गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र के ढेमवाघाट पर नाव पर बैठने को लेकर एक युवक से मारपीट का मामला सामने आया है। युवक अपने ससुराल से घर लौट रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसके साथ गाली-गलौज कर मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे की बताई जा रही है। दत्तनगर माझा निवासी अमन सिंह और उनके साथियों पर अयोध्या के सोहावल निवासी युवक के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप है। पीड़ित युवक दत्तनगर माझा गांव में नान्हू यादव के यहां अपनी ससुराल आया था। वह नाव से घर लौटने के लिए ढेमवाघाट पहुंचा था। इसी दौरान नाव पर बैठने को लेकर विवाद हो गया। बीच-बचाव करने आए युवक को भी पीटा विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान बीच-बचाव करने पहुंचे एक अन्य युवक को भी पीट दिया गया। नाव पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने विवाद रोकने की कोशिश नहीं की। इसके बजाय वहां मौजूद लोगों ने मारपीट का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस बोली- जांच के बाद होगी कार्रवाई नवाबगंज थाना अध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि मारपीट और विवाद का वीडियो सामने आया है। शुरुआती जानकारी के अनुसार कुछ लोगों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हुई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मिर्जापुर के हलिया ब्लॉक के लहुरिया दह गांव में हीरावती का परिवार गरीबी और सरकारी सुविधाओं की कमी के बीच जिंदगी गुजार रहा है। परिवार के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है। बारिश होते ही कच्ची छत से पानी टपकने लगता है। हालात ऐसे हैं कि रातभर परिवार के लोग छत से टपकते पानी को बर्तनों में भरकर बाहर फेंकते रहते हैं। बच्चों को भी इसी परेशानी के बीच रात गुजारनी पड़ती है। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि मजदूरी से ही घर का खर्च चलता है। कभी अपना पक्का मकान बनाने का सपना देखने वाले परिवार ने जमीन बेचकर किसी तरह एक कमरा बनवाया था, लेकिन पैसे खत्म हो गए और कमरे की छत पक्की नहीं हो सकी। अब अधूरा मकान ही परिवार के लिए बरसात में सबसे बड़ी परेशानी बन गया है। हीरावती की परेशानी सिर्फ मकान तक सीमित नहीं है। राशन कार्ड में चार बच्चों में से केवल एक बेटे का नाम दर्ज है। करीब दो साल पहले पति की मौत के बाद तीन बच्चों के नाम राशन कार्ड से कट गए। नाम दोबारा जुड़वाने के लिए परिवार सरकारी मदद का इंतजार कर रहा है। आर्थिक तंगी के बीच राशन की कमी होने पर कई बार परिवार को खाली पेट भी सोना पड़ता है। जमीन बेचकर बनवाया कमरा, छत के लिए नहीं बचे पैसे हीरावती के परिवार ने आर्थिक तंगी के बावजूद पक्का घर बनाने की कोशिश की थी। उनके पति ने अपनी जमीन बेचकर किसी तरह एक कमरा बनवाया था। लेकिन सीमित आमदनी के कारण कमरे की छत भी पक्की नहीं हो सकी। अब बरसात में इसी अधूरे घर में परिवार को रहने में परेशानी हो रही है। छत से पानी टपकने के कारण घर का सामान बचाना भी मुश्किल हो जाता है। रात में परिवार के लोग जगह-जगह बर्तन रखकर पानी भरते हैं और फिर उसे बाहर फेंकते रहते हैं। बच्चों को भी टपकती छत के नीचे रात बितानी पड़ती है। पति की मौत के बाद तीन बच्चों के नाम राशन कार्ड से कटे हीरावती ने बताया कि पति के जीवित रहने के दौरान राशन कार्ड में परिवार के सभी सदस्यों के नाम दर्ज थे। करीब दो साल पहले पति की मौत के बाद राशन कार्ड से तीन बच्चों के नाम कट गए। अब राशन कार्ड उनके नाम पर है, लेकिन उसमें सिर्फ एक बेटे का नाम दर्ज है। चार बच्चों की मां हीरावती का कहना है कि बच्चों के नाम राशन कार्ड में दोबारा जुड़ जाएं तो परिवार को नियमित रूप से सरकारी अनाज मिल सकेगा। मौजूदा स्थिति में राशन की कमी परिवार की मुश्किलें और बढ़ा देती है। मजदूरी मिले तो चूल्हा जलता है, काम न मिले तो खाली पेट सोना पड़ता है परिवार के मौजी लाल ने बताया कि मजदूरी मिलने पर ही घर के खाने का इंतजाम हो पाता है। काम नहीं मिलने या राशन खत्म होने पर परिवार के सामने भोजन का संकट खड़ा हो जाता है। कई बार ऐसी स्थिति आती है जब घर में चूल्हा तक नहीं जल पाता और परिवार को खाली पेट सोना पड़ता है। गरीबी के कारण बच्चों की जरूरतें पूरी करना भी परिवार के लिए मुश्किल है। एक तरफ घर की छत की चिंता है तो दूसरी ओर नियमित राशन नहीं मिलने से खाने का संकट बना रहता है। हीरावती की मांग- बच्चों के नाम राशन कार्ड में जुड़ें, मिले पक्का घर हीरावती ने प्रशासन से बच्चों के नाम राशन कार्ड में दोबारा जोड़ने की मांग की है। उनका कहना है कि राशन कार्ड में सभी बच्चों के नाम दर्ज होने से परिवार को नियमित अनाज मिल सकेगा। उन्होंने परिवार के लिए पक्के मकान की भी मांग की है। उनका कहना है कि बारिश के मौसम में टपकती छत के नीचे बच्चों को सुरक्षित रखना मुश्किल हो जाता है। गरीबी में जिंदगी गुजार रहा यह परिवार अब सरकारी मदद की उम्मीद लगाए बैठा है।
Jaipur Urban Body Elections: 2,644
इंटरनेट डेस्क। जयपुर जिले की 19 नगरीय निकाय (नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका) चुनाव में मैदान में 2,644 प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। गुरुवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इतने प्रत्याशी चुनावी रण में बचे हैं। इन प्रत्याशियों के बीच 9 और 11 सितंबर को मुकाबला होगा। वहीं 3 प्रत्याशी निर्विरोध जीत गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक इन बात की जानकारी दी है। खबरों के अनुसार, संदेश नायक बताया कि जयपुर की सभी 19 निकायों में नामांकन पत्रों की जांच के बाद 3,365 उम्मीदवार मैदान में बचे थे। नामांकन वापसी की प्रक्रिया में कुल 714 प्रत्याशियों ने नाम वापस लिया है। वहीं 3 प्रत्यार्शियों के सामने एक भी प्रत्याशी मैदान में नहीं रहा। वे निर्विरोध निर्वाचित हो गए। संदेश नायक ने बताया कि अब 19 निकायों में 2,644 प्रत्याशी मैदान में रह गए, जिनके बीच 9 और 11 सितंबर को मुकाबला होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी संदेश नायक ने बताया कि नगर पालिका नरैना में वार्ड नं. 8 में कांग्रेस प्रत्याशी हीना बानू, नगर पालिका चाकसू में वार्ड 11 से भाजपा प्रत्याशी त्रिलोक श्याम और मनोहपुर नगर पालिका के वार्ड 15 से कांग्रेस प्रत्याशी अर्जुन मोहनपुरिया को निर्विरोध जीत मिली है। प्रचार के लिए उम्मीदवारों के पास बचा है अब कम समय अब उम्मीदवार चुनाव प्रचार में पूरी रणनीति के साथ उतरेंगे। उनके पास चुनाव प्रचार के लिए कल ही समय बचा है। आज उम्मीदवारों को सिंबल बांटा जाएगा। पहले चरण की वोटिंग के लिए मतदान 9 सितंबर होगा। पहले चरण की वोटिंग में 164 निकायों में वोटिंग होगी। जबकि 11 सितंबर को दूसरे चरण की वोटिंग में 145 निकायों में मतदान होगा। PC: navbharattimes.indiatimes अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने निकाय चुनाव से ठीक पूर्व देशनोक नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश मूंधड़ा पर एसीबी द्वारा केस दर्ज किए जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि देशनोक नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश मूंधड़ा पर एसीबी द्वारा निकाय चुनाव से ठीक पहले केस दर्ज करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। अगर शिकायत 2024 में हुई, तो फिर एसीबी को अब निकाय चुनाव से पहले अचानक एफआईआर दर्ज करने की याद क्यों आई? 2 साल तक जांच कहां थी? जैसे ही मूंधड़ा दोबारा चुनाव मैदान में उतरे और भाजपा को अपनी हार साफ दिखाई देने लगी, तो सत्ता की मशीनरी सक्रिय हो गई। भाजपा सत्ता का दुरुपयोग कर केवल विपक्ष की आवाज को दबाने और सत्ता हथियाने का षड्यंत्र कर रही है, लेकिन वो भूल रही है कि एजेंसियों का डर दिखाकर जनता के फैसलों को नहीं बदला जा सकता। लोकतंत्र में विश्वास करने वाले कांग्रेसी ऐसे मुक़दमों से न डरेंगे, न झुकेंगे। चुनाव लड़ेंगे भी, और जनता के आशीर्वाद से जीतेंगे भी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ चुकी है वहीं डोटासरा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने एक्स के माध्यम से कहा कि भाजपा सरकार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना पूरी तरह भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ चुकी है। सरकार में घूसखोरी का आलम ये है कि बीकानेर में करीब 100 से ज्यादा किसानों के नाम पर फर्जी बटाईदार बनाकर फसल खराबे के करोड़ों रुपए गबन कर लिए। जिन किसानों को प्राकृतिक आपदा में आर्थिक संबल की जरूरत है, वे दर-दर भटकने को मजबूर है। जो किसान देश-प्रदेश का पेट पालते हैं आज वही उपेक्षा का शिकार बन रहे हैं। भाजपाई सत्ता के संरक्षण में उन्हीं किसानों के नाम पर ही फर्जीवाड़ा कर सरकारी मुआवजे की लूट की जा रही है। सरकार अन्नदाता के साथ विश्वासघात कर रही है मुख्यमंत्री जी.. आपके भ्रष्ट सिस्टम से किसान बेहाल है। सरकार अन्नदाता के साथ विश्वासघात कर रही है। भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के हिस्से की करोड़ों की रकम लूटी जा रही है। आखिर जिम्मेदार लोगों पर सरकार कब तक पर्दा डालेगी? PC:zeenews.india अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की हत्या के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बारिश का पानी छिटकने और पिटाई का बदला लेने के लिए 16 साल के नाबालिग ने हथौड़े से सिर पर वार कर सुपरवाइजर की हत्या कर दी। दरअसल, घटनास्थल पर लगे CCTV फुटेज में एक संदिग्ध नजर आया था। इसके आधार पर पुलिस ने जांच तेज की और संदिग्ध तक पहुंची। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर नाबालिग ने हत्या की वजह बताते हुए जुर्म स्वीकार किया। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। पहले देखिए तस्वीरें… पढ़िए हत्या की सिलसिलेवार पूरी कहानी… दरअसल, मूल रूप से बिहार के आरा निवासी नरेश गुप्ता (35) रेलवे ठेकेदार अनिल सिंह की कंस्ट्रक्शन साइट पर सुपरवाइजर था। रोज की तरह बुधवार रात काम खत्म होने के बाद नरेश ने साइट के गेट पर ताला लगाया और अपने क्वार्टर में सोने चला गया। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे साइट पर काम करने वाले कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने गेट खोलने के लिए नरेश को आवाज लगाई और फोन भी किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद कर्मचारी गेट कूदकर अंदर पहुंचे। कमरे के पास जमीन पर नरेश की खून से लथपथ लाश पड़ी मिली। CCTV फुटेज से आरोपी की पहचान, नाबालिग गिरफ्तार कर्मचारियों ने फौरन ठेकेदार और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डॉग स्क्वायड के साथ घटनास्थल की जांच की। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से जरूरी सुराग जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिम्स भेज दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें एक नाबालिग हथौड़ा लेकर भागता हुआ दिखाई दिया। जांच करने पर उसकी पहचान बापू नगर निवासी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने सुपरवाइजर की हत्या करना स्वीकार कर लिया। बारिश का पानी छिटकने पर सुपरवाइजर ने जड़ा था थप्पड़ 16 साल के नाबालिग ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मंगलवार रात तेज बारिश हो रही थी। वह साइकिल से घर जा रहा था। सड़क किनारे खड़े सुपरवाइजर के ऊपर साइकिल से बारिश का पानी छिटक गया। इस पर सुपरवाइजर उसके पीछे गया और रास्ते में रोककर उसे तीन थप्पड़ मारे। थप्पड़ मारने की बात से नाबालिग खुद को अपमानित महसूस करने लगा। इसके बाद उसने सुपरवाइजर से बदला लेने की योजना बनाई और उसकी हत्या कर दी। रात 11.40 बजे पीछे से कंस्ट्रक्शन साइट में घुसा नाबालिग सुपरवाइजर से हुए अपमान का बदला लेने के लिए नाबालिग बुधवार रात कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंचा। सामने भीड़ और रास्ते बंद होने के कारण वह साइट के पीछे की तरफ गया। वहां से रात करीब 11.40 बजे उसने कंस्ट्रक्शन साइट में छलांग लगाकर घुसा। साइट के अंदर पहुंचने के बाद उसने हथौड़ा और अन्य भारी सामान तलाशा। इसके बाद वह सुपरवाइजर नरेश गुप्ता के कमरे के पास पहुंचा। नरेश के सोने के बाद नाबालिग ने उस पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर दिए। जुर्म स्वीकार करने के बाद पुलिस ने नाबालिग आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, थप्पड़ मारे जाने का बदला लेने के लिए नाबालिग ने वारदात को अंजाम दिया। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। …………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… हथौड़े से सिर-कुचलकर मर्डर, CCTV में सुनाई दीं चीखें, VIDEO: बिलासपुर रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की हत्या, बिहार का रहने वाला था छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में रेलवे ठेकेदार के सुपरवाइजर की हत्या हुई है। उसके सिर पर भारी वस्तु से हमले के निशान मिले हैं। घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी में एक संदिग्ध लड़का दिखा है, जो हाथ में हथौड़ा लेकर उसे मारने जा रहा है। मारने का विजुअल तो नहीं है, लेकिन सामने आए सीसीटीवी में उसकी चीखें सुनाई दे रही है। पढ़ें पूरी खबर…
काैशल्या डैम के फ्लड गेट के ठीक सामने नदी के कैचमेंट में ऊंची-ऊंची इमारतें खड़ी दी गई हैं।
भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होते ही कंस की कैद से मुक्ति की कथा तो सभी ने सुनी है,लेकिन कानपुर देहात में भगवान कृष्ण की एक ऐसी कहानी सामने आई है,जो व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। यहां राधा-कृष्ण और बलराम की मूर्तियां पिछले 24 साल से थाने के मालखाने में कैद हैं। मंदिर से चोरी होने के बाद पुलिस ने मूर्तियां बरामद कर लीं,आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और बाद में वे जमानत पर बाहर भी आ गए,लेकिन भगवान की अपने मंदिर में वापसी आज तक नहीं हो सकी। मामला शिवली कोतवाली क्षेत्र के प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर का है। 12 मार्च 2002 को मंदिर से अष्टधातु की श्रीकृष्ण, बलराम और राधा की तीन बड़ी तथा दो छोटी मूर्तियां चोरी हो गई थीं। मंदिर से भगवान की मूर्तियां चोरी होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया और महज सात दिन बाद चोरी की गई मूर्तियां बरामद करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शिवली निवासी दीप उर्फ शशिकांत शुक्ला, मुन्नू उर्फ अवधेश शुक्ला,बबलू उर्फ विनय कुमार दीक्षित और नेवादा निवासी देवशरण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इसके बाद से आरोपियों की कानूनी लड़ाई चलती रही,जबकि बरामद मूर्तियां शिवली थाने के मालखाने में रखी रह गईं। 24 साल गुजर गए, लेकिन भगवान अपने मंदिर की चौखट तक नहीं पहुंच सके। हर साल जन्माष्टमी आती है, भक्त भगवान के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचते हैं, लेकिन जिन मूर्तियों की पूजा होनी थी,वे थाने के मालखाने में रखी हैं। पर्व के दौरान पुलिसकर्मी मालखाने से मूर्तियों को बाहर निकालते हैं। उनका स्नान कराया जाता है,नए वस्त्र पहनाए जाते हैं और पूजा-अर्चना की जाती है। इसके बाद मूर्तियों को फिर मालखाने में रख दिया जाता है। यानी जिस भगवान की जन्माष्टमी पर देशभर में धूम रहती है, वही भगवान कानपुर देहात के शिवली थाने में कानूनी प्रक्रिया की 'कैद' में 24 साल से इंतजार कर रहे हैं। अब इस मामले में सीजेएम कोर्ट में 11 सितंबर की तारीख लगी है। उम्मीद है कि न्यायालय की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन प्राचीन मूर्तियों को उनके मूल मंदिर में वापस पहुंचाने का रास्ता साफ होगा।
डूंगरपुर में 25 लाख पौधे लगाए:'एक पेड़ मां यशोदा के नाम' अभियान में पौधारोपण कार्यक्रम
डूंगरपुर में 'हरियालो राजस्थान' अभियान के तहत बिछीवाड़ा के रातापानी वन क्षेत्र में पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। यह कार्यक्रम 'एक पेड़ मां यशोदा के नाम' अभियान के तहत आयोजित किया गया। जिला प्रभारी सचिव और आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि पौधा लगाना जितना जरूरी है, उससे कहीं ज्यादा जरूरी उसे जीवित रखकर बड़ा पेड़ बनाना है। उन्होंने पौधों को बच्चों की तरह पालने और उनके संरक्षण को जन अभियान बनाने पर जोर दिया। कलेक्टर ने किया पौधारोपणकार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक मुकेश सैनी और जिला कलेक्टर देशलदान भी मौजूद थे। मेहता ने बताया कि पेड़ सिर्फ छाया और ऑक्सीजन ही नहीं देते, बल्कि पर्यावरण संतुलन और पानी बचाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं। वन विभाग की नर्सरियों से लोगों को मुफ्त या कम दाम पर पौधे दिए जा रहे हैं। लगाए गए पौधों की डिजिटल निगरानी भी की जा रही है। कलेक्टर देशलदान ने बताया कि पिछले दो साल से चल रहे पौधारोपण अभियान का मकसद इसे लोगों की भागीदारी वाला बनाना है। इस साल 'मां यशोदा' थीम के जरिए पौधों के पालन-पोषण और संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। उप वन संरक्षक मोहित गुप्ता ने बताया कि जिले को 28.75 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य मिला था। इसके मुकाबले करीब 25 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। वन विभाग की नर्सरियों में तैयार 16.50 लाख पौधों में से 8.75 लाख का वितरण किया गया है।
हरियाणा एयरपोर्ट्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएडीसीएल) ने महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट पर निर्मित तीन बड़े एयरक्राफ्ट हैंगर और ऑफिस स्पेस को लीज- पर देने की तैयारी शुरू कर दी है।
मौत को मात देकर गांव लौटा मंडी का ज्ञान सिंह, नेपाल में दो दिन पहाड़ी पर फंसा रहा
मौत को मात देकर गांव लौटा मंडी का ज्ञान सिंह, नेपाल में दो दिन पहाड़ी पर फंसा रहा
जौनपुर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नाम पर हो रही कथित अवैध वसूली को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम सैमुअल पाल एन के अचानक निरीक्षण और कार्रवाई के निर्देश के बाद ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर और बिचौलियों में दबाव बढ़ा है। इसका असर लाइसेंस के लिए ट्रायल देने वाले आवेदकों की संख्या पर भी पड़ा है। ट्रायल देने वालों की संख्या में करीब 30 प्रतिशत की कमी आई है। दो पहिया वाहनों के लाइसेंस के लिए आवेदक अभी भी सामान्य संख्या में पहुंच रहे हैं। जिले में हर दिन 130 लाइसेंस जारी करने का लक्ष्य निर्धारित है। वहीं संबंधित सेंटर पर प्रतिदिन औसतन 70 आवेदकों की ट्रायल प्रक्रिया पूरी होती है। डीएम के निरीक्षण में सामने आई ज्यादा पैसे लेने की शिकायत डीएम सैमुअल पाल एन ने 25 अगस्त को मड़ियाहूं रोड स्थित ओम कृष्णा मोटर ट्रेनिंग सेंटर का अचानक निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने सेंटर पर मौजूद आवेदकों से प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निर्धारित फीस के बारे में जानकारी ली। ट्रायल देने पहुंचे अवधेश कुमार और शिव पूजन पटेल ने डीएम से शिकायत की कि उनसे तय फीस से अधिक रकम ली गई है। शिकायत सुनने के बाद डीएम ने नाराजगी जताई और अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अब CCTV फुटेज से होगी ट्रायल प्रक्रिया की जांच प्रशासन ने लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। अब आवेदकों के ट्रायल का CCTV फुटेज मंगवाकर उसकी जांच की जा रही है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि ट्रायल प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार हो रही है या नहीं। ट्रेनिंग सेंटर पर हर दिन औसतन 70 आवेदकों की लाइसेंस ट्रायल प्रक्रिया पूरी होती है। एक सप्ताह में 456 लाइसेंस जारी डीएम की सख्ती के बाद लाइसेंस जारी होने के आंकड़ों में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 26 अगस्त से 2 सितंबर तक कुल 456 लाइसेंस जारी किए गए। एआरटीओ बोले- ज्यादा पैसे लेने पर रहेगी नजर एआरटीओ प्रशासन अजित सिंह ने बताया कि विभाग पूरी प्रक्रिया पर नजर रख रहा है। किसी भी आवेदक से निर्धारित फीस से अधिक रकम न ली जाए, इसके लिए निगरानी की जा रही है। शिकायत मिलने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तराखंड के भाजपा के मुखर चेहरे वीरेंद्र बिष्ट का निधन, देहरादून में ली अंतिम सांस
उत्तराखंड भाजपा के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता और दायित्वधारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट का देहरादून में निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे, उनके निधन से राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर है।
भाजपा कार्यकर्ताओं पर अवैध फॉर्म-7 रखने का आरोप, झारखंड में महागठबंधन ने की शिकायत
महागठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड में भाजपा कार्यकर्ताओं और बीएलए के पास अवैध फॉर्म-7 पाए जाने की शिकायत मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की है। उन्होंने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया की शुचिता पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अशोकनगर जिले में गुरुवार सुबह से शुरू हुई बारिश शुक्रवार को भी जारी रही। लगातार हल्की बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में जिले में कुल 52.50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश चंदेरी में 69 मिलीमीटर हुई है। इसके बाद मुंगावली में 44 मिलीमीटर, अशोकनगर में 32 मिलीमीटर और ईसागढ़ में 25 मिलीमीटर बारिश हुई। गुरुवार सुबह से मौसम बदला, बादल छाए और हल्की बारिश शुरू हो गई। इस साल बारिश के सीजन में यह पहली बार है जब 24 घंटे तक लगातार बारिश हुई है। इससे पहले सीजन में लगातार दूसरे दिन तक बारिश नहीं हुई थी। हालांकि, हल्की बारिश के कारण नदी-नालों में पानी कम ही पहुंचा है। मौसम विभाग ने जिले में एक-दो दिन और हल्की बारिश होने का अनुमान लगाया है। जिले में अब तक 638 मिली बारिशजिले में अब तक कुल 638 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा मुंगावली में 881 मिमी बारिश हुई है, जबकि वहां सामान्य बारिश का कोटा 800 मिमी है। मुंगावली में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। इसके बाद चंदेरी में 765 मिमी बारिश हुई है। हालांकि, चंदेरी में सामान्य बारिश का कोटा 1000 मिलीमीटर है। इस बार अब तक हुई बारिश सामान्य कोटे से काफी कम है। वहीं, ईसागढ़ में 456 मिमी बारिश हुई है, जबकि वहां सामान्य बारिश का कोटा 878 मिमी है। यहां भी सामान्य से आधी बारिश हुई है। अशोकनगर में अब तक 450 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश का कोटा 850 मिमी है। सामान्य बारिश होने के लिए अभी 400 मिलीमीटर बारिश की और जरूरत है।
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की स्टार रामेश्वरम सोसाइटी में बच्ची पर आवारा कुत्तों ने हमला किया। इस हमले का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें तीन कुत्ते बच्ची को घेरकर हमला करते दिख रहे हैं। इस घटना के बाद सोसाइटी के लोगों में आवारा कुत्तों को लेकर डर बढ़ गया है। राजनगर एक्सटेंशन के दीपांशु मित्तल ने बताया कि यह सीसीटीवी वीडियो 1 सितंबर का है। बच्ची सोसाइटी परिसर में घूम रही थी, तभी तीन आवारा कुत्ते उसके पास आए और उसे घेर लिया। कुत्तों ने बच्ची पर झपटने और काटने की कोशिश की। हमले से डरकर बच्ची भागने लगी, लेकिन कुत्ते उसके पीछे दौड़ पड़े। बच्ची जमीन पर गिर गई, फिर भी कुत्तों ने उस पर हमला करना जारी रखा। बच्ची के शोर मचाने पर आसपास के लोगों ने आकर उसे कुत्तों से बचाया। लोगों में गुस्सा है। नगर निगम से मांग की है कि क्षेत्र में आवारा और आक्रामक कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
कानपुर के केशवपुरम में उमा (58) की हत्या किसी बदमाश ने नहीं की है। पुलिस की शक की सुई बड़े बेटे अमरीश पर ही टिकी हुई है। उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं, लेकिन अब तक गहने व नकदी बरामद नहीं हुए हैं।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में शादीशुदा गर्लफ्रेंड के साथ सुसाइड करने वाले विरेन का एक और वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में विरेन अपनी गर्लफ्रेंड शिल्पा नहीं, बल्कि दूसरी महिला के साथ बातें करता दिख रहा है। ये महिला गांधी नगर की रहने वाली है। पुलिस ने इस महिला के खिलाफ ही केस दर्ज किया है। पहली वीडियो में ये महिला दावा करती है कि वो इन्हें जानती नहीं है, लेकिन घटना के एक दिन पहले ये महिला विरेन से स्कूटी पर मिलने जाती है। वो खुद विरेन को फोन करके बुलाती है। सड़क पर ही दोनों के बीच बातचीत होती है। बातचीत के बाद विरेन अपनी बाइक पर महिला के साथ चला जाता है। इस महिला के साथ भी विरेन का कनेक्शन इस महिला ने विरेन को थप्पड़ मारने की कोशिश भी की। पुलिस के मुताबिक, विरेन का इस महिला के साथ भी कनेक्शन था। मामले को लेकर पुलिस जल्द ही खुलासा भी करेगी। झांसा रोड की पार्किंग में जहरीला पदार्थ निगलने के बाद सामने वीडियो भी सामने आया था। जिसमें वीरेन इस महिला पर आरोप लगा रहा था, जबकि महिला कहती नजर आ रही है- वह उसे नहीं जानती। वीरेन से मिलने आई थी महिला वीडियो के मुताबिक, महिला 1 सितंबर करीब सवा एक बजे स्कूटी पर विरेन से मिलने आती है। यहां आते ही उसने स्कूटी रोककर विरेन को फोन किया। कुछ देर बाद विरेन फोन सुनते हुए बाहर आता है और उस महिला के पास चला जाता है। दोनों के बीच रास्ते में करीब 3 मिनट तक बातचीत होती है। थप्पड़ मारने की कोशिश कीइस दौरान महिला ने विरेन को थप्पड़ मारने की कोशिश करती है, लेकिन विरेन डर से पीछे हो जाता है। हालांकि इसके बाद भी दोनों बातचीत करते रहते हैं। इस कोशिश के बाद भी विरेन उससे 2 मिनट तक बात करता रहता है। बातचीत खत्म होने के बाद विरेन वापस आता है, लेकिन महिला अपनी स्कूटी पर ही रहती है। बाइक लेकर महिला के साथ चला गया विरेन इसके बाद विरेन अपनी बाइक की तरफ आता है और बाइक को मोड़कर चलने लगता है। इसी दौरान महिला भी उसके साथ अपनी स्कूटी पर चली जाती है। विरेन के चाचा राजिंद्र कुमार ने पुलिस को शिकायत में इस बात को बताया था कि महिला ने विरेन को थप्पड़ मारने की कोशिश की थी और विरेन पीछे हट जाता है। अगले दिन पार्किंग में भी पहुंची महिला अगले दिन यानी 2 सितंबर को वीरेन और शिल्पा झांसा रोड की पार्किंग में आए थे। इस दौरान महिला भी आई थी। यहां तीनों के बीच झगड़ा होने लगा, तभी वीरेन और शिल्पा ने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जहरीला पदार्थ निगलने के बाद वीरेन का पहला वीडियो सामने आया। वीरेन की साइड में बेसुध हालत में शिल्पा भी पड़ी नजर आ रही है। इसमें वीरेन उसी महिला की ओर इशारा कर कहता है- इसी के चक्कर में दवाई खाई है। महिला बोली- वीरेन को नहीं जानती वीरेन ने कहा कि हम दोनों रिलेशन में थे। हम इकट्ठे रहना चाहते थे। मरना भी एकसाथ ही चाहते थे। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति फोन का कैमरा उस युवती की ओर करता है। जिस पर वह कहती है- मेरा घर भी है। परिवार है। मेरी रिकॉर्डिंग मर करों। मैं इस युवक को जानती भी नहीं।
मंडला जिले के नैनपुर क्षेत्र के बंधा गांव में गुरुवार रात कार तेज बहाव में बह गई। पुलिया निर्माणाधीन होने के बावजूद तीन युवक कार निकालने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को सुरक्षित बचा लिया। जानकारी के अनुसार, नैनपुर निवासी दुष्यंत, आयान और विपिन अपनी आर्टिगा कार से नैनपुर की ओर आ रहे थे। बंधा गांव में पुलिया का निर्माण चल रहा है और नाले में पानी का बहाव काफी तेज था। मौके पर मौजूद ग्रामीण तीनों युवकों को बचाया इसके बावजूद, युवकों ने कार से पुलिया पार करने की कोशिश की। इसी दौरान, पानी के तेज बहाव में कार बहने लगी और कुछ दूर जाकर बंद होकर फंस गई। इससे कार में सवार तीनों युवकों की जान खतरे में पड़ गई। घटना देखते ही मौके पर मौजूद ग्रामीण तुरंत मदद के लिए पहुंचे। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर कार में फंसे तीनों युवकों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस और 112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बाद में ग्रामीणों के सहयोग से कार को भी बंधा नाले से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। स्थानीय लोगों की समय पर मदद मिलने से एक बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने बाढ़ के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
उन्नाव में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही का मामला सामने आया है। बिछिया विकासखंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवरना में गुरुवार सुबह जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के औचक निरीक्षण में स्कूल के सभी कमरों में ताले लगे मिले। विद्यालय में न प्रधानाध्यापक मौजूद थे और न ही कोई शिक्षक या कर्मचारी। इस दौरान कुछ छात्र-छात्राएं स्कूल परिसर में घूमते मिले। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार पांडेय ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है। वहीं तीन सहायक शिक्षकों का सितंबर महीने का वेतन और दो अनुदेशकों का मानदेय रोक दिया गया है। सुबह 8:30 बजे स्कूल में लगा था ताला DIOS ने 3 सितंबर को सुबह करीब 8:30 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय नेवरना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय के सभी कमरे बंद मिले। मौके पर कोई शिक्षक या कर्मचारी मौजूद नहीं था। कुछ छात्र-छात्राएं परिसर में मौजूद थे, लेकिन स्कूल में पढ़ाई का माहौल नहीं था। निरीक्षण के दौरान छात्र सनी ने DIOS को बताया कि स्कूल खोलने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक श्रीनाथ ने उसे दी है। छात्र के इस बयान से अधिकारी भी हैरान रह गए। छात्र को सौंप दी स्कूल की चाबी विद्यालय में प्रधानाध्यापक समेत कुल छह अध्यापक कार्यरत बताए गए हैं। इसके बावजूद निरीक्षण के समय पूरा स्टाफ गैरहाजिर मिला। विभागीय पत्र में कहा गया है कि सुबह 8:30 बजे तक प्रधानाध्यापक और सभी शिक्षकों की अनुपस्थिति गंभीर लापरवाही है। पत्र के अनुसार विद्यालय की चाबी किसी छात्र को सौंपना शिक्षक आचरण नियमावली के विपरीत है। विभाग ने माना है कि इस तरह की लापरवाही से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ की स्थिति बनती है। प्रधानाध्यापक निलंबित, वेतन-मानदेय रोका मामले में BSA शैलेश कुमार पांडेय ने प्रधानाध्यापक श्रीनाथ को निलंबित कर दिया है। वहीं तीन सहायक शिक्षकों का सितंबर 2026 का वेतन और दो अनुदेशकों का मानदेय रोक दिया गया है। विभाग ने सभी संबंधित कर्मचारियों को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। तीन दिन में देना होगा साक्ष्य सहित जवाब सभी कर्मचारियों को पत्र मिलने के तीन दिन के भीतर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। विभाग ने पूछा है कि विद्यालय बंद मिलने और उसकी चाबी छात्र को सौंपने के मामले में उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। अधिकारियों के मुताबिक, कर्मचारियों के स्पष्टीकरण और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
उत्तराखंड के पहाड़ों पर इलाज को मिलेगी 5जी की रफ्तार, स्पेशलिस्ट डॉक्टर एंबुलेंस में ही होंगे कनेक्ट
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में 5जी एंबुलेंस गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ उपचार दिलाने में कारगर साबित हो सकती हैं।
लखीमपुर खीरी में गोमती नदी किनारे खनन से बने करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में डूबने से 12 वर्षीय रोशनी की मौत हो गई। वह सहेली आंचल के साथ बकरी चराने गई थी। दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं। ग्रामीणों ने आंचल को तो सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन रोशनी की जान नहीं बचाई जा सकी। हादसे के बाद खनन की अनुमति और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बरगदिया निवासी हरिओम के खेत में करीब तीन बीघे जमीन पर जेसीबी से गहरी खोदाई कर बालू निकाली गई थी। खनन के बाद गड्ढों को न तो भरा गया और न ही जमीन को समतल किया गया। बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर गया। ग्रामीणों का कहना है कि खुले गड्ढों के आसपास सुरक्षा के लिए न बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। पानी भरने के बाद ये गड्ढे बच्चों और पशुओं के लिए खतरा बन गए। सहेली को बचाया, रोशनी की नहीं बची जान सहोरा गांव निवासी रोशनी बकरी चराने के दौरान अपनी सहेली आंचल के साथ नदी किनारे पहुंची थी। दोनों पानी से भरे गड्ढे में गिर गईं। आसपास मौजूद ग्रामीणों को जानकारी हुई तो उन्होंने बचाव की कोशिश शुरू की। आंचल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन रोशनी को नहीं बचाया जा सका। घटना के बाद ग्रामीणों में खनन कराने वालों के खिलाफ नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि गड्ढों को समय रहते भर दिया जाता तो हादसा नहीं होता। अनुमति थी तो मानक क्यों नहीं अपनाए गए? हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल खनन की अनुमति को लेकर है। यदि यहां खनन की अनुमति थी तो क्या खोदाई निर्धारित मानकों के अनुसार हुई? यदि खनन अवैध था तो इतनी बड़ी जमीन पर जेसीबी से खोदाई कैसे होती रही और इसकी निगरानी क्यों नहीं की गई? ग्रामीणों ने खनन स्थल की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि खनन की अनुमति, क्षेत्रफल और गहराई की जांच के साथ जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। तीन लोगों पर खनन कराने का आरोप ग्रामीणों ने औरंगाबाद निवासी राजा, अल्तमश और बरगदिया निवासी मक्खन पर खनन कराने का आरोप लगाया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासन की जांच के बाद ही खनन कराने वालों और इसकी वैधता की स्थिति स्पष्ट होगी। खेत मालिक के आने के बाद खुलेगा खनन की अनुमति का राज एएसपी पश्चिमी अमित कुमार राय ने बताया कि मामले में खेत के मालिक को बुलाया गया है। फिलहाल वह बाहर हैं। उनके आने के बाद पूछताछ की जाएगी कि खेत में खनन किसने कराया था और इसके लिए अनुमति ली गई थी या नहीं। एएसपी ने कहा कि खेत मालिक से पूछताछ और जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि खनन वैध था या अवैध। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों की मांग- खुले गड्ढे तत्काल भरवाए जाएं हादसे के बाद ग्रामीणों ने खुले खनन गड्ढों को तत्काल भरवाने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इलाके में ऐसे अन्य गड्ढों को भी चिह्नित कर सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बच्चे या पशु के साथ ऐसा हादसा न हो। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की जांच पर है। हादसे में एक बच्ची की जान जाने के बाद यह भी सवाल है कि जिम्मेदारी तय होने के साथ खुले खनन गड्ढों को लेकर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था कब की जाएगी।
इंदौर में बदला मौसम, आधी रात से बारिश जारी:सुबह तक आधा इंच पानी गिरा; कोटा पूरा करने 18 इंच और चाहिए
इंदौर में अगस्त में बारिश की कमी से परेशान इंदौर में सितंबर की शुरुआत के साथ मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। गुरुवार आधी रात के बाद से शहर में रुक-रुककर बारिश हो रही है। शुक्रवार सुबह भी कुछ देर तेज बारिश हुई, जिससे लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद बंधी, लेकिन बाद में बारिश की रफ्तार धीमी हो गई। कई इलाकों में बारिश थम भी गई। शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक शहर में करीब आधा इंच बारिश दर्ज की गई। इसे मिलाकर इस सीजन में इंदौर में 19 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों ने शुक्रवार को इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बारिश के आसार जताए हैं। सुबह की बारिश के बाद शहर में बादल छाए हुए हैं। अगस्त में पूरे महीने सिर्फ 2 इंच बारिश अगस्त में इंदौर में बारिश बेहद कम हुई। पूरे महीने करीब 2 इंच बारिश ही दर्ज की गई। इससे सीजन की कुल बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे रह गई। अब सितंबर में मौसम के बदले रुख से बारिश की उम्मीद बढ़ी है। इंदौर जिले में बारिश के सीजन के करीब 25 दिन अभी बाकी हैं। मौजूदा आंकड़े के बावजूद सीजन का कोटा पूरा करने के लिए करीब 18 इंच और बारिश की जरूरत है। सितंबर में 30 इंच बारिश का रिकॉर्ड सितंबर इंदौर में अच्छी बारिश वाला महीना माना जाता है। शहर में सितंबर की सर्वाधिक करीब 30 इंच बारिश का रिकॉर्ड 1954 में बना था। वहीं 20 सितंबर 1987 को 24 घंटे में करीब पौने 7 इंच बारिश दर्ज की गई थी। इस बार 15 दिन या ज्यादा बारिश की उम्मीद आमतौर पर सितंबर में इंदौर में करीब 8 दिन बारिश होती है। इस बार मौसम के मौजूदा रुख को देखते हुए 15 या उससे अधिक दिन बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो अगस्त की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है और सीजन के बारिश के आंकड़े में सुधार आने की उम्मीद है।
हुसैनीवाला बॉर्डर पर किसान गेंदा फूल की खेती से रोजाना कमा रहे 1,500 रुपये
हुसैनीवाला बॉर्डर पर किसान गेंदा फूल की खेती से रोजाना कमा रहे 1,500 रुपये
मेरठ में युवक ने की अंधाधुंध फायरिंग:पत्नी, साले को लगी गोली, बुरी तरह घायल
मेरठ में गुरुवार रात लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के श्याम नगर में एक युवक ने शराब के नशे में अंधाधुंध फायरिंग कर दी। फायरिंग में गोली उसकी पत्नी और अपने ही साले को लग गई। दोनों बुरी तरह घायल हैं।फायरिंग का कारण घरेलू कलह और पत्नी से झगड़ा बताया जा रहा है। सूचना पर पहुंची थानापुलिस ने मामले को शांत कराया और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा। मायके वालों को देखकर भड़का पति घटना गुरुवार रात लगभग 11.30 बजे की है। जब दानिश नामक युवक ने अपने ससुराल पहुंचे मायके वालों पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। दानिश ने 6 से ज्यादा गोलयां चला दीं। हाथापाई में गोली दानिश की पत्नी शिफा के हाथ में लगी। जबकि एक गोली दानिश के साले मोहम्मद फैज के पेट में जा लगी। गोली लगने से फैज बुरी तरह घायल हो गया। पति, पत्नी के बीच हुआ था झगड़ा साले को घायल देख दानिश मौके से फरार हो गया। वहीं घरवालों ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया और पुलिस को बुलाया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू की इसके बाद पुलिस आरोपी दानिश की तलाश में जुट गई है। पत्नि के हाथ, साले के पेट में लगी गोली बताया गया कि ब्रहमपुरी भूमिया पुल के रहने वाले शादाब ने बताया कि शिफा उसकी भतीजी है। जिसकी शादी 10 साल पहले श्याम नगर निवासी दानिश से हुई थी। दोनों में कुछ समय से विवाद चल रहा है। गुरुवार रात किसी बात पर दानिश ने शिफा के साथ मारपीट कर दी। घटना की जानकारी घरवालों को हुई तो वो बीचबचाव करने मौक्े पर पहुंचे। इस बात पर दानिश ने फायरिंग कर दी। गोली पत्नी और साले को लग गई। पुलिस ने लिखा मुकदमा सीओ कोतवाली संग्राम सिंह का कहना है कि मामले की जांच कर परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा लिखा गया है।
उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर सीपी राधाकृष्णन आज पंजाब यूनिवर्सिटी के दाैरे पर हैं।
गिरिडीह में इंस्टाग्राम पर शुरू हुए प्रेम-प्रसंग का खौफनाक अंत सामने आया है। बिहार के जमुई जिले के 16 वर्षीय किशोर मिथुन कुमार की बेंगाबाद थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में धारदार हथियार से काटकर हत्या कर दी गई। साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपियों ने शव के टुकड़े किए, पहले उसे जलाने की कोशिश की और फिर घर के पीछे खजूर के पेड़ के पास जमीन में गाड़ दिया। चार दिन बाद जब कुत्तों ने जमीन खोदकर शव का एक पैर बाहर खींच लिया और बदबू फैली, तब इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाएपुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमिका, उसके पिता जगदीश दास और मां को हिरासत में ले लिया है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। मृतक के परिजनों के अनुसार जमुई के मोरियाडीह निवासी मिथुन का पहाड़पुर की लड़की से एक साल से संपर्क था। आरोप है कि रविवार को लड़की ने फोन कर मिथुन को अपने घर बुलाया, जिसके बाद वह लापता हो गया। परिजन चार दिन से उसकी तलाश कर रहे थे। जब वे पहाड़पुर पहुंचे, तब कटे पैर मिलने की बात सामने आई। आशंका है कि घर के भीतर ही धारदार हथियार से किशोर की हत्या की गई। आरोपी के कमरे के अंदर भी खून के धब्बे मिले हैं। हत्या और शव को दफनाने के बाद आरोपी परिवार बेफिक्र होकर घर में ही रह रहा था। तीन-चार दिन बाद शव से दुर्गंध उठने लगी। इसी बीच जंगली जानवरों या कुत्तों ने गड्डा खोदकर शव का पैर बाहर खींच लिया। सुबह ग्रामीणों की नजर जमीन से बाहर निकले पैर पर पड़ी, जिसके बाद भारी भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निकला शवएसडीपीओ जीतवाहन उरांव, सीओ सफी आलम, इंस्पेक्टर बम-बम कुमार सिंह और थाना प्रभारी अमन कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। सीओ की मौजूदगी में बतौर मजिस्ट्रेट जमीन खुदवाकर शव बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया। वारदात का पता चलते ही आक्रोशित परिजनों ने मौके पर हंगामा किया और मुख्य आरोपी जगदीश दास की पिटाई कर दी। पुलिस ने बीच-बचाव कर आरोपियों को सुरक्षित बाहर निकाला। दिल्ली में काम करता था मिथुन, 6 माह से था घर मेंमृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। वह पहले दिल्ली में काम करता था और बीते छह महीने से गांव शाम में ही रह रहा था। रविवार वह घर से निकला था। प्रथम दृष्टया यह मामला प्रेम-प्रसंग में हत्या का है। शव को काटकर जमीन में दफनाया गया था। लड़की और उसके माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं और फॉरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। हत्या में इस्तेमाल हथियार का पता लगाया जा रहा है। -जीतवाहन उरांव, एसडीपीओ, सदर गिरिडीह
