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Delhi PG Building Collapse | सत्य निकेतन हादसे में ऑपरेटर की भूमिका से लेकर दीवार तोड़ने तक, जांच में सामने आए 5 बड़े खुलासे

दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी पीजी (PG) बिल्डिंग गिरने के मामले में पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ रही हैं। 6 सितंबर को हुए इस दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की जान चली गई थी। पुलिस जांच में ऑपरेटर की संदिग्ध भूमिका, बदहाल इमारत को किराए पर लेने और बिना योजना के कराई जा रही तोड़-फोड़ को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस जांच के तहत PG ऑपरेटर सुधांशु और उसके बिजनेस पार्टनर शुभम त्यागी की गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, जब बिल्डिंग गिरी, तो सुधांशु दुर्घटना वाली जगह से सिर्फ़ 100 मीटर दूर अपने ऑफ़िस में मौजूद था। घटना के बारे में पता चलने के बावजूद, वह कथित तौर पर मौके पर नहीं गया। पुलिस ने बताया कि उसने कुछ फ़ोन कॉल किए और फिर उस इलाके से चला गया। एक अधिकारी ने बताया कि सुधांशु को डर था कि बिल्डिंग गिरने के बाद इलाके के लोग उस पर हमला कर सकते हैं। पुलिस अब उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के बाद उसने किससे संपर्क किया और उसकी गतिविधियां क्या थीं। गौरतलब है कि 6 सितंबर को सत्य निकेतन में एक पुरानी PG बिल्डिंग गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी। सुधांशु और शुभम सात PG चला रहे थे दिल्ली के भजनपुरा इलाके का रहने वाला सुधांशु 2022 से अपने दोस्त शुभम त्यागी के साथ PG अकोमोडेशन का बिजनेस कर रहा था। दोनों सत्य निकेतन में हॉस्टल डेज़ (Hostel Daze) नाम से अपने PG चलाते थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों सत्य निकेतन इलाके में सात PG या अकोमोडेशन सुविधाएं चला रहे थे। जो बिल्डिंग गिरी, उसे दोनों ऑपरेटरों ने अगस्त 2025 में 1.05 लाख रुपये प्रति महीने के किराए पर लिया था। पुलिस ने बताया कि प्रॉपर्टी का किराया कम था क्योंकि उसकी हालत खराब थी। जांचकर्ताओं को शक है कि सुधांशु को बिल्डिंग में हो रहे मरम्मत और निर्माण कार्य से जुड़े संभावित खतरों के बारे में पता था। हालांकि, पुलिस सूत्रों ने बताया कि उसने मरम्मत और निर्माण से जुड़े खतरों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। इसे भी पढ़ें: Kerala के Thiruvananthapuram में कार से 90 किलो गांजा जब्त, 2 तस्कर अरेस्ट PG ऑपरेटरों ने कथित तौर पर कोई बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव नहीं किया पुलिस सूत्रों ने बताया कि PG ऑपरेटरों ने बिल्डिंग में कोई बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव नहीं किया था। अब तक की जांच के मुताबिक, उनका काम मुख्य रूप से दीवारों पर पेंट करने और पुराने एयर कंडीशनर, बेड, अलमारी और टेबल लगाने तक ही सीमित था। साथ ही, जांच करने वाले यह भी देख रहे हैं कि प्रॉपर्टी पर कराए गए मरम्मत और रेनोवेशन के काम से क्या ढांचा कमज़ोर हुआ और क्या इसी वजह से आखिरकार वह ढह गई। सुधांशु के बिज़नेस पार्टनर शुभम त्यागी अभी फरार हैं। उन्हें ढूंढने के लिए कई पुलिस टीमें लगाई गई हैं, और जांच करने वाले घटना में उनकी कथित भूमिका की भी जांच कर रहे हैं। लेबर कॉन्ट्रैक्टर से पूछताछ में रेनोवेशन की जानकारी मिली मंगलवार को उत्तर प्रदेश के कासगंज से लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद जांच ने एक नया मोड़ लिया। सानोज बिल्डिंग के मालिक महेश गुप्ता के लिए काम कर रहे थे, जिन्होंने उन्हें प्रॉपर्टी के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण का काम सौंपा था। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सानोज और उनके मज़दूर बिल्डिंग ढहने से करीब 10 दिन पहले से रेनोवेशन का काम कर रहे थे। चल रहे कामों में से एक काम बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर को एक ही लेवल पर लाना था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि काम के हिस्से के तौर पर बेसमेंट में पहले ही लगभग तीन ट्रक मलबा डाला जा चुका था। इसे भी पढ़ें: Love Horoscope For 10 September 2026 | आज का प्रेम राशिफल 10 सितंबर 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन दुकान के लिए जगह बनाने के लिए कथित तौर पर दीवार तोड़ी गई जांच करने वालों ने ग्राउंड फ्लोर की एक दीवार पर भी ध्यान केंद्रित किया है, जो कथित तौर पर दुकान के लिए जगह बनाने में बाधा डाल रही थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिस दिन बिल्डिंग ढही, उसी दिन कथित तौर पर वह दीवार तोड़ी गई थी। पुलिस को शक है कि दीवार हटाने के बाद ढांचा भार नहीं झेल पाया और पूरी बिल्डिंग ढह गई। अब जांच में रेनोवेशन और तोड़-फोड़ के काम के क्रम, खासकर दीवार हटाने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इससे ढांचे के गिरने में सीधे तौर पर कोई भूमिका थी। लंच पर जाने की वजह से मज़दूर ढहने की घटना से बच गए जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, घटना के समय ने शायद एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब बिल्डिंग ढही, तो उसके अंदर काम कर रहे मज़दूर लंच के लिए गए हुए थे। नतीजतन, कॉन्ट्रैक्टर और उनके मज़दूर बिल्डिंग ढहने की चपेट में आने से बच गए। लंच खत्म करने के बाद जब सानोज साइट पर लौटे, तो उन्होंने देखा कि बिल्डिंग पहले ही ढह चुकी थी। पुलिस की जांच ज़िम्मेदारी और स्ट्रक्चरल सुरक्षा पर केंद्रित है अब जांच में कई पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जैसे कि रेनोवेशन का काम, दीवार गिराना, बिल्डिंग की हालत, और प्रॉपर्टी के मालिक, लेबर कॉन्ट्रैक्टर और PG ऑपरेटरों की भूमिका। पुलिस शुभम त्यागी का पता लगाने और सुधांशु के कॉल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण करने की भी कोशिश कर रही है ताकि बिल्डिंग गिरने से ठीक पहले और बाद की घटनाओं का क्रम पता चल सके। जांचकर्ताओं के यह पता लगाने के बाद कि रेनोवेशन के काम ने बिल्डिंग की स्ट्रक्चरल मज़बूती पर क्या असर डाला होगा, आगे की कार्रवाई की उम्मीद है। Read LatestNational News in Hindi only on Prabhasakshi

