बामनी में डेढ़ करोड़ के 15 विकास कार्यों का लोकार्पण:विधायक नौक्षम चौधरी ने जनता को समर्पित किए
कामा विधानसभा क्षेत्र की विधायक नौक्षम चौधरी ने ग्राम पंचायत बामनी में डेढ़ करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 15 विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें नवनिर्मित ग्राम पंचायत भवन भी शामिल है, जिसका फीता काटकर उन्होंने जनता को समर्पित किया। विधायक नौक्षम चौधरी के बामनी पहुंचने पर सरपंच प्रतिनिधि अख्तर खान और आकिल खान के नेतृत्व में ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक को 51 किलोग्राम फूलों की माला पहनाई गई और चांदी का मुकुट भेंट किया गया। जनसभा को संबोधित करते हुए विधायक नौक्षम चौधरी ने कहा कि कामां की जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने बताया कि बामनी में हुए ये विकास कार्य केवल एक शुरुआत हैं। उनका मुख्य लक्ष्य पूरी विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाना है। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी विकास का आश्वासन भी दिया। इस लोकार्पण समारोह में क्षेत्र के प्रमुख सरपंच, भाजपा पदाधिकारी और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद विधायक ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।
सोनभद्र में 300-400 घर अब भी अंधेरे में:हर घर बिजली योजना अधूरी, ग्रामीणों ने डीएम से की शिकायत
सोनभद्र के ओबरा तहसील अंतर्गत ग्राम कोटा टोला, तेलगुड़वा पश्चिम के ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर पहुंचकर जिलाधिकारी (डीएम) को एक पत्रक सौंपा है। ग्रामीणों ने 'हर घर बिजली योजना' के अधूरे रहने और लगभग 300 से 400 घरों में अब भी बिजली न होने की शिकायत की है। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2020 में शुरू हुई यह योजना आज तक अधूरी पड़ी है। उनका आरोप है कि विद्युत विभाग ने कार्य को बीच में ही रोक दिया, जिसके कारण बड़ी संख्या में घर बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। बिजली न होने से गांव के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, क्योंकि शाम होते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता है। इसके अतिरिक्त, घरेलू कार्य, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक गतिविधियां भी बाधित हो रही हैं। रात के समय अंधेरा रहने से सुरक्षा को लेकर भी ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे लोगों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ रही है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब कुछ ग्रामीणों के नाम से बिजली बिल भी जारी होने लगे, जबकि उन्हें अभी तक कनेक्शन नहीं मिला है। ग्रामवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अधूरे पड़े विद्युत कार्य को जल्द से जल्द पूरा कराया जाए और बिना कनेक्शन के बिल भेजे जाने वाले मामलों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करेंगे।
अंबेडकरनगर में डाकघर को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) और अकबरपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। हालांकि, जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। यह धमकी डाकघर में स्थित पासपोर्ट कार्यालय को एक ईमेल के माध्यम से मिली थी। इसमें मैथ्यू वैनडाइक और डीएमके नेता जाफर सादिक को रिहा करने की मांग की गई थी। संदेश में दावा किया गया था कि पासपोर्ट कार्यालयों और डाकघरों में साइनाइड जहरीली गैस से भरे 14 आईईडी बम लगाए गए हैं। इन बमों के सोमवार दोपहर 1:15 बजे फटने की बात कही गई थी। ईमेल में केवल मोसेलमैन को ही वहां से निकालने का जिक्र था। तमिल लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन नाम से ई-मेल भेजा गयायह संदेश 'तमिल लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन' नामक संगठन द्वारा भेजा गया था। इसमें बांग्लादेश के अबू सईद मामले, तमिलनाडु के साथनकुलम में बेनिक्स और जयराज मामले, तथा हालिया अजितकुमार हिरासत मामले का उल्लेख किया गया था। संगठन ने आरोप लगाया कि इन मामलों में जिन पुलिसकर्मियों को सजा दी गई, वे निर्दोष थे। संगठन का दावा है कि असली दोषी वे राजनीतिक आका और पुलिस प्रमुख हैं, जो तमिलनाडु के मंत्रियों के इशारे पर निचले स्तर के पुलिसकर्मियों पर हिरासत में यातनाएं देने या गैर-कानूनी आदेशों का पालन करने का दबाव डालते हैं। संदेश में चेन्नई में पुलिस सुधार लाने और 1979 की नैनार दास पुलिस कांस्टेबल यूनियन की सिफारिशों को पूरे भारत, विशेषकर तमिलनाडु पुलिस बल में लागू करने की मांग की गई। संदेश में यह भी कहा गया कि यदि पुलिस कांस्टेबलों के लिए कोई यूनियन काम करे, तो उनके पास ऐसे गैर-कानूनी आदेशों को मानने से इनकार करने का अधिकार होगा। संगठन ने साधनकुलम मामले में कांस्टेबलों से लेकर इंस्पेक्टरों तक के पुलिसकर्मियों को दी गई दोहरी मौत की सजा की कड़ी निंदा की। संगठन ने विभाग के सबसे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। संदेश में स्पष्ट किया गया कि यह धमाका तमिलनाडु के राजनीतिक अपराधियों को सबक सिखाने के लिए है।
जौनपुर जिला न्यायालयों में 24 और 25 अप्रैल को अवकाश रहेगा। यह घोषणा उच्च न्यायालय द्वारा न्यायिक अधिकारियों की खेलकूद प्रतियोगिता के मद्देनजर की गई है, जिसकी सूचना जनपद न्यायाधीश ने दी है। इस दो दिवसीय अवकाश की भरपाई के लिए, जिला न्यायालयों को दो अन्य चतुर्थ शनिवार को कार्य दिवस के रूप में संचालित करने का निर्देश दिया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार, जौनपुर के न्यायिक अधिष्ठान और सभी ग्राम न्यायालयों में भी 24 और 25 अप्रैल को अवकाश रहेगा। इस आदेश के अनुपालन में, 27 जून और 25 जुलाई को न्यायिक अधिष्ठान और ग्राम न्यायालयों के लिए कार्य दिवस घोषित किया गया है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहसिना किदवई को श्रद्धांजलि:लखीमपुर खीरी जिला कार्यालय में शोकसभा आयोजित
लखीमपुर खीरी में कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय मोहसिना किदवई के निधन पर शोकसभा का आयोजन किया गया। यह शोकसभा जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पहलाद पटेल ने की। इसका संचालन जिला उपाध्यक्ष (प्रशासन) मोहन चंद्र उप्रेती ने किया। शोकसभा की शुरुआत स्वर्गीय मोहसिना किदवई के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई। इस अवसर पर बोलते हुए जिला अध्यक्ष पहलाद पटेल ने कहा कि उनके निधन से कांग्रेस पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि मोहसिना किदवई का लखीमपुर खीरी से विशेष लगाव था। पूर्व जिला अध्यक्ष इकबाल अहमद खान ने अपने संबोधन में मोहसिना किदवई को एक कुशल संगठनकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश कांग्रेस का संगठन काफी मजबूत हुआ। खान ने यह भी उल्लेख किया कि पार्टी को सशक्त बनाने के लिए उन्होंने अपने निजी आभूषण तक बेच दिए थे। वरिष्ठ कांग्रेस नेता शिव सहाय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की स्थापना में भी मोहसिना किदवई का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने इसे अपने निजी संसाधनों से खरीदकर पार्टी को समर्पित किया था। शोकसभा में इकबाल अहमद, शिव सहाय सिंह, मोहन चंद्र उप्रेती, प्रेम वर्मा, अब्दुल रहीम, वरुण चौधरी, सलीम अहमद, सरोजिनी अवस्थी, जावेद अली एडवोकेट, चंद्रप्रभा अवस्थी, मनीषा, शक्ति शरण गौतम, आफताब अंसारी, हरगोविंद वर्मा, रामपाल शाक्य, राजेंद्र गुप्ता, लतीफ आजम, अकील खान, गुलफाम, अभिषेक कुमार एडवोकेट, गौरव मिश्रा, वीरेंद्र कश्यप सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में दिवंगत नेता को दो मिनट का मौन रखकर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।
ललितपुर में समाजवादी छात्र सभा का प्रदर्शन:निजी स्कूलों में मनमानी फीस, किताबों पर कमीशनखोरी का आरोप
ललितपुर में सोमवार को समाजवादी छात्र सभा ने निजी स्कूलों पर शिक्षा के नाम पर कमीशनखोरी और मनमानी फीस वसूली का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। संगठन ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने बताया कि कई निजी विद्यालय अभिभावकों को तय दुकानों से ही किताबें और अन्य शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करते हैं। इससे स्कूल प्रबंधकों को मोटा कमीशन मिलता है। छात्र सभा ने इस पर रोक लगाने और संबंधित स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश शुल्क के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है, जिसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, निजी विद्यालयों में भी सरकारी स्कूलों की तरह एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने की मांग की गई, ताकि अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि स्कूल ड्रेस बिना किसी विशेष दुकान या स्टीकर के निर्धारित हो, जिससे गरीब परिवार भी कम कीमत पर कहीं से भी ड्रेस तैयार करा सकें। संगठन ने ड्रेस और किताबों के नाम पर चल रहे कथित 'माफिया तंत्र' को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, प्रवेश शुल्क, मासिक फीस और परीक्षा शुल्क को मिलाकर अधिकतम 500 रुपये प्रति माह निर्धारित करने की मांग भी उठाई गई। समाजवादी छात्र सभा ने चेतावनी दी कि यदि निजी विद्यालयों द्वारा अभिभावकों का आर्थिक और मानसिक शोषण बंद नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। इस दौरान ज्योति सिंह लोधी, मेघनाथ खंगार, राजकुमारी गौतम, राममूर्ति तिवारी, अभिलाषा कुशवाहा, जितेंद्र सलूजा, प्रमोद यादव, अरशद मंसूरी, राममूर्ति तिवारी, रवि खटीक, दीपक सेन, अकीब मंसूरी, शहरोज खान, सुशील रैकवार, विजय प्रजापति, रुचि यादव, मौसम साहू, शुभी यादव, प्रियंका सेन, अभी जैन पंसारी, यागवेन्द्र फौजपुरा, नसीर खान, राजेश झा, प्रवीण ग्वाल, प्रिंस सेन, निशांत सेन सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भगवान परशुरामजी के जन्मोत्सव की लेकर तैयारियां को लेकर आज पोस्टर विमोचन किया। 19 अप्रैल को होने वाले इस विशाल कार्यक्रम के लिए आज प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश जी को मोती डूंगरी मंदिर जाकर निमंत्रण दिया। भगवान परशुराम जन्मोत्सव आयोजन समिति के पदाधिकारी मनीष मुदगल ने बताया आज विप्र महासभा चिकित्सा प्रकोष्ठ की ओर से एसएमएस हॉस्पिटल, ट्रोमा सेंटर और अन्य सभी निजी हॉस्पिटल्स में पोस्टर विमोचन कर सभी को कार्यक्रम में आमंत्रित किया। इससे पहले मोती डूंगरी गणेश मंदिर पहुंचकर विप्र महासभा के संस्थापक सुनील उदेईया, प्रदेश अध्यक्ष योगेंद्र भारद्वाज,बीएम शर्मा, डॉ सोमेंद्र सारस्वत, डॉ. सुमित तिवाड़ी और परशुराम सेना अध्यक्ष अनिल चतुर्वेदी सभी ने भगवान श्रीगणेशजी को निमंत्रण दिया। मुदगल ने बताया - 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर मुख्य कार्यक्रम जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेशभर से साधु-संत और महंत पधारेंगे और भगवान परशुरामजी का विधि-विधान से पूजन करेंगे। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य नागरिकों सहित तमाम ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधि भी बड़ी संख्या में शामिल होंगे। 251 मातृ शक्तियों की ओर से इस दिन भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी।
ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय चिट्ठईपुर और कंपोजिट विद्यालय नथईपुर में सोमवार को कुर्सी-मेज वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए नए डेस्क-बेंच प्रदान किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसमें छात्रों ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। यह वितरण कार्यक्रम स्व. रामसखी देवी और स्व. परमानंद श्रीवास्तव, ज्ञानपुर की स्मृति में आयोजित किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य शिक्षकों ने अतिथियों का माला पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। वक्ताओं ने बताया कि अब तक क्षेत्र के आठ विद्यालयों में कुर्सी-मेज वितरित किए जा चुके हैं। चिट्ठईपुर विद्यालय में जल्द ही कंप्यूटर और इनवर्टर की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने प्राथमिक शिक्षा को उच्च शिक्षा की मजबूत नींव बताया और भदोही के एक छात्र का उदाहरण दिया, जिसने प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर दिल्ली में आईएएस पद हासिल किया। समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि समाज सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं है। उन्होंने छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को अपनाने की सीख दी और शिक्षा को जीवन की मूल कुंजी बताया। उन्होंने अन्य समाजसेवियों से भी ऐसे पुनीत कार्यों में आगे आने की अपील की। विधायक दुबे ने यह भी कहा कि प्राथमिक विद्यालय का वातावरण परिवार जैसा होता है, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक है। इसके विपरीत, कॉन्वेंट विद्यालयों में यह वातावरण नहीं मिल पाता और अभिभावकों का फीस के नाम पर आर्थिक शोषण किया जाता है। इस अवसर पर कैलाशपति शुक्ल, आनंद श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, ओमप्रकाश तिवारी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
सोमवार, 13 अप्रैल 2026 को मेरठ स्थित इस्माईल नेशनल महिला पीजी कॉलेज में जेंडर एंपावरमेंट सेल द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. अनीता राठी के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। इसका विषय “POSH Act 2013” रहा। अभियान के अंतर्गत कॉलेज परिसर में पैम्फलेट वितरण कर कर्मचारियों और छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से महिला कर्मचारियों को उनके अधिकारों और कार्यस्थल पर सुरक्षा संबंधी प्रावधानों के प्रति सजग करना रहा। पैम्फलेट के माध्यम से यौन उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया, आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की भूमिका और संबंधित अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही सभी कर्मचारियों से अपील की गई कि वे अधिनियम के नियमों का पालन करें और कार्यस्थल को सुरक्षित, सम्मानजनक व समानतापूर्ण बनाने में सहयोग करें। कार्यक्रम में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई। आयोजन का संयोजन डॉ. मीनू शर्मा ने किया, जबकि डॉ. नेहा सिंह एवं प्रियांशी ने सहयोग प्रदान किया।
फर्रुखाबाद में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी के आवास विकास स्थित जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा की अध्यक्षता में जिला पदाधिकारियों की बैठक हुई। इस बैठक में 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती और नारी वंदन अधिनियम 2026 के संदर्भ में आगामी कार्यक्रमों की तैयारी पर दिशा-निर्देश दिए गए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने बताया कि पार्टी के निर्देशानुसार अंबेडकर जयंती पूरे उत्साह के साथ मनाई जाएगी। इसके लिए पार्टी ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। जिला संगठन के पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, सभी मोर्चों के अध्यक्ष, बूथ अध्यक्ष और शक्ति केंद्र संयोजक 15 से 18 अप्रैल के बीच दलित बस्तियों में जाकर जनसंपर्क करेंगे। 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती के दिन जहां-जहां डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं, वहां स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक दलित बहुल बूथ पर पुष्पांजलि और गोष्ठी का आयोजन होगा। अंबेडकर जयंती पखवाड़ा कार्यक्रम के तहत 16 अप्रैल को फर्रुखाबाद के गुड़गांव देवी मंदिर और कायमगंज के सीपी गेस्ट हाउस में संगोष्ठी होगी। वहीं, 17 अप्रैल को भोजपुर विधानसभा के जहानगंज स्थित रामाधार कोल्ड स्टोरेज और अमृतपुर विधानसभा के ग्राम दहेलिया में भी अंबेडकर जयंती संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इन संगोष्ठियों में प्रदेश नेतृत्व द्वारा मुख्य वक्ता तय किए जाएंगे। जिलाध्यक्ष ने नारी वंदन अधिनियम 2026 के अंतर्गत भी विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। 17 अप्रैल को कायमगंज और फर्रुखाबाद विधानसभाओं में, जबकि 18 अप्रैल को अमृतपुर व भोजपुर विधानसभाओं में नारी शक्ति सम्मेलन आयोजित होगा। इस दौरान प्रबुद्ध वर्ग की महिलाओं से संपर्क कर उन्हें अधिनियम के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी। 15 से 17 अप्रैल के मध्य पदयात्राएं भी आयोजित की जाएंगी। प्रदेश संगठन ने यह भी तय किया है कि प्रत्येक माह जिला कमेटी और मंडल कमेटी की बैठकें अनिवार्य होंगी, जिनमें सभी अभियानों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। सभी मंडलों के लिए जिला पदाधिकारियों को प्रवासी नियुक्त किया गया है,जो अपने चयनित मंडलों में जाकर अभियानों की तैयारी और सफलता की समीक्षा करेंगे। जिला महामंत्री अमरदीप दीक्षित, जिला महामंत्री हिमांशु गुप्ता, जिला महामंत्री गोपाल राठौर, जिला उपाध्यक्ष रश्मि दुबे, जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी, जिला मंत्री अनुराग सिंह, जिला मंत्री पंकज पाल, मनोज गंगवार, जिला मंत्री शिव मोहन सिंह, जिला मंत्री अभिषेक बाजपेई, जिला मंत्री प्रतिभा राजपूत, जिला मंत्री श्वेता दुबे, जिला कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता, जिला कार्यालय प्रभारी संजय सिंह मौजूद रहे।
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने मिर्जापुर के अहरौरा स्थित धुरिया गांव का दौरा किया। उन्होंने बीकेयू के प्रदेश महासचिव प्रहलाद सिंह की पत्नी हीरावती देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका हाल ही में हृदय गति रुकने से निधन हो गया था। टिकैत बाबतपुर, वाराणसी से सीधे गांव पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। इस दौरान राकेश टिकैत ने 13वीं संस्कार में होने वाली फिजूलखर्ची पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पंचायत के निर्णय के अनुसार 13वें दिन बड़े स्तर पर भोजन-पकवान बनाना उचित नहीं है। उन्होंने ऐसे आयोजनों पर रोक लगाने का आह्वान करते हुए सुझाव दिया कि शोक की स्थिति में केवल चाय-पानी की व्यवस्था ही की जानी चाहिए। किसानों से बातचीत के दौरान टिकैत ने प्राकृतिक आपदाओं, खासकर ओलावृष्टि से हुए फसल नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को पूरे देश में जमीन को एकड़ के आधार पर विभाजित कर प्रति एकड़ नुकसान का मुआवजा सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि किसानों को न्याय मिल सके। वहीं, पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनावों को लेकर भी उन्होंने टिप्पणी की। टिकैत ने प्रधानमंत्री के चुनाव प्रचार पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के प्रतिनिधि होते हैं, न कि किसी एक राजनीतिक दल के। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय से इस संबंध में स्पष्ट कानून बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति किसी पार्टी विशेष के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के प्रतिनिधि होते हैं, इसलिए चुनावी बयानबाजी में संयम बरतना आवश्यक है। इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सिद्ध नाथ सिंह सहित कई अन्य किसान नेता भी उपस्थित रहे।
सोनभद्र में खनन क्षेत्र में विवाद गरमाया:सपा प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से की कार्रवाई की मांग
सोनभद्र जिले के चोपन थाना क्षेत्र में बालू खनन को लेकर विवाद गहरा गया है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी बद्रीनाथ सिंह से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। यह विवाद तब सामने आया जब सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने अपने और उनके साथी पप्पू कोल के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। यह घटना 12 अप्रैल की शाम मीतापुर क्षेत्र में नदी किनारे हुई बताई जा रही है। अनिल यादव के अनुसार, जब वे अपने साथियों के साथ इलाके का भ्रमण कर रहे थे, तभी जुगैल थाना स्थित मे. रुद्रा माइनिंग एंड कंपनी के बालू खनन में लगे कुछ लोग मशीनों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज की और विरोध करने पर मारपीट की। अनिल यादव ने आरोप लगाया कि उनके साथ मौजूद पप्पू कोल को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया। बाद में एडिशनल एसपी के हस्तक्षेप के बाद उन्हें चोपन थाने लाया गया। इस घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने चोपन थाने में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई। जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी जिलाधिकारी से मुलाकात के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मे. रुद्रा माइनिंग निर्धारित पट्टा क्षेत्र से बाहर अवैध खनन कर रही है। उन्होंने अवैध परिवहन और हाईवे किनारे बिना एमएम परमिट के बालू भंडारण की भी शिकायत की।सपा नेताओं ने इस पूरे मामले में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त होने की आशंका जताई और इसकी जांच की मांग की। रॉबर्ट्सगंज सांसद छोटेलाल खरवार ने भी मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपील की। सांसद ने कहा कि यदि अवैध खनन हो रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, जिला प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र में मंगलवार दोपहर सड़क हादसे में ई-रिक्शा चालक की मौत हो गई। कुत्तुबपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी, जिससे चालक की जान चली गई और दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। जानकारी के अनुसार, यह घटना दोपहर करीब तीन बजे हुई। कोपागंज से मुहम्मदाबाद गोहना की ओर जा रहे ई-रिक्शा में चालक 54 वर्षीय अलगू (निवासी फैजुल्लापुर) सवार थे। उनके साथ 36 वर्षीय पूजा (पत्नी पुजारी, निवासी खूंखुन्दवा) और 24 वर्षीय बंदना (पत्नी अर्जुन, निवासी सैदपुर) भी थीं। जैसे ही ई-रिक्शा कुत्तुबपुर के पास पहुंचा, सामने से आ रही एक तेज रफ्तार अल्टो कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों लोग सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल जिला अस्पताल मऊ पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान ई-रिक्शा चालक अलगू ने दम तोड़ दिया। वहीं, दोनों घायल महिलाओं का इलाज जारी है। हादसे के बाद कार चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने बताया कि फरार चालक की तलाश की जा रही है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में 'धन्यवाद मोदी' हस्ताक्षर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह अभियान भाजपा महिला मोर्चा और भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारियों द्वारा विभिन्न शिक्षण संस्थानों में व्यापक जनसंपर्क के साथ चलाया गया। यह अभियान डी.ए.वी. पीजी कॉलेज, मुस्लिम गर्ल्स इंटर कॉलेज, आईपी कॉलेज प्रथम परिसर, गौरी शंकर कन्या महाविद्यालय और आईपी कॉलेज द्वितीय परिसर में आयोजित हुआ। इन स्थानों पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर हस्ताक्षर किए। महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं को आरक्षण और सम्मान प्रदान करने के इस ऐतिहासिक निर्णय के प्रति अपना समर्थन और आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया और उन्होंने अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की। इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री कृष्णपाल सिंह, कल्पना वर्मा, पूजा गुप्ता, ललित दक्ष, रवि पाल, प्रशांत, रवि लोधी, विकास लोधी, हेमंत और मुनेश कुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
