कानपुर सेंट्रल से नाबालिग किशोरी बरामद:भगाने वाला आरोपी गिरफ्तार, दिल्ली ले जाने की फिराक में था
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र से बहला-फुसलाकर भगाई गई 16 वर्षीय किशोरी को पुलिस ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने किशोरी को दिल्ली ले जाने की फिराक में रहे आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने सोमवार को अपनी नाबालिग बेटी के लापता होने पर एक युवक के खिलाफ उसे भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल दो टीमों का गठन कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में किशोरी और आरोपी रेलवे स्टेशन की ओर जाते दिखाई दिए। इस सूचना पर पुलिस टीम सक्रिय हुई और कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर दोनों को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान फतेहपुर निवासी अंकित राजपूत के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, अंकित किशोरी को लेकर दिल्ली भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से उसकी योजना विफल हो गई। पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं, आरोपी अंकित राजपूत से पूछताछ के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। समय रहते हुई कार्रवाई से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।
चंडीगढ़ में केंद्र सरकार द्वारा नया किराया कानून लागू करने का मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने बड़ा सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या तहसीलदार और अतिरिक्त उपायुक्त जैसे प्रशासनिक अधिकारियों को अदालत जैसी शक्तियां सौंपी जा सकती हैं। चीफ जस्टिस शील नागू की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई के बाद इसे रोस्टर के अनुसार उपयुक्त बेंच के पास भेजने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होने की संभावना है। दरअसल, केंद्र सरकार ने 6 मई को अधिसूचना जारी कर चंडीगढ़ में लंबे समय से लागू ईस्ट पंजाब अर्बन रेंट रेस्ट्रिक्शन एक्ट-1949 को हटाकर असम टेनेंसी एक्ट-2021 लागू कर दिया था। इस फैसले को हाईकोर्ट और डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशनों ने चुनौती दी है। जानिए याचिकाकर्ता अदालत में क्या दलील दी याचिकाकर्ताओं ने अदालत में कहा कि नए कानून के तहत ‘रेंट अथॉरिटी’ की शक्तियां तहसीलदार जैसे राजस्व अधिकारियों को दे दी गई हैं, जबकि अपील सुनने का अधिकार डिप्टी कमिश्नर को सौंपा गया है। उनका कहना है कि किराया विवादों का निपटारा हमेशा न्यायिक अधिकारियों द्वारा किया जाता रहा है और प्रशासनिक अधिकारियों को ऐसी शक्तियां देना न्यायिक व्यवस्था की स्वतंत्रता पर असर डालता है। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि सुप्रीम कोर्ट और संविधान पीठ के कई फैसलों में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि न्यायिक प्रकृति के अधिकार केवल न्यायिक प्रशिक्षण रखने वाले स्वतंत्र अधिकारियों के पास होने चाहिए। ऐसे में कार्यपालिका के अधिकारियों को अदालत जैसी शक्तियां देना स्थापित संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ है। याचिका में यह सवाल भी उठाया गया कि क्या केंद्र सरकार किसी दूसरे राज्य का कानून सीधे चंडीगढ़ पर लागू कर सकती है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि चंडीगढ़ की शहरी व्यवस्था, भवन संरचना और सामाजिक परिस्थितियां असम से पूरी तरह अलग हैं। ऐसे में बिना स्थानीय जरूरतों को समझे यह कानून लागू करना सही नहीं है। बार एसोसिएशनों ने नए कानून के व्यावहारिक पहलुओं पर भी चिंता जताई। अदालत को बताया गया कि मौजूदा ढांचे में न तो पर्याप्त न्यायिक आधारभूत सुविधाएं हैं और न ही पक्षकारों को अदालत जैसी सुरक्षा मिल पाएगी। याचिका के अनुसार नए कानून से किरायेदारों की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है। मकान मालिक आसान प्रक्रिया के जरिए बेदखली की कार्रवाई शुरू कर सकता है, जबकि विवाद लंबा चलने पर किरायेदार पर बढ़ते दंडात्मक किराए का बोझ भी डाला जा सकता है।
दमोह जिले के जबेरा जनपद में महादेव घाट पर लगी भगवान बिरसा मुंडा की मूर्ति टूटी मिली है। करीब 6 महीने पहले सांसद राहुल सिंह लोधी ने यह प्रतिमा लगवाई थी। मूर्ति खंडित होने की खबर फैलते ही आदिवासी समाज में काफी नाराजगी देखी जा रही है। यह बात तब पता चली जब गोंड महासभा की मीटिंग खत्म करके समाज के लोग दर्शन करने घाट पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि मूर्ति क्षतिग्रस्त है, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी शेयर हो रहा है। सांसद ने दिया नई प्रतिमा का भरोसा मामला बढ़ता देख सांसद राहुल सिंह लोधी ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को अपना आराध्य बताया और वादा किया कि 14 नवंबर को उनकी जयंती से पहले यहां एक नई प्रतिमा शान से स्थापित की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की है। 30 लाख से होगा सौंदर्यीकरण सांसद ने बताया कि मंत्री धर्मेंद्र सिंह की मदद से यहां करीब 30 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल और सजावट का काम कराया जाएगा। काम पूरा होने के बाद राज्यपाल के हाथों प्रतिमा का उद्घाटन कराया जाएगा। समाज ने सुरक्षा पर उठाए सवाल गोंड समाज महासभा के युवा उपाध्यक्ष दिनेश कुमार परस्ते ने इस घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि सिर्फ मूर्ति लगाना काफी नहीं है, प्रशासन को उनकी सुरक्षा और देखरेख का भी पक्का इंतजाम करना चाहिए ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। पुलिस जांच में क्या आया सामने? घटना की खबर मिलते ही नोहटा थाना प्रभारी अभिषेक पटेल ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। शुरुआती जांच में पुलिस का कहना है कि मूर्ति शायद किसी प्राकृतिक वजह से खंडित हुई है। हालांकि, पुलिस हर एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच सामने आ सके।
छतरपुर जिले में भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। आसमान से आग बरस रही है और दिन के साथ रातों में भी लोगों को राहत नहीं मिल रही। ऊपर से अघोषित बिजली कटौती ने हालात और खराब कर दिए हैं। गर्म हवाओं और उमस भरी रातों के कारण लोग चौबीस घंटे गर्मी से परेशान हैं। सोमवार इस सीजन का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। शहर का अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। भीषण गर्मी के चलते दोपहर में शहर की सड़कें सूनी नजर आईं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। घरों के अंदर भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। गर्म हवाओं के कारण दिनभर लू जैसे हालात बने रहे। 8 साल बाद फिर 47 डिग्री पहुंचा तापमान खजुराहो मौसम विभाग में पदस्थ आरएस परिहार ने बताया कि इससे पहले मई 2018 में तापमान 49 डिग्री के करीब पहुंचा था। करीब 8 साल बाद मई महीने में तापमान फिर 47 डिग्री तक पहुंचा है। उन्होंने बताया कि इस समय 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे लू का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में अगले तीन दिनों तक हीट वेव का असर बना रहेगा। हालांकि इस दौरान मौसम बदलने के संकेत भी हैं। तेज आंधी के साथ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) द्वारा सूबेदार एवं उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2025 की मुख्य परीक्षा के दूसरे चरण का परिणाम घोषित कर दिया गया है। इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत सीधी भर्ती के 500 पदों की परीक्षा हुई थी। परीक्षा परिणाम के आधार पर कुल 1639 अभ्यर्थियों का चयन आगामी चरणों के लिए किया गया है, जिनमें 473 महिला अभ्यर्थी तथा 1166 पुरुष उम्मीदवार शामिल हैं। कर्मचारी चयन मंडल, मध्यप्रदेश द्वारा दिनांक 29 अप्रेल 2026 तक प्रदेश के चार शहरों भोपाल, जबलपुर, सागर एवं सीधी में एमपी पुलिस सूबेदार एवं उपनिरीक्षक भर्ती मुख्य परीक्षा-2025 का आयोजन किया गया मंडल के अनुसार पूरी प्रक्रिया नियमों के आधार पर एवं पारदर्शिता के साथ पूरी कराई गई थी। फिजिकल टेस्ट, इंटरव्यू होंगे अब मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET), शारीरिक माप परीक्षण (PMT), साक्षात्कार, दस्तावेज सत्यापन तथा चिकित्सा परीक्षण के चरण आयोजित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आगामी चरणों की समय-सारणी, स्थान एवं प्रवेश पत्र से संबंधित सूचना अलग से जारी की जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से मंडल की आधिकारिक वेबसाइट का अवलोकन करते रहें, ताकि किसी भी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहें। साथ ही अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाईट पर ही भरोसा करें तथा भर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना से दूर रहें।
सीकर जिले की खाटू नगरी में ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वालों पर पुलिस ने सख्ती शुरु कर दी है। रींगस रोड पर 4 दिन पहले हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरु कर दी है। पुलिस ने 48 घंटों के अंदर 160 से ज्यादा वाहनों को जब्त किया है। गौरतलब है कि शुक्रवार को रींगस-खाटूश्यामजी मार्ग पर एक दर्दनाक हादसे में करीब 23 श्याम भक्त गंभीर से घायल हो गए थे। खाटूश्यामजी डीएसपी राव आनंद और सीआई पवन कुमार चौबे के नेतृत्व में पुलिस ने कस्बे के तोरण द्वार, रींगस रोड, मंडा मोड़ और मंदिर जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी की। इस दौरान आने-जाने वाले हर संदिग्ध और कमर्शियल वाहन की सघन चेकिंग की गई। DSP राव आनंद ने बताया कि पिछले 2 दिनों से जारी ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वाले 100 से अधिक बड़े सवारी वाहनों (मैक्स, जीप, बसें) और कस्बे में बेतरतीब दौड़ने वाले 60 ई-रिक्शाओं को डिटेन कर जब्त किया गया है। पुलिस ने कैपेसिटी से ज्यादा पैंसेंजर ले जाने वाले कमर्शियल वाहनों को मौके पर ही सीज किया गया। बिना परमिट, बिना फिटनेस और बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाली गाड़ियों तथा रींगस-खाटू रोड पर ओवरस्पीड गाड़ियों के चालान काटे। सीट बेल्ट और हेलमेट ना लगाने वालों पर पैनल्टी लगाई गई। DSP राव आनंद ने कहा कि खाटूधाम में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में उनकी सुरक्षित यात्रा हमारी पहली प्राथमिकता है। ट्रैफिक रुल्स तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद खाटूधाम की सड़कों पर ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि खाटू में बेतरतीब ई-रिक्शा और ओवरलोड वाहनों के कारण आए दिन हादसे और जाम की स्थिति बन जाती है।
कोटा ग्रामीण पुलिस को अंतर्राज्यीय मोटरसाइकिल चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। इटावा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कोटा ग्रामीण, बारां, सवाई माधोपुर, जयपुर और मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में सक्रिय बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में दो शातिर चोर और एक खरीददार सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं विभिन्न थाना क्षेत्रों से चोरी की गई 10 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों और आम रोड पर सुनसान जगहों को निशाना बनाते थे। आरोपी खड़ी मोटरसाइकिलों को चोरी कर उनकी नंबर प्लेट हटाकर मध्यप्रदेश में सस्ते दामों पर बेच देते थे। गिरफ्तार आरोपियों में पवन मीणा, रोहित उर्फ सुदामा मीणा और आरिफ उर्फ राजा शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब 13 मई 2026 को इटावा निवासी हरिशंकर गुर्जर ने भूमी विकास बैंक के पास खड़ी अपनी बाइक चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद इटावा थाना पुलिस ने विशेष टीम का गठन किया। साइबर सेल की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी। लगातार निगरानी और पीछा करने के बाद गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से स्प्लेंडर और एचएफ डीलक्स मॉडल की कुल 10 बाइक बरामद की हैं, जिनकी चोरी के मामले कोटा ग्रामीण, बारां, सवाई माधोपुर, जयपुर और श्योपुर के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनसे अन्य कई वारदातों के खुलासे होने की संभावना है। इस कार्रवाई में इटावा थाना पुलिस, साइबर सेल और एमओबी टीम की अहम भूमिका रही।
जोधपुर जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर लाखों रुपये के आभूषण चोरी करने वाली एक अंतरराज्यीय गैंग का महज 48 घंटे में पर्दाफाश किया है। जीआरपी एसपी केवलराम ने बताया कि इस मामले में दिल्ली की एक गैंग की दो शातिर महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 38 लाख रुपये कीमत के 21 तोला सोने और 200 ग्राम चांदी के गहने बरामद किए गए हैं। बैग में रखे स्टील के डिब्बे से उड़ाए गहने मूलतया नागौर के डेगाना में रेवंत निवासी इंद्रसिंह ने इस घटना को लेकर जीआरपी थाने में रिपोर्ट दी थी। इसके अनुसार, वे अपनी माताजी के साथ जोधपुर से गांव जाने के लिए रेलवे स्टेशन आए थे। उनकी माताजी के पास एक बैग था, जिसमें स्टील के एक गोल डिब्बे में उनकी पत्नी के करीब 215 ग्राम सोने और 200 ग्राम चांदी के आभूषण रखे हुए थे। जब वे ट्रेन के जनरल कोच में चढ़ रहे थे, तभी भीड़ का फायदा उठाकर चोरी-छिपे बैग से आभूषणों से भरा डिब्बा पार कर लिया गया। रिपोर्ट मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण और स्पेशल टीम का एक्शन मामले की गंभीरता को देखते हुए जीआरपी थानाधिकारी मुक्ता पारीक के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में जीआरपी जोधपुर के हेड कांस्टेबल जेठाराम, कांस्टेबल रीडमल सिंह, मोहनलाल, राजूराम व महिला कांस्टेबल पूजा सहित जीआरपी चौकी डेगाना प्रभारी एएसआई पूनाराम, कांस्टेबल रामचन्द्र, महिला कांस्टेबल सुगना और आरपीएफ के तेजपाल सिंह व राजकुमार यादव को शामिल किया गया। चूंकि आरोपी पूरी तरह अज्ञात थे, इसलिए टीम ने ट्रेनों में विशेष गश्त बढ़ाई और तकनीकी पहलुओं का सूक्ष्मता से विश्लेषण कर इस गैंग की पहचान की और दो संदिग्ध महिलाओं को पकड़ा। गेट पर रोककर चकमा देने का शातिर तरीका इनसे पूछताछ में सामने आया कि यह गैंग रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर वारदातें करती है। इनका काम करने का तरीका बेहद शातिर है। ट्रेन के आगमन पर कोच में चढ़ते समय या टिकट खिड़की पर भीड़ का फायदा उठाकर गैंग की एक महिला सदस्य किसी महिला यात्री को ट्रेन में चढ़ने से रोक कर रखती है। इसी दौरान गैंग की दूसरी महिला सदस्य चोरी-छिपे उस यात्री के बैग की तलाशी लेकर उसमें रखे गहने व कीमती सामान पार कर देती है। इस घटना में भी आरोपियों ने परिवादी की माताजी को कोच में चढ़ते समय रोका और मौका पाकर डिब्बा निकाल लिया। दिल्ली से ऑपरेट कर रहीं महिलाएं गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में दिल्ली पश्चिम के नांगलोई रेलवे स्टेशन के पास झुग्गी झोपड़ पट्टी निवासी ज्योति (33) पत्नी संतोष फूलमाली को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही, दिल्ली उत्तर पश्चिम के जलेबी चौक सुल्तानपुरी निवासी ज्योतीबेन उर्फ जया (35) पत्नी धरमभाई चुड़ासमा को भी पकड़ा गया है, जो मूल रूप से गुजरात के भावनगर (पालीताना) की रहने वाली है। दोनों आरोपी महिलाएं वर्तमान में दिल्ली में रहकर देशभर में चोरी की वारदातों को अंजाम देती हैं। इन दोनों के खिलाफ दिल्ली के आजाद नगर, लाल किला, एम्स सफदरगंज और करोल बाग थानों में पहले से ही चोरी के कई प्रकरण दर्ज हैं। इन आभूषणों की हुई बरामदगी पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 7 तोला वजन की एक जोड़ी सोने की हथफूल, आधा तोला की रखड़ी, 2 तोला के एरण पत्ता (कान के), 2 तोला का शीशफूल, 1 तोला की चेन, चार अंगूठियां, 3 ग्राम की नथ, 32 मोतियों का मंगलसूत्र (1 तोला), 1.5 तोला का एक सेट, आधा तोला का पेंडल और 1 तोला की चीक सहित कुल 21 तोला सोने के गहने और 2 चांदी की अंगूठियां (कुल 200 ग्राम चांदी) बरामद की हैं।
मुरैना की बानमौर पुलिस ने अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से अवैध हथियार और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही कार जब्त की है। फिलहाल आरोपी से हथियारों के नेटवर्क को लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि कार क्रमांक DL 4C/EA/4000 झांसी से दिल्ली की ओर जा रही है और उसमें अवैध हथियार रखे हुए हैं। सूचना मिलते ही बानमौर गांव के पास चेकिंग प्वाइंट लगाया गया। जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेज रफ्तार से कार लेकर भाग निकला। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर बिजली घर के पास कार को पकड़ लिया। कार की तलाशी में मिले हथियार पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से एक 32 बोर की रिवॉल्वर, दो पिस्टल, मैग्जीन और दो कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने आरोपी सनत दुबे को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी उत्तर प्रदेश के वीरांगना नगर, झांसी का निवासी बताया गया है। थाना प्रभारी दीपेंद्र यादव ने बताया कि अवैध हथियार तस्करी की सूचना पर कार्रवाई की गई थी। उन्होंने बताया कि चेकिंग और घेराबंदी के बाद कार और चालक को पकड़ा गया। कार से अवैध हथियार बरामद हुए हैं और आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
अर्धनग्न हालात में मिला युवक का शव:मैहर में कटनी रोड पर बारात घर के सामने पड़ा था, पहचान नहीं हो पाई
मैहर जिले में सोमवार शाम कटनी रोड पर एक बारात घर के पास एक युवक की लाश मिली। मातेश्वरी ट्रेडर्स के सामने शव पड़ा देख दुकानदारों ने तुरंत पुलिस को खबर दी, जिसके बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस को शव अर्धनग्न हालत में मिला है। मृतक के हाथ में पीले रंग का धागा और गले में सफेद धागा बंधा हुआ है, साथ ही उसने मेहंदी रंग का फुल लोवर पहना हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मर्चुरी में रखवा दिया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस मृतक की शिनाख्त के लिए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी चेक की जा रही है। मौत किन वजहों से हुई है, इसका पता लगाने की कोशिश भी जारी है। पुलिस की अपील मैहर पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर हुलिए या कपड़ों के आधार पर कोई इस युवक को पहचानता है, तो तुरंत कोतवाली थाना मैहर में जानकारी दें। पहचान होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कासगंज में गैंगस्टर और हिस्ट्रीशीटर कुलदीप पांडे पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की गई है। जिला मजिस्ट्रेट Pranay Singh ने सोमवार को उसे निरुद्ध किए जाने का आदेश पारित किया। गढ़ी हरनाठेर, थाना ढोलना निवासी कुलदीप पांडे पर किसान हितों की आड़ में दहशत और अराजकता फैलाने के आरोप हैं। उसके खिलाफ महिला उत्पीड़न, दलित उत्पीड़न, लूट, डकैती, जमीन कब्जाने और अवैध वसूली जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। पुलिस के अनुसार अभियुक्त अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। इससे लोक व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा प्रभावित हो रही थी। आरोप है कि वह अक्सर सड़क जाम और अन्य अव्यवस्थाएं उत्पन्न कर जनजीवन बाधित करता था। व्यापारियों और ग्रामीणों में था भय पुलिस के मुताबिक कुलदीप पांडे की गतिविधियों के चलते गढ़ी हरनाठेर, गढ़ी पचगाई समेत जिले के व्यापारी वर्ग और आम लोगों में भय का माहौल बना हुआ था। कासगंज के पुलिस अधीक्षक O. P. Singh ने जिलाधिकारी को रासुका के तहत कार्रवाई की संस्तुति भेजी थी। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद आदेश प्रशासन के अनुसार मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला मजिस्ट्रेट ने 18 मई 2026 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कुलदीप पांडे को निरुद्ध करने का आदेश जारी किया।
