खरगोन जिले में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण कपास की बुवाई में तेजी आई है। अब तक 1.05 लाख हेक्टेयर में कपास की बोवनी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 51 प्रतिशत है। यह बुवाई मुख्य रूप से नर्मदा क्षेत्र के कसरावद, महेश्वर और बड़वाह इलाकों में हुई है। पिछले साल हुई जोरदार सरकारी खरीदी के कारण इस वर्ष बुवाई के रकबे में लगभग 300 हेक्टेयर की वृद्धि का अनुमान है। प्री-मानसून की बारिश से तापमान 38-39 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है, जो कपास की बोवनी के लिए अनुकूल माना जाता है। इससे आने वाले दिनों में बुवाई में और तेजी आने की संभावना है। मध्य प्रदेश में सबसे अधिक कपास का उत्पादन खरगोन जिले में होता है। इस साल जिले में 2.09 लाख हेक्टेयर (209800 हेक्टेयर) में कपास की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल 2.09 लाख हेक्टेयर (209500 हेक्टेयर) में कपास लगाया गया था। सहायक संचालक कृषि प्रकाश ठाकुर ने बताया कि लू का असर कम हो गया है और सिंचाई के साधनों वाले क्षेत्रों में कपास की बोवनी के लिए यह अनुकूल समय है। उन्होंने पुष्टि की कि इस वर्ष 2.09 लाख हेक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के कई जिलों के प्रभारी मंत्रियों में बदलाव किया है। इसी क्रम में मंत्री स्वतंत्र प्रभार दिनेश प्रताप सिंह को बहराइच का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया गया है। इससे पहले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही जनपद के प्रभारी मंत्री का कार्यभार देख रहे थे। उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन और कृषि विदेश व्यापार विभाग के स्वतंत्र प्रभार मंत्री दिनेश प्रताप सिंह अब बांदा के साथ-साथ बहराइच का भी कार्यभार संभालेंगे। वहीं, कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही को अब अयोध्या और बस्ती जनपद का प्रभार सौंपा गया है। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह को प्रभारी मंत्री बनाए जाने पर पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। जिले के राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो यहां पिछड़े और ब्राह्मण मतदाताओं के साथ-साथ कैसरगंज, पयागपुर और सदर विधानसभा में क्षत्रिय मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। जिले की कैसरगंज लोकसभा सीट से पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के बेटे करण भूषण सिंह भाजपा से सांसद हैं।
ग्रेटर नोएडा में केले के गोदाम में आग:दमकल ने बुझाई, एक ऑटो भी जलकर राख
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के तुगलपुर में आज तड़के केले के एक गोदाम में आग लग गई। 3 जून 2026 को सुबह लगभग 3:15 बजे हुई इस घटना में लाखों का सामान जलकर राख हो गया और गोदाम के बगल में खड़ा एक ऑटो भी आग की चपेट में आ गया। दमकल विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। पुलिस को तुगलपुर हल्द्वाना स्थित केले के गोदाम में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही नॉलेज पार्क यूनिट की फायर सर्विस टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। सहायता के लिए ग्रेटर नोएडा इकोटेक फास्ट एक्सप्रेसवे से भी दमकल की गाड़ियां बुलाई गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह गोदाम मैनपुरी निवासी सुरेंद्र यादव का था। आग से गोदाम में रखा केले का लाखों का सामान नष्ट हो गया। गोदाम के ठीक बगल में खड़ा एक ऑटो भी पूरी तरह जलकर राख हो गया। हालांकि, इस घटना में किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है।
हापुड़ में प्रदेश सरकार ने राज्यमंत्री केपी मलिक को जनपद हापुड़ का प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है। राजनीतिक विश्लेषक इस नियुक्ति को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं। हापुड़ जिले की गढ़मुक्तेश्वर और हापुड़ विधानसभा सीटों पर जाट मतदाताओं की प्रभावी उपस्थिति को देखते हुए यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हापुड़ की 2 विधानसभा पर होगा असर दरअसल, राज्यमंत्री केपी मलिक पड़ोसी बागपत जनपद से आते हैं और बड़ौत विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार में वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में राज्यमंत्री के रूप में कार्यरत हैं। हापुड़ से उनकी भौगोलिक और सामाजिक निकटता उन्हें जिले के राजनीतिक और सामाजिक ताने-बाने को बेहतर ढंग से समझने में सहायक होगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समुदाय का प्रभाव कई विधानसभा क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाता है। ऐसे में केपी मलिक की नियुक्ति से पार्टी संगठन को भी मजबूती मिलने की संभावना है। आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनजर यह फैसला राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकारी याेजना का आमजन को मिले लाभ दैनिक भास्कर के संवाददाता दानिश से फोन पर हुई बातचीत में प्रभारी मंत्री केपी मलिक ने अपनी प्राथमिकताएं बताईं। उन्होंने कहा कि जनपद हापुड़ का सर्वांगीण विकास उनकी मुख्य प्राथमिकता है। केंद्र और प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना उनकी जिम्मेदारी होगी। उन्होंने बताया कि जिले में विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। राज्यमंत्री केपी मलिक ने कहा कि सरकार की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर हापुड़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। उनकी नियुक्ति के बाद जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
बिलासपुर के बिल्हा थाना क्षेत्र स्थित मोहभट्ठा मेला परिसर में 11 केवी बिजली लाइन पर काम करते समय ठेका श्रमिक करंट लगने से झुलस गया। घटना के दौरान बिजली तारों में स्पार्क हुआ और श्रमिक तारों के बीच लटक गया। साथियों ने तत्काल झुलसे श्रमिक को खंभे से नीचे उतारा। उसे गंभीर हालत में सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, श्रमिक का लगभग 20 प्रतिशत शरीर झुलस गया है। जानकारी के अनुसार, ठेका कंपनी की ओर से बिजली लाइन से जुड़े मरम्मत कार्य के लिए कर्मी को खंभे पर चढ़ाया गया था। आरोप है कि जिस 11 केवी लाइन पर काम चल रहा था, उसे पूरी तरह से शटडाउन नहीं किया गया था, जिसके कारण यह हादसा हुआ। सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने ठेका कंपनी पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कर्मी को मानक सुरक्षा किट, हेलमेट, इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। सुरक्षा संसाधनों के अभाव में उसे हाई वोल्टेज लाइन पर काम करने भेजा गया। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली लाइनों पर कार्य से पहले लाइन को पूरी तरह शटडाउन, अर्थिंग और सुरक्षा जांच अनिवार्य होती है। यदि इन प्रक्रियाओं का पालन किया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था। मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेका कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
कैथल में गाड़ियों की एजेंसी में लगी आग:आठ गाड़ियां जलीं, खाली प्लॉट से एजेंसी तक पहुंची लपटें
कैथल में अंबाला रोड पर स्थित कीया गाड़ियों की एजेंसी में आग लग गई, जिसमें तीन गाड़ियां पूरी तरह से जल गई, जबकि पांच अन्य गाड़ियों को भी काफी नुकसान हुआ है। हालांकि आग लगने के स्पष्ट कारण पता नहीं लग पाए हैं, लेकिन एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि आग पास में बने एक प्लॉट में लगी थी और गाड़ियों की एजेंसी तक पहुंच गई। इस संबंध में गाड़ी एजेंसी के मैनेजर ने तुरंत इसकी सूचना फायर ब्रिगेड विभाग को दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची और गाड़ियों में लगी आग को बुझाया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। खाली प्लॉट से एजेंसी में गाड़ियों तक पहुंची लपटें एजेंसी के मैनेजर शिवराम सिंह ने बताया कि आग गाड़ियों की एजेंसी के साथ एक खाली प्लॉट में घास फूंस में आग लगी थी। यह पता नहीं लग पाया है कि यह आग किसने लगाई है। एजेंसी और प्लाट के बीच में जालियों की अस्थाई दीवार बनाई गई है। आग की लपटें जालियों के अंदर से होते हुए गाड़ियों तक पहुंच गई और कई गाड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। पुलिस को देंगे शिकायत मैनेजर ने बताया कि तीन गाड़ियां पूरी तरह से जल गई और पांच गाड़ियों को भी जलने के कारण नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गाड़ियां जलने से एजेंसी को करीब 80 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। इस संबंध में वे पुलिस को भी शिकायत देंगे। फायर ब्रिगेड के स्टेशन इंचार्ज राजकुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड गाड़ियां मौके पर पहुंच गई थी। आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल एजेंसी में हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उसी के आधार पर कार्यवाही आगे बढ़ाई जाएगी।
ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में जेल भेजे जाने के बाद आरोपी रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ के शुरुआती 18 घंटे सामान्य दिनचर्या के साथ बीते। जेल प्रशासन के मुताबिक दोनों का मेडिकल चेकअप किया गया। गिरिबाला ने रात में आराम से नींद ली, जबकि समर्थ कुछ घबराहट में नजर आया। वह बैरक की टिप्टी पर करवटें बदलता रहा। दोनों ने जेल का सामान्य खाना खाया, हालांकि गिरिबाला ने चने की दाल खाने से इनकार कर दिया। शाम को खाई कड़ी-पकौड़े की सब्जी और रोटी मंगलवार शाम पांच बजे जेल पहुंचने के बाद गिरिबाला सिंह और समर्थ को शाम 6 बजे सामान्य कैदियों की तरह भोजन दिया गया। अलग-अलग बैरक में दोनों ने कड़ी-पकौड़े की सब्जी और रोटी खाई। जेल प्रशासन के अनुसार दोनों ने किसी विशेष डाइट की मांग नहीं की और सामान्य खाना ही लिया। नाश्ते में नमकीन दलिया और चाय ली बुधवार सुबह नाश्ते में दोनों को नमकीन दलिया और चाय दी गई। दोनों ने नाश्ता किया। गिरिबाला और समर्थ ने एक जैसी डाइट ली और किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं की। गिरिबाला ने जेल अधिकारियों से बातचीत में स्वयं को किसी तरह की बीमारी से ग्रस्त नहीं बताया। वे बेहद संजीदगी से जेल अधिकारियों से बात कर रही थीं। उन्होंने केस को लेकर भी स्वयं को पाजिटिव बताया, कहा कि हमें कानून पर भरोसा है। मैने और बेटे ने कुछ भी गलत नहीं किया है। दोपहर के खाने में चने की दाल से गिरिबाला ने किया इनकार बुधवार दोपहर 12 बजे दोनों को खाना दिया गया, जिसमें करेले की सब्जी, चने की दाल, रोटी और सादे चावल शामिल थे। गिरिबाला सिंह ने चने की दाल खाने से इनकार कर दिया। उन्होंने जेल प्रबंधन को बताया कि वह चने की दाल नहीं खाती हैं। वहीं समर्थ ने दाल सहित पूरा भोजन लिया। मेडिकल चेकअप में दोनों फिट, कोई दवा नहीं चल रही जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह का मेडिकल चेकअप किया गया है। वह शारीरिक रूप से फिट हैं और उन्हें किसी बीमारी की शिकायत नहीं है। उन्होंने बताया कि कोई नियमित दवा भी नहीं चल रही है। समर्थ का मेडिकल चेकअप बुधवार को किया जाना है। हालांकि वह स्वयं को फिजिकली फिट बता रहा है। बेटे सिद्धार्थ ने की मुलाकात, गिरिबाला सामान्य तो समर्थ तनाव में दिखा बुधवार सुबह गिरिबाला सिंह और समर्थ से मुलाकात के लिए बड़ा बेटा सिद्धार्थ जेल पहुंचा। उसने पहले समर्थ से मुलाकात की, इसके बाद गिरिबाला सिंह से भी मिला। जेल सूत्रों के अनुसार गिरिबाला के चेहरे पर कोई खास तनाव नजर नहीं आया और उन्होंने रात को सामान्य नींद ली। वहीं समर्थ कुछ घबराया हुआ था और उसकी रात बेचैनी में गुजरी। जेल में मां-बेटे को यह मिली है पहचान जिन आदेशों पर कभी सैकड़ों आरोपी भोपाल सेंट्रल जेल पहुंचे, मंगलवार को वही पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह भी उसी जेल में दाखिल हुईं। ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई रिमांड पूरी होने के बाद कोर्ट ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसके बाद दोनों को भोपाल सेंट्रल जेल में दाखिल कराया गया। जेल प्रशासन के अनुसार गिरिबाला सिंह को महिला विंग के मेडिकल खंड में रखा गया है। अदालत ने उन्हें अन्य बंदियों से अलग रखने की मांग स्वीकार कर ली थी। यहां उनके साथ चार अन्य महिला कैदी भी हैं। जेल रिकॉर्ड में उन्हें आमद नंबर 71 दिया गया है। यही उनकी नई पहचान है। वहीं समर्थ सिंह को सेंट्रल जेल की बैरक नंबर-4 के बी खंड में रखा गया है, जहां उसके साथ 15 अन्य कैदी हैं। समर्थ को आमद नंबर 1782 दिया गया है। जानिए जेल में दोनों को क्या कुछ दिया गया जेल में दोनों को नियमों के अनुसार सामान्य सुविधाएं दी गई हैं। उन्हें एक-एक थाली, कटोरी और चादर उपलब्ध कराई गई है। जेल की दिनचर्या के मुताबिक सुबह 6 बजे चाय, 7 बजे नाश्ता, 11 से 12 बजे के बीच भोजन, दोपहर 3 बजे चाय और शाम 6 बजे रात का खाना दिया जाएगा।कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाया था। दोनों आरोपियों को पीछे के गेट से कोर्ट लाया गया और आसपास मौजूद लोगों को मोबाइल इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी गई। कोर्ट में ट्विशा के वकील पर मीडिया ट्रायल कराने के आरोप लगाए गिरिबाला की ओर से लीगल एड डिफेंस की टीम ने पक्ष रखा, जबकि समर्थ की ओर से अधिवक्ता एनॉश जॉर्ज कार्लो पेश हुए। कोर्ट में गिरिबाला ने ट्विशा के वकीलों पर मीडिया ट्रायल कराने का आरोप लगाया। इससे पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष भी रखा था। ये खबर भी पढ़ें… ट्विशा केस- CBI ने 80kg की डमी फंदे पर लटकाई भोपाल के ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही CBI टीम सोमवार को सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को लेकर घटनास्थल पहुंची। टीम ने वहां घटना का रीक्रिएशन कर यह समझने की कोशिश की कि उस दिन क्या हुआ था। पूरी खबर पढ़ें…
राजस्थान सहकारिता मंत्री गौतम दक के खिलाफ रिटायर्ड पुलिसकर्मियों और विभिन्न संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। मंत्री गौतम दक द्वारा पुलिसकर्मियों के साथ कथित रूप से किए गए दुर्व्यवहार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मंत्री को तुरंत पद से बर्खास्त करने की मांग की गई है। शपथ के उल्लंघन का आरोप, मामला दर्जसंगठनों ने कहा- मंत्री ने अपने पद और गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन किया है। इस घटना को लेकर डूंगला थाने में भी मामला दर्ज हो चुका है। संवैधानिक मर्यादाओं और शपथ का उल्लंघन करने के आरोप में सहकारिता मंत्री गौतम दक को तत्काल प्रभाव से मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग की है। 15 दिन का अल्टीमेटम दियासरकार और प्रशासन को 15 दिनों के अंदर ठोस कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया गया है। चेतावनी दी है कि यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेश के समस्त रिटायर्ड पुलिसकर्मी, अन्य कर्मचारी संगठन और जनता मिलकर सरकार के खिलाफ उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस दौरान रामलाल, कपुराराम, महमूद खान, ओराराम, उदाराम सहित संगठन के कई सदस्य मौजूद रहे। ये है पूरा मामलाज्ञापन के अनुसार, यह पूरी घटना 25 मई 2026 की बताई गई है। आरोप है कि सहकारिता मंत्री गौतम दक ने चित्तौड़गढ़ जिले के डूंगला थाने में में तैनात थानाधिकारी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। ज्ञापन में कहा गया है कि मंत्री की ओर से पुलिसकर्मियों के लिए गाली-गलौज, अमर्यादित और अश्लील भाषा का प्रयोग कर उन्हें अपमानित किया गया।
शिवपुरी जिले की पिपरसमा अनाज मंडी के बाहर बुधवार को प्याज से भरी सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के कारण लंबा जाम लग गया। मंडी में प्याज की भारी आवक के चलते पिपरसमा मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे किसान, राहगीर और अन्य वाहन चालक घंटों फंसे रहे। जानकारी के अनुसार, मंडी में प्याज की आवक सामान्य से काफी अधिक होने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की संख्या बढ़ गई। कई किसानों ने अपनी ट्रॉलियां सड़क किनारे और मार्ग पर ही खड़ी कर दीं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। देखते ही देखते सड़क के दोनों ओर लगभग तीन से चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जो तीन घंटे से अधिक समय तक बना रहा। इस जाम के कारण मंडी में होने वाली प्याज की नीलामी (डाक) भी प्रभावित हुई। किसानों और आम लोगों ने मंडी प्रबंधन की अव्यवस्थित व्यवस्थाओं पर नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि मंडी में पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण हर साल आवक बढ़ने पर ऐसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। मंडी सचिव बालेश शुक्ला ने बताया कि बुधवार को प्याज की आवक सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक थी। कुछ किसानों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां सड़क पर खड़ी करने से जाम की स्थिति बनी। समस्या को देखते हुए मंडी का दूसरा गेट खुलवाया गया और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को अंदर प्रवेश दिलाया गया। इसके बाद धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो गया और जाम समाप्त हो गया।
शामली के आनंद अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान एक महिला के पेट में तौलिया छोड़ने का मामला सामने आया है। इस लापरवाही के कारण महिला की मेरठ के एक अस्पताल में मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर अस्पताल और आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना शामली जनपद के सदर कोतवाली क्षेत्र की सिटी स्थित सलेक विहार कॉलोनी के आनंद अस्पताल की है। थाना भवन थाना क्षेत्र के उस्मानपुर निवासी छत्रपाल ने अपनी पत्नी रितिका को डिलीवरी के लिए इस अस्पताल में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए रितिका के पेट में तौलिया छोड़ दिया था। इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित परिवार रितिका को दूसरे ऑपरेशन के लिए मेरठ के एक अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड के बाद ऑपरेशन करते हुए वीडियोग्राफी के माध्यम से इस लापरवाही का पर्दाफाश किया। डॉक्टर के खिलाफ नहीं हुई कार्रवाई महिला की मौत के बाद परिजनों ने घटना का वीडियो वायरल किया और आरोपी डॉक्टरों व अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पीड़ितों की तहरीर पर सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने घटना के 4 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक अस्पताल और संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। अस्पताल अभी भी सामान्य रूप से संचालित हो रहा है। इस मामले में जब शामली के सीएमओ अनिल कुमार से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
शहर के मुस्लिम समाज और वक्फ इंतजामिया कमेटी अंजुमन इस्लाम ने बुधवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें कब्रिस्तानों, मजारों और वक्फ संपत्तियों पर कथित अतिक्रमण हटाने तथा भूमि को सुरक्षित करने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि शहर की विभिन्न वक्फ संपत्तियों पर लगातार कब्जे और निर्माण कार्य हो रहे हैं। इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं और भविष्य में शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। यह ज्ञापन वक्फ इंतजामिया कमेटी के सदर अकरम खान और शहर काजी काजी अतीक उल्लाह कुरैशी के नेतृत्व में दिया गया। इसमें पाली रोड स्थित मुख्य कब्रिस्तान का उल्लेख किया गया है, जहां शहर के अधिकांश मुस्लिम समुदाय के शव दफनाए जाते हैं। कमेटी ने आरोप लगाया है कि इस कब्रिस्तान की भूमि पर लगातार अतिक्रमण हो रहा है। कब्रिस्तान से लगे कुछ मकानों से शौचालय और नालियों का गंदा पानी कब्रिस्तान की ओर छोड़ा जा रहा है, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। कब्रिस्तान का मुद्दा उठाया मुस्लिम समाज ने प्रशासन की निगरानी में कब्रिस्तान की बाउंड्री वॉल के निर्माण और रास्ते में मौजूद अतिक्रमण को हटाने की मांग की है। ज्ञापन में बगवाज रोड स्थित अब्बासी कब्रिस्तान, गौशाला के पीछे स्थित रंगरेज कब्रिस्तान और बस स्टैंड के पीछे अंसारी कब्रिस्तान पर भी अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। मजार के पास से हटाया जाए अतिक्रमण मुस्लिम समाज ने जैदा तिराहे पर स्थित मिट्टी शाह मजार से जुड़ी भूमि का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में बताया गया है कि इस भूमि से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है और स्थगन आदेश भी प्राप्त है। इसके बावजूद, कथित रूप से भूमि की प्लॉटिंग और विक्रय का प्रयास किया जा रहा है। समाज का कहना है कि यदि यह भूमि वक्फ या औकाफ संपत्ति है, तो इसका उपयोग केवल धार्मिक एवं सामुदायिक हितों के लिए होना चाहिए। इसे बेचने या कॉलोनी विकसित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। समाज ने प्रशासन से भूमि की यथास्थिति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार के निर्माण और विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में कंडेल बाजार स्थित अंजुमन इस्लाम की संपत्ति पर भी कब्जे का आरोप लगाया गया है। कई स्थानों पर हो चुका है अतिक्रमण समाज का कहना है कि मकान के कमरा क्रमांक 7 और 8 सहित खुली भूमि पर अतिक्रमण कर निर्माण कार्य किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर, एसडीएम, नगर पालिका और थाना प्रभारी को पूर्व में लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मुस्लिम समाज ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो समाज शांतिपूर्ण आंदोलन करेगा। ज्ञापन में आंदोलन की स्थिति में उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया गया है।