झुंझुनूं जिले के चर्चित गुढ़ागौड़जी थाना पथराव प्रकरण में कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। अपर जिला एवं सेशन जज ने सबूतों के अभाव में 39 लोगों को बरी करने का आदेश दिया है। पुलिस ने मामले में कुल 42 लोगों को नामजद किया था। 2018 में हुई घटना का 7 सालों तक कोर्ट में ट्रायल चला, इस बीच 3 आरोपियों की मृत्यु हो गई। शेष 39 आरोपियों को कोर्ट की कार्यवाही का सामना करना पड़ा। अभियोजन पक्ष (पुलिस) की ओर से अदालत में कुल 24 गवाह पेश किए गए। आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता शीशराम सैनी ने पैरवी की। उन्होंने अदालत में तर्क दिया कि पुलिस ने राजनीतिक दबाव और द्वेषवश निर्दोष लोगों को मामले में फंसाया था। हालांकि इस दौरान गवाह और सबूत आरोपियों का अपराध सिद्ध करने में विफल रहे, जिसके बाद कोर्ट ने उन्हें बरी करने का आदेश दिया। एडवोकेट शीशराम सैनी ने बताया कि जज ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों की जांच के बाद फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ लगे आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा है। साक्ष्यों के अभाव में निर्दोषों को सजा नहीं दी जा सकती। नाबालिग के अपहरण के बाद भीड़ ने किया था थाने का घेरावदरअसल, अगस्त 2018 में गुढ़ागौड़जी क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका का किडनैप हुआ। पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने 14 अगस्त 2018 को थाने के सामने सड़क जाम कर धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने ओर से दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सड़क से खदेड़ने का प्रयास किया, तो भीड़ बेकाबू हो गई। उग्र भीड़ ने थाने पर पथराव कर दिया, जिसमें तत्कालीन थानाप्रभारी अशोक चौधरी और तीन अन्य पुलिसकर्मी घायल हुए थे। सरकारी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की और मामला करीब 7 सालों तक कोर्ट में चला।
सज्जाद इब्राहिम बने मिस्टर गाजीपुर 2026:अमितेश यादव मसल्स मैन और नितेश शर्मा को फिटनेस फिजिक अवॉर्ड
गाजीपुर के सनबीम स्कूल महाराजगंज में 17वीं टीवीएस मिस्टर गाजीपुर बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप 2026 का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में सज्जाद इब्राहिम ने मिस्टर गाजीपुर 2026 का खिताब जीता। अमितेश यादव को 'मसल्स मैन' और नितेश शर्मा को 'फिटनेस फिजिक अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. संजय सिंह और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे।महिला फिटनेस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्रीमती गीता तोमर और श्रीमती राजलक्ष्मी राय को 'फिटनेस आइकन 2026 अवॉर्ड' प्रदान किया गया। इस चैंपियनशिप का आयोजन डिस्ट्रिक्ट बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन द्वारा किया गया था। प्रतियोगिता में जिले के गणमान्य अतिथि, खेल विशेषज्ञ और फिटनेस कोच भी उपस्थित थे।यह प्रतियोगिता सात अलग-अलग भार वर्गों में आयोजित की गई, जिसमें 55 किलोग्राम से लेकर 80 किलोग्राम से अधिक भार वर्ग तक के प्रतिभागियों ने पदक जीते। खिलाड़ियों ने अपनी शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल और आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों की सराहना की और विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने अन्य खिलाड़ियों को भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया। डिस्ट्रिक्ट बॉडीबिल्डिंग एंड फिटनेस एसोसिएशन के सचिव संजय राय ने सभी सहयोगियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को फिटनेस के प्रति जागरूक करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
दमोह के 46वें कलेक्टर के रूप में प्रताप नारायण यादव ने सोमवार को अपना पदभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने अधिकारियों और पत्रकारों से चर्चा करते हुए साफ किया कि उनकी प्राथमिकता दमोह को पिछड़ापन दूर कर एक विकसित जिला बनाने की है। नवागत कलेक्टर ने अधिकारियों के साथ पहली बैठक में ही कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल ऑफिस और फाइलों तक सीमित न रहें, बल्कि फील्ड में जाकर जनता से मिलें और उनकी समस्याओं का मौके पर ही समाधान करें। उन्होंने जिले की गंदगी और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी चिंता जताई और अस्पतालों में सुधार लाने की बात कही। जल संकट पर नाराजगी: डिमांड लेटर नहीं, एक्शन प्लान चाहिए गर्मी के मौसम में पेयजल की समस्या को लेकर कलेक्टर ने पीएचई (PHE) विभाग की क्लास ली। जब अधिकारियों ने बताया कि वे नई मशीनों की डिमांड कर रहे हैं, तो कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सिर्फ डिमांड करने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने उदाहरण दिया कि जैसे मरीज को तुरंत इलाज की जरूरत होती है, वैसे ही प्यासे को तुरंत पानी चाहिए। उन्होंने विभाग से 106 प्रभावित गांवों के लिए तत्काल बोरिंग और मोटर डालने का ठोस प्लान मांगा है। किसानों और बेरोजगारों के लिए खास योजना कलेक्टर ने कहा कि इस समय कृषि मंडियों में किसानों की भीड़ है, इसलिए उनकी उपज की समय पर खरीदी और भुगतान तय किया जाएगा। साथ ही, जिले में बेरोजगारी दूर करना भी उनकी प्राथमिकता सूची में शामिल है। आने वाले दिनों में वे सभी विभागों के साथ मिलकर दमोह के विकास का एक मास्टर प्लान (मैप) तैयार करेंगे, ताकि जिले की तस्वीर बदली जा सके।
अशोकनगर में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कलेक्टर साकेत मावलिया के निर्देश पर 20 अप्रैल को विशेष निगरानी रखते हुए जिलेभर में टीमों का गठन किया गया है। यह अभियान वर्षभर चलता है, लेकिन इस दिन खास चौकसी बरती जाएगी। प्रशासन ने बाल विवाह की सूचना देने के लिए एक कंट्रोल रूम भी स्थापित किया है। नागरिक 07543-220065 नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सूचना मिलते ही संबंधित दल तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करेगा। जिले के चारों अनुभागों - अशोकनगर, मुंगावली, चंदेरी और ईसागढ़ में संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी शामिल हैं। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में होने वाले विवाह समारोहों पर कड़ी नजर रखेंगी। आयु का सत्यापन किया जाएगासभी सामूहिक और निजी विवाहों में वर-वधू की आयु का सत्यापन किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दूल्हे की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और दुल्हन की 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। कम उम्र पाए जाने पर विवाह को तत्काल रोका जाएगा। उड़नदस्तों ने चेतावनी दी है कि बाल विवाह कराने या उसमें सहयोग करने वालों के खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें बाराती, पंडित, काजी, टेंट हाउस संचालक, केटरर और प्रिंटिंग प्रेस संचालक भी शामिल होंगे। जिला स्तरीय कंट्रोल रूम वन स्टॉप सेंटर (सखी), तहसील परिसर में संचालित होगा। यहां तैनात अधिकारी लगातार निगरानी रखते हुए प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोकने में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें।
सवाई माधोपुर की सूरवाल थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी धर्मसिंह मीणा (18) निवासी श्यामोता, थाना सूरवाल को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से दो एंड्रॉयड मोबाइल और एक आईफोन जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान एवं एंटी वायरस अभियान के तहत की गई। साइबर शाखा की सूचना पर श्यामोता गांव से किया डिटेनसूरवाल थानाधिकारी बनी सिंह ने बताया कि साइबर शाखा से मिली सूचना और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को गांव श्यामोता से डिटेन किया गया। पूछताछ और मोबाइल जांच में उसके पास मिले दो एंड्रॉयड फोन और एक आईफोन में साइबर ठगी से जुड़े एवीडेंस मिले। जांच में सामने आया कि आरोपी अनजान लोगों को फोन और इंटरनेट के माध्यम से संपर्क कर सट्टा खिलाने, पैसे डबल करने का झांसा देने और फर्जी बिल भेजकर ठगी करता था। इसके अलावा आरोपी के मोबाइल नंबरों के खिलाफ साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दो शिकायतें भी दर्ज मिली हैं। पुलिस ने तीनों मोबाइल व सिम कार्ड जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं सहित आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी एक साइबर अपराध का मामला दर्ज है। थानाधिकारी सिंह ने बताया कि SP ज्येष्ठा मैत्रयी के निर्देशन एवं ASP विजय सिंह मीणा व सीओ सिटी उदयसिंह मीणा के सुपरविजन में थानाधिकारी बनी सिंह गुर्जर के नेतृत्व में टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
देवरिया जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर सुझाव पेटिकाएं लगाई जाएंगी। इनमें दर्ज शिकायतों और सुझावों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने सोमवार को धन्वंतरि सभागार में आयोजित जिला कार्यकारी समिति की बैठक में दिए। बैठक के दौरान, सीएमओ ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य सूचकांकों से संबंधित रिपोर्ट पूरी तरह अद्यतन और सटीक रखी जाए। डॉ. गुप्ता ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। सीएमओ ने सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों सहित प्रत्येक स्वास्थ्य इकाई पर प्राथमिकता के आधार पर सुझाव पेटिका लगाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य आमजन को अपनी समस्याएं और सुझाव सीधे दर्ज कराने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने शत-प्रतिशत गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। समय पर उपचार सुनिश्चित कराने को कहा गया बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव की संख्या बढ़ाने, पुरुष एवं महिला नसबंदी के लक्ष्य को पूरा करने तथा कम प्रगति वाले जिम्मेदार अधिकारियों को फटकार लगाने की बात भी कही गई। इसके अतिरिक्त, संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के तहत जन जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। आशा कार्यकर्ताओं को घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की पहचान करने और समय पर उपचार सुनिश्चित कराने को कहा गया। डॉ. गुप्ता ने 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत संभावित मरीजों की स्क्रीनिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही, 20 अप्रैल से शुरू होने वाले स्कूल आधारित डीपीटी/टीडी टीकाकरण अभियान के लिए माइक्रोप्लान तैयार कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और बच्चों की समय से जांच, टीकाकरण और पंजीकरण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। इसके अलावा, हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में डीटीओ डॉ. राजेश कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. अश्वनी पाण्डेय, डॉ. विपिन रंजन, डीएमओ सीपी मिश्रा, डीपीएम पूनम गुप्ता, डीसीपीएम राजेश गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुरादाबाद के गोकुल दास हिंदू गर्ल्स कॉलेज में जलियांवाला बाग हत्याकांड की बरसी और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की दोनों इकाइयों तथा इतिहास एवं राजनीतिक शास्त्र विभाग ने संयुक्त रूप से ज्ञानवर्धक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को देश के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों और सामाजिक न्याय के मूल्यों से अवगत कराना था। कॉलेज की प्राचार्या चारू मेहरोत्रा ने कहा कि जलियांवाला बाग हत्याकांड भारतीय इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण और पीड़ादायक अध्याय है, जिसने देश को स्वतंत्रता संग्राम के लिए एकजुट किया। उन्होंने छात्राओं से इस घटना से संघर्ष और बलिदान की प्रेरणा लेने का आह्वान किया। प्राचार्या ने डॉ. अंबेडकर के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के महत्व का प्रतीक है। उन्होंने छात्राओं से उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की अपील की। डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से छात्राओं को इन ऐतिहासिक घटनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे उनमें देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता की भावना मजबूत हुई। इस अवसर पर मुख्य अनुशासिका एवं उप-प्राचार्या किरण साहू सहित कॉलेज की शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी सविता अग्रवाल और शिवानी गुप्ता ने संयुक्त रूप से किया। उपस्थित लोगों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में सामने आए शर्मनाक मामले को लेकर अस्पताल अधीक्षक राहुल मिश्रा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बीमार कैदी की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने अस्पताल परिसर में अमर्यादित कृत्य किया, जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे में थे पुलिसकर्मी, बगल में था बाथरूम अधीक्षक राहुल मिश्रा के अनुसार, जिस स्थान पर पुलिसकर्मी द्वारा यह हरकत की गई, उसके ठीक बगल में बाथरूम मौजूद था, लेकिन संबंधित पुलिसकर्मी नशे की हालत में थे। उन्होंने बताया कि पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी और लीगल कार्यवाही की जाएगी। अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर अनुशासनहीनता अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल एक संवेदनशील स्थान है और यहां इस तरह की अनुशासनहीनता बेहद गंभीर मामला है। वीडियो सामने आने के बाद मामले को गंभीरता से लिया गया है। ड्यूटी के दौरान तीनों नशे में मिले गौरतलब है कि सीधी पुलिस लाइन के प्रधान आरक्षक उदयराज सिंह, आरक्षक मनीष तिवारी और एएसआई नर्मदा प्रजापति बीमार कैदी को इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे, जहां ड्यूटी के दौरान ही तीनों नशे में पाए गए। फिलहाल इस घटना के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
रायबरेली के बछरावां विधानसभा क्षेत्र में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। यह कार्यक्रम बछरावां विधानसभा के कन्नावा गांव में आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा की नजर अनुसूचित जाति बाहुल्य बछरावां विधानसभा पर केंद्रित रही। कार्यक्रम में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह और महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव भी उपस्थित थीं। मंच पर ऊंचाहार विधायक मनोज पांडेय, सदर विधायक अदिति सिंह और सलोन विधायक अशोक कोरी सहित कई अन्य राजनीतिक हस्तियां भी मौजूद थीं। बछरावां विधानसभा सीट को पारंपरिक रूप से अनुसूचित जाति समीकरण वाली सीट माना जाता है, जिसके चलते यहां समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने श्याम सुंदर भारती के रूप में इस सीट पर जीत हासिल की थी। इससे पहले रामलाल अकेला ने समाजवादी पार्टी से इस सीट पर जीत दर्ज की थी। आज के कार्यक्रम के आयोजक और प्रायोजक पूर्व विधायक और भाजपा नेता रामलाल अकेला थे। वह 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए अपनी राजनीतिक नींव मजबूत करने में लगे हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायकों को एक मंच पर लाकर अपनी स्थिति मजबूत करने का प्रयास किया।
अम्बेडकर जयंती पर ट्रैफिक डायवर्जन:सिद्धार्थनगर में सुबह 8 बजे से लागू होगी नई व्यवस्था
डॉ. भीमराव अम्बेडकर जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल मंगलवार को जनपद में विभिन्न कार्यक्रम और जुलूस आयोजित होंगे। इसे देखते हुए जनपद पुलिस ने यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक रूट एडवाइजरी जारी की है। यह नई व्यवस्था 14 अप्रैल को सुबह 8 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक लागू रहेगी। जारी निर्देशों के अनुसार, बहराइच, बलरामपुर और बढ़नी की ओर से आने वाले बड़े वाहन, जो लखनऊ, बस्ती, बांसी, डुमरियागंज और इटवा की तरफ जाना चाहते हैं, उन्हें ढेबरुआ तिराहा (बढ़नी) से डायवर्ट किया जाएगा। ये वाहन शोहरतगढ़, सनई तिराहा, बांसी और रुधौली होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। बस्ती की तरफ से आने वाले भारी वाहन, जिन्हें ढेबरुआ, इटवा और डुमरियागंज की ओर जाना है, उन्हें बेवा चौराहा से भड़रिया (थाना भवानीगंज) के रास्ते भेजा जाएगा। इसी तरह, रुधौली और बस्ती की दिशा से आने वाले बड़े वाहनों के लिए सोनहटी चौराहा से बांसी होते हुए गंतव्य तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग तय किया गया है। छोटे वाहनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। बलरामपुर और विस्कोहर की ओर से इटवा जाने वाले छोटे वाहनों को सहियापुर चौराहे से होकर जाने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह ट्रैफिक डायवर्जन स्कूली वाहनों और आकस्मिक सेवाओं पर लागू नहीं होगा। एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं को इस व्यवस्था से छूट दी गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत कार्य प्रभावित न हों। जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का पालन करें और यातायात नियमों का सहयोग करें। इससे अम्बेडकर जयंती के कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सकेंगे।
प्रयागराज के कैंट में रिटायर प्रोफेसर मैनुद्दीन अंसारी के घर से चोरों ने 50 लाख का माल पार कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिया है कि दरवाजा फांदकर चोर भीतर लगे पेड़ के सहारे घर में दाखिल हुआ। इसके बाद पांच लाख केश व कीमती जेवर उड़ा दिए। घटना के वक्त प्रोफेसर परिवार समेत बाहर थे और घर में ताला लगा हुआ था। सूचना पर पुलिस पहुंची और जांच पड़ताल की लेकिन चोरों के बारे में कुछ पता नहीं चल सका। पीड़ित ने तहरीर दी है और पुलिस फुटेज के जरिए चोरों को चिहि्नत करने में जुटी है। शादी में गए थे गोरखपुरमैनुद्दीन अंसारी आईईआरटी में प्रोफेसर पद से 2016 में रिटायर हुए थे। उनका एक बेटा नाइजीरिया में इंजीनियर है और दूसरा बेटा इलेक्ट्रिक का काम करता है। वह राजापुर में परिवार समेत रहते हैं।उन्होंने बताया, एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने के लिए वह परिवार समेत 10 अप्रैल को गोरखपुर चले गए थे। घर में ताला बंद था। सोमवार सुबह पड़ोस में रहने वाली एक महिला ने फोन कर बताया कि उनके घर के दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। दोपहर में वापस आएइसके बाद वह दोपहर में घर लौटे तो देखा कि मेन दरवाजे का ताला टूटा पड़ा था। भीतर जाने पर कमरों व चार आलमारी के लॉकर भी टूटे मिले। घर का सारा सामान फैला पड़ा था और कीमती जेवर व पांच लाख कैश गायब था। चोरी गए जेवर सोने व चांदी के थे जिनका मूल्य लगभग 45 लाख था। सूचना देने पर सबसे पहले डायल 112 पुलिस पहुंची। इसके बाद राजापुर चौकी पुलिस भी आई। जांच पड़ताल के बाद पुलिस वापस चली गई। पीड़ित की ओर से कैंट थाने में तहरीर दी गई। 58 मिनट घर के भीतर रहा चोरचोरी की वारदात अंजाम देने वाले बदमाशों की तस्वीर पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। फुटेज से यह भी पता चला कि चोर करीब 58 मिनट घर के भीतर रहा। इस दौरान उसका एक साथी बाहर टहलता रहा। एक चोर रात 2:30 मिनट पर घर का मेन दरवाजा फांदकर भीतर की ओर लगे पेड़ के सहारे नीचे उतरकर घर में दाखिल हुआ। इत्मिनान से पूरा सामान समेटने के बाद वह 3:28 मिनट पर उसी रास्ते से निकल भागा। थाना प्रभारी बोलेकैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि सूचना मिली है। चौकी प्रभारी को भेजकर जांच पड़ताल कराई जा रही है।