अलवर पुलिस की साइबर अपराधों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में “ऑपरेशन साइबर संग्राम 2.0” के तहत 20 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी जाहुल को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराकर करीब 20 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ठगी में शामिल था। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया कि ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत वैशाली नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जाहुल पुत्र हनीफ खान निवासी बंजीरका को गिरफ्तार किया। मामले में पहले ही पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी और म्यूल बैंक खाते खुलवाकर साइबर ठगी की रकम खातों से निकलवाकर ठगों तक पहुंचाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार एंड्रॉयड मोबाइल, तीन सिम कार्ड, एक क्रेटा कार और जियो राउटर बरामद किया है।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र में कोर्ट रोड के पास स्थित पानी की टंकी पर युवाओं द्वारा जानलेवा स्टंट करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर खतरनाक स्टंट करते नजर आ रहे हैं। मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सुबह और शाम के समय आधा दर्जन से अधिक युवक रोज पानी की टंकी पर पहुंच जाते हैं। यहां वे रील बनाते हैं, स्टंट करते हैं और शोर-शराबा करते हैं। लोगों का कहना है कि कई युवक आसपास रहने वाले लोगों पर टिप्पणी भी करते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई निवासियों के अनुसार, इस संबंध में कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से युवाओं का जमावड़ा लगातार बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने युवकों की हरकतों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। समाजसेवी बोले- जान जोखिम में डाल रहे युवक समाजसेवी प्रमोद कुमार ने कहा कि युवक अपनी जान को खतरे में डाल रहे हैं। उनकी हरकतों से आसपास के लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने प्रशासन से मामले का तत्काल संज्ञान लेने, युवाओं पर कार्रवाई करने और पानी की टंकी की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छिंदवाड़ा जिले के उमरानाला चौकी क्षेत्र में देर रात हुए हमला और तोड़फोड़ के मामले ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है। सोमवार को कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे और सौंसर विधायक विजय चौरे पीड़ित परिवार के साथ पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के दौरान 50 से अधिक लोग गाड़ियों में भरकर आए थे। उन्होंने घर में घुसकर जमकर तोड़फोड़ की और एक युवक पर जानलेवा हमला किया। कांग्रेस नेताओं ने आरोपियों पर बलवा सहित गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग उठाई। मुलाकात के दौरान पुलिस अधीक्षक ने मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही पीड़ित पक्ष से जांच में सहयोग करने की बात कही। विधायक बोले- कई आरोपी अब भी फरार सौंसर विधायक विजय चौरे ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई आरोपी अब भी फरार हैं और पुलिस उन पर सख्ती नहीं दिखा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के झंडे लगी गाड़ियों से आए लोगों ने घटना को अंजाम दिया। विजय चौरे ने कहा-भाजपा शासन में गुंडों के हौसले इतने बुलंद हो गए हैं कि वे खुलेआम घरों में घुसकर तोड़फोड़ और जान लेने की कोशिश कर रहे हैं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने भी पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “हम कोई मामूली लोग नहीं हैं। मैं कांग्रेस का जिला अध्यक्ष हूं और ये विधायक हैं। पुलिस को सूचना देने के बाद भी हमें गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो हम पुलिस के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाएंगे।” फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
गुप्त वृन्दावन धाम में गर्मियों की छुट्टियों के दौरान बच्चों को भारतीय संस्कृति और वैदिक संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य से ‘कल्चर कैंप’ का शुभारम्भ सोमवार से किया गया। कैंप का पहला बैच शुरू हो चुका है, जिसमें बच्चे अगले 15 दिनों तक विभिन्न वैदिक कलाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कैंप का उद्देश्य नई पीढ़ी के चरित्र निर्माण के साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़े रखना है। इस दौरान बच्चों को धार्मिक थिएटर, कीर्तन, भगवद गीता के श्लोक, वैदिक आर्ट एवं क्राफ्ट, ड्राइंग, पेंटिंग और कुकिंग जैसी गतिविधियाँ सिखाई जाएंगी। कैंप की विशेषता यह है कि बच्चों को हरे कृष्ण महामंत्र का जाप करना भी सिखाया जाएगा, जिससे वे आध्यात्मिक और धार्मिक जीवन की ओर प्रेरित हो सकें। कैंप में बच्चों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियां सुनाई जाएंगी और धार्मिक वीडियो भी दिखाए जाएंगे, जो उनके व्यक्तित्व और चरित्र निर्माण में सहायक होंगे। इसके साथ ही बच्चों को जयपुर के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों की यात्रा भी करवाई जाएगी। यह कल्चर कैंप कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों के लिए आयोजित किया गया है। कैंप का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित किया गया है। साथ ही कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क ‘पुरुषोत्तम कैंप’ का आयोजन भी किया जा रहा है।
हरदोई में लापता युवक का शव बाग में मिला:परिजनों ने आत्महत्या बताया, पुलिस जांच में जुटी
हरदोई में घर से लापता हुए एक युवक का शव अगले दिन सोमवार की दोपहर एक बाग में फंदे से लटका मिला। युवक की पहचान सुरसा थाना क्षेत्र के म्योनी गांव निवासी 30 वर्षीय मनोज कुशवाहा के रूप में हुई है। परिजनों ने इसे आत्महत्या बताया है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, मनोज कुशवाहा रविवार दोपहर अपने घर से लापता हो गया था। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन वह नहीं मिला। सोमवार दोपहर गांव के उत्तर दिशा में स्थित एक बाग में मनोज का शव रस्सी से फंदे पर लटका हुआ पाया गया। शव मिलने की सूचना पर बाग में भीड़ जमा हो गई। मनोज कुशवाहा पुत्र रघुनाथ मजदूरी का काम करता था। उसके तीन भाई थे, जिनमें से एक की पहले ही बीमारी से मौत हो चुकी थी। पारिवारिक समस्याओं के कारण मनोज ने शादी नहीं की थी। मनोज के भाई अमर सिंह ने बताया कि मनोज ने आत्महत्या की है, लेकिन उन्होंने आत्महत्या का कारण नहीं बताया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर शहर के कानपुर साउथ मैदान पर सोमवार से 14वीं जेएनटी (JNT) अंडर-12 क्रिकेट लीग का शानदार आगाज हो गया। उद्घाटन समारोह में एडीसीपी डॉ. अर्चना सिंह और ओमान क्रिकेट टीम के उपकप्तान विनायक शुक्ला। विनायक मूल रूप से कानपुर के ही रहने वाले हैं और अपने बचपन के दिनों में वे खुद जेएनटी के इसी जूनियर टूर्नामेंट में बतौर खिलाड़ी चौके-छक्के लगाया करते थे। आज उसी मंच पर मुख्य अतिथि बनकर लौटे विनायक ने कहा,जिस मैदान पर कभी मैं खिलाड़ी बनकर खेलता था, आज वहां मेहमान बनकर आना मेरे लिए कभी न भूलने वाला पल है। पहला मैच:गोल्डी मसाले XI ने SNK XI को 68 रनों से धोया, आर्यन बने हीरो टूर्नामेंट का पहला मुकाबला गोल्डी मसाले XI और SNK XI के बीच 25-25 ओवर का खेला गया। गोल्डी मसाले XI के कप्तान युवराज यादव ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया। टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए 25 ओवर में 6 विकेट खोकर 198 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा किया। हर्ष गुप्ता ने 50 गेंदों पर 47 रनों की संभली हुई पारी खेली। 199 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी SNK XI की टीम गोल्डी मसाले के गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी। पूरी टीम 25 ओवर में 8 विकेट खोकर केवल 130 रन ही बना पाई। गोल्डी मसाले XI ने यह मैच 68 रनों के बड़े अंतर से जीत लिया। गोल्डी मसाले के आर्यन यादव को उनकी तूफानी पारी (29 गेंद में 47 रन, 7 चौके, 2 छक्के) के लिए 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। दूसरा मैच: सिग्मा ग्रिपलॉक के गेंदबाजों का कहर, स्वास्तिक इंटरनेशनल को 70 रन पर समेटा दिन का दूसरा मुकाबला सिग्मा ग्रिपलॉक XI और स्वास्तिक इंटरनेशनल XI के बीच हुआ। स्वास्तिक इंटरनेशनल ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। बल्लेबाजी करने उतरी सिग्मा ग्रिपलॉक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पूरी टीम 20.1 ओवर में 116 रनों पर ही सिमट गई। टीम की ओर से राहुल राज सिंह ने सबसे ज्यादा 34 रन बनाए। लगा कि 117 रनों का टारगेट स्वास्तिक इंटरनेशनल आसानी से हासिल कर लेगी, लेकिन कहानी में अभी ट्विस्ट बाकी था। सिग्मा ग्रिपलॉक के गेंदबाजों ने ऐसी घातक गेंदबाजी की कि स्वास्तिक इंटरनेशनल के बल्लेबाज तू चल मैं आया की तर्ज पर पवेलियन लौट गए। पूरी टीम महज 16 ओवर में 70 रनों पर ऑलआउट हो गई। सिग्मा ग्रिपलॉक ने यह मैच 46 रनों से जीत लिया। घातक गेंदबाजी और बेहतरीन प्रदर्शन के लिए माधव बाजपेयी को 'मैन ऑफ द मैच' के अवॉर्ड से नवाजा गया।
आगर मालवा में नीट परीक्षा पेपर लीक मामले के विरोध में सोमवार रात जिला कांग्रेस कमेटी ने मशाल जुलूस निकाला। यह जुलूस पुराने बस स्टैंड से शुरू होकर विजय स्तंभ चौराहे तक पहुंचा, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता गुड्डू लाला ने कहा कि पिछले 10-12 सालों में देश की कई बड़ी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे करोड़ों छात्रों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई परीक्षाओं में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया गुड्डू लाला ने आगे कहा कि सिर्फ नीट ही नहीं, बल्कि पटवारी भर्ती, रेलवे, पुलिस भर्ती, यूपीपीएससी और एमपीपीएससी जैसी परीक्षाओं में भी लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं को नौकरी देने के बजाय परीक्षा सिस्टम में गड़बड़ी फैलाकर छात्रों से सिर्फ पैसा कमा रही है। सख्त कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेताओं ने मांग की है कि नीट परीक्षा मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और छात्रों के हक में एक पारदर्शी और निष्पक्ष व्यवस्था बनाई जाए। जुलूस के आखिर में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना विरोध जताया।
लखीमपुर खीरी में कार 30 फीट गहरी खाई में गिरी:पेड़ पर लटकी रही, एक ही परिवार के छह लोग सुरक्षित
लखीमपुर खीरी के पलिया दुधवा टाइगर रिजर्व के किशनपुर प्रवेश द्वार के पास रविवार देर रात एक सड़क हादसा हुआ। जन्मदिन समारोह से लौट रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर करीब 30 फीट गहरी खाई में जा गिरी। कार एक पेड़ में फंसकर हवा में लटक गई, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और इसमें सवार एक ही परिवार के छह लोग सुरक्षित बच गए। यह घटना रात करीब 10 बजे किशनपुर गेट के पास हुई। कार में एक ही परिवार के छह सदस्य सवार थे, जो मैलानी से एक जन्मदिन समारोह में शामिल होकर लौट रहे थे। चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद कार खाई में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस तथा वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व की गश्ती टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। खाई गहरी होने और कार के पेड़ पर फंसे होने के कारण बचाव अभियान में काफी कठिनाई हुई। वन कर्मियों और ग्रामीणों के संयुक्त प्रयास से कार में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि सभी घायल खतरे से बाहर हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यदि पेड़ कार को सहारा नहीं देता तो यह हादसा और भी गंभीर हो सकता था। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
हाथरस में पैसेंजर ट्रेन से ट्रैक्टर-ट्रॉली टकराई:एक यात्री गंभीर घायल, 20 मिनट तक बाधित रहा ट्रैक
हाथरस में सोमवार शाम मथुरा से कासगंज जा रही एक पैसेंजर ट्रेन पूर्वोत्तर रेलवे ट्रैक पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। यह हादसा गांव रतनगढ़ी के पास हुआ, जिसमें ट्रेन में सवार एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। शाम 6:47 बजे मथुरा से कासगंज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन जब गांव रतनगढ़ी के निकट पहुंची, तो रेलवे ट्रैक के समानांतर चल रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली उससे टकरा गई। ट्रैक्टर-ट्रॉली में निर्माण संबंधी सामान लदा हुआ था। टक्कर के बाद चालक ट्रैक्टर छोड़कर मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में हसायन निवासी यात्री पुष्पेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। कुछ अन्य यात्रियों को भी मामूली चोटें आईं। घायल पुष्पेंद्र कुमार को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और अन्य रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। दुर्घटना के कारण ट्रेन लगभग 20 मिनट तक घटनास्थल पर रुकी रही, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। अधिकारियों ने 20 मिनट बाद ट्रेन को कासगंज की ओर रवाना किया और रेलवे ट्रैक को सुचारू कराया। आरपीएफ ट्रैक्टर-ट्रॉली के फरार चालक का पता लगाने में जुटी है।
राष्ट्रीय प्रताप गौरव केंद्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं बाल विकास आयोग की ओर से “राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार 2026” समारोह हुआ। कार्यक्रम में सेवा, समर्पण और साहस के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि युवा उद्यमी पंकज शंकर कुलरिया थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने की। समारोह में मानव सेवा, पर्यावरण, कला, विज्ञान सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 31 व्यक्तियों को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वहीं, उदयपुर में आयोजित जी-20 कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले 21 पुलिस जवानों का भी विशेष सम्मान किया गया। संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोविंद जांगिड़ ने कहा कि संस्थान मानवाधिकार संरक्षण और बाल विकास के क्षेत्र में लगातार कार्य करता रहेगा। उन्होंने बताया कि 11 निराश्रित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके बेहतर भविष्य की जिम्मेदारी भी संस्थान ने उठाई है। समारोह उत्साह, सम्मान और सामाजिक सरोकारों के संदेश के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, यूपी विधानसभा के पूर्व विशेष सचिव सी.पी.शर्मा, राजस्थान फाउंडेशन दुबई चैप्टर के अध्यक्ष अमराराम चुयल, पूर्व विशेषाधिकारी फारुख आफरीदी, विधायक ताराचंद जैन, पूर्व राज्य मंत्री असरार अहमद, जिला न्यायाधीश संजय भटनागर आदि मौजूद थे।
आशा भोंसले के सदाबहार गीतों पर झूम उठा शहर:ग्रोइंग वर्ल्ड फाउंडेशन क्लब का म्यूजिकल ट्रिब्यूट आयोजित
मेरठ में ग्रोइंग वर्ल्ड फाउंडेशन क्लब द्वारा स्वर कोकिला आशा भोंसले को समर्पित एक म्यूजिकल ट्रिब्यूट कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम मारवाड़ी भोज, मेट्रो प्लाजा में संपन्न हुआ। सांस्कृतिक संध्या में क्लब सदस्यों ने आशा भोंसले के सदाबहार गीतों पर प्रस्तुतियां दीं। इसमें गीत, संगीत और नृत्य शामिल थे। चीनू ने 'ओ हसीना', अनिता ने 'पिया तू', नीता-ज्योति ने 'दम मारो दम', निधि-अनिता ने 'कजरा मोहब्बत वाला' और हिमानी ग्रुप ने 'जानेमन-जानेमन' गीत प्रस्तुत किए। रूपाली-कामना ने 'उड़े जब तेरी जुल्फें', सिया-अंजलि ने 'एक मैं और एक तू', पूनम सिंघल-संगीता ने 'एक परदेसी मेरा दिल ले गया' और दीपा-सुषमा ने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे' पर प्रस्तुति दी। आंचल ने 'कोई शहरी बाबू', नीरज ने 'सलाम-ए-इश्क' और नीतू ने 'झुमका गिरा रे' गीतों पर भी प्रस्तुतियां दीं। मधु एवं लता बंसल ने शायरी प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान साड़ी पैकिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने भाग लिया। मंच संचालन कनिका गोयल एवं क्षमा शर्मा ने किया। प्रीति भारती, निशा, पारुल, नीता एवं सोनू ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग दिया। सदस्यों ने तंबोला खेला और मई माह में जन्मदिन वाले क्लब मेंबर्स का केक काटकर जन्मदिन मनाया। कार्यक्रम का समापन स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ हुआ।
देवरिया में ट्रांसफार्मर फटा, तेज धमाके से दहशत:गोरखपुर ओवरब्रिज के पास हादसा, लोग बाल-बाल बचे
देवरिया में सोमवार रात गोरखपुर ओवरब्रिज के पास एक विद्युत ट्रांसफार्मर तेज धमाके के साथ फट गया। इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग दहशत में आ गए। विस्फोट के बाद क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। हालांकि, गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। यह ट्रांसफार्मर रामलीला मैदान स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र से गोरखपुर रोड क्षेत्र को बिजली आपूर्ति करता है। यह ओवरब्रिज, आसपास के मोहल्लों और बाजार क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण था। रात करीब आठ बजे अचानक ट्रांसफार्मर तेज आवाज के साथ फटा और उसमें आग लग गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदार तुरंत अपनी दुकानों से बाहर निकल आए। ट्रांसफार्मर के पास मौजूद लोग और वाहन चालक अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कई लोगों ने जल्दबाजी में अपने वाहन भी वहां से हटाए। घटनास्थल के पास महुआडीह, गौरीबाजार, बैतालपुर और हाटा रूट का बस स्टैंड होने के कारण उस समय वहां काफी भीड़ थी। धमाके के बाद कुछ देर के लिए भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि दिन में भी इसी स्थान पर लगा एक अन्य ट्रांसफार्मर चिंगारी छोड़ते हुए जल गया था। इसके बाद शाम को नया ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन वह भी करीब दो घंटे बाद ही तेज धमाके के साथ जल उठा। सूचना मिलते ही बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और तत्काल क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। उपखंड प्रथम के अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मर पूरी तरह जल गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही नया ट्रांसफार्मर लगवाकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां सोमवार को एक सगे पिता पर अपनी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। जानकारी के अनुसार आरोपी मोहते पुत्र छोटे अपनी बेटी को उसकी बुआ के घर से वापस लेकर आ रहा था। आरोप है कि रास्ते में उसने शराब पी रखी थी। गांव के पास पहुंचने पर आरोपी बेटी को गन्ने के खेत में ले गया और वहां उसके साथ हैवानियत की। घटना के बाद आरोपी बच्ची को घर लेकर पहुंच गया और किसी को कुछ नहीं बताया। परिजनों के अनुसार बच्ची जब घर पहुंची तो वह काफी डरी-सहमी दिखाई दे रही थी। उसके शरीर पर खरोंच के निशान देखकर मां को शक हुआ। मां ने जब बेटी से पूछताछ की तो वह रोने लगी और पूरी घटना बताई। बेटी की आपबीती सुनकर परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद मां ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कमलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी पिता मोहते को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा तथा मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। बाद में आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी सिधौली विशाल गुप्ता ने बताया कि मां की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल कराया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटना के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नर्मदापुरम जिले के माखननगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम फुरतला में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला सामने आया है। सोमवार दोपहर उनका शव घर में संदिग्ध हालत में मिला। घटना का खुलासा तब हुआ, जब भतीजा उन्हें खाना देने घर पहुंचा। पुलिस के मुताबिक मृतका की पहचान रामबाई राजपूत के रूप में हुई है। वह घर में अकेली रहती थीं। जानकारी के अनुसार भतीजा सुनील राजपूत खाना देने घर पहुंचा। बाहर का दरवाजा बंद था। काफी आवाज लगाने के बाद भी जब रामबाई बाहर नहीं आईं तो वह अंदर गया और कमरे का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने धक्का देकर दरवाजा खोला। अंदर रामबाई जमीन पर पड़ी मिलीं। इसके बाद ग्राम कोटवार और पड़ोसियों को सूचना दी गई। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची। गला दबाकर हत्या की आशंका माखननगर थाना प्रभारी आकाशदीप पचाया और एएसआई वीरेंद्र शुक्ला पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने देखा कि बुजुर्ग महिला के कपड़े बिखरे हुए थे और मुंह की ऊपर-नीचे की बत्तीसी चिपकी हुई थी। प्रारंभिक जांच में गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। एफएसएल और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। शाम को एएसपी अभिषेक राजन ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पति की हो चुकी थी मौत, अकेली रहती थी महिला पुलिस के अनुसार रामबाई के पति दशरथ राजपूत की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। उनके कोई संतान नहीं थी। परिवार के कई भतीजे हैं, लेकिन जो भतीजा उनके साथ रहता था, वह इन दिनों तीर्थ यात्रा पर गया हुआ है। इसी कारण रामबाई घर में अकेली रह रही थीं। पुलिस को आशंका है कि घर से कुछ रकम भी गायब हुई है। मृतका के नाम करीब 5 एकड़ जमीन और मकान है। ऐसे में पुलिस जमीन-जायदाद के विवाद को भी हत्या की वजह मानकर जांच कर रही है। एसपी सांई कृष्णा एस थोटा ने बुजुर्ग महिला की हत्या की पुष्टि करते हुए बताया कि अज्ञात आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
हरदोई मंडी समिति में सरकारी गेहूं खरीद के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मंडी सचिव कार्यालय के ठीक बाहर सरकारी पीसीएफ की बोरियों में निजी तौर पर खरीदा गया गेहूं भरा जा रहा था, जिसके बाद हड़कंप मच गया। शिकायत मिलने पर सदर एसडीएम मयंक कुंडू ने पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान मौके से करीब 450 से 500 सरकारी बोरियां बरामद की गईं। इनमें से कई बोरियों पर पीसीएफ की सील लगी थी, जो वर्ष 2026-27 की नई सरकारी बोरियां बताई जा रही हैं। मंडी समिति परिसर के अंदर सरकारी गेहूं क्रय केंद्र संचालित हैं, जहां किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा जाना चाहिए। वहीं, मंडी में निजी आढ़ती किसानों से लगभग 2350 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीद रहे थे। इसी मूल्य अंतर को इस पूरे खेल की जड़ माना जा रहा है। आरोप है कि निजी व्यापारियों द्वारा सस्ते दामों में खरीदा गया गेहूं सरकारी बोरियों में भरकर सरकारी खरीद के नाम पर खपाया जा रहा था। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकारी क्रय केंद्रों से महज कुछ दूरी पर इतनी बड़ी संख्या में सरकारी बोरियां निजी लोगों तक कैसे पहुंचीं। नियमों के अनुसार, सरकारी बोरियों का इस्तेमाल केवल सरकारी खरीद केंद्रों पर ही किया जा सकता है। इसके बावजूद, मंडी परिषद कार्यालय के बाहर खुलेआम सरकारी बोरियों में गेहूं भरने का काम चलता रहा और जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। ऐसे में मंडी समिति अधिकारियों, क्रय केंद्र प्रभारियों और निजी व्यापारियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। छापेमारी के दौरान मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग फरार हो गए। बरामद गेहूं पर किसी भी व्यापारी ने दावा नहीं किया। प्रशासन ने सभी बोरियों को मंडी सचिव की सुपुर्दगी में रखवा दिया है। एसडीएम मयंक कुंडू ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। मार्केटिंग विभाग की ओर से तहरीर तैयार की जा रही है और पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।
