यमुनानगर जिले में गांव भूरे का माजरा फायरिंग केस में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पूर्व सरपंच के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में शामिल एक बदमाश को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। दोनों तरफ से करीब 15 राउंड फायरिंग हुई, जिसे सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी है। आरोपी की पहचान पानीपत के गोयल खुर्द गांव निवासी अमन के रूप में हुई है। यह बदमाश गैंगस्टर काला राणा व नोनी राणा नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है और हाल ही में हुई फायरिंग वारदात में सक्रिय भूमिका में था। फिर से वारदात को अंजाम देने की फिराक में था पुलिस के अनुसार, थाना छप्पर क्षेत्र में कुलपुर फाटक के पास मंगलवार की रात करीब 10 बजे किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था। इसी दौरान संदिग्ध युवक की लोकेशन मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। आरोपी को कुलपुर गांव के पास सीआईए-2 और थाना छप्पर पुलिस टीम ने घेर लिया। पुलिस को देख आरोपी ने पल्सर बाइक से भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई। दोनों तरफ से करीब 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल मुठभेड़ के दौरान आरोपी अमन के बाएं पैर में गोली लगी, जिससे वह मौके पर गिर गया। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। आरोपी के कब्जे से एक बाइक, अवैध हथियार और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। इस दौरान एक गोली एसआई रोहन के बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी लगी, जिससे वह बाल-बाल बच गए। घायल आरोपी को तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं सूचना मिलते ही डीएसपी रजत गुलिया भूरे का माजरा फायरिंग केस से जुड़ा आरोपी पुलिस जांच में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी अमन पानीपत के गोयल खुर्द गांव का रहने वाला है और गैंगस्टर नोनी राणा गैंग का सक्रिय सदस्य है। वह हाल ही में रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच ऋषिपाल के घर पर 25-26 अप्रैल की रात हुई 16-17 राउंड फायरिंग में शामिल था। इस फायरिंग में बदमाशों ने बंद पड़े मकान पर अंधाधुंध गोलियां चलाई थीं और सामने रहने वाले साले अंकित पर भी फायरिंग की थी, हालांकि वह बच गया था। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी। इस मामले में अंकित ने नोनी राणा गैंग की भूमिका होने का शक जाहिर किया था। गैंग कनेक्शन की जांच तेज डीएसपी रजत गुलिया के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी अमन एक और वारदात को अंजाम देने की फिराक में है। इसी इनपुट के आधार पर जिले में सीलिंग प्लान लागू कर नाकाबंदी की गई थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह पहले भी कई वारदातों में शामिल रहा है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है, जिससे इस पूरे गैंग नेटवर्क और अन्य आरोपियों के बारे में अहम खुलासे होने की उम्मीद है। ठगी और गैंगवार से जुड़ सकता है मामला गौरतलब है कि जिस पूर्व सरपंच के घर पर फायरिंग हुई थी, वह पहले से ही ठगी के एक बड़े मामले में फरार चल रहा है। ऐसे में पुलिस इस पूरी वारदात को आपसी रंजिश, रंगदारी और गैंगवार से जोड़कर भी जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज व पूछताछ के आधार पर पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसे व्यक्ति को ज़मानत दी जिस पर अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर यह पोस्ट करने का आरोप था कि वह आई लव मोहम्मद के लिए अपना सिर कटवा भी सकता है और दूसरों का सिर काट भी सकता है। जस्टिस राजीव लोचन शुक्ला की बेंच ने यह टिप्पणी की कि आवेदक द्वारा की गई 'कथित आपत्तिजनक' पोस्ट में किसी खास जाति या समुदाय का नाम नहीं लिया गया। आरोपी-नदीम मुजफ्फरनगर ज़िले का रहने वाला है। उस पर पिछले साल यूपी पुलिस ने उसकी इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल पर कथित तौर पर संवेदनशील टिप्पणियां करने के आरोप में बीएनएस की धारा 353(2), 192, और 152 के तहत मामला दर्ज किया। आपराधिक इतिहास नहीं, मुकदमा पूरा होने वाला ज़मानत याचिका पर उसके वकील ने हाईकोर्ट में यह दलील दी कि अब चार्जशीट भी दाखिल कर दी गई और निकट भविष्य में मुक़दमे के पूरा होने की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि आवेदक का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। दूसरी ओर, ज़मानत की अर्जी का विरोध करते हुए राज्य सरकार के सरकारी वकील ने यह दलील दी कि उसने असंवेदनशील टिप्पणी पोस्ट की थी, जिसमें कहा गया था: आई लव मोहम्मद के लिए गर्दन कटवा भी सकते हैं और काट भी सकते हैं। बरेली में दंगे भड़के थे तर्क दिया गया कि इस तरह के आपत्तिजनक नारे के कारण बरेली ज़िले में बड़े पैमाने पर दंगे भड़क उठे थे, जिसके परिणामस्वरूप संपत्ति को गंभीर नुकसान पहुंचा था। आगे यह भी तर्क दिया गया कि असामाजिक तत्वों के कारण कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो गई, जिन्हें इस तरह के नारों से उकसाया गया। हालांकि, सरकारी वकील ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उक्त मामला बरेली ज़िले से संबंधित है, और उसमें जिस आरोपी नदीम खान का ज़िक्र है, वह यह आवेदक नहीं है। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए जांच के दौरान इकट्ठा की गई सामग्री, आवेदक को सौंपी गई भूमिका और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि आवेदक 7 अक्टूबर, 2025 से जेल में है और उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, कोर्ट ने उसे ज़मानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
ग्वालियर शहर के बड़ा गांव खुरैरी इलाके में मंगलवार रात 11 बजे दो परिवारों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। मामूली बात से शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कि पाल परिवार के लोगों ने राइफल से अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस गोलीबारी में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसकी पत्नी और बेटा गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। घूरकर देखने पर हुआ विवाद, फिर चलने लगीं गोलियांमृतक रमेश उर्फ पप्पू कुशवाह निवासी खुरैरी, मूल रूप से भिंड का रहने वाला था। मंगलवार रात जब पप्पू बाजार से अपने घर लौट रहा था, तभी आरोपी पक्ष के घर के सामने 'घूरकर देखने' की बात पर कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव शुरू हो गया। दोनों पक्ष से कई लोग झगड़े में शामिल हो गए। काफी देर तक मारपीट के बाद इसी बीच आरोपी अनार सिंह, सुखवीर, रामू और राजपाल ने राइफल निकाल ली और छत पर चढ़कर फायरिंग शुरू कर दी। परिवार के सामने ही दम तोड़ागोली चलते ही रमेश उर्फ पप्पू कुशवाह घर की तरफ भागा, लेकिन दरवाजे पर ही उसे गोली लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बचाव करने आए पप्पू की पत्नी पुष्पा और उसके बेटे भी घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। 5 साल पुरानी रंजिश और 'भिंड कनेक्शन'पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ही परिवार मूल रूप से भिंड के रहने वाले हैं। करीब 5 साल पहले दोनों परिवारों ने बड़ा गांव खुरैरी में अपने मकान बनाए थे। पड़ोस में रहने के बावजूद इनके बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी, जो मंगलवार रात मौत के तांडव में बदल गई। इलाके में तनाव, फोर्स तैनातफायरिंग के बाद बड़ा गांव खुरैरी में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों को शांत करने के लिए पुलिस ने भारी फोर्स तैनात कर दिया है। आरोपी वारदात के बाद से फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का कहनाइस मामले में मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल का कहनापुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई है। एक व्यक्ति की मौत हुई है और तीन घायल हैं। आरोपियों की पहचान हो गई है, उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज पाक्सो मामले के प्रथम सूचना दाता आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने वर्ष 2013 में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा खोली गई अपनी हिस्ट्रीशीट को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की है। आशुतोष महाराज ने स्वयं अदालत में पेश होकर कहा कि उनके खिलाफ शामली जिले के कांधला थाने में हिस्ट्रीशीट खोली गई। याचिका में उनका कहना है कि जिन आपराधिक मामलों का हवाला देकर यह कार्रवाई की गई, उनमें कई मामलों में उन्हें ट्रायल के बाद बरी किया जा चुका है, कुछ मामलों की कार्यवाही स्थगित है। जबकि कई मामले धार्मिक संपत्ति से जुड़े दीवानी प्रकृति के हैं। यूपी सरकार से मांगा गया जवाब जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस तरुण सक्सेना की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार से जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। इस मामले को अब 13 मई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत की मांग पर अगली तिथि पर विचार किया जाएगा। आशुतोष महाराज स्वयं को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (पंजीकृत), मथुरा का अध्यक्ष बताते हैं और वे शाही ईदगाह–श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामलों में भी वादी हैं, जिनकी सुनवाई इलाहाबाद हाइकोर्ट में लंबित है। इसी आशुतोष महाराज के आवेदन पर प्रयागराज की स्पेशल पाक्सो कोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और अन्य के खिलाफ कठोर पाक्सो कानून के तहत यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करने का आदेश दिया था। अदालत के निर्देश के बाद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज प्रयागराज के प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले डाक्टरों की उच्च स्तरीय जांच करायें और कार्रवाई करें। साथ ही स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में फंड की उपलब्धता के बावजूद पिछले 20 साल से निर्माणाधीन कार्डियोलॉजी भवन की मानीटरिंग करने को कहा है । फंड की कमी नहीं, प्राइवेट अस्पतालों की वजह से दशा खराब कोर्ट ने टिप्पणी की कि स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल की हालत फंड व सुविधाओं की कमी के कारण खराब नहीं बल्कि प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर व लेक्चररों के अस्पताल में मरीजों का इलाज करने के बजाय प्राइवेट अस्पतालों में करने के कारण खराब है। ये सरकारी डाक्टर प्रयागराज में समानांतर मेडिकल इंडस्ट्री चला रहे, मरीजों को प्राइवेट नर्सिंग होम में लेजाकर सर्जरी करते हैं। कोर्ट ने याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 26मई नियत करते हुए मुख्य सचिव से कृत कार्रवाई की जानकारी मांगी है। कैबिनेट अनुमोदन की भी जानकारी मांगी कोर्ट ने अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता से अस्पताल के पक्ष में जमीन स्थानांतरित करने के कैबिनेट अनुमोदन की भी जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने मोतीलाल नेहरू मेंडिकल कालेज के डाक्टर अरविंद गुप्ता की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है। इनके खिलाफ प्राइवेट प्रैक्टिस करने में लापरवाही बरतने को लेकर उपभोक्ता फोरम की कार्यवाही की गई जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। अपर मुख्य स्थाई अधिवक्ता सुरेश सिंह ने कोर्ट को बताया कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के लिए 31314वर्गमीटर जमीन स्थानांतरित करने के लिए सभी विभागों से अनापत्ति प्राप्त हो गई है। कैबिनेट के अनुमोदन के लिए भेजा गया है। अनुमति मिलते हैं जमीन स्थानांतरित कर दी जाएगी। प्राचार्य डा विनोद कुमार पांडेय ने ब्वायज व गर्ल्स हास्टल के बारे में बताया कि भवन जर्जर है।खाली करने की नोटिस दी गई है।भवन ध्वस्त कर पुनर्निर्माण कराया जायेगा। प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका क्यों कोर्ट ने आश्चर्य प्रकट किया कि दो मंजिला कार्डियोलॉजी भवन का निर्माण 2006मे शुरू हुआ राजकीय निर्माण निगम निर्माण कर रहा। सरकार ने फंड मुहैया कराया है।अभी भी प्रोजेक्ट पूरा नहीं हो सका।इसपर बताया गया कि अगस्त 26मे तैयार होकर क्रियाशील हो जायेगा। कोर्ट को बताया गया कि प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले एसोसिएट प्रोफेसर डा संतोष कुमार सिंह व उनकी पत्नी डा एलाक्षी शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।जो एक्यूला हास्पिटल की डायरेक्टर हैं।जहां पर डा संतोष कुमार सिंह मरीज लेजाकर सर्जरी करते हैं।जिसे कोर्ट ने गंभीरता से लिया है।
गोरखपुर में DJ पर नाचने को लेकर हुई मारपीट:बारातियों को पीटने वालों को पुलिस ने दबोचा, दर्ज हुआ FIR
गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके में एक शादी समारोह के दौरान डीजे पर डांस को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो गया। कुछ युवकों ने मैरिज हॉल में घुसकर जमकर हंगामा किया, जिससे पूरे समारोह में अफरा-तफरी मच गई। आरोप है कि हमलावरों ने बरातियों के साथ मारपीट की, उनकी गाड़ियों को तोड़ा और खाने को भी बर्बाद कर दिया। घटना के बाद समारोह में अफरा-तफरी मच गई। मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कुल 7 लोगों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिसमें से 3 नाबालिक को बाल सुधार में भेज दिया गया है। अब विस्तार से पढिए पूरा मामला घटना सोमवार रात की है, जब हुमायूंपुर उत्तरी की रहने वाली सीता की बेटी की शादी नीलम मैरिज हॉल में सिकरीगंज के बनकटी ढेबरा के रहने वाले कमल के साथ हो रही थी। शादी का कार्यक्रम चल रहा था और बाराती डीजे पर डांस कर रहे थे। इसी दौरान तकरीबन रात करीब 10 बजे कुछ स्थानीय युवकों और बारातियों के बीच डांस को लेकर कहासुनी हो गई। पहले मामूली बहस हुई, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया। आरोप है कि कुछ युवक जबरन मैरिज हॉल के अंदर घुस आए और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। हमलावरों ने बारातियों को पीटा, वहीं बाहर खड़ी कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं, उन्होंने खाने-पीने के सामान को भी इधर-उधर फेंककर बर्बाद कर दिया। अचानक हुए इस हंगामे से शादी में शामिल लोग घबरा गए और माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। इसके बाद पीड़िता की तहरीर पर गोरखनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को पकड़ा है। इनमें सुमीत कन्नौजिया, समीर गौतम, राज उर्फ चाऊ और सुजीत कुमार को गिरफ्तार किया गया है। वहीं 3 नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेजा गया है। सीओ गोरखनाथ रवि सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पति राजा रघुवंशी की हत्या के मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत पर गंभीर चिंता जताते हुए, मेघालय सरकार ने मेघालय हाई कोर्ट में अर्ज़ी देकर उन्हें पहले से मिली जमानत रद्द करने की मांग की है। अपनी दलील में राज्य ने तर्क दिया कि ईस्ट खासी हिल्स में सेशंस कोर्ट का जारी किया गया बेल ऑर्डर रद्द कर देना चाहिए, क्योंकि यह फैसला अपराध की गंभीरता और न्याय पर इसके संभावित असर पर ठीक से विचार करने में नाकाम रहा। राज्य सरकार ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और इसकी सख्त न्यायिक जांच की जरूरत है। 27 अप्रैल को, शिलांग के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (ज्यूडिशियल) ने गिरफ्तारी प्रक्रिया में खामियों को देखते हुए लगभग एक साल बाद सोनम रघुवंशी को जमानत दे दी। कोर्ट ने पाया कि उन्हें दिए गए गिरफ्तारी के आधार की जानकारी डॉक्यूमेंट में चेकबॉक्स पर निशान नहीं थे और भारतीय न्याय सेवा (BNS) के तहत एक इनकॉरपोरेट पीनल प्रोविज़न का भी ज़िक्र किया गया था। कोर्ट ने पाया कि उन्हें दिए गए गिरफ्तारी के आधार की जानकारी डॉक्यूमेंट में चेकबॉक्स अनटिक थे और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक गलत सजा का नियम भी बताया गया था। न्यायालय ने कहा कि किसी भी दस्तावेज में याचिकाकर्ता को यह नहीं बताया गया कि उसे बीएनएस की धारा 103(1) के तहत कहीं अधिक गंभीर अपराध के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है और इस तर्क को खारिज कर दिया कि यह महज एक लिपिकीय त्रुटि थी। इस बात को भी ध्यान में नहीं रखा गया कि ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं था जिससे पता चले कि 9 जून, 2025 को जब पिटीशनर को पहली बार गाज़ीपुर की एक कोर्ट में पेश किया गया था, तो उसके पास कोई लीगल रिप्रेजेंटेशन था। सोनम को किया नोटिस जारी मेघालय हाई कोर्ट ने मंगलवार (5 मई) को सोनम रघुवंशी को नोटिस जारी किया। बता दें की सरकार ने निचली अदालत से उन्हें मिली ज़मानत को चुनौती देने वाली याचिका दायर की थी। सरकार ने सोनम की बेल के खिलाफ पिटीशन डाली थी। एक सोर्स ने बताया कि बेल कैंसिल करने की एप्लीकेशन पर कोर्ट ने सोनम को नोटिस जारी किया हैं। इस मामले की सुनवाई अगले हफ़्ते होगी। सरकार का तर्क है कि सोनम को गिरफ्तारी के कारणों के बारे में अच्छी तरह पता था और इस बारे में डॉक्यूमेंट्स कोर्ट में जमा किए गए थे। यह है कोर्ट का फैसलाकोर्ट ने अभी ज़मानत रद्द नहीं की है, मामले को आगे बढ़ाने के लिए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वे आरोपी (सोनम रघुवंशी) को इस याचिका के बारे में औपचारिक सूचना भेजें। इस मामले की अगली सुनवाई 12 मई को होगी। सोनम को मिली जमानत से परिवार में आक्रोश कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को पुलिस की जांच प्रक्रिया में रही तकनीकी खामियों के आधार पर जमानत दे दी थी। सोनम जेल से बाहर आ गई, जिसके बाद मृतक राजा रघुवंशी के परिजनों ने गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त किया है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने इसे न्याय के साथ खिलवाड़ बताते हुए मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि यदि साजिश के मुख्य किरदार ही बाहर आ जाएंगे तो गवाहों को खतरा हो सकता है। अब सबकी नजरें फैसले पर सोनम की रिहाई के बाद अब राज की जमानत पर आने वाला फैसला इस केस की दिशा तय करेगा। यदि राज को भी जमानत मिलती है तो राजा के परिजन हाई कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे हैं। फिलहाल, शिलॉन्ग कोर्ट के सुरक्षित रखे गए आदेश पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। ये खबर भी देखें… राजा मर्डर- सोनम बोली- मर्डर प्लान राज ने बनाया इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी मर्डर केस की आरोपी उसकी पत्नी सोनम और कथित प्रेमी राज कुशवाह के बीच पुलिस शिकंजे में आने के बाद दरार आनी शुरू हो गई है। दोनों एक-दूसरे को राजा की हत्या का मास्टरमाइंड बता रहे हैं। मेघालय के ईस्टर्न रेंज के DIG डेविस एनआर मारक ने कहा- दोनों में से कौन मास्टरमाइंड है? इसका खुलासा तब होगा, जब उनका आमना-सामना कराया जाएगा। अभी उनसे अलग-अलग पूछताछ कर रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें
ग्वालियर के मुरार स्थित मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) में पदस्थ एक एक्स-रे टेक्नीशियन की इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजन को सूचना दी। मृतक 34 वर्षीय एसए शिंदे मूल रूप से महाराष्ट्र के सांगली जिले के रहने वाले थे। वे ग्वालियर में आर्मी क्वार्टर में अकेले रहते थे। बताया गया है कि 4 मई को दोपहर करीब पौने 12 बजे उनकी अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार खराब होती गई और मंगलवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया। मिलिट्री हॉस्पिटल मुरार के मेडिकल ऑफिसर मेजर आशनिल त्रिपाठी ने मामले की सूचना मुरार थाना पुलिस को दी। पुलिस ने शव को निगरानी में लेकर डेड हाउस में रखवा दिया है। पत्नी और भाई को दी सूचनामिलिट्री हॉस्पिटल प्रबंधन और मुरार थाना पुलिस ने मृतक की पत्नी कविता शिंदे और भाई विजय शिंदे को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद परिजन मंगलवार को ग्वालियर पहुंच गए। पत्नी ने अस्पताल अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की जानकारी मांगी है। मुरार थाना प्रभारी मैना पटेल ने बताया कि एक्स-रे टेक्नीशियन की इलाज के दौरान मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
हाथरस में प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश उर्फ सोनू हत्याकांड में पुलिस ने चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ के बाद पैर में गोली लगने से घायल अवस्था में पकड़ा गया, जबकि एक अन्य को कॉम्बिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया है। यह मामला 7 अप्रैल का है, जब सहपऊ कोतवाली क्षेत्र में जलेसर रोड पर एक नाले से प्रॉपर्टी डीलर वेद प्रकाश उर्फ सोनू का शव बरामद हुआ था। उसकी हत्या कर शव को फेंका गया था। इस हत्याकांड में दिल्ली वाला मोहल्ला निवासी कमल और उसके भाई गौरव के खिलाफ मकान हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था। कमल और गौरव को दिल्ली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सोनू हत्याकांड में शामिल कुछ आरोपी सुसायत कला मोड़ पर मौजूद हैं और भागने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बदमाशों की तलाश शुरू कर दी। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार में कुछ युवक आते दिखाई दिए। पुलिस ने कार सवारों को रुकने का इशारा किया और घेराबंदी की। इस पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में तीन बदमाशों के पैर में गोली लगी, जिससे वे घायल हो गए। एक अन्य आरोपी को पुलिस ने कॉम्बिंग के दौरान पकड़ लिया। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने विवेक शर्मा उर्फ छोटू (निवासी खमानी गढ़ी, थाना सादाबाद), विशाल शर्मा (निवासी रामलीला ग्राउंड वाली गली, हाथरस), मौनिस कांत शर्मा (निवासी चित्रकूट बगीची, हाथरस) और मोनू कुशवाह (निवासी मोहल्ला मुकुंदपुर बिसावर, थाना सादाबाद) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से स्विफ्ट कार, तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
