इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि साधारण प्रकृति के लंबित आपराधिक मामले के आधार पर किसी अभ्यर्थी को सरकारी नौकरी से वंचित नहीं किया जा सकता। यह विशेष रूप से तब लागू होता है जब अभ्यर्थी ने स्वयं मामले की जानकारी दी हो। न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की एकल पीठ ने यह निर्णय राकेश कुमार वर्मा की सेवा संबंधी याचिका को स्वीकार करते हुए दिया। याची का चयन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा कनिष्ठ सहायक पद पर हुआ था और वह चिकित्सकीय रूप से भी उपयुक्त पाया गया था। इसके बावजूद, एक लंबित आपराधिक मुकदमे के आधार पर उसे नियुक्ति से इनकार कर दिया गया था। याची के खिलाफ धारा 498-ए, 323, 504, 506 आईपीसी और दहेज निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज था। यह मामला उसके बड़े भाई के वैवाहिक विवाद से जुड़ा हुआ था। अदालत ने पाया कि याची इस मामले में मुख्य आरोपी नहीं, बल्कि सह-आरोपी है और उसके खिलाफ कोई विशिष्ट आरोप भी नहीं है। न्यायालय ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवतार सिंह मामले में दिए गए निर्णय का हवाला दिया। कोर्ट ने कहा कि यदि अभ्यर्थी ने आपराधिक मामले की जानकारी स्वयं दी है और मामला गंभीर प्रकृति का नहीं है, तो उसे केवल इसी आधार पर अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता। न्यायालय ने यह भी टिप्पणी की कि पारिवारिक विवाद से जुड़े मामलों में सामान्य आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति के भविष्य को प्रभावित करना उचित नहीं है। ऐसे मामलों में दंडात्मक के बजाय सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। इन्हीं आधारों पर न्यायालय ने 6 जुलाई 2020 के नियुक्ति से इनकार संबंधी आदेश को रद्द कर दिया। संबंधित विभाग को याची को तत्काल नियुक्ति पत्र जारी करने का आदेश दिया गया है।
1984 कानपुर दंगों पर इलाहाबाद हाइकोर्ट सख्त:हाईकोर्ट ने नरसंहार बताकर केस रद्द करने से किया इंकार
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 1984 के कानपुर सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में आदेश पारित कर आरोपियों की याचिकाएं खारिज कर दी। साथ ही आपराधिक कार्यवाही जारी रखने का आदेश दिया है। अदालत ने इन घटनाओं को नरसंहार और मानवता के खिलाफ अपराध बताया। जस्टिस अनिश कुमार गुप्ता की कोर्ट ने 9 आरोपियों द्वारा दायर 7 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि केवल देरी या मूल रिकॉर्ड के अभाव के आधार पर मुकदमा समाप्त नहीं किया जा सकता। प्रदीप अग्रवाल व अन्य की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर चार्जशीट एवं सीजेएम कानपुर नगर की कोर्ट में चल रही समूचे आपराधिक प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई थी। अर्जी बीएनएसएस की धारा 528 एवं सीआरपीसी की धारा 482 के अन्तर्गत दाखिल की गई थी। कोर्ट ने कहा यह नरसंहार जैसा था अदालत ने कहा, “यह घटनाएं देशभर में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख समुदाय के खिलाफ बड़े पैमाने पर हुई हिंसा का हिस्सा थीं, जो एक तरह से नरसंहार जैसा था।” आरोपियों ने दलील दी थी कि मूल दस्तावेज जैसे एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदि उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए निष्पक्ष सुनवाई संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने गवाहों के बयान में देरी और पहचान पर भी सवाल उठाए थे। हालांकि, अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल गठित कर चुका है और पुनः जांच के आदेश दिए गए, भले ही मूल रिकॉर्ड उपलब्ध न हों। जल्दबाजी में अंतरिम रिपोर्ट प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि उस समय जल्दबाजी में अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई। अदालत ने भी माना कि कई रिकॉर्ड नष्ट हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद गवाहों के स्पष्ट बयान और पुनर्निर्मित एफआईआर के आधार पर मामला बनता है। अदालत ने पाया कि गवाहों ने आरोपियों की पहचान की है और घटनाओं का विस्तृत विवरण दिया, जिससे प्रथम दृष्टया मामला बनता है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इतने गंभीर मामलों में केवल समय बीत जाने के आधार पर कार्यवाही खत्म नहीं की जा सकती। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का भी हवाला दिया गया। साथ ही एक आरोपी द्वारा कहे गए कि घटना स्थल पर मौजूद न होने के तर्क को अदालत ने ट्रायल के दौरान साबित करने योग्य बताया तथा कहा कि इस आधार पर मामला खत्म नहीं किया जा सकता है। हाइकोर्ट ने सभी याचिकाएं खारिज कर दी और ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही को जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया।
आगरा के ताजगंज स्थित सिद्धार्थ नगर से लापता हुई 8 साल की बच्ची की हत्या कर दी गई है। शव किराएदार के कमरे से बरामद हुआ है। शव मिलने के बाद परिजनों ने हंगामा किया है। मौके पर पुलिस फोर्स पहुंच गया है। आरोपी की तलाश की जा रही है। परिजनों ने पुलिस को बताया-बच्ची मंगलवार दोपहर को घर से बाहर खेलने निकली थी। काफी देर तक वह नहीं लौटी तो उसकी तलाश की गई। काफी ढूंढने के बाद भी वह नहीं मिली। रात तक उसका सुराग नहीं मिला। आसपास क्षेत्र में तलाशने के साथ ही रिश्तेदारों और परिचितों के यहां भी पूछताछ की गई। बच्ची के गायब होने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। जब उसका पता नहीं चला तो परिजनों ने बुधवार को पुलिस को इसकी जानकारी दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि बच्ची के घर से लगभग 500 मीटर दूर एक जगह लगे सीसीटीवी में बच्ची अकेली जाती नजर आ रही है, इसके बाद वह कहां गई, यह पता नहीं चल सका है। बच्ची की तलाश में 4 टीमें लगाई गई हैं थाना ताजगंज इंस्पेक्टर जसवीर सिरोही के अनुसार, बच्ची के परिजनों ने उसके लापता होने की जानकारी दी है। पुलिस बच्ची की तलाश में जुटी है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में हजारों ऐतिहासिक धरोहरों की खराब स्थिति पर गंभीर चिंता जताते हुए केंद्र और राज्य सरकार समेत कई एजेंसियों को नोटिस जारी किया है। द्वअदालत में दायर एक जनहित याचिका में दावा किया गया है कि प्रदेश की 4995 प्राचीन इमारतें और स्मारक “खस्ताहाल हैं और पूरी तरह खत्म होने के कगार पर हैं। चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, संस्कृति, पर्यटन और आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालयों तथा राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण से 8 सप्ताह में जवाब मांगा। 5416 ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल याचिका में कहा गया कि प्रदेश में कुल 5416 ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल हैं, लेकिन इनमें से केवल 421 ही किसी न किसी सरकारी संरक्षण में हैं। बाकी 4995 स्मारक पूरी तरह असुरक्षित हैं और उन पर अतिक्रमण, कब्जा या अन्य उपयोग हो रहा है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि राज्य पुरातत्व विभाग ने 2011 के बाद से ऐसे असुरक्षित स्मारकों की पहचान और सूची तैयार करने का कोई ठोस प्रयास नहीं किया। याचिका में कहा गया कि कई प्राचीन स्मारकों को तोड़कर नए निर्माण कर दिए गए हैं और कई जगहों पर उनका कोई निशान तक नहीं बचा है। संरक्षण के अभाव में हालत खराब याचिका में कहा गया है कि “संरक्षण के अभाव में कई धरोहरें पूरी तरह मिटा दी गई हैं।” झांसी, वृंदावन, आगरा, लखनऊ और हस्तिनापुर जैसे ऐतिहासिक क्षेत्रों का विशेष उल्लेख करते हुए कहा गया कि यहां भी स्थिति बेहद खराब है। वृंदावन क्षेत्र को लेकर याचिका में दावा किया गया कि यहां 5000 से अधिक प्राचीन स्थल हैं, जिनमें यमुना नदी के 48 घाट शामिल हैं, लेकिन इन्हें न तो सूचीबद्ध किया गया और न ही संरक्षित किया गया। याचिका में यह भी कहा गया कि जो स्मारक संरक्षित बताए जाते हैं, उनकी हालत भी संतोषजनक नहीं है। झांसी का रानी लक्ष्मीबाई किला, लखनऊ का इमामबाड़ा और वृंदावन का राधा बल्लभ मंदिर जैसे स्थल भी क्षति और उपेक्षा का शिकार हैं। याचिका में अदालत से मांग की गई कि सभी धरोहर स्थलों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण किया जाए और उन्हें संरक्षण दिया जाए। साथ ही प्रत्येक संरक्षित स्मारक के लिए हेरिटेज उपनियम और विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए जाएं। इसके अलावा पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, सुरक्षा व्यवस्था, चेतावनी संकेत लगाने और एक “हेरिटेज संरक्षण एवं विकास बोर्ड” बनाने की भी मांग की गई। जनहित याचिका गाजियाबाद के अधिवक्ता आकाश वशिष्ठ ने दायर किया है।
भोपाल के जेपी अस्पताल में तीन साल से बंद प्रसव सुविधा का मामला अब सरकार के उच्च स्तर तक पहुंच गया है। डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से इस पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह में मांगी है। कर्मचारियों और संगठनों द्वारा लगातार लिखे गए पत्रों और हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन द्वारा लोक स्वस्थय एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग को भेजे गए पत्र के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। जिला अस्पताल में प्रसव (डिलीवरी) बंद होने से मरीजों और मेडिकल शिक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है, जिससे यह मुद्दा और गंभीर हो गया है। मामला सामने आने के बाद डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने सीएमएचओ से पूरी जानकारी तलब की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि एक सप्ताह के भीतर पूरे प्रकरण की समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने कहा कि मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट मिलने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी, जिससे अब इस लंबे समय से लंबित विवाद पर फैसला होने की उम्मीद बढ़ गई है। तीन साल पहले बंद हुई प्रसव सुविधा जेपी अस्पताल, जिसे प्रदेश का मॉडल जिला अस्पताल माना जाता है, वहां वर्ष 2022 में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग और शिशु रोग विभाग को यहां से हटाकर काटजू सिविल अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया। इसके बाद से जेपी अस्पताल में प्रसव सुविधा पूरी तरह बंद हो गई। यही निर्णय विवाद की जड़ बना। खास बात यह है कि जिला अस्पताल होने के बावजूद यहां प्रसव सुविधा का बंद होना आईपीएचएस गाइडलाइन के भी विपरीत माना जा रहा है। कर्मचारियों और संगठनों के पत्र, फिर भी नहीं हुई सुनवाई इस फैसले के बाद जेपी अस्पताल के कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों ने कई बार पत्र लिखकर इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की। इन पत्रों में अस्पताल की उपयोगिता, मरीजों की परेशानी और नियमों का हवाला दिया गया, लेकिन विभाग स्तर पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। लगातार पत्राचार के बावजूद कार्रवाई न होने से कर्मचारियों में असंतोष भी बढ़ा है। सिविल सर्जन का पत्र: एमएलसी और मरीजों पर असर हाल ही में सिविल सर्जन डॉ. संजय जैन ने आयुक्त स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर स्थिति की गंभीरता बताई है। उन्होंने उल्लेख किया कि 39 में से 37 थानों के एमएलसी केस जेपी अस्पताल में ही आते हैं, लेकिन यहां केवल एक स्त्री रोग विशेषज्ञ होने के कारण काम प्रभावित हो रहा है। डॉक्टर के अवकाश पर रहने की स्थिति में एमएलसी तक नहीं हो पाती। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं और रेप पीड़िताओं को समय पर इलाज और सोनोग्राफी नहीं मिल पा रही है, जिससे कई मामलों में जोखिम बढ़ रहा है। रोज 50 से ज्यादा मरीज, फिर भी सुविधा नहीं जेपी अस्पताल में आज भी रोजाना 50 से अधिक महिलाएं जांच के लिए पहुंचती हैं। लेकिन इमरजेंसी की स्थिति में उन्हें काटजू अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इस दौरान देरी होने से कई मामलों में मरीजों की हालत बिगड़ने का खतरा रहता है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। पहले 30 डिलीवरी रोज, अब संसाधन बेकार पहले जेपी अस्पताल में रोजाना करीब 30 डिलीवरी होती थीं और 150 बिस्तरों का स्त्री एवं प्रसूति विभाग संचालित था। शिशु रोग विभाग में भी 60 बेड की सुविधा थी। वर्तमान में ये संसाधन मौजूद होने के बावजूद उपयोग नहीं हो पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की क्षमता प्रभावित हो रही है। काटजू अस्पताल पर बढ़ा दबाव, सीमित क्षमता दूसरी ओर काटजू अस्पताल में मेटरनल एंड चाइल्ड केयर यूनिट विकसित की गई है, लेकिन वहां प्रतिदिन केवल 20 डिलीवरी ही हो पा रही हैं। 300 बेड की योजना पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है और ब्लड बैंक जैसी सुविधाओं की कमी भी सामने आई है। ऐसे में पूरा दबाव वहां शिफ्ट होने से व्यवस्था प्रभावित हो रही है। डीएनबी सीटों और मेडिकल शिक्षा पर असर जेपी अस्पताल में डीएनबी के कोर्स भी प्रभावित हो रहे हैं। गायनेकोलॉजी विभाग के मास्टर ट्रेनर के ट्रांसफर के बाद छात्रों की ट्रेनिंग बाधित है। एनएचएम ने छात्रों को काटजू अस्पताल भेजने का सुझाव दिया, लेकिन सिविल सर्जन ने इससे इंकार कर दिया। इससे मेडिकल स्टूडेंट्स का भविष्य प्रभावित हो रहा है और उनकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग अधूरी रह रही है। गाइडलाइन का उल्लंघन और योजनाओं पर असर आईपीएचएस गाइडलाइन के अनुसार जिला अस्पताल में कम से कम 30 बेड का गायनी विभाग होना जरूरी है, लेकिन जेपी अस्पताल में यह सुविधा बंद है। इससे लक्ष्य योजना की प्रोत्साहन राशि भी बंद हो गई है और शिशु रोग विभाग के शिफ्ट होने से मुस्कान कार्यक्रम भी प्रभावित हुआ है। सीएमएचओ बोले- जल्द होगा फैसला सीएमएचओ डॉ. मनीष शर्मा ने भी माना कि जिला अस्पताल में गायनी विंग होना जरूरी है और इसे दोबारा शुरू किया जाना चाहिए। डिप्टी सीएम के हस्तक्षेप के बाद अब इस मुद्दे पर जल्द ठोस निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे मरीजों और मेडिकल स्टूडेंट्स दोनों को राहत मिल सकती है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक रेप पीड़िता को उसके गर्भ के समापन की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने पीड़िता की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव एवं न्यायमूर्ति गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने पीड़िता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। पहचान गोपनीय रखने का निर्देश पीड़िता ने गर्भपात की अनुमति के लिए याचिका दाखिल की थी, जिस पर पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने के निर्देश दिए थे और सीएमओ शामली से गर्भपात के संदर्भ में रिपोर्ट मांगी थी। सीएमओ शामली की रिपोर्ट के अनुसार शामली में गर्भपात की उचित सुविधा उपलब्ध नहीं है लेकिन रिपोर्ट में पुष्टि की गई कि पीड़िता गर्भपात करा सकती है। विशेषज्ञों से मेडिकल कराने का आदेश इस पर कोर्ट ने पीड़िता को 26 मार्च को लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज मेरठ के प्रधानाचार्य के समक्ष उपस्थित होने की अनुमति दी है। साथ ही प्रधानाचार्य को विशेषज्ञ डॉक्टर से पीड़िता का परीक्षण कराकर गर्भपात की प्रक्रिया को बिना किसी देरी के संपन्न कराने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने संबंधित जांच अधिकारी को पीड़िता के साथ मेरठ मेडिकल कॉलेज जाने और पूरी प्रक्रिया में सहयोग करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सरकारी वकील को इस आदेश की जानकारी अविलंब मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य और संबंधित जांच अधिकारी को देने का निर्देश दिया ताकि गुरुवार को समय पर प्रक्रिया शुरू हो सके।
भोपाल में मेट्रो संचालन की सुस्त रफ्तार को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर अब सिग्नलिंग सिस्टम का काम शुरू हो गया है। करीब 30 किमी के लिए हुए करीब 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है। अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं होने के कारण मेट्रो प्रबंधन को मजबूरन केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही हैं। यही वजह है कि ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। फिलहाल सुभाष नगर से एम्स के बीच डाउन ट्रैक पर ही ट्रेन दोनों दिशाओं में चलाई जा रही हैं। यानी जो जा रही है, वह उसी ट्रैक पर लौट रही है। जबकि अप ट्रैक (एम्स से सुभाष नगर) अभी पूरी तरह संचालन के लिए तैयार नहीं है। एक ही ट्रैक पर संचालन होने से ट्रेनों की आवाजाही सीमित हो जाती है और हर राउंड के बीच ज्यादा समय लगता है। यही कारण है कि मेट्रो फिलहाल 'लो-फ्रीक्वेंसी मोड' में चल रही है। मेट्रो की रीढ़ होता है सिग्नलिंग सिस्टम जानकारों के मुताबिक सिग्नलिंग सिस्टम किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी। ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति नियंत्रित करता है। ट्रेनों के बीच सुरक्षित गैप बनाए रखता है। ऑटोमेटेड ऑपरेशन और इमरजेंसी कंट्रोल संभालता है। सिस्टम के बिना मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन संभव नहीं होता, जिससे पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता। अप्रैल में फिर होगा सेफ्टी ट्रायल दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक लगेगीभोपाल मेट्रो में वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है। इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेन दोनों ट्रैक पर चल सकेंगी। ट्रेनों के बीच का अंतर (हेडवे) कम होगा और फ्रिक्वेंसी तेजी से बढ़ाई जा सकेगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झूठा वायदा कर सेक्स संबंध बनाने के बाद शादी से इंकार मामले में बरेली की सी बी गंज थाना पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज न करने व लचर विवेचना करने को गंभीरता से लिया है और एस एस पी बरेली को पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।साथ ही प्रदेश के डी जी पी व प्रमुख सचिव गृह को निर्देश दिया है कि ऐसा तंत्र विकसित करें जिससे थाना पुलिस को कानून की बेहतर जानकारी दिलाई जाय।और लापरवाह पुलिस के खिलाफ उचित कदम उठाए। याचिका की अगली सुनवाई 27अप्रैल को होगी। एफआईआर पर उठे सवाल यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने शिवम सिंह की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।याची ने अपने खिलाफ न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में गाली-गलौज व दहेज उत्पीड़न केस कार्यवाही रद करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा पीड़िता के कथन से अपराध का खुलासा होता था किन्तु दर्ज एफआईआर भिन्न है। याची का दावा था कि दर्ज एफआईआर से किसी अपराध का खुलासा नहीं होता। इसके खिलाफ झूठा केस चलाया जा रहा है।जबकि पीड़िता का आरोप है कि शादी का झूठा वायदा किया और शारीरिक संबंध बनाये शादी से इंकार कर दिया,फिर सरकारी नौकरी का लालच देकर संबंध बनाता रहा।एक स्टैम्प पर 3जून 23को शादी भी की किंतु वह पत्रावली पर नहीं है। कोर्ट ने पीड़िता को भी अगली तिथि पर हाजिर होने को कहा है। पुलिस की पैरवी की आलोचना कोर्ट ने पुलिस के रवैए की तीखी आलोचना की है।कहा दुष्कर्म का आरोप है किन्तु एफआईआर में जिक्र नहीं। पुलिस कार्रवाई पर संदेह खड़ा करती है। पुलिस ने लापरवाही से कानून के खिलाफ काम किया।अपराध की सही विवेचना नहीं की। कोर्ट ने न्यायहित में डी जी पी, प्रमुख सचिव गृह व एस एस पी बरेली को निर्देश जारी किए हैं।
प्रयागराज में एक बड़ा साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है, जहां स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर एक युवक से 6.20 लाख की ठगी कर ली गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।क्या है पूरा मामलाममफोर्डगंज निवासी शैलेन्द्र कुमार नन्दा ने साइबर क्राइम थाना प्रयागराज में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग सीख रहे थे और पहले उन्हें कुछ नुकसान हुआ था। फरवरी 2025 में उन्हें व्हाट्सएप पर एक व्यक्ति चिराग पटेल का मैसेज आया, जिसने खुद को ब्रोकर बताया। उसने भरोसा दिलाया कि वह उनका पूरा नुकसान कवर कर देगा।इसके बाद उसने अपने एक अन्य साथी शंकर भाई से संपर्क करवाया। कैसे हुई ठगीशंकर भाई ने पीड़ित को मारुति सुजुकी के शेयर में निवेश करने की सलाह दी। अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 के बीच, आरोपी ने व्हाट्सएप के जरिए अलग-अलग QR Code भेजे। इस पर पर भरोसा करके इन QR कोड के माध्यम से कुल ₹6,20,000 ट्रांसफर कर दिए। कुछ समय बाद जब कोई रिटर्न नहीं मिला और आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। पुलिस की अब तक की कार्रवाईमामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम थाना में FIR दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मोबाइल नंबर और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वह अनजान लोगों के कहने पर निवेश न करें।