रतलाम-इंदौर फोरलेन पर गुरुवार रात करीब डेढ़ बजे स्लीपर बस पलट गई। हादसा सातरुंडा के पास रत्तागिरी चौराहे से पहले हुआ। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। रतलाम और बदनावर से 3-4 एंबुलेंस बुलाकर घायलों को रात करीब 2 से ढाई बजे के बीच रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। कर्व टर्न पर पलटी बस, बारिश के दौरान हुआ हादसा हादसे के समय बारिश हो रही थी। जिस जगह बस पलटी, वहां सड़क पर कर्व टर्न है। शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तेज गति में होने के कारण बस मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलटी। इस स्थान पर पहले भी सड़क हादसे हो चुके हैं। हालांकि दुर्घटना का विस्तृत कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर, किसी की हालत गंभीर नहीं हादसे की सूचना मिलते ही बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज भेजा गया। पुलिस के अनुसार हादसे में किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है, हालांकि कुछ यात्रियों को फ्रैक्चर हुआ है। क्रेन की मदद से बस को सीधा किया रेस्क्यू के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी बस को सीधा कराने का काम शुरू किया। रतलाम के पुलिस अधिकारी भी रात में घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस बल सुबह करीब 4.30 बजे तक मौके पर मौजूद रहा और बस को सीधा कराने की कार्रवाई की।
पाली के POCSO कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 3 सितंबर को नाबालिग से रेप के मामले में फैसला सुनाया। कोर्ट ने 22 साल के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। आरोपी पीड़िता के भाई का दोस्त था और जनवरी 2025 में उसके भाई की शादी के दौरान घर आता-जाता था। इसी दौरान उसने 15 साल की नाबालिग से दोस्ती की और बाद में उसे अपने जाल में फंसा लिया। कोर्ट की विशिष्ट लोक अभियोजक उपमा रावल ने बताया - पीड़िता के पिता ने 13 मार्च 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि जनवरी 2025 में उनके बेटे की शादी थी। आरोपी उनके बेटे का दोस्त होने के कारण घर आता-जाता था। इसी दौरान उसने उनकी 15 साल की नाबालिग बेटी से सोशल मीडिया के जरिए बातचीत शुरू कर दी और उससे दोस्ती कर ली। नानी के घर गई तो बहला-फुसलाकर ले गया परिजनों के अनुसार मार्च 2025 में नाबालिग अपनी नानी के घर गई थी। आरोपी को इसकी जानकारी हुई तो वह उसे बहला-फुसलाकर अपने दोस्त के घर ले गया। वहां उसके साथ जबरदस्ती की। आरोपी ने उसके अश्लील फोटो और वीडियो भी बना लिए। इसके बाद किसी को घटना के बारे में बताने पर फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया। परिवार जोधपुर गया, घर में अकेली थी नाबालिग पीड़िता के पिता ने रिपोर्ट में बताया कि 29 जनवरी 2026 को परिवार के लोग बीमारी के कारण जोधपुर गए हुए थे। घर पर उनकी नाबालिग बेटी अकेली थी। 31 जनवरी को भी परिवार जोधपुर में ही था। इसी दौरान आरोपी दोपहर के समय घर में घुसा और नाबालिग को डरा-धमकाकर उसके साथ दोबारा रेप किया। पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद पाली POCSO कोर्ट संख्या-1 के न्यायाधीश निहालचंद ने 3 सितंबर 2026 को आरोपी को दोषी माना और 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 436 बसों के चालान किए:10 बसें जब्त; चेकिंग के बाद लिया एक्शन
दिल्ली में एक 16 वर्षीय लड़की के साथ बस के अंदर हुई दरिंदगी की घटना के बाद ग्रेटर नोएडा ट्रैफिक पुलिस ने यात्री बसों के खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत गुरुवार को शहर और एक्सप्रेसवे पर चलने वाली बसों की सघन जांच की गई। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाली 436 बसों के चालान किए गए, जबकि 10 बसों को जब्त कर लिया गया। ट्रैफिक पुलिस ने स्लीपर बसों, दिल्ली-नोएडा होकर यमुना एक्सप्रेसवे जाने वाली बसों और विभिन्न ट्रांसपोर्ट कंपनियों की यात्री बसों को जांच के दायरे में लिया। इस दौरान बसों में सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की उपलब्धता और यात्रियों की सुविधा से जुड़े नियमों की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक, जिन बसों में सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले, पर्दे लगाकर बसों का संचालन किया जा रहा था या महिलाओं के लिए प्राथमिकता और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन नहीं किया जा रहा था, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। डीसीपी ट्रैफिक अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि यात्री बसों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभियान लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। इसमें कुल 436 बसों के चालान किए गए और मानकों का पालन न करने वाली 10 बसों को जब्त किया गया। पुलिस ने बस एसोसिएशन के पदाधिकारियों के साथ भी बैठक की है। उन्हें साफ निर्देश दिए गए हैं कि सिर्फ मानकों के अनुरूप ही बसें सड़क पर चल पाएंगी, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जन सुराज पार्टी के मुखिया Prashant Kishor ने गया में शिक्षकों से संवाद कर बिहार को ज्ञान की भूमि बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उनके समर्थक भी चुनाव में जाति-धर्म के आधार पर बंट जाते हैं, जबकि शिक्षा ही राज्य का भविष्य है।
पूर्व तट रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के समय में बदलाव किया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले संशोधित समय-सारिणी की जांच अवश्य कर लें।
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी वर्षा और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिससे 95 सड़कें बंद हो गई हैं।
सीतापुर में महमूदाबाद के शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य एवं शैक्षिक नवाचार के लिए महमूदाबाद ब्लॉक के दो शिक्षकों अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत को इस वर्ष जिले स्तर पर उत्कृष्ट शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। दोनों शिक्षकों के चयन की खबर से विद्यालय परिवार एवं क्षेत्र में खुशी का माहौल है। प्राथमिक विद्यालय भूसना के शिक्षक अरुण कुमार तथा कंपोजिट विद्यालय देवसराय के शिक्षक कुलदीप राजपूत ने विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों की शिक्षा, सहभागिता और उपस्थिति बढ़ाने के लिए लगातार विभिन्न प्रयास किए हैं। उनके शैक्षिक नवाचारों और समर्पण को देखते हुए उन्हें इस सम्मान के लिए चयनित किया गया है। इस वर्ष दोनों शिक्षकों ने शिक्षक इस्लाम सर के साथ मिलकर बेसिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो’ गीत भी तैयार किया। यह गीत प्रदेश स्तर पर काफी पसंद किया गया और बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के अभियान में उपयोगी पहल के रूप में सामने आया। शिक्षक अरुण कुमार और कुलदीप राजपूत का कहना है कि विद्यालय में बच्चों की नियमित उपस्थिति, बेहतर शिक्षण और उनकी प्रतिभा को निखारना उनकी प्राथमिकता है। दोनों शिक्षक विद्यालय स्तर पर लगातार नए प्रयोग करते हुए बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने का प्रयास करते हैं। उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए मिलने वाला यह सम्मान न केवल दोनों शिक्षकों के लिए गौरव की बात है, बल्कि क्षेत्र के अन्य शिक्षकों के लिए भी प्रेरणादायी माना जा रहा है।
फतेहाबाद के टोहाना में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर फूलों की वर्षा के साथ निकली भव्य प्रभात फेरी
फतेहाबाद के टोहाना में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर फूलों की वर्षा के साथ निकली भव्य प्रभात फेरी
पानीपत दमकल केंद्र के अग्निशामक रणबीर की सेवाएं अवैध हड़ताल में शामिल होने और बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने के कारण समाप्त कर दी गई हैं।
देशभर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। मंदिरों में कान्हा के जन्म की तैयारियां हैं, लेकिन बुलंदशहर के अहार की पहचान कृष्ण जन्म की नहीं, बल्कि श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह से जुड़ी स्थानीय मान्यता के कारण अलग है। गंगा किनारे बसे इस क्षेत्र में कई ऐसे मंदिर, कुंड और प्राचीन पेड़ हैं, जिन्हें स्थानीय लोग कृष्ण-रुक्मिणी की कथा से जोड़कर देखते हैं। दिल्ली से करीब 125 किलोमीटर और बुलंदशहर से करीब 45 किलोमीटर दूर अहार गंगा किनारे बसा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में इसे कुंदनपुर कहा जाता था और यह राजा भीष्मक की राजधानी थी। उनकी बेटी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण की भक्त थीं। अहार का अवंतिका देवी मंदिर और उसके पीछे स्थित रुक्मिणी कुंड आज भी इस कथा की याद दिलाते हैं। कहा जाता है कि रुक्मिणी मां अवंतिका देवी की पूजा करने के लिए सुरंग के रास्ते मंदिर आती थीं। जब उनका विवाह शिशुपाल से तय किया गया तो उन्होंने श्रीकृष्ण को संदेश भेजकर उन्हें अपना पति बनाने की इच्छा जताई। मान्यता है कि इसके बाद श्रीकृष्ण कुंदनपुर पहुंचे और रुक्मिणी को अपने साथ ले गए। बाद में दोनों का विवाह हुआ। अहार में आज भी इस पूरी कथा से जुड़ी कई धार्मिक मान्यताएं लोगों की आस्था का हिस्सा हैं। अवंतिका देवी मंदिर और रुक्मिणी कुंड से जुड़ी कथा अहार स्थित अवंतिका देवी मंदिर को स्थानीय लोग कृष्ण-रुक्मिणी की कथा का महत्वपूर्ण स्थल मानते हैं। मान्यता है कि रुक्मिणी यहां मां अवंतिका देवी की पूजा करने आती थीं। मंदिर के पीछे स्थित रुक्मिणी कुंड को भी उनकी कहानी से जोड़कर देखा जाता है। स्थानीय लोगों के बीच प्रचलित कथा के अनुसार, रुक्मिणी मंदिर तक पहुंचने के लिए सुरंग का इस्तेमाल करती थीं। यही वजह है कि मंदिर और कुंड आज भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र बने हुए हैं। शिशुपाल से विवाह तय हुआ तो कृष्ण को भेजा संदेश स्थानीय मान्यता के अनुसार, राजा भीष्मक की बेटी रुक्मिणी का विवाह शिशुपाल से तय किया जा रहा था। रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मानती थीं। उन्होंने कृष्ण तक अपना संदेश पहुंचाकर उनसे विवाह करने की इच्छा जताई। कथा के मुताबिक, रुक्मिणी के संदेश के बाद श्रीकृष्ण कुंदनपुर पहुंचे और उन्हें अपने साथ ले गए। बाद में दोनों का विवाह हुआ। इसी घटना को अहार से जोड़कर यहां के लोग सदियों से धार्मिक आस्था के रूप में देखते आए हैं। त्रिलोकीनाथ और लक्ष्मीनारायण मंदिर भी कथा से जुड़े अहार में मौजूद त्रिलोकीनाथ मंदिर और लक्ष्मीनारायण मंदिर को भी स्थानीय लोग श्रीकृष्ण-रुक्मिणी की कथा से जोड़ते हैं। इन स्थलों को लेकर अलग-अलग धार्मिक मान्यताएं प्रचलित हैं। अहार में कथा से जुड़े कई स्थानों का एक-दूसरे से संबंध बताया जाता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां आने वाले श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के साथ इन स्थानों को भी देखते हैं। गांवों के नाम भी विवाह की रस्मों से जोड़कर देखे जाते हैं अहार क्षेत्र के मौहरसा, बामनपुर और दरावर समेत कई गांवों के नामों को भी स्थानीय लोग श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की रस्मों से जोड़कर देखते हैं। इन गांवों को लेकर अलग-अलग स्थानीय मान्यताएं हैं, जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों के बीच सुनाई जाती रही हैं। गंगा किनारे मौजूद प्राचीन खिन्नी और कदम के पेड़ों को भी कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की कथा से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक आस्था के कारण ये स्थान स्थानीय लोगों के लिए विशेष महत्व रखते हैं। जन्माष्टमी पर गंगा स्नान, फिर अवंतिका देवी के दर्शन जन्माष्टमी के मौके पर अहार में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। लोग गंगा में स्नान करने के बाद मां अवंतिका देवी के मंदिर पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना करते हैं। पर्व के दौरान मंदिर और आसपास का क्षेत्र धार्मिक गतिविधियों से गुलजार रहता है। देशभर में जहां जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है, वहीं अहार की धरती पर कृष्ण-रुक्मिणी के विवाह से जुड़ी स्थानीय मान्यताएं लोगों की आस्था को एक अलग पहचान देती हैं। मंदिर, कुंड, पेड़ और गांवों से जुड़ी ये कथाएं आज भी यहां की धार्मिक परंपरा और लोकविश्वास का हिस्सा बनी हुई हैं।
केंद्र सरकार और किसानों के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को दूर करने की दिशा में गुरुग्राम में केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर और संयुक्त किसान मोर्चा ( गैर राजनीतिक) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के बीच रात 11 बजे तक मैराथन बैठक चली। लगभग 4 घंटे तक चली इस बैठक में देशभर के अलग-अलग राज्यों से आए 13 किसान प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और अपनी 10 मुख्य मांगों का एक विस्तृत चार्टर केंद्रीय मंत्री को सौंपा। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने दावा किया कि किसानों की मांगों पर अलग-अलग मंत्रियों से बात कर करके उन्हें जल्द से जल्द पूरा करवाया जाएगा और किसान फिलहाल संतुष्ट हैं। वहीं किसान नेताओं का कहना है कि अभी आश्वासन मिला है, लेकिन किसान तब संतुष्ट होंगे, जब मांगों को पूरा किया जाएगा, लेकिन इस बार सरकार से पॉजिटिव रिस्पांस मिला है। हर प्वाइंट पर गंभीर चर्चा संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक जगदीप सिंह डल्लेवाल ने बताया कि बातचीत बेहद गंभीर और विस्तृत रही। चार्टर में शामिल हर एक प्वाइंट पर विस्तार से चर्चा हुई। 4 घंटे के इस लंबे संवाद में किसानों की समस्याओं, उनकी आशंकाओं और सरकार के रुख को लेकर आमने-सामने की बातचीत हुई। बैठक में मुख्य रूप से भारत-अमेरिका ट्रेड डील, एमएसपी की कानूनी गारंटी, कृषि क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, स्मार्ट मीटर और बिजली सब्सिडी जैसे गंभीर मामलों पर चर्चा की गई। किसान प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री के सामने अपनी जिन 10 प्रमुख मांगों को रखा, उनमें से कुछ बेहद संवेदनशील विषयों पर सरकार की तरफ से सकारात्मक संकेत मिले हैं। अभी आश्वासन मिला है इस बारे में सचिव हरदीप सिंह गिल ने बताया कि अभी हमें केवल आश्वासन मिला है, हमारी मांगें पूरी होने पर ही देश के किसान संतुष्ट होंगे। आने वाला टाइम ही बताएगा कि क्या वाकई किसान हित में फैसले लिए गए हैं या नहीं। अगर अगले 5 से 10 दिनों के भीतर हमारी 2-4 प्रमुख डिमांड्स भी पूरी हो जाती हैं, तो हमें यह विश्वास होगा कि सरकार सचमुच किसान हित में काम कर रही है। किसानों की प्रमुख मांगें और सरकार का रुख भारत-अमेरिका ट्रेड डील से कृषि और डेयरी को बाहर रखने की मांग: किसानों को डर है कि इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौते से भारतीय किसानों और डेयरी उद्योग को भारी नुकसान हो सकता है। इस पर सरकार ने बड़ा आश्वासन देते हुए कहा है कि एग्रीकल्चर और डेयरी को इस डील से बाहर रखा जाएगा और सरकार जल्द ही इस संबंध में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करेगी। एमएसपी पर बातचीत का भरोसा: न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर रेट देने की किसानों की पुरानी डिमांड थी। केंद्रीय मंत्री ने इस पर कहा कि वे कृषि मंत्रालय से बात करके किसानों और विभाग के बीच सीधे नेगोशिएशन कराएंगे। एचटी ट्रांसमिशन लाइन का मुआवजा: देश भर में किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन बिजली लाइनों के मुआवजे को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की तरफ से भरोसा दिया गया है कि मुआवजे की एक नई पॉलिसी बनाई जाएगी जो पूरी तरह से किसान हित में होगी। मुकदमे वापस लेने की मांग: आंदोलन के दौरान देशभर में किसानों पर दर्ज किए गए सभी पुलिस मामलों और मुकदमों को पूरी तरह से वापस लेने की बात भी पुरजोर तरीके से उठाई गई। किसान नेताओं ने कहा कि यह काम 8-10 में पूरा हो जाता है, तो ये बातचीत सफल मानी जा सकती है। 2013 का भूमि अधिग्रहण कानून दोबारा लागू हो: जमीन अधिग्रहण करने से पहले 75% किसानों की लिखित सहमति ली जाने, किसानों को मार्किट रेट से 4 गुणा मुआवजा देने एवम प्राथमिकता के तौर पर बंजर भूमि का अधिग्रहण करने जैसे प्रावधानों को पुनः लागू किया जाए। इस पर सरकार जल्द फैसला लेगी।
अब देहरादून में अब नहीं चलेगी मनमानी, ड्रोन की नजर से ढूंढे जाएंगे अवैध निर्माण
एमडीडीए अब देहरादून में अवैध निर्माणों की निगरानी ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी के माध्यम से करेगा, जिससे जीआइएस आधारित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा।
लक्सर में एक धार्मिक कार्यक्रम से बहला-फुसलाकर ले जाई गई किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है।
औरैया के बेला थाना क्षेत्र के बरौली गांव में शुक्रवार सुबह एक सफाईकर्मी का शव बबूल के पेड़ पर लटका मिला। मृतक की पहचान राजेश (30) पुत्र बबलू के रूप में हुई है। वह गुरुवार सुबह मल्होसी स्थित ग्रामीण बैंक में सफाई करने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वापस घर नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्हें बराहदेवी से कंधिया जाने वाले कच्चे मार्ग के किनारे बबूल के पेड़ पर राजेश का शव लटका दिखाई दिया। यह स्थान उसके घर से करीब दो किलोमीटर दूर है। राजेश के गले में रस्सी का फंदा लगा हुआ था। ग्रामीणों ने घटना की जानकारी तत्काल परिजनों और डायल 112 पुलिस को दी। सूचना पर डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और बेला थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव उतारकर शुरू की जांच सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक अमर बहादुर सिंह और पूर्वा सुजान चौकी इंचार्ज संतोष कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतारा और घटनास्थल की जांच की। परिजनों से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को चिचौली स्थित पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। घटना के बाद मृतक की मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा। शराब पीने का आदी था मृतक थाना प्रभारी निरीक्षक अमर बहादुर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक शराब पीने का आदी था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंजाब चुनाव से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 'दिमागी नक्सल' शब्द पर सवाल उठाते हुए पीएम मोदी से स्पष्टीकरण मांगा है।
कानपुर में पांडु नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे बर्रा-8 कच्ची बस्ती, वरुण बिहार, मायापुरम और रविदास पुरम में पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया है। कहीं 4 फीट तक पानी भरा है तो कहीं आंगन में खड़ी बाइक डूब गई हैं। घरों में पानी भरने से लोगों ने ताला लगाया और सड़क किनारे टेंट लगाकर रहने लगे। वरुण बिहार की सड़क पर अब बाढ़ प्रभावित परिवारों का अस्थायी घर बस गया है। किसी टेंट में बिस्तर लगा है तो कहीं राशन और जरूरी सामान रखा है। दिनभर लोग पानी से घिरे अपने घरों में जाकर बचा हुआ सामान निकाल रहे हैं। हालात का जायजा लेने दैनिक भास्कर की टीम मौके पर पहुंची। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… देखिए 4 तस्वीरें… रवि शंकर राजपूत बोले- घरों में पानी भरने से सारा सामान बर्बाद हो गया रवि शंकर राजपूत ने बताया- पांडु नदी का पानी हमारे घर में घुस गया है। घर का सारा सामान डूब गया है और रहने के लिए भी कोई जगह नहीं बची है। मजबूरी में हम लोग सड़क किनारे टेंट लगाकर रह रहे हैं। निचले हिस्सों में बने घरों के कमरों तक पानी पहुंच गया है। कपड़े, बिस्तर, राशन और घर का बाकी सामान पानी में डूब चुका है। कई लोगों की महीनों और वर्षों की जमा गृहस्थी बर्बाद हो गई है। जो सामान बचाया जा सकता है, लोग उसे किसी तरह घरों से बाहर निकाल रहे हैं। सड़क पर टेंट लगाकर लोग रात गुजार रहे वरुण बिहार के लोगों ने बताया- घर में पानी भरने के बाद वहां रहना मुश्किल हो गया है। इसलिए घर में ताला लगाकर परिवार के साथ सड़क किनारे टेंट लगा लिया है। अब टेंट के नीचे ही दिन काटना और रात गुजारनी पड़ रही है। खाने-पीने के सामान और सोने की सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर भी हम लोग काफी परेशान हैं। बर्रा-8 में बेड से लेकर फ्रिज-सिलिंडर तक सड़क पर रखे हैं बर्रा-8 कच्ची बस्ती के लोगों ने बताया- यहां कई घरों में इतना पानी भर गया कि घर खाली करना पड़ा। हम लोग बेड, फ्रिज, सिलिंडर, राशन और बाकी घरेलू सामान बाहर निकाल रहे हैं। घर में पानी घुसने से राशन का काफी सामान खराब हो गया है। अब जो सामान बचा है, उसे लेकर किसी सुरक्षित जगह जाने की तैयारी कर रहे हैं। आरती बोलीं- घरों में पानी भर गया है, समझ नहीं आ रहा कहां जाएं? बर्रा-8 कच्ची बस्ती की रहने वाली आरती ने बताया- सारा सामान और राशन पानी में डूब गया है। पानी बढ़ने के बाद रात में ही बच्चों को लेकर घर से बाहर निकल आए और सड़क पर बैठे हैं। यहां कोई सुविधा नहीं है। सरकार की तरफ से भी अभी तक कोई मदद नहीं मिली है। अब किराए का मकान ढूंढ रहे हैं, लेकिन समझ नहीं आ रहा कि कहां जाएं। उन्होंने बताया- पानी बढ़ने के बाद कई परिवार घरों से निकलकर सड़क पर आकर बैठ गए हैं। घर में रहना मुश्किल हो गया है और जाने के लिए कोई सुरक्षित जगह भी नहीं मिल रही। संतोष बोले- कमरों तक पानी पहुंच गया है कच्ची बस्ती के रहने वाले संतोष ने बताया- अचानक बाढ़ आ गई। मौका मिला तो जितना सामान बचा सकते थे, निकाल लिया। आधी से ज्यादा गृहस्थी पानी में डूब गई है। कई घर पूरी तरह पानी की चपेट में हैं और निचले हिस्सों के मकानों में कमरों तक पानी पहुंच चुका है। कुछ घरों तक जाने का रास्ता भी नहीं बचा है। रहने से लेकर खाने तक का संकट पांडु नदी का पानी बढ़ने के बाद लोगों के सामने सिर्फ घरों में पानी भरने की समस्या नहीं है। अब रोजमर्रा की जिंदगी चलाना भी मुश्किल हो गया है। सड़क किनारे टेंट लगाकर रह रहे परिवारों के सामने रहने, सोने, खाने और जरूरी सामान को सुरक्षित रखने का संकट है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इन चार बस्तियों के 200 से ज्यादा परिवार प्रभावित हैं। फिलहाल लोग अपने स्तर पर घर खाली कर रहे हैं और बचा हुआ सामान सुरक्षित जगह पहुंचाने में जुटे हैं।