लखीमपुर में उत्तर खीरी वन प्रभाग की मझगई रेंज के नौनिया बीट जंगल में मंगलवार सुबह एक वयस्क बाघिन का शव मिला। वन विभाग को 05 मई 2026 को सुबह करीब 6 बजे इसकी जानकारी मिली। सूचना मिलते ही क्षेत्रीय वन अधिकारी और उनकी टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर लिया। प्रारंभिक जांच में घटनास्थल पर बाघों के आपसी संघर्ष के संकेत मिले हैं। वन विभाग के अनुसार, मौके पर दूसरे बाघ के पगमार्क पाए गए हैं। मृत बाघिन के नाखूनों में अन्य वन्य जीव या बाघ के बाल भी फंसे मिले हैं। इसके अलावा, बाघिन के शरीर पर नाखूनों और केनाइन दांतों के स्पष्ट निशान भी मौजूद थे।अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघिन की मौत किसी अन्य बाघ के साथ हुए संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच के बाद ही हो सकेगी।वन विभाग ने पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञों का एक पैनल गठित किया है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के मानक प्रोटोकॉल के तहत पूरी प्रक्रिया का पालन किया जा रहा है। इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई भी की जा रही है।
मेरठ के कृष्णा नगर डोरली में हुए अग्निकांड ने पीड़ित परिवारों को तोड़कर रख दिया है। दोनों ही परिवार फिर से उठ खड़े होने का साहस नहीं जुटा पा रहे हैं। जिंदगी में अब तक जो कुछ जुटाया था, सबकुछ खो दिया है। इस हादसे ने उन्हें इतने गहरे जख्म दिए हैं, जिनका जल्दी भर पाना संभव ही नहीं दिखता। मंगलवार को सागर का परिवार शहर से जुड़ी इन बुरी यादों को लेकर अपने गांव लौट गया। अस्पताल में संजय की पत्नी सरिता, बेटा आशु व बेटी भावना उपचाराधीन हैं। तीन तस्वीरें देखें… पहले जानते हैं हादसे के बारे मेंमेरठ के रुड़की रोड स्थित रोशनपुर डोरली में सतीश का मकान है, जिसमें रोहटा निवासी सागर और बना मसूरी मवाना रोड निवासी संजय अपने परिवार के साथ रह रहे थे। इसी मकान में एक तीसरा किराएदार अरुण पुत्र रोहताश निवासी रोहटा भी अकेला रहता था। जबकि अगले हिस्से में डोरली निवासी कृष्णपाल टेंट की दुकान चलाता था। रविवार आधी रात को जब यह परिवार सोए थे, तभी मकान के अगले हिस्से में आग लग गई और पूरा परिवार अंदर फंस गया। बेहोश होकर गिरा पूरा परिवार करीब पंद्रह मिनट तक यह परिवार खुद को सुरक्षित रखने का प्रयास करते रहे लेकिन फिर इतना गहरा काला धुआं कमरों में पहुंच गया कि वह हिम्मत हार गए और बेहोश होकर वहीं गिर गए। पल्लवपुरम पुलिस और दमकल की टीमों ने कांति पत्नी भूषण गिरी, ज्योति पत्नी सागर, शिव पुत्र सागर, करन पुत्र सागर, सरिता पत्नी संजय, आशु पुत्र संजय, प्रिंस पुत्र संजय, करन पुत्र संजय, भावना पुत्री संजय के अलावा अरुण पुत्र रोहताश को भर्ती कराया जबकि सागर व उसकी बेटी शिवानी की दम घुटने के कारण मौत हो गई। सबकुछ छोड़ गांव लौटा परिवार मंगलवार को सागर के परिवार के सदस्यों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। मां कांति, पत्नी ज्योति, बेटे शिव व करण को स्वास्थ्य में सुधार के बाद रिलीव कर दिया गया। रोहटा गांव से काफी ग्रामीण वहां पहुंचे थे जो पूरे परिवार को लेकर गांव लौट गए। हालांकि सागर व शिवानी का एक दिन पहले ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। तीन लोग अभी अस्पताल में भर्ती मंगलवार को संजय के बेटे करण व प्रिंस को भी अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अब अस्पताल में बड़ा बेटा आशु व बेटी भावना भर्ती हैं। पत्नी सरिता भी आईसीयू में है। आशु व भावना के सीने में धुआं जम चुका है, जिस कारण खासी ठीक नहीं हो रही है। खासी आती है तो बलगम निकलता है और साथ निकलती है अंदर जमी गंदगी। सरिता को भी सांस लेने में दिक्कत हो रही है। मंजर याद कर सहम जाती है भावना परिजनों की मानें तो चुलबुली भावना इस हादसे के बाद सदमे में है। वह किसी से ज्यादा बात नहीं कर रही है। दैनिक भास्कर से बातचीत के दौरान भावना ने बताया कि करीब पंद्रह मिनट वह एक कमरे में बंद रहे लेकिन जैसे ही धुआं घुसा बारी बारी सब बेहोश होते चले गए। वह उस मंजर को याद कर सहम जाती है। मकान के मुख्य दरवाजे पर लटका तालादो दिन पहले तक जिस घर में बच्चों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब अजीब सा सन्नाटा पसर गया है। ना जाने किसकी नजर इन परिवारों को लग गई। इन परिवारों के द्वारा जो कुछ जोड़ा गया था, वह लगभग सभी खाक हो चुका है। फिलहाल घर पर ताला डालकर सबकुछ वहीं छोड़ दिया गया है। परिवार को लेकर शहर शिफ्ट होंगे संजय रोहटा निवासी सागर अपने परिवार के साथ काफी समय से इस मकान में रहते चले आ रहे थे। वह फास्ट फूड का काम कर अपनी जीविका चलाते थे जो हादसे के बाद काफी पीछे छूट गया है। संजय डेढ़ माह पहले ही इस मकान में शिफ्ट हुए थे। वह बुढ़ानागेट की पेपर मार्किट में काम करते हैं। मकान के अंदर जो कुछ था, सबकुछ खाक हो चुका है। ऐसे में संजय अपने परिवार को लेकर अब शहर के भीतर शिफ्ट होने का मन बना चुके हैं।
महोबा में एक बेकाबू कार ने दो बाइकों को टक्कर मार दी, जिससे एक मासूम बच्ची सहित चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद आरोपी चालक कार सहित मौके से फरार हो गया। स्थानीय युवक की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झांसी रेफर कर दिया गया है। घटना महोबा शहर के मुकुंद लाल इंटर कॉलेज के पास हुई। जानकारी के अनुसार, रामनगर निवासी गणेशी प्रजापति (35) अपनी पत्नी गंगावती और बेटी अंशिका (12) के साथ एक शादी समारोह से घर लौट रहे थे। उनकी बाइक जैसे ही मुकुंद लाल इंटर कॉलेज के पास पहुंची, सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर दूर जा गिरे। आरोपी चालक रुकने के बजाय गाड़ी को और तेज भगाने लगा। भागने की इसी कोशिश में उसने एक अन्य बाइक सवार, 20 वर्षीय रविंद्र को भी अपनी चपेट में ले लिया, जिससे रविंद्र भी गंभीर रूप से घायल हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी चालक कार सहित मौके से फरार होने में सफल रहा। हादसे के समय पास ही अपने बालू डंप पर बैठे जीतू यादव ने यह मंजर देखा। उन्होंने तुरंत मदद के लिए दौड़ लगाई और बिना वक्त गंवाए 108 एंबुलेंस को फोन किया। जीतू यादव सभी घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने तुरंत घायलों का प्राथमिक इलाज शुरू किया। इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टर शिशुपाल ने बताया कि गणेशी, गंगावती और अंशिका की हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि, रविंद्र की नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए झांसी के हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
कानपुर नगर आयुक्त से मिलने पहुंची MLA नसीम सोलंकी:पार्क, सड़क और पानी की समस्याएं के बारें में बताया
कानपुर की सीसामऊ विधानसभा से विधायक नसीम सोलंकी मंगलवार को नगर आयुक्त कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को लेकर नगर आयुक्त को पत्र सौंपा और जल्द समाधान की मांग की। बैठक में विधायक ने वार्ड-15 मकराबर्ट गंज के नयापुरवा इलाके में दलित समाज के लिए कम्युनिटी हॉल (बरातशाला) बनाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि यह निर्माण उनकी विधायक निधि से प्रस्तावित है, लेकिन कई महीनों से एनओसी लंबित होने के कारण काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों में परेशानी हो रही है। पार्कों के सौंदर्यीकरण पर जोरविधायक ने अछूतानंद पार्क और मोहम्मद अली पार्क के सौंदर्यीकरण की मांग भी प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि इन पार्कों की हालत सुधारने से क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। बैठक में केस्को द्वारा अंडरग्राउंड लाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत न होने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पैचवर्क के लिए धनराशि जमा होने के बावजूद सड़कों की मरम्मत नहीं हो रही, जिससे लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। पेयजल संकट का भी उठाया मुद्दाविधायक ने क्षेत्र में पेयजल की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया और तत्काल समाधान की मांग की। नगर आयुक्त ने सभी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निर्देश देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का निस्तारण कराया जाएगा।
शहर में अंडरग्राउंड मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता किशोर कोडवानी ने मंगलवार को कलेक्टर शिवम वर्मा के समक्ष गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद कोडवानी को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, जिसके तहत मेट्रो अधिकारियों के साथ कलेक्टर के समक्ष सुनवाई हुई। कोडवानी ने कहा कि मेट्रो प्रोजेक्ट के तहत किए जा रहे कामों से भूजल स्तर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है और इससे संपूर्ण जल प्रणाली प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण प्रभाव आकलन की आवश्यक रिपोर्ट लिए बिना ही काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। अनुमतियों को लेकर उठाए सवाल उन्होंने मेट्रो अधिकारियों पर आवश्यक अनुमतियां नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि केवल ओपिनियन लेना पर्याप्त नहीं है। विशेष रूप से हेरिटेज क्षेत्र से संबंधित नियमों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 300 मीटर की परिधि में निर्माण कार्य पर प्रतिबंध है, जिसका पालन स्पष्ट रूप से नहीं किया जा रहा। अलाइनमेंट में बदलाव पर भी आपत्ति कोडवानी ने मेट्रो रूट के बार-बार बदलने को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि प्रारंभिक योजना और वर्तमान प्रस्ताव में कई बदलाव किए गए हैं, जिससे स्पष्टता का अभाव है। उन्होंने कहा कि पहले जिन स्थानों से मेट्रो प्रस्तावित थी, अब वहां से हटाकर अन्य क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। व्यापार पर असर की आशंका एमजी रोड पर लंबे समय तक निर्माण कार्य चलने की स्थिति में व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका भी व्यक्त की गई। कोडवानी ने कहा कि यदि 3 से 5 वर्षों तक निर्माण काम चलता है तो शहर की आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं और राजस्व में भी गिरावट आ सकती है। नियमों के पालन की मांग उन्होंने प्रशासन से मांग की कि परियोजना से जुड़े सभी नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही कहा कि यदि सभी आवश्यक अनुमतियां विधिवत प्राप्त कर ली जाती हैं तो उन्हें प्रोजेक्ट से कोई आपत्ति नहीं है। बैठक में शहर से जुड़े अन्य पांच प्रशासनिक मुद्दों पर भी प्रारंभिक चर्चा हुई। अधिकारियों ने इन बिंदुओं पर संबंधित विभागों के साथ अलग से बैठक कर विस्तृत निर्णय लेने का आश्वासन दिया। प्रशासन करेगा बिंदुवार समीक्षा कलेक्टर स्तर पर हुई इस बैठक के बाद अब संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सभी मुद्दों पर बिंदुवार समीक्षा किए जाने की बात कही गई है। प्रोजेक्ट को लेकर आगे की कार्रवाई नियमों के अनुरूप किए जाने पर जोर दिया गया है।
सिद्धार्थनगर में सड़क हादसा, मौत:मोतीगंज चौराहा पर बाइक और ट्रक की हुई टक्कर, मौके पर युवक ने तोड़ा दम
डुमरियागंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत भारत भारी स्थित मोतीगंज चौराहा पर मंगलवार रात लगभग 10 बजे एक जबरदस्त सड़क हादसा हो गया। पुलिस चौकी के ठीक सामने हुई इस घटना में बाइक और ट्रक की टक्कर हो गई, जिसमें बाइक सवार युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान परसोहिया निवासी गणेश पुत्र दिलीप कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, गणेश किसी काम से बाइक से जा रहे थे तभी मोतीगंज चौराहे पर सामने से आ रहे एक अनियंत्रित ट्रक से उनकी बाइक टकरा गई। इस टक्कर के कारण युवक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही डुमरियागंज थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। डुमरियागंज पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। हादसे की जानकारी मिलने पर मृतक के परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। अब्दुल हमीद, राजेश कुमार, अनिल मिश्रा और राम संवारे ने बताया कि मोतीगंज चौराहा नगर पंचायत भारत भारी का एक महत्वपूर्ण और व्यस्ततम स्थान है। उनके अनुसार, इस चौराहे पर अक्सर सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कई बार स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। थाना प्रभारी डुमरियागंज श्रीप्रकाश यादव ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई की। उन्होंने पुष्टि की कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और घटना की जांच जारी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सड़क सुरक्षा उपायों पर संबंधित विभाग से बातचीत की जाएगी।
महू के रावली गांव में एक बारात पर पथराव हुआ, जिसमें एक बच्ची समेत तीन बाराती घायल हो गए। यह घटना धार जिले के कुआं गांव से आंबाचंदन आई बारात के लौटते समय हुई। घायलों को मध्यभारत अस्पताल में भर्ती कराया गया है और देर रात पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कुआं गांव निवासी रमेश मुवेल की बारात महू के रावली गांव पहुंची थी। बारात तय समय सुबह 12 बजे से देरी से पहुंची, जिस पर लड़की पक्ष ने 2000 रुपए का जुर्माना लगाया। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद लड़के पक्ष ने 1000 रुपए देकर मामला सुलझाया और विवाह की रस्में पूरी की गईं। बारात पर किया पथराव विवाह पूरा होने के बाद शाम करीब 6 बजे जब बारात वापस लौट रही थी, तो माहौल फिर से तनावपूर्ण हो गया। विवाद बढ़ने की आशंका को देखते हुए मौके पर पुलिस बल बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में बारात को सुरक्षित निकाला जा रहा था, तभी कुछ लोगों ने छिपकर पथराव शुरू कर दिया। पथराव करने वालों की पहचान नहीं हो पाई है। पथराव में ये हुए घायल इस पथराव में प्रताप चौहान (20), गोविंद चौहान (18) और 10 वर्षीय मीनाक्षी मुवेल घायल हो गए। मीनाक्षी के सिर में चोट लगने से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सभी घायलों को तुरंत मध्यभारत अस्पताल ले जाया गया। कार ड्राइवर ने क्या बताया? बारात की गाड़ी चला रहे कैलाश चौहान ने बताया कि विवाह शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हुआ था, लेकिन वापसी के दौरान अचानक हुए पथराव से स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद हमला हुआ, जिससे बाराती दहशत में आ गए। केस दर्ज महू थाना प्रभारी राहुल शर्मा ने बताया कि पुलिस ने रावली गांव में हुई इस घटना के संबंध में केस दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
गोरखपुर में बुधवार को बड़े पैमाने पर बिजली कटौती:कई प्रमुख फीडर बंद रहेंगे, विभाग ने सहयोग की अपील
गोरखपुर में बुधवार को बिजली विभाग की ओर से बड़े स्तर पर कार्य कराए जाएंगे। सीएम ग्रीड योजना, सड़क चौड़ीकरण, लाइन शिफ्टिंग और पोल बदलने के कारण शहर के कई प्रमुख इलाकों में तय समय के अनुसार बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली विभाग ने बताया कि ये सभी कार्य जरूरी विकास और रखरखाव से जुड़े हैं, ताकि भविष्य में बेहतर और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। विभाग ने अस्थायी असुविधा के लिए खेद जताते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की है। राप्ती नगर क्षेत्र में दोपहर तक बिजली बंद33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र राप्ती नगर ओल्ड और राप्ती नगर न्यू से जुड़े कृष्णा नगर, दूरदर्शन, पत्रकार पुरम, करीमनगर और रेल विहार फीडर की बिजली सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी। यहां सीएम ग्रीड योजना और सड़क चौड़ीकरण का कार्य किया जाएगा। टाउनहॉल और रुस्तमपुर में पोल बदलने का कामविद्युत उपकेंद्र टाउनहॉल की 33 केवी लाइन और उपकेंद्र रुस्तमपुर के कैंट व टाउनहॉल फीडर पर पोल बदले जाएंगे। इसके चलते इन इलाकों में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बक्शीपुर, शाहपुर और इंडस्ट्रियल क्षेत्र भी प्रभावितसड़क चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग के तहत विद्युत उपकेंद्र बक्शीपुर के दीवान बाजार, कोतवाली, बक्शीपुर और मानचौरा फीडर, इंडस्ट्रियल स्टेट के पश्चिमी जनप्रिय फीडर तथा शाहपुर के खरईया फीडर की बिजली सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहेगी।
शहर की सड़कों पर अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कदम उठाया है। मंगलवार को नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल शहर में निरीक्षण करने निकले थे। यहां तमाम अव्यवस्थाएं मिली। निरीक्षण के दौरान रैना विला रोड पर गिट्टी और बालू गिराकर रास्ता बाधित करने व नाली जाम करने की शिकायत हुई। इस मामले में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने दो व्यक्तियों पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही तत्काल सड़क से निर्माण सामग्री न हटाने पर संबंधितों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और आवागमन बाधित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। नगर आयुक्त सबसे पहले वरुणापार क्षेत्र के भक्ति नगर पहुंचे थे। यहां नालों की सफाई का कार्य उन्हें संतोषजनक मिला। वहीं सफाई के बाद निकाला गया कूड़ा और सिल्ट सड़क किनारे देख उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने सामान्य विभाग के अधिशासी अभियंता से नाला सफाई के 24 घंटे के भीतर हर हाल में सिल्ट का उठान सुनिश्चित कराने का सख्त निर्देश दिया ताकि क्षेत्रीय जनता को दुर्गंध और गंदगी से निजात मिल सके।
यमुनानगर के रादौर क्षेत्र के गांव भूरे का माजरा में पूर्व सरपंच के घर पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस केस में पुलिस और बदमाश के बीच आज रात मुठभेड़ हुई, जिसमें एक आरोपी अमन घायल हो गया। आरोपी को इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, यह मुठभेड़ थाना छप्पर क्षेत्र में कुलपुर गांव के मोड पर हुई, जहां अपराध शाखा-2 की टीम ने बदमाशों को पकड़ने के लिए घेराबंदी की थी। इसी दौरान पानीपत जिले के गोयला कला निवासी आरोपी अमन ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की। इस दौरान सब इंस्पेक्टर की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी। दोनों तरफ से हुई करीब 15 राउंड फायरिंग के बीच अमन को काबू कर लिया गया। आरोपी के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे मौके से काबू कर लिया और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। फायरिंग केस से जुड़ा है आरोपी पुलिस के अनुसार, घायल आरोपी अमन का संबंध हाल ही में भूरे का माजरा गांव में हुई फायरिंग की वारदात से जोड़ा जा रहा है। इस घटना में पल्सर बाइक सवार तीन बदमाशों ने पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद पड़े घर पर 16 से 17 राउंड फायरिंग की थी। वारदात के दौरान सामने वाले घर में रह रहे उनके साले अंकित पर भी जानलेवा हमला किया गया था, हालांकि वह बाल-बाल बच गया। मौके से पुलिस को 17 खाली खोल बरामद हुए थे और पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी। गैंग कनेक्शन की जांच तेज इस मामले में पहले ही गैंगस्टर एंगल सामने आ चुका है। शिकायतकर्ता ने फायरिंग के पीछे गैंगस्टरों का हाथ होने की आशंका जताई थी। पुलिस जांच में यह भी सामने आया था कि यह वारदात रंगदारी या आपसी गैंग रंजिश से जुड़ी हो सकती है। अब आरोपी अमन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस पूरे नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। उससे पूछताछ कर अन्य आरोपियों और साजिश में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।
6 साल की बच्ची से रेप, आरोपी फरार:घर के बाहर खेल रही थी, बहला-फुसलाकर झाड़ियों में ले गया
लखीमपुर सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को छह वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना सामने आई है। घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का मुआयना किया। जानकारी के अनुसार, मंगलवार दोपहर को बच्ची स्कूल से लौटने के बाद अपने घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि इसी दौरान रत्तासरांय निवासी 34 साल का युवक वहां पहुंचा। वह बच्ची को बहला-फुसलाकर गांव के पास स्थित सुनसान झाड़ियों की तरफ ले गया। काफी देर तक जब बच्ची घर के आसपास नहीं दिखी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन करते हुए परिजन जब झाड़ियों की तरफ पहुंचे, तो आरोपी उन्हें आता देख मौके से झाड़ियों के रास्ते भागने में सफल रहा। पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की। एसएसपी डॉ. ख्याति गर्ग ने स्थिति का जायजा लिया और फोरेंसिक टीम को साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए। पीड़ित परिवार की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।। एसएसपी खीरी डॉ. ख्याति गर्ग ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की त्वरित सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है
जबलपुर में लेंसकार्ट विवाद के बाद अब पैंटालूंस शोरूम में तिलक और कलावा को लेकर नया विवाद सामने आया है। शोरूम के एक कर्मचारी ने प्रबंधन पर धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाने का आरोप लगाया है। कर्मचारी शुभम सेन के अनुसार, उन्हें चार दिन पहले तिलक लगाने और हाथ में कलावा बांधने से मना किया गया। उन्हें बताया गया कि कंपनी की पॉलिसी के तहत शोरूम में किसी भी धर्म का प्रदर्शन नहीं किया जा सकता। शुभम का आरोप है कि उनसे जबरन तिलक हटवाया गया और कलावा भी कटवाया गया। इस घटना से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुईं, जिसके बाद उन्होंने दो दिन पहले अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया। शोरूम के बाहर प्रदर्शन, मालिक को कलावा बांधा मामला सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने पैंटालूंस शोरूम के बाहर मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने शोरूम संचालक को चेतावनी दी कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाए, अन्यथा आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने ऐसी घटना दोबारा होने पर शोरूम में तालाबंदी की भी चेतावनी दी। प्रदर्शन के दौरान, शोरूम के मालिक नितिन को मंत्रोच्चार के साथ तिलक लगाया गया और कलावा बांधा गया। पुलिस ने बताया कि उन्हें इस संबंध में एक ज्ञापन प्राप्त हुआ है। मामले की जांच की जा रही है और यदि कोई अपराध सामने आता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भिंड में नेशनल हाईवे-719 पर मंगलवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। गुरीखा चौराहे के पास करीब साढ़े नौ बजे लोडिंग वाहन और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर करीब एक घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ग्वालियर की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार लोडिंग वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। बाइक पर सवार तीनों युवक एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में लायक सिंह कुशवाह, मुकेश सिंह, दाताराम सिंह शामिल है। घटना के बाद बारात में जा रहे लोगों और स्थानीय ग्रामीणों ने आक्रोश में हाईवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के बावजूद काफी देर तक पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। हालांकि डायल-112 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई थी, लेकिन पुलिस की एफआरबी टीम के समय पर न पहुंचने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें निजी वाहन से तत्काल ग्वालियर रेफर किया गया। खबर लिखे जाने तक जाम की स्थिति बनी हुई थी और पुलिस के देरी से पहुंचने को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त था।
