बाड़मेर के गिरल क्षेत्र में स्थित अबादा कंपनी के 12 मार्च की रात को 10 बजे असामाजिक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया। मल्लीनाथ सिक्योरिटी के सुपरवाइजर सोहनसिंह पर जानलेवा हमला करने के साथ ही उपद्रवियों ने कंपनी के कार्यालय और वाहनों में तोड़फोड़ की। इस संबंध में पीड़ित ने पुलिस को सूचना दी और आरोपियों के खिलाफ पुलिस थाना शिव में मुकदमा दर्ज करवाया है। सुपरवाइजर सोहनसिंह ने बताया कि 12 मार्च 2026 की रात करीब 10 बजे जब गेट नंबर 2 पर गार्ड्स की शिफ्ट बदल रही थी, तभी एक गाड़ी में सवार दिनेशसिंह और एक अन्य युवक वहां पहुंचे। दोनों शराब के नशे में धुत थे और हमारी जमीन पर कंपनी बनी है कहकर जबरन अंदर घुसने की जिद करने लगे। रात के समय प्रवेश वर्जित होने की बात कहने पर आरोपी आवेश में आ गए। तोड़फोड़ की, गार्ड ने ऑफिस में घुस बचाई जान सुपरवाइजर के रोकने पर आरोपियों ने फोन कर अपने अन्य साथियों को बुला लिया। महज 10 मिनट में एक कैंपर और टैंकर में सवार होकर गिरधरसिंह, तनसिंह, जालमसिंह, मदनसिंह, सवाईसिंह, गणपतसिंह और दानसिंह लाठियों व डंडों के साथ वहां पहुंचे। उपद्रवियों ने सोहनसिंह के साथ मारपीट शुरू कर दी। जान बचाने के लिए पीड़ित कंपनी के ऑफिस में घुसा, तो आरोपियों ने वहां भी पीछा किया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। आरोपियों ने गेट पर खड़ी कंपनी की दो गाड़ियों के कांच पत्थर और लाठियों से तोड़ दिए।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि यूनिवर्सिटी में इंटरव्यू के जरिए छात्रों को बाहर किया जाता है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि राहुल बयान देने से पहले फैक्ट्स की जांच करें। DU में एडमिशन कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के स्कोर के आधार पर मेरिट से होते हैं। ज्यादातर कोर्स में इंटरव्यू प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर आयोजित संविधान सम्मेलन कार्यक्रम में कहा था कि दिल्ली यूनिवर्सिटी इंटरव्यू का इस्तेमाल छात्रों को बाहर करने के लिए करती है। DU ने लिखा- ऐसे कमेंट्स से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है दिल्ली यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर कहा कि विश्वविद्यालय की मानक एडमिशन प्रक्रिया में ज्यादातर अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए इंटरव्यू शामिल नहीं होते। एडमिशन पूरी तरह CUET स्कोर के आधार पर पारदर्शी तरीके से दिए जाते हैं। यूनिवर्सिटी ने कहा कि यदि राहुल गांधी का संकेत फैकल्टी रिक्रूटमेंट की ओर था, तो हाल के समय में सभी कैटेगरी में हजारों शिक्षकों की नियुक्तियां की गई हैं। DU ने राहुल गांधी के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह के कमेंट्स से विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है। राहुल बोले- मोदी साइकोलॉजिकली खत्म, वह अब प्रधानमंत्री नहीं राहुल ने कहा- नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं और नरेंदर ने सरेंडर कर दिया है। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए। उन्होंने कहा- नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर दिया है। क्योंकि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? एनर्जी सेक्टर के हालात अभी और खराब होंगे। राहुल ने कहा कि कांशीरामजी समाज में बराबरी की बात करते थे। अगर जवाहर लाल नेहरू जी जिंदा होते तो कांशीराम जी कांग्रेस के मुख्यमंत्री होते। लेकिन आज भाजपा ने समाज को 15 और 85 बांट दिया गया है। फायदा सिर्फ 15% वालों को मिल रहा है। 50% को अलग-अलग कर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संगठन के ढांचे में पिछड़े वर्गों का प्रतिनिधित्व कम है। उन्होंने दावा किया कि RSS के प्रचारकों की सूची में OBC, दलित या आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व नहीं दिखता। ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… UGC प्रोटेस्ट केस, कोर्ट ने राहुल गांधी-अखिलेश यादव से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी दिल्ली की एक कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, सपा प्रमुख अखिलेश यादव समेत 11 नेताओं से जुड़े केस में नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे। यह मामला फरवरी 2025 में DMK की ओर से जंतर-मंतर पर UGC ड्राफ्ट रेगुलेशन के विरोध में हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। अदालत ने पुलिस की पिछली रिपोर्ट पर नाराजगी जताई है। पूरी खबर पढ़ें…
दो बार समझाइश, उसके बाद दर्ज होगा केस:नाबालिगों के नशा व अपराध करने पर अब परिजन भी होंगे जिम्मेदार
शहर में बढ़ती नाबालिगों की आपराधिक गतिविधियों और नशे की लत पर लगाम कसने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अब कोई नाबालिग चोरी, मारपीट, तोड़फोड़ या नशे जैसी गतिविधियों में लिप्त पाया जाता है तो उसके परिजन को भी जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे बच्चों की आपराधिक जानकारियां पुलिस को मुहैया करवाएं। अफसरों के अनुसार, पहली बार बच्चे के पकड़े जाने पर माता-पिता को बच्चों के साथ बैठाकर काउंसलिंग की जाएगी। परिजन को जिम्मेदारी दी जाएगी कि वे बच्चे पर नजर रखें। इसके बाद भी नाबालिग द्वारा अपराध हुआ तो फिर थाने से कड़ी चेतावनी दी जाएगी। दो बार समझाइश के बाद भी बच्चा अपराध करता है या नशे में शामिल पाया गया तो उसके परिवार के लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अभिभावकों की लापरवाही सामने आई है : दंडोतियाएडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया के अनुसार, कई आपराधिक मामलों में अभिभावकों की लापरवाही सामने आती है। बच्चों की संगत, देर रात बाहर रहना, स्कूल से गैर हाजिर रहना और नशे की आदतों पर ध्यान न देना अपराध की ओर पहला कदम बन रहा है। यदि इस दौरान यह साबित होता है कि नाबालिग के अपराधों में अभिभावकों की मिलीभगत रही है तो उन पर कानून के अनुसार कदम उठाए जाएंगे। सामाजिक कारण भी समझेंशहर के कुछ सामाजिक संगठनों का कहना है, इससे अभिभावकों में जागरूकता बढ़ेगी। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि हर मामले में माता-पिता को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा और सामाजिक कारणों को भी समझना जरूरी है।
सिरसा से पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (लोक अभियोजक) के डिप्टी डायरेक्टर का कार्यभार समेर सिंह हुड्डा ने संभाल लिया है। उन्होंने आते ही अपराध की श्रेणियों के अनुसार लॉ ऑफिसर को नई-नई जिम्मेदारियां दी है, ताकि सभी मामलों का निपटान समय पर हो सकें। जघन्य अपराध जैसे रेप या दरिंदगी जैसे मामलों की जिम्मेदारी लॉ ऑफिसर अमित मेहता को दी है। हाल ही में उनके नाबालिग रेप केस में डॉ. नरेश सिंघल कोर्ट द्वारा 20-20 साल सजा सुनाए जाने पर चर्चा में हैं। निरंतर केसों में दोषियों को सजा मिली है। इसे लेकर डिप्टी डायरेक्टर (डीडी) समेर हुड्डा ने आज दैनिक भास्कर एप की टीम से बीएनएस को लेकर बातचीत में बताया, नई बीएनएस में लोगों को न्याय जल्दी मिलेगा। कोर्ट में चालान पेश करने या फैसला सुनाने तक का समय तय कर दिया है। बीएनएस के अनुसार, तय समय में पीड़ित को न्याय मिलेगा। जघन्य अपराधों में भी कई सुविधाएं दी है, जिससे जल्दी न्याय मिल पाएगा। डीडी समेर हुड्डा के अनुसार, बीएनएस में धाराएं सीरियल वाइज कर दी है। पहले धाराएं बिखरी हुई थी। किसी अपराध में कौनी सी धारा कहीं तो कोई धारा कहीं। केस लंबे चलते थे और कोई समय सीमा तय नहीं थी। अब धाराओं को आसान कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी केसों की समय पर मॉनिटरिंग हो सके और याचिकाकर्ता को जल्दी व अच्छा न्याय मिले। जो त्रुटियां थी, वो दूर कर दी गई है। उसी मकसद में काम करेंगे। सिरसा में 12-13 लॉ स्टाफ इस वक्त सिरसा में पब्लिक प्रॉसिक्यूटर व डीए समेत 12 से 13 लॉ स्टाफ है। हालांकि, केसों के मुकाबले स्टाफ कम है। फिर भी हमारी टीम बेहतर है। पॉक्सों की जिम्मेदारी अमित मेहता को दी है। अमित मेहता बोले, हर क्राइम की समय अवधि बताई अमित मेहता ने बताया, नया बीएनएस आने से पीड़ित पक्ष को जल्दी न्याय मिलेगा। पीड़ित पक्षों का जो आरोप रहता था कि उनके केसों की सुनवाई नहीं होती। वो बीएनएस में प्रावधान रखे गए हैं कि हर क्राइम या अपराध की समय अवधि बताई गई है। उसके अनुसार कोर्ट में उसका फैसला किया जाएगा। पॉक्सों में पीड़िताओं के साथ अत्याचार हो रहा है और समाज में सबसे बड़ी बुराई है। इसको दूर करके उनको न्याय दिलवाने की कोशिश रहेगी, ताकि आगे इस तरह की अप्रिय घटना न हो। हर जिले में सरकार ने नियुक्त किए डिप्टी डायरेक्ट डीडी समेर हुड्डा के अनुसार, सरकार की ओर से नई बीएनएस आने के बाद सभी जिलों में जिला न्यायवादी (डीए) के अलावा असिस्टेंट डायरेक्टर एवं डिप्टी डायरेक्टर पद अलॉट किए हैं। सरकार की ओर से इन पदों पर प्रमोशन के साथ कई जगह नियुक्तियां की गई है। सिरसा में बतौर डिप्टी डायरेक्टर समेर हुडडा ने ज्वाइन किया है, पर अभी तक असिस्टेंट डायरेक्टर पद पर कोई नहीं आया है। पहले लॉ ऑफिसर व उनके ऊपर जिला न्यायवादी होता था। अब असिस्टेंट व डिप्टी डायरेक्टर पद विस्तार कर दिए हैं, जिससे सभी केसों की सही से मॉनिटरिंग हो सकेगी। इसकी डिप्टी डायरेक्टर के माध्यम से सरकार को सीधा रिपोर्ट होगी।
जोधपुर के महिला टेक्निकल एंड मैनेजमेंट कॉलेज में एमबीए स्टूडेंट्स के लिए शुक्रवार को एक इंडस्ट्री इंटरेक्शन सेशन का आयोजन किया गया। मैनेजेरियल पर्सनैलिटी: इंडस्ट्री/मार्केट एक्सपेक्टेशंस विषय पर आयोजित इस सत्र में इंडस्ट्री एक्सपर्ट आर. कल्ला ने कॉरपोरेट जगत की कड़वी सच्चाइयों और सफलता के मंत्र साझा किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉरपोरेट सेक्टर में बिना पूर्ण समर्पण और कम्फर्ट जोन छोड़े, सफलता हासिल नहीं की जा सकती। 'तुम कम्फर्ट दो, हम धन देंगे' की नीति पर काम करता है उद्योग सत्र के मुख्य वक्ता कल्ला ने प्रबंधकों और कॉरपोरेट कंपनियों के बीच के संबंध को स्पष्ट करते हुए कहा, तुम मुझे अपना कम्फर्ट दो, हम तुम्हें अपार धन (पारिश्रमिक) देंगे। उन्होंने बताया कि कॉरपोरेट सेक्टर भारी वेतन, बोनस और लाभ में हिस्सा तभी देता है जब कर्मचारी अपना पूरा समर्पण दिखाता है। कल्ला के अनुसार, इस क्षेत्र में काम के घंटे निर्धारित नहीं होते; ऑफिस आने का समय तो तय होता है, लेकिन वापस घर जाने का कोई समय नहीं होता। कोई शनि-रवि नहीं, सिर्फ टारगेट पर होता है फोकस फार्मा, टेक्सटाइल, पेपर जैसे उद्योगों में तीन दशकों से अधिक का अनुभव रखने वाले विशेषज्ञ कल्ला ने छात्रों को वास्तविकता से रूबरू करवाया। उन्होंने कहा कि प्रबंधन के क्षेत्र में कोई छुट्टी (शनिवार-रविवार) नहीं होती है, बल्कि केवल टारगेट होते हैं जिन्हें तय समय सीमा में हर हाल में हासिल करना होता है। व्यक्ति को अपना कंफर्ट जोन पूरी तरह भूलना पड़ता है, तभी उसे व्यापार और उद्योग में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं। अतिरिक्त ज्ञान और मेहनत ही बनाएगी बेहतर प्रबंधक कल्ला ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को उद्योग जगत की अपेक्षाओं, प्रबंधकीय कौशल, सकारात्मक दृष्टिकोण, संचार क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने सलाह दी कि छात्रों को प्रतिदिन अपने विषय (पाठ्यक्रम) के अतिरिक्त अन्य पुस्तकें और समाचार पत्र भी पढ़ने चाहिए, क्योंकि मेहनत ही करियर में आगे बढ़ाएगी। कार्यक्रम की शुरुआत में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. स्वप्ना बोहरा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने अतिथि का अभिनंदन करते हुए एमबीए स्टूडेंट्स को ऐसे संवाद सत्रों से अधिक से अधिक सीखने के लिए प्रेरित किया।
अमेरिका-ईरान जंग के कारण इंदौर में भी लगातार तीसरे दिन रसोई गैस के लिए लोग एजेंसियों के चक्कर लगाते रहे। प्रशासन की हेल्पलाइन पर एक दिन में रसोई गैस से संबंधित 250 शिकायतें पहुंचीं। कुछ लोगों ने ब्लैक में भी सिलेंडर खरीदने का दावा किया। टिंबर मार्केट में जलाऊ लकड़ी के व्यापारी एम.एस. सिंह के मुताबिक कमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक के चलते जलाऊ लकड़ी की खपत 850 क्विंटल रोज से बढ़कर 1000 क्विंटल रोज तक हो गई है। इसी तरह 25 रुपए प्रति किलो मिलने वाले कोयले के दाम भी 45 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गए हैं। इधर, एक रेस्टोरेंट चेन सहित कुछ नाश्ता दुकान संचालकों ने शहर में पोहा-समोसा सहित अन्य नाश्ते के रेट भी बढ़ा दिए हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े कुछ क्लाउड किचन भी बंद हो गए हैं। इससे फूड डिलीवरी पर भी असर पड़ा है। OTP नहीं आ रहा, एजेंसियों ने मेन्युअल बुकिंग शुरू की फूड कंट्रोलर एम.एल. मारू ने बताया कि शुक्रवार को 500 से ज्यादा लोगों को मांग पर गैस रिफिल करवाई गई। 250 से ज्यादा फोन कंट्रोल रूम पर आए। सबसे ज्यादा शिकायतें सर्वर से ओटीपी नहीं जाने और बुकिंग नहीं होने की आईं। इसके चलते एजेंसियों ने मैन्युअल बुकिंग चालू कर दी है। पहले 100 बुकिंग रोज होती थीं, अब 150 हो रही हैं। रिफिलिंग भी 25 हजार सिलेंडर की जगह 28 हजार रोज पहुंच गई है। समारोह टाले, शादियों की चिंता मूसाखेड़ी स्थित सोलंकी परिवार में अप्रैल में शादी है। चिंतित परिजन कलेक्टर ऑफिस में यह सुनिश्चित करने आए थे कि रिसेप्शन के लिए सिलेंडर की व्यवस्था हो पाएगी या नहीं। राजेंद्र नगर में एक समूह ने होली मिलन समारोह स्थगित कर दिया। पेट्रोल-गैस का संकट नहींलोग घबराएं नहीं। अभी तीन से पांच दिन का वेटिंग है। गैस की कमी जैसा कोई संकट नहीं है। पेट्रोल-डीजल को लेकर भी अभी किसी तरह की समस्या नहीं है। -शिवम वर्मा, कलेक्टर उद्योगों पर असर... कच्चे माल के रेट 20% बढ़े, एक्सपोर्ट भाड़ा 5 गुना हुआ युद्ध से उद्योगों के सामने भी बड़ा संकट पैदा हो गया है। कच्चे माल की कीमत 30% तक बढ़ी है। लॉजिस्टिक कॉस्ट 5 गुना तक बढ़ गई है। दोनों स्थितियों से एक्सपोर्ट प्रभावित हो रहा है। कच्चा माल कम होने से 10 से 15% उद्योगों में एक ही शिफ्ट में काम होने लगा है। पीथमपुर और सांवेर में 5600 से ज्यादा उद्योग हैं। इनमें फार्मा, केमिकल, मेटल, प्लास्टिक उद्योग कच्चे माल के लिए 60 फीसदी मिडिल ईस्ट पर निर्भर हैं। बहरीन, कतर, सऊदी अरब सहित कई देशों से इनपुट मटेरियल, बल्क ड्रग और पेट्रोकेमिकल की आवक ठप हो गई है। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री के सचिव तरुण व्यास, पीथमपुर औद्योगिक संगठन के डॉ. दर्शन कटारिया ने बताया कि युद्ध लंबा चला तो संकट बढ़ेगा। प्लास्टिक उत्पाद: प्लास्टिक सामान (बोतल, ढक्कन, पाइप, फुटवियर) के लिए लगने वाले वर्जिन दाने के दाम में 70 रुपए प्रति किलो की तेजी। लागत 20% बढ़ी। फार्मा : सोमवार को जिस रॉ मटेरियल के दाम 290 रुपए आए, वही अगले दिन 360 रुपए बिलिंग पर खरीदना पड़ा। यानी लगभग 20 से 22 फीसदी का अंतर आ गया। एक्सपोर्ट : इंदौर व आसपास से प्रदेश का 40% एक्सपोर्ट होता है। कंटेनर का भाड़ा 5 गुना तक बढ़ गया है। कंपनियां इंश्योरेंस में आनाकानी कर रही हैं। यह भी दिक्कत: उद्योगों में लगने वाली एलपीजी की आपूर्ति रोक दी गई है। पीएनजी उपलब्ध है लेकिन कंपनी नकद भुगतान चाहती है। इसके कारण परेशानी बढ़ी है।
सागर के वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में चीता प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने जा रहा है। जून अंत तक यहां 4 चीते लाए जाने की तैयारी है, जिनमें 3 मादा और 1 नर शामिल हो सकते हैं। मुहली रेंज में चीतों को रखने के लिए सॉफ्ट रिलीज और क्वारेंटाइन बोमा (बाड़ा) तैयार किए जाएंगे। इसके भूमिपूजन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 मार्च को टाइगर रिजर्व आ सकते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री चकई घाट में कछुए भी छोड़ेंगे। यह देश का पहला ऐसा टाइगर रिजर्व होगा, जहां बाघ, तेंदुआ और चीता तीनों एक ही स्थान पर देखे जा सकेंगे। प्रोजेक्ट के लिए 5 करोड़ का बजट मंजूर किया गया है। वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की टीम ने घास के मैदानों और छायादार पेड़ों की उपलब्धता के कारण मुहली रेंज का चयन किया है। सूत्रों के मुताबिक, ये चीते हाल ही में बोत्सवाना से कूनो लाए गए दल का हिस्सा हो सकते हैं। डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि बारिश से पहले चीतों को लाने की तैयारी पूरी कर ली जाएगी। मुहली रेंज में ऐसे तैयार होंगे सुरक्षित बाड़े : चीतों के लिए मुहली, सिंगपुर और झापन रेंज का चयन किया गया है, लेकिन मुख्य केंद्र मुहली होगा। यहां 8 बोमा बनाए जाएंगे। क्वारेंटाइन बोमा की ऊंचाई 10 फीट और सॉफ्ट रिलीज बोमा की ऊंचाई 14 फीट रखी जाएगी। क्वारेंटाइन बोमा में एक माह रहने के बाद चीतों को सॉफ्ट रिलीज बोमा में शिफ्ट किया जाएगा। घास के बड़े मैदान चीतों के दौड़ने और शिकार के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करेंगे।
रोहतक का बनियानी गांव। यहां 4 मार्च को होली के दिन युवक विक्रम की हत्या के बाद से माहौल तनावपूर्ण है। विक्रम के पिता नरेश का कहना है कि रास्ते में बाइक खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में उनके बेटे की हत्या की गई। सभी आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। वहीं, अब दूसरे पक्ष के लोग भी सामने आए हैं। प्रदीप, बलजीत व अन्य का कहना है कि झगड़े के बाद विक्रम अपने दोस्तों के साथ आया और गुलाल लगाने के बहाने घर में घुसकर हमला कर दिया। इसी दौरान झड़प में विक्रम को कस्सी लग गई, जिससे उसकी मौत हो गई। उनका यह भी कहना है कि घटना के बाद से उनके समाज के लोग डरे हुए हैं और कुछ लोग डर की वजह से अपने घरों में ताला लगाकर चले गए हैं। उनकी शिकायत पर मामला दर्ज नहीं किया गया। कलानौर थाना पुलिस इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। पहले जानिए कौन था मृतक और उसके पिता ने क्या कहा…. 4 मार्च को रास्ते को लेकर हुआ झगड़ा बनियानी गांव निवासी विक्रम उर्फ कल्लू (27) रोहड़ स्थित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। उसके पिता का कहना है कि साहिल और सतीश नाम के युवक 4 मार्च को पटवापुर गांव में क्रिकेट खेलकर वापस आ रहा था। रास्ते में भगवान दास कंपनी के पास निशांत अपनी बाइक खड़ी कर रहा था। उसे बाइक को रास्ते से हटाने की बात कही थी, इसी बात को लेकर निशांत ने गाली-गलौच करना शुरू कर दिया। 5 मार्च को विक्रम की मौत हुई निशांत ने अपने परिवार को बुला लिया। साथ ही 7-8 अन्य आरोपी आए, जिन्होंने रास्ता रोककर उनके साथ मारपीट की। उन्हें छुड़वाने के लिए बंटी उर्फ मोंटी और विक्रम आए तो उनके साथ भी आरोपियों ने मारपीट की। इसी मारपीट के कारण विक्रम गंभीर रूप से घायल हो गया। 5 मार्च को इलाज के दौरान विक्रम की मौत हो गई। पिता बोले- आरोपियों को फांसी हो नरेश ने आगे बताया कि मेरे निर्दोष बेटे की हत्या की गई है। मेरे बच्चे के साथ अन्याय हुआ है। उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन हमारे साथ न्याय करेगा। फाग के दिन छुट्टी थी, जिसके कारण वह क्रिकेट खेलने गया था। आरोपियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए। अब जानिए दूसरे पक्ष ने क्या कहा… गुलाल लगाने जबरन घर में घुसे बनियानी गांव की महिला प्रदीप ने बताया कि फाग के दिन शाम के समय वह अपने पति के साथ घर पर थी। तभी नशे में धुत कुछ युवक घर में घुस आए और जबरदस्ती गुलाल लगाने लगे। उन युवकों में विक्रम भी शामिल था। उनकी आवाज सुनकर देवर बाहर निकला, तो युवकों ने डंडे से उसके हाथ पर वार किया, जिससे उसका हाथ टूटा हुआ है। बीच-बचाव के दौरान कस्सी लगी बलजीत ने बताया कि झगड़े में बीच-बचाव करने के दौरान विक्रम को कस्सी लगी थी। इस मामले को लेकर वे पुलिस के पास भी गए थे, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उनके समाज के लोग डरे हुए हैं और कुछ मकान छोड़कर भाग गए हैं। हम SP से मिले थे। उन्होंने आश्वासन दिया है कि किसी निर्दोष को सजा नहीं होगी और उनके साथ न्याय किया जाएगा। 20 युवकों को हिरासत में लेने का आरोप बलजीत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने करीब 20 निर्दोष युवकों को हिरासत में ले रखा है। उनकी पुलिस प्रशासन से मांग है कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए, लेकिन निर्दोषों पर कार्रवाई न की जाए। उनके बच्चे निर्दोष हैं, जिन्हें पुलिस उठाकर अपने साथ ले गई है। घटना के बाद से पति लापता प्रदीप की बहन रेनू ने बताया कि विक्रम अपने दोस्तों के साथ पूरी प्लानिंग से लाठी-डंडे लेकर हमला करने आया था। मेरा पति सुनील फाग वाले दिन से लापता है। मुझे नहीं पता कि सुनील जिंदा है या उसे मार दिया गया। गांव में आने का एक ही रास्ता है, जिस पर दबंगों का कब्जा है। विक्रम मर्डर केस में ये 13 गिरफ्तार कलानौर थाना पुलिस ने विक्रम की हत्या के मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में ओमप्रकाश, वंश, सागर, साहिल, रितिक, निशांत, राहुल, सुधीर, मनन, सचिन, रवि उर्फ चिया व सिवा शामिल हैं। इनके साथ ही एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। ASP प्रतीक अग्रवाल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है। दोनों समाज के लोगों से मुलाकात की है और शिकायत आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी नाजायज परेशान नहीं किया जा रहा। साथ ही किसी भी बच्चे का एग्जाम कैंसिल होने नहीं दिया जाएगा। पुलिस मामले में गंभीरता से जांच कर रही है।
कब्जाधारियों से खतरे का दावा:जमीन विवाद में अभिनेता घाटगे ने मांगी पुलिस सुरक्षा
फिल्म अभिनेता विजयेंद्र घाटगे ने जम्बूड़ी हप्सी इलाके की जमीन को लेकर चल रहे विवाद में पुलिस से सुरक्षा मांगी है। कब्जाधारियों से खतरे की आशंका जताते हुए घाटगे ने कोर्ट में याचिका भी दायर की थी। कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और पुलिस कमिश्नर कार्यालय में उनके बयान भी दर्ज किए गए। वकीलों के साथ पहुंचे घाटगे ने पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह को बताया कि जमीन पर जाने पर उन्हें कब्जाधारियों से खतरा महसूस होता है। उनका कहना है कि जमीन उनके मालिकाना हक की है और खेती के लिए दी गई थी, लेकिन संबंधित व्यक्ति व उसके परिवार ने कब्जा कर लिया। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी के मुताबिक मामले की जांच एसीपी गांधीनगर को सौंपी गई है और सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। होलकर राजवंश से संबंध अभिनेता विजयेंद्र घाटगे की मां सीता राजे घाटगे, महाराजा तुकोजीराव होलकर तृतीय की बेटी थीं। इस वजह से उन्हें होलकर राजवंश का नाती माना जाता है। उनके पिता कर्नल फतेहसिंहराव घाटगे महाराष्ट्र के कगल के मराठा शाही परिवार से थे। घाटगे ने फिल्म चितचोर से करियर शुरू किया और 100 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
ईरान, इजराइल-अमेरिका युद्ध के चलते पुरे देश में गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। उज्जैन सहित प्रदेश में रेस्टोरेंट संचालकों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी गई है। गैस सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना रेस्टोरेंट संचालक को करना पड़ रहा है। रेस्टोरेंट संचालक अब गैस सिलेंडर के विकल्प की तलाश में भट्टी बनवा रहे हैं, लेकिन भट्टी बनाने वालों के पास एकाएक इतने ऑर्डर आ गए कि करीब 10 से 15 दिन की वेटिंग के बाद भी भट्टी नहीं मिल पा रही है। इधर, घरेलू गैस सिलेंडर की जगह लोग इंडेक्शन खरीद रहे हैं। शहर के कई इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकानों पर इंडेक्शन खरीदने वालों की भीड़ लग रही है। व्यापारी बता रहे हैं कि पहले रोजाना करीब टीन्स से चार या कभी पांच इंडक्शन बिकते थे, लेकिन दो दिन से 20 से 25 इंडेक्शन बिकने लगे हैं। उज्जैन में रोजाना करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु महाकाल मंदिर दर्शन करते हैं। इसमें से करीब एक लाख श्रद्धालु बाहर से आकर रुकते भी हैं। लोग यहां अलग-अलग रेस्टोरेंट में खाना खाते हैं। उज्जैन शहर में करीब 700 से अधिक रेस्टोरेंट हैं। इसमें सबसे ज्यादा महाकाल मंदिर के आसपास, रेल स्टेशन, बस स्टेशन फ्रीगंज, सराफा, इंदौर और उज्जैन रोड पर मौजूद हैं। इनमें से अधिकांश पर कमर्शियल गैस सिलेंडर से खाना बनता है। कर्मशियल गैस सिलेंडर की सप्लाई बंद हुई तो रेस्टोरेंट संचालक अन्य विकल्प तलाशने लगे। इनमें से 75 प्रतिशत संचालक डीजल की भट्टी बनवा रहे हैं, लेकिन एकाएक डिमांड बढ़ी तो फैक्ट्री में भी एक सतह इतना माल बनाने में दिक्कत का सामना करना पड़ गया। ढांचा भवन स्थित डायमंड फैक्ट्री के संचालक राजेश शर्मा ने बताया कि गैस के कारण डीजल भट्टी का काम बंद ही हो गया था। दो दिन से गैस की दिक्कत आने लगी तो दिन बाहर बड़ी संख्या में लोग डीजल भट्टी के बारे में पूछने आने लगे। डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ गई है। कुछ लोग लकड़ी की भट्टी का भी पूछ रहे हैं, दो दिन में तीन भट्टी बेची हैं, 12 ऑर्डर आ चुके हैं। 10 दिन की वोटिंगउज्जैन में ढांचा भवन अवनति पूरा, कोयला फाटक और ढाबा रोड पर कई फैक्ट्री है, जहां पर डीजल की भट्टी 20 से 22 हजार में छोटी और लकड़ी वाली 60 से डेढ़ लाख तक में बन रही है। सबसे छोटा साइज 24 इंच का बनाया जा रहा है। फिलहाल सुबह 10 से शाम 6 बजे तक ही काम कर पा रहे हैं। अधिकांश कारीगर के रोजे चल रहे हैं, इसलिए ज्यादा देर तक कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इसी कारण डिलेवरी में 10 दिन का तक का समय लग रहा है। डीजल भट्टी की पूछताछ के लिए पहले महीने में एक या दो लोग आते थे। सबसे ज्यादा रेस्टोरेंट संचालक, केटरिंग वाले, अस्पताल में चल रही केंटिंग के रोजाना करीब 10 से 15 लोग रोज आकर पूछताछ कर रहे हैं। कोई लकड़ी तो कोई डीजल भट्टी बनवाने पहुंचाजैन भोजनालय के संचालक ने बताया कि सिलेंडर मिल नहीं रहे, खाना तो बनाना है लेबर का और अपना पेट भी पालना है। ऐसे में डीजल भट्टी बनवाने आया था। अब सोचा है की आगे से डीजल भट्टी से ही खाना बनवाऊंगा। लकड़ी की भट्टी बनवाने आए लोकेश भाकचंदानी ने बताया कि लकड़ी भट्टी देखि है एलपीजी मिल नहीं रही तो रेस्टोरेंट तो बंद कर नहीं सकते। इसलिए वैकल्पिक रूप से जो मिलेगा वो करेंगे। अस्पताल की केंटिंन के लिए डेढ़ लाख का ऑर्डर दियाएक अस्पताल में केंटिंग संचालक महावीर जैन ने बताया कि कैंटीन ने सैकड़ों पेशेंट ओर अटेंडर को समय पर नाश्ता, भोजन देना अनिवार्य है। उनके यहां प्रतिदिन 6 सिलेंडर लगते है। सिलेंडर नहीं मिलने पर एक जगह ड्रम की दो भट्टी के ऑर्डर दिए ओर 1.40 हजार की गुटके ब्लोवर वाली दो भट्टी की बुकिंग करवाई है। आर्डर के तीन दिन बाद भी उन्हें भट्टी सप्लाई नहीं हो पा रही। ये खबर भी पढ़ें… MP में सिलेंडर बुकिंग ठप, भोपाल में 2232 सिलेंडर पकड़े मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण उपभोक्ता गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। कई जगहों पर वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। कई जगहों पर बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।पूरी खबर पढ़ें
बेरोजगारों और आम लोगों को चंद रुपयों का लालच देकर बैंक खाते खुलवाकर आपराधिक कामों में इस्तेमाल करने वाले गिरोह का नरसिंहपुर पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 180 म्यूल अकाउंट चिन्हित कर करीब 15 करोड़ रुपए के अवैध लेन-देन का खुलासा किया है। खातों को खरीदकर म्यूल अकाउंट के रूप में संचालित करने वाले नरसिंहपुर, करेली और गाडरवारा के 10 जालसाजों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा ने बताया कि भोले-भाले लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके खातों का संचालन अन्य लोग कर रहे थे। इन खातों से प्रदेश के बाहर संचालित ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म, साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन में बड़ी रकम का लेन-देन हो रहा था। जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। अब तक 180 म्यूल अकाउंट चिन्हित किए गए, जिनमें से 35 सक्रिय खातों को बंद कराया गया है। साथ ही 9 पासबुक, 4 एटीएम और 9 मोबाइल जब्त किए गए हैं। जालसाजी में ये आरोपी शामिल प्रिंस जैन (करेली), राजेन्द्र यादव, राजा पटेल, शिवम पटेल (मुराछ, थाना ठेमी), सूरज लोधी (सागौनी कला), अजय ओझा, आनंद कहार (चीचली), वैभव कौरव (गाडरवारा), दशरथ उर्फ दस्सु लोधी (रातीकरार, थाना करेली) और राघवेन्द्र लोधी (बाबली)। सभी पर बीएनएस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
चंडीगढ़ के मनीमाजरा में ज्वेलरी शॉप से 505 ग्राम सोना चोरी के मामले में सेशन कोर्ट ने आरोपी को मिली जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने आदेश दिया है कि आरोपी 15 दिनों के अंदर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करे, वरना कोर्ट उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई करेगी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. हरप्रीत कौर की अदालत ने यह फैसला शिकायतकर्ता की ओर से दायर अपील पर सुनाया। अदालत ने पहले दिए गए उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें आरोपी की जमानत रद्द करने की अर्जी खारिज कर दी गई थी। 505 ग्राम सोना चोरी का मामला मामले में मनीमाजरा पुलिस स्टेशन में एफआईआर साल 2024 में दर्ज की गई थी। शिकायतकर्ता सौरव भुनिया ने आरोप लगाया था कि आरोपी पलाश साहू ने उसकी दुकान से 505 ग्राम सोना चोरी कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने 21 जून 2024 को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गांव गोपमहाल में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को चंडीगढ़ कोर्ट में पेश करने के लिए पुलिस उसे कोलकाता एयरपोर्ट लाई, लेकिन फ्लाइट छूट जाने के कारण उसे पहले नजदीकी बरासात कोर्ट में पेश किया गया। अदालत में पेशी के बाद मिली थी जमानत बरासात कोर्ट ने क्षेत्राधिकार का हवाला देते हुए आरोपी को पश्चिम मेदिनीपुर के घाटल कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया। वहां अदालत ने आरोपी को अंतरिम डिफॉल्ट बेल दे दी और दो सप्ताह के भीतर चंडीगढ़ कोर्ट में पेश होने की शर्त रखी। इसके बाद आरोपी 6 जुलाई 2024 को चंडीगढ़ की अदालत में पेश हुआ, जहां उसे डिफॉल्ट बेल दे दी गई। पुलिस ने बाद में उसकी जमानत रद्द करने की अर्जी लगाई थी, लेकिन 4 सितंबर 2024 को यह अर्जी खारिज कर दी गई थी। 24 घंटे के नियम पर अदालत की टिप्पणी सेशन कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी को गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसलिए केवल इस आधार पर डिफॉल्ट बेल नहीं दी जा सकती कि उसे 24 घंटे के अंदर पेश नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि डिफॉल्ट बेल का अधिकार तभी बनता है जब जांच एजेंसी 60 या 90 दिनों की निर्धारित अवधि में जांच पूरी न करे। अदालत ने पहले के आदेश को रद्द करते हुए आरोपी की जमानत खत्म कर दी और उसे 15 दिन के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। आदेश में यह भी कहा गया कि तय समय में सरेंडर न करने पर ट्रायल कोर्ट आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।
