मां को लाठी से पीटा, दाउली से काटा और शव को आंगन में ही जला डाला
पश्चिम सिंहभूम (गुदड़ी): गुदड़ी थाना अंतर्गत कमरोड़ा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक विक्षिप्त बेटे ने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। 35 वर्षीय आरोपी नामजन बरजो ने अपनी 60 वर्षीय मां मेरी बरजो को पहले लाठी-डंडों से पीटा, फिर दाउली (धारदार हथियार) से हमला कर उनकी जान ले ली। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी ने घर के पीछे आंगन में लकड़ियां इकट्ठा कर शव को जला भी दिया। प्रत्यक्षदर्शी की आपबीती घटना की चश्मदीद और आरोपी के छोटे भाई की पत्नी हीरामनी ओरेया ने बताया कि जिस वक्त यह वारदात हुई, गांव के अधिकांश लोग रनिया बाजार गए हुए थे। गांव खाली होने के कारण हीरामनी की चीख-पुकार सुनने वाला कोई नहीं था। इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने हत्या के बाद शव को जलाने की कोशिश की। पुलिस की कार्रवाई वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी खूंटी जिले के रनिया की ओर भाग निकला है। गुदड़ी पुलिस, रनिया पुलिस के सहयोग से उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने घटनास्थल से जले हुए अवशेषों को जब्त कर फॉरेंसिक लैब भेज दिया है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर शिनाख्त पूरी हो सके। दहशत में परिवार: भाई और भतीजे ने छोड़ा गांव हीरामनी के मुताबिक, आरोपी नामजन इतना खतरनाक है कि उसके डर से उसका सगा भाई और भतीजा गांव छोड़कर खूंटी के रनिया में शरण लिए हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नामजन की मानसिक स्थिति अक्सर बिगड़ जाती है और वह अचानक हिंसक होकर लोगों पर हमला कर देता है। ग्रामीण उसे देखते ही रास्ता बदल लेते हैं। पुरानी वारदात: पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 8-10 साल पहले नामजन ने अपने पिता की भी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी थी। तब उसे विक्षिप्त मानकर रांची के रिनपास (RINPAS) भेजा गया था। इलाज के बाद उसे घर भेजा गया, लेकिन उसकी हिंसक प्रवृत्ति खत्म नहीं हुई और अंततः उसने अपनी मां की भी जान ले ली। चतरा: महुआ चुनने के विवाद में महिला की हत्या चतरा: सदर थाना क्षेत्र के जंगल में एक 50 वर्षीय महिला, गीता देवी, की टांगी से काटकर हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस महुआ चुनने के विवाद को हत्या का मुख्य कारण मान रही है। घटनाक्रम: मृतका सोमवार तड़के तीन बजे घर से महुआ चुनने निकली थी। बरामदगी: देर शाम तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने तलाश शुरू की। रात करीब एक बजे महुआ के पेड़ के नीचे उसका शव बरामद हुआ। कार्रवाई: पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है और मामले की सघन जांच में जुटी है।
नगर निगम द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति के पहले करों की वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। निगम द्वारा लगातार मुनादी कराई जा रही है कि 31 मार्च तक संपत्ति कर जमा नहीं करने पर बकाया कर की राशि दोगुनी हो जाएगी। दैनिक भास्कर ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि सिर्फ संपत्ति कर ही दोगुना नहीं होगा, जल कर की राशि भी बढ़ जाएगी। दोनों पर ही अधिभार भी लगेगा। नगर निगम का लोगों पर कुल करों का 98 करोड़ रुपए बकाया है। इसकी वसूली के लिए निगम अब तक एक लाख नोटिस और बिल भेज चुका है। ऐसे समझिए 7 दिन बाद कैसे बढ़ जाएगी आपके कर की राशि जल कर - वर्तमान में एससी-एसटी से 125 रुपए तो ओबीसी और जनरल से 200 रुपए प्रतिमाह जल कर लिया जा रहा है। अप्रैल से अक्टूबर 2025 तक एससी-एसटी से 75 रुपए तो नवंबर से 125 रुपए प्रतिमाह लिए जा रहे हैं। यानी कुल राशि 1150 रुपए हुई। सालभर की पेनाल्टी के 780 रुपए जोड़ने पर कुल जल कर बढ़कर 1930 रुपए हो जाएगा। ओबीसी-जनरल से अप्रैल से अक्टूबर तक 180 रुपए प्रतिमाह तो नवंबर से 200 रुपए माह लिए जा रहे हैं। ऐसे में कुल बकाया राशि 2260 हुई। सालभर की देरी पर सीधे 780 रुपए की पेनाल्टी लगती है। यानी कुल जल कर बढ़कर 3040 रुपए हो जाएगा। संपत्ति कर - यह वार्डवार, क्षेत्र, मुख्य मार्ग, गली में अंदर संपत्ति और वहां के रेंटल वेल्यू के हिसाब से अलग-अलग रहता है। आवासीय और व्यावसायिक का संपत्ति कर अलग होता है। उदाहरण के लिए एक हजार वर्गफीट का मकान है। वार्ड की रेंटल वेल्यू 20 रुपए प्रति वर्गफीट के हिसाब से कुल राशि 20 हजार रुपए हुई। इसमें 10% रखरखाव की छूट मिलती है। बची 18 हजार पर 7% पर संपत्ति कर लगेगा। 1260 रुपए राशि बनी। इसमें 50% की छूट मिलने पर संपत्ति कर राशि 630 रुपए हुई। इसमें 180 रुपए समेकित कर, रेंटल वेल्यू का 1-1% शिक्षा उप कर एवं विकास उप कर लगता है। समय पर कर भरने पर रेंटल वेल्यू में 50% की छूट मिलती है। नहीं भरने पर यह 100% हो जाती है। यानी पेनाल्टी लग जाती है। 10% अधिभार अलग से लगता है। कचरा कर - कचरा कर में फिलहाल किसी तरह की पेनाल्टी की व्यवस्था नहीं है लेकिन नए वित्तीय वर्ष में इसे लागू किया जा सकता है। एकमुश्त कचरा कर भरने पर छूट भी देने का नियम आ सकता है। यह है करों की बकाया राशि अवकाश में भी खुले रहेंगे सभी काउंटर निगमायुक्त राजकुमार खत्री ने बताया 31 मार्च तक अवकाश के दिनों में भी सभी काउंटर खुले रहेंगे। निगम के पुराने कार्यालय मंे 4 काउंटर हैं। म्युनिसिपल स्कूल के सामने भी कैंप लग रहा है। लोग सीधे एमपी नगर पालिका पोर्टल पर जाकर अपने जल कर, संपत्ति कर और कचरा कर की आईडी डालकर भुगतान कर सकते हैं। एडवांस पर 1 माह से लेकर 6% की छूट 1 अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो जाएगा। 30 अप्रैल तक सालभर का जल और संपत्ति कर एकमुश्त जमा करने पर निगम छूट भी देता है। जल कर पर एक किस्त यानी 200 रुपए तो संपत्ति कर पर 6% तक की छूट मिलती है। यानी लोग ऐसा कर न सिर्फ अधिभार और पेनाल्टी से बच सकते हैं बल्कि छूट भी ले सकते हैं।
एरियर-पेंशन बकाया को लेकर रिटायर्ड शिक्षकों ने दिया अल्टीमेटम, अप्रैल में होगा जोरदार आंदोलन
एजुकेशन रिपोर्टर| रांची झारखंड के विश्वविद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने लंबित एरियर और पेंशन भुगतान को लेकर सरकार और संबंधित विभागों को अल्टीमेटम दिया है। फेडरेशन ऑफ रिटायर्ड यूनिवर्सिटी टीचर एंड कॉलेज एसोसिएशन ऑफ झारखंड ने चेतावनी दी है कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं होने पर अप्रैल से चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। मंगलवार को आरयू मुख्यालय स्थित संघ कार्यालय में डॉ. जगत नन्दन प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। संघ के महासचिव डॉ. हरिओम पांडेय ने कहा कि 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त शिक्षकों को 7वें वेतनमान का लाभ 2021 से दिया जा रहा है, जबकि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार यह 2016 से लागू होना चाहिए। प्रभारी वीसी मुख्यालय नहीं आ रहे हैं। वीसी समेत अधिकारियों के पद प्रभार में चल रहे हैं। बैठक में शिक्षकों ने आरोप लगाया कि कुलाधिपति के निर्देशों के बावजूद पेंशन समय पर नहीं मिल रही है। हर महीने भुगतान में देरी से सेवानिवृत्त शिक्षकों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने निर्णय लिया है कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही गवर्नर से मिलकर समस्याओं से अवगत कराएगा। बैठक में डॉ. ओ.एन. श्रीवास्तव, डॉ. राम इकबाल तिवारी, डॉ. सुनील झा, डॉ. एसएन पाल, डॉ राम कुमार तिवारी, डॉ. अमल चौधरी समेत अन्य मौजूद थे।
रिसर्च सिस्टम में बदलाव: केंद्रीकृत शोध सेल से खत्म होगी दफ्तर- दर-दफ्तर की दौड़
रांची डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू), रांची में शोध व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक सुधार करने की तैयारी है। यूनिवर्सिटी में केंद्रीकृत रिसर्च सेल की स्थापना की जाएगी, जिसपर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। मंगलवार को वीसी प्रो. (डॉ.) राजीव मनोहर की अध्यक्षता में रिसर्च स्कॉलरों के साथ हुई पहली मीटिंग यह निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य शोधार्थियों और विभागों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत देना है। इस मौके पर रिसर्च स्कॉलरों ने कोर्स वर्क के रिजल्ट में विलंब समेत अन्य समस्याओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराया। बताते चलें कि पहली बार कोई वीसी ने रिसर्च स्कॉलरों के साथ मीटिंग कर समस्याओं को जानने की कोशिश की है। अब तक शोध से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग विभागों पर निर्भरता के कारण प्रक्रिया धीमी और जटिल बनी हुई थी। प्रस्तावित रिसर्च सेल इन सभी प्रक्रियाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर तेजी और पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा। पीआरओ डॉ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि वीसी ने शोधार्थियों से सीधे संवाद कर समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शोध कार्य में किसी भी तरह की बाधा प्राथमिकता पर हल की जाएगी। दूसरी बैठक में विभागाध्यक्षों के साथ पाठ्यक्रम, परीक्षा और कक्षा संचालन की समीक्षा की गई। कुलपति ने स्पष्ट किया कि आगामी परीक्षाओं को देखते हुए समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराना अनिवार्य है। पीआरओ डॉ राजेश ने बताया कि वीसी ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद बेहतर प्रबंधन और समन्वय से परिणाम बेहतर किए जा सकते हैं। जवाबदेही और समयबद्ध कार्य संस्कृति अपनाने के निर्देश दिए।
कोर्ट की फटकार के बाद काम कर रही सरकार : प्रतुल शाहदेव
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि झारखंड में शासन व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है। सरकार अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन नहीं कर पा रही है, बल्कि न्यायालयों की फटकार के बाद हरकत में आ रही है। हेमंत सरकार का पूरा कार्यकाल ‘फटकार आधारित शासन’ पर आधारित है। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद ही सरकार ने निकाय चुनाव कराया। पंचायत सचिव अभ्यर्थियों की नियुक्ति भी लंबे समय तक अटकी थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने प्रक्रिया शुरू की है। प्रतुल ने आरोप लगाया कि सूचना आयुक्तों, लोकायुक्त जैसे संवैधानिक पदों को भरने में भी सरकार पूरी तरह विफल रही। अब कोर्ट के निर्देश पर चयन समिति की बैठक की तिथि तय की है । झारखंड कांग्रेस प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रवक्ता के बयान पर कहा कि भाजपा अपनी हार और हताशा को छिपाने के लिए अनर्गल बयान दे रही है। हेमंत सरकार फटकार से नहीं, बल्कि जनता के जनादेश और भरोसे पर चल रही है। कांग्रेस प्रवक्ता ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि संवैधानिक प्रक्रिया में न्यायालय के सुझावों का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि अबुआ आवास, सर्वजन पेंशन और मंईयां सम्मान योजना जैसे निर्णय सरकार की दूरदर्शिता का प्रमाण है। भाजपा केवल न्यायालय को देख रही है, केंद्र की राशि पर नहीं।
हाईकोर्ट ने महिला सुपरवाइजर के पदों पर सिर्फ महिलाओं की नियुक्ति को सही बताया
हाईकोर्ट ने मंगलवार को महिला सुपरवाइजरों की नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने कहा है कि महिला सुपरवाइजर के पदों पर सिर्फ महिलाओं की नियुक्ति से संबंधित नियम प्राथमिक रूप से संवैधानिक है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला नियमों की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाने वाला नहीं था, क्योंकि प्रार्थी स्वयं महिलाएं हैं और उन्होंने नियमावली को चुनौती नहीं दी थी। अदालत ने कहा कि यह मामला शत प्रतिशत आरक्षण का नहीं, बल्कि राज्य की नीति का मामला है । क्योंकि, एकीकृत बाल विकास सेवा योजना के तहत गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों की देखभाल को देखते हुए यह पद महिलाओं के लिए उपयुक्त है। इसलिए अदालत ने नियुक्ति प्रक्रिया पर लगाई गई अंतरिम रोक भी हटा ली है। साथ ही अदालत ने इस मामले में शैक्षणिक योग्यता पर सुनवाई के लिए इसे एकल पीठ के पास भेज दिया है। अदालत ने कहा है कि नियुक्ति पत्र में इस बात की जानकारी भी दी जाए कि एकल पीठ के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। हाईकोर्ट के एकल पीठ ने नियुक्ति पर रोक लगाई थी जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने 28 अगस्त 2025 को नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। अदालत ने कहा था कि शत प्रतिशत आरक्षण संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन हो सकता है। इसके बाद अदालत ने शत प्रतिशत पद आरक्षित करने पर इस मामले को खंडपीठ में सुनवाई के लिए भेजा था। एकल पीठ ने यह बिंदु उठाया था कि कोई पद शत- प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकता है या नहीं,जिसे खंडपीठ ने खारिज कर दिया।
सिरसा के जिला सिविल अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चा पैदा होने के नाम पर जच्चा-बच्चा के परिजनों से जबरदस्ती बधाई मांगने का मामले में कई तीमारदार सामने आ गए हैं। अब ये मामला सीएमओ तक जा पहुंचा है। तमीरदारों ने ये तक चेतवनी दे डाली है कि अगर उनकी शिकायत पर एक्शन नहीं लिया तो ठीक नहीं होगा और वे उच्च अधिकारियों तक जाएंगे। हालांकि, स्टाफ हरकत में आ गया है। जानकारी के अनुसार, ये मामला प्रसूति वार्ड का है, जहां पर कभी 10 तो कभी इससे ज्यादा डिलीवरी होती है। आरोप है कि गायनी वार्ड में तैनात स्टाफ तीमारदारों से बच्चा पैदा होने के बाद 2100 व 5100 रुपए बधाई देने का दबाव बनाया जाता है। ये तक कहा जाता है कि बधाई देने के बाद ही बच्चा मिलेगा। कोई तीमारदार मजबूरवश में 500 या 700 रुपए देते हैं तो उसे बहस और जिद्द करने लगे हैं। सोमवार रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ और वार्ड स्टाफ 2100 रुपए बधाई लेने पर अड़ गया। इस पर तीमारदार व स्टाफ के बीच बहस हो गई और इसका किसी ने वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस पर बवाल हो गया। इसे लेकर दैनिक भास्कर एप की टीम ने अस्पताल के गायनी वार्ड की ग्राउंड रिपोर्ट की तो ये बात हकीकत सामने आई। तीमारदारों ने ऑन कैमरा न आने की कहकर बताया, हर किसी से स्टाफ बधाई देता है और दबाव बनाता है कि पैसे नहीं दोगे तो बच्चा नहीं मिलेगा। मरीजों ने शिकायत की प्रति व वीडियो सांझा किए। इस पर स्टाफ से बात की तो कुछ नहीं कहा और डॉक्टर भी कुछ नहीं बोले। तीमारदार बोले, किसी ने 1100 तो किसी ने 1500 देकर पीछा छुड़वाया अस्पताल में जच्चा-बच्चा के साथ आए तीमारदारों ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बताया, बीतें दो से तीन दिनों में चार से पांच लड़कों ने जन्म लिया है। उनके परिजनों से गायनी स्टाफ ने बधाई के नाम 2100 व 5100 रुपए देने की डिमांड रखी। किसी ने 1100 तो किसी ने 1500 रुपए देकर मुश्किल से पीछा छुड़वाया और तब बच्चा दिया। ऐलनाबाद के युवक ने बताया, उसे सोमवार को बेटी हुई थी। स्टाफ ने उसकी मां से 1100 रुपए मांगे तो 700 रुपए देकर मनाया। कई देर तक स्टाफ पूरे पैसे लेने पर अड़ा रहा। एक गावं निवासी युवक ने बताया, सोमवार रात को दो महिलाओं ने बेटों को जन्म दिया था। उनके परिवार से स्टाफ 2100 रुपए लेने पर अड़ा रहा और बहस पर उतर आया। वे दोनों परिवार डबवाली के थे। एक ने 1100 तो दूसरे 1500 रुपए देने पड़े और बाद में बच्चा लेकर अपने घर चले गए। ऐलनाबाद के कुमथला के युवक ने बताया, उसे बेटा हुआ है, पर उसे छुट्टी नहीं मिली है, बच्चा नर्सरी में हैं। इसलिए उससे बधाई अभी नहीं मांगी है। गायनी वार्ड में घूमते कुत्ते, गंदे शौचालय पर कोई ध्यान नहीं शिकायतकर्ता युवक ने बताया, उसके भाई की पत्नी की डिलीवरी हुई थी और बेटा होने पर उनसे बधाई मांगी गई और उन्होंने 700 रुपए बधाई दे दी। ऐसे की कुछ मरीजों के घरवालों से बधाई लेने के नाम पर बहस करने लगते हैं और बधाई देने के बाद ही बच्चा देने की बात कहते हैं। ऐसे में परिवार वालों को मजबूरन पैसे देने पड़ते हैं। अस्पताल में गायनी वार्ड में शौचालयों की सफाई तक नहीं है और महिला व पुरुषों के लिए एक ही शौचालय है। गायनी वार्ड में दिन-रात कुत्ते घूमते रहते हैं, जिससे इंफेक्शन होने का खतरा रहता है। इस पर स्टाफ व अस्पताल प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। हालांकि, डॉक्टर के आने पर स्टाफ ने पैसे लेने की बात स्वीकारी है और आगे से उनको चेतावनी भी दी गई है। पीएमओ व सीएमओ ने उनको सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है और वह उसके इंतजार में हैं। स्टाफ बोला-डॉक्टर से बात कीजिए जब इस बारे में गायनी वार्ड के स्टाफ से बातचीत करने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने या कुछ कहने से साफ मना कर दिया। कहा-इस बारे में गायनी इंचार्ज से ही बात कीजिएगा। हालांकि, गायनी इंचार्ज डा. राहुल को ऑफिस में न मिलने पर संपर्क किया गया, पर फोन नहीं उठाया। शिकायत पर बयान दर्ज किए, गलत किया, एक्शन लेंगे : पीएमओ सिविल अस्पताल से कार्यकारी पीएमओ डॉ. आरके दहिया का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद मरीज के तीमारदारों के बयान दर्ज करवा लिए गए हैं। स्टाफ को भी बुलाया है और उनके बयान लिए जाएंगे। ऐसा करना बिलकुल गलत है और मैं खुद इसके खिलाफ हूं। ये तो सीधा रिश्वत लेने जैसा है। ऐसा सुना जरूर था, पर शिकायत सामने नहीं आई। अब इस पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। गायनी इंचार्ज से भी बातचीत नहीं हो पाई है, उनसे रिपोर्ट लेंगे।
प्रदेश में जैव विविधता के संरक्षण के लिए वनस्पति बीज बैंक बनाए जा रहे हैं। 29 जिलों के 85 गांव व पंचायतों को चयनित किया गया है। इसमें उदयपुर व राजसमंद जिले में सबसे ज्यादा 16-16 बीज बैंक स्थापित किए जा रहे हैं। इसके बाद भीलवाड़ा में 10, चित्तौड़गढ़ व जयपुर में 7-7 पंचायतों में यह सुविधा रहेगी। इसी तरह अजमेर, बाड़मेर, जैसलमेर में 4-4 बीज बैंक बनाए गए हैं। सीकर में 6 व बारां, जालोर, झालावाड़, जोधपुर और सलूंबर में 3-3 स्थानों पर विलुप्त हो रही वनस्पतियों के संरक्षण की दिशा में पहल की जाएगी। अन्य जिलों में ब्यावर, अलवर, बालोतरा, बीकानेर, फलोदी, कोटा, पाली और प्रतापगढ़ में 2-2 बीज बैंक क्रियान्वित किए गए हैं। वहीं धौलपुर, कोटपूतली-बहरोड़, करौली, नागौर, सवाई माधोपुर और टोंक में सबसे कम एक-एक केंद्र स्थापित किए गए हैं। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक की विशिष्ट पंचायतों में केंद्र बनाया गया है। पश्चिमी राजस्थान में जैसलमेर के सम खुईयाला और सांकड़ा लाठी, बाड़मेर के गडरारोड खड़ीन और बालोतरा के बायतू कोसरिया में ये बैंक बनाए हैं। उदयपुर के वल्लभनगर भटेवर, झाड़ोल खराड़िया और कोटा के सांगोद जालिमपुरा में स्थानीय वनस्पति पर ध्यान केंद्रित किया गया है। सीकर के दांतारामगढ़ मांढा-सुरेरा, जुगलपुरा, गोकुल का बास, ठीकरिया रायसिंहपुरा में भी ये केंद्र बनेंगे। अजमेर में पीसांगन गोलादादिया, एकल सिंगा, गोला, भाटोलाव, अलवर में नंदू, बगर राजपूत, बारां में बमोरीघाटा,कस्बा थाना व ख्यावडा, भीलवाड़ा में रघुनाथपुरा, नेगारिया, दुदिया, बनेड़ा, पीपलूंद, डोलपुरा, अमरगढ़, अमडाला, नया राज्यावास, बीकानेर में भेलू व बज्जू, चित्तौड़गढ़ में उमण्ड, रोलिया, कनाडखेड़ा, बाबरणा, सुखवाड़ा, पीपलवास, नाडा-खेड़ा, महूड़ा व जयनगर, धौलपुर में ताजपुरा, जयपुर में फाल्यावास, मनमाना, गांगराडू, बिचून, गुढ़ा बैरसल, डूंगरी का बास व गोहंदी, जालोर में चौरा, डूंगरी व चांदूर, झालावाड़ में थरौल, सालावाद व रनायरा, जोधपुर में सामराऊ, धिगाणा, दुदाबेरा, फलोदी में मूंजासर व दादू दलालनगर, करौली में दुकावली, सिलोटी, कोटा में देओली खुर्द, जालिमपुरा, नागौर में नाथावाड़ा व टोंक में नगर पंचायत शामिल है। एक ही जगह मिलेगी प्रजातिवार जानकारी राज्य सरकार इन बीज बैंकों को हाईटेक भी बनाएगी। मोबाइल बीज बैंक ऐप व पोर्टल विकसित किया जाएगा। यहां पर हर जिले व क्षेत्र के अनुसार बीजों की उपलब्धता की जानकारी मिलेगी। साथ ही एक ही जगह सभी प्रजातियों का डेटा मौजूद रहेगा। इसके लिए वन, कृषि, जल संरक्षण व पर्यावरण से जुड़े विभागों के बीच समन्वय बनाया जाएगा। इसका मकसद स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती देना है। गुणवत्ता वाले बीज भी स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इनका काम पंचायतों के माध्यम से हो पाएगा।
रांची स्मार्ट सिटी में 80 करोड़ से बनेगा आधुनिक अर्बन हाट
पहले कांके डैम के पास बनना था, 8 साल पहले बंद हो चुका था काम रांची स्मार्ट सिटी में आधुनिक अर्बन हाट बनेगा। इस पर करीब 80 करोड़ की लागत आएगी। पहले कांके डैम के पास दिल्ली हाट की तर्ज पर इसे बनाना था। 10 साल पहले इसकी योजना बनी थी। कई बार टेंडर निकले, लेकिन ठेकेदारों की रुचि नहीं दिखाई। इससे उस स्थान पर काम आगे नहीं बढ़ पाया, और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अब नगर विकास विभाग ने एक नई योजना तैयार कर रांची स्मार्ट सिटी में आधुनिक सुविधाओं से लैस अर्बन हाट का निर्माण कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस परियोजना को मुख्य अभियंता ने तकनीकी स्वीकृति दे दी है। फिर प्रस्ताव पर नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भी मंजूरी दे दी है। कैबिनेट से जल्द ही इस पर सहमति मिल जाने की उम्मीद है। यह अर्बन हाट रांची स्मार्ट सिटी क्षेत्र के प्लॉट नंबर-54 पर बनेगा। करीब 9 एकड़ क्षेत्र में फैले इस प्रोजेक्ट में लगभग 36 हजार वर्ग मीटर जमीन का उपयोग होगा। इसमें 12,417 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्र विकसित होगा। डीपीआर में प्रोजेक्ट को लोअर ग्राउंड फ्लोर और अपर ग्राउंड फ्लोर में विभाजित किया गया है। भूमि उपयोग में होगा बदलाव प्रस्तावित भूमि वर्तमान में ‘मिक्स्ड यूज’ श्रेणी में आती है। परियोजना के कार्यान्वयन के लिए भूमि उपयोग में परिवर्तन की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। इसके लिए संबंधित समिति की बैठक में निर्णय लिया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। किस पर कितना खर्च होगा... इस परियोजना में सिविल वर्क पर लगभग 33.19 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा शॉप सिविल वर्क पर 3.44 करोड़, हॉर्टिकल्चर और लैंडस्केपिंग पर 7.79 करोड़, इलेक्ट्रिकल वर्क पर 6.79 करोड़, प्लंबिंग पर 2.05 करोड़ और फायर फाइटिंग सिस्टम पर करीब 1.26 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मल्टी लेयर डिजाइन में तैयार होगा हाट अर्बन हाट को मल्टी लेयर डिजाइन में तैयार किया जाएगा। इसमें हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट स्टॉल, मल्टी-कुजीन फूड कोर्ट, स्थायी और अस्थायी प्रदर्शनी स्थल, ओपन-एयर एम्फीथिएटर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इसके अलावा बच्चों के लिए खेलने का क्षेत्र, प्रशासनिक कार्यालय और आगंतुकों के लिए सार्वजनिक प्लाजा भी बनेगा। यहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की भी व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण उत्पादकों और शहरी उपभोक्ताओं के बीच की दूरी कम करने में मदद मिलेगी। यह परियोजना स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों और छोटे व्यापारियों के लिए भी बड़ा प्लेटफॉर्म साबित होगा। जल्द शुरू होगा काम...तकनीकी स्वीकृति मिलने के बाद अब प्रशासनिक और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
इंडेन के डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले अब 35 दिन बाद करा सकेंगे बुकिंग
एलपीजी बुकिंग 55 लाख पर, घरेलू उत्पादन 40 प्रतिशत बढ़ा: वैष्णव जमाखोरों और कालाबाज़ारी करने वालों पर 33 हजार छापेमारी केंद्रीय रेल व सूचना प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया है कि देश की सभी रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। इससे देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, कहीं कोई समस्या नहीं है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग, जो 13 मार्च को 89 लाख थी, वह 19 मार्च को 34 लाख घटकर 55 लाख प्रतिदिन पर आ गई है। घरेलू एलपीजी सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। वैष्णव ने कहा कि अमेरिका और ईरान युद्ध के पहले से अगर तुलना करें, तो वर्तमान में रिफाइनरियों में घरेलू एलपीजी का उत्पादन 40% बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जमाखोरों और ब्लैक करने वालों पर सरकार सख्ती कर रही है। देश में 33 हजार छापेमारी (रेड) हुई हैं। इनमें 550 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। लगातार निगरानी के लिए 32 राज्यों में कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। वैष्णव ने बताया कि अभी कमर्शियल इस्तेमाल में थोड़ी समस्या है और 20% की कमी है। कमर्शियल सिलेंडर की औसत मांग 4.5 से 5 लाख सिलेंडर की बनी हुई है। वॉट्सएप नं. 9430328080 पर करें गैस संबंधी शिकायत रांची में रसोई गैस से संबंधित शिकायत के लिए जिला प्रशासन ने ईमेल और वॉट्सएप नंबर जारी किया है। प्रशासन ने कहा है कि कालाबाजारी या अन्य किसी समस्या के लिए सीधे ईमेल lpgranchi2026@gmail.com और वॉट्सएप नंबर 9430328080 पर शिकायत कर सकते हैं। इन शिकायतों की मॉनिटरिंग की जाएगी और तत्काल जरूरी कार्रवाई की जाएगी। मार्च में 3.5 लाख नए पीएनजी कनेक्शन, 10 लाख पर काम नेचुरल गैस (पीएनजी) की कमी नहीं है। मार्च में हमने 3.5 लाख घरेलू और कमर्शियल कनेक्शन दिए हैं। फिलहाल 10 लाख नए कनेक्शन देने पर काम चल रहा है। पाइपलाइन से कनेक्शन के लिए हर बाधा दूर की जा रही है। वैष्णव ने कहा कि युद्ध के बावजूद सरकार स्थिति सामान्य रख रही है। 28 फरवरी से अब तक खाड़ी देशों से 3.75 लाख लोगों को सुरक्षित वापस लाया गया है। रांची में 74 हजार बैकलॉग रांची में रसोई गैस सिलेंडर की भारी कमी है। तेल कंपनी के एक अधिकारी के अनुसार, यहाँ 74 हजार का बैकलॉग है। मंगलवार को 10 हजार सिलेंडर वितरित किए गए, वहीं दो दिन में करीब 10 हजार नई बुकिंग आ गई। हालांकि 'पैनिक बुकिंग' पहले से कम हुई है, लेकिन अभी भी यह सामान्य से 50 प्रतिशत तक अधिक है। युद्ध लंबा खिंचने की आशंका में लोग अतिरिक्त सिलेंडर भरवा रहे हैं। यही कारण है कि डिलीवरी पर दबाव बढ़ा है और लोगों को इंतजार करना पड़ रहा है। बुकिंग नियमों में बदलाव: अब 35 दिन बाद ही मिलेगी दूसरी रिफिल रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बुकिंग नियमों में एक बार फिर बदलाव कर दिया है। अब 14.2 किलो वाले डबल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ता 35 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले यह समय-सीमा 25 दिन थी। हालांकि, सिंगल सिलेंडर कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग की सीमा पहले की तरह 25 दिन ही रहेगी। इसका उद्देश्य गैस की बढ़ती मांग और भारी बैकलॉग को नियंत्रित करना है, ताकि सभी उपभोक्ताओं को संतुलित रूप से रसोई गैस मिल सके। रांची के शांतनु गैस के संचालक सेतु तिवारी और माधुरी गैस के संचालक संजीव कुमार ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 10 किलो और 5 किलो के गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि में भी बदलाव किया गया है। 10 किलो वाले डबल सिलेंडर उपभोक्ता के लिए 25 दिन और 5 किलो वाले उपभोक्ता के लिए बुकिंग का अंतराल 12 दिन तय किया गया है। उन्होंने बताया कि उज्ज्वला ग्राहकों को भी अब अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार करना होगा।
सीएम आज दुर्गावती टाइगर रिजर्व में मनाएंगे जन्मदिन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने जन्मदिन पर बुधवार को वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व आएंगे। वे यहां बामनेर नदी में 13 कछुए छोड़ेंगे। इसके अलावा टाइगर रिजर्व में चीतों के पुनर्वास के लिए बनाए जा रहे सॉफ्ट रिलीज बोमा का भूमिपूजन भी करेंगे। अधिकारियों ने मंगलवार को मुहली पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। यहीं हेलिपेड बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री संभवत: दोपहर बाद आएंगे। वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व क्षेत्रफल में प्रदेश का सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व है। सागर, दमोह और नरसिंहपुर जिले के 72 गांवों को जोड़ते हुए कुल क्षेत्रफल 2339 वर्ग किलोमीटर में फैला है। प्रदेश का यह 7वां और भारत का 54वां टाइगर रिजर्व है। वर्ष 2023 में इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया गया था। एक समय यह क्षेत्र भेड़ियों के लिए जाना जाता था। अब यहां बाघ, तेंदुओं के बाद चीतों की बसाहट होगी। शीघ्र ही कूनो से चीतों को लाकर यहां बसाया जाएगा। बाघों की संख्या पर भ्रम, 32 की मौजूदगी का दावा : टाइगर रिजर्व में वर्तमान में 32 बाघों की मौजूदगी दावा किया जा रहा है। महीनेभर पहले तक यहां 25 बाघ बताए जा रहे थे। हालांकि बाहरी बाघों का मूवमेंट भी रहता है इसलिए संख्या को लेकर भ्रम की स्थिति बनी है। यहां भेड़िया, भालू, सियार, लकड़बग्घा, लोमड़ी, सूअर, नीलगाय, जंगली सूअर, चौसिंघा, काला हिरण, चिंकारा, कछुआ और मगरमच्छ सहित पशु-पक्षी मौजूद हैं।
ईडी-पुलिस विवाद की सीबीआई जांच रुकवाने सरकार पहुंची सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी
झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हाईकोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच कराने का आदेश दिया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में अभी सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने 11 मार्च को दिए अपने फैसले में स्पष्ट किया था कि मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी संतोष कुमार की शिकायत पर ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच अब सीबीआई करेगी। -शेष पेज 15 पर पुलिस की कार्रवाई को ईडी ने दुर्भावनापूर्ण बताया था पुलिस की इस सक्रियता को ईडी ने दुर्भावनापूर्ण बताते हुए अपने कामकाज में हस्तक्षेप करार दिया और हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हाईकोर्ट ने पहले ही पुलिस जांच पर रोक लगा दी थी। साथ ही ईडी कार्यालय की सुरक्षा अर्धसैनिक बलों को सौंपने का निर्देश दिया था। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से दलील दी गई थी कि उनके अधिकारियों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी गलत है और निष्पक्ष जांच के लिए यह मामला सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए।
आरयू ने 30 से अधिक शिक्षकों का भेजा प्रस्ताव, अबतक सिर्फ 3 खास का ही वेतन निर्धारण
झारखंड के विश्वविद्यालयों में लंबे इंतजार के बाद असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिला प्रमोशन भी आधा-अधूरा साबित हो रहा है। नियुक्ति के 17 साल विलंब के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा राज्य के लगभग 500 असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्टेज-1 से स्टेज-2 में लगभग ढाई माह पहले प्रमोशन मिला था। तब शिक्षकों में उम्मीद जगी थी कि अब उन्हें न सिर्फ वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा, बल्कि उनके करियर की अगली राह भी खुलेगी। लेकिन हकीकत यह है कि प्रमोशन के बाद सबसे अहम प्रक्रिया वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) अब तक पूरी नहीं हो सकी है। रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अपने अंतर्गत कॉलेजों और पीजी विभागों के करीब 30 से अधिक शिक्षकों का वेतन निर्धारण प्रस्ताव उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भेजा है, लेकिन अब तक सिर्फ 3 शिक्षकों का ही वेतन निर्धारण हो सका है। अब स्टेज-3 की प्रक्रिया शुरू, बढ़ी चिंता रांची यूनिवर्सिटी प्रशासन ने स्टेज-2 से स्टेज-3 प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। लेकिन जिन शिक्षकों का वेतन निर्धारण अभी तक नहीं हुआ है, वे इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाएंगे। इससे शिक्षकों के बीच यह चिंता गहराने लगी है कि वे प्रमोशन का पूरा लाभ पाने से वंचित रह जाएंगे। इसलिए जरूरी है वेतन निर्धारण नियम के जानकारों के अनुसार, स्टेज-2 में प्रमोशन के बाद वेतन निर्धारण अनिवार्य प्रक्रिया है। इसके बिना शिक्षक को प्रमोशन का वास्तविक वित्तीय लाभ नहीं मिलेगा। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर को स्टेज-3 में प्रमोशन के लिए स्टेज-2 का वेतन निर्धारण होना जरूरी है। यानी अगर पे-फिक्सेशन लंबित रहा, तो शिक्षकों का अगला प्रमोशन भी रुक जाएगा। प्रमोशन को लेकर राज्य के विवि में स्थिति इन 3 शिक्षकों का हुआ पे-फिक्सेशन जिन शिक्षकों का वेतन निर्धारण हुआ है, उनमें रांची यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. गुरुचरण साहू, ऑटोनोमस मारवाड़ी कॉलेज की डॉ. प्रीति कुमारी (इतिहास विभाग) और डॉ. उमेश कुमार (समाजशास्त्र विभाग व अध्यक्ष, रुटा) शामिल हैं। वेतन निर्धारण न होने के चलते बाकी शिक्षकों को न तो बढ़े हुए ग्रेड पे ($6000$ से $7000$) का लाभ मिल पा रहा है और न ही वे स्टेज-3 के लिए अर्हताधारी (Eligible) हो पा रहे हैं। शिक्षकों का पक्ष: > स्टेज-2 प्रमोशन में पहले ही बहुत देरी हो चुकी है। अब पे-फिक्सेशन में विलंब से आर्थिक नुकसान और करियर ग्रोथ बाधित हो रही है। विभाग को इसे प्राथमिकता पर पूरा करना चाहिए।
