री: एक मिनट, मेरी बात सुनिए। आपका काम यहां से प्रस्ताव भेजना है। अधिकारी: सर, प्रस्ताव नियमानुसार भेजा गया था। मंत्री: कहां भेजा गया था? अधिकारी: लखनऊ मंत्री: फिर रिजेक्ट कैसे हो गया? अधिकारी: वहां से रिजेक्ट हुआ है… मंत्री: किस स्तर से रिजेक्ट हुआ? अधिकारी: सर, मेरी बात… मंत्री: क्या आपने अपनी संस्तुति (Recommendation) के साथ प्रस्ताव भेजा था? अधिकारी: जी सर, बिल्कुल। प्रस्ताव संस्तुति के साथ भेजा गया था। मंत्री: तो उसकी रिपोर्ट मंगाइए। उसकी एक कॉपी मंगाइए। बिल्कुल, कॉपी मंगाइए। प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे से शुरू हुआ विवाद दरअसल, विवाद की शुरुआत 2 दिन पहले गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर हुई बिजली कटौती के विरोध प्रदर्शन से हुई थी। बिजली संकट से नाराज लोगों ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद बिजली विभाग ने कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और अभद्रता के आरोप में मुकदमा दर्ज करा दिया। बताया गया कि मुकदमा दर्ज होने से पहले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता को फोन कर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया। रालोद कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन मंत्री की आपत्ति के बावजूद मुकदमा दर्ज होने से राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेताओं और कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई। सोमवार को बड़ी संख्या में रालोद कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे थे और विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान कार्यालय की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई थी। पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक भी हुई थी। मंत्री बोले- संवाद से निकलेगा समाधान बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा- उन्होंने केवल अधिकारियों को जनता के साथ संवेदनशील और सम्मानजनक व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली विभाग के सामने तकनीकी चुनौतियां जरूर होती हैं, लेकिन जनता की परेशानियां भी वास्तविक हैं। ऐसे में समस्याओं का समाधान संवाद और संवेदनशीलता से ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा- सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक मंचों और मीडिया में मर्यादित आचरण रखना चाहिए। जनप्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं, वहीं अधिकारियों को भी अपनी प्रशासनिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव, SHO बेहोश होकर गिरे, साथियों ने घसीटकर हाईवे से उठाया बाराबंकी में 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद मंगलवार दोपहर 2 बजे बवाल हो गया। परिजन शव को लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए परिजनों पर दबाव डाला तो भीड़ ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लगा और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। पढ़ें पूरी खबर…
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस ऑफिस सभागार में समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी थानों के अपराध की मासिक समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपके थानाक्षेत्रों में खुलेआम मादक पदार्थ की बिक्री की सूचना मिल रही हैं। थाने की पुलिस क्या कर रही है? जल्द से जल्द अभियान चलाकर इन नशीले पदार्थों की बिक्री बंद करावाओं। ऐसा न हुआ तो आपके खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ेगी। पुलिस कमिश्नर ने चमनगंज, बाबूपुरवा, किदवई नगर और साढ़ थाना प्रभारियों को चेतावनी दी। लंबित विवेचनाओं के जल्द निस्तारण के आदेश बैठक की शुरुआत में उन्होंने बीट सूचनाएं कम दर्ज होने पर रेऊना, हरबंश मोहाल, नजीराबाद और रायपुरवा थाना प्रभारियों को इसमें सुधार कराने के निर्देश दिए। लंबित विवेचनाओं के मामले में बिठूर, बिल्हौर, साढ़ और अरौल थानेदारों को जल्द से जल्द विवेचनाओं के निस्तारण के लिए कहा गया। पुलिस कमिश्नर ने निर्देश दिए कि गैंगस्टर एक्ट के आरोपियों पर दर्ज मामलों में 6 माह में विवेचना पूरी कर आरोप पत्र दाखिल किए जाएं। कहा कि स्कूल, कॉलेज खुलने जा रहे हैं, ऐसे में छेड़छाड़ की घटनाएं न होने पाएं। स्कूल कॉलेज के पास शोहदों का जमघट न लगे इसकी विशेष निगरानी की जाए। राष्ट्रीय महिला आयोग और शासन स्तर पर लंबित मामलों के जल्द निस्तारण करने को कहा। सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि जमानत पर छूटे शातिर और उनके जमानतगीर की विशेष निगरानी की जाए, जिसमें लापरवाही न हो। इसके लिए प्रभावशाली कदम उठाए जाएं। बड़े मेलों और आयोजनों में ड्रोन से निगरानी की जाए। थाना प्रभारियों से कहा कि थानों में मौजूद सभी पुलिसकर्मियों से कार्य सौंपे जाएं और जिससे पुलिस बल का पूरा उपयोग हो सके। इसके अलावा क्षेत्र में रात की गश्त बढ़ाई जाए ताकि सड़कों पर पुलिस बल देखकर लोगों में सुरक्षा का विश्वास बढ़े। वहीं, जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में 14 संवेदनशील बंदी हैं, जिनकी विशेष निगरानी की जा रही है।
गाजियाबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मंगलवार को साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान ठगी से जुड़े 19 लाख रुपये भी फ्रीज किए गए हैं। आरोपियों ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.19 करोड़ रुपये की ठगी की थी। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे प्रेस कांफ्रेंस में सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) अमित सक्सेना ने बताया कि रामप्रस्थ कॉलोनी निवासी राम प्रकाश हुरिया ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 22 मई से 4 जून 2026 के बीच साइबर अपराधियों ने खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने की धमकी दी। आरोपियों ने पीड़ित को कई दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। इस दौरान मानसिक दबाव बनाकर उनके बैंक खाते से करीब 2.19 करोड़ रुपये विभिन्न खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग लेनदेन की जांच के आधार पर पुलिस ने गिरोह के सदस्य शुभम सिंह यादव को 29 जून को गिरफ्तार किया। उसे उन्नाव के थाना अजगैन क्षेत्र से पकड़ा गया। आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। पूछताछ में आरोपी शुभम सिंह यादव ने बताया कि एमबीए करने के बाद उसने होटल लीज और निर्माण कार्य का व्यवसाय शुरू किया था। इसी दौरान उसकी मुलाकात प्रयागराज निवासी हरिओम पाण्डेय से हुई। हरिओम ने उसे शेयर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर बैंक खाते उपलब्ध कराने और पांच प्रतिशत कमीशन देने का लालच दिया। शुभम ने हरिओम पाण्डेय को अपने बैंक खाते की इंटरनेट बैंकिंग जानकारी और ओटीपी फॉरवर्ड करने की सुविधा भी उपलब्ध करा दी थी। इस तरह वह इस ठगी में शामिल हो गया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सरगना विदेश में बैठे अपने साथियों के संपर्क में थे। उन्हें क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से कमीशन भेजा जाता था। पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट के लिए व्हाट्सएप कॉल कंबोडिया से की गई थी। इस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल सिम अमरोहा (उत्तर प्रदेश), बहाबलपुर (ओडिशा) और फरीदकोट (पंजाब) से जारी हुए थे। इन सिमों को जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल (POS) के विरुद्ध भी कार्रवाई की जा रही है। एसीपी अपराध अमित सक्सेना ने बताया कि मामले में नामजद हरिओम पाण्डेय, आसिफ अंसारी और अधिवक्ता ओंकार श्रीवास्तव की तलाश की जा रही है। थाना साइबर क्राइम पुलिस पूरे नेटवर्क की गहनता से जांच कर रही है और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
शाहजहांपुर में एक महिला ने मंगलवार शाम करीब छह बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कुछ घंटे पहले ही मायके से लौटी थी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतका की पहचान 24 वर्षीय सीता देवी के रूप में हुई है। यह घटना पुवायां थाना क्षेत्र के ढकिया बुजुर्ग गांव की है। सीता देवी की शादी आठ साल पहले शिशुपाल से हुई थी और उनका एक पांच साल का बेटा अभि है। सीता सोमवार को अपने मायके भटपुरा चंदू गांव गई थी और मंगलवार दोपहर ससुराल लौटी थी। शाम करीब छह बजे सीता ने कमरे के अंदर धोती से फांसी लगा ली। कुछ देर बाद जब वह नहीं दिखी, तो परिजनों ने उसे ढूंढना शुरू किया। उन्हें सीता का शव कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। ससुराल पक्ष ने पुलिस को सूचना देने से पहले शव को फंदे से उतार लिया था। सूचना मिलने पर मायके पक्ष और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरने की कार्रवाई शुरू की। मायके पक्ष ने ससुराल पक्ष पर सीता को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी आरके रावत ने बताया कि महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मायके पक्ष ने आरोप लगाए हैं, लेकिन अभी तक कोई लिखित तहरीर प्राप्त नहीं हुई है। तहरीर मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
आजमगढ़ में बड़े भाई की चाकू से गोदकर हत्या:मां के सामने पैसे को लेकर हुआ विवाद, आरोपी फरार
आजमगढ़ के जहानागंज थाना क्षेत्र के नईपुर गांव में मंगलवार शाम सात बजे घरेलू विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। पैसे को लेकर हुए विवाद के दौरान छोटे भाई ने बड़े भाई पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी फरार हो गया। मृतक की पहचान दिलशेर अहमद (28) पुत्र इश्तियाक के रूप में हुई है, जबकि आरोपी उसका छोटा भाई अनस (24) पुत्र इश्तियाक बताया जा रहा है। सूचना मिलने पर जहानागंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मां की शिकायत के बाद बढ़ा विवाद परिजनों के अनुसार दिलशेर अहमद विदेश में नौकरी करता था। परिवार के अन्य दो बेटे भी बाहर रहकर काम करते हैं। मंगलवार शाम घर में पैसे और खर्च को लेकर बातचीत हो रही थी। इसी दौरान मां ने कथित तौर पर कहा कि परिवार के अन्य बेटे घर खर्च के लिए पैसे भेजते हैं, लेकिन दिलशेर सहयोग नहीं करता। इसी बात को लेकर घर में कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर छोटे भाई अनस ने भी बड़े भाई का विरोध किया और उसे घर से बाहर जाने के लिए कहा। चाकू से किया ताबड़तोड़ हमला परिजनों के मुताबिक, विवाद के दौरान दोनों भाइयों के बीच तीखी बहस होने लगी। इसी बीच अनस ने चाकू निकालकर दिलशेर पर हमला कर दिया। चाकू के कई वार लगने से दिलशेर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर जुट गए। आरोपी फरार, पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अतुल कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी अनस घटना के बाद फरार हो गया है। उसकी तलाश में टीमों को लगाया गया है। मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है। पुलिस हत्या के कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है।
रामगढ़ महोत्सव 2026 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रामगढ़ की पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आस्था, इतिहास और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। वेदों, पुराणों और उपनिषदों सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को दर्शाता है। रामगढ़ को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाएंगे। रामगढ़ से लगे हसदेव जंगल में कोल ब्लॉक के कारण लाखों पेड़ों की कटाई को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को अपने मन से भ्रम दूर करना चाहिए कि पर्यावरण को केवल नुकसान हो रहा है। पेड़ काटे जाएंगे तो उद्योगपति उससे ज्यादा पेड़ लगाए जाएंगे। सीएम ने नेशनल हाईवे का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क आसमान में नहीं बन सकती। रामगढ़ में रामायण की जीवंत स्मृतियां दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि मान्यता है कि त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस भूमि पर समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां जीवंत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक सुरंग तथा क्षेत्र में स्थित प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहाँ की संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के विकास के लिए एक करोड़ रुपए देने की घोषणा की। कार्यक्रम को पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, कृषिमंत्री रामविचार नेताम ने भी संबोधित किया। हसदेव में कोल खनन से रामगढ़ को खतरा नहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पत्रकारों द्वारा रामगढ़ से लगे हसदेव में कोल खनन से रामगढ़ व पर्यावरण को नुकसान के सवाल पर कहा कि रामगढ़ को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने मन से भ्रम दूर करना चाहिए कि पर्यावरण को केवल नुकसान हो रहा है। छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भूभाग वनों से ढका हुआ है जो राज्य की प्राकृतिक संपदा को दर्शाता है। सीएम ने कहा कि राज्य में कैम्पा योजना के तहत वन विभाग द्वारा लगातार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। एक पेड़ मां के नाम अभियान और कैम्पा योजना के तहत राज्य का 2.5 प्रतिशत अतिरिक्त क्षेत्र कवर किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की उद्योग नीति के अनुसार, यदि कोई उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए पेड़ काटता है, तो उसे बदले में उससे कहीं ज़्यादा पेड़ लगाने होते हैं। विकास कार्यों के लिए कई बार पेड़ काटना अनिवार्य हो जाता है। जैसे नेशनल हाईवे 43 को चौड़ा करने के लिए पेड़ काटने ही होंगे, क्योंकि सड़कें आसमान में नहीं बन सकतीं। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाने वालों को नसीहत दी कि वे पहले राज्य की उद्योग नीति और विकास की आवश्यकताओं को अच्छी तरह समझें, उसके बाद ही कोई बयानबाजी करें। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा शमारामगढ़ महोत्सव के समापन अवसर पर स्कूली छात्र-छात्राओं एवं कलाकारों ने लोकनृत्य, नाटक व गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुतियां दीं। समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, रामकुमार टोप्पो, शकुंतला पोर्ते, उद्देशवरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, अध्यक्ष पुरातात्विक डॉ एम कालीमुथु सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय ने करीब पांच साल पुराने गिरधरपुर डबल मर्डर मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश सोमप्रभा मिश्रा की अदालत ने मंगलवार को नौ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इनमें पांच सगे भाई भी शामिल हैं। यह घटना जमीन विवाद को लेकर हुई थी। जमीन को लेकर चल रहा था विवाद एडीजीसी क्राइम धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि मामला 8 फरवरी 2021 का है, जब थाना बादलपुर क्षेत्र के गिरधरपुर सुनारसी गांव में जमीन पर कब्जे को लेकर दो पक्षों में लंबे समय से विवाद चल रहा था। विवाद सुलझाने के लिए एक पंचायत बुलाई गई थी। पंचायत शुरू होते ही आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए लाइसेंसी व अन्य हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में सुरेश उर्फ सलेक, अमित पुत्र गजेंद्र और प्रेम पुत्र खजान गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने तीनों को अस्पताल पहुंचाया। यशोदा अस्पताल में अमित को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि सुरेश उर्फ सलेक की इलाज के दौरान मौत हो गई। तीसरे घायल प्रेम सिंह का लंबे समय तक उपचार चला। घटना के अगले दिन सुनील पुत्र राजेंद्र की तहरीर पर थाना बादलपुर में मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अन्य को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा व अन्य धाराओं में आरोपी बनाया गया था। अदालत ने सभी नौ दोषियों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। आजीवन कारावास के साथ ही सभी पर 86-86 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। पुलिस ने बयान दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी पुलिस ने विवेचना के दौरान घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को शामिल करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने अमित बंसल को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत तलब कर मुकदमे में शामिल किया। अदालत ने सभी साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र, जितेन्द्र, भोपाल, महिपाल उर्फ अल्लू, अमरजीत बंसल और अमित बंसल को दोषी करार दिया। न्यायालय ने कहा कि दंड निर्धारण में अपराध की प्रकृति, उसकी गंभीरता और समाज पर उसके प्रभाव को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसी आधार पर सभी दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास सहित अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई। सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की अपील करते हुए कहा कि देवेन्द्र, रविन्द्र, सतेन्द्र, धर्मेन्द्र और जितेन्द्र सगे भाई हैं तथा परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। उनके पिता का निधन हो चुका है। महिपाल अविवाहित है, जबकि भोपाल और बंसल बंधुओं के छोटे-छोटे बच्चे हैं। साथ ही यह भी दलील दी गई कि किसी भी आरोपी का पूर्व आपराधिक इतिहास नहीं है और मामला 'विरल से विरलतम' श्रेणी का नहीं है। हालांकि अदालत ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया और अपराध की गंभीरता को देखते हुए कठोर सजा सुनाई। इस दोहरे हत्याकांड में घायल प्रेम सिंह बाद में सबसे महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाह बने थे। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर उन्होंने मामले में अहम गवाही दी। शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें पुलिस सुरक्षा मिली, लेकिन सुरक्षा हटने के बाद 16 दिसंबर 2021 को खेत से घर लौटते समय बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें गोलियों से भून दिया। अस्पताल में उनकी भी मौत हो गई। इस मामले में भी मुख्य आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया गया था।
डिग्गी में डूबने से मां-बेटी की मौत, बेटा बचा:12 साल के बेटे को लोगों ने बचाया; जांच में जुटी पुलिस
बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के जालबसर गांव में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में खेत की डिग्गी में डूबने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय बेटे को आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। जानकारी के अनुसार, जालबसर निवासी हनुमानराम जाट की पत्नी सावित्री (36) और बेटी ज्योति (6) की डिग्गी में डूबने से मौत हो गई। वहीं 12 वर्षीय बेटा विकास भी डिग्गी में चला गया था, लेकिन आसपास के लोगों ने तत्काल डिग्गी में छलांग लगाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मां और दोनों बच्चे डिग्गी तक कैसे पहुंचे और हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। तीनों के डिग्गी में गिरने के कारणों का भी अभी खुलासा नहीं हो सका है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को बाहर निकलवाया। पुलिस ने सावित्री और ज्योति के शवों को श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया है, जहां पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। घटना के बाद जालबसर गांव में शोक का माहौल है।