NTA द्वारा कराई गई NEET परीक्षा 2026 के पेपर लीक होने के बाद परीक्षा रद्द कर दी गई। इसके बाद पूरे देश में विरोध हो रहा है। इसी क्रम में NSUI ने सोमवार को काशी विद्यापीठ से भारत माता मंदिर तक जाने के लिए कैंडल मार्च एवं मशाल जुलूस निकाला। लेकिन मौके पर पहुंची सिगरा पुलिस ने छात्रों और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं को कैंपस में ही रोक दिया। जिसके बाद NSUI के कार्यकर्ता और छात्रों ने गेट पर ही बैठकर NTA और MHRD मिनिस्टर धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया। देखें मशाल जुलूस की चार तस्वीरें… शर्म की बात लगातर हो रहे पेपर लीक NSUI के ऋषभ पांडेय ने कहा - हम सभी ने आज NTA के विरोध में शांतिपूर्वक तरीके से निकाला था मशाल जुलूस और श्रद्धांजलि कैंडिल मार्च लेकिन उसे भी पुलिस के दम पर रोक दिया गया। देश के शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के लिए यह शर्म की बात है कि लगातर पेपर लीक हो रहा है। और हमें उसका विरोध नहीं करने दिया जा रहा है। हम सभी लोगो ने इसके बाद गेट पर ही धरना दिया है। ऋषभ पांडेय ने कहा - हमसे कहा जा रह परमिशन नहीं है। क्या श्रद्धांजलि सभा के लिए भी परमिशन लेनी पड़ती है। CBI करे निष्पक्ष जांच एनएसयूआई के ऋषभ पांडेय ने कहा - NEET परीक्षा में हुए पेपर लीक ने देश के करोड़ों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। छात्र सालों मेहनत करते हैं। लेकिन भ्रष्ट व्यवस्था उनकी मेहनत को बर्बाद कर रही है। छात्रों ने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराई जाए तथा दोषियों पर कठोर कार्रवाई हो। कार्यक्रम में दिवंगत छात्र ऋतिक मिश्रा को श्रद्धांजलि दी गयी। NSUI ने उठाई चार मांग इस दौरान NSUI के छात्रों को सिगरा पुलिस ने विद्यापीठ विश्वविद्यालय के कैंपस में ही रोक दिया और उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया। इसपर ऋषभ पांडेय ने इस तानाशाही रवैया बताया। इस दौरान पदाधिकारियों ने सरकार से चार मांग किया। इसमें NEET पेपर लीक की CBI जांच हो। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए। पीड़ित छात्रों को न्याय एवं मुआवजा दिया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने हेतु ठोस व्यवस्था बनाई जाए।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मेरठ में तैनात जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) मनीष बिसारियां पर गंभीर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद CMO मेरठ ने मामले को गंभीर मानते हुए उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है और प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है। इसके साथ ही कार्यालय को भी सील कर दिया गया है मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार संज्ञान में आए प्रकरण के अनुसार मनीष बिसारियां द्वारा NHM के अंतर्गत जनपद स्तर पर MBBS चिकित्सकों की भर्ती में 4 से 5 लाख रुपये तथा आयुष चिकित्सकों की भर्ती में 2 से 3 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जा रही थी। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर BPM के माध्यम से कर्मचारियों के नवीनीकरण के नाम पर धन उगाही, डूडा के जरिए वार्ड बॉय और स्वीपर की नियुक्ति में 50 हजार से 1 लाख रुपये तक लेने, कर्मचारियों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली और महिला कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। आरोपों में यह भी कहा गया है कि संबंधित अधिकारी वाहन संबंधी टेंडरों में सहभागिता करने के साथ-साथ नौकरी के दौरान ठेकेदारी के कार्यों में भी संलिप्त थे। मामले का संज्ञान लेते हुए CMO मेरठ ने 17 मई को मनीष बिसारियां से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा था। वहीं 18 मई 2026 को अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, मिशन निदेशक NHM लखनऊ और अपर निदेशक मेरठ मंडल को पूरे मामले की सूचना भेज दी गई। विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. सुधीर कुमार, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी मेरठ को DPMU कार्यालय सील कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मनीष बिसारियां को अग्रिम आदेशों तक किसी भी शासकीय कार्य से दूर रहने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी कोई भी राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़ा कार्य नहीं करेंगे। अब जिला प्रशासन की ओर से FIR दर्ज कराने को लेकर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप आपराधिक न्याय प्रणाली को मजबूत करने और अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के उद्देश्य से निदेशक अभियोजन, उत्तर प्रदेश, ललित मुदगल ने जनपद बलिया का आधिकारिक दौरा किया। जनपद मुख्यालय पहुंचने पर अभियोजन अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। इस दौरे के दौरान, उन्होंने अभियोजन कार्यालय में जनपद के समस्त शासकीय अधिवक्ताओं (डीजीसी, एडीजीसी) और अभियोजन अधिकारियों (एसपीओ, एपीओ) के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। निदेशक ने पॉक्सो (POCSO), दुष्कर्म और महिलाओं से संबंधित अन्य गंभीर अपराधों में प्रभावी पैरवी कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने का निर्देश दिया। उन्होंने गवाहों की सुरक्षा और समय की बचत के लिए पीड़ितों, डॉक्टरों और पुलिस कार्मिकों की गवाही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से कराने पर विशेष जोर दिया। ललित मुदगल ने स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी विचारण प्रक्रिया के दौरान फरार हो जाता है, तो कानून के नए प्रावधानों के तहत ट्रायल रुकेगा नहीं, बल्कि कोर्ट की कार्यवाही निरंतर चलती रहेगी। उन्होंने गैंगस्टर एक्ट, गोवध निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में बिना किसी शिथिलता के कड़ी पैरवी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शासन की मंशा के अनुरूप चिह्नित माफियाओं और गंभीर वादों के निस्तारण का विवरण मुख्यमंत्री (सीएम) डैशबोर्ड पर तत्काल और त्रुटिहीन तरीके से फीड करने के निर्देश दिए गए। छल-कपट और आर्थिक धोखाधड़ी के माध्यम से अर्जित संपत्ति वाले मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई कर पीड़ितों का पैसा वापस कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने को भी कहा गया। बैठक में संयुक्त निदेशक अभियोजन दिनेश त्रिपाठी, जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह, ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी पी.एन. स्वामी और सहायक अभियोजन अधिकारी वीरपाल सिंह सहित अन्य एडीजीसी, लोक अभियोजक और सहायक अभियोजन अधिकारी उपस्थित रहे। निदेशक ने सभी शासकीय अधिवक्ताओं व अधिकारियों के साथ एक-एक कर लंबित वादों और पैरवी की स्थिति की गहन समीक्षा की।
सिवनी जिले की कांहीवाड़ा पुलिस ने प्राणघातक चाकूबाजी के मामले में सोमवार दोपहर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और दो मोटरसाइकिलें भी बरामद की हैं। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सिवनी पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक मिश्रा के निर्देशन में की गई। एसडीओपी आशीष भराड़े ने बताया कि कांहीवाड़ा थाने में राजेश उर्फ गोलू ऐरपाचे (निवासी सिद्ध बाबा मोहल्ला, जामुनटोला) ने 17 मई 2026 को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राजेश ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि 14 मई की रात वह अपने साथी सतीश उर्फ बब्बू कुंजाम (निवासी लुंगसा) के साथ ग्राम कटेगांव में एक बारात में शामिल होने गए थे। बारात के दौरान मजाक में गाली देने को लेकर अज्जू नामक युवक और उसके तीन साथियों से उनका विवाद हो गया था। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने उस समय मामला शांत करा दिया था। ऐसे दिया घटना को अंजाम बारात से लौटते समय, ग्राम मेहरापिपरिया बाजार चौक के पास दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए चारों आरोपियों ने राजेश और सतीश की बाइक रोक ली। उन्होंने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने चाकू से सतीश उर्फ बब्बू कुंजाम के पेट में हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। राजेश घटना से घबराकर वहां से भाग गया और अपनी ससुराल में छिप गया। बाद में उसने हिम्मत जुटाकर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अपराध क्रमांक 156/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान बारात में शामिल लोगों से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान थाना कुरई क्षेत्र के निवासियों के रूप में हुई। पूछताछ में चारों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 25 आर्म्स एक्ट भी जोड़ी गई है। शिनाख्तगी की कार्यवाही लंबित होने के कारण पुलिस ने फिलहाल आरोपियों के नाम-पते सार्वजनिक नहीं किए हैं।
मिर्जापुर बनेगा बिजली उत्पादन का हब:सरकार ने दी मंजूरी, करोड़ों की परियोजनाएं होंगी शुरू
उत्तर प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए मिर्जापुर जिले को एक प्रमुख विद्युत उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जिले में प्रस्तावित तापीय और पम्प्ड स्टोरेज विद्युत परियोजनाओं से उत्पादित बिजली के सुचारु पारेषण के लिए 2799.47 करोड़ रुपये की लागत से उपकेंद्र और पारेषण लाइन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के तहत, 1315.91 करोड़ रुपये की लागत से पुलिंग उपकेंद्र और संबंधित संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। वहीं, बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विद्युत पारेषण लाइनों पर 1483.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस पहल से आने वाले वर्षों में प्रदेश की ऊर्जा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। मड़िहान क्षेत्र के ददरी खुर्द गांव में अडानी समूह द्वारा 1600 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। लगभग 18,300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस प्लांट की पहली 800 मेगावाट यूनिट से सितंबर 2028 तक बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य है। पहली यूनिट के छह माह बाद दूसरी यूनिट से भी उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। इसके अतिरिक्त, जिले में चार बड़े पम्प्ड स्टोरेज पावर प्लांट भी प्रस्तावित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 3480 मेगावाट होगी। ये परियोजनाएं मिर्जापुर को ऊर्जा क्षेत्र में एक नई पहचान देंगी। इनमें कटरा गांव में अवाड़ा ग्रुप द्वारा 630 मेगावाट क्षमता का प्लांट 4410 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जाएगा। कालू पट्टी में रेन्यू कंपनी 3350 करोड़ रुपये की लागत से 600 मेगावाट क्षमता का प्लांट लगाएगी। बबुरा रघुनाथ सिंह गांव में ईस्ट इंडिया पेट्रोलियम 3946 करोड़ रुपये की लागत से 850 मेगावाट का पम्प्ड स्टोरेज प्लांट स्थापित करेगा। वहीं, बबुरा गांव में ही रेन्यू कंपनी 4100 करोड़ रुपये की लागत से 800 मेगावाट क्षमता का एक और पम्प्ड स्टोरेज प्लांट स्थापित करेगी।
कोटपूतली क्षेत्र में मंगलवार को दो घंटे बिजली कटौती की जाएगी। 220 केवी जीएसएस कोटपूतली पर मरम्मत और रखरखाव कार्य के चलते भैंसलाना और बिठलोदा के सभी 11 केवी फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। सहायक अभियंता जीएसएस राहुल शर्मा ने बताया कि यह कटौती सुबह 07:30 बजे से 09:30 बजे तक रहेगी। इस दौरान 33 केवी भैंसलाना फीडर की सप्लाई बंद रहेगी। इसके परिणामस्वरूप, 33 केवी जीएसएस भैंसलाना और बिठलोदा से जुड़े सभी 11 केवी फीडरों पर दो घंटे के लिए बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
सोनभद्र में कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ और पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा की अध्यक्षता में सर्राफा व्यापारियों, बुलियन कारोबारियों, राज्य कर विभाग के अधिकारियों और सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ते दबाव और सोने के आयात में संतुलन बनाए रखने पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि भारत विश्व के प्रमुख स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है। प्रतिवर्ष सोने के आयात पर बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। उन्होंने मौजूदा अंतरराष्ट्रीय युद्ध, वैश्विक अस्थिरता और डॉलर की बढ़ती मांग का उल्लेख किया। इन परिस्थितियों के कारण आयात लागत में निरंतर वृद्धि हो रही है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव उत्पन्न हो रहा है। जिलाधिकारी ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि बताया। जिलाधिकारी ने अपील की कि बुलियन (सोना-चांदी की ईंट और बिस्कुट) की अनावश्यक खरीद-बिक्री तथा निवेश को सीमित किया जाए। इससे सोने के आयात में कमी लाकर विदेशी मुद्रा की बचत की जा सकती है, जिससे देश की आर्थिक मजबूती और अधिक सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी बताया कि बीते कुछ वर्षों में स्वर्ण की कीमतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। सर्राफा व्यापारियों और एसोसिएशन प्रतिनिधियों ने प्रशासन की अपील का स्वागत करते हुए राष्ट्रहित में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने बताया कि सोनभद्र जनपद में अधिकांश व्यापार स्वर्ण एवं रजत आभूषणों की खरीद-बिक्री पर आधारित है, जहाँ उपभोक्ता पुरानी ज्वेलरी के बदले नई ज्वेलरी खरीदते हैं। व्यापारियों ने स्पष्ट किया कि स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर बुलियन व्यापार नहीं किया जाता है और वे सदैव शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते रहे हैं। उन्होंने आम जनमानस को भी अनावश्यक बुलियन निवेश से बचने हेतु जागरूक करने का आश्वासन दिया। बैठक के दौरान जिलाधिकारी द्वारा व्यापारियों को आश्वस्त किया गया कि प्रशासन द्वारा व्यापारिक गतिविधियों के सुचारु संचालन, सुरक्षा व्यवस्था एवं आवश्यक प्रशासनिक सहयोग को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही सभी व्यापारियों से अपेक्षा की गई कि वे शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए आर्थिक स्थिरता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।
लखनऊ विवि में अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस:एससी बाग संग्रहालय खुला, 500 से अधिक लोग पहुंचे
लखनऊ विश्वविद्यालय में रविवार को अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय दिवस पर विशेष आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय 'एस.सी. बाग संग्रहालय' को आम जनता के लिए खोला गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन ईआईएसीपी कार्यक्रम केंद्र, इंस्टीट्यूट ऑफ वाइल्डलाइफ साइंसेज और प्राणी विज्ञान विभाग के सहयोग में किया गया । संग्रहालय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक खुला रहा। आगंतुकों ने यहां संरक्षित जीव-जंतुओं, दुर्लभ प्राकृतिक नमूनों और जैव विविधता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियों को करीब से देखा। पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में जानकारी दी कार्यक्रम का उद्घाटन ईआईएसीपी कार्यक्रम केंद्र की समन्वयक डॉ. अमिता कनौजिया ने किया। इस दौरान ईआईएसीपी के कर्मचारी, विद्यार्थी और शोधार्थी भी उपस्थित थे। संग्रहालय भ्रमण के दौरान, आगंतुकों को वन्यजीव संरक्षण, प्राकृतिक विरासत और पर्यावरण संतुलन के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विद्यार्थियों ने संग्रहालय में प्रदर्शित नमूनों को देखकर उत्साह व्यक्त किया और इसे एक ज्ञानवर्धक अनुभव बताया। आयोजकों के अनुसार, इस कार्यक्रम में लगभग 500 विद्यार्थियों, शोधार्थियों और आम नागरिकों ने हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को संग्रहालयों के शैक्षिक, वैज्ञानिक और संरक्षण संबंधी महत्व से जोड़ना तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
उज्जैन में युवक की फावड़े से हत्या:घास में खून से सना शव मिला; अकेले रहकर मजदूरी करता था
उज्जैन के मुरलीपुरा में एक युवक की हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल टीम के साथ जांच शुरू की। महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने बताया कि सोमवार शाम मुरलीपुरा क्षेत्र में घास के बीच खून से सना शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो आसपास के लोगों ने मृतक की पहचान 35 वर्षीय मुकेश नायक के रूप में की। मुकेश मजदूरी करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी और वह इलाके में अकेले रहकर भूसा भरने का काम करता था। शव पर फावड़े से हमला किए जाने के निशान मिले हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल मृतक के परिजनों की जानकारी जुटाकर उन्हें सूचना दी जा रही है।
फर्रुखाबाद के लोहिया अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में सोमवार को डिप्टी सीएमओ आरसी माथुर ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने रक्तदाताओं का रक्त लेने से पहले उनकी तत्काल जांच करने के निर्देश दिए। ब्लड बैंक के संचालन को लेकर जिलाधिकारी को शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने शिकायत मिलने पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) से सात दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। इसी क्रम में सोमवार दोपहर बाद डिप्टी सीएमओ आरसी माथुर लोहिया अस्पताल पहुंचे और सीधे सीएमएस से मुलाकात की। इसके बाद डिप्टी सीएमओ ने सीएमएस के साथ ब्लड बैंक का निरीक्षण किया। उन्होंने अभिलेखों की जांच की और कर्मचारियों से रक्त संग्रह प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। पूछताछ के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि रक्तदाताओं का रक्त पहले ले लिया जाता है और उनकी जांच बाद में की जाती है। इस पर डिप्टी सीएमओ ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि रक्तदाताओं की रैपिड जांच पहले की जाए। उन्होंने एचआईवी, एचबी और एचबीएस सहित अन्य आवश्यक जांचें रक्त लेने से पूर्व ही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही रक्त संग्रहित किया जाए। निरीक्षण के दौरान माथुर ने यह भी पूछा कि यदि किसी रक्तदाता की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो उसे सूचित किया जाता है या नहीं। कर्मचारियों ने बताया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को फोन के माध्यम से जानकारी दी जाती है। डिप्टी सीएमओ ने रजिस्टर में नाम दर्ज करने और महत्वपूर्ण जानकारियां लाल पेन से अंकित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कहीं रक्तदान शिविर आयोजित किए जाएं, वहां भी रक्तदाताओं की जांच पहले सुनिश्चित की जाए, ताकि सुरक्षित रक्त संग्रह की प्रक्रिया का पालन हो सके।
लखीमपुर खीरी में लापता कालीचरण यादव की तलाश को लेकर परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया है। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मैगलगंज ओवरब्रिज पर प्रदर्शन करने के लिए औरंगाबाद चौराहे से रवाना हुए। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया। प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों के वाहनों को रास्ते में ही रोक दिया। इसके बाद परिजन और ग्रामीण पैदल ही मैगलगंज की ओर बढ़ने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें ओवरब्रिज से लगभग 500 मीटर पहले ही रोक लिया। इस दौरान ग्रामीणों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस प्रशासन ने लोगों को प्रदर्शन न करने के लिए समझाने का प्रयास किया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। इसमें क्षेत्राधिकारी मितौली, मैगलगंज थाना पुलिस, कई थानों की अतिरिक्त फोर्स, पीएसी जवान, फायर ब्रिगेड टीम और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में बदल दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कालीचरण यादव के लापता होने के बाद से प्रशासन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं तलाश पाया है। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। परिजन युवक की जल्द बरामदगी की मांग कर रहे हैं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाने का प्रयास किया और स्थिति को नियंत्रण में रखने की कोशिश की। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया ने छत्तीसगढ़ में 10वीं और 12वीं कक्षा में 85% से ज्यादा अंक लाने वाले 200 मेधावी बच्चों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम मैग्नेटो मॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने बच्चों को सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि ये बच्चे आगे चलकर डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर और साइंटिस्ट बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। देखिए तस्वीरें बच्चों को सम्मान देकर खुश हुए ललित जैसिंघ सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें बच्चों को सम्मानित करने का मौका मिला। कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके माता-पिता भी मौजूद थे और सभी के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। इस मौके पर मोटिवेशनल स्पीकर अलक्षेन्द्र मोगरे और शिक्षाविद डॉ. जवाहर सूर्यशेटी, डॉ. आर. श्रीधर और डॉ. श्रीपाली जैन ने बच्चों को करियर और पढ़ाई से जुड़ी जरूरी सलाह दी। साथ ही उन्होंने बच्चों की काउंसलिंग भी की और उन्हें आगे बढ़ने के टिप्स दिए। इस अवसर पर सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ, महामंत्री सुनील कुकरेजा, युवा विंग अध्यक्ष जीतू लोहाना, महिला विंग अध्यक्ष काजल सचदेव, महामंत्री महक होतवानी, चेयरमैन नीता कुकरेजा, रितेश वाधवा और धनेश मटलानी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन अनिल ज्योतसिंघानी ने किया।