झांसी में दहेज हत्या के मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर विवाहिता के माता-पिता फूट-फूटकर रो पड़े और इंसाफ की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को दरोगा के सामने ही ससुराल पक्ष ने बेरहमी से पीटा, लेकिन मौके पर मौजूद दरोगा ने उसे बचाने की कोई कोशिश नहीं की। घटना सात मार्च को मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के गांव चिरारा में हुई थी। पुलिस पर भी गंभीर आरोपमृतक केसर (30) के पिता स्वामी प्रसाद कुशवाहा ने बताया कि उनकी बेटी की शादी 18 मई 2019 को झांसी के मिशन कंपाउंड निवासी देवेंद्र कुशवाहा से हुई थी। उन्होंने अपनी हैसियत के मुताबिक करीब छह लाख रुपए दहेज में दिए, लेकिन शादी के एक साल बाद ही अतिरिक्त पांच लाख रुपए की मांग शुरू हो गई। लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर साल 2023 में उन्होंने ससुराल पक्ष के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। दिसंबर 2025 में समझौते के बाद केसर को फिर ससुराल भेज दिया गया, लेकिन आरोप है कि कुछ ही दिनों बाद फिर उसे परेशान किया जाने लगा। खेत पर दौड़ाकर पीटापरिजनों के अनुसार, 7 मार्च को ससुराल पक्ष के लोग मऊरानीपुर के चिरारा गांव पहुंचे और कथित रूप से एक दरोगा की मौजूदगी में केसर को खेत पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे मृत समझकर आरोपी मौके से फरार हो गए। बाद में डायल 112 की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वीडियो में मदद की गुहारपरिजनों को मृतका के मोबाइल से एक वीडियो मिला है, जिसमें वह रोते हुए दरोगा से खुद को बचाने की गुहार लगाती दिखाई दे रही है। वीडियो में वह आरोप लगाती है कि पुलिसकर्मी ससुराल वालों का पक्ष ले रहा है। यह वीडियो अब पूरे मामले में बड़ा सबूत माना जा रहा है।जमीन विवाद भी बना वजहपिता का कहना है कि समझौते के बाद केसर अपने पति के हिस्से की पांच बीघा जमीन पर खेती कर रही थी। जब फसल तैयार हुई तो ससुराल पक्ष उसे काटने पहुंच गया। विरोध करने पर ही मारपीट की घटना हुई।चार गिरफ्तार, कई अब भी फरारपुलिस ने इस मामले में पति देवेंद्र कुशवाहा, ससुर राम भरोसे और दो देवर प्रमोद और दिनेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सास फूलवती, मामा ससुर काशीराम और चाचा ससुर अरविंद अब भी फरार बताए जा रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि फरार आरोपी उन्हें लगातार धमका रहे हैं। एएसपी को सौंपी जांच वहीं, मामले में लापरवाही के आरोपों के बाद संबंधित दरोगा को एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने लाइन हाजिर कर दिया है और जांच एएसपी अरीबा नोमान को सौंपी गई है।
कानपुर के जाजमऊ फ्लाईओवर पर मौरंग से लदे एक ट्रक में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। आग लगने के बाद ट्रक लगभग 100 मीटर तक हाईवे पर दौड़ता रहा। इस दौरान ट्रक में मौजूद चालक सहित तीन लोगों ने कूदकर अपनी जान बचाई। यह घटना रामादेवी से जाजमऊ की ओर जाने वाले फ्लाईओवर पर हुई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। तीनों व्यक्तियों ने अपनी सूझबूझ से समय रहते ट्रक से छलांग लगा दी, जिससे वे सुरक्षित बच गए। सूचना मिलने पर पुलिस ने सुरक्षा कारणों से रामादेवी से जाजमऊ आने वाले वाहनों को रोक दिया। इसके कारण फ्लाईओवर पर लगभग तीन किलोमीटर लंबा जाम लग गया। घटना की सूचना के 25 मिनट बाद भी अग्निशमन वाहन मौके पर नहीं पहुँच सका, जिससे आग बुझाने में देरी हुई।
अयोध्या की पुण्यभूमि एक बार पुनः रामनाम की मधुर अनुगूंज से आलोकित है। सरयू तट पर बसी यह दिव्य नगरी इन दिनों श्रद्धा, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का अद्भुत संगम बनी हुई है। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव की पावन बेला निकट आते ही संपूर्ण वातावरण भक्तिरस में डूब गया है। मंदिरों की घंटियों, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों की स्वर लहरियाँ हर दिशा में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर रही हैं।श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण उपरांत अयोध्या में श्रद्धालुओं का सैलाब निरंतर उमड़ रहा है, जिससे नगर की धार्मिक आभा और भी प्रखर हो उठी है। इसी आध्यात्मिक परिदृश्य में स्थित जानकी महल इन दिनों विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। माता सीता के मायके स्वरूप प्रतिष्ठित यह धाम मिथिला परंपरा की सजीव झांकी प्रस्तुत करता है, जहाँ प्रत्येक अनुष्ठान और उत्सव उसी सांस्कृतिक शैली में संपन्न होता है, यह पूरा उत्सव ट्रस्टी आदित्य सुल्तानिया संयोजन में मनाया जा रहा है।बुधवार को, जन्मोत्सव से पूर्व, संस्कृत धुनों की सुमधुर प्रस्तुति ने वातावरण को ऐसा आलोकित किया कि मानो स्वयं देवगण अवतरित हो उठे हों। श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर इस दिव्य अनुभूति में डूबते चले गए। नागपुर की युवा संगीत मंडली ‘द अनहद’ अपनी प्रस्तुति से भक्ति और आधुनिकता का सुरम्य समन्वय प्रस्तुत कि, जो उत्सव को नई ऊँचाइयों तक ले जा रहा है।आगामी 27 मार्च को प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष पूजन-अर्चन, प्रसाद वितरण तथा विविध धार्मिक आयोजनों की भव्य श्रृंखला आयोजित होगी। उल्लेखनीय है कि जन्मोत्सव के पश्चात भी उत्सव की यह अविरल धारा छह दिनों तक प्रवाहित होती रहेगी। अंततः ‘भगवान की छुट्टी’ की परंपरा के साथ इस दिव्य आयोजन का समापन होगा, जो श्रद्धालुओं के हृदय में अनंत काल तक स्मृतियों के रूप में अंकित रहेगा। जानकी महल के ट्रस्टी आदित्य सुल्तानियां के अनुसार अयोध्या आज केवल एक नगर नहीं, अपितु जीवंत आस्था, परंपरा और संस्कृति का आलोकित प्रतीक बन चुकी है—जहाँ हर क्षण, हर स्वर और हर श्वास में श्रीराम का ही वास है।
मेरठ-हापुड़ रोड पर नये एसपी सिटी दफ्तर का रास्ता साफ हो गया है। बुधवार को एडिशनल एसपी/सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी ने फोर्स ले जाकर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के कब्जे से जमीन मुक्त कराकर विभाग को सौंप दी। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही यहां काम शुरु हो जाएगा। पहले जानिए कैसे शुरु हुई तलाश CAA हिंसा के बाद शहर की सुरक्षा व्यवस्था का मुद्दा खासा चर्चाओं में रहा। हापुड़ रोड वह इलाका था, जहां सबसे ज्यादा उपद्रव मचाया गया था और पुलिस को परेशानी झेलनी पड़ी थी। इसी दौरान तत्कालीन IG (वर्तमान में एडीजी) प्रवीण कुमार के समक्ष कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा का मुद्दा उठाया। मामला गंभीर था, इसलिए IG ने भी मौन स्वीकृति देते हुए जमीन की तलाश शुरु करा दी। तिरंगा गेट पर सुझाई गई जमीनप्रवीण कुमार गंभीर थे, जिस कारण अफसरों ने जमीन की तलाश शुरु कर दी। इस बीच उनके मित्र विजय वेदांत माहेश्वरी ने हापुड़ रोड पर नौचंदी थाना क्षेत्र में तिरंगा गेट के पास मौजूद जमीन की चर्चा उनसे की। जल्द ही प्रवीण कुमार ने जमीन का विवरण जुटा लिया। पता चला कि यह जमीन जिला पंचायत की है, जिस पर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कब्जा है और वह मेरठ-बुलंदशहर रूट पर बसों का संचालन कर रहा है। कार्यालय व बैरक का सुझाया प्रस्ताव विजय वेदांत माहेश्वरी ने आईजी प्रवीण कुमार को बताया था कि अगर यहां एसपी सिटी दफ्तर शिफ्ट किया जाए तो पूरा इलाका सिक्योर हो जाएगा। बात आगे बढ़ी और वहां एसपी सिटी दफ्तर के साथ ही बड़ी पुलिस बैरक बनाये जाने पर सहमति बन गई। जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। प्रस्ताव में दिखाया गया कि यहां एसपी दफ्तर बनने के बाद हापुड़ रोड से भूमिया पुल तक के एरिये को कवर किया जा सकता है। संघ पदाधिकारियों ने भी की पैरवी प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया। पुलिस के आला अफसरों तत्कालीन एडीजी जोन मेरठ ध्रुवकांत ठाकुर, आईजी प्रवीण कुमार, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण और बाद में डा. विपिन ताडा के साथ ही संघ के पदाधिकारियों ने भी प्रस्ताव की पैरवी की। नतीजा यह हुआ कि शासन की ओर से भी इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई। जल्द ही ड्राइंग तैयार कर शासन को भेज दी गई और उस पर मोहर लग गई। एसोसिएशन ने ली कोर्ट की शरण तिरंगा गेट के पास लगभग 1300 वर्ग गज जमीन थी, जिस पर बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन का कब्जा था। पुलिस अधिकारियों ने जमीन लेने के प्रयास शुरु किए तो एसोसिएशन ने कोर्ट की शरण ले ली। जमीन जिला पंचायत की थी। उसने एसोसिएशन से चले आ रहे कांट्रेक्ट के खत्म होने का दावा किया, जिसके बाद जमीन पर जिला पंचायत का कब्जा हो गया। जनवरी माह में जिला पंचायत ने पुलिस विभाग को एनओसी जारी कर दी। एडिशनल एसपी ने खाली कराई जमीन कोर्ट में नाकामी हाथ लगने के बाद भी बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन यहां बराबर बनी थी। बुधवार को एडिशनल एसपी व सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी नौचंदी और मेडिकल थाने की फोर्स लेकर तिरंगा गेट पहुंचे और जमीन को कब्जामुक्त कराते हुए महकमे को कब्जा दिला दिया।
बाड़मेर जिले के सेड़वा कस्बे के मुख्य बाजार में बुधवार शाम अचानक भीषण आग लग गई। आग तेजी से फैलते हुए एक के बाद एक करीब चार दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें और ऊंचे धुएं के गुब्बारे उठते देख आसपास के इलाके से सैकड़ों की संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। घटना मुख्य बाजार के बाखासर मार्ग पर जंभेश्वर मंदिर के पास की है। सूचना मिलते ही सेड़वा पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी जाब्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने व्यापारियों और ग्रामीणों की मदद से पानी और मिट्टी का उपयोग करते हुए आग बुझाने के प्रयास शुरू किए। स्थानीय स्तर पर दमकल की सुविधा नहीं होने के कारण आग पर काबू पाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने बाल्टियों, टैंकरों और अन्य साधनों से पानी डालकर आग को फैलने से रोकने की कोशिश की। इस दौरान बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपने सामान को बचाने में जुट गए। आग की सूचना मिलते ही बाड़मेर जिला मुख्यालय से नागरिक सुरक्षा की टीम और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी सेड़वा के लिए रवाना कर दी गईं। पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचकर आग पर पूरी तरह काबू पाने के प्रयास में जुटी हुई है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में दुकानों में रखा लाखों रुपए का सामान जलकर राख हो गया। आग पर काबू पाने के बाद प्रशासन द्वारा पूरे मामले की जांच की जाएगी।
संभल में आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर बुधवार रात एक सड़क हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना चंदौसी बायपास फ्लाईओवर के पास मोहम्मद गंज गांव के निकट रात करीब 9:30 बजे हुई। एक ट्रक ने पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे यह हादसा हुआ। मृतक मजदूर की पहचान कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा गांव निवासी गौरव (पुत्र राजवीर) के रूप में हुई है। घायलों में बनियाठेर थाना क्षेत्र के देवरखेड़ा निवासी सूरज (50), कुढ़फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के बिचैटा निवासी ओमपाल (25), बहादुर (55) और हरपाल (50) शामिल हैं। सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदौसी में भर्ती कराया गया, जहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। सूचना मिलते ही चंदौसी कोतवाली, बनियाठेर थाना पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक ट्रैक्टर-ट्रॉली और डिवाइडर के ऊपर चढ़ गया। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। थाना प्रभारी सचिन कुमार ने बताया कि सड़क हादसे में ट्रैक्टर सवार एक युवक की मौत हुई है और चार लोग घायल हुए हैं। शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है।
प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल ने बुधवार को पहली बार सफल किडनी प्रत्यारोपण किया। हनुमानगंज के रामनाथपुर निवासी 22 वर्षीय अभिषेक सिंह को उनकी मां सरोज ने अपनी एक किडनी दान की, जिससे उन्हें नया जीवन मिला। सफल सर्जरी की पूरी प्रक्रियाडॉ. दिलीप चौरसिया की अगुवाई में लखनऊ से आए विशेषज्ञों की टीम ने सुबह 10 बजे शुरू हुई यह जटिल सर्जरी तीन घंटे में पूरी की। ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और वर्तमान में अभिषेक व उनकी मां दोनों स्वस्थ हैं। सर्जरी से पहले मंगलवार को ऑपरेशन थिएटर में बाहरी कर्मचारियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। डॉ. सौम्या गुप्ता ने बताया कि डोनर मां को 3-4 दिनों में और अभिषेक को एक सप्ताह बाद डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. वीके पांडेय ने टीम को बधाई दी, यह बताते हुए कि अस्पताल को सितंबर 2025 में सरकारी अनुमति मिली थी। मरीज का दो वर्षों का संघर्षअभिषेक पिछले दो वर्षों से स्टेज-5 क्रॉनिक किडनी डिजीज से पीड़ित थे। उनके पिता अशोक सिंह ने कई अस्पतालों के चक्कर लगाए, लेकिन डॉ. संतोष पटेल व डॉ. सौम्या गुप्ता की सलाह पर एसआरएन पहुंचे। यहां ट्रांसप्लांट की सिफारिश हुई, जो सफल रही। चिकित्सकीय टीम व भविष्य की योजनाएंटीम में प्रमुख रूप से डॉ. श्रीश मिश्रा, डॉ. दीपक गुप्ता, डॉ. शिवम सिंह, डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. रविंद्र गुप्ता, डॉ. संतोष मौर्य, डॉ. सौम्या गुप्ता, प्रो. डॉ. राजीश गौतम, डॉ. आमन, डॉ. मुकेश सिंह, डॉ. आनंदेंद्र व डॉ. आजिन आहमद शामिल थे। अस्पताल के मीडिया प्रभारी डॉ. संतोष सिंह ने बताया कि एक अन्य मरीज का ट्रांसप्लांट अगले सप्ताह होगा। इस सुविधा से प्रयागराज व आसपास के जिलों के मरीजों को लखनऊ-वाराणसी जैसे शहरों के महंगे चक्कर से राहत मिलेगी। एसआरएन अब यूपी का पांचवां सरकारी केंद्र है जहां किडनी ट्रांसप्लांट हो रहा है। जांच एवं डोनर की भूमिका सबसे अहमडॉ. श्रीश मिश्रा ने बताया कि स्टेज-5 क्रॉनिक किडनी डिजीज में ट्रांसप्लांट ही सर्वोत्तम विकल्प है। डॉ. श्रीश मिश्रा ने बताया कि ऑथराइजेशन कमेटी से अनुमति व कानूनी प्रक्रियाओं के बाद यह संभव हुआ। डॉ. अरविंद गुप्ता ने HLA टाइपिंग जैसी जांचों व डोनर-मरीज तालमेल पर जोर दिया।
बहराइच में बुधवार देर रात पेट्रोल पंपों पर तेल की कमी की अफवाह फैलने से भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अपने वाहनों में पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे, जिससे कई पंपों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिला प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। नगर के रोडवेज और अग्रसेन चौक के पास स्थित के.बी. पेट्रोल पंप सहित अन्य क्षेत्रों के पंपों पर बुधवार शाम करीब नौ बजे से अचानक लोग तेल लेने पहुंचने लगे। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई पेट्रोल पंपों पर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। पुलिस की निगरानी में तेल का वितरण सुनिश्चित कराया गया, ताकि व्यवस्था बनी रहे। के.बी. पेट्रोल पंप के मैनेजर ने बताया कि यह भीड़ केवल अफवाहों के कारण लगी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में तेल उपलब्ध है। इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी नरेंद्र तिवारी ने भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जनपद के पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है और कंपनियों द्वारा पंपों पर तेल की आपूर्ति लगातार की जा रही है।
बिलासपुर में स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल स्मृति अखिल भारतीय ड्यूस बॉल टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि राजा रघुराज सिंह स्टेडियम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल मैदानों से कम नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएगी। उप मुख्यमंत्री साव ने प्रतियोगिता में भाग ले रहे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस आयोजन से बिलासपुर शहर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। उन्होंने बिलासपुर में एक बड़े राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल मैदान के निर्माण की भी घोषणा की। साव ने युवा खिलाड़ियों के लिए इस प्रतियोगिता को सीखने और प्रेरणा प्राप्त करने का अवसर बताया। उन्होंने स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल को एक अनुशासित खिलाड़ी और कुशल संगठक के रूप में याद किया, जिन्होंने हर कार्यक्रम की बारीकी से चिंता की। विधायक अटल श्रीवास्तव ने ड्यूस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता के आयोजन को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर के खिलाड़ी पहले भी कई महत्वपूर्ण क्रिकेट आयोजनों के साक्षी रहे हैं। विधायक ने स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि अग्रवाल का मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम योगदान था, जिसमें बिलासपुर रेलवे जोन की स्थापना और छत्तीसगढ़ राज्य के विकास में उनकी भूमिका प्रमुख है। भाजपा युवा नेता आदित्य अग्रवाल ने प्रतियोगिता में दिग्गज खिलाड़ियों की भागीदारी को बिलासपुर के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन खेल प्रेमियों और दर्शकों की भावनाओं के अनुरूप है, और भविष्य में इसे और बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर अतिथियों ने डी. पाटिल और के. संतोष यादव को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया। कार्यक्रम में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, उपयुक्त खजांची कुमार, भाजपा जिला अध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर, मोहित जायसवाल, आदित्य अग्रवाल, आयोजन समिति के प्रमुख प्रवीण दुबे, राजेंद्र भंडारी, राजेश सिंह ठाकुर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। यह खेलों और खिलाड़ियों का शहर है.. कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर खेलों और खिलाड़ियों का शहर है। यहां देश भर से बड़ी-बड़ी टीमें आई हैं और लोगों को क्रिकेट की तकनीक देखने का अच्छा मौका मिलेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि भाजपा के बड़े नेता स्वर्गीय लखीराम अग्रवाल के नाम पर यह राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता आयोजित होना खुशी और गर्व की बात है। इस प्रतियोगिता से बिलासपुर और छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़, खड़गपुर और नागपुर की टीम जीती प्रतियोगिता के तीसरे दिन 2 मैच खेले गए। पहला मैच बीटीसी नागपुर और जौनपुर के बीच खेला गया, जिसमें जौनपुर ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी की और निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 180 रन बनाए। जौनपुर की तरफ से सनी पांडे ने 70 रन बनाए और मनु राजा ने 45 रन का योगदान दिया। वीटीसीए नागपुर की टीम के गेंदबाज आकाश तथा दीपेश ने दो-दो विकेट लिए। 180 रनों के जवाब में में बीटीसी नागपुर ने 12 आवर के पहले ही 180 रन का लक्ष्य पूरा कर लिया । एक तरफा 9 विकेट से जीत हासिल की एसके राशिद ने 107 रन बनाए और वैभव में 64 रन का योगदान दिया। प्रतियोगिता में मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार एसके रशीद को प्रदान किया गया। दूसरा मैच गाजियाबाद और खड़कपुर के बीच खेला गया। गाजियाबाद ताश जीत कर पहले बल्लेबाजी की और निर्धारित 20ओवर में 7 विकेट खोकर 177 रन बनाए। गाजियाबाद की तरफ से तरुण बिष्ट ने 76 रन बनाए लोकेश ने 47 रन बनाए। उसके जवाब में 170 के जवाब में खड़कपुर के खिलाड़ियों ने 20 ओवर के एक गेंद पहले ही 178 रन का लक्ष्य पूरा कर लिया। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार पवन महंत को दिया गया। पवन ने अपनी टीम को जीत दिलाने में 45 रन का योगदान दिया। अखिल भारतीय टी 20 क्रिकेट प्रतियोगिता मेंअब तक ग्रुप ए में खड़कपुर और वीटी सीए नागपुर की टीम सेमी फाइनल में प्रवेश कर चुकी है। धोनी के साथी अमरिंदर ने कहा - खेल जीवन में जरूरी फिट रहेंगे तो देश बढ़ेगा भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के मित्र नेवी के रिटायर्ड अफसर अमरिंदर सिंह ने कहा कि जीवन में खेल इसलिए जरूरी है, क्योंकि फिट रहना बहुत इंपॉर्टेंट है, देश के लिए और समाज के लिए भी। उन्होंने कहा कि लोग अपने बच्चों को बचपन से इसलिए क्रिकेट खिलाते हैं ताकि आगे चल कर वे धोनी, कपिल और क्रिकेट की दुनिया में नाम रोशन करेंगे। डी पाटील नागपुर के कोच अमरिंदर सिंह अपनी टीम को लेकर यहां पहुंचे हैं और उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी टीम इस राज्य स्टेडियम के खेल मैदान में परचम लहराएगी और फाइनल में पहुंचेगी।
संभल में यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का 61.01 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जिले में कुल 2,41,397 कॉपियों में से सात दिनों में 1,47,740 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच की जा चुकी है। जिला विद्यालय निरीक्षक सर्वेश कुमार ने बुधवार को बताया कि सातवें दिन 657 परीक्षकों ने कुल 31,137 कॉपियां जांचीं। इनमें इंटरमीडिएट की 12,544 और हाईस्कूल की 18,593 उत्तर पुस्तिकाएं शामिल हैं। सात दिनों में इंटरमीडिएट की 61,564 और हाईस्कूल की 86,176 कॉपियों का मूल्यांकन किया जा चुका है। यह कार्य 18 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक चलेगा। केंद्रवार मूल्यांकन स्थिति कड़ी निगरानी में हो रहा मूल्यांकन सभी पांचों मूल्यांकन केंद्रों पर 24 घंटे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कॉपियों की जांच की जा रही है। सुरक्षा के लिए स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात हैं, जबकि कंट्रोल रूम से भी लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। परीक्षकों के लिए पहचान पत्र अनिवार्य किए गए हैं और बिना आईडी के किसी को प्रवेश नहीं दिया जा रहा। केंद्रों के खुलने और बंद होने का समय भी रजिस्टर में दर्ज किया जा रहा है। इतने परीक्षार्थी हुए थे शामिल इस वर्ष 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित यूपी बोर्ड परीक्षाओं में संभल जिले से कुल 51,432 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। इनमें 27,786 इंटरमीडिएट और 23,646 हाईस्कूल के छात्र-छात्राएं थे। प्रशासन का दावा है कि मूल्यांकन कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर परिणाम समय पर घोषित किए जाएंगे।
