हाथरस में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पंडित आशीष शर्मा ने आज स्कूली बच्चों को 'गोदान' फिल्म दिखाई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से युवाओं तक गौ संरक्षण और पंचगव्य का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। फिल्म प्रदर्शन से पहले, आशीष शर्मा ने पूज्य आचार्य पंडित सीपू जी महाराज के सानिध्य में एक गाय और बछड़े की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पंडित आशीष शर्मा ने कहा कि 'गोदान' फिल्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, गौ संरक्षण और गौशालाओं के विकास में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि फिल्म में गौ संरक्षण, पंचगव्य आधारित वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सामाजिक उत्तरदायित्व को प्रमुखता से दर्शाया गया है। फिल्म देखने के दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखा गया। उन्होंने 'गौ माता की जय', 'गौ हत्या बंद हो' और 'भारत माता की जय' जैसे नारे लगाए। यह रहे मुख्य रूप से मौजूद... इस मौके पर पंडित आशीष शर्मा के साथ पूज्य आचार्य पंडित सीपू जी महाराज, दुर्गेश वार्ष्णेय, शरद तिवारी, विमल दीक्षित, ताराचंद्र माहेश्वरी, जितेंद्र शर्मा जीतू, शिशुपाल सिंह, मनोज कुशवाहा, उमेश कुमारी, त्रिलोकी नाथ शर्मा, पूनम, तनुश्री, अंजली शर्मा, मोहित उपाध्याय और शिवकुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
बीमा कंपनी को देना होगा ब्याज सहित मुआवजा:औरैया उपभोक्ता फोरम ने कार चोरी मामले में सुनाया आदेश
औरैया जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एचडीएफसी ईआरजीओ जनरल इंश्योरेंस कंपनी को आदेश दिया है कि वह एक कार चोरी के मामले में पीड़ित उपभोक्ता को ब्याज और हर्जाने सहित 5 लाख रुपये से अधिक का भुगतान करे। आयोग ने कंपनी की सेवा में कमी मानते हुए यह निर्णय सुनाया है। यह मामला कानपुर निवासी श्रीमती रश्मि की टाटा नेक्सन कार से संबंधित है। अक्टूबर 2021 में यह कार औरैया के दिबियापुर रोड से चोरी हो गई थी। बाद में, कार फतेहपुर सीकरी के पास एक गांव से क्षतिग्रस्त हालत में बरामद हुई। पूर्ण बीमा होने के बावजूद, कंपनी ने क्लेम देने से इनकार कर दिया था। बीमा कंपनी ने दावा किया था कि चोरी के समय कार की चाबी अंदर रह गई थी और चालक का लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसे पॉलिसी की शर्तों का उल्लंघन बताया गया। आयोग के समक्ष अधिवक्ता संजीव पाण्डेय ने तर्क दिया कि बीमा कंपनियां मानवीय भूल या तकनीकी बारीकियों का सहारा लेकर अपने दायित्व से नहीं बच सकतीं, खासकर जब वे वाहन सुरक्षा के लिए प्रीमियम वसूलती हैं। उन्होंने पुलिस रिपोर्ट और बरामदगी के साक्ष्यों को प्रस्तुत किया। आयोग के अध्यक्ष श्री जगन्नाथ मिश्र, सदस्य सुश्री अमिता निगम और श्री जितेन्द्र सिंह कुशवाह की पीठ ने इन तर्कों को स्वीकार किया। आयोग ने कंपनी की इस कार्यप्रणाली को 'सेवा में घोर लापरवाही' करार दिया। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया है कि वह परिवादिनी को वाहन मरम्मत की कुल राशि 5,05,316 रुपये का भुगतान 45 दिनों के भीतर करे। इसके अतिरिक्त, परिवाद दाखिल करने की तिथि से लेकर वास्तविक भुगतान तक इस पूरी धनराशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज भी देय होगा। आयोग ने मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के रूप में 10,000 रुपये का अतिरिक्त हर्जाना भी देने का आदेश दिया है।
सवाई माधोपुर जिला पुलिस ने प्रकाश चंद्र चेयरमैन हत्याकांड के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस की विशेष टीम ने 11 सालों से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनामी बदमाश रणजीत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी दारापुर, जिला मोगा (पंजाब) मोगा से गिरफ्तार किया है। विशेष टीम ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। साल 2015 में वारदात करने के बाद था फरार सवाई माधोपुर एसपी अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि प्रेम देवी अग्रवाल, निवासी गंगापुर सिटी ने दिनांक 09 जून 2015 को थाना गंगापुर सदर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनके पति प्रकाश चंद अग्रवाल की अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर वाहन में बैठते समय गोली मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में थाना गंगापुर सदर में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस अब तक 15 आरोपियों में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि रणजीत सिंह फरार चल रहा था। रणजीत सिंह की गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा साल 2023 में 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। कई राज्यों में काटी थी फरारी हत्या की वारदात के बाद आरोपी कई सालों तक अपने गांव नहीं गया। इस दौरान आरोपी पंजाब, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों में फरारी काटता रहा। तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र से पुख्ता सूचना मिलने पर विशेष टीम को पंजाब भेजा गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी के घर की निगरानी कर उसे गिरफ्तार किया है।
सेना के जवान की हार्ट अटैक से मौत:हाथरस अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी लोगों की भीड़
हाथरस के हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र स्थित लहरा गांव के निवासी सेना के जवान उमेश कुमार (37) का जम्मू-कश्मीर के राजौरी में हार्ट अटैक से निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर आज गांव लाया गया, जहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शांति स्वरूप के पुत्र उमेश कुमार का निधन परसों रात हुआ था। उनके परिवार को कल सुबह इसकी सूचना मिली, जिसके बाद कुछ परिजन जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए थे। मृतक उमेश कुमार अपने पीछे पत्नी और तीन छोटी बच्चियों को छोड़ गए हैं। आज जब उनका पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ गांव पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आसपास के लोग भी अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अंतिम संस्कार से पूर्व उप जिलाधिकारी सदर राजबहादुर ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। पुलिस की टुकड़ी ने शोक शस्त्र की रस्म अदा कर जवान को अंतिम सलामी दी। इस दौरान 'भारत माता की जय' और 'उमेश कुमार अमर रहे' के नारे भी लगाए गए।
तमकुहीराज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में पिछले लगभग एक महीने से डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है। इससे क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों को मजबूरी में निजी जांच केंद्रों पर जाकर महंगे दामों में एक्स-रे कराने पड़ रहे हैं, जबकि यह सुविधा सरकारी अस्पताल में निःशुल्क उपलब्ध है। यह डिजिटल एक्स-रे मशीन तमकुहीराज के विधायक डॉ. असीम कुमार ने अपनी विधायक निधि से लगवाई थी। इस मशीन का लोकार्पण प्रदेश सरकार के मंत्री संजय निषाद द्वारा किया गया था। इसका उद्देश्य गरीब और ग्रामीण मरीजों को बेहतर तथा आधुनिक जांच सुविधा उपलब्ध कराना था। हालांकि, तकनीकी और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह जनहितकारी पहल फिलहाल प्रभावी नहीं हो पा रही है। CHC तमकुहीराज में लगी डिजिटल एक्स-रे मशीन मेडियोन कंपनी की है। वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा एक्स-रे मशीनों के मरम्मत और रखरखाव का कार्य साइरेक्स कंपनी को सौंपा गया है। समस्या यहीं से शुरू होती है। जानकारी के अनुसार, मेडियोन कंपनी की इस मशीन का बारकोड साइरेक्स कंपनी के डेटाबेस में फीड नहीं है। इसके अलावा, डिजिटल एक्स-रे कार्ड भी उपलब्ध नहीं है। साइरेक्स कंपनी के कर्मचारियों का कहना है कि जब तक मशीन का बारकोड उनके डेटाबेस में दर्ज नहीं होगा, तब तक मशीन को चालू करना संभव नहीं है। इस तकनीकी अड़चन का सीधा नुकसान गरीब मरीजों को उठाना पड़ रहा है। विधायक द्वारा गरीबों के लिए दी गई सुविधा स्वास्थ्य विभाग और सीएमओ कार्यालय की लापरवाही के कारण धरातल पर प्रभावी नहीं हो पा रही है। स्थानीय लोगों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी भी देखी जा रही है। इस पूरे मामले पर CHC तमकुहीराज के अधीक्षक डॉ. हिमांशु मिश्रा ने बताया कि एक्स-रे मशीन को ठीक कराने के लिए संबंधित अधिकारियों और कंपनी को पत्राचार किया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा और मशीन दोबारा चालू कर दी जाएगी।
महराजगंज साइबर क्राइम थाना ने मिशन शक्ति फेज-5 के तहत राम मनोहर लोहिया पार्क में एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल सुरक्षा के लिए सचेत करना था। कार्यक्रम में उपस्थित नागरिकों, महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल/मैसेज, ओटीपी फ्रॉड, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, फर्जी लॉटरी/इनाम, फर्जी निवेश योजनाएं, एटीएम/बैंकिंग फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, फर्जी ऐप डाउनलोड, डीपफेक वीडियो और साइबर बुलिंग जैसे विभिन्न साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस टीम ने लोगों को सलाह दी कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें। अपनी व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी, पिन, पासवर्ड, बैंक डिटेल्स, आधार/पैन विवरण किसी से साझा न करें और केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही उपयोग करें। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से मित्रता करने और निजी जानकारी साझा करने से बचने की भी अपील की गई। कार्यक्रम में साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व को समझाया गया। नागरिकों को बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी या अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल – cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, नागरिकों को नए कानूनों और आईटी एक्ट/डिजिटल कानूनों से संबंधित प्रावधानों से अवगत कराया गया, जिससे वे अपने कानूनी अधिकारों और दायित्वों को समझ सकें। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार, पड़ोस व समाज में भी साइबर सुरक्षा से संबंधित जानकारी साझा करें, ताकि एक सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण किया जा सके।
पानीपत जिले के समालखा की गांधी कॉलोनी में एक बंद मकान से लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी चोरी हो गई। मकान मालिक संतोष उर्फ बबली ने अपनी पड़ोसी महिला पर चोरी का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संतोष उर्फ बबली, जो हथवाला रोड स्थित गांधी कॉलोनी में रहती हैं, ने पुलिस को बताया कि 13 जनवरी से 19 जनवरी के बीच उनका परिवार डिकाडला गांव में एक कार्यक्रम में गया हुआ था। इस दौरान उनका मकान बंद था। 23 जनवरी को एक अन्य कार्यक्रम में जाने के लिए जब उनकी पुत्रवधू प्रगति ने अलमारी खोली, तो उसमें रखे सभी आभूषण गायब मिले। संतोष ने बताया कि उनकी पुत्रवधू ने अपने सोने-चांदी के आभूषण अलमारी में रखे थे, और उनके अपने आभूषण भी उसी अलमारी में मौजूद थे। संतोष ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी एक पड़ोसी महिला का उनके घर आना-जाना लगा रहता था। उन्हें शक है कि चोरी उसी पड़ोसी ने की है, क्योंकि मकान के अंदर वाले दरवाजे की चाबी जहां रखी जाती थी, उस जगह की जानकारी उनके परिवार के अलावा सिर्फ उस पड़ोसी को ही थी। चोरी हुए सामान में 5 सोने के कड़े (12 तोले), 3 सोने की चेन (6 तोले), 7 सोने की रिंग (41.5 तोले), 7 सोने की अंगूठी (31.5 तोले), 2 डायमंड रिंग, 3 गले के सेट (7 तोले), 2 चांदी की तागड़ी, 20 चांदी के सिक्के और 25 हजार रुपये नकद शामिल हैं। संतोष उर्फ बबली की शिकायत पर समालखा चौकी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
सोहना के धुनेंला क्षेत्र में नगर परिषद ने अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। शुक्रवार को बिना नक्शा पास कराई आठ दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं, अन्य आठ दुकानों में सामान होने के कारण उन्हें खाली करने के लिए अंतिम चेतावनी दी गई है। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, इन दुकानों का निर्माण बिना अनुमति और स्वीकृत नक्शे के किया गया था। परिषद ने पहले इन दुकानदारों को नोटिस जारी किए थे। नोटिस अवधि समाप्त होने के बाद दुकानों को सील कर दिया गया था, लेकिन दुकानदारों ने नियमों का उल्लंघन करते हुए सील हटा दी थी। धारा 208 के तहत नोटिस जारी किए इसके बाद सोहना नगर परिषद ने सभी दुकानदारों को धारा 208 के तहत नोटिस जारी किए। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को आठ दुकानों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए नगर परिषद की टीम के साथ भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। अवैध निर्माण को गिराने के लिए लगभग चार जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। शिकायत के आधार पर कार्रवाई हुई नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (EO) सुनील रंगा ने बताया कि यह कार्रवाई शंकल गुप्ता द्वारा दी गई एक लिखित शिकायत के आधार पर की गई। शिकायत में धुनेंला के पास भूमि पर बिना अनुमति दुकानों के निर्माण की जानकारी दी गई थी। शिकायत की गंभीरता से जांच की गई और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर यह कदम उठाया गया। EO सुनील रंगा ने स्पष्ट किया कि बची हुई आठ दुकानों को भी जल्द ही ध्वस्त किया जाएगा। सख्त कार्रवाई जारी रहेगी उन्होंने कहा कि नगर परिषद बिना नक्शा पास कराए बनाई गई किसी भी इमारत को नहीं छोड़ेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नगर परिषद की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है।
दतिया के कोतवाली थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के पास स्वागतम रेस्टोरेंट के बाहर एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। मामूली बात पर हुए विवाद में युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का 18 सेकेंड का वीडियो भी सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार रात की बताई जा रही है। पीड़ित शाकिर पुत्र ताज खान (40), निवासी शेखों का मोहल्ला, रिछरा फाटक ने पुलिस को बताया कि 5 फरवरी की शाम वह सीएनजी गाड़ी की एक मीटिंग में स्वागतम रेस्टोरेंट आया था। मीटिंग खत्म होने के बाद रात करीब 9:30 बजे वह रेस्टोरेंट के बाहर पुल के नीचे पेशाब कर रहा था। पेशाब करने से रोकने पर विवादइसी दौरान पब्बू उर्फ इमरान खान वहां पहुंचा और बाथरूम को लेकर आपत्ति जताने लगा। विवाद बढ़ने पर इमरान ने अपने साथी आशिक खान, काली कुशवाह और एक अन्य व्यक्ति को बुला लिया। इसके बाद चारों ने मिलकर शाकिर के साथ लात-घूंसे और बेल्ट से मारपीट की और उसे जमीन पर पटक दिया। शोर सुनकर शाकिर का साला इरशाद खान बीच-बचाव करने पहुंचा, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट कर दी। इरशाद को चेहरे और हाथ में चोटें आईं। आसपास के लोगों के पहुंचने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव आयोग ने यूपी SIR प्रक्रिया की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब जिन लोगों को दावा या आपत्ति दर्ज करानी है, उन्हें एक महीने का समय और मिलेगा। नई तारीख के मुताबिक, अब लोग अब 6 मार्च तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। फाइनल लिस्ट 10 अप्रैल को जारी होगी। इसकी जानकारी यूपी मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ लोक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया- यूपी में SIR 27 अक्टूबर से शुरू हुआ था। मतदाताओं की गिनती का काम 4 नवंबर से 6 जनवरी तक चला। इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन आए। नाम हटाने के लिए (फॉर्म 7) कुल 82,684 आवेदन आए। नाम जोड़ने के लिए (फॉर्म 6) करीब 37 लाख 80 हजार आवेदन आए। जो मतदाता बाहर रह रहे हैं (प्रवासी), वे फॉर्म 6A भर सकते हैं। अब तक 1,076 प्रवासी मतदाताओं ने आवेदन किया है। चुनाव विभाग के मुताबिक, फॉर्म 6 की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे करीब 1 करोड़ 40 लाख मतदाता थे, जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में तो था, लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हुई थी। वहीं, 2.22 करोड़ लोगों ने मैपिंग कराई थी, लेकिन उसमें कुछ गड़बड़ियां पाई गईं। इन सभी को नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुल मिलाकर 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजे जाने हैं। अब तक 2.37 करोड़ नोटिस जारी हो चुके हैं, 86 लाख 27 हजार नोटिस लोगों को मिल भी चुके हैं। करीब 30 लाख मामलों की सुनवाई हो चुकी है। ऐसे में दावा–आपत्ति की तारीख 6 फरवरी से बढ़ाकर 6 मार्च कर दी है। यानी अब 6 मार्च तक नाम जुड़वाने, कटवाने या गलती सुधारने के लिए आवेदन किया जा सकता है। SIR की अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल को जारी होगी। मतदाताओं की मदद के लिए BLO हर कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक बूथ पर मौजूद रहेंगे। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
अजमेर में एक विधवा महिला से रेप का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पड़ोसी युवक पर शादी का झांसा देकर बलात्कार करने और 25 लाख रुपए हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने आरोपी पर अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने का आरोप लगाते हुए अजमेर एसपी को शिकायत दी थी। एसपी के निर्देश पर क्लॉक टावर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। क्लॉक टावर थाना पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने शिकायत देकर बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी थी। पति सरकारी कर्मचारी थे। उनकी जगह नियुक्ति के लिए फॉर्म भरने में पड़ोसी युवक साथ चलने लगा था। पीड़िता ने बताया- इसी दौरान आरोपी ने उसे शादी करने का प्रस्ताव रखा। शादी का झांसा देकर उसे एक दुकान में ले जाकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। इस दौरान उसके अश्लील वीडियो बनाए गए। उसे अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल किया गया। उसके पति की पेंशन और लोन की रकम, कुल 25 लाख रुपए झांसा देकर हड़प ली गई। वापस पैसे मांगने पर मारपीट की गई। क्लॉक टावर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के सचिव मुनीश शर्मा ने प्रेस वक्तव्य में बताया कि सेकेंडरी एवं सीनियर सेकेंडरी (नियमित/मुक्त विद्यालय) की वार्षिक परीक्षाएं 25 फरवरी से आयोजित करवाई जा रही हैं। इन परीक्षाओं के संचालन के लिए सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य की परीक्षाओं में ड्यूटियां लगाई जानी है। उन्होंने बताया कि सभी राजकीय व अराजकीय विद्यालयों के मुखिया उन द्वारा पूर्व में भेजी गई स्टाफ स्टेटमेंट में 9 से 11 फरवरी, तक अपडेट करना सुनिश्चित करें, ताकि परीक्षाओं के दौरान परीक्षा केंद्र पर लगाई जाने वाली परीक्षा ड्यूटी में होने वाली परेशानी/समस्या से बचा जा सके। स्टाफ स्टेटमेंट अपडेट करने के लिए बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट www.bseh.org.in पर लिंक 9 फरवरी से उपलब्ध होगा। सभी विद्यालय समय रहते स्टाफ स्टेटमेंट का डाटा संशोधित/अपडेट करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि पूर्व में राजकीय व अराजकीय विद्यालयों द्वारा जो स्टाफ स्टेटमेंट भरी गई थी, यदि विद्यालय में कार्यरत किसी अध्यापक, प्राध्यापक व प्रधानाचार्य के विवरणों में जैसे- किसी प्रकार के अवकाश (CCL, मेडिकल, Privilege, ई-मेल एवं अन्य लीव) या सेवानिवृत अथवा स्थानान्तरण (निजी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्राध्यापक व अध्यापक विद्यालय छोड़ चुके हो), मोबाइल नंबर में कोई संशोधन है या अन्य कोई कारण है तो उसे भी बोर्ड की वेबसाइट पर दिए गए लिंक पर समय रहते अपडेट करना सुनिश्चित करें।
उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री द्वारा राज्य में गो-वंश को पूर्णतः सुरक्षित बताने और गोकशी की घटनाओं को “भ्रम” करार देने वाले वक्तव्य पर स्वामि अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने सरकार को फिर घेरा है। शंकराचार्य ने इस विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यदि सरकार के दावे वास्तविक हैं, तो उन्हें सिद्ध करने से भागा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने ज्योतिष्पीठ के प्रतिनिधियों को पूर्ण स्वतंत्रता के साथ जाँच, प्रमाण संकलन तथा वैज्ञानिक DNA परीक्षण की अनुमति देने की माँग की है। शंकराचार्य बोले- सरकार सच क्यो छिपा रही शंकराचार्य ने कहा - सत्य को छिपाने के लिए बयान दिए जाते हैं, जाँच से सत्य सामने आता है। यदि शासन अनुमति देने से कतराता है, तो यह स्वयं इस बात का प्रमाण होगा कि पशुपालन मंत्री का वक्तव्य असत्य को ढँकने का एक असफल प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि गो-वंश की रक्षा यदि वास्तव में सरकार की प्राथमिकता है, तो उसे केवल प्रेस वक्तव्यों और फाइलों में नहीं, बल्कि ज़मीन पर दिखना चाहिए। काग़ज़ी दावों से न तो गोमाता सुरक्षित होती है और न ही समाज का विश्वास। शंकराचार्य ने चेताया कि गो-वंश जैसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े विषय पर असत्य प्रचार करना न केवल प्रशासनिक विफलता है, बल्कि नैतिक अपराध भी है। अब जानिए शंकराचार्य ने सरकार से क्या 6 डिमांड की • निर्यातित मांस का DNA परीक्षणः हापुड़, अलीगढ़, मेरठ और उन्नाव जैसे निर्यात केन्द्रों से 'रैंडम सैंपलिंग' कर स्वतन्त्र जांच की अनुमति। • चर्म शोधन इकाइयों का निरीक्षणः कानपुर एवं अन्य क्षेत्रों में आने वाली खालों के वैज्ञानिक परीक्षण हेतु प्रवेश की अनुमति। • परिवहन एवं सीमा निरीक्षणः अन्तर्राज्यीय सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर सन्दिग्ध वाहनों के आकस्मिक निरीक्षण में प्रशासनिक सहयोग। • वधशालाओं का अघोषित निरीक्षणः नगर निकायों एवं निजी वधशालाओं की व्यवस्था की धरातलीय जांच हेतु 'सरप्राइज ऑडिट' का अधिकार। • गौशाला एवं निस्तारण केंद्र ऑडिटः सरकारी गौशालाओं में मृत्यु के कारणों और शवों के निस्तारण की प्रक्रिया की स्वतन्त्र जांच। • अधिकृत प्रयोगशालाओं की सूची : उपरोक्त बिंदुओं के अन्तर्गत हमारे द्वारा प्राप्त किए गए नमूनों की निष्पक्ष जांच हेतु शासन हमें उन राजकीय अथवा शासन द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की सूची उपलब्ध कराए, जिनकी रिपोर्ट को शासन साक्ष्य के रूप में स्वीकार करता हो। इससे भविष्य में जांच के परिणामों पर किसी भी प्रकार का विवाद शेष नहीं रहेगा।
अनूपपुर जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों पर लगाम कसने के लिए प्रशासन ने एक बड़ी योजना तैयार की है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उन खतरनाक रास्तों को सुधारने का फैसला लिया गया, जहां सबसे ज्यादा हादसे होते हैं। अपर कलेक्टर दिलीप कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तय किया गया कि जिले के पांच प्रमुख ब्लैक स्पॉट पर अब 'रेट्रो रिफ्लेक्टर' टेप लगाए जाएंगे ताकि रात के समय वाहन चालकों को रास्ता स्पष्ट दिखाई दे सके। 2025 में थे 11 ब्लैक स्पॉट यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि प्रशासन के प्रयासों से जिले में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की संख्या में कमी आई है। जहां साल 2025 में जिले में 11 ब्लैक स्पॉट चिन्हित थे, वहीं साल 2026 में यह संख्या घटकर अब केवल 5 रह गई है। इन पांच स्थानों में से तरंग जोहिला घाट क्रॉस मोड़ एक नया खतरनाक पॉइंट बनकर उभरा है, जबकि अन्य चार पुराने स्थानों पर सुधार कार्य जारी हैं। इन प्रमुख क्षेत्रों में होगा सुधार कार्य बैठक के दौरान करनपठार थाना क्षेत्र के तरंग जोहिला घाट क्रॉस मोड़ के साथ-साथ भालूमाड़ा के बदरा तिराहा, कोतमा के शुक्ला ढाबा के सामने, बिजुरी के डोंगरिया तिराहा और चचाई थाना क्षेत्र के बकही हाईस्कूल के पास सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने के निर्देश दिए गए। इन सभी चिन्हित स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर रोड मार्किंग, रोड स्टड, रंबल स्ट्रिप और स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे। साथ ही, चालकों को सचेत करने के लिए बड़े साइन बोर्ड भी लगाए जाएंगे। एनएचएआई को अधूरे काम पूरे करने की हिदायत अपर कलेक्टर ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) को निर्देश दिए हैं कि हाईवे और उससे जुड़ने वाले उप मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था और ब्रेकर निर्माण का कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। अधिकारियों ने पाया कि कई जगहों पर साइड मार्किंग और रोड स्टड लगाने का काम अभी भी बाकी है, जिसे समय सीमा के भीतर खत्म करने को कहा गया है। प्रशासन का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों से सड़क हादसों में काफी हद तक कमी लाई जा सकती है। शहर के एंट्री पॉइंट्स पर रहेगी विशेष नजर ब्लैक स्पॉट के अलावा अनूपपुर शहर के मुख्य नो-एंट्री पॉइंट्स पर भी सुरक्षा बढ़ाने पर चर्चा हुई। अमरकंटक रोड, चचाई रोड, पुलिस लाइन तिराहा और जैतहरी रोड जैसे इलाकों में भारी वाहनों के खड़े रहने और रोशनी की कमी के कारण अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अपर कलेक्टर ने इन सभी प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।
हरियाणा के पंचकूला में HPSC के खिलाफ चल रहे युवाओं के धरने पर शुक्रवार को पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह पहुंचे। बृजेंद्र सिंह ने धरने पर युवाओं को अपना समर्थन दिया और उनके मुद्दे को समझने के लिए युवाओं से बातचीत भी की। पंचकूला सेक्टर-5 में धरने पर युवाओं से मुलाकात के बाद पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में बाहरियों को स्थापित करने पर काम चल रहा है। लड़ाई हरियाणा में रोजगार और शिक्षा बचाने की है। हरियाणा में हरयाणवियों को हाशिये पर धकेला जा रहा है और बाहरियों को यहां स्थापित किया जा रहा है। HPSC किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोग की तरह नहीं, बल्कि एक तय एजेंडे के तहत काम कर रहा है, जिसका सबसे बड़ा शिकार हरियाणा के युवा बन रहे हैं। भर्ती के नियम बदलकर यहां के युवाओं से खिलवाड़ किया जा रहा है। बृजेंद्र बोले: क्यों छोड़े जा रहे हैं खाली पद PGT की पिछली सभी भर्तियों में लगभग आधे पद खाली छोड़े गए हैं। सवाल यह है कि जब उम्मीदवार हैं, ज़रूरत है, तो पद खाली क्यों? जो पद परीक्षा से नहीं भरे गए, उन्हें HKRN के माध्यम से ठेके पर अपने चहेतों से भरवाया गया, और बाद में उन्ही में से काफ़ी नियमित किए गए। यह खुली बैकडोर एंट्री है। अनेक भर्तियों में बाहरी राज्यों के उम्मीदवारों का अनुपात असामान्य रूप से अधिक है। जैसे पॉलिटिक्ल साइंस में 18 में से 11 बाहर के तथा DHO भर्ती में 23 में 12 बाहर से लिए गए हैं।
नूंह जिले में नगीना थाना क्षेत्र में बालिका शिक्षा वाहन के चालक से मारपीट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को अभिरक्षा में लिया गया है। यह घटना 4 फरवरी की बताई जा रही है। आपसी रंजिश में हुई मारपीट पुलिस के अनुसार, हरियाणा रोडवेज की बालिका शिक्षा वाहिनी बस के चालक तौफीक के साथ कुछ युवकों ने कथित तौर पर मारपीट की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलताजपुर निवासी फरहान और रोहन तथा पिथोरपुरी निवासी हासिर के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि यह घटना आपसी कहासुनी और पुरानी रंजिश के चलते हुई। बस रोककर किया हमला आरोप है कि आरोपियों ने बस को नाले के पास रोककर लाठी-डंडों से चालक तौफीक पर हमला किया, जिससे उसे चोटें आईं। इस दौरान बस के शीशे भी तोड़े गए, जिससे सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा। छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि नहीं पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छात्राओं का पीछा करने या छेड़छाड़ से जुड़े आरोपों की फिलहाल कोई पुष्टि नहीं हुई है। इन बिंदुओं पर जांच अभी जारी है। संबंधित धाराओं में मामला दर्ज नगीना थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है, जबकि नाबालिग के मामले में कानून के अनुसार प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
वाराणसी के दालमंडी के में शुक्रवार को एक बार फिर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई। पीडब्ल्यूडी की टीम इस समय दालमंडी के मकान संख्या सीके 43/187 पर ध्वंस्तीकरण की कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों की मानें तो कुछ ही देर बाद जेसीबी चलेगी।
गोरखपुर के एम्स थाना क्षेत्र में तंत्र-मंत्र करवाने का आरोप लगाते हुए पड़ोसियों ने एक घर में घुस कर गाली गलौज शुरू की। विरोध करने पर परिवार वालों की लाठी- डंडे और लात-घुसो से खूब पिटाई की। इस विवाद में दो बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गई, जिनका इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं आरोपियों ने परिवार वालों को जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार ने इस मामले में एम्स थाने में FIR दर्ज करवाई है, जिसके बाद पुलिस कार्रवाई में जुटी है। जानिए पूरा मामला... 3 फरवरी को दोपहर 3 बजे एम्स थाना क्षेत्र के मल्लपुर निवासी रमेश गुप्ता के पड़ोस में रहने वाले श्रवण गुप्ता, उनकी पत्नी ममता देवी और बेटे उत्कर्ष गुप्ता ने घर में घुस कर उनके परिवार पर तंत्र-मंत्र का आरोप लगाया और गाली गलौज शुरू कर दिया। विरोध करने पर विवाद शुरू हो गया। उस समय घर में कोई पुरुष नहीं था। आरोपियों ने रमेश की दोनों बेटियों को खींचकर पहले लात घुसे और बाद में लाठी डंडों से खूब पिटाई की। दोनों बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका इलाज चल रहा है। इतना ही नहीं पूरे परिवार को जान से मरने की धमकी भी दी गई। जान का खतरा देखते हुए रमेश ने 5 फरवरी को एम्स थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कार्रवाई। मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस मामले के जांच में जुट गई है। आरोपियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
सहारनपुर नगर निगम ने जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए खाताखेड़ी क्षेत्र में सख्त कार्रवाई करते हुए नालों पर बने करीब दो दर्जन पक्के थलों को जेसीबी और पोकलेन मशीन की मदद से ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई नगरायुक्त शिपू गिरि के निर्देश पर नाला सफाई अभियान के तहत की गई। खत्ताखेड़ी स्थित फैजल टाउन मस्जिद के पास पिछले कई दिनों से जलभराव की समस्या बनी हुई थी। क्षेत्रीय लोगों ने इसकी शिकायत करते हुए समाधान की मांग की थी। नगर निगम की टीम जब नाला सफाई के लिए पहुंची तो पाया कि नालों पर अवैध रूप से बनाए गए पक्के थले सफाई कार्य में बाधा बन रहे हैं। इसके बाद अतिक्रमण रोधी दस्ता जेसीबी और पोकलेन मशीन लेकर मौके पर पहुंचा और दो दर्जन से अधिक थलों को ध्वस्त कर दिया। तोड़े गए निर्माण का मलबा भी तत्काल हटवा दिया गया, जिससे नाला सफाई का काम सुचारू रूप से शुरू कराया जा सका। इधर, मुख्यमंत्री पोर्टल पर प्राप्त एक शिकायत पर भी नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई की। नगरायुक्त के निर्देश पर अम्बाला रोड स्थित गुरुनानक देव मार्केट में गली में फैला कर रखे गए टायरों को हटवाया गया। सड़क पर सामान फैलाकर अतिक्रमण करने वाले दुकानदार पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल एच.बी. गुरुंग, सम्पत्ति सुरक्षा अधिकारी हरिप्रकाश कसाना, एसएफआई नीरज समेत प्रवर्तन दल की टीम मौजूद रही।
श्योपुर में ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने मोडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट बाइकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। शहर में चलाया गया वाहन चेकिंग अभियानशुक्रवार को यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह राजपूत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर वाहन चेकिंग की। जांच के दौरान 6 बुलेट में अवैध रूप से लगाए गए मोडिफाइड साइलेंसर पाए गए, जिनसे तेज आवाज निकल रही थी। 6 बुलेट जब्त, 6 हजार रुपए का जुर्माना लगायापुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए सभी 6 बुलेट बाइकों को जब्त कर यातायात थाना परिसर में खड़ा कराया। इसके बाद सभी वाहनों से मोडिफाइड साइलेंसर हटवाए गए। नियमों के अनुसार प्रत्येक चालक पर 1 हजार रुपए का चालान किया गया। इस तरह कुल 6 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। मानक साइलेंसर इस्तेमाल करने की अपीलकार्रवाई के दौरान वाहन चालकों को भविष्य में मोडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल न करने की सख्त हिदायत दी गई। यातायात पुलिस ने बताया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत ध्वनि प्रदूषण फैलाना दंडनीय अपराध है।यातायात पुलिस ने बुलेट वाहन चालकों से अपील की है कि वे केवल कंपनी की ओर से लगाए गए मानक साइलेंसर का ही इस्तेमाल करें। मोडिफाइड साइलेंसर से बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और आम लोगों को परेशानी होती है। आगे भी जारी रहेगा अभियानपुलिस ने नागरिकों से शहर को शोरमुक्त बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। साथ ही स्पष्ट किया कि इस तरह के चेकिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
पानीपत के समालखा में श्री श्याम सेवा मंडल द्वारा 22वें श्री श्याम फाल्गुनोत्सव का शुभारंभ धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर पुरानी गुड़ मंडी से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यात्रा से पूर्व मंदिर परिसर में ध्वनि यज्ञ का आयोजन किया गया और भगवान श्याम की विधिवत पूजा-अर्चना की गई। पीले वस्त्र धारण किए महिलाओं ने बेड-बाजे और ढोल-नगाड़ों की धुन पर नाचते-गाते हुए रेलवे रोड से जीटी रोड होते हुए कथा स्थल तक पहुंचकर कलश स्थापित किए। यात्रा में बाबा श्याम की झांकी सहित कई आकर्षक झांकियां भी शामिल थीं। भक्तिमय माहौल में डूबा समालखा कलश यात्रा के दौरान पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। भक्तों के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। 7 से 13 फरवरी तक होगी श्रीमद् भागवत कथा मंडल के सदस्यों ने बताया कि श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन 7 से 13 फरवरी तक नई अनाज मंडी में किया जाएगा। कथा प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी, जिसमें प्रसिद्ध कथा वाचिका देवी चित्रलेखा भक्तजनों को श्रीमद् भागवत कथा का अमृतपान कराएंगी। बड़ी संख्या में भक्तजन रहे मौजूद इस अवसर पर मंडल के प्रधान सत्यवीर गुप्ता, रमेश अग्रवाल, विजेंद्र मित्तल, नंद किशोर, राकेश गोयल, नवीन बंसल, विपीन गोयल, अनिल बंसल, विनय, पवन सिंघल, मौनी जैन, राजेश गोयल, प्रदीप बंसल सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने बाबा श्याम के जयकारों के साथ फाल्गुनोत्सव की शुरुआत को यादगार बना दिया।
इंदौर नगर निगम के वार्ड 44 की भाजपा पार्षद निशा देवलिया को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत मिल गई है। इसके साथ ही उनके निर्वाचन को लेकर पिछले दो साल से चल रहा विवाद अब पूरी तरह खत्म हो गया है। इससे पहले हाईकोर्ट ने जिला कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें देवलिया का निर्वाचन शून्य घोषित कर कांग्रेस प्रत्याशी को विजेता ठहराया गया था। इसी फैसले के खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, जहां से भी पार्षद को राहत मिल गई। दरअसल, नगर निगम चुनाव 2022 में वार्ड 44 से भाजपा प्रत्याशी निशा देवलिया ने 1084 मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद कांग्रेस की रनर-अप प्रत्याशी नंदिनी मिश्रा ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि देवलिया ने नामांकन के दौरान दिए गए शपथ-पत्र में संपत्ति से जुड़ी जानकारी छुपाई और संपत्ति कर में विसंगतियां कीं। जिला कोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार करते हुए उनका निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था और कांग्रेस प्रत्याशी को विजयी मान लिया था। इस आदेश के खिलाफ देवलिया ने हाईकोर्ट में अपील की। जस्टिस आलोक अवस्थी की एकलपीठ ने दोनों पक्षों के तर्क और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद जिला अदालत के फैसले को असंगत ठहराते हुए रद्द कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर निर्वाचन शून्य घोषित करने और दूसरे प्रत्याशी को विजेता ठहराने का आधार टिकाऊ नहीं है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद नंदिनी मिश्रा सुप्रीम कोर्ट पहुंची। जहां से भी पार्षद निशा देवलिया को राहत मिल गई। इसके साथ ही वार्ड 44 के चुनाव को लेकर चल रहा विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया। यह था मामला
फतेहाबाद की सीआईए टीम ने नेशनल हाईवे 9 पर स्थित ढाबे पर लूट, मारपीट की वारदात में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन में से दो आरोपी भिवानी जिले के गांव बिरन के निवासी हैं। इन लोगों ने 2 फरवरी की रात को वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों की पहचान फतेहाबाद जिले के गांव मताना निवासी राजकुमार उर्फ कालू, भिवानी जिले के गांव बिरन निवासी रवींद्र उर्फ खेमा और इसी गांव के देवीलाल उर्फ गोलू के रूप में हुई है। ढाबा कर्मचारी को पीटा, फिर काउंटर से निकाल ले गए नकदी सीआईए फतेहाबाद के प्रभारी वेदपाल ने बताया कि 2 फरवरी की रात को एनएच-9 पर स्थित ढाबे पर तैनात कर्मचारी गांव दरियापुर निवासी संदीप कुमार पर तीनों आरोपियों ने डंडों से हमला किया। उसके साथ जमकर मारपीट की गई। इसके बाद काउंटर से नकदी लूटकर मौके से फरार हो गए। घायल ढाबा कर्मचारी को तुरंत उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया। दौलतपुरिया पेट्रोल पंप पर भी तेल डलवा हुए थे फरार जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन तीनों आरोपियों ने भट्टू रोड पर स्थित दौलतपुरिया पेट्रोल पंप से तेल डलवाकर बिना भुगतान किए फरार होने की वारदात को भी अंजाम दिया था। इसके अतिरिक्त, आरोपी राजकुमार उर्फ कालू तथा देवीलाल उर्फ गोलू ने फतेहाबाद शहर के भट्टू रोड पर स्नैचिंग की वारदात की थी।इन आरोपियों पर ढाबा कर्मचारी संदीप कुमार की शिकायत पर सिटी थाना फतेहाबाद में भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(6) के तहत केस दर्ज किया गया। एक आरोपी पर फतेहाबाद व भिवानी में पहले भी केस दर्जपुलिस रिकॉर्ड की जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी रवींद्र उर्फ खेमा के खिलाफ पहले भी दो केस दर्ज हैं, जिनमें से एक केस सिटी थाना फतेहाबाद में जानलेवा हमले के आरोप में जबकि दूसरा भिवानी जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज है।
धौलपुर में मध्य प्रदेश सीमा पर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने निगरानी बढ़ा दी है। सागरपाड़ा पुलिस चौकी क्षेत्र में सीमा के पास डिवाइडर पर एक मचान (वॉचटावर) का निर्माण किया गया है, जहां पुलिसकर्मियों को 24 घंटे तैनात किया गया है। इस मचान से गुजरने वाले ट्रकों और संदिग्ध वाहनों पर पैनी नजर रखी जा रही है। एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर यह विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है। मचान पर तैनात पुलिसकर्मी ऊंचाई से ट्रकों की आवाजाही पर नजर रखते हैं, जिससे संदिग्ध वाहनों की पहचान करना आसान हो जाता है। नई व्यवस्था के तहत दिन-रात गश्त बढ़ाईपुलिस ने बताया कि अवैध बजरी परिवहन में लिप्त ट्रक अक्सर रात के समय सीमा पार करने का प्रयास करते थे। नई व्यवस्था के तहत दिन-रात गश्त बढ़ाई गई है और वाहनों की चेकिंग को सख्त किया गया है। संदिग्ध पाए जाने पर वाहनों को तत्काल रोककर उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पशु क्रूरता के मामलों को लेकर भी पुलिस सतर्क है। अवैध रूप से पशुओं के परिवहन और उनके साथ अमानवीय व्यवहार की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लोगों ने पुलिस की पहल का किया स्वागतस्थानीय लोगों ने पुलिस की इस पहल का स्वागत किया है। उनका कहना है कि मचान बनाकर निगरानी रखने से अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी। पुलिस प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। एसपी सांगवान ने दोहराया कि सीमा पर सुरक्षा और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। अवैध बजरी, पशु क्रूरता और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई शहर के मोहल्ला आलू थोक में बुधवार शाम एक महिला सिपाही प्रीति सिंह (30) ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह लखनऊ के थाना इंदिरानगर में तैनात थीं और पिछले एक माह से अपने पति सौरभ श्रीवास्तव तथा सात माह की बेटी सांवी के साथ हरदोई में अपने चचिया ससुर ओमकार श्रीवास्तव के घर रह रही थीं। पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की। परिजनों के अनुसार, प्रीति के मौसेरे देवर पंकज की 15 फरवरी को शादी होनी थी, जिसकी तैयारियों में वह जुटी हुई थीं। बुधवार को ही उन्होंने शादी के लिए खरीदारी की थी और घर पर पनीर की सब्जी भी बनाई थी। प्रीति की सास कांति देवी ने बताया कि प्रीति को बुधवार को ही ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन अवकाश न मिल पाने के कारण वह तनाव में थीं। आशंका जताई जा रही है कि ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के दबाव में उन्होंने यह कदम उठाया। बरेली निवासी प्रीति और सौरभ का 12 वर्ष पहले प्रेम विवाह हुआ था। सौरभ मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। बरेली में रहते हुए दोनों ने जाति की दीवारें तोड़कर शादी की थी। शादी के कई वर्षों बाद 2021 में प्रीति का चयन यूपी पुलिस में हुआ था। सिटी क्षेत्राधिकारी अंकित मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
