उन्नाव के लालऊखेड़ा के पास गुरुवार भोर में डीसीएम की टक्कर से 25 वर्षीय सुजीत की मौत हो गई। वह बोलेरो के पास खड़े होकर दोस्त से बात कर रहा था। टक्कर के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सुजीत पुत्र रामस्वरूप, शिवसिंह खेड़ा का रहने वाला था और ड्राइवर का काम करता था। परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद डीसीएम चालक को पकड़ लिया गया। सुजीत के चाचा आलोक कुमार ने बताया कि वे सिकंदरपुर की ओर जा रहे थे। गदनखेड़ा बाईपास के पास सड़क किनारे रुके थे, तभी पीछे से आए डीसीएम ने सुजीत को टक्कर मार दी। आलोक कुमार के मुताबिक, सुजीत की शादी नहीं हुई थी। परिवार में उसकी मां और दो छोटी बहनें हैं। वह दोनों बहनों का इकलौता भाई था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर परिजनों ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और सुजीत ही घर का सहारा था। उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है। पुलिस हादसे को लेकर कार्रवाई कर रही है।
रोहतक में जननायक जनता पार्टी की महिला प्रदेशाध्यक्ष रजनी मलिक ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब दुष्यंत चौटाला ने भाजपा का साथ दिया था, उस समय जेजेपी की लेगेसी थी। परिस्थितियों के अनुसार साथ देना पड़ा। चौधरी देवीलाल व ओमप्रकाश चौटाला ने भी भाजपा का साथ दिया था। रजनी मलिक ने कहा कि जब 2019 दुष्यंत चौटाला ने भाजपा सरकार बनाने के लिए सहयोग किया, तब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा समझकर दिया था। सरकार में हिस्सा होने के बाद पता चला कि यह तो मोदी-शाह की भाजपा है। मोदी-शाह की भाजपा में रोजाना मर्डर, प्रदर्शन व अंडरएज बच्चों से हत्या करवा रहे है। इसकी उम्मीद भी नहीं की थी। वर्तमान में भाजपा का साथ देने की कोई संभावना नहींरजनी मलिक ने कहा कि वर्तमान समय में भाजपा का साथ देने की कोई संभावना नहीं है। लेकिन राजनीति में कोई मलाल या पछतावा नहीं होता। वो समय की मांग के अनुरूप निर्णय लिया जाता है। जब भाजपा का साथ दिया तो लोगों की भलाई के लिए कई कदम भी उठाने का काम किया। जेजेपी भी मानती है कि वोट चोरी हुए रजनी मलिक ने कहा कि जेजेपी पार्टी भी मानती है कि वोट चोरी हुए है। पार्टी के वरिष्ठ नेता कर्नल एस.एस. राठी, जिन्होंने देश की सेवा की, उनका खुद का वोट कट गया। BCCL प्रदेश अध्यक्ष राजेश का वोट कटा हुआ है, जबकि उन्होंने तो इलेक्शन भी फाइट कर रखा है। वोट कटने का कारण भी नहीं बता रहे। जो आदमी पेंशन ले रहा है, क्या वो इस देश का नागरिक नहीं है। भाईयों की लड़ाई नहीं, विचारधारा की बात रजनी मलिक ने कहा कि चौटाला परिवार की बात है, वो उनका पारिवारिक मामला है। जब दो भाई अलग हो जाते हैं, वो कभी इकट्ठे नहीं होते। दो भाईयों के बीच लड़ाई नहीं है, बल्कि विचारधारा की लड़ाई है। जनता को अच्छे से पता है कि भविष्य का नेता कौन है। भविष्य किसके हाथ में है।
खरगोन में धनतेरस और दीपावली पर आग लगने की घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन ने पटाखा गोदामों की जांच शुरू की है। गुरुवार को कलेक्टर गुरु प्रसाद और एसपी रवींद्र वर्मा ने सेगांव में पटाखों के भंडारण और बिक्री की जगहों का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने गोदामों में आग से बचाव के इंतजाम देखे। चौकीदारों को बीड़ी-सिगरेट न पीने की हिदायत दी गई। पटाखा दुकानों और गोदामों में सीसीटीवी कैमरे लगाने, धूम्रपान रोकने के लिए ‘नो स्मोकिंग’ के संकेतक लगाने और पर्याप्त रोशनी रखने को कहा गया। साथ ही अग्निशामक यंत्र, पानी और रेत से भरी बाल्टियां रखने के मौके पर निर्देश दिए गए। अफसरों ने कहा कि शॉर्ट सर्किट या आग लगने पर इन इंतजामों से तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी और जन-धन का नुकसान रोका जा सकेगा। जांच टीम में एएसपी बिट्टू सहगल, एसडीएम सत्येंद्र बैरवा, एसडीओपी सौरभ तोमर और राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
बोरिंग मशीन लेकर जा रहा ट्रैक्टर पलटा:जालौन में नीचे दबकर युवक की मौत, गांव जा रहा था
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार दोपहर बोरिंग मशीन लेकर जा रहा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार गुलाम हुसैन (45) उसके नीचे दब गए। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर कोंच से बोरिंग मशीन लेकर बसो गांव की ओर जा रहा था। दोपहर करीब 12 बजे चांदनी गांव के पास अचानक ट्रैक्टर पलट गया। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई। शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
नाबालिग से रेप का आरोपी अरेस्ट:सिद्धार्थनगर में पुलिस ने कोर्ट में पेश किया
सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान छतहरी गांव निवासी सिम्पू उर्फ जितेंद्र पता बुद्धू उर्फ श्रवण के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे चेतिया मोड़ के पास से पकड़ा है। इसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया है। 23 अक्टूबर को दर्ज हुआ था मुकदमा पुलिस के अनुसार, शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र में एक नाबालिग के लापता होने के मामले में 23 अक्टूबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत के मुताबिक, नाबालिग 16 सितंबर को घर से चली गई थी। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। इसके बाद से ही पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी।
लखनऊ के डॉ.शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय ने दिव्यांगजनों के इलाज और पुनर्वास को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल की है। विश्वविद्यालय में प्रदेश की पहली 3D प्रिंटिंग लैब शुरू हुई है। यहां अब दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण तैयार करने के साथ सीधे क्लिनिकल सेवाएं भी दी जाएंगी। अंतरराष्ट्रीय प्रोस्थेटिक्स एवं ऑर्थोटिक्स दिवस पर कुलपति आचार्य संजय सिंह ने कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केंद्र में लैब का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आए 12 दिव्यांगजनों को 3D प्रिंटिंग तकनीक से तैयार कृत्रिम अंग मुफ्त दिए गए। डिजिटल माप से जल्दी तैयार होंगे कृत्रिम अंग कुलपति ने बताया कि पारंपरिक तरीके से कृत्रिम अंग तैयार करने में कई चरण होते हैं और काफी समय लगता है। नई तकनीक में डिजिटल डिजाइन और व्यक्ति के शरीर के सटीक माप के आधार पर कृत्रिम अंग बनाए जा सकेंगे। इससे निर्माण की प्रक्रिया तेज होगी। साथ ही बेहतर फिटिंग वाले हल्के और आरामदायक कृत्रिम अंग तैयार करना आसान होगा। जरूरत के अनुसार इनके डिजाइन में बदलाव भी किया जा सकेगा। इससे दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। मरीजों को विश्वविद्यालय में ही मिलेगी क्लिनिकल सुविधा लैब का इस्तेमाल केवल विद्यार्थियों के प्रशिक्षण और शोध तक सीमित नहीं रहेगा। यहां दिव्यांगजनों की जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और असिस्टिव डिवाइस तैयार किए जाएंगे। इससे मरीजों को इलाज और पुनर्वास के लिए आधुनिक तकनीक की सुविधा विश्वविद्यालय में ही मिल सकेगी। मशीनों और सॉफ्टवेयर पर काम सीखेंगे विद्यार्थी लैब से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। उन्हें 3D प्रिंटिंग मशीनों और आधुनिक सॉफ्टवेयर पर काम करने का मौका मिलेगा। वे कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण तैयार करने की पूरी प्रक्रिया सीख सकेंगे। इससे उनका प्रैक्टिकल अनुभव बढ़ेगा। आगे वे पुनर्वास के क्षेत्र में नई तकनीक विकसित करने और शोध करने में भी योगदान दे सकेंगे। जापान की संस्था के साथ हुआ MOU इस परियोजना के लिए विश्वविद्यालय और जापान की संस्था इंस्टालिम्ब इंडिया के बीच एमओयू हुआ है। इसके तहत करीब 1.77 करोड़ रुपये की आधुनिक मशीनें, सॉफ्टवेयर और डिजिटल तकनीक उपलब्ध कराई गई है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (यूएनआईडीओ) के ग्लोबल साउथ सहयोग से आगे बढ़ाई गई है। इंस्टालिम्ब इंडिया के निदेशक उत्कर्ष आहूजा ने तकनीकी व्याख्यान में 3D प्रिंटिंग के इस्तेमाल की जानकारी दी। कार्यक्रम में FDDI रायबरेली के निदेशक डॉ. सुनील द्विवेदी, कुलसचिव रोहित सिंह, विज्ञान संकाय के प्रो. पीयूष मिश्रा, फैकल्टी ऑफ पैरामेडिकल एंड रिहैबिलिटेशन साइंसेज के डीन प्रो. वीके सिंह, कुलानुशासक प्रो. आशुतोष पांडेय, उप कुलसचिव अनिल मिश्रा, एएलआरसी के वर्कशॉप मैनेजर डॉ. रंजीत कुमार और सहायक कुलसचिव बृजेन्द्र सिंह समेत शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
राजसमंद में दीपावली पर राजीविका से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी ब्लॉकों में स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की ओर से तैयार दीपावली से जुड़ी उपहार सामग्री बिक्री के लिए रखी गई है। गुरुवार को कलेक्ट्रेट के बाहर लगे स्टॉल पर कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा और जिला परिषद CEO ब्रजमोहन बैरवा पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने महिलाओं के उत्पाद खरीदे और उनका उत्साहवर्धन किया। लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, नमकीन और मिठाई तैयार की कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा ने बताया कि जिले में करीब एक लाख महिलाएं राजीविका से जुड़ी हुई हैं। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने दीपावली के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, नमकीन, मिठाई सहित कई तरह की उपहार सामग्री तैयार की है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि दीपावली पर महिलाओं की ओर से बनाए गए उत्पादों की खरीदारी करें। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलेगा और स्वदेशी उत्पादों को भी बढ़ावा मिलेगा। राजीविका से मिला उत्पाद बेचने का मंच भीम ब्लॉक से आई महिला लीना देवी ने बताया कि वह अलग-अलग तरह की पेंटिंग और पूजा थालियां बनाती हैं। राजीविका के माध्यम से उन्हें अपने उत्पादों की बिक्री के लिए बेहतर मंच मिला है। वहीं, जिला परियोजना प्रबंधक गजेंद्र सिंह ने बताया कि जिले के सभी ब्लॉकों में महिलाओं के उत्पादों की बिक्री के लिए स्टॉल लगवाए गए हैं।
क्रॉप कटिंग के आंकड़ों से तय फसल बीमा का मुआवजा:मऊ में डीएम ने देखी प्रक्रिया, ऑनलाइन दर्ज आंकड़े
मऊ में खरीफ की प्रमुख फसल धान की उपज का आकलन करने के लिए गुरुवार को क्रॉप कटिंग की गई। जिलाधिकारी आनंद वर्धन की मौजूदगी में तहसील सदर के रतनपुरा ब्लॉक के पहसा मोहिउद्दीनपुर गांव में चुने गए खेत की फसल काटी गई। इसके बाद धान की मड़ाई कर उपज का वजन किया गया। पी-1 प्लॉट से कुल 27.890 किलोग्राम धान मिला। इसके आधार पर उत्पादकता 64.4259 कुंतल प्रति हेक्टेयर आंकी गई। यह प्रक्रिया प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के खरीफ 2026-27 सीजन के तय मानकों के अनुसार की गई। क्रॉप कटिंग की पूरी प्रक्रिया भारत सरकार के सीसीई एग्री ऐप पर ऑनलाइन दर्ज की गई। जिलाधिकारी ने फसल काटने, मड़ाई और उपज तौलने की प्रक्रिया देखी और अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले में क्रॉप कटिंग तय मानकों के अनुसार और पारदर्शिता के साथ कराई जाए, ताकि उपज के आंकड़ों में गलती न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि कृषि उत्पादन का सही आकलन सरकारी योजनाओं को लागू करने और किसानों तक उनका लाभ पहुंचाने में मदद करता है। बीमा क्षतिपूर्ति तय करने में किया क्रॉप कटिंग के आंकड़ों का इस्तेमाल कृषि उत्पादन के आकलन और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्षतिपूर्ति तय करने में किया जाता है। उन्होंने कृषि उत्पादन से जुड़े आंकड़ों को सही और समय पर जुटाने पर जोर दिया। इस दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
फतेहपुर में जनसुविधाओं और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक ने गुरुवार को एक बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुचकर प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में दर्जनों महिलाएं वहां पहुंचीं और सरकार व स्थानीय प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम 7 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन संबंधित अधिकारी को सौंपा। संगठन ने मांगों पर जल्द कार्रवाई की अपील की। हेमलता पटेल ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए ग्रामीण और शहरी इलाकों की सड़कें खोदी गईं, लेकिन उनकी मरम्मत नहीं हुई। इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने योजना को विफल बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना में धांधली का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जरूरतमंद पात्र लोगों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा, जबकि अपात्रों को लाभ दिया जा रहा है। हेमलता पटेल ने जिंदपुर टोल प्लाजा पर आम लोगों और वाहन मालिकों से अवैध वसूली और अभद्रता का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि संगठन इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। ज्ञापन में जल जीवन मिशन की तकनीकी कमियां दूर करने और पाइपलाइन के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने की मांग की गई। साथ ही, आवास योजना से वंचित पात्र लोगों को पक्के मकान देने की मांग रखी गई। संगठन ने जिंदपुर टोल प्लाजा पर कथित अवैध वसूली और अभद्रता रोकने, महिला उत्पीड़न के मामलों में पुलिस की ओर से कार्रवाई करने और दीपावली व त्योहारों के दौरान पटाखा मंडी के दुकानदारों का उत्पीड़न बंद करने की मांग भी की।
रीवा शहर में दीपावली से पहले यातायात व्यवस्था बिगड़ने लगी है। गुरुवार को अमहिया, कॉलेज चौराहा, जय स्तंभ, ढेकहा चौराहा और बस स्टैंड सहित कई इलाकों में जाम लगा रहा। सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग काफी देर तक जाम में फंसे रहे और व्यस्त मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। बाजारों में भीड़ से बढ़ा वाहनों का दबाव दीपावली नजदीक आने के साथ बाजारों में खरीदारों की आवाजाही बढ़ गई है। प्रमुख बाजारों और सड़कों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना हुआ है। खरीदारी के लिए आने वाले लोग अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। इससे पहले से संकरी सड़कों पर आवागमन मुश्किल हो जाता है। ऑटो और ई-रिक्शा की आवाजाही भी कई जगह जाम की वजह बन रही है। लोगों ने ट्रैफिक प्रबंधन पर उठाए सवाल राहुल मिश्रा और सर्वेश शर्मा ने शहर की यातायात व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि जगह-जगह जाम लगने से आम लोगों को परेशानी हो रही है, लेकिन व्यवस्था में सुधार नजर नहीं आ रहा। त्योहार के समय बाजारों में भीड़ बढ़ने की संभावना पहले से रहती है। ऐसे में यातायात संभालने के लिए प्रभावी इंतजाम किए जाने चाहिए। ट्रैफिक प्लान के बावजूद जाम त्योहारी सीजन को देखते हुए पुलिस ने विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। बाजार क्षेत्र में बैरिकेडिंग और कुछ मार्गों पर ऑटो-ई-रिक्शा के प्रवेश पर प्रतिबंध जैसे इंतजाम किए गए हैं। इसके बावजूद गुरुवार को कई प्रमुख मार्गों पर जाम लगा रहा। इससे यातायात प्लान को मैदानी स्तर पर लागू कराने की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ट्रैफिक थाना प्रभारी ने बताई व्यवस्था ट्रैफिक थाना प्रभारी अनीमा शर्मा ने बताया कि यातायात सुचारू रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। त्योहारों को देखते हुए प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जाम की स्थिति से निपटने के लिए जरूरत के अनुसार यातायात डायवर्ट किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में सफाई कर्मचारियों की प्रदेशव्यापी हड़ताल का असर शिवपुरी में भी दिखने लगा है। नगर पालिका के करीब 350 सफाई कर्मचारी गुरुवार से हड़ताल पर हैं। उनके काम बंद करने से शहर में कचरा फैलने लगा है। कर्मचारी नियमितीकरण, वेतन वृद्धि और ठेका प्रथा खत्म करने सहित कई मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। उनके काम पर नहीं आने से सड़कों, गलियों और सार्वजनिक जगहों पर रोज की सफाई नहीं हो रही है। नियमितीकरण, ठेका प्रथा खत्म करने की मांगकर्मचारी नेता मनोज लाहौरी ने कहा कि कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। मांगों में नियमितीकरण, उचित वेतन, ठेका प्रथा खत्म करना और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। लाहौरी ने कहा कि मांगों पर फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दीपावली के दौरान बाजारों और रिहायशी इलाकों में कचरा बढ़ रहा है। हड़ताल लंबी चली तो आने वाले दिनों में शहर की सफाई व्यवस्था और बिगड़ सकती है।
हांसी में कांग्रेस नेता बजरंग गर्ग ने गुरुवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में कांग्रेस प्रतिनिधियों की बैठक ली। इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर हरियाणा में 33 लाख 36 हजार वोट काटने की कोशिश हो रही है। इसके विरोध में कांग्रेस का वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान 25 नवंबर तक चलेगा। बजरंग गर्ग ने कहा कि कांग्रेस ने पहले प्रदेश के सभी जिलों में वोट चोर- गद्दी छोड़ कार्यक्रम किए। दूसरे चरण में ब्लॉक स्तर पर सम्मेलन हुए, जिन्हें अच्छा जनसमर्थन मिला। अब तीसरे चरण में गांवों की चौपालों पर वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान चलाया जा रहा है। एसआईआर के नाम पर वोट काटने की कोशिश : गर्ग उन्होंने दावा किया कि SIR के नाम पर प्रदेश में करीब 17 प्रतिशत वोट काटने की कोशिश हो रही है। गर्ग ने कहा कि 5 अक्टूबर 2024 को मतदान के दिन चुनाव आयोग ने रात में मतदान प्रतिशत 61.9 प्रतिशत बताया था। 7 अक्टूबर को रात 8 बजकर 46 मिनट पर इसे बढ़ाकर 67.9 प्रतिशत कर दिया गया। गर्ग ने आरोप लगाया कि मतदान प्रतिशत में छह फीसदी की बढ़ोतरी के जरिए करीब 13 लाख 65 हजार 777 वोटों की चोरी हुई। उन्होंने कहा कि इन्हीं वोटों के दम पर भाजपा ने प्रदेश में सरकार बनाई। कांग्रेस नेता ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र और संविधान को कमजोर कर रही है। उनके मुताबिक, किसान, कर्मचारी, मजदूर और व्यापारी समेत हर वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान है। किसानों को धान और बाजरा बेचने में हो रही दिक्कत: गर्ग उन्होंने कहा कि किसानों को धान और बाजरा बेचने के लिए मंडियों में परेशानी हो रही है। बाजरा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से 900 से 1,200 रुपए प्रति क्विंटल कम दाम पर बिक रहा है। गर्ग ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने धान 3,100 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन सरकार 2,461 रुपए प्रति क्विंटल के MSP पर भी धान नहीं खरीद रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है और आढ़तियों की मनमानी बढ़ रही है। प्रदेश की कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल बजरंग गर्ग ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा अपराध और नशे के मामले में आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में रोजाना लूट, हत्या और फिरौती की वारदातें हो रही हैं। अपराधी जेलों और विदेशों में बैठकर अपने गैंग चला रहे हैं और खुलेआम फिरौती मांग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में रोजाना करीब चार हत्याएं हो रही हैं। व्यापारियों, उद्योगपतियों और आम नागरिकों में सुरक्षा को लेकर भय का माहौल है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार से जनता का मोहभंग हो चुका है।
अमरोहा में संघ कार्यालय पर हवन:वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दी आहुतियां, विश्व शांति और समृद्धि की कामना
अमरोहा में हसनपुर स्थित संघ कार्यालय पर राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति और विश्व कल्याण की कामना को लेकर हवन का आयोजन किया गया। पंडित लोकेश भारद्वाज ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधान से हवन संपन्न कराया। इस दौरान उपस्थित पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने हवन कुंड में आहुतियां देकर राष्ट्र की उन्नति और समाज में सुख-शांति की कामना की। कार्यक्रम में विभाग प्रचारक शरद, जिला प्रचारक योगेंद्र, प्रांत सेवा प्रमुख कुलदीप, जिला संघचालक कमल और जिला विद्यार्थी प्रचारक पुष्पेंद्र उपस्थित रहे। इस दौरान स्वयंसेवकों ने सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र की मंगलकामना और विश्व कल्याण की प्रार्थना के साथ हुआ।
मुजफ्फरनगर में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- अखिलेश यादव केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान से डरे हुए हैं। भाजपा सरकार को अंगद के पैर के समान मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितने प्रयास कर ले, सरकार की मजबूती पर कोई असर नहीं पड़ेगा। विपक्ष पर साधा निशाना, सपा सरकार पर लगाए आरोप गुरुवार दोपहर करीब एक बजे मखियाली चेक पोस्ट स्थित अर्णव बैंक्वेट हॉल में आयोजित दीपावली मिलन समारोह में राज्यमंत्री ने यह बातें कहीं। उन्होंने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर गुंडाराज, भ्रष्टाचार, सांप्रदायिक दंगों और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के आरोप लगाए। योगी सरकार के कामकाज की तारीफ की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था, विकास और सुशासन के क्षेत्र में बदलाव आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता विकास के मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान कार्यकर्ताओं से संवाद करते हुए राज्यमंत्री ने केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान समेत भाजपा के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और व्यापारी मौजूद रहे।
सिद्धार्थनगर में दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार:सिंगारजोत-बलरामपुर बॉर्डर से पकड़ा गया
सिद्धार्थनगर के त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में वांछित आरोपी सुनील विश्वकर्मा को पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसे सिंगारजोत-बलरामपुर बॉर्डर से पकड़ा। कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय भेज दिया गया। सुनील, लवकुश विश्वकर्मा का बेटा है और त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ त्रिलोकपुर थाने में दुष्कर्म, मारपीट और धमकी देने का केस दर्ज है। थानाध्यक्ष अनूप कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया। टीम में कांस्टेबल नितिन पाठक, आशीष कुमार मौर्य और ओंकार प्रजापति शामिल थे।
मंडला के महाराजपुर थाना क्षेत्र के सूरजपुरा में हुई चोरी की जांच के दौरान पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें 16 साल का एक बालक भी शामिल है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने मंडला के अलावा जबलपुर और डिंडौरी में भी चोरी की वारदातें कबूली हैं। सूने मकानों की रेकी कर करते थे चोरी 30 अक्टूबर को सूरजपुरा निवासी कमलेश धुर्वे पत्नी के साथ घर में ताला लगाकर काम से ग्राम अहमदपुर गए थे। दोपहर करीब 2:30 बजे लौटे तो घर के मुख्य गेट और दरवाजे का ताला टूटा मिला। पेटी में रखी चांदी की एक जोड़ी पायल, दो जोड़ी बिछिया और 2 हजार रुपए नकद गायब थे। कमलेश की रिपोर्ट पर महाराजपुर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। मुखबिर और ग्रामीणों से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने सूरजपुरा में दो मोटरसाइकिलों पर घूम रहे पांच संदिग्धों को पकड़ा। पूछताछ में उन्होंने चोरी की वारदातें कबूल कीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलग-अलग गांवों में घूमकर सड़क किनारे बने सूने और ताला लगे मकानों की रेकी करते थे। मौका मिलने पर ताला तोड़कर चोरी कर फरार हो जाते थे। मंडला के तीन थाना क्षेत्रों में 11 चोरियां कबूलीं पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने निवास थाना क्षेत्र में पांच, मोहगांव में पांच और नैनपुर में एक चोरी करना कबूल किया है। इन मामलों में करीब 21 लाख 29 हजार 700 रुपए का सामान चोरी होने की बात सामने आई है। आरोपियों ने जबलपुर जिले के बरेला और डिंडौरी जिले के मेहंदवानी में भी चोरी करना स्वीकार किया है। अन्य जिलों में हुई चोरियों की जांच की जा रही है। चार आरोपी बालाघाट के, एक नाबालिग भी शामिल गिरफ्तार आरोपियों में करन धुर्वे (20), विजय मरावी (28), मनोज धुर्वे उर्फ किशन (25) और अरबेद उर्फ भूपेंद्र धुर्वे (23) शामिल हैं। चारों बालाघाट जिले के परसवाड़ा थाना क्षेत्र के शेरवार के निवासी हैं। इनके साथ 16 वर्षीय बालक को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चांदी के गहने, नकदी और चोरी में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें जब्त की हैं। जब्त सामान की कीमत करीब 1 लाख 90 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ और अन्य मामलों में चोरी गए सामान की बरामदगी के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में महाराजपुर थाना प्रभारी डॉ. जय सिंह यादव सहित निवास, मोहगांव और हिरदेनगर पुलिस की टीम की भूमिका रही।