लखनऊ में लेबर पर स्कूटी चढ़ाई, मुंशी का मुंह फोड़ा:निर्माणाधीन सड़क पर जाने से रोकने पर बवाल, FIR दर्ज
लखनऊ के नाका क्षेत्र में निर्माणाधीन गली में घुसने से मना करने पर स्कूटी सवार ने मुंशी और लेबर को बुरी तरह पीट दिया। आरोप है कि उसने लेबर पर स्कूटी चढ़ा दी। मुंशी के चेहरे पर वार कर उसे लहूलुहान कर दिया। मामले में बुधवार शाम नाका थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मिली जानकारी के अनुसार, नाका मौलवीगंज वार्ड के हाता सुलेमान स्थित गली में नगर निगम द्वारा इंटरलॉकिंग का कार्य चल रहा है। निर्माण कार्य के चलते बुधवार को गली को आवागमन के लिए बंद किया गया था। मड़ियांव निवासी मुंशी अबु हमजा के मुताबिक, बुधवार दोपहर स्थानीय निवासी मोहम्मद रिजवान स्कूटी लेकर गली से निकलने लगा। इस पर उनके भाई कासिम ने उसे रोका और दूसरे रास्ते से जाने को कहा। इसी बात पर रिजवान गाली-गलौज करने लगा। विरोध करने पर कासिम की पिटाई कर दी। इसके बाद भी आरोपी जबरन गली से गुजरने लगा। वहां काम कर रहे लेबर राम खेलावन ने रोकने की कोशिश की तो रिजवान ने उस पर स्कूटी चढ़ा दी। बीच-बचाव करने पहुंचे मुंशी अबु हमजा पर आरोपी ने बल्ली के टुकड़े से कई वार कर दिए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर-शराबा सुनकर स्थानीय लोग जुटने लगे तो आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़ित की तहरीर पर नाका थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। इंस्पेक्टर अभिनव वर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
मंदसौर में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) परिसर में बुधवार को एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक पहल के तहत उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुधवार देर शाम 1 करोड़ 86 लाख 27 हजार रुपये की लागत से बनने वाले सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियो की उपस्थिति रही। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने संबोधन में कहा कि डाइट संस्थान में ऑडिटोरियम की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके निर्माण से न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को गति मिलेगी, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी एक नया मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि मंदसौर का डाइट पहले से ही प्रदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है और इस नई सुविधा से इसकी प्रतिष्ठा और अधिक बढ़ेगी। विद्यार्थियों को दिया प्रेरणादायक संदेश उप मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे प्रदेश की पहचान बनें और अपने कार्यों से जिला, प्रदेश एवं देश का नाम रोशन करें। उन्होंने अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए शिक्षकों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया। गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश निर्माण कार्य को लेकर जगदीश देवड़ा ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ऑडिटोरियम निर्माण में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। यदि आवश्यकता हो तो संशोधित प्राक्कलन (रिवाइज एस्टीमेट) प्रस्तुत किया जाए, ताकि कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जा सके। इस दौरान राज्य स्तरीय ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर अदिति गर्ग, जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गा विजय पाटीदार, विधायक विपिन जैन, जिला योजना समिति सदस्य राजेश दीक्षित, पूर्व विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया, नगर पालिका अध्यक्ष रमादेवी बंशीलाल गुर्जर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनु प्रिया विनीत यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। डाइट में बनने वाला यह आधुनिक ऑडिटोरियम न केवल शैक्षणिक गतिविधियों को सुदृढ़ करेगा, बल्कि जिले में शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भी सहायक सिद्ध होगा।
सीतापुर के तालगांव थाना क्षेत्र के रसूलपुर गांव में बुधवार शाम दबंगों की दबंगई का मामला सामने आया है, जहां घर में घुसकर मां-बेटे और बेटी को बेरहमी से पीट दिया गया। मारपीट की इस घटना में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राधारानी अपने घर पर थीं, इसी दौरान बेटे से हुए मामूली विवाद को लेकर गांव के ही कुछ लोग अचानक घर में घुस आए और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में राधारानी के साथ उनके पुत्र पंकज और बेटी रूबी भी बुरी तरह घायल हो गए। हमलावरों ने तीनों को बेरहमी से पीटा, जिससे घर में चीख-पुकार मच गई। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुके थे। ग्रामीणों की मदद से घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पंकज की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज जारी है। राधारानी और रूबी को भी चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। पीड़िता राधारानी ने गांव के ही अनिल, निर्मल, रामपाल सहित करीब आधा दर्जन लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों में गांव के पूर्व प्रधान मुंशी का नाम भी शामिल है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है। घटना की सूचना मिलते ही तालगांव पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोहाली के गुलमोहर सिटी में शनिवार देर शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब शिवसेना हिंद के राष्ट्रीय प्रधान निशांत शर्मा के घर पर अचानक गोली चल गई। इस घटना में सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल निशान सिंह घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है और जान को कोई खतरा नहीं है। ऊपरी मंजिल पर हुआ हादसायह घटना निशांत शर्मा के निवास की ऊपरी मंजिल पर हुई। उस समय निशांत शर्मा अपने सुरक्षा दस्ते के साथ घर लौटे थे। सुरक्षा टीम के कुछ सदस्य ड्यूटी के तहत तीसरी मंजिल की ओर जा रहे थे, जहां उनके ठहरने की व्यवस्था है। इसी दौरान अचानक गोली चलने की आवाज आई, जिससे वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कंधे के पास लगी गोलीहेड कांस्टेबल निशान सिंह को गोली लग गई। गोली उनके कंधे के पास लगी और आर-पार निकल गई। घटना के तुरंत बाद उन्हें सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। AK-47 से चली गोली, कारण स्पष्ट नहींप्रारंभिक जांच में सामने आया है कि फायरिंग AK-47 राइफल से हुई है, जो सुरक्षा ड्यूटी के दौरान उनके पास ही थी। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली गलती से चली या इसके पीछे कोई और कारण है। पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना खरड़ की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पूरे इलाके का निरीक्षण किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घायल हेड कांस्टेबल के बयान के बाद ही घटना की असली वजह सामने आ पाएगी। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
पांढुर्णा शहर के सिविल लाइन इलाके में बुधवार रात भीषण आग लग गई। घटना के दौरान दो गैस सिलेंडरों में धमाके हुए, जिससे तीन मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए और आधे शहर की बिजली बंद करनी पड़ी। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। यह हादसा रात करीब 10 बजे लक्षण बिनझड़े, लाजवंती मोहबे और ललिता हापसे के मकानों में हुआ। एक सिलेंडर के फटने के बाद आग तेजी से फैल गई और आसपास के दो अन्य मकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। पीड़ित बोले- घर का पूरा सामान जल गया पीड़ित परिवारों ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि उन्हें घर का सामान निकालने का मौका नहीं मिला। घरों में खड़ी स्कूटी समेत सभी घरेलू सामान जलकर खाक हो गए। हालांकि, सभी लोग समय रहते घरों से बाहर निकल गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। देखिए तस्वीरें 40 मिनट मशक्क्त के बाद आग पर पाया काबू घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और 40 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग की भयावहता को देखते हुए बिजली कंपनी ने एहतियातन आधे शहर की बिजली सप्लाई बंद कर दी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता और मुआवजा देने की मांग की है। परिवार डीजल लेने गया था पेट्रोल पंप पीड़िता पार्वती बिझाड़े ने अपने घर में लगी आग और हुए नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा, मैं अपने बच्चों के साथ पेट्रोल पंप पर डीजल और दुकान का सामान लेने गई थी। तभी मोहल्ले से किसी का फोन आया कि घर में आग लग गई है। जब तक मैं वापस लौटी, मेरा पूरा घर जलकर राख हो चुका था। उस वक्त घर में कोई नहीं था, इसलिए पूरा परिवार सुरक्षित था। आग में अनाज, कपड़े और जरूरी कागजात के साथ-साथ मोटरसाइकिल, स्कूटी और कार भी जल गई। घर का सारा सामान और गैस सिलेंडर तक खाक हो गया। हम गन्ने की गाड़ी के लिए डीजल लेने गए थे क्योंकि सुना था कि पेट्रोल और डीजल मिलना बंद होने वाला है, इसलिए हमने 15 लीटर डीजल ले आए थे। यह खबर भी पढ़ें 1. इंदौर में EV चार्जिंग के दौरान घर जला, 8 मौतें इंदौर में इलेक्ट्रिक कार में चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लग गई, जिसने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया, उनकी गर्भवती बहू सिमरन सहित 8 लोगों की मौत हो गई, जबकि 4 लोग घायल हैं। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर ईवी हादसे में जले शव के टुकड़े मिले दौर में ईवी हादसे के सातवें दिन (मंगलवार को) घर से बॉडी पार्ट्स मिले हैं। पुलिस ने इसकी पुष्टि की है। पुलिस को अनुमान है कि ये मासूम तनय के हो सकते हैं। वहीं, घर में अवैध रूप से रखे 12 से ज्यादा गैस सिलेंडर मिलने के बाद खाद्य विभाग भी जांच की तैयारी में है। पढ़ें पूरी खबर
लखनऊ विमेंस एसोसिएशन की भजन संध्या:हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के उपलक्ष्य में भक्तिमय माहौल
लखनऊ विमेंस एसोसिएशन ने हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के अवसर पर अपने परिसर में देवी गीत एवं भजन संध्या का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत विमल पंत, रीता श्रीवास्तव और नीरा मिश्रा द्वारा प्रस्तुत देवी गीत और सामूहिक सरस्वती वंदना से हुई। 'जगदम्बा भवानी मोरे अंगना' भजन की प्रस्तुति पर पूरा परिसर तालियों से गूंज उठा। भजनों का यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा। वे बाजे बधइया' ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया इस दौरान कई प्रमुख भजनों की प्रस्तुति दी गई। रेणु दुबे ने 'मैं विनती करूं मैया दोनों कर जोड़' भजन प्रस्तुत किया। पूजा सिंह ने 'श्रीराम का हो गया दीवाना' गाया, जबकि पूनम अग्रवाल ने 'मेरी मैया के दो नैन प्यारे' भजन से समां बांधा। रेखा अग्रवाल ने 'लालो लाल चुनरी मैया अड़ गई'और एक अन्य प्रस्तुति 'आए अवध श्री राम, वे बाजे बधइया' ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया। नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और एकजुटता का संदेश कार्यक्रम में सीता अग्रवाल, अमिता शुक्ला, कमल गुप्ता, बीना सक्सेना, शशि कुकरेजा, अर्चना गुप्ता और अरुणा उपाध्याय सहित कई महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। अंत में देवेश्वरी पवार, रेखा मित्तल और मधु तिवारी ने आरती की और प्रसाद वितरित किया।आयोजक प्रतिमा बाजपेयी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व शक्ति, श्रद्धा और एकजुटता का संदेश देता है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सुधा साहनी, नंदा गांधी, मृदुला पांडेय और कविता सिंह का विशेष सहयोग रहा।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से संस्था 'विजय बेला – एक कदम खुशियों की ओर' ने अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में नाटक 'अदृश्य' का मंचन किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित रहे और उन्होंने नाटक की सराहना की। नाटक का लेखन चंद्रशेखर फनसालकर ने किया है, जबकि इसकी परिकल्पना और निर्देशन चन्द्रभाष सिंह ने किया। यह हास्य नाटक समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश देने में सफल रहा। इसका उद्देश्य उन लोगों को प्रेरित करना था जो छोटी-छोटी चुनौतियों से हार मान लेते हैं। जीवन जीने की सीख को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया नाटक की कहानी दृष्टिहीन व्यक्तियों के जीवन पर केंद्रित थी। कांताबाई द्वारा संचालित ब्लाइंड्स क्लब के माध्यम से हास्यपूर्ण और रोचक घटनाक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने दर्शकों को आकर्षित किया। इसमें अंधत्व के दर्द, संघर्ष और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी सकारात्मकता के साथ जीवन जीने की सीख को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया पूरे नाटक के दौरान दर्शकों ने हंसी और भावुकता के क्षणों का अनुभव किया, जिसके अंत में एक सकारात्मक संदेश दिया गया। 'अदृश्य' नाटक ने यह संदेश दिया कि जीवन हर परिस्थिति में मूल्यवान है और इसे साहस तथा उम्मीद के साथ जीना चाहिए। मंचन में जूही कुमारी, रोहित चौहान, प्रिया बाजपेई, लावण्या वाजपेई, गिरिराज किशोर शर्मा, मुकुल कुमार, उज्ज्वल सिंह और चन्द्रभाष सिंह ने शानदार अभिनय किया। कार्यक्रम के समापन पर दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
बाइक पर 11केवी लाइन गिरी, युवक गंभीर झुलसा:प्राथमिक उपचार के बाद रेफर, परिजन निजी अस्पताल ले गए
फर्रुखाबाद में बुधवार शाम एक युवक चलती बाइक पर 11केवी हाई टेंशन लाइन गिरने से गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना रामपुर थाना क्षेत्र के लुहारी खेड़ा के पास हुई। लुहारी खेड़ा निवासी 22 वर्षीय सबलू किसी काम से बाइक से राजा का रामपुर स्थित बाजार जा रहा था। कस्बे से कुछ दूरी पहले एक ट्रैक्टर ने विद्युत पोल में टक्कर मार दी। इससे हाई टेंशन लाइन का एक तार टूटकर सबलू के ऊपर गिर गया। घटना की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और सबलू को निजी वाहन से जिला अस्पताल लोहिया ले गए। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। हालांकि, परिवार के लोग उसे निजी नर्सिंग होम ले गए। बताया गया है कि सबलू के शरीर का मध्य हिस्सा काफी अधिक झुलस गया था, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
रामपुर में चैत्र शुक्ल नवमी के अवसर पर आयोजित होने वाली 48वीं श्रीराम शोभायात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस संबंध में उत्सव पैलेस में मानस सत्संग मंडल के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में शोभायात्रा को भव्य और आकर्षक बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई। मंडल के संरक्षक धनंजय पाठक और महेश जुनेजा ने बताया कि इस वर्ष भी शोभायात्रा में मनमोहक स्वचालित झांकियां मुख्य आकर्षण होंगी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लेने और इसे सफल बनाने की अपील की। हिंदू नव वर्ष और श्रीराम नवमी के अवसर पर विशेष धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इनमें 19 मार्च से 27 मार्च 2026 तक श्रीमद् देवी भागवत कथा का आयोजन दोपहर से शाम तक होगा। इसके अतिरिक्त, 26 मार्च को रूप सज्जा एवं नृत्य प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम, रंग-बिरंगी आतिशबाजी और पुरस्कार वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। शोभायात्रा दोपहर 3 बजे रामलीला मैदान, कोसी मंदिर मार्ग से शुरू होगी। यह नया गंज चौराहा, बाजार सर्राफा, राजद्वारा, गांधी समाधि, एसपी कोठी के पीछे, आवास विकास, थाना सिविल लाइंस, गुरुद्वारा रोड, टैक्सी स्टैंड रोड और राधा रोड से होते हुए श्री हरि आदर्श रामलीला मैदान में समाप्त होगी। शोभायात्रा के समापन के बाद, रात 9 बजे श्री हरि मंदिर परिसर में प्रसाद और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे। आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। इस दौरान बैठक में अध्यक्ष महेश जुनेजा, महामंत्री भूप सिंह यादव, कोषाध्यक्ष हरिओम गुप्ता और संयोजक वीरेन्द्र गर्ग सहित कई पदाधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं भी सहयोग कर रही हैं।
हरदोई यौन उत्पीड़न केस: 2 और आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने हटाई लूट की धारा, हत्या के प्रयास की धारा जोड़ी
हरदोई की कछौना पुलिस ने यौन उत्पीड़न के एक मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक कुल नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस ने जांच के दौरान आरोपियों पर से लूट की धारा हटाकर हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई है। यह मुकदमा 28 जनवरी को पुलिस अधीक्षक के आदेश पर दर्ज किया गया था। पीड़ित महिला ने पुलिस को बताया कि 25 जनवरी की शाम गांव में आरोपी वहाब और रफीक ने उन्हें लाठी-डंडों से पीटा था। जब वह इस घटना की शिकायत करने कार से कोतवाली जा रही थीं, तो आरोपी नसीम, आमिर, जमाल, मुख्तार, रफीक, सुफील, शकील, अकील, इरफान, इकबाल, शरीफ, इरशाद सहित लगभग 60 अज्ञात लोगों ने अवैध हथियारों के साथ उनकी कार रोक ली। आरोपियों ने उनके पति पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। बीच-बचाव करने आए अन्य ग्रामीणों को भी आरोपियों ने पीटा। कोतवाली प्रभारी अमित सिंह ने जानकारी दी कि ग्राम तकिया निवासी आरोपी शकील और सुफील को बुधवार को कोतवाली क्षेत्र की डबल नहर कलौली के पास से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से एक डंडा और एक लाठी बरामद की है। इससे पहले, 29 जनवरी को इस मामले में सात अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका था। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों पर से लूट की धारा हटा दी है, जबकि उन पर हत्या के प्रयास की धारा बढ़ाई गई है। इस मामले में कुल 12 नामजद और 60 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया था।
उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान और गणित विषय के 29,334 सहायक अध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया में बुधवार को 47 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। यह वितरण जनपद के मम्फोर्डगंज स्थित सर्व शिक्षा अभियान कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में हुआ। विभागीय जानकारी के अनुसार, कुल 52 अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था। जनपद चयन समिति के समक्ष हुई इस प्रक्रिया में 47 अभ्यर्थी उपस्थित हुए, जबकि 5 अनुपस्थित रहे। उपस्थित सभी सफल उम्मीदवारों को बीएसए अनिल कुमार ने नियुक्ति पत्र सौंपे। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि नियुक्ति पत्र वितरण से पहले सभी अभ्यर्थियों के शैक्षिक और तकनीकी अभिलेखों की गहन जांच की गई थी। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की एक टीम तैनात की गई थी। इसमें लालजी शर्मा (बीईओ होलागढ़), शिव औतार (बीईओ बहरिया), अखिलेश कुमार (बीईओ सैदाबाद), क्षमाशंकर (बीईओ कौड़िहार) और प्रतिभा सिंह (नगर क्षेत्र) शामिल थे। काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों ने अपने मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र, प्रशिक्षण अभिलेख, मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र और पहचान पत्र (आधार व पैन कार्ड) जमा किए। इसके अतिरिक्त, 29,334 भर्ती के ऑनलाइन आवेदन की प्रति, शुल्क रसीद और निर्धारित शपथ पत्र भी जनपदीय चयन समिति को सौंपे गए। इन नियुक्तियों से जिले के उच्च प्राथमिक स्कूलों में गणित और विज्ञान विषयों के शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है, जिससे शिक्षण स्तर में सुधार हो सकेगा। बीएसए अनिल कुमार ने सभी नवनियुक्त शिक्षकों को बधाई दी और उन्हें पूरी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को प्रदेश के 4 लाख 95 हजार 965 भूमिहीन लोगों को 495 करोड़ 96 लाख रुपए सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किए। यह राशि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत दी गई। कार्यक्रम बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी शुक्ल हायर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में आयोजित किया गया। इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक भूमिहीन कृषि मजदूर हितग्राही के खाते में 10 हजार रुपए की धनराशि सीधे हस्तांतरित की गई। राज्य सरकार ने इसके लिए कुल 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपए का प्रावधान किया था। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में कुल 23,568 हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिला। उनके खातों में 23 करोड़ 56 लाख रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बलौदाबाजार की ऐतिहासिक और धार्मिक भूमि को नमन करते हुए कहा कि उनकी सरकार प्रदेश की जनता को शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना इसी प्रतिबद्धता का परिणाम है, जिसके तहत भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि उनकी सरकार ने 'मोदी की गारंटी' के तहत अधिकांश वादों को पूरा किया है। इनमें 18 लाख पीएम आवास की स्वीकृति, महतारी वंदन योजना का क्रियान्वयन और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की 3100 रुपए में खरीदी जैसे प्रमुख कार्य शामिल हैं। मंत्री बोले- सरकार ने मोदी की सभी गारंटियों को पूरा किया राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की सभी गारंटियों को पूरा किया है। ऐसा करने वाला देश में हमारा ही प्रदेश एकमात्र है। हमारी सरकार योजनाओं की राशि सीधे लाभार्थी के खाते में भेजती है, जिससे भ्रष्टाचार या कमीशन की कोई गुंजाइश नहीं रहती। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं एक आदिवासी परिवार से हैं और गरीबों के दुःख दर्द को अच्छे से समझते हैं। वे खुद गरीबों से मिलते हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करते हैं। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में पुल, पुलिया, सड़क और अन्य विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉल का भी निरीक्षण किया। करीब 60 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के तहत सामग्री और चेक वितरित किए गए। इस दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, कमिश्नर महादेव कावरे, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े, प्रमोद शर्मा, जिला अध्यक्ष आनंद यादव, संयुक्त सचिव राजस्व अरविंद एक्का, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता, डीएफओ गणवीर धम्मशील, सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण और लाभार्थी मौजूद थे।
