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राजस्थान में कल से तेज बारिश का अलर्ट:आज भी जयपुर सहित कई जिलों में बरसात की संभावना, भरतपुर में एक इंच से ज्यादा पानी बरसा

राजस्थान में पिछले एक सप्ताह से चल रहा मानसून का ब्रेक बुधवार को खत्म हुआ। भरतपुर के रूपवास में इलाके में 1 इंच से ज्यादा बरसात हुई। जयपुर, धौलपुर, करौली के कई हिस्सों में बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य में गुरुवार को भी जयपुर, भरतपुर संभाग के एरिया में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। वहीं, 4 सितंबर से बारिश की गतिविधियां तेज होने और जयपुर, भरतपुर के साथ कोटा, अजमेर संभाग के एरिया में बरसात होने का अलर्ट जारी किया है। प्रदेश में बारिश की स्थिति मानसून के बड़े अपडेट्स 24 घंटे में कहां-कहां हुई बारिश: सबसे ज्यादा बरसात भरतपुर के रूपवास में 27MM बारिश दर्ज हुई। धौलपुर के बाड़ी में 12, करौली के बालघाट पर 18MM बरसात हुई। इनके अलावा नादौती, सैंपउ, बसेड़ी, राजाखेड़ा समेत कई इलाकों में हल्की बारिश (10MM से कम) हुई। भारी बारिश की भी आशंका: मौसम विशेषज्ञों ने बताया- बंगाल की खाड़ी में बना वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम 24 घंटे के दौरान दक्षिणी उत्तर प्रदेश और उत्तरी मध्य प्रदेश के हिस्सों तक पहुंचने की संभावना है। इसके असर से राजस्थान में 4 सितंबर से बारिश का दौर तेज होगा। भरतपुर, कोटा संभाग में 5 से 7 सितंबर के बीच तेज और एक-दो स्थानों पर भारी बारिश की भी आशंका है। पश्चिमी जिलों में सूखा रहेगा मौसम: ​पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग के एरिया में आगामी दिनों में मानसून के सुस्त ही रहने की संभावना है। बुधवार को राज्य के बीकानेर संभाग में सबसे ज्यादा गर्मी रही। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस श्रीगंगानगर में दर्ज हुआ। आगे कैसा रहेगा मौसम राजस्थान के प्रमुख शहरों में मौसम का हाल जयपुर: बुधवार दोपहर बाद मौसम में बदलाव हुआ। कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। सांगानेर एयरपोर्ट पर 8MM जबकि जेएलएन मार्ग पर करीब 2.5MM पानी बरसा। ग्रामीण इलाकों में चौमूं, बस्सी समेत आसपास के क्षेत्र में हल्की बारिश हुई। मौसम के इस बदलाव से जयपुर में उमस बढ़ गई। दिन का अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अलवर: बुधवार सुबह से मौसम सामान्य बना हुआ है। दिन चढ़ने के साथ गर्मी और उमस का असर बढ़ गया। अधिकतम तापमान करीब 37 डिग्री रहा। मौसम विभाग ने बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया था, लेकिन बारिश नहीं हुई। पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश का दौर थमा हुआ है। जोधपुर:यहां अधिकतम तापमान 34.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जो सामान्य से 0.9 डिग्री अधिक है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी कुछ दिन में बारिश की संभावना नहीं है। कोटा: बुधवार को आसमान साफ रहा। दोपहर में कुछ समय बादल छाए रहे। शाम तक बारिश नहीं हुई। तापमान में कोई उतार चढ़ाव नहीं हुआ। अधिकतम तापमान 33.8 डिग्री व न्यूनतम 25.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। लोग गर्मी व उमस से परेशान रहे। मौसम विभाग में कल से दो दिन कोटा संभाग में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। उदयपुर: सुबह से दिनभर तेज धूप खिली रही। उमस से भी लोग परेशान रहे। दिन के तापमान में 0.3 डिग्री सेल्सियस का इजाफा हुआ। मौसम विभाग ने आगे 3 से 4 दिनों में इसी तरह के मौसम की संभावना जताई है। बुधवार को तापमान 32.3 डिग्री दर्ज किया गया। अजमेर: बुधवार को दिनभर गर्मी और उमस का असर रहा। अधिकतम तापमान 33.0 डिग्री और न्यूनतम 22.9 डिग्री दर्ज किया गया। बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी हुई हैं। सीकर: मौसम बदलने के कारण तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखा गया। सीकर में फिलहाल बारिश का कोई पूर्वानुमान नहीं है। अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री दर्ज किया गया। सीकर में पिछले डेढ़ सप्ताह से बारिश नहीं हुई है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:43 am

मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ:पूर्व एयर मार्शल राममंदिर के पहले CEO; नेपाल PM बोले- भारत का धन्यवाद; पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी भारत में होगी

नमस्कार, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में पहली बार चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति हुई है। नेपाल में बाढ़ के बाद भारत की ओर से भेजी गई राहत मदद पर नेपाल के पीएम बालेन्द्र शाह ने भारत सरकार को धन्यवाद कहा है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे जानिए कि भारत पहली ICC महिला चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी करेगा। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. पीएम मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के बीच नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता होगी। 2. CAPF की पुरानी पेंशन योजना से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। कल की बड़ी खबरें... 1. राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा: चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बने; ट्रस्ट में 3 नए सदस्य शामिल पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। जीतेंद्र मिश्रा ही CEO क्यों? सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल: जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। सैन्य अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है। गोविंद देव गिरि नए महासचिव, 3 नए ट्रस्टी भी: ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि नए महासचिव होंगे। उनकी जगह 3 नए ट्रस्टियों में शामिल महेश भागचंदका अब कोषाध्यक्ष होंगे। RSS समर्थक निर्मला यादव पहली महिला ट्रस्टी होंगी। अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय भी ट्रस्टियों में शामिल हैं। चढ़ावे चोरी का मामला, 3 महीने में बड़ा बदलाव : यह बदलाव मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामला सामने आने के 3 महीने के बाद हुआ। मामले में 8 आरोपी जेल में हैं। 2 जुलाई को ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। पूरी खबर पढ़ें... 2. नेपाली PM संसद में बोले- भारत को धन्यवाद: कहा- सही समय पर पड़ोसी देशों ने मदद पहुंचाई; 7 दिन में 1200+ मौतें नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों में मदद के लिए संसद में भारत और चीन को धन्यवाद दिया। संसद को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पड़ोसी देशों ने समय पर राहत सामग्री, तकनीकी टीमें और आपात मदद भेजी। भारत ने राहत सामग्री की पांचवीं खेप भेजी है। भारतीय टीमें सुरंगों में सर्च ऑपरेशन और शवों की पहचान में मदद कर रही हैं। वहीं, चीन ने ग्यिरोंग बॉर्डर तक जाने वाला हाईवे खोल दिया है, जिससे राहत दल प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं। नेपाल से बाढ़ से अबतक 1225 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें नेपाल में 1204 और तिब्बत में 21 लोग शामिल हैं। वहीं, 4700 से ज्यादा लोग लापता हैं। कई हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स के कर्मचारी भी गायब हैं। आशंका है कि कुछ लोग अब भी सुरंगों में फंसे हो सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें... 3. आंध्र प्रदेश में मलेरिया दवा से बच्ची की मौत: 52 लोग अस्पताल में भर्ती; मलेरिया की जांच के बाद बांटी गई थी मेडिसिन आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले के गोल्लागुप्पा गांव में मलेरिया की दवा खाने के बाद एक 7 साल की बच्ची की मौत हो गई। बच्ची की पहचान मदिवी जमुना के रूप में हुई है। वहीं, 52 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने मलेरिया की रोकथाम के लिए गांव में मेडिकल कैंप लगाया था। इसके बाद 71 लोगों को क्लोरोक्वीन की टेबलेट बांटी गई थीं। दवा लेने के बाद कुछ बच्चों और ग्रामीणों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने जैसी दिक्कतें होने लगीं थी। क्लोरोक्वीन एक एंटी-मलेरिया दवा है क्लोरोक्वीन एक एंटी-मलेरिया दवा है, जिसका इस्तेमाल कुछ प्रकार के मलेरिया के इलाज और कुछ परिस्थितियों में बचाव के लिए किया जाता है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के मुताबिक, यह खास तौर पर पी. विवैक्स मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाती है। पूरी खबर पढ़ें... 4. यूपी के 3.5 लाख कर्मचारियों की सैलरी 7 हजार बढ़ी, 50 लाख तक बीमा मिलेगा; योगी ने आउटसोर्स सेवा निगम की शुरुआत की यूपी आउटसोर्स सेवा निगम की वेबसाइट का बुधवार को सीएम योगी ने लोकार्पण किया। उन्होंने निगम के लोगो (Logo) का अनावरण करने के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों को चेक भी बांटे। निगम के शुरू होने के साथ प्रदेश के 3.5 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 7 हजार रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। अब हर महीने मिलेगी 20 हजार सैलरी: पहले कर्मचारियों को 13 हजार रुपए प्रतिमाह मिलता था, अब इसे बढ़ाकर 20 हजार तक कर दिया गया है। इसके अलावा कर्मचारियों को 50 लाख रुपए तक का बीमा कवर भी मिलेगा। आकस्मिक दवा के लिए 5 लाख और एयर एम्बुलेंस के लिए 10 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। लखनऊ में कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा- हर आउटसोर्स कर्मचारी को उसकी मेहनत के अनुरूप मानदेय मिलेगा। पहले तो उनको पता ही नहीं चलता था कि कितना मानदेय मिल रहा। हम लोग जाते थे और कर्मचारी से पूछते थे कि कितना मानदेय मिल रहा है। वह बताता था कि कागज पर 9 हजार है, लेकिन उसे 6 हजार रुपए ही मिल रहे। बाकी रुपए कहां जाते हैं? पूरी खबर पढ़ें… 5. भारत में होगी पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी: अगले साल 14 से 28 फरवरी तक मुंबई-वडोदरा में होगा टूर्नामेंट; श्रीलंका से छिनी थी मेजबानी भारत में पहली महिला चैंपियंस ट्रॉफी खेली जाएगी। ICC ने बुधवार को इसका ऐलान किया। 6 टीमों का यह टूर्नामेंट 14 से 28 फरवरी 2027 तक मुंबई और वडोदरा में खेला जाएगा। टी-20 फॉर्मेट में होने वाली इस टूर्नामेंट की मेजबानी श्रीलंका को मिली थी। ICC ने 30 अगस्त को श्रीलंका से मेजबानी छीन ली थी। ICC ने आरोप लगाया था कि श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड में वहां की सरकार का दखल है। श्रीलंका से मेजबानी छिनने के बाद टूर्नामेंट कराने के लिए बांग्लादेश, भारत और साउथ अफ्रीका ने दावा किया था। ICC ने तय मानकों के आधार पर भारत के प्रस्ताव को मंजूरी दी। ICC ने कहा- श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड जुलाई में ICC की एनुअल कॉन्फ्रेंस में बताए गए सुधार कर रहा है। पूरी खबर पढ़ें... 6. दिवंगत एक्टर सुशांत की मैनेजर दिशा सालियान मौत की जांच CBI करेगी, एक्टर की मौत से 6 दिन पहले 14वीं मंजिल से गिरी थीं बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को दिवंगत बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत की जांच CBI को सौंप दी। कोर्ट ने यह फैसला दिशा के पिता की याचिका पर सुनाया। इसमें उन्होंने पुलिस की जांच पर सवाल उठाए थे। दिशा की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड में एक इमारत की 14वीं मंजिल से गिरने से हुई थी। घटना के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह भी मुंबई के बांद्रा स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत मिले थे। दिशा केस की शुरुआती जांच करीब तीन महीने में बंद कर दी गई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे सामने आने के बाद 2023 में इसे दोबारा खोला गया और SIT बनाई गई। तब से जांच जारी है। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: पीयूष गोयल बोले- सिर्फ GDP की आलोचना करने वाले बेरोजगार: बेस ईयर की तुलना कर लोगों को गुमराह कर रहे; पहले रघुराम राजन ने उठाए थे सवाल (पूरी खबर पढ़ें) 2. नेशनल: कर्नाटक के सीएम बोले- सीता का चरित्र राम से बड़ा: कहा- महिलाएं संसद तक नेतृत्व संभालें, सरकार पूरा साथ देगी (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: टर्नस एपल के नए CEO, ₹600 करोड़ का पैकेज:आईफोन समेत कई प्रोडक्ट की इंजीनियरिंग की; टिम कुक अब एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: 5000 अमेरिकी सैनिक थाईलैंड पहुंचे, 5 दिन छुट्टियां मनाएंगे: देह व्यापार वाले इलाकों में जाने पर रोक; पुलिस ने 50 सेक्स वर्कर्स को हिरासत में लिया (पूरी खबर पढ़ें) 5. नेशनल: एयर इंडिया एक्सप्रेस ने क्रू मेंबर्स की यूनिफॉर्म बदली:केले के रेशों से बने फैब्रिक से कपड़े तैयार हुए, कांजीवरम और गमोसा क्राफ्ट डिजाइन (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: तमिलनाडु के 52 मंदिरों में स्मार्टफोन बैन: ₹5 में जमा होगा फोन; परिसर में सेल्फी और रील पर पाबंदी, VIP पर भी लागू होंगे नियम (पूरी खबर पढ़ें) 7. स्पोर्ट्स: टाइगर वुड्स का ड्राइविंग लाइसेंस 5 साल के लिए सस्पेंड:अमेरिकी गोल्फर को जेल नहीं जाना पड़ेगा, मार्च में रोड एक्सीडेंट हुआ था (पूरी खबर पढ़ें) 8. इंटरनेशनल: 2 दिन बाद अमेरिका का ईरान पर फिर मिसाइल हमला: 12 की मौत, 68 घायल; जवाब में जॉर्डन-बहरीन के अमेरिकी मिलिट्री बेस पर ईरानी स्ट्राइक (पूरी खबर पढ़ें) 9. उत्तर प्रदेश: मैनपुरी में CO बोले- अखिलेश को VIDEO भेज देना: मूंछों पर ताव दिया, नेम प्लेट दिखाई, कहा- नाम अशोक सिंह, पता- आजमगढ़ (पूरी खबर पढ़ें) 10. क्रिकेट: रेप का आरोपी क्रिकेटर टीम से बाहर: फैंस के विरोध के बाद इंग्लिश क्लब का फैसला, बरी हो चुके हैं स्कॉट कुगलेइन (पूरी खबर पढ़ें) 11. नेशनल: दिल्ली गैंगरेप केस- पीड़ित और आरोपियों के फिंगरप्रिंट मिले: ड्राइवर-कंडक्टर के कपड़े भी जब्त; चलती बस में 16 साल की छात्रा से रेप का आरोप (पूरी खबर पढ़ें) 12. राजस्थान: जयपुर के चिड़ियाघर में टाइगर का हमला, महिला की मौत: बाड़े में घास काटने घुसी थी, साथियों का दावा- किसी ने जानबूझकर पिंजरे का गेट खोला (पूरी खबर पढ़ें) 13. क्रिकेट: बुमराह ICC टेस्ट रैंकिंग में तीसरे नंबर पर फिसले: स्टार्क ने पिछले हफ्ते नंबर-1 पोजीशन छीनी थी; गिल को दो स्थान का नुकसान (पूरी खबर पढ़ें) 14. एंटरटेंमेंट: एक्ट्रेस साधना ने 1 रुपए से शुरू की थीं फिल्में:‘साधना कट’ से देशभर में छाईं, आखिरी दिनों में आर्थिक तंगी से जूझीं (पूरी खबर पढ़ें) 15. एंटरटेंमेंट: करीना कपूर ने 11वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी थी: बोलीं- शिक्षा पूरी न करने का आज भी अफसोस; जानिए कपूर फैमिली में कौन कितना पढ़ा-लिखा (पूरी खबर पढ़ें) 16. उत्तर प्रदेश: नोएडा मजदूर प्रोटेस्ट- छात्रा आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द:हाईकोर्ट बोला- सरकार की कहानी मनगढ़ंत, डीएम सैलरी से 5 लाख मुआवजा दें (पूरी खबर पढ़ें) 17. पंजाब: CMO में करप्शन के दावों पर ED अधिकारी तलब:फाइल के साथ पुलिस मुख्यालय बुलाया; AAP मंत्री बोले- चैट-स्क्रीनशॉट पढ़ने लायक नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 18. नेशनल: पूर्व सैनिक को कर्नाटक डिप्टी सीएम से मिलने से रोका:आत्महत्या की कोशिश; दावा- सरकार ने 24 साल तक जमीन मिलने का वादा पूरा नहीं किया (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके… जेन-जी का एक नया डेटिंग ट्रेंड अमेरिका और ब्रिटेन में कुछ जेन-जी का मानना है कि शरीर की गंध उन्हें ज्यादा आकर्षक बना सकती है। इसे ‘फेरोमोन-मैक्सिंग’ कहा जा रहा है। कुछ लोग कई दिनों तक नहाने से बचते हैं और बिना धुले कपड़ों में डेट पर जाने की बात भी कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर:आसिम मुनीर ने गुपचुप ‘तख्तापलट’ कर दिया; कैसे पाकिस्तान में सबसे ताकतवर बने, आखिर हासिल क्या करना चाहते हैं 2. जरूरत की खबर: वाहन बीमा के नियमों में बदलाव:एक्सपर्ट से जानें जेब पर पड़ेगा कितना असर, नए इंश्योरेंस रूल्स के फायदे-नुकसान 3. रिलेशनशिप एडवाइज: हसबैंड अपनी पुरानी गर्लफ्रेंड से बात करते हैं:क्या एक्स से दोस्ती नॉर्मल है या दोनों के बीच कुछ चल रहा है 4. भास्कर एक्सक्लूसिव: UP में चुनाव से पहले 70 हजार नई नौकरियां: 1 लाख युवाओं को मिलेगा जॉइनिंग लेटर, जेन-जी को अपने पक्ष में करने की कोशिश में सरकार 5. भास्कर इंटरव्यू: यूपी की मुस्लिम एक्टिविस्ट बोलीं- मुझे काटकर क्या मिलेगा?: कुरान में जो लिखा, वही बोलती हूं; 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मंत्री किरोड़ीलाल भी चपेट में आए थे, जानें- स्वाइन फ्लू का कितना बड़ा रिस्क‌? करेंट अफेयर्स ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज न्या राशि के अविवाहित लोगों के लिए अच्छा रिश्ता आ सकता है। वृश्चिक राशि वालों की प्रॉपर्टी से जुड़ी कोई बड़ी डील हो सकती है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:43 am

अखिलेश के शिव मंदिर का मुहूर्त नहीं निकल रहा:माफिया की भतीजियों के गहने गायब, चंद्रशेखर ने खेला तगड़ा गेम

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दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:43 am

राम मंदिर CEO के चाचा बोले-अब भगवान की सेवा करेगा:देवरिया के गांव में जय श्रीराम के नारे लगे; लोगों ने कहा- ईमानदारी का तोहफा मिला

पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बन गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर (बुधवार) को इसका ऐलान किया। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। जीतेंद्र मिश्रा मूल रूप से देवरिया जिला मुख्यालय से 60 किमी दूर बनकटा के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उनको CEO बनाए जाने के बाद से गांव में जश्न का माहौल है। मिठाई बांटी गई और जय श्रीराम के नारे लगे। जीतेंद्र मिश्रा के चाचा ने कहा- भतीजे ने पहले देश की सेवा की, अब प्रभु राम की सेवा करेगा। दैनिक भास्कर की टीम उनके गांव पहुंची और परिवार के लोगों से बात की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… भोपतपुरा गांव में रहने वाले जीतेंद्र के चाचा रामप्यारे मिश्रा मालवीय इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क रहे हैं। वह बताते हैं- परिवार में शिक्षा और अनुशासन का माहौल शुरू से था। मेरे बड़े भाई और जितेंद्र के पिता नथुनी मिश्र जेएनयू में प्रोफेसर थे। एक बेटा लंदन में पीएचडी, दूसरा बीटेक कर रहा रामप्यारे मिश्रा बताते हैं- मेरे भाई का परिवार लंबे समय से दिल्ली में ही रह रहा है। जीतेंद्र के छोटे भाई देवेंद्र मिश्रा भी दिल्ली में मौलाना आजाद अस्पताल में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। मेरी भाभी और जीतेंद्र की मां सरस्वती देवी उनके साथ दिल्ली में रहती हैं। जीतेंद्र की पत्नी वत्सला देवी गृहिणी हैं। उनके 2 बेटे सारण्य और शांतनु हैं। सारण्य लंदन से पीएचडी कर रहे हैं, जबकि शांतनु बीटेक कर रहे हैं। चाचा बोले- भतीजे को श्रीराम की सेवा का मौका मिला रामप्यारे मिश्रा मालवीय इंटर कॉलेज में हेड क्लर्क रहे हैं। उन्होंने जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि भतीजे ने भारतीय वायुसेना में रहकर लंबे समय तक देश की सेवा की है। अब उन्हें प्रभु श्रीराम से जुड़े कार्य की जिम्मेदारी मिली है। यह परिवार और गांव दोनों के लिए गौरव की बात है। पिता की मौत के बाद गांव आए थे जीतेंद्र मिश्रा चाचा ने बताया- जीतेंद्र मिश्रा के पिता नथुनी मिश्रा का 2022 में निधन हुआ था। इसके बाद पैतृक गांव भोपतपुरा में कार्यक्रम रखा गया था। इसमें जीतेंद्र मिश्रा शामिल हुए थे। इसके बाद फोन पर लगातार परिवार का गांव से जुड़ाव बना रहा है। हालांकि, जीतेंद्र की शिक्षा और फिर सैन्य सेवा की वजह से उनका ज्यादातर समय दिल्ली में ही बीता। गांव वाले बोले- हमारे लिए गर्व की बात बुधवार को जैसे ही जीतेंद्र मिश्रा के राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नियुक्त होने की खबर गांव पहुंची, तो परिजनों और गांववालों में खुशी का माहौल हो गया। जयश्री राम के नारे लगने लगे। गांववालों का कहना है कि भोपतपुरा के किसी व्यक्ति का वायुसेना में एयर मार्शल बनना और अब राम मंदिर ट्रस्ट में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। पड़ोसी बोले- ईमानदारी का तोहफा मिला गांव में रहने वाले बुजुर्ग और रिश्तेदार जगदीश मिश्रा कहते हैं- जीतेंद्र ने सेना में सेवा दी है। अब उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने पर बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। एक और रिश्तेदार दया शंकर मिश्र ने कहा कि यह बहुत सम्मान और प्रतिष्ठा की बात है। जीतेंद्र बेहद ईमानदार इंसान हैं। उनकी ईमानदारी का ही उन्हें तोहफा मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद उनसे हाथ मिलाकर उनकी पीठ थपथपाई थी। भाजपा नेता बोले- हमारे क्षेत्र के लिए गौरव का पल भाजपा नेता राजकुमार शाही ने बताया- जीतेंद्र मिश्रा हमारे विधानसभा क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्होंने सेना में भी बहुत साहसिक और ऐतिहासिक काम किया था। संयोग ऐसा रहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के समिति के लोगों ने उनका CEO के पद पर चयन किया। यह बनकटा ब्लॉक, भाटपार रानी विधानसभा, देवरिया जिले और यूपी के लिए बहुत गौरव का क्षण है। इस नाते हम लोगों को तो बहुत खुशी है। लग रहा है, जैसे हमारे घर-आंगन का ही व्यक्ति CEO बना है। इसके लिए मैं ईश्वर को भी साधुवाद देता हूं कि जीतेंद्र को श्रीराम की सेवा करने का मौका मिलेगा। जब तक सेवा में थे, देश की रक्षा की। आज फिर अपनी संस्कृति की रक्षा में लगेंगे। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बाद हुई नियुक्ति श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट का पहला CEO बनाए जाने का ऐलान किया। राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के 3 महीने के बाद उनकी नियुक्ति हुई है। जीतेंद्र मिश्रा ही क्यों बनाए गए सीईओ ऑपरेशन सिंदूर में हीरो इमेज: जीतेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर में वेस्टर्न एयर कमांड के प्रमुख थे। उन्हें इस भूमिका के लिए सर्वोच्च युद्ध सेवा मेडल (SYSM) भी मिला। यूपी से कनेक्शन: वे देवरिया, उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। यानी राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की नियुक्ति में उनका यूपी कनेक्शन भी है। सैन्य अनुभव का इस्तेमाल: करीब 40 साल वायुसेना में रहे और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाले। ऐसे में मंदिर के बढ़ते प्रशासन, सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और बड़े स्तर के ऑपरेशनल कामकाज के लिए उनका सैन्य प्रशासनिक अनुभव महत्वपूर्ण माना जा सकता है। ब्राह्मण चेहरा- यूपी में करीब 13% आबादी ब्राह्मणों की है। जीतेंद्र मिश्रा इसी वर्ग से आते हैं। प्रदेश में सरकार बनाने में ब्राह्मण वोट निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… राममंदिर के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा:चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO होंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को इसका ऐलान किया। मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया और एयरफोर्स में 39 साल काम किया। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:42 am

'अखिलेश को VIDEO भेज देना' कहने वाले डिप्टी SP कौन?:मूंछों पर ताव देकर सपाइयों को ललकारा, नेमप्लेट भी दिखाई, VIDEO

मैनपुरी में तैनात प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के अधिकारी और डीएसपी अशोक सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर उनकी सपा नेताओं से तीखी बहस हुई। उन्होंने बेबाक अंदाज में मूंछों पर ताव देते हुए अपनी पहचान बताई। कहा- बना लो वीडियो, वायरल कर देना, अखिलेश यादव को दे देना। तो आखिर अशोक सिंह कौन हैं और विवाद क्या था, VIDEO देखिए…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:42 am