रेवाड़ी की ब्रॉस मार्केट में 10 माह पहले टूटी सड़क की जांच करने शुक्रवार को पंचकूला मुख्यालय से टेक्नीकल टीम पहुंची। 3 सदस्यीय टीम का नेतृत्व अधीक्षक अभियंता विजय गोयल ने किया। जांच टीम करीब 6 घंटे शहर में रूकी। टीम ने ब्रॉस मार्केट पहुंचकर 4 अलग-अलग जगहों से सड़क के सैंपल लिए। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सड़क टूटने के कारणों का पता चल पाएगा। सुबह आठ बजे पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार एसई विजय गोयल की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे रेवाड़ी पहुंच गई थी। टीम ने अधिकारियों के साथ ब्रॉस मार्केट की सड़कों का निरीक्षण किया। टीम ने अलग-अलग स्थानों से ब्रॉस मार्केट की सड़क के सैंपल लिए। टीम ने इस दौरान शहर में अलग-अलग जगह चल रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की। टीम दोहपर करीब 2 बजे पंचकूला के लिए रवाना हो गई। नगर परिषद ने टीम के दौरे को पूरी तरह से गोपनीय रखा। पंचकूला से आए थे अधिकारी जिला नगर आयुक्त ब्रह्मप्रकाश ने कहा कि ब्रॉस मार्केट में सड़क टूटने के मामले की जांच के लिए पंचकूला मुख्यालय से तकनीकी टीम रेवाड़ी आई थी। मीटिंग और ऑफिस कार्यों में दिनभर व्यस्त था। अपने दौरे के दौरान टीम कहां-कहां गई और क्या किया। फिलहाल इसकी जानकारी मेरे पास नहीं है। दो बजे वापस गई वापस रवाना नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता अंकित वशिष्ठ ने कहा कि टीम ने सुबह 9 बजे निरीक्षण शुरू कर दिया था। टीम ने ब्रॉस मार्केट में सड़कों के 4 जगह से सैंपल लिए। इसके बाद टीम दोहपर करीब 2 बजे वापस पंचकूला के लिए रवाना हो गई। जांच रिपोर्ट आने तक इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। 10 माह में टूट गई थी सड़क रेवाड़ी नगर परिषद ने 2025 में 2 करोड़ रुपए खर्च कर ब्रॉस मार्केट में सीसी सड़कों का निर्माण करवाया था। निर्माण के करीब 10 माह के अंदर ब्रह्मगढ़ की तरफ जाने वाली सीसी रोड की रोडी बिखरने लगी थी। जिसे देखते ठेकेदार ने तारकोल डालना शुरू कर दिया था। जिसके बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। सबसे पहले इस खबर को भास्कर एप ने उठाया था। मामला उजागर होने पर निदेशालय ने निदेशालय की टीम से जांच करवाने का निर्णय लिया था। इन मामलों पर भी उठे सवाल इसके अलावा नगर परिषद द्वारा बाजार में बनाई जा रही सड़क के निर्माण पर भी सवाल उठे थे। निरीक्षण करने पहुंचे विधायक लक्ष्मण यादव ने भी निर्माण कार्य पर नाराजगी जताई थी। विपक्ष भी नगर परिषद में भ्रष्टाचार को लेकर सरकार को घेरता रहा है। 2026 की शुरूआत से नगर परिषद के साथ जुड़ा भ्रष्टाचार का जिन्न ईओ के ट्रांसफर और जेई व एकाउंटेंट के निलंबन के बाद भी शांत नहीं हो रहा है। नियमों के विरूद्ध एनओसी देने, क्लर्क को छुटि्टयों का वेतन देने, 900 गज जमीन को प्रॉपर्टी आईडी में 50 गज दिखाने और स्कूल की सरकारी जमीन की प्रॉपर्टी आईडी प्राइवेट लोगों के नाम करने के मामला अब भी सुर्खियों में बना हुआ है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष शहरी ने अब शांति नगर की पांच प्रॉपर्टी आजाद नगर में बनाने का आरोप लगाकर नगर परिषद के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का नया बम फोड़ दिया है।
हरियाणा में बारिश का इंतजार और बढ़ा:कल बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना, उत्तरी इलाके में अलर्ट
हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी शुष्क मौसम के बाद अब मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार अब बारिश 14 के बजाय आगामी 15 और 16 मार्च को हो सकती है। राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने 15 और 16 मार्च के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण राज्य के उत्तरी जिलों जैसे पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल में गरज-चमक के साथ 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। 17 मार्च को भी कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने का अनुमान है। जानिए हरियाणा में कैसा है दिन और रात का मौसम…
इंडियन ऑयल डिपो के पास हादसा...:मनेरी इंडस्ट्रियल एरिया की टायर फैक्ट्री में भीषण आग
मंडला जिले के मनेरी इंडस्ट्रियल एरिया में शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे टायर फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। आग लगते ही फैक्ट्री में रखे टायरों में तेज धमाके होने लगे, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। आग की लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। यह फैक्ट्री इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के गैस डिपो के पास स्थित है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस मौके पर पहुंच गई। नगर निगम जबलपुर से भी तीन फायर ब्रिगेड वाहन रवाना किए गए। मंडला और बरेला से पहुंचे दमकल कर्मियों ने दोनों ओर से आग पर काबू पाया, जिससे आसपास की फैक्ट्रियों तक आग फैलने से बच गई। घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पहले भी लग चुकी है आग स्थानीय लोगों का कहना है कि मनेरी की इस टायर फैक्ट्री में पहले भी आग लग चुकी है। इसके बावजूद अग्नि सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। नागरिकों ने लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने सुरक्षा के चलते फैक्ट्री की ओर जाने वाला मार्ग बंद कर दिया था।
जिले में पंचायत चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी होने के बाद अब प्रशासन ने नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। नगर निगम का कार्यकाल नवंबर 2024 में समाप्त हो चुका है और राज्य सरकार वन स्टेट-वन इलेक्शन योजना पर काम कर रही है। अब 17 माह बाद फिर सियासी हलचल बढ़ने लगी है। चुनाव लड़ने के इच्छुक नई जमीन तलाशने लगे हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट की ओर से पंचायत चुनाव 15 अप्रैल तक कराने के निर्देश अभी प्रभावी हैं। हालांकि सरकार ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने तक पंचायत चुनाव टालने के मूड में है। पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची 25 फरवरी को ही जारी हो चुकी है। परिसीमन के बाद बड़ा बदलाव, कई बड़े गांव बदलेंगे राजनीति की तस्वीर, 65 में से 16 वार्ड एससी और 15 ओबीसी के लिए होंगे रिजर्व नगर निगम परिसीमन के बाद सेवर पंचायत समिति के 33 राजस्व गांव निगम के 10 वार्डों में समायोजित किए गए हैं। सीमांकन के अनुसार वार्ड नंबर 1 में भांडोर, चक भांडोर, नगला करन सिंह, घना भांडोर, गिरधरपुर और चक नगला करन सिंह शामिल हैं। वार्ड नंबर 2 में चक मुरवारा, मुरवारा, अड्डी, अचलपुरा और गुंडवा शामिल हैं। वार्ड नंबर 14 में रामपुरा, मडौली, नगला झीलरा और नगला तेरहिया शामिल हैं। वार्ड नंबर 15 में मलाह और नगला सैह शामिल हैं। वार्ड नंबर 44 में बरसो और जाटोली घना शामिल हैं। वार्ड नंबर 47 में बछामदी-एक, बछामदी-दो और नगला कसौटा शामिल हैं। वार्ड नंबर 48 में नोंह, नगला अस्तावन और मेहंदी बाग शामिल हैं। वार्ड नंबर 53 में बराखुर, जिरोली, नगला लोधा की संपूर्ण आबादी तथा मडरपुर का राजस्व क्षेत्र शामिल है। वार्ड नंबर 54 में मडरपुर और भवनपुरा शामिल हैं। वार्ड नंबर 65 में तुहिया और टोंटपुर की संपूर्ण आबादी व राजस्व क्षेत्र शामिल हैं। वार्ड 16 सबसे बड़ा, वार्ड 58 सबसे छोटा... वर्ष 2019 में हुए नगर निगम चुनाव में कुल मतदाता 1 लाख 72 हजार 263 थे। वर्तमान में वार्डों का गठन वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर किया गया है। नए क्षेत्रों को शामिल करने के बाद कुल आबादी 2 लाख 90 हजार 284 रही, जिसके आधार पर 65 वार्ड बनाए गए। एक वार्ड की औसत आबादी 4466 है और नियमानुसार इसमें 15 प्रतिशत तक कम या अधिक आबादी रखी जा सकती है। वार्ड संख्या 16 की आबादी सबसे अधिक 5173 है। इसके बाद वार्ड संख्या 20 में 5152 तथा वार्ड 19 और 21 की आबादी 5133 है। सबसे कम आबादी वार्ड संख्या 58 की है, जहां 3327 आबादी है। निगम क्षेत्र में अनुसूचित जाति की आबादी 73 हजार 314 है, जिसके आधार पर 16 वार्ड आरक्षित रखने का प्रस्ताव है। इसके अलावा ओबीसी वर्ग के लिए 15 वार्ड आरक्षित किए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। मतदाता सूची की यह रहेगी पूरी टाइमलाइन मतदाता सूची के कार्यक्रम के अनुसार 24 मार्च को प्रारूप का प्रकाशन किया जाएगा। 25 को वार्डों और मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का पठन कराया जाएगा। 29 मार्च और 5 अप्रैल को विशेष अभियान में नाम जोड़ने व हटाने की प्रक्रिया होगी इसकी बाद स्थिति स्पष्ट होगी। दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 7 अप्रैल निर्धारित की गई है। इनका निस्तारण 15 अप्रैल तक किया जाएगा। इसके बाद 22 अप्रैल को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। ईवीएम और बैलेट बॉक्स भी अपडेट किए जा चुके हैं। कार्मिकों की ट्रेनिंग भी पूरी हो चुकी है। अब प्रशासन निगम चुनाव की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। प्रारूप एसआईआर से पहले 7 जनवरी 2025 की मतदाता सूची को आधार मानकर तैयार किया जा रहा है। वहीं इस बार चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों ने भी अभी से मतदाताओं के घरों पर जाना शुरू कर दिया है और उनसे अभी से मनुहार करने में जुट गए हैं।
नई गाइडलाइन:सड़कों के निर्माण की अब 10% जांच सरकारी लैब में और 10% प्राइवेट लैब से कराना जरूरी
मप्र लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में रफनेस के बाद सड़कों की निर्माण सामग्री की जांच का पैटर्न भी बदला जा रहा है। मप्र में सड़कों और सरकारी भवनों के निर्माण में होने वाली गुणवत्ता की अनदेखी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए लोक निर्माण विभाग ने एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। विभाग ने निर्माण सामग्री के परीक्षण (मटेरियल टेस्टिंग) की पुरानी व्यवस्था को बदलते हुए अब नई गाइडलाइन जारी कर दी है। इस नए आदेश का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि अब ठेकेदारों को निर्माण सामग्री की जांच के लिए निजी लैब पर निर्भर रहने की छूट नहीं मिलेगी । अब 10% जांच सरकारी लैब में और 10% प्राइवेट लैब से कराना अनिवार्य होगा। अब तक की व्यवस्था में सड़क या भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाली गिट्टी, सीमेंट, डामर और मिट्टी की जांच का काम केवल निजी प्रयोगशालाओं के जरिए ही कराया जाता रहा है। विभागीय स्तर पर कोई कड़ा नियंत्रण न होने के कारण अक्सर यह शिकायतें आती थीं कि निजी लैब और ठेकेदारों की जुगलबंदी से खराब गुणवत्ता वाली सामग्री को भी पास करा लिया जाता था। लेकिन, पहली बार विभाग ने इस एकाधिकार को खत्म करते हुए परीक्षण का अनुपात तय कर दिया है । 1 अप्रैल से सब कुछ होगा डिजिटल विभाग ने जांच के साथ रिपोर्टिंग की व्यवस्था भी बदल दी है। अब सभी परीक्षणों की एंट्री 'वर्क्स मैनेजमेंट सिस्टम' (डब्ल्यूएमएस) पोर्टल पर ऑनलाइन करना अनिवार्य होगा। कार्यपालन यंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि 1 अप्रैल से बिना ऑनलाइन प्रविष्टि के कोई भी गुणवत्ता रिपोर्ट मान्य नहीं की जाएगी । इससे अब मुख्यालय में बैठे वरिष्ठ अधिकारी एक क्लिक पर देख सकेंगे कि किस प्रोजेक्ट में सामग्री की जांच किस लैब में हुई है और उसका नतीजा क्या रहा। जानिए... मप्र में कुल सड़कें लोक निर्माण विभाग की कुल सड़कें 77268 किलोमीटर लंबी हैं। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग 9,278 किमी, स्टेट हाइवे 10,465 किमी, मुख्य जिला मार्ग 22,517 किमी और अन्य जिला एवं ग्रामीण मार्ग 35,008 किमी है। प्रदेश में लगभग 6,000 किमी फोरलेन और 13,000 किमी डबल लेन सड़कें हैं। इसमें से 20 फीसदी सड़कें हर साल नए सिरे से बनाई जाती है। क्यों पड़ी आदेश की जरूरत विभाग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए यह संशोधन किया गया है । 06 सितंबर 2019 के पुराने निर्देशों को बदलते हुए विभाग अब यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सरकारी पैसा जिस सड़क पर लग रहा है, वह लंबे समय तक चले और ठेकेदार गुणवत्ता के नाम पर खानापूर्ति न कर सकें। क्या है नया नियम? पीडब्ल्यूडी द्वारा 12 मार्च 2026 को जारी आदेश के अनुसार, अब किसी भी निर्माण कार्य के कुल परीक्षणों को दो प्रमुख हिस्सों में बांटना अनिवार्य होगा। पहला कुल परीक्षणों में से कम से कम 10 प्रतिशत टेस्ट विभाग की मंडल या परिक्षेत्र स्तर पर संचालित अपनी विभागीय प्रयोगशालाओं' कराना होगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत टेस्ट विभाग द्वारा सूचीबद्ध की गई निजी एनएबीएल प्रयोगशालाओं से कराने होंगे। मप्र में निर्माण कार्य सुधार के लिए लगातार नए नवाचार किए जा रहे हैं। इसके तहत यह बदलाव किया है। 1 अप्रैल से इसे लागू किया जाएगा। -केपीएस राणा, ईएनसी, लोक निर्माण विभाग
रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए लुधियाना के युवक समरजीत सिंह का शव घर पहुंचने के बाद मां अकबर कौर और परिवार के अन्य सदस्य अंतिम दर्शन नहीं कर सके। शव को चिता पर रखने के लिए जब बॉक्स खोला गया तो सभी लोग हैरान रहे गए। ताबूत में रखे लोहे के बॉक्स में केवल कंकाल था। बता दें कि, समरजीत सिंह की मौत 10 सितंबर 2025 को रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ड्रोन अटैक में हुई। 8 सितंबर 2025 से परिवार का उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। परिवार को आस थी कि समरजीत जिंदा होगा और वापस घर जरूर आएगा। वीरवार रात को समरजीत सिंह जिंदा तो नहीं आया, लेकिन ताबूत में पैक होकर उसका शव जरूर घर आया। बिडंबना यह रही कि मां अकबर कौर सिमरजीत सिंह के आखिरी दर्शन भी नहीं कर पाई। जिसका मलाल मां अकबर कौर को अब जिंदगीभर रहेगा। बॉक्स से निकला केवल कंकाल समरजीत के शव पर केमिकल लगाकर उसे लोहे के बॉक्स में पैक किया था और फिर उस बॉक्स को ताबूत में रखा गया था। दिल्ली में जब उन्हें ताबूत सौंपा गया तो स्पष्ट निर्देश दिए गए कि शव को चिता पर ही लोहे के बॉक्स से अलग करना है। शव पैक होने के कारण परिवार को लोग भी घर पर उसके अंतिम दर्शन नहीं कर पाए। चिता पर जब उसके शव वाले बॉक्स को खोला गया तो सिर्फ कंकाल नजर आया। जिसे देखकर पिता, भाई व अन्य रिश्तेदार भावुक हो गए। परिजनों ने मां को उसके नजदीक आने नहीं दिया। मां अबकर कौर का कहना है कि वो छह महीने तक अपने बच्चे के आने का इंतजार करती रही। उसे उम्मीद थी कि बेटा एक दिन जरूर वापस आएगा। उनका कहना है कि उनकी नजरों में आज भी वही समरजीत है जो खुशी से विदेश गया था। आखिरी बार कहा था- पापा अपना और मम्मी का ख्याल रखना समरजीत सिंह 16 जुलाई को घर से रूस के लिए निकला था। समरजीत की आखिरी बार अपने पिता से 8 सितंबर 2025 को वीडियो कॉल पर बात हुई थी। सिग्नल ठीक न होने के कारण सही से बात नहीं हो पाई। आखिरी वीडियो कॉल में समरजीत ने अपने पिता चरणजीत सिंह को कहा था, मैं ठीक हूं, पापा अपना और मम्मी का ख्याल रखना। इतना कहते ही उसका फोन कट गया था। उसके बाद चरणजीत सिंह समरजीत को फोन पर फोन करते रहे, लेकिन दोबारा कॉल कनेक्ट नहीं हो पाई। दरअसल, जब उसने आखिरी बार कॉल की थी तो रूस की सेना उन्हें लेकर यूक्रेन बॉर्डर पर जा रही थी। यूक्रेन बॉर्डर पर पहुंचते ही 10 सितंबर को ड्रोन अटैक में उसकी मौत हो गई। छह महीने बाद समरजीत सिंह के शव की पहचान कैसे हुई, जानिए … रूस से शव लुधियाना पहुंचने के बारे में सिलिसिलेवार जानिए… समरजीत सिंह की मौत का एक मार्मिक पहलू यह भी है…
ग्वालियर से जारी की बहनों की 34वीं किश्त:लाड़ली बहना...सीएम ने खातों में डाली 1836 करोड़ की राशि
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को ग्वालियर जिले के घाटीगांव स्थित शबरी माता मंदिर परिसर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में लाड़ली बहना योजना की 34वीं किश्त जारी की। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में 1836 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की। इस योजना के तहत अब प्रत्येक पात्र महिला को हर महीने 1500 रुपए की सहायता दी जा रही है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में देश के लिए उदाहरण बन रही हैं। प्रदेश में 5 लाख से अधिक स्व-सहायता समूहों से जुड़कर करीब 65 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत हुई हैं, जबकि 12 लाख से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 47 प्रतिशत नए स्टार्टअप का नेतृत्व भी महिलाएं कर रही हैं।
भोपाल के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने की घटना सामने आई है। हमला में युवक का दायां कान कट गया। इसके अलावा युवक के सिर समेत पूरे शरीर पर चाकू से चोट के निशान हैं। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए आरोपियों ने युवक पर जानलेवा हमला किया है। घटना के बाद युवक को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित अल्ताफ राजा (25) ऐशबाग इलाके का रहने वाला है। अल्ताफ गुरुवार रात चैक बाजार से लौट रहा था। इसी दौरान रात करीब 10:00 बजे नूर महल रोड पर आरोपी अमन नेपाली और उसके साथियों ने अल्ताफ पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मारपीट करने के बाद इलाके में बवाल मचाया। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से अल्ताफ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित अल्ताफ राजा ऑटो डीलिंग का काम करता है। पहले वाले मामले में हो गया था समझौता पुलिस ने बताया कि पीड़ित अल्ताफ के साथ आरोपी अमन द्वारा पूर्व में भी मारपीट की जा चुकी है। इस मामले में अल्ताफ ने एफआईआर दर्ज कराई थी। हालांकि मामले में आपसी समझौते के बाद निपटारा कर लिया गया था। लेकिन, अमन ने अल्ताफ पर सिर्फ इस बात को लेकर हमला कर दिया कि उसने उसके खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज कराई थी। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। दोनों पर पहले से केस टीआई काशीराम कुशवाह ने बताया कि अल्ताफ ऐशबाग इलाके का निगरानी बदमाश है। उसके खिलाफ मारपीट समेत अन्य प्रकार के कई मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आरोपी अमन नेपाली का भी क्रिमिनल रिकॉर्ड है। दोनों ही पक्ष मारपीट जैसी घटनाओं में शामिल रहते हैं। दोनों ही पक्ष के खिलाफ भोपाल के थानों में मामले दर्ज हैं।
सहारनपुर में स्थित सिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी मंदिर में शनिवार यानी आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का प्रस्तावित दौरा होगा। सीएम यहां पहुंचकर माता शाकंभरी देवी के दर्शन-पूजन करेंगे और क्षेत्र में चल रही करीब 75 करोड़ रुपए की विकास तथा पर्यटन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। नागलमाफी में बनेगा अस्थायी हेलीपैडसीएम के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए नागलमाफी गांव के पास अस्थायी हेलीपैड तैयार कराया जा रहा है। नागलमाफी से भूरादेव तक सड़क के दोनों ओर विशेष सफाई अभियान चलाया गया है। सफाई कर्मचारियों को लगाकर पूरे मार्ग को व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि सीएम के आगमन के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें। 75 करोड़ की परियोजनाओं पर होगी चर्चापर्यटन विभाग के क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रविशंकर ने बताया कि सिद्धपीठ शाकंभरी देवी क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 75 करोड़ रुपए की लागत से कई निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। इनमें पर्यटन सुविधा केंद्र का लगभग 65 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, जबकि ओपन एयर थिएटर का निर्माण जारी है। मल्टी लेवल कार पार्किंग का करीब 30 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। टॉयलेट ब्लॉक और पब्लिक सोवेनियर शॉप का निर्माण पूरी तरह संपन्न हो गया है। इसके अलावा शाकंभरी देवी पदयात्रा मार्ग सुदृढ़ीकरण का 85 प्रतिशत, शाकंभरी द्वार कॉम्प्लेक्स का 70 प्रतिशत, साइनेज स्थापना का 25 प्रतिशत तथा पदयात्रा मार्ग की प्रकाश व्यवस्था का करीब 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। सेतु निगम की ओर से भूरादेव से सिद्धपीठ तक बनाए जा रहे एलिवेटेड पुल और एप्रोच रोड का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। सीएम अपने दौरे के दौरान इन सभी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे। नवरात्र मेले की तैयारियों का भी लेंगे जायजासीएम मंदिर परिसर में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान 19 मार्च से शुरू होने वाले चैत्र नवरात्र मेले की तैयारियों पर चर्चा होगी। बैठक के बाद मुख्यमंत्री यहीं से लखनऊ के लिए रवाना होंगे। सीएम के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट मोड में है। 19 मार्च से 2 अप्रैल तक लगेगा शाकंभरी मेलासिद्धपीठ मां शाकंभरी देवी में चैत्र नवरात्र के अवसर पर 19 मार्च से 2 अप्रैल तक मेला आयोजित किया जाएगा। मेले की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन पहले से सक्रिय है। डीएम मनीष बंसल और एसएसपी अभिनंदन ने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक कर पार्किंग, पेयजल, बैरिकेडिंग, रोशनी, साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को समय से पूरा करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन के अनुसार मेले में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है, इसलिए व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है। सीएम का कार्यक्रम
इंदौर के देवी अहिल्या बाई होल्कर इंटरनेशलन एयरपोर्ट से संचालित होने वाली एकमात्र इंटरनेशलन फ्लाइट अब सप्ताह में सिर्फ 4 दिन ही संचालित की जाएगी। एयर इंडिया एक्सप्रेस 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में इंदौर से शारजाह के बीच सप्ताह में तीन फेरे कम करने जा रही है। 29 मार्च से यह फ्लाइट सप्ताह में सिर्फ चार दिन ही संचालित होगी। कंपनी ने अपनी वेबसाइट पर इस आधार पर बुकिंग भी शुरू कर दी है। वहीं सूत्रों का कहना है कि खाली समय में इंदौर से बैंकॉक के लिए भी एक फ्लाइट का संचालन हो सकता है। एयर इंडिया एक्सप्रेस के अधिकारियों ने बताया कि 29 मार्च से लागू हो रहे समर शेड्यूल में कंपनी सप्ताह में चार दिन सोम, बुध, शुक्र और रविवार को ही इंदौर से शारजाह के बीच जाने और आने वाली सीधी फ्लाइट का संचालन करेगी। वहीं शेष तीन दिन मंगल, गुरु और शनिवार को इस फ्लाइट का संचालन बंद रहेगा। इस फ्लाइट को 28 अक्टूबर से लागू हुई विंटर शेड्यूल में ही नियमित किया गया था। इससे पहले यह सप्ताह में चार दिन ही संचालित होती थी। नियमित फ्लाइट मिलने से यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही थी, लेकिन अब एक बार फिर सप्ताह में 4 दिन ही उड़ान के संचालन होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही इस फ्लाइट के समय में भी थोड़ा बदलाव किया जा रहा है। मौजूदा समय की अपेक्षा 29 मार्च से यह फ्लाइट 35 से 40 मिनट देरी से चलेगी। कंपनी अधिकारियों और ट्रैवल एजेंट्स ने बताया कि गर्मी के मौसम में यूएई में बहुत तेज गर्मी पड़ती है। इसके कारण यहां घूमने आने वाले पर्यटकों की संख्या में काफी कमी आ जाती है। इसे देखते हुए गर्मियों के सीजन को यहां पर्यटन की दृष्टि से ऑफ सीजन भी कहा जाता है। अधिकारियों का कहना है कि युद्ध की स्थिति के साथ ही इस बात को भी देखते हुए इस फ्लाइट को नियमित के बजाए सप्ताह में चार दिन संचालित करने का निर्णय लिया गया है। बैंकॉक के लिए विचार कर रही कंपनी ट्रेवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रदेश अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि कंपनी सप्ताह के जिन तीन दिनों मंगल, गुरु और शनिवार को शारजाह फ्लाइट का संचालन बंद कर रही है, उन दिनों में इंदौर से किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय शहर के लिए फ्लाइट शुरू कर सकती है। इस पर विचार जारी है। संभावना है कि इन दिनों में इंदौर से बैंकॉक के लिए फ्लाइट शुरू की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यात्रियों को इंदौर से दो अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए सीधी उड़ान की सुविधा मिल जाएगी और थाईलैंड जाने वाले यात्रियों को देश के अन्य शहरों से होकर जाने के बजाए इंदौर से ही सीधी फ्लाइट की सुविधा मिलेगी, जिससे उनका समय और पैसा भी बचेगा। यूद्ध के कारण निरस्त चल रही फ्लाइट उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण 28 फरवरी से इंदौर शारजाह के बीच जाने और आने वाली फ्लाइट बंद है। पहले कंपनी इसे एक-एक दिन के लिए निरस्त कर रही थी। फिर कुछ दिनों पहले इसे 22 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया गया था। वहीं अब कंपनी ने इसे 28 मार्च तक के लिए निरस्त करते हुए सिस्टम से हटा दिया है। यानी अब 28 मार्च तक जिन लोगों ने इस फ्लाइट में बुकिंग कर रखी थी उन्हें दूसरी उड़ानों का सहारा लेना पड़ेगा। युद्ध के चलते इंदौर से जाने वाले यात्री तो नहीं है, लेकिन वहां से आने वाले यात्रियों के लिए इस फ्लाइट के बंद होने से बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। यह रहेगा फ्लाइट का नया शेड्यूल
शहर में कॉलोनी बसाने वाले बिल्डरों के वादों और जमीन पर हकीकत एक क्लिक पर मिल जाएगी। नगर निगम विकास अनुमति की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने जा रहा है। तैयारी पूरी हो चुकी है। टीम को प्रशिक्षित भी किया जा चुका है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कॉलोनी में सड़क, नाली, सीवेज, पानी की लाइन और स्ट्रीट लाइट जैसे काम कितने हुए और कितने बाकी हैं, इसकी ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी। इससे रहवासियों को शिकायत लेकर निगम के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी और बिल्डरों की मनमानी पर भी लगाम लगेगी। ऑफलाइन प्रक्रिया होने के कारण जब लोग परेशान हो जाते थे, तब फाइल खुलती थी और फिर जमीनी हकीकत का पता चल पाता था। तब तक बिल्डर अधिकांश प्रॉपर्टी बेच चुके होते थे। ऑनलाइन सिस्टम तीन महीने में काम करने लगेगा। अभी क्या समस्या फाइल एक टेबल से दूसरी टेबल तक घूमती रहती है।बिल्डर कई बार वादा करके काम अधूरा छोड़ देते हैं। शिकायत पर सुनवाई नहीं होती। क्या बदलेगा पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक होगी। रियल-टाइम मॉनिटरिंग।बिल्डर पर तय समय में काम पूरा करने का दबाव बढ़ेगा। निगम के चक्कर नहीं लगाने होंगे। अभी ऐसे मिलती है अनुमति : निगम टीएंडसीपी से पास लेआउट पर विकास अनुमति जारी करता है। इसके तहत कॉलोनाइजर को सड़क, नाली, सीवेज लाइन, पार्क, स्ट्रीट लाइट और पानी की पाइपलाइन जैसे बुनियादी विकास कार्य करने होते हैं। जैसे-जैसे ये काम पूरे होते हैं, वैसे-वैसे निगम द्वारा बंधक रखे गए प्लॉट रिलीज किए जाते हैं। अंत में कंप्लीशन सर्टिफिकेट के समय शेष 15 प्रतिशत बंधक प्लॉट भी जारी किए जाते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया से मॉनीटरिंग आसान होगीविकास अनुमति की ऑनलाइन करने की प्रक्रिया के प्रयास कर रहे हैं। इससे विकास अनुमति लेने वालों की मॉनिटरिंग ऑनलाइन संभव हो सकेगी। इससे लोगों को निगम के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। अगले तीन महीने में यह काम करने लगेगा। - संस्कृति जैन, कमिश्नर नगर निगम