बालाघाट जिले के लांजी में 28 जून की रात सराफा कारोबारी कपिल आसटकर के साथ हुई सनसनीखेज लूट के आरोपी दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। बदमाशों का सुराग लगाने के लिए अब लांजी पुलिस ने मंगलवार को आरोपियों की जानकारी देने वाले को 10 हजार रुपए का नगद इनाम देने की घोषणा की है। थाना प्रभारी दीपसिंह परमार ने बताया कि लुटेरों के बारे में कोई भी पुख्ता जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम पूरी तरह से गुप्त रखा जाएगा। पुलिस ने इसके लिए बकायदा संपर्क नंबर भी जारी किया है ताकि लोग बेखौफ होकर सूचना दे सकें। पुलिस ने अब तक कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है, लेकिन फिलहाल किसी की भी औपचारिक गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अस्पताल से लौटे पीड़ित कारोबारी ने पुलिस पर उठाए सवाल इस बीच, लूट के दौरान घायल हुए पीड़ित सराफा व्यापारी कपिल आसटकर मंगलवार शाम गोंदिया के एक निजी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद अपने घर लौट आए हैं। घर लौटते ही उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया। कारोबारी ने कहा कि पुलिस जिस तरीके से उनसे पूछताछ और जांच कर रही है, उससे उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे पुलिस लुटेरों को पकड़ने के बजाय उन पर ही शक कर रही हो। अंधेरे का फायदा उठाकर भागे थे 8 नकाबपोश बदमाश पुलिस के मुताबिक, घटना की रात इलाके की बिजली गुल थी, जिसके कारण सीसीटीवी फुटेज खंगालने और जांच को आगे बढ़ाने में काफी दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि, पुलिस को एक सुराग मिला है कि वारदात के बाद आमगांव रोड पर कुछ संदिग्ध लोगों को तेजी से भागते हुए देखा गया था। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि पुलिस की टीमें लगातार काम कर रही हैं और जल्द ही आरोपियों को दबोच लिया जाएगा। क्या थी पूरी घटना? 28 जून की रात लांजी के आमगांव रोड पर इस बड़ी वारदात को अंजाम दिया गया था। दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए करीब आठ हथियारबंद बदमाशों ने सराफा कारोबारी कपिल आसटकर को घेर लिया था। बदमाशों ने बंदूक की नोक पर कारोबारी पर हमला किया, दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और उन्हें लाठियों से बेरहमी से पीटा था। इसके बाद लुटेरे उनके पास मौजूद दो बैग छीनकर फरार हो गए, जिनमें करीब 8 से 9 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवरात रखे हुए थे।
हरदोई में सिपाही से अभद्रता की:ट्रैक्टर विवाद में दो भाइयों पर केस दर्ज, जांच जारी
हरदोई के मल्लावां में एक सिपाही से अभद्रता का वीडियो सामने आया है। यह घटना ट्रैक्टर लेनदेन से जुड़े एक विवाद की जांच के दौरान हुई। पुलिस ने इस मामले में दो सगे भाइयों के खिलाफ मंगलवार की दोपहर 3:39 बजे रिपोर्ट दर्ज की है, जबकि आरोपी पक्ष ने सिपाही पर घर में घुसकर बदसलूकी का आरोप लगाया है। मल्लावां कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भजनपुरवा निवासी सचिन यादव ने एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 15 सितंबर 2025 को ग्राम तेरिया भवानीपुर के मनीष कुमार और उनके भाई आशीष कृषि कार्य के बहाने उनका ट्रैक्टर ले गए थे। सचिन का आरोप है कि काफी समय बीतने के बाद भी जब ट्रैक्टर वापस नहीं मिला, तो उन्होंने पता लगाया। उन्हें जानकारी मिली कि मनीष और आशीष ने मिलकर उनके ट्रैक्टर को माधौगंज के पंथनगर निवासी अनूप के पास 1.70 लाख रुपये में अवैध रूप से गिरवी रख दिया है। सचिन के अनुसार, पूर्व में स्थानीय पुलिस को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इसके बाद उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले दोबारा कोतवाली में गुहार लगाई। इसी सिलसिले में 25 जून को सिपाही विशाल यादव अन्य दो लोगों के साथ मामले की जांच करने मनीष के घर पहुंचे थे। आरोप है कि वहां मनीष और उसके परिजनों ने सिपाही के साथ अभद्रता की, जिसका वीडियो वायरल है। मामले में नया मोड़ देते हुए आरोपी मनीष ने बताया कि वायरल वीडियो आधा-अधूरा और बाद का है। उनका आरोप है कि सिपाही विशाल यादव बिना किसी महिला पुलिसकर्मी के सीधे उनके घर में घुसते चले आ रहे थे। मनीष के अनुसार, जब उनकी मां मालती ने सिपाही को अंदर आने से रोका, तो सिपाही ने उनकी मां के साथ अभद्रता की। इसी बात से नाराज होकर परिजनों ने विरोध दर्ज कराया था। मनीष ने सिपाही के खिलाफ एसपी को प्रार्थना पत्र देने की बात भी कही है। कोतवाल विद्यासागर पाल ने आरोपी की ओर से लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
कोरबा के डीएवी स्कूल के शिक्षक दंपती के 19 वर्षीय इकलौते बेटे वासु सरकार ने मंगलवार दोपहर अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह कॉलेज का छात्र था। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल और कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई। यह मामला कुसमुंडा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, वासु के पिता राजा सरकार कुसमुंडा डीएवी में शिक्षक हैं, जबकि माता कोरबा स्थित डीएवी एसईसीएल में पढ़ाती हैं। मंगलवार सुबह दोनों अपने-अपने स्कूल चले गए थे, जिससे वासु घर पर अकेला था। दोपहर में जब माता-पिता घर लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज देने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। खिड़की से झांकने पर उन्होंने देखा कि वासु कमरे में पंखे से फंदे पर लटका हुआ था। यह दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़कर वासु को फंदे से उतारा गया और तुरंत विकास नगर स्थित एसईसीएल के विभागीय अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घर का इकलौता चिराग बुझ जाने से माता-पिता बदहवास हो गए। सूचना मिलते ही दोनों स्कूलों के प्रिंसिपल, शिक्षक और शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। कुसमुंडा पुलिस मौके पर पहुंची और शव का मर्ग पंचनामा किया। श्री श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर सेवा समिति की एंबुलेंस से शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। मृतक के परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है। शव को विकास नगर अस्पताल परिसर स्थित मर्चुरी में रखा गया है, जिसका अंतिम संस्कार बुधवार को किया जाएगा। बताया जा रहा है कि वासु ने इससे पहले भी आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी। इस बार उसने यह घातक कदम उठा लिया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि किन परिस्थितियों और कारणों से वासु ने यह फैसला लिया।
फतेहपुर के औंग थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव में मंगलवार को एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शादी के एक सप्ताह बाद उसका शव घर के भीतर फांसी के फंदे से लटका मिला। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका की पहचान चांदपुर थाना क्षेत्र के दबसौरा के नारायणपुर गांव निवासी काजल के रूप में हुई है। काजल की शादी 21 जून 2026 को कौड़िया गांव के छोटू निषाद पुत्र स्व. क्षत्रपाल के साथ हुई थी। घटना सोमवार रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, छोटू सोमवार को अपनी पत्नी काजल को उसके मायके चांदपुर छोड़ने गया था। हालांकि, लड़की के परिजनों ने उसे वापस घर ले जाने को कहा। इसके बाद छोटू काजल को अपने घर ले आया, जहां उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर औंग थाना पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति छोटू निषाद, सास और ननद उर्मिला को हिरासत में लिया है। उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। थाना प्रभारी दिनेश शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने आज पूर्व विधायक की जमानत याचिका पर फैसला सुनाते हुए उसे खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने 25 जून को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बलजीत यादव को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (MLA Fund) से 3 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के दुरुपयोग और गबन के आरोप में 3 फरवरी को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, ईडी मामलों की विशेष अदालत ने 25 अप्रैल को बलजीत यादव की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद पूर्व विधायक की ओर से हाईकोर्ट का रुख करते हुए जमानत याचिका दायर की गई थी। ईडी ने कहा-गबन की राशि से संपत्तियां खरीदी बहस के दौरान ईडी ने कहा कि इस मामले में एसीबी ने 12 दिसंबर 2024 को बलजीत यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद ईडी ने उनके खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज करके मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि जिन फर्मों को काम के ठेके दिए गए वो वर्क ऑर्डर मिलने के बाद बनाई गई अथवा उनके जीएसटी पंजीकरण फर्जी थे। इन फर्मों के जरिए धनराशि यादव के सहयोगियों और रिश्तेदारों तक पहुंचाई गई। ईडी ने कहा कि बलजीत यादव ने गबन के 2.78 करोड़ रुपए से संपत्तियों की खरीद और राजनीतिक खर्चा किया। यह था घोटाला 2021 में बलजीत यादव ने विधायक रहते हुए अलवर के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट बैट, बैडमिंटन किट और अन्य सामग्री खरीदी में भूमिका निभाई थी। आरोप है कि सामान ढाई-तीन गुना ज्यादा कीमत पर खरीदा। सामग्री घटिया क्वालिटी की थी। 3.72 करोड़ की हेराफेरी में यादव की भूमिका थी। इस केस में बालाजी कम्पलीट सोल्यूशन्स प्रा. लिमिटेड, सूर्या इंटरप्राइजेज, राजपूत स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज, शर्मा स्पोर्ट्स इंटरप्राइजेज के संचालक व शिक्षा विभाग के कुछ कर्मचारी भी आरोपी बनाए गए हैं।
बलरामपुर में मंगलवार को बड़ी संख्या में किसानों ने किसान नेता अमृत सिंह और नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। किसानों ने धान बिक्री की बकाया राशि का भुगतान और फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण प्रकरण समाप्त करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल शुरू की जाएगी। धान बेचने के बाद भी नहीं मिला भुगतान किसानों ने ज्ञापन में बताया कि वर्ष 2025-26 में धान बेचने के बावजूद उन्हें अब तक भुगतान नहीं मिला है। साथ ही, कई किसानों के नाम पर फर्जी केसीसी ऋण दर्ज होने से वे आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। पहले भी कर चुके हैं आंदोलन किसानों ने बताया कि इन समस्याओं को लेकर 9 जून को भी ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बाद 17 जून से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, रामानुजगंज शाखा के सामने पांच दिनों तक धरना और दो दिनों तक भूख हड़ताल की गई थी। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उस समय जल्द समाधान का आश्वासन देकर आंदोलन समाप्त कराया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आर्थिक संकट से जूझ रहे किसान प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि कई किसान गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं और उनके पास इलाज तक के लिए पैसे नहीं हैं। वहीं, साहूकारों से कर्ज लेकर खेती करने वाले किसान भी भारी आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। शपथ पत्र देने को भी तैयार ज्ञापन में किसानों ने बताया कि उनकी धान बिक्री की 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में लंबित है। किसानों ने यह भी कहा कि वे शपथ पत्र देने को तैयार हैं कि यदि भविष्य में किसी जांच में उनके दावे गलत साबित होते हैं, तो वे पूरी राशि वापस कर देंगे। शांतिपूर्ण प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात किसानों ने शासन से धान बिक्री की बकाया राशि तत्काल जारी करने और फर्जी केसीसी ऋण प्रकरण समाप्त करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय परिसर में एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान के 20 साल पुराने पांचना बांध जल विवाद को सुलझाने के लिए जयपुर में हाईलेवल मीटिंग हुई। सरकार की ओर से तीन मंत्रियों और दोनों पक्षों के किसान प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन सहमति नहीं बन पाई। शिक्षा संकुल के माधव सभागार में मंगलवार शाम 8 बजे कमांड एरिया के किसान बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गए। इसके बाद मंत्री किरोड़ी लाल मीणा भी नाराज होकर बाहर निकल आए। बैठक में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा, मंत्री सुरेश सिंह रावत और मंत्री जवाहर सिंह बेढम मौजूद रहे। तीनों मंत्रियों ने करीब दो दशक से चले आ रहे विवाद का समाधान निकालने के लिए दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों से चर्चा की। जल संसाधन मंत्री बोले- समाधान में समय लगेगा जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने कहा- यह विवाद 20 साल पुराना है। इसके समाधान में थोड़ा समय लगेगा। एक दौर की वार्ता से इसका समाधान संभव नहीं है। आज बैठक में दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी, लेकिन जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के नाराज होकर जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर जवाब पर रावत ने कहा- ऐसा नहीं था। जब दो पक्षों में किसी मुद्दे पर बात होती है तो सभी अपना पक्ष रखते हैं इसे विवाद कहना गलत है। इसे आपसी संवाद कहा जाए तो ज्यादा बेहतर रहेगा। 74 गांव आमने-सामने करौली जिले के पांचना बांध को लेकर करीब 20 साल से जल वितरण को लेकर विवाद बना हुआ है। इस विवाद में कुल 74 गांव दो पक्षों में बंटे हुए हैं। एक ओर कमांड एरिया के 35 गांवों के किसान हैं, जो सिंचाई के लिए नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि खेती और फसलों के लिए समय पर पानी मिलना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर बांध के डूब क्षेत्र के 39 गांवों के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि नहरों में पानी छोड़ने से डूब क्षेत्र के गांवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा और उनकी समस्याएं बढ़ेंगी। इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। समझौते के ड्राफ्ट पर अटकी बातचीत सूत्रों के अनुसार- बैठक के दौरान समझौते के विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन जब ड्राफ्ट को अंतिम रूप देने की बात आई तो दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई। बैठक के दौरान कमांड एरिया के किसानों ने पहले मंत्री किरोड़ी लाल मीणा से अलग से बातचीत की। इसके बाद भी जब कोई ठोस सहमति नहीं बनी तो वे बैठक छोड़कर बाहर आ गए। किसानों ने जताई नाराजगी बैठक से बाहर निकलने के बाद कमांड एरिया के किसानों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा- जब मुख्यमंत्री के स्तर पर हुई बात का भी पालन नहीं किया जा रहा है तो ऐसी बैठक में बैठे रहने का कोई औचित्य नहीं है। यदि पहले से हुए आश्वासनों को ही लागू नहीं किया जाएगा तो नई बातचीत का कोई मतलब नहीं रह जाता। बैठक से बाहर आए कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा की पहल को सरकार सफल नहीं होने देना चाहती। हालांकि सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह खबर भी पढ़ें... पांचना-बांध विवाद पर हाईकोर्ट नाराज, कहा-पानी क्यों नहीं दे रहे:15 दिन का दिया समय; कलेक्टर को कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा पांचना बांध से पानी छोड़ने के विवाद के बीच राजस्थान हाईकोर्ट ने अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर नाराजगी जताई हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस मनीष शर्मा की खंडपीठ ने सरकार से पूछा है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहरों में पानी क्यों नहीं छोड़ा जा रहा हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
सांचौर पुलिस ने दो इनामी अपराधी गिरफ्तार किए:25-25 हजार का इनाम था, एक हिसार तो दूसरा चूरू से दबोचा
जालोर जिले की सांचौर थाना पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के मामलों में वांछित दो इनामी अपराधियों को गिरफ्तार किया है। प्रत्येक अपराधी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक जालोर के निर्देश पर चलाए जा रहे वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी अभियान के तहत की गई। इस अभियान का सुपरविजन अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आवड़दान रत्नू और वृताधिकारी जयराम मुंडेल ने किया। पहली कार्रवाई में पुलिस ने वर्ष 2020 से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी सुरेंद्र पुत्र दीवानसिंह गुर्जर को हरियाणा के हिसार से दबोचा। सुरेंद्र सांचौर थाना में आबकारी अधिनियम के एक मामले में पिछले छह वर्षों से वांछित था। सुरेंद्र फरार चल रहा था वर्ष 2020 में सांचौर क्षेत्र में एक ट्रक से चावल की भूसी के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही हरियाणा निर्मित 220 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद की गई थी। इस मामले में दो अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद से सुरेंद्र फरार चल रहा था। पुलिस की विशेष टीम ने रोहतक और हिसार में लगातार निगरानी कर उसे गिरफ्तार किया। दूसरी कार्रवाई में वर्ष 2023 से फरार 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी राजेंद्र पुत्र डूंगरमल जाट निवासी गज्जुवास, जिला चूरू को उसके पैतृक गांव से गिरफ्तार किया गया। राजेंद्र सांचौर थाना में दर्ज अवैध शराब तस्करी के एक अन्य मामले में वांछित था। 132 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी वर्ष 2023 में धमाणा क्षेत्र में एक ट्रक से पंजाब निर्मित 132 कार्टन अंग्रेजी शराब बरामद हुई थी। ट्रक मालिक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस शराब सिंडिकेट के कथित मास्टरमाइंड राजेंद्र की तलाश कर रही थी। विशेष टीम ने चूरू में लगातार रेकी कर आरोपी को अचानक दबिश देकर पकड़ा। दोनों कार्रवाइयों का नेतृत्व सांचौर थानाधिकारी निरीक्षक नेमाराम ने किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वांछित अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
लालसोट में सड़क हादसे में छात्रा की मौत:बस ने स्कूटी को पीछे से मारी टक्कर, ड्राइवर फरार
