धनतेरस पर कैसे करें पूजन और यम दीपदान, खरीदारी के लिए ये है शुभ मुहूर्त
दीपावली का महापर्व धनतेरस से शुरू होकर छह दिनों तक चलेगा, जिसमें पूजन विधि और खरीदारी के शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, लक्ष्मी और कुबेर की पूजा के साथ यम दीपदान भी किया जाता है, जो आरोग्य और समृद्धि लाता है।
देवरिया में दीपावली नजदीक है, लेकिन पटाखा दुकानों के लिए अब तक अस्थायी लाइसेंस जारी नहीं हुए हैं। कई जगहों पर बिक्री के लिए स्थल भी तय नहीं किए गए हैं। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे देरी से नाराज कारोबारियों ने कलेक्ट्रेट स्थित एसडीएम कार्यालय में हंगामा किया। कारोबारियों का आरोप था कि बार-बार आश्वासन मिलने के बावजूद लाइसेंस जारी नहीं किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि दुकान लगाने की तैयारी के लिए समय चाहिए। देरी से उनका कारोबार प्रभावित हो सकता है और लोगों को पटाखे खरीदने के लिए इधर-उधर जाना पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से जल्द लाइसेंस जारी करने और बिक्री स्थलों को तय करने की मांग की। इस बार शहर में पटाखों की दुकानें शुगर मिल परिसर के बजाय एसएसबीएल इंटर कॉलेज में लगाई जाएंगी। सदर एसडीएम ने महाराजा अग्रसेन इंटर कॉलेज, राजकीय आईटीआई और सोनूघाट स्थित जनता इंटर कॉलेज में बिक्री के लिए अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) मांगा है। रुद्रपुर एसडीएम ने शतासी इंटर कॉलेज में पटाखा बिक्री के लिए अग्निशमन विभाग से एनओसी मांगा है। नियमों के मुताबिक, पटाखा दुकानों के लिए सुरक्षित और खुली जगह चुनी जाती है। इसके बाद अग्निशमन विभाग से सुरक्षा मानकों के लिए एनओसी लिया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने पर कारोबारियों को अस्थायी लाइसेंस जारी किया जाता है।
शिक्षामित्रों को नहीं मिला अक्टूबर का मानदेय:बहराइच में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन
बहराइच में अक्टूबर का मानदेय नहीं मिलने पर शिक्षामित्रों ने शुक्रवार दोपहर 12 बजे बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के बैनर तले उन्होंने लंबित भुगतान की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। शिक्षा मित्रो का कहना है कि वेतन न मिलने से उनकी दीपवाली फीकी हो रही है । संघ के ज्ञापन में कहा गया है कि शिक्षामित्रों को पहले से ही कम मानदेय मिलता है। दूसरे जिलों में तबादले की प्रक्रिया तय अक्टूबर का मानदेय अब तक उनके खातों में नहीं पहुंचा है। इससे उनके परिवारों को आर्थिक परेशानी हो रही है। ज्ञापन में शिक्षामित्रों की मूल विद्यालय वापसी और दूसरे जिलों में तबादले की प्रक्रिया तय समय पर पूरी नहीं होने की बात भी कही गई है। संघ के मुताबिक, इससे शिक्षामित्र असमंजस और परेशानी में हैं। संघ ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से अक्टूबर का लंबित मानदेय जल्द जारी कराने और मूल विद्यालय वापसी की प्रक्रिया समन्वय के साथ पूरी कराने की मांग की। शिक्षामित्रों ने अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार को भी ज्ञापन सौंपकर समस्या का समाधान कराने की मांग की। इस दौरान संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि शिव श्याम मिश्रा, जिला महामंत्री राहुल पाण्डेय, जिलाध्यक्ष प्रभारी रिजवान अली, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष अनिल सिंह, जिला उपाध्यक्ष मोहम्मद सलीम, राजेश सिंह और जिला महिला प्रभारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
आदिवासी नेत्री निशा भगत का वीडियो वायरल, फेसबुक लाइव में रोते हुए लगाए कई लोगों पर आरोप
आदिवासी नेत्री निशा भगत का फेसबुक लाइव वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वह रोते हुए कई लोगों पर आरोप लगा रही हैं। उन्होंने आत्महत्या की धमकी देते हुए झारखंड पुलिस को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया, जिससे यह मामला चर्चा में है।
संभल के कोट पूर्वी मोहल्ले की शाही जामा मस्जिद में शुक्रवार को करीब 800 लोगों ने जुमे की नमाज पढ़ी। शहर इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने नमाज कराई। सुरक्षा के लिए तीन रास्तों पर बैरियर लगाकर PAC-RRF के 100 जवान तैनात किए गए। दोपहर 1:40 बजे लोग मस्जिद पहुंचे और 2:30 बजे तक नमाज के बाद वहां से चले गए। सत्यव्रत पुलिस चौकी में बने CCTV कंट्रोल रूम से मस्जिद पर नजर रखी गई। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी ने पुलिस बल के साथ धार्मिक स्थल के आसपास फ्लैग मार्च किया। एएसपी (दक्षिणी) सुमित रामटेके, संभल सीओ कुलदीप कुमार, असमोली सीओ अमन सिंह, इंस्पेक्टर संभल मोहित चौधरी, नखासा थाना प्रभारी संजय शर्मा, रायसत्ती थाना प्रभारी सौरभ त्यागी और PRO मोहित काजला भी मौजूद रहे। 24 नवंबर 2024 की हिंसा के बाद धार्मिक स्थल के चारों ओर सुरक्षा बढ़ाई गई है। नमाज पढ़ने वालों के अलावा किसी को वहां आने की अनुमति नहीं दी गई। एसपी और एएसपी ने तैनात पुलिसकर्मियों से सुरक्षा व्यवस्था पर बात की। नमाजी इरशाद हुसैन गाजी ने कहा कि अच्छे माहौल में नमाज पढ़ी गई। उन्होंने कहा कि संभल से देश-दुनिया में अमन-शांति की दुआ की गई और सभी त्योहार अच्छे माहौल में मनाए जा रहे हैं। मस्जिद में इसरार खां, फैसल, जियाउल हक, रेहान, अजीम, मौ. शाह हुसैन, मोहम्मद अकरम, कमर, कमाल, शमीम, नवाब साद आदिल, इसरार हुसैन, आदिल, शकील, अकील, नन्हे, गुलाम आजाद, तैयब हसन, मोहम्मद तालिब इब्राहिम, पप्पू और फिरोज समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बांदा में शुक्रवार को दीपावली पर पटाखों की खरीदारी के लिए बांदा शहर में इस बार दो स्थानों पर अस्थायी पटाखा बाजार सजाया गया है। शहर में कुल 95 दुकानें लगाई गई हैं। इनमें 45 दुकानें पंडित जवाहरलाल नेहरू डिग्री कॉलेज मैदान और 50 दुकानें जीआईसी मैदान में बनाई गई हैं। पटाखों की बिक्री के दौरान आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। दुकानों के बीच नौ फीट की दूरी रखी गई है, ताकि किसी दुकान में आग लगने की स्थिति में दूसरी दुकानों तक आग पहुंचने का खतरा कम किया जा सके। जिलाधिकारी अमित आसेरी ने बताया कि पटाखा बाजार में सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक दुकान पर पानी से भरा हुआ ड्रम और बालू की बाल्टियां रखना अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही दुकानदारों को अग्निशमन उपकरण (फायर एक्सटिंग्विशर) भी रखने होंगे। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए दोनों पटाखा बाजारों में अग्निशमन विभाग की गाड़ियां भी मौजूद रहेंगी। सुरक्षा इंतजामों के बीच होगी पटाखों की बिक्री पटाखा बाजार में दुकानों के बीच निर्धारित दूरी बनाए रखना सुरक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। इसके लिए दुकानों को एक-दूसरे से पर्याप्त अंतर पर लगाया गया है। पानी के ड्रम और बालू की बाल्टियों की व्यवस्था इसलिए की गई है, ताकि शुरुआती स्तर पर आग लगने की स्थिति में उस पर काबू पाने का प्रयास किया जा सके। वहीं फायर एक्सटिंग्विशर से भी तत्काल आग बुझाने में मदद मिलेगी। प्रशासन का जोर है कि पटाखों की बिक्री के दौरान किसी तरह की लापरवाही न हो। दुकानदारों को सुरक्षा संबंधी इंतजामों का पालन करना होगा। अग्निशमन विभाग की गाड़ियों की मौजूदगी से किसी भी घटना पर तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। दो अलग-अलग मैदानों में बाजार लगाने से पटाखों की खरीदारी के लिए लोगों को निर्धारित स्थान उपलब्ध कराया गया है
टेंपो को बचाने में ट्रैक्टर गड्ढे में पलटा:हाथरस में हुआ हादसा, चार लोग घायल
हाथरस में हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के गांव बाघऊ के पास आज शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे ट्रैक्टर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। हादसे में ट्रैक्टर पर सवार चार लोग घायल हो गए। इस गांव के गांव के कुछ लोग ट्रैक्टर से हाथरस की ओर आ रहे थे। इस गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले लिंक रोड पर टेंपो को बचाने की कोशिश में ट्रैक्टर असंतुलित होकर गड्ढे में जा गिरा। घायलों में राकेश, कालीचरण, उदयवीर सहित चार लोग शामिल हैं। यह सभी इसी गांव के रहने वाले हैं। घायलों को भिजवाया अस्पताल... घटनास्थल पर भीड़ लग गई और अफरा तफरी मच गई। चारों इसी गांव के रहने वाले हैं। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें ट्रैक्टर से निकाला और इलाज के लिए भेजा। लोगों में इस बात को लेकर भी आक्रोश था के लंबे समय से इस गड्ढे में मिट्टी नहीं डलवाई गई है और इसकी वजह से यह दुर्घटना हुई है।
धनतेरस पर प्रतापगढ़ के एसपी दीपक भूकर ने शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस बल के साथ शहर के प्रमुख बाजारों में पैदल गश्त की। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था देखी और व्यापारियों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं। एसपी ने कोतवाली नगर इलाके में घंटाघर से सर्राफा बाजार, पंजाबी बाजार, मकंदूगंज चौकी और पल्टन बाजार तक पैदल गश्त की। उन्होंने बाजारों में भीड़, यातायात और सुरक्षा इंतजाम देखे। उन्होंने व्यापारियों से त्योहार के दौरान सुरक्षा की जरूरतों के बारे में जानकारी ली। बाजार में वाहनों की चेकिंग भी कराई गई। एसपी ने पुलिसकर्मियों को यातायात व्यवस्था बनाए रखने और कानून-व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान बाजारों में लोगों की आवाजाही बढ़ती है, इसलिए पुलिस को सतर्क रहना चाहिए। एसपी ने नियमित पैदल गश्त करने, संदिग्ध वाहनों और लोगों पर नजर रखने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान आम लोगों और व्यापारियों की सुरक्षा पुलिस की प्राथमिकता है। गश्त के दौरान स्थानीय पुलिस अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रतापगढ़ के टेउंगा स्थित संस्कार ग्लोबल स्कूल में दीपावली के अवसर पर छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने पर्यावरण अनुकूल और प्रदूषण मुक्त त्योहार मनाने का संकल्प लिया। इस मौके पर विद्यालय परिसर में विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं। छात्राओं ने सामाजिक सौहार्द, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर आकर्षक रंगोलियां बनाईं। इन रंगोलियों के माध्यम से सामाजिक जागरूकता और सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया। विद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने कहा कि त्योहारों का वास्तविक आनंद प्रकृति और समाज के साथ सामंजस्य बनाकर मनाने में है। उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने और समाज में अच्छे संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया। निदेशक रंजन सिंह ने बच्चों में नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने पर जोर दिया। अंत में प्रधानाचार्य समीना अख्तर ने सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों को प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने की शपथ दिलाई।
धनतेरस के पावन पर्व पर बरेली के प्रमुख सर्राफा बाजार आलमगीरी गंज में सुबह से ही ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। त्योहार को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और लोग शगुन के तौर पर सोने व चांदी के जेवरात और सिक्कों की जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में रौनक लौटने से व्यापारियों के चेहरे भी खिले हुए हैं। दाम गिरने से बढ़ा रुझान, 24 कैरेट सिक्कों की भारी मांग आलमगीरी गंज स्थित पाटिल ज्वेलर्स के संचालक अनिल पाटिल ने बताया कि पिछले दिनों सोने-चांदी के दामों में उछाल आने से खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन त्योहार से ठीक पहले रेट में आई गिरावट से बाजार पूरी तरह गुलजार हो गया है। इस बार ग्राहक हॉलमार्क और पक्के बिल वाले सामान को प्राथमिकता दे रहे हैं। 500 मिलीग्राम के 24 कैरेट फाइन गोल्ड सिक्के और एमएमटीसी के चांदी के सिक्कों की मांग सबसे ज्यादा है। इसके अलावा हल्के वजन (लाइटवेट) और फैंसी डिजाइनों के लिए मुंबई, दिल्ली और चेन्नई से विशेष कलेक्शन मंगाए गए हैं। शुद्धता और विश्वास पर जोर, ग्राहकों ने खरीदे मनपसंद गहने दुकान पर खरीदारी करने पहुंचे ग्राहक आदित्य प्रताप सोलंकी ने बताया कि वह पिछले सात-आठ सालों से यहां आ रहे हैं। शुद्धता की गारंटी और सही दामों के चलते परिवार आंख बंद करके भरोसा करता है। धनतेरस के मौके पर उन्होंने सोने की चेन, रोज गोल्ड सेट, चांदी की पायल और कड़े खरीदे हैं। ग्राहकों का कहना है कि सोना सिर्फ साज-सज्जा का साधन नहीं बल्कि सुरक्षित निवेश भी है, जो जरूरत के वक्त सबसे बड़ा सहारा बनता है।
हरिद्वार जेल से रिहा होते ही देहरादून पुलिस की गिरफ्त में उर्मिला सनावर, पूछताछ जारी
उर्मिला सनावर को हरिद्वार जेल से जमानत मिलने के बाद रिहा कर दिया गया है। जेल से बाहर आते ही देहरादून पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
Meerut News: मेरठ के आबूलेन बाजार में जगमग रोशनी और संगीत की धूम के साथ फूड फेस्टिवल का शानदार आगाज हुआ। इस आयोजन में खरीदारी, मनोरंजन और स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ रही।
सीतापुर में घुमंतू विमुक्त जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काशीराम कॉलोनी में विशेष जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। घुमंतू विमुक्त जनजाति परिषद की ओर से शासन के सहयोग से आयोजित शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बस्ती के करीब 150 लोगों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड और पेंशन से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई। शिविर का उद्देश्य नट, सपेरा, बंजारा, कंजर, हबूड़ा सहित घुमंतू विमुक्त समुदाय की विभिन्न जातियों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना था। आयोजकों के अनुसार, इन समुदायों के कई परिवारों के पास आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र और आयुष्मान कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज नहीं हैं। इसके कारण वे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित रह जाते हैं। शिविर में समाज कल्याण, राजस्व, पंचायती राज, स्वास्थ्य, नगर पालिका, खाद्य एवं रसद, प्रोबेशन, जिला उद्योग केंद्र और बाल विकास परियोजना सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कराई। शिविर में 40 से अधिक लोगों के प्रमाणपत्र और विभिन्न योजनाओं से संबंधित आवेदन भरवाए गए। जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र के लिए भी आवेदन लिए गए। नए आधार और राशन कार्ड बनवाने के लिए लोगों से जरूरी दस्तावेज जुटाए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आयुष्मान कार्ड के लिए अभिलेख तैयार कराए। इसके अलावा बस्ती में हैंडपंप और बिजली के खंभे नहीं होने की शिकायतें भी सामने आईं। संबंधित विभागों के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान की मांग की गई। इस दौरान लोगों ने कहा कि पहली बार अधिकारी बस्ती में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। उन्होंने शिविर के आयोजन पर आभार जताया। बताया गया कि टिकरा जार से कंजर समुदाय के आठ परिवार और हरगांव से 12 लोग शिविर में शामिल हुए। कार्यक्रम में ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री गिरीश चंद्र मिश्र सहित आयोजक अजय कुमार, देवेंद्र मिश्र, राघवेंद्र प्रताप, आशुतोष, विनोद कुमार, विजय, राधे, रघुवीर, विवेक सिंह चौहान, सत्यम कुमार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जिला समग्र ग्राम विकास प्रमुख गोकरन प्रसाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों ने बताया कि अगला शिविर हरगांव में लगाया जाएगा।
नवंबर में त्योहारों की झड़ी, भाईदूज से कार्तिक पूर्णिमा तक... जम्मू में कब-कब मनाए जाएंगे पर्व?