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नमस्कार, कल की बड़ी खबर डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान की है, जिसमें उन्होंने कहा कि ईरान जल्द सरेंडर करेगा। वहीं, दूसरी खबर यूपी में सिलेंडर के लिए लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत से जुड़ी है। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. दावा- ईरान दो भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज से गुजरने देगा, राजदूत बोले- भारत हमारा दोस्त ईरान ने दो भारतीय गैस टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति दे दी है। यह दावा रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के झंडे वाले दो LPG टैंकर होर्मुज स्ट्रेट से भारत की ओर रवाना होंगे। इससे घरेलू गैस आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है। ईरान ने भारत को दोस्त बताया था: इससे पहले भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने कहा था कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में भारत को सुरक्षित रास्ता देगा। उन्होंने कहा कि भारत और ईरान के बीच लंबे समय से दोस्ताना रिश्ते और आपसी भरोसा रहा है। ईरान ने होर्मुज रूट बंद किया है: ईरान ने अमेरिका-इजराइल से जंग के चलते होर्मुज रूट बंद कर रखा है। वहां से किसी भी जहाज को निकलने की अनुमति नहीं है। हालांकि भारत के दो जहाजों को छूट दी है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से दुनिया का करीब 20% तेल गुजरता है। भारत जैसे देश अपनी जरूरत का करीब आधा तेल इसी रास्ते से मंगाते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 2. LPG किल्लत: पंजाब में सिलेंडर उठाकर भाग रहे लोग, UP में लाइन में लगे बुजुर्ग की मौत अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें लग रहीं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। कई जगहों पर ₹2 हजार का कॉमर्शियल सिलेंडर ₹4 हजार में बिक रहा। वहीं, पंजाब में लोग सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। केरल में करीब 40% रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। यूपी में भी रसोई गैस सिलेंडर का संकट जानलेवा हो गया है। फर्रुखाबाद में सिलेंडर के लिए लाइन में लगे मो. मुख्तियार (76) की तबीयत बिगड़ गई। परिजन अस्पताल लेकर भागे, लेकिन उनकी मौत हो गई। घटना लाल सराय स्थित भारत एजेंसी की है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- गैस किल्लत की अफवाह खुद सीएम फैला रहे। ऐसे में देश विश्वगुरु कैसे बनेगा। गैस किल्लत पर केंद्र सरकार ने चिंता जताई LPG एक चिंता का विषय जरूर है, क्योंकि हमारा ज्यादातर इम्पोर्ट 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' के रास्ते आता है, जो फिलहाल बंद है। दिक्कत अफवाहों और 'पैनिक बुकिंग' की वजह से हो रही है। आम तौर पर रोजाना 50-55 लाख बुकिंग होती थी, जो अब बढ़कर 75-76 लाख पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें… 3. पीरियड्स में पेड लीव की याचिका SC में खारिज, CJI बोले- महिलाओं को कोई काम नहीं देगा सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका खारिज हो गई। कोर्ट ने कहा कि कानून बनाया तो महिलाओं को कोई काम नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा। CJI सूर्यकांत ने कहा- ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है। यह उनका पॉजिटिव राइट है, लेकिन उस नियोक्ता के बारे में सोचिए, जिसे पेड लीव देनी होगी। कोर्ट के 2 बड़े कमेंट... मान लीजिए आप पूरे प्राइवेट सेक्टर को महीने में एक बार छुट्टी लेने का अधिकार देते हैं तो यह उनके विकास के लिए नुकसानदायक हो सकता है। आपको वर्क प्लेस पर बनने वाली मानसिकता का अंदाजा नहीं है। इस पर कानून बना तो महिलाओं के करियर को होने वाले नुकसान का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाएगा। कोई भी उन्हें जिम्मेदारियां नहीं देगा, यहां तक कि ज्यूडीशियल सर्विस में भी, उन्हें सामान्य मुकदमे नहीं सौंपे जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें… 4. सभी देशों को रूसी तेल खरीदने की इजाजत, अमेरिका ने 30 दिन की छूट दी अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर के पार चली गई हैं। इसे काबू में करने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को भी रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दे दी है। रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हैं। भारत को पहले दी थी इजाजत: इससे पहले अमेरिका ने भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने के लिए प्रतिबंधों में ढील देने की बात कही थी। हालांकि, इस पर भारतीय अधिकारी कह चुके हैं कि भारत तेल खरीदने के लिए किसी भी देश की इजाजत पर निर्भर नहीं है। सिर्फ समुद्र में फंसे जहाजों से तेल खरीदने की मंजूरी: अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) ने गुरुवार को एक लाइसेंस जारी किया। इसके तहत उन रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की डिलीवरी और बिक्री की जा सकती है, जो 12 मार्च की रात 12:01 बजे से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे। यह छूट सिर्फ 11 अप्रैल तक के लिए दी गई है। पूरी खबर पढ़ें... 5. क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी की रस्में शुरू, हल्दी में युजवेंद्र चहल जमकर नाचे क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन मसूरी में हो रहे हैं। शुक्रवार सुबह 11 बजे से हल्दी की रस्म शुरू हुई। हल्दी में युजवेंद्र चहल और अन्य क्रिकेटर्स ने जमकर डांस किया। हल्दी के बाद कुलदीप अपनी दुल्हन वंशिका के साथ डांस मूव्स करते नजर आए। शादी में रोहित, सूर्या, गंभीर आएंगे: कुलदीप की शादी में शामिल होने के लिए क्रिकेटर रिंकू सिंह, सिंगर कैलाश खेर, भारतीय टीम के फील्डिंग कोच टी दिलीप और एक्टर कुणाल कपूर भी पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को शादी समारोह में सूर्यकुमार यादव, रोहित शर्मा और भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर के भी शामिल होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ें... 6. एअर इंडिया के बाद इंडिगो की भी टिकटें महंगी, घरेलू उड़ानों पर ₹425 एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग का असर अब आपकी हवाई यात्रा पर भी पड़ने लगा है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो की फ्लाइट से यात्रा 14 मार्च से महंगी होने जा रही है। एयरलाइन ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट टिकटों पर ₹425 से ₹2300 तक फ्यूल चार्ज लगाने का फैसला किया है। जेट फ्यूल महंगा हो गया है: इसके बाद नई बुकिंग करने वाले यात्रियों को टिकट के साथ एक्सट्रा फ्यूल चार्ज देना होगा। एयरलाइन का कहना है कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, इसलिए यह कदम उठाया गया है। कहां-कितना चार्ज लगेगा: कंपनी के मुताबिक भारत और भारतीय उपमहाद्वीप की उड़ानों पर ₹425 फ्यूल चार्ज लगेगा, जबकि मिडिल ईस्ट की फ्लाइट के लिए ₹900 अतिरिक्त देना होगा। वहीं दक्षिण-पूर्व एशिया, चीन, अफ्रीका और वेस्ट एशिया जाने वाली उड़ानों पर ₹1800 और यूरोप की उड़ानों पर ₹2300 फ्यूल चार्ज लिया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. LPG संकट: संसद में विपक्ष की नारेबाजी: वित्त मंत्री बोलीं- मुश्किल समय में साथ खड़े हों; मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस (पढ़ें पूरी खबर) 2. पीएम बोले-कांग्रेस ने लगातार असम से झूठ बोला: किसानों को विदेशों पर निर्भर रखा; दौरे के पहले दिन ₹24,250 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन-शिलान्यास (पढ़ें पूरी खबर) 3. राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर: ओडिशा से 8 विधायक बेंगलुरु भेजे; हरियाणा में लंच पर बुलाया, फिर हिमाचल प्रदेश भेजा (पढ़ें पूरी खबर) 4. अफगानिस्तान का पाकिस्तान पर जवाबी हमला: खैबर पख्तूनख्वा में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया; इस्लामाबाद एयरपोर्ट बंद, कई फ्लाइट्स डायवर्ट (पढ़ें पूरी खबर) 5. अमेरिका ने एच-1बी वीजा देने की प्रक्रिया में बदलाव किया: अब सैलरी के आधार पर होगा चयन; 1 अप्रैल से नया फार्म I-129 लागू होगा (पढ़ें पूरी खबर) 6. भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर खरीदा: अबरार पर ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; BCCI उपाध्यक्ष बोले- हमारा लेनादेना नहीं (पढ़ें पूरी खबर) 7. ‘मैं एक्टर्स से फिल्म के लिए भीख नहीं मांगता’: कार्तिक आर्यन ने ठुकराई थी ‘हंगामा-2’, प्रियदर्शन बोले- जो भरोसा करे उसी के साथ काम करता हूं (पढ़ें पूरी खबर) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... राजस्थान में चोरी करके महिलाएं निगल जाती थीं गहने राजस्थान में भीलवाड़ा पुलिस ने एक महिला चोर गिरोह को पकड़ा है। गिरोह की महिलाएं ज्वेलरी चोरी करने के बाद निगल जाती थीं । जब पुलिस कर्मियों ने 7 महिलाओं को गिरफ्तार कर मेडिकल करवाया तो उनके पेट में मंगलसूत्र और सोने के मोती मिले। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर- कौन हैं अली जाफरी, जिन्होंने अब तक ईरान को हारने नहीं दिया; जानिए मोजेक डिफेंस से कैसे टिकी है ईरानी सेना 2. ‘UP में अविमुक्तेश्वरानंद केस और UGC का काउंटर करे BJP’: RSS का मैसेज- योगी ही चेहरा, अनुशासनहीन लोगों को बाहर करें 3. वॉचमैन की नौकरी की, कभी धनिया बेची: फिल्मों में 1-2 मिनट के छोटे रोल किए; आज बॉलीवुड के सबसे दमदार अभिनेता बन गए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी 4. जरूरत की खबर- 'मच्छर अगरबत्तियों' में खतरनाक केमिकल्स: खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स 5. मेंटल हेल्थ– हसबैंड को दूसरी औरतें भी अच्छी लगती हैं: उन्हें ओपन रिलेशनशिप चाहिए, मुझे घुटन महसूस होती है, मैं क्या करूं करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज धनु राशि के लोगों के काम अनुभवी लोगों की सलाह से आसान हो जाएंगे। मकर राशि वालों की वित्तीय योजना आगे बढ़ सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
कोर्ट से भरण-पोषण के आदेश के बाद भी महिलाओं को राशि नहीं मिलने की समस्या से निपटने के लिए मप्र का मॉडल पूरे देश में लागू हो सकता है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने मप्र पुलिस की ‘ऑपरेशन हेल्पिंग हैंड’ पहल को देशभर में लागू करने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि यह मॉडल भरण-पोषण मामलों में अदालत के आदेश को जमीन पर लागू कराने में प्रभावी साबित हो रहा है। डीजीपी से मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने उन्हें अभियान के परिणामों के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने 2021 में इस अभियान की शुरुआत की थी। 16 हजार समन तामीली, ताकि आदेश मानें लोग एडीजी अनिल कुमार के अनुसार अदालत के आदेश के बाद भी नियमित रूप से भरण-पोषण की राशि नहीं देने के मामलों में अदालत द्वारा जारी समन और वारंट की तामीली करवाई जाती है। इससे संबंधित व्यक्ति कोर्ट में पेश होता है या आदेश का पालन करता है। पिछले साल 16,703 समन और वारंट तामील करवाए गए। जुलाई 2025 से सालभर चल रहा अभियान शुरुआत में यह अभियान साल में एक बार चलाया जाता था। लेकिन, कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए जुलाई 2025 से इसे सालभर चलने वाली प्रक्रिया बना दिया गया है। महिला सुरक्षा शाखा हर महीने जिलों से रिपोर्ट लेकर इसकी समीक्षा भी कर रही है। हेल्पिंग हैंड इसलिए खास: भरण-पोषण की प्रक्रिया: 5 साल में 55,803 गुम नाबालिग बेटियां तलाशींपुलिस अधिकारियों ने मप्र पुलिस के अन्य अभियानों की जानकारी भी दी। वर्ष 2021 से 2025 के बीच ऑपरेशन मुस्कान के तहत 55,803 गुम नाबालिग बालिकाओं को तलाशा गया। वहीं सेफ क्लिक साइबर जागरूकता अभियान के जरिए 33 लाख से अधिक लोगों को जागरूक किया गया। प्रदेश में फिलहाल 987 महिला हेल्प डेस्क संचालित हैं।
मैं राजस्थान से आया हूं। मेरी बनाई देसी दवा की पुड़िया से आपके बेटे को नई जिंदगी मिल सकती है। आप चाहें तो इसे एम्स के डॉक्टर से दिलवा दें। एक बाबा का ये दावा सुन गाजियाबाद के रहने वाले अशोक राणा भावुक हो गए। बोले- शब्दों में बयां नहीं कर सकता 13 साल से बेटे को जिंदा लाश की तरह देखना कितना दर्दनाक रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कुछ नहीं। गाजियाबाद के रहने वाले हरीश राणा लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। कोर्ट ने इच्छामृत्यु की इजाजत दे दी है। दैनिक भास्कर की टीम गाजियाबाद की राज एंपायर सोसाइटी पहुंची, जहां 13वीं मंजिल पर अशोक राणा रह रहे हैं। हमने सोसाइटी के लोगों से बात की। पिता से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन वह अब इस मसले पर ज्यादा बोलना नहीं चाहते। बाबा कौन थे ये भी जाना। पढ़िए रिपोर्ट… आधे घंटे तक बाबा और अशोक राणा की बातचीतहरीश राणा को नई जिंदगी देने के लिए राजस्थान के भीलवाड़ा के 62 साल के अखंडानंद बाबा गाजियाबाद पहुंचे। लेकिन राज एंपायर सोसाइटी के अंदर उन्हें प्रवेश नहीं करने दिया गया। पास में रहने वाले दुकानदार धर्मेंद्र के जरिए बाबा ने बताया कि ‘मैं राजस्थान से कुछ देसी दवाइयां लाया हूं। ये जड़ी बूटियों से बनी हैं। इनसे हरीश को नई जिंदगी मिल सकती है।’ अखंडानंद के इस मैसेज के करीब 6 घंटे बाद हरीश राणा के पिता अशोक राणा सोसाइटी में नीचे आए। यहां पर समिति के कुछ पदाधिकारी भी साथ में खड़े थे। करीब 30 मिनट तक बाबा और अशोक राणा की बातचीत हुई। बाबा बोले- हो सकता है कि बेटे के अंग काम करने लगेबाबा ने कहा- हम देसी जड़ी बूटियां देते हैं। जैसे आपके बेटे के बारे में मुझे मीडिया से पता चला है कि वह 13 साल से कोमा की स्थिति में है। इच्छामृत्यु पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। हम चाहते हैं कि मेडिकल बोर्ड आगे की कार्रवाई करे, लेकिन हम जो जड़ी-बूटी लाए हैं, उनसे आपके बेटे को नई जिंदगी मिल सकती है। यह केस बहुत लंबे समय से बहुत ही नाजुक स्थिति में है, लेकिन फिर भी उम्मीद है कि चाहे आप ये दवाएं नलकी से दें या एम्स के डॉक्टर से दिलवा दें। हो सकता है बेटे की जो नस है और जो दूसरे अंग हैं, वह काम करना शुरू कर दें। पिता बोले- मैं अपना दर्द शब्दों में नहीं बता सकताइस पर अशोक राणा ने कहा- हमें 13 साल हो गए। सब प्रयास कर लिए। सब जगह इलाज करा लिया। 13 साल से मैंने बेटे को कैसे जिंदा लाश की तरह देखा है, शब्दों में नहीं बयां कर सकता। मेरा दिल्ली का तीन मंजिला मकान भी बेचना पड़ा। आर्थिक स्थिति के लिए मैंने बहुत झेला है। मेरे परिवार की स्थिति मैं शब्दों में बता नहीं सकता। अब जब माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, तो हम इसमें कुछ नहीं कह सकते। उम्मीद है कि जो हमने मांग की थी सुप्रीम कोर्ट से उसी के अनुसार दिल्ली एम्स के डॉक्टरों की टीम इसमें आगे की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके बाद अशोक राणा ने इन बाबा को कुछ फल भी दान में दिए। हालांकि बाबा ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। सिर्फ इतना कहा कि मैं मीडिया में फोटो-वीडियो या बयान देना उचित नहीं समझता। सोसाइटी में रहने वाले क्या बोले… दैनिक भास्कर ने सोसाइटी में रहने वाले कुछ लोगों से भी बात की। तेजस ने बताया कि अशोक राणा का परिवार पिछले 6 साल से यहां रह रहा है। हरीश राणा के माध्यम से यह पता चला है कि एम्स में डॉक्टर और प्रशासन की एक बैठक हो चुकी है। एम्स की टीम आएगी और अशोक राणा के बेटे हरीश राणा को एंबुलेंस से ले जाया जाएगा। तेजस का कहना है कि एक पिता ने अपने बेटे के जीवन के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया है। वह पिछले कई सालों से यहां किराए के फ्लैट में रह रहे हैं। खाने-पीने की सामग्री को अलग-अलग स्टेडियम में सेल करते थे, जिससे परिवार का गुजारा हो रहा है। अशोक के चेहरे पर उनका दुख झलकता हैराज एंपायर सोसाइटी के फेडरेशन के सचिव अभिनव त्यागी ने बताया कि सोसाइटी में जब भी अशोक राणा आते-जाते थे, तो उनका दुख और दर्द चेहरे से हम लोग समझ जाते थे। वह बेटे को लेकर कई बार बताते थे कि जिंदगी बच जाए और वह सही हो जाए, इसके लिए उन्होंने 13 साल में बहुत प्रयास किए। आज पूरी सोसाइटी हरीश राणा के परिवार के साथ है। एंबुलेंस के माध्यम से हरीश राणा को दिल्ली एम्स ले जाया जाएगा। वहां डॉक्टरों की देखरेख में आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को इच्छामृत्यु मामले में फैसला सुनाया था। कोर्ट ने 13 साल से कोमा में रह रहे 31 साल के युवक हरीश राणा को इच्छामृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की मंजूरी दी है। गाजियाबाद के रहने वाले हरीश लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं। हरीश इस हाल में कैसे पहुंचे, वजह जानिए… दिल्ली में जन्मे हरीश राणा चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से बीटेक कर रहे थे। साल 2013 में आखिरी सेमेस्टर की पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए। हादसे के बाद उनके पूरे शरीर में लकवा मार गया और वह कोमा में चले गए। तब से न वह बोल पा रहे हैं और न ही किसी चीज को महसूस कर पा रहे हैं। डॉक्टरों ने हरीश को क्वाड्रिप्लेजिया नाम की गंभीर बीमारी से पीड़ित बताया है। इस स्थिति में मरीज पूरी तरह फीडिंग ट्यूब (खाने-पीने की नली) और वेंटिलेटर के सहारे जिंदा रहता है। डॉक्टरों के मुताबिक इसमें ठीक होने की संभावना लगभग नहीं होती। पिछले 13 साल से लगातार बिस्तर पर पड़े रहने की वजह से हरीश के शरीर पर बेडसोर्स यानी गहरे घाव भी हो गए हैं। समय के साथ उनकी हालत और ज्यादा बिगड़ती जा रही है। परिवार के लिए उन्हें ऐसे देखना मानसिक रूप से बेहद कठिन हो गया है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… 'बेसुध बेटे को घर की हर बात बताती थी':हरीश राणा की मां बोली- उम्मीद थी कि पलक झपकाकर बता देगा कि सुन लिया गाजियाबाद के राज एंपायर सोसाइटी की 13वीं मंजिल। साधारण से फ्लैट के कमरे में मेडिकल बेड पर हरीश (31) बेसुध लेटा है। पेट में पैग सेट पाइप और नाक में ऑक्सीजन पाइप लगा है। घर में परिजन, जानने वाले, अनजान, सरकारी अधिकारी व मीडियावालों का तांता लगा है। पिता अशोक राणा भरे गले से बता रहे हैं कि हमारी साढ़े बारह साल की सेवाओं का हिसाब-किताब अब पूरा हो रहा है, इसलिए यह फैसला आ गया। पढ़ें पूरी खबर बेटे के लिए इच्छामृत्यु मांगने वाले पिता का दर्द:बोले- बेटे को तड़पते हुए नहीं देख सकता था, पड़ोसी बोले- 13 साल से मुश्किल में परिवार 'मैं बेटे के दर्द को बता नहीं सकता। उसकी पीड़ा और तड़प को देख नहीं सकता था। मैंने बेटे के लिए 13 साल में क्या-क्या कष्ट सहे, मैं बता नहीं सकता। मेरा पूरा परिवार तबाह हो गया। बेटा ठीक हो जाए, इसके लिए मैंने अपना घर तक बेच दिया। सब कह रहे हैं कि मैंने बेटे के लिए इच्छामृत्यु मांगी और मुझे यह मिली। लेकिन लोग यह नहीं जानते कि मेरा बेटा मेरा सबकुछ है। मेरी दुनिया, मेरा भविष्य। मैं कितनी पीड़ा में हूं, उसे मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता।' पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ में दलित वोट साधने के लिए राहुल गांधी 35 मिनट तक बोले। मुद्दा कांशीराम जयंती का था, लेकिन राहुल के टारगेट पर मोदी सरकार थी। दलितों के सामने राहुल ने कांशीराम से ज्यादा नरेंद्र मोदी का नाम लिया। कहा- नरेंद्र मोदी देश के संविधान की विचारधारा को नहीं मानते। कभी अपोलो जाना, वहां डॉक्टर की नेम प्लेट देखना, कहीं पर 85% (दलित, पिछड़े) नहीं दिखेंगे। बड़ी कंपनियों के CEO में दलित, पिछड़े नहीं मिलेंगे। राहुल आगे कहते हैं- कोर्ट, ब्यूरोक्रेसी, कॉरपोरेट में सिर्फ 15% एलीट क्लास के लोग दिखेंगे। मनरेगा की लिस्ट में 85% दलित, पिछड़े हैं। यही बात कांशीराम अपने पेन मॉडल में कहते थे। कांशीराम कहते थे- वन मैन वर वोट, जितनी आबादी उतनी भागीदारी… लेकिन हकीकत क्या है? देश के संसाधन पर 15% का कब्जा है। कांशीराम इसी तस्वीर को बदलने की लड़ाई लड़ रहे थे, अब ये लड़ाई कांग्रेस लड़ रही है। राहुल गांधी ने कांशी राम जयंती से 2 दिन पहले लखनऊ में सामाजिक परिवर्तन दिवस मनाया। 4 हजार लोगों से सीधी बात की। राहुल का मैसेज उनके नेताओं तक कितना पहुंचा, ये भास्कर ने उन्हीं से जाना… सांसद बोले- राहुल ने 3 पॉइंट में क्लियर विजन दियासीतापुर से कांग्रेस सांसद राकेश राठौर कहते हैं- राहुल गांधी ने आज क्लियर विजन दिया है, कांग्रेस का फोकस 3 पॉइंट पर है। पहला- जातिगत जनगणना। दूसरा- संविधान की रक्षा। तीसरा- मनरेगा। यही 3 फैक्टर यूपी में निर्णायक साबित होने जा रहे हैं। मनरेगा की वजह से 80% दलित, पिछड़ों को सम्मान मिल पा रहा था। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन रावत कहते हैं- राहुल गांधी कह रहे हैं- जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी भागीदारी। यही बाबा साहेब और कांशीराम का सपना था। अब यूपी में कांग्रेस की दलित, पिछड़ों की आवाज बनेगी। दलित और पिछड़े समाज के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस में आगे बढ़ेंगे। वही सरकार में भी जगह पाएंगे। अब प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण का दांवकांग्रेस के उपाध्यक्ष विश्वविजय सिंह ने कहा- कांशीराम सियासत को जिस तरह से करते थे, उसको कांग्रेस भी फॉलो करती है। संगठन और सरकार में दलित, पिछड़ों की भागीदारी देने की तैयारी है। साथ ही, बड़े संस्थानों और प्राइवेट सेक्टर में भी दलित-पिछड़ों को जगह दिलाएंगे। जनता को बताएंगे, कैसे कृषि अधिकार सरेंडर हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर इसे और विस्तार से समझाते हैं। कहते हैं- राहुल गांधी ने कृषि सेक्टर का जिक्र किया। आज भी हमारे देश की 70% आबादी खेती करती है। इनमें सबसे ज्यादा दलित, पिछड़े और अति पिछड़े होते हैं। हम लोगों के बीच जाएंगे। बताएंगे कि कैसे भाजपा की केंद्र सरकार ने कृषि अधिकार को अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया। ये सवाल देश की जनता के सामने रखेंगे कि कैसे एनर्जी सेक्टर पर हम सरेंडर कर चुके है। महिला नेता का दावा- 2027 में पब्लिक कांग्रेस के साथबुंदेलखंड जोन की महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर तो दावे से कहती हैं- यूपी में 2027 के चुनाव में कांग्रेस की सरकार बनेगी। आज के समय में सिर्फ राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं, जो बेबाकी से बोल रहे हैं। हमारे पीएम पूरी तरीके से अमेरिका के दबाव में निर्णय ले रहे हैं। क्या अब हमें ट्रम्प बताएंगे कि हमें किस देश से तेल खरीदना है, इसलिए आने वाले चुनाव में पब्लिक चौंकाने वाले नतीजे देगी। राहुल गांधी को सुनने आए सोहन लाल कृषि विभाग से रिटायर्ड हैं। वह कहते हैं- सचिवालय में 90% पदों पर 10% वाले लोगों का कब्जा है। हलुआ बंटता है तो ये 10% लोग 85% वालों का हिस्सा अकेले खा रहे हैं। राहुल गांधी इसी पर चोट कर रहे हैं। इसी विचारधारा को लेकर हम जनता के बीच जाएंगे। आज दलित, पिछड़ों की आवाज और लड़ाई सिर्फ कांग्रेस लड़ रही है। अब राहुल के पेन मॉडल का सियासी मैसेज समझिएराहुल ने कांशीराम के पेन-मॉडल का जिक्र करके दलितों, अति पिछड़ों और अल्पसंख्यकों को साधने की कोशिश की। कहा- जब कांशीराम दलितों के उत्थान और राजनीतिक भागीदारी दिलाने के संघर्ष में यूपी में घूमते थे, तब एक पेन अपने साथ रखते थे। वो बताते थे कि पेन का ढक्कन, 15% अगड़ी जातियां हैं, जो पेन को संचालित करती हैं। होना तो यह चाहिए था कि फायदा 85% को मिलना चाहिए। भाजपा जब से सत्ता में आई, उसने एक नया सिस्टम बना दिया। पेन और ढक्कन को ही अलग कर दिया है। वह सिर्फ 15% (अगड़ी जातियां) को लेकर घूम रही है। 85% को फेंक दिया। एक्सपर्ट व्यू. सुरेश बहादुर सिंह, सीनियर जर्नलिस्ट सवाल : क्या राहुल मोदी को कमजोर पीएम साबित करने की कोशिश कर रहे हैं?जवाब : राहुल गांधी के भाषण को सुनेंगे तो साफतौर पर लगेगा कि उनकी कोशिश नरेंद्र मोदी को कमजोर पीएम साबित करने की है। यही कारण रहा कि वह लगातार पीएम पर अमेरिका के दबाव में कंप्रोमाइज होने का दावा करते रहे। इसके लिए उन्हाेंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील का जिक्र भी किया। ये समझाने की कोशिश करते हैं कि वो कोई बात हवा में नहीं बोल रहे हैं। इस ट्रेड डील में सारे फायदे अमेरिका को दिए गए, जबकि भविष्य में हमारे किसानों को इसका सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। 9 लाख करोड़ के कृषि उत्पाद अमेरिका के किसान हमारे देश में बेचेंगे। देश में तेल और गैस क्राइसिस का सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा- गैस की कम सप्लाई से लोग परेशान हो रहे हैं। फिर एपिस्टीन फाइल का जिक्र कर उन्होंने पीएम की व्यक्तिगत छवि पर भी हमला किया। राहुल गांधी ने खुलकर आरोप लगाए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की एनर्जी सिक्योरिटी से समझौता कर लिया है। यही कारण है कि अब अमेरिका तय कर रहा है कि हम तेल कहां से लेंगे? पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी और उनकी बेटी की कंपनी का जिक्र करते हुए एपस्टीन फाइल्स और जॉर्ज सोरोस का नाम लिया। मतलब साफ है कि भाजपा अपने जिस पीएम के बलबूते और चेहरे पर राज्यों के चुनावों को जीतती है, उसी पर हमला करके राहुल अपने लिए रास्ता बना रहे हैं। राहुल गांधी ने अपने भाषण में साफ तौर पर कहा कि “पीएम मोदी के सरेंडर करने का कारण केवल दो हैं। एक एपस्टीन और दूसरा अडानी का अमेरिका में चल रहा केस। अडानी केस में खुद मोदी भी संलिप्त हैं इसी वजह से वह पूरी तरह से सरेंडर हो गए हैं। मोदीजी साइकोलॉजिकल रूप से हार गए हैं और जब व्यक्ति मन से हारता है तो फिर उसको हारना ही होता है। अब राहुल गांधी के बयान की 3 बड़ी बातें: नरेंद्र मोदी संविधान की विचारधारा नहीं मानते: संविधान में जितने भी दलित महापुरुष हुए, उनकी आवाज इसमें है। सावरकर, नाथूराम गोडसे की आवाज इस संविधान में नहीं है। नरेंद्र मोदी कुछ भी कह लें, इस संविधान की विचारधारा को नहीं मानते हैं। सारा माल अमेरिका का आएगा: पीएम ने कहा है कि 9 लाख करोड़ का माल अमेरिका से खरीदेंगे। मैं पूछना चाहता हूं, हमारे बिजनेस क्या करेंगे। कपास, सोया, फल, बादाम, अखरोट अब अमेरिका के किसान यहां बेचेंगे। अमेरिका में बड़े- बड़े खेत हैं। सारा माल उनका आ जाएगा, सब खत्म कर देंगे। यूपी में कांग्रेस को मर मिटने वाले 100 लोग चाहिए: अब हमारे पास बड़ा मौका है। हिंदुस्तान की राजनीति बदलें। कांग्रेस को सिर्फ यूपी में 100 लोग ऐसे मिल जाएं जो कह दें कि मर जाएंगे, पीछे नहीं हटेंगे। हमारे लक्ष्य को नहीं छोड़ेंगे। काम हो जाएगा हमारा। कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग उठाएगी कांग्रेसकांग्रेस ने कांशीराम को भारत रत्न देने की मांग का प्रस्ताव पास किया है। तय हुआ है कि राहुल गांधी के माध्यम से संसद में यह मांग उठाई जाएगी। यह पहली बार था, जब राहुल गांधी कांशीराम जयंती से 2 दिन पहले कोई बड़ा इवेंट लखनऊ में करने आए थे। कार्यक्रम में करीब 4 हजार लोग शामिल हुए। दलित वोटर्स की सियासत में कांग्रेस का यह बड़ा कदम माना जा रहा है। यूपी में कांग्रेस-सपा का गठबंधनलोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सपा के साथ गठबंधन था, तब यूपी में NDA की सीटों की संख्या 36 पर सिमट गई थी। महागठबंधन 43 सीटों पर जीतने में कामयाब रहा। महागठबंधन इसी सफलता को 2027 के विधानसभा चुनाव में भी दोहराना चाहता है। सपा भी कांशीराम जयंती को PDA दिवस के रूप में मनाने का ऐलान कर चुकी है। 15 मार्च को यूपी के 75 जिलों में पार्टी के जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम होंगे। अब 2 स्लाइड में यूपी के दलित वोटर का गणित समझिए: ………… ये पढ़ें - लखनऊ में राहुल बोले- मोदी साइकोलॉजिकली खत्म:अमेरिका के आगे नरेंदर ने सरेंडर कर दिया, वह अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को कहा- नरेंद्र मोदी साइकोलॉजिकली खत्म हो गए हैं। मोदी अब भारत के प्रधानमंत्री नहीं रहे, वह अमेरिका के लिए काम कर रहे हैं और नरेंदर ने सरेंडर कर दिया है। जब मैं यह बात संसद में बोलने जा रहा था तो नरेंद्र मोदी जी भाग कर निकल गए। पढ़िए पूरी खबर…
क्रिकेटर कुलदीप यादव की शादी के फंक्शन मसूरी में शुरू हो गए हैं। शुक्रवार को हल्दी रस्म हुई। युजवेंद्र चहल, रिंकू सिंह और अन्य क्रिकेटर्स ने जमकर डांस किया। हल्दी के बाद कुलदीप अपनी दुल्हन वंशिका के साथ डांस मूव्स करते नजर आए। हल्दी के बाद मेहमानों ने स्पेशल लंच किया, जिसमें एक थाली की कीमत 20 हजार रुपए से ज्यादा की रही। VIDEO में देखिए हल्दी सेलेब्रेशन…
‘सरकार के तानाशाही रवैये से ब्राह्मण भयभीत हैं। ब्राह्मणों को एकजुट होकर 2027 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए, इससे ब्राह्मणों का खोया हुआ सम्मान दोबारा वापस मिल सकेगा।’ - माता प्रसाद पांडेय, नेता प्रतिपक्ष, 9 मार्च, अयोध्या ‘19 अप्रैल को परशुराम जंयती पर छुट्टी करनी चाहिए। अखिलेश यादव ने इस दिन राजकीय अवकाश घोषित किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने निरस्त कर दिया है। इससे ब्राह्मण समाज में नाराजगी है।’ - कमाल अख्तर, सपा विधायक, 20 फरवरी, विधानसभा ये दो बयान जताने के लिए काफी हैं कि सपा की पॉलिटिक्स की धुरी में M-Y यानी मुस्लिम-यादव फैक्टर के साथ ब्राह्मण वोटर भी आ चुके हैं। पहले UGC गाइडलाइंस, फिर माघ मेला में शंकराचार्य के अपमान से ब्राह्मणों की नाराजगी सबके सामने आ चुकी है। यही वजह है कि सपा सांसद-विधायक विधानसभा से लेकर जिलों के दौरों में ब्राह्मण अधिकारों की बातें करने लगे हैं। इसकी 2 वजह समझ आती हैं। तो क्या वाकई ब्राह्मण वोटर भाजपा से खिसक सकते हैं? क्या ब्राह्मण अखिलेश यादव का साथ दे सकते हैं? क्या पिछले वोटर की राजनीति करने वाली सपा को नुकसान हो सकता है? इन सब सवालों के जवाब इस खबर में तलाशेंगे। पढ़िए रिपोर्ट… PDA की सियासत से सपा फायदे में रही यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव से ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक की राजनीति करते आ रहे हैं। इसका उन्हें विधानसभा चुनाव 2022 में फायदा भी हुआ। इसे दो तरह से समझते हैं… 1. सीटों में फायदा यानी सपा ने 78 सीटों का सीधा फायदा हासिल किया और प्रदेश में मजबूत विपक्ष बन गई। 2. वोट शेयर में बढ़ोतरी सपा का वोट शेयर करीब 32% के आसपास पहुंच गया, जबकि 2017 में सपा को 21.8% वोट मिले थे। यह बढ़ोतरी ओबीसी और मुस्लिम वोटों के साथ दलित वोटों के शिफ्ट होने से हुई मानी गई थी। अब लोकसभा चुनाव में सपा का ग्राफ कैसे बढ़ा, ये जानिए सपा क्यों स्ट्रैटजी बदल रही, ये पढ़िए सपा ने लोकसभा चुनाव-2024, PDA और संविधान बदलाव रोकने की स्ट्रैटजी के साथ लड़ा और फायदे में रही। मगर, यूपी में 18 जनवरी, 2026 को माघ मेला के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जब प्रशासन ने गंगा घाट तक पालकी से जाने पर रोक दिया। इसके बाद धक्का-मुक्की और प्रदर्शन हुए, शंकराचार्य खुद ही धरने पर बैठ गए। पुलिस ने बटुकों को खींचकर अलग किया। एक बटुक की चोटी पकड़कर खींचते हुए तस्वीरें सामने आईं। यहीं, वो घटनाक्रम था, जिसने सपा को रणनीति में बदलाव करने पर मजबूर किया। क्योंकि, इससे पहले UGC के नियमों में हुए बदलाव से सवर्ण वोटर नाराज था। UGC मामले में अखिलेश यादव के नपे-तुले बयान आए, क्योंकि वो OBC वोटर को नाराज नहीं करना चाहते थे। मगर, शंकराचार्य के मामले में उन्होंने खुद अविमुक्तेश्वरानंद से बात की। उनके सांसद, विधायक योगी सरकार पर लगातार हमलावर हो रहे हैं। एक्सपर्ट व्यू. क्या रंग लाएगा ब्राह्मण समीकरण?वरिष्ठ पत्रकार और राजनीति के मामलों के विशेषज्ञ राजेंद्र कुमार कहते हैं- ये बात बिल्कुल सही है कि शंकराचार्य और UGC, इन दोनों मामलों पर ब्राह्मण वोटर भाजपा से नाराज है। UGC की गाइडलाइन को लेकर सवर्ण समाज के युवा भाजपा को दोषी मान रहे हैं, क्योंकि इससे सवर्ण बच्चों का करियर दांव पर लगने की बातें कहीं जा रही हैं। वहीं, जो व्यवहार शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुआ, उसको ब्राह्मण समाज अनुचित मानता है। कहीं न कहीं ये मैसेज भी लोगों के बीच जा चुका है कि ये सब राजनीति के तहत किया जा रहा है। मगर फिर सनानत को क्यों बदनाम किया जा रहा है? ये सवाल भी लोगों के जेहन में है। आप ये भी देखिए कि कुटुंब परिवार के नाम पर पहले ठाकुर सांसद-विधायकों की मीटिंग हुई, बाद में ब्राह्मण विधायकों की भी मीटिंग हुई। देखा जाए तो विवाद ब्राह्मण समाज के नेताओं के जुटने के बाद हुआ। एक और फैक्टर भी काम कर रहा है, वो ये कि भाजपा में ब्राह्मण नेताओं को हाशिए पर डाला गया है। यही वजह है कि सवर्ण वोटर्स में अंदर ही अंदर नाराजगी है। इसको भुनाने की कोशिश में सिर्फ सपा नहीं है, बल्कि बसपा भी प्रयास कर रही है। राजेंद्र कुमार बताते हैं- अब लोगों को सपा के सांसद और विधायक याद दिला रहे हैं कि सपा ने कभी ब्राह्मणों को अपमानित नहीं किया। मुलायम सिंह ने जनेश्वर मिश्र का हमेशा सम्मान किया। मौजूदा दौर में माता प्रसाद पांडेय के सम्मान में कोई कमी अखिलेश की ओर से नहीं की जा रही है। चुनाव के नतीजे कहते हैं, ब्राह्मण कभी सपा के साथ नहीं गए सपा का कोर वोटर मुस्लिम-यादव (M-Y) रहा है। ब्राह्मण वोटरों ने कभी भी सपा को वोट नहीं किया, यूपी में 10 से 12% भागीदारी वाला ब्राह्मण वोटर 2009 तक कांग्रेस और फिर भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहा। 2012 में सत्ता में आने के बाद अखिलेश यादव ने राजाराम पांडेय, ब्रह्मा शंकर त्रिपाठी, मनोज पांडेय, विजय मिश्रा, अभिषेक मिश्रा, शिवकांत ओझा को मंत्रिमंडल में जगह दी। मौजूदा वक्त में विधानसभा अध्यक्ष भी ब्राह्मण समाज के माता प्रसाद पांडेय को बनाया है। ये पद विपक्ष में रहते हुए भी कैबिनेट मंत्री के बराबर माना जाता है। लखनऊ में सबसे बड़ा पार्क जनेश्वर मिश्र के नाम पर बनवाया। इसके बावजूद ब्राह्मण वोटर कभी भी भाजपा से छिटका नहीं, ये इन आंकड़ों से समझिए… शंकराचार्य के साथ माघ मेला में क्या हुआ, ये डिटेल में पढ़िए…प्रयागराज माघ मेले में 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के स्नान के लिए आए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी पुलिस ने रोक दी थी। पुलिस ने उनसे पैदल संगम जाने को कहा। शंकराचार्य के शिष्य नहीं माने और पालकी लेकर आगे बढ़ने लगे। इस पर शिष्यों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। पुलिस ने कई शिष्यों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने एक साधु को चौकी में पीटा। इससे शंकराचार्य नाराज हो गए और शिष्यों को छुड़वाने पर अड़ गए। अफसरों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, हाथ जोड़े, लेकिन वे नहीं माने। करीब 2 घंटे तक गहमा-गहमी रही। इसके बाद पुलिस ने शंकराचार्य के कई और समर्थकों को हिरासत में ले लिया। शंकराचार्य की पालकी को खींचते हुए संगम से 1 किमी दूर ले जाया गया। इस दौरान पालकी का क्षत्रप भी टूट गया। शंकराचार्य स्नान भी नहीं कर पाए थे। इसके बाद वो धरने पर रहे। प्रशासन ने उन्हें स्नान करने के लिए कहा। हालांकि बाद में वो बिना स्नान किए, काशी में अपने मठ पर लौट गए थे। 2 फोटो देखिए… UGC के नए नियमों का विरोध क्यों हुआ?UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026।' इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए थे। ये टीमें खासतौर पर SC, ST और OBC छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना था कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा था। आलोचकों का कहना था कि सवर्ण छात्र ‘स्वाभाविक अपराधी’ बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी। विरोध को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को इस नोटिफिकेशन में बदलाव करने के लिए कहा था। ……ये पढ़ें- आशुतोष महाराज की नाक काटने की कोशिश करने वाला कहां?:ट्रेन में यात्रियों को पता नहीं, CCTV में दिखा नहीं; जिम्मेदारी लेने वाली ID फेक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर 2 बटुकों से यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला हुआ। नाक और बाएं हाथ पर चोट आई। आशुतोष ने इस हमले की साजिश के पीछे अविमुक्तेश्वरानंद को बताया। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। घटना के कुछ घंटे बाद फेसबुक पर डॉ. स्वाति अघोरी ने हमले की जिम्मेदारी ली। उनकी प्रोफाइल में लिखा था- 'काल भैरव युवा वाहिनी' की राष्ट्रीय अध्यक्ष। पढ़िए पूरी खबर…
