भास्कर अपडेट्स:आंध्र प्रदेश में युवक ने नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या की, सगाई से नाराज था
आंध्र प्रदेश के कडप्पा जिले के अग्रहारम इलाके में एक 19 साल के युवक ने 17 साल की नाबालिग लड़की की गला रेतकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने पहले लड़की को रिश्ते का प्रस्ताव दिया था, जिसे उसने ठुकरा दिया था। जब आरोपी को यह पता चला कि लड़की की सगाई होने वाली है, तो उसने गुस्से में उसके घर पहुंचकर हमला कर दिया। घटना के समय लड़की घर पर अकेली थी, जबकि उसके माता-पिता खेतों में काम करने गए थे। पड़ोसियों की सूचना पर परिवार वाले उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी वेंकटेश्वरलू के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… चुनाव आयोग ने चेन्नई पुलिस कमिश्नर का ट्रांसफर किया चुनाव आयोग ने ग्रेटर चेन्नई के पुलिस कमिश्नर ए. अरुण का ट्रांसफर कर दिया है। उनकी जगह 1997 बैच के आईपीएस अधिकारी अभिन दिनेश को नियुक्त किया गया है। आयोग ने निर्देश दिया है कि विधानसभा चुनाव समाप्त होने तक अरुण को चुनाव से जुड़े किसी भी कार्य में तैनात न किया जाए।
हाईकोर्ट ने कहा, एसिड हमले अलग ही श्रेणी के:कोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से किया इंकार, पुलिस को फटकारा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि जिन मामलों में एसिड का इस्तेमाल हमले के हथियार के तौर पर किया जाता है, वे अपराध में इस्तेमाल हथियार की प्रकृति के कारण 'एक अलग ही श्रेणी' के होते हैं। गहन जांच की ज़रूरत को देखते हुए जस्टिस जे.जे. मुनीर और जस्टिस विनय कुमार द्विवेदी की बेंच ने रिट याचिका खारिज की। इस याचिका में संपत्ति विवाद को लेकर किए गए सुनियोजित एसिड हमले से जुड़ी एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। यूपी पुलिस पर नाराजगी जताई मामले के खास तथ्यों से परे हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस विभाग के प्रति अपनी गहरी नाराज़गी भी ज़ाहिर की। यह नाराज़गी इस बात पर थी कि हाईकोर्ट द्वारा मामलों की सुनवाई शुरू करने से पहले, चोट की रिपोर्ट समय पर आगे नहीं भेजी गईं। एक कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कोर्ट ने कहा कि वह सिर्फ़ चोट की रिपोर्ट समय पर मिल सकें, यह सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग ज़िलों से इंस्पेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बार-बार समन नहीं भेज सकता। आला अफसरों को समन भेजना होगा क्या बेंच ने साफ़ कर दिया कि अगर तुरंत सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो उसे उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक या उत्तर प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) को समन भेजने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कोर्ट असल में अरुण शुक्ला द्वारा दायर आपराधिक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस याचिका में प्रयागराज ज़िले के करछना थाना में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई थी। जिसमें बीएनएस की धारा 352, 351(3) और 124(1) शामिल थीं। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने एफआईआर का बारीकी से अध्ययन किया और पाया कि आरोप 'घिनौनी साज़िश' से जुड़े है, जिसके तहत शिकायतकर्ता पर तेज़ाबी एसिड से हमला करने की योजना बनाई गई। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि यह हमला पूरी तरह से संपत्ति विवाद के कारण ही सुनियोजित किया गया। एफआईआर के अनुसार, इस साज़िश में रोहित शर्मा ने मुख्य भूमिका निभाई थी। हालांकि, याचिकाकर्ता (अरुण शुक्ला) और एक अन्य आरोपी को उसके पीछे का सूत्रधार बताया गया। अपराध के हथियार के तौर पर तेज़ाबी एसिड के इस्तेमाल की अत्यधिक गंभीरता को देखते हुए बेंच ने फ़ैसला सुनाया कि इस मामले में गहन जांच की आवश्यकता है। इसलिए बेंच ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर इसे खारिज कर दी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में बीएसए मथुरा तलब:कोर्ट ने मांगी सफाई, कहा-हाजिर होकर बताएं मामला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के आचरण पर कड़ी टिप्पणी करते हुए उन्हें व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने कुशल सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए पारित किया। न्यायालय ने 30 जनवरी 2026 को याची के निलंबन आदेश पर रोक लगा दी थी, जिसे वर्तमान आदेश में भी अगली तिथि तक बढ़ा दिया गया है। न्यायालय ने पाया कि बीएसए, मथुरा ने न्यायालय के निर्देशों का समुचित पालन नहीं किया। अदालत के समक्ष प्रस्तुत अभिलेखों के अनुसार, बीएसए द्वारा शिक्षकों की अनुपस्थिति के बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज कराने हेतु बार-बार संदेश भेजे जाने का आरोप है। इस संबंध में स्पष्टीकरण देने के बजाय अधिकारी ने जल्दबाजी में 23 फरवरी 2026 को जांच पूरी कराकर रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी। बीएसए ने खुद को बचाने को कार्रवाई की न्यायालय ने इस आचरण को गंभीरता से लेते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि बी एस ए ने स्वयं को बचाने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की है। परिणामस्वरूप, अदालत ने बीएसए, मथुरा को 27 अप्रैल 2026 को व्यक्तिगत हलफनामा सहित उपस्थित होने का निर्देश दिया है। साथ ही, स्पष्ट किया है कि यदि याचिकाकर्ता को किसी प्रकार से परेशान किया जाता है, तो वह इसे शपथपत्र के माध्यम से रिकॉर्ड पर ला सकता है। मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल 2026 को निर्धारित की गई है,।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने गुना जिले की पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नाराजगी जताई है। गुना पुलिस पर गुजरात को कुछ व्यापारियों के एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगा है। गुना पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर लगाई गई याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने सख्त रूख अपनाया है। कोर्ट ने राज्य शासन से पूछा है कि फरियादी का बयान दर्ज किया गया है या नहीं। इस संबंध में 20 अप्रैल तक स्टेटस रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए हैं। गुना में 1 करोड़ कैश पकड़कर 20 लाख में डील का आरोप ग्वालियर रेंज के गुना जिले की पुलिस 19-20 मार्च की दरमियानी रात नेशनल हाइवे-46 के टोल नाका रूठियाई पुलिस चौकी के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान गुजरात पासिंग नंबर GJ 05 RK-9351 की एक स्कॉर्पियो को रोका गया, जो किसी जीरा कारोबारी की बताई जा रही थी। गाड़ी की तलाशी के दौरान उसमें नोटों के बंडल मिले। गाड़ी से मिले पैसे की कुल कीमत करीब एक करोड़ रुपए बताई गई। आरोप है कि इतनी बड़ी राशि पकड़े जाने के बाद नियमों के तहत आयकर विभाग या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बजाय मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने सेटलमेंट का रास्ता चुना। पुलिस और व्यापारी के बीच 20 लाख रुपए में डील फाइनल हुई। पुलिस ने कथित तौर पर 20 लाख रुपए अपने पास रख लिए और बाकी 80 लाख रुपए के साथ कारोबारी को जाने दिया। इस मामले में हंगामा उस समय मचा जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन गुना पुलिस के पास पहुंचा। इसके बाद रात को आईजी-डीआईजी व एसपी एक्टिव हुए और तत्काल थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए।याचिका पर सुनवाई में यह निकला निष्कर्षअधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने बताया कि मामला 19 मार्च 2026 को गुना पुलिस द्वारा गुजरात के व्यापारियों से एक करोड़ रुपए की बरामदगी के दौरान 20 हजार रुपए हड़पने के आरोप से जुड़ा है। इस प्रकरण में खुद को फरियादी बताते हुए नीरज जादौन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि उसे कथित तौर पर उठाकर थाने लाया गया, जहां पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट और टॉर्चर किया। आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाकर अपने मुताबिक बयान दर्ज कराए और जबरन हस्ताक्षर करवाए। रिहा होने के बाद उसने मेडिकल परीक्षण (ए) कराया, जिसमें शरीर पर चार गंभीर चोटें पाई गईं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अवधेश सिंह भदौरिया ने कोर्ट में तर्क दिया कि पुलिस बड़े अधिकारियों को बचाने के लिए मामले में लीपापोती कर रही है और फरियादी का वास्तविक बयान दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि बयान दोबारा वकील की मौजूदगी में और वीडियोग्राफी के साथ दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो। वहीं राज्य शासन की ओर से उपस्थित एडिशनल एडवोकेट जनरल विवेक खेड़कर ने दलील दी कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फरियादी का बयान दर्ज हुआ भी है या नहीं, ऐसे में याचिका विचार योग्य नहीं है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मैनपुरी जिले में वर्ष 2009 की पुलिस अभिरक्षा में मौत मामले में कड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने घटना से संबंधित वीडियो रिकॉर्डिंग, फोटोग्राफ और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य तत्काल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता श्री अंकुर शर्मा तथा राज्य की ओर से अपर महाधिवक्ता, वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष गोयल ने पक्ष रखा। महत्वपूर्ण तथ्य अब भी अस्पष्ट हैं न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन तथा न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा कि मामले में कई महत्वपूर्ण तथ्य अब भी अस्पष्ट हैं, विशेषकर घटना के वीडियो और फोटो के संबंध में। राज्य सरकार की ओर से यह कहा गया कि ये सभी साक्ष्य राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भेजे गए थे, लेकिन इसका कोई ठोस दस्तावेजी प्रमाण अदालत के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। मृतक ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की अदालत ने यह भी नोट किया कि आयोग ने वर्ष 2011 में मामले को बंद करते हुए यह निष्कर्ष निकाला था कि मृतक ने प्रेम प्रसंग के चलते आत्महत्या की थी और उसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं थी। हालांकि, मानवाधिकार आयोग के आदेश में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उसने किन साक्ष्यों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला, और क्या उसने कथित वीडियो व फोटोग्राफ का परीक्षण किया था या नहीं। मामले में अपर जिलाधिकारी द्वारा दाखिल हलफनामा भी न्यायालय को संतोषजनक नहीं लगा। अदालत ने कहा कि साक्ष्यों की कड़ी पूरी तरह अस्पष्ट है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर प्रश्न उठता है। अदालत ने निर्देश दिया है कि आयोग का रजिस्ट्रार सभी संबंधित वीडियो, फोटोग्राफ और दस्तावेज तुरंत राज्य सरकार को वापस करे। राज्य का अधिकृत अधिकारी इन साक्ष्यों की सूची तैयार कर उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगा। पीठ ने चेतावनी दी कि यदि अगली सुनवाई तक ये साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए, तो अदालत केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने पर विचार कर सकती है। इसके साथ ही तत्कालीन एसडीएम और पुलिस अधीक्षक को भी व्यक्तिगत हलफनामे दाखिल करने के निर्देश दिए गए हैं। मामले की अगली सुनवाई 5 मई 2026 को दोपहर 3 बजे निर्धारित की गई है। कोर्ट ने एस डी एम को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का भी निर्देश दिया है।ऐसा न करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है। तत्कालीन एस पी मैनपुरी से भी दन्नाहार थाने की घटना पर हलफनामा मांगा है।
मध्य प्रदेश में विभागीय अफसरों की लापरवाही से होने वाली सरकार की फजीहत और मुख्य सचिव को कोर्ट की अवमानना से बचाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था तय की है। इसमें सरकार की सम्पत्ति की सुरक्षा के साथ मुख्य सचिव को कोर्ट में घसीटने से बचाने पर फोकस किया है। सभी विभाग प्रमुखों और विभागाध्यक्षों से सामान्य प्रशासन विभाग ने कहा है कि कोर्ट के मामले में पक्षकार के रूप में मुख्य सचिव का नाम हटाए जाने की कार्यवाही कराना है क्योंकि मुख्य सचिव किसी विभाग के भारसाधक सचिव नहीं होते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए जारी ताजा निर्देशों में कहा है कि विभाग के सचिव और कलेक्टर की यह जिम्मेदारी होगी कि वह यह देखें कि जिन मामलों में मुख्य सचिव के माध्यम से पक्षकार बनाकर राज्य शासन के विरुद्ध कोर्ट में केस या याचिका लगाई जाती है उसमें समय पर मुख्य सचिव का नाम हटाने का काम कराया जाए। जीएडी ने इसको लेकर जारी निर्देश में कहा है कि सभी विभागों द्वारा मध्यप्रदेश राज्य मुकदमा प्रबंधन नीति 2018 के अनुरूप कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों के निराकरण के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाई जाएगी और सेवा विवादों से संबंधित अभ्यावेदनों का समय पर निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा। कोर्ट में पक्ष रखने विधि अधिकारियों, स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति करें निर्देशों में यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष तेजी से रखने के लिए राज्य के विधि अधिकारियों को तथा सुप्रीम कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने स्थायी अधिवक्ताओं की नियुक्ति की जानी चाहिए। अगर किसी मामले में कानूनी जटिलता हो और किसी और को अधिवक्ता नियुक्त किया जाना हो तो ऐसा प्रस्ताव विभागीय मंत्री के प्रशासकीय अनुमोदन के साथ विधि विभाग को भेजा जाएगा। इसमें प्रशासनिक विभाग द्वारा उनके नाम और सेवा शर्तों का साफ तौर पर उल्लेख किया जाएगा। इसके लिए विधि विभाग द्वारा अन्तरविभागीय समिति गठित की गई है जिसमें भारसाधक सचिव वित्त विभाग के होंगे और कमेटी के अध्यक्ष होंगे। सदस्य के रूप में भारसाधक सचिव विधि विभाग तथा संबंधित प्रशासकीय विभाग के भारसाधक सचिव शामिल किए जाएंगे। सरकार को नुकसान तो वसूली अफसर से हो जारी निर्देशों में कहा है कि अगर किसी प्रकरण में विलंब, गलती, चूक और विषय वस्तु से भिन्नता के कारण सरकार के खिलाफ आदेश जारी होता है तो विभाग की यह जिम्मेदारी होगी कि ऐसे मामले में संबंधित अफसर की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही करें और अगर सरकार को क्षति हुई है तो संबंधित अधिकारी से वसूली की जाए। इसके लिए प्रभारी अधिकारी के दायित्व तय किए गए हैं। जीएडी ने सरकारी जमीन से संबंधित मामलों को लेकर भी गाइडलाइन जारी की है। इसमें कहा है कि कलेक्टर और जिला प्राधिकारी अपने क्षेत्र में कोर्ट द्वारा सरकार के खिलाफ दिए गए आदेश के मामले में शासकीय अधिवक्ता से सलाह लेकर अपील पेश करेंगे। जहां कलेक्टर के सक्षम होने की स्थिति न हो, वहां विभाग प्रमुख को निर्णय के लिए प्रस्ताव भेजे जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अवमानना के मामलों में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के लिए कहा है। प्रशासनिक प्रकरणों के निराकरण के लिए नई कार्यप्रणाली लागू सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के अनुसार प्रशासनिक प्रकरणों के निस्तारण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। विभागों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही समयसीमा में पूरी करें। साथ ही, हर स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका भी निर्धारित की गई है। निर्देशों में कहा गया है कि प्रकरणों के परीक्षण के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच अनिवार्य होगी। यदि किसी प्रकरण में जानकारी अधूरी पाई जाती है, तो संबंधित पक्ष से तत्काल जानकारी प्राप्त कर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा, प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक विलंब होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी विभाग लंबित कोर्ट मामलों की नियमित समीक्षा करेंगे सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अपील, पुनरीक्षण और समीक्षा से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इन मामलों में निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करना होगा। विशेष रूप से विलंब से प्राप्त प्रकरणों में ‘कंडोनेशन ऑफ डिले’ (विलंब क्षमा) के प्रावधानों का उचित उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि सभी विभाग नियमित रूप से अपने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करेंगे और उनकी प्रगति की जानकारी उच्च अधिकारियों को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही, रिकॉर्ड संधारण और दस्तावेजों के सुरक्षित रख-रखाव पर भी बल दिया गया है।
ग्वालियर के हजीरा में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्रा और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी। यह घटना दिसंबर 2025 में हजीरा क्षेत्र की है। बदनामी के डर से छात्रा शुरुआत में चुप रही, लेकिन इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार शारीरिक शोषण से परेशान होकर छात्रा ने आखिरकार मामले की शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को शिकायत मिलते ही पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हजीरा थाना क्षेत्र निवासी 17 वर्षीय नाबालिग 12वीं की छात्रा है। छात्रा ने शिकायत की है कि दिसंबर 2025 में वह घर पर अकेली थी, तभी उसके घर में गोसपुरा नंबर एक निवासी आयुष खटीक घुस आया और उसका मोबाइल नंबर मांगा। जब नाबालिग छात्रा ने मोबाइल नंबर देने से इनकार किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया। घटना के बाद आरोपी उसे धमकी देकर भाग गया। बदनामी और धमकी के कारण नाबालिग चुप रही तो आरोपी उसे ब्लैकमेल कर शोषण करने लगा। अब पीड़ित नाबालिग लगातार शारीरिक शोषण से परेशान हो गई तो शुक्रवार को परिजन को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़ित छात्रा हजीरा थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शहर छोड़ने से पहले पकड़ा गया आरोपीवारदात के बाद आरोपी यही सोच रहा था कि पीड़िता डर के चलते पुलिस के पास नहीं जाएगी, लेकिन किसी तरह पीड़ित छात्रा पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले ही आरोपी आयुष की तलाश शुरू कर दी। आरोपी को भी मामला दर्ज होने की भनक लग चुकी थी, वह शहर से भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उसके भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर मारपीट, अवैध वसूली और धमकाने के कई मामले दर्ज हैं पकड़े गए आरोपी का शहर के हजीरा समेत विभिन्न थानों में अच्छा खासा अपराधिक रिकॉर्ड है। मारपीट, अवैध वसूली व धमकाने के कई मामले दर्ज हैं। यही कारण है कि पीड़िता उससे डर गई थी। हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया- एक युवक ने नाबालिग पीड़िता के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया है। घटना दिसंबर 2025 की है। पीड़िता ने अब मामले की शिकायत की है, जिस पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के आरोप में दर्ज प्रकरण में आरोपी दीपक विश्नोई की अग्रिम जमानत निरस्त करने की मांग को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी द्वारा व्हाट्सएप स्टेटस लगाने मात्र से पीड़िता या साक्ष्य प्रभावित होने का कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया गया। दरअसल 25 वर्षीय पीड़िता ने जून 2025 में थाना बाणगंगा में देवास निवासी दीपक विश्नोई के खिलाफ वर्ष 2020 से 2024 के बीच शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोपी की ओर से एडवोकेट मनीष यादव और पं. करण बैरागी ने हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर तर्क दिया था कि दोनों पक्षों के बीच पैसों का लेन-देन विवाद है और इसी कारण पांच वर्ष पुराने घटनाक्रम को आधार बनाकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बचाव पक्ष ने कोर्ट के समक्ष दोनों के विवाह से संबंधित फोटो भी प्रस्तुत किए थे। तर्कों से सहमत होकर कोर्ट ने पिछले साल में आरोपी को अग्रिम जमानत का लाभ दिया था। इसके बाद पीड़िता ने जमानत निरस्ती के लिए आवेदन प्रस्तुत कर आरोप लगाया कि जमानत मिलने के बाद आरोपी ने व्हाट्सएप स्टेटस पर द्विअर्थी शायरी पोस्ट कर उसे प्रभावित करने का प्रयास किया है, इसलिए जमानत निरस्त की जाए। इस पर आरोपी पक्ष के एडवोकेट ने जवाब में कहा कि संबंधित स्टेटस आरोपी के निजी मोबाइल पर लगाया गया था, जिसमें पीड़िता का नाम तक उल्लेखित नहीं है। मात्र किसी के द्वारा अपने मोबाइल पर स्टेटस लगाने से यह सिद्ध नहीं होता कि वह पीड़िता को प्रभावित करने का प्रयास है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने जमानत निरस्ती आवेदन खारिज करते हुए आदेश में उल्लेख किया कि आरोपी द्वारा स्टेटस लगाए जाने से पीड़िता या साक्ष्य किस प्रकार प्रभावित हो सकते हैं, यह स्पष्ट नहीं किया गया। साथ ही कहा कि पीड़िता आरोपी का स्टेटस देखने के लिए बाध्य नहीं है। इन परिस्थितियों में जमानत निरस्त करने का कोई आधार नहीं बनता।