एएनटीएफ ने मादक पदार्थ तस्करी के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर भैराराम को पाली के तखतगढ़ से गिरफ्तार किया है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए दो साल में 6 राज्यों में करीब 16 ठिकाने बदलकर छिपता रहा। एएनटीएफ ने ‘ऑपरेशन मदभ्रमर’ के तहत सूचना तंत्र और निगरानी के आधार पर उसके किराए के मकान पर दबिश दी और उसे सोते हुए पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी करीब 15 दिन पहले फिर से डोडा-पोस्त तस्करी में सक्रिय हुआ था। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया - जालोर पुलिस अधीक्षक की ओर से भैराराम पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। एएनटीएफ की टीम उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों की लगातार जानकारी जुटा रही थी। इसी दौरान उसके तखतगढ़ क्षेत्र में छिपे होने की सूचना मिली। टीम ने निगरानी और सूचना तंत्र के आधार पर कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 2019 में तस्करी से जुड़ने का आरोप पुलिस के अनुसार भैराराम पांचवीं कक्षा तक पढ़ा है। पढ़ाई छोड़ने के बाद वह भेड़-बकरी चराने और खेती-बाड़ी का काम करने लगा। वर्ष 2019 में पिता की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी बढ़ गई। इसके बाद वह कथित तौर पर तस्करों के संपर्क में आया और डोडा-पोस्त तस्करी से जुड़ गया। शुरुआत में वह वाहन चालक के तौर पर डोडा-पोस्त की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था। पुलिस का दावा है कि उसे हर चक्कर के करीब 50 हजार रुपए मिलते थे। बाद में तस्करी से जुड़े लोगों से संपर्क बढ़ने पर वह खुद भी इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया। 2024 में पहला मामला दर्ज, मौके से हो गया था फरार पुलिस के मुताबिक वर्ष 2024 में आहोर थाना पुलिस ने डोडा-पोस्त की खेप ले जा रहे उसके साथियों को वाहन सहित पकड़ लिया था। इसी दौरान भैराराम मौके से फरार हो गया। इसके बाद वह दूसरे साथियों के साथ कथित तौर पर तस्करी में सक्रिय रहा। बाद में उसके एक अन्य साथी के पकड़े जाने और पूछताछ में उसका नाम सामने आने के बाद भैराराम ने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलना शुरू कर दिया। 6 राज्यों में बदले 16 ठिकाने एएनटीएफ के अनुसार करीब दो साल की फरारी के दौरान भैराराम ने हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर ठिकाने बनाए। राजस्थान में वह चित्तौड़गढ़, जयपुर, पाली और उदयपुर सहित कई शहरों में छिपता रहा। पुलिस की पकड़ से बचने के लिए वह किसी एक जगह लंबे समय तक नहीं रुकता था। पुलिस का दावा है कि आरोपी परिवार और तस्करी से जुड़े लोगों से संपर्क के लिए अपना मोबाइल इस्तेमाल करने से भी बचता था। वह कई बार राहगीरों या दूसरे लोगों के मोबाइल से बातचीत करता था, ताकि उसकी लोकेशन पुलिस तक नहीं पहुंच सके। 15 दिन पहले फिर तस्करी में सक्रिय हुआ एएनटीएफ के अनुसार करीब दो साल तक फरार रहने के बाद आरोपी ने लगभग 15 दिन पहले फिर से डोडा-पोस्त की तस्करी शुरू कर दी थी। इसके लिए उसने पाली के तखतगढ़ में किराए पर कमरा लिया और पहचान छिपाकर रहने लगा। इसी दौरान एएनटीएफ को उसके बारे में सूचना मिली। टीम ने सूचना तंत्र और निगरानी के आधार पर उसका ठिकाना तलाश लिया। गुरुवार को टीम ने किराए के मकान में दबिश देकर आरोपी को सोते हुए पकड़ लिया। एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने बताया कि कार्रवाई पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एमएन के मार्गदर्शन में की गई। एएनटीएफ ने इसे नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई में 90वीं बड़ी सफलता बताया है।
पटना के बेढ़ना गांव में चार युवकों की मौत के मामले में पुलिस की प्रेम-प्रसंग और जहर की थ्योरी पर सवाल उठ रहे हैं। जिस महिला का नाम उछाला गया, वह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मानहानि और एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ गई है।
Agra Weather Update: जन्माष्टमी पर छाए घने बादल, आगरा के लिए यलो अलर्ट जारी
जन्माष्टमी पर आगरा में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिससे भगवान श्रीकृष्ण का इंद्रदेव अभिषेक करेंगे। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार से रविवार तक तापमान में गिरावट के साथ अच्छी वर्षा होने की संभावना है, जो कई सालों बाद जन्माष्टमी पर हो रही है।
सिरोही नगर परिषद चुनाव में भाजपा को जीत मिली है। यहां वार्ड नंबर 10 से भाजपा उम्मीदवार पूजा माली निर्विरोध पार्षद चुनी गई हैं। गुरुवार को रिटर्निंग अधिकारी ने इसकी घोषणा की। रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) ने चुनाव नतीजे का घोषणा पत्र जारी किया। इस वार्ड में कोई और उम्मीदवार मैदान में नहीं था। इसलिए वोटिंग नहीं हुई और भाजपा उम्मीदवार जीत गई। वार्ड 10 से भाजपा का बिना मुकाबले के खाता खुलने से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में खुशी है। जीत की घोषणा होते ही समर्थकों ने पूजा माली को बधाई दी। इस निर्विरोध जीत से नगर परिषद बोर्ड में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो गई है। नगर निकाय चुनाव के तय कार्यक्रम के मुताबिक 3 सितंबर दोपहर 3 बजे तक नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख थी। जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने बताया कि सिरोही नगर परिषद में कई उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस लिए। कई उम्मीदवारों ने वापस लिए नामइनमें वार्ड नंबर 01 से शंकर सिंह राजपूत, वार्ड नंबर 03 से जेठमल जीनगर और रोहित कुमार खत्री, वार्ड नंबर 08 से जफ्फर खान और मुख्तियार खान, वार्ड नंबर 09 से किशन लाल, वार्ड नंबर 14 से फिरोज खान, वार्ड नंबर 17 से हेमन्त, वार्ड नंबर 18 से कृष्ण राणा और राजेन्द्र, वार्ड नंबर 20 से वीणा, वार्ड नंबर 24 से मुस्ताक अहमद, वार्ड नंबर 25 से पुरूषोत्तम सिंह, वार्ड नंबर 28 से लतिफा और वार्ड नंबर 32 से भुराराम शामिल थे। नगरपालिका शिवगंज में वार्ड सं. 03 से दिनेश कुमार/हनुवन्तराम, वार्ड सं. 06 से प्रकाशराज, शंकर लाल, वार्ड सं. 07 से नारायणलाल, किरण कुमार, तरूण कुमार, वार्ड सं. 10 से जसोदा देवी, वार्ड सं. 12 से ब्रिजेश शाह मेवाड़ा, वार्ड सं. 15 से चेतन कुमार, सुरेश कुमार, गोविन्द लाल, वार्ड सं. 21 से अचलदास दिवाकर, निलम परिहार एवं शंकरलाल, वार्ड सं. 22 से दिनेश गेहलोत/फाऊलाल, वार्ड सं. 24 से रजनी एवं रीता त्रिवेदी, वार्ड सं. 26 से नवाज शरीफ, वार्ड सं. 30 से लता, वार्ड सं. 32 से गोविन्द कुमार, वार्ड सं. से 35 संध्या सोनल ने अभ्यर्थिता वापस ली।नगरपालिका पिंडवाडा में वार्ड सं. 01 से अक्षय माली, वार्ड सं. 02 से तरूण कुमार मीना, वार्ड सं. 04 से आकिब जावेद व जावेद हुसैन, वार्ड सं. 06 से अर्जुन कुमार, वार्ड सं. 11 से हीरी बेन, वार्ड सं. 12 से पूर्णिमा देवी, वार्ड सं. 15 से अशोक कुमार, वार्ड सं. 16 छगनलाल व दिनेश कुमार, वार्ड सं. 17 से विनेश कुमार, रणजीत कुमार एवं प्रदीप कुमार, वार्ड सं. 18 से कनिया कुमारी व हुली देवी, वार्ड सं. 19 से चम्पत लाल, वार्ड सं. 21 से पुनीत, वार्ड सं. से 25 अरविन्द कुमार ने अभ्यर्थिता वापस ली।
वाराणसी में गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का असर लगातार गंभीर बना हुआ है। हालांकि शुक्रवार सुबह गंगा के जलस्तर में गिरावट के संकेत मिले हैं, लेकिन नदी अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर बह रही है। शहर के निचले इलाकों और वरुणा नदी के आसपास बसे मोहल्लों में बाढ़ का पानी पहुंचने से जनजीवन प्रभावित है। कई परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है। सुबह वाराणसी में तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे रही और आसमान में बादल छाए रहे। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 सितंबर तक मानसूनी बादल सामान्यतः कम दिखाई देंगे, जबकि 6 सितंबर की रात से 8 सितंबर के बीच हल्की से मध्यम और कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन खतरा बरकरार केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 70.67 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर में अब गिरावट शुरू हुई है, लेकिन नदी अभी भी चेतावनी बिंदु के ऊपर बह रही है। लगातार बढ़े जलस्तर के कारण खतरे के निशान और नदी के जलस्तर के बीच का अंतर कम होता जा रहा था, जिससे प्रशासन और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई थी। गंगा के बढ़े जलस्तर का असर सहायक नदियों वरुणा, गोमती और नाद पर भी दिखाई दे रहा है। इन नदियों के आसपास के इलाकों में पानी का दबाव बना हुआ है और कई बस्तियां बाढ़ की चपेट में हैं। वरूणा क्षेत्र में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थान पर लाते हैं - पंकज पंकज साहनी ने कहा - हम लोग इस समय नाव चलाकर वरुणा क्षेत्र में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं। जिन लोगों के घरों में पानी भर गया है या जो लोग बाढ़ के कारण अपने घरों में फंसे हुए हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। रोजाना करीब 100 से 150 लोगों को हम नाव के जरिए लाते-ले जाते हैं। सुबह से लेकर शाम तक लगातार हमारा यह काम चलता रहता है। इसमें कई ऐसे बच्चे भी हैं जिन्हें स्कूल जाना होता है, तो हम उन्हें स्कूल तक पहुंचाते हैं और वापस भी लाते हैं। वहीं, कई लोग अपने घरों में रखा जरूरी सामान लेने के लिए जाते हैं, उन्हें भी नाव से उनके घर तक पहुंचाया जाता है और सुरक्षित वापस लाया जाता है। हमारी कोशिश है कि बाढ़ के बीच किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को परेशानी न हो और वह सुरक्षित तरीके से अपने जरूरी काम कर सके। मारुति नगर में टूटा नाला, घरों में पहुंचा पानी गंगा के बढ़ते पानी का असर शहर के कई इलाकों में देखने को मिला। मारुति नगर में नाला टूटने से कई घरों तक पानी पहुंच गया, जिसके बाद इलाके में बिजली आपूर्ति भी बंद करनी पड़ी। लोगों को पानी के बीच दैनिक जरूरतों के लिए जूझना पड़ रहा है। नगवा स्थित रामेश्वर मठ का भूतल पानी में डूब गया। स्थिति को देखते हुए वहां रहने वाले बटुकों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है। वहीं गंगोत्री विहार के लेन नंबर एक में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। निचले इलाकों में रहने वाले लोग लगातार पानी बढ़ने और घरों में सामान खराब होने की चिंता में हैं। वरुणा नदी के किनारे बढ़ा बाढ़ का दायरा वरुणा नदी के बढ़ते प्रभाव के कारण बाढ़ प्रभावित मोहल्लों की संख्या 15 से बढ़कर 16 हो गई है। अब तक 330 परिवार अपने घर-मकान छोड़ चुके हैं। नदी के किनारे रहने वाले लोगों के लिए स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। पिपरहवा घाट के किनारे स्थित मकानों में भी पानी घुस गया है। लोगों को घरों से सामान निकालने और सुरक्षित स्थानों तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आने लगी हैं। स्थानीय स्तर पर सर्दी, खांसी और बुखार के मामले बढ़ने की बात सामने आई है। लंबे समय तक पानी और नमी के बीच रहने से लोगों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है।
चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण महानिदेशक के पद पर अब आईएएस अधिकारी के बजाय वरिष्ठ चिकित्सक प्रधानाचार्य की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
श्रावस्ती में पिकअप ने स्कूल से लौट रहे बच्चे को कुचल दिया। कोतवाली भिनगा इलाके के अकबरपुर में गुरुवार दोपहर एक बजे एक सड़क हादसे में कक्षा पांच के छात्र गुलफाम की जान चली गई। मध्याह्न अवकाश के दौरान स्कूल से बाहर निकले छात्र को तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी थी। हादसे का पूरा लाइव सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. पुलिस ने अज्ञात में मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है. टक्कर के बाद चालक ने गाड़ी रोकी, घायल छात्र को देखा और फिर पिकअप लेकर भाग गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। अकबरपुर के रहने वाले सलीम का 10 साल का बेटा गुलफाम प्राथमिक विद्यालय अकबरपुर में पांचवीं कक्षा का छात्र था। गुरुवार दोपहर मध्याह्न अवकाश के समय वह साइकिल से स्कूल से बाहर निकला था। तभी गांव के रास्ते से गुजर रही तेज रफ्तार पिकअप ने सड़क किनारे साइकिल से जा रहे गुलफाम को टक्कर मार दी। टक्कर लगने से छात्र सड़क पर गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि चालक गाड़ी से नीचे उतरा और घायल छात्र की हालत देखी। इसी दौरान छात्र के आगे चल रही एक बच्ची भी दौड़कर उसके पास पहुंची। कुछ देर बाद चालक वापस पिकअप में बैठा और गाड़ी लेकर तेजी से मौके से भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि पिकअप में मवेशी लदे हुए थे। हादसे की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण घायल गुलफाम को इलाज के लिए जिला अस्पताल भिनगा ले गए। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में हादसे की पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पिकअप गाड़ी और उसके चालक की पहचान करने में लगी है। गुलफाम दो भाइयों और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता सलीम मुंबई में मजदूरी करके परिवार चलाते हैं। बच्चे की मौत से परिवार दुखी है और ग्रामीण फरार चालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
उत्तराखंड के इस शहर में एक्टिव हुई फॉल्ट लाइन, धरती के 35 किमी हिस्से में बदल रही जमीन
वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के अध्ययन से पता चला है कि इस शहर 35 किमी हिस्से में ऐतिहासिक फॉल्ट लाइन एमबीटी में भूगर्भीय हलचल हो रही है।
बांदा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बदौसा थाना क्षेत्र में बागेन नदी पुल का एप्रोच मार्ग टूट गया है। मार्ग खराब होने से बदौसा की ओर से आने वाले ट्रक, बस और दूसरे भारी वाहन पुल तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-35 (NH-35) पर यातायात पर असर पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बदौसा से चित्रकूट की ओर बागेन नदी पुल पर भारी वाहनों और बसों का आना-जाना बंद कर दिया गया है। अभी पुल से सिर्फ दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा जैसे छोटे वाहन ही निकल पा रहे हैं। हल्के वाहनों को भी आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। प्रशासन ने बदौसा में हड़हा मोड़ से बागेन नदी पुल की ओर फतेहगंज तिराहे तक ट्रक और बसों का आना-जाना पूरी तरह रोक दिया है। टूटे हुए एप्रोच मार्ग की मरम्मत का काम चल रहा है। यातायात पुलिस ने बांदा से चित्रकूट जाने वाले यात्रियों से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे या बांदा-बिसंडा-पहाड़ी मार्ग का इस्तेमाल करने को कहा है। वहीं, अतर्रा से चित्रकूट जाने वाले यात्री अतर्रा-औरन-पहाड़ी मार्ग से जा सकते हैं। भारी बारिश, नदियों के बढ़ते जलस्तर और कई जगहों पर सड़कों के खराब होने को देखते हुए लोगों से गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा गया है। अगर यात्रा जरूरी हो, तो तय किए गए दूसरे और सुरक्षित रास्तों का ही इस्तेमाल करें। साथ ही, यातायात पुलिस और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की भी गुजारिश की गई है।
आगरा एयरपोर्ट पर 'बम थ्रेट' की मॉक ड्रिल:टेबल टॉप एक्सरसाइज से परखी गईं सुरक्षा तैयारियां
आगरा एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस दौरान एयरपोर्ट परिसर में 'बम थ्रेट' (बम की धमकी) मिलने पर तुरंत लिए जाने वाले एक्शन और बचाव कार्यों का गहन अभ्यास किया गया। सुरक्षा एजेंसियों और एयरपोर्ट प्रशासन ने 'टेबल टॉप एक्सरसाइज' के जरिए इस मॉक ड्रिल को अंजाम दिया। इसके तहत अधिकारियों के त्वरित निर्णय लेने की क्षमता (Quick Decision Making) और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से परीक्षण किया गया। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वास्तविक आपात स्थिति उत्पन्न होने पर बिना समय गंवाए, प्रभावी और सुरक्षित कार्रवाई किस तरह से की जाए। विभागों के आपसी तालमेल पर रहा फोकस बम थ्रेट जैसी गंभीर और संवेदनशील स्थिति में सभी एजेंसियों का एक साथ मिलकर काम करना बेहद जरूरी होता है। इसलिए, इस मॉक ड्रिल के दौरान एयरपोर्ट सुरक्षा, स्थानीय पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय (Coordination) की भी बारीकी से पड़ताल की गई। इस सफल अभ्यास के जरिए आगरा एयरपोर्ट के 'इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम' को और भी अधिक दुरुस्त और मजबूत बनाया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जा सके।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तराखंड के कुमाऊं में 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीति तैयार करने के लिए दौरा कर रहे हैं।
धार में 20 दिन बाद बरसे बदरा:सूख रही सोयाबीन को मिली राहत, रात से सुबह तक बारिश; खेतों में लौटी नमी
धार में करीब 20 दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे धार शहर और ग्रामीण इलाकों में गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक बारिश हुई। लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश से किसानों की चिंता कुछ कम हुई है। तेज धूप के कारण खेतों की नमी लगातार घट रही थी और सोयाबीन की फसल पर इसका असर नजर आने लगा था। सोयाबीन के लिए समय पर मिला पानी पिछले कई दिनों से किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए थे। खेतों में खड़ी सोयाबीन को इस समय बारिश की सबसे ज्यादा जरूरत थी। बारिश नहीं होने से पौधे मुरझाने लगे थे। रात में शुरू हुई बारिश से खेतों में नमी लौट आई है, जिससे फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों का कहना है कि मौजूदा समय में हुई बारिश फसल के लिए अमृत जैसी है। यदि आने वाले दिनों में भी बारिश का दौर बना रहा तो सोयाबीन समेत अन्य खरीफ फसलों की स्थिति बेहतर हो सकती है। उमस और गर्मी से भी मिली राहत बारिश के बाद धार शहर के मौसम में भी बदलाव आया। कई दिनों से तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश होने से किसानों के चेहरे पर भी संतोष नजर आया। हालांकि किसानों की नजर अब अगले कुछ दिनों के मौसम पर है। सोयाबीन सहित अन्य खरीफ फसलों को बेहतर स्थिति में बनाए रखने के लिए आगे भी बारिश होना जरूरी माना जा रहा है।
चीफ फार्मासिस्ट के खाते से उड़ाए 2.03 लाख:हरदोई में चार दिन बाद केस दर्ज, 13 ट्रांजैक्शन से निकले