बूंदी पुलिस ने चंबल नदी में प्रतिबंधित बजरी खनन और उसके अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए एक व्यापक रणनीति अपनाई है। जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा ने बताया कि यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत उठाए गए हैं। इस रणनीति के तहत चंबल नदी के संवेदनशील और चिन्हित क्षेत्रों में 16 आधुनिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जाएंगे। इन कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निरंतर निगरानी रखी जाएगी, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। अवैध बजरी परिवहन को रोकने के लिए चार प्रमुख स्थानों पर स्थायी चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। इनमें माधोराजपुरा चौराहा, अरनेठा चौराहा थाना केशवरापाटन, हांडिया खेड़ा थाना काप्रेन और पीपली चौराहा थाना लाखेरी शामिल हैं। इन चेक पोस्टों पर प्रत्येक संदिग्ध वाहन की बारीकी से जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, दो पेट्रोलिंग यूनिट भी लगातार सघन गश्त करेंगी। चंबल नदी को क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है, और इसमें अवैध बजरी खनन से नदी के प्राकृतिक स्वरूप, जलस्तर तथा आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। बूंदी पुलिस अवैध खनन से पर्यावरण और जैव-विविधता को होने वाले गंभीर नुकसान के बारे में लोगों को लगातार जागरूक भी कर रही है।
उन्नाव के अचलगंज थाना क्षेत्र में सोमवार शाम जेएस इंटरनेशनल फैक्ट्री, बंथर के पीछे झाड़ियों में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और उसकी शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम करीब पांच बजे अचलगंज थाना पुलिस को झाड़ियों में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मृतक की पहचान नहीं हो सकी। मृतक की उम्र लगभग 40 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस का अनुमान है कि शव करीब तीन से चार दिन पुराना है, जिसमें सड़न भी शुरू हो गई थी। प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने घटनास्थल की बारीकी से जांच की और आसपास के इलाकों में पूछताछ शुरू की है। साथ ही, पुलिस आसपास के थानों में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्टों का भी मिलान कर रही है ताकि मृतक की पहचान सुनिश्चित की जा सके। प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश शुक्ला ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल, पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। अचलगंज थाना पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक की पहचान के लिए आसपास के जिलों की पुलिस को भी सूचना भेजी जा रही है। यदि किसी गुमशुदगी की सूचना हुलिए से मेल खाती है, तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने टॉप-10 मेधावी छात्रों को किया सम्मानित:ललितपुर में कहा- आत्मविश्वास से कोई लक्ष्य असंभव नहीं
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले टॉप-10 छात्र-छात्राओं को सोमवार शाम सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया, जहां जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने मेडल और शील्ड प्रदान कर विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावक और शिक्षक भी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने मेधावी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह सम्मान केवल उनकी सफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि जनपद के हजारों विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर उनके भविष्य के सपनों, करियर, लक्ष्यों और रुचियों के बारे में जानकारी ली। डीएम ने उन्हें प्रशासनिक सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, शिक्षा, तकनीक, शोध और सामाजिक सेवा सहित अनेक क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण की भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चीज आत्मविश्वास है। यदि विद्यार्थी यह सोच लें कि 'मैं कर सकता हूँ', तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं रह जाता। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और समय का सदुपयोग आवश्यक है। जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि इस महत्वपूर्ण पड़ाव पर उन्हें अपने फैसले स्वयं लेने की क्षमता विकसित करनी चाहिए। इसके लिए गंभीरता से अध्ययन करना, अच्छे वातावरण में रहना और लक्ष्य के प्रति समर्पित होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते समय अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें, लेकिन यदि किसी परीक्षा में अपेक्षित परिणाम न भी आएं तो निराश या अवसादग्रस्त नहीं होना चाहिए, क्योंकि कोई एक परीक्षा जीवन का अंतिम सत्य नहीं होती। जीवन में आगे बढ़ने और सफल होने के अनेक अवसर हमेशा मौजूद रहते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलुओं से भी अवगत कराया। जिलाधिकारी ने कहा कि इंटरनेट विद्यार्थियों के लिए ज्ञान सीखने और करियर निर्माण का एक बड़ा माध्यम है, लेकिन उसका गलत उपयोग समय और प्रतिभा दोनों को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए तकनीक का प्रयोग शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने अभिभावकों को भी महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि इस संवेदनशील आयु में माता-पिता को बच्चों के मित्र की भूमिका निभानी चाहिए, ताकि बच्चे बिना संकोच अपनी समस्याएं और भावनाएं साझा कर सकें। उन्होंने कहा कि परिवार का सहयोग और विश्वास ही बच्चों को सही दिशा देता है तथा उन्हें भटकाव से बचाता है।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी शेषनाथ चौहान, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ इम्तियाज अहमद, जिला विद्यालय निरीक्षक ओपी सिंह, जिला सूचना अधिकारी डीएस दयाल, मेधावी छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद उदयपुर में बीएन यूनिवर्सिटी में विद्या प्रचारिणी सभा (वि.प्र.सभा) का ऑफिस दोबारा खुल गया है और नियमित काम-काज भी शुरू कर दिया गया है। सभा पदाधिकारियों ने कहा कि संस्था को बदनाम करने और भ्रामक प्रचार फैलाने वालों के खिलाफ अब कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। संस्थान के सचिव और प्रबंध निदेशक का कार्यालय दोबारा सोमवार से खुल गए। दफ्तर खुलते ही प्रशासनिक और मैनेजमेंट से जुड़े सभी काम-काज सामान्य रूप से शुरू हो गए हैं। ऑफिस खुलने के बाद वि.प्र. सभा की कार्यकारिणी के साथ-साथ 40 सदस्यों का एक दल सचिव डॉ. महेंद्र सिंह आगरिया से मिलने पहुंचा। इस मुलाकात के दौरान सदस्यों ने सचिव के साथ कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की। सदस्यों ने संस्थान को लेकर फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार पर चिंता जताई। बाहरी लोग दैनिक कार्यों में क्यों दे रहे हैं दखल उन्होंने सचिव से पूछा कि कोर्ट का फैसला आने के बाद भी कुछ बाहरी लोग, जो संस्थान के सदस्य नहीं हैं, वे दैनिक कार्यों में क्यों दखल दे रहे हैं ? सदस्यों ने साफ कहा कि 103 साल पुराने प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान की छवि को सोशल मीडिया पर खराब करना बिल्कुल भी ठीक नहीं है। कुछ समय के लिए दफ्तर को अस्थाई रूप से किया था बंद इस पर सचिव डॉ. महेंद्र सिंह आगरिया ने स्थिति साफ की। उन्होंने सदस्यों को बताया कि संस्थान का माहौल शांतिपूर्ण बनाए रखने और जरूरी सरकारी कागजातों को सुरक्षित रखने के लिए दफ्तर को कुछ समय के लिए अस्थाई रूप से बंद किया गया था। हालांकि, इस दौरान भी संस्थान के स्कूलों और कॉलेजों में एडमिशन, परीक्षा और पढ़ाई का काम बिल्कुल नहीं रुका और सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा। इसके बाद यह दल संस्थान के कार्यवाहक अध्यक्ष प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत से भी मिला। सदस्यों ने अध्यक्ष से मांग की है कि कॉलेज और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल अच्छा बनाए रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। साथ ही जो बाहरी लोग संस्थान का नाम खराब करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ पुलिस और प्रशासन की मदद लेकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस बैठक में कार्यसमिति के संयुक्त मंत्री राजेंद्र सिंह ताणा, वित्त मंत्री शक्तिसिंह कारोही, कार्यकारिणी सदस्य करण सिंह उमरी, हनुमंत सिंह बोहेड़ा, नवल सिंह जूड, महेंद्र सिंह पाखंड, कमलेश्वर सिंह कच्छेर, महेंद्र सिंह पाटिया, गोवर्धन सिंह कोठारिया, भंवर सिंह साकरिया खेड़ी, गजेन्द्र सिंह घटियावली, भवानी सिंह रूपनगर, रघुवीर सिंह मदारा, भीम सिंह ताणा, नरेन्द्र सिंह राठौड़, अर्जुन सिंह देसुरी, हर्षवर्धन सिंह बनकोडा, दिलीप सिंह खौड़, नटराज सिंह कारोही, चंद्रवीर सिंह करेलिया, मयूर प्रताप सिंह राणावत, हनुवंत सिंह राठौड़, परीक्षित सिंह राठौड़, हरिओम सिंह मदारा, दिलीप सिंह ओलादर, महेंद्र सिंह सोलंकी, हरिओम सिंह झाला और अतीत सिंह भाटी मुख्य रूप से मौजूद रहे। ---------------- ये खबर भी पढ़ें… बीएन यूनिवर्सिटी में एडहॉक कमेटी ने संभाला कार्यभार:चेयरमैन युवराज सिंह झाला समेत कई सदस्य पहुंचे, कहा - विद्या प्रचारिणी सभा के जल्द होंगे चुनाव उदयपुर में बीएन संस्थान में विद्या प्रचारिणी सभा की कार्यकारिणी को लेकर चल रहे विवाद के बीच एडहॉक कमेटी ने कार्यभार संभाला। हाईकोर्ट के फैसले के दूसरे दिन शनिवार को चेयरमैन युवराज सिंह झाला ने बीएन संस्थान पहुंचकर कार्यभार ग्रहण किया। (पूरी खबर पढ़ें…)
जगराओं शहर के आत्म नगर इलाके में सोमवार दोपहर उस वक्त दहशत फैल गई, जब मानसिक तनाव से जूझ रहे एक युवक ने अपने ही घर को आग के हवाले कर दिया। पारिवारिक कलह और पत्नी के छोड़कर जाने के डिप्रेशन में युवक ने ऐसा खौफनाक कदम उठाया कि घर के अंदर रखा बेड, सोफा, अलमारी, कीमती कपड़े और अन्य सारा घरेलू सामान चंद मिनटों में जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गया। आरोपी का गुस्सा यहीं शांत नहीं हुआ उसने घर के अंदर खड़ी परिवार की एलांट्रा (Elantra) कार में भी जमकर तोड़फोड़ की। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और धुएं का गुबार देख पड़ोसियों ने तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचित किया। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर तो काबू पा लिया लेकिन तब तक घर का सारा कीमती सामान स्वाहा हो चुका था। दो साल पहले छोड़ गई थी पत्नी,तब से रहता था परेशान जानकारी के अनुसार घर को आग लगाने वाले युवक की पहचान आत्म नगर निवासी सरबजीत सिंह के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक सरबजीत की पत्नी शहर की ही एक निजी अकादमी में अध्यापिका के तौर पर कार्यरत थी। सरबजीत के बुरे व्यवहार से तंग आकर करीब दो साल पहले वह उसे छोड़कर अपने दोनों बच्चों को साथ लेकर हमेशा के लिए मायके चली गई थी। बताया जा रहा है कि पत्नी और बच्चों के जाने के बाद से सरबजीत गहरे मानसिक तनाव में रहने लगा था और अक्सर हिंसक हरकतें करता था। सोमवार दोपहर इसी तनाव के चलते उसने पूरे घर को आग लगा दी। मां के छलके आंसू: बेटा रोज करता था मारपीट,पुलिस ने नहीं सुनी गुहार सरबजीत की मां ने अपने ही बेटे पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि वह अक्सर उनके साथ भी बेरहमी से मारपीट करता था। उन्होंने बताया कि इस प्रताड़ना से बचने के लिए उन्होंने कुछ समय पहले एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता को बाकायदा लिखित शिकायत भी सौंपी थी लेकिन पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मां का कहना है कि उनकी शिकायत विभिन्न अधिकारियों के दफ्तरों में बस घूमती रही लेकिन समस्या जस की तस बनी रही। अगर पुलिस समय रहते शिकायत पर एक्शन लेती तो शायद आज उनका घर राख होने से बच जाता। पुलिस ने आरोपी को किया राउंडअप, जांच शुरू दिनदहाड़े आगजनी की सूचना मिलते ही बस स्टैंड चौकी के जांच अधिकारी (ASI) बलराज सिंह अपनी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और बेकाबू स्थिति को संभाला। पुलिस ने आरोपी सरबजीत सिंह को मौके से ही पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। एएसआई बलराज सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम से आत्म नगर में आग लगने की सूचना मिली थी जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है। अगर सरबजीत की मां की ओर से बेटे के खिलाफ लिखित शिकायत दी जाती है तो उसके आधार पर तुरंत उचित कानूनी कार्रवाई कर मामला दर्ज किया जाएगा।
बाड़मेर में घरेलू सामान लेकर गांव जाने के दौरान अचानक बोलेरो में आग लग गई। तीन युवकों ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस दौरान वहां से गुजर रहे पानी टैंकर ने पानी गिराकर आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान दोनों तरफ ट्रैफिक जाम हो गया। घटना बाड़मेर शहर के निर्माणाधीन गडरारोड ओवरब्रिज के नीचे की है। सूचना मिलने पर नगर परिषद की फायर ब्रिगेड पहुंची। आग पर काबू पाया। वहीं पुलिस व प्रशासन की टीम ने जली हुई गाड़ी को हटाकर साइड में करवाया और ट्रैफिक को शुरू करवाया गया। गांव जाते समय हुआ हादसामारूड़ी निवासी रज्जाक खान ने बताया- मैं और मेरे दो साथी बाड़मेर शहर से घरेलू सामान लेकर शाम को करीब 6 बजे गांव की तरफ जा रहे थे। चौहटन सर्किल से निर्माणाधीन गडरारोड ओवरब्रिज के नीचे पहुंचने पर बोलेरो से धुआ निकलने लगा। तभी हमने गाड़ी को वहीं पर रोक लिया और जल्दी से तीनों ने बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। इस दौरान वहां से गुजर रहे पानी के टैंकर के पानी से आग पर काबू पाया गया। कुछ देर बाद फायर ब्रिगेड भी पहुंची। तब जाकर आग पूरी तरह बुझाई जा सकी। गाडी में रखा घरेलू सामान को बाहर निकाला गया। गाड़ी का इंजन, टायर समेत पूरा हिस्सा जल गया। आग पर काबू पाने के बाद गाड़ी को ओवरब्रिज के नीचे से हटाकर ट्रैफिक को शुरू करवाया गया। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
सरगुजा में आईपीएल सट्टे के कारण कर्ज में डूबे एक व्यवसायी ने जहर सेवन कर लिया। युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। सोमवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। युवक लंबे समय से सट्टे पर दांव लगा रहा था। एक पखवाड़े में अंबिकापुर में सट्टे के कारण आत्महत्या करने की यह दूसरी घटना है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर के सद्भावना चौक निवासी आशीष जनरल स्टोर्स के संचालक आशीष गर्ग (43 वर्ष) ने रविवार को सल्फॉस खा लिया। उसे इलाज के लिए मिशन हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान रात को उसकी मौत हो गई। आशीष गर्ग को जानने वालों के अनुसार वह सट्टा खेलने का आदी था और एक करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबा था। नहीं मिला सुसाइड नोट, पहले भी आत्महत्या की कोशिश आशीष गर्ग सद्भावना चौक में पत्नी एवं दो बच्चों के साथ रहता था। उसकी आशीष जनरल स्टोर्स दुकान है। आशीष गर्ग के पिता प्रेमचंद गर्ग एवं एक बेटे का परिवार उनके साथ चांदनी चौक के पास कालोनी में निवास करते हैं। आशीष गर्ग के भाई ने बताया कि उसका व्यवसायी अच्छा नहीं चल रहा था। काफी कर्ज हो जाने के कारण उसे पिता ने भी पैसा दिया था। परिजनों के अनुसार एक बार पहले भी आशीष गर्ग ने कुएं में कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी, लेकिन वह संकरे कुएं में फंस गया था एवं उसे निकाल लिया गया था। पुलिस को जांच में उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। 10 दिनों में सुसाइड की दूसरी घटना अंबिकापुर में सट्टे के कारण सुसाइड की यह दूसरी घटना है। 8 मई को पुराना बस स्टैंड के पास अंश ड्राई फ्रूट्स दुकान के संचालक संदीप अग्रवाल (40 वर्ष) ने दुकान में सल्फॉस खा लिया। उसकी भी मौत हो गई थी। संदीप अग्रवाल ने दो सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें सट्टे के कारण लाखों रुपये का कर्ज होने की जानकारी दी थी। कोतवाली टीआई शशिकांत सिन्हा ने बताया कि परिवार के सदस्यों ने कर्ज के कारण आत्महत्या करने की जानकारी दी है। मामले की जांच की जा रही है। परिवार के लोगों ने सट्टा को लेकर कर्ज होने का बयान पुलिस के समक्ष नहीं दिया है।
कानपुर में तीन बार के भाजपा विधायक रहे और वर्तमान MLC सलिल विश्नोई सोमवार को व्हीलचेयर पर उर्सला अस्पताल पहुंचे। यहां उन्होंने एमएलसी निधि से बनी दो सीसी सड़कों का लोकार्पण किया। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों ने नारे लगाए- “आर्यनगर के काम अधूरे, सलिल विश्नोई करेंगे पूरे।” इसे आर्यनगर विधानसभा में उनकी संभावित दावेदारी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। उर्सला अस्पताल पहुंचे सलिल विश्नोई ने बताया कि 30 अप्रैल को उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया था, जिसके चलते वह जनता के बीच नहीं जा पा रहे थे। सोमवार को उनका चेकअप और एक्स-रे भी होना था। इसी दौरान उन्होंने अस्पताल परिसर में बनवाई गई सीसी सड़कों का लोकार्पण कार्यक्रम भी कर दिया। बोले- विवाद में विकास संभव नहीं सलिल विश्नोई ने कहा कि आर्यनगर क्षेत्र की मौजूदा स्थिति ठीक नहीं है और विवाद में कभी विकास नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पार्टी भविष्य में जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह 2007 और 2012 में आर्यनगर विधानसभा से विधायक रह चुके हैं, इसलिए क्षेत्र की जरूरतों और समस्याओं को बेहतर तरीके से समझते हैं। 22 लाख से ज्यादा की लागत से बनीं सड़कें लोकार्पण के दौरान दो सीसी सड़कों का उद्घाटन किया गया, जिनमें पहली- तीमारदारों के आने-जाने के लिए बनाई गई 30.50 मीटर लंबी सीसी सड़क, जिसकी लागत 9.5 लाख रुपए है। दूसरी-उर्सला इमरजेंसी के पास बनाई गई 90 मीटर लंबी सीसी सड़क, जिसकी लागत 12.72 लाख रुपये बताई गई है। कार्यक्रम में प्रकाश शर्मा, पार्षद अमित गुप्ता, अभिषेक गुप्ता (मोनू), मंडल अध्यक्ष दीपक शुक्ला समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मेरठ के रघुनाथ गर्ल्स पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में पुरातन छात्र समिति द्वारा वार्षिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कॉलेज की पूर्व छात्रा और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडी, राष्ट्रपति निवास शिमला की चेयरपर्सन डॉ. शशि प्रभा कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. शशि प्रभा कुमार ने कई वर्षों तक कुलपति के रूप में कार्य किया है और उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व माना जाता है। उन्होंने अपने संबोधन में छात्राओं को प्रेरित किया और महाविद्यालय से अपने गहरे जुड़ाव को व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शुभम त्यागी, शनिशि जैन और मुक्ता जैन ने किया। इस दौरान 1968 बैच की सबसे पुरानी छात्रा कामना बंसल को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर निवेदिता कुमारी के निर्देशन में प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। उत्सव में उपस्थित पुरातन छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इनमें कैटवॉक प्रमुख रहा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्राओं ने भाग लिया। प्रेरणा आहूजा और नीरज नटखट ने हरियाणवी नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि प्रोफेसर निशा मनीष, डॉ. रेनू कंबोज, दीपांजलि और लक्ष्मी ने विभिन्न गीतों पर नृत्य प्रदर्शन किया। निशा सक्सेना ने कठपुतली नृत्य से दर्शकों का मन मोहा। कैटवॉक के निर्णायक मंडल में संजीवनी महिला संस्थान की उपाध्यक्ष डॉ. बीना अग्रवाल और सचिव सीमा अग्रवाल शामिल थीं। संजीवनी महिला संस्थान ने महाविद्यालय की छात्राओं के लिए 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा भी की। यह राशि अगले सत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को प्रदान की जाएगी।
बिजली तार से टकराई मूंगफली लदी गाड़ी में लगी आग:दतिया में ग्रामीणों ने समय रहते बाल्टियों से बुझाई
दतिया में बसई थाना क्षेत्र में सोमवार शाम एक बड़ा हादसा टल गया। बसई-बरधुवा प्रधानमंत्री सड़क पर मूंगफली से भरी एक लोडिंग गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ देर के लिए सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने अपने घरों से पानी लाकर आग बुझाई, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। जानकारी के अनुसार यूपी UP 94 T 6517 लोडिंग वाहन मूंगफली भरकर झांसी की ओर जा रहा था। इसी दौरान बसई बस्ती से गुजरते समय वाहन में लदी मूंगफली ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों से टकरा गई। टकराते ही चिंगारी निकली और मूंगफली में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। बाल्टियों और डिब्बों से आग बुझाईघटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए बाल्टियों और डिब्बों में पानी भरकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। लोगों की तत्परता से आग पर जल्द काबू पा लिया गया। इससे वाहन और उसमें सवार लोगों की जान बच गई। आग लगने से गाड़ी में रखा कुछ सामान जरूर जल गया, लेकिन बड़ा नुकसान टल गया। ग्रामीणों ने बताया कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो लाखों रुपए का नुकसान हो सकता था। साथ ही आसपास रिहायशी इलाका होने से बड़ा हादसा भी हो सकता था। घटना के बाद एक बार फिर बसई क्षेत्र में फायर ब्रिगेड जैसी मूलभूत सुविधा नहीं होने का मुद्दा उठने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आग बुझाने के संसाधनों की व्यवस्था नहीं होने से हर बार लोगों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ता है।