Kangra News: साई धर्मशाला में गर्ल्स वॉलीबाल खिलाड़ियों के ट्रायल 7 से 9 तक

भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के धर्मशाला स्थित राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में गर्ल्स वॉलीबाल खिलाड़ियों के चयन के लिए 7 से 9 सितंबर तक ट्रायल होंगे।

अमर उजाला 3 Sep 2026 5:42 am

IAS दिव्या ने जिस गांव में पानी पहुंचाया-वहां हालात कैसे:टैंकर के पानी के लिए राशन कार्ड दिखाना पड़ता था; 5km दूर झरने पर लगती थी लाइनें

‘जब से पैदा हुए हैं, झरने और टैंकर से पानी लेते आए। रात 8 बजे पानी लेने के लिए झरने के पास जाकर बैठ जाते थे, तब कहीं अगली सुबह पानी मिलता था। दिव्या मित्तल हमारे लिए भगवान बनकर आईं। उन्होंने हमारे गांव में पानी पहुंचा दिया।’ यह कहना है मिर्जापुर के लहुरियादह गांव के राकेश यादव का । उनकी तरह गांव के करीब 90% लोग मानते हैं कि पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने उनके गांव की किस्मत बदल दी। दरअसल, सितंबर- 2022 में दिव्या मित्तल मिर्जापुर की डीएम बनी थीं। वह दौरे पर लहुरियादह गांव पहुंची, तो लोगों ने बताया कि पीने के साफ पानी के लिए उन्हें 5 किमी चलना पड़ता है। तब दिव्या ने कहा था- ‘जब तक इस गांव में पानी नहीं पहुंच जाता, तब तक मैं यहां का पानी नहीं पीऊंगी।’ करीब 1 साल की कोशिशों के बाद आखिरकार गांव के लोगों का सपना पूरा हुआ। यहां पीने का पानी पहुंचाया जा सका। कुछ महीने बाद सितंबर- 2023 में दिव्या मित्तल का यहां से ट्रांसफर हो गया। 30 अगस्त, 2026 को उन्होंने नौकरी से ही इस्तीफा दे दिया है। अब यह गांव सुर्खियों में है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राशन कार्ड दिखाकर मिलता था पानी मिर्जापुर जिला मुख्यालय से करीब 65 किमी दूर यूपी-एमपी बॉर्डर पर बसे इस गांव में 4 साल पहले राशन कार्ड के हिसाब से पानी मिलता था। यहां के लोगों ने बताया कि हर व्यक्ति को सिर्फ 15 लीटर पानी दिया जाता था। यह गांव हनुमाना पहाड़ी के ऊपर बसा है। कई बार टैंकर भी नहीं पहुंचता था। ऐसे में गांव के लोगों को जंगल में 5 किमी पैदल चलकर जाना पड़ता था। यहां पहाड़ से रिसने वाले पानी को बर्तन में भरकर लाते थे। 2022 तक यहां पीने के पानी के लिए नल की कोई व्यवस्था नहीं थी। ट्रक पर पानी लादने पर महिलाएं होती थीं बेइज्जत गांव में हमारी मुलाकात सड़क किनारे दुकान चलाने वाली कमला देवी केसरवानी से हुई। वह बताती हैं- हम लोग पानी लेने के लिए 5 किमी दूर भैंसोर जाते थे। वहां से आने वाले ट्रकों पर पानी लाद देते थे। ट्रक वाले उल्टा-सीधा बोलते थे। लेकिन हमारी मजबूरी थी, इसलिए सब सुनना पड़ता था। कमला आगे कहती हैं- 2022 में दिव्या मित्तल ने हमारे गांव का दौरा किया। गांव पहाड़ पर बसा है और काफी ऊंचाई पर है। पाइप के जरिए यहां पानी नहीं पहुंचाया जा सकता था। इसलिए उन्होंने पानी की टंकी बनवाने का प्रोजेक्ट फाइनल किया। उन्होंने जैसा कहा था, वैसा ही किया। उन्होंने उद्घाटन में सांसद या विधायक को नहीं बुलाया। इस वजह से सांसद अनुप्रिया पटेल ने उनका ट्रांसफर करवा दिया। मजबूरी में बरसात का पानी पीते थे लहुरियादह में दुकान चलाने वाले विकास कुमार तेज बारिश के बीच अपने घर के डिब्बों में पानी भर रहे थे। इसकी वजह पूछने पर उन्होंने बताया- इससे दुकान के गंदे बर्तन धो लेते हैं। दिव्या मित्तल ने हमारे घर तक नल और पाइप से पानी पहुंचा दिया। इनसे पहले भी हमने कई अधिकारियों से अपनी समस्या बताई, लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। गांव के लिए स्वर्ग में सीढ़ियां लगाकर चली गईं दैनिक भास्कर की टीम बारिश में भीगते हुए गांव में आगे बढ़ी, तो राकेश यादव मिले। वह अपने पूरे परिवार के साथ बैठे थे। दिव्या मित्तल और पानी की बात चली तो कहने लगे- पहले हम कभी भैंसोर तो कभी ड्रमंडगंज का चक्कर लगाते थे। घर के सारे लोग, मतलब बीवी-बच्चे पानी के इंतजाम में लगे रहते थे। वह आगे कहते हैं- दिनभर पानी इकट्ठा करके उसे ढोते रहो, यही काम था। जैसे लोग कंधे पर कांवड़ लेकर चलते हैं, ठीक वैसे चाहे हमारी बीवी हो या बच्चे, कंधे पर पानी के दो डिब्बे लेकर चलते थे। जब ये अधिकारी आईं, तब गांव में पानी आ सका। इस गांव के लिए स्वर्ग में सीढ़ियां लगाकर चली गईं। शादी में पैसा खर्च करके मिलता था पानी गांव के एक किनारे हीरावती का घर है। उनके पति की मौत हो चुकी है। बताती हैं- हमारे यहां जब किसी की शादी होती थी, तो 1500-2000 रुपए खर्च करने पर एक टैंकर पानी आता था। पानी की दिक्कत इतनी थी कि हम झरने के पास ही जाकर सो जाते थे। 3-4 दिन बाद नंबर आता था, तब पानी मिल पाता था। टोंटी लग गई, 6 दिन से पानी की सप्लाई नहीं आई गांव की रीता आदिवासी बताती हैं- पानी की टोंटी तो घर के बाहर लग गई, लेकिन दिक्कत पूरी तरह खत्म नहीं हुई। आज 6 दिन हो गए हैं, सप्लाई का पानी नहीं आया। बारिश में जो पानी गिर रहा, उसी को इकट्ठा कर रहे हैं। यही पानी पीएंगे और दूसरे कामों में भी इस्तेमाल करेंगे। 32 साल हो गए, अब गांव में पानी की टोंटी देखी गांव के गौरीशंकर आदिवासी कहते हैं- मेरी उम्र 32 साल हो गई है। अब जाकर गांव में पानी की टोंटी देखी है। पानी आने के बाद सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ कि अब घर के एक आदमी को झरने के पास नहीं बैठना पड़ता। वह घर के दूसरे काम कर पाता है, बच्चे भी स्कूल जाते हैं। पहले उन्हें भी पानी लेने झरने के पास भेजा जाता था। क्या बच्चे पढ़ने जा पा रहे हैं? इस पर वह कहते हैं- अभी जो स्कूल है, वह 4 किमी दूर है। रास्ते में जंगल पड़ता है। इसलिए बच्चों को वहां भेजने में डर लगता है। लोग बोले- दिव्या चुनाव लड़ेंगी, तो सपोर्ट करेंगे राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि दिव्या मित्तल मिर्जापुर से चुनाव लड़ सकती हैं। भाजपा प्रवक्ता प्रशांत उमराव ने दावा किया है कि दिव्या कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। सोशल मीडिया पर भी लोग ऐसे कयास लगा रहे हैं।लहुरियादह गांव के लोग कहते हैं- अगर दिव्या मित्तल चुनावी मैदान में उतरती हैं, तो उनका पूरा समर्थन करेंगे। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें- IAS दिव्या मित्तल क्या मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी?, सांसद अनुप्रिया की शिकायत पर हटाई गई थीं नौकरी से इस्तीफा देने वाली यूपी की IAS दिव्या मित्तल क्या चुनाव लड़ेंगी? राजनीतिक गलियारों में ऐसी चर्चा तेज हो गई है। मिर्जापुर में दिव्या सबसे ज्यादा समय तक जिलाधिकारी रहीं। यहां सांसद अनुप्रिया पटेल और यूपी सरकार में मंत्री आशीष पटेल से उनकी तनातनी रही। पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:41 am

अमरमणि के फरेंदा से लड़ने के दावे में कितना दम:सजा पूरी होने के 6 साल बाद तक चुनाव नहीं लड़ सकते; इसकी क्या काट

लखीमपुर खीरी की युवा कवयित्री मधुमिता शुक्ला की हत्या में आजीवन कारावास की सजा पूरी करने के बाद अमरमणि त्रिपाठी एक बार फिर सियासत में सक्रिय होना चाहते हैं। 30 अगस्त को उन्होंने महाराजगंज जिले की फरेंदा विधानसभा क्षेत्र में एक कार्यक्रम में इसका ऐलान किया। दावा किया कि 2027 का विधानसभा चुनाव वो खुद फरेंदा से लड़ेंगे। जबकि, नौतनवा से उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी चुनाव लड़ेंगे। सवाल है, आजीवन कारावास की सजा काट कर छूटे 70 साल के अमरमणि त्रिपाठी क्या चुनाव लड़ सकते हैं? उनका कार्यक्षेत्र नौतनवा रहा है। वहीं से वह 4 बार विधायक चुने गए। ऐसे में फरेंदा का चयन क्यों किया? अगर अमरमणि को खुद चुनाव लड़ने की कानूनी अनुमति नहीं मिलती है, तो उनका प्लान-बी क्या हो सकता है? पढ़िए ये रिपोर्ट… राजनीतिक रूप से सक्रियता बढ़ा रहे अमरमणि सजा पूरी होने के बाद से अमरमणि त्रिपाठी राजनीतिक तौर पर अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। वह नौतनवा समेत फरेंदा क्षेत्र में होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं। 30 अगस्त को आनंदनगर में कृष्णा मैरिज हॉल में एक संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनके साथ चाचा एवं पूर्व मंत्री श्याम नारायण त्रिपाठी भी मौजूद थे। इसी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमरमणि ने खुद फरेंदा से विधानसभा का अगला चुनाव लड़ने का ऐलान किया। बाद में उनके बेटे एवं नौतनवा के पूर्व विधायक अमनमणि त्रिपाठी ने भी उनकी बात का समर्थन करते हुए लोगों से उन्हें जीत दिलाने की अपील की। कोई सजा काटने वाला व्यक्ति क्या चुनाव लड़ सकता है? भाजपा नेता एवं वकील अश्वनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में सजा काटने वाले नेताओं के आजीवन चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर फरवरी, 2025 में केंद्र सरकार से जवाब मांगा था? तब केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल करते हुए साफ किया था कि संसद ने पहले से ही जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत चुनावी अयोग्यता की स्थिति तय कर रखी है। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम (RP Act, 1951) की धारा 8 के तहत, अगर किसी व्यक्ति को 2 साल या उससे ज्यादा की सजा होती है, तो वह जेल में रहने के दौरान और रिहाई के अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाता है। केंद्र सरकार ने कोर्ट में ये भी साफ किया कि सजायाफ्ता नेताओं पर आजीवन बैन नहीं लगाया जा सकता। सजा पूरी होने के 6 साल बाद वे चुनाव लड़ सकते हैं। क्या अमरमणि को मिलेगी कानूनी छूट? अमरमणि को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अगस्त- 2023 में 'अच्छे आचरण' के आधार पर रिहा किया गया था। अब कानूनी बहस इस बात पर टिक गई है कि क्या रिहाई के तुरंत बाद 2027 में वे नामांकन दाखिल करने के योग्य माने जाएंगे। या 6 साल का कूलिंग-ऑफ पीरियड लागू रहेगा। इसे लेकर दैनिक भास्कर ने उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी से बात की। उन्होंने बताया- मेरे पिता अमरमणि त्रिपाठी ने हवा में कोई दावा नहीं किया है। इसे लेकर हमने लीगल एडवाइज लिया है। चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त दस्तावेज और आधार हैं। नौतनवा छोड़ अमरमणि ने फरेंदा को क्यों चुना इसका जवाब खुद आनंद नगर के कार्यक्रम में अमरमणि त्रिपाठी दे चुके हैं। उन्होंने मंच से कहा था कि मेरा परिवार लंबे समय से जनता के बीच रहकर राजनीति करता आया है। हमारा रिश्ता केवल चुनाव तक सीमित नहीं है। हम हमेशा अपने लोगों के बीच और उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं। मेरा परिवार तीन पीढ़ियों से जनता की सेवा कर रहा है। अमरमणि त्रिपाठी के चाचा एवं पूर्व मंत्री श्याम नारायण त्रिपाठी फरेंदा से 5 बार विधायक रह चुके हैं। श्याम नारायण त्रिपाठी को भी हत्या के मामले में सजा हुई थी, जिसे राष्ट्रपति ने माफ किया था। इसके बाद श्याम नारायण त्रिपाठी फरेंदा से विधायक चुने गए। मतलब फरेंदा वो सीट है, जो इस परिवार की राजनीतिक वापसी करा सकती है। श्याम नारायण त्रिपाठी अब बुजुर्ग हो चले हैं। नौतनवा में खुद अमनमणि त्रिपाठी सक्रिय हैं। वे एक बार 2017 से 2022 तक वहां से विधायक भी रह चुके हैं। ऐसे में अमरमणि त्रिपाठी ने खुद फरेंदा सीट चुनी है। क्या अमरमणि के पास प्लान-बी भी तैयार हैं अगर किसी कारण से अमरमणि को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं मिलती है। या फिर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के आधार पर उनका नामांकन निरस्त हो जाता है, तो क्या होगा? इसका जवाब भी उनके बेटे अमनमणि त्रिपाठी ने दिया। बोले- मेरा संयुक्त परिवार है। परिवार में कई लोग चुनाव लड़ने के लिए योग्य हैं। वैसे तो यह नौबत नहीं आएगी। लेकिन किसी कारण से ऐसा होता भी है, तो परिवार से कोई और आएगा। मतलब फरेंदा को लेकर त्रिपाठी परिवार के पास प्लान-बी भी तैयार है। वरिष्ठ पत्रकार सुरेश बहादुर सिंह कहते हैं- अमरमणि त्रिपाठी का बयान प्रेशर पॉलिटिक्स का भी हिस्सा हो सकता है। वैसे महाराजगंज, गोरखपुर, सहित आसपास के जिलों में प्रभाव रखते हैं। खुद अमरमणि त्रिपाठी बसपा, कांग्रेस, सपा व कम्यूनिस्ट पार्टी में रह चुके हैं। भाजपा की सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। लेकिन, मौजूदा समय में यह परिवार किसी दल में नहीं है। कई बार ऐसे बयान अपना राजनीतिक वजन बताने के लिए भी दिए जाते हैं। यह भी हो सकता है कि ये बयान देकर वो नौतनवा में अपने बेटे अमनमणि त्रिपाठी के लिए सेफ पिच तैयार करना चाहते हों। फरेंदा विधानसभा का राजनीतिक समीकरण फरेंदा विधानसभा क्षेत्र हमेशा से ब्राह्मण और क्षत्रिय (ठाकुर) राजनीति का केंद्र रहा है। अमरमणि के चाचा श्याम नारायण त्रिपाठी की फरेंदा क्षेत्र में मजबूत पकड़ थी। अमरमणि अब उसी पुराने पारिवारिक प्रभाव और भावनात्मक कार्ड के जरिए अपनी राजनीतिक जमीन वापस हासिल करने की कोशिश में हैं। फरेंदा में ब्राह्मण, निषाद, मुस्लिम समेत अन्य ओबीसी वोटरों की संख्या निर्णायक है। इसके अलावा मौर्य, सैंथवार और दलित मतदाता भी बड़ी संख्या में हैं। अमरमणि की नजर अपने पारंपरिक ब्राह्मण कैडर और गैर-यादव पिछड़ा वर्ग (OBC) को जोड़कर एक नया समीकरण बनाने पर है। फरेंदा विधानसभा सीट पर अभी कांग्रेस के वीरेंद्र चौधरी विधायक हैं। उन्होंने पिछली बार कांटे के मुकाबले में भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व विधायक बजरंग बहादुर सिंह को हराया था। बजरंग बहादुर सिंह इस सीट से 3 बार विधायक रह चुके हैं। इसके पहले इस सीट पर श्याम नारायण त्रिपाठी विधायक चुने जाते रहे थे। पूर्वांचल की सियासत पर इसका कितना असर 2027 का विधानसभा चुनाव 'त्रिपाठी परिवार' के लिए वजूद की लड़ाई होगी। जेल से बाहर आने के बाद अमरमणि फरेंदा और नौतनवा सीट जीत कर पूर्वांचल में अपने घराने के सियासी वजूद को दोबारा साबित करना चाहेंगे। पूर्वांचल की राजनीति में ब्राह्मण वोटबैंक को एकजुट करने के लिए अमरमणि का सक्रिय होना एक बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। अमरमणि ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से की थी। पहली बार 1989 में विधायक बने। फिर 1996, 2002, 2007 में भी विधायक बने। इस दौरान वे कांग्रेस, बसपा और सपा में रहे। 2002-03 में मायावती सरकार में मंत्री थे। इससे पहले वे कल्याण सिंह (1997), राम प्रकाश गुप्ता (1999) और राजनाथ सिंह (2000) के नेतृत्व वाली भाजपा सरकारों में भी मंत्री रहे। मधुमिता हत्याकांड में गिरफ्तारी के समय वह सपा में थे। मधुमिता हत्याकांड का केस भी पढ़ लीजिए मधुमिता कवयित्री थीं। 9 मई, 2003 को लखनऊ के पेपर मिल कॉलोनी में उनके 2 कमरे के अपार्टमेंट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस समय वह 24 साल की थीं और 7 महीने की गर्भवती थी। मधुमिता की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला कि उसके गर्भ में एक भ्रूण था, जो अमरमणि त्रिपाठी के डीएनए से मेल खाता था। वहीं, अमरमणि त्रिपाठी का जन्म 14 फरवरी, 1956 को हुआ था। उनके पिता भी नौतनवा विधानसभा क्षेत्र के विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे अमनमणि ने 2012 में समाजवादी पार्टी के टिकट पर नौतनवा विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन करीबी अंतर से हार गए। 2017 में अमनमणि त्रिपाठी नौतनवा से जीतने में सफल रहे, लेकिन 2022 में फिर हार गए। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें - मधुमिता के घर अब हमले और फायरिंग क्यों, बहन निधि बोलीं- मेरा 'दुश्मन' सिर्फ अमरमणि 30 जून की रात मधुमिता शुक्ला की बहन निधि शुक्ला के घर के बाहर बम से हमला हुआ। लखीमपुर के उनके घर पर पुलिस पहुंची, तो डरी-सहमी निधि घर से बाहर आईं। उन्होंने कहा- मेरा इस दुनिया में कोई और दुश्मन नहीं है। सिर्फ अमरमणि और उसका परिवार है…। उसी ने हमला करवाया है। पिछले साल भी हमारे ऊपर फायरिंग हुई थी। निधि कहती हैं- मेरी बहन की हत्या हुई, मैं इन सबके खिलाफ लगातार केस लड़ी। पढ़िए पूरी खबर...

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:41 am

बंगाल: स्कूल की पानी की टंकी में मिला मरा पक्षी, बदबूदार पानी से बन रहा था बच्चों का मिड-डे मील

दक्षिण 24 परगना के कैनिंग में स्कूल की पानी की टंकी में मरा हुआ पक्षी मिलने के बाद हड़कंप मच गया।मामला सामने आने के बाद अभिभावकों और ग्रामीणों ने स्कूल परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया।

जागरण 3 Sep 2026 5:41 am

अध्यक्ष व सदस्य नियुक्त होंगे तभी होगा काम:जेपीएससी; शीर्ष सभी पद खाली, पर ई-मेल एक्टिव

स्टाफ-अधिकारी आ रहे ऑफिस, काम कुछ नहीं जेपीएससी का संकट वर्तमान में केवल परीक्षाओं के स्थगन या रद्द होने तक सीमित नहीं है। आयोग की पूरी शीर्ष संरचना खाली रहने के कारण एक्टिविटी पूर्ण रूप से ठप है। लेकिन अध्यक्ष और तीनों सदस्यों का ई-मेल आइडी वेबसाइट पर एक्टिव है। ऑफिस में चिट्‌ठी-पत्री का काम चल रहा है। लेकिन परीक्षा, इंटरव्यू पर फैसले लेनेवाला आयोग खाली है। आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते के इस्तीफा के बाद से आयोग की गतिविधियां लगभग बंद हो गई थी। आयोग अध्यक्ष के इस्तीफा देने के बाद से सिर्फ तीन नोटिस जारी किए गए हैं। इसमें परीक्षाएं स्थगित, सीआईडी को 14वीं जेपीएससी के अभ्यर्थियों की ओएमआर कॉपी भेजने और फॉरेस्टर रेंज अफसर का फिजिकल टेस्ट की परीक्षा स्थगित करने का नोटिफिकेशन शामिल है। इस बीच 9 अगस्त को आयोग के तीनों सदस्यों डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. अनिमा हांसदा और डॉ. जमाल अहमद ने सामूहिक इस्तीफा भी स्वीकार हो गया। आयोग में शीर्ष पद खाली होने के बावजूद कार्यालय का नियमित प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। सचिव- श्याम नारायण राम, उप सचिव - राकेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक- रुद्र प्रताप, उप परीक्षा नियंत्रक- सुधीर कुमार इसके अलावे दर्जनों कर्मचारी यानी फाइल, पत्राचार, रिकॉर्ड और कार्यालय संबंधी कामकाज का ढांचा मौजूद है, लेकिन आयोग के संवैधानिक स्तर पर लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शीर्ष संरचना खाली है। संकट की अलग तस्वीर बता रही वेबसाइट जेपीएससी की वेबसाइट की मौजूदा स्थिति भी आयोग के संकट की अलग तस्वीर दिखाती है। सार्वजनिक वेबसाइट पर अध्यक्ष और सदस्यों के नाम दिखाई नहीं दे रहे हैं, लेकिन संबंधित ई-मेल आईडी अभी हैं। यानी तकनीकी स्तर पर अध्यक्ष के नाम से ई-मेल भेजने का विकल्प दिखाई देता है। इसी तरह सदस्य-1, सदस्य-2 और सदस्य-3 से संबंधित ई-मेल व्यवस्था भी सक्रिय है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:35 am

यूपी: सांई गांव के फ्लैट से ईडी ने आलोक को उठाया, 120 करोड़ के घोटाले में जा चुका है जेल; जानें पूरा मामला

फर्जी साॅफ्टवेयर के जरिये टोल प्लाजा से अवैध वसूली मामले में प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ की टीम ने बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ काजीसराय स्थित साईं गांव अपार्टमेंट से आलोक कुमार सिंह को हिरासत में लिया है।

अमर उजाला 3 Sep 2026 5:35 am

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा मामला:सीआईडी को 2 आरोपियों से पूछताछ की अनुमति

सीआईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में बुधवार को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा गड़बड़ी मामले में दो आरोपियों को सीआइडी ने तीन दिनों की रिमांड पर लिया है।जिन्हें रिमांड पर लिया गया है उनमें सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार शामिल है। इन दोनों को परीक्षा एजेंसी वेबेल टेक्नोलॉजी ने परीक्षा संचालन का काम दिया था। यह परीक्षा 21 व 22 सितंबर 2024 को हुई थी।इसमें कथित पेपर लीक मामले को लेकर जांच एजेंसी सीआईडी ने एक जनवरी 2025 को सीआईडी थाना में कांड संख्या 01/2025 दर्ज की थी।आरोपियों की ओर से पैरवी करने वाली अधिवक्ता शारदा कुमारी ने बताया कि सीआईडी उन्हें उनके मुव्वकिलों से मिलने नहीं दे रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

रांची में 6 हाइडल पावर प्लांट लगेंगे:ग्रीन एनर्जी की ओर बढ़ रहे कदम, झारखंड में 13 जलस्रोतों पर बनेंगे नए हाइडल पावर प्रोजेक्ट