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। छत्तीसगढ़ समेत देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी महसूस की जा रही है। गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और कई जगहों पर सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा और रायगढ़ सहित कई जिलों में सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर उपभोक्ताओं की भीड़ जुट रही है। लोग तेज धूप में घंटों खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच सर्वर ठप हो जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। फिलहाल ऑनलाइन और मिस्ड कॉल के जरिए गैस सिलेंडर की बुकिंग अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को भी सिलेंडर की डिलीवरी के लिए करीब 10 से 12 दिन का इंतजार करने की बात कही जा रही है। हालांकि, प्रशासन का दावा है कि स्थिति सामान्य है। अभी पर्याप्त स्टॉक है। प्रदेश में करीब 500 गैस सिलेंडर जब्त इधर राजधानी रायपुर में एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग और कालाबाजारी पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कार्रवाई करते हुए 350 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। जब्त किए गए सिलेंडरों में घरेलू और कॉमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर शामिल हैं। वहीं पूरे प्रदेश भर में करीब 500 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। रायुपर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर खाद्य विभाग की संयुक्त जांच टीम ने गुरुवार को अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान कई जगहों पर कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर जब्त किए गए। जांच के दौरान धरसींवा विकासखंड के सेजबहार स्थित कमल होटल में घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 14.2 किलोग्राम क्षमता के 8 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं बाबूलाल चिकन सेंटर में भी घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग पाए जाने पर 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए गए। इसी तरह अभनपुर-नवापारा क्षेत्र में रवि ग्लास एंड प्लाइवुड में एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पकड़ी गई। यहां से 14.2 किलोग्राम क्षमता के 26 घरेलू सिलेंडर, 19 किलोग्राम क्षमता के 2 व्यावसायिक सिलेंडर और 5 किलोग्राम क्षमता के 4 सिलेंडर जब्त किए गए। आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत केस वहीं प्रशासन का दावा है कि स्थिति सामान्य है, प्रदेश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। कालाबजारी करने वाले संचालकों के खिलाफ पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियम) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत केस दर्ज किया गया है। खाद्य विभाग ने कहा कि घरेलू सिलेंडर केवल घरेलू उपयोग के लिए हैं। व्यावसायिक उपयोग नियमों का उल्लंघन है, इसलिए जिले में आगे भी नियमित जांच और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ………………… इससे संबंधित ये खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ में सिलेंडर की ऑनलाइन-बुकिंग बंद,सर्वर-डाउन: 10-12 दिनों में डिलीवरी, मिस्ड-कॉल सर्विस ठप, एजेंसी-गोदामों के बाहर लाइनें; इंडक्शन प्राइज 10-20% बढ़े, 450+ सिलेंडर जब्त रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई, सरगुजा, रायगढ़ समेत अन्य जिलों में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर सुबह से ही लोगों की भीड़ लग रही है। उपभोक्ता धूप में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर
मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने भोपाल में पदस्थ टीएंडसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर और प्रभारी सिटी प्लानर नीरज आनंद लिखार के जाति प्रमाण पत्र की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने उच्च स्तरीय जाति जांच समिति को 90 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने को कहा है। नरसिंहपुर निवासी आदित्य ठाकुर ने याचिका दायर कर नीरज आनंद के जाति प्रमाण पत्र को चुनौती दी है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कपिल शर्मा ने दलील दी कि नीरज के सगे भाई अजय लिखार का जाति प्रमाण पत्र उच्च स्तरीय जाति जांच समिति द्वारा उचित सत्यापन के बाद पहले ही रद्द किया जा चुका है। इस निर्णय को हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। याचिका में कहा गया कि दोनों भाई एक ही वंश, पूर्वज और जन्म स्थान से जातिगत दर्जा प्राप्त करते हैं। उनके जाति प्रमाण पत्र भी एक ही प्राधिकरण द्वारा लगभग एक ही अवधि में और समान तथ्यों के आधार पर जारी किए गए थे। इसके बावजूद नीरज आनंद उसी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर अनुसूचित जनजाति कोटा के तहत नियुक्ति, पदोन्नति और अन्य सेवा लाभ ले रहे हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि जब सगे भाई का जाति प्रमाण पत्र पहले ही रद्द किया जा चुका है, तो नीरज आनंद को भी उस प्रमाण पत्र का लाभ नहीं मिलना चाहिए था।
शहर में 43 वर्षों के बाद एक बार फिर देशभर के शीर्ष टेबल टेनिस खिलाड़ी आज से अगले कुछ दिनों तक अपनी प्रतिभा दिखाते नजर आएंगे। भारतीय टेबल टेनिस महासंघ के तत्वावधान में मध्य प्रदेश टेबल टेनिस संगठन द्वारा यूटीटी राष्ट्रीय एवं अंतर राज्य सीनियर टेबल टेनिस स्पर्धा का आयोजन 14 मार्च से 21 मार्च तक स्थानीय अभय प्रशाल में होने जा रहा है। स्पर्धा में खिलाड़ियों को 20 लाख रुपए की नगद इनामी राशि प्रदान की जाएगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष ओम सोनी तथा स्पर्धा सचिव जयेश आचार्य ने बताया कि पिछली बार इंदौर में 1983 में राष्ट्रीय टेबल टेनिस स्पर्धा खेली गई थी। इसके अब यह स्पर्धा होगी। इंदौर में होने वाली इस स्पर्धा के तहत 14 से 17 मार्च तक टीम मुकाबले खेले जाएंगे, जबकि 16 से 21 मार्च तक व्यक्तिगत मुकाबले होंगे। पुरुष तथा महिला टीम मुकाबलों के साथ ही पुरुष एकल, महिला एकल, पुरुष युगल, महिला युगल तथा मिश्रित युगल कुल सात विधाओं के मुकाबले होंगे। चैंपियनशिप स्टेग रोमा की 21 टेबलों पर खेली जाएगी। इसमें 32 राज्यों के करीब 400 खिलाड़ी भाग लेंगे। साथ ही करीब 500 खिलाड़ियों की अतिरिक्त प्रविष्ठियां प्राप्त हुई हैं। कुल मिलाकर इस स्पर्धा में 900 खिलाड़ी तथा 50 से ज्यादा अधिकारी भाग लेंगे। प्रत्येक राज्य की टीम में पांच पुरुष खिलाड़ी, पांच महिला खिलाड़ियों के साथ ही प्रबंधक तथा प्रशिक्षक सहित 12 सदस्यीय दल भाग लेगा। स्पर्धा में कई राष्ट्रीय विजेता खिलाड़ियों के साथ ही मानुष शाह, पायस जैन, अंकुर भट्टाचार्जी, हरमीत देसाई, मानव ठक्कर, एफआर स्नेहित, रोनित भान्जा, सनिल शेट्टी, ए, अमलराज, दीया चितले, श्रीजा अकुला, सिंड्रेला दास, सुर्तीथा मुखर्जी, स्वस्तिका घोष, यशस्विनी घोरपोड़े, तनिषा कोटेचा, मधुरिका पाटकर, मौमा दास, पोयमंती वैष्य, अहिका मुखर्जी, अनुषा कुटुंबले आदि प्रमुख खिलाड़ी भाग लेंगे। 20 लाख से अधिक की राशि दांव पर सचिव जयेश आचार्य ने बताया कि स्पर्धा में कुल 20 लाख 10 हजार आठ सौ रुपए की इनामी राशि दाव पर होगी। पुरुष तथा महिला एकल विजेता को समान रूप से तीन लाख 52 हजार रुपए की नगद इनामी राशि प्रदान की जाएगी। साथ ही एकल वर्ग में प्री-क्वार्टर फाइनल दौर तक खेलने वाले खिलाड़ियों को भी इनामी राशि प्रदान की जाएगी। युगल तथा मिश्रित युगल में विजेता, उपविजेता तथा सेमीफाइनल के खिलाड़ियों को नगट राशि से पुरस्कृत किया जाएगा।
टीटी नगर मॉडल स्कूल के पास नगर निगम की मार्केट को जर्जर घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार को निगम टीम के निरीक्षण में पाया गया कि बिल्डिंग के कई हिस्सों से प्लास्टर गिर चुका है। स्ट्रक्चरल जांच के बाद निगम ने इमारत को पूरी तरह खतरनाक मानते हुए यहां के करीब 200 दुकानदारों को नोटिस जारी कर दुकानें खाली कराने की तैयारी शुरू कर दी है। मॉडल स्कूल के तीन तरफ बने करीब 40 साल पुराने इस मार्केट की छह दुकानों के छज्जे गुरुवार दोपहर गिर गए थे। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। दुकानदारों को दूसरी जगह देने पर विचार शहर में 1100 से ज्यादा खतरनाक इमारतें : निगम रिकॉर्ड के अनुसार शहर में 900 से अधिक इमारतें पहले ही खतरनाक घोषित हैं। अब ये संख्या 1100 हो चुकी है। इनमें ऐशबाग की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी भी शामिल है, जहां 600 परिवारों को पिछले 10 साल से मकान खाली करने के नोटिस दिए जा रहे हैं। मॉडल स्कूल मार्केट से स्मार्ट सिटी का 30 मीटर चौड़ा रोड भी निकाला जा रहा है, जिसमें कुछ दुकानें प्रभावित होंगी। फिलहाल इन दुकानदारों को कहां जगह दी जाएगी, इस पर विचार किया जा रहा है। जारी होंगे नोटिसघटना के बाद बिल्डिंग की जांच कराई गई। कई जगह प्लास्टर गिर चुका है और सरिया बाहर आ गई हैं। बिल्डिंग पूरी तरह जर्जर है। जल्द दुकानदारों को नोटिस जारी होंगे। -एनके डेहरिया, ईई सिविल, दक्षिण-पश्चिम विधानसभा
शहर में चल रही एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को खाने को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। 25 क्लस्टर किचन से हो रही सप्लाईएके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यात्रियों को सामान्य रूप से मिल रहा भोजनसिंह के अनुसार हाल ही में कुछ यात्रियों ने भोजन ठंडा मिलने की शिकायत की थी, लेकिन ट्रेन में माइक्रोवेव ओवन की सुविधा उपलब्ध है। जरूरत पड़ने पर भोजन को दोबारा गर्म कर यात्रियों को दिया जा सकता है। उनका कहना है कि कैटरिंग व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। एलपीजी संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजना तैयारIRCTC के प्रवक्ता ने बताया कि मुंबई स्थित जोनल कार्यालय की ओर से एहतियात के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। क्लस्टर किचनों और ट्रेनों में इंडक्शन कुकर, माइक्रोवेव ओवन और रेडी टू ईट फूड की व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक इन वैकल्पिक व्यवस्थाओं का उपयोग करने की जरूरत नहीं पड़ी है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण मेंप्रवक्ता के मुताबिक वर्तमान में गैस सप्लाई का सिस्टम सामान्य रूप से चल रहा है और ट्रेनों की कैटरिंग व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में किसी प्रकार की दिक्कत आती है तो यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था लागू की जाएगी। फिलहाल WCR क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई सुचारू रूप से जारी है।
आम लोगों को घर दिलाने के नाम पर संचालित गृह निर्माण सहकारी समितियों में बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने रॉयल हैरिटेज बिल्डर कॉलोनाइजर जीशान अली, उसकी पत्नी नाजनीन अली, मां निकहत शमीम और सहकारिता विभाग के सब ऑडिटर आरके कातुलकर के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। निकहत शमीम का निधन हो चुका है। जांच में सामने आया कि नरेला शंकरी, शादाब और वाटिका गृह निर्माण सहकारी समितियों का संचालन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जीशान अली और उसके परिवार द्वारा किया जा रहा था। समितियों में कर्मचारियों, रिश्तेदारों और करीबी लोगों को नाममात्र के पदाधिकारी बनाकर रखा गया था, जबकि जमीनों और प्लॉटों से जुड़े निर्णय जीशान अली ही ले रहा था। ईओडब्ल्यू के अनुसार यह फर्जीवाड़ा वर्ष 2000 से 2026 के बीच किया गया। जीशान के खिलाफ यह दूसरी एफआईआर है। इससे पहले नरेला गृह निर्माण समिति की ओपन स्पेस जमीन को प्लॉट बताकर बेचने और नक्शे में हेरफेर पर भी उस पर केस हुआ था। लैंड सीलिंग एक्ट और गृह निर्माण समितियों को मिलने वाली पंजीयन व मुद्रांक शुल्क छूट का लाभ लेने के लिए नरेला शंकरी के खसरा नंबर 243 की 17.28 एकड़ जमीन खरीदी गई थी। यह जमीन समिति के तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश कुमार शर्मा और जीशान अली की मां निकहत शमीम के नाम से खरीदी गई थी। टीएनसीपी के नक्शे में 46660 वर्गफीट जमीन शैक्षणिक उपयोग के लिए आरक्षित थी। इसे प्राइम एजुकेशन सोसायटी को आवंटित किया गया, जिसकी अध्यक्ष पहले निकहत शमीम और वर्तमान में नाजनीन अली हैं। बाद में यह जमीन वाटिका गृह निर्माण समिति को हस्तांतरित कर दी गई और इसका लैंड यूज शिक्षा से बदलकर आवासीय करा दिया गया। जांच में सामने आया कि इस समिति के जरिए अन्य संपत्तियों पर भी कब्जा किया गया। कर्मचारियों को बना दिया अध्यक्ष जांच में पता चला कि वाटिका गृह निर्माण समिति का रिकॉर्ड गायब कर दिया गया। जीशान अली ने अपने कर्मचारी रामपाल धौंसरे को 9 दिसंबर 2012 को समिति का निर्विरोध अध्यक्ष बनवा दिया। विभाग को बताया गया कि पूर्व अध्यक्ष एके तिवारी ने रिकॉर्ड नहीं दिया। जबकि तिवारी जीशान के प्रोजेक्ट में सुपरवाइजर थे। सब ऑडिटर को मिलीभगत का इनाम जांच में यह भी सामने आया कि सहकारिता विभाग के सब ऑडिटर आरके कातुलकर ने इस पूरे मामले में जीशान अली का सहयोग किया। इसके बदले जीशान अली ने शादाब गृह निर्माण समिति की रॉयल रेसिडेंसी कॉलोनी में भवन क्रमांक 16-ए दिलाया, जो कातुलकर की सास जमुना नागले के नाम पर है। शिकंजा करने के बाद कर्मचारियों को दिए रुपएवाटिका गृह निर्माण समिति के पूर्व अध्यक्ष एके तिवारी को ईओडब्ल्यू ने पूछताछ के लिए नोटिस दिया था। इसके बाद जीशान की पत्नी नाजनीन ने तिवारी के खाते में एक लाख रुपए भेजे। पिछले तीन महीने में फिर 1.04 लाख रुपए भेजे। पार्क की जमीन पर 14 प्लॉट काटकर बेचेईओडब्ल्यू ने जनवरी में जीशान, उसके सहयोगी और ससुर मोहम्मद शफीक बख्श पर प्रकरण दर्ज किया। आरोप है कि नरेला गृह निर्माण समिति की पार्क व ट्रांसफार्मर के लिए आरक्षित जमीन पर उसने 14 प्लॉट बेच डाले।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) द्वारा ली जा रही बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट मई के दूसरे सप्ताह में जारी किए जाएंगे। दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि पहले 12वीं कक्षा का और बाद में 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया जाएगा। वहीं अगले सत्र में भीड़-भाड़ वाले परीक्षा केंद्रों को भी बदला जाएगा। जिनकी लिस्ट तैयार की जा रही है। बता दें कि 25 फरवरी से 12वीं एवं 26 फरवरी से 10वीं कक्षा की परीक्षाएं आरंभ हुई थी। सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी (शैक्षिक/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाओं के लिए प्रदेशभर में करीब 1431 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों पर लगभग 5 लाख 66 हजार 411 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हो रहे हैं। जिसमें 2 लाख 96 हजार 593 लड़के व 2 लाख 69 हजार 818 लड़कियां शामिल हैं। एफआर का कार्य प्रगति परहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि 25 फरवरी बोर्ड परीक्षाएं आरंभ हुई हैं। शिक्षा बोर्ड में उत्तर पुस्तिकाएं आना शुरू हो गई है। इनका एफआर (इन पर सिक्रेसी कोड लगाना) लगाते हैं। यह कार्य प्रगति पर है और साथ-साथ चल रहा है। जैसे ही 20 मार्च को 10वीं की परीक्षा खत्म होंगी। उसके बाद मार्किंग का काम शुरू करेंगे। इससे पहले मार्किंग शुरू ना करने का कारण यह भी है कि हमारा ज्यादातर टीचिंग स्टाफ परीक्षा ड्यूटी पर है। मई के दूसरे सप्ताह में जारी करेंगे रिजल्टउन्होंने बताया कि प्रयास रहेगा की मई के दूसरे सप्ताह में रिजल्ट घोषित कर दिया जाए। 12वीं (सीनियर सेकेंडरी) क्लास में रिजल्ट व नंबरों का अधिक महत्व रहता है, क्योंकि उन्हें दूसरे यूनिवर्सिटी या कॉलेज में एडमिशन लेना होता है। अन्य परीक्षाओं में भी मार्कसीट के नंबर अपलोड करने होते हैं। कोशिश यही कर रहे हैं कि 12वीं कक्षा का रिजल्ट पहले जारी करेंगे। उसके बाद 10वीं का रिजल्ट जारी किया जाएगा। फ्लाइंग सेंटरों का डाटा इकट्ठा कर रहीशिक्षा बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि फ्लाइंग टीम हर रोज लगभग सभी परीक्षा केंद्रों में जाती हैं। उनसे रिपोर्ट मंगवाई है कि कौन-कौन से ऐसे परीक्षा केंद्र हैं, जो भीड़ में हैं, जहां बच्चों, फ्लाइंग व स्टाफ को जाने में दिक्कत होती है। कौन-कौन से ऐसे सेंटर हैं, जहां बच्चों के बैठने की उचित व्यवस्था नहीं हैं। अर्थात ड्यूल डेस्क नहीं हैं और बच्चे टाट पट्टी पर बैठ रहे हैं। अगले सत्र में जो परीक्षा होगी, उस दौरान ये दिक्कत ना हो। अगले सत्र में उन सेंटरों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां तक पहुंच आसान है, खुला एरिया और सीटिंग अरेंजमेंट ठीक है। 15 दिन बाद दोबारा परीक्षा का मौका देंगेउन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड इन परीक्षाओं के समाप्त होने के 15 दिन के बाद विशेष अवसर देने जा रहा है। जिनका एक या दो पेपर किसी कारणवश अच्छा नहीं हो पाया है। वे दोबारा अप्लाई करके पेपर दे सकते हैं। जिस पेपर में अच्छे अंक आएंगे, वे मार्कसीट में दर्शाए जाएंगे। जिससे उनको कोई नुकसान भी नहीं होगा। परीक्षा समाप्ति के 15 दिन बाद ही बच्चों को यह मौका दिया जाएगा।
भोज (मुक्त) विश्वविद्यालय में शैक्षणिक व्यवस्था बदहाल है। यहां फैकल्टी के 54 पद स्वीकृत हैं। इनमें केवल दो नियमित शिक्षक ही कार्यरत हैं। सरकारी कॉलेजों से 12 शिक्षक प्रतिनियुक्ति पर बुलाकर किसी तरह डिस्टेंस मोड पर कोर्सेस को संचालित किया जा रहा है। इसके बाद भी करीब 40 पद खाली हैं। नतीजा ये कि विश्वविद्यालय को यूजी और पीजी स्तर के पाठ्यक्रम चलाने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से नियमित भर्ती नहीं करा सका है। एक भी बार ऐसा नहीं हुआ कि 54 में आधे पद भी रेगुलर फैकल्टी से भरे गए हों। 2016-17 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, जो विवादों के कारण यह पूरी नहीं हो सकी। मार्च 2025 में हाईकोर्ट ने इसे अवैध घोषित करते हुए निरस्त कर दिया और विश्वविद्यालय को नए सिरे से विज्ञापन जारी कर योग्य अभ्यर्थियों को अवसर देने के निर्देश दिए, जो अब तक शुरू नहीं हो सकी। इस भर्ती में प्रोफेसर, रीडर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 27 पद शामिल थे। शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित.. कॉमर्स और मैनेजमेंट एक ही स्कूल में चल रहे अलग संकाय के कोर्स एक स्कूल मेंस्थिति यह है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने अलग-अलग संकायों को मिलाकर स्कूल संचालित करना शुरू कर दिया है। कॉमर्स और मैनेजमेंट के पाठ्यक्रम एक ही स्कूल के अंतर्गत चलाए जा रहे हैं, जबकि नियमानुसार इनके लिए अलग शैक्षणिक इकाइयों की जरूरत होती है। फैकल्टी की कमी का असर शैक्षणिक गतिविधियों पर दिखाई देने लगा है। छात्र संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ये हैं यूजीसी के मापदंड... यूजीसी के ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम रेगुलेशन 2020 के अनुसार प्रत्येक स्कूल के लिए कम से कम एक प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर स्तर का कोर्स कोऑर्डिनेटर और न्यूनतम तीन पूर्णकालिक शिक्षक अनिवार्य हैं। भोज में चार स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें एजुकेशन, आईटी एंड बेसिक साइंस, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट तथा आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज शामिल हैं। जल्द भर्ती की जाएगीभर्ती को लेकर अब किसी तरह का विवाद नहीं है। रोस्टर बनाने की कार्रवाई प्रचलित है। रोस्टर तैयार होते ही ही भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा। -प्रो. मिलिंद दाण्डेकर, कुलगुरु, भोज (मुक्त) विवि एक्सपर्ट व्यू - डॉ. एचएस त्रिपाठी, पूर्व रजिस्ट्रार रैगुलर फैकल्टी के बिना क्वालिटी पर असररेगुलर फैकल्टी की कमी से दूरस्थ शिक्षा की क्वालिटी प्रभावित हो रही है। भोज विवि में छात्रों के लिए कॉन्टेक्ट क्लासेस महत्वपूर्ण होती हैं। रेगुलर फैकल्टी न होने से ये बाहरी शिक्षकों के सहयोग से लगानी पड़ती हैं,जो एक साथ इतना लंबा समय नहीं दे पाते। कोर्स डिजाइन नहीं करा पाते। स्टडी मटेरियल भी बाहरी शिक्षकों से तैयार कराना होता है। विवि ऑनलाइन प्रोग्राम शुरू नहीं करा पा रहा है।
इंदौर में आज नेशनल लोक अदालत:संपत्ति कर और जलकर के सरचार्ज में 100% तक मिलेगी छूट
इंदौर में आज यानी 14 मार्च को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। नगर निगम के सभी 22 जोनल कार्यालयों, रजिस्ट्रार कार्यालय और निगम मुख्यालय में यह लोक अदालत आयोजित होगी। इसमें संपत्ति कर और जलकर के बकाया मामलों में सरचार्ज पर विशेष छूट दी जाएगी। पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि राज्य शासन के निर्देशानुसार यह लोक अदालत आयोजित की जा रही है। इसमें करदाताओं को बकाया कर जमा करने पर अधिभार (सरचार्ज) में राहत दी जाएगी। नगर निगम के अनुसार संपत्ति कर के मामलों में बकाया राशि के आधार पर सरचार्ज में छूट मिलेगी। 50 हजार रुपए तक बकाया होने पर सरचार्ज में 100% तक छूट, 50 हजार से 1 लाख रुपए तक बकाया होने पर 50% तक छूट, 1 लाख रुपए से अधिक बकाया होने पर 25% तक छूट रहेगी। वहीं जलकर के मामलों में भी अधिभार में राहत दी जाएगी। 10 हजार रुपए तक बकाया होने पर 100% तक छूट, 10 हजार से 50 हजार रुपए तक बकाया होने पर 75% छूट, 50 हजार रुपए से अधिक बकाया होने पर 50% छूट जलकर के मामलों में दी जाएगी। करदाताओं से लोक अदालत का लाभ लेने की अपील महापौर और निगम आयुक्त ने शहर के संपत्ति कर और जलकरदाताओं से अपील की है कि वे 14 मार्च को आयोजित नेशनल लोक अदालत में पहुंचकर बकाया कर जमा करें और सरचार्ज में मिलने वाली छूट का लाभ लें। करदाताओं की सुविधा के लिए निगम मुख्यालय और सभी 1 से 22 जोनल कार्यालयों में बैठने की व्यवस्था, पेयजल, पंखे-कूलर, टेंट और लाइट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। नगर निगम ने राजस्व संग्रहण के लिए विशेष व्यवस्थाएं भी करने के निर्देश दिए हैं।
एमपी में सभी प्रमोटी अफसरों को कलेक्टर, एसपी और डीएफओ बनने का मौका भले ही नहीं मिल पा रहा है, लेकिन यहां अखिल भारतीय सेवा के इन तीन कैडर के 203 पद खाली हैं। केंद्र सरकार इन पदों पर भर्ती नहीं कर पा रही है और राज्य सरकार भी राज्य प्रशासनिक सेवा, राज्य पुलिस सेवा और राज्य वन सेवा के अफसरों को समय पर पदोन्नति दिलाने की कार्रवाई में देरी कर पद रिक्त बनाए रखने का काम कर रही है। एक जनवरी 2025 की स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए आंकड़े बताते हैं कि एमपी में आईएएस के 68 पद, आईपीएस के 48 और आईएफएस कैडर के 87 पद खाली हैं। संसद में सरकार द्वारा पेश की गई रिपोर्ट के अनुसार भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के विभिन्न कैडर में लगभग 1,300 पद खाली हैं। देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलाकर कुल आईएएस की स्वीकृत संख्या 6,877 है, जबकि वर्तमान में 5,577 अधिकारी कार्यरत हैं। इससे लगभग 1,300 पद खाली रह जाते हैं, जो लगभग 18.9 प्रतिशत है। यह कमी केवल आईएएस तक ही सीमित नहीं है। सरकार के आंकड़ों से पता चलता है कि तीनों अखिल भारतीय सेवाओं आईएएस, आईपीएस और आईएफएस में पद खाली हैं। तीनों सेवाओं में कुल मिलाकर 15,169 अधिकारियों की स्वीकृत संख्या के मुकाबले 2,834 पद रिक्त हैं। प्रमोशन समय पर हों तो सुधार की गुंजाइशइस मामले में प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि संघ लोक सेवा आयोग की भर्ती के अलावा राज्यों में प्रमोशन से भरने वाले पदों के जरिये इस रिक्तता को कम किया जा सकता है लेकिन सामान्य प्रशासन विभाग, गृह विभाग और वन विभाग के अफसरों की लापरवाही और देरी के चलते तीनों ही कैडर की डीपीसी समय से नहीं हो रही है और इसका असर पद रिक्त होने के रूप में साफ दिख रहा है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रशासनिक अनुभव की टाइम लिमिट को भी जिम्मेदार बताया जा रहा है। प्रशासनिक और नीतिगत कामों पर सीधा असर अधिकारियों का मानना है कि स्वीकृत पदों के न भर पाने से कई दिक्कतें होती हैं। हालांकि पद रिक्त रहने के कई संरचनात्मक कारण भी बताए जा रहे हैं। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से वार्षिक भर्ती सीमित है, जबकि हर साल सेवानिवृत्ति जारी हैं। राज्य सिविल सेवाओं से आईएएस में अधिकारियों की पदोन्नति में देरी ने भी इस अंतर को और बढ़ा दिया है। इसके अलावा कई राज्यों ने भर्ती में समानुपातिक वृद्धि किए बिना अपने कैडर की संख्या बढ़ा दी है। दबाव में काम करते हैं अधिकारी अफसरों के अनुसार पद रिक्त होने का असर फील्ड वर्किंग में साफ दिखता है। मंत्रालय में भी एक आईएएस अधिकारी एक साथ कई महत्वपूर्ण कार्यभार संभालता है। विशेष रूप से जिला और सचिवालय स्तर पर ऐसी स्थिति बनती है जिससे पहले से ही दबाव में काम करने वाली प्रशासनिक व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। ये खबर भी पढ़ें… राज्य सेवा के 21 अफसर बनेंगे IAS-IPS मध्यप्रदेश के राज्य प्रशासनिक और राज्य पुलिस सेवा के 21 अफसर आईएएस-आईपीएस बनने जा रहे हैं। राज्य प्रशासनिक सेवा के 16 और राज्य पुलिस सेवा के 5 अफसरों का प्रमोशन (नियुक्ति) कर अखिल भारतीय सेवा में शामिल करने की तैयारी हो गई है। मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि जून के दूसरे सप्ताह में यूपीएससी में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक संभावित है।पूरी खबर पढ़ें
सरकार ने शुक्रवार देर रात 64 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इनमें जोधपुर में तैनात कई आईपीएस भी शामिल हैं। जोधपुर कमिश्नरेट में डीसीपी ईस्ट,डीसीपी वेस्ट और एसपी जोधपुर ग्रामीण का तबादला किया गया है। कमिश्नरेट में डीसीपी ईस्ट की जिम्मेदारी संभाल रही पीडी नित्या को पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण के पद पर लगाया गया है। वहीं डीसीपी ईस्ट पद पर मनीष कुमार चौधरी को लगाया गया है। वे खैरतल-तिजारा पुलिस अधीक्षक पद पर कार्यरत थे। जोधपुर ग्रामीण एसपी नायरण टोगस और कमिश्नरेट डीसीपी वेस्ट विनीत कुमार बंसल के डीआईजी बनने पर तबादला हुआ है। टोगस को डीआईजी एसीबी अजमेर लगाया गया है। वहीं विनीत बंसल को डीआईजी आर्म्ड बटालियन -2 जयपुर लगया गया है। जबकि डीसीपी वेस्ट के पद पर कमल शेखावत को लगाया गया है। वे पुलिस अधीक्षक सतर्कता,जयपुर में के पद पर थीं। कमिश्नररेट एडीसीपी वेस्ट रोशन मीणा का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें पुलिस अधीक्षक, नागौर लगाया गया है।