एएनटीएफ टीम नशे के सौदागरों को पकड़ने के लिए अहमदाबाद गई। लेकिन टीम को 27 साल से फरार लाखों रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को हत्थे चढ़ गया। ठग पर तीन जिलों में 26 हजार रुपए का इनाम है। मुकदमा दर्ज होने पर बाड़मेर छोड़कर पहले जयपुर, दिल्ली और अहमदाबाद में फरारी काटी। अपनी पहचान छुपाने के लिए नाम भी बदल दिया। एएनटीएफ ने फ्लेक्सी बैनर छपवाने के बहाने उसकी प्रिंटिंग प्रेस पर पहुंची, रेट को लेकर नौकरों से बहस की, फिर ठग बाहर आने पर हुलिया फोटो से मिलाकर कर दबोच लिया। फिलहाल एएनटीएफ की टीम रिकॉर्ड खंगाल रही है कि इसके खिलाफ कितने मामले है, कितने रुपए की ठगी की है। आईजी विकास कुमार ने बताया- बाड़मेर निवासी हेमराज और मनोज दोनों भाई 1994 निवेश कंपनी शुरू की थी। ब्रांच पर ब्रांच खोलते गए। सैकड़ों निवेशकों को रुपए डबल करने का साझा दिया। 5 बाद साल 1999 में पहला मुकदमा दर्ज होने पर सारा रुपए खा कर भाग जाते है। उसके बाद बाड़मेर से गायब हो गए। इन 27 सालों में जयपुर, दिल्ली और गुजरात के अहमदाबाद में फरारी काटी है। तीन जिलों का 26 हजार का इनामी, 27 साल बाद गिरफ्तार आरोपी पर निवेशकों का पैसा खा जाने के कई सारे मामले दर्ज है। एएनटीएफ पूरे रिकॉर्ड को खंगाल रही है। मनोज (54) पुत्र हरीश निवासी आजाद चौक बाड़मेर हाल, नव रचना सोसायटी, आनंदवाड़ी ईशनपुर अहमदाबाद के खिलाफ बाड़मेर, बालोतरा और जालोर जिले में मुकदमें दर्ज है। इस पर 26 हजार रुपए का इनाम है। वहीं बड़े भाई हेमराज की कोरोना से 2021 में मौत हो गई थी। दोनों बराबर के पार्टनर थे। 27 साल में जगह, धंधा, पहचान बदली आरोपी मनोज और भाई हेमराज ने 1994 में फर्जी कंपनी बनाकर निवेशकों के लाखों रुपए हड़प लिए। अहमदाबाद में निवेश कंपनी का धंधा छोडकर प्रिंटिग प्रेस का काम शुरू किया। नाम बदलकर कुमार ब्रदर्स रख लिया। बाड़मेर रिश्तेदारों से नाता तोड़ दिया। नशेबाज की तलाश में हत्थे चढ़े धोखेबाज एएनटीएफ के पास सूचना थी कि पश्चिमी राजस्थान में अवैध रूप से संचालित ड्रग्स फैक्ट्रियों के लिए कच्चा माल और कैमिकल गुजरात के अहमदाबाद से भेजा जा रहा है। इसमें कुछ राजस्थान के लोग शामिल है। लंबे समय तक टीम ने गुजरात के अलग-अलग इलाकों घूमी। सूचना मिली बाड़मेर के दो भाई फर्जी कंपनी चला रहे है टीम को सूचना मिली कि बाड़मेर के निवासी दो भाई लंबे समय से अहमदाबाद में फर्जी नाम से रह रहे है। तरह-तरह के संदिग्ध धंधे करके खूब पैसा कमा रहे है। टीम के पड़ताल करने पर यह जानकारी लगी कि 1999 से ही पुलिस से फरार चल रहे है। लेकिन बड़े भाई की कोरोना काल में डेथ हो गई। सैकड़ों कस्टमर को छुना लगाया एएनटीएफ ने बताया कि रिकॉर्ड की छानबिन से पता चला कि मनोज और उसका बड़ा भाई हेमराज दोनों ही 1999 से पुलिस से फरार चल रहे है। दोनों भाईयों ने 1994 में फाइनेंस कंपनी चलाकर सैकड़ों बेगुनाह लोगों से रुपए हड़प लिए। फ्लेक्सी बैनर बनवाने पहुंची टीम एएनटीएफ की टीम को सूचना मिली थी कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर अनजान लोगों से बात नहीं करता है। ऐसे में टीम सादे कपड़ों में फ्लेक्सी बनवाने कस्टमर बनकर पहुंची। जब आरोपी नजर नहीं आया तो टीम ने नौकरों से रेट को लेकर बहसबाजी शुरू की। मालिक बुलाने की बात कही। हंगामा होते देख मनोज खत्री स्वंय आ गया। रेट के विवाद को सुलझाने की कोशिश की। इस दौरान टीम ने फोटो से चेहरे का मिलान कर पकड़ लिया। डबल करने का लालच देखकर भोली-भाले लोगों का ठगा आरोपी मनोज ने 1992 में बाड़मेर शहर के स्टेशन रोड पर कैरियर सेविग्स एंड इन्वेस्टर इंडिया लिमिटेड नाम से एक कंपनी खोली। आरोपी लोगों को रुपए डबल करने का लालच दिया। आरोपी के पास रुपए जमा कराने लगे। 16 ब्रांच और खोल दी आरोपी मनोज ने अच्छा मुनाफा होता देख कंपनी की धीरे-धीरे करते 16 ब्रांच और खोल दी। अपने भाई हेमराज को भी कंपनी में पार्टनर बना दिया। आरोपी को बाजार में और भी कंपनी टक्कर देने लगी तो मनोज को घाटा लगने लगा। आरोपी व उसका भाई हेमाराम लोगों के रुपए लेकर पूरे परिवार के साथ फरार हो गए। इन पर मुकदमें दर्ज हुए। अहमदाबाद में प्रिंटिंग पर की मजदूरी फरारी के दौरान जयपुर तो कभी दिल्ली रहे, उसके बाद अहमदाबाद में किराए का मकान लिया। 5 साल प्रिंटिंग के कार्य की मजदूरी की। फिर खुद की डोटकोम बिंडर व कुमार इंफो के नाम से प्रिटिंग प्रेस खोली। खुद का घर भी खरीद लिया। आरोपी मनोज को अहमदाबाद में कुमार के नाम से जानते थे।
जींद जिले के उचाना में स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी में सर्वर डाउन होने से गेहूं लेकर पहुंचे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस पर एसडीएम रमित यादव ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कर्मचारियों को मैनुअल गेट पास जारी करने के निर्देश दिए। कर्मचारियों ने नए नियमों के तहत ट्रैक्टर की फोटो सहित अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कीं। एसडीएम ने बताया कि सर्वर ठीक होते ही इन सभी मैनुअल गेट पास को पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। सुबह से कई बार सर्वर डाउन होने के कारण किसानों को गेट पास संबंधी दिक्कतें आ रही थीं। इसकी जानकारी मिलने पर विधायक देवेंद्र चतरभुज अत्री ने एसडीएम रमित यादव को अतिरिक्त मंडी भेजा। एसडीएम ने मंडी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पूरी जानकारी ली। किसान और आढ़ती को न हो परेशानी- SDM एसडीएम ने आश्वस्त किया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है कि किसान और आढ़ती किसी भी सूरत में परेशान न हों। उन्होंने बताया कि ई-खरीद पोर्टल के सर्वर डाउन होने से गेट पास प्रभावित हो रहे थे, जिसके चलते मैनुअल गेट पास जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। पोर्टल संबंधी अन्य सभी प्रक्रियाएं, जैसे ट्रैक्टर के साथ फोटो खींचना, पूरी की जा रही हैं। पोर्टल के फिर से शुरू होने पर सभी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। एसडीएम निरंतर खरीद, गेट पास और अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ मंडियों और खरीद सेंटरों का दौरा कर रहे हैं। अतिरिक्त मंडी में गेहूं खरीद सीजन के दौरान अटल कैंटीन भी खोली गई है, जहां कोई भी व्यक्ति 10 रुपए में भरपेट भोजन कर सकता है।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेतृत्व में फर्रुखाबाद के हथियापुर स्थित दूध संग्रह केंद्र पर सोमवार को किसानों ने धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने दूध खरीद में कंपनी पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। किसानों का आरोप है कि कंपनी दूध को लीटर में खरीद रही है, जबकि नियमानुसार इसे किलोग्राम में खरीदा जाना चाहिए। उनका कहना है कि लीटर में दूध लेने से प्रति लीटर 30 ग्राम अधिक दूध लिया जा रहा है। इस प्रकार, एक क्विंटल दूध पर किसानों से लगभग 3 किलोग्राम अतिरिक्त दूध लिया जाता है, जो स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी है। ज्ञापन में बताया गया कि दूध का घनत्व अधिक होने के कारण एक किलोग्राम दूध 1030 ग्राम के बराबर होता है। हालांकि, बांट माप विभाग द्वारा संचालित कांटा मशीन 1000 ग्राम पर आधारित होती है। कंपनी द्वारा लीटर में खरीद करने से प्रति लीटर 30 ग्राम दूध अतिरिक्त लिया जा रहा है। किसानों ने अनुमान लगाया कि सर्दियों में प्रतिदिन 30,000 से 35,000 लीटर और गर्मियों में 18,000 से 20,000 लीटर दूध शीतलन केंद्र पर आता है। यदि प्रतिदिन औसत 25,000 लीटर दूध का हिसाब लगाया जाए, तो कंपनी किसानों से प्रतिदिन लगभग 750 लीटर अतिरिक्त दूध धोखाधड़ी करके प्राप्त कर रही है। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि कंपनी द्वारा दूध संग्रह केंद्र पर लगी कांटा मशीन और दूध संग्रह मशीन का सत्यापन किस विभाग द्वारा किया गया है, यह स्पष्ट किया जाए। किसानों ने सवाल उठाया कि जब कांटा मशीन का सत्यापन बांट माप विभाग द्वारा किलोग्राम में किया जाता है, तो दूध की माप किलोग्राम में क्यों नहीं की जा रही है। इस दौरान आठ सूत्रीय मांगे ज्ञापन में रही। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद शाक्य, लक्ष्मी शंकर, शिव राम, अरविंद गंगवार, कृष्ण गोपाल मिश्रा, रजत गंगवार, बृजेश गंगवार, अजीत सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। वही मऊ दरवाजा थाना पुलिस भी धरने के दौरान मौजूद रही।
बूंदी करवर पंचायत के अरियाली गांव में स्थित श्री कृष्ण बालादेव गौशाला का पशु चिकित्सा अधिकारियों और कार्मिकों ने निरीक्षण किया। इस दौरान मौके पर लगभग 500 नर और मादा गोवंश का भौतिक सत्यापन किया गया। पशु चिकित्सा अधिकारियों ने गौशाला में गोवंश के चारे-पानी की व्यवस्था, परिसर की साफ-सफाई, गोवंश के रहने के यार्डों और चारा भंडारण का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने समिति सदस्यों और कार्मिकों को साफ-सफाई बनाए रखने तथा आहार संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। निरीक्षण दल में नैनवा से वेटरनरी डॉक्टर नूपुर चंदेल, समिधि से नरेंद्र वर्मा, पशुधन प्रसार अधिकारी प्रवीण कुमार मीणा, पशुधन निरीक्षक कल्पना कुमारी, विनोद नागर और सुरेश नागर शामिल थे। इस अवसर पर गौशाला समिति के अध्यक्ष रामबिलास नागर, रामदेव सैनी, संचालन समिति से जुड़े अन्य सदस्य और ग्रामीण भी मौजूद रहे। कटेट : आरेन रशीद (करवर)
जैसलमेर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण हनुमान चौराहा के दिन अब बढ़िया आने वाले हैं। नगरपरिषद की ओर से इस प्रमुख चौराहे के कायाकल्प की तैयारी पूरी कर ली गई है। करीब 90 लाख रुपए की लागत से इस चौराहे पर एक भव्य और आकर्षक क्लॉक टावर (घंटाघर) का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना का टेंडर जारी हो चुका है और निर्माण कार्य इसी महीने शुरू होने की संभावना है। नगरपरिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया- हमारा लक्ष्य है कि आगामी चार महीनों में, यानी पर्यटन सीजन के पीक तक इसे तैयार कर जनता को समर्पित कर दिया जाए। 40 फीट ऊंचे इस विशाल हेरिटेज क्लॉक टॉवर में चारों दिशाओं में हनुमान जी की प्रतिमा भी पत्थरों पर उकेरी जाएगी। 4 मंजिला इमारत और राजस्थानी छतरी होगी मुख्य आकर्षण प्रस्तावित क्लॉक टावर की ऊंचाई 40 फीट होगी, जो 10x10 वर्ग फीट की चौड़ाई वाली संरचना पर खड़ा होगा। यह टावर पूरी तरह से जैसलमेरी पीले पत्थर से निर्मित एक हेरिटेज इमारत होगी। इसकी बनावट में स्थानीय स्थापत्य कला का विशेष ध्यान रखा गया है। यह टावर चार मंजिला होगा, जिसकी सबसे ऊपरी यानी चौथी मंजिल पर राजस्थानी शैली की पारंपरिक छतरी बनाई जाएगी। टावर के चारों ओर बड़ी घड़ियां लगाई जाएंगी, जिससे हर दिशा से समय देखा जा सकेगा। पत्थर पर उकेरी जाएगी हनुमान जी जैसी नक्काशी इस क्लॉक टावर की सबसे बड़ी खासियत इसकी नक्काशी होगी। टावर के पत्थरों पर ठीक उसी तरह की बारीक कार्विंग (नक्काशी) की जाएगी, जैसी हनुमान जी की प्रतिमा या प्राचीन मंदिरों में देखने को मिलती है। यह बारीक काम इस टावर को आधुनिक निर्माण से अलग एक ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान करेगा। पूरे सर्कल क्षेत्र में टावर के चारों ओर रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे और सुरक्षा के लिहाज से आकर्षक रैलिंग भी स्थापित की जाएगी। यातायात सुधरेगा, बढ़ेगा पर्यटन का आकर्षण हनुमान चौराहा शहर का वह केंद्र है जहाँ से कलेक्ट्रेट, जिला अस्पताल और मुख्य विद्यालय के लिए मार्ग निकलते हैं। वर्तमान में यहाँ सर्कल का बड़ा आकार और टूटी रैलिंग यातायात में बाधा बनती है। नगरपरिषद आयुक्त के अनुसार, नए डिजाइन में सर्कल के आकार को व्यवस्थित किया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। इस सौंदर्यीकरण के बाद यह चौराहा न केवल स्थानीय निवासियों के लिए गौरव का विषय होगा, बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक नया सेल्फी पॉइंट और मुख्य आकर्षण का केंद्र बनेगा। नगरपरिषद द्वारा इस कार्य को इसी सीजन में पूरा करने की समय सीमा तय की गई है।
हरियाणा के महेंद्रगढ़ में एसडीएम योगेश सैनी ने सोमवार को अनाज मंडी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने सरसों और गेहूं की खरीद प्रक्रिया का निरीक्षण किया।एसडीएम सैनी ने खरीद एजेंसियों को किसानों की सुविधा के लिए अनाज मंडियों में आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। एसडीएम ने उपज का समय पर भुगतान करने पर विशेष जोर दिया। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार के निर्देशों के अनुसार, किसानों की उपज निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खरीदी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने को कहा। किसानों को बिना देरी के भुगतान का निर्देश योगेश सैनी ने खरीद एजेंसियों को यह भी निर्देश दिए कि किसानों को उनकी उपज का भुगतान बिना किसी देरी के किया जाए, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने लिफ्टिंग कार्य में तेजी लाने का भी आदेश दिया, जिससे मंडियों में जगह की कमी न हो और नई फसल की आवक बाधित न हो। एजेंसियों को स्टोरेज व्यवस्था बनाए रखने के आदेश इसके अतिरिक्त, एसडीएम ने खरीद एजेंसियों को स्टोरेज व्यवस्था को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए कहा, ताकि खरीदी गई उपज का सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने एक बार फिर किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में सभी जरूरी व्यवस्थाएं बनाए रखने पर बल दिया। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बरतने के आदेश एसडीएम ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मंडियों में कोई अव्यवस्था न हो और सभी कार्य सुचारु रूप से संपन्न हों। उन्होंने कहा कि भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाए। जिला प्रशासन खरीद प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है।
मऊ में पागल कुत्ते का हमला:3 ग्रामीण और 10 पशु घायल, अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए
मऊ जिले के सरायलखंसी थाना क्षेत्र के पिपरीडीह ग्रामसभा में आज दोपहर एक पागल कुत्ते के हमले से अफरा-तफरी मच गई। कुत्ते ने अचानक इंसानों और मवेशियों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन ग्रामीण और लगभग 10 पालतू पशु घायल हो गए। हमला करने के बाद कुत्ता मौके से भाग निकला। घटना के तुरंत बाद, घायल ग्रामीणों को उपचार के लिए रानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल में घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन (ARV) लगाए जा रहे हैं और उनका प्राथमिक उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, सभी घायलों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस घटना के बाद पिपरीडीह और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि पागल कुत्ता अभी भी क्षेत्र में कहीं छिपा हो सकता है, जिससे दोबारा हमले का खतरा बना हुआ है। पशुओं के संक्रमित होने और बीमारी फैलने का डर भी सता रहा है, जिसके चलते अभिभावक बच्चों को घर से बाहर अकेले भेजने में हिचकिचा रहे हैं। क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि यदि कुत्ता दोबारा दिखाई दे, तो उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें। किसी भी अन्य व्यक्ति या पशु को चोट आने पर बिना देरी किए सरकारी अस्पताल में संपर्क करने की सलाह दी गई है। साथ ही, जिन 10 पशुओं को कुत्ते ने काटा है, उनके टीकाकरण के लिए पशु चिकित्सक से परामर्श लेने को कहा गया है।
धार जिले के रिंगनोद में स्थित लखा घाटी तालाब की पाल क्षतिग्रस्त होने से किसानों में आक्रोश है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) द्वारा उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी के बाद जल संसाधन विभाग हरकत में आया। विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसान आंदोलन की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान जल संसाधन विभाग के उपयंत्री एम.एस. सिद्दीकी अपनी टीम के साथ लखा घाटी तालाब पहुंचे। उन्होंने किसानों और यूनियन पदाधिकारियों से बातचीत कर क्षतिग्रस्त पाल का निरीक्षण किया। जल्द मरम्मत कराने का आश्वासन निरीक्षण के बाद उपयंत्री सिद्दीकी ने किसानों को आश्वासन दिया कि तालाब की पाल की मरम्मत के लिए जल्द ही अनुमान (एस्टीमेट) तैयार कर कार्य शुरू किया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि किसान पिछले लगभग एक वर्ष से तालाब की टूटी पाल की मरम्मत के लिए आवेदन दे रहे थे। विभाग द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण किसानों को उग्र आंदोलन और चक्काजाम की चेतावनी देनी पड़ी, जिसके बाद ही विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। किसानों ने आंदोलन स्थगित कियाकिसानों ने चिंता व्यक्त की कि यदि समय रहते पाल की मरम्मत नहीं हुई, तो बरसात में बड़ा नुकसान हो सकता है और आसपास के खेतों को खतरा पैदा हो सकता है। इस बीच, जल संसाधन विभाग के एसडीओ अभिषेक पाटीदार ने स्पष्ट किया कि संबंधित तालाब उनके विभाग के अधीन नहीं आता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में वरिष्ठ कार्यालय को प्रतिवेदन भेजा जा चुका है। विभाग के आश्वासन के बाद किसानों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।
सुल्तानपुर पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बिजली के स्मार्ट मीटरों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मीटर तेजी से चल रहे हैं और जनता का बिजली बिल बढ़ रहा है, साथ ही सरकार पर प्रतीकों की राजनीति करने का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने बिजली के स्मार्ट मीटरों को पीड़ित मीटर बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। सपा नेता मोहम्मद रिजवान पप्पू के आवास पर आयोजित कार्यक्रम में मीडिया से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा, ये स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि प्री-पीड़ा देने वाले पीड़ित मीटर हैं। मीटर इतनी तेजी से चल रहे हैं कि जनता का बिजली बिल आसमान छू रहा है। यही मुख्यमंत्री की स्मार्टनेस है। बिना स्पष्ट व्यवस्था के आरक्षण लागू करने की बात- अखिलेश उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के पास अपना कोई समाजवादी चेहरा नहीं था, इसलिए उसने जयप्रकाश नारायण और बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जैसे महापुरुषों का सहारा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहब के दिखाए रास्ते पर नहीं चलती, बल्कि केवल प्रतीकों की राजनीति करती है। महिला आरक्षण को लेकर भी अखिलेश यादव ने सरकार से सवाल किया। उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट व्यवस्था के आरक्षण लागू करने की बात की जा रही है। महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर सरकार की नीयत पर भी उन्होंने सवाल उठाए और प्रक्रिया में धांधली की आशंका जताई। अयोध्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब सपा और बसपा एकजुट हुए, तो भाजपा को वहां हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले अखिलेश यादव सड़क मार्ग से बंधुआकला के मझना गांव पहुंचे। जहां उन्होंने शहीद अखिलेश शुक्ला के परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। शहीद के पिता राधे कृष्ण शुक्ला ने जीविकोपार्जन के लिए पेट्रोल पंप की मांग की। जिस पर अखिलेश यादव ने मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान इसौली विधायक मो. ताहिर खान भी मौजूद रहे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने भगवान शिव का ‘केदारेश्वर मंदिर’ बनवाया है, जिसके दर्शन के लिए वे विपक्षी नेताओं समेत सभी को आमंत्रित करेंगे। कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष रघुवीर यादव, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व विधायक संतोष पांडेय, अनूप संडा, भगेलू राम, अरुण वर्मा और महासचिव सलाउद्दीन सहित कई नेता मौजूद रहे।।
अजमेर में नाबालिग से रेप कर अश्लील फोटो वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोपी जनाना हॉस्पिटल के डॉक्टर व ईमित्र संचालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया- दोनों के खिलाफ पीड़िता की बहन ने 11 अप्रैल 2026 को थाने में मामला दर्ज कराया था। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार आरोपी डॉ. कैलाश कुमार जीनगर (32) उम्मेदाबाद, रायला जलोर का रहने वाला है। ई-मित्र संचालक नाबालिग का परिचित व पड़ोसी है, ऐसे में उसका नाम नहीं लिखा गया। पीड़िता की बहन ने दर्ज कराई थी FIR, जानिए-पूरा मामला पीड़िता की बहन ने रिपोर्ट में बताया था कि हमारी भाभी की डिलीवरी जनाना अस्पताल में हुई थी। इस दौरान मेरी नाबालिग बहन भाभी के साथ जनाना हॉस्पिटल में मौजूद थी। हॉस्पिटल में डॉक्टर से मुलाकात हुई। डॉक्टर ने नाबालिग बहन को अपने जाल में फंसा लिया। मोबाइल नम्बर ले लिए। डिलीवरी होने के 14 दिन बाद भाभी को डिस्चार्ज कर दिया गया था। डॉक्टर ने लड़का होने की बधाई दी। आरोप है कि डॉक्टर कार में घुमाने के बहाने 14 फरवरी 2025 को नाबालिग को फ्लैट में ले गया। कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया और उसके साथ रेप किया। अश्लील फोटो और वीडियो बना लिए। इसके बाद डॉक्टर ने फोटोज और वीडियो दिखाकर नाबालिग को ब्लैकमेल किया। 8 से 10 बार रेप किया। गर्भनिरोधक गोलियां खिलाईं। इस दौरान लड़की कॉलोनी की एक ई-मित्र दुकान पर स्कूल के काम से जाती रहती थी। नाबालिग ने अपनी पीड़ा ई-मित्र चलाने वाले युवक को बताई। युवक ने नाबालिग की मजबूरी का फायदा उठाते हुए झूठे वादे किए। डॉक्टर के चंगुल से निकलवाने का वादा किया। फिर होटल में ले जाकर जबरदस्ती रेप किया। विरोध करने पर ब्लैकमेल करने लगा। आरोप है कि ईमित्र संचालक ने कहा- या तो जैसा मैं कहूं वैसा कर, नहीं तो मैं तेरे को पूरी कॉलोनी में बदनाम कर दूंगा। बहन ने रिपोर्ट में बताया- ई-मित्र संचालक ने नाबालिग के साथ 6 बार होटल में ले जाकर रेप और मारपीट की। 10 अप्रैल को जब नाबालिग कपड़े बदल रही थी तो शरीर पर आए चोटों के निशान देखे। पूछा तो नाबालिग बहन फूट-फूटकर रोने लगी और पूरी आपबीती बताई। आखिर डॉक्टर व ईमित्र चलाने वाले युवक पर ब्लैकमेल कर नाबालिक से रेप का केस दर्ज करवाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच संबंधित थाना प्रभारी को सौंप दी। ……….. पढें ये खबर भी…. करोड़ों में बनी ADA मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में नियमों की अनदेखी:नाले की जगह बदली, बफर जोन भी नहीं छोड़ा; शिकायतकर्ता बोला- सेवन वंडर जैसा हश्र होगा अजमेर विकास प्राधिकरण (ADA) की नवनिर्मित मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में नियमों की अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां से गुजर रहे नाले का स्वरूप बदल दिया गया। जगह बदल कर बनाए गए नाले के दोनों साइड बफर जोन भी नहीं छोड़ा। इस मामले की शिकायत करने वाले अशोक मलिक का आरोप है कि इससे अन्य अतिक्रमियों के होंसले बुलंद हो गए हैं। ऐसे में जयपुर रोड के नाले पर अतिक्रमण बढ़ गए हैं। वहीं, आने वाले बरसाती सीजन में यहां पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पडे़गा। पूरी खबर पढें
कोयले से लदी मालगाड़ी 2 हिस्सों में बंटी:बिलासपुर-कटनी रूट पर कपलिंग टूटी, इंजन से 25 डिब्बे अलग हुए