शामली सीएससी का औचक निरीक्षण:DM ने स्वास्थ्य सेवाओं की जांच कर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
जिलाधिकारी आलोक सिंह यादव ने आज शामली सिटी सीएससी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई, मरीजों को मिलने वाली दवाइयां, लैब, जन औषधि केंद्र, इमरजेंसी और महिला इमरजेंसी वार्ड सहित विभिन्न कार्यक्षेत्रों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सुविधाओं की गहन जांच की और सीएससी प्रभारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। डीएम ने लाू वार्ड, जन औषधि केंद्र, इमरजेंसी वार्ड और महिला इमरजेंसी वार्ड जैसी चिकित्सा इकाइयों का अवलोकन किया। स्वास्थ्य केंद्र की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किए गए सुधारों पर जिलाधिकारी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित किया कि मरीजों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही, स्वच्छता, दवाओं की उपलब्धता और आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
पलवल में महिलाओं के एक समूह को लोन दिलाने के नाम पर एक महिला फाइनेंसर ने साढ़े सात लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी महिला फरार हो गई। पुलिस ने पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। शहर थाना प्रभारी श्रीभगवान के अनुसार, गहलब गांव निवासी गजना, रचना, शांति, सुनीता और अन्नू सहित लगभग 25 महिलाओं के एक समूह ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि टहरकी गांव निवासी मनीषा फाइनेंस का काम करती है और महिलाओं के समूह बनाकर लोन दिलाती है। मनीषा ने इसके लिए बांस मोहल्ला, पलवल में अपना कार्यालय खोला हुआ था। छोटी रकम देकर जीता भरोसा शिकायतकर्ताओं ने बताया कि मनीषा ने पहले भी 40 अन्य महिलाओं और उन्हें 30 से 50 हजार रुपए तक का ग्रुप लोन दिलाया था, जिसे उन्होंने चुका दिया था। इससे मनीषा पर उनका विश्वास बन गया था। इसके बाद मनीषा ने उन्हें 20 लाख रुपए का बड़ा लोन दिलाने का वादा किया। इस बड़े लोन के लिए मनीषा ने प्रत्येक महिला से 20 से 25 हजार रुपए फाइल चार्ज के नाम पर लिए। पैसे देने के काफी समय बाद भी जब लोन नहीं मिला, तो महिलाओं ने मनीषा से संपर्क किया। मनीषा ने उन्हें बताया कि उनका लोन अभी मंजूर नहीं हुआ है और इसमें समय लगेगा। ऑफिस बंद कर फरार हुई महिला बाद में जब महिलाएं बांस मोहल्ला स्थित मनीषा के कार्यालय गईं, तो वह वहां नहीं मिली और उसका फोन भी बंद था। उन्हें पता चला कि आरोपी महिला रात के समय अपना सारा सामान लेकर कार्यालय बंद कर फरार हो चुकी है। पीड़ित महिलाओं ने पहले हथीन गेट पुलिस चौकी, एसपी कार्यालय पलवल और सीएम विंडो पर शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने डीसी से गुहार लगाई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके बाद पीडित महिलाओं ने इसकी शिकायत डीसी कार्यालय में दी। जिस पर कार्रवाई करते हुए शहर थाना पुलिस ने आरोपी महिला मनीषा के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुना शहर की रसीद कॉलोनी निवासी एक विवाहिता ने अपने पति, सास और देवर पर प्रताड़ना व धोखेबाजी के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति ने धोखे से उसके साथ तीसरी शादी की थी और अब वह उसे छोड़कर चौथी शादी रचाने जा रहा है। महिला ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक शिकायत शाखा ने आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। कलेक्टोरेट पहुंची पीड़िता राहिला तवस्सुम ने बताया कि सोहिल कुरेशी ने उसे धोखे में रखकर शादी की थी। शादी के एक साल बाद उसे पता चला कि यह सोहिल की तीसरी शादी है। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति आए दिन उसके साथ गाली-गलौज और बेरहमी से मारपीट करता है। इस प्रताड़ना में उसकी सास हजारा बानो और देवर अरजान उर्फ आदिल भी शामिल हैं, जो लगातार उसके पति को भड़काते हैं। चरित्र पर उठाए सवाल, बेरहमी से पीटापीड़िता के अनुसार, उसका पति उसके चरित्र पर झूठे लांछन लगाता है और मायके वालों को जान से मारने की धमकियां देता है। बीती 2 मई को भी आरोपियों ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी। जब महिला के पिता ने और अधिक दहेज देने में असमर्थता जताई, तो आरोपी पति ने राहिला को घर से बाहर निकाल दिया। पत्नी के नाम पर लिया एक लाख का लोन, रिश्तेदारों से ऐंठे 2 लाखआवेदन में महिला ने आर्थिक उत्पीड़न का भी खुलासा किया है। उसने बताया कि सोहिल ने उसके नाम पर करीब एक लाख रुपए का लोन ले रखा है। वह इसकी किश्तें जमा नहीं कर रहा है, जिसके कारण बैंक कर्मचारी महिला को मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं। इसके अलावा आरोपी पति अब तक उसके परिवार और रिश्तेदारों से दो लाख रुपए नकद ऐंठ चुका है। पहले भी की थी शिकायत, नहीं हुई कार्रवाईपीड़िता ने बताया कि वह पहले भी इस मामले में कई बार शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिला ने जिला प्रशासन और पुलिस से अपनी जान-माल की रक्षा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रांची जिले के बेड़ो थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरानापानी लापुंग मोड़ के पास बुधवार को एक सड़क हादसा हुआ। एक वाहन को ओवरटेक करने के प्रयास में मिर्च लदा सवारी टेंपू अनियंत्रित होकर पलट गया। इस दुर्घटना में टेंपू पर सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक की पहचान सिसई मुरगु मेड़ियाटोली निवासी 29 वर्षीय सुखदेव उरांव के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, मिर्च लदा सवारी टेंपू भरनो से बेड़ो की ओर जा रहा था। पुरानापानी लापुंग मोड़ के पास टेंपू चालक ने आगे चल रहे एक अन्य वाहन को ओवरटेक करने का प्रयास किया। तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर से नियंत्रण खो बैठा और टेंपू सड़क पर पलट गया। हादसे के समय वाहन में कुल चार लोग सवार थे, जो मिर्च के साथ बेड़ो आ रहे थे। टेंपू पलटने से उसमें सवार 29 वर्षीय सुखदेव उरांव वाहन के नीचे दब गए, जिससे उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे में भरनो मदनपुर छप्परटोली ग्राम निवासी सीताराम उरांव, सुका उरांव और एक अन्य सुखदेव उरांव गंभीर रूप से घायल हो गए। सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही ईटा पंचायत के पूर्व मुखिया बुधराम बाड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बेड़ो थाना पुलिस और प्रशासन को हादसे की जानकारी दी। पूर्व मुखिया बुधराम बाड़ा ने स्थानीय सहयोगियों सतवीर मिंज, प्रदीप बाड़ा, नईम हुसैन, बारीक खान, सोमरा उरांव, विकास ठाकुर और अन्य ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को बेड़ो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) भेजा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की देखरेख में घायलों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। इधर, सूचना मिलते ही बेड़ो थाना की पुलिस दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने मृतक सुखदेव उरांव के शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दुर्घटनाग्रस्त टेंपू को जब्त कर पुलिस मामले की विस्तृत छानबीन और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। इस हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया है और गांव में शोक की लहर है।
हरदोई के मेडिकल कॉलेज में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल में चार ऑक्सीजन प्लांट होने के बावजूद मरीजों को कंसंट्रेटर और सिलिंडर के भरोसे इलाज मिल रहा है। इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था अधूरी है। मेडिकल कॉलेज की 60 बेड क्षमता वाली इमरजेंसी में केवल रेड जोन के 10 और येलो जोन के लगभग 15 बेडों तक ही ऑक्सीजन लाइन पहुंची है। ट्राएज एरिया समेत कई अन्य बेडों पर पाइपलाइन सुविधा नहीं है। गंभीर मरीजों को तत्काल ऑक्सीजन के लिए कंसंट्रेटर और सिलिंडर का उपयोग करना पड़ता है। कोविड काल में ऑक्सीजन संकट के बाद प्रधानमंत्री केयर फंड और जनसहयोग से अस्पताल में कई ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे। इमरजेंसी के लिए 500 लीटर प्रति मिनट क्षमता का एक अलग प्लांट भी स्थापित किया गया। इसके बावजूद ट्राएज एरिया तक पाइपलाइन नहीं बिछाई जा सकी है। रेड और येलो जोन में भी तकनीकी खराबी के कारण ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती रहती है। यह स्थिति केवल इमरजेंसी तक सीमित नहीं है। बच्चों के 42 बेड वाले पीकू वार्ड और 10 बेड की आईसीयू में पाइपलाइन होने के बावजूद नियमित सप्लाई प्रभावित रहती है। यहां भर्ती मरीजों को भी सिलिंडर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर निर्भर रहना पड़ता है। ऑक्सीजन संयंत्र चालू होने के बावजूद अस्पताल को हर दस दिन में निजी एजेंसियों से सिलिंडर रिफिल कराने पड़ते हैं। मई महीने में कुल 86 सिलिंडरों की रिफिलिंग पर लगभग 35 से 40 हजार रुपये खर्च हुए। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने बताया कि प्लांट संचालित हैं और ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही है। ट्राएज एरिया में पाइपलाइन विस्तार का प्रस्ताव तैयार है और इस पर जल्द काम शुरू होगा। तब तक मरीजों को वैकल्पिक व्यवस्था के तहत इलाज दिया जा रहा है।
अशोकनगर जिले के केशोपुर गांव में बुधवार सुबह खेत जोतते समय ट्रैक्टर पलटने से एक किसान की मौत हो गई। मृतक की पहचान 36 वर्षीय रामेश्वर तिवारी पुत्र हरि नारायण तिवारी के रूप में हुई है। रामेश्वर तिवारी अपने घर से ट्रैक्टर लेकर खेत जोतने गए थे। उनके साथ एक अन्य व्यक्ति भी था। ट्रैक्टर रिवर्स करते समय वह पीछे एक गहरी खाई में पलट गया। हादसे में रामेश्वर तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें और उनके साथी को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने रामेश्वर तिवारी को मृत घोषित कर दिया। उनके घायल साथी का इलाज जारी है। जिला अस्पताल में मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
एमसीबी जिले के भरतपुर विकासखंड के ग्राम चरखर में मंगलवार शाम आकाशीय बिजली गिरने से महिला मजदूर की मौत हो गई। इस घटना में 5 अन्य महिलाएं घायल हुई हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। यह हादसा उस समय हुआ, जब चरखर गांव में डैम निर्माण कार्य चल रहा था। जानकारी के अनुसार, लगभग 58 मजदूर कार्यस्थल पर मौजूद थे। अचानक मौसम खराब होने के बाद तेज आंधी, गर्जना और बारिश शुरू हो गई। मजदूर सुरक्षित स्थान की ओर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी तेज चमक के साथ बिजली गिर गई। बिजली की चपेट में आने से सुशीला सिंह (30) की मौके पर ही मौत हो गई। घायल हुई पांच महिला मजदूरों को जनकपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घायल दो महिलाओं की हालत गंभीर अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इनमें से दो महिलाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पंचायत और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मौसम लगातार खराब हो रहा था और बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका थी। खराब मौसम के बावजूद मजदूरों को नहीं हटाया गया इसके बावजूद मजदूरों को कार्यस्थल से नहीं हटाया गया। उन्होंने मजदूरों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था या सतर्कता न बरतने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के काफी देर बाद तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी है। मुआवजे, बेहतर इलाज और दोषियों पर कार्रवाई की मांग उनका कहना है कि यदि समय रहते मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लिया जाता और सुरक्षा के उचित इंतजाम किए जाते तो इस हादसे को टाला जा सकता था। ग्रामीणों ने मृतक महिला के परिजनों को उचित मुआवजा, घायलों के बेहतर उपचार तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उन्नाव को मिली नई प्रभारी मंत्री:उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी को मिली जनपद की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्नाव जनपद के लिए नई प्रभारी मंत्री की नियुक्ति की है। हरदोई की शाहाबाद विधानसभा सीट से विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री रजनी तिवारी को उन्नाव का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। बुधवार को भाजपा सरकार द्वारा जारी सूची में उनके नाम की घोषणा की गई। इस घोषणा के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रशासनिक महकमे में नई जिम्मेदारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। प्रभारी मंत्री के तौर पर रजनी तिवारी जनपद में सरकारी योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों की निगरानी और विभिन्न विभागों के कार्यों का मूल्यांकन करेंगी। वह जिला योजना समिति की बैठकों की अध्यक्षता भी करेंगी और जनपद में संचालित विकास परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान देंगी। सूत्रों के अनुसार, प्रभारी मंत्री के रूप में उनका पहला उन्नाव दौरा गुरुवार को संभावित है। हालांकि, अभी तक आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जिला प्रशासन उनके संभावित आगमन को देखते हुए आवश्यक व्यवस्थाओं में जुट गया है। उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी रजनी तिवारी प्रदेश की राजनीति में एक सक्रिय और अनुभवी जनप्रतिनिधि हैं। वह कई बार विधायक चुनी जा चुकी हैं और वर्तमान में योगी सरकार में उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। अब उन्नाव जिले की जिम्मेदारी मिलने के बाद विकास योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। जनपद के भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रजनी तिवारी को प्रभारी मंत्री बनाए जाने का स्वागत किया है। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि उनके अनुभव का लाभ जिले को मिलेगा और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो सकेगा। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, प्रभारी मंत्री के आगमन पर विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की समीक्षा बैठकें आयोजित की जा सकती हैं। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब इलेक्ट्रिक कार (EV) से सफर करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन शामिल करने का फैसला किया है। इसके लिए महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक कार महिंद्रा XEV 9e खरीदी गई है, जो बुधवार से मुख्यमंत्री के काफिले का हिस्सा बनेगी। सीएम आज शाम दिल्ली रवाना होते समय मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर तक इसी कार से जाएंगे। महिंद्रा का दावा है कि यह कार एक बार चार्ज करने पर 500km चलती है। विकसित भारत 2047 से जुड़ा है कार का नंबर मुख्यमंत्री की नई इलेक्ट्रिक कार को नंबर MP 03 VB 2047 मिला है। इसमें 'VB' का मतलब विकसित भारत और '2047' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साल 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दर्शाता है। इस नंबर के जरिए पर्यावरण संरक्षण और विकसित भारत के लक्ष्य का संदेश देने की कोशिश की गई है। पहले भी घटा चुके हैं काफिले की गाड़ियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इससे पहले भी ईंधन बचाने के लिए अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं। पहले उनके काफिले में 13 वाहन चलते थे, लेकिन बाद में इसे घटाकर 7 कर दिया गया। मुख्यमंत्री की इस पहल के बाद कई मंत्रियों और अधिकारियों ने भी कार-पूलिंग और कम वाहनों के उपयोग को अपनाया। पहली बार काफिले में शामिल होगी इलेक्ट्रिक कार मुख्यमंत्री के काफिले में पहली बार किसी इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया जा रहा है। इसे सरकारी व्यवस्था में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सुरक्षा को देखते हुए कार से जुड़े सभी जरूरी प्रोटोकॉल पूरे कर लिए गए हैं। ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और सुरक्षा एजेंसियों ने वाहन की जांच भी की है। मुख्यमंत्री के लिए महिंद्रा की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई है। यह एक बार चार्ज होने पर 500 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय कर सकती है। कार में आधुनिक सुरक्षा फीचर्स, 360 डिग्री कैमरा, पैनोरमिक सनरूफ और फास्ट चार्जिंग जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। इसे महिंद्रा की सबसे आधुनिक इलेक्ट्रिक कारों में गिना जाता है। अब डिटेल में जानिए कार के फीचर्स इंटीरियर फीचर्स: 16-स्पीकर साउंड सिस्टम और AR-HUD इंटरटेनमेंट: इसमें डॉल्बी एटमॉस के साथ 16-स्पीकर वाला हरमन कार्डन (Harman Kardon) ऑडियो सिस्टम दिया गया है, जो घर के थिएटर जैसा साउंड देता है। टेक्नोलॉजी: कार में ऑगमेंटेड रियलिटी हेड-अप डिस्प्ले (AR-HUD) और 16 मिलियन रंगों वाली एम्बिएंट लाइटिंग दी गई है। खास मोड्स: पालतू जानवरों के लिए 'पेट मोड' और बाहर रुकने के लिए 'कैंपिंग मोड' जैसे समर्पित क्लाइमेट कंट्रोल फीचर्स मिलते हैं। इसमें पैनोरमिक ग्लास रूफ और वायरलेस चार्जिंग पैड भी मौजूद है। परफॉर्मेंस: 500km की रेंज और जबरदस्त पिकअप सिनेलक्स एडिशन केवल बड़े बैटरी पैक विकल्प के साथ आता है... बैटरी और मोटर: इसमें 79kWh की लिथियम-आयन बैटरी है। पीछे की तरफ लगी इलेक्ट्रिक मोटर 286hp की पावर और 380Nm का टॉर्क जनरेट करती है। रेंज और स्पीड: महिंद्रा का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 500km चलती है (रियल वर्ल्ड टेस्टिंग में 456km)। यह कार मात्र 7.45 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है। सेफ्टी फीचर्स: सर्विलांस मोड और 360 डिग्री कैमरा सुरक्षा के लिए इसमें सराउंड-व्यू कैमरा दिया गया है, जिसमें 'बिल्ट-इन सर्विलांस मोड' मिलता है। यह मोड कार के आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मल्टीपल एयरबैग्स, ADAS फीचर्स और डिस्क ब्रेक्स जैसे स्टैंडर्ड सेफ्टी फीचर्स दिए गए हैं।
बीजापुर जिले में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। यह घटना उसूर विकासखंड के पेरमपल्ली गांव में हुई। इसके साथ ही, उसूर में आए आंधी-तूफान के कारण पांच मकानों के शीट उड़ गए, जिससे परिवारों को तिरपाल से छत ढकने पर मजबूर होना पड़ा। मृतक महिला की पहचान कलमू मल्ली (50) के रूप में हुई है। यह घटना कल शाम करीब 4 बजे हल्की बारिश और आंधी के बाद हुई, जब महिला घर से बाहर काम कर रही थी। बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। राजस्व अधिकारियों ने गांव पहुंचकर घटना का पंचनामा तैयार किया है। मृतक का पोस्टमार्टम आवापल्ली अस्पताल में किया जा रहा है। आंधी तूफ़ान से माकन के छत्त छतिग्रस्त उसूर के थानापारा क्षेत्र में आंधी-तूफान ने पांच मकानों की छतों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इन मकानों के शीट उड़ गए, जिससे पांच परिवार बेघर हो गए। प्रभावित परिवारों में लक्ष्मैया सुन्नम, कृपावती चिप्पनपल्ली और नारायण सुन्नम शामिल हैं, जो अब तिरपाल का उपयोग कर रहे हैं। जून महीने की शुरुआत से ही बीजापुर जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश, आंधी और तूफान का प्रभाव देखा जा रहा है।
अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले फीफा फुटबॉल विश्व कप को लेकर पूरी दुनिया के साथ-साथ भारत में भी फैंस काफी एक्साइटेड हैं। लेकिन इस बीच हर भारतीय के दिल में एक टीस भी है कि हमारी टीम इस महाकुंभ का हिस्सा नहीं बन पाई। खेल प्रेमियों के इसी दर्द को कम करने के लिए राजस्थान के उदयपुर के रहने वाले मशहूर शिल्पकार डॉ. इकबाल सक्का ने एक अनोखा और ऐतिहासिक तरीका निकाला है। 211 वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके डॉ. सक्का ने अपनी जादुई कलाकारी से दुनिया की सबसे छोटी सोने की फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी, गोल्डन बूट और भारतीय तिरंगा झंडा तैयार किया है। डॉ. सक्का का सपना है कि भारत सरकार के जरिए इस अनूठी कलाकृति को इस बार वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम को गिफ्ट किया जाए। उन्होंने इसके लिए बकायदा देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और खेल मंत्री को चिट्ठी लिखकर मांग की है कि इस तोहफे को आधिकारिक रूप से विजेता देश को सौंपा जाए। उनका मानना है कि भले ही मैदान पर हमारी टीम न हो, लेकिन इस कलाकृति के जरिए वैश्विक मंच पर भारत की मौजूदगी और देश की शिल्पकला का डंका पूरी दुनिया में बजेगा। यह कलाकृति इतनी छोटी है कि इसे आम आंखों से देखना नामुमकिन है। जब इसे लेंस के जरिए देखा जाता है, तो चांदी से बना और हरी घास से सजा फीफा वर्ल्ड कप का पूरा मैदान साफ नजर आता है। इस मिनी मैदान में गोल पोस्ट, डी-कॉर्नर और नेट की जाली बिल्कुल असली जैसी दिखती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इस हरे मैदान के ऊपर सोने का 'गोल्डन बूट', अंग्रेजी के अक्षरों में लिखा 'FIFA', फुटबॉल, वर्ल्ड कप ट्रॉफी और हमारा प्यारा तिरंगा झंडा हवा में लहराते हुए दिखते हैं। इस पूरी कलाकृति का साइज और वजन आपको हैरान कर देगा। इसमें बनी ट्रॉफी, गोल्डन बूट, फुटबॉल और तिरंगा झंडा सिर्फ 1-1 मिलीमीटर के हैं। इन सभी सूक्ष्म कलाकृतियों को बनाने में मात्र 500 मिलीग्राम सोने का इस्तेमाल हुआ है। डॉ. इकबाल सक्का ने बताया कि 140 करोड़ की आबादी वाले हमारे देश से एक फुटबॉल टीम वर्ल्ड कप में नहीं पहुंच सकी, यह दुख हर भारतीय के दिल में है। इसी दर्द को भुलाने और फीफा में भारत का अहसास कराने के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत करके यह अनोखा प्रयास किया है।