मध्य प्रदेश में LPG संकट गहरा रहा है। 5 दिन से 50 हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट को कमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। कई होटल में तो 24 से 48 घंटे की गैस ही बची है। ऐसे में ये बंद होने की कगार पर हैं। हालांकि, वैकल्पिक इंतजाम के तौर पर इंडक्शन, डीजल भट्ठी का उपयोग हो रहा है। इसके साथ घरेलू सिलेंडर ने भी मुश्किलें बढ़ा रखी है। भोपाल, इंदौर,बुजुर्गों से लेकर बच्चे भी सिलेंडर के लिए भाग-दौड़ कर रहे हैं। कहीं सिलेंडर लेकर घंटों लोग कतार लगे हैं तो कहीं पुलिस के साये में सिलेंडर बंट रहा है। शुक्रवार को भोपाल में गैस एजेंसियों और गोदाम के बाहर पुलिस गाड़ियां घूमती रहीं। ताकि, कोई हंगामा न हो। सभी 23 एजेंसियों पर भीड़ उमड़ी रही। दूसरी ओर, बुकिंग सर्वर भी ठप पड़ा है। इस वजह से 7-8 दिन में भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। सरकार ने कहा-जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाईकमर्शियल की सप्लाई रोके जाने और घरेलू सिलेंडर को लेकर मची मारामारी को लेकर प्रदेश के सभी कलेक्टर भी अब मैदान में उतरे हैं। इधर, सरकार ने भी सिलेंडर को लेकर कहा कि प्रदेश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है। लोग घबराएं नहीं और न ही अतिरिक्त सिलेंडर जमा करें। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। होटलों में इंडक्शन, डीजल भट्टी लगाए एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की है और होटल-रेस्टोरेंट को इमरजेंसी सेवा में शामिल करने की बात कही है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया है। दूसरी ओर, वैकल्पिक इंतजाम भी तलाश रहे हैं। इंडेक्शन, डीजल भट्ठी को लेकर भी फोकस है। कारोबारियों के लिए भी गाइड लाइन जारी की है। जिसमें बचत कैसे करें, गैस को कैसे बचा सकते हैं? आदि का उल्लेख है। एसोसिएशन से भोपाल, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत प्रदेशभर के साढ़े 10 हजार होटल जुड़े हैं। वहीं, प्रदेश में इनकी संख्या 50 हजार तक है। भोपाल में एमपी टूरिज्म बोर्ड के मिंटो हॉल स्थित रूफ टॉप पर भी भोजन पकाने के लिए इंडेक्शन का उपयोग हो रहा है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, पचमढ़ी, खजुराहो, ओरछा, मैहर समेत अन्य जगहों के बड़े होटल्स पर भी अब बड़े इंडेक्शन लगाए गए हैं। संकट में लकड़ी-इंडेक्शन बने सहारा, रेट बढ़ेएलपीजी संकट में लकड़ी और इंडेक्शन सहारा बने हुए हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली ने बताया कि कमर्शियल सिलेंडर 5 दिन से नहीं मिले हैं। अधिकांश जगहों पर एक-दो दिन का ही स्टॉक बचा है। ये जल्दी खत्म हो जाता, लेकिन इससे पहले बड़े इंडेक्शन और डीजल भट्ठी जैसे इंतजाम किए जा रहे हैं। भोपाल में अधिकांश होटलों में इंडेक्शन का उपयोग होने लगा है। इधर, सिलेंडर न मिलने पर लोगों में इंडेक्शन खरीदने की होड़ मची हुई है। इस कारण प्रदेश में इंडेक्शन की खपत 7 से 10 गुना तक बढ़ गई है। हालांकि, रेट भी दोगुने हो चुके हैं। डीजल भट्ठी पहले 15 से 18 हजार में मिलती थी, वह अब 30 से 35 हजार रुपए तक में मिल रही है। लकड़ी भी 2 से 3 रुपए किलो तक महंगी हो गई है। गैस सिलेंडर से जुड़ी जरूरी जानकारी… आईआरसीटीसी ने की तैयारी एलपीजी की किल्लत के बीच ट्रेनों में भोजन व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों पर IRCTC ने स्थिति स्पष्ट की है। IRCTC के प्रवक्ता एके सिंह के मुताबिक पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) क्षेत्र में फिलहाल कैटरिंग व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनों में भोजन की सप्लाई लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि यात्रियों को खाने को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं हो रही है। एके सिंह ने बताया कि WCR क्षेत्र में IRCTC के करीब 25 क्लस्टर किचन संचालित हो रहे हैं। इन किचनों के माध्यम से क्षेत्र की सभी प्रमुख ट्रेनों में नियमित रूप से भोजन लोड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अभी तक किसी भी ट्रेन में भोजन आपूर्ति बाधित होने की स्थिति सामने नहीं आई है और किचनों में एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उज्जैन में भट्टी में भी वेटिंगगैस सिलेंडर की आपूर्ति का असर ऐसा हुआ है कि उज्जैन में डीजल भट्टी बनवाने में भी वेटिंग चल रही है। रेस्टोरेंट संचालक भी इन्हीं भट्टी की डिमांड कर रहे हैं। भट्टी बनाने वालों के पास एकाएक इतने ऑर्डर आ गए कि करीब 10 से 15 दिन की वेटिंग के बाद भी भट्टी नहीं मिल पा रही है। उज्जैन शहर में करीब 700 से अधिक रेस्टोरेंट हैं। भोपाल में 3 ट्रक-1 ऑटो से 658 सिलेंडर जब्तगैस सिलेंडर के लिए मची मारामारी के बीच भोपाल में बड़ी कार्रवाई की गई। प्रशासन ने गैस एजेंसी पर छापा मार कार्रवाई की। तीन ट्रक और एक लोडिंग ऑटो से सिलेंडर जब्त किए गए। इनमें 19 किलो यानी, 215 कमर्शियल सिलेंडर है। इनमें से 21 भरे हुए थे। वहीं, 348 घरेलू सिलेंडर है। इनमें 18 भरे हुए मिले। 5 किलो क्षमता वाले खाली सिलेंडर की संख्या 95 है। इस तरह कुल 658 सिलेंडर में से 30 भरे हुए मिले। इसी तरह उज्जैन व अन्य छोटे शहरों से भी कार्रवाई कर सिलेंडर जब्त करने की खबरें हैं। मुद्दे को भुनाने कांग्रेस कूदी मैदान में गैस संकट के बीच सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस भी मैदान में कूद गई है। कई जगह कांग्रेस कार्यकर्ता गैस सिलेंडर को लेकर जनता के बीच जा रहे हैं। राजधानी में शुक्रवार को कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला सिलेंडर लेकर नाले में कूद गए। यहां नाले से गैस जलाते हुए प्रदर्शन किया। ये खबर भी पढ़ें… MP में सिलेंडर बुकिंग ठप...इंडक्शन-डीजल भट्ठी के रेट डबल मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम सही से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण उपभोक्ता गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। कई जगहों पर वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। कई जगहों पर बुकिंग के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।पूरी खबर पढ़ें
लोकायुक्त पुलिस ने भोपाल नगर निगम के अपर आयुक्त (वित्त) गुणवंत सेवतकर समेत अन्य अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज किया है। जांच के बाद यह एफआईआर दर्ज की गई है। एसपी लोकायुक्त भोपाल दुर्गेश राठौर ने बताया कि निगम में पदस्थ अपर आयुक्त (वित्त) और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत मिली थी। आरोप था कि निगम के विभिन्न विभागों में वाहनों की पेंटिंग, मरम्मत और अन्य कार्यों के नाम पर फर्जी ई-बिल तैयार कर भुगतान लिया जा रहा है। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने तकनीकी जांच कराई। प्रारंभिक जांच में कई तथ्य सही पाए जाने पर अपर आयुक्त समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में संबंधित विभागों को ही जानकारी नहीं थी कि उनके नाम से फाइल बनाकर भुगतान किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने अदालत से सर्च वारंट लेकर शुक्रवार को नगर निगम के सर्वर सेंटर में सर्च एंड सीजर कार्रवाई की। इस दौरान एसएपी सॉफ्टवेयर से जुड़ी हार्ड डिस्क जब्त की गई हैं। तकनीकी डेटा सुरक्षित करने के लिए राज्य साइबर पुलिस की टीम को भी साथ लिया गया। इसके अलावा क्लाउड डेटा जुटाने के लिए एक टीम एसईडीसी भेजी गई है। लोकायुक्त पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। गड़बड़ी: बिना काम कराए ई-बिल से भुगतान आरोप है कि नगर निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए।कई मामलों में वास्तव में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए।कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी। जांच में ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि नगर निगम की वित्तीय प्रणाली SAP सॉफ्टवेयर से चलती है। इसी सिस्टम में काम दिखाकर ई-बिल जनरेट किए गए।जांच में सामने आया कि अलग-अलग मद बनाकर बिलों में हेरफेर की गई, ताकि भुगतान वैध लगे।ई-बिल बनने के बाद सिस्टम से भुगतान प्रक्रिया पूरी कराई गई।भुगतान के बाद पैसा परिचितों और रिश्तेदारों की फर्मों के खातों में ट्रांसफर किया गया।लोकायुक्त के अनुसार इस पूरी प्रक्रिया के बदले कमीशन भी लिया जाता था। लोकायुक्त ने नगर निगम के सर्वर से SAP सॉफ्टवेयर की हार्ड डिस्क जब्त कर डिजिटल डेटा की जांच शुरू की है। फर्जी ई-बिल से नहीं होता भुगतान... टेंडर जारी करने वाले विभाग में पहले वर्क ऑर्डर, बिल और काम का सत्यापन विभागाध्यक्ष करते हैं। इसके बाद बिल कंप्यूटर सॉफ्टवेयर से लेखा शाखा में आता है। यहां आंकड़ों की जांच के बाद बिल ऑडिट शाखा को भेजा जाता है। ऑडिट सत्यापन के बाद ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाती है। - गुणवंत सेवतकर, अपर आयुक्त वित्त, ननि
वेबसाइट बंद:गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से शहर में पैनिक
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की खबरों के बीच गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका से शहर में घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर पैनिक का माहौल बन गया है। बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर बुक कराने के लिए गैस कंपनियों की वेबसाइट पर जा रहे हैं, लेकिन साइट पर ‘अंडर मेंटेनेंस’ का मैसेज आने से बुकिंग नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं में चिंता बढ़ गई है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि उन्होंने सिलेंडर बुक कराए हैं, लेकिन बुकिंग से संबंधित मैसेज अब तक नहीं मिले हैं। वहीं गैस एजेंसियों के फोन नंबर पर कॉल करने पर भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इससे लोगों में सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिला रसद अधिकारी मनीष भटनागर ने बताया कि एक साथ बड़ी संख्या में लोगों द्वारा बुकिंग कराने के कारण वेबसाइट पर तकनीकी समस्या आ गई है। इसी वजह से साइट अस्थायी रूप से बंद दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि समस्या जल्द ठीक कर दी जाएगी। फिलहाल उपभोक्ता अपनी गैस एजेंसी पर जाकर ऑफलाइन सिलेंडर बुक करा सकते हैं। कारोबार भी प्रभावित गैस सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर शहर के कारोबार पर भी दिखाई देने लगा है। सुखाड़िया सर्किल स्थित शहर की सबसे बड़ी चौपाटी में इन दिनों ग्राहकी घट गई है। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार स्टॉक में गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, लेकिन बाजार में ग्राहकों की संख्या घटकर 40 प्रतिशत रह गई है। इधर, रसद विभाग की टीम ने शुक्रवार को मादड़ी इंडस्ट्रियल एरिया में छापेमारी कर अवैध रिफिलिंग का मामला पकड़ा। 9 गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
देश के कई राज्यों में मौसम आज से बदलने वाला है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में शनिवार को तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। यूपी के 20 जिले और राजस्थान के 8 जिले में अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश से दोनों राज्यों में हीटवेव से राहत मिलेगी। यूपी में शुक्रवार को पारा 39C तक पहुंच गया। गोरखपुर समेत 10 जिलों में धुंध दिखाई दी। राजस्थान में अधिकतम तापमान 39C से 41C के बीच रहा। इसमें बाड़मेर में सबसे अधिक 39.4C तापमान दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश और गोवा में लू का अलर्ट जारी किया है। इधर मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी लू जैसे हालात हैं। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में में शुक्रवार कोलगातार दूसरे दिन लू चली। यहां पारा 40.1 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 6.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। अगले 2 दिन मौसम का हाल… 15 मार्च- दिल्ली में ज्यादातर जगहों पर तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश की चेतावनी है। 16 मार्च- मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, प. बंगाल, सिक्किम में गरज के साथ बिजली का अलर्ट है। महाराष्ट्र में बारिश की संभावना है।
हरियाणा राज्यसभा चुनाव में ‘कांग्रेस के विधायक बचाओ’ मिशन का जिम्मा पार्टी के 4 सांसदों को मिला है। इन्हें रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा लीड कर रहे हैं। हरियाणा में कांग्रेस के 5 सांसद हैं, जिनमें से कुमारी सैलजा अभी तक एक्टिव नजर नहीं आई हैं। सैलजा पार्टी प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध के नोमिनेशन के दौरान भी नहीं आईं थी। हालांकि बौद्ध ने दिल्ली में सैलजा से मुलाकात की थी। कांग्रेस के 37 में से 31 विधायकों को हिमाचल की राजधानी शिमला में कुफरी के पास होटल ट्विन टावर में ले जाया गया है। इसकी निगरानी हिमाचल पुलिस के पास है। चंडीगढ़ से जैसे ही विधायकों की 3 टैंपू ट्रैवलर हिमाचल सीमा में प्रवेश कीं, तभी हिमाचल पुलिस ने एस्कॉर्ट किया। दूसरी तरफ, BJP ने भी अपनी राज्यसभा की दूसरी सीट को लेकर प्लानिंग शुरू कर दी है। एक निर्दलीय विधायक ने दावा किया है कि उनके संपर्क में कांग्रेस के करीब 10 विधायक हैं। हालांकि उन्होंने नामों का खुलासा नहीं किया। इतना संकेत जरूर दिया कि कुछ विधायक बिजनेसमैन हैं। यहां पढ़िए दीपेंद्र के एक्टिव होने की 3 वजहें... 1. हुड्डा फैक्टर: संगठन और विधायकों को साथ रखने की कोशिश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभाव अभी भी मजबूत माना जाता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय की चर्चा हो रही है। ऐसे में दीपेंद्र ने खुद मोर्चा संभालकर विधायकों को एकजुट रखने और नेतृत्व का भरोसा मजबूत करने की कोशिश की। दरअसल, इस पूरे चुनाव पर पार्टी हाईकमान पूरी मॉनिटरिंग कर रहा है, ऐसे में यदि कोई गड़बड़ी होती है तो सीधे तौर पर हुड्डा के ऊपर बात आएगी। 2. दो घटनाओं ने किया अलर्ट हरियाणा की राजनीति में पहले भी ऐसे मौके आए हैं, जब आखिरी समय में समीकरण बिगड़ने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। क्रॉस वोटिंग और विधायकों की टूट की वजह से पार्टी साल 2016 और 2022 में राज्यसभा में हार झेल चुकी है। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार नेतृत्व कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने बेटे दीपेंद्र को लास्ट मूवमेंट में आगे कर दिया। 3. उम्मीदवार हारे तो राहुल की नाराजगी का डर कांग्रेस हाईकमान इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मान रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि राहुल गांधी ने खुद अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनाव में उतारा है। अगर पार्टी का उम्मीदवार हार जाता है तो इसकी सीधी राजनीतिक जिम्मेदारी राज्य नेतृत्व पर आती और राहुल की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। इसी वजह से आखिरी समय में सख्त रणनीति बनाकर विधायकों को हरियाणा से बाहर शिफ्ट किया गया। जानिए कांग्रेस हाईकमान ने किसी क्या जिम्मेदारी दी 4 सांसद विधायकों के साथ गए विधायकों के साथ रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हिसार सांसद जयप्रकाश जेपी, अंबाला सांसद वरुण चौधरी और सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी को भेजा गया है। वरुण की पत्नी पूजा चौधरी मुलाना तो जेपी के बेटे विकास सहारण कलायत से विधायक हैं। राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला कैथल से विधायक हैं। हालांकि रणदीप सिर्फ नॉमिनेशन वाले दिन ही नजर आए। हुड्डा व हरिप्रसाद खुद देखेंगे वोट पर्यवेक्षक के रूप में खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यानी सभी विधायक अपना वोट इन नेताओं को देखेंगे,ताकि क्रॉस वोटिंग की संभावना न रहे। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। दोनों चंडीगढ़ में रहकर मोर्चा संभालेंगे। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह व आदमपुर से विधायक चंद्रप्रकाश को पोलिंग एजेंट बनाया है। थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा को मतगणना एजेंट बनाया है। रोज हाईकमान से संपर्क होगा, वोटिंग की रिहर्सल होगी विधायकों को एकजुट और मोटिवेट करने के लिए रोजाना हाईकमान की ओर से संदेश आएगा। इसके अलावा वोट रद्द होने की संभावना को टालने के लिए वोट डालने की रिहर्सल भी करवाई जाएगी। यहां समझिये क्या है BJP की प्लानिंग
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी की आज मोगा के किल्ली चहलां गांव में बदलाव रैली होने जा रही है। आज बदलाव रैली में देश के गृहमंत्री अमित शाह शामिल होंगे और पंजाब में भाजपा का चुनावी बिगुल फूंकेंगे। भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनावी बिगुल फूंकने के लिए मोगा के किल्ली चाहलां गांव को चुना है। राजनीतिक दल चुनाव के लिहाज से मोगा किल्ली चहलां को लक्की मानते हैं और इसीलिए अपने चुनावी मुहिम का आगाज यहीं से करते हैं। भारतीय जनता पार्टी ने किल्ली चहलां में 115 एकड़ एरिया में रैली की व्यवस्था की है। जिसमें से 85 एकड़ में टैंट की व्यवस्था की गई है जहां पर लोग केंद्रीय मंत्री अमित शाह को सुनने के लिए बैठेंगे। भाजपा नेताओं के मुताबिक केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इस रैली को संबोधित करने के लिए दोपहर 12 से 1 बजे के बीच मोगा पहुंचेंगे और वो करीब एक घंटे तक भाषण देंगे। अमित शाह अपने भाषण के जरिए भाजपा कार्यकर्ताओं को 2027 में सरकार बनाने का मंत्र भी देंगे। रैली में पहुंचेगे एक लाख लोग पहुंचेंगेभारतीय जनता पार्टी ने रैली को सफल बनाने के लिए हर हलका इंचार्ज को 1000 से 1500 कार्यकर्ताओं को रैली में पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है। जो जिले दूर के हैं उन्हें 1000 और नजदीक वाले जिलों को 1500 से 2000 कार्यकर्ताओं को पहुंचाने का टारगेट दिया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को लेकर मोगा पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। रैली स्थल के अंदर से लेकर बाहर तक करीब 1000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियां भी सुरक्षा को लेकर पैनी नजर बनाए हुए हैं। मोगा पुलिस ने जारी किया ट्रैफिक प्लानमोगा जिला पुलिस ने यातायात को सुचारू, सुरक्षित और निर्बाध बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं। ट्रैफिक एजुकेशन सेल के प्रभारी ने बताया कि लोगों की सुविधा के लिए विभिन्न दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की परेशानी से बचना है। जानिए कहां कहा से निकले चुनावी मुहिम के आगाज के लिए भाजपा ने भी चुना किल्ली चाहलां मोगा का गांव किल्ली चाहलां राजनीतिक रैलियों के लिए हर एक पार्टी की फेवरेट जगह बन गई है। अकाली दल तो किल्ली चैहलां को लक्की मानता रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी किल्ली चाहलां से अपनी चुनावी मुहिम की शुरुआत की। इसके बाद अब भाजपा ने भी यहीं से अपनी चुनावी मुहिम शुरू करने का फैसला किया है। CM कुर्सी-सरकार के लिए ये अहम क्यों? मोगा में कौन-कब कर चुका रैलियां अकाली दल का मोगा सम्मेलन: साल 1996 में शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने रैली की। इसमें अपनी कट्टर छवि छोड़कर डेमोक्रेटिक रुख अपनाया। इससे 1997 में पार्टी ने 117 में से 75 सीटें जीतीं। इसके बाद 2007 और 2012 के चुनावों में सत्ता बरकरार रखी। अकाली दल के लिए 2017 और 2022 में किल्ली चाहलां लकी नहीं रहा और पार्टी को हार मिली। इस रैली में जुटे कम लोगों ने तय कर दिया कि जनता का झुकाव कांग्रेस और फिर AAP की ओर हो गया। कांग्रेस को सत्ता यहीं से मिली: 2017 के चुनाव से काफी पहले जब पंजाब कांग्रेस में गुटबाजी चल रही थी, तब पार्टी ने मोगा के बाघापुराना में रैली की थी। इस रैली का नारा कैप्टन ल्याओ, पंजाब बचाओ दिया गया। यहां लोग बड़ी संख्या में कैप्टन को सुनने पहुंचे। कैप्टन के नारे के चलते कांग्रेस को पंजाब की सत्ता से अकाली दल को दूर करने का मौका मिला। कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए मिशन 13 भी यहीं से शुरू किया था। इसमें भी पार्टी ने पंजाब की 13 में से 8 सीटें जीतकर मोदी की लहर के बावजूद पकड़ दिखाई। 2020 में 3 खेती कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर राहुल गांधी ने मोगा के बधनी कलां से खेती बचाओ यात्रा शुरु की थी। AAP ने भी मोगा रैली से दी थी एक हजार रुपए महीने की गारंटी: 2022 के चुनावों से पहले अरविंद केजरीवाल ने नवंबर 2021 में मोगा से ही महिलाओं के लिए एक हजार रुपए महीना देने की अपनी तीसरी गारंटी दी थी। इसका असर सीधा महिलाओं पर हुआ, जिससे AAP में पंजाब में 117 में 92 सीटें जीत सबको हैरान कर दिया। भाजपा यहां पहली बार कर रही अकेले रैली: मोगा किल्ली चहलां में भाजपा पहली बार रैली कर रही है। भाजपा की रैली में केंद्रीय मंत्री अमित शाह आ रहे हैं। भाजपा ने भी इस रैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकी है। रैली से पहले भाजपा ने अपने विधानसभा हलका इंचार्जों को एक्टिव किया है। इस रैली में भाजपा ने 1 लाख लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य है।
भोपाल में गैस की किल्लत का 7वां दिन:एजेंसियों पर हंगामा, इंडेन ने शुरू की ऑफलाइन बुकिंग
शहर में रसोई गैस की किल्लत सातवें दिन भी जारी रही। शुक्रवार को कई गैस एजेंसियों पर सिलेंडर लेने पहुंचे उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई। हालात को देखते हुए इंडेन ऑयल ने अपनी एजेंसियों पर ऑफलाइन बुकिंग शुरू कर दी है। हालांकि सिलेंडर केवल उन्हें दिए जा रहे हैं, जिनके सालाना 12 सिलेंडरों के कोटे में सिलेंडर शेष हैं और पिछली डिलीवरी के बाद 25 दिन से अधिक का अंतर हो चुका है। भोपाल जिले में 46 गैस एजेंसियां हैं, जिनमें 25 से अधिक इंडेन की हैं और इनके उपभोक्ता भी सबसे ज्यादा हैं। सप्लाई और वितरण व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने 22 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी अलग-अलग एजेंसियों पर लगाई है। लालघाटी में एसडीएम रविशंकर राय ने दो ट्रक और एक अन्य ट्रक 25 सिलेंडरों सहित जब्त किया। एमपी नगर में विनीत गैस एजेंसी से 206 कमर्शियल सिलेंडर मिले। कोलार पुलिस ने 25 सिलेंडरों से भरी अवैध बोलेरो पकड़ी। इस तरह एक दिन में कुल 481 सिलेंडर जब्त हुए। अफसर बोले- सर्वर 2 दिन में ठीक कर लेंगे मंत्रिमंडल उपसमिति की शुक्रवार को हुई बैठक में वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अधिकारियों से कहा कि एलपीजी उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि पेट्रोल, डीजल, एटीएस, क्रूड ऑयल और घरेलू गैस की प्रदेश में पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने कलेक्टरों को कालाबाजारी और अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वर्चुअल जुड़े एमएसएमई मंत्री मंत्री चैतन्य काश्यप ने एलपीजी की ऑफलाइन बुकिंग शुरू करने को कहा। आयल कंपनी के स्टेट नोडल ऑफिसर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक है, सिर्फ सर्वर में दिक्कत आई है। इसे दो दिन में दुरुस्त करेंगे। घर तक सिलेंडर डिलीवरी नहीं तो कंपनी को 35 रुपए लौटाना चाहिए एलपीजी कंपनियों के नियमों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में करीब 35 रुपए होम डिलीवरी चार्ज शामिल होता है। इसलिए सिलेंडर लगभग 918 रुपए में दिया जाता है। नियम के मुताबिक एजेंसी को सिलेंडर उपभोक्ता के घर तक पहुंचाना अनिवार्य है। यदि घर तक डिलीवरी नहीं होती, तो यह शुल्क बिल से घटाकर सिलेंडर देना चाहिए।
आगजनी की घटना:कैसे बुझे पहाड़ों की आग... वनकर्मियों को ट्रेनिंग नहीं, दमकल के पास सिस्टम नहीं
उदयपुर सहित प्रदेशभर के विभिन्न जिलों के जंगलों में हर साल 3 हजार से ज्यादा आगजनी की घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन के पास न तो आग बुझाने के आधुनिक साधन हैं और न ही पर्याप्त मैन पावर है, जिससे आग पर तुरंत काबू पाया जा सके। वन विभाग जंगल में आग रोकने के लिए फायर लाइन बनाने के दावे करता है, लेकिन इससे आग नहीं रुकती। खास यह भी है कि वनकर्मियों को आग बुझाने की ट्रेनिंग ही नहीं मिलती। फायर ब्रिगेड के पास भी ऐसी कोई सुविधा नहीं है कि पहाड़ी पर जाकर आग बुझा सके। ज्यादा से ज्यादा पाइप जोड़कर सिर्फ 300 फीट के एरिया में आग को कंट्रोल कर पाते हैं। जबकि, जंगल और पहाड़ी का एरिया बड़ा होता है। ऐसे में फायर ब्रिगेड समय पर आग पर काबू पाने में विफल हो रहा है। आग बड़ी हो तो फायर ब्रिगेड बुझाने में विफल नगर निगम के फायर ऑफिसर बाबूलाल चौधरी का कहना है कि फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचकर 250 से 300 फीट पाइप जोड़कर आग बुझाती है। विभाग का लक्ष्य होता है कि आबादी एरिया में आग न पहुंचे, सबसे पहले फोकस यही रहता है। हर पहाड़ी पर जाकर आग बुझाने का कोई सिस्टम नहीं है। बता दें कि उदयपुर में हर साल एक हजार से ज्यादा आगजनी की घटनाएं होती हैं। ऐसे हालात... इन परंपरागत चीजों के भरोसे है वन विभाग सज्जनगढ़ के रेंजर सीताराम के अनुसार पहाड़ी एरिया और जंगल में आग बुझाने के लिए इस साल कई तरह के अग्निशमन उपकरण खरीदे गए हैं। इनमें भी ब्लोअर, बीटर जैसी छोटी चीजें ही शामिल हैं। 1. ब्लोअरइसका उपयोग आग की दिशा को रोकने के लिए किया जाता है। इससे फायर लाइन बनाकर आग को फैलने से रोकते हैं। 2. बीटरबीटर (लोहे का पत्ता) का इस्तेमाल छोटी आग लगने पर किया जाता है। इससे घास में लगी आग को बुझाया जाता है। 3. फायर वॉचरसेंचुरी में आग की निगरानी के लिए 8 फायर वॉचर हैं, जो आग लगने पर तुरंत जानकारी दे देते हैं। 4. फायर लाइनफायर लाइन बनाकर आग को फैलने से रोका जाता है। लेकिन इसकी एडवांस ट्रेनिंग नहीं दी जाती। इन 4 तरीकों के अलावा पहाड़ी पर आग बुझाने का ठोस सिस्टम नहीं है। भास्कर एक्सपर्ट - राहुल भटनागर, सेवानिवृत्त, सीसीएफ कर्मचारियों को एडवांस फायर ट्रेनिंग की जरूरत, फायर लाइन आवश्यक जंगल में आग लगने से पहले तैयारियां पूरी होनी चाहिए। इसमें फायर लाइन सबसे जरूरी है। आग लगी भी तो थोड़े एरिया में फैलेगी। इसके बाद फायर बीटर होने चाहिए। इसके साथ ही तकनीकी का उपयोग होना चाहिए। आग लगने पर फायर लाइन के जरिये आग को फैलने से रोका जा सकता है। इसके लिए एडवांस फायर की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। हर जगह फायर वॉचर रहने चाहिए, जिससे आग लगते ही तुरंत जानकारी मिले। सेंचुरी में पशु चराई बैन है। इसलिए यहां ज्यादा फायर लाइन बनानी चाहिए।
मध्य प्रदेश के भोपाल-देवास, लेबड़-जावरा और जावरा-नयागांव टोल रोड पर लागत से कई गुना अधिक टोल वसूली के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर हाई कोर्ट को तीन महीने में सुनवाई पूरी कर निर्णय देने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस सूर्य कांत और जस्टिस जोयमाल्या बागची की खंडपीठ ने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि यह मामला नोएडा ब्रिज टोल वसूली निरस्त करने के 20 दिसंबर 2024 के फैसले के समान प्रकृति का है, इसलिए हाई कोर्ट इस पर जल्द सुनवाई करे। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को 15 दिन के भीतर हाई कोर्ट में नया आवेदन दाखिल करने की अनुमति दी है। साथ ही टोल रोड के निवेशकों और अन्य प्रभावित पक्षों को भी मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि इन टोल सड़कों पर परियोजना लागत से कई गुना अधिक राशि वसूली जा चुकी है। आरोप- रखरखाव खर्च और ब्याज को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया नोएडा ब्रिज फैसले का जिक्र इसलिए... नोएडा ब्रिज पर 2001 से टोल वसूली के खिलाफ दायर याचिका में कैग जांच में कंपनी द्वारा परियोजना लागत व खर्च बढ़ाकर दिखाने का खुलासा हुआ। इस आधार पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 2016 में टोल वसूली निरस्त कर दी। सुप्रीम कोर्ट ने 20 दिसंबर 2024 को हाईकोर्ट का फैसला बरकरार रखा।
अधिवक्ता राजाराम वर्मा की हत्या की साजिश रचने वाली बैंककर्मी बहू रेखा वर्मा को जेल भेजने के बाद अब पुलिस कस्टडी रिमांड लेने की तैयारी कर रही है। पुलिस उसकी 4 दिन की रिमांड के लिए जल्द ही कोर्ट में याचिका दाखिल करेगी। इस दौरान पुलिस ने रेखा से पूछताछ के लिए 30 से अधिक सवालों की लिस्ट तैयार की है। वहीं कोतवाली पुलिस ने मनोज शुक्ला को शनिवार को अपने बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। राजाराम की हत्या में शामिल आरोपियों और जमीन के खरीदारों से भी रेखा का आमना सामना कराया जाएगा। दरअसल रेखा के जरिये अब पुलिस हत्या के पीछे छिपी रह गई कई दूसरी कड़ियों को उजागर करने की तैयारी कर रही है। 22 दिसंबर 2021 को एडवोकेट को गोली मारी गई थी आईआईटी में डिप्टी रजिस्ट्रार रहे अधिवक्ता राजाराम वर्मा को 22 दिसंबर 2021 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राजाराम वर्मा के बेटे नरेंद्र देव ने नवाबगंज थाने में राजबहादुर और एनआरआई सिटी के मालिकों समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नवाबगंज पुलिस ने इस मामले में चौबेपुर के शूटर दिलनियाज और रोहित यादव, हत्या की सुपारी लेने वाले फत्तेपुर के अंकित यादव और नवाबगंज भोपालपुरवा के राम खिलावन को जेल भेजा था, जबकि एफआईआर में दर्ज राजबहादुर का नाम निकाल दिया था। ऑपरेशन महाकाल के दौरान नरेंद्र देव ने 25 अप्रैल 2025 को तत्कालीन पुलिस कमिश्नर को प्रार्थना पत्र देकर अग्रिम विवेचना की मांग की थी। 19 नवंबर 2025 को पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने जांच तत्कालीन ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर मुख्यालय को सौंपी थी, प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाया गया था। जिसके बाद पुलिस ने रेखा वर्मा को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह गायब हो गई। साजिश की मुख्य कड़ी ढूंढने को होगी रिमांड मुंबई स्थित रेखा के फ्लैट पर भी पुलिस गई लेकिन वह नहीं मिली। बीते मंगलवार को पुलिस ने रेखा को प्रोग्रेसिव सेलिब्रिटी अपार्टमेंट बेलापुर नवी मुंबई से गिरफ्तार कर दूसरे दिन जेल भेज दिया। इंस्पेक्टर कोतवाली जगदीश पांडेय ने बताया कि इस दौरान पूछताछ में कई ऐसी बातें सामने आयीं जिनके जवाब पुलिस को नहीं मिले। इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढने और हत्या के पीछे साजिश की मुख्य कड़ी ढूंढने को रेखा का कस्टडी रिमांड लिया जाएगा। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि रेखा बहुत ही शिक्षित महिला है, प्रारंभिक पूछताछ में उसने बहुत ही सधे अंदाज में सवालों के जवाब दिए है। अधिकांश सवालों का जवाब वह टाल गई है, जिसके पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं। अब कस्टडी रिमांड लेकर पर्दे के पीछे छिपी अन्य कड़ियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इन सवालों के जवाब मागेंगी पुलिस -आमना–सामना होने पर अंकित ने रेखा को पहचान लिया था, लेकिन रेखा ने उसे पहचानने से इंकार कर दिया ? -राजाराम की हत्या के बाद रेखा के खाते से कई बार में 1.50 करोड़ रुपए राजबहादुर के खाते में क्यो गए ? - रेखा के खाते में अन्य दूसरे खातों में भी रकम पहुंची थी, ऐसे में साजिशकर्ता और भी हैं ? - हत्या की सुपारी लेने वाले अंकित यादव को रामखिलावन के साथ क्या रेखा भी 50 हजार रुपये देने आयी थी ? -अग्रिम विवेचना शुरू होने के बाद रेखा ने कई एग्रीमेंट निरस्त कर दिए। रुपये भी खातों में पहुंच गए ? -एनआरआई सिटी के निदेशकों से पूछताछ के बाद एक आरोपी से रेखा ने कई बार में 1300 मिनट तक मोबाइल पर बातचीत की ? –पुलिस के कई बार बुलाने पर भी वह क्यों नहीं आई ?
