गोरखपुर के पिपराइच क्षेत्र में मौजूद महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज जंगल धूषण में सोमवार सुबह हाईस्कूल की अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया। यहां चार युवक दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देते हुए पकड़े गए। इस मामले में एक शिक्षक को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। जानिए कैसे खुला मामला परीक्षा के दौरान केंद्र व्यवस्थापक संदीप कुमार को कुछ छात्रों के आधार कार्ड पर शक हुआ। जांच करने पर आधार कार्ड में गड़बड़ी मिली। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो पता चला कि परीक्षा देने वाले युवक असली परीक्षार्थी नहीं हैं, बल्कि उनकी जगह बैठाए गए हैं। जांच में सामने आया कि जंगल धूषण के छात्र वीरेंद्र, शनि, नीरज और विनय के नाम पर फर्जी आधार कार्ड बनवाए गए थे। इन्हीं नकली दस्तावेजों के आधार पर सूरज, अभिषेक, करन और सौरभ नाम के युवक परीक्षा दे रहे थे। शिक्षक पर भी आरोप पुलिस जांच में यह भी पता चला कि पादरी बाजार स्थित एमएमआर पब्लिक स्कूल पादरी बाजार के शिक्षक कन्हैया सिंह ने फर्जी आधार कार्ड उपलब्ध कराए थे। आरोप है कि उन्होंने ही इन युवकों को परीक्षा में बैठाने की व्यवस्था कराई। केस दर्ज, जांच जारी मामले की सूचना पुलिस को दी गई। थानाध्यक्ष अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि तहरीर के आधार पर पांच आरोपितों के खिलाफ परीक्षा अधिनियम की धारा 7/13 और बीएनएस की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। यह मामला परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार भारत में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में मृत्यु के दो प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मेडिकल इमेजिंग के जरिए इन कैंसरों की समय पर पहचान हजारों जानें बचा सकती है। हालांकि, देश में प्रशिक्षित रेडियोलॉजिस्ट की भारी कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिसका असर खासतौर पर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में अधिक देखने को मिलता है। इसी चुनौती का समाधान निकालते हुए आईआईटी इंदौर के शोधकर्ताओं ने अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एल्गोरिदम [डेवपल किए हैं। ये मेडिकल इमेज में ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की बेहद सटीक पहचान और लोकेशन तय करने में सक्षम हैं। यह तकनीक न केवल कैंसर की जल्दी पहचान करती है, बल्कि अनावश्यक बायोप्सी की जरूरत को भी कम कर सकती है। आईआईटी इंदौर के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग की MODSS लैब में प्रोफेसर कपिल आहूजा के नेतृत्व में यह रिसर्च किया गया है। टीम में पीएचडी छात्र सौरभ सैनी, पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता डॉ. दीप्ति ताम्रकार और पूर्व पीएचडी छात्र डॉ. आदित्य ए. शास्त्री शामिल रहे। मैमोग्राम से ब्रेस्ट कैंसर की सटीक पहचान ब्रेस्ट कैंसर की जांच में उपयोग होने वाले मैमोग्राम में बारीक टेक्सचर पैटर्न होते हैं, जो कैंसर की स्थिति में अनियमित हो जाते हैं। आईआईटी इंदौर की टीम ने ‘हिस्टोग्राम ऑफ ओरिएंटेड टेक्सचर (HOT)’ डिस्क्रिप्टर एल्गोरिदम के जरिए इन पैटर्न का गहराई से विश्लेषण किया, जिससे घने ब्रेस्ट टिशू की स्थिति में भी स्वस्थ और कैंसरग्रस्त ऊतकों के बीच स्पष्ट अंतर संभव हो सका। सर्वाइकल कैंसर के लिए डीप लर्निंग समाधान सर्वाइकल कैंसर की पहचान में उपयोग होने वाली कोल्पोस्कोपी इमेज के लिए शोधकर्ताओं ने ‘ब्लॉक-फ्यूज्ड अटेंशन-ड्रिवन एडाप्टिवली-पूल्ड रेसनेट’ नामक डीप लर्निंग एल्गोरिदम डेवलप किया है। यह तकनीक रंग, किनारे, आकार और संरचना जैसी सूक्ष्म व अमूर्त विशेषताओं को एक साथ पहचानने में सक्षम है। पारदर्शिता और भरोसे पर जोर आईआईटी इंदौर के डायरेक्टर प्रो. सुहास जोशी ने कहा कि यह शोध राष्ट्रीय स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में संस्थान की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि डेवलप AI सिस्टम यह भी स्पष्ट करता है कि वह किसी निष्कर्ष पर कैसे पहुंचा, जिससे डॉक्टरों का भरोसा और पारदर्शिता दोनों बढ़ती हैं। भारतीय मरीजों पर होगा ट्रायल प्रोफेसर कपिल आहूजा ने बताया कि अब तक एल्गोरिदम को वैश्विक डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, लेकिन अब भारतीय मरीजों के लिए विशेष प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए टीम ने एचसीजी कैंसर अस्पताल की सीनियर ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रेणु दुबे शर्मा के साथ सहयोग किया है। इस ‘लैब-टू-मार्केट’ पहल को दृष्टि साइबर फिजिकल सिस्टम्स फाउंडेशन का समर्थन मिला है। शोधकर्ताओं का लक्ष्य भविष्य में इसी AI तकनीक को थायरॉयड, फेफड़े, ओरल, कोलोरेक्टल और इसोफेगल कैंसर जैसे अन्य प्रमुख कैंसरों तक विस्तार देने का है, जो भारत में कैंसर से होने वाली मौतों के शीर्ष कारणों में शामिल हैं।
शहर में मंगलवार, 24 फरवरी को “बेहतर ट्रैफिक, बेहतर भोपाल” अभियान के बीच कांग्रेस कमेटी द्वारा जवाहर चौक पर सुबह 10 बजे से किसान महाचौपाल का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। इसे देखते हुए यातायात पुलिस ने व्यापक पार्किंग व डायवर्जन प्लान जारी किया है। मंच पर बैठने वाले करीब 200 विशिष्ट अतिथियों के वाहन रंगमहल चौराहा से यादव मेडिकल तिराहा, काटजू तिराहा और राजस्थान स्वीट्स तिराहा होते हुए मॉडल स्कूल के पास ड्रॉप किए जाएंगे। इसके बाद वाहन निर्धारित स्थल पर पार्क होंगे। रूट प्लान ये रहेंगे प्रमुख डायवर्जन यात्रियों से सहयोग की अपील यातायात पुलिस ने एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों से विशेष रूप से अपील की है कि वे परिवर्तित मार्गों का उपयोग करें और पर्याप्त समय लेकर घर से निकलें। किसी भी असुविधा की स्थिति में यातायात कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0755-2677340 और 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।
जबलपुर में नेशनल हाईवे के जबलपुर–हिरन नदी मार्गखंड के 28 किमी पर स्थित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) की रिटेनिंग वॉल 22 फरवरी 2026 की शाम क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के बाद एहतियातन प्रभावित हिस्से पर यातायात रोक दिया गया और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकाला गया। सूचना मिलते ही पुलिस और मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीआरडीसी) का अमला मौके पर पहुंचा। एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक की शिकायत पर 23 फरवरी 2026 को शाहपुरा थाने में FIR दर्ज की गई। मामला धारा 285, 290, 324(5), 125 एवं 3(5) के तहत पंजीबद्ध है। जांच की जिम्मेदारी थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार धुर्वे को सौंपी गई है। 2017 में अनुबंध, 2022 में निर्माण पूरा; लागत 400 करोड़ जबलपुर–हिरन नदी मार्ग के पैकेज-1 अंतर्गत 4-लेन उन्नयन कार्य का अनुबंध 19 दिसंबर 2017 को हुआ था। परियोजना का निर्माण 7 फरवरी 2022 को पूरा किया गया, जिसे लगभग 4 वर्ष 2 माह में पूर्ण किया गया। इस परियोजना की लागत करीब 400 करोड़ रुपए बताई जा रही है। निर्माण कार्य ईपीसी मोड पर मैसर्स आरएसआरआईपीएल‑मेर्सी जॉइंट वेंचर द्वारा किया गया था। 50 वर्ष की आयु, 4 साल में दूसरी बार क्षति विभागीय जानकारी के अनुसार आरओबी की अनुमानित आयु 50 वर्ष बताई गई थी। इससे पहले 9 सितंबर 2025 को भी इसका एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ था। अब दोबारा रिटेनिंग वॉल धंसने से निर्माण गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। शिकायत में मानकों के पालन में कमी का उल्लेख किया गया है। कंपनी पहले ही ब्लैकलिस्ट, मार्ग डीएलपी में एमपीआरडीसी के अनुसार गुणवत्ता से जुड़े कारणों के चलते संबंधित कंपनी को 2 जनवरी 2026 को डिबार (ब्लैकलिस्ट) किया जा चुका है। मार्ग वर्तमान में Defect Liability Period (DLP) में है, इसलिए मरम्मत कार्य और उससे जुड़ा पूरा खर्च ठेकेदार द्वारा ही वहन किया जाएगा। मंत्री बोले- एक माह में सुरक्षित यातायात का लक्ष्य लोकनिर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने सोशल मीडिया पर कहा कि आरओबी की रिटेनिंग वॉल का क्षतिग्रस्त होना दुर्भाग्यपूर्ण है और ऐसा नहीं होना चाहिए था। नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने बताया कि सड़क विकास निगम ने युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और एक माह के भीतर सुधार कर सुरक्षित यातायात बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। मंत्री ने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने, FIR दर्ज कराने और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सुरक्षा के लिहाज से डायवर्जन मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था और संकेतक लगाए गए हैं। साथ ही रेलवे अधिकारियों से समन्वय कर पूर्व की लेवल क्रॉसिंग को पुनः शुरू करने की प्रक्रिया भी चल रही है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि दो पढ़े-लिखे बालिगों के बीच लंबे समय तक कायम शारीरिक संबंध, शादी का वायदा पूरा न करने का अपराध नहीं है। ऐसे में आपराधिक केस जारी रखना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। कोर्ट ने याची के खिलाफ आपराधिक केस कार्यवाही, चार्जशीट,सम्मन आदेश रद कर दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अवनीश सक्सेना ने बस्ती कोतवाली के श्याम बहादुर यादव की याचिका को स्वीकार करते हुए दिया है। याचिका पर अधिवक्ता आदित्य गुप्ता व वरिष्ठ अधिवक्ता ने बहस की । कोर्ट ने कहा स्वीकृत तथ्य है कि पीड़िता व आरोपी दोनों 2016से एक दूसरे को जानते हैं।2019से शादी के वायदे पर शारीरिक संबंध बनाए। परिवार शादी को राजी था।2019से 2025तक संबंध कायम रहा।2020मे दो बार गर्भपात भी कराया। पीड़िता जिला अस्पताल में डाटा एक्जक्यूटिव है और याची अंबेडकर नगर मेडिकल कॉलेज में जूनियर क्लर्क हो गया है। कोर्ट ने कहा संबंध सहमति से था या नहीं,इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि लंबे समय तक शारीरिक संबंध कायम रखा है,तो अवधारणा सहमति की होगी। बाद में शादी से इंकार से बलात्कार का अपराध नहीं बनता। कोर्ट ने कहा पीड़िता ने एफआईआर में यह तथ्य नहीं दिया कि वह तलाकशुदा महिला है।जो तथ्य है उसके आधार पर सजा की उम्मीद कम है। इसलिए केस जारी रखना मिसकैरेज आप जस्टिस है।और केस कार्यवाही रद कर दी।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें क्लैट यूजी- 2026 की मेरिट लिस्ट को पुनरीक्षित करने का निर्देश दिया गया था। न्यायालय ने कहा है कि वर्तमान मेरिट लिस्ट के अनुसार ही काउंसलिंग जारी रहेगी। साथ ही विशेषज्ञ पैनल की राय के आधार पर संपूर्ण मेरिट लिस्ट संशोधित करने का निर्देश स्थगित रहेगा। कोर्ट ने कहा विपक्षी याची को प्राविजनल प्रवेश दिया जा सकता है किन्तु यह अपील के निर्णय पर निर्भर करेगा। सभी को 1.25 अंक देना उचित नहीं है न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों सोनीपत के संघ (कंसोर्टियम आफ नेशनल ला यूनिवर्सिटीज) के संयोजक के माध्यम से दायर विशेष अपील की सुनवाई करते हुए दिया है। खंडपीठ ने कहा है कि सभी उम्मीदवारों को 1.25 अंक देने का निर्णय उचित नहीं है, क्योंकि इससे अन्य उम्मीदवारों के अधिकारों पर प्रभाव पड़ सकता है। आगे की कार्रवाई के लिए विशेषज्ञ पैनल की राय लेनी चाहिए। कोर्ट को बताया गया कि मूल याची अवनीश गुप्ता का चयन हो चुका है और उसे सोनीपत स्थित राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए काउंसलिंग की पेशकश संभव है। कोर्ट ने कहा अपील लंबित रहने तक याची को सोनीपत में अनंतिम प्रवेश दिया जा सकता है। यह परिणाम के अधीन रहेगा, जिसके परिणामस्वरूप उसे उच्चतर/बेहतर संस्थान में प्रवेश मिल सकता है। साथ ही यदि याची इस मुकदमे से इतर किसी भी माध्यम से उन्नयन आदि द्वारा किसी उच्चतर संस्थान में प्रवेश का पात्र हो जाता है तो भी यह लाभ अपील के लंबित रहने के बावजूद प्रदान किया जा सकता है। कंसोर्टियम के अधिवक्ता का कहना था कि गाजियाबाद निवासी याची अवनीश गुप्ता के इस तर्क को स्वीकार करने में एकलपीठ ने गलती की है कि पुस्तिका सी के प्रश्न संख्या 9 के दो उत्तर बी और डी सही थे। विशेषज्ञ पैनल ने मूल याची की आपत्ति को स्वीकार कर लिया है लेकिन ओवर साइट कमेटी (निगरानी समिति) ने उस सिफारिश को गलत साबित कर दिया। कहा गया कि न्यायालयों को विशेषज्ञ की राय में आसानी से हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। याची ने सभी अभ्यर्थियों को 1.25 अंक देने की कोई मांग नहीं की है। यह था मामला पूर्व में प्रश्न संख्या नौ के लिए दो उत्तर सही मिलने पर पूर्व में न्यायमूर्ति विवेक सरन ने कंसोर्टियम को निर्देश दिया था कि विकल्प 'बी' और 'डी' दोनों को सही मानकर मेरिट लिस्ट संशोधित कर एक महीने में पुनः प्रकाशित करें। ओवरसाइट कमेटी ने एक्सपर्ट कमेटी के निर्णय को बिना कारण बताए पलट दिया था। उसे सिर्फ विकल्प 'बी' को सही माना था। एकलपीठ ने पाया था कि ओवरसाइट कमेटी के निर्णय में कोई तर्क नहीं है। ऐसे में विशेषज्ञ समिति के निर्णय को ही माना जाएगा। कंसोर्टियम के इस तर्क को भी खारिज कर दिया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट को सुनवाई करने का अधिकार नहीं है क्योंकि अथॉरिटी कर्नाटक में पंजीकृत है। कहा था कि अगर किसी मामले में थोड़ा सा भी कॉज ऑफ एक्शन अदालत के क्षेत्र में होता है तो सुनवाई करने का अधिकार है। इस क्रम में सुप्रीम कोर्ट के कुसुम इंगोट्स एंड अलॉयस लट्ड बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले का हवाला भी दिया था।
इंदौर के लसूड़िया इलाके में खालसा चौक पर रविवार रात चार लड़कों ने कार सवार एक युवक के साथ बुरी तरह मारपीट की। इस मामले में लसूड़िया पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों को पकड़ लिया है। आरोपियों ने रुपए की मांग को लेकर युवक को लकड़ी और पत्थरों से बेरहमी से पीटा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई थी। एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह के मुताबिक, विशेष पुत्र विजय खेडकर, निवासी स्कीम नंबर 78, विजयनगर ने शिकायत में बताया कि रात करीब 2:30 बजे वह अपने साथियों के साथ कार से जा रहे थे। खालसा चौक के पास वे टॉयलेट लिए रुके। तभी वहां राम चौहान निवासी परदेशीपुरा, दीपांश और अमन आकर खड़े हो गए। आरोपी नशे में दिख रहे थे। उन्होंने पहले कपड़ों की तलाशी ली, फिर शराब के लिए रुपए मांगने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने अपशब्द कहे, मारपीट की और विजय की कार में तोड़फोड़ कर मौके से फरार हो गए। पीड़ित युवकों ने डायल 112 पर सूचना दी। रात में एफआरवी-16 में तैनात आरक्षक नरेंद्र मंडेलिया और राधेश्याम कुशवाह गश्त के दौरान मौके पर पहुंचे। इसके बाद स्कीम 136 रोड पर तीन-चार युवक पुलिस वाहन को देखकर भागने लगे। पीछा करने पर वे निर्वाणा हॉस्पिटल के आगे एक निर्माणाधीन मकान में छिपे मिले। भागते समय गिरने से आरोपी घायल भी हो गए। विशेष की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 119(1), 115(2), 296(ए), 351(3), 324(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया गया है।
इंदौर के मधुमिलन से छावनी पुल तक सड़क चौड़ीकरण को लेकर छावनी रोड इन दिनों शहर की नई सियासी-प्रशासनिक बहस का केंद्र बनी हुई है। 24 मीटर चौड़ाई के आधार पर बाधक निर्माण हटाने के नोटिस जारी होने के बाद क्षेत्र में असंतोष बढ़ा, मामला अदालत पहुंचा और अब इंदौर नगर निगम ने नोटिस प्रभावहीन कर दिए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि रहवासी अब भी असमंजस में हैं। कुछ दिन पहले सड़क पर सेंटर लाइन डाले जाने के बाद रहवासियों को चौड़ीकरण की आशंका हुई। जोन-11 के भवन अधिकारी ने 24 मीटर चौड़ाई में आ रहे हिस्सों को हटाने के नोटिस जारी कर दिए। इसके विरोध में रावत परिवार सहित अन्य प्रभावितों ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की शरण ली। एडवोकेट जयेश गुरनानी का कहना है कि वर्षों पहले 18 मीटर चौड़ाई के हिसाब से भवन निर्माण की अनुमतियां दी गई थीं। जब निगम ने खुद नक्शा पास किया, टैक्स लिया और अब अचानक 24 मीटर का हवाला देकर नोटिस दे दिया, तो रहवासी जाएं तो जाएं कहां जाएं? दो मानक, एक सड़क इंदौर विकास योजना 2021 में इस मार्ग की चौड़ाई 24 मीटर दर्शाई गई है। वहीं, पुराने रिकॉर्ड में 18 मीटर के आधार पर निर्माण अनुमति दी गई। यही विरोधाभास पूरे विवाद की जड़ है। कानून के मुताबिक बिना विधिक प्रक्रिया और अधिग्रहण के सीधे तोड़फोड़ की कार्रवाई नहीं हो सकती है। अभिभाषकों का कहना है कि पूर्व में भी न्यायालय ने प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए थे। सुनवाई से ठीक पहले निगम ने नोटिस को प्रभावहीन करने का निर्णय लिया और आश्वासन दिया कि आगे की कार्रवाई नियमों के तहत ही होगी। 20 फरवरी को 24 फीट मानकर लगाए थे निशान बीते सप्ताह इंदौर नगर निगम ने एक बार फिर छावनी सड़क पर तोड़फोड़ की तैयारी कर ली थी। निगम की टीम इस सड़क की चौड़ाई 80 फीट मानकर ही निशान लगाए थे। निगम की इस कार्रवाई से रहवासियों और दुकानदारों में आक्रोश है। रहवासियों की मांग है कि सड़क की चौड़ाई 80 नहीं 60 फीट रखी जाए। मधुमिलन चौराहे से जगन्नाथ धर्मशाला तक लगभग 870 फीट सड़क मास्टर प्लान योजना के अंतर्गत बनाई जाना है। 600 से ज्यादा मकान होंगे प्रभावित छावनी और सुभाष मार्ग के चौड़ीकरण में 600 से ज्यादा मकान बाधक हैं। छावनी सड़क पर 328 तो सुभाष मार्ग पर 304 मकान चिह्नित किए हैं। दोनों जगह मिलाकर 100 से ज्यादा मकान पूरे खत्म हो रहे हैं। दोनों ही जगह रहवासी सड़कों की चौड़ाई कम रखने की मांग कर रहे हैं। महापौर परिषद सदस्य भी उठा चुके हैं मांग रहवासियों के साथ जनप्रतिनिधि भी छावनी सड़क की चौड़ाई कम करने की मांग उठा चुके हैं। विधायक गोलू शुक्ला और महापौर परिषद सदस्य मनीष शर्मा मामा ने भी मास्टर प्लान की सड़कों को लेकर हुई बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था, लेकिन सहमति नहीं बन सकी थी। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि मास्टर प्लान में शामिल किसी भी सड़क की चौड़ाई कम नहीं की जाएगी। अब जब बाधक मकानों पर दोबारा निशान लगाए जा रहे हैं तो एक बार फिर यह मामला उठ गया है।
मध्य प्रदेश में ग्वालियर-भिंड हाईवे पर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर बाइक सवार 2 बदमाशों ने पिस्टल से फायरिंग की। घटना के दौरान बदमाशों ने टोल बूथ के अंदर एक धमकी भरी चिट्ठी भी फेंकी। पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। जानकारी के मुताबिक सिक्स लेन बनाने की मांग को लेकर फायरिंग की है। बदमाशों ने चिट्ठी में लिखा-सरकार अंधी हो चुकी है। आकाश जैसा अब कोई नहीं मरेगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हेलमेट और चेहरे ढंके थे प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, दो युवक भिंड की ओर से बाइक पर सवार होकर टोल प्लाजा पहुंचे। दोनों ने हेलमेट पहन रखे थे और चेहरा कपड़े से ढंका था। बाइक रोकने के बाद एक युवक नीचे उतरा। टोल प्लाजा की ओर बढ़ा। युवक ने पहले टोल प्लाजा के अंदर एक चिट्ठी अंदर फेंकी, फिर पिस्टल निकालकर कंप्यूटर की ओर फायरिंग कर दी। अचानक हुई गोलीबारी से टोल कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद दोनों युवक मौके से फरार हो गए। देखिए 2 तस्वीरें… चिट्ठी में बदमाशों ने लिखा- हाइवे बनाओ या टोल हटाओ टोल प्लाजा पर फेंकी गई चिट्ठी में लिखा था – हाइवे बनाओ या टोल हटाओ। आकाश भदौरिया जैसा अब कोई नहीं मरेगा। नेताओं को अपने फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन ग्वालियर-भिंड हाईवे का काम शुरू होना चाहिए। अगर काम चालू नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा कदम उठाया जाएगा। सरकार अंधी हो चुकी है। पुलिस जांच में जुटी वहीं गोलीबारी की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लिए। आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर बाइक सवारों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान की जा रही है। फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 80 किलोमीटर का हाईवे, लगातार हादसे ग्वालियर से भिंड के बीच करीब 80 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि आए दिन दुर्घटनाओं में जानें जा रही हैं। हाईवे को सिक्स लेन में तब्दील करने की मांग कई वर्षों से उठ रही है। संत समाज, स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। आकाश भदौरिया की मौत का जिक्र, 16 फरवरी को गई थी जान चिट्ठी में जिस आकाश भदौरिया का जिक्र किया गया है, उसकी सात दिन पहले सड़क हादसे में मौत हुई थी। जानकारी के अनुसार, 16 फरवरी की शाम भिंड के विनोद नगर निवासी 24 वर्षीय आकाश भदौरिया अपने बड़े भाई के साथ बाइक से अटेर जा रहे थे। बायपास पर एक तेज रफ्तार टैंकर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। हादसे में आकाश की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि टैंकर चालक वाहन लेकर फरार हो गया था। पहले भी हो चुका है आंदोलन ग्वालियर-भिंड हाईवे को सिक्स लेन बनाने और सड़क सुरक्षा की मांग को लेकर पूर्व में भी आंदोलन हुए हैं। 29 दिसंबर को बरेठा (मालनपुर) टोल प्लाजा पर संत समाज ने एक दिवसीय टोल फ्री आंदोलन किया था। कालिका माता मंदिर बघेली बहादुरपुरा में आयोजित बैठक के बाद आंदोलन का निर्णय लिया गया था।
NEET PG काउंसलिंग 2026 के तहत NRI कोटे की सीटों को लेकर विवाद सामने आया है। इसे लेकर NRI अभ्यर्थियों ने डायेरक्टोरेट ऑफ मेडिकल एजुकेशन (DME) द्वारा चौथे मॉप-अप राउंड में बची हुई NRI सीटों को जनरल कोटे में परिवर्तित किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इसमें सोमवार को इंदौर हाई कोर्ट में सुनवाई हुई। इसमें कोर्ट ने DME को निर्देश दिए हैं कि NRI को अंतिम राउंड में मौका दें।याचिकाकर्ता डॉ.अभि शर्मा की ओर से एडवोकेट हेमेंद्र जैन ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा नियमों के अनुसार NRI अभ्यर्थी फर्स्ट राउंड, सेकंड राउंड और मॉप-अप राउंड तक NRI कोटे में प्रवेश पाने के पात्र होते हैं। इसके बावजूद DME द्वारा चौथे मॉप-अप राउंड में शेष NRI सीटों को जनरल कोटे में बदल दिया गया, जिससे पात्र NRI छात्रों के संवैधानिक और वैधानिक अधिकार प्रभावित हुए।अन्य याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर एडवोकेट अजय बागड़िया ने दलील दी कि यदि अंतिम राउंड तक पात्र NRI अभ्यर्थी उपलब्ध हैं, तो नियमानुसार उन्हें NRI कोटे की सीटों पर ही प्रवेश दिया जाना चाहिए। सीटों को समय से पहले जनरल कोटे में परिवर्तित करना न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का भी उल्लंघन है। हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण अंतरिम आदेशसुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने छात्रों के पक्ष में अहम अंतरिम आदेश पारित करते हुए DME को निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश पीजी एडमिशन नियमों के अनुसार पात्र NRI अभ्यर्थियों को अंतिम राउंड तक अवसर दिया जाए। कोर्ट ने यह भी माना कि जब पात्र NRI उम्मीदवार मौजूद हों, तब सीटों को अन्य कोटे में परिवर्तित करना न्यायोचित नहीं है।पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांगकानूनविदों का मानना है कि यह आदेश NRI छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, यह मेडिकल काउंसलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमों के समान अनुपालन का स्पष्ट संदेश देता है। छात्रों और अभिभावकों ने DME से मांग की है कि वह हाईकोर्ट के आदेश का पूरी तरह पालन करे और अंतिम राउंड तक पात्र NRI छात्रों को उनके वैधानिक अधिकारों के अनुरूप NRI कोटे में प्रवेश सुनिश्चित करे। ये खबर भी पढ़ें… रोजगार सहायकों के ट्रांसफर-टर्मिनेशन पर रोक मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने सोमवार को ग्राम रोजगार सहायक मार्गदर्शिका 2025 पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने सरकार आदेश दिया है कि आगामी आदेश तक किसी भी रोजगार सहायक का ट्रांसफर और टर्मिनेशन नहीं होगा। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।पूरी खबर पढ़ें भोजशाला; ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई धार स्थित भोजशाला मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सभी याचिकाकर्ताओं और प्रतिवादियों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे रिपोर्ट पर दो सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां, सुझाव और सिफारिशें प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 16 मार्च को निर्धारित की गई है।पूरी खबर पढ़ें