जम्मू के बाजार त्योहारों के कारण गुलजार हैं, जहांदीवाली और धनतेरस के लिए जमकर खरीदारी हो रही है। नवंबर में कई प्रमुख त्योहारों के चलते यह रौनक कार्तिक पूर्णिमा और शादी के सीजन तक बनी रहने की उम्मीद है।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) की 16वीं एनुअल स्पोर्ट्स मीट का आयोजन इस बार 2 से 4 दिसंबर तक हिसार के विद्युत नगर स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जाएगा। DHBVN सेंट्रल स्पोर्ट्स कमेटी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (MD) की ओर से प्रतियोगिता को हरी झंडी दे दी गई है। 3 दिवसीय खेल महाकुंभ में निगम के विभिन्न सर्किलों और जोनों से कुल 934 खिलाड़ी (नियमित, एचकेआरएन और डीसी रेट कर्मचारी) अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। अविजेता टीम और खिलाड़ियों के अंक ओवरऑल ट्रॉफी में जोड़े जाएंगे। निगम ने सभी टीमों को 11 नवंबर तक अपनी खिलाड़ियों की सूची जमा करने के निर्देश दिए हैं। अब जानिए, स्पोर्टस मीट को लेक खास बातें.. रहने और खाने की व्यवस्था निगम करेगा सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के लिए रहने (बोर्डिंग व लॉजिंग) और खाने-पीने का पूरा इंतजाम सेंट्रल स्पोर्ट्स कमेटी द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा केवल स्पोर्ट्स ड्यूटी पर तैनात DHBVN के ड्राइवरों को ही रहने की सुविधा मिलेगी। किसी भी बाहरी समर्थक या सहायक की अनुमति नहीं होगी।
गोरखपुर में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एलिम्को के सहयोग से तीन लोगों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल वितरित की गईं। रेडक्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य आदित्य निगम ने तीन दिव्यांगजनों को ये उपकरण प्रदान किए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से लाभार्थियों को आवागमन में आसानी होगी। साथ ही वे अपने दैनिक कार्य पहले की अपेक्षा अधिक सुगमता से कर सकेंगे। आदित्य निगम ने इस पहल में सहयोग के लिए एलिम्को की गोरखपुर कोऑर्डिनेटर कंचन चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास दिव्यांगजनों को स्वतंत्र रूप से जीवन जीने में मददगार साबित होते हैं। ट्राइसाइकिल मिलने से लाभार्थियों को आवागमन की सुविधा के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी), गोरखपुर से जुड़े अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।
हल्द्वानी में सालों से बंद एचएमटी कर्मचारियों को बड़ी राहत, UPCLको नया बिजली कनेक्शन देने के निर्देश
नैनीताल हाईकोर्ट ने एचएमटी रानीबाग के आवासीय परिसर में रह रहे कामगारों को बड़ी राहत दी है, जिससे उनके कटे हुए 22 बिजली कनेक्शन फिर से जुड़ने का रास्ता साफ हो गया है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के इतिहास में महिलाओं ने एक बार फिर अपनी मौजूदगी का नया अध्याय लिख दिया। पहले बेगम सुल्तान जहां ने पहली महिला चांसलर बनकर इतिहास रचा, फिर प्रो. नईमा खातून पहली महिला कुलपति बनीं और अब नसरा नईम ने छात्रसंघ की पहली महिला उपाध्यक्ष बनकर 106 साल के इतिहास में तीसरी बार महिला नेतृत्व का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। खास बात यह है कि यह इतिहास किसी मनोनयन से नहीं, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं के वोट से बना है। नसरा को 7,091 वोट मिले। उन्होंने क्षेत्रीय लॉबियों के तमाम समीकरणों के बीच अपनी जगह बनाई और एएमयू छात्रसंघ को पहली महिला पदाधिकारी दी। यह जीत इसलिए भी बड़ी है क्योंकि अब तक छात्रसंघ के तीनों पदों पर छात्राओं ने दावेदारी की, लेकिन मतदाताओं ने पहली बार किसी छात्रा को इतने बड़े समर्थन के साथ पदाधिकारी चुना। आंदोलन के दिनों में कैंपस से लेकर वीमेंस कॉलेज तक नसरा की सक्रियता, छात्राओं से संवाद और उनके व्यवहार ने इस चुनाव में अलग पहचान बनाई। जिस आंदोलन में छात्राओं ने कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया, उसके बाद चुनाव में भी उन्होंने अपनी भागीदारी को नतीजे में बदल दिया। 8 साल का गुस्सा, छात्राओं की भागीदारी बनी निर्णायक ताकत वर्ष 2018-19 के बाद एएमयू में छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए। पहले कोविड और सीएए-एनआरसी के दौरान हुए उपद्रव के चलते चुनाव टले। इसके बाद कभी सुरक्षा तो कभी समय का हवाला देकर चुनाव टाले जाते रहे। हर बार छात्रसंघ बहाली की मांग उठी, लेकिन हर बार इंतजार लंबा होता गया। आठ साल में कैंपस के भीतर असंतोष भी बढ़ता गया। इस बार दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के बीच कैंपस में छात्रसंघ बहाली की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुंची। डक प्वाइंट पर 21 सितंबर से धरना और भूख हड़ताल शुरू हुई। 19 दिन तक चले इस आंदोलन में सिर्फ चुनाव बहाली की मांग नहीं थी, बल्कि पिछले आठ साल में छात्रों पर हुई कार्रवाई, कैंपस में पुलिस के प्रवेश, प्रॉक्टर और इंतजामिया तक अपनी बात न पहुंचा पाने, हॉस्टल और कैंपस में बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दे भी शामिल थे। पूर्व प्रॉक्टर के साथ छात्रों के टकराव और प्रशासन के रवैये को लेकर जमा हुआ गुस्सा आंदोलन में खुलकर सामने आया। लेकिन इस बार आंदोलन की तस्वीर पहले से अलग थी। छात्राओं ने सिर्फ समर्थन नहीं किया, बल्कि आंदोलन की ताकत बनकर सामने आईं। मुख्य कैंपस से लेकर वीमेंस कॉलेज तक छात्राओं ने आवाज बुलंद की। आंदोलन शुरू करने वाले छात्र नेता भी मानते हैं कि छात्राओं का इतना व्यापक साथ नहीं मिलता तो यूनियन बहाली की लड़ाई शायद इस मुकाम तक नहीं पहुंचती। यही भागीदारी चुनाव में नसरा की जीत के रूप में भी सामने आई। बिहार बनाम पश्चिमी यूपी की गोलबंदी, लेकिन वोटर ने चुने चेहरे चुनाव की घोषणा के बाद कैंपस में क्षेत्रीय समीकरण फिर सक्रिय हो गए। बिहार, पूर्वी यूपी और पश्चिमी यूपी की लॉबियों ने अपने-अपने प्रत्याशियों के लिए समर्थन जुटाया। मतदान के दिन तक जोड़तोड़ और गोलबंदी की कोशिशें चलती रहीं। अध्यक्ष पद पर बिहार और पश्चिमी यूपी के बीच मुकाबला माना जा रहा था, जबकि सचिव पद पर पूर्वी और पश्चिमी यूपी के समीकरण चर्चा में थे। अध्यक्ष पद पर नोमान अशरफ को बिहार के साथ पूर्वी और पश्चिमी यूपी के मतदाताओं का भी समर्थन मिला। उन्होंने 7,797 वोट हासिल किए। दूसरे स्थान पर रहे मोहम्मद इंतखाब को 3,676 वोट ही मिले। सचिव पद पर मोहम्मद हमदान ने 8,385 वोट पाकर जीत दर्ज की। अहमद फराज रजी को 6,882 वोट मिले। हमदान को भी अलग-अलग क्षेत्रों और फैकल्टी का समर्थन मिला। लेकिन उपाध्यक्ष पद के चुनाव ने क्षेत्रीय राजनीति के इस पूरे गणित को अलग दिशा दे दी। सात प्रत्याशियों के बीच मुकाबले में नसरा नईम को 7,091 वोट मिले। उन्होंने साकिब अली खान को 1,273 वोटों से हराया। यह परिणाम बताता है कि इस बार मतदाताओं ने सिर्फ क्षेत्रीय पहचान या लॉबी के आधार पर मतदान नहीं किया। तीनों विजयी प्रत्याशियों को अलग-अलग फैकल्टी और यहां तक कि हिंदू मतदाताओं का भी समर्थन मिला। बिहार के चार दावेदारों के बीच मुकाबले में भी एक प्रत्याशी को विभिन्न फैकल्टी से वोट मिले। सचिव पद पर भी यही रुझान दिखाई दिया। फाइनल स्पीच में फलस्तीन से लेकर अपने हक तक की बात चुनाव के अंतिम चरण में फाइनल स्पीच ने भी माहौल बनाया। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी नोमान अशरफ ने अपनी तकरीर में एएमयू के मुद्दों के साथ ईरान, तूरान, सूडान और फलस्तीन तक की बात रखी। उन्होंने कैंपस के सवालों को व्यापक संदर्भ से जोड़ने की कोशिश की। सचिव पद पर मोहम्मद हमदान की तकरीर भी प्रभावशाली रही। वहीं नसरा नईम ने मंच से स्वीकार किया कि यहां बोलते समय उनके पैर कांप रहे हैं। नोमान ने कहा कि अम्मी ने उन्हें छात्र राजनीति में उतरने से मना किया था, लेकिन अपने और अपनों के हक की आवाज उठाने के लिए वह मैदान में आए हैं। तीनों के संबोधन का केंद्रीय संदेश एक था- आंदोलन में जो झेला, अब उस पर आवाज बुलंद करनी है। सर सैयद के इस इदारे को उनके सपनों के अनुरूप बनाना है। खास बात यह रही कि नोमान, हमदान और नसरा तीनों आंदोलन की शुरुआत से ही सक्रिय थे। इस कारण चुनाव में उनके आंदोलन से जुड़े चेहरे और छात्रहित के मुद्दे भी चर्चा में रहे। कोर्ट में भी महिलाओं की दस्तक, पहली बार दो छात्राएं बनीं सदस्य छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद पर नसरा की जीत के साथ ही यूनिवर्सिटी कोर्ट मेंबर के चुनाव में भी महिला प्रतिनिधित्व का नया रिकॉर्ड बना। एएमयू के इतिहास में पहली बार दो छात्राओं ने कोर्ट मेंबर के चुनाव में जीत दर्ज की। फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसिन से आमिना फैजान और फैकल्टी ऑफ कॉमर्स से इल्मा मशरूफ चुनी गईं। आमिना और इल्मा की जीत ने छात्रसंघ के साथ विश्वविद्यालय कोर्ट में भी छात्राओं की भागीदारी का नया रास्ता खोला है। एक ही चुनाव में प्रमुख पद और कोर्ट दोनों जगह महिला प्रतिनिधित्व का बढ़ना इस चुनाव की अहम उपलब्धियों में शामिल रहा। दस दिन से डेरा, बाहरी नेताओं के दांव भी नहीं आए काम इस बार चुनाव सिर्फ कैंपस के छात्र समूहों तक सीमित नहीं रहा। एक राष्ट्रीय छात्र संगठन और राजनीतिक दल से जुड़े छात्र संगठन के नेता भी करीब दस दिन तक कैंपस के इर्द-गिर्द डेरा डाले रहे। अपने समर्थित दावेदारों के पक्ष में माहौल बनाने से लेकर वोटरों को जोड़ने तक पूरी ताकत लगाई गई। कुछ प्रत्याशियों पर संगठनों ने अपना हाथ भी रखा। हालांकि नतीजों ने दिखा दिया कि बाहरी नेताओं की सक्रियता और उनके चुनावी दावे मतदाताओं के फैसले की गारंटी नहीं बन सके। क्षेत्रीय लॉबियों के साथ बाहरी संगठनों की रणनीति भी वोटरों के अपने आकलन के सामने सीमित रह गई। आठ साल बाद लौटे चुनाव में मतदाताओं ने अपनी पसंद से नेतृत्व चुना। वोटिंग में उत्साह, एएमयू में बढ़ा मतदान; वीमेंस कॉलेज में गिरावट आठ साल के लंबे इंतजार के बाद मतदान को लेकर छात्रों में जबरदस्त उत्साह रहा। मतदान केंद्रों पर कतारें लगीं और बड़ी संख्या में छात्र वोट डालने पहुंचे। हालांकि वीमेंस कॉलेज में वर्ष 2018 के मुकाबले मतदान प्रतिशत में गिरावट दर्ज हुई। मतदान का आंकड़ा 2026 में में 74.65% वोट एएमयू कैंपस में पड़े 2018 में 65% वोट एएमयू कैंपस में पड़े थे 2026 में 62.5% वोट वीमेंस कॉलेज में पड़े 2018 में 66% वोट वीमेंस कॉलेज में पड़े थे एएमयू में वर्ष 2018 के 65 प्रतिशत के मुकाबले इस बार मतदान बढ़ा। वहीं वीमेंस कॉलेज में 3.5 प्रतिशत की गिरावट रही। दिवाली की छुट्टियों को कम मतदान की एक वजह माना गया। इसके अलावा मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण कुछ छात्राओं को मतदान केंद्र से लौटना पड़ा।
बलिया के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने पेंशन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लाभार्थियों से संबंधित विभागीय कार्यालय पहुंचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जिनकी पेंशन किसी कारण से रुक गई है या सरकारी रिकॉर्ड में तकनीकी गलती से मृत दिखाया गया है, वे अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। शासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति पेंशन योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए संबंधित विभाग को समस्याओं का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि पेंशन योजनाओं के संचालन और लाभार्थियों तक समय से पेंशन पहुंचाने के मामले में बलिया प्रदेश के 75 जिलों में छठे स्थान पर है। प्रशासन का प्रयास है कि जिले को प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंचाया जाए। इसके लिए लंबित मामलों का जल्द निस्तारण करने पर जोर दिया जा रहा है। इन कारणों से रुक सकती है पेंशन विभाग के मुताबिक, आधार कार्ड में गलती, परिवार रजिस्टर की नकल उपलब्ध न होना, बैंक खाता बंद होना और सरकारी रिकॉर्ड में लाभार्थी को मृत दिखाया जाना पेंशन रुकने के प्रमुख कारण हैं। इन तकनीकी और दस्तावेजी समस्याओं के चलते पात्र लाभार्थियों को समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। जरूरी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचें लाभार्थी डीएम ने लाभार्थियों से आधार कार्ड, बैंक पासबुक, परिवार रजिस्टर की नकल और अन्य जरूरी दस्तावेज लेकर संबंधित विभागीय कार्यालय पहुंचने को कहा है। वहां अपनी समस्या दर्ज कराकर रिकॉर्ड में सुधार कराया जा सकता है, जिससे रुकी हुई पेंशन दोबारा शुरू हो सके। जिला प्रशासन और संबंधित विभाग लंबित मामलों का निस्तारण कर पेंशन वितरण व्यवस्था बेहतर बनाने में जुटे हैं।
बदायूं में शुक्रवार को वूलन मार्केट का शुभारंभ हुआ। सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने फीता काटकर बाजार का उद्घाटन किया। इसके बाद दीप प्रज्ज्वलित कर बाजार की शुरुआत की। इस मौके पर विधायक ने कहा कि सर्दियों के मौसम में गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए यह बाजार शहर के साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी सुविधाजनक रहेगा। एक ही स्थान पर गर्म कपड़ों की विभिन्न दुकानें उपलब्ध होने से लोगों को खरीदारी में सहूलियत मिलेगी। विधायक ने बाजार में दुकानें लगाने वाले व्यापारियों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बाजार में बेहतर माहौल बनाए रखने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा। उन्होंने व्यापारियों से व्यवस्थित तरीके से कारोबार करने और बाजार की व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। कार्यक्रम में क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष राकेश सिंह, विनीत पांडेय, मिलन सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दीवाली के लिए कोडरमा के किसान पप्पू कुमार फूल उगा रहे हैं। उन्हें इस सीजन में फूलों की बिक्री से एक लाख रुपए से ज्यादा कमाई की उम्मीद है। दीवाली पर गेंदा, रजनीगंधा, चमेली और उड़हुल फूलों की मांग रहती है। कई स्थानीय व्यापारी फूलों के लिए पश्चिम बंगाल पर निर्भर हैं। कोडरमा में स्थानीय स्तर पर फूलों की खेती से यह निर्भरता कम हो रही है। पप्पू कुमार झारखंड-बिहार सीमा पर कोडरमा जिले के डोमचांच प्रखंड के फुलवरिया गांव में खेती करते हैं। उन्होंने परंपरागत और सब्जी की खेती छोड़कर फूलों की खेती शुरू की। लॉकडाउन के वक्त गांव लौट शुरू की खेतीपप्पू 2006 से एक नेटवर्किंग कंपनी में काम कर रहे थे। उन्होंने देशभर में करीब 5 लाख लोगों का नेटवर्क बनाया था और अच्छी कमाई कर रहे थे। 2020 में कोरोना के दौरान लॉकडाउन लगा तो कंपनी का काम ठप हो गया। पप्पू बेरोजगार हुए और आर्थिक संकट में घिर गए। इसके बाद वे गांव लौटे और खेती करने का फैसला किया। उन्होंने एक कट्ठा जमीन से फूलों की खेती शुरू की। अब वे अपनी और लीज पर ली गई जमीन मिलाकर 3 एकड़ की खेत में फूल उगा रहे हैं। 20 फूलों की एक लड़ी 35 रुपए मेंआज पप्पू अपने खेतों में लाल व पीला गेंदा, चेरी और जाफरी की व्यापक खेती करते हैं। वे 20 फूलों की एक लड़ी को 35 रुपए में बेचते हैं। उनके फूलों की मांग सिर्फ कोडरमा तक सीमित नहीं है, बल्कि रांची, हजारीबाग, रामगढ़, गिरिडीह, चतरा और बिहार के कई प्रमुख शहरों में भी नियमित रूप से भेजी जाती है। आज वे फूलों की बदौलत सालाना 10-12 लाख रुपए की आमदनी कर रहे हैं। इस सफलता ने पप्पू के जीवन को पूरी तरह बदल दिया है। वे समाज में एक सम्मानित जीवन जी रहे हैं और अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिला रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने गांव के लगभग एक दर्जन महिला-पुरुषों को रोजगार भी दिया है। युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्त्रोतइस पूरी यात्रा में उनकी पत्नी का अतुलनीय योगदान रहा है। कोरोना के मुश्किल दौर में उनकी पत्नी ने खेती में हाथ बंटाकर उनका हौसला बढ़ाया। पप्पू के परिवार का मानना है कि यदि कृषि विभाग की ओर से सब्सिडी पर सोलर पैनल और सिंचाई उपकरण उपलब्ध करा दिए जाएं, तो पानी की समस्या दूर हो जाएगी। इससे खेती का दायरा और बढ़ेगा, उत्पादन में तेजी आएगी तथा गांव के और भी लोगों को रोजगार मिल सकेगा। पप्पू की यह पहल क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है।
हरियाणा में आज धनतेरस पर बाजारों में रौनक उमड़ पड़ी है। ग्राहकों से बाजार भरे पड़े हैं। शहरों में जगह-जगह जाम जैसी स्थित है। हिसार में पंडित देव कुमार शर्मा के अनुसार दिनभर खरीदारी के लिए शुभ योग है। वहीं कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर लक्ष्मी-कुबेर पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:11 बजे से रात 8:07 बजे तक रहेगा। छोटी दिवाली और दिवाली से ठीक पहले होने वाली इस बंपर खरीदारी को लेकर ऑटोमोबाइल, सराफा, इलेक्ट्रॉनिक्स, कपड़ा और बर्तन कारोबारियों ने विशेष तैयारियां की हैं। व्यापार मंडलों और विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार धनतेरस से दिवाली तक अरबों रुपए से अधिक का कारोबार हो सकता है।इस बार नई गाड़ियों को लेकर खरीदारों में खासा उत्साह है। शहर के कार और दोपहिया वाहनों के शोरूम्स में पहले से ही भारी बुकिंग हो चुकी है, जिनकी डिलीवरी आज सुबह से शुरू हो रही है।
गोरखपुर में बड़हलगंज नगर पंचायत के वाहन बेड़े में छह नए वाहन शामिल किए गए हैं। इनमें दो कूड़ा संग्रहण वाहन, दो वाटर टैंक और दो अत्याधुनिक फॉगिंग मशीनें हैं। चिल्लूपार विधायक राजेश त्रिपाठी और चेयरमैन डॉ. प्रीति महेश उमर के प्रयासों से उपलब्ध कराए गए इन वाहनों का शुक्रवार को धनतेरस के अवसर पर शुभारंभ किया गया। विधायक ने विधिवत पूजन कर वाहनों को रवाना किया। नए वाहनों के शामिल होने से नगर में सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति और मच्छरों से बचाव के लिए फॉगिंग अभियान को मजबूती मिलेगी। कूड़ा संग्रहण वाहनों से नियमित उठान में सुविधा होगी, जबकि वाटर टैंकों से जरूरत के अनुसार पानी की आपूर्ति की जा सकेगी। फॉगिंग मशीनों से मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम में मदद मिलेगी। इस अवसर पर भाजपा विधानसभा प्रभारी संतोष राय, मंडल अध्यक्ष दुर्गेश मिश्र, सभासद दीपक शर्मा, दीपक गौड़, राकेश राय और संजय सोनकर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