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए झारखंड सरकार ने बड़े कदम उठाए हैं। गेतलसूद डैम में 100 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब राज्य में पानी आधारित बिजली (हाइडल पावर) उत्पादन पर फोकस किया जा रहा है। झारखंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (ज्रेडा) ने राज्य के विभिन्न जलप्रपातों और बरसाती नदियों के 16 स्थानों पर सर्वे किया था। इनमें से 13 स्थानों पर हाइडल प्रोजेक्ट लगाने के लिए परिस्थितियां अनुकूल पाई गई हैं। इनमें रांची में 6, गुमला में 2, सिमडेगा में 2, लातेहार में 2 और पश्चिम सिंहभूम में 1 स्थल का चयन किया गया है। इन 13 प्रोजेक्ट्स से कुल 125 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य है। सभी प्लांट पीपीपी मोड पर तैयार किए जाएंगे। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अगले साल से निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। साल में 300 दिन धूप और फॉल-डैम की भरमार कोयले के सीमित भंडार को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारें क्लीन एनर्जी (सोलर, हाइडल और विंड) पर जोर दे रही हैं। झारखंड में समुद्र तटीय इलाकों की तरह पवन ऊर्जा (विंड पावर) के विकल्प कम हैं, लेकिन सोलर और हाइडल की अपार संभावनाएं हैं। मानक के अनुसार राज्य में सालभर में 250 से 300 दिन तेज धूप खिलती है। साथ ही कई प्राकृतिक जलप्रपात, डैम और बरसाती नदियां मौजूद हैं। इसी को देखते हुए हर जिले में कम से कम एक हाइडल प्रोजेक्ट स्थापित करने की योजना बनाई जा रही है, ताकि पीक ऑवर में स्थानीय स्तर पर बिजली की कमी पूरी हो और सेंट्रल ग्रिड पर निर्भरता घटे। इन 5 जिलों के 13 जलस्रोतों पर लगेंगे हाइडल प्रोजेक्ट गेतलसूद फ्लोटिंग सोलर प्लांट 50 मेगावाट कमर्शियल उत्पादन शुरू, उद्घाटन जल्द: गेतलसूद डैम में 800 करोड़ रुपए की लागत से 100 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट बनकर तैयार है। 50 मेगावाट कमर्शियल बिजली उत्पादन शुरू हो चुका है। वर्तमान में यह बिजली सिकिदिरी हाइडल को दी जा रही है। जेबीवीएनएल और सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) के बीच पावर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) के बाद यह बिजली जेबीवीएनएल को मिलेगी, जिससे पूरे रांची शहर में आपूर्ति की जाएगी। इसका विधिवत उद्घाटन जल्द होगा। सिकिदिरी हाइडल प्रोजेक्ट रांची को पीक ऑवर में 100-120 मेगावाट बिजली मिलती है: राज्य के इकलौते पानी आधारित सिकिदिरी प्रोजेक्ट में 65-65 मेगावाट की दो यूनिटें हैं। डैम में पानी की उपलब्धता के आधार पर जुलाई से दिसंबर (लगभग छह माह) तक बिजली बनती है। जेबीवीएनएल इस बिजली का उपयोग पीक आवर्स के दौरान राजधानी रांची की मांग पूरी करने के लिए 100-120 मेगावाट बिजली की आपूर्ति करता है। राज्य में नए हाइडल पावर प्रोजेक्ट्स के लिए सर्वे का काम शुरू हुआ था, जिसमें 13 स्थल उपयुक्त पाए गए हैं। इन्हें पीपीपी मोड पर स्थापित किया जाएगा। प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन जल्द ही धरातल पर काम शुरू होगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य ग्रीन एनर्जी का दायरा बढ़ाना है। - संजय सिंह, कार्यपालक अभियंता (ज्रेडा) सह प्रोजेक्ट मैनेजर (सिकिदिरी हाइडल)

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

निर्देश; कहीं लंबे समय तक बंद न रहे स्ट्रीट लाइट:1800 570 1235 पर करें फोन, 48 घंटे में ठीक होगी स्ट्रीट लाइट

आगामी पर्व-त्योहारों में राजधानीवासियों को बेहतर और सुरक्षित प्रकाश व्यवस्था मिलेगी। रांची नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संजय कुमार ने बुधवार को स्पष्ट निर्देश दिया कि शहर में स्ट्रीट लाइट लंबे समय तक बंद नहीं रहनी चाहिए। 48 घंटे के भीतर इसे दुरुस्त करना होगा। निगम ने इसके लिए टोल फ्री नंबर जारी किया है। यदि आपके मोहल्ले, गली या मेन रोड की स्ट्रीट लाइट बंद है या पोल पर लाइट की जरूरत है, तो निगम के टोल-फ्री नंबर 1800 570 1235 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित वार्ड की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंचेगी और समस्या को दुरुस्त करेगी। 53 वार्डों में निगरानी के लिए 28 टीमें फील्ड में रहेंगी शहर के 53 वार्डों में स्ट्रीट लाइट की निगरानी व मरम्मत के लिए 28 टीमें लगातार फील्ड में रहेंगी। निगम के कनेक्ट सेंटर पर हर महीने 1,000 से अधिक शिकायतें आती हैं। इनके निपटारे के लिए 48 घंटे की डेडलाइन तय की गई है। जहां रोशनी कम है, वहां सर्वे कर जरूरत के अनुसार नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। बार-बार फ्यूज होने वाली लाइटों की समस्या का मूल कारण तलाशा जाएगा। काम की गुणवत्ता पर भी नजर रहेगी। सभी फील्ड टीमों को रोज किए गए काम की रिपोर्ट निगम मुख्यालय में जमा करनी होगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

800 बेड के मेडिकल कॉलेज का काम ठप:रांची स्मार्ट सिटी से एनओसी नहीं मिली, संस्था ने नगर विकास सचिव को लिखा पत्र

रांची स्मार्ट सिटी के पहले प्रोजेक्ट गौतम मेडिकल कॉलेज सह 800 बेड के मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल का निर्माण फिलहाल बंद हो गया है। क्योंकि, रांची स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन ने गौतम ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की मदर संस्था ‘राइट पाथ फाउंडेशन’ को लोन लेने के लिए एनओसी नहीं दिया है। इस वजह से हॉस्पिटल के निर्माण के लिए संबंधित बैंक ने लोन देने से इंकार कर दिया है। राइट पाथ फाउंडेशन को स्मार्ट सिटी में 44 नंबर प्लॉट लीज पर दी गई है। कुल 8.20 एकड़ के प्लॉट पर हॉस्पिटल सह मेडिकल कॉलेज का निर्माण चल रहा था। लेकिन बैंक से लोन नहीं मिलने की वजह से निर्माण अधर में लटक गया है। ऐसे में महज दो सालों में रांची को 800 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की जो सौगात मिलने वाली थी, अब वह समय पर मिलना मुश्किल है। प्रोजेक्ट बंद होता देख राइट पाथ संस्था के अध्यक्ष डॉ. अभिजीत कुमार ने नगर विकास सचिव सह स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन के सीएमडी सुनील कुमार को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन को चार बार पत्र देने के बावजूद अभी तक एनओसी नहीं मिला। इस वजह से बैंक ने लोन स्वीकृत करने से इंकार कर दिया है। इस परिस्थिति में काम बंद करना पड़ा। अगर जल्द एनओसी जारी नहीं किया गया तो इस प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करना संभव नहीं हो पाएगा। पहला प्रोजेक्ट जिसमें इलाज के साथ रोजगार के नए मौके भी रांची स्मार्ट सिटी में पिछले साल गौतम मेडिकल कॉलेज सह हॉस्पिटल के बिल्डिंग का नक्शा पास हुआ था। नक्शा स्वीकृत होने के साथ ही स्मार्ट सिटी परिसर में 8.20 एकड़ जमीन पर 800 बेड के सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल और 227 सीट के मेडिकल कॉलेज के निर्माण का रास्ता साफ हो गया था, लेकिन कॉर्पोरेशन से पूरा सहयोग नहीं मिलने की वजह से निर्माण में देरी होती चली गई। जबकि, इस हॉस्पिटल के बनने से लोगों का वर्ल्ड क्लास इलाज की सुविधा मिलती और रोजगार के नए अवसर भी खुलते। क्योंकि, राइट पाथ फाउंडेशन की ओर से हॉस्पिटल में मुफ्त इलाज की सेवा देने की घोषणा की गई है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

नहीं बनी 1.5 किमी सड़क, कीचड़ में उतरकर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

फतेहपुर प्रखंड की अगैया सरमुंडी पंचायत के केंदुआटांड़ गांव में बुधवार को ग्रामीणों ने कीचड़मय सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की कथित लापरवाही पर रोष जताते हुए करीब डेढ़ किलोमीटर मुख्य सड़क का जल्द पक्कीकरण कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क खराब रहने से गांव और आसपास की करीब 5 हजार आबादी को आवागमन में परेशानी हो रही है। बारिश के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि केंदुआटांड़ से बाघमारा गांव तक जाने वाला करीब डेढ़ किलोमीटर मार्ग फतेहपुर आने-जाने का महत्वपूर्ण रास्ता है। सड़क का पक्कीकरण होने से बाघमारा समेत आसपास के ग्रामीणों को भी कम समय में फतेहपुर पहुंचने में सुविधा होगी। लेकिन बरसात में सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा हो जाता है। इससे पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है और ग्रामीणों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। कई बार लोगों की शिकायत के बाद भी नहीं बनीं सड़क ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की समस्या को लेकर मुखिया उमेश्वर मुर्मू से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार जल्द काम कराने का आश्वासन ही मिला। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि विधायक अब तक गांव पहुंचकर सड़क की समस्या से अवगत नहीं हुए हैं। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद विरोध प्रदर्शन में कालीपद बाउरी, कृष्णा मंडल, बलराम चक्रवर्ती, नरेश मौची, प्रदीप कापरी, जियानाथ दास, दिलीप मंडल, मुरलीधर कापरी, संजय खां, लक्ष्मण मंडल, जितेन बाउरी, अरुण मंडल, कमला मंडल, रामेश्वर बाउरी, राजीव लोचन खां, राजेश बाउरी, उत्तम बाउरी, बैद्यनाथ भंडारी, कृष्णा खां, सुफल मंडल समेत अन्य मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एमएमडीआर विधेयक के विरोध में 7 को आंदोलन

एमएमडीआर विधेयक के विरोध में 7 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बुधवार को चापुड़िया पंचायत के कार्यकर्ताओं की बैठक डाक बंगला परिसर में हुई। बैठक की अध्यक्षता जिला सचिव परेश यादव ने की। बैठक में आंदोलन की रणनीति और पंचायत स्तर पर जनसंपर्क अभियान बढ़ाने पर चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क करने और विधेयक से जुड़े मुद्दों की जानकारी देने का निर्णय लिया। अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदारियां तय की गईं। परेश यादव ने कहा कि जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदाओं से जुड़े अधिकारों की रक्षा के लिए जागरूकता जरूरी है। अभियान में एकजुट होकर जुटने और 7 सितंबर के आंदोलन में लोगों को जोड़ने को कहा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

डौंडी में आज सुबह 10 बजे से 7 घंटे बिजली बंद रहेगी

डौंडी| विद्युत उपकेंद्र में रविवार को फेल हुए पावर ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर लगाने का काम 3 सितंबर को किया जाएगा। इसके चलते सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान बिजली से जुड़े काम प्रभा​िवत होंगे। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कंपनी के सहायक अभियंता विशाल सिंह ने बताया कि उपकेंद्र में नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित करने के लिए आवश्यक कार्य किया जाएगा। इस दौरान क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

धमकी देकर नाबालिग से दुष्कर्म, 20 साल की सजा

भास्कर न्यूज | बालोद जिला न्यायालय के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी ने नाबालिग से दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने के मामले में आरोपी चित्रकांत ठाकुर (25) को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने आरोपी पर अलग-अलग धाराओं में कुल 4 हजार रुपए अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को शारीरिक एवं मानसिक क्षति के लिए 5 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को जरुरी कार्यवाही करने निर्देश दिए है। विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) बसंत कुमार देशमुख के अनुसार आरोपी ने अप्रैल 2025 में नाबालिग को अपने घर बुलाकर उसके साथ जबरदस्ती की और उसकी अश्लील फोटो खींच ली। इसके बाद फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करने लगा। 9 मई 2025 की रात आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया। किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। डरी हुई पीड़िता ने बाद में अपनी मां को घटना की जानकारी दी। मां की शिकायत पर संबंधित थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया। 24 दिसंबर 2025 को न्यायालय में चार्जशीट पेश किया। प्रकरण में मिले सबूत के आधार पर आरोपी को दंडित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

बालोद की बदहाली: शिक्षा विभाग नींद में, ग्रामीणों ने बना ली स्कूल की छत

भास्कर न्यूज | बालोद डौंडी ब्लॉक के ग्राम कांडे में ग्रामीणों ने एकता की मिसाल पेश की है। सरकारी मदद का इंतजार करते-करते जब शासकीय प्राथमिक शाला की बदहाल छत बच्चों के लिए खतरा बनने लगी और जिम्मेदारों से गुहार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों ने तय किया कि अब किसी हादसे का इंतजार नहीं करेंगे। गांव में बैठक हुई और ग्रामीणों ने मिलकर स्कूल की बदहाल छत बदलने का फैसला लिया। इसके बाद हर घर से 600 से 700 रुपए तक चंदा जुटाया गया। करीब 3 लाख रुपए एकत्र होने के बाद छत की ढलाई और भवन की मरम्मत कराई गई। शाला समिति अध्यक्ष सीता राम चुरेन्द्र ने बताया कि प्राथमिक शाला का भवन बदहाल स्थिति में था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था। कई बार छत का प्लास्टर भी गिर चुका था। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को उसी भवन में बैठाकर पढ़ाना शिक्षकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ था। बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। स्कूल की स्थिति सुधारने के लिए शासन-प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से कई बार गुहार लगाई गई लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। जिसके बाद ग्रामीण स्तर पर ही समस्या का समाधान करने का प्लान बनाया गया। मांग करने के बावजूद जब विभाग, प्रशासन, शासन स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने हार मानने की बजाय बच्चों की समस्या दूर करने सकारात्मक पहल करने का निर्णय लिया। गांव में बैठक आयोजित कर स्कूल की बदहाल छत को हटाने और नई छत बनाने का प्रस्ताव रखा गया। इसके बाद हर परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया। किसी ने 600 रुपए तो किसी ने 700 रुपए दिए। इस तरह ग्रामीणों के सामूहिक सहयोग से करीब 3 लाख रुपए जुटाए गए। इसी राशि से बदहाल छत को हटवाकर नई सीमेंट शीट की छत लगाई गई। साथ ही भवन की अन्य जरूरी मरम्मत भी कराई गई। उद्घाटन हुआ: नई छत बनने व मरम्मत काम पूरा होने के बाद मंगलवार को उद्घाटन किया गया। ग्रामीण रोमन साहू ने बताया कि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे गांव के ही हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव की है। जब लंबे समय तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सभी ने मिलकर जिम्मेदारी उठाई। ग्रामीणों की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई का अवसर देना था।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

बच्चों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना की

लाटाबोड़| ग्राम लाटाबोड़ में हलषष्ठी व्रत धूमधाम से मनाया गया। माताओं ने बच्चों की दीर्घायु और सुख-समृद्धि की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। व्रत बलराम के जन्मोत्सव से भी जुड़ा रहा। इसे श्रद्धा के साथ मनाया गया। मुख्य आयोजन दुर्गा मंदिर प्रांगण में हुआ। गोपाल प्रसाद ने विधि-विधान से पूजा कराई। माताओं ने सगरी बनाई। सगरी को अलग-अलग फूलों से सजाया। भजन गाए। सगरी की परिक्रमा की। बच्चों की पीठ पर पोता लगाया। स्वस्थ जीवन की कामना की। पूजा सामग्री में पसहर चावल, छह प्रकार की भाजी, महुआ, भैंस का दूध-दही, घी का भोग शामिल रहा। व्रतधारी माताओं ने बारी-बारी से हलषष्ठी व्रत कथा सुनाई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

शाम को पूजा स्थल पर एकत्रित होकर हलषष्ठी माता की कथा सुनी

भास्कर न्यूज | डौंडी नगर सहित आसपास के गांवों में बुधवार को हलषष्ठी का पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। माताओं एवं महिलाओं ने अपनी संतानों के सुख-समृद्धि, दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना को लेकर दिनभर उपवास रखा। शाम को विभिन्न पूजा स्थलों पर सामूहिक रूप से विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। डौंडी नगर के दाऊ गुड़ी, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, रामजानकी मंदिर परिसर, बंधियापारा, भडारीपारा, धुर्वाटोला और आवासपारा सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने हलषष्ठी की पूजा की। पूजा के दौरान महिलाओं ने संतान की मंगलकामना के साथ परिवार में सुख-शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हलषष्ठी पर्व पर व्रतधारी महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने दिनभर व्रत रखकर शाम को पूजा स्थल पर एकत्रित होकर हलषष्ठी माता की कथा सुनी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस व्रत को माताएं अपनी संतानों की रक्षा, दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के लिए रखती हैं। पर्व को लेकर सुबह से ही महिलाओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। पूजा स्थलों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन सामग्री तैयार की और पारंपरिक विधि से पूजा संपन्न की।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

रामधुनी स्पर्धा 4 और 5 को

बालोद| शहर के पांडेपारा में कृष्ण जन्माष्टमी पर 56 वां संगीतमय रामधुनी प्रतियोगिता 4 और 5 सितंबर होगी। इसमें गायन के लिए 3001 रुपए प्रथम पुरस्कार से लेकर 1001 रुपए पंचम पुरस्कार और झांकी मंडलियों के लिए भी 3001 रुपए प्रथम पुरस्कार से लेकर 1001 रुपए पंचम पुरस्कार दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

माताओं ने पूजा कर मांगी पूरे परिवार की सुख और समृद्धि

नगर सहित डौंडीलोहारा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में मंगलवार को कमरछठ (हलषष्ठी) का पर्व पारंपरिक आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुहागिन महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और हर प्रकार के अनिष्ट से रक्षा की कामना को लेकर पूरे दिन निर्जला व्रत रखा। शाम को सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर व्रत का समापन किया गया। इस दौरान पूजा स्थलों पर हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। कमरछठ को लेकर सुबह से ही महिलाओं में उत्साह देखने को मिला। महिलाओं ने व्रत के निर्धारित नियमों का पालन करते हुए दिनभर अन्न-जल का त्याग किया। पूजा के लिए नगर के विभिन्न मंदिरों, सामुदायिक भवनों और सांस्कृतिक कला मंचों के परिसर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजन की तैयारियां कीं। हलषष्ठी पर्व पर बिना हल जोते उगने वाले पसहर चावल और छह प्रकार की पारंपरिक भाजियों का विशेष महत्व माना जाता है। व्रतधारी महिलाओं ने इन्हीं सामग्रियों से भोग तैयार किया। पूजा एवं प्रसाद में पारंपरिक रूप से उपयोग होने वाली भाजियों और वनस्पतियों को शामिल किया गया। व्रत के दौरान महिलाओं ने खेतों में हल चले रास्तों से भी परहेज किया। पूजा में भैंस के दूध, दही और घी का ही उपयोग किया गया। कमरछठ की परंपराओं के अनुसार इस दिन गाय के दूध से बनी सामग्री का उपयोग नहीं किया जाता है। देवरीबंगला| ग्राम भरदा ट में कमरछठ पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर गांव स्थित कैलाश धाम मंदिर परिसर में माताओं ने निर्जला व्रत रखकर भगवान कैलाशपति महादेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। व्रतधारी महिलाओं ने अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और पूरे परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगलकामना के लिए छठी माता से आशीर्वाद मांगा। कमरछठ पर्व को लेकर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की चहल-पहल रही। व्रतधारी माताएं पूजा की आवश्यक सामग्री लेकर मंदिर परिसर पहुंचीं और सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना में शामिल हुईं। कमरछठ की परंपरा के अनुसार पूजा स्थल पर सगरी मैय्या की पूजा की गई। व्रतधारी महिलाओं ने सगरी मैय्या को भैंस का दूध, घी, लाई और पसहर चावल सहित पारंपरिक पूजन सामग्री अर्पित की। महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा कर अपनी संतानों की दीर्घायु और निरोगी जीवन के लिए प्रार्थना की। पूजा कार्यक्रम में व्रतधारी माताओं के साथ गांव के बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्त और बच्चे भी उपस्थित रहे। सगुरी को काशी के फूल, तेंदू की टहनियों और मौसमी फलों से सजाया गया पूजा स्थलों पर महिलाओं ने मिट्टी से प्रतीकात्मक सगुरी यानी छोटे तालाब का निर्माण किया। सगुरी के बीच मिट्टी से भगवान शंकर और माता पार्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। इसके बाद सगुरी को काशी के फूल, तेंदू की टहनियों और मौसमी फलों से सजाया गया। महिलाओं ने पूजा स्थल पर पारंपरिक सामग्री से विधि-विधान के साथ पूजा की और अपनी संतान की दीर्घायु एवं सुखी जीवन की कामना की। पूजा की पूरी प्रक्रिया में स्थानीय परंपरा और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली। कमरछठ की पूजा के लिए महिलाओं ने विशेष पूजा थाली तैयार की।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

कलेक्टर ने नंगूटोला स्कूल में दिया न्योता भोज, खुद परोसा खाना

भास्कर न्यूज | बालोद आमतौर पर अधिकारी अपने जन्मदिन पर औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रहते हैं, लेकिन बालोद कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने बुधवार को अपना जन्मदिन वनांचल के बच्चों के बीच मनाकर इसे यादगार बना दिया। उन्होंने डौंडीलोहारा विकासखंड के आदिवासी बहुल ग्राम नंगूटोला की शासकीय प्राथमिक शाला में स्कूली बच्चों, ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारी-कर्मचारियों के साथ न्योता भोज किया। कलेक्टर बच्चों के बीच पहुंचीं तो माहौल में अलग ही उत्साह नजर आया। उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। इतना ही नहीं, कलेक्टर ने स्वयं बच्चों के लिए प्लेट लगाकर उन्हें भोजन परोसा। प्रशासन की प्रमुख अधिकारी को इस तरह सहजता से अपने बीच देखकर बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए। कलेक्टर ने बच्चों को स्कूल बैग, जूते और टॉफियां भी वितरित कीं। उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत कर उनकी पढ़ाई और स्कूल की गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। बच्चों के साथ उन्होंने काफी समय बिताया और उन्हें आत्मीयता से दुलार भी दिया। कलेक्टर मिश्रा ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अच्छी शिक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों से पूरे मनोयोग, निष्ठा और ईमानदारी के साथ पढ़ाई करने की अपील की।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

अर्जुनी-सकरौद मार्ग जर्जर गड्ढों से हादसे का खतरा

बालोद| देवरी से अर्जुनी होते हुए सकरौद जाने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और बारिश का पानी जमा होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। बारिश के बाद सड़क के कई हिस्सों में जलभराव हो जाता है। पानी भरे गड्ढे दिखाई नहीं देने के कारण दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। -सुमन साहू, बालोद

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

बारिश में बदहाल हुई माहुद की गली कीचड़ व जलजमाव से ग्रामीण परेशान

बालोद| ग्राम माहुद (अ) के वार्ड 2 में बारिश के बाद गली की हालत बदहाल हो गई है। कच्ची सड़क पर जगह-जगह पानी और कीचड़ जमा होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति ऐसी है कि गली से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। बारिश होते ही वार्ड की गली में जलभराव की स्थिति बन जाती है। पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर लंबे समय तक पानी और कीचड़ जमा रहता है। इससे लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए आने-जाने में परेशानी हो रही है। -आनंद कुमार बंजारे, माहुद

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

ग्राम तवेरा में सरकारी कुएं का गंदा पानी गली में बहने से वार्डवासी परेशान

बालोद| ग्राम पंचायत तवेरा के वार्ड 16 में सरकारी कुएं से निकलने वाला गंदा पानी गली में बहने के कारण वार्डवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी कुएं में मोटर लगाकर पानी निकाला जाता है, लेकिन पानी की उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण पूरा पानी गली में बहता रहता है। गली में लगातार गंदा पानी जमा रहने से कीचड़ और फिसलन की स्थिति बनी रहती है। लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है। -सीआर साहू, बालोद

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एनएचएम भर्ती: सूची जारी दावा-आपत्ति 11 तक

बालोद| राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत विभिन्न रिक्त संविदा पदों पर भर्ती के लिए प्राप्त आवेदनों के सत्यापन और छंटनी के बाद प्रारंभिक पात्र एवं अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी कर दी गई है। 11 सितंबर तक दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। अभ्यर्थी पात्र-अपात्र सूची एवं भर्ती से संबंधित जानकारी बालोद जिले की वेबसाइट balod.gov.in पर देख सकते हैं।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

15 दिनों में जिले में 60% रकबे में लगी खरीफ फसल का सर्वे के बाद खसरे का हुआ सत्यापन

भस्कर न्यूज | बालोद खरीफ सीजन में जिले के खेतों में कौन-सी फसल लगी है और किस खसरा नंबर में कितना रकबा खेती के लिए उपयोग हो रहा है, इसकी वास्तविक जानकारी जुटाने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे किया जा रहा है। जिले के पांचों ब्लॉक के गांवों में खसरा नंबर के आधार पर सर्वेयर खेतों तक पहुंचकर फसलों की जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज कर रहे हैं। जिले में ओवरऑल 60 प्रतिशत रकबे में लगी खरीफ फसल का सर्वे व सत्यापन कार्य कंपलीट हो चुका है। बालोद ब्लॉक में अब तक 67% रकबे में लगी खरीफ फसल का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे के बाद खसरों का सत्यापन भी जारी है। तहसीलदार संध्या नामदेव ने बताया कि सर्वेयर के माध्यम से दर्ज की गई जानकारी का पटवारी स्तर पर सत्यापन किया जा रहा है। खसरा नंबर के आधार पर संबंधित आईडी में फसल और रकबे का रिकॉर्ड अपलोड हो रहा है। शासन स्तर से डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरा करने के लिए 30 सितंबर अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। बालोद ब्लॉक में 17 अगस्त से सर्वे का काम शुरू हुआ है। विभाग का दावा है कि तय समय सीमा में सर्वे पूरा कर लिया जाएगा। आगे जरूरत के अनुसार एसडीएम, तहसीलदार और पटवारी भी खेतों में पहुंचकर भौतिक सत्यापन करेंगे। खेत में जाकर फसल की जानकारी दर्ज कर रहे सर्वेयर: डिजिटल क्रॉप सर्वे में खसरा नंबर को आधार बनाया गया है। सर्वेयर संबंधित गांव में आवंटित खसरा नंबर के अनुसार खेतों में पहुंचकर वहां लगी फसल की जानकारी दर्ज कर रहे हैं। सर्वेयर को खसरा नंबर से संबंधित आवश्यक जानकारी और प्रक्रिया की ट्रेनिंग दी गई है। इसके बाद उन्हें आईडी उपलब्ध कराकर सर्वे के लिए आवंटित खसरा नंबर के आधार पर सर्वे कार्य पूरा कराने निर्देश दिए गए है। रोजाना सर्वे के बाद पटवारी स्तर पर जानकारी का सत्यापन किया जा रहा है। इसके लिए दर्ज की गई जानकारी और फोटो के आधार पर वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है। गांव में खसरों की संख्या के अनुसार सर्वेयर का चयन राजस्व विभाग के अनुसार हर गांव में खसरा नंबरों की संख्या के आधार पर सर्वेयर की जरूरत तय की गई है। जिस गांव में कम खसरे हैं, वहां कम सर्वेयर लगाए गए है, जबकि अधिक खसरे वाले गांवों में सर्वेयर की संख्या ज्यादा है। शासन स्तर से स्पष्ट किया गया है कि हर साल डिजिटल सर्वे के दौरान प्रत्येक ग्राम में अधिकतम 20 सर्वेयर का चयन पटवारी के माध्यम से तहसीलदार द्वारा किया जा सकता है। सर्वेयर के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास निर्धारित की गई है। चयन में कृषि स्नातक, विज्ञान स्नातक, विज्ञान विषय से 12वीं पास, 12वीं पास और 10वीं पास को प्राथमिकता का क्रम तय किया गया है। आईडी मिलने में देरी, इस बार सर्वे के पहले मिला एक साल पहले हेड कार्यालय स्तर से आईडी जारी होने में देरी हुई थी। इसके कारण सर्वे का काम तय समय पर शुरू नहीं हो पाया था। इस बार पहले ही आईडी जारी कर दी गई, ताकि तय समय में सर्वे शुरू किया जा सके। सर्वेयर का चयन, ट्रेनिंग और आईडी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सर्वे शुरु होने के एक माह पहले कर ली गई थी। इसके बाद खसरा नंबर आवंटित कर सर्वे का काम शुरू किया गया। सर्वेयर के पास एंड्रॉयड मोबाइल और इंटरनेट की सुविधा होना जरूरी है। साथ ही उसकी आयु 18 वर्ष से अधिक, बैंक खाता और आधार नंबर होना अनिवार्य है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