हरियाणा के गुरुग्राम के सेक्टर-49 स्थित पार्क अस्पताल में युवक की मौत के बाद जबरदस्त हंगामा हो गया। युवक के परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज के नाम पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए सड़क पर जाम लगा दिया। आरोप लगाया गया कि युवक को सोमवार को सड़क हादसे में घायल होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मगर, उसकी मौत 24 घंटे पहले ही हो गई थी। इसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर लगातार पैसे वसूलते रहे। परिजनों ने बताया कि तीन दिनों में 5 लाख रुपये से अधिक की राशि ली गई। जब उन्होंने मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की बात की, तब जाकर अस्पताल ने मौत की सूचना दी। हंगामा बढ़ने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले को संभालने की कोशिश कर रही है। मगर, परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा शुरू कर दिया था। लोग सड़क पर बैठ गए थे और जोरदार नारेबाजी की। यहां सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. पुलिस ने संभला मोर्चा, कार्रवाई की मांग पर अडे़े परिजन पार्क अस्पताल में हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस ने किसी तरह समझा कर जाम तो खुलावा दिया है, लेकिन परिवार की ओर से नारेबाजी जारी थी। कहना था कि जब तक अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, वे यहां से नहीं हटेंगे। देर रात तक परिजन अस्पताल में ही डटे हुए थे।
श्रीगंगानगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगहों से अवैध पिस्टल, मैगजीन और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। दोनों मामलों में आरोपियों को आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब के फरार हत्यारे को पकड़ा पुलिस थाना जवाहरनगर ने सीओ सिटी विशाल जांगिड के सुपरविजन और थानाधिकारी देवेन्द्र सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने गश्त के दौरान तीन पुली लिंक रोड पुलिया के पास कार्रवाई के दौरान 14 जिंदा कारतूस, 1 पिस्टल व 2 मैगजीन बरामद किए हैं। आरोपी की पहचान गुरविन्द्र सिंह (40) निवासी श्यामा खानका, थाना अरणियांवाला फाजिल्का (पंजाब) के रूप में हुई है। पुलिस ने आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया कि गुरविन्द्र सिंह पंजाब के थाना फाजिल्का सदर में हत्या के प्रयास और फायरिंग के मामले में फरार था। गंगानगर आने की सूचना पर उसे पकड़ा गया। आरोपी के खिलाफ पंजाब के कई थानों में हत्या के प्रयास, अपहरण, एनडीपीएस और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 17 मुकदमे पहले से दर्ज हैं। युवक के पास से पिस्टल-कारतूस जब्त मटीलीराठान थाना पुलिस ने थानाधिकारी मुकेश कुमार के नेतृत्व में कार्रवाई की। पुलिस टीम ने बस स्टैंड से गुरजन्ट सिंह उर्फ जन्टा (25) निवासी ढाणी 1 एल, मटीलीराठान को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 1 अवैध पिस्टल, मैगजीन और 6 जिंदा कारतूस बरामद हुए। फिलहाल पुलिस पकड़े गए आरोपी से पूछताछ कर रही है।
चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मैहर स्थित प्रसिद्ध मां शारदा देवी मंदिर में भक्तों का हुजूम उमड़ा। बुधवार रात 9 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, कुल 1 लाख 11 हजार 689 श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में मत्था टेका। त्रिकूट पर्वत पर स्थित मंदिर के सीढ़ी मार्ग, रोपवे और परिसर में दिनभर लंबी कतारें लगी रहीं। सीढ़ी मार्ग से 1.05 लाख भक्तों ने पैदल की चढ़ाई प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मां के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में सबसे बड़ी संख्या पैदल चलने वालों की रही। कुल 1,05,249 श्रद्धालुओं ने पारंपरिक सीढ़ी मार्ग से चढ़कर मंदिर तक का सफर तय किया। इसके अलावा, 5,300 श्रद्धालुओं ने रोपवे का आनंद लिया, जबकि 1,140 भक्तों ने वैन मार्ग के जरिए मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। सुरक्षा और व्यवस्था के रहे कड़े इंतजाम नवरात्रि के पावन पर्व पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए मंदिर परिसर से लेकर पूरे मार्ग तक विशेष पुलिस बल, स्वास्थ्य टीमें और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। रोपवे और सीढ़ी मार्ग पर भीड़ नियंत्रण के लिए कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। त्रिकूट पर्वत पर गूंजे माता के जयकारे जैसे-जैसे नवरात्रि अपने समापन की ओर बढ़ रही है, मैहर में भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। प्रशासन का अनुमान है कि अष्टमी और नवमी के दिन यह आंकड़ा और भी बढ़ सकता है। फिलहाल, पूरे मंदिर क्षेत्र में भक्ति का माहौल है और श्रद्धालु अनुशासन के साथ अपनी बारी का इंतजार कर दर्शन लाभ ले रहे हैं।
छतरपुर के तमराई मोहल्ला में 26 वर्षीय नवविवाहिता अंजना अनुरागी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतका के पति देव ताम्रकार को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मायके पक्ष के अनुसार, बुधवार शाम करीब 6:30 बजे अंजना के भाई राजीव ने अपने जीजा देव को फोन किया, लेकिन उन्होंने घबराकर कॉल काट दिया। इसके बाद जब राजीव ने देव की मां को फोन किया, तो वह रोती हुई मिलीं और तभी अंजना के साथ अनहोनी की जानकारी सामने आई। राजीव जब बहन के घर जा रहा था, तभी उसे चौक बाजार के पास 108 एंबुलेंस दिखी। वह एंबुलेंस का पीछा करते हुए जिला अस्पताल पहुंचा। अस्पताल की इमरजेंसी में डॉ. रोशन द्विवेदी ने जांच के बाद अंजना को मृत घोषित कर दिया। परिजनों के मुताबिक, अंजना अनुरागी की शादी देव ताम्रकार से लगभग 10 महीने पहले 1 मई को परिवार की रजामंदी से प्रेम विवाह के रूप में हुई थी। शादी को अभी एक साल भी पूरा नहीं हुआ था। मायके पक्ष ने आरोप लगाया है कि शादी के बाद अंजना को अपने मायके वालों से बात करने से रोका जाता था। उसे मोबाइल पर बातचीत की भी अनुमति नहीं थी। हालांकि, विवाद की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जानकारी के अनुसार, घटना वाले दिन दोपहर में भी ससुराल पक्ष में विवाद हुआ था। इसके बाद शाम 5 से 6 बजे के बीच यह घटना हुई। पुलिस ने बताया कि मृतका का पोस्टमार्टम गुरुवार को कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। घटना के बाद अस्पताल में ससुराल और मायके पक्ष के बीच तीखी बहस और झड़प की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने मृतिका के पति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए मर्चुरी में रखवाया गया है। गुरुवार को पंचनामा कार्रवाई के बाद पीएम कराया जाएगा। वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में बाल कल्याण समिति (CWC) ने एसजीपीओ पुलिस के सहयोग से बच्चों को नशे की सामग्री बेचने वालों पर कार्रवाई की है। यह कार्रवाई ग्वालियर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के पास की गई। CWC चेयरमैन सोमेश महांत ने बताया कि उन्हें लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि मंशापूर्ण हनुमान मंदिर के पास एक मकान में कुछ लोग रहते हैं, जो स्वयं भी नशा करते हैं और बच्चों को भी नशे की सामग्री बेचते हैं। सूचना की पुष्टि के लिए, CWC टीम ने एक बच्चे को ग्राहक बनाकर भेजा। टीम के सदस्य आसपास मौजूद थे। बच्चे ने पैसे देकर नशे की सामग्री खरीदी, जिसके बाद आरोपियों ने उसे विभिन्न नशीली वस्तुएं उपलब्ध कराईं। इसके बाद टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। इन आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। चेयरमैन महांत ने यह भी बताया कि कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान एक व्यक्ति ने चाकू निकाल लिया था, और किसी ने टीम के सदस्यों पर बनी हुई सब्जी भी फेंक दी। आरोपियों के पास से सुलोचन की ट्यूब, नशीली गोलियां और एक अटैची मिली, जिसमें अन्य सामग्री भी मौजूद थी। यह सभी जब्त की गई वस्तुएं पुलिस को सौंप दी गई हैं।
कांकेर जिले के माकड़ी गांव में एक अज्ञात शव मिला है। किसानों ने नेशनल हाईवे से लगे खेत के पास शव देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत हुई इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, शव करीब 3 से 5 दिन पुराना प्रतीत होता है, जिसके चलते शरीर के कई हिस्से सड़ चुके हैं। मृतक के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर जलने के निशान भी मिले हैं, जिससे पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही एडिशनल एसपी दिनेश सिन्हा ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। जांच में एसएफएल टीम और डॉग स्क्वॉड की भी मदद ली जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। पुलिस अज्ञात शव की पहचान करने और मामले की हर पहलू से जांच में जुटी हुई है।
पहली कक्षा के बच्चे की स्कूल में संदिग्ध मौत:खेलते समय अचानक शरीर में कई जगह आ गई थी सूजन
सतना जिले के मझगवां विकासखंड के गोपालपुर में शासकीय प्राथमिक शाला के पहली कक्षा के 7 वर्षीय छात्र उमाकांत विश्वकर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बुधवार को स्कूल में खेलते समय उमाकांत के शरीर में अचानक सूजन आ गई थी। उसके पिता राजेंद्र विश्वकर्मा पेशे से श्रमिक हैं। हेड मास्टर मुन्ना लाल प्रजापति ने पुलिस को बताया कि दोपहर के भोजन (लंच टाइम) में बच्चों को मिड डे मील (एमडीएम) के तहत दाल-चावल परोसे गए थे। भोजन के बाद सभी बच्चे खेलने लगे। इसी दौरान उमाकांत की आंखों, होंठ और पैरों में सूजन आ गई और वह खेलते-खेलते शिथिल होकर गिर पड़ा। घटना की सूचना तत्काल बच्चे के परिजनों को दी गई। हालांकि, अस्पताल ले जाने से पहले ही उमाकांत की स्कूल में ही मृत्यु हो गई। शव को बरौंधा स्थित शासकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया है। थाना प्रभारी अभिनव सिंह ने बताया कि बच्चे का पोस्टमार्टम 26 मार्च को मेडिकल टीम द्वारा कराया जाएगा। घटना की खबर मिलते ही बरौंधा सर्किल के नायब तहसीलदार डॉ. सुदामा कोल, डीपीसी विष्णु त्रिपाठी, एमडीएम प्रभारी आशीष द्विवेदी, सहायक संचालक सुधांशु द्विवेदी, एपीसी आनंद मिश्रा और बीआरसी जगतेंद्र त्रिपाठी स्कूल पहुंचे। एमडीएम टीम ने मिड डे मील में परोसे गए दाल-चावल, अन्य खाद्यान्न सामग्री और हैंडपंप के पानी के नमूने जांच के लिए सुरक्षित किए हैं। उमाकांत की मौत के बाद परिजन उसे दफनाने की तैयारी कर रहे थे। मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम और पुलिस ने उन्हें समझाया कि बच्चे की मृत्यु का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम से ही पता चल पाएगा। समझाइश के बाद परिजन मान गए और शव को मोर्चरी में शिफ्ट कर दिया गया।
एसीबी की दौसा टीम ने अलवर में 20 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते हुए दलाल और कॉन्स्टेबल को गिरफ्तार किया। एसीबी के डीएसपी रविंद्र सिंह शेखावत ने बताया- परिवादी ने भरतपुर चौकी में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके बेटे को मामले में बचाने के एवज में 40 हज़ार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने पहले मामले का सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद बुधवार को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की गई। शाम करीब 6 बजे एसीबी टीम चार गाड़ियों में सादे कपड़ों में कठूमर थाने के आसपास तैनात हो गई। तय योजना के तहत परिवादी ने थाने के बाहर खड़े दलाल को 20 हजार रुपए दिए। इस दौरान कांस्टेबल रामेश्वर दयाल गुर्जर भी मौके पर मौजूद था और पूरी प्रक्रिया में शामिल था। जैसे ही रिश्वत की रक़म का लेन-देन हुआ, एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया। गिरफ़्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है। एसीबी अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में थाने के और कौन-कौन अधिकारी शामिल हैं। (इनपुट:रोहित सिंघल)
भोजपुरी समाज द्वारा मनाया गया चार दिवसीय चैती छठ पूजा का पर्व बुधवार को विधि-विधान के साथ सम्पन्न हो गया। अंतिम दिन व्रतधारियों ने उगते सूर्य भगवान को अर्घ्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, संतान प्राप्ति और विश्व कल्याण की प्रार्थना की।भोजपुरी एकता मंच के तत्वावधान में शीतल दास की बगिया, कमला पार्क घाट पर आयोजित इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंच के अध्यक्ष कुंवर प्रसाद ने बताया कि पर्व के तीसरे दिन व्रतधारियों ने बांस के सूप में ऋतु फल, ठेकुआ और पारंपरिक पकवान सजाकर सूर्यदेव की आराधना की। बुधवार सुबह श्रद्धालु शीतल दास की बगिया कमला पार्क घाट और महर्षि पतंजलि परिसर स्थित सूर्यकुंड में कमर तक पानी में खड़े होकर गाय के कच्चे दूध से अर्घ्य अर्पित किया। इसके बाद घाट पर हवन-पूजन के साथ चार दिवसीय अनुष्ठान का समापन किया गया, जिसे ‘पारण’ कहा जाता है।आयोजन के दौरान घाट पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया, जिससे माहौल और अधिक भक्तिमय हो गया।इस अवसर पर बीके सिन्हा, योगेंद्र प्रसाद सिंह, शिववचन प्रजापति, मोहन जायसवाल, मनोज सिंह, पूजा जायसवाल, आरती कुमार, रीमा देवी, संध्या सिंह, सरिता सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
भोपाल ईडी ने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक भोलासिंह और उनके परिवार से जुड़ी करीब 2.79 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क (अटैच) किया है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है।ईडी के अनुसार भोलासिंह नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) के पूर्व चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक (CMD) रह चुके हैं। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने भोला सिंह के खिलाफ जांच शुरू की थी जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप लगाए गए थे।जांच में सामने आया कि 1 जनवरी 2022 से 31 जनवरी 2024 के बीच भोलासिंह के पास करीब 1.74 करोड़ रुपए की आय से अधिक संपत्ति पाई गई थी जो लगभग 124% अधिक बताई गई है।ईडी की जांच के दौरान बैंक लॉकरों से करीब 1.94 करोड़ रुपए नकद और सोने के आभूषण बरामद हुए। इसके अलावा रांची के SAIL सिटी में स्थित करीब 85.45 लाख रुपए मूल्य का एक आलीशान फ्लैट भी जांच के दायरे में आया, जिसे वैध आय के अनुपात में संदिग्ध पाया गया। इन तथ्यों के आधार पर ED ने कुल 2.79 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क की है जिसमें नकदी, सोने के आभूषण और आवासीय फ्लैट शामिल हैं। ईडी ने इसे अपराध से अर्जित आय मानते हुए अटैच किया है और आगे की जांच जारी है।
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) को जल संरक्षण और औद्योगिक जल प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य के लिए 'इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल वाटर मैनेजमेंट एंड स्ट्यूअर्डशिप अवार्ड' से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान वाटर डाइजेस्ट अवार्ड 2026 के अंतर्गत प्रदान किया गया। नई दिल्ली में 23 मार्च 2026 को आयोजित एक समारोह में भारत सरकार के जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने यह पुरस्कार प्रदान किया। एसईसीएल की ओर से कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन और निदेशक (तकनीकी/योजना एवं परियोजना) रमेश चंद्र महापात्र ने यह सम्मान ग्रहण किया। जल संरक्षण पर एसईसीएल को सम्मान एसईसीएल को यह सम्मान खान जल के सदुपयोग के लिए किए जा रहे नवाचारपूर्ण प्रयासों के लिए मिला है। इस योजना के तहत खदानों से निकलने वाले पानी का उपयोग आसपास के क्षेत्रों में जल संकट को कम करने और स्थानीय किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराने में किया जा रहा है। कोरबा जिले की खदानों में भी जल संरक्षण के कई कार्य किए जा रहे हैं। यहां पानी को संग्रहित कर एक उचित व्यवस्था बनाई गई है, जिससे यह स्थानीय लोगों के निस्तार (दैनिक उपयोग) के काम आ रहा है। जल संरक्षण हमारी प्राथमिकता: हरीश दुहन इस अवसर पर एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने कहा, “जल संरक्षण हमारी प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है। एसईसीएल सतत और जिम्मेदार खनन के प्रति प्रतिबद्ध है, और खान जल का सदुपयोग इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से हम न केवल संसाधनों के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि आसपास के समुदायों, विशेषकर किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी कार्य कर रहे हैं।” एसईसीएल की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। किसानों को सिंचाई के लिए विश्वसनीय जल स्रोत मिलने से वे अब वर्ष में दो फसलें ले पा रहे हैं। इससे उनकी आय में वृद्धि हुई है और क्षेत्र में सतत जल प्रबंधन को भी मजबूती मिली है, जो समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंडला जिले के नेशनल हाईवे-30 पर बुधवार शाम एक ट्राले ने कार को टक्कर मार दी। मंडला-रायपुर रोड पर चिकलहा नाला के पास हुए इस हादसे में दो लोग घायल हो गए।टक्कर इतनी भीषण थी कि कार (MP20ZA4311) सड़क किनारे जा गिरी और क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद ट्राला चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, कार चालक सेव सिंह धुर्वे (48) और एक अन्य साथी बिछिया तहसील के जंतीपुर से मंडला की ओर जा रहे थे। तभी सामने से आ रहे अनियंत्रित ट्राले ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में कार चला रहे सेव सिंह को गंभीर चोट आई, जबकि एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ है। हाईवे हेल्पलाइन 1033 टीम ने पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही एनएचएआई की हाईवे हेल्पलाइन 1033 की टीम मौके पर पहुंची। ईएमटी रामचरण यादव और उनकी टीम ने घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद तत्काल बिछिया स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। समय पर मिली मदद से घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अज्ञात ट्राला चालक के खिलाफ मामला दर्ज बिछिया पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना करने के बाद अज्ञात ट्राला चालक के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर फरार वाहन की तलाश कर रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
ग्वालियर में बनेगी 'फायर सेफ्टी सेना':कलेक्टर की पहल पर अग्नि सुरक्षा के लिए हुआ जन-जागरूकता संवाद
ग्वालियर में अब आगजनी की घटनाओं से निपटने और उसके बचाव के लिए लोगो को जागृल करने “फायर सेफ्टी सेना” तैयार होगी,कलेक्टर की पहल पर अग्नि सुरक्षा को लेकर जन-जागरूकता संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ।इस दौरान समाज के सभी वर्गों ने ग्वालियर को अग्नि दुर्घटना से सुरक्षित रखने की शपथ ली। ग्वालियर में आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए अब एक बड़ा और संगठित कदम उठाया गया है। कलेक्टर की पहल पर शहर में “फायर सेफ्टी सेना” तैयार की जाएगी, जिसका उद्देश्य आम लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए प्रशिक्षित करना है। क्या है “फायर सेफ्टी सेना”? शहर के हर बाजार, मोहल्ले, स्कूल, कॉलेज और औद्योगिक संस्थानों से वॉलेंटियर चुने जाएंगे। इन वॉलेंटियर्स को अग्निशमन और बचाव का प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले से तैयार करीब 350 SDRF सेल्फ डिफेंस वॉलेंटियर भी इसका हिस्सा बनेंगे। कहां हुआ कार्यक्रम? अग्नि सुरक्षा पर यह संवाद कार्यक्रम राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने हिस्सा लिया। क्या सिखाया गया? अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) के सही उपयोग की जानकारी संवाद कार्यक्रम की जानकारी देते हुए ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने कहा कि जिस तरह सड़क दुर्घटना में पहला घंटा घायल व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए अस्पताल तक पहुँचाने का गोल्डन अवर होता है, उसी तरह अग्नि दुर्घटना में कुछ सेकेंड मिनट गोल्डन माने जाते हैं। हमें फायर ब्रिगेड के इंतजार में खड़े न रहकर आग बुझाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना चाहिए। इससे आग लगने की छोटी सी घटना को बड़ी घटना में तब्दील होने से रोका जा सकता है। पर इसके लिये शतप्रतिशत घरों और प्रतिष्ठानों में कोई न कोई अग्निशमन यंत्र होना,उनके इस्तेमाल के तरीके आना जरूरी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 29 से 31 मार्च तक ग्वालियर व्यापार मेला परिसर में अग्नि सुरक्षा मेला लगने जा रहा है, जिसमें अग्निशमन यंत्रों के इस्तेमाल की बारीकियां सिखाई जायेंगीं। साथ ही अग्निशमन यंत्र भी किफायती रेट पर खरीदे जा सकेंगे।