कानपुर के रमईपुर स्थित एसजे लॉ कॉलेज में मंगलवार शाम साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वरूपनगर थाने की साइबर टीम ने विधि के छात्रों को बढ़ते साइबर अपराध, उनसे बचाव और शिकायत की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में निरीक्षक चंद्रशेखर सिंह, उप निरीक्षक शिवम त्रिपाठी, महिला उप निरीक्षक शिवांशी यादव और महिला आरक्षी कुमारी शिवा मौजूद रहीं।पुलिस टीम ने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। फ्रॉड से रहें सावधानसाइबर टीम ने छात्रों को बताया कि आजकल साइबर बुलिंग, अकाउंट हैकिंग, साइबर स्टॉकिंग और सोशल मीडिया फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसके अलावा KYC अपडेट के नाम पर ठगी, एटीएम फ्रॉड, फिशिंग, सेक्सटॉर्शन, फेक लोन ऐप और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। फर्जी लिंक भेजकर बैंक खाते खाली करने के मामले भी आम हो गए हैं। OTP और अनजान लिंक से रहें दूरपुलिस अधिकारियों ने सलाह दी कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक, ऐप या OTP को साझा न करें। छोटी सी लापरवाही बड़ा नुकसान कर सकती है। अगर कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर क्राइम पोर्टल, संचार साथी और CEIR पोर्टल के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। नए कानूनों की भी दी जानकारीकार्यक्रम में पुलिस टीम ने नए आपराधिक कानून—BNS, BNSS और BSA-2023—के बारे में भी जानकारी दी। साथ ही जीरो FIR, ई-FIR और महिलाओं-बच्चों से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। अधिकारियों ने कहा कि जागरूक नागरिक ही साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगा सकते हैं।
सहारनपुर पुलिस ने नाबालिग के अपहरण के एक संवेदनशील मामले में सफलता हासिल की है। मंगलवार को पुलिस ने अपहृत किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया है और आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया गया है। पुलिस के अनुसार, 24 फरवरी 2025 को थाना चिलकाना पुलिस को एक महिला ने लिखित शिकायत दी थी। महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी 16 वर्षीय नाबालिग बेटी को गांव खेडामेवात का रहने वाला युवक सूफियान पुत्र फरजन्द बहला-फुसलाकर भगा ले गया है। शिकायत के आधार पर थाना चिलकाना में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने किशोरी की तत्काल बरामदगी के निर्देश दिए। सहायक पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी सिमरन सिंह (IPS) के नेतृत्व में एएचटीयू और थाना चिलकाना की एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने लगातार प्रयास करते हुए मंगलवार को दिल्ली रोड से किशोरी को बरामद कर आरोपी सूफियान को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी सूफियान पहले भी इसी किशोरी को भगाने के मामले में जेल जा चुका है। वर्ष 2024 में भी उसके खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद वह जेल गया था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद उसने दोबारा नाबालिग को अपने साथ भगा लिया। पुलिस ने वर्तमान मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाते हुए सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। बरामदगी और गिरफ्तारी करने वाली टीम में एसआई नितिन कुमार, महिला उपनिरीक्षक दीक्षा, महिला उपनिरीक्षक सुमन, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार और महिला हेड कांस्टेबल सुनीता शामिल थीं। पुलिस ने बताया कि किशोरी को उसके परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव (आवास एवं नगर विकास) पी. गुरुप्रसाद ने मंगलवार को प्रयागराज का दौरा किया। उन्होंने नगर निगम के ऐतिहासिक सदन और चल रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने शहर में प्रस्तावित कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सराहना की और उन्हें जल्द शुरू करने के संकेत दिए। नगर निगम के स्मार्ट सिटी हॉल में आयोजित बैठक में महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी ने शहर की जरूरतों को देखते हुए कई प्रस्ताव प्रमुख सचिव के समक्ष रखे। इनमें राम सेतु प्रोजेक्ट की डीपीआर पेश की गई और इसके लिए बजट की मांग की गई। साथ ही, कामकाजी महिलाओं की सुविधा के लिए 'किताबघर' के पास चिन्हित भूमि पर वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण पर भी चर्चा हुई। बैठक में ऐतिहासिक मोहल्ला दारागंज को 'हेरिटेज लुक' देने और वहां विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त धनराशि पर भी विचार किया गया। पत्थर गिरजाघर के पास स्थित जीजीआईसी परिसर में कार्यालय और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना पर भी मंथन हुआ। प्रमुख सचिव ने केवल मुख्य शहर ही नहीं, बल्कि नैनी और अरैल क्षेत्र के विकास पर भी जोर दिया। शिवालय पार्क और हॉस्पिटल के पीछे की खाली भूमि पर जनोपयोगी परियोजनाओं को पीपीटी मॉडल के जरिए प्रस्तुत किया गया। निरीक्षण और प्रेजेंटेशन के बाद प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शहर के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए शासन स्तर से हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर महापौर गणेश केसरवानी, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज और नगर निगम के अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय कैबिनेट ने एमपी के नागदा जंक्शन से मथुरा के बीच अतिरिक्त तीसरी और चौथी नई रेल लाइन बिछाने को मंजूरी दी है। इसके निर्माण में 16,403 करोड़ की लागत आएगी। केंद्र सरकार ने दिल्ली-मुंबई व्यस्त रूट पर यातायात कम करने के लिए नागदा-मथुरा के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन (570 किमी) परियोजना को मंगलवार को मंजूरी दी है। करीब 16,403 करोड़ रुपए की लागत से प्रस्तावित यह परियोजना लगभग 568 किलोमीटर लंबी है, जो मध्य प्रदेश के नागदा से उत्तर प्रदेश के मथुरा से कोटा और राजस्थान के भरतपुर के रास्ते होकर गुजरेगी। इस रूट पर मौजूदा समय में ट्रेनों का दबाव काफी अधिक है, जिसके चलते यात्रियों को अक्सर देरी का सामना करना पड़ता है। नई लाइनें बिछने के बाद ट्रैफिक का बोझ कम होगा और ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम हो सकेगी। यह रेल खंड 'स्वर्ण चतुर्भुज' के दिल्ली-मुंबई रूट का हिस्सा है। वर्तमान में यहां लाइनों पर क्षमता से अधिक बोझ है। फिलहाल यहां दो लाइनें हैं जिन पर पैसेंजर और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है। तीसरी और चौथी लाइन बनने से मालगाड़ियों और सुपरफास्ट ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक मिल सकेगा। भीड़ कम होने से ट्रेनों की औसत गति बढ़ेगी और दिल्ली-मुंबई के बीच का यात्रा समय कम होगा। इस परियोजना से लगभग 4,161 गांवों और 83 लाख की आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। इस रूट से कोयला, सीमेंट, खाद्यान्न और पेट्रोलियम उत्पादों की ढुलाई बहुत आसान हो जाएगी। सालाना लगभग 60 MTPA (मिलियन टन प्रति वर्ष) अतिरिक्त माल ढोने की क्षमता विकसित होगी। रेलवे परिवहन का सबसे स्वच्छ माध्यम है। इस प्रोजेक्ट से डीजल की खपत कम होगी और कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी (अनुमानित 37 करोड़ लीटर तेल की बचत)। भरतपुर के लिए गेम चेंजर होगी परियोजना जिले के कृषि उत्पाद, पत्थर उद्योग और डेयरी सेक्टर को तेज व सस्ता परिवहन मिलेगा, जिससे व्यापारिक गतिविधियों में इजाफा होगा। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान आने वाले पर्यटकों के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी से पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी। निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा, जबकि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद रेलवे संचालन, रखरखाव और लॉजिस्टिक्स से जुड़े नए अवसर भी पैदा होंगे। गजट अधिसूचना के बाद प्रक्रियाएं सरल होने से देरी की संभावना भी कम मानी जा रही है। मथुरा-नागदा प्रोजेक्ट से यूपी को क्या लाभ उत्तर प्रदेश के लिहाज से यह परियोजना कई मायनों में गेम चेंजर साबित होने जा रही है। मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को नई गति मिलेगी। खासतौर पर धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इसके साथ ही भरतपुर और आसपास के इलाकों में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान जैसे पर्यटन स्थल भी बेहतर रेल संपर्क का लाभ उठाएंगे।
सुल्तानपुर में नेशनल हाईवे-731 फोरलेन पर मंगलवार को एक सड़क हादसा हो गया, जिसमें सड़क किनारे खड़ी एक यात्री बस को पीछे से आ रहे डीसीएम ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा कोथरा कला महारानी पश्चिम रेलवे स्टेशन के उत्तरी छोर के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, विशाखापट्टनम से तीर्थयात्रियों को लेकर अयोध्या में रामलला के दर्शन कराने के बाद बस (यूपी 65 क्यूटी 0890) वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर जा रही थी। रास्ते में यात्री नित्यक्रिया के लिए हाईवे किनारे रुके हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। सी दौरान रामपुर से मिर्चा लादकर जौनपुर जा रही डीसीएम अनियंत्रित होकर पीछे से बस में जा भिड़ी। टक्कर इतनी तेज थी कि बस में बैठे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और 4 लोगों को हल्की चोटें आईं। डीसीएम का खलासी भी घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही हाईवे एंबुलेंस 1033 मौके पर पहुंची और घायलों को प्राथमिक उपचार दिया। राहत की बात यह रही कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई। प्राथमिक इलाज के बाद सभी यात्रियों को पुलिस की मदद से दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
बृज 84 कोस परिक्रमा मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से पलवल डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने होडल के विधायक हरेंद्र सिंह के साथ परिक्रमा मार्ग का दौरा किया। उन्होंने डाढका, सौंध, बंचारी, डकोरा, मर्रोली, खाम्बी, लिखी और हसनपुर सहित विभिन्न गांवों में व्यवस्थाओं का मौके पर निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने परिक्रमा मार्ग में बिजली, पेयजल, साफ-सफाई और प्रकाश व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परिक्रमा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं की कोई कमी न रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। श्रद्धालुओं के विश्राम शिविरों में समुचित व्यवस्थाओं के निर्देश निरीक्षण के दौरान, बंचारी गांव में दाऊजी मंदिर पर और डकोरा में आरओ वाटर सिस्टम को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। डीसी ने बंचारी स्थित दाऊजी मंदिर में दर्शन भी किए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परिक्रमा मार्ग से पानी की निकासी बेहतर ढंग से व्यवस्थित हो। डीसी ने निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर बिजली के ट्रांसफार्मर बदलने की आवश्यकता है, वहां नए ट्रांसफार्मर लगाए जाएं। परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के विश्राम शिविरों में बिजली, पानी और शौचालय जैसी समुचित व्यवस्थाएं होनी चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर विशेष जोर देते हुए परिक्रमा मार्ग की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने को कहा। ज 84 कोस परिक्रमा पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होनी चाहिए डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सीएम नायब सिंह सैनी के निर्देशों की पुष्टि करते हुए कहा कि जिला प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है। होडल के विधायक हरेंद्र सिंह ने भी दोहराया कि सीएम के स्पष्ट निर्देश हैं कि बृज 84 कोस परिक्रमा पूरी तरह सुगम और सुरक्षित होनी चाहिए, ताकि किसी भी यात्री को कोई परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि मार्ग के कुछ स्थानों पर गड्ढे और जलभराव की समस्या सामने आई है, जिनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इस अवसर पर उनके साथ एसडीएम बलीना, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा और भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष चरण सिंह तेवतिया सहित मार्ग में पड़ने वाले गांवों के पंच-सरपंच मौजूद रहे।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की अजमेर टीम ने मंगलवार को डीडवाना-कुचामन जिले में कार्रवाई की। टीम ने जिले की सहकारी समितियों के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक सहकारी सोसायटी में हुए गबन के मामले को हटाने के बदले यह रिश्वत मांगी थी। 1 लाख में हुआ था सौदा एसीबी महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया- परिवादी ने शिकायत दी थी कि सहकारी समितियां डीडवाना-कुचामन के सहायक रजिस्ट्रार पीथदान चारण उसे परेशान कर रहे हैं। परिवादी को राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम के तहत गबन के आरोपों के संबंध में नोटिस जारी हुए थे। इन नोटिसों का फैसला परिवादी के पक्ष में करने के बदले आरोपी अधिकारी ने एक लाख रुपए की डिमांड की थी। शिकायत का सत्यापन होने के बाद डीआईजी नारायण टोगस और एएसपी वंदना भाटी के निर्देशन में टीम गठित की गई। निरीक्षक नरेंद्र सिंह राठौड़ की टीम ने दबिश देकर पीथदान चारण को रिश्वत की राशि लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और आईजी एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। ब्यूरो आरोपी के आवास और अन्य ठिकानों की भी जांच कर सकता है।
सुल्तानपुर के कोतवाली चांदा क्षेत्र में मंगलवार को एक सड़क हादसे में 80 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई। यह घटना लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग 731 पर बैतीकला गांव के पास हुई, जब एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रही महिला को टक्कर मार दी। मृतका की पहचान बभनपुर थाना चांदा निवासी तेजाऊ पत्नी दयाशंकर गुप्ता के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रही थीं, तभी यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद स्थानीय लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वाहन की रफ्तार काफी तेज थी और चालक नियंत्रण खो बैठा। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर फरार वाहन और उसके चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। वही घटना के बाद से परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में नगर परिषद थानेसर के सफाई कर्मी ने सुसाइड कर लिया। घर पर रस्सी के साथ कर्मी का शव फंदे पर लटका मिला। सफाई कर्मी अपने संतपुरा स्थित मकान में एक महिला के साथ लिव-इन-रिलेशनशिप में रहता था। परिवार ने महिला और उसके साथियों पर सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप लगाया है। फिलहाल, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान रमन कुमार 30 निवासी बहादुरपुरा के रूप में हुई। अभी रमन संतपुरा में एक महिला के साथ रहता था। करीब 4 साल पहले उसकी पत्नी पुष्पा अपने दोनों बेटियों को साथ लेकर मायके में रह रही थी। परिजन बोले- सुसाइड नोट उसके साइन नहीं शिव कुमान निवासी इशाकपुर ने बताया कि रमन उसका भांजा था। घटनास्थल से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने अपने ससुराल के लोगों पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि सुसाइड नोट पर रमन के साइन नहीं हैं। साथ हैंडराइटिंग भी उसकी नहीं है। यह नोट उसके साथ रहने वाली महिला ने लिखकर रखा है। मकान को लेकर विवाद, कागज तैयार करवाए मामा शिव कुमार ने बताया कि सोनिया और रमन के साथ काम करने वाले कर्मी की उसके मकान पर नजर थी। आरोप है कि सोनिया और कर्मी रमन पर उस मकान को बेचने के लिए दबाव बना रहे थे। करीब 30 लाख रुपए में मकान बेचने के कागज भी तैयार करवा लिए गए थे। खरीदार ने नहीं खरीदा मकान बाद में जब खरीदार को शक हुआ कि कागज सही नहीं हैं। साथ उसे पता चला कि यह मकान रमन को उसके मामा ने बनाकर दिया है। इसलिए उसने मकान लेने से इनकार कर दिया। प्रॉपर्टी डीलर भी मकान लेने से पीछे हट गए। जब मकान नहीं बिका, तो रमन को नौकरी में अटेंडेंस और अन्य बातों को लेकर कर्मी ने परेशान करना शुरू कर दिया। पुलिस कर रही मामले की जांच थाना सुभाष मंडी पुलिस चौकी के इंचार्ज अमित कुमार ने बताया कि कल शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा। बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। सुसाइड नोट की भी जांच होगी, जिसमें हैंडराइटिंग और अन्य पहलुओं को परखा जाएगा। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की पड़ताल कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सके।
सहारनपुर में हत्या के प्रयास के दो आरोपी अरेस्ट:रास्ते के विवाद में परिवार पर हमला करने वाले पकड़े
सहारनपुर पुलिस ने हत्या के प्रयास के एक मामले में फरार चल रहे दो वांछित आरोपियों को मंगलवार को अरेस्ट किया है। यह कार्रवाई एसएसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत थाना नागल पुलिस ने की है। यह मामला 30 मार्च 2026 का है। नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा निवासी इकराम पुत्र बंदा ने पुलिस को तहरीर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि गांव के ही सावेज, नफीस, मोहतरम, रहमान और तालिब ने आपसी रंजिश और रास्ते के विवाद को लेकर उनके परिवार पर हमला किया था। हमलावरों ने लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और फावड़े से इकराम के पुत्र जीशान, फैजान, बहू अफसाना और अलफिशा के साथ मारपीट की। आरोप है कि मोहतरम ने जीशान के सिर पर फावड़े से वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। शोर-शराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को बचाया। जाते-जाते आरोपियों ने परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। शिकायत के आधार पर थाना नागल पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। मंगलवार को थाना नागल प्रभारी संदीप कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर चेकिंग के दौरान दो वांछित अभियुक्तों रहमान पुत्र नूरहसन और तालिब पुत्र मोहतरम को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें गांव नन्हेड़ा बुड्ढाखेड़ा से ताशीपुर जाने वाले मार्ग के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस टीम में एसआई योगेन्द्र चौधरी, हेड कांस्टेबल कमल किशोर और कांस्टेबल सतेन्द्र कुमार शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने उदयपुर के 28 आईवीएफ सेंटर्स का निरीक्षण किया। इनमें कई जगह विभाग को लापरवाही मिली। इस पर दो IVF सेंटर के संचालन में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनका रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। आईवीएफ की आड़ में अवैध अंडा तस्करी के दैनिक भास्कर के खुलासे के बाद विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग ने प्रदेश में संचालित IVF सेंटर्स में पारदर्शिता, वैधानिक अनुपालन एवं नैतिक मानकों को सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई की। विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- पिछले दिनों उदयपुर जिले के आईवीएफ सेंटर्स पर अनियमितताओं की सूचनाएं मिली थी। इस पर कार्रवाई की गई। टीम ने यहां की कार्रवाई राज्य स्तर पर एआरटी और सरोगेसी के राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में टीम गठित की गई। साथ ही उदयपुर जिले में रजिस्टर्ड सभी आईवीएफ सेंटर्स की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीम का गठन कर औचक निरीक्षण कराया गया। इन टीमों ने उदयपुर में 28 केंद्रों का निरीक्षण किया। राज्य नोडल अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीम ने 2 मई को उदयपुर स्थित अमर आशीष हॉस्पिटल और आईवीएफ सेंटर का निरीक्षण कर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक (लेवल-2) एवं सरोगेसी क्लीनिक से संबंधित दस्तावेज की जांच की। निरीक्षण के दौरान दस्तावेज में गंभीर कमियां मिलने पर एआरटी बैंक, एआरटी क्लीनिक एवं सरोगेसी क्लीनिक के रजिस्ट्रेशन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेज की जांच प्रक्रिया जारी विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया- कई आईवीएफ केंद्रों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया जारी है। प्रमुख शासन सचिव ने कहा- एआरटी विनियमन अधिनियम-2021 एवं सरोगेसी विनियमन अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह खबर भी पढ़ें… दलाल बच्चियों से 25 हजार में अंडे खरीद रहे:IVF की आड़ में तस्करी; खुलासे के लिए रिपोर्टर पत्नी के साथ डॉक्टर के पास पहुंचा
शाजापुर में दो बाइक की भिड़ंत:तीन लोग घायल, एक युवक का पैर फ्रैक्चर; शादी समारोह से घर जा रहे थे