बरेली जोन कार्यालय में शुक्रवार को एक गरिमामय पिपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर अपर पुलिस महानिदेशक (ADG), बरेली जोन, रमित शर्मा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अनुराग आर्य ने संयुक्त रूप से सीओ सिटी थर्ड पंकज कुमार श्रीवास्तव के कंधे पर रैंक प्रतीक चिन्ह लगाकर उन्हें अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) के पद पर प्रोन्नति दी। अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई देते हुए उनके सफल और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी मौजूदगी पदोन्नति के इस गौरवशाली क्षण के दौरान जिले और जोन के कई वरिष्ठ अधिकारी साक्षी बने। कार्यक्रम में अधिकारियों ने पंकज कुमार श्रीवास्तव की कर्तव्यनिष्ठा और उनकी कार्यशैली की सराहना की। प्रमोशन पाकर पंकज श्रीवास्तव ने वरिष्ठ अधिकारियों का आभार व्यक्त किया और अपनी नई जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा के साथ निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में ये अधिकारी रहे मौजूद पिपिंग सेरेमनी के दौरान कई अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक नगर मानुष पारीक और अपर पुलिस अधीक्षक यातायात मोहम्मद अकमल खान, पुलिस उपाधीक्षक/स्टाफ ऑफिसर बरेली जोन धर्मेन्द्र कुमार राय और पुलिस उपाधीक्षक गोपनीय बरेली जोन मोहम्मद शोएब भी शामिल हुए। इनके साथ ही पुलिस उपाधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम आशुतोष शिवम और पुलिस उपाधीक्षक एलआईयू बरेली विजय कुमार राणा ने भी कार्यक्रम में शिरकत की।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। सरकार ने महंगाई भत्ते (DA) के 50 प्रतिशत हो जाने पर रिटायरमेंट ग्रेच्युटी (प्रोविजनल ग्रेच्युटी) की अधिकतम सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 25 लाख रुपए कर दी है। शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव वेद प्रकाश राय की ओर से जारी विभागीय आदेश में साफ कहा गया है कि 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों/कर्मचारियों को अब 25 लाख रुपए तक की ग्रेच्युटी दी जाएगी। क्या है पूरा मामला? शिक्षक संगठनों में खुशी का माहौल शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि महंगाई के इस दौर में 25 लाख रुपए की ग्रेच्युटी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी। प्रदेश में करीब 8 लाख बेसिक शिक्षा शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए ये राहत भरा साबित होगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने दहेज हत्या से संबंधित एक महत्वपूर्ण निर्णय पारित किया है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल कीमती वस्तुओं या संपत्ति की मांग से दहेज हत्या का अपराध तब तक नहीं माना जाएगा, जब तक मृतक महिला पर उत्पीड़न या क्रूरता की घटनाओं की स्पष्ट कड़ियां सिद्ध न हों। न्यायालय ने कहा कि दहेज मृत्यु के अपराध को साबित करने के लिए मृत्यु और दहेज-जनित क्रूरता या हिंसा के बीच ठोस संबंध स्थापित करना आवश्यक है। यह निर्णय न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ ने मेवा लाल और दो अन्य की अपील पर दिया। यह लगभग 27 साल पुराना मामला है, जिसमें अपीलकर्ताओं ने सत्र अदालत द्वारा सुनाई गई सात साल की सजा और दोषसिद्धि को चुनौती दी थी। मामला राजधानी लखनऊ के बंथरा थाने से संबंधित है। वर्ष 1999 में अपीलार्थी सं. 2 की पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी। इसके बाद लड़के के ससुर ने अपीलकर्ताओं पर दहेज की मांग पूरी न होने पर जहर देकर मृतका की हत्या का आरोप लगाया था। अपील की सुनवाई के दौरान, अभियुक्तों की ओर से न्यायालय को बताया गया कि मृतका के शरीर पर कोई चोट नहीं मिली थी और पोस्टमॉर्टम की विसरा रिपोर्ट में जहर का कोई प्रमाण नहीं मिला। न्यायालय ने अपने निर्णय में प्राकृतिक मौत और अन्य कारणों से हुई मृत्यु की विवेचना में अंतर स्पष्ट किया। अदालत ने कहा कि यदि मौत सामान्य परिस्थितियों से परे नहीं है, लेकिन उसका कारण भी अस्पष्ट है, तो वह दहेज मृत्यु से संबंधित आईपीसी की धारा 304-बी के अंतर्गत नहीं आएगी। न्यायालय ने साक्ष्य, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और चिकित्सक की राय को ध्यान में रखते हुए पाया कि मौत की अप्राकृतिक परिस्थितियां साबित नहीं हुईं। न्यायालय ने यह भी दोहराया कि दहेज-उत्पीड़न और क्रूरता के बीच सीधा संबंध होना आवश्यक है; केवल दहेज की मांग या बातचीत पर्याप्त नहीं है।
लखनऊ के स्मार्ट सिटी कार्यालय में मेयर सुषमा खर्कवाल ने अधिकारियों के साथ में बजटक की। इसमें विभिन्न प्रस्तावों और विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। महापौर ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सदन में रखे जाने वाले सभी विषय स्पष्ट, तथ्यपूर्ण और जनहित से जुड़े हों, ताकि शहर के विकास कार्यों को गति मिल सके। बैठक में शहर की साफ-सफाई, कर निर्धारण, निर्माण कार्यों की प्रगति, जल निकासी व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों से संबंधित प्रस्तावों और योजनाओं की जानकारी दी। महापौर ने कहा कि सदन की बैठक शहर के विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए सभी प्रस्तावों को गंभीरता से तैयार किया जाए और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाए। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी प्रस्ताव समय से तैयार कर लिए जाएं, ताकि 15 अप्रैल की बैठक सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए PWD से जुड़े सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) कंसल्टेंट याकूब को जयपुर के चौमू पुलिया क्षेत्र से 33 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। इसके साथ ही झुंझुनूं में PWD के XEN राकेश कुमार को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। यह कार्रवाई एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत और उनकी टीम ने की। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जमीन का अलाइनमेंट बदलने और पीड़ित के खेत को नेशनल हाईवे व स्टेट हाईवे के बीच प्रस्तावित प्रोजेक्ट में शामिल नहीं करने के बदले कुल 70 लाख रुपये की घूस मांगी गई थी। क्या है पूरा मामला? एडिशनल एसपी संदीप सारस्वत ने बताया कि पीड़ित का खेत नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे के बीच प्रस्तावित सड़क प्रोजेक्ट के अलाइनमेंट में आ रहा था। बग्गड़ से स्टेट हाईवे को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए निकाली जा रही सड़क के अलाइनमेंट को लेकर यह पूरा खेल चल रहा था। परिवादी की खातेदारी जमीन को पहले जबरन सड़क सीमा में शामिल कर लिया गया था। बाद में अधिकारियों ने रिअलाइनमेंट के नाम पर जमीन को बाहर निकालने का झांसा दिया। आरोपियों ने परिवादी से कहा कि उसकी जमीन की कीमत तीन-चार करोड़ रुपए है और अगर वह पैसा देता है तो जमीन को सड़क सीमा से बाहर कर दिया जाएगा, जिससे उसे बड़ा नुकसान नहीं होगा। इसके बदले 75 लाख रुपए की मांग की गई, जो बाद में 33 लाख रुपए में सौदा तय हुआ। 33 लाख रुपये पहली किश्त के रूप में लिए जा रहे थे। रकम आगे XEN तक पहुंचनी थी। ACB को शिकायत मिलने के बाद पूरी योजना के साथ ट्रैप बिछाया गया। चौमू पुलिया से दबोचा गया याकूब सड़क अलाइनमेंट का काम झुंझुनूं इंजीनियर्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी वैशाली नगर जयपुर को सरकार की ओर से सर्वे और अलाइनमेंट का जिम्मा दिया गया था। इसी कंपनी का प्रतिनिधि याकूब अली परिवादी से रिश्वत की राशि ले रहा था। याकूब अली जयपुर के चित्रकूट इलाके में स्थित अपने कार्यालय से पैसे लेकर झुंझुनूं के चिड़ावा जाने की तैयारी में था, जहां वह यह रकम एक्सईएन राकेश कुमार को देने वाला था। एसीबी टीम ने उसे चौमूं पुलिया के पास से 33 लाख रुपए के साथ पकड़ लिया। पैसे लेने के बाद दलाल याकूब ने राकेश कुमार से फोन पर बातचीत की थी। यह रकम याकूब राकेश को चिड़ावा जाकर शनिवार को देता। लेकिन इससे पहले एसीबी टीम ने दलाल याकूब को पकड़ लिया और उसके बताए अनुसार दूसरी टीम ने झुंझुनूं में चिड़ावा से एक्सईएन राकेश कुमार को भी उसके घर से हिरासत में ले लिया। जांच में यह भी सामने आया कि याकूब अली गजट नोटिफिकेशन में अधिकृत प्रतिनिधि के रूप में दर्ज है और वह किटाणा (झुंझुनूं) का निवासी है। SIA नोटिफिकेशन में भी था याकूब का नाम जांच में यह भी सामने आया है कि संबंधित कंसल्टेंसी फर्म सोशल इम्पैक्ट असेसमेंट (SIA) का काम करती है। इस प्रक्रिया में कंसल्टेंसी फर्म को विभाग की ओर से नोटिफाई किया जाता है। गजट नोटिफिकेशन जारी होता है। अखबारों और PWD वेबसाइट पर सार्वजनिक सूचना प्रकाशित होती है। आपत्ति/सुझाव के लिए प्रतिनिधि का नाम और संपर्क जारी किया जाता है इसी नोटिफिकेशन में “झुंझुनूं यस प्राइवेट लिमिटेड” के प्रतिनिधि के तौर पर याकूब का नाम दर्ज बताया जा रहा है। किसी भी भूमि या अलाइनमेंट संबंधी आपत्ति के लिए याकूब से संपर्क का उल्लेख था, जिससे उसकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। XEN से लगातार संपर्क में था याकूब सारस्तवत ने बताया कि याकूब ही पीड़ित को XEN राकेश कुमार तक लेकर गया था और वह लगातार XEN के संपर्क में था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या याकूब सिर्फ बिचौलिया था या आधिकारिक प्रक्रिया का हिस्सा। क्या अन्य अधिकारी/कर्मचारी भी इस नेटवर्क में शामिल हैं। नोटिफिकेशन प्रक्रिया का दुरुपयोग कैसे किया गया। जमीन अलाइनमेंट बदलने से किसे सीधा लाभ मिलने वाला था। ‘पब्लिक सर्वेंट’ एंगल से भी जांच चूंकि याकूब का नाम आधिकारिक SIA नोटिफिकेशन में प्रतिनिधि के रूप में सामने आया है, इसलिए ACB इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या उसे भ्रष्टाचार निवारण कानून के तहत ‘पब्लिक सर्वेंट’ की श्रेणी में माना जा सकता है। यह जांच केस को और बड़ा बना सकती है। उच्च अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे मेंएसीबी अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में PWD के उच्च स्तर के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। यह पूरी कार्रवाई एसीबी के डीजी गोविंद गुप्ता और एडीजी स्मिता श्रीवास्तव के निर्देश पर की गई। वहीं, डीआईजी अनिल कयाल ने कार्रवाई का सुपरविजन किया। एएसपी संदीप सारस्वत के नेतृत्व में टीम ने ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया।
अंडरपास निर्माण से स्वार खुर्द में जलस्तर गिरा:ग्रामीणों के नल सूखे, डीएम ने जांच कमेटी गठित की
रामपुर जिले की मिलक तहसील के स्वार खुर्द गांव में रेलवे अंडरपास निर्माण के कारण गंभीर पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान लगातार जल निकासी से क्षेत्र का भूजल स्तर तेजी से गिर गया है। ग्रामीणों के अनुसार, उनके घरों में लगे हैंडपंप और नल सूख गए हैं, जिससे दैनिक जरूरतों के लिए पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके खेतों में जबरन पानी बह रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने कई बार जिलाधिकारी से शिकायत की है। शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद के नेतृत्व में ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। इस प्रतिनिधिमंडल में इलियास मतलूब, दरबारा सिंह, मास्टर मुस्तफा और जुल्फकार अली सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे। उन्होंने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप दोहराया कि अंडरपास निर्माण के दौरान लगातार पानी निकाला जा रहा है, जिससे आसपास के क्षेत्र का जलस्तर प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इस पर जल्द रोक नहीं लगाई गई, तो पूरे गांव में गंभीर जल संकट पैदा हो सकता है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी (PWD) के अधिशासी अभियंता (एक्सीएन) की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति मौके पर जाकर स्थिति का आकलन करेगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर रेलवे विभाग को भी सूचित किया जाएगा।
भोजन में कीड़ा मिलने के बाद सख्त हुआ विभाग:रेस्टोरेंट संचालकों को दिया स्वच्छता रखने का प्रशिक्षण
सिटी मॉल स्थित बार्बेक्यू नेशन में खाने में कीड़ा मिलने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्ती बरती है। मॉल के सभी रेस्टोरेंट संचालकों को खाना बनाने एवं किचन में सफाई रखने का प्रशिक्षण दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शुक्रवार को मॉल में पहुंचे थे। विभाग की ओर से इस रेस्टोरेंट से खाने का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जा चुका है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी हितेंद्र त्रिपाठी, उमाशंकर सिंह एवं श्रीनिवास यादव ने सभी व्यापारियों एवं कर्मचारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के नियमों का कड़ाई से पालन करान का निर्देश दिया। हितेंद्र मोहन ने कहा कि रेस्टोरेंट की रसोई, भंडारण क्षेत्र एवं डाइनिंग एरिया में नियमित रूप से प्रभावी पेस्ट कंट्रोल कराया जाए। कच्चे एवं पके हुए भोजन को अलग-अलग उचित तापमान पर रखने का निर्देश दिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि भोजन तैयार करने और परोसने वाले सभी कर्मचारियों के लिए एप्रन, ग्लब्स एवं हेड कैप का उपयोग अनिवार्य है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में साफ-सफाई में कोई लापरवाही पाई गई या किसी ग्राहक के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होता मिला तो प्रतिष्ठान का लाइसेंस निरस्त करने के साथ-साथ कठोर विधिक कार्रवाई की जाएगी। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डा. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि आम नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और मानक के अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। आगे भी मॉल एवं शहर के अन्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण जारी रहेगा।
करोड़ों के गबन में मुख्य आरोपी इल्हाम से पूछताछ:पुलिस ने 50 से अधिक सवाल पूछे, जांच तेज
पीलीभीत में जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय के करोड़ों रुपये के सरकारी धन गबन मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी लिपिक इल्हाम शम्सी से गहन पूछताछ की है। कोतवाली में विवेचक और उच्चाधिकारियों ने घंटों तक उससे सवाल-जवाब किए। शुक्रवार को विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम सतीश कुमार ने इल्हाम शम्सी को बयान दर्ज कराने के लिए कोतवाली बुलाया था। पूछताछ के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विक्रम दहिया और सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आरोपी से बैंकिंग लेनदेन, निवेश से जुड़े दस्तावेज और घोटाले में शामिल अन्य व्यक्तियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की। बताया गया है कि उससे 50 से अधिक सवाल पूछे गए, जिनमें सरकारी धन को निजी खातों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया प्रमुख थी। पुलिस ने इस मामले में अब तक महत्वपूर्ण प्रगति की है। जांच के दौरान इल्हाम और उसके रिश्तेदारों के 38 बैंक खाते चिन्हित किए गए हैं। इन खातों में जमा कुल 3 करोड़ 87 लाख 2 हजार 568 रुपये की धनराशि को पुलिस पहले ही फ्रीज कर चुकी है। आरोपी की पत्नी अर्शी खातून को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि इल्हाम वर्तमान में हाईकोर्ट से मिली अग्रिम जमानत पर है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने विवेचना के लिए चार सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है। इस टीम में इंस्पेक्टर क्राइम के साथ-साथ साइबर और अकाउंट्स के विशेषज्ञ भी शामिल हैं। यह मुकदमा 13 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी के निर्देश पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि इल्हाम ने विभागीय मिलीभगत से सरकारी धन को अपनी पत्नी, साले और परिचितों के खातों में भेजा था। पुलिस अब गबन की राशि से खरीदी गई संपत्तियों की तलाश कर रही है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट बनाकर नकली डिग्री बेचने वाले गिरोह के खिलाफ साइबर पुलिस का अभियान तेज हो गया है। शुक्रवार को सिविल लाइंस के अनंत सत्यम निगम को गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से 88 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा, प्रमाणपत्र, 14 पासबुक, 21 चेकबुक, पांच एटीएम कार्ड, चार मोबाइल और पांच सिम कार्ड बरामद हुए। निगम गिरोह का सक्रिय सदस्य था, जो ग्राहकों की तलाश करता और प्रति फर्जी डिग्री पर 20 हजार रुपये कमीशन कमाता था। साइबर पुलिस के अनुसार, गिरोह ने यूपी बोर्ड और कई राज्यों के विश्वविद्यालयों की नकली वेबसाइटें बनाकर दो हजार से अधिक फर्जी डिग्री, मार्कशीट, डिप्लोमा व प्रमाणपत्र बेचे। सरगना शशि प्रकाश राय समेत सात आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि पूछताछ में निगम का नाम सामने आया, जिसे तेज बहादुर सप्रू मार्ग, सिविल लाइंस से दबोचा गया। गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि फर्जी दस्तावेजों से बचें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना दें।
सीतापुर के महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के बिलौली बाजार स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय इंटर कॉलेज में एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद मामला गंभीर हो गया है। छात्रा को हालत खराब होने पर तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़ित छात्रा शिवानी ने विद्यालय की शिक्षिकाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा का कहना है कि विद्यालय में उनसे जबरन झाड़ू-पोंछा करवाया जाता है और खाना भी बनवाया जाता है। इतना ही नहीं, काम करने से मना करने पर उन्हें भूखा रखा जाता है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। छात्रा ने आरोप लगाया कि शिक्षिकाएं प्रियंका, अनुराधा और मानसी श्रीवास्तव द्वारा उसे दो दिनों तक खाना नहीं दिया गया और लंबे समय तक खड़ा रखकर सजा दी गई। इसके चलते उसकी हालत बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा। घटना सामने आने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। विद्यालय प्रबंधन पर लापरवाही और छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोप लग रहे हैं। वहीं, छात्रा के बयान का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह अपनी आपबीती बता रही है। मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया है। स्वास्थ्य केंद्र में छात्रा का इलाज जारी है, जबकि शिक्षा विभाग और पुलिस द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है। एसडीएम महमूदाबाद का कहना है कि जांच के आधार रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी। फिलहाल, इस घटना ने आवासीय विद्यालयों में छात्राओं की सुरक्षा और देखभाल को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फर्रुखाबाद बस अड्डे पर चालक-परिचालक भिड़े:पहले नंबर पर बस लगाने को लेकर हुई मारपीट
फर्रुखाबाद में रोडवेज बस अड्डे पर शुक्रवार की देर शाम दो रोडवेज बसों के चालक और परिचालक पहले बस को लगाने को लेकर आपस में भिड़ गए। जहां गाली गलौज के बाद मारपीट भी होने लगी। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताया गया एक फर्रुखाबाद डिपो की बस थी तो दूसरी बुद्ध विहार डिपो की बस थी। रोडवेज बस स्टैंड पर चालकों और परिचालकों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार शाम एक बार फिर दिल्ली जाने वाली दो रोडवेज बसों के चालक और परिचालक आपस में भिड़ गए। यह घटना बसों को पहले नंबर पर लगाने को लेकर हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बस फर्रुखाबाद डिपो की थी, जबकि दूसरी बुद्ध विहार डिपो की। स्टैंड पर बसों को पहले नंबर पर लगाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही गाली-गलौज और फिर मारपीट में बदल गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई। इस दौरान बसों के आपस में टकराने और रगड़ लगने की बात भी सामने आई है। मौके पर मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया। बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले भी इसी तरह का विवाद हो चुका था। इसके बावजूद बस अड्डे पर हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है, और ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसमें चालक और परिचालक एक-दूसरे से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हर बार की तरह इस बार भी मामला आपसी सहमति से निपटा लिया गया। पहले फर्रुखाबाद डिपो की बस को रवाना किया गया, जिसके बाद बुद्ध विहार डिपो की बस को स्टैंड से भेजा गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में ऐसे नए उपयोगी कोर्स डिजाइन किए जाएं, जो प्रशिक्षण के बाद युवाओं को तत्काल रोजगार दिलाने में सहायक हों। मुख्यमंत्री सीखो कमाओ योजना में लगभग 20 हजार से व्यक्तियों के प्रशिक्षण की उपलब्धि को दोगुना किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश समत्व भवन में तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए। तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल की मौजूदगी में समत्व भवन में हुई मीटिंग में जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर आईटीआई की ग्रेडिंग जारी की है, इसमें मध्यप्रदेश 5वें स्थान पर है। प्रदेश की 47 शासकीय आईटीआई को 10 में से 9 प्लस ग्रेडिंग स्कोर मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को स्किल कैपिटल बनाने की दिशा में अनेक प्रयास किए हैं। मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और डेयरी विकास कार्यक्रमों से भी युवाओं को जोड़ने के निर्देश दिए। इसके लिए कौशल विकास और रोजगार विभाग से समन्वय कर समुचित कदम उठाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कृषि वर्ष-2026 में विभिन्न गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने और रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए समुचित प्रयास करने को कहा। कौशल विकास योजना में लाभ पाने वालों की दी जानकारी बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में देश में सर्वाधिक 11 हजार 400 प्रशिक्षणार्थियों का नामांकन मध्यप्रदेश में हुआ। साथ ही युवा संगम के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 2 लाख 68 हजार से अधिक आवेदकों को लाभान्वित किया गया। मध्यप्रदेश के एक लाख 32 हजार युवाओं को स्व-रोजगार का लाभ मिला है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क भोपाल द्वारा इस वर्ष 3 हजार से अधिक प्रशिक्षणार्थियों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इनमें 1500 प्रशिक्षणार्थी लॉन्ग टर्म और इतने ही शॉर्ट टर्म ट्रेनिंग का लाभ प्राप्त करेंगे। युवाओं को पूर्व में जिन उद्योगों में प्रशिक्षण दिलवाया गया है, उनमें रिलायंस, ट्राइडेंट, जिंदल समूह के जेबीएम आदि शामिल हैं। प्रदेश में 290 शासकीय और 644 प्राइवेट आईटीआई संचालित हैं। शासकीय आईटीआई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई, जिसके फलस्वरूप कुल सीट 52 हजार 248 हो गई हैं। प्राइवेट आईटीआई में कुल 61 हजार 32 सीट हैं। बैठक में जानकारी दी गई कि परम फाउंडेशन द्वारा धार जिले में सरदारपुर आईटीआई में मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन कोर्स में प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। पीएम सेतु के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 20 हब और 81 स्पोक आईटीआई उन्नयन का कार्य हुआ है। इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता 2025-26 में मध्यप्रदेश का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। सीएम ने कृषि लोकरंग की तैयारियों की समीक्षा की इसके पहले कृषि लोकरंग की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग में किसानों और आमजन की सहभागिता बढ़ाने के लिए कृषि क्विज प्रतियोगिता जैसे नवाचार किए जाएं। प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएं। हर जिले के प्रथम विजेता (टॉपर) को पुरस्कार के रूप में किसानों के लिए हर मौसम में उपयोगी कृषि संसाधन (जैसे ट्रैक्टर आदि) एवं अन्य तरह के पुरस्कार भी दिए जा सकते हैं। सीएम ने संभाग, जिला स्तर पर भी इसके लिए कार्यक्रम करने को कहा है। इसके अलावा एक अन्य बैठक में बालाघाट में होने वाले जनजातीय कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।
बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में 11 से 14 अप्रैल तक भारतरत्न बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर जयंती और विश्वविद्यालय स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया जायेगा। यह जानकारी देते हुए शुक्रवार को विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो राज कुमार मित्तल ने बताया कि इस वर्ष आयोजित चार दिवसीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद भाग लेंगे। प्रो.राज कुमार मित्तल के मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति 13 अप्रैल को विद्यार्थियों को संबोधित करेंगे और इस अवसर पर उद्यमियों को उनके उत्कृष्ट योगदान और उपलब्धियों के लिए सम्मानित करेंगे। कुलपति ने यह भी बताया कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर विद्यार्थियों के समग्र विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें विभिन्न राष्ट्रीय संगोष्ठियों, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। 4 दिनों तक चलेगा आयोजन चार दिवसीय कार्यक्रम की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षा ही समावेशी विकास का आधार महात्मा ज्योतिबा फुले की दृष्टि में विषय पर आधारित एकदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व राज्य शिक्षा मंत्री डॉ संजय पासवान उपस्थित रहेंगे। कुलपति ने बताया कि 12 अप्रैल को विश्वविद्यालय में समावेशी विकास विकसित भारत का आधार बाबासाहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की दृष्टि में विषय पर आधारित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। जिसमें मुख्य तौर पर पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री, उत्तर प्रदेश प्रो सतीश चन्द्र द्विवेदी, विधि विभाग, बीबीएयू की विभागाध्यक्ष प्रो सुदर्शन वर्मा, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा के प्रो एसके चहल एवं दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर के प्रो चंद्रशेखर उपस्थित रहेंगे। 14 को मनाया जाएगा स्थापना दिवस 14 अप्रैल को कुलपति द्वारा भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर जयंती और विश्वविद्यालय स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता की जायेगी इसमें बतौर मुख्य अतिथि के तौर पर विजय लक्ष्मी गौतम, राज्य मंत्री, ग्रामीण विकास, समग्र ग्राम विकास एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार उपस्थित रहेंगी। इस अवसर पर स्थायी आयोजन समिति के अध्यक्ष प्रो केएल महावर और जनसंपर्क अधिकारी डॉ.रचना गंगवार मौजूद रहीं।
तेज रफ्तार वाहन ने महिला को कुचला:रोड पर बिखरे मांस के टुकड़े, रोड क्रॉस करते समय हादसा
लखीमपुर खीरी में फरधान थाना क्षेत्र के लखीमपुर-मैगलगंज मार्ग पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। ओम साईं इंटर कॉलेज के पास वाहन की टक्कर से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतना भयावह था कि महिला के शरीर के अंग अलग होकर दूर जा गिरे। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची, जिसमें चौकी प्रभारी संदीप यादव भी शामिल थे। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और शव के अवशेषों को सड़क से एकत्र कर कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। लीला कुआं पुलिस चौकी प्रभारी महेश तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला अज्ञात वाहन की टक्कर का प्रतीत होता है। महिला की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है। पुलिस महिला की शिनाख्त कराने के प्रयासों में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ से आए चार हाथियों ने अनूपपुर जिले में पिछले 103 दिनों से डेरा डाल रखा है। हाथियों के लगातार उत्पात और वन विभाग की सुस्ती की वजह से ग्रामीणों में भारी गुस्सा और डर का माहौल है। ये हाथी फिलहाल दो हिस्सों में बंटकर आतंक मचा रहे हैं। तीन हाथियों का दल करनपठार के जंगलों में छिपा है, जबकि एक अकेला हाथी (लोन टस्कर) जिला मुख्यालय से सिर्फ 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी और खांड़ा के इलाकों में फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा रहा है। इस अकेले हाथी ने बरबसपुर के सरपंच समेत कई किसानों के खेत रौंद दिए और सिंचाई के पाइप और दीवारें भी तोड़ डालीं। वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग उन्हें समय पर हाथियों के आने की सूचना (मुनादी) नहीं दे रहा है। लोगों का कहना है कि अधिकारी सिर्फ दूर खड़े होकर तमाशा देखते हैं। न तो विभाग पटाखे दे रहा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम कर रहा है। मजबूर होकर ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर मशालों के सहारे हाथियों को खदेड़ रहे हैं। मौत के दो महीने बाद भी नहीं मिला मुआवजा प्रशासन की लापरवाही का एक बड़ा मामला भी सामने आया है। बरबसपुर में 12 फरवरी को हाथी के हमले (दीवार गिरने) से घायल 70 साल के रामविशाल भैना की मौत हो गई थी। इस घटना को दो महीने बीत चुके हैं, लेकिन मृतक के परिवार को अब तक सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग न तो जान की परवाह कर रहा है और न ही नुकसान की भरपाई।
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में कई तरह के बदलाव आते हैं और बीमारियां घेर लेती हैं। जिसके चलते मां-बच्चा दोनों पर संकट खड़ा हो सकता है। खराब लाइफस्टाइल के चलते आज के जनरेशन में प्रेग्नेंसी के दौरान थायराइड और डायबिटीज का खतरा सबसे ज्यादा बढ़ रहा है। आंकड़ों के अनुसार 30% महिलाओं में हाइपो थायराइड और 57% मामलों में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा रहता है। जो कि मां-बच्चों दोनों की सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में समय पर जांच करवाना बेहद जरूरी है। यह जानकारी ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी द्वारा तीन दिवसीय आर्ट ऑफ बर्थिंग कानक्लेव के दौरान एक्सपर्ट्स ने दी। इस कार्यक्रम का उद्घाटन करने अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा अमित कुमार घोष पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में बढ़ती सिजेरियन डिलीवरी पर चिंता जताई। पहले जहां 20 से 30% तक सिजेरियन प्रसव होते थे अब इसमें इजाफा होकर ये संख्या 40 से 50% तक पहुंच गई है। प्रेग्नेंसी से पहले थायराइड जांच जरूरी लखनऊ ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजिकल सोसाइटी की हेड डॉ. प्रीति कुमार ने कहा कि प्रेग्नेंसी में हालात देखकर जांच नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे कोई फायदा नहीं होता है। इसके लिए प्री-प्रेग्नेंसी से ही यूनिवर्सल टेस्ट करवाने चाहिए। खासतौर पर थायराइड टेस्ट बेहद जरूरी है। क्योंकि 30 फीसद एलिजिबल वीमेन फॉर प्रेग्नेंसी को हाइपो थॉयराइड की समस्या होती है। ऐसे में प्रेग्नेंसी से पहले इसकी जांच हो और समस्या मिले तो दवा से इसे नार्मल किया जा सकता है। इससे बच्चे का दिमाग सही ग्रो करेगा। क्योंकि कई बार थायराइड ग्लेंड इसे पूरा प्रोड्यूस नहीं कर पाते हैं और प्रेग्नेंसी के कई हार्मोन थायराइड प्रोडक्शन में प्रभाव डालते हैं। ऐसे में आयोडाइज्ड साल्ट खाना बेहद जरूरी है। मां से बच्चों में टाइप-2 का खतरा अधिक बेंगलुरू से आए डॉ.हेमा दिवाकर ने बताया- प्रेग्नेंसी के दौरान जेशटेशनल डायबिटीज भी होता है। चूंकि इसके कोई लक्षण नहीं होते है इसलिए, समय पर इसका पता नहीं चलता है। इसे संभाल लिया तो बच्चा व मां दोनों सुरक्षित अन्यथा खतरा हो सकता है। अगर इसे समय पर टेस्ट एंड ट्रीट नहीं किया गया तो डिलीवरी के 2-4 साल के बाद महिला को टाइप-2 डायबिटीज हो सकती है। जोकि 57 फीसद मामलों में हो सकता है। वहीं, बच्चे में 12-14 वर्ष की उम्र में मोटापा और 20-25 में टाइप-2 डायबिटीज आ जाता है। जिसे अर्लीहुड ऑनसेट एडल्टहुड डायबिटीज कहते हैं। ऐसे में प्रेग्नेंसी के दौरान सभी को शुगर जांच करवानी चाहिए। परिवार में किसी को समस्या हो य न हो। क्योंकि एशियन वुमेंस में यह समस्या सबसे ज्यादा कॉमन होती है।
मंदसौर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में कल (शनिवार) विद्युत आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद रहेगी। सहायक यंत्री के अनुसार 11 केवी विद्युत लाइनों के मानसून पूर्व आवश्यक रख-रखाव कार्य के चलते निर्धारित समय पर बिजली सप्लाई बाधित की जाएगी। शनिवार को मंदसौर शहर के खानपुरा अंतर्गत किला फीडर पर कार्य किया जाएगा। इसके चलते पसुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक विद्युत प्रदाय बंद रहेगा। इस दौरान शनि विहार, खानपुरा, खरंजा, लक्कड़पीठा, शेखा चौक, प्रतापगढ़ रोड, सत्संग भवन, गुदरी तोड़ा और पशुपतिनाथ रोड सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील करते हुए बताया है कि रख-रखाव कार्य की आवश्यकता के अनुसार समय में परिवर्तन (घटाया या बढ़ाया) भी किया जा सकता है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में शुक्रवार को देश की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित पुरछात्रों और विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सीनेट परिसर के प्रो. ईश्वर टोपा सभागार में कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम यूनिवर्सिटी ऑफ इलाहाबाद एलुमिनाई एसोसिएशन ने संचालित किया। आईएएस-2025, यूपीपीसीएस-2024 तथा राज्यों की न्यायिक सेवाओं में प्रथम आने वाले पुरछात्रों को स्मृति चिह्न और डायरी भेंट की गई। दीप प्रज्ज्वलन से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव ने कहा कि चयनित पुरछात्रों ने इविवि का पुराना गौरव पुनर्स्थापित किया है। यूपीपीसीएस-2024 में 70 विद्यार्थियों का चयन गौरव का क्षण है। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किताबी ज्ञान के अलावा जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करें। संघर्ष से ही सफलता मिलती है। असफलता से सीखें, समय व्यर्थ न करें। निंदकों को प्रेरणा स्रोत बनाएं। समाज को सकारात्मकता दें, देशप्रेम जगाए रखें। उन्होंने आईएएस चयनित बालिकाओं को अपना आदर्श बताया। कुलसचिव प्रो. आशीष खरे ने कहा कि कुलपति के मार्गदर्शन में इविवि तेजी से प्रगति कर रहा है। पिछले पांच वर्षों में विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चयनित पुरछात्र भविष्य में इविवि विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। एलुमिनाई एसोसिएशन के सचिव प्रो. कुमार बीरेंद्र ने स्वागत भाषण में कहा कि कुलपति की प्रेरणा से कार्यक्रम संभव हुआ। यूपीपीसीएस में 70 चयन 'बरगद की टहनियों' का विस्तार दर्शाते हैं। इविवि के विद्यार्थी कुशल नागरिक बनकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देंगे। आईएफएस साक्षी सक्सेना ने कहा कि विश्वविद्यालय से जुड़ाव जीवन का मील का पत्थर है। आईपीएस अनिंद्य पाण्डेय ने व्यक्तित्व विकास का श्रेय इविवि को दिया। आईएएस श्रुति ओला ने परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। डिप्टी कलेक्टर आयुष पांडे ने निरंतरता पर जोर दिया। डिप्टी एसपी विमलेश कुमार ने धैर्य की सीख साझा की। आईएएस-2025 में साक्षी सक्सेना, अनिंद्य पाण्डेय, श्रुति ओला। यूपीपीसीएस-2024 में डिप्टी कलेक्टर आयुष व अंकित पांडे, डिप्टी एसपी विमलेश कुमार। असिस्टेंट कमिश्नर (कामर्शियल टैक्स) में खुशबू रानी, स्वाति मिश्रा आदि। अन्य पदों पर संदीप कुमार सिंह पटेल, प्रशांत सिंह, अश्विनी कुमार सोनी, बीडीओ अभिषेक पाल आदि, नायब तहसीलदार कुलभूषण तिवारी आदि, डिप्टी जेलर शिवम मिश्र आदि, सब रजिस्ट्रार नीरज कुमार सरोज आदि। छत्तीसगढ़ न्यायिक परीक्षा-2024 में प्रथम अंजुम आरा व प्रशासनिक अधिकारी कृपा शंकर पाण्डेय को सम्मानित किया गया।
कानपुर किडनी मामले में फरार दो डॉक्टर और ओटी मैनेजर का फोन बंद है। हालांकि इस बीच वह अंजान नंबरों से अपने परिवार को फोन कर रहे हैं। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि मदद के नाम पर फोन लेकर डाक्टर ने कॉल की थी। पुलिस का दावा है वह डॉक्टर के नजदीक है। जल्द ही उन तक पहुंच जाएगी। हालांकि दो आरोपियों की अभी तक कोई लोकेशन पुलिस को नहीं मिली है। 29 मार्च को पुलिस ने की थी छापेमारी रावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट के ऑपरेशन की सूचना पर पुलिस ने छापा मारकर अस्पताल संचालक डॉ. प्रीती आहूजा पति सुरजीत सिंह आहूजा को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार के बेगूसराय का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली। किडनी के इस अवैध कारोबार का सरगना डॉ. रोहित को बताया गया। उसके लिए कानपुर में काम करने वाले एंबुलेंस चालक शिवम अग्रवाल, मेडलाइफ अस्पताल के मालिक राजेश कुमार व राम प्रकाश कुशवाहा प्रिया अस्पताल के संचालक नरेंद्र सिंह को जेल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की तो ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव गाजियाबाद से पकड़े गए। इन सभी को जेल भेजा जा चुका है। एजेंट शिवम ने पूछताछ में डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और ओटी मैनेजर मुद्स्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली का नाम लिया। पुलिस इनकी खोजबीन में जुटी तो तीनों मोबाइल बंद करके फरार हो गए। इनमें से एक डॉक्टर के करीब पुलिस पहुंच चुकी है। दरअसल, वह अपने अंजान नंबरों से अपनी पत्नी और एक रिश्तेदार से संपर्क करता है, दो बार ऐसी कॉल मिली है। जिसके बाद पुलिस अंदाजा लगा रही है कि आरोपी उधार का मोबाइल लेकर परिजनों के संपर्क में हैं। डॉक्टरों की गिरफ्तारी के बाद बढ़ेगी जांच पुलिस अधिकारियों के मुताबिक किडनी कांड में अब फरार तीनों डॉक्टरों को उठाने पर ही पुलिस का जोर है। इसलिए तीन टीमें और लगाई गई हैं। दरअसल सूत्र बताते हैं कि इस मामले में हर दिन कोई न कोई नया नाम सामने आ रहा है। जांच के साथ ही किडनी कांड के नेटवर्क का दायरा बढ़ता जा रहा है। ऐसे में कमिश्नरेट पुलिस पहले फरार आरोपियों को पकड़ेगी उसके बाद आगे की जांच शुरू करेगी। डीसीपी ने बताया कि सारा फोकस फरार डॉक्टरों की गिरफ्तारी पर है। तीनों आरोपी डॉ. रोहित, डॉ. अफजल और अली पर 25-25 हजार का इनाम घोषित किया जा चुका है।
बिलासपुर में तारबाहर-सिरगिट्टी अंडरब्रिज की मरम्मत में धीमी गति को लेकर नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने डीआरएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया और कार्य में तेजी लाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मरम्मत कार्य में केवल 2-3 मजदूर लगाए गए हैं, जिससे काम में अत्यधिक देरी हो रही है। पार्षद पुष्पेंद्र साहू ने बताया कि अंडरब्रिज की मरम्मत के दौरान उन्हें गिनती के मजदूर ही नजर आए। उन्होंने आशंका जताई कि इस धीमी गति से कार्य पूरा होने में काफी समय लगेगा, जिससे आम जनता की परेशानियां बढ़ेंगी। तारबाहर–सिरगिट्टी अंडरब्रिज 45 दिन के लिए बंद रेलवे प्रशासन ने तारबाहर-सिरगिट्टी अंडरब्रिज को मरम्मत के लिए 2 अप्रैल से 45 दिनों के लिए बंद कर दिया है। इस कारण रेलवे लाइन के पार की बस्तियों में रहने वाले लोगों को आवागमन के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है। सुबह के समय नौकरीपेशा लोग, महिलाएं और स्कूली बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। तेज गर्मी के बीच यह समस्या और भी गंभीर हो गई है। आक्रोशित नागरिक आज सुबह करीब 11 बजे अंडरब्रिज के पास एकत्र हुए और फिर डीआरएम कार्यालय पहुंचे। साल में दूसरी बार बंद हुआ अंडरब्रिज नागरिकों का आरोप है कि यह अंडरब्रिज साल भर में दूसरी बार मरम्मत के लिए बंद किया गया है। उनका कहना है कि हर छह महीने में 30 से 45 दिनों के लिए अंडरब्रिज बंद कर दिया जाता है, जिससे हजारों लोगों की दिनचर्या प्रभावित होती है। स्थानीय निवासियों ने इस 45 दिन की बंदी के नियम को बेतुका बताया। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि सुबह 6-7 बजे काम पर जाने वाले लोगों को ब्रिज बंद होने के कारण लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, इस अंडरब्रिज से प्रतिदिन लगभग 30 से 40 हजार लोग आवाजाही करते हैं। आसपास के गांवों को मिलाकर यह संख्या 70 हजार तक पहुंच जाती है। इतनी बड़ी आबादी के प्रभावित होने के बावजूद मरम्मत कार्य की गति बेहद धीमी है। डीआरएम ने प्रदर्शनकारियों को जल्द कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया है। काम की धीमी गति से लंबा समय लग रहा प्रभावित लोगों में संजय श्रीवास्तव, पवन साहू ने बताया कि एक हफ्ता हो गया, लेकिन काम के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा। जो काम एक-दो दिन में हो सकता है, उसे बेवजह लंबा खींचा जा रहा है। यह आम जनता के साथ अन्याय है। काम जल्दी पूरा करें डीआरएम कार्यालय में अधिकारियों से मुलाकात के बाद लोगों को जल्द काम पूरा करने का आश्वासन मिला है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह आश्वासन कितने दिनों में पूरा होता है। जनता की मांग है कि काम तेजी से पूरा किया जाए और बार-बार अंडरब्रिज बंद करने की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए।
बाइक बनी चाय की दुकान:उज्जैन में 'मोबाइल चाय' का अनोखा स्टार्टअप; ₹5 की चाय, घर-घर डिलीवरी
उज्जैन के व्यस्ततम फ्रीगंज इलाके में इन दिनों एक अनोखी ‘मोबाइल चाय सेवा’ लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। गणेशपुरा, मक्सी रोड निवासी पूनमचंद यादव ने अपनी बाइक को ही चलती-फिरती चाय की दुकान में बदल दिया है, जहां हर ग्राहक को गरमा-गरम चाय मिलती है। पूनमचंद यादव ने अपनी बाइक की डिग्गी पर 5 किलो की गैस टंकी और छोटा स्टोव फिट कर रखा है। इसी पर वे लगातार चाय गर्म रखते हैं और करीब 5 किलोमीटर के दायरे में घूम-घूमकर चाय की सप्लाई करते हैं। ₹5 में चाय, रोज 200–250 कप की बिक्रीएक कप चाय की कीमत मात्र ₹5 है। वे रोजाना करीब 200 से 250 कप चाय बेचते हैं। उनका समय सुबह 7:30 बजे से 11 बजे तक रहता है। फ्रीगंज, सब्जी मंडी, अस्पताल, दुकानों और ठेलों तक वे अपनी सेवा पहुंचाते हैं। खास बात यह है कि वे ग्राहकों को स्वाद पसंद न आने पर पैसे वापस करने की गारंटी भी देते हैं। पूनमचंद यादव के परिवार में पत्नी उषा यादव (हॉउस वाइफ), बेटी निकिता (23, B.Ed) और बेटा ऋषभ (26, B.Com, M.Com) हैं। पूरा परिवार इस काम में उनका सहयोग करता है। कोरोना के बाद बदली राहपहले वे मंडी में पोहा बेचने का काम करते थे, लेकिन कोरोना लॉकडाउन में रोजगार ठप हो गया। इसके बाद उन्होंने नए तरीके से चाय बेचने का आइडिया अपनाया। फ्रीगंज में सैलून चलाने वाले जगदीश देवड़ा बताते हैं कि चाय का स्वाद बेहतरीन है और दुकान तक सर्विस मिलती है। पेपर और स्टील कप का विकल्प भी उपलब्ध है। महंगाई के दौर में सस्ती चाय होने से यह और लोकप्रिय हो गई है। कई व्यापारी दिन में 3–4 बार उनकी चाय लेते हैं। पूनमचंद बताते हैं कि एक मित्र के सुझाव पर उन्होंने बाइक पर यह सेटअप तैयार किया। आज यह ‘मोबाइल चाय’ मॉडल न सिर्फ उनकी रोजी-रोटी का जरिया है, बल्कि आत्मनिर्भरता और नई सोच की मिसाल भी बन गया है।
गोंडा जिले के आकांक्षी ब्लॉक रुपईडीह में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत सामुदायिक निवेश निधि (CIF) में 41 लाख रुपये से अधिक के गबन का मामला सामने आया है। इस मामले में तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक समेत कुल 19 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। जांच में पता चला है कि स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और संकुल संघ के पदाधिकारियों ने मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया। नियमों के अनुसार, किसी भी समूह को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक का ही भुगतान किया जा सकता है, लेकिन कई समूहों को 10 से 15 लाख रुपये तक की राशि हस्तांतरित की गई। नियमों को दरकिनार करते हुए ग्राम संगठन के स्तर से चेक और नकद के माध्यम से अवैध लेनदेन किए गए। रुपईडीह ब्लॉक में वर्तमान में 9 से अधिक ग्राम संगठन और 54 ग्राम संगठन इकाइयां हैं, जिनसे लगभग 797 स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं। वर्ष 2022 से 2025 के बीच विभिन्न समूहों को कुल 5 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था। गहन जांच के बाद, इसमें से 41 लाख रुपये से अधिक की राशि के भुगतान में गंभीर वित्तीय अनियमितता और गबन की पुष्टि हुई है। सहायक विकास अधिकारी (ग्राम्य विकास) की तहरीर पर पुलिस ने तत्कालीन ब्लॉक मिशन प्रबंधक कुलदीप कुमार सहित कुल 19 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय महिला संकुल प्रेरणा संघ समिति की अध्यक्ष अर्चना गोस्वामी, सचिव राजरानी, कोषाध्यक्ष अंक कुमारी, नंद बाबा ग्राम संगठन समिति पंचरुखी मनोहरजोत की अध्यक्ष रेनू, सचिव नीता, कोषाध्यक्ष वंदना, जय माता दी स्वयं सहायता समूह की सचिव पूजा मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुन, कोमल आजीविका मिशन ग्राम संगठन की सचिव रेखा वर्मा, कोषाध्यक्ष कामिनी, महिला सशक्तीकरण स्वयं सहायता समूह पचरन की सचिव ननकी, कोषाध्यक्ष कामू, राम किशोर पांडेय, हरियाली प्रेरणा ग्राम संगठन लालनगर की सचिव रीता, कोषाध्यक्ष सुनीता, किसान प्रेरणा ग्राम संगठन गौनरिया की अध्यक्ष अनीता, कोषाध्यक्ष मंजू और लक्ष्मी स्वयं सहायता समूह गौनरिया की कोषाध्यक्ष राजकुमारी के नाम शामिल हैं। खरगूपुर प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने बताया कि सभी आरोपितों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ के राज बिसारिया प्रेक्षागृह में 'तारतेन्दु नाट्य स्वर्ण जयंती समारोह' के तहत एक विशेष संगीत और रंगमंचीय प्रस्तुति 'मालन अलबेली' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने अपनी जीवन कहानी को एकल प्रस्तुति के माध्यम से मंच पर प्रस्तुत किया, जिसने दर्शकों को प्रभावित किया। 'मालन अलबेली' मालिनी अवस्थी के व्यक्तिगत संघर्षों और चुनौतियों के बीच अपने सपनों को साकार करने की यात्रा को दर्शाती है। यह प्रस्तुति उनके जीवन के उतार-चढ़ावों और हर बाधा को पार कर आगे बढ़ने की उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति पर केंद्रित थी। कहानियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा प्रस्तुति में आशा, साहस और अपनी कला पर विश्वास का संदेश प्रमुखता से उभरा। प्रत्येक गीत के साथ जुड़ी कहानियों ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ा। यह कार्यक्रम मालिनी अवस्थी के अद्वितीय और प्रेरणादायक संगीतमय सफर को प्रस्तुत करता है। गायन में भारतीय संस्कृति और परंपरा की छाप दिखी पद्मश्री मालिनी अवस्थी भारतीय लोक संगीत की एक प्रतिष्ठित हस्ती हैं। उनके गायन में भारतीय संस्कृति और परंपरा की गहरी छाप दिखाई देती है। 'मालन अलबेली' के माध्यम से उन्होंने अपने जीवन के अनछुए पहलुओं, संघर्षों और संगीत यात्रा को दर्शकों के सामने रखा।यह मंच प्रस्तुति एकल थी, जिसमें मालिनी अवस्थी ने गायन, अभिनय और निर्देशन की तीनों भूमिकाएं निभाईं। संगीत, प्रकाश व्यवस्था और लेखन ने इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाया, जिससे दर्शकों को एक विशेष अनुभव प्राप्त हुआ।