रायगढ़ जिले में घर में अकेली रहने वाली 62 साल के बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट कर लूटपाट का मामला सामने आया है। आरोपी रात में घर में घुसा और आलमारी, संदूक से नकदी और जेवरात लेकर फरार हो गया। उधार के 4,500 रुपए नहीं मिलने पर उसने लूट की योजना बनाई थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। दरअसल, ग्राम बड़े देवगांव निवासी रामबाई साहू (62) ने 1 नवंबर को अपने दोनों बेटों और बहू के साथ खरसिया थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर की रात करीब 8 बजे वह अपने घर के कमरे में सो रही थीं। रात करीब डेढ़ बजे नींद खुली तो देखा कि एक अज्ञात व्यक्ति घर की आलमारी से सामान निकाल रहा था। रामबाई ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने बांस के डंडे से उनके सिर और दोनों हाथों पर वार कर दिया। इसके बाद आलमारी और संदूक में रखे 30 हजार रुपए नकद, करीब 40 तोला चांदी और 2 तोला सोने के जेवरात लेकर फरार हो गया। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। संदिग्ध के हुलिए से पुलिस को मिला सुराग जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता सहित आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पता चला कि घटना की रात ग्राम बड़े देवगांव में डेमलाल उरांव के घर ग्राम बोरदी से आया नागेश गवेल (29) मौजूद था। उसका हुलिया संदिग्ध पाया गया। पुलिस ने नागेश कुमार गवेल की तलाश कर उसे हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर लूटपाट करना स्वीकार कर लिया। उधार के पैसे नहीं मिले तो बनाई लूट की योजना पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 31 अक्टूबर की रात वह अपनी डिस्कवर मोटरसाइकिल से डेमलाल उरांव के घर 4,500 रुपए उधार मांगने गया था। पैसे नहीं मिलने पर वह वहां से लौट आया। इसके बाद मेन रोड स्थित सामुदायिक भवन के पास उसने लूटपाट की योजना बनाई। आरोपी को जानकारी थी कि ग्राम बड़े देवगांव में रामबाई साहू अकेली रहती हैं और उनके घर में पुट्टी-पोताई का काम चल रहा है। इसी का फायदा उठाकर वह रात में घर के गेट पर चढ़कर अंदर घुस गया। उसने हथौड़ी से आलमारी और संदूक तोड़कर नकदी व जेवरात निकालने शुरू किए। इसी दौरान संदूक की आवाज सुनकर महिला जाग गई और उसे पकड़ने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपी ने बांस के डंडे से उनके सिर और दोनों हाथों पर वार किया। इसके बाद नकदी और जेवरात लेकर मोटरसाइकिल से फरार हो गया। हथौड़ी, डंडा और मोटरसाइकिल जब्त पुलिस ने आरोपी के पास से 3 हजार रुपए नकद बरामद किए। वारदात में इस्तेमाल बांस का डंडा और हथौड़ी बोरदी मोड़ मेन रोड के पास झाड़ियों से बरामद की गई। वहीं, डिस्कवर मोटरसाइकिल आरोपी के घर से जब्त की गई। आरोपी ने बाकी 25 हजार रुपए, 2 तोला सोना और 40 तोला चांदी नरवा मुक्तिधाम के पास एक पेड़ के नजदीक छिपाने की जानकारी दी। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर बताए गए स्थान पर तलाश की, लेकिन बाकी सामान बरामद नहीं हो सका। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। SSP बोले- महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा प्राथमिकता SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिले में अपराधियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
जाति के नाम पर बंटे समाज के सामने विज्ञान ने एक ऐसा सवाल खड़ा किया है, जो सदियों पुरानी सामाजिक धारणाओं को सोचने पर मजबूर कर सकता है। आखिर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, जनजाति और दूसरे समुदायों के पूर्वज कौन थे? क्या ये समुदाय मूल रूप से अलग-अलग थे या कभी इनके पूर्वज एक ही थे? काशी में आयोजित सांस्कृतिक संसद में प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने DNA रिसर्च के हवाले से इन सवालों पर रोचक जानकारी साझा की। 8 हजार साल पहले ब्राह्मण, क्षत्रिय और संथाल के पूर्वज एक! प्रो. चौबे ने अपने व्याख्यान में Y क्रोमोसोम के अध्ययन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनके अपने पूर्वज और एक क्षत्रिय समुदाय के व्यक्ति के पूर्वज लगभग 2000 साल पहले एक थे। वहीं एक ब्राह्मण, क्षत्रिय और गुजराती पटेल समुदाय के पूर्वजों का साझा संबंध करीब 4500 साल पुराना बताया गया। इससे भी आगे बढ़कर ब्राह्मण, क्षत्रिय, गुजराती और संथाल जनजाति के पूर्वजों के बीच करीब 8000 साल पुराना साझा संबंध सामने आने की बात कही गई। यानी आज जाति और समुदाय के आधार पर अलग-अलग पहचाने जाने वाले लोगों की जड़ें हजारों साल पहले एक-दूसरे से जुड़ी हुई थीं। जातियां बाहर से नहीं आईं, भारत में ही हुआ विकास! प्रोफेसर चौबे के मुताबिक, भारत में जातियों और जनजातियों का मौजूदा स्वरूप किसी एक बाहरी समूह द्वारा लाया गया ढांचा नहीं है, बल्कि इसका विकास यहीं की ऐतिहासिक और सामाजिक परिस्थितियों में हुआ। हजारों साल पहले आज जैसी जातिगत पहचान मौजूद नहीं थी। समय के साथ अलग-अलग समुदायों का विकास हुआ और सामाजिक समूहों के बीच विवाह की सीमित व्यवस्था ने उनकी आनुवंशिक पहचान को अलग-अलग बनाए रखा।उन्होंने बताया कि करीब 1700-1800 साल पहले से समुदायों में अंतर्विवाह यानी अपनी ही जाति या समूह में विवाह की परंपरा ने भारतीय आबादी के आनुवंशिक स्वरूप को प्रभावित किया। उत्तर से दक्षिण तक DNA में एक ही पूर्वजों की कहानी प्रो. चौबे ने बताया कि भारत के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और जनजातीय क्षेत्रों के लोगों के DNA में कई साझा आनुवंशिक घटक मिलते हैं। भले ही भाषा, खानपान, रंग-रूप और भौगोलिक परिस्थितियों के कारण लोगों की पहचान अलग दिखाई देती हो, लेकिन उनके पूर्वजों के बीच गहरा संबंध मौजूद है। उनके अनुसार, भारत की विविधता को नस्लीय आधार पर बांटकर देखने की औपनिवेशिक सोच को आधुनिक जेनेटिक अध्ययन चुनौती देते हैं। माता से मिलता है माइटोकॉन्ड्रियल DNA, पिता से Y क्रोमोसोम अपने व्याख्यान में उन्होंने DNA की संरचना समझाते हुए बताया कि माइटोकॉन्ड्रियल DNA मां से बच्चों में पहुंचता है, जबकि Y क्रोमोसोम पिता से पुत्र को मिलता है। इन दोनों के अध्ययन से वैज्ञानिक हजारों साल पुराने मातृ और पितृ वंश का पता लगा सकते हैं। उन्होंने शक्ति उपासना का उल्लेख करते हुए मां को ऊर्जा का स्रोत बताया और भारतीय परंपराओं तथा विज्ञान के बीच संबंध पर भी चर्चा की। 74 हजार साल से भारत में मानव मौजूदगी का जिक्र प्रो. चौबे ने कर्नाटक की जेरू घाटी में मिले पुरातात्विक साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में मानव की मौजूदगी कम से कम 74 हजार साल पुरानी है। उन्होंने अफ्रीका से मानव प्रवास, सिंधु घाटी सभ्यता और मेसोपोटामिया के साथ प्राचीन व्यापारिक संबंधों पर भी चर्चा की। नॉर्थ ईस्ट को लेकर भी पुरानी धारणाओं पर सवाल उन्होंने पूर्वोत्तर भारत की आबादी पर किए गए DNA अध्ययनों का जिक्र करते हुए बताया कि यहां के लोगों की आनुवंशिक संरचना में गंगा घाटी और दक्षिण-पूर्व एशिया, दोनों क्षेत्रों से आए पूर्वजों का योगदान है। इससे यह धारणा भी कमजोर पड़ती है कि पूर्वोत्तर भारत की आबादी केवल बाहर से आए लोगों से बनी है।
चार पुराने मुकदमों में पांच अभियुक्तों को सजा:बलरामपुर में चार को जेल में बिताई अवधि की सजा
बलरामपुर में अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत बलरामपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस की प्रभावी पैरवी और मजबूत विधिक कार्रवाई के चलते वर्षों पुराने चार अलग-अलग मुकदमों में कुल पांच अभियुक्तों को माननीय न्यायालय ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। इनमें मारपीट के दो और लकड़ी चोरी के तीन अभियुक्त शामिल हैं। न्यायालय ने चार अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ अर्थदंड लगाया, जबकि एक अभियुक्त को अदालत उठने तक खड़े रहने और 1,500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। चिन्हित मुकदमों की लगातार प्रभावी पैरवी एसपी मार्तंड प्रकाश सिंह के नेतृत्व में चिन्हित मुकदमों की लगातार प्रभावी पैरवी की जा रही है। इसी क्रम में मॉनीटरिंग सेल और संबंधित थानों की सक्रियता से इन चार पुराने मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाने में सफलता मिली। पहला मामला थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के त्रिकौलिया गांव का है। मारपीट कर चोट पहुंचाई यहां 31 जनवरी 2003 को हरिद्वार प्रसाद पुत्र छोटकऊ ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि त्रिलोकी पुत्र नानबाबू और रामकरन पुत्र रामलखन ने उनके साथ मारपीट कर चोट पहुंचाई तथा गाली-गलौज और धमकी दी। पुलिस ने भादवि में मुकदमा दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय भेजा था। मामले में प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय CJJD/JM बलरामपुर ने दोनों अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और प्रत्येक को 2,000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। दूसरा मामला थाना कोतवाली जरवा का है। 28 अप्रैल 2000 को वन दरोगा जनकपुर रेंज कमलेश्वरनाथ ने राम छबीले पुत्र रामेश्वर निवासी जीवडिडवा और समीउल्ला पुत्र किफायत निवासी सेमरी के विरुद्ध लकड़ी चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया पुलिस ने फॉरेस्ट एक्ट तथा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय CJSD/ACJM बलरामपुर ने दोनों अभियुक्तों को जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाते हुए प्रत्येक पर 1,600 रुपये का अर्थदंड लगाया।
झालावाड़ में रोटरी क्लब ब्रजनगर ने दीपावली पर जरूरतमंद बच्चों को हैप्पी किट बांटी। किट में खाने-पीने की सामग्री, पटाखे, फुलझड़ियां और खिलौने रखे गए थे। क्लब अध्यक्ष मोहनीश माहेश्वरी ने कहा कि दीपावली दूसरों के जीवन में खुशियां बांटने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए, ताकि कोई बच्चा त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे। इस सेवा प्रकल्प में क्लब अध्यक्ष मोहनीश माहेश्वरी, सचिव सुशांत सुराणा, पूर्व रोटरी अध्यक्ष संजय अग्रवाल, अविनाश शुक्ला, प्रदीप गुप्ता और सुनील गुप्ता ने सहयोग किया। प्रोजेक्ट इंचार्ज पूर्व अध्यक्ष राहुल जैन और डॉ. सिद्धार्थ रहे। क्लब सदस्य मुकेश जैन, डॉ. कमलेश विजय, डॉ. एमएल गुप्ता, विकास चंदवाड़, दर्शन अवस्थी, सौरभ जैन, रजत जैन, सौरभ पाटनी, राजीव मित्तल, रूपेश तोदी और पुरुषोत्तम अग्रवाल मौजूद रहे। विशेष आमंत्रित सदस्य डॉ. यदुवेंद्र यादव और श्याम शर्मा भी उपस्थित थे। क्लब सदस्यों ने कहा कि दूसरों के जीवन में खुशियां बांटना ही सच्ची सेवा है। रोटरी क्लब ब्रजनगर सेवा, समर्पण और मानवता के उद्देश्य से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित मैनपावर सप्लाई घोटाले में आरोपी पूर्व आबकारी MD अरुणपति त्रिपाठी को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। वे पिछले 95 दिनों से रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। इस मामले में साल 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर 182.98 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान में गड़बड़ी का आरोप है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। यह मामला छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के तहत सरकारी शराब दुकानों में कर्मचारियों की मैनपावर सप्लाई और उनके ओवरटाइम भुगतान में कथित गड़बड़ी से जुड़ा है। जांच एजेंसियों का आरोप है कि प्लेसमेंट एजेंसियों ने ओवरटाइम, बोनस और चार अतिरिक्त कार्य दिवसों के नाम पर फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार किए। इन बिलों के आधार पर सरकारी खजाने से वास्तविक भुगतान से अधिक रकम जारी कराई गई। 28.80 लाख कैश मिलने के बाद शुरू हुई जांच इस मामले की जांच की शुरुआत 29 नवंबर 2023 को हुई थी। उस दिन प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रायपुर में कार्रवाई के दौरान तीन लोगों से 28.80 लाख रुपए कैश जब्त किए थे। जांच एजेंसी को संदेह था कि यह रकम मैनपावर एजेंसियों के लंबित बिल पास कराने के बदले दिए जाने वाले कथित कमीशन से जुड़ी है। इसके बाद मिली जानकारी के आधार पर राज्य की आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। 182.98 करोड़ के अतिरिक्त भुगतान का आरोप जांच एजेंसियों के मुताबिक, साल 2019-20 से 2023-24 के बीच मैनपावर एजेंसियों को ओवरटाइम, बोनस, चार अतिरिक्त कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। आरोप है कि कर्मचारियों को इन मदों का वास्तविक लाभ नहीं मिला, जबकि एजेंसियों ने फर्जी और बढ़े हुए रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान हासिल किया। जांच में यह भी आरोप लगाया गया कि इस रकम का एक हिस्सा नकद कमीशन के रूप में अधिकारियों और कथित सिंडिकेट तक पहुंचाया गया। अरुणपति त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान करीब 152.40 करोड़ रुपए के अतिरिक्त भुगतान की बात भी जांच में सामने आई है। मैनपावर एजेंसियों के संचालकों पर भी कार्रवाई EOW-ACB ने इस मामले में मैनपावर एजेंसियों के संचालकों और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी का आरोप है कि बिल तैयार करने, भुगतान मंजूर कराने और कथित कमीशन के लेनदेन में कई लोगों की भूमिका रही है। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के साथ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में कार्रवाई की गई है। जमानत मिलने से आरोप खत्म नहीं होंगे हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अरुणपति त्रिपाठी को इस मामले में कानूनी राहत मिली है। हालांकि, जमानत मिलने का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले में आरोपों की पुष्टि ट्रायल के दौरान पेश किए जाने वाले सबूतों के आधार पर होगी। …………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… CSMCL ओवरटाइम घोटाला...CDL के वाइस प्रेसिडेंट अरेस्ट: अरुणपति त्रिपाठी के संपर्क में था, ढेबर को जाता था कमीशन, इधर पप्पू बंसल-पीयूष बिजलानी को जमानत छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवर टाइम भुगतान घोटाला केस में आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग का पूरा काम उदय राव के निर्देश पर किया जाता था। पढ़ें पूरी खबर…
टीकमगढ़ जिले के बुडेरा थाना क्षेत्र के डिकौली गांव में गुरुवार को अवैध शराब बिक्री के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब के नशे में आए दिन गांव में विवाद होते हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने गांव में शराब की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश देकर जाम खुलवाया। दो लोगों के घरों से मिली अवैध शराब थाना प्रभारी जयेंद्र गोयल ने बताया कि ग्रामीणों से अवैध शराब बेचने वालों के बारे में पूछताछ की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने गांव के ही दो लोगों पर अवैध शराब बेचने की शिकायत की। पुलिस ने दोनों के घरों की तलाशी ली तो वहां से अवैध शराब मिली। इसके अलावा दोनों घरों से दो फ्रीजर भी जब्त किए गए हैं। आबकारी एक्ट में केस दर्ज पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की जा रही है। मामले में ग्रामीणों से पूछताछ जारी है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब बिक्री में यदि अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। तस्वीरे देखिए…
उन्नाव में ससुराल आए दामाद पर जलाकर मारने का आरोप ससुराल वालों पर लगा है। युवक मंगलवार को पत्नी के बुलाने पर ससुराल गया था। जहां पत्नि उसपर मायके में रहने का दबाव बना रही थी। इस बीच विवाद बढ़ने पर ससुर ने घर में रखा पेट्रोल छिड़ककर आग लगा। 95 प्रतिशत झुलसे युवक ने इलाज के दौरान बुधवार को अस्पताल में दम तोड़ दिया। युवक के परिजनों ने पत्नी और ससुराल वालों पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने पत्नी, ससुर और साले के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। तीनों पर हत्या का केस लिखा गया है। घटना जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर पुरवा थाना क्षेत्र की है। देखें 2 तस्वीरें.. मृतक की पहचान बांगरमऊ थाना क्षेत्र के अंबेडकर नगर निवासी कारण (22) के रूप में हुई है। वह घर बनाने के काम में मजदूरी करता था। उसकी शादी पुरवा के शीतलगंज निवासी प्रीति (19) से हुई थी। दोनों की दो साल की बेटी है। परिजनों के मुताबिक, शादी के करीब 10 दिन बाद ही प्रीति मायके चली गई थी और वहीं रहने लगी थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। आरोप है कि प्रीति चाहती थी कि कारण उसके साथ मायके में ही रहे। युवक की मौत की खबर मिलने पर परिजनों ने सड़क जाम कर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाकर शांत कराया और कार्रवाई का भरोसा दिया। गुरुवार दोपहर उन्नाव में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी और बुलडोजर चलाने की मांग मृतक के भाई संजय कुमार ने बताया कि उनका भाई कारण 2 नवंबर को बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर ससुराल गया था। आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे जब वह सो रहा था, तभी ससुराल पक्ष के लोगों ने उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस घटना में वह करीब 95 प्रतिशत झुलस गया था। संजय के मुताबिक, भाई को पहले उन्नाव से कानपुर और फिर लखनऊ ले जाया गया। वहां समुचित इलाज नहीं मिलने पर उसे निजी यूनाइटेड हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। इलाज में कुछ ही घंटों के भीतर एक लाख रुपये से अधिक खर्च हो गए। इसके बाद दूसरे अस्पताल में भी करीब 80 से 90 हजार रुपये खर्च हुए। परिवार मजदूरी करके गुजर-बसर करता है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद उन्होंने भाई को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। संजय ने आरोप लगाया कि मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने दो दिन बाद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने बताया कि भाई की शादी साल 2023 में हुई थी। उसकी दो साल की बेटी है। शादी के करीब 10 दिन बाद ही पत्नी मायके चली गई थी। संजय ने आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो परिवार बांगरमऊ से लखनऊ तक पैदल मार्च कर धरना-प्रदर्शन करेगा। उनका कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक भाई का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। थाना प्रभारी भुवन सिंह मौर्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रीति, उसके पिता और भाई के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। ----------------------------- ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- हाथरस में पति-पत्नी की जिंदा जलकर मौत:घर में सो रहे थे, बेड पर मिले शव; बेटा शादी में बाहर गया था हाथरस में घर में भीषण आग लग गई। हादसे में सो रहे पति-पत्नी की जिंदा जलकर मौत हो गई। दोनों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। बेड पर दोनों की लाश मिली। हादसा बुधवार रात 2 बजे हुआ। पूरी खबर पढ़िए
इंदौर के मल्हारगंज इलाके में बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रात 1 बजे की बताई जा रही है। मां ने जब बेटी को फंदे पर लटका देखा, तो परिजनों और आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद युवती को एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि युवती की मौत के बाद भी उसके मोबाइल पर लगातार एक युवक के कॉल और मैसेज आ रहे थे। हालांकि, फोन लॉक होने के कारण परिजन मैसेज नहीं पढ़ सके। मल्हारगंज पुलिस के मुताबिक, रात करीब 2 बजे एमवाय अस्पताल से सूचना मिली थी कि तिरुमल कॉलोनी निवासी अंजलि (22), पिता अतुल माहेश्वरी को परिजन फांसी के फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मां से नींद आने की बात कहकर कमरे में गई थी पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि अंजलि रात करीब 11 बजे तक परिजनों के साथ नीचे बैठी थी। इसके बाद उसने मां से नींद आने की बात कही और ऊपर अपने कमरे में सोने चली गई। देर रात जब मां उसके कमरे में पहुंची, तो अंजलि फंदे पर लटकी मिली। मौत के बाद भी युवक के आते रहे कॉल और मैसेज घटना के बाद अंजलि के मोबाइल पर 'विजय वर्मा' नाम के युवक के लगातार कॉल आ रहे थे। उसने मोबाइल पर कुछ मैसेज भी भेजे थे, लेकिन फोन लॉक होने के कारण परिजन उन्हें पढ़ नहीं सके। परिजनों का आरोप है कि युवक अंजलि को परेशान कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई है कि मानसिक प्रताड़ना के कारण ही अंजलि ने आत्महत्या की होगी। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। फाइनेंस कंपनी में रिकवरी टीम लीडर थी अंजलि अंजलि एक वाहन फाइनेंस कंपनी में रिकवरी टीम को लीड करती थी। परिवार में उसका एक भाई है, जो पढ़ाई के साथ निजी काम भी करता है। वहीं, माता-पिता सिलाई का काम करते हैं। पुलिस के मुताबिक, युवती की मौत के कारणों और परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। मोबाइल पर आए कॉल और मैसेज की भी जांच की जाएगी। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रतनगढ़ के राजकीय जालान अस्पताल परिसर में शनिवार को मृत मिले साधु के शव का पुलिस ने बुधवार शाम अंतिम संस्कार कराया। पांच दिन तक उनके परिजन नहीं पहुंचे थे। नगर पालिका के कर्मचारियों ने हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया। रतनगढ़ थाने के हेड कॉन्स्टेबल नरेश ने बताया कि वृद्ध साधु अस्पताल परिसर में मृत मिले थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। पुलिस को साधु के सामान की तलाशी में एक आईडी मिली। उसमें उनका नाम महेंद्रसिंह, पिता फुमनसिंह और पता रंगतालाब, कोटा लिखा था। आईडी के आधार पर स्थानीय पुलिस ने कोटा पुलिस को जानकारी दी। पांच दिन तक परिजन नहीं पहुंचे, इसलिए पुलिस ने बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव नगर पालिका को सौंपा।