गैस बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला, आ गया ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज
उपभोक्ताओं ने गोदाम में ही रोक दी गाड़ी: रांची में गैस संकट गहराया मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के असर के बीच शहर में रसोई गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है। 1 मार्च से शुरू हुई यह समस्या अब भी बरकरार है, जिससे आम उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, इंडेन द्वारा प्रतिदिन करीब 10 हजार गैस सिलिंडरों का वितरण किया जा रहा है, इसके बावजूद मांग की तुलना में आपूर्ति कम पड़ रही है। हालात यह हैं कि उपभोक्ताओं को सुबह पांच बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगानी पड़ रही है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बुकिंग के बाद भी 8 से 15 दिनों तक गैस की डिलीवरी नहीं हो रही है। कई मामलों में बिना सिलिंडर मिले ही 'डिलीवर्ड' का मैसेज भेज दिया जा रहा है। सैकड़ों उपभोक्ताओं ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। अधिकारी का पक्ष: सिस्टम फॉल्ट या डिलीवरी बॉय की लापरवाही ऑयल कंपनी के एक अधिकारी का कहना है कि यदि गैस मिले बिना डिलीवरी का मैसेज किसी उपभोक्ता के पास आ रहा है, तो सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी (फॉल्ट) हो सकती है। कुछ हद तक डिलीवरी बॉय भी ऐसा कर सकते हैं। जब आपको DSC (डिलीवरी कन्फर्मेशन) नंबर मिलता है, इसका मतलब है कि आपका सिलिंडर डिलीवरी के लिए भेजा गया है। सिलिंडर तभी डिलीवर्ड माना जाता है, जब ओटीपी (OTP) या कन्फर्मेशन लिया जाए। उपभोक्ताओं की आपबीती: मेरे हक का सिलिंडर किसी और को दे दिया चंदन कुमार (दीनानाथ अपार्टमेंट, नामकुम): मैंने चुटिया स्थित इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी में 8 मार्च को रिफिल ऑर्डर ऑनलाइन बुक किया था और भुगतान भी कर दिया, लेकिन गैस की डिलीवरी नहीं हुई। स्टेटस चेक करने पर 'डिलीवर्ड' दिखा रहा है। एजेंसी का फोन हमेशा व्यस्त रहता है। मनोज कुमार (रातू रोड): मेरे हक का सिलिंडर किसी दूसरे को दे दिया गया। मैंने बुकिंग भी नहीं कराई थी, फिर भी देवी गैस एजेंसी से मैसेज आया कि आपका सिलिंडर डिलीवर्ड हो गया है। मेरे मोहल्ले में कई लोगों के साथ ऐसा ही हुआ है। बिना सिलिंडर मिले 'डिलीवर्ड' दिखाए, तो क्या करें? तुरंत अपनी गैस कंपनी के कस्टमर केयर पर शिकायत दर्ज करें। शिकायत के दौरान डिस्ट्रीब्यूटर/एजेंसी का नाम और DSC नंबर जरूर दें। एलपीजी पोर्टल या ऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। समाधान न होने पर जिला आपूर्ति विभाग में लिखित शिकायत करें। दलादली स्थित माधुरी गैस एजेंसी के गोदाम पर हंगामाः रांची में गैस संकट के बीच एजेंसियों को होम डिलीवरी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। माधुरी गैस एजेंसी के दलादली स्थित गोदाम पर उपभोक्ताओं ने हंगामा करते हुए डिलीवरी वाहनों को रोक दिया। लोग मांग कर रहे थे कि गोदाम पहुंचे उपभोक्ताओं को पहले सिलिंडर दिया जाए। काफी मशक्कत के बाद वाहनों को होम डिलीवरी के लिए रवाना किया गया। शहर की कई अन्य एजेंसियों जैसे एसके गैस एजेंसी और जयंत गैस एजेंसी में भी स्टॉक की कमी और भारी भीड़ के कारण पुलिस के साथ उपभोक्ताओं की बहस देखी गई
आज से 4 दिन 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान, 27 से 3 दिन फिर झमाझम
रांची समेत पूरे झारखंड में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केन्द्र रांची के अनुसार 25 मार्च से अगले चार दिनों तक अधिकतम तापमान में 4 से 5 डिग्री तक की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद इसमें 3 डिग्री तक की गिरावट होगी। लेकिन इस दौरान 27 मार्च को आसमान में बादल छाया रहेगा और उत्तर-पूर्वी भाग को छोड़कर अन्य क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है। रांची में 27 और 28 मार्च को तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है। 29 मार्च को मौसम शुष्क रहेगा,लेकिन 30 मार्च को एक बार फिर मेघ गर्जन के साथ वर्षा की संभावना है। 24 घंटे में 7 डिग्री तक चढ़ा दिन का पारा : मंगलवार को आसमान में पूरे दिन बादल छाया रहा। कई बार बारिश की स्थिति बनी, लेकिन बारिश नहीं हुई। हालांकि, बादल छाने के बाद रांची सहित कई जिलों के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई जिलों का तापमान 7 डिग्री तक चढ़ गया। लोहरदगा का अधिकतम तापमान सात डिग्री चढ़कर 32.1 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं, रांची का अधिकतम तापमान 1.3 डिग्री बढ़कर 31.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.6 डिग्री बढ़कर 17.1 डिग्री पर पहुंच गया। सबसे अधिक अधिकतम तापमान सरायकेला में 35.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आंधी-बारिश हुई तो रामनवमी पर काटी जा सकती है बिजली, नहीं तो निर्बाध आपूर्ति
जेबीवीएनएल (JBVNL) ने श्रीरामनवमी से पूर्व, महाअष्टमी की शाम विभिन्न क्षेत्रों से निकलने वाली झांकियों और रामनवमी के दिन निकलने वाली शोभायात्रा (महावीरी पताकों व डीजे सहित) के लिए एसओपी (SOP) जारी की है। जेबीवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान पावर कट नहीं होगा, बशर्ते विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाए। रांची के अधीक्षण अभियंता डी.एन. साहू ने बताया कि वर्तमान में आंधी-बारिश की संभावना बनी हुई है। यदि मौसम खराब होता है और एसओपी का पालन नहीं किया गया, तो विभाग जान-माल की क्षति या किसी भी दुर्घटना की स्थिति में कोई समझौता नहीं करेगा। आवश्यकतानुसार शोभायात्रा मार्ग में 'शटडाउन' लिया जा सकता है, अन्यथा बिना किसी ठोस कारण के बिजली नहीं काटी जाएगी। इन निर्देशों का पालन अनिवार्य है: ऊंचाई की सीमा: जुलूस में शामिल झंडों, वाहनों पर लगे साउंड सिस्टम (डीजे) और झांकियों की अधिकतम ऊंचाई 4 मीटर (13 फीट) तक ही होनी चाहिए। सतर्कता: झंडा खड़ा करते समय बिजली के तारों और उपकरणों का विशेष ध्यान रखें; थोड़ी सी लापरवाही भी घातक हो सकती है। सुरक्षा: बसों या अन्य बड़े वाहनों की छत पर कोई व्यक्ति न बैठे और न ही उन पर कोई ऊंची सामग्री या झंडा लगाया जाए। वॉलंटियर्स की भूमिका: आयोजन समिति के वॉलंटियर्स श्रद्धालुओं पर निरंतर निगरानी रखें ताकि किसी की भी चूक से दुर्घटना न हो। स्पर्श से बचें: श्रद्धालु और आम नागरिक मार्ग में पड़ने वाले बिजली के तारों या उपकरणों को छूने अथवा किसी डंडे या अन्य माध्यम से उन्हें संपर्क करने की कोशिश न करें। वाहनों का चयन: समितियों द्वारा शोभायात्रा में अत्यधिक बड़े या ऊंचे वाहनों का प्रयोग वर्जित है। अनिवार्यता: सभी आयोजक समितियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। सहायता के लिए संपर्क करें: नियंत्रण कक्ष, कुसई कॉलोनी: 9431135682
रेलवे से सेवाकर वसूली की तैयारी:प्रचार का बजट 50 लाख, खर्च किया 65 लाख
नगर निगम का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सम्मेलन मंगलवार को निगम मुख्यालय में हुआ, लेकिन बजट पर चर्चा टल गई। सुबह 11.30 बजे शुरू हुई बैठक बार-बार स्थगन के चलते दो घंटे बाधित रही और दोपहर 3 बजे बिना बजट पारित किए समाप्त हो गई। प्रचार-प्रसार के ज्यादा खर्च पर विपक्ष ने आपत्ति ली। पहली बार निगम का राजस्व बढ़ाने के लिए रेलवे से भी सेवाकर वसूली लेने पर चर्चा हुई। सम्मेलन के दौरान माहौल सामान्य रहा, लेकिन फिर विपक्ष ने प्रस्ताव 7 सीए की फीस पर चर्चा के लिए समय मांगा, जिस पर सदन एक घंटे स्थगित किया। इसके बाद सदन लंच के लिए एक घंटे स्थगित किया गया। सदन 2.30 बजे तक शुरू हो सका। इसके बाद 8 प्रस्तावों पर विचार हुआ, जिनमें से सभी को स्वीकृति दी गई, लेकिन 9वां प्रस्ताव बजट पर विपक्ष ने अध्ययन के लिए समय मांग लिया, जिससे इसे 30 मार्च तक स्थगित कर दिया गया। इन प्रस्तावों को भी मिली स्वीकृति सेवाकर के चलते संपत्तिकर का 104 करोड़ रुपए लक्ष्य शहर में मुख्यमंत्री के दौरे, भूमि पूजन और अन्य आयोजनों के प्रचार-प्रसार का दायरा बढ़ा, लेकिन खर्च भी बजट से कहीं ज्यादा हो गया। 2025-26 में विभाग को प्रचार-प्रसार के लिए 50 लाख रुपए का बजट था, लेकिन दिसंबर तक ही 65 लाख रुपए खर्च हो चुके थे। अतिरिक्त 30 लाख रुपए की मांग रखी है। नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने आरोप लगाया कि शहर के विकास की बजाय बड़े-बड़े होर्डिंग और प्रचार सामग्री पर ज्यादा खर्च किया जा रहा है। योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक नहीं पहुंच रही। विकास की बजाय सीएम के कार्यक्रम से बढ़ा खर्च - राय नगर निगम ने इस बार आय बढ़ाने के लिए रेलवे और शासकीय संपत्तियों पर फोकस किया है। नियमों के तहत रेलवे से संपत्ति कर की जगह 33 प्रतिशत सेवाकर वसूला जाएगा। अधिकारियों के अनुसार रेलवे के पास बड़ी मात्रा में भूमि और संपत्तियां है, जिससे निगम को अच्छा राजस्व मिल सकता है। विभाग प्रभारी रजत मेहता ने बताया कि इस बार संपत्तिकर वसूली का लक्ष्य बढ़ाकर 104 करोड़ रुपए रखा है, जो पहले 70 से 80 करोड़ के बीच रहता था।
पिठौरिया में 3 घंटे तक पावर ग्रिड कर्मियों को बनाया बंधक, 5 लाख का तांबा ले गए
पिठौरिया पावर ग्रिड में 15 अपराधियों की डकैती, 7 कर्मियों को बंधक बना 5 लाख का तांबा लूटा पिठौरिया थाना क्षेत्र के सतकनादू गांव स्थित बिजली पावर ग्रिड में सोमवार देर रात करीब 15 अपराधियों ने डकैती की बड़ी वारदात को अंजाम दिया। अपराधी रात लगभग 12 बजे पीछे के रास्ते से बाउंड्री फांदकर ग्रिड के अंदर घुसे। हथियार के बल पर बंधक बनाए कर्मी डकैतों ने वहां तैनात तीन होमगार्ड और बिजली विभाग के चार कर्मियों को हथियार और लाठी-डंडों के बल पर काबू में कर लिया। सभी सात लोगों को अलग-अलग तीन कमरों में बंद कर बाहर से कुंडी लगा दी गई। अपराधियों ने करीब तीन घंटे तक ग्रिड में लूटपाट की और लगभग 5 लाख रुपये मूल्य का तांबा (कॉपर) लेकर फरार हो गए। वारदात का तरीका: प्रोफेशनल अपराधियों का हाथ? पीड़ित कर्मियों ने पुलिस को बताया कि डकैतों ने बहुत सोची-समझी रणनीति के तहत काम किया: सबसे पहले DVR हटाया: पहचान छिपाने के लिए अपराधियों ने सबसे पहले सीसीटीवी का डीवीआर (DVR) निकाल लिया। मोबाइल छीने: सभी सात कर्मियों के मोबाइल छीन लिए ताकि वे मदद न मांग सकें। धमकी: अपराधियों ने कर्मियों से कहा, शांति से अपना काम करो और हमें अपना काम करने दो। विरोध करने पर गोली मारने की धमकी भी दी गई। फरार होते समय चालाकी: भागने से पहले अपराधियों ने सभी कर्मियों के मोबाइल एक जगह रख दिए और फिर मौके से चंपत हो गए। 8 साल पुराने पैटर्न पर हुई डकैती पुलिस जांच में पता चला है कि इसी पावर ग्रिड में वर्ष 2018 में भी ठीक इसी तरह डकैती हुई थी। उस समय पुलिस ने सभी अपराधियों को जेल भेजा था। आशंका जताई जा रही है कि पिछली घटना में शामिल किसी अपराधी के इशारे पर ही इस बार भी वारदात को अंजाम दिया गया है। लोकल गिरोह पर शक: हिंदी और सादरी में कर रहे थे बात पीड़ित विजय कुमार द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, अपराधी आपस में हिंदी और सादरी भाषा में बात कर रहे थे। इससे पुलिस को प्रबल संदेह है कि इसमें किसी स्थानीय गिरोह का हाथ है। पुलिस की कार्रवाई: पिठौरिया थाना प्रभारी सतीश पांडे ने बताया कि खूंटी और सिमडेगा जिलों के उन अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है, जो हाल ही में जेल से छूटे हैं। डॉग स्क्वायड की मदद से भी साक्ष्य जुटाए गए हैं।
सहारनपुर में करीब 26 साल पुराने बहुचर्चित हत्या कांड में कोर्ट ने दोषी देवेंद्र उर्फ भालू को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। हालांकि, मामले में पहले ही सजा काट चुके दोषी को अदालत ने संविधान के प्रावधानों का हवाला देते हुए निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश भी दिए हैं। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि थाना बड़गांव में 23 अक्तूबर 1999 को यशवीर सिंह ने तहरीर देकर देवेंद्र उर्फ भालू पर अपनी पत्नी सुनीता की हत्या करने और बेटे अंकित उर्फ राहुल को लेकर फरार होने का आरोप लगाया था। इसी मामले में दूसरी तहरीर यशपाल सिंह ने दी थी। तहरीर के मुताबिक, 22 अक्तूबर 1999 को यशपाल अपनी बहन सुनीता और जयवती के गांव मोरा आया था। रात में जब वह बहन सुनीता के घर पहुंचा तो वहां उसका बहनोई देवेंद्र उर्फ भालू अपने भाइयों भीष्म, नीटू, राजू और मुकेश के साथ शराब पीते हुए हंगामा कर रहा था। आरोप है कि सभी सुनीता के साथ अभद्रता कर रहे थे। विरोध करने पर आरोपियों ने यशपाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद वह अपने दूसरे बहनोई सुखपाल को लेकर वापस पहुंचा, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी झगड़ा किया और जान से मारने की धमकी दी। डर के कारण वे वहां से लौट आए। अगली सुबह सूचना मिली कि सुनीता की हत्या कर दी गई है और उसके बेटे अंकित उर्फ राहुल को गायब कर दिया गया है। पुलिस ने जांच शुरू की और 26 अक्तूबर 1999 को गांव के तालाब से बच्चे का शव बरामद किया। इसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई गई। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-3 की अदालत में हुई, जहां बेटे अंकित उर्फ राहुल की हत्या के आरोप में देवेंद्र उर्फ भालू को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। दो बार हाईकोर्ट पहुंचा मामला अदालत ने 25 मई 2003 को पहली बार देवेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद उसने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की। उच्च न्यायालय ने सुनवाई के बाद निचली अदालत का फैसला निरस्त कर पुनः सुनवाई के आदेश दिए। इसके बाद 16 अगस्त 2006 को जिला सत्र अदालत ने फिर से उसे सजा सुनाई। इस फैसले के खिलाफ भी देवेंद्र ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की कि आरोपी को अंकित उर्फ राहुल की हत्या के आरोप में उचित अवसर दिए बिना ही दोषी ठहरा दिया गया था, जिससे उसके बचाव के अधिकार का हनन हुआ। इसके बाद मामले में 29 सितंबर 2025 को दोबारा आरोप पत्र दाखिल किया गया। एक अपराध में दो बार सजा नहीं ताजा सुनवाई में अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद 20(2) के तहत किसी व्यक्ति को एक ही अपराध के लिए दो बार न तो मुकदमा चलाया जा सकता है और न ही सजा दी जा सकती है। अदालत ने माना कि सुनीता और अंकित उर्फ राहुल की हत्या एक ही घटना और एक ही अपराध संख्या से जुड़ी है। चूंकि देवेंद्र उर्फ भालू इस मामले में पहले ही आजीवन कारावास की सजा काट चुका है और जेल में उसका आचरण भी संतोषजनक पाया गया, इसलिए अदालत ने उसे 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर रिहा करने के आदेश दिए हैं।
राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद की ओर से राज्य के सभी सरकारी स्कूलों नामांकन के अनुसार पूरे सत्र में होने वाले कार्यों के लिए बजट दिया जाता है। लेकिन इस बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने में 7 दिन पहले बजट जारी हुआ जिसको 31 मार्च तक खर्च करना होगा नहीं तो लैप्स हो जाएगा। परिषद की ओर से सत्र 2025-26 के लिए जारी इस कंपोजिट स्कूल ग्रांट में राज्य भर के 50 हजार 318 स्कूलों के लिए नामांकन अनुसार कुल 118.43 करोड़ रुपए जारी की गई है। जिसमें भरतपुर और डीग जिले के 1119 स्कूलों के लिए 3.10 करोड़ रुपए जारी किए गए है। जिसमें भरतपुर के 598 स्कूलों के 1.55 करोड़ और डीग के 521 स्कूलों लिए भी 1.55 करोड़ रुपए जारी किए गए है। इस बजट का सही उपयोग के लिए राज्य परियोजना निदेशक अनुपमा जोरवाल ने गाइडलाइन जारी की है। इस राशि का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा अनिवार्य रूप से स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। ग्रांट का उपयोग दरी-पट्टी, बिजली बिल, पेयजल व्यवस्था, स्टेशनरी, चॉक-डस्टर, खेल सामग्री, प्रयोगशाला रखरखाव और इंटरनेट संबंधी कार्यों के लिए किया जा सकेगा। स्वच्छता पर 10 प्रतिशत खर्च करना अनिवार्य शिक्षा परिषद ने साफ किया है कि राज्य के सभी स्कूलों को कुल ग्रांट का न्यूनतम 10 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छता एक्शन प्लान पर खर्च करना होगा। इसमें शौचालय की सफाई, फिनाइल,टॉयलेट क्लीनर, साबुन, सैनिटाइजर और कचरा पात्र जैसी वस्तुओं पर खर्च करना अनिवार्य है। बालिकाओं के लिए डिसपेंसर और इन्सीनरेटर के रखरखाव को भी प्राथमिकता दी गई है। इस राशि से स्टाफ या ऑफिस के लिए फर्नीचर, जलपान, उत्सव आयोजन या फोटोग्राफी पर खर्च नहीं कर सकेंगे। यदि बजट का दुरुपयोग पाया गया, तो संस्था प्रधान से वसूली की जाएगी। नामांकन के अनुसार स्कूलों को बजट आवंटन की संख्या शिक्षा सत्र के शुरुआत में ही जारी हो राशि: मोहर सिंह शिक्षा परिषद द्वारा सरकारी स्कूलों को जारी की जाने वाली ग्रांट की राशि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में सात दिन शेष जब जारी हुई है। जिसके कारण सभी स्कूल संस्था प्रधानों द्वारा भुगतान किया जाएगा। राशि पूरी खर्च नहीं हो पाएगी शिक्षा सत्र की शुरुआत यानी जुलाई माह में ही जारी करनी चाहिए जिससे स्कूलों में आवश्यकतानुसार सामग्री खरीदी जा सके।
गर्मी की छुट्टी.... 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेन के फेरे बढ़ाए
पश्चिम रेलवे द्वारा ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के दौरान बढ़ती यात्रा मांग को ध्यान में रखते हुए 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे पुनः विस्तारित किए हैं। ट्रेन 09622 बांद्रा टर्मिनस- अजमेर साप्ताहिक स्पेशल 27 अप्रैल तक आैर ट्रेन 09621 अजमेर–बांद्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल 26 अप्रैल तक विस्तारित की है। ट्रेन 09625 अजमेर-दौंड 23 अप्रैल तक आैर ट्रेन 09626 दौंड-अजमेर 24 अप्रैल तक विस्तारित की गई है। इसके अलावा ट्रेन 04725 हिसार-खड़की साप्ताहिक स्पेशल 26 अप्रैल तक आैर ट्रेन 04726 खड़की-हिसार साप्ताहिक स्पेशल 27 अप्रैल तक विस्तारित की गई है।
मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने राज्य में 28 मार्च को 8 जिलों में आंधी-बारिश का दौर फिर से शुरू होने का अलर्ट जारी किया है। 25 से 27 मार्च तक प्रदेश में कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने, जबकि अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने की संभावना जताई है। राजस्थान में चल रहा आंधी-बारिश का दौर मंगलवार को धीमा रहा। पश्चिमी जिलों में एक कमजोर वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से बादल छाए रहे। जैसलमेर, बाड़मेर सहित कुछ इलाकों में हल्की धूलभरी हवा चली। तापमान में भी बढ़ोतरी हुई। जयपुर में धूप खिली, पारा 4 डिग्री चढ़ा जयपुर में सुबह से आसमान साफ रहा और दिन में धूप रही। यहां दिन का अधिकतम तापमान 4 डिग्री चढ़कर 33 डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। जयपुर में सुबह-शाम हल्की ठंडक रही, जबकि दिन में हल्की हवा चलने से भी मौसम सुहावना रहा। अधिकतर शहरों में दिन का तापमान सामान्य से नीचे रिकॉर्ड हुआ। 28 मार्च को फिर बदलेगा मौसम मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया- एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ राज्य के पश्चिमी हिस्से पर एक्टिव है, जिसके प्रभाव से सरहदी जिलों में हल्के बादल छाए रह सकते हैं, जबकि शेष हिस्से में मौसम साफ रहेगा। जबकि 28 मार्च को एक वेस्टर्न डिर्स्टबेंस एक्टिव होगा, जिसके असर से प्रदेश में कई स्थानों पर मौसम में बदलाव आएगा और बादल छाने के साथ कुछ स्थानों पर आंधी-बारिश का दौर शुरू होगा।
ईरान-इजराइल जंग के बीच अब एमपी में पेट्रोल-डीजल की किल्लत की खबरें भी सामने आ रही हैं। भोपाल में 2 से 3 पंप में पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया। ऐसे में आशंका है कि LPG के बाद अब ईंधन का संकट खड़ा न हो जाए। इसे लेकर जिला प्रशासन ने तस्वीर साफ की है। वहीं, मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ऑर्नर एसोसिएशन ने कहा कि प्रदेश के करीब 5 प्रतिशत पंपों पर एडवांस राशि की वजह से ईंधन की कमी है। ईंधन खत्म नहीं हुआ है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने कहा कि भोपाल में कुल 58.79 लाख किलो लीटर (58.8 करोड़ लीटर) पेट्रोल और डीजल का स्टॉक जमा है, जो अगले ढाई से 3 महीने तक के लिए पर्याप्त है। भोपाल के पास भौंरी में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के डिपो है। जहां से भोपाल के 192 पंपों पर ईंधन पहुंचता है। शहर में हर रोज 12 लाख लीटर डीजल और 9 लाख लीटर पेट्रोल की सप्लाई होती है। इस हिसाब से जितना स्टॉक जमा है, वह अगले कुछ महीनों के लिए पर्याप्त है। इसलिए आम लोगों को भी घबराने की जरूरत नहीं है। पेट्रोल और डीजल के संकट की अफवाहों के बीच लोग पेट्रोल भरवाने पंपों पर पहुंचने लगे हैं। इससे पंपों पर भीड़ लगने लगी है। इंदौर, उज्जैन, नीमच, देवास, झाबुआ, आगर-मालवा जिलों में पंपों पर भीड़ लगने लगी जिसके बाद कई पेट्रोल पंपों को बंद करना पड़ा है। इंदौर में पेट्रोल, डीजल एवं रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जा रही है।जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल.मारू ने बताया कि जिले के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जहां से लगातार डीलर्स को सप्लाई की जा रही है। ईंधन आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है और कहीं भी किसी प्रकार की समस्या नहीं है। उज्जैन में लगभग 1605 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 2417 हजार किलो लीटर डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त है। इंडियन ऑयल के पंपों पर लगभग 690 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 904 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। भारत पेट्रोलियम के पंपों पर 280 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 550 हजार किलो लीटर डीजल मौजूद है।इसी तरह, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के पंपों पर 450 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 650 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। नायरा कंपनी के पंपों पर 112 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 195 हजार किलो लीटर डीजल स्टॉक में है। एचपी गैस/अन्य पंपों पर 74 हजार किलो लीटर पेट्रोल और 118 हजार किलो लीटर डीजल उपलब्ध है। ईंधन खत्म होने की खबर सिर्फ अफवाह इधर, पेट्रोल पंप ऑर्नर एसोसिशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि पंप सूखने या ईंधन खत्म होने की खबरें सिर्फ अफवाह है। एमपी में कहीं भी संकट नहीं है। दरअसल, सभी कंपनियों के नए नियम आए हैं कि ईंधन लेने से पहले एडवांस रुपए जमा करना पड़ेंगे। इस वजह से पंप संचालक पहले तो ओवर ड्यू कम कर रहे हैं। वहीं, उन्हें एडवांस भी देना है। इस वजह से कुछ पंप ऐसे हैं, जहां फंड की वजह से दिक्कतें हैं। यह 4 से 5 प्रतिशत है। प्रदेश में कुल 4200 पंप हैं। जहां सलाना 1200 टन पेट्रोल और 1600 टन डीजल की खपत होती है। इस वजह से अफवाह फैली ईरान-इजराइल युद्ध से मध्य प्रदेश में LPG संकट खड़ा हो गया। स्थिति यह रही कि होटल और रेस्टोरेंट को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ही बंद कर दी गई। 14वें दिन उन्हें जरूरत की 9 प्रतिशत गैस देने को सरकार राजी हुई है। दूसरी ओर, घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग को लेकर लोग अब भी परेशान हैं। इसी बीच प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का संकट की खबरें भी सामने आ रही हैं। धार, अलीराजपुर जिले में तो पेट्रोप पंपों पर लोगों की लंबी कतारें तक लग गईं। वहीं, भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर पंप के सूखने की खबर आईं। बाद में ये सिर्फ अफवाह ही निकली।
10वीं कक्षा का परिणाम:रिजल्ट 95.39 प्रतिशत, 17 से 13वें स्थान पर आया भरतपुर
पहली बार मार्च में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने मंगलवार दोपहर में 10वीं कक्षा का परिणाम जारी किया। इस बार भरतपुर जिले का परिणाम 1.14 प्रतिशत बढ़ा है। पिछले साल 94.25 प्रतिशत पास होने की संख्या थी। वहीं इस बार 95.39 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। प्रदेश की शिक्षा रैंकिंग में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चार साल में पहली बार बेहतर परिणाम देने में भरतपुर जिले ने उल्लेखनीय सुधार करते हुए 17वीं रैंक से छलांग लगाकर 13वीं रैंक हासिल की है। इसके अलावा पिछले 4 साल का जिले ने रिकॉर्ड तोड़ा है। वर्ष 2022,2023, 2024,2025 में भरतपुर 41 जिलों में लगातार 4 साल से 17वें स्थान पर रहा है। इस बार भी जिले में लड़कियों का परिणाम 95.49 व लड़कों का परिणाम 95.30 प्रतिशत रहा है। इसी के साथ ही अन्य जिलों की अपेक्षा सबसे अधिक रिजल्ट देने में 14वें स्थान पर भरतपुर की लड़कियां रहीं। कुल 26358 परीक्षा में बैंठे, जिसमें 14353 लड़के, 12005 लड़कियां रहीं। 8119 छात्र प्रथम व 7219 छात्राएं प्रथम रहीं। वैर क्षेत्र के छात्र आर्यन ने 99.50 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में सबसे आगे स्थान बनाया। वहीं भरतपुर की छात्रा वंदना ने 99.33 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान हासिल किया। भास्कर एक्सपर्ट - यशवीर सिंह , प्रधानाचार्य माआसी.सै. इस बार समय से सिलेबस हुआ इस बार विद्यालयों में समय से पहले सिलेबस पूरा कराने और छात्रों को परीक्षा की बेहतर तैयारी करवाने का सकारात्मक असर परिणामों में साफ दिखाई दिया। शिक्षकों ने नियमित कक्षाओं के साथ अतिरिक्त पुनरावृत्ति, मॉडल पेपर हल कराने और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने की रणनीति अपनाई, जिससे छात्रों का प्रदर्शन पहले की तुलना में बेहतर रहा। विद्यालय स्तर पर प्री-बोर्ड परीक्षाएं समय पर आयोजित की गईं और उनके आधार पर छात्रों को कमियों से अवगत कराते हुए सुधार कराया गया। इस बार भी टॉपर्स की संख्या में बाजी मार ले गए निजी संस्थान, सरकारी की आखिरी 2022 में रही थी टॉपर इस बार घोषित परिणामों में एक बार फिर निजी संस्थानों का दबदबा देखने को मिला। टॉपर्स की सूची में अधिकतर स्थान निजी स्कूलों के विद्यार्थियों ने हासिल किए, जबकि सरकारी स्कूलों के छात्र पीछे रह गए। आंकड़ों के अनुसार, सरकारी स्कूल का कोई छात्र शीर्ष स्थानों में शामिल नहीं हो पाया। पूर्व उपनिदेशक शिक्षा भरतपुर ओम प्रकाश शर्मा बताते हैं कि सरकारी विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों की हमेशा कमी रहती है। इससे रिजल्ट प्रभावित होता है। साथ ही शिक्षकों की कभी पशु गणना, जनसंख्या गणना, ट्रांसफर, चुनाव कार्य आदि में ड्यूटी लगा दी जाती है. इससे भी शिक्षा प्रभावित होती है। सबसे अहम बात सरकारी टीचरों के बच्चे भी सरकारी स्कूल में ही पढ़ने चाहिए। तब जाकर सरकारी स्कूल में रिजल्ट सुधार होगा। आखिरी बार 2022 में राजकीय उच्च मा. विद्यालय सतवास की कुसुम 98 प्रतिशत के साथ टॉप थ्री में आई थी।
मंत्रियों, विधायकों, सांसदों के खिलाफ आम जनता और बीजेपी कार्यकर्ताओं की नाराजगी को कम करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और सीएम डॉ. मोहन यादव नया प्लान बना रहे हैं। जनप्रतिनिधियों की सहज-सुलभ उपलब्धता के लिए मंत्रियों से लेकर विधायकों, सांसदों और जनप्रतिनिधियों से मेल-मुलाकात के लिए दिन और समय तय किया जाएगा। भाजपा संगठन की ओर से यह सुझाव दिया है कि आमतौर पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक होती है। ऐसे में सोमवार से लेकर बुधवार तक मंत्रिगण भोपाल में ज्यादातर समय रहते हैं। इसके चलते संगठन ने सीएम को यह सुझाव दिया है कि मंत्रालय में हफ्ते में दो दिन एक निश्चित समय अवधि में मंत्रियों के बैठने की व्यवस्था बनाई जाए। कैबिनेट बैठक के दिन को छोड़कर अन्य दिनों में कम से कम दो घंटे मंत्री मंत्रालय में अपने कक्ष में बैठकर आम जनता, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों से मिलें ताकि विभाग से जुड़ी समस्याएं और काम आसानी से सुलझ सकें। प्रदेश कार्यालय में मंत्रियों के बैठने की हुई है शुरुआत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक सहयोग सेल की शुरुआत की है। इसी व्यवस्था के तहत प्रदेश भाजपा कार्यालय में अवकाश के दिनों को छोड़कर रोज एक मंत्री दोपहर एक बजे से तीन बजे तक बैठकर आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से मेल-मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनते हैं। जिला कार्यालयों में अनिवार्य रूप से बैठेंगे सांसद-विधायक नई व्यवस्था के तहत अब बीजेपी के विधायक और सांसद भाजपा के जिला कार्यालयों में अनिवार्य रुप से बैठेंगे। सांसदों के बैठने के लिए संसदीय क्षेत्र के जिलों में महीने में एक दिन बैठने के लिए तय किया जाएगा। वहीं विधायक हर सप्ताह में दो दिन बैठेंगे। सांसदों विधायकों के बैठने के लिए समय भी तय किया जाएगा। 10 तारीख तक संभागीय और जिला प्रभारी करेंगे दौरे बीजेपी संगठन की ओर से यह व्यवस्था बनाई जा रही है कि हर महीने में पहले दस दिनों के बीच में यानी 10 तारीख तक संभागीय प्रभारी और जिला प्रभारी अपने प्रभार के जिलों में दौरे करेंगे। जिलों के प्रवास के दौरान संगठनात्मक विषयों की समीक्षा करके रिपोर्ट बनाएंगे और प्रदेश कार्यालय को भेजेंगे। हर दूसरे महीने में प्रभारी मंत्री करेंगे कोर ग्रुप की बैठक आम तौर पर विधायकों, सांसदों और दूसरे जनप्रतिनिधियों की यह शिकायतें रहतीं हैं उनकी समस्याएं सुनी नहीं जा रहीं हैं। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात को तवज्जो नहीं दे रहे हैं। ऐसे में प्रभारी मंत्री अपने प्रभार के जिले में हर दूसरे महीने में कोर ग्रुप की बैठक करेंगे। हर जिले में बीजेपी के कोर ग्रुप में ये नेता हैं शामिल 21 फरवरी को बीजेपी के प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने हर जिले में कोर ग्रुप गठन करने के लिए पत्र जारी किया था। इसके बाद जिलों में कोर ग्रुप बनाए गए हैं। रजिस्टर में दर्ज होंगे कोर ग्रुप के मुद्दे इसी मार्च के महीने से कोर ग्रुप की बैठकों की शुरुआत हुई है। जो मंत्री प्रभार के जिलों में नहीं जा पा रहे थे उन्होंने शुरुआती महीने की पहली बैठक भोपाल में की है। अब कोर ग्रुप की बैठक में जिन मुद्दों पर चर्चा होगी उन्हें एक रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। ये रजिस्टर संभाग प्रभारी के पास रहेगा। अफसर विशेष की शिकायत तो तुरंत होगा एक्शन कोर ग्रुप की बैठक में जिले के किसी अधिकारी की कार्यप्रणाली के खिलाफ ज्यादातर जनप्रतिनिधि और सदस्य गण आपत्ति करते हैं तो ऐसे अधिकारियों की रिपोर्ट बनाकर संगठन और सरकार तक भेजी जाएगी। जिस अफसर के खिलाफ ज्यादातर जनप्रतिनिधि शिकायत कर रहे हैं उसके खिलाफ एक्शन भी जल्द लिया जाएगा। यह खबर भी पढ़ें… भिंड सांसद बोलीं- सिंध नदी में हो रहा अवैध खनन मध्य प्रदेश में नदियों से अवैध रेत खनन की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। अब यह मुद्दा लोकसभा में भी उठाया गया। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान भिंड से बीजेपी सांसद संध्या राय ने सिंध नदी में हो रहे अवैध रेत खनन का मामला उठाया। पूरी खबर यहां पढ़ें...