शाजापुर के सुनेरा क्षेत्र के पनवाड़ी गांव में मंगलवार रात दो बाइकों के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में तीन लोग जख्मी हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। उज्जैन के छावनी निवासी निखिल और तुलाराम एक शादी से लौट रहे थे, तभी पनवाड़ी के पास उनकी बाइक अनियंत्रित होकर सामने से आ रही बाइक से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि सड़क किनारे खड़े दिनेश राठौर भी इसकी चपेट में आ गए। तीन लोग हुए घायल इस भिड़ंत में दिनेश राठौर का पैर फ्रैक्चर हो गया है, जबकि निखिल लोधी के माथे पर गहरी चोट आई है। तुलाराम को भी मामूली चोटें लगी हैं। घटना के तुरंत बाद डायल 112 की टीम ने मौके पर पहुंचकर तीनों को अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज जारी सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मोर्चा संभाला और घायलों को शाजापुर जिला अस्पताल में दाखिल कराया। फिलहाल तीनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है।
लुधियाना में हिंदू नेता और पंजाब में शिवसेना के बड़े चेहरे अमित अरोड़ा को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने पर बवाल खड़ा हो गया है। अमित अरोड़ा की पत्नी शैरी ठाकुर अरोड़ा और उनके समर्थकों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सिविल अस्पताल के बाहर इकट्ठे हुए समर्थकों और पत्नी का कहना है कि पुलिस बिना किसी अरेस्ट वारंट और बिना कारण बताए अमित अरोड़ा को अपने साथ ले गई है। पत्नी शैरी अरोड़ा ने बताया कि सुबह करीब 11 से 1 बजे के बीच पुलिस उनके घर आई और अमित अरोड़ा को ले गई। पत्नी के मुताबिक जब उन्होंने DSP और अन्य अधिकारियों से कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है बस ऊपर से ऑर्डर हैं। मौके पर मौजूद समर्थकों ने आरोप लगाया कि अमित अरोड़ा एक हाई थ्रेट पर्सन हैं इसके बावजूद डिवीजन नंबर 7 की पुलिस के मुलाजिम उन्हें सरकारी वाहन के बजाय एक प्राइवेट इनोवा गाड़ी में ले गए। समर्थकों ने सवाल उठाया है कि अगर रास्ते में अमित अरोड़ा को कोई जानी-माली नुकसान होता है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। SHO ने 20 बार कॉल करने पर भी नहीं उठाया फोन: पत्नी ने बताया कि वह पिछले 3-4 घंटे से सड़कों पर पागलों की तरह अपने पति को ढूंढ रही हैं। उन्होंने डिवीजन नंबर 7 के SHO को करीब 20 बार कॉल किया, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाया।2016 जैसी साजिश का अंदेशा: पत्नी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 2016 में भी अमित अरोड़ा को इसी तरह दबाने की कोशिश की गई थी और उन पर झूठे पर्चे (FIR) दर्ज किए गए थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन की यह नीति अब दोबारा नहीं चलने दी जाएगी। अमित अरोड़ा के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को सीधा अल्टीमेटम दिया है कि अगर प्रशासन ने जल्द यह नहीं बताया कि अमित अरोड़ा कहाँ हैं और उन्हें क्यों ले जाया गया है तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और धरना देंगे।
राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में फर्जीवाड़ा मामले में SOG ने सीकर के SK हॉस्पिटल के पूर्व अधीक्षक डॉ. कमल कुमार अग्रवाल और निजी लैब संचालक डॉ. बनवारी लाल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद एसओजी की ओर से आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। डीआईजी एसओजी पारिस देशमुख ने बताया- एसओजी जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए। एक मामले में मरीज की MRI 4 दिसंबर 2023 को की गई थी, लेकिन 5 दिसंबर दिखाकर भुगतान लिया गया। जबकि मरीज उस दिन सीकर आया ही नहीं था। वहीं एक अन्य मामले में मरीज किसी अन्य अस्पताल में भर्ती था। फिर भी उसके नाम से फर्जी जांच क्लेम किया गया। प्राइवेट डॉक्टर के रेफरल को सरकारी डॉक्टर के नाम से दिखाकर क्लेम उठाया गया। कई मामलों में मरीजों की जानकारी के बिना ही उनके नाम पर फर्जी क्लेम लिए गए। एसओजी ने संकेत दिए कि घोटाले में अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी है। इस धोखाधड़ी से राज्य सरकार को करोड़ों रुपए की हानि हुई। साथ ही वास्तविक मरीजों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाएं प्रभावित हुई हैं और योजना की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की भी जांच जारी एसओजी घोटाले में अन्य डॉक्टरों और लैब कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच कर रही है। वहीं दोषी पाए जाने पर सभी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब RGHS के बकाया भुगतान को लेकर चिकित्सा क्षेत्र में असंतोष है, जिससे योजना के क्रियान्वयन और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। RGHS के 2200 करोड़ रुपए बकाया बता दें कि राजस्थान में RGHS के करीब 2200 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान को लेकर अस्पतालों, डॉक्टरों और फार्मेसी संचालकों में विरोध चल रहा है। वहीं दूसरी ओर इसी योजना में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने डॉक्टरों और लैब संचालकों की मिलीभगत से किए जा रहे करोड़ों रुपए के घोटाले का खुलासा किया। एसओजी की सीकर स्थित बी. लाल लैब के संचालक डॉ. बनवारी लाल उर्फ बी. लाल और सरकारी हॉस्पिटल एस.के. हॉस्पिटल सीकर में पोस्टेड डॉ कमल कुमार अग्रवाल (एमएस ऑर्थो एसोसिएट प्रोफेसर) को गिरफ्तार किया है। ऐसे किया जा रहा था फर्जीवाड़ा जांच में सामने आया कि आरोपी RGHS योजना का दुरुपयोग कर रहे थे- अनियमितता करने पर 7 डॉक्टरों को किया था निलंबित एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख बोले- इससे पहले राजस्थान स्वास्थ्य विभाग RGHS योजनाओं में गड़बड़ी मामले में अपने स्तर पर बड़ी कार्रवाई कर चुका है। राजस्थान सरकार ने अनियमितता करने पर 7 डॉक्टरों को निलंबित कर दिया था। मेडिकल कॉलेज सीकर में कार्यरत अस्थि रोग विभाग के सह आचार्य डॉ. कमल कुमार अग्रवाल, डॉ. सुनील कुमार ढाका, जनरल मेडिसिन विभाग के सह आचार्य डॉ. मुकेश वर्मा, सीएचसी किरवा के डॉ. राकेश कुमार, एसके अस्पताल के डॉ. गजराज सिंह, डॉ. एसएस राठौड़ और डॉ. सुनील शर्मा को निलंबित किया गया। इसी प्रकार योजना में अनियमितता कर अनुचित लाभ लेने पर भरतपुर के भरतपुर नर्सिंग होम और बीकानेर के बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा रही है। संबंधित जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखा गया है। मरीज की आवश्यकता से अधिक लिखी जांचें एसओजी के डीआईजी पारिस देशमुख ने कहा- डॉ. बोथरा डायग्नोस्टिक एंड इमेजिंग सेंटर बीकानेर द्वारा प्रस्तुत क्लेमों की जांच में पाया गया कि कई मरीजों की आवश्यकता से अधिक जांचें लिखी गईं। वहीं परीक्षण रिपोर्टों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच में यह सामने आया कि कुछ मरीजों के लिए HbA1c, RA Factor, Procalcitonin जैसे परीक्षण दर्शाए गए, जबकि रिकॉर्ड में आवश्यक चिकित्सीय औचित्य स्पष्ट नहीं था। इसके अलावा कुछ मामलों में T2DM के लिए दर्शाए गए HbA1c टेस्ट की रिपोर्ट उपलब्ध नहीं पाई गई तथा ओपीडी स्लिप पर भी संबंधित परामर्श का उल्लेख नहीं मिला। अस्पताल में डॉक्टर नहीं, फिर भी उनके नाम से लिखी पर्चियां पीबीएम राजकीय चिकित्सालय बीकानेर के वरिष्ठ चिकित्सकों से दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। संबंधित चिकित्सकों के बयानों में यह तथ्य सामने आया कि जिन पर्चियों पर उनके नाम और सील दर्शाए गए हैं। उनमें से कई पर हस्ताक्षर और लेखन उनके द्वारा किया जाना स्वीकार नहीं किया गया। कुछ चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि संबंधित अवधि में वे अवकाश पर थे। या उस दिन ओपीडी में कार्यरत नहीं थे। फिर भी उनके नाम से पर्चियां एवं जांचें दर्शाई गईं। जांच में यह भी पाया गया कि कुछ पर्चियों पर दर्शाए गए चिकित्सक उस समय पीबीएम अस्पताल में पदस्थापित ही नहीं थे या उनका रजिस्ट्रेशन बाद की डेट का था। 19 एफआईआर दर्ज, करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए RGHS योजना में अनियमितताएं करने वाले अस्पतालों, फार्मेसी एवं लाभार्थियों पर पहले भी सख्त कार्रवाई की गई है। योजना में गड़बड़ी पर अस्पताल एवं फार्मेसी के खिलाफ 19 एफआईआर दर्ज करवाई है। अनियमितता पर 7 चिकित्सकों सहित 64 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। वहीं करीब 500 कार्ड ब्लॉक किए गए हैं। कार्ड के दुरुपयोग पर लाभार्थियों से करीब 2 करोड़ की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 33 अस्पतालों का टीएमएस और 39 अस्पतालों का भुगतान ब्लॉक किया गया है। साथ ही 8 अस्पताल डी—एम्पेनल किए गए हैं। इन अस्पतालों से 32 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई है। इसी प्रकार 212 फार्मेसी का टीएमएस ब्लॉक किया गया और इनसे 5 करोड़ से अधिक की राशि वसूल की गई।
जौनपुर के बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सामान्य प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएचसी पर जमकर हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। अब जानिए पूरा मामला… जानकारी के अनुसार, पट्टी दयाल गांव निवासी राहुल निषाद अपनी पत्नी लक्ष्मी देवी को प्रसव पीड़ा होने पर बदलापुर सीएचसी लेकर आए थे। यहां लक्ष्मी देवी ने सामान्य प्रसव के बाद एक स्वस्थ नवजात बेटे को जन्म दिया। प्रसव के कुछ समय बाद ही लक्ष्मी देवी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। प्रसूता की मौत, नवजात सुरक्षित स्थिति गंभीर होते देख ड्यूटी पर मौजूद महिला डॉक्टर ने उन्हें तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन लक्ष्मी देवी को जौनपुर के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें वाराणसी रेफर किया गया। हालांकि, बदलापुर सीएचसी से रेफर किए जाने के लगभग तीन घंटे बाद लक्ष्मी देवी की जौनपुर में ही मौत हो गई। नवजात बच्चा पूरी तरह सुरक्षित है। परिजन शव लेकर अस्पताल पहुंचे प्रसूता की मौत से आक्रोशित परिजन शव को वापस बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक फूलचंद पाण्डेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक फूलचंद पाण्डेय ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर मिलने पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. संजय दूबे ने बताया- प्रसूता की हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि परिजन उसे जिला अस्पताल के बजाय निजी अस्पताल ले गए, जहां करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई।
नाथूसरी कलां में जलघर की मोटर खराब:कई घरों में पानी की आपूर्ति ठप, एसडीओ बोले-बुधवार तक होगा समाधान
सिरसा जिले के राजपुरा साहनी गांव में पेयजल संकट गहरा गया है। जलघर में मोटर खराब होने के कारण कई दिनों से गांव के अधिकांश घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। केवल जलघर के आसपास के कुछ घरों को ही पानी मिल पा रहा है, जबकि ढानियों और अधिकतर घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, जलघर में पानी की आपूर्ति के लिए दो मोटरें लगाई गई थीं। इनमें से एक मोटर काफी समय पहले खराब हो गई थी। दूसरी मोटर अकेले पूरे गांव की पानी की जरूरत पूरी करने में असमर्थ है, जिसके कारण दूर-दराज के घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। विभाग द्वारा नहीं की जा रही कार्रवाई गांव के लोग रोजाना पानी के लिए परेशान हैं। कई परिवारों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिस पर काफी खर्च आता है। गरीब परिवार इस अतिरिक्त बोझ को उठाने में असमर्थ हैं। कुछ ग्रामीण पड़ोस के गांवों या अन्य स्रोतों से पानी लाने को मजबूर हैं। ओमप्रकाश, भीमसिंह, जगदीश, विकास और सुरेंद्र सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव में सैकड़ों घर और ढानियां हैं। मोटर खराब होने के बाद से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। एसडीओ बोले-बुधवार तक होगा समाधान ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि जलघर में न तो कोई कर्मचारी नियमित रूप से आता है और न ही कोई अधिकारी निरीक्षण के लिए पहुंचता है। विभाग की इस कथित लापरवाही के कारण ग्रामीण लंबे समय से पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई महीनों से वे विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ संदीप से बात की गई। उन्होंने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और बुधवार तक इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
राजस्थान में घुसपैठ की आशंका को देखते हुए श्रीगंगानगर जिला प्रशासन ने भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रात्रि को आवाजाही पर प्रतिबंध लगाया है। इसके साथ ही पाकिस्तानी सिम का यूज करने पर भी बैन लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। 3 किलोमीटर पट्टी में आवाजाही बंद अनूपगढ़, घड़साना, रायसिंहनगर, पदमपुर, श्रीकरणपुर और श्रीगंगानगर से लगती भारत-पाक सीमा से 3 किलोमीटर की पट्टी में अब शाम 7 बजे से सुबह 6 बजे तक किसी भी व्यक्ति का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि खेती-किसानी के लिए जाने वाले किसानों को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के बोर्डर पोस्ट अधिकारी या सेना अधिकारी से अनुमति लेकर ही जाना होगा। बिना अनुमति के किसी की भी एंट्री नहीं होगी। बॉर्डर के नजदीक इन गतिविधियों पर रोक बॉर्डर के नजदीक तेज प्रकाश वाले उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही तेज ध्वनि वाले उपकरण, पटाखे, बैंण्ड, डीजे पर भी बैन है। यह आदेश 15 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। राज्य और केंद्र सरकार के कर्मचारी इस आदेश से मुक्त रहेंगे। पाकिस्तानी सिम के यूज पर भी बैन जिले के बॉर्डर क्षेत्र में पाकिस्तानी मोबाइल टावरों का नेटवर्क 3-4 किलोमीटर अंदर तक आ रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट डॉ. अमित यादव ने पाकिस्तानी लोकल सिम के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में जिले के किसी भी इलाके में जहां पाकिस्तानी नेटवर्क आता हो, वहां पाकिस्तानी सिम यूज करना मना होगा। किसी को भी ऐसी सिम यूज करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) को टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में बड़ी सफलता हाथ लगी है। टीम ने डिग्गी कस्बे से 45.892 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडा चूरा बरामद किया है। साथ ही एक स्कॉर्पियो कार को जब्त कर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी फलोदी जिले के भोजासर थाना क्षेत्र के चोतीना कैलाश (25)पुत्र भैराराम विश्नोई स्कॉर्पियो कार में डोडा चूरा से भरे तीन कट्टे झालावाड़ से मारवाड़ में सप्लाई करने के लिए ले जा रहा था। एएनटीएफ के महानिरीक विकास कुमार ने बताया कि एएनटीएफ को तस्कर के मादक पदार्थ लेकर आने की भनक लगी तो इसे पकड़ने के लिए दो टीम लगाई गई। एक टीम झालावाड़ से इसके पीछे लगा और दूसरी टीम को टोंक में अलर्ट कर दिया। सोमवार देर रात करीब 10 बजे जैसे ही तस्कर ने कार टोंक जिले के सोहेला होते हुए डिग्गी, मालपुरा के रास्ते पर दौड़ाई तो टोंक में तैनात टीम ने उसका पीछा किया। तस्कर को आभास हो गया कि उसके पीछे पुलिस लगी हुई है। फिर तस्कर कैलाश ने गाड़ी को और तेज दौड़ाया। तस्कर ने टीम को चकमा देने के लिए डिग्गी कस्बे में एक संकरी गली में मोड़ दिया। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर कामयाब नहीं हो सकी। आगे संकरा होने गाड़ी फंस गई। कुछ देर बाद टीम उसकी तलाश करती हुई वहां पहुंच गई और उसे दबोच लिया। यह कार्रवाई आपरेशन विषांजन के तहत अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एम एन के मार्गदर्शन में की है। इसके अलावा राजस्थान में दो अन्य जगह भी 45 हजार रुपए के इनामी तस्कर समेत दो बदमाशों को अवैध मादक पदार्थों के साथ पकड़ा है। इनपुट दीपांशु पाराशर, डिग्गी।
सीकर में 17 साल के कोचिंग स्टूडेंट ने सुसाइड कर लिया। स्टूडेंट ने अपने कमरे में मंगलवार को पंखे से फंदा लगा लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। जहां से शव को SK अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों की मौजूदगी में बुधवार को शव का पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार- कोचिंग स्टूडेंट पिछले साल सीकर में JEE की तैयारी करने जून महीने में आया था। वह यहां प्राइवेट हॉस्टल में रहता था और सीकर की प्राइवेट कोचिंग में JEE की तैयारी कर रहा था। पंखे से लटकर लगाया फंदा पुलिस के अनुसार- स्टूडेंट ने अपने कमरे में कपड़े से फंदा बनाया और पंखे पर लटकाकर सुसाइड कर लिया। हॉस्टल स्टाफ ने इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। जहां से शव को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल पुलिस मौत के कारणों का पता लग रही है। परिजन जो भी रिपोर्ट देंगे, उसके आधार पर मामले में कार्रवाई होगी।
कानपुर के चर्चित किडनी कांड में जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। फरार आरोपी दलाल अफजाल से जुड़े अहम सुराग कल्याणपुर के एक होटल से मिले हैं। पुलिस जांच के दौरान होटल कर्मियों ने रजिस्टर दिखाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मौके पर हंगामे जैसी स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस के आला अधिकारी हरकत में आए और कई थानों की फोर्स मौके पर भेजी गई। जांच में सामने आया है कि किडनी कांड का आरोपी अफजाल अपने साथी अंकित के साथ मुजफ्फरनगर की किडनी रिसीवर पारुल तोमर, उसके पति विकास तोमर और भाई दिव्यांग के साथ 21–22 फरवरी को कल्याणपुर स्थित सत्यम होटल में रुका था। रावतपुर थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार विवेचना के दौरान जब होटल पहुंचे और फरवरी माह का रजिस्टर मांगा, तो होटल मैनेजर ने रजिस्टर दिखाने से इनकार कर दिया। रजिस्टर दिखाने से मना, पुलिस को बुलानी पड़ी फोर्स होटल मैनेजर ने विवेचक से अभद्रता करते हुए कहा कि वह अतिरिक्त फोर्स के साथ आएं, तब ही रजिस्टर दिखाया जाएगा। इसके बाद मामले की जानकारी डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी को दी गई। डीसीपी के निर्देश पर रावतपुर, कल्याणपुर और बिठूर थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस टीम ने होटल के रजिस्टर से अफजाल, पारुल तोमर, विकास तोमर, दिव्यांग और अंकित के रिकॉर्ड बरामद कर लिए। साथ ही आधार कार्ड और हस्ताक्षर जैसे अहम साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस ने होटल का रजिस्टर जब्त कर लिया है। कोर्ट में पेश होंगे सबूत, जमानत पर सुनवाई आजविवेचक मनोज कुमार ने बताया कि बुधवार को अफजाल की जमानत याचिका पर सुनवाई है। कोर्ट में यह साबित करना है कि यही अफजाल किडनी रिसीवरों को फंसाकर कानपुर के आहूजा हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट कराता था। पुलिस होटल से मिले सबूत कोर्ट में पेश करेगी। 25 हजार का इनामी है आरोपीडीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि अफजाल अब तक फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगी हैं। उस पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस लगातार दबिश दे रही है। किडनी कांड में अब तक कई डॉक्टरों और सहयोगियों समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जिनमें अस्पताल संचालक, दलाल, टेक्नीशियन और ड्राइवर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को भी पकड़ लिया जाएगा।
यूपी रेरा अब प्रोजेक्ट रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरी तरह टेक्नोलॉजी आधारित बनाने जा रहा है। आने वाले समय में बिल्डर न तो मानचित्र में छेड़छाड़ कर सकेंगे और न ही कंपनी के असली डायरेक्टर का नाम छिपा पाएंगे। इसके लिए यूपी रेरा अपने पोर्टल को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस करने जा रहा है। साथ ही चैटबॉट और मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए जाएंगे। यूपी रेरा के चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने बताया कि इन नई सुविधाओं का लोकार्पण अगले साल जनवरी में किया जाएगा। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर दिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रोजेक्ट और उससे जुड़े डेवलपर की जानकारी कुछ ही सेकेंड में मिल सकेगी। इससे घर खरीदारों और निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी। अब डेवलपर नहीं बदल सकेंगे नक्शा अभी तक कई डेवलपर विकास प्राधिकरण से नक्शा पास कराने के बाद उसमें बदलाव कर रेरा पोर्टल पर अपलोड कर देते थे। नई व्यवस्था में बिल्डर को सिर्फ परमिट नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद रेरा पोर्टल सीधे विकास प्राधिकरण या OBPAS पोर्टल से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करेगा। इससे नक्शे में टेंपरिंग की संभावना खत्म हो जाएगी। MCA पोर्टल से सीधे आएगा डायरेक्टर का नाम यूपी रेरा ने कंपनियों के डायरेक्टर की जानकारी भी अब सीधे कॉरपोरेट अफेयर्स मंत्रालय (MCA) के पोर्टल से लेने का फैसला किया है। अभी कुछ कंपनियां रेरा में अलग नाम दर्ज कराती थीं ताकि कार्रवाई होने पर असली डायरेक्टर बच सके। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह संभव नहीं होगा। ऐप से घर बैठे होगी सुनवाई रेरा मोबाइल ऐप लॉन्च होने के बाद आवंटियों के लिए शिकायत दर्ज करना और सुनवाई में शामिल होना आसान हो जाएगा। ऐप पर ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंक उपलब्ध रहेगा, जिससे आवंटी कहीं से भी ऑनलाइन सुनवाई में हिस्सा ले सकेंगे। 9 साल पूरे होने पर गिनाईं उपलब्धियां रेरा के नौ साल पूरे होने पर चेयरमैन संजय भूसरेड्डी ने 2017 से अप्रैल 2026 तक रजिस्टर हुए प्रोजेक्ट और शिकायतों के निस्तारण से जुड़े आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि AI आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और घर खरीदारों के हित अधिक सुरक्षित होंगे।