पलामू में एसीबी ने होमगार्ड कार्यालय के मुंशी सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि उसने ड्यूटी का कमान देने के बदले जवान से पैसे मांगे थे। एसीबी के मुताबिक, एक होमगार्ड जवान ड्यूटी का कमान लेने पलामू स्थित कार्यालय पहुंचा था। वहां उसे मुंशी सकेन्द्र और तुलसी से मिलने को कहा गया। दोनों ने कमान देने के बदले 10 हजार रुपए मांगे और कहा कि यह साहब का आदेश है। जवान ने अपने साहब से बात की तो उन्होंने भी कहा कि चार महीने में 1.20 लाख रुपए मिलते हैं, ऐसे में 10 हजार रुपए देने में क्या दिक्कत है। रिश्वत की मांग से परेशान जवान ने एसीबी के पलामू कार्यालय में शिकायत दी। एसीबी ने शिकायत के बाद आरोपों की जांच की। जांच में सकेन्द्र उर्फ साकेश कुजूर पर रिश्वत मांगने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए जाल बिछाया गया। दंडाधिकारी और गवाहों की मौजूदगी में एसीबी ने गुरुवार को जवान से 10 हजार रुपए लेते हुए मुंशी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सागर एसपी पद से हटाए जाने के बाद भारतीय पुलिस सेवा (IPS) से इस्तीफा देने वाले अनुराग सुजानिया पहले ही नौकरी छोड़ने की योजना बना चुके थे। बताया जा रहा है कि सागर एसपी बनने से पहले उनके पास दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी से बड़े पैकेज का ऑफर था। उस समय सरकार ने उन्हें सागर एसपी बना दिया, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफे का फैसला टाल दिया था। अब शराब कांड के बाद एसपी पद से हटाए जाने पर उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि, निजी कंपनी में नौकरी और बड़े पैकेज की बात आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं है। डीजीपी ने इस्तीफा गृह विभाग को भेजा जानकारी के मुताबिक सुजानिया ने सोमवार को इस्तीफा दिया था। इसमें नौकरी छोड़ने की वजह व्यक्तिगत बताई गई है। इसके बाद से वे चुनिंदा अधिकारियों को छोड़कर किसी से बातचीत नहीं कर रहे हैं। बुधवार को डीजीपी कैलाश मकवाणा ने उनका इस्तीफा गृह विभाग को भेज दिया। इस सिलसिले में सुजानिया की अपर मुख्य सचिव गृह संजय कुमार शुक्ल से मुलाकात भी हुई है। अब उनके इस्तीफे पर अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। माना जा रहा है कि सरकार जल्द ही इस पर फैसला ले सकती है और इस्तीफा स्वीकार भी किया जा सकता है। सुजानिया से इस्तीफे की वजह जानने के लिए कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने बात नहीं की। सागर से पहले मुरैना में भी शराब कांड के बाद हटे थे अनुराग सुजानिया मुरैना में भी एसपी रह चुके हैं। वर्ष 2021 में उनके मुरैना एसपी रहते जहरीली शराब कांड हुआ था। इसमें 24 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उस समय जांच में पुलिस संरक्षण में अवैध शराब की बिक्री होने की बात सामने आई थी। इसके बाद सुजानिया को एसपी पद से हटा दिया गया था। इसके बाद सितंबर में सागर एसपी रहते बंडा तहसील में जहरीली शराब से मौतों का मामला सामने आया। इसमें 15 मौतें होने की बात बताई गई, जबकि विपक्ष ने मृतकों की संख्या 36 बताई। मामले की जांच के लिए सरकार ने न्यायिक जांच आयोग गठित किया है। शुरुआत में सरकार ने सागर एसपी को नहीं हटाया था, लेकिन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में सागर कलेक्टर और एसपी दोनों को हटा दिया गया। इसके बाद अनुराग सुजानिया ने IPS से इस्तीफा देने का फैसला किया। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं सुजानिया अनुराग सुजानिया मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। सागर एसपी बनने से पहले वे पुलिस मुख्यालय में एआईजी एडमिन के पद पर पदस्थ थे। वे इंजीनियरिंग बैकग्राउंड से आते हैं।
धार जिले के बरमंडल में शहीद TI दिलीप पुरी के घर मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शोक संवेदना व्यक्त करने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर संवेदनाएं जताईं। इस दौरान पटवारी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और अवैध शराब के कारोबार को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने पुलिस विभाग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह मुफ्त करने की मांग भी उठाई। बोले- सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं अवैध शराब का कारोबार जीतू पटवारी ने कहा कि गुजरात में अवैध शराब पहुंचना सरकार के संरक्षण के बिना संभव नहीं है। सरकार को अवैध शराब कारोबार को संरक्षण देना और शराब माफियाओं की रक्षा करना बंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता समझती है कि सरकार के सहयोग के बिना इस तरह के अपराध संभव नहीं हैं। पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा मुफ्त करने की मांग पटवारी ने कहा कि पुलिस विभाग के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा पूरी तरह निशुल्क होनी चाहिए। यह शहीद दिलीप पुरी को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इससे पुलिसकर्मियों के परिवारों की परेशानियां कम होंगी और व्यवस्था में भ्रष्टाचार तथा अपराध पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। विश्वास सारंग से पूछा- 25 साल से मंत्री हैं, क्या कर रहे थे? मंत्री विश्वास सारंग के बयानों पर पलटवार करते हुए पटवारी ने कहा कि वे पिछले 25 साल से सरकार में मंत्री हैं। यदि व्यवस्था में गड़बड़ी है तो इतने वर्षों में उन्होंने क्या किया? पटवारी ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या वे झांझ-मजीरे बजा रहे थे या सरकार की जगह सर्कस चला रहे थे? उन्होंने कहा कि लगातार घटनाएं हो रही हैं तो अपराधी पकड़े क्यों नहीं गए और दोषियों को अब तक सजा क्यों नहीं मिली। मंत्रियों के पास कोई इनपुट या जानकारी है तो तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है। सरकार को जनता को गुमराह करने के बजाय अपनी नाकामी स्वीकार कर ठोस कदम उठाने चाहिए। राहुल जायसवाल पर पार्टी की कार्रवाई बताई आरोपी राहुल जायसवाल को लेकर पूछे गए सवाल पर पटवारी ने बताया कि कांग्रेस ने यूथ कांग्रेस के संबंधित सदस्यों को उनके पदों से हटा दिया है। उन्होंने इस मामले में पार्टी की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी भी दी।
शाहनगर में कटनी-पन्ना मुख्य मार्ग पर गुरुवार, 5 नवंबर की दोपहर कचौरी मोड़ के पास तेज रफ्तार हाईवा ने लोडर रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर से रिक्शा सड़क पर पलट गया। चालक को हल्की चोटें आईं। लोडर रिक्शा शाहनगर से कटनी की ओर जा रहा था। हाईवा कटनी से पन्ना की ओर आ रहा था। कचौरी मोड़ पर दोनों वाहनों की टक्कर हो गई। हाईवा चालक टक्कर के बाद वाहन लेकर भागने लगा। लोडर चालक ने एक बाइक सवार की मदद से उसका पीछा किया और शाहनगर थाने के सामने हाईवा को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर शाहनगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने हाईवा को अपने कब्जे में लेकर थाने में खड़ा कराया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरसा जिले में मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं बेचने के आरोप में संचालक पकड़ा गया है। सीआईए स्टाफ को पहले से सप्लाई के बारे में गुप्त सूचना थी। नेशनल हाईव के पास आते ही दबोच लिया और उससे 13 हजार 200 नशीली गोलियां बरामद हुई। जानकारी के अनुसार, आरोपी संचालक सुखजीत सिंह भंगू गांव का रहने वाला है और वह गांव में ही मेडिकल शॉप करता है। वह पिछले काफी समय से मेडिकल की आड़ में नशीली दवाएं बेच रहा था। करीब ढाई लाख रुपए कीमत की गोलियां मिली। इसकी सूचना ड्रग विभाग के इंस्पेक्टर केशव वशिष्ठ को दी। इस पर आरोपी से पूछताछ की, पर उसने कुछ नहीं बताया। इस पर आरोपी सुखजीत को ड्रग विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है कि वह ये सप्लाई कहां से लेकर आया है? सीआईए ने युवक को किया काबू सूचना मिली कि खैरेकां के पास नेशनल हाईवे पर एक युवक नशीली गोलियां व कैप्सूल बेचने की फिराक में खड़ा है। सीआईए स्टाफ प्रभारी इंस्पेक्टर रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को काबू किया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से टेपेंटाडोल की 4,200 गोलियां और प्रेगाबालिन के 9,000 कैप्सूल बरामद हुए। डिटेन कर विभाग के हवाले किया एसपी दीपक सहारण ने स्पष्ट कहा, आरोपी के खिलाफ थाना सदर में बीएनएसएस की धारा 172 के तहत कार्रवाई करते हुए उसे डिटेन किया गया है। इसके बाद आरोपी और बरामद नशीली दवाओं को आगामी कार्रवाई के लिए औषधि नियंत्रक विभाग के इंस्पेक्टर केशव वशिष्ठ के हवाले कर दिया है।डॉक्टर की अधिकृत पर्ची के बिना दवा बेचने वालों की भी खैर नहींएसपी दीपक सहारन ने मेडिकल स्टोर संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि डॉक्टर की अधिकृत पर्ची के बिना किसी को भी नशीली और आदत डालने वाली दवाएं न दी जाएं। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने दिवाली से पहले प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 5 HCS अधिकारियों के तबादले और नियुक्तियां की हैं। सरकार ने 5 नवंबर को इसके आदेश जारी किए। HCS अधिकारी धीरज चहल को हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद में ज्वाइंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर नियुक्त किया गया है। वहीं, संजय बिश्नोई को रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में डिप्टी सेक्रेटरी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा 3 अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ फतेहाबाद, हिसार और सिरसा में डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर-कम-सेक्रेटरी की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी धीरज चहल: हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद में ज्वाइंट प्रोजेक्ट डायरेक्टर नियुक्त। संजय बिश्नोई: रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में डिप्टी सेक्रेटरी नियुक्त। यह पद खाली था। गौरव गुप्ता: वर्तमान कार्यभार के अतिरिक्त फतेहाबाद में डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर-कम-सेक्रेटरी की जिम्मेदारी। रोहित कुमार: वर्तमान दायित्व के अलावा हिसार में डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर-कम-सेक्रेटरी नियुक्त। अजय सिंह: वर्तमान कार्यभार के अतिरिक्त सिरसा में डिस्ट्रिक्ट ट्रांसपोर्ट ऑफिसर-कम-सेक्रेटरी की जिम्मेदारी।
जामताड़ा पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर साइबर ठगी के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से 8 लाख 13 हजार रुपए नकद, आठ मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों में नारायणपुर थाना क्षेत्र के बोरोवा गांव के बबलू अंसारी (22), करमाटांड़ थाना क्षेत्र के काशीटांड़ गांव के पप्पू मंडल (25) और प्रकाश कुमार मंडल (28) शामिल हैं। एसपी शंभू कुमार सिंह ने गुरुवार को साइबर थाना में मामले की जानकारी दी। एसपी ने बताया कि साइबर अपराधियों के बारे में गुप्त सूचना मिलने के बाद साइबर डीएसपी अमित रविदास के नेतृत्व में छापेमारी दल बनाया गया। टीम में साइबर थाना प्रभारी और पुलिस निरीक्षक राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक अनिल अभिषेक, पुलिस निरीक्षक अमित कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो और कुंदन कुमार वर्मा समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस ने पहले बोरोवा गांव में बबलू अंसारी के घर छापा मारा। वहां से चार मोबाइल फोन और 8 लाख 13 हजार रुपए नकद मिले। इसके बाद पुलिस ने सूचना के आधार पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के काशीटांड़ आम बागान के पास छापा मारा। वहां से पप्पू मंडल और प्रकाश कुमार मंडल को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से चार मोबाइल फोन मिले। पुलिस ने कुल आठ मोबाइल और छह सिम कार्ड जब्त किए। क्रेडिट कार्ड और कैशबैक के नाम पर करते थे ठगी पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी ठगी के लिए लोगों को फोन कर क्रेडिट कार्ड से संबंधित समस्याओं का झांसा देते थे। इसके बाद उनके मोबाइल पर Rumyee App का फर्जी APK फाइल भेजते थे। लोगों को इसे इंस्टॉल करने के लिए प्रेरित किया जाता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फर्जी एप को इंस्टॉल करता था, साइबर अपराधी उसके मोबाइल से संबंधित जानकारियां प्राप्त कर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। इसके अलावा अपराधी PhonePe के नाम पर 1,999 रुपये कैशबैक मिलने का फर्जी मैसेज भेजते थे। ग्राहकों को कैशबैक स्वीकार (Accept) करने के लिए कहा जाता था। जैसे ही व्यक्ति दिए गए निर्देशों का पालन करता था, उसे फर्जी एप के माध्यम से ठगी का शिकार बनाया जाता था। दो साइबर मामलों में दर्ज हुआ केस इस मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 71/26 एवं 72/26, दिनांक 4 नवंबर 2026 को दर्ज किया गया है। दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) तथा दूरसंचार अधिनियम 2023 की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पहले भी साइबर अपराध में आरोपित रह चुके हैं दो आरोपी पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में पप्पू मंडल का पूर्व में जामताड़ा साइबर अपराध थाना कांड संख्या 33/25 में नाम आया था और इस मामले में आरोप पत्र समर्पित किया जा चुका है। वहीं, प्रकाश कुमार मंडल भी साइबर अपराध थाना कांड संख्या 09/25 में आरोपित है और उसके विरुद्ध भी आरोप पत्र समर्पित किया जा चुका है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का कार्यक्षेत्र देश के विभिन्न राज्यों तक फैला हुआ था। मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस साइबर अपराध से जुड़े अन्य लोगों और इनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।
गाजीपुर में पुलिस ने खोए और गुम हुए 251 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटा दिए। इनकी अनुमानित कीमत 58 लाख 23 हजार 200 रुपए बताई गई है। गुरुवार दोपहर 1 बजे फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गुम मोबाइल फोन खोजने का अभियान चलाया जा रहा है। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण और नगर, सभी क्षेत्राधिकारियों की निगरानी में सर्विलांस और स्वाट टीम के साथ जिले के अलग-अलग थानों की पुलिस ने कार्रवाई की। मोबाइल गुम होने की शिकायतों पर जांच के बाद टीमों ने 251 फोन बरामद किए। दीपावली से पहले फोन वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस अधीक्षक और सर्विलांस-स्वाट टीम का आभार जताया।
अमेरिका दौरे के दौरान सिख समुदाय को लेकर दिए गए कथित बयान के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग वाली याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की एकल पीठ ने नागेश्वर मिश्रा और अन्य की याचिका पर यह फैसला सुनाया। राहुल के जिस बयान पर विवाद, उसे हूबहू पढ़िए... राहुल ने कहा था- सिखों को चिंता है कि क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे 10 सितंबर, 2024 को अमेरिका में राहुल ने कहा था- भारत में सिख समुदाय के बीच इस बात की चिंता है कि उन्हें पगड़ी, कड़ा पहनने की इजाजत दी जाएगी या नहीं? क्या वे गुरुद्वारे जा सकेंगे? ये चिंता सिर्फ सिखों की नहीं, बल्कि सभी धर्मों के लिए है। देश सबका है, यह BJP नहीं मानती। भारत एक संघ है। संविधान में साफ लिखा है। भारत एक संघ राज्य है, जिसमें विभिन्न इतिहास, परंपराएं, संगीत और नृत्य शामिल हैं। BJP कहती है कि ये संघ नहीं है, ये अलग है। RSS भारत को नहीं समझती। RSS कहती है कि कुछ राज्य दूसरे राज्यों से कमतर हैं। कुछ भाषाएं दूसरी भाषाओं से, कुछ धर्म दूसरे धर्मों से, कुछ समुदाय दूसरे समुदाय से कम हैं। हर राज्य का अपना इतिहास, परंपरा है। RSS की विचारधारा में तमिल, मराठी, बंगाली, मणिपुरी हैं, ये कमतर भाषाएं हैं। इसी बात पर लड़ाई है। RSS भारत को नहीं समझती। जानिए पूरा मामलावाराणसी निवासी नागेश्वर मिश्रा ने राहुल के बयान के खिलाफ सारनाथ थाने में FIR दर्ज कराने के लिए शिकायत दी थी, लेकिन FIR दर्ज नहीं हुई। इस पर उन्होंने अदालत में केस दाखिल किया। मजिस्ट्रेट (द्वितीय) ने 28 नवंबर 2024 को यह कहते हुए केस खारिज कर दिया कि मामला अमेरिका में दिए गए भाषण से जुड़ा है। यह उनके क्षेत्राधिकार से बाहर है। इसके बाद नागेश्वर मिश्रा ने एमपी/एमएलए कोर्ट में निगरानी याचिका दाखिल की। जिसे 21 जुलाई 2025 को अदालत ने स्वीकार कर लिया। इसके खिलाफ राहुल गांधी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। जो खारिज हो गई। परिणाम स्वरूप पुनः एसीजेएम चतुर्थ वाराणसी के यहां सुनवाई हुई। एसीजेएम नीरज त्रिपाठी ने पुनः यह कहते हुए खारिज कर दिया कि घटना का समय और तिथि-नहीं दी गई है। इसके बाद नागेश्वर मिश्र ने पुनः एडीजे पंचम के यहां निगरानी दाखिल की। MP/MLA कोर्ट में लिखित जवाब दे चुके हैं राहुल गांधीराहुल गांधी ने 25 अगस्त को एमपी/एमएलए कोर्ट के समक्ष दायर लिखित जवाब दाखिल किया था। कहा था- नागेश्वर मिश्रा द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका राजनीति से प्रेरित है। उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई शुरू करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। उन्होंने खुद को 'सच्चा देशभक्त' बताते हुए कहा- सिख समुदाय सहित सभी धर्मों और समुदायों के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है। उनकी टिप्पणी वास्तव में सिख समुदाय के हित में और उनके योगदान को उजागर करने के लिए थी। राहुल गांधी ने तर्क दिया था- अमेरिका यात्रा के दौरान दिया गया बयान विशेष समुदाय (सिखों) पर पूरे विश्व में हो रहे अत्याचारों के संबंध में है, जो सिख समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि सिख समुदाय के सम्मान और उनके हित में दिया गया। बयान भारत के बाहर दिया गया, इसमें ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे सिख समुदाय का अपमान हुआ हो। या उक्त समुदाय के किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंची हो। राहुल ने लिखा कि उनके खिलाफ कानून के तहत कोई अपराध नहीं बनता। भारत के बाहर किए गए कथित अपराध के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 208 में यह प्रावधान है कि केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना भारत में ऐसे किसी अपराध की जांच या सुनवाई नहीं की जा सकती।
हमीरपुर में बिजली लाइन न खिंचने से नलकूप बंद:किसानों ने DM को ज्ञापन देकर काम पूरा कराने की मांग की
हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र के मौजा कन्डौर में राजकीय नलकूप संख्या 376 तक बिजली की लाइन नहीं खिंची है। इससे नलकूप चालू नहीं हो पा रहा और किसान खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। नलकूप तक बिजली पहुंचाने के लिए खेतों में पोल गाड़े गए हैं, लेकिन उन पर अब तक तार नहीं खींचे गए। किसानों को नलकूप का लाभ नहीं मिल रहा है। बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे किसान नगर पालिका के पूर्व प्रत्याशी युगांक मिश्रा के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बिजली लाइन का काम जल्द पूरा कराने की मांग की। किसानों का आरोप है कि सुरेश सिंह, भगत सिंह और बृजेश सिंह लाइन खींचने के काम में बाधा डाल रहे हैं। शिकायतों के चलते काम अटका उनके खेतों में पोल गड़े होने के कारण कर्मचारी बिजली लाइन जोड़ने के लिए मौके पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। किसानों ने कहा कि विरोध और शिकायतों के चलते काम अटका है। किसानों ने प्रशासन से मामले की जांच कर बिजली लाइन का काम पूरा कराने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में शिव प्रताप सिंह, बबलू, नंदकिशोर, यशवंत, भरा निषाद, राजा सिंह, उद्धव और छोटे सिंह सहित अन्य किसान शामिल रहे।
आगामी धनतेरस, दीपावली और भैयादूज जैसे प्रमुख त्योहारों के मद्देनजर बाजारों में उमड़ने वाली भारी भीड़ और सुगम यातायात व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जिला पुलिस-प्रशासन ने सख्त ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार किया है। बाजारों में आम जनता को खरीदारी के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा या जाम का सामना न करना पड़े, इसके लिए महत्वपूर्ण मार्गों पर वाहनों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया गया है। यह नई व्यवस्था बृहस्पतिवार शाम 4 बजे से लागू होगी और 12 नवम्बर तक प्रभावी रहेगी। अंसारी चौक से अम्बर सिनेमा और डिप्टीगंज तक रूट बंद यातायात एडवाइजरी के अनुसार, अंसारी चौक से अम्बर सिनेमा और डिप्टीगंज तक के मार्ग पर चार पहिया वाहनों और ई-रिक्शा के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस मार्ग पर केवल पैदल यात्रियों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि लोग आसानी से खरीदारी कर सकें। डिप्टीगंज की ओर से अंसारी चौक या चौक की तरफ जाने वाले ई-रिक्शा और कार-जीप प्रतिबंधित रहेंगे। अंसारी चौक बाजार से हनुमान चौक की ओर जाने वाले रास्ते पर विशेष बैरिकेडिंग की जाएगी। सरकारी अस्पताल के सामने से निकलेंगे वाहन अंसारी चौक से डिप्टीगंज मार्ग बंद होने के कारण सभी ई-रिक्शा और चार पहिया वाहन अब सरकारी अस्पताल के सामने वाले मार्ग से संचालित होंगे। सीओ सिटी प्रखर पांडेय ने बताया कि यह डायवर्जन अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा। अंसारी रोड से डिप्टीगंज के मध्य रहने वाले स्थानीय निवासियों को अपना वैध पहचान पत्र या वाहन के कागजात दिखाने के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। ुरानी जेल, मोती बाग और पुरानी कोतवाली में बने पार्किंग स्थल बाजार में आने वाले सभी वाहन स्वामियों से प्रशासन ने विशेष अपील की है कि वे अपने वाहनों को सड़क किनारे या अवैध स्थानों पर खड़ा करने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें। इसके लिए पुरानी जेल, मोती बाग और पुरानी कोतवाली परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। सड़क पर वाहन खड़ा पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर में गुरुवार सुबह जनगणना प्रशिक्षण के लिए सुमेरपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज जा रहे प्रधानाध्यापक रामप्रकाश निषाद की सड़क हादसे में मौत हो गई। कुंडौरा-नरायनपुर के बीच अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जनगणना प्रशिक्षण के लिए जाते समय हादसा जिला मुख्यालय के रमेड़ी मोहल्ले के रहने वाले रामप्रकाश निषाद (57) अतरैया के कंपोजिट विद्यालय में इंचार्ज प्रधानाध्यापक थे। उनकी ड्यूटी जनगणना के काम में लगाई गई थी। गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे वह बाइक से पॉलिटेक्निक कॉलेज में चल रहे प्रशिक्षण में शामिल होने जा रहे थे। आदर्श ऑटो मोबाइल के पास अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित सूचना मिलने पर पुलिस एंबुलेंस से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलने पर शिक्षक और परिजन अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रामप्रकाश निषाद के परिवार में पत्नी रामजानकी और दो बेटे अमित राज व अजय कुमार हैं।
श्योपुर जिले के ढोढर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए वीनू नाइक विनोद (35) को गिरफ्तार किया। तलाशी में उसके पास से 1 किलो 228 ग्राम गांजा मिला। मुखबिर की सूचना पर पकड़ाया युवक 4 नवंबर को ढोढर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। इसके आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से 1 किलो 228 ग्राम मादक पदार्थ मिला, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया। जब्त माल की कीमत करीब 21 हजार रुपए बताई गई है। अर्रोदरी गांव से लाया था गांजा ढोढर थाना प्रभारी राकेश शर्मा ने बताया कि आरोपी अर्रोदरी गांव से श्रीनिवास रावत से गांजा लेकर आया था। पुलिस ने श्रीनिवास रावत को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी को गुरुवार को जेल भेज दिया गया है, जबकि श्रीनिवास रावत की तलाश जारी है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी की पहचान वीनू नाइक विनोद पुत्र दीनानाथ जंगम (35), निवासी ढोढर के रूप में की है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था।
दीपावली नजदीक आते ही पलवल के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। घरों और दुकानों को सजाने के लिए लोग रंग-बिरंगी लाइटें खरीद रहे हैं। इस बार फूलों के डिजाइन वाली और मल्टीकलर लाइटें ग्राहकों की पहली पसंद बनी हैं। जिले के मुख्य बाजार, कैंप मार्केट, बस स्टैंड मार्केट, न्यू कॉलोनी मार्केट, रेलवे स्टेशन और भवनकुंड समेत अन्य बाजारों में लाइटों की दुकानें सज गई हैं। त्योहार करीब आने के साथ दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ रही है। ग्राहक बालकनी, छत, मुख्य द्वार और आंगन सजाने के लिए अलग-अलग डिजाइन की लाइटें खरीद रहे हैं। पारंपरिक झालरों के साथ नए डिजाइन की लाइटें भी बिक रही हैं। मल्टी शेड और फूलों वाली लाइटों की डिमांड दुकानदार भारत, रोचक धींगड़ा, मौजी और तुषार ने बताया कि ग्राहक इस बार अलग डिजाइन की सजावट चाहते हैं। इसलिए मल्टी शेड और फूलों वाली लाइटों की मांग ज्यादा है। लोग पूरे घर को सजाने के लिए एक साथ कई तरह की लाइटें खरीद रहे हैं। दुकानदार बोले- बिक्री और बढ़ने की उम्मीद दुकानदारों के मुताबिक, फूलों के डिजाइन वाली लाइटें मुख्य द्वार और बालकनी के लिए ज्यादा पसंद की जा रही हैं। बाजार में नए डिजाइन आने से ग्राहकों के पास विकल्प बढ़े हैं। त्योहार करीब आने पर बिक्री और बढ़ने की उम्मीद है।