लालसोट शहर के पास घाटे की ढलान में मंगलवार शाम एक निजी बस ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। लालसोट थानाधिकारी पवन कुमार जाट ने बताया कि लालसोट की ओर आ रही निजी बस ने आगे चल रही स्कूटी को पीछे से टक्कर मारी। स्कूटी पर तुंगा निवासी खुशी सैनी और लालसोट निवासी कल्पना सैनी सवार थीं। दोनों छात्राओं को गंभीर हालत में एंबुलेंस से लालसोट जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने खुशी सैनी को मृत घोषित कर दिया, जबकि कल्पना सैनी का प्राथमिक उपचार किया गया। बस लेकर फरार हुआ ड्राइवर टक्कर मारने के बाद ड्राइवर बस लेकर फरार हो गया था। सूचना मिलने पर लालसोट थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और मौका मुआयना किया। मृतका के परिजनों ने लालसोट थाने में बस ड्राइवर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। पुलिस ने मेडिकल टीम से पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।
रास्ते से अतिक्रमण हटाने गई राजस्व टीम और पुलिस पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। प्रशासन की कार्रवाई शुरू होते ही कुछ लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस ने मौके पर पूरी स्थिति को नियंत्रित कर लिया। रास्ते को जेसीबी की मदद से किया चौड़ा मामला किशनगढ़ के सुरसुरा गांव का है। मंगलवार को तहसील प्रशासन खसरा नंबर 641 और 646 ले अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंचा। कृषि भूमि तक जाने वाले रास्ते को जेसीबी की मदद से चौड़ा किया गया।जिससे किसान और ग्रामीणों का आवागमन आसान हो सके। इस दौरान पुलिस ने सरकारी काम में बाधा डालने और शांतिभंग के मामले में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की गई। अधिकारी और पुलिस जाप्ता रहा मौजूद कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार सुभाष रोज के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। थाना प्रभारी (सीआई) रामस्वरूप चौधरी, एएसआई बनवारी लाल विश्नोई, गिरदावर मंजू लता, पटवारी दिनेश माली और पुलिस लाइन से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल भी मौके पर तैनात था। प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे क्षेत्र की निगरानी करते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई। प्रशासन ने कहा-अतिक्रमण नहीं होगा बर्दाश्त प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक रास्तों, सरकारी भूमि और राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज मार्गों पर किए गए अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। आमजन के आवागमन में बाधा बनने वाले ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध भविष्य में भी अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बागपत में किसान मजदूर संगठन का धरना:एसडीओ के आश्वासन पर अमीनगर सराय बिजली घर पर प्रदर्शन समाप्त
बागपत के अमीनगर सराय बिजली घर पर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने अधिकारियों पर लापरवाही और समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एसडीओ को ज्ञापन सौंपा। संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक के नेतृत्व में यह प्रदर्शन एसडीओ के आश्वासन के बाद शाम को समाप्त हो गया। प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारी किसानों और मजदूरों की समस्याओं के प्रति लापरवाह हैं और उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। सुबह से शाम तक चले इस धरने में किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को उजागर किया। किसानों की प्रमुख मांगों में स्मार्ट मीटर न लगाना, जर्जर विद्युत लाइनों को तुरंत बदलना, किसानों की समस्याओं का तत्काल निस्तारण, विद्युत कटौती रोकना और फसल बुवाई के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना शामिल था। मौके पर पहुंचे एसडीओ ने किसानों को आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि विद्युत विभाग के अधिकारी किसानों और मजदूरों की समस्याओं को प्राथमिकता देंगे और विद्युत कटौती नहीं होने दी जाएगी। एसडीओ के आश्वासन के बाद किसान शांत हुए और धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि, संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अन्नु मलिक ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं होती हैं, तो आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
मेरठ में अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों पर मेरठ विकास प्राधिकरण (एमडीए), विद्युत विभाग, सीएफओ और जिला प्रशासन की टीम ने कार्रवाई की है। मंगलवार शाम 4 बजे हुई इस कार्रवाई के दौरान कई कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी किए गए और कुछ इमारतों को सील भी किया गया। इस कार्रवाई के विरोध में कोचिंग संचालकों ने एक संगठन बनाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में कोचिंग संचालकों ने मेरठ के कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी से मुलाकात की। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि जब तक सुरक्षा और अन्य निर्धारित मानक पूरे नहीं होंगे, तब तक किसी भी कोचिंग सेंटर को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कोचिंग संचालकों का कहना है कि वे अपनी आजीविका चलाने के लिए घर में ही कोचिंग चला रहे हैं, जो कोई अपराध नहीं है। उन्होंने उन बच्चों की फीस का मुद्दा भी उठाया, जिनका भविष्य दांव पर है। संचालकों ने कहा कि यदि कार्रवाई नहीं रुकती है, तो वे बच्चों को टेंट लगाकर पढ़ाने के लिए भी तैयार हैं। कमिश्नर भानु चंद्र गोस्वामी ने कोचिंग संचालकों को आश्वासन दिया कि वे जल्द ही यह स्पष्ट करेंगे कि कोचिंग सेंटर कहां संचालित किए जा सकते हैं। उन्होंने सील किए गए कोचिंग सेंटरों के संबंध में बताया कि यदि संचालक उनमें फायर सेफ्टी या अन्य कोई काम कराना चाहते हैं, तो उन्हें पहले एक एफिडेविट देना होगा। इसके बाद ही बिल्डिंग खुलेगी और केवल वही काम हो सकेगा। संचालकों ने कमिश्नर से अनुरोध किया कि वे एक बार इमारतों का दौरा करें। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि वहां प्रवेश-निकास मार्ग अलग हैं, सीढ़ियां चौड़ी हैं और अग्निशमन उपकरण लगे हैं, तो उन्हें कुछ समय के लिए रियायत दी जाए। संचालकों ने 20-20 बच्चों के छोटे बैच में पढ़ाने की भी पेशकश की। कोचिंग संचालकों ने यह भी कहा कि यदि उन्हें उचित जगह नहीं मिलती है, तो वे बच्चों को पार्क या टेंट लगाकर कहीं भी पढ़ाने को तैयार हैं। उनका मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई का नुकसान रोकना है।
दुर्ग पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान बाइक से गांजा लेकर जा रहे दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 5.189 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ है। पुलिस ने गांजा के साथ परिवहन में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। जब्त गांजा और बाइक की कुल कीमत करीब 2.80 लाख रुपए बताई गई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक मंगलवार 30 जून को ग्राम मुरमुंदा रोड पर अवैध सामान के परिवहन को रोकने के लिए वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक गांजा लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने इलाके में घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद बताए गए नंबर की मोटरसाइकिल वहां पहुंची। पुलिस ने बाइक को रोककर दोनों युवकों से पूछताछ की। तलाशी लेने पर उनके पास से 5.189 किलोग्राम गांजा मिला। इसके बाद दोनों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। रायपुर के रहने वाले हैं दोनों आरोपीपूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सन्नी साहू उर्फ माया साहू (27) और त्रिलोचन साहू उर्फ जय प्रकाश (30) बताया। दोनों रायपुर जिले के उरला थाना क्षेत्र के ग्राम सरोरा के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि जब्त किए गए गांजा की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपए है। वहीं, घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल की कीमत करीब 30 हजार रुपए आंकी गई है। इस तरह कुल 2.80 लाख रुपए की सामग्री जब्त की गई है। ट्रैफिक पुलिस की सतर्कता से पकड़ाए आरोपीएडिशन एसपी ट्रैफिक ऋचा मिश्रा ने बताया कि चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की वजह से इस तरह की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगता है और आरोपियों को पकड़ने में मदद मिलती है। नंदिनी में भी ट्रैफिक पुलिस जवानों की सतर्कता से गांजा ले जा रहे आरोपियों को पकड़ा गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ नंदिनी नगर थाना में अपराध दर्ज किया गया है। उन पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई। इसके बाद दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया। नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिसआरोपियों को पकड़कर पुलिस अब उनसे गांजा सप्लाई के नेटवर्क के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अवैध तरीके से गांजा का परिवहन कर उससे पैसे कमाने की कोशिश कर रहे थे। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसे किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था। मामले में आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई में नंदिनी नगर थाना पुलिस और यातायात पुलिस की टीम की अहम भूमिका रही।
गोंडा के स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने मंगलवार देर रात विरोध प्रदर्शन किया। वे पिछले 48 घंटों से छात्रावास में बिजली और पानी की आपूर्ति न होने से नाराज थे। छात्रों ने महाविद्यालय के गेट के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी छात्र 'हॉस्टल में परेशानी है, बिजली है ना पानी है' जैसे नारे लगा रहे थे। उनका आरोप है कि शिकायत करने पर उनकी समस्याओं को अनसुना कर दिया जाता है और कोई समाधान नहीं होता। छात्रों ने बताया कि 48 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो बिजली मिली है और न ही पानी। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली न होने पर जनरेटर भी नहीं चलाया जाता है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की प्रिंसिपल मौके पर मौजूद नहीं हैं, जिससे उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। महाविद्यालय गेट पर तैनात गार्डों ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। गोंडा मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. बीना से संपर्क करने का प्रयास किया गया। हालांकि, उन्होंने कई बार फोन करने पर भी जवाब नहीं दिया। छात्रों का कहना है कि छात्रावास में उन्हें आए दिन कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन प्रिंसिपल उनकी सुनने को तैयार नहीं हैं।
UPESSC TGT 2022 रिजल्ट जारी:DV के लिए 1.5 गुना शॉर्टलिस्ट, 3539 पदों के लिए हुई थी परीक्षा
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने मंगलवार को प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा-2022 का परिणाम घोषित कर दिया है। आयोग ने विज्ञापन संख्या-01/2022 के तहत 15 विषयों के 3539 रिक्त पदों के लिए 3 और 4 जून को आयोजित लिखित परीक्षा आयोजित कराई गई थी। परीक्षा प्रदेश के 36 जिलों में 614 केंद्रों पर हुई थी। 8.68 लाख से अधिक पंजीकृत अभ्यर्थियों में से लगभग 50% ने ही परीक्षा दी थी। सफल उम्मीदवारों के रोल नंबर आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.upessc.up.gov.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। जिसमें अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, सामाजिक विज्ञान, संस्कृत, शारीरिक शिक्षा, वाणिज्य, गृह विज्ञान, कला, विज्ञान, संगीत (गायन), कृषि, जीव विज्ञान, उर्दू और संगीत (वादन) विषय शामिल हैं। 1.5 गुना (डेढ़ गुना) अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गयाशैक्षिक अर्हता और अभिलेख परीक्षण (Document Verification/डीवी) के लिए विषयवार और श्रेणीवार विज्ञापित पदों के सापेक्ष 1.5 गुना (डेढ़ गुना) अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इन शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों के अनुक्रमांक भी वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम चयनित अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी। शेड्यूल आयोग की वेबसाइट पर अपलोड दस्तावेज सत्यापन (डीवी) का पूरा तिथिवार तथा विषयवार शेड्यूल आयोग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। अभ्यर्थी 1 जुलाई से अपना डीवी शेड्यूल डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के मुताबिक दस्तावेज परीक्षण के लिए निर्धारित तिथि पर अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों के आवेदन पर पुनर्विचार नहीं किया जाएगा और उनका दावा निरस्त माना जाएगा। आयोग ने अपील की है सभी शॉर्टलिस्टेड अभ्यर्थी निर्धारित तिथि पर समय पर उपस्थित रहें और सत्यापन प्रक्रिया पूर्ण कराएं। शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के प्रयागराज कार्यालय में आयोजित किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ पुलिस ने बांसवाड़ा पुलिस की मदद से चोरी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के आमानाका थाना क्षेत्र में एक सरकारी ठेके की तिजोरी तोड़कर 7 लाख की चोरी करने वाले चार शातिर चोरों को पकड़ा है। रायपुर पुलिस की टीम आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हो चुकी है। 7 लाख की नकदी पार की थी कोतवाली थाना अधिकारी बुद्धाराम बिश्नोई ने बताया- रायपुर (छत्तीसगढ़) के आमानाका थाने से पुलिस टीम बांसवाड़ा पहुंची थी। रायपुर पुलिस ने सूचना दी थी कि वहां के एक सरकारी ठेके में नकबजनी की वारदात हुई है, जहां चोरों ने तिजोरी तोड़कर 7 लाख की नकदी पार कर दी थी। इस मामले में बांसवाड़ा इलाके के कुछ वांछित आरोपी शामिल थे। मुखबिर की सूचना से पकड़े गए चारों मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाई। पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी कि आरोपी अपने घरों के आसपास ही छिपे हुए हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर चारों आरेापी पवन पाटीदार, सुनील चरपोटा, रायसिंह निनामा, प्रकाश मीणा को डिटेन किया। पूछताछ में जुर्म कबूलने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रांजिट रिमांड पर लेकर रवाना हुई थानाधिकारी बुद्धाराम बिश्नोई के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया है। रायपुर पुलिस की टीम कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपियों को अपने साथ छत्तीसगढ़ लेकर रवाना हो चुकी है, जहां इनसे आगे की पूछताछ और रकम बरामदगी के प्रयास किए जाएंगे।
मिर्जापुर में भाजपा महिला मोर्चा की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सरोज कुशवाहा का प्रथम जनपद आगमन पर जोरदार स्वागत किया गया। भाजपा नगर मंडल पश्चिमी के कार्यकर्ताओं ने इमामबाड़ा चौराहे पर उनका अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण और पुष्पगुच्छ भेंट कर प्रदेश अध्यक्ष का स्वागत किया। इस स्वागत कार्यक्रम का नेतृत्व भाजपा नगर मंडल पश्चिमी के अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा ने किया। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज, महिला मोर्चा की पूर्व जिलाध्यक्ष मालती त्रिपाठी, मंडल उपाध्यक्ष दीपा ऊमर और सुमन यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सचिन जायसवाल, रूपेश यादव, गोपाल अग्रवाल, पुनीत मिश्रा, अमरेश सोनकर, शक्ति केंद्र संयोजक सागर आनंद, विनय जायसवाल, विजय निषाद, गुलशन केशरी, राम सजीवन सरोज और शिव शंकर जायसवाल भी मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष के स्वागत के दौरान संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने महिला मोर्चा की गतिविधियों को जन-जन तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
विवाहिता के सुसाइड मामले में पति गिरफ्तार:बहन ने मारपीट, परेशान करने का लगाया था आरोप
बयाना कोतवाली थाना पुलिस ने दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में विवाहिता के पति को गिरफ्तार किया है। थानाधिकारी रामगिलास गुर्जर ने बताया कि यह मामला 22 मई को दर्ज किया गया था। कोटा के प्रेमनगर द्वितीय पुनर्वास कॉलोनी निवासी हरिकेश जाटव ने अपनी बहन खुशबू के पति भरत कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। हरिकेश ने आरोप लगाया था कि भरत कुमार, जो नगला चिम्मन, बयाना का निवासी है, उसकी बहन के साथ लगातार मारपीट करता था और दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित करता था। शिकायत के अनुसार, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना से तंग आकर खुशबू ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। हरिकेश जाटव की शिकायत के आधार पर कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने आरोपी भरत कुमार (27) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
बलिया में स्वतंत्रता सेनानी की पुण्यतिथि:लकी ड्रा में विजेताओं को मिले एलईडी टीवी, वाशिंग मशीन
बलिया के सहतवार कस्बे में मंगलवार शाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय कपिल देव चौबे की 26वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में क्षेत्रीय गणमान्य लोग, समाजसेवी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने स्वर्गीय चौबे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वक्ताओं ने स्वर्गीय कपिल देव चौबे के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि चौबे का जीवन राष्ट्रभक्ति, समाजसेवा और जनकल्याण के लिए समर्पित रहा। उनके आदर्श आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत हैं। श्रद्धांजलि सभा के उपरांत अभिषेक ऑटो की ओर से ग्राहकों के लिए आयोजित लकी ड्रा का कूपन निकाला गया। मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि नीरज सिंह 'गुड्डू' ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। प्रथम विजेता आदित्य शर्मा को एलईडी टीवी, द्वितीय विजेता रजनीश तिवारी को वॉशिंग मशीन तथा अन्य विजेताओं को जूसर-मिक्सर-ग्राइंडर एवं मिक्सी भेंट की गई। मुख्य अतिथि नीरज सिंह 'गुड्डू' ने इस प्रकार के सामाजिक और प्रेरणादायी आयोजनों की सराहना की। इस अवसर पर राघव चौबे, राजकुमार वर्मा, अजीत चौबे, राम बहादुर वर्मा, दीपक मिश्रा, योगेश चौबे, राहुल दूबे और नीरज कुमार पाठक सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन जनार्दन दूबे ने किया, जबकि अंत में अभिषेक चौबे ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के नए प्लेटफॉर्म के पास बिना अनुमति की गई खुदाई के दौरान रेलवे की मुख्य सिग्नल कोर केबल क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने कार्रवाई करते हुए एचडीडी (HDD) मशीन जब्त कर उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया। केबल कटने से रेलवे का सिग्नल सिस्टम प्रभावित हुआ और डाउन व अप लाइन पर करीब 2 घंटे 18 मिनट तक रेल परिचालन बाधित रहा। बिना अनुमति हो रही थी खुदाई दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) नागपुर मंडल के मंडल सुरक्षा आयुक्त चेतन दिलीपराव जिचकार के निर्देश पर रेल संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसी दौरान 28 जून 2026 को राजनांदगांव स्टेशन के न्यू प्लेटफॉर्म (किमी 896/25-27) के पास पावर मेक इंफ्रा लिमिटेड द्वारा रेलवे की भूमि पर बिना अनुमति एचडीडी मशीन से खुदाई किए जाने की जानकारी मिली। सिग्नल सिस्टम हुआ फेल, कई ट्रेनें प्रभावित लापरवाही से की गई खुदाई के दौरान रेलवे की 302 और 122 सिग्नल कोर केबल कट गई। इससे सिग्नल सिस्टम फेल हो गया और रेल परिचालन करीब 2 घंटे 18 मिनट तक प्रभावित रहा। इस दौरान समरसता एक्सप्रेस (12152), बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस (15231) सहित कई मालगाड़ियों को विभिन्न स्टेशनों पर रोकना पड़ा। एचडीडी मशीन जब्त, चालक गिरफ्तार सूचना मिलते ही राजनांदगांव आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक तरुणा साहू अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। संबंधित विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर खुदाई में प्रयुक्त एचडीडी मशीन जब्त कर ली गई। मशीन चालक संजय राम (34 वर्ष), निवासी सुपौल (बिहार) को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ रेल अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। अस्थायी पैनल से बहाल हुई व्यवस्था घटना के बाद वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (सिग्नल) की निगरानी में तकनीकी टीम ने युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त केबल को ठीक कर उसे अस्थायी रूप से दूसरे पैनल से जोड़ा गया, जिसके बाद रेल परिचालन दोबारा सामान्य किया जा सका।