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि विपरीत धर्म के बालिग जोड़े का बिना शादी किए लिव इन में अपनी मर्जी से रहना किसी कानून में अपराध नहीं है।साथ ही हाईकोर्ट ट्रायल कोर्ट नहीं है जो उस दशा में यह पता करें कि कोई अपराध हुआ है या नहीं, जबकि किसी ने एफआईआर या शिकायत दर्ज नहीं कराई हो। कोर्ट ने कहा बालिग नागरिकों को संविधान के अनुच्छेद 14,15 व 21 के अंतर्गत समानता व जीवन स्वतंत्रता का मूल अधिकार प्राप्त है। उन्हें अपनी पसंद के व्यक्ति से शादी करने या न करने या बिना शादी किए लिव इन में रहने का संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। विपरीत धर्म के बालिग का साथ रहना कोई अपराध नहीं है, उन्होंने साथ रहने का फैसला लिया है तो जीवन खतरे की आशंका पर उनकी सुरक्षा की मांग क्यों न स्वीकार की जाय। कोर्ट ने कहा राज्य का संवैधानिक दायित्व है कि वह प्रत्येक नागरिक की जीवन सुरक्षा करे। दैहिक स्वतंत्रता को सुरक्षा लेने से वंचित नहीं किया जा सकता। संविधान किसी के साथ धर्म ,जाति ,लिंग, आदि के आधार पर भेदभाव करने पर रोक लगाता है। इस पर कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि याचियों को किसी से कोई नुकसान होता है, तो वे अपनी शिकायत पुलिस अधिकारियों से करे और पुलिस मामले और उनकी उम्र की जांच करें और आरोपों में कोई सच्चाई मिलती है, तो वे उनके जीवन, शरीर और आज़ादी की सुरक्षा के लिए कानून के अनुसार कार्रवाई करेंगे। कोर्ट ने कहा अगर कोई उनकी मर्ज़ी के खिलाफ, या किसी धोखे, ज़बरदस्ती, लालच, गलत असर या गलत बयानी से उनका धर्म बदलने की कोशिश करता है, तो वे रिपोर्ट/शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कोर्ट ने कहा सभी संबंधित अधिकारियों के लिए ज़रूरी हैं और उनका सख्ती से पालन किया जाएगा। किंतु यह आदेश पुलिस अधिकारियों के सामने लंबित किसी भी जांच में रुकावट नहीं डालेगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने नूरी व अन्य सहित 12 याचिकाओ को स्वीकार करते हुए दिया है।कुल 12 महिलाओं में से सात मुस्लिम हैं जो हिंदू के साथ है तो पांच हिंदू हैं जो मुस्लिम पुरुष के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रह रही है। कोर्ट ने कहा कोई शादी करें या न करें यह उसकी पसंद है। सहमति से दो बालिग जोड़े का सेक्स करना अपराध नहीं है।यदि उनके जीवन को खतरा है तो राज्य का दायित्व है कि वह उनकी सुरक्षा करें। हालांकि सरकार की तरफ से कहा गया कि याचियो ने धर्म परिवर्तन प्रतिषेध कानून 2021के उपबंधो का पालन नहीं किया है। इनका कार्य अवैध है। खतरे की आशंका निराधार है।इसलिए सुरक्षा नहीं दी जा सकती। किसी ने खतरे की शिकायत या एफ आई आर नहीं की है।बिना धर्म बदले लिव इन रिलेशनशिप में रहना कानून का उल्लघंन है। किंतु कोर्ट ने इन तर्कों को नहीं माना और कहा संविधान नागरिक की सुरक्षा का दायित्व राज्य पर डालता है।
दिल्ली पुलिस ने AI इंपैक्ट समिट में प्रदर्शन के आरोप में दो और कांग्रेस नेताओं को गिरफ्तार किया है। जम्मू-कश्मीर युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभान चिब और मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व राष्ट्रीय महासचिव मितेन्द्र दर्शन सिंह यादव को सोमवार दोपहर दिल्ली स्थित इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) कार्यालय के बाहर से हिरासत में लिया गया। तिलक मार्ग थाना पुलिस ने इन दोनों नेताओं को तब गिरफ्तार किया, जब वे राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए IYC कार्यालय पहुंचे थे। इन सभी कांग्रेस नेताओं पर 16 से 21 फरवरी तक भारत मंडपम में आयोजित AI इंपैक्ट समिट कार्यक्रम में टी-शर्ट उतारकर और अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने का आरोप है। प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेताओं के वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए थे। इन्हीं वीडियो के आधार पर पुलिस ने सभी को चिन्हित कर गिरफ्तार किया है। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ग्वालियर से यूथ कांग्रेस के नेता राजा गुर्जर, अजय कुमार और जितेंद्र यादव को भी हिरासत में ले चुकी है। इससे पहले रविवार और एक उसके एक दिन पहले दिल्ली (तिलक नगर थाना) पुलिस की टीम ग्वालियर आई थी। और ग्वालियर की विश्वविद्यालय व झांसी रोड थाना पुलिस की मदद से कांग्रेस नेता राजा गुर्जर अजय कुमार और जितेंद्र यादव को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर अपने साथ दिल्ली ले गई थी। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए आपको बता दें कि 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में युवक कांग्रेस ने एआई इंपैक्ट समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें करीब 11 कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए दिखाई दे रहे हैं। हाथ में ली हुई इन टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो छपी हुई थी और उनपर PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड लिखा हुआ था। इन सभी वीडियो के आधार पर दिल्ली पुलिस ने युवा कांग्रेस के नेताओं को पहचान करते हुए गिरफ्तार कर कार्रवाई कर रही है
होली पर सीएम के नेतृत्व में निकलेगी शोभायात्रा:डीआईजी, डीएम, एसएसपी ने मार्ग पर देखी सुरक्षा
होलिका दहन एवं होली के अवसर पर सीएम गोरखपुर में उपस्थित रहेंगे। होलिका दहन आयोजित समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। होली के दिन भगवान नरसिंह की शोभायात्रा में भी सीएम उपस्थित रहेंगे और रंग खेलेंगे। उनके शोभायात्रा मार्ग को दुरुस्त किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सोमवार की शाम डीआईजी एस चनप्पा, डीएम दीपक मीणा एवं एसएसपी डा. कौस्तुभ ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सीएम के शोभायात्रा को देखते हुए सारी तैयारी पूरी कर ली जाए। जहां जरूरत हो, वहां बैरिकेडिंग की जाए। घरों की छतों पर पुलिस के जवान तैनात किए जाएंगे। किसी को अनावश्यक छत पर जाने की अनुमति नहीं होगी। शोभायात्रा के गुजरने के कुछ समय बाद तक पुलिस के जवान छतों पर मुस्तैद रहेंगे। अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल, जुलूस मार्ग, प्रमुख चौराहों, छतों की स्थिति, बैरिकेडिंग, पार्किंग व्यवस्था और आपातकालीन निकास मार्गों का गहन अवलोकन किया। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।डीआईजी एस. चनप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया जाएगा। पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील बिंदुओं पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने नगर निगम एवं संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि घंटाघर क्षेत्र में साफ-सफाई, सड़क मरम्मत, स्ट्रीट लाइट और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम स्थल और जुलूस मार्ग पर किसी प्रकार का अतिक्रमण न रहे तथा भीड़ प्रबंधन के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाए।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने स्पष्ट किया कि जुलूस मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग की जाए और छतों पर अनधिकृत रूप से लोगों के चढ़ने पर रोक लगाई जाए। कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी कुछ समय तक पुलिस बल तैनात रहेगा ताकि किसी भी प्रकार की हुड़दंग या अप्रिय घटना की संभावना न रहे।निरीक्षण के दौरान अधिकारी चलते-चलते स्थानीय व्यापारियों से भी बातचीत करते रहे। व्यापारियों से सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को लेकर सुझाव लिए गए। अधिकारियों ने उनसे अपील की कि वे प्रशासन का सहयोग करें, दुकानों के सामने अनावश्यक सामान न रखें और अपने प्रतिष्ठानों के सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखें। इस वर्ष होली का पर्व रमजान के पवित्र महीने में पड़ रहा है। इसे देखते हुए अधिकारियों ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। धार्मिक स्थलों के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान एसपी सिटी अभिनव त्यागी, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्रा, क्षेत्राधिकारी कोतवाली ओमकार दत्त तिवारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
लाइसेंस दिलाने के नाम पर 9.68 लाख की ठगी:12 माह तक टरकाती रही काकादेव पुलिस फिर दर्ज की FIR
साइबर ठग ने कस्टमर सर्विस प्वाइंट (सीएसपी) लाइसेंस दिलाने के नाम पर विजय नगर निवासी ज्ञानेंद्र सिंह से 9.68 लाख रुपये की ठगी की। पीड़ित ने मामले की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और पुलिस से की। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस उन्हें 12 माह तक टरकाती रही। पीड़ित की शिकायत पर काकादेव पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। ज्ञानेंद्र सिंह के अनुसार बीती छह दिसंबर 2024 को उनके वाट्सएप पर मधु शर्मा नाम की एक महिला कि कॉल आई। आरोप है कि महिला ने सीपीसी अनुसंधान केंद्र का लाइसेंस दिलाने का झांसा दिया। क्यूआर कोड भेजकर अलग-अलग किस्तों में तीन लाख रुपये से अधिक का भुगतान कराया। उनसे एपीएस पेआउट और डीएमटी वॉलेट में रकम मंगाई गई। इसके बाद सरकारी फंड अटकने की बात कहकर दोबारा भुगतान करवाया। आरोपियों ने उनसे कुल 9.68 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। जनवरी 2025 में सूरज नाम के व्यक्ति की कॉल आई, जिसने खाते में रकम मंगवाकर दोगुना करके लौटाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद से आरोपी लगाकर उन्हें टरका रहे थे। काकादेव थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। साइबर सेल की मदद से आरोपी की तलाश की जा रही है।
राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डाक्टर अनिल मिश्र का कहना है कि जिस प्रकार से राम मंदिर में श्रद्धालुओं का दर्शन चल रहा है। वह नवसंवत्सर समारोह के दिन भी चलता रहेगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते प्रशासन अपनी योजना बना रहा है। 19 मार्च को राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के साथ-साथ आने वाले श्रद्धालु रामलला का दर्शन भी कर सकेंगे। इसकी व्यवस्था श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट जिला प्रशासन के साथ तैयार कर रहा है। जिससे हिंदी नव वर्ष और चैत्र शुक्ल नवरात्र के प्रथम दिन पर अयोध्या आने वाले श्रद्धालु राम मंदिर में दर्शन कर सकें. यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना भी जताई जा रही है. यूपी और उत्तराखंड के लोगों को शामिल किया जायेगा समारोह में राममंदिर के दूसरे तल पर श्री राम महायंत्र की स्थापना राष्ट्रपति द्रौपदी मर्मू करेंगी। कार्यक्रम में यूपी और उत्तराखंड के लोगों को शामिल किया जायेगा। इसको लेकर राम जन्मभूमि परिसर में भव्य आयोजन की तैयारी है. कार्यक्रम में कुल 5000 लोगों को निमंत्रण भेजा जा रहा है। राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के सूचीबद्ध लोगों को बुलाने की योजना है. सभी क्षेत्रों से नाम आ रहे हैं. ऐसे में जिनकी राम जन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय भूमिका रही है। या ऐसे लोग अभी तक प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण के अवसर पर नहीं आ पाए हैं। उन्होंने बताया कि ऐसे लोगों को बुलाने की हमारी योजना हैं। 300 से अधिक निर्माण करने वाली इकाइयों ने राम मंदिर के निर्माण में अपना सहयोग दिया है, उन सभी एजेंसियों को एलएंडटी के माध्यम से अधिकारियों को कार्यक्रम में उपस्थित रहने का निमंत्रण दिया जा रहा है। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के 3000 लोग, एलएंडटी और टाटा के साथ निर्माण कार्य से जुड़े इकाइयों के लगभग 2000 की संख्या में लोग उपस्थित रहने वाले हैं। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मंदिर के दूसरे तल पर निर्मित हुए गर्भगृह में श्री राम यंत्र की स्थापना होनी है. राम मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को बैठने की विशेष सुविधा होगी। ट्रस्ट के अनुसार, राम मंदिर के 8 एकड़ की परिधि में बने परकोटा के बाहर उत्तरी दिशा के मैदान में अतिथियों को बैठने की व्यवस्था बनाई जा रही है।
बदायूं नीलकंठ महादेव-जामा मस्जिद केस:अगली सुनवाई 23 मार्च को, सिविल जज कोर्ट में बहस जारी
बदायूं में नीलकंठ महादेव बनाम जामा मस्जिद मामले में अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी। यह मामला सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में चल रहा है, जहां फिलहाल इसकी सुनवाई योग्यता पर बहस जारी है। यह मुकदमा साल 2022 में दायर किया गया था। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश अध्यक्ष मुकेश पटेल इसके मुख्य वादी हैं। उनके साथ कुछ अधिवक्ता और अन्य हिंदूवादी नेता भी वादी पक्ष में शामिल हैं। हिंदू महासभा का दावा है कि जामा मस्जिद स्थल पर पहले नीलकंठ महादेव का मंदिर था। उनका आरोप है कि आक्रमणकारियों ने बाद में इसकी आकृति बदलकर मस्जिद का रूप दे दिया। महासभा का यह भी कहना है कि वहां मौजूद शिवलिंग अब भी शहर के दरीबा मंदिर में स्थापित है। इस मामले में पुरातत्व विभाग की रिपोर्ट पहले ही कोर्ट में पेश की जा चुकी है। वर्तमान में मुस्लिम पक्ष की ओर से बहस जारी है। इंतजामिया कमेटी का दावा है कि यह स्थल हमेशा से मस्जिद ही रहा है और वहां किसी मंदिर का कोई अस्तित्व नहीं था। मुस्लिम पक्ष का यह भी तर्क है कि यह मामला सुनवाई योग्य नहीं है। फिलहाल, अदालत में इस बात पर बहस चल रही है कि यह प्रकरण सुनवाई के योग्य है अथवा नहीं। कोर्ट ने अब 23 मार्च को मामले की अगली सुनवाई नियत की है।
मथुरा के थाना राया क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना नीमगांव रोड स्थित गांव बाढ़ोंन के समीप हुई, जहां एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार युवक को टक्कर मार दी। मृतक की पहचान अलीगढ़ के थाना गोरई स्थित ग्राम जटवार निवासी तेजवीर पुत्र राजकुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि तेजवीर 19 फरवरी को मथुरा के सलेमपुर में अपनी बहन के घर आया था। उसका छोटा भाई वहीं रहकर यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षा दे रहा था। सोमवार, 23 फरवरी को छोटे भाई का पेपर था, जिसे तेजवीर सलेमपुर से परीक्षा केंद्र छोड़ने के लिए बाइक से गया था। भाई को परीक्षा केंद्र पर छोड़ने के बाद तेजवीर अपने पैतृक गांव जटवार लौट रहा था। इसी दौरान नीमगांव रोड पर गांव बाढ़ोंन के पास अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेजवीर ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही थाना राया पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल मथुरा भिजवा दिया। सूचना मिलने पर परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली गोल्फ होम्स सोसायटी के एल-9 टावर में सोमवार शाम एक लिफ्ट में नौ वर्षीय बच्चे सहित चार लोग लगभग आधे घंटे तक फंसे रहे। लिफ्ट का पंखा बंद होने के कारण अंदर घुटन की स्थिति बन गई, जिससे बच्चे और बुजुर्ग महिला को काफी परेशानी हुई। इस घटना के बाद परिजनों और अन्य निवासियों ने टावर के नीचे बिल्डर प्रबंधन के खिलाफ जमकर हंगामा किया। सोसायटी निवासी अचिन राठौर ने बताया कि सोमवार शाम उनकी बुजुर्ग मां, नौ साल का बेटा, पत्नी और बहन ग्राउंड फ्लोर से बेसमेंट की ओर लिफ्ट से जा रहे थे। लिफ्ट जैसे ही नीचे की तरफ बढ़ी, अचानक झटका लगा और वह बीच में अटक गई। काफी प्रयास के बावजूद लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। अंदर फंसे लोगों ने पहले अलार्म और कॉल बटन दबाया, लेकिन तत्काल कोई मदद नहीं मिली। परिजनों का आरोप है कि लिफ्ट का पंखा भी काम नहीं कर रहा था। बंद डिब्बे जैसी स्थिति में हवा का प्रवाह न होने से अंदर लोगों को घुटन महसूस होने लगी। नौ वर्षीय बच्चा घबराने लगा और उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। इस दौरान बुजुर्ग महिला की भी हालत बिगड़ने लगी। अंदर से लगातार दरवाजा पीटकर और चिल्लाकर मदद मांगी गई। पास से गुजर रहे एक सोसायटी निवासी को आवाज सुनाई दी, जिसके बाद आसपास के लोग इकट्ठा हुए और प्रबंधन को सूचना दी गई। हालांकि, मेंटेनेंस स्टाफ समय पर नहीं पहुंचा, जिसको लेकर सोसायटी के लोगों में नाराजगी पैदा हो गई। पीड़ित परिवार का आरोप है कि सुरक्षा कर्मियों ने लिफ्ट का गेट खोलने में असमर्थता जताई और कहा कि उन्हें तकनीकी जानकारी नहीं है। परिजनों का कहना है कि यदि प्रशिक्षित स्टाफ मौजूद नहीं है, तो यह सीधे तौर पर निवासियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। किसी तरह आधे घंटे बाद लिफ्ट को मैनुअल तरीके से खोला गया और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों ने बिल्डर के खिलाफ विरोध किया।उनका कहना है कि सोसाइटी में पहले भी लिफ्ट अटकने की घटनाएं हो चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं किया गया। पीड़ित अचिन राठौर ने बताया कि मामले की लिखित शिकायत बिसरख थाना पुलिस को दी गई है ।उन्होंने मांग की है की लिफ्ट की तकनीकी जांच कराई जाए और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो वहीं थाना प्रभारी का इस पूरे मामले में कहना है शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करेगी।
ग्रेटर नोएडा में युवक को पाइप से पीटा:मारपीट का वीडियो आया सामने, आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा के सुत्याना गांव में एक युवक की बीच बाजार में पाइप से पिटाई का वीडियो सामने आया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुत्याना गांव निवासी अंशुल सिंह के रूप में हुई है। यह घटना ईकोटेक 3 थाना क्षेत्र के सुत्याना गांव की है। सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में देखा जा सकता है कि एक युवक सड़क पर दूसरे युवक को पाइप से पीट रहा है। इस दौरान आसपास खड़े लोग घटना को देखते रहे। पुलिस के अनुसार, सुत्याना गांव निवासी धीरज ने अंशुल की दुकान के सामने अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर दी थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में गाली-गलौज में बदल गई। इसके बाद अंशुल ने प्लास्टिक की पाइप से धीरज पर हमला कर दिया। वीडियो में अंशुल धीरज पर लगातार पाइप से वार करता दिख रहा है। वहां मौजूद कुछ लोगों ने अंशुल को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं रुका और धीरज को पीटता रहा। घटना के दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। कोतवाली प्रभारी अजय कुमार ने बताया कि आरोपी ने वाहन पार्किंग विवाद को लेकर पीड़ित के साथ मारपीट की थी। पीड़ित की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी अंशुल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईकोटेक-3 में पहले श्रमिक सुविधा केंद्र का सोमवार को दादरी विधायक तेजपाल नागर ने शुभारंभ किया। यह केंद्र ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा निर्मित किया गया है। उद्घाटन के दौरान प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव और इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित उपाध्याय भी मौजूद रहे। विधायक ने केंद्र के संचालन की जिम्मेदारी उद्यमी संगठन को सौंपी। यह सुविधा केंद्र कुशल कारीगरों और उद्यमियों की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से बनाया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 ने सेक्टर ईकोटेक-3 स्थित उद्योग केंद्र टू में पानी की टंकी के पास इसका निर्माण कराया है। लगभग 10 लाख रुपये की लागत से इसका निर्माण चार माह में पूरा हुआ। केंद्र में महिला और पुरुष दोनों कुशल कारीगरों के लिए बैठने के कमरे, शौचालय और किचन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। रोजगार की तलाश में आए कारीगर यहां बैठ सकेंगे। सुविधा केंद्र में दो रजिस्टर रखे जाएंगे: एक में श्रमिकों के नाम और संपर्क नंबर दर्ज होंगे, जबकि दूसरे में उद्यमियों की श्रमिकों की आवश्यकता (कार्य का प्रकार और संख्या) की जानकारी होगी। इससे उद्यमी अपनी जरूरत के अनुसार कारीगरों को बुला सकेंगे। श्रमिक सुविधा केंद्र का संचालन और श्रमिकों तक जानकारी पहुंचाने की जिम्मेदारी इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन को सौंपी गई है। उद्घाटन के अवसर पर दादरी विधायक तेजपाल नागर ने कहा कि यह सुविधा केंद्र श्रमिकों और उद्यमियों के बीच एक सेतु का कार्य करेगा। उन्होंने जोर दिया कि उद्योगों के लिए कुशल श्रमिक आवश्यक हैं, और श्रमिकों को रोजगार की आवश्यकता होती है। यह केंद्र दोनों की जरूरतों को पूरा करने में सहायक होगा। विधायक ने इस पहल के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की सराहना भी की। इस दौरान श्रमिकों को शॉल और मिठाई भी भेंट की गई। इस अवसर पर प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक प्रभात शंकर, प्रबंधक प्रशांत समाधिया सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म पर विवाद:बरेली में युवाओं का प्रदर्शन, रिलीज रोकने की मांग
बरेली में 'यादव जी की लव स्टोरी' फिल्म को लेकर विवाद गहरा गया है। सोमवार को यादव समाज के युवाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार वर्मा को राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। उन्होंने फिल्म के शीर्षक और कथित दृश्यों पर आपत्ति जताई। युवाओं का आरोप है कि फिल्म में यादव समाज की छवि को भ्रामक और अपमानजनक तरीके से प्रस्तुत किए जाने की आशंका है। उनका कहना था कि बिना उचित जांच के फिल्म रिलीज होने से जनभावनाएं आहत हो सकती हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से इस मामले को गंभीरता से लेने और संबंधित प्राधिकारियों को अवगत कराने का आग्रह किया। उन्होंने आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि प्रदेश में शांति और सद्भाव बना रहे। इस प्रदर्शन में गौरव यादव, मनोज यादव, आकाश यादव, दीपक यादव, निखिल यादव, राजनेश यादव, अजय यादव सहित कई अन्य युवा मौजूद रहे।