देवास के बावड़िया निवासी 19 साल के रघुवीर सिंह राजपूत का शव गुरुवार सुबह किंग जॉर्ज स्कूल के पीछे रेलवे ट्रैक पर मिला। वह बुधवार रात करीब 9 बजे दोस्तों के साथ मीना बाजार गया था। करीब एक घंटे बाद मेले से बाहर आने पर उसकी बाइक गायब मिली। इसके बाद वह दोस्तों के साथ बाइक तलाशने गया था। ट्रेन की चपेट में आने से उसकी मौत हुई। पुलिस ने दोस्तों के मोबाइल जब्त कर जांच शुरू कर दी है। बाइक चोरी होने की थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट रघुवीर और उसके दोस्तों को मेले से बाहर आने पर बाइक नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने कोतवाली थाने में बाइक चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। दोस्तों ने पुलिस को बताया कि बाइक तलाशने के बाद उन्होंने रघुवीर को घर के पास चौराहे पर छोड़ा था। लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। गुरुवार सुबह आरपीएफ ने औद्योगिक थाना पुलिस को रेलवे ट्रैक के पास शव मिलने की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो शव कई हिस्सों में था। पुलिस ने रघुवीर के मोबाइल से परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान की। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। दोस्तों के मोबाइल जब्त कर जांच कर रही पुलिस पुलिस ने रघुवीर के साथ मेला देखने गए दोस्तों से पूछताछ की। दोस्तों ने बताया कि बाइक चोरी होने के बाद वे रघुवीर के साथ उसे तलाशने गए थे। इसके बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया था। पुलिस ने दोस्तों के मोबाइल जब्त कर लिए हैं। रघुवीर के पिता को भी थाने बुलाया गया है। उनका मोबाइल लॉक खुलवाया गया, ताकि उसमें मौजूद जानकारी की जांच की जा सके। औद्योगिक थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
उन्नाव में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे एक व्यक्ति अर्धनग्न हालत में शिकायत लेकर DM कार्यालय पहुंच गया। उसने पुलिस और प्रशासन पर 3 साल से न्याय नहीं देने का आरोप लगाया। मौके पर SDM ने उसकी शिकायत सुनी। व्यक्ति ने बेटे के यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण की कोशिश समेत कई मामलों में पुलिस की जांच पर सवाल उठाए। बेटे के साथ उत्पीड़न और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप शुक्लागंज के रहने वाले अखिलेश शुक्ला ने मीडिया को बताया कि उनका नाबालिग बेटा कानपुर के सेंट्रल एंड सी स्कूल में पढ़ता था। आरोप है कि वहां बेटे का यौन उत्पीड़न किया गया और धर्मांतरण कराने की कोशिश हुई। अखिलेश के मुताबिक, 3 साल तक परेशान होने के बाद इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ। उन्होंने बताया कि SP को शपथपत्र और प्रार्थनापत्र दिए थे, लेकिन गंगाघाट थाने में हुई जांच के दौरान इन दस्तावेजों को शामिल नहीं किया गया। हरदोई के मुकदमे की जांच पर भी उठाए सवाल अखिलेश ने हरदोई के संडीला कोतवाली में प्रभारी इंस्पेक्टर अनुराग सिंह नाम के व्यक्ति के खिलाफ दर्ज एक अन्य मुकदमे की जांच पर भी सवाल उठाए। उनके मुताबिक, जनवरी में दर्ज इस मुकदमे की जांच के दौरान उन्होंने दो शपथपत्र, मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी और अन्य दस्तावेज पुलिस को दिए थे। उनका आरोप है कि जांच में इनका जिक्र नहीं किया गया और मामले में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। उन्होंने थाने में जमा पेन ड्राइव गायब किए जाने का भी आरोप लगाया। अखिलेश का दावा है कि इस संबंध में उनके पास वीडियो रिकॉर्डिंग है। पत्नी से जुड़े मामले में भी जांच न होने का आरोप अखिलेश ने पत्नी से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, पत्नी को धक्का दिए जाने के मामले में NCR दर्ज हुई थी, लेकिन पुलिस ने उसमें भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी। उनका आरोप है कि शिकायत में दर्ज लिखावट और हस्ताक्षर उनकी पत्नी के नहीं हैं। उन्होंने इसकी FSL से जांच कराने की मांग की थी, लेकिन जांच नहीं कराई गई। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग अखिलेश ने कानपुर और उन्नाव पुलिस पर कथित धर्मांतरण गिरोह को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनका परिवार तीन साल से परेशान है और अब तक केवल आश्वासन मिले हैं। वह संबंधित मामलों की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। DM कार्यालय में SDM से बातचीत के बाद भी अखिलेश ने कहा कि जब तक आरोपों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आश्वासन का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
लखनऊ के बाजारों में दिवाली की रौनक:मिट्टी के दीयों से लेकर हाथ से बनी मूर्तियों तक की डिमांड
लखनऊ के बाजारों में दिवाली की रौनक छाने लगी है। कहीं मिट्टी के दीये और हाथ से बनी लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं सज रही हैं, तो कहीं रंग-बिरंगी झालर और टेराकोटा के सामान लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। खास बात यह है कि इस बार खरीदारी में परंपरा और स्थानीय कारीगरों के रोजगार का रंग भी दिख रहा है। कोई बचपन की यादें ताजा करने के लिए मिट्टी के बर्तन खरीद रहा है, तो कोई बच्चों को अपनी पुरानी परंपराओं से जोड़ने के लिए। अमीनाबाद, पत्रकारपुरम, यहियागंज, निशातगंज और चौक के बाजारों में महिलाओं की भीड़ सबसे ज्यादा नजर आ रही है। 3 तस्वीरें देखिए… 100 से 5100 रुपये तक लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाएं मनोज गुप्ता पिछले 15 साल से दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां बेच रहे हैं। उनके पास 100 रुपये से लेकर 5100 रुपये तक की प्रतिमाएं हैं। साधारण देसी मूर्तियों के साथ फैंसी और कोलकाता शैली की प्रतिमाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि मूर्तियों की कीमत उनके आकार और सजावट पर निर्भर करती है। 5100 रुपये की प्रतिमा पर कुंदन वर्क की बारीक सजावट की गई है। 10 साल से दिवाली पर दुकान लगा रहीं ललिता राजस्थान की ललिता पिछले 10 साल से दिवाली पर लखनऊ में दुकान लगा रही हैं। वह दरवाजों के दोनों तरफ लटकाए जाने वाले सजावटी सामान बेचती हैं। इनके दाम आकार के हिसाब से 100 से 500 रुपये तक हैं। ललिता ने बताया कि छोटा बच्चा होने के कारण उन्हें दुकान पर बैठकर ही सामान बेचना पड़ता है। एक रुपये का दीया, सेट के लिए भी मोलभाव रेशमा बचपन से मिट्टी के बर्तन बनाने और बेचने का काम कर रही हैं। उनके परिवार में दादा-बाबा के समय से यह कारोबार चला आ रहा है। दुकान पर पांच, सात, 10 और 11 दीयों वाले खप्पर के साथ कई तरह के दीपक उपलब्ध हैं। इनमें सादा दीया सबसे ज्यादा बिकता है। रेशमा ने बताया कि छोटा दीया एक रुपये का है, जबकि पूरा सेट 50 से 60 रुपये में मिलता है। इसके बावजूद ग्राहक 20 से 30 रुपये तक में सेट देने की मांग करते हैं। पहले इतना मोलभाव नहीं होता था, लेकिन अब ग्राहकों से काफी मोलभाव करना पड़ता है। हाथ से बनी मूर्तियों की अलग पहचान टेराकोटा के सामान बेचने वाले विनीत रावत 10 से 12 साल से इस कारोबार में हैं। उनकी दुकान पर हाथी, भगवान बुद्ध, उरली, बाउल, टेबल, कछुआ और गणेश की मूर्तियां उपलब्ध हैं। गणेश प्रतिमाओं की कीमत 1500 से 1600 रुपये और बुद्ध की मूर्तियों की कीमत 2500 से 2600 रुपये तक है। विनीत ने बताया कि पीओपी की मूर्तियां सांचे में तैयार होती हैं और 250 से 300 रुपये में मिल जाती हैं। वहीं, मिट्टी की प्रतिमाएं हाथ से बनाई जाती हैं। इनकी कीमत 700-800 रुपये से लेकर 1000-1200 रुपये तक है। कुछ सामान गोरखपुर, कोलकाता और दिल्ली से आता है, जबकि कई उत्पाद स्थानीय स्तर पर तैयार किए जाते हैं। बच्चों को मिट्टी के बर्तनों की परंपरा से जोड़ रहीं अनौरा कला से खरीदारी करने पहुंचीं हिमांगी ने दिवाली के सजावटी सामान के बजाय गृहस्थी से जुड़ी चीजें खरीदीं। उन्होंने अपने चार साल के बच्चे के लिए जाता, चकला-बेलन और दूसरे घरेलू सामान लिए। उनका कहना है कि वह बच्चे को घर-गृहस्थी में इस्तेमाल होने वाली पुरानी चीजों से परिचित कराना चाहती हैं। हिमांगी ने कहा कि बाजार की चकाचौंध के बीच मिट्टी के बर्तन दिवाली की सुंदरता बढ़ाते हैं। यह परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है। वह चाहती हैं कि उनका बच्चा भी उन चीजों को महसूस करे, जिन्हें उन्होंने अपने बचपन में देखा था। मिट्टी के सामान में दिखीं बचपन की यादें बनारस से आईं पुष्पलता सिंह को मिट्टी के घर, छोटे जाता-जतोली, घरिया और प्लेट देखकर बचपन की परंपराएं याद आ गईं। उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीयों और बर्तनों की पूजा हमारी परंपरा का हिस्सा है। इससे कुम्हारों को रोजगार भी मिलता है। दुकान पसंद आने पर उन्होंने सामान खरीदा। ऑनलाइन के बजाय बाजार से खरीदारी अर्जुनगंज से आईं डॉक्टर रश्मि सिंह ऑनलाइन खरीदारी नहीं करतीं। उनका कहना है कि छोटे दुकानदार और गरीब परिवार के लोग त्योहार पर सामान बेचने के लिए काफी मेहनत करते हैं। वे ग्राहकों का इंतजार करते हैं। इसलिए वह दीये, बत्ती और मोमबत्ती समेत दिवाली का सामान स्थानीय दुकानदारों से ही खरीदती हैं, ताकि उनके रोजगार को सहारा मिल सके।
बहराइच के सलारगंज इलाके में बैंक ऑफ इंडिया के बीसी संचालक पर लोगों के 50 लाख रुपये से ज्यादा हड़पने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, वह खाताधारकों से रुपये लेकर फर्जी रसीद देता था, लेकिन रकम बैंक में जमा नहीं करता था। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दरगाह थाना क्षेत्र के निवासी शमशाद ने बैंक ऑफ इंडिया की फ्रेंचाइजी ली थी। सलारगंज में चल रहे इस केंद्र पर महिलाएं और दूसरे खाताधारक अपने बैंक खातों में रुपये जमा करते थे। कई लोगों ने शमशाद के जरिए एफडी भी कराई थी। लोगों ने शमशाद के जरिए एफडी कराई बुधवार को कुछ खाताधारक अपने खातों में जमा रकम की जानकारी लेने पहुंचे। उन्हें पता चला कि बैंक में रुपये जमा नहीं हुए हैं। इसके बाद कई पीड़ित एकजुट होकर सामने आए। महिलाओं ने जिलाधिकारी से न्याय की मांग की सलारगंज निवासी मीना ने बताया कि आरोपी ने उनसे एफडी कराने के नाम पर 14 लाख रुपये लिए, लेकिन बैंक में जमा नहीं किए। आरोप है कि कई लोगों की जमा पूंजी भी हड़पी गई। धोखाधड़ी की शिकायत लेकर महिलाओं ने जिलाधिकारी से न्याय की मांग की है।
देवबंद में कार के ट्रक में पीछे से घुसने से मौलवी एजाज और कार चालक मुकेश की मौत हो गई। हादसे में एजाज की पत्नी और 18 वर्षीय बेटी घायल हुईं। बेटी को हायर सेंटर रेफर किया गया है। अनवर शाह कॉलोनी निवासी एजाज पत्नी और बेटी के साथ किराये की कार से मुजफ्फरनगर दवाई लेने गए थे। देवबंद ।लौटते समय स्टेट हाईवे पर साईं धाम के पास उनकी कार आगे चल रहे ट्रक में पीछे से जा घुसी। टक्कर से कार क्षतिग्रस्त हो गई। एजाज और चालक मुकेश की मौके पर ही मौत हो गई। घायल पत्नी और बेटी को इलाज के लिए ले जाया गया। जहां दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने अजमेर में SIR को लेकर कहा- अब 12वीं बार हो रही प्रक्रिया में घुसपैठियों के वोट हट रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को ‘12वां’ शब्द सुनते ही चिढ़ मचती है। उन्होंने कहा- अमेरिका में बैठा जॉर्ज सोरोस डमरू बजाता है और यहां कांग्रेस के जमूरे नाचने लग जाते हैं। तिवाड़ी ने अजमेर में भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित जन जागरण सभा में कांग्रेस को लेकर ये बात कही। उन्होंने कहा- 12वीं बार हो रही प्रक्रिया में घुसपैठियों के वोट हट रहे हैं, इसलिए कांग्रेस को ‘12वां’ शब्द सुनते ही चिढ़ मचती है। देश में 2 करोड़ 80 लाख बांग्लादेशी घुसपैठिए हैं और उनके वोट कटने से कांग्रेस का वोट बैंक खिसक रहा है। अमेरिका में सोरोस डमरू बजाता है, यहां कांग्रेस के जमूरे नाचते हैं तिवाड़ी ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर विदेशी ताकतों के इशारे पर राजनीति करने का आरोप लगाया। तिवाड़ी ने कहा कि मदारी जब डमरू बजाकर कहता है, बोल जमूरे, बोल जमूरे, तो जमूरा बोलने लगता है। ठीक वही खेल यहां चल रहा है। अमेरिका में बैठा अरबपति जॉर्ज सोरोस, जो भारत और कश्मीर के खिलाफ साजिशें रचता है, जो नरेंद्र मोदी के खिलाफ है, वह वहां डमरू बजाता है और यहां कांग्रेस के जमूरे नाचने लग जाते हैं। कांग्रेस के नेता विदेश में आराम फरमाने जाते है- तिवाड़ी घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस के नेता दो-चार दिन देश में घूमते हैं, फिर वियतनाम में आराम फरमाने चले जाते हैं और लौटकर फिर वही पुराना राग अलापने लगते हैं। तिवाड़ी ने कांग्रेस के लोकतंत्र बचाने के अभियान को राजनीतिक दिखावा बताते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वालों को पहले अपने इतिहास का जवाब देना चाहिए वोट चोरी का खून कांग्रेस की नसों में बह रहा- घनश्याम तिवाड़ी घनश्याम तिवाड़ी ने 1952 के आम चुनाव का प्रसंग सुनाया। तिवाड़ी ने आरोप लगाया कि 1952 में उत्तर प्रदेश की रामपुर सीट से मौलाना अबुल कलाम आजाद चुनाव हार गए थे। इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोविंद वल्लभ पंत को फोन कर मौलाना आजाद को जिताने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा, जब डीएम ने मना कर दिया, तो पद से हटाने की धमकियां दी गईं और आखिरकार एक पेटी से दूसरी पेटी में वोट डालकर हारे हुए मौलाना को विजेता घोषित कराया गया। तिवाड़ी ने कांग्रेस पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट चोरी का इतिहास और उसका खून जिनकी नसों में बह रहा है, वे आज निष्पक्ष चुनाव आयोग पर अंगुली उठा रहे हैं। आपातकाल लगाने वालों को लोकतंत्र की चिंता घनश्याम तिवाड़ी ने आपातकाल के आरोपों पर पलटवार करते हुए राजस्थानी कहावत के जरिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने देश में आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कुचला, वे आज लोकतंत्र की रक्षा का पाठ पढ़ा रहे हैं। तिवाड़ी ने कहा, हमारी कहावत है, छाजलो तो बोले सो बोले, चालनी काईं बोले जेमे सत्तर छेद। जिन्होंने 25 जून 1975 को खुलेआम भारत के लोकतंत्र की हत्या की, हमें महीनों जेलों में बंद रखा, वे आज लोकतंत्र का पाठ पढ़ा रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में अघोषित आपातकाल होता, तो क्या लोग बिना अनुमति जंतर-मंतर पर धरने दे पाते? क्या मिंटो रोड पर प्रदर्शन कर पाते? क्या आकाशवाणी भवन में घुसकर सकुशल बाहर आ पाते?तिवाड़ी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हितों के लिए किया गया। कांग्रेस विश्राम दल में पहुंचेगी, मोदी रहेंगे तिवाड़ी ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से भाजपा लगातार तीन चुनाव जीत चुकी है और चौथा चुनाव भी जीतेगी। उन्होंने कांग्रेस पर देश विरोधी ताकतों के सहारे राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस का भविष्य अब विश्राम दल यानी रिटायरमेंट में है।
पीलीभीत की नगर पंचायत नौगवां पकड़िया के वार्ड नंबर 12 में विकास कार्य नहीं होने से नाराज भाजपा सभासद अल्ताफ हुसैन ने पार्टी छोड़ने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि जल्द समस्याएं दूर कर विकास कार्य शुरू नहीं हुए तो वह भाजपा छोड़ने का फैसला करेंगे। अल्ताफ हुसैन के मुताबिक, वार्ड में करीब 20 दिनों से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। रात में गलियों और सड़कों पर अंधेरा रहता है। सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को लेकर पंचायत के सिलावट जी, अधिशासी अधिकारी (ईओ) और अर्जुन बाबू से कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। लाइटें ठीक नहीं कराई गईं और दूसरी समस्याएं भी दूर नहीं हुईं। शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा सभासद ने चेयरमैन पर वार्ड के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि चुने हुए जनप्रतिनिधि की बात अनसुनी की जा रही है। चेयरमैन दूसरे लोगों को सुपरवाइजर बनाकर वार्ड में भेज रहे हैं, जबकि उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। जनता के बीच जाने में परेशानी अल्ताफ हुसैन ने कहा कि जनता ने उन्हें भारी मतों से जिताया था। पार्टी प्रत्याशी के तौर पर भी उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलने से उन्हें जनता के बीच जाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि समस्याएं दूर नहीं हो रही हैं तो वह लोगों से दोबारा वोट मांगने किस मुंह से जाएं। विकास कार्य जल्द शुरू नहीं हुए तो वह भाजपा छोड़ने का फैसला करेंगे।
मुरादाबाद में पांच नवंबर से त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय और मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क आम लोगों के लिए खोल दिए गए हैं। करीब चार महीने बाद खुले इन दोनों केंद्रों में अब लोग परिवार और बच्चों के साथ घूमने जा सकेंगे। यहां सेना के हथियारों से लेकर खेलों की गतिविधियों तक कई आकर्षण रखे गए हैं। रक्षा संग्रहालय में लड़ाकू विमान और टैंक त्रिशूल भारतीय रक्षा संग्रहालय में लड़ाकू विमान, युद्धक टैंक, सैन्य वाहन, तोप और सेना के दूसरे उपकरण रखे गए हैं। यहां लोग सेना के इतिहास और देश की सुरक्षा में उसके योगदान के बारे में जान सकेंगे। संग्रहालय सुबह 11 से शाम 5 बजे तक खुलेगा। सामान्य टिकट 100 रुपए और 5 से 10 साल के बच्चों का टिकट 50 रुपए रखा गया है। इसे देखने में करीब डेढ़ घंटे लगेंगे। शाम को होगा लाइट एंड साउंड शो शाम 6 से रात 8 बजे तक संग्रहालय में लाइट एंड साउंड शो होगा। इसमें रोशनी और आवाज के जरिए सेना की वीरगाथा दिखाई जाएगी। इसके लिए सामान्य टिकट 100 रुपए और बच्चों का टिकट 50 रुपए है। गेमिंग जोन में लेजर गन एरिना के लिए 200 रुपए और बीआर गेमिंग कॉम्बैट गेम के लिए 500 रुपए शुल्क देना होगा। खेल पार्क में कबड्डी, खो-खो और कुश्ती मेजर ध्यानचंद भारतीय खेल पार्क में कबड्डी, खो-खो, कुश्ती और मल्लखंभ जैसी खेल गतिविधियां होंगी। यहां बड़ी शतरंज की बिसात समेत कई दूसरे आकर्षण भी हैं। पार्क सुबह 11 से शाम 5 बजे तक खुलेगा। सामान्य टिकट 30 रुपए और 5 से 10 साल के बच्चों का टिकट 20 रुपए है। 50 या इससे ज्यादा लोगों के समूह को टिकट पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी।
फरीदाबाद के बीके अस्पताल में खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर पहुंचे एक व्यक्ति ने सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा को नौकरी से हटवाने की धमकी दी। आरोपी ने 4 अक्टूबर को सीएमओ कार्यालय में पहुंचकर अधिकारियों और कर्मचारियों पर रौब झाड़ने की कोशिश की। सीएमओ को उसकी बातों और व्यवहार पर शक हुआ तो उन्होंने तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर पुलिस बुला ली। पुलिस आरोपी को पकड़कर एनआईटी नंबर-3 चौकी ले गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसने फर्जी पहचान बताकर खुद को अधिकारी बताया था। दरअसल, बीके अस्पताल में करीब 50 लाख रुपए के कथित डीजल घोटाले की जांच चल रही है। इसी का फायदा उठाने के लिए आरोपी विजिलेंस अधिकारी बनकर अस्पताल पहुंचा था। हालांकि, अस्पताल के किसी अधिकारी या कर्मचारी ने उसे पैसे नहीं दिए। सीएमओ को नौकरी से हटवाने की दी धमकी सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा के मुताबिक, आरोपी 4 अक्टूबर को उनके कार्यालय पहुंचा और खुद को विजिलेंस अधिकारी बताने लगा। उसने स्टाफ पर भी रौब झाड़ने की कोशिश की। इस दौरान उसने सीएमओ को धमकी दी कि वह उनकी नौकरी खा जाएगा। आरोपी के बातचीत करने के तरीके से सीएमओ को उसकी मंशा पर शक हुआ। उन्हें लगा कि वह अधिकारी होने का झूठा रौब दिखाकर पैसे ऐंठने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस बुला ली। पुलिस आरोपी को पकड़कर एनआईटी नंबर-3 चौकी ले गई। 50 लाख के डीजल घोटाले की चल रही जांच बीके अस्पताल में करीब 50 लाख रुपए के कथित डीजल घोटाले की जांच चल रही है। सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि इस मामले की जांच हेडक्वार्टर की टीम कर रही है। इसी बीच आरोपी ने खुद को विजिलेंस अधिकारी बताकर अस्पताल पहुंचने और अधिकारियों-कर्मचारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की। बुलंदशहर का रहने वाला आरोपी एनआईटी नंबर-3 चौकी इंचार्ज मनोज के मुताबिक, आरोपी की पहचान राजपाल के रूप में हुई है। वह उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर क्षेत्र का रहने वाला है। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसने फर्जी पहचान बताकर खुद को अधिकारी बताया था। पुलिस के अनुसार, अस्पताल के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी ने आरोपी को पैसे नहीं दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बहन को कोचिंग छोड़ने जा रहे युवक की मौत:कार की टक्कर से सिर पर लगी चोट; स्कूटर पर सवार थे दोनों
कोटा में बहन को ट्यूशन छोड़ने जा रहे युवक की सड़क हादसे में मौत हो गई। कार की टक्कर से स्कूटर सवार भाई-बहन सड़क पर गिर गए। दोनों को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां भाई की मौत हो गई। हादसा आरकेपुरम थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह का है। आरकेपुरम थाना ASI चिरोंजी लाल ने बताया कि हादसे में दिव्यांश चावला (28) की मौत हो गई है। युवक के सिर पर अंदरूनी चोट लगी थी। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। युवक अकाउंट का काम करता था। तीन बहनों में इकलौता भाई था। पिता मोड़क स्टेशन पर दुकान (होटल) लगाते हैं। बहन को कोचिंग छोड़ने जा रहा था युवक युवक के चाचा गोपीचंद चावला ने बताया कि भतीजा बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे के करीब अपने घर स्वामी विवेकानंद नगर से स्कूटर पर छोटी बहन को कोचिंग छोड़ने के लिए तलवंडी जा रहा था। आरकेपुरम थाना से थोड़ा आगे आर्केड़िया सर्किल पर टर्न लेते समय सामने से आ रही कार ने स्कूटर के टक्कर मार दी। टक्कर में दोनों भाई-बहन स्कूटर से नीचे गिर गए। भतीजे के सिर पर चोट लगी। भतीजी ने फोन करके परिवार को सूचना दी। इसके बाद भतीजे को हॉस्पिटल लेकर गए। कार चला रहा व्यक्ति भी हॉस्पिटल तक आया। डॉक्टरों ने भतीजे को मृत घोषित कर दिया।
देवरिया में सिद्धपीठ मनोकामनापूर्ण श्री हनुमान जी महाराज मंदिर परिसर से गुरुवार दोपहर 12 बजे एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। अवसर था मंदिर में मनाए जा रहे हनुमान जन्मोत्सव के 51वें वर्ष का। इस खास मौके को देखते हुए पूरे आयोजन को बेहद खास और भव्य रूप दिया गया है। फूलों और भगवा झंडों से सजा पूरा मार्ग शोभायात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर रामलीला मैदान, नगर पालिका, तहसील रोड, स्टेशन रोड, मोतीलाल रोड, जलकल चौराहा, सिविल लाइन और राघव नगर से गुजरते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे रास्ते को फूलों और भगवा झंडों से सजाया गया था। यात्रा में शामिल श्रद्धालु नारंगी पटका पहने और हाथों में ध्वज थामे जयकारे लगाते चल रहे थे। ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और भजन-कीर्तन की गूंज के बीच भक्तिमय माहौल बना रहा। एक दर्जन रथों पर सजीं झांकियां शोभायात्रा का आकर्षण एक दर्जन से अधिक सजे-धजे रथ थे, जिन पर श्री हनुमान जी सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सुंदर झांकियां सजाई गई थीं। सड़क के दोनों ओर इन्हें निहारने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर यात्रा का अभिनंदन किया। सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए अबूबकर नगर के अमन गेट के पास मुस्लिम समुदाय के लोगों ने शोभायात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया, वहीं रेलवे पुलिस चौकी के पास पुलिसकर्मियों ने भी श्रद्धालुओं को माला पहनाकर उनका स्वागत किया। देवरिया का प्रमुख सिद्धपीठ मंदिर समिति के पदाधिकारियों के अनुसार श्री हनुमान जी महाराज मंदिर देवरिया का प्रमुख सिद्धपीठ है, जहां साल भर हजारों भक्त मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं। 51वें जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय विशेष धार्मिक आयोजन रखे गए हैं, जिनमें नाम संकीर्तन, भजन संध्या, झांकियां, दिव्य आरती और विशाल भंडारे का आयोजन शामिल है। शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात की सुगम व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और यातायात विभाग की टीमें सभी प्रमुख चौराहों पर मुस्तैद रहीं।