कुशीनगर में 7 वर्षीय मासूम से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में कोर्ट ने आरोपी पिंटू उर्फ कोयल को फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस जघन्य अपराध को रेयरेस्ट ऑफ रेयर श्रेणी में रखते हुए कड़ी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा, यह घटना न केवल न्यायिक चेतना को झकझोरती है, बल्कि पूरे समाज को स्तब्ध कर देती है। पढ़िए पूरा मामला… घटना 22 फरवरी की शाम की है। जटहा बाजार थाना क्षेत्र में मासूम गांव में डीजे देखने गया था, जहां से आरोपी चाचा उसे बहला-फुसलाकर ले गया। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म कर हत्या कर दी गई। साक्ष्य छिपाने के लिए शव को बांस के बखार में फेंक दिया गया था। वहीं जांच में सामने आया कि आरोपी, जो बच्चे का रिश्ते का चाचा था। उसे बहला-फुसलाकर सुनसान स्थान पर ले गया। इसके बाद घटना को अंजाम दिया। पहचान छिपाने के लिए उसने बच्चे की हत्या कर दी। आरोपी की निशानदेही पर अहम साक्ष्य बरामद हुए। फॉरेंसिक रिपोर्ट में दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि हुई। 15 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। मामले की सुनवाई तेजी से पूरी की गई। उसके बाद कोर्ट ने मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर मानते हुए आदेश दिया कि आरोपी को फांसी पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मौत न हो जाए। तेज सुनवाई करते हुए अदालत ने महज 13 कार्यदिवस में सजा सुनाकर एक मिसाल पेश की। कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में कड़ी सजा से ही समाज में भय पैदा होगा और अपराधों पर अंकुश लगेगा।
ग्वालियर में बुधवार को विशेष सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह की कार्य प्रणाली पर नाराजगी जाहिर की है। कोर्ट ने तीन बार पुलिस अधीक्षक को बुलाया, लेकिन एसपी ग्वालियर नहीं आए और अंत में मतलब शाम को संदेश आया कि कल (26 मार्च) दोपहर 12 बजे न्यायालय में उपस्थित रहेंगे। कोर्ट ने काफी नाराजगी जताई है और कोर्ट ने कहा कि यहां अलग ही कानून चल रहा है। धोखाधड़ी की FIR इनकी इजाजत के बिना नहीं हो रही है। यदि पुलिस अधीक्षक को कोर्ट में आने से परहेज है तो हमें भी कानून आता है। यह पूरा मामला ग्वालियर के चर्चित बन्हेरी गांव में हाल ही में फर्जी हत्या के प्रयास के मामले से जुड़ा है। उसी केस की सुनवाई के दौरान एसपी को ग्वालियर में तलब किया था। अक्टूबर 2023 में सरपंच की कर दी थी हत्या ग्वालियर के घाटीगांव सर्कल स्थित आरोन थाना क्षेत्र का बन्हेरी गांव पिछले तीन साल से काफी चर्चित रहा है। अक्टूबर 2023 में बन्हेरी गांव के सरपंच विक्रम सिंह रावत की ग्वालियर शहर में पड़ाव क्षेत्र में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद सरपंच समर्थकों ने आक्रोशित होते हुए आरोपी पक्ष और उनसे मेलजोल रखने वाले लोगों के घरों में आगजनी कर लूटपाट मचाई थी। जिसके चलते गांव से कई लोग पलायन कर बाहर चले गए। कुछ महीनों बाद गांव के लोग लौट आए और हमलावरों व आगजनी करने वालों पर मामला दर्ज कराया था। इसी मामले में 4 फरवरी 2026 को बन्हेरी गांव में एक गोलीकांड हुआ था। जिसमें फरियादी अजब सिंह रावत को पेट और कमर के बीच गोली लगी थी। जिसका आरोप उसने दूसरे पक्ष पर लगाया था। इस मामले में जब ग्वालियर पुलिस ने पड़ताल की तो मामला फर्जी निकला था। पिछले सप्ताह पुलिस ने फर्जी हत्या के प्रयास के मामले का खुलासा करते हुए फरियादी अजब सिंह और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बार-बार बुलाया ग्वालियर एसपी कोर्ट नहीं पहुंचे, समन जारी फर्जी गोली कांड के आरोपियों ने जिला न्यायालय में जमानत आवेदन लगाया। आवेदन में तर्क दिया कि घटना को फर्जी बताते हुए फरियादी व गवाहों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इसकी कोर्ट से इजाजत तक भी नहीं ली और न नई एफआईआर की। इस मामले पर कोर्ट ने नाराजगी जताई और जांच अधिकारी को तलब किया, लेकिन जांच अधिकारी नहीं आए। इसके बाद अपर लोक अभियोजक ने पुलिस अधीक्षक को फोन किया, लेकिन पुलिस अधीक्षक ने फोन नहीं उठाया। इसको लेकर कोर्ट ने नाराजगी जताई और पुलिस अधीक्षक को तलब किया। पुलिस अधीक्षक ने पहले अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को भेज दिया, लेकिन कोर्ट ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को वापस लौटा दिया। कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को समन जारी करते हुए दोपहर 2:50 बजे उपस्थित रहने के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक कोर्ट में नहीं आए। कोर्ट के अधिकारों का पुलिस के उपयोग करने पर नाराजगी कोर्ट ने पुलिस अधीक्षक को उपस्थिति के लिए समन जारी किया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में समन भेजा गया, लेकिन स्टेनो ने लेने से मना कर दिया। इसके बाद कोर्ट से वाट्सएप पर समन भेजा गया। इसको को समन तामील मानी गई। दोपहर 3:10 बजे पुलिस अधीक्षक की ओर से संदेश आया कि वह भितरवार में निरीक्षण के लिए आए हैं। शाम 4 बजे मैसेज आया कि आगजनी की घटना हुई थी। उसका भी मौका देखने गए हैं। व्यस्तता के कारण नहीं आ पा रहे हैं। इसके बाद कोर्ट ने जिला अभियोजन अधिकारी को बुलाया। उनसे कहा कि इन्हें कानून समझाइए। कानून में क्या लिखा है। क्या कर रहे हैं। यह पहला केस नहीं है। कई गोलीकांड में उन्होंने ऐसा ही किया है और यह अब परंपरा सी बन गई है। पुलिस अब कोर्ट के अधिकारों का उपयोग करने लगी है।
कोटा में 64 साल की बुजुर्ग महिला से बदमाश ने सोने और चांदी के गहने लूट लिए। बदमाश ने धार्मिक डर दिखाकर बुजुर्ग महिला को बातों में उलझा लिया। बदमाश ने महिला को विश्वास में लेने के बाद कहा- मंत्र जाप से पहले शरीर पर पहने सभी आभूषण उतारकर हाथ में रखो, तभी पूजा सफल होगी। सोने-चांदी के जेवर लेकर फरार हो गया। घटना केशवपुरा स्थित मुक्ति धाम पुलिया के पास की बताई जा रही है। मामला बुधवार शाम 7 बजे दादाबाड़ी थाने के इलाके में हुआ। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के बेटे रवि सोनी ने बताया- मेरी मां निर्मला सोनी काल भैरव मंदिर पर दर्शन करने गई थीं। दर्शन कर लौटते समय रास्ते में बदमाश ने उन्हें रोक लिया। उसने कहा कि उनके बेटे और पोते पर बड़ी विपदा आने वाली है और उससे बचने के लिए विशेष मंत्र का 11 बार जाप करना होगा। आभूषण उतारकर हाथ में रखो, तभी पूजा सफल होगीबदमाश ने महिला को विश्वास में लेने के बाद कहा- मंत्र जाप से पहले शरीर पर पहने सभी आभूषण उतारकर हाथ में रखो, तभी पूजा सफल होगी। महिला उसके झांसे में आ गई और अपने गले का मंगलसूत्र, कानों के टॉप्स, सोने की चैन और सोने-चांदी की अंगूठियां उतारकर हाथ में रख ली। इसी दौरान आरोपी मौका देखकर सभी जेवर लेकर फरार हो गया। महिला घर पहुँची तो परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद उनके बेटे रवि सोनी ने दादाबाड़ी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज दादाबाड़ी थाने के एएसआई घासीलाल गुर्जर ने बताया- महिला और उसके बेटे की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और उसी के आधार पर आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर अपने आभूषण या पैसे न दें और संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।
छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा पर बरने नदी में अवैध रेत खनन के दौरान एक युवक की हत्या के मामले में दो पुलिसकर्मी 20 दिन बाद भी फरार हैं। घटना के बाद से रेत घाट पर सन्नाटा पसरा हुआ है। यह घटना 3 मार्च को छत्तीसगढ़ के केल्हारी थाना क्षेत्र के ग्राम पसौरी स्थित रेत घाट पर हुई थी। यहां मजदूरों का एक समूह ट्रैक्टर से रेत लेने पहुंचा था। इसी दौरान मध्यप्रदेश के शहडोल जिले की दर्शीला पुलिस चौकी से दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और रेत परिवहन पर आपत्ति जताई। ड्राइवर की पीट-पीटकर हत्या बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। इसके बाद पुलिसकर्मियों सहित तीन आरोपियों ने ट्रैक्टर ड्राइवर सोनू चक्रधारी के साथ बेरहमी से मारपीट की। पहले उसे डंडों से पीटा गया और फिर उसके सिर पर बेलचा से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। दो पुलिसकर्मियों सहित तीन पर हत्या का केस दर्ज घटना के बाद केल्हारी थाना में मध्यप्रदेश के दो पुलिसकर्मियों सहित तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। कार्रवाई करते हुए दर्शीला चौकी प्रभारी को लाइन अटैच कर दिया गया है, जबकि दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। आरोपी पुलिसकर्मी अब भी फरार पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी मधु जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, प्रधान आरक्षक नितिन शुक्ला और आरक्षक राजू प्रजापति अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। इधर, इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग तेज कर दी है। वहीं, एमसीबी की एसपी रत्ना सिंह ने कहा है कि फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस ने नशा तस्करी के आरोपी को गिरफ्तार किया है। एवीटी स्टाफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार किए गए युवक के पास से 404 ग्राम चरस बरामद की है। एसीपी सुरेन्द्र सिंह ने बताया कि एवीटी स्टाफ इन्चार्ज इंस्पेक्टर सुनील कुमार की अगुवाई में गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने मनसा देवी स्थित गैस गोदाम के पास दबिश दी और संदिग्ध युवक को काबू किया। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से 404 ग्राम चरस बरामद हुई। आरोपी की पहचान नवाब निवासी मनीमाजरा (चंडीगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ थाना मनसा देवी में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 के तहत केस दर्ज कर लिया। 3 दिन के रिमांड पर आरोपी डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नवाब ट्राई सिटी क्षेत्र में चरस की सप्लाई करता था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। रिमांड के दौरान आरोपी से गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि वह चरस कहां से लाता था और इस अवैध धंधे में उसके साथ और कौन-कौन शामिल हैं।
चैत्र नवरात्र के दौरान काशी में एक ऐसी परंपरा निभाई जाती है, जिसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। जलती चिताओं और महाश्मशान मणिकर्णिका घाट के बीच नगर वधुएं पूरी रात नृत्य कर अपनी नृत्यांजलि अर्पित करती हैं। मान्यता है कि इस परंपरा के माध्यम से वे अपने अगले जन्म को बेहतर बनाने की कामना करती हैं। बाबा का भजन दुर्गा दुर्गति नाशिनी, दिमिग दिमिग डमरू कर बाजे, डिम डिम तन दिन दिन तू ही तू जगबक आधार तू, ओम नमः शिवाय, मणिकर्णिका स्रोत, खेले मसाने में होरी के बाद दादरा, ठुमरी, व चैती गाकर बाबा के श्री चरणों में अपनी गीतांजलि अर्पित की। इनके बाद काशी का प्रसिद्ध सुमधुर गायन औम मंगलम औमकार मंगलम, बम लहरी बम बम लहरी जैसे भजनों से भक्तों को झुमने पर मजबूर कर दिया। मणिकर्णिका घाट पर चैत्र नवरात्र की षष्ठी तिथि की रात ऐसा ही अद्भुत दृश्य देखने को मिला। जलती चिताओं के बीच नगर वधुओं ने नृत्य प्रस्तुत किया और पूरी रात जागरण चलता रहा। इस अनोखी परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग घाट पर मौजूद रहे। 350 साल से निभाई जा रही परंपराकाशी के महाश्मशान से जुड़ी यह परंपरा करीब 350 वर्षों से भी अधिक पुरानी बताई जाती है। माना जाता है कि यहां किया गया हर धार्मिक कार्य मोक्ष की राह खोलता है। इसी मान्यता के चलते नगर वधुएं भी यहां नृत्य कर भगवान से अपने जीवन और अगले जन्म के लिए मुक्ति की कामना करती हैं। 4 तस्वीरें देखिए… राजा मानसिंह के समय शुरू हुई परंपराइस आयोजन के बारे में महाश्मशान नाथ मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता बताते हैं कि यह परंपरा राजा मानसिंह के समय से चली आ रही है। उस दौर में जब बाबा के मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया, तब मंदिर में संगीत कार्यक्रम के लिए कोई भी कलाकार आने को तैयार नहीं था। हिंदू धर्म में हर पूजन और शुभ कार्य में संगीत का विशेष महत्व होता है, इसलिए यह स्थिति चिंता का विषय बन गई। नगर वधुओं ने आगे बढ़कर निभाई जिम्मेदारीजब कोई कलाकार तैयार नहीं हुआ तो यह संदेश धीरे-धीरे पूरे शहर में फैल गया और काशी की नगर वधुओं तक भी पहुंचा। उन्होंने राजा मानसिंह तक यह संदेश भिजवाया कि यदि उन्हें अनुमति दी जाए तो वे अपने आराध्य नटराज को नृत्य अर्पित कर सकती हैं। नगर वधुओं की यह भावना देखकर राजा मानसिंह ने उन्हें आमंत्रित किया। तब से यह परंपरा लगातार चली आ रही है। आज भी खुद पहुंचती हैं नगर वधुएंकहा जाता है कि नगर वधुओं के मन में यह विश्वास है कि अगर वे इस परंपरा को निभाती रहेंगी तो उन्हें इस जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलेगी। यही कारण है कि आज भी चाहे वे कहीं भी हों, चैत्र नवरात्र के दौरान वे काशी पहुंचकर महाश्मशान में नृत्यांजलि अर्पित करती हैं। इस श्रृंगार महोत्सव के प्रारंभ के बारे में विस्तार से बताते हुए गुलशन कपूर ने कहा- यह परम्परा सैकड़ों वर्षों से चला आ रहा है। जिसमें यह कहा जाता हैं कि राजा मानसिंह द्वारा जब बाबा के इस मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था। तब मंदिर में संगीत के लिए कोई भी कलाकार आने को तैयार नहीं हुआ था। इसी कार्य को पूर्ण करने के लिए जब कोई तैयार नहीं हुआ तो राजा मानसिंह काफी दुःखी हुए, और यह संदेश उस जमाने में धीरे-धीरे पूरे नगर में फैलते हुए काशी के नगर वधूंऔ तक भी जा पहुंचा तब नगर वधूओं ने डरते डरते अपना यह संदेश राजा मानसिंह तक भिजवाया कि यह मौका अगर उन्हें मिलता हैं। काशी की सभी नगर वधूएं अपने आराध्य संगीत के जनक नटराज महाश्मसानेश्वर को अपनी भावाजंली प्रस्तुत कर सकती है। -------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… मैंने तुझसे बेपनाह प्यार किया, लेकिन तूने कदर नहीं की:मौत से पहले फेसबुक पर बनाया VIDEO, मैनपुरी में कारपेंटर ने फांसी लगाकर किया सुसाइड मैनपुरी में पत्नी की प्रताड़ना से तंग आकर एक कारपेंटर ने फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया। मरने से कुछ ही दिन पहले उसने फेसबुक पर दो वीडियो भी पोस्ट किये। जिसमें उसने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए। वीडियो में कारपेंटर ने कहा- मेरी जिंदगी तबाह करने वाली.. मैं तो तुझसे बेपनाह प्यार किया था, पर तूने मेरे प्यार की क्रद नहीं जानी। मैंने तुझसे मांगा भी क्या था। पूरी खबर पढ़िए…
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा कल जोधपुर आएंगे। CM धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 10:45 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। इसके बाद वे राजाराम आंजणा आश्रम, शिकारपुरा पहुंचकर संत राजाराम जी महाराज की समाधि के दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री शर्मा राजाराम आंजणा आश्रम ट्रस्ट, शिकारपुरा में आयोजित संत राजाराम महाराज के 144वें जन्मोत्सव कार्यक्रम में भाग लेंगे। दोपहर 12:40 बजे शिकारपुरा हेलीपैड से रवाना होकर 12:50 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। दोपहर 1 बजे घंटाघर, नई सड़क क्षेत्र में आयोजित राम नवमी शोभायात्रा में आएंगे। कार्यक्रम के बाद दोपहर 1:35 बजे जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और जयपुर के लिए रवाना होंगे। घंटाघर से रवाना होगी रामनवमी की शोभायात्रा शहर में रामनवमी के मौके पर कल सुबह 10:15 बजे पूजा अर्चना के बाद विराट शोभायात्रा घंटाघर से निकाली जाएगी, जो भीतरी शहर के मुख्य बाज़ार होते हुए जालोरी गेट, गोल बिल्डिंग, बी रोड होते हुए सरदारपुरा के सत्संग भवन पहुंचकर संपन्न होगी। शोभा यात्रा में उत्तर से लेकर दक्षिण भारत की संस्कृति की झलक भी देखने को मिलेगी। इसके अलावा, सामाजिक जागरूकता का संदेश देती झांकियां भी शामिल होंगी। विश्व हिंदू परिषद के तत्वावधान में पिछले 42 वर्षों से इस शोभायात्रा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कई संत भी शामिल होंगे। गुरुवार की दोपहर ठीक 12:00 बजे घंटाघर में बने मंच पर प्रभु राम लला का प्रगट उत्सव मनाया जाएगा। इसके साथ ही, इसमें 30 अखाड़े भी शामिल होंगे जो हैरतअंगेज़ करतब करते हुए नज़र आएँगे। वहीं, 45 से अधिक प्रखंडों से भगवा रैली भी शामिल होगी। शोभायात्रा के दौरान ये रहेगी यातायात की व्यवस्था 1. शोभायात्रा के दौरान घण्टाघर की तरफ किसी भी प्रकार का वाहन नहीं आ-जा सकेगा। इस तरफ केवल पैदल व्यक्ति ही आ-जा सकेगें। रूट संख्या 6 व 10 की सिटीबसों का आवागमन घण्टाघर की ओर बन्द रहेगा। 2. नई सडक से घटाघर शोभा यात्रा में सम्मिलित होने वाले वाहनो के अलावा सभी प्रकार के वाहनो का प्रवेश निषेध है। 3. माणक चौक से कदोई बाजार,त्रिपोलिया से कन्दोई बाजार,आडा बाजार से सीटी पुलिस तिराया,बालवाडी से आडा बाजार की तरफ शोभायात्रा के दौरान सभी प्रकार के वाहनो का प्रवेश बंद रहेगा । 4. शोभायात्रा के दौरान सिरे बाजार घण्टाघर से आडाबाजार होते हुए जालोरीगेट तक सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा। 5. शोभायात्रा का अगला सिरा बालवाड़ी पहुंचने पर शनिश्चरजी का थान, पांचवी रोड की तरफ से आने वाले यातायात को पांचवी रोड,12वीं रोड व रेजीडेसी की तरफ डाईवर्ट किया जायेगा। इसी प्रकार नई सड़क चौराहा से जालोरीगेट की तरफ जाने वाला यातायात पुरी तिराहा,रेल्वे स्टेशन,ओलम्पिक तिराहा,तारघर गोड़,गेहता भवन,जलजोग होते हुए 12वीं रोड़ की तरफ संचालित होगा। 6. शनिश्चर जी का थान से जालोरीगेट एम.जी.एच. से जालोरीगेट,ओलम्पिक तिराहा से जालोरीगेट व जालोरीगेट से गोल बिल्डिंग तक शाोभायात्रा के सत्संग भवन में प्रवेश करने तक शोभायात्रा में सम्मिलित होने वाले वाहन ही आ-जा सकेगें । यह प्रतिबन्ध मरीजों के अस्पताल आने-जाने पर लागू नहीं होगा।
बलिया में मां को बचाने कूदे बीटेक छात्र की मौत:रस्सी टूटने से सिर टकराया, इलाज के दौरान दम तोड़ा
बलिया के गड़वार थाना क्षेत्र के बड़सरी गांव में बुधवार को एक घटना में मां को बचाने के प्रयास में एक बीटेक छात्र की जान चली गई। कुएं में गिरी मां को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन बेटे की मौत हो गई। बड़सरी गांव निवासी छोटेलाल राम की पत्नी सुभावती देवी, जिनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है, बुधवार को घर से निकलकर गड़वार-रतसर मार्ग स्थित आरडी विद्यालय के पास पहुंच गई थीं। इसी दौरान वह अचानक पास के एक कुएं में गिर गईं। परिजनों ने सुभावती देवी को ढूंढना शुरू किया और उसी स्थान पर पहुंचे। वहां खेल रहे बच्चों से पूछताछ करने पर उन्होंने कुएं से आवाज आने की बात बताई। परिजनों ने कुएं में देखा तो सुभावती देवी अंदर गिरी हुई थीं। इसके बाद सुभावती देवी के 23 वर्षीय बेटे मुन्ना ने मां को बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी। उसने रस्सी से मां को बांधकर ऊपर खींच लिया। जब मुन्ना को ऊपर खींचा जा रहा था, तभी अचानक रस्सी टूट गई और उसका सिर कुएं की दीवार से टकरा गया। इस हादसे में मुन्ना गंभीर रूप से घायल हो गया। कुछ युवकों ने कुएं में उतरकर मुन्ना को बाहर निकाला। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बुधवार देर शाम मुन्ना का अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि मुन्ना ने 2024 में लखनऊ से बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसका बड़ा भाई मन्नू राम दिल्ली में सीपीडब्ल्यूडी विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत है, जबकि छोटा भाई विवेक इलाहाबाद में सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा है। मुन्ना की चार बहनों में से एक की शादी हो चुकी है। उसके पिता एक निजी शिक्षक थे।
बड़वानी SP पद्मविलोचन शुक्ल ने बुधवार को कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम सेंगाव में पुलिस चौपाल का आयोजन किया। चौपाल में एसपी ने ग्रामीणों की समस्याओं को व्यक्तिगत रूप से सुना और उनके प्रभावी समाधान के लिए अधिकारियों को मौके पर ही निर्देश दिए। साइबर धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' से बचने की सलाह एसपी शुक्ल ने ग्रामीणों को एटीएम कार्ड के सुरक्षित उपयोग और अज्ञात फोन कॉल से बचने के तरीके बताए। उन्होंने टावर लगाने, बैंक लोन और इनाम के नाम पर होने वाली ठगी के साथ-साथ 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे नए अपराधों के प्रति सचेत किया। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता नंबर या आधार कार्ड की जानकारी साझा न करें। हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील यातायात नियमों पर चर्चा करते हुए एसपी ने हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की। उन्होंने स्थानीय दुर्घटनाओं का उदाहरण देते हुए समझाया कि बिना हेलमेट के सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि सुरक्षा उपकरण केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन बचाने के लिए जरूरी हैं। बोले- संदिग्धों की सूचना तत्काल पुलिस दें चौपाल में महिलाओं, बच्चों और थर्ड जेंडर के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। एसपी ने ग्रामीणों से अपील की कि गांव में आने वाले किसी भी संदिग्ध फेरीवाले या मुसाफिर की जानकारी तुरंत थाने या कंट्रोल रूम के नंबर पर दें। उन्होंने कहा कि आमजन के सहयोग से ही कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में एएसपी धीरज बब्बर, एसडीओपी दिनेश सिंह चौहान और थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। SP पद्मविलोचन शुक्ल ने कहा- पुलिस एक मित्र की तरह जनता की सेवा के लिए उपलब्ध है। जनसुरक्षा सुनिश्चित करने और समस्याओं के समयबद्ध निराकरण के लिए भविष्य में भी नियमित अंतराल पर ऐसी चौपालों का आयोजन किया जाता रहेगा।