रतिया में 18 अवैध पेयजल कनेक्शन काटे:कई गांवों में बना जल संकट, जन स्वास्थ्य विभाग ने चलाया अभियान
फतेहाबाद जिले में रतिया के गांव मढ़ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पेयजल आपूर्ति से जुड़े 18 अवैध और असुरक्षित कनेक्शनों को काट दिया। यह कार्रवाई ग्रामीणों की पेयजल संकट की शिकायत के बाद की गई। विभाग के निरीक्षण में पाया गया कि इन कनेक्शनों के कारण कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था। जिला सलाहकार जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, शर्मा चंद लाली ने बताया कि विभाग की टीम ने गांव में स्थिति का जायजा लिया और अवैध कनेक्शनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। असुरक्षित कनेक्शनों को भी तकनीकी मानकों के अनुरूप ठीक करवाया जा रहा है। साथ ही, ग्रामीणों को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलघर में विशेष सफाई अभियान चलाया जा रहा है। सभी पंचायतों में की जा रही आपूर्ति कनिष्ठ अभियंता छोटू राम ने जानकारी दी कि हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के निर्देशानुसार जिले की सभी पंचायतों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में, गांव भिरड़ाना में भी पानी न पहुंचने की शिकायत पर घर-घर जाकर निरीक्षण किया गया और खुले व असुरक्षित पाए गए कनेक्शनों को बंद कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियान भी चला रहा है। लोगों से अपील की गई है कि वे पेयजल का सदुपयोग करें और अपने घरों में लगे नलों पर टेप अवश्य लगवाएं, ताकि पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकी जा सके। विभागीय कर्मचारियों ने ऐसे घरों को भी चिह्नित किया है जहां नलों पर बंद करने की व्यवस्था नहीं है। ग्रामीणों को दी गई हिदायत शर्मा चंद लाली ने चेतावनी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का उपयोग कर चलाए जा रहे वाहन धुलाई केंद्र और सर्विस स्टेशन तत्काल प्रभाव से बंद किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभाग विशेष अभियान चलाकर ऐसे मामलों की पहचान करेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
बुधवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कोटा पहुंचे। कोटा में शहर एंव देहात जिला कांग्रेस कमेटी ओबीसी विभाग के अधिवेशन और कार्यकारिणी के पदभार ग्रहण में शामिल होने के लिए दोनों नेता कोटा पहुंचे। इस दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राखी गौतम की ओर से उनका नयापुरा में स्वागत किया गया। इस यहां भास्कर से बात करते हुए डोटासरा ने कहा– ओबीसी प्रकोष्ठ की संभाग स्तरीय बैठक है, इसमें हम लोग आये है। अभी सब बैठकर चर्चा करेंगे, उसके बाद राजनीति पर भी आप लोगों से चर्चा की जाएगी। वहीं राहुल गांधी के दौरे के दौरान डोटासरा और जूली की तारीफ को लेकर डोटासरा ने कहा– उनका मतलब ये था कि राजस्थान में सब लोग मिलकर के बड़े छोटे सभी कार्यकर्ता, नेता संगठन का निर्माण कर रहे है। पार्टी की ऑडियॉलजी को हर लोगो तक पहुंचा रहे हैं। बीजेपी की डबल इंजन की सरकार जनता को परेशान कर रही है, इस परेशानी से निजात दिलाने के लिए कांग्रेस का नेता डटकर खड़ा है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि एक तरफ तो संगठन को मजबूत करने के लिए कार्यक्रम किए जा रहे है, बाते हो रही है दूसरी तरफ गुटबाजी हर जगह देखने को मिल रही है। आज के कार्यक्रम में भी गुटबाजी है, इस पर डोटासरा बोले– अब ये तो होती रहती है ये राजनीति का हिस्सा है लेकिन राजस्थान में कोई गुटबाजी नहीं है।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसका मोबाइल फोन बंद है। जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय नाबालिग ने हजीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका भाई डीजे का काम करता है और हजीरा थाना क्षेत्र के यादव धर्मकांटा निवासी राहुल राठौर भी उसके भाई के साथ काम करता था। इसी दौरान राहुल का उनके घर आना-जाना शुरू हुआ और दोनों के बीच पहचान हो गई। पत्नी बताकर मकान मालिक से परिचय कराया पीड़िता के अनुसार करीब दो साल की जान-पहचान के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि राहुल ने उससे शादी करने का वादा किया और धर्मकांटा इलाके के पास किराए का कमरा लेकर 2 अक्टूबर 2025 से उसे अपने साथ रखने लगा। आरोपी ने मकान मालिक को भी नाबालिग को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया था। नाबालिग का आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर राहुल ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी वह विरोध करती थी, आरोपी जल्द शादी करने की बात कहकर उसे समझाता था। इस दौरान दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। बाद में राहुल ने डीजे का काम छोड़कर टमटम चलाना शुरू कर दिया। छोड़कर भाग गया आरोपी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब आरोपी अचानक लापता हो गया है और उसने मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राहुल राठौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
फिरोजाबाद में सीएम ग्रिड कार्य में लापरवाही:खुले गड्ढों और मैनहोल से बढ़ रहा हादसे का खतरा
फिरोजाबाद में सीएम ग्रिड योजना के तहत चल रहे कार्यों में लापरवाही सामने आई है। कोटला चुंगी से तिलक चौराहा होते हुए जलेसर रोड तक कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं। इसके अलावा, कई जगह मैनहोल भी खुले पड़े हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासी रवि कुमार ने बताया कि क्षेत्र में सीएम ग्रिड का कार्य लगभग एक माह से चल रहा है। कार्यदायी संस्था ने सड़क खोदने के बाद गड्ढों को ठीक से नहीं भरा है। गहरे गड्ढे और खुले मैनहोल विशेष रूप से रात के समय हादसों की आशंका बढ़ा रहे हैं। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि निर्माण स्थलों पर पर्याप्त बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। इसके कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक और पैदल राहगीर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने इस स्थिति में किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम और संबंधित विभाग से खुले गड्ढों और मैनहोल को तत्काल बंद कराने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
जयपुर के टैक्स प्रोफेशनल्स, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स कंसल्टेंट्स के लिए 'टैक्सकॉन-2026 शिखर' 26 जून को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में आयोजित किया जाएगा। टैक्स कंसल्टेंट एसोसिएशन जयपुर (TCA) की ओर से होने वाले इस वार्षिक सम्मेलन में टैक्सेशन और ऑडिट से जुड़े देश के जाने-माने विशेषज्ञ विभिन्न विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। आयोजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। TCA कार्यालय में आईसीएआई सेंट्रल काउंसिल मेंबर रोहित रुवाटिया और TCA के पूर्व चेयरमैन गौतम शर्मा की मौजूदगी में टैक्सकॉन-2026 का पोस्टर लॉन्च किया गया। इस दौरान आयोजित बैठक में एसोसिएशन की एग्जीक्यूटिव कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे। जयपुर के टैक्स प्रोफेशनल्स का सालाना सबसे बड़ा आयोजन TCA प्रेसिडेंट शिशिर अग्रवाल और सेक्रेटरी गौरीशंकर धामाणी ने बताया कि टैक्सकॉन जयपुर के टैक्स कंसल्टेंट्स का सालाना महाकुंभ है, जिसका प्रोफेशनल्स और युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को हर साल इंतजार रहता है। यह आयोजन टैक्सेशन क्षेत्र में नवीनतम बदलावों और चुनौतियों को समझने का बड़ा मंच बन चुका है। इन महत्वपूर्ण विषयों पर होंगे टेक्निकल सेशन सम्मेलन में इनकम टैक्स, GST, मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े प्रावधानों के अलावा ऑडिट क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव पर भी विशेष सेशन आयोजित किए जाएंगे। देश के प्रतिष्ठित एक्सपर्ट्स इन विषयों पर विस्तृत जानकारी देंगे और प्रोफेशनल्स के सवालों का समाधान करेंगे। नए कर प्रावधानों और बदलावों पर होगी चर्चा सेक्रेटरी गौरीशंकर धामाणी ने बताया- कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकार की ओर से कर कानूनों में किए जा रहे नए बदलावों की जानकारी टैक्स प्रोफेशनल्स तक पहुंचाना है। साथ ही टैक्सेशन से जुड़ी जटिलताओं और भ्रांतियों को दूर कर उनकी प्रोफेशनल सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं आसान बनाने में मदद करना भी इसका लक्ष्य है।टेक्निकल सेशंस के बाद सम्मेलन में सांस्कृतिक और रंगारंग कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जहां प्रतिभागियों को मनोरंजन और नेटवर्किंग का अवसर मिलेगा।
लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र स्थित भारत नगर पानी की टंकी इलाके में बीकॉम अंतिम वर्ष के 22 वर्षीय छात्र महेंद्र कुमार ने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के अनुसार, तीन वर्ष पहले मां के निधन के बाद से वह डिप्रेशन में रहने लगा था। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मृतक महेंद्र के पिता देवी प्रसाद सब्जी विक्रेता हैं। महेंद्र तीन भाइयों में सबसे बड़ा था, जबकि उसके छोटे भाई जितेंद्र और आकाश हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। 14 जून को 3 साल पहले हुआ था मां का निधन परिजनों के मुताबिक महेंद्र की मां शारदा का तीन साल पहले 14 जून को निधन हो गया था। मां की मौत के बाद से वह अवसाद में रहने लगा था। बुधवार को घर पर छोटा भाई आकाश मौजूद था। काफी देर तक महेंद्र कमरे से बाहर नहीं निकला तो आकाश ने देखा कि वह पंखे से रस्सी के सहारे लटका हुआ है। आकाश ने तत्काल पिता देवी प्रसाद को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मां के निधन के बाद बदल गया था व्यवहार परिजनों का कहना है कि मां की मौत के बाद से महेंद्र गुमसुम रहने लगा था। वह पहले की तुलना में कम लोगों से बातचीत करता था और अक्सर अकेला रहता था।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) सिविल अस्पताल में 15 साल की नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार रिटायर्ड डॉक्टर शैलेंद्र शर्मा शैली की दोबारा नियुक्ति अब बड़े सवालों के घेरे में आ गई है। हरियाणा राज्य महिला आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए स्वास्थ्य विभाग से 3 दिन के भीतर जवाब मांगा है। महिला आयोग ने डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज, हरियाणा को नोटिस जारी कर पूछा है कि आखिर एक रिटायर्ड सीनियर मेडिकल ऑफिसर को दोबारा डॉक्टर/कंसल्टेंट के तौर पर किस नियम और प्रक्रिया के तहत LNJP अस्पताल में नियुक्त किया गया। आयोग ने साफ कहा है कि मामला बेहद गंभीर है, क्योंकि अस्पतालों में महिलाएं और बच्चे इलाज के लिए आते हैं। मरीजों की सुरक्षा जरूरी इसलिए मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा हर पहलू जांच के दायरे में आना जरूरी है। महिला आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से कहा है कि सभी सवालों के जवाब दस्तावेजों समेत 3 दिन के भीतर उपलब्ध कराए जाएं। आयोग यह भी जांचना चाहता है कि डॉक्टर की दोबारा नियुक्ति में तय प्रक्रिया और सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं। पुराने मामलों की भी हो सकती है जांच डॉ. शैलेंद्र शर्मा शैली के पुराने रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। महिला आयोग के सवालों से साफ है कि विभागीय स्तर पर सिर्फ मौजूदा मामले ही नहीं, बल्कि डॉक्टर की पूरी सेवा पृष्ठभूमि की पड़ताल हो सकती है। आयोग ने अपने पत्र में यह भी कहा कि आरोप बेहद गंभीर हैं और इनका सीधा संबंध मरीजों की सुरक्षा से है, इसलिए मामले को तत्काल प्रभाव से लिया जाए। 29 मई को लड़की से रेप किया 29 मई को पास के एक गांव की 15 साल की लड़की अपने पिता के साथ अस्पताल आई थी। उसके पिता को भर्ती कर लिया गया था। इसी दौरान लड़की ने भी पेट में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद उसने OPD में जांच कराई। वहां डॉक्टर शैली ने उसे फीमेल वार्ड में भर्ती कर लिया। आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टर शैली ने लड़की को OPD में ले जाकर कई बार उसके साथ रेप किया। जब लड़की को खून बहने लगा, तो उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया। इसके बाद लड़की ने सीनियर डॉक्टरों को अपने साथ हुए रेप की जानकारी दी। पुलिस आज करेगी आरोपी को कोर्ट में पेश इसके बाद डॉ. शैली अस्पताल छोड़कर फरार हो गया। 31 मई को डॉ. शैली के खिलाफ केयूके थाने में पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शैली की सेवाएं समाप्त कर दीं। 1 जून को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आज आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
चतरा जिले में एक सड़क हादसे में 20 लोग घायल हो गए, जबकि 6 की हालत गंभीर बताई जा रही है। ये सभी एक छठियारी कार्यक्रम से लौट रहे थे, तभी उनकी सवारी गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई। यह घटना चतरा सदर थाना क्षेत्र के जापुट गांव के पास हुई। जानकारी के अनुसार, बच्चों और महिलाओं सहित करीब 30 लोग एक गाड़ी में सवार थे। गाड़ी अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक गहरे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में कुल 20 लोग चोटिल हुए हैं। इनमें से आधा दर्जन लोगों की स्थिति गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग रेफर किया गया है। पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ, जब वशिष्ठनगर थाना क्षेत्र के जोरी और इटखोरी के रहने वाले ग्रामीण सिमरिया प्रखंड के टूटीलावा गांव गए थे। वहां परिवार की नतिनी के छठियारी (छठी) कार्यक्रम का आयोजन था। रात भर खुशियां मनाने के बाद, सुबह करीब 30 लोग एक सवारी गाड़ी में सवार होकर वापस अपने गांव जोरी लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी और घायल राजेंद्र भारती ने बताया कि जैसे ही उनकी गाड़ी सदर थाना क्षेत्र के जापुट गांव के पास पहुंची, तभी अचानक सामने से आ रहे एक बाइक सवार को बचाने के प्रयास में ड्राइवर ने गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया। गाड़ी तेजी से लहराई और सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जाकर पलट गई। गाड़ी पलटते ही मौके पर अफरातफरी मच गई। हादसे के बाद जापुट गांव के स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए दौड़े। इसी बीच घटना की भनक पहरा पंचायत की मुखिया बेबी देवी और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री को लगी। सूचना मिलते ही दोनों बिना वक्त गंवाए दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। मुखिया बेबी देवी और थाना प्रभारी ने ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत कार्य शुरू किया और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से गाड़ी में फंसे सभी घायलों को बाहर निकालकर तत्काल चतरा सदर अस्पताल भिजवाया।
नूंह जिले में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साड़ी और सूट बेचने का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को पिनंगवा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। इन पर फर्जी ऑनलाइन कारोबार के जरिए पैसे वसूलने और भुगतान मिलने के बाद सामान न भेजने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल निवासी पिनंगवा, जिला नूंह और जिलसाद निवासी डिगचोली, राजस्थान के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया पर साड़ी और सूट के आकर्षक विज्ञापन डालकर ग्राहकों को लुभाते थे। ऑनलाइन कराते थे भुगतान दोनों आरोपी कम कीमत और विशेष ऑफर का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन भुगतान करवाते थे। रकम प्राप्त होने के बाद या तो सामान नहीं भेजा जाता था या फिर ग्राहकों से संपर्क पूरी तरह तोड़ दिया जाता था। पुलिस द्वारा की गई जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और दो फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध लेन-देन सामने आए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। साइबर अपराध पोर्टल पर मिली शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी आरोपियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज मिली हैं। जांच के अनुसार, तेलंगाना के एक व्यक्ति से 27 हजार 13 रुपए और केरल के एक व्यक्ति से 7704 रुपए की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर अन्य पीड़ितों और लेन-देन की जानकारी भी सामने आ सकती है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ रहे फर्जी ऑनलाइन स्टोर और आकर्षक ऑफर साइबर ठगों का नया हथियार बन चुके हैं। ऐसे में लोगों को बिना सत्यापन के किसी भी ऑनलाइन विक्रेता को भुगतान करने से बचना चाहिए। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है।
लुधियाना में सलेम टाबरी इलाके में एक नौकरानी ने मालिक के घर में ही हाथ साफ कर दिया। उसने उनके घर से सोने के गहने और iPhone चुरा लिया। शक पड़ने पर जब परिवार ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तो मामले का खुलासा हुआ। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने आरोपी नौकरानी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता अमरिंदर सिंह ग्रेवाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके घर काम करने वाली महिला पर चोरी का शक है। 17 अप्रैल को नौकरानी ने की चोरी जानकारी के अनुसार आरोपी महिला ज्योति निवासी सलेम टाबरी, 17 अप्रैल को रोजाना की तरह घर में सफाई का काम करके चली गई। पिछले 4 साल से वह काम कर रही थी। शाम करीब 7 बजे परिवार को पता चला कि उनकी बेटी के हाथ में पहना करीब 5 ग्राम वजन का सोने का कड़ा गायब है। इसके बाद घर में लगे सीसीटीवी की जांच की गई, जिसमें घरेलू सहायिका पर शक गहरा गया। अलमारियां चेक कीं तो कई कीमती सामान गायब परिवार ने जब घर की अलमारियां चेक कीं तो कई कीमती सामान गायब मिले। इनमें सोने की चेन, सोने का सेट, दो सोने की चूड़ियां, एक सोने का कड़ा, सोने के कांटों की जोड़ी, सोने की अंगूठी, एक अन्य सोने की चेन, छोटे और बड़े सोने के टॉप्स के जोड़े, सोने का टिक्का, दो सोने के कड़े तथा एक iPhone 12 Pro शामिल हैं। आरोपी महिला के खिलाफ केस दर्ज शिकायत मिलने के बाद थाना सलेम टाबरी पुलिस ने आरोपी महिला ज्योति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 और 324(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
हरियाणा कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से आज विधायक दल की मीटिंग बुलाई गई है। इसमें महंगाई, तेल की बढ़ती कीमतों, कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में विधायकों को फील्ड में उतरकर जनता से संवाद कर उनके मुद्दा उठाने के लिए भी कहा जा सकता है। पिछले कई दिनों से इनेलो फील्ड में काफी सक्रिय है। हाल ही में जिला स्तर पर प्रदर्शन भी किया गया है। अब कांग्रेस विधायक दल फील्ड की कमान संभाल सकता है। इसमें महंगाई, तेल की कीमत को लेकर जनता के बीच पार्टी नेता निकल सकते हैं। कांग्रेस का OBC विभाग भंग हुआ इधर कांग्रेस के ओबीसी विभाग को भंग कर दिया गया है, नए सिरे से संगठन बनाया जाएगा। कांग्रेस नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के मुद्दे लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए श्रीनिवास से मुलाकात की। इसमें विधायक अशोक अरोड़ा, आफताब अहमद, बीबी बत्रा, परमवीर सिंह, राज्यसभा सदस्य कर्मबीर बौद्ध शामिल रहे। इसके बाद बत्रा और अरोड़ा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग को कांग्रेस ने शिकायत रिटर्निंग आफिसर के खिलाफ भेजी थी, उसकी जांच करने की मांग की गई है। SIR पर भी मंथन होगाइसी के साथ कांग्रेस ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर भी तैयारी तेज कर दी है। 27 मई को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में राज्य स्तरीय कार्रवाई एवं निगरानी समिति तथा बीएलए पदाधिकारियों की बैठक और प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे।प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है और इसमें पारदर्शिता तथा सतर्कता बेहद जरूरी है।दिल्ली की रहेगी पूरी नजरसूत्रों के मुताबिक, इस पूरे अभियान पर दिल्ली नेतृत्व की भी सीधी नजर रहेगी। हरियाणा मामलों के सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडे भी बैठकों में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि जिन जिलों में संगठन कमजोर पाया जाएगा, वहां बदलाव या नई रणनीति पर भी विचार किया जा सकता है।कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि संगठन, कार्यकर्ता और जनसंपर्क को मजबूत किए बिना चुनावी सफलता संभव नहीं है। यही कारण है कि पार्टी अब बूथ स्तर तक सक्रिय नेटवर्क तैयार करने में