बागपत के बड़ौत नगर में डिलीवरी के दौरान एक 22 वर्षीय महिला की मौत हो गई। यह घटना देर रात कोताना रोड स्थित एक क्लीनिक पर हुई। महिला की पहचान जोहड़ी गांव निवासी प्रियंका (पत्नी भोला) के रूप में हुई है। नवजात बच्ची की हालत ठीक बताई जा रही है। परिजनों ने क्लीनिक के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका कहना है कि प्रियंका को देर रात क्लीनिक में भर्ती कराया गया था, लेकिन डिलीवरी के दौरान उचित उपचार नहीं मिला। परिजनों का आरोप है कि महिला को बार-बार इंजेक्शन दिए जा रहे थे, जिससे उसकी हालत बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने महिला की मौत के बाद उसके शव को सड़क किनारे रखकर क्लीनिक बंद कर दिया। इस पर परिजनों ने क्लीनिक के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के पति भोला ने बड़ौत कोतवाली में डॉक्टर के खिलाफ लापरवाही का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही महिला की मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा।
कानपुर के सांसद रमेश अवस्थी ने मंगल भवन को लेकर नगर निगम और निजी कंपनी के बीच हुए अनुबंध (एमओयू) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने इसकी जांच कराने और जरूरत पड़ने पर अनुबंध को रद्द करने की मांग की है।कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए मंगल भवन बनाया गया है। यह भवन नगर निगम की जमीन एक निजी कंपनी द्वारा बनवाया गया, ताकि गरीब परिवारों को कम किराये पर विवाह स्थल मिल सके। लेकिन अब इस भवन के संचालन और अधिकारों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सांसद रमेश अवस्थी ने दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत में कहा कि काम गरीबों और वंचितों के हित में होना चाहिए। लेकिन जिस तरह से मंगल भवन के अधिकार सीधे तौर पर जेसीआई नाम की निजी संस्था को दे दिए गए हैं, वह सही नहीं लगता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसके लिए कोई विज्ञापन या नीलामी प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम जमीन भी दे रहा है और पैसा भी लगाया गया है, लेकिन निगरानी समिति में केवल निजी कंपनी के लोग शामिल हैं। इससे पूरी व्यवस्था एक ही कंपनी के हाथ में चली गई। कंपनी के अपने वेंडर होंगे और सारा फायदा भी उसी को मिलेगा।सांसद ने कहा कि भले ही मंगल भवन की बुकिंग राशि 31 हजार रुपये बताई जा रही हो, लेकिन वेंडर और अन्य खर्च जोड़ने पर कुल खर्च लगभग दो लाख रुपये तक पहुंच जायेगा। इससे गरीब लोगों को असल में कोई खास लाभ नहीं मिल पा रहा।उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी कंपनी ने सीएसआर के तहत पैसा दिया है, तो इसका मतलब यह नहीं कि वह नगर निगम की संपत्ति पर अप्रत्यक्ष रूप से कब्जा कर ले। भवन में जगह-जगह कंपनी के नाम के बड़े ही बोर्ड लगे हुए हैं, जो गलत संदेश देता है।सांसद रमेश अवस्थी ने साफ कहा कि उन्हें किसी संस्था से व्यक्तिगत विरोध नहीं है, लेकिन यह व्यवस्था अमीरों के फायदे जैसी लगती है। उन्होंने मांग की कि इस अनुबंध को समाप्त किया जाए और अगर कोई अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। अगर सब कुछ सही पाया जाता है, तो कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि मेरी जिम्मेदारी है कि जनप्रतिनिधि के नाते जनता के हित में जो हो वो करूं। जीरो टॉलरेंस की नीति वाली सरकार में नगर निगम की जमीन का उपयोग पूरी पारदर्शिता के साथ जनहित के कार्यों के लिए होना चाहिए।
चित्रकूट के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) डी.पी. पाल ने 05 फरवरी 2026 को सुबह 10:15 बजे विकास भवन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों के कुल 28 अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय से अनुपस्थित पाए गए। CDO ने इसे उच्चाधिकारियों के निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन बताया। निरीक्षण के समय जिला विकास अधिकारी सत्य राम यादव, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रजनीश पाण्डेय और जिला समाज कल्याण अधिकारी वैभव त्रिपाठी अपने-अपने कार्यालय से अनुपस्थित मिले। जिला विकास कार्यालय में वरिष्ठ सहायक अतुल कुमार, कनिष्ठ सहायक जगदीश प्रसाद वर्मा और कनिष्ठ सहायक फारूख आजम भी गैरहाजिर पाए गए। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण और SRLM कार्यालय का हालजिला ग्राम्य विकास अभिकरण कार्यालय में कनिष्ठ सहायक भयहरण यादव और कंप्यूटर प्रोग्रामर अतुल गुप्ता अनुपस्थित मिले। हालांकि डाटा एंट्री ऑपरेटर संजीव कुमार और विकास कुमार आकस्मिक अवकाश पर थे।उ.प्र. राज्य आजीविका मिशन (SRLM) कार्यालय से कंप्यूटर ऑपरेटर विकास मिश्रा भी अनुपस्थित पाए गए। मनरेगा और समाज कल्याण कार्यालय में लापरवाहीमनरेगा सेल कार्यालय में अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अमित मिश्रा और लेखा सहायक शुभम मिश्र अनुपस्थित मिले, जबकि तकनीकी सहायक परमेश्वरी प्रसाद आकस्मिक अवकाश पर थे। समाज कल्याण कार्यालय में वरिष्ठ सहायक केवला प्रसाद, कनिष्ठ सहायक अंकुर कुशवाहा और कंप्यूटर ऑपरेटर पवन कुमार यादव कार्यालय से गायब पाए गए। कौशल मिशन और अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय भी जांच मेंउ.प्र. कौशल मिशन कार्यालय में डीपीएम संदीप सिंह और रोहित नामदेव अनुपस्थित मिले, जबकि बीपीएम विश्वास जयसवाल आकस्मिक अवकाश पर थे। जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में अपर संख्याधिकारी अनिल कुमार शुक्ला, बाबूलाल सिंह यादव, राकेश कुमार द्विवेदी, संजय कुमार गौड़, नंद कुमार यादव, वरिष्ठ सहायक अजात शत्रु शर्मा और रितेश आनंद भी अनुपस्थित पाए गए। जिला पंचायत राज कार्यालय से भी कई कर्मचारी नदारदजिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में चपरासी आनंद कुमार प्रजापति, ग्राम पंचायत अधिकारी परिवर्तन प्रताप सिंह, डीसी एसएलडब्ल्यूएम यशवंत यादव, अकाउंटेंट राहुल शुक्ला और कंप्यूटर ऑपरेटर कमलेश गुप्ता भी निरीक्षण के समय मौजूद नहीं थे। स्पष्टीकरण देने के निर्देश, कड़ी चेतावनीमुख्य विकास अधिकारी डी.पी. पाल ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद समय पर कार्यालय में उपस्थित न होने को गंभीरता से लिया है। उन्होंने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए तत्काल स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
शाजापुर में शुक्रवार दोपहर प्रमुख पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला स्तर पर संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने के प्रस्ताव के खिलाफ विरोध जताया। एसोसिएशन के सदस्य कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम एक ज्ञापन जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान को सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में पेंशनर्स मौजूद रहे। 1 अप्रैल 2026 से बंद करने की तैयारीज्ञापन में बताया गया कि मध्यप्रदेश शासन 1 अप्रैल 2026 से जिलों में संचालित पेंशन कार्यालयों को बंद करने की योजना बना रहा है। यदि यह फैसला लागू हुआ, तो सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों को पेंशन से जुड़े सभी कामों के लिए भोपाल जाना पड़ेगा। वरिष्ठ नागरिकों को होगी परेशानीएसोसिएशन का कहना है कि दूर-दराज के जिलों से भोपाल जाना वरिष्ठ नागरिकों के लिए आसान नहीं है। यात्रा का खर्च, स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें और शारीरिक कमजोरी के कारण पेंशनर्स को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है। पेंशन में देरी से बढ़ेगी आर्थिक चिंतापेंशनर्स ने आशंका जताई कि यदि समय पर पेंशन और अन्य भुगतान नहीं मिले, तो कई लोगों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा। पेंशन ही उनकी रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के भरण-पोषण का मुख्य सहारा है। जिला स्तर पर कार्यालय बनाए रखने की मांगसंगठन ने जनहित को ध्यान में रखते हुए जिला स्तर पर पेंशन कार्यालयों को यथावत संचालित रखने की मांग की है। एसोसिएशन ने शासन से इस निर्णय पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और पेंशनर्स के हित में उचित आदेश जारी करने का अनुरोध किया है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा आज शुक्रवार 6 फरवरी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की विशेष अदालत में पेश होंगे। करीब 379 दिन जेल में रहने के बाद बुधवार 4 फरवरी को उन्हें जमानत मिली थी। जमानत मिलने के दो दिन बाद यह उनकी पहली कोर्ट पेशी होगी, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। रिश्वत लेने– मनी लांड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया शराब घोटाले के मामले में ED ने कवासी लखमा को मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि आबकारी विभाग में पद पर रहते हुए उन्होंने शराब कारोबार से जुड़े सिंडिकेट को संरक्षण दिया, जिससे राज्य को भारी राजस्व नुकसान हुआ। ED का दावा है कि इस घोटाले के जरिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई, जिसे अलग-अलग माध्यमों से खपाया गया। लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद कोर्ट ने लखमा को सशर्त जमानत प्रदान की है। जमानत आदेश में कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे, गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे और बिना अनुमति राज्य से बाहर नहीं जाएंगे। आज की पेशी में ED द्वारा केस डायरी और आगे की जांच की स्थिति को कोर्ट के समक्ष रखा जा सकता है। आपको बता दे, कि ED ने कवासी लखमा को 15 जनवरी 2025 को गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर उनसे 7 दिन पूछताछ की थी। इसके बाद 21 जनवरी से 4 फरवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया था। उसके बाद से ही कवासी लखमा रायपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। 4 फरवरी को उन्हें जमानत मिली है। पहले देखिए जमानत के बाद कवासी लखमा के स्वागत की तस्वीरें कांग्रेस नेता गिरीश देवांगन से गले मिलते हुए लखमा। कार्यकर्ताओं संग गाड़ी की बोनट पर सवार होकर अभिवादन किया। इस दौरान जेल रोड पर लंबा जाम लग गया। एक एंबुलेंस भी फंसी रही। लखमा की पत्नी ने कहा- अब अच्छा लग रहा है। रायपुर जेल के बाहर कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। अब जानिए क्यों हुई लखमा की गिरफ्तारी ED का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट के अहम हिस्सा थे। लखमा के निर्देश पर ही सिंडिकेट काम करता था। इनसे शराब सिंडिकेट को मदद मिलती थी। वहीं, शराब नीति बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कवासी लखमा के इशारे पर छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ED का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने उसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया। ये तस्वीर कवासी लखमा की गिरफ्तारी के समय की है। कमीशन के पैसे से बेटे का घर बना, कांग्रेस भवन निर्माण भी ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट में बताया था कि 3 साल शराब घोटाला चला। लखमा को हर महीने 2 करोड़ रुपए मिलते थे। इस दौरान 36 महीने में लखमा को 72 करोड़ रुपए मिले। ये राशि उनके बेटे हरीश कवासी के घर के निर्माण और कांग्रेस भवन सुकमा के निर्माण में लगे। ED ने कहा था कि छत्तीसगढ़ में शराब घोटाले से सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। शराब सिंडिकेट के लोगों की जेबों में 2,100 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध कमाई भरी गई। नेता, कारोबारी और अधिकारियों ने जमकर अवैध कमाई की। जानिए क्या है छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था। A, B और C कैटेगरी में बांटकर किया गया घोटाला A: डिस्टलरी संचालकों से कमीशन 2019 में डिस्टलरी संचालकों से प्रति पेटी 75 रुपए और बाद के सालों में 100 रुपए कमीशन लिया जाता था। कमीशन को देने में डिस्टलरी संचालकों को नुकसान ना हो, इसलिए नए टेंडर में शराब की कीमतों को बढ़ाया गया। साथ ही फर्म में सामान खरीदी करने के लिए ओवर बिलिंग करने की राहत दी गई। B: नकली होलोग्राम वाली शराब को सरकारी दुकानों से बिकवाना डिस्टलरी मालिक से ज्यादा शराब बनवाई। नकली होलोग्राम लगाकर सरकारी दुकानों से बिक्री करवाई गई। नकली होलोग्राम मिलने में आसानी हो, इसलिए एपी त्रिपाठी के माध्यम से होलोग्राम सप्लायर विधु गुप्ता को तैयार किया गया। होलोग्राम के साथ ही शराब की खाली बोतल की जरूरत थी। खाली बोतल डिस्टलरी पहुंचाने की जिम्मेदारी अरविंद सिंह और उसके भतीजे अमित सिंह को दी गई। खाली बोतल पहुंचाने के अलावा अरविंद सिंह और अमित सिंह को नकली होलोग्राम वाली शराब के परिवहन की जिम्मेदारी भी मिली। सिंडिकेट में दुकान में काम करने वाले और आबकारी अधिकारियों को शामिल करने की जिम्मेदारी एपी त्रिपाठी को सिंडिकेट के कोर ग्रुप के सदस्यों ने दी। शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिले शॉर्ट लिस्टेड किए गए शराब बेचने के लिए प्रदेश के 15 जिलों को चुना गया। शराब खपाने का रिकॉर्ड सरकारी कागजों में ना चढ़ाने की नसीहत दुकान संचालकों को दी गई। डुप्लीकेट होलोग्राम वाली शराब बिना शुल्क अदा किए दुकानों तक पहुंचाई गई। इसकी एमआरपी सिंडिकेट के सदस्यों ने शुरुआत में प्रति पेटी 2880 रुपए रखी थी। इनकी खपत शुरू हुई, तो सिंडिकेट के सदस्यों ने इसकी कीमत 3840 रुपए कर दी। डिस्टलरी मालिकों को शराब सप्लाई करने पर शुरुआत में प्रति पेटी 560 रुपए दिया जाता था, जो बाद में 600 रुपए कर दिया गया था। ACB को जांच के दौरान साक्ष्य मिला है कि सिंडिकेट के सदस्यों ने दुकान कर्मचारियों और आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत से 40 लाख पेटी से अधिकारी शराब बेची है। C: डिस्टलरीज की सप्लाई एरिया को कम/ज्यादा कर अवैध धन उगाही करना देशी शराब को CSMCL के दुकानों से बिक्री करने के लिए डिस्टलरीज के सप्लाई एरिया को सिंडिकेट ने 8 जोन में विभाजित किया। इन 8 जोन में हर डिस्टलरी का जोन निर्धारित होता था। 2019 में सिंडिकेट की ओर से टेंडर में नई सप्लाई जोन का निर्धारण प्रतिवर्ष कमीशन के आधार पर किया जाने लगा। एपी त्रिपाठी ने सिंडिकेट को शराब बिक्री का जोन अनुसार विश्लेषण मुहैया कराया था, ताकि क्षेत्र को कम-ज्यादा करके पैसा वसूल किया जा सके। इस प्रक्रिया को करके सिंडिकेट डिस्टलरी से कमीशन लेने लगा। EOW के अधिकारियों को जांच के दौरान साक्ष्य मिले हैं कि तीन वित्तीय वर्ष में देशी शराब की सप्लाई के लिए डिस्टलरीज ने 52 करोड़ रुपए पार्ट C के तौर पर सिंडिकेट को दिया है।
हिसार जिले के रेलवे स्टेशन के पास एक होटल में 31 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान उम्मीद विहार कॉलोनी के विजय के रूप में हुई है, जो जोमैटो में डिलीवरी का काम करता था। मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा होटल के सीसीटीवी खंगाले जा रहे है। जानकारी के अनुसार, विजय पिछले पांच-छह दिनों से होटल में रुका हुआ था। शुक्रवार को जब काफी देर तक उसके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो होटल के सफाई कर्मी ने दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर होटल संचालक ने पुलिस को सूचना दी। एचटीएम थाना पुलिस ने बताया कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। दरवाजा तोड़कर बाहर निकाला शव सूचना मिलते ही एचटीएम थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मृतक के परिजनों को सूचित किया। परिजनों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़ा गया, जहां विजय का शव फर्श पर पड़ा मिला। प्रारंभिक जांच में उसके सिर पर चोट के निशान पाए गए हैं, जिससे मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल भेज दिया है। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। फिलहाल, पुलिस होटल स्टाफ और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है, साथ ही होटल के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
जयपुर के हरमाड़ा स्थित लोहामंडी इलाके में शुक्रवार को जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) का दस्ता अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचा। JDA की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था की स्थिति न बने। JDA की टीम लोहामंडी बाजार में दुकानों के बाहर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई कर रही है। दुकानों के बाहर बनाई गई सीढ़ियां, रैंप और अन्य अस्थायी निर्माण को हटाया जा रहा है, जो सड़क और फुटपाथ पर अतिक्रमण कर बनाए गए थे। JDA अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क को अतिक्रमण मुक्त करने और आमजन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। 4 महीने पहले हुआ था दर्दनाक हादसा दसरसल चार महीने पहले लोहामंडी इलाके में एक डंपर ने तांडव मचा दिया था। इस भीषण और दुखद हादसे में 15 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि 2 दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। हादसे के बाद इलाके में सड़क सुरक्षा और अतिक्रमण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे। स्थानीय लोगों ने तब प्रशासन को बताया था कि सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण के कारण हादसे हो रहे है। जिसके बाद अब जेडीए का पीला पंजा अवैध निर्माण ध्वस्त कर रहा है। सुरक्षा के मद्देनज़र की जा रही कार्रवाई JDA की मौजूदा कार्रवाई को उसी हादसे के बाद उठाए गए सुरक्षा कदमों से जोड़कर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि बाजार क्षेत्र में सड़क संकरी होने और दुकानों के बाहर अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित होता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस जाब्ता तैनात, स्थिति नियंत्रण में कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या विवाद से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया है। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और JDA की टीम नियमानुसार अतिक्रमण हटाने का काम कर रही है। वहीं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आगे भी शहर के अन्य इलाकों में इसी तरह अतिक्रमण के खिलाफ अभियान जारी रहेगा, ताकि सड़कों को सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
कानपुर देहात के गजनेर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह ट्रक ने एक ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में प्रैक्टिकल की परीक्षा देने जा रही एक छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं,ट्रक चालक समेत तीन अन्य छात्र घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया। वहीं, पुलिस ने मृतक छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। हादसा कौसम मोड़ पर सुबह लगभग 10:30 बजे हुआ। दोनों वाहनों के बीच टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो में सवार छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। ऑटो में सवार सभी छात्र-छात्राएं राजकीय इंटर कॉलेज रनिया से बीएमएस इंटर कॉलेज कठेठी रसायन विज्ञान की प्रयोगात्मक परीक्षा जा रहे थे। हादसे में ऋतु (17), पुत्री नेता यादव उर्फ शिवकुमार यादव, निवासी ग्राम महमऊ थाना रनिया, की मौके पर ही मौत हो गई। गजनेर थाना प्रभारी जनार्दन प्रताप सिंह ने बताया कि, ऑटो में कुल पांच लोग सवार थे। इनमें से एक छात्रा की मौके पर मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है। दीक्षा (16) पुत्री विनोद कुमार, निवासी वार्ड नंबर 7 शिवाजी नगर रनिया। दीक्षा का इलाज चल रहा है। पुलिस ने बताया की उनकी माता नीतू कंपनी में ड्यूटी पर थीं, जिनसे तत्काल संपर्क नहीं हो सका। मकान मालिक सरिता से बात हुई, जिन्होंने बताया कि परिजनों को सूचना दे दी गई है। खुशी (16) पुत्री गुलाब सिंह, निवासी रनिया। गंभीर हालत में खुशी को इलाज के लिए हैलट अस्पताल कानपुर नगर रेफर किया गया है। परिजनों से संपर्क का प्रयास जारी है।अभय कुमार (17) पुत्र मनोज कुमार, निवासी ग्राम किसरवल रनिया। अभय की माता मीरा मौके पर मौजूद रहीं। अभय कुमार का इलाज स्थानीय स्तर पर चल रहा है।