बिलासपुर-कटनी रेल सेक्शन पर रविवार शाम बड़ा रेल हादसा टल गया। मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास कोयले से लदी मालगाड़ी दो हिस्सों में बंट गई, जिससे रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया। यह घटना पेंड्रारोड और वेंकटनगर स्टेशन के बीच खैरझीटी बैरियर के पास हुई। अनूपपुर की ओर जा रही इस मालगाड़ी की कपलिंग अचानक टूट गई, जिसके कारण ट्रेन के 25 डिब्बे इंजन से अलग हो गए, जिसके बाद लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया। अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची। तकनीकी अमले ने काफी मशक्कत के बाद अलग हुए डिब्बों को सुरक्षित तरीके से दोबारा जोड़ा। मौके पर मालगाड़ी दो भागों में पटरी पर खड़ी देखी गई। अधिकारी बोले- जांच की जा रही रेलवे अधिकारियों ने बताया कि कपलिंग टूटने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद मालगाड़ी को उसके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया है। इस रूट पर रेल परिचालन अब सामान्य है।
शाजापुर में 9 अप्रैल कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान कलेक्टर कार्यालय में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। 10 अप्रैल को देर रात 12 नामजद समेत 150 से अधिक अज्ञात कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब सोमवार को पुलिस ने एफआईआर में शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं भी बढ़ाई हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में देरी और किसानों की समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान, कांग्रेसियों ने सुरक्षा घेरा तोड़कर कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश किया और कलेक्टर कक्ष के बाहर हंगामा करते हुए तोड़फोड़ की। लालघाटी थाने में थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया है। दर्ज एफआईआर में शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाली धारा 3/4 को जोड़ा गया है, जिसमें 5 साल तक की सजा का प्रावधान है। सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद कांग्रेसी दो गेट तोड़कर कलेक्टर कार्यालय के अंदर घुस गए। एसपी यशपाल सिंह राजपूत ने आंदोलन को देखते हुए 5 निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 4 सहायक निरीक्षक, 10 प्रधान आरक्षक, 12 आरक्षक और 5 महिला आरक्षक सहित कुल 40 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था। इसके अतिरिक्त, एडिशनल एसपी घनश्याम मालवीय और एसडीएम मनीषा वास्कले सहित प्रशासनिक अमला भी मौजूद था। इतनी सुरक्षा के बावजूद आंदोलनकारी कलेक्टर कक्ष तक पहुंच गए और कार्यालय में तोड़फोड़ की। लालघाटी पुलिस ने भीड़ का नेतृत्व करने वाले कांग्रेस जिलाध्यक्ष नरेश्वर प्रताप सिंह, पूर्व विधायक एवं राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी, मनीष परमार, राधेश्याम मालवीय, सीताराम पवैया, जयंत सिकरवार, राजकुमार कराड़ा, इरशाद खान, इरशाद नागौरी, शकील वारसी, आशुतोष शर्मा और कमल चौधरी सहित 150 से अधिक कांग्रेसियों के खिलाफ धारा 223(ए), 132, 191(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे ने बताया कि ज्ञापन देने के दौरान भीड़ उग्र हो गई। सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए कलेक्टर कार्यालय में प्रवेश कर गई। दरवाजे, गेट को धक्का देकर क्षति पहुंचाई। अपराध क्रमांक 74/26 में 1984 की धारा 3/4 शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना बढ़ाई गई है। इसमें 5 साल की सजा का प्रावधान है, इसलिए घटना में शामिल सभी कांग्रेसियों को नोटिस तामील कराए जाएंगे।
मंडला जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के कटरा इलाके में पुलिस ने आईपीएल मैच पर अवैध सट्टा संचालित करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपी किराए के मकान में बैठकर रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) बनाम मुंबई इंडियंस मैच पर हार-जीत का दांव लगवा रहे थे। 17 मोबाइल और लैपटॉप समेत उपकरण जब्त पुलिस ने मौके से 17 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, वाई-फाई राउटर, रिकॉर्डर और इन्वर्टर बरामद किया है। जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दो मोटरसाइकिलों की कुल कीमत करीब 2.66 लाख रुपए आंकी गई है। मौके से सट्टा डायरी भी मिली है, जिसमें 40 लाख रुपए के लेनदेन का जिक्र है। जबलपुर से संचालित हो रहा था नेटवर्क पकड़े गए आरोपी जमुना प्रसाद पटेल, शुभम कोरी और आकाश राजभर मूल रूप से जबलपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में मुख्य आरोपी जमुना प्रसाद ने बताया कि वे यहां से सट्टा लेकर जबलपुर निवासी मनीष जिमनानी को भेजते थे। पुलिस ने चारों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मकान मालिक पर भी हो सकती है कार्रवाई एसपी रजत सकलेचा ने बताया कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मकान मालिक ने किराएदारों का पुलिस वेरिफिकेशन कराया था या नहीं। जानकारी न देने की स्थिति में कलेक्टर के आदेश के उल्लंघन का मामला दर्ज किया जाएगा। गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश के लिए पूछताछ जारी है।
सिद्धार्थनगर में डिप्थीरिया जैसे संक्रामक रोग की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। DM शिवशरणप्पा जीएन की अध्यक्षता में 13 अप्रैल सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक हुई। इसमें स्कूल आधारित टीडी/डीपीटी विशेष टीकाकरण अभियान की रणनीति और क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई। बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और संबंधित विभागों के अधिकारियों को अभियान को गंभीरता, समन्वय और समयबद्ध तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसका उद्देश्य जनपद के प्रत्येक पात्र बच्चे तक टीकाकरण की पहुंच सुनिश्चित करना है। यह अभियान 20, 21, 23, 24, 27, 28 और 30 अप्रैल 2026 को सभी विकासखंडों में चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत सभी सरकारी, निजी विद्यालयों, सहायता प्राप्त स्कूलों और मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को लक्षित किया जाएगा। उन्हें डीपीटी-2 बूस्टर (कक्षा-1 और 5-6 आयु वर्ग), टीडी-10 (कक्षा-4-5, 10 वर्ष आयु वर्ग) और टीडी-16 (कक्षा-10 और 11, 16 वर्ष आयु वर्ग) के अतिरिक्त डोज दिए जाएंगे। किसी भी पात्र बच्चे को टीकाकरण से वंचित न रखने पर जोर दिया गया है। अभियान की सफलता के लिए पूर्व तैयारियों पर विशेष बल दिया गया। निर्देशानुसार, 16 अप्रैल 2026 तक सभी ब्लॉकों में समन्वय बैठकें और जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 अप्रैल तक सभी विद्यालयों में कार्ययोजना तैयार कर शिक्षकों और प्रबंधन को जागरूक किया जाएगा। जनपद स्तर पर समेकित कार्ययोजना 18 अप्रैल तक प्रस्तुत करनी होगी, ताकि अभियान के दौरान कोई अव्यवस्था न हो। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के बीच बेहतर समन्वय, टीकाकरण टीमों की समय पर तैनाती, आवश्यक दवाओं व संसाधनों की उपलब्धता तथा निगरानी तंत्र को मजबूत बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में यह भी कहा गया कि डिप्थीरिया एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर टीकाकरण के माध्यम से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है। अभिभावकों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने और टीकाकरण को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रांति या हिचकिचाहट को दूर करने पर जोर दिया गया। साथ ही अभियान के दौरान प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा करने और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए। बैठक में सर्वाइकल कैंसर के प्रति जागरूकता पर भी चर्चा की गई। बताया गया कि भारत में महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर सर्वाइकल कैंसर है, जिसके लगभग 99.7 प्रतिशत मामले एचपीवी (ह्यूमन पैपीलोमा वायरस) संक्रमण के कारण होते हैं। इससे बचाव के लिए जनपद के जिला चिकित्सालय सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर 14-15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण निःशुल्क किया जा रहा है। आमजन से अपील की गई कि अधिक से अधिक बालिकाओं को इस टीकाकरण का लाभ दिलाया जाए, ताकि भविष्य में इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव हो सके। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ आरके चौरसिया, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ वीएन चतुर्वेदी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, समस्त अधीक्षक एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, आरआरटी कंसलटेंट, डीसी जेएसआई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी के साथ करने के निर्देश दिए गए, ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके।
सीतापुर के कसमंडा क्षेत्र में नहर फटने से किसानों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। कसमंडा ब्लॉक के नेवादा गांव के पास खीरी ब्रांच नहर अचानक फट गई, जिससे आसपास के खेतों में पानी भर गया और किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में पानी ही पानी नजर आ रहा है और किसान गहरे संकट में आ गए है। स्थानीय किसानों के अनुसार, पहले से ही बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था, और अब नहर फटने से बची-खुची फसल भी बर्बाद हो गई। नहर का पानी तेजी से खेतों में भर गया, जिससे कई बीघा जमीन जलमग्न हो गई। खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे इतना ही नहीं, खेतों में रखा भूसा भी पानी में बह गया या खराब हो गया। गेहूं के अलावा उरद, गन्ना और ज्वार की फसलें भी इस पानी की चपेट में आकर बर्बाद हो गई हैं। किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी पूरी मेहनत पर पानी फिर गया है और अब उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। हादसे की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर दिलीप कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रारंभिक जांच में बताया कि संभवतः किसी जानवर द्वारा किनारे की खुदाई किए जाने से नहर कमजोर हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। फिलहाल सिंचाई विभाग की टीम नहर को दुरुस्त करने में जुटी हुई है, ताकि आगे और नुकसान को रोका जा सके। वहीं, किसान प्रशासन से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, ताकि उन्हें हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में नेशनल हाईवे-152 फ्लाईओवर के पास तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को पैदल लेकर जा रहे युवक को सीधी टक्कर मार दी। इसमें युवक की मौके पर मौत हो गई। एक्सीडेंट में उसका छोटा भाई सागर बाल-बाल बच गया। दोनों भाई स्कूटी खराब होने पर उसे पैदल खींच रहे थे। मृतक की पहचान रवि कुमार (28) निवासी नौच जिला कैथल के रूप में हुई। रवि टाइल फैक्टरी में लेबर का काम करता था। फैक्टरी के संचालक वरुण नागरथ ने उनको अपनी स्कूटी पीर की मजार के पास से लाने के लिए कहा था। इस दौरान कार ने उनको टक्कर मार दी। पैदल खींच रहे थे स्कूटी सागर ने पुलिस को बताया कि वह अपने बड़े भाई रवि के साथ रात करीब 11:20 बजे स्कूटी लेने पीर की मजार पहुंचे। भाई रवि स्कूटी का हैंडल पकड़कर पैदल लेकर जा रहा था। मैं उसके पीछे-पीछे चल रहा था। जैसे ही हम एनएच-152 फ्लाईओवर पिहोवा के पास पहुंचे तो सामने से बलेनो कार (HR-51W-2929) ने सीधी टक्कर मेरे भाई को मार दी। मैंने कूद कर बचाई जान टक्कर लगते ही रवि और स्कूटी सड़क पर गिर गए। मैं सड़क के किनारे कूद गया, वरना मेरी भी मौत हो जाती। रवि के मुंह, सिर और शरीर पर गहरी चोटें आईं। कार चालक ने कार रोकी और भीड़ इकट्ठा होते देख मौके से भाग गया। मैंने राहगीरों की मदद से एम्बुलेंस बुलाई गई और रवि को CHC पिहोवा ले गए। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। कार नंबर के आधार पर केस पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मॉर्चरी में रखवा दिया। पुलिस ने कार नंबर के आधार पर थाना सिटी पिहोवा में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने आज शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिवार के हवाले कर दिया। पुलिस आरोपी कार ड्राइवर की तलाश कर रही है।
सोनीपत में पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS, ADGP) ने CIA-1 सोनीपत (क्राइम यूनिट वेस्ट सोनीपत) की अनुसंधान टीम को सम्मानित किया। यह सम्मान टीम को उनके कार्यालय राई में कुशल एवं प्रभावी जांच और विभिन्न मुकदमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया गया। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने टीम के कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपराधों की गहन जांच और त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराधियों पर अंकुश लगता है, बल्कि आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को भविष्य में भी इसी प्रकार लगन और निष्ठा के साथ कार्य करते रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान पुलिस उपायुक्त क्राइम नरेंद्र कादयान भी मौजूद रहे। उन्होंने भी टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि CIA-1 की टीम ने अपने पेशेवर दृष्टिकोण और मेहनत से कई महत्वपूर्ण मामलों को सुलझाने में सफलता प्राप्त की है। सोनीपत पुलिस द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को समय-समय पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया जाता है। इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ता है और वे अधिक प्रभावी ढंग से अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हैं।
डिंडौरी में बजाग, समनापुर और करंजिया वन परिक्षेत्र के सैकड़ों वन ग्रामों के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने वन अधिकार कानून के तहत पांच सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के नाम एसडीएम रामबाबू देवांगन को ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने ग्रामीणों को वनाधिकार पट्टे दिलाने का आश्वासन दिया है। समाजसेवी महेंद्र परस्ते ने बताया कि व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पट्टों की मांग को लेकर कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं, लेकिन पट्टे नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अब ज्ञापन और आवेदन देकर थक चुके हैं और अब व्यापक आंदोलन करेंगे। वन निगरानी समिति का गठन किया जाए परस्ते ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री ने 2024 में एक टास्क फोर्स का गठन किया था। जिले में 86 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में परिवर्तित किया जाना है। अप्रैल 2025 में शासन ने एक एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) जारी की थी, लेकिन वन ग्रामों में काबिज जमीनों की नपाई के दौरान कई ग्रामों की सीमा से बाहर के खेतों की नपाई नहीं की गई। ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में तत्काल जिला स्तरीय वन अधिकार निगरानी समिति का गठन शामिल है, जिसमें अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय संगठनों और विषय विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाए। उन्होंने उपखंड स्तरीय समिति और जिला स्तरीय समिति के पास लंबित सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावों को तुरंत मान्यता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, वन ग्रामों में काबिज जमीनों की नपाई कर समेकित नक्शे और सूचियां ग्राम सभाओं को देने और पंचायत भवन के पटल पर प्रकाशित करने की मांग की गई। समिति के साथ जांच के बाद ऑफलाइन माध्यम से व्यक्तिगत दावों का निराकरण कर मान्यता की प्रक्रिया तेज करने, जिला और तहसील स्तर पर महीने में एक बार वन अधिकार समन्वय बैठक आयोजित करने की भी मांग की गई, जिसमें स्थानीय संगठनों और विषय विशेषज्ञों से परामर्श लिया जा सके। ज्ञापन सौंपने के दौरान हरि सिंह मरावी, लामू सिंह, शिव लाल बैगा, पीताम्बर खैरवार सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर कार्रवाई की मांग:बलिया में छात्र नेताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन
बलिया में निजी विद्यालयों द्वारा मनमानी शुल्क वसूली, ड्रेस व पुस्तकों के बार-बार परिवर्तन और परिवहन शुल्क में अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को छात्र नेताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन उनके प्रतिनिधि को सौंपा। छात्र नेता नागेन्द्र बहादुर सिंह झुन्नू ने आरोप लगाया कि जनपद के निजी विद्यालय अभिभावकों और छात्रों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन मनमाने तरीके से फीस बढ़ा रहा है, हर साल ड्रेस और किताबें बदल रहा है और परिवहन शुल्क में भी अनियमितता बरत रहा है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में न्यायालयों और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनका पालन अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय के ‘मॉडर्न स्कूल बनाम यूनियन ऑफ इंडिया (2004)’ फैसले के अनुसार, निजी विद्यालय केवल वास्तविक खर्च और उचित अधिशेष के आधार पर ही फीस निर्धारित कर सकते हैं। हर साल री-एडमिशन फीस लेना अवैध है और ‘नो प्रॉफिटियरिंग’ सिद्धांत के खिलाफ है। इसके अलावा ‘इस्लामिक एकेडमी ऑफ एजुकेशन बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक (2003)’ और ‘टी.एम.ए. पाई फाउंडेशन बनाम स्टेट ऑफ कर्नाटक (2002)’ के फैसलों में भी फीस निर्धारण में पारदर्शिता और गैर-शोषणकारी नीति पर जोर दिया गया है। वहीं, ‘उत्तर प्रदेश सेल्फ फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल (फी रेगुलेशन) एक्ट 2018’ के तहत बिना उचित कारण के फीस में अत्यधिक वृद्धि नहीं की जा सकती और इसके लिए अभिभावक समिति की सहमति आवश्यक होती है। छात्र नेताओं ने यह भी कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार किसी भी विद्यालय द्वारा छात्रों को एक निश्चित दुकान से किताब या ड्रेस खरीदने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। साथ ही, बार-बार ड्रेस बदलना भी अनुचित है। शासन के निर्देशों के अनुसार एनसीईआरटी या मानक पुस्तकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और परिवहन शुल्क दूरी (किलोमीटर) के आधार पर तय होना चाहिए। छात्र नेताओं ने मांग की कि कक्षा 1 से 8 तक के निजी (स्ववित्तपोषित) विद्यालयों द्वारा हर वर्ष वसूली जा रही री-एडमिशन फीस पर रोक लगाई जाए। साथ ही सभी स्कूलों की शुल्क संरचना की जांच कर अनावश्यक बढ़ोतरी पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके अलावा ड्रेस और पुस्तकों में बार-बार बदलाव पर नियंत्रण (कम से कम 3 से 5 वर्षों तक स्थिर रखने) तथा परिवहन शुल्क को दूरी के आधार पर तय करने की भी मांग की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो छात्र आंदोलन तेज किया जाएगा।
सपा नेता ने अखिलेश यादव को सौंपा पत्र:अमेठी में नरहरपुर विवाद में प्रशासन पर उत्पीड़न का आरोप
अमेठी के नरहरपुर गांव में अंबेडकर प्रतिमा विवाद ने तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता जय सिंह प्रताप यादव ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर उन्हें एक शिकायत पत्र सौंपा है। उन्होंने अमेठी प्रशासन पर सपा कार्यकर्ताओं, ग्राम प्रधान और अन्य ग्रामीणों को जबरन प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। यह मामला दो दिन पहले रामगंज थाना क्षेत्र के नरहरपुर गांव में अंबेडकर प्रतिमा स्थापित करने को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए विवाद से जुड़ा है। आरोप है कि इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव भी किया था। पुलिस ने इस घटना में शामिल 14 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। घटनास्थल से अंबेडकर प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखवा दिया गया था, जबकि प्रतिमा स्थापित करने के लिए बनाए गए चबूतरे को जेसीबी से तोड़ दिया गया। सपा नेता जय सिंह प्रताप यादव ने अखिलेश यादव को बताया कि प्रशासन ने दर्जनों लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें कई अज्ञात भी शामिल हैं। यादव ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान धनंजय यादव सहित सपा के प्रमुख लोगों और कार्यकर्ताओं पर लगातार दबिश दी जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सपा अध्यक्ष से मामले में हस्तक्षेप करने और अधिकारियों को निर्देश देने की अपील की है कि निर्दोषों को परेशान न किया जाए।
नोएडा में सैलरी बढ़ाने की मांग पर फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। 50 से ज्यादा फैक्ट्रियों में पथराव-तोड़फोड़, 150 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ और करीब 50 जगहों पर आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हालात काबू करने पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ कवरेज कर रहे पत्रकारों पर भी लाठीचार्ज किया। पुलिस ने सैकड़ों वर्कर्स को बसों में भरकर हिरासत में ले लिया है। कर्मचारियों का कहना है-जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आक्रोशित कर्मचारियों का इन इलाकों में उपद्रव प्रदर्शन की वजह से सबसे पहले फेज-2 इलाके में हालात खराब हुए। यहां पथराव करते हुए कर्मचारियों ने कई गाड़ियों और बसों को आग लगा दी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो उनकी गाड़ी पलट दी। हालात बिगड़े तो कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। कर्मचारियों ने उन पर पथराव कर दिया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर दी। फेज-2 के बाद धीरे-धीरे प्रदर्शन नोएडा के करीब 10 इंडस्ट्रियल इलाकों और आसपास के जिलों में फैल गया। कर्मचारियों ने नोएडा सेक्टर-57 में 30 से ज्यादा फैक्ट्रियों और दफ्तरों में तोड़फोड़ की। फिर सेक्टर- 40 और 60 में कंपनियों का घेराव किया। सेक्टर 85 में डिक्सन कंपनी का गेट तोड़ दिया। सेक्टर 1, 15, 62 और DND फ्लाइओवर के पास सड़क जाम कर दी। हालात को काबू करने के लिए कुछ इलाकों में RAF और PAC उतार दी गई है। 12 तस्वीरों में देखिए नोएडा का उग्र प्रदर्शन…