चिचबोड के मुक्तिधाम में जरूरी सुविधा तक नहीं

बालोद | ग्राम चिचबोड़ के मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां न पर्याप्त छाया है, न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही लोगों के बैठने के लिए उचित स्थान। ऐसे में बारिश और तेज धूप के दौरान स्थिति और भी मुश्किल हो जाती है। किसी परिजन की अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में लोग मुक्तिधाम पहुंचते हैं। लेकिन वहां बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को खुले में खड़े रहना पड़ता है। -सेवक राम, बालोद

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

जमीन सौदे में लाखों की ठगी का आरोप, चेक बाउंस होने पर थाने पहुंचा परिवार

कचांदुर में जमीन खरीदी-बिक्री के सौदे को लेकर लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कचांदुर निवासी जमुना साहू ने गुंडरदेही निवासी युवराज तंबोली के खिलाफ जमीन का सौदा कर पूरी राशि का भुगतान नहीं करने और चेक बाउंस होने की शिकायत गुंडरदेही थाने में की है। पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित पक्ष के अनुसार कचांदुर स्थित जमीन का सौदा युवराज तंबोली के साथ करीब 12 लाख रुपए में तय हुआ था। रजिस्ट्री के दौरान शेष राशि का भुगतान चेक के माध्यम से करने की बात कही गई। पीड़ित परिवार ने 5 लाख 51 हजार रुपए की शासकीय मूल्य की जमीन की रजिस्ट्री आरोपी के नाम करा दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद आरोपी ने भुगतान के लिए करीब 5 से 6 चेक दिए। इनमें 1 लाख 83 हजार और 1 लाख 85 हजार रुपए के चेक भी शामिल बताए गए हैं। जब इन चेकों को बैंक में जमा किया गया तो वे बाउंस हो गए। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही जमीन सौदे, चेक बाउंस और लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

श्री गौरीशंकर मंदिर में आज व कल जन्मोत्सव मनाएंगे

विश्रामपुर| नगर के श्री गौरीशंकर मंदिर परिसर के दुर्गा पूजा पंडाल में इस साल भी श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और दही हांडी कार्यक्रम होगा। आयोजन श्री गौरीशंकर मंदिर समिति करेगी। 3 सितंबर की रात 8 बजे से 4 सितंबर की मध्यरात्रि 12 बजे तक ग्राम सलका के नंदलाल की टीम अखंड भजन-कीर्तन प्रस्तुत करेगी। रात 9 बजे श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापना होगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

50 लाख की चोरी, खरीदार गिरफ्तार, 10 लाख के पार्ट्स बरामद

भास्कर न्यूज | पटना पाण्डोपारा के टीएमसी कंपनी के झिलमिली साइड स्टोर में करीब 50 लाख रुपए की चोरी के मामले में पुलिस को एक और सफलता मिली है। चोरी का माल खरीदने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से करीब 10 लाख रुपए कीमत के तांबा, पीतल, कांस्य धातु से बने महंगे पार्ट्स बरामद किए गए। आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस के मुताबिक 22 अगस्त की रात 1:34 बजे झिलमिली साइड स्टोर में चोरी हुई थी। घटना के बाद थाना पटना पुलिस ने जांच शुरू की। 27 अगस्त को चार आरोपियों को पकड़ा गया था। उनके पास से करीब 40 लाख रुपए कीमत के एसईसीएल मशीनों में लगने वाले महंगे पार्ट्स मिले थे। इसी कड़ी में 1 सितंबर को पुलिस ने चोरी के सामान के खरीदार सुजीत ताम्रकार, उम्र 52 साल, निवासी ग्राम पोंडी को तलब किया। पूछताछ में उसकी निशानदेही पर, उसके पेश किए गए सामान के आधार पर करीब 10 लाख रुपए के पार्ट्स बरामद हुए। इनमें तांबा, पीतल, कांस्य समेत अन्य धातुओं के पार्ट्स शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। पुलिस का कहना है कि चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया गया है। मामले में अन्य लोगों की भूमिका की जांच चल रही है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

रेंगते रहे वाहन... एनएच-43 पर बदहाली के महाजाम का नजारा आम

एनएच-43 पत्थलगांव मार्ग पर अंबिकापुर के खरसिया चौक से लुचकी घाट के बीच का सफर राहगीरों के लिए मुसीबत बन गया है। मंगलवार दोपहर बारिश के बीच सड़क की इस बदहाली से खरसिया चौक से दरिमा रोड के आगे तक भीषण जाम लग गया। छोटी-बड़ी गाड़ियां दोनों ओर कतारबद्ध खड़ी रहीं और 2 घंटे तक लोग जाम में फंसे तड़पते रहे। सड़क पर बने गड्ढे खतरनाक हो गए हैं। जिम्मेदार इसे ठीक करने की जरूरत नहीं समझते और इसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। एनएच विभाग द्वारा अंबिकापुर में एनएच 43 पत्थलगांव व मनेंद्रगढ़ में पिछले साल ही मरम्मत कराया गया था। उस समय भी ये सड़क काफी खराब हो गई थी। मरम्मत पर करीब सात करोड़ खर्च हुए थे लेकिन ये सड़क फिर खराब हो गई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

बारिश में भी नहीं थमा खमरछठ का उत्साह, जवाली में माताओं ने पूजा की

यहां हलषष्ठी कमरछठ पर्व श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। माताओं ने संतान की सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और दीर्घायु की मंगलकामना की। बारिश और खराब मौसम रहा। उत्साह नहीं डिगा। बड़ी संख्या में महिलाओं ने सहभागिता निभाई। पर्व पर सुबह 10 बजे के बाद समूहवार पूजा-अर्चना शुरू हुई। महिलाओं ने पारंपरिक विधि से पूजा की। सुबह से भैंस के दूध की व्यवस्था की गई। बिना हल चले खेतों में छह प्रकार की भाजी की व्यवस्था की गई। प्रसाद में महुआ लाई, राहर दाना रखा गया। भैंस के दूध में पसहर के चावल से खीर बनाई गई। भाजी और सेंधा नमक से बना प्रसाद भी उपयोग में लिया गया। परिवार और संतान की दीर्घायु, सुख-शांति, मंगलमय जीवन की कामना के साथ पीठ में 7-7 बार ठप्पा लगाया गया। इसी क्रम में गौतम गुड्डू रामसनेही महाराज के निवास पर उनकी माताजी के मार्गदर्शन में कमरछठ की कथा और सामूहिक आरती हुई। माताओं और श्रद्धालुओं ने एकजुट होकर कथा सुनी। आरती में शामिल हुए। पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक भावना को अपनाया। आयोजन में तीजबाई, बबली, सरस्वती, उमा, रजनी, दिलबाई, शीला, सिकन, दरहीन, आयो भी शामिल रहीं। आयोजन के दौरान सामाजिक एकता और श्रद्धा का माहौल दिखा। यह पर्व मध्यनारी, मौहारपारा और ठाकुरपारा में भी श्रद्धा भाव से मनाया गया। ग्रामवासियों ने संदेश दिया कि परंपरा कायम रहे, संस्कृति पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़े।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

माताओं ने संतान की लंबी आयु के लिए कामना की

भास्कर न्यूज | अंबिकापुर संतान की सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु की कामना का पर्व हल षष्ठी कमरछठ अंबिकापुर सहित पूरे अंचल में श्रद्धा, आस्था, पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। माताओं ने संतान के सुखद, उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विधि-विधान से व्रत रखा। पूजा-अर्चना की। सुबह से महिलाओं में खास उत्साह दिखा। महिलाओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भ्राता, कृषि के देवता भगवान बलराम की पूजा की। षष्ठी माता की पूजा की। बच्चों की रक्षा, अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, दीर्घायु के लिए प्रार्थना की। हल षष्ठी व्रत की पारंपरिक कथा सुनी गई। विधि-विधान से पूजा संपन्न हुई। पर्व से जुड़ी प्राचीन मान्यताओं, परंपराओं का पालन हुआ। आज के दिन महिलाएं हल से जोती गई भूमि से उत्पन्न अनाज, सब्जियों का उपयोग नहीं करतीं। पारंपरिक रूप से तय फल, अन्य सामग्री का सेवन करती हैं। अंबिकापुर के अलग-अलग मोहल्लों, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं ने सामूहिक पूजा की। पूजा स्थलों पर धार्मिक, उत्सवपूर्ण माहौल रहा। पूजा के बाद प्रसाद बांटा गया। हल षष्ठी पर्व मातृत्व की ममता, त्याग, समर्पण, संतान के प्रति अटूट प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह पर्व लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने का संदेश देता है। अंबिकापुर में पूरे दिन श्रद्धा, उत्साह की छटा दिखी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

सार्वजनिक श्री विश्वकर्मा पूजन धूमधाम से मनेगा

अंबिकापुर | मरीन ड्राइव स्थित श्री विश्वकर्मा मंदिर परिसर में इस वर्ष भी सार्वजनिक श्री विश्वकर्मा पूजन समारोह श्रद्धा एवं उत्साह के साथ आयोजित किया जाएगा। श्री विश्वकर्मा सेवा समिति, अंबिकापुर की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लेकर तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम का समय जारी कर दिया है। 16 सितंबर सुबह 8:30 बजे पूजन के साथ प्रातः 9 बजे से अखंड रामायण पाठ की शुरुआत होगी। 17 सितंबर सुबह 11 बजे रामायण पाठ विश्राम व श्री विश्वकर्मा चालीसा का पाठ होगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे हवन-पूर्णाहुति, दोपहर 1 बजे से भंडारा एवं प्रसाद वितरण तथा शाम 7 बजे भव्य महाआरती आयोजित होगी। 18 सितंबर दोपहर 12 बजे से कीर्तन मंडली के साथ भगवान विश्वकर्मा जी की शोभायात्रा नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शंकर घाट पहुंचेगी, जहां विसर्जन किया जाएगा। श्री विश्वकर्मा सेवा समिति ने सभी श्रद्धालुओं एवं रामायण प्रेमियों से अखंड रामायण पाठ व पूजन समारोह में सहभागिता निभाकर पुण्य लाभ अर्जित करने का आग्रह किया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

कर्मचारी संघ कोरिया के अमृतांशु बने जिला अध्यक्ष

बैकुंठपुर | छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की जिला कोरिया इकाई की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन के जिला अध्यक्ष पद को लेकर चर्चा के बाद अमृतांशु मिश्रा के नाम की सर्वसम्मति से घोषणा की गई। इस दौरान अमृतांशु मिश्रा ने संगठन की आजीवन सदस्यता भी ग्रहण की। संगठन के पदाधिकारियों व कर्मचारी साथियों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में जिले में संगठनात्मक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। नवनियुक्त जिला अध्यक्ष अमृतांशु मिश्रा ने संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी के प्रति आभार व्यक्त कर कर्मचारी हितों को प्राथमिकता देने और संगठन को मजबूत बनाने की बात कही। बैठक में प्रदेश व संभागीय पदाधिकारियों के साथ विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

कक्षा 9वीं की छात्राओं को सरस्वती योजना के तहत साइकिलें बांटी गई

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चित्ताझोर पोड़ी में कक्षा 9वीं की छात्राओं के लिए सरस्वती साइकिल वितरण कार्यक्रम हुआ। उद्देश्य छात्राओं को स्कूल आने-जाने में सुविधा देना रहा। नियमित उपस्थिति बढ़ाना रहा। शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना रहा। साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरे पर खुशी दिखी। कार्यक्रम में कक्षा 9वीं में पढ़ने वाली बालिकाओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिलें बांटी गईं। जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। स्कूल प्रबंधन मौजूद रहा। शिक्षक मौजूद रहे। सभी ने छात्राओं को पढ़ाई में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साइकिल से दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को राहत मिलने की उम्मीद है। समय बचेगा। स्कूल में नियमित आना बढ़ेगा। महापौर ने छात्र-छात्राओं से मन लगाकर पढ़ाई करने की बात कही। विद्यार्थियों से लक्ष्य तय लगन से पढ़ाई करने को कहा। उन्होंने कहा कि आज बालिकाएं शिक्षा, खेल, विज्ञान सहित कई क्षेत्रों में अच्छा कर रही हैं। सही अवसर व सुविधाएं मिलें। तब वे परिवार और समाज के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। छात्राओं ने कहा कि साइकिल से स्कूल आना-जाना आसान होगा। समय भी बचेगा। कई छात्राएं रोज दूर से पैदल आती थीं। कुछ अन्य साधनों से पहुंचती थीं। साइकिल उनके लिए पढ़ाई को आसान बनाने वाली सुविधा बनेगी। प्राचार्य सत्येंद्र सिंह ने छात्राओं से नियमित स्कूल आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुशासन, नियमितता, मेहनत को जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। बालिकाओं से साइकिल का सुरक्षित और सही उपयोग करने को कहा। पढ़ाई को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यक्रम में सत्येंद्र सिंह के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, अन्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

नरोला राशन घोटाला: 348 क्विंटल कमी मिली लेकिन एफआईआर अब तक नहीं

भास्कर न्यूज | प्रतापपुर जनपद पंचायत प्रतापपुर की ग्राम पंचायत नरोला की शासकीय उचित मूल्य दुकान में राशन वितरण घोटाले का मामला गरमा गया है। विभागीय जांच में 348 क्विंटल चावल, शक्कर, चना की कमी और अनियमितता सामने आई। इसके बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई। ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर सूरजपुर के निर्देश के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राशन दुकान संचालन से जुड़े गोविंदपुर भाजपा मंडल अध्यक्ष संजय मरावी का नाम सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही। ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल किए। ग्रामीणों ने कहा कि पूरे गांव का एक महीने का राशन गोलमाल कर दिया गया। कई लोगों का अंगूठा लगवाया गया। चावल नहीं दिया गया। ग्रामीण कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। मामला कलेक्टर सूरजपुर के संज्ञान में आने के बाद खाद्य विभाग की टीम ने दुकान की जांच की थी। जांच में कमी मिलने पर संबंधित समिति को निलंबित किया गया। नोटिस जारी हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में घोटाला सामने आने के बाद भी मामला एफआईआर तक नहीं पहुंचा। कलेक्टर के निर्देश का पालन भी खाद्य विभाग ने नहीं किया। ग्रामीणों का आरोप है कि इससे गड़बड़ी करने वालों के हौसले बढ़े हैं। सेल्समेन पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई। राजनीतिक संरक्षण की बात भी कही जा रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

ग्राम निमहा में पर्यावरण जनसुनवाई... 25 लोगों को नौकरी की बोर्ड स्वीकृति का मिला आश्वासन

भास्कर न्यूज | राजनगर एसईसीएल की जमुना-कोतमा ओपन कास्ट खदान की कोयला उत्पादन क्षमता 4 से बढ़ाकर 6 मिलियन टन प्रतिवर्ष करने को लेकर ग्राम निमहा में पर्यावरण लोक जनसुनवाई शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। एडीएम बलवीर रमन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों ने धूल-प्रदूषण, जर्जर सड़क, ब्लास्टिंग से मकानों में दरार, पेयजल और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए। एसईसीएल महाप्रबंधक प्रभाकर राम त्रिपाठी ने बताया कि सड़क पर भारी वाहनों का दबाव घटाने के लिए 2028 तक रेल लाइन से कोयला परिवहन शुरू होगा, जिसका टेंडर किया जा चुका है। वहीं जमीन के बदले 25 लोगों के रोजगार प्रस्ताव को एसईसीएल बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। प्रबंधन ने सड़कों पर 24 घंटे स्प्रिंकलर चलाने, प्रभावित गांवों में सोलर पंप से पानी और अस्पतालों के विस्तार का आश्वासन दिया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए जीएम कार्यालय में अधिकारियों और 10 जनप्रतिनिधियों की संयुक्त मासिक समीक्षा समिति बनाने का सुझाव दिया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

वार्ड 34 मैदान मिनी स्टेडियम प्रस्ताव में एनओसी पर विवाद

चिरमिरी| नगर पालिक निगम के वार्ड 34 के खेल मैदान को मिनी स्टेडियम के रूप में विकसित करने के प्रस्ताव में अब अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को लेकर विवाद सामने आया है। वार्ड पार्षद राहुल भाई पटेल ने नगर निगम की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि विकास कार्यों के लिए सभी वार्डों में एक जैसे नियम लागू किए जाएं। राहुल के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के चिरमिरी दौरे के दौरान उन्होंने वार्ड 34 के खेल मैदान के विकास के लिए मांग पत्र सौंपा था। बाद में मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से संबंधित विभाग को पत्र भेजने की जानकारी मिली। इसके बाद नगर निगम स्तर पर चिरमिरी क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक से एनओसी मांगने के लिए पत्र जारी करने की बात सामने आई है। राहुल ने कहा एनओसी की प्रक्रिया से परियोजना में देरी हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि लोग एसईसीएल से जुड़ी एनओसी प्रक्रिया और व्यावहारिक अड़चनों से परिचित हैं। उन्होंने नगर निगम प्रशासन से स्पष्ट नीति तय करने की मांग की, जिसमें यह बताएं कि किन विकास कार्यों में एनओसी अनिवार्य होगी और उसकी समयबद्ध प्रक्रिया क्या होगी। उन्होंने महापौर से कहा यदि वार्ड 34 के लिए एनओसी जरूरी है, तो निगम क्षेत्र के सभी वार्डों के विकास व निर्माण प्रस्तावों पर भी वही नियम लागू किया जाए।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत राम को मिले 12 हजार रुपए

पटना | ग्राम पंचायत सांवारावा के निवासी राम कुशवाहा के लिए सीएम हेल्पलाइन मददगार बनी। व्यक्तिगत शौचालय निर्माण की प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने की शिकायत पर कार्रवाई हुई। उनके खाते में 12 हजार रुपए डीबीटी के जरिए ट्रांसफर कर दिए गए। राम कुशवाहा ने विगत दिनों सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत आते ही संबंधित विभाग ने प्रकरण की जांच की। आवश्यक कार्रवाई की। पात्र हितग्राही को योजना का लाभ दिलाया। कलेक्टर ने विगत दिनों सभी अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में आए आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए थे। रोक्तिमा यादव के निर्देशन में, जिला पंचायत के सीईओ योगेन्द्र श्रीवास के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत शिकायत का निराकरण कराया गया। 12 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में पहुंचाई गई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

ग्राम भागवतपुर में नाबार्ड ग्राम दुकान की शुरुआत हुई

विकासखंड के ग्राम भागवतपुर में ग्रामीण उत्पादों को बेहतर बाजार दिलाने, महिला स्व-सहायता समूहों की आजीविका मजबूत करने के लिए नाबार्ड ग्राम दुकान शुरू की गई। उद्घाटन नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक प्रेम प्रकाश सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के शाखा प्रबंधक सत्य प्रकाश पटेल ने फीता काटकर किया। मौके पर ग्राम सरपंच बिदरंग सिंह पैकरा, रीड्स संस्था के अध्यक्ष राजेश गुप्ता, गोवर्धन होता, सत्यम भारद्वाज मौजूद रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी पहुंचे। नाबार्ड ग्राम दुकान के जरिए स्थानीय किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों की तैयार सामग्री को सीधे बाजार मिलेगा। दुकान में ताजी सब्जियां, चावल, दाल समेत अन्य खाद्य सामग्री बिकेगी। स्थानीय किसानों, महिला समूहों के अलग-अलग उत्पाद भी बिक्री के लिए रखे जाएंगे। इस पहल से ग्रामीण उत्पादकों को स्थानीय बाजार मिलेगा। उचित दाम मिलने की उम्मीद है। आय बढ़ने का मौका मिलेगा। बिचौलियों पर निर्भरता घटेगी। किसानों, महिला समूहों को आर्थिक लाभ मिलने की संभावना है। रीड्स संस्था के अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने कहा, नाबार्ड ग्राम दुकान ग्रामीण उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने, महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम पहल है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

करौंधा बस्ती में नाबालिग आदिवासी बच्ची की मौत

थाना क्षेत्र के ग्राम करौंधा बस्ती में एक आदिवासी नाबालिग बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र की बताई गई है। बच्ची को कथित तौर पर काम के लिए करौंधा बस्ती निवासी श्रवण जायसवाल के यहां बुलाया गया था। वह करीब एक साल से यहां रहकर काम कर रही थी। मंगलवार को बच्ची अपने कमरे में बेहोशी की हालत में मिली। इसके बाद श्रवण उसे भटगांव अस्पताल लेकर पहुंचा। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्ची को मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण पता नहीं चला है। जानकारी मिलने पर बच्ची के परिजन भी पहुंच गए। घटना सामने आने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। निष्पक्ष जांच की मांग उठी है। उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

बारिश से सोनारी की मुख्य सड़क कीचड़ व गड्ढों में तब्दील, परेशान

भास्कर न्यूज | सोनहत ब्लॉक सोनहत की ग्राम पंचायत बसवाही के ग्राम सोनारी में बारिश के बाद मुख्य मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ जमा हो गया है। सड़क पर गड्ढे भी बन गए हैं। बदहाल मार्ग के चलते ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। बारिश के बाद सड़क पर जमा कीचड़ से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक खराब सड़क से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। अब तक सड़क सुधार के लिए ठोस पहल नहीं हुई। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से मुख्य मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने, गड्ढे भरने, जल निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। प्रशासन से भी जल्द संज्ञान लेकर कार्रवाई की अपील की गई है, ताकि बरसात में आवागमन सुचारु हो सके।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

खतरे में नौनिहाल: महूली के आंगनबाड़ी केंद्र से टपक रहा पानी, छत हुई बदहाल

सूरजपुर जिले के दूरस्थ चांदनी-बिहारपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत महूली स्थित आंगनबाड़ी केंद्र इन दिनों बदहाल स्थिति में है। केंद्र की छत से लगातार पानी टपक रहा है और छत में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। छत कमजोर होने के कारण उसके गिरने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में यहां आने वाले मासूम बच्चों की जान खतरे में है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। महूली आंगनबाड़ी केंद्र में 0 से 6 वर्ष की आयु के 99 बच्चे दर्ज हैं, जबकि करीब 45 बच्चे नियमित रूप से केंद्र पहुंचते हैं। इन्हीं बच्चों को जर्जर भवन में बैठाकर पढ़ाई और अन्य गतिविधियां कराई जाती हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने के कारण बच्चों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भवन की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो किसी दिन बड़ी दुर्घटना हो सकती है। उनका कहना है कि हादसा होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन को अभी बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए। एक दिन बारिश के बाद सप्ताहभर टपकता है पानी ग्रामीणों के अनुसार महूली आंगनबाड़ी केंद्र में समस्या केवल बारिश के दौरान तक सीमित नहीं है। एक दिन बारिश होने के बाद भी करीब एक सप्ताह तक भवन की छत से पानी टपकता रहता है। छत में पानी जमा होने और लगातार रिसाव के कारण भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

10वीं बटालियन के जवानों को बांधी राखी, पौधे रोपे

अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल महिला संगठन और महिला पतंजलि योग समिति के संयुक्त तत्वाधान में सिलफिली 10वीं बटालियन के फौजी भाइयों को राखी बांधी गई। जवानों को स्वल्पाहार कराया गया। कार्यक्रम में जड़ी-बूटी के पौधों का रोपण भी किया गया। छत्तीसगढ़ प्रांतीय महिला अग्रवाल संगठन और मातृशक्ति गौ सेवा ने अंबिकापुर महिला थाना में भी कार्यक्रम किया। यहां पुलिस महिलाओं को राखी बांधी गई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

नगर पंचायत बनाने के विरोध के बाद डुमरडीह में प्रस्ताव पास, नागरिकों का इसमें अभिमत नहीं