बस्ती में धनतेरस पर जिले के ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी देखने को मिली। शुभ मुहूर्त में नया वाहन खरीदने की परंपरा के चलते दोपहिया और चारपहिया वाहनों की खरीदारी के लिए सुबह से ही एजेंसियों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। अपनी पसंद और बजट के अनुसार लोगों ने वाहनों की बुकिंग और खरीदारी की। इससे ऑटोमोबाइल कारोबारियों के चेहरे खिल उठे। हरदिया चौराहा स्थित मारुति सुजुकी शोरूम में ही धनतेरस पर 60 वाहनों की बुकिंग हुई, 10 करोड रुपए से अधिक के ये वाहन हैं। वाहन खरीदने को लेकर खास उत्साह शोरूम के प्रबंधक आरके वर्मा ने बताया कि बुकिंग के सापेक्ष ग्राहकों को धीरे-धीरे वाहनों की डिलीवरी दी जा रही है। त्योहार के मौके पर ग्राहकों में वाहन खरीदने को लेकर खास उत्साह देखने को मिला। धनतेरस को नई वस्तुओं और वाहनों की खरीदारी के लिए शुभ माना जाता है। इसी मान्यता के चलते लोग परिवार के साथ वाहन एजेंसियों पर पहुंचे। वाहन पसंद कर खरीदारी की ग्राहकों ने अपनी पसंद के मॉडल, रंग और फीचर्स की जानकारी लेने के बाद वाहन खरीदने का निर्णय लिया। कई लोगों ने पहले से बुकिंग करा रखी थी, जबकि कुछ ग्राहकों ने मौके पर ही वाहन पसंद कर खरीदारी की। वाहन खरीदने वाले परिवारों में भी खास उत्साह दिखाई दिया। नई गाड़ी घर ले जाने की खुशी उनके चेहरों पर साफ नजर आई। एजेंसियों पर वाहन की चाबी मिलने के बाद ग्राहकों ने प्रसन्नता जताई, यही हाल जिले की अन्य एजेंसियों का भी है l
पंचकूला में सिविल वर्दी में तैनात पुलिसकर्मी ने बचाई चौकीदार की जान, तबीयत बिगड़ने पर तुरंत दी CPR
पंचकूला में हरियाणा ग्रामीण चौकीदार सम्मान समारोह के दौरान एक चौकीदार की तबीयत बिगड़ने पर सिविल कपड़ों में तैनात सिपाही अनिल कुमार ने सीपीआर देकर उसकी जान बचाई।
कानपुर देहात में दीपावली पर्व के अवसर पर स्थानीय हुनर और महिला स्वावलंबन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो दिवसीय दीपावली मेले का आयोजन किया गया है। शुक्रवार को विकास भवन के प्रवेश द्वार पर जिला आकांक्षा समिति के सौजन्य से आयोजित इस मेले का शुभारंभ समिति की अध्यक्ष चारू सिंह ने फीता काटकर किया। 6 और 7 नवंबर तक चलने वाले इस मेले में मुख्य विकास अधिकारी विधान जायसवाल की पत्नी कंचन जायसवाल और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की पत्नी मनीषा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। हस्तशिल्प, कड़ाई वाले वस्त्र और घरेलू उत्पादों के लगे स्टॉल दीपावली मेले में महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय हस्तशिल्प कारीगरों द्वारा तैयार किए गए विविध उत्पादों की आकर्षक प्रदर्शनी लगाई गई है। मेले में महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित कपड़े, बारीक कढ़ाई वाले परिधान, घरेलू सजावटी सामान और पारंपरिक हस्तशिल्प उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं, जो आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और बच्चों का कराया गया अन्नप्राशन मेले के शुभारंभ के दौरान अध्यक्ष चारू सिंह ने सामाजिक सरोकार निभाते हुए गर्भवती महिलाओं की गोद भराई और छोटे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं और बच्चों के परिजनों को शुभकामनाएं देते हुए स्वस्थ जीवन की कामना की। इसके पश्चात उन्होंने मेले के सभी स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उद्यमियों से उनके उत्पादों की निर्माण प्रक्रिया और बिक्री के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। लोकल फॉर वोकल की अपील: स्थानीय उत्पादों को दें प्राथमिकता निरीक्षण के दौरान चारू सिंह ने कहा कि महिलाओं को सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर प्रदान करना ही समृद्ध समाज का आधार है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि दीपावली की खरीदारी के दौरान स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों और स्वयं सहायता समूहों की सामग्री को प्राथमिकता दें। इससे महिला उद्यमियों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय रोजगार को प्रोत्साहन मिलेगा। बैंकिंग सुविधाओं के लिए विशेष स्टॉल और गणमान्य हस्तियों की उपस्थिति महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम और जागरूक बनाने के उद्देश्य से मेले में जीरो बैलेंस बैंक खाते खोलने के लिए विशेष स्टॉल भी लगाया गया है। कार्यक्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी रेनू यादव, जिला कृषि अधिकारी प्राची पांडेय, अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह सहित आकांक्षा समिति की सदस्य, बैंक प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा: Bhajanlal
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘प्रलय ’ मिसाइल के सफल परीक्षण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस संबंध में आज एक्स के माध्यम से कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत आज स्वदेशी तकनीक, वैज्ञानिक मेधा और नवाचार के सामर्थ्य से अपनी रक्षा क्षमताओं में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में ‘प्रलय ’ मिसाइल का सफल परीक्षण भारत की बढ़ती सामरिक शक्ति, तकनीकी आत्मनिर्भरता और सुदृढ़ रक्षा संकल्प का गौरवशाली प्रमाण है। इस महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के लिए डीआरडीओ की पूरी टीम, हमारे समर्पित वैज्ञानिकों, सशस्त्र बलों एवं इस मिशन से जुड़े सभी कर्मयोगियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। राष्ट्र की सुरक्षा और सामरिक सामर्थ्य को सुदृढ़ करने के प्रति आपका समर्पण एवं योगदान अभिनंदनीय है। वहीं उन्होंने एक अन्य पोस्ट के माध्यम से कहा कि स्थानीय अपनाएँ, स्वदेशी को बढ़ाएँ। राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति और पारंपरिक हुनर हमारी गौरवशाली विरासत हैं। इस दीपावली, आइए ‘वोकल फॉर लोकल ’ के संकल्प को अपनाएँ, स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता दें और प्रदेश के कारीगरों एवं छोटे उद्यमियों के आत्मनिर्भरता के सपनों को नई उड़ान दें। PC:dipr.rajasthan अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
भाजपा सरकार के पास विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तथ्य नहीं: Dotasra
जयपुर। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक बार फिर से भाजपा को निशाने पर लिया है। उन्होंने अब एक्स के माध्यम से कहा कि भाजपा सरकार के पास विपक्ष के सवालों का जवाब देने के लिए तथ्य नहीं हैं, विपक्ष की आवाज दबाने और केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराया जाता है। संसद से लेकर सड़क तक जनता के मुद्दों पर उठने वाली हर आवाज को दबाने की कोशिश की जाती है। सत्ता में आए 3 साल होने को हैं, लेकिन पेपर लीक पर कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं कर पाई है भजनलाल सरकार। मंचों से पेपरलीक का शोर मचाकर जनता को गुमराह किया गया, बड़े-बड़े दावे किए गए, लेकिन जब जवाबदेही और कार्रवाई की बारी आती है तो सरकार के हाथ खाली नजर आते हैं। डोटासरा ने कहा कि राइजिंग राजस्थान के नाम पर प्रदेश की जनता को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए। मुख्यमंत्री जी, आपने 10-12 लाख करोड़ रुपये के निवेश और लाखों नौकरियों के दावे किए, लेकिन इनमें से कितना निवेश वास्तव में धरातल पर उतरा? कितने युवाओं को रोजगार मिला? निवेश का पूरा हिसाब सार्वजनिक कीजिए, ताकि आपके दावों की हकीकत जनता के सामने आ सके। सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता के प्रति जवाबदेही हमेशा रहती है। लोकतंत्र में सवालों से मुंह नहीं मोड़ा जाता, सवाल उठाने वालों को डराया नहीं जाता, बल्कि तथ्यों के साथ जवाब दिया जाता है। भाजपा सरकार को कामों का हिसाब जनता को देना चाहिए उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को अपनी नीतियों, योजनाओं और विकास के कामों का हिसाब जनता को देना चाहिए, न कि व्यक्तिगत हमलों और धमकियों की राजनीति करनी चाहिए। जब कोई वरिष्ठ नेता, पूर्व में शासन चला चुका व्यक्ति या विपक्ष का नेता जनता से जुड़े सवाल उठाता है, आपकी नीतियों और भ्रष्टाचार पर जवाब मांगता है, तो आप उसे जेल भेजने की धमकी देने लगते हैं। क्या यही मुख्यमंत्री पद की गरिमा है? आप चार-पांच उद्योगपतियों के नाम लेकर पिछली सरकार पर आरोप लगाते हैं। अगर उन्होंने कोई गलत लाभ लिया था, तो तीन साल में कार्रवाई क्यों नहीं की? सिर्फ आरोप लगाकर अपनी जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। इन धमकियों से शासन मत चलाइए। PC:x अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें
औरैया पुलिस ने खोजे 111 गुम मोबाइल:25 लाख के फोन मालिकों को लौटाए, लोगों के चेहरे खिले
औरैया की साइबर थाना पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए 111 मोबाइल फोन खोज निकाले। इनकी अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपए है। शुक्रवार की दोपहर एसपी अभिषेक भारती ने एक। आने फोन उनके मालिकों को लौटाए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक व क्षेत्राधिकारी बिधूना की निगरानी में टीम मोबाइल फोन तलाश रही थी। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों और केंद्र सरकार के सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की मदद से फोन ट्रेस किए। पुलिस ने मोबाइल धारकों को सूचना देकर फोन लौटाने की प्रक्रिया शुरू की। लंबे समय बाद खोया फोन वापस मिलने पर लोगों ने राहत महसूस की। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपने मोबाइल में प्ले स्टोर से संचार साथी ऐप डाउनलोड करने की अपील की। मोबाइल खोने या चोरी होने पर ऐप से उसे खोजने में मदद मिल सकती है। मोबाइल गुम होने पर उसे ब्लॉक कराने के लिए संचार साथी या सीईआईआर पोर्टल का इस्तेमाल करें। गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र लेकर स्थानीय थाने में शिकायत करें। मोबाइल खोजने वाली टीम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार और हेड कांस्टेबल हेमंत चौधरी शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की सराहना की।
बिजनौर में पिंजरे में कैद हुआ गुलदार:15 दिन बाद वन विभाग ने पकड़ा, जालपुर पौधशाला छोड़ा गया
बिजनौर के किरतपुर ब्लॉक के बुधगरा गांव में वन विभाग की ओर से लगाए गए पिंजरे में शुक्रवार को एक नर गुलदार कैद हो गया। गुलदार की उम्र करीब आठ साल बताई जा रही है। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसका रेस्क्यू किया। करीब 15 दिन पहले गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया गया था। काफी दिनों के इंतजार के बाद गुलदार के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत महसूस की। देखिए घटना संबंधित तस्वीरें… गांव और आसपास के इलाकों में बना था गुलदार का डर ग्रामीणों के मुताबिक, गुलदार पिछले काफी समय से बुधगरा और आसपास के गांवों के क्षेत्र में दिखाई दे रहा था। कई बार उसकी मौजूदगी देखे जाने से लोगों में दहशत का माहौल था। खासकर खेतों में काम करने वाले किसानों और सुबह-शाम घरों से बाहर निकलने वाले लोगों को गुलदार का डर सता रहा था। ग्रामीण खेतों में जाने और अन्य जरूरी कामों के लिए निकलते समय सतर्कता बरत रहे थे। ग्रामीणों की मांग पर लगाया गया था पिंजरा गुलदार की लगातार मौजूदगी को देखते हुए ग्रामीणों ने वन विभाग और संबंधित अधिकारियों से उसे पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की मांग की थी। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने करीब 15 दिन पहले बुधगरा गांव में पिंजरा लगाया था। इसके बाद से वन विभाग की टीम गुलदार की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। शुक्रवार को गुलदार पिंजरे में फंस गया। इसकी जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू की प्रक्रिया पूरी की। जालपुर पौधशाला ले जाया जा रहा गुलदार वन विभाग के मुताबिक, पकड़े गए नर गुलदार की उम्र करीब आठ साल है। अधिकारियों के निर्देश पर उसे विभागीय जालपुर पौधशाला ले जाया जा रहा है। गुलदार के पकड़े जाने की खबर मिलने के बाद ग्रामीणों ने राहत जताई। लोगों का कहना है कि उसकी मौजूदगी के कारण उन्हें काफी समय से डर के बीच रहना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर संतोष व्यक्त किया।
बागपत। जनपद बागपत पुलिस की दो महिला मुख्य आरक्षियों ने खेल के मैदान में शानदार प्रदर्शन कर जिले और उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम रोशन किया है। 34वीं यूपी मास्टर एथलेटिक्स मीट 2026-27 में विभिन्न खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाली महिला मुख्य आरक्षी उपासना और महिला मुख्य आरक्षी यशोदा को पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने सम्मानित किया। इस दौरान एसपी ने दोनों महिला पुलिसकर्मियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जानकारी के अनुसार 34वीं यूपी मास्टर एथलेटिक्स मीट में महिला मुख्य आरक्षी 321 उपासना और महिला मुख्य आरक्षी 487 यशोदा ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने हाई जंप, लॉन्ग जंप और जैवलिन थ्रो सहित विभिन्न एथलेटिक्स स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर पदक अर्जित किए। उनकी इस उपलब्धि से बागपत पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है। दोनों महिला मुख्य आरक्षियों की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका चयन आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक पूर्णेन्दु सिंह ने दोनों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में इस तरह का प्रदर्शन अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों महिला मुख्य आरक्षियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन करने और जनपद बागपत के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया।पुलिस अधीक्षक ने कहा कि खेल प्रतियोगिताओं में इस तरह का प्रदर्शन अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने दोनों महिला मुख्य आरक्षियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भी बेहतर प्रदर्शन करने और जनपद बागपत के साथ उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं, सम्मान मिलने पर दोनों महिला पुलिसकर्मियों ने भी खुशी जाहिर की। उनकी इस सफलता को पुलिस विभाग के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
फतेहपुर में दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में लापरवाही बरतना हथगांव थाना प्रभारी और विवेचक को भारी पड़ गया। पीड़िता की शिकायत पर दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज करने के बजाय मामले को मारपीट की धाराओं में दर्ज करने के आरोप में एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने शुक्रवार को थाना प्रभारी अरुण चतुर्वेदी और उपनिरीक्षक अखिलेश यादव को निलंबित कर दिया। दोनों पर मामले में लीपापोती करने और आरोपी पक्ष से अवैध वसूली के आरोप भी लगे थे। कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में खलबली मच गई। मामला हथगांव थाने से जुड़ा है। आरोप है कि एक पीड़िता ने थाने में दुष्कर्म की शिकायत की थी। इसके बावजूद थाना प्रभारी अरुण चतुर्वेदी और मामले के विवेचक उपनिरीक्षक अखिलेश यादव ने शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने दुष्कर्म के मामले को मारपीट का मामला बताकर एफआईआर दर्ज कर दी। इतना ही नहीं, आरोपी पक्ष से कथित अवैध वसूली करने और मामले को कमजोर करने के आरोप भी लगाए गए। न्याय के लिए पीड़िता को खटखटाना पड़ा अदालत का दरवाजा पीड़िता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने उसकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की और आरोपियों को बचाने का प्रयास किया। इसके बाद उसे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। न्यायालय के आदेश के बाद मामले में दुष्कर्म से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे। जांच में लापरवाही सामने आने पर एसपी की कार्रवाई प्रकरण की शुरुआती जांच में थाना प्रभारी अरुण चतुर्वेदी और विवेचक अखिलेश यादव की कार्यशैली में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। पुलिस विभाग की इस कार्रवाई को गंभीर मामलों में शिकायतों की अनदेखी और विवेचना में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
लखनऊ में होर्डिंग को लेकर सियासत लगातार तेज हो रही है। शुक्रवार को समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर दीपावली के मौके पर नई होर्डिंग लगाई गई। इसमें PDA की नई परिभाषा पेश करने के साथ तीन पीढ़ियों को एक साथ साधने की कोशिश की गई है। होर्डिंग पर नारा दिया गया- 'अंधकार पर प्रहार, अखिलेश हैं तैयार'। PDA कि नई परिभाषा होर्डिंग में मिलेनियल्स, Gen Z और Gen Alpha को केंद्र में रखकर संदेश दिया गया है। इसमें लिखा है- 'Millennials Power, Gen Z's Drive, Gen Alpha's Action'। इसके साथ ही 'Three Generations, One Future: Akhilesh' का संदेश भी दिया गया है। इसके जरिए मिलेनियल्स की ताकत, Gen Z की सकारात्मक ऊर्जा और Gen Alpha के एक्शन को नए भविष्य से जोड़ने की कोशिश की गई है। ‘अखिलेश सबको साथ लेकर चलने का नाम’ होर्डिंग सपा नेता इंजीनियर हिमांशु द्विवेदी ने लगवाई है। उनका कहना है कि PDA सिर्फ एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सभी वर्गों और पीढ़ियों को साथ लेकर चलने की सोच है। अखिलेश यादव बुजुर्गों का सम्मान करते हैं, युवाओं के विचारों को महत्व देते हैं और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर भी चिंतित रहते हैं। अखिलेश यादव तीनों पीढ़ियों को साथ लेकर चलने वाले नेता हैं। ‘सपा के परचम के नीचे सबका विकास’ हिमांशु ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपने परचम के साथ हर वर्ग और समुदाय को जोड़ने का काम कर रही है। उन्होंने दावा किया 2027 में अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री बनने पर प्रदेश के विकास की नई तस्वीर सामने आएगी। यूपी से समाजवादी पार्टी की सरकार जाने के बाद विकास की ट्रेन पटरी से उतर गई है।