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 9:31 am

Kerala के Thiruvananthapuram में कार से 90 किलो गांजा जब्त, 2 तस्कर अरेस्ट

केरलम में तिरुवनंतपुरम के वेल्लारडा में बृहस्पतिवार को एक कार से करीब 90 किलोग्राम गांजा बरामद किए जाने के बाद उसमें सवार दो लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अखिल और सुबीश के रूप में हुई है। तिरुवनंतपुरम ग्रामीण पुलिस की जिला मादक पदार्थ निरोधक एवं विशेष कार्रवाई बल की टीम ने बृहस्पतिवार तड़के वेल्लारडा और कट्टाकडा के बीच एक स्थान पर उनकी कार को रोककर तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती तलाशी के दौरान पुलिस को कोई मादक पदार्थ नहीं मिला। हालांकि, गहन जांच में वाहन के निचले हिस्से में एक विशेष रूप से बनाया गया चैंबर मिला। इसमें कई पैकेट रखे थे, जिनमें करीब 90 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने कथित तौर पर आंध्र प्रदेश से गांजा खरीदा था और उसे तमिलनाडु के रास्ते केरलम ले जा रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मादक पदार्थ के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों का पता लगाने के लिए दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। दोनों आरोपी पहले भी मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश में गांजा उपलब्ध कराने वाले लोगों की जानकारी जुटाने के लिए भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को रिमांड की प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा।

प्रभासाक्षी 10 Sep 2026 9:23 am

अब बस में भी मिलेगा बिजनेस क्लास जैसा सफर, जानें केरल की प्रीमियम बस की खासियतें!