शाजापुर पुलिस ने आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयारी शुरू की है। शुक्रवार को पुलिस लाइन और एसपी ऑफिस में आगजनी जैसी घटनाओं पर काबू पाने के लिए ट्रेनिंग कैंप लगाया गया। इसमें अधिकारियों से लेकर जवानों तक को आग बुझाने के तरीके सिखाए गए। विशेषज्ञों ने दिए जरूरी टिप्स ट्रेनिंग के दौरान फायर सर्विस एक्सपर्ट धर्मेंद्र गोस्वामी ने पुलिसकर्मियों को अग्निशमन यंत्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने समझाया कि आग की गंभीरता के हिसाब से सिलेंडर का इस्तेमाल कैसे करना है और इसे दोबारा रिफिल (भरने) करने की प्रक्रिया क्या होती है। पुलिसकर्मियों को बताया गया कि आग लगने के शुरुआती कुछ मिनट सबसे महत्वपूर्ण होते हैं, अगर उस समय सही कदम उठा लिया जाए तो बड़े नुकसान को टाला जा सकता है। आग बुझाने का डेमो दिया सिर्फ भाषण ही नहीं, बल्कि मैदान पर इसका सीधा प्रदर्शन (डेमो) भी किया गया। विशेषज्ञों ने पुलिसकर्मियों को सिखाया कि सिलेंडर की पिन कैसे निकालनी है और पाइप का रुख किस तरफ रखना है। कई जवानों ने खुद इन यंत्रों का इस्तेमाल कर अभ्यास किया। इस दौरान आग लगने पर घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लेने और सुरक्षित रहने की सावधानियों के बारे में भी जानकारी दी गई। जान-माल की सुरक्षा है प्राथमिकता पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दफ्तरों में भारी मात्रा में रिकॉर्ड और फाइलें होती हैं, जिनमें आग लगने का खतरा बना रहता है। ऐसी ट्रेनिंग से पुलिसकर्मी न केवल दफ्तर बल्कि आम जनता की सुरक्षा के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जिले के अन्य थानों में भी इस तरह के ट्रेनिंग कैंप लगाए जाएंगे ताकि हर पुलिसकर्मी आपदा के समय 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका निभा सके।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस अरविंद कुमार वर्मा की डिवीजन बेंच ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में कहा है पति और ससुरालवालों को दहेज प्रताड़ना जैसे झूठे के में फंसाना मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। डिवीजन बेंच ने धमतरी फैमिली कोर्ट के फैसले को निरस्त करते हुए पति की तलाक की अर्जी को स्वीकार कर ली है। दरअसल, धमतरी निवासी धर्मेंद्र साहू की हिंदू रीति-रिवाज से 28 अप्रैल 2009 को धमतरी जिले के संध्या साहू के साथ शादी हुई थी। विवाह के बाद उनकी दो बेटियां हुईं। इस दौरान पत्नी का पति और ससुरालवालों के साथ विवाद शुरू हो गया, जिस पर संध्या साहू ने 10 अप्रैल 2017 को अपने पति, देवर और सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए धारा 498ए के तहत केस दर्ज करा दी। जिसके बाद वो अपने मायके चली गई। फिर वापस ससुराल नहीं आई। ट्रॉयल कोर्ट ने पति और ससुरालवालों को किया बरीइस दौरान पांच साल तक पति और ससुरालवाले दहेज प्रताड़ना का केस लड़ते रहे। पुलिस ने जब जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट पेश किया, तब ट्रायल शुरू हुआ। करीब पांच साल बाद 2022 में पत्नी के आरोप साबित नहीं कर पाने के आधार पर धमतरी की कोर्ट ने पति और उसके परिजनों को बाइज्जत बरी कर दिया। जिसके बाद पति ने फैमिली कोर्ट में मामला प्रस्तुत किया और क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। धमतरी के फैमिली कोर्ट ने 17 अगस्त 2023 को मामला खारिज कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा- 5 साल का ट्रायल एक गहरा जख्मजिस पर पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील की। इसमें बताया कि पत्नी ने उसे झूठे केस में फंसाया, जिसके बाद साथ भी छोड़ दी। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि पति और उसके बुजुर्ग परिजनों ने 5 साल तक आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ा। गिरफ्तारी की आशंका और समाज में प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचना पति के लिए गंभीर मानसिक आघात जैसा है। कहा कि जब किसी व्यक्ति को झूठे आरोपों के कारण मुकदमे से गुजरना पड़ता है और वह अंततः बरी हो जाता है, तो यह नहीं माना जा सकता कि उसके साथ क्रूरता नहीं हुई है। फैसले के बाद 15 साल पुराना रिश्ता खत्महाईकोर्ट ने माना कि पति के प्रति पत्नी का व्यवहार क्रूर था। इसी आधार पर 2009 में हुई शादी को भंग करने का आदेश दिया गया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस केस में पत्नी को भविष्य में स्थायी गुजारा भत्ता के लिए अलग से आवेदन करने की छूट दी है।
बाराबंकी के बदोसरांय नहर में मिला शव:लापता 75 वर्षीय महिला की हुई पहचान
बाराबंकी के बदोसरांय क्षेत्र में एक नहर से लापता 75 वर्षीय महिला कल्पवती का शव बरामद हुआ है। महिला की गुमशुदगी की रिपोर्ट 4 फरवरी 2026 को कोतवाली बदोसरांय में दर्ज कराई गई थी। शव कोतवाली बदोसरांय क्षेत्र के कसरैला झाल दरियाबाद समांतर नहर में मिला। मृतका की पहचान ग्राम चमारन पुरवा भवानीपुर ददरौली निवासी कल्पवती पत्नी स्वर्गीय कल्लू के रूप में हुई। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बदोसरांय अजीत विद्यार्थी और एसआई सालिक राय ने मौके पर पहुंचकर शव को नहर से बाहर निकलवाया। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। महिला के पुत्र राजेश कुमार ने 4 फरवरी 2026 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनकी मां कल्पवती 2 फरवरी 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे से लापता थीं। उन्होंने रिश्तेदारों और अन्य जगहों पर खोजबीन की थी, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया था। कोतवाल अजीत कुमार विद्यार्थी ने बताया कि गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद से महिला की तलाश की जा रही थी। नहर में शव मिलने की सूचना पर उसे बाहर निकलवाकर पहचान की गई, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जौनपुर में डग्गामार वाहनों के कारण परिवहन निगम को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। निगम को रोजाना औसतन 45 हजार से 50 हजार रुपये की क्षति हो रही है। नियमानुसार, रोडवेज परिसर से एक किलोमीटर के दायरे में कोई निजी बस स्टैंड नहीं होना चाहिए, लेकिन इस नियम का उल्लंघन किया जा रहा है। डग्गामार वाहनों के चालक रोडवेज बसों के ठीक आगे अपने वाहन लगाकर सवारियां भरते हैं। यह स्थिति रोडवेज परिसर से कुछ ही दूरी पर देखी जा सकती है। सिटी मजिस्ट्रेट और एआरटीओ की संयुक्त टीम भी इन अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने में विफल रही है। इसका सीधा खामियाजा परिवहन निगम को भुगतना पड़ रहा है। वाराणसी, प्रयागराज और आजमगढ़ मार्ग पर चलने वाली रोडवेज बसों को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है। नगर में निजी वाहनों के लिए पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं, जहां से डग्गामार वाहन चालक सवारियां भरते हैं। इसके अतिरिक्त, जेसीज चौराहे के आसपास चौतरफा अतिक्रमण ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। इस संबंध में एआरएम ममता दुबे ने बताया कि निजी वाहनों के लिए उपयुक्त पार्किंग स्थान न होने के कारण जेसीज चौराहे के पास पुलिस और एआरटीओ प्रशासन के सहयोग से समय-समय पर जांच अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है। उन्होंने स्वीकार किया कि इन कार्रवाइयों से कुछ दिनों तक स्थिति में सुधार होता है, लेकिन जल्द ही समस्या फिर से उत्पन्न हो जाती है। अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस और प्रशासन द्वारा अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन प्रमुख स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। जेसीज चौराहे के आसपास अतिक्रमण के कारण जौनपुर-वाराणसी और जौनपुर-आजमगढ़ मार्ग पर आए दिन जाम लगा रहता है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाकर योगी सरकार ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पुरुष प्रधान माने जाने वाले परिवहन क्षेत्र में महिलाओं को अवसर देकर सरकार ने न सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराया है, बल्कि लैंगिक समानता को भी मजबूती दी है। यह पहल महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो रही है। चित्रकूट मंडल के सभी डिपो में वर्तमान में करीब 350 महिला परिचालक तैनात हैं। ये महिलाएं रोजाना हजारों यात्रियों को सुरक्षित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। अपनी जिम्मेदारी को ये महिला परिचालक पूरी ईमानदारी, निष्ठा और आत्मविश्वास के साथ निभा रही हैं। बांदा से महोबा तक महिला परिचालकों की मजबूत मौजूदगीचित्रकूट मंडल के बांदा डिपो में 111 महिला परिचालक कार्यरत हैं। इसके अलावा हमीरपुर डिपो में 32, राठ डिपो में 86, चित्रकूट डिपो में 28 और महोबा डिपो में 77 महिला परिचालक सेवाएं दे रही हैं। सभी महिला परिचालक रोजगार पाकर आत्मनिर्भर बनी हैं। दिल्ली से लखनऊ तक संभाल रहीं बसों की जिम्मेदारीमहिला परिचालक न सिर्फ स्थानीय बल्कि लंबे रूटों पर भी सेवाएं दे रही हैं। ये महिलाएं देश की राजधानी दिल्ली से लेकर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक चलने वाली बसों में परिचालक के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। रोजगार मेले से मिली नौकरी, चल रही ट्रेनिंगचित्रकूट मंडल के क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप कुमार अग्रवाल ने बताया कि महिला परिचालकों की भर्ती रोजगार मेलों के माध्यम से की गई है। उन्होंने बताया कि महिला परिचालक रोजगारपरक होने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बनी हैं और इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सहजता से निभा रही हैं। यात्रियों से व्यवहार भी संभाल रहीं महिलाएंक्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि यात्रियों के साथ व्यवहार करना इस काम का एक कठिन हिस्सा होता है, जिसे महिला परिचालक बखूबी संभाल रही हैं। बड़े रूटों के साथ-साथ अधिकांशतः ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय महिला परिचालक बसों का संचालन कर रही हैं। दिसंबर में फिर हुआ रोजगार मेलाउन्होंने बताया कि दिसंबर माह में भी रोजगार मेले का आयोजन किया गया था, जिसमें नई महिला परिचालकों की भर्ती की गई है। चयनित महिला परिचालकों को फिलहाल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके बाद उन्हें ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।
वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडित’ के नाम को लेकर वाराणसी में विवाद तेज हो गया है। काशी के ब्राह्मण समाज ने इस शीर्षक को समाज की छवि को ठेस पहुंचाने वाला बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। गंगा घाट पर बटुकों के साथ प्रदर्शन करते हुए प्रदर्शनकारियों ने अभिनेता मनोज वाजपेयी की तस्वीर के साथ अपना आक्रोश जताया और साफ चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर वेब सीरीज का नाम नहीं बदला गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। बटुकों संग गंगा घाट पर किया विरोध प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग इस तरह के नकारात्मक संदर्भ में करना पूरे ब्राह्मण समाज का अपमान है। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मनोरंजन के नाम पर एक विशेष वर्ग को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान ब्राह्मण समाज, वाराणसी के पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि वेब सीरीज के नाम से समाज की धार्मिक और सांस्कृतिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मांग की कि निर्माता तत्काल शीर्षक में बदलाव करें, अन्यथा बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 48 घंटे का दिया अल्टीमेटम फिलहाल ‘घूसखोर पंडित’ वेब सीरीज के नाम को लेकर बढ़ता विरोध प्रशासन और फिल्म निर्माताओं के लिए चुनौती बनता जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निर्माता पक्ष 48 घंटे के अल्टीमेटम पर क्या फैसला लेता है और क्या यह विवाद आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक रूप लेता है या नहीं।
मऊ में मैजिक की टक्कर से बाइक सवार की मौत:घर की ओर लौटते समय हादसा, वाहन जब्त, आरोपी चालक फरार
मऊ जिले के थाना हलधरपुर क्षेत्र में तेज रफ्तार का कहर देखने को मिला। गहनी मोड़ पर गुरुवार रात करीब साढ़े 9 बजे एक तेज रफ्तार बाइक पीछे से मैजिक वाहन में जा टकराई, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय प्रियांशु सिंह पुत्र शमशेर बहादुर उर्फ सोनू सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रियांशु बाइक से घर लौट रहा था, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। प्रियांशु सिंह दो भाई और एक बहन में सबसे बड़ा था। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। वहीं इस मामले में थाना अध्यक्ष हलधरपुर जितेंद्र कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटना में बाइक सवार युवक की मौत हुई है। दुर्घटना में शामिल मैजिक वाहन को कब्जे में ले लिया गया है शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम लिए भेज दिया है और मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
बिजनौर के पूर्व सैनिक हवलदार तरुण कुमार को जिलाधिकारी जसजीत कौर ने राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने पर सम्मानित किया। तरुण कुमार ने 46वीं राष्ट्रीय मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2026 में 110 मीटर हर्डल्स स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह प्रतियोगिता मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा तिरुवनंतपुरम (त्रिवेन्द्रम) में आयोजित की गई थी। हवलदार तरुण कुमार ने पुरुष वर्ग 40+ आयु वर्ग में प्रतिस्पर्धा करते हुए 17.14 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने अपने कार्यालय कक्ष में तरुण कुमार को बधाई दी और उनकी मेहनत, अनुशासन तथा प्रेरणादायक प्रदर्शन की सराहना की। इस उपलब्धि के साथ, तरुण कुमार अब अगस्त 2026 में दक्षिण कोरिया में होने वाली वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स चैम्पियनशिप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने इस जानकारी की पुष्टि की।
छत्तीसगढ़ सरकार ने DIG पद से रिटायर हुए राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा मेडल पुरस्कृत IPS कमलोचन कश्यप को पुलिस मुख्यालय का नया OSD (विशेष कर्तव्य पर तैनात अधिकारी) नियुक्त किया है। उन्हें संविदा नियुक्ति दी गई है। गृह (पुलिस) विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है। वो 30 दिसंबर को 2025 उप पुलिस महानिरीक्षक (DIG) पद से सेवानिवृत्त हुए थे। एक साल के लिए होगी संविदा नियुक्ति जारी आदेश में बताया गया है कि यह नियुक्ति छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 के नियम 4(4) के तहत की गई है। कमलोचन कश्यप की संविदा नियुक्ति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से एक साल की अवधि और आगामी आदेश तक जो भी पहले हो मान्य रहेगी। संविदा सेवा से जुड़ी शर्तें पृथक से जारी की जाएंगी। OSD लोचन क्या भूमिका निभाएंगे ? पुलिस मुख्यालय में OSD के रूप में कमलोचन कश्यप को नीति-निर्धारण, विशेष परियोजनाओं की मॉनिटरिंग, समन्वय और महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों में जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। उनके लंबे सेवा अनुभव और मैदानी कार्यशैली को देखते हुए शासन ने उन्हें यह जिम्मेदारी दी है। बताया जा रहा है कि राज्य में पुलिस प्रशासन को और अधिक सुदृढ़ करने, लंबित मामलों की समीक्षा और विशेष अभियानों के समन्वय में उनकी भूमिका अहम होगी। शासन के इस फैसले को अनुभव आधारित प्रशासनिक मजबूती के रूप में देखा जा रहा है। पढ़ें आदेश की कापी-
गाजीपुर में पत्थरबाजी का आरोपी गिरफ्तार:जीआरपी-आरपीएफ की संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन पर पत्थरबाजी के एक मामले में जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान परवेज अंसारी के रूप में हुई है, जिसे बीते दिन रोजा ओवरब्रिज के पास से पकड़ा गया। रेलवे पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र के निर्देश और पुलिस उपाधीक्षक रेलवे बलिया, सविरत्म गौतम के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। जीआरपी थानाध्यक्ष गाजीपुर सिटी और आरपीएफ प्रभारी थाना गाजीपुर सिटी के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई की। यह गिरफ्तारी धारा 153 रेलवे अधिनियम के तहत दर्ज मामले में हुई है। आरोपी परवेज अंसारी, रसीद अंसारी का पुत्र है और काशीराम आवास कॉलोनी, आदर्श बाजार, थाना कोतवाली, जिला गाजीपुर का निवासी है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ के दौरान परवेज अंसारी ने बताया कि वह नशे का आदी है और नशे के लिए कभी कबाड़ बीनता है या छोटी-मोटी चोरियां करता है। उसने स्वीकार किया कि लगभग 10 दिन पहले नशे का इंतजाम न होने के कारण वह बेचैन था। उसने बताया कि रौजा पुल के आगे रेलवे लाइन के पूरब तरफ उसे एक ट्रेन आती दिखी। ट्रेन के दरवाजे पर बैठकर एक व्यक्ति मोबाइल चला रहा था। परवेज ने रेलवे लाइन से पत्थर उठाकर मोबाइल गिराने के इरादे से फेंका, लेकिन पत्थर ट्रेन की खिड़की के शीशे पर लगा। इसके बाद वह मौके से भाग गया। उसने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है। गिरफ्तार करने वाली टीम में जीआरपी गाजीपुर सिटी के थानाध्यक्ष पवन कुमार और आरपीएफ पोस्ट गाजीपुर सिटी के प्रभारी प्रियाम्ह ज प्रिय शामिल थे।
बागपत में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो की मौत:एक युवक गंभीर घायल, काम खत्म करके घर लौट रहे थे
बागपत के बालैनी क्षेत्र में देर रात हुए एक सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना पुरा महादेव-बुढ़सैनी मार्ग पर एक अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक युवकों की पहचान 20 वर्षीय गोविंद और 18 वर्षीय अमन के रूप में हुई है। दोनों पुरा महादेव गांव के निवासी थे और सराय रोम्स पिज़्ज़ा में काम करते थे। बृहस्पतिवार देर शाम वे काम खत्म कर अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। एक अनियंत्रित अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि गोविंद और अमन की मौके पर ही मौत हो गई। बाइक पर सवार तीसरा युवक विशेष पुत्र बबलेश गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल विशेष को तुरंत निकटतम अस्पताल ले जाया गया। उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और वाहन की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है और क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर वाहन की पहचान करने का प्रयास कर रही है। इस दुखद घटना से पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। बालेनी थाना प्रभारी शिवदत्त का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है मृतक के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है घायल का उपचार चल रहा है।
जिला मुख्यालय पर वकीलों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों को झुंझुनूं में ही यथावत रखने की मांग को लेकर वकील लामबंद हैं। बार एसोसिएशन के आह्वान पर वकील तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार पर हैं, जिससे अदालती कामकाज पूरी तरह ठप नजर आ रहा है। तीन दिवसीय महापड़ाव: न्याय की गुहार और कार्य बहिष्कार वकीलों का कहना है कि गुढ़ागौड़जी के राजस्व मामलों को अन्यत्र स्थानांतरित करने की सुगबुगाहट से स्थानीय पक्षकारों और वकीलों में रोष है। अपनी मांग को मनवाने के लिए वकीलों ने तीन दिन के सामूहिक कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। आज धरने के दूसरे दिन बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी की और अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। विधायक राजेंद्र भांबू को सौंपा ज्ञापन आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए बार एसोसिएशन के सचिव ने बताया कि वकीलों के एक प्रतिनिधिमंडल ने झुंझुनूं विधायक राजेंद्र भांबू से मुलाकात की है। हमने विधायक को विस्तार से जनहित और वकीलों की समस्याओं से अवगत कराया है। उन्हें ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि गुढ़ागौड़जी के राजस्व मामलों को झुंझुनूं मुख्यालय पर ही रखा जाए ताकि आम जनता को असुविधा न हो। ये मामले स्थानांतरित होते हैं, तो ग्रामीणों को लंबी दूरी तय करनी होगी, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होगी।
हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत लूटा रेलवे ओवरब्रिज के पास शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना में पकरार गांव निवासी वासुदेव महतो (65) की मौके पर ही मौत हो गई। वासुदेव महतो प्रतिदिन की तरह सब्जी बेचने के लिए अपने घर से शहरी क्षेत्र की ओर जा रहे थे। इसी दौरान एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे घटनास्थल पर उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए और सड़क जाम कर दिया। सड़क जाम के कारण कई घंटों तक आवागमन बाधित रहा। ग्रामीण दुर्घटना करने वाले वाहन चालक की गिरफ्तारी और मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। कटकमदाग अंचलाधिकारी सत्येंद्र पासवान भी मौके पर मौजूद थे सूचना मिलने पर कटकमदाग थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राय के नेतृत्व में पुलिस बल घटनास्थल पर पहुंचा। कटकमदाग अंचलाधिकारी सत्येंद्र पासवान भी मौके पर मौजूद थे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा कर शांत कराया, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त हुआ। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, हजारीबाग भेज दिया गया। मृतक वासुदेव महतो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है। मृतक के पुत्र नागेश्वर प्रसाद ने बताया कि उनका परिवार बेहद गरीब है और उनके पिता ही पूरे परिवार का सहारा थे। उन्होंने प्रशासन से न्याय और उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके। कटकमदाग थाना प्रभारी प्रमोद कुमार राय ने जानकारी दी कि दुर्घटना में शामिल ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और फरार चालक की तलाश जारी है। पुलिस ने बताया कि दोषी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले में शुक्रवार दोपहर खुटार चौकी के सामने एक तेज रफ्तार हाईवा ने स्विफ्ट कार को टक्कर मार दी। इस हादसे में कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन कार सवार व्यापारी हरिश्चंद्र शाह बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, बैलेंस शहर निवासी हरिश्चंद्र शाह अपनी स्विफ्ट कार से बैढ़न की ओर जा रहे थे। खुटार चौकी के पास पीछे से आ रहे हाईवा ने उनकी कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। उनका आरोप है कि इसके बावजूद प्रशासन और यातायात विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिससे जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। गौरतलब है कि इस घटना से एक दिन पहले गुरुवार शाम गोदवाली इलाके में भी एक भीषण सड़क हादसा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। पुलिस और प्रशासन की टीम रात करीब 2 बजे तक मौके पर कार्रवाई में जुटी रही थी। जिले में लगातार हो रहे ये हादसे सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
प्रतापगढ में यूजीसी के नए नियमों का विरोध:शहर में निकाली वाहन रैली, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
प्रतापगढ़ में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए प्रावधानों के विरोध में सकल सामान्य समाज ने शुक्रवार को एक विशाल वाहन रैली निकाली। यह रैली जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया। वाहन रैली का शुभारंभ सुबह किला परिसर स्थित बाण माता मंदिर से हुआ। दोपहिया और चारपहिया वाहनों के साथ यह रैली गांधी चौराहा, सदर बाजार और बस स्टैंड सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुज़री। इस दौरान समाज के सदस्यों ने शांतिपूर्ण ढंग से UGC के नए प्रावधानों का विरोध किया और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की। सकल सामान्य समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि UGC के नए प्रावधान समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने इन नियमों को संवैधानिक भावना के विपरीत बताया और आशंका जताई कि इनके लागू होने से समाज में असंतुलन और विभाजन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। संगठन ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता सामाजिक समरसता बताते हुए कहा कि किसी भी विभाजनकारी नीति का शांतिपूर्ण विरोध जारी रहेगा।वाहन रैली मिनी सचिवालय (जिला कलेक्ट्रेट) पर समाप्त हुई। यहां प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलक्टर विजेश पंड्या को सौंपा। एकजुट रहने की अपीलज्ञापन में केंद्र सरकार से UGC के नए प्रावधानों की समीक्षा करने और समाजहित को प्राथमिकता देने की मांग की गई है। संगठन ने सभी समाज के सदस्यों से एकजुट रहने और राष्ट्रहित के लिए आवाज़ उठाने की अपील की। इस अभियान का मुख्य संदेश था: 'एकजुट रहें, समरसता बचाएँ — राष्ट्रहित में आवाज़ उठाएं।'
भिवानी में तहसीलदार की हड़ताल से काम ठप:कार्यालयों में भटकते रहे लोग, मांग नहीं मानने तक रहेगी जारी
भिवानी में शुक्रवार को तहसीलदार हड़ताल पर रहे। जिसके चलते तहसील में होने वाले काम प्रभावित रहे। वहीं तहसील कार्यालय में पहुंचे लोगों को बिना काम करवाएं ही नाखुश होकर लौटना पड़ा। वहीं तहसीलदार ने कहा कि उनकी मांग पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रहेगी। भिवानी के तहसीलदार जयबीर सिंह ने कहा कि उनकी मांग है कि 23 दिसंबर को जारी महानिदेशक पुलिस हरियाणा के पत्र को वापिस लिया जाए। नरेंद्र की बहाली और जिला योजनाकार गुरुग्राम की जांच करवाकर नियमानुसार कार्यवाही की जाए। जिला योजनाकार 7A के इलावा जो खसरा नंबर संबंधित तहसीलदार को भेजते हैं, वो संबंधित तहसीलदार को ना भेजकर उचित माध्यम से पोर्टल पर फ्रिज करवाएं। इधर, हड़ताल के चलते तहसीलदार के यहां पहुंचे लोगों के काम भी नहीं बन पाए। फर्द से लोन उतरवाने के लिए खा रहा धक्के भिवानी के गांव घुसकानी निवासी मैनपाल ने बताया कि वे तीन दिन से चक्कर काट रहे हैं। आज पहुंचे तो बताया कि तहसीलदार हड़ताल पर हैं और इसलिए उनका काम नहीं हो सकता। उन्होंने अपनी जमीन की फर्द निकलवाई थी, जिस पर बैंक का लोन दर्शाया हुआ है। जबकि उन्होंने बैंक में अपना लोन भर दिया। बैंक से एनओसी लेकर आ चुके हैं और अब जमीन की फर्द से लोन उतरना था। लेकिन आज वे ई-दिशा व तहसीलदार कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं फिर भी उनका काम नहीं बना। सारा काम छोड़कर यहां पर घूमना पड़ रहा है। जिसके कारण परेशानी हो रही है। एक सप्ताह से काट रहा चक्कर भिवानी के मानान पाना निवासी प्रेम सिंह ने बताया कि उन्होंने लोन लिया हुआ था, जो 6 खेवट में था। जिनमें से चार खेवट में से लोन उतार दिया और दो में अभी लोन नहीं उतारा है। जिसके कारण लोन दर्शाया जा रहा है। इस सिलसिले में वह तहसीलदार से मिलने आया था। वह करीब एक सप्ताह से चक्कर काट रहा है। कभी पटवारी नहीं मिलती तो कभी तहसीलदार, जिसके कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमा पर एक बार फिर बाघिन की मौजूदगी देखी गई है। अमरकंटक से ज्वालेश्वर रोड पर बाघिन को एक सियार के साथ देखा गया। इस बात की पुष्टि गौरेला के रेंजर प्रबल दुबे ने की है। जानकारी के अनुसार, पिछले तीन दिनों से केवची क्षेत्र के आसपास भी बाघिन के दिखने की खबरें आ रही थीं। निर्माणाधीन नेशनल हाईवे पर काम कर रहे कुछ लोगों ने भी बाघिन को देखने की बात कही थी। शिक्षक दंपती ने ली तस्वीर इसी बीच अमरकंटक से ज्वालेश्वर रोड पर एक शिक्षक दंपती ने अपने मोबाइल से बाघिन की साफ तस्वीर ली, जिसमें वह सियार के साथ नजर आ रही है। वीडियो में देखा गया कि बाघिन सड़क के दोनों तरफ लगी तार की फेंसिंग को पार करने की कोशिश कर रही थी। इलाके के लोग सतर्क लेकिन वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। ऐसा लग रहा था कि बाघिन सड़क छोड़कर जंगल की ओर जाना चाहती थी। बाघिन के दिखने से इलाके के लोग सतर्क हो गए हैं। वन विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और टीम भी तैनात की गई है। जंगल वाले इलाके में जाने से बचने की सलाह रेंजर प्रबल दुबे ने बताया कि बाघिन से फिलहाल कोई खतरा नहीं है, लेकिन ग्रामीणों को जंगल वाले इलाके में जाने से बचने की सलाह दी गई है। बताया गया कि पिछले साल 29 जनवरी 2024 को कान्हा टाइगर रिजर्व से भटककर एक बाघिन इसी क्षेत्र में पहुंची थी। बाद में वह अमरकंटक के रास्ते सिंगरौली तक गई थी, जहां उसकी मौत हो गई थी। वन विभाग का कहना है कि वन्यजीवों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना जरूरी है।
उदयपुर जिले के भूपालपुरा थाना क्षेत्र के सरदारपुरा इलाके में गुरुवार रात चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाया। चोर घर के ताले तोड़कर करीब 20 तोला सोना, चांदी के जेवर और नकदी समेट ले गए। मकान मालिक चतर लाल सोमानी अपने परिवार के साथ भीलवाड़ा में एक शादी समारोह में शामिल होने गए हुए थे। चोर मेन गेट का ताला तोड़कर घर में घुसे और अलमारी के लॉक तोड़ वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। मकान मालिक चतर लाल सोमानी परिवार समेत शुक्रवार सुबह वापस लौटे, तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। वो मकान के अंदर घुसे तो कमरों में सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी के ताले टूटे हुए थे। जेवर और नकदी गायब देखकर परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। आयड़ नदी की तरफ से आए चोर सूचना मिलते ही भूपालपुरा थाना पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में सामने आया है कि चोरों ने घर में प्रवेश करने के लिए आयड़ नदी की तरफ वाले रास्ते का इस्तेमाल किया। पुलिस को अंदेशा है कि चोरों ने पहले रेकी की थी और उन्हें परिवार के बाहर होने की पूरी जानकारी थी। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। इधर, सरदारपुरा जैसे रिहायशी इलाके में हुई इस चोरी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है।
रोहतक की गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के चुनावों का रास्ता 12 साल बाद साफ हो गया है। संस्था में नए सदस्य जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसके लिए सरकार की तरफ से भी पत्र जारी हो चुका है। नए सदस्य बनने के बाद चुनाव की प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा का 2011 में 33107 सदस्यों पर चुनाव करवाया गया था, जिसका कार्यकाल 31 जनवरी 2014 तक रहा। इस बीच 2012 से 2014 तक संस्था के 42974 नए सदस्य बना दिए गए, जिसको लेकर लगातार संस्था के आजीवन सदस्यों के बीच विवाद चल रहा था, जो अब समाप्त हुआ है। 2800 सदस्यों के नाम कोर्ट के आदेश पर जोड़े जाएंगेगौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा के पदेन सचिव व गौड़ ब्राह्मण डिग्री कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. जयपाल शर्मा ने बताया कि 42974 सदस्यों में से कोर्ट के आदेश पर करीब 2800 सदस्यों को जोड़ने का काम किया जाएगा। उनके आवेदन कोर्ट के आदेश पर लिए गए है। बाकी कोई भी व्यक्ति संस्था का सदस्य बन सकता है। 1100 रुपए रहेगी सदस्य बनने की फीसप्रिंसिपल व पदेन सचिव डॉ. जयपाल शर्मा ने बताया कि संस्था का सदस्य बनने के लिए 1100 रुपए की फीस रखी गई है। पूरे देश में कहीं का भी रहने वाला व्यक्ति सदस्य बनने के लिए आवेदन कर सकता है। विदेश में रहने वाले व्यक्ति भी सदस्य बन सकते हैं। सदस्य बनने के लिए नियम व शर्तों को वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। 2014 से अब तक संस्था पर रहे 13 प्रशासकगौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा पर 31 जनवरी 2014 के बाद से अब तक 13 प्रशासक लग चुके है। गौड़ ब्राह्मण विद्या प्रचारिणी सभा पर मार्च 2014 को आईएएस चंद्र प्रकाश ने प्रशासक का पदभार संभाला। इसके बाद आईएएस अमित खत्री, एचसीएस प्रदीप कुमार, आईएएस अजय कुमार प्रशासक रहे। इसके बाद एचसीएस प्रदीप कुमार, एचसीएस सतपाल शर्मा, आईएएस आर.एस वर्मा, एचसीएस मानव मलिक, आईएएस कप्तान मनोज कुमार, आईएएस यशपाल, आईएएस अजीत जोशी, आईएएस टीएल सत्यप्रकाश व वर्तमान में एसडीएम एचसीएस आशीष कुमार प्रशासक के तौर पर काम कर रहे हैं। वोटर लिस्ट को लेकर उठता रहा विवाद प्रिंसिपल डॉ. जयपाल शर्मा ने बताया कि चुनाव की प्रक्रिया कई बार शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन किसी न किसी व्यक्ति ने नए सदस्यों की लिस्ट को लेकर कोर्ट में ऑब्जेक्शन लगा दिया, जिसके कारण चुनाव नहीं हो सके। अब कोर्ट में मामला खत्म हो चुका है और नए सदस्य बनने के बाद चुनाव भी हो जाएंगे।
शिवपुरी जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पिता पर अपनी ही नाबालिग बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। घटना तेंदुआ थाना क्षेत्र के एक गांव की बताई जा रही है। मां के घर न होने पर हुई घटना पुलिस के अनुसार, घटना 25 जनवरी को हुई। नाबालिग की मां उस समय मजदूरी के लिए बाहर गई हुई थी। इसी दौरान पिता ने शराब के नशे में अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ गलत काम किया। उस समय बच्ची घर में अकेली थी। घटना के अगले दिन बच्ची अपनी बुआ के साथ बैतूल में आयोजित एक सत्संग में चली गई थी। इसी बीच माता-पिता के बीच विवाद हो गया और महिला अपने मायके चली गई। बाद में जब बच्ची वापस लौटी, तो बुआ उसे उसकी मां के पास छोड़ गई। पिता के साथ जाने से इनकार करने पर सामने आई सच्चाई 3 फरवरी को जब आरोपी पिता अपनी पत्नी को लेने उसके मायके पहुंचा, तो पत्नी ने साथ जाने से मना कर दिया। पिता ने बेटी को अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन बच्ची ने भी इनकार कर दिया और अपनी मां को पूरी घटना बता दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी जेल भेजा गया इसके बाद 4 फरवरी को महिला अपनी बेटी के साथ तेंदुआ थाना पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गुरुवार को आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम “Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026” को तुरंत लागु करने की मांग को लेकर लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने यमुनानगर में आज जोरदार प्रदर्शन किया। अनाज मंडी से रोष मार्च निकालते हुए नेता व कार्यकर्ता डीसी कार्यालय पहुंचे और राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पुरजोर समर्थन जताया है। पार्टी का कहना है कि यह नियम उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता, समावेशन और भेदभाव-मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। साथ ही, कुछ संगठनों द्वारा नियम और प्रस्तावित कमेटी के विरोध को पार्टी ने मिथ्या प्रचार बताया है। भेदभाव को रोकने वाला है कानून पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष राजेश पांचाल ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी ने देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए यह नया नियम लेकर आई, जिसका उद्देश्य जाति, वर्ग, लिंग और अन्य आधारों पर होने वाले भेदभाव को रोकना है। उनका कहना है कि बीते वर्षों में एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय के छात्रों के साथ भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों के मामलों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ा है और सामाजिक न्याय के सिद्धांत भी प्रभावित हुए हैं। कमेटी में पिछड़े वर्ग की संख्या अधिक लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ स्वर्ण समाज के संगठन इस कानून को लेकर भ्रम फैला रहे हैं और इसे एससी एक्ट की तरह दुरुपयोग का माध्यम बता रहे हैं, जबकि प्रस्तावित कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान ही नहीं है। पार्टी ने सरकार और राष्ट्रपति से मांग की है कि प्रस्तावित कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, अल्पसंख्यक, दिव्यांग, महिला तथा सेवानिवृत्त प्रोफेसर या समाजसेवी वर्ग के सदस्यों की स्पष्ट संख्या निर्धारित की जाए। उनका कहना है कि विश्वविद्यालयों में प्रभावशाली वर्गों का वर्चस्व अधिक होने के कारण न्यायसंगत संतुलन के लिए कमेटी में आधे से अधिक सदस्य वंचित और पिछड़े वर्गों से होने चाहिए। नियम व्यक्ति नहीं भेदभाव के खिलाफ पार्टी नेता जगमाल ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार सैनी के नेतृत्व में पूरे हरियाणा के जिला मुख्यालयों पर यूजीसी के समर्थन में ज्ञापन सौंपे गए हैं। उनका कहना है कि आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी दलित, पिछड़े और वंचित वर्गों को संविधान में दिए गए अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पाया है, इसलिए शिक्षा, न्यायपालिका, राजनीति और अन्य संस्थानों में उनकी उचित हिस्सेदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। सुशील ने कहा कि यह नियम किसी व्यक्ति या वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि भेदभाव के खिलाफ है। उन्होंने यूजीसी कमेटी में वंचित वर्गों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि इससे छात्रों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समान अवसरों वाला शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।
इंदौर के तुकोगंज थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। तुकोगंज पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी विशाल धनगर के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश और जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार दोनों एक-दूसरे को करीब चार साल से जानते थे। वर्ष 2022 में आरोपी 56 दुकान क्षेत्र में काम करता था, जहां पीड़िता की भी दुकान है। पहचान बढ़ने के बाद आरोपी ने युवती को प्रेम संबंध में फंसाया और घंटाघर के पास बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी ने कई बार संबंध बनाए पीड़िता के मुताबिक आरोपी अगस्त 2022 में उसे अपने साथ ले गया और कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी वह शादी की बात करती, आरोपी टालता रहा और बाद में शादी करने का आश्वासन देता रहा। थाने में शपथ पत्र देकर सात दिन में शादी करने का वादा पीड़िता ने पहले पुलिस में शिकायत की थी, जिस पर आरोपी ने थाने में शपथ पत्र देकर सात दिन में शादी करने का वादा किया था। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। परेशान होकर युवती गुरुवार को फिर थाने पहुंची और दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज कराई।
बिजनौर शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और अधिवक्ता हमायूँ बेग ने थाना कोतवाली शहर, बिजनौर में एक प्रार्थना पत्र दिया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध कथित आपत्तिजनक और घृणास्पद बयान देने के संबंध में प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है। पार्टी द्वारा जारी बयान में बताया गया कि 31 जनवरी 2026 को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा शर्मा ने सार्वजनिक मंच से कथित तौर पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ बयान दिया था। कांग्रेस का आरोप है कि इस बयान से मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है और समाज में वैमनस्य तथा तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है। यह बयान समाचार पत्रों, सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। शहर अध्यक्ष हमायूँ बेग ने कहा कि इस प्रकार के सार्वजनिक बयान से विभिन्न समुदायों के बीच आपसी सौहार्द बिगड़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1), 298, 302 और 353(2) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर निष्पक्ष एवं विधिक जांच कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से समाज में शांति, सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने के लिए उचित एवं आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री ओमवती देवी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता नीरज चौधरी, पूर्व कमिश्नर आर.के. सिंह, विक्रम सिंह (एड.), नज़ाकत अल्वी, चितवन शर्मा, गुलशन कुमार, समद आज़ाद, मौ. हनीफ, ज़ाफर हसनैन, मौ. खालिद, शाज़िया परवीन, क़ाज़ी आतिफ़, हरिराज सिंह सहित कई अन्य कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गाजीपुर सिटी रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन पर पत्थरबाजी करने वाले एक युवक को शुक्रवार को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई जीआरपी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने रेलवे सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी परवेज अंसारी को रौजा ओवरब्रिज के पास से पकड़ा गया। आरोपी ने लगभग दस दिन पहले एक चलती ट्रेन के दरवाजे पर मोबाइल चला रहे यात्री को निशाना बनाकर पत्थर फेंका था। यह पत्थर ट्रेन की खिड़की के शीशे पर लगा था। इस मामले में रेलवे अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है। उसने स्वीकार किया कि नशे का इंतजाम न होने पर वह बेचैन हो गया था। रात में रौजा पुल के पास से ट्रेन गुजरते समय उसने गुस्से और बेचैनी में रेलवे लाइन से पत्थर उठाकर फेंका और मौके से भाग गया था। पुलिस के अनुसार, इस तरह की घटनाएं यात्रियों की जान के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई में जीआरपी थाना गाजीपुर सिटी और आरपीएफ पोस्ट गाजीपुर सिटी की संयुक्त टीम शामिल थी।