ग्वालियर जिले के विभिन्न स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को सस्ती दर पर किताबें, यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराने के लिए 25 मार्च से 3 अप्रैल तक पुस्तक मेला (बुक फेयर) आयोजित किया जाएगा। यह मेला जिला प्रशासन द्वारा ग्वालियर मेला परिसर में सूर्य नमस्कार तिराहा के पास स्थित शिल्प बाजार में लगाया जाएगा। इसे लेकर पुस्तक विक्रेताओं, अभिभावकों और बच्चों में उत्साह है। पुस्तक मेले में सीबीएसई, आईसीएसई और एमपी बोर्ड से संबद्ध निजी स्कूलों के पाठ्यक्रम अनुसार पुस्तकें और यूनिफॉर्म उपलब्ध रहेंगी। बच्चों और अभिभावकों के हित में लिए गए इस निर्णय का प्रकाशकों और डीलर्स ने स्वागत किया है। पुस्तक विक्रेताओं को जिले के विभिन्न स्कूलों के पाठ्यक्रम उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार पुस्तकों के सेट उपलब्ध कराएं। विक्रेताओं ने स्पष्ट किया है कि मेले में किताबें, स्टेशनरी और ड्रेस खरीदने पर अभिभावकों को विशेष छूट दी जाएगी। इससे अनाधिकृत पुस्तकों की बिक्री पर भी प्रभावी रोक लगेगी। कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि मेले की अवधि के दौरान बाजार की दुकानों पर स्कूली पुस्तकें और स्टेशनरी नहीं बेची जा सकेंगी। इस पर पुस्तक विक्रेताओं और एसोसिएशन ने सहमति जताई है। आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के लिए बुक बैंक जरूरतमंद विद्यार्थियों को नि:शुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए मेले में बुक बैंक स्थापित किया जाएगा। छात्र अपनी पिछली कक्षा की किताबें यहां दान कर सकेंगे। पिछले साल 700 बच्चों को इसका लाभ मिला था। मेले में आने वाले छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। वाहन पार्किंग की भी अलग से व्यवस्था रहेगी। हेल्पलाइन नंबर जारी, कीमतों की जांच जानकारी और सहायता के लिए जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के आईटी सेल कॉर्डिनेटर अरविंद तोमर (मो. 98935-87573) से संपर्क किया जा सकता है। स्कूलों द्वारा निर्धारित पुस्तकों के सेट की कीमतों का परीक्षण भी कराया जा रहा है। पिछले साल के फीडबैक के आधार पर इस बार मेले को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने के लिए पुलिस कई तकनीकों का सहारा ले रही है। पहले हाई रिजोल्यूशन ड्रोन कैमरे लाए गए जिससे चौराहों और शेडो एरिया में नजर रखी जा रही है। वहीं अब भारी गाड़ियों को रोकने के लिए मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर (एमवीबी) लाया गया है। इंदौर में हुए ट्रक हादसे को ध्यान में रखते हुए ये कदम उठाया गया है। फिलहाल 16 मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर बुलवाए गए है, जिन्हें आगामी दिनों में प्लान किया जाएगा कि इन्हें कहां-कहां लगाया जाएगा। पहले जान लेते है क्या है मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर दरअसल, एमबी मॉड्यूलर व्हीकल बैरियर एक अत्याधुनिक, मजबूत एवं पोर्टेबल सुरक्षा उपकरण है, जिसे सड़कों पर अस्थायी या स्थायी रूप से लगाकर गाड़ियों की स्पीड को कंट्रोल और जरूरत पढ़ने पर उन्हें रोकने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। मंगलवार को पुलिस के अधिकारियों ने टेक्निकल टीम से इसका काम का तरीका समझा। उन्होंने बताया कि ये बैरियर विशेष रूप से हैवी व्हीकलों को कंट्रोल और रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। ये बैरियर मॉड्यूलर डिजाइन पर आधारित होता है, जिसे आवश्यकता के अनुसार इंटरलॉक कर इसकी लंबाई भी बढ़ाई जा सकती है। भारी मेटल संरचना होने से यह स्पीड में आने वाली गाड़ियों को प्रभावी रूप से रोक सकता है। ट्रक हादसे को देखते हुए लिया संज्ञान डीसीपी (ट्रैफिक प्रभार) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इंदौर के एरोड्रम इलाके में हुए ट्रक हादसे को देखते हुए संज्ञान लिया गया है। इसे मॉड्यूलर व्हीकल अरेस्टर कहते है। फिलहाल इंदौर ट्रैफिक पुलिस के पास 16 बैरियर आए है। आगामी एक-दो दिन में तय किया जाएगा कि इन्हें किन-किन जगह पर लगाया जाएगा। नो एंट्री के पहले या बाद में लगेंगे उन्होंने बताया कि चार-चार बैरियर को शहर के चार नो एंट्री पाइंट पर एक से डेढ़ किलोमीटर पहले या बाद में लगाया जाएगा। इसके लिए प्लानिंग की जा रही है कि ये बैरियर कहां-कहां लगाए जाएंगे। इनमें नीचे की तरफ का हिस्सा नुकीला होता है, जिसकी वजह से अगर गाड़ी तेज रफ्तार से भी इससे टकराती है तो ये आगे की स्पीड को कम देता है और वहीं रोक देता है।
दस साल पहले एक पिता ने अपने जवान बेटे को खो दिया था। घर में सन्नाटा था, आंखों में अथाह पीड़ा… लेकिन उसी पल 65 वर्षीय जवाहर डोसी ने ऐसा निर्णय लिया, जिसने न सिर्फ उनके बेटे को अमर कर दिया, बल्कि समाज को भी नई दिशा दे दी। बेटे विश्वास की ब्रेन डेथ के बाद उन्होंने अंगदान का फैसला लिया। यह निर्णय आसान नहीं था। लेकिन डोसी ने सोचा जब दाह संस्कार के बाद देह राख बन जानी है, तो क्यों न उसके अंग किसी और की सांस बन जाएं? उसी दिन से उन्होंने शोक को सेवा में बदल दिया। दरअसल, 2016 में उनके बेटे विश्वास (42) की ब्रेन डेथ हो गई थी। तब इंदौर में अंग दान, ग्रीन कॉरिडोर, ट्रांसप्लांट की शुरुआत हुई ही थी और चार बार ग्रीन कॉरिडोर बन भी चुके थे। डोसी इससे अच्छी तरह से वाकिफ थे और काफी प्रभावित थे। इस दौरान एक ओर जहां बेटे की ब्रेन डेथ का गम था, वहीं उन्होंने तुरंत उसके अंग दान कराने का निर्णय लिया। उन्होंने तब उसकी दोनों किडनियां, लिवर, त्वचा और आंखें डोनेट कराई। यह इंदौर का पांचवां ग्रीन कॉरिडोर बना था जबकि उज्जैन संभाग का पहला अंग दान था। आज, दस वर्ष बाद भी वे टूटे नहीं हैं बल्कि जब भी किसी अस्पताल में ब्रेन डेड की सूचना मिलती है, वे स्वयं पहुंच जाते हैं। परिजनों के पास बैठते हैं, उनके आंसू पोंछते हैं और समझाते हैं आपका अपना वापस नहीं आएगा, लेकिन उसके अंग किसी और के शरीर में धड़क सकते हैं… मौत अंत नहीं, किसी और के लिए शुरुआत भी हो सकती है। अनुपम के परिवार को दी हिम्मत मंगलवार को इंदौर में अनुपम नालमे (शुजालपुर) की ब्रेन डेथ की खबर मिलते ही जवाहर डोसी महिदपुर से इंदौर पहुंचे। दरअसल उनके एक रिश्तेदार ने अनुपम की ब्रेन डेथ के बारे में बताया। यह भी बताया कि नालमे परिवार को यह हिम्मत आप ही से मिल मिली है। डोसी ने नालमे परिवार को अपने बेटे विश्वास की कहानी सुनाई। बताया कि किस तरह अंगदान ने उनके बेटे को अमर कर दिया। यही साहस अनुपम के परिवार को भी मिला। ग्रीन कॉरिडोर बनने से लेकर अंतिम प्रक्रिया तक डोसी पूरे समय परिवार के साथ खड़े रहे। शब्दों से नहीं, कर्म से उदाहरण बने पेशे से पत्रकार (फ्री लॉन्सर) जवाहर डोसी का कहना है कि समाज का सच्चा ठेकेदार वही है, जो शब्दों से नहीं, कर्म से उदाहरण बने। उन्होंने उस सोच को भी बदल दिया कि प्रेरणा सिर्फ बड़े संतों या समाज सुधारकों से मिलती है। उनका मानना है कि अक्सर असाधारण परिवर्तन साधारण समझे जाने वाले लोग ही करते हैं। डोसी कहते हैं डिजिटल इंडिया के इस दौर में भी लोग रक्तदान से डरते हैं, नेत्रदान से हिचकिचाते हैं। मिथकों में जीते हैं कि अगले जन्म में क्या होगा। लेकिन जो अच्छा करना है, वह आज और अभी करना चाहिए। अब तक छह देह दान करवा चुके महिदपुर तहसील में अब तक वे छह देहदान और कई नेत्रदान के लिए प्रेरित कर चुके हैं। स्वयं और उनके परिवार ने भी देहदान के संकल्प पत्र भर रखे हैं। वे अकसर लोगों को याद दिलाते हैं हम धन जोड़ते हैं, ऐश की योजनाएं बनाते हैं, लेकिन अंत में देह तो मिट्टी में मिल जानी है। कोई जलाया जाएगा, कोई दफनाया जाएगा… पर जो अंगदान करता है, वह सच में अमर हो जाता है। महिदपुर जैसी छोटी जगह से उठी यह पहल उज्जैन जिले की पहचान बन गई है। उनका मानना है कि क्या मार सकेगी मौत उसे, औरों के लिए जो जीता है। उनका कहना है कि कि निस्वार्थ कर्म ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
इंदौर में हुए अग्निकांड के 7वें दिन (मंगलवार) घर से बॉडी पार्ट्स मिले हैं। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है, जबकि परिजन इनकार कर रहे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि अवशेष किसके हैं। पुलिस को अनुमान है कि ये मासूम तनय के हो सकते हैं। वहीं, घर से 12 से ज्यादा गैस सिलेंडर मिलने के बाद खाद्य विभाग भी जांच की तैयारी में है, क्योंकि नियम के अनुसार 100 किलो से अधिक गैस का भंडारण अवैध है। एडिशनल डीसीपी (जोन-2) अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, मकान हैंडओवर प्रक्रिया के दौरान पुलिस की मौजूदगी में परिजनों को कुछ शव अवशेष मिले थे। जिन्हें तिलक नगर मुक्तिधाम में दफना दिया गया है। तिलक नगर थाना प्रभारी मनीष लोधा का भी कहना है कि परिजन घर से सामान निकाल रहे थे। तभी तेज बदबू आने पर जांच की गई, जहां शव के कुछ अवशेष मिले। वहीं, मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने बॉडी पार्ट्स मिलने की बात से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि घर से किसी भी प्रकार के अवशेष नहीं मिले हैं। बता दें, 18 मार्च को अर्हम विला में हुए इस भीषण हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 4 लोग घायल हुए थे। मृतकों में 6 रिश्तेदार शामिल थे, जो बिहार के किशनगंज से आए थे। तनय के सिर्फ पैर ही मिले थे हादसे में 6 साल के मासूम तनय के शरीर के केवल पैर ही घटना वाले दिन रेस्क्यू टीम को मिले थे। इसी आधार पर पुलिस को आशंका है कि बाद में मिले अवशेष उसी के हो सकते हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ कि जिसे पहले तनय का शव माना जा रहा था, वह दरअसल सोफे का फोम निकला। यह चौंकाने वाली जानकारी डॉक्टरों ने जांच के दौरान पुलिस को सौंपी थी। सौरभ के बयानों पर सवाल मामले में मनोज का बड़ा बेटा सौरभ शुरुआत से ही अलग-अलग बयान देता रहा है। उसने पहले दावा किया था कि ईवी चार्जिंग पर नहीं थी, इसलिए आग नहीं लगी। जबकि बिजली कंपनी की रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि कार चार्ज पर थी और ऑटो-कट के बाद दोबारा करंट आने से शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग भड़की। 8 घरेलू और 4 कमर्शियल सिलेंडर बरामद घटना के बाद घर के अंदर से 8 घरेलू और 4 कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, इनमें से 2 सिलेंडर ब्लास्ट हो चुके थे, जिनके अवशेष जांच टीम को मिले। घर में इतनी बड़ी संख्या में सिलेंडर क्यों रखे गए थे, इस पर परिजन अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए हैं। 12 से ज्यादा सिलेंडर मिलने के चलते खाद्य आपूर्ति विभाग भी मामले की विभागीय जांच करेगा। खाद्य अधिकारी मोहनलाल मारू ने बताया कि फिलहाल पुलिस रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में खुलासा- धुआं और झुलसने से सभी की मौत पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार हादसे में किसी को करंट नहीं लगा। सभी की मौत धुआं भरने और आग से झुलसने के कारण हुई। बुधवार तड़के हुई इस घटना में उद्योगपति मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की जान गई थी। एमवाय अस्पताल के डॉक्टरों ने शनिवार को रिपोर्ट पुलिस को सौंप दी। जानकारी के मुताबिक, मनोज पुगलिया ने पहले बेटे सौरभ, सौमिल, हर्षित और पत्नी सुनीता को बाहर निकाला। इसके बाद वे अन्य लोगों को बचाने के लिए अंदर गए, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण बाहर नहीं निकल सके और लपटों में घिर गए। उनकी बहू सिमरन भी जली हुई अवस्था में मिली। दोनों के शव छत पर बने चैनल गेट के पास पाए गए। विजय सेठिया और रुचिका की मौत दम घुटने से हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। मृतक मनोज के साले विजय सेठिया और रुचिका की मौत जलने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। दोनों के शरीर में कार्बन मोनोऑक्साइड के अवशेष पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि सोते समय धुआं गले में भरने से ही उनकी जान चली गई। सूत्रों के अनुसार, दम घुटने के बाद ही आग उनके शरीर तक पहुंची, लेकिन इसके बावजूद शव ज्यादा झुलसे नहीं थे। 3 महिलाओं के शव जल चुके थे, पहचान भी मुश्किल सूत्रों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम करने वाली टीम ने सभी चार महिलाओं के शवों की विस्तृत जांच की। इनमें से तीन शव पूरी तरह जल चुके थे, जिससे पहचान करना मुश्किल था। किसी तरह का विवाद न हो, इसलिए सभी की बारीकी से जांच की गई। पोस्टमॉर्टम के दौरान चारों महिलाओं के गर्भाशय की भी जांच की गई, जिसमें स्पष्ट हुआ कि कोई भी महिला गर्भवती नहीं थी। घटनाक्रम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
भोपाल के जिला कोर्ट में वकील अनंत संजर पर उनके साले विद्युत भटनागर ने मंगलवार को हमला कर दिया था। आरोपी ने जज के सामने ही धमकी दी और झूमाझटकी में शर्ट के बटन तोड़ दिए। इस बीच एक पुराना वीडियो भी सामने आया है। इसमें एडवोकेट की पत्नी और बेटी दहशत में नजर आ रही हैं। यह वीडियो करीब एक मिनट का है। घटना लगभग चार से पांच महीने पुरानी बताई जा रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत में अनंत संजर ने बताया कि उस समय मेरी पत्नी अपने मायके गई हुई थीं। इसी दौरान मेरे साले विद्युत भटनागर ने घर के बाहर हंगामा कर दिया। दरवाजे को जोर-जोर से पीटते हुए धमकियां दीं। अनंत संजर के मुताबिक, पत्नी अपने मायके में एक पारिवारिक कार्यक्रम में गई थीं। वहां आरोपी ने गाड़ी को लेकर विवाद किया, फिर घर के अंदर जबरन घुसकर दरवाजा तोड़ दिया। डर के कारण मेरी पत्नी, बेटी और आरोपी की पत्नी बाथरूम में छिप गई थीं, लेकिन वहां भी घुसकर उनके साथ मारपीट की गई। कमरे के अंदर सहमी दिखीं पत्नी-बेटी वीडियो में एक कमरे के अंदर अनंत संजर की पत्नी और उनकी छोटी बेटी सहमी हुई दिखाई देती हैं। बाहर से दरवाजा जोर-जोर से पीटने की आवाज लगातार सुनाई देती है। अनंत के मुताबिक, दरवाजा पीटने वाला उनका साला ही था, जो गुस्से में चिल्ला भी रहा था। डर के माहौल में मां-बेटी की आवाजें साफ सुनाई देती हैं, जिसमें वे मदद की गुहार लगाते हुए ‘बचाओ-बचाओ’ कहती नजर आती हैं। देखिए 3 तस्वीरें… अनंत का दावा- पहले ही की थी शिकायत अनंत संजर ने बताया कि इस घटना के बाद उन्होंने कोलार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उस दौरान भी उनकी पत्नी, बेटी और साले की पत्नी के साथ मारपीट की गई थी। हमने हर बार कानून का सहारा लिया है और इस मामले में भी पहले शिकायत की जा चुकी है। अब जो ताजा घटना कोर्ट में हुई है, उसके बाद फिर से कार्रवाई की मांग की जा रही है। यह खबर भी पढ़ें… जज के सामने पूर्व BJP सांसद के बेटे को पीटा भोपाल में जिला कोर्ट में पूर्व भाजपा सांसद के बेटे पर हमला हो गया। आरोपी ने उन्हें थप्पड़ मारे और कपड़े खींचे। आरोपी उनका सगा साला है। जज के सामने ही धमकी दी गई और झूमाझटकी में उनकी शर्ट के बटन टूट गए। पढ़ें पूरी खबर
चंडीगढ़ में 75 करोड़ रुपये के चंडीगढ़ रिन्यूएबल एनर्जी एंड साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रमोशन सोसाइटी (CREST) क्रेस्ट घोटाले और नगर निगम में स्मार्ट सिटी फंड से जुड़े लगभग 116.84 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) कर रही है। जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में प्रशासन और नगर निगम के कई बड़े अधिकारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं। पुलिस ने इस मामले में रिमांड पर लाए गए आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि, रिलेशनशिप मैनेजर अभय सिंह और उसकी पत्नी स्वाति सिंगला को आरोपी विक्रम वधावा के आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की, जिसमें कई बड़े अफसरों के नामों का खुलासा हुआ है। सूत्रों से पता चला कि आरोपियों ने CREST के प्रोजेक्ट डायरेक्टर सुखविंदर सिंह का नाम भी लिया है। सुखविंदर सिंह ही इस मामले में शिकायतकर्ता है, जिसका नाम सामने आने पर सभी को चौंका दिया है। इसके अलावा और भी बड़े अफसरों के नाम शामिल होने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में अभी तक सुखविंदर को आरोपी नहीं बनाया है। अभी तक गिरफ्तार आरोपियों ने ही पुलिस पूछताछ में सुखविंदर का नाम लिया है। आरोप है कि करोड़ों रुपये रिश्तेदारों और शेल कंपनियों में लगाए गए हैं। नाम सामने आने पर विभाग में हलचल चंडीगढ़ पुलिस की पूछताछ में जैसे ही नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े करोड़ों के घोटाले में प्रशासन और निगम के अधिकारियों के नाम सामने आए, उसके बाद चंडीगढ़ के विभागों में भी मंगलवार को पूरा दिन हलचल होती रही। लेकिन इसे लेकर कोई भी कर्मचारी या अफसर कुछ भी बोलने से बचता हुआ नजर आया। जबकि शुरू से ही इस मामले में कहा जा रहा था कि इतने करोड़ों के घोटाले बिना बड़े अफसरों के संभव नहीं हो सकते। छोटा कर्मचारी इतना बड़ा घोटाला कभी नहीं कर सकता, जब तक उस पर किसी बड़े अफसर का हाथ न हो। अब देखना यह है कि चंडीगढ़ पुलिस कब इन अफसरों के नामों का खुलासा करती है और इन सभी से पूछताछ के लिए समन जारी करती है। 272 संदिग्ध एंट्रियां, 31 लेनदेन पूरी तरह फर्जी जांच में कुल 272 संदिग्ध एंट्रियां सामने आई हैं, जिनमें से 31 लेनदेन पूरी तरह संदिग्ध पाए गए। ये ट्रांजैक्शन न तो अधिकृत अधिकारियों द्वारा किए गए थे और न ही इनके लिए नियमानुसार कोई मंजूरी ली गई थी। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ईमेल के जरिए भेजे गए कई बैंक स्टेटमेंट भी फर्जी पाए गए, जिनमें छेड़छाड़ कर घोटाले को अंजाम दिया गया। 600 पेज की रिपोर्ट में कई अधिकारियों के नाम स्मार्ट सिटी फंड घोटाले में चंडीगढ़ नगर निगम ने 600 से अधिक पन्नों की आंतरिक जांच रिपोर्ट EOW को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कई अधिकारियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस अब इन अधिकारियों की वित्तीय और प्रशासनिक भूमिका की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच के बाद कुछ अधिकारियों के नाम एफआईआर में शामिल किए जाने की तैयारी है। इससे साफ है कि जांच का दायरा अब सरकारी तंत्र के भीतर तक पहुंच चुका है। बैंक रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि CREST के खाते से बड़ी रकम कैपको फिनटेक सर्विसेज, विक्रम वाधवा के निजी खातों और मर्टल बिल्डवेल LLP में ट्रांसफर की गई। वाधवा इस कंपनी में पार्टनर और अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता है। इन अवैध लेनदेन के चलते करीब 75.16 करोड़ रुपये की सीधी वित्तीय कमी सामने आई है, जबकि 2 फरवरी तक इस पर 7.88 करोड़ रुपये का ब्याज नुकसान भी दर्ज किया गया है। सरकारी खातों से पैसे निकालने की साजिश पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने सरकारी विभागों के खातों में जमा करोड़ों रुपये को अस्थायी निवेश के नाम पर निजी कंपनियों में लगाया और बाद में वापस डालने की योजना बनाई। वाधवा ने पूछताछ में बताया कि उसकी मुलाकात रिभव ऋषि से पंजाब नेशनल बैंक की सेक्टर-17 शाखा के कर्मचारी राकेश कुमार ऋषि के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि रिभव ऋषि सरकारी खातों को संभालता था और वहीं से इस पूरे खेल की शुरुआत हुई। खुलासे से बचने के लिए बनाई गई एफडी जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया था कि प्रोजेक्ट का पैसा नगर निगम के अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाएगा। इसके बाद यह राशि नगर निगम के खाते में भी ट्रांसफर कर दी गई। इसके बावजूद अकाउंट ब्रांच की ओर से 116.84 करोड़ की एफडी (फिक्स्ड डिपॉजिट) बनवा दी गई। जबकि यह रकम पहले से ही निगम के सुरक्षित खातों में मौजूद थी। नियमों के अनुसार इस राशि की केवल एक एफडी बननी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय 11 एफडी बनाई गईं। हैरानी की बात यह है कि रिकॉर्ड में केवल एक ही एफडी की एंट्री दर्ज की गई, जिसे सही बताया जा रहा है। किसके संपर्क में था आरोपी चंडीगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष एचएस लकी ने आरोप लगाया कि जिन लोगों के खिलाफ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, उनके मोबाइल फोन की एक साल की कॉल डिटेल निकाली जानी चाहिए। इसके अलावा उनके व्हाट्सएप मैसेज की भी पूरी जांच होनी चाहिए। ताकि पता चल सके कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था। उनका कहना है कि इतना बड़ा घोटाला निचले स्तर का अधिकारी नहीं कर सकता, इसलिए इसमें जिन अधिकारियों की भूमिका है, उनके नाम भी सामने आने चाहिए।
करनाल जिला में घरौंडा की दीपचंद मंडी में दिनदहाड़े एक युवक पर चाकुओं से हमला करने का मामला सामने आया है। रास्ता रोककर किए गए इस हमले में युवक को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे पहले करनाल और फिर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंडी में काम से गया था युवकघरौंडा निवासी मोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उसका चचेरा भाई राजीव ने बताया कि कल किसी काम से दीपचंद मंडी घरौंडा गया हुआ था। इसी दौरान भीष्म मार्ग घरौंडा निवासी गोल्डी ने अपने 5-6 साथियों के साथ मिलकर राजीव का रास्ता रोक लिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने जान से मारने की नियत से उस पर चाकुओं से हमला कर दिया। कई वार किए गए, जिससे राजीव गंभीर रूप से घायल हो गया। भीड़ जुटी तो धमकी देकर भागे आरोपीहमले के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ इकट्ठा होने लगी। इसके बाद आरोपी अपने-अपने हथियार लेकर राजीव को जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। घटना की जानकारी परिवार को दी गई, जिसके बाद तुरंत घायल को अस्पताल ले जाया गया। पहले करनाल फिर पीजीआई चंडीगढ़ किया गया रेफरपरिजनों ने घायल राजीव को इलाज के लिए पहले सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उसे करनाल रेफर कर दिया। करनाल में हालत ज्यादा खराब होने पर डॉक्टरों ने उसे आगे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने केस दर्ज कर शुरू की जांचपीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत पुलिस को की है और पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर उमेश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ रास्ता रोकने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। दूसरी पार्टी को थाने में बुलाया जाएगा। मामले की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फतेहाबाद जिले में LPG की कालाबाजारी रोकने और उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रण विभाग ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी है। जिले में LPG के अनाधिकृत प्रयोग पर रोक लगाने के लिए इन अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। आम उपभोक्ता इन अधिकारियों के नंबरों पर सीधे संपर्क कर शिकायत दे सकेंगे। बता दें कि, फतेहाबाद के रतिया क्षेत्र में सबसे अधिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए परेशानी झेलनी पड़ी है। यहां दो बार गैस एजेंसी के बाहर प्रदर्शन किया गया। रोड जाम भी किए गए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामले को शांत करवाया जा सका। इसके बाद डीएफएससी कुशल बूरा ने रतिया क्षेत्र में जाकर गैस एजेंसियों पर स्टॉक की चेकिंग भी की थी। इसके अतिरिक्त जिले में दुकानों पर प्रयोग किए जा रहे घरेलू सिलेंडर को जब्त करने का भी अभियान चलाया गया। जानिए…किस क्षेत्र के लिए किस अधिकारी की लगी ड्यूटी डीएफएससी कुशल बूरा के अनुसार, फतेहाबाद, भूना और भट्टू कलां क्षेत्र के लिए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) नरेंद्र सिंह अहलावत को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। आम लोग उनके मोबाइल नंबर 9416346100 पर संपर्क कर सकेंगे। इसी प्रकार रतिया क्षेत्र के लिए सहायक खाद्य एवं पूर्ति अधिकारी (एएफएसओ) निर्मल कांता को नोडल अधिकारी बनाया गया है, जिनका मोबाइल नंबर 94666-59923 है। टोहाना क्षेत्र के लिए खाद्य एवं आपूर्ति निरीक्षक निर्दोष पूनिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिनसे मोबाइल नंबर 98174-35099 पर संपर्क किया जा सकेगा। शिकायतों की जांच कर निपटान करवाएंगे अधिकारी डीएफएससी ने बताया कि संबंधित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त शिकायतों की जांच कर उनका समय पर समाधान सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि एलपीजी गैस का अनाधिकृत प्रयोग, जमाखोरी या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित नोडल अधिकारी को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। जिले में हैं 23 गैस एजेंसियां फतेहाबाद जिले में इस समय 23 गैस एजेंसियां हैं, जिन पर अलग-अलग कंपनियों से गैस की सप्लाई आती है। इन एजेंसियों से करीब 3 लाख 20 हजार से अधिक उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। जिले में रोजाना 5 से 6 हजार सिलेंडर की खपत होती है।
हरियाणा में आज रात से बदलेगा मौसम:कल और परसों बारिश के आसार, 30-31 मार्च को फिर बदलेगा मिजाज