कैथल जिले में राजौंद के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहेड़ा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिन बच्चों ने कभी स्कूल जाने का सपना भी नहीं देखा था, उन्हें यह विद्यालय शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल ने बताया कि विद्यालय में प्रतिदिन ईंट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को पढ़ाया जाता है। कुल 23 लड़के-लड़कियों ने अपना दाखिला करवाया है। इन सभी बच्चों को सुबह भट्ठे से विद्यालय लाने और छुट्टी के बाद वापस छोड़ने का काम प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल और डीपीई कृष्ण सिंगरोह अपनी निजी गाड़ी से करते हैं। कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी विद्यालय में इन बच्चों की प्रतिदिन पढ़ाई करवाई जाती है। कला अध्यापक राजेश कुमार विशेष रुचि के साथ इन्हें पढ़ाते हैं। इन बच्चों को पढ़ने के लिए कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी गई हैं। दोपहर का भोजन वे मिड-डे मील में करते हैं, और इसके अतिरिक्त उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट भी दिए जाते हैं। पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए पिछले एक महीने से इन बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय लाया जा रहा है, और इस दौरान वे काफी पढ़ना-लिखना सीख गए हैं। इसके अलावा, विद्यालय स्टाफ द्वारा इन बच्चों को पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यालय स्टाफ सदस्य सिकंदर सिंह, बलजीत सिंह, राजबीर सिंह और रामबिलास शास्त्री का भी इस पहल में विशेष योगदान है।
पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते डूंगरपुर में शाम के समय मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और अचानक से तेज धूलभरी हवाएं चलने लगी ओर फिर पहले बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया। शाम 7 बजे तेज बरसात का दौर चल रहा है। इससे दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली। वहीं, बारिश का दौर शुरू होते ही डूंगरपुर शहर समेत जिले के कई हिस्सों में बिजली गुल हो गई।। डूंगरपुर जिले में मौसम विभाग की ओर से बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। सुबह से ही तेज गर्मी और उमस का असर रहा। इससे लोग दिनभर की गर्मी से बेहाल रहे। वही शाम 6 बाजे बाद अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बादल छा गए और फिर हवाएं चलने लगी। तेज हवाओं के साथ धूल उड़ने लगी। वहीं, साढ़े 6 बजे बाद बूंदाबांदी का दौर शुरू हो गया।।करीब आधे घंटे तक बूंदाबांदी ओर हवाओं के बाद बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज बारिश की वजह से सड़कों पर पानी बहने लगा। बादलों की तेज गर्जना ओर बिजली चमकने के साथ बारिश का दौर चलता रहा। बारिश की वजह से मौसम सुहावना हो गया। दिनभर की गर्मी और उमस से भी लोगों को राहत मिली। बारिश का दौर शुरू होते ही डूंगरपुर शहर में बिजली गुल हो गई। इसके अलावा जिले के कई गांवों में भी बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई।
सीहोर की इछावर तहसील के दीवडिया गांव में मंगलवार रात ग्रामीणों ने सजगता दिखाते हुए चोरी की बड़ी वारदात को नाकाम कर दिया। ग्रामीणों ने मौके से दो चोरों को रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार आरोपी गांव के मांगलिक भवन से जनरेटर का आर्मेचर, पानी की मोटर और दो पंखे चोरी करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान खेत से घर लौट रहे एक किसान की नजर संदिग्ध गतिविधियों पर पड़ी। उसने तुरंत सरपंच और ग्रामीणों को सूचना दी, जिसके बाद गांव में अलर्ट हो गया। ग्रामीणों ने पकड़े गए दोनों आरोपियों की की पिटाई सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों को काबू में कर पुलिस को सूचना दी। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपियों से जनरेटर का आर्मेचर, एक पानी की मोटर और दो पंखे बरामद किए गए। चोरों को पकड़ने के बाद ग्रामीणों ने उनसे पूछताछ के दौरान पिटाई भी कर दी। इसके बाद उन्हें उसी आर्मेचर से बांध दिया गया, जिसे चोरी करने की कोशिश की गई थी। बाद में ग्रामीणों ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। ग्राम पंचायत की ओर से मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है और पुलिस जांच में जुटी है।
रोहतक की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरटीओ ऑफिस में योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान को एक लाख रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम आरोपियों को कल कोर्ट में पेश करेगी। रिश्वत लेने का आरोपी आरटीओ निरीक्षक राकेश राणा को एसीबी की टीम ने महर्षि दयानन्द कॉलोनी से 1,00,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। वहीं मामले में सहायक सचिव मनीष मदान की संलिप्तता भी मिली, जिसके कारण उसे भी गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में एसीबी थाने में केस दर्ज किया गया। ट्राले का चालान जमा करवाने के दौरान मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत दी कि उसके ट्राले का चालान आरटीओ विभाग द्वारा किया गया था। चालान जमा करवाने के लिए वह आरटीओ कार्यालय कन्हेली पहुंचा, जहां उसकी मुलाकात निरीक्षक राकेश राणा व सहायक सचिव मनीष मदान से हुई। आरोपियों ने उस पर दबाव बनाते हुए कहा कि यदि वह सेटिंग नहीं करेगा तो उसकी गाड़ियों के लगातार चालान किए जाएंगे। आरोपियों ने प्रति गाड़ी मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने प्रति गाड़ी 7,000 रुपए मासिक रिश्वत की मांग की। उसके व उसके साथियों की लगभग 150 गाड़ी चलती है, जिसके लिए कुल 10,50,000 रुपए मासिक रिश्वत मांगी गई। बाद में यह सौदा 8,00,000 रुपए प्रतिमाह पर तय हुआ, जिसमें से 5,50,000 रुपए पहले ही दिए जा चुके है। एक लाख रुपए रंगे हाथ लेते किया गिरफ्तारएंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपियों को 1,00,000 रुपए रिश्वत लेते हुए आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ा। शिकायत के आधार पर एसीबी ने रेडिंग पार्टी का गठन किया। टीम ने योजनाबद्ध कार्रवाई करते हुए आरटीओ कार्यालय कन्हेली के निरीक्षक राकेश राणा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार लिया। एसीबी की टीम ने साक्ष्यों के आधार पर सहायक सचिव मनीष मदान को भी गिरफ्तार कर लिया।
बूंदी के देईखेड़ा में मंगलवार देर शाम दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर एक ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गया। यह घटना लबान टोल से कुछ दूरी पहले हुई। जानकारी के अनुसार ट्रेलर गुड़गांव से कारों को लेकर कन्याकुमारी की ओर जा रहा था। इसमें कई कारें लदी हुई थीं। ट्रेलर के ड्राइवर हामिद ने बताया कि उनके आगे चल रहे एक अन्य ट्रक ने अचानक अपनी लेन बदल ली। इससे ट्रेलर अनियंत्रित हो गया और हाईवे के बेरियर तोड़ते हुए सड़क से नीचे उतर गया। गनीमत रही कि ट्रेलर नीचे गहरे गड्ढों में नहीं गिरा। वह सड़क बेरियर में ही फंसकर लटक गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। ड्राइवर और हेल्पर सतर्कता के साथ सुरक्षित नीचे उतरने में सफल रहे। हादसे में ड्राइवर को मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर एक्सप्रेस-वे के लबान टोल से पेट्रोलिंग टीम और अन्य कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन की सहायता से ट्रेलर को निकालने का प्रयास शुरू किया।
रायबरेली के लालगंज स्थित मॉडर्न रेलकोच कारखाने के आवासीय परिसर में मंगलवार को एक सीनियर सेक्शन इंजीनियर के बेटे ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान विनायक के रूप में हुई है, जो कक्षा 10वीं का छात्र था। घटना की सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। पुलिस इस मामले में मृतक के परिवारजनों और आवासीय परिसर के अन्य निवासियों से पूछताछ कर रही है ताकि आत्महत्या के कारणों का पता चल सके। घटना के बाद से परिवार में शोक का माहौल है। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुट गए हैं।
संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने मंगलवार शाम केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज अपनी ताकत पर घमंड कर रहे हैं, उनकी ताकत चकनाचूर होगी, घमंड टूटेगा और फिर से सरकार बनेगी। यह बात उन्होंने संभल के थाना नखासा क्षेत्र के मोहल्ला दीपा सराय स्थित बर्क मंजिल पर कही। सांसद बर्क ने कहा कि हमें मायूस होने की जरूरत नहीं है, आने वाला समय बहुत जल्द बदलेगा। उन्होंने उन लोगों को याद दिलाया जो आज देश के 20 राज्यों की सत्ता पर काबिज होने की बात कर रहे हैं, कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने भी पूरे देश पर शासन किया है। समय के साथ वहां भी परिवर्तन हुआ, इसलिए यह गलतफहमी है कि उनकी सत्ता स्थायी रहेगी, जिसे जनता जल्द दूर कर देगी। बर्क ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद नहीं, बल्कि बिहार चुनावों के दौरान भी उठाया गया था। उन्होंने टीएमसी का उदाहरण देते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में बार-बार रिट याचिकाएं दाखिल कर चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए थे। सांसद ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग जिस तरह से विपक्ष के वोटों को काटने का काम कर रहा है, वह गलत है और इससे चुनाव परिणाम प्रभावित होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष चुनाव के लिए हानिकारक है। कांग्रेस के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए जियाउर्रहमान बर्क ने बताया कि 2021 और 2026 में भी कांग्रेस को 3% वोट मिले हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के वोट प्रतिशत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। बर्क ने सुझाव दिया कि अगर सभी दल मिलकर लड़ते तो और ज्यादा मजबूती हो सकती थी, क्योंकि बीजेपी ने एसआईआर के माध्यम से चुनाव बदलने का काम पहले ही कर दिया था।
राज्य की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के अंतर्गत हुए एमओयू में से बड़ी संख्या में क्रियान्वयन हो चुका है। सरकार का कार्य व्यवसाय करना नहीं, बल्कि उद्योगों को सुगम वातावरण प्रदान करना है। वे आज उदयपुर चेम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इण्डस्ट्री द्वारा दक्षिणी राजस्थान में उद्योग एवं पर्यटन की संभावनाएं विषय पर एक परिचर्चात्मक सेमिनार को संबोधित कर रही थी। उन्होंने यूसीसीआई उदयपुर के दिए गए सुझावों को मुख्यमंत्री एवं संबंधित विभागों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। उन्होंने उदयपुर में ट्रैवल मार्ट के आयोजन की पुष्टि करते हुए पर्यटन को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की आवश्यकता बताई तथा ओवर-टूरिज्म के दुष्प्रभावों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने होम स्टे को पर्यटन बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम बताया तथा महाराणा प्रताप सर्किट एवं ट्राइबल सर्किट के विकास की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि नाथद्वारा विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने पर्यावरण संरक्षण एवं पर्यटन के संतुलित विकास पर जोर दिया। उन्होंने उदयपुर के बदलते पर्यावरण पर चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक सौंदर्य के संरक्षण की आवश्यकता बताई। साथ ही नाथद्वारा में अव्यवस्थित विकास, यातायात एवं पार्किंग समस्याओं पर ध्यान दिलाया तथा चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं वहां बेहतर ठहराव सुविधाओं के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम में राजसमंद सांसद महिमा कुमारी, उदयपुर (ग्रामीण) विधायक फूलसिंह मीणा, डूंगरपुर जिला प्रमुख बंशीलाल कटारा, भाजपा उदयपुर अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, उदयपुर ग्रामीण अध्यक्ष पुष्कर तेली, जिला उद्योग केन्द्र के महाप्रबन्धक शैलेन्द्र शर्मा, रीको के वरिष्ठ उप-महाप्रबन्धक अजय पंड्या आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उद्योग, व्यापार एवं पर्यटन क्षेत्र से लगभग 200 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यूसीसीआई के अध्यक्ष मनीष गलूण्डिया ने स्वागत उद्बोधन में यूसीसीआई की 61 वर्षों की यात्रा, क्षेत्रीय विकास में इसकी भूमिका एवं लगभग ₹1.5 लाख करोड़ के निवेश प्रतिनिधित्व का उल्लेख किया। कार्यक्रम में यूसीसीआई के संरक्षक बी.एच. बापना, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सन्दीप बापना, उपाध्यक्ष महेन्द्रसिंह खिमेसरा, पूर्व अध्यक्ष कोमल कोठारी, वीरेन्द्र सिरोया, हंसराज चौधरी, आरके सिंघवी, एम.एल. लूणावत एवं सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संचालन मानद कोषाध्यक्ष हसीना चक्कीवाला द्वारा किया गया तथा अंत में मानद महासचिव आशीष छाबड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बजट घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा कीदीया कुमारी ने इसी जगह पर सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), पर्यटन विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डिप्टी सीएम द्वारा विभिन्न योजनाओं और बजट घोषणाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। सड़क कार्यों में धीमी प्रगति पर नाराजगी सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने उदयपुर संभाग में कई परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि अत्यधिक आवश्यक सड़कों के निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण किया जाए।
रायसेन में मंगलवार शाम सागर रोड टोल नाके के आगे एक बड़ा हादसा टल गया। करीब 50 बारातियों से भरी तेज रफ्तार बस ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई। गनीमत रही कि इस दौरान कोई यात्री घायल नहीं हुआ। घटना शाम करीब 7:30 बजे की है। तेज रफ्तार बस डिवाइडर पर चढ़ने के बाद करीब 50 मीटर तक घिसटती चली गई, जिससे डिवाइडर भी क्षतिग्रस्त हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टोल नाके के आगे क्रॉसिंग के पास ओवरटेक करते समय चालक बस पर नियंत्रण खो बैठा, जिससे यह हादसा हुआ। देखिए दो तस्वीरें… बस में मची अफरा-तफरी, सभी सुरक्षित बस में सवार बाराती मंडीदीप से देवगांव के पास एक गांव जा रहे थे। अचानक हुए हादसे से बस में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन सभी यात्री सुरक्षित रहे। करीब डेढ़ से दो घंटे की मशक्कत के बाद रात 9 बजे डंपर की मदद से बस को डिवाइडर से नीचे उतारा गया। इसके बाद यात्री दोबारा यात्रा पर रवाना हुए। स्थानीय लोगों के मुताबिक सागर रोड के डिवाइडर पर लगे लाइट पोल लंबे समय से बंद हैं, जिससे सड़क पर अंधेरा रहता है। इसे भी हादसे का एक कारण माना जा रहा है।
शाजापुर के बेरछा में मंगलवार रात गुस्से में किसानों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया। यह पूरा विवाद गेहूं की तुलाई रुकने की वजह से शुरू हुआ, जिससे किसानों का सब्र टूट गया। तिलावत गोविंद के पास श्री कृष्णा वेयरहाउस पर गेहूं उपार्जन केंद्र बनाया गया था। मंगलवार रात करीब 8 बजे जब वेयरहाउस पूरी तरह भर गया और वहां जगह नहीं बची, तो प्रबंधन ने गेहूं तौलने से मना कर दिया। दो-तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे किसानों को जब अचानक शाजापुर के पास कैलाश वेयरहाउस जाने को कहा गया, तो वे भड़क गए और सड़क पर जाम लगा दिया। बीच सड़क पर प्रदर्शन किसानों ने करीब 15 मिनट तक सड़क जाम कर जमकर विरोध जताया। भारतीय किसान संघ के मुकेश पाटीदार ने कहा कि किसान कई दिनों से यहां लाइन में लगे हैं, ऐसे में उन्हें अचानक दूसरी जगह भेजना गलत है। किसानों की मांग थी कि उनकी उपज की तुलाई इसी केंद्र पर की जाए। रात के समय सड़क पर जाम लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसडीएम और पुलिस मौके पहुंची जाम की खबर मिलते ही शाजापुर एसडीएम मनीषा वास्कले और बेरछा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया और वैकल्पिक इंतजाम का भरोसा दिया। प्रशासन ने तुरंत कैलाश वेयरहाउस पर तुलाई की पुख्ता व्यवस्था करने और टोकन बांटने का काम शुरू कराया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला और यातायात बहाल हो सका।
संभल में चल रहे गीता ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने 'विश्व रूप दर्शन योग' का संदेश दिया। उन्होंने श्रद्धालुओं को बताया कि यह संपूर्ण सृष्टि ही ईश्वर का प्रत्यक्ष रूप है, इसलिए इसकी सेवा ही सच्ची भक्ति है। कार्यक्रम की शुरुआत पूजन के उपरांत अध्यक्ष दीपा वाष्र्णेय के भजन से हुई, जिसके बाद श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 11 का पाठ और विस्तृत व्याख्यान आयोजित किया गया। इस अवसर पर गीता व्यास स्वामी कृष्णानंद जी महाराज ने भगवान के विराट स्वरूप का वर्णन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व रूप दर्शन का अर्थ केवल एक दिव्य दृश्य देखना नहीं है, बल्कि यह उस चेतना का अनुभव है जिसमें संपूर्ण ब्रह्मांड एक ही सत्ता के रूप में प्रकट होता है। स्वामी कृष्णानंद ने बताया कि परिवार, समाज, राष्ट्र और समस्त प्रकृति उसी विराट स्वरूप के अंग हैं। इसलिए इनकी सेवा, सुरक्षा और संवर्धन ही वास्तविक भक्ति है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्ची भक्ति केवल मंदिरों में पूजा या भजन-कीर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा करना ही ईश्वर की सच्ची आराधना है। उन्होंने भक्ति की संकीर्ण होती परिभाषा पर चिंता व्यक्त की। स्वामी जी ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे राष्ट्र भक्ति, समाज भक्ति और परिवार भक्ति को अपने जीवन में अपनाएं। उनके अनुसार, कर्मयोग के माध्यम से इन सभी आयामों का समन्वय ही जीवन को सार्थक बनाता है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे, जिन्होंने इस संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया। यह गीता ज्ञान यज्ञ आध्यात्मिक जागरूकता के साथ-साथ समाज में सकारात्मक सोच और कर्तव्यबोध को भी मजबूत कर रहा है।
तेज रफ्तार कैंटर पलटा, चालक की मौत:मथुरा में हादसा हुआ, सीसीटीवी वीडियो सामने आया
मथुरा के थाना राया क्षेत्र में मंगलवार को एक तेज रफ्तार कैंटर अनियंत्रित होकर पलट गया। यह हादसा इतना भीषण था कि वाहन सड़क पर काफी दूर तक घिसटता रहा। इस पूरी घटना का सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, कैंटर मथुरा की ओर आ रहा था। तभी अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और कैंटर पलट गया। हादसे के दौरान कैंटर में सवार चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थाना राया पुलिस मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। कैंटर में फंसे चालक को बाहर निकालकर तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अभी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक नहीं की गई है, हालांकि पुलिस द्वारा परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। थाना प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि दुर्घटना तेज रफ्तार और वाहन के अनियंत्रित होने के कारण हुई प्रतीत हो रही है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारु कराया। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त कैंटर को जेसीबी की मदद से सीधा कराया गया और सड़क से हटवाया गया, जिससे यातायात बहाल हो सका। पुलिस ने मृतक का पंचायतनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाया जा रहा है। वहीं, वायरल हो रहे सीसीटीवी वीडियो के आधार पर भी घटना की जांच की जा रही है।
फतेहाबाद के नगर परिषद कार्यालय की ओर से जनगणना कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने के मामले में एक शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में परिषद के ईओ सुरेश चौहान द्वारा सिटी थाना प्रभारी को पत्र लिखा गया है। शिकायत पत्र के अनुसार, गांव बोसवाल स्थित गवर्नमेंट हाई स्कूल में तैनात टीजीटी (सोशल स्टडी) श्याम सुंदर को जनगणना 2027 के लिए एन्यूमरेटर नियुक्त किया गया था। उन्हें शहर फतेहाबाद में HLB नंबर-125 आवंटित किया गया था और जनगणना कार्य 1 मई से शुरू हो चुका है। स्पष्ट निर्देशों के बावजूद संबंधित शिक्षक ने कार्य शुरू नहीं किया और जानबूझकर अपने सुपरवाइजर से संपर्क भी तोड़ लिया। विभाग और सुपरवाइजर द्वारा कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उसने न तो कॉल रिसीव की और न ही अनुपस्थिति को लेकर कोई जानकारी दी। 3 मई को भेजा था कारण बताओ नोटिस इसके बाद 3 मई को उसे कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 4 मई सुबह 10 बजे तक जवाब देने के निर्देश दिए गए, लेकिन उसने तय समय में कोई जवाब नहीं दिया। विभाग ने इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। इसके बाद मंगलवार को हुई बैठक में डीसी डॉ.विवेक भारती ने ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए एफआईआर दर्ज कराने को कहा। इसी के तहत नगर परिषद ने पुलिस को पत्र लिखकर भारत की जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियम 1990 के तहत मामला दर्ज करने का आग्रह किया है। परिषद ने पुलिस से एफआईआर दर्ज कर उसकी प्रति कार्यालय को उपलब्ध कराने को भी कहा है।
जिले की बिजुरी थाना पुलिस ने मंगलवार शाम कोयले से भरी एक वैन को पकड़ा है। पुलिस ने मौके से 32 बोरी कोयला जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गाड़ी मालिक पर भी केस दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी विकास सिंह ने बताया कि तस्करों ने पुलिस को झांसा देने के लिए एक वैन का इस्तेमाल किया था। शातिर आरोपी वैन में पीछे की तरफ बोरियों को इतनी ही ऊंचाई तक भरते थे, ताकि सामने के कांच से देखने पर कोयला नजर न आए। यह कोयला रामनगर से लाया जा रहा था और इसे बिजुरी के आसपास के होटलों और ईंट भट्ठों पर सप्लाई करने की तैयारी थी। जांच में खुली पोल, 2 लाख से ज्यादा का सामान जब्त पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वैन से कोयले की तस्करी हो रही है। मुख्य मार्ग पर जब घेराबंदी कर वैन (नंबर- CG 04 T 4439) को रोका गया, तो अंदर 32 बोरी कोयला मिला। चालक खूबलाल कोल इस कोयले से जुड़ा कोई भी कागज नहीं दिखा पाया। पुलिस ने कोयला और वैन दोनों को जब्त कर लिया है, जिसकी कुल कीमत करीब 2 लाख 5 हजार रुपए बताई जा रही है। चालक गिरफ्तार, मालिक पर भी केस इस मामले में पुलिस ने 19 साल के चालक खूबलाल कोल को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही वैन के मालिक याकूब पर भी धारा 303(2) BNS और खनिज अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस अब आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे यह चोरी का कोयला कहां से लाते थे और इस खेल में और कौन-कौन शामिल है।