सिरोही में पिंडवाड़ा थाना इलाके में ब्यावर-पिंडवाड़ा फोरलेन पर नया सनवाड़ा गांव के पास ट्रक और निजी ट्रैवल्स बस से बचने की कोशिश में बाइक गड्ढे में गिर गई। हादसे में बाइक सवार 2 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। जानकारी के अनुसार कुचामन सिटी निवासी राकेश कुमार शर्मा और कमल शर्मा बाइक से अहमदाबाद से कुचामन जा रहे थे। नया सनवाड़ा गांव के पास पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक और निजी ट्रैवल्स बस ने उन्हें कट मारा। इससे बाइक सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी।हादसे में कमल शर्मा को गंभीर चोटें आईं और वह बेहोश हो गए। उनके पैर में फ्रैक्चर हुआ है। राकेश कुमार शर्मा ने घटना की सूचना परिजनों को दी। एक घायल की हालत गंभीरसूचना मिलने पर 108 एम्बुलेंस के पायलट सुरेंद्र सिंह देवड़ा सहयोगी के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों घायलों को प्राथमिक उपचार दिया और जिला अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया। वहां डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने इलाज शुरू किया।कमल शर्मा की हालत चिंताजनक बताई गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया। उनके पैर में फ्रैक्चर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें हैं।बताया गया कि हादसे के बाद ट्रक और निजी ट्रैवल्स बस के ड्राइवर अपने वाहन लेकर मौके से फरार हो गए।
बिजनौर में शुक्रवार को 12 बजे जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह ने कलेक्ट्रेट के महात्मा विदुर सभागार में जिला सैनिक बंधु समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि पूर्व सैनिकों और दिवंगत सैनिकों की वीर नारियों की समस्याएं प्राथमिकता से सुलझाई जाएंगी। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं के समाधान में लापरवाही न करें। विभागों के बीच तालमेल बनाकर मामलों को तय समय में सुलझाएं। तहसील सदर से जुड़े एक मामले में वीर नारी की समस्या पर डीएम ने उप जिलाधिकारी सदर और पुलिस क्षेत्राधिकारी शहर को पत्र भेजा। उन्होंने समस्या सुलझाकर एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। तहसील चांदपुर से जुड़े एक मामले में उप जिलाधिकारी चांदपुर और पुलिस क्षेत्राधिकारी चांदपुर को जरूरी कार्रवाई कर रिपोर्ट देने को कहा गया। बैठक में पूर्व सैनिकों और वीर नारियों से जुड़े 22 पुराने और 12 नए मामलों पर चर्चा हुई। डीएम ने अधिकारियों को सभी मामलों की जांच कर नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने और शिकायतें सुलझाने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, अन्य विभागों के अधिकारी, पूर्व सैनिक और वीर नारियां मौजूद रहे।
अनूपपुर जिला अस्पताल में पिछले 3 दिनों से सीटी स्कैन जांच सुविधा बंद है। मशीन के CPU में तकनीकी खराबी आने के कारण मरीजों की जांच नहीं हो पा रही है। इससे सड़क हादसों में घायल मरीजों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को परेशानी हो रही है। अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को फिलहाल जांच कराए बिना लौटना पड़ रहा है। घायल छात्रा की जांच नहीं हो सकी गुरुवार शाम सड़क हादसे में घायल होकर जिला अस्पताल पहुंची सकरिया निवासी छात्रा सुचिता पटेल के सिर में चोट लगी थी। उनकी जांच के लिए सीटी स्कैन की जरूरत थी, लेकिन शुक्रवार सुबह तक मशीन बंद होने के कारण जांच नहीं हो सकी। परिजन अब बाहर से सीटी स्कैन कराकर रिपोर्ट डॉक्टर को दिखाएंगे। पुणे से मंगवाए मशीन के पार्ट्स जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. एसआर परस्ते ने बताया कि सीटी स्कैन सेंटर के कर्मचारियों से चर्चा हुई है। कंपनी ने जानकारी दी है कि सीपीयू में आई खराबी से जुड़े पार्ट्स भोपाल में उपलब्ध नहीं थे, इसलिए उन्हें पुणे से मंगवाया गया है। मशीन सुधारने के लिए भोपाल से इंजीनियर भी रवाना किया गया है। कंपनी ने शनिवार तक मशीन ठीक होने की संभावना जताई है। सेंटर के कर्मचारियों के अनुसार, खराबी आने के बाद कंपनी को पत्र और फोन के जरिए सूचना दी गई थी। हालांकि, शुरुआत में कंपनी की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। कर्मचारियों ने मरीजों को दीपावली के बाद मशीन सुधरने की जानकारी दी थी। रोज 25-30 मरीज पहुंचते हैं सेंटर जिला अस्पताल में दिसंबर 2021 से सीटी स्कैन सेंटर का संचालन शुरू हुआ था। इसका उद्देश्य मरीजों को रियायती दरों पर और आयुष्मान व बीपीएल कार्डधारकों को निशुल्क जांच सुविधा उपलब्ध कराना था। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में रोजाना औसतन 25 से 30 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं। अक्टूबर में कलेक्टर द्वारा चिकित्सकों को अनावश्यक सीटी स्कैन जांच नहीं लिखने के निर्देश देने से पहले यह संख्या रोजाना 40 से 45 मरीज तक थी। सेंटर शुरू होने से पहले मरीजों को सीटी स्कैन के लिए शहडोल जाना पड़ता था, जहां निजी अस्पतालों में जांच पर 3,000 से 5,000 रुपए तक खर्च होने की बात बताई गई है।
हरियाणा में प्रतियोगी व सार्वजनिक परीक्षाओं में होने वाली धांधली और पेपर लीक जैसी गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार सख्त रुख अपना रही है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए 'द पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट एक्ट, 2026' के प्रावधानों को अब हरियाणा के उच्च शिक्षा विभाग, सभी सरकारी कॉलेजों, एनसीसी यूनिट्स और पुस्तकालयों में सख्ती से लागू करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। उच्च शिक्षा महानिदेशक (DGHE), पंचकूला एस. नारायणन द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के तहत राज्य के सभी सरकारी कॉलेजों के प्राचार्यों, एनसीसी कमांडिंग अफसरों और जिला व उप-मंडल पुस्तकालय अध्यक्षों को इस कानून का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। अब जानिए, नए संशोधन कानून में नियम
दीपावली की सफाई को लेकर पति से कहासुनी:महिला ने जहरीला पदार्थ खाया; इलाज के दौरान मौत
टोंक जिले के देवली में दीपावली की साफ-सफाई को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद 40 वर्षीय महिला ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। इलाज के दौरान कोटा के एमबीएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई। महिला की पहचान कीर मोहल्ला निवासी कविता देवी रेगर के रूप में हुई है। महिला के पति फूलचंद ने बताया कि गुरुवार शाम वह खेत से घर लौटा था। घर में दीपावली की साफ-सफाई और पुताई का काम चल रहा था। पत्नी रसोई की सफाई कर रही थी। उसने पति से रसोई साफ करने को कहा। इस पर पति ने खेत से आने के कारण कुछ देर आराम करने के बाद काम करने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद कविता ने खुद को रसोई में बंद कर कीटनाशक दवा खा ली। तबीयत बिगड़ने पर पति उसे देवली अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कोटा रेफर कर दिया गया। एमबीएस अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।
भोपाल में निवाड़ी विधायक अनिल जैन के श्यामला हिल्स स्थित बंगले को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात बदमाश खिड़की के सरिए तोड़कर अंदर घुसे और LED टीवी, ड्रायफ्रूट्स के डिब्बे व चश्मा चोरी कर ले गए। वारदात 3 और 4 नवंबर के बीच की बताई जा रही है। चोरी का खुलासा उस समय हुआ, जब कर्मचारी बंगले पर पहुंचा। गुरुवार रात सूचना मिलने पर श्यामला हिल्स पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी CCTV कैमरों में कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान करने में जुटी है। खिड़की के सरिए तोड़कर अंदर पहुंचे पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने बंगले में प्रवेश के लिए खिड़की को निशाना बनाया। उसके सरिए तोड़कर वे अंदर दाखिल हुए। इसके बाद कमरे में रखे सामान को खंगाला और LED टीवी, ड्रायफ्रूट्स के डिब्बे और चश्मा लेकर फरार हो गए। घटना के वक्त बंगले में कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। 3 और 4 नवंबर के बीच हुई इस वारदात का पता कर्मचारी के पहुंचने पर चला। आरोपियों के आने-जाने के रास्तों का मैप तैयार कर रही पुलिस चोरी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और CCTV फुटेज खंगाले। फुटेज में संदिग्ध आरोपी वारदात के दौरान कैद हुए हैं। पुलिस अब उनके आने-जाने के रास्तों और पहचान का पता लगाने की कोशिश कर रही है। श्यामला हिल्स पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया है।
सिंगरौली जिले के सरई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर कोयला परिवहन और उससे फैल रहे प्रदूषण का मामला गरमा गया है। कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल ने आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर निर्धारित क्षमता से कई गुना अधिक कोयले का परिवहन होने का आरोप लगाया है। वहीं, स्टेशन प्रबंधक रविकांत ने भी माना है कि कोयला परिवहन से प्रदूषण फैल रहा है। उन्होंने इस व्यवस्था को दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए रेलवे प्रशासन को पत्र लिखने की बात कही है। 25 से 30 लाख टन परिवहन का आरोप कांग्रेस नेता अरुण जायसवाल के मुताबिक, मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के स्थापना सहमति आदेश (CTE-64580) के तहत कोल यार्ड को सालाना अधिकतम 4 लाख 80 हजार मीट्रिक टन कोयले की लोडिंग और परिवहन की अनुमति मिली है। इसके बावजूद यहां हर साल 25 से 30 लाख मीट्रिक टन कोयले का परिवहन होने का दावा किया जा रहा है। उन्होंने रेलवे के वाणिज्य विभाग को 122.59 करोड़ रुपए से अधिक का मालभाड़ा मिलने का हवाला देते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है। स्टेशन प्रबंधक बोले- प्रदूषण हो रहा है, मानते हैं सरई रेलवे स्टेशन प्रबंधक रविकांत ने बताया कि रेलवे की ओर से कोयला परिवहन के लिए प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर जगह उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने स्वीकार किया कि कोयले के परिवहन से प्रदूषण हो रहा है। इस व्यवस्था को दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए रेलवे प्रशासन से पत्राचार किया जाएगा, ताकि प्रदूषण की समस्या कम हो सके। NGT में मामला ले जाने की चेतावनी अरुण जायसवाल ने आरोप लगाया कि कोयले के खुले परिवहन और भंडारण से आसपास की आबादी, रेलवे यात्रियों और स्कूली बच्चों को धूल प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के इंतजामों पर भी सवाल उठाए। जायसवाल ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा और मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में उठाया जाएगा।
सतना में रिहाई के बाद शक्ति प्रदर्शन पड़ा भारी, जमानत को समझी जीत; जुलूस निकालकर भेजा जेल
16 वर्षीय सत्यम शुक्ला हत्याकांड के आरोपी 23 वर्षीय मान सिंह उर्फ बेटू सिंगरौल को करीब 14 महीने जेल में रहने के बाद मंगलवार को न्यायालय से जमानत मिली थी।
सीतापुर के हरगांव थाना क्षेत्र के खेदरापुर गांव में शुक्रवार को 43 वर्षीय व्यक्ति ने फांसी लगाकर जान दे दी। उनका शव गांव के ही रामनरेश जायसवाल के गन्ने के खेत में नीम के पेड़ से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। नीम के पेड़ से लटका मिला शव जानकारी के मुताबिक, धीरज पुत्र रामदुलारे शुक्रवार को घर से पशुओं के लिए चारा लेने की बात कहकर निकले थे। इसके बाद वह रामनरेश जायसवाल के गन्ने के खेत में पहुंच गए। यहां उन्होंने नीम के पेड़ से फंदा लगाकर जान दे दी। कुछ समय बाद खेत में पहुंचे लोगों ने उनका शव पेड़ से लटका देखा। इसकी जानकारी मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए। धीरज शादीशुदा थे। उनके परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव घटना की सूचना मिलने पर हरगांव थाना प्रभारी आनंद नरायन त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर रही है।
मीरवाइज उमर फारूक को लगातार दूसरे शुक्रवार श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज का संबोधन करने से रोक दिया गया है। वह पिछले एक सप्ताह से अपने निगीन स्थित आवास पर नजरबंद हैं, और उन्होंने अपनी नजरबंदी पर नाराजगी व्यक्त की है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले के 1998 बैच के शिक्षकों ने टीईटी परीक्षा अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहत मांगी है। शिक्षकों ने इस फैसले के खिलाफ अंतरिम आवेदन दायर किया है। अधिवक्ता विशाल अरुण मिश्रा के जरिए उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ के सामने अपना पक्ष रखा। याचिकाकर्ता शिक्षकों का कहना है कि वे पिछले 28 साल से सरकारी सेवा में हैं। इनमें पेंड्रा विकासखंड के एलबी संवर्ग के प्रशांत शर्मा, सेमलाल साहू, गीताराम साहू, सुरेश राठौर, गणेश यादव और रजनी कोरी शामिल हैं। इन शिक्षकों की भर्ती 1998 में मध्यप्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर शिक्षा कर्मी पदों के लिए की थी। भर्ती राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) अधिनियम, 1993 के नियमों के तहत हुई थी। इस आवेदन में छत्तीसगढ़ के बम्हनीडीह, भानुप्रतापपुर, कांकेर, बस्तर, मोहला-मानपुर और नारायणपुर के शिक्षक भी शामिल हैं। इनके अलावा दूसरे राज्यों के शिक्षकों ने भी याचिका दायर की है। 8 सितंबर के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से जुड़ा है विवाद सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने राजेश चौहान विरुद्ध भारत संघ जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान 8 सितंबर को निर्देश जारी किया था। इसमें कहा गया था कि अगले आदेश तक स्कूलों या कॉलेजों में किसी शिक्षक को नियुक्त या समाहित नहीं किया जाएगा, जब तक उसके पास संबंधित कानूनों के तहत तय योग्यता नहीं हो। इस निर्देश में निशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, 1993 और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के तहत तय योग्यताओं का जिक्र किया गया था। शिक्षकों का कहना है कि उनकी भर्ती शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 लागू होने से पहले हुई थी। उनकी नियुक्ति उस समय राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद अधिनियम, 1993 के तहत तय मापदंडों के आधार पर की गई थी। ऐसे में उन पर टीईटी पास करने की अनिवार्यता लागू नहीं होनी चाहिए। 2017 में RTE एक्ट में संशोधन बना विवाद की वजह शिक्षकों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने 17 अक्टूबर 2017 को RTE एक्ट में संशोधन किया था। इसी संशोधन को वे टीईटी अनिवार्यता से जुड़ी समस्या की वजह मान रहे हैं। संशोधन के राजपत्र में कहा गया है कि 31 मार्च 2015 तक नियुक्त या पदासीन ऐसे शिक्षक, जिन्होंने निर्धारित न्यूनतम योग्यताएं हासिल नहीं की हैं, उन्हें संशोधन लागू होने की तारीख से चार साल के भीतर ये योग्यताएं प्राप्त करनी होंगी। केंद्र सरकार के जवाब पर टिकी नजरें शिक्षकों ने भारत सरकार से अपील की है कि टीईटी की अधिसूचना जारी होने से पहले भर्ती हुए शिक्षकों को राहत दी जाए। उनका तर्क है कि उनकी नियुक्ति उस समय सरकार की ओर से तय योग्यता के आधार पर हुई थी। इसलिए उसी पद पर नौकरी जारी रखने के लिए उन पर नई योग्यता लागू नहीं की जानी चाहिए। शिक्षकों ने आवेदन में यह भी कहा है कि सुप्रीम कोर्ट पहले कई मामलों में स्पष्ट कर चुका है कि भर्ती के नियम भविष्य में होने वाली भर्तियों पर लागू होते हैं। ऐसे में भारत सरकार की ओर से अंतरिम आवेदन पर पेश किया जाने वाला जवाब अहम होगा। शिक्षकों का कहना है कि नई योग्यता लागू होने से पहले से नियमित सरकारी सेवा में काम कर रहे कर्मचारियों के बीच नौकरी की सुरक्षा को लेकर असमंजस और असुरक्षा की स्थिति बन रही है।
Agniveer Service Extended: अग्निवीर योजना में सेवा अवधि चार से छह साल करने पर पूर्व सैन्य अधिकारियों और युवाओं ने इसे सकारात्मक कदम बताया है। हालांकि, युवाओं की मुख्य मांग है कि छह साल की सेवा के बाद स्थायी नियुक्ति का स्पष्ट रास्ता बनाया जाए।
बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत:ड्राइवर हो गया फरार, रामपुरा गांव के पास हुआ हादसा
चूरू जिले के भालेरी थाना क्षेत्र में रामपुरा गांव के पास बोलेरो की टक्कर से बाइक सवार 19 वर्षीय हितेश चावड़ा की मौत हो गई। हादसे के बाद बोलेरो ड्राइवर मौके से फरार हो गया। भालेरी पुलिस के अनुसार, चलकोई बनीरोतान निवासी हितेश बाइक से रामपुरा से अपने गांव जा रहा था। तभी रामपुरा के पास बोलेरो ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। फरार बोलेरो ड्राइवर की तलाश जारीहादसे में गंभीर रूप से घायल हितेश को स्थानीय लोग निजी वाहन से भालेरी के सरकारी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले गए। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर किया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर भालेरी पुलिस अस्पताल पहुंची। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने बोलेरो ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज किया और उसकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
हरियाणा में लोहारू में एसडीएम संदीप कुमार ने अधिकारियों से एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में सरकारी सहायता राशि जल्द वितरण करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम अपने कार्यालय में उपमंडल स्तरीय सतर्कता एवं निगरानी समिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एससी-एसटी अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में नियमों के अनुसार जल्दी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता राशि मिल सके। बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, 95 व 2016 के तहत दर्ज सात मामलों में राहत राशि और लंबित शिकायतों की समीक्षा की गई। संदीप कुमार ने बताया कि अपराध की प्रकृति के अनुसार पीड़ितों को 85 हजार से 8 लाख 25 हजार रुपए तक की सहायता राशि देने का प्रावधान है। यह राशि हत्या, रेप, गंभीर चोट, संपत्ति को नुकसान और अन्य अत्याचार के मामलों में नियमों के अनुसार दी जाती है। तहसील कल्याण अधिकारी विकास ने एससी-एसटी मामलों की जानकारी दी। बैठक में गैर सरकारी सदस्य हवा सिंह, रामधारी और संजय कुमार, तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय के तिलक सैणी और विक्रम सिंह सहित संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