हरियाणा में आज रात से मौसम करवट लेने जा रहा है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिनके असर से अलग-अलग दिनों में बारिश की संभावना है। पहला पश्चिमी विक्षोभ आज रात से सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 26 और 27 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं ।वहीं दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 29 मार्च की रात को सक्रिय होगा, जिससे 30 और 31 मार्च को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना बनेगी। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बढ़ेगी। 26 मार्च को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत में बारिश के आसार हैं। वहीं 27 मार्च को कुछ इलाकों में हल्की गतिविधि, बाकी जगह मौसम साफ रहेगा। अधिकतम तापमान में 1.5C की बढ़ोतरीप्रदेश में बीते 24 घंटे में अधिकतम तापमान में करीब 1.5C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट रही है। महेंद्रगढ़, भिवानी और हिसार जैसे इलाकों में तापमान 31 से 33 डिग्री के बीच रहा। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से 26 मार्च के बाद तापमान में गिरावट आएगी। बादलों की आवाजाही और बारिश के कारण दिन का तापमान नीचे जा सकता है। न्यूनतम तापमान में हल्की गिरावटन्यूनतम तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई है और यह सामान्य के आसपास बना हुआ है। प्रदेश में औसतन 0.1 डिग्री की कमी आई है। गुरुग्राम में सबसे कम 14.4 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि अन्य जिलों में यह 15 से 18 डिग्री के बीच रहा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बादल छाने और बारिश के कारण रात के तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा, लेकिन हल्की ठंडक बनी रहेगी।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी एनएचएम ने एमपी के सरकारी अस्पतालों में पैथोलॉजी जांच के लिए जिस कंपनी को ठेका दिया है उसके जांच रेट को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह टेंडर भोपाल स्थित साइंस हाउस मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को मिला है, जिसने सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की दरों से 81.2% कम पर जांच करने की बोली लगाई है। इसका सीधा मतलब है कि जिस जांच के लिए सरकार खुद 100 रुपए की दर तय करती है, वही जांच अब मात्र 18 रुपए 20 पैसे में की जाएगी। पैथोलॉजिस्ट और हेल्थ एक्सपर्ट का तर्क है कि इतनी कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जांच संभव ही नहीं है। इससे प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ की संभावना है। वहीं, कंपनी और NHM के अधिकारी अपने-अपने तर्कों से इस फैसले को सही ठहरा रहे हैं। पढ़िए रिपोर्ट कैसे मिला कंपनी को 180 करोड़ का टेंडर?मध्य प्रदेश सरकार ने 2020 में सरकारी अस्पतालों की पैथोलॉजी जांचें निजी हाथों में देने की शुरुआत की थी। पिछले छह साल से यह काम साइंस हाउस मेडिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के पास ही था। पुराने टेंडर की अवधि खत्म होने पर NHM ने 12 फरवरी 2026 को नए सिरे से टेंडर जारी किए। यह टेंडर ‘हब एंड स्कोप’ मॉडल पर आधारित था, जिसमें जिले के प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों से सैंपल इकट्ठा कर जांच के लिए जिला स्तर पर स्थापित कंपनी की सेंट्रलाइज्ड लैब में भेजा जाता है। टेंडर के लिए CGHS की दरों को आधार बनाया गया और शर्त यह थी कि जो भी कंपनी इन दरों पर सबसे ज्यादा छूट देगी, उसे ही यह 5 साल का ठेका मिलेगा। 9 मार्च 2026 को जब टेंडर खुले, तो साइंस हाउस ने 81.20% की छूट देकर बाकी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया और करीब 36 करोड़ रुपए सालाना, यानी 5 साल के लिए 180 करोड़ रुपए का यह टेंडर हासिल कर लिया। गुणवत्ता को लेकर क्यों उठ रहे हैं गंभीर सवाल?प्रदेश के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और पैथोलॉजिस्ट इस टेंडर को अव्यावहारिक और जनता के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक मान रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी और पैथोलॉजिस्ट डॉ. पद्माकर त्रिपाठी कहते हैं, सीजीएचएस के जिस रेट को आधार बनाया गया है, वह पहले से ही बाजार दर से दो से तीन गुना कम है। केंद्र सरकार की दरें इतनी प्रतिस्पर्धी होती हैं कि निजी अस्पताल भी मुश्किल से उन पर काम कर पाते हैं। अब कोई कंपनी उस दर से भी 81% कम पर काम करने का दावा करे, तो यह सीधे तौर पर फर्जीवाड़े को निमंत्रण देना है। उन्होंने लागत का गणित समझाते हुए कहा, मैं खुद एक पैथोलॉजिस्ट हूं और जानता हूं कि इस रेट पर जांच की लागत भी नहीं निकल सकती। लागत नहीं निकलेगी तो जांच कैसे होगी? डॉ त्रिपाठी एक उदाहरण देते हुए कहते हैं कि कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) की जांच बाजार में 300-400 रुपए में होती है। CGHS का रेट 270 रुपए है। अब अगर कंपनी 81.2% की छूट देगी, तो यह जांच मात्र 50.76 रुपए में होगी। जबकि इस जांच में लगने वाले रिएजेंट की कीमत ही लगभग 70 रुपए आती है। बल्क में खरीदने पर भी यह लागत बहुत कम नहीं होती। इसके अलावा लाखों की मशीनें, उनका मेंटेनेंस, बिजली, स्टाफ का वेतन और अन्य खर्चे भी हैं। यह असंभव है। डॉ. त्रिपाठी कहते हैं कि जब लागत ही नहीं निकलेगी तो या तो जांच की नहीं जाएगी या फिर फर्जी रिपोर्ट दी जाएगी। हमने अपने कार्यकाल में ऐसे कई मामले देखे हैं। एक बार एक मरीज की जॉन्डिस की रिपोर्ट नेगेटिव आई, जबकि वह पॉजिटिव था। कंपनी के सीईओ बोले- सोच समझकर डिस्काउंट दियाकंपनी के सीईओ पुनीत दुबे कहते हैं कि हमने जो डिस्काउंट दिया है, वह बहुत सोच-समझकर और पूरे कैलकुलेशन के साथ दिया है। पिछले 10 वर्षों में भारत के डायग्नोस्टिक्स बाजार में बहुत विकास हुआ है। पहले हम विकसित देशों पर निर्भर थे, लेकिन अब उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और रिएजेंट भारत में ही कम कीमतों पर उपलब्ध हैं। NHM का तर्क- इससे तो जनता का भला होगाNHM की एमडी डॉ. सलोनी सडाना ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार हुई है। उन्होंने कहा, हमने CGHS की वर्तमान दरों को बेस रेट रखा था। पात्रता की शर्त यही थी कि जो इस रेट पर सबसे ज्यादा डिस्काउंट देगा, उसे टेंडर मिलेगा। साइंस हाउस L1 रहा, इसलिए हमने उन्हें लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी कर दिया है और जल्द ही एमओयू साइन किया जाएगा। जब उनसे पूछा गया कि पिछली बार यही टेंडर मात्र 30% की छूट पर गया था, तो इस बार 81% की छूट संदेहास्पद नहीं है? इस पर उन्होंने कहा, तकनीकी बिड में छह कंपनियां चयनित हुई थीं और सभी ने 60% से ज्यादा की छूट दी है। साइंस हाउस पर पड़ चुका इनकम टैक्स का छापासितंबर 2025 में आयकर विभाग ने कंपनी के मालिक जितेंद्र तिवारी, शैलेंद्र तिवारी और उनके सहयोगियों के भोपाल, इंदौर और मुंबई स्थित 30 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मारे थे। इस कार्रवाई में टैक्स चोरी और हवाला कनेक्शन के सबूत मिलने की बात सामने आई थी। कंपनी को 943 करोड़ के भुगतान पर भी सवालकांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने पहले भी कंपनी पर आरोप लगाए थे कि कंपनी ने मिलीभगत कर गैर-जरूरी जांचें कीं और प्रदेश की 7.5 करोड़ की आबादी पर 12.84 करोड़ जांचें कर डालीं, जिसके बदले में कंपनी को 943 करोड़ का भुगतान किया गया। हालांकि, कंपनी इन आंकड़ों को गलत बताती है और उसका कहना है कि उसने 1.5 करोड़ लोगों की 4.5 करोड़ जांचें की हैं।
आगजनी के बाद चेता हाउसिंग बोर्ड, घरों में दुकान-गोदाम होने पर 200 को नोटिस
दुकान-गोदामों के कारण घरों में हुई आगजनी घटना के बाद अब हाउसिंग बोर्ड ने अपनी योजना क्षेत्रों में सर्वे शुरू किया है। अभी विभाग ने दीनदयाल नगर योजना में करीब 200 ऐसे लोगों नोटिस दिए हैं। जो कि आवासीय उपयोग के प्लॉट एवं मकान में व्यवसायिक गतिविधियां चला रहे हैं। नोटिस देकर जवाब मांगा है। साथ ही अवासीय उपयोग की संपत्ति में व्यवसायिक उपयोग न करने के लिए कहा है। इसके बाद भी जो लोग नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ जुर्माने से लेकर आवंटन प्रक्रिया को चुनौती देने तक की कार्यवाही शामिल हो सकती है। सुरक्षा मानकों की अनदेखी बनी बड़ी वजहअधिकारियों के अनुसार, रिहायशी मकानों को व्यावसायिक उपयोग से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो गया है। आवासीय क्षेत्रों में दुकान-गोदामों के कारण आए दिन आगजनी के हादसे होते हैं। इन स्थानों पर दमकल की गाड़ियों का पहुंचना मुश्किल है। जिससे हादसा बड़ा हो जाता है। सर्वे का दायरा बढ़ेगाहाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दीनदयाल नगर तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में शहर की अन्य हाउसिंग बोर्ड कॉलोनियों में भी सर्वे किया जाएगा। बोर्ड यह सुनिश्चित करना चाहता है कि रिहायशी क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का ऐसा ज्वलनशील पदार्थ या व्यावसायिक स्टॉक न रखा जाए, जिससे जान-माल का खतरा हो।
प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले इंदौर में हुए हालिया अग्निकांड ने शहर को झकझोर दिया है। सतर्कता के दावों के बीच प्रशासन एक बार फिर हरकत में आया है। 15 दिन की जांच, बहुमंजिला इमारतों को चेतावनी और फायर कंट्रोल सिस्टम अनिवार्य करने की बातें की गईं, लेकिन ये सब बातें ही हैं, क्योंकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि जिन इमारतों में यह सिस्टम अनिवार्य है, उनमें से बड़ी संख्या में या तो ये लगा ही नहीं है, या फिर मेंटेनेंस के अभाव में बेकार पड़ा है। चौंकाने वाली बात यह भी है कि जो विभाग शहर की सुरक्षा के मानक तय करता है, उसके अपने भवन में ही फायर कंट्रोल सिस्टम नहीं है।यही नहीं शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्र के कमर्शियल कॉम्प्लेक्स के हालात भी ऐसे ही हैं। क्या 8 लोगों की मौत से भी जिम्मेदारों ने कोई सबक नहीं लिया? कंट्रोल सिस्टम कैसे लोगों की जिंदगी बचा सकता है? क्यों हादसे के बाद भी अफसरों की सुस्ती कायम है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… शहर में 25 हजार से अधिक ऐसी इमारतें हैं, जहां फायर कंट्रोल सिस्टम होना जरूरी है। नई इमारतों में यह कुछ हद तक काम कर रहा है, लेकिन पुरानी बिल्डिंगों में या तो यह लगाया ही नहीं गया, या फिर खराब हालत में है। कई इलाकों में ट्रैफिक इतना अधिक है कि आग लगने की सूचना मिलने के बाद भी फायर ब्रिगेड को मौके तक पहुंचने में लंबा समय लग सकता है। इस दौरान ‘गोल्डन टाइम’ निकल जाता है और नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। अब प्रशासन ने 15 दिन का विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है, जिसमें जागरूकता के साथ सिस्टम इंस्टॉल कराने पर जोर दिया जाएगा। तीन दृश्यों से समझिए फायर सेफ्टी के हाल… 1. नगर निगम-नियम बनाने वाले ही लापरवाह शहर की इमारतों में फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच और एनओसी देने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। यहां जब हमारी टीम ने पड़ताल की तो पता चला निगम की अपनी बिल्डिंग में ही यह सिस्टम नहीं है। नई बन रही बिल्डिंग और पुरानी दोनों में फायर हाइड्रेंट सिस्टम नहीं लगाया गया है। यहां रोज सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है, लेकिन आपात स्थिति से निपटने के पर्याप्त साधन नहीं हैं। पुरानी बिल्डिंग में केवल फायर एक्सटिंग्विशर हैं, जो छोटी आग तक ही सीमित हैं। बड़ी आग के लिए जरूरी हाईड्रेंट सिस्टम पूरी तरह नदारद है। 2. नाॅवेल्टी मार्केट-भीड़, तंग गलियां और बड़ा खतरा जेल रोड स्थित नाॅवेल्टी मार्केट, जहां 100 से अधिक दुकानें हैं, आग की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है।यहां तंग गलियां, भारी भीड़ और फायर सिस्टम का अभाव दिखता है। यहां हादसे की स्थिति में बचाव बेहद मुश्किल हो सकता है। ऊपर से मार्केट के पास ही 11 केवी का ट्रांसफार्मर हैं, जिसमें तारों का जाल लटका हुआ है, यह खतरे को और बढ़ा देता है। व्यापारियों के मुताबिक, अलग-अलग मालिकों के कारण सामंजस्य नहीं बन पाता और इसी वजह से फायर सिस्टम नहीं लग पाया। 3. सिल्वर मॉल-सिस्टम है, लेकिन बेकार देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के सामने स्थित सिल्वर मॉल, जो कंप्यूटर मार्केट के रूप में जाना जाता है, वहां भी हालात चिंताजनक हैं। मॉल में लगा फायर एक्सटिंग्विशर 2023 में ही एक्सपायर हो चुका है, लेकिन अब तक इसे बदला नहीं गया। फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी यहां लगा है, लेकिन रखरखाव के अभाव में जाम हो चुका है। नियमों के अनुसार, इस सिस्टम को हर 20 दिन में चलाकर जांचना जरूरी होता है, लेकिन यहां ऐसा बिल्कुल नहीं हो रहा। फायर सेफ्टी एक्सपर्ट प्रकाश राजदेव ने 5 प्वाइंट में भास्कर से साझा की गाइडलाइन और कमियां 1. नियम और हाइड्रेंट सिस्टम की अनिवार्यता: शहरों में अग्नि सुरक्षा के लिए एनबीसी कोड-16 के तहत G+6 या कमर्शियल बिल्डिंग में 12 मीटर और रेसिडेंशियल में 15 मीटर तक फायर हाइड्रेंट सिस्टम अनिवार्य है। इसमें छत पर टंकी, फायर-रेसिस्टेंट पाइपलाइन और हर फ्लोर पर कनेक्शन होता है, ताकि ‘गोल्डन टाइम’ में आग पर काबू पाया जा सके। हर 20 दिन में इसकी जांच जरूरी मानी गई है। 2. फायर एक्ट का अभाव, विशेषज्ञों की कमी:प्रदेश में अब तक अलग फायर एक्ट लागू नहीं हो पाया है। इसके कारण विभागों में प्रशिक्षित फायर एक्सपर्ट की कमी है और काम केवल एनओसी जारी करने और फायर ब्रिगेड भेजने तक सीमित रह जाता है। 3. पुरानी इमारतें सबसे ज्यादा असुरक्षित:नई बिल्डिंगों में सिस्टम लग रहा है, लेकिन पुरानी इमारतों में हालात चिंताजनक हैं। 4. गोल्डन टाइम में ही सबसे ज्यादा नुकसान:फायर ब्रिगेड को मौके पर पहुंचने में 15-20 मिनट लग जाते हैं। यही वह समय होता है जब आग सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा चुकी होती है। ऐसे में हाइड्रेंट सिस्टम का तुरंत चालू होना बेहद जरूरी है। 5. एनओसी प्रक्रिया और तकनीकी खामियां: एनओसी की प्रक्रिया जटिल और धीमी है। निरीक्षण में देरी आम बात है और सिविल अफसर ही तकनीकी निर्णय ले रहे हैं, जबकि इसके विशेषज्ञ अलग होने चाहिए। निजी कंसल्टेंट या विशेषज्ञों की नियुक्ति भी अब जरूरी हो गई है।
एलपीजी...:अब 35 दिन में बुकिंग, सप्लाई कम, इसलिए बढ़ रही है वेटिंग
लगभग बीस दिन से एलपीजी की सप्लाई अस्त व्यस्त है। इसी कारण दुकानदार और घरेलू ग्राहक दोनों परेशान हैं। ऐसा पहली बार है जब सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने से नवरात्रि पर होने वाले भंडारे प्रभावित होंगे और इनकी संख्या काफी कम रह सकती है। इनके स्वरूप भी छोटे रहेंगे। वहीं मंगलवार को गैस कंपनियों ने एजेंसियों को मैसेज भेजा कि अब बुकिंग 25 दिन के बदले 35 दिन में होगी। इससे ग्राहकों की परेशानी और बढ़ेगी। ऐसे ग्राहक जिनके पास डबल सिलेंडर वाले कनेक्शन है के लिए मंगलवार को नई गाइड लाइन तय हुई। अभी तक इनके लिए 25 दिन में एक बार सिलेंडर डिलेवरी होने पर बुकिंग की सुविधा थी। अब इसे बढ़ाकर 35 दिन तक दिया गया। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई और बुकिंग करने पर एजेंसियों पर ऐसे मैसेज भी कम्प्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने लगे। ऐसे ही जिन ग्राहकों के पास सिंगल सिलेंडर कनेक्शन हैं वे भी अब 21 दिन के बदले 25 दिन बाद ही बुकिंग कर सकेंगे।एक बार फिर मुख्य सचिव 26 मार्च को सभी अधिकारियों से चर्चा करेंगे। चर्चा किन बिंदुओं पर होना है, इसका एजेंडा भेज दिया गया है। कटौती के बाद अब रोस्टर से सप्लाईशहर में 49 गैस एजेंसी हैं। गैस कंपनियों के प्लांट से अब सप्लाई में भी कटौती हो रही है। इसी कारण रोस्टर जैसी स्थिति बनाकर कंपनियां सप्लाई कर रही हैं। एक एजेंसी संचालकों ने कहा कि उन्हें तीसरे दिन भी मंगलवार को सप्लाई नहीं मिली। वहीं एक अन्य ने कहा कि जितनी मांग थी, उससे कम सप्लाई मिली, इसी कारण वेटिंग लगातार बढ़ रही है। सप्लाई कम होने के बाद भी सोमवार को छुट्टी वाले दिन एजेंसी खुलवाई जा रही हैं।
वाराणसी में एक घर में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फटने से पूरा मकान ढह गया। इसमें सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि एक भाई और मां घायल हैं। 24 मार्च को लहरतारा इलाके में हुए इस हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है। दैनिक भास्कर हालात जानने के लिए मौके पर पहुंचा। यहां लोगों से बात की। इसमें पता चला कि मकान के मलबे में दबकर 31 साल के ओम कुमार चौधरी और 28 साल की प्रीति उर्फ लक्ष्मी की जान चली गई है। वहीं, मां गिरजा देवी (60) और बड़ा बेटा अमन कुमार चौधरी (36) ट्रामा सेंटर में एडमिट हैं। हमने गिरजा देवी के रिश्तेदारों से बात की। उन्होंने बताया कि गिरजा देवी के पति आत्मा प्रसाद की 3 साल पहले मौत हो चुकी है। उनका छोटा बेटा ओम कार ड्राइवरी करता था। वहीं, बड़ा बेटा अमन कैंट स्टेशन के पास पानी की डिलिवरी का काम करता है। दोनों की कमाई से ही घर चल रहा था। बड़े बेटे अमन ने शादी करने से मना कर दिया था। इसके बाद गिरजा देवी ओम और प्रीति के लिए रिश्ता ढूंढ रही थीं। ओम के लिए कई लड़कियां देखीं, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। हादसे में उसकी मौत हो गई। पढ़िए रिपोर्ट… पहले 3 तस्वीरें देखिए… भतीजी बोली- घर में शादी की तैयारी चल रही थीपड़ोस में रहने वाली गिरजा देवी की भतीजी चंदा ने बताया- हम लोग सो रहे थे। तभी धमाके की आवाज सुनकर नींद टूटी। दौड़कर बाहर आए तो देखा कि बड़ी मम्मी का घर गिर गया था। तब तक पड़ोस के लोग भी आ गए। लोगों से कहा कि खोजिए घरवाले कहां हैं? फिर हमने पुलिस बुलाई। बिजली का कनेक्शन काटा। चंदा बताती है- बड़ी मम्मी के दो बेटे थे। अमन और ओम भैया। अमन भैया काफी कमजोर हैं। बड़ी मां ने उनसे शादी के लिए पूछा, तो उन्होंने मना कर दिया था। इसीलिए वह ओम भैया के लिए रिश्ता खोज रही थीं। ओम भैया के लिए उन्होंने एक-दो लड़कियां भी देखी थीं। शादी की तैयारी चल रही थी, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। रिश्तेदार बोले- बेटी प्रीति की डोली उठाने के अरमान थेगिरजा देवी ट्रामा सेंटर में एडमिट हैं। उनके एक रिश्तेदार ने ऑफ कैमरा बताया- प्रीति की शादी के लिए भी गिरजा देवी परेशान थीं। बार-बार कहती थीं, ‘ओम की शादी कर देब तो फिर प्रीति का हाथ पीला करब।’ लेकिन आज एक साथ वही बेटा और बेटी काल के गाल में समा गए। जिनके ऊपर उन्हें भरोसा था कि वो उनके बुढ़ापे का सहारा बनेंगे। चचेरा भाई बोला- मलबे में भइया और दीदी दबे थेअमन के चचेरे भाई रोहित ने बताया- मेरे बड़े पिताजी की कैंट स्टेशन के पास कुछ साल पहले तक कॉपी-किताब की दुकान थी। उनकी डेथ साल- 2023 में हुई थी। आज सुबह अचानक करीब साढ़े 7 बजे धमाका हुआ। हम लोग सो रहे थे। बाहर निकले तो हर तरफ धूल ही धूल थी। धूल हटी तो मलबे में 2 लोग दिखाई दिए। ये अमन और प्रीति थे, लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी। चाची गली में बैठकर रोती रहींओम और प्रीति की चाची और उनकी बेटियां बिलख-बिलख कर रोती रहीं। मोहल्ले की औरतों ने बताया- गिरजा देवी बहुत मिलनसार हैं। बच्चे भी लोगों से घुल मिलकर रहते हैं। आज होनी को शायद यही मंजूर था। अब सिलसिलेवार तरीके से पूरी घटना… वाराणसी में 24 मार्च की सुबह 7 बजकर 27 मिनट पर चाय बनाते समय गैस सिलेंडर फट गया। धमाके से पूरा मकान ढह गया। हादसे के वक्त घर में परिवार के 4 लोग मौजूद थे। इनमें सगे भाई-बहन की मौत हो गई। मां और बड़ा भाई मलबे में दबकर घायल हो गए। धमाका इतना भीषण था कि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं। लोग घरों से बाहर निकल आए। भागकर मदद के लिए पहुंचे। मौके पर पहुंची पुलिस ने रेस्क्यू कर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला और बीएचयू ट्रामा सेंटर में भेज दिया। 50 साल पुराना मकान भरभराकर ढहागिरजा का मकान करीब 50 साल पुराना है। पीछे का हिस्सा हाल ही में बनवाया था। उसकी फिनिशिंग का काम चल रहा था। आगे का 400 वर्गफीट का हिस्सा जर्जर था। हादसे के वक्त सभी इसी हिस्से में थे। सुबह गिरजा देवी किचन में खाना बना रही थीं। तभी सिलेंडर से गैस लीक होने लगी। पाइप में आग लग गई। जब तक वो कुछ समझ पातीं, तेज धमाका हो गया और मकान भरभराकर ढह गया। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… खाना बनाते समय सिलेंडर फटा, भाई-बहन की मौत, वाराणसी में धमाके के बाद पूरा मकान ढहा वाराणसी में मंगलवार सुबह साढ़े 7 बजे खाना बनाते समय गैस सिलेंडर फट गया। धमाके से पूरा मकान ढह गया। हादसे के वक्त घर में परिवार के 4 लोग मौजूद थे। भाई-बहन की मौत हो गई। जबकि मां और बड़ा भाई मलबे में दब गए। पढ़ें पूरी खबर
इंदौर के तुकोगंज क्षेत्र में रहने वाले बिल्डर संजय जैन को लगातार व्हाट्सऐप कॉल और वॉइस मैसेज के माध्यम से धमकियां मिल रही थीं। मामले में क्राइम ब्रांच में शिकायत के बाद तुकोगंज पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। जांच के दौरान अशोक नगर जेल में बंद आरोपी मनीष जागिड को प्रोडक्शन वारंट पर हिरासत में लेकर इंदौर लाया गया है। पुलिस के अनुसार मनीष का संपर्क गैंगस्टर हेरी बॉक्सर से था। उसी के कहने पर वह संजय जैन को टारगेट करने की तैयारी कर रहा था। संजय को लेकर गैंगस्टर को बड़े हवाला कारोबार से जुड़ी जानकारी मिलने की बात भी सामने आई है। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि मनीष जागिड निवासी जयपुर को अशोक नगर जेल से हिरासत में लिया गया है। कुछ दिन पहले अशोक नगर पुलिस ने उसे फर्जी आधार कार्ड के जरिए पहचान छिपाकर ठहरने के मामले में पकड़ा था। उसके पास से एक लाख रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई थी। पूछताछ में मनीष ने हेरी बॉक्सर से संपर्क होने की बात स्वीकार की थी और बताया था कि वह इंदौर में भी बड़े घटनाक्रम को अंजाम देने की तैयारी में था। व्यापारी की रेकी कर भेजे थे वीडियोजांच में सामने आया कि मनीष ने इंदौर में एक बड़े व्यापारी अंकित की रेकी की थी। अंकित को भी लगातार मोबाइल पर धमकियां मिल रही थीं। इसके बाद उसके मोबाइल पर घर के वीडियो भेजे जाने लगे थे। मैसेज में बताया गया था कि शूटर आसपास मौजूद है और उससे 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी। हालांकि फिरौती वसूलने से पहले ही मनीष पकड़ा गया और विश्नोई गैंग की योजना विफल हो गई। हवाला कारोबार की जानकारी के आधार पर टारगेटतुकोगंज पुलिस को संजय जैन ने खुद को बिल्डरशिप से जुड़ा बताया है। हालांकि सूत्रों के अनुसार विश्नोई गैंग को सूचना थी कि संजय हवाला कारोबार से भी जुड़े हैं और बड़ी पार्टियों में उनका आना-जाना है। इसी आधार पर उन्हें फिरौती के लिए टारगेट किया गया। क्राइम ब्रांच को आशंका है कि अशोकनगर-गुना क्षेत्र में वारदात से पहले मनीष अपने साथियों के साथ इंदौर आया था और संजय की रेकी की थी। अनजान नंबरों से भेजे गए वॉइस मैसेज में संजय से जुड़ी कई पुख्ता जानकारियां दी गई थीं। पुलिस का कहना है कि मनीष से इंदौर में पूछताछ के बाद पूरे नेटवर्क और साजिश का खुलासा हो सकेगा। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में लॉरेंस गैंग का खौफ:अशोकनगर से इंदौर-भोपाल तक कारोबारियों को धमकियां सेलिब्रिटी के बाद अब एमपी में कारोबारियों-व्यापारियों को लॉरेंस गैंग के गुर्गों की धमकियां मिल रही हैं। अशोकनगर से लेकर ब्यावरा, इंदौर, भोपाल के कारोबारी-व्यापारी इनकी लिस्ट में है। करीब एक महीने पहले अशोकनगर के एक बिल्डर व कारोबारी को धमकी दी थी। वहीं शनिवार को भोपाल के कारोबारी को भी धमकी दी है। बता दें कि एमपी के कारोबारियों को लॉरेंस गैंग से धमकी का यह एक महीने के भीतर यह चौथा मामला है।पूरी खबर पढ़ें
योगी कैबिनेट ने 23 मार्च को गोरखपुर में फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की मंजूरी दी है। तैरने वाला ये पावर प्लांट चिलुआताल पर बनेगा। इसकी क्षमता 20 मेगावाट होगी। गोरखपुर के लोग यहां से पैदा हुई बिजली का इस्तेमाल करेंगे। अब सवाल ये है कि सोलर प्लांट तो जमीन पर भी लग सकता है, फिर इसे झील पर बनाने की क्या जरूरत है? भारी सोलर पैनल तैरते कैसे हैं? पानी और बिजली साथ होंगे, ये कितना खतरनाक हो सकता है? पढ़िए भास्कर एक्सप्लेनर में… सवाल- पानी पर तैरने वाला सोलर पावर प्लांट कैसे बनता है? जवाब- फ्लोटिंग सोलर प्लांट में सोलर पैनल्स को प्लास्टिक से बनी मचान (फ्लोटर्स) पर रखकर झील के ऊपर तैराया जाता है। फ्लोटर्स को अपने से 2.5 गुना ज्यादा वजन उठाने के लिए डिजाइन किया जाता है। गर्मी-बरसात में झील का जलस्तर ऊपर-नीचे होने या तेज हवाओं में पैनल अपनी जगह से न हिलें, इसके लिए फ्लोटर्स झील की तलहटी में लंगर से बांध दिए जाते हैं। फ्लोटर्स का पूरा फ्रेम जंगरोधी मटेरियल से बनाया जाता है। इसके अलावा प्लांट में लगने वाले सोलर पैनल्स भी खास तरह से बनाए जाते हैं। सामान्य सोलर पैनल्स की तरह इन्हें बनाने में लेड का इस्तेमाल नहीं होता। चूंकि ये पैनल्स हमेशा पानी के संपर्क में रहते हैं, इसलिए इनमें खास वाटर प्रूफिंग होती है। प्लांट से बनने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए पानी के नीचे से इन्सुलेटेड केबिल बिछाई जाती है। इसके जरिए बिजली किनारों पर लगे इनवर्टर्स तक पहुंचती है। फिर वहां से मुख्य ग्रिड में भेजी जाती है। सवाल- सोलर प्लांट को झील में लगाने की जरूरत क्यों पड़ी? जवाब- 20 मेगावाट के प्लांट के लिए 100 से 120 एकड़ जमीन का इस्तेमाल होता है। प्लांट लगने के बाद जमीन खेती या अन्य निर्माण के लिए इस्तेमाल नहीं हो सकती। इसके अलावा सोलर प्लांट अक्सर दूरदराज के इलाकों में लगाए जाते हैं। वहां बुनियादी ढांचा, बिजली ट्रांसमिशन, संचालन और देख-रेख में काफी लागत आती है। अगर पहाड़ी इलाके में सोलर प्लांट लगाना हो तो लागत और बढ़ जाती है। इन सभी फैक्ट को ध्यान में रखते हुए सोलर एक्सपर्ट तालाबों को एक विकल्प के रूप में देखते हैं। इससे जमीन का प्रोडक्टिव उपयोग जैसे- खेती, आवास, पर्यटन में इस्तेमाल हो सकता है। सवाल- क्या यह जमीन पर लगे प्लांट से बेहतर होता है? जवाब- जी हां। रिसर्च से पता चला है कि तैरते हुए सोलर प्लांट की बिजली उत्पादन क्षमता जमीन पर बने प्लांट से 10% ज्यादा होती है। दरअसल, तैरते हुए सोलर प्लांट के पैनल पानी की वजह से ठंडे रहते हैं। इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ जाती है और वो ज्यादा बिजली बनाते हैं। जमीन पर भीषण गर्मी से सोलर पैनलों की कार्यक्षमता कम हो जाती है। सवाल- क्या नदी और समुद्र में भी फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगा सकते हैं? जवाब- आमतौर पर तैरते हुए सोलर प्लांट झीलों और बांधों पर बने कृत्रिम जलाशयों के ऊपर ही लगाए जाते हैं। झीलों और जलाशयों के पानी में ठहराव होता है। इनमें बड़ी लहरें नहीं उठतीं। नदी और समुद्र में इन प्लांट्स को लहरों का लगातार सामना करना पड़ेगा। इससे डिजाइन और संचालन की लागत काफी बढ़ जाएगी। किसी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट (पनबिजली योजना) के जलाशय पर बने सोलर प्लांट ज्यादा किफायती साबित होते हैं। वहां पानी से बिजली बनाने के लिए मौजूद ग्रिड कनेक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर का फ्लोटिंग प्लांट में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे लागत में भारी कमी आती है। सवाल- क्या यूपी में पहले से भी कोई फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट है? जवाब- यूपी में 2 फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट पहले से एक्टिव हैं। औरैया के दिबियापुर में 20 मेगावाट का प्लांट चल रहा है। ये यूपी का पहला फ्लोटिंग प्लांट था। इसे नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC) ने बनाया था। इसके अलावा बुलंदशहर के खुर्जा में 11 मेगावॉट का प्लांट है। यूपी सरकार अब कोल इंडिया के जरिए गोरखपुर के चिलुआताल में 20 मेगावॉट का नया प्लांट लगा रही है। ललितपुर में भी 49 मेगावाट का प्रोजक्ट प्रस्तावित है। सवाल- क्या अन्य राज्यों में फ्लोटिंग सोलर प्लांट काम कर रहे? जवाब- हां, तेलंगाना के रामागुंडम में भारत का सबसे बड़ा 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट जुलाई, 2022 में चालू किया गया था। इसके बाद केरल के कायमकुलम में देश का दूसरा सबसे बड़ा 92 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट अगस्त, 2022 में चालू किया गया था। इसके अलावा मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर ओंकारेश्वर बांध में विश्व का सबसे बड़ा 600 मेगावाट का तैरता सोलर प्लांट बनाया जा रहा है। सवाल- फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट लगाने की क्या चुनौतियां हैं? जवाब- इसको बनाने में आने वाली लागत सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए विशेष तरह के सोलर इक्विपमेंट और पैनल लगाने के लिए एक्सपर्ट टेक्नीशियन की जरूरत होती है। फ्लोटर्स को लंगर डालकर स्थिर करना और बांधना कठिन होता है। इससे इंजीनियरिंग और निर्माण लागत बढ़ जाती है। बिजली और पानी की एक साथ मौजूदगी से सेफ्टी को लेकर भी कुछ गंभीर चिंताएं होती हैं। चूंकि केबल पानी के नीचे हैं, इसलिए इन्सुलेशन टेस्टिंग पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है। हालांकि, इस तकनीक पर काफी शोध हो चुका है। फिर भी इन प्रोजेक्ट्स को लेकर कुछ अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इन्हें कश्मीर, लेह-लद्दाख जैसे ठंडे इलाकों में स्थापना को लेकर एक्सपर्ट्स में एक राय नहीं है। भीषण सर्दियों में झीलों के जम जाने पर सोलर प्लांट पर क्या असर होगा, इसके बारे में साफ डेटा नहीं है। सवाल- पावर प्लांटों को बंद करके सारी बिजली सोलर से क्यों नहीं बना सकते? जवाब- सोलर एनर्जी के साथ एक बड़ी समस्या है, ये तभी काम करती है जब सूरज चमक रहा हो। बारिश, बादल या सर्दियों में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन की क्षमता 10 से 50 फीसदी तक कम हो जाती है। दूसरी समस्या होती है कि आप ग्रिड में एक निश्चित मात्रा में ही ऊर्जा रख सकते हैं। बहुत ज्यादा बिजली होगी, तो उसे छोड़ना ही पड़ेगा। स्टोरेज की समस्या को देखते हुए सोलर से बहुत ज्यादा बिजली बनाना संभव नहीं है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… शंकराचार्य की 'चतुरंगिणी' सेना कैसी होगी, योद्धाओं की पीली ड्रेस; हाथ में तलवार-भाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अपनी सेना तैयार कर रहे हैं। इसके सेनापति खुद शंकराचार्य होंगे। टास्क वो खुद देंगे, उनके आदेश पर ये सेना पूरे देश में मूवमेंट करेगी। अभी मौजूदा वक्त में 3 तरह के टास्क होंगे। इस सेना को बनाने की शुरुआत हिंदू नववर्ष यानी 19 मार्च से होगी। पूरी खबर पढ़ें…