मेरठ से दिल्ली के लिए चली देश की पहली नमो भारत NCRTC ने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशनों पर 8,000 से अधिक वाहनों के लिए पार्किंग की व्यापक व्यवस्था की है। कॉरिडोर का उद्देश्य केवल तेज रफ्तार यात्रा ही नहीं, बल्कि निर्बाध और आरामदायक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना भी है। गाजियाबाद स्टेशन पर सबसे बड़ी पार्किंगकॉरिडोर के स्टेशनों में गाजियाबाद स्टेशन पर चारपहिया वाहनों के लिए सबसे बड़ी पार्किंग बनाई गई है। यहां 370 कारें और 632 दुपहिया वाहन खड़े किए जा सकते हैं। यह स्टेशन दिल्ली-मेरठ रोड पर स्थित है और पास में शहीद स्थल मेट्रो स्टेशन भी मौजूद है। इसके साथ ही साहिबाबाद स्टेशन पर 76 कारें और 223 दुपहिया, जबकि गुलधर स्टेशन पर 191 कारें और 848 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं। दिल्ली में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटीदिल्ली के सराय काले खां नमो भारत स्टेशन पर 266 कारें और 837 दुपहिया वाहनों की पार्किंग है। यह स्टेशन मल्टी-मोडल हब के रूप में विकसित किया गया है, जहां वीर हकीकत राय आईएसबीटी, मेट्रो स्टेशन और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पास में स्थित हैं। वहीं आनंद विहार नमो भारत स्टेशन पर भी करीब 50 वाहनों की पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। मेरठ में भी बेहतर व्यवस्थामेरठ साउथ स्टेशन पर 289 कारें और 854 दुपहिया वाहन पार्क किए जा सकते हैं। मोदीपुरम स्टेशन पर 135 से अधिक कारें और 1,200 से ज्यादा दुपहिया वाहनों की क्षमता है। शताब्दी नगर स्टेशन पर भी करीब 120 कारें और 350 से अधिक दुपहिया वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था है। इसके साथ ही देश की सबसे तेज मेरठ मेट्रो 12 स्टेशनों के बीच संचालित हो रही है। परतापुर, रिठानी, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी और डौरली स्टेशनों पर 60 से 160 दुपहिया वाहनों तक की पार्किंग सुविधा उपलब्ध है। जानिए क्या है पार्किंग दरेंउत्तर प्रदेश के स्टेशनों पर:10 मिनट से 6 घंटे : साइकिल ₹5 दुपहिया ₹10, कार/SUV ₹306 से 12 घंटे: साइकिल ₹5 दुपहिया ₹25, कार/SUV ₹6012 से 16 घंटे: साइकिल ₹10 दुपहिया ₹30 कार/SUV ₹80दिल्ली के स्टेशनों पर:10 मिनट से 6 घंटे: साइकिल ₹5 दुपहिया ₹20 कार/SUV ₹5016 घंटे से परिचालन समय तक: दुपहिया ₹50 कार/SUV ₹100 ऐप से मिलेगी रियल टाइम जानकारीयात्री नमो भारत कनेक्ट ऐप के जरिए रियल टाइम पार्किंग उपलब्धता, लाइव ट्रेन ट्रैकिंग, स्टेशन नेविगेशन, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और ‘खोया-पाया’ जैसी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।एनसीआरटीसी ने लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए ई-रिक्शा, ऑटो, फीडर बस, कैब और किराये पर साइकिल/दुपहिया जैसे विकल्प भी उपलब्ध कराए हैं। प्रत्येक स्टेशन पर ड्रॉप-ऑफ जोन बनाए गए हैं, जिससे मुख्य सड़कों पर जाम की समस्या कम हो और यात्रियों को एंट्री-एग्जिट में सुविधा मिले।
श्रावस्ती में माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा आयोजित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं जिले के 41 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा और निगरानी के बीच शांतिपूर्ण ढंग से चल रही हैं। सोमवार को हुई परीक्षा में कुल 1,724 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। जिले में कुल 23,275 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। प्रथम पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी विषय की परीक्षा में 13,218 में से 12,009 परीक्षार्थी उपस्थित हुए, जबकि 1,209 अनुपस्थित पाए गए। इंटरमीडिएट में 130 में से 127 परीक्षार्थी उपस्थित रहे और तीन अनुपस्थित थे। वहीं द्वितीय पाली में जीव विज्ञान और गणित विषय की परीक्षा में 6,848 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 6,336 उपस्थित रहे, जबकि 512 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन के लिए प्रशासन ने व्यापक व्यवस्था की है। पांच सेक्टर मजिस्ट्रेट और 41 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। सभी उपजिलाधिकारी जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में केंद्रों की निगरानी कर रहे हैं। प्रत्येक कक्ष में दो कक्ष निरीक्षक नियुक्त हैं। सुरक्षा को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्येन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ सुचारु रूप से संपन्न कराई जा रही हैं।
लखनऊ के डिजिटल एक्सपर्ट्स दिल्ली में आयोजित सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन (सीएसएफ) इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के सैटेलाइट कार्यक्रम शामिल हुए। ‘एडटेक एंड एआई कन्वेनिंग: एजुकेशन डायलॉग्स’ का आयोजन किया गया जिसमें हर बच्चे के लिए समान लर्निंग सुनिश्चित करने के लिए भारत के एडटेक और एआई रोडमैप पर व्यापक चर्चा की गई । कार्यक्रम में सरकारी प्रतिनिधियों, शिक्षा विशेषज्ञों ने टेक्नोलॉजी और एआई को बड़े पैमाने पर शिक्षा सुधार के लिए कैसे प्रभावी बनाया जाए इस पर चर्चा किया। ‘पीएम मोदी डिजिटल इंडिया के प्रति गंभीर’ मुख्य अतिथि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर चर्चा करते हुए कहा कि तकनीक और एआई गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आसान बनाने में शिक्षकों को सशक्त करने और युवाओं को भविष्य के कार्यक्षेत्र के लिए तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया अभियान ने तकनीक को सशक्तीकरण का माध्यम बनाया है और शिक्षा में इसका समावेश अवसरों का विस्तार करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डिजिटल इंडिया को लेकर बेहद गंभीर हैं। हमारी सरकार चाहती है कि भारत का प्रत्येक बच्चा डिजिटल इंडिया का हिस्सा बने और टेक्नोलॉजी में महारत हासिल करे। 90% परिवारों के पास स्मार्ट फोन इस अवसर पर ‘भारत सर्वे फॉर एडटेक 2025’ रिपोर्ट का दूसरा संस्करण लॉन्च किया गया। पूर्व नीति आयोग सीईओ अमिताभ कांत ने सर्वे जारी करते हुए बताया कि यह 10 राज्यों के 12,500 निम्न आय वर्गीय परिवारों और 2,500 शिक्षकों पर आधारित राष्ट्रीय स्तर का अध्ययन है। रिपोर्ट के अनुसार 90 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक स्मार्टफोन है और 63 प्रतिशत बच्चे सीखने के लिए तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। टेक्नोलॉजी से समाज में समानता आएगी स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार ने प्रमाण-आधारित नीति निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि यह रिपोर्ट एडटेक के उपयोग, इंफ्रास्ट्रक्चर , चुनौतियों और अंतिम पंक्ति की जरूरतों को समझने में मदद करेगी। सीएसएफ के संस्थापक आशीष धवन और सीईओ श्वेता शर्मा-कुकरेजा ने कहा कि मजबूत डिजिटल आधार और जिम्मेदार एआई नवाचार के जरिए ही हर बच्चे तक समान और प्रभावी शिक्षा पहुंचाई जा सकती है। सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों ने भी एआई के उपयोग पर जोर दिया उन्होंने कहा कि समाज में समानता आएगी।
आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र में सोमवार रात पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। शराब के नशे में छोटे भाई ने बड़े भाई की लोहे के सब्बल से वार कर हत्या कर दी। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, नगला किशनलाल, बजरंग नगर में सात भाइयों के परिवार में छोटे भाई सत्तो और बड़े भाई भूरा के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। सोमवार रात करीब आठ बजे दोनों के बीच शराब के नशे में कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। आरोप है कि गुस्से में सत्तो ने लोहे के सब्बल से भूरा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल भूरा को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। पड़ोसियों के मुताबिक दोनों भाइयों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी रंजिश और शराब के नशे में इस घटना को अंजाम तक पहुंचाया।
प्रदेश में रेलवे, सड़क सहित अधोसंरचना के जो भी बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं, उनकी प्रोग्रेस की समीक्षा हर माह की जाएगी। केंद्र सरकार के सहयोग से चलने वाले इन प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट केंद्र के अफसर भी लेंगे। मुख्य सचिव अनुराग जैन और केंद्रीय सचिव मनोज गोविल की मौजूदगी में मंत्रालय में हुई बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भूमि अधिग्रहण के सभी प्रकरणों के निराकरण और उनमें पारित मुआवजा राशि के वितरण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने अलग-अलग विभागों के बीच अनुमति जारी करने का काम कम से कम समय में करने के लिए कहा। मुख्य सचिव अनुराग जैन और भारत सरकार के कैबिनेट सचिवालय में सचिव समन्वयक मनोज कुमार गोविल ने सोमवार को मंत्रालय में संयुक्त रूप से पी.एम मॉनिटरिंग ग्रुप की बैठक में केंद्र के महत्वपूर्ण 11 प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय-सीमा अनुसार परियोजनाओं का क्रियान्वयन करें और पी.एम गति शक्ति पोर्टल पर प्रगति रिपोर्ट से नियमित अवगत कराएं। इन परियोजनाओं की समीक्षा की गई मुख्य सचिव जैन ने जबलपुर में प्रस्तावित 100 बिस्तरीय ईएसआई अस्पताल के लिए शीघ्र ही भूमि आवंटन के लिए आवेदन देने के श्रम विभाग को निर्देश दिए और कहा कि आवेदन प्राप्त होने के दो-तीन माह में भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाए। इंदौर-बुधनी नई रेललाइन, रामगंज मंडी से भोपाल नई रेललाइन परियोजना, सतना-रीवा रेलवे लाइन के दोहरी करण कार्य, इटारसी-नागपुर तीसरी रेल लाइन, रतलाम-महू-खंडवा अकोला गेज परिवर्तन कार्यों की गहन समीक्षा की गई।अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे भूमि अधिग्रहण के सभी प्रकरणों के निराकरण और उनमें पारित मुआवजा राशि के वितरण कार्य को समय-सीमा में पूर्ण करें। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच अनुमतियों आदि के लिए लगने वाले समय को न्यूनतम करने के भी निर्देश दिएं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे की जानकारी ली समीक्षा बैठक में शाहगंज बायपास से बाड़ी सेक्शन के फोर-लाइन प्रोजेक्ट की डिजाइन की समीक्षा की गई तथा अब तक भूमि के अधिग्रहण और पारित मुआवजा राशि के वितरण की जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान इंदौर वेस्टर्न सिक्स लाइन बायपास निर्माण कार्य की समीक्षा की गई और धार कलेक्टर तथा उद्योग विभाग को लंबित भू-अधिग्रहण प्रकरणों को समन्वय कर निपटाने के निर्देश दिए गए। इस दौरान मंडलाजिले के चुटका परमाणु ऊर्जा, संयंत्र परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी विभिन्न प्रकरणें की भी समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व, वन, श्रम, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, लोक निर्माण, एन.एच.आई, एमपीआरडीसी, रेल्वे सहित इंदौर, सीहोर धार, देवास, जबलपुर और सतना जिला प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए। बैठक में मंडला जिले की चुटका परमाणु ऊर्जा सयंत्र के प्रस्तावित परियोजना की समीक्षा भी की गई।
एक परिवार के तीन सदस्य बने ‘बेस्ट पावरलिफ्टर ऑफ भोपाल’:पिता, मां और 14 वर्षीय बेटी ने जीते खिताब
शहर के नीलबड़ क्षेत्र में 22 फरवरी को आयोजित भोपाल जिला पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता में एक ही परिवार ने ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भोपाल पावरलिफ्टिंग कॉरपोरेशन द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में करीब 200 महिला और पुरुष खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, लेकिन मंच पर सबसे ज्यादा चर्चा एक ही परिवार की रही।भोपाल रेलवे में मेल ट्रेन मैनेजर के पद पर कार्यरत जितेंद्र आसनानी ने 482.5 किलोग्राम वजन उठाकर पुरुष वर्ग में ‘बेस्ट पावरलिफ्टर ऑफ भोपाल’ का खिताब अपने नाम किया। उनकी पत्नी रेणु ने 285 किलोग्राम वजन उठाकर महिला वर्ग में अव्वल स्थान हासिल किया, वहीं 14 वर्षीय बेटी तनिषा ने 280 किलोग्राम वजन उठाकर न केवल अपना वर्ग जीता बल्कि ‘बेस्ट पावरलिफ्टर’ का सम्मान भी हासिल किया। 14 वर्ष की उम्र में बनाया कीर्तिमानतनिषा को प्रदेश की सबसे कम उम्र की वेटलिफ्टर माना जाता है। कम उम्र में जिस आत्मविश्वास और तकनीक के साथ उन्होंने वजन उठाया, उसने दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह निरंतर प्रशिक्षण मिलता रहा तो तनिषा आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय स्तर पर भी भोपाल का नाम रोशन कर सकती हैं।परिवार बना मिसालप्रतियोगिता में एक ही परिवार के तीन सदस्यों का अलग-अलग वर्गों में ‘बेस्ट पावरलिफ्टर’ चुना जाना अपने आप में दुर्लभ उपलब्धि है। आयोजन स्थल पर मौजूद खिलाड़ियों और दर्शकों ने इस परिवार की मेहनत और अनुशासन की सराहना की।जितेंद्र आसनानी का कहना है कि नियमित अभ्यास, संतुलित आहार और पारिवारिक सहयोग ही उनकी सफलता का आधार है। परिवार की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि खेल के प्रति समर्पण हो तो उम्र और जिम्मेदारियां बाधा नहीं बनतीं।
मेरठ में कपड़ा कारोबारी के परिवार के 6 लोग जिंदा जल गए। इनमें जुड़वां बेटियों समेत 5 बच्चे हैं। कारोबारी सोमवार की देर शाम नमाज पढ़ने गया था, तभी दो मंजिला मकान में भीषण आग लग गई। उस वक्त घर में 2 महिलाएं और 5 बच्चे थे। सभी लपटों में फंस गए। लोगों ने धुआं उठते देखा तो पुलिस और फायर विभाग को सूचना दी। मकान तक जाने वाली गली संकरी है। इसलिए फायर ब्रिगेड टीम पड़ोसी की छत से मकान तक पहुंची। 30 मिनट तक पूरा परिवार लपटों के बीच फंसा रहा। टीम ने सामने वाले मकान से सीढ़ी लगाकर लोगों को बाहर निकाला। कारोबारी की मां और पड़ोसी गंभीर रूप से झुलसे हैं। दोनों का इलाज चल रहा है। इस घटना से इलाके में मातम छा गया है। अस्पताल में मोहल्ले के लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी। पुलिस की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि गैस में लीकेज के चलते आग लगी है। 4 तस्वीरें देखिए… अब पढ़िए पूरा मामला…घटना लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र के सुराही वाली मस्जिद स्थित गली नंबर 1 किदवई नगर की है। सोमवार देर शाम कपड़ा कारोबारी इकबाल उर्फ आसिम अपने भाई फारुख के साथ नमाज पढ़ने मस्जिद में गए थे। घर में इकबाल की पत्नी रुखसार (30 साल), मां अमीर बानो (55 साल) और 5 बच्चे महविश (12), हम्माद (4 साल), अद्दस (3) , नाबिया (6 माह), इनायत (6 माह) थीं। बच्चे खेल रहे थे, महिलाएं खाना बना रही थीं। तभी अचानक आग लग गई। पड़ोसियों ने घर से आग की लपटें उठते देखा तो शोर मचाया। सूचना पर फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। सीढ़ी लगाकर लोग घर के भीतर पहुंचे और महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला गया। तत्काल सभी को राजधानी अस्पताल पहुंचाया गया। जहां रुखसार और 5 बच्चों को मृत घोषित कर दिया गया। नाबिया और इनायत इकबाल-रुखसार की जुड़वां बेटियां थीं। जबकि फारुख की बेटी महविश और बेटे हम्माद की हादसे में जान गई। फायर ब्रिगेड की टीम करीब 2 घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझा पाई। छतों के रास्ते फायर फाइटर्स की टीम अंदर पहुंचीएसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया- लिसाड़ी गेट किदवई नगर में इकबाल अंसारी का मकान था। यहां पर आग लगने की सूचना पुलिस को मिली थी। थाना पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। संकरी गलियों वाला इलाका है, इसलिए फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को अंदर आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। छतों के रास्ते फायर फाइटर्स की टीम अंदर पहुंची। पता चला कि मकान में आग लगी है। इसमें कपड़ों का भी कोई गोदाम था। मकान में अंदर 7 लोग फंसे हुए थे। सभी को फायर फाइटर्स की टीम ने आग से बाहर निकाला है। पिता का रो-रोकर बुरा हालमकान मालिक इकबाल मस्जिद में थे, जब उनके मकान में आग लगी। शोर मचने पर वे भी मौके पर पहुंचे। वे फूट-फूटकर रोने लगे। लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। इकबाल कपड़े तैयार कराते हैं। ऑर्डर पर और दूसरे शहरों में लगने वाली एग्जिबिशन में उन्हें सेल करते हैं। घर में बड़ी मात्रा में कपड़ा मौजूद था। सिवाल खास के विधायक गुलाम मोहम्मद भी अस्पताल पहुंचे। डीएम वीके सिंह, एसएसपी अविनाश पांडे, डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसपी क्राइम अवनीश कुमार भी अस्पताल में मौजूद रहे। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा भी अस्पताल पहुंचे। अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) सुरेंद्र सिंह ने बताया- आग पर काबू पा लिया गया है। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। ……………. ये खबर भी पढ़िए… स्कूली बच्ची पर चढ़ा ट्रक, सिर धड़ से अलग:बैग कंधे पर टंगा रहा; प्रयागराज में मामा के साथ बाइक से जा रही थी प्रयागराज में स्कूल जा रही 10 साल की बच्ची के ऊपर से ट्रक गुजर गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा इतना भीषण था कि सिर सड़क पर ही चिपक गया। उसकी मौके पर मौत हो गई। बच्ची के कंधे पर स्कूली बैग टंगा रहा। पढ़िए पूरी खबर…
चतरा जिले में सोमवार शाम एक बड़ा विमान हादसा सामने आया है। रांची से दिल्ली के लिए उड़ा एक मेडिकल एंबुलेंस एयरक्राफ्ट सिमरिया थाना क्षेत्र के जंगल में क्रैश हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान में कुल 7 लोगों के सवार होने की सूचना है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है। माना जा रहा है कि यह हादसा मौसम के अचानक खराब होने की वजह से हुआ है। मरीज संग मौजूद थे दो परिजनरेड बर्ड एविएशन कंपनी की एयर एंबुलेंस (मेडिकल एयरक्राफ्ट) में कैप्टन विवेक विकास भगत (पायलट), कैप्टन सबराजदीप सिंह (पायलट), संजय कुमार (मरीज), अर्चना देवी (परिजन) धूरू कुमार (परिजन), विकास कुमार गुप्ता (डॉक्टर), सचिन कुमार मिश्रा (पारामेडिकल स्टाफ) सवार थे। एयरक्राफ्ट रडार से गायब हो गया था बताया जा रहा है कि विमान शाम करीब 7 बजे रांची स्टेट हैंगर से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही एयरक्राफ्ट रडार से गायब हो गया। इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल और जिला प्रशासन द्वारा उसकी खोजबीन शुरू की गई। जंगल में गिर गया विमान खोज के दौरान पता चला कि विमान सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसारी पंचायत के खासी यातू कर्मचारी जंगल (स्थानीय क्षेत्र) में गिर गया है। यह इलाका घने जंगलों से घिरा हुआ है, जिससे राहत और बचाव कार्य में शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों ने तेज धमाके की आवाज सुनने और आसमान में धुआं उठते देखने की पुष्टि की है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, जिला प्रशासन, दमकल कर्मी और मेडिकल टीम मौके पर पहुंच गए। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है और एंबुलेंस की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है। फिलहाल प्रशासन द्वारा यात्रियों और चालक दल की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। उच्च अधिकारियों को घटना की जानकारी दे दी गई है।
भोपाल के कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित विंडसर पाम कॉलोनी में रविवार देर रात अज्ञात बदमाशों ने एक साथ पांच मकानों को निशाना बनाया। गेट और ताले तोड़कर घरों में घुसे बदमाशों ने आराम से वारदात को अंजाम दिया। सुबह सिक्योरिटी गार्ड के फोन पर घटना का खुलासा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरियादी पल्लव कुमार मंडल, जो फिलहाल अवधपुरी में किराये से रह रहे हैं, ने बताया कि उन्होंने कॉलोनी में 214 नंबर मकान लिया है और पिछले कुछ दिनों से सामान शिफ्ट कर रहे थे। रविवार रात करीब 10 बजे ताला लगाकर लौटे थे। सोमवार सुबह 8:40 बजे सिक्योरिटी गार्ड का फोन आया कि घर का दरवाजा टूटा हुआ है। मौके पर पहुंचने पर चोरी का पता चला। सोने-चांदी के जेवर और कैमरा ले गए मंडल के अनुसार करीब एक लाख रुपये से ज्यादा का सामान चोरी हुआ है। इसमें सोने की चैन, सोने का लॉकेट, 22 पुराने चांदी के एंटीक सिक्के, चार क्रिस्टल और एक डीएसएलआर कैमरा शामिल हैं। बदमाशों ने अलमारी तोड़ी और हारमोनियम के भीतर छिपाकर रखे जेवर भी निकाल लिए। CCTV उखाड़कर मेमोरी कार्ड ले गए मंडल ने बताया कि उनका CCTV रात 3:40 बजे तक अलार्म बज रहा था। इसके बाद बदमाशों ने कैमरा उखाड़कर फेंक दिया और मेमोरी कार्ड निकालकर ले गए। हालांकि कॉलोनी और आसपास लगे अन्य कैमरों में 3 से 4 संदिग्ध आराम से टहलते हुए दिखाई दे रहे हैं। अतिरिक्त फुटेज में तीन संदिग्ध साफ नजर आ रहे हैं। पुलिस इनकी पहचान में जुटी है। पहले भी हो चुकी है कोशिश रहवासियों के मुताबिक एक-दो महीने पहले भी कॉलोनी में चोरी का प्रयास हुआ था, लेकिन उस समय लोग जाग गए थे और बदमाश भाग निकले थे। इस बार आरोपियों ने मौका पाकर एक साथ पांच मकानों में धावा बोला। सामने वाले मकान में रहने वाले वर्मा के यहां से करीब 10 हजार रुपये नगद और अन्य सामान चोरी हुआ है। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में घर के पोर्च से स्कॉर्पियो चोरी भोपाल शहर के निशातपुरा थाना क्षेत्र में घर के पोर्च में खड़ी महिंद्रा स्कॉर्पियो चोरी हो गया। मामला 12 फरवरी का है, लेकिन चार दिन तक पुलिस एफआईआर दर्ज करने में आनाकानी करती रही और बाद में 16 फरवरी को केस दर्ज किया गया। एफआईआर के अनुसार, पीड़ित शंभू प्रजापति (33), करोंद स्थित रतन कॉलोनी में कनक मैरिज गार्डन के पास रहते हैं।पूरी खबर पढ़ें
बदायूं में एक निजी स्कूल परिसर में 5वीं कक्षा के छात्र का शव फंदे से लटका मिला है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने हत्या कर शव लटकाए जाने की आशंका जताई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना इस्लामनगर थाना क्षेत्र के नूरपुर पिनौनी गांव की है। गांव निवासी ओमकार का 12 वर्षीय बेटा रामसरन सोमवार दोपहर करीब दो बजे स्कूल से घर लौटा था। कुछ देर बाद वह खेलने की बात कहकर घर से निकला, लेकिन शाम तक वापस नहीं आया। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की तो पास के एक निजी स्कूल के परिसर में उसका शव फंदे से लटका मिला। परिजनों ने तुरंत रामसरन को फंदे से उतारकर डॉक्टर के पास पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार के सदस्यों ने आशंका जताई है कि रामसरन की हत्या करने के बाद उसके शव को फंदे पर लटकाया गया है। बताया गया कि जिस स्कूल भवन में शव मिला है, वह अधूरा है। वहां न तो दरवाजा लगा है और न ही प्लास्टर हुआ है। लिंटर पर प्लास्टर के लिए छोड़ी गई जगह में रस्सी फंसाकर रामसरन का शव लटका हुआ था। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। रामसरन अपने तीन भाइयों में सबसे छोटा था। इस्लामनगर के एसएचओ उदयवीर सिंह ने बताया कि निजी स्कूल परिसर में एक किशोर का शव फंदे से लटका मिला है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने यह भी बताया कि परिजनों ने फिलहाल किसी पर कोई सीधा आरोप नहीं लगाया है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