यूपी के टॉप मेडिकल संस्थान, SGPGI लखनऊ ने प्रदेश का पहला हार्ट ट्रांसप्लांट कर इतिहास रच दिया है। इस पहल से 40 साल की महिला को नया जीवन मिला हैं।ट्रांसप्लांट करने के लिए हार्ट दिल्ली के राम मनोहर लोहिया संस्थान से मुहैया कराया गया। 5 घंटे की बेहद जटिल सर्जरी करके 20 से ज्यादा टॉप डॉक्टरों की टीम की अगुवाई कर रहे हार्ट सर्जन ने महिला मरीज को नया जीवन देने में कामयाब रहे हैं। फिलहाल मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया है। उसे ICU वॉर्ड में सघन मॉनिटरिंग में रखा गया है। राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, सीएम योगी आदित्यनाथ सहित प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस बड़ी उपलब्धि पर SGPGI को बधाई दी है। 20 डॉक्टरों की टीम ने 22 घंटे में पूरा किया टास्क सर्जरी की अगुवाई करने वाले SGPGI के CVTS डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि शनिवार शाम करीब 7 बजे हमें दिल्ली के एक मरीज से कैडेवर हार्ट मिलने की उम्मीद जगी। जिसके बाद हमने अगले 22 घंटे तक लगातार अनवरत काम करते हुए जो मेहनत की, उसका नतीजा रहा कि सालों से जिस हार्ट ट्रांसप्लांट का इंतजार पूरा उत्तर प्रदेश कर रहा था, हम वो करने में कामयाब रहे। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल से हमें हार्ट मिला, उसे हम निर्धारित समय में लखनऊ लेकर पहुंचे। इसके बाद फिर 5 घंटे की जटिल सर्जरी कर हम महिला के शरीर में हार्ट ट्रांसप्लांट करने में कामयाब रहे। बीते डेढ़ दशक से इसका इंतजार बहुत बेसब्री से हम कर रहे थे। राहत की बात ये हैं कि सर्जरी के बाद महिला की हालत स्थिर है और उसे ICU में रखा गया हैं। खबर अपडेट कर रही है…
धार शहर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के दावों के साथ शुरू किया गया स्विमिंग पूल अब गंभीर सवालों के घेरे में है। महंगी फीस वसूलने के बावजूद यहां बुनियादी सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं में कई खामियां सामने आई हैं। सोमवार को शहरवासियों ने जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें पूल संचालकों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, पूल में पानी नियमित रूप से नहीं बदला जाता है। सफाई के नाम पर केवल केमिकल का उपयोग किया जा रहा है, जिससे तैराकों, विशेषकर बच्चों में त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। शहरवासियों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के नाम पर अत्यधिक शुल्क लिया जा रहा है, जो आम लोगों की पहुंच से बाहर है। इसके बावजूद सुविधाएं अपेक्षा के अनुरूप नहीं हैं। पूल में प्रशिक्षित कोचों की कमीसुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। पूल में प्रशिक्षित कोचों की कमी है। बाहर से आए कोचों का न तो पुलिस सत्यापन किया गया है और न ही उनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूल संचालक और कर्मचारियों का व्यवहार उपभोक्ताओं के प्रति उचित नहीं है। मारपीट की घटना का भी जिक्र10 अप्रैल को एक सदस्य के साथ मारपीट की घटना का भी जिक्र किया गया है। शहरवासियों का कहना है कि जिस उद्देश्य से इस स्विमिंग पूल की शुरुआत की गई थी, वह अब तक पूरी तरह साकार नहीं हो पाया है। उन्होंने व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार की आवश्यकता जताई है। ज्ञापन में मांग की गई कि पूल संचालन में पारदर्शिता लाई जाए, आवश्यक सुधार किए जाएं और सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में समंदर सिंह पटेल, अशोक शास्त्री, अधिवक्ता अजय सिंह ठाकुर, धर्मेंद्र जोशी, अधिवक्ता प्रवीण शर्मा, गिरीश राजपुरोहित, गुड्डू भाई, आशीष वैद्य, हेमंत सिसोदिया और अंकुर तिवारी सहित अन्य नागरिक शामिल थे। प्रभारी कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर स्थित अटल सभागार में महिला अध्ययन केन्द्र एवं विधि अध्ययन संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में छात्र-चर्चा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन कुलपति प्रोफेसर संगीता शुक्ला ने किया। कार्यक्रम में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ विषय पर छात्र-चर्चा आयोजित की गई, जिसमें ‘विकसित भारत में महिलाओं की पथप्रदर्शक भूमिका’ पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। मुख्य अतिथि मनीषा अहलावत ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में मजबूत आधार प्रदान करेगा, जिससे नीति-निर्माण में उनकी भागीदारी बढ़ेगी और समाज में संतुलित विकास सुनिश्चित होगा। विशिष्ट अतिथि रेखा त्यागी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के बिना विकसित भारत की कल्पना अधूरी है। वहीं नम्रता सिंह ने कहा कि कानून महिलाओं के अधिकारों की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है और अधिनियम राजनीतिक प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में अहम पहल है। उन्होंने छात्राओं को विधिक जागरूकता के महत्व से भी अवगत कराया। डा. प्रियंका गर्ग ने महिलाओं के स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को उनकी प्रगति का आधार बताते हुए मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम की समन्वयक प्रोफेसर बिन्दु शर्मा ने कहा कि महिला अध्ययन केन्द्र का उद्देश्य महिलाओं के अधिकारों, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। ऐसे कार्यक्रम छात्रों में जागरूकता बढ़ाते हैं और सामाजिक मुद्दों पर विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करते हैं। इस अवसर पर मनीषा अहलावत (सदस्य, राज्य महिला आयोग, उप्र), रेखा त्यागी (पूर्व सदस्य, राज्य महिला आयोग), नम्रता सिंह (सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मेरठ) एवं डा. प्रियंका गर्ग (सलाहकार, न्यूटिमा हॉस्पिटल, मेरठ) सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन प्रोफेसर बिन्दु शर्मा एवं डॉ. विवेक कुमार द्वारा किया गया।
शाजापुर में बिजली के खंभे से निकला पानी:सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन टूटने से हुआ रिसाव
शाजापुर के शहरी हाईवे पर स्थित वरदान हॉस्पिटल के पास सोमवार को बिजली के खंभे के नीचे से अचानक पानी निकलने लगा। घटना से आसपास के दुकानदार और राहगीर हैरान रह गए। यह खंभा हाल में सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानांतरित किया गया था। स्थानीय निवासियों ने तत्काल नगर पालिका और बिजली कंपनी को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची टीमों ने जांच की, जिसमें सामने आया कि खंभा लगाते समय जमीन के नीचे से गुजर रही पानी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसी वजह से तेज दबाव के साथ पानी बाहर आ रहा था। स्थिति को देखते हुए, खंभे को हटाकर पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य शुरू किया गया। दुकानदारों ने इसे लापरवाही बताया। उनका कहना था कि समय रहते समस्या का पता नहीं चलता, तो पानी के लगातार दबाव से खंभा गिर सकता था, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। संबंधित विभाग ने पाइपलाइन की मरम्मत करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।
ग्वालियर से वीरपुर और रूठियाई तक जल्द नई ट्रेन सेवा शुरू हो सकती है। यात्रियों की बढ़ती मांग और सुविधा को देखते हुए वेस्ट सेंट्रल रेलवे ने इस संबंध में रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेजा है। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इस नई सेवा का संचालन शुरू किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने इस परियोजना को लेकर शुरुआती तैयारियां पूरी कर ली हैं। संचालन के लिए जरूरी रेक भी उपलब्ध करा दिए गए हैं। ग्वालियर स्टेशन पर आईसीएफ के कुछ रेक पहुंच चुके हैं, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि ट्रेन चलाने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। फिलहाल सिर्फ औपचारिक मंजूरी का इंतजार है। पांच साल बाद वीरपुर तक फिर शुरू होगी ट्रेन सेवा कोरोना काल से पहले ग्वालियर से इटावा तक नैरोगेज ट्रेन चलती थी, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। अब धीरे धीरे इस रूट पर ट्रेन सेवाएं फिर से शुरू की जा रही हैं। अभी कैलारस तक ट्रेनें चल रही हैं और वीरपुर तक रूट का ट्रायल भी पूरा हो चुका है। इससे करीब पांच साल बाद वीरपुर के लोगों को फिर से ट्रेन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिस वजह से लंबे समय से लोकल ट्रेन की मांग की जा रही थी। खासकर ग्वालियर से रूठियाई तक रोजाना नौकरी, व्यापार और दूसरे कामों के लिए काफी लोग आते जाते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त साधन नहीं मिल पाते। नई ट्रेन सेवा शुरू होने से ऐसे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। मेमू और आईसीएफ कोच से कनेक्टिविटी मजबूत योजना के मुताबिक, ग्वालियर से रूठियाई तक मेमू ट्रेन और वीरपुर तक आईसीएफ कोच वाली ट्रेन चलाने की तैयारी है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इससे इलाके की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को बेहतर और आसान यात्रा की सुविधा मिलेगी।
छिंदवाड़ा वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने हाल ही में मुरैना जिले में अवैध रेत परिवहन के दौरान बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर की ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचलकर हत्या किए जाने की घटना पर गहरा विरोध जताया। वनकर्मियों ने आरोप लगाया कि रेत माफियाओं के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं, जिससे ड्यूटी के दौरान उनकी जान को गंभीर खतरा बना हुआ है। ऐसे में उन्होंने आत्मरक्षा के लिए अग्नि अस्त्र चलाने की अनुमति देने की मांग की है। हथियार रखने की मांग कीज्ञापन में कुल 25 मांगें रखी गई हैं। प्रमुख मांगों में संवेदनशील क्षेत्रों में CCTV कैमरे लगाने, ड्यूटी के दौरान घायल वनकर्मियों को उच्च स्तरीय नि शुल्क चिकित्सा सुविधा देने और मृतक वनकर्मी को शहीद का दर्जा प्रदान करने की बात शामिल है। इसके साथ ही वन विभाग के कर्मचारियों ने मृतक बीट ऑफिसर हरिकेश गुर्जर के परिजनों को तत्काल 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने की भी मांग की है। वनकर्मियों का कहना है कि जब तक उनकी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक वे इस तरह के खतरनाक अभियानों में खुद को असुरक्षित महसूस करते रहेंगे। उन्होंने प्रशासन से जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, फर्जी मुकदमा दर्ज कराकर जेल भिजवाने और बाद में दुकान पर कब्जा कर चोरी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने पांच आरोपियों (राजकुमारी, जितेंद्र कुमार, अमन यादव, विनीत कुमार और सोनू गुप्ता) के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। कोयला नगर निवासी सर्वेश कुमार पाण्डेय ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्होंने राम कुमारी गुप्ता से 18.50 लाख रुपये में एक प्लॉट खरीदने का सौदा किया था। बयाने के तौर पर 2 लाख रुपये दिए गए, जबकि बाद में कई किस्तों में 10 लाख रुपये नकद और चेक के माध्यम से भुगतान किया गया। पीड़ित के अनुसार पूरी रकम लेने के बावजूद आरोपियों ने प्लॉट का बैनामा नहीं कराया। दस्तावेजों की जांच में पता चला कि संबंधित जमीन नगर निगम के नाम दर्ज है। सर्वेश का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने साजिश के तहत उनके खिलाफ चकेरी थाने में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई और प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पीड़ित के मुताबिक, जेल जाने के बाद आरोपियों ने रोडवेज स्थित उनके प्रतिष्ठान पर कब्जा कर लिया। दुकान में रखा सामान, ट्रकों की बैटरियां, स्पेयर पार्ट्स और अन्य सामग्री चोरी कर ली गई। लगभग 1.5 लाख रुपये नकद, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक सहित अन्य दस्तावेज भी गायब कर दिए गए। पीड़ित का दावा है कि घटना की सीसीटीवी फुटेज उसके पास मौजूद है, जो आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य है। पुलिस आयुक्त से शिकायत के बाद चकेरी थाने में धोखाधड़ी, कब्जा और चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। अजय प्रकाश मिश्र, थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ई-रिक्शा चालक से लूट, साथी को पीटा:नईगढ़ी रोड पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल और नकदी छीने
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात ई-रिक्शा चालक और उसके साथी के साथ लूटपाट और मारपीट हुई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर मोबाइल और नकदी छीन ली। विरोध करने पर बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से पीटा। फरियादी मनीष कुमार मिश्रा (32), निवासी कलरा टोला, वार्ड क्रमांक 07, थाना नईगढ़ी ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात करीब 10:20 बजे वह अपने गांव के अंकित मिश्रा के साथ ई-रिक्शा से सवारी छोड़कर लौट रहे थे। लालगंज से आगे नईगढ़ी रोड पर उन्होंने वाहन रोका, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। तीनों बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए ई-रिक्शा के सामने बाइक खड़ी कर दी और जबरन वाहन में बैठ गए। इसके बाद उन्होंने मनीष के साथ मारपीट की। उसकी पेंट की जेब से मोबाइल छीन लिया। बीच-बचाव करने आए अंकित मिश्रा को भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीटा और 5 हजार रुपए छीन लिए। आरोपियों ने पीड़ितों को धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे लालगंज तिराहा की ओर फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों में से एक की पहचान डिहिया निवासी विमल गिरी के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य अज्ञात हैं। इस घटना में मनीष को कान, गले, छाती और हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि अंकित मिश्रा को गले, नाक, हाथ और सिर में चोट लगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी नईगढ़ी ऋषि कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन त्रिनेत्र' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 किलो 750 ग्राम अवैध गांजा तस्करी के एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जौधा और पुलिस उप अधीक्षक चंद्रशेखर पालीवाल के मार्गदर्शन में अरनोद थानाधिकारी शिवलाल मीणा के नेतृत्व में की गई। यह घटना 25 मार्च 2026 की है, जब अरनोद थाना पुलिस रामपुरिया घाटे में नाकाबंदी कर रही थी। इसी दौरान रामपुरिया की ओर से एक बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर बाइक आई, जिसके पीछे एक सफेद कट्टा बंधा हुआ था। बाइक चालक पुलिस को देखकर वाहन छोड़कर जंगल में भाग गया। पुलिस टीम ने कट्टे की जांच की तो उसमें 4 किलो 750 ग्राम अवैध गांजा मिला, जिसे जब्त कर लिया गया। अरनोद थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसमें शंकरलाल पिता रंगजी मीणा, निवासी महुड़ी सोडलपुर, पुलिस थाना पीपलखूंट, जिला प्रतापगढ़ को नामजद किया गया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस ने वांछित आरोपी शंकरलाल मीणा को कल देर शाम को सोडलपुर, पुलिस थाना पीपलखूंट से गिरफ्तार किया। पुलिस अब जब्त किए गए अवैध गांजे की खरीद-फरोख्त के संबंध में आगे की जांच कर रही है।
दतिया में पंडोखर थाना पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद खुलासा करते हुए इलाके में हुई दो बड़ी चोरियों की गुत्थी सुलझा ली है। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने 18 फरवरी 2026 को पंडोखर और 2 नवंबर 2025 को सौजना खिरिया गांव में हुई चोरी की वारदातों को कबूल किया। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर चोरी गए माल की तलाश शुरू की। अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर दतिया और भिंड जिले के कई स्थानों से करीब 12 तोला सोना और लगभग डेढ़ किलो चांदी बरामद की गई। जिसकी कुल कीमत करीब 21 लाख रुपए आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिनमें भिंड और ग्वालियर के साथ दतिया के भी आरोपी शामिल हैं। सभी आरोपी शातिर किस्म के बताए जा रहे हैं, जो लंबे समय से चोरी की वारदातों में सक्रिय थे। दो बड़ी चोरियों के खुलासे और माल बरामद होने के बाद क्षेत्र में राहत का माहौल है। यह आरोपी हुए गिरफ्तार
गोरखपुर के पक्कीबाग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के पूर्व संध्या पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्कूल के टीचर और स्टूडेंट्स ने बाबा साहेब के फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस दौरान वक्ताओं ने उनके प्रभावशाली जीवन और व्यक्तित्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह बाबासाहेब ने संविधान का निर्माण किया। हर वर्ग के हक के लिए आवाज उठाई। समाज में फैली कुरीतियों अंत किया। राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। ‘डॉ. अंबेडकर राष्ट्र निर्माता’मुख्य वक्ता के रूप में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षक एस. एन. कुशवाहा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर मात्र एक वर्ग के नेता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माता थे। उन्होंने भारत की दशा और दिशा बदलने में जो अहम योगदान दिया, उसे कभी भूला नहीं किया जा सकता। बाबा साहब के जीवन से जुड़े हुए तमाम कहानियों को बताया और कहा कि उनके पद चिन्हों पर चलकर ही हमारा और समाज का विकास संभव है। बाबा साहेब ने दलितों, पिछड़ों और महिलाओं सहित पूरे सर्व समाज के उत्थान के लिए कार्य किया। आज यदि हमारे ऊपर कोई अत्याचार या अन्याय होता है, तो हम निर्भीक होकर संविधान का सहारा लेते हैं। इसका पूरा श्रेय बाबा साहेब की दूरदर्शिता को जाता है। संविधान न्याय का सुरक्षा कवचकार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. राजेश सिंह ने बाबा साहेब के चरणों में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि संविधान आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा कर रहा है। उन्होंने छात्रों से बाबा साहेब के 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के संदेश को आत्मसात करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन शिक्षक सदानंद यादव ने किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्र उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्र निर्माण में डॉ. अंबेडकर के पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लिया।
हनुमानगढ़ में जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में सोमवार को एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बीकानेर के संभागीय मुख्य अभियंता केके कस्वां ने बिजली व्यवस्था, राजस्व वसूली और तकनीकी खामियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी अभियंताओं को लाइन लॉस कम करने के लिए ठोस रणनीति बनाकर सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में हनुमानगढ़ वृत्त की राजस्व वसूली में वृद्धि हुई है, लेकिन लाइन लॉस भी लगातार बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है। विशेष रूप से जिले के नोहर सब-डिवीजन की स्थिति पर मुख्य अभियंता ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। मुख्य अभियंता ने जिले में सभी श्रेणियों के लंबित बिजली कनेक्शनों को शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना सहित अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं में तेजी लाने पर जोर दिया। खराब बिजली मीटरों को प्राथमिकता के आधार पर बदलने के निर्देश भी दिए गए। आगामी मानसून के मद्देनजर, सभी फीडरों और सब-स्टेशनों का समय रहते रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, फसल कटाई के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से बचाव के लिए किसानों के साथ समन्वय स्थापित करने और आवश्यकतानुसार बिजली आपूर्ति को नियंत्रित करने का भी निर्देश दिया गया। इस समीक्षा बैठक में अधीक्षण अभियंता आरएस चारण, लेखाधिकारी गिरधर गोपाल अरोड़ा सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
बलिया। उत्तर प्रदेश सरकार ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को बढ़ावा देने और रोजगार सृजित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान शुरू किया है। यह योजना 24 जनवरी 2025 से लागू होगी और बलिया सहित राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत, युवाओं को नए सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में अधिकतम 5 लाख रुपये तक की परियोजनाओं पर बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार इस ऋण पर विशेष रियायतें प्रदान कर रही है। योजना में परियोजना लागत या अधिकतम 5 लाख रुपये (जो भी कम हो) का 10 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में दिया जाएगा। बैंक या वित्तीय संस्था से लिए गए ऋण पर अगले चार वर्षों तक 100 प्रतिशत ब्याज अनुदान मिलेगा। लाभार्थी को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत स्वयं निवेश करना होगा। क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) कवरेज का खर्च भी चार वर्षों तक राज्य सरकार वहन करेगी। नवाचार आधारित (इनोवेटिव) परियोजनाओं को ऋण स्वीकृति में प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, कुछ उत्पादों पर इस योजना के तहत ऋण या अनुदान नहीं दिया जाएगा। इनमें तंबाकू उत्पाद (जैसे गुटखा, पान मसाला), शराब, कार्बोनेटेड पेय, पटाखे और 40 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक कैरीबैग शामिल हैं। योजना के लिए आवेदन करने हेतु आवेदक का बलिया जनपद का निवासी होना अनिवार्य है। आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षिक योग्यता कक्षा 8 पास है, हालांकि इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी। आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण या प्रमाण पत्र होना चाहिए, अथवा उन्होंने सरकारी प्रशिक्षण योजनाओं में प्रशिक्षण प्राप्त किया हो। यह भी सुनिश्चित करना होगा कि आवेदक ने अन्य सरकारी योजनाओं में ब्याज या पूंजी अनुदान का लाभ न लिया हो (प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को छोड़कर)। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक), फोटो, हस्ताक्षर, आयु प्रमाण, शैक्षिक प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, बैंक पासबुक, पैन कार्ड, परियोजना रिपोर्ट, निवास प्रमाण पत्र और कौशल प्रमाण पत्र शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी योजना में आवेदन ऑनलाइन पोर्टल www.msme.up.gov.in के माध्यम से कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए गूगल प्ले स्टोर से सीएम युवा ऐप डाउनलोड किया जा सकता है। योजना से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया में संपर्क कर सकते हैं।
दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास:बुलंदशहर कोर्ट ने 25 हजार अर्थदंड भी लगाया
बुलंदशहर के थाना कोतवाली नगर क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को कठोर सजा सुनाई है। विशेष पॉक्सो न्यायालय एडीजे के न्यायाधीश ओमप्रकाश वर्मा तृतीय ने अभियुक्त जेम्स करोतिया को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यह घटना वर्ष 2023 में हुई थी। अभियुक्त जेम्स करोतिया पुत्र रामप्रकाश करोतिया, निवासी आवास विकास प्रथम, थाना कोतवाली नगर, बुलंदशहर पर वर्ष 2023 में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का आरोप था। इस संबंध में 16 अक्टूबर 2023 को थाना कोतवाली नगर में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले की गहन विवेचना की और 24 नवंबर 2023 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल छह गवाह पेश किए गए, जिनके बयानों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी पाया। अभियोजन पक्ष की ओर से अभियोजक सुनील शर्मा और वरुण कौशिक ने प्रभावी पैरवी की। उनकी मजबूत दलीलों और साक्ष्य प्रस्तुति के परिणामस्वरूप आरोपी को यह सख्त सजा दिलाई जा सकी।
सीकर कोर्ट परिसर में 22 अप्रैल को बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनाव के लिए वोटिंग होगी। वोटिंग को लेकर सीकर कोर्ट परिसर के मीटिंग हॉल में वोटिंग टेबल लगाई गई हैं। वोट डालने के बाद वकीलों को बैलट पेपर बॉक्स में डालने होंगे। बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चुनावों को लेकर पूरे प्रदेश की सभी अदालतों में प्रचार-प्रसार का माहौल बना हुआ है। आदर्श आचार संहिता की पालना व चुनाव के सुचारू संचालन के लिए गठित हाई पावर कमेटी के एडिशनल पोलिंग ऑफिसर एडवोकेट पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया कि सीकर में 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे से 5 बजे तक वोटिंग होगी। सीकर में वोटिंग के लिए 1750 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। एडवोकेट वोटर्स के लिए अभिभाषक संघ सीकर के नोटिस बोर्ड पर वोटर्स लिस्ट और दिशा-निर्देशों के नोटिस चिपका दिए गए हैं। गौरतलब है कि बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के 23 सदस्यों के चुनाव के लिए पूरे राजस्थान के रजिस्टर्ड वकील वोट डालेंगे।
जिले में महिला सुरक्षा को लेकर एसपी निकिता खट्टर ने सख्त रुख अपनाया है। एसपी ने पुलिस लाइन स्थित एनजीओ मैश के मीटिंग हॉल में महिला पुलिस ऑफिसर्स के साथ समीक्षा मीटिंग की। इस मीटिंग में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि महिला विरोधी अपराधों में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई करें। ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बैठक में डीएसपी संजय कुमार, महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी रेखा अग्रवाल, महिला थाना प्रभारी अरुणा रानी, महिला सुरक्षा प्रभारी मंजू रानी समेत जिले भर की महिला पुलिसकर्मी मौजूद रहीं। एसपी ने सभी अधिकारियों से महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की प्रगति रिपोर्ट ली और लंबित मामलों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए। एसपी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हर मामले में गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए पुख्ता साक्ष्य जुटाए जाएं, ताकि आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए कि पीड़ित महिलाओं को मैत्रीपूर्ण माहौल और सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार दिया जाए। लंबित केसों पर फोकस, समयबद्ध कार्रवाई के आदेशबैठक में महिला अपराधों से जुड़े लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। एसपी ने निर्देश दिए कि सभी लंबित केसों का जल्द निपटान कर चार्जशीट समय पर कोर्ट में पेश की जाए, ताकि पीड़िताओं को शीघ्र न्याय मिल सके। निगरानी बढ़ाएं, संदिग्धों पर रखें नजरएसपी ने पर्यवेक्षण अधिकारियों को निगरानी तंत्र मजबूत करने के निर्देश दिए। थाना स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने, काउंसलिंग व्यवस्था को मजबूत करने और पीड़िताओं को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के वसुंधरा राजे को लेकर दिए बयानों को लेकर तल्ख अंदाज में पलटवार किया है। गहलोत ने कहा- वसुंधरा राजे जी को जवाब देने या सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि लोग समझते हैं कि उनकी भावना क्या थी और उन्होंने किस संदर्भ में बात कही थी। अनावश्यक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, यह उनकी अपनी मर्जी है। वसुंधरा राजे कुछ कह रही हैं, मदन राठौड़ कुछ और कह रहे हैं यह उनकी पार्टी की स्थिति है। गहलोत ने कहा- ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस में झगड़े हैं, लेकिन वास्तविक दुर्गति तो इनकी हो रही है। आप खुद देख रहे हैं कि कौन क्या बोल रहा है। इनकी स्थिति सड़कों पर आ गई है। जिस प्रकार से बीजेपी के अध्यक्ष बोलते हैं, उनकी बोलने और व्यवहार में एक अलग ही एप्रोच है। व्यक्तिगत रूप से वे अच्छे और व्यवहारिक व्यक्ति हैं, हमारे उनसे अच्छे संबंध हैं लेकिन जब पार्टी का दबाव होता है तो पता नहीं वे क्या बोल जाएं,ऐसी स्थिति बन जाती है। ऐसी टिप्पणी पीएम मोदी या बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए छोड़नी थी गहलोत ने कहा- चाहे टिप्पणी हमारे बारे में हो या वसुंधरा राजे के बारे में हो,क्या कोई पीसीसी अध्यक्ष या बीजेपी अध्यक्ष इस तरह कहता है कि वसुंधरा राजे ही बार-बार मुख्यमंत्री बनेंगी क्या? ऐसी टिप्पणी कम से कम मोदीजी के लिए छोड़नी चाहिए थी, या फिर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को करनी चाहिए थी। खैर,यह उनकी पार्टी का मामला है, हम क्या कर सकते हैं? हम पर आरोप लगते थे कांग्रेस में झगड़े हैं, वास्तविक दुर्गति बीजेपी की हो रही है गहलोत ने कहा- वसुंधराजी को जवाब देने या सफाई देने की आवश्यकता नहीं थी, क्योंकि लोग समझते हैं कि उनकी भावना क्या थी और उन्होंने किस संदर्भ में बात कही थी। अनावश्यक टिप्पणियां की गईं। हालांकि, यह उनकी अपनी मर्जी है। वसुंधरा राजे कुछ कह रही हैं, मदन राठौड़ कुछ और कह रहे हैं यह उनकी पार्टी की स्थिति है। ये लोग हम पर आरोप लगाते हैं कि कांग्रेस में झगड़े हैं, लेकिन वास्तविक दुर्गति तो इनकी हो रही है। आप खुद देख रहे हैं कि कौन क्या बोल रहा है। इनकी स्थिति सड़कों पर आ गई है। अगली बार राजस्थान में कांग्रेस ही आएगी गहलोत ने कहा- हम सब एक हैं। राजस्थान में कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और उसी तरह आगे बढ़ रही है। यहां पर परंपरा रही है कि सरकारें वन बाय वन बदलती हैं। नेता प्रतिपक्ष जूली साहब यहां खड़े हैं, वे भी मेरी बात का समर्थन करेंगे कि अगली बार कांग्रेस ही आएगी। ईरान युद्ध में मध्यस्थता भारत को करनी चाहिए थी यूएस- इजराइल और ईरान युद्ध में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर मदन राठौड़ के गहलोत पर पाकिस्तान का पक्ष लेने के आरोप पर पलटवार किया। गहलोत ने कहा- कुछ लोग संदर्भ को पढ़ते नहीं हैं। मैंने कहा था कि हमने दुनिया के सामने एक अवसर गंवा दिया। मध्यस्थता करने का काम हिंदुस्तान को करना चाहिए था। दुनिया में भारत का एक अलग ही आभामंडल — ओरा— है। हमारा देश शांति, भाईचारे और अहिंसा की बात करने वाला देश है। आतंकवाद बढ़ाने वाला देश शांति स्थापित करने की बात करे तो दुख होता है गहलोत ने कहा— दुनिया के कई देश उम्मीद कर रहे थे कि भारत आगे आकर अपील करेगा और मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कराने का प्रयास करेगा। लेकिन उसके बजाय पाकिस्तान जैसे देश की चर्चा होने लगी, जिसे आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला माना जाता है और जिस पर वर्षों से ऐसी छवि बनी हुई है। जब वही देश शांति स्थापित करने की बात करता है, तो स्वाभाविक रूप से भारतीयों को दुख होता है। मैंने वही दुख प्रकट किया था। यदि मदन राठौड़ मेरे इस भाव को नहीं समझ पा रहे हैं, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण है। गहलोत ने कहा- आप बताइए, पाकिस्तान की क्या स्थिति है? इंदिरा गांधी के समय उसके दो टुकड़े हो गए थे। क्या वह कुछ कर पाया? फिर भी आज दुनिया में चर्चा हो रही है कि पाकिस्तान शांति की बात कर रहा है। आज जब इज़रायल और ईरान के बीच युद्ध जैसी स्थिति से पूरी दुनिया प्रभावित और चिंतित है, तो जो भी देश शांति की बात करेगा, लोग उसकी ओर देखेंगे। इस समय दुनिया के कई देश इस्लामाबाद की ओर देख रहे हैं कि वहां क्या निर्णय होगा। मेरी बात केवल इतनी थी कि वह स्थिति भारत की होनी चाहिए थी। मेरा मतलब ये था।
बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील के सीओ की अंबेडकर जयंती पर डीजे संचालकों पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। सीओ सिकंदराबाद द्वारा की गई टिप्पणी पर आजाद समाज पार्टी के मुखिया और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से मनुवादी मानसिकता करार दिया है। उन्होंने कहा कि जब अन्य शोभायात्रा में जातिसूचक गाने गाए जाते हैं, तब यह सीओ और पुलिसवाले कहाँ चले जाते है। चंद्रशेखर आजाद ने सीओ के विवाद को समाज के लिए खतरनाक बताया। सिकंदराबाद सीओ भास्कर मिश्रा ने अंबेडकर जयंती को लेकर आयोजित शांति समिति की बैठक में डीजे संचालकों को जाति पर आधारित गाने को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने डीजे संचालकों से कहा था कि यदि कहीं आग लगेगी तो उसमें जो घी होगा, वो आप लोग हैं। मैं सीओ भास्कर मिश्रा, कोतवाल साहब और पुलिस टीम आपको घी तो क्या पानी भी नहीं बनने दूंगा। उन्होंने डीजे संचालकों से कहा कि यदि आपके डीजे से कोई भी आपत्तिजनक गाना बजा तो वह दिन आपका डीजे बजाने का लास्ट दिन होगा। सीओ की यह विवादित टिप्पणी काफी वायरल हुई। इस पर आजाद समाज पार्टी के मुखिया और सांसद चंद्रशेखर ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि जब मुसलमानों के खिलाफ इतने हिंसक गाने चले थे तब सीओ भास्कर मिश्रा और उनकी पुलिस कहाँ चली गई थी। हम तो चाहते हैं कि किसी भी धर्म पर कोई गाना न बजे, लेकिन सीओ हम नियम हम पर ही क्यों लागू कर रहे हैं। यह मनुवादी मानसिकता हैं। जब यह भाजपा के लोग और हिन्दू संगठन गुंडई करते हैं, तब यह बहादुर पुलिस कहाँ चली जाती है।
खुले में डंप बायो-वेस्ट और कचरा बना जानलेवा:शहडोल में SECL की लापरवाही आई सामने
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में गौ संरक्षण के दावों के विपरीत एक गंभीर स्थिति सामने आई है। यहां खुले में फेंके जा रहे कचरे और बायो-वेस्ट के कारण गौवंश की जान खतरे में पड़ गई है। धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में गौवंश जहरीला कचरा खाकर बीमार पड़ रहे हैं और उनकी मौत हो रही है। यह घटना धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत बंद पड़ी बैगा माइंस के पास की है। यहां भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, जिसमें प्लास्टिक, अस्पताल का बायो-वेस्ट, इस्तेमाल की गई सिरिंज और अन्य खतरनाक सामग्री शामिल है। भोजन की तलाश में आने वाले गौवंश इन जहरीले अवशेषों को खा रहे हैं, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि धनपुरी नगरपालिका द्वारा यह कचरा खुले में फेंका जा रहा है। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग का बायो-वेस्ट भी यहीं डंप किया जा रहा है। इस समस्या के लिए एसईसीएल (SECL) की लापरवाही को भी जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। तीनों विभागों की अनदेखी से स्थिति और गंभीर हो गई है। हाल ही में अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में केमिकल युक्त पानी पीने से आठ से अधिक गौवंशों की मौत हो चुकी थी। उस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था, लेकिन इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। बैगा माइंस के पास फैलता यह कचरा एक और बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रहा है। स्थानीय नागरिकों, गौ रक्षकों और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाने, जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने और गौवंश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। संस्था को जारी किया नोटिस इस संबंध में मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक कुमार तिवारी ने बताया कि वीडियो देखने के बाद संबंधित संस्थाओं को नोटिस जारी कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
गाजीपुर पुलिस लाइन सभागार में सोमवार को स्टूडेंट पुलिस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग (SPEL) प्रोग्राम की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस महानिदेशक (DGP) एल. वी. एंटनी देव कुमार ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान छात्रों ने पुलिस कार्यप्रणाली, भर्ती प्रक्रिया, कार्य के दबाव और चुनौतियों से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तृत जवाब दिया। इस संवाद का उद्देश्य युवाओं को पुलिस व्यवस्था से जोड़ना और उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव लाना था। 50 छात्र-छात्राएं शामिल हुएबैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा और अपर पुलिस अधीक्षक नगर डॉ. राकेश कुमार मिश्र सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। 30 दिवसीय SPEL प्रोग्राम में जिले के 5 महाविद्यालयों के 50 छात्र-छात्राओं को शामिल किया गया था। इन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से संबंधित व्यावहारिक और सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रोग्राम के तहत 20 दिन थानों पर प्रशिक्षण, 6 दिन विभिन्न पुलिस शाखाओं का भ्रमण और 4 दिन रिपोर्ट लेखन शामिल था। प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को कानून, अपराध अनुसंधान, यातायात नियंत्रण, साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, मानव तस्करी और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। छात्रों ने पुलिस लाइन, साइबर थाना, महिला थाना, यूपी-112, नारकोटिक्स सेल और मीडिया सेल का भी भ्रमण किया। प्रशिक्षण थाना कोतवाली, सैदपुर, सादात और मुहम्मदाबाद में आयोजित किया गया, जहां छात्रों ने पुलिस कार्य को करीब से समझा। छात्रों ने अपने अनुभव साझा किएकार्यक्रम के समापन पर छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि पहले उनके मन में पुलिस को लेकर कई भ्रांतियां थीं, लेकिन इस संवाद और प्रशिक्षण के बाद उनकी सोच में सकारात्मक बदलाव आया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं और पुलिस के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हैं। युवाओं को उत्तर प्रदेश पुलिस की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्हें जनसेवा के लिए पुलिस बल में शामिल होने हेतु प्रेरित भी किया गया। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
आजमगढ़ में दो गांजा तस्कर गिरफ्तार:300000 से अधिक कीमत का गांजा बरामद, बलिया के रहने वाले हैं आरोपी
आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना की पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो अंतर्जनपदीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार गांजा तस्करों के कब्जे से लगभग 22 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया है। जिनकी कीमत ₹300000 से अधिक बताई जा रही है। यह गांजा तस्कर बलिया के रहने वाले हैं। पुलिस को मामले की सूचना उसे समय मिला जब पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी बीच जब दो संदिग्ध को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया तो पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने दौड़कर दोनों को पकड़ा जिनकी पहचान अंकित यादव और रजनीश यादव के रूप में हुई जो की बलिया जिले के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने जब दोनों की तलाशी ली तो आरोपियों के कब्जे से 20 बंडलों में लगभग 22 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। लंबे समय से कर रहे थे गांजे की तस्करी पुलिस पूछताछ में यह बात सामने आएगी गिरफ्तार अभियुक्त अंकित यादव और रजनीश यादव लंबे समय से गांजे की तस्करी का काम करते थे। लगातार पुलिस टीम को चकमा दे दिया करते थे। इस बार भी पुलिस को चकमा देने के प्रयास में थे पर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों से उनके लिंकेज के बारे में पूछताछ कर रही है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय भेजा जा रहा है। जहां से जेल रवाना किया जाएगा।
उज्जैन में प्रतिवर्ष निकलने वाली पंचकोशी यात्रा शुरू होकर अब नलवा और अम्बोदिया तक पहुंच गई है। मंगलवार को श्रद्धालु जेथल होते हुए उंडासा के लिए रवाना होंगे। इस बार पंचकोशी यात्रा का विधिवत शुभारंभ 12 अप्रैल से होना था, लेकिन परंपरा के अनुसार कई श्रद्धालु दो दिन पहले ही गठरी सिर पर रखकर तपती गर्मी में पैदल यात्रा पर निकल पड़े। शहर के पटनी बाजार स्थित नागनाथ गली में भगवान नागचंद्रेश्वर को नारियल अर्पित कर आशीर्वाद लेने के बाद श्रद्धालुओं ने 118 किलोमीटर लंबी पंचक्रोशी यात्रा की शुरुआत की। यह यात्रा 12 अप्रैल से शुरू होकर 16 अप्रैल को समाप्त होगी, हालांकि सैकड़ों श्रद्धालु पहले ही यात्रा पर निकल चुके हैं। पंचकोशी यात्रा में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। वे अपने साथ सूखा राशन और कपड़ों की गठरी लेकर पांच दिनों तक पैदल चलते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद आस्था का यह सैलाब सड़कों पर नजर आ रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु शहर के चारों दिशाओं में स्थित प्रमुख मंदिर पिंगलेश्वर, कायावरोहणेश्वर, बिल्वेश्वर, दुर्धरेश्वर और नीलकंठेश्वर में पूजन-अर्चन करते हुए अंत में शिप्रा नदी में स्नान कर यात्रा का समापन करेंगे। ये रहेंगे पड़ाव चिलचिलाती धूप में जहां कुछ देर ठहरना भी मुश्किल है, ऐसे में प्रदेशभर से आए हजारों श्रद्धालु बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष 118 किमी की पंचकोशी यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालु निर्धारित पड़ावों पर विश्राम करेंगे। पंचक्रोशी यात्रा के मुख्य पड़ाव पिंगलेश्वर, करोहन, नलवा, अम्बोदिया, केडी पैलेस, जेथल और उंडासा रहेंगे। इसमें कुल पांच मुख्य पड़ाव और दो उप-पड़ाव बनाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था रहेगी। पांच दिवसीय इस यात्रा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मान्यता है कि पंचक्रोशी यात्रा का पुण्यफल अवंति क्षेत्र में निवास के समान होता है। भीषण गर्मी में पैदल यात्रा आस्था के इस सैलाब में तपती सड़कों और लंबे रास्तों के बावजूद श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ते हैं और कब अगला पड़ाव आ जाता है, इसका अहसास भी नहीं होता। पंचक्रोशी यात्रा वैशाख माह की कृष्ण दशमी से शुरू होकर अमावस्या पर समाप्त होती है। प्रशासन ने यात्रा मार्ग, पड़ाव और उप-पड़ाव स्थलों का निरीक्षण कर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। करीब 37 डिग्री तापमान के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही है। वे पूरे उत्साह के साथ 118 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं। इस यात्रा में भजन मंडलियों के साथ करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। खास बात यह है कि इसमें 5 साल के बच्चे से लेकर 70 वर्ष तक के बुजुर्ग महिला-पुरुष भी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं। भोजन-पानी सब निशुल्क यात्रियों की सुविधा के लिए निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, पेयजल, छांव, मेडिकल टीम और भोजन की व्यवस्थाएं की गई हैं। कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी यात्रियों के लिए भोजन, पानी, शेड, आइसक्रीम और छाछ जैसी सुविधाएं मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही हैं। उज्जैन एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, 10 अप्रैल से ही यात्रा को लेकर विशेष व्यवस्थाएं शुरू कर दी गई थीं। यात्रा का समापन 16 अप्रैल को होना है, हालांकि कुछ श्रद्धालु 18 अप्रैल तक शहर में प्रवेश करेंगे, इसलिए व्यवस्थाएं लगातार जारी रहेंगी।
सीतापुर में मिर्जापुर में हुई अधिवक्ता राजीव सिंह की हत्या के बाद पूरे प्रदेश में वकीलों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में सीतापुर में भी अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा और बड़ी संख्या में वकील सड़कों पर उतर आए। अधिवक्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई। सीतापुर बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ता एकत्र हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान “अधिवक्ता एकता जिंदाबाद” और “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे गूंजते रहे। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम नीतीश कुमार को सौंपा। अधिवक्ताओं ने मांग की कि मिर्जापुर में हुए अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह हत्याकांड के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त से सख्त सजा, विशेष रूप से फांसी दी जाए। इसके साथ ही मृतक अधिवक्ता के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय अवस्थी ने सरकार पर अधिवक्ताओं की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार अधिवक्ताओं पर हमले बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे को नजरअंदाज कर रही है। विजय अवस्थी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते सुरक्षा को लेकर सरकार नहीं चेती और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अधिवक्ता अपनी सुरक्षा और सम्मान के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को तैयार हैं। फिलहाल, इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने ज्ञापन को उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया है, लेकिन अधिवक्ताओं ने साफ कर दिया है कि मांगें पूरी न होने पर आंदोलन जारी रहेगा।