नोहर फीडर में हरियाणा द्वारा दूषित पेयजल छोड़े जाने के विरोध में किसानों का दो दिवसीय धरना मंगलवार को वार्ता के बाद समाप्त हो गया। किसानों और हरियाणा-राजस्थान के सिंचाई अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों ने आंदोलन स्थगित करने की घोषणा की। हरियाणा सरकार ने हिसार-घग्घर मल्टीपर्पज ड्रेन का पानी नोहर फीडर में डालने के लिए किए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने के लिखित आदेश जारी कर दिए हैं। तीसरे दौर की वार्ता में बनी सहमति यह सहमति तीसरे दौर की वार्ता में बनी, क्योंकि पहले दो दौर की बातचीत विफल रही थी। वार्ता में राजस्थान और हरियाणा सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद थे। किसानों की ओर से गुरमेल सरदार, कृष्ण छिम्पा, राजेंद्र नयोल, कृष्ण गोदारा, गोपी राम स्वामी, मानसिंह सहित कई किसान शामिल हुए। पूर्व प्रधान सोहन ढील वार्ता के दौरान धरना स्थल पर किसानों के साथ मौजूद रहे। वार्ता में सहमति बनने के बाद हरियाणा सरकार द्वारा जारी पत्र किसानों को पढ़कर सुनाया गया, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित करने पर सहमति जताई। पूर्व विधायक ने फोन पर कराई बात किसान गुरमेल सिंह ने बताया कि पूर्व विधायक अभिषेक मटोरिया ने राजस्थान के सिंचाई मंत्री की हरियाणा के सिंचाई मंत्री से दूरभाष पर बात करवाई, जिसके बाद हरियाणा के सिंचाई विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए। पूर्व पंचायत समिति प्रधान सोहन ढील ने कहा कि किसानों की एकजुटता के आगे हरियाणा को झुकना पड़ा।
बुरहानपुर नेपानगर पुलिस ने नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि की बंद पड़ी गिट्टी खदान से चोरी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो लोहे की गार्डर, दो लोहे की जाली और एक लोहे का गेट बरामद किया है। जब्त किए गए सामान की अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये बताई गई है। नेपानगर नगर पालिका उपाध्यक्ष प्रतिनिधि प्रवीण काटकर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 28 जून को दोपहर करीब 1 बजे जब वे अपनी बंद पड़ी गिट्टी खदान पर पहुंचे, तो वहां से दो लोहे की गार्डर, दो जाली और एक गेट गायब मिले। पूछताछ करने पर पता चला कि कुछ लोग टाटा एस वाहन में सामान भरकर ले गए थे। चोरी का सामान बेचने ले जाने की मिली थी सूचना नेपानगर थाना प्रभारी ज्ञानू जायसवाल ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद पुलिस जांच कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सातपायरी भातखेड़ा की ओर से एक लोडिंग वाहन में चोरी का सामान बेचने के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कार्रवाई कर संदिग्ध वाहन क्रमांक एमएच 04-एचवाय 3475 को रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें चोरी का सामान मिला। पुलिस ने भीमा पिता रामचंद्र बोरे (निवासी मसक), शिवक उईके, विश्वजीत मश्कोले और संतोष सिंह धुर्वे (निवासी बदनापुर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि चोरी के बाद सामान जंगल में छिपा दिया था और अब उसे बेचने ले जा रहे थे। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक दिलीप धुर्वे, अमर पवार, आरक्षक नीरज सिंह और गजेंद्र सिंह की अहम भूमिका रही।
महोबा में कचहरी से घर लौट रहे जिला न्यायालय के एक अधिवक्ता पर मंगलवार को दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया। पुरानी रंजिश और पंचायत चुनाव की दुश्मनी को लेकर दबंगों ने पहले उन पर फायरिंग की, फिर लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद अधिवक्ता संघ में भारी आक्रोश फैल गया और वकीलों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। शहर कोतवाली क्षेत्र के मुल्ला खुड़ा के पास मंगलवार को बरात पहाड़ी गांव निवासी जिला न्यायालय के अधिवक्ता सतीश अवस्थी कचहरी से बाइक से घर लौट रहे थे। आरोप है कि पहले से घात लगाए बैठे आधा दर्जन से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। परिजनों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले अवैध तमंचे से उन पर फायर किया। फायरिंग से घबराकर अधिवक्ता बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े, जिसके बाद कैलाश कुशवाहा, आकाश राजपूत, करन राजपूत सहित अन्य आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता जिला अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई। जिला अधिवक्ता समिति के महामंत्री राजेंद्र तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ तत्काल सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी नहीं की गई तो अधिवक्ता आंदोलन करेंगे। परिजनों का आरोप है कि समाजवादी पार्टी से जुड़े कैलाश कुशवाहा के संरक्षण में आरोपियों ने पहले भी अधिवक्ता के भाई और भतीजे पर हमला किया था, लेकिन उस समय पुलिस ने मामूली धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें छोड़ दिया था। उनका कहना है कि आगामी ग्राम पंचायत चुनाव की रंजिश के चलते यह हमला कराया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ सिटी रविकांत गौड़ अस्पताल पहुंचे और बताया कि पीड़ित पक्ष से तहरीर ली जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है।
गैंगरेप केस को लेकर NSUI का मशाल जुलूस:जिलाध्यक्ष बोले-आरोपियों को फांसी दो, वरना शहर बंद कर देंगे
श्रीगंगानगर में नाबालिग लड़की से हुए गैंगरेप के विरोध में मंगलवार शाम को NSUI ने मशाल जुलूस निकाला। रमेश चौक से शुरू हुए जुलूस ने पूरे शहर में रोष की लहर पैदा कर दी। युवा मशालें लेकर सड़कों पर उतरे और पीड़िता को न्याय दिलाने तथा आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की। युवा हाथों में मशालें लेकर नारेबाजी करते हुए चल रहे थे। भारत माता चौक तक पहुंचा जुलूस मशाल जुलूस रमेश चौक से रवाना होकर सुखाडिया सर्किल होते हुए भारत माता चौक पहुंचा। इस दौरान युवाओं ने हाथों में मशाल थामे हुए पीड़िता के पक्ष में एकजुटता दिखाई। उन्होंने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर पुलिस-प्रशासन जल्दी एक्शन नहीं लेगा तो पूरे शहर को बंद कर दिया जाएगा। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष ईशानवीर मान ने कहा- शहर के कई होटलों में नाबालिग के साथ हुई दरिंदगी महाराजा गंगा सिंह की पावन धरा पर कलंक है। एनएसयूआई लगातार इस मामले में आरोपियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रही है। हम पुलिस प्रशासन को चेतावनी देते हैं कि अगर आने वाले दिनों में आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई शहर बंद कराने को मजबूर हो जाएगी। जब तक नाबालिग को न्याय नहीं मिल जाता, हमारा विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। लड़कियां सुरक्षित नहीं एडवोकेट निकिता संधू ने कहा- आज देश में लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं। घर से निकलने के लिए सौ बार सोचना पड़ता है। श्रीगंगानगर में जिन दरिंदों ने मासूम नाबालिग के साथ यह निंदनीय घटना की, उन्हें जल्द से जल्द फांसी दी जानी चाहिए। न सिर्फ आरोपियों पर, बल्कि श्रीगंगानगर के उन सभी होटलों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जहां ऐसी गतिविधियां चलती हैं। आरोपियों के घरों और होटलों पर बुलडोजर चलना चाहिए। इस दौरान निकिता संधू, पुष्पा, अनिशा, वरजिंद्र सिंह, दीपांशु वर्मा, गौतम छाबड़ा, दर्श नारंग, सरीफ खान, अक्षय चलाना, जतिन इंदौरा, संजय गिरी, प्रेम गधीव और महेंद्र गुरुद्वारा सहित अनेक युवा मौजूद रहे।
दतिया शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई हिस्सों में बुधवार, 1 जुलाई को निर्धारित समय के लिए बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। 33/11 केवी सबस्टेशन और 33 केवी लाइन पर एमडीपी प्रोजेक्ट एवं मेंटेनेंस कार्य के चलते अलग-अलग फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में दो से पांच घंटे तक बिजली बंद रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से पहले से जरूरी कार्य निपटाने की अपील की है। 33 केवी गोराघाट फीडर से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इससे गोराघाट, बेहरूका और भादोना उपकेंद्र से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों के क्षेत्र प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में भी रहेगी कटौती होलीपुरा, हवाई पट्टी और गल्ला मंडी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 7 बजे से 10 बजे तक बिजली बंद रहेगी। इसके अलावा एयरपोर्ट, स्टेडियम, कृषि विज्ञान, गोराघाट आबादी, भादोना (रिछारी) आबादी, सिलोरी, सोनागिर, गुजर्रा, सरसई, दुरसड़ा, डगरई और जिगना आबादी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 6 बजे से 11 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। लमकना, रिछारी, बड़ोनकला, सीतापुर, सिंदवारी और चिरुला आबादी फीडरों से जुड़े क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से 11 बजे तक बिजली कटौती की जाएगी। बिजली कंपनी के अनुसार, मेंटेनेंस कार्य की प्रगति के आधार पर बिजली बंद रहने की अवधि में बदलाव संभव है। इसलिए उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे समय का ध्यान रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले से निपटा लें।
करौली जिले के टोडाभीम में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। पटवारी किराए के कमरे में रहती थी। घटना टोडाभीम थाना इलाके के जोशी पाड़ा मोहल्ले की मंगलवार शाम करीब 4 बजे की है। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- मंगलवार शाम 5 बजे सूचना मिली कि जोशी पाड़ा मोहल्ले में महिला पटवारी ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर महिला को नीचे उतारा और टोडाभीम उप जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उगंती प्रजापत (25) अलवर जिले के मालाखेड़ा के लीली गांव की रहने वाली थी। वह टोडाभीम की ग्राम पंचायत भनकपुरा में पटवारी के पद पर कार्यरत थीं। तहसीलदार दिनेश मीणा ने बताया- टोडाभीम के खेड़ी ग्राम पंचायत की ग्राम विकास अधिकारी हेमलता (VDO) और उगंती देवी एक ही मकान में किराए पर कमरे लेकर रहती थीं। शाम 4 बजे हेमलता के पास उगंती देवी के पति का फोन आया। पति ने कहा कि उगंती फोन नहीं उठा रही है। इस पर जब हेमलता चेक करने गई तो उसके कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। हेमलता ने खिड़की से झांककर देखा तो उगंती फंदे से लटकी हुई थी। हेमलता ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा किया। 2025 में हुई थी शादी तहसीलदार दिनेश मीना ने बताया- उगंती देवी की शादी मई 2025 में हुई थी। उनके पति अलवर में सरकारी टीचर हैं। उगंती को फंदे से लटका देखकर हेमलता की भी तबीयत बिगड़ गई। उसे इलाज के लिए टोडाभीम उप जिला अस्पताल लेकर गए। थाना अधिकारी सुन्नीलाल मीणा ने बताया- महिला के पीहर पक्ष को सूचना दे दी गई है। शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। परिजनों की रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। … यह खबर भी पढ़ें… DSP को मैसेज भेज व्यापारी ने किया सुसाइड:लिखा- मरने वाला झूठ नहीं बोलता, ASI ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली खैरथल-तिजारा जिले के व्यापारी ने डीएसपी (तिजारा सीओ) को वाट्सएप पर मैसेज भेजकर सुसाइड कर लिया। मैसेज में व्यापारी ने लिखा- ‘मरने वाला झूठ नहीं बोलता। एएसआई ने मुझसे 18 हजार रिश्वत ली। लेकिन केस में से सबूत और मेरी गवाही हटा दी गई।’ (पूरी खबर पढ़ें)
भिवाड़ी नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक दिनेश कुमार मीणा से मारपीट के मामले में पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को कुलदीप दायमा और देवेंद्र बिधूड़ी को हिरासत में लिया गया। यह घटना गत शुक्रवार को नगर परिषद परिसर में हुई थी। मुख्य सफाई निरीक्षक से मारपीट की थी घटना शुक्रवार को भिवाड़ी नगर परिषद कार्यालय में हुई थी। आरोप है कि ऑटो टिपर चालक कुलदीप दायमा और देवेंद्र बिधूड़ी सहित अन्य लोगों ने मुख्य सफाई निरीक्षक मीणा के साथ मारपीट की थी। पीड़ित अधिकारी ने देवेंद्र बिधूड़ी, कुलदीप दायमा समेत करीब पांच लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर नगर परिषद कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। खैरथल-तिजारा यूनियन ने भी हड़ताल और धरने की चेतावनी दी थी, जिससे स्थिति गंभीर हो गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सोमवार को भिवाड़ी थाना अधिकारी सचिन शर्मा धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने 72 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। दो आरोपियों को किया गिरफ्तार पुलिस ने अपने आश्वासन के अनुसार कार्रवाई करते हुए मंगलवार को मुख्य आरोपी देवेंद्र बिधूड़ी और कुलदीप दायमा को गिरफ्तार कर लिया। कुलदीप दायमा पर थप्पड़ मारने का आरोप है। पुलिस ने बताया कि अभी भी 4-5 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। नगर परिषद कर्मचारियों ने इन गिरफ्तारियों पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद हड़ताल पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
लालसोट के रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने 1 करोड़ रुपए की सुपारी चोरी मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ताजर को हरियाणा के गुरुग्राम से पकड़ा गया है। पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी दिलशाद सहित अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। थाना अधिकारी मदनलाल मीणा ने बताया कि 23 जून को पलवल (हरियाणा) निवासी अख्तर मेव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, नागपुर से दिल्ली भेजी जा रही सुपारी से भरे बैग उसके कंटेनर से रास्ते में चोरी हो गए थे। आरोप है कि कंटेनर चालक दिलशाद ने अपने साथियों के साथ मिलकर 19 जून को अमराबाद रेस्ट एरिया में कंटेनर में भरी सुपारी को दूसरे कंटेनर में ट्रांसफर कर दिया था। इसके बाद वह माल सहित वाहन को लेकर फरार हो गया। रामगढ़ पचवारा थाना पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर टीम की मदद से घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे आरोपियों की पहचान हुई। जांच के दौरान, पुलिस ने 28 जून को चोरी किया गया माल बरामद कर एक आरोपी शाबीर खान को कानपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया था। इसी क्रम में, पुलिस टीम ने लगातार दबिश देकर वांछित आरोपी ताजर पुत्र नवाब हुसैन (32) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया। ताजर नूंह (हरियाणा) जिले के सिकारपुर, थाना तावडू का निवासी है। पुलिस ने बताया कि मामले में मुख्य आरोपी दिलशाद और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है।
राजगढ़। जिले में स्मार्ट बिजली मीटरों के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को बांसावाड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में महिलाएं और रहवासी अपने घरों से स्मार्ट मीटर उखाड़कर सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने बारिश के बीच हाथों में मीटर लेकर रैली निकाली और नाका नंबर-3 तक पहुंचे। यहां उन्होंने स्मार्ट मीटर फेंककर विरोध दर्ज कराया। इसके बाद सभी लोग बिजली कंपनी के कार्यालय पहुंचे और अपनी नाराजगी जताई। हालांकि, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ड्यूटी होने के कारण कोई भी जिम्मेदार अधिकारी कार्यालय में मौजूद नहीं था। बिल चार से पांच गुना बढ़ने का आरोप प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल चार से पांच गुना तक बढ़ गए हैं। उनका कहना है कि पहले जहां 400 से 500 रुपये का बिल आता था, वहीं अब कई घरों में पांच हजार रुपये से अधिक के बिल आ रहे हैं। इससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। “स्मार्ट मीटर हटाओ” के नारे लगाए महिलाओं ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकाली और “स्मार्ट मीटर हटाओ” तथा “मनमानी बंद करो” जैसे नारे लगाए। नाका नंबर-3 पर मीटर फेंककर उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जबरन स्मार्ट मीटर लगाए जाते रहे, तो वे आगे भी उनका विरोध करेंगे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बढ़े हुए बिजली बिलों की शिकायत कई बार बिजली कंपनी के अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने बताया कि बांसावाड़ा क्षेत्र के अधिकतर परिवार मजदूरी और छोटे कामों से जीवन यापन करते हैं। ऐसे में हजारों रुपये के बिजली बिल भरना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने सरकार से स्मार्ट मीटर व्यवस्था की जांच कराने और पुराने मीटर दोबारा लगाने की मांग की। मीटर निकालने के बाद भी रीडिंग चलने का दावा कुछ रहवासियों ने यह भी दावा किया कि जिन स्मार्ट मीटरों को घर से निकाल दिया गया था, उनमें भी रीडिंग चलती रही। उन्होंने इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। बारिश के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