दुर्ग में दो लोगों से 1.47 लाख की ठगी:लोन और बिजली मीटर अपडेट के नाम पर, पोस्टर-APK लिंक से जालसाजी
दुर्ग जिले में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं, जिनमें कुल 1.47 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। अपराधियों ने लोन दिलाने और बिजली मीटर अपडेट करने के बहाने लोगों का भरोसा जीता और फिर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लिए। नेवई थाना पहला मामला नेवई थाना क्षेत्र की पूर्णिमा साहू से जुड़ा है, जो मजदूरी कर परिवार चलाती हैं और घर खरीदने के लिए लोन की तलाश में थीं। उन्हें अपने घर के पास लगे एक पोस्टर पर 'आसान लोन सुविधा' का विज्ञापन दिखा। पोस्टर पर दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने के तुरंत बाद, राम और संजय नाम के दो युवक एक घंटे के भीतर पूर्णिमा के घर पहुंच गए। उनकी बातों और आत्मविश्वास ने महिला का भरोसा जीत लिया। आरोपियों ने पूर्णिमा को 7 लाख रुपए तक का लोन दिलाने का झांसा दिया और इसके लिए आधार कार्ड व प्रॉपर्टी से जुड़े दस्तावेज मांगे। इसके बाद 'प्रोसेसिंग चार्ज' के नाम पर 6,500 रुपए नकद लिए गए। ठगों ने पूर्णिमा को अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाने के लिए कहा। सबसे पहले उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में खाता खुलवाया गया और चेकबुक दिलाई गई। कुछ समय बाद, हेमंत और एक अन्य युवक पूर्णिमा के घर पहुंचे और उनसे तीन ब्लैंक चेक लेकर चले गए। इसके बाद इक्विटस बैंक और इंडसइंड बैंक में भी उनके खाते खुलवाए गए। महिला को लगातार लोन की प्रक्रिया पूरी होने का भ्रम दिया जाता रहा, जबकि वास्तव में उसका आर्थिक शोषण जारी था। दूसरे मामले में, बिजली मीटर अपडेट के नाम पर एक युवक के बैंक खातों से 80,000 रुपए ठग लिए गए। QR कोड से 60 हजार ट्रांसफर, फिर गायब हुए ठग 2 मार्च 2026 को आरोपियों ने महिला को बताया कि लोन की फाइल तैयार हो गई है और अंतिम प्रक्रिया के लिए 60,000 रुपए जमा करने होंगे। गरीबी के बावजूद महिला ने उधार लेकर यह रकम एक QR कोड के जरिए ट्रांसफर कर दी, जो हेमंत गुप्ता के नाम से जुड़ा था। इसके बाद आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और लोन भी नहीं मिला। ब्लैंक चेक के जरिए अब धमकी जब महिला ने अपने पैसे और चेक वापस मांगे तो आरोपी बदतमीजी पर उतर आए। आरोप है कि वे ब्लैंक चेक को बैंक में लगाकर बाउंस कराने और कानूनी केस में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। साथ ही गाली-गलौज कर महिला और उसके परिचितों को डराया जा रहा है। पीड़िता की शिकायत पर, जिसमें लोन देने के नाम पर ठगी का आरोप लगाया गया था, नेवई थाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपियों राम, संजय और हेमंत के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया और तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में भूपेश भारती उर्फ राम उर्फ दुर्गेश (27 वर्ष, ग्राम छाटा हनुमान चौक, उतई, जिला दुर्ग), संजय जनबंधु (35 वर्ष, शारदापारा शीतला मंदिर के पास, कैंप 2, थाना छावनी, जिला दुर्ग) और हेमंत गुप्ता उर्फ किशन गुप्ता (28 वर्ष, भाठापारा रूआबांधा बस्ती, थाना भिलाई नगर) शामिल हैं। दूसरा मामला: APK लिंक से 80 हजार पार इसी तरह का एक और मामला छावनी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां प्रगति नगर निवासी गौतम यादव, जो ट्रांसपोर्टिंग का काम करते हैं, साइबर ठगी का शिकार हो गए। गौतम ने अपने घर में बिजली मीटर लगाने के लिए आवेदन दिया था। 8 अप्रैल 2026 को उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को बिजली विभाग का कर्मचारी बताया। “मीटर अपडेट” के नाम पर भेजा APK लिंक आरोपी ने गौतम को एक लिंक भेजा और कहा कि उसमें मोबाइल नंबर और बीपी नंबर डालकर 13 रुपए का भुगतान कर दें, जिससे उनका मीटर अपडेट हो जाएगा। व्हाट्सएप पर भेजी गई APK फाइल को जैसे ही गौतम ने खोला, उनके बैंक खातों से रकम कटनी शुरू हो गई। दो खातों से उड़े 80 हजार रुपए गौतम के आईडीबीआई बैंक खाते से 50,000 रुपए और एचडीएफसी बैंक खाते से 30,000 रुपए, कुल 80,000 रुपए निकाल लिए गए। जब उन्होंने आरोपी को फोन किया, तो मोबाइल नंबर बंद मिला। पुलिस ने दर्ज किए केस, जांच जारी दोनों मामलों में पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) सहित अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
मंडला जिले के नैनपुर में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर के आदेश पर राजस्व, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने वार्ड नंबर 7 के ग्राम इटका में करीब 70 एकड़ सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। प्रशासन के मुताबिक, इस कीमती जमीन पर करीब 17 लोगों ने लंबे समय से तार फेंसिंग कर रखी थी और वहां खेती कर रहे थे। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से फेंसिंग और अन्य सामान हटाकर नगर पालिका को सौंप दिया। मौके पर एसडीएम आशुतोष महादेव सिंह ठाकुर, तहसीलदार और थाना प्रभारी सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। बायोमास प्लांट के लिए आवंटित है जमीन यह 70 एकड़ भूमि नवीन और नवकरणीय ऊर्जा विभाग, भोपाल को आवंटित की जा चुकी है। यहां आने वाले समय में बायोमास प्लेट्स प्लांट लगाया जाएगा, जिससे कचरे और अपशिष्ट से ऊर्जा का उत्पादन होगा। सख्त चेतावनी और कार्रवाई प्रशासन ने जमीन खाली कराने के बाद वहां सरकारी सूचना बोर्ड लगा दिया है। साथ ही कब्जा करने वालों के खिलाफ बॉन्ड ओवर की कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है। एसडीएम ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
संयुक्त संघर्ष संचालन समिति (S-4) ने शुक्रवार को लखनऊ में अपनी 18 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर बड़ी संख्या में कर्मचारी और शिक्षक प्रेरणा स्थल, के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम के पास जुटे। यहां से मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा गया। सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने पुरानी पेंशन योजना का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2005 से पहले जारी विज्ञापनों के आधार पर नियुक्त शिक्षकों को अब तक पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिला है। उन्होंने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। लाखों शिक्षकों को राहत देने की अपील की महासचिव आर.के. निगम ने आरटीई एक्ट से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता को असंवैधानिक बताया। उन्होंने सरकार से अध्यादेश लाकर लाखों शिक्षकों को राहत देने की अपील की। सहसंयोजक कृतार्थ सिंह ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था समाप्त कर संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग रखी। 1 मई को श्रम दिवस पर आंदोलन की घोषणा उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने कोविड काल में बंद किए गए भत्तों को फिर से लागू करने की मांग की। जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने जोर दिया कि सरकार को कर्मचारियों और शिक्षकों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो 1 मई को श्रम दिवस पर राजधानी में एक बड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी। इस कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और विभागों के सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित रहे।
12वीं की छात्रा का शव फंदे से लटका मिला:तेजगढ़ में निजी डॉक्टर की बेटी थी, पुलिस ने मोबाइल जब्त किया
दमोह जिले के तेजगढ़ में शुक्रवार शाम 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा का शव घर में फंदे पर लटका मिला। छात्रा हाल ही में परीक्षा देकर दमोह से लौटी थी। पल्लवी के पिता निर्मल विश्वास पेशे से प्राइवेट डॉक्टर हैं। शुक्रवार को वह तेंदूखेड़ा में स्वास्थ्य विभाग की एक बैठक में शामिल होने गए थे। शाम को जब वह घर लौटे, तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी आवाज देने के बाद भी जब पल्लवी ने दरवाजा नहीं खोला, तो उन्हें अनहोनी का शक हुआ। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। बालकनी में फंदे से लटका मिला शव पुलिस टीम मौके पर पहुंची और छत के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुई। अंदर जाने पर देखा कि पल्लवी बालकनी में अपनी ही चुनरी के फंदे से लटकी हुई थी। बताया गया है कि पल्लवी की मां पिछले 15 दिनों से कोलकाता में अपनी बड़ी बेटी के पास गई हुई हैं, घर पर पिता-पुत्री ही थे। मोबाइल से खुल सकता है राज पल्लवी पढ़ाई में काफी होनहार थी और अभी उसके 12वीं के रिजल्ट का इंतजार था। पिता का कहना है कि सुसाइड की वजह उनके लिए एक रहस्य है। तेजगढ़ थाना प्रभारी अरविंद सिंह ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने पल्लवी का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है ताकि मौत के कारणों का पता चल सके। शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
धमतरी में 26 अतिक्रमण ध्वस्त:शासकीय भूमि पर बने अवैध निर्माणों पर चला प्रशासन का बुलडोजर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 26 अवैध अतिक्रमणों को ध्वस्त कर दिया। ये अतिक्रमण शासकीय भूमि पर लंबे समय से किए गए थे, जिनमें पक्के निर्माण और घेराबंदी शामिल थी। जिला प्रशासन द्वारा शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में यह कार्रवाई की गई। कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देश पर राजस्व, पंचायत और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम ने कुरूद विकासखंड के ग्राम कुल्हाड़ी में यह अभियान चलाया। टीम ने कुल 26 अवैध कब्जों को हटाया। प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर समझाइश दी थी। इसके परिणामस्वरूप, अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से अपने अतिक्रमण हटाकर सहयोग किया। यही वजह रही कि पूरी कार्रवाई बिना किसी विवाद या तनाव के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सकी। जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर उसे आमजन के उपयोग के लिए सुरक्षित रखना और गांवों में सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजगढ़ शहर के पुराने कलेक्ट्रेट भवन में शुक्रवार रात अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि उसकी लपटें दूर-दूर तक दिखाई दे रही थीं। आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जुट गए और प्रशासन व दमकल विभाग को जानकारी दी। सूचना मिलते ही राजगढ़ से दो दमकल वाहन मौके पर पहुंचे, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए खिलचीपुर, खुजनेर और ब्यावरा से भी दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा। आग की लपटों के कारण पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसपी-एसडीएम मौके पर पहुंचेघटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, एसडीएम निधि भारद्वाज, नगर पालिका अध्यक्ष सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया। दमकल कर्मियों ने लगातार मशक्कत कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। इस दौरान शहर के कई युवाओं ने भी आगे आकर दमकल टीम की मदद की और आग बुझाने में सहयोग किया। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका, लेकिन तब तक भवन में रखा वर्षों पुराना महत्वपूर्ण रिकॉर्ड जलकर खाक हो चुका था। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। देखिए आग की चार तस्वीरें…
कोरबा में एनटीपीसी परियोजना के ठेका श्रमिकों ने वेतन मांगने पर मिल रही धमकियों और काम से हटाए जाने के खिलाफ दर्री थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में श्रमिक थाने पहुंचे और ठेका कंपनियों पर आर्थिक शोषण का आरोप लगाया। शिकायत करने वाले श्रमिकों में एसईपीएल, नवरूप इंडिया, बेगिन, केसीपीएल और आरवीपीआर जैसी कंपनियों से जुड़े मजदूर शामिल हैं। ये श्रमिक एनटीपीसी के बिजली घर से संबंधित विभिन्न कार्यों में नियोजित हैं। श्रमिकों का आरोप- तय वेतन नहीं दे रही ठेका कंपनियां श्रमिकों ने आरोप लगाया कि ठेका कंपनियां उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दे रही हैं। कंपनियों का कहना है कि कोरबा जोन 'सी' कैटेगरी में आता है, इसलिए उन्हें दी जा रही राशि ही अंतिम है। हालांकि, श्रमिकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कोरबा जोन 'बी' कैटेगरी में आता है और उन्हें नियमानुसार 'बी' कैटेगरी के वेतनमान का लाभ मिलना चाहिए। 'बी' कैटेगरी के वेतन की मांग पर दी जाती है धमकी श्रमिकों ने बताया कि जब वे 'बी' कैटेगरी के वेतन की मांग करते हैं, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है या नोटिस थमा दिया जाता है। कई मामलों में कंपनियों ने कर्मियों को काम से हटा भी दिया है, ताकि अन्य श्रमिक शिकायत या प्रदर्शन करने से डरें। मजदूरों ने पुलिस को यह भी बताया कि नोटिस देने के बाद उनसे कहा जाता है कि उन्हें हटाकर कम दरों पर अन्य श्रमिकों को काम पर रख लिया जाएगा। दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने पुष्टि की कि श्रमिकों ने इस संबंध में एक पत्र दिया है, जिसे संज्ञान में लिया जाएगा।
सिवनी जिले के धूमा थाना क्षेत्र के बंधा गांव में गुरुवार रात एक युवती ने जहर का सेवन कर लिया, जिसकी शुक्रवार दोपहर उपचार के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और वे शव लेकर सीधे धूमा थाना पहुंच गए, जहां उन्होंने एक युवक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, युवती ने प्रेम प्रसंग से परेशान होकर जहरीले पदार्थ का सेवन किया था। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जबलपुर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान शुक्रवार दोपहर युवती की मौत हो गई। मृत्यु के बाद पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद आक्रोशित परिजन और कुछ ग्रामीण शव लेकर धूमा थाना पहुंचे। उन्होंने आरोपी युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। परिजनों का आरोप है कि युवती ने मरने से पहले अपने प्रेमी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी थी, लेकिन पुलिस उस आधार पर तत्काल कार्रवाई नहीं कर रही है। स्थिति को देखते हुए थाना परिसर में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया था। थाना प्रभारी डोमन सिंह मरावी ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए जबलपुर के गढ़ा थाना से केस डायरी और जांच रिपोर्ट मंगाई जा रही है। इसी के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी ने यह भी स्पष्ट किया कि घटना की सूचना पहले स्थानीय स्तर पर नहीं दी गई थी। परिजन सीधे जबलपुर से एम्बुलेंस के माध्यम से शव लेकर थाने पहुंचे थे। पुलिस ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। पुलिस के आश्वासन के बाद परिजन वापस लौट गए और युवती का अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
कोंडागांव जिले के कोंगेरा गांव में देवगुड़ी निर्माण के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। गुरुवार शाम सेंट्रिंग हटाते समय छत ढहने से मलबे में दबकर एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, छत की ढलाई के कुछ समय बाद नीचे लगी सेंट्रिंग हटाई जा रही थी। इसी दौरान पूरी संरचना अचानक गिर गई। मृतक की पहचान ग्राम अरण्डी निवासी लगभग 40 वर्षीय दुर्योधन सिंह ठाकुर के रूप में हुई है। वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। सूचना मिलने पर कोंडागांव पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने निर्माण कार्य में लापरवाही की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। पुलिस प्रारंभिक तौर पर तकनीकी त्रुटि या अन्य संभावित कारणों की जांच कर रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही थी। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदार व्यक्तियों का पता चल पाएगा।
शाजापुर के सुनेरा थाना क्षेत्र में मोलटा जोड़ पर शुक्रवार रात दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत हो गई। इस हादसे में दो महिलाओं समेत कुल चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें डायल 112 की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नारायणगढ़ के रहने वाले मंगल पंवार अपने पिता पप्पूलाल, पत्नी रामकन्या और बहन संगीता के साथ पनवाड़ी बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में सामने से आ रही एक दूसरी बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि मंगल की पत्नी और बहन सड़क पर गिरकर बुरी तरह चोटिल हो गईं। नशे में था दूसरी बाइक का चालक दूसरी बाइक राजगढ़ जिले के रामपुरिया निवासी अजय वर्मा चला रहा था, उसे भी इस हादसे में गंभीर चोटें आई हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टर क्षितिज ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि अजय वर्मा शराब के नशे में था। फिलहाल अस्पताल में चारों घायलों का इलाज चल रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
राजनांदगांव में विश्व नवकार मंत्र दिवस के अवसर पर एक सामूहिक नवकार महामंत्र जाप का आयोजन किया गया। सकल जैन श्री संघ के तत्वाधान में JLW (जीतो लेडीज विंग) और JBN (जीतो बिजनेस नेटवर्क) के संयुक्त सहयोग से यह कार्यक्रम हुआ। स्थानीय श्री पार्श्वनाथ जैन बगीचा में गुरुवार सुबह 8:15 बजे 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने एक साथ 'णमोकार महामंत्र' का जाप किया। सफेद वस्त्रों में सजे नर-नारियों और बच्चों सहित अन्य समाजों के लोगों ने भी इस आयोजन में भाग लिया। इस आयोजन में जैन समाज के सभी पंथों और वर्गों के अनुयायियों ने हिस्सा लिया, जिसे समाज की एकता का प्रतीक बताया गया। शहर के अनेक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की, जिससे बच्चों में आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ी। इस अवसर पर जिला प्रशासन और समाज के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इनमें जिला कलेक्टर जितेंद्र यादव, एडमिनिस्ट्रेटर कलेक्टर शीतल जी, आयुक्त अतुल विश्कर्मा, सकल जैन श्रीसंघ के अध्यक्ष विनय दद्दा, पूर्व महापौर नरेश डाकलिया और वरिष्ठ भाजपा नेता खूबचंद पारख शामिल थे। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बावजूद जाप केंद्र में पूर्ण अनुशासन देखा गया। भगवान महावीर के संदेश को JITO के माध्यम से लोगों को बताया गया, जिससे सभी को उनके सिद्धांतों और संदेशों को याद करने और आत्मचिंतन करने की प्रेरणा मिली। कार्यक्रम के अंत में सभी लोगों ने मिलकर विश्व शांति, मानव कल्याण और आपसी भाईचारे के लिए प्रार्थना की। आयोजन समिति, JITO परिवार और श्री जैन सकल संघ के पदाधिकारियों ने इस आयोजन की सफलता का श्रेय समाज के सभी सदस्यों और विद्यार्थियों को दिया। श्रद्धालुओं के उत्साह ने इस आयोजन को राजनांदगांव की धार्मिक चेतना के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बना दिया।
पन्ना जिले में एक 19 साल के लड़के के साथ गलत काम करने और फिर वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ लिया है, जिनमें से मुख्य आरोपी सोहिल खान का शहर में जुलूस भी निकाला गया। वहीं दूसरे आरोपी नाबालिग लड़के को बाल सुधार गृह भेजा गया है। पीड़ित युवक ने बताया कि 5 अप्रैल को आरोपियों ने उसे फोन करके बस स्टैंड के पास एक लॉज में मिलने बुलाया। वहां उन्होंने उसे जबरदस्ती शराब पिलाई, जिससे वह होश खो बैठा। इसी का फायदा उठाकर दो लड़कों ने उसके साथ अप्राकृतिक कृत्य (गलत काम) किया, जबकि उनका एक तीसरा साथी मोबाइल से पूरी घटना का वीडियो बनाता रहा। वीडियो वायरल करने की धमकी और वसूली होश में आने पर आरोपियों ने युवक को डराया कि अगर उसने 30 हजार रुपए नहीं दिए, तो वे उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डाल देंगे और उसे जान से मार देंगे। डरे हुए युवक ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को सब कुछ बता दिया, जिसके बाद परिवार ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज किया और शुक्रवार 10 अप्रैल को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एडिशनल एसपी वंदना सिंह चौहान ने बताया कि तीसरा आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। उसे भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
रतलाम में शुक्रवार को हुए नगर पालिका निगम के बजट सम्मेलन में वर्ष 2026-27 का आय-व्यय पत्रक (बजट) शुक्रवार को बहुमत से पारित कर दिया। सुबह से लेकर शाम तक चले सम्मेलन में विपक्ष ने भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए। शाम को जब महापौर प्रहलाद पटेल के भाषण की बारी आई तो विपक्षी कांग्रेस पार्षदों ने सदन का वॉक आउट कर दिया। महापौर ने कांग्रेस पार्षदों का कहा बिना बात सुने कहां जा रहे हो, लेकिन फिर भी विपक्षी नहीं रुके। महापौर ने अपने भाषण में कहा कि इन्हें सिर्फ हंगामा करना आता है। जनता और नगर विकास से इन्हें कोई लेना देना नहीं है। ऐसे में इन्होंने विरोध प्रदर्शन किया या धरना दिया तो सत्ता पक्ष वाले तो लट्ठ पड़वाते हैं। मैं भी जाट हूं, ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि झूठे आरोप हम सहन नहीं करेंगे। नगर विकास में जो भी रुकावट या बाधा पहुंचाएगा उससे निपटना भी आता है। मैं जाट हूं, ध्यान रखें। जनता ने हमे चुना है तो हम जनता के लिए काम कर रहे हैं। महापौर ने विपक्षी दल के पार्षदों के बिना बात सुने जाने को लेकर दुर्भाग्य पूर्ण बताया। इंदिरा गांधी का पत्र दिखायामहापौर पटेल ने सभी पार्षदों को 20 मई 1980 में पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी द्वारा पंडित बखले को लिखा एक पत्र भी वितरित किया, जिसमें स्व. गांधी ने उल्लेख किया है कि वीर सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार के खिलाफ दिखाया साहसिक प्रतिरोध हमारी स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा को अपना महत्वपूर्ण योगदान रखता है। इस महान भारत पुत्र की जन्म शताब्दी मनाने की आपकी योजना की सफलता के लिए शुभकामनाए देती हूं। महापौर ने कहां कि मंगलवार को जो कांग्रेसी वीर सावरकरजी को देशद्रोही कह रहे थे, वो इस पत्र को पढ़कर जाने और समझे कि जिन इंदिरा जी के नाम ये रोजी रोटी चला रहे हैं, उन्हीं महान इंदिरा जी ने वीर सावरकरजी को भारत का महान पुत्र बताया था। बिना देखे लगा रहे आरोपमहापौर ने यह भी कहा कि मैंने किन परिस्थितियों में चुनाव लड़ा है। जनता ने चुना है तो जनता का काम कर रहे हैं। इन लोगों ने किताब (आय-व्यय बजट पत्रक) खोल कर नहीं दिखी और आरोप प्रत्यारोप कर रहे हैं। बाद में पक्ष के पार्षदों ने बजट पेश करने का प्रस्ताव रखा। सभी मेज थपथपाकर बजट को पेश कर दिया। विपक्ष ने महापौर व एमआईसी को घेराविपक्षी पार्षदों ने महापौर समेत एमआईसी सदस्यों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। विपक्ष के नेता पार्षद शांतिलाल वर्मा ने महापौर व एमआईसी सदस्यों को घेरा। वर्मा ने कहा कि शहर में कई वार्डों में सड़के नहीं है। गंगासागर कॉलोनी में 5 करोड़ खर्च कर रोड बनाई जा रही है। वहां पर किसे फायदा पहुंचाया जा रहा है। हम न्यायालय की शरण में जाएंगे। धरना प्रदर्शन करेंगे। जब आखरी में महापौर के भाषण की बारी आई तो सभी कांग्रेसी पार्षद सदन छोड़ कर चले गए। तभी महापौर ने उक्त बातों को अपने भाषण में कहा। इसके पहले कई विपक्षी दलों के पार्षदों ने कांग्रेस पार्षद मोहम्मद सलीम बागवान पर वीर सावरकर जी को लेकर की गई टिप्पणी पर एफआईआर को लेकर भी आपत्ति जताई। सम्मलेन सुबह 11 बजे से शुरू हुआ जो शाम 6.30 बजे तक चला। पक्ष-विपक्ष के पार्षदों ने अपनी-अपनी बात व वार्डों की समस्याएं रखी। सम्मेलन में हंगामे की संभावना के चलते पुलिस बल भी तैनात रहा।