सरगुजा कलेक्टर के आदेश पर विकासखंड उदयपुर के ग्राम पंचायत उदयपुर व डुमरडीह में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। विशेष ग्राम सभा में ग्रामीणों ने नगर पंचायत गठन का एक सुर में विरोध किया। वहीं ग्राम पंचायत उदयपुर में निर्धारित कोरम पूरा नहीं होने के कारण ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। डुमरडीह के विशेष ग्राम सभा में कोरम पूरा करने हेतु 201 ग्रामीणों की उपस्थिति आवश्यक थी, जबकि यहां कुल 378 ग्रामीणों ने भाग लिया। इनमें डेढ़ सौ से अधिक महिलाएं शामिल रहीं। बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी में नगर पंचायत गठन के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। डुमरडीह में विशेष ग्राम सभा के लिए करारोपण अधिकारी बेन्जामिन तिर्की को नोडल अधिकारी बनाया गया था जिनके नेतृत्व में ग्राम सभा का आयोजन कराया गया। वहीं पंचायत सचिव राजकुमार सिंह ने ग्रामीणों को नगर पंचायत गठन के प्रारूप एवं इससे संबंधित जानकारी दी। ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों द्वारा नगर पंचायत गठन का विरोध किए जाने के बाद नोडल अधिकारी बेन्जामिन तिर्की, पंचायत सचिव राजकुमार सिंह, सरपंच नवल अनीता सिंह वरकड़े, उपसरपंच, पंच सहित सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में नगर पंचायत गठन के विरोध में सर्वसहमति स प्रस्ताव पारित किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा के बाद उदयपुर क्षेत्र को नगर पंचायत बनाने की प्रक्रिया के तहत यह विशेष ग्राम सभा आयोजित की गई थी। ग्राम पंचायत उदयपुर में भी नगर पंचायत गठन को लेकर विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। यहां कि करारोपण अधिकारी विपिन किशोर चौहान ने बताया कि ग्राम सभा का कोरम पूरा करने के लिए 679 ग्रामीणों की अभिमत आवश्यक थी, लेकिन विशेष ग्राम सभा में 641 ग्रामीण ही पहुंचे। निर्धारित संख्या से 38 लोगों की कमी के कारण ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं हो सका। यहां उदयपुर निवासी कल्पना भदौरिया, क्रांति कुमार रावत सहित एक अन्य महिला ने नगर पंचायत गठन के समर्थन में अपनी अभिमत दी, जबकि उपस्थित अधिकांश ग्रामीणों ने नगर पंचायत बनाने का विरोध किया। करों के बोझ को लेकर ग्रामीणों ने जताई चिंता नगर पंचायत गठन की जानकारी मिलने के बाद ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। ग्रामीणों ने कहा कि वे खेती-किसानी, मेहनत-मजदूरी और छोटे-मोटे काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। नगर पंचायत बनने के बाद विभिन्न प्रकार के कर एवं शुल्क लागू होने से उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना था कि वर्तमान में ग्राम पंचायत व्यवस्था में वे ठीक हैं और उन्हें नगर पंचायत की आवश्यकता नहीं है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

पुराने बैंक की छत टपक रही, नया भवन फिर भी खाली

भास्कर न्यूज | उदयपुर विकासखंड उदयपुर में सहकारी केंद्रीय मर्यादित बैंक की बदहाल व्यवस्था 59 ग्राम पंचायतों के 6 हजार से अधिक किसानों के लिए परेशानी बन गई है। बैंक करीब 28 साल पुराने भवन में चल रहा है। बरसात में छत से पानी टपकता है। दस्तावेज और पासबुक बचाने के लिए कर्मचारियों को तिरपाल ढककर काम करना पड़ रहा है। दूसरी तरफ बैंक के लिए नया भवन तैयार है। बैंक अब तक पुराने भवन से शिफ्ट नहीं हुआ। बैंक भवन की छत कई जगह से क्षतिग्रस्त है। बारिश का पानी अंदर रिसता है। तिरपाल लगाकर दस्तावेज और पासबुक को भीगने से बचाया जा रहा है। बैंक में तीन कमरे हैं। एक बड़ा हाल है। सभी कमरों में सीपेज है। एक कमरे में सीसीटीवी सिस्टम है। दूसरे कमरे में कैश शाखा है। तीसरे कमरे में खाट, अलमारी सहित जरूरी दस्तावेज रखे जाते हैं। बड़े हाल में मैनेजर, कैशियर और अन्य कर्मचारी बैठकर बैंकिंग काम करते हैं। बरसात में भीड़ रहती है। पानी रिसाव के बीच किसानों को काम कराना पड़ता है। किसानों की सुरक्षा और सुविधा पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों ने सरगुजा कलेक्टर से बैंक स्थानांतरित करने की मांग की है। बैंक के कैशियर अभिषेक चतुर्वेदी ने कहा कि बरसात में बैंकिंग काम में काफी परेशानी होती है। सभी कमरों में पानी का सीपेज है। दस्तावेज और अन्य सामान बचाने के लिए तिरपाल लगाकर काम करना मजबूरी बन गया है। जनपद पंचायत के सीईओ वेद प्रकाश गुप्ता की मॉनिटरिंग के बाद गर्मी के दिनों में पंचायत स्तर से उदयपुर के पुराने बस स्टैंड जगह पर बैंक संचालन के लिए नया भवन तैयार कराया गया। इसके बावजूद बैंक का संचालन अभी भी पुराने भवन में हो रहा है। उप सरपंच शेखर सिंह देव ने कहा कि पंचायत में बैंक संचालन के लिए नया भवन तैयार है। बैंक प्रबंधक को कई बार पत्र लिखा गया। पुराने बस स्टैंड के पास भवन

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एलएलबी तृतीय सेमेस्टर में 95.24% विद्यार्थी पास

कवर्धा| दुर्ग के हेमचंद विवि ने मई-जून 2026 में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। एलएलबी तृतीय सेमेस्टर में 95.24 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए। एमएससी आईटी द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम 75 प्रतिशत, एमएससी आईटी चतुर्थ सेमेस्टर का परिणाम 62.50 प्रतिशत, एमएससी कंप्यूटर साइंस द्वितीय सेमेस्टर का परिणाम 78.26 प्रतिशत रहा है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने जताई नाराजगी:625 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की रफ्तार धीमी, घोषणा हुई पर विज्ञापन नहीं आया

प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 625 पदों पर भर्ती की घोषणा के करीब एक साल बाद भी विज्ञापन जारी नहीं हुआ है। सितंबर शुरू होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने पर उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने नाराजगी जताई है। उन्होंने अधिकारियों को भर्ती में आ रही रुकावटें तत्काल दूर करने और अनावश्यक विलंब नहीं करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्राध्यापकों के 595 रिक्त पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया तेज करने को कहा है। राज्य शासन ने पिछले साल शासकीय कॉलेजों में 700 पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। इनमें 625 पद सहायक प्राध्यापक और 75 पद ग्रंथपाल व क्रीड़ा अधिकारी के हैं। घोषणा के बाद 2025 में ही वैकेंसी आने की संभावना थी, लेकिन आरक्षण रोस्टर व अन्य कारणों से भर्ती अटक गई। इस साल उच्च शिक्षा विभाग ने सीजीपीएससी को प्रस्ताव भी भेजा, फिर भी अब तक विज्ञापन जारी नहीं हुआ। मंत्री वर्मा ने बुधवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर भर्ती की स्थिति जानी। उन्होंने 1 जुलाई 2026 की पिछली बैठक के निर्णयों पर हुई कार्रवाई की भी बिंदुवार समीक्षा की। समय-सीमा वाले कार्यों में देरी पर प्रशासनिक ढिलाई दूर करने और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। अतिथि व्याख्याताओं के कार्यों का औचक निरीक्षण होगा उच्च शिक्षा में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कॉलेजों में पदस्थ अतिथि व्याख्याताओं के शिक्षकीय कार्यों का नियमित आकस्मिक निरीक्षण किया जाएगा। समीक्षा बैठक में शासकीय कॉलेजों में स्नातक प्राचार्यों की लंबित पदोन्नति प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने यह प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी करने के निर्देश दिए। साथ ही अपात्र होने के बावजूद पदोन्नति पाने वाले प्राध्यापकों के मामलों की जांच और उन पर अब तक की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। भास्कर इनसाइट भर्ती प्रस्ताव में इन 9 बिंदुओं पर थी आपत्ति शासकीय कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, ग्रंथपाल और क्रीड़ाधिकारी भर्ती के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने इस साल अप्रैल में प्रस्ताव छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) को भेजा था। आयोग ने 9 बिंदुओं पर आपत्ति दर्ज कर प्रस्ताव लौटा दिया। सबसे प्रमुख आपत्ति स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की अनिवार्यता को लेकर थी। यह शर्त यूजीसी रेगुलेशन-2018 के अनुरूप नहीं थी। इसके कारण नेट, सेट और पीएचडी उत्तीर्ण कई अभ्यर्थी पिछली भर्ती में आवेदन से वंचित रह गए थे। यूजीसी नियमों में संशोधन के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग के भर्ती नियम में यह शर्त बनी हुई थी, जिसे 11 साल पहले जोड़ा गया था। इसके अलावा आरक्षण रोस्टर, दिव्यांगता श्रेणी का विवरण, सह-विषयों की स्पष्टता और आयु सीमा में छूट सहित अन्य बिंदुओं पर भी आपत्तियां थीं। इनके निराकरण के लिए समिति गठित की गई थी। अब आपत्तियों का निराकरण कर संशोधित प्रस्ताव आयोग को भेजने की तैयारी है। इसके बाद भर्ती विज्ञापन जारी होने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

प्रवेश की टाइम लाइन बदली:निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला 6 माह पहले पूरा हो जाएगा, अब एक चरण में ही होगा एडमिशन

छत्तीसगढ़ में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के मुफ्त दाखिले की व्यवस्था में सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। इस बार पूरी प्रक्रिया लगभग 6 महीने पहले ही पूरी कर ली जाएगी। पिछले साल जहां दाखिले की प्रक्रिया अगस्त के महीने तक खिंची थी, वहीं इस बार फरवरी 2027 में ही दाखिले बंद हो जाएंगे। दरअसल, शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नया टाइम लाइन तैयार किया है। यदि नए टाइम लाइन के अनुसार आरटीई के तहत आवेदन मंगाने और एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की गई तो गरीब बच्चों की भी क्लास समय से लग सकेगी। पिछले साल (2026-27) के मुकाबले इस बार क्या बदला? नवंबर-दिसंबर में ही शुरू हो जाएगी प्रक्रिया : सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की प्रक्रिया 16 फरवरी से 31 मार्च 2026 तक चली थी। लेकिन सत्र 2027-28 के लिए ऑनलाइन आवेदन इस बार 1 दिसंबर से 31 दिसंबर 2026 तक ही ले लिए जाएंगे। जल्दी जारी होगी लॉटरी: पिछले सत्र में पहले चरण की कंप्यूटर लॉटरी 13 से 17 अप्रैल 2026 के बीच खुली थी। इस बार लॉटरी बहुत पहले यानी 11-12 जनवरी 2027 को ही निकाल दी जाएगी। एक बार में मिलेगा एडमिशन : सत्र 2026-27 में प्रवेश के दो अलग-अलग चरण (प्रथम और द्वितीय) आयोजित किए गए थे, जिसके कारण प्रक्रिया 17 अगस्त 2026 तक चली थी। 2027-28 से केवल एक ही चरण का शेड्यूल जारी किया गया है, यानी एडमिशन की प्रक्रिया एक बार में पूरी कर ली जाएगी। नए शेड्यूल के तहत तहत 10 फरवरी 2027 तक दाखिला पूरा हो जाएगा। भास्कर इनसाइट क्यों किया गया यह बदलाव? अब तक छत्तीसगढ़ में स्कूलों का नया सत्र जून के मध्य से शुरू होता था. लेकिन राज्य सरकार ने 8 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत अब छत्तीसगढ़ में भी देश के अन्य बड़े शिक्षा बोर्डों की तरह नया शिक्षा सत्र हर साल 1 अप्रैल से शुरू होकर 31 मार्च तक चलेगा। इसी नए सत्र के साथ तालमेल बिठाने के लिए आरटीई दाखिले को पहले खिसकाया गया है। अगर आरटीई की प्रक्रिया पहले की तरह जून-अगस्त तक चलती, तो गरीब बच्चों की करीब तीन महीने की पढ़ाई का नुकसान हो जाता। अब फरवरी में ही दाखिला हो जाने से ये बच्चे भी 1 अप्रैल से अन्य बच्चों के साथ पहले दिन से ही स्कूल जा सकेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

भवन निर्माण के लिए अनुज्ञा जरूरी:नींव स्तर पर इंजीनियर को करनी थी जांच, पर 1 हजार से ज्यादा मकान नक्शे के विपरीत बने, अब भेज रहे नोटिस

नगर निगम क्षेत्र में भवन निर्माण के लिए अनुज्ञा जरूरी है। निर्माण के दौरान संबंधित जोन के इंजीनियर को प्लिंथ लेवल से ही निरीक्षण करना है, ताकि स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण होने पर शुरुआती स्तर पर उसे रोका जा सके। इसके बावजूद सभी जोनों में बन चुके मकानों में नक्शे के विपरीत निर्माण के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले दो महीने में ही निगम ने ऐसे 1 हजार से अधिक प्रॉपर्टी को तीन नोटिस दिए हैं। इनमें 70 फीसदी से अधिक आवासीय हैं और करीब 20 फीसदी मकान पूरी तरह बन चुके हैं। बीते दिनों जोन-8 में पूरी तरह बन चुके 3 मकानों को जेसीबी चलाकर तोड़ा गया था। ऐसे में सवाल उठता है कि जब प्लिंथ लेवल से निरीक्षण का प्रावधान है तो संबंधित क्षेत्र के इंजीनियर ने निरीक्षण क्यों नहीं किया? मकान निर्माण पूरा होने के बाद तोड़फोड़ होने का नुकसान आम लोगों का झेलना पड़ता है। हाल ही में जोन-6 की ओर से कई मकान मालिकों को नोटिस जारी किया गया है, जिसके बाद से यह विवाद और बढ़ गया है। हर साल औसतन 4 हजार भवन अनुज्ञा : नगर निगम के रिकॉर्ड के मुताबिक टाउन एंड प्लानिंग विभाग हर साल औसतन 4 हजार भवन अनुज्ञा जारी करता है। इसके बाद भी अनुमति के विपरीत निर्माण और अनुमति से अलग उपयोग के मामले सामने आते हैं। बड़ी संख्या में बिना अनुमति के निर्माण भी चल रहे हैं। निर्माण की शुरुआती अवस्था में ही निरीक्षण हो तो अपने लिए मकान बना रहे लोगों को बाद में होने वाले लाखों रुपए के नुकसान से बचाया जा सकता है। सीधी बात - आभास मिश्रा, नगर निवेशक, नगर निगम रायपुर अवैध निर्माण पर लगातार जारी है निगम की कार्रवाई Q. अवैध निर्माण के मामलों में कितनों को नोटिस दिया गया है?- भवन अनुज्ञा के विपरीत निर्माण करने के मामले में हमने 1 हजार से अधिक प्रॉपर्टी को नोटिस जारी किया है। जोन की टीम आगामी दिनों में इन पर कार्रवाई भी करेगी। Q. कई केस में पूरा मकान बनने के बाद तोड़ा जा रहा, इससे आम आदमी परेशान होता है?जवाब- नोटिस जैसी लीगल कार्रवाई में थोड़ा समय लगता है। कई लोग नोटिस के बाद भी काम नहीं रोकते, इसलिए मकान बहुत हद तक बन जाता है। Q. इंजीनियर को प्लिंथ लेवल पर निरीक्षण करना जरूरी है, लेकिन ऐसा क्यों नहीं हो रहा?जवाब- निर्माण के दौरान प्लिंथ लेवल से निरीक्षण की जिम्मेदारी संबंधित जोन इंजीनियर की है। इसके लिए जोन आयुक्त और जोन के ईई को पावर भी दी गई है। निगम आयुक्त ने उन्हें निरीक्षण करने और वायलेशन मिलने पर तत्काल लीगल कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

नया विवाद शुरू:रावतपुरा कॉलोनी फेस-2 में 300 से अधिक मकान, दस साल से सड़कें ही नहीं बनीं, अब 113 को निगम का नोटिस

रावतपुरा कॉलोनी फेस टू को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। यहां 300 से ज्यादा मकान हैं, जिनमें से 113 लोगों को नगर निगम ने नोटिस जारी किया है। नोटिस में कहा कि जो मकान बना रहे हैं वो अवैध हैं और कॉलोनी का ले-आउट ही पास नहीं है। इसके चलते कॉलोनी की सड़कें तक नहीं बन पाई है। बिजली के खंभे नहीं लगे हैं। बांस की बल्लियों में मीटरों और वायरों का गुच्छा लटक रहा है। लोगों ने लाखों खर्च कर सर्वसुविधायुक्त मकान तो बनाए, लेकिन अपने ही घरों में पहुंचने के लिए उन्हें सड़क तक नसीब नहीं हुई। हैरानी की बात यह है कि पिछले दस साल से यहां मकान बनते जा रहे हैं, लेकिन निगम ने नोटिस देने का काम अब शुरू किया है। कॉलोनी में दो हजार से ज्यादा लोग रह रहे हैं। कॉलोनी निवासी कमितला गौतम ओर प्रियेश ठाकुर ने बताया कि सड़कें करीब 10 साल से नहीं बनी हैं। इसलिए पैदल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। अफसर बेखबर, मीटर भी बदल दिए गएरजिस्ट्री कॉपी के आधार पर सभी घरों में मीटर लगा दिए गए। लेकिन जब बिजली खंभे लगाने की बात आई तो पता चला कि कॉलोनी अवैध है। ऐसे में बिजली कंपनी वालों ने बांस की खंभे बनाए और एक ही जगह पर सभी के मीटर लगा दिए। यही नहीं पुराने मीटरों को बदलकर अभी नए स्मार्ट मीटर लगा दिए गए हैं। सीधी बात संबित मिश्रा, आयुक्त नगर निगम रायपुर अवैध कॉलोनी में कैसा विकास Q. रावतपुरा कॉलोनी फेस-टू के 113 लोगों को नोटिस जारी की गई है क्यों?-जिन्हें नोटिस दी गई है वो अवैध निर्माण कर रहे थे, काम रुकवाया गया है। Q. कॉलोनी वालों ने लाखों खर्च कर मकान बनाए, लेकिन सड़कें तक नहीं बनी?-अवैध कॉलोनी में विकास के काम कैसे हो सकते हैं, अभी तो जांच जारी है। Q. कॉलोनी अवैध थी तो लोगों ने रजिस्ट्री कैसे करा ली, लाखों फंस गए क्या करें?-ये मामला पुराना है, कई साल से चल रहा है। जोन से जांच रिपोर्ट मांगी है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

पानी का दबाव बढ़ते ही खुली पोल:करोड़ों के बांध बह गए, जिम्मेदार मिले सांप-चूहे, हकीकत: डिजाइन लेवल तक नहीं पहुंची नींव

करोड़ों रुपए के सिंचाई बांध अब बारिश में टिक नहीं पा रहे हैं। बांध की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। हादसे तो ये कि इसके जिम्मेदार ने कहानी में चूहों को दोषी किया। एमपी के जनपद, कौरिया के छोटे सासी और बलरामपुर के तेतराई में दस दिनों के भीतर बांध बह गए हैं। इंजीनियरों का कहना है कि बांध पुराने हो गए थे, चूहे ऐसे बांध में बिल बना देते हैं, जिससे पानी रिसने से बांध कमजोर हो जाता है, लेकिन भास्कर की पड़ताल में इस तर्क से आगे की कहानी मिली। जल संरचनाओं के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से फाउंडेशन कई जगह कमजोर दिखे हैं। डिजाइन लेवल तक नींव की गहराई रखने और तेज बहाव का दबाव झेलने के लिए उसकी कुंजी उचित तरीके से मानकों से समझौता किया गया। नींव की जांच के बाद उपयुक्त मिट्टी में भराई करनी चाहिए, लेकिन इन जगहों पर वहीं की मिट्टी से बेस तैयार हुआ। इससे हुआ कि बांध टिक नहीं पाए। जानिए... तीन बांध कब बहे थे मनैगांव-बिरसिंगे-भरतपुर: ग्राम पंचायत मसरा में स्थित अमझुड़ी बांध भारी बारिश के दौरान ही टूट गया था। बलरामपुर: आठ दिन पहले जल ग्रहण मिशन के तहत बना तेतराई बांध का हिस्सा टूट गया था। धान की फसल डूबकर बर्बाद हुई। कौरिया: जिले के छोटे सासली में 15 दिन पहले करीब 1.5 करोड़ (डेढ़ करोड़) रुपए की लागत से बना बांध फूटने की घटना हुई। सीधी बात अनिल खलावो, सीई, सिंचाई विभाग पुराने टैंक बारिश में बह गए सीई साहब, बांध लगातार बह रहे हैं। आखिर ऐसा क्यों हो रहा है? कई टैंक पुराने हो चुके हैं। बारिश के दौरान ये बह गए हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। चूटी बांध को बहे एक साल हो गया, पर अभी तक किसी की जांच में क्या हुआ है? बांध के सुधार का प्रस्ताव भेजा गया है। अभी मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद बांध को ठीक कराया जाएगा। बांध बहने की घटना में अक्सर चूहे के बिल को वजह बताया जाता है? बिल किसके हैं, यह किसी ने देखा तो नहीं है। अब तक ऐसी घटना सामने नहीं आई है। जो बांध और एनीकट बह रहे हैं, उनकी नींव कमजोर होने की बात सामने आ रही है? जो भी बांध या एनीकट बह रहे हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। अगर कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

होली मदर पब्लिक स्कूल में इन्वेस्टिचर समारोह

भरतपुर। जवाहर नगर स्थित होली मदर पब्लिक स्कूल में बुधवार को विद्यालय के इन्वेस्टिचर समारोह (पदभार ग्रहण समारोह) का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सेवा भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों की भावना विकसित करना रहा।संस्था के सचिव जेम्स एन्थौनी ने बताया कि कार्यक्रम के विशेष अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी एवं लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह कुंतल रहे। समारोह की अध्यक्षता होली मदर एजूकेशनल एण्ड चैरिटेबिल सोसायटी के अध्यक्ष राजेन्द्र कुंतल ने की। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका ज्योति मोल तथा प्रशासनिक अधिकारी बन्नो सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।सभी नव-नियुक्त सदस्यों को अतिथियों द्वारा बैज प्रदान किए गए तथा उन्होंने सामूहिक पदभार ग्रहण शपथ लेकर विद्यालय के प्रति अपने दायित्वों को ईमानदारी, अनुशासन, सेवा भावना एवं समर्पण के साथ निभाने का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

संस्कारशाला आचार्याओं का दक्षता वर्ग संपन्न

भरतपुर| विश्व हिन्दू परिषद के सेवा विभाग की ओर से संचालित संस्कार शालाओं की आचार्याओं का मासिक दक्षता वर्ग स्थानीय मथुरा प्रसाद पोद्दार आदर्श विद्या मंदिर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कारशाला समिति अध्यक्ष अमरचंद मित्तल ने की, जबकि नगर उपाध्यक्ष प्रमोद कुमार गुप्ता मुख्य अतिथि रहे। प्रांत सेवा प्रमुख नरेश खंडेलवाल ने बताया कि परिषद का 63वां स्थापना दिवस 4 से 10 सितंबर तक सभी संस्कार शालाओं में मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूर्व अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी 27 सितंबर से शुरू होगी। इसके तहत प्रत्येक बस्ती की संस्कारशाला में सेवा पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा। संचालक आचार्या ज्योति ने कहा कि दक्षता वर्ग से आचार्याओं की तैयारी मजबूत होती है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

भगवान बलराम की जयंती धूमधाम से मनाई

भरतपुर। नवीन मंडी यार्ड भरतपुर में भगवान बलराम जी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इंजीनियर घमंडी सिंह नहारौली प्रवक्ता नवीन मंडी यार्ड एवं भा.कि. संघ पूर्व प्रचार प्रमुख ने बताया कि मंडी में किसानों ने भगवान बलराम की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर भगवान बलराम जयंती के बारे में विस्तार से चर्चा की एवं मिठाई बाटी। इस अवसर पर अध्यक्ष रघुवीरसिंह टुंडा इंजी.घमंडीसिंह नहारौली, नरेंद्र सिंघल, कप्तान देशवाल, निरपत सरपंच आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

सितंबर में हर दिन चलेगा साइबर सुरक्षा का अभियान

भरतपुर| मोबाइल पर अनजान लिंक आया, बैंक अधिकारी बनकर फोन आया या अचानक किसी पुलिस अधिकारी के नाम से वीडियो कॉल आ गई... एक छोटी सी चूक और मेहनत की कमाई खाते से गायब। इसी खतरे को देखते हुए पुलिस ने सितंबर को ‘साइबर सुरक्षित राजस्थान’ जन-जागरूकता माह के रूप में मनाने का फैसला किया है। पूरे महीने पुलिस आमजन को ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताएगी। पुलिस का यह अभियान सिर्फ थानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्कूल-कॉलेज से लेकर बाजार, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और गांव की पंचायत तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया जाएगा। साइबर ठगों के निशाने पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों और पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम होंगे। पुलिस, पेंशन विभाग के साथ मिलकर उन्हें ‘डिजिटल अरेस्ट’, निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी बैंक अधिकारी और अन्य साइबर फ्रॉडसे बचाव की जानकारी देगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

वर्चस्व की जंग में नकुल को गोलियों से भूना, 6 साल बाद दो चचेरे भाइयों को उम्रकैद, तीन बरी

पुलिस के अनुसार 28 फरवरी 2020 की शाम नकुल लवानिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अचानक हुई फायरिंग की वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया था। घटना के बाद मृतक के पिता नरोत्तम लवानिया ने पुलिस में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और वारदात में शामिल आरोपियों की तलाश की। पुलिस ने मुख्य आरोपी कृष्णा हथैनी, दीपक हथैनी, अजय सोलंकी, सोनवीर, अभिषेक और जीतू हथैनी सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था। भास्कर न्यूज। भरतपुर छह साल पहले वर्चस्व की लड़ाई में हुई हत्या के मामले में अब अदालत का फैसला आया है। 28 फरवरी 2020 की शाम जघीना गेट निवासी नकुल लवानिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अदालत ने हथैनी गांव निवासी दो सगे भाइयों कृष्णा उर्फ कल्ला और अभिषेक को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं कृष्णा को आर्म्स एक्ट के मामले में अलग से एक साल के साधारण कारावास और एक हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई है। वहीं पुलिस के द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने तीन लोगों को बरी कर दिया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