नूंह जिले के गांव संगेल के शहीद सैनिक तेजपाल के परिवार को शहीद स्मारक निर्माण पर खर्च की गई राशि 3 साल बाद भी नहीं मिली है। शहीद की पत्नी मीनू ने हरियाणा सरकार में मंत्री विपुल गोयल से न्याय की गुहार लगाई है। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सहायता का आश्वासन दिया है। जानकारी के अनुसार, गांव संगेल निवासी सैनिक तेजपाल वर्ष 2023 में सैन्य ड्यूटी के दौरान लद्दाख में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत की स्मृति में गांव में शहीद स्मारक और प्रतिमा बनाने का निर्णय लिया गया था। शहीद की पत्नी मीनू का आरोप है कि जिला प्रशासन ने स्मारक निर्माण के लिए आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिलाया था, लेकिन समय पर कोई राशि उपलब्ध नहीं कराई गई। पत्नी बोलीं- अब राशि मांगने नहीं आऊंगी प्रशासन से राशि न मिलने पर परिवार ने शहीद के सम्मान को सर्वोपरि मानते हुए अपने निजी संसाधनों से करीब 5 लाख रुपए खर्च कर स्मारक और प्रतिमा का निर्माण कराया। इसके बाद मीनू लगातार प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन 3 साल बीत जाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला। मंत्री विपुल गोयल से मुलाकात के दौरान मीनू भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि यदि इस बार भी उनकी मांग पूरी नहीं हुई तो वह दोबारा स्मारक निर्माण की राशि मांगने नहीं आएंगी और जरूरत पड़ने पर अपने सभी दस्तावेज वहीं फाड़कर लौट जाएंगी। मंत्री ने 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया मीनू ने मंत्री से स्मारक निर्माण पर खर्च हुए करीब 5 लाख रुपए दिलाने की मांग की। उनकी पीड़ा सुनने के बाद मंत्री विपुल गोयल ने तत्काल अपने निजी कोष से 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने डीसी के माध्यम से 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात भी कही। अब शहीद तेजपाल का परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि वर्षों से लंबित उनकी मांग पूरी होगी।
ग्वालियर के एक युवक ने अपनी पत्नी से जान का खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई है। उसका कहना है कि उसकी पत्नी इंस्टाग्राम पर लाइव आकर उसे धमकाती है। वह कहती है, 'तुझे नीले ड्रम में पैक करवा दूंगी।' वह शराब पीकर मुझे गाली देती है। मैं मानसिक रूप से बहुत परेशान हो चुका हूं। मंगलवार को एसपी ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान बिजौली थाना क्षेत्र के ग्राम मुगलपुरा निवासी राहुल मौर्य ने अपनी पत्नी के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। राहुल का कहना है कि उनकी शादी 14 अप्रैल 2026 को शिवपुरी के ग्राम अमौला निवासी राखी जाटव से सामाजिक रीति-रिवाजों के अनुसार हुई थी। राहुल का आरोप है कि शादी के कुछ ही दिन बाद उनकी पत्नी ससुराल छोड़कर चली गई। जाते समय वह घर में रखे जेवरात, नकदी और अन्य कीमती सामान भी अपने साथ ले गई। इसके बाद उसने साथ रहने से इनकार कर दिया और लगातार तलाक का दबाव बनाने लगी। राहुल मौर्य का आरोप है कि जब उन्होंने बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की तो उन्हें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लगातार धमकियां मिलने लगीं। इतना ही नहीं, वह परिचितों के माध्यम से उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दिलवा रही है। साथ ही अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया जा रहा है। पहले भी की शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई राहुल का कहना है कि उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय ग्वालियर, थाना बिजौली, पुलिस अधीक्षक कार्यालय शिवपुरी और थाना अमौला सहित संबंधित अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने के कारण उनका परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है। शादी का झांसा देकर हड़पती है धन-संपत्ति आवेदन में राहुल मौर्य ने पत्नी पर यह भी आरोप लगाए हैं कि वह ग्वालियर, शिवपुरी, अशोकनगर सहित अन्य स्थानों पर अनैतिक गतिविधियों में संलिप्त है। वह लोगों को शादी का झांसा देकर धन-संपत्ति हड़पने का काम करती है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने कई बार पत्नी को कथित रूप से ऐसी गतिविधियों में देखा था। विरोध करने पर उन्हें जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। राहुल मौर्य ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए, सोशल मीडिया पर दी जा रही कथित धमकियों की जांच की जाए तथा उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराते हुए दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए। 5 लाख रुपए की डिमांड कर रही है बिजौली थाना सर्किल के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि राहुल मौर्य जनसुनवाई में आया था। उसने आवेदन देकर बताया है कि शादी के बाद उसकी पत्नी करीब एक महीना उसके साथ रही। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। राहुल का आरोप है कि उसकी पत्नी उससे 5 लाख रुपए की मांग कर रही है। वह कह रही है कि 'अगर पैसे दोगे, तभी तुम्हारे साथ रहूंगी।' सीएसपी ने बताया कि राहुल ने अपने स्तर पर पत्नी के बारे में जानकारी जुटाई। उसका आरोप है कि राखी पहले भी कई लोगों के साथ इस तरह धोखाधड़ी कर पैसों की मांग कर चुकी है। इसी आधार पर राहुल ने अपने आवेदन में पत्नी का चरित्र संदिग्ध होने का आरोप लगाया है। सीएसपी ने बताया कि राखी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर धमकी जैसे कुछ वीडियो भी पोस्ट किए हैं। फिलहाल सभी साक्ष्य ले लिए गए हैं और मामले की जांच की जा रही है।
फलोदी जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने मंगलवार को साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने विभागवार कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रगति के निर्देश दिए। कलक्टर ने लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने को कहा। कलेक्टर बोले-पात्र व्यक्तियों को मिले लाभ कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जनकल्याणकारी योजनाओं से अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाए। उन्होंने पीएचईडी अधिकारियों से टैंकर के माध्यम से पेयजल वितरण की रिपोर्ट ली और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और आपदा प्रबंधन के तहत स्थाई मरम्मत कार्यों में सुधार के निर्देश भी दिए गए। उद्योग विभाग के अधिकारियों को बैंकों से समन्वय स्थापित कर केंद्र और राज्य सरकार की बैंकिंग योजनाओं में प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, लंबित ऋण आवेदनों का समय पर निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में एसीईओ गौतम चौधरी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
नेशनल डेवलपर्स की एनसीआर में हिस्सेदारी बढ़ने के बाद भी पश्चिमी यूपी के मेरठ, नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद में क्षेत्रीय डेवलपर्स का दबदबा कायम है। मंगलवार को वेस्ट यूपी, एनसीआर के बिल्डर्स ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए इस मुद़दे पर संवाद किया। शाम 7 बजे ये ऑनलाइन सेशन हुआ। इसमें रियल स्टेट के क्षेत्र में बढ़े रहे क्षेत्रीय डेवलपर्स के प्रभाव पर चर्चा हुई। रैपिड, एयरपोर्ट के कारण बढ़ी कीमतें श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल ने कहा कि रीजनल डेवलपर्स का सबसे बड़ा एडवांटेज उनका ओल्ड लैंड बैंक है। यही उन्हें मार्केट में ज्यादा कॉम्पिटिटिव और प्राइस-एफिशिएंट बनाता है। निराला वर्ल्ड के एमडी सुरेश गर्ग बोले कि आने वाले सालों में वेस्ट यूपी, मेरठ में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट मार्केट और ज्यादा प्रतिस्पर्धी होने वाला है,यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आरआरटीएस जैसे प्रोजेक्ट्स इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और आकर्षण को काफी बढ़ाएंगे। स्थानीय डेवलपर्स हैं आगे एनारॉक रिसर्च के अनुसार, एनसीआर में नेशनल डेवलपर्स की नई रेजिडेंशियल सप्लाई 2022 के 3 प्रतिशत से बढ़कर 2025 के अंत तक 13 प्रतिशत से अधिक हो गई है। इसके बावजूद मेरठ, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के स्थानीय डेवलपर्स आगे ही हैं। मेरठ, नोएडा में दे रहे लग्जरी सुविधाएं रेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि “नोएडा और ग्रेटर नोएडा का रियल एस्टेट आज भी निवेश से ज्यादा स्वयं उपयोग वाला बाजार है। आरजी ग्रुप के निदेशक हिमांशु गर्ग ने कहा कि अब लग्जरी सिर्फ राष्ट्रीय स्तर के डेवलपर्स की खासियत नहीं रह गई है। नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा के कई क्षेत्रीय डेवलपर्स भी अब परियोजना में उच्च स्तरीय क्लब, हरित क्षेत्र, बहु स्तरीय खेल परिसर और प्रीमियम सुविधाएं दे रहे हैं।
जाने-माने चेस्ट फिजिशियन एवं पल्मोनरी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नलिन जोशी को नई दिल्ली में आयोजित डॉक्टर्स डे कॉन्क्लेव 2026 पर प्रतिष्ठित ''राजस्थान इंस्पायरिंग चेस्ट स्पेशलिस्ट ऑफ इंडिया” सम्मान से अलंकृत किया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल ने प्रदान किया। इस अवसर पर माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस राष्ट्रीय मंच पर देशभर के प्रतिष्ठित चिकित्सक, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शोधकर्ता एवं चिकित्सा जगत के अग्रणी व्यक्तित्व एकत्रित हुए। इस अवसर पर भारत सरकार की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। डॉ. जोशी को यह राष्ट्रीय सम्मान पल्मोनरी एवं रेस्पिरेटरी मेडिसिन (फेफड़ों एवं श्वसन रोगों) के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट चिकित्सीय योगदान, रोगी-केंद्रित सेवाओं, चिकित्सा अनुसंधान, शैक्षणिक उत्कृष्टता और समाज में श्वसन रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रदान किया। डॉ. जोशी एक प्रतिष्ठित चिकित्सक होने के साथ-साथ उत्कृष्ट शोधकर्ता एवं शिक्षाविद भी हैं। उनके नाम 95 शोध प्रकाशन दर्ज हैं, जिनमें 5 अंतरराष्ट्रीय एवं 91 राष्ट्रीय शोध पत्र शामिल हैं।
पानीपत जिले में मंगलवार को खंड कार्यालय इसराना में पंचायत समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। डीडीपीओ राजेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 25 में से 18 सदस्यों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीडीपीओ राजेश शर्मा ने पंचायत समिति के कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हरियाणा में पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच विकास कार्यों का समन्वय करती है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और जन कल्याणकारी योजनाओं को खंड स्तर पर लागू करना है। राजेश शर्मा ने बताया कि इन विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें धनराशि उपलब्ध कराती हैं। इसी के तहत इसराना पंचायत समिति की यह बैठक बुलाई गई थी। बैठक की अध्यक्षता पंचायत समिति चेयरमैन हरपाल मलिक ने की। डीडीपीओ ने ली विकास कार्यों की जानकारी इस अवसर पर जिला पंचायत अधिकारी राजेश शर्मा ने उपस्थित सदस्यों से पिछले वर्ष हुए विकास कार्यों की जानकारी ली और आगामी वर्ष में किए जाने वाले विकास कार्यों के बारे में अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। शर्मा ने बताया कि पंचायत समिति के बजट को नियमानुसार समान रूप से वितरित कर विकास कार्य करवाए जा रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि क्षेत्र के कई स्कूलों में पंचायत समिति की ओर से ग्रेनाइट बिछाया गया है, और गांवों की चौपालों पर भी विकास कार्य जारी हैं। पंचायत समिति अध्यक्ष हरपाल मलिक ने सभी सदस्यों को विकास कार्यों में सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया।
मंगलवार को ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय में भाजपा के पूर्व पार्षद ब्रजेश गुप्ता ने क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने गले में ढोलक लटकाकर और भजन गाते हुए नगर निगम कार्यालय में प्रवेश किया, जिससे वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। पूर्व पार्षद ब्रजेश गुप्ता मुरार क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 26 और 27 से संबंधित सीवर, पेयजल और सड़कों की समस्याओं को लेकर निगम पहुंचे थे। उस समय नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय जनसुनवाई कर रहे थे। ढोलक और भजन की आवाज सुनकर आयुक्त ने तुरंत पूर्व पार्षद को अपने पास बुलाया और उनकी शिकायतें विस्तार से सुनीं। आयुक्त ने उन्हें 24 घंटे के भीतर समस्याओं पर कार्रवाई का आश्वासन दिया। ब्रजेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुरार क्षेत्र में सीवर व्यवस्था लंबे समय से खराब है। कई जगहों पर पेयजल पाइपलाइनों में सीवर का गंदा पानी मिल रहा है, जिससे लोगों को दूषित पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के अधिकारी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। गुप्ता ने निगम पर आरोप लगाया कि वह केवल शहर के कुछ हिस्सों को 'लिपस्टिक लगाकर चमका' रहा है, जबकि अधिकांश शहर गंदगी से जूझ रहा है। उन्होंने बताया कि वीआईपी क्षेत्रों को छोड़कर अन्य जगहों से चार-चार दिनों तक कचरा नहीं उठाया जाता। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि शहर में स्मार्ट मीटर लगाए जा सकते हैं, तो लोगों को बेहतर सड़कें, स्वच्छ पेयजल और अन्य स्मार्ट सुविधाएं क्यों नहीं मिल सकतीं। पूर्व पार्षद ने अमृत योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि लगभग 840 करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद लोगों को आज भी शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने दावा किया कि यह योजना अपने उद्देश्यों को पूरा करने में विफल रही है।
सीकर एसीबी ने रींगस थाने के सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सांवताराम गुर्जर और हेड कॉन्स्टेबल जयसिंह जाट को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते ट्रेप किया है। शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया था कि रींगस पुलिस थाने में हादसे के एक मामले में जब्त उसकी गाड़ी को छुड़वाने के लिए एएसआई सांवताराम 8 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहे है। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन किया, जिसमें एएसआई सांवताराम द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद, एसीबी उपमहानिरीक्षक पुलिस डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण में एक ट्रेप दल का गठन किया गया। इस दल का नेतृत्व एसीबी इकाई सीकर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय कुमार और पुलिस निरीक्षक सुभाष ने किया। दल ने कार्रवाई करते हुए एएसआई सांवताराम के सहयोगी हेड कॉन्स्टेबल जयसिंह को परिवादी से 8,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। एएसआई सांवताराम को इस मामले में संलिप्तता पाए जाने पर खाटूश्यामजी से गिरफ्तार किया गया।
निंबाहेड़ा कॉेलज में सीट बढ़ाने की मांग:NSUI ने सौंपा ज्ञापन, बोले-स्टूडेंट्स की बढ़ रही संख्या
राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) की निंबाहेड़ा इकाई ने डॉ. भीमराव अंबेडकर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्नातक स्तर की विभिन्न कक्षाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में सोमवार, 30 जून को महाविद्यालय प्राचार्य के माध्यम से उच्च शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार को एक ज्ञापन सौंपा गया। कॉलेज में सीट बढ़ाने की मांग एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने बताया कि वर्तमान में महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत सीटों की संख्या सीमित होने के कारण अनेक छात्र-छात्राओं को प्रवेश से वंचित होना पड़ सकता है। 403 सीटें स्वीकृत ज्ञापन में बताया- कॉलेज में कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय की स्नातक कक्षाओं के लिए कुल 403 सीटें स्वीकृत हैं। जबकि, वर्तमान में तीनों संकायों में लगभग 600 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। ऐसे में आगामी शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या को देखते हुए सीटों में वृद्धि किया जाना आवश्यक है। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने कहा कि निंबाहेड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। यदि सीटों की संख्या नहीं बढ़ाई गई तो अनेक योग्य एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। संगठन ने विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कला, वाणिज्य एवं विज्ञान संकाय की सीटों में शीघ्र वृद्धि करने की मांग की है। ये रहे मौजूद ज्ञापन सौंपते समय एनएसयूआई विधानसभा अध्यक्ष दीपक धाकड़, ब्लॉक अध्यक्ष भंवरसिंह शक्तवात, जिला सचिव नवरत्न प्रजापत, हर्षित सेन, आदित्य पहाड़िया, समकित जैन, भूपेन्द्र टांक, राजू मेघवाल, दुर्गेश कुमावत, तनीष माली, तनीष पाटीदार, नन्दकिशोर गायरी, शिवम, पुष्कर कुमावत, आदित्य जाट, कृष्णा मीणा, करण सिंह, नीलम राणावत, योगिता, लक्की, भावना सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
झालावाड़ में वन विभाग ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत करीब 10 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। अतिक्रमण हटाने का यह अभियान ग्राम पुरा स्थित वन भूमि पर चलाया गया। यह कार्रवाई उपवन संरक्षक सागर पवार के निर्देशन और क्षेत्रीय वन अधिकारी असनावर संजू कुमार शर्मा के नेतृत्व में टीम ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर अवैध कब्जों को ध्वस्त किया और वन भूमि को पूरी तरह से मुक्त कराया। अभियान के दौरान रेंज असनावर का स्टाफ और गश्ती दल झालावाड़ की टीम भी मौके पर मौजूद रही। कार्रवाई में नाका प्रभारी गोवर्धनपुरा रामस्वरूप गुर्जर, वनरक्षक अनिल कुमार, नरेश सिंह सहित गोपाल सिंह, करण सिंह, ओमप्रकाश, गायत्री, राजेंद्र, प्रमोद सिंह, अब्दुल रशीद और जगदीश समेत अन्य वनकर्मियों ने भाग लिया। वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार के अवैध अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा की सुरक्षा और संरक्षण के लिए भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे। जन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दें: कलेक्टरजिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राजस्व अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में जिला कलेक्टर ने राजस्व विभाग के विभिन्न लंबित प्रकरणों एवं जनहित से जुड़े मामलों की बिंदुवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र में प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें।लंबित राजस्व प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देशबैठक में गैर खातेदार के धारा 14(4) के प्रकरणों, राजस्व, रोड, पीडीआर एवं एलआर एक्ट के तहत वसूली प्रकरणों, ऑनलाइन नामांतरण, सीमाज्ञान एवं सहमति विभाजन के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने अधिकारियों को सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें तथा राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाते हुए झालावाड़ जिले को प्रदेश में राजस्व निस्तारण के क्षेत्र में रोल मॉडल बनाने की दिशा में कार्य करें।जन सुनवाई एवं संपर्क पोर्टल के प्रकरणों का समयबद्ध समाधान करेंजिला कलेक्टर ने जिला स्तरीय जन सुनवाई, संपर्क पोर्टल एवं पीजी पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन को त्वरित राहत मिल सके।