1800 कुपोषित बच्चों की सेहत सुधारेगा अभियान:कमिश्नर और डीएम ने 250 महिलाओं को दी कढ़ाई और पोषण पोटली
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अभिनव सोच से प्रेरित परंपरा से पोषण तक: एक अभिनव पहल और पोषण पाठशाला कार्यक्रम का शुक्रवार दोपहर 2 बजे जिला मुख्यालय के जिला पंचायत सभागार में आगाज हुआ। देवीपाटन मंडल की कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल और डीएम प्रियंका निरंजन ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर अभियान का शुभारंभ किया। प्रथम चरण में जिले के सभी 16 विकास खंडों से आईं 250 महिलाओं को लोहे की कढ़ाई, पोषण पोटली और दीपावली के उपहार बांटे गए। लोहे की कढ़ाई से मिलेगा कुपोषण को जवाब अभियान का मुख्य उद्देश्य रसोई से एल्युमीनियम के बर्तनों को हटाकर पारंपरिक लोहे की कढ़ाई के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। लोहे के बर्तनों में खाना पकाने से भोजन में प्राकृतिक रूप से आयरन का स्तर बढ़ता है, जिससे महिलाओं और बच्चों में खून की कमी दूर होती है। महिलाओं को दी गई पोषण पोटली में गुड़, लाई, जरूरी दवाएं और दीपावली की मिठाई शामिल रही। वहीं सीएमओ के सहयोग से बच्चों के लिए कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाएं भी दी गईं। धनतेरस के मौके पर यह खास उपहार पाकर महिलाओं ने अधिकारियों का धन्यवाद किया। जड़ों की ओर लौटकर ही दूर होगी कुपोषण की समस्या: डीएम कार्यक्रम के दौरान डीएम प्रियंका निरंजन ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशानुरूप हर परिवार और बच्चे के बेहतर स्वास्थ्य के संकल्प के साथ यह शुरुआत की गई है। आधुनिकता की दौड़ में लोग भारतीय संस्कृति और खान-पान की सेहतमंद परंपराओं को भूलते जा रहे हैं। कुपोषण खत्म करने के लिए अपनी जड़ों की ओर लौटना और छोटी-छोटी आदतों को सुधारना बेहद जरूरी है। गोंडा में चिह्नित 1800 कुपोषित बच्चों को अगले दो महीने के भीतर इस योजना से पूरी तरह कवर कर लिया जाएगा। देवीपाटन मंडल के तीन अन्य जिलों में भी लागू होगी योजना कमिश्नर दुर्गा शक्ति नागपाल ने घोषणा की कि गोंडा की इस सफल पहल को जल्द ही देवीपाटन मंडल के बाकी तीन जिलों में भी लागू किया जाएगा। इस विस्तार से पूरे मंडल की लगभग 11,000 महिलाओं और बच्चों को सीधा फायदा पहुंचेगा और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को बड़े पैमाने पर मजबूती मिलेगी।
दीपावली पर जयपुर को रोशनी और सजावट से सजाने की तैयारी है। नगर निगम ने दीपोत्सव को प्रतियोगिता से जोड़ते हुए घरों, बाजारों और वार्डों के लिए अलग-अलग आयोजन किए हैं। जनपथ पर आज रात 8 बजे ड्रोन शो का ट्रायल होगा। 7 नवंबर को रात 9 बजे ड्रोन शो और 8 नवंबर को रात 9:30 बजे 15 मिनट की विशेष आतिशबाजी होगी। दोनों आयोजन अमर जवान ज्योति के सामने जनपथ पर होंगे। नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा के अनुसार- 4 से 11 नवंबर तक घरों, वार्डों, बाजारों और संस्थानों के लिए सजावट और स्वच्छता प्रतियोगिताएं होंगी। घर सजाने वालों को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, एलईडी टीवी और स्मार्टफोन जीतने का मौका मिलेगा। ड्रोन शो का ट्रायल आज, कल मुख्य आयोजन जनपथ पर आज रात 8 बजे ड्रोन शो का ट्रायल होगा। 7 नवंबर को रात 9 बजे मुख्य आयोजन में आसमान में दीपावली से जुड़ी आकृतियां, दीये और रोशनी के संदेश प्रदर्शित किए जाएंगे। जनपथ पर राजस्थानी कलाकृतियां भी बनाई जाएंगी। 8 नवंबर की रात अमर जवान ज्योति के सामने 15 मिनट की विशेष आतिशबाजी होगी। इसे जनपथ, परकोटे और आस-पास की छतों से देखा जा सकेगा। घर सजाओ और इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर व टीवी जीतो नगर निगम ने घरों की सजावट के लिए पारंपरिक और आधुनिक दो प्रतियोगिताएं शुरू की हैं। 4 से 11 नवंबर तक होने वाली प्रतियोगिता में रंगोली, मांडना, गोबर कला, फूलों और रोशनी से सजावट के आधार पर चयन होगा। दोनों श्रेणियों में विजेताओं को इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, एलईडी टीवी और स्मार्टफोन दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए jaipurdiwali.com पर मोबाइल नंबर से पंजीकरण कर तस्वीरें अपलोड करनी होंगी। एआई से बनाई या एडिट की गई तस्वीरें मान्य नहीं होंगी। 11 नवंबर के बाद प्रविष्टियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। वार्डों को 51 लाख तक के विकास कार्य 150 वार्डों के बीच स्वच्छता और नवाचार प्रतियोगिता होगी। पहले स्थान पर आने वाले वार्ड को 51 लाख, दूसरे को 31 लाख और तीसरे को 21 लाख रुपए के अतिरिक्त विकास कार्य मिलेंगे। चौथे से दसवें स्थान तक प्रत्येक वार्ड को 11 लाख रुपए के विकास कार्य दिए जाएंगे। इससे पहले गुरुवार को नगर निगम ने स्वच्छता मैराथन के तहत जयपुर शहर से एक दिन में रिकॉर्ड 7 तन से ज्यादा कचरा इकट्ठा कर एक अनूठा रिकार्ड भी बनाया।
मेरठ के शहर सर्राफा बाजार में बदमाशों ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती देते हुए ग्राहक को सम्मोहित कर करीब पांच लाख रुपये कीमत की ज्वेलरी उड़ा दी। हैरानी की बात यह है कि जिस वक्त वारदात हुई, उसी समय एडीजी जोन भानु भास्कर और डीआईजी रेंज कलानिधि नैथानी उसी इलाके में फुट पेट्रोलिंग कर रहे थे। पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद वारदात हो जाना बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वारदात की सूचना मिलते ही एडीजी और डीआईजी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने पीड़ित से घटना की जानकारी ली और स्थानीय पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आनन-फानन में पीड़ित को थाने भिजवाया गया, जहां उससे घटना के संबंध में जानकारी जुटाई गई। आखिर कहां थी पुलिस की निगरानीशहर सर्राफा बाजार अतिसंवेदनशील और भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्राहक सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी करने पहुंचते हैं। ऐसे बाजार में ग्राहक को सम्मोहित कर लाखों की ज्वेलरी लूट लेना पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। सवाल यह भी है कि बाजार में फुट पेट्रोलिंग और सुरक्षा इंतजामों के बावजूद बदमाश इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर कैसे निकल गए? सीसीटीवी में तलाशे जा रहे सुरागघटना के बाद पुलिस ने आसपास की दुकानों और बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी कौन थे और वारदात के बाद किस रास्ते से फरार हुए। अधिकारियों ने स्थानीय पुलिस से घटना का जल्द खुलासा करने को कहा है। सरेआम वारदात कर आरोपी फरार पांच लाख की ज्वेलरी लूटने की इस वारदात ने त्योहारों के दौरान बाजारों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जब पुलिस के बड़े अधिकारी खुद बाजार में मौजूद थे, तब अपराधियों ने वारदात को अंजाम देने की हिम्मत कैसे जुटाई? चौकाने वाली बात यह है की वारदात करने के बाद वह बचकर भी निकल गए। खबर अपडेट हो रही है…
बलरामपुर में धनतेरस पर आदर्श नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ 'धीरू' एक ही दिन में चार फॉर्च्यूनर गाड़ियां खरीदी हैं। इन गाड़ियों की कीमत करीब 2.20 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इसे आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। चारों गाड़ियों की देवीपाटन मंदिर में कराई पूजा गुरुवार को नई गाड़ियां खरीदने के बाद धीरेंद्र प्रताप सिंह अपने काफिले के साथ तुलसीपुर के प्रसिद्ध शक्तिपीठ देवीपाटन मंदिर पहुंचे। यहां विधि-विधान से चारों नई गाड़ियों की पूजा कराई। इसके बाद उन्होंने मां पाटेश्वरी के दरबार में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया और आशीर्वाद लिया। सात और फॉर्च्यूनर काफिले में होंगी शामिल इन गाड़ियों की खरीदारी को 2027 के विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। उनके एक करीबी के मुताबिक, काफिले में अभी सात और फॉर्च्यूनर गाड़ियां शामिल होनी हैं।
महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में शुक्रवार को धनतेरस का पर्व उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। दिन चढ़ने के साथ बाजारों में रौनक बढ़ती गई और देर शाम तक खरीदारी का सिलसिला जारी रहा। लोगों ने शुभ मुहूर्त और मान्यताओं के अनुसार सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां और बर्तन खरीदे। सबसे ज्यादा भीड़ ज्वेलरी और बर्तनों की दुकानों पर देखने को मिली। आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। भीड़ के चलते शहर के कई मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी। महावीर चौक से मुख्य बाजार की ओर बड़े वाहनों की नो-एंट्री रही, लेकिन अन्य रास्तों से वाहन पहुंचने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। रेट कम होने से सोना-चांदी खरीदने में उत्साह आधुनिक ज्वेलर्स के संचालक सुरेंद्र सोनी ने बताया कि इस बार ग्राहकों में सोना-चांदी खरीदने को लेकर अच्छा उत्साह है। पिछली बार की तुलना में रेट कम होने के कारण ज्वेलरी की दुकानों पर ग्राहकों की संख्या अधिक रही। चांदी के सिक्कों और चांदी से बनी लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियों की भी खूब मांग रही। आसपास के गांवों से भी पहुंचे खरीदार डोहर गांव से खरीदारी करने आए सूबे सिंह ने बताया कि धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इसी मान्यता के चलते वह परिवार के साथ बाजार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि त्योहार को लेकर लोगों में काफी उत्साह है। बाजारों में जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था धनतेरस पर भीड़ बढ़ने से शहर में दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। महावीर चौक से मुख्य बाजार की ओर बड़े वाहनों की नो-एंट्री थी, लेकिन पुरानी कचहरी और अन्य रास्तों से बड़े वाहन बाजार क्षेत्र में पहुंचते रहे। इससे कई जगह यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी।
तीन आरोपियों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित:जैद, हारिस और रंदीप सिंह पर इनाम, मेरठ DIG की कार्रवाई
मेरठ रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) ने अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार दोपहर 12 बजे तीन और कुख्यात अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। पिछले 20 दिनों के भीतर रेंज के विभिन्न जिलों में अपराधियों पर इनाम घोषित करने का यह नया मामला है, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। बुलंदशहर जिले के थाना कोतवाली देहात में दर्ज हत्या के एक संगीन मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों जैद और हारिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। जैद पुत्र हाजी अलीम, निवासी मोहल्ला मिर्चीटोला, थाना कोतवाली नगर, जनपद बुलंदशहर का रहने वाला है। दूसरा आरोपी हारिस पुत्र काजिम अली, निवासी शाहनगर, थाना अगौता बुलंदशहर है, जो वर्तमान में गौतमबुद्धनगर के बीटा-2 थाना क्षेत्र स्थित अल्फा-1 में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इन दोनों अभियुक्तों पर अकेले बुलंदशहर जिले में ही तीन-तीन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा, जनपद हापुड़ के थाना पिलखुवा क्षेत्र में पंजीकृत एक अन्य मामले में वांछित चल रहे कुख्यात रंदीप सिंह उर्फ राजा पुत्र जसविंदर सिंह पर भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। रंदीप मूल रूप से बरेली जिले के बहेड़ी थाना क्षेत्र स्थित नानकपुरी टांडा का रहने वाला है। वर्तमान में वह उत्तराखंड के उधमसिंह नगर (सिडकुल पंतनगर) और रामपुर के बिलासपुर (डिबडिबा फार्म) में भी ठिकाने बदलता रहा है। रंदीप पर हापुड़ और उधमसिंह नगर में कुल चार अभियोग पंजीकृत हैं। 20 दिनों में 22 बदमाशों पर इनाम, 10 गिरफ्तार पिछले महज 20 दिनों के भीतर मेरठ परिक्षेत्र के चारों जनपदों से कुल 22 वांछित और फरार अपराधियों पर डीआईजी महोदय द्वारा 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है। खास बात यह है कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इनमें से 10 इनामी अभियुक्तों को पहले ही सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। डीआईजी मेरठ रेंज ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों और थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि फरार इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दी जाए।
त्रिपुरा में फर्जी सरकारी टेंडर के नाम पर 44 करोड़ की ठगी, 13 ठिकानों पर छापे
त्रिपुरा के फर्जी सरकारी टेंडर घोटाले में ED ने तीन राज्यों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की. सस्पेंड IAS अधिकारी से जुड़े मामले में 44 करोड़ से ज्यादा की ठगी का आरोप है. जानें क्या है पूरा मामला.
ट्रेन में दंपती को पानी पिलाकर बेहोश किया:जेवर और नकदी चोरी; झारखंड के आरोपी की जमानत खारिज
गुना में ट्रेन में दंपती को पानी पिलाकर बेहोश करने और उनका सामान चोरी करने के मामले में कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। दंपती करीब 20 घंटे तक बेहोश रहे थे। जयपुर पहुंचने के बाद उन्हें अस्पताल में होश आया था। पुलिस ने इस मामले में झारखंड के एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने कहा कि मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है और जांच जारी है। ऐसे में जमानत देना उचित नहीं है। भोपाल से जयपुर जा रहे थे दंपती मामला जून महीने का है। नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने जयपुर जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 18 जून को वह अपनी पत्नी कृष्णाबाई के साथ भोपाल रेलवे स्टेशन से ट्रेन नंबर 14814 भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस में सवार हुए थे। दोनों जनरल टिकट लेकर जनरल कोच में जयपुर जा रहे थे। उनके सामने वाली सीट पर भोपाल से ही करीब 25 साल का एक युवक बैठा था। वह बिहारी भाषा बोल रहा था और दिल्ली जाने की बात कह रहा था। रास्ते में दोनों के बीच बातचीत भी हुई। पानी की खुली बोतल पीने के बाद हुए बेहोश नर्मदा प्रसाद के मुताबिक, रात करीब 9:30 से 9:45 बजे के बीच उन्होंने और उनकी पत्नी ने घर से लाया खाना खाया। इसके बाद पानी कम पड़ने पर उन्होंने ट्रेन में पानी बेचने वाले से बोतल मांगी। इस दौरान सामने बैठा युवक बोला कि वह पानी लेकर दे देता है। युवक ने पानी बेचने वाले से बोतल ली और पैसे देने लगा। इसी बीच उसने बोतल खोलकर नर्मदा प्रसाद को दे दी। बोतल पहले से खुली हुई थी और युवक ने भी उसमें से पानी पिया था। नर्मदा प्रसाद और उनकी पत्नी ने भी उसी बोतल से पानी पिया। बचा हुआ पानी उन्होंने अपनी बोतल में डाल लिया। इसके बाद ट्रेन गुना स्टेशन पहुंची तो दोनों बेहोश हो गए। जयपुर स्टेशन आने पर उन्हें कुछ आभास हुआ कि ट्रेन किसी स्टेशन पर पहुंची है। पूरी तरह होश आने पर उन्होंने खुद को जयपुर के अस्पताल में भर्ती पाया। उस समय उनके बच्चे भी साथ थे। दंपती करीब 20 घंटे तक बेहोश रहे। चांदी के जेवर और 9 हजार रुपए गायब मिले होश आने पर नर्मदा प्रसाद ने देखा कि उनके गले की 73 ग्राम की चांदी की चेन, 159 ग्राम का चांदी का ब्रेसलेट और पर्स में रखे 4 हजार रुपए गायब थे। उनकी पत्नी के गले से सोने का मंगलसूत्र और पर्स में रखे 5 हजार रुपए भी नहीं मिले। नर्मदा प्रसाद ने शक जताया कि भोपाल से उनके सामने बैठा युवक पानी में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर पिला गया। इसके बाद दोनों के बेहोश होने पर जेवर और नकदी लेकर गुना स्टेशन पर उतर गया। 5 अक्टूबर को झारखंड से आरोपी गिरफ्तार नर्मदा प्रसाद की शिकायत पर जयपुर जीआरपी ने जीरो पर एफआईआर दर्ज कर मामला गुना जीआरपी को भेज दिया था। गुना में केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। 5 अक्टूबर को पुलिस ने धुरगुज मंडल (39) पुत्र सहदेव मंडल, निवासी जामताड़ा, झारखंड को गिरफ्तार किया। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। आरोपी ने जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन लगाया था। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि मामले में दूसरा आरोपी अभी फरार है और जांच जारी है। इसी आधार पर कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
हरदोई जिले के रहने वाले दम्पती गुड़गांव से दिवाली की छुट्टी पर अपने घर जा रहे थे। उनके साथ मे उनका 3 वर्षीय बेटा भी था, जिसकी पहली दिवाली दादी, बाबा और चाचा के साथ होनी थी। बच्चे के साथ दिवाली मनाने को लेकर परिवार खुश था। परिवार को इंतजार था कि रमेश अपने बच्चे अभिमन्यु और पत्नी नीलम कुशवाहा के साथ शुक्रवार सुबह घर पहुंच जाएंगे, लेकिन सुबह नींद खुलने से पहले हादसे की सूचना मिल गई। जिससे दिवाली की खुशियां मातम में बदल गईं। हरदोई जिले के चांदबेहटा गांव कर रहने वाले रमेश कुशवाहा गुड़गांव में पत्नी नीलम के साथ रहते थे और वहीं प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। 3 महीने पहले ही उनकी पत्नी ने बच्चे अभिमन्यु को जन्म दिया था। रमेश और उनकी पत्नी नीलम पहली बार बच्चे को लेकर अपने गांव आ रहे थे, जिससे रमेश के परिजनों में दिवाली को लेकर दोगुना उत्साह था। वह गुड़गांव से गुरूवार शाम करीब 7 बजे टाटा टियागो कार से निकले थे, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे उनकी कार हरदोई जिले के बिलग्राम थाना क्षेत्र में जफरपुल पुलिया से टकरा कर झील में समा गई। कार को उनके मामा रामनरेश का बेटा आदित्य चला रहा था। जिसमें रमेश, नीलम और उनके 3 वर्षीय बेटे की जान चली गई। हादसे की सूचना पर कन्नौज पहुंचे रमेश के छोटे भाई सुमेश कुशवाहा ने बताया कि भाई रमेश से कल शाम 6 बजे फोन पर बात हुई थी। उन्होंने बताया था कि शुक्रवार सुबह 9 बजे तक घर आ जाएंगे। पहली बार भतीजा अभिमन्यु घर आ रहा था, इसलिए उसको देखने और खिलाने के लिए सभी लोग आतुर थे। लेकिन किस्मत को ये गवारा न था। भतीजे को घर वाले देख भी नहीं पाए और उसे हम सबसे काल ने छीन लिया। रमेश ने बताया कि कार आदित्य चला रहा था और उसे झपकी आ गई, जिस कारण पुलिया से टकरा कर कार झील के पानी मे समा गई। हालांकि आदित्य उर्स शुभम घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। ------ हादसे की खबर पढ़ें बेकाबू कार गड्ढे में गिरी, पति-पत्नी और मासूम की मौत:दिवाली पर घर लौट रहा था परिवार, हरदोई में हादसा हरदोई में एक बेकाबू टाटा टियागो कार सड़क किनारे पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। हादसे में पति-पत्नी और उनके तीन महीने के बेटे की मौत हो गई। कार सवार एक युवक घायल है। करीब एक घंटे बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रस्सी के सहारे कार सवारों को बाहर निकाला। तब तक पति-पत्नी और बच्चे की मौत हो चुकी थी, जबकि एक युवक बेहोशी की हालत में मिला। उसे कन्नौज के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पूरी खबर पढ़ें