पाली में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट पर शिवसेना शिंदे ग्रुप की ओर से प्रतीकात्मक अग्नि तपस्या कर विरोध प्रदर्शन किया गया। संगठन के जिला प्रमुख तखतगढ़ और जिला प्रवक्ता राजू देवासी दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धूप में बैठ गए और अग्नि तपस्या का बैनर लगाकर प्रदर्शन किया। उन्होंने बताया कि बांगड हॉस्पिटल में प्रसूताओं को जननी शिशु सुरक्षा योजना के तहत घर तक निशुल्क छोड़ने की व्यवस्था होती है। आरोप है कि डिस्चार्ज होने पर प्रसूताओं को हॉस्पिटल से घर तक निशुल्क नहीं छोड़ा जा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी इसको लेकर अनदेखी कर रहे है। डिलीवरी होने के बाद घर तक नहीं पहुंचाया जा रहा है। जबकि राज्य सरकार द्वारा प्रसूताओं को निशुल्क घर तक छोड़ने का बजट भी आवंटित होता है। उन्होंने कहा कि प्रसूताओं को घर तक नहीं छोड़ने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को परेशान होना पड़ रहा है। उनका कहना है कि हॉस्पिटल प्रबंधन इसको लेकर जल्द ही कोई पुख्ता कदम नहीं उठाता है तो वे प्रदर्शन करेंगे।
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने हाल ही में दिल्ली और गुजरात से पहली बार 182 करोड़ रुपए की ‘जिहादी ड्रग’ कैप्टागन की 227.7 किलोग्राम खेप पकड़ी थी। अब जांच में सामने आया है कि दिल्ली से पकड़ी गई दो लाख से ज्यादा गोलियां उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तैयार की गई थीं। NCB ने जब इस पूरे मामले में अवैध रूप से भारत में रह रहे सीरियाई नागरिक को गिरफ्तार किया और जांच को आगे बढ़ाया तो जांच देहरादून की ‘ग्रीन हर्बल’ फैक्ट्री तक पहुंची। ये वही फैक्ट्री है जिसपर पहले भी नकली दवाओं और साइकोट्रॉपिक मेडिसिन बनाने के मामले में कार्रवाई हो चुकी थी। एजेंसियों के मुताबिक फैक्ट्री मालिक ने 50 हजार रुपए प्रतिदिन किराए पर पूरा सेटअप सीरियाई नेटवर्क को दे दिया था। सूत्रों का दावा है कि यहां तैयार की जा रही ‘जिहादी ड्रग’ को दिल्ली के रास्ते विदेशों, खासकर मध्य-पूर्व देशों तक भेजा जा रहा था। कैप्टागन को ‘गरीबों का कोकीन’ भी कहा जाता है, क्योंकि इसका असर कोकीन जैसा होता है लेकिन यह उससे काफी सस्ती होती है। मध्य-पूर्व में सक्रिय आतंकी संगठनों और हथियारबंद गुटों में इसके इस्तेमाल के कई मामले सामने आ चुके हैं। जांच एजेंसियों को सहसपुर फैक्ट्री से 515 ग्राम कैप्टागन भी मिली है, जो कमर्शियल लिमिट से 25 गुना ज्यादा बताई जा रही है। दिल्ली से शुरू हुई जांच, देहरादून तक ऐसे पहुंची टीम पूरे ऑपरेशन की शुरुआत विदेशी ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी से मिली खुफिया सूचना से हुई थी। इनपुट मिला कि भारत के जरिए मध्य-पूर्व, खासकर सऊदी अरब में कैप्टागन भेजी जा रही है। इसके बाद NCB ने दिल्ली के नेब सराय इलाके में एक मकान को निगरानी में लिया। 11 मई को जब टीम ने वहां छापा मारा तो चपाती कटिंग मशीन के भीतर छिपाकर रखी गई 31.5 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट बरामद हुई। पूछताछ में पकड़े गए सीरियाई नागरिक अलाब्रास अहमद ने कई अहम जानकारियां दीं। एजेंसी को यहीं से पता चला कि सिर्फ सप्लाई नहीं, बल्कि ड्रग की मैन्युफैक्चरिंग भी भारत में हो रही थी। जांच की दिशा बदली और टीम देहरादून पहुंच गई। इसी पूछताछ और डिजिटल ट्रेल से एजेंसियों को सहसपुर स्थित ‘ग्रीन हर्बल’ फैक्ट्री के बारे में जानकारी मिली। जब NCB की टीम ने वहां छापा मारा तो अंदर का सेटअप देखकर अधिकारी भी चौंक गए। आयुर्वेदिक बोर्ड के पीछे चल रही थी ड्रग लैब फैक्ट्री के बाहर आयुर्वेद और हर्बल उत्पादों का बोर्ड लगा था, लेकिन अंदर पूरी टैबलेट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट सक्रिय थी। जांच में सामने आया कि जिस मशीनरी का इस्तेमाल पहले ट्रामाडोल और नकली दवाएं बनाने में हो रहा था, उसी का इस्तेमाल अब कैप्टागन तैयार करने में किया जा रहा था। एनसीबी देहरादून के क्षेत्रीय निदेशक देव आनंद के मुताबिक फैक्ट्री में टैबलेट मेकिंग, ग्रेनुलेशन और ब्लिस्टर पैकेजिंग की पूरी व्यवस्था मौजूद थी। ड्रग तस्करों को यहां तैयार सेटअप मिल गया था, इसलिए उन्हें नई लैब लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। जांच एजेंसियों का मानना है कि सीरियाई नेटवर्क के पास फॉर्मूला और केमिकल नॉलेज पहले से थी। उन्हें सिर्फ ऐसी जगह चाहिए थी, जहां बिना शक के बड़े पैमाने पर टैबलेट तैयार की जा सकें। 50 हजार रोज के लालच में सौंप दी फैक्ट्री पूछताछ में सामने आया कि फैक्ट्री मालिक ने महज 50 हजार रुपए प्रतिदिन किराये के लालच में पूरा सेटअप विदेशियों को उपलब्ध करा दिया। उसने यह जानने की कोशिश तक नहीं की कि आखिर वहां किस तरह की दवा या ड्रग बनाई जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार यह कोई छोटी यूनिट नहीं थी। यहां व्यवस्थित तरीके से ड्रग को टैबलेट फॉर्म में तैयार किया जा रहा था, ताकि उसे आसानी से अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए भेजा जा सके। माना जा रहा है कि दिल्ली से बरामद खेप भी यहीं तैयार हुई थी। 2024 की कार्रवाई के बाद भी नहीं टूटा नेटवर्क सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस फैक्ट्री पर पहले ही कार्रवाई हो चुकी थी, वहां दोबारा इतना बड़ा नेटवर्क कैसे खड़ा हो गया। दरअसल 6 दिसंबर 2024 को देहरादून पुलिस और खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की संयुक्त टीम ने इसी फैक्ट्री पर छापा मारा था। उस समय यहां ट्रामाडोल समेत साइकोट्रॉपिक दवाओं का अवैध स्टॉक मिला था। फैक्ट्री को सील कर मालिक को NDPS एक्ट के तहत जेल भेजा गया था। लेकिन कुछ ही महीनों बाद फैक्ट्री मालिक को जमानत मिल गई। उसने कानूनी प्रक्रिया के जरिए फैक्ट्री की सील भी खुलवा ली। यहीं से सिस्टम की सबसे बड़ी चूक सामने आती है। सील खुलने के बाद न तो लोकल पुलिस ने निगरानी की और न ही संबंधित विभागों ने जाकर दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन किया कि वहां क्या चल रहा है। NCB अधिकारियों का मानना है कि इसी प्रशासनिक ढील का फायदा उठाकर फैक्ट्री मालिक ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से हाथ मिला लिया। आखिर देहरादून को ही क्यों चुना गया जांच एजेंसियों के मुताबिक इसके पीछे कई वजहें थीं। पहली वजह उत्तराखंड का फार्मा नेटवर्क है। देहरादून, हरिद्वार और रुड़की लंबे समय से फार्मा और केमिकल गतिविधियों के बड़े केंद्र माने जाते हैं। यहां दवा उद्योग से जुड़े केमिकल और कच्चे माल की आवाजाही सामान्य बात है। ऐसे में संदिग्ध रसायनों की खरीद आसानी से छिपाई जा सकती थी। दूसरी वजह तैयार मशीनरी थी। दिल्ली जैसे बड़े शहर में इतनी बड़ी लैब चलाना जोखिम भरा था, जबकि सहसपुर की फैक्ट्री पहले से संदिग्ध गतिविधियों में इस्तेमाल हो चुकी थी। यहां उन्हें बिना अतिरिक्त निवेश के पूरा सेटअप मिल गया। तीसरी वजह स्थानीय निगरानी की कमजोरी मानी जा रही है। एजेंसियों का कहना है कि फैक्ट्री मालिक पहले से रडार पर होने के बावजूद दोबारा उसी परिसर में गतिविधियां शुरू कर सका। इससे साफ है कि लोकल इंटेलिजेंस और बीट पुलिसिंग पूरी तरह फेल रही। वीजा खत्म होने के बाद भी भारत में था सीरियाई मास्टरमाइंड जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार सीरियाई नागरिक नवंबर 2024 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। उसका वीजा दिसंबर में खत्म हो गया था, लेकिन वह भारत में ही रुका रहा। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान उसकी मुलाकात देहरादून के फैक्ट्री मालिक से हुई। एजेंसियों को शक है कि एक तरफ फैक्ट्री मालिक ने बेल मिलने के बाद अपना पुराना सेटअप दोबारा सक्रिय किया, वहीं दूसरी तरफ सीरियाई नेटवर्क ने वहां ड्रग निर्माण शुरू कर दिया। धीरे-धीरे यह यूनिट अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन का हिस्सा बन गई। मुंद्रा पोर्ट तक पहुंचा नेटवर्क दिल्ली और देहरादून कनेक्शन सामने आने के बाद NCB ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भी कार्रवाई की। 14 मई को कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन में एक संदिग्ध कंटेनर की जांच हुई। दस्तावेजों में इसे ‘भेड़ की ऊन’ से भरा बताया गया था, लेकिन अंदर से 196.2 किलोग्राम कैप्टागन पाउडर बरामद हुआ। एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क भारत को ट्रांजिट हब की तरह इस्तेमाल करना चाहता था। ड्रग यहां तैयार होती, फिर कंटेनर और कार्गो रूट्स के जरिए उसे मध्य-पूर्व भेजा जाता। कमर्शियल लिमिट से 25 गुना ज्यादा बरामदगी NCB के मुताबिक कैप्टागन की कमर्शियल क्वांटिटी 20 ग्राम मानी जाती है। लेकिन सहसपुर फैक्ट्री से करीब 515 ग्राम पाउडर और टैबलेट बरामद हुई, जो कमर्शियल लिमिट से 25 गुना ज्यादा है। इसके अलावा दिल्ली में पकड़ी गई भारी खेप को भी इसी फैक्ट्री से जोड़कर देखा जा रहा है। जांच एजेंसियों का कहना है कि ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल किए गए केमिकल और मिश्रण बेहद सटीक तरीके से तैयार किए गए थे। इससे साफ है कि नेटवर्क में प्रशिक्षित लोग शामिल थे। अब सिस्टम पर उठ रहे सवाल पूरे मामले ने उत्तराखंड के प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस फैक्ट्री पर पहले कार्रवाई हो चुकी थी, वहां दोबारा अंतरराष्ट्रीय ड्रग लैब चलती रही और किसी विभाग को भनक तक नहीं लगी। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन लोग जुड़े थे, किसके जरिए केमिकल मंगाए जा रहे थे और क्या भारत के अन्य राज्यों में भी ऐसी यूनिटें सक्रिय हैं। फिलहाल NCB हवाला नेटवर्क, विदेशी रिसीवर और फंडिंग चैन की भी जांच कर रही है।
वर्ल्ड म्यूजियम डे पर आम्रपाली म्यूजियम ने सोमवार से विशेष सेक्शन की शुरुआत की। अब दर्शकों को यहां ऑडियो-वीडियो अंदाज में ज्वेलरी की कहानी सुनाई देगी। यह बदलाव जेन-जी दर्शकों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस सेक्शन में पारंपरिक आभूषणों के साथ अनुष्ठानिक वस्तुएं, इत्र पात्र, पूजा सामग्री और दैनिक जीवन से जुड़ी दुर्लभ कलाकृतियां प्रदर्शित की गई हैं। यहां भारत के विभिन्न राज्यों, जनजातीय समुदायों और शाही घरानों से संकलित 4500 से अधिक दुर्लभ आभूषण, अलंकरण वस्तुएं और सांस्कृतिक धरोहरें संरक्षित हैं। लगभग 40 वर्षों तक देशभर के गांवों, कस्बों, रेगिस्तानी इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्राओं के दौरान इस अनमोल विरासत को एकत्र किया गया। इस सेक्शन में बनाई गई विशेष विष्णु प्रतिमा इंस्टॉलेशन और उसके साथ प्रस्तुत लाइट एंड साउंड शो ने दर्शकों को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ दिया। इसमें 10 अवतार की कहानी को बेहद ही रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया गया है। इसमें दिखाया गया कि अलग-अलग काल में किस तरह का श्रृंगार रहा है। आधुनिक तकनीक, प्रोजेक्शन आधारित स्टोरीटेलिंग और इमर्सिव प्रस्तुति के जरिए संग्रहालय ने इतिहास को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। फिल्मों में उपयोग की ज्वेलरी भी प्रदर्शित म्यूजियम में बॉलीवुड फिल्मों में उपयोग किए गए प्रसिद्ध आभूषणों का विशेष सेक्शन भी आकर्षण का केंद्र बना रहा। यहां भारतीय सिनेमा और पारंपरिक शिल्पकला के अद्भुत मेल को दर्शाया गया है। यहां बाहुबली के दोनों पार्ट और मणिकर्णिका फिल्म में उपयोग में लिए आभूषणों को भी प्रदर्शित किया गया है। कई दर्शक पहुंचे, महसूस की कला ‘ओपन डे’ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शहर के कला प्रेमी, इन्फ्लुएंसर्स, डिजाइनर्स और पर्यटक म्यूजियम पहुंचे, जहां उन्होंने भारत की समृद्ध आभूषण परंपरा, शिल्पकला और सांस्कृतिक विरासत को करीब से महसूस किया। राजीव अरोड़ा और राजेश अजमेरा की ओर से वर्ष 2018 में स्थापित आम्रपाली म्यूजियम आज देश के सबसे महत्वपूर्ण आभूषण संग्रहालयों में गिना जाता है। ओपन डे के दौरान आयोजित क्यूरेटोरियल वॉकथ्रू में विशेषज्ञों ने आगंतुकों को विभिन्न ज्वेलरी डिजाइनों के इतिहास, उनके उपयोग और निर्माण तकनीकों की जानकारी दी। कई दुर्लभ शैलियों के गहनें प्रदर्शित राजीव अरोड़ा ने बताया- म्यूजियम में प्रदर्शित आभूषणों में राजस्थान की कुंदन-मीनाकारी, गुजरात की चांदी की आदिवासी ज्वैलरी, हिमाचल और कश्मीर के पारंपरिक सिर आभूषण, दक्षिण भारत के मंदिर आभूषण, नथ, बाजूबंद, हंसली, कमरबंध, पायल और हस्तनिर्मित गहनों की कई दुर्लभ शैलियां शामिल हैं। हर डिजाइन अपने समय, क्षेत्र और समुदाय की पहचान को दर्शाता है। कई आभूषण केवल सौंदर्य के लिए नहीं बल्कि सामाजिक स्थिति, वैवाहिक परंपराओं, आध्यात्मिक मान्यताओं और सुरक्षा के प्रतीक के रूप में भी उपयोग किए जाते थे। इस म्यूजियम में बताया गया कि कैसे पारंपरिक भारतीय कारीगर बिना आधुनिक मशीनों के हाथों से महीन नक्काशी, मीनाकारी और रत्न जड़ाई का काम करते थे। कई डिजाइनों में प्रकृति, लोककथाओं, देवी-देवताओं और शाही जीवन शैली की झलक दिखाई देती है।
रीवा जिले के चोरहटा थाना क्षेत्र के साव गांव में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद सोमवार को तनाव की स्थिति बन गई। मृतक की पहचान तेज प्रताप कुशवाहा के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई है। परिजनों का आरोप है कि जमीन विवाद के कारण तेज प्रताप कुशवाहा के साथ पहले मारपीट की गई और फिर उन पर तेजाब डाला गया, जिससे उनकी मौत हो गई। उनका शव गांव के पास एक खेत में मिला। दो दिनों से लापता थे तेज प्रतापपरिजनों के अनुसार तेज प्रताप कुशवाहा पिछले दो दिनों से लापता थे। परिवार लगातार उनकी तलाश कर रहा था। सोमवार को खेत में शव मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिवार का कहना है कि मृतक को पहले से धमकियां मिल रही थीं। जमीन विवाद को लेकर कई बार झगड़े की स्थिति बन चुकी थी। परिजनों ने पड़ोस के कुछ लोगों पर शक जताते हुए निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। रीवा-सिमरिया मार्ग पर चक्काजाम की चेतावनीग्रामीणों और परिजनों ने रीवा-सिमरिया मार्ग पर चक्काजाम की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने तक आंदोलन जारी रहेगा। कलेक्टर और एसपी को बुलाने की मांग भी की जा रही है। इससे पहले सुबह भी कुछ देर के लिए परिजन प्रदर्शन कर चुक हैं, तब प्रशासन की समझाइश पर मान गए थे। लेकिन कार्रवाई से संतुष्ट न होकर अब एक बार फिर चक्काजाम की चेतावनी दी है। सब्जी की दुकान चलाते थे तेज प्रतापग्रामीणों के मुताबिक तेज प्रताप कुशवाहा गांव में सब्जी की दुकान लगाकर परिवार चलाते थे। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके साथ पहले भी मारपीट की घटनाएं हो चुकी थीं, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल गांव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारी परिजनों और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर सोमवार शाम करीब 7 बजे दो दिवसीय दौरे पर सिंगरौली पहुंचे। जिले की सीमा झोंको से लेकर बैढ़न मुख्यालय तक लगभग 23 जगहों पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। स्वागत की तैयारियों के दौरान नगर निगम की उस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया, जो सड़कों की बिजली सुधारने के काम आती है। आरोप है कि इस गाड़ी की मदद से बिजली के खंभों पर भाजपा नेताओं के पोस्टर और बैनर टांगे गए। मौके पर मौजूद लोगों ने इसके वीडियो बनाएं और तस्वीरें खींची, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से पोस्ट हो रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि राजनीतिक कार्यक्रम के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग क्यों किया गया। सादगी के दावों के बीच उठा सवाल एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार वीआईपी कल्चर खत्म करने और सादगी अपनाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ सिंगरौली में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग ने इन दावों पर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर खुद एक इलेक्ट्रिक वाहन (EV) से बैढ़न पहुंचे और उनके पीछे गाड़ियों का कोई लंबा काफिला नजर नहीं आया। बताया गया कि कार्यकर्ताओं ने अपनी गाड़ियां अलग-अलग जगहों पर खड़ी की थीं। अधिकारियों ने साधी चुप्पी इस पूरे मामले पर जब नगर निगम कमिश्नर का पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। फिलहाल वीडियो के आधार पर नगर निगम की गाड़ी के इस्तेमाल के दावे किए जा रहे हैं। युवाओं को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य भाजयुमो जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि श्याम टेलर का यह दौरा कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाने और युवाओं को भाजपा की विचारधारा से जोड़ने के लिए है। प्रदेश अध्यक्ष अगले दो दिनों तक जिले में रहकर विभिन्न स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।
नेपाली युवक की सड़क हादसे में मौत:श्रावस्ती में तेज रफ्तार पल्सर बाइक पेड़ से टकराई, साथी घायल
श्रावस्ती जिले के तालबघौड़ा क्षेत्र में एक सड़क हादसे में नेपाल के एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में उसका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।वहीं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार,पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के बेउचहवा निवासी 28 वर्षीय सोनू सोनी अपनी पल्सर बाइक यूपी 46 एस 1290)l से श्रावस्ती के सिरसिया क्षेत्र से होते हुए भिनगा जा रहा था। बाइक पर उसके साथ नेपाल निवासी उनका एक साथी बबलू खान भी बैठा था। बताया जा रहा कि श्रावस्ती के सिरसिया थाना क्षेत्र के तालबघौड़ा क्षेत्र में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से तेज रफ्तार में टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सोनू सोनी की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई, जबकि बबलू खान गंभीर रूप से घायल हो गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया स्थानीय लोगों की मदद से घायल बबलू खान को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। वहीं सूचना पर नेपाल से मृतक का भाई भी श्रावस्ती पहुंचा जिसका रो-रोकर बुरा हाल है, भाई इतना बदहवास है कि कुछ भी सही जानकारी परिवार के बारे में नहीं बता सका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बाइक की रफ्तार काफी तेज थी, जिसके कारण चालक नियंत्रण खो बैठा। मृतक के भाई ने बताया कि सोनू साधारण बाइक नहीं चलाना चाहता था, इसलिए उसे पल्सर बाइक दिलाई गई थी। उन्हें क्या पता था कि वही पल्सर बाइक सोनू की जान की दुश्मन बन गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के भाई की मौजूदगी में पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
रेवाड़ी में नारनौल रेल लाइन पर ट्रेन की चपेट में आने से व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक की उम्र करीब 50 साल बताई जा रही है। एक हाथ पर ॐ नमः शिवाय लिखा होने के साथ कलावा भी बंधा हुआ है। एक टांग पर घुटने के पास पट्टी बंधी मिली। सूचना के बाद जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया। कोई दस्तावेज नहीं मिलने से मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। शव को पहचान के लिए शवगृह में रखा गया है। रेवाड़ी-खोरी स्टेशन के पास हादसा जांच अधिकारी एसआई सतपाल ने बताया कि हादसा रेवाड़ी और खोरी स्टेशन के बीच हुआ। रेलवे लाइन पर शव पड़ा देख लोगों ने इसकी सूचना जीआरपी को दी। उन्होंने बताया कि एक्सीडेंट में चेहरा पूरी तरह से बिगड़ गया है। जिससे उसकी पहचान नहीं हो पाई। कपड़ों और हाथ पर बंधे कलवे और लिखे ॐ नमः शिवाय व कपड़ों से पहचान करवाने का प्रयास किया जाएगा। मृतक की उम्र करीब 50 साल है। 72 घंटे तक किया जाएगा इंतजार उन्होंने बताया कि मृतक स्काई ब्लू रंग की शर्ट,नेवी बलू रंग की लोअर, पुरानी हवाई चप्पल पहने हुए हैं। मृतक के एक पांव में पंजों के पास पट्टी बंधी हुई है। अगले 72 घंटे तक शव की पहचान करवाने के प्रयास किया जाएगा। यदि निर्धारित अवधि में पहचान नहीं हुई तो शव अंतिम संस्कार के लिए नगर परिषद को सौंप दिया जाएगा।