मेरठ में एक पिता अपनी टीचर बेटी की लाश के साथ 5 महीने तक घर में रहा। लाश बुरी तरह से सड़ चुकी थी। मगर बेटी के साथ रहने की जिद में पिता उससे अलग नहीं होना चाहता था। वह लाश की बदबू छिपाने के उस पर परफ्यूम स्प्रे करता रहा। लड़की की पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी। सिर्फ पैर ही बचा था। घटना का पता उस समय चला जब घर पर रिश्तेदार पहुंचे। इसके बाद कॉल करके पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के एक कमरे से लाश बरामद की। बॉडी की हालत इतनी बद से बदतर हो चुकी थी कि रिश्तेदार से लेकर पुलिस वाले और पड़ोसी इसे देख नहीं पा रहे थे। पूरा मामला सदर बाजार के तेली मोहल्ले का है। मौके की 3 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला विस्तार सेमूलरूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास सदर के तेली मोहल्ले में रहते हैं। शुक्रवार देर शाम कुछ रिश्तेदार उदय भानु के घर पहुंचे। रिश्तेदारों ने घर में जैसे ही एंट्री की तो वहां उठ रही दुर्गंध ने सभी दूर भाग खड़े हुए। अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में सड़ा हुआ युवती का शव मिला। कम्प्यूटर टीचर थी प्रियंकारिश्तेदारों ने घर में रहने वाले उदय भानु बिस्वास को पकड़ लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि लाश किसी और का नहीं बल्कि उदय भानु की बेटी प्रियंका बिस्वास की थी, जिसकी करीब 5 महीने पहले मौत हो चुकी थी। प्रियंका बिस्वास प्राइवेट टीचर थी। वह कम्प्यूटर सब्जेक्ट पढ़ाती थी। पिता उदय भानु बिस्वास लोगों से बताता था कि वह देहरादून में काम करता है। बेटी भी वही रहती थी। 5 महीने पहले मर चुकी थी प्रियंका रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि प्रियंका की मौत करीब पांच महीने पहले हो चुकी थी। उसके पिता उदय भानु ने किसी को पता नहीं चलने दिया। बेटी के शव को घर के अंदर ही रखा। रिश्तेदार जब अंदर पहुंचे तो देखा कि युवती का शव कंकाल में बदला हुआ है। केवल पैर ही दिखाई दे रहा है। 2013 में पत्नी ने किया था सुसाइड इस पूरी घटना के पीछे की वजह प्रियंका की मां शर्मिष्ठा की मौत भी सामने आ रही है। 2013 में भानु बिस्वास बनारस में यूपी बोर्ड ऑफिस में तैनात थे। वह घर नहीं आ पाते थे, जिसको लेकर पत्नी शर्मिष्ठा नाराज रहती थी। उसी दौरान शर्मिष्ठा ने मेरठ के घर में फांसी लगा ली। इसके बाद प्रियंका सदमे में आ गई। वह एकदम शांत रहने लगी थी। 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा गया प्रियंका के चचेरे भाई बिस्वजीत कुमार विश्वास ने बताया- उन्होंने अपने चाचा उदय भानु विश्वास को 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा था। उसके बाद न तो प्रियंका दिखी और न ही चाचा। एक दिन फोन कर पूछताछ करने का प्रयास किया तो फोन कट गया। थोड़ी देर बाद चाचा ने खुद नए नंबर से फोन मिलाया। उन्होंने बताया कि वह देहरादून में है। प्रियंका के बारे में पूछने पर बताया कि वह बीमार है। देहरादून के अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। बिस्वजीत ने बताया- वह काफी समय से इस परिवार को ढूंढ रहे थे। शुक्रवार शाम किसी ने उन्हें फोन करके बताया कि उदय भानु को बेगमबाग के कॉर्नर पर बनी चाय की दुकान पर देखा गया है। इसके बाद बिस्वजीत अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर दुकान पर पहुंचे और चाचा को पकड़ लिया। घर के भीतर लगा कूड़े का ढेर बिस्वजीत विश्वास ने बताया- उन्हें चाचा उदय भानु की बातों पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों को वहां बुला लिया। इसके बाद सभी उदय भानु को पकड़कर उनके घर पर ले आए। यहां सख्ती करने के बाद उन्होंने सच कबूल दिया। उन्होंने जैसे ही बताया कि बेटी की लाश घर के अंदर है तो सब हैरान रह गए। रिश्तेदारों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उदय भानु को लेकर घर में एंट्री की तो हैरान रह गई। घर के अंदर कूड़े का ढेर लगा हुआ था। बेड पर प्रियंका का शव तो पड़ा था, लेकिन वह कंकाल बन चुका था। इस बात की खबर मिलते ही पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भिजवाया। पीलिया से हुई प्रियंका की मौतपुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भानु बिस्वास घर के अंदर ही रह रहा था। वह दुर्गंध को छिपाए रखने के लिए परफ्यूम का यूज करता था। उसके घर से परफ्यूम की काफी बोतले भी मिली हैं। पुलिस ने उदय भानु से पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लेकर सदर बाजार थाने भेज दिया। उदय भानु ने पुलिस को बताया कि प्रियंका को काला पीलिया हो गया था। वह उसकी झाड़-फूंक कराते थे। लेकिन सेहत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। 2 महीने तक वह उसके साथ रहे। इसके बाद वह देहरादून चले गए। देहरादून से कुछ समय पहले ही वापस आए थे। उस वक्त भी प्रियंका के शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले मथुरा के वृंदावन में 30 पर्यटकों से भरी प्राइवेट नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-बेटी शामिल हैं। नाव में सवार सभी पर्यटक बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे और पंजाब से घूमने आए थे। पढ़ें पूरी खबर…
मऊगंज जिले में नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के एक पुराने मामले में फरार चल रहे आरोपी राजू उर्फ नृपेंद्र सिंह परिहार पर 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है। पहले इनाम की राशि 10 हजार रुपए थी। पिछले साल कोर्ट ने आरोपी की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे, तभी से आरोपी फरार है। लौर थाने में आरोपी राजू (निवासी खुझवा) के खिलाफ अपहरण और बलात्कार जैसी धाराओं में केस दर्ज है। ये है पूरा मामला यह घटना 26 अगस्त 2005 की है, जब एक 17 साल की लड़की लापता हो गई थी। करीब 15 दिन बाद जब वह मिली, तो जांच में पता चला कि उसका अपहरण कर उसके साथ गलत काम किया गया था। इस मामले में पुलिस ने कुल पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी, जिनमें से राजू फरार चल रहा है। एक महीने ही एक आरोपी ने सरेंडर कर दिया था और बाकी के तीन आरोपियों की मौत हो चुकी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी की पहचान बताने वाले नाम और अन्य जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। फिलहाल पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
उज्जैन के नानाखेड़ा क्षेत्र में एक होटल में युवक-युवती के मिलने के बाद विवाद हो गया। हिंदू जागरण मंच ने होटल पर नियमों की अनदेखी और युवक के आपराधिक पृष्ठभूमि के आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुक्रवार को नानाखेड़ा थाना क्षेत्र के कलापत्थर इलाके स्थित एक होटल में यह घटना हुई। हिंदू जागरण मंच के महानगर संयोजक रितेश माहेश्वरी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और होटल रजिस्टर की जांच की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ मिलकर कमरे के बाहर युवक से बात की। युवक ने बताया कि वह अपनी दोस्त के साथ उज्जैन आया है और वे एक-दूसरे को जानते हैं। इसके बाद पुलिस युवक को अपने साथ ले गई। हिंदू जागरण मंच के अर्जुन सिंह भदोरिया के अनुसार, युवक की पहचान रायपुर निवासी सोहेल शेख के रूप में हुई है। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि युवक-युवती को पहले शहर के चार-पांच होटलों में कमरा नहीं मिला, यहां तक कि ऑनलाइन बुकिंग भी नहीं हो पाई थी। इसके बाद एक होटल संचालक ने करीब 5 हजार रुपए लेकर उन्हें कमरा उपलब्ध कराया। संगठन ने यह भी दावा किया कि युवती के परिजनों को उसकी लोकेशन और साथ मौजूद व्यक्ति की जानकारी नहीं थी। इसके अतिरिक्त, युवक पर रायपुर में पहले से गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, पुलिस ने इन दावों की अभी तक पुष्टि नहीं की है। हिंदू जागरण मंच के एक पदाधिकारी ने बताया कि मामला संदेहास्पद लगने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। उन्होंने होटल पर आरोप लगाते हुए कहा कि पर्याप्त जानकारी और दस्तावेजों की जांच किए बिना कमरा देना नियमों के खिलाफ है और इससे शहर की छवि प्रभावित होती है। फिलहाल, नानाखेड़ा थाना पुलिस ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में बेटी के जन्म पर एक पिता ने अनोखी खुशी का इजहार किया है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन बेटी के आगमन को सौभाग्य मानते हुए, पिता ननकू महाराज ने एक सप्ताह तक ग्राहकों के लिए मुफ्त कार वॉशिंग सेवा की घोषणा की है। उन्होंने शहर भर में पोस्टर लगाकर इस खुशी को साझा किया है। ननकू महाराज, जो धमतरी जिले के बठेना वार्ड निवासी हैं और सोरिद डिपोपारा में 'महालक्ष्मी गैरेज एवं कार वॉशिंग' के मालिक हैं, ने अपनी नवजात बेटी के स्वागत में यह पहल की है। उन्होंने विशेष पोस्टर बनवाए हैं, जिन पर नन्ही बच्ची के पगचिन्ह भी छपवाए गए हैं। इन पोस्टरों को शहर के विभिन्न स्थानों पर लगाया गया है। ननकू महाराज ने बेटी के जन्म को बताया सौभाग्य ननकू महाराज ने अपनी दुकान में मंत्रोच्चार के साथ पोस्टर की पूजा-अर्चना की और वहां मौजूद सभी लोगों का मुंह मीठा करवाया। उनका कहना है कि उन्हें माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है। उन्होंने 2 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव के दिन अपनी बेटी के जन्म को घर में लक्ष्मी का आगमन बताया। ननकू महाराज के परिवार में उनके अलावा दो भाई और माता-पिता हैं, लेकिन उनकी कोई बहन नहीं है। पिछले माह मार्च में उनके बड़े भाई के घर भी बेटी का जन्म हुआ था। ननकू महाराज का मानना है कि बेटी का होना सौभाग्य की बात है और वे इस उत्सव को ग्राहकों के साथ उपहार के रूप में बांट रहे हैं। उनकी दुकान पर अपनी गाड़ी बनवाने आए कुंदनसिंग ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ननकू महाराज की पुत्री होने की खुशी में ग्राहकों को मुफ्त कार वॉशिंग सेवा देना एक अच्छा कदम है। कुंदनसिंग के अनुसार, घर में बेटी का होना सौभाग्य की बात है और ननकू की यह पहल समाज में एक सकारात्मक संदेश देगी।
ग्वालियर में भोला सिकरवार हत्याकांड के फरार एक आरोपी को हजीरा थाना पुलिस ने उस समय गिरफ्तार कर लिया, जब वह चोरी-छिपे अपने घर आ रहा था। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि तीन आरोपी अब भी फरार हैं। हजीरा क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को लेकर इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर के अनुसार, 10 माह पहले हुई इस वारदात में फरार दिव्यांशु पुत्र सत्येंद्र सिंह भदौरिया के घर आने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की और जैसे ही वह चौहान क्रेन के पास पहुंचा, उसे दबोच लिया। आरोपी कुछ समय तक समझ ही नहीं पाया कि क्या हुआ। उसे थाने लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी, लेकिन वह हर बार बच निकलता था। इस बार सटीक सूचना के आधार पर गिरफ्तारी संभव हो सकी। गैंगवार में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की हुई थी हत्या 2 जून 2025 को हजीरा के बिरला नगर इलाके में हिस्ट्रीशीटर भोला सिकरवार की उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हमले में उसका एक साथी घायल हुआ था। जांच में सामने आया कि गैंगस्टर बंटी भदौरिया और भोला पहले दोस्त थे और साथ मिलकर अवैध शराब का कारोबार करते थे, लेकिन बाद में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। पिछले छह वर्षों में दोनों गुटों के बीच कई बार फायरिंग और हमले हो चुके हैं। अब तक 10 आरोपी गिरफ्तारसीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के मुताबिक, इस मामले में बंटी भदौरिया समेत 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब भी तीन आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पकड़े गए आरोपी से पूछताछ में अन्य फरार आरोपियों का सुराग मिल जाएगा।
बलरामपुर जिले के ग्राम रातासिली में एक बेटे ने अपने पिता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपी प्रदीप खलखो ने अपने पिता लल्लू खलखो को टमाटर के खेत की देखरेख न करने और शराब पीने को लेकर हुए विवाद में मार डाला। पुलिस ने आरोपी बेटे को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। यह घटना सोमवार देर शाम की है। पुलिस के अनुसार, प्रदीप ने पहले अपने पिता लल्लू को धक्का दिया, जिससे वे जमीन पर गिर गए। इसके बाद उसने लात-घूंसों और डंडे से लल्लू की पिटाई की। पिता के बेहोश होने पर प्रदीप उन्हें घर के अंदर ले गया और सुला दिया, जिसके कुछ देर बाद उनकी मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि मंगलवार को सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम किया। मौत संदेहास्पद होने के कारण अंबिकापुर से एफएसएल टीम बुलाई गई। बुधवार को एफएसएल टीम की मौजूदगी में शव का पंचनामा तैयार किया गया और पोस्टमार्टम कराया गया। डॉक्टरों ने शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि की। टमाटर फसल खराब होने पर मार डाला पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर संदेही बेटे प्रदीप खलखो को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में प्रदीप ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसने गांव में टमाटर की खेती के लिए पौधे लगाए थे और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी पिता लल्लू को दी थी। लेकिन, पिता शराब पीकर खेत का ध्यान नहीं रखते थे, जिससे मवेशियों ने टमाटर की फसल खराब कर दी। प्रदीप ने यह भी बताया कि इससे पहले भी उसने चने की फसल लगाई थी और पिता को देखरेख के लिए कहा था। उस समय भी पिता की लापरवाही के कारण चने की फसल को मवेशियों ने खा लिया था। बार-बार फसल के नुकसान से गुस्सा होकर प्रदीप ने पिता के साथ मारपीट की, जिससे उनकी मौत हो गई।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर सरकारी जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ शुक्रवार को प्रशासन ने अभियान चलाया। दशहरा मैदान के समीप की गई तार फेंसिंग और गाड़े गए खंभों को दो जेसीबी की मदद से उखाड़ दिया गया। इसके बाद प्रशासनिक अमला सीधे झालावाड़ नाके और नेशनल हाइवे-52 पर पहुंचा, जहां करीब डेढ़ दर्जन दुकानों सहित कई गुमटियों और अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की गई। दरअसल, 5 अप्रैल की रात खिलचीपुर के दशहरा मैदान के समीप स्थित जमीन पर रातों-रात गड्ढे खोदकर पोल गाड़ दिए गए थे और तार फेंसिंग कर जमीन को घेरने का प्रयास किया गया था। मामला सामने आने के बाद उसी दिन एसडीएम अंकिता जैन ने टीम भेजकर मौके का निरीक्षण करवाया था, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। भाजपा नेताओं ने धरने की चेतावनी दी थीइसके बाद गुरुवार को तहसीलदार अनिल शर्मा और राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और फेंसिंग करने वाले इमरान को कब्जा हटाने की हिदायत दी थी। इसके बावजूद शुक्रवार दोपहर तक न तो कब्जाधारी ने फेंसिंग हटाई और न ही मैदान खाली किया। इसी बीच शुक्रवार को भाजपा जिला महामंत्री देवीसिंह सौंधिया, मंडल अध्यक्ष बद्रीलाल दांगी, पूर्व जिलाध्यक्ष दीपक शर्मा और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष संजय जायसवाल तहसीलदार के पास पहुंचे और दशहरा मैदान की शासकीय भूमि से कब्जा हटाने की मांग की। नेताओं ने कहा कि यहां दशहरे के दौरान हजारों लोग वाहन पार्क करते हैं, ऐसे में इस जमीन पर कब्जा होना गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो धरना दिया जाएगा। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में कार्रवाईनेताओं की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार अनिल शर्मा ने टीआई उमाशंकर मुकाती को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस बल के साथ नगर पालिका की दो जेसीबी मौके पर पहुंची। एसडीओपी धर्मराज नागर, सीएमओ देवनारायण दांगी और पुलिस-राजस्व अमले की मौजूदगी में दशहरा मैदान पर लगी तार फेंसिंग और खंभों को उखाड़ दिया गया। दशहरा मैदान से कार्रवाई के बाद प्रशासनिक टीम सीधे झालावाड़ नाके पहुंची। यहां पहले से चेतावनी देने के बावजूद लोगों ने नालियों और सड़क किनारे तक कब्जे कर रखे थे। प्रशासन ने करीब डेढ़ दर्जन दुकानों के सामने किए गए अतिक्रमण हटवाए और आगे से कब्जा न करने की सख्त हिदायत दी। सड़क किनारे रखी गुमठियों को हटायाइसके बाद टीम सोमवारिया स्थित नेशनल हाईवे-52 पर पहुंची। यहां टीआई उमाशंकर मुकाती की मौजूदगी में जेसीबी से सड़क किनारे रखी आठ से अधिक गुमटियों को हटाया गया। कुछ गुमटियों को जेसीबी से उठाकर गड्ढे में डाल दिया गया। वहीं शराब ठेके के पास संचालित एक अवैध अहाते को भी तोड़ने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों में हड़कंप की स्थिति बन गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आगे भी शासकीय भूमि और सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र में एक स्कार्पियो ड्राइवर ने शराब के नशे में धुत होकर तेज रफ्तार से वाहन चलाया। मानिकपुर कॉलोनी स्थित जीएम ऑफिस के पास अचानक वाहन रोकने से बाइक सवार उससे टकरा गए। सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पुलिसकर्मियों ने जब स्कार्पियो ड्राइवर से पूछताछ की, तो वह शराब के नशे में था। उसने खुद को आबकारी विभाग का कर्मचारी बताया और पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने लगा। जब पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने पर कार्रवाई की बात कही, तो ड्राइवर ने बहस शुरू कर दी। ‘छत्तीसगढ़ शासन’ लिखी स्कॉर्पियो जब्त, ड्राइवर पर कार्रवाई शुरू इस मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद तत्काल स्कार्पियो वाहन जब्त कर चालक के खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू की गई। वाहन पर 'छत्तीसगढ़ शासन' लिखा हुआ था, जिससे यह प्रतीत होता है कि गाड़ी किसी सरकारी विभाग में अटैच है। स्कार्पियो ड्राइवर की पहचान मानिकपुर निवासी आकाश यादव, पिता लाल यादव के रूप में हुई है। मानिकपुर चौकी पुलिस ने अल्कोहलिक मीटर से जांच की, जिसमें ड्राइवर के शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि ड्राइवर शराब के नशे में था, जिसके खिलाफ धारा 185 के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही, उस पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है।
झाबुआ जिले के बामनिया रेलवे स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत खवासा रोड पर शुक्रवार को एक अज्ञात युवक अचेत अवस्था में पाया गया। सूचना मिलने पर बामनिया चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर युवक को उपचार के लिए शासकीय अस्पताल पेटलावद में भर्ती कराया है। स्काई ब्लू कपड़ों में पेड़ के पास मिला युवक बामनिया चौकी प्रभारी हीरालाल मालीवाड़ ने बताया कि युवक नीम के पेड़ के पास बेसुध पड़ा था। उसने स्काई ब्लू रंग की शर्ट और पैंट पहनी हुई है। पुलिस ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर पेटलावद टीआई निर्भय सिंह भूरिया ने बताया कि युवक की अभी तक पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस सोशल मीडिया के माध्यम से शिनाख्त के प्रयास कर रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि युवक के बारे में जानकारी होने पर थाना पेटलावद के नंबर 7587616944 या बामनिया चौकी के नंबर 8085455059 पर सूचित करें।
कानपुर में स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता प्रर्थना पत्र देने के लिए थाने पहुंच गए। उनका आरोप है कि बिल जमा होने के बाद भी बिजली चली जाती है। बर्रा थाना क्षेत्र के विश्वबैंक E-ब्लॉक के उपभोक्ताओं ने शुक्रवार को स्मार्ट मीटर की तकनीकी खामियों को लेकर जनता के साथ सपा नेता अर्पित यादव भी पहुंच गए। नाराज उपभोक्ता बर्रा थाने पहुंचे और जीनियस कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। उपभोक्ताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर रिचार्ज कराने के बावजूद माइनस बैलेंस दिखा रहा है, जिससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने कहा कि मीटर की खामियों के कारण उन्हें बार-बार रिचार्ज करना पड़ रहा है, जबकि वास्तविक खपत उससे कम है। उन्होंने स्मार्ट मीटर हटाकर पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग की।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे और उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की। वहीं पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