नोएडा में सैलरी बढ़ाने को लेकर शुरू हुआ कर्मचारियों का विरोध अब फरीदाबाद तक भी पहुंच गया है। फरीदाबाद के सेक्टर-37 स्थित मदरसन कंपनी में सोमवार को कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सोमवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी कंपनी के बाहर इकट्ठा हो गए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को उठाया। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले काफी समय से उनकी सैलरी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। कर्मचारियों का आरोप है कि कंपनी में काम का दबाव पहले से ज्यादा बढ़ा दिया गया है, लेकिन उसके अनुसार सैलरी और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा सैलरी में परिवार का खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग रखी बताया जा रहा है कि सिर्फ मदरसन कंपनी ही नहीं, बल्कि सेक्टर-37 और आसपास की अन्य कंपनियों के कर्मचारी भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कर्मचारियों ने सैलरी वृद्धि और बेहतर सुविधाओं की मांग को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान आसपास के इलाके में कुछ समय के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ और राहगीरों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने पहले भी कई बार कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर अपनी समस्याओं को रखा और सैलरी बढ़ाने की मांग की, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जब उनकी बात नहीं सुनी गई तो उन्हें मजबूर होकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। कर्मचारियों की अधिकतर मांगों को माना मामले की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और कर्मचारियों से बातचीत कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। वहीं इस मामले में डिप्टी लेबर कमिश्नर अजय पाल डुडी ने बताया कि कर्मचारी संगठन और उनके प्रतिनिधियों के लिखित हस्ताक्षर के साथ कंपनी प्रबंधन के बीच श्रम विभाग की मध्यस्थता में समझौता हो चुका है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की अधिकतर मांगों को मान लिया गया है, हालांकि कुछ कर्मचारी अभी भी अपनी बात पर अड़े हुए हैं। समझौता लागू नहीं होने तक रखी जाएगी नजार उन्होंने बताया कि श्रम विभाग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और जब तक समझौता पूरी तरह लागू नहीं हो जाता, तब तक स्थिति पर निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल कर्मचारियों को समझाकर शांत करा दिया गया है।
कानपुर से किशोरी लापता, अपहरण का केस दर्ज:काम पर जाने की कहकर घर से निकली, पुलिस जांच में जुटी
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से 15 वर्षीय किशोरी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। किशोरी के पिता ने बताया कि वे मजदूरी करते हैं, जबकि उनकी पत्नी घरों में काम कर परिवार का भरण-पोषण करती हैं। पीड़ित पिता के अनुसार, उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं थी। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे जब पत्नी काम पर जाने की तैयारी कर रही थीं, तब बेटी ने उन्हें आराम करने को कहा और खुद ‘चोखा-बर्तन’ के काम पर जाने की बात कहकर घर से निकल गई। शाम तक किशोरी के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और परिचितों से भी संपर्क किया गया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद परिजन थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पीड़ित पिता ने थाने में बेटी के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए जल्द सकुशल बरामदगी की मांग की है। अजय प्रकाश मिश्र, थाना प्रभारी ने बताया कि किशोरी की बरामदगी के लिए टीम गठित कर दी गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शाहजहांपुर में जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने बरेली मोड़ पर सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संबंधित विभागों को कार्य जल्द पूरा करने और विद्युत पोलों को स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि चौड़ीकरण के बाद बस स्टैंड, ई-रिक्शा और ठेलों को व्यवस्थित तरीके से लगाया जाए। बरेली मोड़ पर अक्सर ऑटो और सड़क किनारे ठेलों के कारण जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी होती है। इन समस्याओं को खत्म करने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से यहां सड़क चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसका लक्ष्य है कि लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो और जाम की समस्या से निजात मिल सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यदायी संस्था के अभियंता को निर्देश दिए कि परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने विद्युत विभाग को भी चौड़ीकरण कार्य में आ रहे विद्युत पोलों को शीघ्रता से हटाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जोर दिया कि कार्य पूर्ण होने पर बस स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड और ठेलों को सुव्यवस्थित ढंग से स्थापित किया जाए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, एसपी सिटी देवेंद्र कुमार और अपर नगर आयुक्त एसके सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कौशांबी जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र के पासीहार गांव में सोमवार दोपहर एक व्यक्ति की पेड़ से गिरकर मौत हो गई। यह हादसा लकड़ी तोड़ते समय हुआ। पासीहार गांव निवासी भोला प्रसाद (40) पुत्र राम सजीवन महुआ के पेड़ पर लकड़ी तोड़ने के लिए चढ़े थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नीचे गिर गए। इलाज के दौरान हुई मौत पेड़ से गिरने के कारण भोला प्रसाद को गंभीर चोटें आईं। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखापढ़ी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
नरसिंहपुर में जंगल में मिले शव की पहचान:ग्रामीण मानसिक रूप से परेशान थे, बगासपुर का रहने वाला था
नरसिंहपुर जिले में सोमवार को गोटेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बगासपुर जंगल में सागौन के पेड़ पर लटके मिले शव की पहचान हो गई है। मृतक की पहचान बगासपुर निवासी हलकत्ता यादव (लगभग 50-53 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, हलकत्ता यादव 7 अप्रैल को घर से चायपत्ती लेने निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी तलाश के बाद 10 तारीख को गोटेगांव थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। परिजनों ने बताया कि हलकत्ता यादव मानसिक रूप से परेशान रहते थे। उन्हें बाएं पैर में भी तकलीफ थी, जिससे वे अक्सर चिंतित रहते थे। गोटेगांव एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बगासपुर के जंगल में सागौन के पेड़ पर जमीन से करीब 12 फीट ऊपर फंदे से लटका शव मिला। यह प्रथम दृष्टया 4-5 दिन पुराना लग रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हलकत्ता यादव मजदूरी कर जंगल से लकड़ी काटने का काम करते थे। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
मऊ में बाल विवाह रोकथाम पर दिया संदेश:नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का कलेक्ट्रेट में हुआ लाइव प्रसारण
मऊ जिले में अक्षय तृतीया के अवसर पर भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान तथा स्वावलंबन को बढ़ावा देना था। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दूरदर्शन न्यूज़ चैनल और वेबकास्ट के माध्यम से देशभर में किया गया। जनपद स्तर पर, कलेक्ट्रेट सभागार में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया। इसमें विभिन्न विभागों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं और अधिकारियों ने भाग लिया। जिला पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, आशा कार्यकत्रियों, महिला ग्राम प्रधानों और चिकित्सा विभाग की एएनएम सहित कई विभागों के कर्मचारी भी मौजूद थे। इस अवसर पर, जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बाल विवाह रोकथाम पर जागरूकता अभियान की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज से बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करना सबकी जिम्मेदारी है। अधिकारी ने बताया कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क कर इसे रोका जा सकता है। कार्यक्रम के दौरान, महिला कल्याण विभाग, वन स्टॉप सेंटर और जिला बाल संरक्षण इकाई सहित अन्य विभागों ने महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राधेश्याम पाल ने इसका संचालन किया। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने महिलाओं के सशक्तिकरण और बाल विवाह उन्मूलन के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव स्थगित कराने के लिए सरकार ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सरकार ने अदालत में दलील दी कि वर्तमान परिस्थितियों में दिसंबर तक चुनाव कराना संभव नहीं है और हर माह की स्थिति का हवाला देते हुए समय मांगा है। कोर्ट ने पहले 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के निर्देश दिए थे, ऐसे में अब इस मामले पर सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करके 15 अप्रैल तक चुनाव कराने में असमर्थता जताई गई है। महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में सरकार ने हर महीने की परिस्थिति बताते हुए अप्रत्यक्ष रूप से कह दिया है कि दिसंबर तक चुनाव करा पाना संभव नहीं है। प्रार्थना पत्र में सरकार ने कहा- उसने अदालत के आदेश की पालना के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां ऐसी है कि 15 अप्रैल तक चुनाव कराया जाना संभव नहीं हैं। सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूल, स्टॉफ, ईवीएम सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता का हवाला देकर हाईकोर्ट से चुनाव आगे खिसकाने का अनुरोध किया हैं। सरकार ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज देवंदा की जनहित याचिकाओं में प्रार्थना पत्र दायर किया है। जिस पर आने वाले समय में हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हवाला सरकार ने कहा कि उसने 9 मई 2025 को ही ओबीसी आयोग का गठन कर दिया था। लेकिन आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए बार-बार समय की मांग की है। जिससे उसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया गया। नए सिरे से ओबीसी आरक्षण को लागू किए बिना चुनाव कराना सामाजिक न्याय के विपरीत है। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद ही सरकार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए सीटों की पहचान और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर पाएगी, ताकि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जा सके। हर महीने की अलग-अलग परिस्थितियां बताई अप्रैल- स्कूलों में नया सेशन शुरू हुआ है, 25 अप्रैल तक एडमिशन चलेंगे। टीचर्स की व्यस्तता बताई।मई-जून- प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ती है। आपदा प्रबंधन पर जोर रहेगा।जुलाई-सितंबर- बारिश का सीजन, ग्रामीण इलाकों में अधिकांश वोटर कृषि कार्यों व्यवस्त रहते हैं। अक्टूबर-दिसंबर- कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के पास चुनाव कराना बेहतर होगा। वन स्टेट वन इलेक्शन की धारणा को बल मिलेगा। लाखों कर्मचारी और हजारों पोलिंग बूथ प्रार्थना पत्र में सरकार की ओर से कहा गया कि शहरी निकायों के सामान्य चुनाव कराने के लिए 22,891 मतदान केंद्र बनाए जाने की संभावना है। इसकी तरह से ग्रामीण इलाकों में 45,380 मतदान केंद्र अपेक्षित हैं।शहरी मतदान केंद्रों के लिए लगभग 1,14,455 कर्मियों की आवश्यकता होगी। वहीं ग्रामीण मतदान केन्द्रों पर 2,26,900 कर्मियों की आवश्यकता होगी। ईवीएम मशीन और उनको रिसेट करना भी बड़ा टास्क रहेगा। ऐसे में इन संसाधनों की समुचित व्यवस्था के लिए उचित समय दिया जाए।
राज्य सरकार प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव स्थगित कराने के लिए हाईकोर्ट पहुंच गई हैं। सरकार की ओर से हाईकोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर करके 15 अप्रेल तक चुनाव कराने में असमर्थता जताई गई हैं। महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद द्वारा दायर प्रार्थना पत्र में सरकार ने हर महीने की परिस्थिति बताते हुए अप्रत्यक्ष रूप से कह दिया है कि दिसंबर तक चुनाव करा पाना संभव नहीं हैं। प्रार्थना पत्र में सरकार ने कहा-उसने अदालत के आदेश की पालना के लिए हर संभव प्रयास किया। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां ऐसी है कि 15 अप्रेल तक चुनाव कराया जाना संभव नहीं हैं। सरकार ने ओबीसी आयोग की रिपोर्ट, स्कूल, स्टॉफ, ईवीएम सहित अन्य संसाधनों की उपलब्धता का हवाला देकर हाईकोर्ट से चुनाव आगे खिसकाने का अनुरोध किया हैं। सरकार ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और गिर्राज देवंदा की जनहित याचिकाओं में प्रार्थना पत्र दायर किया हैं। जिस पर आने वाले समय में हाईकोर्ट सुनवाई करेगा। ओबीसी आयोग की रिपोर्ट का हवालासरकार ने कहा कि उसने 9 मई 2025 को ही ओबीसी आयोग का गठन कर दिया था। लेकिन आयोग ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए बार बार समय की मांग की। जिससे उसका कार्यकाल समय-समय पर बढ़ाया गया। नए सिरे से ओबीसी आरक्षण को लागू किए बिना चुनाव कराना सामाजिक न्याय के विपरीत हैं। इस रिपोर्ट के मिलने के बाद ही सरकार अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और महिलाओं के लिए सीटों की पहचान और आरक्षण की प्रक्रिया पूरी कर पाएगी, ताकि उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की जा सके। हर महीने की अलग-अलग परिस्थितियां बताईअप्रेल- स्कूलों में नया सैशन शुरू हुआ है, 25 अप्रेल तक एडमिश्न चलेंगे। टीचर्स की व्यस्तत्तामई-जून- प्रदेश में भीषण गर्मी पड़ती है। आपदा प्रबंधन पर जोर रहेगा।जुलाई-सितंबर- बारिश का सीजन, ग्रामीण इलाकों में अधिकांश वोटर कृषि कार्यों व्यवस्त रहते हैं। अक्टूबर-दिसंबर- कई पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। उनके कार्यकाल की समाप्ति के पास चुनाव कराना बेहतर होगा। वन स्टेट वन इलेक्शन की धारना को बल मिलेगा। लाखों कर्मचारी और हजारों पोलिंग बूथप्रार्थना पत्र में सरकार की ओर से कहा गया कि शहरी निकायों के सामान्य चुनाव कराने के लिए 22,891 मतदान केंद्र बनाए जाने की संभावना है। इसकी तरह से ग्रामीण इलाकों में 45,380 मतदान केंद्र अपेक्षित हैं। शहरी मतदान केंद्रों के लिए लगभग 1,14,455 कर्मियों की आवश्यकता होगी। वहीं ग्रामीण मतदान केन्द्रों पर 2,26,900 कर्मियों की आवश्यकता होगी। ईवीएम मशीन और उनको रिसेट करना भी बड़ा टास्क रहेगा। ऐसे में इन संसाधनों की समुचित व्यवस्था के लिए उचित समय दिया जाए।
लखनऊ से सुल्तानपुर एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेठी में प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला। अमेठी में अखिलेश यादव ने योगी सरकार को घेरते हुए महंगाई, बेरोजगारी और मजदूरों के मुद्दों पर तीखा हमला बोला। नोएडा में कर्मचारियों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप लगाया। अमेठी के मुसाफिरखाना स्थित नेशनल हाईवे पर सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के स्वागत किया। इसी दौरान अखिलेश यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गौरीगंज सीट पर बिना नाम लिए कहा कि यह इतनी ‘हॉट सीट’ है कि जो अभी बैठे हैं, वे जल्द ही हट जाएंगे। वहीं अखिलेश यादव ने नोएडा में सैलरी बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन पर कहा कि भाजपा सरकार में अन्याय की चरम सीमा है। उन्होंने कहा कि अन्याय हर स्तर पर हो रहा है- आर्थिक रूप से, महंगाई बढ़ाकर और बेरोजगारी बढ़ाकर। सरकार लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती- अखिलेश अखिलेश यादव सोमवार को सुल्तानपुर के रिजवान उर्फ पप्पू के यहां रिसेप्शन में शामिल होने जा रहे थे। इस दौरान अखिलेश यादव कहा कि नोएडा में बड़ी संख्या में मजदूर अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे, लेकिन सरकार और प्रशासन ने उनकी बात नहीं सुनी। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्यों में मजदूरों का वेतन बढ़ा है, तो उत्तर प्रदेश में राहत क्यों नहीं दी गई। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह सरकार लोकतंत्र में विश्वास नहीं करती, बल्कि एक तंत्र के सहारे काम कर रही है। उन्होंने नोटबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि नए नोट चलन में आ गए, लेकिन भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। तहसीलों और थानों में नोटबंदी के बाद भ्रष्टाचार और बढ़ा है। वहीं उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को जिले की गौरीगंज विधानसभा को लेकर कहा विधायक राकेश प्रताप सिंह का बिना नाम लिए कहा कि गौरीगंज इतनी हाट सीट है कि जो बैठे है वो जल जाएंगे।समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव सुल्तानपुरी कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी बीच अमेठी के मुसाफिरखाना स्थित नेशनल हाईवे पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में सपा नेता व कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए खड़े हुए थे। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपना काफिला रोकते हुए लोगों से मुलाक़ात की। इस दौरान मीडिया से बातचीत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव गौरीगंज विधानसभा सीट को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने विधायक राकेश प्रताप सिंह का नाम लिए बिना कहा कि गौरीगंज इतनी हॉट सीट है कि जो बैठे हैं, वे जल जाएंगे।बता दें कि वर्तमान समय में राकेश प्रताप सिंह गौरीगंज विधानसभा से विधायक हैं। सपा पार्टी ने 23 जून को राकेश प्रताप सिंह समेत सपा के तीन बागी नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए- दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर ऊपर गाड़ियां चलेंगी, नीचे जानवर निकलेंगे:135KM यूपी से गुजरेगा, 6 घंटे का सफर 3 घंटे में पूरा होगा पीएम नरेंद्र मोदी 14 अप्रैल को दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्धाटन करेंगे। इसकी सबसे खास बात यह है कि शुरुआत के 18 किलोमीटर तक कोई टोल नहीं देना होगा। 212 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का करीब 135 किलोमीटर (64%) हिस्सा यूपी से होकर गुजरता है। इसी वजह से ये जितना फायदेमंद उत्तराखंड के लिए है, उतना ही यूपी के लिए भी है। पूरी खबर पढ़िए
जालौन में शादी से पहले खेत में लगी आग:किसान परिवार की गेहूं की फसल जलकर राख, लाखों का नुकसान
जालौन के सिरसा कलार क्षेत्र में एक किसान परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब बेटे की शादी की तैयारियों के बीच खेत में खड़ी गेहूं की तैयार फसल आग की भेंट चढ़ गई। सिरसा कलार निवासी सेवा राजौरिया के पुत्र सुरेंद्र कुमार की शादी 25 अप्रैल को होनी है। घर में मेहमानों का आना-जाना शुरू हो गया था और शादी के कार्ड भी बांटे जा चुके थे। परिवार ने पकी हुई गेहूं की फसल बेचकर शादी धूमधाम से करने की योजना बनाई थी। घटना 11 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे हुई। खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट होने से निकली चिंगारी ने सुरेंद्र के लगभग 2 बीघा खेत में खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरी फसल जलकर राख हो गई। सेवा राजौरिया के परिवार के लिए यही 2 बीघा जमीन आजीविका का मुख्य स्रोत है। परिवार में चार बेटे वृंदावन, मुकेश, वीरेंद्र और सुरेंद्र मजदूरी करके घर का खर्च चलाते हैं। सभी भाइयों ने मिलकर सुरेंद्र की शादी को यादगार बनाने की योजना बनाई थी। पीड़ित सुरेंद्र ने बताया कि फसल पूरी तरह तैयार थी और जल्द ही कटाई होने वाली थी। उन्होंने कहा कि शादी की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, लेकिन अब इस घटना के कारण आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने इस घटना का कारण बिजली विभाग की लापरवाही को बताया है। उनका आरोप है कि क्षेत्र में ढीले और जर्जर तारों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके कारण ऐसे हादसे होते रहते हैं। गांव के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए, ताकि शादी बिना किसी बाधा के संपन्न हो सके और परिवार को इस संकट से निकलने में मदद मिल सके।
फतेहाबाद जिले में रतिया के लाली गांव में खेत में आग लगने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। बता दे कि करीब साढ़े तीन एकड़ खड़ी गेहूं की फसल और 8 एकड़ क्षेत्र में फैला भूसा जलकर राख हो गया। यह आग तुड़ी मशीन से निकली चिंगारी के कारण लगी, जिसने देखते ही देखते बड़े क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। जानकारी के अनुसार, पास के खेत में पशुओं के लिए तुड़ी (चारा) तैयार की जा रही थी। इसी दौरान तुड़ी मशीन का क्रॉस टूट गया, जिससे निकली चिंगारी सूखी फसल में जा गिरी और आग तेजी से फैल गई। आग पर काबू पाने के लिए ग्रामीणों ने तत्परता दिखाई। फायर ब्रिगेड टीम ने पाया काबू ग्रामीणों ने ट्रैक्टर के पीछे हल लगाकर खेत की जुताई की, ताकि आग आगे न फैले। इसके साथ ही, स्प्रे टैंकों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों के प्रयासों से आग काफी हद तक नियंत्रित हुई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड टीम ने पहुंचकर स्थिति को पूरी तरह काबू में किया। 8 एकड़ गेहूं का भूसा भी जलकर राख इस आगजनी में कई किसानों को नुकसान हुआ है। किसान विनोद की करीब ढाई एकड़ गेहूं की फसल, लेखराज की 14 कनाल और अशोक की 3 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। इसके अतिरिक्त, चंदन और ज्ञान सहित लाली गांव के किसानों का लगभग 8 एकड़ गेहूं का भूसा भी जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल यह घटना ऐसे समय में हुई है जब फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल छठे दिन भी जारी है, जिससे आपातकालीन सेवाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए रोडवेज विभाग और होमगार्ड कर्मचारियों को तैनात किया है। लाली गांव में लगी आग बुझाने के लिए छिंदा राम (ड्राइवर), फायर ऑपरेटर महावीर सिंह और होमगार्ड जसविंदर सिंह मौके पर पहुंचे और आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