बेटी की शादी से पहले पिता ने दी जान:छतरपुर में बारात आने से पहले फांसी लगाई, खुशियां मातम में बदलीं
छतरपुर के प्रकाश बम्हेरी गांव में मंगलवार को एक दुखद घटना सामने आई। जिस घर में बेटी की शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां बारात आने से कुछ घंटे पहले ही पिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं। जानकारी के अनुसार प्रकाश बम्हेरी निवासी जय सिंह यादव (45) की बेटी की शादी मंगलवार को तय थी। सुबह करीब 7 बजे वे घर से चुपचाप निकल गए। कुछ देर बाद गांव के बाहर एक पेड़ पर उनका शव फंदे से लटका मिला। शादी वाले घर में मातम घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। शादी की तैयारियों के बीच घर में चीख-पुकार शुरू हो गई। दुल्हन बनने जा रही बेटी पिता की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक मानसिक रूप से अस्वस्थ था और पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहां अब मातम छा गया है।
सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) के तत्वावधान में अंडर-19 इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। 30 अप्रैल से 3 मई तक शामली क्रिकेट अकादमी में आयोजित इस चार दिवसीय टूर्नामेंट में सहारनपुर ए, सहारनपुर बी, मुजफ्फरनगर और शामली की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में युवा खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण के हर विभाग में उत्कृष्ट खेल दिखाया। कई मैच बेहद रोमांचक रहे, जिससे दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला। खिलाड़ियों के जुझारू प्रदर्शन और तकनीकी कौशल ने चयनकर्ताओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। एसडीसीए के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य सहारनपुर और आसपास के जनपदों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को एक मजबूत मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर जोनल टीम का गठन किया जाएगा, जिससे चयनित खिलाड़ियों को प्रदेश स्तर पर खेलने का अवसर मिल सके। गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि एसडीसीए के चेयरमैन मोहम्मद अकरम के निरंतर प्रयासों से जिले में क्रिकेट गतिविधियों को नई दिशा और गति मिल रही है। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ रहा है और उनके प्रदर्शन में निखार आ रहा है। एसडीसीए के सचिव लतीफ उर रहमान ने इस प्रकार की प्रतियोगिताओं को युवा खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी बताया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सहारनपुर के खिलाड़ी भविष्य में प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल रहेंगे। प्रतियोगिता के दौरान यूपीसीए जूनियर चयन समिति के मुख्य चयनकर्ता कमलकांत कनौजिया ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन का बारीकी से अवलोकन किया। मैचों में अंपायरिंग की जिम्मेदारी नीरज चौधरी और दीपक सैनी ने संभाली, जबकि स्कोरिंग का कार्य प्रणब दास द्वारा किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में एसडीसीए के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का विशेष योगदान रहा। इनमें उपाध्यक्ष परविंदर सिंह, कोषाध्यक्ष पाली कालड़ा, संरक्षक अमर गुप्ता और मीडिया प्रभारी सैयद मशकूर सहित कई अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन से क्षेत्र में क्रिकेट के प्रति उत्साह और भी बढ़ गया है।
कविनगर पुलिस ने दो बाइक चोर पकड़े:6 चोरी की बाइकें बरामद, NCR में करते थे वारदात
गाजियाबाद की कविनगर पुलिस ने दो बाइक चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी की छह बाइकें बरामद की गई हैं। यह गिरफ्तारी 5 मई 2026 को हुई, जब पुलिस टीम लाल कुआं से सर्विस रोड की तरफ औद्योगिक क्षेत्र के पास चेकिंग कर रही थी। इस दौरान एक बाइक पर दो युवक आते दिखे। पुलिस ने उन्हें रोकने का इशारा किया, लेकिन वे भागने लगे। पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें कुछ दूरी पर दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बागपत निवासी अकुल कश्यप (19) और लोनी, गाजियाबाद निवासी अंश भाटी (20) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न इलाकों से बाइक चोरी करते थे। चोरी की गई बाइकों को वे आरटीओ कार्यालय के पास एक खाली प्लॉट में छिपाकर रखते थे और बाद में सस्ते दामों पर बेच देते थे। जिस समय उन्हें पकड़ा गया, वे उस वक्त भी बाइक चोरी करने के इरादे से ही इलाके में घूम रहे थे। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से क्षेत्र में बाइक चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।
मथुरा जंक्शन पर शातिर चोर गिरफ्तार:2.25 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद
मथुरा जंक्शन जीआरपी पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 2 लाख 25 हजार रुपये का चोरी का सामान बरामद किया है, जिसमें लैपटॉप, आईपैड और दो मोबाइल फोन शामिल हैं। थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर 8 के पास स्थित पार्क से आरोपी सुमित मीणा को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, एक एप्पल कंपनी का आईपैड और एक ट्रॉली बैग मिला। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित मीणा पुत्र श्रीचन्द्र मीणा के रूप में हुई है, जो थाना गोविंदनगर क्षेत्र के माहेश्वरी का निवासी है। पूछताछ में आरोपी ने कई चोरियों का खुलासा किया। उसने बताया कि एक मोबाइल उसने करीब दो महीने पहले मथुरा जंक्शन स्टेशन पर ट्रेन से चुराया था। ट्रॉली बैग भी उसी दिन ट्रेन से चोरी किया गया था। इसके अतिरिक्त, आईपैड, लैपटॉप और दूसरा मोबाइल उसे कुछ महीने पहले चोरी किए गए एक पिट्ठू बैग से मिले थे। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सुमित मीणा के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ जारी है ताकि इस चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके और उसकी अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जांच की जा सके।
मथुरा में खाद्य विभाग की कार्रवाई:गंदगी मिलने पर एक डेयरी सील, 9 नमूने लिए गए
मथुरा के बाजना क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने मंगलवार को औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान अस्वच्छता मिलने पर एक डेयरी को सील कर दिया गया। यह कार्रवाई आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन धीरेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देश पर सहायक आयुक्त (खाद्य) द्वितीय के नेतृत्व एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के निर्देशन में की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण कुमार, धर्मेन्द्र सिंह, मोहर सिंह कुशवाह, दलवीर सिंह और भरत सिंह की टीम ने पारसौली रोड स्थित राधे मिल्क प्रोडक्ट्स (प्रो. गीतम सिंह) का निरीक्षण किया। यहां से पनीर और मिश्रित दूध के नमूने लिए गए। पप्पू डेयरी (प्रो. बलवीर सिंह) से पनीर के दो नमूने तथा सिरसा मिल्क प्रोडक्ट्स (प्रो. ऋषि) से पनीर और मिश्रित दूध के नमूने भी संग्रहित किए गए। टीम ने मुड़लिया रोड स्थित सोनू डेयरी (प्रो. जय प्रकाश) का भी निरीक्षण किया। यहां से पनीर, मिश्रित दूध और क्रीम के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान सोनू डेयरी में पनीर का निर्माण अत्यंत अस्वच्छ परिस्थितियों में पाया गया। इस गंभीर अनियमितता के चलते विभाग ने एफएसएस एक्ट 2006 के तहत डेयरी के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी और उसे सील कर दिया। इस अभियान के तहत कुल 9 नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने का सख्त संदेश गया है।
सहारनपुर के देवबंद थाना क्षेत्र में देशी शराब के ठेके पर सेल्समैन के साथ मारपीट और लूट की घटना को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। यह घटना गांव गुणारसी में हुई थी, जहां नशे में धुत युवकों द्वारा की गई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था। गांव गुनारसी निवासी मोनू शर्मा, जो देवबंद क्षेत्र में एक देशी शराब ठेके पर सेल्समैन के रूप में कार्यरत हैं, ने थाने में तहरीर दी। उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 की सुबह वह ठेके पर मौजूद थे, तभी पदम नामक युवक अपने दो साथियों के साथ वहां पहुंचा। आरोप था कि तीनों युवक शराब के नशे में थे और आते ही गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने अचानक हमला कर दिया। पीड़ित के मुताबिक, हमलावरों ने लाठी-डंडों, मुक्कों के साथ-साथ तमंचे की बट और ईंट से उनके सिर पर वार किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव करने पहुंचे हरिओम को भी चोटें आईं। मारपीट के दौरान आरोपियों ने मोनू की जेब से करीब 20 हजार रुपये लूट लिए। फरार होते समय उन्होंने दोबारा दिखने पर जान से मारने की धमकी भी दी। घटना के दौरान मची चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। मामले में देवबंद थाना पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर पुलिस टीम ने तेजी दिखाते हुए 4 मई को मुखबिर की सूचना पर कासिमपुरा फाटक के पास से तीनों आरोपियों पदम, प्रविन्द्र और सोमिन्द्र निवासी लच्छीपुर उर्फ इस्सरपुर को अरेस्ट कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई कर उन्हें मंगलवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
देवरिया जिले के गौरी बाजार क्षेत्र के देवगांव में मंगलवार रात करीब आठ बजे एक सड़क हादसे में 55 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना राधे कृष्णा मैरिज हॉल के सामने हुई, जिसके बाद शादी वाले घर की खुशियां मातम में बदल गईं। मृतक की पहचान भटनी थाना क्षेत्र के बलुआ अफगान गांव निवासी प्रभुनाथ (55) पुत्र रामराज यादव के रूप में हुई है। वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए देवगांव आए थे। परिजनों ने बताया कि दो दिन बाद ही विवाह समारोह होना था। परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम प्रभुनाथ लघुशंका के लिए मैरिज हॉल से बाहर सड़क की ओर गए थे। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार अस्पताल पहुंच गए। परिवार में अचानक हुए इस हादसे से कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे में शामिल वाहन की तलाश कर रही है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बरेली के विकास भवन सभागार में मंगलवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक बैठक में जनप्रतिनिधि अधिकारियों पर जमकर बरसे। वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार और नीरज मौर्य सहित तमाम विधायकों के निशाने पर लापरवाह अधिकारी रहे। मनरेगा के बकाया भुगतान से लेकर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़कों, पानी की टंकी गिरने और अवैध खनन के मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। सांसद नीरज मौर्य ने तो यहां तक कह दिया कि किसानों का सरेआम शोषण हो रहा है और अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। सांसद नीरज मौर्य ने उठाया मुद्दा: बाकी टंकियों की भी हो जांच'दिशा' की बैठक में समाजवादी पार्टी के आंवला सांसद नीरज मौर्य ने विकास खंड आलमपुर जाफराबाद के सरदारनगर में पानी की टंकी के गिरने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए जिला प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का मामला है। सांसद ने मांग की कि जिले में हाल ही में बनी अन्य टंकियों की भी तत्काल जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।सांसद नीरज मौर्या ने कहा कि बरेली के आलमपुर जाफराबाद में पानी की टंकी का गिरना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने अधिकारियों से इस बारे में जानकारी ली है। एसडीएम आंवला ने भी मौके का मुआयना किया है। यह टंकी मात्र डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुई थी और अभी तक गांव वालों को ठीक से पानी मिलना शुरू भी नहीं हुआ था कि यह गिर गई। यह भ्रष्टाचार का खुला प्रमाण है। मैंने 'दिशा' की बैठक में यह मुद्दा रखा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, मैंने प्रशासन से अपील की है कि अन्य निर्माणाधीन या नई बनी टंकियों की सुरक्षा जांच की जाए ताकि कहीं और ऐसी घटना न हो। मनरेगा: 50 करोड़ का बकाया, प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने का डरबैठक की शुरुआत में ही मनरेगा का मुद्दा गरमाया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि दिल्ली से निर्देश था कि 1 जून से बजट आ जाएगा, लेकिन पिछले वर्ष का 50 करोड़ रुपया अब तक बकाया है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, ऐसे में वे भुगतान को लेकर दर-दर भटक रहे हैं। वर्ष 2025-26 की लिस्ट में 40:60 के रेशियो वाले कामों की पक्की आईडी न बनने पर सीडीओ देवयानी ने भरोसा दिलाया कि भुगतान प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। सड़क और अंधेरा: 3 साल से बंद लाइट ने ली जान, विधायक डॉ. एमपी आर्या का फूटा गुस्सानवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्या ने बिजली विभाग और एनएचएआई को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि नवाबगंज के भीतर से गुजरने वाली रोड पर 3 साल से लाइटें नहीं जलीं, जिसके कारण हाल ही में एक व्यक्ति की एक्सीडेंट में मौत हो गई। जब अधिकारी बहानेबाजी करने लगे, तो विधायक ने उन्हें जमकर फटकार लगाई। वहीं, मधुनगला से फतेहगंज तक पीडब्ल्यूडी द्वारा बनाई गई सड़क एक साल में ही टूटने पर सांसद छत्रपाल गंगवार ने भी गहरी नाराजगी जताई। पुलिया इतनी संकरी कि सांसद खुद फंसे, एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी की सुस्त चालआंवला सांसद नीरज मौर्य ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्लानिंग पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि 730-B रोड (बरेली-भुता-बीसलपुर मार्ग) पर पुलिया इतनी संकरी है कि वे खुद वहां काफी देर तक जाम में फंसे रहे। उन्होंने आंवला-भमोरा मार्ग को सही करने की मांग की, जिस पर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजीव अग्रवाल ने रेलवे की अनुमति न होने का बहाना बनाया। एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने बदायूं रोड के सुस्त काम पर एनएचएआई की क्लास ली। भ्रष्टाचार: 'बिना पैसे नहीं मिल रहा पीएम आवास', जांच रिपोर्ट पर भी उठे सवालपीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान सांसद नीरज मौर्य ने सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 65 हजार लोगों का सर्वे हुआ, लेकिन सच्चाई यह है कि बिना पैसे लिए किसी को आवास नहीं मिल रहा है। सांसद नीरज मौर्या ने बहेड़ी-फरीदपुर रोड की दुर्दशा पर कहा कि भारत सरकार की जांच टीम आई और चली गई, लेकिन उन्हें पत्र का जवाब तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जिले की लगभग सभी सड़कों का बुरा हाल है। पुलिस और खनन विभाग: लेखपाल और दरोगा कर रहे किसानों का शोषणमीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा और सांसद नीरज मौर्य ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि परमिशन होने के बावजूद दरोगा और लेखपाल किसानों को परेशान करते हैं और उन्हें थाने ले जाकर शोषण किया जाता है। खनन विभाग की लापरवाही से सड़कें टूट रही हैं और किसानों को मिट्टी का भुगतान भी नहीं मिल रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एसडीएम और एसएचओ को निर्देश जारी करने की बात कही। अमृत पार्क और कस्तूरबा विद्यालय: जनहित के मुद्दों पर जोरबैठक में हार्टमैन स्थित अमृत योजना पार्क को ठीक करने, कस्तूरबा विद्यालयों में सोलर पैनल और गीजर लगाने और बंद पड़ी कैंसर यूनिटों को पुनः संचालित करने की अपील की गई। ब्लॉक प्रमुखों ने सामुदायिक शौचालयों में ताले लटके होने की शिकायत की। डीएम ने सभी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि जनप्रतिनिधियों के फोन उठाए जाएं और समस्याओं का तत्काल समाधान हो। बैठक में ये रहे मौजूदवन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सांसद छत्रपाल गंगवार, सांसद नीरज मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, विधायक डॉ. डीसी वर्मा, डॉ. एमपी आर्य, डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य, सीडीओ देवयानी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी।
बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक ने शिक्षामित्रों को सांकेतिक चेक प्रदान किए और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मलिक ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बच्चे घरों से मोबाइल फोन छिपाकर स्कूल ले जाते हैं और वहां अनुचित सामग्री देखते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनकी शिक्षा व संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले उन्हें ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों के समर्पण का सम्मान भी है। मंत्री कृष्ण पाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुओं का सम्मान और बड़ों का आशीर्वाद एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों को समाज को सही दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनसे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में कुल 376 शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया, जिनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय भेजा गया। सांकेतिक चेक प्राप्त करते समय कई शिक्षामित्र भावुक हो उठे और उनके चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। सभी सम्मानित शिक्षामित्रों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
लखनऊ में ठेकेदार के घर लाखों की चोरी:लॉकर तोड़कर नगदी-जेवर पार, नौकरों व ड्राइवर पर शक
लखनऊ के चौक थानाक्षेत्र में ठेकेदार के घर से चोरों ने लाखों की चोरी कर ली। अलमारी का लॉकर खोलकर चार से पांच लाख रुपए नगद समेत लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए गए। घटना के समय परिवार घर में सो रहा था। लाजपतनगर चौक निवासी चरनजीत सिंह ठेकेदारी करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि सोमवार की सुबह जब वह कमरे में पहुंचे तो अलमारी का लॉकर खुला मिला। अंदर रखी नगदी और जेवर गायब थे। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पर चौक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाकर जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। नौकर और ड्राइवर पर शकपीड़ित ने घर में काम करने वाले नौकरों और कार चालक पर शक जताया है। इस आधार पर पुलिस ने तीन संदिग्धों फैजान, राजा और सुजीत कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। चौक इंस्पेक्टर नागेश उपाध्याय ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया जा रहा है।
जोधपुर में जनगणना 2027 के तहत जिले में स्वगणना अभियान तेजी से गति पकड़ रहा है। इसके तहत 1 से 15 मई तक चल रही इस प्रक्रिया के बाद 16 मई से 14 जून तक प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण व गणना करेंगे। यदि आपने अभी तक जनगणना में ऑनलाइन फॉर्म नहीं भरा है तो आप आवेदन कर सकते हैं। इससे जनगणना में लगे कार्मिकों को भी सहूलियत होगी। बता दें कि इस अभियान के तहत पांचवें दिन जिला जनगणना अधिकारी व एडीएम (प्रथम) जवाहर चौधरी तथा उप जिला जनगणना अधिकारी मीनाक्षी चौधरी के संयुक्त नेतृत्व में सभी राजकीय व निजी स्कूल-कॉलेजों के स्टाफ को स्वगणना के निर्देश दिए गए। उन्हें इस पूरी प्रक्रिया में अधिक से अधिक लोगों को प्रेरित करने के लिए निर्देशित किया गया। वहीं उपखंड अधिकारी भोपालगढ़ श्रद्धा सिंह के निर्देशन में ब्लॉक स्तर पर विभागीय अधिकारियों को स्वगणना का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने खुद स्वगणना कर अधीनस्थों व जनता को प्रेरित किया। अभियान में पशुपालन के संयुक्त निदेशक संजय किशन व्यास व उप निदेशक रविंद्र कुमार समेत कार्मिकों ने स्वगणना कर जागरूकता फैलाई। इसके अलावा आईटीएस विभाग ने ई-मित्रों से शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार के निर्देश दिए।
छतरपुर के लवकुशनगर में स्नातक परीक्षाओं के बीच महाविद्यालय प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीकॉम द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा तय समय से पहले सुबह आयोजित कर ली गई, जिससे 7 छात्र-छात्राएं परीक्षा देने से वंचित रह गए। विश्वविद्यालय के टाइम टेबल के अनुसार परीक्षा का समय दोपहर 2 से 4 बजे निर्धारित था। छात्र-छात्राएं तय समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचे, लेकिन उन्हें बताया गया कि परीक्षा सुबह 9 से 11 बजे के बीच पहले ही कराई जा चुकी है। यह सुनकर छात्र हैरान रह गए। समय बदलाव की नहीं दी गई सूचना पीड़ित छात्रा कुमुद सिंह ने आरोप लगाया कि परीक्षा के समय में बदलाव की कोई जानकारी नहीं दी गई। परीक्षा से वंचित रहने वालों में वंदना पांडे, वालेन्द्र सिंह, शिवम यादव, जयम यादव, नीशू और नेहा अहिरवार शामिल हैं। प्राचार्य एससी अहिरवार ने स्वीकार किया कि कुछ छात्र परीक्षा से वंचित रह गए हैं। उन्होंने बताया कि टाइम टेबल में समय दोपहर 2 से 4 बजे ही था, लेकिन प्रश्नपत्र के कवर पर सुबह 9 से 11 बजे का समय अंकित होने से भ्रम की स्थिति बन गई। घटना के बाद छात्रों ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपकर पुनः परीक्षा कराने की मांग की है। प्राचार्य ने आश्वासन दिया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन से बात कर छात्रों के हित में निर्णय लिया जाएगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की डूंगरपुर इकाई ने मंगलवार को शहर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए साइबर थाने के एक सहायक उपनिरीक्षक और उसके दलाल पूर्व पार्षद को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी एएसआई की ओर से साइबर फ्रॉड के एक मामले में बेटी के दामाद का नाम हटाने की एवज में रिश्वत ले रहे थे। डूंगरपुर एसीबी चौकी के प्रभारी रतनसिंह राजपुरोहित ने बताया कि एक परिवादी ने चौकी पर उपस्थित होकर एक शिकायत की थी। जिसमें बताया था कि साइबर फ्रॉड से जुड़े एक प्रकरण में बेटी ओर दामाद के हटाने ओर प्रकरण में मदद करने के लिए साइबर थाने का एएसआई मदनलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार के माध्यम से 2 लाख रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है। शिकायत पर एसीबी ने सत्यापन करवाया। सत्यापन के दौरान 1 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। जिस पर डूंगरपुर एसीबी की टीम ने ट्रैप का जाल बिछाया और दलाल पूर्व पार्षद डायालाल पाटीदार और साइबर थाने के एएसआई मदनलाल को 1 लाख रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। फिलहाल एसीबी की टीम की ओर से आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ।शहर के बीचों-बीच हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। 4 महीने पहले ही हुआ था प्रमोशन एएसआई मदनलाल का चार महीने पहले ही प्रमोशन हुआ था। वह हेड कॉन्स्टेबल से एएसआई के पद पर प्रमोशन के बाद भी साइबर सेल में ही कार्यरत था।