शाहजहांपुर में सोमवार की शाम 6 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक चलते ट्रैक्टर में अचानक आग लग गई। आग की लपटें देखकर चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रैक्टर पूरी तरह जल चुका था। प्रारंभिक जांच में बैटरी वायर में शॉर्ट सर्किट को आग का कारण बताया गया है। यह घटना चौक कोतवाली क्षेत्र के बरेली मोड़ स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई। ट्रैक्टर एक एजेंसी के पास से गुजर रहा था तभी उसमें से धुआं उठने लगा। कुछ ही देर में आग की लपटें निकलने लगीं। चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए ट्रैक्टर को सड़क किनारे खड़ा किया और स्थानीय दुकानदारों को सूचना दी। लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया आग की लपटें देखकर राजमार्ग पर कुछ देर के लिए दोनों ओर यातायात रुक गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल विभाग की टीम ने लगभग आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। पुलिस ने मौके पर भीड़ को हटाया और यातायात सुचारु करवाया। पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि यह ट्रैक्टर थाना कांट क्षेत्र के जमौर निवासी बालकेश का था और इसे एक व्यक्ति चला रहा था। चालक ने पुलिस को बताया कि बैटरी वायर में स्पार्क होने के कारण ट्रैक्टर में आग लगी। चौक कोतवाली निरीक्षक प्रदीप राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर काबू पा लिया गया।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा हेतु कोटा-श्रीगंगानगर-कोटा एक्सप्रेस (सप्ताह में 04 दिन), झालावाड़ सिटी-श्रीगंगानगर-झालावाड़ सिटी एक्सप्रेस (सप्ताह में 03 दिन) एवं जैसलमेर-जयपुर-जैसलमेर प्रतिदिन रेलसेवा का आसलपुर जोबनेर स्टेशन पर तथा जयपुर-फुलेरा सवारी गाड़ी का बोबास स्टेशन पर प्रायोगिक तौर पर आगामी आदेशों तक ठहराव दिया जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार गाड़ियों के ठहराव में परिवर्तन किया गया है। बिंदायका व कनकपुरा में रोकने की मांग उधर, श्रीगंगानगर से कोटा और झालावाड़ जाने वाली रेल गाड़ियों को जयपुर के कनकपुरा और बिंदायका में भी रोकने की मांग उठ रही है। जयपुर-बीकानेर रेलवे यात्री संघ के सुधीर व्यास का कहना है कि बीकानेर से जयपुर आने वाले अधिकांश लोग कनकपुरा और बिंदायका उतरते हैं तो पेट्रोल और डीजल की बचत हो सकती है। इन यात्रियों को जयपुर रेलवे स्टेशन से करीब पंद्रह से बीस किलोमीटर की यात्रा करके वापस बिंदायका आना पड़ता है। दो मिनट रेल रुकती है तो इस समस्या का समाधान हो सकता है। व्यास ने इस संबंध में रेलमंत्री को पत्र लिखा है।
जोधपुरवासियों के लिए भीषण गर्मी के साथ बिजली-पानी को लेकर भी परेशानी जारी रहने वाली है। क्योंकि शहर में बिजली और पानी दोनों की कटौती होने वाली है। एक तरफ डिस्कॉम द्वारा बिजली लाइनों के आवश्यक रख-रखाव के चलते 19 मई को शहर के विभिन्न इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। वहीं दूसरी तरफ, जलदाय विभाग ने ग्रीष्म ऋतु के लिए जल भंडारण व सफाई कार्य के चलते 21 मई को पूरे शहर में पानी की सप्लाई बंद रखने का निर्णय लिया है। 19 मई को इन इलाकों में नहीं आएगी बिजली डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार, लाइनों के रख-रखाव के चलते 19 मई को तीन अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती प्रस्तावित है: सारण नगर व डिगाड़ी क्षेत्र: सुबह 8 बजे से 11 बजे तक सारण नगर, गजे सिंह कॉलोनी, गणेश होटल, अम्बेडकर कॉलोनी एवं आस-पास के संपूर्ण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। नांदड़ी क्षेत्र: सुबह 8 बजे से लेकर 10 बजे तक 11 केवी फीडर सं 6 एवं वीर तेजा फीडर नांदड़ी बिजलीघर से जुड़े तमाम इलाके, जिनमें रमजान हत्था, राम राम सा ट्रेडर्स, मैन बनाड़ रोड, नांदड़ी फांटा, बोराणा डेरी, नांदड़ी गांव आदि में बिजली बंद रहेगी। बोरानाडा क्षेत्र: सुबह 8 से 9 बजे तक 33/11 KV बोरानाडा-III जीएसएस से संबन्धित 11 KV फीडर केयर मोली, दिव्या पॉलीप्लास्ट, पैरामाउंट, पेलिकन, डागा पॉलीपैक, श्री राम, चन्दन टिम्बर, गोकुल धाम के आस-पास का सम्पूर्ण क्षेत्र बंद रहेगा। 21 मई को पूरे शहर में फिल्टर हाउस से जलापूर्ति रहेगी बंद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, गर्मी के मद्देनजर जल भंडारण एवं जोधपुर शहर के फिल्टर प्लांट, पम्प हाउस व पाइप लाइनों के बेहद जरूरी रख-रखाव और सफाई के लिए 21 मई को जोधपुर शहर के समस्त फिल्टर हाउस से सभी क्षेत्रों में जलापूर्ति पूर्णतः बंद रहेगी। इसके चलते कायलाना, चौपासनी और सुरपुरा फिल्टर हाउस से संबंधित सभी क्षेत्रों में 21 मई को होने वाली जलापूर्ति अब 22 मई को और 22 मई को होने वाली जलापूर्ति 23 मई को की जाएगी। झालामंड व तख्त सागर क्षेत्रों में सुबह 10 बजे तक मिलेगा पानी जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (नगर वृत्त जोधपुर) के अधीक्षण अभियंता राजेन्द्र मेहता ने बताया कि झालामण्ड एवं तख्त सागर फिल्टर हाउस से जुड़े क्षेत्र- सरस्वती नगर और कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड के विभिन्न सेक्टरों सहित पाल बाईपास, शिल्पग्राम के आस-पास के क्षेत्रों में 21 मई को सुबह 10 बजे तक की जाने वाली जलापूर्ति सामान्य रूप से होगी। इसके बाद इन क्षेत्रों में 22 मई को की जाने वाली जलापूर्ति 23 मई को और 23 मई को की जाने वाली जलापूर्ति 24 मई को की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों का मार्च और अप्रैल 2026 का मानदेय अब तक जारी नहीं होने से कर्मचारियों में भारी नाराजगी व्याप्त है। इसी क्रम में मेरठ के पीएल शर्मा जिला अस्पताल में कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया और शासन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 20 मई 2026 तक लंबित भुगतान नहीं किया गया तो 21 मई से प्रदेशभर में ‘No Pay-No Work’ नीति अपनाते हुए कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। संगठन द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि लगातार दो माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों को बच्चों की स्कूल फीस, किताबें, घरेलू खर्च और दैनिक जरूरतों को पूरा करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियो ने बताया कि वर्तमान समय में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में कर्मचारियों पर आर्थिक दबाव और बढ़ गया है। इसके बावजूद अभी तक भुगतान को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में रोष बढ़ता जा रहा है। संविदा कर्मचारी संघ का कहना है कि प्रदेशभर के कर्मचारियों में इस मुद्दे को लेकर गहरा असंतोष है और यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि 21 मई से जनपद स्तर पर कर्मचारी चरणबद्ध तरीके से कार्य बहिष्कार करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। संघ ने शासन से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्या का तत्काल संज्ञान लेते हुए लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए ताकि संभावित आंदोलन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले असर को रोका जा सके।
भिंड जिले के रौन थाना क्षेत्र में प्लॉट निर्माण को लेकर हुए विवाद के दौरान चली गोली एक राहगीर युवक को लग गई। घटना सोमवार शाम रौन कस्बे की बताई जा रही है। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद भिंड जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राजवीर गुर्जर के अनुसार कस्बा निवासी ऋषभ जैन ने हाल ही में एक प्लॉट खरीदा था, जहां निर्माण कार्य चल रहा था। सोमवार शाम निर्माण स्थल पर मिंकू राजावत पहुंचा और प्लॉट खरीदने को लेकर विवाद करने लगा। देखते ही देखते दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। बताया गया है कि विवाद के दौरान मिंकू राजावत ने अवैध हथियार निकालकर उसमें कारतूस लोड कर लिया। राहगीर ने विवाद शांत करने की कोशिश कीइसी दौरान काशीपुरा निवासी विनय यादव वहां से गुजर रहे थे। उन्होंने दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत कराने का प्रयास किया। तभी आरोपी ने अचानक फायर कर दिया। गोली विनय यादव के पैर की पिंडली में जा लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली चलने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को रौन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे भिंड जिला अस्पताल रेफर किया गया। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में ACB-EOW ने सोमवार को रायपुर की स्पेशल कोर्ट में 12 आरोपियों के खिलाफ पहली चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में कारोबारी अनवर ढेबर, नवीन प्रताप सिंह तोमर, तिजऊराम निर्मलकर, अभिषेक सिंह, नीरज कुमार चौधरी, अजय लोहिया, अजीत नरबले, अमित प्रभाकर सालुंके, अमित मित्तल, एन. उदय राव, राजीव द्विवेदी और संजीव जैन को आरोपी बनाया गया है। वहीं, इस मामले में पहले से गिरफ्तार आठ आरोपियों को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद विशेष न्यायालय ने ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। ACB-EOW की जांच में खुलासा हुआ कि साल 2019-20 से 2023-24 के बीच कर्मचारियों के नाम पर ओवरटाइम, बोनस, एक्सट्रा वर्क डे भुगतान और सर्विस चार्ज के रूप में लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई। 4 कंपनियों को हुआ भुगतान जांच में सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्कफोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रासर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियों की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। जांच एजेंसियों के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच इन कंपनियों को कर्मचारियों के नाम पर बड़े पैमाने पर अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें ओवरटाइम के नाम पर लगभग 101.20 करोड़ रुपए, बोनस भुगतान के रूप में 12.21 करोड़ रुपए, 4 अतिरिक्त कार्यदिवसों के भुगतान के तौर पर 54.46 करोड़ रुपए और सर्विस चार्ज के रूप में करीब 15.11 करोड़ रुपए शामिल हैं। इस तरह कुल मिलाकर लगभग 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान विभिन्न मैनपावर एजेंसियों को किया गया, जिसे जांच एजेंसियां बड़े वित्तीय अनियमितता और कथित कमीशन नेटवर्क से जोड़कर देख रही है। 28.80 लाख नकद बरामदगी बनी अहम कड़ी 29 नवंबर 2023 को 28.80 लाख रुपए नकद पकड़े जाने की घटना इस कथित अवैध कमीशन सिस्टम की महत्वपूर्ण कड़ी बनी। जांच एजेंसी के अनुसार यह राशि देयकों को पास कराने के एवज में कमीशन के रूप में पहुंचाई जा रही थी। EOW का कहना है कि पहली चार्ज शीट के अलावा अन्य संबंधित व्यक्तियों, अवैध राशि के उपयोग, निवेश और व्यापक नेटवर्क की जांच अभी जारी है। अतिरिक्त साक्ष्यों के आधार पर आगे और भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जानिए कैसे हुआ घोटाले का खुलासा इस मामले की शुरुआत प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक कार्रवाई से हुई। 29 नवंबर 2023 को ED ने रायपुर में 3 संदिग्धों से 28.80 लाख कैश बरामद किए थे। जब कड़ियां जोड़ी गईं, तो पता चला कि यह पैसा कर्मचारियों के पसीने की कमाई (ओवरटाइम) का था, जिसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया। ED की रिपोर्ट के आधार पर ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धोखाधड़ी (IPC 420, 120-बी) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। कर्मचारियों को सामने रखकर भरी गई जेब जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। साल 2019-20 से 2023-24 के बीच सरकार ने शराब दुकानों में तैनात कर्मचारियों को अतिरिक्त काम के बदले 115 करोड़ रुपए का ओवरटाइम भुगतान मंजूर किया था। नियम के अनुसार यह पैसा सीधे उन कर्मचारियों को मिलना था, जो एक्स्ट्रा शिफ्ट में काम कर रहे थे। लेकिन मैनपावर एजेंसियों ने कागजों पर कर्मचारियों का ओवरटाइम दिखाया, लेकिन असल में भुगतान उन तक पहुंचा ही नहीं। एजेंसियों ने यह राशि कमीशन के रूप में निकाली। जांच एजेंसी का दावा है कि यह पैसा CSMCL के भ्रष्ट अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के बीच बांटा गया। इसके तार कारोबारी अनवर ढेबर से जुड़े होने की बात भी सामने आ रही है। सबसे पहले 2 कर्मचारियों को किया गया था अरेस्ट सबसे पहले ACB-EOW की टीम ने मैनपावर एजेंसी के 2 कर्मचारियों को अरेस्ट किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मैनपावर सप्लाई करने वाली कंपनी ईगल हंटर सॉल्यूशन लिमिटेड का फील्ड ऑफिसर अभिषेक कुमार सिंह और अकाउंटेंट तिजऊ राम निर्मलकर शामिल है। …………………… इससे जुड़ी ये खबर पढ़ें… CSMCL ओवरटाइम घोटाला...CDL के वाइस प्रेसिडेंट अरेस्ट:अरुणपति त्रिपाठी के संपर्क में था, ढेबर को जाता था कमीशन, इधर पप्पू बंसल-पीयूष बिजलानी को जमानत छत्तीसगढ़ के CSMCL ओवर टाइम भुगतान घोटाला केस में आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने CDL के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में पता चला है कि ओवरटाइम और बोनस की बिलिंग का पूरा काम उदय राव के निर्देश पर किया जाता था। पढ़ें पूरी खबर…
सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती-2021 रद्द होने के बाद सितंबर में आयोजित हो रही दोबारा परीक्षा को लेकर हाईकोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को नोटिस जारी किए। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने सोमवार को देवेंद्र सैनी, प्रश्नजीत सिंह व अन्य की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए आरपीएससी से 20 मई तक जवाब मांगा है। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि हमने मूल परीक्षा में आवेदन किया था, लेकिन किसी कारणवश भर्ती को दोनों पेपर नहीं दे पाए थे। अब आयोग पुन: भर्ती में केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को शामिल कर रहा है, जिन्होंने मूल परीक्षा में दोनों पेपर दिए थे। जबकि पहले रद्द होने वाली भर्ती परीक्षाओं के पुन: आयोजन में सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया है। वहीं इस भर्ती में ऐसा नहीं किया जा रहा। समानता के अधिकार का उल्लंघन याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता रविंद्र सैनी, निखिल कुमावत और अन्य ने बहस करते हुए कहा कि इससे पहले आरपीएससी ने ईओ-आरओ भर्ती को रद्द करते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित करवाई थी। इसमें सभी आवेदनकर्ताओं को शामिल किया गया था। लेकिन एसआई भर्ती-2021 पुन: परीक्षा में ऐसा नहीं करना संविधान के अनुच्छेद 14 व 16 (समानता का अधिकार) का उल्लंघन है। उन्होंने कोर्ट को बताया- आयोग ने 8 मई को प्रेसनोट जारी करके मूल परीक्षा में दोनों पेपर देने वाले अभ्यर्थियों को ही 16 से 30 मई तक आवेदन एडिट करने का मौका दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट से परीक्षा में शामिल करने की मांग की है। भर्ती में 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने किया था आवेदन दरअसल, एसआई भर्ती-2021 में करीब 7.95 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। हालांकि 13 से 15 सितंबर 2021 में आयोजित लिखित परीक्षा के दोनों प्रश्न पत्रों में 3 लाख 83 हजार 097 अभ्यर्थी ही बैठे थे। ऐसे में आयोग अब पुन: परीक्षा में भी इन्हीं अभ्यर्थियों को ही शामिल कर रहा है। कोर्ट ने रद्द कर दी थी भर्ती राजस्थान हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को SI भर्ती-2021 को रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने 4 अप्रैल 2026 को फैसला सुनाते हुए इस आदेश को बरकरार रखा था। खंडपीठ के इस फैसले को ट्रेनी SI (चयनित अभ्यर्थियों) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन 4 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने चयनित अभ्यर्थियों की स्पेशल लीव पिटीशन को खारिज कर दिया। यह खबर भी पढ़ें... एसआई भर्ती परीक्षा-2021 दोबारा होगी:पहले एग्जाम में शामिल 3.83 लाख अभ्यर्थियों को ही मिलेगा मौका, जानें कब होगा आयोजन
ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र स्थित गुढ़ा-गुढ़ी का नाका मुक्तिधाम पर सोमवार को पुलिस की मुस्तैदी से संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला श्मशान की आग में दफन होने से बच गया। यदि पुलिस पांच मिनट भी देर से पहुंचती, तो महिला का अंतिम संस्कार हो चुका होता। बिना किसी रिश्तेदार के अकेले अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे युवक को देखकर लोगों को शक हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। शव का अंतिम संस्कार करने वाला युवक मृत महिला का लिव-इन पार्टनर है। महिला विवाहित थी और दो साल पहले पति व बच्चों को छोड़कर युवक के साथ चली गई थी। अब महिला की मौत कैसे हुई और इसके पीछे क्या कारण थे, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद होगा। पोस्टमॉर्टम के बाद महिला का शव उसका पति और पिता भिंड ले गए। पति और बच्चों को छोड़कर प्रेमी संग भागी थी मीनूपुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, मूल रूप से भिंड की रहने वाली मीनू की शादी वर्ष 2013 में रामानंद चौहान के साथ हुई थी, जिससे उनके दो बच्चे भी हैं। सब कुछ सामान्य चल रहा था, लेकिन इसी बीच मीनू की मुलाकात भिंड के ही एक मेल नर्स योगेश राठौर से हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों के बीच प्यार हो गया था। साल 2024 में मीनू अपने पति और दोनों मासूम बच्चों को छोड़कर प्रेमी योगेश के साथ भाग गई थी। इसके बाद से दोनों दिल्ली में लिव-इन-रिलेशन में रह रहे थे। श्मशान में अकेला देख हुआ शक, ऐसे घेरा पुलिस नेसोमवार को योगेश अचानक दिल्ली से मीनू के शव को लेकर ग्वालियर के गुढ़ा-गुढ़ी का नाका श्मशान घाट पहुंचा। बिना किसी रोने-धोने और बिना किसी सगे-संबंधी के अकेले ही एक युवक को महिला के शव का अंतिम संस्कार करते देख श्मशान घाट के कर्मचारियों और मौजूद लोगों को गहरा संदेह हुआ। चिता के पास पहुंची पुलिस, बॉयफ्रेंड को पकड़ाइसकी सूचना तुरंत कंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार को दी गई। सूचना मिलते ही एसआई गुलाब सिंह, प्रधान आरक्षक योगेंद्र जाट, आरक्षक सुरेश धाकड़ और पंजाब सिंह की टीम मौके पर पहुंची। योगेश मुखाग्नि देने ही वाला था कि पुलिस ने उसे रोक दिया। पुलिस ने जब योगेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उसकी थ्योरी ने शक को और गहरा कर दिया। बीमारी से मौत की कहानी सुनाई, मौत के हालात संदिग्धजब पुलिस ने महिला के अकेले अंतिम संस्कार के पीछे की मंशा पूछी तो योगेश का कहना था कि दो-तीन दिन से मीनू की तबीयत खराब थी। जिसके चलते उसने दम तोड़ दिया। जब पुलिस ने डॉक्टर के पर्चे और दवाइयों के बिल मांगे, तो उसने कहा कि नर्सिंग का अनुभव होने के चलते वह घर पर ही उसका इलाज कर रहा था। दिल्ली से ग्वालियर क्यों आया?दिल्ली से सीधे भिंड (मायके/ससुराल) जाने के बजाय ग्वालियर में गुपचुप अंतिम संस्कार करने के सवाल पर संदिग्ध ने पुलिस को बताया कि वह वहां अकेला था, इसलिए यहां आ गया। पुलिस को उसकी यह दलील गले नहीं उतर रही है। ग्वालियर पहुंचे पिता और पति, दर्ज कराया मर्गपुलिस की सूचना मिलते ही मृतका के पिता शीतल सिंह भदौरिया और पति रामानंद सिंह चौहान तुरंत ग्वालियर पहुंचे। परिजन ने मीनू की मौत के हालात संदिग्ध बताए हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजन के सुपुर्द कर दिया है। परिजन शव लेकर भिंड के लिए निकल गए हैं। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजारकंपू थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि एक महिला का अकेले अंतिम संस्कार करने पहुंचे युवक योगेश राठौर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के लोग ग्वालियर आए हैं और मौत की परिस्थितियां संदिग्ध बताई हैं। शव का डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया है। मौत की असली वजह पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने नगर निगम के कर्मचारियों या नगर निगम कैंपस में बहारियों द्वारा अवैध वसूली या भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए लैंड लाइन नंबर जारी किया है। नगर आयुक्त ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा की - सभी कार्यालयों के पटल पर इस नंबर को लिखना अनिवार्य होगा और शिकायतकर्ता की डिटेल हर हाल में गोपनीय रखी जाएगी। इसलिए बिना डरे कोई भी नगर निगम के भ्रष्टाचार की शिकायत कर सकता है। नगर आयुक्त ने जारी किया लैंडलाइन नंबरनगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने सोमवार को नगर निगम संबंधित भ्रष्टाचार कर अवैध वसूली को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - नगर निगम प्रशासन ने भ्रष्टाचार, अवैध धन वसूली और अनाधिकृत शुल्क मांगे जाने की लगातर मिल रही सूचनाओं पर लगाम लगाने का फैसला लिया गया है। इसी क्रम में एक विशेष हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति इस तरह की समस्या की सूचना दे सकता है। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कोई भी मांगे पैसा तो करें शिकायतनगर आयुक्त ने आम जनता से अपील करते हुए कहा - नगर निगम के किसी भी कार्यालय में किसी भी काम के लिए यदि कोई भी अधिकारी, बाबू, कर्मचारी या चपरासी पैसे मांगता है। तो जनता को घबराने या परेशान होने की जरूरत नहीं है। उसे सिर्फ विशेष लैंडलाइन हेल्पलाइन नंबर 0542-2282834 डायल कर बिना अपना नाम और पता बताये शिकायत करना है। इसका संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से किया अपीलनगर आयुक्त ने निगम क्षेत्र में रहने वाले सभी से अपील की है कि वे किसी भी स्तर पर होने वाली अवैध वसूली के खिलाफ खुलकर सामने आएं और तत्काल इस नंबर पर जानकारी दें। ताकि दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी और आवश्यक कार्रवाई की जा सके। नगर आयुक्त ने इस सार्वजनिक सूचना को निगम के सभी कार्यालयों, जोनल कार्यालयों और जलकल विभाग के नोटिस बोर्ड पर अनिवार्य रूप से चिपकाने के निर्देश भी जारी किए हैं।
सीकर के लक्ष्मणगढ़ में सालासर रोड पर दो बाइक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में 4 युवकों की मौत हो गई। हादसा सनवाली गांव के पास सोमवार शाम 6 बजे हुआ। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने चारों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतकों की पहचान सीकर के ढोलास निवासी राजेश नेण (30) पुत्र हरीराम जाट, लक्ष्मणगढ़ के बासनी भूमा निवासी महेंद्र (28) पुत्र जगदीश, बलारा के स्वरूपसर निवासी महेश (35) पुत्र लक्ष्मणसिंह और बलारा के बैरास निवासी नंदलाल (35) पुत्र मदनलाल जाट के रूप में हुई। खबर अपडेट की जा रही है…..