बूंदी के इंद्रगढ़ मुक्तिधाम में चिताओं से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। परिजनों ने अज्ञात लोगों पर अस्थियां चोरी करने का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, स्व. प्रहलाद जी जैन, स्व. रमेश चंद जी महावर और एक अज्ञात शव की चिता से छेड़छाड़ की गई। घटना की जानकारी मिलने पर मुक्तिधाम में हिंदू समाज के लोग जमा हुए। उन्होंने घटना पर नाराजगी जताई। सूचना मिलने पर इंद्रगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की है। लोगों का कहना है कि इंद्रगढ़ के इतिहास में इस तरह की यह पहली घटना है।
रोडवेज बस रोककर चेकिंग करने लगा फर्जी टीआई:परिचालक ने पकड़ा, पूछताछ में जानकारी नहीं दे सका
बिजनौर में बसों की चेकिंग कर रहे एक नकली यातायात निरीक्षक (टीआई) को रोडवेज बस के परिचालक ने पकड़ लिया। परिचालक उसे रोडवेज डिपो ले आया, जहां काफी देर तक हंगामा हुआ। बिजनौर डिपो की बस नगीना से भागूवाला जा रही थी। इसी दौरान नजीबाबाद के गोल चौराहे पर एक व्यक्ति बसों की चेकिंग कर रहा था। परिचालक विनीत को उसकी गतिविधियों पर शक हुआ। पूछताछ में वह व्यक्ति अपने पद और चेकिंग के अधिकार के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे सका। इसके बाद विनीत उसे डिपो ले आया। बिजनौर के एआरएम अशोक कुमार ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कराई जा रही है।
मथुरा में आगामी त्योहारों को देखते हुए आमजन और श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने गुरुवार को जनपद में छापामार अभियान चलाया। डॉ. जतिन कुमार सिंह के निर्देशन एवं मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी केके त्रिपाठी के नेतृत्व में खाद्य सचलदल ने सीमावर्ती जनपदों से मथुरा में आपूर्ति होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर कार्रवाई की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने टाउनशिप चौराहा, मंडी चौराहा और गोवर्धन चौराहा पर रोडवेज बसों का निरीक्षण किया। इस दौरान बसों में बाहर से लाए जा रहे खाद्य पदार्थों की जांच की गई। हालांकि निरीक्षण के दौरान किसी भी बस में कोई संदिग्ध खाद्य पदार्थ नहीं मिला। इसके बाद टीम ने कच्ची सड़क स्थित पीताम्बर दास मिठाई वाला के प्रतिष्ठान से रंगीन नारियल बर्फी और खोया का एक-एक नमूना संग्रहित किया। वहीं गोवर्धन स्थित शंकर मिल्क डेयरी से खोया का एक नमूना लिया गया। इसके अलावा राया कट पर एक टैंकर से दूध का नमूना संग्रहित किया गया। इस प्रकार खाद्य सचलदल ने कुल चार नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला भेजे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित प्रतिष्ठानों और विक्रेताओं के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए विभाग का अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई करने वाली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मोहर सिंह कुशवाह, रीना शर्मा, अरुण कुमार, नेहा और दिनेश कुमार भारती शामिल रहे।
खरगोन के निमरानी इंडस्ट्रियल एरिया में महाराजा फ्रूट्स इंडस्ट्रीज में गुरुवार सुबह 7 बजे आग लग गई। आग से करीब 25 लाख रुपए के कच्चे माल और मशीनरी के नुकसान का अनुमान है। बिजली के शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। कंपनी संचालक शिवम जायसवाल ने आग की जानकारी मिलते ही खलटांका पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। करीब 2 घंटे बाद ठीकरी और कसरावद से दमकल वाहन पहुंचे और आग पर काबू पाया। तब तक काफी सामान जल चुका था। राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची है। पंचनामा बनाकर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। लोगों ने बताया कि आग 50 फीट दूर स्थित गैस टंकी के गोदाम तक नहीं पहुंची। निमरानी इंडस्ट्रियल एरिया में दमकल और अस्पताल नहीं होने पर लोगों ने नाराजगी जताई। यहां हादसों में घायलों के लिए धार जिले के धामनोद और बड़वानी जिले के ठीकरी से एंबुलेंस मंगाई जाती है। लोगों का कहना है कि आपात स्थिति में आर्थिक नुकसान के साथ मजदूरों को इलाज मिलने में भी देरी होती है।
कानपुर में गुरुवार सुबह 11 बजे ऑफिस जा रहे एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को सांड ने पटक दिया। सड़क पर गिरने की से पैर की हड्डी टूट गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- सड़क किनारे आपस में लड़ रहे सांड अचानक दौड़े और बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इंजीनियर उछलकर सड़क पर जा गिरे। गनीमत रही कि पीछे से कोई वाहन नहीं आ रहा था, वरना हादसा जानलेवा हो सकता था। अब पूरा मामला पढ़िए विमानपुरी अन्ना चौराहा निवासी पंकज कुमार भारती (38) सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। उनकी पत्नी अर्चना गौतम और बेटा तेजस गौतम हैं। गुरुवार सुबह वह रोजाना की तरह बाइक से ऑफिस के लिए निकले थे। उन्हें माल रोड और सिविल लाइंस स्थित दोनों कार्यालयों में जाना था। पंकज के मुताबिक, वह करीब 30 से 35 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बाइक चला रहे थे। इसी दौरान सड़क किनारे आपस में लड़ रहे सांड अचानक बेकाबू होकर उनकी बाइक की तरफ दौड़ पड़े। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते, सांडों ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही पंकज बाइक समेत सड़क पर जा गिरे। उनके पैर में गंभीर चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच वहां मौजूद हेड कांस्टेबल नजरुल हसन ने तत्परता दिखाते हुए घायल को संभाला। उन्होंने ई-ऑटो की मदद से पंकज को कांशीराम अस्पताल पहुंचाया और परिजनों को सूचना दी। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि घायल को कांशीराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका उपचार जारी है।
कोटा में 133वें राष्ट्रीय दशहरा मेले में आम जनता और व्यापारियों के लिए संचालन की अवधि में 2 दिन बढ़ा दिए गए है। हालांकि मेले का विधिवत समापन गुरुवार शाम को हो जाएगा। लेकिन धनतेरस तक दुकानें लगी रहेंगी। मेला अवधि बढ़ाए जाने की घोषणा महापौर अनुसुइया गोस्वामी ने की। उन्होंने कहा कि त्योहार के इस मुख्य समय में व्यापारियों द्वारा लगातार मेला अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही थी। इसके साथ ही धनतेरस के अवसर पर खरीदारी को लेकर आम जनता की ओर से भी यह राय व्यक्त की जा रही थी। महापौर ने बताया कि मेला अवधि के दौरान व्यापारियों को दिए गए सभी संसाधन भी दो दिन तक इनके पास रहेंगे। गुरूवार को मेला समापन पर भव्य आतिशबाजी की जाएगी।
बोकारो के सीसीएल कथारा क्षेत्र की कथारा कोलियरी में बुधवार देर रात कोयले का ढेर धंसने से तीन महिलाओं की मौत हो गई। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए है। घटना रात करीब दो से ढाई बजे स्टॉक यार्ड में हुई। कोयले का ढेर गिरने से वहां मौजूद आठ लोग मलबे में दब गए। मृतक और घायल सभी बांध बस्ती के रहने वाले बताए जा रहे हैं। मृत महिलाओं की पहचान गुल्लू यादव की पत्नी पुष्पा देवी, विश्वनाथ की पत्नी कौशल्या देवी और हीरालाल की पत्नी सहोदरी देवी के रूप में हुई है। घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) रेफर किया गया। स्थानीय ग्रामीण घरेलू इस्तेमाल और जलावन के लिए कोयला चुनने स्टॉक यार्ड पहुंचे थे। इसी दौरान कोयले का ढेर धंस गया और लोग मलबे में दब गए। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और बचाव में जुट गए। बाद में पुलिस, सीसीएल प्रबंधन के अधिकारी और स्थानीय प्रशासन की टीम भी वहां पहुंची। लोगों को मलबे से निकालने के लिए अभियान चलाया गया। रात दो बजे स्टॉक यार्ड में पहुंचने पर सवालइस हादसे ने कई सवाल भी खड़े कर दिए हैं। आखिर रात दो बजे ग्रामीण स्टॉक यार्ड में कैसे पहुंचे? क्या वहां बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक और निगरानी की व्यवस्था नहीं थी? कोयले के इतने बड़े ढेर के पास लोगों की मौजूदगी कैसे हुई? इतनी रात को वहां पहुंचने की परिस्थितियों की जांच जरूरी है। सीसीएल कर्मचारी नहीं थे हादसे के शिकारप्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए लोग सीसीएल के कर्मचारी नहीं थे, बल्कि स्थानीय ग्रामीण थे। पुलिस और प्रशासन मामले की जांच कर रहे हैं। घटना के वास्तविक कारणों और स्टॉक यार्ड में लोगों की मौजूदगी के पीछे की वजह का पता जांच के बाद ही चल सकेगा। हादसे के बाद बांध बस्ती समेत पूरे कथारा क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बेमेतरा में नवीन बस स्टैंड का नाम स्वर्गीय दाऊ उमराव सिंह वर्मा के नाम पर रखने की मांग की गई है। इसे लेकर सिंघरौर कुर्मी (क्षत्रिय) समाज के पदाधिकारियों और सदस्यों ने नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा और विधायक दीपेश साहू को ज्ञापन सौंपा है। समाज ने स्व. वर्मा के सामाजिक, धार्मिक और शैक्षणिक कार्यों में योगदान का हवाला देते हुए यह मांग रखी है। समाज के पदाधिकारियों के मुताबिक, दाऊ उमराव सिंह वर्मा बेमेतरा क्षेत्र के मालगुजार, समाजसेवी और जनसेवक थे। उन्होंने शिक्षा, धार्मिक और सार्वजनिक कार्यों के लिए जमीन दान की थी। बस स्टैंड परिसर के साथ धान मंडी, कन्या शाला, भद्रकाली मंदिर, राम मंदिर और अन्य सार्वजनिक जगहों के लिए भी उनके परिवार का योगदान रहा है। समाज ने कहा- योगदान के सम्मान में हो नामकरण समाज अध्यक्ष राजेंद्र वर्मा ने कहा कि दाऊ उमराव सिंह वर्मा ने क्षेत्र के विकास और जनहित के कामों में योगदान दिया। उनकी स्मृति का सम्मान करने के लिए समाज के लोग बस स्टैंड का नाम उनके नाम पर रखने की मांग कर रहे हैं। वहीं विजय कुमार वर्मा ने कहा कि उनके दादाजी ने बेमेतरा में कई सार्वजनिक और धार्मिक कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी। शिक्षा से लेकर धार्मिक स्थलों और जनसुविधाओं तक उनके योगदान को देखते हुए बस स्टैंड का नामकरण किया जाना चाहिए। अखिल भारतीय कुर्मी क्षत्रिय महासभा के प्रज्वल वर्मा ने कहा कि स्व. उमराव सिंह वर्मा ने समाज और क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय काम किए। राम मंदिर के लिए 100 एकड़ से अधिक जमीन देने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनका योगदान रहा है। इन्हीं कार्यों के सम्मान में समाज ने नामकरण की मांग की है। पोषण वर्मा ने कहा कि बस स्टैंड की जमीन भी स्व. दाऊ उमराव सिंह वर्मा के योगदान से जुड़ी है। उन्होंने तालाब निर्माण और शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण काम किए थे। नगर पालिका की आगामी बैठक में रखा जाएगा प्रस्ताव नगर पालिका अध्यक्ष विजय सिन्हा ने समाज की मांग को सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने कहा कि स्व. दाऊ उमराव सिंह वर्मा ने करोड़ों रुपए की जमीन दान कर समाज और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। बस स्टैंड और राम मंदिर सहित कई सार्वजनिक कार्यों में उनकी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि बस स्टैंड के नामकरण का प्रस्ताव आगामी बैठक में रखा जाएगा। सर्वसम्मति बनने पर इसे पारित करने की दिशा में पहल की जाएगी।
शिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के बलेरा गांव में बुधवार रात रास्ते और जमीन के विवाद में दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। दोनों ओर से लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हुए। घायलों को मेडिकल कॉलेज और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक गंभीर घायल को प्राथमिक इलाज के बाद ग्वालियर रेफर किया गया। एक पक्ष का आरोप-पुराने रास्ते के विवाद में किया हमला एक पक्ष के संतोष सिंह यादव ने बताया कि मुकेश यादव के परिवार से उनका रास्ते को लेकर पुराना विवाद है। उनके मुताबिक, जब उनका बेटा बंटी यादव आर्मी में भर्ती हुआ था, तब मुकेश के परिवार ने FIR दर्ज कराई थी। उसमें रवि का नाम भी शामिल कराया गया था। संतोष का कहना है कि बेटे की नौकरी पर असर न पड़े, इसलिए उस समय पैसे देकर राजीनामा किया था। उनका आरोप है कि बुधवार रात करीब 8 बजे मुकेश यादव, उसका भाई धर्मेंद्र यादव, अजय यादव, शिवसिंह, शिशुपाल और अन्य लोग पहुंचे और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। संतोष के मुताबिक, मारपीट में उनके भाई पूरन यादव और बेटे परमाल यादव गंभीर रूप से घायल हुए। दूसरे बेटे बंटी यादव ने मौके से भागकर जान बचाई। पूरन और परमाल को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां से पूरन यादव को गंभीर हालत में ग्वालियर रेफर कर दिया गया। दूसरे पक्ष का आरोप-तीन लाख रुपए लेकर बेचा था वाड़ा दूसरे पक्ष का कहना है कि संतोष यादव ने अपने बेटे की आर्मी में भर्ती के समय तीन लाख रुपए लेकर एक वाड़ा बेचा था। आरोप है कि अब संतोष वाड़े की रजिस्ट्री कराने में आनाकानी कर रहे हैं। दूसरे पक्ष के मुताबिक, रजिस्ट्री कराने की बात कहने पर संतोष पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं। दोनों पक्षों पर क्रॉस FIR दर्ज तेंदुआ थाना प्रभारी नीतू सिंह धाकड़ ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर चार-चार लोगों के खिलाफ क्रॉस FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास एमजी रोड पर बाइक सवार युवकों ने ऑटो में जा रही महिला का मोबाइल छीन लिया। वारदात 31 अक्टूबर की बताई जा रही है, जिसका डैशकैम वीडियो 5 नवंबर को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक ऑटो इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास से गुजर रहा है। इसी दौरान पीछे से बाइक सवार युवक कार को ओवरटेक करते हुए ऑटो के बराबर पहुंचता है और महिला के हाथ से मोबाइल छीन लेता है। हैरानी की बात यह है कि बाइक चला रहे युवक ने एक हाथ से हैंडल संभालते हुए दूसरे हाथ से मोबाइल छीना। वारदात के बाद आरोपी ट्रैफिक के बीच फरार हो गया। पुलिस ने सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बाइक चलाते हुए एक हाथ से छीना मोबाइल डैशकैम वीडियो में दिख रहा है कि इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास एक ऑटो जा रहा है। उसके पीछे चल रही कार को ओवरटेक करके बाइक सवार युवक ऑटो के पास पहुंचता है। इसके बाद वह बाइक का हैंडल एक हाथ से संभालते हुए दूसरे हाथ से ऑटो में बैठी महिला का मोबाइल छीन लेता है। चलते ट्रैफिक में वारदात कर आरोपी फरार वारदात चलते ट्रैफिक के बीच हुई। मोबाइल छीनने के बाद आरोपी बाइक लेकर वाहनों के बीच से निकल गया। अचानक हुई घटना से ऑटो में बैठी महिला सहम गई। जब तक वह संभल पाती, आरोपी मौके से फरार हो चुका था। सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज वायरल वीडियो का पुलिस की सोशल मीडिया टीम ने भी संज्ञान लिया है। पुलिस के अनुसार, मामले में सेक्टर-29 थाने में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा रही है।
धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भैया दूज को लेकर पलवल जिला पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। शहर के प्रमुख प्रवेश मार्गों, बाजारों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर 28 नाके लगाए गए हैं। एसपी दीप्ति गर्ग के निर्देशन में पुलिस टीमों ने प्रमुख बाजारों में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान दुकानदारों, व्यापारियों और खरीदारी करने आए लोगों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। पुलिस ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में सिविल ड्रेस में जवान तैनात किए हैं। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस और दुर्गा शक्ति की टीमें गश्त कर रही हैं। वहीं, जाम से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग के निर्देश जारी किए हैं। 28 नाकों पर 24 घंटे होगी जांच पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, शहर के मुख्य प्रवेश मार्गों, बाजारों, चौराहों और संवेदनशील जगहों पर 28 नाके लगाए गए हैं। यहां संदिग्ध वाहनों और लोगों की 24 घंटे जांच की जा रही है। प्रमुख बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस ने फ्लैग मार्च भी किया। सर्राफा बाजार-बैंकों के पास तैनात रहेंगे जवान सर्राफा बाजार, आभूषण की दुकानों, बैंकों और एटीएम के आसपास जेबकतरों और उचक्कों पर नजर रखने के लिए सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। महिला सुरक्षा के लिए महिला पुलिस और दुर्गा शक्ति की टीमें बाजारों में गश्त कर रही हैं। रूट डायवर्जन और पार्किंग के निर्देश जारी त्योहारों पर बाजारों में भीड़ और जाम से बचने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने रूट डायवर्जन और पार्किंग संबंधी निर्देश जारी किए हैं। एसपी दीप्ति गर्ग ने लोगों से यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है। लावारिस वस्तु न छुएं, डायल 112 पर दें सूचना एसपी ने लोगों से अपील की है कि कोई लावारिस वस्तु दिखाई देने पर उसे न छुएं। संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर नजदीकी पुलिसकर्मी या डायल 112 पर सूचना दें। उन्होंने पटाखों को लेकर सरकारी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों या भ्रामक पोस्ट को शेयर न करने की भी अपील की।
हिसार शहर की यातायात व्यवस्था को आधुनिक रूप देने और आमजन की सुविधा के लिए हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल पुराने दिल्ली रोड (तुलसी चौक से सिरसा चुंगी) को 6-लेन में अपग्रेड करने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया है। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें केवल वाहनों की आवाजाही ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वालों और स्थानीय निवासियों की सुरक्षा व सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा की पहल पर प्रदेश सरकार ने 8 दिन पहले इस परियोजना के लिए 43 करोड़ 35 लाख 48 हजार रुपए की प्रशासनिक मंजूरी जारी की थी। अब प्रोजेक्ट के जारी मास्टर लेआउट और डिजाइइन में पैदल यात्रियों के लिए विशेष पेडेस्ट्रियन इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी सामने आई है। पैदल चलने वालों के लिए खास… 2.00 मीटर चौड़ा पेडेस्ट्रियन पथ: सड़क के क्रॉस-सेक्शनल डिजाइन के अनुसार, दोनों तरफ सर्विस लेन के साथ 2 मीटर चौड़ाई का समर्पित पेडेस्ट्रियन/फुटपाथ क्षेत्र चिह्नित किया गया है। इससे पैदल चलने वाले लोग वाहनों के डर के बिना सुरक्षित रूप से आवाजाही कर सकेंगे। टेबल-टॉप पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग: पैदल चलने वालों को आसानी से सड़क पार कराने के लिए जगह-जगह टेबल-टॉप पेडेस्ट्रियन क्रॉसिंग बनाई जाएगी। सुरक्षा के लिए बोलार्ड्स और मार्किंग: पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों की सुरक्षा के लिए बोलार्ड्स लगाए जाएंगे। इसके अलावा सड़क पर 300 मिमी और 200 मिमी चौड़ी थर्मोप्लास्टिक रिफ्लेक्टिव पट्टियाँ लगाई जाएंगी, ताकि रात में पैदल यात्रियों और वाहनों दोनों को स्पष्ट दृश्यता मिले। सिरसा चुंगी पर बनेगा वन-वे फ्लाईओवर वन-वे हाईवे फ्लाईओवर: सिरसा चुंगी के पास एक नया प्रस्तावित वन-वे हाईवे फ्लाईओवर बनेगा। अग्रोहा और सिरसा की ओर जाने वाला हाईवे का ट्रैफिक सीधे फ्लाईओवर के ऊपर से गुजरे गा, जिससे नीचे की सड़कों पर कभी जाम नहीं लगेगा। 4-लेन से 6-लेन में तब्दील होगी सड़क: वर्तमान 4-लेन सड़क को चौड़ा करके 6-लेन किया जाएगा, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और वाहनों की गति सुगम होगी।
आगरा में कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किया गया है। धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण को लेकर बयान दिया था। वकील अजय प्रताप सिंह ने कोर्ट में परिवाद दाखिल किया है। वकील का आरोप है कि धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी से भगवान श्रीकृष्ण के वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने अपने परिवाद में जादौन, जडेजा और भाटी क्षत्रिय वंश का भी जिक्र किया है। आगरा सिविल कोर्ट ने परिवाद रजिस्टर कर लिया है। मामले में अगली सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। सुनवाई सिविल जज जूनियर डिवीजन-5 की अदालत में न्यायाधीश कंचन कुमारी के समक्ष हुईं। परिवाद में ऐतिहासिक पुस्तकों का भी जिक्र वकील ने अपने परिवाद में मथुरा गजेटियर और अलेक्जेंडर कनिंघम की पुस्तक 'रिपोर्ट ऑन ईस्टर्न राजपूताना 1882-83' का उल्लेख किया है। उनका दावा है कि इन पुस्तकों में भी इन वंशों का जिक्र मिलता है। अजय प्रताप सिंह ने खुद को माता पक्ष से भगवान श्रीकृष्ण का वंशज बताया है। उनका आरोप है कि कथावाचक की टिप्पणी से वंशजों की सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। इसी आधार पर उन्होंने आपराधिक मानहानि का केस दाखिल किया है। अब पढ़िए धीरेंद्र शास्त्री क्या कहकर विवादों में आए थे 'बंसी बजाना खेल, धनुष चलाना खेल नहीं' धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- बंसी बजाना तो खेल भी है, धनुष चलाना खेल नहीं। जितने ठाकुरजी वाले बैठे हैं, आज तो तुम्हारे ठाकुरजी की भी जय-जयकार हो रही है। फिर उन्होंने बंसी बजा रहे कलाकार की ओर इशारा करते हुए कहा- सुनो, तुम्हारे ठाकुरजी क्या करते हैं? बंसी बजाते हैं? तो बंसी बजाना कोई बड़ी बात थोड़ी है। देखो, हमारे यहां तो ये भी बजा रहा है। बजा-बजा, बजा। लो, लो। इसके बाद बांसुरी वादक ने कुछ देर तक बंसी की धुन सुनाई। धीरेंद्र शास्त्री ने कथा में बैठे लोगों से पूछा- रामजी को मानने वाले कितने लोग बैठे हैं, हाथ उठाओ। हां! आज तुम लोग फूले नहीं समाओगे। ‘गाय चराना खेल, बंदरों को नचाना खेल नहीं’ धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान कृष्ण के गाय चराने और पर्वत उठाने का भी जिक्र किया था। कहा था- लोग कहेंगे कि हमारे वाले भगवान तो गाय चराते हैं। गाय तो कोई भी चरा सकता है। गाय चराना तो खेल भी है, बंदरों को नचाना खेल नहीं। इसके बाद उन्होंने भगवान कृष्ण के गोवर्धन पर्वत उठाने का जिक्र किया था। कहा था- तुम कहोगे कि हमारे वाले तो पर्वत उठा लेते हैं। यह कोई बड़ी बात है क्या? हमारे वाले भगवान के चेले ने तो पूरा पर्वत ही उड़ा दिया। उनका इशारा भगवान राम के भक्त हनुमान की ओर था। वीडियो जारी कर सफाई दी थी हालांकि, इस पर विवाद बढ़ते ही धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी करके सफाई दी थी। कहा था- कई लोगों ने मेरी बात का गलत मतलब निकाल लिया। हम खुद ठाकुरजी और ब्रज के भक्त हैं। जब भी ठाकुरजी से प्रार्थना करते हैं, तो कहते हैं कि हमें ब्रज में वास मिले। पढ़िए, धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी सफाई में क्या कहा पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान की सफाई में आगे कहा था- जैसे सखियां श्रीराम को उलाहना देती हैं। गोपियां ठाकुर श्रीकृष्ण को उलाहना देती हैं। कवि बिंदुजी महाराज ठाकुरजी को और ब्रज के संत कोकिल सांई जी रघुनाथ जी को उलाहना देते हैं। वैसे ही हमने भी भाव में एक पद कहा था। यह एक संत का बहुत प्रचलित पद है- 'बंसी बजाना तो खेल ही है, पर धनुष उठाना खेल नहीं।' हम उसी पद की व्याख्या कर रहे थे। लेकिन, कई लोगों ने पूरी वीडियो देखने की जगह आधा वीडियो देखकर हमें कृष्ण विरोधी बता दिया। हम कृष्ण विरोधी नहीं हैं। श्रीकृष्ण हमारे ठाकुरजी हैं। हम खुद कृष्ण जन्मभूमि के लिए बार-बार आवाज उठाते हैं। हमारे नाम में भी उनका नाम जुड़ा है। उन्हीं की वजह से हमारा जीवन है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था- अगर हमारी इस बात, व्याख्या या भाव से किसी के मन को ठेस पहुंची, तो हम माफी मांगते हैं। हमारी बात का गलत मतलब निकालकर उसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश न करें। हमने समाज या भगवान को बांटने की कोशिश नहीं की है। हम भगवान को क्यों बांटेंगे? राम और कृष्ण दोनों एक ही हैं। उनमें कोई अंतर नहीं। हमने यह बात भावुक होकर कही थी। फिर भी हम आप सभी से कहेंगे कि हमारी भावना को समझें। -------------------------- यह खबर भी पढ़िए- 'कृष्ण टेढ़े हैं' बयान पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी:कहा- मेरे नाम में उनका नाम, बात को तोड़ा-मरोड़ा गया बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी करके विवादों में आ गए हैं। उन्होंने भगवान श्रीराम की तुलना श्रीकृष्ण से करते हुए कहा- 'तुम अपने वाले ठाकुरजी की एक भी फोटो देख लो। खड़े भी होते हैं, तो तीन जगह से टेढ़े। पढ़ें पूरी खबर….