प्रदेश में अलग-अलग विभागों में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ तिलहन संघ के अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्य सरकार ने अब तक पांचवां वेतनमान नहीं दिया है। इसको लेकर हाईकोर्ट में 300 से अधिक मामले जबलपुर और इंदौर हाईकोर्ट में चल रहे हैं। नाम मात्र की संख्या में बचे ऐसे कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ देने के लिए विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय ने मुख्य सचिव को चिट्ठी लिखी है। नेता प्रतिपक्ष कार्यालय द्वारा मुख्य सचिव को लिखे गए पत्र में कहा गया है कि मध्यप्रदेश राज्य तिलहन संघ से प्रतिनियुक्ति, संविलियन पर शासन में पदस्थ कर्मचारियों को पंचम वेतनमान का लाभ देने तथा वर्षों से लंबित न्यायालयीन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण की जरूरत है। 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके वर्ष 1998 से राज्य शासन में प्रतिनियुक्ति अथवा संविलियन पर कार्यरत तिलहन संघ के लगभग 800 कर्मचारियों को अब तक पांचवें वेतनमान और एरियर राशि का लाभ नहीं मिल सका है। इनमें से करीब 95 प्रतिशत कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। पत्र में कहा गया है कि इस मामले से जुड़ी लगभग 300 याचिका एवं अवमानना प्रकरण वर्ष 2008 से जबलपुर और इंदौर खंडपीठ में लंबित हैं। वहीं, विभिन्न विभागों में कार्यरत लगभग 200 कर्मचारियों को पांचवें वेतनमान का लाभ पहले ही मिल चुका है, जबकि अन्य विभागों और संस्थाओं में कार्यरत कर्मचारियों को इससे वंचित रखा गया है। 50 प्रकरण हाईकोर्ट में लंबित यह भी कहा गया है कि इन प्रकरणों में शासन द्वारा अधिवक्ताओं की फीस, अधिकारियों की यात्रा और अन्य प्रशासनिक मदों पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। पत्र में उच्च न्यायालय, जबलपुर के उन आदेशों का भी उल्लेख किया गया है, जिनसे संबंधित करीब 50 प्रकरण लंबित बताए गए हैं। पत्र में संविधान के समानता के अधिकार और समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत का हवाला देते हुए कर्मचारियों को वैधानिक लाभ से वंचित रखना अनुचित बताया गया है।
कोरबा में मंगलवार को आयोजित सुशासन तिहार शिविर में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने 159.63 करोड़ रुपए के 18 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने और भ्रष्टाचार पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने की चेतावनी भी दी। यह शिविर जिले के केंनालाल में आयोजित किया गया था। उपमुख्यमंत्री ने अलग-अलग विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है, ताकि लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनकी समस्याएं गांव में ही निपटाई जा सकें। उपमुख्यमंत्री ने कुल 159.63 करोड़ रुपए की लागत वाले 18 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इन परियोजनाओं में सड़क निर्माण, पुल-पुलिया, सामुदायिक भवन, स्कूल भवन उन्नयन और पेयजल योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिला खनिज निधि (DMF) और शासन के फंड का एक-एक पैसा जनता के हित में खर्च किया जा रहा है। अरुण साव बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि 1 मई से 10 जून तक चल रहे सुशासन तिहार में प्राप्त हर आवेदन का फॉलो-अप किया जाएगा। सुशासन तिहार में 2 लाख से अधिक आवेदन उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो सालो में 3000 से अधिक लंबित मामलों का निराकरण किया गया है। वर्तमान सुशासन तिहार के दौरान अब तक 2 लाख से अधिक आवेदन मिले हैं, जिनमें से 1.67 लाख का मौके पर ही समाधान कर दिया गया है। भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति अरुण साव ने कोरबा जिले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की ताबड़तोड़ कार्रवाइयों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ये कार्रवाइयां इस बात का प्रमाण हैं कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां भी भ्रष्टाचार पाया जाएगा, वहां कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
चूरू में अधिकमास के अवसर पर श्रीराम मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। यह कलश यात्रा गढ़ परिसर स्थित गोपाल मंदिर से निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालुओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। भजन-कीर्तन, जयघोष और धार्मिक उल्लास के बीच यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर श्रीराम मंदिर पहुंची। इस दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों के साथ श्रीमद्भागवत कथा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, धर्मप्रेमी और शहरवासी मौजूद रहे। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कथा महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, भजन-संध्या और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा श्रवण कर धर्मलाभ लेने की अपील की है। कथा महोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया है।
मुजफ्फरनगर में हटाया गया जर्जर पोल:गोशाला रोड पर आधा कटकर झुक गया था लोहे का खंभा
मुजफ्फरनगर के नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित गौशाला रोड पर बीएसएनएल का एक जर्जर और क्षतिग्रस्त पोल सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद हटा दिया गया है। वीडियो सामने आने के बाद बीएसएनएल की टीम मौके पर पहुंची और निरीक्षण किया, जिसके बाद बुधवार को पोल हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। यह लोहे का पोल नीचे से एक तरफ से पूरी तरह टूट चुका था और खतरनाक तरीके से झुका हुआ था। पोल की स्थिति देखकर स्थानीय लोगों को लगातार किसी बड़े हादसे का डर बना हुआ था। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा। संबंधित विभाग ने मौके का निरीक्षण कर पोल हटाने का निर्णय लिया। बुधवार को विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर पोल हटाने की कार्रवाई पूरी की। क्षेत्र के लोगों ने विभाग की इस कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया है। शहर के प्रमुख उद्यमी विपुल भटनागर ने विभाग और मीडिया का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पोल की हालत बेहद खराब थी और वह कभी भी गिर सकता था। समय रहते कार्रवाई होने से संभावित दुर्घटना टल गई। पोल हटाए जाने के बाद स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है और क्षेत्र में बना भय का माहौल समाप्त हो गया है।
पिंडवाड़ा में साधु की कुटिया में आग:गोचर भूमि अतिक्रमण के आरोप पर ग्रामीण SDM कार्यालय पहुंचे
पिंडवाड़ा के आरासना गांव में साधु की कुटिया में आग लगने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण पिंडवाड़ा एसडीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित साधु ने गोचर भूमि पर अतिक्रमण कर कुटिया बनाई है। वहीं, साधु का दावा है कि कुछ ग्रामीणों ने उनकी कुटिया में आग लगाई, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस में दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा साधु की शिकायत के आधार पर कुछ लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर असंतोष जताया है। इसी असंतोष को लेकर वे प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखने पहुंचे थे। पिंडवाड़ा पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस विवाद का मुख्य बिंदु यह है कि कुटिया जिस भूमि पर स्थित है, वह वास्तव में गोचर भूमि है या नहीं। यदि जांच में गोचर भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि होती है, तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। फिलहाल, आगजनी और भूमि विवाद से जुड़े इस मामले में ग्रामीणों और साधु के दावों की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।
पन्ना जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीराम विद्यालय के पास एक आंगनवाड़ी सहायिका का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतारा, पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। मृतिका की पहचान मनीषा वर्मा (33) के रूप में हुई है, जो अमकुई ग्राम के केंद्र क्रमांक-2 में आंगनवाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत थी। वह एक किराए के मकान में रहती थी। तीन साल से लिव-इन में रह रही थी महिला चौहान बस के चालक मनोज वर्मा ने पुलिस को बताया कि मनीषा पिछले तीन सालों से उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी। मनोज के अनुसार, मनीषा की पहली शादी अमकुई निवासी बृजेश वर्मा से हुई थी। आरोप है कि बृजेश मनीषा के साथ अक्सर मारपीट करता था, जिससे परेशान होकर दोनों का तलाक हो गया था। मायके वालों ने घर से निकाला तलाक के बाद मनीषा अपनी ड्यूटी पर आने-जाने के लिए मनोज की बस का इस्तेमाल करती थी। इसी दौरान दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। जब मनीषा के मायके वालों को इस रिश्ते की जानकारी मिली, तो उन्होंने उससे संबंध तोड़ लिए और उसे घर से निकाल दिया। इसके बाद मनोज और मनीषा ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पिछले तीन साल से पन्ना में किराए का कमरा लेकर एक साथ रह रहे थे। बीच सड़क पर मारपीट का वीडियो आया था सामनेतकरीबन एक साल पहले भी मनोज और मृतक का बीच सड़क पर मारपीट का वीडियो सामने आया था। कपल पूरे जिले में भारी सुर्खियों में आया था। वीडियो में मृतिका मनीषा वर्मा और उसके साथ लिव-इन में रह रहा मनोज वर्मा पन्ना कोतवाली के ठीक सामने बीच सड़क पर आपस में बुरी तरह लड़ते और मारपीट करते नजर आए थे। मनीषा, मनोज पर सरेराह थप्पड़ बरसा रही थी। हालांकि, उस समय पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत करा दिया था और कुछ समय बाद दोनों गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने लगे थे। कोतवाली टीआई बोले-हर एंगल से करेंगे जांच मामले में पन्ना कोतवाली टीआई रोहित मिश्रा का कहना ही कि मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस मृतिका के मोबाइल कॉल डिटेल्स, परिजनों और लिव-इन पार्टनर मनोज वर्मा के बयानों के आधार पर हर संभावित एंगल से गहनता से विवेचना कर रही है।
पानीपत के पलड़ी गांव के पास बुधवार सुबह एक कार बिजली के खंभे से टकरा गई। हादसे में कार सवार दो दोस्त घायल हो गए। कार के खंभे से टकराने से तीन बिजली के खंभे टूटकर सड़क पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, चमराडा निवासी विजेंद्र और नौल्था निवासी दीपक कपूर खाटू श्याम, राजस्थान से लौट रहे थे। पूरी रात यात्रा करने के बाद, विजेंद्र अपने दोस्त दीपक को नौल्था छोड़ने जा रहा था। पलड़ी गांव के पास गाड़ी चलाते समय विजेंद्र को नींद की झपकी आ गई और कार सड़क किनारे खड़े बिजली के खंभे से टकरा गई। खंभे टूटने से लगा जाम टक्कर इतनी भीषण थी कि एक खंभा टूट गया और उसके साथ ही सड़क पर लगे दो अन्य खंभे भी टूटकर गिर गए। खंभे सड़क के बीच में गिरने से रास्ता पूरी तरह से जाम हो गया। हादसे में दोनों दोस्तों को गंभीर चोटें आईं। राहगीरों की मदद से उन्हें पानीपत के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद नौल्था निवासी दीपक कपूर को छुट्टी दे दी गई, जबकि चमराडा निवासी विजेंद्र को अस्पताल में भर्ती किया गया है। घटना की सूचना मिलते ही बिजली निगम के एसडीओ मनोज कुंडू ने तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने फोरमैन राजेश और अन्य कर्मचारियों को मौके पर भेजा। कर्मचारियों ने गिरे हुए खंभों को हटाकर सड़क को यातायात के लिए खुलवाया।
डीग में अधिक मास की ब्रज 84 कोस परिक्रमा के 18वें दिन बुधवार को जिला पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ डीग-गोवर्धन मार्ग पर पहुंचे। यहां वाइस चेयरमैन प्रदीप शर्मा सहित स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। एसपी गोपीनाथ ने स्वर्गीय थानेदार शिव चरन लाल दुबे की स्मृति में स्थापित वाटर कूलर का फीता काटकर उद्घाटन किया। इसके बाद उन्होंने ब्रज 84 कोस परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया। इस अवसर पर एसपी कांबले शरण गोपीनाथ ने कहा कि अधिक मास की ब्रज 84 कोस परिक्रमा आस्था, श्रद्धा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। उन्होंने जोर दिया कि परिक्रमा में शामिल श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाएं प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। एसपी ने समाजसेवियों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए किए जा रहे सेवा कार्यों की सराहना की और इसे पुण्य का कार्य बताया। कार्यक्रम में ऋषभ दुबे, ऋतिक दुबे, दाऊजी खंडेलवाल, बद्री खंडेलवाल, प्रेम सिंह, सुनील कुमार, गौरव, बिन्नू श्याम सहित अनेक समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। सभी ने परिक्रमा में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
राजसमंद के देवगढ़ में बुधवार को विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली में एसडीएम और ईओ ने युवाओं के साथ साइकिल चलाकर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के साथ जल संरक्षण और पर्यावरण बचाने के प्रति जागरूक करना था। भारत सरकार की युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के मेरा युवा भारत राजसमंद, नगर पालिका देवगढ़ और कॅरियर संस्थान की ओर से आयोजित की गई। इस रैली को वन्दे भारत गंगा जल संरक्षण अभियान से जोड़ा गया। देवगढ़ उपखंड अधिकारी मोहकम सिंह सिनसिनवार और नगर पालिका अधिशासी अधिकारी पिंटूलाल जाट ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दोनों अधिकारी स्वयं भी साइकिल चलाते हुए युवाओं के साथ रैली में शामिल हुए। इसे लेकर बच्चों और प्रतिभागियों में खास उत्साह नजर आया। रैली मुख्य मार्गों से होती हुई श्री करणी माता स्टेडियम पहुंची। जहां युवाओं और खिलाड़ियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। अधिकारियों ने कहा- पानी की हर बूंद भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। कार्यक्रम में कनिष्क तकनीकी सहायक अशोक सरगरा, वरिष्ठ खिलाड़ी नितिन तिवारी सहित कई शिक्षकों और युवाओं ने भाग लिया। रैली में शामिल सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए।
प्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने बुधवार को हरदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ संवाद किया। आगामी विधानसभा चुनाव 2028 के लिए एकजुटता का मंत्र देते हुए उन्होंने कहा कि यह चुनाव कांग्रेस के लिए आखिरी मौका होगा। जीत दर्ज करने के लिए पार्टी के सभी नेताओं को अपना अहम छोड़कर थोड़ी कुर्बानी देनी होगी। पार्टी की अंदरूनी खींचतान पर बेबाकी से बोलते हुए अजय सिंह ने कहा कि चुनाव आते ही कांग्रेस का हर नेता दावेदार बन जाता है या किसी का 'पट्ठा' बन जाता है। इसी वजह से कांग्रेस भाजपा से नहीं, बल्कि अपनों से ही चुनाव हार जाती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से स्थानीय और ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कांग्रेस 2028 का चुनाव नहीं जीती, तो केवल आगे की पंक्तियों में बैठे लोग ही दिखाई देंगे। इसके बाद पीछे की लाइन हमेशा के लिए खाली हो जाएगी। सीएम मोहन यादव की भाषा पर जताई आपत्तिमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को लेकर दिए गए बयान की अजय सिंह ने कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा, जिस तरह की भाषा का मुख्यमंत्री ने प्रयोग किया है, उसे देखकर नहीं लगता कि वह महाकाल की नगरी से आते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी संवेदनशील प्रदेश के मुखिया को ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। खासकर किसी दूसरी पार्टी के अध्यक्ष के लिए ऐसे बयान बिल्कुल उचित नहीं हैं। घर बैठे कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की व्यक्तिगत मुहिममीडिया से चर्चा के दौरान अजय सिंह ने बताया कि प्रदेश भर के जिलों में जाकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलना उनकी व्यक्तिगत मुहिम का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य पार्टी को पहले से अधिक मजबूत और संगठित करना है। वह घर बैठे नेताओं को आम जनता की लड़ाई लड़ने के लिए फिर से तैयार कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। सिंह ने कहा कि कांग्रेस के प्रधानमंत्रियों और मुख्यमंत्रियों ने हमेशा अंतिम पंक्ति के व्यक्ति के लिए योजनाएं बनाईं। वहीं, वर्तमान में देश चला रहे 'गुजराती बंधु' पूरे देश को अडानी के हाथों सौंपने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को देश के मुद्दों पर लड़ रहे राहुल गांधी से प्रेरणा लेने की सलाह दी। कांग्रेसी नेताओं के बीच हुई रोचक बयानबाजीसंवाद कार्यक्रम में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आए पूर्व नपाध्यक्ष सुरेंद्र जैन ने भी अपनी बात रखी। जैन ने कहा, जब मैं भाजपा में था, तब कांग्रेस को विभाजित कर अपनी पार्टी को जीत दिलाता था। जब-जब कांग्रेस एकजुट हुई है, भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है। जैन के इस बयान पर कांग्रेस नेता और पूर्व नपाध्यक्ष हेमंत टाले ने रोचक जवाब दिया। टाले ने कहा, जैन साहब, अब आप अपनी यही रणनीति अगले चुनाव में भाजपा के खिलाफ बनाएं। इससे जिले की दोनों सीटों पर कांग्रेस का कब्जा बरकरार रहेगा।
दिल्ली के मालवीय नगर में बुधवार सुबह लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट में आग लगने से अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है। दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के मुताबिक, सुबह 8.50 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। बिल्डिंग से अब तक 37 लोगों को बचाया जा चुका है। बेसमेंट से भी 6 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया। कई लोगों की हालत गंभीर है, मरने वालों का आंकड़ा बढ़ सकता है। फायर ब्रिगेड की 10 गाड़ियों ने बिल्डिंग में लगी आग बुझाई। रेस्क्यू जारी है। वहीं, स्थानीय लोगों के मुताबिक जिस बिल्डिंग में आग लगी वह 6 मंजिल की है। सुबह 8.51 बजे बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में आग भड़की थी। जब वहां का कांच तोड़ा गया तो बेसमेंट की तरफ आग फेल गई। यहां फ्लोरिश स्टे होटल संचालित होता था। आग लगने की 2 तस्वीरें… जान बचाने की जद्दोजहद, 3 तस्वीरें… आग बुझाने, रेस्क्यू की तस्वीरें…
फरीदाबाद में चलती कारों की खिड़कियों से बाहर निकलकर खतरनाक स्टंटबाजी और हुड़दंग करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो एनआईटी स्थित दशहरा मैदान का बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। वायरल वीडियो में एक सफेद रंग की वैगनआर और एक नीले रंग की बलेनो कार मैदान में घूमती हुई दिखाई दे रही हैं। दोनों गाड़ियों की खिड़कियों से कई युवक बाहर निकले हुए हैं और तेज आवाज में शोर-शराबा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि दोनों कारों में करीब 8 युवक सवार हैं। युवकों ने एक जैसे कपड़े पहन रखे हैं, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि वे किसी शिक्षण संस्थान से जुड़े हो सकते हैं। हालांकि उनकी पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। कई युवक क्रिकेट भी खेल रहे थे स्थानीय लोगों के अनुसार यह वीडियो मंगलवार का है। बताया जा रहा है कि युवकों ने काफी देर तक दशहरा मैदान में कारों के साथ स्टंटबाजी और हुड़दंग किया। उस समय मैदान में कई युवक क्रिकेट भी खेल रहे थे, जिन्हें इन कारों की तेज रफ्तार और लापरवाही भरी हरकतों से दुर्घटना का डर बना रहा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि किसी का संतुलन बिगड़ जाता या कार अनियंत्रित हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। मामले की जांच में जुटी पुलिस वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वीडियो में दिखाई दे रही गाड़ियों और युवकों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि सड़क या सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की खतरनाक स्टंटबाजी से बचें, क्योंकि इससे न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
गैंगस्टर की 168 करोड़ की संपत्ति कुर्क:बिजनौर में ओमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस सील, सरकारी नोटिस चस्पा
उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत बुधवार करीब 12 बजे बड़ी कार्रवाई की गई है। बिजनौर के स्योहारा क्षेत्र के सहसपुर स्थित 'ओमर इंटरनेशनल स्लाटर हाउस' को प्रशासन ने सील कर दिया है। कुर्क की गई इस संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 168 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पहले देखिए तस्वीरें… गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई यह कार्रवाई गैंगस्टर एक्ट से संबंधित है। आरोपी अतीक अहमद (पुत्र मो. उमर), जो मूल रूप से बिजनौर के स्योहारा थाना क्षेत्र के सहसपुर कस्बे का निवासी है और वर्तमान में नई दिल्ली के निजामुद्दीन वेस्ट में रह रहा है। उसके खिलाफ जालौन जनपद के थाना ऐट में मुकदमा दर्ज किया गया था। ऐट में दर्ज था मुकदमा यह मुकदमा उत्तर प्रदेश गिरोहबंद और समाज-विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 2/3 के तहत मुकदमा पंजीकृत था। जालौन के जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। कुर्की का सरकारी नोटिस चस्पा कार्रवाई के दौरान स्लाटर हाउस के मुख्य द्वार पर कुर्की का सरकारी नोटिस चस्पा किया गया। इस दौरान एसडीएम स्मृति मिश्रा, पुलिस क्षेत्राधिकारी (CO) अभय कुमार पांडे, भारी पुलिस बल और राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। प्रशासनिक टीम के पहुंचने पर इलाके में गहमागहमी देखी गई। …………….. ये खबर भी पढ़िए… गाड़ियों के बकाया टैक्स पर 100% जुर्माना माफ होगा:सरकारी वकीलों का मानदेय बढ़ाया जाएगा यूपी में गाड़ियों के बकाया टैक्स पर लगने वाले जुर्माने में 100% छूट देने की तैयारी है। परिवहन विभाग इसके लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू करने जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने मंगलवार देर रात बैठक का एजेंडा जारी कर दिया। इसमें 16 प्रस्ताव शामिल हैं। बैठक बुधवार शाम 5 बजे सीएम आवास पर होगी। पूरी खबर पढ़िए…