आजमगढ़ में 63 लाख के 253 मोबाइल बरामद:पुलिस ने मालिकों को लौटाए; 2026 में अब तक 2,651 फोन रिकवर
आजमगढ़ पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 253 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुक्रवार को रिजर्व पुलिस लाइन में सहायक पुलिस अधीक्षक ईश्वर लाल गुर्जर ने मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 63 लाख 25 हजार रुपए है। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस के मुताबिक, ये मोबाइल CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर बरामद किए गए हैं। एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में सीसीटीएनएस टीम लगातार मोबाइल रिकवरी अभियान चला रही है। 2026 में अब तक 2,651 मोबाइल बरामद पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक कुल 2,651 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 6 करोड़ 62 लाख 75 हजार रुपए है। वहीं, फरवरी 2024 से अब तक पुलिस कुल 6,288 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप चुकी है। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 15 करोड़ 72 लाख रुपए बताई गई है। मुबारकपुर में सबसे ज्यादा 24 मोबाइल मिले सहायक पुलिस अधीक्षक ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि मोबाइल रिकवरी अभियान में मुबारकपुर थाना क्षेत्र से सबसे ज्यादा 24 मोबाइल बरामद हुए हैं। इसके अलावा निजामाबाद से 19, जीयनपुर और सिधारी से 16-16 मोबाइल मिले हैं। अन्य थाना क्षेत्रों में बरामदगी का आंकड़ा इस प्रकार है: जहानागंज, सरायमीर और मेहनगर से 14-14 मोबाइल अतरौलिया और गंभीरपुर से 13-13 मोबाइल अहिरौला से 12 मोबाइल कोतवाली और महाराजगंज से 11-11 मोबाइल मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर करें शिकायत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की सीसीटीएनएस टीम मोबाइल को ट्रेस कर बरामद करने की कार्रवाई करती है।
सिद्धार्थनगर के खेसरहा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला के साथ तालिबानी बर्बरता की गई है। उसे जब पुलिस और स्थानीय स्तर पर कोई मदद नहीं मिली तो वह शुक्रवार को लखनऊ पहुंच गई। यहां महिला आयोग से गुहार लगाई। उसने आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से मिलकर आपबीती सुनाई। पीड़िता ने महिला आयोग और पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और उसके सहयोगियों ने उसके साथ बर्बरता की। रंजिश के चलते घर में घुसकर निर्वस्त्र किया। खंभे से बांधकर करीब 3 घंटे तक बेरहमी से पीटा। यौन हिंसा की। धर्म परिवर्तन के लिए कहा और ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। घर में घुसकर की गई बर्बरता और मारपीट पीड़िता के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 7 बजे जब वह बच्चों को स्कूल भेजने की तैयारी कर रही थी, तभी गांव के प्रधान अहमद हुसैन, गनी, शमी, असलम, बदरुन्निशा, रिजवाना खातून समेत 20-25 लोग जबरन उसके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने उसके कपड़े फाड़कर उसे निर्वस्त्र कर दिया, बाल पकड़कर घसीटा और एक खंभे से बांधकर लगभग तीन घंटे तक लाठी-डंडों और लात-घूंसों से पीटा। बीच-बचाव करने आईं गांव की अन्य महिलाओं को भी आरोपियों द्वारा धमकाया गया। यौन शोषण, गर्भपात और धर्म परिवर्तन का दबाव शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ग्राम प्रधान पूर्व में भी उसे प्रताड़ित करता रहा है। पीड़िता का आरोप है कि नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ बलात्कार किया गया, जिससे वह गर्भवती हो गई थी और बाद में जबरन दवा खिलाकर उसका गर्भपात करा दिया गया। इस बार की घटना के दौरान उस पर धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव बनाया गया और इनकार करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस पर मिलीभगत और शिकायत फाड़ने का आरोप पीड़िता ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि थाने में दी गई उसकी मूल लिखित शिकायत को थानाध्यक्ष ने फाड़कर फेंक दिया। उसकी सहमति के बिना मनमाना विवरण दर्ज कर लिया गया और उल्टा उसके खिलाफ ही झूठी कार्रवाई कर दी गई। मेडिकल परीक्षण (MLC) न होने के कारण पीड़िता को अपने शरीर पर आई चोटों के फोटो और वीडियो खुद सुरक्षित रखने पड़े हैं। एसपी के सामने गुहार लगाने के बाद धमकियां मिलीं पीड़िता का आरोप है कि 2 नवंबर 2026 को जब वह एसपी कार्यालय गईं, तो वहां भी आरोपियों ने भीड़ जुटाकर मीडिया के सामने जान से मारने की खुली धमकियां दीं। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज करने और अपनी व परिवार के लिए तत्काल पुलिस सुरक्षा की गुहार लगाई है। खबर अपडेट की जा रही है…
तालाब में डूबने से 3 साल के बच्चे की मौत:एटा में सुबह उतराता मिला शव, दादा के पीछे-पीछे गया था
एटा जिले के बागवाला थाना क्षेत्र के नगला भूड़ में तालाब में डूबने से 3 साल के अनमोल की मौत हो गई। शुक्रवार सुबह उसका शव तालाब में तैरता मिला। परिजनों ने शव बाहर निकालकर पुलिस को सूचना दी। बाबा के पीछे-पीछे घर से निकला था अनमोल अनमोल गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे अपने बाबा रूप सिंह के पीछे-पीछे घर से निकला था। रूप सिंह भैंस चराने जा रहे थे। अनमोल गांव के तालाब के पास खेलने लगा और गहरे पानी में डूब गया। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद बागवाला थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। पुलिस और परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे उसका शव तालाब में मिला। घर में सबसे छोटा था अनमोल अनमोल के पिता मनोज कुमार गुड़गांव में फ्रिज और एसी की मरम्मत का काम करते हैं। उसके दो बड़े भाई हैं अंशुल (7) और मयंक (5)। अनमोल घर में सबसे छोटा था। रूप सिंह ने बताया कि वह भैंस चराने जा रहे थे, तभी अनमोल उनके पीछे घर से निकल आया और तालाब में गिर गया। घर लौटने पर उन्हें अनमोल नहीं मिला। शुक्रवार सुबह उसका शव तैरता हुआ मिला। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा किया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है। थाना प्रभारी ओपी सिंह ने बताया कि बच्चा अपने बाबा के पीछे गया था और तालाब में गिरकर डूब गया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
रोहतक में हरियाणा के पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतों की शह पर कुछ अराजक तत्व देश में माहौल बिगाड़ने और लोकतंत्र को चुनौती देने की कोशिश कर रहे हैं। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश में माओवादी आंदोलन वन क्षेत्रों से समाप्त हो चुका है, लेकिन कुछ लोग वैचारिक रूप से नक्सली सोच को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते और बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका व सीरिया के उदाहरण देकर देश में षड्यंत्र रचने की बात कर रहे हैं। उन्होंने SIR प्रक्रिया, मतदाता सूची और विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि किसी को चुनाव आयोग से शिकायत है तो वह अदालत जा सकता है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था को चुनौती देना संविधान के खिलाफ है। लोकतंत्र को चुनौती देने वालों को जनता जवाब देगी कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने हर 5 साल में जनता को अपनी सरकार चुनने का अधिकार दिया है। इसके बावजूद कुछ हताश और निराश तत्व तख्तापलट की बात कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग सड़कों पर गुंडई करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकतंत्र को चुनौती देने वालों को देश की जनता जवाब देगी। 13 करोड़ वोट कटने की बात पर मांगे 13 हजार नाम कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि देश में अब तक 12 बार SIR हो चुका है, जिनमें से 10 बार कांग्रेस के शासन में हुआ। उन्होंने दावा किया कि सभी दलों ने इस प्रक्रिया में सहयोग किया है और कांग्रेस के बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी हर बूथ पर शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस 13 करोड़ वोट कटने का आरोप लगा रही है, लेकिन उसे 13 हजार ऐसे लोगों के नाम बताने चाहिए जिनके वोट गलत तरीके से काटे गए हों। राहुल गांधी को भी इस मुद्दे पर बहकाया जा रहा है। कांग्रेस अपने BLA से ही इसकी जानकारी ले सकती है। विदेशी नागरिकों को वोट देने का अधिकार नहीं कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री प्रमाणिक तरीके से अपनी बात रख रहे हैं। भारत का नागरिक नहीं होने पर किसी व्यक्ति को यहां मतदान का अधिकार नहीं है। कोई विदेशी भारत आकर वोट देने की कोशिश करे तो यह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि गैरकानूनी तरीके से देश में आने वाले विदेशी नागरिकों को उनके देश वापस भेजना भी सरकार की जिम्मेदारी है। चुनाव आयोग में सुनवाई नहीं तो कोर्ट जाए विपक्ष उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि देश में संविधान, कानून और कोर्ट हैं। चुनाव आयोग में सुनवाई नहीं होने पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में चुनाव आयोग से चुनाव की तारीख घोषित कराने को कहा गया था। साथ ही दावा किया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार एक वोट से गिरने के बाद 5 महीने तक चुनाव नहीं होने दिए गए थे। कांग्रेस पर संविधान और वोट चोरी करने का आरोप कैप्टन अभिमन्यु ने कांग्रेस पर संविधान और वोट चोरी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अनुच्छेद 356 का इस्तेमाल कर 90 सरकारों को बर्खास्त किया था। उनके अनुसार, कांग्रेस को संविधान और कानून की प्रक्रिया पर विश्वास नहीं है और वह झूठ फैलाने का प्रयास कर रही है।
करनाल शहर में पूर्व पत्नी पर नुकीले औजार से जानलेवा हमला करने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। महिला पर बुधवार रात मेरठ रोड पर हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थी। इसके अलावा पुलिस ने लड़ाई-झगड़े के एक अन्य मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को पुलिस चारों आरोपियों को वारदात स्थलों पर निशानदेही कराने के लिए लेकर पहुंची। शुक्रवार को पुलिस चारों आरोपियों को लेकर शहर में पहुंची। पुलिस ने आरोपियों के सिर मुंडवाकर उन्हें बाजार में पैदल घुमाया। इसके बाद संबंधित वारदात स्थलों पर ले जाकर निशानदेही भी कराई गई। इस दौरान आरोपियों ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि उनसे गलती हुई है। दूसरे लोगों को भी इस तरह की हरकत नहीं करनी चाहिए। तलाक के बाद भी पीछा करने का आरोप मेरठ रोड पर अंजलि नाम की महिला पर बुधवार रात उसके पूर्व पति साहिल शर्मा ने नुकीले औजार से हमला कर दिया था। आरोपी ने महिला के गले पर सुआ मार दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद परिजन उसे लेकर सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार देने के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया था। महिला की मां ने आरोप लगाया था कि उसकी बेटी की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। दोनों के बीच विवाद के चलते मई महीने में तलाक हो गया था। इसके बावजूद साहिल लगातार उसकी बेटी का पीछा कर रहा था और उसे परेशान कर रहा था। परिवार का कहना है कि इस संबंध में वे पहले भी कई बार पुलिस को शिकायत दे चुके हैं। परिवार के सदस्य पुलिस अधीक्षक के सामने भी पेश हुए थे, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 20 अक्टूबर को स्कूटी को टक्कर मारने की भी दी थी शिकायत अंजलि की मां के मुताबिक, 20 अक्टूबर को भी साहिल ने उसकी बेटी की स्कूटी को टक्कर मारी थी। इस घटना के बाद भी परिवार ने पुलिस को शिकायत दी थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस उनसे घटना के सबूत मांग रही थी। मां ने सवाल उठाया था कि जब आरोपी उनकी बेटी का पीछा कर रहा है तो परिवार खुद सबूत कहां से लेकर आएगा। परिजनों के अनुसार, बुधवार रात साहिल अंजलि के पास पहुंचा और उस पर पेचकस से हमला कर दिया। हमले में उसके गले पर चोट लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे और उसे अस्पताल पहुंचाया। मां का कहना है कि मई में तलाक होने के बाद भी आरोपी बेटी का पीछा कर रहा था। परिवार लगातार इस परेशानी को लेकर पुलिस के पास जा रहा था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपी के हौसले बढ़ते गए। शुक्रवार दोपहर बाद अदालत में पेश करेगी पुलिस थाना प्रभारी ने बताया कि चारों आरोपियों को शुक्रवार दोपहर बाद अदालत में पेश किया जाएगा। वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाने और आरोपियों से पूछताछ के लिए पुलिस अदालत से रिमांड मांगेगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को रात के समय गिरफ्तार किया गया था। शुक्रवार को बाजार में काफी भीड़ होने और पुलिस की एक गाड़ी खराब होने के कारण आरोपियों को निशानदेही के लिए पैदल लेकर जाना पड़ा। रामलाल शर्मा ने कहा कि शहर में हुड़दंगबाजी करने या किसी भी तरह का अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी भी तरह की आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों और कानून का पालन करें। थाना प्रभारी रामलाल शर्मा ने बताया कि साहिल शर्मा ने अपनी तलाकशुदा पत्नी पर हमला कर उसकी हत्या करने का प्रयास किया था। इस मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास की धारा 307 के तहत केस दर्ज किया था। वारदात के बाद आरोपी फरार होने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। वहीं दूसरे मामले में फरार चल रहे तीनों आरोपियों को भी काबू कर लिया गया है। दूसरे मामले में तीन आरोपी एक महीने से चल रहे थे फरार थाना सिटी पुलिस ने लड़ाई-झगड़े के एक अन्य मामले में तीन आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी रामलाल शर्मा ने बताया कि ये तीनों आरोपी पिछले करीब एक महीने से फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक के खिलाफ करीब 25 मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इन मामलों से जुड़े तथ्यों की भी जानकारी जुटा रही है।
राजसमंद के नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्र की केसुली ग्राम पंचायत में धनतेरस के मौके पर नवनिर्वाचित सरपंच गजेंद्र सिंह झाला और उपसरपंच मोहन गायरी ने पदभार ग्रहण किया। इस दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दोनों का स्वागत कर नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। पदभार संभालने के बाद सरपंच गजेंद्र सिंह ने कहा- ग्राम पंचायत के विकास में किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा। सभी ग्रामीणों को साथ लेकर गांव के सर्वांगीण विकास के लिए काम करेंगे। उन्होंने ग्रामीणों के विश्वास पर खरा उतरने और पंचायत क्षेत्र की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष, जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम में किशन गायरी, रामू रेबारी, हुक्कम सिंह झाला, जितेंद्र सिंह, दिनेश पालीवाल, गिरिराज पालीवाल, पवन पालीवाल, राजू पालीवाल, भेरूसिंह राजश्री एवं सुरेंद्र सिंह झाला सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया।
झारखंड में कहीं कमरे में बंद हैं 30 वेंटिलेटर तो कहीं खराब, RIMS को छठ बाद मिलेंगी 45 मशीनें
झारखंड के सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेटर उपलब्ध होने के बावजूद डॉक्टर व तकनीकी कर्मियों की कमी और बंद आईसीयू के कारण उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है।
श्रीनगर में काम करने वाले बारामूला निवासी के बैंक खाते से ₹2.85 लाख की धोखाधड़ी से निकासी हुई। मोबाइल फोन के असामान्य व्यवहार के बाद यह घटना हुई, जिसके बाद पीड़ित ने साइबर पुलिस से मदद मांगी है।
लखीमपुर खीरी में दीपावली पर पटाखों की खरीदारी के लिए इस बार भी पीके इंटर कॉलेज मैदान में अस्थायी बाजार लगेगा। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने शुक्रवार को अधिकारियों के साथ मैदान का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए और दुकानों का आवंटन पारदर्शी तरीके से हो। डीएम ने दुकानों के बीच तय दूरी रखने और अग्निशमन उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटाखे खरीदने आने वाले लोगों के लिए बाजार में आने-जाने की उचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने बाजार के पास पार्किंग की व्यवस्था करने को कहा, ताकि वाहनों से यातायात पर असर न पड़े। इस काम की जिम्मेदारी एसडीएम सदर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चेलुव राजू आर और नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार को दी गई। डीएम ने संबंधित विभागों से मिलकर सुरक्षा, अग्निशमन, पार्किंग और अन्य व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने को कहा। निरीक्षण के दौरान सीओ सिटी महक शर्मा, तहसीलदार सदर मुकेश कुमार वर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
'अब वोटर ID देखकर मिलेगा योजनाओं का लाभ', राहुल ने कसा तंज
राहुल गांधी ने केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह का एक वीडियो शेयर कर सरकारी योजनाओं के लाभ को वोटर ID से जोड़ने का मुद्दा उठाया है. राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अब आधार के बजाय वोटर कार्ड के आधार पर योजनाओं का लाभ देने की तैयारी कर रही है.