झालावाड़ के पीएम श्री केंद्रीय स्कूल में शुक्रवार को वार्षिक खेल दिवस का आयोजन उत्साह और खेल भावना के साथ किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ रहे। उन्होंने खेल मशाल जलाकर वार्षिक खेल दिवस का शुभारंभ किया। कलेक्टर राठौड़ ने विद्यार्थियों को खेलों के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि ये जीवन में अनुशासन, धैर्य और टीम भावना सिखाने का सशक्त माध्यम भी हैं। जिला कलेक्टर ने आज के डिजिटल युग में बच्चों को मोबाइल की लत से दूर रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें खेलकूद, योग और अन्य शारीरिक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करें, जिससे उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान छोटे और बड़े विद्यार्थियों के लिए विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इनमें दौड़, रेडी टू स्कूल दौड़, रिले दौड़, 50, 80 और 100 मीटर दौड़ जैसी शारीरिक गतिविधियां शामिल थीं। मुख्य अतिथि ने स्वयं मौजूद रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने मार्शल आर्ट और योगा की संगीतबद्ध एवं अनुशासित प्रस्तुतियां भी दीं। प्राचार्य वेदप्रकाश मीणा ने विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में, जिला एवं राज्य स्तर पर स्काउट-गाइड, कब-बुलबुल प्रशिक्षण और विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर मेडल प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जिला कलेक्टर ने सम्मानित किया। साथ ही, शैक्षणिक गतिविधियों में मेरिट में स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कार प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
पीलीभीत नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों में करोड़ों रुपये के कथित भ्रष्टाचार की जांच शुरू हो गई है। शहर में नेहरू पार्क सौंदर्यीकरण, नाला निर्माण और स्ट्रीट लाइट परियोजनाओं में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद तकनीकी सलाहकार समिति (TAC) की टीम ने जांच शुरू की है। टीम की शुरुआती जांच में ही बड़े पैमाने पर खामियां सामने आई हैं। इन खुलासों से पालिका प्रशासन और संबंधित ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। जांच टीम ने सबसे पहले नेहरू पार्क का निरीक्षण किया। इस पार्क के पुनरुद्धार और सौंदर्यीकरण के लिए 1.92 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। आरोप है कि निर्माण में मानक विहीन सामग्री का उपयोग किया गया। टीएसी टीम को निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में कई तकनीकी खामियां मिलीं। यह बात सामने आ रही है कि पार्क के सौंदर्यीकरण के नाम पर केवल कागजों पर और दिखावटी कामों में बजट खर्च किया गया। भ्रष्टाचार के आरोप केवल नेहरू पार्क तक ही सीमित नहीं हैं। शहर में हुए 9 करोड़ रुपये के नाला निर्माण और 3 करोड़ रुपये की स्ट्रीट लाइट योजना पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। शहर को रोशन करने के लिए 3 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन आज भी शहर के कई इलाके अंधेरे में डूबे हैं। अधिकांश लाइटें लगने के कुछ ही समय बाद खराब हो गईं, जो उनकी घटिया गुणवत्ता को दर्शाती हैं। ब्लैकलिस्ट फर्मों का बोलबाला सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ है कि पीलीभीत नगर पालिका में उन फर्मों से करोड़ों का काम कराया गया, जो पहले से ब्लैकलिस्ट (काली सूची) में दर्ज थीं। चेयरमैन और ठेकेदार पर भ्रष्टाचार के आरोपइस पूरे प्रकरण में नगर पालिका चेयरमैन आस्था अग्रवाल और संबंधित ठेकेदार सीधे निशाने पर हैं। आरोप है कि पालिका प्रशासन की नाक के नीचे विकास के नाम पर सरकारी धन की जमकर लूट की गई। टीएसी की टीम ने निर्माण कार्यों के सैंपल लिए हैं और फाइलों की बारीकी से जांच की जा रही है। विकास की आड़ में जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबांट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। टीएसी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बालाघाट की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगामी बोर्ड परीक्षाओं से पहले शुक्रवार को छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' की। यह राष्ट्रीय आयोजन बालाघाट के सांदीपनी स्कूल में जिला स्तरीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी अश्विनी उपाध्याय, संस्था प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले सहित सांदीपनी स्कूल और विभिन्न अन्य विद्यालयों से लगभग 1500 बोर्ड परीक्षार्थी उपस्थित थे। सभी छात्रों ने प्रधानमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव से मुक्त रहने के तरीके बताए। उन्होंने खेल और अन्य गतिविधियों के माध्यम से तनाव प्रबंधन और समय के सही उपयोग पर जोर दिया। बच्चों में आत्मविश्वास पैदा करने का प्रयास संस्था प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने बताया कि प्रधानमंत्री ने बच्चों में परीक्षा को लेकर आत्मविश्वास पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने तनावमुक्त रहने और प्रश्नों को याद रखने के सरल तरीके समझाए। डॉ. राहंगडाले ने विश्वास व्यक्त किया कि छात्र इन युक्तियों का उपयोग कर सफलता प्राप्त करेंगे। कक्षा 12 की छात्रा मिताली टेभरे ने बताया कि प्रधानमंत्री ने परीक्षा में तनाव से मुक्त रहने के लिए खेल और अन्य गतिविधियों में संतुलन बनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इस संदेश से वह काफी प्रभावित हुईं कि यदि मन में ठान लिया जाए, तो हर चीज संभव है। कक्षा 10 की छात्रा अंशिका गंगभोज ने भी कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने समय प्रबंधन के साथ तनावमुक्त होकर परीक्षा की तैयारी करने और पढ़ाई के दौरान ब्रेक लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
शाजापुर शहर में संचालित गैस गोदाम को लेकर संभावित खतरे के मद्देनजर, शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे शिवसेना युवा-सेना ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनहित में एक ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन शिवसेना नगर इकाई शाजापुर की ओर से एसडीएम मनीषा वास्कले को दिया गया। ज्ञापन में बताया गया कि शाजापुर के शहरी क्षेत्र के बीच गैस गोदाम संचालित किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। शिवसेना ने प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि यह गोदाम घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित है। पास में स्कूल, अस्पताल, गार्डन और तीन पेट्रोल पंप गैस गोदाम के समीप एक निजी स्कूल, आशीर्वाद अस्पताल और एक गार्डन संचालित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते-जाते रहते हैं। इसके अलावा, कुछ ही दूरी पर तीन पेट्रोल पंप भी स्थित हैं, जिससे किसी भी दुर्घटना की संभावना और बढ़ जाती है। गैस गोदाम सुरक्षा के लिए शहरी क्षेत्र से स्थानांतरण की मांग शिवसेना ने यह भी उल्लेख किया कि गोदाम के आसपास वीआईपी और सामान्य आवासीय क्षेत्र हैं, जहां घनी आबादी निवास करती है। ऐसी स्थिति में किसी भी आपातकालीन घटना से जान-माल का भारी नुकसान हो सकता है। नगर इकाई ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को देखते हुए इस गैस गोदाम को शहरी क्षेत्र से बाहर किसी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने के आदेश दिए जाएं। शिवसेना ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो उन्हें उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचमपुर में एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले को लेकर परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। गुरुवार को परिजन एसपी ऑफिस पहुंचे। परिजनों ने गांव की पंचायत और कुछ लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, दबाव और सामाजिक बहिष्कार का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। क्या है पूरा मामलामृतक गणेशा अहिरवार की पत्नी विद्या अहिरवार ने शिकायत में बताया कि उनके पति एक पुराने हत्या के मामले में जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद 17 जनवरी 2026 को गांव के मंदिर में पंचायत बुलाई गई, जहां उन पर गंभीर आरोप लगाए गए। पंचायत में कथित तौर पर 3 से 4 लाख रुपये खर्च वाले धार्मिक अनुष्ठान कराने और पंचायत के फैसले मानने का दबाव बनाया गया। शर्तें न मानने पर परिवार को गांव से बाहर करने की धमकी भी दी गई। परिजनों का कहना है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे पंचायत की शर्तें पूरी नहीं कर सके। इसी लगातार मानसिक दबाव और चिंता के चलते 17 जनवरी की रात गणेशा अहिरवार की तबीयत बिगड़ गई और सदमे की हालत में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि मौत के बाद जल्दबाजी में अंतिम संस्कार करा दिया गया, जिससे निष्पक्ष जांच की संभावना प्रभावित हुई। पंचायत ने हुक्का पानी बंद कियामृतक के बेटे आशाराम अहिरवार ने 5 फरवरी को एसपी कार्यालय में आवेदन देकर बताया कि पिता की मौत के बाद भी पंचायत का दबाव खत्म नहीं हुआ है। परिवार पर सामाजिक प्रतिबंध लगा दिया गया है, हुक्का-पानी बंद कर दिया गया है और गांव में कोई उनसे बातचीत तक नहीं कर रहा। आशाराम ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह का सामाजिक बहिष्कार कानूनन सही है और अपने परिवार को सुरक्षा व न्याय दिलाने की मांग की है। वहीं, इस पूरे मामले में लवकुशनगर के एसडीओपी नवीन दुबे का कहना है कि यदि गांव या पंचायत ने किसी परिवार पर सामाजिक प्रतिबंध लगाया है, तो इसमें पुलिस क्या कर सकती है। पुलिस अधिकारी के इस बयान को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि परिजनों का कहना है कि ऐसे माहौल में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सिरसा में सीआईए कालांवाली, सीआईए डबवाली और एंटी नारकोटिक सेल (ANC) डबवाली की संयुक्त कार्रवाई में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 18.550 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपए बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित छह नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन बाइक भी जब्त की गई हैं। पहला मामला एएनसी स्टाफ डबवाली से जुड़ा है। प्रभारी एएसआई रणजोध सिंह ने बताया कि 5 फरवरी को एएसआई गुरुसेवक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त के दौरान मंडी कालांवाली के तख्तमल रोड से दादू रोड की ओर जा रही थी। इसी दौरान पार्क वाली गली, वार्ड नंबर 5 के पास एक बाइक सवार पुलिस को देखकर घबरा गया और वापस मुड़ने की कोशिश करने लगा, लेकिन मोटरसाइकिल बंद हो गई। शक के आधार पर तलाशी लेने पर आरोपी रवि कुमार निवासी मंडी कालांवाली के कब्जे से मोटरसाइकिल के वाइजर से 6.090 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि यह हेरोइन उसे गोरा सिंह निवासी गदराना, जिला सिरसा ने सप्लाई की थी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य तस्कर गोरा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। बिना नंबर की बाइक सवार पकड़ा दूसरी कार्रवाई सीआईए कालांवाली की ओर से की गई। प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि डबवाली रोड से चर्च की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। आरोपी साहब सिंह उर्फ भादा निवासी गांव कालांवाली की तलाशी लेने पर बाइक के हैंडल से 6.390 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे यह नशीला पदार्थ मंडी कालांवाली की एक महिला से मिला था। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उस महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीसरी कार्रवाई सीआईए डबवाली द्वारा की गई। प्रभारी उप निरीक्षक राजपाल ने बताया कि देसूजोधा से हैबूआना की ओर गश्त के दौरान दो युवक बाइक पर पुलिस को देखकर खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन बाइक बंद हो गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बीरबल निवासी हैबूआना और सुखविंद्र सिंह उर्फ ज्ञानी निवासी भुट्टीवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 6.070 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। दोनों के खिलाफ थाना शहर डबवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिमांड पर लिए जाएंगे पकड़े गए आरोपी डबवाली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा। बिना नंबर की बाइक सवार पकड़ा दूसरी कार्रवाई सीआईए कालांवाली की ओर से की गई। प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि डबवाली रोड से चर्च की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। आरोपी साहब सिंह उर्फ भादा निवासी गांव कालांवाली की तलाशी लेने पर बाइक के हैंडल से 6.390 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे यह नशीला पदार्थ मंडी कालांवाली की एक महिला से मिला था। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उस महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीसरी कार्रवाई सीआईए डबवाली द्वारा की गई। प्रभारी उप निरीक्षक राजपाल ने बताया कि देसूजोधा से हैबूआना की ओर गश्त के दौरान दो युवक बाइक पर पुलिस को देखकर खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन बाइक बंद हो गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बीरबल निवासी हैबूआना और सुखविंद्र सिंह उर्फ ज्ञानी निवासी भुट्टीवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 6.070 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। दोनों के खिलाफ थाना शहर डबवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिमांड पर लिए जाएंगे पकड़े गए आरोपी डबवाली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।
जोधपुर में कोचिंग जाने के लिए निकला युवक बीच रास्ते से लापता हो गया। युवक न तो कोचिंग पहुंचा, न वापस घर लौटा। युवक के परिजनों ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। भगत की कोठी थाने में दी रिपोर्ट में लोकेश पारीक ने बताया कि उसका छोटा भाई हर्षित पारीक 29 जनवरी को कोचिंग के लिए जा रहा था। लोकेश ने उसे सुबह करीब 9:30 बजे मंडी मॉड कॉफी कैफे के पास छोड़ा था। इसके बाद वह कोचिंग नहीं पहुंचा। हर्षित नीट की कोचिंग करता है। तलाश करने पर नहीं मिली कोई जानकारी जब हर्षित वापस घर नहीं लौटा तो परिजनों ने पता किया तो मालूम हुआ कि वह 29 जनवरी को कोचिंग आया ही नहीं था। इसके बाद परिजनों ने आज पड़ोस और रिश्तेदारों से इस संबंध में जानकारी ली, लेकिन कहीं कोई पता नहीं चला। परिजनों ने बताया- युवक का कद 5.7 फीट, रंग सांवला, उम्र 17 वर्ष 6 माह है। हर्षित ने ब्लैक कलर का जेकेट, आसमानी और सफेद लाइन शर्ट, काली पेंट केसरिया पहन रखी थी। काला रंग का बेग उसके पास था।
धौलपुर में भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा के आगमन पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। यहां जगदीश तिराहे पर भाजपा जिलाध्यक्ष राजवीर राजावत के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और नारों के साथ प्रदेश अध्यक्ष का अभिनंदन किया। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा को 151 फीट का साफा पहनाकर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। स्वागत समारोह में भाजपा के जिला, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान युवाओं में उत्साह देखा गया। प्रदेश अध्यक्ष के आगमन से संगठन में नई ऊर्जा का संचार होने की बात कही गई। इस आयोजन को भाजपा की संगठनात्मक मजबूती के प्रदर्शन के तौर पर देखा गया। जगदीश तिराहा पूरी तरह भाजपा कार्यकर्ताओं की उपस्थिति से भरा रहा।
दमोह जिले में सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से पुलिस एक नई पहल कर रही है। इसके तहत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में यातायात जागरूकता बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों का मुख्य लक्ष्य लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है। यातायात थाने में इन बोर्डों को तैयार करने का काम चल रहा है। आगामी एक हफ्ते के भीतर इन बोर्डों को उन स्थानों पर स्थापित किया जाएगा, जहां सर्वाधिक सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं और बाइक चालकों की जान गई है। 36 बोर्ड बाइक चालकों को जागरूक करेंगे दमोह एसपी श्रुत कीर्ति सोमवंशी ने बताया कि जिले के 18 थाना क्षेत्रों में कुल 36 जागरूकता बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। इन बोर्डों का उद्देश्य बाइक चालकों को हेलमेट के उपयोग के प्रति जागरूक करना और सड़क हादसों में कमी लाना है। एसपी ने आगे बताया कि ये बोर्ड विशेष रूप से उन जगहों पर लगाए जाएंगे जहां बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले लोगों की सड़क हादसों में मौत हुई है। इसका मकसद लोगों को इन हादसों से सबक लेने और मृतकों व उनके परिवारों को याद कर जागरूक होने के लिए प्रेरित करना है। सीएम आने पर सभी बोर्ड का होगा अनावरण पुलिस का मानना है कि सड़क हादसे में किसी व्यक्ति की मौत से न केवल वह व्यक्ति बल्कि उसका पूरा परिवार भी प्रभावित होता है। इस पूरी रूपरेखा के तहत, जिले के प्रत्येक थाना क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर दो-दो बोर्ड लगाए जाएंगे। जब मुख्यमंत्री का दमोह आगमन होगा तब इन सभी बोर्ड का अनावरण किया जाएगा। दमोह पुलिस का पूरा प्रयास है की बाइक चालक हेलमेट का अधिक से अधिक उपयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। ताकि वह अपने साथ अपने परिवार को भी सुरक्षित रख सके। हेलमेट अभियान में 1000 निशुल्क हेलमेट वितरित इसके लिए हमने हंड्रेड लाइफ अभियान भी जिले में चलाया है। लोगों को 1000 निशुल्क हेलमेट बांटने का लक्ष्य रखा है। उन्हें जागरूक किया गया है कि वह अधिक से अधिक हेलमेट का उपयोग करें व अपने परिजनों को भी हेलमेट का उपयोग करने के लिए जागरूक करें।
पन्ना के पुरैना गांव में हजारी कंपनी की एक यात्री बस का स्टेरिंग पट्टा टूट गया। अनियंत्रित होकर बस सड़क किनारे डंपर से टकरा गई। हादसे में 6 लोग घायल हो गए हैं। घटना शुक्रवार सुबह की है।यात्री बस हटा से पन्ना जा रही थी। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त जानकारी के अनुसार, हाजिरी कंपनी की बस यात्रियों को लेकर गंतव्य की ओर जा रही थी। पुरैना ग्राम के पास अचानक बस के स्टेरिंग का पट्टा टूट गया। इससे बस अनियंत्रित होकर लहराने लगी और सड़क किनारे खड़े डंपर से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों ने यात्रियों को बाहर निकाला हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए पहुंचे। उनकी सहायता से घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस दुर्घटना में कोई गंभीर जनहानि नहीं हुई। हादसे में 6 घायल अस्पताल में एडमिट सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। सभी घायल यात्रियों को तुरंत अमानगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