उत्तर प्रदेश एटीएस ने हाल ही में आजमगढ़ से मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उस पर भारत विरोधी गतिविधियों और आतंक से जुड़े नेटवर्क के लिए काम करने के आरोप हैं। इससे पहले मोहम्मद शेख को साल 2024 में आजमगढ़ एसओजी ने फर्जी टेलीफोन एक्सचेंज चलाने के आरोप में पकड़ा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, 27 अगस्त 2024 को एसओजी ने उसे हिरासत में लिया था। वह अवैध एक्सचेंज के जरिए विदेशों में सस्ती दरों पर कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध करा रहा था, जिससे सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था। हालांकि, 2 दिन बाद उसे छोड़ दिया गया था। अब एटीएस की कार्रवाई के बाद उस समय की पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं। मोहम्मद शेख 11 भाई-बहनों में दूसरे नंबर का बताया जाता है। स्थानीय लोगों का दावा है कि हाईस्कूल पास करने के बाद वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हो गया था। फिलहाल एटीएस मामले की जांच कर रही है। वहीं, यह भी सवाल उठ रहा है कि यदि पहले उसके खिलाफ गंभीर आरोप सामने आए थे, तो उस समय उस पर प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। पाकिस्तानी गैंगस्टर और आतंकी संगठनों के सहयोग का आरोप यूपी एटीएस ने निजामाबाद थाना क्षेत्र के संजरपुर के रहने वाले मोहम्मद शेख को गिरफ्तार किया है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था। आरोप है कि सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए युवाओं को जोड़कर उन्हें कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करने और स्लीपर सेल के रूप में तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। एटीएस का दावा है कि इस नेटवर्क के जरिए कुछ लोगों को विभिन्न संस्थानों और व्यक्तियों की रेकी करने, हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने, सुरक्षा एजेंसियों को निशाना बनाने और अन्य गैरकानूनी कृत्यों के लिए उकसाया जा रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ऐसी गतिविधियां देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। जांच में सामने आया है कि मोहम्मद शेख, शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के पाकिस्तानी व दुबई के मोबाइल नंबरों तथा सोशल मीडिया अकाउंट्स के संपर्क में था। एटीएस के अनुसार, वह उनके विचारों से प्रभावित होकर अपने परिचितों और अन्य युवाओं को भी इस नेटवर्क से जोड़ने का प्रयास कर रहा था। आरोपी के पिता रेहान अहमद संजरपुर में बिल्डिंग मटेरियल का कारोबार करते हैं। फिलहाल एटीएस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। महिला नेता की हत्या का मिला था टारगेट एटीएस के अनुसार, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के हैंडलरों ने मोहम्मद शेख को कथित तौर पर एक राजनीतिक दल की महिला नेता को धमकाने और उनकी हत्या करने जैसी जिम्मेदारी सौंपी थी। जांच एजेंसी का दावा है कि यह उसे बड़े मिशनों में शामिल करने से पहले एक तरह का ट्रायल टास्क था। एटीएस के मुताबिक, मोहम्मद शेख इस कथित साजिश को अंजाम देने की तैयारी में जुटा था। जांच में उसके पास से 9 एमएम की एक पिस्टल और चार कारतूस मिलने की बात कही गई है। एजेंसी का आरोप है कि वह महिला नेता की हत्या की योजना बना रहा था, हालांकि इस कथित योजना को समय रहते विफल कर दिया गया। जांच एजेंसियों का यह भी दावा है कि मोहम्मद शेख अपने आसपास के युवाओं को शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जोड़ने और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। फिलहाल एटीएस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पंजाब ब्लास्ट के बाद रडार पर आए आरोपी पंजाब के जालंधर और अमृतसर में पांच और 6 मई की रात में हुए एलईडी ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रैक करना शुरू किया तो इस पूरे मामले में पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी का नाम सामने आया। इसके बाद भारत में शहजाद भट्टी के कनेक्शन की जांच शुरू की गई तो यह बात सामने आई की शहजाद भट्टी के नेटवर्क से यूपी के 14 लोग जुड़े हुए हैं। जिसमें मोहम्मद शेख भी शामिल था। आतंकी संगठनों के जो निर्देश थे। उसके अनुसार घटना को अंजाम देने के बाद दूसरे डिवाइस का प्रयोग करना था। इस बात के निर्देश आतंकी संगठनों के आकाओं ने दिए थे। इसके साथी सारे डॉक्यूमेंट और डिटेल डिलीट करने का भी निर्देश दिया गया था। यही कारण है की सुरक्षा एजेंसियों को इस गैंग में शामिल 13 अन्य आरोपियों को ट्रैक करने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
संभल के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) पर सचिवों और प्रधानों से अवैध वसूली का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले से जुड़े लेनदेन के छह वीडियो सामने आए हैं, जिनमें से एक कार्यालय का और अन्य गाड़ी के अंदर के हैं। जिलाधिकारी ने मामले की जांच मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को सौंप दी है। यह पूरा मामला जनपद संभल के जिला कलेक्ट्रेट बहजोई परिसर स्थित जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय से संबंधित है। डीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह पर अवैध वसूली का आरोप है। एक वीडियो में प्रधान से 15,000 रुपये की जगह 20 हजार रुपये लेने की बात हो रही है, जबकि एक अन्य वीडियो में 44 हजार रुपए के लेनदेन का जिक्र है। कार्यालय में डीपीआरओ के बराबर में बैठकर रुपये लेने वाला व्यक्ति कार्यालय का बाबू बताया जा रहा है। अवैध वसूली के एक-दो नहीं, बल्कि छह से अधिक वीडियो सामने आने के बाद सरकारी महकमों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, डीपीआरओ चेतेंद्र पाल सिंह ने इन वीडियो को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के माध्यम से बनाया गया बताकर खुद को बदनाम करने की कोशिश करार दिया है। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने इन वीडियो की जांच सीडीओ गोरखनाथ भट्ट को सौंपी है और कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। एक प्रधान से रुपये लेने के दौरान डीपीआरओ को यह कहते सुना गया कि जब वह सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी (एडीपीआरओ) थे, तब 15,000 रुपये लेते थे, लेकिन अब डीपीआरओ होने के नाते उन्हें 20,000 रुपये चाहिए। गौरतलब है कि चेतेंद्र पाल सिंह से पहले तैनात रहे डीपीआरओ उपेंद्र कुमार पांडेय पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। उन्हें विभागीय कार्यों में लापरवाही और उच्च अधिकारियों को भ्रामक सूचना देने के आरोप में 22 अगस्त 2025 को शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद चेतेंद्र पाल सिंह को कार्यवाहक डीपीआरओ का प्रभार मिला था, और बाद में पदोन्नत होकर वह डीपीआरओ बन गए। वायरल वीडियो में छुपाते छुपाते रुपए लिए जा रहे हैं एक वीडियो तो जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय का है उनके बराबर में बैठा बाबू 44 हजार रुपए ले रहा है और कुछ वीडियो गाड़ी के अंदर के हैं इन सभी वीडियो में 500-500 के नोट दिखाई दे रहे हैं। एक पत्र भी वायरल हो रहा है जिसमें लिखा है कि डीपीआरओ ने मुरादाबाद की आवास विकास में डेढ़ करोड़ रुपए की आभासी संपत्ति ली है और लग्जरी कर भी है, जबकि उनकी इतनी आया नहीं है तो उनके पास यह सब कहां से आया है।
पानीपत शहर के सबसे व्यस्त और तंग सुभाष बाजार में मंगलवार दोपहर को उस समय अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब एक मारुति कार का ड्राइवर सड़क पर अंधाधुंध दौड़ाने लगा। कार ड्राइवर ने बाजार में लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए आगे खड़े कई वाहनों को जोरदार टक्कर मार दी। इस खौफनाक मंजर को देख बाजार में मौजूद राहगीरों और ग्राहकों ने इधर-उधर दौड़कर किसी तरह अपनी जान बचाई। यह पूरी घटना बाजार में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। बाद में तंग गली में कार फंसने पर गुस्साए दुकानदारों ने ड्राइवर को दबोच लिया और उसकी धुनाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। अंधाधुंध कार दौड़ाता रहा ड्राइवर प्रत्यक्षदर्शियों और दुकानदारों ने बताया कि मंगलवार दोपहर को सुभाष बाजार में हमेशा की तरह भारी भीड़ थी। इसी दौरान एक मारुति कार का ड्राइवर अचानक मानसिक संतुलन खोए हुए या नशे की हालत में बेहद तेज रफ्तार से कार दौड़ाने लगा। तंग बाजार होने के बावजूद उसने गाड़ी की रफ्तार कम नहीं की। कार ड्राइवर रास्ते में आने वाले दोपहिया वाहनों और रेहड़ियों को टक्कर मारते हुए लगातार आगे बढ़ता रहा। कार की रफ्तार और ड्राइवर की इस हरकत को देखकर बाजार में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। दुकान के बाहर खड़े लोगों और ग्राहकों ने कार को अपनी तरफ आते देख पीछे की तरफ भागकर और दुकानों के अंदर छिपकर बमुश्किल अपनी जान बचाई। गुस्साए लोगों ने सिखाया सबक ड्राइवर कार को भगाने के चक्कर में लगातार एक्सीलेटर दबाता रहा, लेकिन आगे जाकर रास्ता बेहद संकरा (तंग) होने के कारण उसकी कार बीच बाजार में ही फंस गई और आगे नहीं बढ़ पाई। कार के रुकते ही बाजार के दर्जनों दुकानदार और स्थानीय लोग तुरंत मौके पर जमा हो गए। लोगों ने बिना वक्त गंवाए कार के दरवाजे को खुलवाया और ड्राइवर को सीट से नीचे खींच लिया। सरेराह दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त करने और लोगों की जान जोखिम में डालने से गुस्साए दुकानदारों ने मौके पर ही कार चालक(साधु) की जमकर धुनाई कर दी। मामले की जांच में जुटी पुलिस बाजार में हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र भीड़ के चंगुल से कार ड्राइवर को छुड़ाया और उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त मारुति कार को भी कब्जे में लेकर थाने भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है, जिसमें कार की चपेट में आने से लोग बचते हुए साफ दिख रहे हैं। दुकानदारों और प्रभावित वाहन स्वामियों की शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
डीडवाना के बांगड़ कॉलेज में विश्व साइकिल दिवस पर साइकिल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों में साइकिलिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा पर्यावरण संरक्षण का संदेश देना था। यह कार्यक्रम मेरा युवा भारत डीडवाना और युवा कार्यक्रम व खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में हुआ। कॉलेज कैम्पस से साइकिल रैली निकालीकार्यक्रम की शुरुआत में प्रिंसिपल डॉ. मनीषा गोदारा ने स्टूडेंट्स को साइकिल के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि यह स्वास्थ्य, पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से एक अत्यंत उपयोगी साधन है। इसके बाद कॉलेज कैम्पस से एक साइकिल रैली निकाली गई, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने साइकिल अपनाओ, पर्यावरण बचाओ और स्वास्थ्य के लिए साइकिल, भविष्य के लिए साइकिल जैसे जागरूकता संदेशों के साथ लोगों को साइकिल के उपयोग के लिए प्रेरित किया। साइकिलिंग को अपनाने का लिया संकल्पइस अवसर पर पोस्टर प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने साइकिलिंग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने तथा स्वस्थ एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
बैतूल में वाहन की टक्कर से युवक की मौत:घर के सामने टहलते समय हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
बैतूल के महदगांव में मंगलवार देर रात एक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक राजेश सोनी की मौत हो गई। अज्ञात वाहन ने उसे घर के सामने टहलते समय टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, राजेश सोनी रात करीब 11 से 12 बजे के बीच अपने घर के बाहर टहल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टक्कर के बाद वाहन चालक युवक को कुछ दूर तक घसीटता हुआ ले गया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात वाहन व उसके चालक की तलाश कर रही है। मृतक राजेश सोनी पेशे से ड्राइवर था। वह अपने परिवार में सबसे छोटा था, उसके तीन बहनें और एक भाई हैं। युवक की असमय मृत्यु से परिवार सदमे में है। इसी बीच, जिला अस्पताल में उपचार के दौरान एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। उसे गंभीर हालत में आमला से देर रात जिला अस्पताल रेफर किया गया था। अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। उसके साथ कोई परिजन या परिचित मौजूद नहीं था, जिससे उसकी जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने शव को सुरक्षित रखवाकर उसकी पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं और मामले की जांच कर रही है।
देवास के जवाहर नगर क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक ने अपनी पत्नी की साड़ी से फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार सुबह जब उसकी पत्नी की नींद खुली तो उसने पति को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना के बाद परिजन युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अजय जाटव (26) के रूप में हुई है। वह जवाहर नगर क्षेत्र में रहता था और मूल रूप से उत्तर प्रदेश का निवासी था। परिजनों के अनुसार अजय पिछले तीन वर्षों से एक कंपनी में हेल्पर के तौर पर काम कर रहा था। उसका एक छोटा बेटा भी है। सुबह पत्नी ने देखा फंदे पर लटका शव बुधवार सुबह पत्नी की नींद खुली तो अजय को फंदे पर लटका देख वह घबरा गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और उसे तत्काल अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अजय ने यह कदम क्यों उठाया, इसका फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा में बेहद कम लोगों की मौजूदगी को लेकर कवि डॉ. हरिओम पंवार ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में अपनी गजलों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले शायर को इस तरह की विदाई मिलना बेहद पीड़ादायक है। डॉ. हरिओम पंवार ने कहा कि बशीर बद्र जैसे बड़े शायर बहुत कम पैदा होते हैं। उनकी शायरी ने उर्दू अदब को नई पहचान दी। उन्होंने कहा कि ऐसे महान साहित्यकार की अंतिम यात्रा में मात्र 20 लोगों का शामिल होना दुखद और चिंताजनक है। भावुक होते हुए डॉ. पंवार ने कहा कि यदि बशीर बद्र का निधन मेरठ में हुआ होता तो उनकी अंतिम विदाई इतनी सूनी नहीं होती। वहां उनके चाहने वालों और साहित्य प्रेमियों का बड़ा कारवां उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचता। उन्होंने यह भी कहा कि उर्दू साहित्य जगत की कम मौजूदगी ने उन्हें और अधिक आहत किया है। पुराना आत्मीय संबंध और साहित्यिक योगदान डॉ. पंवार ने बताया कि उनका वर्षों तक बशीर बद्र के साथ आत्मीय संबंध रहा। उन्होंने कहा कि उनकी रचनाएं आज भी विश्वविद्यालयों में पढ़ाई जाती हैं और साहित्य जगत में उन्हें जो सम्मान मिला, वह विरले ही किसी साहित्यकार को प्राप्त होता है। लंबी बीमारी के बाद हुआ निधन गौरतलब है कि डॉ. बशीर बद्र का हाल ही में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था। वे लंबे समय से डिमेंशिया से पीड़ित थे और इसी कारण सार्वजनिक जीवन और मुशायरों से दूर हो गए थे। सरल और आम बोलचाल की भाषा में लिखी उनकी ग़ज़लों ने उन्हें आम लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।
बाराबंकी जिले के बहुचर्चित महिला सिपाही विमलेश पाल हत्याकांड में आरोपी सिपाही पति इंद्रेश मौर्य को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद पीड़ित परिवार पूरी तरह हताश है। इंसाफ की गुहार लेकर मृतका के परिजनों ने बाराबंकी पहुंचकर अपर पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी से मुलाकात की। परिजनों ने पुलिस की चार्जशीट और थाने की जनरल डायरी (जीडी) में दर्ज ड्यूटी की तारीखों के बीच विरोधाभास के चलते आरोपी को मिली जमानत पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने तत्कालीन जांच पर सवाल उठाते हुए मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर एएसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने परिजनों को गंभीरता से जांच कराने और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है। एसपी कार्यालय से निकलने के बाद मीडिया से बात करते हुए मृतका की छोटी बहन पूजा पाल ने बताया कि उन्हें अभी तक न्याय नहीं मिला और मुख्य आरोपी को महज 9 महीने के भीतर जमानत मिल गई। उन्होंने आरोपी को फांसी की सजा देने की मांग की। वहीं, मृतका की बुजुर्ग मां अनारा देवी ने आरोपी की जमानत के बाद अपने परिवार की जान का खतरा होने की आशंका जताई। हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने आरोपी को जमानत दी थी। इसका मुख्य आधार पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला सिपाही की मौत 26-27 जुलाई को होना दर्शाया जाना था। इसके विपरीत, सुबेहा थाने के सरकारी रिकॉर्ड (जीडी) में विमलेश की 27 से 29 जुलाई तक थाने में ही ऑन-ड्यूटी हाजिरी और हस्ताक्षर दर्ज थे। अब यह बात सामने आ रही है कि उनकी ड्यूटी तो लगाई गई थी, लेकिन वह सुबेहा थाने पर ही रहकर ऑन-ड्यूटी कार्य कर रही थीं, इसीलिए जीडी में उनकी हाजिरी लगातार दर्ज होती रही। इसी बड़ी तकनीकी लापरवाही और जांच के गंभीर विरोधाभास को मुख्य आधार बनाकर आरोपी सिपाही जेल से बाहर आ गया, जिससे अब पुलिसिया जांच की विश्वसनीयता और पीड़ित परिवार का इंसाफ पर भरोसा, दोनों ही दांव पर लग गए हैं। मृतका के जीजा दिलीप पाल ने भी रोष जताते हुए कहा कि उनकी साली ऑन-ड्यूटी मारी गई थी, शरीर पर चोटों के निशान थे, फिर भी लचर पैरवी और तकनीकी कमियों के कारण आरोपी जेल से बाहर आ गया। अब यह पीड़ित परिवार इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर रहा है। बता दें कि यह सनसनीखेज मामला सुल्तानपुर जिले की रहने वाली 2017 बैच की महिला सिपाही विमलेश पाल से जुड़ा है, जो बाराबंकी के सुबेहा थाने में तैनात थीं। जुलाई 2025 में सावन मेले के दौरान महादेवा मंदिर (रामनगर) ड्यूटी के लिए निकलने के बाद वह लापता हो गई थीं। 30 जुलाई 2025 को मसौली थाना क्षेत्र के बिंदौरा गांव के पास हाईवे किनारे झाड़ियों में उनका क्षत-विक्षत शव मिला था। विमलेश ने अपने साथी सिपाही इंद्रेश मौर्य निवासी गोंडा से प्रेम विवाह किया था, जिससे उनका विवाद चल रहा था। पुलिस ने सिपाही पति इंद्रेश मौर्य को हत्या के आरोप में जेल भेजा था।
हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SBMCH) में मंगलवार देर रात बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। अस्पताल में करीब दो घंटे तक बिजली नहीं रही। उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा असर इमरजेंसी वार्ड में देखने को मिला। जहां डॉक्टरों को मोबाइल फोन की फ्लैशलाइट और टॉर्च के सहारे मरीजों का इलाज करना पड़ा। भीषण गर्मी के बीच अचानक बिजली कटने से वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई मरीज गर्मी और घुटन से बेचैन दिखे, जबकि परिजन व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए। डीजल खत्म होने से जनरेटर नहीं चला अस्पताल में बिजली बैकअप के लिए लगाए गए लाखों रुपए के सोलर पावर सिस्टम के भी पिछले कई महीनों से खराब पड़े रहने की बात सामने आई है। ऐसे में जब मुख्य बिजली आपूर्ति ठप हुई, तो बैकअप सिस्टम भी काम नहीं आया। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही तब और उजागर हुई जब जनरेटर भी नहीं चल सका। अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट डॉ. केके सिंह ने बताया कि जनरेटर के लिए डीजल खत्म हो गया था, जिसके कारण आपातकालीन स्थिति में भी बिजली बहाल नहीं की जा सकी। इस घटना ने अस्पताल में आपातकालीन ईंधन स्टॉक की गंभीर कमी को उजागर कर दिया है। सांसद ने जताई नाराजगी, दी सख्त चेतावनी मामले की जानकारी मिलते ही हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मरीजों की जान से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सांसद ने यहां तक कहा कि यदि अस्पताल को डीजल की जरूरत है, तो वे खुद इसकी व्यवस्था कराने को तैयार हैं, लेकिन ऐसी लापरवाही दोबारा नहीं होनी चाहिए। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर सवाल तेज हो गए हैं।
इंदौर में सिंहस्थ की तैयारी:MR-4 और MR-12 रोड निर्माण काम की जमीनी स्थिति देखी
सिंहस्थ 2028 को देखते हुए इंदौर शहर की ट्रैफिक और आधारभूत अधोसंरचना को मजबूती दी जा रही है। इसी कड़ी में बुधवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव और जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने निर्माणाधीन एमआर-4 और एमआर-12 रोड के विभिन्न कामों की जमीनी स्थिति देखी। महापौर ने अहिल्या आश्रम स्कूल से भागीरथपुरा होते हुए आईएसबीटी एमआर-10 तक निर्माणाधीन संपूर्ण एमआर-4 रोड परियोजना का जायजा लिया। इस रोड के बनने से शहर के विभिन्न इलाकों के बीच आवागमन और ज्यादा सुगम व व्यवस्थित होगा, साथ ही आगामी सिंहस्थ के दौरान बढ़ने वाले ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। महापौर ने निर्माण कामों की अभी की स्थिति, क्वालिटी और समय-सीमा के संबंध में अधिकारियों से जरूरी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को निर्देश दिए कि रोड निर्माण कामों को उच्च क्वालिटी के साथ तय समय में पूरा किया जाए, ताकि लोगों को बेहतर ट्रैफिक सुविधाएं मिल सकें। इसके बाद उन्होंने एमआर-10 से एमआर-12 तक निर्माणाधीन रोड को देखा। रोड बनाने की टेक्निकल प्रोग्रेस, आवश्यक अधोसंरचनात्मक कामों और ट्रैफिक मैनेजमेंट संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। महापौर ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कामों में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरती जाए और सभी काम निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। महापौर बोले कि आगामी सिंहस्थ को देखते हुए शहर की रोड और ट्रैफिक व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहर की जनता को भी दीर्घकालीन रूप से बेहतर ट्रैफिक व आवागमन सुविधा का लाभ मिलेगा। महापौर के साथ पार्षद कमल वाघेला, अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर, अधीक्षण यंत्री पीएस कुशवाह, नरेश जायसवाल सहित निगम के अधिकारी और संबंधित डिपार्टमेंट के कर्मचारी उपस्थित रहे।