कोटा में जल संसाधन विभाग ने निर्माण कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर बड़ी कार्रवाई की है। अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) द्वारा जारी आदेश के अनुसार,दायीं मुख्य नहर सीएडी चंबल क्षेत्र में चल रहे निर्माण कार्यों की जांच में गुणवत्ता संबंधी खामियां सामने आईं। इस पर कार्रवाई करते हुए दायीं नहर उपखंड सीएडी अंता के कनिष्ठ अभियंता नेमीचंद बैरवा, सोनू कुमार गोचर और दीपक चौधरी को निलंबित कर दिया गया। जल संसाधन मंत्री ने कहा है कि परियोजनाओं में घटिया सामग्री या लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके साथ ही विभाग ने 3 अन्य इंजीनियर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरू की है। दायीं मुख्य नहर खंड द्वितीय सीएडी चंबल कोटा के अधिशाषी अभियंता हेमराज मीणा, सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक नरेश मालव व दायीं नहर खंड सीएडी चंबल अंता के सहायक अभियंता अमित कुमार बोहरा को चार्जशीट जारी की गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्यों में मानक सामग्री का उपयोग नहीं पाया गया, जो गंभीर लापरवाही मानी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो। यह कार्रवाई विभाग की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का हिस्सा मानी जा रही है। आने वाले समय में भी ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि जनहित से जुड़े कार्य तय मानकों के अनुसार पूरे हो सकें। बता दें 2 मई को ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कोटा में सांगोद विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया था। उन्होंने हरिश्चंद्र सागर परियोजना के तहत चल रहे नहरों के सेकेंड फेज के मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। मंत्री नागर ने नहरों पर चल रहे निर्माण कार्य से टाइल हटवाकर निर्माण सामग्री की भी जांच की। अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़े- ऊर्जा मंत्री बोले-घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं:मंत्री ने नहर परियोजना की हटवाई टाइल, जांची गुणवत्ता; कहा- लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई कोटा में नहर परियोजना में गुणवत्ता को लेकर ऊर्जा मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि घटिया निर्माण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने खुद टाइल हटवाकर काम की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को निर्देश दिए कि केवल मानकों के अनुरूप कार्य होने पर ही भुगतान किया जाए। खबर पढ़े
कुशीनगर के नगर पंचायत फाजिलनगर में अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। इस दौरान कुल 56.22 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कुशीनगर में पहली बार डुप्लीकेट मतदान रोकने के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) का पायलट प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक लागू किया गया। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर यह तकनीक कुशीनगर में पहली बार प्रयोग की गई। मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से संचालित इस प्रणाली ने मतदान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी धनंजय कुमार दुबे के अनुसार, नगर पंचायत फाजिलनगर में कुल 18,792 मतदाता पंजीकृत थे। इनमें 9,860 पुरुष और 8,932 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान के दौरान कुल 10,565 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें 5,143 पुरुष और 5,422 महिला मतदाता शामिल थे। मतदान प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए 9 मतदान केंद्रों पर 22 मतदान स्थल बनाए गए थे। सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। पूरे क्षेत्र में 1 जोनल मजिस्ट्रेट, 4 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 9 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए थे, जिन्होंने मतदान प्रक्रिया की लगातार निगरानी की। दिनभर मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की आवाजाही बनी रही। कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली। अधिकारियों ने बताया कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ और अब सभी की नजरें मतगणना पर टिकी हैं।
श्योपुर पुलिस ने हाईवे पर लावारिस मिली एक बच्ची के मामले की जांच की, तो बच्चा बेचने वाले एक गैंग का पता चला है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह की मुख्य आरोपी काजल पटेल समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह मामला 18 अप्रैल को तब शुरू हुआ जब हाईवे पर सोईखुर्द के पास एक 2 साल की बच्ची लावारिस मिली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इस बच्ची को 1 लाख रुपए में किसी को बेच दिया था। लेकिन जब पैसों के बंटवारे को लेकर आपस में झगड़ा हुआ, तो आरोपियों ने बच्ची को सड़क किनारे छोड़ दिया और भाग गए। पुलिस ने सीसीटीवी और कार के नंबर से आरोपियों को ढूंढ निकाला। अस्पताल की नर्स ने माता-पिता को बहलाकर ली थी बच्ची गिरोह की मुख्य आरोपी काजल पटेल एक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के डिलीवरी विभाग में काम करती है। बच्ची के माता-पिता के पहले से 5 बच्चे थे और यह उनकी छठी संतान थी। काजल ने उन्हें झांसा दिया कि वे बच्ची को पाल नहीं पाएंगे, इसलिए किसी अच्छे परिवार को सौंप देते हैं ताकि उसका भविष्य संवर जाए। माता-पिता उसकी बातों में आ गए और बच्ची काजल के हवाले कर दी, जिसने आगे उसका सौदा कर दिया। एक और बच्ची मिली, पुलिस कर रही है कार्रवाई पुलिस ने आरोपियों के पास से एक और डेढ़ साल की बच्ची को छुड़वाया है, जिसका फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार कराया गया था। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि उन्होंने और कितने बच्चे बेचे हैं। बच्ची के असली माता-पिता की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट कराया जा रहा है। पुलिस ने साफ कहा है कि बच्चा गोद लेने के लिए केवल कानूनी तरीका अपनाएं, वरना जेल जाना पड़ सकता है।
रामपुर में लंबित मुकदमों के त्वरित और सरल निस्तारण के लिए 9 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। यह पहल उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य आमजन को सुलभ, सस्ता और शीघ्र न्याय उपलब्ध कराना है। प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं सिविल जज (प्रवर वर्ग) श्री अम्बरीष श्रीवास्तव ने बताया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का निस्तारण आपसी सहमति के आधार पर होगा। इनमें आपराधिक शमनीय वाद, धारा 138 पराक्राम्य लिखित अधिनियम से जुड़े मामले, बैंक वसूली वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, श्रम विवाद, विद्युत एवं जल बिल से संबंधित मामले और पारिवारिक विवाद शामिल हैं। दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान इसके अतिरिक्त, भूमि अधिग्रहण से जुड़े प्रकरण, सेवा संबंधी वेतन विवाद, सेवानिवृत्ति लाभों से जुड़े मामले, राजस्व वाद (जो जिला न्यायालय या उच्च न्यायालय में लंबित हैं) तथा अन्य सिविल वाद जैसे किराया, सुखाधिकार, व्ययादेश और विशिष्ट अनुतोष से जुड़े मामलों का भी समाधान किया जाएगा। खास बात यह है कि ऐसे मामले जो अभी न्यायालय में लंबित नहीं हैं, उन्हें भी वाद पूर्व यानी प्री-लिटिगेशन स्तर पर ही सुलह-समझौते के जरिए निपटाया जा सकता है। राष्ट्रीय लोक अदालत आमजन के लिए एक प्रभावी मंच साबित हो रही है, जहां बिना लंबी कानूनी प्रक्रिया और अतिरिक्त खर्च के, दोनों पक्ष आपसी सहमति से अपने विवादों का समाधान पा सकते हैं। इससे न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है, बल्कि लोगों को समयबद्ध न्याय भी मिल पाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने जनपदवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने लंबित या संभावित विवादों का समाधान आपसी समझौते के माध्यम से कराकर न्यायिक प्रक्रिया से राहत पाएं। यह पहल न्याय को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक सशक्त कदम मानी जा रही है।
संभल में दिनदहाड़े एक घर से 10 लाख रुपये से अधिक की चोरी का मामला सामने आया है। परिवार शादी में शामिल होने के लिए घर पर ताला लगाकर गया था। शाम को लौटने पर उन्हें घर का सारा सामान बिखरा हुआ मिला। यह घटना संभल जनपद के थाना हयातनगर क्षेत्र के सरायतरीन कस्बे के मोहल्ला कोटला में हुई। इकबाल पुत्र अब्दुल बशीर अपने परिवार के साथ अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए घर पर ताला लगाकर गए थे। मंगलवार शाम लगभग 7 बजे जब वे घर लौटे, तो कमरों में सारा सामान बिखरा हुआ पाया। मकान मालिक इकबाल के अनुसार, चोर 70,000 रुपये नकद, 20 जोड़ी कपड़े, आधा किलो चांदी, 10 झूमर, सोने की बिंदिया, तांबे के बर्तन और 20 चेन चुरा ले गए। दिनदहाड़े हुई इस चोरी की वारदात से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही सरायतरीन चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। इकबाल ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी ने घर के अंदर बिखरा हुआ सामान देखकर उन्हें चोरी होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके साले की शादी थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र की नगर पंचायत सिरसी कस्बे में थी। थाना प्रभारी संजीव बालियान ने बताया कि चोरी की घटना की जानकारी मिली है। सरायतरीन पुलिस चौकी प्रभारी को मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवार की ओर से शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नर्मदापुरम में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस अभिरक्षा में ले जाए जा रहे दो आरोपी हथकड़ी छुड़ाकर चलती गाड़ी से कूद गए। पुलिस ने एक आरोपी को मौके पर पकड़ लिया, जबकि दूसरा फरार हो गया। घटना के 18 घंटे बाद भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई है। जानकारी के अनुसार आरोपी प्रशांत बाईया और महेंद्र मेहरा, दोनों फेफरताल के निवासी हैं। सोमवार रात को पवारखेड़ा मंदिर चोरी मामले में गिरफ्तार किए गए थे। रात करीब 2 बजे पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए ले जा रही थी। देहात थाना प्रभारी सौरभ पांडे के अनुसार, दोनों आरोपियों के हाथ में हथकड़ी लगी थी। इसी दौरान टैक्सी स्टैंड के पास उन्होंने हथकड़ी से हाथ निकाल लिया और चलती गाड़ी से कूदकर भागने लगे। एक पकड़ा, दूसरा स्टेशन की ओर भागा गाड़ी में मौजूद पुलिसकर्मी तुरंत नीचे उतरे और एक आरोपी महेंद्र को पकड़ लिया, लेकिन दूसरा आरोपी प्रशांत रेलवे स्टेशन की ओर भाग गया। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। घटना के 18 घंटे बीत जाने के बाद भी फरार आरोपी का कोई सुराग नहीं लग सका है। कोतवाली थाने में उसके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों पर पहले से मारपीट, अवैध शराब और तस्करी जैसे मामले दर्ज हैं। फिलहाल कोतवाली और देहात थाना पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।
बिजयनगर थाना पुलिस ने एक पोल फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 18 वर्षीय दिनेश सिंह उर्फ सोनू को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा और वृताधिकारी जय सिंह के सुपरविजन में हुई। थाना प्रभारी करण सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस मामले में सफलता हासिल की। जानकारी के अनुसार 19 मार्च 2026 को ग्राम जालिया द्वितीय स्थित एक पोल फैक्ट्री में चोरी हुई थी। फैक्ट्री संचालक सांवरलाल शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोरों ने फैक्ट्री का ताला तोड़कर वेल्डिंग मशीन, वाइब्रेटर मशीन, लोहे के तारों के बंडल, खेतों की जाली और कांटेदार तार सहित भारी मात्रा में सामान चुरा लिया था। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और संदिग्धों से पूछताछ की गई। अनुसंधान के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी दिनेश सिंह को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इस मामले में पुलिस पहले ही तीन अन्य आरोपी पूरण सिंह, महावीर सिंह और नरेन्द्र सिंह उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है।
पनवाड़ थाना पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने जमीन के मुनाफे के पैसे और मोबाइल की बैटरी को लेकर हुए विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की थी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि यह घटना शराब पार्टी के दौरान हुई। आरोपी और मृतक के बीच जमीन के मुनाफे के पैसों और मोबाइल चार्ज करने के लिए दी गई बैटरी को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर रामगोपाल की हत्या कर दी। मामला 30 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब फरियादी सांवरिया (23) पुत्र रामगोपाल, निवासी हरीगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पिता रामगोपाल (70) पुत्र बालाजी भील, निवासी हरीगढ़, रोजाना की तरह सुबह गांव से 2-3 किलोमीटर दूर हरीगढ़ के माल में स्थित कुएं पर बकरियां और भैंस चराने गए थे। देर शाम तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:30 बजे वे खेत पर पहुंचे, जहां रामगोपाल मृत अवस्था में मिले। उनके दाहिने गाल पर कान के पीछे और ललाट पर दाहिनी तरफ गंभीर चोटें थीं, जिससे प्रतीत हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने घातक हथियारों से वार कर उनकी हत्या की है। इस सूचना पर पनवाड़ पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के अपने ही परिचित ने कर दी हत्याथानाधिकारी जाकिर हुसैन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। गठित टीम ने मौके पर एफएसएल टीम, एमआईयू टीम व डॉग स्क्वायड से सबूत एकत्रित कराए गए। तकनीकी विश्लेषण व आसूचना संकलन व मुखबीर से प्राप्त आसूचना पर मृतक रामगोपाल की हत्या करने वाले आरोपी जितेन्द्र को गिरफ्तार कर अनुसंधान किया तो अनुसंधान व आरोपी से पूछताछ में पाया कि आरोपी शराबी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, उसे घर वालों ने घर से बाहर निकाल रखा था और वह अपने खेत पर बनी टापरी पर अकेला ही रहता था। आरोपी और मृतक रामगोपाल दोनों का खेत पास-पारा होने व एक ही जाति समाज के होने से दोनों में मेल मिलाप था। आरोपी के हिस्से की जमीन मुनाफे से मृतक रामगोपाल जुताई करता था। इसके कुछ रुपए आरोपी को देने शेष थे। घटना से 5 दिन पूर्व आरोपी ने अपने मोबाइल की बेट्री चार्ज करने के लिए मृत्तक रामगोपाल को दी थी जो मृतक ने वापस नहीं लोटाई थी।मृतक और आरोपी ने की थी शराब पार्टीपुलिस ने बताया कि घटना के दिन आरोपी व मृतक दोनों ने खेत पर साथ ही बैठकर खाना बनाया और शराब का सेवन किया। इसी दौरान आरोपी व मृतक के बीच जमीन मुनाफे के पैसे व मृतक को चार्ज करने के लिए दी गई मोबाइल की बेट्री को लेकर विवाद हो गया, इस पर आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार कर रामगोपाल की नृशंस हत्या कर दी। साढू की हत्या का आरोपी गिरफ्तारग्राम कोथलाघट्टी ईलाका थाना मण्डावर में अपने ही साढू बबलू भील की हत्या करने वाले आरोपी कमलेश भील को थाना मण्डावर पुलिस टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की। मृतक की पत्नी फरियादिया गुड्डी बाई पत्नी बबलू भील निवासी मोडक ने बताया कि मेरे पीहर में छोटी बहन की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। जहां पर मृतक का साढू कमलेश भील पुत्र कन्हैयालाल भील निवासी संजय कॉलोनी झालावाड़ आया। जिसने मेरे पति बबलू पुत्र नानूराम निवासी मोडक जिला कोटा के पेट में चाकू मार दिया। इससे झालावाड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बबलू भील की मृत्यु हो गई। इस पर प्रकरण में हत्या की धारा जोड़कर कार्रवाई की। विशेष पुलिस टीम ने हत्याकाण्ड करने वाले आरोपी कमलेश भील को गिरफ्तार किया। आरोपी से अनुसंधान व पूछताछ करने पर सामने आया कि आरोपी कमलेश ने ससुराल में वर्चस्व बढ़ाने की रंजिश के कारण साढू को चाकू से मारपीट की थी।
रतलाम में 3 साल पहले पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने आपसी विवाद में पत्नी के सिर पर पत्थर मारकर हत्या कर दी थी। तृतीय जिला न्यायाधीश बरखा दिनकर ने धारा 302 के तहत फैसला सुनाते हुए 5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामले में 8 साल के बेटे की गवाही को कोर्ट ने अहम माना। मामले में मृतका के 8 साल के बेटे की गवाही सबसे महत्वपूर्ण रही। उसने अदालत में बताया कि घटना के समय घर में वह, उसका छोटा भाई और माता-पिता मौजूद थे। पिता ने उसकी मां के सिर पर पत्थर मारा, जिससे उसकी मौत हो गई। 7 मार्च 2023 को हुई थी घटना लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी के अनुसार घटना 7 मार्च 2023 की है। आरोपी मानसिंह (32) निवासी ग्राम पथवारी ने आपसी विवाद के दौरान पत्नी पर पत्थर से हमला किया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था। सुबह उठने पर बेटे ने अपनी मां को मृत पाया और दादाजी को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। पत्थर पर मिला खून, 8 गवाह पेश पुलिस ने जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल पत्थर बरामद किया, जिस पर खून के निशान मिले। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में 8 गवाह पेश किए, जिनके आधार पर अपराध साबित हुआ। न्यायालय ने अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मृतका के परिवार को मुआवजा देने की अनुशंसा भी की है। मामले में शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक सतीश त्रिपाठी ने की।
तिजारा विधायक बाबा बालकनाथ की सेन समाज को लेकर की गई टिप्पणी पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने माफी मांगी। सेन समाज का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को विधायक बालकनाथ की शिकायत लेकर प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंचा था। समाज के लोगों से मुलाकात के बाद बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा- मुझसे सेन समाज के लोग मिलने आए थे। मैंने उनसे कहा कि मैं इस परिवार का मुखिया होने के नाते सॉरी कहता हूं। उन्होंने कहा- हालांकि मैंने संबंधित नेता (बालकनाथ) को जो कहना चाहिए था, वो कहा भी है। जब समाज के लोग यहां आए तो परिवार का मुखिया होने के नाते मैं ही सॉरी कहूंगा। समाज हमेशा बड़ा होता है। किसी भी समाज के लिए ऐसी बातें नहीं करनी चाहिए। बता दें कि 1 मई की रात को विधायक महंत बालकनाथ टपूकड़ा कस्बे में चल रहे इंटलॉकिंग टाइल बिछाने के काम का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान क्वालिटी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई थी। जेईएन छोटेलाल मीणा को फोन कर खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होने अधिकारी से कहा- तुम नाई हो या जेईएन, बीटेक किया है या कुछ और..? समाज के लोगों ने विधायक के बायकॉट की दी थी चेतावनी बीजेपी कार्यालय पहुंचे सेन समाज के लोगों ने कहा- सेन समाज हमेशा बीजेपी का कोर वोटर रहा है। एक सनातनी विधायक के मुंह से इस तरह की टिप्पणी की हमें अपेक्षा नहीं थी। सेन समाज जयपुर के अध्यक्ष सुखदेव सेन ने कहा- प्रदेशाध्यक्ष ने हमें आश्वस्त किया है कि विधायक बालकनाथ अपने शब्दों पर खेद प्रकट कर देंगे। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो सेन समाज उनका बायकॉट करेगा। विधायक बिहानी पर भी मारपीट का आरोप वहीं दूसरी ओर 30 अप्रेल को श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहानी पर अधिकारियों के साथ मारपीट करने के आरोपों को लेकर मदन राठौड़ ने कहा- हमने उन्हें बुलाया है। दोनों पक्षों की संबंधित अधिकारियों से समक्ष सुनवाई भी की है। हम इस मामले का जल्द समाधान करवा देंगे। बता दें कि विधायक जयदीप बिहानी पर बैठक के बहाने सहायक अभियंता जगनलाल बैरवा, शहनवाज हुसैन और एलएंडटी प्रतिनिधि सोहम परमार को बुलाकर मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप है। महंत बाबा बालकनाथ ने सोशल मीडिया पर मांगी माफी मामले में विवाद बढ़ने के बाद मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे महंत बाबा बालकनाथ ने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट करके खेद जताया। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा- पिछले दिनों मेरे विधानसभा क्षेत्र टपूकड़ा में चल रहे विकास कार्य में गड़बड़ी के दौरान मौके पर पहुंचकर घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को कार्य में लापरवाही बरतने पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान मेरे द्वारा कहे गए शब्दों में कहीं किसी भी तरह से किसी जाति अथवा समाज के लिए गलत भाव प्रकट करने का उद्देश्य नहीं था। इसके बाद भी यदि मेरे द्वारा कहे गए किसी भी शब्द से सेन समाज की भावना आहत हुई है तो उसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। आशा है समस्त सेन समाज मेरे मनोभाव को समझते हुए पूर्व की भांति अपना सहयोग और स्नेह बनाए रखेंगे। आप सभी का आभार और धन्यवाद। यह खबर भी पढ़ें... अधिकारी से विधायक बोले- तुम नाई हो या जेईएन:जब 4 रुपए जीरो हो जाएगा तब चपत लगेगी, घटिया निर्माण को लेकर सुनाई खरी खोटी तिजारा विधायक महंत बालकनाथ ने अधिकारी से कहा- तुम नाई हो या जेईएन, बीटेक किया है या कुछ और..? दरअसल शुक्रवार रात 9 बजे विधायक महंत बालकनाथ टपूकड़ा कस्बे में चल रहे इंटलॉकिंग टाइल बिछाने के काम का जायजा लेने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान क्लालिटी को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और जेईएन छोटेलाल मीणा को फोन कर खरी-खोटी सुना दी थी। विधायक ने जेईएन की नीयत पर भी सवाल उठाते हुए ठेकेदार से मिलीभगत का आरोप लगाया था। (पूरी खबर पढ़ें) एईएन बोले-विधायक ने लातें मारी और पाइप से पीटा:समर्थकों ने जमीन पर पटका, कपड़े फाड़े; जमानत मिली तो पिता से गले लगकर रोई बेटी श्रीगंगानगर में AEN और भाजपा विधायक जयदीप बिहाणी के बीच विवाद गहरा गया है। शुक्रवार को राजस्थान अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (RUIDP) के एईएन जगनलाल बैरवा ने कहा- विधायक ने मेरे लातें मारी और पाइप से पीटा। नई शर्ट पहनाकर पुलिस को सौंपा। इधर, जमानत मिलने पर बाहर आए एईएन की बेटी पिता के गले लगकर रोने लगी। (पूरी खबर पढ़ें)