विधानसभा में सपोटरा विधायक हंसराज मीणा की ओर से पूछे गए सवाल के जवाब में प्रशासनिक सुधार और समन्वय विभाग ने रिक्त पदों की संख्या और उनका वर्गवार विवरण सदन में रखा। राज्य में कनिष्ठ लिपिक (LDC) और आशुलिपिक (स्टेनोग्राफर) के कुल 10 हजार 336 पद फिलहाल खाली हैं। भर्ती परीक्षा का आयोजन 5 और 6 जुलाई को किया जा सकता है। लंबे समय से इस भर्ती का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए यह एक बड़ा मौका माना जा रहा है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक- - शासन सचिवालय में आशुलिपिक के 194 पद और लिपिक ग्रेड द्वितीय के 15 पद रिक्त हैं। - प्रदेश के विभिन्न अधीनस्थ विभागों में आशुलिपिक के 321 पद और कनिष्ठ लिपिक के 9 हजार 806 पद खाली पड़े हुए हैं। - इस तरह कुल मिलाकर LDC और स्टेनोग्राफर के 10,336 पदों पर भर्ती होनी है। वर्गवार रिक्त पदों की स्थिति 1- प्रदेश के अलग-अलग अधीनस्थ विभागों में गैर अनुसूचित और अनुसूचित क्षेत्र को मिलाकर सामान्य वर्ग के 3 हजार 995 पद 2- अनुसूचित जाति के लिए 1 हजार 409 पद, अनुसूचित जनजाति के लिए 1 हजार 663 पद 3- अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 1 हजार 378 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 917 पद 4- अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) के लिए 400 पद और बारां जिले की सहरिया जनजाति के लिए 44 पद आरक्षित किए गए हैं। जुलाई में हो सकती है भर्ती परीक्षा राज्य सरकार इन रिक्त पदों को भरने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया चला रही है। बोर्ड ने कुल 10 हजार 644 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है, अभ्यर्थी 13 फरवरी तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती परीक्षा का आयोजन 5 और 6 जुलाई को किया जा सकता है। हालांकि परीक्षा की अंतिम ताारीख को लेकर आधिकारिक सूचना का इंतजार किया जा रहा है।
लखनऊ में आजा समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नगर निगम मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया है। मौके पर मेयर सुषमा खर्कवाल नगर निगम से अपनी गाड़ी से निकल रही थीं। तभी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। मौके पर जमकर नारेबाजी की। इस दौरान मेयर नगर निगम से निकल नहीं पाई। आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सीतापुर रोड स्थित डॉ. आंबेडकर की होर्डिंग तोड़ी गई। इससे नाराजगी है। मौके पर पार्टी के कार्यकर्ता मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। 2 तस्वीरें देखिए…
मुरादाबाद में 10 फरवरी से रूट डायवर्जन:महाशिवरात्रि कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस-प्रशासन की तैयारी
मुरादाबाद में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर होने वाली कांवड़ यात्रा की तैयारियों को पुलिस-प्रशासन ने अंतिम रूप दे दिया है। कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर शहर में 10 फरवरी से रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। सिविल पुलिस और यातायात पुलिस ने इसके लिए संयुक्त रणनीति तैयार की है। एसपी यातायात सुभाषचंद्र गंगवार ने जानकारी दी कि हरिद्वार से आने वाले कांवड़िये बिजनौर मार्ग से मुरादाबाद पहुंचते हैं। इन प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने ड्यूटी प्वाइंट्स चिह्नित कर लिए हैं और वहां पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। डायवर्जन योजना के अनुसार, दिल्ली और हापुड़ की ओर जाने वाले वाहनों को संभल और अनूपशहर के रास्ते भेजा जाएगा। बिजनौर जाने वाले वाहन डिलारी, ठाकुरद्वारा और सूरजननगर मार्ग से होकर गुजरेंगे। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कांवड़ मार्गों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लें और आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील की है, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
रन्नौद वाहन चेकिंग विवाद में कार्रवाई:दो आरक्षक लाइन अटैच, एसडीओपी करैरा को सौंपी जांच
शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग के दौरान हुए विवाद और मारपीट के मामले में पुलिस अधीक्षक ने कार्रवाई की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए दो आरक्षकों को थाने से हटाकर पुलिस लाइन अटैच कर दिया गया है। पूरे घटनाक्रम की जांच एसडीओपी करैरा को सौंपी गई है। यह घटना 31 जनवरी 2026 की शाम रन्नौद थाना परिसर के सामने हुई। वाहन चेकिंग के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर पुलिस ने एक ईको कार को रोका था। इसी बात को लेकर कार चालक के परिचित नीलेश जाटव और कुछ अन्य लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों से विवाद करने लगे। दोनों पक्षों ने शिकायत दर्ज कराई विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। इस मामले में आरक्षक 966 अवधेश शर्मा और आरक्षक 584 गोरे जादौन का नाम सामने आया। दूसरे पक्ष ने पुलिस पर मारपीट करने के आरोप लगाए, जबकि पुलिसकर्मी ने भी अपने साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई। आरक्षक अवधेश शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने तीन महिलाओं सहित छह नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। वहीं, दूसरे पक्ष ने भी पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामला सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया था। दोनों आरक्षकों को शिवपुरी लाइट अटैच कियास्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ ने निष्पक्ष जांच के लिए दोनों आरक्षकों को तत्काल प्रभाव से रन्नौद थाने से हटाकर शिवपुरी पुलिस लाइन अटैच कर दिया है। अब एसडीओपी करैरा पूरे मामले की जांच करेंगे। जांच रिपोर्ट के बाद ही यह तय होगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिला जेल में एक विचाराधीन कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने जेल प्रबंधन पर मारपीट और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मृतक की पहचान खुटार चौकी क्षेत्र के बनाउली गांव निवासी रमाकांत पटेल के रूप में हुई है। पुलिस ने रमाकांत को 18 दिसंबर 2025 को उसके घर में गांजा उगाने के आरोप में गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा था। वह तब से विचाराधीन कैदी के तौर पर जेल में बंद था। मृतक के भाई रणधीर पटेल ने बताया कि जेल प्रशासन ने उन्हें रमाकांत की तबीयत खराब होने की कोई जानकारी नहीं दी थी। उन्हें अचानक फोन पर मौत की सूचना दी गई। रणधीर पटेल का आरोप है कि उन्होंने भाई के शव पर कई जगह चोट के निशान देखे, जिससे मारपीट की आशंका है। जिला जेलर लक्ष्मीकांत चतुर्वेदी के अनुसार, आज सुबह बंदी की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जेलर ने प्राथमिक तौर पर मौत का कारण हार्ट अटैक बताया है, हालांकि पूरे मामले की जांच जारी है। मौत के असली कारणों का खुलासा मजिस्ट्रियल जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगा।
नारनौल में बाइक सवार युवक की मौत:कार ने मारी टक्कर, शादी से लौटते समय NH-148B पर हादसा; ड्राइवर फरार
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में नेशनल हाईवे पर एक कार के ड्राइवर ने बाइक को पीछे से टककर मार दी। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम करवा डेडबॉडी परिजनों को सौंप दी। नांगल चौधरी के गांव भुंगारका के मृतक के भाई दया कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह और उसका भाई विश्वबंधु गांव मंढाणा में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। रात करीब 10 बजे दोनों भाई शादी से लौटकर अपनी-अपनी बाइक पर गांव भुंगारका जा रहे थे। भाई चल रहा था आगे विश्व बंधु अपनी बाइक पर आगे चल रहा था, जबकि वह बाइ पर उसके पीछे था। जब विश्व बंधु मंढाणा गांव के फ्लाईओवर से आगे तिलकराज होटल के सामने पहुंचा, तभी पीछे से आई एक कार ने तेज रफ्तार और लापरवाही से उसकी बाइक को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विश्व बंधु बाइक समेत सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। डॉक्टरों ने मृत किया घोषित दया कुमार ने बताया कि दुर्घटना करने वाली कार का नंबर उसने नोट कर लिया था। हादसे के बाद वह तुरंत अपने भाई को एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल नारनौल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कार ड्राइवर ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए हादसा किया और मौके से फरार हो गया। पुलिस से आरोपी ड्राइवर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
लुधियाना में वाहन चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब उन्हें पुलिस या सीसीटीवी का कोई खौफ नहीं रहा। ताजा मामला हंबड़ा रोड स्थित किचलू नगर का है जहां देर रात चोरों ने महज 5 सेकेंड में एक एक्टिवा पर हाथ साफ कर दिया। पूरी वारदात गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।क्या था मामला पीड़ित चाहत ने बताया कि रोज की तरह एक्टिवा घर के बाहर पार्क की गई थी। रात करीब 2:30 बजे यह चोरी हुई। घटना का पता तब चला जब चाहत के पिता सुबह सैर के लिए साउथ सिटी जाने के लिए बाहर निकले। बाहर एक्टिवा गायब देख उन्होंने घर में पूछताछ की। जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई तो घर वालों के होश उड़ गए। चलती एक्टिवा पर बैठे-बैठे तोड़ दिया लॉक सीसीटीवी फुटेज में चोरी का हैरान करने वाला तरीका सामने आया है सीसीटीवी में क्या नजर आया सफेद एक्टिवा पर आए थे चोर: रात 2:30 बजे दो युवक सफेद रंग की एक्टिवा पर सवार होकर गली में दाखिल हुए। पीछे बैठे युवक ने फुर्ती दिखाई और अपनी एक्टिवा से उतरे बिना ही बाहर खड़ी एक्टिवा का लॉक मात्र 5 सेकेंड में तोड़ दिया।चोरों ने एक्टिवा स्टार्ट नहीं की बल्कि उसे पैदल ही घसीटते हुए गली के बाहर ले गए। पुलिस जांच में जुटी इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पानीपत में महिला बेटे संग लापता:मायके में रहने आई थी; अब तक कोई सुराग नहीं, भाई ने शिकायत दी
पानीपत जिले के इसराना थाना क्षेत्र के एक गांव से 22 वर्षीय महिला अपने साढ़े चार साल के बेटे के साथ लापता हो गई है। परिजनों ने कई दिनों तक तलाश करने के बाद इसराना थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया और मां-बेटे की तलाश जारी है। थाना इसराना के एक गांव के युवक ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी 22 वर्षीय बहन अपने साढ़े चार साल के बेटे के साथ उसके घर आई हुई थी। युवक ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से उसकी बहन गुमसुम रहती थी और ज्यादा बात नहीं करती थी। 4 फरवरी को वह अपने बेटे को लेकर बिना बताए घर से कहीं चली गई। बच्चे और युवती का सुराग नहीं युवक ने बताया कि परिजनों ने अपनी बहन और भांजे को काफी जगह तलाश किया। उन्होनें रिश्तेदारी में भी फोन करके पता किया, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद, 5 फरवरी को युवक ने इसराना थाने में बहन के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस मां-बेटे को खोजने का प्रयास कर रही है।
ट्रेन के कोच में टॉयलेट में फैली गंदगी की शिकायत पर टीटी पैसेंजर पर भड़क गया। टीटी ने पैसेंजर के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। वीडियो बनने पर टीटी पैसेंजर का फोन छीनने की कोशिश करने लगा। घटना गुरुवार को कोटा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 की है। टीटी और पैसेंजर के बीच विवाद का वीडियो सामने आया है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि मामला कोटा मंडल से जुड़ा नहीं है। पैसेंजर ने कोटा में शिकायत नहीं की। दुरंतो एक्सप्रेस में दिल्ली का स्टाफ था। टीटी मुकेश कुमार ने दिल्ली कंट्रोल रूम को पूरी घटना के बारे में बताया है। वहां शिकायत दर्ज हुई है। अब देखिए, घटना से जुड़ी 2 PHOTOS… हाउसकीपिंग स्टाफ ने चलती ट्रेन में सफाई कर दी थी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया- गार्ड के डिब्बे के पीछे एक अतिरिक्त कोच लगा था, जो बाकी कोच से जुड़ा हुआ नहीं था। इस कारण सफाई के लिए ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ इस कोच में नहीं आ पा रहा था। ट्रेन के कोटा से रवाना होते ही ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग स्टाफ ने चलती ट्रेन में सफाई कर दी थी। टीटी ने शिकायत का समाधान नहीं करवाया जानकारी के अनुसार, यात्री मंगेश तिवारी अपने परिवार के साथ दुरंतो एक्सप्रेस (12283) में सफर कर रहे थे। मंगेश का DL 1 कोच में रिजर्वेशन था। वीडियो में मंगेश का आरोप है कि कोच के टॉयलेट में गंदगी भरी हुई थी, जिसके कारण कोच में सफर कर रहे यात्री परेशान हो रहे थे। इस कोच का बाकी कोच से कनेक्शन नहीं था, इस कारण यात्री टॉयलेट के लिए दूसरे कोच में भी नहीं जा पा रहे थे। वीडियो बनाने पर टीटी ने एतराज जताया टॉयलेट में गंदगी की शिकायत टीटी को की गई थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सुबह 11:40 बजे ट्रेन कोटा स्टेशन पहुंची, तो फिर से टीटी से शिकायत की गई, लेकिन टीटी ने शिकायत का समाधान नहीं करवाया। मंगेश का आरोप है कि वीडियो बनाने पर टीटी ने एतराज जताया, बदसलूकी की और मोबाइल छीनने की कोशिश की। मारपीट का प्रयास भी किया गया, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव किया।
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर की अनाज मंडी में शुक्रवार की दोपहर एक बजे एक BMW कार में अचानक आग लग गई। गनीमत रही कि कार में सवार दो लोग समय रहते बाहर निकल अपनी जान बचाई। इस घटना से मंडी परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, BMW कार अनाज मंडी परिसर में खड़ी थी, जिसमें एक महिला और एक पुरुष बैठे थे। अचानक कार के निचले हिस्से से धुआं निकलने लगा और कुछ ही देर में आग की लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत कार सवारों को आग लगने की सूचना दी, जिसके बाद दोनों ने फौरन गाड़ी से बाहर निकलकर अपना जरूरी सामान सुरक्षित निकाल लिया। स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया। लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण वे सफल नहीं हो सके। आग इतनी भीषण थी कि कार का एक बड़ा हिस्सा जलकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। लोगों की सूझबूझ से टला हादसा प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि थोड़ी देर और हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के समय अनाजमंडी में काफी चहल-पहल थी और आसपास कई अन्य वाहन भी खड़े थे। लोगों की सूझबूझ और कार सवारों की सतर्कता से किसी भी प्रकार की जनहानि टल गई। आग लगने के कारणों का अभी स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। हालांकि, आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ होगा। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को भी दी गई है। पुलिस के अनुसार, फायर ब्रिगेड की रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल, कार सवार दोनों व्यक्ति सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
गुना के मृगवास थाना क्षेत्र में डोडा चूरा की तस्करी करते पकड़े गए आरोपी को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। आरोपी के पास से 4 किलो से अधिक डोडा चूरा बरामद किया गया था। कोर्ट ने आरोपी को चार साल के कारावास की सजा के साथ 5 हजार रुपए के अर्थदंड से भी दंडित किया है। वर्ष 2019 का है पूरा मामला अपर लोक अभियोजक राकेश व्यास ने बताया कि यह मामला वर्ष 2019 का है। 10 जुलाई 2019 को पुलिस को ग्राम घीस्याखेंड़ी में अवैध मादक पदार्थ के निर्माण, विक्रय और परिवहन की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर मृगवास पुलिस ने कार्रवाई की योजना बनाई और अलग-अलग टीमों का गठन कर ग्राम घीस्याखेंड़ी में दबिश दी गई। पुलिस को देख भागने लगा आरोपी जब पुलिस टीम संदेही के घर पहुंची, तो वहां मौजूद व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ में अपना नाम कालू सिंह मीना पुत्र भंवर लाल मीना उम्र 58 वर्ष निवासी घीस्याखेंड़ी खेड़ी थाना मृगवास बताया। घर के कमरे में मिला मादक पदार्थ पुलिस द्वारा तलाशी लेने पर आरोपी के घर के बाहर वाले कमरे में प्लास्टिक के कट्टों में भरा हुआ मादक पदार्थ मिला। जांच करने पर वह डोडा चूरा पाया गया। पुलिस ने मौके से कुल 4.70 किलो डोडा चूरा जप्त किया। इसके बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। NDPS एक्ट के तहत दर्ज हुई FIR आरोपी के खिलाफ मृगवास थाने में NDPS एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। मामले की विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में चालान पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सभी साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए। कोर्ट ने दस्तावेजों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। चार साल की सजा और जुर्माना न्यायालय ने आरोपी कालू सिंह मीना को चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। कोर्ट के इस फैसले को मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और अभियोजन पक्ष ने इसे कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में अहम कदम बताया है।
कांकेर में मिला धड़ से अलग सिर:जंगली जानवर के हमले की आशंका, कपड़ों के आधार पर हुई मृतक की पहचान
कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुर्री में एक व्यक्ति का धड़ से अलग सिर मिला है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक की पहचान कोर्राम पारा के रहने वाले 52 वर्षीय दयालु राम पारधी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि दयालु राम अपने दामाद बिसाहू राम पारधी के घर आए थे और शाम को कुर्री की झाड़ियों व पहाड़ी की ओर निकले थे। उनकी पहचान कपड़ों के आधार पर की गई। प्रथम दृष्टया जंगली जानवर के हमले की आशंका जताई जा रही है। कोरर पुलिस मामले की जांच में जुटी है। वन परिक्षेत्र अधिकारी कोरर, भुनेश्वर लाल सुरोंजिया ने बताया कि उन्हें कल शाम थाने से सूचना मिली थी। इसके बाद स्टाफ को घटनास्थल पर भेजा गया, जहां से व्यक्ति का सिर बरामद किया गया। सुरोंजिया ने आगे बताया कि आज सुबह पुलिस और वन विभाग की टीम संयुक्त रूप से घटनास्थल का निरीक्षण करेगी ताकि घटना की वास्तविक स्थिति का पता चल सके। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
ब्यावर की आशा सहयोगिनियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार से अपील की है। उन्होंने बजट घोषणा 2026-27 में ठोस प्रावधान करने की मांग उठाई है। आशा सहयोगिनी संगठन राजस्थान के बैनर तले जिले की आशा सहयोगिनियों ने एकजुट होकर सरकार को 6 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा, जिसमें आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है। संगठन की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला सेन ने बताया कि राजस्थान में वर्तमान में लगभग 53,563 आशा सहयोगिनी कार्यरत हैं। इनका चयन दिसंबर 2003 से किया गया था। प्रारंभिक दौर में उन्हें 500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जबकि वर्तमान में उन्हें केवल 4,959 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि मिल रही है। यह राशि उनके कार्यभार, जिम्मेदारियों और सेवाओं की तुलना में कम है। संगठन की प्रमुख मांगों में बजट सत्र 2026-27 में न्यूनतम 18 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्हें राजस्थान संविदा सेवा नियम 2022 में शामिल करने, पदोन्नति एवं वेतन वृद्धि की स्पष्ट व्यवस्था करने, योग्यता व अनुभव के आधार पर आशा सुपरवाइजर एवं एएनएम पदों पर समायोजन करने, तथा सेवानिवृत्ति राशि योजना लागू करने की मांग की गई है। संगठन पदाधिकारियों ने यह भी बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1 जनवरी 2021 को जारी आदेश के तहत प्रशिक्षण में आशा सहयोगिनियों को 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान था। हालांकि, इसका लाभ अब तक पूरी तरह नहीं मिल पाया है। इसलिए, योग्य एवं अनुभवी आशा सहयोगिनियों को एएनएम पदों पर कोटा निर्धारित कर नियुक्ति देने की मांग की गई है, ताकि उनकी वरिष्ठता और योग्यता का उचित उपयोग हो सके। संगठन ने वर्ष 2004 से सेवाएं दे रहीं आशा सहयोगिनियों की लगभग 22 सालों की दीर्घ सेवा को देखते हुए सेवानिवृत्ति योजना लागू करने की भी मांग की है। इस योजना से सेवा पूर्ण होने पर उन्हें एकमुश्त राशि मिल सकेगी और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्राप्त होगी। आशा सहयोगिनी संगठन ने राज्य सरकार से अपील की है कि बजट 2026-27 में उनकी सभी मांगों को सम्मिलित किया जाए। इससे हजारों आशा सहयोगिनियों को सम्मानजनक वेतन, सामाजिक सुरक्षा और स्थायित्व प्रदान किया जा सकेगा।