केरल (Kerala) सरकार की नई प्रीमियम बस इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। इस बस को खास तौर पर पैसेंजर को कम्फर्टेबल और बेहतर ट्रैवल देने के लिए तैयार किया गया है। बस के अंदर की फैसिलिटी और इसका प्रीमियम लुक लोगों का ध्यान खींच रहा है। इसे देखकर कहा जा रहा है कि अब रोड ट्रैवल करने वालों को भी हवाई जहाज जैसा आराम और फैसिलिटीज मिल सकती है।केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (KSRTC) की यह बस लंबी दूरी के सफर को पहले से ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। बस में पैसेंजर की फैसिलिटी का खास ध्यान रखा गया है, इसलिए आम बस ट्रिप के मुकाबले इसका एक्सपीरियंस काफी अलग नजर आता है। इसी वजह से इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से लोगों के बीच हॉट टॉपिक बन गया है। एयरोप्लेन जैसा एक्सपीरियंस केरल की नई प्रीमियम बस को पैसेंजर के आराम का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें कम्फर्टेबल लेदर सीटें लगी हैं और हर सीट पर अलग एंटरटेनमेंट स्क्रीन दी गई है। जर्नी में पैसेंजर स्क्रीन पर एंटरटेनमेंट कर सकते हैं। इसके अलावा बस में फ्री वाई-फाई और सीट के पास चार्जिंग पोर्ट की फैसिलिटी भी मिलती है। इससे पैसेंजर ट्रेवलिंग में अपने मोबाइल और दूसरे डिवाइस आसानी से चला और चार्ज कर सकते हैं।फैसिलिटी को एक ही बस में रखा गया है। यही वजह है कि इस सर्विस की तुलना एयरोप्लेन ट्रैवल से की जा रही है। सफर के साथ स्वाद का मजा इस बस में पैसेंजर की फैसिलिटी के लिए होस्टेस भी मौजूद रहती है। बस में होस्टेस पैसेंजर को गर्म ड्रिंक और शावरमा रोल जैसी खाने-पीने की चीजें देती हैं। इससे पैसेंजर को लॉन्ग जर्नी के दौरान खाने-पीने की फैसिलिटी बस में ही मिल जाती है। यह फैसिलिटी आम बस ट्रिप से इसे थोड़ा यूनिक और स्पेशल बनाती है।इस सुविधा से सफर थोड़ा ज्यादा कम्फर्टेबल और कनविनिएंट बन जाता है। बस में पैंट्री, कॉफी मेकर और मिनी फ्रिज जैसी फैसिलिटी भी दी गई हैं, जिससे इसे आम बस ट्रिप से अलग प्रीमियम एक्सपीरियंस मिलता है। बस के अंदर ही वॉशरूम फैसिलिटी लॉन्ग जर्नी में सबसे ज्यादा परेशानी वॉशरूम को लेकर होती है, लेकिन इस बस में इसका भी इंतजाम किया गया है। बस के अंदर ही वॉशरूम बनाया गया है, जिससे जरूरत पड़ने पर पैसेंजर को बस से नीचे उतरने की जरूरत नहीं होगी। बस का वॉशरूम भी साफ-सुथरा और ऑर्गनाइज होता है। यह फैसिलिटी खासतौर पर लॉन्ग डिस्टेंस ट्रैवल करने वाले पैसेंजर के लिए काफी काम की है।यही सुविधा इस बस को सामान्य लॉन्ग जर्नी की बसों से थोड़ा अलग बनाती है और लोगों को इसमें हवाई जहाज जैसा सफर महसूस हो रहा है।केरल (Kerala ) की यह नई प्रीमियम बस सड़क के सफर को ज्यादा कम्फर्टेबल बनाने की कोशिश है। तिरुवनंतपुरम (Thiruvananthapuram) और कोच्चि (Ernakulam, Kochi)के बीच चलने वाली इस प्रीमियम बस का वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। इस रूट का टिकट ₹671 बताया गया है। यह सर्विस 20 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। इसे लेकर लोग सरकारी बस में मिलने वाली इन नई फैसिलिटी की तारीफ कर रहे हैं। बस में मिलने वाली मॉडर्न फैसिलिटी से पैसेंजर को लॉन्ग डिस्टेंस जर्नी में ज्यादा फैसिलिटी मिल सकती है।

ज़ी न्यूज़ 8 Sep 2026 10:48 am