पीक आवर्स में ट्रैफिक जाम और अव्यवस्थित यातायात सिस्टम से परेशान शहर के लिए ई-रिक्शा अब गंभीर परेशानी बनते जा रहे हैं। रॉन्ग साइड से ई-रिक्शा की बेधड़क एंट्री और तेज रफ्तार के कारण शहर में लगातार हादसे हो रहे हैं। शहर का ऐसा कोई रूट नहीं बचा जहाँ ई-रिक्शा की वजह से ट्रैफिक बिगड़ नहीं रहा हो या हादसे नहीं हो रहे हों। पुलिस प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और लापरवाही थम नहीं रही है। एक सप्ताह में 10 से ज्यादा हादसे ई-रिक्शा के कारण हो चुके हैं। दो लोगों के कंधे फ्रैक्चर हुए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन को लेकर साल भर में आठ से ज्यादा बैठकें हो चुकी हैं। कई बार बड़े फैसले भी हुए और उन्हें लागू करने की कवायद भी हुई, लेकिन कोई भी निर्णय लागू नहीं हो सका। हालांकि पुलिस-प्रशासन का दावा है कि 26 मार्च से ई-रिक्शा के लिए नया प्लान लागू होगा। इसके तहत ई-रिक्शा चार जोन में बंटेंगे। नियम तोड़ने वाले व नशे में ई-रिक्शा चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। नाबालिग व नशे में गाड़ियां नहीं चला पाएंगे हमने ई-रिक्शा को लेकर एक नया सिस्टम बना दिया है। शहर के करीबन 10500 ई-रिक्शाओं को चार जोन में 8-8 थानों के बीच विभाजित कर दिया है। इनका रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है। यह भी तय किया जा रहा है कि नशा कर और नाबालिग ई-रिक्शा नहीं चलाएंगे। यदि वे ई-रिक्शा चलाते पाए गए तो उन्हें जब्त करके कानूनी कार्रवाई करेंगे। - राजेश दंडो़तिया, एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच केस-1 : ई-रिक्शा ने मारी टक्कर, कंधा टूटासिलावटपुरा से गंगवाल बस स्टैंड के बीच टू-व्हीलर से जा रहे सतीश जिंदल को अचानक से रॉन्ग साइड आ रहे ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। इससे वे मौके पर ही गिर गए। बाद में लोगों ने उठाया और अस्पताल पहुंचाया। उन्हें कंधे में फ्रैक्चर हुआ है। रॉड भी डली है। अब डेढ़ महीने का बेड रेस्ट कहा है। केस-2 : भाई को छोड़ने गए युवक को टक्कर मारीबर्फानीधाम के पास रहने वाला एक युवक अपने छोटे भाई को छोड़कर वापस आ रहा था। रास्ते में तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने टक्कर मारकर गिरा दिया। ई-रिक्शा चालक भाग गया, युवक का कंधा टूट गया। उसका अब ऑपरेशन किया गया। लोगों ने बताया ई-रिक्शा चालक काफी तेजी से वाहन चला रहा था। केस-3 : बाइक को पीछे से मारी टक्करकालानीनगर चौराहे पर तीन दिन पहले टू-व्हीलर से जा रहे 64 वर्षीय वरिष्ठजन को ई-रिक्शा ने टक्कर मार दी। वरिष्ठजन मौके पर ही गिर गए, उनके पैर और कमर में चोट आई है। इसकी वजह से चलना-फिरना बंद हो गया है।
यूपी में चुनावी साल शुरू हो चुका है। योगी सरकार दूसरे कार्यकाल के 4 साल पूरे कर चुकी है। पिछले चुनाव के ट्रेंड बताते हैं कि 2027 विधानसभा चुनाव के लिए जनवरी में आचार संहिता लागू हो जाएगी। विधानसभा चुनाव की वोटिंग 7 चरण में हो सकती है। अगले साल मार्च के दूसरे सप्ताह तक क्लियर हो जाएगा कि यूपी में BJP जीत की हैट्रिक लगाएगी या सत्ता बदलेगी। भाजपा की योगी सरकार का कार्यकाल 22 मई, 2027 तक है। इससे पहले चुनाव कराने होंगे। भाजपा की चुनाव को लेकर क्या रणनीति है? चुनावी साल के चैलेंज से कैसे निपटेगी? सपा, बसपा और कांग्रेस के सामने क्या चुनौतियां हैं? इस रिपोर्ट में पढ़ते हैं… 2022 चुनाव- BJP को 52 सीट का नुकसान हुआ थाविधानसभा चुनाव 2022 के बाद भाजपा और सहयोगी दलों के 273 विधायक जीते थे। भाजपा का वोट शेयर 41% रहा था। 2017 में BJP ने 325 सीटें जीती थीं। इस हिसाब से 2022 के चुनाव में उसको 52 सीटों का नुकसान हुआ था। वहीं, विपक्ष में सपा पहले से मजबूत हो गई थी। 32% वोट शेयर के साथ सपा के विधायक 47 से बढ़कर 111 हो गए थे। बसपा को 12.88% वोट तो मिले, लेकिन विधानसभा में सिर्फ 1 विधायक पहुंच सका था। कांग्रेस के सिर्फ 2 विधायक जीते थे। पूरी गणित में छोटी पार्टियों ने मिलकर भाजपा सरकार को स्थिरता दिलाने में अहम भूमिका अदा की। किंगमेकर रोल में अपना दल (एस) और निषाद पार्टी दिखे। अपना दल (एस) के 12 विधायक, जबकि निषाद पार्टी के 6 विधायक जीते थे। 2027 चुनाव- डेवलपमेंट के साथ हिंदुत्व कार्ड खेलेगी BJPभाजपा के एक पदाधिकारी बताते हैं- SIR की आखिरी वोटर लिस्ट जारी होने के बाद पार्टी चुनावी तैयारियों में जुट जाएगी। 15 हजार से ज्यादा नए बूथों पर कमेटियां बनाई जाएंगी। एक छोर पर सीएम योगी विकास और हिंदुत्व के जरिए माहौल बनाएंगे। दूसरे छोर पर भाजपा संगठन बूथ से लेकर प्रदेश तक चुनावी तैयारियां करेगी। अगड़ों की नाराजगी दूर करने का चैलेंज अब बात यूपी उपचुनाव के फेरबदल की सपा के गढ़ जीती, लेकिन घोसी हार गई सपा घटी, भाजपा बढ़ीउपचुनाव में मिली जीत के बूते विधानसभा में भाजपा के विधायक 255 से बढ़कर 257 हो गए। भाजपा के सहयोगी अपना दल के विधायकों की संख्या 12 से बढ़कर 13 हो गई। रालोद की 8 से बढ़कर 9 हो गई। अभी फरीदपुर से भाजपा विधायक का निधन होने के कारण एक सीट खाली है। वहीं, सपा के 111 विधायक से घटकर 102 रह गए हैं। सपा के 3 विधायकों ने बगावत कर दी है। घोसी और दुद्धी में सपा विधायक के निधन से सीट खाली है। एक्सपर्ट बोले- योगी ने लॉ एंड ऑर्डर में माइलस्टोन सेट किएसीनियर जर्नलिस्ट वीरेंद्रनाथ भट्ट कहते हैं- 2017 से पहले कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और रामप्रकाश गुप्ता की सरकारें रहीं। लेकिन, वो इतनी मजबूत स्थिति में नहीं रहे कि कुछ बड़ा कर पाते। योगी सरकार ने लॉ एंड ऑर्डर पर माइलस्टोन सेट किए हैं। पॉलिटिकल अस्थिरता को दूर कर दिया। इसके बावजूद 2027 में BJP को जाति आधारित राजनीति से लड़ना होगा। योगी ने यूपी की सियासत में बिजली, गन्ना, किसान और कृषि का मुद्दा खत्म कर दिया। वो विकास और विरासत को साथ लेकर चल रहे हैं। मसलन एक एक छोर पर जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे बनकर तैयार हैं, वहीं अयोध्या में राममंदिर का निर्माण पूरा हो गया है। 5 मौके, जब सरकार मुश्किल में आई पीडीए को धार देने में जुटी है सपासपा ने 2024 में पीडीए को धरातल पर उतारकर लोकसभा में भाजपा गठबंधन को पीछे ढकेल दिया। लोकसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन ने 43 सीटों पर जीत दर्ज की थी। अगर इसको विधानसभा सीटों के हिसाब से देखें तो इंडिया गठबंधन को 217 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी। इसमें सपा को 178 और कांग्रेस को 39 विधानसभा सीटों पर बढ़त मिली थी। वहीं, एनडीए गठबंधन सिर्फ 180 सीटों पर ही बढ़त ले पाया था। सपा ने पिछड़ों में कुर्मी और निषाद वोटबैंक में बड़ी सेंध लगाई थी। मौजूदा वक्त में सपा के पास यादव के अलावा मुस्लिम, दलित, कुर्मी जाति से जुड़े कई कद्दावर नेता अलग-अलग जिलों में हैं। सपा इसी पीडीए को धार देने में जुटी है। चैलेंज- सपा के साथ कांग्रेस के अलावा कोई मजबूत दल नहींपीडीए के नारे पर आगे बढ़ चुकी सपा से अगड़े वोटबैंक पूरी तरह से कट चुके हैं। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे को छोड़ दें, तो उसके पास कोई अगड़ा बड़ा चेहरा तक नहीं है। वहीं, भाजपा ने कुर्मी पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपकर उसके इस अति पिछड़े वोटबैंक में सेंध लगा दी है। उधर, बसपा ने 9 अक्टूबर, 2025 को लखनऊ में कांशीराम पुण्यतिथि पर बड़ा जमावड़ा कर दलितों को एक बार फिर संदेश दे दिया था कि उनका हित कहां सुरक्षित है। सपा के पास कांग्रेस को छोड़कर एक भी मजबूत क्षेत्रीय दल नहीं है। बसपा ने लाखों की भीड़ जुटाकर जोश भराबसपा को 2022 के विधानसभा में 13% वोट मिले थे। 2024 के लोकसभा में यह घटकर 10% से भी नीचे चला गया। मायावती ने भतीजे आकाश का कद बढ़ाकर एक बार फिर पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की है। पहली बार खुद मुस्लिम भाईचारा कमेटी की बैठक ली। अर्से बाद 9 अक्टूबर, 2025 को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में लाखों की भीड़ जुटाकर कार्यकर्ताओं में जोश भर चुकी हैं। बसपा ने पुराने स्टाइल में विधानसभा के 4 प्रत्याशी भी तय कर दिए हैं। जून तक पार्टी 100 से अधिक विधानसभा प्रत्याशियों के नाम तय करने की तैयारी में है। मायावती एक बार फिर दलित, ब्राह्मण, मुस्लिम और अति पिछड़ों का गठजोड़ खड़ा करने में जुटी हैं। चैलेंज- ओबीसी, मुस्लिम या सवर्ण का बड़ा चेहरा नहींबसपा में प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल को छोड़ दें तो कोई बड़ा ओबीसी, मुस्लिम या सवर्ण चेहरा नहीं है। दलितों में भी पासी, कोरी, धोबी, वाल्मीकि पर उसकी पकड़ कमजोर हो चुकी है। पश्चिम में जहां पार्टी का मजबूत आधार हुआ करता था, वहां चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी कोर जाटव वोटबैंक में सेंध लगा चुकी है। मायावती खुद बहुत सक्रिय नहीं हैं। वे बैठकों में तो शामिल होती हैं, लेकिन उनकी फील्ड की गतिविधियां पूरी तरह से बंद हैं। धरातल पर संघर्ष करती दिख रही कांग्रेस, लेकिन संगठन ही नहींकांग्रेस को 2024 में सपा से गठबंधन के बाद यूपी में बड़ी संजीवनी मिली। जिस पार्टी के पास विधानसभा में सिर्फ 2 विधायक हैं, उसने लोकसभा में अपनी सीटों को तीन गुना बढ़ा लिया। 39 विधानसभा सीटों पर उसने बढ़त हासिल की थी। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय राज्य में होने वाली हर छोटी घटना पर पीड़ित परिवार के साथ खड़े दिखते हैं। कांग्रेस की सबसे बड़ी कमजोरी है कि उसके पास संगठन ही नहीं है। बूथ स्तर तक उसके पास कार्यकर्ता ही नहीं हैं। किसी भी घटना पर कांग्रेस सक्रियता तो दिखाती है, लेकिन कार्यकर्ता न होने से उसे बड़े आंदोलन में तब्दील नहीं कर पा रही। इस वजह से आम वोटरों का भरोसा नहीं जीत पा रही। सपा के साथ गठबंधन में एक बड़ा फायदा ये होगा कि मुस्लिम वोटर कहीं बटेंगे नहीं। क्षेत्रिय दल रैली-सभा से दिखा रहे ताकतयूपी में वर्तमान में अपना दल (एस), आरएलडी, सुभासपा और निषाद पार्टी नाम से चार मजबूत क्षेत्रीय दल हैं। इसमें से निषाद और सुभासपा का जहां पूर्वांचल में दबदबा है। वहीं, आरएलडी की पश्चिम में मजबूत पकड़ है। अपना दल (एस) का जरूर पूर्वांचल, मध्य, बुंदेलखंड और रुहेलखंड में जनाधार है। चारों क्षेत्रीय दलों के पास मौजूदा समय में 33 विधायक हैं। सुभासपा और निषाद पार्टी लगातार रैली-सभा के जरिए जनाधार बढ़ाने में जुटी हैं। अपना दल (एस) खामोशी से अपने कुर्मी वोटबैंक के सहारे मजबूती से डटी है। इन दलों की कोशिश ताकत दिखाकर भाजपा से अधिक से अधिक सीट हासिल करने की है। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - जया प्रदा विधानसभा चुनाव लड़ेंगी या संगठन में दिखेंगी, भाजपा के 2 बड़े चेहरों से मिलीं, प्रदेश अध्यक्ष से लंबी बात, अपर्णा के गले लगीं जया प्रदा 22 मार्च को लखनऊ में थीं। सिर्फ 6 घंटे के दरम्यान उन्होंने भाजपा के 2 बड़े चेहरों से मुलाकात की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव से मुलाकात की फोटो शेयर कीं। आखिरी बार मार्च, 2024 में रामपुर में जया प्रदा MP-MLA कोर्ट में पेशी के दौरान दिखी थीं। लंबे अंतराल के बाद वह अचानक सियासी चेहरों के बीच दिखीं तो कयास लगाए जाने लगे कि क्या एक बार फिर यूपी की सियासत में सक्रिय होंगी? पढ़िए पूरी खबर…
यूपी का गाजियाबाद इन दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जासूसी नेटवर्क को लेकर सुर्खियों में है। कुछ ही दिनों में 21 संदिग्ध जासूसों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है। जांच में सामने आया है कि ये लोग बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। VIDEO में देखिए पूरा खुलासा…
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नमस्कार, कल की बड़ी खबर जंग के बीच पहली बार प्रधानमंत्री मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की हुई बातचीत को लेकर रही। दूसरी बड़ी खबर राज्यसभा में PM मोदी के बयान की रही। उन्होंने कहा कि जंग जारी रही तो गंभीर नतीजे होंगे। उधर, IPL की सबसे महंगी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) बन गई है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान जंग के बीच ट्रम्प ने मोदी को फोन किया, होर्मुज स्ट्रेट खुला रखने पर चर्चा हुई ईरान जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने PM मोदी से फोन कर बातचीत की। दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की अहमियत पर जोर दिया। पीएम मोदी ने X पर पोस्ट कर कहा कि भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। ईरान के गैस पाइपलाइन पर हमला: ईरान में सोमवार की देर रात कई जगह एनर्जी ठिकानों पर हमला हुआ। इस्फहान शहर में गैस प्लांट और खोर्रमशहर में गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया। इसके अलावा लेबनान में ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल के 5 ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया। इस संघर्ष में अब तक कुल 2,663 लोगों की मौत हो चुकी है। पूरी खबर पढ़ें… 2. मोदी बोले- ईरान जंग जारी रही तो गंभीर नतीजे होंगे, आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेगा पश्चिम एशिया के हालात पर PM मोदी ने राज्यसभा में 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय मुश्किल है और देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। PM मोदी की 2 बड़ी बातें… कई भारतीय जहाज फंसे: PM मोदी ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। समस्या हल करने के लिए ग्रुप बने: कोरोना के समय में जैसे अलग-अलग सेक्टर से निपटने के लिए अफसरों के एम्पॉवर्ड ग्रुप बने थे, वैसे ही कल 7 एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये ग्रुप सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, फर्टिलाइजर, गैस, महंगाई जैसे विषयों पर त्वरित और दूरगामी रणनीति के तहत कार्रवाई करेंगे। पूरी खबर पढ़ें... 3. रेलवे टिकट 8 घंटे पहले कैंसिल करने पर ही मिलेगा रिफंड, पहले 4 घंटे का नियम था अब ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर ही रिफंड दिया जाएगा। पहले यह समय 4 घंटे था। नए रिफंड स्लैब के मुताबिक, 24 से 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर 50% और 72 से 24 घंटे के बीच 25% पैसा वापस मिलेगा। वहीं, 72 घंटे से पहले पूरा रिफंड दिया जाएगा। टिकटों की जमाखोरी रोकने के लिए नियम बने: अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन भी बदल सकते हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि यह बदलाव इसलिए किया गया है, ताकि एजेंट और दलाल टिकटों की जमाखोरी न कर सकें। ये नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच लागू होंगे। पूरी खबर पढ़ें… 4. देश में पहली बार इच्छामृत्यु, हरीश राणा ने ली अंतिम सास, 13 साल से कोमा में थे हरीश राणा ने मंगलवार को दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। 31 साल के हरीश 13 साल से कोमा में थे। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को इच्छामृत्यु की इजाजत दी थी। ये देश का पहला मामला है, जिसमें किसी को इच्छामृत्यु दी गई। एम्स में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया दिया गया। इसका मतलब होता है कि किसी गंभीर रूप से बीमार मरीज को जिंदा रखने के लिए जो बाहरी लाइफ सपोर्ट या इलाज दिया जा रहा है, उसे रोक दिया जाए या हटा लिया जाए, ताकि मरीज की प्राकृतिक रूप से मौत हो सके। परिवार ने हरीश के अंग दान किए: एम्स के अनुसार, हरीश ने शाम 4:10 बजे अंतिम सांस ली। वे ऑन्कोलॉजी यूनिट (IRCH) में भर्ती थे। उनकी देखभाल हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. सीमा मिश्रा कर रही थीं। परिवार ने हरीश के हार्ट के वाल्व और कॉर्निया दान किए हैं। हरीश के पिता अशोक राणा के मुताबिक, बेटे का अंतिम संस्कार बुधवार सुबह 9 बजे ग्रीन पार्क, साउथ दिल्ली में किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें… 5. 'मुसलमानों का एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर होगा', AIMIM के यूपी अध्यक्ष बोले- ताकत दिखा देंगे हमें 111 नहीं, सिर्फ 11 विधायक दे दो तो अपनी ताकत दिखा देंगे। किसी मुसलमान का एनकाउंटर होगा, तो करने वाले का भी एनकाउंटर होगा। केवल 11 विधायक में ही हम अपनी ताकत दिखा देंगे। यह बात असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के यूपी प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने 23 मार्च को कही। वह मेरठ में ईद मिलन के एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। आज (मंगलवार) इसका वीडियो सामने आने के बाद शौकत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यूपी में बेगुनाहों को निशाना बनाया गया: शौकत ने कहा- प्रदेश में मदरसों पर ताले लगवाए गए। सिर्फ आरोपों के आधार पर लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाए गए। बेगुनाहों को निशाना बनाया गया। देश को आजाद कराने में हम लोगों की भी भूमिका रही है। लेकिन, हमारे साथ सबसे ज्यादा ज्यादती हो रही। पूरी खबर पढ़ें… 6. RCB सबसे महंगी IPL टीम बनी, ₹16.71 हजार करोड़ में 4 कंपनियों ने मिलकर खरीदा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) करीब 16,706 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ बिक गई है। इसके साथ ही बेंगलुरु IPL की सबसे महंगी टीम बन गई। क्रिकबज की रिपोर्ट मुताबिक, RCB को आदित्य बिड़ला ग्रुप, टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन्स परपिचुअल प्राइवेट इक्विटी स्ट्रैटिजी ने मिलकर खरीदा। राजस्थान दूसरी सबसे महंगी: अमेरिकी बिजनेसमैन काल सोमानी के कॉन्सोर्टियम ने फ्रेंचाइजी को 1.63 बिलियन डॉलर यानी करीब 15,289 करोड़ रुपए में खरीदा। 2008 में जब राजस्थान रॉयल्स को खरीदा गया था, तब इसकी कीमत लगभग ₹260-270 करोड़ थी। पूरी खबर पढ़ें... 7. सुप्रीम कोर्ट का फैसला- केवल हिंदू-बौद्ध-सिख ही अनुसूचित जाति का दावा कर सकते हैं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के लोगों को ही मिलेगा। अगर कोई व्यक्ति ईसाई या अन्य धर्म अपनाता है, तो उसका SC दर्जा समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे लोग SC/ST एक्ट के तहत मिलने वाले संरक्षण भी नहीं पा सकते। पूरा मामला पढ़िए: यह फैसला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मई 2025 के फैसले के खिलाफ लगाई गई चिंथदा की याचिका पर सुनाया गया। धर्म परिवर्तन के बाद पादरी बने चिंथदा आनंद ने याचिका लगाई थी कि उन्हें अक्काला रामिरेड्डी समेत कुछ लोगों से जातिगत भेदभाव और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… नेशनल: पहली बार इच्छामृत्यु पाने वाले हरीश राणा की मौत: 13 साल से कोमा में थे, सुप्रीम कोर्ट ने 13 दिन पहले इजाजत दी थी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: ममता बोलीं-पर्दे के पीछे से संस्थाओं पर बीजेपी का कंट्रोल: पश्चिम बंगाल के घर से 22 बम बरामद; AIADMK पर नाबालिगों से प्रचार का आरोप (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: रेप के आरोपी बाबा के 100 आपत्तिजनक वीडियो मिले: जांच टीम ने1500 करोड़ की संपत्ति का भी पता लगाया, इनकम टैक्स विभाग भी जांच में जुटा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: बेंगलुरु भगदड़ के मृतकों को अनूठी श्रद्धांजलि: चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी, स्मारक पट्टिका भी लगेगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: 2029 चुनाव से पहले लागू होगा 33% महिला आरक्षण: लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होंगी, महिला सांसदों की संख्या 273 तक पहुंचेगी (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: I-PAC रेड में दखल, सुप्रीम कोर्ट ने ममता से पूछा: केंद्र में आपकी सरकार होती तो क्या करते; ED अफसरों के भी अपने अधिकार हैं (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: दिल्ली के लिए 1,03,700 करोड़ रुपए का बजट पेश: 10वीं की मेरिट में आने वाले स्टूडेंट्स को मिलेंगे लैपटॉप, PWD के लिए 5,921 करोड़ रुपए आवंटित (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: CCTV कैमरों से वीडियो फुटेज पाकिस्तान जा रहे थे: देशभर में सभी नेटवर्क की जांच होगी; अप्रैल से सिर्फ हैकिंगप्रूफ कैमरे ही बिकेंगे (पूरी खबर पढ़ें) मौसम: राजस्थान में पूरे मार्च बारिश का अलर्ट: MP में दो दिन बाद बारिश की संभावना, यूपी में तापमान 10C गिरा (पूरी खबर पढ़ें) नेशनल: गुजरात विधानसभा में UCC बिल पेश: सभी पर समान नियम लागू होंगे, गृह मंत्री संघवी बोले- राज्य के लिए स्वर्णिम दिन (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... शौक के चलते अंधी हुई लड़की अमेरिका की ज्वेल शूपिंग बचपन से अंधी बनना चाहती थी। उन्हें बॉडी इंटीग्रिटी आइडेंटिटी डिसऑर्डर नाम की एक मानसिक बीमारी थी। इसी वजह से उन्होंने 21 साल की उम्र में अपनी आंखों में केमिकल डाल लिया और हमेशा के लिए अंधी हो गईं। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… हम लोग: 100 किलो का पत्थर उठाया, लड़की बोली- तुमसे करूंगी शादी: औरतें 5 पति भी रख सकती हैं, 1800 अनोखे ‘टोडा’ लोगों की कहानी आज का एक्सप्लेनर: क्या पाकिस्तान रोकेगा अमेरिका-ईरान जंग; खामेनेई की हत्या पर शोक, सऊदी पर हमले की निंदा, आखिर कैसे बना सबसे बड़ा मध्यस्थ बॉलीवुड क्राइम फाइल्स: एक्ट्रेस मीनाक्षी थापा की किडनैपिंग हुई: 15 लाख मांगे, अश्लील वीडियो बनाने की धमकी दी, फिर दोस्त बोले- हमने गला काटकर मार डाला फिजिकल हेल्थ- महिलाओं को होता साइलेंट हार्ट अटैक: थकान, कमजोरी भी इसका संकेत, 55 की उम्र के बाद संकेत दिखें तो तुरंत करें ये काम जरूरत की खबर- स्विमिंग पूल में आई इन्फेक्शन का रिस्क: ये 12 कॉमन गलतियां न करें, आंखों के डॉक्टर से जानें 7 आई सेफ्टी टिप्स करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कर्क राशि वालों को रुका पैसा मिल सकता है। बिजनेस के लिहाज से भी अनुकूल दिन है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पसंद की लड़की से शादी कराने की जिद पर एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक करीब 4 घंटे तक टावर पर बैठा रहा। उसकी मांग पूरी नहीं होने पर नीचे कूदने की धमकी देता रहा।जबकि युवती ने शादी से इनकार कर दिया है। युवती ने बेवजह परेशान करने और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। टावर से उतारने के बाद पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना लुंड्रा थाने से करीब 200 मीटर दूर की है। 40 फीट ऊंचे टावर पर बैठा रहा युवक जानकारी के मुताबिक, लुंड्रा के छीरोपारा निवासी योगेश यादव (27) मंगलवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वो करीब 40 फीट की ऊंचाई पर बैठ गया और कहा कि अगर उसकी शादी मनपसंद लड़की से नहीं कराई गई तो वह टावर से कूद जाएगा। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों और पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह टावर से उतरने को तैयार नहीं हुआ। करीब 4 घंटे बाद परिजनों ने उसकी पसंद की लड़की से शादी कराने पर सहमति जताई, जिसके बाद युवक खुद ही टावर से नीचे उतर आया। प्रेम प्रसंग से युवती ने किया इनकार बताया जा रहा है कि, युवक का गांव की ही एक युवती के साथ कथित प्रेम संबंध था। युवक पहले भी परिवार के सामने उससे शादी करने की जिद कर चुका था। हालांकि, युवती ने युवक के साथ प्रेम प्रसंग होने से इनकार कर दिया था। जिससे नाराज होकर युवक टावर पर चढ़ गया। घटना के दौरान टावर के आसपास लोगों की भीड़ जुट गई। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। टावर से उतरते ही हुआ गिरफ्तार, भेजा गया जेल इस मामले में लुंड्रा थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल ने बताया कि, युवती ने युवक के खिलाफ थाने में बेवजह परेशान करने और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने युवक को टावर से उतरने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। ……………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… 200 फीट ऊंचे टावर पर पति का हाई-वोल्टेज ड्रामा...VIDEO: बोला-पत्नी को बुलाओ, वरना कूद जाऊंगा, घंटेभर चिल्लाता रहा युवक, मुश्किल से उतार पाई कोरबा पुलिस छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पत्नी से विवाद के बाद शराब के नशे में धुत पति 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर से जोर-जोर से चिल्लाने लगा- मेरी पत्नी को बुलाओ, नहीं मैं कूद जाऊंगा। युवक की इस हरकत से अफरा-तफरी मच गई। लोगों की भीड़ जमा हो गई। पढ़ें पूरी खबर