नर्मदापुरम एक तरफ सरकार हरियाली महोत्सव मना रही है और पौधरोपण अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत कार्यालय परिसर में एक हरे-भरे अशोक के पेड़ को काट दिया गया। पेड़ काटने को लेकर अनुमति नहीं लेने के आरोप भी लगे हैं। मंगलवार को जिला पंचायत कार्यालय परिसर में रास्ते में बाधा बनने का हवाला देकर स्वस्थ अशोक के पेड़ को तने तक काट दिया गया। खास बात यह रही कि उसी समय जिले के प्रभारी मंत्री एवं लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री राकेश सिंह जनपद पंचायत परिसर में जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री ने बादाम का पौधा लगाया और लोगों को जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसी दौरान परिसर में अशोक के पेड़ को काटा जा रहा था। पेड़ काटने का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें प्रभारी मंत्री की आवाज सुनाई दे रही है। वह लोगों से जल और पर्यावरण संरक्षण की बात कह रहे हैं, जबकि उसी समय पेड़ पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही थी। दोहरा चरित्र उजागर जिला पंचायत कार्यालय भवन के सामने अशोक का पेड़ लगा था। गर्मियों में कर्मचारी उसकी छांव में अपने वाहन खड़े करते थे। बताया गया कि कुछ दिनों से पेड़ झुक गया था। रास्ते में आने-जाने में परेशानी होने का हवाला देकर उसे तने तक काट दिया गया। जानकारी के अनुसार, नगर पालिका के नियमों के तहत हरा पेड़ काटने के लिए उद्यान शाखा से अनुमति लेना आवश्यक होता है। आरोप है कि पेड़ काटने से पहले ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई। पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पेड़ को ट्रांसप्लांट किया जा सकता था या उसकी शाखाओं को सहारा देकर सीधा किया जा सकता था। उनका कहना है कि पेड़ काटने के बजाय दूसरा विकल्प अपनाया जा सकता था। सीईओ ने कर्मचारियों को लगाई फटकार जिला पंचायत जिले में पौधरोपण अभियान की नोडल एजेंसी है। हर साल इसी कार्यालय से लाखों पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया जाता है। ऐसे में कार्यालय परिसर में हरा पेड़ काटे जाने से अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मामला सामने आने पर जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन ने संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि पेड़ क्यों काटा गया।
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में बंद पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की बैरक में हुई हत्या के 24 घंटे बाद भी प्रशासन और परिजनों व समाज के लोगों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया है। परिजन और समाज के लोग तीन मांगों को लेकर लिखित समझौते पर अड़े हुए हैं और अजमेर में प्रदर्शन कर रहे हैं। बाड़ी स्थित अजीजपुरा गुर्जर कॉलोनी में रहने वाली जगन की तीसरी पत्नी कोमेश ने भी प्रशासन और सरकार को जल्द लिखित समझौता करने की मांग करते हुए अजमेर पहुंचने की चेतावनी दी है। प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा समाज की महिलाओं के बीच बैठी कोमेश ने बताया कि प्रशासन केवल आश्वासन दे रहा है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी लिखित समझौते को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा, 'एक लिखा और सौ बक्का होता है।' यदि अब लिखित में कुछ नहीं हुआ तो बाद में भी कुछ नहीं होगा। उनकी मांग है कि सरकार उनके परिवार और समाज द्वारा रखी गई तीनों मांगों को जल्द पूरा करे। कोमेश ने चेतावनी दी कि अब उनके सब्र का बांध टूट रहा है। यदि समझौता नहीं हुआ और सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वह भी अजमेर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी। जगन के कुल चार पुत्र और चार बेटियां हैं पूर्व दस्यु जगन गुर्जर की तीन पत्नियां हैं: ममता देवी, निशा और कोमेश। ममता देवी और निशा कंचनपुर के धौंसपुरा गांव में परिवार के साथ रहती हैं, जबकि कोमेश बाड़ी के अजीजपुरा गुर्जर कॉलोनी में बच्चों के साथ रह रही हैं। जगन के कुल चार पुत्र और चार बेटियां हैं। उनका सबसे बड़ा पुत्र आसाराम अजमेर में मोर्चरी के बाहर चल रहे धरना प्रदर्शन में शामिल है।
प्रयागराज में 30 जनवरी मंगलवार शाम 7 बजे सलोरी में अंबेडकर छात्रावास के छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ प्रदर्शन किया। छात्रों ने जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और सोनम वांगचुक, नेहा, मनीष कुमार समेत छह कार्यकर्ताओं के आमरण अनशन के समर्थन में मार्च निकाला। इस दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका गया और प्रतीकात्मक अर्थी भी निकाली गई। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्ट और गैर-जवाबदेह संस्था बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद एजेंसी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। छात्रों ने NTA को समाप्त करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। छात्र नेता श्रीकांत अंबेडकर ने कहा कि NTA में पारदर्शिता और जवाबदेही का अभाव है। उनका कहना था कि लगातार हो रहे पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, इसलिए इस संस्था को खत्म किया जाना चाहिए। आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यकाल में लेखपाल, यूपीएसआई, नीट सहित कई प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ियां और पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्रालय इन मामलों में अपनी जिम्मेदारी तय नहीं कर रहा है। आइसा उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष विवेक ने कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन शिक्षा और रोजगार बचाने तथा परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए है। उन्होंने कहा कि सरकार जवाबदेही से बच रही है, इसलिए शिक्षा मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर चोर गद्दी छोड़, पेपर लीक बंद करो और धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लगाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रयागराज में और बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन में विवेक, भूपेंद्र, सुमित, महेंद्र, आर्यन, उमेश चौधरी, बृजेश, अशोक, अंकुर समेत अंबेडकर छात्रावास के सैकड़ों छात्र शामिल रहे।
झुंझुनूं पुलिस ने 5 अपराधियों को जिले से बाहर निकाला:एसपी बोले- पांचों आदतन बदमाश, इसलिए कार्रवाई की
झुंझुनूं में बढ़ते अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठाया है। एसपी कावेंद्र सिंह सागर के निर्देशों के बाद, जिले के 5 ऐसे आदतन अपराधियों को जिला बदर (जिले से बाहर) कर दिया गया है, जो लंबे समय से क्षेत्र की शांति-व्यवस्था के लिए खतरा बने हुए थे। दरअसल, जिला पुलिस की हालिया समीक्षा में यह पाया गया कि ये 5 अपराधी आदतन हैं और इनके खिलाफ अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। इन लोगों की लगातार आपराधिक गतिविधियों के कारण स्थानीय जनता में भय का माहौल था। पुलिस ने इन सभी की अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष विस्तृत रिपोर्ट पेश की, जिसके बाद 'राजस्थान गुंडा नियंत्रण अधिनियम' के तहत इन्हें जिले से बाहर करने के आदेश जारी किए गए। एसपी कावेंद्र सिंह सागर ने कहा कि जिले की फिजा खराब करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस इन आदतन अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रख रही है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ इसी तरह की सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ये हैं जिले से बाहर किए गए अपराधी
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जल संसाधन विभाग की भाला गिरवानी नहर परियोजना के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बन रही कंक्रीट नहर पहली ही मूसलाधार बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई। निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही नहर टूटने से इसकी गुणवत्ता और निर्माण कार्य की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जिस नहर से वर्षों तक भाला और विजयनगर क्षेत्र के सैकड़ों किसानों को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद थी, वह पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सकी। बारिश के बाद नहर का एक हिस्सा टूट गया, जिससे निर्माण कार्य में लापरवाही और घटिया गुणवत्ता की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने पहले ही दी थी शिकायत किसान सरवन सोनी, इफ्तेखार खान, विनीत गुप्ता और रामकुमार धुर्वे ने बताया कि निर्माण शुरू होने के समय से ही उन्होंने विभागीय अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से गुणवत्ता संबंधी शिकायतें दी थीं। उनका आरोप है कि निर्माण में मानक सामग्री का उपयोग नहीं किया गया और कंक्रीट की आवश्यक क्योरिंग (पटाई) भी सही तरीके से नहीं कराई गई। इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ पर भी सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर विभाग के जिम्मेदार इंजीनियर नियमित रूप से मौजूद नहीं रहते थे। वहीं, ठेकेदार के तकनीकी कर्मचारी भी अधिकांश समय अनुपस्थित रहते थे, जिससे निर्माण कार्य की प्रभावी निगरानी नहीं हो सकी। तकनीकी जांच की मांग ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना है। यदि निर्माण की गुणवत्ता पर अभी ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में पूरी परियोजना प्रभावित हो सकती है और सरकारी धन की बर्बादी होगी। ग्रामीणों और किसानों ने जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से नहर टूटने की तकनीकी जांच, निर्माण गुणवत्ता की निष्पक्ष समीक्षा और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
फरीदाबाद जिले के तिगांव थाना क्षेत्र के गांव मंझावली में मंगलवार सुबह बिजली के मीटर से तार जोड़ने को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष लाठी-डंडे लेकर आमने-सामने आ गए। इस झगड़े में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मीटर के तार में कट लगाकर जोड़ा था कनेक्शन घायल कृष्ण कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 7 बजे वह अपनी दुकान जाने के लिए घर से निकल रहे थे। उनका आरोप है कि गांव के ही रहने वाले नरेश यादव ने 2 दिन पहले उनके नाम के बिजली मीटर के तार में कट लगाकर अपने घर की बिजली की तार जोड़ ली थी। कृष्ण कुमार का कहना है कि नरेश यादव पहले भी उनके मीटर से बिजली ले रहा था और उसने यह कहते हुए एक और मीटर भी लगा रखा था कि बिजली का जो भी बिल आएगा, वह भर देगा। धारदार हथियार लेकर पहुंचे हमलावर कृष्ण कुमार के अनुसार जब उन्होंने नरेश यादव से अपने मीटर से तार हटाने के लिए कहा तो वह गाली-गलौज करने लगा। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उदयवीर यादव का बेटा गौरव और परिवार के अन्य सदस्य लाठी-डंडे और फरसा लेकर मौके पर पहुंच गए और मारपीट शुरू कर दी। कृष्ण कुमार का कहना है कि हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिसके कारण डॉक्टरों को 13 टांके लगाने पड़े। इसके अलावा उनके हाथ की हथेली में भी गंभीर चोट आई है। उन्होंने बताया कि इस मारपीट में उनके चाचा, भाई, पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य भी घायल हुए हैं। बिजली की तार जोड़ने को लेकर हुआ विवाद वहीं पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि गांव मंझावली में कृष्ण कुमार, ज्ञानवती देवी, सुमन, टिंकू, सोनू और विजयपाल के घर के पास लगे बिजली के खंभे पर लगे मीटर से बिजली की तार जोड़ने को लेकर विवाद हुआ था। इसी बात पर उदयवीर यादव, नरेश, रामकुमार, अभिषेक, सौरभ और गौरव सहित दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में लाठी-डंडों से मारपीट में बदल गई। पुलिस का कहना है कि इस झगड़े में दोनों पक्षों के लोगों को चोटें आई हैं। मामले की जांच कर रही पुलिस फरीदाबाद पुलिस के प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि गांव मंझावली में बिजली के मीटर से तार जोड़ने को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों की ओर से तिगांव थाने में शिकायत दी गई है। शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि घायल लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस सभी पक्षों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
प्रयागराज के कार्यालय महालेखाकार (एजी ऑफिस) में मंगलवार शाम 4 बजे भावनाओं से भरा एक विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर कुल 28 सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके दशकों लंबे सेवाकाल के सम्मान में फूल-माला, अंगवस्त्र और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई। समारोह का आयोजन राष्ट्रीय लोक सेवार्थ संगठन, प्रयागराज के संयोजक ओम प्रकाश गुप्ता के नेतृत्व में कार्यालय परिसर के मुख्य द्वार पर किया गया। इस विदाई समारोह की सबसे खास बात यह रही कि यह आयोजन किसी सरकारी बजट से नहीं, बल्कि वर्ष 2013 से कर्मचारियों के आपसी सहयोग और स्वैच्छिक योगदान से लगातार किया जा रहा है। कर्मचारियों का मानना है कि कार्यालय सिर्फ कार्यस्थल नहीं, बल्कि एक परिवार की तरह होता है, जहां साथी अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण वर्ष एक-दूसरे के साथ बिताते हैं। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में सहायक पर्यवेक्षक, वरिष्ठ लेखाधिकारी, वरिष्ठ लेखाकार, पर्यवेक्षक, सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी, वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी, लेखाकार, डाटा एंट्री ऑपरेटर, लिपिक और एमटीएस सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत 28 अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम में मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि एक कर्मचारी अपने जीवन के 30 से 40 वर्ष विभाग की सेवा में समर्पित करता है। कई बार वह अपने परिवार से अधिक समय अपने सहकर्मियों के साथ बिताता है। ऐसे में सेवानिवृत्ति का क्षण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भावनात्मक पल होता है। इसलिए सभी कर्मचारी मिलकर यह प्रयास करते हैं कि उनके साथी को सम्मान, अपनापन और खुशी के साथ विदाई दी जाए, ताकि वह अपने कार्यकाल की मधुर यादों को जीवनभर संजोए रखे। वक्ताओं ने कहा कि सेवानिवृत्ति किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। अब सभी सेवानिवृत्त कर्मचारी अपने सरकारी दायित्वों से मुक्त होकर परिवार के साथ अधिक समय बिता सकेंगे और जीवन के नए पड़ाव का आनंद ले सकेंगे। समारोह में बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया। सभी ने सेवानिवृत्त साथियों के स्वस्थ, सुखद और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। कार्यक्रम के दौरान कई क्षण ऐसे भी आए, जब वर्षों तक साथ काम करने वाले सहकर्मियों की आंखें नम हो गईं।
लखनऊ में प्रयागराज से आए वकीलों ने मशाल जुलूस निकाला। हाथों में मशाल लेकर हजरतगंज स्थित परिवर्तन चौक से लेकर केडी सिंह बाबू स्टेडियम तक अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े । विधानसभा की ओर बढ़ रहे अधिवक्ताओं को पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा कर रोक लिया। बैरिकेडिंग के पास पुलिस और अधिवक्ताओं में काफी देर बहस हुई मगर प्रदर्शनकारियों को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। प्रयागराज से आए मशाल जुलूस में प्रयागराज से आए आयुष मिश्रा ने कहा कि मौजूदा समय में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट की बेहद जरूरत है। हम सभी लोग प्रयागराज से चलकर लखनऊ अपने प्रोटेक्शन एक्ट की मांग को लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि लगातार अधिवक्ताओं पर हमला हो रहा है मगर सरकार मौन है। अधिवक्ता इस लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। अगर अधिवक्ता सुरक्षित है तो न्याय तंत्र सुरक्षित है यह संविधान सुरक्षित है। हमारी बस यही मांग है कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट को तत्काल लागू किया जाए। अधिवक्ताओं की मांग उन्होंने कहा कि अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट मौजूदा समय में बेहद जरूरी है। अधिवक्ताओं पर फर्जी तरीके से मुकदमे, हमले , विभिन्न जनपदों में आने जाने वाले अधिवक्ताओं को टोल टैक्स पर राहत दी जाए । साथ ही जूनियर अधिवक्ताओं को 5 साल के लिए ₹10 हजार वेतन के रूप में दिया जाना सुनिश्चित होना जरूरी है। यह सब चीज तभी मुमकिन है जब अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू होगा। साथ ही ये भी मांग है कि अधिवक्ताओं से संबंधित जो मामले हैं उस पर कोर्ट त्वरित निर्णय ले। ‘आंदोलन को करेंगे उग्र’ अधिवक्ताओं ने कहा कि हम लोग लंबे समय से प्रोटेक्शन एक्ट के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं। पहले प्रयागराज में आवाज बुलंद किया आज लखनऊ पहुंचेहैं। जरूरत पड़ी तो अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली तक जाएंगे। अपने आंदोलन को और भाव उग्र बनाएंगे तीन राज्यों में लागू कर दिया गया है उम्मीद है अन्य राज्य में भी लागू होगा।
मऊगंज जिले में जल संरक्षण और संवर्धन को जनआंदोलन बनाने के उद्देश्य से चलाया गया जल गंगा संवर्धन अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो गया। ग्राम पंचायत घुघुरी के नंदा तालाब परिसर में अभियान का समापन और सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सरकारी विभागों, ग्राम पंचायतों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। जिला अध्यक्ष बोले- समाज की सहभागिता से ही टलेगा जल संकट कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। समाज की सहभागिता से जल स्रोतों का संवर्धन कर भविष्य के जल संकट से बचा जा सकता है। उन्होंने अभियान की सफलता के लिए सभी के सहयोग की सराहना की और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश भी पढ़कर सुनाया। कलेक्टर बोले- जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाएं नागरिक विशिष्ट अतिथि कलेक्टर संजय कुमार जैन ने कहा कि जल संरक्षण को केवल सरकारी योजना न मानकर इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। उन्होंने आगामी मानसून में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत प्रत्येक परिवार से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। कलेक्टर ने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक-दूसरे के पूरक हैं। प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटक से दी जानकारी समारोह के दौरान जिले में जल संरक्षण के तहत किए गए कार्यों की एक प्रदर्शनी भी लगाई गई। इसमें खेत तालाब निर्माण, कूप रिचार्ज, अमृत सरोवरों का विकास, चेकडैम निर्माण, नालों की सफाई, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और नदी संरक्षण जैसी गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही जल संरक्षण पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक के जरिए भी लोगों को जागरूक किया गया। नंदा तालाब परिसर में किया वृक्षारोपण कार्यक्रम के अंत में नंदा तालाब परिसर में अतिथियों और ग्रामीणों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर एसपी सुरेंद्र कुमार जैन, सरपंच सुमन शर्मा, समाजसेवी सुरेंद्र सिंह, अखिलेश सिंह सहित विभिन्न विभागों के जिला अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