RGHS में लाभार्थियों को दवा नहीं दी तो टीएमएस बंद, 11 फार्मेसियों पर कार्रवाई

भास्कर न्यूज| भरतपुर राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के लाभार्थियों को समय पर दवाइयां उपलब्ध नहीं कराना निजी फार्मेसियों को भारी पड़ गया। करीब दो माह से आरजीएचएस के तहत दवा वितरण नहीं करने और लाभार्थियों को दवाएं उपलब्ध नहीं कराने पर भरतपुर की 11 निजी फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। प्रदेशभर में ऐसी 386 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है। आरजीएचएस में दवा वितरण व्यवस्था की निगरानी के दौरान सामने आया कि कई अधिकृत निजी फार्मेसियां लंबे समय से योजना के तहत लाभार्थियों को दवाइयां उपलब्ध नहीं करा रही थीं। इसके बाद संबंधित फार्मेसियों को स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया गया। जिनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले या जिन्होंने कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया। उनका टीएमएस अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। कार्रवाई के आंकड़ों में भरतपुर प्रदेश के प्रमुख जिलों में शामिल है। जयपुर में सर्वाधिक 63, अलवर में 36, जोधपुर में 32, सीकर में 25, कोटा, हनुमानगढ़ व नागौर में 14-14, अजमेर में 13, चुरू व दौसा में 12-12, जबकि भरतपुर और बाड़मेर में 11-11 फार्मेसियों का टीएमएस बंद किया गया है। भरतपुर संभाग के पांच जिलों में कुल 23 निजी आरजीएचएस फार्मेसियों पर कार्रवाई हुई है। इनमें भरतपुर की 11, डीग की 4, धौलपुर व सवाई माधोपुर की 2-2 और करौली की 4 फार्मेसियां शामिल हैं। यानी संभाग में हुई कार्रवाई प्रदेश की कुल कार्रवाई का करीब 6 प्रतिशत है। पहले नोटिस, फिर टीएमएस बंद आरजीएचएस की ओर से लंबे समय से दवा वितरण नहीं करने वाली फार्मेसियों को पहले अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया था। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया। लेकिन कई मामलों में जवाब संतोषजनक नहीं मिला और कुछ ने कारण बताओ नोटिस का जवाब भी प्रस्तुत नहीं किया। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए उनका टीएमएस, यानी योजना के तहत दवा वितरण से जुड़ा ऑनलाइन सिस्टम, अस्थायी रूप से बंद कर दिया। कार्रवाई का उद्देश्य उन फार्मेसियों पर लगाम लगाना है, जिनकी वजह से आरजीएचएस लाभार्थियों को जरूरी दवाइयां लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को समय पर दवा उपलब्ध कराना जरूरी है और इसमें लापरवाही अथवा अनावश्यक देरी को गंभीरता से लिया जाएगा। इन 11 फार्मेसियों पर कार्रवाई :- शक्ति मेडिकल स्टोर, आस्था मेडिकल एंड हेल्थ केयर, एमएस मेडिकल एंड जनरल स्टोर एचयूएफ, अपोलो मेडिकल प्रोविजन स्टोर, आशा मेडिकल स्टोर, कृष्णा मेडिकल एंड जनरल स्टोर, विनायक मेडिकल स्टोर, बीएनएच फार्मा, सेंट्रल ड्रग गोदाम, हर्षित मेडिकल स्टोर व कटारा फार्मा शामिल हैं। ^भरतपुर में 11 फार्मेसियों का टीएमएस अस्थायी रूप से बंद किया गया है। जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार ये फार्मेसियां पिछले करीब दो माह से आरजीएचएस लाभार्थियों को दवाएं उपलब्ध नहीं करा रही थीं। प्रदेशभर में यह 386 फार्मेसियों पर कार्रवाई की गई है। डॉ. गौरव कपूर सीएमएचओ, भरतपुर। स्पष्टीकरण और रिकॉर्ड की होगी जांच :- आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल के अनुसार संबंधित फार्मेसियों से प्राप्त स्पष्टीकरण और उपलब्ध अभिलेखों की जांच की जाएगी। इसके बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई होगी। आरजीएचएस की ओर से दवा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजना के तहत आवश्यक दवाएं समय पर मिल सकें।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

1.47 लाख रुपए का चेक बाउंस, आरोपी की अपील खारिज; एक साल की सजा बरकरार

भरतपुर। 1.47 लाख रुपए का चेक बाउंस होने के मामले में विशिष्ट न्यायाधीश, डकैती प्रभावित क्षेत्र गुंजन गोयल ने आरोपी गोपाल सिंह की अपील खारिज कर दी। अदालत ने निचली अदालत से मिली एक साल के साधारण कारावास और 1.99 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा बरकरार रखी है। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। परिवादी के अधिवक्ता शांतनु कुमार सिंह ने बताया कि मामला रनवीर सिंह की ओर से गोपाल सिंह के खिलाफ दायर परिवाद से जुड़ा है। दोनों भवन निर्माण सामग्री सप्लाई का कारोबार करते थे। परिवाद के अनुसार गोपाल सिंह ने मई से दिसंबर 2016 के बीच 4.50 लाख रुपए उधार लिए थे। तकाजा करने पर उसने अपनी फर्म गुरु कृपा अर्थ मूवर्स के बैंक खाते का 9 अक्टूबर 2017 का 1.47 लाख रुपए का चेक दिया। परिवादी ने चेक 28 दिसंबर 2017 को बैंक में लगाया, लेकिन वह अनादरित हो गया। इसके बाद 27 जनवरी 2018 को कानूनी नोटिस भेजकर भुगतान मांगा गया, लेकिन आरोपी ने न राशि चुकाई और न नोटिस का जवाब दिया। निचली अदालत ने 15 नवंबर 2025 को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत गोपाल सिंह को दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। अपील में आरोपी ने तर्क दिया कि उसने केवल एक लाख रुपए उधार लिए थे और इसके बदले खाली चेक दिया था, जिसे बाद में 1.47 लाख रुपए भरकर पेश किया गया। उसने बताया कि उसके बेटे ने एक लाख रुपए परिवादी के खाते में जमा भी किए थे। हालांकि अदालत ने माना कि पूरी चेक राशि चुकाने का कोई स्पष्ट दस्तावेजी प्रमाण नहीं है। अदालत ने यह भी माना कि चेक पर आरोपी के हस्ताक्षर होने की बात उसके अपने बयानों से पुष्ट होती है। अदालत ने कहा कि आर्थिक एवं व्यावसायिक लेन-देन में चेक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास कायम रहना जरूरी है। ऐसे मामलों में परिवीक्षा का लाभ देने से चेक प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। अदालत ने अनुपस्थित आरोपी को गिरफ्तारी वारंट से तलब कर सजा की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

वार्ड 52 से टिकट नहीं मिलने पर किया प्रदर्शन

भरतपुर। नगर निगम के वार्ड नंबर 52 में कांग्रेस टिकट के दावेदार रहे महेश बराखुर ने टिकट नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए समर्थकों के साथ कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर टिकट वितरण में धांधली और पैसों के लेन-देन के गंभीर आरोप लगाए। महेश बराखुर का कहना है कि उन्होंने अपनी पत्नी ममता देवी के लिए वार्ड 52 से कांग्रेस टिकट मांगा था, लेकिन पार्टी ने स्थानीय दावेदारों की अनदेखी करते हुए सिमरन कुमारी को टिकट दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि टिकट वितरण से पहले कांग्रेस की ओर से यह शर्त रखी गई थी कि जिस वार्ड से कोई व्यक्ति टिकट मांग रहा है, वह उसी वार्ड का निवासी हो और उसका मकान भी उसी वार्ड में हो। इसके बावजूद उनके अनुसार वार्ड 52 से जिस उम्मीदवार को टिकट दिया गया है, उसका मकान दूसरे वार्ड में है और वार्ड 52 में उसका कोई खास जनाधार नहीं है। महेश बराखुर ने बताया कि वार्ड से करीब पांच लोगों ने टिकट के लिए आवेदन किया था, लेकिन किसी भी स्थानीय दावेदार को टिकट नहीं मिला। उन्होंने टिकट वितरण में पैसों के लेन-देन का आरोप लगाते हुए अपनी पत्नी ममता देवी को वार्ड 52 से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतारने का ऐलान किया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

कांग्रेस प्रत्याशियों के साथ कोई घटना हुई तो प्रशासन होगा जिम्मेदार: सूपा

भरतपुर। नगर निगम चुनाव को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार को प्रेसवार्ता आयोजित की गई। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दिनेश सूपा ने कहा कि भरतपुर मुख्यमंत्री का गृह जिला है, ऐसे में सरकार अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए पद और शक्तियों का दुरुपयोग कर सकती है। जिलाध्यक्ष ने भाजपा द्वारा कांग्रेस प्रत्याशियों पर दबाव बनाने की आशंका भी जताई। सूपा ने कहा कि यदि कांग्रेस के किसी प्रत्याशी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। प्रेस वार्ता में जिला संगठन महासचिव योगेश सिंघल, दीपेंद्र वुराबई, शहीद खान, बिनीतपाल, निरंजन जघीना, गजेंद्र पोसवाल, मेघसिंह सरपंच, मनोज शर्मा, सुभाष कुंतल, केके उपाध्याय, उपेंद्र चंदेला, नरेश लवानिया सहित अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रेस वार्ता के बाद जिलाध्यक्ष दिनेश सूपा ने पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात कर अलग-अलग वार्डों के चुनावी हालात की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद वे पार्टी पदाधिकारियों के साथ पूर्व सांसद पंडित रामकिशन के निवास पहुंचे। यहां उन्होंने नगर निगम चुनाव को लेकर पूर्व सांसद से सलाह-मशविरा किया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एक ही किडनी थी, सर्जरी में कटी यूरेटर: 15 लाख मुआवजा

भास्कर न्यूज | भरतपुर बयाना निवासी 37 वर्षीय उर्वशी पचौरी की सर्जरी के दौरान हुई चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में स्थायी लोक अदालत, भरतपुर ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने जयपुर के मानसरोवर स्थित एपेक्स अस्पताल और दो डॉक्टरों डॉ. मनीष खैरीवाल व डॉ. सौरभ जैन को महिला को 15 लाख रुपए क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। अधिवक्ता संतोषीलाल गर्ग के अनुसार उर्वशी के गर्भाशय में सिस्ट (गांठ) की शिकायत थी। इलाज के लिए वह मई 2023 में एपेक्स अस्पताल पहुंची थीं। परिवादी पक्ष का कहना है कि ऑपरेशन से पहले डॉक्टरों को स्पष्ट जानकारी दी गई थी कि महिला के शरीर में केवल एक ही सक्रिय किडनी है। इसके बावजूद 22 मई 2023 को हुई लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के दौरान सक्रिय किडनी से जुड़ी मूत्रवाहिनी (यूरेटर) में करीब 5 मिलीमीटर का कट लग गया। इसके बाद महिला को लगातार यूरिन लीकेज की समस्या हुई और तबीयत बिगड़ती गई। परिजनों का आरोप था कि सर्जरी के दौरान हुए नुकसान की जानकारी उन्हें तत्काल नहीं दी गई। मामले की सुनवाई के बाद स्थायी लोक अदालत ने अस्पताल और दोनों डॉक्टरों को संयुक्त या पृथक रूप से दो सप्ताह में 15 लाख रुपए 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित देने के निर्देश दिए। तय अवधि में भुगतान नहीं करने पर बकाया राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। मामले की सुनवाई स्थायी लोक अदालत, भरतपुर में अध्यक्ष गंभीर सिंह तथा सदस्य योगेश कुमार शर्मा और रजनीकांत शर्मा की पीठ ने की। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और मेडिकल रिकॉर्ड का परीक्षण किया। फैसले में अदालत ने कहा कि मरीज की एकल किडनी होने की जानकारी चिकित्सकों को पहले से थी। इसके बावजूद ऑपरेशन के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिससे महिला को गंभीर शारीरिक नुकसान पहुंचा और उसके जीवन पर भी संकट की स्थिति पैदा हुई। लोक अदालत ने अपने आदेश में मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर आरजीएचएस योजना के तहत अधिक क्लेम या चार्ज प्राप्त करने की नीयत से जोखिमपूर्ण तरीका अपनाए जाने संबंधी गंभीर टिप्पणी भी की। कोर्ट ने कहा कि महिला को शारीरिक व मानसिक पीड़ा हुई। डेढ़ महीने बाद जांच में सामने आई असली वजह:- लगातार दर्द और यूरिन रिसाव की शिकायत पर 15 जुलाई 2023 को सीटी यूरोग्राफी कराई गई। जांच में यूरेटर कटने की पुष्टि हुई। इसके कारण महिला को यूरेट्रो-वेजाइनल फिस्टुला की गंभीर समस्या हो गई थी। इसके बाद महिला को जयपुर के मालवीय नगर स्थित एपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 19 जुलाई 2023 को यूरेटरिक रीइंप्लांटेशन सर्जरी करनी पड़ी। परिवादी पक्ष ने आरोप लगाया कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन ने अतिरिक्त राशि मांगने और मामले को टालने का भी प्रयास किया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

मुंबई-कानपुर स्पेशल ट्रेन अब नवंबर तक चलेगी

भरतपुर। रेलवे ने कोटा मंडल से होकर चलने वाली मुंबई सेंट्रल-कानपुर अनवरगंज-मुंबई सेंट्रल विशेष ट्रेन की संचालन अवधि बढ़ा दी है। अब ट्रेन के दोनों दिशाओं में 13-13 अतिरिक्त फेरे होंगे। ट्रेन भरतपुर, गंगापुर सिटी और कोटा स्टेशनों से होकर गुजरेगी। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी सौरभ जैन के अनुसार ट्रेन संख्या 09185 मुंबई सेंट्रल-कानपुर अनवरगंज प्रत्येक रविवार को 6, 13, 20, 27 सितंबर, 4, 11, 18, 25 अक्टूबर तथा 1, 8, 15, 22 और 29 नवंबर को चलेगी। वापसी में ट्रेन संख्या 09186 कानपुर अनवरगंज-मुंबई सेंट्रल प्रत्येक सोमवार को 7, 14, 21, 28 सितंबर, 5, 12, 19, 26 अक्टूबर तथा 2, 9, 16, 23 और 30 नवंबर को संचालित होगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

5 साइबर ठग गिरफ्तार, 7 फर्जी सिम व 5 फोन जब्त

पहाड़ी| थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऑनलाइन पिस्टल की होम डिलीवरी तथा पुराने सिक्के-नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह के पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पांच फर्जी एंड्रॉइड मोबाइल और सात फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए। थानाधिकारी योगेन्द्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम 1 सितंबर की देर रात गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मलहाका रोड से भैसेड़ा पहाड़ी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर कुछ युवक साइबर ठगी कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर शाहिन पुत्र समसू, निवासी सांबलेर,​ आरिफ, ​समीम निवासी दोरखी, ​साहिल, ​साजिद तिलकपुरी, थाना पहाड़ी को गिरफ्तार किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

पैदावार घटने की आशंका से ग्वार सीड में उछाल, चीनी और सस्ती हुई

भास्कर न्यूज | भरतपुर भरतपुर मंडी: सरसो 7977, गेहूं 2620-2680, बाजरा 2000-2250 रुपए। जयपुर मंडी: खरीफ सीजन के दौरान पैदावार घटने की आशंका के मद्देनजर वायदा सौदों में भाव बढ़ने से बुधवार को ग्वार सीड तथा ग्वारगम 150 रुपए क्विंटल मजबूत हो गया। वहीं, स्टॉकिस्टों की बिकवाली जारी रहने से चीनी 50 रुपए क्विंटल और सस्ती हो गई। ऊंचे भावों पर कमजोर मांग से सरसों कच्ची घाणी तेल 50 रुपए क्विंटल नरम रहा। हालांकि, सरसों सीड पूर्व स्तर पर रही। लेकिन, कांडला पोर्ट पर पाम ऑयल और सोया रिफाइंड तेल 50 रुपए क्विंटल नीचे उतर गया। इसके विपरीत कोटा सोया रिफाइंड 50 रुपए क्विंटल चढ़ गया। सामान्य कारोबार से अनाज और चना व दाल-दलहन के भाव स्थिर रहे। अनाज: गेहूं मिल डिलीवरी 2810-2815, गेहूं दड़ा 2750-2760, मक्का लाल 2500-2500, बाजरा 2100-2200, ज्वार पीली 2800-2900, जौ लूज 2500-2600 रुपए प्रति क्विंटल। गुड़-चीनी: चीनी 5250-5750 रुपए प्रति क्विंटल टैक्स पेड। दाल-दलहन: मूंग मिल डिलीवरी 6800-7600, मोठ 6000-6500, चौला 8000-8500, उड़द 8000-8500, चना जयपुर लाइन 6400-6600, मूंग मोगर, 9000-10500, मूंग छिलका 8500-9500, उड़द मोगर 9000-10500, अरहर दाल 9000-10500, चना दाल मीडियम 7300-7350, चना दाल बोल्ड 8250-8300 रुपए प्रति क्विंटल। तेल-तिलहन: सरसों 42 प्रतिशत कंडीशन सरसों मिल डिलीवरी 8450-8455, सरसों कच्ची घाणी तेल 17000, कांडला पोर्ट पाम ऑयल 14750-14850, कांडला पोर्ट सोया रिफाइंड 14400-14450, कोटा सोया रिफाइंड 14750-14800, मूंगफली तेल बीकानेर 17550-17600 रुपए प्रति क्विंटल। ग्वार व ग्वारगम: ग्वार जयपुर लाइन 6450-6600, ग्वारगम जोधपुर ़13150 रुपए प्रति क्विंटल।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

नाम वापसी आज:कोई चाय पर बुला रहा, कोई कसम खिला रहा; बागी बोले- चुनाव बाद मिलेंगे

35 वार्डों में अपनों से ही मुकाबले का खतरा; भाजपा में संघ-संगठन और कांग्रेस में विधायक-जिलाध्यक्ष मनुहार कर रहे नगर निगम चुनाव टिकट वितरण के बाद ‘मनुहार’ तक पहुंच गया है। बुधवार को 74 िनर्दलीयों ने नाम वापस लिए, लेकिन भाजपा और कांग्रेस को राहत नहीं मिली। दोनों पार्टियां 35 वार्डों में अपनों से ही घिरी हुई हैं। गुरुवार को नामांकन का अंतिम दिन है और दोनों के सामने बागियों को बैठाने की चुनौती है। इसके लिए कहीं चाय का प्याला सियासी पुल बन रहा है तो कहीं प्रत्याशी खुद घर पहुंचकर समझा रहे हैं। भाजपा में संगठन के साथ संघ परिवार सक्रिय है तो कांग्रेस में जिलाध्यक्ष और विधायक मोर्चे पर हैं। बुधवार को दिनभर संगठन, विधायक और जिलाध्यक्ष बागियों के फोन घुमाते रहे, लेकिन अधिकतर आउट ऑफ कवरेज एरिया हैं। कुछ ने घर भी छोड़ दिया है। किसी ने साफ कह दिया कि अब फैसला चुनाव मैदान में ही होगा। आप नहीं आ रहे तो हमें चाय पर बुला लो...पूर्व मेयर ज्योति खंडेलवाल के सामने भाजपा की बागी बीना मेठी मैदान में है। उन्हें मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। ज्योति के पति शरद खंडेलवाल ने बीना को फोन करके मनाने की कोशिश की। शरद ने कहा कि या तो आप चाय पीने आ जाइए या हमें चाय पर बुला लीजिए...। यहां भाजपा, कांग्रेस व निर्दलीय तीनों खंडेलवाल समाज से हैं। मोहित टेलर को मनाने प्रत्याशी व संघ जुटावार्ड-53 से निर्दलीय मोहित टेलर की बगावत भाजपा में चर्चा में है। सूची में नाम होने के बावजूद सिंबल सतीश जैपुरिया को दिया गया। मोहित को मनाने जैपुरिया खुद उनके पास पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। मोहित ने निर्दलीय चुनाव का ऐलान कर दिया। बुधवार को संघ और पदाधिकारिय के फोन मोहित के पास आते रहे। दो वार्डों से पर्चा भर कर गायब हुए अख्तरअख्तर हुसैन ने पत्नी समेत 2 वार्डों से निर्दलीय पर्चा दाखिल कर दिया। अख्तर ने 135 और उनकी पत्नी व निवर्तमान पार्षद मौजमा बानो 133 से कांग्रेस के बागी हैं। बड़े नेता व जिलाध्यक्ष फोन लगा रहे हैं, लेकिन अख्तर गायब हैं। कार्यालय खोलने से पहले निर्दलीयों के घर पहुंची योगितावार्ड-67 में कांग्रेस के दिवंगत नेता पंकज काकू की पत्नी योगिता शर्मा काकू मैदान में हैं। चुनाव कार्यालय खोलने से पहले वे बागियों को मनाने पहुंची। एक-एक निर्दलीय को पंकज काकू की कसम डलवा रही हैं। उनके वार्ड में 10 निर्दलीय हैं, जो सभी कांग्रेस विचारधारा के हैं। विद्याधर नगर में बागियों ने फोन स्विच ऑफ कियावार्ड-15 में भाजपा के बागी पंकज गोयल और 16 के बागी पूर्व पार्षद दिनेश कांवट के फोन स्विच आॅफ हैं। संघ परिवार व संगठन के कई नेता परिचितों से उनकी जानकारी जुटाने में लगे हैं। वार्ड-16 के महिपाल सिंह करीरी को भी मनाने के प्रयास दो दिन से चल रहे हैं। शहजाद नबी ने बनाई कांग्रेस से दूरीवार्ड-109 में पांच बार के पार्षद व कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी के बेटे शहजाद नबी ने ताल ठोक रखी है। विधायक अमीन कागजी व जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा से भी नहीं मान रहे हैं। शहजाद साफ कह रहे हैं कि चुनाव बाद ही मिलेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

टिकट वितरण का रिपोर्टकार्ड:भाजपा में विधायकों की चली, जिलाध्यक्ष गोयल का एक भी नाम नहीं, कांग्रेस में सुनील की पसंद के 32 चेहरे

भाजपा में तीन-तीन के पैनल पर बोर्ड नहीं बनने का फीडबैक पड़ा भरा जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा और कांग्रेस की टिकट सूची भले ही नामांकन के अंतिम दौर में सामने आई, लेकिन टिकट वितरण ने दोनों दलों के भीतर की ताकत का हिसाब खोल दिया है। कांग्रेस में शहर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा चार विधानसभा क्षेत्रों में अपनी पसंद के करीब 32 चेहरों को टिकट दिलाने में कामयाब रहे। वहीं भाजपा में शहर अध्यक्ष अमित गोयल की एक महीने तक पैनल बनाने की कवायद अंतिम सूची में ज्यादा असर नहीं छोड़ सकी। गोयल की लिस्ट तो दूर वे करीबियों के 3 नाम तक अंतिम सूची में शामिल नहीं करा पाए। भाजपा : महीनेभर पैनल बनाया, अंतिम फैसले में विधायकों की पसंद भाजपा ने टिकट चयन की शुरुआत संगठन को आगे रखकर की थी। शहर अध्यक्ष अमित गोयल की वार्डवार सर्वे, मंडल अध्यक्षों और संयोजकों से फीडबैक लेने और संभावित प्रत्याशियों की सूची तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई। हर वार्ड से तीन नामों का पैनल बना और मुख्यालय भेजा गया। फीडबैक पहुंचा कि संगठन के पैनल के आधार पर बोर्ड बनाने की स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी ने विधायकों से भी फीडबैक लिया। इनकी पकड़ और वार्डवार समीकरणों को अंतिम निर्णय में शामिल किया गया। बाद में विधायकों की पसंद भारी पड़ी। अंदरखाने विरोध के चलते पैरवी नहीं कर पाए गोयलभाजपा के भीतर इस पर भी चर्चा है कि जिलाध्यक्ष अमित गोयल ने अपने बेहद करीबी लोगों के लिए अंतिम दौर में खुलकर पैरवी नहीं की। इसके पीछे संगठन और आलाकमान के बीच राजनीतिक गणित को वजह माना जा रहा है। टिकट वितरण से यह संदेश भी निकला कि भाजपा ने इस चुनाव में विधायकों को ‘वार्ड जिताने की जिम्मेदारी’ के साथ अधिक अधिकार दिए। अब किसी विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर रहता है तो उसकी जवाबदेही विधायक के राजनीतिक रिपोर्ट कार्ड से जोड़कर देखी जाएगी। कांग्रेस : 4 विस क्षेत्रों में जिलाध्यक्ष की चली, विरोध भी हुआ शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने हवामहल, विद्याधर नगर, झोटवाड़ा और सांगानेर विधानसभा क्षेत्रों में पसंद के 32 कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने में भूमिका निभाई। हालांकि बाद में सुनील शर्मा के घर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। आरआर तिवाड़ी का धरना...अंदर की नाराजगी आई बाहरकांग्रेस में टिकट को लेकर पूर्व शहर अध्यक्ष आरआर तिवाड़ी का विरोध इसका बड़ा उदाहरण रहा। उन्होंने हवामहल में टिकटों में फेरबदल का आरोप लगाते हुए धरना दिया। उनका आरोप था कि पहले सहमति से बने नामों को अंतिम समय में बदल दिया गया।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

संपत्ति का सियासी खेल:निगम रण में हर चौथा दावेदार करोड़पति; भाजपा के 39, कांग्रेस के 28, अचल संपत्ति 123 के पास नहीं