हरदोई में मेडिकल कॉलेज के चीफ फार्मासिस्ट के साथ हुई साइबर धोखाधड़ी के मामले में चार दिन बाद शहर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 31 अगस्त को ड्यूटी के दौरान बिना किसी संदिग्ध कॉल या ओटीपी (OTP) के पीड़ित सर्वेंद्र सिंह के बैंक खाते से 13 बार में कुल ₹2.03 लाख उड़ा दिए गए थे। पीड़ित की तहरीर पर अब पुलिस और साइबर सेल की टीम तकनीकी जांच व रकम रिकवरी में जुट गई है। गुरुवार रात 7:18 बजे रिपोर्ट दर्ज की है। माधौगंज थाना क्षेत्र के डकौली गांव के रहने वाले सर्वेंद्र सिंह फिलहाल मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में रहते हैं। 31 अगस्त की सुबह करीब 11:15 बजे वे अपनी ड्यूटी पर थे। उसी दौरान उनके मोबाइल पर खाते से रुपये कटने के मैसेज आने लगे। देखते ही देखते कुछ ही देर में 13 बार में अलग-अलग किस्तों में ₹42,000, ₹52,000, ₹10,000 और ₹9,999 जैसे कुल ₹2.03 लाख उड़ा दिए गए। पीड़ित और उनके परिवार ने न तो कोई ऑनलाइन लेनदेन किया था और न ही किसी के साथ ओटीपी साझा किया था। चीफ फार्मासिस्ट के खाते से रुपए निकालने के बाद यह घटना मेडिकल कॉलेज में चर्चा का विषय बनी हुई है। 1930 पर शिकायत दर्ज कराई घटना का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस और साइबर सेल की टीम अब मामले की जांच कर रही है। वे साइबर अपराधियों द्वारा निकाले गए रुपये फ्रीज कराकर वापस दिलाने की कोशिश कर रहे हैं। शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
पिता बेटी के प्रेम संबंध से नाराज होकर हैवान बन गया।
सीतापुर जिले में शारदा और घाघरा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाकों में एक बार फिर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। गुरुवार देर रात प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, तीनों बैराजों से करीब साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी नदियों में छोड़ा गया है। लगातार पानी छोड़े जाने से अगले 24 घंटे में दोनों नदियों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। वर्तमान में घाघरा नदी खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर नीचे, जबकि शारदा नदी महज 4 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर बढ़ने के साथ रामपुर मथुरा विकासखंड के तटवर्ती गांवों में हालात बिगड़ने लगे हैं। नागेश्वरपुरवा, बुचाऊपुरवा, लोधनपुरवा समेत आसपास के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। करीब चार गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी पहुंचने से ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने लगी है। पानी बढ़ने से ग्रामीणों को दोबारा बाढ़ की चिंता सताने लगी है। कटान तेज, पांच मकानों पर मंडराया खतरा नदियों का जलस्तर बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो गया है। नदी किनारे कृषि योग्य जमीन लगातार कटान की जद में आ रही है। खतरे को देखते हुए तटवर्ती इलाकों के कई परिवार पहले ही सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर चुके हैं। वहीं, करीब पांच मकान अब नदी के पानी से महज 20 मीटर की दूरी पर रह गए हैं। इससे इन मकानों में रहने वाले परिवारों में दहशत का माहौल है। शुकुलपुरवा में तटबंध की ठोकर कटी, बढ़ा बहाव शुकुलपुरवा में शारदा नदी पर बने तटबंध की ठोकर कटने से पानी का बहाव तेज हो गया है। इसके चलते नदी किनारे कटान की स्थिति और गंभीर हो गई है। प्रशासन ने प्रभावित गांवों के लोगों को अलर्ट करते हुए जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की कवायद शुरू कर दी है। लेखपाल लगातार कर रहे निगरानी एसडीएम महमूदाबाद अभिषेक प्रियदर्शी ने बताया कि लेखपाल लगातार नदियों के जलस्तर और कटान की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। तटवर्ती गांवों में ग्रामीणों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
कौशांबी के पिपरी थाना क्षेत्र में 31 अगस्त को पटाखा फैक्ट्री में हुए विस्फोट के बाद, इस मामले में फरार चल रहे आरोपी शकील पुत्र निजामुद्दीन निवासी महमदपुर मनौरी पर प्रयागराज आईजी ने इनाम राशि बढ़ा दी है। पहले शकील पर 25 हजार का इनाम घोषित था, जिसे देर रात आईजी ने बढ़ाकर 50 हजार कर दिया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद की पत्नी कहकसा बानो को भी गिरफ्तार कर लिया है। कहकसा पर 25 हजार रुपये का इनाम था। उसे गुरुवार शाम 6 बजे महमदपुर से पकड़ा गया था। बीते 31 अगस्त को हुए इस विस्फोट के संबंध में पिपरी थाने में छह लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया था, जबकि चार अन्य फरार थे। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने चार टीमें बनाई थीं। पुलिस ने इस मामले में नौशाद और आदिल को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। इसके अलावा दो अन्य आरोपियों को भी मौके से पकड़ा गया। गुरुवार शाम को पुलिस ने मुख्य आरोपी नौशाद की पत्नी कहकसा बानो को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उस पर 25 हजार का इनाम था। फरार आरोपी शकील पर 50 हजार का इनाम घोषित किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 4 आरोपी पकड़े जा चुके हैं। कौशांबी के एसपी ने बताया कि पटाखा विस्फोट में शामिल सभी आरोपियों पर रासुका के तहत कार्रवाई होगी और उनकी संपत्ति भी जब्त की जाएगी। कौशांबी पटाखा विस्फोट में अब तक कुल 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इस घटना में घायल हुए 3 लोगों का इलाज अभी भी प्रयागराज के एसआरएन अस्पताल में जारी है।
निर्माण श्रमिकों को रोजगार की तलाश में अब लेबर चौक या मजदूर मंडियों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने निर्माण श्रमिकों को घर बैठे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए स्टेट बीओसीडब्ल्यू डिजिटल लेबर चौक मोबाइल ऐप शुरू किया है। इसके जरिए श्रमिक और काम देने वाले सीधे एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। श्रम प्रवर्तन अधिकारी राज बाबू ने बताया कि ऐप का उद्देश्य पारंपरिक मजदूर मंडियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है। काम की तलाश कर रहे निर्माण श्रमिक मोबाइल ऐप पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जबकि नियोजक अपनी जरूरत के अनुसार श्रमिकों की जानकारी देखकर उन्हें काम के लिए चुन सकेंगे। डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए रोजगार मिलने से श्रमिकों की भागदौड़ कम होगी और काम की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। वहीं, नियोजकों को भी अपनी जरूरत के मुताबिक श्रमिक तलाशने में आसानी होगी। ऐप पर रोजगार के साथ-साथ बीओसीडब्ल्यू यानी भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकारों के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध होगी। डिजिटल लेबर चौक ऐप पर काम की तलाश कर रहे निर्माण श्रमिक अपनी जरूरी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद नियोजक अपनी जरूरत के हिसाब से उपलब्ध श्रमिकों की जानकारी देख सकेंगे। इससे रोजगार तलाशने और श्रमिकों को काम से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो सकेगी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि डिजिटल व्यवस्था से श्रमिकों को रोजगार के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकने की जरूरत कम होगी। वहीं, नियोजकों को भी अपनी आवश्यकता के अनुसार श्रमिक आसानी से मिल सकेंगे। रोजगार के साथ कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी ऐप की खासियत सिर्फ रोजगार तक सीमित नहीं है। इसमें बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत निर्माण श्रमिकों के लिए संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। श्रमिक इन योजनाओं के बारे में जान सकेंगे और डिजिटल माध्यम से उनका लाभ लेने की प्रक्रिया अपना सकेंगे। इससे श्रमिकों को रोजगार के साथ सरकार की ओर से संचालित कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने में भी मदद मिलेगी। पारदर्शिता और तेजी से काम मिलने की उम्मीद अधिकारी के मुताबिक डिजिटल लेबर चौक से रोजगार की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी। श्रमिकों को काम की तलाश में समय और पैसा खर्च करके लेबर चौक पहुंचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वहीं, नियोजक भी अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध श्रमिकों तक सीधे पहुंच सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य पारंपरिक मजदूर मंडियों की व्यवस्था को डिजिटल स्वरूप देना और निर्माण क्षेत्र में काम की तलाश कर रहे श्रमिकों तथा रोजगार देने वालों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करना है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की वेबसाइट और प्ले स्टोर पर उपलब्ध श्रम प्रवर्तन अधिकारी राज बाबू ने निर्माण श्रमिकों और नियोजकों से डिजिटल लेबर चौक ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि ऐप यूपी बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की वेबसाइट और गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है। उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे ऐप पर अपनी जानकारी दर्ज करें और डिजिटल माध्यम से मिलने वाले रोजगार के अवसरों का लाभ उठाएं। साथ ही, बीओसीडब्ल्यू की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर पात्र होने पर उनका लाभ भी लें।
रायबरेली के एम्स में 1 से 7 सितंबर तक राष्ट्रीय पोषण सप्ताह मनाया जा रहा है। सप्ताहभर चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य मरीजों, उनके तीमारदारों और आम लोगों को पोषण, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम की शुरुआत 1 सितंबर को पोषण जागरूकता एवं स्वास्थ्य शिक्षा सत्र के साथ हुई। एम्स रायबरेली की कार्यकारी निदेशक डॉ. अमिता जैन के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में लोगों को रोजमर्रा के खान-पान में पौष्टिक और संतुलित खाद्य पदार्थ शामिल करने की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञों ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए जरूरी नहीं कि भोजन महंगा हो, बल्कि स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थों का सही मात्रा में सेवन भी बेहतर पोषण का आधार है। पहले दिन मरीजों और उनके तीमारदारों को संतुलित आहार, अच्छी खान-पान की आदतों और स्वस्थ जीवनशैली के फायदे बताए गए। डीन एकेडमिक डॉ. नीरज कुमारी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पोषण स्वस्थ जीवन और बीमारियों से बचाव का मुख्य आधार है। उन्होंने लोगों से भोजन में स्थानीय और पौष्टिक चीजों को शामिल करने की अपील की। डीन ने कहा- रोजमर्रा की जिंदगी में अच्छी आदतें अपनाएं कार्यक्रम के दौरान डीन एकेडमिक डॉ. नीरज कुमारी ने संतुलित आहार और सही पोषण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खान-पान की अच्छी आदतें स्वस्थ जीवनशैली का अहम हिस्सा हैं। लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में पौष्टिक भोजन को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पोषण केवल बीमारी के दौरान ही नहीं, बल्कि स्वस्थ रहने और बीमारियों से बचाव के लिए भी जरूरी है। स्थानीय और मौसमी खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध होते हैं और इन्हें संतुलित मात्रा में भोजन में शामिल कर बेहतर पोषण हासिल किया जा सकता है। सामुदायिक चिकित्सा विभाग की देखरेख में हो रहे कार्यक्रम राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की सभी गतिविधियां सामुदायिक चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य विभागाध्यक्ष डॉ. भोलानाथ की देखरेख में आयोजित की जा रही हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मुकेश शुक्ला कर रहे हैं। अभियान में एम्स के विभिन्न विभागों के डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी और अन्य टीमें भी भाग ले रही हैं। अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों के साथ आम लोगों को भी पोषण से जुड़ी जरूरी जानकारी आसान भाषा में दी जा रही है, ताकि वे इसे अपने दैनिक जीवन में अपना सकें। क्विज, खेल और बातचीत के जरिए भी देंगे पोषण का संदेश सप्ताह के अगले दिनों में पोषण जागरूकता कार्यक्रम, स्वास्थ्य शिक्षा सत्र, संवाद आधारित गतिविधियां, प्रश्नोत्तरी और खेल आयोजित किए जाएंगे। मनोरंजक गतिविधियों के जरिए पोषण से जुड़ी जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न जन-जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे। इनके माध्यम से संतुलित आहार, कुपोषण की रोकथाम, स्वस्थ खान-पान और पोषण के महत्व से जुड़े संदेश आमजन तक पहुंचाए जाएंगे।ॉ डॉ. मानस, डॉ. प्रज्ञा समेत कई चिकित्सकों ने लिया हिस्सा कार्यक्रम में डॉ. मानस, डॉ. प्रज्ञा, डॉ. अपर्णा और डॉ. शैव्या सहित अन्य चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रीय पोषण सप्ताह की विभिन्न गतिविधियों में सहभागिता की और मरीजों व उनके तीमारदारों को पोषण संबंधी जानकारी देने में सहयोग किया। एम्स प्रशासन का उद्देश्य सप्ताहभर चलने वाली गतिविधियों के माध्यम से लोगों में यह संदेश पहुंचाना है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिए महंगे भोजन की जरूरत नहीं है। स्थानीय, मौसमी और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को संतुलित मात्रा में भोजन का हिस्सा बनाकर भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाई जा सकती है।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेशों को सत्य, धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के लिए प्रेरणा बताया।
मुरैना में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में लिफ्ट देने के बहाने व्यक्ति से मारपीट कर लूट करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने 27 अगस्त को लालौर फाटक-अंबाह बायपास पर रामकरन (49) को चार पहिया वाहन में लिफ्ट दी थी। रास्ते में उसके साथ मारपीट कर ₹10,200 नकद, आईटेल मोबाइल और आधार कार्ड लूट लिया। इसके बाद उसे गल्ला मंडी के पास छोड़कर फरार हो गए थे। CCTV फुटेज और मुखबिर तंत्र से आरोपियों तक पहुंची पुलिस लालौर निवासी रामकरन पुत्र दोजीराम जाटव की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने अपराध क्रमांक 399/26 के तहत धारा 394 बीएनएस और 11/13 एमपीडीपीके एक्ट में मामला दर्ज किया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसपी धर्मराज मीना ने आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटे गए सामान की बरामदगी के लिए टीम गठित की। पुलिस ने घटनास्थल के साथ आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसके अलावा मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर संदिग्धों की तलाश की गई। शिवलालपुरा नहर के पास हनुमान मंदिर से पकड़े पुलिस को 3 सितंबर को सूचना मिली कि वारदात में शामिल आरोपी शिवलालपुरा नहर के पास हनुमान मंदिर के आसपास मौजूद हैं। टीम ने मौके पर दबिश देकर चारों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इशू पुत्र सीताराम, अमीन खां पुत्र जब्बार खां, आकाश पुत्र राजू जाटव और धर्मवीर पुत्र रामवरन जाटव के रूप में हुई है। ₹8,200, मोबाइल और आधार कार्ड बरामद एसपी धर्मराज मीना के अनुसार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से ₹8,200, मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई सेंट्रो कार भी पुलिस ने जब्त की है। बरामद मशरूका की कुल कीमत करीब ₹2.28 लाख बताई गई है।
सीहोर जिले में शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और जलस्रोत भर गए हैं। भू-अभिलेख विभाग की आज (शुक्रवार) की रिपोर्ट के अनुसार, बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 0.7 इंच बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश सीहोर तहसील मुख्यालय पर 1.5 इंच दर्ज की गई। आष्टा में 1.2 इंच, जावर और भैरुंदा में 0.8-0.8 इंच पानी गिरा। इछावर में 0.6 इंच, श्यामपुर में 0.4 इंच और बुधनी व रेहटी में 0.1-0.1 इंच बारिश मापी गई है। 1 जून से अब तक जिले में औसतन 30.4 इंच बारिश हो चुकी है। यह जिले की सामान्य औसत वर्षा 45.2 इंच का करीब 67 प्रतिशत है। सीहोर तहसील 37.9 इंच बारिश के साथ सबसे आगे है। इसके बाद रेहटी में 34.1 इंच, भैरुंदा में 33.2 इंच, बुधनी में 30.2 इंच, आष्टा में 29.6 इंच, इछावर में 28.0 इंच, श्यामपुर में 27.4 इंच और जावर तहसील में 22.3 इंच बारिश दर्ज की गई है। पिछले साल इसी समय तक जिले में कुल 35.9 इंच औसत बारिश हुई थी। अगले 48 तेज बारिश हो सकती हैमौसम विभाग के अनुसार, अभी मध्य प्रदेश के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में दो मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय हैं। बंगाल की खाड़ी से उठा कम दबाव का क्षेत्र राज्य के ऊपर बना हुआ है। इसे अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों तरफ से नमी मिल रही है। इसके साथ ही एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन भी गुजर रही है। इन सभी के असर से सीहोर और आसपास के जिलों में लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों तक जिले में बादल छाए रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश की संभावना है।
अयोध्या में 5 से 8 नवंबर तक मनेगा दीपोत्सव:घाटों पर दीप जलाए जाएंगे, शोभायात्रा और झांकियां निकलेगी
रामनगरी में इस बार 10वां दीपोत्सव मनाया जाएगा। दीपोत्सव और कार्तिक पूर्णिमा मेले को लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। डीएम शशांक त्रिपाठी ने अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और सभी विभागों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए। 5 से 8 नवंबर तक होंगे कार्यक्रम दीपोत्सव के तहत 5 नवंबर को गोवत्स द्वादशी और 6 नवंबर को धनत्रयोदशी के कार्यक्रम होंगे। 7 नवंबर को मास शिवरात्रि, नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली और हनुमान जयंती मनाई जाएगी। 8 नवंबर को दीपावली पर रामनगरी में विशेष आयोजन होंगे। साकेत महाविद्यालय से शोभायात्रा और झांकियां निकाली जाएंगी। इसके लिए ट्रॉली-ट्रक और मंच तैयार किए जाएंगे। रामकथा पार्क के पास हेलीपैड की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। राम की पैड़ी पर होगी खास सजावट रामकथा पार्क में श्रीराम-सीता स्वरूप की वंदना, प्रदर्शनी, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। सरयू आरती स्थल, राम की पैड़ी और प्रमुख घाटों को दीपोत्सव की थीम पर सजाया जाएगा। घाटों पर दीप जलाए जाएंगे और रंग-बिरंगी रोशनी की जाएगी। फूलों की चेन, गमले और रेलिंग भी सजाई जाएगी। राम की पैड़ी की विशेष सफाई के साथ स्वर्ग द्वार की पुताई और खराब लाइटों की मरम्मत कराई जाएगी। श्रद्धालुओं के लिए होंगे विशेष इंतजाम दीपोत्सव में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए परिवहन, पार्किंग, पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और सफाई की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरियर, सीसीटीवी और फ्लोटिंग जोन बनाए जाएंगे। यातायात के लिए अलग योजना तैयार होगी। मीडिया सेंटर और प्रेस पास की भी व्यवस्था रहेगी। 18 नवंबर को चौदहकोसी, 20 को पंचकोसी परिक्रमा कार्तिक मेले की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। 18 नवंबर को चौदहकोसी परिक्रमा और अक्षय नवमी होगी। परिक्रमा 17/18 नवंबर की रात 1:10 बजे से शुरू होकर 18/19 नवंबर की रात 2:55 बजे तक चलेगी। 20 नवंबर को पंचकोसी परिक्रमा और एकादशी होगी। यह 20 नवंबर की रात 3:01 बजे से शुरू होकर 21 नवंबर की रात 2:37 बजे तक चलेगी। 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा स्नान और गुरु नानक जयंती का आयोजन होगा। स्नान का समय 23 नवंबर की रात 10:48 बजे से 24 नवंबर की रात 8:52 बजे तक निर्धारित किया गया है। अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें चलेंगी मेले में भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त बसें और विशेष ट्रेनें चलाने की तैयारी है। अस्थायी बस स्टैंड और पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। रेलवे स्टेशन पर सफाई, पानी, रोशनी और बैरियर की व्यवस्था बढ़ाई जाएगी। सुरक्षा के लिए पुलिस के साथ जल पुलिस, मोटर बोट, अग्निशमन दल और यातायात पुलिस की तैनाती की जाएगी। डीएम बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता डीएम शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव और कार्तिक मेला अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े बड़े आयोजन हैं। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक माहौल देना प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी तालमेल से समय पर तैयारियां पूरी करें।
टीकमगढ़ में गोपाल मंदिर में आज शाम भजन संध्या:बुंदेलखंड के लोकप्रिय भजन गायक भजनों से समां बांधेंगे