भीतरगांव में देर रात साढ़ थाना क्षेत्र की भीतरगांव चौकी के बेहटा बुजुर्ग के पास तेज रफ्तार अनियंत्रित बुलेरो खड्ड में जा गिरी जिससे एक अधेड़ की मौत हो गई जबकि अन्य सवार दो युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गए। स्थानीय पुलिस द्वारा शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और घायलों को उपचार हेतु सीएचसी भीतरगांव भेजा गया। जानकारी के अनुसार गोपालपुर नर्वल निवासी रामलखन 58 पुत्र स्व मोहन सिंह गांव निवासी गुलाब सिंह पुत्र नरेंद्र तथा अंकित कुमार पुत्र विजय बहादुर एक शादी समारोह में शामिल होने घाटमपुर जा रहे थे। जैसे ही वह बेहटा बुजुर्ग के पास पहुंचे तभी तेज रफ्तार बुलेरो खड्ड में जा गिरी जिससे रामलखन की मौके पर ही मौत हो गई जबकि अन्य दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा परिजनों को सूचना देते हुए घायलों को सीएचसी भीतरगांव भेजा। रामलखन के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। साढ़ थाना प्रभारी अवनीश सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी, परिजनो को सूचना देने के साथ शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गाजीपुर के जाने-माने हॉकी खिलाड़ी अम्बुज श्रीवास्तव को रेलवे स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड का मुख्य चयनकर्ता नियुक्त किया गया है। सोमवार को उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई, जो उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। मूल रूप से गाजीपुर के गोराबाजार निवासी अम्बुज श्रीवास्तव भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्ष 2017 में उन्हें चयनकर्ता के रूप में शामिल किया गया था, जिसके बाद से वे भारतीय हॉकी के विकास में लगातार योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में अम्बुज श्रीवास्तव भारतीय रेलवे में मुख्य टिकट निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस नियुक्ति से गाजीपुर के हॉकी खिलाड़ियों, साथियों और खेल प्रेमियों में खुशी का माहौल है। शहर के खेल जगत से जुड़े लोगों ने इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है। खेल और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए उन्होंने हॉकी जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनके मुख्य चयनकर्ता बनने से क्षेत्र के युवा खिलाड़ियों को नई दिशा और प्रेरणा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
SGPGI में ब्रेनडेड घोषित किए गए 43 साल संदीप कुमार के अंगदान से KGMU में 35 साल मरीज को नई जिंदगी मिली है। सोमवार को KGMU में जटिल लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक हुआ। प्रत्यारोपण के बाद मरीज डॉक्टरों की निगरानी में है। SGPGI में रविवार को ब्रेनडेड घोषित किए गए संदीप कुमार के परिवारीजनों ने अंगदान का फैसला लिया। SGPGI में लिवर प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त डोनर नहीं मिला। लिहाजा SGPGI प्रशासन ने तत्काल KGMU प्रशासन से संपर्क साधा। जानकारी साझा करने के बाद 35 साल रवींद्र प्रताप सिंह को लिवर प्रत्यारोपण के लिए उपयुक्त पाया गया। KGMU के गेस्ट्रो सर्जरी विभाग में रविवार शाम से लिवर प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू हुई। जो पूरी रात चली। सोमवार सुबह प्रत्यारोपण पूरा हुआ। विभाग के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत चन्द्रा की टीम ने प्रत्यारोपण किया। प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि करीब 12 घंटे प्रत्यारोपण चला। प्रत्यारोपण के बाद मरीज को वेंटिलेटर पर रखा गया। कुछ समय बाद वेटिलेटर हटा लिया गया है। उनके सभी जरूरी स्वास्थ्य मानक सामान्य हैं। उनकी सेहत की निगरानी की जा रही है। रात भर कुलपति ने संभाली कमान अंगदान की सूचना मिलते ही कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने स्वयं समन्वय की जिम्मेदारी संभाली। मरीज के चयन से लेकर प्रत्यारोपण की पूरी प्रक्रिया पर उन्होंने रात भर नजर रखी। KGMU में ही वह डटी रहीं। सोमवार को मरीज की सेहत में सुधार देखने के बाद ही वह घर गई। अंगदान से बच सकती हैं कई जिंदगियां डॉ.सोनिया नित्यानंद ने कहा कि अंग प्रत्यारोपण के जरिए अनेक गंभीर मरीजों को जीवनदान दिया जा सकता है। उन्होंने ब्रेनडेड मरीज के परिवारीजनों से अंगदान की अपील की। उन्होंने कहा कि संदीप कुमार के परिवारीजनों का निर्णय अत्यंत प्रेरणादायक है। उनके इस से ऐप पर पढ़ें परिवार को नई उम्मीद दी है। पीजीआई को करीब 20 साल बाद ब्रेन डेड मरीज मिला पीजीआई को करीब 20 साल बाद ऐसा ब्रेनडेड मरीज मिला, जिसके परिवारीजनों ने काउंसिलिंग के बाद अंगदान पर सहमति जताई। परिवारीजनों ने नेक काम कर मानवता की रक्षा की है। समाज के सामने मिसाल पेश की है।
घाटमपुर में युवक देशी तमंचे के साथ गिरफ्तार:झगड़े की सूचना पर पुलिस पहुंची थी, कोर्ट से भेजा गया जेल
घाटमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध तमंचे के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामला थाना क्षेत्र के राहा गांव का है, जहां झगड़े की सूचना पर पहुंची पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि राहा गांव में दो पक्षों के बीच विवाद की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही जाजपुर चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां 24 वर्षीय बबलू यादव पुत्र नंदकिशोर गांव के ही शशिकांत संखवार पुत्र रामसनेही के घर के बाहर विवाद कर रहा था। पुलिस ने मौके पर ही बबलू यादव को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध तमंचा (315 बोर) और एक कारतूस बरामद हुआ। बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवक को जेल भेजा गया है। घाटमपुर इंस्पेक्टर दिनेश सिंह बिष्ट ने बताया कि आरोपी को विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है, कि क्षेत्र में अवैध असलहों और आपराधिक गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई जारी रहेगी।
कानपुर देहात के धर्मपुर गांव में सोमवार दोपहर एक पुराने मकान को गिराते समय हुए हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग उजियारे की मलबे में दबकर मौत हो गई। यह घटना मंगलपुर थाना क्षेत्र में करीब एक बजे हुई। परिजन उन्हें गंभीर हालत में तत्काल सीएचसी हवासपुर ले गए, जहां चिकित्सक डॉ. अमित निरंजन ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के पुत्र प्रमोद कुमार ने बताया कि उनके पिता उजियारे अपनी पत्नी केतकी देवी, छोटे भाई रहीसपाल और अन्य परिजनों के साथ इसी पुराने मकान में रहते थे। नए निर्माण के लिए सोमवार दोपहर इसे गिराया जा रहा था। इसी दौरान अचानक एक दीवार ढह गई और उजियारे उसके नीचे दब गए। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। प्रमोद कुमार ने यह भी बताया कि परिवार पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहता है। दूसरी ओर, थाना प्रभारी महेश दुबे ने कहा कि उन्हें अभी तक घटना की कोई सूचना नहीं मिली है।
देवरिया में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सोमवार रात एक दिवंगत शिक्षक की स्मृति में कैंडल मार्च निकाला। यह मार्च शिक्षक की आत्महत्या के बाद न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों के साथ सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी भी शामिल हुए, जिन्होंने परिजनों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। महासंघ के बैनर तले शिक्षक रात आठ बजे शहर के सुभाष चौक पर एकत्र हुए। यहां से कैंडल मार्च शुरू हुआ, जो डीएम आवास, सिविल लाइन रोड और कचहरी चौराहा होते हुए वापस सुभाष चौक पर समाप्त हुआ। मार्च के अंत में दिवंगत शिक्षक को श्रद्धांजलि दी गई। महासंघ के जिला संयोजक जयशिव प्रताप चंद ने कहा कि जनपद में एक शिक्षक की आत्महत्या की घटना से पूरा शिक्षक समाज व्यथित है। उन्होंने इसे शिक्षा जगत और समाज के लिए चिंता का विषय बताया। चंद ने मांग की कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। साथ ही, मृत शिक्षक के परिवार को आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। सह-संयोजक विवेक मिश्र ने इस घटना को बीएसए कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन द्वारा कई बार मुद्दे उठाने के बावजूद शिक्षकों के मामले महीनों तक लंबित रहते हैं। मिश्र ने कहा कि हाल के महीनों में शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का दबाव बढ़ा है, जिससे वे मानसिक तनाव में हैं और उनके मूल शैक्षणिक दायित्व प्रभावित हो रहे हैं। वरिष्ठ शिक्षक प्रतिनिधि मदन शाही ने विभाग में पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि शिक्षकों का मनोबल बना रहे। जिला कोर समिति के वरिष्ठ सदस्य अशोक तिवारी ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षक समाज इस घटना से स्तब्ध है। कैंडल मार्च में गोविंद सिंह, प्रमोद कुशवाहा, शशांक मिश्रा, आशुतोष नाथ तिवारी, अभिषेक जायसवाल, सत्यप्रकाश तिवारी, ज्ञानेश यादव सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित थे। देखें फोटो…
इंटरनेशनल शूटर पर हमला, डीएम से न्याय की गुहार लगाई:बागपत में जमीन विवाद में हुई मारपीट और फायरिंग
बागपत में भूमि विवाद को लेकर इंटरनेशनल शूटर प्रवीण तोमर पर हमला किया गया। उन पर मारपीट और फायरिंग का आरोप है। पीड़ित ने सोमवार को जिलाधिकारी (डीएम) से न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दिव्यांग शूटर प्रवीण तोमर ने आरोप लगाया कि रविवार को जब वह अपने खेत में गन्ने की छिलाई कर रहे थे, तभी विपक्षी लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फायरिंग की। वह किसी तरह बच गए, जबकि हमलावर तमंचे लहराते हुए जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। प्रवीण तोमर के अनुसार, उन्होंने गांव में एक भूखंड खरीदा था और उसका विधिवत कब्जा भी प्राप्त कर लिया था। आरोप है कि पड़ोसी उसी जमीन को लेकर लगातार विवाद कर रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि इस संबंध में पहले भी पुलिस को तहरीर दी गई थी। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीण आक्रोशित हैं। जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मुरादाबाद में सोमवार को सरेशाम एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात दिल्ली रोड पर मझोला थाने से चंद कदमों की दूरी पर 52 कोठी के पास हुई। महिला यहां चौकीदारी करती थी और परिवार के साथ रहती थी। घटना के बाद महिला के बेटे ने एक आरोपी को मौके से दबोचकर पुलिस के हवाले किया है। घटना की सूचना मिलते ही तमाम पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए। फरार आरोपियों की तलाश में एसएसपी सतपाल अंतिल के आदेश पर पुलिस की तीन टीमें छापामारी कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम मौके पर साक्ष्य संकलित कर रही है। घटना की वजह अभी तक साफ नहीं है। जिले के कुन्दरकी थाना क्षेत्र में मोहल्ला ऊंचाकानी की रहने वाली नन्नी(50 साल) पत्नी स्वर्गीय अब्दुल हामिद 52 कोछी के पास एक एक प्लॉट पर चौकीदारी का काम करती थी। परिजनों का कहना है कि महिला पिछले करीब 15 वर्षों से चौकीदारी का काम कर रही थी। मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करती थी।परिजनों ने बताया कि घटना के समय मृतका के दो बेटे भी आसपास मौजूद थे। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने एक बच्चे के दोनों हाथ बांध दिए थे ताकि वह विरोध न कर सके। बच्चों ने किसी तरह अपने पिता को सूचना दी कि दादी को किसी ने गोली मार दी है। यह सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मझोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल महिला को तुरंत एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं वारदात के बाद मौके से भाग रहे एक आरोपी को मृतका के बेटे ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है। वारदात में शामिल आरोपियों की संख्या 4 बताई जा रही है।एसपी सिटी रण विजय सिंह ने बताया कि एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है। बाकी आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें छापामारी कर रही हैं।
रोटेरियन योगेश मोहन गुप्ता रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3100 के काउंसिल ऑन लेजिस्लेशन (सीओएल) प्रतिनिधि चुने गए हैं। इस चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी रोटेरियन राजीव रस्तोगी को 13 मतों के अंतर से हराया। बड़ौत में हुए इस चुनाव में कुल 112 रोटरी क्लबों ने भाग लिया, जिसमें अध्यक्षों के मतों सहित कुल 135 वोट डाले गए। गुप्ता को 73 मत प्राप्त हुए, जबकि रस्तोगी को 60 मत मिले। चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से गुप्त मतदान द्वारा संपन्न हुई। रोटेरियन योगेश मोहन गुप्ता आईआईएमटी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं। उनकी जीत पर डिस्ट्रिक्ट के वरिष्ठ रोटेरियन्स और पदाधिकारियों ने बधाई दी। इनमें पूर्व मंडल अध्यक्ष रोटेरियन जी.एस. धामा, रोटेरियन हरि गुप्ता, रोटेरियन संजीव रस्तोगी और रोटेरियन दीपक शर्मा शामिल हैं। आगामी गवर्नर रोटेरियन पायल गौड़ और आगामी गवर्नर रोटेरियन तावेर रस्तोगी ने भी योगेश मोहन गुप्ता को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि उनके नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट को नई दिशा और ऊर्जा मिलेगी। इसके अतिरिक्त, डिस्ट्रिक्ट के सभी मंडल अध्यक्षों, सचिवों और वरिष्ठ रोटेरियन्स ने भी उन्हें बधाई दी। डिस्ट्रिक्ट नेतृत्व ने विजेता को बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी क्लबों और मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। चुनाव समिति, स्वयंसेवकों और सभी रोटेरियन्स के अनुशासन, सहयोग और एकता की सराहना की गई, जिनके प्रयासों से चुनाव शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। रोटरी इंटरनेशनल अपने सेवा, नेतृत्व और नैतिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है।
मेरठ में आयोजित तीन दिवसीय इंडिया सोलर एंड ई-व्हीकल एक्सपो 2026 का आज समापन हो गया। आईए भवन में आयोजित इस प्रदर्शनी के अंतिम दिन भी भारी संख्या में लोग पहुंचे। इसमें उद्योग जगत, व्यापारिक समुदाय और आम नागरिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। एक्सपो के दौरान आईआईए (इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन) की केंद्रीय कार्यकारिणी (CEC) बैठक भी आईए भवन में आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता आईआईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने की। बैठक में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट आलोक अग्रवाल और जनरल सेक्रेटरी श्दीपक बजाज सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय कार्यकारिणी ने संगठनात्मक और औद्योगिक विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। शाम के समय समापन समारोह आयोजित किया गया। इसमें मेरठ की मुख्य विकास अधिकारी (CDO) नूपुर गोयल मुख्य अतिथि के रूप में और उद्योग विभाग के अतिरिक्त निदेशक उमेश सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सौर ऊर्जा और ई-वाहनों को भविष्य की आवश्यकता बताया। समापन समारोह में सर्वश्रेष्ठ स्टॉल का पुरस्कार Microtek को दिया गया। प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार क्रमशः Luminous, Luno और Loom को प्रदान किए गए। विजेताओं को उनके नवाचार और प्रस्तुति के लिए सम्मानित किया गया। इस तीन दिवसीय एक्सपो ने उद्योग, नवाचार और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस आयोजन से सौर ऊर्जा और ई-वाहनों के प्रति जागरूकता बढ़ी, साथ ही उद्योग जगत, प्रशासन और आम जनता के बीच संवाद का एक मंच भी मिला।
रेवाड़ी के गांव में सोमवार को आसियाकी गोरावास में सेकेंड इयर की छात्रा ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के समय छात्रा के माता किसी काम से बाहर गए हुए थे। जब वापस लौटे तो शव फंखे पर लटकता मिला। सूचना के बाद रोहड़ाई थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर 174 की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। घर लौटने पर चला घटना का पता छात्रा के परिजनों ने बताया कि उनकी बेटी रेवाड़ी महिला कॉलेज की सेकेंड इयर की छात्रा थी। इस बार परीक्षा में उसका पेयर सही नहीं हुआ था। जिससे वह अक्सर निराश रहती थी। सोमवार को हम किसी काम से बाहर गए हुए थे। बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान उसने यह कदम उठा लिया। घर लौटने पर उन्हें घटना का पता चला। पेपर खराब होने से दबाव में थी बेटी परिजनों ने बताया कि परीक्षा खराब होने से दबाव में रहती थी। हमें नहीं पता था कि इससे वह इतना बढ़ा कदम उठा लेगी। सूचना मिलने के बाद रोहड़ाई थाना पुलिस ने घटना की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान पर 174 की कार्रवाई कर शव पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया।
एल्डर्स कमेटी ने बार एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को सोमवार को कार्यभार दे दिया। कार्यकारिणी ने सर्व सम्मति से बार एसोसिएशन दफ्तर में हर पदाधिकारी के बैठने का स्थान तय कर दिया है। कार्यकारिणी की पहली बैठक में मंगलवार को होली मिलन का कार्यक्रम तय होगा। बार एसोसिएशन की 21 पदाधिकारियों की नई कार्यकारिणी का चुनाव होने के बाद एल्डर्स कमेटी ने बार एसोसिएशन दफ्तर में सोमवार को आम सभा बुलाई थी। आम सभा में बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी को कार्यभार सौंपा गया। एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन उमाशंकर गुप्ता ने विजयी प्रत्याशियों को प्रमाण पत्र दिए। अध्यक्ष योगेन्द्र कुमार अवस्थी ने कहा कि किसी भी तरह का भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। मुस्कुराते हुए कहा कि न खाएंगे और न किसी को खाने देंगे। अधिवक्ताओं के हित में काम होंगे, चुनाव में किए गए वादे पूरे होंगे। महामंत्री बिनय कुमार मिश्रा ने कहा कि पूरी कार्यकारिणी एकजुट होकर काम करेगी। नई कार्यकारिणी ने कार्यभार संभाल लिया है। जल्द शपथ ग्रहण समारोह की तिथि तय होगी।
मेरठ में रेलवे रोड-बागपत रोड लिंक रोड पर जैसे जैसे वाहनों का दबाव बढ़ रहा है, वैसे वैसे कुछ समस्याएं सिर उठाती दिख रही हैं। इन दिनों सबसे बड़ी समस्या जाम की सामने आ रही है, जिसका समाधान ढूंढ पाने में फिलहाल ट्रैफिक पुलिस नाकाम है। ऐसा तब है कि जब सामने ही थाना भी है। पहले एक नजर लिंक रोड पर बागपत रोड से रेलवे रोड की दूरी को कम करने के लिए लिंक रोड की मांग सालों से उठ रही थी। इसको लेकर जनआंदोलन हुए, तब जाकर लिंक रोड के लिए रास्ता तैयार हो पाया। पिछले पांच महीने से लिंक रोड पर काम चल रहा है जो अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस लिंक रोड के बनने के बाद 40 मिनट का रास्ता चार से पांच मिनट में पूरा हो रहा है। अभी से जाम बनने लगा मुसीबतलिंक रोड के दोनों ही छोर पर अच्छा खासा ट्रैफिक है। अब जब इस पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा है तो यही ट्रैफिक जाम का रूप लेने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कत बागपत रोड वाले छोर पर है। यहां तीन तरफ का ट्रैफिक रोककर एक तरफ का ट्रैफिक चलाना पड़ रहा है। नतीजा यह है कि बागपत रोड से फुटबॉल चौक की तरफ आने जाने वाले वाहनों की लंबी लंबी कतार लग रही हैं। रॉन्ग साइड से घुस रहे वाहन लिंक रोड की व्यवस्था को रॉन्ग साइड वाहन बिगाड़ रहे हैं। दरअसल, यहां लिंक रोड के छोर पर विद्युत पोल खड़ा है। यह पोल डिवाइडर का काम भी कर रहा है लेकिन सामने से आने वाले वाहन चालकों को अंदाजा ही नहीं हो पा रहा कि किस तरफ से लिंक रोड पर प्रवेश करना है। वह रॉन्ग साइड घुस जाते हैं। इसके बाद खामियाजा जाम के रूप में भुगतना पड़ता है। रास्ता चौड़ा हो तो बने बातलिंक रोड के सामने लगने वाले जाम की कई वजह हैं। यहां हाईटेंशन लाइन का पोल एकदम लिंक रोड के सामने खड़ा है। सामने ही डिवाइडर है। ऐसे में ट्रांसपोर्टनगर से जिस वाहन को लिंक रोड पर आना है, वह रॉन्ग साइड से प्रवेश करने का प्रयास करता है और जाम लग जाता है। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मी वाहनों को रुकवाकर रॉन्ग साइड वाहन को निकालने में जुट जाता है। तब तक तीनों तरफ वाहनों की लंबी लंबी कतार लग जाती है। लिंक रोड पर मनमानी शुरु लिंक रोड के निर्माण के साथ ही इस रूट पर मनमानी भी शुरु हो गई है, जिससे लोग परेशान हैं। यहां लोगों के घरों की दीवारों पर विज्ञापन पोस्टर चस्पा होने लगे हैं। कई जगह तो पेंट का प्रयोग किया गया है। लिंक रोड को पूरा करने में हो रही देरी का ही नतीजा कहेंगे कि जिन दीवारों पर मेरठ की क्रांति गाथा लिखी जानीं थी, वहां भी पोस्टर चस्पा होने शुरु हो गए हैं और कोई देखने वाला नहीं है।
KGMU के कार्डियोलॉजी विभाग में हदय रोग उपचार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश में पहली बार KGMU में कोरोवेंटिस सिस्टम का सफलतापूर्वक उपयोग किया गया है। यह अत्याधुनिक तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगी, जिन्हें सीने में दर्द (एंजाइना) की शिकायत होती है, यह जानकारी कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और हेड डॉ.ऋषि सेठी ने सोमवार को दी है। डॉ.ऋषि सेठी ने बताया यह तकनीक विशेष रूप से उन मरीजों में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी जहां धमनियों में गंभीर रुकावट नहीं होने के बावजूद लक्षण बने रहते हैं। इससे अनावश्यक स्टेंटिंग से बचाव संभव होगा और मरीजों को सटीक उपचार प्रदान किया जा सकेगा। उन्होंने यह प्रदेश में हदय रोग उपचार की गुणवत्ता को एक नई दिशा देगा। उन्होंने बताया कि (इटली) से आयीं विशेषज्ञ डॉ. लुडोविका माल्टीज़ के विशेष मार्गदर्शन और उपस्थिति में इस तकनीक से चार मरीजों का इलाज भी किया गया है। इस दौरान डॉ. मोनिका भंडारी,डॉ. आयुष शुक्ला और डॉ. अभिषेक सिंह द्वारा किया गया। जबकि डॉ. शरद चंद्रा, डॉ. अक्षय प्रधान, डॉ. गौरव चौधरी और डॉ. अखिल शर्मा द्वारा आवश्यक अकादमिक और तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। डॉ.अक्षय प्रधान ने कहा कि धमनियां रक्त वाहिकाएं हैं जो मुख्य रूप से हृदय से ऑक्सीजन युक्त रक्त को पूरे शरीर में पहुंचाती हैं, बड़ी धमनियों में रुकावट को देखना आसान होता है, जबकि कई पतली धमनियां होती है। जिनमें रुकावट को देख पाना संभव नहीं होता है, लेकिन कोरोवेंटिस तकनीक से पतली से पतली धमनियों को देखना भी आसान होता है। डॉ.आयुष शुक्ला ने कहा कि अक्सर एंजाइना के मरीजों में एंजियोग्राफी में गंभीर रुकावट दिखाई नहीं देती, जिससे उपचार रणनीति तय करना कठिन हो जाता है। कोरोवेंटिस सिस्टम से हमें वास्तविक फंक्शनल आकलन करने में मदद मिलती है, जिससे उपचार अधिक वैज्ञानिक और सटीक बनता है। डॉ.अभिषेक सिंह ने कहा कि यह प्रणाली इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी में एक महत्वपूर्ण प्रगति है। इससे हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि केवल उन्हीं मरीजों में स्टेंटिंग की जाए जहां वास्तव में उसकी आवश्यकता हो, और बाकी मरीजों को उचित औषधीय उपचार दिया जाए। KGMU में मिल रहा अत्याधुनिक इलाज मिलान (इटली) से आयीं विशेषज्ञ डॉ.लुडोविका माल्टीज़ ने कहा कि फिजियोलॉजी-गाइडेड कोरोनरी इंटरवेंशन आधुनिक कार्डियोलॉजी की दिशा है। मुझे प्रसन्नता है कि KGMU जैसे संस्थान ने इस अत्याधुनिक तकनीक को अपनाया है, जो मरीजों को बेहतर और प्रमाण-आधारित उपचार प्रदान करने में सहायक होगी। कार्डियोलॉजी विभाग आधुनिक तकनीकों को अपनाते हुए प्रदेश के मरीजों को विश्वस्तरीय और प्रमाण-आधारित हदय उपचार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।