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार देर शाम 23 पदों से इस्तीफा दे दिया। ममता बनर्जी ने राज्य स्वास्थ्य मिशन, वाइल्डलाइफ बोर्ड, इको-टूरिज्म एडवाइजरी बोर्ड समेत कई सरकारी विभागों और निकायों में अपनी जिम्मेदारियां छोड़ दी हैं। इसके अलावा उन्होंने इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण जैसे निकायों से भी खुद को अलग कर लिया है। राज्य के गृह विभाग की ओर से जारी लेटर में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया गया है कि उनके इस्तीफे को स्वीकार करने की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। विभागों को बुधवार शाम 4 बजे तक इस्तीफे स्वीकार करने की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। ममता बनर्जी इस बार भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ रही हैं, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है। इधर तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने सख्ती बढ़ा दी है। राज्यभर में अब तक ₹178.78 करोड़ के सामान जब्त किए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, जब्त सामान में ₹112.37 करोड़ की कीमती धातुएं, 34.64 करोड़ कैश शामिल है। कमल हासन की पार्टी चुनाव नहीं लड़ेंगी, एक्टर बोले- DMK को समर्थन तमिलनाडु में मक्कल नीधि मय्यम (MNM) प्रमुख और एक्टर कमल हासन ने मंगलवार को विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया। चेन्नई में मीडिया से बातचीत के दौरान कमल हासन ने कहा कि उनकी पार्टी DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन को बिना शर्त समर्थन देगी। कमल हासन ने आगे कहा- राजनीति में चुनाव केवल एक हिस्सा है, यह अंत नहीं है। राजनीति में कोई फुलस्टॉप नहीं होता। 2021 के चुनाव में कमल हासन की पार्टी ने 234 में से 180 सीटों पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। कमल हासन ने कोयंबटूर साउथ सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन वे बीजेपी की वनथी श्रीनिवासनसे 1,728 वोटों के छोटे अंतर से हार गए थे। पूरी खबर पढ़ें… असम में हिमंता के सामने उतरीं कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन खारिज असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की हाई-प्रोफाइल सीट जालुकबारी से कांग्रेस उम्मीदवार बिदिशा नियोग का नामांकन पत्र मंगलवार को जांच के दौरान खारिज कर दिया गया। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल इस बड़ी कार्रवाई के तकनीकी कारणों का खुलासा नहीं किया है। नियोग के अलावा ढाकुआखाना से कांग्रेस प्रत्याशी आनंद नारा और हाफलोंग से निर्मल लांगथासा के पर्चे भी खारिज हुए हैं। हाफलोंग में कांग्रेस के लिए राहत की बात यह रही कि भाजपा छोड़कर आईं कैबिनेट मंत्री नंदिता गार्लोसा का नामांकन स्वीकार हो गया है। आयोग के अनुसार, कुल 18 नामांकन रद्द हुए हैं। इनमें झामुमो के 3, वीपीआई के 3, एसयूसीआई (सी) और एजेपी के 1-1 के अलावा 8 निर्दलीयों के नाम हैं।
सिरपुर तालाब में प्रदूषण को लेकर आईआईटी इंदौर की रिपोर्ट के बाद यहां पनप रही जलकुंभी को लेकर फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। वजह निगम प्रशासन का दावा है। इसके मुताबिक झील में अब गंदा पानी नहीं जा रहा, क्योंकि वहां एसटीपी काम कर रहा है, लेकिन मौके पर अब भी जलकुंभी और काई नजर आ रही है। निगम खुद मान रहा है कि मुख्य झील के मुकाबले छोटे सिरपुर क्षेत्र में ज्यादा समस्या है। यहां जल गुणवत्ता अभी भी पूरी तरह नहीं सुधरी। निगम ने सिरपुर रामसर साइट में 10 से 11 आउटफॉल चिह्नित किए थे। अधिकारियों के अनुसार इनमें से 9 आउट-फॉल बंद कर दिए गए हैं। 20 किमी का सीवर नेटवर्क तैयार किया गया। वहां का एसटीपी जुलाई 2025 से काम कर रहा है। एमआईसी सदस्य अभिषेक शर्मा के मुताबिक 90% आउट-फॉल बंद हो चुके हैं और गंदे पानी की एंट्री रुक गई है। अफसरों का तर्क : पहले से मौजूद काई व जलकुंभी के ‘सीड’ बढ़ रहेनिगम के दावों के उलट झील में अब भी जलकुंभी दिखाई दे रही है। इस पर अफसरों का तर्क है कि पहले से मौजूद काई और जलकुंभी के ‘सीड’ बढ़ रहे हैं। उन्हें हटाने के लिए भी प्लान तैयार है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जलकुंभी का बढ़ना पानी में पोषक तत्व और प्रदूषण बढ़ने का संकेत होता है। हर साल एक से दो करोड़ रुपए खर्चसिरपुर तालाब को रामसर साइट का दर्जा मिल चुका है। इसलिए वहां निगम कई काम करवा चुका है। एक से दो करोड़ रुपए तालाब की सफाई सहित आसपास के कामों में खर्च किए जा रहे हैं। 43 करोड़ के फंड के प्रस्ताव को सरकार ने अब तक मंजूरी नहीं दी है।
आपको हम बता रहे हैं, भोपाल शहर में आज कहां-क्या हो रहा है। यहां हर वो जानकारी होगी, जो आपके काम आएगी। संगीत-संस्कृति, आर्ट, ड्रामा के इवेंट से लेकर मौसम, सिटी ट्रैफिक, बिजली-पानी की सप्लाई से जुड़ा हर अपडेट मिलेगा। काम की जरूरी लिंक्स आधार अपडेशन- नया/ नि:शुल्क/ बायो मैट्रिक अपडेट- 100 रुपए, डेमोग्राफिक अपडेट- 50 रुपए, इन सेंटरों में आधार अपडेशन/ जेनरेशन की सुविधा। सेंटर्स की पूरी लिस्ट के लिए क्लिक करें। हेल्थ सर्विसेज : एम्स/जेपी, खुशीलाल ऑटो गैस/ इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन, सीएनजी स्टेशन थाने इमरजेंसी कॉन्टैक्ट नंबर सीएनजी पंप स्टेशन
झज्जर के बहादुरगढ़ में खेतों में मिली ममता की हत्या को लेकर नए खुलासे हुए हैं। युवती के कई लड़कों के साथ रिलेशन थे। 8 साल पहले उसकी रोहतक के एक लड़के साथ शादी हुई थी, लेकिन उससे बार-बार झगड़ा होता था। इसके बाद वो पति को छोड़कर रेंट पर रहने लगी थी। इस दौरान उसकी दोस्ती रिंकू नाम के युवक से हुई। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं। बाद में दोनों करीब दो साल से सोनीपत में किराये के कमरे में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। रिंकू को इस दौरान ममता से प्यार हो गया। उसकी शादी नहीं हुई थी और वो ममता को ही पत्नी मानने लगा था। वो उसे झज्जर स्थित अपने गांव भी लेकर जाता था। कुछ महीनों बाद उसे पता चला कि महिला का किसी तीसरे शख्स के साथ भी संबंध है। इस बात से रिंकू हमेशा गुस्से में रहने लगा और दोनों में काफी लड़ाई झगड़े होने लगे। इस बीच रिंकू जब उसे फिर अपने गांव घुमाने लेकर जा रहा था, तभी कुछ ऐसा हुआ जिसके चलते उसने ममता की हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में फेंक आया। पुलिस ने रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है। रिंकू ने आखिर ममता को एकदम से क्यों मारा और पुलिस ने कैसे पूरा केस सुलझाया, ये सब अब सामने आ गया है। आइए सिलसिलेवार जानते है पूरा मामला… मर्डर केस की परतें ऐसे खुलीं शुरुआत में महिला की हत्या का यह मामला पूरी तरह ब्लाइंड मर्डर लग रहा था। महिला की पहचान, उसके संबंध, हत्या की वजह और आरोपी तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं था। लेकिन तकनीकी जांच, पूछताछ और आपसी संबंधों की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने आखिरकार केस की गुत्थी सुलझा ली। जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई महिला के सबसे करीबी व्यक्ति रिंकू पर जाकर टिक गई। आरोपी गिरफ्तार, पूछताछ में खुलासा पुलिस ने माडोंठी निवासी आरोपी रिंकू को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में सामने आया कि महिला के दूसरे संबंध को लेकर वह अंदर ही अंदर गुस्से में था। इसी रंजिश और विवाद ने वारदात की जमीन तैयार की। फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे भी पूछताछ कर रही है, ताकि हत्या की पूरी टाइमलाइन और वारदात के हर पहलू को स्पष्ट किया जा सके।
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के बीएड, लॉ और एमबीए कोर्स के खराब रिजल्ट को लेकर मचे बवाल के बीच डीएवीवी ने बड़े सुधार की तैयारी की है। एक तरफ जहां एमबीए और बीएड के कॉलेज छात्रों के लिए डीएवीवी जो ऑनलाइन क्लासेस लगाने जा रही है, उसमें पढ़ाने के लिए यूटीडी के रिटायर्ड प्रोफेसरो को मौका दिया जाएगा। यही नहीं हर विषय के अलग-अलग प्रोफेसर क्लास लेंगे। दो घंटे की यह क्लास होगी। वहीं दूसरी तरफ खराब रिजल्ट में सुधार के लिए एक और बड़ा कदम उठाते हुए दस-दस सदस्यीय 3 कमेटियां बनाई जा रही हैं। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों कोर्स में बड़ा सुधार किया जाएगा। कुलपति प्रो. राकेश सिंघई का कहना है कि यह तीनों कमेटियां रिजल्ट में आ रही परेशानी में सुधार से लेकर अन्य तकनीकी समस्याओं के समाधान में सुधार से लेकर काम करेगी। तीन साल से परेशानी बने हैं कोर्स, ऐसे होगा आगे बदलाव 1. कमेटी हर पहलू पर काम करेगी, रिपोर्ट में सौंपेगी सुझावजानकारी के अनुसार तीनों कमेटी खराब रिजल्ट से जुड़े हर पहलू पर काम करेगी। इसमें पेपर सेटिंग, मूल्यांकन, क्लास में होने वाली पढ़ाई, फैकल्टी की कमी सहित हर बिंदु पर जांच होगी। सबसे ज्यादा फोकस मूल्यांकन की खामियां दूर करने पर रहेगा। कमेटी में निजी कॉलेज के प्रोफेसर भी रहेंगे। 2. ऑनलाइन क्लास में परीक्षा टिप्स भी देंगे, रिवीजन भी होगाऑनलाइन क्लास में एक्सपर्ट एग्जाम टिप्स भी देंगे। रिवीजन भी करवाएंगे। साथ ही कमजोर छात्रों को अलग से भी हेल्प करेंगे। कॉलेजों से उन छात्रों के नाम लिए जाएंगे जो ऑनलाइन क्लास अटेंड करना चाहते हैं। ऑनलाइन क्लास में कुछ कॉलेजों की फैकल्टी भी शामिल होंगी। हर बार खराब रिजल्ट पर होता है हंगामा, पहली बार यह कवायदहर बार बीएड और एमबीए के खराब रिजल्ट पर हंगामा हुआ है। पहली बार इस तरह के निर्णय हुए हैं। कॉलेजों का कहना है, हमारी समस्याओं और परेशानी पर भी फोकस करना चाहिए। शिक्षाविद् डॉ. रामेश मंगल का कहना है कि छात्रों को किताबों से पढ़ने की आदत फिर डालना होगी। आजकल स्टूडेंट किताबें ही नहीं खरीदते। न कॉलेजों में इस पर ध्यान दिया जाता है। अगर इस पर फोकस किया तो निश्चित बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
प्रदेश में अब सभी 309 शहरी निकायों में चुनाव होंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के 113 शहरी निकायों की मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी होने से स्थिति साफ हो गई है। पूर्व में आयोग ने 6 फरवरी 2026 के पत्र सहित कुल 6 बार स्वायत्त शासन निदेशालय को पत्र लिखकर पूछा था कि आयोग क्या सभी निकायों में चुनाव करा सकता है। इसका 20 मार्च तक जवाब न मिलने पर आयोग ने 39 जिलों के 196 शहरी निकायों में मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया था। डीएलबी की ओर से आयोग को बाकी 113 शहरी निकायों में भी चुनाव कराया जाना संभव होने का जवाब मिलने पर मंगलवार को इन बचे निकायों में भी मतदाता सूचियों के संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्यक्रम जारी कर दिया। इन निकायों के पुनर्गठन को लेकर कोर्ट में आपत्ति जताई गई थी जिसके बाद यह तय कर दिया गया था कि राज्य सरकार पुनर्गठन कर सकती है। वन स्टेट, वन इलेक्शन होने के आसार कोर्ट ने 15 अप्रैल तक चुनाव कराने के दिशा - निर्देश दे रखे है लेकिन आरक्षण का निर्धारण नहीं हो सका है। उधर ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग ने भी रिपोर्ट नहीं दी है जिससे ओबीसी आरक्षण निर्धारित हो। उधर राज्य सरकार ने वन स्टेट वन इलेक्शन की मंशा से कभी पीछे नहीं हटी है। ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव अप्रैल में नहीं बाद में ही होंगे। अभी भी जुड़वा सकेंगे नाम, 8 मई को वोटर लिस्ट जारी होगी राजस्थान में इस साल नगरीय निकायों (नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम) में चुनाव होने हैं। इन निकाय चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने तैयारियां शुरू कर दी। आयोग ने मंगलवार को 113 नगरीय निकायों की वोटर लिस्ट बनाने का शेड्यूल जारी किया है। शेड्यूल के मुताबिक फाइनल वोटर लिस्ट 8 मई को प्रकाशित की जाएगी। इसमें पूर्व में प्रकाशित विधानसभा मतदाता सूचियों (1 जनवरी 2025) को आधार मानते हुए नगरीय निकायों की वार्डवार मतदाता सूचियां तैयार की जाएगी। इन सूचियों को अपडेट करना, दावा-आपत्तियों का निराकरण और अंतिम प्रकाशन निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा। वार्डों का गठन, भागों का निर्धारण और निर्धारित मानकों के अनुरूप भागों का पुन समायोजन किया जाएगा। वहीं 1 जनवरी 2026 तक 18 साल पूरे करने वाला मतदाता अपना नाम जुड़वा सकेंगे। इन नगर निगम, परिषद व पालिकाओं की सूची होगी तैयार प्रदेश के 40 जिलों की 2 नगर निगम, 15 नगर परिषद और 96 नगर पालिकाएं हैं। नगर निगम पाली और भीलवाड़ा के अलावा नगर परिषद कुचामन सिटी, सरदारशहर, करौली, डीग, गंगापुरसिटी, चौमूं, लालसोट, भिवाड़ी, जैसलमेर, फलोदी, सिरोही, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और प्रतापगढ़ शामिल हैं। इनके अलावा शेष नगर पालिकाएं हैं।
BRTS का कबाड़ भी भारी:ड्यूटी फ्री सामान के कस्टम ने मांगे सवा करोड़
नगर निगम के लिए गले की हड्डी बने बीआरटीएस की मुसीबतें कम नहीं हो रही हैं। हाई कोर्ट की फटकार के बाद इसे हटाना शुरू किया तो इसके कबाड़ बेचने में नया पेच फंस गया है। निगम ने कबाड़ हटाने का ठेका करीब 2.5 करोड़ में दिया था। कस्टम विभाग ने एआईसीटीएसएल (अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लि.) को नोटिस जारी कर 1.2 करोड़ की ड्यूटी मांगी है। नोटिस में पूछा है कि बिना सूचना दिए यह सामान कैसे बेच दिया। नियम के मुताबिक पहले केंद्र सरकार सहित संबंधित एजेंसियों से अनुमति लेनी थी। 2017-18 में वर्ल्ड बैंक, मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स (एमओएचयूए) और राज्य सरकार ने बीआरटीएस प्रोजेक्ट के लिए राशि जारी की थी। एआईसीटीएसएल ने 3 करोड़ 90 लाख में एजेंसी असिस मोबिलिटी के माध्यम से बीआरटीएस के 21 बस स्टॉप पर 78 ऑटोमैटिक फेयर कलेक्शन सिस्टम लगवाए थे। इसमें हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर तुर्की से मंगवाए गए थे। चूंकि वर्ल्ड बैंक ने यह राशि जीईएफ–4 स्कीम के तहत दी थी, इसलिए 1.2 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी की छूट मिल गई थी। नवंबर 2025 में 11.5 किमी लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर को तोड़ना शुरू कर दिया गया। इन ड्यूटी-फ्री उपकरणों को कबाड़ में बेचा जाने लगा। इनमें आरएफआईडी गेट (फेयर गेट), अंडरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर केबल, अन्य उपकरण शामिल हैं। केंद्र, वर्ल्ड बैंक और कस्टम से लेनी थी अनुमति बीआरटीएस कॉरिडोर तोड़ने से पहले एआईसीटीएसएल के सीईओ अर्थ जैन और बीआरटीएस प्रभारी अभिनव चौहान को वर्ल्ड बैंक, केंद्र सरकार और कस्टम विभाग को जानकारी देनी थी। एआईसीटीएसएल ने किसी से भी अनुमति नहीं ली। टेंडर निकालकर निजी एजेंसी को ठेका दे दिया। कस्टम विभाग ने ये दस्तावेज मांगे चुकानी पड़ेगी कस्टम ड्यूटी ड्यूटी-फ्री सामान बेचने से पहले विभाग को सूचना देना जरूरी है। नियमों के मुताबिक बेचने पर संबंधित कस्टम ड्यूटी चुकानी होती है। हमने एआईसीटीएसएल को नोटिस जारी किया है। तय प्रक्रिया के तहत उन्हें कस्टम ड्यूटी चुकानी पड़ेगी। - रजत सक्सेना, एडिशनल कमिश्नर, कस्टम विभाग, इंदौर नोटिस की जानकारी नहीं हैकस्टम विभाग ने नोटिस भेजा है, इसकी जानकारी नहीं है। पता करके ही कुछ कहा जा सकता है। -अर्थ जैन, सीईओ, एआईसीटीएसएल
कमर्शियल PNG भी महंगी:उद्योगों ने लागत कम करने उत्पादन घटाया
अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण उद्योगों को मिलने वाले पीएनजी गैस के दाम बढ़ गए हैं। साथ ही इसके स्लैब में भी बदलाव हुआ है। इसका सीधा असर उत्पादन और रोजगार पर होने लगा है। पहले कुल उपयोग की 80 प्रतिशत गैस 60 रुपए एससीएम (स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर) मिलती थी और बाकी 20 प्रतिशत करंट रेट(करीब 95 रुपए) पर मिलती थी। अब सामान्य कीमत पर उपयोग की सीमा घटाकर 65 फीसदी कर दी है। वहीं स्पॉट गैस(तात्कालिक मांग के अनुसार रेट) के दाम भी 119 रुपए कर दिए हैं। उद्योग पूरी खपत का उपयोग करें तो औसत दर सामान्य से 45 फीसदी ज्यादा पड़ रही है। इससे खासकर कन्फेक्शनरी, फार्मा व प्लास्टिक उद्योगों का लागत गणित बिगड़ने लगा है। लागत बनाए रखने के लिए कुछ उद्योग 65 फीसदी खपत के बाद उत्पादन बंद कर रहे हैं। कमर्शियल एलपीजी सप्लाय में कमी से पहले ही उद्योगों में उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है। अब पीथमपुर, सांवेर रोड, पालदा और राउ स्थित पीएनजी उपयोगकर्ता उद्योगों पर भी भार पड़ रहा है। उद्योगपति राजेश ढींगरा ने बताया, कंपनी ने नया शेड्यूल व रेट दे दिए हैं। अब औसत दाम 50 फीसदी तक बढ़े हुए मिलेंगे। ऐसे में प्रतिस्पर्धी लागत पर उत्पाद बनाना संभव नहीं होगा। घरेलू पीएनजी के दाम में बदलाव नहींअवंतिका गैस लिमिटेड के मीडिया प्रबंधक सुमित सिंह के अनुसार घरेलू पीएनजी के दाम में बदलाव नहीं किए हैं। यह 52 रुपए यथावत है। सीएनजी भी 93 रुपए यथावत है। स्पॉट गैस के दाम बढ़ने से कमर्शियल में 65% से ज्यादा उपयोग पर रेट बढ़ाए हैं। स्थिति सुधरने पर इसमें बदलाव करेंगे। पीएनजी का नया कमर्शियल कनेक्शन महंगाकई उद्योग एलपीजी से पीएनजी पर शिफ्ट होना चाहते हैं। एआईएमपी के अध्यक्ष योगेश मेहता व सचिव तरुण व्यास ने बताया कि कंपनी नए कनेक्शन के रेट 120 रुपए बता रही है, जो ज्यादा है। हम इसको लेकर चर्चा कर रहे हैं।
संसद में बजट सत्र के दूसरे फेज का आज 11वां दिन है। सूत्रों के मुताबिक सत्र को 2 अप्रैल से पहले ही स्थगित किया जा सकता है। बजट सत्र को छोटा कर बाद में चुनावों के बाद फिर से शुरू करने की भी योजना हो सकती है। साथ ही सरकार महिला आरक्षण कानून में बदलाव के लिए अभी संविधान संशोधन बिल लाने के विचार में नहीं है। लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 816 करने और 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रस्ताव फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगा। इस सत्र में इससे जुड़ा बिल पेश होने की संभावना बहुत कम है। इस मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से चर्चा जरूरी मानी जा रही है। कुछ दलों से बातचीत हो चुकी है, लेकिन सभी से सहमति अभी नहीं बनी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया के हालात पर मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग जारी रही तो इसके दुष्परिणाम होंगे। आने वाला समय देश की सबसे बड़ी परीक्षा लेने वाला है। इसमें राज्यों का सहयोग जरूरी है। टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। विशेषाधिकार समिति की बैठक होगी 2026-27 के लिए लोकसभा की विशेषाधिकार समिति की पहली बैठक बुधवार को होगी। इसकी अध्यक्षता भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद करेंगे और बैठक में सदस्यों का परिचय कराया जाएगा। सदन के दूसरे फेज के पिछले 10 दिन की कार्यवाही… 24 मार्च : मोदी बोले- होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में मंगलवार को 21 मिनट बोले। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में हमारे जहाज और भारतीय क्रू फंसे हुए हैं। ये चिंताजनक है। हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। गैस-तेल, फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई पर असर पड़ा है। पूरी खबर पढ़ें… 23 मार्च : पश्चिम-एशिया संकट पर मोदी बोले- 41 देशों से तेल-गैस इंपोर्ट कर रहे पश्चिम एशिया में जंग के हालातों पर पीएम मोदी ने पहली बार सार्वजनिक बयान दिया। लोकसभा में 25 मिनट की स्पीच में उन्होंने कहा कि तनाव खत्म होना चाहिए। बातचीत से ही समस्या का समाधान है। पीएम ने कहा कि नागरिकों और पावर प्लांट पर हमले मंजूर नहीं हैं। होमुर्ज का रास्ता रोकना स्वीकार नहीं होगा। पूरी खबर पढ़ें… 18 मार्च : देवगौड़ा सहित 59 सांसदों की राज्यसभा से विदाई अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 के बीच राज्यसभा से रिटायर हो रहे 59 सांसदों को विदाई दी गई। इनमें पूर्व पीएम एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, सभापति हरिवंश, आरपीआई नेता रामदास आठवले शामिल हैं। हालांकि पवार और आठवले राज्यसभा के लिए फिर चुन लिए गए। इस दौरान पीएम मोदी ने संसद को एक ओपन यूनिवर्सिटी बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में कभी पूर्ण विराम नहीं होता। भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव हमारे राष्ट्रीय जीवन का स्थायी हिस्सा बना रहेगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 मार्च : लोकसभा से 8 विपक्षी सांसदों का निलंबन हटा लोकसभा में मंगलवार को पहले फेज के दौरान निलंबित किए गए 8 सांसदों पर लगा सस्पेंशन हटा दिया गया। इनमें कांग्रेस के 7 और लेफ्ट के एक सांसद हैं। ये आठ सांसद 4 फरवरी को लोकसभा से पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित किए गए थे। उन पर हंगामा करने के दौरान स्पीकर पीठासीन कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप लगा था। यह हंगामा उस समय हुआ था जब राहुल गांधी सदन में पूर्वी लद्दाख में 2020 के भारत-चीन सीमा तनाव का जिक्र कर रहे थे। पूरी खबर पढ़ें… 16 मार्च : राज्यसभा में LPG संकट पर हंगामा, खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया बजट सत्र के दूसरे फेज में सोमवार को लोकसभा में पहली बार प्रश्नकाल बिना किसी हंगामे के पूरा हुआ। इधर राज्यसभा में LPG सिलेंडर के संकट को लेकर हंगामा हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि LPG की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते। पूरी खबर पढ़ें… 13 मार्च : LPG संकट पर संसद में विपक्ष की नारेबाजी:वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों विपक्षी सांसदों ने शुक्रवार को संसद परिसर में LPG संकट के खिलाफ प्रदर्शन किया। राहुल गांधी समेत विपक्ष के सांसदों ने 8 निलंबित सांसदों की वापसी की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा- सदन की मेजों पर चढ़ोगे तो यही एक्शन होगा। लोकसभा में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि विदेशों में हो रहे घटनाक्रम के कारण हमारे देश में कुछ मुश्किलें खड़ी हो रही हैं। सरकार जरूरी फंड मुहैया कराने और पूरी तरह तैयार रहने के लिए कदम उठा रही है। पूरी खबर पढ़ें… 12 मार्च: राहुल बोले- पेट्रोलियम मंत्री ने एपस्टीन को दोस्त कहा था; स्पीकर ने बोलने से रोका, एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगे राहुल गांधी ने लोकसभा में गुरुवार को LPG संकट का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, ‘किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है। अगर अमेरिका यह तय करे कि हम रूस से गैस या तेल खरीद सकते हैं या नहीं, तो यह समझ से परे है। पेट्रोलियम मंत्री खुद कह चुके हैं कि वे एपस्टीन के दोस्त हैं। स्पीकर बिरला ने राहुल को रोका। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री से बोलने को कहा। पुरी ने जैसे ही बोलना शुरू किया, विपक्षी सांसद एपस्टीन-एपस्टीन के नारे लगाने लगे। पूरी खबर पढ़ें… 11 मार्च : शाह बोले- आंख मारने वाले स्पीकर पर सवाल उठा रहे; LPG कीमत बढ़ोतरी पर लोकसभा में हंगामा बुधवार को सदन की शुरुआत होते ही विपक्षी सदस्यों ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और कई सदस्य वेल में पहुंच गए। विपक्ष का विरोध जारी रहने के कारण अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे दिलीप सैकिया ने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं शाह ने राहुल पर आरोप लगाया कि राहुल सदन में PM मोदी से आकर गले लग जाते हैं। आंख मारते हैं। फ्लाइंग किस देते हैं। मुझे तो बोलने में भी शर्म आती है। ये स्पीकर के आचरण पर सवाल करते हैं। अपने आचरण पर भी तो सवाल करिए। पूरी खबर पढ़ें… 10 मार्च : गोगोई बोले- राहुल को 20 बार टोका गया; रिजिजू का जवाब- प्रियंका को नेता प्रतिपक्ष बनाते तो अच्छा होता कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में कहा कि 2 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी जब बोल रहे थे, तब उन्हें बार-बार रोका गया। स्पीकर सर ने उनके तर्क पर सबूत देने का कहा। 9 फरवरी को शशि थरूर जब बोल रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। इस पर संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रियंका को LoP बनाते तो कुछ अच्छा होता। देखिए प्रियंका हंस रही हैं। जो अच्छा व्यवहार करे तो उसकी सराहना करनी चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 9 मार्च: वेस्ट एशिया पर संकट जयशंकर बोले- हम शांति और बातचीत से समाधान के पक्ष में विदेश मंत्री ने सोमवार को पहले राज्यसभा में और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और एनर्जी संकट को लेकर तैयारियों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि इस समय ईरान की लीडरशिप से कॉन्टैक्ट मुश्किल है, लेकिन भारत शांति और बातचीत के पक्ष में है। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी-13 फरवरी: बजट सत्र का पहला फेज 13 फरवरी : लोकसभा में 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगे, BJP बोली- राहुल सत्ता पाने को देश का बंटवारा चाहते थे बजट सत्र के 13वें दिन लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही पूरे दिन नहीं चल पाईं। सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने 'हरदीप पुरी इस्तीफा दो' के नारे लगाने शुरू कर दिए। वहीं BJP सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर आरोप लगाए कि वे सत्ता पाने के लिए देश के बंटवारे की प्लानिंग कर रहे थे। पूर खबर पढ़ें… 12 फरवरी : भाजपा सांसद ने राहुल की सदस्यता खत्म करने का नोटिस दिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार राहुल गांधी के खिलाफ सदन में उनकी स्पीच के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस लाने की तैयारी में है। इस पर प्रियंका गांधी ने कहा था कि मोदीजी ने छाती 56 इंच की नपवाई थी। उनके खिलाफ भी प्रस्ताव आना चाहिए। पूरी खबर पढ़ें… 11 फरवरी : राहुल बोले- अडाणी पर केस मोदी पर दबाव बनाने के लिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पर चर्चा के दौरान एपस्टीन फाइल्स और अडाणी पर अमेरिका में चल रहे केस का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अडाणी पर चल रहा केस, दरअसल मोदी पर दबाव बनाने का तरीका है। पूरी खबर पढ़ें… 10 फरवरी : लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश विपक्ष ने संसद की कार्यवाही के 10वें दिन लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस पेश किया था। इसमें 118 सांसदों के हस्ताक्षर थे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ओम बिरला अब लोकसभा नहीं जाएंगे। अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद ही वह स्पीकर की चेयर संभालेंगे। पूरी खबर पढ़ें… 9 फरवरी: लोकसभा केवल 13 मिनट चली, विपक्ष की मांग राहुल गांधी को बोलने दें बजट सत्र के 9 वें दिन लोकसभा की कार्यवाही केवल 13 मिनट ही चल पाई थी। विपक्ष सदन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करता रहा था। राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि 1 घंटा पहले स्पीकर के पास हम गए, स्पीकर ने हमें कमिट किया कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिए जाएगा, आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि आप मुझे बोलने देंगी या नहीं। पूरी खबर पढ़ें… 6 फरवरी: केंद्रीय मंत्री बिट्टू बोले- राहुल PM की पाठशाला जाएं तो कामयाब होंगे लोकसभा में हंगामा और नारेबाजी हुई। पहली बार 3 मिनट और दूसरी बार 7 मिनट तक ही कार्यवाही चल सकी। इसके बाद लोकसभा 9 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा को भी सोमवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया था। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी : लोकसभा में PM की स्पीच के बिना धन्यवाद प्रस्ताव पास, राज्यसभा में 97 मिनट बोले बजट सत्र के 7वें दिन लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव हंगामे के बीच पास हुआ। 2004 के बाद पहली बार यह प्रस्ताव प्रधानमंत्री के भाषण के बिना पास हुआ। प्रधानमंत्री ने राज्यसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर करीब 97 मिनट का भाषण दिया था। पूरी खबर पढ़ें… 4 फरवरी : स्पीकर के ऑफिस में BJP और विपक्ष के सांसदों के बीच बहस लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी परिवार और कांग्रेस पर लिखी किताबें और नोट्स दिखाए। उन्होंने कहा कि इन किताबों में गांधी परिवार और कांग्रेस परिवार की मक्कारी, गद्दारी, भ्रष्टाचार और अय्याशी का जिक्र है। पूरी खबर पढ़ें… 3 फरवरी : राहुल ने कहा- मैं विपक्ष का नेता, मुझे बोलने नहीं दिया जा रहा लोकसभा में राहुल ने कहा था कि एक दिन पहले मैंने इस आर्टिकल पर अपना भाषण शुरू किया था। स्पीकर सर ने कहा था इसे ऑथेंटिकेट करें। मैं आज इसे ऑथेंटिकेट कर रहा हूं। मैंने जैसा कल कहा था कि राष्ट्रपति की स्पीच में नेशनल सिक्योरिटी का महत्वपूर्ण मुद्दा है। वैसे ही हंगामा होने लगा। राहुल बोले- मुझे परमिशन नहीं दी जा रही है। मैं विपक्ष का नेता हूं। पूरी खबर पढ़ें… 1 फरवरी : बजट 2026-27 पेश- ऑपरेशन सिंदूर के बाद रक्षा बजट 15% बढ़ा, इनकम टैक्स में बदलाव नहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया। वे संसद में 85 मिनट बोलीं, लेकिन आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया। हालांकि टैक्स फाइल करने में सहूलियत, रेलवे प्रोजेक्ट और 3 नए आयुर्वेदिक AIIMS जैसी नई बातें कही हैं। पूरी खबर पढ़ें… 29 जनवरी: देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' संसद में पेश, पीएम बोले थे- हमारी रिफॉर्म एक्सप्रेस चल पड़ी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश का 'आर्थिक रिपोर्ट कार्ड' यानी इकोनॉमिक सर्वे लोकसभा में पेश किया गया। इस सर्वे में बताया गया है वित्त वर्ष 2026-2027 में जीडीपी ग्रोथ 6.8% से 7.2% की रेंज में रहने का अनुमान है। पीएम ने सदन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए कहा था- हमारी सरकार की पहचान रही है, रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। अब हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… 28 जनवरी : राष्ट्रपति ने 45 मिनट स्पीच दी, कहा- ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून मुद्दों का जिक्र किया संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। राष्ट्रपति ने अपनी 45 मिनट की स्पीच में ऑपरेशन सिंदूर, VB- जी राम जी कानून, दुनिया में भारत की भूमिका जैसे मुद्दों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में वर्तमान में 150 वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। पूरी खबर पढ़ें…
साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से मध्य प्रदेश में मंगलवार को मौसम के दो रंग देखने को मिलें। पूर्वी व पश्चिमी हिस्से में जहां बादल छाए रहे तो भोपाल, इंदौर-उज्जैन संभाग में तेज गर्मी रही। यहां पारा 38 डिग्री के पार पहुंच गया। ऐसा ही मौसम बुधवार को भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने 27 और 28 मार्च को प्रदेश में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि 26 मार्च को उत्तर-पश्चिमी भारत में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। जिसका असर 2 दिन तक ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग के जिलों में देखने को मिलेगा। 28 मार्च को एक और नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो सकता है। यह भी असर दिखाएगा। रीवा-सागर में बारिश, खंडवा-रतलाम में गर्मी मौसम विभाग के अनुसार, बीती रात रीवा और सागर में हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं, मंगलवार को मालवा-निमाड़ काफी गर्म रहा। खंडवा में पारा 38.1 डिग्री और रतलाम में पारा 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। नर्मदापुरम में 37.8 डिग्री, खरगोन-रायसेन में 37.6 डिग्री, धार-मंडला में 36.5 डिग्री, नरसिंहपुर में 36 डिग्री रहा। बड़े 5 शहरों की बात करें तो उज्जैन में सबसे ज्यादा 35.8 डिग्री, भोपाल में 34.4 डिग्री, इंदौर में 35 डिग्री, ग्वालियर में 33.5 डिग्री और जबलपुर में 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। चार दिन से 45 जिलों में गिरा पानी, ओलावृष्टि भी हुई बता दें कि पिछले 4 दिन से एक्टिव स्ट्रॉन्ग सिस्टम से कुल 45 जिलों में आंधी-बारिश का दौर रहा। इनमें से 17 जिलों में ओले भी गिरे। तेज आंधी की वजह से केला, पपीता और गेहूं की फसलों पर असर पड़ा। ऐसे में अब किसान मुआवजे की मांग उठा रहे हैं। धार, खरगोन समेत कई जिलों में ज्यादा असर रहा। फरवरी में 4 बार ओले गिरे, मार्च में तीन बार इस बार फरवरी में मौसम का मिजाज चार बार बदला। शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। फिर चौथी बार 23-24 फरवरी को भी ओले-बारिश का दौर रहा। मार्च में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो गई। पहले पखवाड़े में तेज गर्मी वाला मौसम रहा। इसी बीच अब मौसम का मिजाज बदल रहा है। मौसम विभाग की माने तो इस सीजन मार्च में पहली बार स्ट्रॉन्ग सिस्टम एक्टिव हो गया। जिसका असर चार दिन तक बना रहा। इसकी वजह से लगातार तीन दिन तक ओले गिर चुके हैं। अब 26 मार्च से नया सिस्टम एक्टिव होगा। इसके बाद 29 मार्च को भी नया सिस्टम सक्रिय होने के आसार है। मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में बारिश का दौर रह चुका है। वहीं, रात का तापमान स्थिर है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड... भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। इंदौर में 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका पारा इंदौर में मार्च से गर्मी का असर तेज होने लगता है। यहां दिन का पारा 41.1 डिग्री तक पहुंच चुका है, जो 28 मार्च 1892 को दर्ज किया गया था। 4 मार्च 1898 को रात में पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक रहा था। 24 घंटे में करीब एक इंच बारिश होने का रिकॉर्ड है, जबकि पूरे महीने में दो इंच पानी गिर चुका है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में 2 से 3 दिन बारिश होती है। कभी-कभी धूल भरी हवा की रफ्तार भी तेज होती है। ग्वालियर में गर्मी, ठंड-बारिश का ट्रेंड मार्च महीने में ग्वालियर में गर्मी, ठंड और बारिश तीनों का ही ट्रेंड है। 31 मार्च 2022 को दिन का पारा रिकॉर्ड 41.8 डिग्री पहुंच गया था, जबकि 1 मार्च 1972 की रात में न्यूनतम तापमान 5.4 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका है। साल 2015 में पूरे महीने 5 इंच से ज्यादा पानी गिरा। वहीं, 12 मार्च 1915 को 24 घंटे में करीब 2 इंच बारिश हुई थी। जबलपुर में मार्च की रातें रहती हैं ठंडी जबलपुर में मार्च में भी रातें ठंडी रहती हैं। पारा औसत 15 डिग्री के आसपास ही रहता है। वहीं, दिन में 36 से 40 डिग्री के बीच तापमान दर्ज किया जाता है। 31 मार्च 2017 को दिन का पारा 41.2 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है, जबकि 4 मार्च 1898 में रात का तापमान 3.3 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां मार्च में मावठा भी गिरता है। पिछले 10 में से 9 साल बारिश हो चुकी है। उज्जैन में दिन रहते हैं गर्म, 6 दिन बारिश का ट्रेंड भीउज्जैन में दिन गर्म रहते हैं। 22 मार्च 2010 को पारा रिकॉर्ड 42.5 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। वहीं, 1 मार्च 1971 की रात में न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री रहा था। पिछले साल दिन में तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। उज्जैन में 2017 सबसे गर्म साल रहा था। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने बारिश भी होती है। एक दिन में पौने 2 इंच बारिश का रिकॉर्ड 17 मार्च 2013 का है।
हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों में निश्शुल्क पढ़ाई के लिए चिराग योजना के तहत 30 मार्च तक आवेदन किए जा सकते हैं। जिस स्कूल में ज्यादा आवेदन होंगे, वहां का फैसला 1 से 5 अप्रैल के बीच ड्रॉ के माध्यम से किया जाएगा। योजना का लाभ केवल उन्हीं बच्चों को मिलेगा, जो इस साल सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रदेश भर के 1108 प्राइवेट स्कूलों में 47 हजार सीटों का ब्यौरा दिया है। जिन्हें शिक्षा विभाग की चिराग योजना के तहत रिजर्व किया गया है। रिजर्व सीटों पर कक्षा 6 से 12वीं तक आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के स्टूडेंट को दाखिला मिलेगा। विभाग इसके लिए पूरा शेड्यूल भी जारी कर दिया है। खास बात यह है कि छात्र केवल उसी ब्लॉक के प्राइवेट स्कूल में दाखिले के लिए पात्र होंगे, जिसमें वे फिलहाल पढ़ रहे हैं। हालांकि वे एक ही खंड के एक से अधिक स्कूलों में एडिमशन के लिए आवेदन कर सकते हैं। हर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर मिलेगी सूचना हरियाणा के सभी प्राइवेट स्कूलों को अपने यहां रिक्त सीटों की संख्या को नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। वहीं स्कूलों को निर्देशित किया है कि एक से 15 अप्रैल के बीच दाखिला प्रक्रिया को सम्पन्न किया जाए तथा सफल छात्रों की सूची स्कूल नोटिस बोर्ड पर लगाएं। निर्धारित तिथि तक दाखिला न लेने पर उनकी रिक्त सीटों पर प्रतीक्षा सूची के छात्रों के दाखिले 16 से 30 अप्रैल तक किया जाएगा। DEO तय करेंगे मनोनीत सदस्य जिला शिक्षा अधिकारी और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सम्बन्धित विद्यालयों में विभागीय मनोनीत सदस्य नियुक्त करेंगे। जिसके लिए वह विद्यालय के नजदीक के खंड शिक्षा अधिकारी /सरकारी विद्यालय के किसी प्राचार्य / मुख्याध्यापक /पीजीटी / अध्यापक में से किसी एक को नियुक्त कर सकते हैं। छात्रों के लिए जरूरी दस्तावेज
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोट करने के मामले में कांग्रेस में घमासान तेज हो गया है। अब कांग्रेस के भीतर ही उन 5 विधायकों को पार्टी से बाहर करने की मांग उठने लगी है, जिन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी को वोट दिया। सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया ने कहा- इन विधायकों ने होटल में कांग्रेस की प्लेट खाई और वोट BJP को दिया। सेतिया ने कहा- कांग्रेस के अपनी सरकार गिरने का तो डर है नहीं, फिर 5 विधायकों को पार्टी से निकालकर सख्त संदेश जरूर देना चाहिए। साथ ही उन 4 विधायकों का नाम भी सामने लाने चाहिए, जिनके वोट कैंसिल हुए। क्रॉस वोट में नाम आने पर एक दिन पहले ही हथीन विधायक मोहम्मद इसराइल ने कहा था- मैंने अपने मन की कर ली, अब कांग्रेस अपने मन की करके देख ले। मैं कांग्रेस से अगला चुनाव नहीं लड़ूंगा। अब इस पर कमेंट करते हुए सेतिया ने कहा… अगर वोट नहीं देना था, तो हमारी मीटिंग में क्यों आते रहे। पार्टी का प्लेट खर्च क्यों बढ़ाया। हमारे साथ शिमला ना जाते। अब क्या बदबू आने लगी कांग्रेस में। जानिए..राज्यसभा चुनाव के बाद चल रही उठा-पटक पर क्या बोले सेतिया सवाल: क्रॉस वोट करने वाले विधायकों पर कांग्रेस को क्या एक्शन लेना चाहिए?विधायक: उनको एक तरफ करें, कौन सा सरकार गिर रही है। अभी 37 हैं तो 32 हो जाएंगे। बुरे से बुरा सोचकर देख लो, वक्त बदलता है। मान लेंगे बुरा समय चल रहा है। कै सरकार ढह ज्यां गी, इनको सबक सिखानो जरूरी है, मारै कन्नै बेशक लेट जा, इनको सबक सिखाना जरूरी है। तब एक उदाहरण पेश होगा आने वाले समय में कि ऐसा घटिया काम किया है। सवाल: रतिया विधायक जरनैल सिंह का कहना है कि कांग्रेस के सभी विधायक CM से चोरी से मिलते हैं और काम करवाते हैं?विधायक: मैं तो कभी चोरी से मिला नहीं। ना मैंने गलत वोट डालने के बाद तारीफ की। मैंने तो सीधा कांग्रेस को वोट दिया। व्यक्तिगत तौर पर सीएम नायब सिंह सैनी की दिल से तारीफ करता था और आज भी करता हूं। जो मुझे मान-सम्मान देते हैं, उनके लिए क्यों किसी प्रकार से गलत लैंग्वेंज इस्तेमाल करूं। मैं तो बीजेपी में भी था और धरने पर बैठ जाता था। सवाल: पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह की सद्भावना यात्रा में क्यों शामिल नहीं हुए?विधायक: मेरा आज का प्रोग्राम दो दिन पहले से ही तय था। सुबह से जनता दरबार में लगा था। कुछ राज्यसभा चुनाव तो कुछ विधानसभा सेशन के कारण पहले व्यस्त रहा था। इन दिनों शादी- समारोह भी ज्यादा हैं। सवाल: जिनके वोट कैंसिल हुए, उनके नाम नहीं आए, किन पर शक लग रहा ?विधायक: उनको सबक सिखाना चाहिए। तुम हजारों वोट लेना जानते हो, अपना वोट डालना नहीं आता। उसमें करना क्या था, उसे छिपाकर सिंपल लाइन लगाकर डालना था। पीछे से डॉट कहां से आ गई। ट्रेनिंग तीन-तीन बार हो गई, इतना भोला थोड़ा है कोई। हमें तो चार-चार बार बताया गया कि लाइन बिलकुल सीधी रखनी है। हम विधायक हैं, ऐसे कैसे हो सकता है। सवाल: कांग्रेस के पोलिंग एजेंट क्या वोट डालते समय टिक देख नहीं पाए ?विधायक: वो बैकसाइड थी ना, वो प्लेन नहीं थी, वो प्रिंटेड थी। कई बार नजर भी नहीं पड़ती। जो कैंसिल हुए है, उनको तो डिसक्लॉज करना चाहिए। वो किस कारण से कैंसिल हुई है, उसका बैलेट नंबर क्या है। सवाल: राज्यसभा चुनाव में विधायक कैसे दबाव में आए और शक की सुई आप पर भी थी?विधायक: जो 4 वोट कैंसिल हुए है, वो सामने नहीं आ रहे। आने वाले समय में बड़े लोगों को अंदर से हौंसला मिल जाएगा कि इस तरह वोट कैंसिल कराया। 4 वोटों को डिसक्लॉज किया जाता तो उनको पता चलता कि गलत काम करने का क्या नतीजा होता है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो 5 ऐसा सरेआम कर गए और 4 ने चोरी-चुपके से किया। ये 4-5 वाला आंकड़ा कितना भी बढ़ सकता है। बीमारी को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। अब समय है उन 4 लोगों की पहचान करना। सवाल: क्या आप समझते हैं कि राज्यसभा की तरह विधानसभा में खेला हुआ?विधायक: देखिए, जीत का कोई कारण नहीं, हार का कारण होता है। ठीक है, साढ़े 3 साल बचे हैं। इस राज्यसभा में जो गड़बड़ियां हुई, इसी पर सख्त एक्शन लेकर शुरुआत करनी चाहिए। जब ऐसे विधायक पार्टी से निष्कासित होंगे, तब इनका बैंच चेंज हो जाएगा और री-इलेक्शन की बात आती है तो इनको लोग बताएंगे कि किस प्रकार से गद्दारी की जाती है। इन पर जो टैग लगेगा और पता लगेगा कि क्या स्टेप उठाया है, अपने कैरियर का नाश कर लिया। नहीं तो ये यहीं कहेंगे कि नेता प्रतिपक्ष ने पक्षपात किया है। सवाल: कैंसिल वोट में आपका नाम आया तो धरने पर बैठे, फिर मान कैसे गए?विधायकः जब मेरा और नांगल चौधरी से विधायक मंजू चौधरी के नाम पर बात आई, तो हम धरने पर बैठे। तभी नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा आए और साफ कहा कि इनका बीच में कोई रोल नहीं है। हमें सम्मान से उठाकर लेकर गए। हमने राय रखी कि उन चार नामों की पहचान होनी चाहिए।
गुरुग्राम में नर्स काजल की हत्या केस में बड़ा खुलासा हुआ है। पति अरुण ने काजल को एक नहीं बल्कि दो घातक इंजेक्शन लगाए थे। इनमें एक पेन किलर के रूप में इस्तेमाल होने वाला डाइक्लोफेनेक और दूसरा एनेस्थीसिया का इंजेक्शन था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अरुण ने काजल से झगड़े के बाद दोनों इंजेक्शन एक साथ लगाए। जिसके बाद उसकी नाक से खून बहने लगा, इसके साइड इफेक्ट से काजल की मौत हो गई। आरोपी अरुण खुद भी नशे की पूर्ति करने के लिए एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लेता था। पुलिस आशंका जता रही है कि उसे पहले से ही इंजेक्शन के साइड इफेक्ट और ओवरडोज से काजल की मौत होने का अंदेशा था। हालांकि, अरुण बार-बार बयान बदल रहा है। पहले पूछताछ में उसने ये भी बताया था कि रुपए मांगने पर काजल ने उसे थप्पड़ भी मारे थे। जिसके बाद गुस्से में काजल को मारा। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया है। डाइक्लोफेनेक भी लगाया, शीशी नहीं मिली डाइक्लोफेनेक और एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाने के बाद अरुण ने सिरिंज को बाथरूम में ही फेंक दिया। परिवार ने जब सिरिंज देखी तो पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस जांच में नाले से एनेस्थीसिया इंजेक्शन की खाली शीशी और एक अन्य सिरिंज बरामद हुई। हालांकि अभी डाइक्लोफेनेक इंजेक्शन नहीं मिल सका है। लेफ्ट हेंड पर इंजेक्शन का निशान पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने इस बात की पुष्टि की थी कि काजल के लेफ्ट हेंड पर इंजेक्शन लगाने का निशान मिला है। हालांकि विसरा जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेगा। परिवार का कहना था कि काजल की नाक से खून निकला था, जिसके बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सोशल मीडिया पर एक्टिव थी काजल अरुण काजल से पैसे की मांग करता था। कई बार उसे दहेज के लिए भी प्रताड़ित किया। परिवार ने भी आरोप लगाया था कि अरुण उसके साथ बार बार मारपीट करता था। हालांकि काजल खुद को खुश दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर लगातार एक्टिव रहती थी। मौत से पहले काजल लगातार सोशल मीडिया पर कई रील्स पोस्ट करती रहती थी। अब पढ़िए काजल डेथ केस की पूरी कहानी... SHO बोले- कोर्ट में चार्जशीट पेश करेंगे सेक्टर-10 थाने के SHO कुलदीप सिंह ने कहा कि आरोपी अरुण को रिमांड के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने कई अहम सुराग बरामद किए हैं। इस मामले की इंवेस्टिगेशन पूरी हो गई है। तय समय में कोर्ट में चार्जशीट पेश की जाएगी। -------------- यह खबर भी पढ़ें… गुरुग्राम नर्स हत्याकांड, एनेस्थीसिया के ओवरडोज से मौत: नाले से शीशी मिली, हाथ पर इंजेक्शन का निशान; 4 महीने पहले लव मैरिज, पति अरेस्ट गुरुग्राम में नर्स काजल की मौत के केस में पुलिस को बड़े सुराग हाथ लगे हैं। जांच में काजल के मकान के बाहर नाले से एनेस्थीसिया इंजेक्शन की खाली शीशी और नीडल बरामद हुई है। वहीं, पोस्टमॉर्टम में डॉक्टरों को काजल के बाएं हाथ पर इंजेक्शन का निशान भी मिला है। (पूरी खबर पढ़ें)
सामूहिक आयोजनों में परंपरागत भट्ठियों का उपयोग
बामंदी| युद्ध व विषम परिस्थितियों से पैदा हुई रसोई गैस की किल्लत का असर अब त्योहारों पर दिखने लगा है। क्षेत्र में गणगौर पर्व पर इस बार गैस चूल्हों की जगह ईंट व मिट्टी की पारंपरिक भट्ठियां का आयोजन सामूहिक भोज में हुआ। सिलेंडर नहीं मिलने से ग्रामीणों को पुराने तरीके अपनाने पड़े। गांव में गणगौर पर्व श्रद्धा व उत्साह से मनाया गया। हर साल की तरह इस बार भी मनोरथी परिवारों ने सामूहिक भोज रखा। इसमें समाज के सभी वर्गों के लोगों ने शामिल होकर प्रसादी ली। सुभाष पटेल ने बताया युद्ध व विषम हालात से गैस सप्लाय प्रभावित हो रही है। गैस टंकियों की उपलब्धता में कमी आई। किल्लत को देखते हुए भट्ठियों की व्यवस्था की गई। आयोजन स्थल पर बड़े स्तर पर ईंट व मिट्टी से भट्ठियां बनाई गईं। गोबर के कंडों की व्यवस्था भी की। कड़वा पटेल ने बताया लकड़ी की भट्ठियों से पुरानी संस्कृति व स्वाद भी लौटा। पारंपरिक चूल्हे का खाना ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। गैस किल्लत का असर अब शादी आयोजनों पर भी पड़ता दिख रहा है। गणगौर के बाद क्षेत्र में विवाह आयोजनों का सिलसिला शुरू होगा। पंगत व दूसरे कामों में रसोई गैस की जरूरत पड़ेगी। किल्लत के कारण आयोजन वाले परिवार पहले से गैस टंकियों की जुगत में लगे हैं। परिचितों और रिश्तेदारों से टंकियां जुटाई जा रही हैं। जरूरत के मुताबिक टंकियां फिर भी नहीं मिल पा रहीं। ऐसे में कई परिवार पारंपरिक भट्ठियां तैयार करने पर विचार कर रहे हैं।
बैंडबाजों के साथ निकला चल समारोह, ज्वारों का हुआ विसर्जन
बेड़िया| गणगौर पर्व धूमधाम से मनाया गया। रविवार व सोमवार को माता को पानी पिलाने के बाद मंगलवार को ज्वारों का विसर्जन किया गया। इससे पहले झालरिया गीतों से आराधना की गई। दोपहर 12 बजे भंडारा हुआ। शाम को नगर के गणेश मंदिर चांदनी चौक से सनावद रोड स्थित माता की बाड़ी तक बैंडबाजे के साथ माता के रथों का चल समारोह निकाला गया। सोनी परिवार, राधे राधे मित्रमंडल, कैथवास परिवार व नायरा पंप परिवार ने पानी, रसना, शरबत आदि के स्टॉल लगाकर निशुल्क सेवा दी। माता की बाड़ी में महिलाओं ने पूजा की। ज्वारों को गले लगाकर नम आंखों से जयकारों के साथ विसर्जन किया। सुरक्षा व्यवस्था में थाना प्रभारी रामेश्वर ठाकुर की टीम तैनात रही। सरपंच चंद्रपाल सोहनेर ने सफाई व प्रकाश व्यवस्था की। ग्राम पटेल लक्ष्मण छापरिया ने कहा आयोजन शांतिपूर्ण रहा।
रथों के चल समारोह में महिलाओं ने किया गरबा और नृत्य
पीपलझोपा| गांव में गणगौर पर्व का समापन हुआ। सोमवार को मन्नतधारी विकास मालवीया ने रथ बौड़ाए। कलाल समाज धर्मशाला में गांव के सभी रथ एकत्रित हुए। यहां माता का जलाभिषेक व पूजा की गई। महिलाओं ने रातभर भजन-कीर्तन किया। जागरण से माता की आराधना की। मालवीया ने 50 से अधिक जोड़ों को भोजन कराया। माता को भोग लगाकर भंडारे की शुरुआत हुई। शाम को रथों की शोभायात्रा निकाली गई। महिलाओं व बालिकाओं ने डीजे पर गरबा नृत्य किया। युवाओं ने आतिशबाजी की। शोभायात्रा मेन रोड, शिव मंदिर, होली चौक से होकर गणगौर घाट पहुंची। शाम को रूपा नदी तट पर पारंपरिक गीतों के बीच जवारे रूपी माता को विदाई देने का दौर शुरू हुआ। श्रद्धालुओं ने माता रूपी जवारों को गले लगाया व नम आंखों से बेटी की तरह विदाई दी। रथ बौड़ाने वाले परिवारों ने घरों में माता रूपी जवारों की बेटी की तरह पूजा की। शाम को चल समारोह निकले। बाजे-गाजे के साथ गणगौर घाट पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के सामने नतमस्तक होकर विदाई दी।
ऊन| गणगौर पर्व के तहत सोमवार रात यहां रामलीला चौक पर झालरिया भजन संध्या का आयोजन हुआ। निमाड़ी गायक शिव गुप्ता सेल्दा ने अपनी उम्दा देशी ठसक वाली गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायक ने अपने गीतों व चुटकुलों से ऐसा समा बांधा कि श्रोता देर तक झूमते रहे। “रनुबाई पाणी क जाए जाए बड़ी लटका सी लंबी चोटी न लाल फूंदो पाणी भर मटका सी.., माय मक न ही भाव मूंग की दाल पातलई..” जैसे लोकप्रिय निमाड़ी गीतों का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया। सम्मान समारोह भी हुआ। कार्यक्रम के दौरान गायक गुप्ता का सम्मान शाल, श्रीफल व देवी महालक्ष्मी का छायाचित्र भेंट कर किया गया। मुख्य यजमान चंद्रशेखर वर्मा नामदेव, पाटीदार समाज अध्यक्ष दशरथ पाटीदार, गणगौर कमेटी अध्यक्ष सुनील पाटीदार, दशोरा समाज अध्यक्ष अजय गुप्ता, रविन्द्र पाटीदार, लखनलाल पाटीदार, सेवकराम पाटीदार, गजेंद्र सोनी, कालूराम वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रोता मौजूद रहे।
तीन दिन आराधना के बाद नम आंखों से दी विदाई
नागझिरी| गांव में मंगलवार को गणगौर पर्व का समापन हुआ। श्रद्धालुओं ने उत्साह से देवी आराधना की। तीन दिन रात्रि जागरण हुआ। महिला संगीत की धुन रही। रविवार को गांव में मनोरथियों ने 139 रथ बौड़ाए व सोमवार को भंडारे का आयोजन किया। वहीं सोमवार को गणगौर युवा समिति रामलीला मैदान व ग्रामीणों के सहयोग से माता के रथ बौड़ाए। मंगलवार को रामलीला मैदान पर गांव के सर्व समाज के लिए भंडारे का आयोजन किया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी पाई। दिनभर माता के झालरियों की धुन रही। मंगलवार शाम 7 बजे जमुना माता मंदिर धर्मशाला से रथों को सिर पर धारण कर गांव की तक्षक बावड़ी ले जाया गया। यहां जवारे रूपी माता का विसर्जन किया गया। आयोजन में सरपंच शंकर सिंह देवडे, जिला पंचायत उपाध्यक्ष बापूसिंह परिहार, राजेश कुशवाह, हुकुमचंद कुशवाह, लालू कुशवाह, रोशन कुशवाह, संजय कुशवाह, अनिल कुशवाह, दिनेश कुशवाह, मोहित कुशवाह, ओंकार कुशवाह, संतोष बाबा, धन्नालाल कुशवाह सहित ग्राम पंचायत का सहयोग रहा।
आग बुझाकर लौट रही फायर ब्रिगेड हुई बंद, ट्रैक्टर से खींची
भास्कर संवाददाता| पाडल्या नगर परिषद करही-पाडल्या खुर्द की अग्निशमन व्यवस्था सोमवार शाम सवालों के घेरे में आ गई। बागोद गांव से आग बुझाकर लौट रही फायर ब्रिगेड बीच रास्ते में अचानक बंद हो गई। जांच में पता चला कि वाहन का शाफ्ट मैकेनिकल पार्ट टूट गया। इसके बाद गाड़ी चलने लायक नहीं रही। हालात ऐसे बने कि नगर परिषद कर्मचारियों को ट्रैक्टर बुलाना पड़ा। टोचन के जरिए फायर ब्रिगेड को करही तक खींचकर ले जाया गया। मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर से खींची जा रही फायर ब्रिगेड देखकर लोग हैरान रह गए। राहगीरों व स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि आपातकालीन सेवा के वाहन की ऐसी हालत गंभीर लापरवाही दिखाती है। घटना के बाद नगर परिषद की व्यवस्थाओं पर सवाल उठे हैं। लोगों का कहना है कि समय पर रखरखाव नहीं हुआ तो आगे किसी बड़ी आगजनी में हालात बेकाबू हो सकते हैं। नगर परिषद ने वाहन की मरम्मत कर जल्द दुरुस्त करने की बात कही है। लेकिन इस घटना ने सिस्टम की हकीकत सामने रख दी।
असामाजिक तत्वों ने शिव पिंडी को कुएं में फेंका, आक्रोश
बासवा| इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर शासकीय हाईस्कूल के सामने बरगद के पेड़ के नीचे स्थापित शिव पिंडी को अज्ञात लोगों ने कुएं में फेंक दिया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने बताया करीब पांच साल पहले महिलाओं व आसपास के रहवासियों ने यहां ओटला बनाकर शिव पिंडी स्थापित की थी। यहां सुबह-शाम महिलाएं पूजा-पाठ करने व पानी चढ़ाने जाती थी। मंगलवार सुबह 7 बजे महिलाएं जल चढ़ाने पहुंची तो देखा पिंडी अपने स्थान से गायब है। उन्होंने कहा इस प्रकार का कृत्य निंदनीय है। ऐसे लोगों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
20 साल का साथ छूटा, नंदी को दी विदाई