झांसी में भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ईंधन बचाओ अभियान के तहत ई-रिक्शा, ई-बाइक और बस से सफर कर रहे नेताओं पर तीखा कटाक्ष किया है। उन्होंने इसे ‘ड्रामा’ बताते हुए कहा कि अगर जनप्रतिनिधि 2027 तक इसी तरह दिखावा काकरते रहें, तो शायद प्रधानमंत्री संदेश आम लोगों तक पहुंच जाए। दरअसल, ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालातों के कारण वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल संकट गहराता जा रहा है। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन की खपत कम करने और इलेक्ट्रिक वाहनों व सार्वजनिक परिवहन को अपनाने की अपील की है। प्रधानमंत्री की अपील के बाद झांसी समेत प्रदेश के कई भाजपा नेता ई-रिक्शा, इलेक्ट्रिक स्कूटर और बसों में सफर करते नजर आए। झांसी में सदर विधायक रवि शर्मा और गरौठा विधायक जवाहर राजपूत भी ई-स्कूटर से भ्रमण करते दिखाई दिए। इसी अभियान को लेकर पवन गौतम की एक फेसबुक पोस्ट अब चर्चा का विषय बन गई है। उन्होंने लिखा- E-रिक्शा और बस, स्कूटर में बैठकर ड्रामा करने वाले जनप्रतिनिधि 2027 तक ही ड्रामा कर लें, तो बहुत कुछ हमारे नेता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संदेश आमजनमानस तक पहुंच जाएगा। मैं स्वयं भी शामिल हूं। उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। कई यूजर्स नेताओं की ‘एक दिन वाली सादगी’ पर तंज कस रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों के नेता भी पवन गौतम की टिप्पणी का समर्थन करते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि पवन गौतम भाजपा के उन नेताओं में माने जाते हैं, जो आमतौर पर विवादों से दूरी बनाए रखते हैं। ऐसे में उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। बोले- रिक्शा में बैठे, पीछे चल रहीं चार फॉर्च्यूनर दैनिक भास्कर से बातचीत में पवन गौतम ने कहा कि वह लखनऊ से झांसी लौट रहे थे, तभी कानपुर में उन्होंने एक जनप्रतिनिधि को ई-रिक्शा में बैठे देखा। लेकिन उनके पीछे चार फॉर्च्यूनर गाड़ियां चल रही थीं और अलग-अलग एंगल से वीडियो व रील बनाई जा रही थी।उन्होंने कहा कि यह दृश्य देखकर उन्हें आश्चर्य हुआ और तभी उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी। पवन गौतम ने साफ किया कि उनका निशाना केवल झांसी के नेता नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में चल रही इस ‘इवेंट पॉलिटिक्स’ पर था। “एक दिन ई-व्हीकल चलाने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा” पवन गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदर्शिता के साथ काम कर रहे हैं और ईंधन बचाने का संदेश भविष्य की जरूरतों को देखते हुए दिया गया है। लेकिन जनप्रतिनिधि इसे केवल इवेंट बनाकर पेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर सच में प्रधानमंत्री के संदेश को सफल बनाना है तो ई-व्हीकल और सार्वजनिक परिवहन को रोजमर्रा की आदत बनाना होगा। केवल एक दिन रिक्शा या स्कूटर पर बैठकर फोटो और रील बनवाने से कोई बदलाव नहीं आने वाला। संसाधनों का किफायती इस्तेमाल ही देश को मजबूत बना सकता है।
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी मजदूरों के साथ पिछले 14 दिन से धरने पर बैठे हैं। मंगलवार को भाटी ने मजदूर आंदोलन की घोषणा की है। विधायक ने कहा- यह मजदूर आपके लिए होंगे मेरे लिए मालिक हैं। मजदूर वाजिब मांगों को लेकर बीते 38 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अभी तक जिम्मेदार लोगों और प्रशासन की ओर से कोई भी मजबूत कदम नहीं उठाए गए हैं। अब कल मजदूर आंदोलन किया जाएगा। हम तो यह चाहते है कि लॉ-इन-ऑर्डर ब्रिज न हो। इसके बाद भी कोई परिस्थितियां बनी तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। 2 पॉइंट्स में समझ लीजिए पूरा मामला जनसभा के बाद तय करेंगे आगे क्या करना है मीडिया से बात करते हुए भाटी ने कहा- कल मंगलवार को गिरल गांव में मजदूर आंदोलन जनसभा करेंगे। जो माइनिंग में काम करने वाले मजदूर वाजिब मांगों को लेकर बीते 38 दिनों से धरने पर बैठे हैं। अभी तक जिम्मेदार लोगों और प्रशासन की ओर से कोई भी मजबूत कदम नहीं उठाए गए हैं। इसलिए कल गिरल गांव में मजदूर आंदोलन होने वाला है। प्रदेश की सरकार से निवेदन है कि आप मजदूरों की वाजिब मांगों को सुनें। कोई सरकार हो वो हमेशा विनम्र होती है। मजदूरों की मांगों को सुना जाना चाहिए। मंगलवार को जनसभा के बाद आगे रणनीति तय होगी। विधायक ने कहा मजदूर दल और मजदूर जो आदेश देगा वही किया जाएगा। भाटी बोले- प्रशासन की विफलता है शिव विधायक ने एक सवाल के जवाब में कहा कि मुझे ऐसा लगता है कि यह प्रशासन की विफलता है। तमाम चीजों के सामने आने के बावजूद भी वो प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने कोई मजबूत कदम नहीं उठाए हैं। 14 दिन से हम तो बैठे हैं यह हमारे लोग हैं। इन लोगों की बदौलत हम यहां पर बैठे हैं। प्रदेश की सरकार को इनकी वाजिब मांगों को उनको सुनना चाहिए। लॉ-इन-ऑर्डर बिगड़ता है तो प्रशासन और सरकार जिम्मेदार भाटी ने कहा- पूरी तरीके से वाजिब मांगें है। जो जिम्मेदार लोग हैं उन पर मुझे शक हो रहा है। आज के समय में कई चीजें कॉम्प्रोमाइज हो जाती है। यह आरएसएमएमएल की विफलता है। सरकारी एजेंसी काम करने वाली माइंस की यह स्थिति है तो प्राइवेट कंपनी के मजदूरों के क्या हाल होंगे। यह आप खुद समझ सकते हैं। उनके साथ किस लेवल पर कुठाराघात हो रहा होगा। हम तो यह चाहते है कि लॉ-इन-ऑर्डर ब्रिज न हो। इसके बाद भी कोई परिस्थितियां बनी तो उसकी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी। प्रदूषण से 10-10 साल लोगों की उम्र कम हो गई भाटी ने कहा- 1994 से लेकर अब तक लगातार शोषण होता रहा है। इनकी बात किसी ने नहीं उठाई आप देख रहे होंगे। बीते 30 सालों से गिरल, आकली, थुम्बली, सोनड़ी तमाम माइंसों की बात कहीं नहीं हुई हो रही है। मजदूरों की बात किसी ने नहीं की। प्रदूषण की वजह से वहां के लोगों की 10-10 साल उम्र कम हो गई। उसकी बात कोई नहीं कहेगा। आरएसएमएमएल माइनिंग की तरफ ध्यान देने से बच रही है। सरकार ने पहले ही देर कर दी, समय रहते अगर हम ध्यान देंगे। मुझे लगता है मजदूरों को न्याय मिलेगा। विधायक ने कहा- तमाम जिम्मेदारों लोगों को इस संबंध में अवगत करवाया दिया गया है। लेकिन अभी तक कोई संतोषजनक जवाब मिला नहीं है। जब तक यह मजदूर संतुष्ट नहीं होते है। यह आंदोलन जारी रहेगा। यह मजदूर नहीं मेरे मालिक है भाटी ने कहा- आज के समय में भी मजदूरों को परेशान किया जा रहा है। यह मजदूर आपके लिए होंगे मेरे लिए मालिक हैं। अन्य जो मूलभूत सुविधाओं की बात कर रहे हैं। उनको भी आगे उठाते रहेंगे। एक साथ सभी बातें नहीं कर सकते है। बारी-बारी से की जाती है। राजस्थान सरकार का PSU है RSMML RSMML राजस्थान सरकार का एक सार्वजनिक उपक्रम (PSU) है, जो रॉक फॉस्फेट, लिग्नाइट, जिप्सम और लाइमस्टोन का खनन करती है। गिरल लिग्नाइट माइंस, बाड़मेर जिले के थुम्बली और गिरल गांव में स्थित है। इसे राजस्थान की पहली आधुनिक ओपनकास्ट (खुली) लिग्नाइट खदान भी माना जाता है। 1994 में RSMML द्वारा इस खदान की शुरुआत की गई थी। यह मुख्य रूप से लिग्नाइट का उत्पादन करती है, जो गिरल लिग्नाइट पावर प्लांट को ईंधन की सप्लाई करती है।
खंडवा जिले की पंधाना पुलिस ने मोबाइल झपटमारी की वारदात का खुलासा करते हुए सोमवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 23 हजार रुपए कीमत के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपी नाबालिग हैं। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेंद्र तारनेकर व एसडीओपी अनिल सिंह चौहान के मार्गदर्शन में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया। कॉलेज जाते समय हुई थी झपटमारीपुलिस के अनुसार फरियादी शुभम असलकर (19) निवासी ग्राम बिहार (कोहदड़) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह आईटीआई कॉलेज पंधाना में पढ़ाई करता है। 30 मार्च की सुबह करीब 11 बजे वह अपने मित्र आकाश भास्कले के साथ पंधाना बस स्टैंड से कॉलेज की ओर पैदल जा रहा था। इसी दौरान न्यू सीएम राइज स्कूल के सामने बाइक सवार तीन युवक पहुंचे। बाइक पर पीछे बैठे युवक ने उतरकर दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए और आरोपी पंधाना कस्बे की ओर फरार हो गए। झपटमारी में शुभम और उसके मित्र आकाश का मोबाइल लूट लिया गया था। मामले में थाना पंधाना में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
कटनी में नाबालिग लड़के का शव फंदे पर लटका मिला:15 साल का था और कुठला थाना क्षेत्र में रहता था
कटनी जिले के कुठला थाना क्षेत्र में सोमवार को नाबालिग का शव घर में फंदे पर लटका मिला। मृतक की उम्र 15 साल थी। वह ग्राम घनगरी कला का रहने वाला था। परिजन से मिली जानकारी के मुताबिक, दरेश भूमिया पिता अजय भूमिया, सोमवार को घर पर अकेला था। इसी दौरान उसने अपने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद किया और फांसी लगा ली। काफी देर बाद जब परिजन ने उसे फंदे पर लटका देखा, तो तुरंत पुलिस को इसकी खबर दी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा सूचना मिलते ही कुठला थाना पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मौके का मुआयना किया और शव को फंदे से नीचे उतारा। पंचनामा की कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम होने के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सौंप दिया गया है। जांच में जुटी पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि मौत के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की गहराई से जांच कर रही है। परिजन और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मंदसौर जिले की नारायणगढ़ पुलिस ने सोमवार को महिंद्रा स्कॉर्पियो वाहन से 4 क्विंटल से अधिक अवैध डोडाचूरा बरामद किया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर फिल्मी अंदाज में वाहन का पीछा कर उसे रोका और तलाशी लेने पर वाहन के भीतर भारी मात्रा में डोडाचूरा मिला। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसका एक साथी फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी के कब्जे वाली महिंद्रा स्कॉर्पियो-N कार क्रमांक RJ 14 UN 7855 से 20 प्लास्टिक कट्टों में भरा कुल 402 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा बरामद किया गया। जब्त डोडाचूरा की अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपए बताई गई है। इसके अलावा पुलिस ने करीब 25 लाख रुपए कीमत की स्कॉर्पियो-N कार और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किया है। भांगी पिपलिया-चौथखेड़ी रोड पर हुई कार्रवाईपुलिक के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने ग्राम भांगी पिपलिया से चौथखेड़ी रोड पर घेराबंदी की, संदिग्ध स्कॉर्पियो को पीछा कर रोका और तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में डोडाचूरा मिला। पुलिस ने मौके से आरोपी लालसिंह पिता कमलसिंह बौराना, उम्र 34 वर्ष, निवासी दोरवाड़ी थाना नारायणगढ़ जिला मंदसौर को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ थाना नारायणगढ़ में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। जोधपुर नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिसप्राथमिक जांच में सामने आया है कि राजस्थान के जोधपुर निवासी कुछ मारवाड़ी लोग स्कॉर्पियो वाहन लेकर मंदसौर जिले की सीमा तक पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने वाहन गिरफ्तार आरोपी लालसिंह को सौंपा और डोडाचूरा लाने के लिए भेजा। आरोपी जब वाहन में डोडाचूरा भरकर वापस लौट रहा था और कथित रूप से वाहन सौंपने जा रहा था, तभी पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा मामला अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस जोधपुर कनेक्शन और नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में वाहन पर लगी जोधपुर नंबर की प्लेट भी फर्जी होने की आशंका जताई जा रही है। जिससे संदेह जताया जा रहा है कि वाहन चोरी का हो सकता है। पुलिस ने मामले में सुरेंद्र बांछड़ा निवासी ग्राम डोडिया मीणा थाना वायडी नगर जिला मंदसौर को फरार आरोपी बताया है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। एसडीओपी कीर्ति बघेल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पहले से मादक पदार्थ तस्करी गतिविधियों में लिप्त रहा है। मामले में डोडाचूरा के स्रोत, सप्लाई चैन और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
युवक की लाश मिली, दबंगों पर हत्या का आरोप:परिजन बोले- पुलिस भी साथ नहीं दे रही; 1 दिन से लापता था
जैसलमेर में युवक की मौत को लेकर परिजनों ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाने से इनकार कर दिया है। आरोप है कि दबंगों ने जमीन विवाद में उसकी हत्या की है। उन्होंने पुलिस पर भी दबंगो से मिलीभगत के आरोप लगाए। मामला जैसलमेर के फतेहगढ़ तहसील के गोरेरा गांव का है। सोमवार सुबह शैतान सिंह (38) पुत्र वीर सिंह का शव उसके घर से करीब 30 किलोमीटर दूर धोबा गांव के पास सड़क किनारे मिला था। शव मिलने की सूचना पर खुहड़ी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को जिला मुख्यालय के जवाहिर हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप शैतान सिंह के परिजनों का आरोप है कि उनके कुछ दबंग रिश्तेदार जमीन के विवाद को लेकर लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहे थे और लगातार जान से मारने की धमकियां दे रहे थे। इस संबंध में पीड़ित परिवार ने बीती 11 मई को खुहड़ी थाने में लिखित शिकायत भी दी थी। आरोप है कि पुलिस ने दबंगों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इसके बाद परिजन एसपी से भी मिले थे। उल्टा पीड़ित पक्ष को ही कर दिया पाबंद, ASI पर भी आरोप परिजनों ने खुहड़ी थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस दबंगों का साथ दे रही है। कार्रवाई करने के बजाय खुहड़ी थाना पुलिस ने उल्टा मृतक शैतान सिंह के भाई को ही पाबंद (बाउंड डाउन) कर दिया। उनका आरोप है कि इसी लापरवाही से हौसला पाकर दबंगों ने वारदात को अंजाम दिया। परिजनों ने खुहड़ी थाने के एएसआई (ASI) तुलसाराम पर भी दबंगों से मिलीभगत और सहयोग करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। रविवार शाम को निकला था घर से
टोंक में आशीष के नाटक 'पता नहीं' का मंचन:स्टैंड अप कॉमेडी से दिखाया, सब कुछ न जानना भी है जरूरी
कम्युनिटी थिएटर टोंक के संयुक्त तत्वावधान में आशीष कर्णावत ने अपनी नई प्रस्तुति पता नहीं का मंचन किया। वे दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, चंडीगढ़ जैसे शहरों में अपनी प्रस्तुति दे चुके हैं। डांस, कॉमेडी और थिएटर से जुड़ी प्रस्तुति पता नहीं! जीवन की अनिश्चितता और बिखराव को एक मजेदार अंदाज में सामने लाती है। यह प्रस्तुति तय धारणाओं और लेबल्स से हटकर चलती है जहां सब कुछ जानना जरूरी नहीं बल्कि न जानना ही इसका भाव बन जाता है। आशीष कहते हैं- प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई कलात्मक स्वतंत्रता और सुधार तकनीकों से लाभ हुआ। 2020 से शुरू हुआ था आशीष का सफर
सरगुजा जिले के भिट्ठीकला की 24 डिसमिल जमीन का सौदा कर भू माफियाओं ने 3.17 एकड़ जमीन की रजिस्ट्री करा ली। जब भू-स्वामि महिला की पूरी जमीन रायपुर निवासी एक महिला के नाम नामांतरित हो गई तो परिजनों के साथ ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट पहुंचकर शिकायत सरगुजा कलेक्टर से की है। मामले में कलेक्टर ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। जानकारी के मुताबिक, अंबिकापुर ब्लॉक के भिट्टीकला निवासी सावित्री यादव (68 वर्ष) की कुल 3.17 एकड़ जमीन भिट्ठीकला में थी। इसमें से 24 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा सावित्री यादव एवं उसके बेटों ने किया था। 24 डिसमिल जमीन की बिक्री के लिए पटवारी ने प्रतिवेदन भी तैयार किया। पूरी जमीन की रजिस्ट्री, परिवार को धमकीसावित्री यादव एवं उसके पुत्र आनंद यादव ने बताया कि एक जमीन दलाल डोमन राजवाड़े के माध्यम से 24 डिसमिल जमीन बेचने का सौदा 72 लाख रुपये में किया गया था। 24 डिसमिल जमीन की बिक्री के लिए पटवारी ने प्रतिवेदन तैयार किया और चौहद्दी भी बनाई थी। 14 मई 2026 को जमीन की रजिस्ट्री रायपुर निवासी पुष्प अग्रवाल पति अनिल अग्रवाल के नाम से की गई। शुक्रवार को शाम को ऑनलाइन रिकार्ड में पता चला कि सावित्री यादव के नाम पर दर्ज पूरी 3.17 एकड़ जमीन पुष्प अग्रवाल के नाम दर्ज हो गई है। सावित्री यादव एवं परिवार का कहना है कि उनकी जमीन की वास्तविक कीमत 5 करोड़ रुपये से अधिक है। भू माफिया अब उसके परिवार को धमकी दे रहे हैं। परिवार ने शिकायत में कहा है कि धोखे से कराई गई इस रजिस्ट्री में जमीन दलाल, क्रेता, पंजीयक, सहित अन्य लोग शामिल हैं। कलेक्टोरेट पहुंच सौंपा ज्ञापन, जांच का भरोसा मामले की शिकायत को लेकर करीब 80 ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुुंचे। कलेक्टर से शिकायत कर मामले की जांच करने तथा रजिस्ट्री निरस्त करने की मांग की गई है। शिकायत बिचौलिये डोमन राजवाड़े, भूमि क्रेता अनिल अग्रवाल, उसकी पत्नी पुष्प अग्रवाल सहित छह लोगों के खिलाफ की गई है। मामले में सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। रजिस्ट्री को निरस्त करने का अधिकार सिविल कोर्ट के पास होता है, इसलिए पीड़िता को सिविल कोर्ट में आवेदन करना होगा। नामांतरण से संबंधित मामले में अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) के न्यायालय में अपील की जा सकती है। यदि नामांतरण प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि पाई जाती है तो एसडीएम द्वारा नामांतरण निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
इलाज से बेटी की आंख खराब होने का आरोप:परिजन ने डॉ. उन्नति पिछोड़े के खिलाफ पुलिस थाने में शिकायत की
बालाघाट की कोतवाली पुलिस में सोमवार शाम आई-विशेषज्ञ डॉ. उन्नति पिछोड़े के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। परिजन का गंभीर आरोप है कि डॉक्टर के इलाज की वजह से उनकी 15 वर्षीय बेटी की आंख खराब हो गई है। शिकायतकर्ता रुखसार खान ने बताया कि वे अपनी बेटी हुस्नाअंजुम को सिर दर्द और चश्मा बनवाने की सलाह के लिए 9 मई को डॉ. पिछोड़े के निजी क्लीनिक ले गए थे। डॉक्टर ने जांच के बाद दो आई-ड्रॉप, एक ट्यूब और कुछ दवाइयां दीं। परिजन का कहना है कि दवा डालने के बाद से ही बच्ची की आंखों में भारी सूजन आ गई, जलन होने लगी और पस बनने लगा। बच्ची दर्द की वजह से रात भर सो नहीं पाई। डॉक्टर के जवाब से परिजन नाराज मां रुखसार खान ने बताया कि जब उन्होंने फोन पर डॉ. पिछोड़े को इस समस्या के बारे में बताया, तो डॉक्टर ने यह मानने से इनकार कर दिया कि यह उनकी दवाओं के असर से हुआ है। इस जवाब से असंतुष्ट होकर परिजन ने अब वहां इलाज न कराने का फैसला लिया है और वे बेटी को इलाज के लिए नागपुर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। डॉक्टर ने दी सफाई इस मामले में डॉ. उन्नति पिछोड़े ने फोन पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर दवाओं से कोई दिक्कत होनी होती, तो वह पहले दिन ही सामने आ जाती। उन्होंने संभावना जताई कि आंखों में तकलीफ का कोई और कारण भी हो सकता है। डॉक्टर ने कहा कि अगर परिजन मरीज को दोबारा उनके पास लाते हैं, तो वे एक बार फिर उसका उपचार करने को तैयार हैं। पुलिस कर रही है जांच परिजन ने डॉक्टर के खिलाफ गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजस्थान यातायात एडीजी बीएल मीणा सोमवार को कोटा ग्रामीण पुलिस के वार्षिक निरीक्षण के तहत शहर में पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस विभाग की गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान एडीजी मीणा ने पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण किया। विभिन्न शाखाओं की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग कर जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर पर चर्चा एडीजी ने जवानों के साथ संपर्क सभा भी की। इसमें पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर और सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा उन्होंने एसपी कार्यालय का भी निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वर्ष 2024, 2025 और अप्रैल 2026 तक के अपराध आंकड़ों पर चर्चा हुई। राजस्थान यातायात एडीजी बीएल मीणा ने बताया- वर्ष 2024 में कानून व्यवस्था को लेकर कुछ चुनौतियां सामने आई थीं, लेकिन वर्ष 2025 और 2026 में स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अपराधों में कमी आई है और अवैध मादक पदार्थों, शराब तस्करी तथा अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। कोटा ग्रामीण क्षेत्र में सड़क हादसों और मृत्यु दर में कमी यातायात व्यवस्था को लेकर भी एडीजी ने संतोष जताया। उन्होंने बताया- पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कोटा ग्रामीण क्षेत्र में सड़क हादसों और मृत्यु दर में कमी आई है। दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर लगातार बैठकें की गईं और संबंधित समितियों को निर्देश दिए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जा रहा है और इसकी जानकारी एनएचएआई अधिकारियों को दी जा रही है। कई स्थानों पर सुधार कार्य भी शुरू कराए गए हैं। एडीजी मीणा ने कहा- अन्य जिलों की तुलना में कोटा ग्रामीण पुलिस की स्थिति बेहतर है। पुराने मामलों, लंबित चालानों और कोर्ट में पेश होने वाले प्रकरणों में कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों का जल्द अनुसंधान कर कोर्ट में पेश किया जाए। उन्होंने बताया- पिछले तीन-चार वर्षों में कोटा ग्रामीण पुलिस ने गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को तलाशने में उल्लेखनीय कार्य किया है। करीब एक हजार गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है, जो पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
डॉ. दिनेश खत्री को हाईकोर्ट से राहत:रायसेन सीएमएचओ पद पर बने रहेंगे, डॉ. मांडरे की याचिका खारिज
रायसेन जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) पद को लेकर लंबे समय से चल रहा प्रशासनिक विवाद अब समाप्त हो गया है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने सोमवार को डॉ. एच.एन. मांडरे द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही डॉ. दिनेश खत्री के रायसेन सीएमएचओ पद पर बने रहेंगे। जानकारी के अनुसार, शासन के आदेश के बाद सीएमएचओ पद को लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद 23 जनवरी 2026 को डॉ. एच.एन. मांडरे ने दोबारा रायसेन सीएमएचओ का पदभार संभाल लिया था। इसके बाद मामला दूसरी बेंच में ट्रांसफर हुआ, जहां सुनवाई के दौरान कोर्ट ने डॉ. दिनेश खत्री के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले के आधार पर डॉ. खत्री ने 18 मार्च 2026 को पुनः रायसेन सीएमएचओ का कार्यभार ग्रहण कर लिया था। इसके बाद भी विवाद थमा नहीं और डॉ. मांडरे ने शासन के 9 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर की। मामले की सुनवाई के दौरान 8 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए थे। अंतिम सुनवाई के बाद डबल बेंच ने डॉ. मांडरे की याचिका निरस्त कर दी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद स्वास्थ्य विभाग में लंबे समय से बनी प्रशासनिक असमंजस की स्थिति समाप्त हो गई है। अब डॉ. दिनेश खत्री के रायसेन सीएमएचओ पद पर बने रहने को लेकर सभी तरह की स्थिति स्पष्ट हो गई है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने नीट पेपरलीक को लेकर केंद्र और बीजेपी पर निशाना साधा। इसके साथ ही अपनी पार्टी के नेताओं पर भी तंज कसा। डोटासरा ने कहा- कांग्रेस में हम विधायक-मंत्री और सांसद बन जाते हैं। उसके बाद जमीन से 2 फीट ऊपर चलने लग जाते हैं। दिक्कत वहीं से शुरू हो जाती है। उन्होंने कहा- जिन सांसदों और संगठन के पदाधिकारियों की जिम्मेदारी है, वो अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। कांग्रेस की विचारधारा, कांग्रेस संविधान को मजबूत करने के लिए क्या काम कर रही है, लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रही है, ये बातें अगर कांग्रेस के नेता और पदाधिकारी जनता के बीच लेकर जाएं तो भाजपा के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा। पीएम काम की बात नहीं करतेडोटासरा ने कहा- पीएम मोदी केवल मन की बात करते हैं, काम की बात कभी नहीं करते। परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन परीक्षाओं के पेपर लीक होने से रोक नहीं पाते। जरा सोचिए अगर डॉक्टर ही फर्जी बनने लगेंगे तो देश में क्या होगा? उन्होंने कहा- वक्त आ गया है, युवाओं के पेपर आउट करने वालों को सत्ता से आउट किया जाए। अब इन्हें ही आउट करना पड़ेगा। डोटासरा जयपुर के RAS क्लब में कांग्रेस के चिकित्सा प्रकोष्ठ की बैठक में बोल रहे थे। डोटासरा ने कहा- साल 2024, 2025 के नीट पेपर भी आउट थे। नीट का पेपर लगातार 3 बार आउट हो गया। चार दिन तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सामने ही नहीं आए। राजस्थान के लोगों ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को बाकायदा प्रमाण दिया कि पेपर आउट हुआ है, तब जाकर एजेंसियां हरकत में आईं। 23 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद, पीएम ने ट्वीट तक नहीं कियाडोटासरा ने कहा- नीट पेपर लीक में 23 लाख बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया, लेकिन प्रधानमंत्री ने इसे लेकर एक ट्वीट तक नहीं किया है। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए था, लेकिन सब चुप्पी साधकर बैठे हुए हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने ही एनटीए में गलत लोगों की नियुक्ति की थी, इसके लिए जिम्मेदारी तो बनती ही है। ये खबर भी पढ़ें राज्यपाल बोले-जूली का मुख्यमंत्री बनने का नंबर आएगा, लगता नहीं:विपक्ष का भी भरोसा नहीं; महाराष्ट्र में 2 नेता प्रतिपक्ष इस्तीफा देकर मंत्री बन गए थे राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर मजाकिया अंदाज में सियासी तंज कसा। राज्यपाल ने कहा- राजस्थान के पहले निर्वाचित मुख्यमंत्री टीकाराम (टीकाराम पालीवाल) थे। जूली की तरफ इशारा करते हुए राज्यपाल ने कहा- दूसरे टीकाराम होंगे या नहीं, मुझे मालूम नहीं है। आगे तो बहुत नंबर है, इनका नंबर कब आएगा? पूरी खबर पढ़ें