ललितपुर में बाइक और स्लीपर बस की आमने-सामने टक्कर:तीन युवकों की मौके पर मौत, एक ही बाइक पर थे सवार
ललितपुर के मड़ावरा में सोमवार रात 9 बजे एक बाइक और स्लीपर बस की आमने-सामने भीषण टक्कर हो गई। इस हादसे में बाइक सवार तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया है कि तीनों मृतक आपस में रिश्तेदार थे। जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के पृथ्वीपुर से इंदौर जा रही एक स्लीपर बस और बाइक के बीच यह टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बस को भी नुकसान पहुंचा। देखिए घटनास्थल से जुड़ी 2 तस्वीरें... स्थानीय लोगों की मदद से 108 एंबुलेंस द्वारा तीनों बाइक सवारों को मड़ावरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान जयदेव (18) पुत्र रमेश निवासी हिलगन, थाना गिरार; आलोक (18) पुत्र पप्पू निवासी ग्राम बम्होरी कलां, थाना मड़ावरा; और राजकुमार (19) पुत्र अशोक निवासी पिपरिया जागीर, थाना पाली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मृतक आलोक अपने दोनों रिश्तेदारों के साथ नई बाइक पर सवार होकर घर से मड़ावरा आ रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलने पर प्रभारी तहसीलदार मनोज कुमार श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष मड़ावरा अशोक कुमार वर्मा ने बताया - बाइक पर सवार तीन युवक आपस में रिश्तेदार थे। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मड़ावरा लाया गया, जहां चिकित्सकों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। खबर अपडेट हो रही है…
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्र में 6 पौवा देशी शराब के मामले में पकड़े गए 52 साल के शख्स ने मुचलके पर छूटने के दूसरे दिन फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कहा कि, तीन पुलिसकर्मियों ने पैसे मांगे। जेल भेजने की धमकी दी। घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई। सतनामी समाज, क्रांति सेना और कांग्रेस के पदाधिकारियों ने विरोध प्रदर्शन किया और करीब 6 घंटे तक पुलिस को शव का पंचनामा नहीं करने दिया। पुलिस ने 24 घंटे के भीतर संबंधित आरक्षकों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब शव को नीचे उतारा गया। जानिए क्या है पूरा मामला दरअसल, पुरूर थाना क्षेत्र के ग्राम मिर्रीटोला वार्ड क्रमांक 12 निवासी पुरानिक जोशी (52) और उनके भतीजे पूनम जोशी को शनिवार शाम करीब 7 बजे पुरूर पुलिस के तीन आरक्षकों ने घर से 6 देशी पौवा शराब के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों को उसी रात मुचलके पर रिहा कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि, रविवार को पुरानिक जोशी अपने चप्पल लेने थाने गए थे। वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों ने उनसे 15 से 20 हजार रुपए की मांग की और जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद पुरानिक ने मोहल्ले में लोगों को बताया कि वह जेल जाने वाला है और जमानत कराने वाला कोई नहीं है, इसलिए वह आत्महत्या कर लेगा। सोमवार सुबह करीब 7:30 बजे पुरानिक जोशी का शव उनके पुराने घर में फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में आक्रोश फैल गया। मोहल्ले में घूम-घूमकर बता रहा था पुलिसकर्मी पैसे मांग रहे मिर्रीटोला के पूर्व पंच अजय डहरिया ने बताया कि, मृतक पुरानिक उनका करीबी दोस्त था। आत्महत्या वाले दिन पुरानिक मोहल्ले में घूम-घूमकर बता रहा था कि पुरूर थाने में पदस्थ तीन कांस्टेबल उससे पैसे मांग रहे हैं। वह डरा हुआ था और आत्महत्या की बात कह रहा था। समझाने के बावजूद उसने अपने पुराने मकान में फांसी लगाकर जान दे दी। पूर्व विधायक भैयाराम सिन्हा, क्रांति सेना के नेता निखिल दीवान, सतनामी समाज से कोमल संभाकर के मौजूदगी में पुलिस प्रशासन ने जांच की बात कही। जिसके बाद मामला शांत हुआ। दोपहर 3 बजे गुरुर में पोस्टमॉर्टम के बाद शाम 6 बजे शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। वहीं पूरे मामले पर पुरूर टीआई मनीष सेन्डे ने पुलिस प्रशासन पर लगाए गए आरोप पर कहा कि, बड़े अफसर मामले की जांच कर रहे हैं।
जयपुर में हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल उपमन ने कहा- उन्हें बजट से निराशा हुई। उन्होंने कहा- पहले मैं वकील था और अब जज हूं। इसके साथ-साथ राजस्थान का एक नागरिक भी हूं तो हमारी भी कुछ डिमांड होती हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में सोमवार को जस्टिस उपमन ने यह बात बनीपार्क स्थित सेशन कोर्ट में दी बार एसोसिएशन जयपुर के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कही। समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। वहीं उन्होंने कहा- जब कभी भी मैं हाईकोर्ट से यहां बनीपार्क में सेशन कोर्ट में आता था तो मैं रिक्शा लेकर आता था। अपनी गाड़ी लेकर नहीं आता था, क्योंकि यहां पार्किंग नहीं मिलती है। बोले- न्यायपालिका को नहीं दिया पूरा बजटहाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस अनिल उपमन ने कहा- एक नागरिक के रूप में इस बार का बजट हमने देखा तो मुझे थोड़ी-सी न्यायपालिका के दृष्टिकोण से हल्की सी निराशा हुई कि उतना बजट न्यायपालिका को राज्य सरकार ने नहीं दिया। उन्होंने कहा- मैं मुख्यमंत्री से गुजारिश करूंगा कि वे इस संबंध में विचार करेंगे और बजट में हम पर कृपा करेंगे। इससे वकील और न्यायिक अधिकारी लोगों को न्याय देने के लिए प्रयासों को गति दे सकेंगे। कहा- बनीपार्क में दिन में चलने की जगह भी नहीं मिलतीजस्टिस अनिल उपमन ने कहा- हाईकोर्ट बार के अध्यक्ष के रूप में आप लोगों ने मुझे अपनी सेवा करने का मौका दिया था तो एक तरह से मैं आपका परमानेंट प्रतिनिधि हूं। आज ऐसा शानदार मौका है कि राजस्थान सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री यहां मौजूद हैं। शहरी विकास मंत्री भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा- जो भवन यहां से दिख रहा है, वह बहुत पुराना हो चुका है। मैंने यहां बहुत चक्कर लगाए हैं और यहां की जो समस्या है, उससे मैं पूरी तरह से वाकिफ हूं। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा- कभी आप दिन में यहां आएंगे तो यहां चलने की भी जगह नहीं मिलती है। उन्होंने कहा- न्यायिक अधिकारी किन परिस्थितियों में कार्य कर रहे हैं, वह भी किसी से छुपा हुआ नहीं है। जब कभी भी मैं हाईकोर्ट से यहां बनीपार्क में सेशन कोर्ट में आता था तो मैं रिक्शा लेकर आता था। अपनी गाड़ी लेकर नहीं आता था, क्योंकि यहां पार्किंग नही मिलती है।
हरदोई में निराश्रित गोवंश संरक्षण और आश्रय प्रबंधन के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्रीमती सान्या छाबड़ा और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी (CVO) डॉ. अशोक कुमार को राज्य स्तर पर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सोमवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित 'गोधन समागम-2026' में पशुधन मंत्री श्री धर्मपाल सिंह एवं अपर मुख्य सचिव श्री मुकेश मेश्राम द्वारा प्रदान किया गया। सीडीओ श्रीमती सान्या छाबड़ा के कुशल नेतृत्व में जनपद ने गौ-संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उनके निर्देशन में जिले के 375 गोवंश आश्रय स्थलों में 1277 सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए। इनकी ब्लॉक स्तर तक रीयल-टाइम मॉनीटरिंग सुनिश्चित की गई, जिसे शासन ने पूरे प्रदेश के लिए एक 'आदर्श' मॉडल बताया है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अशोक कुमार के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते जनपद के 358 आश्रय स्थलों के लिए समय पर फंड रिक्वेस्ट भेजी गईं। साथ ही, 662.76 हेक्टेयर चारागाह भूमि को हरे चारे से आच्छादित करने का लक्ष्य भी प्राप्त किया गया। इस अवसर पर गौशाला संचालक श्री धीरेन्द्र सिंह ‘सेनानी’ को भी उनके जमीनी सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। सीडीओ के मार्गदर्शन में अब जनपद के प्रत्येक विकास खंड में एक 'मॉडल गौशाला' और एक 'नन्दी गौशाला' बनाई जा रही है। अपर मुख्य सचिव ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हरदोई का यह प्रबंधन गौशालाओं को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सम्मान ने जनपद के विकास और पशुपालन विभाग के मनोबल को नई ऊँचाई दी है।
देवरिया जनपद में कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी है। इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया गया था। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली इस समिति में उप जिलाधिकारी सदर और जिला विद्यालय निरीक्षक सदस्य के रूप में शामिल थे। जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में सामने आया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद लगभग एक वर्ष तक बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। आदेश के अनुपालन में विलंब और प्रशासनिक उदासीनता को इसका प्रमुख कारण बताया गया है। समिति की आख्या के आधार पर, जिलाधिकारी ने बीएसए के निलंबन और उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति शासन को प्रेषित कर दी है। निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, प्रकरण से संबंधित पटल सहायक संजीव सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। प्रशासन ने कहा है कि जांच के दौरान किसी भी स्तर पर पक्षपात नहीं बरता जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उधर, मृतक के परिजनों की तहरीर पर थाना गुलहरिया में संबंधित धाराओं के तहत नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा मामले की विवेचना की जा रही है और विधिक कार्रवाई जारी है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना या कर्तव्यों में लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
कलेक्टर ने एसडीएम बदले:महेश मंडलोई को झाबुआ और भास्कर गाचले को थांदला की जिम्मेदारी दी
झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना ने सोमवार देर शाम प्रशासनिक कसावट लाने के उद्देश्य से एक आदेश जारी किया है। इसके तहत झाबुआ और थांदला के अनुविभागीय अधिकारियों (SDM) की जिम्मेदारियों में फेरबदल किया गया है। जारी आदेश के अनुसार, थांदला में कार्यरत संयुक्त कलेक्टर महेश मंडलोई को झाबुआ का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। वहीं, झाबुआ के वर्तमान एसडीएम और प्रभारी डिप्टी कलेक्टर भास्कर गाचले को अब थांदला एसडीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कलेक्टर का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। दोनों अधिकारी जल्द ही अपने नए कार्यक्षेत्र में कार्यभार ग्रहण करेंगे। इस बदलाव से जिले के दो प्रमुख अनुभागों के प्रशासनिक कामकाज में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई के युवा विंग की तरफ से आयोजित रक्तदान शिविर में 102 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया। यह शिविर रायपुर के NHMMI Hospital में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम में सिंधी काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने रक्तदाताओं को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ी मानव सेवा का काम है और युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी समाज के लिए प्रेरणादायक है। 102 यूनिट रक्त संग्रहित युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष जीतू लोहाना ने बताया कि शिविर में कुल 102 लोगों ने रक्तदान किया। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्तदान जीवनदान के समान है और भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर किए जाएंगे। युवा टीम की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन में युवा विंग की टीम के अनुराग वाधवानी, रवि विजवानी, रोशन ओछवानी, मनोज उत्तमचंदनी, सनी पंजवानी, आकाश मेघानी, मोहित चंचलानी, पंकज बच्चानी, विक्की देंगवानी, भावेश मैथिलानी, गौतम रेलवानी, मोहित रमानी, मोहित मोटवानी, विशाल पार्चवानी, पवन लोहाना, विकास आडवाणी, विपिन अजवानी, अमित हिरवानी, सूरज जसवानी, राकेश प्रत्ययानी, हितेश गजवानी, अविनाश गंगवानी, विनय वाधवा और आशीष वासवानी सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। समाज सेवा की मिसाल शिविर ने यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयास से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। युवाओं की ऊर्जा और सेवा भावना ने कार्यक्रम को सफल बनाया और जरूरतमंदों के लिए आशा की किरण जगाई।
उज्जैन नगर निगम ने सिंहस्थ-2028 से संबंधित निर्माण कार्यों के लिए समयसीमा निर्धारित कर दी है। संभागायुक्त एवं सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह के निर्देश पर जारी इस कैलेंडर के अनुसार, अधिकांश परियोजनाओं को दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। प्रशासन ने सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को गति देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा नगर निगम में समीक्षा बैठक के बाद यह तय किया था कि सिंहस्थ से जुड़े सभी विकास कार्य निर्धारित समय पर पूरे हों। इसके बाद मेला अधिकारी आशीष सिंह ने प्रत्येक कार्य की डेडलाइन तय कर उसकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए। अब कार्य दिन नहीं, घंटे के हिसाब से होंगे नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने सड़क चौड़ीकरण, सीसी रोड निर्माण, पुलिया निर्माण, रिटेनिंग वॉल, बॉक्स कल्वर्ट और सेंट्रल लाइटिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का चरणबद्ध कैलेंडर जारी किया है। इस कैलेंडर में हर परियोजना के लिए अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब कार्यों को ‘दिन नहीं, घंटे’ के हिसाब से पूरा कराया जाएगा। सुबह से शाम तक प्रगति की लगातार निगरानी की जाएगी। संभागायुक्त स्वयं बिना पूर्व सूचना के निर्माण स्थलों का औचक निरीक्षण करेंगे ताकि कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हो सकें। दीर्घकालिक पैकेजों के लिए 700 दिन कुछ प्रमुख परियोजनाओं की समयसीमा इस प्रकार है: जीवनखेड़ी-सिकंदरी मार्ग (MR-21 कनेक्टिविटी) जून से अगस्त 2026 तक, नक्षत्र होटल से पंचमुखी हनुमान मंदिर जून 2026 तक, गऊघाट–ज्ञान सागर-धुर्वे नगर मार्ग जुलाई 2026 तक, जंतर मंतर-रिंग रोड कनेक्टिविटी सितंबर 2026 तक और सांदीपनि चौराहा-उदयन मार्ग दिसंबर 2026 तक पूर्ण किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, गाड़ी अड्डा–वीडी क्लॉथ मार्केट कॉरिडोर मार्च 2027 तक और आरएनटी मार्ग चौड़ीकरण जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। सिंहस्थ-2028 के तहत कुल 22 प्रमुख सड़क/चौड़ीकरण परियोजनाएं शामिल हैं, जिन्हें 60 से अधिक चरणों में विभाजित किया है। अधिकतम परियोजनाओं की डेडलाइन दिसंबर 2026 है, जबकि कुछ बड़े कॉरिडोर जनवरी 2027 तक पूरे होंगे। अधिकांश चरणों की अवधि 100 से 130 दिन निर्धारित की गई है, वहीं कुछ दीर्घकालिक पैकेजों के लिए 700 दिन से अधिक का समय दिया गया है।
जोधपुर में आबकारी निरोधक दल की रेड, 871 कार्टून शराब:नशा तस्कर को पकड़ा, पूछताछ में खुलासे की उम्मीद
जोधपुर में सोमवार को शराब तस्कर को गिरफ्तार किया गया है। पीपाड़ में आबकारी निरोधक दल ने एक अभियान के दौरान 871 पेटी अवैध शराब बरामद की, जिसमें मध्यप्रदेश में बिक्री के लिए निर्मित रॉयल स्टेग डुलेक्स विस्की शामिल है। आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की। टीम ने कुल 41808 पव्वे (प्रत्येक 180 एमएल क्षमता के) बरामद किए। आरोपी को किया गिरफ्तार आयुक्त शिव प्रसाद नकाते के निर्देशन और भवानी सिंह जिला आबकारी अधिकारी जोधपुर के नेतृत्व में आबकारी निरोधक दल पीपाड़ ने यह रेड की। टीम ने मौके से आरोपी संजय विश्नोई, निवासी कानावास पुलिस थाना बिलाडा को गिरफ्तार किया। रेड में ललित विश्नोई, मांगीलाल, लालाराम सरदारपुरा, भगवान सिंह, विक्रम सिंह आदि शामिल थे। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ में राणी सती दादी का मंगल पाठ:श्री खाटू श्याम मंदिर में डिंपल अग्रवाल ने किया वाचन
राजधानी लखनऊ में बीरबल साहनी मार्ग स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर परिसर में राणी सती दादी का मंगल पाठ आयोजित किया गया। इस मंगल पाठ का वाचन डिंपल अग्रवाल ने किया।डिंपल अग्रवाल के मधुर और भावपूर्ण भजनों ने दादी भक्तों को भावविभोर कर दिया। भजनों की प्रस्तुति के दौरान श्रद्धालु झूम उठे और पूरे परिसर में 'दादी की जय' के जयकारे गूंजते रहे। पूनम अग्रवाल ने बताया कि भक्तों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर दादी को प्रसन्न किया। इन प्रस्तुतियों की उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना की। मंदिर में दादी के दरबार को रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप में सजाया गया , जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना। दादी को छप्पन भोग अर्पित किए गए इस मंगल पाठ में 300 से अधिक दादी भक्तों ने भाग लिया। मित्र मंडल की ओर से दादी को छप्पन भोग अर्पित किए गए। पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार हल्दी और मेहंदी की रस्म भी निभाई गई। इस अवसर पर महिलाओं को सुहाग सामग्री भेंट कर सम्मानित किया गया। श्रद्धालुओं ने राणी सती दादी की कथा सुनी और उनकी महिमा का गुणगान किया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में दिनेश अग्रवाल, महामंत्री रूपेश अग्रवाल, अनुराग साहू, आशीष अग्रवाल, महेश गर्ग, पंकज मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित वृंदावन हॉल सिविल लाइन में श्लोक ध्वनि फाउंडेशन और अखिल भारतीय साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. लोकेश शरण की नवीन पुस्तक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की क्रांतिकारी धाराएं का विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक रूप से “वंदे मातरम्” के गान से हुआ, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत हो उठा। क्रांतिकारियों के इतिहास को सही रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास पुस्तक के लेखक डॉ. लोकेश शरण ने कहा कि, बचपन से ही उन्हें क्रांतिकारियों की गाथाओं से विशेष लगाव रहा। शिक्षकों से मिली प्रेरणा और पत्रकारिता के अनुभव ने उनके शोध को दिशा दी। क्रांतिकारियों के इतिहास को अक्सर पूर्णता और प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत नहीं किया गया, इसी उद्देश्य से यह पुस्तक लिखी गई। छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक शोध के बाद इस कृति को तैयार किया गया। इतिहास और पत्रकारिता का अद्भुत समन्वय वक्ताओं ने पुस्तक की विषयवस्तु और शोध की गहराई की सराहना की। डॉ. वंश गोपाल ने कहा कि लेखक में शोधार्थियों से अधिक जिज्ञासा और ललक दिखाई देती है। उन्होंने पुस्तक को इतिहासकार और पत्रकार दोनों दृष्टियों का संतुलित समन्वय बताया। शशांक शर्मा ने कहा कि यह कृति क्रांतिकारी आंदोलन को तथ्यात्मक और व्यापक परिप्रेक्ष्य में प्रस्तुत करती है। उन्होंने विशेष रूप से चौरा-चौरी कांड की विस्तृत व्याख्या को उल्लेखनीय बताया। डॉ. ए.डी.एन. वाजपेयी ने कहा कि यह पुस्तक स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े कई स्थापित अनुमानों को चुनौती देती है और प्रमाणिक इतिहास सामने लाती है। उनके अनुसार, यह कृति इतिहास की विभिन्न धाराओं को जोड़ने का कार्य करती है। “वंदे मातरम्” को बताया सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति मुख्य अतिथि डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम देश को जोड़ने वाली शक्ति है और उसका प्रमाणिक इतिहास राष्ट्रीय अस्मिता को सुदृढ़ करता है। उन्होंने कहा, “वंदे मातरम् से बड़ी तोप अंग्रेजों के पास नहीं थी।” उनके अनुसार, यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन की प्रेरक ऊर्जा था, जिसने जनमानस को आंदोलित किया। उन्होंने क्रांतिकारियों के बलिदान को जीवन का अंग बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। संवाद और विमर्श का सशक्त मंच प्रश्न-उत्तर सत्र में डॉ. लोकेश शरण ने शोध प्रक्रिया, स्रोतों की प्रमाणिकता और क्रांतिकारी आंदोलन की विविध धाराओं पर विस्तार से जानकारी दी।
लखनऊ में पत्रकार एसोसिएशन का शपथ ग्रहण समारोह:आईजी राजीव मल्होत्रा ने दिलाई शपथ, एकजुटता का संकल्प
लखनऊ में सोमवार को अखिल भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के नवनियुक्त पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कैसरबाग के लाटूश स्थित होटल मेजबान में हुए इस कार्यक्रम में पत्रकारों ने एकजुट होकर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत करने का संकल्प लिया। यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस के आईजी राजीव मल्होत्रा समारोह के मुख्य अतिथि थे। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को शपथ दिलाई और कहा कि सत्य कुछ समय के लिए दब सकता है, पर पराजित नहीं हो सकता। पत्रकारों से निष्पक्ष और निडर होकर लिखने की अपील 2008 बैच के यूपी कैडर के अधिकारी मल्होत्रा ने अपनी 37 वर्षों की सेवा यात्रा का जिक्र किया। उन्होंने पत्रकारों से निष्पक्ष और निडर होकर लिखने की अपील करते हुए कहा कि समाज को पारदर्शी और जिम्मेदार पत्रकारिता की सबसे अधिक आवश्यकता है। इस अवसर पर संगठन का विस्तार भी किया गया। जितेश श्रीवास्तव को प्रदेश प्रवक्ता और जिला अध्यक्ष बनाया गया, जबकि राजा सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। पत्रकारों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्य महासचिव मोहम्मद सैफ और प्रशासनिक महासचिव जितेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदेश अध्यक्ष तारकेश्वर पाण्डेय और महासचिव विजय चौरासिया के नेतृत्व में प्रदेशभर से आए पत्रकारों को संगठनात्मक मजबूती का मंत्र दिया गया। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेंद्र मिश्रा ने पत्रकारों के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ कानूनी सुरक्षा, सामूहिक बीमा और बेहतर चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था पर जोर दिया। आईजी राजीव मल्होत्रा ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को सम्मान पत्र प्रदान किए। इस कार्यक्रम ने प्रशासन और पत्रकारिता के बीच सकारात्मक संवाद के महत्व को रेखांकित किया, जो समाज में बदलाव की नई राह खोल सकता है। लखनऊ से शुरू हुई यह एकजुटता प्रदेश के पत्रकारों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है।