ललितपुर में 26 अक्टूबर को बाइक और ट्रैक्टर की टक्कर में घायल 60 वर्षीय किसान बलुआ की शुक्रवार दोपहर 12:45 बजे इलाज के दौरान मौत हो गई। उनका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। बेटे के मुताबिक, इलाज पर करीब 4 लाख रुपए खर्च हुए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। कोतवाली महरौनी के ग्राम कुरौरा निवासी जयराम ने बताया कि उनके पिता दलुआ अपने भाइयों घनश्याम और रघुवर के साथ 26 अक्टूबर को ग्राम गदयाना में एक तेरहवीं में गए थे। यह तेरहवीं उनकी पुत्री के ससुर के निधन के बाद रखी गई थी। शाम करीब 7 बजे तीनों बाइक से घर लौट रहे थे। ग्राम खोंखरा की ओर से आ रहे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में तीनों घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जयराम के मुताबिक, दलुआ की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी ले जाया गया था। इलाज के बाद 1 नवंबर को उन्हें छुट्टी दे दी गई। शुक्रवार सुबह तबीयत बिगड़ने पर उन्हें फिर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां दोपहर 12:45 बजे उनकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने शव को मोर्चरी में रखवाकर कोतवाली सदर पुलिस को सूचना दी। जयराम ने बताया कि उनके पिता खेती-किसानी करते थे। उनके तीन बेटे और एक बेटी हैं। वह तीन भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर पर थे।
धौलपुर जिले में धनतेरस पर सोने-चांदी के बाजार में रौनक है। पिछले साल के मुकाबले इस बार दोनों धातुओं के भाव कम हैं। कारोबारियों को खरीदारी बढ़ने की उम्मीद है।त्योहार को देखते हुए सर्राफा कारोबारियों ने दुकानें सजाई हैं। बाजार में चांदी के सिक्के, बर्तन, पायल, बिछिया और कई तरह के आइटम उपलब्ध हैं। पिछले साल दीपावली के आसपास सोने और चांदी के भाव बढ़े थे। इस साल दोनों धातुएं अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद लगातार नीचे आई हैं। धौलपुर में चांदी करीब 1 लाख 89 हजार रुपए किलो और सोना करीब 1 लाख 43 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम बिक रहा है।धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने की परंपरा है। कारोबारियों को धनतेरस और दीपावली पर सोने-चांदी की खरीदारी से व्यापार बढ़ने की उम्मीद है।
मुंबई: बम की धमकी से हड़कंप, बॉम्बे हाईकोर्ट, अमिताभ बच्चन का घर निशाने पर
बॉम्बे हाईकोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला है. इस ईमेल में बॉम्बे हाईकोर्ट के अलावा BSE, वर्ली रेसकोर्स और बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन के बंगले 'जलसा' को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है. धमकी मिलने के बाद मुंबई पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
हिसार में दीपावली पर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। त्योहार के दौरान किसी भी अप्रिय घटना और संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए रेलवे स्टेशन पर विशेष सुरक्षा अभियान चलाया गया। इसमें रेलवे पुलिस (जीआरपी), रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), डॉग स्क्वॉड, बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड और खुफिया विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। इस दौरान स्टेशन परिसर में आने-जाने वाले यात्रियों की जांच की गई। यात्रियों के सामान की तलाशी लेने के साथ ही प्लेटफॉर्म और आसपास के क्षेत्रों में भी सुरक्षा के लिहाज से जांच की गई। अभियान के दौरान अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। डॉग स्क्वॉड की मदद से संदिग्ध सामान की जांच की गई, वहीं बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड ने भी सुरक्षा के मद्देनजर अपनी जिम्मेदारी निभाई। टीमों ने स्टेशन परिसर में यात्रियों की आवाजाही पर नजर रखी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को लेकर सतर्कता बरती। त्योहार के दौरान जारी रहेगा चेकिंग अभियान आरपीएफ की एसआई रीना सिहाग ने बताया कि दीपावली के अवसर पर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। दूसरे शहरों और राज्यों में आने-जाने वाले यात्रियों की भीड़ के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त टीमों ने विशेष चेकिंग अभियान चलाया है। उन्होंने बताया कि त्योहार के दौरान स्टेशन पर किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि न हो और यात्रियों को सुरक्षित माहौल मिले, इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। अलग-अलग विभागों की टीमें आपसी तालमेल के साथ काम कर रही हैं। सुरक्षा के मद्देनजर यह अभियान लगातार जारी रहेगा। लावारिस बैग या संदिग्ध वस्तु को न छुएं यात्री एएसआई मीना मीणा ने रेल यात्रियों और आमजन से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ट्रेन में सफर करते समय या रेलवे स्टेशन पर कोई संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दे तो तुरंत रेलवे पुलिस को सूचना दें। इसी तरह स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म या ट्रेन में कोई लावारिस बैग अथवा संदिग्ध वस्तु दिखाई देने पर उसे हाथ न लगाएं और न ही खोलने का प्रयास करें। इसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों के साथ यात्रियों की सतर्कता भी किसी अप्रिय घटना को रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।
उज्जैन में सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में प्रस्तावित रेलवे बायपास लाइन का किसानों ने विरोध शुरू कर दिया है। शुक्रवार को नईखेड़ी से चिंतामन स्टेशन तक सर्वे करने पहुंची तहसीलदार, पटवारी और रेलवे अधिकारियों की टीम को किसानों ने लौटा दिया। किसानों का कहना है कि रेलवे लाइन का अलाइनमेंट 4-5 बार बदला जा चुका है। इससे जमीन अधिग्रहण को लेकर असमंजस है। मुआवजे की राशि को लेकर भी किसान नाराज हैं। फिलहाल परियोजना के लिए जमीन का सर्वे आगे नहीं बढ़ सका है। खबर लगातार अपडेट हो रही है...………… यह खबर भी पढ़ें सिंहस्थ में ₹250-करोड़ का घोटाला...गुपचुप बदल रहे खंभे उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से बिजली लाइन शिफ्टिंग का काम किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने इस काम में कथित गड़बड़ियों का खुलासा किया था। जांच में सामने आया कि ठेकेदारों के बजाय सहायक यंत्री रविकांत मालवीय खुद काम करवा रहे थे। पढ़ें पूरी खबर...
सतना जिले के सभापुर थाना क्षेत्र के बिरसिंहपुर में सराफा व्यापारी दीपू सोनी के घर से करीब डेढ़ करोड़ रुपए के सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए। व्यापारी 4 नवंबर को पत्नी के साथ जबलपुर गए थे। 5 नवंबर की शाम लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा नहीं खुला। शुक्रवार सुबह पड़ोसी की छत से घर के पीछे की तरफ देखने पर दरवाजा आधा खुला मिला। इसके बाद कर्मचारी छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और चोरी का पता चला। दरवाजा नहीं खुला तो दुकान में सो गए दीपू सोनी की नीचे ज्वेलरी शॉप और ऊपर रिहायशी मकान है। उनके मुताबिक, 5 नवंबर की शाम करीब 7 बजे जब वे पत्नी के साथ लौटे तो घर के बाहरी कमरे का दरवाजा नहीं खुला। उन्हें लगा कि दरवाजा फंस गया है। उन्होंने सुबह मिस्त्री बुलाकर खुलवाने का सोचा। इसके बाद दोनों दुकान पर गए। सफाई करने के बाद बगल के कमरे में सो गए। शुक्रवार सुबह कर्मचारी के साथ ऊपर जाने वाले दरवाजे को खोलने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं खुला। पड़ोसी के मकान की छत से पीछे की ओर देखने पर घर का दरवाजा आधा खुला नजर आया। दीवान और अलमारी से जेवर गायब कर्मचारी छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और बाहरी कमरे तक पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। उसे खोलने के बाद दीपू सोनी और उनकी पत्नी अंदर पहुंचे। वहां दीवान और अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवर गायब मिले। घर का बाकी सामान व्यवस्थित था। कहीं तोड़फोड़ या सामान बिखरा हुआ नहीं मिला। व्यापारी ने चोरी गए जेवरों की कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपए बताई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस सूचना मिलने पर एडिशनल एसपी प्रेमलाल कुर्वे और सभापुर थाना प्रभारी शंखधर द्विवेदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिलने और बाकी सामान व्यवस्थित होने के कारण वारदात के तरीके की जांच की जा रही है। पुलिस आसपास और दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और बाहर कैसे निकले। टीआई शंखधर द्विवेदी ने बताया कि घटनास्थल का मुआयना किया गया है। मामले की जांच जारी है।
भोपाल के गुनगा इलाके में 11वीं की 15 वर्षीय छात्रा के साथ उसके ही सहपाठी द्वारा दुष्कर्म और ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने करीब एक साल पहले स्कूल में ही छात्रा को डराकर उसके साथ जबरदस्ती की और मोबाइल से उसका अश्लील वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार उसका शोषण करता रहा। लंबे समय तक डर के कारण छात्रा चुप रही, लेकिन हाल ही में आरोपी ने वीडियो इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया। गुरुवार को मामला पुलिस तक पहुंचा। एफआईआर दर्ज करने के बाद पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की उम्र 15 साल है और वह 11वीं कक्षा में पढ़ती है। आरोपी भी उसी स्कूल में उसका सहपाठी था। करीब एक साल पहले उसने स्कूल में छात्रा को डराया-धमकाया और उसके साथ जबरदस्ती की। इस दौरान उसने मोबाइल से वीडियो बना लिया। घटना के बाद आरोपी ने इसी वीडियो को हथियार बनाकर छात्रा को डराना शुरू कर दिया। वह वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर उसे लगातार प्रताड़ित करता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला छात्रा लंबे समय तक बदनामी और वीडियो वायरल होने के डर से किसी को घटना की जानकारी नहीं दे सकी। आरोपी इसी डर का फायदा उठाता रहा। हाल ही में उसने वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़िता और उसके परिवार को मामले की जानकारी हुई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। गुनगा थाना प्रभारी रिंकू जाटव ने बताया कि शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है। डिजिटल साक्ष्य जुटा रही पुलिस इस मामले में पुलिस वीडियो के प्रसार से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटा रही है। वीडियो किस अकाउंट से अपलोड किया गया और उसे आगे किन लोगों ने साझा किया, इसकी भी जांच की जा रही है।
विदिशा के जिला संग्रहालय में धनतेरस पर करीब 11 फीट ऊंची कुबेर प्रतिमा की पूजा की गई। करीब 2 हजार साल पुरानी इस प्रतिमा के सामने श्रद्धालुओं ने धन-धान्य, सुख और समृद्धि की कामना की। पंकज जैन, सुशील शर्मा और उनके साथी विशेष अनुमति लेकर संग्रहालय पहुंचे थे। सुशील शर्मा ने बताया कि वे पिछले 17 साल से हर धनतेरस पर यहां आकर कुबेर की पूजा करते हैं। नदी के संगम पर पानी में दबी थी प्रतिमा संग्रहालय के गाइड रामनिवास शुक्ला के मुताबिक, यह प्रतिमा बेतवा और बेस नदी के संगम पर स्थित त्रिवेणी घाट में पानी के नीचे दबी हुई थी। लोग इसे साधारण चट्टान समझते थे। स्थानीय धोबी भी इस पर कपड़े धोते थे। 1962 में नदी का जलस्तर कम होने पर पत्थर की आकृति साफ दिखाई देने लगी। ध्यान से देखने पर पता चला कि यह कुबेर की विशाल प्रतिमा है। इसके बाद प्रशासन की मदद से इसे विदिशा लाया गया। कुछ समय तक प्रतिमा विश्राम गृह में रखी गई। 1964 में संग्रहालय में रखी गई प्रतिमा विदिशा संग्रहालय की स्थापना 1964 में हुई। इसके बाद कुबेर की प्रतिमा को यहां रखा गया। प्रतिमा में कुबेर को राजसी रूप में दिखाया गया है। उनके सिर पर पगड़ी, कानों में कुंडल और शरीर पर आभूषण हैं। उनके एक हाथ में धन की थैली है। संग्रहालय में कुबेर से जुड़ी करीब 6 फीट ऊंची यक्षी की प्रतिमा भी रखी हुई है। 17 साल से धनतेरस पर कर रहे पूजा धनतेरस पर पंकज जैन, सुशील शर्मा और उनके साथी विशेष अनुमति लेकर संग्रहालय पहुंचे और प्रतिमा की पूजा की। सुशील शर्मा ने बताया कि वे करीब 17 साल से हर धनतेरस पर यहां आते हैं। इस दौरान वे कुबेर से धन-धान्य, सुख-संपत्ति और समृद्धि की कामना करते हैं।
देवभूमि से अमित शाह की दहाड़, बोले- 'राहुल बाबा तक पहुंचनी चाहिए आवाज, संबोधन की मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देहरादून में राज्योत्सव समारोह में भाजपा की लगातार तीसरी सरकार बनाने का आह्वान किया, 65 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में नशे की समस्या सबसे बड़ा सियासी मुद्दा बन गई है। भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल इस मुद्दे पर सत्ताधारी दल को लगातार घेर रहे हैं।
हांसी में ट्रैक्टर चोरी का आरोपी गिरफ्तार:ट्रैक्टर और कृषि उपकरण भी बरामद; कोर्ट में पेश करेगी पुलिस
हांसी पुलिस ने ट्रैक्टर चोरी के एक मामले को सुलझाते हुए चोरीशुदा स्वराज 724 ट्रैक्टर बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर के साथ कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी बरामद किया है। थाना शहर ASI राजेश कुमार ने बताया कि गांव धांसू निवासी रामचंद्र ने बीते 2 नवंबर को ट्रैक्टर चोरी होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उसने बताया था कि उसका लाल रंग का स्वराज ट्रैक्टर चोरी हो गया है। ट्रैक्टर के साथ कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाला उपकरण भी लगा हुआ था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की निशानदेही पर ट्रैक्टर बरामद जांच के दौरान थाना शहर हांसी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गांव मुजादपुर निवासी सचिन कुमार पुत्र जुगबीर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर चोरीशुदा स्वराज 724 ट्रैक्टर और उसके साथ लगा कृषि उपकरण बरामद कर लिया। कोर्ट में पेश करेगी पुलिस पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के मार्गदर्शन में पुलिस चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है।
सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान पति ने पत्नी के सिर पर वार कर दिया। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को अस्पताल पहुंचाया। शुरुआती इलाज के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल सुकमा रेफर कर दिया गया। विवाद के दौरान किया हमला मिली जानकारी के अनुसार, घटना नागाराम गांव के पटेलपारा की है। यहां रहने वाली माड़वी सुशीला आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर उनका पति माड़वी हिड़मा के साथ विवाद हुआ था। इसी दौरान पति ने पत्नी के सिर पर वार कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। जवानों ने अस्पताल पहुंचाया घटना की जानकारी मिलने पर सीआरपीएफ 74वीं वाहिनी के जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल महिला को तत्काल चिंतलनार अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल सुकमा रेफर कर दिया। जवानों की त्वरित मदद से महिला को समय पर उपचार मिल सका।
रायगढ़ जिले के खरसिया वन परिक्षेत्र में जंगली सुअर का शिकार करने का मामला सामने आया है। शुक्रवार सुबह वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने एक आरोपी को उसके घर में जंगली सुअर का मांस पकाते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपने 8-10 साथियों के साथ मिलकर बारूद के गोले से शिकार करने की बात बताई है। मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह वन विभाग की उड़नदस्ता टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि खरसिया रेंज के जंगल में जंगली सुअर का शिकार किया गया है। ग्राम कुकड़ीचोली निवासी विजय राठिया (24) अपने घर में उसका मांस पका रहा है। पका हुआ मांस जब्त सूचना मिलते ही उड़नदस्ता के सहायक प्रभारी संदीप नामदेव, सोमेश टोप्पो और उनकी टीम मौके पर पहुंची। घर की जांच करने पर विजय राठिया मांस पकाते मिला। टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद पका हुआ मांस जब्त कर आरोपी को हिरासत में लिया गया और खरसिया रेंज कार्यालय लाया गया। पूछताछ में उसने बताया कि करीब 8-10 लोगों के साथ मिलकर जंगल में बारूद के गोले से जंगली सुअर का शिकार किया था। अन्य शिकारियों की तलाश में जुटी टीम आरोपी से पूछताछ के बाद उड़नदस्ता की टीम अब उसके साथियों की तलाश कर रही है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भी खरसिया रेंज में शिकार की सूचना मिली थी। उस समय उड़नदस्ता टीम मौके पर पहुंची थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज वन विभाग की उड़नदस्ता टीम ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 39, 51 और 52 के तहत POR दर्ज किया है। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पद्मश्री व पद्मभूषण से अलंकृत पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में 'प्रकृति पथ' अंतरराष्ट्रीय साइकिल यात्रा 14 नवंबर को नेपाल के जनकपुर से मेरठ पहुंचेगी। यात्रा का चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में भव्य स्वागत होगा।
नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम रैनीपानी में माता-पिता की हत्या के मामले का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, बेटे कमलेश उइके (35) ने लकड़ी से हमला कर अपने पिता राधे उइके और मां तितो बाई उर्फ कृष्णा बाई की हत्या की थी। वारदात के बाद वह घर के पीछे के दरवाजे से जंगल की ओर भाग गया था। पुलिस ने करीब 6 घंटे की तलाश के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। घर में मिला था बुजुर्ग दंपती का खून से लथपथ शव पुलिस के मुताबिक, 5 नवंबर की रात करीब 11 बजे सोहागपुर के ग्राम रैनीपानी में बुजुर्ग दंपती की हत्या की सूचना मिली थी। दोनों के सिर और शरीर से खून निकल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि घटना से पहले मृतक दंपती का अपने बेटे कमलेश से विवाद हुआ था। लोगों ने यह भी बताया कि घटना के बाद वह घर के पीछे के दरवाजे से जंगल की तरफ भागा था। पत्नी की डिलीवरी को लेकर माता-पिता से हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कमलेश ने बताया कि उसकी पत्नी गर्भवती है और उसकी डिलीवरी होने वाली है। करीब एक सप्ताह पहले वह पत्नी को लेकर अपने माता-पिता के पास आया था। वह चाहता था कि पत्नी की डिलीवरी उसकी मां के घर पर हो। लेकिन इस बात को लेकर पिता उससे कई दिनों से बहस कर रहे थे। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी मां ने दूसरी शादी की थी और उसके पिता की मृत्यु हो चुकी थी। घटना वाली रात वह अपने पिता और मां के साथ शराब पी रहा था। इसी दौरान शराब के नशे में विवाद बढ़ गया। इसके बाद उसने चूल्हे में जल रही मोटी लकड़ी उठाकर दोनों के सिर और शरीर पर कई बार वार किए। वारदात के बाद वह मौके से भाग गया। एफएसएल और डॉग स्क्वॉड ने जुटाए साक्ष्य मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी दीपक कुमार शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन के निर्देश पर पुलिस टीम ने जांच शुरू की। शुक्रवार को एफएसएल, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) में केस दर्ज किया है। पुलिस टीम ने करीब 6 घंटे की तलाश के बाद कमलेश को गिरफ्तार कर लिया।