टीकमगढ़ में जन्माष्टमी के मौके पर आज शाम प्राचीन गोपाल मंदिर में भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इसमें बुंदेलखंड के जाने-माने भजन गायक खनिज देव चौहान और संतोष वासुदेव अपनी प्रस्तुति देंगे। दोनों कलाकार अपने लोकप्रिय भजनों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे। यह कार्यक्रम जिले में जन्माष्टमी का मुख्य आयोजन रहेगा। कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आम भक्तों के साथ बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। श्रीकृष्ण पाथेय न्यास करा रहा आयोजन भजन संध्या का आयोजन मध्य प्रदेश सरकार के निर्देश पर श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से प्रदेश के सभी जिलों में किया जा रहा है। टीकमगढ़ में कुंडेश्वर ट्रस्ट के माध्यम से गोपाल मंदिर में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। भजन संध्या शाम 7 बजे से शुरू होगी और कृष्ण जन्मोत्सव तक चलेगी। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण की विशेष साज-सज्जा की जाएगी। मंदिर में झूला सजाया जाएगा और श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण भी किया जाएगा। लोकप्रिय भजनों से समां बांधेंगे गायक भजन गायक खनिज देव चौहान ‘बागेश्वर गढ़ी के हनुमान, सन्यासी बाबा की भक्ति कमाल कर गई’ जैसे भजनों के लिए जाने जाते हैं। वहीं संतोष वासुदेव ‘गौरा सांची बताओ कैसे करा लओ भोले बाबा सें ब्याऔ’ जैसे लोकप्रिय भजन से पहचान बना चुके हैं। दोनों गायक युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे में जन्माष्टमी की भजन संध्या में भक्तों के साथ युवाओं की भी बड़ी संख्या में भीड़ जुटने की उम्मीद है। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी जन्माष्टमी पर गोपाल मंदिर में होने वाला यह आयोजन जिले में कृष्ण जन्मोत्सव को भव्य रूप देने की तैयारियों का हिस्सा है। भगवान श्रीकृष्ण की साज-सज्जा, झूला और प्रसाद वितरण के साथ भजन संध्या कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहेगा।
कानपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर नजीराबाद स्थित JK मंदिर में होने वाले कार्यक्रम को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार 4 सितंबर को रूट डायवर्जन लागू किया है। दोपहर 2 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक JK मंदिर और आसपास के कई प्रमुख रास्तों पर वाहनों की आवाजाही बदली रहेगी। वहीं, हरजिंदर नगर चौराहे और आसपास दोपहर 3 बजे से यातायात व्यवस्था में बदलाव होगा। JK मंदिर जाने वाले रास्तों पर भीड़ और वाहनों का दबाव न बढ़े, इसके लिए अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। ITI पांडुनगर के खाली मैदान में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। दैनिक भास्कर की यह खबर पढ़कर घर से निकलने से पहले अपना रूट जरूर तय कर लें। JK मंदिर जाने वाले इन रास्तों पर डायवर्जन हैलट की ओर से आने वाले वाहन: पालीवाल तिराहे से मरियमपुर और JK मंदिर की ओर वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें पालीवाल तिराहे से दाएं मुड़कर काकादेव थाना और देवकी चौराहा होते हुए गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। फजलगंज चौराहे की ओर से आने वाले वाहन: मरियमपुर चौराहे से JK मंदिर और पालीवाल तिराहे की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। वाहन मरियमपुर तिराहे से बाएं मुड़कर चैन फैक्टरी चौराहा, सब्जी मंडी तिराहा और विजय नगर होते हुए निकलेंगे। गोल चौराहा, मोतीझील और जरीब चौकी की ओर से आने वाले वाहन: कोकाकोला चौराहे से नजीराबाद थाना और JK मंदिर की तरफ वाहन नहीं जा सकेंगे। इन्हें जरीब चौकी क्रॉसिंग से फजलगंज की ओर कालपी रोड होते हुए भेजा जाएगा। मरियमपुर चौराहा: यहां से भी नजीराबाद थाना और JK मंदिर की ओर वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहनों को फजलगंज चौराहे की ओर से उनके गंतव्य तक भेजा जाएगा। यहां कर सकेंगे पार्किंग JK मंदिर आने वाले लोगों के लिए ITI पांडुनगर के खाली मैदान में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा लाजपत नगर गुरुद्वारा तिराहे से JK मंदिर के पूर्वी गेट तक सड़क किनारे दोनों तरफ वाहन पार्क किए जा सकेंगे। हरजिंदर नगर में दोपहर 3 बजे से बदलेगा रूट जन्माष्टमी कार्यक्रम को देखते हुए हरजिंदर नगर चौराहा और आसपास के इलाकों में भी शुक्रवार 4 सितंबर को दोपहर 3 बजे से कार्यक्रम खत्म होने तक यातायात व्यवस्था बदली रहेगी। रामादेवी से उन्नाव जाने वाले वाहन: रामादेवी चौराहे से उन्नाव की ओर जाने वाले वाहन हरजिंदर नगर चौराहे की तरफ नहीं जा सकेंगे। इन्हें जगदंबा पेट्रोल पंप के सामने बने रैंप से ऊपर चढ़ाकर उन्नाव की ओर भेजा जाएगा। कैंट की ओर से आने वाले वाहन: कैंट से आने वाले वाहन लालबंगला की तरफ नहीं जा सकेंगे। इन्हें जगईपुरवा तिराहा, KDA चौराहा और JK चौराहा होते हुए गंतव्य की ओर भेजा जाएगा। परेशानी होने पर इन नंबरों पर करें कॉल ट्रैफिक कंट्रोल रूम: 9305104340ग्रीन कॉरिडोर सेल: 9454402413 जन्माष्टमी के कार्यक्रम के दौरान JK मंदिर और हरजिंदर नगर की ओर जाने वाले लोग घर से निकलने से पहले डायवर्जन को ध्यान में रखें और संभव हो तो वैकल्पिक मार्ग का इस्तेमाल करें।
अजमेर जिले के नसीराबाद सिटी थाना क्षेत्र में बाइक सवार दो युवक दिनदहाड़े नाबालिग से मोबाइल छीन ले गए। मोबाइल के कवर में 8 हजार रुपए रखे थे। किशोर फ्रामजी चौक पर दुकान की सीढ़ियों पर बैठकर मोबाइल पर कुछ देख रहा था। दोनों बदमाश तेज रफ्तार बाइक से मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में आरोपियों की बाइक और उसका नंबर भी नजर आ रहा है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। दुकान बंद मिली तो सीढ़ियों पर बैठ गया किशोर जानकारी के अनुसार चटाई मोहल्ला निवासी किशोर गुरुवार सुबह फ्रामजी चौक स्थित एक जूस की दुकान पर आया था। दुकान बंद होने के कारण वह पास की एक दुकान की सीढ़ियों पर बैठ गया। किशोर हाथ में मोबाइल लेकर उसे देख रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे। एक युवक ने हेलमेट लगा रखा था, जबकि दूसरे ने चेहरे पर कपड़ा बांध रखा था। बाइक किशोर के पास पहुंचते ही पीछे बैठे युवक ने अचानक उसके हाथ से मोबाइल झपटा और दोनों बाइक से फरार हो गए। शोर मचाने से पहले ही आंखों से ओझल हुए आरोपी वारदात इतनी तेजी से हुई कि किशोर कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आरोपी मोबाइल लेकर मौके से निकल गए। किशोर ने शोर मचाकर आसपास के लोगों से मदद मांगी, लेकिन तब तक दोनों युवक काफी दूर जा चुके थे। मां के साथ थाने पहुंचा किशोर वारदात के बाद किशोर अपनी मां कीर्ति देवी के साथ सिटी थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना बताई। शिकायत के बाद पुलिस ने फ्रामजी चौक और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज में दोनों युवक बाइक से किशोर के पास आते और पीछे बैठा युवक मोबाइल झपटकर भागता दिखाई दे रहा है। फुटेज में बाइक का नंबर भी नजर आ रहा है। पुलिस इसी आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। मोबाइल में पति के इलाज के जरूरी दस्तावेज किशोर की मां कीर्ति देवी ने बताया कि छीने गए मोबाइल में उसके पति के इलाज से संबंधित जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे। इसके अलावा मोबाइल के कवर में करीब 8 हजार रुपए नकद भी रखे थे। ( सुधीर मित्तल,रियाज अहमद- नसीराबाद)
अजमेर नगर निगम चुनाव में भले ही नाम वापसी अब संभव नहीं है लेकिन बागियों को मनाने के लिए भाजपा और कांग्रेस चुनाव मैदान में डटे निर्दलियों का समर्थन अपने पक्ष में करने के लिए जुटे है। दोनों दलों ने इसके लिए प्रयास तेज कर दिए है। अजमेर में वोटिंग 11 सितम्बर को होगी। आज अभ्यर्थियों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। बता दें कि अब 340 कैंडिडेट चुनाव मैदान में है। इसमें 79 बीजेपी, 77 कांग्रेस और 184 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। कांग्रेस से 47 और भाजपा से 19 बागी चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। जानिए आपका घर किस वार्ड में आता है दो चरणों में होगा चुनाव, अजमेर में 11 को वोटिंग अजमेर जिले में नगर निकाय चुनाव दो चरणों में करवाया जाएगा। प्रथम चरण में 9 सितम्बर को नगर पालिका पीसांगन के 25, नसीराबाद के 20, केकड़ी के 40, सरवाड़ के 25, टांटोटी के 20 तथा सावर के 20 वार्डों में चुनाव होगा। इसी प्रकार द्वितीय चरण में 11 सितम्बर को अजमेर नगर निगम के 80, किशनगढ़ नगर परिषद के 60 तथा पुष्कर नगर परिषद 25 वार्डों में मतदान होगा। यहां देंखे वार्डवार प्रत्याशी (मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए रिजर्व)…
गोरखपुर के चौरी चौरा इलाके से महाराष्ट्र के ठाणे जिले से वांछित दो आरोपी गुरुवार को पकड़े गए। दोनों आरोपियों ने ठाणे में युवती पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया था। घटना को अंजाम देकर गोरखपुर भाग कर आए थे। लोकेशन मिलने पर एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को चौरीचौरा क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान ठाणे निवासी कृष्णा राज गुप्ता और अंकेश गुप्ता के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को महाराष्ट्र लेकर जाएगी पुलिसएसटीएफ के मुताबिक, दोनों के खिलाफ थाना मानपाड़ा, ठाणे में कुमारी दीक्षिता पर धारदार हथियार से जान से मारने की नीयत से हमला करने के आरोप में केस दर्ज था। मामले में दोनों वांछित चल रहे थे। उनकी गिरफ्तारी के लिए मुंबई पुलिस ने यूपी एसटीएफ से संपर्क किया था।इसके बाद एसटीएफ फील्ड यूनिट गोरखपुर ने आरोपियों की तलाश में अभिसूचना जुटानी शुरू की। गुरुवार को सूचना मिली कि दोनों आरोपी चौरीचौरा क्षेत्र के बाल खुर्द डुड़ी चौराहे पर मौजूद हैं। सूचना के आधार पर एसटीएफ और महाराष्ट्र पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर दोपहर करीब 3:15 बजे दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को चौरीचौरा थाने में दाखिल किया गया। एसटीएफ के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने घटना में शामिल होना स्वीकार किया है। घटना में इस्तेमाल सामान और अन्य तथ्यों के संबंध में आगे की पूछताछ महाराष्ट्र पुलिस करेगी। दोनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले जाने और आगे की कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
दुर्ग के सुपेला थाने के लिस्टेड गुंडा-बदमाश रवि निगम के खिलाफ पिछले 13 साल में पांच आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं। पिछले कुछ महीनों से उसका नाम राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के बीच विवादों में भी रहा है। अब जिला प्रशासन ने उसे एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है। सुपेला के रावण भाठा निवासी रवि निगम (35) को 1 साल तक अपने जिले से बाहर रहना होगा। जिला दंडाधिकारी ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ बजरंग दल के पूर्व जिला अध्यक्ष रवि निगम को दुर्ग के अलावा राजनांदगांव, रायपुर, धमतरी, बालोद और बेमेतरा जिले की सीमा से भी बाहर रहने का आदेश दिया है। उसे एक सप्ताह के भीतर इन सभी जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा। तय अवधि के दौरान सक्षम अनुमति के बिना वह इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं कर सकेगा। 2013 से 2025 तक 5 मामले, मारपीट और धमकी के आरोप पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, रवि निगम के खिलाफ सुपेला और पद्मनाभपुर थाने में 2013 से 2025 के बीच पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी, रास्ता रोकना, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी धाराएं शामिल हैं। साल 2013 के मामले में मारपीट और धमकी के आरोप लगे थे। वहीं, 2018 के मामले में मारपीट और धमकी के साथ घर के दरवाजे को पत्थर मारकर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत में आसपास के कुछ लोगों से मारपीट का भी जिक्र था। दुकान बंद कराने को लेकर भी दर्ज हुआ मामला साल 2023 में सुपेला थाने में दर्ज एक मामले में दुकान बंद कराने को लेकर रवि निगम, ज्योति शर्मा और उनके साथ आए लोगों पर दुकान के बाहर रखे सामान को डंडे से पीटने और दुकानदार को घेरकर धमकाने का आरोप लगा था। इसी साल दर्ज एक अन्य मामले में मारपीट, बलवा और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धाराएं लगाई गई थीं। साल 2025 में पद्मनाभपुर थाने में भी धमकी और मारपीट से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने कहा- समझाने और रोकने के बाद भी नहीं हुआ असर जिला बदर की कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रवि निगम का आपराधिक रिकॉर्ड, पुराने मामलों, गवाहों के बयान और अन्य दस्तावेज जिला प्रशासन के सामने पेश किए। पुलिस रिपोर्ट में उस पर लोगों को डराने-धमकाने, मारपीट करने और विवाद की स्थिति में भीड़ जुटाकर अशांति पैदा करने जैसे आरोपों का जिक्र किया गया। प्रशासन ने सुनवाई के बाद माना कि पहले की गई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई का अपेक्षित असर नहीं हुआ। कानून-व्यवस्था और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रवि निगम को एक साल के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया। पहले बजरंग दल से निष्कासित, बाद में जिला अध्यक्ष बना रवि निगम का नाम पिछले कुछ सालों में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े विवादों में भी सामने आता रहा है। 17 जनवरी 2022 को उसे विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल से निष्कासित किए जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद वह छत्तीसगढ़ बजरंग दल से जुड़ा और भिलाई जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाली। अप्रैल 2026 में चर्च से पैसे मांगने के कथित ऑडियो को लेकर भी विवाद हुआ था। इसके बाद उसे छत्तीसगढ़ बजरंग दल के सभी पदों से हटाए जाने की बात सामने आई थी। भाजयुमो की सूची में नाम आया तो भी हुआ विवाद अप्रैल 2026 में रवि निगम का नाम भाजयुमो की जिला कार्यकारिणी में उपाध्यक्ष के तौर पर शामिल किया गया था। नाम सामने आने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया। विवाद बढ़ने पर बाद में पूरी सूची को अमान्य कर नई सूची जारी की गई। नई सूची में रवि निगम का नाम नहीं था। अब जिला प्रशासन की कार्रवाई के बाद रवि निगम को एक साल तक दुर्ग समेत छह जिलों की सीमा से बाहर रहना होगा। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई लगातार सामने आ रही आपराधिक गतिविधियों और कानून-व्यवस्था पर पड़ने वाले असर को देखते हुए की गई है।
नहटौर में कृष्ण जन्मोत्सव की गूंज:रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाए मंदिर, रात 12 बजे होगा महाअभिषेक
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर बिजनौर के नहटौर नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। पूरा नगर भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और उल्लास में सराबोर है। भगवान के बाल स्वरूप 'लड्डू गोपाल' के दर्शन और विशेष पूजा-अर्चना के लिए सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई हैं। जन्माष्टमी को लेकर नगर के प्रसिद्ध श्री हाथी वाला मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, श्री पंचायती मंदिर और मां दुर्गा मंदिर सहित दर्जनों धार्मिक स्थलों पर भव्य सजावट की गई है। मंदिरों के गर्भगृह से लेकर मुख्य द्वार तक को रंग-बिरंगी लाइटों, झालरों, फूलों और गुब्बारों से दुल्हन की तरह सजाया गया है। यह विद्युत सजावट देखते ही बन रही है, जिसने पूरे माहौल को और भी अधिक भक्तिमय बना दिया है। सजीव झांकियां और भजनों से सजेगा शाम का दरबार आज नगर के मंदिरों में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन चोरी, कालिया मर्दन और रासलीला पर आधारित विशेष और सजीव झांकियां सजाई जा रही हैं। मध्यरात्रि में ये मनमोहक झांकियां भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी। देर शाम से ही मंदिरों में भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर शुरू हो जाएगा, जो मध्यरात्रि के जन्मोत्सव तक चलेगा। 'हाथी घोड़ा पालकी' के जयकारों से गूंजेगा नगर जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 बजाएंगी, मंदिरों में शंख और घड़ियाल की ध्वनि के साथ 'हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंज उठेंगे। भगवान के जन्मोत्सव के उपरांत लड्डू गोपाल का पूरे विधि-विधान से पंचामृत अभिषेक कर उनका विशेष श्रृंगार किया जाएगा। इसके पश्चात महाआरती होगी और सभी भक्तों में धनिया की पंजीरी, माखन-मिश्री, फल व पंचामृत का महाप्रसाद वितरित किया जाएगा। पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए मंदिर परिसरों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
लुधियाना में सैन्य क्षेत्र की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार रछपाल सिंह, रोहित और वरिंदर से पूछताछ में 32 बोर की पिस्तौल बरामद हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह पिस्तौल पाकिस्तान से भेजी गई थी।
भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आते ही बुलंदशहर जिला पूरी तरह कृष्णमय और भक्ति में डूब गया है। मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म को लेकर श्रद्धालुओं में बहुत उत्साह है। नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा है। कान्हा के जन्मोत्सव को लेकर बाजारों में काफी चहल-पहल है। बाल गोपाल के शृंगार की चीजें, मोरपंख, मुकुट, बंसी, माखन-मिश्री और पंचामृत सामग्री खरीदने के लिए दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी है। इस साल लल्ला के हिंडोले (झूले) और खास पोशाकों की मांग काफी बढ़ गई है। बाजार में 500 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक की सुंदर ज़रीदार पोशाकें और 500 रुपये से 10,000 रुपये तक के सुंदर नक्काशीदार झूले मिल रहे हैं। बच्चों के लिए राधा-कृष्ण की नटखट वेशभूषा खास आकर्षण बनी हुई है। जिले के प्रमुख राधा-कृष्ण मंदिर में जन्मोत्सव की खास तैयारियां की गई हैं। मंदिर को कोलकाता के खास नकली फूलों और रंग-बिरंगी सफेद लाइटों से सजाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक प्रतिमा का सुंदर शृंगार कर उन्हें रत्नजड़ित सिंहासन पर बिठाया गया है। सुबह की मंगला आरती से शुरू हुए कार्यक्रम के बाद दिनभर भजन-कीर्तन चलता रहा। मध्यरात्रि ठीक 12 बजे शंखनाद, घड़ियालों की गूंज और महाआरती के साथ प्रभु के जन्म का अभिषेक होगा। जन्म के बाद लल्ला का दूध, दही, घी, शहद और चीनी से अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी और 56 भोग चढ़ाकर भक्तों में महाप्रसाद बांटा जाएगा। मंदिर में लगभग 50,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। भक्तों की आसानी से दर्शन के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार बनाए गए हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल, सीसीटीवी कैमरे और सेवादार लगाए गए हैं। मंदिर परिसर के बाहर पार्किंग का इंतजाम किया गया है, ताकि भक्त बिना किसी परेशानी के अपने आराध्य के दर्शन कर पुण्य कमा सकें।
Tata Steel Bonus Agreement:टाटा स्टील और संबंधित कोल कंपनियों के 25,603 कर्मचारियों के लिए 315 करोड़ रुपये के वार्षिक बोनस समझौते पर सहमति बनी है। धनबाद-झरिया डिवीजन के श्रमिकों को न्यूनतम ₹45 हजार से अधिकतम ₹3.62 लाख तक बोनस 11 सितंबर को मिलेगा।
उदयपुर की अंबामाता थाना पुलिस ने रेंटल आफिस से कार किराए पर लेकर भागने वाले तीन आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट से गिरफ्तार किया। थानाधिकारी हुकम सिंह ने बताया कि मामले में नॉर्थ वेस्ट दिल्ली निवासी करणसिंह, पंजाब के मोहाली निवासी हरप्रीत सिंह और जालंधर निवासी करणवीर को गिरफ्तार किया। तीनों कार चोरी के मामले में ही उदयपुर जेल में बंद थे। इनसे चोरी की कार बरामद की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने चोरी के बाद भागते हुए कार का जीपीएस डिवाइस निकालकर फेंक दिया था। फिर नेकड़िया में टोल नाके को तोड़ते हुए भाग गए थे। स्कॉर्पियो खराब हुई तो रास्ते में थार मंगाई जानकारी अनुसार बाड़मेर हाल गणेश नगर निवासी कुलदीप सिंह राठौड़ ने गत 31 अगस्त को रिपोर्ट दी थी। बताया कि न्यू आरटीओ रोड पर उनका कार रेंटल आफिस है। 15 अगस्त को करण सिंह, करणवीर और हरप्रीत सिंह उनसे स्कॉर्पियो कार किराए पर लेकर गए। कुछ देर बाद करण ने स्टाफ लोकेश को फोन कर कार खराब होना बताते हुए दूसरी कार लेकर रानी रोड़ बुलाया। उन्होंने लोकेश के साथ थार कार भेजी। वहां तीनों बदमाशों ने स्कॉर्पियो दे दी और ट्रायल के बहाने थार कार लेकर भाग गए। बदमाशों ने कार में लगा जीपीएस डिवाइस तोड़ दिया। इसी मामले में यह गिरफ्तारी की गई है। पुलिस इनसे पूछताछ करते हुए आगे मामले की जांच में जुटी है।