अलीराजपुर जिले के आम्बुआ थाना क्षेत्र से में मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एक तालाब में डूबने से तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। हादसे में 9 साल के विजय, 7 साल के इकेश और 8 साल की महिमा की जान चली गई है। जानकारी के मुताबिक, विजय और इकेश अपनी मां के साथ अपने ननिहाल आए हुए थे। मंगलवार को वे दोनों अपने मामा की बेटी (ममेरी बहन) महिमा के साथ गांव के ही एक तालाब में नहाने के लिए गए थे। इन तीनों बच्चों के माता-पिता बेहद गरीब हैं और खेती-मजदूरी कर अपना गुजारा करते हैं। नहाते समय तीनों बच्चे पानी में खेलते-खेलते अचानक गहरे हिस्से की तरफ चले गए। पानी गहरा होने के कारण बच्चे खुद को संभाल नहीं पाए और एक-दूसरे को बचाते हुए तीनों की पानी में डूबने से मौके पर ही मौत हो गई। मासूमों की पहचान और अधूरी रह गई पढ़ाई हादसे का शिकार हुए बच्चों के बारे में जब जानकारी सामने आई तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। विजय (पिता राजू भीलाला, उम्र 9 वर्ष) मूल रूप से ग्राम काठी का रहने वाला था और कक्षा दूसरी में पढ़ाई करता था। इकेश (पिता राजू भीलाला, उम्र 7 वर्ष) विजय का छोटा भाई था। कागजी दस्तावेज न बन पाने के कारण अभी स्कूल में इसका ऑफिशियल दाखिला (नाम) नहीं हो पाया था, लेकिन पढ़ाई के शौक के चलते यह रोज अपने भाई के साथ स्कूल जाता था। महिमा (पिता पप्पू भिलाला, उम्र 8 वर्ष) आम्बुआ थाने के ग्राम कोटबु वास्कल फलिया की रहने वाली थी, जिसके घर दोनों भाई मेहमान बनकर आए थे। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है।
युवक पर जानलेवा हमले में 3 दोषी करार:दो को 10-10 साल, एक को 7 साल की जेल, जुर्माना भी लगाया
जिले की डीजे कोर्ट ने दोवड़ा थाना क्षेत्र में पांच साल पहले हुए एक युवक पर जानलेवा हमले के मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। कोर्ट ने दो दोषियों को दस-दस साल की कैद और दस-दस हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है, जबकि एक दोषी को सात साल की कैद और पांच हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया गया है। लोक अभियोजक पुष्कर चौबीसा ने बताया कि यह मामला दोवड़ा थाना क्षेत्र में 1 मई 2021 का है। माथुगामड़ा निवासी पीड़ित ईश्वरलाल अपने भाई की बारात लेकर सुलई खास से लौट रहे थे। लौटते समय रास्ते में सुलई खास निवासी आरोपी आलोक की पिकअप गाड़ी सड़क पर खड़ी थी। जब पीड़ित ने गाड़ी हटाने के लिए कहा, तो आलोक, अनिल और गोपाल (सभी सुलई खास निवासी) और उनके साथियों ने पीड़ित को रोक लिया। इस दौरान आलोक, अनिल और गोपाल ने पीड़ित पर चाकू और लोहे की रॉड से हमला किया। हमले में पीड़ित के पेट और दाएं हाथ पर चाकू के घाव आए तथा सिर में गंभीर चोट लगी थी। पीड़ित की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। अनुसंधान पूरा होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। इसी मामले में कोर्ट ने आज अंतिम सुनवाई करते हुए तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आलोक और अनिल को दस-दस साल की सजा के साथ दस-दस हजार रुपए का जुर्माना और दोषी गोपाल को सात साल की सजा के साथ पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
कोंडागांव जिले के फरसगांव तहसील कार्यालय में मंगलवार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की। ACB ने तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह रिश्वत नामांतरण के मामले में नाम जोड़ने के बदले मांगी गई थी। गिरफ्तारी के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, फरसगांव तहसील के ग्राम पाटला के बिसुलाल नेताम ने ACB में शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि नामांतरण के मामले में उनके पिता और बुआ का नाम दर्ज करने के लिए तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी 70 हजार रुपए रिश्वत मांग रहे थे। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच की और फिर आरोपी को पकड़ने की योजना बनाई। दो किस्तों में 35 हजार ले चुका था शिकायतकर्ता बिसुलाल नेताम पहले ही आरोपी मुकेश रंगारी को दो किस्तों में कुल 35 हजार रुपए (15 हजार और 20 हजार रुपए) दे चुके थे। मंगलवार को जब आरोपी तीसरी किश्त के रूप में 10 हजार रुपए की रिश्वत ले रहा था, तभी पहले से मौजूद ACB की टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद ACB ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। मौके से रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। 10 हजार लेते ही ACB ने पकड़ा एंटी करप्शन ब्यूरो के डीएसपी चंद्रशेखर ध्रुव ने बताया कि प्रार्थी की शिकायत के आधार पर मामले का सत्यापन किया गया और फिर ट्रैप की कार्रवाई की गई। उन्होंने पुष्टि की कि आरोपी मुकेश रंगारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को विशेष न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया की जाएगी। डीएसपी ध्रुव ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पूछताछ में फिलहाल किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। हालांकि, मामले की जांच जारी रहेगी और यदि विवेचना के दौरान किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल अखिलेश यादव के जन्मदिन की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में कानपुर पहुंचे। कार्यक्रम मंगलवार शाम 6:30 बजे शहर के एक होटल में आयोजित हुआ। जहां सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष का केक काटकर जन्मदिन मनाया गया। साथ ही महिलाओं के सम्मान का भी आयोजन किया गया। बोले- बीजेपी ने पीडीए समाज को धोखा दिया प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भगवान राम के चढ़ावे को अपना धन मानकर उससे भला नहीं हो सकता। बीजेपी के लोगों ने पीडीए के लोगों के साथ धोखा और विश्वासघात किया है। पीडीए ने उनको जिताने का काम किया, लेकिन उसी पीडीए का आरक्षण बीजेपी के लोगों ने अपने लोगों को दे दिया। उन्होंने कहा कि बीजेपी जब मंत्रिमंडल में पीडीए के लोगों को शामिल करती है तो उनके साथ आरक्षण में धोखा करती है। पिछली बार जब 27 मंत्री बनाए गए, तब उनमें कहीं भी पीडीए के लोगों को बराबर की हिस्सेदारी नहीं मिली। सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नीतेन्द्र यादव और राष्ट्रीय सचिव अपर्णा बंसल जैन ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 1 जुलाई को होने वाले जन्मदिन की पूर्व संध्या पर केक काटकर जन्मदिन मनाया। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने केक काटा। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद, जिला उपाध्यक्ष शैलेंद्र, मिंटू यादव, अर्पित त्रिवेदी और राष्ट्रीय महासचिव सुरेंद्र मोहन अग्रवाल भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव अपर्णा बंसल जैन ने 12 से अधिक जिलों से आई करीब 60 सपा महिला कार्यकर्ताओं का सम्मान किया। उन्हें मंच पर पटका पहनाकर और प्रतीक चिह्न देकर नारी सम्मान प्रदान किया गया। वहीं, सपा कार्यकर्ताओं को भी पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। श्याम लाल पाल ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के जन्मदिन से पहले महिला सम्मान का कार्यक्रम आयोजित किया गया है। सामाजिक न्याय के लिए महिलाओं के सम्मान का यह आयोजन सराहनीय है। इससे महिलाओं का उत्साह बढ़ता है। संविधान बचाने के संकल्प के साथ महिलाओं को आगे लाकर इस कार्यक्रम को संकल्प दिवस के रूप में मनाया गया है।
मंदसौर में मानसून सुस्त, दो दिन से नहीं हुई बारिश:उमस और गर्मी बढ़ी, 2 जुलाई से फिर बारिश की संभावना
मन्दसौर रविवार को हुई झमाझम बारिश के बाद ऐसा लगा था कि जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। लेकिन सोमवार और मंगलवार को मौसम ने फिर करवट बदल ली। दोनों दिन बादल छाए रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। इससे लोगों को उमस, तेज धूप और गर्मी का सामना करना पड़ा। मंगलवार को भी जिले के अधिकांश हिस्सों में दिनभर मौसम साफ रहा। तेज धूप के कारण गर्मी बढ़ गई। फिलहाल जिले का तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। बारिश नहीं होने से वातावरण में नमी बढ़ गई है, जिससे उमस लगातार महसूस की जा रही है। मंदसौर शहर के अलावा मल्हारगढ़, पिपलिया मंडी, भैंसोदा, पार्श्वनाथ, नारायणगढ़, दलौदा, सोनगरी, बाजखेड़ी, नाहरगढ़ और सीतामऊ सहित जिले के अधिकांश क्षेत्रों में सोमवार और मंगलवार को बारिश नहीं हुई। कुछ जगह बादल जरूर छाए, लेकिन बरसात नहीं होने से किसान और आमजन अब अगले मौसम बदलाव का इंतजार कर रहे हैं। 2 जुलाई से बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 जुलाई को जिले में मौसम फिर बदल सकता है। इस दौरान गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं 4 जुलाई से मानसून के और अधिक सक्रिय होने के संकेत हैं। इससे जिले के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों का पूर्वानुमान इस प्रकार है 1 जुलाई: मौसम मुख्य रूप से साफ और गर्म रहेगा। बीच-बीच में हल्के बादल छा सकते हैं। 2-3 जुलाई: गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना। 4 से 6 जुलाई: मानसून के सक्रिय होने से जिले में व्यापक और तेज बारिश के आसार। 1 जून से अब तक मंदसौर जिले में करीब साढ़े 3 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब ढाई इंच कम है। पिछले वर्ष 28 जून तक जिले में 6.87 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई थी।
सोनीपत में एडीसी अजय चोपड़ा ने मंगलवार को बैंकों के कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट लेवल रिव्यू कमेटी (डीएलआरसी) और डिस्ट्रिक्ट क्लियरेंस कमेटी (डीसीसी) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बैंकर्स और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चोपड़ा ने कहा कि जरूरतमंद व्यक्तियों को संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता के आधार पर ऋण प्रदान किए जाएं ताकि वे अपने जीवन स्तर को बेहतर बना सकें। बैठक में, उन्होंने सरकार की जन कल्याणकारी योजनाओं के तहत चिन्हित जरूरतमंदों के ऋण आवेदनों की गंभीरता से समीक्षा की। एडीसी ने निर्देश दिए कि लोक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले आवेदनों को सकारात्मकता के साथ स्वीकृति दी जाए। उन्होंने बैंकर्स से कहा कि वे इन आवेदनों को प्राथमिकता दें ताकि लोगों को स्वरोजगार स्थापित करने में मदद मिल सके और उन्हें समय पर ऋण प्राप्त हो सके। 'निर्देशों की अवहेलना करने वालों पर होगी कार्रवाई' उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी ऋण आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को बैंकिंग सहायता के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि उन्हें सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध हो सके और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उन्होंनें विभिन्न योजनाओं के तहत बैंकों को किये गये आवेदनों की गंभीरता से समीक्षा की। साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र के अंतर्गत दिए जाने वाले ऋण आवेदनों की भी विस्तृत समीक्षा करते हुए कड़े दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देना चाहिए। 'स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण के लिए लगाए कैंप' इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी-आरसेटी) की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिकाधिक युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करें। इसके लिए जागरूकता कैंप भी लगायें। बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक सुनीता अरोड़ा, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से दिव्यांश कुमार,नाबार्ड से अजीत सिंह, आईटीआई से सुरेंद्र कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
करौली शहर के हिण्डौन गेट के बाहर स्थित एक डेयरी में देर रात चोरी हो गई। अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर लगभग 20 हजार रुपए नकद और घी के डिब्बे चुरा लिए। मंगलवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को वारदात का पता चला, जिसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित घनश्याम लाल अग्रवाल ने पुलिस को दी अपनी रिपोर्ट में बताया कि रात में अज्ञात चोर उनकी डेयरी का शटर तोड़कर दुकान में घुस गए। चोरों ने दुकान में रखे करीब 20 हजार रुपए नकद और घी के डिब्बे चुरा लिए। अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 4 बजे जब वे रोजाना की तरह दुकान खोलने पहुंचे, तो शटर खुला हुआ मिला। इसी दौरान उन्हें दुकान के पास से तीन युवक भागते हुए दिखाई दिए। संदेह होने पर उन्होंने दुकान के अंदर जाकर देखा, तो नकदी और घी के डिब्बे गायब थे। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय व्यापारियों ने भी चोरी की इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस से जल्द खुलासे की मांग की है।
सोनीपत की पुलिस आयुक्त ममता सिंह के निर्देश पर सोनीपत पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना और मोटर वाहन अधिनियम का प्रभावी ढंग से पालन कराना है। यह अभियान ब्लैक फिल्म या डार्क/इनविजिबल सनशेड लगे वाहनों, हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने वाले वाहनों और नियमों के विपरीत अस्थायी पंजीकरण संख्या का उपयोग करने वाले वाहनों को लक्षित करेगा। इस अभियान के तहत यातायात पुलिस और अन्य टीमें जिले भर में विभिन्न स्थानों पर सघन वाहन जांच करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना लगाना और आवश्यकता पड़ने पर वाहनों को जब्त करना शामिल है। ब्लैक फिल्म और डार्क सनशेड हटवाने के निर्देश पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक नरेंद्र कादयान ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों से अवैध ब्लैक फिल्म और डार्क सनशेड तुरंत हटवा लें। उन्होंने यह भी कहा कि वाहन मोटर वाहन अधिनियम और प्रचलित नियमों के अनुरूप होने चाहिए। अस्थायी पंजीकरण संख्या का दुरुपयोग न करें और निर्धारित अवधि का पालन करें। कादयान ने बताया कि पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ वाहन चालक जानबूझकर अपने वाहनों पर अस्थायी नंबर प्लेट लगाए रखते हैं, जबकि उनकी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट संबंधित एजेंसी के पास उपलब्ध होती है। ऐसे वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने पर होगी कार्रवाई उन्होंने यह भी कहा कि कुछ वाहन चालक और मालिक अपनी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट पर ब्लैक टेप या अन्य सामग्री लगाकर पंजीकरण नंबर को अस्पष्ट कर देते हैं, ताकि वाहन की पहचान छिपाई जा सके। हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस उपायुक्त ट्रैफिक ने कहा कि यह विशेष अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन चालक के विरुद्ध बिना किसी भेदभाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सोनीपत पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा कानून का प्रभावी अनुपालन कराना है। पुलिस ने सभी नागरिकों से इस विशेष अभियान में सहयोग करने तथा जिम्मेदार नागरिक के रूप में यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया है।
गोरखपुर के सांसद रवि किशन का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा। जिसे लोग बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर से जोड़ रहें। इसे लेकर सांसद को जमकर ट्रोल किया जा रहा। रवि किशन ने मंगलवार को करीब शाम 6 बजे को एक वीडियो जारी किया। कहा कि मेरे बयान को तोड़- मरोड़ कर न दिखाएं। स्वर्गीय भरत तिवारी के लिए हमने कुछ ऐसा नहीं कहा। तो ये गलत, भ्रामक भ्रांतियों को फैलाने का काम आप लोग न करें। मेरा बयान था उत्तर प्रदेश पर अखिलेश यादव जी ने कहा था, उत्तर प्रदेश के अपराधियों के लिए हमने कहा था। बिहार के हमारे भरत तिवारी जी के लिए नहीं कहा था। उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि ये झूठी भ्रांतियां न फैलाएं। नहीं तो जो भी प्लेटफॉर्म पर झूठी खबरें डाली हैं। आप लोग तकलीफ में आएंगे। कृपया झूठी पोस्ट को हटा दें। जानिए वायरल वीडियो में क्या है दरअसल पिछले दिनों एक सांसद रवि किशन गोरखपुर में एक प्रोग्राम में शामिल होने आएं थे। उसी समय मीडिया से बातचीत करने का उनका एक क्लिप वायरल हो रहा है। जिसमें वे कहते हुए नजर आ रहे हैं कि एनकाउंटर किसी सामान्य या किसी अच्छे परिवार का या किसी वैसे व्यक्ति का नहीं हो रहा है। ऐसे लोगों का हो रहा है जो अपराधी हैं, जिनपर कई मुकदमें दर्ज हैं। उन्होंने वीडियो में आगे कहा कि देखिए हम जान रहे हैं कि चुनाव आ रहा है, लेकिन ऐसी सब बातें करके जनता को आप बहका नहीं सकते। जनता जानती है, जो भी व्यक्ति का एनकाउंटर हुआ है, मारा गया है, वो अपराधी रहा या अपराध करने जा रहा था या वह अपराध करता। उस वक्त पुलिस की हत्या, पुलिस पर गोली चलाता। क्या है भरत तिवारी एनकाउंटर मामला 28 साल के भरत भूषण तिवारी खुद को एक सामाजिक कार्यकर्ता (सोशल एक्टिविस्ट) बताते थे। वह भोजपुर इलाके में गंगा नदी के कटाव और बाढ़ से विस्थापित हुए जवईनियां गांव के 70 परिवारों के पुनर्वास (मकान और जमीन मिलने) की मांग को लेकर लगातार प्रशासन के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। पूरे इलाके में उनके लाखों चाहने वाले थे। फेसबुक पर उसके करीब 1.6 लाख फॉलोअर्स थे। बताया जा रहा है कि फेसबुक लाइव करके सरकारी अधिकारियों को अवैध पिस्टल दिखाते हुए धमकी भी दी थी, जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ने पहुंची थी। फेसबुक पर लाइव आकर किया था सरेंडर पुलिस का कहना है कि वह अपराधी था। जब उसे पकड़ने गए, तो उसने पुलिस पर गोलियां चलाईं, जिसके जवाब में एनकाउंटर हुआ। जबकि सोशल इस मामले में विवाद का सबसे बड़ा कारण यह है कि एनकाउंटर से ठीक पहले भरत ने फेसबुक लाइव किया था। वीडियो में दिखा कि उसने अपनी पिस्टल पुलिस के आगे फेंक दी थी (सरेंडर कर दिया था)। परिवार का आरोप है कि निहत्था होने के बाद पुलिस ने उसे घसीटकर खेत में ले जाकर फर्जी एनकाउंटर में मार दिया। जनता ने भारी विरोध किया इस एनकाउंटर को लेकर जनता ने भारी विरोध किया। भरत तिवारी के लिए न्याय की मांग सोशल मीडिया से लेकर जमीनी स्तर तक देखने को मिली। जिसके बाद सरकार ने आरोपी पुलिसवालों पर मर्डर का केस दर्ज कराया है, थाना प्रभारी समेत कई पुलिसवाले सस्पेंड हैं और मामले की न्यायिक जांच चल रही है।
सिकंदरा को मुख्यालय बनाने का लेटर लीक:सिकराय में विरोध-प्रदर्शन, बाजार बंद; MLA बोले-भ्रम फैला रहे