रामपुर में भारतीय जनता पार्टी ने नारी सशक्तिकरण के लिए बड़े अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को भाजपा जिला कार्यालय में नारी शक्ति वंदन अधिनियम अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार ने की, जिसमें आगामी कार्यक्रमों की विस्तृत रणनीति बनाई गई। बैठक में तय किया गया कि 15 अप्रैल को जिले की सभी नगर पालिकाओं में महिलाओं की स्कूटी और बाइक रैली निकाली जाएगी। इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इसके अतिरिक्त, 15 से 18 अप्रैल तक विधानसभा स्तर पर नारी शक्ति सम्मेलनों का आयोजन होगा। इन सम्मेलनों में महिलाओं के अधिकार, सुरक्षा और सम्मान पर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। अभियान के तहत विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राएं भी आयोजित की जाएंगी। साथ ही, एक विशेष हस्ताक्षर अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की योजना है, ताकि नारी शक्ति के समर्थन में व्यापक जनसमर्थन जुटाया जा सके। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी में महिलाओं को वास्तविक सम्मान और समान अवसर मिलते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार और संगठन दोनों ही महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार काम कर रहे हैं, और नारी शक्ति वंदन अधिनियम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से सभी कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरी जिम्मेदारी से भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया। इस दौरान कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
आखातीज इस बार दो दिन मनाई जाएगी:19 और 20 अप्रैल को अक्षय तृतीया, रविवार को वधू प्रवेश शुभ नहीं
वैशाख शुक्ल तृतीया (आखातीज) 19 और 20 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। वैशाख शुक्ल तृतीया रविवार, 19 अप्रैल 2026 को सवेरे 10:50 बजे से शुरू होकर अगले दिन सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को सवेरे 07:28 बजे तक रहेगी। ज्योतिष एवं वास्तुविद् आचार्य प्रदीप दवे ने बताया- शास्त्रों के नियमानुसार सूर्योदय के समय जो तिथि होती है, वह पूरे दिन मान्य रहती है। इस कारण 20 अप्रैल को सूर्योदय के समय भी तृतीया तिथि होने से इस दिन भी आखातीज का पर्व मनाया जाएगा। आखातीज को विवाह के लिए अत्यंत श्रेष्ठ मुहूर्त माना जाता है। हालांकि, इस बार 19 अप्रैल को रविवार होने के कारण नव-विवाहिता वधू का पहली बार ससुराल प्रवेश नहीं होगा। आचार्य दवे ने सुझाव दिया है कि विवाह के बाद वधू सोमवार को ससुराल में प्रवेश करें, जिससे सभी कार्य सिद्ध होंगे। अक्षय तृतीया के दिन किए गए सभी मांगलिक कार्य अक्षय फलदायी होते हैं। इनमें शादी-ब्याह, रिश्ता तय करना, गृह प्रवेश, प्रतिष्ठान मुहूर्त, मुंडन संस्कार, वाहन क्रय, सौदा करना, भूमि व मकान क्रय, सोना-चांदी खरीदना, मंत्र-तंत्र-यंत्र साधना और देव प्रतिष्ठा जैसे कार्य शामिल हैं। आखातीज को अबूझ मुहूर्त इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा दोनों अपनी उच्च राशि में होते हैं। सूर्य मेष राशि में और चंद्रमा वृषभ राशि में स्थित होते हैं, जिससे गुरु, सूर्य, चंद्र, जामित्र और अन्य कोई दोष नहीं लगता। शास्त्रों के अनुसार विवाह के बाद नव-विवाहिता वधू को पहली बार रविवार, मंगलवार और बुधवार को ससुराल में प्रवेश नहीं करना चाहिए। इस संबंध में शास्त्रों में कहा गया है: आदित्यवारे प्रभवन्ति रोगा, भौमे च मृत्युर्विधवा बुधे च। गुरुभृगुसोमशनिश्चरेण सिध्यन्ति कार्याणि वधू प्रवेशे॥ इसका अर्थ है कि रविवार को वधू प्रवेश से रोग, मंगलवार को मृत्यु और बुधवार को वैधव्य होता है। जबकि गुरु, शुक्र, सोम और शनि के दिन वधू प्रवेश से सभी कार्य सिद्ध होते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एक सूर्योदय से दूसरे सूर्योदय तक एक ही वार (दिन) रहता है। मध्यरात्रि को केवल तारीख बदलती है, वार नहीं। अर्थात्- विवाह होने के बाद प्रथम रविवार को वधू ससुराल में प्रवेश करें तो रोग उत्पन्न होता है। मंगलवार को मृत्यु, बुध को वैधव्य होता है। गुरु, शुक्र, सोम, शनि के दिन वधु प्रवेश करें तो सब काम सिद्ध होते है।यह ध्यान रहे एक सूर्योदय से दूसरे दिन सूर्योदय तक वार रहता है अर्थात मध्यरात्रि को वार नहीं बदलता है। मध्य रात्रि को सिर्फ तारीख बदलती है।वर्ष में कुल 6 अबूझ मुहुर्त्त 1-आखातीज2-धन तेरस3-विजया दशमी4-भड्डुली नवमीं5-देव उठनी एकादशी6- फूलेरा दूजआखातीज का महत्वआखातीज से त्रेता युग का प्रारम्भ हुआ, विष्णु भगवान के षठे अवतार परशुराम भगवान का जन्म हुआ। वेदव्यासजी ने महाभारत लिखना प्रारम्भ किया, मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ, नर-नारायण व हयग्रीव अवतार हुआ, कुबेर धन के देवता नियुक्त हुए।
बाराबंकी में इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होगी। यात्रा की घोषणा के साथ ही जिले के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। अनुमान है कि इस बार 10 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए रवाना होंगे। यात्रा से पहले अनिवार्य स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सीएमओ कार्यालय में एक विशेष शिविर लगाया गया है। पिछले तीन दिनों से यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जहां प्रतिदिन लगभग 1000 लोगों का मेडिकल चेकअप किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ती संख्या के मद्देनजर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया है। डिप्टी सीएमओ डॉ. राजीव सिंह ने बताया कि पहले एक डॉक्टर तैनात होता था, लेकिन अब तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई है। डॉ. पंकज चौधरी, डॉ. निशांत प्रकाश, डॉ. आफताब अंसारी और एआरओ महेंद्र सिंह की टीम उनके नेतृत्व में श्रद्धालुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर रही है, ताकि यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके। श्री बर्फानीश्वर सेवा समिति भी यात्रा की तैयारियों में सक्रिय है। समिति के अध्यक्ष कैलाश नाथ शर्मा ने बताया कि मनोज सिन्हा द्वारा यात्रा की आधिकारिक घोषणा के बाद तैयारियां तेज कर दी गई हैं। प्रशासन और समिति मिलकर यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में अवैध शराब कारोबार में फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर घरवालों ने हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी, महिला आरक्षक सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी पर भी हमला किया और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के शीशे तोड़ दिए। आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की और पुलिस की कार्रवाई में रुकावट डाली। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 3 अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह मामला पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम पचरी का है। अब जानिए पूरा मामला जानकारी के अनुसार, 11 अप्रैल, 2026 को अवैध शराब कारोबार के मामले में पटेवा थाना में आबकारी एक्ट के तहत दर्ज केस के फरार आरोपी विजय मारकंडेय और विनोद मारकंडेय को पकड़ने के लिए पुलिस टीम पहुंची थी। थाना सांकरा के प्रभारी निरीक्षक उत्तम तिवारी के नेतृत्व में अलग-अलग थानों और पुलिस की संयुक्त टीम ने ग्राम पचरी में छापा मारा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। जब उन्हें गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई, तो आरोपियों ने विरोध शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की। इस दौरान आरोपियों ने घरवालों के साथ आसपास के लोगों को भी भड़काया। इसके बाद घरवालों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर लेकर मौके पर आ गए और पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस हमले में थाना प्रभारी उत्तम तिवारी के सिर, गले और सीने में गंभीर चोटें आईं। इसके अलावा कई अन्य पुलिसकर्मी, जिनमें महिला आरक्षक भी शामिल थीं, घायल हो गईं। इस दौरान हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी को भी निशाना बनाया। हाईवे पेट्रोलिंग वाहन के शीशे तोड़ दिए। आरोपियों के परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की और पुलिस की कार्रवाई में बाधा डाली। इसके बावजूद पुलिस टीम ने समझदारी और हिम्मत दिखाते हुए स्थिति को काबू में कर लिया और दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना पटेवा ले जाया गया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी विजय मारकंडेय, विनोद मारकंडेय के साथ-साथ उनके परिजनों और अन्य लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन पर शासकीय काम में बाधा डालने, जानलेवा हमला करने और मारपीट जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों में 6 महिलाएं भी शामिल हैं। जबकि 3 आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। .............................. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें... तमनार हिंसा…महिला आरक्षक की वर्दी फाड़ी, 5 अरेस्ट:खेत में अर्धनग्न कर VIDEO बनाया, कांग्रेस बोली-मानवता शर्मसार हुई, सरकार आत्ममंथन करे, बीजेपी बोली-कड़ी सजा मिलेगी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के कपड़े फाड़ दिए गए। प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक को आधा किलोमीटर तक दौड़ाया। महिला आरक्षक जब वह खेत में गिर गई, तो वर्दी फाड़कर उसे अर्धनग्न कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
पनकी में शराब के ठेके के पास 3 दिन पहले बेसुध मिले दिव्यांग चौकीदार की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने ठेके में शराब पीने पर डॉयल 112 के पुलिसकर्मियों पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि 9 अप्रैल को वह अपने साथी के साथ शराब पीने गया था, जहां पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उसे थप्पड़ जड़ दिए। विरोध करने पर उसकी डंडों से बेरहमी से पिटाई की। बेसुध होने पर पुलिसकर्मी छोड़कर भाग निकले। 9 अप्रैल की शाम साथी संग गया था पनकी जमुई निवासी दिव्यांग धर्मेंद्र गौतम (36) इस्पात नगर स्थित फैक्ट्री में चौकीदार थे। परिवार में मां चंद्रा, भाई सरवन, हरिशचंद्र और शशि कपूर है। भतीजे कुलदीप ने बताया कि 9 अप्रैल की शाम को चाचा धर्मेंद्र अपने साथी के साथ इस्पात नगर स्थित ठेके शराब पीने के लिए गए थे। इस दौरान वहां गश्त कर रही डॉयल –112 की गाड़ी पहुंची, जिससे उतरे दो पुलिसकर्मियों ने ठेके में शराब पीने पर उन्हें थप्पड़ जड़ दिए। गुस्साए धर्मेंद्र ने पुलिसकर्मियों संग गाली–गलौज शुरू कर दी। जिस पर पुलिसकर्मियों ने उसके साथ बेरहमी से पिटाई की, बेसुध होने पर पुलिसकर्मी उसे छोड़कर भाग निकले। इलाकाई लोगों ने मामले की जानकारी परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिजन उन्हें प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के बाद तबीयत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें कॉर्डियोलॉजी रेफर कर दिया। सोमवार को डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में जुटी पनकी पुलिस मामले पनकी इंस्पेक्टर मनोज भदौरिया ने बताया कि परिजनों की ओर से तहरीर मिली है, मौके पर पहुंच कर आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की गई, लेकिन उन्होंने घटना से इंकार कर दिया। घटना के दिन गश्त पर डॉयल–112 की कौन सी गाड़ी थी, इसकी जांच की जा रही है।
कुआनो नदी की बदहाली पर अभाविप का विरोध:प्रदूषण रोकने और मलबा हटाने के लिए प्रशासन को अल्टीमेटम
बस्ती में कुआनो नदी की बदहाल स्थिति को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विरोध प्रदर्शन किया है। 'कुआनो संरक्षण अभियान' के तहत सोमवार को अभाविप कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने नदी में बढ़ते प्रदूषण और अवरोध के खिलाफ कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में अमहट क्षेत्र में वर्षों पहले गिरे पुल के अवशेषों को प्रमुख समस्या बताया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले 6-7 साल से नदी में पड़े मलबे के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया है। इससे पानी ठहर रहा है और उसमें गंदगी व दुर्गंध बढ़ रही है। इस अवरोध के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे आसपास के लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इसके अतिरिक्त, अभाविप ने गणेशपुर स्थित पेपर मिल से छोड़े जा रहे औद्योगिक अपशिष्ट को लेकर भी कड़ा विरोध जताया। संगठन का आरोप है कि इस जहरीले अपशिष्ट से नदी का पानी दूषित हो रहा है। इस प्रदूषण का असर जलजीवों, पशुओं और किसानों पर पड़ रहा है, जिससे क्षेत्र की पारिस्थितिकी को नुकसान हो रहा है। प्रांत संयोजक अमरेंद्र पाण्डेय ने कहा कि कुआनो नदी क्षेत्र की जीवनरेखा है और इसकी अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला मीडिया संयोजक मारुत पाण्डेय ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए, तो अभाविप इस मुद्दे पर बड़ा जनआंदोलन खड़ा करेगा। अभाविप ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल मलबा हटाकर नदी का प्रवाह बहाल किया जाए। साथ ही, प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कुआनो नदी को बचाया जा सके। इस दौरान इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक देवेन्द्र पाल, जिला संयोजक विकास कसौधन, आशुतोष पाण्डेय, अखिलेश सिंह, अभिनव, शिवांश, गणेश, हर्षित,अंकित, शुभम, हिमांशु, नीतीश तथा अन्य कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
राजगढ़ उपार्जन केंद्रों पर सब कुछ ठीक होने के दावों के बीच सोमवार को हकीकत तब सामने आई, जब कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा अचानक निरीक्षण पर पहुंच गए। कालीपीठ, चाठा और बेलास केंद्रों के दौरे में व्यवस्थाओं की असल तस्वीर दिखी- जहां कुछ जगह काम ठीक मिला, वहीं चाठा केंद्र पर लापरवाही ने अफसरों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए। चाठा उपार्जन केंद्र पर अव्यवस्थाएं देखकर कलेक्टर का रुख सख्त हो गया। मौके पर ही नाराजगी जताते हुए उन्होंने नोडल अधिकारी नरेश मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साफ कहा कि अगर किसानों को परेशानी हुई तो सीधे जिम्मेदारी तय होगी। कलेक्टर बोले- किसानों को सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिएनिरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि कई जगहों पर बुनियादी सुविधाएं पूरी तरह व्यवस्थित नहीं थीं। इस पर कलेक्टर ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों को पानी, छांव और बैठने जैसी जरूरी सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए। रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचाखरीदी प्रक्रिया, तौल व्यवस्था और रिकॉर्ड को भी कलेक्टर ने बारीकी से जांचा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा और खरीदी समय पर पूरी होनी चाहिए, ताकि किसानों को भुगतान में देरी न हो। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण के बाद साफ संकेत मिल गए हैं कि अब उपार्जन व्यवस्था में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई तय है। प्रशासन की नजर अब सीधे जमीनी कामकाज पर है, जहां किसान ही असली कसौटी बन रहे हैं।
नगर निगम बैठक का कांग्रेसियों ने किया विरोध:पुलिस ने रोका, रसूखदारों के फायदे का बताया बजट
मेरठ: महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रंजन शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित नगर निगम बोर्ड बैठक का विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने उन्हें बैठक स्थल पर जाने से रोक दिया। कांग्रेसियों ने एडीएम सिटी ब्रजेश सिंह को एक ज्ञापन भी सौंपा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 10 मिनट में समाप्त हुई इस बैठक में 1831 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया, जो आम जनता की समस्याओं का समाधान करने के बजाय भाजपा से जुड़े प्रभावशाली लोगों को लाभ पहुंचाने वाला है। इससे पहले, वंदे मातरम के बाद विपक्ष के कुछ पार्षदों ने भी बोर्ड बैठक में हंगामा किया था। उनका कहना था कि नगर निगम की बैठकें जन समस्याओं के समाधान के लिए होती हैं, लेकिन भाजपा पार्षद उन्हें अपने क्षेत्र की समस्याओं को उठाने नहीं देते और केवल अपना बजट जबरन पास करा लेते हैं। कांग्रेसियों ने हाउस टैक्स, सफाई, पानी, नाला और स्ट्रीट लाइट जैसी शहर की प्रमुख समस्याओं को सदन में रखना चाहा था। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने उन्हें ऐसा करने नहीं दिया और महापौर ने जबरन बजट पारित कर दिया। प्रदर्शनकारी कांग्रेसियों को रोकने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन्हें बोर्ड बैठक में प्रवेश नहीं करने दिया गया और बाहर ही रोक दिया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई की शिकायत कमिश्नर से करने की बात कही है। इस अवसर पर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नगर निगम की नीतियां पूरी तरह से जनविरोधी हैं, जिससे आम जनता, व्यापारी वर्ग और गरीब तबका बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष अवनीश काजला, कांग्रेस प्रवक्ता हरिकिशन वर्मा, सलीम खान, धूम सिंह गुर्जर, अभिमन्यु त्यागी, आदित्य शर्मा, बबली देवी, रीना शर्मा, समसुद्दीन चौधरी, संजय कटारिया, अनिल अरोड़ा, विनोद सोनकर, अनिल प्रेमी, सुमित विकल, राकेश शर्मा, संजय वर्मा, जेपी शर्मा, प्रवीण कुमार, राजू मेहरोल और गफ्फार मलिक सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
भगवान परशुराम के प्राकट्य दिवस की तैयारियों के संबंध में सोमवार को हनुमानगढ़ में सर्व ब्राह्मण महासभा की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक सेक्टर 6 स्थित सामुदायिक केंद्र में हुई, जिसमें 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। महासभा के जिलाध्यक्ष दुर्गाप्रसाद शर्मा ने बताया कि परशुराम जयंती के अवसर पर 19 अप्रैल को सुबह 7:15 बजे परशुराम चौक पर सामूहिक पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद भगवान परशुराम की भव्य रथ यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। बैठक में परशुराम चौक के सौंदर्यकरण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कमेटी के सदस्य शांति प्रकाश बिस्सा, गोपाल शर्मा और नरेश पुरोहित ने जानकारी दी कि चौक की साफ-सफाई, रंग-रोगन और लाइट डेकोरेशन कर इसे आकर्षक रूप दिया जाएगा। इसका उद्देश्य आयोजन को भव्यता प्रदान करना है। शाम के कार्यक्रम के तहत परशुराम चौक पर भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाएगा। गोपाल शर्मा ने इस आतिशबाजी की घोषणा करते हुए इसे यादगार बनाने का आश्वासन दिया। यह आतिशबाजी कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगी। महासभा पदाधिकारियों ने समाजजनों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने घरों में शाम के समय 11-11 दीप प्रज्ज्वलित कर भगवान परशुराम के प्रति श्रद्धा प्रकट करें। उन्होंने इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाने, समाज की एकता बनाए रखने और सभी कार्यक्रमों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में रामानंद बोहरा, चिरंजीलाल शर्मा, भीमसेन पारीक, सतीश शर्मा, अशोक व्यास, पुरुषोत्तम कौशिक, रमेश कौशिक, मनोज शर्मा, साहबराम शर्मा, लोकराज शर्मा, इंदु तिवारी, प्रवीण तिवारी, मूलचंद शर्मा, विजय शर्मा सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।
पन्ना के सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन (पीएम पोषण शक्ति निर्माण) तैयार करने वाले स्व-सहायता समूहों को गैस सिलेंडर की कमी का सामना करना पड़ रहा है। समस्या को लेकर सोमवार को महिलाओं ने जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। कलेक्टोरेट तक रैली भी निकाली। प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह महासंघ (जिला इकाई पन्ना) के बैनर तले महिलाओं ने कलेक्टर, महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी और डीपीसी को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार भोजन केवल गैस पर ही बनाया जाना चाहिए, लेकिन लंबे समय से गैस सिलेंडर की भारी कमी है। सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण स्कूलों और सांझा चूल्हा केंद्रों में बच्चों को पोषण आहार वितरित करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे मध्याह्न भोजन योजना पर संकट गहरा गया है और बच्चे पोषण आहार से वंचित हो रहे हैं। भोजन वितरण ठप हो सकता है रैली में समूह संचालकों ने कहा कि प्रशासन एक ओर गैस पर खाना बनाने का दबाव डालता है। दूसरी ओर गैस एजेंसियों से सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि गैस आपूर्ति जल्द सुचारु नहीं की गई, तो भोजन वितरण का कार्य ठप हो सकता है। इसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। ज्ञापन में मांग की गई है कि पन्ना जिले के पांचों विकासखंडों - अजयगढ़, पन्ना, पवई, गुनौर और शाहनगर के स्व-सहायता समूहों को प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, गैस एजेंसियों को निर्देश दिए जाएं, ताकि समूह संचालकों को सिलेंडर के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अन्य जिलों की तरह पन्ना में भी सुलभ गैस वितरण प्रणाली सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिलाएं और महासंघ के पदाधिकारी उपस्थित थे। पन्ना कलेक्टर ऊषा परमार ने इस मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