सागर के नरयावली थाना क्षेत्र के जरुआखेड़ा के पास शुक्रवार शाम मोड़ पर कथित दुर्घटना में बाइक सवार युवती की संदिग्ध मौत हो गई। युवक को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। घटनाक्रम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां युवती को मृत घोषित कर दिया गया। घटना की जानकारी मिलते ही युवती के परिजन और परिचित अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने हंगामा करते हुए युवक पर युवती को ब्लैकमेल करने और हत्या करने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्रवाई करने की मांग की। रेलिंग से टकरा गई थी बाइकजानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम वर्ग विशेष का युवक और 22 वर्षीय युवती बाइक पर सवार होकर जरुआखेड़ा की ओर जा रहे थे। तभी उनकी बाइक अनियंत्रित हुई और पुल की रेलिंग से टकरा गई। घटना में सिर में गंभीर चोट लगने से युवती की मौत हो गई, लेकिन युवक को कोई चोट नहीं आई। अस्पताल पहुंचे मृतका के परिजन ने बताया कि युवती की 21 अप्रैल को शादी होने वाली थी। परिवार के सदस्य रिश्तेदारों में कार्ड बांटने गए थे। तभी पता चला कि युवती का एक्सीडेंट हो गया है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि उक्त युवक मृतका को परेशान कर रहा था। उसने ब्लैकमेल कर उसे मिलने के लिए बुलाया होगा। हो सकता है कि वह उसे भगाकर ले जा रहा हो। मामले में उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है। मामला दर्ज कर पुलिस जांच कर रही घटनाक्रम सामने आते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। अस्पताल में परिजन को समझाइश देकर शांत कराया गया। युवक को पुलिस अपने साथ ले गई है। जहां उससे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। घटनाक्रम की सूचना हिंदू नेता भी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने युवती की मौत को संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की मांग की। हालांकि पुलिस मामले में जांच कर रही है। कल (शनिवार) शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। नरयावली थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह जोहरिया ने बताया कि सड़क दुर्घटना में युवती की मौत हुई है। मौके पर जाकर जांच की है, जहां सामने आया कि बाइक पुल की रेलिंग से टकराई थी। घटना में युवती के सिर में गंभीर चोट लगी थी। हालांकि मामला दर्ज कर घटना के सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में रेलवे से रिटायर्ड ससुर ने दहेज की मांग को लेकर बहू को घर से सड़क तक घसीट-घसीटकर पीटा। बहू ने बताया कि वह जान बचाने की गुहार लगाती रही, लेकिन ससुर उसे लगातार मारता रहा। महिला की पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। वहीं, पीड़िता का एक दूसरा वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह कह रही है कि मेरे ससुरालवालों ने मुझे घर में कैद कर रखा है। ससुराल वाले मुझे जान से मारने की प्लानिंग कर रहे हैं। ससुर ने मुझे गालियां दीं, मेरे कपड़े फाड़ दिए और प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया। ससुर ने बाल पकड़कर उसे बेरहमी से पीटा, जिससे उसके शरीर पर कई जगह चोटें आईं। इसके बावजूद ससुरालवालों ने उसका इलाज नहीं कराया। पीड़िता ने पुलिस में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पूरा मामला चकेरी के आनंद नगर इलाके का है। अब जानिए पूरा मामला… 2 बीघा जमीन और 20 लाख रुपए की डिमांडमूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली युवती की शादी साल 2020 में कानपुर के आनंद नगर के रहने वाले सुशील दुबे के बेटे हिमांशु दुबे से हुई थी। सुशील दुबे रेलवे में बाबू के पद से रिटायर हैं, जबकि हिमांशु एक जूता कंपनी में आईटी मैनेजर है। पीड़िता का कहना है कि ससुर सुशील दुबे, जेठ अभिषेक, जेठानी श्रुति और सास रमा दहेज को लेकर आए दिन झगड़ा करते हैं। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष 2 बीघा जमीन और 20 लाख रुपए की मांग कर रहा है। मायके से पहुंचते ही मारपीट करने लगा ससुरपीड़िता के मुताबिक, वह अपने मायके में थी। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे वह अपने भाई-भाभी के साथ ससुराल पहुंची। घर का दरवाजा खटखटाकर जैसे ही वह अंदर गई, उसे देखते ही ससुर सुशील दुबे गुस्से में आ गए। ससुर ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता की भाभी और आसपास के लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन ससुर ने उन्हें भी धमकाया कि जो भी बीच में आएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। इस दौरान घर पर महिला के पति भी मौजूद नहीं थे। बाल पकड़कर सड़क घसीट लाया ससुर पीड़िता का आरोप है कि ससुर ने उसे जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा। उसके कपड़े फाड़ दिए। उसके प्राइवेट पार्ट पर भी हमला किया। इसके बाद बाल पकड़कर उसे सड़क तक घसीटा गया। मारपीट में उसके शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं। महिला ने बताया कि उसकी 5 साल की बेटी है। ससुर और बाकी ससुराल वाले उसकी हत्या की साजिश कर रहे हैं। उसे घर में कैद रखा गया। उसने पुलिस में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद महिला ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर सुरक्षा की मांग की। पति ने बताया- चौथी के दूसरे दिन कोरोना के चलते लॉकडाउन लग गया था। इसके बाद जून और जुलाई में मेरी पत्नी ने 15 बार फांसी लगाकर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इसी डर के चलते मैंने तलाक के लिए कोर्ट में अपील की। इसके बाद पत्नी अपने मायके चली गई थी। 5 साल बाद 10 अप्रैल को पत्नी दोबारा अपने भाई और भाभी प्रीति पांडेय के साथ घर पहुंची। इस दौरान मेरे पिता घर पर अकेले थे। इसी का फायदा उठाकर पत्नी ने पिता से कहासुनी की। इसके बाद पिता ने काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह मानी नहीं और मारपीट करने लगी। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया- दोनों के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले में आगे विधिक कार्रवाई की जाएगी। …………………… ये खबर भी पढ़ें… जस्टिस यशवंत वर्मा का इस्तीफा:घर में 500 के नोटों के बंडल जले मिले थे; आज सुप्रीम कोर्ट की जांच समिति के सामने पेश होना था इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा ने राष्ट्रपति को इस्तीफा भेज दिया है। 14 मार्च 2025 को उनके दिल्ली स्थित सरकारी घर में आग लगने के दौरान 500-500 के नोटों के बंडल जले मिले थे। इसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर कर दिया गया था। पढ़ें पूरी खबर…
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- अब हर जिले में अपराधों की मासिक श्रेणीवार रिपोर्ट तैयार होगी। इसमें यह विश्लेषण किया जाएगा कि किस जिले में कौन-सा अपराध बढ़ा या घटा है और उसके अनुसार रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिला एसपी नियमित जनसुनवाई करें। आईजी स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा हो। वरिष्ठ अधिकारी हर महीने जिलों में जाकर अपराधों की स्थिति जांचें। प्रवृत्ति आधारित अपराधों का अध्ययन कर रोकथाम की रणनीति बनाएं। जयपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर (PHQ) में शुक्रवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राजस्थान के सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बड़ी समीक्षा बैठक आयोजित हुई। यह पहला मौका था कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएचक्यू में पुलिस अधिकारियों की मिटिंग ली। साइबर क्राइम, ड्रग्स और बॉर्डर एरिया पर विशेष टार्गेटसीएम भजनलाल शर्मा ने कहा- सरकार ने राजस्थान की जनता से सुरक्षित माहौल का जो भरोसा दिया है, उसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। सीएम ने कहा- राजस्थान में किसी भी प्रकार का अपराध स्वीकार नहीं होगा। अपराध और भ्रष्टाचार दोनों पर जीरो टॉलरेंस से काम होगा। बैठक में पुलिस अधिकारियों को साइबर अपराध, नारकोटिक्स तस्करी और सीमावर्ती जिलों में अपराध नियंत्रण को लेकर स्पष्ट टारगेट और रिपोर्टिंग सिस्टम दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा- हर कार्रवाई की मॉनिटरिंग होगी और परिणाम आधारित पुलिसिंग लागू की जाएगी। बैठक में गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, डीजीपी राजीव कुमार शर्मा, सभी रेंज आईजी, जिलों के एसपी और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कई अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए भी जुड़े। बैठक में जीरो टॉलरेंस, साइबर क्राइम, नारकोटिक्स, बॉर्डर एरिया सिक्योरिटी और भ्रष्टाचार पर सख्त नियंत्रण को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित हो इससे पहले मुख्यमंत्री ने मिटिंग में पुलिस अधिकारियों को कहा कि सुदृढ़ कानून व्यवस्था और अपराध पर जीरो टॉलरेंस राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि थानों में दर्ज एफआईआर का समयबद्ध अनुसंधान सुनिश्चित किया जाए और लापरवाही पर जिम्मेदारी तय हो। सरकार का दावा: अपराधों में बड़ी कमी बैठक में पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 2023 से 2025 के बीच कुल अपराधों में 18.77% की कमी दर्ज हुई है। हत्या: 25.68% कमी डकैती: 47.26% कमी लूट: 50.75% कमी अपहरण: 12.24% कमी चोरी/नकबजनी: 33.75% कमी महिला अत्याचार: 9.94% कमी SC-ST अत्याचार: 28.29% कमी वहीं बलात्कार और पोक्सो मामलों में अनुसंधान का औसत समय: पहले: 107 और 103 दिन अब: 42 और 40 दिन 42 महिला PCR वैन को हरी झंडीबैठक से पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस मुख्यालय से महिला सुरक्षा को समर्पित 42 PCR वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वैन 24 घंटे महिलाओं की सहायता के लिए तैनात रहेंगी। इन सभी वैन को अभय कमांड सेंटर से जोड़ा गया है, जो डायल-112 की तर्ज पर काम करेंगी। हर वाहन में मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT), GPS, फोल्डिंग स्ट्रेचर और LED लाइट बार लगाए गए हैं, जिससे मौके पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। मुख्यमंत्री ने कहा- राज्य सरकार महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 को लगातार मजबूत कर रही है, ताकि उत्पीड़न, शोषण और हिंसा जैसी आपात स्थितियों में महिलाओं को तुरंत सहायता मिल सके।
राजस्थान हाईकोर्ट से रिटायरमेंट के 16 साल बाद सरकारी वकील को राहत मिली हैं। जस्टिस मुन्नूरी लक्ष्मण की एकलपीठ ने सरकारी वकील को दिए गए आरोप पत्र सहित पूरी कार्रवाई को रद्द कर दिया हैं। वहीं कोर्ट ने घटना के 13 साल बाद शुरू की गई जांच को गलत मानते हुए सरकार पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया हैं। अदालत ने छोटी प्रकृति के मामलों में ऐसी गंभीर कार्रवाई करने को गलत ठहराया। बैंच ने यह आदेश रिटायर अपर लोक अभियोजक (एपीपी) बृज बल्लभ शर्मा की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। कार्रवाई बदले की भावना को दर्शाती हैअदालत ने अपने आदेश में कहा-सक्षम अधिकारी ने साल 1994 में हुई किसी लिपिकीय गलती को लेकर साल 2008 में 16 सीसीए के तहत कार्रवाई शुरू की। दो साल बाद एपीपी के रिटायरमेंट के तीन महीने पहले मई 2010 में एपीपी को नोटिस जारी करके जांच को 17 सीसीए में बदल दिया। अगस्त माह में याचिकाकर्ता रिटायर हो गया। जिसके कारण उसे समय पर रिटायरमेंट परिलाभ भी नहीं मिले। हमारी नजर में यह पूरी कार्रवाई बदले की भावना से की गई थी। अधिवक्ता हर्षवर्धन नंदवाना ने बताया कि याचिकाकर्ता पर साल 1994 में झालावाड़ के अकलेरा में एपीपी रहने के दौरान चालान पेश करने की तिथियों का रजिस्टर में गलत उल्लेख करने सहित अन्य गलतियों के आरोप लगाए गए। जबकि इन कामों की जिम्मेदारी कार्यालय के क्लर्क पर थी। जिसे हमने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र के ढला गांव में शुक्रवार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली खेत में बने कुएं में गिर गई। गनीमत रही कि चालक ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचा ली और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, ढला गांव निवासी रामजीलाल लोधी खंडे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर जा रहे थे। वे इमरत लोधी के खेत से गुजर रहे थे, तभी अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली का संतुलन बिगड़ गया। संतुलन बिगड़ने के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली सीधे खेत में बने कुएं में जा गिरी। घटना के दौरान चालक रामजीलाल लोधी ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत ट्रैक्टर से छलांग लगा दी, जिससे उसकी जान बच गई। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बाद में हाइड्रा मशीन की सहायता से ट्रैक्टर-ट्रॉली को कुएं से बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
बागपत के डौला गांव निवासी मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक अश्विनी राणा की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद ग्वालियर में इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। लगभग 27 वर्षीय अश्विनी राणा पुत्र सुरेंद्र राणा वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश पुलिस में आरक्षक के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती भिंड जनपद के फूप थाने में थी। यह दुर्घटना 5 अप्रैल को हुई थी। निंबुआ पुलिस चौकी क्षेत्र में चंबल पुल के पास बरही गांव के निकट वाहनों का लंबा जाम लगा था। जाम खुलवाने के बाद अश्विनी अपनी बाइक से थाने लौट रहे थे, तभी एक अज्ञात डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में गंभीर रूप से घायल अश्विनी को ग्वालियर के बिरला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। उनके स्वजन देर रात तक उनका शव गांव लेकर पहुंचेंगे। अश्विनी अविवाहित थे। उनके बड़े भाई गौरव सीआरपीएफ में तैनात हैं, जबकि उनके पिता सुरेंद्र किसान हैं। आरक्षक की असामयिक मृत्यु से पूरे गांव में शोक व्याप्त है। शनिवार को उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
जिलाधिकारी के निर्देशन में शिक्षा विभाग की टीम ने महेश्वरी बुक डिपो का निरीक्षण किया। अभिभावकों की शिकायत पर हुई इस कार्रवाई में स्कूल किताबों की बिक्री में गड़बड़ी के संकेत मिले, जहां गाइडलाइंस के विपरीत तय सेट और महंगी किताबें थमाई जा रही थीं। शहर में किताबों की मनमानी बिक्री पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए एसडीएम, डीआईओएस और अन्य अधिकारियों की टीम से महेश्वरी बुक डिपो का निरीक्षण कराया। जांच के दौरान यह जानकारी जुटाई गई कि किताबें किस दर पर बेची जा रही हैं और क्या निर्धारित नियमों का पालन हो रहा है। निरीक्षण में पाया गया कि गाइडलाइंस के अनुसार अभिभावक अपनी पसंद से जनरल बुक्स खरीद सकते हैं, लेकिन महेश्वरी बुक डिपो पर पूरे सेट बनाकर दिए जा रहे थे। इन सेट्स में ज्यादातर किताबें सेंट जॉर्ज स्कूल से जुड़ी मिलीं, जिनमें विशेष रूप से बाग मुजफ्फर खान स्थित स्कूल की किताबों की संख्या अधिक पाई गई। अधिकारियों के अनुसार तीन स्कूलों की किताबें प्रमुख रूप से डिपो पर उपलब्ध थीं और कई मामलों में इनकी कीमतें अधिक बताई गईं। इस पर विभाग ने पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर दो दिन के भीतर जिलाधिकारी को आख्या सौंपने की बात कही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। डीआईओएस विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि निरीक्षण के दौरान सभी तथ्यों को संकलित किया गया है। वहीं डीआईओएस चंद्रशेखर के अनुसार यह कार्रवाई अभिभावकों की शिकायत पर की गई। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को एक स्लिप भी दी गई है, जिसमें किताबों के नाम दर्ज हैं। चंद्रशेखर ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में महेश्वरी बुक डिपो की तो गलती है ही, लेकिन ज्यादा जिम्मेदारी स्कूलों की बनती है, जो अभिभावकों को निजी और महंगी किताबें खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी स्कूल द्वारा किसी एक दुकान से ही किताबें लेने का दबाव बनाया जाता है या महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है, तो ऐसे मामलों में सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बीते दिनों सेंट पैट्रिक स्कूल में लगने वाली निजी किताबें भी इसी महेश्वरी बुक डिपो से सप्लाई होने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण में संबंधित स्कूल पर विभाग ने ₹5,00,000 का जुर्माना भी लगाया था। लिकिन अभी तक वसूला नहीं गया है।
बागपत कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक आरोपी को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 2021 में हुई घटना के पांच साल बाद आया है। यह मामला बागपत के रमाला थाना क्षेत्र से संबंधित है। आरोपी की पहचान मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना निवासी नदीम पुत्र सगीर के रूप में हुई है, जिसने एक नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी नदीम को गिरफ्तार कर लिया था। यह मामला तभी से न्यायालय में विचाराधीन था। पुलिस ने इस मामले में सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाए और गवाहों की गवाही दर्ज कराई। गवाहों की गवाही और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। एडीजीसी नरेंद्र पवार ने बताया कि अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
बलिया में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया है। विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद जनपद की सभी सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 21,68,819 मतदाता दर्ज किए गए हैं। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता कर जानकारी दी। जिलाधिकारी ने बताया कि 01 जनवरी 2026 को आधार मानते हुए यह सूची तैयार की गई है। इससे पहले 28 अक्टूबर 2025 को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाताओं की संख्या 25,10,596 थी, जो पुनरीक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटकर 20,54,620 रह गई थी। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को पुनः पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके तहत 6 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं। इस दौरान 24,390 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए, जबकि 1,14,199 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई है और अंतिम प्रकाशन के बाद अब जनपद की सभी सातों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल मतदाताओं की संख्या 21,68,819 हो गई है। इस तरह SIR प्रक्रिया में 25,10,596 वोटों के सापेक्ष अंतिम प्रकाशन पर 21,68,819 वोट बचे हैं, जिससे कुल 3,41,777 वोट हटाए गए हैं। विधानसभावार आंकड़ों के अनुसार, बैरिया विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 64,560 वोट हटाए गए हैं। यहां पहले 3,63,356 मतदाता थे, जो अब घटकर 2,98,796 रह गए हैं। वहीं, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के क्षेत्र बलिया नगर में 63,868 वोट काटे गए हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 3,64,106 से घटकर 3,00,238 हो गई है। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में बेल्थरारोड में 43,783 (3,69,721 से 3,25,938), रसड़ा में 36,874 (3,66,391 से 3,29,517), सिकंदरपुर में 29,145 (3,10,970 से 2,81,825), फेफना में 40,886 (3,29,842 से 2,88,956) और बांसडीह में 62,661 (4,06,210 से 3,43,549) मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
हरियाणा के यमुनानगर में इनेलो के पूर्व विधायक दिलबाग सिंह की प्लाईवुड फैक्ट्री पर हुई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आज शुक्रवार रात को बाकी दो आरोपियों को एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी है। पुलिस के अनुसार, सीआईए-2 टीम को सूचना मिली थी कि फायरिंग केस में शामिल दो आरोपी रादौर क्षेत्र में कांजनू के पास नहर की पटरी पर मौजूद हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की, लेकिन आरोपियों ने पुलिस को देखते ही भागने की कोशिश की और फायरिंग शुरू कर दी। 9-10 राउंड चली गोली, जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ बदमाश पुलिस और बदमाशों के बीच करीब 9 से 10 राउंड फायरिंग हुई। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी हर्ष के पैर में गोली लग गई, जिससे वह घायल हो गया। वहीं दूसरे आरोपी अभिषेक को मौके से ही काबू कर लिया गया। घायल हर्ष को इलाज के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर में भर्ती कराया गया है। दोनों आरोपियों की पहचान हर्ष और अभिषेक (निवासी सुनहेड़ी खालसा, कुरुक्षेत्र) के रूप में हुई है, जो पहले गिरफ्तार आरोपी अमन उर्फ काकू के करीबी बताए जा रहे हैं। पहले आरोपी ने पुल से लगाई थी छलांग इससे पहले बुधवार को पकड़ा गया आरोपी अमन उर्फ काकू पुलिस को चकमा देकर खजूरी पुल से कूद गया था, जिसमें वह घायल हो गया था। फिलहाल उसका भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गौरतलब है कि 30 मार्च की रात जठलाना गांव स्थित फैक्ट्री पर तीन हथियारबंद युवकों ने फायरिंग की थी। इस दौरान 8 गोलियों के खोल बरामद हुए थे। गनीमत रही कि किसी कर्मचारी को गोली नहीं लगी। घटना के बाद सोशल मीडिया पर गैंगस्टर शुभम पंडित और नोनी राणा ने पोस्ट डालकर इस वारदात की जिम्मेदारी ली थी और फैक्ट्री से जुड़े लोगों को धमकी दी थी।
कानपुर में आईआईटी कानपुर के साइबर सुरक्षा केंद्र C3iHub द्वारा आयोजित HACK IITK वैश्विक साइबर सुरक्षा हैकाथॉन 2026 का ग्रैंड फिनाले संपन्न हो गया है। दो दिन तक चले इस आयोजन के बाद विजेताओं की घोषणा की गई। इस वर्ष हैकाथॉन का विषय “महत्वपूर्ण अवसंरचना सुरक्षा” रखा गया था। प्रतियोगिता में देशभर के छात्रों और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने भाग लिया। कुल 9 हजार से अधिक पंजीकरण हुए, जिनमें से 48 टीमें ग्रैंड फिनाले तक पहुंचीं। हैकाथॉन में समाधान ट्रैक और कैप्चर द फ्लैग (CTF) ट्रैक में मुकाबला हुआ। पुणे की शैडो बाइट चैंपियन बनाई गई। समाधान ट्रैक में आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे की टीम शैडो बाइट ने पहला स्थान हासिल कर 3 लाख रुपये का पुरस्कार जीता। टीम नाइट म्याउल्स दूसरे स्थान पर रही, जबकि फादर कोंसिसाओ रोड्रिग्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नवी मुंबई की टीम ब्लाइंड कोडर्स तीसरे स्थान पर रही। वहीं CTF ट्रैक में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय, गांधीनगर की टीम क्यूट कैट पहले स्थान पर रही। इसी विश्वविद्यालय की टीम दिग्गज दूसरे स्थान पर रही और दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी की टीम ईहैक्स तीसरे स्थान पर रही।इसके अलावा कुछ टीमों को विशेष पुरस्कार भी दिए गए। टीम VNITX को सर्वश्रेष्ठ नवाचार समाधान और टीम Valium Research को सर्वश्रेष्ठ CTF दृष्टिकोण के लिए सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में कई प्रमुख अतिथि मौजूद रहे। विजेताओं को उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने पुरस्कार प्रदान किए। इस दौरान आईआईटी कानपुर के निदेशक प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर काम करते हुए नए तकनीकी समाधान प्रस्तुत किए। आयोजकों के अनुसार, इस तरह के आयोजन युवाओं को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
बागपत में SIR के बाद 8. 38 लाख मतदाता:राज्यमंत्री के बड़ौत विधानसभा में 49,625 वोट हटाए गए