राजस्थान के कोटा में नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे मध्य प्रदेश के छात्र का नहर में शव मिला है। छात्र 6 दिन से लापता था। डेडबॉडी कोटा से बहकर 50 किलोमीटर दूर अंता क्षेत्र पहुंच गई थी। दाईं मुख्य नहर में पेड़ में फंसी मिली। अंता पुलिस की टीम ने बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान राजगढ़ जिले के भादाहेड़ी गांव निवासी 23 वर्षीय लोकेश दांगी के रूप में हुई है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया है। डेडबॉडी लेकर परिजन मध्य प्रदेश के लिए रवाना हो गए हैं। अंता थाना पुलिस के अनुसार सोमवार दोपहर करीब 12:30 बजे कुछ डेरे में रुके लोग एनडीपीसी फैक्ट्री के पास रेलवे पुलिया के समीप लकड़ियां लेने गए थे। इसी दौरान उनकी नजर दाईं मुख्य नहर में एक बबूल के पेड़ में फंसे शव पर पड़ी। शव पानी में उलझा हुआ था। दृश्य देखकर वे घबरा गए और तुरंत अपने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकलवाया। पहचान के लिए शव को अंता अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। लाल टी-शर्ट और काले लोवर से हुई पहचानउधर, कोटा में बेटे की तलाश में जुटे परिजनों को जब बारां जिले में नहर से एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली तो वे तुरंत अंता के लिए रवाना हुए। शाम करीब 4 बजे परिजन अंता पहुंचे। पुलिस ने अस्पताल में शव दिखाया। शव पर लाल रंग की टी-शर्ट और काला लोवर था। कपड़ों और शारीरिक बनावट के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान लोकेश दांगी के रूप में की। शाम करीब 5 बजे पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस के अनुसार लंबे समय तक पानी में रहने के कारण शव क्षत-विक्षत हो चुका था। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच की जा रही है। 17 फरवरी को हॉस्टल से निकला, फिर नहीं लौटा जानकारी के अनुसार लोकेश पिछले पांच वर्षों से कोटा में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा था। 17 फरवरी की दोपहर वह अपने हॉस्टल से पैदल निकला था, जिसके बाद वापस नहीं लौटा। जब उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आने लगा तो परिजन चिंतित हो गए और कोटा पहुंच गए। उसी रात बोरखेड़ा थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। छात्रावास के सीसीटीवी फुटेज में लोकेश को हॉस्टल से बाहर निकलते हुए देखा गया, लेकिन इसके बाद उसकी कोई लोकेशन सामने नहीं आई। चंबल नहर किनारे मिले थे जूते और मोबाइल 18 फरवरी को कैथून थाना क्षेत्र से गुजरने वाली चंबल नहर के किनारे उसके जूते, चप्पल, टोपी और मोबाइल फोन बरामद हुए थे। इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने 19 फरवरी से नहर में सर्च अभियान शुरू किया। कई किलोमीटर तक तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन शुरुआती दिनों में कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार सोमवार को अंता क्षेत्र में शव मिलने की सूचना ने पूरे मामले का दुखद अंत कर दिया। लोकेश के घर भादाहेड़ी गांव में मातम पसरा है। परिवार ने उसे डॉक्टर बनते देखने का सपना संजोया था। छह दिनों तक परिजन उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन नहर से शव मिलने की खबर ने सारी उम्मीदें तोड़ दीं। गांव में हर आंख नम है और परिवार गहरे सदमे में है।
लखनऊ में लिटिल चैम्प्स प्रीस्कूल एंड डेकेयर का 15वां वार्षिकोत्सव 'उत्साह-2026' मनाया गया। यह कार्यक्रम सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान के प्रेक्षागृह में धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने स्वच्छता का प्रेरक संदेश दिया, जिसने सभी उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश वंदना से हुआ, जिसमें आरवी, मेनका, मिशिका, अयांश, सान्वी, आज़ाद, प्रियांश, विवान और अन्विका ने मनोहारी प्रस्तुति दी। इसके बाद बच्चों ने रंगारंग नृत्य, राइम्स पाठ और स्वच्छता अभियान पर आधारित एक प्रेरक नाटक प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक भावविभोर हो गए। स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया नन्हे कलाकारों ने स्वच्छता के महत्व के बारे में बताते हुए एक साफ-सुथरे और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया। उनकी प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।इस वार्षिकोत्सव में अभिभावकों के लिए मनोरंजक खेल और प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किए गए, जो विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक इन गतिविधियों में भाग लेकर बच्चों का मनोबल बढ़ाया। ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं मुख्य अतिथि अजय कुमार ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं। विशिष्ट अतिथियों में आरती श्रीवास्तव, डॉ. एस.के गोपाल, डॉ. सुधा द्विवेदी, अर्चना गुप्ता और आभा शुक्ला शामिल थीं । विद्यालय के निदेशक जीतेश श्रीवास्तव और प्राचार्या ऋचा माथुर के कुशल मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा, संस्कार और सामाजिक संदेश का एक सुंदर संगम साबित हुआ।
लखनऊ स्थित सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान (सीमैप) में सोमवार को ज्ञान और नवाचार का संगम देखने को मिला। यहां रानी लक्ष्मी बाई कॉलेज, हिसार (हरियाणा) की छात्राओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया।इसी के साथ शैक्षणिक और जनजातीय भ्रमण भी आयोजित किया गया, जो सीएसआईआर अरोमा मिशन के तहत संचालित है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को औषधीय एवं सुगंधित पौधों की वैज्ञानिक खेती, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और उद्यमिता विकास की व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में अरोमा सेक्टर युवाओं के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। जनजातीय महिलाओं ने भी संस्थान का भ्रमण किया इसी दिन मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले से आईं 51 जनजातीय महिलाओं ने भी संस्थान का भ्रमण किया। उन्हें प्रत्यक्ष प्रदर्शन के माध्यम से कई तकनीकों से परिचित कराया गया। इनमें आसवन अपशिष्ट से कटलरी निर्माण, आवश्यक तेल की आसवन प्रक्रिया, वर्मी कम्पोस्टिंग तकनीक, औषधीय एवं सुगंधित फसलों का क्षेत्र भ्रमण और मानव पार्क (MANAV Park) का अवलोकन शामिल था। महिलाओं ने वैज्ञानिकों से संवाद कर स्वरोजगार की संभावनाओं को समझा। विद्यार्थियों ने उन्नत तकनीकों की बारीकियों को सीखा कार्यक्रम में लखनऊ फार्मेसी कॉलेज के 31 छात्र-छात्राओं और तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय, कोयम्बटूर के 100 से अधिक कृषि विद्यार्थियों ने भी हिस्सा लिया। इन विद्यार्थियों ने उन्नत तकनीकों और फसल प्रबंधन की बारीकियों को सीखा।संवाद सत्र के दौरान, डॉ. संजय कुमार ने अरोमा मिशन की गतिविधियों और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। डॉ. आर.के श्रीवास्तव ने फसलोत्तर प्रबंधन और व्यावसायिक संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में डॉ. आर.एस शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। डॉ. ऋषिकेश एन. भिसे और डॉ. महेश एम. कदम ने कार्यक्रम का संचालन किया।
विधानसभा में पाली विधायक भीमराज भाटी ने पाली में महाराणा प्रताप का ननिहाल होने और उनके जन्मस्थल को विकसित करने का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही उन्होंने पाली मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की मां जयवंता देवी के नाम करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि पाली शहर के जूनी कचहरी में महाराणा प्रताप का ननिहाल है। यहां पर ही महाराणा प्रताप का जन्म हुआ था। इसकी पुष्टि साल 2001 में पाली में हुई इतिहासकार की बैठक में भी हुई। साल 2011 में जूनी कचहरी परिसर में महाराणा प्रताप की आदम कद प्रतिमा भी लगाई गई। उन्होंने कहा कि पाली में महाराणा प्रताप का ननिहाल है लेकिन महाराणा प्रताप का पेनोरमा बनाने सहित महाराणा की जन्म भूमि को विकसित करने के लिए अपेक्षित काम नहीं किया गया। उन्होंने पाली मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की मां जयवंता देवी के नाम करने की बात कही। बता दे कि महाराणा प्रताप महाराणा प्रताप की जन्म स्थली विकास समिति के अध्यक्ष एडवोकेट शेतानसिंह सोनिगरा गिरवर, सचिव चम्पालाल सिसोदिया, संयोजक उगमराज सांड एवं समिति के समस्त सदस्यों ने गत दिनों पाली विधायक भीमराज भाटी से मुलाकात की थी। जिसमें पिछले 30 वर्षो की प्रगति पत्र के साथ मांग पत्र शासन की सेवा में प्रस्तुत की बात कही थी। इस पर विधायक ने विधानसभा में महाराणा प्रताप की जन्म स्थली को विकसित करने और मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की मां के नाम करने का मुद्दा उठाया।
राजधानी लखनऊ में भारतीय ज्ञान-परम्परा पर विचार मंथन किया गया। कुमारस्वामी फाउण्डेशन के सहयोग से भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय स्थित जयशंकर प्रसाद सभागार में बीसवां पं. भुवनेशचन्द्र मिश्र स्मृति व्याख्यान आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम में विषय के विशेषज्ञों ने भारतीय जीवन-दर्शन की व्यापकता और उसकी समकालीन प्रासंगिकता पर विस्तार से विचार रखे। मुख्य वक्ता प्रोफेसर रामनाथ झा ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय ज्ञान-परम्परा एक सर्वांगपूर्ण जीवन-विधान है। यह केवल सिद्धांतों तक सीमित नहीं, बल्कि व्यवहार में भी झलकती है। उन्होंने जोर दिया कि मन, वचन और कर्म की एकता को जीवन का मूल आधार माना गया है, और इस एकता का टूटना ही पाखंड है। आत्म-बोध का प्रश्न ही भारत का निर्णायक प्रश्न रहा प्रोफेसर झा ने भारतीय सभ्यता को जिज्ञासामूलक सभ्यता बताया। उन्होंने कहा कि आत्म-बोध का प्रश्न ही भारत का निर्णायक प्रश्न रहा है, जिसे भारत-बोध भी कहा गया है।जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से जुड़े प्रो. झा ने आगे कहा कि आदि शंकराचार्य के अद्वैत वेदान्त में यही भारत-बोध प्रकाशित होता है। उन्होंने शिक्षा, समाज, अर्थ-व्यवस्था और राजनीति को एक-दूसरे से गहराई से जुड़ा हुआ बताया। उनके अनुसार, भारतीय व्यवस्था को समृद्ध बनाने में बौद्ध, जैन, लोकायत और लोक-परम्पराओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अंतर्विरोधी मान्यताओं ने समाज में संकट पैदा किए कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर आर.के मिश्र ने आधुनिक सभ्यता के व्यापक प्रभाव पर बात की। उन्होंने कहा कि इसकी अंतर्विरोधी मान्यताओं ने समाज में विघटन, अर्थव्यवस्था में लोभ और राजनीति में अविश्वसनीयता जैसे संकट पैदा किए हैं। प्रोफेसर मिश्र ने अकादमिक जगत की जिम्मेदारी बताई कि वह इन चुनौतियों का समाधान खोजे। इस अवसर पर फाउंडेशन की वार्षिक पत्रिका ‘तत्त्व-सिन्धु’ के नए अंक का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के शिक्षक, शोधार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे। डॉ. बृजेन्द्र पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन किया।
आगर में आयशर ने बाइक को टक्कर मारी:जीरापुर का युवक घायल, पुलिस ने भाग रहे वाहन चालक को पकड़ा
आगर मालवा के सोयत कला थाना क्षेत्र में सोमवार रात इंदौर-कोटा नेशनल हाईवे पर एक सड़क हादसा हो गया। सालिया खेड़ी बस स्टैंड के पास कोटा की ओर से आ रहे एक आयशर वाहन ने बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिससे वह घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और उन्होंने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को खबर दी। 108 एम्बुलेंस के स्टाफ ने ग्रामीणों की मदद से घायल को सोयत कला स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। घायल युवक की पहचान जीरापुर के पास लक्ष्मणपुर निवासी पवन दांगी के रूप में हुई है। पुलिस ने पकड़ा वाहन घटना की जानकारी मिलते ही सोयत कला थाना प्रभारी ने एक्टिव होते हुए थाने के सामने नाकाबंदी कर दी। पुलिस ने टक्कर मारकर भाग रहे आयशर वाहन और उसके चालक को पकड़ लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
गुलाल से ज्यादा बच्चों की मुस्कानें बिखरीं:लखनऊ के चेतना संस्थान में विशेष बच्चों ने मनाई होली
लखनऊ के अलीगंज स्थित चेतना संस्थान में इस बार होली का त्योहार खास अंदाज में मनाया गया। यहां गुलाल से ज्यादा बच्चों की मुस्कानें बिखरीं और ढोल-नगाड़ों से ज्यादा तालियां गूंजीं। विशेष बच्चों की अग्रणी संस्था चेतना संस्थान में होली मेले का आयोजन किया गया, जिसमें उमंग, उत्साह और आत्मनिर्भरता के रंग एक साथ देखने को मिले। मेले का मुख्य आकर्षण विशेष बच्चों द्वारा तैयार किए गए हर्बल गुलाल और फेस पैक थे। प्राकृतिक रंगों से बने इन उत्पादों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और बच्चों की आत्मनिर्भरता को भी प्रदर्शित किया। आगंतुकों ने इन उत्पादों की खरीदारी कर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। मेले में कपड़ों, ज्वेलरी और बेकरी उत्पादों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जिन्हें बाहरी प्रतिभागियों और आगंतुकों ने सजाया। बच्चों ने लोक गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए फूलों और हर्बल गुलाल से खेली गई होली ने पूरे परिसर को रंगीन बना दिया। बच्चों ने लोकप्रिय गीतों पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए। उनके थिरकते कदमों और तालियों की गड़गड़ाहट ने सभी के चेहरों पर खुशी ला दी।कार्यक्रम में मानवाधिकार जनसेवा परिषद के अध्यक्ष रूप कुमार शर्मा अपनी पत्नी रेखा शर्मा के साथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को खाद्य सामग्री वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। संस्था के सचिव दिनेश प्रताप सिंह ने भी बच्चों को उपहार भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया।इस आयोजन को सफल बनाने में वोकेशनल इंचार्ज निरूपमा सिंह, सहयोगी प्रियंका तिवारी और समस्त स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। जैन लेडीज़ क्लब की अध्यक्षा मनीषा जैन के विशेष सहयोग और प्रभावी संचालन ने कार्यक्रम को यादगार बनाया।
हमीरपुर के मौदहा कोतवाली क्षेत्र में सोमवार शाम करंट लगने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजन उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना मौदहा क्षेत्र के गुरदहा गांव की है। गांव के प्रधान प्रदीप यादव की 50 वर्षीय पत्नी कमलेश शाम के समय घर में पूजा करने के लिए कमरे में गई थीं। आशंका जताई जा रही है कि पूजा से पहले हाथ-पैर धोने के बाद उन्होंने बिजली के बोर्ड का स्विच ऑन किया, तभी वह करंट की चपेट में आ गईं। कुछ देर बाद जब परिजनों की नजर कमरे में बेहोश पड़ी कमलेश पर पड़ी तो उन्हें तुरंत उपचार के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। मामले में कोतवाली प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि परिजन यदि चाहेंगे तो पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई जाएगी। इस अचानक हुई घटना से परिवार में कोहराम मच गया है। मृतका अपने पीछे एक बेटी और दो बेटों को छोड़ गई हैं। दोनों बेटे इलाहाबाद में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं।
यूपी में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव और CM योगी को टक्कर देने के लिए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फिल्डिंग सजा दी है। चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की कंपनी I-PAC यूपी में अखिलेश यादव के चुनावी कैंपेन की स्ट्रैटजी बनाएगी। PK की टीम जल्द ही लखनऊ में अपना काम संभालेगी। जानकार बताते हैं कि तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन और बंगाल की CM ममता बनर्जी ने PK की कंपनी की हायर करने सलाह अखिलेश यादव को दी थी। अखिलेश ने PK के साथ दिसंबर, 2025 में दिल्ली में पहली मीटिंग की, फिर बीते दिनों जब बंगाल गए तो दोबारा मुलाकात की। इसके बाद समाजवादी पार्टी ने हायर किया है। सूत्रों का कहना है कि 28 मार्च को अखिलेश यादव नोएडा से अपने चुनावी कैंपेन की शुरुआत करने जा रहे हैं। वे नोएडा में PDA भागीदारी रैली करेंगे। कई कंपनियों को हायर कर रही है सपासपा अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग कंपनियों को हायर कर रही है। इसमें डेटा एनालिसिस और उसके आधार पर रणनीति का काम मुम्बई की कंपनी शो टाइम कंसल्टिंग को दिया गया है। सर्वे का काम कर्नाटक की एक कंपनी पूर्वी उत्तर प्रदेश से शुरू कर चुकी है। अखिलेश यादव के लिए करो या मरो का चुनावअखिलेश यादव के लिए 2027 का चुनाव करो या मरो का है। लोकसभा चुनावों में मिली सफलता के बाद अब अखिलेश यादव किसी भी कीमत पर यूपी की सत्ता हासिल करना चाहते हैं। इसके लिए न सिर्फ अलग अलग एजेंसियों को हायर कर रहे हैं, बल्कि ग्राउंड पर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के साथ पार्टी के पदाधिकारी संपर्क कर रहे हैं और पूरी रिपोर्ट ले रहे हैं। कई राजनीतिक दलों के लिए PK बना चुके हैं स्ट्रैटजीप्रशांत किशोर को राजनीतिक सर्किल में PK के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अपनी कंपनी I-PAC के जरिए कई बड़े चुनावी अभियानों को सफलता दिलाई है। 2014 में भाजपा के लिए रणनीति बनाई। 2015 में नीतीश कुमार को बिहार में जीत दिलाई। 2016 में कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब में विजय दिलाई। ममता बनर्जी की टीएमसी और एमके स्टालिन की डीएमके की सफलताओं में PK की कंपनी की भूमिका अहम रही है। सूत्र बताते हैं कि दिसंबर 2025 में दिल्ली में अखिलेश और PK की मीटिंग हुई थी, और फिर जनवरी 2026 में जब अखिलेश पश्चिम बंगाल गए थे, तब भी दोनों के बीच लंबी चर्चा हुई। माना जा रहा है PK पर्दे के पीछे रह कर अखिलेश यादव के चुनावी कैंपेन का पूरा काम देखेंगे। I-PAC चुनावी अभियान के साथ साथ बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करना, वोटर टर्नआउट बढ़ाने के लिए ऐप-बेस्ड टूल्स का इस्तेमाल करने के साथ साथ विपक्षी पार्टियों की कमजोरियों पर फोकस करेगी। अखिलेश मान रहे सुनहरा मौका2022 के विधानसभा चुनावों में सपा को 111 सीटें मिली थीं। लेकिन बीजेपी की 255 सीटों के आगे वह कमजोर पड़ गई। 2024 के लोकसभा चुनावों में एसपी ने 37 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई। अब अखिलेश सत्ता वापसी के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। वे बीजेपी सरकार पर कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार और बेरोजगारी को लेकर लगातार हमले बोल रहे हैं। अखिलेश यादव अब सीधे मुख्यमंत्री पर भी हमला करने का कोई मौका छोड़ नहीं रहे हैं। कौन हैं प्रशांत किशोर?प्रशांत किशोर ने 2011 में संयुक्त राष्ट्र से इस्तीफा देकर भारतीय राजनीति में कदम रखा। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कैंपेन किया। इसकी सफलता के बाद उन्होंने I-PAC की स्थापना की, जो अब भारत की पहली प्रोफेशनल चुनावी कंसल्टेंसी कंपनी है। लेकिन हाल के वर्षों में पीके ने कंपनी से दूरी बना ली है और बिहार में अपनी जन सुराज पार्टी चला रहे हैं। 2025 के बिहार चुनावों में उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया, बल्कि संगठन मजबूत करने पर फोकस किया। कुछ अफवाहें यह भी हैं कि PK को अमित शाह ने बिहार भेजा था, तेजस्वी यादव की इमेज खराब करने के लिए, लेकिन ये महज कयास हैं। I-PAC अब प्रतीक जैन जैसे लोगों के हाथों में है, जो TMC और DMK के साथ काम कर रहे हैं। यूपी में पहले भी काम कर चुके हैं प्रशांत किशोरप्रशांत किशोर यूपी में इससे पहले भी काम कर चुके हैं। 2017 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के लिए रणनीति बनाई थी और 27 साल यूपी बेहाल का नारा दिया था। हालांकि बाद में सपा और कांग्रेस के बीच समझौता हो गया था। यूपी बेहाल के नारे को बीच में ही छोड़ना पड़ गया था। सपा से समझौते के बाद भी केवल 7 सीटें ही कांग्रेस को मिल सकी थीं। सपा की भी बुरी हार हुई थी, उसे 47 सीटों पर सिमटना पड़ा था। ------------ यह खबर भी पढ़िए:- लखनऊ में पैथालॉजी मालिक पिता को काटकर ड्रम में भरा:सिर गायब, बेटे ने काटने से पहले गोली मारी; 3 दिन से लापता थे लखनऊ में पैथोलॉजी लैब के मालिक की 21 साल के बेटे ने गोली मारकर हत्या कर दी। शव को कई टुकड़ों में काटा। फिर उसे ड्रम में भर दिया। पैथोलॉजी मालिक तीन दिन से लापता थे। बेटे ने ही गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। लेकिन पूछताछ में उसने कई बयान दिए, जिस पर पुलिस को संदेह हुआ। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
उन्नाव में सोमवार रात एक युवक और युवती की मालगाड़ी की चपेट में आने से मौत हो गई। यह घटना गंगाघाट और मगरवारा रेलवे स्टेशन के बीच सहजनी क्रॉसिंग के पास डाउन लाइन पर हुई। दोनों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि देर रात डाउन ट्रैक पर तेज रफ्तार मालगाड़ी गुजर रही थी, तभी युवक और युवती उसकी चपेट में आ गए। टक्कर के कारण दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक को खाली कराया। इस हादसे के बाद दिल्ली से लखनऊ जा रही तेजस एक्सप्रेस को एहतियातन रोक दिया गया। ट्रेन लगभग 30 मिनट से अधिक समय तक ट्रैक पर खड़ी रही। रेलवे अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों की गति भी धीमी कर दी, जिससे कुछ समय के लिए रेल यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। समाचार लिखे जाने तक युवक और युवती की शिनाख्त नहीं हो सकी थी। पुलिस आसपास के थानों और गुमशुदगी के रिकॉर्ड के आधार पर उनकी पहचान कराने का प्रयास कर रही है। इसके साथ ही आसपास के लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच में अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि दोनों ट्रैक पर कैसे पहुंचे। पुलिस आत्महत्या, हादसा या किसी अन्य कारण से ट्रैक पर होने की आशंका को लेकर विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। रेलवे अधिकारियों ने भी इस घटना की आंतरिक जांच शुरू कर दी है। देर रात तक पुलिस और रेलवे कर्मी मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि शिनाख्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी और घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा।
बागपत के गौरीपुर यमुना पुल पर देर रात एक ईको कार और पराली से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में कार में सवार छह लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को कार से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने कार चालक जगदीश और यात्री मनीष की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। घायल मनीष ने बताया कि ईको कार की रफ्तार काफी तेज थी। उन्होंने और कार में सवार अन्य यात्रियों ने कई बार चालक को गति धीमी करने के लिए कहा था, लेकिन चालक ने उनकी बात नहीं सुनी। कुछ दूर आगे चलने पर यह हादसा हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया। पुलिस ने फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे हटवाकर यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया गया। पुलिस मामले की आगे की छानबीन कर रही है। बागपत में अक्सर प्रतिबंधित वाहनों के कारण सड़क हादसों की संभावना बनी रहती हैं।