हाई कोर्ट ने पूछा:तैयार रिपोर्ट को कोर्ट तक पहुंचने में 11 माह क्यों लगे
मप्र की फॉरेंसिक साइंस लैब में 19 हजार से ज्यादा केस लंबित हैं। जांच में देरी से चार्जशीट, ट्रायल और सजा, तीनों की प्रक्रिया धीमी पड़ी हैं। सबसे ज्यादा 15 हजार की पेंडेंसी टॉक्सिकोलॉजी में है, जिसके तहत खुदकुशी, संदिग्ध मौत, जहरीला पदार्थ सेवन आदि की जांच होती हैं। यह हाल तब हैं जब भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के लागू होने के बाद फॉरेंसिक साक्ष्यों को काफी महत्व दिया गया है। न्याय प्रक्रिया को तेज करने के लिए फॉरेंसिक से जुड़े कई प्रावधान किए गए हैं, लेकिन हालात नहीं बदल रहे हैं। इतना ही नहीं जिन केस में जांच रिपोर्ट तैयार हो गई है, वे भी समय पर कोर्ट नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे ही एक मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट को लैब से कोर्ट तक पहुंचने में 11 महीने लगने पर मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने नाराजगी जताई है। अदालत ने इसे आपराधिक न्याय प्रणाली की गंभीर प्रक्रियात्मक विफलता बताया और संबंधित अधिकारियों को तलब किया है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति संजीव एस. कलगांवकर ने एक मामले की सुनवाई के दौरान की। मामला मोहम्मद अतीक की जमानत याचिका से जुड़ा है। सुनवाई में तथ्य आया कि स्वापक पदार्थ (नारकोटिक कंट्राबैंड) की रासायनिक विश्लेषण रिपोर्ट 15 अप्रैल 2025 को ही तैयार हो गई थी, लेकिन यह रिपोर्ट करीब 11 माह बाद 9 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रतलाम पहुंची। 10 मार्च को इसे विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने कहा कि इस देरी के कारण न सिर्फ जमानत याचिका पर सुनवाई प्रभावित हुई, बल्कि मुकदमे (ट्रायल) में भी अनावश्यक विलंब हुआ। यह दुर्भाग्यपूर्ण व अस्वीकार्य : हाई कोर्टसुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ने टिप्पणी की कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। अदालत ने कहा कि आईटी के इस आधुनिक युग में भी एक “कागजी रिपोर्ट” को लैब से अदालत तक पहुंचने में 11 महीने लगना दुर्भाग्यपूर्ण और अस्वीकार्य है। कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि नवंबर 2025 और जनवरी 2026 में पुलिस महानिदेशक और अन्य अधिकारियों को डिजिटल माध्यमों के उपयोग के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, ताकि रिपोर्टें तेजी से कोर्ट पहुंच सकें। अधिकारियों ने निर्देशों पर ध्यान नहीं दिया। कोर्ट ने बड़े अफसरों को किया तलबअदालत ने 18 मार्च 2026 को होने वाली अगली सुनवाई में म.प्र. इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक, CFSL भोपाल के निदेशक, और अन्य आईटी विशेषज्ञों को वीसी में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। 213 फॉरेंसिक मोबाइल वैन मिलेंगी, अभी इनके लिए वैज्ञानिक सिर्फ 24 नए अपराधिक कानूनों में 7 साल से ज्यादा सजा वाले हर अपराध में एफएसएल टीम का मौके पर पहुंचना अनिवार्य है। मकसद यह है कि वैज्ञानिक साक्ष्य मौके से ही जुटाए जा सकें। मप्र में इसके लिए पिछले दिनों 14 मोबाइल वैन भी दी गई हैं। आने वाले समय में 213 सीन ऑफ क्राइम मोबाइल वैन संचालित की जानी हैं। लेकिन, फॉरेंसिक लैब मेें वैज्ञानिकों के 74% पद खाली हाेने से इनका भी पूरा फायदा नहीं मिल पाएगा। अभी मध्यप्रदेश में 508 स्वीकृत पदों के मुकाबले 135 वैज्ञानिक ही पदस्थ हैं। टारगेट से ज्यादा काम, फिर भी धीमी गतिहर जिले को औसतन 3-4 वैन मिलेंगी। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर व उज्जैन जैसे बड़े जिलों को ज्यादा वैन दी जा सकती हैं। सूत्रों के अनुसार सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लैब ने प्रति वैज्ञानिक प्रति माह जांच का एक तय टारगेट निर्धारित कर रखा है। लेकिन स्टाफ की कमी के चलते दोगुना काम करना पड़ रहा है। वैज्ञानिकों की भर्ती हो तो पेंडेंसी घटे वैज्ञानिकों की कमी पूरी हो जाए तो एफएसएल के पास आए नमूनों की पेंडेंसी कम की जा सकती है। नए कानूनों के तहत वैज्ञानिकों को मोबाइल वैन्स के साथ मौके पर जाना अनिवार्य है। हमें भविष्य में 213 वैन मिल रही हैं, जिसके लिए अभी केवल 24 वैज्ञानिक ही दे पाए हैं।' - शशिकांत शुक्ला, डायरेक्टर, एफएसएल
जोधपुर में एक ज्वेलरी कारीगर के कारखाने से करीब 50 लाख रुपए के सोना चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस थाना सदर बाजार की टीम ने चोरी और नकबजनी करने वाले गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 253 ग्राम सोना और 10 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं। गौरतलब है कि शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में रविवार रात ज्वेलरी कारखाने का ताला तोड़कर अंदर घुसे। चोरों ने वहां से करीब 350 ग्राम सोना चुरा लिया। कारीगर को ज्वेलर्स ने ज्वेलरी बनाने के लिए सोना दिया था। पुलिस उपायुक्त जोधपुर पूर्व पी.डी. नित्या ने बताया कि सदर बाजार थाना पुलिस ने घोड़ा चौक स्थित कृष्णा ज्वैलर्स में हुई चोरी की वारदात का खुलासा किया। 9 मार्च 2026 को सोमेन मंडल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि 8 मार्च की रात दुकान बंद कर घर जाने के बाद अज्ञात चोरों ने दुकान के ताले तोड़कर अंदर रखे सोने के आभूषण चोरी कर लिए। चोरी किए गए आभूषणों में अलग-अलग ज्वैलर्स का करीब 350 ग्राम से सोना शामिल था।मामला दर्ज होने के बाद थानाधिकारी माणकराम विश्नोई के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, आसूचना और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच करते हुए तेलंगाना पुलिस के सहयोग से दो आरोपियों को दस्तयाब कर गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। रेकी कर करते थे वारदात पुलिस ने उनके कब्जे से 253 ग्राम सोना और 10 ग्राम चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।गिरफ्तार आरोपियों में आशिफुल मल्लिक (34) निवासी जिला हुगली पश्चिम बंगाल और मोहम्मद सिकंदर (35) निवासी जिला हुगली पश्चिम बंगाल शामिल हैं। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी आशिफुल मल्लिक शातिर अपराधी है, जो अपने साथियों के साथ अन्य राज्यों में जाकर पहले दुकानों की रेकी करता था और रात के समय ताले तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
राजिम से 10 और रायपुर से करीब 52 किलोमीटर दूर स्थित खपरी दूधकईया गांव में हुए 1 फरवरी की रात के दंगों के बाद 15 परिवारों के 52 सदस्य पिछले 40 दिनों से मुस्लिम हॉल बैजनाथपारा में शरणार्थी का जीवन जी रहे हैं। दंगों ने इनके घर छीन लिए। बच्चों की परीक्षाएं छूट गई। शादी और दूसरी जरूरतों के लिए रखे जेवर चोरी हो गए। गांव में घरों की हालत ऐसी हो गई है कि अब वहां न बिजली है और न ही पानी की व्यवस्था। हॉल में रहने वाली महिलाएं, बच्चे और युवाओं को ये भी नहीं पता कि उनकी घर वापसी हो पाएगी या नहीं। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले में अभी तक एक बार भी गरियाबंद पुलिस या प्रशासन ने इन लोगों को वापस घर पहुंचाने की कोई पहल नहीं की है। दंगों के बाद भारी पुलिस सुरक्षा में इन परिवारों को रायपुर लाया गया था। एक साथ ज्यादा सदस्य होने की वजह से लोगों को मुस्लिम हॉल बैजनाथपारा में रखा गया है। समाज का हॉल होने की वजह से यह कोई किराया नहीं लग रहा है। लोगों की मदद के लिए कई सामाजिक संगठन और हर धर्म के लोग पहुंचे। किसी ने राशन दिया तो किसी ने कपड़े। दंगे में अपना सबकुछ गंवा चुके लोगों के पास कुछ भी नहीं था। मदद के लिए हाथ बढ़ते गए। लेकिन वहां रहने वाले लोग अब भी परेशान हैं। आखिर ये मदद कब तक मिलती रहेगी। अपने घर जा पाएंगे या नहीं। ये सवाल सभी को रह-रहकर परेशान कर रहा है। आंखों में आंसू और चेहरे में उदासी लिए लोग सुबह से रात तक ज्यादा बाहर नहीं जाते। आपस में ही एक-दूसरे को हिम्मत दिलाते रहते हैं। हमारे पास तो कुछ भी नहीं बचा, जिंदगीभर की कमाई भी गंवा दीदंगे से प्रभावित छोटे खान, महमूद कुरैशी, सईदा बेगम, फातिमा बी, नौरेन बी, सलीम खान, राजू खान, अनस खान और बल्ला खान ने बताया कि दंगे की वजह से उनकी जिंदगी भर की कमाई चली गई। जेवर चोरी हो गए। घरों की हालत ऐसी हो गई है कि रहना मुश्किल हो गया है। कलेक्टर साहब का कहना है कि हम कोई मुआवजा नहीं दे सकते हैं। हमारी तो पहचान भी खो गई है। आधार कार्ड समेत सभी कागज जल गए हैं। जमीन के कागजात थे वे भी जल गए। हमें तो कुछ भी समझ नहीं आता कि आखिर आगे जिंदगी कैसे जीएंगे। घरों में अंधेरा है। बिजली-पानी सब कट गया है। रायपुर में भी लोग कब तक मदद करेंगे। कई सामाजिक संस्थानों ने इनकी मदद के लिए शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद फंड भी इकट्ठा किया है। इसमें कई समाज के लोगों ने बड़ी भागीदारी की। जो भी इनकी मदद करना चाहता है वे सीधे मुस्लिम हॉल बैजनाथपारा में इनसे संपर्क कर सकते हैं। बच्चे बोले- परीक्षा देनी थी पर किताबें भी जल गई हैं मुस्लिम हॉल में रह रही आठवीं कक्षा की छात्रा आरिफा कुरैशी, आसिफा कुरैशी, आरजू खान, निखत कुरैशी, तमन्ना खान और छठवीं पढ़ रही नूरी खान, नवीं पढ़ रही सुल्ताना खान ने बताया कि पिछले महीने उनकी वार्षिक परीक्षाएं थी। घरों में रहकर तैयारी कर रहे थे। लेकिन अचानक सब बदल गया। घर छोड़ना पड़ा। परीक्षा भी नहीं दे पाए। गांव के ही स्कूल के दूसरे बच्चों से पता किया तो पता चला कि सभी परीक्षाएं हो गई हैं। अब तो पूरा साल खराब हो गया है। पता नहीं घर कब जाएंगे। हमारी किताबें, बस्ते, ड्रेस सब जल गए हैं। हमारे पास तो पढ़ाई के लिए कुछ भी नहीं बचा।
नीति आयोग की रिपोर्ट:राजकोषीय हैल्थ स्कोर मात्र 27.6, फिर भी खर्च में बेहतर, संग्रहण में पीछे
देश में राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक यानी फिसकल हैल्थ इंडेक्स-2026 में राजस्थान 12वें से फिसलकर 14वें स्थान पर चला गया है। नीति आयोग की इस 2023-24 की रिपोर्ट में सभी राज्यों की स्थितियों का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में राजस्थान को एस्पिरेशनल यानी सुधार की आवश्यकता वाली श्रेणी में रखा गया है। इसके बावजूद सूचकांक में राजस्थान का प्रदर्शन व्यय की गुणवत्ता (Quality of Expenditure) में अन्य सूचकांकों की तुलना में बेहतर रहा है। फिसकल हैल्थ इंडेक्स में देशभर के राज्यों का फिसकल हैल्थ स्कोर 12.4 से 73.1 तक है। इसमें राजस्थान मात्र 27.6 स्कोर तक पहुंच सका है। जबकि उड़ीसा, बिहार जैसे पिछड़े माने जाने वाले राज्य हमसे आगे हैं। जबकि 2022-23 के इंडेक्स में राजस्थान का यह स्कोर 28.4 था। चुनौतियां और सुधार के सुझावरिपोर्ट के अनुसार राजस्थान वित्तीय रूप से कठिन दौर में है। खर्चों के प्रबंधन और राजस्व जुटाने के तरीकों में बड़े सुधार की जरूरत है। राज्यों के इंडेक्स में चार श्रेणियां फ्रंट रनर, परफॉर्मर, अचीवर और एस्पिरेशनल हैं। सुधार से राजस्थान एस्पिरेशन से निकल परफॉर्मर या अचीवर श्रेणी में आ सकता है। राजकोषीय दबाव का असर: राजस्थान पर बढ़ते कर्ज और कम राजस्व क्षमता के कारण राजकोषीय तनाव बना हुआ है। राज्य वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए सब्सिडी को तर्कसंगत बनाए। विकासात्मक खर्चों को प्राथमिकता दे। इंडेक्स की श्रेणियों में राजस्थान कहां सब्सिडी का युक्तिकरण हो एसएचएम सोशल रिसर्च इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. मनीष तिवारी का कहना है कि रिपोर्ट में राजस्थान को अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने के लिए स्पष्ट सुझाव दिए हैं। जिसमें कहा गया है कि वित्तीय लचीलापन बहाल करने के लिए सब्सिडी को तर्कसंगत बनाना आवश्यक है। जीएसटी के दायरे को व्यापक बनाने और स्वयं के कर संग्रहण को मजबूत करने पर जोर दिया है। प्रतिबद्ध व्यय (जैसे वेतन और पेंशन) को नियंत्रित कर विकासात्मक कार्यों में निवेश बढ़ाने की जरूरत बताई गई है।
सिलेंडर नहीं मिल रहा, एजेंसी के बाहर कतार:हर दिन 3 हजार से ज्यादा बुकिंग इसलिए ऑनलाइन सिस्टम ठप
राजधानी में गैस सिलेंडरों को लेकर जमकर आपाधापी मची है। गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लोगों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। हर गैस एजेंसी के पास एक दिन में औसतन तीन हजार की बुकिंग आने के बाद अब ऑनलाइन बुकिंग पूरी तरह से बंद कर दी गई है। लोग ऑनलाइन बुकिंग करवा ही नहीं पा रहे हैं। पेट्रोलियम कंपनियों के आदेश पर नए सिलेंडरों में की बुकिंग पूरी तरह से बंद कर दी गई है। एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईअोसीएल ने अपने सभी गैस एजेंसियों से कहा है कि अभी सिलेंडरों को लेकर स्थिति सामान्य नहीं है। इसलिए नए सिलेंडरों की बुकिंग नहीं की जाए। पिछले दो दिन में सिलेंडरों को लेकर लोगों में डर का माहौल है। आमतौर पर एक गैस एजेंसी में औसतन 300 से 500 सिलेंडरों की ही बुकिंग आती थी। लेकिन अभी सभी गैस एजेंसियों के पास औसतन 3000 सिलेंडरों की बुकिंग आ चुकी है। एजेंसी संचालक भी सकते में हैं कि लोग इतनी बुकिंग क्यों करवा रहे हैं। इधर दूसरी कमर्शियल सिलेंडरों के बाद घरेलू सिलेंडरों की भी कालाबाजारी शुरू हो गई है। जरूरतमंद लोगों को 1500 से 2000 रुपए में सिलेंडर बेचा जा रहा है। जो लोग बिना कार्ड के सिलेंडर रखे हैं उन्हें अवैध तरीके से ही सिलेंडरों की खरीदी करनी पड़ रही है। चाय-नाश्ता सेंटर बंद होने लगे, डोसा बनाना भी बंद कर दिया शहर में चाय-नाश्ता सेंटर बंद होने लगे हैं। गैस एजेंसियों की ओर से कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई बंद कर दी गई है। जो सेंटर घरेलू सिलेंडरों का उपयोग करते थे वे प्रशासन के डर से सिलेंडर नहीं ले रहे हैं। इस वजह से धीरे-धीरे चाय-नाश्ता सेंटर बंद हो रहे हैं। नाश्ता सेंटर वालों ने डोसा बनाना बंद कर दिया है। उनका कहना है कि इसमें गैस ज्यादा लगती है। चिकनी मंदिर के पास बरसों से डोसा का कारोबार करने वाले रेस्टोरेंट के संचालक नरेश जैन ने बताया कि फिलहाल वे डोसा नहीं बनवा रहे हैं। इसी तरह संतोषीनगर, टिकरापारा में होटल चलाने वालों ने बताया कि उन्होंने डीजल इंजन चूल्हा की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। इससे कम से कम होटल तो खुल सकेगा। जिम्मेदारों का दावा: अभी घबराने की जरूरत नहीं खाद्य विभाग के प्रभारी और अपर कलेक्टर कीर्तिमान राठौर ने बताया कि रायपुर जिले में करीब 7.49 लाख गैस उपभोक्ता हैं। इसमें कमर्शियल सिलेंडर के उपभोक्ता लगभग 2.49 लाख हैं। घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई लगातार की जा रही है। अभी लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बिना वजह लोग सिलेंडरों की बुकिंग नहीं कराएं। अभी नियमानुसार एक सिलेंडर लेने के बाद 25 दिन के पहले किसी को भी सिलेंडर की सप्लाई नहीं की जाएगी। इंडक्शन की बिक्री बढ़ी, ऑनलाइन भी स्टॉक खत्मगैस की किल्लत की वजह से इंडक्शन की बिक्री सौ फीसदी बढ़ गई है। जितना इंडक्शन दुकानदार एक महीने में भी नहीं बेच पाते थे उतना एक दिन में बिक जा रहा है। मालवीय रोड स्थित सुराना संस के संचालक राजेश सुराना ने बताया कि वे ऑफलाइन-ऑनलाइन दोनों कारोबार करते हैं। अभी बिक्री इतनी है कि ऑनलाइन सप्लाई ही नहीं कर पा रहे हैं। बर्तन कारोबारी संजय जैन ने बताया कि उन्होंने दो दिन में ही 200 से ज्यादा इंडक्शन बेच दिए हैं। अभी डिमांड बनी हुई है। कंपनी वाले सप्लाई भी नहीं कर पा रहे हैं। मॉनिटरिंग कमेटी बनी, 741 सिलेंडर जब्त किए गए राज्य में एलपीजी, पेट्रोल-डीजल सप्लाई दुरुस्त रखने और जमाखोरी रोकने के लिए राज्य स्तरीय नियंत्रण व मॉनिटरिंग समिति बनाई गई है। खाद्य संचालक इसके अध्यक्ष हैं। सरकार ने उपभोक्ताओं को 25 दिन के अंतराल के नियम के अनुसार सिलेंडर बुकिंग कराने को कहा गया है। इस बीच रायपुर में 392 और बिलासपुर में 130 समेत राज्य में 741 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए। मुख्य सचिव विकास शील ने एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता को लेकर खाद्य और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बिलासपुर में भी रसोई गैस नहीं, खरीद रहे इंडक्शन गैस किल्लत और सर्वर डाउन होने से उपभोक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन बुकिंग न होने के कारण अधिकांश लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, सर्वर की समस्या देशभर में है। इस संकट के बीच गोल बाजार, सदर बाजार और तेलीपारा में इंडक्शन की बिक्री बढ़ गई है। लोग अस्थाई इंतजाम के लिए 1500 से 2000 रुपये वाले इंडक्शन अधिक खरीद रहे हैं।
राज्य के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से ही योग की पढ़ाई होगी। वैदिक गणित को पाठ्यक्रम में जोड़ा जाएगा। स्कूलों में आखिरी पीरियड अनिवार्य रूप से खेल का होगा। विधानसभा में शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग का 22466 करोड़ रुपए का बजट ध्वनिमत से पास हो गया। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह बजट राज्य में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पीएम श्री योजना के अंतर्गत स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस योजना के लिए बजट में 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन स्कूलों में ग्रीन स्कूल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल सुविधाएं और कैरियर काउंसिलिंग जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही शिक्षकों को उच्च शिक्षण संस्थानों के माध्यम से प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उत्कृष्ट स्कूलों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 150 स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना होगी। इन विद्यालयों के लिए बजट में 100 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये स्कूल प्रत्येक ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित होंगे, जिससे ग्रामीण विद्यार्थियों को उच्च स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। नवा रायपुर में बनेगा प्रशासनिक भवन स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए नवा रायपुर में विभाग का एक आधुनिक प्रशासनिक कॉम्पोजिट भवन बनाया जाएगा। इसके लिए प्रारंभिक रूप से 5 करोड़ 90 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इस भवन में लोक शिक्षण संचालनालय, समग्र शिक्षा, संस्कृत विद्या मंडल, मदरसा बोर्ड, माध्यमिक शिक्षा मंडल सहित कई कार्यालय संचालित होंगे। सभी दस्तावेजों पर क्यूआर कोड, टीसी भी ऑनलाइन स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत छात्रों की मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। नई व्यवस्था में दस्तावेज पर क्यूआर कोड और यूनिक आईडी दी जाएगी, जिसके जरिए उनकी डिजिटल सत्यता की जांच की जा सकेगी। भास्कर एक्सक्लूसिव तीसरी के बच्चों की परीक्षा अब पेन-कागज पर नहीं, टैबलेट पर होगी तीसरी कक्षा के बच्चों की बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की परीक्षा अब पेन- कागज नहीं, बल्कि टैबलेट पर ली जाएगी। शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए सीबीएसई ने फाउंडेशनल लर्निंग स्टडी का निर्णय लिया है। अब तक यह ओएमआर शीट पर होती थी। एनसीईआरटी की इकाई परख मार्च के अंत में यह महा-सर्वेक्षण आयोजित करने जा रही है। सीबीएसई ने सभी संबद्ध स्कूलों के प्राचार्यों को इस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है। केंद्र सरकार इसके जरिए देश के कोने-कोने में तीसरी कक्षा में पढ़ रहे बच्चों के शिक्षा के स्तर को मापना चाहती है। इस अभियान के तहत देशभर 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी 776 जिलों के करीब 10 हजार से अधिक सरकारी, अनुदान प्राप्त और निजी स्कूल शामिल है। एक लाख से अधिक छात्र इस प्रक्रिया का हिस्सा बनेंगे। स्कूलों का इसका पालन करना अनिवार्यसीबीएसई ने निर्देश दिए हैं कि जिन स्कूलों का चयन सैंपलिंग के आधार पर हुआ है, उन्हें सर्वे की निर्धारित तारीखों पर स्कूलों का चालू रहना और छात्रों की उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है। सर्वे के लिए आने वाली टीमों को पूरा प्रशासनिक और तकनीकी सहयोग देना होगा। एनसीईआरटी कर रहा मार्गदर्शनराष्ट्रीय स्तर पर एनसीईआरटी परख के सर्वे के लिए तकनीकी मार्गदर्शन दे रहा है। वहीं राज्यों में समग्र शिक्षा, एससीईआरटी, डाइट और जिला शिक्षा कार्यालयों को इसके कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक ओएमआर शीट पर हुई थी परीक्षा साल 2022 में हुए पिछले सर्वे में ओएमआर शीट का इस्तेमाल किया गया था। अब सीबीएसई ने कहा है कि वर्ष 2026 का यह सर्वे पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा। सीबीएसई के अनुसार डिजिटल मोड से न केवल डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी, बल्कि रिजल्ट तैयार करने में भी समय की बचत होगी। इससे सटीक रिपोर्ट जल्द मिल सकेगी।
कूनो नेशनल पार्क से 15 किमी दूर बारां जिले के शाहाबाद के घने जंगल में निजी कंपनी ग्रीनको एनर्जीज प्राइवेट लिमिटेड के पम्प्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट (बिजली स्टोरेज प्लांट) के लिए 407 हैक्टेयर वन भूमि के डायवर्जन पर वन विभाग ने सहमति दे दी है। विभाग ने अपनी रिपोर्ट के साथ फाइल मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए 1.19 लाख पेड़ कटने हैं। डेढ़ साल से पर्यावरण प्रेमी इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन जनविरोध को दरकिनार कर वन विभाग ने केवल 22 दिन में लैंड डायवर्जन की फाइल मंजूर कर दी। मामले में 18 फरवरी 2026 को कंपनी ने डिमांड के मुताबिक 73.32 करोड़ रुपए जमा कराए थे। 10 मार्च को वन विभाग की तरफ से लैंड डायवर्जन का प्रकरण स्वीकृति के लिए केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को भेजा गया था। इस मुद्दे पर पहले हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया था। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश दिए थे कि विभाग अपनी प्रक्रिया पूरी करे, लेकिन पेड़ों की कटाई की अनुमति हाई कोर्ट से लेनी होगी। लैंड डायवर्जन के लिए प्रक्रिया 22 दिन में पूरी की 18 फरवरी 2026 : ग्रीनको कंपनी ने पालना बिंदुओं की रिपोर्ट बारां डीसीएफ को दी। इसी दिन कंपनी ने पैसा जमा कराया।6 मार्च : बारां के डीसीएफ ने पालना रिपोर्ट सीसीएफ को सौंपी।6 मार्च : कोटा सीसीएफ सोनल जोरिहार ने अति. प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं नोडल अधिकारी को रिपोर्ट दी।10 मार्च : प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन बल प्रमुख) कार्यालय में अति. प्रधान मुख्य वन संरक्षक और नोडल अधिकारी टीजे कविया ने रिपोर्ट विशिष्ट शासन सचिव को भेजी।10 मार्च : विशिष्ट शासन सचिव (वन) बीजो जॉय ने सहा. महानिरीक्षक (केंद्रीय) पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पत्र भेजा। इसमें लिखा- राज्य सरकार की अनुशंसा सहित रिपोर्ट भेजकर अनुरोध है कि स्वीकृति जारी कराएं।
शहर के बॉर्डर तक पहुंची गैस पाइपलाइन:घर तक आई तो 30% तक सस्ती हो सकती है रसोई
प्रदेश में पाइपलाइन से घरों तक रसोई गैस पहुंचाने के लिए कंपनियों ने आउटर तक पाइपलाइन बिछा दी है, लेकिन शहर के भीतर वितरण लाइन बिछाने और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने की अनुमति ही नहीं मिल पा रही है। इसकी वजह राज्य सरकार के पास सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन पालिसी ही नहीं है। यदि पाइपलाइन बिछ जाती तो यह एलपीजी गैस से करीब 30 फीसदी सस्ती पड़ेगी। हाल में केंद्र सरकार ने घरेलू गैस की कीमतें 60 रुपए तक बढ़ा दी है। इससे रसोई का खर्च बढ़ गया है। सिलेंडरों की भी भारी किल्लत हो गई है। एलपीजी गैस पर अंतर्राष्ट्रीय हलचलों का तेजी से असर पड़ता है, जबकि नैचुरल गैस आमतौर पर इससे अछूता रहती है। इस स्थिति में जल्द से जल्द गैस पाइपलाइन बिछने से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। रायपुर और प्रमुख जिलों की सीमाओं तक नेशनल हाईवे अथारिटी और पीडब्ल्यूडी की अनुमति से कंपनियों ने मुख्य पाइपलाइन तो बिछा दी है, लेकिन जैसे ही बात गली-मोहल्लों और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने की आती है, काम ठप पड़ जाता है। प्रदेश में 10 लाख से ज्यादा घरों तक सस्ती पाइप्ड नैचुरल गैस के लिए कनेक्शन देने हैं। लोगों ने कनेक्शन के लिए आवेदन भी शुरू कर दिए हैं। रायपुर में 75 लोगों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन करा लिया है। पाइपलाइन बिछने के बाद कंपनियां घर-घर जाकर लोगों को कनेक्शन के लिए कहेगी। उनका अपना एक एप भी होगा। इसके जरिए कनेक्शन के लिए आवेदन किए जा सकेंगे। फिलहाल यह सब प्रक्रिया थमी हुई है, क्योंकि नगर निगम और नगरपालिकाएं कंपनियों को काम शुरू करने की अनुमति नहीं दे पा रही हैं। कंपनियों का कहना है कि वे बिना सरकारी नीति के काम शुरू नहीं कर सकतीं, क्योंकि हर शहर का निकाय अपनी मर्जी से ‘रोड कटिंग शुल्क’ मांग रहा है, जो प्रोजेक्ट की लागत को कई गुना बढ़ा रहा है। इसके अलावा छोटी-बड़ी अलग-अलग तरह की अनुमतियों के लिए अलग-अलग विभाग के पास जाना पड़ेगा। पालिसी होने से सिंगल विंडो सिस्टम होता है। छत्तीसगढ़ में चार कंपनियों को काम दिया गया है। इन कंपनियों ने गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में काम किया है। वहां सप्लाई भी शुरू हो गई है। वहां पीएनजी और सीएनजी के विस्तार के लिए बहुत ही स्पष्ट और प्रभावी नीतियां लागू हैं। इन राज्यों ने केंद्र सरकार के पीएनजीआरबी (पेट्रोलियम एंड नैचुरल गैस रेगुलेटरी बोर्ड) नियमों के साथ-साथ अपनी राज्य-स्तरीय ‘सिंगल विंडो क्लीयरेंस’ व्यवस्था बनाई है, ताकि पाइपलाइन बिछाने के काम में देरी न हो। इन जिलों में अधर में लटका काम :- हरियाणा सिटी गैस प्राइवेट लिमिटेड : रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद- अडानी टोटल : दुर्ग, महासमुंद, बेमेतरा, बालोद, धमतरी, बिलासपुर, कोरबा, मुंगेली, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम, राजनांदगांव, कांकेर- बीपीसीएल : सरगुजा, बलरामपुर, कोरिया, सूरजपुर- गैल गैस : कोंडागांव, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर का काम को इस तरह मिलेगा लोगों को कनेक्शन - पंजीकरण : जब आपके मोहल्ले में वितरण लाइन बिछ जाएगी, तो अधिकृत गैस कंपनी के प्रतिनिधि घर-घर आकर या कैंप लगाकर आवेदन लेंगे। आप कंपनी की वेबसाइट या ऐप से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।- दस्तावेज: कनेक्शन के लिए आधार कार्ड, बिजली बिल या घर के मालिकाना हक का कोई एक प्रमाण पत्र जरूरी होगा।- सर्वेक्षण: कंपनी के तकनीकी कर्मचारी आपके किचन का मुआयना करेंगे ताकि पाइप बिछाने का सबसे सुरक्षित रास्ता तय किया जा सके।- इंस्टालेशन: मुख्य पाइपलाइन से एक छोटी पाइप आपके घर की दीवार के सहारे किचन तक लाई जाएगी। वहां एक गैस मीटर और एक कंट्रोल वाल्व लगाया जाएगा।- बदलाव: आपके पुराने एलपीजी चूल्हे को ही ‘पीएनजी’ के अनुकूल बनाने के लिए उसके ‘नोजल’ को बदल दिया जाएगा। इसके बाद चूल्हा पीएनजी से जलने लगेगा। - गैस सप्लाई और बिलिंग: कनेक्शन चालू होने के बाद आपको सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं होगी। बिजली के बिल की तरह ही हर दो महीने में आपके गैस मीटर की रीडिंग के आधार पर बिल आएगा, जिसका भुगतान डिजिटल माध्यमों से किया जा सकेगा। इसलिए बेहतर है पीएनजी - सस्ता विकल्प: एलपीजी के मुकाबले करीब 20 से 30% तक की बचत।- झंझट मुक्त: सिलेंडर खत्म होने का डर नहीं, 24 घंटे निरंतर सप्लाई। - सुरक्षित : यह हवा से हल्की होती है, इसलिए रिसाव होने पर तुरंत ऊपर उठकर फैल जाती है, जिससे आग लगने का खतरा कम होता है।- स्पेस की बचत: किचन में भारी सिलेंडर रखने की जगह खाली हो जाएगी। 4 कंपनियां, 27 जिले और करोड़ों का निवेश दांव पर छत्तीसगढ़ में इस बड़े प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी दो सरकारी और दो निजी क्षेत्र की कंपनियों के कंधों पर है। प्रोजेक्ट के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद, बस्तर और सरगुजा संभाग के लगभग सभी प्रमुख जिलों को कवर किया जाना है। जानकारों के मुताबिक, कंपनियों ने अब तक करोड़ों रुपए का निवेश कर आउटर नेटवर्क तैयार कर लिया है, लेकिन ‘इंट्रा-सिटी’ (शहर के भीतर) काम न होने से यह पूरा निवेश ‘डेड’ पड़ा है। राज्य में ऑप्टिकल फाइबर केबल और टेलीकॉम नेटवर्क बिछाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की अपनी एक सुदृढ़ पॉलिसी है। इसी तर्ज पर गैस पाइपलाइन के लिए भी पॉलिसी की मांग लंबे समय से की जा रही है। जब गुजरात और यूपी कर सकते हैं, तो छत्तीसगढ़ क्यों नहीं? पॉलिसी नहीं होने से ये तीन बड़े पेंच फंसे पॉलिसी तैयार कर रहे हैं नगरीय निकाय क्षेत्रों में डिस्ट्रिब्यूशन लाइन बिछाने के लिए कंपनियों की तरफ से आवेदन आए हैं। हम कर्नाटक, मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों की पालिसी का अध्ययन कर रहे हैं। वहां अलग-अलग डिपार्टमेंट ने अनुमति जारी की है। हम अगले कुछ दिनों में बैठक आयोजित इस पर चर्चा करेंगे और फिर एक पालिसी तैयार की जाएगी। -बसवा राजू, सचिव नगरीय प्रशासन विभाग
केशियारी में महिला केंद्रीय बल का रुट मार्च, मतदान केंद्रों का निरीक्षण िकया गया
खड़गपुर | पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशियारी इलाके में विधानसभा चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के उद्देश्य से महिला केंद्रीय बल को तैनात किया गया। महिला केन्द्रीय वाहिनी बल के सदस्यों ने इलाके में रुट मार्च भी किया। लगभग 70 सदस्यीय महिला केंद्रीय बल की टीम केशियारी में मौजूद है। महिला जवान क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में लगातार गश्त कर रही हैं और केशियारी के विभिन्न इलाके में कई मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से बातचीत भी की। बताते चले कि विधानसभा चुनाव से पहले केशियारी थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और मतदाताओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए महिला केंद्रीय बल ने पुलिस के साथ मिलकर रूट मार्च शुरू किया।