राज्य नाट्य समारोह में हास्य नाटक 'दिल की दुकान':लखनऊ में मंचित, परिवार में सामंजस्य का दिया संदेश
लखनऊ के गोमतीनगर स्थित संत गाडगे जी महाराज ऑडिटोरियम में राज्य नाट्य समारोह की दूसरी संध्या हास्य से भरपूर रही। बुधवार को कानपुर की अनुभूति नाट्य इकाई ने लोकप्रिय हास्य नाटक ‘दिल की दुकान’ का मंचन किया। रतन सिंह राठौर द्वारा निर्देशित इस नाटक को दर्शकों ने खूब सराहा और इसने हंसी के माध्यम से परिवार में सामंजस्य का महत्वपूर्ण संदेश दिया। नाटक की कहानी एक अनोखी दुकान के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ लोग अपनी पसंद का ‘दिल’ खरीद सकते हैं। इसकी शुरुआत एक कंजूस पति से होती है, जिसकी आदतों से तंग आकर पत्नी उसका दिल बदलकर ‘बादशाह’ का दिल लगवा देती है। इसके बाद पति खुद को सचमुच बादशाह समझने लगता है और बेतहाशा पैसे खर्च करने लगता है, जिससे परिवार के लिए नई समस्याएँ खड़ी हो जाती हैं। दिल बदलकर उसे ‘लैला’ जैसा बना दिया जाता है इसी तरह, एक झगड़ालू पत्नी का दिल बदलकर उसे ‘लैला’ जैसा बना दिया जाता है, जिसके बाद वह हर समय प्यार का इजहार करने लगती है। यह बदलाव भी पति के लिए परेशानी का सबब बनता है। एक अन्य प्रसंग में, एक शराबी पति का दिल ‘महात्मा’ जैसा कर देने पर वह अपनी पत्नी को ‘माता’ कहकर उससे दूरी बना लेता है। इन सभी घटनाओं के माध्यम से नाटक ने यह दर्शाया कि कृत्रिम परिवर्तन समस्याओं का समाधान नहीं, बल्कि उन्हें और बढ़ा सकते हैं। अंततः, जब सभी पात्रों को उनके असली दिल वापस मिलते हैं, तब कहानी एक सुखद मोड़ लेती है। नाटक यह संदेश देता है कि रिश्तों में संतुलन और आपसी समझ ही सबसे महत्वपूर्ण है। कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का मनोरंजन कराया मंच पर कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से दर्शकों का मन मोह लिया। मुरारी गौड़, अंकिता चौधरी, श्याम मनोहर तिवारी, मीत कमल द्विवेदी, योगेंद्र श्रीवास्तव, प्रिया वर्मा, वलीउल्लाह खॉन, हंसशिखा, अक्षय इनैमुअल सिंह और शेखर यादव ने अपने किरदारों को जीवंतता प्रदान की और दर्शकों को खूब हँसाया। मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और ध्वनि संयोजन सहित पूरी प्रस्तुति ने नाटक को बेहद प्रभावशाली बना दिया।
उदयपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ढीकली में स्थित बाबा रामदेव मंदिर का 13वां पाटोत्सव 26 मार्च को धूमधाम से मनाया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा को लेकर मंगलवार को श्रीरामदेव मंदिर सेवा समिति की बैठक ढीकली स्थित मंदिर परिसर में हुई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के प्रबुद्धजनों की भागदीरी रही। मेला संयोजक लक्ष्मण मेघवाल ने बताया कि कार्यक्रम की दिनभर धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शुरुआत दोपहर 3.15 बजे शोभायात्रा व कलश यात्रा से होगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे। इसके बाद शाम 6 बजे से समाज का मेला जुटेगा। रात 8 बजे से भक्ति समारोह होगा, वहीं 8.30 बजे से भजन संध्या और रात्रि जागरण होगा। रात 9.30 बजे प्रतिमा सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में संतों का सानिध्य रहेगा। बालकनाथजी की उपस्थिति विशेष आकर्षण होगी। इसके साथ ही “एक शाम श्री बाबा रामदेव के नाम” सांस्कृतिक प्रस्तुति भी दी जाएगी, जिसमें प्रदेश के ख्यातनाम भजन कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। आयोजन में शहरभर और आसपास के गांवों से भी समाजजन जुटेंगे। शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया है। पूरे आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और भव्य सजावट की जा रही है।
लखनऊ में जीपीओ स्थित गांधी प्रतिमा पर मर्चेंट नेवी नाविकों को श्रद्धांजलि दी गई। मध्य पूर्व एशिया में जारी संघर्ष के दौरान जान गंवाने वाले भारतीय मर्चेंट नेवी नाविकों की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा हुई । जिसमें सामाजिक संगठनों के साथ समुद्री क्षेत्र से जुड़े व्यक्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मृतक नाविकों को श्रद्धांजलि अर्पित की उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान रोहित रमवापुरी ने कहा कि मर्चेंट नेवी के नाविक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन संकट के समय इन्हें वह सुरक्षा और सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं। सरकार को तत्काल ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। अखिल भारतीय संगठन के आलोक चांटिया ने कहा कि यह केवल एक समुद्री हादसा नहीं बल्कि एक मानवीय संकट है। मृत नाविकों के परिवारों को आर्थिक सहायता, शिक्षा और रोजगार की गारंटी मिलनी चाहिए। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। कैप्टन हैदर ने अपने वक्तव्य में कहा कि मध्य पूर्व एशिया जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में मर्चेंट नेवी कर्मियों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट और सख्त प्रोटोकॉल होना चाहिए। बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के जहाजों को भेजना नाविकों के जीवन के साथ जोखिम है। सरकार से मांग किया कि मृत नाविकों के पार्थिव शरीरों को शीघ्र भारत लाया जाए तथा उनका अंतिम संस्कार पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ किया जाए। साथ ही प्रत्येक प्रभावित परिवार को ₹1 करोड़ का मुआवजा, बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा , आश्रितों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए।
सहारनपुर के होटल में लगी आग:पूजा के दीपक से हादसा , सभी लोग सुरक्षित, रेस्क्यू जारी
सहारनपुर के रेलवे रोड स्थित एक प्रसिद्ध होटल में बुधवार देर शाम आग लग गई। आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर काबू पा लिया गया। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, होटल के एक कमरे में स्टाफ पूजा कर रहा था। इसी दौरान जल रहे दीपक की लौ से पास रखे कपड़ों में आग लग गई। शुरुआत में छोटी दिखने वाली यह आग कुछ ही मिनटों में फैलकर विकराल हो गई। आग फैलते ही होटल में हड़कंप मच गया और वहां मौजूद लोग घबराकर बाहर की ओर भागे। होटल स्टाफ ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सके। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर कर्मियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और होटल में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। एहतियात के तौर पर पूरे होटल को खाली करा लिया गया था। मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) तेज प्रताप सिंह ने बताया कि टीम को सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंच गए थे और समय रहते आग पर नियंत्रण कर लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, जो एक बड़ी राहत की बात है। हालांकि, आग लगने से कमरे और उसमें रखे सामान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। फिलहाल, आग लगने के सही कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। घटना के बाद कुछ समय तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन अब हालात पूरी तरह सामान्य हैं। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की, जिससे एक बड़े हादसे को टाला जा सका।
जयपुर ईस्ट के कानोता थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बुधवार को फायरिंग की वारदात का महज 12 घंटे में खुलासा कर आरोपी आकाश जोगी (19) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार 25 मार्च की रात करीब 12:30 बजे इंदिरा गांधी नगर स्थित एक मकान में आरोपी आकाश जोगी का अपनी पत्नी से झगड़ा हो रहा था। उसी दौरान अन्य किरायेदार मनीष शर्मा ने बीच-बचाव किया तो आरोपी ने उस पर जानलेवा फायरिंग कर दी। गोली मनीष शर्मा के पैर में लगी, जिससे वह घायल हो गया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। इस संबंध में मामला दर्ज कर पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। ऐसे दबोचा आरोपी डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने रातभर आरोपी के परिचितों से पूछताछ की और शहर में कई जगह दबिश दी। 50 से अधिक CCTV कैमरों की जांच के बाद आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई। आरोपी पुलिस को चकमा देने के लिए पहले रेलवे स्टेशन और फिर जगतपुरा की ओर भागा। बाद में सूचना मिलने पर पुलिस टीम खोनागोरियान इलाके में पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी मोटरसाइकिल से भागने लगा, लेकिन सीबीआई फाटक के पास उसकी बाइक फिसल गई। हादसे में आरोपी का एक हाथ और एक पैर फ्रैक्चर हो गया, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। हथियार बरामद तलाशी के दौरान आरोपी के पास से घटना में काम लिए गए दो अवैध देशी कट्टे और जिंदा कारतूस बरामद किए गए। हथियारों की खरीद-फरोख्त को लेकर आरोपी से पूछताछ जारी है। मकान मालिक पर भी कार्रवाई जांच में सामने आया कि आरोपी किराए पर रह रहा था, लेकिन मकान मालिक द्वारा उसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया था। इस पर मकान मालिक रूप लाल योगी के खिलाफ भी मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आलोक सिंघल के निर्देशन और सहायक पुलिस आयुक्त विनय कुमार डी.एच. के सुपरविजन में थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई।
बरगी थाना के फडिंगो क्लब में आज शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां पर अचानक ही भीषण आग लग गई। जानकारी लगते ही क्लब में मौजूद कर्मचारी वहां से बाहर निकल आए। कुछ ही देर बाद बरगी थाना पुलिस के साथ फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और मुश्किल से क्लब में लगी आग को बुझाया। बताया जा रहा है कि क्लब वासु गुप्ता नाम के व्यक्ति का है, जिसका घटना के बाद से ही मोबाइल बंद है। जानकारी के मुताबिक क्लब में काम करने वाला एक कर्मचारी गायब है, माना जा रहा है कि संभवता उसकी जलने से मौत हो गई हो, हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि लापता कर्मचारी कौन है और उसका नाम क्या है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी, जिसके बाद पूरा क्लब जल गया। फायर बिग्रेड में पदस्थ सहायक अधीक्षक राजेंद्र पटेल ने बताया कि शाम करीब 6 बजे सूचना मिली थी कि बरगी के पास स्थित फडिंगो एडवेंचर एरीना में आग लग गई है। फौरन मौके पर 4 दमकल की बड़ी गाड़ियां भेजी और करीब दो घंटे तक लगातार आग को बुझाने का प्रयास किया, और सफलतापूर्वक आग को बुझा दिया गया है। कुछ लोग बता रहे थे कि एक कर्मचारी मिल नहीं रहा है, जिसे जले हुए क्लब के अदंर तलाश भी किया गया पर वह नहीं मिला।
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चल रही सतर्कता के बीच एक अहम मामला सामने आया है। 24 मार्च 2026 को गाड़ी संख्या 12108 सीतापुर जंक्शन–मुम्बई लोकमान्य तिलक टर्मिनस सुपरफास्ट एक्सप्रेस में झांसी स्टेशन पर फर्जी टीटीई बनकर यात्रियों को गुमराह करने वाले एक व्यक्ति को पकड़ लिया गया। ड्यूटी के दौरान हुआ खुलासा टिकट चेकिंग के दौरान टीटीई जितेन्द्र सिंह, धर्मेन्द्र यादव और दिलीप शर्मा को एक व्यक्ति संदिग्ध स्थिति में मिला। वह खुद को कानपुर सेंट्रल का चेकिंग स्टाफ बताकर यात्रियों से बातचीत कर रहा था और शक पैदा कर रहा था। पहचान पत्र जांच में खुली पोल संदेह होने पर टीम ने उसके पहचान पत्र और दस्तावेजों की जांच की। जांच में पाया गया कि वह व्यक्ति पूरी तरह फर्जी है और टीटीई बनकर यात्रियों को ठगने की कोशिश कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया। मंडल रेल प्रबंधक, लखनऊ मंडल ने टीम की तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस तरह की कार्रवाई से अपराध पर अंकुश लगता है और यात्रियों का भरोसा मजबूत होता है।
विश्व हिंदू परिषद की बैठक:रामनवमी, हनुमान जयंती शोभायात्रा की तैयारियों पर मंथन
मथुरा के किशोर कुंज पदमपुरी में बुधवार शाम विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें आगामी रामनवमी और हनुमान जयंती पर निकलने वाली शोभायात्राओं की तैयारियों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय प्रतिनिधि शामिल हुए। पदाधिकारियों ने शोभायात्रा को सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग से कराने पर जोर दिया। कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और धार्मिक उत्साह बढ़ाने का आह्वान किया गया। सभी को जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन करते हुए समयबद्ध तरीके से कार्य करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान शोभायात्रा के मार्ग, समय-निर्धारण, झांकियों की रूपरेखा और अन्य व्यवस्थाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। पेयजल, चिकित्सा सहायता, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं को प्राथमिकता दी गई। संबंधित टीमों को इनकी जिम्मेदारी सौंपी गई। पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता और एकता का भी संदेश देगा। बैठक में प्रांत संगठन मंत्री राजेश के साथ कन्हैया अग्रवाल, नितिन चौधरी, गोकुलेश गौतम और उमाशंकर ने अपने विचार प्रस्तुत किए। सभी ने सामूहिक रूप से कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया और समाज के अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
पाली में बुधवार शाम को पणिहारी चौराहे के निकट सड़क किनारे एक केबिन में रखे गैस सिलेंडर में आग लग गई। जिसे देखने के लिए कई जगह वहां जमा हो गए। दमकलकर्मी भी आग बुझाने पहुंचे। इस दौरान सिलेंडर में तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया। करीब 10 कदमों की दूरी पर खड़े फायर मैन ने जमीन पर लेटकर अपनी जान बचाई। लेकिन उनके पास खड़ा एक युवक आग की चपेटों की चपेट में आने से झुलस गया। जिसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिल लाया गया। जानकारी के अनुसार पाली के पणिहारी चौराहे के निकट घीसाराम नाम के व्यक्ति की गैस वेल्डिंग की केबिन है। केबिन बंद कर वह घर चला गया। लेकिन कुछ देर बाद ही उसमें आग लग गई। सूचना पर दमकलकर्मी आग बुझाने पहुंचे। फायरमैन पारख गहलोत केबिन से करीब 10 कदमों की दूरी पर थे और उनके पास करण पुत्र जीणाराम खड़ा था। जो केबिन में लगी आग देख रहा था। इस दौरान अचानक सिलेंडर में ब्लास्ट हो गया। समय रहते फायरमैन पारस गहलोत जमीन पर लेट गए। लेकिन उनके पास खड़ा करण नाम का युवक तेज आग की चपटों में झुसल गया। जिसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाए। आग से उसका चेहरा जला। वह उधर से गुजर रहा था। जो आग की घटना को देख रहा था और खुद हादसे का शिकार हो गया।
जिला उपभोक्ता आयोग, जयपुर द्वितीय ने तीसरी बार सलमान खान को जमानती वारंट से तलब किया हैं। आयोग अध्यक्ष ग्यारसी लाल मीणा, सदस्य अजय कुमार और सदस्य सुप्रिया अग्रवाल की पीठ ने सलमान खान को वारंट तामील कराने के लिए डीजीपी को तत्काल एक विशेष टास्क फोर्स गठन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा कि यह टास्क फोर्स व्यक्तिगत रूप से मुंबई जाकर सलमान खान पर वारंट की तामील करना सुनिश्चित करे। अदालत ने परिवादी योगेंद्र सिंह बडियाल के अवमानना प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए सलमान खान को 6 अप्रेल को जमानती वारंट से तलब किया हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया था कि 6 जनवरी 2026 को आयोग की ओर से रोक लगाए जाने के बाद भी राजश्री पान मसाला का प्रचार और विज्ञापन जारी है। यह आयोग की अवमानना है। कानून से ऊपर कोई नहीं अदालत ने अपने आदेश में कहा कि सेलिब्रिटी स्टेटस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का विशेष अधिकार प्रदान नहीं करता हैं। बार-बार वारंट जारी होने के बावजूद कोर्ट में उपस्थित न होना और वारंट की तामील में बाधा उत्पन्न करना कानून का मजाक उड़ाना है, जिससे उपभोक्ताओं का न्याय प्रणाली से विश्वास डगमगाता है। आयोग ने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया कि इस बार वारंट की तामील हर हाल में सुनिश्चित की जाए। आयोग ने लगाई थी प्रचार-विज्ञापन पर रोकपरिवाद में कहा गया था कि राजश्री पान मसाला कंपनी व राजश्री पान मसाले के ब्रांड एंबेसडर बॉलीवुड स्टार सलमान खान द्वारा 'केसर युक्त इलायची' व 'केसर युक्त पान मसाला' के नाम पर भ्रामक विज्ञापन किया जा रहा है। इस पर अदालत ने 6 जनवरी 2026 को इसके प्रचार और विज्ञापन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। इसके बावजूद 9 जनवरी को जयपुर, कोटा और अन्य शहरों में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर विज्ञापन जारी रखे गए। यह आयोग की अवमानना हैं।
गोरखपुर में Silent Stars का सम्मान:JCI स्वराज ने स्टाफ नर्सों के सेवा कार्य को सराहा, दी पहचान
गोरखपुर के जेसीआई स्वराज की ओर से समाज सेवा और मानवता के प्रति समर्पित नर्सों के सम्मान में 'स्वराज समर्पण सम्मान– सैल्यूट द साइलेंट स्टार्स' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नर्सों को सम्मानित किया गया। यह आयोजन फातिमा हॉस्पिटल में किया गया था। जिसमें हॉस्पिटल के सभी स्टाफ नर्सों को स्पेशल फील करवाने के लिए एक शानदार प्रोग्राम का आयोजित हुआ। जिसमें सभी नर्सों का फूलों से स्वागत किया गया। उसके बाद स्टेज पर बुलाकर उन्हें अवार्ड दिया गया। मेंबर्स ने कहा- नर्सों के अमूल्य योगदान स्वराज मेंबर्स का कहना है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों के अमूल्य योगदान को पहचान देना और उन्हें प्रोत्साहित करना है। यह पहल समाज के उन “Silent Stars” को सम्मानित करने का एक प्रयास है, जो बिना किसी अपेक्षा के निरंतर सेवा में समर्पित रहते हैं। इस दौरान संस्था की सदस्य कविता आहूजा, कविता सिंघल, ऋचा जायसवाल, कविता गोयल की, प्रतिमा अग्रवाल की महत्वपूर्ण भूमिका रहीं ।
देवरिया जिले के खामपार थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में घायल हुए युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। बुधवार शाम को हुई इस घटना से परिजनों और गांव में शोक का माहौल है। खैराट गांव निवासी 21 वर्षीय अजय कुमार पुत्र रामप्यारे प्रसाद भाटपाररानी-पिपरहिया मार्ग पर घर लौटते समय दुर्घटना का शिकार हो गए थे। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। गंभीर हालत में उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान बुधवार शाम को अजय कुमार ने दम तोड़ दिया। युवक की असामयिक मृत्यु से परिवार में गहरा दुख है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में भी शोक व्याप्त है और लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, अजय कुमार मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे। उनकी अचानक मौत से ग्रामीण स्तब्ध हैं।
चंडीगढ़ सेक्टर-9 स्थित कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में पेड़ गिरने से हुई दर्दनाक घटना पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यूटी प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने साफ कहा कि अपील लंबित होने का बहाना बनाकर राहत देने में देरी नहीं की जा सकती। डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया कि मृत छात्रा के पिता को 1 करोड़ रुपये और गंभीर रूप से घायल छात्रा, जिसका हादसे में हाथ कट गया था, को 50 लाख रुपये का मुआवजा तुरंत दिया जाए। हालांकि यह भुगतान मामले के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा। कोर्ट ने यूटी प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह के मामलों में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाना जरूरी है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे को “ईश्वर की मर्जी” बताकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता। पहले भी दिया था मुआवजे का आदेश हाई कोर्ट ने 29 सितंबर 2025 को अपने आदेश में यह मुआवजा तय किया था, लेकिन अब तक इसका भुगतान नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित पक्ष ने अवमानना याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोबारा सख्त निर्देश जारी किए। मामले की जांच रिपोर्ट में इंजीनियरिंग विभाग की लापरवाही सामने आई थी। अदालत ने कहा कि प्रशासन ने जांच कमेटी की कई सिफारिशें लागू कीं, लेकिन मुआवजा देने के निर्देश को नजरअंदाज कर दिया, जो गंभीर बात है। घायल छात्रा की हालत गंभीर अदालत ने घायल छात्रा की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि 15 वर्षीय बच्ची को अपना एक हाथ गंवाना पड़ा और कई सर्जरी से गुजरना पड़ा। अब वह रोजमर्रा के कामों के लिए भी दूसरों पर निर्भर है, जिससे उसके भविष्य पर गहरा असर पड़ा है। कोर्ट ने प्रशासन की अपील पर नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 5 मई तय की है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को राहत देना प्राथमिकता है और इसमें किसी तरह की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलवामा आतंकी हमले में शामिल होने की दी धमकी:महिला से ठगे 7.5 लाख, साइबर थाने में दर्ज कराई FIR