सरकारी स्कूलों की सूरत और सीरत बदलने के लिए अब 'कंप्लायंस' नहीं बल्कि 'आउटकम' पर फोकस किया जाएगा। सोमवार को बरेली कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने पीएम श्री विद्यालयों की समीक्षा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सिस्टम को कागजी कार्रवाई से बाहर निकलकर परिणामों की ओर बढ़ना होगा। बैठक में डीएम अविनाश सिंह और सीडीओ देवयानी भी मौजूद रहीं। लाइब्रेरी की बदहाली पर नाराजगी, प्रिंसिपलों को 'लीडर' बनने को कहासमीक्षा के दौरान संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने स्कूलों में लाइब्रेरी की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई और इसमें तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों के प्रिंसिपलों को केवल प्रशासनिक अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि एक लीडर की तरह काम करना होगा। बच्चों को नवाचार (इन्नोवेशन) और नई टेक्नोलॉजी से जोड़ना प्राथमिकता होनी चाहिए। बच्चों का विकास देश की अमानत, ट्रेनिंग में न हो कोताहीसंयुक्त सचिव अमित निर्मल ने जोर देकर कहा कि शिक्षक बच्चों को इस भावना से पढ़ाएं कि वे देश के भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि बच्चों को किताबों और यूनिफॉर्म की कमी न हो। साथ ही शिक्षकों की ट्रेनिंग और बच्चों की मेंटल काउंसलिंग के लिए नियमित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। बैठक में सेल्फ डिफेंस, कंप्यूटर लैब, यूथ इको क्लब और स्कूल बैंड जैसे मुद्दों पर भी फीडबैक लिया गया। ग्राउंड जीरो पर पहुंचे सचिव: क्लासरूम में जाकर परखी शिक्षा की गुणवत्ताबैठक से पहले संयुक्त सचिव अमित निर्मल ने खुद फील्ड में उतरकर स्कूलों का हाल जाना। उन्होंने मीरगंज के चुरई दलपतपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय और शहर के राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आईसीटी लैब और क्लासरूम का जायजा लिया और छात्रों से सीधे बातचीत कर उनकी पढ़ाई के स्तर को परखा।
यूपी स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (यूपीएसएसएफ) ने मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक मेट्रो और नमो भारत के 13 स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था संभाल ली है। इन स्टेशनों पर दो इंस्पेक्टरों और 400 जवानों को तैनात किया गया है। यह तैनाती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रविवार को उद्घाटन से पहले की गई थी। सोमवार को, सुरक्षा जांच के पहले दिन, एसएसएफ के जवानों ने कई यात्रियों को प्रतिबंधित सामान के साथ रोका। इनमें लाइसेंसी पिस्टल, शराब, सिगरेट, तंबाकू, माचिस, घी और तेल जैसी वस्तुएं शामिल थीं। ऐसे यात्रियों को स्टेशन में प्रवेश करने से रोक दिया गया। मंगलवार को, प्रतिबंधित वस्तुएं ले जाने वाले यात्रियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में ऐसे सामान जब्त कर लिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, 25 किलोग्राम से अधिक वजन का सामान या बैग लेकर चलने वाले यात्रियों को भी मेट्रो और नमो भारत में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। यूपीएसएसएफ को मेट्रो और नमो भारत के सभी स्टेशनों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वाहिनी में कुल एक कमांडेंट और दो इंस्पेक्टर सहित 500 जवान हैं, जिनमें से 400 को 13 स्टेशनों पर दो शिफ्टों में ड्यूटी पर लगाया गया है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम से सभी यात्रियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने पांच साल बनाम 2 साल को लेकर सरकार और बीजेपी पर तंज कसा है। गहलोत ने कहा- दो साल बनाम पांच साल की चर्चा का मजाक बना रखा है। आजादी के बाद से लेकर अब तक किसी भी सरकार ने ऐसी मूर्खता वाला बयान नहीं दिया होगा। 2 साल बनाम पांच साल बेतुका बयान था। बाद में इन्हें इसे बदलना पड़ा। यह नौबत क्यों आई? न केंद्र और न राज्य में अब तक इस तरह का पांच साल बनाम दो साल जैसा नहीं कहा। गहलोत विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। गहलोत ने कहा- इस सरकार को लेकर गांव गांव में जो हालत बनी है, मैंने ऐसा कभी किसी सरकार के बारे में नहीं सुना। सरकार जो आंकड़े गिना रही वे काम तो हमारे वक्त मंजूर हुए गहलोत ने कहा- सरकार आंकड़े पेश कर रही है लेकिन उनमें बहुत सारे काम तो हमारी सरकार के समय मंजूर हुए थे। हमारी सरकार के वक्त वित्तीय स्वीकृति जारी हुई, टेंडर जारी किए, काम शुरू हो गया और उन आंकड़ों को अधिकारियों ने लिखकर सरकार को दे दिया। जिन योजनाओं को हमने शुरू किया उन्हें बंद कर दिया गया। कई योजनाएं तो ऐसी हैं जो बनकर तैयार हैं लेकिन उन्हें शुरू नहीं किया जा रहा है। कई काम अधूरे पड़े हुए हैं। गृह विभाग की अनुदान मांगों पर सदन में बहस तक नहीं करवा रही सरकार गहलोत ने कहा- यह बहुत ही गंभीर बात है किसरकार गृह विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा तक नहीं करवा रही है,जबकि विपक्ष ने सरकार से चर्चा करवाने की मांग की थी। इस पर हमारा सख्त ऐतराज हैं। राजस्थान में दो साल के राज में ही 13 हजार से ज्यादा रेप हो चुके। महिला घर में सुरक्षित नहीं है, कई जगह महिलाओं को मारकर उनके पैर काटकर कड़े निकाल कर ले जा रहा है। सरकार अगर गृह पर चर्चा करवात तो अच्छे सुझाव मिलते। मोदी अजमेीर में जिन 19 कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे उनमें से 18 हमारे वक्त के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अजमेर आ रहे हैं। वे जिन 19 कॉलेजों का उद्घाटन करेंगे उनमें से 18 तो हमारी सरकार के वक्त के मंजतूर हुए हैं। प्रधानमंत्री पहले कहते थे कि कांग्रेस मुक्त भारत बनाएंगे लेकिन अब कह रहे हैं कि विपक्ष मुक्त भारत बनाएंगे। जब देश में विपक्ष नहीं रहेगा तो फिर सत्ता पक्ष का होना भी कोई तुक नहीं है। हमारे समय में भी संसद में गतिरोध होता था, एक बार 18 दिन तक सदन की कार्यवाही नहीं चली।
ओवरटेक करते समय कार डिवाइडर से टकराकर पलटी:हटा में लोगों ने कार को सीधा किया, ड्राइवर सुरक्षित
दमोह जिले के हटा में सोमवार शाम एक तेज रफ्तार कार ओवरटेक करने के चक्कर में अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराकर पलट गई। यह हादसा खचना नाका तिराहा पर हुआ। गनीमत रही कि कार चालक सुरक्षित बच गया और कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि कार (MP-34-CA-1822) चंडी जी मंदिर चौराहा से अंधियारा बगीचा की ओर जा रही थी। खचना नाका तिराहा के पास ड्राइवर ने आगे चल रहे एक 407 वाहन को ओवरटेक करने की कोशिश की, तभी कार बेकाबू होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि कार पलट गई और उसके चारों पहिए ऊपर हो गए। ड्राइवर सुरक्षित, लोगों ने की मदद हादसे के बाद कार चला रहे मनोज पटेल सही-सलामत बाहर निकल आए। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और पलटी हुई कार को सीधा किया। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई थी। खराब सड़क बन रही हादसों की वजह स्थानीय लोगों का कहना है कि खचना नाका पर जब से नई सड़क बनी है, तब से यहां लगातार हादसे हो रहे हैं। फिलहाल गैसाबाद से दमोह तक सड़क का काम चल रहा है, जिसकी वजह से गाड़ियों को एक ही साइड से निकलना पड़ता है। लोगों ने सड़क की इस खराब स्थिति को ही हादसों की मुख्य वजह बताया है।
सिरसा में रोडवेज बस और स्कोर्पियों की टक्कर:कार हुई क्षतिग्रस्त, अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा
सिरसा जिले में सोमवार देर शाम को रोडवेज बस और स्कोर्पियों गाड़ी की टक्कर हो गई। स्कोर्पियों के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और इंजन में काफी नुकसान हुआ है। ड्राइवर ने घटना की वीडियो बना ली। मगर बस ड्राइवर गाड़ी को लेकर चला गया और स्कोर्पियों ड्राइवर ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची। राहत की बात है कि गाड़ी में सवार लोगों को चोटें नहीं आई है। बस ड्राइवर ने अचानक लगाए ब्रेक स्कोर्पियों ड्राइवर का आरोप है कि रोडवेज ड्राइवर बस को अचानक पीछे से लेकर आया और आगे आकर अचानक ब्रेक मार दिए। ऐसे में गाड़ी पीछे से टकरा गई। उसने ये भी आरोप लगाया कि जब ड्राइवर से अचानक ब्रेक लगाने के कारण पूछा तो कहा-गाय आ गई थी। स्पीड में बस चलाने पर पूछा तो कहा-ये रोडवेज है। उसकी गलती नहीं है। अगर कुछ करना हो तो रोडवेज में आ जाना। स्कोर्पियों ड्राइवर ने बताया कि वह ऑटो मार्केट से किसी काम से वापस आ रहे थे। रास्ते में रेलवे दिल्ली पुल के पास पहुंचने पर रोडवेज बस नंबर HR 57GV 7576 पीछे से आई और अचानक आगे आकर ब्रेक लगा दिए। तभी ये हादसा हो गया।
झाबुआ में पिकअप नदी में गिरी:पुल की रेलिंग तोड़ी, ड्राइवर मौके से फरार; कोई घायल नहीं
झाबुआ के मेघनगर-मदरानी मार्ग पर सोमवार शाम एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरी। गनीमत रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई। चश्मदीदों के मुताबिक, पिकअप (GJ 20Y 6069) बहुत तेज रफ्तार में थी। तेज गति की वजह से ड्राइवर ने वाहन पर से अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पुल की सुरक्षा रेलिंग तोड़ते हुए सीधे नदी में जा गिरी। काफी ऊंचाई से गिरने के बावजूद पिकअप पलटी नहीं, बल्कि सीधी गिरी, जिससे ड्राइवर की जान बच गई। हादसे के बाद ड्राइवर फरार दुर्घटना के समय वाहन में ड्राइवर के अलावा और कोई नहीं था। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग और राहगीर मौके पर जमा हो गए। इस बीच मौका पाकर ड्राइवर वहां से भाग निकला। पुलिस कर रही है जांच मेघनगर टीआई दिनेश शर्मा ने बताया कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और गाड़ी के नंबर के आधार पर उसके मालिक और फरार ड्राइवर की तलाश की जा रही है।
उदयपुर में पेसिफिक हास्पिटल, विनय क्रिकेट क्लब व लीला फाउंडेशन के तत्वावधान में फील्ड क्लब मैदान पर चल रहे पिम्स मेवाड़ कप सीजन-4 रोमांचक मुकाबाला देखने को मिल रहा है। सोमवार को खेले गए मुकाबलों में जीसीए ने सेमीफाइनल में क्रॉसरोड्स इंटरनेशनल स्कूल को एकतरफा मुकाबले में 138 रन के भारी अंतर से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। जीसीए ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 18 आवेर में सभी विकेट खोकर 217 रन बनाए। इसमें अहान पोद्दार ने 31 बॉल में 57, स्मित पटेल ने 27 बॉल में 50 रन का योगदान दिया। क्रॉसरोड्स इंटरनेशनल स्कूल के ब्रिजेश शर्मा ने तीन विकेट लिए। जवाब में जीत का लक्ष्य लेकर उतरी क्रॉसरोड्स इंटरनेशनल स्कूल की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने पावर प्ले में ही तीन विकेट खो दिए। इसके बाद लगातार विकेट गिरते रहे और टीम को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जीसीए के हेमांग पटेल ने बल्लेबाजों की कमर तोड़ कर रख दी। उन्होंने 25 रन देकर पांच विकेट झटके। इसी तरह से पूरी टीम मात्र 79 रन पर ही सिमट गई। उदयपुर लेकसिटी वॉरियर्स ने बनाए 186 रनइससे पहले खेले गए पहले सेमीफाइनल में उदयपुर लेकसिटी वॉरियर्स की टीम ने 20 ओवर में 186 का स्कोर खड़ा किया। सिद्धार्थ पाटीदार ने 42 बॉल में दो छक्कों व छह चौकों की बदौलत 56 रन का योगदान दिया। जवाब में आदित्यम रियल स्टेट्स की टीम 19 ओवर में सभी विकेट खोकर 165 रन ही बना सकी और मुकाबला 21 रन से गंवा बैठी। पंकज कुमार ने चार छक्कों व आठ चौकों की मदद से 74 रन की पारी खेली, लेकिन वे टीम को जीत नहीं दिला सके। पी.आकाश ने 17 बॉल पर 41 रन बनाए। उदयपुर लेकसिटी वारियर्स के इरफान ने घातक गेंदबाजी करते हुए चार ओवर में 11 रन देकर छह विकेट झटके। सिदकसिंह ने दो विकेट लिए। फील्ड क्लब मैदान पर अपने चहेते आईपीएल खिलाडियों को पास से देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शकों की भीड़ जमा थी। वहीं चौकों और छक्कों पर लगातार हूटिंग भी चलती रही।
गोरखपुर में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के 100 विधायक वाले बयान पर पलटवार किया है। पंकज चौधरी ने कहा- यह बयान विपक्ष की हताशा और निराशा को दर्शाता है। ऑफर देने के बयान से स्पष्ट है कि सपा अब खुद के दम पर सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा- सरकार और संगठन सब कुछ ठीक चल रहा है। यह साफ कर देना चाहता हूं कि कोई मतभेद नहीं है। अगर कहीं कोई बात आती है, तो उसे ठीक कर लेंगे। सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी गोरखपुर पहुंचे। वो सीधे अपने आवास पर पहुंचे। यहां मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। पंकज चौधरी ने कहा- ‘अब सब लोग खुद देखिए ये अखिलेश यादव जी का जो बयान आया है, वो सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष है, प्रमुख हैं। ये कहीं न कहीं हताश हो गए हैं। विपक्ष के पास जनहित के मुद्दे नहीं बचेआपको नहीं दिखता है, ये हताशा का प्रतीक है, क्योंकि 11 साल से हमारी केंद्र की सरकार लगभग 9 साल में हमारी उत्तर प्रदेश की सरकार जिस प्रकार से आम, गरीब, किसान, महिलाओं का उत्थान किया है। उससे कहीं न कहीं उनको हताशा हुई है। अगर आप देखें भारतीय जनता पार्टी सर्व समाज की पार्टी है। ये बिना किसी भेदभाव के काम करती है।’ उन्होंने कहा कि– विपक्ष के पास जनहित के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह इस तरह के अगंभीर और राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बयान देकर सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहा है। विपक्ष की जमीन खिसक चुकी हैउन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया को यह समझना चाहिए कि उत्तर प्रदेश की जनता अब विकास और सुशासन की राजनीति को ही स्वीकार करती है। भाजपा सरकार के कार्यों से प्रदेश में निवेश, रोजगार, आधारभूत संरचना और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं, जिससे विपक्ष की जमीन खिसक चुकी है। पंकज चौधरी ने कहा- विपक्ष के नेता ऐसे बयान देने के बजाय जनता के मुद्दों पर सकारात्मक और रचनात्मक राजनीति करें। भारतीय जनता पार्टी पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ प्रदेश की 25 करोड़ जनता की सेवा में समर्पित है और विपक्ष के इस तरह के बयान भाजपा के संकल्प और जनसमर्थन को कमजोर नहीं कर सकते। 2027 की रणनीति पर बोलेभाजपा के कार्यकर्ता 365 दिन काम करते हैं और जनता की सेवा करते हैं। वैसे भी चुनाव में अभी साल भर का समय है। चुनाव के दृष्टिकोण से रणनीति बनाई जा रही है। जल्द ही आपसे साझा भी की जाएगी। सरकार और संगठन में कोई भी मतभेद नहींपंकज चौधरी ने कहा- सरकार और संगठन में कोई भी मतभेद नहीं है। दोनों मिलकर के जहां सरकार का काम होता है, वहां सरकार करती है, जहां संगठन का काम होता है, वहां संगठन काम करती है। संगठन काम है कि सरकार की काम को जनता तक पहुंचाने। संगठन वो काम पूरी तरह से कर रही है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि जनता ने पूर्ण बहुमत देकर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को जनसेवा के लिए चुना है। भाजपा सरकार विकास, सुशासन, कानून व्यवस्था और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ काम कर रही है। विपक्ष के पास जनहित के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह इस तरह के अगंभीर और राजनीतिक रूप से अपरिपक्व बयान देकर सुर्खियां बटोरने का प्रयास कर रहा है। अखिलेश ने कहा था कि 100 विधायक अपने साथ ले आए, सीएम बन जाए अखिलेश ने दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को ऑफर दिया। कहा- दोनों में से कोई भी 100 विधायक अपने साथ ले आए और मुख्यमंत्री बन जाए। मन तो दोनों का ही है। इससे अच्छा ऑफर उन्हें कहीं नहीं मिलेगा। ऑफर सिर्फ एक हफ्ते के लिए ही है। पढ़ें पूरी खबर…
रीवा जिले में पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई हुई है। तीन पुलिसकर्मियों को सोमवार रात निलंबित कर दिया गया है। थाना मनगवां में एनडीपीएस एक्ट और 5/13 औषधि नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में हेरफेर की शिकायत मिलने के बाद एक्शन लिया गया है। जांच के बाद यह कार्रवाई गौरव राजपूत (पुलिस महानिरीक्षक), हेमंत चौहान (डीआईजी), शैलेन्द्र सिंह चौहान (एसपी) और संदीप मिश्रा (प्रभारी एसपी) के निर्देशन में की गई। कार्यवाहक निरीक्षक समेत दो आरक्षक निलंबितपुलिस जांच में थाना मनगवां के कार्यवाहक निरीक्षक गजेन्द्र सिंह धाकड़, आरक्षक विजय यादव और आरक्षक बृजकिशोर अहिरवार का आचरण प्रथम दृष्टया भ्रष्ट एवं संदिग्ध पाया गया। इसके बाद तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिकायत के बाद खुला मामलाबताया जा रहा है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत की गई कार्रवाई में गड़बड़ी और हेरफेर की शिकायत उच्च अधिकारियों तक पहुंची थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय जांच कराई गई। जांच में प्राथमिक तौर पर अनियमितता सामने आने पर यह सख्त कदम उठाया गया। विभाग में मचा हड़कंपतीन पुलिसकर्मियों के एक साथ निलंबन से पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आगे की विभागीय जांच जारी है।
गाजियाबाद में नाले में डूबकर व्यापारी की मौत:स्कूटी अनियंत्रित होकर गिरी, घर से कूड़ा फेंकने गए थे
गाजियाबाद के सिहानीगेट थाना क्षेत्र में 4 फीट गहरे नाले में गिरने से एक किराना व्यापारी की मौत हो गई। घटना के बाद राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। व्यापारी को अस्पताल भिजवाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि व्यापारी की स्कूटी को किसी वाहन ने टक्कर नहीं मारी, बल्कि स्कूटी अनियंत्रित होकर गिरने से हादसा हुआ। घटना रविवार आधी रात की है। रात 11 बजकर 54 मिनट पर पीआरवी को सूचना मिली कि सिहानीगेट थाना क्षेत्र के पटेलनगर स्थित रॉयल ग्रीन होटल के सामने एक व्यक्ति स्कूटी समेत नाले में गिर गया है। राहगीरों ने उसे एमएमजी अस्पताल भिजवाया। सूचना पर सिहानीगेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अस्पताल जाकर जानकारी जुटाई। स्कूटी पर बाल्टी रखकर ले जाते समय हादसा स्कूटी नंबर के आधार पर मृतक की पहचान शंकर लाल गर्ग (48), पुत्र जितेंद्र कुमार, निवासी पक्की मोरी, डासना गेट, थाना कोतवाली के रूप में हुई। मृतक के बड़े भाई योगेश गर्ग ने बताया कि शंकरलाल की किराना की दुकान है। वह रात में दुकान बंद कर कूड़ा फेंकने जाते थे और इसके बाद केशरी माता मंदिर में पूजा कर घर लौटते थे। CCTV में टक्कर के संकेत नहींपुलिस और नगर निगम की टीम ने आसपास के स्थानों पर जांच की और सीसीटीवी फुटेज खंगाली। स्कूटी की जांच में किसी वाहन से टक्कर के स्पष्ट निशान नहीं मिले। पास के होटल के सीसीटीवी में भी किसी वाहन द्वारा टक्कर मारे जाने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया स्कूटी पर रखी प्लास्टिक की बाल्टी के कारण संतुलन बिगड़ा और वह नाले में गिर गए। भाई बोला-नाला बंद होता तो बच जाती जानयोगेश गर्ग ने कहा कि यदि नाला ढका होता तो उनके भाई की जान बच सकती थी। यह भी सामने आया कि स्कूटी पहले पेड़ से टकराई और फिर नाले में जा गिरी। नाला पक्का है और इसकी गहराई करीब 4 फीट बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि नाले की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। व्यापारी की मौत के बाद उनकी पत्नी रश्मि का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की कोई संतान नहीं है।
जोधपुर में रिटायर्ड महिला प्रिंसिपल को डिजिटल अरेस्ट करके 1 करोड़ 85 लाख रुपए ठग लिए। ठग ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। महिला से कहा कि आपके मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में अकाउंट खोला गया है। इसमें कई ट्रांजैक्शन हुए हैं, जिसका कमीशन उसके अकाउंट में क्रेडिट किया गया है। वेरीफाइड करने के लिए अकाउंट में जमा सारे पैसे सरेंडर करने होंगे। सोमवार को महिला बैंक गई और 22 लाख रुपए ट्रांसफर करने की कोशिश की। बैंक को शक हुआ और बैंक कर्मचारी उसे साइबर पुलिस के पास ले गए। इसके बाद पता चला कि महिला पिछले 6 दिनों से डिजिटल अरेस्ट का शिकार थी। इतना ही नहीं, महिला के अकाउंट से 22 लाख रुपये ट्रांसफर होने से भी बच गए। साइबर थाने के हेड कांस्टेबल जमशेद ने बताया- डिजिटल अरेस्ट के जरिए धोखाधड़ी को लेकर महिला की ओर से शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। घर पर अकेली रहती थीं महिला पुलिस के मुताबिक, कमला नेहरू नगर रहने वाली रिटायर्ड प्रिंसिपल सरस्वती माहेश्वरी (75) डिजिटल अरेस्ट का शिकार हुईं। उनके पति एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में सुपरवाइजर थे। जिनकी मौत हो चुकी है। महिला घर पर अकेली रहती थीं। 16 फरवरी को उन्हें एक कॉल आया जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का ऑफिसर बताया। ठग ने दावा किया कि महिला के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड का इस्तेमाल करके केनरा बैंक में एक अकाउंट खोला गया है, जिसमें कमीशन के पैसे जमा किए गए हैं। आपके अकाउंट में जमा सारे पैसे सरेंड करने होंगे। ठग को ₹1.85 करोड़ ट्रांसफर किए इसके बाद महिला ने SBI बैंक से चेक के माध्यम से ₹1.85 करोड़ ट्रांसफर कर दिए। बैंक कर्मचारियों ने इतनी बड़ी रकम के ट्रांसफर पर कोई सावधानी नहीं बरती और न ही महिला से कोई पूछताछ की। बाद में, महिला ने ₹6-6 लाख के 2 चेक दिए, जो खाते में पैसे न होने के कारण वापस आ गए। ठग ने महिला को पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाते में जमा पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा। महिला काफी घबराई हुई थी PNB के मुख्य प्रबंधक उदय कुमार ने बताया- सोमवार को महिला PNB पहुंची। महिला FD तुड़वाकर पैसे ट्रांसफर करने आई थी। स्टाफ को संदेह होने पर उन्होंने ट्रांजेक्शन रोक दिया और महिला से पूछताछ की। महिला के अलग-अलग बातें करने पर साइबर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने महिला को विश्वास में लिया। इसके बाद महिला ने बताया- SBI से ₹1.85 करोड़ ट्रांसफर करवाए थे। PNB स्टाफ की सतर्कता से महिला के ₹22 लाख बच गए। SBI से ट्रांसफर हुए पैसों को रुकवाने के लिए भी कहा गया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। बैंक के बैंक ऑफिस स्टाफ विवेक प्रकाश ने बताया कि महिला काफी घबराई हुई थी। वो हर काम जल्दी करवाने की कोशिश में थी। इसके चलते ही उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने सीनियर को बताया।
बाड़मेर में शादी के ढाई महीने बाद विवाहिता की संदिग्ध हालात में टांके में डूबने से मौत होने का मामला सामने आया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। घटना नागाणा थाने के बाटाडू गांव की है। सोमवार को पीहर पक्ष ने पति समेत ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया है। पुलिस ने मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। बाड़मेर गादान निवासी दिलीपसिंह पुत्र द्वारक सिंह ने पुलिस को रिपोर्ट दी। बताया कि बहन कविता की शादी 30 नवंबर 2025 को चौखला निवासी जसवंतसिह पुत्र गोविंदसिंह के साथ हुई थी। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उसका पति और उसके ससुराल के लोग उसे दहेज के लिए परेशान कर रहे थे। शिवरात्रि से एक दिन पहले ससुराल गई थी। तब उसने पति और ससुराल पक्ष पर मारपीट करने की बात कही थी। तब पति जसवंतसिह से बात करके गांव के प्रमुख लोगों से बातचीत कर समझाइश की थी। चाचा चुतरसिंह के पास गेमरसिंह का फोन आया कि बाड़मेर हॉस्पिटल बुलाया गया। वहां पर कविता की मौत हो चुकी थी। पीहर पक्ष को संदेह है कि उसके साथ ससुराल वालों ने मर्डर किया है। नागाणा थाना पुलिस ने रिपोर्ट पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पूरे मामले की जांच महिला सेल डीएसपी अरविंद जागिड़ की ओर से की जा रही है। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया गया है।