संदिग्ध परिस्थिति में युवती की मौत फंदे से लटकता हुआ शव बरामद
खड़गपुर| पश्चिम मेदिनीपुर जिले के बेलदा थाना की हेमचंद्र ग्राम पंचायत के गोविन्दपुर गांव में युवती की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। मृतका का नाम संगीता माइती (18 वर्ष) है।मालूम हो कि परिजनों ने सर्वप्रथम शव को कमरे में फंदे से लटकते हुए देखा था। घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। समाचार लिखे जाने तक मौत का कारण मालूम नहीं हो सका। पुलिस घटना की जांच कर रही है।
तेली महाजतरा और सामूहिक विवाह कार्यक्रम आज होगा
भास्कर न्यूज|लोहरदगा छोटा नागपुरिया तेली उत्थान समाज, जिला गुमला के पदाधिकारियों ने 15 मार्च 2026 को आयोजित होने वाले वार्षिक तेली महाजतरा एवं अनाथ, असहाय तथा जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू से मुलाकात कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई, जिसमें समाज के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम की रूपरेखा और उसके सामाजिक महत्व की जानकारी दी। समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि हर वर्ष आयोजित होने वाला तेली महाजतरा समाज की एकता, परंपरा और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। इस अवसर पर जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के सामूहिक विवाह का आयोजन किया जाता है, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सहयोग मिल सके और समाज में आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा मिले। इस दौरान धीरज प्रसाद साहू ने आमंत्रण के लिए समाज के पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामाजिक और मानवीय कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक होते हैं। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन न केवल जरूरतमंद परिवारों को सहारा देते हैं, बल्कि समाज में समानता, सहयोग और भाईचारे की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के लोग जिस तरह से मिलकर अनाथ, असहाय और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की शादी का जिम्मा उठा रहे हैं, वह सराहनीय पहल है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देने का आश्वासन भी दिया। इस मौके पर समाज के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारी करने की बात कही।
घाघरा मुख्य मार्ग पर वाहन की चपेट में आने से महिला की मौत
iगुमला| सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गुमला-घाघरा मुख्य मार्ग पर शुक्रवार की दोपहर सड़क दुर्घटना घटी। खटवा नदी के समीप करीब 12:30 बजे एक अज्ञात अनियंत्रित वाहन ने स्कूटी सवार महिला को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण टक्कर में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला स्कूटी पर सवार होकर गुमला की ओर जा रही थी। इसी दौरान खटवा नदी के पास किसी भारी वाहन ने उसे पीछे से जोरदार टक्कर मार दी और कुचलते हुए निकल गया। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि महिला का सिर पूरी तरह से कुचल गया, जिससे उसकी तत्काल पहचान कर पाना मुश्किल हो गया है। शव सड़क के बीचो-बीच पड़ा होने के कारण कुछ देर के लिए आवागमन भी बाधित रहा। घटना की सूचना स्थानीय राहगीरों द्वारा तुरंत सदर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने दुर्घटनास्थल से स्कूटी को जब्त कर लिया है और वाहन नंबर के आधार पर मृतका की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है। शव की स्थिति काफी क्षत-विक्षत है। हम स्कूटी के रजिस्ट्रेशन नंबर के जरिए परिजनों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं। । गुमला|जंगल बचाओ अभियान समिति गुमला द्वारा 24 मार्च को गुमला वन विभाग के सामने जन प्रदर्शन िकया जाएगा। वन विभाग के विकास कार्यों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध तथा गुमला रेंज एरिया के अलावा कई वन क्षेत्र में बढ़ते हाथी का प्रभाव पर भी रोक लगाने की मांग को इसका आयोजन िकया गया है। कार्यक्रम में गुमला रेंज एरिया के अलावा कुरूमगढ़ रेंज एरिया के भी जंगल कटाई और भ्रष्टाचार के मामले को उठाई जाएगी,।
बाइपास पर सघन वाहन जांच अभियान में ₹4.05 लाख का जुर्माना वसूला गया
गुमला|भरनो थाने में नए थाना प्रभारी के रूप में संतोष कुमार सिंह ने विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। इस अवसर पर निवर्तमान थाना प्रभारी कंचन प्रजापति ने उन्हें पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा। पदभार ग्रहण करने के पश्चात नवागत थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा: क्षेत्र को अपराध मुक्त बनाना मेरी पहली प्राथमिकता होगी। पदभार ग्रहण के इस अवसर पर कई अधिकारी थे। भास्कर न्यूज|गुमला जिले में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला परिवहन विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के निर्देशों के आलोक में शुक्रवार को डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में गुमला-बाइपास मुख्य मार्ग पर एक व्यापक वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस सघन कार्रवाई से यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों में हड़कंप एवं हफरा तफरी मच गई। 24 घंटे के भीतर लाखों की वसूली शुक्रवार को चलाए गए इस विशेष अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम के तहत कुल ₹1,95,000 का जुर्माना वसूला गया। उल्लेखनीय है कि परिवहन विभाग की टीम कल बीते रात को भी सक्रिय थी; देर रात की गई जांच में ₹2,10,000 का चालान काटा गया था। पिछले 24 घंटों के भीतर की गई इस त्वरित कार्रवाई ने जिले के लापरवाह चालकों को एक कड़ा संदेश दिया है। अभियान के दौरान उन दोपहिया चालकों पर विशेष रूप से गाज गिरी, जिन्होंने अपनी मोटरसाइकिलों में कंपनी फिटेड साइलेंसर को हटाकर तेज आवाज (ब्लास्ट साउंड) वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा रखे थे। डीटीओ ने ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले ऐसे वाहनों पर न केवल भारी जुर्माना वसूला लगाया, बल्कि मौके पर ही मैकेनिक को बुलाकर अवैध साइलेंसरों को उतरवा दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर दहशत और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस सघन अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा हमारा मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि बहुमूल्य मानवीय जिंदगियों को बचाना है। हेलमेट और सीट बेल्ट जहां दुर्घटना की स्थिति में आपकी जान बचाते हैं, वहीं वाहन के वैध दस्तावेज (बीमा, परमिट आदि) दुर्घटना के पश्चात आपके परिवार को कानूनी और आर्थिक संकटों से सुरक्षित रखते हैं। गुमला| जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों द्वारा सदर अस्पताल के नियमित साप्ताहिक निरीक्षण का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन (जिला ग्रामीण विकास शाखा) के पदाधिकारियों द्वारा अस्पताल का विस्तृत निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जहां कई व्यवस्थाएं चाक-चौबंद मिलीं। वहीं अनुपस्थित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश भी दिए गए। निरीक्षण टीम ने इमरजेंसी वार्ड, ओपीडी, जनरल वार्ड और किचेन रूम सहित अन्य विभागों का बारीकी से जायजा लिया। अधिकारियों ने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर अस्पताल की सुविधाओं के बारे में फीडबैक लिया। अधिकांश मरीजों ने इलाज और मिल रही सेवाओं पर संतोष व्यक्त किया।प्रसव सेवाओं और ओपीडी के आंकड़े िलए गए। अस्पताल के विभिन्न वार्डों में कुल 230 मरीज भर्ती पाए गए, जिनमें जनरल वार्ड में सबसे अधिक 141 मरीज थे। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उच्च केंद्रों पर रेफर करने की सुविधा भी सुचारू रही। आज 105 मरीजों को प्रखंडों से लाने-ले जाने और एक मरीज को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजने हेतु एम्बुलेंस मुहैया कराई गई। दवा वितरण कक्ष के निरीक्षण में पाया गया कि वर्तमान में अस्पताल में 612 प्रकार की जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, जन औषधि केंद्र बंद पाए जाने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई। जांच मशीनों की स्थिति संतोषजनक रही, जिसके तहत 44 मरीजों का एक्स-रे और 20 मरीजों का सीटी स्कैन किया गया। रसोई में साफ-सफाई के विशेष निर्देश दिए गए ताकि मरीजों को मानक के अनुरूप पौष्टिक भोजन मिले।पोषण पुनर्वास केंद्र में 16 बच्चे भर्ती थे, जिनकी देखभाल की जानकारी ली गई।अस्पताल परिसर की निगरानी के लिए 46 सीसीटीवी कैमरे सक्रिय पाए गए। टीम ने सुनिश्चित किया कि परिसर में कोई भी ''''शैडो एरिया'''' न रहे और अस्पताल दुर्गंध मुक्त बना रहे।जिला प्रशासन का उद्देश्य नियमित निगरानी के जरिए सदर अस्पताल को एक आदर्श स्वास्थ्य केंद्र बनाना है
गली में गलत नाम का बोर्ड लगाने पर आपत्ति, हटाया
गुमला|नगर परिषद की ओर से शहर को तीन सेक्टर में विभाजीत कर प्रमुख पथों के नाम पर बोर्ड और जागरूकता संदेश लगाने का काम किया जा रहा है ताकि शहर के प्रमुख जगहों की वास्तविक पहचान आसानी से हो सके और लोगों को सुविधा मिलें। इसी क्रम में पालकोट रोड स्थित हिंदुस्तान होटल के पास हिंदुस्तान गली का बोर्ड लगा दिए जाने से स्थानीय लोगों में नाराजगी दिखी। चूंकि वह पथ देवी मंदिर रोड के नाम से जाना जाता है। बोल चाल की भाषा में हिंदुस्तान गली बोले जाने के चलते भूलवश नगर परिषद ने उक्त बोर्ड लगा दिया था। जिसे बाद में हटा लिया गया है। दरअसल बोर्ड लगाए जाने से नाराज लोगों ने इसपर आपत्ति जताई और लिखित शिकायत नप प्रशासक को की। शिकायत में नाम बदलने पर आपत्ति थी। नप के सिटी मैनेजर हेलाल अहमद ने बताया कि शहर के विकास के लिए बोर्ड अधिष्ठापित किया जा रहा है ताकि सरकारी कर्मियों व आम जनों को पथों की वास्तविक पहचान करने में सहुलियत हो। भूलवश वह बोर्ड लग गया। उसे सुधार करा दिया जाएगा। गुमला| नगर परिषद के अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षदों के शपथ ग्रहण तथा उपाध्यक्ष पद के अप्रत्यक्ष निर्वाचन कार्यक्रम के मद्देनजर विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु अनुमंडल कार्यालय परिसर में निषेधाज्ञा लागू की गई है। जानकारी के अनुसार 14 मार्च को नगर परिषद, गुमला (वर्ग-ख) के अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण तथा उपाध्यक्ष पद का अप्रत्यक्ष निर्वाचन अनुमंडल कार्यालय, गुमला के सभागार में संपन्न होगा। सदर अनुमंडल पदाधिकारी राजीव नीरज ने प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 14 मार्च 2026 को प्रातः 06:00 बजे से अपराह्न 06:00 बजे तक अनुमंडल कार्यालय परिसर एवं उसके 100 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया गया है।जारी आदेश के अनुसार इस अवधि में 100 मीटर की परिधि में 05 या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्रित होने तथा अस्त्र-शस्त्र के साथ किसी प्रकार का प्रदर्शन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही परिसर में किसी प्रकार के घातक हथियार, आग्नेयास्त्र या विस्फोटक पदार्थ लाने एवं ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जो शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों पर भी प्रभावी होगा। यह प्रावधान सरकारी पदाधिकारी/कर्मचारी, ड्यूटी पर तैनात पुलिस बल तथा नेपालियों एवं सिखों द्वारा पारंपरिक रूप से धारण की जाने वाली खुखरी एवं कृपाण पर लागू नहीं होगा।इसके अतिरिक्त गुमला नगर परिषद क्षेत्र में रात्रि 10:00 बजे से प्रातः 06:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि यह प्रावधान मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा एवं अन्य धार्मिक स्थलों पर लागू नहीं होगा, इन धार्मिक स्थलों का उपयोग किसी भी प्रकार के निर्वाचन प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबंधित रहेगा। जिला प्रशासन द्वारा यह भी निर्देश दिया गया है कि कोई भी व्यक्ति, संगठन अथवा समूह सोशल मीडिया या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से किसी प्रकार की फेक न्यूज, भ्रामक संदेश, फोटो या सूचना का प्रसार नहीं करेगा। ऐसा पाए जाने पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें तथा जारी आदेशों का पालन सुनिश्चित करें।
शहर को आज मिलेगा नया नगर परिषद उपाध्यक्ष, दावेदारों ने झोंकी पूरी ताकत
गुडडू चौरसिया|गुमला नगर परिषद की सत्ता की बिसात बिछ चुकी है। आज शहर के विकास की बागडोर संभालने वाले नए अध्यक्ष और वार्ड पार्षदों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होना है। लेकिन इस समारोह की चमक से कहीं अधिक चर्चा उस सस्पेंस की है, जो शपथ ग्रहण के ठीक बाद खत्म होने वाला है। कुछ ही घंटों के भीतर पार्षदों के मतदान से शहर को नया उपाध्यक्ष मिल जाएगा। चुनावी मैदान में उतरे मुख्य प्रत्याशियों ने इस पद को पाने के लिए अंतिम क्षणों तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चर्चा है कि इस जंग को जीतने के लिए पसीना और पैसा दोनों पानी की तरह बहाया गया है। परिणाम यह है कि मैदान में डटे तीनों प्रमुख प्रत्याशी अपनी-अपनी जीत को लेकर शत-प्रतिशत आश्वस्त नजर आ रहे हैं। दिलचस्प पहलू यह है कि जीत का दावा करने वाले ये प्रत्याशी अपने पक्ष में पार्षदों की जो संख्या बता रहे हैं। उसका जोड़ कुल पार्षदों की संख्या के गणित को ही फेल कर रहा है। शहर में कुल 22 पार्षद हैं। लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि प्रत्याशी अपने साथ 10 से 12 पार्षदों का समर्थन होने का दम भर रहे हैं। यदि इनके दावों को जोड़ दिया जाए, तो यह संख्या 30 के पार निकल जाती है। पार्षदों के इस समर्थन ने चुनावी गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। माना जा रहा है कि कई पार्षद क्रॉस वोटिंग की फिराक में हैं या फिर उन्होंने एक साथ दो प्रत्याशियों को समर्थन का वचन दे दिया है। ऐसे में यह साफ है कि मतदान के गुप्त बॉक्स से जब नतीजे निकलेंगे, तो किसी न किसी प्रत्याशी के साथ बड़ा विश्वासघात होना तय है। फिलहाल उपाध्यक्ष पद के लिए चल रही इस खींचतान ने शहर के सियासी तापमान को बढ़ा दिया है। प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हैं। क्योंकि अब मुकाबला केवल जनसेवा का नहीं, बल्कि साख और मैनेजमेंट का बन चुका है। बहरहाल शपथ ग्रहण की औपचारिकता पूरी होते ही पार्षदों की बाड़ेबंदी और गुप्त मतदान का नतीजा सबके सामने होगा। अब देखना यह है कि जोड़-तोड़ की इस राजनीति में कौन बाजी मारता है और किसे अपने ही करीबियों से झटका मिलता है।
घाघरा में केंद्रीय महावीर मंडल की बैठक में नई कमेटी का गठन, अनिरुद्ध बने अध्यक्ष
भास्कर न्यूज|घाघरा रामनवमी पर्व के सफल और भव्य आयोजन की तैयारियों को लेकर रविवार को स्थानीय हाई स्कूल मैदान में केंद्रीय महावीर मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सर्वसम्मति से पुरानी कमेटी को भंग कर आगामी सत्र के लिए नई कार्यकारिणी का चयन किया गया, जिसमें अनिरुद्ध चौबे को सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया। बैठक के दौरान संगठन को मजबूती देने और उत्सव को सुव्यवस्थित ढंग से मनाने के लिए विभिन्न पदों पर पदाधिकारियों की घोषणा की गई। नई कमेटी में उपाध्यक्ष: विजय कुमार साहू, दीपक गुप्ता, संतोष गुप्ता और सुसित गोस्वामी, सचिव: अमित कुमार ठाकुर,कोषाध्यक्ष: मुकेश महापात्रा,सह कोषाध्यक्ष: आशीष कुमार सोनी, मंत्री: प्रवीण सिंह, निखिल गुप्ता, नीरज कुमार साहू, मुकेश अग्रवाल और पवन कुमार महली।नवनियुक्त अध्यक्ष अनिरुद्ध चौबे ने पदभार ग्रहण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष घाघरा में रामनवमी का पर्व ऐतिहासिक और भव्य होगा। बैठक में क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने अपने विचार साझा किए और अनुशासन के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मनोज महापात्र, राजू सिंह तोमर, मोहरचंद्र सिंह, रोहित सिंह, मुकेश सिंह, पवन साहू, कुश साहू, सुरेश महतो सहित भारी संख्या में महावीर मंडल के सदस्य और स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे। कमेटी के गठन के बाद कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। बैठक के अंत में सभी ने जय श्री राम के जयघोष के साथ तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। भास्कर न्यूज|गुमला जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा), जिला प्रशासन और लोहरदगा ग्राम स्वराज्य संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को गुमला प्रखंड कार्यालय से ''''बाल विवाह मुक्ति रथ'''' को डालसा सचिव राम कुमार लाल गुप्ता एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (वीडिओ) अशोक चोपड़ा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मौके पर डालसा सचिव ने कहा कि बाल विवाह न केवल मानवाधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए स्पष्ट कियाउम्र की सीमा: 21 वर्ष से कम आयु के लड़के और 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों की शादी करना कानूनी अपराध है। बाल विवाह करने या बढ़ावा देने पर 2 वर्ष की कैद और 1 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। असर: इससे बच्चों की शिक्षा रुक जाती है और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है। बीडीओ अशोक चोपड़ा ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक कुरीति है। उन्होंने जोर दिया कि माता-पिता अपने बच्चों की कम उम्र में शादी करने के बजाय उनकी बेहतर शिक्षा पर ध्यान दें, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य पा सकें। सभी प्रखंडों में घूमेगा रथ संस्थान के जिला समन्वयक मिथिलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि यह जागरूकता रथ 7 मार्च से अभियान पर है। भरनो, सिसई और घाघरा का भ्रमण करने के बाद अब यह गुमला प्रखंड पहुंचा है। यह रथ प्रखंड के थानों, पंचायत सचिवालयों और हाट-बाजारों में जाकर लोगों को जागरूक करेगा।भ्रमण के दौरान नुक्कड़ चर्चा के साथ-साथ हस्ताक्षर अभियान और शपथ ग्रहण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।इस अवसर पर एलएडीसीएस डी.एन. ओहदार, बंदेश्वर गोप, इंदु पांडे, जितेंद्र सिंह, सुधीर कुमार पांडे, जया सेन गुप्त, कमला देवी, प्रकाश पांडे, पीएलवी नीलम लकड़ा सहित कई थे।
आज होगा महिला सम्मान समारोह, तैयारी पूरी
लोहरदगा| झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (जेएसएलपीएस) के तहत संचालित पलाश की ओर से 14 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11:30 बजे से नया नगर भवन, लोहरदगा में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिला सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा।इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करना तथा महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। समारोह में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं, सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों की भागीदारी रहेगी।
भरनो| प्रखंड के तमाम मस्जिदों में मुस्लिम धर्मावलंबियों ने रमजानुल मुबारक महीने के चौथे जुम्मे की नमाज अदा की गई। जुम्मे की नमाज को लेकर सुबह से ही रोजेदारों द्वारा तैयारी में मशगूल रहे, नन्हे रोजेदारों में विशेष उत्साह देखा गया। इधर भरनो के बस्ती स्थित जमा मस्जिद में नमाज के दौरान अपनी तकरीर में मौलाना मोतीऊर्रहमान ने कहा बारह महीने में एक रमजानुल मुबारक का महीना सबसे अफजल होता है, उन्होंने मुसलमानों से कहा ग्यारह महीना आप जैसे तैसे तो बीता लेते हैं लेकिन रमजान का महीना का कद्र करें। उन्होंने कहा इस महीने का अंतिम आसरा जहन्नुम के आग से छुटकारे का चल रहा है, इस बचे हुए आसरे के दस दिनों में मस्जिदों में इतिकाफ के लिए बैठें और इन दस दिनों में शबेकदर की रात की तलाश करें जिसने शबेकदर की रात को पा लिया तो फिर उसका क्या कहना। दिन और आखरत में कामयाबी ही कामयाबी मिलेगी।
डुमरी में टेंपो पलटने से बुजुर्ग किसान की मौत
डुमरी | डुमरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक बुजुर्ग किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान कणडरवानी गांव निवासी ललित उरांव (60 वर्ष) के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार ललित उरांव शुक्रवार को डुमरी में आयोजित कृषि मेला में शामिल होने आए थे। मेले से लौटते समय वे अन्य ग्रामीणों के साथ एक टेंपो में सवार होकर अपने गांव जा रहे थे। बताया गया कि टेंपो में लगभग आठ महिला-पुरुष सवार थे। शाम करीब पांच बजे कडरवानी बस्ती के समीप अचानक टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खेत में पलट गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टेंपो पलटते ही उसमें सवार लोगों में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में ललित उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आईं। आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और सभी घायलों को वाहन से बाहर निकालकर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डुमरी पहुंचाया प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अलबेल केरकेट्टा ने बताया कि ललित उरांव की हालत गंभीर थी। जांच के दौरान उनकी छाती की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर पाया गया, जिसके कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। टेंपो चालक संजय नायक ने बताया कि रास्ते में सामने से आ रही एक गाड़ी को साइड देने के दौरान टेंपो का पिछला चक्का सड़क से नीचे उतर गया। इसके बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया और पलट गया, जिससे यह दुर्घटना हुई। घटना की सूचना मिलते ही डुमरी प्रमुख जीवंती एक्का, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष इग्नासियूस मिंज उर्फ प्रदीप और फिरासत अली अस्पताल पहुंचे तथा मृतक के परिजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।वहीं सूचना मिलने पर डुमरी थाना के एसआई विजय सुंडी घटनास्थल पर पहुंचे ।
गोवर्धन पर्वत उठाने की कथा सुन कर भक्त भावविभोर हुए
भास्कर न्यूज | कुडू बरवा टोली कुडू में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन यज्ञाचार्य रामाकांत शास्त्री ने यजमानों को विधि विधान और भक्तिभाव से पूजा अर्चना कराया। मौके पर सैकडो श्रद्धालु यज्ञ मंडप पहुंचे,परिक्रमा कर सुख समृद्धि की कामना की। मौके पर कथावाचक श्री प्रभु दास जी महाराज ने भक्तों को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीला का वर्णन सुनाया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म लेने के बाद कंस उसको मौत के घाट उतारने के लिए अपनी राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजता है, पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती है। लेकिन भगवान श्रीकृष्ण उसको मौत के घाट उतार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में ब्रजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं,भगवान कृष्ण द्वारा उनको भगवान इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कहते हैं, इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं, वह अपने क्रोध से भारी वर्षा करते हैं। जिसको देखकर समस्त ब्रजवासी परेशान हो जाते हैं। भारी वर्षा को देख भगवान श्री कृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर उठाकर पूरे नगरवासियों को पर्वत को नीचे बुला लेते हैं। जिससे हार कर इंद्र एक सप्ताह के बाद वर्षा को बंद कर देते हैं, जिसके बाद ब्रज में भगवान श्री कृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगाने लगते हैं, वही भजन गाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया वही भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। मौके पर आयोजन समिति के सदस्य सहित अन्य मौजूद थे।
शादी समारोह से लापता बच्चे का कुएं में मिला शव, विरोध में सड़क जाम किया
भास्कर न्यूज|गुमला गुमला थाना क्षेत्र के केसीपारा गांव में शुक्रवार की सुबह उस वक्त चीख-पुकार मच गई, जब तीन दिनों से लापता आठ वर्षीय बालक प्रीतम गोप का शव गांव के ही एक कुएं से बरामद किया गया। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव के हर घर में मातम पसरा हुआ है। इस हृदय विदारक घटना के विरोध में आक्रोशित ग्रामीणों ने टैंसेरा के समीप आधे घंटे तक सड़क को जाम कर दिया। पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद सड़क जाम हटा लिया गया। परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार प्रीतम तीन दिन पूर्व अपने परिवार के साथ गांव में ही आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। सभी समारोह में व्यस्त थे। इसी बीच वह गायब हो गया। ग्रामीणों ने मिलकर आसपास के इलाकों और संभावित ठिकानों पर उसे ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। गुरुवार तक जब मासूम का कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों की चिंता गहरी होती गई। शुक्रवार की अलसुबह कुछ ग्रामीणों ने गांव के एक कुएं में एक शव को तैरते हुए देखा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ वहां जमा हो गई। जब शव को बाहर निकाला गया, तो उसकी शिनाख्त आठ वर्षीय प्रीतम गोप के रूप में हुई। घटना की सूचना तुरंत स्थानीय गुमला थाना को दी गई। सूचना पाकर पुलिस दल मौके पर पहुंचा और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है िक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि यह महज एक दुर्घटना है या इसके पीछे कोई साजिश है। पुलिस ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर रही है। इधर ग्रामीणों का कहना है कि मासूम प्रीतम की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या बच्चा खेलते-खेलते कुएं में गिर गया या उसके साथ कुछ अनहोनी हुई, यह जांच का विषय है। फिलहाल पूरा गांव इस दुख की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। हालिया घटनाएं (फरवरी-मार्च 2026): 11 मार्च 2026: बसिया थाना क्षेत्र के कलिगा गांव में 30 वर्षीय अमित सुरीन की कुएं में गिरकर मौत हो गई। फरवरी 2026: गुमला सदर थाना के खोरा भकुवाटोली में 65 वर्षीय बुधवा उरांव और जोराग गांव में 50 वर्षीय बिरसमुनी देवी की कुएं में डूबने से मृत्यु हुई। मार्च 2026: कुलाबीरा ढाउढाटोली में कालेफ खड़िया (40 वर्ष) की कुएं में डूबने से मौत हुई।
शहर की नई सरकार का शपथ ग्रहण आज, 3 साल बाद विकास का जिम्मा
भास्कर न्यूज|गुमला नगर परिषद के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के शपथ ग्रहण के साथ ही शनिवार को शहर की नई सरकार का गठन हो जाएगा। स्थानीय एसडीओ कार्यालय परिसर में सुबह 10 बजे से शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया है। जिसके लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस समारोह के साथ ही पिछले तीन वर्षों से नगर परिषद में चल रहा प्रशासक राज समाप्त हो जाएगा और शहर के विकास की कमान जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों के हाथों में होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित सबसे पहले नवनिर्वाचित अध्यक्षा शकुंतला उरांव को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगी। इसके पश्चात संबंधित निर्वाची पदाधिकारी सभी वार्ड पार्षदों को शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। उपाध्यक्ष की तस्वीर साफ होते ही अध्यक्षा दोपहर 4 बजे तक उन्हें पद की शपथ दिलाएंगी। इस पूरी प्रक्रिया के संपन्न होते ही अगले पांच वर्षों के लिए नगर परिषद का नया कार्यकाल आधिकारिक रूप से शुरू हो जाएगा। नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के स्वागत के लिए नगर परिषद पूरी तरह तैयार है। पुराने भवन के ठीक पीछे 23 लाख की लागत से नया भवन निर्मित किया गया है। जहां अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और पार्षदों के बैठने की व्यवस्था की गई है। तीन कमरों वाले इस नए कार्यालय में बीच का कमरा अध्यक्षा के लिए और पहला कमरा उपाध्यक्ष के चेंबर के रूप में आरक्षित है। इन कमरों में टीवी, सोफा सेट और हाई-स्पीड वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं। अंतिम कमरा वार्ड पार्षदों के बैठने के लिए बनाया गया है। जिसमें आरामदायक सोफे लगाए गए हैं। बाहर वेटिंग एरिया और बरामदा भी तैयार है। शकुंतला उरांव 2008 के चुनाव में वार्ड पार्षद के रूप में चुनाव लड़ना चाहती थी। किंतु चुनाव नहीं लड़ सकी। लिहाजा 2013 के चुनाव में निर्दलीय और 2018 के चुनाव में भाजपा से बगावत कर मैदान में उतरी। पर किस्मत ने साथ नहीं दिया। इस बार बीजेपी का समर्थन और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता का परिणाम है कि शहर की सरकार की वह पहली महिला अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुई है। शकुंतला का मानना है कि सभी के सहयोग से वह निष्पक्ष और पारदर्शिता के साथ विकास की नई गाथा लिखेगी। समस्याएं जो हो, उनका निदान प्राथमिकता होगी। 23 लाख से बने नए भवन में हाई-टेक सुविधाएं
बच्चों ने ली शपथ: माता-पिता को बिना हेलमेट घर से नहीं निकलने देंगे