लखीमपुर में मंगलवार को शिक्षामित्रों के लिए 'शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय ट्रांसफर किया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा रॉयल पैराडाइज में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री सुरेश राही ने विधायक योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और सीडीओ अभिषेक कुमार के साथ दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर गोरखपुर से मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के लिए मानदेय वृद्धि, 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल सुविधा और जीवन बीमा सुरक्षा की घोषणा की, जिसका सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया। जिले के कुल 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय सीधे अंतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को प्रमाण पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से कई शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किए गए। राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षण कार्य को संभाले रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ा हुआ मानदेय शिक्षामित्रों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा और वे और अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। विधायक विनोद शंकर अवस्थी और योगेश वर्मा ने भी शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस निर्णय को शिक्षामित्रों के जीवन में नई ऊर्जा भरने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोजित टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) प्रदर्शनी में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की रचनात्मकता की भी सराहना की गई।
बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के खोखरा ग्राउंड के पास पॉलिटेक्निक में डी-फार्मा परीक्षा देने आए छात्रों के साथ मारपीट और उनकी गाड़ियों की हवा निकालने का मामला सामने आया है। यह घटना बैराज रोड स्थित पॉलीटेक्निक कॉलेज के पास हुई, जिसके बाद मौके पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। दरअसल, मंगलवार को दूर-दराज से आए छात्र पॉलीटेक्निक कॉलेज में डी-फार्मा की परीक्षा देने पहुंचे थे। उन्होंने अपनी गाड़ियां पास के खोखरा ग्राउंड में खड़ी कर दी थीं, जो एनसीसी का मैदान है। बताया जा रहा है कि गाड़ियों की पार्किंग को लेकर एनसीसी अधिकारियों और परीक्षार्थियों के बीच विवाद शुरू हो गया। परीक्षा देने आए छात्र सनी और मोहम्मद नाजिम ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान एनसीसी सीओ ने एक युवक के साथ मारपीट की। इसके अलावा, एनसीसी कैडेट्स ने कई छात्रों की गाड़ियों की हवा निकाल दी। छात्रों का यह भी आरोप है कि एनसीसी अधिकारियों ने गेट तोड़ने का आरोप लगाते हुए उन्हें अपनी गाड़ियां मैदान से हटाने नहीं दीं। इस घटना के बाद काफी देर तक हंगामा चलता रहा। हंगामे की सूचना मिलते ही तहसीलदार, राजस्व और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। उन्होंने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन एनसीसी सीओ टूटे गेट की मरम्मत पर अड़े रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एनसीसी अधिकारियों ने तहसील प्रशासन की बात सुनने से भी इनकार कर दिया। अंततः, मैदान में गाड़ी खड़ी करने वाले परीक्षार्थियों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर टूटे गेट की मरम्मत कराई। गेट सही होने के बाद ही एनसीसी अधिकारियों ने गाड़ियों को मैदान से जाने दिया। इस संबंध में एनसीसी अधिकारी और तहसीलदार से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
रामपुर में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने नियमित चेकिंग और गश्त के दौरान एक युवक को 50 ग्राम अवैध स्मैक के साथ हिरासत में लिया। मामला खजुरिया थाना क्षेत्र का है। थाना प्रभारी पंकज पंत के अनुसार, 4 मई 2026 को धावनी बुजुर्ग क्षेत्र के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिली थी। सतर्क निगरानी के आधार पर की गई कार्रवाई में संबंधित व्यक्ति के पास से स्मैक बरामद हुई, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी की पहचान कासगंज के पटयाली थाना क्षेत्र स्थित ग्राम दरियावगंज निवासी रवि कुमार के रूप में हुई है। कार्रवाई का उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना इस बरामदगी के आधार पर आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला पंजीकृत कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य समाज को नशे के दुष्प्रभावों से बचाना और युवाओं को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है। थाना प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि प्रारंभिक गिरफ्तारी के बाद अब पूरे प्रकरण की गहन जांच की जा रही है। पूछताछ और तफ्तीश के दौरान यह स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति स्मैक कहां से प्राप्त करता था, किन क्षेत्रों में इसकी आपूर्ति करता था और इस अवैध कारोबार में किन अन्य लोगों या नेटवर्क की संलिप्तता हो सकती है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की सच्चाई सामने आएगी और जो भी व्यक्ति इस अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध विधि के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस की यह कार्रवाई नशा तस्करी के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है।
कोरबा जिले के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार शाम करीब 7 बजे मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली के साथ भारी बारिश हुई। लगभग एक घंटे तक तेज हवाएं चलने के बाद हल्की बारिश जारी रही। इस बारिश से भीषण गर्मी से राहत मिली, लेकिन जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। तेज बारिश और आंधी के कारण मुख्य सड़कों पर आवागमन प्रभावित हुआ। नालियों का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर आ गया, जिससे कई स्थानों पर घुटनों तक पानी भर गया। दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क किनारे लगे कई छोटे-बड़े पेड़ गिर गए आंधी-तूफान और बारिश के साथ ही जिले के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई। तेज हवाओं के कारण सड़क किनारे लगे कई छोटे-बड़े पेड़ गिर गए। विभिन्न स्थानों पर होर्डिंग्स और फ्लेक्स उड़कर सड़कों पर आ गिरे, जिससे यातायात बाधित हुआ। बिजली के तार टूटने की भी खबरें सामने आई हैं। कोरबा शहर के अतिरिक्त उपनगरीय क्षेत्रों जैसे दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, दर्री और बालको में भी आंधी-तूफान और बारिश का प्रभाव देखा गया। खदान क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को अपना काम रोकना पड़ा। ठेले, गुमटी और दुकानदारों को भी आंधी-तूफान से हुई परेशानी शाम के समय लगने वाले ठेले, गुमटी और दुकानदारों को भी आंधी-तूफान से परेशानी हुई। तेज हवाओं के कारण कई दुकानों का सामान बिखर गया, और तिरपाल व शेड उड़ गए। छोटे दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा, जबकि सड़क किनारे फल-सब्जी बेचने वालों को अपना सामान समेटकर सुरक्षित स्थान पर जाना पड़ा। तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। मंगलवार शाम हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग ने पहले ही आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया था। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें।
उज्जैन में स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के लिए निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा अब सड़कों पर उतरकर काम कर रहे हैं। मंगलवार को उनके औचक निरीक्षण में कई खामियां सामने आईं, जिसके बाद स्वच्छता जागरूकता की जिम्मेदारी संभाल रही एजेंसी 'सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट' पर 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। आयुक्त मिश्रा ने मंगलवार को देवास गेट स्थित पानी की टंकी और पीएचई कंट्रोल रूम का अचानक निरीक्षण किया। यहां पेयजल का स्तर संतोषजनक पाया गया। हालांकि, असली तस्वीर तब सामने आई जब वे वार्ड 23 और 24 की गलियों में पहुंचे। यहां कई स्थानों पर कचरे के ढेर, संकरी गलियों में सफाई की कमी और लोगों में जागरूकता का अभाव स्पष्ट दिखा। कचरे को अलग-अलग करने और उसे केवल कलेक्शन वाहन में डालने जैसी बुनियादी बातों की अनदेखी भी कई जगहों पर पाई गई। इन गंभीर खामियों को देखते हुए आयुक्त ने 'सृष्टि वेस्ट मैनेजमेंट' एजेंसी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद वार्ड दरोगा, सफाई मित्रों और एनजीओ के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की और उन्हें घरों से निकलने वाले गीले व सूखे कचरे को अलग-अलग कर केवल कलेक्शन वाहन में ही डालने के लिए लोगों को जागरूक करने को कहा। आयुक्त ने कचरा संग्रहण वाहन का भी निरीक्षण किया और महिला हेल्पर्स व कर्मचारियों से बातचीत की। उन्होंने उन्हें घर-घर जाकर लोगों को कचरा पृथक्करण के लिए जागरूक करने पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर कचरे के ढेर मिलने और लोगों में जागरूकता की कमी सामने आने पर उन्होंने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घरों में पेयजल आपूर्ति की भी जांच की और पीएचई अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोगों को साफ पानी मिले, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न हो। आयुक्त ने वार्ड दरोगा को छोटी-छोटी गलियों, खाली पड़े प्लॉटों और नालियों की रोजाना सफाई सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी।
झज्जर में अपने जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान बादली से कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने दीपेंद्र हुड्डा के जाने के तुरंत बाद बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। दरअसल, कुछ ही देर पहले दीपेंद्र हुड्डा ने कुलदीप वत्स के निवास पर कहा था कि हरियाणा का चुनाव भाजपा ने अपने हर तरह के इंतजाम करके जीता है। लेकिन दीपेंद्र के जाते ही कुलदीप वत्स ने इस दावे को नकारते हुए कांग्रेस की हार के लिए अपनी ही पार्टी के नेताओं को जिम्मेदार ठहरा दिया। वत्स ने कहा कि 2024 का चुनाव जनता ने नहीं हराया। कोई किसी वहम में न रहे, हमें अपने लोगों ने हराया है। जो बड़े नेता थे, उन्होंने चुनाव हराया। भले अब कोई कुछ भी बोल रहा हो, लेकिन सच्चाई यही है कि कांग्रेस अपनी वजह से हारी है।” उन्होंने कहा कि हरियाणा की जनता का इसमें कोई दोष नहीं है। हुड्डा के खास रहे पूर्व प्रभारी पर लगाए आरोप कुलदीप वत्स ने कहा कि पूछो उस प्रभारी से कि हर सीट से 100 लोगों के 20-20 हजार रुपए लेकर फार्म क्यों भरवाए गए? उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर जरूरत से ज्यादा उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी के भीतर भ्रम और गुटबाजी पैदा हुई। बराबर में उम्मीदवार खड़े कर दिए, हार का कारण खुद कांग्रेस वत्स ने कहा कि कई सीटों पर जानबूझकर ऐसे उम्मीदवार खड़े कर दिए गए, जिससे पार्टी को नुकसान हुआ। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस अपनी हार की जिम्मेदार खुद है और इसके लिए जनता को दोष देना गलत होगा। कसूर जनता का नहीं, हमारे नेताओं का है उन्होंने कहा कि “हरियाणा की जनता का कोई कसूर नहीं है, कसूर हमारे नेताओं का है। वत्स ने बताया कि उन्होंने यह बात खुलकर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी शैलजा, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के सामने भी रखी है। वत्स ने कहा कि बड़े नेताओं को तय करना होगा कि वे कांग्रेस के बारे में सोचेंगे या नहीं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा अगर नहीं सोचना तो वर्कर से साफ कह दो कि हमने आपस में लड़ना है और तुमने मरना है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर भी उठाए सवाल राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कुलदीप वत्स ने कहा कि “हां, 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, लेकिन क्रॉस वोट क्यों हुई, इसके पीछे कौन था, इसकी तह तक कोई नहीं जा रहा। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। हुड्डा नहीं होते तो और बुरा हाल होता वत्स ने कहा कि “अगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा वहां नहीं बैठे होते तो कांग्रेस का और बुरा हाल होता। इससे उन्होंने एक तरफ हुड्डा के नेतृत्व का समर्थन किया, तो दूसरी ओर बाकी नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे साबित हो सकता है कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया गया। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए। कुछ बड़े नेता अंबेडकरवादी सोच के नहीं वत्स ने कहा कि कांग्रेस में कुछ बड़े नेता ऐसे हैं जो अंबेडकरवादी सोच के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी में सभी वर्गों और 36 बिरादरी का सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि मैंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा और दीपेंद्र हुड्डा को भी बता दिया है कि जब तक पार्टी में 36 बिरादरी का गुलदस्ता नहीं बनेगा और लोग एक-दूसरे का सम्मान नहीं करेंगे, तब तक कांग्रेस पार्टी उठने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि हरियाणा हो या फिर सेंटर दोनों ही स्थानों पर कुछ मठाधीश है, जोकि भाजपा के साथ मिलकर कांग्रेस और राहुल गांधी जी का सौंदा कर रहे है। वर्कर को बब्बर शेर कहते हैं, ऊपर बैठे लोग खत्म कर रहे वत्स ने कहा कि राहुल गांधी कार्यकर्ताओं को बब्बर शेर कहते हैं, लेकिन उन्हीं के ऊपर ऐसे लोग बैठे हैं जो कार्यकर्ताओं को खत्म कर रहे हैं और कमजोर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के आसपास कुछ लोगों ने मकड़जाल बना रखा है। कांग्रेस में बैठे मगरमच्छों को राहुल गांधी को पहचानना पड़ेगा। कुलदीप वत्स ने कहा कि जैसे रावण युद्ध में विभीषण की वजह से हारा था, वैसे ही राहुल गांधी के पास भी कुछ विभीषण हैं, जो पार्टी के अंदर रहकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सीएम के कार्यक्रम में आने पर भी दिया जवाब अपने भतीजों की शादी में सीएम के आने को लेकर उठे सवालों पर वत्स ने कहा-“क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा के घर सीएम नहीं जाते? क्या अभय सिंह चौटाला के घर नहीं जाते?” उन्होंने कहा कि उन्होंने सम्मानपूर्वक सीएम को कार्ड देकर बुलाया था, इसलिए वे आए थे। मैं हुड्डा के साथ हूं, लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं वत्स ने कहा कि वह भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हैं, लेकिन अगर कोई उनके स्वाभिमान को ठेस पहुंचाएगा तो वह बर्दाश्त नहीं करेंगे। अंत में कुलदीप वत्स ने कहा मुझे नहीं पता मेरे बयानों के क्या परिणाम होंगे, लेकिन मैं परिणाम से डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं सच बोलने वाला व्यक्ति हूं।
रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका चुनाव के 10 मई को होने वाले चुनाव के लिए मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री आरती राव चुनाव प्रचार करने पहुंची। आरती राव ने कहा कि 13 मई को आने वाले नतीजों में यहां भी विपक्ष का हाल पश्चिमी बंगाल जैसा होगा। भिवाड़ी से धारूहेड़ा आने वाले गंदे पानी को रोकने के लिए हमारे प्रयास जारी है। इस रोकने तक मेरी पार्टी और मैं लड़ाई लड़ते रहेंगे। आरती राव ने धारूहेड़ा में दो चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए भाजपा के चेयरमैन उम्मीदवार अजय जांगड़ा के लिए वोट मांगें किया। धारूहेड़ा के बाद आरती राव रेवाड़ी पहुंची और शहर में रोड शो कर भाजपा चेयरमैन उम्मीदवार और पार्षदों को वोट देने की अपील की। रोड शो के दौरान उन्होंने भाजपा उम्मीदवार व नेताओं के साथ सेल्फी भी ली। आरती बोलीं, दोनों अनुभवी उम्मीदवार आरती राव ने कहा कि भाजपा के रेवाड़ी और धारूहेड़ा में चेयरमैन पद के दोनों उम्मीदवार अनुभवी हैं। विनिता पीपल 2016 से डेढ़ साल तक नगर परिषद की चेयरपर्सन रह चुकी हैं। धारूहेड़ा के उम्मीदवार अजय जांगड़ा पिछले पांच साल से धारूहेड़ा में वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाते रहे हैं। उन्हें लोगों के काम करने और अधिकारियों का अच्छा अनुभव है। जिसका फायदा दोनों जगह क्षेत्र की जनता को होगी। मंत्री ने उम्मीदवार के साथ ली सेल्फी रेवाड़ी में रोड शो के दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने भाजपा चेयरमैन उम्मीदवार व अन्य भाजपा नेताओं के साथ सेल्फी भी। सेल्फी के दौरान आरती राव ने विनिता पीपल के गले मिलकर कार्यकर्ताओं को संदेश देने का भी प्रयास किया।
निवाड़ी के ओरछा में प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर जिले में नाव और क्रूज के चलने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे के बाद पूरे मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को इसी को देखते हुए निवाड़ी कलेक्टर और जिला पर्यटन परिषद ने सभी नावों और क्रूज के संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का कहना है कि पर्यटकों की जान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा, इसलिए यह सख्त कदम उठाना जरूरी था। जब तक नए नियम नहीं आएंगे, तब तक लगा रहेगा ताला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग सुरक्षा को लेकर नए नियम (गाइडलाइंस) तय नहीं कर देता। इस आदेश की कॉपी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड से लेकर पुलिस अधीक्षक और सभी एसडीएम को भेज दी गई है। अब नए सुरक्षा मानकों की जांच के बाद ही लहरों पर नावों की वापसी हो पाएगी। ओरछा आने वाले पर्यटकों पर पड़ेगा सीधा असर इस फैसले से ओरछा आने वाले उन पर्यटकों को थोड़ी निराशा हो सकती है जो बेतवा नदी में बोटिंग का आनंद लेना चाहते थे। ओरछा में बोटिंग पर्यटन का एक बड़ा हिस्सा है, जिससे कई लोगों का रोजगार भी जुड़ा है। हालांकि, प्रशासन का तर्क है कि बरगी डैम जैसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए भले ही पर्यटन और कमाई पर थोड़ा असर पड़े, लेकिन सुरक्षा सबसे पहले है।
भोपाल के केरवा डैम ब्रिज के ऊपर बना सीमेंट क्रांक्रीट का स्लैब (वेस्ट वियर) करीब 6 महीने पहले अचानक गिर गया था। इसके बाद यहां नया वेस्ट वियर का निर्माण हो रहा है। मंगलवार को जलसंसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट यहां पहुंचे और बाकी बचा काम 2 महीने में पूरा करने को निर्देश दिए। बता दें कि भदभदा डैम साल 1965 में बना था। इस हिसाब से केरवा डैम करीब 50 साल पुराना है। केरवा डैम से भोपाल के कोलार इलाके में पानी की सप्लाई होती है। मंत्री सिलावट ने अगले ही दिन निरीक्षण करके वेस्ट वियर की जगह नवनिर्माण करने के आदेश दिए थे। मंगलवार को मंत्री सिलावट फिर से मौके पर पहुंचे और निर्देश दिए कि केरवा डैम के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर का कार्य अगले दो महीने में पूरा कर लें। कार्य गुणवत्ता पूर्वक हो एवं संबंधित अधिकारी निरंतर कार्य का निरीक्षण कर वरिष्ठ अधिकारियों को प्रगति की जानकारी दें। अधीक्षण यंत्री बीएलनिमामा, कार्यपालन यंत्री नितिन कुहिकर, एसडीओ प्रदीप चतुर्वेदी भी मौजूद थे। केरवा डैम के बारे में समझिए केरवा बांध की कुल लंबाई 396. 50 मीटर एवं उंचाई 22.6 मीटर है। बांध की कुल जीवित जल भराव क्षमता 22.6 मिलियन घन मीटर है। जिससे भोपाल जिले के लगभग 35 गांवों की 3 हजार 960 हेक्टेयर भूमि में रबी सिंचाई की जाती है। इसके अतिरिक्त जलाशय से पेयजल के लिए जल भी प्रदाय किया जाता है। पिछले साल 11 नवंबर को वेस् टवियर का स्लैब गिर गया था। इसे ही सुधारा जा रहा है।
आगर मालवा जिला प्रशासन ने श्रीगंगा इंडेन गैस एजेंसी पर कार्रवाई करते हुए 828 घरेलू गैस सिलेंडरों को राजसात करने और 22.83 लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया है। कलेक्टर प्रीति यादव ने यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को बिना सिलेंडर दिए उनके नाम पर फर्जी बुकिंग कर सब्सिडी हड़पने और स्टॉक में भारी अनियमितता मिलने पर की। 507 भरे और 321 खाली सिलेंडर जब्त कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर, राजसात की गई सामग्री में 14.2 किलो क्षमता के 507 भरे हुए और 321 खाली सिलेंडर शामिल हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि एजेंसी संचालक एक माह के भीतर 22 लाख 83 हजार 984 रुपए की दंड राशि सरकारी कोष में जमा कर इन सिलेंडरों को मुक्त करा सकते हैं। जांच में 139 सिलेंडर कम मिले, फर्जीवाड़े की पुष्टि खाद्य आपूर्ति विभाग की जांच में सामने आया कि जुलाई 2025 के दौरान एजेंसी के गोदाम में रिकॉर्ड की तुलना में 139 सिलेंडर कम थे। इसके अलावा, कई उपभोक्ताओं के खातों में बिना गैस लिए ही सब्सिडी पहुंचाई जा रही थी। इस गंभीर धोखाधड़ी के लिए प्रबंधक अजय और प्रोपराइटर सीताराम परिहार के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। जिला आपूर्ति अधिकारी को निस्तारण की जिम्मेदारी अदालत के फैसले के बाद जब्त सिलेंडरों के निस्तारण और जुर्माने की वसूली का दायित्व जिला आपूर्ति अधिकारी को सौंपा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली और आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी में लिप्त किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।