फरीदाबाद जिले में पड़ोसी की बेटी से चोरी-छिपे मिलने का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। कॉलोनी के ही दो युवकों ने उसे बीच रास्ते में घेर लिया और चाकू से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल युवक को पहले बीके अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल उसका इलाज एनआईटी-5 स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टरों ने उसके शरीर पर 10 टांके लगाए हैं और उसकी हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। घायल की पहचान गली नंबर-8, 45 फुट रोड, सैनी शिव मंदिर वाली गली, भारत कॉलोनी निवासी 18 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है। सीसीटीवी के जरिए जांच में जुटी पुलिस वहीं पीड़ित की शिकायत पर खेडीपुल पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। मोहित ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एक निजी कंपनी में नौकरी करता है। आरोपियों ने की पिटाई 21 फरवरी की रात करीब 8:45 बजे वह ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहा था। जब वह गली नंबर-8 के कोने पर पहुंचा तो विशाल और बोबी नामक युवकों ने उसे घेर लिया। आरोप है कि दोनों ने पहले उसके साथ गाली-गलौज की और फिर हाथापाई शुरू कर दी। इसके बाद उसे जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा गया। चाकू से किए कई वार पीड़ित के अनुसार, जब उसने विरोध किया तो बोबी ने जेब से चाकू निकालकर उसके प्राइवेट पार्ट के पास वार कर दिया। हमले के दौरान आरोपियों ने ईंट-पत्थर उठाकर भी मारा। मोहित की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। डॉक्टरों ने किया रेफर शोर सुनकर मोहित की बहन सपना और पिता रामप्रकाश घर से बाहर आए और उसे तुरंत राघव अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद सरकारी अस्पताल जाने की सलाह दी। इसके बाद परिजन उसे बीके अस्पताल ले गए, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया। लड़की से मिलने को लेकर विवाद हालांकि परिजनों ने उसे एनआईटी-5 स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया, जहां सोमवार को उसका ऑपरेशन किया गया। मोहित ने बताया कि करीब 10 दिन पहले आरोपी विशाल पड़ोस में रहने वाली एक लड़की से मिलने आया था। वह अक्सर तब आता था जब लड़की के माता-पिता ड्यूटी पर होते थे। रंजिश के चलते दिया वारदात को अंजाम मोहित ने उसे समझाया था कि यदि मिलना है तो माता-पिता की मौजूदगी में आए, क्योंकि कॉलोनी में अन्य परिवार भी रहते हैं। इसी बात को लेकर विशाल ने उस दिन गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी थी। आरोप है कि उसी रंजिश के चलते 21 फरवरी को विशाल ने अपने साथी के साथ मिलकर जानलेवा हमला किया।थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और जल्द ही उन्हें पकड़ लिया जाएगा।
कलानौर कॉलेज में NSS शिविर शुरू:छात्रों को AI, डिजिटल कौशल और वित्तीय साक्षरता पर किया जागरूक
रोहतक जिले के कलानौर के सत जीन्दा कॉलेज सभागार में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ किया गया। इसका उद्घाटन पूर्व राज्यसभा सांसद और कॉलेज गवर्निंग बॉडी के अध्यक्ष शादी लाल बत्रा तथा सचिव महेंद्र कुमार खुराना ने किया। शादी लाल बत्रा ने कहा कि एनएसएस शिविर छात्रों में सेवा-भाव, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने छात्रों से समाज के कमजोर वर्गों की सेवा करने, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। प्राचार्य ने कहा- सामाजिक चेतना का विकास होता है प्राचार्य डॉ. नरेश कुमार दुआ ने अपने वक्तव्य में बताया कि एनएसएस शिविर छात्रों को वास्तविक जीवन से जोड़कर उनमें टीमवर्क, सहानुभूति और सामाजिक चेतना का विकास करते हैं। इस विशेष शिविर के तहत गर्ल्स यूनिट का शिविर कलानौर में और बॉयज यूनिट का शिविर गांव आंवल में आयोजित किया जाएगा। विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी आगामी सात दिनों में स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण, रक्तदान जागरूकता, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, नशा मुक्ति अभियान और ग्रामीण क्षेत्र में जन जागरूकता रैली जैसे विभिन्न सामाजिक कार्य आयोजित किए जाएंगे। उद्घाटन के बाद, कार्यक्रम अधिकारियों ने स्वयंसेवकों को एनएसएस के थीम, उद्देश्य और शिविर में करवाई जाने वाली विभिन्न गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। NISM और सेबी SEBI ने दिया सहयोग सांयकालीन सत्र में महाविद्यालय के उद्यमिता विकास क्लब, रोजगार प्लेसमेंट एवं सूचना प्रकोष्ठ और एनएसएस के संयुक्त तत्वावधान में युवा नागरिकों के लिए वित्तीय शिक्षा विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया। यह सेमिनार एनआईएसएम (NISM) और सेबी (SEBI) के सहयोग से आयोजित हुआ। सेमिनार का उद्देश्य छात्रों को बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप नई तकनीकों, कौशल, ज्ञान और मूल्यों से सशक्त बनाना था, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें। विशेषज्ञ वक्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल स्किल्स, करियर प्लानिंग, उद्यमिता और वित्तीय साक्षरता जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और कल्याणकारी मांगों को लेकर राजधानी में जल्द ही व्यापक आंदोलन होगा। यह निर्णय मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल की ओर से लिया गया है। आंदोलन के संचालन और समन्वय के लिए सात सदस्यीय समिति गठित की गई है।स्टेट बार काउंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता ने भोपाल के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रियनाथ पाठक को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं अधिवक्ता खालिद हफीज को मीडिया प्रभारी बनाया गया है। समिति में जिला बार एसोसिएशन के सह सचिव सोनल नायक सहित होशंगाबाद से मनोज जराठे और सुरेंद्र सिंह राजपूत, छतरपुर से अनिल द्विवेदी तथा जबलपुर से प्रशांत दुबे को सदस्य बनाया गया है।आंदोलन की रणनीति और अधिकारगठित समिति प्रस्तावित आंदोलन के सभी कार्यों का संचालन, समन्वय और व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेगी। समिति को आवश्यकतानुसार वालंटियर नियुक्त करने, प्रशासन से समन्वय स्थापित करने, सुरक्षा व्यवस्था और सभा प्रबंधन की जिम्मेदारी दी गई है। स्पष्ट किया गया है कि आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में संचालित होगा। किसी भी अप्रिय स्थिति में समिति तत्काल निर्णय लेकर स्टेट बार काउंसिल को अवगत कराएगी। जरूरत पड़ने पर उप-समितियां भी गठित की जा सकेंगी।सांसद और मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारीसमिति अध्यक्ष प्रियनाथ पाठक ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल जल्द ही सांसद आलोक शर्मा और मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर वकीलों की मांगों के निराकरण की मांग करेगा।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो प्रदेशभर के डेढ़ लाख से अधिक वकील राजधानी भोपाल में एकत्र होकर आंदोलन को व्यापक स्वरूप देंगे।
बूंदी के इंद्रगढ़ में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को कुल 103 करोड़ रुपए के विकास कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें प्राचीन मां बीजासन मंदिर में 18 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला रोप-वे और 62 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बांसी-देई-खजूरी-करवर-इन्द्रगढ़ सड़क शामिल है। बिरला ने बताया कि सदियों से आस्था का केंद्र रहा मां बीजासन मंदिर हाड़ौती सहित पूरे प्रदेश और देश के श्रद्धालुओं के लिए एक प्रमुख धाम है। रोप-वे के निर्माण से बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी, जिन्हें अब तक कठिन चढ़ाई के कारण परेशानी होती थी। उन्होंने यह भी कहा कि अभयारण्य क्षेत्र में होने के कारण विकास कार्यों में पर्यावरण संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया है। रोप-वे से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में धार्मिक पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है और इन्द्रगढ़ भी इस मानचित्र में महत्वपूर्ण स्थान बनाएगा। बिरला ने हाड़ौती क्षेत्र को आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने केशवरायपाटन में लगभग 42 करोड़ रुपए के विकास कार्यों, मथुराधीश मंदिर कॉरिडोर के निर्माण और अन्य प्रमुख आस्था स्थलों के उन्नयन का उल्लेख किया। इन परियोजनाओं से श्रद्धालुओं की सुविधां बढ़ेंगी और पर्यटन के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। उन्होंने 62 करोड़ रुपए की लागत से बनी बांसी-देई-खजूरी-करवर-इन्द्रगढ़ सड़क के महत्व पर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस सड़क से क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत हुई है, जिससे ग्रामीण इलाकों में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी। बिरला ने जोर दिया कि सड़क, पेयजल, सिंचाई और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं विकास की नींव हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि क्षेत्र में कई विकास कार्य प्रगति पर हैं और आने वाले समय में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही, ईआरसीपी और नवनेरा सहित कई पेयजल तथा सिंचाई परियोजनाओं पर भी काम जारी है। उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। इस दौरान पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा, पूर्व विधायक चन्द्रकान्ता मेघवाल, बून्दी जिलाध्यक्ष रामेश्वर मीणा, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष हेमराज नागर छितर लाल राणा, नैनवां प्रधान पदम नागर, केशोरायपाटन प्रधान वीरेंद्र सिंह हाड़ा, भाजपा जिला महामंत्री योगेंद्र श्रृंगी, जिला उपाध्यक्ष सुरेंद्र नागर आदि वक्ताओं ने भी सम्बोधित किया।
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ-2028 के सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के लिए पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा उज्जैन के अंजू श्री होटल में एक उच्च स्तरीय एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें सिंहस्थ-2028 की तैयारियों पर व्यापक चर्चा हुई। सेमिनार में '4-S मॉडल' को आधार बनाकर प्रशिक्षण और कार्ययोजना तैयार करने पर जोर दिया गया। इस मॉडल में अनुभवों का साझाकरण, विकास के प्रति संवेदनशीलता, टीम में तालमेल और भविष्य के लिए रणनीति जैसे प्रमुख बिंदु शामिल हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सिंहस्थ-2016 और 2004 के अनुभवों से सीख लेते हुए 2028 की संभावित चुनौतियों का पूर्वानुमान कर अभी से चरणबद्ध तैयारी की जाएगी। उद्घाटन सत्र में डीजी ईओडब्ल्यू श्री उपेंद्र जैन ने पूर्व आयोजनों की परिस्थितियों और तकनीक के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रशिक्षण राजाबाबू सिंह ने पुलिस बल के प्रशिक्षण की कार्ययोजना प्रस्तुत की। विशेष शाखा के पुलिस उप महानिरीक्षक तरुण नायक ने '4-S मॉडल' की उपयोगिता समझाते हुए बताया कि यह मॉडल पुलिस बल को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाएगा। सेमिनार में सिंहस्थ-2016 के अनुभवों और 2028 की संभावित चुनौतियों पर भी विशेष चर्चा की गई। उज्जैन के पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने तैयारियों की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला, जबकि उज्जैन जोन के आईजी राकेश गुप्ता ने अपने पूर्व अनुभव साझा करते हुए आगामी चुनौतियों पर विचार प्रस्तुत किए। प्रशिक्षण सामग्री के संबंध में पीएसओ डॉ. विनीत कपूर, पुलिस अधीक्षक मझगंज दिलीप कुमार सोनी और पीटीएस उज्जैन की पुलिस अधीक्षक मनीषा पाठक सोनी ने विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस सेमिनार में एडीजी, आईजी, डीआईजी और विभिन्न जिलों के एसपी सहित कुल 52 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल हुए। पुलिस विभाग का मानना है कि यह पहल सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
फतेहाबाद जिले के रतिया में स्थित शहीद देवेंद्र सिंह महिला गवर्नमेंट कॉलेज में कार्यरत 19 स्टाफ सदस्यों ने कॉलेज इंचार्ज (कार्यकारी प्रिंसिपल) के खिलाफ उच्चतर शिक्षा विभाग को सामूहिक शिकायत भेजी है। शिकायत में इंचार्ज पर शिक्षकों के पहनावे पर टिप्पणी, मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और महिला स्टाफ को अकेले में बुलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत करने वालों में कुल 19 स्टाफ सदस्य हैं। इनमें से 4 एसोसिएट प्रोफेसर, 7 एक्सटेंशन लेक्चरर और 8 नॉन टीचिंग स्टाफ सदस्य शामिल हैं। सभी ने संयुक्त हस्ताक्षर कर उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक, फतेहाबाद के डीसी, रतिया के एसडीएम और जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजी है। स्टाफ सदस्य बोले-कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बनाया शिकायत में कहा गया है कि इंचार्ज द्वारा महिला स्टाफ के पहनावे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की जाती हैं। इसके अलावा कार्यस्थल का माहौल तनावपूर्ण बना दिया गया है, जिससे कर्मचारी मानसिक रूप से परेशान हैं। स्टाफ सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया है कि महिला कर्मचारियों को कार्यालय में अकेले बुलाया जाता है, जिससे वे असहज महसूस करती हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि कई बार इस संबंध में मौखिक आपत्ति भी जताई गई, लेकिन व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ। जानिए… स्टाफ सदस्यों ने शिकायत में क्या लिखा डीएचईओ बोले-शिकायत आई है, फॉरवर्ड कर दी मामले की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने उच्चतर शिक्षा विभाग को लिखित शिकायत सौंपी है। जिला उच्चतर शिक्षा अधिकारी सज्जन कुमार ने बताया कि उन्हें स्टाफ सदस्यों की शिकायत मिली है, जिसमें कई आरोप लगाए हैं। शिकायत कॉपी डीसी डॉ. विवेक भारती को भी भेजी गई। उन्होंने कहा- मेरे पास फतेहाबाद का अतिरिक्त कार्यभार है। मैंने इस शिकायत को मुख्यालय को फॉरवर्ड कर दी है। अब मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी बनेगी। वही कमेटी आगे की जांच करके अपनी रिपोर्ट देगी। प्रिंसिपल बोले-मुझे तो मामले की जानकारी नहीं वहीं, इस मामले को लेकर कॉलेज के कार्यकारी प्रिंसिपल परमजीत संधा का कहना है कि उन्हें इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि कॉलेज में ऐसा कुछ नहीं हुआ है।
ग्वालियर में एयरफोर्स के रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट से CBI अधिकारी बनकर जालसाजों ने 2.52 करोड़ रुपए ठग लिए। उन्होंने 90 वर्षीय बुजुर्ग को डराया कि उनके डॉक्यूमेंट से देश में एक बड़ा मनी लॉन्ड्रिंग फ्रॉड किया गया है। आप सोचते हैं कि इतना बड़ा फ्रॉड करने के बाद आप बचे रहेंगे। कुछ ही समय में हमारी विशेष पुलिस आपको गिरफ्तार करने आ रही है। इतना सुनते ही बुजुर्ग रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट और उनकी पत्नी डर गईं। उन्होंने अपनी उम्र का हवाला देते हुए निर्दोष होने की बात कही। इसके बाद उसे ऑनलाइन गिरफ्तार करने की बात कही गई। वह वीडियो कॉल पर बातचीत करता रहा। घटना 28 जनवरी से अभी तक के बीच की है। 27 दिन में मल्टीपल अकाउंट में ट्रांजेक्शन कर 2.52 करोड़ रुपए ठगे गए हैं। पीड़ित ने ठगी का अहसास होने पर सोमवार को क्राइम ब्रांच पहुंचकर शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि बड़ी रकम निकालने पर बैंक से पूछा गया लेकिन, बुजुर्ग इतने डरे हुए थे कि उन्होंने कह दिया कि जरूरत है। हालांकि, 27 दिन में रुपए दे देकर परेशान हो गए तब वे दोबारा बैंक गए और आपबीती बताई। तब उन्हें फ्रॉड के बारे में बताया गया। विंडसर हिल्स टाउनशिप निवासी नारायण महादेव (90) एयरफोर्स के मेडिकल डिपार्टमेंट में बतौर रेडियोलॉजिस्ट पद से रिटायर्ड हैं। क्राइम ब्रांच पहुंचकर नारायण महादेव ने पुलिस अफसरों को बताया कि 28 जनवरी 2026 को उनके पास एक वॉटसऐप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन) ऑफिसर बताया था। सीबीआई ऑफिसर ने रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट से कहा कि आपके आधार कार्ड, पेन कार्ड से जनरेट सिम से फ्रॉड किया है। आपको गिरफ्तार किया जा रहा है। रिटायर्ड रेडियालॉजिस्ट व उनकी पत्नी डर गए। उन्होंने कहा कि वह सीनियर सिटीजन हैं और इसलिए हमें गिरफ्तार नहीं किया जाए। जिस पर सीबीआई अधिकारी ने कहा कि इसलिए आपको ऑनलाइन अरेस्ट किया जा रहा है। वीडियो कॉल कर किया ऑनलाइन गिरफ्तार इतनी बातचीत के बाद CBI अधिकारी ने वीडियो कॉल पर लेकर सारी जानकारी ले ली। फिर उनसे कहा कि उनके पास जो पैसा है वह उनको ट्रांसफर कर दें। यह आरबीआई (रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया) के पास भेजा जाएगा। जांच के बाद जब आप निर्दोष साबित होंगे तो कार्रवाई के बाद पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा 27 दिन में 2.52 लाख रुपए अलग-अलग माध्यम से ठगे एयरफोर्स से रिटायर्ड रेडियाेलॉजिस्ट को भरोसा दिलाकर कि सीबीआई उनके साथ है और उनको कुछ नहीं होने देगी। इसके बाद 28 जनवरी से लेकर अब तक मतलब 27 दिन के अंदर अलग-अलग तारीख में 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपए रिटायर्ड रेडियाेलॉजिस्ट से अपने विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। बैंक वालों को बताई तो ठगी का पता लगा रिटायर्ड रेडियाेलॉजिस्ट ने पांच बार बैंक में जाकर इतनी बड़ी रकम निकाली तो बैंक वालों को शक हुआ, उनसे पूछताछ की गई। इस पर रिटायर्ड रेडियाेलॉजिस्ट ने पहले तो कुछ नहीं बताया और जरुरत होने पर कैश निकालने की बात कही। जब 27 दिन में इतनी बड़ी रकम निकालकर देने के बाद भी सीबीआई अधिकारी बनकर ठग परेशान कर रहे थे तो बैंक प्रबंधन को यह बात बताई। जिसके बाद उनको बताया गया कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती है। आप फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इसके बाद रिटायर्ड रेडियाेलॉजिस्ट नारायण महादेव पुलिस के पास पहुंचे और शिकायत की। यह खबर भी पढ़ें… 10 चैटिंग एप्स से अश्लील VIDEO कॉल, 2.5 करोड़ ठगे मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर देशभर में लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
अंबाला के मुलाना क्षेत्र से धोखाधड़ी और यौन शोषण का एक गंभीर मामला सामने आया है। यमुनानगर की रहने वाली एक 24 वर्षीय तलाकशुदा महिला ने आरोप लगाया है कि एक युवक ने उसे विदेश भेजने का सपना दिखाकर होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। सोशल मीडिया से संपर्क में आई पीड़िता, जो पेशे से सिलाई का काम करती है, ने पुलिस को बताया कि पिछले महीने उसकी बातचीत विजय नाम के एक युवक से शुरू हुई थी। विजय ने उसे झांसा दिया कि वह उसे विदेश (Work Visa) भेज सकता है। इसी सिलसिले में बातचीत करने के बहाने आरोपी ने महिला को व्हाट्सएप कॉल कर दोसड़का बुलाया। होटल ले जाकर की वारदात शिकायत के अनुसार, जब महिला दोसड़का पहुंची, तो विजय वहां अपनी कार लेकर आया। वह महिला को मुलाना क्षेत्र के एक होटल में ले गया, जहाँ उसने शादी या विदेश भेजने का प्रलोभन देकर महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी महिला को मुलाना अड्डे पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के लिए पहचान बनी चुनौती हैरानी की बात यह है कि पीड़िता आरोपी के पते या ठिकाने के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखती है। वह केवल उसे 'विजय' के नाम से जानती है। मुलाना थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने महिला की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। होटल के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। साथ ही, जिस नंबर से व्हाट्सएप कॉल की गई थी, उसे ट्रेस कर आरोपी की पहचान सुनिश्चित की जा रही है।
रोहतक के भाली आनंदपुर में स्थित हरियाणा सहकारी शुगर मिल के चीफ कैमिस्ट और अंबाला में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही कल कोर्ट में पेश किया जाएगा। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम को उत्तर प्रदेश के जिला देवरिया निवासी रणजीत सिंह ने शिकायत दी कि शुगर मिल भाली आनंदपुर के चीफ कैमिस्ट मनोज कुमार उससे फर्म के बिल की पेमेंट करने, तैयार की गई चीनी की गुणवत्ता को अनुकूल दर्शान और फर्म के प्रदर्शन को बेहतर दिखाने के बदले ढाई लाख रुपए रिश्वत मांग रहा है। एसीबी की टीम ने जाल बिछाकर पकड़ा एसीबी अंबाला की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शिकायतकर्ता रणजीत सिंह जब रिश्वत के रुपए लेकर शुगर मिल भाली आनंदपुर के चीफ कैमिस्ट मनोज कुमार के पास गया और रुपए दिए तो इशारा मिलते ही एसीबी की टीम ने मनोज कुमार को रंगे हाथ पकड़ लिया। इस मामले में रोहतक एसीबी कार्यालय में केस दर्ज किया गया। अंबाला से आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को रिश्वत लेते पकड़ा एसीबी की टीम ने अंबाला में आंगनबाड़ी सुपरवाइजर को 2 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा। शिकायतकर्ता सुभाष चंद की पत्नी उषा रानी आंगनबाड़ी हेल्पर का केवाईसी न होने के कारण आईडीबीआई बैंक मुलाना में खाता बंद हो गया था, जिसके कारण 3 महीने का वेतन नहीं मिला। नया खाता खुलवाने के लिए मोहर लगाने, साइन करने और बकाया वेतन नए खाते में डलवाने के लिए आंगनबाड़ी सुपरवाइजर मीनू ने 4 हजार रुपए रिश्वत के मांगे। इसमें से 2 हजार रुपए 21 रवरी को लिए जा चुके थे और शेष 2 हजार रुपए लेते हुए मीनू को रंगे हाथ पकड़ा गया। मीनू के खिलाफ एसीबी अंबाला में केस दर्ज किया गया। भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी सख्त एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम भ्रष्टाचारियों और रिश्वतखोरों के खिलाफ लगातार अभियान चलाए हुए है। रिश्वत लेते हुए पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। एसीबी प्रवक्ता ने आमजन से अपील की कि सरकारी कार्य करने के बदले अगर कोई रिश्वत मांगता है तो उसकी सूचना एसीबी टीम को दें।
कोटा में पैदल जा रही एक महिला को तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी। आसपास के लोगों ने तुरंत महिला को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा सोमवार शाम करीब साढ़े 6 बजे हनुमान सर्किल के पास हाईवे पर हुआ। मृतका की पहचान सोना देवी (55) के रूप में हुई है। वह अपने बेटे की शादी के लिए लोन पास करवाकर पैदल ही घर जा रही थीं। सोना देवी के पति रामचंद्र ने बताया- बेटे की शादी 27 मार्च को है। शादी के लिए उनकी पत्नी ने बैंक से लोन के लिए पहले ही आवेदन कर दिया था। सोमवार दोपहर बाद, वह हनुमान सर्किल के पास एक बैंक में फाइल पर हस्ताक्षर करने आई थीं। बैंक से काम में देर हो गई, जिसके बाद वह पैदल ही अपने घर देवखेड़ा की ओर लौट रही थीं, जो वहां से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर है। हाईवे किनारे पैदल चलते समय तेज गति से आ रही कार ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे सोना देवी की अस्पताल में मौत हो गई। परिवार में एक बेटी और तीन बेटे हैं। वैशाली नगर थाना पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।