14 साल तक मार्केटिंग कंपनी में जॉब की। फिर प्राइवेट जॉब छोड़कर खीरे और महोगनी (ग्रीन गोल्ड) की खेती शुरू की। तीन साल में ही उसकी सालाना कमाई 10 लाख तक पहुंच गई है। खैरथल-तिजारा के किशनगढ़बास के रहने वाले साकिर खान (33) ने बताया कि खेती का आइडिया एक गांव में लगे 250 से ज्यादा पॉलीहाऊस देखकर आया। खेती शुरू करने से पहले खाद-बीज का बिजनेस भी किया। बिजनेस सेट हो जाने के बाद उन्होंने पूरा ध्यान खेती पर दिया। इसके रिजल्ट अब दिखने लगे हैं। उनके खीरे की डिमांड आसपास के कई जिलों में हैं। म्हारे देश की खेती में इस बार बात खैरथल-तिजारा के किसान की … साकिर ने बताया कि उनके पिता हनीफ खान (65) भी किसान हैं। परिवार के पास करीब 14 बीघा जमीन है। पहले परिवार पारंपरिक तरीके से खेती करता था, लेकिन बाद में खेती के साथ कुछ अलग करने का विचार आया। ग्रेजुएशन के बाद अलवर में एक कंपनी के लिए फर्टिलाइजर की सेल्स और मार्केटिंग का काम किया। करीब 40 हजार रुपए महीने मिलते थे। इस दौरान लगा नौकरी में इतनी मेहनत होती है, अगर खुद के लिए प्रयास करें तो बिजनेस सेट हो सकता है। इस दौरान खाद-बीज का काम शुरू किया और किशनगढ़बास में रिटेलर शॉप खोल ली। इसके बाद 2023 में उन्होंने कंपनी की नौकरी छोड़ दी और खेती व खाद-बीज के कारोबार पर ध्यान देने लगे। जयपुर के बसेड़ी में पॉलीहाउस देखकर आया खेती का आइडिया साल 2021 में वह जयपुर के बसेड़ी में गांव में नौकरी के दौरान फर्टिलाइजर की सेल और मार्केटिंग के लिए विजिट पर गए थे। वहां देखा कि गांव में 250 से ज्यादा पॉलीहाउस लगे हुए थे। यहीं से उन्हें पॉलीहाऊस लगाने की इंस्पिरेशन मिली। इसी दौरान उनका संपर्क पड़ोस में माचा गांव के किसान भुवनेश मेघवाल से हुआ। साकिर वहां फर्टिलाइजर देते थे और भुवनेश के फार्म पर विजिट भी करते थे। भुवनेश ने 2018 में पॉलीहाउस लगाया था। 2024 में पॉलीहाउस लगाने की इच्छा जाहिर की तो भुवनेश ने ही उन्हें सेकेंड हैंड पॉलीहाउस दिलाया। इसकी कीमत करीब 10.50 लाख रुपए थी। उन्हीं से पॉलीहाउस में खेती करने का तरीका सीखा। 3 हजार वर्गमीटर में खीरा लगाया, 35 दिन में पहली तुड़ाई साकिर ने बताया - अप्रैल 2024 में पॉलीहाउस खरीदा था और 2 अगस्त को पहली क्रॉप के तौर पर खीरा लगाया। पॉलीहाउस में पहली फसल लगाने तक करीब 21 लाख रुपए खर्च हुए। 3 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में करीब 8 हजार खीरे के बीज लगाए। करीब 1000 बीजों की कीमत 5,500 रुपए आई। साकिर के अनुसार, 2 अगस्त को खीरा लगाने के करीब 25 दिन बाद फूल आना शुरू हो गए थे और करीब 35 दिन बाद पहली तुड़ाई हो गई। पहली तुड़ाई में करीब 700 किलो खीरा निकला। एक फसल करीब 4 महीने चलती है। पहली तुड़ाई के बाद एक दिन छोड़कर एक दिन खीरे की तुड़ाई की जाती है। फसल के आखिरी दौर में करीब 2 क्विंटल तक खीरा निकलता है। बाजार में खीरे का भाव 40 रुपए किलो तक रहा है, जबकि अभी करीब 25 रुपए किलो तक भाव मिल रहा है। साकिर ने बताया कि साल में दो बार खीरे की फसल ली जा सकती है। दोनों क्रॉप से करीब 10 लाख रुपए सालाना कमाई हो जाती है। पॉलीहाउस में काम के लिए उन्होंने पांच लोगों को रोजगार भी दे रखा है। इन कर्मचारियों सहित पॉलीहाउस में हर महीने करीब 80 हजार रुपए का खर्च आता है। पॉलीहाउस के बाद मोहगनी की खेती का आइडिया मिला साकिर ने बताया - एक दिन वह पॉलीहाउस के सामने बैठे थे। इसी दौरान यूपी की एक कंपनी का कर्मचारी विजिट पर आया। उसने मोहगनी के पौधों और इसकी खेती के फायदे के बारे में बताया। कर्मचारी ने समझाया कि मोहगनी की खेती फिक्स्ड डिपॉजिट की तरह है। आज पौधे लगाओगे तो 10 से 12 साल में अच्छा रिटर्न मिल सकता है। मोहगनी के पौधों की सर्वाइवल रेट 100 प्रतिशत रहती है और यह सभी तरह की मिट्टी में पनप सकता है। इसमें ज्यादा खर्च भी नहीं होता। इसके बाद साकिर ने आधा एकड़ जमीन में 700 मोहगनी के पौधे लगाए। एक पौधा 169 रुपए का पड़ा। मई 2025 में उन्होंने करीब एक फीट ऊंचाई के पौधे लगाए थे, जो अब करीब 7 से 8 फीट तक हो गए हैं। जिस जमीन में पौधे लगाए हैं, वहां लाल मिट्टी है और मीठा पानी है। मोहगनी के साथ दूसरी फसलें भी लगा रहे, दुकान का काम भी संभालते हैं साकिर ने बताया - मोहगनी के पौधे लगाने की शुरुआत में गोबर की खाद और DAP दिया था। दीमक से बचाव के लिए फिप्रोनिल का इस्तेमाल किया। एक एकड़ के लिए करीब एक किलो दवा 40 किलो खाद में मिलाकर 700 पौधों के लिए इस्तेमाल की गई थी। उनके अनुसार मोहगनी के पौधे बारिश के मौसम में लगाने चाहिए। पिछले बार मोहगनी के बीच पालक की फसल लगाई थी, जिससे करीब 80 हजार रुपए की कमाई हुई थी। अभी खेत में गेंदे के पौधे भी लगा रखे हैं। … खेती-किसानी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... राजस्थान में किसान बकरी के दूध से बना रहा साबुन:सालाना 8 लाख की कमाई; जमीन गिरवी रख लोन लिया, पशुपालन को बनाया बिजनेस मॉडल खुद ज्यादा पढ़ नहीं पाए तो स्कूल-कॉलेज खोलकर शिक्षा से जुड़ने का प्रयास किया, लेकिन कोरोना काल में इन्हें बंद करना पड़ा। पूरी खबर पढ़िए
हजारीबाग जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में एक महिला से दुष्कर्म और मारपीट का आरोप लगा है। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। मारपीट में महिला का पैर टूट गया है। पुलिस ने मामले में दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मामले की जांच जारी है। पीड़िता ने बताया कि वह किराए के मकान में रहकर मजदूरी करती है। उसके पड़ोस में बिहार के कुछ युवक भी किराए पर रहते हैं। पीड़िता की पहचान पड़ोस में रहने वाले एक युवक से थी। महिला का आरोप है कि वह युवक उसके घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला के मुताबिक, घटना के बाद कुछ और लोग वहां पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाया और पीड़िता के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस दौरान उसे गंभीर चोटें आईं और उसका पैर टूट गया। घटना के बाद परिजनों ने कटकमदाग थाने में शिकायत दर्ज कराई और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। कटकमदाग थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी ने बताया कि अभी दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराया गया है। मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म के आरोप की सच्चाई सामने आएगी। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि जिन लोगों पर आरोप लगे हैं, उनमें से दो नामजद आरोपी विकास राय और रूदल कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस मामले से जुड़े दूसरे आरोपों और घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है। इस बीच, पीड़िता के परिजनों ने शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उत्तर प्रदेश में अपने संगठनात्मक ढांचे को और अधिक मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यकारिणी का गठन किया है। इसी क्रम में ब्रज क्षेत्र की नई टीम का भी ऐलान कर दिया गया है। पार्टी नेतृत्व ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुग्रीव सिंह चौहान पर बड़ा भरोसा जताते हुए उन्हें ब्रज क्षेत्र का 'क्षेत्रीय उपाध्यक्ष' मनोनीत किया है। सुग्रीव सिंह चौहान पिछले लगभग 15 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी के साथ मजबूती से जुड़े हुए हैं। वे लंबे समय से पर्दे के पीछे रहकर पार्टी के लिए कई अहम और गुप्त संगठनात्मक कार्य कर रहे थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी के प्रति उनकी इसी लंबी निष्ठा और खामोश मेहनत का फल उन्हें क्षेत्रीय उपाध्यक्ष की इस महत्वपूर्ण कुर्सी के रूप में मिला है। समर्थकों में जश्न का माहौल सुग्रीव सिंह चौहान को यह अहम जिम्मेदारी मिलने की खबर जैसे ही क्षेत्र में पहुंची, उनके समर्थकों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। समर्थकों का मानना है कि उनके लंबे अनुभव और जमीनी पकड़ से ब्रज क्षेत्र में पार्टी के संगठन को एक नई ऊर्जा और मजबूती मिलेगी। संगठन में अन्य अहम नियुक्तियां प्रदेश कार्यकारिणी के इस बड़े विस्तार में केवल सुग्रीव सिंह चौहान ही नहीं, बल्कि कई अन्य नेताओं को भी संगठन में जगह दी गई है। जारी की गई सूची के अनुसार, ब्रज क्षेत्र में कुल 10 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 4 क्षेत्रीय महामंत्री, 10 क्षेत्रीय मंत्री और 2 अन्य सदस्यों की भी नियुक्ति की गई है। इस नई और जंबो टीम के जरिए भाजपा आगामी राजनीतिक रणनीतियों को धार देने की तैयारी कर रही है।
बिहार में नदियों का जलस्तर बढ़ा, पटना समेत 8 जिलों में हाई अलर्ट
बिहार में गंगा, गंडक, पुनपुन और दरधा समेत प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पटना समेत आठ जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है, क्योंकि गंगा नदी के उच्चतम जलस्तर को पार करने की संभावना है।
बलरामपुर जिले में बिजली विभाग ने विद्युत व्यवस्था को सुरक्षित और मजबूत बनाने का अभियान तेज कर दिया है। डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के निर्देश पर पुरानी बिजली लाइनों और केबलों को लगातार बदला जा रहा है। इसी कड़ी में नगर पालिका बलरामपुर के पूरबटोला पावर हाउस के तहत मोहल्ला झंझरा में पुरानी एबी केबल हटाकर नई केबल लगाई जा रही है। यह काम पूरा होने के बाद इलाके की बिजली वितरण व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत और सुरक्षित हो जाएगी। इससे बिजली से जुड़ी दिक्कतें कम होंगी और करीब 2000 लोगों को बेहतर बिजली सप्लाई का फायदा मिलेगा। बिजनेस प्लान 2026-27 के तहत बलरामपुर टाउन पावर हाउस इलाके में एसपी ऑफिस के पास 100 केवीए का एक और ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा है। इस पर भी एबी केबल लगाने का काम चल रहा है। इस काम से इलाके की बिजली बांटने की क्षमता बढ़ेगी और ग्राहकों को लगातार बिजली मिल पाएगी। बिजली विभाग सिर्फ बिजली पहुंचाने पर ही ध्यान नहीं दे रहा है, बल्कि पुराने नेटवर्क को बदलकर एक सुरक्षित और मजबूत बिजली सिस्टम बनाने पर भी जोर दे रहा है। जिले के अलग-अलग इलाकों में पुराने तारों, केबलों और बिजली सिस्टम को मजबूत करने का काम लगातार जारी है। इसका मकसद ग्राहकों को बेहतर, सुरक्षित और बिना रुकावट के बिजली सेवा देना है।
चित्रकूट जिले में मंदाकिनी नदी का पानी शुक्रवार सुबह से स्थिर हो गया है। धीरे धीरे पानी उतर रहा है, लेकिन अपने पीछे तबाही के निशान छोड़ गया है। बारिश रुकने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोग प्रभावित इलाकों में सफाई और नुकसान का जायजा लेने में लगे हैं। रामघाट, सीतापुर, रत्नावली मार्ग, भरतघाट, प्रमोद वन और आरोग्यधाम जैसे कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया था। इससे 500 से ज्यादा दुकानें और करीब 30 होटल प्रभावित हुए। पानी उतरने के बाद दुकानों और होटलों में काफी मिट्टी जमा हो गई है। दुकानदार और होटल मालिक अब अपनी दुकानों और होटलों की सफाई कर रहे हैं। दुकानों में रखा खाने का सामान, कपड़े और दूसरा सामान पानी में भीगकर खराब हो गया है। दो तस्वीरें देखें 1000 से ज्यादा घरों में पानी जिले में बाढ़ से करीब 100 गांवों पर असर पड़ा है। एक हजार से ज्यादा घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों का अनाज, खाने-पीने का सामान और कपड़े खराब हो गए। तेज बारिश और बाढ़ के कारण करीब 100 मकान गिरने की भी जानकारी मिली है। अब तक जिले में छह लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, मानिकपुर तहसील में बरदहा नदी अभी भी तेज बहाव पर है। कारी बराह रपटा और धारकुंडी पुल के पास सड़क बह जाने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश का संपर्क टूट गया है। केकरामार रपटा पर करीब दो फीट पानी के तेज बहाव के बीच ग्रामीण और वाहन निकलते रहे, जिसमें कई वाहन फंस गए। ये गांव भी चपेट में आए नदी के तेज बहाव से चमरौहा, मऊ गुरदरी, गढ़वा, टेढ़वा, सकरौहा, रानीपुर, कल्याणपुर, सेखापुर, बंधवा, डोडा माफी, बभिया और टिकरिया समेत 40 गांवों पर असर पड़ा है। चमरौहा घाट रपटा पर चार फीट पानी बह रहा है। मऊ गुरदरी के हरभूषण और हरभजन पुरवा की करीब 2 हजार आबादी टापू जैसी हालत में फंस गई है। प्रधान रामनाथ के मुताबिक, कई घर गिर गए हैं और बिजली-पानी की सप्लाई बंद है। डोडा बांध में मरम्मत का काम भी शुरू हो गया है। दो और तस्वीरें देखें
देशभर के साथ-साथ मुरादाबाद में भी आज भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी की भारी धूम देखने को मिल रही है। जिले के चारथवाल कस्बे में स्थित प्रसिद्ध 'मंदिर ठाकुरद्वारा' में सुबह से ही पूरी तरह से भक्तिमय माहौल बना हुआ है। जन्माष्टमी के इस पावन पर्व पर अपने अराध्य कान्हा के दर्शनों के लिए सुबह से ही मंदिर में भक्तों का आना शुरू हो गया है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और आस्था के साथ कान्हा के जन्मोत्सव की खुशियां मनाने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है और हर तरफ भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे गूंज रहे हैं। दिनभर दर्शन-पूजन और भजन-कीर्तन का यह सिलसिला जारी रहेगा, जिसके बाद रात 12 बजे कान्हा के जन्म के विशेष अवसर पर महाआरती का भव्य आयोजन किया जाएगा।
यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज में सैन्य अभ्यास के दौरान यमुना में डूबे पैरा कमांडो अजय भगत की शहादत ने जम्मू-कश्मीर के अखनूर स्थित उनके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। 26 वर्षीय अजय चार बहनों के इकलौते भाई थे और चार साल पहले ही उनकी शादी हुई थी। वहीं हादसे का शिकार हुए रोहित नाराायण पाटिल(29) पुत्र नारायण रामलाल पाटिल ने 2017 को सेना में भर्ती होकर देश की सेवा शुरू की थी। वे कोलपिंपरी, तहसील पारोला, जिला जलगांव, महाराष्ट्र के रहने वाले थे। उनका दो साल का एक बेटा हर्षदीपा पाटिल है। आज रोहित का शव उनके पैतृक गांव पहुंच सकता है। अपने क्षेत्र के पहले पैरा कमांडो थे अजय भगत अजय भगत के बारे में बात करें तो मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने वाले पिता बिट्टूराम ने बेटे को पढ़ाया और उसका सेना में जाने का सपना पूरा किया। अजय सेना में भर्ती होने के बाद न केवल परिवार का सहारा बने, बल्कि धीरे-धीरे घर के आर्थिक हालात भी सुधारने लगे थे। परिवार को उम्मीद थी कि अब जिंदगी पटरी पर आ रही है, लेकिन हथिनीकुंड में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया। अजय जम्मू-कश्मीर के अखनूर क्षेत्र की नई बस्ती नड्ड के रहने वाले थे। उन्होंने अखनूर के बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल से 12वीं तक पढ़ाई की और इसके बाद सेना में भर्ती हो गए। बचपन से ही उनके मन में फौज में जाकर देश की सेवा करने का सपना था। इकलौता बेटा होने के कारण वह अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारना चाहते थे। सेना में आने के बाद उन्होंने अपनी मेहनत और हौसले से पैरा कमांडो की कठिन ट्रेनिंग पूरी की। ग्रामीणों के मुताबिक, अजय अपने क्षेत्र के पहले पैरा कमांडो थे। हादसे के दिन ही पिता से हुई थी आखिरी बात अजय के पिता बिट्टूराम के लिए बेटे की शहादत की खबर किसी सदमे से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को ही अजय से उनकी आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान अजय ने उनका हालचाल पूछा था। उन्हें क्या पता था कि बेटे से यह उनकी आखिरी बातचीत होगी। बिट्टूराम ने बताया कि अगले दिन बुधवार सुबह करीब 11 बजे सेना की तरफ से उनके पास फोन आया। उन्हें बताया गया कि अभ्यास के दौरान अजय पानी में लापता हो गए हैं। यह सुनते ही परिवार की चिंता बढ़ गई। दिनभर बेटे के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। शाम करीब छह बजे फिर फोन आया, लेकिन तब तक अजय का कोई पता नहीं चला था। इसके बाद रात करीब आठ बजे परिवार को वह खबर मिली, जिसका उन्हें डर सता रहा था। फोन पर बताया गया कि अजय अब इस दुनिया में नहीं रहे। पिता के अनुसार उनके लिए यह खबर मानना मुश्किल था। जिस बेटे से एक दिन पहले ही बात हुई थी, अगले दिन उसकी शहादत की खबर घर पहुंच गई। मजदूरी कर पिता ने बेटे को बनाया फौजी अजय के पिता बिट्टूराम ने मजदूरी करके परिवार का पालन-पोषण किया। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटे की पढ़ाई जारी रखी और उसे फौज में भेजने का सपना देखा। अजय भी बचपन से पिता की मेहनत देखते आए थे। इसी वजह से उनके मन में परिवार की जिम्मेदारी उठाने और कुछ बेहतर करने का जज्बा था। सेना में भर्ती होने के बाद अजय परिवार के लिए मजबूत सहारा बन गए। घर के आर्थिक हालात धीरे-धीरे सुधरने लगे थे। चार बहनों के बीच इकलौते भाई अजय अपने माता-पिता के लिए सबसे बड़ी उम्मीद थे। पिता बोले- बेटे पर गर्व है, वह देश के लिए शहीद हुए अजय की करीब चार साल पहले शादी हुई थी। अभी उनके कोई संतान नहीं थी। उनकी मां अक्सर बीमार रहती हैं और पिता ही उनकी देखभाल करते हैं। ऐसे में परिवार के लिए अजय सिर्फ बेटा और भाई नहीं, बल्कि घर की बड़ी जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। पिता बिट्टूराम का कहना है कि अजय बचपन से ही फौज में जाकर देश की सेवा करना चाहता था। उन्हें अपने बेटे पर गर्व है कि उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। पिता ने बताया कि अजय माता रानी में भी गहरी आस्था रखते थे। परिवार और गांव के लोग उन्हें बहादुर और जांबाज कमांडो के रूप में याद कर रहे हैं। अयज ने 2017 में डाइविंग कोर्स भी किया था। आज पैतृक गांव पहुंचेगा अजय का पार्थिव शरीर अजय भगत का पार्थिव शरीर आज शुक्रवार को उनके पैतृक गांव नई बस्ती नड्ड पहुंचने की संभावना है। पहले पार्थिव शरीर को अखनूर के पास रख मुट्ठी सैन्य क्षेत्र में लाया जाएगा। इसके बाद सैन्य वाहन से उसे पैतृक गांव ले जाया जाएगा। गांव में स्थानीय युवाओं ने अजय को श्रद्धांजलि देने के लिए मोटरसाइकिल रैली निकालने की तैयारी की है। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है। सैन्य सम्मान के साथ अजय भगत का अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिस घर में अजय के लौटने का इंतजार था, वहां अब उनकी तिरंगे में लिपटी पार्थिव देह पहुंचेगी। तीन दिन में ऐसे मिले दोनों जवानों के शव 1 सितंबर की शाम यमुनानगर के हथिनीकुंड बैराज के पास सेना की प्रैक्टिस के दौरान पांच जवान चिनूक हेलिकॉप्टर से यमुना में खड़ी मोटर बोट पर कूदे। बोट अचानक डूबने लगी, जिसके बाद पांचों जवान पानी में उतर गए। तीन जवान तैरकर सुरक्षित बाहर आ गए, जबकि महाराष्ट्र के पीआर नारायण और जम्मू-कश्मीर के अखनूर के अजय भगत लापता हो गए। इसके बाद सेना, NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। 2 सितंबर की रात पहला शव मिला। हथिनीकुंड बैराज से करीब 15 किलोमीटर दूर उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बरथा कोरसी गांव के पास डाइविंग सूट पहने एक जवान का शव बरामद हुआ। बताया जा रहा है कि यहां पर स्थानीय लोगों ने मछली पकड़ने के लिए जाल लगाए हुए थे, जिसमें शव आकर फंस गया था। इस बारे पुलिस को सूचित किया जिस पर पुलिस व आर्मी भी मौके पर पहुंच गई। यह शव अजय का बताया गया। 3 सितंबर को दूसरा शव मिला। करीब 200 किलोमीटर दूर हरियाणा के जींद जिले में अमरेहड़ी गांव के पास हांसी ब्रांच नहर में डाइविंग सूट पहने दूसरा शव बरामद हुआ। यह शव महाराष्ट्र के पीआर नारायण का बताया गया। शव को सेना के जवान हेलिकॉपर से लेकर आए। इस तरह हादसे के तीन दिन बाद दोनों लापता जवानों के शव बरामद कर लिए गए।
अमरोहा में जन्माष्टमी की धूम:मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाए, आज मटकी फोड़ कार्यक्रम होंगे
अमरोहा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर भक्तों में उत्साह है। शुक्रवार को पूरे जिले में जन्माष्टमी धूमधाम से मनाई जा रही है। पर्व को लेकर मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालु दिन में व्रत रखेंगे और शाम को मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन करेंगे। कई मंदिरों में शाम को मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जन्माष्टमी से एक दिन पहले गुरुवार को शहर के बाजारों में देर रात तक चहल-पहल रही। भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों, लड्डू गोपाल की पोशाक, श्रृंगार और पूजा सामग्री की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ लगी रही। मोतियों से सजे झूले, पीले रंग की पोशाक, मुकुट, मोरपंख, बांसुरी, कंगन और मालाओं की खूब बिक्री हुई। लोगों ने अपनी पसंद के अनुसार लड्डू गोपाल के लिए पोशाक और श्रृंगार सामग्री खरीदी। प्रमुख मंदिरों में विशेष सजावट शहर के राधा-कृष्ण मंदिर, बाबा गंगानाथ मंदिर, वासुदेव मंदिर और बंसीधर मंदिर में जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। शाम होते ही रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर जगमगा उठे। देर रात तक सजावट और अन्य तैयारियां चलती रहीं। आधी रात को होगा कान्हा का जन्मोत्सव मंदिरों में रात को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए विशेष पूजा-अर्चना होगी। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा करेंगे। कई घरों में रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाने के बाद व्रत खोलने की परंपरा है। जन्माष्टमी के कार्यक्रमों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। प्रमुख मंदिरों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। पर्व को लेकर बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में उत्साह देखने को मिल रहा है।
हजारीबाग में शिक्षकों के प्रतिनियोजन पर उठे सवाल, ‘विशेष परिस्थिति’ के नाम पर कैसे हो रहे आदेश?