कुशीनगर पुलिस द्वारा 453 नेपाली नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय ठगी गिरोह के चंगुल से मुक्त कराने पर नेपाल सरकार ने सराहना की है। नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने उत्तर प्रदेश सरकार, यूपी पुलिस और कुशीनगर पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है। दूतावास द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, भारतीय सीमावर्ती क्षेत्रों में नेपाली नागरिकों के श्रम शोषण और ठगी की सूचना मिली थी। इसके बाद भारतीय एजेंसियों, उत्तर प्रदेश पुलिस और गैर-सरकारी संगठन KIN इंडिया के सहयोग से एक संयुक्त अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत कुशीनगर जिले के विभिन्न स्थानों पर की गई पुलिस कार्रवाई में नेटवर्किंग फ्रॉड के जाल में फंसे कुल 453 नेपाली नागरिकों को मुक्त कराया गया। इनमें 338 पुरुष और 115 महिलाएं शामिल थीं। सभी मुक्त कराए गए नागरिकों को सुरक्षित पुलिस संरक्षण में रखा गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद उन्हें उनके घरों तक पहुंचाया गया। इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर आगे की जांच की गई। नेपाल दूतावास ने अपने बयान में कहा कि इस सफल अभियान में उत्तर प्रदेश सरकार, उत्तर प्रदेश पुलिस, नेपाल पुलिस और सहयोगी संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दूतावास ने नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और संरक्षण के प्रयासों के लिए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया है। गौरतलब है कि हाल ही में कसया क्षेत्र में संचालित एक कंपनी द्वारा नौकरी, पढ़ाई और नेटवर्क मार्केटिंग का झांसा देकर नेपाल के युवाओं को बंधक बनाने का मामला सामने आया था। कुशीनगर पुलिस, एसटीएफ और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया था। नेपाल दूतावास ने अपने नागरिकों से विदेश में रोजगार या अन्य आकर्षक प्रस्तावों के नाम पर होने वाले प्रलोभनों से सतर्क रहने की अपील की है। कुशीनगर पुलिस की इस कार्रवाई को भारत-नेपाल सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
करनाल में गोल्ड के लेन-देन को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। जालंधर के एक कारोबारी की शिकायत पर शहर के एक ज्वेलर्स के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और अब मामले की तफ्तीश जारी है। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से कारोबारिक संबंध थे, जो बाद में विवाद में बदल गए। जालंधर के बस्ती शेख निवासी पंकज लुथरा ने पुलिस अधीक्षक करनाल को दी शिकायत में बताया कि वह गोल्ड ज्वैलरी सप्लाई का काम करता है। साल 2021 से वह करनाल के कुंजपुरा रोड स्थित हंस ज्वेलर्स को जेवर सप्लाई कर रहा था। इस दौरान दोनों के बीच अच्छा खासा लेन-देन बना रहा। कई बार ज्वेलर्स खुद जालंधर जाकर भी माल लेकर आता था। एक्सीडेंट के बाद बिगड़ी स्थिति पंकज लुथरा के अनुसार साल 2024 में उसका एक्सीडेंट हो गया। जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आई। इस कारण वह करीब छह-सात महीने तक करनाल नहीं आ सका। इस दौरान जरूरत पड़ने पर हंस ज्वेलर्स का मालिक विजय कपूर जालंधर आकर उससे सामान लेता रहा। गोल्ड वापस मांगने पर टालमटोल ठीक होने के बाद जब पंकज लुथरा करनाल अपने गोल्ड का हिसाब लेने पहुंचा, तो आरोपी उसे बार-बार टालता रहा। उसने कई बार दुकान के चक्कर लगाए, यहां तक कि अपनी बहन की शादी के समय भी गोल्ड की जरूरत बताई, लेकिन उसे उसका माल वापस नहीं दिया गया। धमकी देने का आरोप भी लगाया शिकायत में पंकज लुथरा ने आरोप लगाया कि विजय कपूर ने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने कहा कि वह करनाल का स्थानीय व्यक्ति है और बड़े पुलिस अधिकारियों व नेताओं से उसके संबंध हैं, इसलिए वह कुछ नहीं कर सकता। साथ ही उसे दोबारा दुकान पर न आने की चेतावनी भी दी गई। स्वर्णकार संघ ने भी आरोपी को बताया दोषी मामले को लेकर सर्राफा बाजार की स्वर्णकार संघ के पास भी शिकायत की गई। संघ ने दोनों पक्षों को बुलाकर हिसाब-किताब पेश करने को कहा। पंकज लुथरा ने अपना पूरा रिकॉर्ड दिखाया, लेकिन विजय कपूर ने कोई हिसाब पेश नहीं किया और संघ के प्रधान के साथ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया। संघ के सदस्यों ने लिखित में दिया कि विजय कपूर दोषी है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस यह शिकायत 11 मई को थाना शहर करनाल में तहत दर्ज हुई। मामले की जांच एसआई सलिंद्र कुमार को सौंपी गई। दोनों पक्षों को नोटिस देकर बुलाया गया, लेकिन आरोपी ने अपना बयान दर्ज नहीं करवाया। वहीं शिकायतकर्ता की ओर से उसके पिता राजकुमार लुथरा ने बयान दिया। 2 जून को दर्ज हुआ मुकदमा, जांच जारी जांच के आधार पर पुलिस ने 2 जून को थाना शहर करनाल में मुकदमा दर्ज कर लिया। इसमें धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी देने के आरोप शामिल किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है।
कोरबा में मंगलवार को तीन अलग-अलग सड़क हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई। इन हादसों में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। पाली थाना पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। मुनगाडीह के पास ट्रक से टकराया माल वाहन वाहन पहली घटना बिलासपुर-कटघोरा मुख्य मार्ग (NH 130) पर मुनगाडीह के पास हुई। तेज रफ्तार माल वाहक वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि माल वाहक वाहन के चालक की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन में सवार एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माल वाहक वाहन बिलासपुर की ओर से आ रहा था। धौराभाटा में ट्रेलर-बाइक भिड़ंत दूसरी दुर्घटना धौराभाटा के पास हुई। जहां ट्रेलर और बाइक की जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसका इलाज पाली स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर तेज रफ्तार में था और ओवरटेक करते समय बाइक उसकी चपेट में आ गई। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। डूमरकछार ओवरब्रिज पर अज्ञात वाहन की टक्कर तीसरी घटना डूमरकछार ओवर ब्रिज हाईवे पर हुई। तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद वाहन चालक फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है।
स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट जोधपुर में सत्र 2026-27 के लिए डिग्री और डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। 12वीं पास कर चुके स्टूडेंट्स इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। एडमिशन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किए जा सकते हैं। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर एडमिशन प्रोसेस स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के प्रिंसिपल केजी दूबे ने बताया कि संस्थान में तीन साल की डिग्री और 1.5 साल के डिप्लोमा कोर्स चलाए जाते हैं। इन कोर्स में इस समय डायरेक्ट एडमिशन हो रहे है। ये संस्थान नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नॉलोडी नोएड से संबधित है। इसके एडमिशन प्रोसेस ‘पहले आओ, पहले पाओ’ पर होते हैं। हमारे संस्थान से पासआउट स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट सौ प्रतिशत रहा है। यहां से निकले स्टूडेंट नामी पांच सितारा होटल, मल्टीनेशनल कंपनी, एयरलाइन में नौकरी कर रहे हैं। यह संस्थान पर्यटन मंत्रालय राजस्थान और पर्यटन विभाग राजस्थान के तहत आता है। ये हैं कोर्सेज संस्थान में डिप्लोमा कोर्सेज में डिप्लोमा इन फूड प्रोडक्शन, बेकरी एंड कन्फेक्शनरी, हाउसकीपिंग और फूड एंड बेवरेज सर्विस हैं। इसके साथ ही डिग्री कोर्स में डिग्री इन होटल मैनेजमेंट है। यह 3 साल का कोर्स है। ये योग्यता होना जरूरी इन कोर्स के लिए स्टूडेंट का 12वीं पास होना जरूरी है। एडमिशन ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर लिए जा रहे हैं। एडमिशन के लिए आवेदन ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीके से किया जा सकते हैं। किसी भी तरह के परामर्श के लिए संस्थान में संपर्क किया जा सकता है।
फर्रुखाबाद में पांच दिनों के बाद बुधवार को तापमान में अचानक उछाल दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप निकलने के कारण पारा 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बीते दिनों की तुलना में तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हुई है। इससे पहले, बीते शुक्रवार से फर्रुखाबाद के मौसम में बदलाव आया था। तेज हवाओं के साथ दिन और रात में रुक-रुक कर बारिश हो रही थी, जिससे मौसम सुहावना हो गया था और तापमान में भी गिरावट आई थी। हालांकि, मंगलवार को उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया था। बुधवार सुबह से ही तेज धूप के कारण 11 बजे तक तापमान 37 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। गर्मी से बचने के लिए लोग चेहरे पर गमछा बांधकर सड़कों पर निकले। महिलाएं भी गर्म हवा से बचाव के लिए अपना चेहरा ढककर बाहर निकलीं। बढ़ती गर्मी के बीच बड़ी संख्या में युवा गंगा स्नान के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया कि गर्मी से राहत पाने के लिए गंगा में स्नान करना फायदेमंद होता है। लोहिया अस्पताल के चिकित्सकों ने मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरी काम हो तभी घरों से बाहर निकलें और गमछा साथ रखें। इसके अतिरिक्त, लगातार पानी पीते रहने की भी सलाह दी गई है।
रामगढ़ जिले के बासल थाना क्षेत्र के सियारी टोला में मंगलवार देर रात सड़क हादसे में दो युवकों की मौत हो गई। मरने वाले सौंदा डी इलाके के रहने वाले हैं। इनके नाम अभिषेक कुमार शर्मा (28) और राहुल कुमार (30) है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक इनकी बाइक तेज रफ्तार में थी। घटनास्थल पर तेज रफ्तार होने की वजह से बाइक बेकाबू हो गई। तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे बने बाउंड्री को धंसाते हुए तकरीबन 100 फीट अंदर चली गई। समय पर मदद नहीं मिल पाने की वजह से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों को सुबह हादसे की जानकारी मिली। जन्मदिन मनाकर लौट रहे थे, तभी हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, अभिषेक का जन्मदिन था। वह अपने दोस्त राहुल के साथ बाइक से पतरातु डैम घूमने गए थे। वहीं किसी रेस्टूरेंट में जन्मदिन सेलिब्रेट करने के बाद वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान हादसे के शिकार हो गए। अंधेरा और सुनसान सड़क होने के कारण हादसे की भनक किसी को नहीं लगी। स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों युवक घंटों तक गंभीर हालत में वहीं पड़े रहे, लेकिन समय पर मदद नहीं मिलने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी। जब देर रात तक युवक घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद सुबह घटनास्थल से शव बरामद किए गए। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए शव भेजा घटना की सूचना मिलते ही बासल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बासल थाना प्रभारी कैलाश ने बताया कि शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रामगढ़ सदर अस्पताल भेज दिया गया है। कहा कि तेज रफ्तार की वजह से ही ये हादसा हुआ है। इधर, दोनों ही युवकों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
सीकर में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज सीकर में आक्रोश रैली निकाली गई। आक्रोश रैली सीकर के ढाका भवन से शुरू होकर कल्याण सर्किल होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। SFI के जिलाध्यक्ष महिपाल गुर्जर ने कहा कि पिछले एक महीने में नीट, CUET, SSC जैसी बड़ी परीक्षाओं में भ्रष्टाचार के मामले सामने आए है। नीट परीक्षा में तो 22 लख स्टूडेंट्स के साथ धोखा हुआ। SSC परीक्षा में कई सेंटर्स पर कंप्यूटर हैक करके नकल करवाने के मामले सामने आए लेकिन कोई भी सुध लेने वाला नहीं है। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करके आराम से बैठे हैं। उन्हें शर्मिंदा होकर नैतिकता मानते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। एसएफआई की ओर से आज हस्ताक्षर अभियान भी शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत हजारों युवाओं से हस्ताक्षर करवाकर इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा साथ ही मांग की जाएगी कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। शेखावाटी यूनिवर्सिटी की इकाई अध्यक्ष सुशील चौधरी ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले सामने आने के बाद शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस में आगजनी की घटना सामने आई। इसका एक ही मतलब है कि अब सबूत मिटाने का काम हो रहा है।
जयपुर के झालाना स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में 5 से 7 जून तक इंडिया फूड बिजनेस एक्सपो-2026 का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान उद्योग व्यापार महासंघ की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय बी2बी एक्सपो में देशभर से 100 से ज्यादा एग्जीबिटर्स भाग लेंगे। आयोजन का उद्देश्य फूड इंडस्ट्री से जुड़े व्यापारियों, मैन्युफैक्चरर्स और बायर्स को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है। महासंघ के अध्यक्ष जगदीश सोमानी ने बताया कि एक्सपो में 10 हजार से अधिक विजिटर्स के पहुंचने की उम्मीद है। अब तक 7 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं और जिस स्पीड से रजिस्ट्रेशन बढ़ रहे हैं, उससे विजिटर्स की संख्या और अधिक रहने की संभावना है। फूड इंडस्ट्री को मिलेगा बड़ा प्लेटफॉर्म सोमानी ने बताया कि फूड सेक्टर के लिए इस तरह का समर्पित एक्सपो अब तक नहीं हो पाया था। ऐसे में फूड इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न प्रोडक्ट्स, मशीनरी, टेक्नोलॉजी और सर्विसेज को एक ही छत के नीचे लाने का प्रयास किया जा रहा है। एक्सपो में इंडस्ट्री से जुड़े लोग अपने प्रोडक्ट्स और अनुभव साझा करेंगे, जिससे नए बिजनेस अवसर विकसित होंगे और फूड इंडस्ट्री को बड़ा बाजार मिलेगा। 80 हजार रुपये तक की मिलेगी सब्सिडी एक्सपो में फूड प्रोसेसिंग, मसाला इंडस्ट्री, पैकेजिंग, होटल सप्लाई सहित कई क्षेत्रों की प्रमुख कंपनियां हिस्सा लेंगी। आयोजन की विशेष बात यह है कि इसे भारत सरकार के MSME मंत्रालय से स्वीकृति प्राप्त है। इसके तहत पात्र एग्जीबिटर्स को 80 हजार रुपए तक की सब्सिडी का लाभ मिलेगा। देशभर से आएंगे बायर्स शो के आयोजक अरुण अग्रवाल ने बताया कि यह पूरी तरह बी2बी आधारित शो है, जिसे भारत सरकार का सहयोग प्राप्त है। इसमें देशभर से बायर्स शामिल होंगे, जो नए प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी की जानकारी लेकर अपने बिजनेस का विस्तार कर सकेंगे। तीन दिन होंगे सेशन और बी2बी मीटिंग्स शो के डायरेक्टर जितेंद्र गोयल ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन के दौरान बी2बी मीटिंग्स के साथ अलग-अलग सेशन भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें बिजनेस एक्सपर्ट्स इंडस्ट्री से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। एक्सपो का उद्घाटन 5 जून को सुबह 11 बजे होगा, जिसमें कई विशिष्ट अतिथि शामिल होंगे। उनका कहना है कि यह आयोजन फूड इंडस्ट्री को नई दिशा देने और बिजनेस ग्रोथ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज, झालावाड़ ने सामाजिक सरोकारों के तहत गोद लिए गए आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। झिरनिया और रायपुर आंगनबाड़ी केंद्रों पर बुधवार को 'आनंदम' और 'जल संरक्षण' विषयों पर आधारित यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों में कलात्मक प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हुई। उन्हें ड्राइंग शीट और रंग वितरित किए गए, जिसके बाद बच्चों ने उत्साहपूर्वक भारतीय तिरंगा और विभिन्न पशु-पक्षियों के आकर्षक चित्र बनाए। इन चित्रों ने पूरे परिसर में आनंद का माहौल बना दिया। बच्चों को जल संरक्षण का महत्व समझायाचित्रकला गतिविधि के बाद बच्चों को जल संरक्षण का महत्व समझाया गया। 'वंदे गंगा' अभियान से प्रेरणा लेते हुए, उन्हें जल संकट और उसके समाधान के बारे में सरल भाषा में बताया गया। बच्चों को अपने आसपास के पारंपरिक जल स्रोतों को स्वच्छ रखने और दैनिक जीवन में पानी की प्रत्येक बूंद का सदुपयोग करने का संकल्प दिलाया गया। कॉलेज की ओर से प्रवक्ता सौरभ कुमार गौतम ने दोनों आंगनबाड़ी केंद्रों पर इन गतिविधियों का संचालन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में रायपुर केंद्र पर कैलाश तथा झिरनिया केंद्र पर शिमला और पवन का सक्रिय सहयोग रहा।
सम्भल में आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन शहर के महमूद सराय, तुर्तीपुर इल्हा और फतेहउल्ला सराय वार्डों को जोड़ने वाली जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर बुधवार को किया गया। पार्टी के जिलाध्यक्ष शहज़ाद खान ने इसका नेतृत्व किया। प्रदर्शन के दौरान शहज़ाद खान ने बताया कि यह मार्ग शहर के कई महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है। यह हयातनगर, सरायतरीन, मंडी, नखासा, दीपा सराय और खेड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके बावजूद, पिछले चार वर्षों से सड़क की हालत खराब है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने कई बार सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था का आश्वासन दिया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। खान ने कहा कि सड़क पर लगातार जलभराव रहने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही है। इस मार्ग पर तीन स्कूल और दो अस्पताल स्थित हैं, जिससे रोजाना बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और मरीज गुजरते हैं। खराब सड़क और गंदे पानी के कारण आवागमन में दिक्कतें आती हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले भी यहां हादसे हो चुके हैं और एक बच्चे की पानी में डूबने से मौत हो गई थी। जिलाध्यक्ष ने यह भी बताया कि क्षेत्र में स्थित हजरत सैयद भूरे शाह साहब की मजार भी जलभराव से प्रभावित रहती है। कई मकानों के आसपास पानी भरा रहने से लोगों में भय का माहौल है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। शहज़ाद खान ने नगर पालिका अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी से तत्काल सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्य शुरू नहीं किया गया तो आजाद समाज पार्टी और भीम आर्मी बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन करेगी। कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
छिंदवाड़ा के देहात थाना क्षेत्र स्थित प्रियदर्शनी कॉलोनी में बुधवार सुबह पुलिस लाइन में पदस्थ एक महिला प्रधान आरक्षक (हेड कॉन्स्टेबल) ने आत्महत्या कर ली। मृतका दीपा नेगी ने अपने सूने घर में जाकर खुद को आग के हवाले कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी अजय राणा और देहात थाना निरीक्षक जीएस राजपूत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतका डिप्रेशन की शिकार थीं और उनका नागपुर में इलाज चल रहा था। परिजनों के अनुसार, दीपा नेगी पिछले काफी समय से गंभीर मानसिक तनाव (डिप्रेशन) से जूझ रही थीं। बुधवार सुबह वे अपनी मां के घर से यह कहकर निकली थीं कि गाड़ी में पेट्रोल डलवाने जा रही हैं। हालांकि, वह वहां से करीब 500 मीटर दूर स्थित अपने खुद के सूने घर पहुंच गईं। इसके बाद उन्होंने कमरे के अंदर जाकर खुद को आग लगा ली। देखिए 2 तस्वीरें… धुआं उठता देख पड़ोसियों ने परिजनों को दी सूचनासूने घर के अंदर से अचानक धुआं उठता देख आसपास के रहवासियों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मृतका की मां और उनकी 16 वर्षीय बेटी को दी, जो कक्षा दसवीं की छात्रा है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से हल्का लॉक था। उसे धक्का देकर खोला गया, तो अंदर महिला प्रधान आरक्षक गंभीर रूप से जली हुई अवस्था में जमीन पर मृत पड़ी थीं। पति के निधन के बाद मिली थी अनुकंपा नियुक्तिजानकारी के मुताबिक, मृतका दीपा नेगी को उनके पति के निधन के बाद पुलिस विभाग में अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। सीएसपी अजय राणा ने बताया, शुरुआती जांच में महिला के लंबे समय से डिप्रेशन में होने और नागपुर से इलाज चलने की बात सामने आई है। घटनास्थल की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सभी संभावित पहलुओं पर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सरकार ने कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी को कासगंज जनपद का नया प्रभारी मंत्री नियुक्त किया है। इससे पहले कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी इस जिले के प्रभारी मंत्री का कार्यभार संभाल रहे थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के मंत्रिमंडल में भूपेंद्र चौधरी को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग का दायित्व सौंपा गया है। अब वे अपने विभागीय कार्यों के साथ-साथ कासगंज जिले के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं की समीक्षा तथा प्रशासनिक गतिविधियों की निगरानी भी करेंगे। भूपेंद्र चौधरी के प्रभारी मंत्री बनने से जिले में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन तथा स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। एमएसएमई विभाग प्रदेश में छोटे और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने और स्थानीय उद्यमियों व युवाओं को नए अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने नए प्रभारी मंत्री का स्वागत करते हुए कासगंज के सर्वांगीण विकास की उम्मीद जताई है।