हरदोई में सिरप पीने से चार साल की बच्ची की मौत हो गई। मासूम अपने मां-पिता के साथ चचेरे भाई के नामकरण संस्कार में शामिल होने गई थी। वहीं पर दादी की दवा में रखी कफ सिरफ पी ली। इसके बाद वह वह सोने चली गई। मां को लगा बच्ची थककर सो गई है। सुबह जब जगाने पर भी वह नहीं उठी तो परिजन उसे लेकर स्थानीय डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने कहा कि उसे मेडिकल कॉलेज लेकर जाएं। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टर ने मासूम को मृत घोषित कर दिया। मामला जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर सांडी थाना क्षेत्र के पेराड़ी गांव का है। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला कमरे में रखी थी कफ सिरप की खुली शीशी टड़ियावां थाना क्षेत्र के हर्रई गांव निवासी सद्दाम (32) राजमिस्त्री हैं। वह बुधवार को अपनी मां शबीना बेगम, पत्नी रेहाना (28) भाई शादाब (30) और बेटी अलकाफिया (4) के साथ पेराड़ी गांव बहन साहेबा के बेटे के नामकरण संस्कार में गए थे। बुधवार शाम करीब 7.15 बजे बच्ची अलकाफिया, अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान उसने कमरे में रखा एक कफ सिरप उठाकर पी लिया। इसके बाद वह उसे बंद करने लगी, ढक्कन बंद नहीं हुआ तो वह सिरप लेकर अपनी दादी शबीना के पास गई। उन्होंने ध्यान नहीं दिया और ढक्कन बंद करके उसे खेलने के लिए वापस दे दिया। सुबह तक नहीं जागी बच्ची सिरप पीने के कुछ देर बाद अलकाफिया कमरे में ही सो गई। परिजनों को लगा कि वह थक गई है। गुरुवार सुबह 10 बजे तक जब बच्ची नहीं जागी तो परिजन उसे गांव के स्थानीय डॉक्टर के पास ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने को कहा। वहां सुबह 11.45 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दो बहनों में बड़ी थी अलकाफिया अलकाफिया दो बहनों में बड़ी थी। उसकी छोटी बहन दो साल की है। बच्ची की मौत के बाद मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद के मुताबिक, बच्ची ने तय मात्रा से ज्यादा कफ सिरप पी ली थी। ओवरडोज और लंबे समय तक सोने की वजह से बच्ची की मौत हुई है। सीओ सिटी अजीत सिंह ने बताया- परिजन आपसी सहमति से बिना पोस्टमार्टम कराए शव मेडिकल कॉलेज घर ले गए हैं। अगर परिजनों की ओर से शिकायती पत्र दिया जाएगा तो मामले की जांच कराई जाएगी। 5 साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने पर केंद्र की सलाह बच्चों में कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवा (DGHS) ने 3 अक्टूबर 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कहा गया था कि दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं नहीं दी जानी चाहिए। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी ऐसी दवाएं सामान्य तौर पर अनुशंसित नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की जांच, निगरानी और तय खुराक का सख्ती से पालन जरूरी है। एडवाइजरी में यह भी कहा गया था कि बच्चों में सामान्य खांसी के कई मामले बिना दवा के ठीक हो जाते हैं। ऐसे में दवा देने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना और निर्धारित खुराक का पालन करना जरूरी है।
सिंगरौली के नवागत कलेक्टर अंकित अस्थाना ने गुरुवार को जिला अस्पताल सह ट्रामा सेंटर का अचानक निरीक्षण किया। कॉमन एरिया में गंदगी और सफाई की खराब व्यवस्था मिलने पर उन्होंने सिविल सर्जन को एक सप्ताह में सुधार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि व्यवस्था नहीं सुधरी तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सिविल सर्जन की होगी। उन्होंने सफाई ठेकेदार को नोटिस जारी करने और सुधार का मौका देने को कहा। एक सप्ताह बाद भी सफाई नहीं सुधरी तो ठेकेदार को टर्मिनेट करने के निर्देश दिए। दिवाली से पहले बर्न यूनिट की तैयारियां जांचीं दिवाली से पहले कलेक्टर ने अस्पताल की बर्न यूनिट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आग से झुलसे मरीजों के इलाज की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और जरूरी सुधार करने को कहा, ताकि आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके। कर्मचारियों की भर्ती के निर्देश अस्पताल में वार्ड बॉय और सिक्योरिटी कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े अनुबंध की अवधि खत्म हो गई है। कलेक्टर ने प्रक्रिया जल्द पूरी कर नया टेंडर जारी करने और जरूरी कर्मचारियों की भर्ती करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान इलाज कराने आए कुछ मरीजों ने कलेक्टर से शिकायत की कि कई बार डॉक्टर ओपीडी में तय समय पर उपलब्ध नहीं रहते।
चामुंडा माता मंदिर परिसर में 34वां वार्षिक पशु मेला:पशुओं की खरीद-फरोख्त तेज, झूले और बाजार भी सजे
उदयपुर जिले के घासा गांव में चामुंडा माता मंदिर परिसर में 34वां वार्षिक पशु मेला लगा है। मेले में पशुओं की खरीद-फरोख्त के साथ झूले और बाजार भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। मेले में किसान और व्यापारी दूर-दराज के इलाकों से पशु लेकर पहुंचे हैं। पशुधन का कारोबार तेज चल रहा है। बच्चों के लिए झूले, नाव की सवारी और मिकी माउस के पात्र मेले के आकर्षण हैं। परिसर में रोशनी और संगीत की व्यवस्था भी की गई है। मेले में कंबल, कपड़े, मनिहारी और घरेलू सामान की दुकानें लगी हैं। ठंड के मौसम के चलते कंबलों की बिक्री हो रही है। मेला समिति रोज शाम सांस्कृतिक कार्यक्रम करा रही है। इनमें स्थानीय कलाकार प्रस्तुति दे रहे हैं। प्रशासन ने सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं के इंतजाम किए हैं।
मुरैना पुलिस ने गुरुवार सुबह चंबल के डकैत कल्ली गुर्जर और उसके साथी अजय का शॉर्ट एनकाउंटर किया। बानमोर के पहाड़ी जंगल में हुई मुठभेड़ में दोनों के पैरों में गोली लगी। कल्ली पर 80 हजार रुपए का इनाम था। उसकी तलाश में 200 जवान जुटे थे। कल्ली के खिलाफ मुरैना, ग्वालियर और श्योपुर में 20 केस दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, मारपीट और हथियार रखने के मामले शामिल हैं। 2022 में गुड्डा गुर्जर के पकड़े जाने और उसके भाई योगी के सरेंडर के बाद कल्ली ने गैंग की कमान संभाली थी। कल्ली ने नाबालिग से शादी की जिद में लड़की की मां को गोली मारी थी। हाईवे पर कंटेनर चालक से रंगदारी मांगी। इनकार पर 12 टायरों पर फायरिंग की। हाल ही में मंदिर के सामने खड़े होकर दुश्मन को चुनौती दी थी। शार्ट एनकाउंटर से जुड़ी तस्वीरें देखिए… सरायछोला थाने में सबसे ज्यादा 6 केस पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मुरैना जिले के सरायछोला थाने में कल्ली के खिलाफ सबसे ज्यादा 6 मामले दर्ज हैं। देवगढ़ थाने में 3 केस हैं। बागचीनी, टिमनी और नूराबाद थानों में एक-एक केस दर्ज हैं। जौरा, कोतवाली और सिविल लाइन थानों में भी उसके खिलाफ प्रकरण दर्ज हैं। ग्वालियर जिले के तिघरा, घाटीगांव, हस्तिनापुर और भंवरपुरा थानों में एक-एक केस दर्ज है। श्योपुर के बरगवां थाने में भी उसके खिलाफ एक मामला है। पहाड़गढ़ इलाके में शादी की जिद में फायरिंग की थी 26 अप्रैल 2022 की रात कल्ली अपने साथी बंटी और जितेंद्र गुर्जर के साथ पहाड़गढ़ के एक गांव पहुंचा था। उसने गोपाल गुर्जर से कहा कि वह अपनी पोती की शादी उससे कर दे, नहीं तो उसे मार डालेगा। गोपाल के इनकार पर कल्ली और उसके साथियों ने उसे और लड़की की मां रामबाई को लात-घूंसों और लाठियों से पीटा। कल्ली ने रामबाई के पैर में गोली मारी। इस दौरान 28 राउंड फायरिंग की गई। घटना के बाद लड़की के परिवार ने कल्ली और उसके साथियों के खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया था। मंदिर के सामने खड़े होकर दुश्मन को दी थी चुनौती करीब 20 दिन पहले कल्ली का वीडियो सामने आया था। इसमें वह मुरैना के महेश्वर मंदिर के सामने खड़ा होकर विरोधी करुआ गुर्जर को ललकार रहा था। करुआ जड़ेरुआ का रहने वाला है। वीडियो में कल्ली कह रहा था- 'मैं मंदिर आ गया हूं, दम है तो आकर मिल।' इससे पहले करुआ ने भी वीडियो जारी कर कल्ली और उसके परिवार के बारे में अपशब्द कहे थे। जवाब में कल्ली ने वीडियो बनाकर उसे चुनौती दी थी। हाईवे पर कंटेनर के 12 टायरों पर की थी फायरिंग करीब तीन महीने पहले कल्ली अपने साथियों के साथ बिना नंबर की सफेद बोलेरो से ग्वालियर के एबी रोड यानी आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पहुंचा था। यहां उसने कंटेनर चालक को रोककर रंगदारी मांगी। चालक के रुपए देने से इनकार पर आरोपियों ने कंटेनर पर फायरिंग की। गोलियां लगने से उसके 12 टायर पंक्चर हो गए थे। इस घटना में भी कल्ली का नाम सामने आया था। हथियार रखने से लेकर हत्या के प्रयास तक के आरोप कल्ली के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट और हथियार रखने के आरोप हैं। पुलिस रिकॉर्ड में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27, आबकारी एक्ट की धारा 34(2), मोटर व्हीकल एक्ट और मध्यप्रदेश डकैती एवं व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की धाराएं भी दर्ज हैं। 2024 से 2026 के बीच के मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं लगाई गई हैं। पुराने मामलों में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराएं शामिल हैं। ……………… यह खबरें भी पढ़ें… 1. चंबल के बीहड़ में ऐसे जीते थे डकैत डकैतों की कहानियों में आज आपको बता रहे हैं चंबल के मुश्किल बीहड़ में डाकू कैसे रहते थे। गोली लगने पर कैसे उनका इलाज होता था। इसके साथ ही आपको बताएंगे डाकू मलखान सिंह के राइट हैंड रहे मुन्ना सिंह की आपबीती। कैसे एक टीचर का बेटा दबंगों के जुल्मों सितम से तंग आकर डाकू बन गया। पढ़ें पूरी खबर… 2. गुड्डा गुर्जर जेल में; गुर्गों का खौफ चंबल का कुख्यात डकैत गुड्डा गुर्जर जेल में है, लेकिन बीहड़ों में उसके फरार साथी करुआ गुर्जर, भोला, कीटू गुर्जर का खौफ बरकरार है। डकैतों का यह नया ट्रेंड है, जिसमें वे मवेशी का अपहरण कर ले जाते हैं, फिर मीडिएटर के माध्यम से पनिहाई (मवेशियों के एवज में फिरौती राशि) वसूलते हैं। पनिहाई मिलते ही मवेशी छोड़ देते हैं। पढ़ें पूरी खबर… 3. ‘दम है तो आकर मिल’ डकैत ने विरोधी को ललकारा इनामी डकैत कल्ली गुर्जर पुलिस की पकड़ से बाहर है। एक तरफ मुरैना, ग्वालियर और राजस्थान की पुलिस उसकी तलाश में जंगलों और बीहड़ों की खाक छान रही है, वहीं दूसरी तरफ डकैत लगातार वीडियो जारी कर अपने विरोधियों को चुनौती दे रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
वल्लभनगर उपखंड की नवानिया ग्राम पंचायत में नवनिर्वाचित सरपंच सुमित्रा गाडरी ने पदभार संभाला। इस मौके पर पंचायत भवन में कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गणपति पूजन से हुई। इसके बाद पूर्व सरपंच जगदीश सेन ने सुमित्रा गाडरी को चार्ज सौंपा। कार्यक्रम में उपसरपंच धनेश्वर नागदा और वार्डपंच मुकेश गाडरी, टीना व्यास, पुष्कर गाडरी, प्रकाश रावत, हितेश गुर्जर, लक्ष्मी सुथार, कविता जणवा और कांता मेघवाल मौजूद रहे। सरपंच प्रतिनिधि लालू राम गाडरी भी शामिल हुए। ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का स्वागत किया। इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेता भंवर लाल भट्ट, पूर्व सरपंच नाना लाल जणवा, पारस मल जैन, गिरधारी लाल व्यास, तुलसी राम व्यास, पूर्व पंचायत समिति सदस्य छोगालाल जणवा और सहकारी समिति अध्यक्ष जगदीश जणवा सहित ग्रामीण और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उन्होंने नवनिर्वाचित सरपंच, उपसरपंच और वार्डपंचों को शुभकामनाएं दीं।
खेल संकुल झालावाड़ में हुई 76वीं जिला स्तरीय सीनियर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में महाबली क्लब चैंपियन बना। महाबली क्लब ने खिताबी मुकाबले में सेवन स्टार क्लब को 89-75 से हराया। जिला बास्केटबॉल संघ के अध्यक्ष देवकीनंदन वर्मा और उपाध्यक्ष नूतन शुक्ला ने बताया कि समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष महेंद्र कुमार अग्रवाल थे। जिला केमिस्ट एसोसिएशन अध्यक्ष यशवंत सिंघल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। अनुराग जिंदल और एडवोकेट मुकेश जैन विशिष्ट अतिथि रहे।अतिथियों ने फाइनल से पहले खिलाड़ियों से परिचय लिया। विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मेडल और प्रमाण पत्र दिए गए। 6 टीमों ने लिया प्रतियोगिता में भागजिला बास्केटबॉल संघ के सचिव राजेंद्र सिंह शक्तावत ने बताया कि प्रतियोगिता में 6 टीमों ने हिस्सा लिया। पहले सेमीफाइनल में महाबली क्लब ने यंग स्टार क्लब झालावाड़ को 52-40 से हराया। दूसरे सेमीफाइनल में सेवन स्टार क्लब ने महाभारत क्लब को 55-41 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। राज्य स्तर पर खेलेगी चयनित जिला टीमफाइनल में महाबली क्लब ने 89 बास्केट किए, जबकि सेवन स्टार क्लब 75 बास्केट कर सका। महाबली क्लब की ओर से तोकीर, उत्कर्ष जैन, भविष्य और शादाब ने अच्छा प्रदर्शन किया। सेवन स्टार क्लब की ओर से तनिष्क भाटिया, चित्रांश शर्मा, केशव और अक्षत ने बेहतर परफोर्म दी। प्रतियोगिता के आधार पर चुनी गई जिला टीम का 5 दिवसीय कोचिंग कैंप खेल संकुल झालावाड़ में होगा। इसके बाद टीम 12 से 15 नवंबर तक हनुमानगढ़ में होने वाली 76वीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में जिले का प्रतिनिधित्व करेगी।
बिलासपुर में दीपावली पर बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने ट्रैफिक व्यवस्था के लिए रूट प्लान तैयार किया है। सदर बाजार, गोल बाजार, हटरी चौक, शनिचरी बाजार और तेलीपारा रोड पर भीड़ बढ़ने पर वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी या रूट डायवर्ट किया जाएगा। इसके लिए गांधी चौक, पुराना बस स्टैंड, वाल्मीकि चौक, सिम्स तिराहा और रामसेतु चौक समेत कई स्थानों को संभावित डायवर्सन प्वाइंट के रूप में चिह्नित किया गया है। वहीं, बाजार आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए 8 स्थान तय किए गए हैं। प्रमुख चौक-चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात किया जाएगा। एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने कोतवाली टीआई के साथ बाजारों का निरीक्षण किया और व्यवस्था का जायजा लिया। 6 वाहनों के चालान, ठेला-गुमटी वालों को चेतावनी निरीक्षण के दौरान सदर बाजार और गोल बाजार के पास सड़क पर खड़े 6 से ज्यादा वाहनों के चालान किए गए। वहीं, दुकानदारों और ठेला-गुमटी वालों को सड़क पर सामान नहीं फैलाने और ग्राहकों के वाहन खड़े करने के लिए जगह छोड़ने के निर्देश दिए गए। नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई। इसके अलावा प्रमुख सड़कों पर पटाखे जलाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। इन रास्तों पर होगा डायवर्जन इन जगहों पर खड़ी कर सकेंगे गाड़ियां पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील दीपावली के दौरान बाजारों में भीड़ और जाम कम करने के लिए एएसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने लोगों से निजी वाहनों, खासकर चारपहिया वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने लोगों से अपने वाहन तय पार्किंग स्थलों पर ही खड़े करने को कहा है, ताकि सड़कों पर जाम न लगे। भीड़ नियंत्रित करने के लिए प्रमुख चौराहों, बीट पॉइंट और हाईवे पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। इसके अलावा क्रेन से भी पेट्रोलिंग की जाएगी। आठ जगहों पर पार्किंग, बाजार जाने से पहले तय करें जगह दीपावली की खरीदारी के लिए बाजार आने वाले लोगों के वाहनों की पार्किंग के लिए यातायात पुलिस ने 8 स्थान तय किए हैं। बाजारों में भीड़ और जाम की स्थिति न बने, इसके लिए लोगों से तय पार्किंग स्थलों पर ही वाहन खड़े करने की अपील की गई है। शहर के अलग-अलग इलाकों से बाजार पहुंचने वाले लोगों के लिए क्षेत्र के अनुसार पार्किंग की व्यवस्था की गई है। दुकानदारों को भी दी गई हिदायत यातायात पुलिस ने दुकानदारों, फुटकर व्यापारियों, ठेला-गुमटी संचालकों और फेरी लगाकर सामान बेचने वालों को सड़क पर अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत दी है। दुकानों का सामान मुख्य सड़क तक फैलाने और ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े कराने से आवागमन प्रभावित होता है। पुलिस ने ऐसा नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में सेना भर्ती कार्यालय हिसार परिसर में 16 से 25 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित अग्निवीर भर्ती रैली में पांच जिलों के युवा दमखम दिखाएंगे। अग्निवीर भर्ती रैली में हिसार के अलावा जींद, फतेहाबाद, हांसी और सिरसा के अभ्यर्थी भाग लेंगे। रैली के सफल आयोजन और व्यवस्थाओं की समीक्षा को लेकर उपायुक्त महेंद्र पाल ने बुधवार को सेना भर्ती कार्यालय के अधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीसी महेंद्र पाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भर्ती रैली की तैयारियों में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। सभी विभाग अपने स्तर पर जरूरी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करें और आपसी तालमेल के साथ काम करें। आवागमन के सभी प्रबंध पूरे किए जाएं: डीसी उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने के लिए विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा पहुंचेंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों की सुविधा, सुरक्षा और आवागमन को ध्यान में रखते हुए सभी प्रबंध पहले से किए जाएं। उन्होंने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के साथ यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारियों के अनुसार कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समय में काम पूरा करने को कहा। साथ ही तैयारियों की नियमित निगरानी करने के निर्देश भी दिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सेना में भर्ती होकर देश सेवा गौरव की बात :डीसी उपायुक्त ने कहा कि सेना में भर्ती होकर देश सेवा करना युवाओं के लिए गौरव की बात है। अग्निवीर भर्ती युवाओं को भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्र की सुरक्षा में योगदान देने का अवसर देती है। उन्होंने पात्र युवाओं से भर्ती प्रक्रिया के आधिकारिक दिशा-निर्देशों का अध्ययन करने और निर्धारित पात्रता व नियमों के अनुसार तैयारी करने की अपील की। बैठक में नगराधीश रोहित कुमार, भर्ती निदेशक कर्नल दीपक चौहान, जिला परिषद के सीईओ सुभाष चंद्र, एचसीएस कुलभूषण बंसल, सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, उप सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में उनकी सास और पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने जमानत आदेश में केस डायरी के हवाले से बताया कि घटना के बाद गिरिबाला ने ऊंचे पदों पर बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों से कथित तौर पर संपर्क किया था। अदालत ने इस मामले में आगे जांच की जरूरत बताई है। आदेश में दर्ज है प्रभावशाली लोगों से संपर्क की बात जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने 26 अक्टूबर को आदेश पारित किया था। इस पर 4 नवंबर को हस्ताक्षर हुए। आदेश के पैरा 23 में कहा गया है कि केस डायरी में मौजूद सामग्री घटना के बाद गिरिबाला की ओर से उच्च पदों पर बैठे प्रभावशाली लोगों से संपर्क किए जाने की ओर संकेत करती है। कोर्ट ने इन संपर्कों से जुड़ी परिस्थितियों की आगे जांच करने की जरूरत बताई है। हालांकि, आदेश में किसी व्यक्ति का नाम, पद, बातचीत का समय या संपर्क के माध्यम का ब्योरा नहीं दिया गया है। इसलिए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गिरिबाला ने किन लोगों से संपर्क किया था। आईफोन डेटा और DVR की फोरेंसिक रिपोर्ट पेंडिंग हाईकोर्ट ने जमानत पर विचार करते समय लंबित फोरेंसिक और डिजिटल जांच को भी अहम माना। ट्विशा के आईफोन से डेटा एक्सट्रैक्शन की रिपोर्ट आना बाकी है। कोर्ट के मुताबिक, इससे घटना से जुड़े अतिरिक्त तथ्य सामने आ सकते हैं और संभावित गवाहों की पहचान में मदद मिल सकती है। वहीं, गिरिबाला के घर के CCTV सिस्टम के DVR से निकाला गया डेटा केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला दिल्ली भेजा गया है। इसका मकसद रिकॉर्डिंग की निरंतरता और प्रमाणिकता की जांच करना है। अगर डेटा में किसी तरह का बदलाव या छेड़छाड़ सामने आती है, तो उस पहलू की भी जांच की जाएगी। फिलहाल फुटेज से छेड़छाड़ की पुष्टि नहीं हुई है। 2 जून से जेल में बंद हैं पूर्व जज गिरिबाला सिंह गिरिबाला सिंह 2 जून 2026 से जेल में हैं। उन्होंने BNSS की धारा 483 के तहत नियमित जमानत मांगी थी। CBI ने ट्विशा की मौत के मामले में BNS की धाराओं 80(2), 85, 108 और 3(5) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज किया है। जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ट्विशा के परिजन से हुई बातचीत, CCTV फुटेज, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटना के बाद के कथित आचरण सहित केस डायरी में दर्ज सामग्री पर विचार किया। अदालत ने जांच जारी होने और अहम फोरेंसिक और डिजिटल रिपोर्ट पेंडिंग होने के आधार पर फिलहाल गिरिबाला को नियमित जमानत देने से इनकार कर दिया। ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा केस- रिटायर्ड जज गिरिबाला की जमानत याचिका खारिज भोपाल की ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में बुधवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका खारिज कर दी। जस्टिस अजय कुमार निरंकारी की सिंगल बेंच ने कहा कि फॉरेंसिक और डिजिटल रिपोर्ट का इंतजार है। पढ़ें पूरी खबर…