हजारीबाग में प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा 'विशेष परिस्थिति' का हवाला देकर शिक्षकों के प्रतिनियोजन पर सवाल उठ रहे हैं। कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में तैनाती और पारदर्शिता की कमी के कारण शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगा है।
सीकर शहर में 'भास्कर समाधान' के माध्यम से नागरिक लगातार अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से इस बार जाम नालियों, बंद स्ट्रीट लाइट, स्पीड ब्रेकर नहीं होने और सड़क पर जगह-जगह गड्ढों जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के कारण कहीं लोगों को गंदगी और बदबू से परेशानी हो रही है तो कहीं रात के समय अंधेरे में आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। वहीं, सड़क पर गड्ढों और तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे का खतरा भी बना हुआ है। दूसरी ओर, फतेहपुर रोड की न्यू शिव कॉलोनी और सबलपुरा की शिव कॉलोनी में नालियों से जुड़ी समस्याओं का समाधान होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली है। न्यू शिव कॉलोनी में नाली की नियमित सफाई नहीं होने से पानी सड़क पर आने की समस्या सामने आई थी, जबकि सबलपुरा में नालियां जाम होने से लोग परेशान थे। इन दोनों समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई कर समाधान करवाने वाले नगर परिषद सीकर के एईएन वाजिद अहमद को आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। आइए जानते हैं, भास्कर समाधान पर आई किन समस्याओं का समाधान हुआ और किन समस्याओं के समाधान की लोगों ने मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली... एईएन वाजिद अहमद बने आज के 'स्टार ऑफिसर' फतेहपुर रोड, न्यू शिव कॉलोनी से दिनेश कुमावत ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में नाली की नियमित रूप से सफाई नहीं हो रही है। सफाई नहीं होने के कारण नाली में पानी भर जाता था और नाली का पानी सड़क पर आने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही थी। समस्या सामने आने के बाद एईएन वाजिद अहमद ने मामले का संज्ञान लिया और नाली की सफाई करवाकर समस्या का समाधान करवा दिया। नाली की सफाई होने और सड़क पर पानी आने की समस्या दूर होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। सबलपुरा में जाम नालियों की समस्या का समाधान शिव कॉलोनी, सबलपुरा से दिनेश कुमावत ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में नालियां जाम पड़ी हुई हैं। नालियों की नियमित रूप से सफाई नहीं होने के कारण इनमें गंदगी जमा हो गई थी और पानी की निकासी प्रभावित हो रही थी। इससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या सामने आने के बाद नालियों की सफाई करवाई गई और जाम नालियों की समस्या का समाधान कर दिया गया। इससे लोगों को राहत मिली और पानी की निकासी भी सुचारू हुई। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान की मांग की गई है... कई दिनों से नालियों की सफाई नहीं, मच्छर और बदबू से परेशानी आरटीओ ऑफिस रोड, वंदे मातरम चौक से शाहबुद्दीन मुगल ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके मोहल्ले में काफी दिनों से नालियों की सफाई नहीं करवाई गई है। नालियों में गंदगी जमा होने के कारण आसपास का वातावरण खराब हो रहा है। सफाई नहीं होने से मच्छरों की संख्या भी बढ़ गई है और बदबू के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर नालियों की सफाई नहीं होने से समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने संबंधित विभाग से नालियों की जल्द सफाई करवाने की मांग की है। कई दिनों से बंद स्ट्रीट लाइट, रात में बढ़ रहा अंधेरा राधाकिशनपुरा से मनोज ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट कई दिनों से बंद पड़ी है। रात के समय स्ट्रीट लाइट बंद रहने से क्षेत्र में अंधेरा छाया रहता है। इससे लोगों को रात में आने-जाने में परेशानी हो रही है। अंधेरे के कारण राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से बंद स्ट्रीट लाइट को जल्द ठीक करवाकर रोशनी की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। स्पीड ब्रेकर नहीं होने से हादसे का खतरा शेखपुरा मोहल्ला से दौलत सैनी ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं है। सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। क्षेत्र में लोगों की आवाजाही भी रहती है, ऐसे में तेज गति से आने-जाने वाले वाहनों के कारण कभी भी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों ने सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर बनवाने की मांग की है, ताकि वाहनों की गति नियंत्रित हो सके और हादसों का खतरा कम हो। श्रीमाल विहार कॉलोनी में जयपुर रोड पर जगह-जगह गड्ढे बालाजी नगर, जयपुर रोड से चरण सिंह ने समस्या पोस्ट कर बताया कि श्रीमाल विहार कॉलोनी में जयपुर रोड पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। राहगीरों को भी सड़क से निकलने में परेशानी हो रही है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क की मरम्मत करवाकर गड्ढों को भरने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारू हो सके। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.डेढ़ महीने से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान:सड़क, बिजली से जुड़ी समस्याएं आई सामनें, जेईएन दीपिका बनी आज की 'स्टार ऑफिसर' 2.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':सड़क, बिजली, जलभराव और सफाई से जुड़ी शिकायतें आई सामनें 3.नाली की सफाई और जल निकासी की समस्या का समाधान:कचरा, बंद स्ट्रीट लाइट और जाम नालियों से लोग परेशान 4.एईएन अमित स्वामी बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जाट कॉलोनी में तीन साल से टूटी सड़क की समस्या का हुआ समाधान 5. सीकर में जनसमस्याओं पर एक्शन:'भास्कर समाधान' से मिली राहत, प्रशासन की कार्रवाई से बदल रही शहर की तस्वीर 6.कायस्थ कॉलोनी में हफ्तों से फैला कचरा:चारियान गांव में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी सड़क, तो न्यू जनता कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट 7.जनसमस्याओं पर 'भास्कर समाधान' का असर:खाटूश्यामजी-खंडेला रोडवेज बस शुरू, शहर की स्ट्रीट लाइटें भी हुईं दुरुस्त 8.एईएन विकास मिश्रा बने आज के 'स्टार ऑफिसर':बिजली के तार, रोड लाइट, खराब स्ट्रीट लाइट और अधूरी सड़क से जुड़ी समस्याएं शामिल 9.एईएन वाजिद अहमद बने आज के 'स्टार ऑफिसर':रोड लाइट, सफाई, सीवर और पाइपलाइन लीकेज से जुड़ी समस्याएं शामिल 10.जेईएन हरिराम बने आज के 'स्टार ऑफिसर':सीवर लाइन लीकेज, जल निकासी, झुका बिजली पोल और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं शामिल
अजमेर शहर में 'भास्कर समाधान' के माध्यम से नागरिक लगातार अपनी समस्याएं प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। शहर के अलग-अलग इलाकों से इस बार सीवरेज पाइप ब्लॉक होने से सड़क पर गंदा पानी जमा होने, बंद रोड लाइट, नाले में कचरा जमा होने और सड़क पर गंदा पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन समस्याओं के कारण लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर संत कंवर कॉलोनी, अजय नगर में पीने के पानी की सप्लाई का कोई निश्चित समय नहीं होने और अलसमद कॉलोनी में दो साल पहले पाइपलाइन डालने के बावजूद पानी नहीं पहुंचने की समस्या का समाधान होने से लोगों को राहत मिली है। संत कंवर कॉलोनी की समस्या का समाधान करवाने वाली जेईएन शाहीन बानो को आज का 'स्टार ऑफिसर' चुना गया है। आइए जानते हैं, भास्कर समाधान पर आई किन समस्याओं का समाधान हुआ और किन समस्याओं के समाधान की लोगों ने मांग की है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… पहले एक नजर उन समाधानों पर जिनसे लोगों को राहत मिली... जेईएन शाहिन बानो बनीं आज की 'स्टार ऑफिसर' संत कंवर कॉलोनी, अजय नगर से दिलीप इंदौरा ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में पीने के पानी की सप्लाई आने का कोई निश्चित समय नहीं है। पानी की सप्लाई का समय तय नहीं होने से लोगों को पानी भरने के लिए इंतजार करना पड़ता था और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे थे। समस्या सामने आने के बाद जेईएन शाहिन बानो ने मामले का संज्ञान लिया और समस्या का समाधान करवाया। पानी की सप्लाई से जुड़ी परेशानी दूर होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। समस्या पर त्वरित कार्रवाई कर समाधान करवाने के लिए जेईएन शाहिन बानो आज की हमारी 'स्टार ऑफिसर' बनी हैं। डेढ़ महीने से बंद रोड लाइट की समस्या हुई दूर ज्योति नगर से देवेंद्र नागलिया ने समस्या पोस्ट कर बताया था कि उनके क्षेत्र में रोड लाइट पिछले डेढ़ महीने से बंद पड़ी है। रात के समय सड़क पर अंधेरा रहने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी और आए दिन हादसे होने का खतरा बना हुआ था। समस्या सामने आने के बाद संबंधित विभाग की ओर से कार्रवाई करते हुए रोड लाइट की समस्या का समाधान करवा दिया गया। रोड लाइट चालू होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। अब एक नजर उन समस्याओं पर जिनके समाधान की मांग की गई है... सीवरेज पाइप ब्लॉक होने से सड़क पर जमा हो रहा गंदा पानी संगम विहार कॉलोनी, मेयो लिंक रोड से शुभम शर्मा ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके घर के पास सीवरेज का पाइप ब्लॉक हो गया है। पाइप ब्लॉक होने के कारण सीवरेज का पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर जमा हो रहा है। सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है और आसपास गंदगी भी फैल रही है। स्थानीय लोगों ने सीवरेज पाइप की सफाई करवाकर पानी की निकासी सुचारू करने की मांग की है। कई दिनों से बंद रोड लाइट, रात में छाया अंधेरा पहाड़गंज, वार्ड नंबर 22 से सौरभ जैन ने समस्या पोस्ट कर बताया कि उनके क्षेत्र में रोड लाइट पिछले कई दिनों से बंद पड़ी हुई है। रात के समय लाइट बंद रहने से सड़क पर अंधेरा छा जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी होती है। लोगों ने बंद पड़ी रोड लाइट को जल्द ठीक करवाने की मांग की है। नाले के निर्माण के बाद उसमें डाल दिया कचरा, गंदगी से परेशानी ईदगाह रोड, अरावली विहार कॉलोनी से भरत शर्मा ने समस्या पोस्ट कर बताया कि ईदगाह रोड पर नाले का निर्माण होने के बाद सारा कचरा नाले में ही डाल दिया गया। इसके कारण नाले में बड़ी मात्रा में गंदगी जमा हो गई है। कचरा जमा होने से नाले की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने नाले से कचरा और गंदगी हटवाकर सफाई करवाने की मांग की है। जयपुर रोड पर गंदा पानी जमा, राहगीरों को परेशानी जयपुर रोड, अजमेर फोर्ट रेस्टोरेंट के पास से ब्रजपाल सिंह राठौड़ ने समस्या पोस्ट कर बताया कि सड़क पर गंदा पानी जमा हो गया है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से सड़क से गुजरने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। गंदे पानी के कारण आसपास गंदगी फैलने और दुर्गंध की समस्या भी बनी हुई है। लोगों ने सड़क पर जमा गंदे पानी की निकासी करवाकर समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ीं ये खबरें भी पढ़िए… 1.वैशाली नगर में पाइपलाइन लीकेज की समस्या हुई हल:सड़क के बीच बड़े गड्ढे, घर के सामने ट्रांसफॉर्मर होने और जाम नालियों जैसी समस्याएं सामने आई 2.डॉ. अमित यादव बने आज के 'स्टार ऑफिसर':जेएलएन अस्पताल की पार्किंग शुल्क और बंद स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याओं का हुआ समाधान 3.एईएन बीना बिड़ला बनी आज की 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में सफाई, पानी लीकेज और जलापूर्ति की समस्याएं बनी चिंता का विषय 4.खराब रोड लाइट और सीवर की समस्या हुई ठीक:बिजली के तार, गंदी नालियां और कचरे की समस्या आई सामनें 5.‘भास्कर समाधान’ ला रहा बदलाव:अजमेर में 15 दिन पुरानी रोड लाइट और ढाई महीने पुरानी टूटी सड़क की समस्या सुलझी, नरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार' 6.कृष्णा कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति हुई सुचारु:पानी, सफाई और कचरे की समस्याएं आई सामने, एईएन पूजा मौर्य आज बनी ‘स्टार ऑफिसर’ 7.केसरगंज में पेयजल आपुर्ति की समस्या का हुआ समाधान:सड़क पर जलभराव, जर्जर भवन, बिजली की तारों से टकराते पेड़ और खुले सीवरेज चैंबर की समस्याएं आई सामने 8. पंचशील नगर में सीवर टैंक की समस्या का हुआ समाधान:सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, सफाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी परेशानी आई सामने 9.अजमेर में पृथ्वीराज पुरी से हाथीभाटा तक समस्याओं की तस्वीर:बिजली कनेक्शन में देरी से रुका निर्माण कार्य, कार्रवाई के बाद बदली कई इलाकों की स्थिति 10.एक्सईएन राकेश गहलोत बने 'स्टार ऑफिसर':अजमेर में एक साल से खुले चैम्बर की समस्या हुई हल, आना सागर की रोड लाइट भी सुधरीं, चूहों और बिजली के तारों की समस्या
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में प्रॉपर्टी डीलर की उसके दोस्त ने हत्या कर दी। दोनों के बीच उधार के पैसों को लेकर विवाद था। आरोपी ने दोस्त को फोन कर अपने किराए के मकान पर बुलाया। यहां पुराने लेनदेन को लेकर दोनों में विवाद हो गया। बात बढ़ने पर आरोपी ने डंडे से दोस्त की बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी ने शव को चादर में लपेटकर कमरे में रख दिया और बाहर से ताला लगाकर भाग गया। वह शव को ठिकाने लगाने की कोशिश में था, लेकिन मौका नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का ताला खोलने की कोशिश की। आरोपी ने पुलिस को रोकते हुए कहा कि कमरे में कुछ नहीं है। पुलिस ने ताला तोड़कर अंदर देखा तो शव बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला चिखली चौकी क्षेत्र का है। पहले देखिए तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला पुलिस के अनुसार, मोतीपुर रामनगर का रहने वाला अर्जुन वाधवानी (30) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। बुधवार (2 सितंबर) की रात अर्जुन के दोस्त सुनील वर्मा (30) ने फोन कर उसे अपने किराए के मकान पर बुलाया था। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से पैसों के लेनदेन और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि अर्जुन ने सुनील की बाइक अपने पास रख ली थी। इसी बाइक को लेकर भी दोनों के बीच विवाद था। कमरे में दोनों के बीच पैसों के लेनदेन की बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। इसी दौरान आरोपी ने डंडे से अर्जुन पर हमला कर दिया। हमले में अर्जुन के सिर पर चोट लगने से उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद शव को बेडशीट में लपेटा वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने और शव को छिपाने की कोशिश की। उसने अर्जुन के शव को एक बेडशीट में लपेटा और बाहर से कमरे का ताला बंद कर मौके से फरार हो गया। इसके बाद वह शव छिपाने की कोशिश में जुटा हुआ था। लेकिन इसी बीच पुलिस को भनक लग गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो मकान बाहर से बंद था। जब पुलिस ने ताला खोलने की कोशिश की तो सुनील ने इसका विरोध किया। उसने पुलिस से कहा कमरे में कुछ नहीं है। लेकिन पुलिस को उसकी बातों पर विश्वास नहीं हुआ। पुलिस ने ताला तोड़कर कमरे के अंदर प्रवेश किया तो देखा कि वहां अर्जुन की लाश पड़ी हुई है। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया है। वहीं आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। FSL और डॉग स्क्वाड ने जुटाए सबूत मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से खून के निशान, फिंगरप्रिंट समेत अन्य जरूरी सबूत जुटाए हैं। इसके अलावा क्राइम और साइबर टीम भी जांच में जुटी है। ASP ने बताया- विवाद के बाद हत्या की आशंका राजनांदगांव के एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर ने बताया कि प्राथमिक जांच में मृतक और संदेही वर्मा के बीच उधारी, प्रॉपर्टी डीलिंग और बाइक को लेकर विवाद की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि इसी विवाद के चलते हत्या की गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। …………………………. क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. मंदिर-हसौद से लापता युवक की हत्या...पार्षद समेत 3 दोस्त गिरफ्तार:पानी के विवाद में हाथ-मुक्कों से मारा, मौत, फिर सबूत मिटाने रेत में गाड़ दिया शव छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर से लगे मंदिर हसौद में 22 मई से लापता भुवनेश्वर यादव की हत्या के मामले में महासमुंद पुलिस ने निर्दलीय पार्षद नोहर दास उर्फ गोलू रात्रे और उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोप है कि पानी के विवाद और गाली-गलौज के बाद युवक की हत्या कर दी गई। पढ़ें पूरी खबर…
उदयपुर में 'भास्कर समाधान' पर शहर के अलग-अलग इलाकों से नागरिक समस्याएं सामने आ रही हैं। दागल की मगरी में छह महीने से स्ट्रीट लाइट बंद होने, सुखदेवी नगर में पेयजल सड़क पर बहने और हिरण मगरी में जलभराव और कीचड़ की समस्या से लोग परेशान हैं। वहीं हिरण मगरी सेक्टर 12 की काली घाटी रोड पर टूटी नाली से गंदगी फैल रही है। दूसरी ओर, चित्रकूट नगर में महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या का समाधान किया गया है। हिरण मगरी सेक्टर 3 में हनुमान मंदिर की गली में जमा कचरे की सफाई भी करवाई गई। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम के जमादार महेश कुमार 'पब्लिक के स्टार' बने। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… लाइट बंद रहने से गली में पसरा अंधेराउदयपुर शहर के दागल की मगरी निवासी रश्मि कुमावत ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर स्ट्रीट लाइट की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि रोड लाइट पिछले छह महीने से खराब पड़ी है, जिसके कारण गली में अंधेरा रहता है। सड़क पर बह रहा पीने का पानीबेदला क्षेत्र के सुखदेवी नगर के रहने वाले तुषार ने पेयजल लाइन में लीकेज से संबंधित समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पाइपलाइन का कनेक्शन घरों से नहीं है, जिसके कारण पानी घर में जाने के बजाए सड़क पर बहता है। जलभराव और कीचड़ की समस्याहिरण मगरी क्षेत्र के रहने वाले एन के सक्सेना ने कॉलोनी में रोड और नाली क्षतिग्रस्त होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि हर समय रोड पर पानी बहता है और कीचड़ हो जाती है। टूटी नाली के समाधान की मांगहिरण मगरी के सेक्टर 12 काली घाटी रोड से टूटी नाली की समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी वाजिद खान ने लिखा कि इलाके की छोटी मस्जिद के पीछे वाली गली में नालियां टूटी हुई है। बंद स्ट्रीट लाइट की समस्या पर एक्शनचित्रकूट नगर निवासी कमलेश धोल ने कुछ समय पहले महीनों से बंद रोड लाइट की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि काफी समय से लाइट खराब होने से गली में अंधेरा हो रहा था। इसपर संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। हनुमान मंदिर की गली में हुई साफ-सफाईहिरण मगरी के सेक्टर 3 में रहने वालीं हर्षिता सिंह राव ने कुछ समय पहले कचरे की समस्या पोस्ट की थी। हर्षिता ने बताया था कि हनुमान मंदिर की गली में लगातार कचरा डाला जा रहा था, जिससे वहां कचरे की ढेर लग गया था। इसपर नगर निगम के स्वास्थ्य विंग के जमादार ने सफाई कर दी है। महेश कुमार बने 'पब्लिक के स्टार'उदयपुर के हिरण मगरी सेक्टर 3 में मधु नर्सरी के पीछे वाली गली में कचरे का ढेर लग रहा था। वहां रहने वाली हर्षिता सिंह राव ने इस समस्या को पोस्ट किया था, जिसपर नगर निगम के स्वास्थ्य विंग के जमादार महेश कुमार ने सफाई कर दी है। 'भास्कर समाधान' से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1.नगर निगम के XEN रितेश पाटीदार बने 'स्टार ऑफिसर':80 फीट मेन रोड पर ठीक हुई स्ट्रीट लाइट, घाटी की मंग्री में बंद रोड लाइटों की समस्या का हुआ समाधान 2.सुभाष शर्मा बने 'पब्लिक के स्टार':गायत्री नगर में सीवर लाइन की समस्या से मिली राहत, तो चित्रकूट नगर में टूटे नाले की समस्या का हुआ समाधान 3.भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में सीवर ओवरफ्लो की समस्या दूर, बंद पड़ी रोड लाइटें हुई दुरुस्त 4. उदयपुर में 'भास्कर समाधान' का असर:गायत्री नगर में हुई सफाई, तो अंबामाता में रोशनी लौटी, जीतमल डांगी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 5.उदयपुर में 'भास्कर समाधान' से बदली तस्वीर:बंद रोड लाइटों पर हुआ एक्शन, समाधान के लिए विभागों ने बढ़ाया कदम 6.'भास्कर समाधान' ला रहा बदलाव:उदयपुर में खराब रोड लाइट से जुड़ी दो समस्याओं का निपटारा, जेईएन राजकुमार बने ‘स्टार ऑफिसर’ 7.स्वास्थ्य अधिकारी सत्यनारायण शर्मा की कार्रवाई:चित्रकूट नगर को मिली अंधेरे से मुक्ति, तो मल्ला तलाई में दूर हुई कचरे की समस्या 8.1 साल पुराने कचरे के ढेर से मिली राहत:उदयपुर नगर निगम ने कराई साफ-सफाई, खराब रोड लाइटें विभाग ने करवाईं दुरुस्त 9.बेसहारा पशुओं से बच्चों की सुरक्षा का सवाल:आजाद नगर में नाले का पानी जमा होने से बढ़ी दिक्कत, पुलन और राणा प्रताप नगर में समस्याओं का हुआ समाधान 10.हिरण मगरी में बंद रोड लाइट हुई दुरुस्त:सेक्टर 9 में भी अंधेरे से मिली राहत, जालम सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’
जयपुर शहर में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 'भास्कर समाधान' की पहल लगातार असर दिखा रही है। शहर के कई इलाकों से सड़कों के टूटने, जर्जर बिजली के पोल, सीवर की गंदगी और पेयजल आपूर्ति जैसी समस्याओं को लेकर स्थानीय निवासी अपनी आवाज उठा रहे हैं। कई स्थानों पर संबंधित विभागों की त्वरित कार्रवाई से राहत मिली है, वहीं कुछ मुख्य इलाकों में अब भी प्रशासनिक अनदेखी के कारण हादसे का खतरा बना हुआ है। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… लक्ष्मण कॉलोनी में टूटी सड़कों की समस्याजयपुर शहर के सोडाला क्षेत्र के लक्ष्मण कॉलोनी निवासी अजय वेद ने दैनिक भास्कर के 'भास्कर समाधान' पर सड़क की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि पिछले साल से कॉलोनी की सड़क टूटी हुई है। लोगों को वाहन निकालने में और पैदल चलने में भी समस्या आ रही है। बीच रोड पर लगा बिजली का झुका पोलश्रीनगरपुरा की विनायकपुरी के रहने वाले सोहन लाल ने बिजली के पोल से संबंधित समस्या पोस्ट की है। सोहन ने बताया कि बिजली का पोल बीच रोड पर है और झुका हुआ है। पोल गिरने से कभी भी हादसा हो सकता है। लोगों का कहना है कि जल्द इस पोल हो हटा देना चाहिए। मेन रोड पर दो जगह से अंदर धसी रोड जयपुर के करतारपुरा वार्ड नं 87 से सड़क धंसने की समस्या सामने आई है। क्षेत्रवासी ओम प्रकाश झारवाल ने लिखा कि इलाके की मेन रोड पर दो जगह से सड़क धंस गई है। इस मामले में कई बार शिकायत करने पर भी समाधान नहीं हो पा रहा है। बारिश के कारण गंदगी से आ रही तेज बदबूमालवीय नगर के सेक्टर 13 गिरधर मार्ग की रहने वालीं मीनाक्षी ने सीवर की गंदगी सड़क पर पड़ी होने की समस्या पोस्ट की है। उन्होंने लिखा कि सीवर लाइन की सफाई करने के बाद गंदगी सड़क पर ही छोड़ दी है। साथ ही बताया कि बारिश के कारण उस गंदगी से बदबू आ रही है और कचरा हर तरफ फैल रही है। पेयजल लाइन का लीकेज हुआ दूरन्यू सांगानेर रोड के देवी नगर निवासी नीरज ने कुछ समय पहले पेयजल लाइन में लीकेज की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने लिखा था कि पानी की मुख्य लाइन में लीकेज के कारण घरों में पानी का प्रेशर काफी कम आ रहा था, इसपर संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर समाधान कर दिया है। रोड लाइट की समस्या का हुआ समाधानजगतपुरा के मॉडल टाउन के रहने वाले पुनीत शर्मा ने खराब स्ट्रीट लाइट की समस्या साझा की थी। पुनीत ने लिखा था कि लाइट कई दिनों से बंद पड़ी थी। इसके कारण गली में आने-जाने में काफी समस्या आती थी। इस समस्या के पोस्ट होने पर विभाग की XEN ने समाधान करवा दिया है। निधि जैन बनीं 'स्टार ऑफिसर'जयपुर शहर के जगतपुरा के मॉडल टाउन के रहने वाले पुनीत शर्मा की समस्या का समाधान हो गया है। पुनीत ने बताया था कि उनकी गली में गली रोड लाइट बंद होने से हर तरफ अंधेरा हो गया था, लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता था। इस पोस्ट के बाद XEN निधि जैन ने तुरंत एक्शन लेकर समाधान करवाया है। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.मानसरोवर में सीवर की समस्या का समाधान:प्रताप नगर सेक्टर 70 में सीवर लाइन की हुई सफाई, 'भास्कर समाधान' से समस्याओं पर लगातार एक्शन 2.सेठी कॉलोनी में सीवर की समस्या का समाधान:तो वरुण पथ में पोस्ट के बाद हुई सफाई, टोंक फाटक और गोकुलपुरा में समस्याएं बाकी 3.जयपुर की जन-समस्याओं पर तुरंत एक्शन:झोटवाड़ा और सांगानेर की सुविधाओं में आया बड़ा सुधार, स्वास्थ्य उपायुक्त ओम थानवी बने 'स्टार ऑफिसर' 4.जयपुर की आज 7 समस्याओं की कहानी:2 का हुआ समाधान, सांगानेर क्षेत्र में पहुंची कचरा गाड़ी, तो ग्रीन विहार में खराब स्ट्रीट लाइट पर एक्शन 5.पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत की कार्रवाई से सुधरी दशा:ब्रह्मपुरी में टूटा सीवर चैंबर दुरुस्त, तो निर्माण नगर में लीकेज की समस्या खत्म 6.प्रताप नगर में सड़क पर फैला गंदा पानी:धौलाई में अवैध पार्किंग से लग रहा जाम, तो कहीं समस्याओं का हुआ तुरंत समाधान 7.शास्त्री नगर में सड़क की समस्या का समाधान:कचरे की समस्या पर भी प्रशासन ने लिया एक्शन, पूर्व पार्षद शिव सोनी बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.गणेश नगर 2 और पुरुषार्थ नगर में गड्ढों का खतरा:तो प्रताप नगर में कचरा गाड़ी की परेशानी, पूर्व पार्षद दशरथ सिंह शेखावत बने आज के ‘स्टार’ 9.तुलसी नगर में पूर्व पार्षद की पहल से समस्या हल:हिम्मत नगर में सीवर ओवरफ्लो पर प्रशासन का क्विक एक्शन, मनोज मुदगल बने ‘पब्लिक के स्टार’ 10.हरमाड़ा-दौलतपुरा रोड और बापू नगर में समस्याएं:तो अक्षय पात्र मंदिर और मालवीय नगर में हुआ समाधान, निधि जैन बनीं ‘स्टार ऑफिसर’