बागपत में विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान संपन्न हो गया है। इस अभियान के तहत जिले में कुल 1 लाख 38 हजार 423 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। बागपत में कुल 8 लाख 38 हजार 375 मतदाता हैं। बागपत की बड़ौत विधानसभा में सबसे अधिक 49,625 वोट हटाए गए हैं। इस विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है और यहां से राज्यमंत्री कृष्णपाल मलिक विधायक हैं। सर्वाधिक वोट हटाए जाने से भाजपा के वोट बैंक पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। वहीं, बागपत विधानसभा क्षेत्र में 44,601 वोट हटाए गए हैं। इस सीट से भाजपा के योगेश धामा विधायक हैं। आरएलडी का गढ़ माने जाने वाले छपरौली विधानसभा क्षेत्र में सबसे कम 44,197 वोट हटाए गए हैं। जिले में कुल 8 लाख 38 हजार 375 मतदाता हैं। जिनमें 4 लाख 64 हजार 051 पुरुष और 3 लाख 74 हजार 315 महिला मतदाता शामिल हैं। जिले की कुल आबादी के सापेक्ष 56.41 प्रतिशत लोग मतदाता हैं। विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, छपरौली में 57.98 प्रतिशत, बड़ौत में 54.79 प्रतिशत और बागपत में 56.36 प्रतिशत मतदाता हैं। मतदाताओं के विवरण से पता चला है कि जिले में लिंगानुपात की स्थिति संतोषजनक नहीं है। छपरौली विधानसभा क्षेत्र में यह 785, बड़ौत में 802 और बागपत में 833 है। जिले का कुल लिंगानुपात 807 है, जिसका अर्थ है कि प्रति एक हजार पुरुष मतदाताओं पर 807 महिला मतदाता हैं। अभियान से पहले जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 9 लाख 76 हजार 798 मतदाता थे। प्रारंभिक प्रकाशन के दौरान यह संख्या घटकर 8 लाख रह गई थी। हालांकि, लोगों को दोबारा मौका दिए जाने और आपत्तियों की सुनवाई के बाद अंतिम प्रकाशन में 38 हजार 375 नए नाम जोड़े गए, जिससे कुल मतदाताओं की संख्या 8 लाख 38 हजार 375 हो गई।
चंडीगढ़ प्रशासन ने 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार) को डॉ. भीमराव आम्बेडकर की जयंती के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। होम विभाग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई। वर्ष 2026 के लिए पहले जारी सार्वजनिक अवकाश की सूची में आंशिक संशोधन करते हुए यह फैसला लिया गया है। अब 14 अप्रैल को चंडीगढ़ प्रशासन के अधीन सभी सरकारी कार्यालयों, बोर्डों, निगमों, संस्थानों तथा औद्योगिक प्रतिष्ठानों में पूर्ण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। अधिसूचना पर होम सचिव मनदीप बराड़ की तरफ से जारी की गई है। इससे पहले 30 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना में 14 अप्रैल को अवकाश नहीं रखा गया था। अब इस संशोधन के बाद कर्मचारियों और आम जनता को यह अतिरिक्त छुट्टी मिल गई है। अम्बेडकर जयंती के मौके पर चंडीगढ़ में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होने की भी संभावना है।
श्रीगंगानगर में टांटिया ग्रुप और फिजिक्सवाला (पीडब्ल्यू) विद्यापीठ ने शुक्रवार को नीट, जेईई कोचिंग का शुभारंभ किया। अब स्टूडेंट्स अपने शहर में रहकर भी मेडिकल की तैयारी कर सकेंगे। शुक्रवार को 'अकेडमी ग्रोथ वार्ता' में पीडब्ल्यू के महेंद्र मोहन और और टांटिया ग्रुप के कमलजीत सिंह सूदन ने स्टूडेंट्स के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अनुभव साझा किए। महेंद्र मोहन ने कहा- अनुशासित अध्ययन, वैचारिक स्पष्टता, नियमित रिवीजन और सफलता के लिए सही दिशा और निरंतर प्रयास जरूरी है। उन्होंने स्टूडेंट्स को अपनी प्रगति का मूल्यांकन करने और कमजोर क्षेत्रों को मजबूत करने का ढांचा भी बताया। साथ ही करियर प्लानिंग, संसाधनों के सही उपयोग और उच्च स्तरीय परीक्षाओं को संभालने के टिप्स दिए। कमलजीत सिंह सूदन ने कहा- पहले श्रीगंगानगर के छात्र IIT-JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोटा, जयपुर या दिल्ली जैसे शहरों में जाते थे, लेकिन अब टांटिया समूह के प्रयासों से दिल्ली-कोटा जैसी उत्कृष्ट फैकल्टी घर के पास उपलब्ध हो गई है। अब शहर और आसपास की मंडियों के स्टूडेंट्स घर के माहौल में रहकर ही डॉक्टर और इंजीनियर बन सकते हैं।
मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को यमुना नदी में नाव पलटने से 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इनमें भिवानी की रहने वाली आशा मिड्ढा भी शामिल है। वह लुधियाना में रहने वाले अपने दो भाइयों, भाभियों और भतीजे के साथ वृंदावन गई थी। इस हादसे में आशा रानी की एक भाभी और भतीजे की भी मौत हो गई। आशा अपने परिवार के साथ भिवानी की जगत कॉलोनी में रहती थी। उसके दो बेटे हैं। घटना की सूचना मिलने के बाद दोनों वृंदावन गए हुए हैं। पुल से टकराकर पलटी नाव जानकारी के मुताबिक, गुरुवार (9 अप्रैल) को लुधियाना में जगराओं के श्री बांके बिहारी क्लब ने 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को वृंदावन के लिए रवाना किया था। इनमें से 90 श्रद्धालु जगराओं से थे, जबकि बाकी अन्य शहरों से थे। यह यात्रा 4 दिन की थी। शुक्रवार को श्री बांके बिहारी के दर्शन करने के बाद श्रद्धालु यमुना पार करके मंदिरों के दर्शन के लिए जा रहे थे। यमुना में पीपों का पुल बनाया गया था, लेकिन जलस्तर बढ़ने के बाद इसे खोल दिया गया था। पुल से टकराकर नाव पलट गई। हादसे से पहले का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि किसी भी श्रद्धालु ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। वीडियो में श्रद्धालु राधे-राधे जप कर रहे थे। श्रद्धालुओं ने क्या कहा… ----------------------------- नाव हादसे की ये खबरें भी पढ़ें :- वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले पंजाब के श्रद्धालुओं का नाव हादसे से पहले का VIDEO:10 की मौत, इनमें एक ही परिवार के 7 सदस्य, 2 बसों में 130 लोग गए थे
बांसवाड़ा में शुक्रवार की ननिहाल आया 9 साल का मासूम सामने से आ रहे ट्रैक्टर को देखकर घबरा गया। डर कर तेजी से भागने लगा। इसी दौरान वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया और हॉस्पिटल ले जाते समय रास्ते में मासूम की मौत हो गई। हादसा जिले के भूंगड़ा थाना क्षेत्र के गोरछा गांव में आज शुक्रवार की शाम को हुआ। मामा के घर आया था, ट्रैक्टर देख घबराकर भागभूंगड़ा थाने के एएसआई मेहबूब खान ने बताया कि खेरवा निवासी श्रवण (9) पुत्र सूरजमल चरपोटा गुरुवार को ही अपने माता-पिता के साथ मामा पारस कटारा (निवर्तमान उपसरपंच) के घर गोरछा आया था। शुक्रवार शाम को बच्चा घर के बाहर खेल रहा था, तभी सामने से ट्रैक्टर आता दिखा। ट्रैक्टर को अपनी ओर आता देख मासूम घबराकर तेजी से दौड़ा और अचानक संतुलन बिगड़ने से जमीन पर गिर पड़ा। गिरने के तुरंत बाद श्रवण बेहोश हो गया। उसके शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें आईं और नाक से खून बहने लगा। परिजन उसे निजी गाड़ी से महात्मा गांधी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल टीम ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन भाइयों में सबसे छोटा था श्रवणमृतक श्रवण अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। परिजनों की ओर से कोई शंका व्यक्त नहीं करने पर बिना पोस्टमॉर्टम ही शव उन्हें सुपुर्द कर दिया गया।
मेरठ में भारत विकास परिषद हस्तिनापुर (विकास रत्न) प्रांत की संस्कार शाखा 2026-27 के लिए दायित्वग्रहण समारोह का आयोजन शुक्रवार को पी.एल. शर्मा स्मारक सभागार में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस दौरान वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट शाखा सचिव अरविंद कुमार गोयल द्वारा प्रस्तुत की गई, जिसमें शाखा की गतिविधियों और उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया गया। इसके उपरांत प्रांतीय महासचिव मुकेश चंद गुप्ता ने वर्ष 2026-27 के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. अंजली मित्तल ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय गतिविधि सह-संयोजक (सेवा) अनुराग दुबलिश उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में क्षेत्रीय सचिव (संस्कार, एनसीआर-1) प्रमोद गर्ग, प्रांतीय अध्यक्ष सरल माधव, प्रांतीय वित्त सचिव प्रवीण गुप्ता एवं प्रांतीय महिला संयोजिका आशा जैन शामिल रहीं। नई कार्यकारिणी में नीरज अग्रवाल को अध्यक्ष, अरविंद कुमार गोयल को सचिव, जसवंत लाल गुप्ता को कोषाध्यक्ष एवं प्रो. डॉ. संगीता गुप्ता को महिला संयोजिका बनाया गया। इसके अलावा उमेश कुमार (गतिविधि संयोजक - संपर्क), राकेश गोयल (संस्कार), कपिल गर्ग (सेवा), नवीन अग्रवाल (पर्यावरण) तथा यतेंद्र शर्मा (सह सचिव) को भी दायित्व सौंपे गए। समारोह के दौरान शाखा के विकास कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया गया। जसवंत लाल गुप्ता ने “विकास रत्न” एवं अरविंद कुमार गोयल ने “विकास मित्र” के रूप में क्रमशः एक लाख रुपये एवं 11 हजार रुपये के चेक मुख्य अतिथि अनुराग दुबलिश को सौंपे। साथ ही नए सदस्यों को भी संगठन की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के सफल आयोजन में लोकेश गोयल, डी.के. माहेश्वरी, डी.के. अग्रवाल, के.बी.एल. खंडेलवाल, अंशु गोयल, प्रो. संगीता अग्रवाल, नीरू शर्मा, नीति शर्मा, ममतेश्वरी, निधि अरोड़ा एवं रमा शर्मा सहित कई सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस दौरान समारोह में उपस्थित लोगों ने सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
आगरा में तेज रफ्तार कार का कहर, VIDEO:राहगीर को टक्कर मारी, 20 फीट घिसटता गया, मौके पर ही दम तोड़ा
आगरा के थाना सिकंदरा क्षेत्र अंतर्गत पश्चिमपुरी चौकी के पास शुक्रवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक राहगीर की मौके पर ही मौत हो गई। तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे जा रहे व्यक्ति को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि राहगीर करीब 20 फीट तक सड़क पर घिसटता हुआ किनारे खड़ी कार से जा टकराया। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।मृतक की पहचान कुलदीप शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें पूरी घटना कैद बताई जा रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस फरार कार चालक की तलाश में जुट गई है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सिंगरौली में वाहन की टक्कर से युवक की मौत:परिजन ने अवैध रेत ट्रैक्टर चालक पर हत्या का आरोप लगाया
सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र के कटौली इलाके में एक युवक की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। मृतक की पहचान दीपक साकेत के रूप में हुई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अवैध रेत परिवहन में शामिल एक ट्रैक्टर चालक ने जानबूझकर उसे टक्कर मारी, जिससे उसकी मौत हुई। मृतक के भाई रमेश साकेत के अनुसार, दीपक साकेत क्षेत्र में जारी अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का लगातार विरोध कर रहे थे। रमेश साकेत ने आरोप लगाया कि इसी रंजिश के कारण किसी ट्रैक्टर चालक ने दीपक को कुचल दिया। परिजनों ने इस घटना को दुर्घटना नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या बताया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस को घटनास्थल से लगभग दो किलोमीटर दूर एक क्षतिग्रस्त और पलटा हुआ ट्रैक्टर भी मिला है। पुलिस इस ट्रैक्टर को मामले से जोड़कर जांच कर रही है। खुटार चौकी प्रभारी शीतल यादव ने बताया कि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत किस वाहन की टक्कर से हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है और आसपास के लोगों से पूछताछ कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में आक्रोश है और वे अवैध रेत कारोबार पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
शामली के न्यायिक मजिस्ट्रेट हामिद हुसैन गाजियाबाद में आयोजित होने वाली हाफ मैराथन में हिस्सा लेंगे। वह इस प्रतियोगिता के लिए शामली से रवाना हो चुके हैं, जहां वह कल दौड़ में भाग लेंगे और शामली जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह हाफ मैराथन दौड़ गाजियाबाद के सिटी फॉरेस्ट, राज नगर एस्टन रोड पर आयोजित की जाएगी। इसकी कुल दूरी 21.1 किलोमीटर होगी, जिसमें देश-विदेश से कई धावक शामिल होंगे। हामिद हुसैन शामली जनपद में पिछले लगभग दो साल से न्यायिक मजिस्ट्रेट सहित विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं। उन्होंने पहले भी कई प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी क्षमता साबित की है। हामिद हुसैन अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते हैं और रोजाना 10 से 25 किलोमीटर तक दौड़ लगाते हैं। उनकी इस दिनचर्या को देखते हुए शामली के प्रशासनिक अधिकारियों ने मैराथन में उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। वह जिले के एकमात्र ऐसे प्रशासनिक अधिकारी हैं जो नियमित रूप से इतनी लंबी दौड़ लगाते हैं।
महराजगंज में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस प्रक्रिया के बाद जिले में कुल 2,00,331 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। अब जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 17,92,128 हो गई है, जो पहले 19,92,459 थी। यह पुनरीक्षण अभियान मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाने के उद्देश्य से चलाया गया था। जिले की सभी पांचों विधानसभा सीटों में मतदाता संख्या में कमी दर्ज की गई है, हालांकि प्रत्येक सीट पर इसका प्रभाव अलग-अलग रहा। विधानसभावार आंकड़ों के अनुसार, महराजगंज सदर सीट पर सर्वाधिक 50,977 नाम हटाए गए हैं। यहां मतदाताओं की संख्या 4,28,528 से घटकर 3,77,551 हो गई है, जिसमें 1,97,682 पुरुष, 1,72,457 महिला और 19 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। नौतनवा विधानसभा क्षेत्र में 47,161 नाम काटे गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 3,74,348 से घटकर 3,27,187 रह गई है। इनमें 1,80,453 पुरुष, 1,46,731 महिला और 3 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। सिसवा विधानसभा में 35,311 नाम हटाए जाने के बाद मतदाताओं की संख्या 3,99,809 से घटकर 3,64,498 हो गई है। इस सीट पर 1,97,682 पुरुष, 1,66,810 महिला और 6 थर्ड जेंडर मतदाता दर्ज हैं। फरेंदा विधानसभा में 29,301 नाम हटाए गए, जिससे मतदाताओं की संख्या 3,59,812 से घटकर 3,30,511 रह गई। यहां 1,79,447 पुरुष, 1,51,041 महिला और 23 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। पनियरा विधानसभा में 37,581 नाम काटे गए हैं, जिससे मतदाताओं की संख्या 4,29,962 से घटकर 3,92,381 हो गई है। इस सीट पर 2,13,840 पुरुष, 1,78,537 महिला और 4 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। यह कमी अन्य क्षेत्रों की तुलना में कम मानी जा रही है।
शाजापुर में फोरलेन खुदाई में पाइपलाइन फूटी:शहर में हजारों लीटर पानी बहा, पेयजल की सप्लाई प्रभावित
शाजापुर शहर में फोरलेन निर्माण कार्य के दौरान शुक्रवार शाम एक बड़ी लापरवाही सामने आई। शिक्षा विभाग कार्यालय के पास जेसीबी से खुदाई करते समय पानी की मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। शाम करीब 5 से 6 बजे के बीच पाइपलाइन फूटते ही तेज दबाव के साथ पानी का फव्वारा निकलने लगा। इस घटना में हजारों लीटर पानी बह गया, जिससे मौके पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई। इसके कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ। सूचना मिलने पर नगर पालिका की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जेसीबी के पंजे का उपयोग कर अस्थायी रूप से पाइपलाइन को दबाकर पानी का बहाव रोका गया। नगर पालिका सीएमओ भूपेंद्र कुमार दीक्षित ने बताया कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण चामुंडा माता मंदिर और हाउसिंग बोर्ड की पानी की टंकियां नहीं भर पाएंगी। उन्होंने कहा कि पानी को पूरी तरह खाली करना पड़ेगा। फिलहाल जलापूर्ति बंद कर दी गई है और मरम्मत कार्य शनिवार सुबह शुरू किया जाएगा। सीएमओ दीक्षित ने निर्माण एजेंसी को भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सावधानी बरतने के निर्देश भी दिए हैं।
श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शुक्रवार को राम मंदिर और श्री राम जन्मभूमि परिसर का विस्तृत निरीक्षण कराया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मीडिया को पूरे परिसर का भ्रमण कराते हुए अब तक हुए निर्माण कार्यों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बताया कि राम मंदिर परिसर में बनाए गए सप्त मंदिर केवल धार्मिक आस्था के केंद्र नहीं हैं, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी सशक्त प्रतीक बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि निषाद राज गुहा, देवी अहिल्या और माता शबरी जैसे मंदिरों के निर्माण के पीछे उद्देश्य समाज के उन वर्गों को सम्मान देना है, जिनका राम कथा में विशेष योगदान रहा है। चार मंदिरों पर ध्वजारोहण, तीन पर जल्द होगा आयोजन नृपेंद्र मिश्रा ने जानकारी दी कि सप्त मंदिरों में से चार मंदिरों पर ध्वजारोहण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शेष तीन मंदिरों पर जल्द ही ध्वजारोहण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि शिव मंदिर पर ध्वजारोहण के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को आमंत्रित किया गया है। 19 निर्माण कार्य ट्रस्ट को होंगे हस्तांतरित उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि परिसर के भीतर अब तक कुल 19 प्रमुख निर्माण कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जिन्हें शीघ्र ही श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा। इन परियोजनाओं पर अब तक करीब 1800 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि परिसर के विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। निर्णयों में राजनीति की भूमिका पर दिया बयान पत्रकार वार्ता के दौरान एक सवाल के जवाब में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी बड़े निर्णय में लगभग 20 प्रतिशत फैसले प्रशासनिक होते हैं, जबकि 80 प्रतिशत निर्णय राजनीतिक होते हैं। उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कार्रवाई के लिए तैयार फाइल को तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने वापस कर दिया था और कार सेवकों पर गोली न चलाने का निर्णय लिया था। यह बयान उस सवाल के संदर्भ में आया, जिसमें मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल के दौरान कर सेवकों पर गोली चलाने के आदेश को लेकर उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई थी। परिसर को वैश्विक आस्था केंद्र बनाने की तैयारी नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि राम मंदिर परिसर को केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि एक वैश्विक आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं, सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले समय में अयोध्या न केवल देश, बल्कि दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बनाएगा।
सोनभद्र में विधानसभा निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन कर दिया गया। विशेष पुनरीक्षण के बाद यह सूची जारी की गई है। जनपद में कुल 11,97,527 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इन मतदाताओं में 6,42,849 पुरुष, 5,54,651 महिला और 27 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी बीएन सिंह ने मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों को निर्वाचक नामावली की बूथवार सूची की सॉफ्ट और हार्ड कॉपी प्रदान की। विधानसभावार बढ़े मतदाताओं की संख्या वहीं जिलाधिकारी बी एन सिंह ने बताया कि सत्यापन के बाद तैयार हुई इस सूची में जिले में 44 हजार से अधिक मतदाता बढ़ गये। विधानसभा क्षेत्रवार मतदाताओं की संख्या में घोरावल में 9,803, रॉबर्ट्सगंज में 9,677, ओबरा में 18,494 और दुद्धी में 6,439 मतदाता बढ़े हैं। कुल मतदाताओं की संख्या 11,53,114 से बढ़कर 11,97,527 हो गई है। बता दे कि गत छह जनवरी को ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद मतदाताओं से नए नाम जोड़ने और हटाने के लिए आवेदन लिए गए थे। इस अवधि में नाम जोड़ने के लिए कुल 66,562 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि 22,149 आवेदन नाम हटाने के लिए आए थे। प्राप्त आवेदनों का बीएलओ के माध्यम से सत्यापन किया गया और दावा-आपत्तियों का निस्तारण किया गया। इस प्रक्रिया के बाद जिले की मतदाता सूची में कुल 44,413 मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई है। वही सबसे अधिक 18,494 मतदाता राज्य मंत्री संजय सिंह गोड के विधानसभा क्षेत्र ओबरा में बढ़े हैं। हालांकि, इसी क्षेत्र से सबसे ज्यादा नाम काटे भी गए थे। इसके पहले सोनभद्र मे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत चार चरणों में 2003 और 2025 की सूची में शामिल मतदाताओं की मैपिंग की गई थी। इस दौरान साक्ष्य के आधार पर नाम, पते में संशोधन और विलोपन किया गया था। इस प्रक्रिया के चलते जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों से 2.51 लाख से अधिक नाम सूची से हटा दिए गए थे। छह जनवरी को प्रकाशित ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की कुल संख्या 11,53,114 दर्ज थी ।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरजीएचएस के तहत सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को दवाइयां नहीं मिलने के मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधा। जूली ने कहा- आरजीएचएस की दवाइयां कर्मचारियों को नहीं मिल रही हैं। उनकी तनख़्वाह में से दवाई का पैसा कट रहा है। आज अस्पतालों को भुगतान नहीं होने की वजह से अस्पतालों ने हड़ताल कर रखी है और कर्मचारी और पेंशनर्स को दवाइयां देने से मना कर रहे हैं। ये कर्मचारी और पेंशनर्स जाएं तो जाएं कहां? जूली ने कहा- क्या मुख्यमंत्री जी, आपको इतना भी नज़र नहीं आता कि मेरे जो कर्मचारी हैं, मेरे जो पेंशनर्स हैं, जो बुज़ुर्ग लोग हैं, वे किस परिस्थिति से गुज़र रहे हैं? कैसे वे दवाइयों की व्यवस्था कर पा रहे होंगे? रिटायरमेंट के बाद व्यक्ति को जरूरत होती है। उसे बार–बार अस्पताल जाना पड़ता है, आप हैं कि इस पर ध्यान ही नहीं दे रहे। मुख्यमंत्री जी, आरजीएचएस का बजट जारी कीजिए, पेंशनर्स का भुगतान कीजिए, कर्मचारियों का भुगतान कीजिए। ऐसे कैसे काम चलेगा? कांग्रेस राज के दौरान कभी भी इलाज में दिक्कत नहीं आई जूली ने कहा- आरजीएचएस में कांग्रेस राज के दौरान कभी भी इलाज में दिक्कत नहीं आई, लेकिन अब हर जनता से जुड़ी योजना पटरी से उतर गई है। सरकार की इससे ज्यादा कोई लापरवाही नहीं हो सकती। स्वास्थ्य के क्षेत्र में जिन योजनाओं ने प्रदेश को अग्रणी बनाया, उन्हें ही यह सरकार लगातार कमजोर कर रही है। कोई भी सरकार स्वास्थ्य की योजनाओं के प्रति इतना गैर जिम्मेदाराना कैसे हो सकती है?