पाडल्या| ग्राम बड़ा पाडल्या में मंगलवार को श्रद्धा व भावुकता के बीच नंदी की अंतिम यात्रा निकाली गई। आशीष चौहान ने बताया सुबह नंदी के प्राण त्यागने की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। दोपहर में ग्रामीणों ने शोभायात्रा निकाली। ट्रैक्टर ट्रॉली को पुष्पमालाओं से सजाया। नंदी के पार्थिव शरीर को ट्रॉली में विराजित किया गया। दोपहर में राजपूत धर्मशाला से ढोल-ताशों व साउंड सिस्टम के साथ शुरू हुई यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर गणगौर घाट पहुंची। युवा, बालिकाएं व ग्रामीण ढोल-ताशों की धुन पर नाचते-झूमते चले। गणगौर घाट पर जेसीबी मशीन से गड्ढा खुदवाकर नंदी को समाधि दी। प्रताप चौहान ने बताया नंदी 20 साल से गांव में थे। ग्रामीणों ने बताया नंदी को भगवान शिव का वाहन माना जाता है। उनकी विशेष पूजा होती थी। निधन पर गांव ने सम्मानपूर्वक विदाई दी।
नर्मदा में विसर्जित हुए गणगौर माता के जवारे
पिपलिया बुजुर्ग| ग्राम पीटामली में नवरात्रि के तीसरे दिन मंगलवार को गणगौर माता के रथों की शोभायात्रा निकाली गई। नर्मदा घाट पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूजा कर माता को जल अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने माता की परिक्रमा कर परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की। धानी, नारियल, फल व मिठाई की प्रसादी बांटी। दुर्गा मित्रमंडल व ग्रामीणों ने आयोजन किया। आयोजन समिति के मुताबिक सोमवार रात महिलाओं ने भजन-कीर्तन किया। मंगलवार को श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन हुआ। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसादी ली।
वेदा नदी में हुआ ज्वारों का विसर्जन
बोरावां| गणगौर पर्व का माता रूपी जवारों के वेदा नदी में विसर्जन के साथ समापन हुआ। मंगलवार को विसर्जन से पहले रथ बौड़ाने वाले परिवार ने भंडारे का आयोजन किया। युवाओं ने पाती खेली। दूल्हा-दुल्हन बन गांव में बाना निकाला। शाम 5 बजे रथों को डेढ़ किमी दूर वेदा नदी तट ले जाया गया।
शीतला माता महाआरती आज भीड़ को लेकर प्रशासन अलर्ट
खरगोन| गोगावां में 25 मार्च को आयोजित होने वाली पारंपरिक शीतला माता मंदिर महाआरती को लेकर प्रशासन ने तैयारियां की हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और जनसुविधाओं के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। एडीएम रेखा राठौर ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। महाआरती स्थल पर भीड़ नियंत्रण के लिए बैरिकेडिंग, जाली, कनात और ड्रॉप गेट लगाए गए है। पुलिस विभाग को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है और कार्यक्रम से पहले सभी आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में सुबह 7 बजे से डॉक्टरों की टीम, पैरामेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और आवश्यक दवाएं उपलब्ध रहेंगी। आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर तैनात रहेगी।
पराली जलाई, 2 किसानों पर 15 हजार का जुर्माना
भास्कर संवाददाता| खरगोन जिले में पराली जलाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ग्राम दामखेड़ा में गेहूं की पराली जलाने पर दो किसानों पर 15 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है। खरगोन तहसीलदार के अनुसार 17 मार्च को ग्राम दामखेड़ा में पराली जलाने की घटना सामने आई थी। जांच में जमीन मालिक बालकृष्ण महाजन और सुनीता महाजन जिम्मेदार पाए गए। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देशानुसार पराली जलाना प्रतिबंधित है। शासन के प्रावधानों के अनुसार 5 एकड़ से अधिक भूमि पर फसल अवशेष जलाने पर 15 हजार रुपए का जुर्माना तय है। इसी आधार पर दोनों किसानों पर संयुक्त रूप से यह कार्रवाई की गई है।
दो दुकानों से रवा, शक्कर व सोनपपड़ी के सैंपल लिए
बैतूल| खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले में खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों की सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। मंगलवार को भीमपुर तहसील के दामजीपुरा क्षेत्र में टीम ने कार्रवाई की। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम, खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीना कुमरे के नेतृत्व में वली एंड सैंस ट्रेडर्स और पीयूष आरसीएम प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान रवा, शक्कर, माजा, सोनपपड़ी और नमक के नमूने लिए। अधिकारियों ने बताया कि सभी नमूनों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दुकानदारों को स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश भी दिए।
सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए लगाए एचपीवी टीके
बैतूल| सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत 23 मार्च 2026 तक कुल 6414 बालिकाओं को टीका लगाया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर टीकाकरण किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र में 206, आठनेर में 435, सेहरा में 851, भैंसदेही में 223, भीमपुर में 794, चिचोली में 489, घोड़ाडोंगरी में 1043, प्रभात पट्टन में 360, आमला में 1055, मुलताई में 542 तथा शाहपुर में 416 बालिकाओं को टीका लगाया गया। प्रभारी सीएमएचओ डॉ. रंजीत राठौर ने बताया सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से होता है। यह टीका सुरक्षित और प्रभावी है, जो कैंसर से बचाव में मदद करता है। जिला चिकित्सालय व सामुदायिक केंद्रों में टीका निशुल्क लगा रहे हैं। अभिभावकों से अपील की गई है कि 14 से 15 वर्ष 3 माह तक की बालिकाओं को टीका अवश्य लगवाएं।
उत्कृष्ट कार्य के लिए जिले के दो आनंद क्लबों को मिला सम्मान
बैतूल| सेवा पखवाड़ा अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य के लिए जिले के प्रत्याक्षा आनंद क्लब बैतूल और ताप्ती आनंद क्लब सिमोरी को राज्य स्तर पर पुरस्कृत किया गया। दोनों क्लबों द्वारा स्वच्छता अभियान, निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, पोषण सहायता, रक्तदान, मैराथन और पौधरोपण जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण में भाी योगदान दिया। अंतरराष्ट्रीय खुशहाली दिवस पर आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन अकादमी में आयोजित कार्यक्रम में प्रत्याक्षा आनंद क्लब को प्रथम और ताप्ती आनंद क्लब सिमोरी को द्वितीय पुरस्कार दिया । प्रत्याक्षा आनंद क्लब दिव्यांग बच्चों के लिए कार्य कर रहा है, वहीं ताप्ती आनंद क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा पर काम कर रहा है।
राजस्व जमीन को आरक्षित वन बनाने पर जयस की 456 वनखंडों पर आपत्ति
बैतूल| जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) ने राजस्व अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक जमीनों को वन विभाग के साथ मिलकर आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए 456 वनखंडों पर वैधानिक आपत्ति दर्ज कराई है। जयस के अनुसार बैतूल में 181, भैंसदेही में 217 और मुलताई में 58 वनखंडों के मामले लंबित हैं, जिनमें राजस्व भूमि को वन क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया जारी है। संगठन ने आरोप लगाया कि भारतीय वन अधिनियम 1927 की निर्धारित धाराओं का पालन किए बिना ही जमीनों को वर्किंग प्लान में शामिल किया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है।
अनुराग उर्फ डब्बू मिश्रा एक साल के लिए जिला बदर
भास्कर संवाददाता| बैतूल कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर अनुराग उर्फ डब्बू मिश्रा निवासी मराठी मोहल्ला को जिला बदर किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा- 5 के तहत की है। जारी आदेश के अनुसार व्यक्ति को एक वर्ष की अवधि के लिए बैतूल जिले सहित छिंदवाड़ा, खंडवा, नर्मदापुरम और हरदा जिलों की सीमाओं से निष्कासित किया है।
800 घन मीटर लकड़ी कटाई के 7.16 लाख नहीं दे रहा विभाग
भास्कर संवाददाता | बैतूल जिले के चिचोली क्षेत्र के ग्राम गुराडिया के करीब 40 मजदूर मंगलवार को जिला मुख्यालय में जनसुनवाई में पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के समक्ष वन ग्राम केली रामपुर भतोड़़ी में किए कूप कटाई कार्य की पूरी मजदूरी नहीं मिलने की शिकायत की। मजदूरों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और बकाया राशि का जल्द भुगतान कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान न होने से आर्थिक संकट बढ़ गया है और कई मजदूरों पर किराना दुकानों का उधार बढ़ गया है। मजदूर बिल्जी सिंह, अमरलाल, किसनलाल, मंगल सहित अन्य ने बताया उन्होंने 1 जनवरी से 12 फरवरी 2026 तक कूप क्रमांक 92/ 2008 में लगभग 800 घन मीटर लकड़ी की कटाई सहित अन्य संबंधित कार्य पूरे किए। इस काम की कुल मजदूरी 8 लाख 93 हजार 600 रुपए बनती है, लेकिन अब तक केवल 3 लाख 24 हजार रुपए ही मिले हैं। 7 लाख 16 हजार 612 रुपए अभी भी बकाया हैं। मजदूरों ने आरोप लगाया कि जब वे भुगतान के लिए वन विभाग पहुंचे, तो उन्हें केवल 1 लाख 67 हजार 550 रुपए बकाया बताए गए, जो वास्तविक बकाया से काफी कम है। उन्होंने बताया सुबह 7 से शाम 7 बजे तक लगातार काम किया, लेकिन पूरा मेहनताना नहीं मिला।
बहन की शादी व अन्य कर्ज चुकाने मौसा के घर की चोरी
भास्कर संवाददाता | बैतूल आमला के कुंबी मोहल्ला में 9 मार्च की रात हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा किया। चोरी करने वाला फरियादी महिला की बहन का बेटा निकला। दरअसल आरोपी ने बहन की शादी और जमीन के लिए साढ़े 4 लाख का कर्ज लिया था। इसी को चुकाने आरोपी ने इंदौर से आमला आकर मौसा के मकान में चोरी की। इसके बाद इंदौर की गोल्ड लोन कंपनी में चोरी के जेवरात गिरवी रख 8 लाख 414 रुपए लिए और उसमें से 4 लाख 57 हजार का कर्ज चुकाया। आमला टीआई रविकांत डेहरिया ने बताया कि कुंबी मोहल्ला निवासी ओमकार टिकारे के घर पर 9 मार्च को पीछे का दरवाजा सब्बल से तोड़कर चोरी हुई थी। आरोपी ने आलमारी और पलंग पेटी में रखे सोने चांदी के जेवरात और बैग में रखे नगदी 30 हजार चोरी किए थे। जांच में चोरी करने वाला इंदौर निवासी भतीजा महेंद्र उर्फ रंजीत देवड़े (32) निकला। आरोपी ने बहन की शादी और जमीन के लिए लोगों से 4 लाख 57 हजार रुपए कर्ज लिया था। कर्ज चुकाने मौसा ओमकार के मकान का पीछे का दरवाजा तोड़ चोरी की। चोरी किए जेवरात इंदौर की केपरी गोल्ड लोन फायनेंस कंपनी में गिरवी रख 8 लाख 414 रुपए लिए थे। पुलिस ने आरोपी द्वारा गिरवी रखे 12 लाख 28 हजार 800 के सोने तथा 101220 रुपए के चांदी के जेवरात के अलावा 4 लाख 57 हजार नगद जब्त किए। खाता में 2 लाख 98 हजार रखे थे, उसे सीज करवा दिया है। फरियादी ओमकार टिकारे के ससुर की तबीयत खराब होने के कारण वह ससुराल नांदपुर गए थे। यह बात आरोपी को पता था। आरोपी महेंद्र उसी दिन इंदौर से भोपाल बस से आया। भोपाल से आमला छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस से रात 11 बजे पहुंचा। आरोपी सबसे पहले अपने मौसा के घर पहुंचा और चोरी की, उसके बाद सुबह 4.30 बजे घर पहुंचा। पुलिस ने आरोपी तक पहुंचने के लिए 50 से 60 लोगों की सीडीआर निकाली। आरोपी के रात 11 से सुबह 4.30 बजे तक घर नहीं पहुंचने पर शंका हुई और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
व्यापारियों ने माल नहीं हटाया, मंडी में जगह नहीं, किसानों के अनाज से लदे वाहन रोड पर खड़े रहे
भास्कर संवाददाता | बैतूल अवकाश के बाद बडोरा मंडी खुलने से बाद 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। पहले से मंडी में व्यापारियों का माल पड़ा है इस कारण परिसर में कम जगह बची है। मंगलवार को किसानों के अनाज से भरे ट्रैक्टर- ट्रॉली और अन्य वाहन मंडी के बाहर सड़क किनारे लाइन में खड़े रहे। व्यापारियों के ट्रक भी बाहर निकल रहे थे। इसके कारण जाम के हालात बने रहे। देरी से एंट्री मिलने के कारण कई किसानों के माल की तुलाई देर रात तक नहीं हो सकी। इसीलिए इन किसानों को रात मंडी में बिताना पड़ेगा। बडोरा मंडी में लगातार आ रही आवक और व्यापारियों के माल का उठाव नहीं करने से अव्यवस्था के हालात बने हुए है। चार दिन के अवकाश के पहले मंडी सचिव ने कहा था कि छुट्टी में व्यापारी माल उठा लेंगे लेकिन मंडी परिसर खाली हो जाएगा। लेकिन व्यापारियों ने माल नहीं उठाया और न ही मंडी सचिव ने उन पर जुर्माना किया इस कारण उनकी मनमानी जारी। वहीं बेचारा किसान अनाज बेचने सड़कों पर रात काट रहा है। सोमवार और मंगलवार को गेहूं, मक्का, चना, सोयाबीन सहित अन्य उपज की 58 हजार क्विंटल की आवक आ गई। व्यापारियों द्वारा सोमवार को खरीदे माल की तुलाई रात में नहीं हो पाने के कारण मंगलवार को भी हुई। इसके चलते किसानों को उपज रखने के लिए भी जगह नहीं बची। दोपहर एक बजे तक एक दर्जन किसानों को अनाज रखने के लिए इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद किसानों का अनाज ट्रैक्टर-ट्रॉली से उतारा। देर शाम तक तुलाई के बाद भी कुछ किसानों का माल तुलाई के लिए बाकी रह गया था, जिसकी तुलाई बुधवार को होगी। माल नहीं उठाने वालों पर जुर्माना किया जाएगा ^मंडी में 2 दिन में 58 हजार क्विंटल आवक हुई। सोमवार के माल की तुलाई और उठाव होने के कारण किसानों के वाहन दोपहर बाद अंदर लिए गए। मंडी में लंबे समय से चौकड़े रखने वाले सात व्यापारियों को नोटिस जारी किए हैं। माल नहीं उठाने पर जुर्माना किया जाएगा। - सुरेश परते, सचिव, बडोरा मंडी मंडी में लगातार अव्यवस्था बनी हुई है। मंडी में आवागमन के लिए केवल एक ही गेट है। इसी गेट से वाहन आते हैं और जाते भी हैं। मंडी में वर्तमान में सब्जी मंडी भी लग रही है। सब्जी लाने वाले वाहनों का आवागमन भी इसी गेट से होता है। इसके चलते मंडी में अक्सर जाम के हालात बनते हैं। मंडी के सुरक्षा गार्ड भी व्यवस्था बनाने में सक्रिय भूमिका नहीं निभाते। इसके कारण परेशानी हो रही है। बंपर आवक आने से मंडी परिसर छोटा पड़ जाता है। जिससे किसानों को बेहद परेशानी होती है।
राम जन्मोत्सव पर हिन्दू एकता शोभायात्रा कल
बैतूल| राम जन्मोत्सव पर राष्ट्रीय हिन्दू सेना द्वारा हिंदू एकता शोभायात्रा गुरुवार को निकाली जाएगी। लगातार 10वें वर्ष आयोजित होने वाली इस शोभायात्रा में मां भारती के चरणों में विराजमान भगवान रामचंद्र, भगवान हनुमान, राम लला, वानर सेना और चलित राम दरबार की झांकियां प्रमुख आकर्षण होंगी। पूरे नगर को भगवा ध्वज, तोरण और राम के फ्लेक्स से सजाया गया है। सदर गेंदा चौक पर समाजसेवी और बुद्धिजीवी आरती करेंगे। हजारों श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।
यूथ कांग्रेस चुनाव:जीत के लिए प्रत्याशियों का 6 लाख वोट का टारगेट, यानी 5 करोड़ का खर्चा
प्रदेश में यूथ कांग्रेस के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन यह चुनाव से ज्यादा राजनीतिक पावर और पैसे का अधिक हो गया है। क्योंकि, चुनाव में वही युवा सबसे आगे हैं जिनके पास लंबी चौड़ी युवाओं की फौज है और खर्च करने के लिए पैसा। उधर, चुनाव में बड़े नेताओं ने भी सक्रियता बढ़ा दी है। अपने-अपने समर्थक के लिए लामबंद होने लगे हैं। दरअसल, चुनाव में एप के जरिए एक वोट के लिए 75 रुपए जमा कराकर वोट देने होंगे। पहले फेज में ब्लॉक अध्यक्ष, जिलाध्यक्ष और विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष के प्रत्याशियों के नॉमिनेशन शुरू हो चुके हैं। प्रदेशाध्यक्ष के लिए 26 मार्च से प्रक्रिया शुरू होगी। यह प्रक्रिया एक माह चलेगी। अब इस प्रक्रिया और 75 रुपए में एक वोट डालने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस वोट खरीदकर करोड़ों रुपए की क्राउड फंडिंग करने जा रही है। असल में 3 वर्ष पूर्व हुए यूथ कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष चुनाव को देखें तो तब टॉप तीन स्थानों पर रहने वाले प्रत्याशियों ने 5 से 6 लाख वोट लिए थे। इस बार मैदान में उतरने का मानस बना रहे प्रत्याशी इस आंकड़े को अपना न्यूनतम टारगेट मानकर चल रहे हैं। उनका मानना है कि यदि इससे कम वोट मिले तो उनकी जीत की संभावनाएं कम हो सकती हैं। अब इन वोटरों की राशि का आकलन करें तो स्पष्ट है कि एक प्रत्याशी को कम से कम 75 रुपए के हिसाब से 5 करोड़ रुपए के आसपास तक के वोट चाहिए। भाजपा का आरोप है कि प्रत्याशी ही इन सबकी व्यवस्था भी करेंगे ही। ऐसे में वे पैसे देकर वोट खरीदने का काम करेंगे। यह चुनाव में वोट के बदले पार्टी की क्राउड फंडिंग जैसा है। पिछला चुनाव : मूंड को मिले 5.58 लाख वोट, काटकर किए 2.02 लाखकांग्रेस ईवीएम के बदले बैलट पेपर से वोटिंग की बात करती है। जबकि इस यूथ कांग्रेस के चुनाव में एप के जरिए वोट करा रही है। पिछले चुनाव में प्रदेशाध्यक्ष पद के लिए तीन उम्मीदवारों में सुधींद्र मूंड को 5.58 लाख, अभिमन्यु पूनिया को करीब 5.31 लाख और यशवीर शूरा को 3.86 लाख वोट मिले थे। कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व ने स्क्रूटनी की और भारी संख्या में वोट काट दिए। इसके बाद पूनिया के 2.18 लाख, मूंड के 2.02 लाख और शूरा के 1.59 लाख वोट माने और पूनिया को अध्यक्ष घोषित कर दिया। एक वोट 75 रुपए का यानी कम से कम 18 से 20 करोड़प्रत्याशी को एप से युवाओं के वोट चाहिए। 8 से 10 उम्मीदवारों के प्रदेशाध्यक्ष के लिए खड़े होने की चर्चा है। इनमें से 3 से 4 ऐसे प्रत्याशी हैं, जो 6 लाख के टारगेट तक पहुंचने की कोशिश में हैं। ऐसे में यदि सभी उम्मीदवारों के वोट औसतन 3 से 4 लाख भी मानें तो यूथ कांग्रेस के खाते में करीब 18-20 करोड़ रुपए आ सकते हैं।
चकेरी थानाक्षेत्र के मंगला विहार में महिला सिविल डिफेंस कर्मी से मंगलसूत्र लूटने वाले बदमाशों की पुलिस से मंगलवार देर रात मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। आरोपियों ने चकेरी में एक घंटे के अंदर दो लूट की वारदातों को अंजाम दिया था। लुटेरे के पैर में गोली लगने के बाद पीड़िता मौके पर पहुंची और हाथ जोड़कर डीसीपी ईस्ट से थैंक यू बोला। 21 मार्च की शाम वारदात अंजाम दी थी मंगला विहार प्रथम न्यू पीएसी लाइन निवासी महिला सिविल डिफेंस कर्मी अनीता श्रीवास्तव 21 मार्च की शाम को आईआईटी से एक कार्यक्रम में शामिल होकर वापस घर लौट रही थी। मंगला विहार प्रथम में मामा पीसीओ के पास सड़क पार करते समेत दूसरी तरफ से आ रहे बाइक सवार दो लुटेरे मंगलसूत्र लूटकर फरार हो गए थे। मंगलवार रात में सूचना के आधार पर पुलिस ने सनिगवां स्थित अलखनंदा रेलवे ओवरब्रिज के पास बाइक सवार लुटेरों को रोकने का प्रयास किया, तभी आरोपी ने फायर झोंक दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरे को पुलिस ने दौड़ा कर पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों ने अपने नाम बाबूपुरवा निवासी एहतिशाम और किदवई नगर निवासी रियान बताया है। एहतिशाम के दाहिने पैर में गोली लगी है। आरोपियों के पास से लूटा हुआ मंगलसूत्र, एक तमंचा, दो खोखे कारतूस समेत एक बाइक बरामद की है। घटना की जानकारी पर अनीता श्रीवास्तव मौके पर पहुंची और उनकी पहचान की। अनीता ने बताया कि घटना के समय एहतिशाम ने उनका मंगलसूत्र तोड़ा था, जबकि रियान बाइक चला रहा था। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर संतुष्टि जताते हुए डीसीपी से कहा कि- सर मेहनत की कमाई छीन ली थी, अब सबक मिला है, बहुत-बहुत धन्यवाद… डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि घायल एहतिशाम को कांशीराम अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया। आरोपियों ने घटना के दिन अनीता श्रीवास्तव से मंगलसूत्र लूटने के अलावा मंगला विहार प्रथम में भी एक महिला का पर्स लूटा था, जिसमें महिला का पर्स में रखा मोबाइल भी बरामद किया है। आरोपियों का अपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में बुधवार को 12वीं कक्षा की परीक्षा ली जाएगी। 25 मार्च को संचालित होने वाली सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की ललित कला विषय की परीक्षा में 26125 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इससे पहले मंगलवार को 12वीं कक्षा के हिंदी विषय की परीक्षा हुई। जिसमें अनुचित साधन के 35 मामले दर्ज हुए तथा 1 केंद्र अधीक्षक को ड्यूटी में कोताही बरतने पर रिलीव किया। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन शर्मा ने बताया था कि उन्होंने मंगलवार को स्वयं रोहतक के परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। जहां कड़े सुरक्षा प्रबंधों और सतर्कता के चलते अनुचित साधन का कोई भी मामला दर्ज नहीं हुआ और परीक्षा सुव्यवस्थित ढंग से संचालित हो रही थी। उनके उड़नदस्ते द्वारा जिला भिवानी एवं बोर्ड उपाध्यक्ष के उड़नदस्ते द्वारा जिला जींद तथा बोर्ड सचिव के उड़नदस्ते द्वारा जिला फतेहाबाद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। रद्द परीक्षाएं होंगीबोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि परीक्षा केंद्र राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रानीला-02(चरखी-दादरी) की गणित विषय की 26 फरवरी की रद्द हुई परीक्षा अब राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नजदीक काठ मंडी, चरखी-दादरी-02 (बी-1) परीक्षा केंद्र पर होगी। वहीं परीक्षा केंद्र पीएसपीएम वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय झमोला (जींद) के परीक्षा केंद्र की हिन्दी विषय की 28 फरवरी की रद्द हुई परीक्षा अब राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जुलाना-01 (बी-1) परीक्षा केंद्र पर 25 मार्च को दोपहर सोढ़े 12 से सायं साढ़े 3 बजे तक होगी।
कॉलेज में टीबी दिवस पर जागरूकता सत्र करवाया
लुधियाना| गुरु नानक खालसा कॉलेज फॉर वुमन, गुजरखां कैंपस, मॉडल टाउन के रेड रिबन क्लब ने छात्रों में टीबी रोग के प्रति जागरूकता फैलाने और निवारक स्वास्थ्य देखभाल प्रथाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्व टीबी रोग दिवस मनाया। इस अवसर पर, क्लब की समन्वयकों, डॉ. निधि शर्मा और डेजी वधवा ने छात्रों को टीबी रोग के बारे में जागरूकता के महत्व से अवगत कराने के लिए एक सूचनात्मक सत्र आयोजित किया। उन्होंने शीघ्र निदान, सामान्य लक्षणों, संचरण के तरीकों और रोग के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावी निवारक उपायों के महत्व पर प्रकाश डाला। सत्र में मुफ्त और सुलभ उपचार विकल्पों की उपलब्धता पर भी ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप से टीबी रोग की रोकथाम और उपचार संभव है।
हवन के बीच नर्सरी छात्रों का स्वागत किया
भास्कर न्यूज़ | लुधियाना बीसीएम स्कूल चंडीगढ़ रोड के फाउंडेशनल स्टेज में मंगलवार को आयोजित उपनयन समारोह आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। नर्सरी के नए छात्रों के औपचारिक स्वागत के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रस्टी सुरेश चंद्र मुंजाल, डायरेक्टर अमितव घोष और डॉ. प्रेम कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापिका रितु स्याल ने सभी अतिथियों, पैरेंट्स और छात्रों का स्वागत किया। अमितव घोष डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन ने प्रारंभिक वर्षों में समग्र विकास और अनुभवात्मक अधिगम के महत्व को रेखांकित किया तथा स्कूल के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान एक प्रभावशाली पॉवर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से स्कूल की दृष्टि, उपलब्धियों एवं प्रमुख विशेषताओं का विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया, जिससे संस्था की प्रगतिशील एवं छात्र-केंद्रित कार्यप्रणाली की झलक प्राप्त हुई। यूकेजी के छात्रों ने श्रद्धापूर्वक हवन प्रार्थना, शांति पाठ एवं मधुर भजन की प्रस्तुति दी। बच्चों ने अत्यंत सुंदर ढंग से मंत्रों का शुद्ध एवं प्रभावशाली उच्चारण कर पूरे वातावरण को भक्ति और शांति से ओतप्रोत कर दिया।
लुधियाना| सम्राट कॉलोनी गली नंबर 2 स्थित श्री शिव मंदिर में मंगलवार को मंदिर सोसाइटी की ओर से मंगलवारी हनुमान चालीसा पाठ किया गया। आयोजन की शुरुआत मुख्य यजमान प्रमोद यादव द्वारा बालाजी महाराज के समक्ष दीप प्रज्वलित कर की गई। पुजारी संजय शास्त्री ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधि-विधान से पूजन संपन्न कराया।
पुरानी रंजिश में जीजा ने किया हमला, साले के दोनों हाथ तोड़े
भास्कर न्यूज |लुधियाना शिमलापुरी इलाके में पुरानी रंजिश ने उस समय हिंसक रूप ले लिया, जब जीजा ने अपने साथियों के साथ मिलकर साले पर हमला कर दिया। घटना 1 मार्च की शाम मोहल्ला झुंझार सिंह में हुई, जहां पीड़ित बलविंदर सिंह को घेरकर बेरहमी से पीटा गया और उसके दोनों हाथों की हड्डियां तोड़ दी गईं। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ दिन पहले उसकी मां की कहासुनी जीजा के रिश्तेदार से हो गई थी और उसने अपनी मां का पक्ष लिया था, जिसके बाद से जीजा उससे नाराज चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी करतार सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। हमले के बाद घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। थाना शिमलापुरी पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी करतार सिंह निवासी मोहल्ला सतगुरु नगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी बचितर सिंह के मुताबिक आरोपी अभी फरार है। तलाश की जा रही है।
बाइक चोरी का एक आरोपी गिरफ्तार
भास्कर न्यूज |लुधियाना दौलत कॉलोनी इलाके में चोरी की वारदातों में शामिल एक आरोपी को थाना दरेसी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दौलत कॉलोनी से काबू किया। जांच अधिकारी दविंदर सिंह ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी के कब्जे से चोरी की एक एक्टिवा बरामद हुई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपनी पहचान हिमांशु गिल निवासी किला मोहल्ला के रूप में बताई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ चोरी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
युवकों ने भाई-बहन और पिता को पीटा, हथियारों से किया वार
लुधियाना| फिरोज गांधी मार्केट में मंगलवार शाम उस समय हंगामा मच गया, जब एक युवक द्वारा अपनी बहन से छेड़छाड़ का विरोध करना उसके परिवार पर भारी पड़ गया। आधा दर्जन युवकों ने भाई, बहन और उनके पिता पर हमला कर दिया। घायल शंकर (28) निवासी घुमार मंडी ने बताया कि वह मार्केट में सफाई का काम करता है। घटना के समय उसकी बहन और पिता भी उसके साथ थे। आरोप है कि कुछ युवक उसकी बहन के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकतें करने लगे। जब शंकर ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उस पर दांतों और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। बीच-बचाव करने आए पिता अरमेलु नाथ (65) और बहन को भी आरोपियों ने घायल कर दिया। मार्केट में लोगों की भीड़ जुटने लगी, जिसे देख सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद घायलों को प्राथमिक उपचार देकर छुट्टी दे दी गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे मामले में पुलिस को शिकायत देंगे।