नीमच में आशा हॉस्पिटल के कर्मचारियों ने पत्रकार से मारपीट की। गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी। कर्मचारी अस्पताल में अनियमितताओं को लेकर खबर प्रकाशित होने से नाराज थे। कलेक्टर से शिकायत के बाद अस्पताल की जांच भी शुरू हुई। नाराज अस्पताल कर्मचारियों ने दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिस ने गौरव त्रिपाठी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि गुरुवार को अस्पताल के दो कर्मचारी नवीन बैरागी और कमलेश यादव दैनिक भास्कर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल से जुड़ी खबरों को लेकर सेटलमेंट करने का दबाव बनाया। ब्यूरो चीफ गौरव त्रिपाठी ने इनकार किया, तो नवीन बैरागी ने गाली-गलौज शुरू कर दी। आरोप है कि उसने मारपीट की कोशिश करते हुए पत्रकार का कॉलर पकड़ लिया। कार्यालय में मौजूद अन्य साथियों ने बीच-बचाव कर शांत कराया फोन कर बुलाकर जान से मारने की धमकी आरोप है कि विरोध होने पर दोनों कर्मचारी नीचे चले गए। इसके बाद फोन कर 10-15 अन्य लोगों को बुला लिया। आरोपियों ने धमकी दी कि अस्पताल के खिलाफ कुछ भी प्रकाशित किया, तो जान से खत्म कर देंगे। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी भाग गए थे। पांच नामजद समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर मामले में कैंट पुलिस ने नवीन बैरागी, कमलेश यादव, डॉक्टर देव, चंद्रभान और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। जांच कार्यवाहक प्रधान आरक्षक शिवपाल सिंह को सौंपी गई है। टीआई बोले-मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है मामले में कैंट थाना प्रभारी सौरभ शर्मा का कहना है कि सिंधी कॉलोनी स्थित दैनिक भास्कर कार्यालय पर कुछ लोग पहुंचे थे। विवाद की जानकारी जैसी ही उन्हें जानकारी मिली वह मौके पर पहुंचे थे। मौके से कुछ लोग चले गए थे। इस मामले मे पत्रकार गौरव त्रिपाठी को धमकी देने पर संबधित धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस की कार्रवाई जारी है। बेसमेंट में बिना अनुमति चल रही थी लैब मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) नीमच ने 5 नवंबर को आशा हॉस्पिटल की संचालक डॉ. तृप्ति तिवारी को नोटिस जारी किया है। इसके अनुसार मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रुजोपचार संबंधी स्थापना अधिनियम के तहत मिली अनुमति के विपरीत अस्पताल के बेसमेंट में बिना अनुमति पैथोलॉजी लैब, ओपीडी, आईपीडी वार्ड और फार्मेसी संचालित किए जा रहे थे। नोटिस में अस्पताल प्रबंधन से 10 दिन में फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने को कहा गया है। जवाब नहीं मिलने पर वैधानिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। 2023 और 2024 में भी जारी हुए थे नोटिस बता दें कि दैनिक भास्कर ने अगस्त में आशा हॉस्पिटल के निर्माण और संचालन में अनियमितताओं को लेकर खबरें प्रकाशित की थीं। नगर पालिका के रिकॉर्ड के मुताबिक, भवन निर्माण अनुमति के विपरीत बेसमेंट और अवैध निर्माण को लेकर वर्ष 2023 और 2024 में नोटिस जारी किए गए थे। 20 मई 2024 को अंतिम सूचना पत्र भी जारी हुआ था। बावजूद कार्रवाई नहीं हुई।
सुकमा। जिले में अवैध शराब के कारोबार और तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान ‘ऑपरेशन आगाज’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। छिंदगढ़ थाना पुलिस ने एनएच-30 पर घेराबंदी कर एक स्कार्पियो से अंग्रेजी शराब और बीयर की खेप बरामद की। पुलिस ने वाहन को ड्राइवर गिरफ्तार कर शराब और परिवहन में इस्तेमाल स्कार्पियो जब्त कर ली है। जब्त सामग्री का कुल अनुमानित मूल्य 5 लाख 26 हजार 80 रुपए बताया गया है। मुखबिर की सूचना पर बस स्टैंड चौक में नाकेबंदी पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन, एएसपी मनोज तिर्की के मार्गदर्शन और एसडीओपी मनीष कुंवर के पर्यवेक्षण में जिले में अवैध शराब परिवहन के खिलाफ जांच अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, 6 नवंबर की रात गश्त के दौरान सूचना मिली कि सुकमा की ओर से एक स्कार्पियो में अवैध अंग्रेजी शराब लाई जा रही है। सूचना पर थाना प्रभारी आशीष वासनिक के नेतृत्व में टीम ने एनएच-30 स्थित छिंदगढ़ बस स्टैंड चौक पर नाकेबंदी की। इस दौरान संदेह के आधार पर स्कार्पियो क्रमांक CG-19-D-0261 को रोककर तलाशी ली गई। वाहन से बीयर और अंग्रेजी शराब की पेटियां मिलीं पुलिस के अनुसार, स्कार्पियो की तलाशी में बड़ी मात्रा में बीयर और अंग्रेजी शराब मिली। ड्राइवर शराब के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने छिंदगढ़ के गांधी चौक निवासी लच्छू राम बातिंग (35), पिता स्व. बुधरू बातिंग को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने वाहन से 52 बोतल सींबा बीयर (650 एमएल प्रति बोतल), 48 पौवा गोवा शराब और 47 पौवा मैकडॉवल नंबर-1 शराब बरामद की। इनकी कुल मात्रा 50.900 बल्क लीटर बताई गई है। शराब और वाहन समेत 5.26 लाख की जब्ती पुलिस के मुताबिक, जब्त बीयर की अनुमानित कीमत 10,920 रुपए, गोवा शराब की 5,760 रुपए और मैकडॉवल नंबर-1 की 9,400 रुपए है। इस तरह कुल शराब की कीमत 26,080 रुपए आंकी गई है। इसके अलावा करीब 5 लाख रुपए कीमत की स्कार्पियो भी जब्त की गई है। शराब और वाहन सहित कुल जब्ती का मूल्य 5 लाख 26 हजार 80 रुपए बताया गया है। आबकारी एक्ट के तहत अपराध दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छिंदगढ़ थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। पुलिस अब शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में आरोपी से पूछताछ कर रही है। कार्रवाई में थाना प्रभारी आशीष वासनिक, एएसआई अनंत ज्ञानी मेश्राम, प्रधान आरक्षक सहदेव नेताम, आरक्षक छोटू मौर्य, देवसन सोड़ी और निरंजन नाग की भूमिका रही।
आजमगढ़ पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार, हथियारों की तस्करी और अवैध शराब के खिलाफ अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में ‘ऑपरेशन त्रिशूल–सामुदायिक आसूचना तंत्र’ की शुरुआत की गई। इसके तहत पुलिस ने आम लोगों के लिए मोबाइल और व्हाट्सएप नंबर 9151828820 जारी किया है। सहायक पुलिस अधीक्षक ईश्वर लाल गुर्जर ने बताया कि इस नंबर पर लोग नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी और अवैध भंडारण की जानकारी दे सकते हैं। इसके अलावा अवैध हथियार बनाने, बेचने और उनकी तस्करी के साथ अवैध शराब के कारोबार की सूचना भी पुलिस तक पहुंचा सकते हैं। फोटो-वीडियो और लोकेशन भी भेज सकेंगे पुलिस के जारी नंबर पर कॉल और व्हाट्सएप के जरिए सूचना दी जा सकती है। लोग संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े फोटो, वीडियो और लोकेशन भी भेज सकेंगे। मिलने वाली सूचनाओं की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई है। जांच के बाद तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सूचना देने वाले की पहचान रहेगी गोपनीय पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले का नाम, मोबाइल नंबर और अन्य व्यक्तिगत जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने लोगों से अभियान में सहयोग करने की अपील की है। अभियान का नारा ‘नजर आपकी-कार्रवाई हमारी’ रखा गया है।
दरभंगा में बेखौफ अपराधियों का तांडव': गश्त के दौरान एएसआई को मारी गोली
बिहार के दरभंगा जिले से कानून-व्यवस्था और पुलिस सुरक्षा को चुनौती देने वाली एक बेहद सनसनीखेज और खौफनाक वारदात सामने आई है। दरभंगा में रात्रि गश्त और गश्ती ड्यूटी के दौरान पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) को बेखौफ अपराधियों ने बेहद करीब से गोली मार दी। गोली लगने के बाद लहूलुहान हालत में एएसआई को तुरंत स्थानीय पुलिस और साथी कर्मियों की मदद से दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (DMCH) में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है। आधी रात को घटी इस वारदात के बाद से पूरे दरभंगा जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और पुलिस की कई टीमें हमलावरों की तलाश में सघन छापेमारी कर रही हैं।गश्त के दौरान संदिग्धों को रोकने पर अपराधियों ने चलाई गोली, DMCH में चल रहा है इलाजयह पूरी घटना दरभंगा जिले के अंतर्गत आने वाले एक संवेदनशील इलाके की है, जहां एएसआई अपनी टीम के साथ नियमित गश्त पर तैनात थे। रात के समय संदिग्ध गतिविधियों को देखकर जब एएसआई ने आगे बढ़कर एक मोटरसाइकिल पर सवार कुछ संदिग्ध युवकों को रुकने का इशारा किया, तो खुद को घिरता देख अपराधियों ने अचानक अपने पास मौजूद अवैध हथियार से पुलिस टीम पर सीधी गोली चला दी। गोली सीधे एएसआई को जा लगी और वे मौके पर ही गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के तुरंत बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर अपनी तेज रफ्तार बाइक से फरार हो गए। साथी जवानों ने तुरंत आनन-फानन में घायल अधिकारी को DMCH पहुंचाया। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में एएसआई की स्थिति को देखते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा है, जहां पूरा प्रशासनिक अमला भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।दरभंगा पुलिस की कई टीमें जांच में जुटीं, जिले के सभी रास्तों पर सघन नाकेबंदीवारदात की सूचना मिलते ही दरभंगा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), सिटी एसपी और स्थानीय थानों के थानाध्यक्ष भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की फॉरेंसिक टीम और तकनीकी शाखा ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य एकत्र किए हैं। जिले के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर तुरंत प्रभाव से सख्त नाकेबंदी (Seal) लागू कर दी गई है। आसपास के सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि हमलावर अपराधियों की दिशा और पहचान का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में कुछ संदिग्धों के सुराग मिले हैं और पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।बिहार में पुलिस पर लगातार हमलों से गहराया सुरक्षा संकट, परिजनों में मचा कोहरामबिहार में लगातार पुलिसकर्मियों और गश्ती टीमों पर हो रहे इस तरह के जानलेवा हमलों ने राज्य की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब आम जनता की हिफाजत करने वाले खाकीधारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा, इसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और चिंता है। इस बीच घायल एएसआई के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद से उनके घर और रिश्तेदारी में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने पीड़ित परिवार को आश्वस्त किया है कि इस दुस्साहसिक वारदात में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
पटना में पैक्स अध्यक्ष के तीनों हत्यारों को पुलिस ने मार गिराया
बिहार की राजधानी पटना से अपराध और पुलिस कार्रवाई से जुड़ी एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। पटना पुलिस ने कुछ दिन पहले दिनदहाड़े सनसनीखेज तरीके से की गई पैक्स अध्यक्ष की हत्या के मामले में मुख्य आरोपियों पर शिकंजा कसते हुए एक भीषण मुठभेड़ (Encounter) को अंजाम दिया है। पुलिस और कुख्यात बदमाशों के बीच हुई इस आमने-सामने की गोलीबारी में पैक्स अध्यक्ष के तीनों हत्यारों को पुलिस ने ढेर कर दिया है। इस हाई-वोल्टेज एनकाउंटर के दौरान बदमाशों की तरफ से की गई अंधाधुंध फायरिंग में एक थानेदार (SHO) भी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस दुस्साहसिक पुलिस कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस प्रशासन के इस कदम की चौतरफा चर्चा हो रही है।दिनदहाड़े पैक्स अध्यक्ष की हत्या से दहक उठा था इलाका, पुलिस के लिए बन गई थी चुनौतीयह पूरा मामला कुछ दिन पहले पटना के ग्रामीण इलाके में घटी उस दर्दनाक घटना से जुड़ा है, जहां अपराधियों ने तावड़तोड़ गोलियां बरसाकर लोकप्रिय पैक्स अध्यक्ष की बेरहमी से हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से ही इलाके के लोगों और स्थानीय व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त था। विपक्षी दलों ने भी राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस मामले को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाते हुए अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय थानों की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया था। पुलिस लगातार इन शातिर अपराधियों के सुराग तलाशने में जुटी हुई थी और आखिरकार तकनीकी सर्विलांस व मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस उन तक पहुंच ही गई।पुलिस और बदमाशों के बीच भीषण मुठभेड़: क्रॉस फायरिंग में ढेर हुए तीनों शूटरगुप्त सूचना के आधार पर जब पटना पुलिस की विशेष टीम ने एक सुनसान इलाके में अपराधियों को घेरकर आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, तो खुद को घिरता देख बदमाशों ने पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बदमाशों की तरफ से लगातार अत्याधुनिक हथियारों से गोलियां चलाई जा रही थीं, जिसका पटना पुलिस ने भी पूरी दिलेरी और पेशेवर अंदाज में मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से हुई इस भीषण गोलीबारी में पैक्स अध्यक्ष की हत्या को अंजाम देने वाले तीनों मुख्य शूटर पुलिस की गोलियों का शिकार होकर ढेर हो गए। इस दौरान बदमाशों की एक गोली मौके पर नेतृत्व कर रहे थानेदार के बुलेटप्रूफ जैकेट और शरीर को छूती हुई निकल गई, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। घायल अधिकारी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनकी स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।शासन और प्रशासन की सख्त चेतावनी: अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहींइस सफल एनकाउंटर के बाद पटना के पुलिस बड़े अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना की आधिकारिक जानकारी साझा की। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आम नागरिकों की जान लेने वाले और कानून को चुनौती देने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से एक तरफ जहां अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ मृतक पैक्स अध्यक्ष के परिजनों और स्थानीय जनता ने राहत की सांस ली है। राज्य में बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस की इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई ने यह साबित कर दिया है कि खाकी का इकबाल अभी भी बुलंद है और अपराधियों का खात्मा करने के लिए पुलिस पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
बीजेपी और जदयू में आते जाते रहे हैं नेता, गठबंधन धर्म के दिखावे की एक बानगी ये भी
भारतीय राजनीति में गठबंधन की सियासत (Coalition Politics) का इतिहास हमेशा से दिलचस्प, उतार-चढ़ाव से भरा और कभी-कभी विरोधाभासों से भरपूर रहा है। देश के राजनीतिक पटल पर जब भी वैचारिक रूप से अलग या विरोधी तेवर वाले दल आपस में हाथ मिलाते हैं, तो 'गठबंधन धर्म' (Alliance Dharma) का पाठ पढ़ाया जाता है। विशेष रूप से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के भीतर भाजपा (BJP) और जनता दल यूनाइटेड (JDU) का रिश्ता इस बात का सबसे जीवंत उदाहरण रहा है कि कैसे दो दल कभी एक-दूसरे के सबसे बड़े सियासी विरोधी बन जाते हैं और कुछ समय बाद ही फिर से गले मिलकर सरकार चलाने लगते हैं। इन दोनों दलों के बीच नेताओं का आना-जाना, पाला बदलना और चुनावी जरूरतों के हिसाब से अपने बयानों और सिद्धांतों को मोड़ लेना भारतीय राजनीतिक संस्कृति की एक ऐसी बानगी बन चुका है, जिसे देखकर आम जनता अक्सर यह सोचने पर मजबूर हो जाती है कि आखिर सियासत में सिद्धांतों का मोल कितना बचा है।'आया-राम गया-राम' की तर्ज पर नेताओं का दलबदल और गठबंधन का चुनावी गणितभाजपा और जदयू के संबंधों का इतिहास इस बात का गवाह रहा है कि दोनों दलों के बीच कई ऐसे नेता रहे हैं जो हवा का रुख भांपकर समय-समय पर पाला बदलते रहे हैं। जब दोनों दल साथ होते हैं तो एक-दूसरे की नीतियों की तारीफों के पुल बांधे जाते हैं, और जैसे ही रास्ते अलग होते हैं, वही नेता एक-दूसरे पर तीखे राजनीतिक हमले करने लगते हैं। यह केवल नेताओं की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं का खेल नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बहुत बड़ा चुनावी गणित काम करता है। बिहार की राजनीति में जातिगत समीकरणों साधने के लिए कभी एनडीए के भीतर तो कभी महागठबंधन के खेमे में नेताओं की आवाजाही लगातार बनी रहती है। जनता के बीच भले ही यह संदेश दिया जाए कि यह सब जनहित और विकास के लिए हो रहा है, लेकिन हकीकत में यह सत्ता हासिल करने और अपने राजनीतिक वजूद को बचाए रखने की एक सोची-समझी रणनीति होती है।वैचारिक समझौतों की सियासत: क्या सिद्धांतों से ऊपर हो गई है चुनावी जीत?राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आज के दौर में वैचारिक शुद्धता और वैचारिक प्रतिबद्धता पीछे छूट गई है और एकमात्र लक्ष्य चुनाव जीतना रह गया है। भाजपा की अपनी एक सुस्पष्ट वैचारिक पहचान और राष्ट्रवादी एजेंडा रहा है, जबकि जदयू ने लंबे समय तक समाजवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय के बैनर तले अपनी राजनीति को गढ़ा है। बावजूद इसके, जब भी सत्ता के समीकरणों को साधने की बात आती है, दोनों दल तमाम वैचारिक मतभेदों को ताक पर रखकर एक मंच पर आ जाते हैं। इस तरह के समझौतों से भले ही अल्पकालिक राजनीतिक स्थिरता मिल जाती हो, लेकिन लंबे समय में यह लोकतांत्रिक संस्कृति और जनता के विश्वास को कमजोर करता है। जब एक ही नेता कुछ महीने पहले जिस पार्टी की आलोचना कर रहा होता है, कल उसी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ता नजर आता है, तो आम मतदाता के मन में व्यवस्था के प्रति अविश्वास पैदा होना स्वाभाविक है।गठबंधन धर्म का दिखावा और भविष्य की सियासी चालेंआज के समय में 'गठबंधन धर्म' शब्द सिर्फ भाषणों और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक सीमित होकर रह गया है। चुनाव के वक्त सीटों के बंटवारे को लेकर होने वाली खींचतान, अंदरखाने एक-दूसरे के खिलाफ चलने वाली रणनीतियां और परिणाम आने के बाद मजबूरी में बनायी गई सरकारें इस बात का सुबूत हैं कि यह रिश्ता केवल और केवल सत्ता के संतुलन पर टिका हुआ है। आने वाले समय में भी राजनीतिक परिस्थितियां जैसे-जैसे करवट लेंगी, इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि भाजपा और जदयू के बीच या फिर व्यापक राजनीतिक परिदृश्य में नेताओं की यह आवाजाही इसी तरह जारी रहेगी। बहरहाल, जनता अब इन सियासी ड्रामों को बहुत करीब से देख रही है और आने वाले चुनावों में वह इन पैंतरों का जवाब अपने मत के जरिए देने के लिए पूरी तरह तैयार बैठी है।
बिजली निगम ने दीवाली पर बादशाहपुर और गुरुग्राम में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की पूरी तैयारी कर ली है।
डीग जिले में पहाड़ी तहसील की कैथवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच चुनाव की मतगणना के 12 घंटे बाद भी नतीजा घोषित नहीं हुआ था। पूर्व सरपंच पक्ष ने दोबारा गिनती कराने और दूसरी पोलिंग पार्टी बुलाने की मांग की। नतीजे में देरी के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण बूथ पर जमा हो गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। रात को दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ। हालात बिगड़ने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ ने खुद स्थिति संभाली। सामने आए वीडियो में वे भीड़ को चेतावनी देते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “पांच मिनट में यहां से नहीं हटे तो पूरे जिले की फोर्स बुलाकर सबको सीधा कर दूंगा।” 'कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं'एसपी ने कहा कि मतगणना को लेकर आपत्ति है तो उसका समाधान नियम के मुताबिक होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पथराव, हंगामा और कानून हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।पुलिस की सख्ती के बाद इलाके में हालात धीरे-धीरे सामान्य हुए। इसके बाद चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ी और कैथवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच चुनाव का नतीजा घोषित कर दिया गया।
दीपावली पर वायु प्रदूषण रोकने और लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए फतेहाबाद जिला प्रशासन और हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पटाखों को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नियमों और सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत प्रमाणित ग्रीन पटाखों को छोड़कर बाकी पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक रहेगी। रतिया के SDM सुरेन्द्र सिंह ने लोगों से त्योहार मनाते समय पर्यावरण और जनस्वास्थ्य का ध्यान रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल तय मानकों के मुताबिक प्रमाणित ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल करें और प्रतिबंधित पटाखों से दूर रहें। SDM बोले- बीमारी लोगों पर पड़ता है असर सिंह ने कहा कि पटाखों का धुआं और हानिकारक गैसें हवा को प्रदूषित करती हैं। इसका असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों पर ज्यादा पड़ता है। उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के निर्देश उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित पटाखे बेचने या इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ नियमों के मुताबिक कानूनी कार्रवाई होगी। संबंधित विभागों को नियमों का पालन कराने और उल्लंघन करने वालों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने की अपील की।