हवामहल, किशनपोल, आदर्शनगर की महिला प्रत्याशियों के पास अचल संपत्ति नहीं शहर में नामांकन दाखिल होने के साथ ही प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार में ताकत झोंक दी है। भाजपा-कांग्रेस के 150 वार्डों में 298 प्रत्याशी मैदान में हैं। इन प्रत्याशियों के चुनावी हलफनामे के अनुसार 73 करोड़पति प्रत्याशी पार्षदी का चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें भाजपा के 39, कांग्रेस से 28 और तीन निर्दलीय हैं। 298 प्रत्याशियों में से 123 प्रत्याशियों के पास अचल संपत्ति शून्य है। हवामहल, किशनपोल, आदर्शनगर, बगरू और आमेर में ज्यादातर महिला प्रत्याशियों के पास अचल संपत्ति नहीं है। सबसे अमीर प्रत्याशी रत्न व्यवसायी सुनील कोठारी हैं। भाजपा के कोठारी सबसे अमीर, 36 करोड़ की संपत्ति, कांग्रेस के धर्मसिंह के पास 8 करोड़ रुपए कोठारी के पास जयपुर में 8 प्लॉट, मुंबई में 1 फ्लैट है। पत्नी के पास 10.24 करोोड़ की चल, 2695 ग्राम सोना और अचल संपत्ति 4.46 करोड़ की है। बेटे के पास 14.21 करोड़ रुपए की चल संपत्ति है। कोठारी के पास 3.62 लाख रुपए नकद है। पत्नी पर 11 करोड़ की देनदारी: पत्नी भी व्यापार में पार्टनर है। खुद पर 4.47 करोड़, पत्नी पर 11 करोड़ की देनदारी है। कांग्रेस के गजनफर के पास स्कूटी, पत्नी कार में चलती हैकांग्रेस के वार्ड-49 से प्रत्याशी धर्मसिंह के पास 8 करोड़ 8 लाख की संपत्ति है। वार्ड-113 से कांग्रेस प्रत्याशी गजनफर से उनकी पत्नी ज्यादा अमीर है। गजनफर के पास 5.70 लाख की चल संपत्ति और 10 ग्राम सोना है। पत्नी नसरीन बानो के पास 18.29 लाख की संपत्ति है। गजनफर स्कूटी पर चलते हैं। महिला प्रत्याशी में अर्चना सबसे रईसवार्ड-110 से कांग्रेस प्रत्याशी सुनीता मेठी और 145 से कांग्रेस की ही अर्चना चतुर्वेदी महिला प्रत्याशियों में सबसे अमीर हैं। अर्चना के पास 2.12 करोड़ की संपत्ति है। सुनीता मेठी के पास 2.14 करोड़ की कुल संपत्ति है। 46 से भाजपा की शिवकांता पांडे के पास 1.45 करोड़ की संपत्ति है। आरएलपी के मनोज सिर्फ 10 हजार नकद लेकर चुनाव मैदान में उतरेचुनाव में सबसे कम संपत्ति वाले प्रत्याशी आरएलपी के मनोज जाटोलिया हैं। वार्ड-55 से चुनाव लड़ रहे मनोज के पास न कार, न मकान और ना सोना है। 10 हजार नकद लेकर जाटोलिया भाजपा और कांग्रेस की सामने मैदान में हैं। निर्दलीय : शंकर 10 करोड़ के मालिकवार्ड-54 से निर्दलीय प्रत्याशी शंकर शर्मा 10.68 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं। निर्दलीयों में सबसे अमीर हैं। 54 से निर्दलीय प्रत्याशी राजेन्द्र पटेल के पास 3.47 करोड़, 53 के निर्दलीय प्रत्याशी मोहित टेलर के पास 2.47 करोड़ की चल-अचल संपत्ति है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो दर्ज होगी रिपोर्ट:चुनाव ड्यूटी से नदारद 9 कार्मिकों को 17 सीसीए की चार्जशीट थमाई

नगरीय निकाय चुनाव-2026 ड्यूटी प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहना 9 कार्मिकों को भारी पड़ गया। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर संदेश नायक ने सख्त रुख अपनाते हुए दोनों चरणों के प्रशिक्षण में गैरहाजिर रहे सभी 9 कर्मचारियों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 17 के तहत चार्जशीट थमा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कार्मिकों का जवाब संतोषप्रद नहीं रहा, तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।दो बार मौका दिया, फिर भी नहीं पहुंचे : प्रशासन ने जेएलएन मार्ग स्थित 4 संस्थानों में 26 व 27 अगस्त को मतदान दलों के लिए पहला प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया था। इसमें अनुपस्थित रहे कार्मिकों को राहत देते हुए 1 सितंबर को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में दोबारा ट्रेनिंग का मौका दिया गया। 9 कार्मिक दोनों ही मौकों पर बिना किसी ठोस कारण के नदारद रहे। राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी। संतोषप्रद जवाब न मिलने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 134 (1A) के तहत सीधे एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी। भवानी निकेतन से रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां 18 नगर पालिकाएं : मतदान दल 8 सितंबर को सीकर रोड स्थित भवानी निकेतन कॉलेज से रवाना होंगे, मतदान 9 सितंबर को होगा।नगर निगम जयपुर : पोलिंग पार्टियां 10 सितंबर को भवानी निकेतन से रवाना की जाएंगी; मतदान 11 सितंबर को होगा।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

जयपुर-दिल्ली के लिए दोपहर में नई फ्लाइट:अब रोज 6 फ्लाइट, सुबह से रात तक विकल्प

जयपुर से दिल्ली जाने वाले यात्रियों के लिए एयर कनेक्टिविटी और मजबूत हुई है। एयर इंडिया ने दोपहर के समय नई फ्लाइट शुरू की है। दिल्ली से एआई-1719 दोपहर 1 बजे जयपुर पहुंचेगी और वापसी में एआई-1844 दोपहर 1:40 बजे दिल्ली रवाना होगी। मंगलवार से शाम के स्लॉट में भी नई फ्लाइट शुरू की है। जयपुर-दिल्ली के बीच रोजाना औसतन 6 और सप्ताह में करीब 44 फ्लाइट संचालित होती हैं। नए शेड्यूल में एयर इंडिया की जयपुर से दिल्ली के लिए फ्लाइट दोपहर 1:40 बजे और शाम करीब 5:10 बजे है। इंडिगो की 6ई-6492 शाम 5:20 बजे और 6ई-2376 रात 10:25 बजे रवाना होती है। सुबह से देर रात तक फ्लाइट विकल्प उपलब्ध हैं। दिल्ली रूट इसलिए महत्वपूर्णदिल्ली से देश-विदेश के लिए बड़ी संख्या में कनेक्टिंग फ्लाइट मिलती हैं। ऐसे में दोपहर और शाम के विकल्प बढ़ने से कॉर्पोरेट, सरकारी कामकाज और इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने वाले यात्रियों को फायदा होगा। विंटर शेड्यूल में और विकल्प; एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार अक्टूबर के अंत तक जयपुर सहित अन्य एयरपोर्ट पर विंटर शेड्यूल लागू होगा। इसमें दिल्ली के लिए नई फ्लाइट्स शुरू होने की उम्मीद है। साथ ही कई रूट पर करीब 8-10 फ्लाइट शुरू होने की संभावना है। एयरपोर्ट प्रबंधन नई फ्लाइट्स के लिए कई एयरलाइंस से बातचीत कर रहा है। एयरलाइंस भी जयपुर से कुछ नए शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने की योजना बना रही है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

राजस्थान यूनिवर्सिटी में कुलगुरु बनना चाहते हैं 253 प्रोफेसर:आरयू के 10 प्रोफेसर कतार में, इनमें 200 बाहरी व 12 विश्वविद्यालयों के कुलगुरु भी शामिल

देशभर के 253 शिक्षाविद् राजस्थान यूनिवर्सिटी में कुलगुरु बनना चाहते हैं। प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी के कुुलगुरु के लिए सलेक्टेड नामों का पैनल इसी सप्ताह लोकभवन भेजने की तैयारी है। आवेदन करने वाले 253 लोगों में से करीब 200 आवेदक राजस्थान से बाहर के हैं, जबकि करीब 50 लोग प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के वर्तमान और रिटायर्ड शिक्षाविद् हैं। देश के 12 व प्रदेश के 3 विवि के कुलगुरु दौड़ में; आरयू में वीसी बनने के लिए देश की 12 यूनिवर्सिटीज के वीसी ने भी आवेदन किया है। इनमें प्रदेश की 3 यूनिवर्सिटी के मौजूदा कुलगुरु भी शामिल हैं। हालांकि पात्रता के मानकों पर खरा उतरने वालों को ही आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। क्योंकि कुछ आवेदक तो 10 साल प्रोफेसर रहने की शर्त पर ही अटक सकते हैं। वर्तमान में प्रदेश के 32 सरकारी विश्वविद्यालयों में 2 गुजरात, 2 दिल्ली, 1 महाराष्ट्र, 1 हिमाचल प्रदेश के वीसी हैं। बाकी राजस्थान के हैं और 5 में कार्यवाहक वीसी हैं। खास बात यह है कि राजस्थान यूनिवर्सिटी के 10 वर्तमान/रिटायर्ड प्रोफेसरों ने भी कुलगुरु पद के लिए दावेदारी जताई है। आवेदन करने वाले कई एेसे भी हैं जिनको यूजीसी के नियमों के मुताबिक प्रोफेसर के तौर पर 10 साल का अनुभव नहीं है। वर्तमान वीसी का कार्यकाल 25 तक; आवेदन पत्रों की जांच और पात्र उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग की प्रक्रिया चल रही है। वीसी सर्च कमेटी इसी सप्ताह पैनल बनाकर लोकभवन भेजने की तैयारी कर रही है। अंतिम निर्णय लोकभवन में होगा। वर्तमान कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा का कार्यकाल 25 सितंबर को पूरा हो रहा है। ऐसे में यूनिवर्सिटी में नए कुलगुरु की घोषणा इसी तारीख से पहले होने की संभावना है। 253 आवेदनों के बीच अब बड़ा सवाल यही है कि सर्च कमेटी किन नामों को पैनल में शामिल करती है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

स्वाइन फ्लू अब डरा रहा:7 माह में 91 मरीज थे, अगस्त में ही 147 केस आए, एसएमएस में 10 वेंटिलेटर और आईसीयू बनाया

अपील-लोग भीड़भाड़ में ना जाएं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के भर्ती होने के बाद स्वाइन फ्लू को लेकर चर्चा तेज हो गई है। राजस्थान में इस साल अब तक 238 लोगों को स्वाइन फ्लू ने चपेट में ले लिया। पिछले साल महज 16 केस सामने आए थे। लेकिन इस बार अकेले अगस्त ने ही पूरे साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अगस्त में कुल 147 केस आ गए। ऐसे में विभाग अलर्ट मोड पर है। 1 सितंबर को जयपुर में 13, उदयपुर में 9, दौसा, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा और अजमेर में 1-1 व्यक्ति में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। 2 सितंबर को 12 केस आए। इस साल की बात करें तो जनवरी से जुलाई तक जहां कुल 91 केस मिले थे, वहीं अकेले अगस्त में स्वाइन फ्लू के 147 मरीज सामने आ गए। यह 2026 में किसी एक महीने में सामने आए सबसे ज्यादा केस हैं। शुरुआती महीनों में मामले कम थे, लेकिन अगस्त में अचानक केस बढ़ गए। इसके बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल संस्थानों को स्क्रीनिंग, इलाज और जरूरत पड़ने पर मरीजों को रेफर करने की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश जारी किए। एच1एन1 वायरस में किसी अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहींस्वाइन फ्लू के लगातार बढ़ते केस देखते हुए एसएमएस हॉस्पिटल में विशेष तैयारियां की गई हैं। प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि जांच किट से लेकर टेमीफ्लू और अन्य दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक है। आईसीयू और 10 वेंटिलेटर हैं। पूरी मॉनिटरिंग के लिए कमेटी बनाई गई है। पैनिक होने जैसी स्थिति नहीं है। बस थोड़ी सी सावधानी रखने की जरूरत है। लोग भीड़भाड़ में ना जाएं। लक्षण मिलते ही स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी जरूरीविभाग का कहना है कि एच1एन1 वायरस के किसी नए या अधिक घातक स्ट्रेन के प्रसार की पुष्टि नहीं हुई है। आईसीएमआर के अनुसार वर्तमान में प्रचलित एच1एन1 वायरस पहले से ही सक्रिय है। इसलिए आमजन को घबराने की आवश्यकता नहीं है। लक्षण : बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान जैसे सामान्य लक्षण हैं। वर्ष 2024 में स्वाइन फ्लू के सबसे अधिक मरीज आए थे सात साल के आंकड़े देखें तो 2024 में स्वाइन फ्लू का सबसे ज्यादा असर था। उस साल 10,813 लोगों की स्क्रीनिंग में 1149 पॉजिटिव मिले थे । 12 की मौत हुई थी। 2025 में संक्रमण में गिरावट आई और 4808 सैंपल में सिर्फ 16 मरीज पॉजिटिव मिले। इससे पहले 2022 में 3304 सैंपल में 365 मरीज पॉजिटिव मिले थे और 11 मौतें हुई थीं। 2023 में 5625 सैंपल में 127 पॉजिटिव मिले। कुछ राज्यों, विशेषकर दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामलों में वृद्धि को देखते हुए प्रदेश की स्थिति पर निगरानी रख रहा है। संस्थानों को मरीजों की जांच, उपचार और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।’ -गजेंद्र सिंह खींवसर, चिकित्सा मंत्री स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या देखते हुए एसएमएस में दवाइयां, जांच किट, आईसीयू व अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। बुखार-जुकाम, सांस में तकलीफ जैसे लक्षण होने पर भीड़भाड़ में जाने से बचें। पॉजिटिव आने के बाद आइसोलेट करना जरूरी है।’ -डॉ. दीपक माहेश्वरी, प्रिंसिपल, एसएमएस

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

देहदानियों का घोर अपमान हो रहा है:अजमेर मेडिकल कॉलेज में डेडबॉडी रखने को जगह नहीं, खुले टैंक में बिना फार्मेलिन पटके शव

कीड़ों और फफूंद से सड़ रहीं देह अजमेर के जेएलएन मेडिकल कॉलेज में देहदानियों की डेडबॉडी सड़ रही हैं। कॉलेज में जहां पर बॉडीज रखी जाती है, वहां सीलन, मिट्टी, धूल है। प्लास्टर गिर रहा है। ऐसे में शवों पर फंगस आ रहा है। न टैंक ढके हैं, ना इनमें पड़े शव पूरे केमिकल सॉल्यूशंस में डूबे हैं। अगर शव प्रेक्टिकल के लिए विद्यार्थियों को मिलेंगे, इससे उनमें भी संक्रमण का खतरा है। भास्कर ने शवों की स्थिति के फोटो एनाटोमी एक्सपर्ट के साथ साझा किए। फोटो देख वे चौंक गए। आपत्ति जताई- टैंक खुला क्यों है? शव केमिकल्स में डूबे हुए क्यों नहीं? फफूंद और फंगस दिख रही है। यहां एनाटॉमी विभाग के प्रोटोकॉल को नहीं माना गया है। मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों ने बताया- प्रेक्टिकल स्टडी के लिए हर साल 25 बॉडी चाहिए, जबकि 4-5 बॉडीज पर स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। फरवरी में शव में फंगस और कीड़े चलने की शिकायत कॉलेज प्रशासन से की थी, वही हालात बने हुए हैं। एंबाबलिंग रूम अनिवार्य होता है, जो यहां है ही नहीं। तस्वीर विचलित करेगी... इसलिए इसे 100% तक धुंधला कर छाप रहे हैं डेडबॉडी को खुले में बिल्कुल नहीं रख सकते, इतना ज्यादा खराब होने पर देह संक्रमण फैलाएगी यह ब्लैक फंगस नहीं, कीड़े है। बॉडी को खुले में नहीं, कवर करके रखा जाना चाहिए। खुले में बिल्कुल नहीं रख सकते हैं। यह कैमिकल सॉल्यूशन में डूबी होनी चाहिए। जो व्यक्ति ऐसी बॉडी के संपर्क में आएगा, उसे इंफेक्शन हो सकता है। सबसे ज्यादा खतरा, इनकी देखभाल करने वाले लोगों को है। फैकल्टीज और स्टूडेंट्स को इंफेक्शन हो सकता है। ऐसी बॉडी को कॉलेज प्रशासन को रखना ही नहीं चाहिए। यह इतनी ज्यादा खराब हो चुकी हैं कि इन्हें नष्ट कर देना चाहिए। यह अब ऐसी टेक्नोलॉजी और सॉल्यूशंस आ रहे हैं, जिनके इस्तेमाल से बॉडी को फार्मेलिन में रखने की आवश्यकता नहीं है। यह सॉल्शून इनोबाम है। - प्रोफेसर (डॉ.) कुमार सतीश रवि हेड डिपार्टमेंट ऑफ एनाटोमी एडिशनल प्रिंसिपल, निम्स मेडिकल कॉलेज ऐसे रखनी चाहिए देहएसएमएस के एनाटॉमी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर (डॉ.) धीरज सक्सेना बताते हैं- यहां सीमेंट-टाइल के बने 8 बाई 4 के 4 फीट गहरे 5 टैंक हैं। 36 देह संरक्षित है। सभी टैंक ढंके हैं। वॉल्व लगा है, जिससे केमिकल सॉल्यूशंस बदलते हैं। सॉल्यूशंस में स्प्रिरिट, ग्लिसरीन, फार्मेलिन मिलाया जाता है। एंटी फंगल कार्बोलिक एसिड मिलाते हैं। एम्बाल्मिंग रूम में बॉडी की शेविंग की जाती है। कॉलेज में बॉडी खराब नहीं हो रही है। रुटीन प्रोसिजर के तहत बॉडी को रखा जा रहा। डिस्केशन के बाद इंसिनरेटर मशीन में बायोमेडिकल वेस्ट की तरह डिस्पोज करते हैं। फरमिलीन से ट्रीट करते हैं। यहां कंक्रीट टैंक है। इनमें लीकेज की प्रॉब्लम हो सकती है। कॉलेज स्टील बॉडी टैंक की तरफ शिफ्ट कर रहे हैं। -डॉ. विकास सक्सेना, एचओडी, एनाटोमी डिपार्टमेंट, जेएलएन मेडिकल कालेज, अजमेर

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

4 सितंबर को बैठक लेंगे राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष:भाजपा में अब ‘डैमेज कंट्रोल से बूथ मैनेजमेंट’ तक बनेगा जीत का प्लान

निकाय चुनाव को लेकर भाजपा ने अब ‘डैमेज कंट्रोल से बूथ मैनेजमेंट’ तक की रणनीति पर फोकस कर दिया है। टिकट वितरण के बाद कई जगह सामने आए विरोध, बगावत और नाराजगी के बीच भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष 4 सितंबर को जयपुर पहुंच रहे हैं। यह दौरा संगठन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बीएल संतोष यहां मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदन राठौड़ और प्रदेश कोर कमेटी के नेताओं के साथ चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। बैठक का फोकस केवल चुनावी रणनीति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि टिकट वितरण के बाद उपजे असंतोष को थामने और नाराज दावेदारों को पार्टी के साथ सक्रिय रखने पर भी रहेगा। इस दौरान यूजीसी रोल-बैक को लेकर सामान्य वर्ग के एक गुट की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को लेकर भी चर्चा हो सकती है। भाजपा के सामने चुनौती.. अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी टिकटों की घोषणा के बाद भाजपा के सामने बड़ी चुनौती अब अपने ही नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी है। कई शहर व कस्बों में टिकट नहीं मिलने से दावेदारों के समर्थकों में असंतोष है। कुछ जगह विरोध प्रदर्शन हुए हैं तो कई सीटों पर बागी मैदान में आ गए हैं। पार्टी नेतृत्व की चिंता यह है कि अंदरूनी नाराजगी वोटों के बिखराव में नहीं बदले। भाजपा के संगठनात्मक ढांचे में बूथ मैनेजमेंट को चुनावी जीत की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जाता है। यही वजह है कि बीएल संतोष प्रदेश नेतृत्व से बूथ स्तर तक संगठन की वास्तविक स्थिति का फीडबैक लेंगे। बैठकों में यह देखा जाएगा कि किस वार्ड में पार्टी का बूथ नेटवर्क कितना सक्रिय है, कार्यकर्ताओं की टीम किस तरह काम कर रही है और किन इलाकों में संगठन को और मजबूत करने की जरूरत है। जहां बगावत ज्यादा, वहां अलग रणनीतिबीएल संतोष के दौरे में उन सीटों पर विशेष चर्चा होगी, जहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के सामने पार्टी के ही नेता या समर्थक मैदान में हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय स्तर पर बातचीत, वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता और नाराज नेताओं को संगठन में भूमिका देकर समाप्त किया जाएगा। वॉर रूम से लेकर प्रचार रथ तक की समीक्षा: बीएल संतोष चुनावी वॉर रूम की कार्यप्रणाली पर भी फीडबैक ले सकते हैं। चुनाव प्रचार, प्रचार रथों की भूमिका, स्थानीय मुद्दों को लेकर पार्टी का अभियान और मतदाताओं तक सरकार की उपलब्धियां पहुंचाने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। ‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ के प्रयोग की पहली बड़ी परीक्षा‘वन स्टेट, वन इलेक्शन’ विजन के तहत निकाय चुनाव के बाद पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में निकाय चुनाव भाजपा के लिए केवल स्थानीय सत्ता का चुनाव नहीं है। यह चुनाव संगठन की तैयारियों और अगले चरण के पंचायत चुनाव के लिए भी टेस्ट माना जा रहा है। निकाय चुनाव में संगठन की सक्रियता, बूथ मैनेजमेंट का असर आगे के चुनावों पर भी पड़ सकता है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

राजस्थान निकाय चुनाव:48 घंटे में मांगी भीलवाड़ा सिंबल प्रकरण व बगावत वाले जिलों की रिपोर्ट

कांग्रेस ने भीलवाड़ा के प्रभारी, जिला अध्यक्ष, कोऑर्डिनेटर से 17 सिंबल जमा नहीं होने की तथ्यात्मक रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पूरे प्रदेश में जिन जिन निकायों में बगावत है, उनकी रिपोर्ट भी संबंधित निकाय प्रभारी से मांगी है। पीसीसी चीफ गोविंदसिंह डोटासरा ने बताया कि सबसे गंभीर प्रकरण भीलवाड़ा का है। इसकी रिपोर्ट 48 घंटे में मांगी है। गौरतलब है कि टिकट वितरण के बाद कांग्रेस में कई जगह बगावत सामने आई है। एक दर्जन निकाय तो ऐसे हैं जिनमें कांग्रेस के प्रत्याशी ने मैदान छोड़ दिया, नामांकन ही वापस ले लिया या नामांकन रद्द हो गया। अब पार्टी बागियों को मनाने और डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। टिकट वितरण, सिंबल जमा नहीं कराने और लास्ट टाइम में प्रत्याशी बदलने जैसे कई मसलों पर रिपोर्ट तलब की है। पीसीसी चीफ ने विवाद वाले जिलों के प्रभारियों से तथ्यों के साथ रिपोर्ट मांगी है। जयपुर-कोटा सहित जिलों के प्रभारी से भी मांगी रिपोर्टजयपुर, सांचौर और कोटा सहित कई जगह प्रदेश नेतृत्व को अंतिम समय में तय प्रत्याशी का नाम बदलने जैसी गंभीर शिकायतें मिली हैं। कई जगह टिकटों के बदले लेनदेन जैसी गंभीर शिकायतें हैं। पार्टी ने प्रभारियों को रिपोर्ट के साथ तलब किया है। अगले दो या तीन दिन के भीतर प्रभारियों को लिखित में रिपोर्ट पीसीसी चीफ को सौंपनी है। भीलवाड़ा में तो सिंबल जमा नहीं होने से 70 वार्ड में से कांग्रेस केवल 53 वार्डों में ही चुनाव लड़ पा रही है। कोटा की कलह तो राहुल गांधी के ऑफिस तक पहुंच गई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

1856 बागियों ने बिगाड़ा गणित:जयपुर, जोधपुर सहित 16 निकायों में बगावत हावी, आज बागियों को मनाने का अंतिम दिन

राजस्थान के सभी 309 निकायों में इस बार दोनों दलों के बागी किरकिरी कर रहे हैं। चुनावी समीकरण बदलकर रख दिए हैं। सबसे चर्चित बागी 16 शहरों में हैं। जयपुर में ही 953 निर्दलीयों ने नामांकन भरे, इनमें से करीब 209 कांग्रेस या बीजेपी के बागी हैं। जोधपुर में 138 बागी बताए जा रहे हैं। 16 चर्चित शहरों में 1856 बड़े बागियों ने इस बार गणित बिगाड़ रखी है। इस तरह 2026 में बीजेपी और कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि अपने ही बागी हैं। बीजेपी के लिए जयपुर, श्रीगंगानगर, बालोतरा और निम्बाहेड़ा जैसे इलाकों में ज्यादा बगावत दिख रही। वहीं कांग्रेस के लिए जयपुर, जोधपुर, बालोतरा, जैसलमेर और बाड़मेर में ज्यादा असंतोष है। टिकट नहीं मिलने के बाद दोनों दलों के सैकड़ों नाराज दावेदार निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। बागियों को बिठाने, मनाने के लिए गुरुवार का दिन अंतिम मौका है। (आज नाम वापसी का आखिरी दिन है। कल निर्दलीयों को सिंबल मिलेगा।)

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

एसपी के पास पहुंचे किसान:किसानों के खेतों के फर्जी बंटाईदारों ने फसल खराबे के करोड़ों रुपए का गबन किया, केस दर्ज