दौसा जिले के सिकराय विधानसभा क्षेत्र के कई सरकारी ऑफिसों का मुख्यालय सिकंदरा बनाने सम्बंधी पत्र लीक हुआ है। इसके बाद बवाल मच गया। मंगलवार को सिकराय उपखंड मुख्यालय पर लोगों ने बाजार बंद कर दिए और विरोध प्रदर्शन करते हुए रैली निकाल दी। लोगों ने कहा है कि सीएम भजनलाल शर्मा ने यथास्थिति का पत्र नहीं भेजा तो 7 दिन बाद आंदोलन करेंगे। यह पत्र सामने आने के बाद विवाद दरअसल, विधायक विक्रम बंशीवाल ने 11 मई 2026 को सीएम को पत्र भेजा था। इसमें मांग की थी कि सिकराय क्षेत्र में वर्तमान में प्रशासनिक व्यवस्था खंड स्तर पर विभाजित होने के कारण आमजन को विभिन्न प्रशासनिक कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर जाना पड़ता है। विधायक ने लिखा था कि भौगोलिक दृष्टि से सिकंदरा सुगम आवागमन सुविधा से युक्त एवं क्षेत्र के मध्य स्थित होने के कारण प्रशासनिक मुख्यालय के रूप में उपयुक्त स्थान है। ऐसे में खंड सिकराय एवं दौसा को एकीकृत कर मुख्यालय सिकंदरा किया जाए तो प्रशासनिक सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। सार्वजनिक हुए प्रशासनिक पत्र विधायक की मांग के बाद 14 मई को मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी ने दौसा कलेक्टर से तथ्यात्मक टिप्पणी मांगी। इस पर कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी। विधायक की मांग से संबंधित प्रशासनिक पत्र सामने आने के बाद लोगों ने विरोध करना शुरू कर दिया। आंदोलन की चेतावनी लोगों का कहना है कि आवश्यक सेवाओं के ऑफिस सिकराय उपखण्ड मुख्यालय पर होने चाहिएं। हमें जान-बूझकर सिकंदरा के चक्कर काटने को मजबूर करने की साजिश की जा रही है। अगर 7 दिन में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई तो एसडीएम ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया जाएगा। विधायक ने लिखा- भ्रम फैला रहे विकास विरोधी तत्व विवाद बढ़ता देख विधायक विक्रम बंशीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा- 11 मई को सीएम को भेजे गए मेरे पत्र के संबंध में सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाया जा रहा है। कुछ विपक्षी एवं विकास-विरोधी तत्व राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए भ्रामक जानकारी फैलाकर क्षेत्र के विकास को बाधित करने तथा आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने लिखा- जनता को विश्वास दिलाता हूं कि सिकराय की अखंडता, अस्मिता, सम्मान एवं हितों के साथ किसी भी प्रकार की कोई छेड़छाड़ नहीं होने दी जाएगी।
हरियाणा के नारनौल के साथ लगते राजस्थान के कोटपूतली में सड़क पर साइड देने को लेकर हरियाणा रोडवेज की चरखी दादरी डिपो की बस के कंडक्टर और एक डंपर ड्राइवर के बीच विवाद हो गया। मामूली कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। बीच सड़क हुई धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता। मंगलवार सुबह दादरी डिपो की बस नारनौल होते हुए जयपुर जा रही थी। कोटपूतली में करीब 8:50 बजे सड़क पर आगे और पीछे दो बसें खड़ी हो गईं। साइड देने पर हुआ था विवाद इसी दौरान एक बंद डंपर को निकालने के दौरान साइड देने को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पहले दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला हाथापाई तक पहुंच गया। अभद्र भाषा का प्रयोग किया आरोप है कि रोडवेज बस के कंडक्टर ने डंपर ड्राइवर के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद बस रुकने पर कंडक्टर और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने डंपर ड्राइवर के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। वायरल वीडियो में बनियान पहने डंपर ड्राइवर को धक्का देकर सड़क पर गिराते हुए देखा जा सकता है। राहगीरों ने किया बीच-बचाव घटना के समय बस में बड़ी संख्या में यात्री सवार थे। सड़क पर अचानक हुए हंगामे से कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। किसी ने शिकायत नहीं दी फिलहाल, किसी भी पक्ष की ओर से पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि यदि शिकायत मिलती है तो वायरल वीडियो और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
महासमुंद पुलिस ने लगातार दो दिनों तक चलाए गए विशेष अभियान में कुल 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम अवैध गांजा नष्ट किया है। जब्त मादक पदार्थ की कुल अनुमानित बाजार कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई शासन के दिशा-निर्देशों के तहत जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में की गई। मंगलवार को पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के 33 प्रकरणों में जब्त 9 क्विंटल 95 किलो 30 ग्राम (995.030 किलोग्राम) गांजा नष्ट किया। इसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 34 लाख 73 हजार रुपये बताई गई है। नष्टीकरण की प्रक्रिया बेलसोंडा स्थित बालाजी प्लांट में पूरी की गई। समिति की मौजूदगी में हुआ सत्यापन नष्टीकरण से पहले जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी के अध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला आबकारी अधिकारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी तथा रक्षित निरीक्षक की उपस्थिति में जब्त गांजे का भौतिक सत्यापन किया गया। इसके बाद नियमानुसार पूरे मादक पदार्थ का नष्टीकरण किया गया। इन थानों के 33 प्रकरण शामिल मंगलवार की कार्रवाई में थाना सिंघोड़ा के 17, पटेवा के 2, कोमाखान के 2, बसना का 1, सांकरा के 3, बलौदा के 3, तुमगांव के 2 और बागबाहरा के 3 प्रकरण शामिल रहे। इनमें वर्ष 2025 के 7 और वर्ष 2026 के 26 मामले शामिल हैं। दो दिनों में 40 मामलों का गांजा नष्ट इससे पहले 29 जून को पुलिस ने 7 एनडीपीएस प्रकरणों में जब्त 9 क्विंटल 98 किलो 70 ग्राम गांजा नष्ट किया था, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 12 लाख 5 हजार 500 रुपये थी। लगातार दो दिनों में हुई कार्रवाई के दौरान कुल 40 मामलों में जब्त 19 क्विंटल 93 किलो 10 ग्राम गांजा नष्ट किया गया, जिसकी कुल अनुमानित कीमत 10 करोड़ 46 लाख 78 हजार 500 रुपये है। पुलिस ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जयपुर के शिवदासपुरा थाना क्षेत्र में चोरों ने एक मकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की नकदी, सोने-चांदी के आभूषण, जमीन और मकान के दस्तावेज सहित महत्वपूर्ण कागजात चोरी कर लिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दयालपुरा निवासी भंवर लाल बैरवा ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 29 जून की रात करीब 12 बजे के बाद अज्ञात चोर उनके मकान के पीछे की खिड़की और रोशनदान तोड़कर अंदर घुस गए। इसके बाद घर में रखी 5 लाख 50 हजार रुपये की नकदी सहित बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर फरार हो गए। घर जब चोर घुसा था तब पत्नी और मेरी बुजुर्ग बुआ घर के बाहर टीनशेड के नीचे सो रहे थे। मैं भंवर लाल बैरवा और मेरा बेटा मनोज घर से बाहर थे। चोर ने करीब डेढ़ से दो घंटे में चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। चोर ने पीछे के जंगला तोड़ा तो नीचे गिरने से मेरी पत्नी आवाज से उठ गई और मेरी बुआ के साथ कमरे में देखा तो लाइट जल रही थी। फिर चिल्लाकर लोगों को इकट्ठा करने के लिए शोर मचाया। इनकी आवाज सुनकर चोर अधेरे का फायदा उठाकर गायब हो गए। चोरी हुए सामान में सोने के मंगलसूत्र, टोप्स, मंडलियां, कमरबंध, नथ-टीका, अंगूठियां, चांदी की पायल, चेन, बंगड़ियां सहित अन्य आभूषण शामिल हैं। इसके अलावा जमीन और मकान के मूल दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन की आरसी सहित अन्य जरूरी कागजात भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित की रिपोर्ट पर शिवदासपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुटी है
विदिशा की ग्यारसपुर तहसील के ग्राम गुन्नौठा के ग्रामीणों ने वन भूमि से बेदखली के विरोध में मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता सुभाष बोहत के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अंबेडकर चौराहे से नीमताल चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। इसके बाद गांधी प्रतिमा के सामने धरना दिया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के करीब 70 परिवार लंबे समय से वन भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे थे। उनका कहना है कि वे वर्षों से संबंधित विभाग में रसीदें कटवाते रहे हैं और उसी आधार पर खेती कर रहे थे। ग्रामीण बोले- घर चलाने का एकमात्र साधन थी खेतीग्रामीणों के अनुसार, हाल ही में वन विभाग की कार्रवाई के बाद उन्हें इस भूमि से हटा दिया गया। उनका कहना है कि खेती ही उनके परिवारों की आय का मुख्य साधन थी। बेदखली के बाद उनके सामने रोजगार और जीवनयापन का संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि मौजूदा स्थिति में कई परिवारों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कर मानवीय दृष्टिकोण से समाधान निकालने की मांग की। साथ ही वर्षों से खेती कर रहे परिवारों को दोबारा भूमि पर अधिकार देने या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने की अपील की। कांग्रेस ने आंदोलन की चेतावनी दीकांग्रेस नेता सुभाष बोहत ने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से इस भूमि पर खेती कर रहे थे। अचानक हुई कार्रवाई से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के बाद ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर उचित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बालाघाट के बुढ़ी इलाके में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच पत्नी ने आंदोलन की जगह पर ही अपने शराबी पति को बिजली के खंभे से बांध दिया और चिल्लाने से रोकने के लिए उसके मुंह पर चौड़ा टेप चिपका दिया। इसका मंगलवार को वीडियो भी सामने आया है। घटना सोमवार की है। दरअसल, यह महिला अपने पति की शराब पीने की लत से बेहद परेशान थी और खुद भी शराब दुकान को हटाने के लिए चल रहे महिलाओं के आंदोलन में शामिल थी। हद तो तब हो गई जब उसका पति शराब के नशे में धुत होकर आंदोलन की जगह पर पहुंच गया। वह वहां न सिर्फ तमाशा कर रहा था, बल्कि महिलाओं के साथ गाली-गलौज करते हुए आंदोलन को खराब करने की कोशिश कर रहा था। पति की इस हरकत से तंग आकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा और उसने बाकी महिलाओं की मदद से उसे खंभे से बांध दिया। बाद में जब मौके पर पुलिस पहुंची, तब जाकर उस व्यक्ति को मुक्त कराया गया। ढाई महीने से जारी है महिलाओं का प्रदर्शन बुढ़ी में शराब दुकान को रिहाइशी इलाके से दूर करने की मांग को लेकर महिलाएं बीती 13 अप्रैल से लगातार धरने पर बैठी हैं। उनकी साफ मांग है कि जैसे शहर की दूसरी शराब दुकानों को हटाया गया है, वैसे ही इस दुकान को भी यहाँ से बंद कर कहीं और शिफ्ट किया जाए। इस आंदोलन को स्थानीय समाजसेवियों के साथ-साथ सांसद, विधायक, आयोग के सदस्यों, नगरपालिका अध्यक्ष और पार्षदों तक का समर्थन मिल चुका है। इन सभी बड़े नेताओं ने दुकान हटाने का भरोसा तो दिया था, लेकिन आंदोलनकारी महिलाओं के लिए ये सारे आश्वासन अब तक सिर्फ कागजी वादे ही साबित हुए हैं। गर्मी झेल ली, अब बरसात में भी नहीं हटेंगे पीछे आंदोलन में शामिल महिला मंजीता सोनवाने ने कहा कि नेताओं के खोखले आश्वासनों से अब काम नहीं चलेगा, उन्हें सिर्फ और सिर्फ शराब दुकान का ट्रांसफर चाहिए। उन्होंने साफ किया कि महिलाएं इतनी भीषण गर्मी में भी यहीं बैठी रहीं और अब बारिश का मौसम शुरू होने के बाद भी वे पीछे हटने वाली नहीं हैं। जब तक प्रशासन इस दुकान को यहां से हटा नहीं देता, तब तक उनका यह आंदोलन इसी तरह जारी रहेगा।
सिरसा के कलाकार सचिन कथूरिया ने एक ही फिल्म में 50 अलग-अलग किरदार निभाकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके इस अद्वितीय प्रदर्शन के लिए उनका नाम एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। उन्हें ग्रैंड मास्टर की प्रतिष्ठित उपाधि से भी सम्मानित किया गया है। सचिन कथूरिया की फिल्म 'ट्रैप: ए मैन विद 50 शेड्स' इन दिनों चर्चा में है। इस फिल्म में उन्होंने 50 विभिन्न भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने हर किरदार को उसकी अलग पहचान, अंदाज और व्यक्तित्व के साथ प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारा है। लेखन और निर्देशन की जिम्मेदारी खुद संभाली दिलचस्प बात यह है कि फिल्म में अभिनय के साथ-साथ लेखन और निर्देशन की जिम्मेदारी भी सचिन कथूरिया ने स्वयं संभाली है। यह फिल्म उनकी रचनात्मक क्षमता और अभिनय कौशल का एक संपूर्ण प्रदर्शन है। फिल्म का निर्माण 'द स्क्रीन हंटर्स' बैनर तले किया गया है और इसे दर्शकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के अनुसार, सभी तथ्यों के सत्यापन और मूल्यांकन के बाद इस उपलब्धि को आधिकारिक तौर पर रिकॉर्ड के रूप में स्वीकार किया गया है। संस्था के आगामी संस्करण में भी इस उपलब्धि का उल्लेख किया जाएगा। थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाले सचिन कथूरिया ने कड़ी मेहनत से मनोरंजन जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। वे इससे पहले 'हिंद का नापाक को जवाब' और 'जट्टू इंजीनियर' जैसी कई फिल्मों और हरियाणवी प्रोजेक्ट्स में काम कर चुके हैं।
बोर्ड ऑफ विजिटर्स कमेटी के अंतर्गत मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश हारून और जिला कलेक्टर कमल राम मीणा ने ब्यावर जिला जेल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों की समस्याएं सुनीं और विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बंदियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने विचाराधीन मामलों, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन व्यवस्था, स्वच्छता, विधिक सहायता और अन्य मूलभूत सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। यह भी सुनिश्चित किया गया कि उन्हें न्यायिक प्रक्रिया या कानूनी सहायता प्राप्त करने में कोई परेशानी न हो। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुरूप, अधिकारियों ने बंदियों से पूछा कि क्या उनके साथ जाति, धर्म, समुदाय या सामाजिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव तो नहीं किया जा रहा है। बंदियों की सुरक्षा, सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं, मानसिक स्वास्थ्य सहायता, सुधारात्मक गतिविधियों और पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने कारागृह प्रशासन को बंदियों के अधिकारों की रक्षा करते हुए मानवीय गरिमा के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश सोनल पारीख, अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मालाल जाट, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनिता शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. अनुकृति उज्जैनिया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय सिंह गहलोत और समिति सदस्य रेणु गर्ग उपस्थित रहे। कारागृह प्रशासन की ओर से उपाधीक्षक कोमल पुरोहित, जेलर धारा सिंह और चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल हनुमान सिंह राठौड़ भी मौजूद थे। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जोर दिया कि जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और पुनर्वास का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी के अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
पत्नी को भरण-पोषण के 5000 रुपए प्रतिमाह नहीं दे सका:फैमिली कोर्ट ने पति को सुनाई 660 दिन जेल की सजा
पत्नी और 4 बच्चों को पति प्रतिमाह 5000 रुपए भी नहीं दे सका। फैमिली कोर्ट के सामने पति ने असमर्थता जताई तो कोर्ट ने उसे 660 दिन सिविल कारावास की सजा सुना दी। मामला टोंक का है। फैमिली कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने 29 जून को फैसला सुनाया। चारों मामलों में 1.90 लाख रुपए देने थे, लेकिन आरोपी पति ने इतनी ज्यादा राशि देने में असमर्थता जताई है। कोर्ट रीडर मोहम्मद आहसन मदनी ने बताया- टोंक में पुराने शहर के शेख मोहल्ला में रहने वाली नईमुन्निसा की शादी 2007 में अल्ताफ खान से हुई थी। दोनों के 4 बच्चे हुए। 2015 में अल्ताफ ने पत्नी नईमुन्निसा और बच्चों को घर से निकाल दिया। पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का केस लगाया इसके बाद अक्टूबर 2015 में नईमुन्निसा ने टोंक महिला थाने में मारपीट और दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करा दिया। 2017 में उसने फैमिली कोर्ट में भरण-पोषण का परिवाद दायर कर दिया। 30 मार्च 2019 को अदालत ने पत्नी के पक्ष में फैसला दिया। आदेश में कोर्ट ने कहा- अल्ताफ खान को पत्नी और चार बच्चों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह (प्रति व्यक्ति एक-एक हजार) नियमित भरण-पोषण राशि देनी होगी। आदेश के बावजूद जमा नहीं की राशि कोर्ट के आदेश के बावजूद अल्ताफ ने राशि जमा नहीं कराई। इस पर नईमुन्निसा ने साल 2023, 2024, 2025 और 2026 में अलग-अलग वसूली प्रार्थना-पत्र अदालत में पेश किए। इस दौरान आरोप अल्ताफ एक मामले में जेल में बंद था। उसे प्रोडक्शन वारंट के जरिए उसे 29 जून 2026 को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में अल्ताफ ने कहा- मैं भरण पोषण की राशि जमा करने में समर्थ नहीं हूं। इस पर फैमिली कोर्ट ने चारों वसूली प्रकरणों में अल्ताफ को 660 दिन की सिविल कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस आदेश को भरण-पोषण मामलों में न्यायालय के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।
धमतरी जिले में सोमवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन युवकों के शव फंदे से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। तीनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। पहला मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के मकेश्वर वार्ड का है। यहां संजू साहू (25) पिता माखन साहू, का शव घर के पास एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों के अनुसार, एक दिन पहले उसे शराब पीने से मना किया गया था। इसके बाद वह घर से निकल गया था और सोमवार सुबह उसका शव मिला। अछोटा गांव में शौचालय के हुक से लटका मिला शव दूसरी घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम अछोटा में हुई। यहां गोपाल यादव (26) पिता दिलीप यादव, का शव एक नवनिर्मित शौचालय की छत के हुक से लटका मिला। परिजनों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। संबलपुर बायपास के पास पेड़ से लटका मिला तीसरा शव तीसरी घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के संबलपुर बायपास के पास हुई। यहां एक पेड़ से अरविंद चतुर्वेदी (23) पिता महेश चतुर्वेदी, का शव लटका मिला। अरविंद मकेश्वर वार्ड स्थित शिव मंदिर क्षेत्र का निवासी था। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक नशे का आदी बताया जा रहा है। पुलिस कर रही जांच पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मौत के कारणों का पता लगाया जाएगा।