मेरठ में सदर थाना क्षेत्र के गंज बाजार स्थित एक नाइट वेयर फैक्ट्री में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया। वेंटिलेशन की जाली उखाड़कर अंदर घुसे चोर गल्ले में रखा कैश और DVR लेकर फरार हो गए। सुबह फैक्ट्री खुलने पर चोरी का पता चला, जिसके बाद व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। नंदन कुंज निवासी अभिषेक गोयल की यह फैक्ट्री है। मंगलवार रात चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। सुबह जब फैक्ट्री खोलने कर्मचारी हरिओम पहुंचे तो उन्हें चोरी की जानकारी हुई, जिसके बाद तुरंत अभिषेक गोयल और पुलिस को सूचना दी गई। DVR भी साथ ले गए शातिर चोर सूचना मिलने पर सदर बाजार पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि गल्ले से कैश गायब है और पूरा सामान फैला हुआ है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि चोर CCTV कैमरे की DVR भी अपने साथ ले गए, जिससे सबूत मिटाने की कोशिश की गई। तीन दिन पहले काटे गए थे CCTV तार पुलिस जांच में सामने आया कि फैक्ट्री के सामने लगे CCTV कैमरे के तार तीन दिन पहले ही काट दिए गए थे। 31 मई की सुबह करीब 5 बजे कैमरे बंद कर दिए गए थे, जिससे साफ है कि चोरी की पहले से रेकी की गई थी। एक अन्य कैमरा जाल से ढका हुआ था, जिससे उसका दृश्य भी स्पष्ट नहीं हो सका। घरों के बाहर लगाए कुंडे, इलाके में फैली दहशत पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आसपास के कुछ घरों के दरवाजों पर बाहर से कुंडे लगे मिले, जिससे लोग बाहर न निकल सकें। सामने एक हलवाई की दुकान पर सो रहे कर्मचारियों के कमरे का दरवाजा भी बाहर से बंद पाया गया। घटना की जानकारी मिलते ही व्यापारियों ने मौके पर हंगामा किया। पुलिस ने स्थिति संभालते हुए जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। मामले में शातिर गिरोह के शामिल होने की आशंका जताई जा रही है। खबर अपडेट हो रही है…
'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' के तहत बुधवार को अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय परिसर में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को पानी की हर बूंद की कीमत समझाना और पर्यावरण को हरा-भरा बनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक राजेंद्र भांबू और पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़ मौजूद रहे। जिला कलेक्टर अरुण गर्ग और विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता महेश टीबड़ा सहित विभाग के तमाम अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे। पीपल पूजन, जल पूजन और पौधारोपण से शुरुआत कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संस्कृति और परंपरा के अनुसार हुई। अतिथियों और अधिकारियों ने मिलकर प्रकृति के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए पीपल पूजन और जल पूजन किया। इसके बाद कार्यालय परिसर में पौधारोपण (वृक्षारोपण) किया गया। पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम में आए लोगों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे भी मुफ्त में बांटे गए, ताकि वे इन्हें अपने घरों और आस-पास लगाकर धरती को हरा-भरा बना सकें। जनभागीदारी से ही बचेगा पानी इस अवसर पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें वक्ताओं ने जल संकट और पर्यावरण के मुद्दों पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि आज के समय में पानी की कमी और बिगड़ता पर्यावरण सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। अगर आज हम नहीं संभले, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि सरकार या प्रशासन अकेले दम पर पर्यावरण को नहीं बदल सकता। इसके लिए हर नागरिक को आगे आना होगा। जब तक आम जनता पानी बचाने को अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगी, तब तक कोई भी अभियान पूरी तरह सफल नहीं हो सकता। कार्यक्रम के अंत में वहां मौजूद सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों ने पानी की बर्बादी रोकने और अधिक से अधिक पौधे लगाने का सामूहिक संकल्प (शपथ) लिया। विधायक राजेंद्र भांबू ने कहा कि हमारी संस्कृति में जल को देवता माना गया है। 'वंदे गंगा अभियान' के माध्यम से हम हर नागरिक को जोड़ना चाहते हैं। झुंझुनूं के विकास के साथ-साथ यहां का पर्यावरण सुधारना भी हमारी प्राथमिकता है। मेरा सभी से आग्रह है कि केवल पौधा लगाएं नहीं, बल्कि उसके बड़े होने तक उसकी देखभाल भी करें।
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर एक युवक ने जमकर हंगामा कर दिया। युवक ने पड़ोस में रहने वाली महिला के घर पर पत्थर फेंके और बाहर खड़ी बाइकों में भी तोड़फोड़ कर डाली। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। डर के चलते महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलीं और डायल-112 पर पुलिस से मदद मांगी। पुलिस के पहुंचने के बाद पीड़ित महिलाओं ने थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सामान्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी इलाके का एक सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें स्थानीय युवक लक्की जाटव पत्थरों से बाइक में तोड़फोड़ करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह घर की ओर भी पत्थर फेंकता नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार राधा नाम की महिला इलाके में जूते-चप्पल की दुकान संचालित करती है। मंगलवार दोपहर वह घर से मंदिर जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान उसकी छोटी बच्ची ने पूछा कि वह कहां जा रही है, जिस पर महिला ने कहा कि वह मार्केट जा रही है। आरोप है कि लक्की की मां को लगा कि महिला उसे कुछ कह रही है। इसके बाद उसने घर जाकर अपने बेटे लक्की को जानकारी दी। बताया जा रहा है कि इसके बाद लक्की बाहर आया और विवाद करते हुए पत्थरबाजी व तोड़फोड़ शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है।
पत्नी से झगड़े के बाद पति ने पिया जहर:बोला- ससुराल वालों ने 3 दिन पहले की थी मारपीट
सिरोही जिले के सरूपगंज कस्बे में पत्नी से विवाद के बाद एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे सिरोही ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार सरूपगंज निवासी रुस्तम खान पुत्र कालू खान ने विषाक्त पदार्थ का सेवन किया। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले सरूपगंज के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिरोही ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। ससुराल वालों पर मारपीट का आरोपरुस्तम खान का आरोप है कि 3 दिन पहले उसके ससुराल वालों ने उसके साथ मारपीट की थी। उसने इस संबंध में पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उसे धमकाकर वापस भेज दिया। इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। पत्नी ने भी जहर पिया इसी घटनाक्रम के बीच बुधवार सुबह रुस्तम खान की पत्नी भी सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंची। वहां उसने नर्सिंग स्टाफ से बहस की और बाद में स्वयं भी कोई विषाक्त पदार्थ पी लिया। उसकी तबीयत खराब होने पर उसे महिला वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।जब महिला से इस संबंध में पूछा गया तो उसने कोई जवाब नहीं दिया।
उत्तर प्रदेश में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) भर्ती परीक्षा आज और कल आयोजित की जाएगी। लखनऊ में इसके लिए कुल 56 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र और वैध फोटो पहचान पत्र के साथ ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश दिया जाएगा। इनके बिना किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था की गई है। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, उड़नदस्ते और अन्य सुरक्षा उपायों के जरिए परीक्षा को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने की तैयारी की गई है। पहली पाली में मॉडरेट रहा पेपर लेवल बुधवार को पहली पाली में सामाजिक विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, विज्ञान और उर्दू विषय की परीक्षा हुई। 2 घंटे का पेपर देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि पेपर मॉडरेट लेवल का रहा। और तय समय के भीतर पेपर हो गया। दोनों दिन की परीक्षा शेड्यूल परीक्षा दोनों दिन दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगी। तीन जून को पहली पाली में सामाजिक विज्ञान, शारीरिक शिक्षा, विज्ञान और उर्दू विषय की परीक्षा होगी, जबकि द्वितीय पाली में हिन्दी, गणित, कृषि और संगीत (गायन) विषय के प्रश्नपत्र होंगे। चार जून को पहली पाली में अंग्रेजी, गृह विज्ञान, जीव विज्ञान और संगीत वादन तथा दूसरी पाली में संस्कृत, वाणिज्य और कला विषय की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
मेरठ में श्री जगन्नाथ मंदिर की कुर्की पर उठे सवाल:तहसीलदार पर मिलीभगत और पक्षपात कार्रवाई का आरोप
मेरठ के बिल्वेश्वरनाथ मंदिर परिसर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर को लेकर विवाद एक बार फिर गहरा गया है। मंदिर प्रबंधन से जुड़े राजेंद्र वर्मा और पवन गोयल ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि न्यायालय के आदेश के बावजूद मंदिर की कुर्की निष्पक्ष तरीके से नहीं की गई। उन्होंने सदर तहसीलदार रवि प्रजापति पर मिलीभगत और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के गंभीर आरोप लगाए हैं। कोर्ट के आदेश के बावजूद कार्रवाई पर सवाल शिकायतकर्ताओं के अनुसार, मंदिर पर कब्जेदारी को लेकर समिति और पुजारी पक्ष के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। मामला फिलहाल अपर नगर मजिस्ट्रेट की अदालत में विचाराधीन था। थाना सदर बाजार की रिपोर्ट में भी किसी भी पक्ष का स्पष्ट कब्जा सिद्ध नहीं हुआ था। इसके बाद अदालत ने 17 मार्च 2026 को मंदिर को कुर्क करने का आदेश दिया था, जिसकी जिम्मेदारी तहसीलदार और थाना सदर बाजार को दी गई थी। राजेंद्र वर्मा और पवन गोयल ने आरोप लगाया कि तीन दिन में पूरी होने वाली यह कार्रवाई दो महीने से अधिक समय तक लटकी रही। जब 24 मई को कुर्की की गई, तब भी पक्षकारों को इसकी कोई सूचना नहीं दी गई। उनका कहना है कि तहसीलदार ने पुजारी पक्ष से मिलीभगत कर उनके बताए व्यक्ति को अस्थायी पुजारी नियुक्त कर दिया। पूरी तरह कब्जा न लेने और दबाव के आरोप शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि तहसीलदार ने मंदिर परिसर को पूरी तरह प्रशासनिक कब्जे में नहीं लिया। स्थानीय राजनीतिक दबाव के चलते पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की गई। उनका कहना है कि समिति और ट्रस्ट के प्रतिनिधियों की बात नहीं सुनी गई और उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया। डीएम से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में मांग की गई है कि न्यायालय के आदेशों का पूरी तरह पालन कराया जाए। इसमें मंदिर परिसर से पुजारियों के बैनर-पोस्टर हटाने, कमरों को प्रशासनिक नियंत्रण में लेने, सीसीटीवी का नियंत्रण प्रशासन को सौंपने और एक स्वतंत्र पुजारी नियुक्त करने की मांग शामिल है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो शांति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
कानपुर देहात में भीषण गर्मी का प्रकोप:राहगीरों को राहत देने के लिए चौराहों पर शरबत बांटा गया
कानपुर देहात में बुधवार को मौसम ने एक बार फिर तीखे तेवर दिखाए। भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। इस तपती गर्मी से राहगीरों को राहत पहुंचाने के लिए कई स्थानों पर समाजसेवियों द्वारा ठंडा शरबत वितरित किया गया। जिले में सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस किया गया। दोपहर होते-होते सड़कों पर निकलने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई। गर्मी से बचने के लिए लोग सिर पर गमछा, टोपी या कपड़ा रखकर यात्रा करते दिखे। बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भीषण गर्मी का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बढ़ते तापमान के कारण मोटरसाइकिल, साइकिल और पैदल चलने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। लोग लगातार सफर करने के बजाय बीच-बीच में छांव तलाशकर रुकते नजर आए। तेज धूप और लू के थपेड़ों से बचने के लिए लोग पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों का सहारा ले रहे हैं। भीषण गर्मी के बीच, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने कई चौराहों पर ठंडा शरबत वितरित किया। राहगीरों ने रुककर शरबत पिया और गर्मी से कुछ राहत महसूस की। लोगों ने बताया कि इस तपती गर्मी में ठंडा शरबत और पेयजल की व्यवस्था काफी राहत दे रही है। मौसम विभाग ने गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है। कानपुर देहात में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच शरबत और पेयजल वितरण की यह पहल लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत का जरिया बन रही है।
देवरिया में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने बुधवार को कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के विरोध में प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन बरहज तहसील रोड पर सपा नेता विजय रावत के नेतृत्व में आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए। उन्होंने महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और तत्काल मूल्य नियंत्रण की मांग की। सपा नेता विजय रावत ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जनता का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गैस सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों ने लोगों की कमर तोड़ दी है। रावत ने आगे कहा कि व्यापारियों, छोटे उद्यमियों और आम उपभोक्ताओं पर इस मूल्य वृद्धि का सीधा असर पड़ रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा ने महंगाई पर नियंत्रण का वादा कर सत्ता हासिल की थी, लेकिन आवश्यक वस्तुओं और ईंधन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। विजय रावत ने दावा किया कि जनता अब महंगाई से राहत की उम्मीद में समाजवादी पार्टी की ओर देख रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएंगे और आम लोगों को राहत देने का प्रयास किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार से कमर्शियल गैस सिलेंडर समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में कमी करने की मांग की। इस अवसर पर सपा नेता विकास यादव, संजय निषाद, राहुल त्रिपाठी, आलोक तिवारी, वीरेंद्र यादव, इमाम अंसारी, भोलू गुप्ता सहित कई अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सीहोर जिले की रेहटी तहसील के गांजींत गांव में अवैध उत्खनन का विरोध करने पर एक किसान परिवार पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बीती 28 मई को आगामी सीजन के लिए खेत समतल करा रहे किसान जसवंत सिंह के परिवार पर 15 से अधिक हथियारबंद बदमाशों ने लाठी, डंडों और तलवारों से हमला कर दिया। इस वारदात में परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, वहीं बदमाशों ने खेत पर खड़ी थार, स्कार्पियो और एक्सयूवी (XUV) गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे करीब 5 लाख रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, किसान जसवंत सिंह की गांजींत गांव में खसरा नंबर 95/1 पर पुश्तैनी जमीन है। वे आगामी धान के सीजन की तैयारियों के मद्देनजर जेसीबी और मजदूरों की मदद से अपने खेत को समतल करवा रहे थे। इसी दौरान क्षेत्र में अवैध उत्खनन के लिए कुख्यात सरवन, सुरेन्द्र, सोमेन्द्र (निवासी आंवलीघाट) और नीरज (निवासी भोपाल) की नजर इस जमीन पर पड़ी। इन लोगों ने किसान पर दबाव बनाया कि वे इस खेत को खोदकर जबरन मिट्टी निकालकर बेचेंगे। जब किसान परिवार ने इसका कड़ा विरोध किया, तो आरोपी रंजिश रखने लगे। लाठी और तलवारों से लैस होकर पहुंचे थे बदमाशदोपहर करीब साढ़े बारह बजे सुरेन्द्र, अतुल कीर, ओम कीर और अर्जुन निमोदा सहित 15 से अधिक हथियारबंद बदमाश अचानक खेत पर आ धमके। आरोपियों ने आते ही खेत पर काम कर रहे लोगों और जसवंत सिंह के परिजनों पर लाठियों और तलवारों से हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए जब पीड़ित अपनी गाड़ियों की तरफ भागे, तो बदमाशों ने वहां खड़ी तीनों गाड़ियों को भी निशाना बनाया और उनके कांच व बॉडी को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। थाने में बैठकर लाइव अपडेट ले रहा था मुख्य साजिशकर्तापीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि जब खेत पर उन पर हमला हो रहा था, तब इस पूरी वारदात का मुख्य साजिशकर्ता रेहटी थाने में बैठकर पुलिसकर्मियों के साथ चाय पी रहा था और मोबाइल के जरिए मौके का लाइव अपडेट ले रहा था। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने की आशंका के चलते पीड़ित परिवार ने मामले की लिखित शिकायत सीहोर एसपी और कलेक्टर से की है। इस संबंध में एसडीओपी (SDOP) रवि शर्मा ने बताया कि प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए रेहटी थाने में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की तलाश में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कुनो नेशनल पार्क से जुड़ी भारतीय मूल की मादा चीता KGP11 घायल अवस्था में मिली है। उसे उपचार के लिए पालपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र लाया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, चीता मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र के पास घायल अवस्था में दिखाई दी थी। जानकारी के मुताबिक, 1 जून 2026 को नियमित निगरानी कर रही ट्रैकिंग टीम ने KGP11 को घायल देखा। इसके बाद तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कुनो की पशु चिकित्सा टीम मौके पर पहुंची और चीता का स्वास्थ्य परीक्षण किया। क्वारंटीन बोमा में चल रहा इलाज प्राथमिक जांच के बाद बेहतर उपचार और लगातार निगरानी के उद्देश्य से KGP11 को पालपुर स्थित वेटरनरी सुविधा केंद्र लाया गया। यहां उसे क्वारंटीन बोमा में रखा गया है, जहां विशेषज्ञों की देखरेख में उसका उपचार किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल चीता चिकित्सकीय निगरानी में है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। मार्च 2025 में खुले जंगल में छोड़ा गया था 27 माह उम्र की मादा चीता KGP11 को मार्च 2025 में खुले जंगल में छोड़ा गया था। इसके बाद से वह स्वतंत्र रूप से जंगल क्षेत्र में विचरण कर रही थी। चीता प्रोजेक्ट प्रबंधन के अनुसार, KGP11 के अलावा कुनो में मौजूद अन्य सभी चीते स्वस्थ हैं और उनकी स्थिति सामान्य बनी हुई है। चोट लगने के कारणों की भी होगी जांच चीता प्रोजेक्ट के अधिकारियों ने बताया कि घायल चीता को आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विशेषज्ञों की टीम उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है। साथ ही यह पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है कि चीता को चोट किन परिस्थितियों में लगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई और प्रबंधन संबंधी निर्णय लिए जाएंगे।
छतरपुर में स्थित जर्जर और खतरनाक भवनों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। तहसीलदार दुर्गेश तिवारी और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों ने ऐसे भवनों में रह रहे लोगों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए दो दिन के भीतर मकान खाली करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि निर्धारित समय सीमा के बाद यदि भवन खाली नहीं किए गए तो प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में बलपूर्वक कार्रवाई कर भवनों को खाली कराया जाएगा और उसके बाद उन्हें ध्वस्त कर दिया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि संबंधित भवन अत्यंत जर्जर अवस्था में पहुंच चुके हैं और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के मौसम के आगमन को देखते हुए इन भवनों के गिरने का खतरा और बढ़ गया है। ऐसे में जनहानि की आशंका को देखते हुए यह कार्रवाई की जा रही है। तहसीलदार दुर्गेश तिवारी ने मौके पर पहुंचकर भवनों का निरीक्षण किया और रहवासियों को समझाइश दी कि वे अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था कर भवन खाली कर दें। वहीं PWD अधिकारियों ने बताया कि पूर्व में भी कई बार नोटिस और मौखिक सूचना देकर लोगों को भवन खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ लोग अब भी भवनों में निवास कर रहे हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम मौका है। दो दिन बाद यदि कोई व्यक्ति भवन में पाया जाता है तो प्रशासन नियमानुसार बलपूर्वक भवन खाली कराएगा। इसके बाद जर्जर संरचनाओं को गिराने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और समय रहते भवन खाली कर दें, ताकि संभावित दुर्घटना और जनहानि से बचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से यह कार्रवाई की जा रही है।