जांच एएसपी ग्रामीण करेंगे जसरासर के मेनसर, बगसेऊ, गजसुखदेसर, मूंदड़, भोम बिलनियासर, दूदावास, हनुमानपुरा गांवों में 100 से ज्यादा किसानों के खेतों में फर्जी बंटवारों को तैयार कर उनके नाम से बीमा पॉलिसी में रबी और खरीफ की फसल खराबे की करोड़ों रुपए की रकम का गबन कर लिया गया। किसानों को लंबे समय बाद पता चला तो वे एसपी के पास पहुंचे और बीमा कंपनी, पटवारी, कृषि विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया जिसकी जांच एएसपी ग्रामीण करेंगे। आरोप है कि पिछले पांच सालों से हलका पटवारी, बीमा कंपनी, कृषि विभाग के कर्मचारी, ई-मित्र और अन्य लोगों ने आपसी मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए। फर्जी बंटाईदार खड़े किए और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में खराबे की राशि उनके खातों में डालकर गबन कर लिया। जनवरी माह में कुछ किसानों को इस फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो उन्होंने छानबीन शुरू की। धीरे-धीरे बड़े स्तर पर सैकड़ों किसानों के साथ धोखाधड़ी और करोड़ों रुपए का गबन सामने आ गया। किसान एकजुट होकर एसपी मृदुल कच्छावा के पास पहुंचे। उसके बाद जसरासर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एएसपी ग्रामीण बनवारीलाल मीणा को सौंपी गई है। बुधवार को किसान इकट्ठा होकर बीकानेर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी एसपी-एएसपी को दी। पुलिस को फर्जी बंटाईदार के नाम और उठाई गई रकम की सूची भी सौंपी गई है। इन 4 उदाहरणों के समझिए 1. मेनसर गांव निवासी किसान श्रवण प्रजापत का 61 बीघा खेत है। फसल खराबे के नाम पर फर्जी बंटाईदार बनकर फसल बीमा योजना में वर्ष, 22 में 6.68 लाख रुपए उठा लिए।2. मेनसर के किसान सुरजाराम कुम्हार और परिजनों का आंवलियासर में 85 बीघा व 20 बीघा के खेत हैं। फर्जी बंटाईदार बनकर 3.44 लाख रुपए हासिल कर लिए।3. बगसेऊ निवासी भीखनाथ व परिजनों का 115 बीघा खेत है। फर्जी बंटाईदार के नाम से करीब 20 लाख रुपए का गबन कर लिया गया।4. मुंडेर भगवानपुरा में बंशीलाल व परिजनों का 10.19 हेक्टेयर खेत है। फसल खराबे के नाम पर फर्जी बंटाईदार बनाकर 4.83 लाख रुपए उठा लिए गए। किसानों का आरोप : बड़ा घोटाला, सही जांच में खुलेंगी परतें एसपी ऑफिस पहुंचे जसरासर के गांवों के किसानों का कहना है कि फर्जी तरीके से बंटाईदार बनाकर करोड़ों रुपए का घोटाला करने के मामले की गंभीरता से और सही जांच की गई तो परतें खुलेंगी और बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार उजागर होगा। जसरासर तहसील में 100 से ज्यादा किसानों के साथ ही नहीं, 500 से ज्यादा किसानों के साथ मिलीभगत से धोखाधड़ी कर रकम उठा ली गई है। मामला सामने आने पर आरोपी और फर्जी बंटाईदार ने किसानों से संपर्क किया और बड़ी संख्या में उनसे लेनदेन भी किया है जिससे कि मामला दब जाए। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उद्देश्य प्राकृतिक आपदाओं, कीटों या बीमारियों के कारण फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। इसकी पूरी प्रक्रिया पंजीकरण से लेकर क्लेम निपटान तक कई चरणों में पूरी होती है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

मौत को मात:PBM में 29 हफ्ते के प्रीमेच्योर बच्चे की 5 बार थमीं सांसें, 20 दिन वेंटिलेटर; 58 दिन बाद नई जिंदगी

1.2 किलो के नवजात को 5 बार कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट, 20 दिन मैकेनिकल वेंटिलेटर पर रहा कहते हैं डॉक्टर धरती के भगवान होते हैं, बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के एनआईसीयू में इसका साक्षात उदाहरण देखने को मिला। 29 हफ्ते की गर्भावस्था में महज 1.2 किलो वजन के साथ जन्मे एक प्रीमेच्योर नवजात ने मौत को कई बार मात दी। 5 बार कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट (दिल और सांस रुकना), 20 दिन वेंटिलेटर और मल्टीड्रग-रेसिस्टेंट (एमडीआर) इंफेक्शन से जूझने के बाद आखिरकार 58वें दिन स्वस्थ होने के बाद बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया गया। प्रोफेसर पीडियाट्रिक डॉ. पवन डारा ने बताया कि बाप निवासी संजू देवी के सात जुलाई को जन्मे बच्चे की 28 जुलाई को स्थिति अचानक बिगड़ गई थी। शरीर नीला पड़ गया और पल्स बंद हो गई, लेकिन मेडिकल टीम ने तत्काल सीपीआर और लाइफ सपोर्ट देकर सांसें लौटा दीं। इस दौरान बच्चे को 5 बार कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट हुआ। 20 दिन मैकेनिकल वेंटिलेटर और 26 दिन इनवेसिव एयरवे सपोर्ट पर रखा गया। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत इलाज पूरी तरह नि:शुल्क हुआ, जिससे परिवार आर्थिक बोझ से बच गया। परिजनों ने भी 58 दिनों तक अस्पताल से जल्दबाजी न दिखाते हुए डॉक्टरों पर पूरा भरोसा बनाए रखा। सरकारी चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध विशेषज्ञ सेवाओं, आधुनिक नवजात गहन चिकित्सा सुविधाओं और समर्पित चिकित्सकीय एवं नर्सिंग टीम के माध्यम से अत्यंत गंभीर प्रीमेच्योर शिशुओं की जटिलताओं का भी प्रभावी उपचार संभव है।- डॉ. जीएस तंवर, एचओडी, शिशु रोग विभाग जानिए, कैसे मौत के मुंह से बाहर आया नवजात एमडीआर इंफेक्शन और ब्लीडिंग: फेफड़ों में खतरनाक एमडीआर क्लेबसिएला इंफेक्शन और ब्लीडिंग हुई। प्लेटलेट्स कम होने पर कई बार ब्लड, पीआरबीसी, एफएफपी और प्लेटलेट्स चढ़ाए गए।350 ग्राम बढ़ा वजन: कंगारू मदर केयर (केएमसी) और मां के दूध (ईबीएम) से रिकवरी हुई। वजन 1.20 किलो से बढ़कर 1.55 किलो, लंबाई 41 से 44 सेमी हो गई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

सप्ताहभर बाद बादल तो आए:सिर्फ छीटें डालकर चले गए, 7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड

अब तक औसत 370.69 के मुकाबले 295.11 मिलीमीटर ही बारिश एक हफ्ते कमजोर रहने के बाद बीते 24 घंटे में मानसून फिर एक्टिव हुआ है। अगले 3-4 दिन पूर्वी राजस्थान में बरसने के बाद मानसून फिर कमजोर पड़ेगा। अनुमान है कि इसके बाद अगले दो से तीन हफ्ते बहुत कम बारिश होने के साथ ही मानसून विदाई ले लेगा। बुधवार को राजधानी जयपुर में दोपहर बाद अचानक तेज बारिश हुई। एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा 7.8 मिमी पानी बरसा। नए सिस्टम से तीन दिन बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार एक वेल मार्क लो प्रेशर एरिया डवलप होने से भरतपुर व जयपुर संभाग में कहीं-कहीं हल्की मध्यम बारिश का दौर शुरू हुआ है। अगले चौबीस घंटे भरतपुर, जयपुर व कोटा संभाग व शेखावाटी क्षेत्र के कुछ भागों में 3 सितंबर को हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर व उदयपुर संभाग के कुछ भागों में हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। 4-5 सितंबर को कोटा संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से तेज और भारी बारिश का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर संभाग के अधिकांश इलाकों में कमजोर मानसून परिस्थितियां रहेंगी।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

7 वन समितियों में भुगतान का खेल:कागजों में 80 मजदूर... 6 साल में इनके खातों में भेजे 9 करोड़ रुपए

एक ही मजदूर 4 समितियों में हाजिर, पार्किंग कंपनी को 2.41 करोड़ तो ज्वैलर्स शॉप को 1.61 लाख भेजे राजगढ़ वन रेंज की सात ग्राम वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समितियों में मजदूरी और विकास कार्यों के नाम पर हुई वित्तीय गड़बड़ी की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, भुगतान का पूरा तंत्र सवालों के घेरे में आता गया। भास्कर ने इन समितियों के दस साल के बैंक स्टेटमेंट खंगाले तो 80 ऐसे नाम सामने आए, जिन्हें अलग-अलग समिति में मजदूर दिखाकर वर्षों तक लाखों रुपए का भुगतान किया गया। 2019 से 2024 के बीच इन लोगों के खातों में करीब 9 करोड़ रुपए पहुंचने का रिकॉर्ड मिला है। विभागीय जांच में पहले 17 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया था, जबकि बाद की जांच में वित्तीय गड़बड़ी का आंकड़ा करीब 21 करोड़ रुपए तक पहुंचा था। अब मामला हाईकोर्ट में भी है। जांच में भुगतान की चौंकाने वाली तस्वीर एक ही व्यक्ति को कई समितियों में मजदूर दिखाने से सामने आई। नरेश कुमार शर्मा को 2020 से 2024 के बीच कानेटी, सुरेर, मांचड़ी और बीगोता समितियों में मजदूर दर्शाकर 30.18 लाख रुपए का भुगतान किया गया। रामकेश मीणा को 2019 से 2024 तक 47.90 लाख, खिलूराम मीणा को 2019 से 2023 तक 37.20 लाख, राजेंद्र मीणा को 27.09 लाख और रामनिवास प्रजापत को 26.78 लाख रुपए दिए। जबकि अकुशल मजदूरी की दर 240 से 350 रुपए प्रतिदिन होती है। मजदूरों के बजट से पार्किंग कंपनी और ज्वैलर्स को रकम नियमों के मुताबिक स्थानीय अकुशल श्रमिकों को मजदूरी का भुगतान होना था। इसके बावजूद समितियों के खातों से निजी फर्मों और कारोबारियों को रकम ट्रांसफर हुई। अनतपुरा, आमकीवाल और श्रीनगर समितियों से बीआर पार्किंग को कुल 2.41 करोड़ रुपए दिए गए। बीगोता से नीरजा बिल्डिंग मेटेरियल को 1.92 लाख और कानेटी से श्री दादाजी आभूषण को 1.61 लाख रुपए ट्रांसफर किए गए। कानेटी और सुरेर से ऐसे बाहरी परिवारों को भी भुगतान हुआ, जिनकी क्षेत्र में आबादी नहीं बताई गई है। माचड़ी समिति में एक दिन में 80 ट्रांजेक्शन तक किए : माचड़ी समिति के बैंक खाते में 4 मार्च 2024 को एक ही दिन 80 भुगतान और 23 अप्रैल को 53 भुगतान दर्ज मिले। सामान्य डीबीटी व्यवस्था में मजदूरी अलग तारीखों पर अलग रेफरेंस नंबर से चुकाई जाती है। इतनी बड़ी संख्या में एक दिन ट्रांजेक्शन भी संदिग्ध है। वहीं 1 करोड़ रुपए से अधिक के काम पर टेंडर जरूरी होने के बावजूद विभिन्न समितियों में करीब 14.37 करोड़ रुपए के काम बिना टेंडर कराए गए। बीगोता में 4.09 करोड़, श्रीनगर में 3.63 करोड़, अनतपुरा में 1.92 करोड़, कानेटी में 1.83 करोड़, मांचड़ी में 1.77 करोड़ और सुरेर में 1.13 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ। पहले जांच में एसीबी की सिफारिश... फिर कमेटियां बनती रहीं : 7 फरवरी 2025 को तत्कालीन जांच अधिकारी सीसीएफ राजीव चतुर्वेदी ने गबन की पुष्टि करते हुए एसीबी जांच की सिफारिश की। 19 फरवरी 2026 को फाइल सीसीएफ आरके खैरवा को परीक्षण के लिए दी गई और 16 मार्च को चतुर्वेदी को हटा दिया गया। 30 मार्च की रिपोर्ट में एसीबी जांच की जरूरत नहीं बताई गई। 16 अप्रैल को एसीएस वन की बैठक में मामला एसीबी को भेजने का निर्णय हुआ, लेकिन अगले दिन नई कमेटी गठित कर दी गई। 4 मई को वरदा फाउंडेशन ने हाईकोर्ट में सीबीआई जांच की मांग की। 19 जून की कमेटी ने 21 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ी मानी। 1 जुलाई को हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। अब विभाग ने एसीबी जांच के लिए फाइल शासन को भेजने का प्रस्ताव तैयार किया है।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

फर्जी आईटीसी-टैक्स चोरी:जोधपुर व बाड़मेर में सर्वे और सर्च की कार्रवाई

वाणिज्यिक कर विभाग की ओर से जयपुर में की एक कार्रवाई से मिले अहम सुरागों और इनपुट के आधार पर जोधपुर और बाड़मेर में कार्रवाई को अंजाम दिया है। विभाग की टीमों ने जोधपुर के बोरानाडा और बाड़मेर के सेड़वा क्षेत्र में स्थित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्च और सर्वे करते हुए बड़े पैमाने पर कर अनियमितताओं से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं। विभाग की टीम ने जोधपुर के रीको इंडस्ट्रियल एरिया, बोरानाडा स्थित एआरके प्लाईलैम पर सर्च की कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में फर्म द्वारा जीएसटी में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के गलत, अधिक अथवा अपात्र दावे किए जाने की आशंका सामने आई है। इस प्रतिष्ठान पर लगभग 15 लाख रुपए की संभावित कर देनदारी का आकलन किया गया है, जिस पर करदाता ने अंतिम निर्धारण के अधीन टैक्स, ब्याज और पेनल्टी चुकाने की सहमति दी है। इसी क्रम में मिले इनपुट के आधार पर बाड़मेर के सेड़वा में सड़क एवं भवन निर्माण क्षेत्र से जुड़ी ‘चामुंडा कंस्ट्रक्शन कंपनी’ पर सर्वे किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि फर्म ने ऐसे करदाताओं से आईटीसी हासिल की, जिनका जीएसटी पंजीयन या तो शुरू से निरस्त था अथवा बाद में निरस्त कर दिया गया था। यहां प्रारंभिक स्तर पर 28.40 लाख रुपए की टैक्स देनदारी सामने आई, जिसमें से 15.61 लाख रुपए मौके पर ही जमा करवा लिए गए। इस शृंखला की शुरुआत जयपुर स्थित आयुष व्हील्स इंडिया पर विभाग के सर्वे से हुई थी। यहां 11.93 लाख रुपए की कर देनदारी पाई गई, जिसमें से 10 लाख रुपए की राशि फर्म ने स्वैच्छिक जमा कराई।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

गरीबों के निवाले पर डाका:लाभार्थी की मौत के बाद डीलर उठाने लगे उसका राशन, पकड़े न जाएं इसलिए कार्ड दूसरी जगह ट्रांसफर किया

फर्जी आधार से दो राशन डीलरों ने किया फर्जीवाड़ा राजस्थान में गरीबों के निवाले पर डाका डालने का संगीन और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जोधपुर के घंटाघर इलाके में एक ऐसे राशन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। यहां एक व्यक्ति की मौत के बाद भी उसके नाम पर राशन का गेहूं लगातार उठाया जा रहा है। खेल सिर्फ राशन उठाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बिना परिवार की सहमति के राशन कार्ड को दूसरी दुकानों पर ट्रांसफर (रसद विभाग की भाषा में बाईपास) करने का एक संगठित नेक्सस सामने आया है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि जोधपुर के वार्ड नंबर 39 (घंटाघर) के निवासी सत्यनारायण के पिता दुर्गालाल शर्मा के नाम पर सरकार की अंत्योदय योजना के तहत राशन कार्ड (बारकोड संख्या: xxxxxx715781) जारी था। 13 जनवरी, 2023 को दुर्गालाल शर्मा का देहांत हो गया। उनकी मौत के बाद इस कार्ड से नाम कटना या उठान बंद होना चाहिए था। परिवार ने भी ईमानदारी दिखाते हुए इस कार्ड से गेहूं लेना बंद कर दिया। राशन डीलर और इस सिंडिकेट को लगा कि परिवार राशन नहीं उठा रहा है तो उन्होंने इस ‘लावारिस' पड़े कार्ड को कमाई का जरिया बना लिया। पहले दुकान संख्या 19481 से मृतक के नाम पर गेहूं उठे। फिर अचानक राशन कार्ड दूसरी दुकान नंबर 9550 को ट्रांसफर कर दिया। चौंकाने वाली बात ये है कि इसमें दुर्गालाल की बजाय किसी दूसरे व्यक्ति का फर्जी आधार कार्ड लगा दिया गया। वहां से भी गेहूं उठे, लेकिन मोबाइल नंबर बदलते तब तक मृतक के दिए गए मोबाइल नंबरों पर गेहूं उठने के मैसेज आ गए। तब दुर्गालाल के बेटे को पता चला कि पिता की मौत के बाद गेहूं उठ रहे हैं। इससे मामला खुल गया। सिस्टम पर उठे बड़े सवाल राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए पोस मशीन और आधार वेरिफिकेशन लागू किया था। जब मूल कार्डधारक दुनिया में नहीं है तो पोस मशीन पर किसका अंगूठा लग रहा था? राशन कार्ड ट्रांसफर करने के लिए उपभोक्ता का लिखित आवेदन और ओटीपी अनिवार्य होता है। बिना सत्यापन ये कैसे हुआ? सख्त कार्रवाई करेंगे : जोधपुर जिला रसद अधिकारी अंजुम ताहिर सम्मा ने बताया कि ऐसा मामला सामने आया है। हम इसकी जांच करा रहे हैं। ऐसा भी सामने आया है कि आधार किसी दूसरे का लिंक किया गया है। इसकी हर स्तर पर जांच करा रहे हैं। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

ट्यूबवेल के कच्चे कुएं में मिट्टी धंसी:दबने से किसान की मौत, सूरतगढ़ के गांव हरदासवाली के चक एक बीपीसीएम का मामला

राजियासर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत हरदासवाली के चक एक बीपीसीएम में बुधवार को ट्यूबवेल के कच्चे कुएं में मिट्टी धंसने से एक किसान की मौत हो गई। किसान कुएं में मरम्मत कार्य के लिए उतरा था। इसी दौरान अचानक मिट्टी धंसने से वह उसके नीचे दब गया। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और प्रशासन ने करीब दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाया। आठ जेसीबी की मदद से किसान को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान राम सिंह (39) पुत्र मंदर सिंह, मजबी सिख के रूप में हुई है। वह सदर थाना क्षेत्र के गांव पालीवाला का निवासी था और वर्तमान में चक एक बीपीसीएम में रहकर खेती-बाड़ी कर रहा था। राजियासर थाना के कांस्टेबल कुलबीर सिंह ने बताया कि राम सिंह के खेत में ट्यूबवेल के लिए कच्चा कुआं खुदा हुआ था। बुधवार दोपहर वह कुएं में उतरकर उसमें मरम्मत कार्य कर रहा था। इसी दौरान अचानक कच्ची मिट्टी भरभराकर नीचे आ गिरी और वह उसमें दब गया। मिट्टी दरकने की आवाज सुनकर उन्होंने शोर मचाया तो आसपास खेतों के किसान तत्काल मौके पर पहुंचे और अपने स्तर पर बचाव कार्य शुरू किया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद राम सिंह को ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुका था।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:30 am

यूपी में 100 साल में दूसरी बार अगस्त में रिकॉर्ड तोड़ बारिश, सामान्य से 24 प्रतिशत अधिक बरसे बादल

उत्तर प्रदेश में इस अगस्त में 100 साल का दूसरा सबसे अधिक बारिश का रिकॉर्ड बना, जो सामान्य से 24% अधिक रही। सितंबर में भी मानसून सक्रिय है और अगले दो दिनों तक 25 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

जागरण 3 Sep 2026 5:28 am

अखिलेश के दौरे के अगले दिन जयंत की ‘स्वाभिमान रैली’:पश्चिमी यूपी में सियासी ताकत दिखाएंगे रालोद मुखिया, 2027 से पहले जाट-किसान बेल्ट के साथ दूसरे सामाजिक समीकरणों पर भी नजर

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की सियासी बिसात बिछनी शुरू हो गई है। पश्चिमी यूपी में इसका असर सहारनपुर में लगातार दूसरे दिन दिखाई देगा। एक दिन पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने सहारनपुर पहुंचकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा और विपक्षी एकजुटता का संदेश दिया। अब गुरुवार को राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया एवं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी रामपुर मनिहारान पहुंचेंगे। वह गोचर महाविद्यालय में आयोजित ‘स्वाभिमान रैली’ को संबोधित करेंगे। रालोद इस रैली के जरिए पश्चिमी यूपी में अपनी राजनीतिक ताकत और संगठन की सक्रियता का प्रदर्शन करने की तैयारी में है। राजनीतिक नजरिए से देखें तो अखिलेश यादव के दौरे के ठीक अगले दिन जयंत चौधरी का सहारनपुर पहुंचना महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं की सियासी दिशा फिलहाल अलग है। सपा जहां भाजपा के खिलाफ विपक्षी माहौल बनाने में जुटी है, वहीं रालोद भाजपा के साथ गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में जयंत की रैली को भाजपा के जवाब से ज्यादा रालोद की अपनी राजनीतिक जमीन और भविष्य की सौदेबाजी की ताकत मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। ‘स्वाभिमान’ के जरिए पुराने आधार को साधने की कोशिश रालोद की राजनीति का पारंपरिक आधार पश्चिमी यूपी के किसान और जाट मतदाता रहे हैं। मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ, बिजनौर और सहारनपुर समेत पश्चिमी यूपी की राजनीति में किसान मुद्दे लंबे समय से महत्वपूर्ण रहे हैं। ‘स्वाभिमान रैली’ के नाम के जरिए भी रालोद क्षेत्रीय सम्मान, किसान और ग्रामीण सरोकारों को राजनीतिक संदेश में बदलने की कोशिश कर सकती है। लेकिन जयंत के सामने चुनौती केवल अपना पुराना वोट बैंक बचाने की नहीं, बल्कि उसे विस्तार देने की भी है। 2027 में रालोद यदि पश्चिमी यूपी में ज्यादा सीटों और प्रभाव की दावेदारी करना चाहती है तो उसे जाट-किसान आधार के साथ गैर-जाट, पिछड़े, युवा और दूसरे सामाजिक वर्गों तक भी अपनी पहुंच बढ़ानी होगी। भाजपा गठबंधन में रहते हुए अपनी पहचान की परीक्षा रालोद फिलहाल भाजपा के साथ सत्ता में है और जयंत चौधरी केंद्र में मंत्री हैं। ऐसे में उनके सामने दोहरी राजनीतिक चुनौती है। एक तरफ गठबंधन के प्रति अपनी भूमिका निभानी है, दूसरी तरफ पश्चिमी यूपी में रालोद को केवल भाजपा की सहयोगी पार्टी की छवि से बाहर निकालकर स्वतंत्र राजनीतिक ताकत के रूप में स्थापित करना है। यही वजह है कि रामपुर मनिहारान की रैली का महत्व केवल भीड़ जुटाने तक सीमित नहीं रहेगा। जयंत अपने भाषण में जिन मुद्दों को उठाते हैं, उनसे यह संकेत मिल सकता है कि 2027 को लेकर रालोद पश्चिमी यूपी में किन मुद्दों और सामाजिक समूहों को प्राथमिकता देने जा रही है। अखिलेश के ‘पीडीए’ के सामने जयंत का सामाजिक आधार एक दिन पहले अखिलेश यादव सहारनपुर में थे। सपा की रणनीति पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए समीकरण को मजबूत करने की है। सहारनपुर जैसे जिले में यह समीकरण खास मायने रखता है। इसके अगले दिन जयंत चौधरी की रैली पश्चिमी यूपी की राजनीति के दूसरे बड़े सामाजिक आधार की तस्वीर सामने रखेगी। यानी सहारनपुर में लगातार दो दिन के राजनीतिक कार्यक्रमों को 2027 के दो अलग-अलग सियासी मॉडल के तौर पर भी देखा जा सकता है—एक तरफ सपा का पीडीए विस्तार, दूसरी तरफ रालोद का किसान-जाट आधार के साथ व्यापक सामाजिक विस्तार का प्रयास। रैली से ज्यादा महत्वपूर्ण होगा जयंत का राजनीतिक संदेश रामपुर मनिहारान में जयंत चौधरी की सभा में भीड़ निश्चित रूप से रालोद के लिए शक्ति प्रदर्शन होगी, लेकिन राजनीतिक रूप से उससे बड़ा सवाल संदेश का होगा। जयंत भाजपा गठबंधन में रहते हुए किसानों, युवाओं और पश्चिमी यूपी के क्षेत्रीय मुद्दों को किस तरह उठाते हैं, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी। 2027 के चुनाव में सीट बंटवारे और क्षेत्रवार दावेदारी के समय किसी भी सहयोगी दल की ताकत का आकलन उसके संगठन और जमीन पर प्रभाव से होता है। ऐसे में यह रैली रालोद के लिए अपनी बारगेनिंग पावर दिखाने का अवसर भी है। पश्चिमी यूपी में अभी से शुरू हुआ शक्ति प्रदर्शन अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के लगातार दो दिन सहारनपुर पहुंचने से एक बात साफ है कि 2027 की लड़ाई में पश्चिमी यूपी को कोई भी दल हल्के में लेने के मूड में नहीं है। भाजपा अपने गठबंधन को मजबूत करने में जुटी है, सपा पीडीए के जरिए अपना आधार बढ़ाना चाहती है और रालोद अपने पारंपरिक किसान-जाट प्रभाव को दोबारा व्यापक राजनीतिक ताकत में बदलने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में रामपुर मनिहारान की ‘स्वाभिमान रैली’ जयंत चौधरी के लिए सिर्फ जनसभा नहीं, बल्कि 2027 से पहले पश्चिमी यूपी में रालोद की राजनीतिक मौजूदगी का शक्ति परीक्षण भी है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि जयंत चौधरी मंच से किसानों और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ 2027 की राजनीति को लेकर क्या संकेत देते हैं।

दैनिक भास्कर 3 Sep 2026 5:23 am