भास्कर न्यूज|गुमला भविष्य की पीढ़ी को जागरूक कर अभिभावकों के व्यवहार में बदलाव लाने के उद्देश्य से जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज राजकियकृत उच्च मध्य विद्यालय,अरमई में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अभियान के दौरान डीटीओ ने कक्षा 4 से 8 तक के बच्चों को सड़क दुर्घटनाओं की वास्तविक वीडियो फुटेज दिखाई। सीसीटीवी कैमरों में कैद उन भयावह दृश्यों को देखकर बच्चे सिहर उठे। इस दौरान उन्हें समझाया गया कि कैसे महज एक सेकंेड की लापरवाही खुशहाल परिवारों को तबाह कर देती है। तकनीकी बारीकियों को साझा करते हुए बताया गया कि सड़क हादसों में होने वाली अधिकांश मौतों का मुख्य कारण सिर की चोट है, जिससे एक मानक हेलमेट आसानी से बचा सकता है। कार्यक्रम में डीटीओ ने कहा जब घर के बड़े खुद हेलमेट नहीं पहनते, तो वे बच्चों से नियमों के पालन की उम्मीद कैसे कर सकते हैं। माता-पिता ही बच्चों के पहले शिक्षक होते हैं। अगर वे खुद हेलमेट पहनकर गाड़ी चलाएंगे, तो आने वाली पीढ़ी इसे संस्कार के रूप में अपनाएगी। प्रशासन की इस इमोशनल अपील का बच्चों पर गहरा असर दिखा। कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं ने सामूहिक शपथ ली कि वे अपने माता-पिता को तब तक गाड़ी की चाबी नहीं देंगे या घर से बाहर नहीं जाने देंगे, जब तक वे हेलमेट या सीट बेल्ट न लगा लें। वाहन चलाते समय यदि परिजन तेज रफ्तार में होंगे, तो बच्चे उन्हें तुरंत टोकेंगे। वे अपने आसपास के लोगों को ''धीमी गति'' और ''सुरक्षित सफर'' के लिए प्रेरित करेंगे। डीटीओ ज्ञान शंकर जायसवाल ने बताया कि प्रशासन केवल स्कूलों तक सीमित नहीं है।गुमला के सभी प्रमुख चौक-चौराहों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) सक्रिय कर दिए गए हैं। इन लाउडस्पीकरों के माध्यम से लगातार लोगों को यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता और तेज रफ्तार के खतरों के प्रति सचेत किया जा रहा है। आपकी जान अनमोल है। इसे सड़क पर लापरवाही की भेंट न चढ़ाएं। सुरक्षित चलें, सुरक्षित रहें। उन्होंने कहा कि अगर वाहन चाल ट्राफिक नियमों का पालन करें, तो काफी हद तक सड़क दुर्घटना में नियंत्रण हो सकता है। जल्दबाजी के च चक्कर में लोग तेज रफ्तार से वाहन चलाते, जो ठी क नहीं है। सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ज्ञान शंकर जायसवाल एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो सड़क सुरक्षा के टीम शामिल थे। चौक चौराहों पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा : डीटीओ
डुमरी में कृषि मेला और उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया
डुमरी |डुमरी प्रखंड मुख्यालय परिसर में शुक्रवार को आत्मा कृषि मेला सह उत्पाद प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रमुख जीवंती एक्का तथा विशिष्ट अतिथियों जिला कृषि पदाधिकारी शशि रंजन, जिला उद्यान पदा नीमन, बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी, चैनपुर जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने दीप प्रज्वलित कर किया। प्रमुख जीवंती एक्का ने कहा कि कृषि और उद्यान विभाग किसानों को खेती से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल तरीके से दे रहा है। किसानों को प्रशिक्षण का लाभ लेकर खेती को बढ़ावा देना चाहिए, ताकि उत्पादन बढ़ सके। उन्होंने कहा कि जब तक किसान जागरूक नहीं होंगे, तब तक कृषि विभाग के प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो पाएंगे। बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी ने कहा कि डुमरी प्रखंड को भविष्य में मशरूम और जिराफुल धान उत्पादन का हब बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए किसानों को कृषि प्रशिक्षण और बिरसा कूप योजना का लाभ उठाने की आवश्यकता है। आगे कहा कि कृषि विभाग डुमरी, जारी और चैनपुर क्षेत्र के किसानों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक मृत्युंजय ने फसलों में होने वाले रोगों और उनके बचाव की जानकारी दी। बाद में अतिथियों ने उत्पाद प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और किसानों को कृषि यंत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर कई ग्रामीण उपस्थित थे। मौके पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप मिंज, जारी कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष जोय कुजूर, चैनपुर उपप्रमुख प्रमोद खलखो, प्रदीप कुजूर, अलोक सुमित केरकेट्टा, नजरुल हक, फ़िरासत अली आदि थे।
जिस घर में मां का सम्मान, वहां खुशहाली होती है : भरत
भास्कर न्यूज| सिमडेगा एकल नारी शक्ति संगठन के द्वारा डाक बंगला परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एकल नारी उपस्थित थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में एकल महिलाओं के संघर्ष, आत्मसम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि समाजसेवी भरत प्रसाद तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी अगुस्टिना सोरेंग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं के स्वागत और उनके सम्मान के साथ की गई। भरत प्रसाद ने कहा कि इस सृष्टि को संभालने और आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा दायित्व एक माँ निभाती है। एक माँ केवल बच्चे को जन्म ही नहीं देती बल्कि पूरे परिवार को संस्कार, प्रेम और अनुशासन के साथ जोड़कर रखती है। उन्होंने कहा कि जिस घर में माँ का सम्मान होता है, वह घर हमेशा खुशहाल और समृद्ध रहता है। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसी महिलाएं हैं जो जीवन की कठिन परिस्थितियों के कारण अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं। एकल नारी अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, घर संभालती हैं और समाज में अपने संघर्ष के बल पर आगे बढ़ती हैं।समाज का कर्तव्य है कि वह उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए आगे आए। विशिष्ट अतिथि अगुस्टिना सोरेंग ने कहा कि महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसर की बात करने का दिन है। उन्होंने कहा कि एकल नारियां समाज की मजबूत शक्ति हैं और उनके संघर्ष को सम्मान मिलना चाहिए। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही समाज में महिला सम्मान और अधिकारों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
होम गार्ड जवान पर हमला करने वाले दो अभियुक्तों को भेजा जेल
गिरिडीह|मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के सीसीएल बनियाडीह में सुरक्षा में तैनात होमगार्ड जवानों पर 10 मार्च को जानलेवा हमला करने वाले दो कोयला चोरी के आरोपी मोनू अंसारी और सोनू अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर शुक्रवार को जेल भेज दिया है। थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो ने बताया कि रात्री साइडिंग प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास गार्ड रूम के पास चानक में उपर चढ़कर इन अपराधियों ने साइडिंग फेंस तोड़ते हुए चाकू, गुप्ती और डंडा लेकर सुरक्षा गार्ड बिरजू भुईयां पर हमला कर दिया था। हमले में अन्य होमगार्ड जवान सुनील कुमार और मनोज कुमार अग्रवाल भी गंभीर रूप से जख्मी हुए। नकुल नायक ने आरोपियों के खिलाफ आवेदन दिया था। गंभीरता को देखते हुए कांड दर्ज कर छापेमारी की कार्रवाई की।
विश्व ग्लूकोमा सप्ताह पर जागरूकता रैली आंखों की नियमित जांच कराने की अपील
गिरिडीह | विश्व ग्लूकोमा सप्ताह के तहत शुक्रवार को सदर अस्पताल से एक जागरूकता रैली निकाली गई। रैली का उद्देश्य लोगों को ग्लूकोमा जैसी गंभीर आंखों की बीमारी के प्रति जागरूक करना था। रैली को सदर अस्पताल परिसर से डीपीएम नीरज कुमार, डीएस प्रदीप बैठा और डॉ. सुनील कुमार ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली सदर अस्पताल से निकलकर शहर के टावर चौक, कालीबाड़ी चौक, मगतपुर चौक होते हुए पुनः सदर अस्पताल परिसर में आकर समाप्त हुई। रैली के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और प्रशिक्षुओं ने लोगों को ग्लूकोमा के लक्षण, बचाव और समय पर इलाज के बारे में जानकारी दी। रैली के दौरान लोगों को बताया गया कि ग्लूकोमा एक गंभीर नेत्र रोग है, जिसमें धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होने लगती है। कई मामलों में मरीज को आंखों के सामने इंद्रधनुष जैसे रंग दिखाई देने लगते हैं और आंखों में दर्द भी हो सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि यदि यह बीमारी एक बार बढ़ जाती है, तो खोई हुई रोशनी वापस आने की संभावना बहुत कम हो जाती है। इसलिए समय रहते जांच और उपचार बेहद जरूरी है।नेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि ग्लूकोमा को “साइलेंट विजन थिफ” भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके लक्षण शुरुआती अवस्था में स्पष्ट नहीं होते। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 40 वर्ष की आयु के बाद सभी को नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए, ताकि इस बीमारी का समय पर पता लगाया जा सके और उचित उपचार किया जा सके। आंखों की नियमित जांच, संतुलित जीवनशैली और समय पर उपचार से ग्लूकोमा से होने वाले अंधत्व को काफी हद तक रोका जा सकता है।रैली में नेत्र पदाधिकारी सुरेश कुमार, नेत्र सहायक अमरनाथ पंजीआर, कैलाश कुमार, प्रवीण कुमार, हिमांशु कुमार, मुकेश कुमार तथा एएनएम स्कूल के प्रशिक्षु सहित कई आदि थे।
सरिया बीडीओ ने गैस एजेंसी के गोदाम और स्टॉक पंजी का िकया निरीक्षण
भास्कर न्यूज | बड़की सरिया देशभर में घरेलू गैस सिलेंडर की हो रही किल्लत और सरकार द्वारा लागू किए गए नए ओटीपी सिस्टम से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी के मद्देनजर सरिया के ओम शक्ति गैस एजेंसी के गोदाम का निरीक्षण किया गया। शुक्रवार को सरिया बीडीओ ललित नारायण तिवारी गोदाम पहुंचे और गैस स्टॉक तथा पंजी की जांच-पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान बीडीओ ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर घरेलू गैस के स्टॉक की जांच की गई है। इस दौरान एजेंसी संचालक से गैस की उपलब्धता और आपूर्ति के संबंध में भी जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए गैस वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। इसी के तहत मोबाइल ओटीपी सिस्टम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से 25 दिनों के भीतर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उनके घर तक उपलब्ध कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान गोदाम और गैस स्टॉक पंजी सही पाई गई। बीडीओ ने एजेंसी संचालक को कुछ आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, जिनका पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि घरेलू गैस का उपयोग किसी भी परिस्थिति में होटल या रेस्टोरेंट में नहीं किया जाना चाहिए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किसी भी परिस्थिति में होटल या रेस्टोरेंट में नहीं किया जाना चाहिए। यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही दिया जाए और वितरण में पारदर्शिता बनाए रखी जाए। गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही लेना होगा। मौके पर प्रखंड कर्मी संजय कुमार वर्णवाल, गैस एजेंसी संचालक श्रीराम उपवेजा, कुलदीप कुमार समेत अन्य लोग मौजूद थे।
घाघरा साइंस कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित
बगोदर | घाघरा साइंस कॉलेज, बगोदर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में 10 मार्च से 13 मार्च तक आयोजित साप्ताहिक कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को हुआ। कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के आइक्यूएसी व सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सीएचसी बगोदर की डॉक्टर हेमंती महतो तथा सशक्त महिला संस्थान की सचिव व वनवासी विकास आश्रम की पूर्व सचिव पुष्पा शक्ति उपस्थित रहीं। इस साप्ताहिक कार्यक्रम के दौरान छात्रों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें क्विज, पोस्टर मेकिंग, वाद-विवाद, नृत्य तथा भाषण प्रतियोगिता शामिल थीं।
दो कुंडीय गायत्री महायज्ञ व प्रतिमा विसर्जन के साथ मां मथुरासिनी पूजनोत्सव का समापन
भास्कर न्यूज |गिरिडीह माहुरी वैश्य महामंडल के तत्वावधान में माहुरी वैश्य मंडल, माहुरी वैश्य महिला मंडल तथा माहुरी नवयुवक समिति, लेदा द्वारा आयोजित कुलदेवी मां मथुरासिनी पूजनोत्सव का समापन गुरुवार देर शाम दो कुंडीय गायत्री महायज्ञ और प्रतिमा विसर्जन के साथ श्रद्धा व भक्ति भाव के वातावरण में संपन्न हो गया। कार्यक्रम में समाज के बड़ी संख्या में महिला-पुरुष, युवक-युवतियां और बच्चों ने भाग लिया।पूजनोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने परिवारों के सुखमय, स्वस्थ और समृद्ध जीवन की कामना करते हुए अपने हाथों से यज्ञ में आहुतियां दीं। कुलदेवी मां मथुरासिनी के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। यज्ञ के दौरान समाज, राष्ट्र और जनकल्याण के लिए गायत्री महामंत्र सहित विभिन्न वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां समर्पित की गईं। पूजन व यज्ञ का संचालन पंडित संतोष पांडेय ने कराया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सामूहिक मंत्रजाप करवाते हुए विश्व में चल रही विघटनकारी शक्तियों से रक्षा और भारत के सुख, समृद्धि एवं उन्नति की कामना की। इसके बाद सामूहिक रूप से मां मथुरासिनी तथा मां दुर्गा की आरती की गई। श्रद्धालुओं ने मां से प्रार्थना की कि सभी का जीवन सुखी और समृद्ध हो, सबका भविष्य उज्ज्वल बने तथा समाज में सद्बुद्धि और सद्भावना बनी रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाज के सभी सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। प्रतिमा विसर्जन के दौरान माहुरी वैश्य महामंडल के अंतरंग सदस्य राजेश कुमार राम, स्थानीय मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र कुमार, अशोक कुमार, सुरेश कुमार, राम लखन राम, दीपक कुमार गुप्ता, अभय कुमार, विवेक कुमार, मथुरासिनी पूजा समिति के अध्यक्ष सह मुख्य यजमान निरंजन कुमार राम सपत्नीक, मंत्री संजय कुमार, कोषाध्यक्ष सह अंतरंग समिति सदस्य राजेश कुमार राम, मनोहर राम, जगन्नाथ राम, अमित कुमार, सुजीत कुमार, दीपक कुमार सहित अन्य कई लोग उपस्थित थे।
फर्जी कागजात बनाकर जमीन कब्जा करने का आरोप
गिरिडीह|धनवार प्रखंड अंतर्गत घोडथंभा ओपी थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत डुमरडीहा के मौजा धमला सरकवाटांड़ में सीएनटी जमीन पर कुछ भूमाफिया द्वारा कब्जा का मामला सामने आया है। रामदेव प्रसाद ने शुक्रवार को उपायुक्त को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है। रामदेव प्रसाद ने बताया कि मौजा धमला सरकवाटांड़ में 10 डीसमिल खरीदी हुई है। म्यूटेशन और मालगुजारी रसीद भी लगातार कट रही है। जबकि गलवाती गांव के कुछ लोग फर्जी कागजात बनाकर उसकी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं। शुक्रवार को उपायुक्त से मिलकर आवेदन दिया और भू-माफियों पर शीघ्र कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
महुआ के लिए जल रहे जंगल-पहाड़:हर गर्मी दावानल से झुलस रही छत्तीसगढ़ की हरियाली
यह तस्वीर बलरामपुर जिले के लमना चोटिया गांव के पास की है, जहां बिलासपुर-अंबिकापुर मार्ग के आसपास पहाड़ियों पर महुआ बीनने के लिए जंगल में आग लगाई गई थी। महुआ के फूल साफ दिखें, इसलिए सूखी पत्तियां जलाए जाते हैं। इसके चलते हर साल जंगलों को भारी नुकसान पहुंचता है। वन विभाग और सैटेलाइट मॉनिटरिंग के आंकड़ों के अनुसार गर्मियों में छत्तीसगढ़ में हर साल हजारों ऐसी घटनाएं दर्ज होती हैं। इससे जंगल की हरियाली, छोटे जीव-जंतु और जैव विविधता पर गंभीर असर पड़ता है। बलरामपुर सहित सरगुजा संभाग के कई पहाड़ी इलाकों में हर साल ऐसी आग से बड़े क्षेत्र प्रभावित होते हैं। मार्च से मई में बढ़ जाती हैं घटनाएं: जंगल में आग के अधिकांश मामले मार्च से मई के बीच सामने आते हैं। छत्तीसगढ़ में हर साल औसतन 2000–2500 दावानल के मामले दर्ज होते हैं, जिनमें अधिकांश आग मानव गतिविधियों से लगती है। प्रदेश में इस साल अब तक 205 स्थानों पर फायर अलर्ट दर्ज हो चुका है।
बांग्लादेश में ईंधन भेजने का निर्णय गलत : आफताब अंसारी
गढ़वा| झारखंड मुक्ति मोर्चा के अल्पसंख्यक जिला उपाध्यक्ष आफताब अंसारी ने भारत सरकार के उस फैसले पर कड़ा विरोध जताया है। जिसमें ईरान-इजराइल युद्ध के कारण उत्पन्न वैश्विक तेल संकट के बीच पड़ोसी देश बांग्लादेश को 5000 टन ईंधन देने का निर्णय लिया गया है। आफताब अंसारी ने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार का यह कदम देश के हितों को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं आम जनता को ईंधन संकट व महंगाई के भंवर में धकेल रहा है। आफताब अंसारी ने कहा है कि ईरान-इजराइल युद्ध के कारण विश्व बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें पहले से ही बढ़ रही हैं। वहीं आम नागरिक तेल के संकट का सामना कर रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर लेने के लिए लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। रेस्टोरेंट, होटल एलपीजी की कमी से बंद हो गए हैं। देश में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार पड़ोसी बांग्लादेश को 5000 टन ईंधन देकर देश को संकट में डाल रही है। क्या सरकार को देश की जनता की चिंता नहीं है। केंद्र सरकार पहले अपनी जनता की जरूरतें पूरी करें।।फिर विदेशी सहायता की बात करें। उन्होंने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है।
ईंधन की निर्बाध आपूर्ति, कालाबाजारी शिकायत की नहीं मिलनी चाहिए
भास्कर न्यूज | गढ़वा सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के नियमित साप्ताहिक कार्यक्रम कॉफी विद एसडीएम के तहत क्षेत्र के पेट्रोल पंप संचालकों एवं एलपीजी वितरकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा कालाबाजारी, अधिक मूल्य वसूली एवं कृत्रिम अभाव जैसी अनियमितताओं पर सख्त नियंत्रण के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए गए। पेट्रोल डीजल और रसोई गैस आपूर्ति के विषय को आमजन से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील मुद्दा बताते हुए एसडीएम ने बैठक में सभी संचालकों को निर्देशित किया गया कि वे उपलब्ध भंडार के अनुसार नियमित एवं पारदर्शी ढंग से बिक्री सुनिश्चित करें तथा किसी भी परिस्थिति में कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने, आपूर्ति रोकने अथवा उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से वापस करने जैसी स्थिति उत्पन्न न होने दें। सभी पेट्रोल पंप संचालकों एवं एलपीजी वितरकों को अपने प्रतिष्ठानों पर दैनिक भंडार एवं बिक्री का अद्यतन अभिलेख संधारित रखने का निर्देश दिया गया। वहीं बताया गया कि गठित जांच दल द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण किया जाएगा। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी की बिक्री केवल निर्धारित दरों पर ही की जाए। किसी भी प्रकार की अधिक मूल्य वसूली, कालाबाजारी, अवैध भंडारण अथवा घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की स्थिति पाए जाने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। अनुमंडल पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पेट्रोल एवं डीजल की बिक्री प्लास्टिक बोतल, गैलन अथवा ऐसे असुरक्षित कंटेनरों में न की जाए तथा सामान्यतः ईंधन की आपूर्ति केवल वाहनों के ईंधन टैंक में ही की जाए। ताकि अवैध भंडारण एवं संभावित दुर्घटनाओं की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि पेट्रोल पंप संचालक विशेष परिस्थिति में अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करते हुए कृषि कार्य, जनरेटर उपयोग एवं ऐसे ही जरूरत से जुड़े उपभोक्ताओं को तेल सीमित मात्रा में कंटेनर में दिया जा सकता है। किंतु ये कंटेनर प्लास्टिक के नहीं हों। उक्त आपूर्ति किसी रीसेल के लिए न हो। बुकिंग हेतु नंबर एवं शिकायत हेल्पलाइन प्रदर्शित करने का निर्देश: सभी पेट्रोल पंप एवं एलपीजी एजेंसियों को अपने प्रतिष्ठानों पर निर्धारित दर सूची के अलावा एलपीजी बुकिंग के लिए कंपनी का मोबाइल/ व्हाट्सएप नंबर एवं शिकायत से संबंधित पेट्रोलियम कंपनी का केंद्रीय हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा शिकायतों का यथासंभव त्वरित निवारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
पूर्व मंत्री कानून से खिलवाड़ कर रहे, प्राथमिकी दर्ज की कार्रवाई होनी चाहिए
भास्कर न्यूज | गढ़वा जिला मुख्यालय स्थित दिव्य कमल हॉस्पिटल को प्रशासन की ओर से सील किए जाने के बाद पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर द्वारा उक्त अस्पताल की ताला खुलवाकर अस्पताल को चालू कराने पर गढ़वा विधायक ने आपत्ति जताया है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना कानून के साथ खिलवाड़ है। सदर एसडीओ संजय कुमार ने अनियमितताओं और आवश्यक दस्तावेजों की कमी के आधार पर दिव्य कमल हॉस्पिटल को सील करने का आदेश जारी किया था। प्रशासनिक निर्देशों का पालन करते हुए अस्पताल परिसर में ताला जड़ दिया गया था। लेकिन पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर अपने समर्थकों के साथ अस्पताल पहुंचे और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना करते हुए अस्पताल का ताला खुलवा दिया और उसे दोबारा चालू करा दिया। विधायक ने कहा कि मामले में जिला प्रशासन को सख्त रुख अपनाना चाहिए। विधायक ने जिले के उपायुक्त से पूर्व मंत्री पर अविलंब केस दर्ज करने की मांग किया है। ताकि जनता के बीच प्रशासन की निष्पक्षता का संदेश जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि को कानून और प्रशासनिक प्रक्रिया से ऊपर होने का अधिकार नहीं है। यदि जांच के बाद कार्रवाई हुई है, तो उसे चुनौती देना अधिकारियों के मनोबल को गिराना है। उन्होंने पूर्व मंत्री पर गुंडागर्दी करने और गलत लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी घटनाओं पर रोक नहीं लगी, तो जिले की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाएगी। कानून सबके लिए बराबर है। राजनीतिक प्रभाव के आधार पर नियमों को ताक पर रखने की अनुमति किसी को नहीं दी जा सकती।
सील अस्पताल खोलना कानून का अपमान
गढ़वा| भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी रितेश चौबे ने पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर निशाना साधते हुए झामुमो सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गढ़वा में प्रशासन द्वारा सील किए गए अस्पताल को जबरन खोलकर पूर्व मंत्री ने सत्ता के अहंकार और झामुमो के कथित गुंडाराज को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यदि यही काम कोई आम व्यक्ति करता तो प्रशासन तत्काल कठोर कार्रवाई करता, लेकिन सत्तारूढ़ दल के नेता के सामने शासन-प्रशासन मौन नजर आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो के नेता खुद को कानून और संविधान से ऊपर समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जांच के बाद अस्पताल को सील किया था, ऐसे में किसी भी व्यक्ति द्वारा उसे तोड़कर खोलना गंभीर मामला है। यह भारतीय कानून और संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार में गुंडाराज और माफियाराज बढ़ता जा रहा है, जिससे शासन-प्रशासन से लेकर आम जनता तक परेशान है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। जब प्रशासन ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेगी।
नौकरी के नाम पर महिला से 1.9 लाख की ठगी, डीसी से शिकायत
भास्कर न्यूज | गढ़वा उपायुक्त दिनेश यादव की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे फरियादियों की समस्याओं को क्रमवार सुनी। वहीं शीघ्र समाधान के लिए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। जनसुनवाई में राशन, पेंशन, भूमि विवाद, अवैध कब्जा, आवास, मुआवजा, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, अतिक्रमण, रोजगार सृजन, बकाया मजदूरी भुगतान सहित 70 आवेदन प्राप्त हुआ। उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जनसुनवाई के दौरान भंडरिया प्रखंड के नौका गांव निवासी सत्येंद्र गोस्वामी ने आवेदन देकर बताया कि उनके पिता ने एक एकड़ जमीन कोर्ट के माध्यम से मेरे व पत्नी के नाम पर बिक्रीनामा कर दिया था। किंतु बड़े भाई उक्त जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। म्यूटेशन के दौरान खाता व प्लॉट संख्या में त्रुटि के कारण आवेदन निरस्त कर दिया गया है। अंचल कार्यालय के राजस्व कर्मचारी द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। उन्होंने उपायुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए म्यूटेशन की अनुमति दिलाने का अनुरोध किया। इसी क्रम में भंडरिया प्रखंड के पिपरा गांव निवासी आशा कुमारी तिग्गा ने बताया कि वह तलाकशुदा महिला हैं और अपने मायके की जमीन पर घर बनाकर रह रही थीं, किंतु उनके पूर्व पति एवं बच्चों द्वारा उनके घर का ताला तोड़कर दूसरा ताला लगा दिया गया और उन्हें घर से बेघर कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित लोग जमीन पर एग्रीमेंट होने का दावा कर रहे हैं, जबकि उनका घर उस जमीन पर नहीं बना है। साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। उन्होंने उपायुक्त से निष्पक्ष जांच कराकर उन्हें उनका घर वापस दिलाने की मांग की। चिनियां प्रखंड के हेताड़कला गांव निवासी सकल देवी ने आवेदन देकर बताया कि सी.एल.एफ. मैनेजर की बहाली के नाम पर उनसे फोन के माध्यम से एक लाख नब्बे हजार रुपये और नगद छह हजार रुपये लिए गए और बाद में पांच हजार रुपये की अतिरिक्त मांग की गई। उक्त राशि नहीं देने पर उनके स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कर दी गई। उन्होंने उपायुक्त से इस मामले की जांच कराते हुए संबंधित अधिकारियों के माध्यम से उनकी राशि वापस दिलाने की मांग की। मेराल प्रखंड के भंडार गांव निवासी शीला देवी ने शिकायत करते हुए बताया कि उनकी रैयती जमीन पर दबंग व्यक्तियों द्वारा रात के समय पीएम आवास के पिलर को तोड़ दिया गया तथा आगजनी की घटना को भी अंजाम दिया गया। अंचल अधिकारी द्वारा दोनों पक्षों को रास्ता निर्माण के संबंध में पत्र जारी किए जाने के बावजूद भी अवैध रूप से आवागमन जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार के साथ मारपीट, गाली-गलौज एवं महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं हो रही हैं। साथ ही उनके पति को थाने में बंद कर पूरे परिवार पर धाराएं लगा दी गई हैं। उन्होंने उपायुक्त से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए न्याय दिलाने की मांग की।
बेटियों के बिना समाज में संतुलन नहीं : सीएस
भास्कर न्यूज | गढ़वा जिले में स्वास्थ्य विभाग ने ‘सेभ द गर्ल चाइल्ड’ अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम शुरू किया है। इसके अंतर्गत जिले के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेटियों के महत्व के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव जाकर लोगों को कन्या भ्रूण हत्या के दुष्परिणाम और बेटियों के संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जानकारी दे रही है। अभियान के तहत कई स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जा रहा है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से कलाकारों द्वारा बेटियों के महत्व, समाज में उनकी भूमिका तथा भ्रूण हत्या के दुष्परिणाम को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि आमजन आसानी से इस संदेश को समझ सकें। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मी लोगों को यह भी बता रहे हैं कि बेटियां समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके बिना समाज का संतुलन बिगड़ सकता है। सिविल सर्जन डा. जान एफ केनेडी ने बताया कि सेब द गर्ल चाइल्ड अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक के माध्यम से 9 से 14 मार्च तक विशेष जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लिंग अनुपात में लगातार कमी देखी जा रही है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लोगों को इस गंभीर समस्या को समझने और इसके प्रति सजग होने की जरूरत है। बेटियों को बचाना और उन्हें समान अवसर देना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना है, ताकि कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथा पर रोक लगाई जा सके और समाज में बेटियों को सम्मान व सुरक्षा मिल सके। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और बेटियों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की भी जानकारी दे रही है। सिविल सर्जन ने लोगों से अपील करते हुए कहा भ्रूण हत्या रोकने के लिए कि स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी जागरूक कर समाज को सशक्त बनाएं।
पूर्व मंत्री को श्री राम कथा में शामिल होने का दिया निमंत्रण
भास्कर न्यूज | गढ़वा श्री राम कथा आयोजन समिति के अध्यक्ष चन्दन जायसवाल के नेतृत्व में समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर से मुलाकात कर उन्हें 19 मार्च से आयोजित श्री राम कथा कार्यक्रम में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण दिया। यह मुलाकात सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई। जिसमें राम कथा के आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के अध्यक्ष चन्दन जायसवाल ने कहा कि गढ़वा शहर में धार्मिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री राम कथा का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर को कार्यक्रम की तिथि, स्थान और आयोजन की रूपरेखा की जानकारी देते हुए उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए कहा कि श्री राम कथा जैसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण का निर्माण होता है। उन्होंने आयोजन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन भी दिया। समिति के सदस्यों ने बताया कि श्री राम कथा के आयोजन की तैयारियां तेजी से की जा रही हैं।