प्रेमी से शादी की मांग को लेकर एक युवती गुरुवार सुबह करीब 5 बजे पलामू के मनातू थाना क्षेत्र में करीब 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। 13 दिन में यह तीसरी बार है, जब वह टावर पर चढ़ी है। युवती की मांग है कि उसकी शादी उसी युवक से कराई जाए, जिससे वह प्रेम करती है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची है और उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए समझाने में लगी है। आसपास के कई गांवों के लोग भी वहां जुट गए। युवती ने ही यौन शोषण का लगाया है आरोपयुवती ने इसी युवक पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया था और मनातू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने प्राथमिकी के आधार पर युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। युवती पहली बार 24 अक्टूबर को प्रेमी से शादी कराने की मांग लेकर टावर पर चढ़ी थी। उस समय युवक को मौके पर बुलाया गया। शादी का आश्वासन मिलने के बाद युवती नीचे उतर आई थी। बाद में युवक शादी से मुकर गया, जिसके बाद युवती ने यौन शोषण का आरोप लगा उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा था25 अक्टूबर को युवती एक बार फिर प्रेमी से शादी की मांग को लेकर टावर पर चढ़ गई। पुलिस, परिजनों और ग्रामीणों ने उसे समझाकर नीचे उतारा। सुरक्षा के लिए पुलिस ने उसे सखी वन स्टॉप सेंटर भेजा था। इधर, पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बुधवार को युवती का भाई उसे सेंटर से घर लेकर आया। जब युवती को पता चला कि उसके प्रेमी को जेल भेज दिया गया है तो वह एक बार फिर टावर पर चढ़ गई।
गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रात के समय आवागमन पर प्रतिबंध के बीच मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात करीब 2 बजे एक महिला को खुले मैदान में बच्चे को जन्म देना पड़ा। रायपुर से देवभोग जा रही यात्री बस तौरेंगा और इंदागांव बैरियर के बीच कई घंटे से खड़ी थी। इसी बस में सवार ग्राम रसैला, तहसील मैनपुर निवासी महिला संतोषी सोरी को अचानक तेज लेबर पेन शुरू हो गई। बैरियर के पास अंधेरे में ही उनका प्रसव कराना पड़ा। बाद में महतारी एक्सप्रेस से जच्चा-बच्चा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मैनपुर पहुंचाया गया। फिलहाल दोनों सुरक्षित हैं। प्रतिबंध के कारण रास्ते में खड़ी थी बस वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रात 7 बजे से सुबह 6 बजे तक आवागमन बंद रहता है। इसी प्रतिबंध के कारण यात्री बस रास्ते में खड़ी थी। इसी दौरान संतोषी सोरी की तबीयत बिगड़ गई। बस में मौजूद यात्रियों और परिचालक ने तत्काल मदद की पहल करते हुए महतारी एक्सप्रेस को सूचना दी। एंबुलेंस मौके पर पहुंची और जच्चा-बच्चा को अस्पताल ले जाया गया। 11 घंटे का प्रतिबंध, यात्रियों के लिए सुविधाएं नहीं इस घटना ने टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आपातकालीन सुविधाओं की कमी का मुद्दा फिर उठा दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वन्यजीवों और बाघों की सुरक्षा के लिए रात में 11 घंटे मार्ग बंद रखा जाता है, लेकिन इस दौरान रास्ते में फंसने वाले यात्रियों के लिए पानी, भोजन, शौचालय, रोशनी और इलाज जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इस मार्ग से अमलीपदर, मैनपुर और देवभोग क्षेत्र के ग्रामीण बसों से आवागमन करते हैं। ऐसे में किसी यात्री की तबीयत बिगड़ने या प्रसव जैसी आपात स्थिति में तत्काल मदद मिलना चुनौती बन जाता है। एंबुलेंस और सुरक्षित प्रतीक्षालय की मांग घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन्यजीवों की आवाजाही से जुड़े वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर प्रतिबंध के समय की समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही तौरेंगा और इंदागांव बैरियर पर चौबीसों घंटे एंबुलेंस, आपातकालीन चिकित्सा दल और सुरक्षित प्रतीक्षालय की व्यवस्था करने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि यात्रियों के लिए पानी, शौचालय और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए। बसों को आपातकालीन सेवा में शामिल करने पर विचार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के उपसंचालक कर्णध्वज जैन ने बताया कि यात्री बसों को भी आपातकालीन सेवाओं के दायरे में शामिल करने के लिए पत्राचार किया जाएगा। जर्जर यात्री प्रतीक्षालयों की मरम्मत कर उन्हें सुविधाजनक और उपयोगी बनाने की दिशा में भी पहल करने पर विचार किया जा रहा है।
सीधी जिले के बहरी थाना क्षेत्र के चोराही गांव में गुरुवार सुबह तालाब में 35 वर्षीय युवक का शव मिला। मृतक की पहचान रामाधार सोंधिया के रूप में हुई। वह दो दिन से लापता था। गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे गांव के कुछ लोगों ने तालाब में शव देखा। सूचना मिलने पर बहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रामाधार के पिता राजबहोर सोंधिया ने शव की पहचान अपने बेटे के रूप में की। राजबहोर सोंधिया ने बताया कि परिवार के लोग दो दिन से रामाधार की तलाश कर रहे थे। ग्रामीणों से तालाब में शव मिलने की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। बहरी थाना प्रभारी राजेश पांडे ने बताया कि पुलिस टीम को सूचना मिलते ही मौके पर भेजा गया। घटनास्थल के पास से सफेद रंग का तौलिया मिला है, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में लिया है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की है। फिलहाल मौत की वजह पता नहीं चली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद मौत के कारण का पता चलेगा।
बानसूर के भग्गूकाबास में खेतों में लगे सिंचाई के फव्वारों के तीन दर्जन से ज्यादा नोजल के ऊपरी हिस्से चोरी हो गए। किसान अशोक गुर्जर ने बताया कि चोरी के बाद खेतों में सिंचाई करना मुश्किल हो रहा है। अशोक गुर्जर बुधवार शाम खेत पर आए थे। उस समय फव्वारों के नोजल लगे हुए थे। गुरुवार सुबह खेत पहुंचने पर नोजल के ऊपरी हिस्से गायब मिले। जांच में करीब तीन दर्जन से ज्यादा नोजल के ऊपरी हिस्से चोरी होने का पता चला। किसान ने बताया कि नोजल चोरी होने से खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। घटना के बाद किसानों को खेतों से कृषि उपकरण चोरी होने की चिंता है। इससे पहले मंगलवार रात फतेहपुर में एक किसान के खेत में लगे बिजली के ट्रांसफार्मर से कीमती सामान चोरी हुआ था। किसानों का कहना है कि अज्ञात चोर उनके उपकरणों को निशाना बना रहे हैं।
बारां के दिलोद-हाथी के भकरावदा गांव में आबादी के बीच 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन का तार टूटकर गिर गया। ग्रामीणों ने रास्ते पर लोगों का आना-जाना रोक दिया।जिस जगह तार गिरा, वहां बच्चे, बुजुर्ग और ग्रामीण दिनभर आते-जाते हैं। ग्रामीणों की नजर समय रहते तार पर पड़ गई, इसलिए कोई इसकी चपेट में नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर जानकारी नहीं मिलती तो जनहानि हो सकती थी। उन्होंने बिजली विभाग से मौके पर सुरक्षा के इंतजाम करने और टूटी लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने आबादी से गुजर रही पुरानी लाइनों की जांच और मरम्मत कराने को कहा है। उनका कहना है कि विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं करे।
मंदसौर के पिपलियामंडी में गुरुवार को मंडी गेट के सामने डिवाइडर पर हो रहे सड़क हादसों के विरोध में नगर कांग्रेस कमेटी ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने डिवाइडर पर मिट्टी का ठीकरा फोड़कर एमपीआरडीसी और नगर परिषद के खिलाफ विरोध जताया। उनका कहना है कि डिवाइडर पर लाइट और संकेतक नहीं होने से रात में वाहन चालक उससे टकरा रहे हैं। इन हादसों में कई लोग घायल हुए हैं और कुछ की जान भी जा चुकी है। ठीकरा फोड़ने से पहले रखी मिठाई और फूल प्रदर्शन से पहले कांग्रेस नेताओं ने मिट्टी के ठीकरा पर मिठाई, नींबू-मिर्ची, फूल और माला रखी। इसके बाद ठीकरा फोड़ा। नेताओं ने काल भैरूजी से प्रार्थना भी की। उन्होंने डिवाइडर पर लाइट, संकेतक और रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने की मांग की। लंबे समय से की जा रही मांग जिला कांग्रेस महासचिव अनिल शर्मा ने कहा कि डिवाइडर छोटा करने और वहां लाइट लगाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों ने ध्यान नहीं दिया। डिवाइडर के कट पर संकेतक और रोशनी नहीं होने से रात में हादसे हो रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो कांग्रेस आंदोलन करेगी। नगर कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उणियारा ने बताया कि चौपाटी से कृषि उपज मंडी तक सड़क हादसे हो रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी एमपीआरडीसी और नगर परिषद ने कोई कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि मुख्य मार्ग पर लाइट लगाने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है, जबकि मंडी गेट पर लाइट लगाने का जिम्मा कृषि उपज मंडी समिति का है। अंधेरे के कारण स्थानीय लोगों और किसानों को परेशानी हो रही है। चोरी की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। प्रदर्शन में प्रदेश कांग्रेस संयुक्त सचिव मुकेश निडर, नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष चौथमल गुप्ता, छोटेलाल सैनी, पार्षद अशोक कोहली, मंडलम अध्यक्ष विष्णु फरक्या, किशनलाल चौहान, दिनेश गुप्ता काचरिया, महेंद्र गेहलोत, एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष ओमप्रकाश ररोतिया सहित अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पानीपत जिले के इसराना में के एक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में दसवीं के तीन छात्रों के बीच झगड़ा हो गया। इसमें मनीष नामक छात्र घायल हो गया। उसे पानीपत के सिविल अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। स्कूल संचालक के मुताबिक, लंच के समय शौचालय के बाहर छात्रों में किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ। स्कूल के पीटीआई को पता चला तो वे मौके पर पहुंचे और मनीष के परिजनों को सूचना दी। परिजन उसे अस्पताल ले गए। घायल के परिजनों ने थाने में दर्ज कराई शिकायत मामले के अनुसार, झगड़े में मनीष, रितेश और एक अन्य छात्र शामिल थे। झगड़े की वजह आपसी गाली-गलौज और धमकी देना बताई जा रही है। मनीष के परिजनों ने थाना इसराना में हमलावर छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने सभी पक्षों को बुलाकर जांच की है। मनीष के चाचा गुलाब जागलान ने आरोप लगाया कि छात्रों ने पहले भी मनीष को मारने की धमकी दी थी। स्कूल में सभी छात्रों के परिजनों को बुलाकर समझौते की कोशिश की जा रही है।
सिवनी जिले के बम्होडी गांव स्थित आंगनवाड़ी केंद्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब कमरे के अंदर करीब 7 से 8 फीट लंबा सांप दिखाई दिया। सांप को देखते ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सतर्क हो गईं। उन्होंने तुरंत केंद्र में मौजूद छोटे बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद स्नेक कैचर को सूचना दी गई। घटना बुधवार की है, जिसका वीडियो आज गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे सामने आया। फर्श के अंदर जा घुसा सांप जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केंद्र में धामन प्रजाति का सांप पहुंच गया था। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर प्रवीण तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सांप को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह कमरे के फर्श के अंदर बने हिस्से में जा घुसा। इसके बाद उसे बाहर निकालने के लिए फर्श की खुदाई करनी पड़ी। काफी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित बाहर निकाला गया। स्नेक कैचर प्रवीण तिवारी ने सावधानीपूर्वक सांप का रेस्क्यू किया और बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया। गनीमत रही कि घटना के दौरान किसी बच्चे, कार्यकर्ता या अन्य व्यक्ति को नुकसान नहीं पहुंचा। धामन गैर-विषैला, फिर भी सावधानी जरूरी धामन सांप को सामान्य तौर पर गैर-विषैला माना जाता है। यह चूहों और अन्य छोटे जीवों का शिकार करता है। हालांकि, इसकी लंबाई और तेज गति के कारण लोग अक्सर इसे देखकर घबरा जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप दिखने पर उसे खुद पकड़ने या मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बच्चों को उस जगह से दूर कर प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यूअर को सूचना देनी चाहिए। केंद्रों में नियमित सफाई जरूरी इस घटना के बाद आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता जरूरी हो गई है। कमरों, फर्श की दरारों और आसपास की झाड़ियों की नियमित सफाई होनी चाहिए। साथ ही अनुपयोगी सामान को भी हटाना चाहिए, ताकि सांपों के छिपने की जगह न बने।
मुरैना में गुरुवार को कोचिंग जा रहे छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया। थोड़ी देर में विवाद मारपीट में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। इस दौरान सड़क से कार में गुजर रहे एक राहगीर ने घटना का वीडियो बना लिया। मालमा कोतवाली थाना क्षेत्र के जीवाजी गंज पार्क के पास का है। कोचिंग क्षेत्र में पुलिस गश्त के बावजूद मारपीट छात्रों के बीच होने वाले विवादों को रोकने के लिए कोतवाली पुलिस के साथ निर्भया मोबाइल को भी गश्त के लिए लगाया गया है। इसके बावजूद जिस समय जीवाजी गंज पार्क के पास छात्रों के दो गुटों के बीच मारपीट हो रही थी। उस दौरान मौके पर कोई पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था। ऐसे में कोचिंग क्षेत्र में पुलिस की निगरानी और गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। टीआई ने नहीं उठाया फोन मामले में कोतवाली थाना प्रभारी अमित भदौरिया से जानकारी लेने के लिए फोन लगाया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। उल्लेखनीय है कि थाना प्रभारी से किसी भी मामले में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने पर फोन नहीं उठाने की शिकायत पहले भी सामने आती रही है।
सीहोर। बीएसआई मैदान पर चल रही एकलव्य टी-20 क्रिकेट ट्रॉफी में गुरुवार को स्थानीय क्रिकेट खिलाड़ियों को आईपीएल और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिला। मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद के अनिकेत वर्मा, लखनऊ सुपर जायंट्स के अक्षत रघुवंशी और त्रिपुरेश सिंह सहित कई क्रिकेटर मैदान में उतरे। अंडर-19 भारतीय टीम के खिलाड़ी राहुल बाथम और अंकुर सिंह ने भी मुकाबले में हिस्सा लिया। इस दौरान अनिकेत वर्मा ने सीहोर पहुंचकर यहां के खेल मैदान, सुविधाओं और स्थानीय खिलाड़ियों के भविष्य को लेकर अपने अनुभव साझा किए।अनिकेत वर्मा ने सीहोर के खेल बुनियादी ढांचे की सराहना करते हुए कहा कि यहां पहले के मुकाबले काफी बदलाव आया है। अब ग्राउंड और विकेट बेहतर हो चुके हैं। बच्चों के लिए प्रैक्टिस एरिया और अन्य खेल सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि मैदान पर खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहां का माहौल भी क्रिकेट के अनुकूल है।स्थानीय खिलाड़ियों को संदेश देते हुए अनिकेत ने कहा कि वे कड़ी मेहनत करें और अपने खेल पर ध्यान दें। उन्होंने उभरते खिलाड़ियों को अपनी ओर से शुभकामनाएं भी दीं। घरेलू क्रिकेट के खिलाड़ी भी मुकाबले में शामिल आयोजन प्रमुख अतुल कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार को आयोजित मुकाबला रोमांचक रहा। इसमें आईपीएल खिलाड़ियों के साथ मध्यप्रदेश की ओर से घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करने वाले ऋतिक टाडा, पृथ्वी सिंह तोमर, अश्विन दास और कमल त्रिपाठी भी शामिल हुए। स्थानीय खिलाड़ियों को मिला सीखने का मौका आयोजकों के अनुसार, सीहोर के खिलाड़ियों के लिए आईपीएल और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ एक ही मैदान पर खेलने और उनकी खेल तकनीक को करीब से समझने का यह अच्छा अवसर रहा। आयोजकों का कहना है कि बड़े खिलाड़ियों के सीहोर आने से स्थानीय क्रिकेट प्रतिभाओं को नया मंच और प्रोत्साहन मिला है। मैदान पर इन खिलाड़ियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक और खेल प्रेमी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
दीपावली से पहले सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर तेजी का दौर शुरू हो गया है। जयपुर सर्राफा बाजार में महज 2 दिन में सोने की कीमत में 5800 रुपए प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, चांदी प्रति किलो 9500 रुपए महंगी हो गई है। अक्टूबर में रिकॉर्ड गिरावट के बाद अब कीमती धातुओं के भाव में तेजी लौटने से सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ गई है। व्यापारियों के अनुसार, दीपावली और धनतेरस पर खरीदारी के बीच सोने-चांदी की कीमतों में और तेजी आने की संभावना है। जयपुर सर्राफा बाजार की ओर से जारी ताजा भाव के अनुसार, 24 कैरेट स्टैंडर्ड सोने की कीमत 1 लाख 47 हजार 800 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गई है। वहीं, 22 कैरेट जेवराती सोना 1 लाख 36 हजार रुपए, 18 कैरेट सोना 1 लाख 15 हजार 300 रुपए और 14 कैरेट सोना 91 हजार 700 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इसी तरह चांदी की कीमत 1 लाख 93 हजार 500 रुपए प्रति किलो हो गई है। डॉलर में गिरावट से सोने-चांदी को मिला सपोर्ट जयपुर के ज्वैलरी व्यापारी राकेश खंडेलवाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से डॉलर में तेजी और जियोपॉलिटिकल टेंशन के कारण सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट हो रही थी। लेकिन अब अमेरिका में हुए चुनाव और डॉलर में गिरावट का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर नजर आने लगा है। उन्होंने बताया कि डॉलर कमजोर होने से सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला है। यही वजह है कि दीपावली से पहले ही दोनों कीमती धातुओं में तेजी का सिलसिला शुरू हो गया है। बाजार में जिस तरह से कीमतों में उछाल आया है, उससे आने वाले दिनों में भी भाव बढ़ने की संभावना बनी हुई है। अक्टूबर में सोना 10,700 और चांदी 44 हजार तक गिरी थी इससे पहले अक्टूबर महीने में सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। सोने की कीमत में 10,700 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई थी। वहीं, चांदी प्रति किलो 44 हजार रुपए तक सस्ती हो गई थी। लगातार गिरावट के कारण बाजार में कीमतों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी। अब दीपावली से पहले कीमतों में तेजी लौटने से बाजार का रुख बदलता नजर आ रहा है। महज 2 दिन में सोने में 5800 रुपए और चांदी में 9500 रुपए की बढ़ोतरी ने खरीदारी के लिए बाजार आने वाले ग्राहकों के बजट पर भी असर डाला है। त्योहार पर खरीदारी के बीच भाव बढ़ने की संभावना दीपावली और धनतेरस के दौरान सोने-चांदी की खरीदारी बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में तेजी से ग्राहकों को अधिक खर्च करना पड़ सकता है। सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि डॉलर में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर से आने वाले दिनों में कीमतों में तेजी जारी रह सकती है। जयपुर सर्राफा बाजार में फिलहाल सोने और चांदी के भाव में तेजी का रुख बना हुआ है। हालांकि, कीमतों में आगे कितना उछाल आएगा, यह अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल और वैश्विक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
जयपुर में शराब पार्टी के बहाने एक युवक को घर से बुलाकर ले जाने और फिर उसकी हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो पड़ोसियों ने साजिश के तहत युवक को बेहोशी की हालत में सड़क किनारे कीचड़ में फेंक दिया। परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पांच दिन बाद उसकी मौत हो गई। घटना के करीब 8 महीने बाद मंगलवार को मृतक के बेटे ने कोतवाली थाने में दो पड़ोसियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। घटना 16 फरवरी रात करीब 12 बजे की है। पुलिस के अनुसार, किशनपोल बाजार निवासी तोसिन कुरैशी ने अपने पिता मोहम्मद वकील उर्फ बल्लू की हत्या का आरोप पड़ोसी आरिफ और सोहिल पर लगाया है। शराब पीने के बहाने घर से बुलाकर ले गए थे पड़ोसी शिकायत में बताया कि 16 फरवरी को दोनों पड़ोसी उनके घर आए थे। वे शराब पार्टी करने के बहाने मोहम्मद वकील को अपने साथ सीकर हाउस स्थित बीयर बार क्लब ले गए थे। रात करीब 12 बजे आरोपी सोहिल घर पहुंचा और परिजनों को बताया कि मोहम्मद वकील अजमेरी गेट स्थित अंडा मार्केट में पड़े हैं। इसके बाद परिजन उन्हें तलाशते हुए मौके पर पहुंचे। वहां मोहम्मद वकील सड़क किनारे कीचड़ में बेहोशी की हालत में पड़े मिले। कीचड़ में बेहोश मिले, पास में खड़ी थी बाइक मृतक के बेटे तोसिन का आरोप है कि दोनों पड़ोसियों ने पहले से ही पिता की हत्या की साजिश रच रखी थी। जिस जगह मोहम्मद वकील बेहोशी की हालत में मिले, वहां उनकी बाइक भी खड़ी थी। उनकी शर्ट की जेब में बाइक की चाबी रखी हुई थी। पास में आमलेट लगी प्लेट और शराब की बोतलें भी मिली थीं। परिजनों को शक है कि आरोपियों ने हत्या के इरादे से मोहम्मद वकील के खाने-पीने की चीजों में कुछ मिलाया था, जिससे वह बेहोश हो गए। SMS अस्पताल में 5 दिन बाद तोड़ा दम परिजन बेहोशी की हालत में मोहम्मद वकील को घर लेकर आए, लेकिन अगले दिन तक उन्हें होश नहीं आया। इसके बाद उन्हें SMS अस्पताल में भर्ती करवाया गया। इलाज के दौरान 21 फरवरी को डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अब घटना के करीब 8 महीने बाद मृतक के बेटे ने दोनों पड़ोसियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