जांजगीर-चांपा जिले में सोमवार दोपहर खोखसा ओवरब्रिज पर एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में वाहन में सवार दो छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बिलासपुर रेफर किया गया है। जानकारी के अनुसार, जांजगीर निवासी सृजन स्वरूप और अंबेश यश साहू लोटस पब्लिक स्कूल से परीक्षा देकर अपने घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो अंबेश चला रहा था। खोखसा ओवरब्रिज पर पहुंचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया। इसके बाद स्कॉर्पियो ओवरब्रिज की सुरक्षा रेलिंग से टकराई और करीब 5 से 6 बार पलटी खाते हुए सड़क पर जा गिरी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को वाहन से बाहर निकाला। परिजनों को सूचना देने के बाद दोनों छात्रों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें बिलासपुर रेफर कर दिया गया। हादसे के कारण ओवरब्रिज पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा और यातायात भी प्रभावित हुआ। बाद में लोगों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाकर यातायात बहाल किया गया। बताया जा रहा है कि दुर्घटनास्थल से घायल छात्र सृजन का घर, कुलीपोटा एजेंसी के पास, महज 100 मीटर दूर था। घर पहुंचने से ठीक पहले ही दोनों छात्र इस हादसे का शिकार हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में कांग्रेस की ओर से तीन दिन का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसी कड़ी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दूसरे दिन खाद्य तेल और किराना सामान के लगातार बढ़ते दामों के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने स्टेडियम रोड पर हाट बाजार के सामने इकट्ठा होकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी की और अपना विरोध जताया। सोमवार शाम को जिला कांग्रेस कमेटी के कई कार्यकर्ता स्टेडियम रोड पर पहुंचे। वहां उन्होंने सड़क पर खड़े होकर महंगाई के खिलाफ जमकर नारे लगाए। उनके हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर महंगाई से जुड़े कई स्लोगन लिखे हुए थे। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि सब्जी और राशन के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उनका कहना था कि महंगाई बढ़ने से आम जनता पूरी तरह परेशान है। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने किराना दुकानों पर जाकर ग्राहकों और दुकानदारों से बढ़ती कीमतों के बारे में बात की और उनकी राय जानी। लोगों ने भी महंगाई को लेकर अपनी नाराजगी जताई। रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ा धरना और विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा, केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार के कुप्रबंधन के वजह से खाद्य सामग्रियों के कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो रही है। जिसके परिणामस्वरूप रोजी-मजदूरी करने वाले गरीब तबके के लोगों से लेकर सभी निम्न वर्ग, मध्यम वर्ग, किसान वर्ग, छोटे मोटे रोजगार करने वाले जनसामान्य लोगों के रसोई का बजट बिगड़ता जा रहा है। अध्यक्ष बोले- भाजपा सरकार में महंगाई बेतहाशा बढ़ी शाखा यादव ने कहा कि जरूरी सामानों के दाम कांग्रेस सरकार के समय की तुलना में वर्तमान भाजपा सरकार में काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि गरीब लोगों की परेशानी को देखते हुए खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों पर तुरंत रोक लगाई जाए। अगर ऐसा नहीं किया गया तो भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। विरोध प्रदर्शन के दौरान ये रहे मौजूद इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शाखा यादव, ग्रामीण अध्यक्ष नरेंद्र नेगी, अनिल शुक्ला, अरुण गुप्ता, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष शेख सलीम नियारिया, विकास ठेठवार, आशीष चौबे, मदन महंत, राकेश पाण्डेय, वसीम खान, लोकेश साहू, शेष चरण तिवारी बरखा सिंह, अमृत काटजू, रंजना पटेल, दुर्गेश सारथी समेत अन्य कांग्रेसी मौजूद थे।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में 21 से 24 मई तक बिलासपुर-गेवरा और बिलासपुर-कोरबा मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। यह निर्णय चांपा-गेवरारोड सेक्शन के मड़वारानी स्टेशन पर नॉन-इंटरलाकिंग कार्य के कारण लिया गया है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, मड़वारानी स्टेशन पर अधोसंरचना विकास के तहत अप और डाउन अतिरिक्त लूप लाइन की कमीशनिंग के लिए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन-इंटरलाकिंग कार्य किया जा रहा है। इस कार्य के दौरान ब्लॉक लिया जाएगा, जिससे ट्रेनों का परिचालन अस्थायी रूप से प्रभावित होगा। इस अवधि में ये ट्रेनें रद्द रहेंगी: 21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68734/68733 बिलासपुर-गेवरारोड-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी। 21 से 24 मई तक गाड़ी संख्या 68732/68731 बिलासपुर-कोरबा-बिलासपुर मेमू पैसेंजर रद्द रहेगी।
डूंगरपुर में 'जनजातीय गरिमा उत्सव-जन भागीदारी अभियान “सबसे दूर-सबसे पहले”' का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर देशलदान की अध्यक्षता में हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के वंचित पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला कलेक्टर देशलदान ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का सुव्यवस्थित संचालन कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच बनाकर जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। अभियान की जानकारी देते हुए उपायुक्त टीएडी सत्य प्रकाश कस्वा ने बताया कि इसके अंतर्गत 17 विभागों द्वारा 25 प्रकार के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष संचालित 'धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान' के तहत जिले के 638 गांवों में स्थापित आदि सेवा केंद्रों पर संतृप्ति शिविर आयोजित होंगे, जहां पात्र वंचितों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इस अभियान में चिकित्सा, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, रसद, आईसीडीएस, पशुपालन, टीएडी और पीएचईडी सहित 17 विभाग सहयोग करेंगे। 'आदि कर्मयोगी वॉलिंटियर्स' के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। अभियान की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर ने डीओआईटी के वीसी कक्ष से जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। उन्होंने 18 से 25 मई तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और सूचना आदान-प्रदान के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर जिम्मेदारियां तय कीं। इस दौरान जिला कलेक्टर ने 25 मई से 5 जून तक आयोजित होने वाले 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रतिदिन निर्धारित गतिविधियों के अनुसार कार्ययोजना बनाकर समन्वय के साथ अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया ने जल संरक्षण अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में एडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
अहमदाबाद-हिम्मतनगर रेलवे ट्रैक पर असारवा और साबरमती ए केबिन स्टेशनों के बीच कल (19 मई ) कनेक्टिविटी का जरूरी काम किया जाएगा। इस तकनीकी काम के चलते रेलवे ने ब्लॉक लिया है, जिससे अहमदाबाद से उदयपुर और चित्तौड़गढ़ रूट की तरफ आने-जाने वाली 2 प्रमुख ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि इनमें से एक ट्रेन का स्टेशन बदला गया है, जबकि दूसरी ट्रेन 2 घंटे की देरी से चलेगी। गाड़ी संख्या 69243, असारवा-चित्तौड़गढ़ पैसेंजर ट्रेन 19 मई को अहमदाबाद के असरवा स्टेशन से रवाना नहीं होगी। रेलवे ने इसे असरवा से नरोडा स्टेशन के बीच आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। अहमदाबाद के नरोडा स्टेशन से चलेगी ट्रेन अमित सुदर्शन ने बताया कि अब यह ट्रेन अहमदाबाद के नरोडा स्टेशन से अपनी यात्रा शुरू करेगी। ऐसे में जो यात्री अहमदाबाद से डूंगरपुर, उदयपुर या चित्तौड़गढ़ आने के लिए असरवा स्टेशन पहुंचेंगे, उन्हें वहां ट्रेन नहीं मिलेगी। उन्हें खुद के साधन से नरोडा स्टेशन जाना होगा। हालांकि, नरोडा से रवाना होने के बाद यह ट्रेन उदयपुर और चित्तौड़गढ़ अपने तय समय पर ही पहुंचेगी। असारवा-कानपुर सेंट्रल स्पेशल ट्रेन दो घंटे लेट चलेगी दूसरी गाड़ी संख्या 01906, असारवा-कानपुर सेंट्रल स्पेशल ट्रेन कल अहमदाबाद से अपने निर्धारित समय से पूरे 2 घंटे की देरी से रवाना होगी। यह ट्रेन भी अहमदाबाद से चलकर डूंगरपुर, उदयपुर और कोटा होते हुए कानपुर जाती है। अहमदाबाद से लेट चलने के कारण यह ट्रेन उदयपुर सिटी स्टेशन पर भी देरी से पहुंचेगी। इस ट्रेन का उदयपुर पहुंचने का सही समय दोपहर 03:20 बजे है, लेकिन कल यह शाम को करीब 05:20 बजे तक उदयपुर पहुंच पाएगी। ऐसे में उदयपुर से कानपुर रूट की तरफ जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पर इंतजार करना होगा।
सोनीपत के खरखौदा कोर्ट के बाहर हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया की हत्या मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वारदात के दो दिन बाद स्पेशल यूनिट एंटी गैंग्सटर टीम ने यह कार्रवाई की है। वह हत्या की साजिश में शामिल था। पकड़े गए आरोपी की पहचान झज्जर के गांव दुबलधन माजरा निवासी सन्नी के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपित ने हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले हमलावरों को कार उपलब्ध कराने में मदद की थी। पांच दिन के पुलिस रिमांड पर पुलिस ने आरोपित को कोर्ट में पेश कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। अब पुलिस फरार आरोपितों, वारदात में इस्तेमाल हथियारों और वाहन को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। शनिवार को कोर्ट परिसर के बाहर हुई इस सनसनीखेज हत्या ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी थी। कोर्ट के बाहर बरसाई थीं गोलियां जानकारी के अनुसार, झज्जर के गांव दुबलधन निवासी तथा वर्तमान में गुरुग्राम में रह रहे हिस्ट्रीशीटर नीरज उर्फ कातिया शनिवार को अपनी पत्नी द्वारा दर्ज दहेज उत्पीड़न के मामले में पेशी पर खरखौदा कोर्ट पहुंचे थे। पेशी पूरी होने के बाद जैसे ही वह कोर्ट परिसर से बाहर निकले, तभी लघु सचिवालय गेट के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। बताया गया है कि ब्रेजा कार में आए हमलावरों ने पहले नीरज को कार से टक्कर मारी। टक्कर लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा। इसके बाद हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल नीरज ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। भाई की शिकायत पर कई लोगों पर केस हत्या के बाद मृतक के भाई सत्यवान ने थाना खरखौदा में शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गांव के तीन युवकों अमन, साहिल और आर्यन समेत नीरज की पत्नी, उसके भाई तथा अमित और विकास नामक दो अन्य लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। शिकायत में पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद को हत्या की मुख्य वजह बताया गया है। पुलिस शुरू से ही इस एंगल पर जांच कर रही थी कि वारदात पूरी योजना बनाकर अंजाम दी गई है। एंटी गैंग्सटर टीम को सौंपी गई जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जिम्मेदारी सोनीपत पुलिस की स्पेशल यूनिट एंटी गैंग्सटर टीम को सौंपी गई थी। टीम ने तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर कार्रवाई करते हुए सोमवार को आरोपी सन्नी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सन्नी ने वारदात में शामिल आरोपितों को वाहन उपलब्ध कराने में मदद की थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या की पूरी साजिश कब और कहां रची गई थी तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। 5 दिन के रिमांड पर लिया गया आरोपी गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से हत्या में इस्तेमाल हथियार, वाहन और फरार आरोपितों के ठिकानों के बारे में पूछताछ करेगी।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
दमोह जिले के रसीलपुर गांव में सोमवार दोपहर 42 वर्षीय लक्ष्मी पटेल ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का आरोप है कि कर्ज की रकम चुकाने के बाद भी सूदखोर उसे लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने युवक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया है, जिसमें कई लोगों के नाम और उन्हें दी गई रकम का विवरण है। सुसाइड नोट में गोली मारने की धमकी का जिक्र पुलिस द्वारा जब्त सुसाइड नोट में मृतक ने सुरेश पटेल (मझगांव), सुनील पटेल (मंगोलपुर), अमन खान और राजेश महाराज (बसोरी) समेत अन्य लोगों का नाम लिखा है। नोट के अनुसार, सुरेश पटेल पैसा लेने के बाद और रुपयों की मांग कर रहा था और न देने पर गोली मारने की धमकी दे रहा था। वहीं, अमन खान ने हटा आने पर हत्या करने की चेतावनी दी थी। 14 लाख चुकाने के बाद भी दबाव का आरोप मृतक के भाई प्रकाश पटेल ने बताया कि लक्ष्मी ने खेती और अन्य कार्यों के लिए करीब 14 लाख रुपए का लेनदेन किया था। परिजनों का दावा है कि पूरी राशि चुका दी गई थी और इसके लिखित प्रमाण भी मौजूद हैं। इसके बावजूद आरोपी लगातार अधिक पैसों की मांग कर रहे थे, जिससे तंग आकर लक्ष्मी ने घर के पास ही जहर खा लिया। खेती में पार्टनरशिप और जमीन बेचकर चुकाया कर्ज परिजनों ने बताया कि आरोपी सुनील पटेल मृतक के साथ खेती में पार्टनर था और वह भी अवैध रूप से पैसों की मांग कर रहा था। सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख है कि कुछ लोगों का पैसा जगह (जमीन) बेचकर चुकाया जा चुका था। हटा सिविल अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग जांच रही पुलिस हटा थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर केस दर्ज कर गया है। सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग और उसमें दर्ज नामों की सघन जांच की जा रही है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन स्थित एक सोसाइटी में सोमवार शाम भीषण आग लग गई। आग तीसरी मंजिल के एक फ्लैट में लगी। कुछ ही देर में पूरे फ्लैट में फैल गई। चौथी मंजिल का एक फ्लैट भी उसकी चपेट में आ गया। आग के बाद दोनों फ्लैट में धुआं भर गया। 12 लोग फंस गए, उनका दम घुटना लगा। इनमें 4 साल का बच्चा और एक छोटी बच्ची भी थी। सभी को आस-पड़ोस के लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला। आग इतनी भयानक थी कि 20-20 फीट ऊंची लपटें उठीं, 1 किलोमीटर दूर से भी धुआं दिख रहा था। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 5 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने में जुट गईं। एक घंटे में आग पर काबू पाया गया। आग शालीमार गार्डन एक्सटेंशन-1 स्थित एक सोसाइटी के टॉप फ्लोर पर फ्लैट नंबर-815 में लगी। सीएफओ राहुल पाल ने बताया आग में 12 लोग फंसे थे। सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया है। एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग से 2 फ्लैट जले हैं। 2 तस्वीरें देखिए… आाग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
भोपाल के करीब 25 इलाकों में मंगलवार को 4 से 5 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें बरखेड़ीखुर्द, मेंडोरा, शारदा विहार, भानपुर, शिवनगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
पन्ना में IPL सट्टे का भंडाफोड़:दिल्ली-राजस्थान मैच पर दांव लगवाते दो गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
पन्ना पुलिस ने आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा खिलाने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच पर दांव लगवा रहे दो सटोरियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से मोबाइल फोन और वर्चुअल कॉइंस बरामद किए गए हैं। कोतवाली टीआई रोहित मिश्रा ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी। इसके अनुसार, पुरुषोत्तमपुर निवासी आयुष शर्मा और धाम मोहल्ला निवासी अमान खान मोबाइल के माध्यम से आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवा रहे थे। सूचना के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने बताए गए स्थान पर छापा मारकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे दिल्ली कैपिटल्स बनाम राजस्थान रॉयल्स के मैच पर वर्चुअल कॉइन के जरिए सट्टा खिलवा रहे थे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि उन्हें पन्ना निवासी आनंद जड़िया से सट्टे की आईडी और पासवर्ड मिलते थे। इसके बदले में वे आनंद जड़िया को 30 प्रतिशत कमीशन देते थे। वर्चुअल कॉइन्स बरामद पुलिस ने आरोपियों के पास से सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए जा रहे दो मोबाइल फोन (ओप्पो और मोटोरोला, अनुमानित कीमत ₹8,000) और ₹4,700 मूल्य के वर्चुअल कॉइन्स बरामद किए हैं। एक वर्चुअल कॉइन की कीमत ₹1 बताई गई है। पुलिस ने इस मामले को संगठित अपराध मानते हुए आरोपियों के खिलाफ कोतवाली पन्ना में नए कानून की धारा 112(2) BNS और सट्टा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें सोमवार, 18 मई को जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस गिरोह के फरार मुख्य आरोपी आनंद जड़िया की तलाश कर रही है।
सूरजपुर में रामानुजनगर पुलिस ने अवैध मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 14 गायें और तस्करी में इस्तेमाल किया गया एक पिकअप वाहन जब्त किया है। जब्त की गई गायों की कीमत लगभग 2 लाख रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के सख्त निर्देशों पर अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। दरअसल, 16-17 मई 2026 की रात पुलिस को जानकारी मिली कि भुनेश्वरपुर गांव में एक सफेद पिकअप में कई गायों को क्रूर तरीके से भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखकर कुछ लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए, लेकिन मौके से 4 लोगों को पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के नाम मुस्तकीम, अहिबरन, मुर्तजा शाह आलम और महबूब शाह बताए गए हैं। पुलिस ने पिकअप वाहन (नंबर JH 02 BQ 7718) को जब्त कर लिया। वाहन में 7 गायें भरी हुई थीं और 7 गायें बाहर बंधी मिलीं, जिन्हें लोड किया जा रहा था। आरोपियों के पास से मवेशियों के परिवहन के कोई वैध कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने कुल 14 गायों और पिकअप वाहन को जब्त कर लिया। गायों की कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई जा रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता और पशु संरक्षण कानून के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। फरार आरोपियों की तलाश अभी जारी है।
लखनऊ के इंदिरानगर सेक्टर-ए में रहने वाली वरिष्ठ रंगकर्मी विनीता मिश्रा ने कुछ लोगों पर उनके पैतृक मकान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और कोर्ट ने यथास्थिति (स्टेटस क्यूओ) बनाए रखने का आदेश भी दिया है। इसके बावजूद विपक्षी मकान के एक हिस्से पर जबरन कब्जा कर रहा है। सुनवाई न करने का लगाया आरोप सोमवार को विनीता मिश्रा अपने साथी रंगकर्मियों के साथ गाजीपुर थाने पहुंचीं और पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए विरोध जताया। उन्होंने पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सेंगर से भी मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। पुलिस कमिश्नर ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। विनीता मिश्रा ने बताया कि इंदिरानगर सेक्टर-ए स्थित पैतृक मकान में उनके पति डॉ. राकेश मिश्रा, उनके भाई संजय मिश्रा और राहुल मिश्रा का हिस्सा था। आरोप है कि दोनों भाइयों ने डॉ. राकेश मिश्रा की अनुमति के बिना उनके हिस्से का मकान भी एक अधिवक्ता की पत्नी को बेच दिया। जानकारी होने पर उन्होंने इसका विरोध किया और बिक्री विलेख निरस्त कराने के लिए कोर्ट की शरण ली। पीड़िता के मुताबिक, कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष उनके हिस्से के मकान पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कई बार पुलिस से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मकान में फिल्म शूटिंग की मांगी थी अनुमति विनीता मिश्रा का आरोप है कि वर्ष 2024 में दूसरे पक्ष के लोगों ने मकान में फिल्म शूटिंग की अनुमति मांगी थी। शूटिंग के बहाने मकान के भूतल पर कब्जा कर लिया गया। इसकी शिकायत भी पुलिस से की गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। सोमवार को थाने पहुंचे रंगकर्मियों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
राजस्थान पुलिस ने प्रदेशभर में दो दिन नाकाबंदी अभियान चलाया। इसमें अपराधियों, ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों और असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की गई। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत राज्यभर में 810 नाकाबंदी पॉइंट्स स्थापित किए गए। इनमें 47 हजार से अधिक गाड़ियों की जांच की गई। अभियान के दौरान विभिन्न धाराओं में 274 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) वी.के. सिंह ने बताया- अभियान का पहला चरण 16 मई शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक भरतपुर, उदयपुर और कोटा रेंज में चलाया गया। वहीं दूसरे चरण में 17 मई को सुबह 3 बजे से सुबह 6 बजे तक बीकानेर, जोधपुर और जयपुर रेंज के प्रमुख रास्तों पर चलाया गया। पुलिस ने इस दौरान दोपहिया और चौपहिया वाहनों की जांच करते हुए ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। प्रदेशभर में कुल 24 हजार 573 दोपहिया और 22 हजार 531 चौपहिया वाहनों की जांच की गई। वहीं शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट वाहन चलाने पर 11 हजार 504 गाड़ियों पर कार्रवाई की गई। 11 हजार से अधिक एमवी एक्ट की कार्रवाई नाकाबंदी अभियान के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने, बिना हेलमेट वाहन चलाने, बिना सीट बेल्ट, मोबाइल फोन पर बात करते हुए ड्राइविंग करने, फर्जी या बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों और काली फिल्म लगे वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 11 हजार 504 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। इन कार्रवाइयों में: उदयपुर और अजमेर रेंज रही सबसे आगे एमवी एक्ट कार्रवाई में उदयपुर रेंज सबसे सक्रिय रही, जहां 2 हजार 647 मामलों में कार्रवाई की गई। इसके बाद अजमेर रेंज में 2 हजार 576 कार्रवाई दर्ज हुई। इसके अलावा जयपुर रेंज में 1 हजार 795, कोटा रेंज में 1 हजार 768, भरतपुर रेंज में 1 हजार 735, जोधपुर रेंज में 968 तथा बीकानेर रेंज में 15 कार्रवाई कर नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसा गया। 274 आरोपी गिरफ्तार, कई मामलों में मुकदमे दर्ज अभियान के दूसरे चरण में पुलिस ने अपराधियों, तस्करों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष कार्रवाई करते हुए 274 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 12 प्रकरण आर्म्स एक्ट, 41 प्रकरण आबकारी अधिनियम, 10 प्रकरण एनडीपीएस एक्ट और 62 मामले अन्य विशेष एवं स्थानीय कानूनों के तहत दर्ज किए गए। इसके अलावा 73 अपराधियों को विभिन्न एफआईआर और प्रकरणों में गिरफ्तार किया गया, जबकि बीएनएसएस के तहत कार्रवाई करते हुए 170 मामलों में 201 व्यक्तियों को पकड़ा गया। अवैध हथियार, शराब और वाहन भी जब्त अभियान के दौरान कई स्थानों पर अवैध हथियार, शराब और संदिग्ध वाहनों की भी बरामदगी की गई। कोटा रेंज में पुलिस ने 5 धारदार हथियार, 120 पव्वे देशी शराब और 2 लीटर कच्ची शराब जब्त की। साथ ही 27 वाहनों को जब्त कर कार्रवाई की गई। वहीं भरतपुर रेंज पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 लीटर अवैध शराब बरामद की। वहीं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत 61 संदिग्ध वाहनों को सील किया। एडीजी वी.के. सिंह ने कहा- अपराध नियंत्रण, सड़क सुरक्षा तथा संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इस प्रकार के संयुक्त अभियान जारी रहेंगे।