आगरा के देयोरेठा गांव नंबर-1 में माध्यमिक विद्यालय है। जहां लगभग 250 बच्चें स्कूल में पढ़ते है। स्कूल के बाहर दो किमी तक जलभराव है। इससे आसपास के 7 हजार लोग प्रभावित है। स्कूल के टीचर ने बताया- जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने में परेशानी होती है। बारिश में पानी क्लासों में भर जाता है। मानसून में स्कूल का फर्नीचर और साउंड भी खराब हो गया था। बारिश के दिनों में 15-16 दिन तक स्कूल को बंद रखना पड़ता है। स्कूल आने के लिए सड़क पर जगह नहीं रहती है। स्कूल के सभी टिचरों की अपनी गाड़ियां बाहर छोड़ कर आनी पड़ती है। स्कूल में पानी न जाए इसके लिए गेट के आगे मिट्टी डाली है, और एक दिवार लगानी पड़ी है। जिससे पानी न जाए। बच्चे बोले-बारिश में नहीं आते स्कूल,पानी में गिर कर लग जाती है चोट स्कूल के बच्चों ने कहा- लंबे समय से स्कूल के आगे जलभराव की समस्या बनी हुई। आने-जाने में बहुत मुश्किल होती है, यहां तक साइकिल भी नहीं ला पाते है। बच्चे स्कूल आते वक्त पानी में गिर जाते है। हमारी ड्रेस खराब हो जाती है। कई बार तो चोट तक लग गई है। इसके बाद टीचरों ने मिल कर अपने पैसों से मिट्टी डलवाई है। कोई अधिकारी नहीं सुनता है। बारिश में पानी स्कूल के अंदर तक आ पहुंचता है। बैठने के लिए जगह कम पड़ जाती है। जिसकी वजह से कई दिनों तक स्कून बंद रहता है। 7 हजार लोग परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने बताया- गांव की आबादी 18 हजार है, जहां पानी भरा हुआ है वहां पर 7 हजार लोग परेशानी से जूझ रहे है। सांसद-विधायक ग्राम प्रधान सभी को पत्र लिख कर समस्या से अवगत करा दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता है। फतेपुर सिकरी से सांसद राजकुमार चाहर को यहां के लोगों ने दो बार लोकसभा पहुंचाया। लेकिन यहां की समस्या को वे दो बार भी नहीं देखने आए। ग्रामीण से विधायक बेबी रानी मौर्य है, वे भी एक बार नहीं आई। उन्हें भी कई बार पत्र लिखे। दोनों प्रतिनिधियों को लोगों ने भर-भर के वोट दिए। अगर समस्या का समाधान नहीं होता है। आने वाले विधानसभा में हम इनका बहिष्कार करेंगे।
उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मुंबई से दर्शन के लिए आई एक महिला श्रद्धालु के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि मंदिर के सुरक्षा कर्मियों ने महिला को धक्का देकर मंदिर से बाहर निकाल दिया। इस दौरान महिला रोती और चिल्लाती रही। मौके पर मौजूद लोग वीडियो बनाते रहे। सुरक्षा कर्मियों और वहां मौजूद पुलिस कर्मियों ने महिला के साथ खड़े दूसरे श्रद्धालुओं को भी बाहर निकाल कर गेट बंद कर दिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। घटना के बाद मंदिर समिति ने महिला पर मंदिर में हंगामा करने और सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया है। मामला गुरुवार रात करीब 10 बजे का है। महिला बोली- गार्ड ने कंधे पर हाथ रखकर आगे धकेला महाकाल मंदिर में इन दिनों बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। इसी कारण सुरक्षा कर्मियों और श्रद्धालुओं के बीच विवाद की घटनाएं बढ़ रही हैं। मुंबई से तीन महिला दोस्तों के साथ आई रेशमा सोनवाड़े दर्शन लाइन में लगी हुई थीं। महिला का कहना है कि चांदी की पालकी गेट के सामने टनल में दर्शन के दौरान पुरुष गार्ड महिलाओं के कंधे पर हाथ रखकर लोगों को आगे धकेल रहे थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो एक महिला गार्ड को बुलाकर उनके साथ मारपीट की गई। महिला का आरोप है कि मारपीट में चार पुरुष गार्ड भी शामिल थे। मारपीट के दौरान कुछ दूसरे श्रद्धालुओं को भी धक्का देकर मंदिर से बाहर कर दिया गया। इसके बाद गेट बंद कर दिया गया। मौके पर काफी हंगामा हुआ। कई श्रद्धालु महिला के साथ हुई मारपीट से नाराज दिखे और सुरक्षा कर्मियों पर जबरदस्ती करने के आरोप लगाए। महिला बोली- दर्शन नहीं हुए, बुरा अनुभव लेकर लौट रही है मुंबई से आई महिला श्रद्धालु ने अपने साथ हुई मारपीट को लेकर महाकाल थाने में आवेदन दिया है। महिला ने बताया कि करीब आठ लोगों ने उसके साथ मारपीट की। उसने कहा कि महाकाल मंदिर में दर्शन नहीं हो सके और वह बहुत बुरा अनुभव लेकर लौट रही है। इधर, इस घटना को लेकर महिला सुरक्षा कर्मी ने भी महाकाल थाने में महिला श्रद्धालु के खिलाफ आवेदन दिया है। महिला गार्ड का कहना है कि श्रद्धालु लाइन रोक रही थी। आगे बढ़ने को कहा गया तो उसने विवाद शुरू कर दिया। इसी दौरान हाथापाई हुई। बाहर निकलने को कहने पर महिला श्रद्धालु ने महिला गार्ड का गला पकड़ लिया और नाखून से हमला किया, जिससे कुछ गार्ड घायल हुए। फिलहाल, दोनों पक्षों की ओर से महाकाल थाने में शिकायत दर्ज कर ली गई है। घटना में एक महिला सुरक्षा कर्मी के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।
दौसा में डेयरी व पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत के साथ बड़ा हादसा टल गया। दरअसल, डेयरी मंत्री शुक्रवार जयपुर से बांदीकुई क्षेत्र के झूंपडीन गांव जा रहे थे। इस दौरान आगरा रोड स्थित डेयरी परिसर में स्वागत कार्यक्रम रखा गया था। जहां ड्राइवर द्वारा मंत्री की कार का गेट खोलते वक्त पीछे से आ रही दूसरी कार ने गेट को टक्कर मार दी। अचानक हुए घटनाक्रम से मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों व डेयरी अधिकारियों में खलबली मच गई। हालांकि दोनों गाड़ियों में हुई टक्कर से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मंत्री के स्टॉफ और दूसरी कार सवारों में बहस हो गई। मंत्री ने एसपी सागर राणा को घटना की सूचना देकर आगे के लिए रवाना हो गए। यात्रियों की कार को पुलिस ने मौके पर ही रुकवा दिया। जहां मौजूद हाईवे एस्कॉर्ट के पुलिस जाप्ते ने यात्रियों की कार को रूकवाकर सदर थाना पुलिस को घटनाक्रम की सूचना दी। मौके पर बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ जुड़ गई। थाना इंचार्ज मुकेश चौधरी ने घटनाक्रम की जानकारी लेकर यात्रियों को सदर थाना ले गए। टक्कर में यात्रियों की कार को मामूली नुकसान हुआ है। यह बोले कार सवार… कार सवार यात्रियों का कहना है कि वे जयपुर से कानपुर जा रहे थे कि सड़क पर कई गाड़ियों को काफिला खड़ा हुआ था। जिसके पास से गुजरते वक्त एक कार का गेट अचानक से खुला और दूसरी ओर पिकअप गुजर रही थी, जिससे उनकी कार टकरा गई। इसमें कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ी को रूकवा लिया। अब पुलिस उन्हें आगे नहीं जाने दे रही।
उदयपुर के सवीना थाना क्षेत्र में चाकूबाजी के बाद एक घंटे तक एंबुलेंस में तड़पकर दम तोड़ने वाले युवक प्रेम गमेती(32) के मामले में दूसरे दिन भी धरना-प्रदर्शन जारी है। सैकंड़ों की संख्या में समाज की महिलाएं और पुरुष एमबी हॉस्पिटल मोर्चरी के बाहर बैठे हैं। हॉस्पिटल प्रशासन के खिलाफ इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे हैं। समाज के रोशन मेघवाल ने बताया कि लापरवाह डॉक्टरों को बचाने के लिए हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ आरएल सुमन गैर जिम्मेदराना बयानबाजी कर रहे हैं। डॉ सुमन का बयान था कि 'इलाज कराने आए परिजन और घायल जल्दी में थे। घायल ने कहा था कि जल्दी फ्री करो। बदला लेना है'। मेघवाल बोले-हकीकत ये है कि डॉक्टरों ने परिजनों को बोला था कि पहले थाने से रिपोर्ट लाओ, तब आगे इलाज करेंगे। घायल के शरीर पर 7 जगह गहरे घाव थे, वह ठीक से पैरों पर चल भी नहीं पा रहा था। वह बदला कैसे लेगा? मुआवजा मिले और लापरवाह डॉक्टरों पर कार्रवाई हो: बालू भीलसमाज के बालू भील ने बताया कि हमारी मांग है कि लापरवाही डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। मृतक की आर्थिक हालत खराब है। उसके 14 साल की बेटी है। उसे उचित मुआवजा मिले और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। ये मांगे जब तक पूरी नहीं होती। हम यहां से नहीं हटेंगे। प्रशासन अगर जल्द मांगे नहीं मानता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। डॉक्टरों ने घायल को रिपोर्ट लिखवाने थाने भेज दियाघटना गुरुवार सुबह 4 बजे सेक्टर-8 से गुजरने वाली रेलवे लाइन के पास की है। जब मृतक प्रेम गमेती सवीना मंडी में मजदूरी के लिए जा रहा था। तभी रास्ते में दो से तीन अज्ञात बदमाशों ने उसे लूटने की कोशिश की। विरोध करने पर चाकू से वार कर दिया। सूचना पर परिजन पहुंचे और हॉस्पिटल ले गए। जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद थाने में मामला दर्ज करवाने के लिए भेज दिया था। गंभीर रूप से घायल युवक प्रेम गमेती (32) थाने के सामने एम्बुलेंस में दर्द से एक घंटे तक कराहता रहा। बार-बार कह रहा था कि 'जल्द मुझे हॉस्पिटल ले चलो, मैं मर जाऊंगा।' आखिरकार, उसने एमबी हॉस्पिटल लाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजन और समाज के लोग भड़क गए और डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
आजमगढ़ में साइबर जागरूकता के लिए लगी चौपाल:ठगी से बचने के दिए टिप्स, फोटो-वीडियो शेयर न करने की अपील
आजमगढ़ में मिशन शक्ति एवं साइबर क्राइम जागरूकता को लेकर ग्राम पंचायत गोधौरा थाना जहानागंज में संयुक्त चौपाल का आयोजन किया गया। थाना जहानागंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोधौरा में मिशन शक्ति अभियान और साइबर क्राइम जागरूकता के अंतर्गत संयुक्त चौपाल का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देश पर किया गया। चौपाल के माध्यम से किया गया जागरूकचौपाल के दौरान महिला सशक्तिकरण एवं सुरक्षा से जुड़ी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, लाभकारी कार्यक्रमों और महिलाओं के लिए उपलब्ध टोल फ्री हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। महिला प्रकोष्ठ प्रभारी वरुणेश मिश्रा द्वारा उपस्थित महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ उनके अभिवावकों को महिला अधिकारों, सम्मान और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। महिला सुरक्षा से सम्बन्धित टोल फ्री नम्बरों को डिटेल में समझाया गया है पंपलेट का वितरण किया गया। साइबर क्राइम जागरूकता सत्र में साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों पर सरल एवं प्रभावी ढंग से जानकारी दी गई। अज्ञात कॉल/मैसेज से सावधान रहें। अगर कोई बैंक, पुलिस, बिजली विभाग या सरकारी अधिकारी बनकर कॉल करे और OTP/लिंक मांगे—तो तुरंत कॉल काट दें। OTP आपकी डिजिटल चाबी है। बैंक, पुलिस या कोई भी अधिकारी कभी OTP नहीं मांगता। लॉटरी, KYC अपडेट, बिजली बिल, GST रिफंड जैसे लिंक अक्सर फ्रॉड होते हैं। महिलाओं व बच्चियों की ऑनलाइन सुरक्षासोशल मीडिया पर फोटो, वीडियो या निजी जानकारी अंजान लोगों से साझा न करें।
श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि पर्व की तैयारियों का शुभारंभ आज विधि-विधानपूर्वक श्री गणेश पूजन के साथ किया गया। महोत्सव के आरंभ से पूर्व गणेश जी महाराज से अनुमति एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए धाम परिसर में विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धाम में विराजमान प्रथम पूज्य गौरी नंदन श्री गणेश जी का विधिवत पूजन किया। इस अवसर पर श्री गणेश जी को वस्त्र, पुष्प, दुर्वा, माला, नैवेद्य एवं विशेष भोग अर्पित किए गए। भावपूर्ण स्तुति के उपरांत आरती उतारकर विघ्नविनाशक से महाशिवरात्रि महोत्सव के निर्विघ्न संपन्न होने की प्रार्थना की गई। गणेश पूजन से हुआ शिवरात्रि महोत्सव का शुभारंभ श्री गणेश पूजन के साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। यह पर्व काशी की आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन हेतु काशी पधारते हैं। महोत्सव की शास्त्रीय परंपरा के अनुसार कल से मंदिर परिसर में स्थित सभी प्रधान विग्रहों का रुद्राभिषेक किया जाएगा। इसके माध्यम से देव विग्रहों को जागृत कर विधिवत आराधना की जाएगी। साथ ही समस्त देवताओं का आह्वान कर उन्हें महोत्सव में सहभागी बनने तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया जाएगा। रंग-बिरंगे लाइटों और फूलों से सज रहा धाम धाम परिसर को भव्य रूप से सजाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं सुचारु दर्शन व्यवस्था को लेकर मंदिर प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर काशी एक बार फिर शिवमय वातावरण में डूबने को तैयार है। महाशिवरात्रि पर बाबा काशी विश्वनाथ को मथुरा से भेजे जाएंगे विवाह से जुड़े वस्त्र और श्रृंगार का सामान भगवान शिव के विवाह में प्रयुक्त होने वाले नेग-पंचमेवा, फलाहारी चढ़ावा, वस्त्र, आभूषण और अन्य श्रृंगार सामग्री मथुरा से काशी भेजी जाएगी। इन सामग्रियों को विशेष रूप से भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा में तैयार किया गया है। आठ फरवरी को मथुरा में सूर्योदय के बाद एक सजी ट्रक से विवाह सामग्री वाराणसी के लिए रवाना की जाएगी। 9 फरवरी को सामग्री श्री काशी विश्वनाथ धाम पहुंचेगी। ब्रजवासी हरि-हर के स्वरूप का साक्षात्कार करते हुए पुष्पवर्षा कर सामग्री को विदा करेंगे।
NH-11 पर दो हादसों में चार वाहन क्षतिग्रस्त:कोई जनहानि नहीं हुई, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की जांच
चूरू के रतनगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग-11 (NH-11) पर दो अलग-अलग स्थानों पर चार वाहनों की भिड़ंत हो गई। इन हादसों में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, हालांकि चारों वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। पहली घटना गुंसाईसर फांटा के पास हुई, जहां ओवरटेक करते समय दो कारें आमने-सामने टकरा गईं। इस टक्कर से दोनों कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, जयपुर पुलिया के पास पशु चारे से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंटों से लदा एक ट्रक टकरा गया। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर-ट्रॉली पशु चारे से ओवरलोड थी, जिसके कारण यह हादसा हुआ। दोनों हादसों के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। टोल कर्मचारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर यातायात को सुचारु करवाया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों घटनाओं से संबंधित जानकारी जुटाई। हालांकि, इन दोनों ही मामलों में अभी तक पुलिस में कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।
हरियाणा के हांसी में रिटायर्ड पंचायत सेक्रेटरी सुभाष मलिक की हत्या में खुलासा हुआ है। हांसी के SP अमित यशवर्धन ने बताया कि आरोपियों ने एक सैलून में सुभाष को सोने की चेन, अंगूठी और कड़ा पहने हुए देखा था। इसके बाद उन्होंने लूट के इरादे से उसकी हत्या की प्लानिंग रची। 3 फरवरी को आरोपियों ने उनके प्रॉपर्टी डीलिंग के ऑफिस में घुसकर लूट करने की कोशिश की। जब सुभाष ने विरोध किया तो आरोपियों ने तेजधार हथियार से हमला कर दिया और सिर में गोली भी मारी। पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके 3 साथियों की तलाश जारी है। 3 पॉइंट में जानिए SP ने क्या बताया… आसान शिकार समझकर साजिश रची SP अमित यशवर्धन ने बताया कि आरोपियों ने सेक्टर 6 निवासी सुभाष मलिक को देखकर आसान शिकार समझा और लूट की नियत से हत्या की साजिश रची। सुभाष मलिक जिस सैलून पर बाल कटवाने जाते थे, आरोपियों ने वहां से उनकी दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाई। वारदात का मास्टरमाइंड भैझाी महाराजपुर का गुरमीत है। फिलहाल वह हांसी की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रह रहा था। अपने तीन साथियों को शामिल किया SP ने आगे बताया कि गुरमीत ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए अपने साथी पवन, महेंद्र व आकाश को भी शामिल किया। चारों आरोपी हुड्डा सेक्टर के पीछे बने कमरों में रहते थे और सुभाष मलिक के आने-जाने की पूरी रेकी कर चुके। 3 फरवरी को इन्होंने सुभाष मलिक की हत्या की। इसके बाद गुरमीत बस में बैठकर फरार हो गया। पुलिस ने तकनीकी व खुफिया सूचना के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की। डर से फ्लाईओवर से कूदकर भागने की कोशिश शुक्रवार को पकड़े जाने के डर से गुरमीत ने हिसार-दिल्ली रोड स्थित शेखपुरा फ्लाईओवर से कूदकर भागने की कोशिश की, जिससे उसके पैरों में चोटें आई। पुलिस ने उसे हांसी के सामान्य अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलवाकर आगे इलाज के लिए हिसार रेफर किया है। उसके तीन साथियों की धरपकड़ के लिए टीमें लगी हुई हैं। जल्द सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अब जानिए कैसे हुई सुभाष मलिक की हत्या…. घर से 50 मीटर दूर बनाया हुआ ऑफिस 3 फरवरी को सेक्टर 6 के रहने वाले प्रापॅर्टी डीलर सुभाष मलिक की हत्या कर दी गई थी। उनका शव घर से 50 मीटर दूरी पर उनके माया प्रॉपर्टी के नाम से ऑफिस में पड़ा हुआ मिला। सुभाष मलिक रोज अल सुबह करीब 5 बजे अपना ऑफिस खोल लेते थे। इसके बाद दैनिक कार्य निपटाते थे। मंगलवार सुबह वे कोई बड़ी डील होने की बात कहकर घर से ऑफिस आ गए गए थे। सुभाष के ऑफिस चले जाने के बाद परिवार के लोग अपने कार्यों में लग गए। पत्नी ऑफिस पहुंची तो शव पड़ा मिला उनके दूधिए ने उनकी पत्नी पुष्पा को कॉल की। बताया कि आज सुभाष दूध लेने नहीं आए। इसके बाद उनकी पत्नी करीब साढ़े आठ बजे उनके दफ्तर पहुंची तो देखा तो सुभाष मलिक खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। उनके चेहरे, हाथों पर धारदार हथियार के कई निशान थे। सिर में गोली भी लगी हुई थी। उनके चीखने की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी थी। पंचायत सचिव भी रहे चुके, तीन बेटे सरकारी नौकरी मेंसुभाष मलिक छह वर्ष पहले पंचायत सेक्रेटरी के पद से रिटायर हुए थे। उनके तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा अमन (33) बीडीओ कार्यालय में जेई है, दूसरा बेटा रमन (32) सेंट्रल यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़ में जेई है, जबकि सबसे छोटा बेटा सूरज (28) ग्रामीण बैंक में क्लर्क है। अमन और रमन शादीशुदा है, जबकि सूरज अविवाहित है। एक जनवरी को सुभाष मलिक की माता की बरसी थी, जिस घर में सत्संग का आयोजन भी किया गया था, जिसमें परिवार और परिचित शामिल हुए थे।
ये मेरा इलाका है... सड़क पर बैठा टाइगर:पन्ना-मझगवां मार्ग पर आराम करता रहा; वाहनों के पहिए थमे
पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण अब ये वन्यजीव अक्सर जंगल की सीमा लांघकर सड़कों पर दिखाई देने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला 6 फरवरी को मझगवां-पन्ना मार्ग पर सामने आया, जहां एक विशालकाय बाघ सड़क के बीचों-बीच आराम करता दिखा। वह इतने आराम से बैठा रहा जैसे बता रहा हो ये मेरा इलाका है। सड़क पर बाघ को देखते ही राहगीरों के वाहन रुक गए। वाहनों के पहिए थमने से सड़क के दोनों ओर लंबी कतारें लग गईं। बाघ सड़क के बीच में आराम से बैठा रहा और उसे वहां मौजूद लोगों या वाहनों के शोर से कोई फर्क नहीं पड़ा। लोग अपनी गाड़ियों के अंदर से ही इस दृश्य को देखते रहे। इस घटना का वीडियो किसी राहगीर ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सामने आया। वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि बाघ सड़क के बीचों-बीच बैठा है। कुछ देर बाद बाघ उठा और जंगल की ओर चला गया। बाघ के जाने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका और राहगीरों ने आगे बढ़ना शुरू किया। सुरक्षित दूरी बनाकर रखें वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों के सफल पुनर्स्थापन के बाद उनकी संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अपने क्षेत्र (टेरिटरी) के विस्तार के कारण बाघ अब बफर जोन और उससे लगे रिहायशी इलाकों की ओर भी आ रहे हैं। वन विभाग ने पर्यटकों और राहगीरों से ऐसी स्थिति में वाहनों से बाहर न निकलने और वन्यजीवों को सुरक्षित दूरी से रास्ता देने की अपील की है।
जैतारण उपखंड के लांबिया में राज्य सरकार के 'ग्राम-2026' अभियान के तहत आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं का तत्काल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त ने बताया कि ग्राम उत्थान शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे गांव और खेत तक पहुंचाना है। इसका लक्ष्य है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी बिना किसी बाधा के इन योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने जोर दिया कि इन शिविरों से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर प्रशासन को जनता के और निकट लाया जा रहा है। कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया संवादइस अवसर पर जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने भी ग्रामीणों से संवाद किया और उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर दो चरणों में नजदीकी गिरदावर सर्किल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी पात्र लाभार्थी छूट न जाए। शिविरों का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है, और द्वितीय चरण का आयोजन 5 से 9 फरवरी तक है। इन शिविरों में किसानों को ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम और सोलर पंप जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी व डेमो दिए जा रहे हैं। पशुपालकों को पशु बीमा, निःशुल्क टीकाकरण और डेयरी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिल रहा है। इसके अतिरिक्त, किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड और उन्नत बीजों का वितरण भी किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं के लंबित आवेदनों का मौके पर पंजीकरण कर लाभार्थियों को लाभ से जोड़ा जा रहा है।