मंडला जिले के बिछिया सीएचसी में गुरुवार को सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। अस्पताल के गेट पर प्रतिबंधित सामग्री की जांच कर रहे गार्ड को पूर्व पार्षद विवेक पांडे ने पीट दिया। पूरी घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। गुटखा खाकर अस्पताल में प्रवेश करने से रोका था जानकारी के अनुसार, बिछिया सीएचसी में आउटसोर्स कंपनी के माध्यम से सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात पंचूलाल यादव (45) मुख्य द्वार पर ड्यूटी कर रहे थे। सुबह करीब 11:30 बजे बिछिया निवासी विवेक पांडे गुटखा खाकर अंदर जाने लगे। जब गार्ड ने उन्हें रोका और टोका, तो पूर्व पार्षद और कांग्रेस नेता विवेक पांडे आक्रोशित हो गए। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गार्ड के साथ गाली-गलौज की और उसके चेहरे पर वार कर दिए, जिससे पंचूलाल को चोट आई है। देखें दो तस्वीरें.. पुलिस ने दर्ज की FIR, आरोपी की तलाश जारी घटना के बाद पीड़ित गार्ड ने बिछिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी विवेक पांडे के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2) और 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अस्पताल प्रबंधन ने भी सरकारी काम में बाधा डालने और कर्मचारी के साथ अभद्रता की निंदा की है। ASP शिवकुमार वर्मा ने बताया- सीसीटीवी फुटेज और शिकायत के आधार पर केस कर लिया गया है। पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में जुटी है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सोनभद्र में आशा कार्यकर्ताओं ने लंबित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक के भुगतान की मांग को लेकर शुक्रवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय पर एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिलाध्यक्ष तारा देवी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार से फंड जारी होने के बावजूद उनका भुगतान जानबूझकर रोका जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि भुगतान के नाम पर उनसे अवैध वसूली की जाती है और शिकायत करने पर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। जिला सचिव जानकी देवी ने बताया कि आशा कार्यकर्ता वर्षों से विभिन्न स्वास्थ्य अभियानों में योगदान दे रही हैं, लेकिन उनकी प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड और आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने में वर्ष 2018 से किए गए कार्य का भुगतान अब तक नहीं मिला है। जानकी देवी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्र सरकार द्वारा घोषित प्रति माह 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी आशा कार्यकर्ताओं को प्राप्त नहीं हुई है। कार्यकर्ताओं ने कुष्ठ रोग, टीबी, दस्तक और संचारी रोग अभियानों सहित कई स्वास्थ्य कार्यक्रमों में किए गए कार्य की प्रोत्साहन राशि भी वर्षों से लंबित होने की बात कही। आभा आईडी (ABHA ID) के सृजन में 1 जनवरी 2023 से किए गए कार्य का भुगतान भी 2024 से अधूरा और कम किया जा रहा है। धरना दे रहीं आशाओं ने बताया कि दस्तक और संचारी अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में उन्हें मात्र 10 रुपये प्रतिदिन की प्रोत्साहन राशि पर काम करने को मजबूर किया जाता है, जबकि इस कार्य में पूरा दिन घर-घर जाकर निरीक्षण और लोगों को जागरूक करने में लग जाता है। आशा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सभी लंबित भुगतान नहीं किए गए, तो वे दोबारा हड़ताल करने को विवश होंगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।
सुल्तानपुर जिले के चांदा कोतवाली क्षेत्र में चोरों ने बिजली विभाग को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाया है। सोनावां गांव में 9-10 अप्रैल की रात नेशनल हाईवे-731 के किनारे लगे 250 केवीए के ट्रांसफार्मर को चोरों ने निशाना बनाया। चोरों ने ट्रांसफार्मर को नीचे गिराकर क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद उन्होंने ट्रांसफार्मर के अंदर मौजूद कीमती कॉपर क्वायल और ट्रांसफार्मर ऑयल निकाल लिया। इस वारदात से बिजली विभाग को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है। सुबह ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर को क्षतिग्रस्त हालत में देखा, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। कोइरीपुर विद्युत उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर राम ललन पाल ने इस संबंध में कोतवाली चांदा में अज्ञात चोरों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि चोरों ने सुनियोजित तरीके से इस घटना को अंजाम दिया। ट्रांसफार्मर पूरी तरह से बेकार हो गया है और क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कोतवाली प्रभारी अमित कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में संदिग्धों की तलाश कर रही है और जल्द ही घटना का खुलासा करने का दावा किया है। इस घटना ने बिजली विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
मिर्जापुर में विश्व होम्योपैथिक दिवस पर डॉ. सैमुएल हैनिमैन की जयंती मनाई गई। यह समारोह आरोग्य भारती और होम्योपैथिक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में मनमोहन होम्यो सभागार, नकहरा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. हैनिमैन के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। होम्योपैथिक एसोसिएशन के सचिव सुनील कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए होम्योपैथी के महत्व पर प्रकाश डाला। रोगों को जड़ से खत्म करने में सक्षम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जे.एल. विश्वकर्मा ने समारोह की अध्यक्षता की। उन्होंने डॉ. हैनिमैन के जीवन और योगदान पर विस्तार से चर्चा करते हुए होम्योपैथी को एक प्रभावी और सुरक्षित चिकित्सा पद्धति बताया, जो रोगों को जड़ से खत्म करने में सक्षम है। मुख्य अतिथि पूर्व सैनिक एसोसिएशन के अध्यक्ष त्रिभुवन पांडेय ने कहा कि होम्योपैथी मरीजों के लिए लाभकारी सिद्ध हो रही है और इसके उपचार का दायरा लगातार बढ़ रहा है। विशिष्ट अतिथि आरोग्य भारती काशी प्रांत के सह सचिव डॉ. संदीप श्रीवास्तव ने आधुनिक समय में होम्योपैथी की उपयोगिता पर जोर दिया। उन्होंने एविडेंस बेस्ड होम्योपैथी को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। जिला सचिव डॉ. टी.एन. द्विवेदी और कोषाध्यक्ष डॉ. विवेक सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि होम्योपैथी आज के दौर में एक अत्याधुनिक और प्रभावी चिकित्सा पद्धति के रूप में उभर रही है। मुख्य वक्ता वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. गणेश प्रसाद अवस्थी ने बताया कि होम्योपैथी विश्व की दूसरी सबसे बड़ी चिकित्सा पद्धति है। उन्होंने कहा कि यह अपने गुणों के कारण तेजी से लोकप्रिय हो रही है और समाज की अपेक्षाएं होम्योपैथिक चिकित्सकों से काफी बढ़ गई हैं, जिन्हें पूरा करना सबकी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में पवन कुमार, राम जी, शुभम गुप्ता, महेंद्र यादव, रोहित दुबे, राधे मोहन शुक्ला और राम प्रसाद सिंह सहित कई वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अंत में सुनील कुमार ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन शांति पाठ के साथ हुआ।
सिंगरौली जिले के चितरंगी थाना क्षेत्र के सुकहर गांव में पानी भरने को लेकर हुए विवाद में एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए 48 घंटे के भीतर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च 2026 को हुई थी। हैंडपंप से पानी भरने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही मारपीट में बदल गया। इस झड़प में कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल रामा बादीगीर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान 7 अप्रैल को उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा (302) जोड़कर जांच को आगे बढ़ाया। मृतक रामा बादीगीर की पत्नी सुखमंती देवी ने बताया कि उनकी बेटी पानी भरने गई थी, जहां आरोपी शराब के नशे में बैठे थे। आरोपियों ने कहा था कि हैंडपंप किसी के बाप का नहीं है, पानी नहीं भरने देंगे। इसके बाद आरोपियों ने रामा बादीगीर के साथ मारपीट की, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद सभी आरोपी फरार हो गए थे और विभिन्न राज्यों में छिपने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर पहले एक आरोपी को पकड़ा। इसके बाद, बाकी चार आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए लाठी-डंडे भी बरामद कर लिए हैं। चितरंगी थाना प्रभारी सुधेश तिवारी ने बताया कि यह कार्रवाई चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
राजधानी रायपुर में चेन स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले अंतरराज्यीय गिरोह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गैंग मध्य प्रदेश के इंदौर जिले से लग्जरी वाहन में सवार होकर देशभर के अलग-अलग शहरों में घूम-घूमकर भीड़भाड़ वाले इलाकों में महिलाओं को निशाना बनाता था। पुलिस ने गिरोह के 8 सदस्यों को पकड़ा है, जिनमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष शामिल हैं। आरोपियों का नाम पुलिस द्वारा इंदौर निवासी संध्या सकटे, सोनिया हातागले, उज्वाला हातागले, साखरा बाई, ज्योति सकटे, सरिता ज्वरे, और अभय हतागले को गिरफ्तार किया है। इस तरह पुलिस ने पकड़ा मामले का खुलासा उस समय हुआ जब डी.डी. नगर थाना क्षेत्र में चंगोराभाठा बाजार से 66 वर्षीय महिला की सोने की चेन झपट ली गई। पीड़िता निर्मला वर्मा की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज में कुछ संदिग्ध महिलाएं पीड़िता के आसपास मंडराती दिखीं और मौका पाकर चेन चोरी करती नजर आईं। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध इनोवा वाहन भाठागांव बस स्टैंड के पास देखा गया है। टीम ने घेराबंदी कर वाहन को रोका, जिसमें 7 महिलाएं और 1 पुरुष सवार थे। पूछताछ में वे गुमराह करने की कोशिश करते रहे, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया। एक दर्जन से ज्यादा वारदात की रायपुर में पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी रायपुर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों सरस्वती नगर, खमतराई, कोतवाली, गोलबाजार और डी.डी. नगर में एक दर्जन से अधिक वारदातें कर चुके हैं। इसके अलावा गिरोह ने गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के कई शहरों में भी चेन स्नेचिंग की घटनाओं को अंजाम दिया है। चेन सहित गाड़ी और कटर जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10,500 रुपए नकद, 1 सोने की चेन, 1 कटर, 4 मोबाइल फोन और एक इनोवा कार (MP-09-BP-1064) जब्त की है। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 11.30 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने चोरी की चेन बेचकर ही यह लग्जरी वाहन खरीदा था। सभी आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।
मैनपुरी में डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन चुनाव संपन्न:अध्यक्ष और जिला मंत्री चौथी बार बने
मैनपुरी में मंगलवार को डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन का अधिवेशन और चुनाव संपन्न हुआ। करहल रोड स्थित एक मैरिज होम में आयोजित इस प्रक्रिया में नेत्रपाल सिंह को अध्यक्ष चुना गया, जबकि शिवमंगल सिंह चौथी बार जिला मंत्री बने। चुनाव प्रक्रिया शाम 7:30 बजे तक पूरी हो गई थी। नामांकन और मतदाता गणना सहित सभी चरणों को पूरा करने के बाद नेत्रपाल सिंह को नवनिर्वाचित जिलाध्यक्ष घोषित किया गया। शिवमंगल सिंह ने चौथी बार जिला मंत्री का पद संभाला। एसोसिएशन के सभी पदाधिकारियों ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष और जिला मंत्री का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर संगठन को आगे बढ़ाने और विस्तार देने के लिए हर संभव प्रयास करने का संकल्प लिया गया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, जनपद शाखा मैनपुरी के द्विवार्षिक चुनाव में अन्य पदों पर भी पदाधिकारियों का निर्वाचन हुआ। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर रामवीर सिंह, उपाध्यक्ष पद पर कुलदीप राजपूत, संगठन मंत्री मानसिंह शाक्य, संयुक्त मंत्री जयकेश यादव, संप्रेक्षक अतुल पाल, कोषाध्यक्ष राहुल शाक्य और मीडिया प्रभारी प्रदीप दीक्षित शामिल हैं।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के कार्यों के तहत सड़क चौड़ीकरण जारी है। इसी क्रम में इंदौर रोड स्थित पंचमपुरा में एक माताजी मंदिर की प्रतिमाओं को स्थानीय लोगों की उपस्थिति में विधि-विधान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया। यह स्थानांतरण आपसी सहमति से हुआ। इंदौर रोड पर दो तालाब से टैगोर चौराहा तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना चल रही है। पंचमपुरा इलाके में स्थित माताजी मंदिर इस मार्ग के चौड़ीकरण में बाधा बन रहा था, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर सहमति बनाई गई। स्थानीय पार्षद और क्षेत्र के निवासियों की मौजूदगी में मंदिर की प्रतिमाओं को विधि-विधान से पूजन-पाठ के बाद दूसरे मंदिर में स्थापित किया गया। इस प्रक्रिया में ढोल के साथ धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए। स्थानीय पार्षद राजेंद्र कुंवाल ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के बाद उसी स्थान पर मंदिर का पुनः निर्माण किया जाएगा और प्रतिमाओं की विधिवत पुनः स्थापना की जाएगी। इस दौरान पार्षद राजेंद्र कुंवाल, ओमप्रकाश मोहने, मोनू वर्मा, किशोर मोहने और उपयंत्री मुकुल मेश्राम सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सिवनी जिले के घंसौर मुख्य बाजार में शुक्रवार शाम साप्ताहिक बाजार के दौरान वसूली को लेकर विवाद हो गया। ठेकेदार के कर्मचारियों और व्यापारियों के बीच हुई इस झड़प में दो व्यापारियों पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे वे घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ठेकेदार के कर्मचारी द्वारा की जा रही वसूली पर कुछ व्यापारियों ने आपत्ति जताई थी। इसी बात पर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ठेकेदार पक्ष के लोगों ने अचानक आक्रामक होकर व्यापारियों पर हमला कर दिया। हमले में घायल हुए व्यापारियों की पहचान अमित नामदेव और गणेश नामदेव के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। चिकित्सकों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है। यह घटना बीच बाजार में हुई, जिससे बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही घंसौर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया ने बताया कि विवाद और हमले की सूचना मिली है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी शौरभ शिवहरे सहित उसके सहयोगियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। पुलिस फिलहाल पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कर रही है। बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) नई दिल्ली ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) एवं नौसेना अकादमी (NA) परीक्षा-(I) 2026 और संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा-(I) 2026 की तैयारियों को लेकर इंदौर कमिश्नर कार्यालय में बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े ने की। डॉ. खाड़े ने बताया कि यह संघ लोक सेवा आयोग की प्रमुख परीक्षाओं में से एक है। परीक्षा 12 अप्रैल (रविवार) को इंदौर के 13 उपकेंद्रों पर दो एवं तीन सत्रों में आयोजित की जाएगी। इसमें कुल 5493 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा का समय इस प्रकार रहेगा: NDA-NA परीक्षा CDS परीक्षा सभी 13 परीक्षा केंद्रों पर LIO नियुक्त परीक्षा के संपूर्ण प्रभार के लिए कमिश्नर डॉ. सुदाम खाड़े को परीक्षा समन्वयक अधिकारी और डिप्टी कमिश्नर (राजस्व) सपना एम. लोवंशी को प्रभारी परीक्षा अधिकारी नियुक्त किया गया है। संघ लोक सेवा आयोग द्वारा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी एनआर राव, चिकित्सा सलाहकार डॉ. डीके सेठ और वरिष्ठ मंडल सामग्री प्रबंधक रतलाम अमीर यादव को निरीक्षण अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही सभी 13 परीक्षा केंद्रों पर स्थानीय निरीक्षण अधिकारियों (LIO) की नियुक्ति की गई है। बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, सुरक्षा एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। प्रत्येक केंद्र पर सशस्त्र गार्ड तैनात किए जाएंगे तथा फिस्किंग के लिए मेटल डिटेक्टर की व्यवस्था अनिवार्य होगी। परीक्षा के दौरान मोबाइल, कैलकुलेटर, स्मार्ट वॉच, डिजिटल वॉच, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, पुस्तकें, बैग, लाइटर एवं माचिस सहित किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री परीक्षा कक्ष में लाना पूर्णतः निषिद्ध रहेगा। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों के चेहरे का प्रमाणीकरण (फेस ऑथेंटिकेशन) किया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने से 30 मिनट पूर्व प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे।
पलवल में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसवी एंड एसीबी) ने पलवल में बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो की टीम ने नगर परिषद पलवल के क्लर्क सुनील कुमार को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। सुनील कुमार नगर परिषद में क्लर्क के पद पर कार्यरत होने के साथ-साथ पटवारी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभाल रहा था। शिकायतकर्ता धर्म सिंह ने एसीबी को बताया था कि क्लर्क सुनील कुमार उसकी जमीन को नगर परिषद की सीमा से बाहर दर्शाने के लिए 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर रहा था। जिस पर उसने एसीबी से संपर्क किया। शिकायत की जांच के बाद बिछाया जालशिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, एसीबी पलवल इकाई की टीम ने एक सुनियोजित जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान, आरोपी सुनील कुमार को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया। यह पूरी कार्रवाई स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में पारदर्शिता के साथ की गई। आरोपी के खिलाफ थाना एसवी एंड एसीबी फरीदाबाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। एसीबी प्रमुख ए.एस. चावला ने इस संबंध में कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले सभी व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