आगरा के सिकंदरा थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला से व्हाट्सएप पर आतंकी हमले की धमकी देकर 7.5 लाख रुपये ठग लिए गए। महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला मनजीत कौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें 9 मार्च से 19 मार्च के बीच संदिग्ध लोगों ने वाहटसैप काल के माध्यम से डराया-धमकाया और उनके खातों से 7.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। आरोपियों ने उन्हें बताया कि उनका हाथ पुलवामा आतंकी हमले में है और अगर उन्होंने पैसे नहीं दिए तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महिला ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि आरोपियों ने उनसे तीन बार में कुल 7.5 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए। उन्होंने पुलिस को आरोपियों के फोन नंबर और खातों का विवरण भी दिया है। पुलिस ने महिला की शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं और आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
मेरठ में घरेलू गैस सिलेंडरों का कमर्शियल उपयोग हो रहा है। ऐसी ही एक सूचना पर बुधवार शाम आपूर्ति विभाग की टीम एक्शन मोड में आ गई। टीम ने हापुड़ रोड स्थित नॉनवेज होटलों पर छापा मारते हुए खलबली मचा दी। एक के बाद एक तीन प्रतिष्ठानों पर छापा मारा गया, जहां से पुलिस ने 11 घरेलू सिलेंडर जप्त कर लिए। पहले जानते हैं क्या है मामला मेरठ में जिला आपूर्ति विभाग को सूचना मिली कि हापुड़ रोड के नॉनवेज होटलों में घरेलू गैस सिलेंडरों का दुरुपयोग हो रहा है। ARO सुनील कुमार, आपूर्ति निरीक्षक अंकुश कुमार व विशेष कुमार को साथ लेकर कोतवाली पुलिस से मिले और उनके सहयोग से छापा मार दिया। छापे की कार्रवाई से मची खलबलीएकाएक शुरू हुई छापे की कार्रवाई से पूरे बाजार में खलबली मच गई। आलम यह था कि दुकानदार शटर गिराकर गायब होने लगे। लेकिन किसी को यह जानकारी नहीं थी कि कार्रवाई कहां होनी है। टीम सीधे हाजी सईद चिकन कॉर्नर नाम के होटल में घुस गई। किचन में जाकर देखा तो वहां घरेलू सिलेंडरों से खाना बनाया जा रहा था। मौके से 8 सिलेंडर किए गए जप्त होटल में छापे की सूचना मिलते ही संचालक शाहपीर गेट निवासी यासीन पुत्र हाजी सईद वहां पहुंच गए। उन्होंने कार्यवाही का विरोध किया लेकिन पुलिस ने एक न चलने दी। उसके बाद वहां से एक के बाद एक आठ सिलेंडर टीम ने कब्जे में ले लिए। टीम ने मौके पर ही कागजी कार्रवाई पूरी की और सिलेंडर जप्त करते हुए नोटिस थमा कर आगे बढ़ गई। तीन प्रतिष्ठा से 11 सिलेंडर मिलेहोटल पर छापे की कार्रवाई के बाद टीम ने एसके चिकन कॉर्नर नाम के दूसरे प्रतिष्ठान पर छापा मारा। यहां भी घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग होता मिला। हालांकि सिलेंडर की संख्या यहां एक ही थी। होटल संचालक जावेद को नोटिस कमाने के बाद टीम ने पास की ही क्लासिक टी स्टॉल पर कार्रवाई की और दो घरेलू सिलेंडर कब्जे में ले लिए।
छतरपुर जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में चल रहा तीन दिवसीय “सांकेतिक फांसी एवं रक्त-पत्र सत्याग्रह” सुकवाहा गांव में समाप्त हो गया। इस दौरान आदिवासियों और किसानों का आक्रोश लगातार बढ़ता दिखाई दिया। जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में जिले के 14 गांवों के सैकड़ों आदिवासी, किसान और बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। प्रभावित ग्रामीणों के अनुसार कलेक्टर के साथ हुई बैठक में प्रशासन ने ग्राम सभा, सर्वे और समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन 13 से 15 दिन बीत जाने के बाद भी अधिकांश गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची। जहां टीम पहुंची, वहां भी केवल औपचारिकता निभाने और मकानों का सही नाप न करने का आरोप लगाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अधूरा और गलत सर्वे ही उनके गुस्से की मुख्य वजह बना है। नोटिस और प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगीअजयगढ़ क्षेत्र में कार्यक्रम के बाद प्रशासन ने देर रात ग्रामीणों को शांति भंग के आरोप में नोटिस जारी किए। तहसीलदार और एसडीएम द्वारा भेजे गए इन नोटिसों में कम समय देकर अगले ही दिन उपस्थित होने के निर्देश दिए गए। ग्रामीणों ने इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया। बिजावर में लाठीचार्ज पर विरोधबिजावर में महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी आक्रोश देखने को मिला। महिलाओं ने इसे अनुचित बताते हुए सवाल उठाया कि क्या यही कानून है जो महिलाओं पर बल प्रयोग करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके अधिकारों की मांग को दबाया जा रहा है। आदिवासियों के सवाल और आंदोलन का रुखआदिवासियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उन्हें जानकारी नहीं दे रहा, जबकि कानून का हवाला देकर उनके घर और जमीन खाली करवाई जा रही है। इसे उन्होंने ग्राम सभा और अधिकारों की अनदेखी बताया। जय किसान संगठन के नेतृत्व में यह आंदोलन लगातार विस्तार ले रहा है। अमित भटनागर ने कहा कि नोटिस, लाठी और झूठ से आंदोलन दबने वाला नहीं है और यदि मांगों का समाधान नहीं हुआ तो यह और व्यापक व उग्र रूप लेगा। कार्यक्रम में बहादुर आदिवासी, अनमोल आदिवासी, रहीस रानी, अनंतराम गौड, रामकाली गौड, भागवती आदिवासी, राम दुलय्या सौर, शोभा रानी सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए, जिनमें महिलाओं की संख्या अधिक रही।
चंडीगढ़ में महिला को 7 साल की सजा:75 हजार जुर्माना भी लगाया,रात 3 बजे पुलिस बनकर पहुंचे थे आरोपी
चंडीगढ़ के गांव मलोया में पुलिसकर्मी बनकर लूट की वारदात को अंजाम देने वाली महिला को जिला अदालत ने सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी सीरत गिल को 7 साल कैद और 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। मामला अक्टूबर 2021 का है, जब सीरत गिल ने अपने साथी संदीप उर्फ खुर्मी के साथ मिलकर मलोया निवासी प्रियांशु के घर में लूट की थी। इस केस में संदीप को पहले ही पिछले साल 7 साल की सजा सुनाई जा चुकी है। रात 3 बजे पुलिस बनकर पहुंचे थे आरोपी शिकायतकर्ता प्रियांशु के अनुसार, 4 अक्टूबर 2021 की रात करीब 3 बजे उनके घर की डोरबेल बजी। दरवाजा खोलने पर एक युवक और एक महिला खड़े थे, जिन्होंने खुद को पंचकूला पुलिस का अधिकारी बताया। दोनों ने कहा कि पंचकूला में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में उनका नाम सामने आया है और उन्हें गिरफ्तार करने आए हैं। इसके बाद उन्होंने केस से नाम हटाने के नाम पर पैसे की मांग की। पिस्टल दिखाकर लूटे पैसे और मोबाइल जब प्रियांशु ने पैसे देने से इनकार किया तो आरोपी युवक ने पिस्टल निकालकर उसे धमकाया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसका पर्स छीन लिया, जिसमें 15 हजार रुपये और जरूरी दस्तावेज थे। आरोपियों ने उसका मोबाइल भी छीन लिया और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद से सीरत गिल फरार चल रही थी। पुलिस ने उसे 11 मार्च को गिरफ्तार किया, जिसके बाद उसके खिलाफ कोर्ट में केस चलाया गया। कोर्ट ने माना गंभीर अपराध सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले को गंभीर मानते हुए कहा कि पुलिस बनकर लोगों को डराकर लूट करना समाज में भय पैदा करता है। ऐसे अपराधों पर सख्ती जरूरी है। इसी आधार पर कोर्ट ने दोषी महिला को 7 साल की सजा और जुर्माना सुनाया।
गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक ग्राउंड में बुधवार से तृतीय पुस्तक मेला 2026 शुरू हो गया। मेले का शुभारंभ महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू ’ और उत्तर-मध्य विधायक अभिलाष पांडे ने दीप प्रज्वलित कर किया। आयोजन 5 अप्रैल तक चलेगा।मेले में इस बार 81 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां पाठ्य-पुस्तकें, कॉपियां और यूनिफॉर्म रियायती दरों पर उपलब्ध हैं। कई सामग्री पर 50 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है। पुरानी पुस्तकें दान करने की व्यवस्था भी रखी गई है, जिससे जरूरतमंद विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। एनसीईआरटी और मप्र बोर्ड में कोई छूट नहींलेकिन खास बात यह है कि यहाँ पर एनसीईआरटी और मप्र बोर्ड की पुस्तक प्रिंट रेट पर ही बेची जा रही है. इसके अलावा जो प्राइवेट स्कूल प्राइवेट पब्लिकेशन की पुस्तक में 10-20 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। 10% छूट बाहर भी है फिर यहां से लेने का क्या फायदानेहा बंसल ने कहा कि बुक्स चेक करनी थी हम लोग स्टेम फील्ड इंटरनेशनल के लिए सेकंड क्लास की बुक्स चेक आउट कर रहे हैं लेकिन जितने भी स्टॉल्स पर बुक्स रखी हैं। आधे से ज्यादा का कहना है कि हम लोग ऑन प्रिंट रेट ही आपको प्रोवाइड करेंगे जितने भी प्राइवेट स्कूल की बुक्स हैं उनका कहना है कि प्रिंट रेट एमआरपी पर ही आपको मिलेगा। कोई डिस्काउंट नहीं है और एक्सेप्ट राधिका बुक पब्लिकेशन जो है वह 10% अपने हाउसों पर वहां भी दे रहा है। विजयनगर में तो यहां भी वही मिल रहा है तो फिर इतनी दूर से यहाँ आने का कोई मतलब नहीं है।किताबों पर अपेक्षित डिस्काउंट नहींमेले पहुंचीं अभिभावक अंजलि ने बताया कि वे बच्चों के लिए स्टेम फील्ड, दूसरी कक्षा की किताबें, कॉपियां और सामान्य पुस्तकें लेने आई थीं। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले के नाम पर छूट मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन इस बार नोटबुक्स पर तो कुछ रियायत दिखी, जबकि किताबों पर अपेक्षित डिस्काउंट नहीं मिला। उनका कहना था कि खासकर निजी स्कूलों की किताबें महंगी होती हैं, इसलिए उन पर बेहतर छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे इस व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
अनूपपुर में 6 मवेशी बरामद:मालवाहक वाहन छोड़कर भागा चालक, उत्तर प्रदेश ले जाने की थी तैयारी
अनूपपुर जिले की वेंकटनगर पुलिस चौकी ने बुधवार को पशु तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया। पुलिस ने ग्राम भेलमा से एक मालवाहक वाहन से 6 मवेशी बरामद किए हैं। हालांकि, कार्रवाई के दौरान वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस को बुधवार रात गश्त के दौरान ग्राम मुंडा में मुखबिर से सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया कि ग्राम भेलमा निवासी ललन राठौर अपने घर की बाड़ी में एक मालवाहक वाहन में जबरन पड़वा (भैंसा) भर रहा है। दो पड़वा को वाहन में कसकर बांधा गया था, जिससे उन्हें हिलने-डुलने और सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। सूचना के आधार पर चौकी प्रभारी प्रवीण साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने ललन राठौर के घर की बाड़ी में दबिश दी। पुलिस को वहां एक मालवाहक वाहन (MP 65ZD1715) खड़ा मिला। पुलिस को देखते ही एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गया, जिसकी पहचान मौके पर मौजूद लोगों ने ललन राठौर के रूप में की। वाहन की जांच करने पर उसके डाले में दो पड़वा बैठे मिले, जो छटपटा रहे थे। वाहन के बगल में चार अन्य पड़वा भी बंधे हुए थे, जिन्हें लोड करने की तैयारी थी। पुलिस ने बताया कि इन मवेशियों को उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाने की योजना थी। पुलिस ने इस मामले में लगभग 3 लाख रुपये के मवेशी और 7 लाख रुपये के मालवाहक वाहन सहित कुल 10 लाख रुपये का सामान जब्त किया है। वाहन मालिक और चालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 (घ), (ड़) और मध्य प्रदेश कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 6, 6(क), 6(ख)(1), 10 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल, पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षा के लिए एक किसान को सौंप दिया है और फरार चालक की तलाश जारी है।
रामपुर के शाहबाद में एक झोलाछाप क्लिनिक में प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने झोलाछाप पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 18 मार्च को हुई थी। 18 मार्च को ऊषा (30) नामक महिला प्रसव के लिए पंजाब नेशनल बैंक के पीछे स्थित एक झोलाछाप क्लिनिक पर गई थी। प्रसव के दौरान उसने एक मृत बच्चे को जन्म दिया और उसी समय उसकी हालत गंभीर हो गई। महिला की बिगड़ती हालत देख परिजन उसे तुरंत जिला अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन ऊषा को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल ले गए, जहां करीब पांच दिन तक उसका इलाज चला, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने बाद में जवाब दे दिया। परिजन ऊषा को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जा रहे थे, तभी मंगलवार दोपहर करीब दो बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। देर रात परिजन शव लेकर अपने गांव दिव्यानगला पहुंचे। मृतिका के ससुर डंबर सिंह ने थाना शाहबाद के एसएचओ प्रदीप कुमार को घटना की सूचना दी। बुधवार सुबह पुलिस ने दिव्यानगला गांव पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। मृतिका ऊषा के पति ने थाना सेफनी में झोलाछाप के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी क्लिनिक बंद कर फरार हो गया है। मृतिका ऊषा की उम्र लगभग 30 वर्ष थी और उसके दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी उम्र 10 और 8 वर्ष है। थाना प्रभारी प्रदीप कुमार ने बताया कि मृतिका के ससुर की तहरीर पर पंचनामा और पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और सामने आए साक्ष्य-सबूतों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
लखनऊ में संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले आईआईएम रोड नवरात्रि सप्तमी के अवसर पर 101 कन्याओं के पूजन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारी पदाधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर संगठन की नई टीम का गठन करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता गुप्ता एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारुल मोहन त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि के रूप में सर्वेश पाठक ने कार्यक्रम को संबोधित किया। सर्वेश पाठक ने कहा कि कन्याएं समाज की अमूल्य धरोहर हैं और भविष्य में देश व समाज का नेतृत्व करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा सुनिश्चित करना हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। समाज को बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर कार्य करना होगा और आवश्यकता पड़ने पर उनके जीवन के महत्वपूर्ण दायित्वों में भी सहयोग देना चाहिए। उन्होंने इसे नारी सशक्तिकरण, संस्कारों के संरक्षण और सशक्त राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सामाजिक आंदोलन बताया। इस दौरान मुख्य अतिथि द्वारा 101 कन्याओं को दक्षिणा, वस्त्र, पूजन सामग्री सहित फल एवं मिठाई वितरित की गई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पारुल मोहन त्रिपाठी ने कहा कि संगठन को सर्वेश पाठक जैसे नेतृत्व से दिशा और प्रेरणा मिलती है। कन्या पूजन को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों का प्रतीक बताते हुए इसे समाज के लिए सकारात्मक संदेश बताया। महिला सम्मान का सब से बड़ा केंद्र बताया। प्रदेश अध्यक्ष अभिषेक पाल ने कहा कि संगठन प्रदेशभर में अपनी इकाइयों का विस्तार कर व्यापारी वर्ग की समस्याओं के समाधान के लिए मजबूत मंच तैयार कर रहा है। वहीं भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संदीप साहू ने संगठनात्मक एकता के माध्यम से श्रमिक वर्ग के हितों की रक्षा करने की बात कही। राष्ट्रीय महासचिव प्राची पाण्डे ने कार्यकर्ताओं को संगठन की वास्तविक शक्ति बताया साथ ही व्यापारियों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताई।
बालाघाट में कोतवाली पुलिस ने 20 फरवरी को हुई चोरी के मामले में फरार चल रहे आरोपी कपूर कामड़े उर्फ काला टीआई को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर पहले से ही नकबजनी, चोरी, मारपीट, आर्म्स और आबकारी एक्ट सहित 14 मामले दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने शहर की बुढ़ी शराब भट्टी के पास सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में संदीप सोनवाने को भी गिरफ्तार किया। संदीप गाली-गलौज कर उपद्रव कर रहा था। पुलिस के समझाने पर भी वह शांत नहीं हुआ और अधिक उग्र हो गया, जिसके बाद उसे हिरासत में लिया गया। इसी बीच, किरनापुर क्षेत्र से एक बुजुर्ग महिला के गले से सोने का हार लूटने का मामला सामने आया है। यह घटना तब हुई जब महिला खेत में काम कर रही थी। पीड़ित बुजुर्ग महिला गोपिकाबाई बिसेन ने बताया कि एक युवक उसके पास पानी मांगने आया। जैसे ही वह पानी की बोतल उठाने लगी, युवक ने उसके गले से सोने का हार खींच लिया। इसके बाद वह सड़क पर मोटरसाइकिल पर इंतजार कर रहे अपने साथी के साथ फरार हो गया। मोहगांवकला थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में दो युवक मोटरसाइकिल पर भागते हुए सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
संभल के सिद्धपीठ मां चामुंडा देवी मंदिर में चैत्र नवरात्रि की सप्तमी पर मां कालरात्रि की महाआरती का आयोजन किया गया। इस अवसर पर यजमानों ने छप्पन भोग प्रसाद अर्पित किया। मंदिर का भवन गेंदे, आम की पत्तियों और चमेली के फूलों से सजाया गया था, जबकि परिसर और बाहरी क्षेत्र लाइटों की रोशनी से जगमगा उठा। बुधवार को संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित 800 साल पुराने मां चामुंडा देवी मंदिर में दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा-अर्चना की गई। शाम 7 बजे भगवान श्रीगणेश की आरती के साथ महाआरती शुरू हुई, जो विभिन्न देवी-देवताओं की आरती के बाद रात 8 बजे मां दुर्गा की महाआरती के साथ संपन्न हुई। मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए मां के दरबार के कपाट खोले गए। महाआरती में 400 से अधिक श्रद्धालु शामिल हुए, जबकि पूरे दिन में 3000 से अधिक भक्तों ने दर्शन किए। मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि को 'शुभंकरी' और अंधकार व नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। इनकी पूजा से सभी प्रकार के भय, संकट और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है, जिससे भक्तों को असीम साहस और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मंदिर परिसर के बाहरी क्षेत्र में 9 दिवसीय मेले का आयोजन भी चल रहा है। यहां प्रसाद और खाने-पीने की दुकानों के साथ-साथ बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए हैं। मंदिर के महंत मुरली सिंह ने बताया कि चैत्र नवरात्र के प्रत्येक दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने आ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सप्तमी के बाद अष्टमी और शुक्रवार को रामनवमी की पूजा मंदिर में संपन्न होगी। मनोज श्रोतिय ने बताया कि चामुंडा मंदिर में सातवें नवरात्र की पूजा चल रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने सभी भक्तों से भक्ति भाव से पूजा करने का आग्रह किया। अनुराग शर्मा ने जानकारी दी कि मंदिर में माता रानी की पूजा-अर्चना के साथ छप्पन भोग का प्रसाद भी अर्पित किया गया है। देखें महाआरती की फोटो…
उत्तर प्रदेश सरकार के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अटल सभागार में जनपद स्तरीय ‘हमारा आंगन-हमारे बच्चे’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा) डॉ. सोमेंद्र तोमर ने मां शारदा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में विभाग की 9 वर्षों की उपलब्धियों को वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया। इस दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि डॉ. सोमेंद्र तोमर को बुके, पौधा एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया, जबकि जिला परियोजना अधिकारी सुनील कुमार ने प्रतीक चिन्ह देकर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के तहत जनपद के विभिन्न विकास क्षेत्रों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक-एक नोडल शिक्षक, शिक्षक संकुल, आंगनबाड़ी, सुपरवाइजर एवं शिक्षामित्र सहित कुल 65 प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रत्येक विकास क्षेत्र से एक-एक बीआरपी (कुल 13) को मीना मंच गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सम्मान मिला। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय के शिक्षकों को भी उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। आगे बढ़ते हुए प्रत्येक विकास क्षेत्र से तीन-तीन उत्कृष्ट शिक्षकों (कुल 39) को भी मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। साथ ही एकेडमिक रिसोर्स पर्सन को भी जनपद एवं विकास क्षेत्र स्तर पर सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर एसआरजी नीलम पंकज, विनीत गोयल और मनोज वशिष्ठ को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि का आभार व्यक्त करते हुए सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई दी तथा भविष्य में इसी प्रकार निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।