सीधी में शॉर्ट सर्किट से घर में आग:लाखों का सामान जला, सूचना पर नहीं पहुंची दमकल; ग्रामीणों ने बुझाई
सीधी जिले के सिहावल जनपद क्षेत्र में बुधवार सुबह करीब 8 बजे बिजली के शॉर्ट सर्किट से घर में आग लग गई। घटना में हीरालाल केवट के घर का लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका नहीं मिला। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत एकजुटता दिखाते हुए बाल्टियों, पाइप और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक मकान का एक बड़ा हिस्सा और उसमें रखा अधिकांश घरेलू सामान जल चुका था। सूचना पर दमकल विभाग मौके पर नहीं पहुंची ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद दमकल विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। डायल-112 और अमिलिया थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, पुलिस ने केवल स्थिति का जायजा लिया और तस्वीरें लेकर लौट गई। ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी पर भी सवाल उठाए। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत का पानी का टैंकर मौके पर उपलब्ध नहीं था। उन्होंने क्षेत्र में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाओं की कमी पर चिंता व्यक्त की। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से उपलब्ध कराए गए अग्निशमन संसाधनों की जमीनी स्तर पर कोई जानकारी नहीं है। राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग पीड़ित हीरालाल केवट ने जानकारी दी कि आग लगने के समय परिवार के सदस्य कुछ समझ पाते, उससे पहले ही लपटों ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। उन्होंने बताया कि घर में रखा लगभग पूरा सामान जल गया है, जिससे परिवार के सामने रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। केवट ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं, अमिलिया थाना प्रभारी राकेश बैस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण दमकल वाहन घटनास्थल पर नहीं पहुंच सका।
विश्व साइकिल दिवस पर निकाली जागरूकता रैली:युवाओं ने फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
हनुमानगढ़ में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर एक जागरूकता रैली और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं में जागरूकता बढ़ाना था। माय भारत केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय और जिला साइकिलिंग संघ ने संयुक्त रूप से इसका आयोजन किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला युवा अधिकारी प्रीति रहीं। राजस्थान साइकिलिंग एसोसिएशन के प्रांतीय कोषाध्यक्ष और जिला साइकिलिंग संघ के अध्यक्ष मदनलाल सुथार ने इसकी अध्यक्षता की। सशक्त नारी संस्थान की संयोजक शिवानी स्वामी, जिला युवा कार्यक्रम सलाहकार समिति के सदस्य दलीप वर्मा और कोच रवनीत कौर विशिष्ट अतिथियों में शामिल थे। महाराणा प्रताप चौक से शुरू हुई साइकिल रैलीकार्यक्रम संयोजक और कोच सुनील सामरिया ने बताया कि विश्व साइकिल दिवस के उपलक्ष्य में महाराणा प्रताप चौक से साइकिल रैली शुरू हुई। यह रैली लाल चौक, कलेक्ट्रेट, जिला परिषद और करनी चौक जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी, खेल प्रेमी और स्वयंसेवक शामिल हुए, जिन्होंने स्वस्थ शरीर-स्वस्थ भारत और साइकिल अपनाओ-पर्यावरण बचाओ जैसे नारों से लोगों को जागरूक किया। 'नियमित साइकिल चलाने से स्वास्थ्य होता है बेहतर' संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला युवा अधिकारी प्रीति ने साइकिल को एक सस्ता, सुलभ और पर्यावरण अनुकूल परिवहन साधन बताया। उन्होंने कहा कि नियमित साइकिल चलाने से स्वास्थ्य बेहतर होता है और प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। प्रीति ने युवाओं से फिट इंडिया अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। महिलाओं और युवतियों को भी किया प्रेरितअध्यक्षीय संबोधन में मदनलाल सुथार ने साइकिलिंग के शारीरिक और मानसिक लाभों पर जोर दिया। शिवानी स्वामी ने महिलाओं और युवतियों को साइकिलिंग जैसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया। दलीप वर्मा ने कहा कि विश्व साइकिल दिवस ऊर्जा संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली का महत्वपूर्ण संदेश देता है। कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस आयोजन को सफल बनाने में जिला साइकिलिंग संघ के संयुक्त सचिव योगेंद्र सिंह, विजय मोयल और युवा मंडल के सदस्यों तथा स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
बूंदी के नैनवां में मानसून से पहले तलवास की रतनसागर झील और धुंधलेश्वर महादेव क्षेत्र की स्थिति बदहाल बनी हुई है। क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत होने के बावजूद, महीनों से कोई काम शुरू नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों में हादसे का डर है। रतनसागर झील की सुरक्षा दीवार के निर्माण को मंजूरी मिले काफी समय हो गया है, लेकिन काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। वेस्ट वेयर की ओर का रास्ता संकरा है, जहां पिछले साल पशु गिर गए थे। यहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। मानसून में हालात बिगड़ने का डरसड़क पर पत्थर और मलबा पड़ा है, जिससे पहाड़ों से आने वाली गाद हर साल घरों में घुस जाती है। महिला घाट भी जर्जर है और जुलीफ्लोरा की सफाई नहीं हुई है। ग्रामीणों को डर है कि तेज बारिश में पानी पाल के ऊपर से बहने पर झील टूट सकती है, जिससे आसपास के गांवों को खतरा हो सकता है। झरने पर भी कोई इंतजाम नहींधुंधलेश्वर महादेव क्षेत्र में अतिवृष्टि से कुंडों की दीवारें टूट गई हैं और कुंड मिट्टी-पत्थर से भर गए हैं। प्राकृतिक झरने पर भी सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं, जिससे श्रद्धालुओं की जान को जोखिम है। जेतपुर-तलवास मार्ग से 1 किलोमीटर तक सड़क और नाले का निर्माण भी नहीं हुआ है। टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुईजिला परिषद ने रतनसागर झील के सौंदर्यीकरण के लिए 50 लाख रुपए स्वीकृत किए थे। यह राशि उपलब्ध होने के बावजूद, टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सूत्रों के अनुसार, नैनवां वीडियो द्वारा टेंडर जारी किए गए थे, लेकिन अपने चहेतों को काम दिलाने के लिए उन्हें रद्द कर दिया गया। समय रहते बारिश से पहले काम नहीं किया गया तो गांव के ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ सकता है। तलवास के समाजसेवी मूलचंद शर्मा ने बताया कि वे बार-बार अधिकारियों और नेताओं को इस समस्या से अवगत कराते रहे हैं, लेकिन केवल आश्वासन मिलता है, काम नहीं होता। उन्होंने चेतावनी दी कि मानसून से पहले दीवार की मरम्मत और सफाई नहीं हुई तो बड़ा नुकसान हो सकता है।
दतिया जिले के भांडेर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़ेरा मौजे में एक 38 वर्षीय युवक का शव नदी में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक पिछले दो दिनों से लापता था और उसकी मोटरसाइकिल नदी के किनारे एक पेड़ के नीचे खड़ी मिली। सूचना पर पहुंची भांडेर थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार सुबह करीब 10 बजे अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान अजीतपुरा निवासी विनोद यादव (38), पिता वीरसिंह यादव के रूप में की गई है। विनोद के बड़े भाई मनोज यादव ने बताया कि वह 1 जून को अपनी मोटरसाइकिल से दूध की डिलीवरी करने के लिए भांडेर कस्बा गया था, लेकिन उसके बाद वापस घर नहीं लौटा। जब देर रात तक विनोद का कोई सुराग नहीं लगा, तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल सका था। भैंस चराने गए भाई को मिला सुरागलापता विनोद की तलाश के बीच, मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे उसका बड़ा भाई मनोज यादव बड़ेरा मौजे के हार में भैंस चराने गया था। इसी दौरान उसकी नजर वहां लगे एक नीम के पेड़ पर पड़ी, जिसके नीचे विनोद की मोटरसाइकिल खड़ी हुई थी। अनहोनी की आशंका के चलते जब मनोज ने आसपास के इलाके और नदी के घाट पर तलाश की, तो विनोद का शव नदी के पानी में औंधे मुंह पड़ा हुआ दिखाई दिया। परिजन उसे तत्काल भांडेर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थितिघटना की सूचना मिलने पर भांडेर पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया। परिजनों के मुताबिक, मृतक विनोद अभी अविवाहित था और दो भाइयों में छोटा था। वह घर पर ही रहकर खेती-किसानी और दूध बेचने का काम करता था। पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है, और मौत की वास्तविक वजह का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
दतिया जिले के गोदन थाना अंतर्गत एक गांव में घर में अकेली मौजूद 27 वर्षीय महिला के साथ छेड़छाड़ और जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने महिला को रुपयों का लालच देकर दबाव बनाने का प्रयास किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने गांव के ही एक युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना 1 जून की दोपहर करीब 1 बजे की है। उस समय महिला के पति, जेठ, सास और दादी सास किसी आवश्यक कार्य से भाण्डेर गए हुए थे और वह अपने तीन वर्षीय बेटे के साथ घर पर अकेली थी। इसी दौरान गांव का रहने वाला बच्चन यादव उसके घर पहुंचा और मुख्य गेट खोलने का प्रयास करने लगा। महिला ने जब अंदर से ही कहा कि घर पर कोई नहीं है, तो आरोपी ने दरवाजे पर जोरदार लात मारी। लात लगने से दरवाजे की सुरक्षा डोरी टूट गई और आरोपी जबरन घर के भीतर दाखिल हो गया। रुपयों का लालच दिया, शोर मचाने पर भागा आरोपीघर के अंदर घुसते ही आरोपी ने महिला को बुरी नीयत से दबोच लिया। उसने पीड़िता को रुपयों का लालच दिया और जबरन शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाने लगा। जब महिला ने हिम्मत दिखाकर शोर मचाना शुरू किया, तो पकड़े जाने के डर से आरोपी बच्चन यादव तुरंत मौके से भाग निकला। घटना के बाद जब परिजन वापस लौटे, तो महिला ने उन्हें पूरी आपबीती सुनाई। इस अप्रत्याशित घटना के कारण महिला गहरे सदमे और खौफ में थी, जिसके चलते वह अगले दिन अपने पति के साथ थाने पहुंची। गोदन थाना पुलिस ने महिला के बयान के आधार पर मंगलवार रात आरोपी बच्चन यादव के खिलाफ उचित कानूनी धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के सप्ताहभर चल रहे कार्यक्रमों के अंतर्गत बुधवार को विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर भव्य साइकिल रैली का आयोजन किया गया। ईआईएसीपी केंद्र, वन्यजीव विज्ञान संस्थान (आईडब्ल्यूएस), लखनऊ विश्वविद्यालय ने नीवा फाउंडेशन के सहयोग से इस रैली का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण जागरूकता, ऊर्जा संरक्षण, सतत परिवहन और जलवायु परिवर्तन के प्रति लोगों को जागरूक करना था। गेट नंबर-3 से जनभवन तक निकाली गई रैली रैली को लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 से ईआईएसीपी-आईडब्ल्यूएस की समन्वयक, प्राणी विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अमिता कनौजिया ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साइकिल चालक विश्वविद्यालय से राजभवन तक गए और वहां से वापस परिसर लौटे। इस दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण-अनुकूल परिवहन और हरित जीवनशैली का संदेश दिया। 120 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा रैली में कुल 120 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, शिक्षक, शोधार्थी, छात्र-छात्राएं, पुलिसकर्मी, एम्बुलेंस सेवा कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी शामिल रहे। प्रतिभागियों ने साइकिल को स्वच्छ, स्वस्थ और ऊर्जा-कुशल परिवहन का माध्यम बताते हुए इसके अधिक उपयोग पर जोर दिया। कई वरिष्ठ शिक्षकों और अतिथियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में डॉ. विनीत मैक्सवेल डेविड, डॉ. विनीत, मुख्य प्रॉक्टर प्रो. असीश अवस्थी, प्रो. महेंद्र अग्निहोत्री, डॉ. साची राय, डॉ. करुणा शंकर कनौजिया, डॉ. संथिल, डॉ. आनंद पांडेय तथा नीवा फाउंडेशन के निदेशक के.एम. द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। पर्यावरण सप्ताह में 500 से अधिक लोगों की भागीदारी आयोजकों के अनुसार, पर्यावरण सप्ताह के विभिन्न कार्यक्रमों में अब तक 500 से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया है। यह पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और ऊर्जा बचत के प्रति लोगों की बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। 66 पौधों का किया गया रोपण पर्यावरण सप्ताह के तहत विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। पुराने परिसर के सभी 18 छात्रावासों में शमी, सिंदूर और सावनी प्रजाति के तीन-तीन पौधे लगाए गए। इसके अलावा प्राणी विज्ञान विभाग और डीएसडब्ल्यू कार्यालय में भी पौधरोपण किया गया। 3 जून तक कुल 66 पौधे लगाए जा चुके हैं, जो परिसर में हरित आवरण बढ़ाने और जैव विविधता संरक्षण में सहायक होंगे।
रेलवे ट्रैक पर दो टुकड़ों में मिला महिला का शव:सागर में ट्रेन की चपेट में आने से धड़ से अलग हुआ सिर
सागर में रेलवे ट्रैक पर महिला का दो टुकड़ों में शव मिला है। शव देख गैंगमैन ने जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा बनाया है। शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है। मामला दर्ज कर जीआरपी जांच कर रही है। बुधवार को जीआरपी महिला की पहचान के लिए आसपास के थानों से गुमशुदगी के मामलों की जानकारी निकाल रही है। जानकारी के अनुसार, सागर-बीना रेलवे ट्रैक पर स्थित 25 नंबर रेलवे फाटक के पास मंगलवार को ट्रैक पर महिला का शव पड़ा हुआ था। आसपास के लोगों ने शव देखा तो जीआरपी को सूचना दी। जीआरपी ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की। मौके पर महिला का शव दो टुकड़ों में ट्रैक पर पड़ा था। सिर धड़ से अलग था। जांच के दौरान मृतक महिला की पहचान नहीं हो सकी है। उसके पास कोई मोबाइल या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिला है। जीआरपी ने शव पीएम के लिए भेजा है। प्राथमिक जांच में मामला आत्महत्या कर लग रहा है। हालांकि जीआरपी मामला दर्ज कर मौत के कारणों की जांच कर रही है। जीआरपी थाना प्रभारी एचएल चौधरी ने बताया कि ट्रैक पर महिला का शव मिला है। मृतका की पहचान नहीं हुई है। पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों और पुलिस थानों में संपर्क किया गया है।
बरेली में 4 दिन तक झुलसाएगी धूप:रविवार तक 40 डिग्री पहुंचेगा तापमान, लू और उमस से बढ़ेगी परेशानी
बरेली में गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार सुबह से तेज धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार, आज अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि आने वाले दिनों में यह 40 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि आसमान साफ रहने और शुष्क हवाएं चलने के कारण गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अधिकतम तापमान 37C तक जाने की पूरी संभावना है। गुरुवार को चलेगी गर्म पछुआ हवा रात के समय भी कोई खास राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि न्यूनतम तापमान 28C के आसपास बना रहेगा। आने वाले चार दिनों में गर्मी के तेवर और अधिक तीखे होने वाले हैं। 4 जून (गुरुवार) को आसमान पूरी तरह साफ रहेगा। तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 29C रहेगा। दोपहर के वक्त गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलने की आशंका है। 5 जून को मौसम में मामूली बदलाव देखने को मिल सकता है। आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही रहेगी। हालांकि, इससे तापमान में कोई गिरावट नहीं आएगी। अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 28C पर थमा रहेगा। उमस बढ़ने के कारण बेचैनी ज्यादा हो सकती है। शनिवार को फिर तीखी धूप का सामना 6 जून (शनिवार) को सप्ताहांत की शुरुआत एक बार फिर कड़कड़ाती धूप के साथ होगी। बादलों के विदा होते ही सूरज की किरणें सीधे धरती को तपाएंगी। अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम तापमान 28C दर्ज किया जाएगा। 7 जून (रविवार) का दिन इस सप्ताह का सबसे गर्म दिन साबित होने वाला है। रविवार को बरेली में गर्मी का प्रचंड रूप दिखेगा और पारा छलांग लगाते हुए 40C तक पहुँच जाएगा। रात का न्यूनतम तापमान 28C रहने का अनुमान है। इस दिन हीटवेव (लू) का असर सबसे ज्यादा रहेगा।
लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को सऊदी अरब से हज कर लौटे पहले जत्थे के कुछ यात्रियों का सामान समय पर नहीं पहुंचने से अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। कई हाजियों ने लगेज नहीं मिलने और कुछ बैगों के लॉक टूटे होने की शिकायत की। हालांकि बाद में जानकारी मिली कि विमान में ओवरलोडिंग के कारण कुछ सामान दूसरी फ्लाइट से भेजा गया था। लखनऊ पहुंचने के बाद वह सामान संबंधित यात्रियों को सौंप दिया गया। सामान नहीं मिलने पर यात्रियों ने जताई नाराजगी सऊदी अरब से लौटे हाजियों को जब बैगेज बेल्ट पर अपना सामान नहीं मिला तो उन्होंने एयरपोर्ट प्रशासन से जानकारी मांगी। काफी देर तक स्पष्ट सूचना नहीं मिलने के कारण यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने विरोध जताया। इस दौरान एक बुजुर्ग हाजी की तबीयत बिगड़ गई और वह चक्कर खाकर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला। गोंडा के हाजी ने तीन घंटे इंतजार की बात कही गोंडा निवासी अकबर अली ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ हज से लौटे हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर उनका एक बैग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि करीब तीन घंटे तक इंतजार करने के बाद भी शुरुआत में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बाद में उनका सामान दूसरी फ्लाइट से पहुंच गया। महिला यात्री ने बैग की सील खुली मिलने की शिकायत की कानपुर की एक महिला हाजी ने बताया कि फ्लाइनास की फ्लाइट से लौटने के बाद उन्हें उनका बैग मिला, लेकिन उसकी प्लास्टिक सील हट चुकी थी। उन्होंने कुछ सामान गायब होने की आशंका जताई। मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। ओवरलोडिंग के कारण दूसरी फ्लाइट में भेजा गया था लगेज जानकारी के अनुसार, विमान में वजन अधिक होने के कारण कुछ यात्रियों का सामान नियमों के तहत दूसरी फ्लाइट में शिफ्ट कर दिया गया था। दूसरी फ्लाइट के लखनऊ पहुंचने के बाद सभी यात्रियों को उनका सामान वापस मिल गया, जिससे हाजियों ने राहत की सांस ली। हज यात्रियों को दी गई सतर्कता बरतने की सलाह हज ट्रेनरों और संबंधित अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे कीमती सामान अपने हैंड बैग में रखें और बैग पैक करते समय उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी करें। इसके अलावा चेक-इन बैग में जम-जम का पानी या अन्य तरल पदार्थ नहीं रखने की सलाह दी गई है, ताकि सुरक्षा जांच के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को शाम 4 बजे बिलासपुर में NSUI सांसद निवास का घेराव करेगी। प्रदर्शन से पहले दोपहर 3 बजे नेता और कार्यकर्ता नगर निगम के पास जुटेंगे। दावा किया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-युवा और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल होंगे। इस दौरान ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए यातायात पुलिस ने नेहरु चौक पर चारों दिशाओं से आने वाले ट्रैफिक को वैकल्पिक रूट पर डायवर्ट किया है। NSUI और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार हो रही गड़बड़ियों से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन के माध्यम से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसमें कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। देखिए पहले ये तस्वीरें- ट्रैफिक एएसपी बोले-रूट डायवर्ट कर बनाएंगे व्यवस्था एडिशनल एसपी ट्रैफिक रामगोपाल करियारे ने बताया कि विरोध-प्रदर्शन के चलते नेहरू चौक पर जाम की स्थिति बनेगी। लिहाजा अव्यवस्था से बचने के लिए रूट डायवर्ट किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान लोग डायवर्ट रूट का इस्तेमाल कर जाम से बच सकते हैं। इसके लिए रूट प्लान तैयार किया गया है। इन सड़कों का करना होगा इस्तेमाल
पाली के अंबेडकर सर्किल से शिवाजी सर्किल की तरफ सड़क किनारे लगी तीन चाय की केबिनों के मंगलवार रात को चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने केबिनों का ताला तोड़कर उसमें से पैसे और सामान लेकर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही टीपी नगर थाने से ASI राजेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और घटना स्थल का जायजा लिया। जानकारी के अनुसार अम्बेडकर सर्किल के पास नहर के पास लगे चाय के तीन केबिनों के चोरों ने ताले तोड़े और जो कुछ भी हाथ लगा वो लेकर फरार हो गए। जानकारी के अनुसार यहां सूरजपोल कुम्हारों का बास स्थित प्रेमसिंह सहित राहुल कुमार और दौलाराम का चाय का केबिन लगा हुआ है। लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले भी यहां दो केबिनों के ताले टूटे थे जिनका भी अभी तक पता नहीं चल सका है।