उज्जैन में लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में कार्रवाई करते हुए ADM कार्यालय में पदस्थ बाबू रोहित गोठवाल (सहायक ग्रेड-3) को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी ने उज्ज्वला योजना के तहत 14 गैस सिलेंडर के कथित फर्जी वितरण की शिकायत पर कार्रवाई शिकायतकर्ता के पक्ष में कराने के बदले 50 हजार रुपए मांगे थे। लोकायुक्त ने 5 नवंबर को पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार दीक्षित के मार्गदर्शन में कार्रवाई की। मामले में जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता भरत पोरवाल ने ADM अतेन्द्र सिंह गुर्जर की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्हें भी सह-आरोपी बनाने की मांग की है। मां के नाम पर जारी 14 सिलेंडर दूसरे व्यक्ति को देने का आरोप लोकायुक्त के अनुसार, नागदा के बिरलाग्राम निवासी बृजेश विश्वकर्मा पिता तिलकधारी ने 29 अक्टूबर को लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी। बृजेश ने बताया कि उनकी मां विजयलक्ष्मी के नाम पर वर्ष 2019 में उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन जारी किया गया था। हालांकि, उन्हें न तो गैस कनेक्शन मिला और न ही सिलेंडर। आरोप है कि उनके नाम पर जारी 14 सिलेंडर किसी दूसरे व्यक्ति को दे दिए गए। इस संबंध में बृजेश ने कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत की जांच खाद्य विभाग को सौंपी गई। खाद्य विभाग ने जांच के बाद प्रकरण ADM कार्यालय को भेज दिया था। कार्रवाई पक्ष में कराने के लिए मांगे थे 50 हजार रुपए बृजेश के मुताबिक, ADM कार्यालय में पदस्थ बाबू रोहित गोठवाल ने मामले में कार्रवाई उनके पक्ष में कराने के बदले 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त से की। शिकायत का सत्यापन करने के बाद लोकायुक्त टीम ने गुरुवार को ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान बृजेश ने रोहित गोठवाल को 20 हजार रुपए नकद दिए। रिश्वत की रकम लेते ही लोकायुक्त टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया। लोकायुक्त अधिकारी दीपक सेजवार ने भी 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगने और 20 हजार रुपए लेते पकड़े जाने की पुष्टि की। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कांग्रेस नेता बोले- बाबू अकेले कैसे दिला सकता था राहत कार्रवाई के बाद जिला पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष और कांग्रेस नेता भरत पोरवाल ने ADM अतेन्द्र सिंह गुर्जर की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकरण में निर्णय लेने का अधिकार संबंधित अधिकारी के पास होता है, बाबू के पास नहीं। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना किसी सक्षम अधिकारी के समर्थन के बाबू राहत दिलाने के नाम पर इतनी बड़ी रकम कैसे मांग सकता है। पोरवाल ने ADM की भूमिका की जांच करने और संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें भी आपराधिक साजिश के मामले में सह-आरोपी बनाने की मांग की है। फिलहाल, लोकायुक्त पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हिसार जिले में अग्रोहा थाना पुलिस ने गांव कालीरावण स्थित पीवीसी फैक्ट्री के गेट के बाहर से बाइक चोरी के मामले को सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की गई बाइक भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान गांव कालीरावण निवासी विकास के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट का एक और चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। पीएसआई संजीव ने बताया कि गांव कालीरावण निवासी मनीष ने 4 नवंबर को थाना अग्रोहा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह गांव स्थित पीवीसी फैक्ट्री में काम करता है। उसने अपनी बाइक फैक्ट्री के मुख्य गेट के बाहर खड़ी की थी। काम खत्म होने के बाद जब वह वापस आया तो बाइक वहां से गायब मिली। आसपास तलाश करने के बावजूद बाइक का कोई सुराग नहीं लगा। किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा उसकी मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई थी। पहले से दर्ज हैं चार आपराधिक मामले पुलिस के अनुसार आरोपी विकास के खिलाफ पहले से एनडीपीएस एक्ट के तहत एक मामला तथा चोरी के तीन मामले दर्ज हैं। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है, ताकि उससे गहन पूछताछ कर अन्य चोरी की वारदातों और संभावित संलिप्तता के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। हिसार पुलिस ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें तथा चोरी की घटनाओं से बचाव के लिए लॉकिंग व्यवस्था का इस्तेमाल करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
दीपावली पर पटाखों की सुरक्षित बिक्री और इस्तेमाल के लिए कोडरमा जिला प्रशासन ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने झुमरीतिलैया के पटाखा विक्रेताओं के लिए सदर प्रखंड मैदान में अस्थायी दुकानें लगाने का फैसला किया है। वहीं, विक्रेता इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। प्रशासन ने कहा है कि पटाखा बिक्री के लिए तय सुरक्षा और पर्यावरण के नियमों का पालन करना जरूरी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पटाखे बेचने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। ग्राहक मैदान तक नहीं पहुंचेंगे और बिक्री घटेगी: व्यापारी व्यापारियों का कहना है कि प्रखंड मैदान में दुकान लगाने से उन्हें परेशानी होगी। उनके मुताबिक, दीपावली के लिए पटाखों की बिक्री शुरू हो चुकी है और यह छठ तक चलेगी। व्यापारियों ने कहा कि गांवों से आने वाले ज्यादातर ग्राहकों को बाजार की दुकानों की जानकारी है। उन्हें आशंका है कि ग्राहक मैदान तक नहीं पहुंचेंगे और उनकी बिक्री घटेगी। उन्होंने प्रशासन से स्थायी दुकानों में पटाखे बेचने की अनुमति देने की मांग की है। निर्धारित स्थल पर ही पटाखों की बिक्री के निर्देश 2 नवंबर को उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी निर्मल सोरेन की अध्यक्षता में पटाखा विक्रेताओं की बैठक हुई थी। बैठक में बताया गया था कि झुमरीतिलैया नगर परिषद क्षेत्र में ब्लॉक मैदान को पटाखा बिक्री के लिए चुना गया है। जिला प्रशासन ने सभी पटाखा विक्रेताओं को निर्देश दिया था कि वे केवल निर्धारित स्थल पर ही अपनी दुकानें लगाकर पटाखों की बिक्री करें। साथ ही, सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में पटाखों की बिक्री के लिए उपयुक्त स्थलों को चिह्नित करने का भी निर्देश दिया गया था। जिला प्रशासन के आदेश और पटाखा व्यवसाइयों की नाराजगी के बीच इन सब को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। एक दिवसीय दौरे पर कोडरमा पहुंचे पूर्व विधायक अमर बाउरी ने कहा कि दीपावली दो दिनों का त्योहार है।ऐसे में छोटे-छोटे व्यापारी कम पूंजी लागाकर अपनी दुकानें चलाते हैं। लेकिन झारखंड सरकार द्वारा नए-नए फरमान जारी कर उनकी आय पर भी ग्रहण लगाने में लगी हुई है।उन्होंने कहा कि यह सरकार हिंदुओं के सभी त्योहारों में इसी प्रकार के आदेश लाकर उन्हें परेशान करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें ऐसे आदेश जारी करने होते हैं तो एक वर्ष पूर्व ही इसकी घोषणा क्यों नहीं कर देते।इधर, इन सब के बीच झुमरीतिलैया नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता ने पटाखों को चिन्हित स्थल पर ही बिक्री किए जाने को लेकर एक आदेश जारी किया है।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप का मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर 12 नवंबर तक CBI की कस्टोडियल रिमांड पर रहेगा। अगले 8 दिनों तक एजेंसी के अधिकारी उससे पूछताछ करेंगे। बुधवार को सौरभ को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। इस दौरान उससे मुलाकात करने महासमुंद के पूर्व कांग्रेस विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर और महादेव सट्टा ऐप का पैनल ऑपरेटर विशाल रमानी भी पहुंचा था। उधर, CBI ने रिमांड आवेदन में बताया कि महादेव ऐप का कारोबार चलाने के लिए पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों को प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी। एजेंसी इस पूरे नेटवर्क की जांच के लिए सौरभ से पूछताछ करना चाहती है। सुरक्षा का हवाला देकर उसे दिल्ली ले जाया गया है। वहीं, ED ने अपने गैर-जमानती वारंट को लागू कराने के लिए कोर्ट में आवेदन दिया था। हालांकि, कोर्ट ने इस आवेदन को प्री-मैच्योर बताया। देखिए तस्वीरें… कोर्ट रूम में मिनट-टू-मिनट क्या हुआ कौन है विशाल रमानी? ED के दस्तावेजों के मुताबिक, विशाल रमानी भिलाई के सुपेला का रहने वाला है। वह 2011 से क्रिकेट मैचों पर अवैध सट्टेबाजी में शामिल था। साल 2020 से सौरभ चंद्राकर के साथ ऑनलाइन सट्टा चला रहा था। 2021 में उसने सौरभ आहूजा के साथ मिलकर महादेव ऐप के करीब 100 पैनल लिए थे। ED के मुताबिक, इस कारोबार से विशाल ने करीब 30 करोड़ रुपए कमाए, जिसमें उसका हिस्सा 15 करोड़ रुपए था। एजेंसी का आरोप है कि इस रकम से परिवार के नाम पर संपत्तियां और सोना खरीदा गया। पैसों के लेनदेन में किराए के बैंक खातों और हवाला का इस्तेमाल किया गया। ईडी के आवेदन को जज ने प्री-मैच्योर कहा बुधवार को कोर्ट ने सौरभ चंद्राकर को CBI की रिमांड पर सौंपने के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से भी एक आवेदन पेश किया गया। ED ने सौरभ के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट को लागू कराने की मांग की। ED के वकील सौरभ पांडेय ने दलील दी कि सौरभ चंद्राकर के खिलाफ साल 2023 में ED कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया जा सका है। ED ने स्पेशल CBI कोर्ट से मांग की कि CBI की रिमांड खत्म होने के बाद जिस दिन सौरभ को कोर्ट में पेश किया जाए, उसी दिन ED को अपने वारंट पर कार्रवाई करने की अनुमति दी जाए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने ED के आवेदन को प्री-मैच्योर यानी समय से पहले बताया। कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में उसी तारीख को आवेदन किया जाना चाहिए, जिस दिन इसकी जरूरत होगी। अब 12 नवंबर को CBI की रिमांड खत्म होने के बाद ED आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी। गैर-जमानती वारंट लागू कराने के लिए एजेंसी दोबारा कोर्ट में आवेदन पेश कर सकती है। CBI ने रिमांड आवेदन में क्या बताया? CBI ने अपने रिमांड आवेदन में बताया कि सौरभ चंद्राकर महादेव ऑनलाइन बुक का संस्थापक प्रमोटर है। उसे इस पूरे नेटवर्क की जानकारी है। एजेंसी उससे पूछताछ कर दूसरे मास्टरमाइंड, हवाला ऑपरेटरों, अवैध कमाई के लाभार्थियों और संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाना चाहती है। CBI के मुताबिक, महादेव ऐप का कारोबार चलाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावशाली राजनीतिक लोगों को भी कथित तौर पर प्रोटेक्शन मनी दी जाती थी। एजेंसी यह पता लगाना चाहती है कि यह रकम किन लोगों तक पहुंची और इस पूरे नेटवर्क में किसकी क्या भूमिका थी। सुरक्षा का हवाला देकर दिल्ली ले गई CBI CBI ने कोर्ट में सौरभ चंद्राकर की सुरक्षा का हवाला देते हुए उसे नई दिल्ली स्थित CBI कार्यालय ले जाकर पूछताछ करने की अनुमति मांगी थी। CBI की ओर से पेश ASP अजीत सिंह ने कोर्ट को बताया कि आरोपी की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे दिल्ली ले जाकर पूछताछ करना चाहते हैं। इस पर कोर्ट ने अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि आरोपी से सबूत जुटाने के लिए किस जगह पूछताछ करना सुविधाजनक होगा, यह तय करना CBI का अपना विवेक है। हालांकि, CBI के आवेदन और कोर्ट के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सौरभ चंद्राकर को किन लोगों से खतरा है या रायपुर में पूछताछ करने में सुरक्षा से जुड़ी क्या परेशानी थी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि दिल्ली के अलावा किसी दूसरी जगह ले जाकर पूछताछ करने की जरूरत पड़ने पर सौरभ के वकील या परिजनों को इसकी जानकारी दी जाए। हर महीने 450 करोड़ रुपए की कमाई का दावा CBI ने अपने रिमांड आवेदन में बताया कि साल 2020 में लॉकडाउन के बाद से सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल और उनके सहयोगी ऑनलाइन सट्टेबाजी से हर महीने करीब 450 करोड़ रुपए की अवैध कमाई कर रहे थे। एजेंसी के मुताबिक, इस रकम का 70 से 80 प्रतिशत हिस्सा प्रमोटर अपने पास रखते थे, जबकि बाकी रकम पैनल ऑपरेटरों को दी जाती थी। CBI ने यह भी बताया कि कारोबार को बढ़ावा देने के लिए विज्ञापन और बड़े आयोजनों पर रकम खर्च की जाती थी। इन आयोजनों में फिल्म और मनोरंजन जगत की हस्तियों को बुलाया जाता था। दुबई से चल रहा था सट्टे का सिंडिकेट CBI के मुताबिक, महादेव ऐप का सिंडिकेट दुबई से संचालित किया जा रहा था। वहां इसका मुख्यालय बनाया गया था। सट्टेबाजी का नेटवर्क चलाने के लिए छत्तीसगढ़ के कई युवाओं को कर्मचारी, मैनेजर और सुपरवाइजर के तौर पर रखा गया था। रकम के लेनदेन के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक खाते खुलवाए गए थे। इसके अलावा हवाला के जरिए सट्टेबाजी की रकम विदेश भेजी जाती थी। इस केस में अब आगे क्या होगा? अगले 8 दिनों तक CBI की टीम सौरभ चंद्राकर से पूछताछ करेगी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, पूछताछ के लिए CBI उसे दिल्ली के अलावा देश के किसी भी हिस्से में ले जा सकती है। हालांकि, उसे कहीं ले जाने से पहले उसके वकील या रिश्तेदारों को इसकी जानकारी देनी होगी। पूछताछ के दौरान CBI महादेव सट्टा नेटवर्क से जुड़े दूसरे प्रमोटरों, सहयोगियों और अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाएगी। एजेंसी अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर इस नेटवर्क में प्रभावशाली लोगों की भूमिका की भी जांच कर सकती है। जांच में मिले सबूतों के आधार पर CBI दूसरे आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है। साथ ही कथित प्रोटेक्शन मनी लेने वाले पुलिस अधिकारियों और राजनीतिक लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। 12 नवंबर को अहम होगी अगली पेशी CBI की रिमांड खत्म होने के बाद सौरभ चंद्राकर को फिर कोर्ट में पेश किया जाएगा। 12 नवंबर को उसे दिल्ली से रायपुर लाकर CBI की स्पेशल कोर्ट में पेश किया जाएगा। अगर CBI आगे की रिमांड नहीं मांगती है, तो इसके बाद ED की कार्रवाई अहम हो जाएगी। ED पहले से ही अपने गैर-जमानती वारंट को लागू कराने की तैयारी में है। कोर्ट से अनुमति मिलने पर ED सौरभ को अपने केस में लेकर पूछताछ कर सकती है। महादेव ऐप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच ED कर रही है। ऐसे में पूछताछ के दौरान सट्टे से हुई कमाई, हवाला के जरिए विदेश भेजी गई रकम, बेनामी संपत्तियों और नेटवर्क से जुड़े लोगों पर फोकस रह सकता है। यानी 12 नवंबर के बाद यह साफ होगा कि सौरभ से पूछताछ की कमान CBI के पास रहेगी या ED को उसकी हिरासत मिलेगी। ………………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… महादेव सट्टा, सौरभ चंद्राकर 8 दिन की CBI रिमांड पर: दिल्ली ले जाएगी टीम; 12 नवंबर को पेशी, ED ने भी रिमांड की मांग रखी रायपुर की CBI कोर्ट में महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को पेश किया गया। कोर्ट ने CBI को 8 दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की है। CBI की टीम अब उसे दिल्ली ले जाएगी, जहां उससे अपने ऑफिस में पूछताछ की जाएगी। उसे 12 नवंबर को फिर कोर्ट में पेश करना होगा। पढ़ें पूरी खबर…
भिंड के गर्ल्स स्कूल वाली गली में बुधवार रात फर्श धंसने से 45 वर्षीय महिला निशि मिश्रा पलंग समेत 15 से 16 फीट गहरे गड्ढे में गिर गईं। परिजन ने सीढ़ी की मदद से उन्हें बाहर निकाला। यह मकान आजादी से पहले बनी अनाज की खंती के ऊपर बना है, जो पानी के रिसाव के कारण अंदर से खोखली हो गई थी। मकान मालिक पं. अनुराग मिश्रा ने बताया कि करीब 9:15 बजे उनके चचेरे भाई आदित्य मिश्रा की पत्नी निशि मिश्रा कमरे में पलंग की चादर बदल रही थीं। इसी दौरान अचानक फर्श धंस गया। निशि पलंग सहित गड्ढे में जा गिरीं। हादसे के समय परिवार के सदस्य निमंत्रण में शामिल होने बाहर गए थे। घर लौटने पर घटना की जानकारी मिली तो छोटे भाई अनूप मिश्रा और पड़ोसियों ने गड्ढे में सीढ़ी उतार कर निशि को बाहर निकाला। उनके शरीर में चोटें आई हैं। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। देखिए तस्वीरें सिंधिया स्टेट के समय यहां लगती थी कचहरी अनुराग मिश्रा के मुताबिक, उनके परदादा पंडित मदन मोहन मिश्रा सिंधिया स्टेट में ऑनरेरी मजिस्ट्रेट थे। वे वनखंडेश्वर महादेव मंदिर के माफीदार पुजारी भी थे। उस समय आसपास के क्षेत्र से कर वसूली और अनाज जमा करने की जिम्मेदारी उनके पास थी। मकान में ही कचहरी लगती थी। कर के रूप में वसूले गए अनाज को सुरक्षित रखने के लिए जमीन के अंदर गल्ले की खंती बनाई गई थी। बाद में इसी पुरानी संरचना के ऊपर मकान बना दिया गया। 1980 में बंद कर दी गई थी खंती मकान मालिक ने बताया कि वर्ष 1980 में उनके पिता और चाचा ने पुराने मकान का पुनर्निर्माण कराया था। उस दौरान अनाज रखने के लिए बनी खंती को बंद कर दिया गया था। समय के साथ मकान में कई बदलाव भी हुए। अनुराग मिश्रा का मानना है कि पुराने निर्माण के कारण जमीन के भीतर कहीं से पानी का रिसाव होता रहा। इससे खंती में भरी मिट्टी धीरे-धीरे बह गई और अंदर खाली जगह बन गई। बुधवार रात ऊपर की मिट्टी का दबाव बढ़ने से फर्श धंस गया। गड्ढे के निचले हिस्से में पानी भी भरा हुआ है। ----------------------------------- यह खबर भी पढ़ें इंदौर में नगर निगम की बिल्डिंग में अचानक धंसी जमीन इंदौर के गांधी नगर में नगर निगम की मल्टी के एक मकान की जमीन अचानक अंदर की ओर धंस गई। उस समय कन्हैया अपने पत्नी और दो बच्चों के साथ घर में सो रहे थे। तेज धमक की आवाज के बाद टाइल्स करीब 1 से 2 फीट तक अंदर धंस गईं। परिवार घबराकर तुरंत घर से बाहर निकल आया। पूरी खबर पढ़ें
पलवल के हुडा सेक्टर-2 स्थित एसपीएस इंटरनेशनल में 5वीं इंटर-स्कूल स्पोर्ट्स मीट 5.0 शुरू हुई। चार दिन चलने वाली प्रतियोगिता में 150 से अधिक स्कूलों के करीब 2500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। खेल राज्यमंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि रहे और प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। अर्जुन अवॉर्ड, खेल रत्न और पद्मश्री से सम्मानित ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त भी मौजूद रहे। पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट नवदीप सिंह, अर्जुन अवॉर्डी सुमित अंतिल और कॉमनवेल्थ मेडलिस्ट बॉक्सर जितेंद्र कुमार ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। पहले दिन कबड्डी, वॉलीबॉल समेत कई खेलों में मुकाबले हुए। भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी निकलें : गौरव इस दौरान खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि उनका सपना है कि पलवल से ऐसे खिलाड़ी निकलें, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करें और ओलिपिक में मेडल जीतें। उन्होंने कहा कि एसपीएस जैसी प्रतियोगिताएं ग्रामीण और शहरी प्रतिभाओं को मंच देती हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ खेलने को कहा। गौतम ने कहा कि हार-जीत खेल का हिस्सा है और असली खिलाड़ी जीत में विनम्र रहता है और हार के बाद सकारात्मक रहता है। उनके मुताबिक, खेल से अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। स्पोर्ट्स मीट का यह पांचवां संस्करण आयोजक चेतन भारद्वाज ने बताया कि यह स्पोर्ट्स मीट का पांचवां संस्करण है। 2022-23 में हुए पहले संस्करण में 22 स्कूल शामिल हुए थे। इस बार 150 से अधिक स्कूलों के करीब 2500 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। चार दिवसीय प्रतियोगिता में कबड्डी, खो-खो, योग, ताइक्वांडो, वॉलीबॉल, रेसलिंग और एथलेटिक्स समेत सात खेल शामिल हैं। इसका मुख्य आकर्षण एसपीएसआई कप-2026 है। अंक तालिका में एसपीएस इंटरनेशनल और मॉडर्न स्कूल फरीदाबाद के बीच शीर्ष स्थान के लिए मुकाबला है। उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं, सर्वांगीण विकास है: भारद्वाज चेयरमैन सुरेश भारद्वाज ने कहा, शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि सर्वांगीण विकास है। खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास आता है। उन्होंने कहा कि, एनईपी-2020 समग्र विकास की बात करती है, जिसमें खेल और शारीरिक शिक्षा को बराबर महत्व दिया गया है। एआई के दौर में शारीरिक सक्रियता और आध्यात्मिक बुद्धिमत्ता भी जरूरी है। एसपीएस की हाइब्रिड एजुकेशन इसी संतुलन पर आधारित है। उन्होंने कहा लक्ष्य केवल अच्छे विद्यार्थी नहीं, बल्कि स्वस्थ, आत्मविश्वासी, अनुशासित और नैतिक मूल्यों वाले युवा तैयार करना है जो राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाएं। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरित किया।