राजसमंद में रेलमगरा उपखंड क्षेत्र की सिन्देसर कला ग्राम पंचायत में बुधवार को प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। प्रशासन के अनुसार पंचायत की करीब 15 से 20 बीघा गोचर (चरागाह) भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। उपखंड अधिकारी बिंदु वाला राजावत के निर्देश पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान जमीन पर की गई लोहे की जालियां, खंभों की फेंसिंग सहित अन्य अवैध निर्माण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान महिलाओं ने जेसीबी के सामने खड़े होकर विरोध जताया, जिससे कुछ समय के लिए कार्रवाई रुक गई। प्रशासन व पुलिस अधिकारियों ने समझाइश का प्रयास किया, लेकिन सहमति नहीं बनने पर अन्य स्थानों पर कार्रवाई जारी रखी गई। एसडीएम ने बताया कि अतिक्रमियों ने दो दिन में स्वयं कब्जा हटाने की सहमति दी है। इसके बाद फिलहाल कार्रवाई रोकी गई। तय समय में अतिक्रमण नहीं हटने पर सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के बाद गांव में चर्चा का माहौल रहा और लोगों ने सभी अतिक्रमणों पर समान कार्रवाई की मांग उठाई। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं।
बाड़मेर के नवनियुक्त एसपी चूनाराम जाट ने बुधवार रात को साइकिल पर शहर का भ्रमण किया। एसपी ने करीब 5 किलोमीटर तक करीब एक घंटे तक मैन मार्केट, मुख्य सर्किलों पर सर्किल पर पहुंचे। एसपी के साथ एएसपी नितेश आर्य, कोतवाल मनोज कुमार भी साईकिल पर साथ रहे। एसपी ने कहा कि हमरा प्रयास रहेगा कि आने वाले समय में पुलिस गश्त भी साइकिल पर करें। आज मैंने रामनवमी से पहले जहां से शोभायात्रा वाले रूट को देखा है। दरअसल, बीते दिनों राजस्थान सरकार ने आईपीएस की सूची जारी करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक के तबादले किए गए। बाड़मेर एसपी नरेंद्र सिंह मीना का तबादला हनुमानगढ़ किया गया था। उनकी जगह नरेंद्र सिह को लगाया गया था। लेकिन फिर सरकार ने दूसरी सूची में नरेंद्र सिंह तबादला रद्द कर चूनाराम जाट को बाड़मेर एसपी पद पर लगाया गया था। 21 मार्च को आईपीएस चूनाराम जाट ने पदभार ग्रहण किया। इसके बाद जिले के अलग-अलग थानों में पहुंचकर निरीक्षण किया। क्राइम रिकॉर्ड को भी देखा। बुधवार को एसपी चूनाराम जाट रात को करीब 8 बजे पुलिस लाइन से साइकिल पर रवाना हुआ। उनके साथ में एएसपी नितेश आर्य भी शामिल रहे। गांधी चौक, स्टेशन रोड़ अहिसा सर्किल होते हुए सुभाष चौक, प्रतापजी की पोल, ढाणी बाजार, हनुमान जी मंदिर, गांधी चौक से कोतवाली पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह रुक-रुक जगहों का निरीक्षण किया। वहीं सिटी कोतवाल मनोज से जगहों के बारे में जानकारी ली। एसपी चूनाराम जाट ने मीडिया बातचीत में कहा- कल रामनवमी का जुलूस निकल रहा है। जहां-जहां से निकलेगा, उन लोकेशन का निरीक्षण किया है। मेरा मामना है कि साईकिल से सांयकालीन गश्त भी हो रही है। एक-दूसरे को पहचान में भी आसानी होगी। एसपी ने कहा कि पहला सुख निरोगी काया, स्वस्थ्य रहने के लिए साइकलिंग बहुत ही जरूरी और आवश्यक है। मेरा मानना है कि हर इंसान को साइकलिंग करनी चाहिए। हम कोशिश करेगे कि हमारा पुलिस स्टाफ साइकलिंग को अपनाएं।
मेरठ। आईआईएमटी विश्वविद्यालय क्षेत्र का पहला गूगल सक्षम विश्वविद्यालय बन गया है। यहां छात्रों को गूगल के साथ संयुक्त डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश का अवसर मिलेगा, जिसमें उन्हें गूगल सर्टिफिकेशन भी प्रदान किया जाएगा। इन कार्यक्रमों के लिए शिक्षकों को भी गूगल द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। कुलपति डॉ. दीपा शर्मा ने बताया कि आईआईएमटी विश्वविद्यालय गूगल क्लाउड के साथ मिलकर संयुक्त डिग्री प्रोग्राम शुरू कर रहा है। चार वर्षीय फ्लैगशिप प्रोग्राम में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विद गूगल क्लाउड स्पेशलाइजेशन और बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग इन क्लाउड इनोवेशन विद गूगल क्लाउड शामिल हैं। वहीं, तीन वर्षीय करियर-केंद्रित प्रोग्राम में बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स विद गूगल क्लाउड स्पेशलाइजेशन और बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन्स इन क्लाउड इनोवेशन विद गूगल क्लाउड शामिल किए गए हैं। इन पाठ्यक्रमों का 50 प्रतिशत पाठ्यक्रम गूगल इंडिया द्वारा तैयार किया जाएगा। गूगल छात्रों के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्रमाणित करेगा। विश्वविद्यालय गूगल के अलावा अमेजन और रेड हैट के साथ भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगा। इसके अतिरिक्त, आईआईएमटी विश्वविद्यालय ने दूरस्थ शिक्षा के छात्रों के लिए भी ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) पाठ्यक्रमों में प्रवेश शुरू कर दिए हैं। यह उन छात्रों के लिए एक अवसर है जो पारिवारिक परिस्थितियों, व्यवसाय या नौकरी के कारण नियमित शिक्षा प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। विश्वविद्यालय के प्रति कुलाधिपति डॉ. मयंक अग्रवाल ने बताया कि ओडीएल पाठ्यक्रमों के माध्यम से शिक्षार्थी किसी भी समय, कहीं भी और अपनी गति से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल कामकाजी पेशेवरों, महिलाओं और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगी।
सीकर में रामनवमी के पर्व पर कल शाम 4 बजे रघुनाथ मंदिर से शोभ यात्रा निकलेगी। इससे पहले सीकर में आज एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने अपनी टीम के साथ शोभायात्रा के रूट पर फ्लैग मार्च किया। साथ ही सेंसिटिव पॉइंट्स पर विशेष निगरानी बरतने के निर्देश दिए। इस दौरान एडिशनल एसपी डॉ.तेजपाल सिंह,सीओ सिटी संदीप चौधरी,कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ सहित कई टीमों के जवान मौजूद रहे। फ्लैगमार्च सीकर के जाट बाजार से शुरू होकर बावड़ी गेट, सुभाष चौक,फतेहपुरी गेट,बजाज रोड,तापड़िया बगीची, जाट बाजार होते हुए रामलीला मैदान पहुंचा। एसपी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कल शोभायात्रा को देखते हुए 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। जिला पुलिस के अलावा करीब 7 RAC कंपनी कल अलग-अलग पॉइंट्स पर और शोभायात्रा में ड्यूटी करेगी। एसपी ने कहा कि शोभायात्रा के पहले आज हाईटेक ड्रोन से पूरी सिटी का सर्वे करवाया गया। किसी भी छत पर आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली। कल भी शोभायात्रा के दौरान पूरे रूट पर ड्रोन से लगातार निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की टीम पर हिसार जिले में बालसमंद के बुड़ाक गांव में बिजली चोरी की जांच के दौरान हमला किया गया। टीम के सदस्यों के साथ मारपीट और बदतमीजी की गई। बता दे कि यह घटना तब हुई जब निगम की टीम बुड़ाक निवासी चांदवीर के घर बिजली लोड की जांच करने पहुंची। आरोप है कि चांदवीर, राजेश और कालू ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर टीम के सदस्यों के साथ मारपीट की और दुर्व्यवहार किया। हमलावारों ने जान से मारने की धमकी दी एसडीओ धर्मवीर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, हमलावरों ने टीम के सदस्यों से मोबाइल फोन छीनने का भी प्रयास किया और ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी। टीम में मनीराम, विकास जेई, पवन फोरमैन और नरेंद्र लाइनमैन शामिल थे। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस बालसमंद पुलिस ने एसडीओ धर्मवीर की शिकायत पर चांदवीर, राजेश और कालू सहित तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। बालसमंद चौकी प्रभारी जयबीर सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। बिजली चोरी के शिकायत पर टीम कर रही थी जांच बिजली निगम के एसडीओ धर्मवीर सिंह ने बताया कि कुछ उपभोक्ता कम लोड का मीटर लगवाकर अधिक बिजली का उपयोग करते हैं, जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी की शिकायतें मिलने पर टीमें जांच करती हैं। लोगों से जांच में सहयोग की अपील एसडीओ ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करें, अन्यथा मीटर उखाड़ लिए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निगम के ये अभियान लगातार जारी रहेंगे और उपभोक्ताओं को जांच में सहयोग करना चाहिए।
छतरपुर जिले के नौगांव में ड्रग इंस्पेक्टर अजीत जैन और नायब तहसीलदार की टीम ने मेडिकल दुकानों पर औचक निरीक्षण किया। कार्रवाई की भनक लगते ही अधिकांश मेडिकल संचालकों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। बताया गया कि नगर के लगभग 90 प्रतिशत मेडिकल स्टोर बंद रहे। इससे दवा लेने आए मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिविल अस्पताल परिसर, बस स्टैंड, टीवी अस्पताल चौराहा और आसपास के इलाकों में अधिकतर दुकानें बंद मिलीं। हालांकि, कुछ दुकानें खुली पाई गईं, जहां अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान आवश्यक दस्तावेज पूरे न मिलने पर एक मेडिकल संचालक को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। नौगांव टीबी का एक प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन 400 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसी कारण अस्पताल के आसपास बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालित होते हैं। अधिकारियों के पहुंचते ही ज्यादातर दुकानों का बंद हो जाना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या ये संचालक निर्धारित सरकारी दिशानिर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में ड्रग इंस्पेक्टर अजीत जैन ने बताया कि नौगांव में कई मेडिकल स्टोर निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं चल रहे थे, जिनकी लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की औचक जांच और कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी।
संभल पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण हासिल कर ₹1.31 करोड़ की कर चोरी के मामले में पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। वाणिज्यकर विभाग की जांच में यह मामला उजागर हुआ था। बुधवार को संभल जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना बबराला पुलिस ने बहजोई निवासी डालचंद और उसके बेटे गोविंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वाणिज्यकर विभाग को 'गंगा ट्रेडिंग कंपनी' नामक फर्म के लेनदेन और पंजीकरण में अनियमितता का संदेह हुआ था। जांच में सामने आया कि फर्म ने पंजीकरण के समय मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और कृषि उत्पादन मंडी समिति की रोकड़ रसीद को अपने व्यापार स्थल के प्रमाण के रूप में प्रस्तुत किया था। संयुक्त आयुक्त के निर्देश पर 9 नवंबर 2020 को मंडी परिसर में औचक निरीक्षण किया गया। जांच टीम को मौके पर फर्म की कोई दुकान, गोदाम या व्यापारिक गतिविधि संचालित होती नहीं मिली, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि फर्म केवल कागजों में ही अस्तित्व में थी। मंडी समिति के अधिकारियों ने भी पुष्टि की कि फर्म को लाइसेंस तो जारी हुआ था, लेकिन उसे कभी स्थायी दुकान आवंटित नहीं की गई और न ही उसने मंडी परिसर में कोई व्यापार किया। पंजीकरण प्रपत्र में दर्ज मोबाइल नंबरों पर संपर्क करने पर भी फर्म से जुड़े दावों की पुष्टि नहीं हो सकी, जिससे फर्जीवाड़े की आशंका और मजबूत हुई। फर्म से संतोषजनक जवाब न मिलने पर 25 फरवरी 2022 को उसका जीएसटी पंजीकरण निरस्त कर दिया गया। जीएसटी अधिनियम की धारा 74 के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए ₹1,30,98,104 की कर एवं अर्थदंड की मांग निर्धारित की गई, जिसमें नियमानुसार ब्याज भी शामिल है। राज्यकर अधिकारी अजय सिंह की तहरीर पर थाना बबराला में फर्म के कथित स्वामी अशोक कुमार पुत्र उदयपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनमें बहजोई निवासी डालचंद और उसके पुत्र गोविंद की भूमिका सामने आई। थानाध्यक्ष सौरभ त्यागी ने बताया कि पुलिस टीम ने बुधवार को बहजोई में स्थित उनके प्रतिष्ठान पर दबिश देकर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में फर्जी दस्तावेजों के जरिए जीएसटी पंजीकरण और बोगस आईटीसी पास करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
जबलपुर से 60 किलोमीटर ग्राम गुबराकला के सरपंच ने अपने साथी और परिवार वालों के साथ मिलकर गांव में जमकर उत्पात मचाया। घटना में एक महिला सहित चार लोग घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के निजी अस्पातल में भर्ती करवाया गया है। इधर घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। वारदात को अंजाम देने के बाद से सरपंच इंद्र कुमार चौधरी साथियों के साथ फरार हो गया है। बाइक की हुई थी भिड़ंत ग्राम गुबराकला में रहने वाले 23 वर्षीय अनुभव भूमिया बुधवार की सुबह बाइक से बाहर गांव से बाहर जा रहे थे, तभी सामने से सरपंच इंद्र कुमार चौधरी का बेटा ऋषिकांत चौधरी स्कर्पियों चलाते हुए तेजी से आया, जिसका अनुभव ने विरोध किया। ऋषिकांत ने गाड़ी रोकी और कहा कि अभी टाइम नहीं है, बेटा बाद में देखते हैं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने दोनों को शांत करवाया। ऋषिकांत बेलखेड़ा चला गया और अनुभव अपने घर आ गया। शाम करीब 4 बजे गुबराकला गांव के सरपंच इंद्र कुमार पटेल, बेटे ऋषिकांत, उसके साथी आकाश पटेल और अभिराज सहित 10 से 12 लड़कों अनुभव के घर पहुंचे और तबाड़तोड़ हमला कर दिया। करीब 10 से 15 मिनट तक आरोपियों ने तलवार,फरसा लेकर जमकर हंगामा किया। इस घटना में रामनरेश (46),रामनारायण (37),मानू बाई (62) और अनुभव के हाथ-पैर सीने और सिर पर गंभीर चोट आई है। घायलों में दो की हालत नाजुक बनी हुई है। कई मामले हैं दर्ज अनुभव का कहना है कि जब से इंद्र कुमार चौधरी सरपंच बने हैं, तब से पूरे गांव में अपना अधिकार जमा रखे हैं। कोई ऐसा सप्ताह नहीं जाता कि गांव में ग्रामीणों से उनका विवाद ना होता हो। वारदात के बाद से सभी आरोपी फरार हो गए हैं। महिला ने छीन लिया पिस्टल अनुभव की मां अभिलाषा ने कहा कि जब आरोपी हमारे परिवार वालों पर हमला कर रहे थे, तभी सरपंच ने पिस्टल से फायरिंग करने की कोशिश की, जिसे छीन लिया। इसके बाद सभी आरोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से पिस्टल भी बरामद की है। सरपंच और साथियों के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर एसड़ीओपी लोकेश डाबर का कहना है कि सूचना मिली कि ग्राम गुबराकला में विवाद हुआ है, जिसके बाद बेलखेड़ा पुलिस की टीम जबलपुर में अस्पताल पहुंचकर घायलों के बयान दर्ज कर सरपंच और उसके साथियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी फरार हो गए है, जल्द ही इनकी गिरफ्तारी की जाएगी। मामले पर पूर्व विधायक ने बेलखेड़ा पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। संजय यादव का कहना है कि बहुत ही दुख की बात है कि घटना को कई घंटे बीत गए हैं, पर देर रात तक पुलिस एफआईआर करने मे पीछे हटती रही। पूर्व विधायक का कहना है कि बेलखेड़ा थाना प्रभारी और एसडीओपी के संरक्षण में अवैध काम फल-फूल रहे हैं। नदी से अवैध रेत निकाली जा रही है, घाट बने हुए हैं, पर पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। यही वजह है कि हाल ही में एसपी ने थाना प्रभारी बेलखेड़ा को सजा दी थी, इसके बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं।
फिरोजाबाद में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पारिवारिक विवाद के चलते उठाया आत्मघाती कदम
फिरोजाबाद में बुधवार शाम एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना जनपद के थाना रामगढ़ क्षेत्र में हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान नगला करन सिंह, थाना रामगढ़ निवासी विनोद पुत्र स्वर्गीय बच्ची लाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, विनोद ने गली नंबर-2 स्थित अपने घर में लगभग शाम 4 बजे फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर थाना रामगढ़ पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने बारीकी से निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि मृतक विनोद पिछले कुछ समय से घरेलू तनाव और विवादों के कारण मानसिक रूप से परेशान था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
आगर मालवा। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने वार्ड 4 के पार्षद प्रदीप सोनी को नगर परिषद सुसनेर का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। यह नियुक्ति निवर्तमान अध्यक्ष लक्ष्मी राहुल सिसोदिया के त्यागपत्र के बाद की गई है। शासन ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए उन्हें पद से हटा दिया था, जिससे यह पद रिक्त हो गया था। शासन ने मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 37(2) के तहत प्रदीप सोनी को नियुक्त किया है। वे आगामी आदेश तक अथवा नए अध्यक्ष के विधिवत निर्वाचन होने तक इस पद पर बने रहेंगे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा यह आदेश 25 मार्च 2026 को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ जारी किया गया था। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित विभागों को भेज दी गई है, ताकि नगर परिषद सुसनेर में विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की निरंतरता सुनिश्चित की जा सके।
सीहोर में नाबालिग बालिका के अपहरण और वेश्यावृत्ति के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अनन्य विशेष न्यायाधीश स्मृता सिंह ठाकुर ने 4 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अतिरिक्त, 13 अन्य आरोपियों को 12-12 वर्ष की कैद और कुल 52,000 रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 (पॉक्सो एक्ट) के तहत सुनाया गया है। जिन आरोपियों को सजा सुनाई गई है, उनमें दयाराम कंजर (शाजापुर), तिवारी कंजर (पीपलपाव, देवास), सुनील (पीपलराव, देवास), शाहरुख नायता (बाबड़िया, इछावर, सीहोर), इकरा बी (श्यामलाहिल्स, भोपाल), मांगीबाई कंजर (शाजापुर), राहुल (खेड़ावद, शाजापुर), धर्मराज आजाद (कबूतरा), किरण बेड़िया (शिवपुरी), अनुज (शिवपुरी), वंदना बेड़िया, सोम कंजर और राकेश कंजर (राजगढ़) शामिल हैं। यह मामला इछावर थाना क्षेत्र का है। 10 फरवरी को डुंडलाव निवासी फरियादी ने पुलिस थाना इछावर में अपनी 7 वर्षीय नातिन की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि उसकी नातिन अपने 5 वर्षीय छोटे भाई के साथ घर के बाहर खेल रही थी। तभी एक सफेद रंग की चार पहिया गाड़ी आई और उसमें बैठे व्यक्ति ने बच्ची से पानी मांगा। बच्ची पानी देने के लिए घर के अंदर गई और जब काफी देर तक वापस नहीं लौटी, तो उसकी तलाश की गई। बच्ची और गाड़ी दोनों मौके पर नहीं मिले। इसके बाद बच्ची के माता-पिता को सूचना दी गई और इछावर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने घटना से पहले और बाद में एक संदिग्ध सफेद कार को शहर से बाहर जाते देखा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार और अपहरणकर्ताओं की लोकेशन शिवपुरी जिले में ट्रेस की। शिवपुरी के मायापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत कंजरों के डेरे से अपहृत बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया और अपहरणकर्ताओं को भी पकड़ा गया।
सिंगरौली जिले के बैढ़न मुख्यालय में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। बुधवार शाम करीब आठ बजे काली मंदिर रोड पर लोगों को लगभग एक घंटे तक भारी जाम का सामना करना पड़ा। इस दौरान यातायात पुलिस का कोई भी जवान मौके पर मौजूद नहीं था, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। बुधवार को अनाज मंडी बंद होने के बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। स्थानीय व्यापारी सोनू खान ने बताया कि शाम होते ही बड़े और भारी वाहन इस संकरे रास्ते में प्रवेश करते हैं, जिससे अक्सर जाम लगता है। उन्होंने कहा कि इससे व्यापारी और आम नागरिक दोनों प्रभावित होते हैं। जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। कई लोग लंबे समय तक फंसे रहे, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियां भी बाधित हुईं। इस संबंध में नगर पुलिस अधीक्षक उमेश प्रजापति ने दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में स्वीकार किया कि जिले में पुलिस बल की कमी है, विशेषकर यातायात विभाग में। उन्होंने बताया कि सिंगरौली एक व्यावसायिक जिला है, जहां वाहनों की संख्या अधिक है। पुलिस सीमित संसाधनों के बावजूद व्यवस्था सुधारने का लगातार प्रयास कर रही है। हालांकि, शहरवासियों का कहना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।
मेरठ के विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान योजना के तहत एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजना के अंतर्गत बैंकों में स्वीकृति और वितरण के लिए लंबित आवेदन पत्रों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक की शुरुआत में 12 मार्च को हुई पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों और लक्ष्यों के सापेक्ष हुई प्रगति की जानकारी मांगी। बैठक में उपस्थित अग्रणी बैंक प्रबंधक ने अध्यक्ष को बताया कि 25 मार्च तक कुल 184 आवेदकों के आवेदन पत्रों को चिन्हित कर ऋण वितरण की कार्यवाही पूरी कर ली गई है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि शेष लंबित आवेदन पत्रों का वितरण भी जल्द से जल्द सुनिश्चित कर लक्ष्यों की पूर्ति की जाएगी। मुख्य विकास अधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी महाप्रबंधकों, उप महाप्रबंधकों और क्षेत्रीय प्रबंधकों को निर्देश दिए कि वे अपने नियमित बैंकिंग कार्यों के साथ-साथ सीएम-युवा योजना के तहत लंबित ऋण आवेदनों का वितरण भी प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करें, ताकि जिले की रैंकिंग पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आशा व्यक्त की कि जिन बैंक शाखाओं ने आवंटित लक्ष्यों से अधिक आवेदकों को ऋण वितरित किया है, उन्हें जिलाधिकारी की ओर से एक प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा। यह जानकारी उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा नेउषमिता विकास केंद्र, मेरठ के अमरेश कुमार पाण्डेय ने दी।

